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CM विजय का फर्जी VIDEO बनाकर लोगों को लगाया चूना, आरोपी गिरफ्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का AI से तैयार डीपफेक वीडियो बनाकर लोगों से आर्थिक मदद के नाम पर ठगी करने के मामले में राजस्थान के अलवर से आरोपी गिरफ्तार हुआ है. तमिलनाडु क्राइम ब्रांच-CID की जांच में डिजिटल सुरागों के जरिए पुलिस लक्ष्मणगढ़ पहुंची. आरोपी के मोबाइल से कथित तौर पर डीपफेक वीडियो और ठगी से जुड़े सबूत मिले हैं.

आज तक 16 Sep 2026 11:46 pm

हूती का दावा- देसी मिसाइल से मार गिराया सऊदी अरब का F-15 फाइटर जेट

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है, जबकि सऊदी अरब ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है. हूतियों ने मारिब प्रांत के ऊपर विमान को हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने का दावा किया.

आज तक 16 Sep 2026 11:37 pm

EPF Salary Limit Hike: Rs15,000 से बढ़कर ₹25,000 हुई ईपीएफ-ईपीएस की वेतन सीमा! जानिए करोड़ों कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशन पर क्या होगा असर

संगठित क्षेत्र के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों और नई नौकरियों में कदम रखने वाले युवाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य अंशदान के लिए तय वैधानिक वेतन सीमा (Wage Ceiling) को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की दिशा में मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। यह संशोधन वर्ष 2014 के बाद यानी करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद लागू किया जा रहा है, जब तत्कालीन सरकार ने इस सीमा को ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 किया था।बढ़ती महंगाई, जीवनयापन की लागत और निजी क्षेत्र में बढ़े हुए न्यूनतम वेतनमानों को देखते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा इस सीमा में संशोधन की सिफारिश लंबे समय से की जा रही थी। इस नीतिगत निर्णय से देश भर के औपचारिक कार्यबल (Formal Workforce) के लाखों ऐसे नए कर्मचारी ईपीएफओ के सामाजिक सुरक्षा दायरे में सीधे शामिल हो सकेंगे, जिनका मूल वेतन ₹15,000 से अधिक होने के कारण वे अब तक अनिवार्य पीएफ कवरेज से बाहर रह जाते थे।ईपीएफ और ईपीएस अंशदान का नया गणित: कैसे होगा ₹25,000 का बंटवारा?कर्मचारी भविष्य निधि नियमों के तहत प्रत्येक कर्मचारी और उसकी नियोक्ता कंपनी द्वारा मूल वेतन (Basic Salary) और महंगाई भत्ते (DA) का 12-12 प्रतिशत अंशदान जमा किया जाता है। वेतन सीमा बढ़ने से इस अनिवार्य गणना का आधार ₹15,000 की जगह ₹25,000 हो जाएगा।इस नए स्लैब के तहत प्रत्येक खाते में होने वाला प्रत्यक्ष मासिक बदलाव इस प्रकार रहेगा:कर्मचारी का ईपीएफ अंशदान: कर्मचारी का पूरा 12% हिस्सा सीधे कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते में जमा होता है। ₹15,000 की सीमा पर यह अधिकतम ₹1,800 प्रति माह था, जो अब ₹25,000 की सीमा पर बढ़कर ₹3,000 प्रति माह हो जाएगा।कंपनी (नियोक्ता) का अंशदान: नियोक्ता के 12% हिस्से को दो भागों में बांटा जाता है:8.33% हिस्सा (कर्मचारी पेंशन योजना - EPS): पहले अधिकतम ₹1,250 कटता था, जो अब बढ़कर ₹2,083 प्रति माह हो जाएगा।3.67% हिस्सा (ईपीएफ खाता): पहले ₹550 जाता था, जो अब बढ़कर ₹917 प्रति माह हो जाएगा।कुल पीएफ फंड में मासिक जमा: कर्मचारी और नियोक्ता का कुल मिलाकर पीएफ खाते में जाने वाला पैसा ₹3,600 से बढ़कर सीधे ₹6,000 प्रति माह पर पहुंच जाएगा।टेक-होम सैलरी घटेगी या बढ़ेगी? समझिए वेतन पर्ची (Pay Slip) का वास्तविक असरवेतन सीमा में इस बढ़ोतरी का हर कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी (Take-Home Pay) पर मिला-जुला प्रभाव पड़ेगा। जिन कर्मचारियों का कॉस्ट-टू-कंपनी (CTC) मॉडल तय है, उनकी वेतन पर्ची में कटौती की संरचना बदल जाएगी।जिन कर्मचारियों का मूल वेतन ₹15,000 से अधिक (जैसे ₹25,000 या उससे ज्यादा) है, लेकिन उनकी कंपनी केवल ₹15,000 की न्यूनतम सीलिंग पर ही पीएफ काटती थी, उनकी जेब से अब पीएफ मद में हर महीने ₹1,200 अतिरिक्त कटेंगे। इसके साथ ही, नियोक्ता का ₹1,200 अतिरिक्त अंशदान भी सीटीसी का हिस्सा होने की स्थिति में ग्रॉस पे से समायोजित हो सकता है। इसका परिणाम यह होगा कि कर्मचारी की मासिक इन-हैंड सैलरी में लगभग ₹1,200 से ₹2,400 की तात्कालिक कमी दर्ज हो सकती है। हालांकि, यह कटौती कोई नुकसान नहीं है, बल्कि यह पैसा सरकार द्वारा गारंटीकृत 8.25% ब्याज दर के साथ भविष्य निधि खाते में सुरक्षित जमा होकर कंपाउंड होगा।ईपीएस पेंशन में 66.6% की सीधी छलांग: रिटायरमेंट पर सुरक्षित मासिक आयइस फैसले का सबसे क्रांतिकारी और दूरगामी असर कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन पर दिखाई देगा। ईपीएस पेंशन का निर्धारण पेंशन योग्य वेतन और कुल सेवा वर्षों के आधार पर तय फॉर्मूले से होता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन} imes ext{सेवा वर्ष}}{70}$$अब तक इस फॉर्मूले में अधिकतम पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 पर कैप था, जिसके कारण 35 साल की अधिकतम सेवा पूरी करने के बाद भी किसी कर्मचारी को ₹7,500 से अधिक मासिक पेंशन नहीं मिल पाती थी।अब आधार वेतन ₹25,000 होते ही पेंशन योग्य वेतन का दायरा 66.67% बढ़ जाएगा। इसका सीधा परिणाम यह होगा कि 35 साल की पूरी नौकरी करने वाले कर्मचारियों की अधिकतम मासिक पेंशन ₹7,500 से बढ़कर सीधे ₹12,500 प्रति माह हो जाएगी। 20 से 30 साल की सेवा पूरी करने वाले लाखों कर्मचारियों को भी उनकी सेवा अवधि के अनुपात में ₹3,000 से ₹4,500 तक की अतिरिक्त गारंटीकृत मासिक पेंशन का लाभ जीवनभर मिलेगा।नए कर्मचारियों और कंपनियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव?इस सीमा संशोधन से उद्योगों और कर्मचारियों दोनों के लिए नियम बदल जाएंगे:नए कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कवरेज: अब जिस भी संस्थान में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां ₹25,000 तक के मूल वेतन वाले हर नए कर्मचारी को ईपीएफओ का सदस्य बनाना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।ईडीएलआई (EDLI) जीवन बीमा में इजाफा: ईपीएफ के साथ मिलने वाली एम्प्लॉईज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम के तहत मिलने वाला अधिकतम जीवन बीमा कवर भी वेतन सीमा के आधार पर तय होता है। वेतन सीमा बढ़ने से किसी अप्रिय घटना की स्थिति में कर्मचारी के आश्रितों को मिलने वाली बीमा सुरक्षा राशि में भी इजाफा होगा।कंपनियों की देनदारी बढ़ेगी: छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) पर अपने कर्मचारियों के वैधानिक पीएफ अंशदान के मद में वित्तीय भार बढ़ेगा, क्योंकि नियोक्ता को हर पात्र कर्मचारी पर ₹1,200 अतिरिक्त मासिक अंशदान का वहन करना पड़ सकता है।ईपीएफओ वेतन सीमा को ₹25,000 किए जाने का यह कदम अल्पकालिक रूप से हाथ में आने वाली नकदी को थोड़ा कम जरूर कर सकता है, लेकिन दीर्घकालिक नजरिए से यह भारतीय कार्यबल के रिटायरमेंट फंड, पेंशन सुरक्षा और सामाजिक संबल को अभूतपूर्व मजबूती देने वाला साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:33 pm

Shivraj Singh Chouhan ने किया Bihar Flood प्रभावित क्षेत्रों का दौरा, हर संभव केंद्रीय मदद का भरोसा दिया

केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि हाल के वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ से प्रभावित बिहार के लोगों के साथ केंद्र सरकार मजबूती से खड़ी है और राज्य को हर संभव सहायता दी जाएगी। चौहान ने यह बात बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों के दौरे के दौरान कही। केंद्र सरकार उनके आकलन के आधार पर राज्य को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता की मात्रा तय करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “आज बिहार में बाढ़ से हुई तबाही के बीच मैंने जमीनी स्थिति का आकलन किया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। राज्य सरकार पूरी तत्परता के साथ राहत कार्यों में जुटी हुई है।”उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ वैशाली, मुंगेर और भागलपुर जिलों के प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “केंद्र सरकार के दल भी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। संकट की इस घड़ी में हम बिहार के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।”चौहान और मुख्यमंत्री ने पटना जिले के मनेर तथा सारण जिले के दिघवारा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री के साथ वैशाली जिले के तेरसिया और सरायपुर गांवों में नाव और ट्रैक्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा प्रभावित लोगों और किसानों से बातचीत कर फसल क्षति का जायजा लिया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, नेपाल और बिहार में हुई भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि से राज्य के 15 जिलों के लगभग 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। तेरसिया और सरायपुर गांवों के दौरे के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा, “यह अब तक की सबसे भीषण बाढ़ है। मुझे बताया गया है कि इस बार पानी का स्तर 2016 की बाढ़ की तुलना में लगभग एक फुट अधिक है। मैंने किसानों को हुए नुकसान को भी देखा है।”उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर मैं जमीनी स्थिति और नुकसान का आकलन करने आया हूं। राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता दे रही है।”चौहान ने कहा कि एक अन्य केंद्रीय टीम भी बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने बिहार आएगी और केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “बिहार सरकार ने हाल ही में प्रभावित परिवारों को राहत के रूप में 7,000 रुपये प्रति परिवार दिए हैं। स्थिति से निपटने में राज्य सरकार का कार्य संतोषजनक है।”बाद में चौहान और मुख्यमंत्री ने पटना में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के बाद चौहान ने कहा, “बिहार में 15 स्थानों पर तटबंध टूटने का खतरा था। कई इलाके अब भी जलमग्न हैं, इसलिए नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो सका है। बिहार बाढ़ और सूखे, दोनों चुनौतियों से जूझ रहा है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर बाढ़ की स्थायी समस्या का समाधान खोज रही हैं।”इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने चौहान के दौरे को लेकर केंद्र सरकार की “देर से प्रतिक्रिया” की आलोचना की। उन्होंने कहा, “आप बहुत देर से पहुंचे। बिहार की पीड़ा उनकी प्राथमिकता नहीं है। चार्टर्ड विमान से आने के बजाय वह धन बाढ़ पीड़ितों पर खर्च होता तो बेहतर होता।”वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र पर निशाना साधते हुए चौहान के दौरे को “फोटो शूट” करार दिया और आरोप लगाया कि बिहार के लिए कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं किया गया। तेजस्वी ने कहा, “केंद्र को कम से कम 5,000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्रीय टीम का दौरा केवल फोटो शूट बनकर रह गया।”उन्होंने बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की और दावा किया कि प्रभावित परिवारों को 7,000 रुपये की राहत उनकी ओर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखे जाने के बाद दी गई।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 11:33 pm

EPS Pension Calculator: Rs25,000 सैलरी लिमिट लागू होते ही 66.6% बढ़ेगी पेंशन, 10 से 35 साल की नौकरी का पूरा गणित

