ईडी की छापेमारी को लेकर टीएमसी का सरकार पर हमला: दिल्ली इमारत हादसे से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप; क्या कहा?
प्रक्चैतन्य मुकुंदानंद को कोर्ट से झटका, आशुतोष ब्रह्मचारी पर FIR की मांग खारिज
प्रक्चैतन्य मुकुंदानंद की अर्जी प्रयागराज की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने खारिज कर दी है. उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी. कोर्ट ने उन्हें सभी दस्तावेजी और डिजिटल सबूत जांच अधिकारी को देने को कहा है. पुराने मुकदमे की जांच जारी रखने के भी निर्देश दिए हैं.
मणिपुर में 24 हजार से अधिक अवैध प्रवासियों की पहचान, 14 हजार से ज्यादा म्यांमार लौटे
मणिपुर के गृह मंत्री ने बताया कि राज्य में 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है, जिनमें से 14,992 म्यांमार लौट चुके हैं और 9,453 अभी भी अस्थायी शिविरों में हैं।
भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित, संसदीय समिति को बीबीएमबी ने दी जानकारी
भाखड़ा नंगल बांध सुरक्षित है, यह जानकारी भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष ने संसदीय स्थायी समिति को दी।
सीएम जोसेफ विजय से हिंदू धार्मिक प्रतीकों की सुरक्षा करें, तमिलनाडु भाजपा की अपील
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय से हिंदू धार्मिक प्रतीकों और प्रथाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
बाल विवाह: पतियों पर होगा पॉक्सो का केस, काजी पुरोहित भी नहीं बख्शे जाएंगे; बंगाल सरकार ने अपनाई सख्त नीति
जिद पर अड़े जरांगे, फडणवीस और शिंदे को घेरा; मुंबई कूच और महाराष्ट्र बंद की चेतावनी
मराठा आरक्षण आंदोलन कार्यकर्ता मनोज जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया। इस बीच उन्होंने 12 सितंबर को महाराष्ट्र के जालना में बड़े पैमाने पर जुटने का आह्वान किया।
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दिल्ली में मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या से उबाल, सड़कों पर निकाला कैंडल मार्च
मणिपुर के रिटायर्ड म्यूजिक टीचर चोंगथम विक्रम सिंह की दिल्ली में हत्या के बाद मणिपुरी समुदाय में गुस्सा फैल गया है. मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को खतरों का निर्णायक जवाब देने के लिए स्वतंत्रता और संसाधन दिए गए हैं। इसमें दुश्मन के क्षेत्र में जाकर कार्रवाई करना भी शामिल है।
तेजी से बदलते एआई के बेलगाम होने का बढ़ा खतरा, OpenAI और संयुक्त राष्ट्र ने चेताया
ओपनएआई के वैज्ञानिक जैकब पचोकी ने एआई के अनियंत्रित होने के खतरे पर चिंता जताई है, क्योंकि दुनिया इसके परिणामों से निपटने को तैयार नहीं है।
सत्य निकेतन जैसे हादसों के पीछे क्या है 'पैसे का खेल'? देखें ब्लैक & व्हाइट
दिल्ली के सत्य निकेतन में एक PG की बिल्डिंग गिरने से 7 छात्र और मजदूर सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए. फायर डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हर रोज औसतन एक इमारत गिरती है. राजधानी में इन काल-कोठरियों से तमाम मालिक तो कमाते हैं, लेकिन इनकी कीमत छात्रों को चुकानी पड़ी. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
तेलंगाना के कोमाराम भीम आसिफाबाद जिले में खराब सड़कों के कारण एक गर्भवती महिला को एम्बुलेंस तक पहुंचने के लिए बैलगाड़ी का सहारा लेना पड़ा।
'शांति को कमजोरी न समझें', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दुश्मनों को दो टूक
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों को देश के खिलाफ किसी भी खतरे का निर्णायक जवाब देने की पूरी आजादी और संसाधन दिए गए हैं, जिसमें दुश्मन के इलाके में घुसकर कार्रवाई करना भी शामिल है।
तीन राज्यों की पांच विधानसभा और नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान, 6 अक्टूबर को होगी वोटिंग
चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीटों और असम की नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा की है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा और 9 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी, जिसमें नंदीग्राम सीट भी शामिल है।
मुंबई: पहली नजर में असली, छुते ही खुला राज, ₹10.64 लाख की नकली करेंसी बरामद
मुंबई क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इसमें ₹10.64 लाख की नकली ₹500 नोट बरामद हुई हैं. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर 10 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा है. जांच में पता चला कि नकली नोटों की सप्लाई महाराष्ट्र के बाहर से हो रही थी. आरोपी असली रकम के दोगुने मूल्य की नकली करेंसी देते थे.
सशस्त्र बलों को खतरों का निर्णायक जवाब देने की पूरी आजादी, संसाधन दिए गए : राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष के नए क्षेत्र के रूप में अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र उभरे हैं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ड्रोन और सटीक हथियार युद्धक्षेत्र को बदल रहे हैं.
Allahabad High Court ने मृत व्यक्ति के नाम Learning Licence बनने पर केंद्र और यूपी से मांगा जवाब
लखनऊ, सात सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने मृत व्यक्ति के नाम पर लर्निंग लाइसेंस जारी होने के मामले में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। लखनऊ खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह गंभीर सवाल उठाया कि आधार कार्ड के विवरण के आधार पर एक मृत व्यक्ति के नाम लर्निंग लाइसेंस कैसे जारी हो गया। याचिका में आधार के विवरण के आधार पर लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाने की मौजूदा ऑनलाइन व्यवस्था को चुनौती दी गई है। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि एक मामले में आधार विवरण के साथ अश्लील तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड होने के बावजूद लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की पीठ ने यह आदेश संतोष मिश्रा की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया। याचिका में मुख्य रूप से केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 11 और आधार प्रमाणीकरण संबंधी नियमों के तहत जारी अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है। अदालत ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 11 को चुनौती दिए जाने के मद्देनजर भारत के अटॉर्नी जनरल को भी नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद होगी। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा ऑनलाइन व्यवस्था के तहत लर्निंग लाइसेंस के लिए आधार नंबर उपलब्ध कराने पर आधार में दर्ज विवरण लाइसेंसिंग प्राधिकरण के पास पहुंच जाता है और इसी आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। याचिकाकर्ता ने दलील दी है कि आधार कार्ड उम्र का वैध प्रमाण नहीं है। ऐसे में केवल आधार विवरण के आधार पर लर्निंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत हो सकती है। याचिका में यह भी कहा गया है कि आधार को उम्र का प्रमाण न मानने के बावजूद उसके विवरण के आधार पर लाइसेंस जारी होने से 16 या 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को भी लाइसेंस जारी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। याची की ओर से न्यायालय के समक्ष ऐसे दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर दावा किया गया कि एक मृत व्यक्ति के आधार नंबर का इस्तेमाल कर उसके नाम पर लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। इसके अलावा एक अन्य मामले का हवाला देते हुए कहा गया कि आधार विवरण के साथ अश्लील तस्वीरें ऑनलाइन अपलोड किए जाने के बावजूद लर्निंग लाइसेंस जारी हो गया। याची ने ऐसी घटनाओं को गंभीर बताते हुए इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बताया है। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों का विरोध किया गया। सरकारी पक्ष ने कहा कि केवल आधार नंबर उपलब्ध कराने से लर्निंग लाइसेंस स्वतः जारी नहीं हो जाता, बल्कि इसके लिए अन्य निर्धारित औपचारिकताएं भी पूरी करनी होती हैं। इस पर अदालत ने सवाल किया कि यदि वास्तव में किसी मृत व्यक्ति के आधार नंबर के आधार पर उसके नाम पर लर्निंग लाइसेंस जारी हुआ है तो ऐसा कैसे संभव हुआ। हालांकि, सरकारी पक्ष की ओर से इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका।
दुबई में UAE निवेशकों को पंजाब में इन्वेस्ट का निमंत्रण, राज्य सरकार ने पूर्ण सहयोग का दिया भरोसा
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब अधिक अनुकूल उद्यमी माहौल, शानदार मल्टीमॉडल संपर्क, कुशल तकनीकी कर्मचारी और एक पारदर्शी प्रशासनिक ढांचा प्रस्तुत करता है. हम यू.ए.ई. के व्यापारिक नेताओं को पंजाब की इस प्रभावी आर्थिक विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का निमंत्रण देते हैं.
'सच का पता लगाना अदालत की जिम्मेदारी', रेप केस के दोषी को बरी करते हुए सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी एक व्यक्ति को बरी करते हुए कहा कि आपराधिक मुकदमा सिर्फ अभियोजन और आरोपित की लड़ाई नहीं है, बल्कि सच का पता लगाना और निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना अदालत की जिम्मेदारी है।
आंखों में मिर्ची झोंककर 26KG चांदी-सोना समेत 1.8 करोड़ की लूट का खुलासा, पूरा माल बरामद
सिवनी में सुनार से की आंखों में मिर्ची पाउडर डालकर हुई ₹1.08 करोड़ की लूट का पुलिस खुलासा कर दिया है. पुलिस टीम ने 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया.
राजधानी लखनऊ की ऐतिहासिक और सबसे प्रमुख व्यापारिक सड़क हजरतगंज में इन दिनों नगर निगम के पार्किंग व टोइंग ठेकेदारों की मनमानी चरम पर है। शहर के सबसे व्यस्त इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर तैनात टोइंग व क्रेन ठेकेदारों का दोहरा चरित्र आम नागरिकों और स्थानीय दुकानदारों के लिए भारी सिरदर्द बन चुका है।हजरतगंज के सबसे संवेदनशील हिस्से यानी कैफे कॉफी डे (CCD) से लेकर आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक तक की मुख्य सड़क पर दिनभर लग्जरी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग का अंबार लगा रहता है। इस स्ट्रेच पर सड़क के दोनों ओर बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण रोजाना पीक आवर्स में भीषण जाम लगता है और पैदल चलने वालों तक को रास्ता नहीं मिलता। हैरत की बात यह है कि इस व्यस्त सड़क पर खुलेआम नियम तोड़ने वाली गाड़ियों को नगर निगम की क्रेनें छूती तक नहीं हैं, जबकि चंद कदमों की दूरी पर स्थित गांधी आश्रम के पीछे शांत और चौड़ी जगह पर व्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों को क्रेनें चंद मिनटों में उठाकर ले जाती हैं।गांधी आश्रम के पीछे नो-पार्किंग का आतंक: जहां जाम नहीं, वहीं से उठती हैं गाड़ियां!स्थानीय व्यापारियों और हजरतगंज आने वाले ग्राहकों का कहना है कि गांधी आश्रम के पीछे का हिस्सा ऐसा क्षेत्र है जहां सामान्यतः न तो कोई भारी ट्रैफिक होता है और न ही वहां गाड़ियां खड़ी होने से किसी प्रकार का जाम लगता है। इसके बावजूद टोइंग ठेकेदार जानबूझकर अपना पूरा फोकस इसी इलाके पर रखते हैं।नागरिकों का आरोप है कि ठेकेदार के कर्मचारी घात लगाकर खड़े रहते हैं और जैसे ही कोई व्यक्ति गांधी आश्रम या आसपास की दुकानों पर 5 से 10 मिनट के लिए कोई सामान खरीदने रुकता है, क्रेन चालक तुरंत वाहन को उठाकर नगर निगम के यार्ड में पहुंचा देते हैं। वहां वाहन छुड़ाने के नाम पर भारी जुर्माना और अनाप-शनाप टोइंग चार्ज वसूला जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां वास्तव में गाड़ियां उठाने की जरूरत है (मुख्य रोड), वहां ठेकेदार खामोश रहते हैं, और जहां किसी को कोई परेशानी नहीं है, वहां चालान और टोइंग का टारगेट पूरा किया जा रहा है।नगर आयुक्त की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल: मिलीभगत और अवैध वसूली का अंदेशाइस खुले पक्षपात और मनमानी की शिकायत जब पीड़ितों और स्थानीय नागरिकों द्वारा लखनऊ नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों और नगर आयुक्त से की गई, तो उनका रवैया भी बेहद निराशाजनक रहा। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि नगर आयुक्त ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने या ठेकेदार पर लगाम लगाने के बजाय उल्टा ठेकेदार के पक्ष में ही दलीलें देना शुरू कर दिया।अधिकारियों के इस बचावकारी रुख ने नागरिकों और व्यापारियों के उस अंदेशे को और पुख्ता कर दिया है कि कहीं यह पूरा खेल नगर निगम प्रशासन और प्राइवेट ठेकेदारों की मिलीभगत से तो नहीं चल रहा है? लोगों का सीधा आरोप है कि हजरतगंज जैसे पॉश इलाके में टोइंग के नाम पर एक बड़ा संगठित अवैध वसूली सिंडिकेट काम कर रहा है। रसूखदार और प्रभावशाली लोगों की गाड़ियां मुख्य मार्ग (CCD से बैंक तक) पर खड़ी होने के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि आम और मध्यमवर्गीय नागरिकों को सॉफ्ट टारगेट बनाकर उनसे जबरन जुर्माना वसूला जा रहा है।व्यापारियों में भारी आक्रोश: व्यापार पर पड़ रहा है सीधा असरहजरतगंज के व्यापारी संगठनों ने इस मनमानी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। व्यापारियों का कहना है कि:हजरतगंज में वैध मल्टीलेवल पार्किंग की पर्याप्त और सुगम व्यवस्था न होने के कारण लोग अक्सर कुछ मिनटों के काम के लिए सड़कों के किनारे गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर होते हैं।टोइंग क्रेन के कर्मचारियों का व्यवहार आम जनता के साथ बेहद अभद्र और हिंसक रहता है।इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से हजरतगंज के बाजारों में ग्राहकों की संख्या घट रही है, जिससे दुकानों की बिक्री पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।यदि नगर निगम को ट्रैफिक व्यवस्था ही सुधारनी है, तो सबसे पहले मुख्य मार्ग (CCD से ICICI बैंक तक) को पूरी तरह नो-पार्किंग जोन घोषित कर वहां से गाड़ियां हटानी चाहिए, जिससे मुख्य मार्ग का जाम खत्म हो सके।निष्पक्ष जांच और पारदर्शी पार्किंग नीति की मांगलखनऊ की जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय (जनसुनवाई पोर्टल) और मंडलायुक्त के समक्ष उठाने का फैसला किया है। नागरिकों की मांग है कि हजरतगंज में टोइंग ठेकेदारों के कार्यक्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यह स्पष्ट किया जाए कि मुख्य मार्ग के बजाए केवल गांधी आश्रम के पीछे ही क्रेनें क्यों सक्रिय रहती हैं। जब तक नगर निगम इस दोहरे मापदंड को खत्म नहीं करता, तब तक राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित बाजार में जाम और जनआक्रोश का यह सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।समस्या का मुख्य क्षेत्रजमीनी हकीकतनगर निगम/ठेकेदार का रवैयाCCD से ICICI बैंक तक मुख्य मार्गसड़क पर अवैध पार्किंग से लगातार भीषण जामकोई कार्रवाई नहीं, गाड़ियां जस की तस खड़ी रहती हैंगांधी आश्रम के पीछे का क्षेत्रजाम की कोई समस्या नहीं, शांत कोनाक्रेन लगाकर तुरंत गाड़ियां उठा ली जाती हैंशिकायत पर प्रशासनिक रुखआम नागरिकों की अनदेखीठेकेदार का खुला बचाव, मिलीभगत के गंभीर आरोप
सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा : 7 मौतों के बाद CJP की बड़ी मांग, दिल्ली के सभी PG का होगा सेफ्टी ऑडिट
दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में पांच मंजिला हॉस्टल की इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार से राजनीतिक जवाबदेही तय करने और राजधानी के सभी पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का व्यापक सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। हादसे में ...
Telangana Assembly के पहले दिन भारी हंगामा, HC ने BRS विधायकों को रोकने पर पुलिस को लगाई फटकार
हैदराबाद, सात सितंबर तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार के खिलाफ बीआरएस के एक एमएलसी की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और बीआरएस की महिला विधायकों के साथ पुलिस की कथित बदसलूकी को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौरान पंचायत राज मंत्री डी. अनसूया (सीतक्का) ने विधान परिषद सदस्य सदस्य पर अध्यक्ष की दिवंगत मां का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके बाद अध्यक्ष भावुक हो गए। कई दलित कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद के सदस्यों (एमएलसी) ने भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा विपक्षी विधायकों को विधानसभा परिसर के बाहर रोके जाने के दौरान बीआरएस एमएलसी टी. मधुसूदन ने अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की। मधुसूदन ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि यदि उनकी किसी टिप्पणी को अध्यक्ष के खिलाफ माना गया है तो वह उसे वापस लेने को तैयार हैं। सत्र की शुरुआत भी हंगामेदार रही। भाजपा सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए नागरिकों की निजी जमीनों को पंजीकरण अधिनियम की धारा 22-ए के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। इस सूची में शामिल संपत्तियों के पंजीकरण और अन्य लेन-देन पर रोक होती है। हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। स्थगन के दौरान विधानसभा के बाहर बीआरएस नेताओं और पुलिस के बीच टकराव हुआ। काली टी-शर्ट पहने बीआरएस नेताओं को पुलिस द्वारा रोका गया। बीआरएस विधायक सुनीता लक्ष्मा रेड्डी ने आरोप लगाया कि जब पुलिस विधायकों को अंदर जाने से रोक रही थी तब उन्हें मामूली चोट लगी। बीआरएस विधायक पी. सबिता इंद्रा रेड्डी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिला विधायकों की साड़ियां खींचीं। टी. हरीश राव समेत अन्य नेताओं ने विरोध में टी-शर्ट उतार दी और पुलिस उन्हें वहां से ले गई। पार्टी ने कहा कि के. टी. रामा राव समेत कई नेता मामूली रूप से घायल हुए। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के आश्वासन के बाद भाजपा ने जमीन के मुद्दे पर बाद में चर्चा के लिए सहमति जताई। अध्यक्ष के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर रेड्डी ने इसे तेलंगाना के चार करोड़ लोगों का अपमान और राज्य के लिए ‘‘काला दिन’’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने रविवार को पार्टी विधायकों और एमएलसी की बैठक में उन्हें इस तरह व्यवहार करने के लिए उकसाया। इस बीच, विधानसभा के बाहर हुआ विवाद तेलंगाना उच्च न्यायालय पहुंच गया। बीआरएस विधायक टी. श्रीनिवास यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पुलिस को बीआरएस विधायकों को विधानसभा में प्रवेश से नहीं रोकने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि विधानसभा के नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना विधानसभा अध्यक्ष का अधिकार है, पुलिस का नहीं। उच्च न्यायालय ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को घटना की जांच कर कथित ज्यादती के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया तथा डीजीपी से रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।
लखनऊ ने रचा इतिहास, बना देश का सबसे साफ हवा वाला शहर
Swachh Vayu Survekshan 2026: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ ने इंदौर को पछाड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया. राजनाथ सिंह ने दी बधाई, जानें यूपी के अन्य शहरों की रैंकिंग और पुरस्कार.
'अगर हमारा चेहरा ऐसा नहीं होता...' दिल्ली में मणिपुर के टीचर की पीट-पीटकर हत्या, बेटे का छलका दर्द
दिल्ली में मणिपुर के 54 वर्षीय रिटायर्ड म्यूजिक टीचर विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. परिवार ने घटना को नस्लीय भेदभाव का आरोप लगाया है.
न कोई शिकायत, न किसी का इंतजार... नमामि गंगे ने 'बिट्टू तबाही' को सराहा
NMCG Praises Bittu Tabahi Surendra Singh Choudhary: एनएमसीजी ने राजगढ़ के सुरेंद्र सिंह चौधरी 'बिट्टू तबाही' की सराहना की, जिन्होंने बिना प्रशासनिक मदद के अजनार नदी को कचरा मुक्त कर दिया. देखें पूरा वीडियो और रिपोर्ट.
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह अब दिल्ली के बजाय गुजरात के केवड़िया में 22 सितंबर को आयोजित होगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस बार 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म और यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला है, जबकि ममूटी और कार्तिक आर्यन सर्वश्रेष्ठ अभिनेता बने हैं।
West Asia में तनाव के बीच व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ा रहा भारत, S Jaishankar ने दी जानकारी
नयी दिल्ली, सात सितंबर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पश्चिम एशिया के साथ भारत के संबंधों को लेकर गठित परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता की और सांसदों को बताया कि क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद देश अपने व्यापार और संपर्क को आगे बढ़ा रहा है। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “खाड़ी और डब्ल्यूएएनए (पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका) क्षेत्र के साथ भारत के करीबी संबंधों को रेखांकित किया, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा, समुद्री मामलों और लोगों के बीच रिश्तों जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से जारी साझेदारी एवं सहयोग शामिल है।”उन्होंने परामर्श समिति के साथ बैठक की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच एक करोड़ भारतीयों का कल्याण और ऊर्जा एवं उर्वरक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अपने व्यापार और संपर्क को आगे बढ़ाने की दिशा में की जा रही हमारी कोशिशों पर भी प्रकाश डाला।”सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई सांसदों ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और भारत की ऊर्जा जरूरतों का मुद्दा उठाया, जिस पर जयशंकर ने कहा कि संकट के बावजूद नयी दिल्ली अपनी ऊर्जा आपूर्ति शृंखला में विविधता ला रही है। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने बैठक में कहा कि भारत एकमात्र ऐसा देश है, जिसके अमेरिका और ईरान, दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में भी बात की। जयशंकर ने संघर्ष के बाद ईरान से ऊर्जा और अन्य उत्पाद खरीदने पर अमेरिकी प्रतिबंधों के मुद्दे पर भी चर्चा की और कहा कि भारत ने इस क्षेत्र में अपने राजनीतिक संबंध मजबूत किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कुछ सांसदों ने मक्का समझौते पर भी चिंता जताई और इस पर भारत के रुख के बारे में पूछा। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने सात अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत, अगर इनमें से किसी एक पर भी हमला होता है, तो उसे सभी पर हमला माना जाएगा। यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया।
अर्पित की आंखों से कोई और देखेगा दुनिया, बेटे की मौत के बाद परिवार का फैसला
सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले 19 वर्षीय अर्पित की मौत के बाद उनके परिवार ने उनकी कॉर्निया दान करने का फैसला किया है. रविवार को ही अर्पित अपने घर से रक्षाबंधन मना कर दिल्ली लौटे थे.