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले संगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएस-95 (Employees' Pension Scheme) की वेतन सीमा (Wage Ceiling) में संशोधन लंबे समय से प्रतीक्षित विषय है। वर्तमान में पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा ₹15,000 प्रति माह तय है, जिसे बढ़ाकर ₹25,000 करने की सिफारिशें और प्रस्ताव विचारधीन हैं।यदि सरकार इस वैधानिक सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करती है, तो पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary) का आधार सीधे 66.67% बढ़ जाएगा। इसका सीधा और अनुपातिक लाभ कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन पर दिखाई देगा। आइए समझते हैं कि ईपीएस पेंशन की गणना कैसे होती है और 10 से लेकर 35 साल तक की नौकरी पूरी करने वालों की जेब पर इसका क्या वास्तविक असर पड़ेगा।ईपीएस पेंशन का आधिकारिक फॉर्मूला और 66.6% का गणितकर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन का निर्धारण ईपीएफओ द्वारा निर्धारित एक निश्चित फॉर्मूले से होता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा (Pensionable Service)}}{70}$$इस फॉर्मूले में दो मुख्य चर (Variables) होते हैं:पेंशन योग्य वेतन: सेवा छोड़ने से पहले पिछले 60 महीनों का औसत मूल वेतन (वर्तमान में अधिकतम ₹15,000 पर सीमित)।पेंशन योग्य सेवा: कुल नौकरी के वर्ष। यदि कर्मचारी 20 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी करता है, तो उसे 2 अतिरिक्त वर्षों का बोनस (Bonus Years) दिया जाता है।जब पेंशन योग्य वेतन की कैपिंग ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000 होगी, तो फॉर्मूले में आधार राशि ₹15,000 की जगह ₹25,000 दर्ज होगी।$$frac{25,000 - 15,000}{15,000} imes 100 = 66.67\%$$यानी बिना किसी अन्य बदलाव के भी प्रत्येक कर्मचारी की पेंशन में ठीक 66.67% का सीधा इजाफा दर्ज होगा।10 से 35 साल की सेवा पर पेंशन का सटीक हिसाब: तुलनात्मक चार्टविभिन्न सेवा अवधियों के आधार पर ₹15,000 की वर्तमान सीमा और ₹25,000 की प्रस्तावित सीमा के तहत मासिक पेंशन का तुलनात्मक ब्यौरा:नौकरी की कुल अवधि (वर्ष)प्रभावी सेवा वर्ष (2 वर्ष बोनस सहित)वर्तमान पेंशन (₹15,000 सीमा पर)प्रस्तावित पेंशन (₹25,000 सीमा पर)मासिक शुद्ध फायदा (₹)10 वर्ष10 वर्ष₹2,143₹3,571+₹1,42815 वर्ष15 वर्ष₹3,214₹5,357+₹2,14320 वर्ष22 वर्ष (20+2)₹4,714₹7,857+₹3,14325 वर्ष27 वर्ष (25+2)₹5,786₹9,643+₹3,85730 वर्ष32 वर्ष (30+2)₹6,857₹11,429+₹4,57235 वर्ष (अधिकतम)35 वर्ष (कैप)₹7,500₹12,500+₹5,000नोट: ईपीएस नियमों के अनुसार अधिकतम पेंशन योग्य सेवा 35 वर्ष ही मानी जाती है, इसलिए 35 वर्ष की सेवा पर अधिकतम पेंशन ₹7,500 से बढ़कर ₹12,500 हो जाएगी।पीएफ और पेंशन खाते में अंशदान का ढांचा कैसे बदलेगा?कर्मचारी भविष्य निधि में कर्मचारी का पूरा 12% अंशदान सीधे ईपीएफ (EPF) खाते में जाता है। नियोक्ता (कंपनी) के 12% अंशदान का विभाजन इस प्रकार होता है:8.33% हिस्सा: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में3.67% हिस्सा: ईपीएफ खाते मेंवर्तमान में ₹15,000 की सीलिंग पर नियोक्ता का अधिकतम ₹1,250 प्रति माह (₹15,000 का 8.33%) ईपीएस में जमा होता है। यदि यह सीमा ₹25,000 होती है:ईपीएस में जाने वाला मासिक अंशदान बढ़कर ₹2,083 (₹25,000 का 8.33%) हो जाएगा।यानी नियोक्ता के कुल अंशदान में से पेंशन फंड में हर महीने ₹833 अधिक जमा होंगे, जिससे पेंशन कॉर्पस को मजबूती मिलेगी।कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को क्या रखना होगा ध्यान?भूतलक्षी या भावी प्रभाव: वेज सीलिंग बढ़ने का नियम आमतौर पर अधिसूचना जारी होने की तिथि से आगे के लिए लागू होता है। पूर्व में रिटायर हो चुके कर्मचारियों पर इसका कितना लाभ लागू होगा, यह अंतिम सरकारी गजट नोटिफिकेशन की शर्तों पर निर्भर करेगा।ईपीएफ फंड पर असर: ईपीएस में अंशदान बढ़ने से ईपीएफ खाते में जाने वाला नियोक्ता का हिस्सा आंशिक रूप से घटता है, लेकिन इसके बदले में जीवनभर के लिए एक गारंटीकृत और सुरक्षित मासिक पेंशन की प्राप्ति होती है।उच्च पेंशन का विकल्प: यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के उच्च पेंशन (Higher Pension on Actual Salary) के फैसले के अतिरिक्त उन सभी सामान्य कर्मचारियों के लिए होगा जिनका मूल वेतन ₹15,000 से अधिक है लेकिन वे मानक ईपीएफ सीलिंग पर ही अंशदान देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:32 pm

UPI पर नए चार्ज का डर? सरकारी आंकड़ों ने साफ की तस्वीर: 96% मर्चेंट पेमेंट रहेंगे फ्री, आम यूजर की जेब पर 0% असर

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा मर्चेंट ट्रांजैक्शन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क अधिसूचित किए जाने के बाद से आम उपभोक्ताओं के बीच यह भ्रम फैल गया है कि क्या अब रोजमर्रा के यूपीआई लेन-देन पर पैसे कटेंगे। सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच सरकार और एनपीसीआई द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों ने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है।सच्चाई यह है कि आम उपभोक्ता (कंज्यूमर) के लिए यूपीआई का इस्तेमाल पहले की तरह ही पूरी तरह नि:शुल्क बना रहेगा। नए नियमों का असर केवल चुनिंदा बड़े व्यापारिक भुगतानों पर मर्चेंट के स्तर पर पड़ेगा। आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि देश के 96% से अधिक मर्चेंट लेन-देन इस नए चार्ज के दायरे से पूरी तरह बाहर हैं।सरकारी आंकड़े साफ कर रहे हैं तस्वीर: किस पर क्या है नियम?वित्त मंत्रालय के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार, यूपीआई नेटवर्क पर होने वाले सभी लेन-देन को स्पष्ट श्रेणियों में बांटा गया है ताकि छोटे दुकानदारों और आम जनता पर कोई वित्तीय बोझ न आए:लेन-देन का प्रकारनया नियमउपभोक्ता पर चार्जमर्चेंट पर शुल्कP2P (व्यक्ति से व्यक्ति ट्रांसफर)पूरी तरह फ्री (कोई सीमा नहीं)₹0 (शून्य)लागू नहींP2M (दुकानदार को भुगतान ≤ ₹2,000)जीरो एमडीआर (Zero MDR)₹0 (शून्य)₹0 (शून्य)P2PM (छोटे खुदरा विक्रेता)प्रति माह ₹1 लाख तक की प्राप्ति पर पूर्ण छूट₹0 (शून्य)₹0 (शून्य)बड़े मर्चेंट (भुगतान > ₹2,000)0.4% एमडीआर (अधिकतम कैप ₹300)₹0 (शून्य)0.4% (मर्चेंट वहन करेगा)रेलवे, फ्यूल, टेलीकॉम व इंश्योरेंस₹2,000 से अधिक पर फ्लैट शुल्क₹0 (शून्य)फ्लैट ₹5 प्रति लेन-देनकैपिटल मार्केट (म्यूचुअल फंड/स्टॉक)निवेश ट्रांसफर₹0 (शून्य)0.02% (अधिकतम ₹300)70% वैल्यू और 96% मर्चेंट ट्रांजैक्शन दायरे से बाहर क्यों हैं?एनपीसीआई के डेटा के मुताबिक, कुल यूपीआई लेन-देन मूल्य (Value) का लगभग 70% हिस्सा व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांसफर का होता है। जब आप अपने किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या परिचित को पैसे भेजते हैं, तो चाहे रकम ₹500 हो या ₹50,000, उस पर शून्य शुल्क का नियम लागू रहता है।वहीं अगर व्यक्ति-से-मर्चेंट (P2M) भुगतानों की बात करें, तो रोजमर्रा के 95% से अधिक लेन-देन (सब्जी, दूध, चाय, नाश्ता, किराना आदि) ₹2,000 से कम के होते हैं। साथ ही, 'P2PM' कैटेगरी के तहत पंजीकृत छोटे स्ट्रीट वेंडर्स और पड़ोस की दुकानों को महीने के ₹1 लाख तक के कुल कलेक्शन पर पहले से ही जीरो-एमडीआर की सुरक्षा प्राप्त है। इसका सीधा अर्थ यह है कि कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन में से मात्र 4% बड़े ट्रांजैक्शन ही इस 0.4% शुल्क के दायरे में आएंगे।आप पर चार्ज लगने की कितनी आशंका है?आम ग्राहक के नजरिए से देखा जाए तो किसी भी प्रकार का अतिरिक्त चार्ज लगने की आशंका शून्य है।ग्राहक से वसूली पर रोक: नियमों के अनुसार बैंक और पेमेंट गेटवे मर्चेंट को यह शुल्क ग्राहक पर पास करने की अनुमति नहीं देते।कोई मासिक कोटा नहीं: आम उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई के मुफ्त उपयोग की कोई मासिक सीमा (Quota), वॉल्यूम कैप या टियर सिस्टम लागू नहीं है।दैनिक लिमिट से चार्ज का संबंध नहीं: सुरक्षा कारणों से बैंकों द्वारा तय की गई ₹1 लाख से ₹5 लाख की दैनिक लिमिट केवल सुरक्षा उपाय है, उस सीमा तक पहुंचने पर भी कोई चार्ज नहीं काटा जाता।यह नया ढांचा बड़े कॉरपोरेट मर्चेंट्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लागू होता है ताकि यूपीआई के सर्वर, साइबर सुरक्षा और वित्तीय बुनियादी ढांचे को बनाए रखने के लिए बैंकों और तकनीकी कंपनियों को जरूरी राजस्व मिल सके। आम नागरिक बिना किसी डर या अतिरिक्त शुल्क की चिंता के पूर्ववत यूपीआई का उपयोग जारी रख सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:28 pm

सिर्फ ₹3,000 की मंथली SIP से तैयार होगा ₹57 लाख का फंड: 10, 15, 20 और 25 साल में कंपाउंडिंग का पूरा गणित

अक्सर लोग यह मान बैठते हैं कि शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से बड़ा फंड बनाने के लिए लाखों रुपये की एकमुश्त पूंजी चाहिए। हकीकत यह है कि लंबी अवधि में निवेश की रकम से कहीं ज्यादा मायने निवेश की निरंतरता और समय सीमा रखती है। हर महीने अनुशासित रूप से बचाए गए महज ₹3,000 (यानी लगभग ₹100 प्रतिदिन) लंबी अवधि में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) के प्रभाव से कई गुना बढ़ सकते हैं।म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) छोटे निवेशकों को वित्तीय अनुशासन के साथ बाजार की अस्थिरता का लाभ उठाने का मौका देता है। यदि कोई निवेशक इक्विटी म्यूचुअल फंड में ऐतिहासिक रूप से मिलने वाले औसत 12% वार्षिक रिटर्न की उम्मीद के साथ नियमित निवेश जारी रखता है, तो 10 से 25 वर्षों के भीतर एक मजबूत कॉर्पस तैयार हो सकता है।कंपाउंडिंग का गणित: 10, 15, 20 और 25 साल का सटीक ब्यौरा12% के संभावित औसत वार्षिक रिटर्न के आधार पर ₹3,000 मासिक निवेश की विभिन्न समय अवधियों में प्रगति इस प्रकार बैठती है:समयावधि (वर्ष)कुल निवेशित राशि (₹)अनुमानित वेल्थ गेन (₹)कुल संभावित मैच्योरिटी फंड (₹)10 वर्ष₹3,60,000₹3,37,000₹6.97 लाख15 वर्ष₹5,40,000₹9,74,000₹15.14 लाख20 वर्ष₹7,20,000₹22,78,000₹29.98 लाख25 वर्ष₹9,00,000₹47,93,000₹56.93 लाखइस तालिका से स्पष्ट है कि शुरुआती 10 वर्षों में कुल जमा पूंजी लगभग दोगुनी होती है, लेकिन 25वें वर्ष तक पहुंचते-पहुंचते कुल निवेश का लगभग 6 गुना रिटर्न मिलता है।10 से 15 साल का सफर: कंपाउंडिंग की नींव तैयार होनापहले 10 वर्षों में निवेशक की कुल जेब से ₹3,60,000 जाते हैं, और उस पर लगभग ₹3.37 लाख का लाभ मिलकर कुल फंड ₹6.97 लाख बनता है। इस चरण में निवेशित मूलधन और रिटर्न लगभग बराबर अनुपात में रहते हैं।जैसे ही अवधि 15 साल (180 महीने) तक खिंचती है, कुल निवेश ₹5,40,000 होता है, जबकि फंड सीधे ₹15.14 लाख पर पहुंच जाता है। यहां से रिटर्न की रफ्तार मूलधन को पीछे छोड़ना शुरू कर देती है। यह अवधि बच्चों की उच्च शिक्षा या किसी मध्यम अवधि के वित्तीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए उपयुक्त मानी जाती है।20 और 25 साल का करिश्मा: जब पैसा तेजी से पैसा बनाता हैअसली वेल्थ क्रिएशन 15 साल के बाद शुरू होता है। 20 वर्षों में कुल जमा पूंजी ₹7,20,000 होती है, लेकिन फंड बढ़कर लगभग ₹30 लाख (₹29.98 लाख) हो जाता है।25 वर्षों में कुल निवेश सिर्फ ₹9 लाख होता है, जबकि संभावित मैच्योरिटी कॉर्पस ₹56.93 लाख (करीब ₹57 लाख) पर पहुंच जाता है। इस ₹57 लाख के फंड में निवेशक की जेब से गया पैसा मात्र ₹9 लाख है, जबकि ₹47.93 लाख केवल कंपाउंडिंग और बाजार के रिटर्न का हिस्सा है। इसे अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा 'दुनिया का आठवां अजूबा' कहे जाने वाले कंपाउंडिंग की वास्तविक शक्ति माना जाता है।स्टेप-अप SIP से और भी तेज हो सकती है ग्रोथयदि कोई निवेशक हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ अपनी एसआईपी में 10% का वार्षिक इजाफा (Step-up SIP) करता है:पहले साल ₹3,000 प्रति माहदूसरे साल ₹3,300 प्रति माहतीसरे साल ₹3,630 प्रति माहइस साधारण से 10% स्टेप-अप के जरिए 25 वर्षों में यही फंड ₹1 करोड़ से भी अधिक के आंकड़े को पार कर सकता है। छोटी बचत को नियमित रूप से बढ़ाना महंगाई को मात देने का सबसे असरदार तरीका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:25 pm

सैलरी आते ही खाली हो जाता है बैंक अकाउंट? ये 5 फाइनेंशियल हैबिट्स बदल देंगी आपकी बचत का गणित

हर महीने की पहली या अंतिम तारीख को जब फोन पर सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है, तो मन में जो सुकून होता है, वह अक्सर महीने के पहले या दूसरे हफ्ते तक गायब हो जाता है। ईएमआई, क्रेडिट कार्ड के भारी बिल, ऑनलाइन शॉपिंग, वीकेंड पार्टियां और गैर-जरूरी खर्च मिलकर सैलरी को इस कदर सोख लेते हैं कि 15 तारीख आते-आते बैंक बैलेंस शून्य के करीब पहुंच जाता है। इस वित्तीय खिंचाव का सीधा असर मानसिक शांति, भविष्य की सुरक्षा और जरूरी लक्ष्यों पर पड़ता है।सैलरी खत्म होने की यह समस्या आमतौर पर कम आय की वजह से नहीं, बल्कि वित्तीय अनुशासन और नकदी प्रवाह (Cash Flow) की खराब समझ के कारण होती है। अगर आप भी हर महीने पे-चेक टू पे-चेक (Paycheck to Paycheck) की स्थिति में जी रहे हैं, तो 5 बुनियादी और व्यावहारिक वित्तीय आदतें आपकी पूरी मनी मैनेजमेंट प्रक्रिया को पटरी पर ला सकती हैं।1. 50-30-20 का बजटिंग नियम: कमाई को तीन स्पष्ट हिस्सों में बांटेंवित्तीय योजना का सबसे पहला और सुनहरा नियम है कि आपके हाथ में आने वाली हर सैलरी का एक पूर्व-निर्धारित गंतव्य होना चाहिए। बिना किसी योजना के खर्च करना पैसे खोने का सबसे बड़ा कारण है। इसके लिए दुनिया भर में स्वीकृत 50-30-20 के बजटिंग फॉर्मूले को अपनाएं:50% जरूरतें (Needs): यह हिस्सा अनिवार्य खर्चों के लिए होना चाहिए, जैसे घर का किराया, राशन, बिजली-पानी का बिल, बच्चों की स्कूल फीस और न्यूनतम ऋण किस्तें।30% इच्छाएं (Wants): यह पैसा आपकी जीवनशैली के लिए है, जैसे बाहर खाना, फिल्में, नए कपड़े, सब्सक्रिप्शन प्लान या वीकेंड आउटिंग। इस सीमा से आगे एक रुपया भी खर्च न करें।20% बचत और निवेश (Savings & Investments): यह पैसा भविष्य के लिए है, जिसे सैलरी आते ही सबसे पहले अलग करना अनिवार्य है।जब आप अपनी सैलरी को इन तीन दायरों में बांध देते हैं, तो आपको महीने के अंत में यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि आखिर पैसा गया कहां।2. 'पे योरसेल्फ फर्स्ट' और ऑटोमेटेड सेविंग्स: पहले बचत, फिर खर्चज्यादातर वेतनभोगी लोगों की सबसे बड़ी गलती यह होती है कि वे पहले पूरे महीने मनमर्जी से खर्च करते हैं और सोचते हैं कि जो पैसा बच जाएगा, उसे महीने के अंत में सेविंग अकाउंट में रख लेंगे। हकीकत यह है कि मानव स्वभाव के अनुसार जब तक खाते में पैसा दिखता है, वह किसी न किसी बहाने खर्च हो जाता है।इस आदत को उलट दें और 'पे योरसेल्फ फर्स्ट' (Pay Yourself First) का सिद्धांत लागू करें। जैसे ही सैलरी आपके खाते में क्रेडिट हो, अपनी आय का कम से कम 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा तुरंत म्यूचुअल फंड की एसआईपी (SIP), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), या आरडी (Recurring Deposit) में ऑटो-डेबिट के जरिए ट्रांसफर करवा लें। जब यह रकम सैलरी क्रेडिट होने की तारीख के 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे निवेश खाते में कट जाएगी, तो आपके पास खर्च करने के लिए केवल वही रकम बचेगी जो वास्तविक रूप से खर्च की जानी चाहिए।3. 24 से 48 घंटे का कूलिंग-ऑफ नियम: आवेगपूर्ण खरीदारी पर ब्रेकई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स, 10 मिनट में डिलीवरी देने वाले क्विक-कॉमर्स ऐप्स और सोशल मीडिया विज्ञापनों ने लोगों के भीतर 'इम्पल्स बाइंग' यानी बिना सोचे-समझे खरीदारी करने की लत लगा दी है। सेल, डिस्काउंट कूपन या 'लिमिटेड टाइम ऑफर' देखकर गैर-जरूरी सामान ऑर्डर कर देना बजट को पूरी तरह बर्बाद कर देता है।इस आदत को तोड़ने के लिए '24 से 48 घंटे का कूलिंग-ऑफ नियम' अपनाएं। जब भी आपका मन कोई ऐसा सामान खरीदने का करे जो आपकी बुनियादी जरूरत नहीं है, तो उसे तुरंत 'Buy Now' करने के बजाय कार्ट या विशलिस्ट में डाल दें और खुद को दो दिन का समय दें। 48 घंटे बीतने के बाद लगभग 80 प्रतिशत मामलों में यह अहसास होता है कि वह सामान आपके लिए जरूरी ही नहीं था। यह छोटा-सा ठहराव हर महीने हजारों रुपये की बर्बादी रोक सकता है।4. क्रेडिट कार्ड और 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) का संतुलित इस्तेमालक्रेडिट कार्ड और बीएनपीएल सेवाएं वित्तीय अनुशासनहीनता के लिए सबसे बड़ा जाल साबित हो सकती हैं। यह तकनीक आपको उस पैसे को खर्च करने की सुविधा देती है जो वास्तव में अभी आपका है ही नहीं। लोग भविष्य की सैलरी को गिरवी रखकर वर्तमान में महंगे गैजेट्स और कपड़े खरीद लेते हैं, जिसका असर अगले महीने के पूरे बजट पर पड़ता है।क्रेडिट कार्ड को कभी भी 'मुफ्त पैसा' न समझें; इसे केवल डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल करें, यानी उतना ही स्वाइप करें जितना पैसा आपके बैंक खाते में बैकअप के रूप में मौजूद हो।हर महीने क्रेडिट कार्ड के बिल का 'Minimum Due' भरने के जाल में कभी न फंसें। मिनिमम ड्यू भरने पर बकाया राशि पर 36 से 45 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज लगता है।हमेशा तय तारीख से पहले पूरे बिल (Total Amount Due) का भुगतान करें ताकि सिबिल स्कोर (CIBIL Score) मजबूत रहे और बेवजह का वित्तीय बोझ न बढ़े।5. एक मजबूत इमरजेंसी फंड बनाएं और दैनिक खर्चों को ट्रैक करेंबिना इमरजेंसी फंड के किसी भी वित्तीय योजना की नींव कमजोर होती है। कई बार महीने के बीच में गाड़ी खराब होना, अचानक कोई बीमारी या घर का कोई जरूरी काम सामने आ जाता है। यदि आपके पास आपातकालीन फंड नहीं है, तो आप अपनी नियमित सैलरी या बचत से पैसा निकालते हैं, जिससे पूरे महीने का संतुलन बिगड़ जाता है।कम से कम 3 से 6 महीने के अनिवार्य जीवन-यापन खर्च के बराबर एक इमरजेंसी फंड लिक्विड म्यूचुअल फंड या अलग सेविंग्स अकाउंट में रखें।इसके साथ ही, अपने दैनिक खर्चों को एक बजटिंग ऐप या साधारण डायरी में लिखने की आदत डालें। जब आप चाय, स्नैक्स, कैब और ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन जैसी छोटी-छोटी मदों को ट्रैक करते हैं, तो आपको समझ आता है कि 'माइक्रो-लीकेज' आपकी सैलरी को कैसे खाली कर रही थी।इन पांच व्यावहारिक वित्तीय आदतों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर आप न केवल महीने के अंत में पैसे की तंगी से बच सकते हैं, बल्कि एक मजबूत और सुरक्षित वित्तीय भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:24 pm

Gorakhpur में अंतर-राज्यीय अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, Goldy Brar गैंग से जुड़े व्यक्ति समेत 5 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में हथियार आपूर्ति करने वाले एक अंतर-राज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गोरखपुर में गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से कथित तौर पर जुड़े एक व्यक्ति समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के पास से 32 बोर की चार पिस्तौल, एक रिवॉल्वर, मैगजीन और पांच कारतूस बरामद किये हैं। यश ने कहा, ‘‘पकड़े गये आरोपी एक संगठित गिरोह के लिये काम करते हुए मध्य प्रदेश और हरियाणा से अवैध रूप से हथियार खरीदकर पूर्वांचल के जिलों में उनकी आपूर्ति करते थे। उन्होंने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया मंचों के जरिए 100-150 पिस्तौल बेची थीं।’’उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों में श्रेयंश यादव उर्फ बबलू का कथित तौर पर संबंध गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा गिरोह से है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गिरोह द्वारा दिये गये हथियारों का इस्तेमाल कथित तौर पर महाराष्ट्र में आपराधिक गतिविधियों में भी किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से अवैध रूप से हथियार लाता था और उन्हें गोरखपुर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में बेचता था। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 14 सितंबर की रात को छावनी इलाके में विंध्यवासिनी पार्क के गेट के पास पांच आरोपियों बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौर, अभिषेक प्रजापति और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक पकडे गये तस्करों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वे मध्य प्रदेश और हरियाणा में कम कीमत पर पिस्तौल खरीदते थे और उन्हें इस इलाके में ऊंची कीमतों पर बेचते थे। इस मामले में एसटीएफ की शिकायत पर छावनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 11:23 pm

यूपी में मकान-दुकान किराये पर लेना हुआ आसान: 10 साल के रेंट एग्रीमेंट पर स्टांप शुल्क में भारी छूट, सर्किल रेट का झंझट खत्म