बांग्लादेश छोड़कर भारत आए घुसपैठियों ने पहले फर्जी दस्तावेज बनवाए और फिर आधार कार्ड लेकर पासपोर्ट तक बनवा लिया. जिससे उन्होंने चीन और मलेशिया समेत कई देशों की यात्रा की. ग्वालियर के डबरा से इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है.
त्रिपुरा के सब्रूम में दो मोटरसाइकिलों में आमने-सामने की टक्कर, 3 लोगों की मौत
दक्षिण त्रिपुरा के सब्रूम में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
शुद्धिकरण विवाद पर कांग्रेस की नई रणनीति, एससी-एसटी सांसद करेंगे राष्ट्रपति से मुलाकात
कांग्रेस ने हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद को लेकर दलित-आदिवासी समुदाय को साधने की कवायद तेज करते हुए राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. साथ ही, पार्टी के एससी-एसटी सांसदों ने समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए अलग एमपी फोरम बनाने का फैसला किया है.
व्यक्ति को आरोपी बनाए बिना भी कंपनी पर चलेगा आपराधिक मुकदमा, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में कहा कि किसी कंपनी पर आपराधिक मुकदमा सिर्फ इसलिए खारिज नहीं होगा क्योंकि किसी खास व्यक्ति को आरोपित नहीं किया गया है।
Palghar में अस्पताल कर्मचारियों से मारपीट पर Rahul Gharat गिरफ्तार, शिंदे ने पार्टी से निकाला
पालघर, सात सितंबर पुलिस ने निजी अस्पताल के कर्मचारियों पर एक दिन पहले हुए हमले के सिलसिले में सोमवार को शिवसेना के पालघर शहर प्रमुख राहुल घरात को गिरफ्तार किया। यह हमला कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने किया था। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घरात को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा की। पालघर थाने के निरीक्षक किशोर महानुभाव ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद घरात को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। यह मामला पालघर के रिलीफ अस्पताल में घायल दही हांडी प्रतिभागियों (गोविंदाओं) के इलाज के बकाया बिल को लेकर हुए हंगामे से जुड़ा है। रविवार तड़के 15 से 20 लोगों का एक समूह, जिन्हें शिवसेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बताया गया है, जबरन अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड और आईसीयू में घुस गया था। आरोप है कि समूह में शामिल घरात ने अस्पताल के एक कर्मचारी को थप्पड़ मारा, जबकि शिवसेना के पालघर जिला प्रमुख कुंदन सांखे और अन्य लोगों ने डॉक्टरों को धमकाया तथा भर्ती एक मरीज को जबरन बाहर ले गए। पुलिस ने सांखे, घरात और स्थानीय विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित समेत 17 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। उन पर भारतीय न्याय संहिता और ‘महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन्स एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशंस’ अधिनियम के तहत मारपीट, आपराधिक धमकी, अनधिकृत प्रवेश, गैरकानूनी जमावड़ा और अन्य आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी अस्पताल के बिलिंग काउंटर संभालने वाले विवेक बाबुलिंगा की शिकायत पर दर्ज की गई। पणजी के पास पश्चिमी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए शिवसेना प्रमुख एवं उपमुख्यमंत्री शिंदे ने घरात को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा की। शिवसेना भाजपा नीत महायुति गठबंधन का घटक है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ शारीरिक मारपीट को शिवसेना कभी उचित नहीं ठहरा सकती और न ही उसका समर्थन कर सकती है। शिंदे ने कहा कि चिकित्सा उपचार से संबंधित किसी भी शिकायत का समाधान कानून के तहत किया जाना चाहिए, न कि कानून अपने हाथ में लेकर। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा को लेकर कड़ी चेतावनी भी दी। शिवसेना की प्रवक्ता सुसीबेन शाह ने भी कहा कि कोई भी राजनीतिक संबद्धता कानून अपने हाथ में लेने को उचित नहीं ठहरा सकती और जवाबदेही व्यक्तिगत, निष्पक्ष तथा बिना किसी समझौते के तय होनी चाहिए। इस बीच, विपक्षी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला। राकांपा (शप) के वरिष्ठ नेता महेश तापसे ने अस्पताल कर्मचारियों पर हमले की निंदा करते हुए इसे ‘‘सत्ता के अहंकार से पैदा हुई संगठित गुंडागर्दी’’ बताया। उन्होंने ठाणे जिले के पड़ोसी डोंबिवली में स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए पिछले हमले का जिक्र करते हुए प्राथमिकी में नामजद सभी 17 आरोपियों के खिलाफ राजनीतिक संरक्षण के बिना सख्त कार्रवाई की मांग की। शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे पर छह जुलाई को ठाणे के एक अस्पताल में डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के पार्षद और अन्य लोग डोंबिवली स्थित नगर निगम के शास्त्री नगर अस्पताल में एकत्र हुए थे और एक महिला मरीज के इलाज में कथित देरी को लेकर हुए विवाद के बाद डॉक्टरों से कथित तौर पर मारपीट की थी। ठाणे की एक अदालत ने 14 जुलाई को म्हात्रे को जमानत दी थी, जिसे बाद में मुंबई उच्च न्यायालय ने स्थगित कर दिया था। उच्च न्यायालय ने सात अगस्त को म्हात्रे और मामले के कुछ अन्य आरोपियों को जमानत दे दी थी और उन पर कड़ी शर्तें लगाई थीं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब के लिए दाखिलों में तेज़ वृद्धि इस पहल के सबसे उत्साहजनक संकेतकों में से एक साबित हो रही है. लोग लगातार आगे आ रहे हैं, राज्य का उपचार नेटवर्क उन लोगों तक पहुंच रहा है.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत ने वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद अपनी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी है, पहली तिमाही में 7.8% जीडीपी विकास दर हासिल की।
'ऐ वतन...', 'संदेशे आते हैं...', देखें सशस्त्र सीमा बल जैज बैंड की सुरीली परफॉर्मेंस
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल जैज बैंड ने देश के जवानों और सेना को समर्पित अपनी परफॉर्मेंस से देशभक्ति का जोश जगा दिया. बैंड ने 'दिल दिया है जान भी देंगे...', 'ऐ वतन...' और 'संदेशे आते हैं...' जैसे देशभक्ति गीतों से सभी का दिल छू लिया. देखें वीडियो.
20 हजार लोग रेस्क्यू, करोड़ों अलर्ट मैसेज, यूपी में बाढ़ से ऐसे लड़ रहे
नेतृत्वकर्ता की सक्रियता न सिर्फ अधिकारियों-कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाती है, बल्कि उन्हें भी युद्धस्तर पर जुटने का प्रोत्साहन देती है. इसका प्रत्यक्ष परिणाम भी देखने को मिला
सुप्रीम कोर्ट ने एनएससीएन (आईएम) के स्वयंभू 'लेफ्टिनेंट' होपेसन निंगशेन की सजा निलंबित कर दी है, जो 2009 में मणिपुर में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या का दोषी था।
सीएम योगी कल जाएंगे अयोध्या, आंगनबाड़ी वर्कर्स को करेंगे सम्मानित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार 8 सितंबर को अयोध्या दौरे पर रहेंगे, जहां वह आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के प्रदेशव्यापी सम्मेलन में शामिल होकर उन्हें संबोधित और सम्मानित करेंगे. वहीं, बाढ़ के बीच प्रदेश में राहत और बचाव अभियान जारी है. अब तक 19,496 प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
ढाबा स्टाइल 7 गाढ़ी-चटपटी दालें, बढ़ाएंगी आपके खाने का जायका!
Dhaba Style Dal Recipes: अगर आप रोज-रोज एक ही तरह की दाल खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार ढाबा स्टाइल दाल ट्राई खर सकते हैं. आज हम आपको 7 ऐसी दालों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं.
रूसी RVV-BD मिसाइल से लैस होंगे सुखोई-30MKI, पुतिन के भारत दौरे पर लग सकती है मुहर
भारतीय वायुसेना अपने सुखोई-30एमकेआई लड़ाकू विमानों को रूस की आरवीवी-बीडी एयर-टू-एयर मिसाइलों से लैस करने की तैयारी में है, जिनकी मारक क्षमता 300 किलोमीटर है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार चर्चाओं में। इसे लेकर सोशल मीडिया पर उनका मजाक भी बन रहा है। ट्रंप के चांद और Space Force से जुड़े पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने उनके बयानों को लेकर चिंता जताई, जबकि कई ...
राखी बंधवाकर दिल्ली लौटा था इकलौता बेटा... MP के अक्षत यादव की दास्तां
Delhi Satya Niketan Building Collapse: कटनी के 19 वर्षीय छात्र अक्षत यादव की दिल्ली में PG इमारत ढहने से मौत. IAS बनने का सपना लेकर गए छात्र का रक्षाबंधन के ठीक बाद दर्दनाक अंत. परिजनों में पसरा मातम.
दुनिया के टॉप 100 मैनेजमेंट संस्थानों में 14 भारतीय बिजनेस-स्कूल, IIM बैंगलोर बना भारत का नंबर-1
वित्तीय टाइम्स मास्टर्स इन मैनेजमेंट 2026 रैंकिंग में 14 भारतीय बिजनेस स्कूल दुनिया के शीर्ष 100 में शामिल हुए हैं, जिनमें आईआईएम बैंगलोर 21वें स्थान पर शीर्ष भारतीय संस्थान है।
फर्जी स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट से नौकरी के लिए ‘खेल’, महाराष्ट्र में पुलिस भर्ती घोटाले का पर्दाफाश
पुलिस की नौकरी हासिल करने के लिए तमाम लोगों ने बड़ी कीमत अदाकर नकली स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट हासिल किया। क्या है यह पूरा खेल और एक सर्टिफिकेट के लिए कितनी कीमत चुकाई गई? जानिए सबकुछ…
Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील
जयपुर, सात सितंबर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को आगामी नगरीय निकाय चुनाव में मतदाताओं से कांग्रेस उम्मीदवारों को जिताने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के कार्यकाल में राज्य के शहरों की उपेक्षा हुई है और जनता में सरकार के प्रति आक्रोश है। गहलोत ने एक बयान में कहा कि राज्य में होने वाले नगरीय निकाय चुनाव जनता के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में शहरों में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और आम लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “शहरों की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं। बारिश से पहले नालों की सफाई नहीं की गई, जिसके कारण कई शहरों में जलभराव की स्थिति पैदा हुई।”उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई कई जनकल्याणकारी योजनाएं भाजपा सरकार में या तो बंद कर दी गईं या केवल कागजों तक सीमित रह गईं। इनमें पेंशन योजना, नि:शुल्क दवा योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना, छात्रवृत्ति, इंदिरा गांधी शहरी रोजगार योजना और इंदिरा रसोई योजना शामिल हैं। गहलोत ने कहा कि शहरों में आवारा पशुओं की समस्या, सफाई व्यवस्था की खराब स्थिति, बढ़ता प्रदूषण और यातायात जाम से आम लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार के पास इन समस्याओं के समाधान की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पिछली कांग्रेस सरकार ने शहरी विकास का एक मॉडल तैयार किया था। कोटा को सिग्नल मुक्त बनाया गया और जयपुर में भी कई प्रमुख चौराहों को सिग्नल मुक्त करने की योजना शुरू की गई। इसके अलावा सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए। गहलोत ने आरोप लगाया कि मौजूदा भाजपा सरकार इस दिशा में कोई उल्लेखनीय काम नहीं कर पाई है और कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कई परियोजनाओं को भी रोक दिया गया है। कांग्रेस नेता ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वार्ड पार्षद और महापौर का चुनाव केवल राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि इससे तय होगा कि स्थानीय स्तर पर सड़क, सीवेज, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति कैसी होगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की स्थिति गंभीर हो गई है और आम जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने दावा किया कि निकाय चुनाव में हार के बाद ही सरकार को जनता की ताकत का एहसास होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि जनता अब सरकार की वास्तविक स्थिति समझ चुकी है और नौ तथा 11 सितंबर को मतदान के जरिए अपना जवाब देगी। उन्होंने कहा कि जब जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी, तभी सरकार काम करने के लिए मजबूर होगी और इसका लाभ अंततः प्रदेश के लोगों को मिलेगा। गहलोत ने प्रदेशवासियों से कांग्रेस प्रत्याशियों को भारी मतों से जिताने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक कांग्रेस बोर्ड बनने से प्रदेश के विकास को फिर गति मिलेगी। गौरतलब है कि राजस्थान के सभी 309 नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को होंगे, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 14 सितंबर को की जाएगी।
नेपाल त्रासदी: 1356 लोगों की मौत, 5500 लापता; अंधेरी सुरंगों में टिकी आखिरी उम्मीद
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के 12 दिन बाद भी 5,500 लोग लापता हैं, जबकि 1,356 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे 121 लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है, वहीं तिब्बत में भी सैकड़ों लोग लापता हैं।
भ्रष्टाचार का मलबा और छात्रों की मजबूरी... दिल्ली हादसे के बाद ऑपरेशन 'हॉस्टल डेथ' में खुलासा
सत्य निकेतन हादसे के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की बात की है लेकिन आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि हादसे की जगह के आसपास ही कई ऐसी इमारतों में छात्रों को कमरे ऑफर किए जा रहे हैं, जिनकी हालत सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है.
गरबा और डांडिया में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगे, तिलक लगाना होगा: नितेश राणे
डीजे के इस्तेमाल पर नितेश राणे ने कहा कि सभी धार्मिक जुलूसों पर नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर गणेश उत्सव के दौरान डीजे बजाने की इजाजत नहीं है, तो ईद के जुलूसों पर भी वैसी ही पाबंदियां लागू होनी चाहिए।'
Allahabad High Court ने आकृति चौधरी पर NSA रद्द किया, 5 लाख का हर्जाना ठोका
प्रयागराज, सात सितंबर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा 24 वर्षीय आकृति चौधरी की हिरासत को रद्द करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने नोएडा की जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जिस तरह से हिरासत का आदेश पारित किया गया, उसकी भी कड़ी आलोचना की। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि रासुका के तहत चौधरी को लगातार जेल में रखने से अनुच्छेद 21 के तहत उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ क्योंकि हिरासत का आदेश और उसके आधार, ठोस जानकारी से रहित हैं। खंडपीठ ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि मनमानी करने वाली नौकरशाही का लगातार तानाशाही भरा रवैया उत्तर प्रदेश को एक ऐसे दमनकारी समाज में बदल सकता है जहां हर चीज पर कड़ी निगरानी हो। अदालत ने चौधरी को पांच लाख रुपये मुआवजा भी देने का निर्देश दिया और यह भी कहा कि यह रकम गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम और एसएचओ स्तर तक के अन्य अधिकारियों के वेतन से वसूली जाए जिन्होंने हिरासत का आदेश पारित किया। आकृति चौधरी को अप्रैल, 2026 में नोएडा में कामगारों के विरोध प्रदर्शन से उपजे मामलों में गिरफ्तार किया गया था और बाद में प्रदेश सरकार ने 13 मई को चौधरी और पत्रकार सत्य वर्मा के खिलाफ रासुका लगा दिया था। अदालत ने दो सितंबर को अपने 15 पन्नों के आदेश में कहा कि अधिकारियों को बहुत अधिकार दिए जाते हैं क्योंकि नागरिकों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों, गरिमा, सम्मान और कल्याण को बनाए रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। हालांकि अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को यह याद रखना चाहिए कि उनकी निष्ठा संविधान के प्रति है ना कि राजनीतिक कार्यपालिका के प्रति। आदेश में यह भी कहा गया कि अधिकारी जनता के सेवक होते हैं और लोकतंत्र में जनता ही मालिक होती है। अदालत ने चेतावनी दी कि जब नौकरशाह और पुलिस अधिकारी अपनी शपथ को नजरअंदाज करते हैं और उसके उलट काम करते हैं तो लोग उन्हें ब्रिटिश शासन की दमनकारी निशानी के तौर पर देख सकते हैं जिससे नागरिकों में अशांति का माहौल बन सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि बिना किसी ठोस वजह या उचित प्रक्रिया के नागरिक स्वतंत्रताओं का उल्लंघन करने वाली ज्यादतियों या गैर कानूनी कार्यों को सुधारते समय, न्यायपालिका पीड़ित नागरिकों को मुआवजा दिलाने के लिए कड़े आदेश दे सकती है। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में पुलिस रिपोर्ट में बिना किसी ठोस सबूत के सिर्फ आरोप लगाए गए थे, वहां जिला मजिस्ट्रेट से यह उम्मीद की जाती थी कि वह रासुका के कड़े प्रावधान लागू करने का निर्णय करने से पूर्व रिकॉर्ड की जांच कर लें। इस मामले में गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट का आचरण उपहास योग्य है। चौधरी एक छात्रा और कार्यकर्ता थी जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और ऐसी कोई सामग्री नहीं पेश की गई जिससे प्रदर्शित होता हो कि उसने हिंसा भड़काई। अदालत ने चौधरी की गिरफ्तारी के संबंध में गंभीर विसंतगियां भी पाईं। उनके मामले में उन्हें 11 अप्रैल को शाम साढ़े पांच बजे नोएडा में बॉटिनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने कहा कि उसे 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। राज्य सरकार ने आरोप लगाया था कि चौधरी और उसके साथियों ने हिंसा भड़काने का षड्यंत्र रचा। वहीं, व्हाट्सऐप संदेशों की जांच के दौरान अदालत ने बार बार सरकार से उन सामग्री को पेश करने को कहा जिनसे प्रदर्शित होता हो कि चौधरी ने लोगों को हिंसा के लिए भड़काया। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार एक भी संदेश या वीडियो क्लिप नहीं दिखा सकी जिसमें हिंसा भड़काने की बात उजागर होती हो।
'शुद्धिकरण' मामले में कांग्रेस को हाईकोर्ट से झटका! अब राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के कथित 'शुद्धिकरण यज्ञ/हवन' मामले में राज्य सरकार के निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया. वहीं कांग्रेस ने एफआईआर को लेकर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा है और विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे को प्रमुख अभियान मुद्दा बनाने की तैयारी की है.
ड्यून्स एविएशन ने एक्ट्रेस नोरा फतेही पर किया 3 करोड़ का मानहानि केस, क्या है पूरा मामला?
ड्यून्स एविएशन ने नोरा फतेही पर 3 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
ईरान से लड़ते US मेजर की मौत, मुआवजे पर पेंटागन बोला- 'ये युद्ध है ही नहीं'
इराक में मारे गए अमेरिकी एयरमैन की पत्नी लिब्बी क्लिनर का कहना है कि ईरान युद्ध में उनके पति की मौत के बाद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उन्हें मुआवजा मिलने में दिक्कत हो सकती है क्योंकि अमेरिका इस लड़ाई को अलग ढंग से परिभाषित कर रहा है.
डॉ बीआर अम्बेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में शोधोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिरी उपस्थित रहे. उन्होंने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को दुबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' में शिरकत की। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में निवेश के अपार अवसरों, सुदृढ़ औद्योगिक नीति और अनुकूल व्यावसायिक माहौल ...