उत्तर प्रदेश में आवासीय मकान, फ्लैट और व्यावसायिक दुकानें किराये पर लेने और देने की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और किफायती बनाने के लिए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक सुधार लागू किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कैबिनेट द्वारा स्वीकृत नए नियमों के तहत 10 साल तक की अवधि के पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट (Lease Deed) पर लगने वाले स्टांप शुल्क में जबरदस्त कटौती की गई है। इसके साथ ही, किरायेनामे के पंजीकरण के दौरान सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी तय करने की जटिल व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।इस नीतिगत बदलाव का सीधा उद्देश्य प्रदेश में किरायेदारी विवादों को न्यूनतम करना, संपत्तियों के अनौपचारिक लेन-देन को औपचारिक पंजीकृत अनुबंधों के तहत लाना और किरायेदारों व संपत्ति मालिकों दोनों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करना है। अब तक भारी भरकम स्टांप शुल्क और सर्किल रेट के पचड़े की वजह से अधिकांश लोग केवल 11 महीने का नोटरी वाला अनुबंध बनाकर काम चलाते थे, जिसकी अदालतों में कोई खास कानूनी मान्यता नहीं होती थी। नए नियमों से अब लंबी अवधि के समझौते कराना बेहद सस्ता और सुविधाजनक हो जाएगा।सर्किल रेट की बाध्यता खत्म: अब वास्तविक किराये पर लगेगा मामूली शुल्कपहले लागू नियमों के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति 1 वर्ष या उससे अधिक समय के लिए लीज डीड या रेंट एग्रीमेंट रजिस्टर कराता था, तो स्टांप ड्यूटी की गणना संबंधित क्षेत्र के संपत्ति सर्किल रेट या वार्षिक किराये के एक बड़े प्रतिशत के आधार पर की जाती थी। व्यावसायिक संपत्तियों और दुकानों के मामले में यह शुल्क कई गुना बढ़ जाता था, जिससे व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को पंजीकरण के नाम पर मोटी रकम चुकानी पड़ती थी।सरकार ने इस जटिल प्रक्रिया को समाप्त करते हुए सर्किल रेट का झंझट पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब स्टांप शुल्क की गणना संपत्ति के सर्किल रेट पर न होकर केवल दोनों पक्षों के बीच तय हुए वास्तविक मासिक व वार्षिक किराये (Actual Rent) और सुरक्षा राशि (Security Deposit) के आधार पर की जाएगी। इससे न केवल स्टांप ड्यूटी का खर्च कई गुना घट गया है, बल्कि निबंधन कार्यालयों (Sub-Registrar Offices) में मूल्यांकन को लेकर होने वाले विवाद और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।10 साल तक के एग्रीमेंट का नया ढांचा: स्लैब के अनुसार तय हुआ नाममात्र का शुल्कनए स्टांप नियमों को आवासीय और गैर-आवासीय (व्यावसायिक) श्रेणियों में बांटकर बेहद व्यावहारिक बनाया गया है। 10 साल तक की अवधि के समझौतों को लंबी अवधि की सुरक्षा देने के लिए न्यूनतम दरों पर सीमित किया गया है।आवासीय संपत्ति (मकान/फ्लैट): 1 वर्ष से 5 वर्ष तक की अवधि के लिए तय वार्षिक किराये और प्रीमियम का केवल एक निश्चित न्यूनतम प्रतिशत (लगभग 2%) स्टांप शुल्क के रूप में लिया जाएगा। 5 वर्ष से 10 वर्ष तक की अवधि के लिए भी यह दर बेहद मामूली रखी गई है, जिससे किरायेदार लंबे समय तक बिना मकान खाली होने के डर से शांति से रह सकें।गैर-आवासीय/व्यावसायिक संपत्ति (दुकान/कार्यालय): छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए 10 वर्ष तक के वाणिज्यिक लीज एग्रीमेंट पर लगने वाले शुल्क को युक्तिसंगत बनाया गया है। अब दुकानें किराये पर लेने वाले व्यापारियों को भारी वित्तीय भार नहीं उठाना पड़ेगा और वे अपने व्यापारिक पते पर दीर्घकालिक लीज डीड आसानी से बनवा सकेंगे।11 महीने के नोटरी एग्रीमेंट के चलन पर लगेगा ब्रेक, बढ़ेगी कानूनी सुरक्षाभारत में अधिकांश राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी मकान मालिक और किरायेदार स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस से बचने के लिए केवल 100 या 500 रुपये के स्टांप पेपर पर 11 महीने का नोटरी अनुबंध निष्पादित करते रहे हैं। भारतीय पंजीकरण अधिनियम (Registration Act) के तहत 11 महीने तक के अनुबंध का निबंधन अनिवार्य नहीं होता, लेकिन कानूनी विवाद, बेदखली (Eviction) या किराये के भुगतान में चूक की स्थिति में नोटरी डीड अदालत में कमजोर साक्ष्य साबित होती है।उत्तर प्रदेश नगरीय परिसर किरायेदारी विनियमन अधिनियम (UP Tenancy Act) के तहत अब सभी किरायेदारी समझौतों को पंजीकृत कराना अनिवार्य और कानूनी रूप से सुरक्षित बना दिया गया है। जब स्टांप शुल्क की दरें नाममात्र की होंगी, तो मकान मालिक और किरायेदार दोनों ही अधिकृत सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर 3 से 10 साल तक का एग्रीमेंट दर्ज कराने के लिए प्रेरित होंगे। इससे अनुबंध को मजबूत विधिक मान्यता मिलेगी और किराया न्यायाधिकरण (Rent Tribunal) के माध्यम से किसी भी विवाद का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर हो सकेगा।व्यापार, निवेश और शहरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा जबरदस्त प्रोत्साहनइस सुधार का व्यापक आर्थिक असर राज्य के रियल एस्टेट, खुदरा व्यापार और रोजगार सृजन पर पड़ेगा।व्यापारियों को स्थिरता: खुदरा दुकानदार अक्सर लाखों रुपये खर्च करके दुकान का इंटीरियर तैयार करते हैं, लेकिन 11 महीने के एग्रीमेंट के कारण उन पर हमेशा दुकान खाली कराए जाने की तलवार लटकी रहती है। 5 से 10 साल का पंजीकृत एग्रीमेंट सस्ता होने से व्यापारी बेफिक्र होकर अपने कारोबार में पूंजी लगा सकेंगे।मकान मालिकों को सुरक्षा: कई बार किरायेदार मकान पर अनधिकृत कब्जा जमा लेते हैं या किराया देने से मना कर देते हैं। पंजीकृत एग्रीमेंट होने पर कानूनन पुलिस और रेंट अथॉरिटी के जरिए समय पर संपत्ति खाली कराई जा सकती है।ई-स्टांपिंग और डिजिटल रजिस्ट्री: निबंधन विभाग इस प्रक्रिया को डिजिटल पोर्टल से जोड़ रहा है, जिससे नागरिक घर बैठे ऑनलाइन ई-स्टांप खरीदकर और स्लॉट बुक करके न्यूनतम समय में अपना रेंट एग्रीमेंट पंजीकृत करा सकेंगे।उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला आम नागरिकों की जेब पर बोझ कम करने के साथ-साथ प्रदेश के 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'ईज ऑफ लिविंग' सूचकांक को नई ऊंचाई देने वाला साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:22 pm

गैंगस्टर काला जठेड़ी को मिली पैरोल, बेटियों के अनुष्ठान में होगा शामिल

दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 20 सितंबर को 7 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है. वह सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पुलिस सुरक्षा में हरियाणा के सोनीपत स्थित अपने गांव जठेड़ी जाएगा.

आज तक 16 Sep 2026 11:21 pm

UPI MDR से हुई कमाई पर किसका हक: हर 1 रुपये में किसे मिलेगा कितना हिस्सा, जानिए 40-28-12-8 फॉर्मूले का पूरा गणित

भारत में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए रोजाना करोड़ों वित्तीय लेन-देन होते हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए बैंक-टू-बैंक यूपीआई ट्रांसफर पूरी तरह नि:शुल्क रहता है, लेकिन बड़े मर्चेंट लेन-देन या प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI/वॉलेट्स) तथा क्रेडिट कार्ड ऑन यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का नियम लागू होता है। जब किसी व्यापारी या सेवा प्रदाता से एमडीआर के रूप में शुल्क लिया जाता है, तो सवाल उठता है कि इस कमाई का पैसा किसकी जेब में जाता है।डिजिटल भुगतान के इस विशाल तंत्र में कोई एक संस्था पूरे राजस्व की हकदार नहीं होती। इसके पीछे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), पैसा काटने वाला बैंक (Issuer Bank), पैसा जमा करने वाला बैंक (Acquirer Bank) और थर्ड-पार्टी पेमेंट ऐप्स (TPAP) मिलकर काम करते हैं। इन सभी साझेदारों के बुनियादी ढांचे और परिचालन खर्च को पूरा करने के लिए राजस्व का एक तय अनुपात निर्धारित किया गया है, जिसे उद्योग जगत में '40-28-12-8 फॉर्मूले' के रूप में समझा जाता है।40-28-12-8 का फॉर्मूला: हर 1 रुपये की कमाई का पाई-पाई हिसाबजब भी किसी योग्य यूपीआई ट्रांजैक्शन पर एमडीआर वसूला जाता है, तो एकत्र किए गए प्रत्येक 1 रुपये (या कुल रेवेन्यू पूल) का बंटवारा पूर्व-निर्धारित प्रतिशत के आधार पर होता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि ट्रांजैक्शन में शामिल हर तकनीकी और वित्तीय कड़ी को उसका उचित हिस्सा मिले।इस राजस्व बंटवारे के तहत विभिन्न पक्षों की हिस्सेदारी का प्रत्यक्ष ब्यौरा इस प्रकार है:40% (इशूअर बैंक - 40 पैसे): ग्राहक का बैंक, जहां से पैसा कटता है। सुरक्षा जोखिम, कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) के रखरखाव और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी इसी बैंक की होती है।28% (एक्वायरर बैंक - 28 पैसे): दुकानदार या मर्चेंट का बैंक, जो मर्चेंट खाता संभालता है और रकम का क्रेडिट सुनिश्चित करता है।12% (थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन प्रोवाइडर्स - 12 पैसे): Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे ऐप, जो यूजर और मर्चेंट को आसान इंटरफेस और सॉफ्टवेयर सुविधा देते हैं।8% (एनपीसीआई नेटवर्क - 8 पैसे): केंद्रीय स्विचिंग नेटवर्क और यूपीआई आर्किटेक्चर संचालित करने वाली संस्था का हिस्सा।शेष 12% (ऑपरेशनल व मर्चेंट पार्टनर पूल - 12 पैसे): पॉइंट ऑफ सेल (POS) वेंडर्स, साउंडबॉक्स सर्विसिंग और फील्ड सपोर्ट ऑपरेशंस का हिस्सा।रेवेन्यू मॉडल में प्रत्येक भागीदार की तकनीकी भूमिकाइस राजस्व आवंटन के पीछे केवल वित्तीय लाभ नहीं, बल्कि भारी तकनीकी और परिचालन लागत की भरपाई का सिद्धांत काम करता है।इशूअर बैंक (40% हिस्सा क्यों?): ग्राहक के बैंक को सबसे बड़ा हिस्सा इसलिए दिया जाता है क्योंकि उसे सबसे भारी सर्वर ट्रैफिक, 256-बिट सुरक्षा एन्क्रिप्शन, फ्रॉड डिटेक्शन और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (UPI PIN) को संभालना होता है। सर्वर डाउनटाइम का सीधा जोखिम इसी बैंक के सिर होता है।एक्वायरर बैंक (28% हिस्सा क्यों?): मर्चेंट का बैंक जोखिम प्रबंधन (KYC, एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) और मर्चेंट सेटलमेंट का काम करता है। इसके अलावा चार्जबैक और रिफंड जैसी स्थितियों को निपटाने का वित्तीय दायित्व भी इसी बैंक का होता है।पेमेंट ऐप्स / TPAP (12% हिस्सा क्यों?): तकनीक और यूजर इंटरफेस विकसित करने वाले ऐप्स को यूजर बेस बनाए रखने, सर्वर एपीआई को जोड़े रखने और ऐप स्तर पर सुरक्षा ऑडिट पूरा करने के लिए यह हिस्सा मिलता है।एनपीसीआई (8% हिस्सा क्यों?): नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया पूरे देश के यूपीआई स्विच को 24x7 चलाता है। इंटर-बैंक नेट सेटलमेंट और नए फीचर्स (जैसे UPI Lite, UPI AutoPay) का अनुसंधान इसी कोष से पोषित होता है।आम उपभोक्ता और सामान्य दुकानदार पर क्या पड़ता है असर?इस राजस्व बंटवारे को लेकर आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों के मन में अक्सर यह आशंका रहती है कि क्या उनके सामान्य लेन-देन पर भी यह शुल्क कटेगा।आरबीआई और एनपीसीआई के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार:सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) बैंक खाता ट्रांसफर पर शून्य शुल्क (Zero MDR) लागू रहता है।छोटे खुदरा व्यापारियों (किराना, फल-सब्जी विक्रेता आदि) के सामान्य क्यूआर कोड पर बैंक ट्रांसफर पर कोई एमडीआर नहीं काटा जाता।यह शुल्क मुख्य रूप से 2,000 रुपये से अधिक के वॉलेट/पीपीआई (Prepaid Payment Instruments) आधारित मर्चेंट ट्रांजैक्शन या रूपे क्रेडिट कार्ड (RuPay Credit Card on UPI) के बड़े व्यावसायिक भुगतानों पर ही लागू होता है, जिसका वहन बड़े मर्चेंट करते हैं।इस पारदर्शी राजस्व ढांचे से जहां डिजिटल भुगतान कंपनियों की वित्तीय स्थिरता बनी रहती है, वहीं भारत का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर बिना किसी रुकावट के लगातार विस्तार कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:20 pm

UPI से QR स्कैन करते ही पलक झपकते पेमेंट सफल, पर्दे के पीछे ऐसे घूमता है आपका पैसा: जानिए 3 सेकंड का पूरा तकनीकी खेल