सीबीआई ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस घोटाले में 9,280 करोड़ रुपये के मामले में रिलायंस एडीए ग्रुप के तीन पूर्व अधिकारियों और 14 संस्थाओं के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया है। आरोपियों में अमिताभ झुनझुनवाला, अमित बापना और रमेश शेनाय के साथ छह बैंक अधिकारी भी शामिल हैं, जिन पर 6,229.54 करोड़ रुपये के धन के कथित डायवर्जन का आरोप है।
Swachh Vayu Sarvekshan में Lucknow अव्वल, Rourkela और कलिंग नगर ने भी मारी बाजी
नयी दिल्ली, सात सितंबर ‘राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम’ (एनसीएपी) के तहत उत्तर प्रदेश के लखनऊ और ओडिशा के राउरकेला एवं कलिंग नगर ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार के पांचवें संस्करण में इन शहरों के प्रयासों को सम्मानित किया। देश भर के शहरों और कस्बों को 2022-23 में जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण फ्रेमवर्क के आधार पर रैंक प्रदान किया गया। इस फ्रेमवर्क में सड़क की धूल, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं और औद्योगिक प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने के उपाय बताए गए थे। दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों या कस्बों की श्रेणी में लखनऊ शीर्ष पर रहा, जिसके बाद मध्यप्रदेश के इंदौर और जबलपुर का स्थान रहा। इस श्रेणी में राजस्थान का कोटा, पश्चिम बंगाल का कोलकाता और तमिलनाडु का मदुरै सबसे निचले पायदान पर रहे। वहीं, तीन लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों या कस्बों की श्रेणी में, राउरकेला के बाद उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद और आंध्र प्रदेश का गुंटूर रहा। इस श्रेणी में आखिरी तीन शहर हैं-- गयाजी (बिहार), गुलबर्ग (कर्नाटक) और जालंधर (पंजाब)। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों या कस्बों की श्रेणी में कलिंग नगर सबसे ऊपर रहा। इसके बाद ओडिशा के अंगुल और तलचर का स्थान है। सबसे निचले पायदान पर नगालैंड का कोहिमा, पंजाब का डेरा बस्सी और मेघालय का बर्नीहाट है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने एक बयान में कहा, ‘‘पुरस्कार पाने वालों ने यह प्रदर्शित किया है कि स्वच्छ हवा कोई आकांक्षा नहीं, बल्कि एक ऐसा व्यावहारिक लक्ष्य है, जिसे सही योजना और जमीनी स्तर पर अमल करके हासिल किया जा सकता है।’’केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि एनसीएपी ने वित्त वर्ष 2017-18 के स्तर की तुलना में 2025-26 में ‘पीएम10’ के स्तर को कम करने के मामले में सकारात्मक नतीजे प्रदर्शित किये हैं। पीएम10 से अभिप्राय हवा में मौजूद 10 माइक्रोमीटर या उससे कम व्यास वाले कणों से है, जो सांस के जरिये फेफड़े में प्रवेश कर सकते हैं।
विद्यार्थियों की जिंदगी से खिलवाड़ आखिर कब तक? 'नो मोर सत्य निकेतन' के साथ अभाविप ने किया आंदोलन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) दिल्ली ने सत्य निकेतन में हुई दुखद घटना के विरोध में रविवार की रात में एमसीडी भवन के बाहर प्रदर्शन किया और 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की चेतावनी दी।
भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है, जिससे रोजाना करोड़ों मुसाफिर अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं। तकनीक के इस आधुनिक दौर में रेलवे ने पारंपरिक उद्घोषणाओं और जटिल नोटिस बोर्ड्स से आगे बढ़कर सीधे आम यात्रियों की जेब यानी स्मार्टफोन तक अपनी पहुंच बनाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने सूचनाओं के आदान-प्रदान को सरल, आकर्षक और सुलभ बनाने के लिए 'शॉर्ट वीडियो और रील्स' आधारित डिजिटल सूचना प्रणाली की शुरुआत की है।अब यात्रियों को अपनी ट्रेन की लोकेशन, कोच पोजीशन, प्लेटफॉर्म बदलने की सूचना या स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल के लिए स्टेशन पर भारी भीड़ या पूछताछ खिड़की पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल स्क्रीन पर 15 से 30 सेकंड की रील्स देखकर वास्तविक समय में सटीक जानकारियां हासिल कर सकेंगे।कैसे काम करेगा यह नया रील-बेस्ड सिस्टम: सेकंडों में मिलेगी जरूरी अपडेट्सरेलवे के इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स, मोबाइल एप्लिकेशन और व्हाट्सऐप बॉट्स से एकीकृत किया जा रहा है। सूचना तकनीक विंग (CRIS) के सहयोग से विकसित इस प्रणाली में यात्रियों को विजुअल और ऑडियो दोनों माध्यमों से अपडेट मिलेंगे:प्लेटफॉर्म और डायवर्जन अलर्ट: बड़े जंक्शनों पर ट्रेन के आगमन से पहले किस प्लेटफॉर्म पर गाड़ी लगेगी, इसकी संक्षिप्त वीडियो क्लिप या ग्राफिकल रील जारी होगी।कोच पोजिशन गाइड: इंजन से स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी और जनरल बोगी की सही स्थिति दर्शाने वाला 3D रील एनिमेशन यात्रियों को तुरंत समझ आएगा।त्योहारी व समर स्पेशल ट्रेनें: आगामी त्योहारों (होली, दिवाली, छठ) और गर्मियों की छुट्टियों में चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के रूट, समय और खाली सीटों की स्थिति को शॉर्ट वीडियो में हाइलाइट किया जाएगा।कैटरिंग और सुरक्षा गाइडलाइंस: ई-कैटरिंग के जरिए खाना बुक करने, 'रेल मदद' ऐप का उपयोग करने और आपातकालीन स्थिति में 139 नंबर पर संपर्क करने के आसान स्टेप्स रील के रूप में दिखाए जाएंगे।'जेन-जी' और युवाओं को ध्यान में रखकर उठाया कदम: बोरिंग टेक्स्ट की जगह विजुअल कंटेंटरेलवे अधिकारियों का मानना है कि आज की पीढ़ी लंबे-चौड़े पैराग्राफ या भारी-भरकम पीडीएफ फाइलों को पढ़ने के बजाय विजुअल फॉर्मेट में सूचनाएं देखना अधिक पसंद करती है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक रील्स की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए रेलवे ने सूचना प्रसारण की भाषा और शैली को पूरी तरह बदल दिया है।इस पहल से न केवल युवा यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे नागरिकों के लिए भी रंग-बिरंगे ग्राफिक्स, नक्शे और स्थानीय भाषाओं में बोले गए वॉयस-ओवर को समझना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। रेलवे क्षेत्रीय भाषाओं (हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी आदि) में भी इन रील्स को तैयार कर रहा है ताकि देश के हर कोने का यात्री अपनी भाषा में अपडेट प्राप्त कर सके।स्टेशन के डिजिटल डिस्प्ले और क्यूआर कोड से भी जुड़ेंगी रील्सइस योजना का विस्तार रेलवे स्टेशनों के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तक भी किया जा रहा है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों के वेटिंग हॉल, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म पर लगे बड़े एलईडी स्क्रीन्स पर भी इन उपयोगी रील्स को लूप में चलाया जाएगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसरों में क्यूआर (QR) कोड लगाए जा रहे हैं।यात्री अपने स्मार्टफोन के कैमरे से क्यूआर कोड को स्कैन करते ही स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं—जैसे क्लॉक रूम, एक्जीक्यूटिव लाउंज, व्हीलचेयर सुविधा, आरओ वाटर पॉइंट और मेडिकल बूथ—के 10 सेकंड के नेविगेशन वीडियो देख सकेंगे। इससे अनजान स्टेशनों पर भी मुसाफिरों को रास्ता खोजने में किसी से पूछने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।डिजिटल इंडिया का प्रभाव: सुरक्षित और सहज बनेगा रेल का सफरभारतीय रेलवे का यह कदम 'डिजिटल इंडिया' अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाला है। इससे स्टेशनों पर होने वाली अनावश्यक अफरातफरी, प्लेटफॉर्म पर अंतिम समय में होने वाली भगदड़ और यात्रियों के असमंजस को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।यात्री सुरक्षा, टिकट रिफंड नियम, तत्काल बुकिंग के नए दिशा-निर्देश और साफ-सफाई से जुड़े अभियानों को भी इसी विजुअल फॉर्मेट में आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया के लोकप्रिय फॉर्मेट्स को सार्वजनिक सेवाओं से जोड़ना एक सकारात्मक प्रशासनिक नवाचार है, जिससे रेल सेवाओं की छवि और यात्री अनुभव दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
ड्राइंग रूम में न रखें ये 5 चीजें, बिगड़ जाएगा पूरा लुक
ड्राइंग रूम साफ करने के बाद भी अगर कमरा बिखरा-बिखरा और भरा-भरा लगता है, तो इसकी वजह ये 5 चीजें हो सकती हैं. कई बार उलझे हुए तार, बच्चों के खिलौने, टेबल पर पड़े कागज और पार्सल्स, जरूरत से ज्यादा डेकोरेशन और सामान से भरी ओपन शेल्फ पूरे कमरे का लुक बिगाड़ देती हैं.
5 सेकंड में 16 धांय-धांय! बुलंदशहर के दूल्हे शादाब ने मचाया हड़कंप
Bulandshahr Groom Harsh Firing Video: बुलंदशहर के खुर्जा में दूल्हे शादाब का पिस्टल से 5 सेकंड में 16 बार ताबड़तोड़ फायरिंग करने का वीडियो वायरल. 2022 की घटना पर केस दर्ज, पुलिस तलाश में जुटी.
मालवीय नगर हादसे में बचे, सत्य निकेतन हादसे में MCD अफसरों पर गिरी गाज
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के कारण सात लोगों की मौत के बाद MCD के पांच अधिकारियों को सस्पेंड किया गया. इनमें से तीन अधिकारी मालवीय नगर के हौज रानी हादसे के दौरान भी दक्षिण जोन में तैनात थे.
सत्य निकेतन हादसा: सपनों के साथ दिल्ली आए थे बच्चे, अब घर लौट रही हैं सिर्फ उनकी यादें
नई दिल्ली — 8 सितंबर, 2026 — दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा। जिन बच्चों को उनके माता-पिता ने बेहतर भविष्य और पढ़ाई के सपनों के साथ घर से दूर दिल्ली भेजा था, उनमें से कई अब कभी अपने घर वापस नहीं लौटेंगे। मध्य प्रदेश के देवास से आया अर्पित भी उन्हीं में से एक था, जिसकी पहचान हादसे के बाद हाथ के तिल से करनी पड़ी।
NSGA के अनुरूप संविधान में बदलावों को मंजूरी देगा भारतीय ओलंपिक संघ
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) मंगलवार को अपनी विशेष आम सभा की बैठक में राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप संविधान में बदलावों को मंजूरी देगा।
राजस्थान हाई कोर्ट जज विवाद, जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखा चौथा पत्र; जांच में दखल का लगाया आरोप
जस्टिस संदीप मेहता ने राजस्थान हाई कोर्ट के जज संजीव प्रकाश शर्मा पर आंतरिक न्यायिक जांच में दखल और गोपनीयता उल्लंघन का आरोप लगाते हुए CJI सूर्यकांत को चौथा पत्र लिखा है।
Maharashtra में Maratha Caste Certificate के लिए 10 सितंबर से लगेंगे शिविर
मुंबई, सात सितंबर महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे की अध्यक्ष में गठित समिति द्वारा तलाश किये गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे और मराठा समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटाने में मदद के लिए 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा मराठा आरक्षण को लेकर गठित उप-समिति के अध्यक्ष विपाटिल ने संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उचित समन्वय सुनिश्चित करें और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें। मंत्री मराठवाड़ा के धाराशिव, बीड, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, हिंगोली, लातूर और जालना जिलों के जिलाधिकारियों और अप संभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर किए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने जाति सत्यापन प्रमाण-पत्र जारी करने, कुनबी रिकॉर्ड का पता लगाने और प्राप्त आवेदनों से जुड़े जिलेवार आंकड़ों की समीक्षा की। जिलाधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई और लागू किए गए उपायों का विवरण मंत्री के समक्ष रखा। विखे पाटिल ने कहा कि परभणी जिला कलेक्ट्रेट ने मिले सभी दस्तावेज प्रकाशित कर दिए हैं और दूसरे जिलों को भी ऐसा ही करने और अपनी वेबसाइट पर विवरण प्रकाशित करने का निर्देश दिया। विखे पाटिल ने कहा कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त)शिंदे समिति द्वारा तलाशे गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे। साथ ही, उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाने के लिए उचित इंतज़ाम किए जाएं, ताकि मराठा समुदाय के लोग प्रमाण पत्र के लिए जरूरी कागज़ी कार्रवाई पूरी कर सकें। उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार प्रमाण पत्र जारी करते समय कानून का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में लगभग 3.5 लाख कुनबी प्रमाण-पत्र वितरित किये गए हैं और पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र जारी करते समय नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। विखे पाटिल ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा सरकार पर मराठा आरक्षण को लेकर केवल आश्वासन देने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान सामने रखे गए अधिकतर मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है और बाकी मांगों पर आगे का रास्ता निकालने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के साथ बातचीत करेगी, जो जालना में अनशन कर रहे हैं।
पितृपक्ष कब से शुरू? अभी नोट कर लें श्राद्ध तिथि का पूरा कैलेंडर
हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष 26 सितंबर 2026 से शुरू होगा. 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ ही इसका समापन हो जाएगा. इस दिन पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध बताया गया है. इसके बाद अलग-अलग तिथियों के अनुसार श्राद्ध कर्म किए जाएंगे. पितृपक्ष की अवधि में प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक अलग-अलग श्राद्ध तिथियां आती हैं.
फिलिस्तीन का समर्थन करने की वजह से हॉलीवुड अभिनेत्री को फिल्मों में नहीं मिल रहे रोल
इटैलियन फिल्म-मेकर बर्नार्डो बर्टोलुची की आखिरी पटकथा पर बनी अपनी नई फिल्म में, सरंडन एक उम्रदराज गायिका का किरदार निभा रही हैं. वह अपनी वापसी (कमबैक) वाली एल्बम पर काम करने के लिए एक ऐसे म्यूजिक प्रोड्यूसर को काम पर रखती हैं जो ड्रग की लत से उबर रहा है.
क्या पाक ने प्रभास की सालार की नकल की? वायरल पाकिस्तानी फिल्म का सीन
सोशल मीडिया पर एक सीन काफी वायरल किया जा रहा है. पाकिस्तानी फिल्म ने 'सालार' के एक्शन सीन की नकल की है. वीडियो में एक्टर बिल्कुल प्रभास की तरह ही फाइट कर रहा है.
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर बिहार को बाढ़ को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करने की मांग की है.
अलग-अलग पीढ़ियों में राष्ट्रवाद- देशभक्ति की परिभाषा बदलती है? कुमार विश्वास ने बताया
आजतक की सुरक्षा सभा के विशेष सेशन 'होंठों पे गंगा, हाथों में तिरंगा’ में कवि डॉ. कुमार विश्वास ने शिरकत है. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रवाद, भारतीय सेना से लेकर देश की बदलती पीढ़ी के बीच देशभक्ति की भावना को लेकर विस्तार से बात की. देखें Video.
BJP अध्यक्ष Nitin Nabin का 9 सितंबर से Uttarakhand दौरा, चुनावी तैयारियों का लेंगे जायजा
नयी दिल्ली, सात सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार से उत्तराखंड के दो-दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का मकसद राज्य में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों का जायजा लेना और उन्हें मजबूत करना है। पार्टी के एक बयान के मुताबिक, अपनी यात्रा के दौरान नवीन पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के मकसद से कई “उच्च-स्तरीय बैठकों” की अध्यक्षता करेंगे। वह राज्य के “ऊर्जावान युवाओं” से सीधे बातचीत करेंगे और पूर्व सैनिकों तथा पंजाबी समुदाय द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इसमें कहा गया है कि वह प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और पार्टी की राज्य कोर कमेटी के साथ भी बैठकें करेंगे। पार्टी ने कहा, “भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन नौ सितंबर से देवभूमि उत्तराखंड का दो दिन का अहम दौरा करेंगे।” पार्टी ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए अपनी “रणनीतिक तैयारियों” के मद्देनजर इस दौरे को “बेहद अहम और महत्वपूर्ण” बताया है। भाजपा ने बताया कि नवीन बुधवार को उत्तराखंड दौरे के पहले दिन रुद्रपुर में पार्टी की राज्य कार्यसमिति की विस्तारित बैठक को संबोधित करेंगे। पार्टी ने कहा, “यह बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें संगठनात्मक प्राथमिकताओं, जन-कल्याणकारी नीतियों के प्रचार-प्रसार और राज्य भर में बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।”इसके बाद, उसी दिन भाजपा प्रमुख रुद्रपुर में पार्टी के राज्य पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और राज्य कोर कमेटी की एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे। पार्टी ने कहा, “इन बैठकों के दौरान, वह राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक मामलों और मौजूदा राजनीतिक हालात की विस्तार से समीक्षा करेंगे और जरूरी मार्गदर्शन देंगे।”नवीन बृहस्पतिवार को अपने दिन की शुरुआत सुबह हल्द्वानी के मशहूर महालक्ष्मी मंदिर जाकर करेंगे। भाजपा ने कहा, “वे मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और तय रीति-रिवाजों के साथ मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेंगे। साथ ही, वे उत्तराखंड और पूरे देश की खुशी, समृद्धि और शांति के लिए भी प्रार्थना करेंगे।”पार्टी ने बताया कि भाजपा प्रमुख बाद में रुद्रपुर में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के जरिये उत्तराखंड के “प्रतिभाशाली युवाओं” से बातचीत करेंगे और “राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की ज्यादा भागीदारी और उनके उज्ज्वल भविष्य” को लेकर पार्टी का दृष्टिकोण साझा करेंगे। भाजपा ने कहा कि नवीन हल्द्वानी में शहीद स्मारक भी जाएंगे और भारत के वीर सपूतों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। बयान में कहा गया, “इसके तुरंत बाद, वह ‘पूर्व-सैनिक सम्मेलन’ में शामिल होंगे और देश की रक्षा के लिए खुद को समर्पित करने वाले बहादुर पूर्व-सैनिकों के बेमिसाल साहस, बलिदान और देश के प्रति उनकी समर्पित सेवा के लिए आभार व्यक्त करेंगे।”भाजपा ने बताया कि बाद में वह रुद्रपुर में ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में पंजाबी समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का जश्न मनाया जाएगा और साथ ही उत्तराखंड के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में समुदाय के “खास योगदान” को भी सराहा जाएगा।
संतरे बेचकर स्कूल बनाने वाले पद्मश्री हजब्बा को SIR नोटिस, अब रिकॉर्ड में नाम सुधारने की बारी
कर्नाटक के पद्मश्री सम्मानित समाजसेवी हरेकाला हजब्बा को मतदाता सूची में नाम के अंतर के कारण चुनाव आयोग की ओर से नोटिस मिला है. 2002 की वोटर लिस्ट में केवल 'हजब्बा' दर्ज होने और अन्य दस्तावेजों में 'हरेकाला हजब्बा' लिखे होने के चलते उन्हें मूल दस्तावेजों के साथ ग्राम पंचायत में उपस्थित होने को कहा गया है.
चलती कार पर गिरा विशाल इमली का पेड़, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत
इंदौर में सोमवार को भारी बारिश के दौरान एमजी रोड इलाके में चलती कार पर इमली का पेड़ गिर गया. कार में चार लोग सवार थे. हादसे में डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की 72 वर्षीय मां राधा देवी की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर समेत तीन लोग घायल हुए. सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया.
'मुंबई हमले के समय सरकार सिर्फ डोजियर दिखाती रही', राजनाथ का कांग्रेस पर वार
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखी. 'ये नया भारत है' सेशन में उन्होंने कहा कि आज भारत बोलता है तो सारी दुनिया सुनती है. राजनाथ सिंह ने कहा, हमने देश की सेनाओं को खुली छूट दे रखी है. हमारी सेनाओं ने दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारा। देखें वीडियो
नेपाल बाढ़ को लेकर सिंगापुर में भारत विरोधी प्रोपेगेंडा, पीएम को देना पड़ा दखल
सिंगापुर सरकार ने नेपाल-तिब्बत बाढ़ और SIA के एयर इंडिया में निवेश को लेकर ऑनलाइन भारतीयों के खिलाफ नस्लीय और विदेशी-विरोधी टिप्पणियों पर कार्रवाई की बात कही है. PM लॉरेंस वोंग ने चेतावनी दी कि ऐसे पूर्वाग्रह को सामान्य होने से रोकना जरूरी है. गृह मंत्री के. षणमुगम ने पुलिस को टिप्पणियों की जांच के निर्देश दिए हैं.
पेट्रोल पंप की ओर मुड़ रही थी स्विफ्ट, पीछे से आई टोयोटा ने उड़ाए परखच्चे, VIDEO
कर्नाटक के मांड्या जिले में रविवार दोपहर एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए. हादसा तब हुआ जब स्विफ्ट कार पेट्रोल पंप की तरफ मुड़ रही थी और पीछे से आ रही टोयोटा हिलक्स ने टक्कर मार दी.
Abhishek Banerjee को Calcutta High Court से बड़ी राहत, 3 FIR में गिरफ्तारी पर 30 नवंबर तक रोक
कोलकाता, सात सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीन प्राथमिकियों से जुड़े मामले में उन्हें सोमवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दे दी और उनके खिलाफ लगातार दर्ज हो रहे मामलों पर नाराजगी भी जताई। इससे पहले भी उच्च न्यायालय ने बनर्जी के खिलाफ कुल चार प्राथमिकियों से जुड़े दो मामलों में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी। सोमवार को जिन मामलों में बनर्जी को राहत मिली, उनमें उनके द्वारा आयोजित दो ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सा लापरवाही और इलाज में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह 30 नवंबर तक बनर्जी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें। अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी और उसी दिन संबंधित पुलिस अधिकारी इन प्राथमिकी की जांच की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करें। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने कहा कि एक ही व्यक्ति ने एक से अधिक मामलों में पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। सुनवाई के दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि वह ऐसा आदेश जारी करेंगे, जिसके बाद उच्च न्यायालय की अनुमति के बिना बनर्जी के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकेगी। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक टिप्पणी में कहा, “अब बहुत हो गया। इस साल मई से मैं इन मामलों की सुनवाई कर रहा हूं। अब मैं एक अन्य पीठ द्वारा शुभेंदु अधिकारी से जुड़े मामले में दिए गए आदेश के आधार पर निर्देश जारी करूंगा, जिसमें कहा गया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके (अधिकारी) खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए।”बनर्जी के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया था कि आठ दिसंबर, 2022 को उच्च न्यायालय ने अधिकारी के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों पर रोक लगा दी थी और निर्देश दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई नयी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाए। उस समय अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे और अब मुख्यमंत्री हैं। शंकरनारायणन ने बनर्जी के मामले में भी इसी तरह का आदेश जारी करने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मौखिक रूप से कहा कि तीनों प्राथमिकी में से कोई भी सीधे तौर पर बनर्जी से जुड़ी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतें अभिजीत दास ने दर्ज कराई हैं, जो लोकसभा चुनाव में डायमंड हार्बर सीट से बनर्जी से दो बार हार चुके हैं। अदालत ने कहा कि अधिक से अधिक यह मामला चिकित्सा लापरवाही के आरोप से जुड़ा है। राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएजी) राजदीप मजूमदार ने कहा कि शिकायतकर्ता दास एक ‘व्हिसलब्लोअर’ हैं और उन्होंने टीएमसी सांसद के प्रभाव के कारण पहले पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
तबेले में पढ़ने, खाने और सोने को मजबूर थे 170 छात्र, 5 साल बाद खुली सरकार की आंख
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल की बदहाल स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन ने छात्रों को वहां से हटाकर हॉस्टल में भेजने का फैसला किया। स्कूल में बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। 92 छात्रों के लिए महज 5 शौचालय थे।
लहसुन-कलौंजी डालकर बनाएं हैदराबादी मिर्ची का सालन, स्वाद में लाजवाब
कभी-कभी कुछ चटपटा और मसालेदार खाने का मन करता है और समझ नहीं आता है कि ऐसा क्या बनाया जाए. ऐसे में आप हैदराबाद में बिरयानी के साथ परोसे जाने वाला खास मिर्च का सालन ट्राई कर सकते हैं. मिर्च का सालन खाने में बहुत टेस्टी लगता है और इसे आप सिर्फ बिरयानी नहीं बल्कि रोटी और पराठा के साथ भी खा सकते हैं. जानें इसकी आसान रेसिपी.