दुकान पर सामान खरीदा, फोन निकाला, क्यूआर कोड स्कैन किया, 4 या 6 अंकों का यूपीआई पिन डाला और स्क्रीन पर हरा टिक लगकर आवाज आई—'पेमेंट सक्सेसफुल'। इस पूरी प्रक्रिया में महज दो से तीन सेकंड का वक्त लगता है। उपभोक्ता के लिए यह एक आसान और जादुई अनुभव जैसा है, लेकिन इस सीधे दिखने वाले इंटरफेस के पर्दे के पीछे एक बेहद जटिल, सुरक्षित और बहुस्तरीय वित्तीय नेटवर्क काम करता है।जब आप अपना पिन सबमिट करते हैं, तो आपका पैसा हवा में उड़कर सीधे सामने वाले के फोन में नहीं पहुंचता। बल्कि इस दौरान आपका अनुरोध देश के सबसे सुरक्षित बैंकिंग नेटवर्क, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के स्विच, रिज़र्व बैंक के सेटलमेंट नियमों और दोनों संबंधित बैंकों के कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) से होकर गुजरता है। आइए समझते हैं कि बैकएंड में डेटा और पैसे का यह सफर किन-किन पड़ावों से होकर तय होता है।1. क्यूआर कोड स्कैनिंग और डेटा डिकोडिंग: पहचान का पहला चरणजब आप Google Pay, PhonePe, Paytm या किसी भी अन्य UPI ऐप से किसी दुकान का क्यूआर (QR) कोड स्कैन करते हैं, तो कैमरा केवल काले-सफेद बिंदुओं की तस्वीर नहीं लेता, बल्कि उसमें छुपी विशिष्ट 'स्ट्रिंग' को पढ़ता है।हर यूपीआई क्यूआर कोड में मर्चेंट की वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA/UPI ID), मर्चेंट का नाम, मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) और बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड एन्क्रिप्टेड रूप में दर्ज होता है। जैसे ही यह कोड डिकोड होता है, आपका ऐप तुरंत समझ जाता है कि भुगतान किस व्यक्ति या कारोबारी को जाना है। जब आप राशि दर्ज करके 'Pay' पर क्लिक करते हैं, तब लेनदेन का वास्तविक चक्र शुरू होता है।2. यूपीआई पिन का सुरक्षित प्रमाणीकरण: NPCI की सीक्रेट तिजोरीUPI पिन दर्ज करते समय आपकी स्क्रीन पर जो कीपैड खुलता है, वह आपके पेमेंट ऐप (जैसे PhonePe या GPay) का नहीं होता, बल्कि NPCI के सुरक्षित सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट किट (Common Library - CL) का होता है। इसका मतलब है कि आपका यूपीआई पिन न तो आपका ऐप देख सकता है और न ही उसे अपने सर्वर पर सेव कर सकता है।जैसे ही आप पिन दर्ज करते हैं:पिन को एक मजबूत 256-बिट एन्क्रिप्शन में बदला जाता है।यह एन्क्रिप्टेड डेटा तुरंत एनपीसीआई (NPCI) के केंद्रीय सर्वर तक भेजा जाता है।एनपीसीआई इसे आपके बैंक (Remitter Bank) के पास प्रमाणीकरण के लिए भेजता है।आपका बैंक पुष्टि करता है कि पिन सही है और खाते में पर्याप्त शेष राशि (Balance) मौजूद है।3. पैसे की निकासी (Debit Leg): कोर बैंकिंग सर्वर पर एक्शनपिन सत्यापित होते ही आपके बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) सक्रिय हो जाता है।आपके खाते से तत्काल लेन-देन की राशि 'डेबिट' (काट) ली जाती है।आपके बैंक का सर्वर एनपीसीआई को एक डिजिटल कन्फर्मेशन भेजता है कि 'पैसा कट चुका है'।इस चरण को तकनीकी भाषा में 'डेबिट लेग' (Debit Leg) कहा जाता है।यदि इस दौरान आपके बैंक का सर्वर डाउन हो या इंटरनेट कनेक्शन टूट जाए, तो अक्सर पैसा कट जाता है लेकिन आगे नहीं बढ़ता, जिसे बाद में ऑटो-रिवर्सल प्रक्रिया के तहत वापस खाते में भेजा जाता है।4. एनपीसीआई का केंद्रीय स्विच: ट्रैफिक पुलिस की भूमिकाएनपीसीआई का सेंट्रल यूपीआई स्विच इस पूरे तंत्र का दिल और दिमाग है। जैसे ही इसे आपके बैंक से 'डेबिट सफल' का सिग्नल मिलता है, यह तुरंत उस बैंक (Beneficiary Bank) से संपर्क साधता है जहां दुकानदार का खाता मौजूद है।एनपीसीआई दोनों बैंकों के बीच एक सुरक्षित पुल (Gateway) का काम करता है। यह रियल-टाइम में दुकानदार के बैंक को निर्देश देता है कि संबंधित खाताधारक के खाते में उतनी ही राशि 'क्रेडिट' कर दी जाए।5. दुकानदार के खाते में जमा (Credit Leg) और कंफर्मेशनदुकानदार का बैंक एनपीसीआई का सिग्नल मिलते ही उस राशि को तुरंत मर्चेंट के खाते में जोड़ देता है।क्रेडिट होते ही दुकानदार का बैंक एनपीसीआई को 'सक्सेस' का मैसेज भेजता है।एनपीसीआई यह फाइनल स्टेटस आपके और दुकानदार के ऐप को फॉरवर्ड करता है।आपके फोन पर 'Tick' का निशान आ जाता है और दुकानदार के साउंडबॉक्स से 'भुगतान प्राप्त हुआ' की आवाज गूंज उठती है।यह पूरी 5-चरणीय प्रक्रिया प्रकाश की गति से चलने वाले डेटा पैकेट्स के जरिए 2 से 3 सेकंड में पूरी हो जाती है।क्या सच में पैसा तुरंत बैंक बदलता है? जानिए सेटलमेंट का असली खेलयहां एक बेहद दिलचस्प तकनीकी तथ्य है जिसे अधिकांश लोग नहीं जानते। जिस क्षण आपके फोन पर पेमेंट सफल दिखता है, उस क्षण वास्तव में पैसा आपके बैंक से निकलकर भौतिक रूप से दुकानदार के बैंक में ट्रांसफर नहीं हुआ होता।ग्राहकों के स्तर पर इसे केवल 'डिजिटल लेजर एंट्री' के रूप में तुरंत दिखा दिया जाता है। बैंकों के बीच वास्तविक धन का निपटान (Interbank Settlement) दिन में तय समय पर बैचों में होता है, जिसे रिजर्व बैंक और एनपीसीआई के क्लियरिंग हाउस द्वारा मैनेज किया जाता है।दिनभर में लाखों लेन-देन का हिसाब जोड़ने के बाद एनपीसीआई यह गणना करता है कि किस बैंक को किस बैंक को कितना कुल पैसा देना है (Net Settlement)। इसके बाद आरबीआई के माध्यम से बैंकों के केंद्रीय खातों में फंड ट्रांसफर किया जाता है। आम उपभोक्ता को तत्काल भुगतान का अनुभव देने के लिए यह दोहरी प्रणाली बनाई गई है, जो भारत के यूपीआई को दुनिया का सबसे उन्नत और सुरक्षित रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बनाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:19 pm

भारी डीजल वाहनों पर सरकार की सख्ती: 3500 किलो से ऊपर की गाड़ियों में RECD लगाना होगा अनिवार्य, MoRTH ने जारी किया नया ड्राफ्ट नियम

देश के प्रमुख शहरों और राजमार्गों पर बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार ने भारी डीजल वाहनों को लेकर कड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक नया मसौदा (ड्राफ्ट नियम) जारी किया है, जिसके तहत 3,500 किलोग्राम (3.5 टन) से अधिक सकल वाहन भार (Gross Vehicle Weight) वाले भारी डीजल वाहनों में रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) लगाना अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह कदम पुराने और भारी वाणिज्यिक वाहनों से निकलने वाले जहरीले धुएं, विशेष रूप से पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) को सीधे साइलेंसर और एग्जॉस्ट स्तर पर ही रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।प्रस्तावित नियमों के लागू होने के बाद ट्रकों, बसों और भारी मालवाहक वाहनों के मालिकों को अपने वाहनों में यह प्रदूषण नियंत्रण किट लगवानी होगी। सरकार का मानना है कि केवल नई गाड़ियों के मानकों में सुधार करने से प्रदूषण पूरी तरह नहीं रुकेगा, बल्कि सड़कों पर पहले से दौड़ रहे लाखों भारी डीजल वाहनों के उत्सर्जन को कम करना भी बेहद जरूरी है।किन-किन गाड़ियों पर लागू होगा यह नियम: M और N कैटेगरी के वाहन दायरे मेंसड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम मुख्य रूप से कंप्रेशन इग्निशन (Compression Ignition) यानी डीजल इंजन से चलने वाले M और N कैटेगरी के मोटर वाहनों पर लागू होगा। ऑटोमोटिव मानकों के मुताबिक M कैटेगरी में यात्रियों को ले जाने वाली बसें और भारी वैन आती हैं, जबकि N कैटेगरी में माल ढुलाई के काम में लगे मीडियम और हेवी कमर्शियल ट्रक, ट्रेलर और डंपर शामिल होते हैं।प्रस्ताव के अनुसार, जिस भी डीजल वाहन का ग्रॉस व्हीकल वेट 3,500 किलोग्राम से अधिक होगा, उसमें तय मानकों के अनुरूप RECD डिवाइस को रेट्रोफिट यानी बाद में फिट कराना आवश्यक होगा। इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में डीजल जनरेटर (DG Sets) के लिए आरईसीडी अनिवार्य किया जा चुका था, लेकिन अब इसे सीधे भारी व्यावसायिक वाहनों की पूरी श्रेणी पर लागू करने की रूपरेखा तैयार की गई है।केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में संशोधन: जुड़ेगा नया नियम 115-DAसरकार ने इस व्यवस्था को कानूनी दर्जा देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 (CMVR) में संशोधन का खाका खींचा है। ड्राफ्ट के तहत नियमों में एक नया नियम '115-DA' जोड़ा जाएगा। इस नियम के तहत भारी डीजल वाहनों में उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण लगाने की वैधानिक बाध्यता तय की जाएगी और इसके बिना वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट या पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) रिन्यू कराने में बाधा आ सकती है।ड्राफ्ट में स्पष्ट किया गया है कि वाहनों में लगाए जाने वाले RECD उपकरण भारतीय ऑटोमोटिव मानक AIS-228 के अनुरूप प्रमाणित होने चाहिए। ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) या इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) जैसी मान्यता प्राप्त एजेंसियों द्वारा स्वीकृत डिवाइस ही गाड़ियों में मान्य होंगे। साथ ही, AIS-228 मानक में भविष्य में होने वाले तकनीकी बदलाव और संशोधन भी इन रेट्रोफिट उपकरणों पर स्वत: लागू होंगे।क्या है RECD तकनीक और कैसे रोकेगी जहरीला धुआं?रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (RECD) एक आधुनिक आफ्टर-ट्रीटमेंट मैकेनिकल व केमिकल फिल्टर सिस्टम होता है, जिसे वाहन के एग्जॉस्ट पाइप (साइलेंसर) में स्थापित किया जाता है। जब इंजन से डीजल जलने के बाद धुआं बाहर निकलता है, तो यह उपकरण उस जहरीले धुएं को वायुमंडल में फैलने से पहले ही शुद्ध कर देता है।इस तकनीक में डीजल ऑक्सीडेशन कैटलिस्ट (DOC) और डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर (DPF) जैसे फिल्टर लगे होते हैं। यह उपकरण डीजल धुएं में मौजूद हानिकारक पार्टिकुलेट मैटर (काजल और कालिख) को 70 से 90 प्रतिशत तक सोख लेता है। इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोकार्बन (HC) जैसी जहरीली गैसों को कम हानिकारक तत्वों में बदलकर बाहर निकालता है। इससे इंजन की मूल संरचना या ईंधन खपत पर कोई खास असर डाले बिना उत्सर्जन को बीएस-6 मानकों के करीब लाया जा सकता है।ट्रांसपोर्टर्स की चिंताएं और 30 दिनों में मांगे गए सुझावइस नियम के प्रस्ताव से पर्यावरण विशेषज्ञों ने राहत की सांस ली है, लेकिन कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में चिंता भी बढ़ गई है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि भारी ट्रकों और बसों में इस तरह के प्रमाणित उपकरण लगाने पर प्रति वाहन अतिरिक्त वित्तीय लागत आएगी। इसके अलावा पुराने वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ेगा।मंत्रालय ने साफ किया है कि यह अभी केवल ड्राफ्ट नोटिफिकेशन (प्रस्ताव) है और इसे अंतिम रूप देने से पहले सभी हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। सरकार ने गजट में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर आम जनता, ट्रांसपोर्ट यूनियनों, वाहन निर्माताओं और विशेषज्ञों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। 30 दिनों की अवधि पूरी होने और प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद ही अंतिम नियम को देश भर में लागू करने की तारीख तय की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 11:17 pm

अदालतों को उत्तर कुंजी को सही मानना चाहिए, दखल तभी दें जब गलती साफ और स्पष्ट हो; सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्तर कुंजी पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि अदालतें केवल स्पष्ट और प्रत्यक्ष गलती होने पर ही हस्तक्षेप कर सकती हैं।

जागरण 16 Sep 2026 11:08 pm

EPFO में बड़ा बदलाव: वेतन सीमा अब ₹25000, 51 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को बड़ी सौगात देते हुए ईपीएफओ के तहत वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह कर दी है।

जागरण 16 Sep 2026 11:05 pm

इस मंदिर में जाने वाले भक्तों को मिलेगा बीमा कवर, जानें कैसे मिलेगा ₹2 लाख

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् (टीटीडी) एलआईसी के साथ मिलकर हर श्रद्धालु को बीमा कवर देगा। मंदिर दर्शन के दौरान मौत होने पर परिवार को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Sep 2026 11:04 pm

घर पर आसानी से खुद साफ करें गंदा AC, बच जाएंगे हजारों रुपये

How to Clean AC at home: अगर आपके घर के एसी में भी बहुत धूल और गंदगी जम गई है तो हर बार आपको सर्विसिंग के लिए मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर पर एसी साफ करने का तरीका बता रहे हैं.

आज तक 16 Sep 2026 11:04 pm

'कानूनी आधार नहीं', चीन-PAK के 'बाउंड्री जॉइंट कमीशन' को भारत ने किया खारिज

भारत ने पाकिस्तान और चीन के बीच पाकिस्तान-चीन बाउंड्री जॉइंट कमीशन को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं और पाकिस्तान के पास इन क्षेत्रों पर किसी भी समझौते का अधिकार नहीं है.