LAC पर भारत-चीन की सेनाओं की बड़ी बैठक, अरुणाचल सेक्टर को लेकर हुई बड़ी चर्चा
भारत और चीन की सेनाओं ने अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही सीमा विवाद को लेकर बीजिंग में भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों (Special ...
कौशांबी CO पर कोर्ट सख्त, गिरफ्तारी का आदेश
कौशांबी के CO ट्रैफिक सत्येंद्र प्रसाद तिवारी को वाराणसी की विशेष SC/ST अदालत ने दो बार VC से गवाही के लिए नहीं पहुंचने पर NBW जारी किया है. कोर्ट ने उन्हें 10 सितंबर को गिरफ्तार कर पेश करने और अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने का निर्देश दिया है. वीडियो में जानें मामला.
700 किलो टिश्यू पेपर से बनेगी गणपति की 22 फीट ऊंची प्रतिमा
आयोजकों का कहना है कि गणपति हमारे राजा हैं तो राजा के लिए उनका दरबार ही सजना चाहिए. इसलिए उन्होंने राजा के दरबार की थीम बनाई है. और हमारी जो मूर्ति है, वो 22 फीट की इको-फ्रेंडली टिश्यू पेपर की मूर्ति है.
रक्षा क्षेत्र में 'नए भारत' का ब्लूप्रिंट, UPA सरकार पर वार; देखें राजनाथ सिंह का संबोधन
आजतक के 'सुरक्षा सभा' कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने डिफेंस सेक्टर में 'नए भारत' का ब्लूप्रिंट रखा. राजनाथ सिंह ने साथ ही 2014 के बाद से देश की डिफेंस पॉलिसी में आए बदलावों से लेकर भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का जिक्र किया. उन्होंने UPA की सरकार पर भी हमला बोला. देखें पूरा संबोधन.
भारतीय सर्राफा बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार, 7 सितंबर 2026 को कीमती धातुओं के कारोबार में एक बार फिर बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोने के बाजार में सुस्ती के बीच आज चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे गहने और आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक घटनाक्रमों, मजबूत होती अमेरिकी अर्थव्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्र से मिल रही ताज़ा मांग के कारण घरेलू बुलियन मार्केट में चांदी के दाम रॉकेट की तरह ऊपर चढ़े हैं। आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में चांदी की चमक और अधिक तेज हो गई है। निवेशकों और ग्राहकों के मन में इस समय बस यही सवाल घूम रहा है कि उनके अपने शहर में चांदी किस भाव पर बिक रही है और आने वाले दिनों में कीमती धातुओं का यह बाजार किस दिशा में आगे बढ़ने वाला है। आइए देश के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा खुदरा और थोक दामों के साथ-साथ इस तेजी के पीछे की पूरी आर्थिक वजहों को विस्तार से समझते हैं।सोमवार को चांदी की कीमतों में बंपर उछाल, बुलियन मार्केट में पहुंचा नया भावसप्ताह के पहले ही दिन यानी सोमवार को चांदी के हाजिर कारोबार में एक भारी-भरकम तेजी देखने को मिली है, जिससे सर्राफा कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। आधिकारिक बाजार आंकड़ों के अनुसार, आज एक झटके में चांदी के भाव में 4,329 रुपये प्रति किलोग्राम की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस भारी तेजी के बाद अखिल भारतीय बुलियन मार्केट में चांदी का औसत दाम बढ़कर सीधे 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को मुनाफावसूली और हल्की नरमी के चलते चांदी के दामों में करीब 3,433 रुपये की गिरावट आई थी और यह 2,32,639 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार के कारोबार ने उस सारी गिरावट को पीछे छोड़ते हुए कीमतों को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया है। यदि आप आने वाले त्योहारी सीजन या शादी-ब्याह के शुभ अवसरों के लिए चांदी के सिक्के, मूर्तियां या फैशनेबल आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब का बजट अब काफी और अधिक बड़ा करना होगा क्योंकि बाजार का यह रुख फिलहाल तेजी की तरफ इशारा कर रहा है।दिल्ली, यूपी और बिहार समेत देश के बड़े शहरों में क्या रहा चांदी का ताजा हालदेश की राजधानी दिल्ली में सोमवार को चांदी के दामों में भारी तेजी का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में आज चांदी का भाव 4,329 रुपये महंगा होकर सीधे 2,36,000 से ऊपर यानी लगभग 2,36,968 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। खुदरा ज्वैलरी मार्केट की बात करें तो दिल्ली में आज 10 ग्राम चांदी का खुदरा भाव करीब 2,369 रुपये और 100 ग्राम चांदी का भाव 23,000 रुपये के आसपास चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जनपदों में भी चांदी की चमक काफी तेज बनी हुई है। लखनऊ में आज चांदी के दाम में पूरे 4,510 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई है, जिसके बाद यहां चांदी का भाव लगभग 2,39,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जो देश के अन्य बड़े शहरों की तुलना में थोड़ा अधिक है। जबकि पिछले हफ्ते यूपी के बाजारों में चांदी 3,460 रुपये की गिरावट के साथ 2.34 लाख रुपये पर बंद हुई थी। बिहार की राजधानी पटना में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है और यहां आज सिल्वर लगभग 4,189 रुपये महंगी होकर 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड कर रही है। ठीक इसी प्रकार राजस्थान के जयपुर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में भी चांदी के दाम 4,100 से 4,300 रुपये तक उछले हैं, जहां मुंबई में चांदी 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और जयपुर में 2.36 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।क्यों आ रही है चांदी के दाम में इतनी तेज उछाल? जानिए इसके पीछे के बड़े आर्थिक कारणकीमती धातुओं के जानकारों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि चांदी के दामों में आई इस अचानक और भारी तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं। सोना और चांदी दोनों ही पारंपरिक रूप से निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं, लेकिन चांदी की एक सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल कीमती धातु नहीं बल्कि एक बेहद महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल मेटल (औद्योगिक धातु) भी है। दुनिया भर में रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है, जिसके कारण जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग बढ़ती है, वैसे-वैसे चांदी के दाम भी तेजी से ऊपर भागने लगते हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर भी बुलियन मार्केट पर सीधा पड़ रहा है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए कमोडिटीज महंगी हो जाती हैं, जिसका आंशिक दबाव सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक महंगाई के जोखिम अभी भी अपनी जगह कायम हैं, लेकिन बाजार का पूरा ध्यान इस समय अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिका हुआ है।महंगाई के नए आंकड़ों और अमेरिकी नीतिगत फैसलों पर टिकी है निवेशकों की निगाहेंइस सप्ताह वैश्विक वित्तीय बाजारों और कमोडिटीज ट्रेडर्स की नजर पूरी तरह से अमेरिका से जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका के पीपीआई (PPI) और सीपीआई (CPI) यानी उपभोक्ता और उत्पादक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े आने वाले हैं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक और निवेशक इन आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इसी से यह तय होगा कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व का अगला रुख क्या रहने वाला है। यदि महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा गर्म आते हैं, तो इसका सीधा असर डॉलर इंडेक्स और बुलियन मार्केट की चाल पर पड़ेगा, जिससे सोने और चांदी के भाव में और अधिक फेरबदल देखने को मिल सकता है। घरेलू बाजार के निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की बड़ी खरीदारी या निवेश करने से पहले अपने नजदीकी सर्राफा बाजार के अधिकृत दरों की सही जांच जरूर कर लें, क्योंकि स्थानीय टैक्स, जीएसटी (GST) और आभूषणों पर लगने वाली मेकिंग चार्ज के कारण खुदरा कीमतें हर शहर में थोड़ी अलग हो सकती हैं।
देश-विदेश की बड़ी खबरें: Amit Shah का बयान, LAC वार्ता और चुनाव आयोग का फैसला
नयी दिल्ली, सात सितंबर की विभिन्न फाइल से सोमवार रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है :- अर्थ56 लीड शाह अर्थव्यवस्थावैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत ने आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कायम रखी: अमित शाहपणजी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारत ने वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद अन्य देशों के साथ जुड़ाव बढ़ाकर और रणनीतिक साझेदारियां कायम कर अपनी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा है। दि85 चीन भारत वार्ताभारत, चीन की सेनाओं ने एलएसी पर शांति बनाए रखने को लेकर की वार्तानयी दिल्ली, सीमा विवाद को लेकर बीजिंग में विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के कुछ दिन बाद भारत और चीन की सेनाओं ने अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति की समीक्षा की। दि101 दिल्ली इमारत दूसरी लीड मालिक गिरफ्तारसत्य निकेतन हादसा : इमारत की मालकिन व पति समेत तीन गिरफ्तार, बचाव अभियान पूरानयी दिल्ली, दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पीजी इमारत के ढहने की घटना को लेकर भवन की मालकिन और वायुसेना से सेवानिवृत्त उनके पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं संबंधित एजेंसियों ने इलाके में बचाव अभियान पूरा कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। दि99 निर्वाचन आयोग उपचुनावनंदीग्राम सहित पांच विधानसभा क्षेत्रों और नगांव लोकसभा सीट पर छह अक्टूबर को होंगे उपचुनावनयी दिल्ली, निर्वाचन आयोग ने सोमवार को तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिनमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा रिक्त की गई नंदीग्राम सीट भी शामिल है। दि93 कांग्रेस लीड शुद्धीकरणकांग्रेस के एससी-एसटी सांसदों का साझा मंच बनाने का फैसला, समुदायों के मुद्दों पर मिलकर लड़ेंगेनयी दिल्ली, कांग्रेस के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के सांसदों ने सोमवार को एक साझा मंच बनाने का फैसला किया ताकि वे पार्टी एवं सरकार के समक्ष अपने समुदाय के मुद्दे उठा सकें और मिलकर लड़ाई लड़ सकें। दि95 अरावली रमेशअरावली समिति की समयसीमा पर उच्चतम न्यायालय का फैसला समझ से परे: रमेशनयी दिल्ली, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय द्वारा अरावली पर्वतमाला संबंधी उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अनुरोध को अस्वीकार किए जाने पर सोमवार को निराशा जताई और कहा कि यह फैसला समझ से परे है। प्रादे148 इसरो निजीकरण लीड नारायणननारायणन ने इसरो के निजीकरण को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज कियाबेंगलुरु, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने इसरो के निजीकरण को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अब भी एक सरकारी संगठन है। प्रादे129 उप्र मस्जिद कुआं जांचसहारनपुर कलेक्ट्रेट में ढहाई गई मस्जिद के नीचे मिले कुएं की एएसआई टीम ने की जांचसहारनपुर (उत्तर प्रदेश), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक टीम ने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में ढहाई गई मस्जिद के नीचे मिले कुएं की सोमवार को जांच शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रादे71 उप्र वाहन दूसरी लीड दुर्घटना मौतउप्र : डिवाइडर से टकराकर पलटा वाहन, 12 लोगों की मौतबागपत (उप्र), राजस्थान से उत्तर प्रदेश के बदायूं जा रही एक पिकअप गाड़ी के बागपत जिले में डिवाइडर से टकराकर पलट जाने से उसमें सवार 12 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। वि23 नेपाल लीड बाढ़नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हुई, करीब 5,000 लोग अब भी लापताकाठमांडू, नेपाल में अचानक आयी विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित इलाकों से और शव बरामद किए जाने के बाद सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अर्थ63 एनबीएफसी स्वर्ण ऋणएनबीएफसी का स्वर्ण आभूषण के बदले कर्ज जुलाई में 68.5 प्रतिशत बढ़ाः आरबीआईमुंबई, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की तरफ से स्वर्ण आभूषण के बदले दिए जाने वाले कर्ज (स्वर्ण ऋण) में जुलाई के दौरान 68.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को यह जानकारी दी। खेल7 खेल तीरंदाजी पैरा सीरिज भारतविश्व पैरा तीरंदाजी सीरिज: शीतल फाइनल में, सरिता कांस्य पदक के प्लेआफ मेंअहमदाबाद, मौजूदा विश्व चैम्पियन शीतल देवी ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरिज (तीसरा चरण) के तीसरे दिन सोमवार को महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
आशा भोसले को AR रहमान देंगे ट्रिब्यूट, AI के जरिए दिखेंगे सुपरस्टार्स
आशा भोसले की जंयती पर एआर रहमान 'आशा फॉरएवर' पेश करने जा रहे हैं. यह एक खास ट्रिब्यूट गाना है, जिसे उन्होंने महान गायिका के निधन से पहले उनके साथ रिकॉर्ड किया था.