आज तक 16 Sep 2026 11:03 pm

Delhi Police ने Kirti Nagar में 40 लाख की चोरी के आरोप में नौकर विशाल कुमार को पकड़ा

पश्चिम दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके में अपने नियोक्ता के घर से करीब 40 लाख रुपये मूल्य के और सोने के आभूषण और नकदी चोरी करने के आरोप में 23 वर्षीय घरेलू सहायक को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी विशाल कुमार को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 40 लाख रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया जिसमें 6.38 लाख रुपये नकद और 50-60 ग्राम वजन के सोने के आभूषण, एक पिस्तौल और 25 कारतूस शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से जब्त किए गए सामान में एक लाल रंग की मोटरसाइकिल भी शामिल है, जिसे उसने चोरी के पैसों का इस्तेमाल कर खरीदा था। अधिकारी ने बताया कि 11 सितंबर को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता अंकुर भसीन और उनका परिवार एक समारोह से घर लौटे तो उन्होंने पाया कि उनका घरेलू सहायक कुमार गायब था। पुलिस ने बताया कि एक अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। उसके अंदर रखी छोटी तिजोरी में से करीब 10 लाख रुपये नकद और सोने के आभूषण गायब मिले। अधिकारी के मुताबिक जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कुमार को लाजपत नगर की एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए काम पर रखा गया था। जांच एजेंसी ने उसके प्लेसमेंट के समय जमा किए गए दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराए। इनमें नोएडा के पते वाला आधार कार्ड भी शामिल था, जिसे पुलिस ने फर्जी पाया। पुलिस ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुमार के बुलंदशहर में होने का पता लगाया, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उसे अलीगढ़ में होने का पता चला, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुमार ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और पुलिस को चोरी का सामान बरामद करने में मदद की।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 11:03 pm

'आशंकाएं सिर्फ अटकलों पर आधारित', सुप्रीम कोर्ट का जांच समिति में फेरबदल से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संसद मार्च के दौरान पुलिस ज्यादती की जांच के लिए गठित समिति में फेरबदल से इनकार किया है।

जागरण 16 Sep 2026 10:59 pm

चार बेटों के बीच मां-बाप का 'बंटवारा', बुजुर्ग को निर्देश- पत्नी को ₹5000 भी देना

बुलंदशहर के सिकंदराबाद में चार बेटों के कारण 75 वर्षीय पति और 70 वर्षीय पत्नी अलग-अलग रहने लगे. दो बेटे मां के साथ हैं तो दो पिता के साथ. पत्नी की तबीयत खराब हुई और इलाज व गुजारे के लिए पैसे की जरूरत पड़ी तो उसने पति से मदद मांगी. महिला सेल की काउंसलिंग के बाद पति ₹5000 मासिक गुजारा भत्ता देने को तैयार हुआ.

आज तक 16 Sep 2026 10:58 pm

PM मोदी के दोस्त की भावुक चिट्ठी, जन्मदिन पर बोले...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से पहले उनके बचपन के दोस्त शामळदास मोदी की चिट्ठी सामने आई है. वडनगर के दिनों को याद करते हुए उन्होंने नरेंद्र मोदी को ‘श्रीकृष्ण’ और खुद को ‘सुदामा’ बताया. पत्र में दोस्ती, मोदी के सार्वजनिक जीवन और वडनगर के विकास का भी जिक्र है.

आज तक 16 Sep 2026 10:53 pm

PM तारिक रहमान ब्रिक्स समिट में नहीं गए, तो भारत ने बिजली रोकी; BNP लीडर का दावा

बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी के नेता ने दावा किया है कि पीएम तारिक रहमान के ब्रिक्स समिट में जाने से इनकार करने पर भारत सरकार ने बिजली बंद कर दी थी। बता दें, झारखंड के गोड्डा में अडानी थर्मल प्लांट में खराबी आने की वजह से 10 से 13 सितंबर तक सप्लाई बंद रही थी।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Sep 2026 10:52 pm

नकली दवाओं पर लगाम लगाने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका, राष्ट्रीय ढांचे की मांग

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें नकली और मिलावटी दवाओं के उत्पादन व बिक्री पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय ढांचे की मांग की गई है।

जागरण 16 Sep 2026 10:51 pm

AQIS मॉड्यूल पर UP ATS की बड़ी कार्रवाई, कोयंबटूर से मकसूद अली गिरफ्तार

प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन AQIS की विचारधारा से जुड़े कथित मॉड्यूल के खिलाफ UP ATS ने कार्रवाई करते हुए मकसूद अली को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है. ATS के मुताबिक पूर्व में गिरफ्तार मोहम्मद नबील से पूछताछ और विवेचना में मिले तथ्यों के आधार पर यह गिरफ्तारी हुई. एजेंसी अब नेटवर्क, गतिविधियों और कथित साजिश से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.

आज तक 16 Sep 2026 10:48 pm

UPI पर MDR चार्ज लगने से क्या फिर लौटेगा कैश? देखें खबरदार

UPI से जब 2 हजार रुपये से ऊपर के पेमेंट पर शून्य दश्मलव 4 फीसदी की फीस लगेगी. तो इसका क्या असर होगा. क्या लोग कैश की तरफ फिर से लौटेंगे भारत की डिजिटल क्रांति क्या इससे प्रभावित होगी या फिर ये सारी चिंताएं फिजूल साबित होंगी. चावल भी अब महंगा हो गया है त्योहार से पहले इसके दाम में इजाफे की वजह पर बात करेंगे. देखें...

आज तक 16 Sep 2026 10:47 pm

नेपाल फ्लड: चिलीमे प्रोजेक्ट की सुरंग से मिले 5 शव

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चिलीमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे छह कर्मचारियों की तलाश के दौरान पांच शव बरामद हुए हैं.

आज तक 16 Sep 2026 10:47 pm

IPS नागेंद्र नाथ त्रिपाठी की बंगाल में वापसी! CM शुभेंदु अधिकारी और TMC नेता ममता बनर्जी से क्या कनेक्‍शन?

IPS नागेंद्र नाथ त्रिपाठी की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें पश्चिम बंगाल कैडर वापस भेजा गया है. साल 2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबले के दौरान अपनी सख्त कार्यशैली से चर्चा में आए एनएन त्रिपाठी का पूरा मामला विस्तार से जानें.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 10:46 pm

UPI के नए चार्ज का पूरा गणित, PhonePe के CEO बोले...

UPI MDR को लेकर PhonePe CEO समीर निगम ने Aaj Tak से बातचीत में कई सवालों के जवाब दिए. जानें ₹1 लाख की मासिक सीमा, ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर MDR, ग्राहकों पर असर और अलग-अलग मर्चेंट श्रेणियों के लिए प्रस्तावित शुल्क की पूरी जानकारी. वीडियो में जानें डिटेल्स.

आज तक 16 Sep 2026 10:44 pm

कोरियोग्राफर की आंखों के सामने पत्नी को कुचला, 96 घंटे बाद दबोचा गया आरोपी

अहमदाबाद के शीलज में तेज रफ्तार पल्सर की टक्कर से महिला की मौत के मामले में बोपल पुलिस ने आरोपी को 96 घंटे बाद राजस्थान से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद आरोपी बाइक मौके पर छोड़कर अस्पताल पहुंचा, फिर दोस्त के घर और वहां से डूंगरपुर भाग गया. CCTV, बाइक और आरोपी के काम से जुड़े लोगों की जानकारी ने पुलिस को उस तक पहुंचाया.

आज तक 16 Sep 2026 10:38 pm

PM मोदी के जन्मदिन पर मेगा बाइक यात्रा, 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर वाराणसी से एक माह के सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत होगी. 17 सितंबर को 250 बाइक्स पर 500 बाइकर्स काशी से वडनगर तक यात्रा निकालेंगे. ललिता घाट से गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक होगा. योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे.

आज तक 16 Sep 2026 10:37 pm

गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, तालाब में डूबने से 6 छात्रों की मौत

तेलंगाना के संगारेड्डी में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. पेड्डा कांजेरला गांव के नेरेडु चेरुवु तालाब में डूबने से छह छात्रों की मौत हो गई. हादसा बुधवार शाम करीब 7 बजे हुआ.

आज तक 16 Sep 2026 10:35 pm

MCD में रिश्वत का खेल! ऑफिस समेत 3 गिरफ्तार, 25 लाख कैश बरामद

CBI ने दिल्ली में रिश्वत के मामले में MCD के वरिष्ठ सचिवालय सहायक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि टेंडर अवधि खत्म होने के बाद भी होर्डिंग और LED डिस्प्ले लगाने की अनुमति देने और तय संख्या से ज्यादा होर्डिंग लगाने के बदले रिश्वत ली जा रही थी. तलाशी के दौरान 25.25 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं. मामले की जांच जारी है.

आज तक 16 Sep 2026 10:34 pm

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।

ऑप इंडिया 16 Sep 2026 10:30 pm

India vs West Indies: वनडे-T20 टीम का हुआ ऐलान

वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी हुई है. टी20 टीम में वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है, जबकि हार्दिक पंड्या चयन से बाहर हैं. वीडियो में जानें स्क्वॉड क्यों खास.

आज तक 16 Sep 2026 10:27 pm

OTT पर रिलीज होने को तैयार यश की टॉक्सिक, मेकर्स खेलेंगे बड़ा दांव?

खबरों के मुताबिक, यश की फिल्म 'टॉक्सिक' थिएटर्स में रिलीज होने के कुछ हफ्तों बाद ही OTT पर रिलीज हो सकती है. फिल्म की कमाई और शोज की संख्या में भारी गिरावट के बाद इसे जल्दी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का फैसला लिया गया है.

आज तक 16 Sep 2026 10:27 pm

बाहर ताला, अंदर AC हॉल में लाखों का जुआ, SOG-2 रेड में 47 गिरफ्तार

वाराणसी में SOG-2 ने एक बड़े जुआ अड्डे का भंडाफोड़ कर 47 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मौके से करीब 10 लाख रुपये की नकदी बरामद की. बाहर से मकान पर ताला लगा था, जबकि अंदर AC हॉल में लाखों के दांव लग रहे थे. 4-5 दिन रेकी के बाद पुलिस ने छापेमारी की. कई जिलों के लोग शामिल मिले.

आज तक 16 Sep 2026 10:26 pm

PM Narendra Modi के 76वें जन्मदिन पर BJP चलाएगी सेवा संकल्प अभियान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बृहस्पतिवार को देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भाजपा के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश में रहेंगे और वाराणसी से वडनगर तक जाने वाली इसी तरह की एक बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि वाराणसी उनका लोकसभा क्षेत्र है। दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन बृहस्पतिवार को पार्टी मुख्यालय में रक्तदान शिविर का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह मध्य प्रदेश के लिए रवाना होंगे, जहां इंदौर और उज्जैन में इस अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पार्टी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मना रही है। भाजपा के एक नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। भाजपा नेता ने बताया कि शाम को देशभर में 700 से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी नेता, कार्यकर्ता और संबंधित क्षेत्रों के लोग प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएंगे। पार्टी नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर भाजपा बृहस्पतिवार से एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत देशभर में ‘सेवा दिवस’ मनाएगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष होने की गौरवपूर्ण सेवा तथा देश के प्रति समर्पण के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।’’भाजपा के अनुसार, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत जोशी और अन्य नेता बृहस्पतिवार को वडनगर में मौजूद रहेंगे, जहां अमित शाह मोदी के जन्मस्थान से वाराणसी तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे और स्वच्छता अभियान की शुरुआत करेंगे। शाह बृहस्पतिवार सुबह वडनगर में शर्मिष्ठा झील के किनारे आयोजित होने वाली ‘‘महाआरती’’ में भी शामिल होंगे। पार्टी के एक नेता ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी चिराग पासवान तथा अन्य केंद्रीय मंत्री बृहस्पतिवार सुबह उस समय मौजूद रहेंगे, जब राजनाथ सिंह वाराणसी से वडनगर तक जाने वाली बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘एक दिन की सेवा गतिविधियों के बाद शाम को देशभर में 500 से अधिक प्रमुख स्थानों पर एक साथ ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिए देश के 140 करोड़ लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के लंबे और सफल जीवन के लिए शुभकामनाएं दी जाएंगी।’’नवीन बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर उनके 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उज्जैन के रामघाट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएंगे। नवीन मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह इंदौर में ‘स्वामित्व योजना’ के तहत राज्यव्यापी ‘‘बड़े’’ जनकल्याण अभियान की शुरुआत भी करेंगे। भाजपा के अनुसार, शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष महाकालेश्वर मंदिर में ‘भस्म आरती’ में शामिल होंगे और पूजा-अर्चना करेंगे। वह राष्ट्र की शांति, समृद्धि और सर्वांगीण गौरव की कामना करेंगे।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 10:23 pm

दिशा सालियान केस में नया ट्विस्ट, जांच के बीच रहस्यमयी महिला की एंट्री; कौन है?

सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच में एक रहस्यमयी महिला का नाम सामने आया है। जांच अधिकारियों के अनुसार, 8 जून 2020 की रात दिशा सालियन को मुंबई के शताब्दी अस्पताल लाने वाले तीन लोगों में एक महिला भी थी।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Sep 2026 10:22 pm

कौन सा Home Loan होता है बेस्ट, फिक्स्ड, फ्लोटिंग या हाइब्रिड... जानें कौन सा चुनें

होम लोन के लिए बैंक फिक्सड होम लोन, फ्लोटिंग होम लोन और हाइब्रिड होम लोन का विकल्प देता है. इन तीनों होम लोन के विकल्प में ब्याज दर को लेकर शर्तें होती है.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 10:22 pm

गुरु-चंद्रमा का शुभ योग! 18 सितंबर से 4 राशि वालों की चांदी ही चांदी

18 सितंबर को चंद्रमा और बृहस्पति मिलकर एक बड़ा ही दुर्लभ योग बनाने वाले हैं. इस दिन मन के कारक चंद्रमा गुरु के स्वामित्व वाली धनु राशि में गोचर करेंगे. संयोगवश बृहस्पति भी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में बैठे हैं. यानी गुरु और चंद्रमा एक दूसरे के घर में आकर बैठ जाएंगे. यह शुभ योग चार राशियों को भाग्यशाली बना सकता है.

आज तक 16 Sep 2026 10:21 pm

इंडिया से लेकर फिलिस्तीन तक... दुनिया को बांटने वाले UK के सामने अब खुद के बंटवारे का संकट

इंडिया-पाकिस्तान और इजरायल-फिलिस्तीन के बंटवारे की एक बड़ी वजह यूके ही था. लेकिन अब खुद यूके बंटने की कगार पर है.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 10:13 pm

69000 शिक्षक भर्ती मामला: आरक्षण का लाभ लिया तो अन-रिजर्व्ड सीट पर दावा कैसा? सुप्रीम कोर्ट में सामान्य वर्ग की दलील

सुप्रीम कोर्ट में 69000 सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सामान्य वर्ग ने दलील दी कि आरक्षण का लाभ लेने के बाद आरक्षित वर्ग सामान्य श्रेणी में नहीं जा सकता।

जागरण 16 Sep 2026 10:09 pm

रात के अंधेरे में पहुंचा प्रेमी, परिजनों ने पकड़कर मंदिर में करा दी शादी

कौशाम्बी से प्रेम कहानी का अनोखा अंजाम सामने आया है. प्रेमिका से मिलने रात में पहुंचे युवक को परिजनों ने पकड़ लिया और पिटाई के बाद पुलिस को सूचना दी. युवक थाने पहुंचा तो दोनों परिवार शादी के लिए राजी हो गए. इसके बाद तिल्हापुर मोड़ स्थित मंदिर में प्रेमी जोड़े का विवाह करा दिया गया. दोनों के बीच तीन साल से संबंध बताए जा रहे हैं.

आज तक 16 Sep 2026 10:08 pm

मकान तोड़ते समय भरभराकर गिरा मलबा, 4 महिलाओं की मौत

इंदौर के सांवेर में जर्जर मकान को तोड़ने के दौरान उसका हिस्सा अचानक गिर गया. हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं. घायलों में चार को एमवाय अस्पताल और एक महिला को CHC सांवेर में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में जुटी है.

आज तक 16 Sep 2026 10:00 pm

बाजार से खराब सब्जियां ले आते हैं घर? इन 5 तरीकों से पहचानें फ्रेश

बाजार से सब्जी खरीदते समय सिर्फ रंग और आकार देखकर फैसला न करें. न्यूट्रिशनिस्ट ने बैंगन, ग्वार फली, टिंडा और शकरकंद खरीदने के आसान तरीके बताए हैं. जानिए कौन-सी ग्वार फली नरम होती है, बैंगन कैसे चुनें और शकरकंद खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

आज तक 16 Sep 2026 9:53 pm

NBFC के खाते से 12.84 करोड़ की Cyber Fraud मामले में 5 गिरफ्तार, चीनी गिरोह से जुड़े तार

दिल्ली पुलिस ने गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी के कॉर्पोरेट बैंक खाते से डिजिटल माध्यम से 12.84 करोड़ रुपये निकालने में कथित तौर पर शामिल एक साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने 317 बार में यह रकम डिजिटली स्थानांतरित की और इनमें एक बैंक का ‘रिलेशनशिप मैनेजर’ भी शामिल है। विशेष प्रकोष्ठ की आईएफएसओ इकाई में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव त्यागी ने एक बयान में बताया कि इकाई के त्वरित तकनीकी हस्तक्षेप से ठगी की रकम हासिल करने में इस्तेमाल खातों में मौजूद 1.7 करोड़ रुपये की राशि को सफलतापूर्वक फ्रीज करा दिया गया, ताकि ठगी गई रकम को सुरक्षित रखा जा सके। पुलिस ने कहा कि जांच में ऑनलाइन ‘मैसेजिंग ऐप’ पर सक्रिय चीनी समूहों के साथ गिरोह के कथित संबंधों का भी पता चला। पुलिस ने कहा कि ठगे गए पैसे का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी के प्रकार‘यूएसडीटी’ में बदला गया और विदेश स्थित ठगों को हस्तांतरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दुबई और भारत में स्थित गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। यह मामला 21 अगस्त को एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (एनबीएफसी) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी को बैंक द्वारा भेजे गए संदेश के माध्यम से अपने कॉर्पोरेट खाते से अनधिकृत तौर पर पैसे निकालने का पता लगा। शिकायत के अनुसार, कंपनी प्रबंधन से बिना किसी प्राधिकरण, निर्देश या सहमति के 34 बैंक खातों में 317 बार में लगभग 12.84 करोड़ रुपये भेजे गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुलंदशहर के अभय कुमार सोलंकी, कुरूक्षेत्र के लवली (26), जयपुर के नमन कुमार और विकास (30) और बीकानेर निवासी हरमन (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि सोलंकी के खाते में 60,000 रुपये जमा किए गए जिन्हें बाद में एटीएम के जरिए निकाल लिया गया। पुलिस के मुताबिक, लवली कुरुक्षेत्र के थानेसर में स्थित ‘प्रॉपर्टी गैलरी’ नाम के बैंक खाते का खाताधारक है। इस खाते में कथित तौर पर 80 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने बताया कि लवली ने कैथल निवासी सत्यम के बहकावे में आकर यह खाता खुलवाया था। सत्यम फिलहाल फरार है। नमन जयपुर में ‘इन्फर्मिटी सर्विसेज’ नाम से खुले एक बैंक खाते का धारक है, जिसमें 40 लाख रुपये आए थे। पुलिस ने कहा कि उसके एक अन्य बैंक खाते में भी लगभग 70 लाख रुपये आए और यह खाता देश भर में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 43 शिकायतों से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, विकास के जरिए नमन, हरमन के संपर्क में आया। हरमन ने नमन के मोबाइल में एक एपीके फाइल डाउललोड कर उसका फोन हैक किया और फिर ठगी पैसे प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए नमन के बैंक खाते का इस्तेमाल किया। पुलिस ने बताया कि नमन को दिल्ली के एक सहयोगी सौरव से भी मिलवाया गया और वह राजधानी आया, जहां वह कृष्णा नगर के एक होटल में रुका। पुलिस ने बताया कि वहां भी उसके बैंक खाते का इसी तरह के तरीके से कथित तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने कहा कि हरमन कथित तौर पर टेलीग्राम पर कई चीनी समूहों के संपर्क में रहा और उदयपुर के देवेंदर सिंह चौहान के भी संपर्क में था, जिसने कथित तौर पर ठगी के पैसे को यूएसडीटी में बदला और इसे विदेश स्थित ठगों को हस्तांतरित कर दिया। पुलिस ने आरोप लगाया कि हरमन ने कमीशन के बदले नमन का बैंक खाता प्राप्त किया और संचालित किया और चौहान से लगभग 1.5 लाख रुपये प्राप्त किए। पुलिस ने कहा कि जयपुर के एक बैंक में ‘रिलेशनशिप मैनेजर’ विकास ने कथित तौर पर नमन को विभिन्न बैंकों में खाते खोलने में मदद की और उसे हरमन से मिलवाया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन, चेक बुक और प्रॉपर्टी गैलरी की रबर स्टांप जब्त की गई हैं।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 9:53 pm

यूपी में 5 PCS अफसरों के तबादले, काशी विश्वनाथ को मिला नया CEO

उत्तर प्रदेश में PCS अफसरों से जुड़ी नई तबादला सूची जारी हुई है. सबसे बड़ा बदलाव काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रशासन में हुआ है, जहां सत्यम मिश्रा को नया CEO बनाया गया है.

आज तक 16 Sep 2026 9:46 pm

रानी मुखर्जी संग फेरे छोड़ किसके पीछे भागे थे आदित्य? हुआ खुलासा

रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा ने 2014 में इटली में बेहद गुपचुप शादी की थी. शादी में सिर्फ 13 खास मेहमान थे. जानें क्यों आदित्य चोपड़ा ड्रोन के पीछे भाग रहे थे.

आज तक 16 Sep 2026 9:46 pm

पेड़ से लटकी मिली पति की लाश, गंगा में मिला पत्नी का शव

यूपी के बिजनौर में देशराज और उनकी पत्नी सुषमा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से कई सवाल खड़े हुए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत के अलग-अलग कारण सामने आए. मामले की जांच में स्पेशल प्रशिक्षित डॉग ‘मैरी’ को भी लगाया गया है, जो घटनास्थल से सुराग तलाश रही है.

आज तक 16 Sep 2026 9:46 pm

UPSSSC Excise Constable Admit Card 2026 जारी, 20 सितंबर को होगी परीक्षा, ऐसे डाउनलोड करें हॉल टिकट

UPSSSC ने आबकारी सिपाही भर्ती 2026 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. 820 पदों पर होने वाली इस भर्ती की लिखित परीक्षा 20 सितंबर को आयोजित होगी.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 9:45 pm

पीएम मोदी के 25 साल के सेवा काल पर हर घर में जलाएं 'आशीर्वाद का दीया': बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्र सेवा की ऐतिहासिक 25 साल की यात्रा पूरी होने जा रही है. इस मौके पर उनके जन्मदिन 17 सितंबर से एक महीने तक 'सेवा संकल्प अभियान' मनाया जाएगा.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 9:43 pm

PM Narendra Modi के जन्मदिन पर Varanasi में जुटेंगे NDA के शीर्ष नेता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित बाइक रैली को हरी झंडी दिखाने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कई अन्य बड़े नेता बृहस्पतिवार को वाराणसी में इकट्ठा होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान भी मोदी के लोकसभा क्षेत्र में होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मोदी के जन्मदिन को एक महीने तक चलने वाले जन-संपर्क अभियान की शुरुआत के तौर पर मनाना चाहती है। वाराणसी में प्रस्तावित बाइक रैली इस अभियान का हिस्सा है। मोदी सात अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद संभाला। वह पहली बार 2014 में वाराणसी से लोकसभा सदस्य चुने गए थे। उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भी यह सीट बरकरार रखी। वाराणसी से वडनगर तक ‘सेवा संकल्प’ बाइक रैली को उसी समय हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा, जब गुजरात में मोदी के जन्मस्थान वडनगर से विपरीत दिशा में निकलने वाली एक और रैली शुरू होगी। दोनों रैली 17 सितंबर को मोदी के जन्मदिन के मौके पर शुरू होंगी और सात अक्टूबर को समाप्त होंगी। यह वही तारीख है, जब मोदी ने 2001 में पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुजरात में वडनगर से वाराणसी के लिए रवाना होने वाली ‘सेवा संकल्प’ बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे, जहां मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। आयोजकों के मुताबिक, दोनों बाइक रैली 10 राज्यों के 193 जिलों और लगभग 1,159 गांवों से गुजरते हुए करीब 40,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। उन्होंने कहा कि इन रैलियों में लगभग 1,000 युवाओं के हिस्सा लेने की उम्मीद है। बाइक रैली के मार्ग पर स्वच्छता, वृक्षारोपण, पानी बचाने और नशा-मुक्त, टीबी-मुक्त तथा प्लास्टिक-मुक्त भारत संबंधी अभियान चलाए जाएंगे। तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख नायडू बाइक रैली की शुरुआत से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने भी वाराणसी में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। इसके अलावा, देशभर में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के तहत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उज्जैन के राम घाट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाएंगे। भाजपा ने लोगों से अपील की है कि वे मोदी के सार्वजनिक जीवन में बिताए गए समय के प्रति आभार जताने के लिए शाम को अपने घरों में दीये जलाएं। भाजपा मोदी के जन्मदिन को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाएगी, जिसके तहत देशभर में रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। पार्टी इस अवसर पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत लोगों को कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने वाली प्रदर्शनियां, संगोष्ठियां और खास तौर पर युवाओं पर लक्षित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 9:43 pm

Manoj Jarange का ऐलान: इलाज के बाद बृहस्पतिवार को Mumbai के लिए शुरू करेंगे यात्रा

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने बुधवार शाम को कहा कि वह मुंबई के लिए अपनी यात्रा बृहस्पतिवार दोपहर को शुरू करेंगे। फिलहाल चिकित्सा उपचार के लिए बीड के पाटोदा में ठहरे जरांगे ने कहा कि यदि रास्ते में किसी ने उन्हें रोका, तो मराठा समुदाय के लोगों को महाराष्ट्र की राजधानी के लिए कूच करना चाहिए। आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का बुधवार को 19वां दिन था। वे बुधवार तड़के पाटोदा पहुंचे और यहां पर ठहरे क्योंकि गंभीर निर्जलीकरण और अन्य स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल इलाज की सलाह दी थी। शाम को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, मैं किसी की बात नहीं सुनने वाला था, लेकिन नारायणगढ़ के धर्म गुरुओं ने मुझसे दवा लेने का आग्रह किया। लेकिन मैं कल दोपहर एक बजे के बाद मुंबई के लिए रवाना हो जाऊंगा। मैं आज रात इलाज कराऊंगा और कल निकल जाऊंगा। उन्होंने कहा, मैं मराठा समुदाय के लोगों के लिए मुंबई पहुंचने को लेकर किसी तारीख की घोषणा नहीं करूंगा। सरकार की ओर से एक या दो घंटे में (प्रस्तावों का) नया मसौदा आ सकता है। इसलिए मैं अभी तारीख का ऐलान नहीं करूंगा। पात्र मराठों के लिए कुनबी जाति प्रमाण पत्र की मांग कर रहे कार्यकर्ता ने चेतावनी देते हुए कहा, देखते हैं कि मुझे मुंबई में प्रवेश करने से कौन रोकता है। यदि वे मुझे (प्रवेश की) अनुमति नहीं देते हैं, तो मैं मराठा समुदाय के लोगों को बुलाऊंगा। जरांगे ने कहा कि उन्होंने पुलिस को सूचित कर दिया है कि वे आठ से 10 वाहनों के काफिले के साथ यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल अन्य लोगों को उनके साथ नहीं आना चाहिए। जरांगे ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम की मांग करते हुए कहा, यदि मुख्यमंत्री (देवेंद्र फडणवीस) को लगता है कि मेरा स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, तो उन्हें हमारी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 9:33 pm

अरब सागर में पाकिस्तान ने कर दिया अनुच्छेद 10 का सीधा उल्लंघन, भारत ने याद दिलाया 1991 का समझौता

उत्तरी अरब सागर में पाकिस्तानी नौसेना के एक जहाज ने भारतीय नौसेना के युद्धपोत से टक्कर मार दी, जिससे भारत-पाकिस्तान संबंध और तनावपूर्ण हो गए हैं।

जागरण 16 Sep 2026 9:31 pm

अक्षय-सैफ की ‘हैवान’ के एक्टर मोहित राज का वीडियो वायरल

अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म ‘हैवान’ में छोटी भूमिका निभाने वाले मोहित राज का वीडियो वायरल हो रहा है. मोहित ने बताया कि करीब 10 साल बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला और दोस्तों से फिल्म देखने व कलाकारों को सपोर्ट करने की अपील की.