भारतीय समाज में उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुके वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सम्मानजनक, सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बहुत ही संवेदनशील, सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय बेंच ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वृद्धाश्रमों की वास्तविक स्थिति और वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और मानवीय अधिकारों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को औपचारिक नोटिस जारी कर यह निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित हो रहे वृद्धाश्रमों के निर्माण, रख-रखाव, चिकित्सा सुविधाओं और वहां रह रहे बुजुर्गों की जीवन दशाओं पर एक विस्तृत और ताजा स्थिति रिपोर्ट (Status Report) अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। आधुनिक युग में जहां एक तरफ भौतिकवादी संस्कृति तेजी से पैर पसार रही है और संयुक्त परिवार प्रणाली कमजोर होने के कारण बड़ी संख्या में बेसहारा बुजुर्ग अपने ही घरों से तिरस्कृत होकर वृद्धाश्रमों में जीवन बिताने को मजबूर हैं, ऐसे में देश की सबसे बड़ी अदालत का यह कड़ा रुख उन तमाम बुजुर्गों के जीवन में आशा की एक नई किरण लेकर आया है। प्रशासन और सरकारों की सुस्ती को दरकिनार करते हुए न्यायपालिका ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश के वरिष्ठ नागरिकों के संवैधानिक और मानवीय अधिकारों की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।साल 2016 की महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर चल रही है सुनवाई, डॉ. अश्विनी कुमार ने की है पैरवीइस पूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो यह बेहद महत्वपूर्ण मामला पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ वकील डॉ. अश्विनी कुमार द्वारा साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एक व्यापक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा हुआ है। पिछले एक दशक से अधिक समय से अदालत में लंबित इस जनहित याचिका में इस बात पर जोर दिया गया है कि देश के प्रत्येक जिले में बुजुर्गों के लिए पर्याप्त और आधुनिक सुविधाओं से लैस वृद्धाश्रमों का निर्माण किया जाना चाहिए, उन्हें जीवनयापन के लिए सम्मानजनक पेंशन मिलनी चाहिए और उनके स्वास्थ्य तथा चिकित्सा उपचार के लिए विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए। मौजूदा सुनवाई के दौरान, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की विशेष पीठ ने इस मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को गहराई से समझा है। खुद याचिकाकर्ता डॉ. अश्विनी कुमार ने अदालत में अपनी प्रभावशाली पैरवी के दौरान इस बात को रेखांकित किया कि वृद्धाश्रमों की स्थापना और बेसहारा बुजुर्गों की देखभाल करना केवल कोई प्रशासनिक या कागजी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर उनके मौलिक और मानवीय अधिकारों का प्रश्न है, जिस पर राज्य सरकारों को पूरी गंभीरता से काम करना चाहिए।केंद्र सरकार के सुझाव को खारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने मांगा राज्यों से सीधा जवाबमामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से यह सुझाव दिया गया था कि बुजुर्गों के कल्याण और वृद्धाश्रमों से जुड़े इन स्थानीय मामलों को संबंधित राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) में स्थानांतरित कर दिया जाए ताकि वहां स्थानीय स्तर पर इनकी निगरानी हो सके। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार के इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया और यह उचित समझा कि इस गंभीर विषय पर देश के सभी राज्यों से सीधे तौर पर जमीनी हकीकत का ब्यौरा मांगा जाना चाहिए। अदालत ने अपनी प्रशासनिक शक्ति का उपयोग करते हुए यह निर्देश दिया है कि देश के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी सभी राज्यों के महाधिवक्ताओं (Advocate Generals) को इस संबंध में आधिकारिक संदेश भेजेंगे। शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही राज्यों के महाधिवक्ता को यह औपचारिक सूचना प्राप्त होगी, उसके ठीक चार सप्ताह के भीतर सभी राज्य सरकारों को अपनी-अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दाखिल करनी होगी। इस निर्देश के बाद सभी राज्य प्रशासनों में हड़कंप मच गया है क्योंकि उन्हें अब अपने-अपने राज्यों के वृद्धाश्रमों की जमीनी और वास्तविक रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत को सौंपनी होगी।राज्यों को बताना होगा वृद्धाश्रमों की स्थिति, बुनियादी सुविधाएं और बुजुर्गों का हालसुप्रीम कोर्ट द्वारा मांगे गए इस ब्यौरे के दायरे में केवल कागजी आंकड़े शामिल नहीं होंगे, बल्कि राज्यों को स्पष्ट रूप से यह बताना होगा कि उनके भौगोलिक क्षेत्र में कितने वृद्धाश्रम विधिवत संचालित हो रहे हैं, उनमें रहने वाले बुजुर्गों की संख्या कितनी है, और उन्हें वहां कौन-कौन सी बुनियादी सुविधाएं जैसे कि पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे कमरे, मनोरंजन के साधन और सबसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। अदालत ने अपने पुराने निर्देशों का हवाला देते हुए इस बात पर भी जोर दिया है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और 'हेल्पएज इंडिया' जैसी प्रतिष्ठित एवं सामाजिक संस्थाओं की भूमिका इस पूरे तंत्र को पारदर्शी और प्रभावी बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। कई राज्यों में वृद्धाश्रमों की वित्तीय स्थिति बेहद खराब है, वहां पर्याप्त स्टाफ नहीं है और बीमार बुजुर्गों के लिए समय पर दवाइयां और डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते हैं। सुप्रीम कोर्ट की इस सख्त मॉनिटरिंग के बाद उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकारें अब इन वृद्धाश्रमों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाएंगी।भारतीय संस्कृति बनाम आधुनिक वृद्धाश्रम: समाज के बदलते स्वरूप में बुजुर्गों की सुरक्षा का सवालयह पूरा मामला केवल कानूनी बहसों या अदालती फाइलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे आधुनिक भारतीय समाज के उस कड़वे सच को भी आईना दिखाता है जहाँ पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच बुजुर्ग माता-पिता अपने ही परिवारों में उपेक्षित हो रहे हैं। एक समय था जब संयुक्त परिवारों में बुजुर्गों को घर का मुखिया मानकर उनकी सेवा और सम्मान को सबसे बड़ा धर्म माना जाता था, लेकिन आज के दौर में बढ़ती महंगाई, संकुचित होती सोच और पारिवारिक विघटन के कारण बुजुर्गों को वृद्धाश्रमों की चारदीवारी में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में, यदि देश के वृद्धाश्रमों में भी उन्हें नारकीय या अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़े, तो यह एक सभ्य समाज के लिए सबसे बड़े कलंक के समान है। सुप्रीम कोर्ट का यह ऐतिहासिक हस्तक्षेप इस बात का प्रतीक है कि न्यायपालिका देश के उन तमाम बेसहारा, लाचार और बुजुर्ग नागरिकों की ढाल बनकर खड़ी है जो अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपनों से ठुकराए जाने का दर्द झेल रहे हैं।न्यायपालिका की इस सख्त पहल से देश भर के लाखों बुजुर्गों के जीवन में सुधार की जगी उम्मीदकानूनी विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा है कि यदि अदालत इसी प्रकार सख्ती से सभी राज्यों से अनुपालन रिपोर्ट लेती रही, तो देश भर के वृद्धाश्रमों की तस्वीर में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। कई राज्यों में कागजों पर वृद्धाश्रम चल रहे हैं लेकिन धरातल पर वहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। चार सप्ताह के भीतर आने वाली इन रिपोर्टों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट भविष्य में कुछ कड़े राष्ट्रीय मानक (National Standards) तय कर सकता है, जिनका पालन करना सभी राज्यों के लिए अनिवार्य होगा। वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए काम करने वाली संस्थाओं को पूरी उम्मीद है कि इस न्यायिक पहल के परिणामस्वरूप न केवल वृद्धाश्रमों की भौतिक दशा सुधरेगी, बल्कि देश के हर कोने में बुजुर्गों को वह गरिमा, सम्मान और सुरक्षा मिलेगी जिसके वे अपने पूरे जीवनभर देश और परिवार को सींचने के बाद वास्तव में हकदार हैं।

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