आज तक 16 Sep 2026 9:30 pm

जिम जाने वालों को ऐसे बेच रहे थे नकली सप्लीमेंट, 50 लाख का माल बरामद

जिम में तेजी से मांसपेशियां बढ़ाने की चाहत के बीच गाजियाबाद में कथित नकली बॉडी-बिल्डिंग दवाओं के नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 50 लाख रुपये की सामग्री बरामद करने का दावा किया है. Dianabol, Trenbolone, Winstrol समेत कई उत्पादों के साथ फर्जी लेबल, खाली शीशियां, कार्टन और होलोग्राम मिले हैं.

आज तक 16 Sep 2026 9:29 pm

UPI चार्ज पर सालभर में ही मोदी सरकार का यू-टर्न? सोशल मीडिया पर क्यों उबल रहे यूजर्स

सोशल मीडिया पर खुद को स्टॉक ट्रेडर बताने वाले एक यूजर ने दावा किया कि MDR से मार्केट को बड़ा झटका लगेगा। उस व्यक्ति ने लिखा कि जब भी आप अपने वॉलेट में पैसे डालेंगे, तो ब्रोकर्स को UPI पर MDR फीस देनी होगी।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Sep 2026 9:27 pm

'कल शुभकामनाओं की बाढ़ में खो जाएंगे...' पीएम मोदी के लिए शत्रुघ्न सिन्हा का अनोखा पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक दिन पहले शत्रुघ्न सिन्हा ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के साथ अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें साझा कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 9:27 pm

दिल्ली के GTB अस्पताल में बनेगा हाईटेक सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक, 250 बेड और 72 बेड का ICU

दिल्ली में दिलशाद गार्डन स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल (GTB Hospital) में 250 बेड के सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक के निर्माण को स्वीकृति दी गई है.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 9:25 pm

आयुष मलिक ने HC के सामने दिया बयान, बोले- चांदनी कुरैशी से निकाह अपनी मर्जी

शामली के आयुष मलिक धर्मांतरण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी हिरासत को अवैध मानते हुए उसे मुक्त करने का आदेश दिया. कोर्ट में पेश आयुष ने कहा कि उसने बिना दबाव अपनी इच्छा से धर्मांतरण किया और चांदनी कुरैशी से निकाह किया. बयान के बाद अदालत ने उसे अपनी मर्जी से रहने और पसंद का धर्म चुनने की स्वतंत्रता दे दी.

आज तक 16 Sep 2026 9:22 pm

इंदौर में ढही जर्जर इमारत: 4 महिलाओं की मौत से मातम; मलबे में दबकर 5 गंभीर घायल

इंदौर में जर्जर मकान गिराने के दौरान वह अचानक ढह गया. हादसे में 4 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. 4 घायलों को एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है.

NDTV इंडिया 16 Sep 2026 9:21 pm

झांसी: बुजुर्ग की मौत के मामले में 2 गिरफ्तार

झांसी के छिरौना गांव में बुजुर्ग की कुएं में मिली लाश के मामले में पुलिस ने उनकी 17 वर्षीय नातिन और पड़ोसी युवक को गिरफ्तार किया है. घर की सफाई के दौरान मिले खून लगे कपड़ों के बाद मामले में हत्या की आशंका सामने आई. पुलिस ने कथित हथियार भी बरामद किया.

आज तक 16 Sep 2026 9:18 pm

'उन्हें हर जगह दिखता है अमेरिका का भूत' UPI टैक्स वाली टिप्पणी पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का राहुल पर पलटवार

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने UPI MDR पर राहुल गांधी की आलोचना का जवाब दिया, कहा ग्राहकों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और राहुल को हर जगह अमेरिका का 'भूत' दिखता है।

जागरण 16 Sep 2026 9:13 pm

Climate Central विश्लेषण: भारत में 11.7 करोड़ लोगों ने झेली 30 दिन से अधिक खतरनाक गर्मी

जून से अगस्त के बीच जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी खतरनाक गर्मी का कम से कम 30 दिनों तक सामना करने वाले लोगों की संख्या भारत में दुनिया में सबसे अधिक रही और करीब 11.7 करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए। एक नये विश्लेषण में यह जानकारी दी गई। विश्लेषण में ‘जोखिम वाले गर्म दिनों’ को उन दिनों के रूप में माना गया है, जब तापमान उस जगह के सामान्य तापमान की तुलना में बहुत ज्यादा हो। इसके लिए 1991 से 2020 के बीच उस इलाके में दर्ज तापमानों को आधार बनाया गया है। वैज्ञानिकों और संचारकों के एक स्वतंत्र समूह ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ द्वारा बुधवार को जारी ‘रिस्की हीट ऐडेड बाय क्लाइमेट चेंज: जून टू अगस्त 2026’ नामक विश्लेषण के अनुसार, 1991-2020 के औसत की तुलना में इस वर्ष जून और अगस्त के बीच भारत सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म था। इसमें यह भी सामने आया है कि इस गर्मी के मौसम में भारत के एक आम नागरिक ने औसतन लगभग 39 ऐसे दिन बिताए, जब तापमान जलवायु परिवर्तन से काफी अधिक प्रभावित था। इसमें यह भी कहा गया है कि मुंबई में सबसे अधिक 86 ऐसे दिन रहे। विश्लेषण के अनुसार, श्रीनगर में ऐसे जोखिम भरे 53 गर्म दिन दर्ज किए गए। इसके बाद चेन्नई (40 दिन), राजकोट (29 दिन), अमृतसर (29 दिन) और लखनऊ (27 दिन) का स्थान रहा। दुनिया भर में जून और अगस्त के बीच 1.5 अरब से अधिक लोगों ने जलवायु परिवर्तन की वजह से बढ़ी हुई खतरनाक गर्मी का सामना 30 या उससे अधिक दिनों तक किया। विश्लेषण के अनुसार, खतरनाक गर्मी का सामना करने वाली सबसे अधिक आबादी एशिया में रही। इस दौरान महाद्वीप की आबादी के 58 प्रतिशत लोग कम से कम 30 दिनों तक खतरनाक गर्मी की चपेट में रहे।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 9:13 pm

अय्यर-पंत दोनों बने कप्तान! टी20 सीरीज में इन धुरंधरों को मिला मौका

वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर खेली जाने वाली सीरीजों के लिए टीम इंडिया का ऐलान आखिरकार हो गया है. वनडे सीरीज में रोहित-कोहली अपना जलवा बरकरार रखेंगे.

आज तक 16 Sep 2026 9:10 pm

UPI अभी भी Free, लेकिन इसमें एक पेच; MDR कैसे करता है काम, क्या फिर लौटेगा कैश का दौर?

वित्त मंत्रालय के अनुसार, 96% यूपीआई लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, लेकिन ₹2000 से अधिक के लेनदेन पर कारोबारियों को 0.4% एमडीआर देना होगा।

जागरण 16 Sep 2026 9:10 pm

UCC पर छिड़ा धर्मयुद्ध, कौन समर्थक- कौन विरुद्ध? देखें विशेष

यूसीसी पर धर्मयुद्ध शुरू हो गया है.. तीन दिन पहले अमित शाह ने कहा था कि वो एनडीए और बीजेपी शासित 21 राज्यों में यूसीसी लाने की तैयारी कर रहे हैं... और इन तीन दिनों में ही अच्छा खासा सियासी संग्राम खड़ा हो गया.. ओवैसी ने तो यूसीसी के खिलाफ सभाएं करनी शुरू कर दी हैं... देशभर के मुस्लिम नेता यूसीसी पर एक जुबान बोल रहे हैं... ओवैसी तो साफ कह रहे हैं कि किसी कीमत पर यूसीसी नहीं मानेंगे. देखें...

आज तक 16 Sep 2026 9:08 pm

'रहने को छत दी', गृह प्रवेश में इमोशनल हुआ एक्टर, याद आए पिता

गणेश चतुर्थी के मौके पर एक्टर ने फैन्स के साथ गुड न्यूज शेयर की है. सालों की मेहनत के बाद उन्होंने मुंबई में अपना आशियाना बना लिया है.

आज तक 16 Sep 2026 9:05 pm

UPI का नया नियम! रेहड़ी-पटरी वालों का क्या होगा?

UPI new rules 2026:15 अक्टूबर से UPI के नए नियम लागू होने जा रहे हैं. क्या अब चाय वाले, सब्जी वाले, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे दुकानदारों को UPI पर चार्ज देना पड़ेगा? इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि 1 लाख रुपये की मंथली लिमिट, ₹2,000 वाले नियम और MDR का असली मतलब क्या है.

आज तक 16 Sep 2026 9:04 pm

जयपुर नगर निगम के 4 वार्डों में 5 बूथों पर पुनर्मतदान, 70 फीसदी से अधिक मतदान

जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के तहत जयपुर नगर निगम के चार वार्डों में बुधवार को पांच मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में तकनीकी गड़बड़ी के कारण कराए गए इस पुनर्मतदान में अधिकांश बूथों पर मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। कुल मिलाकर कई बूथों पर मतदान प्रतिशत 70 फीसदी से […] The post जयपुर नगर निगम के 4 वार्डों में 5 बूथों पर पुनर्मतदान, 70 फीसदी से अधिक मतदान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Sep 2026 9:03 pm

Messi कार्यक्रम विवाद: Reporter TV के परिसरों पर Kerala SIT ने की तलाशी

केरलम पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बुधवार को राज्य में लियोनेल मेस्सी-अर्जेंटीना फुटबॉल कार्यक्रम के विफल होने से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत मलयालम समाचार चैनल ‘रिपोर्टर टीवी’ के कोच्चि स्थित कार्यालय और उसके प्रवर्तकों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पुलिस ने बताया कि कोच्चि और वायनाड में पांच स्थानों पर अदालत द्वारा जारी वारंट के आधार पर तलाशी की गई। इनमें रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (आरबीसी) का कार्यालय, कंपनी के प्रवर्तक ऑगस्टीन बंधुओं के आवास और वायनाड स्थित उनका पैतृक घर शामिल हैं। चैनल के मुताबिक, तलाशी न्यूज डेस्क पर ली गई जहां सामान्य तौर पर केवल पत्रकार और तकनीकी कर्मचारी काम करते हैं। चैनल ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन ले लिये। चैनल ने कहा कि इस कार्रवाई से उसका संचालन प्रभावित हुआ। एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) पी. विजयन ने कहा, ‘‘जब भी हम तलाशी लेते हैं तो लोगों से अपने मोबाइल फोन अलग रखने को कहते हैं। हमने एक भी मोबाइल फोन जब्त नहीं किया है। हम न्यूज डेस्क को निशाना बनाने के इरादे से परिसर में नहीं गए थे। हमारा उद्देश्य दस्तावेज जुटाना है।’’अधिकारी ने कहा कि डिजिटल लॉकर तक पहुंच से जुड़ी समस्या के कारण तलाशी की प्रक्रिया में अधिक समय लगा। उन्होंने बताया कि पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की गई। पुलिस ने बताया कि यह तलाशी पिछली वाम सरकार के दौरान मेस्सी और अर्जेंटीना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम को केरलम लाने के असफल प्रयास से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच का हिस्सा थी। खेल विभाग द्वारा इस विवाद पर सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। इससे पहले चैनल ने आरोप लगाया था कि अधिकारी आधे घंटे से अधिक समय तक कार्यालय में मौजूद रहे, लेकिन तलाशी का कारण या अन्य विवरण स्पष्ट नहीं किया। साथ ही ड्यूटी पर आए पत्रकारों के निजी इस्तेमाल वाले मोबाइल फोन भी कथित तौर पर कब्जे में ले लिए गए। चैनल ने आरोप लगाया कि तलाशी का उद्देश्य उसके प्रसारण में बाधा डालना है। केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ‘रिपोर्टर टीवी’ के कार्यालय में पुलिस की तलाशी कानूनी जांच का हिस्सा है और सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी ने प्राथमिकी दर्ज की थी और वारंट के आधार पर तलाशी की कार्रवाई की। सतीशन ने बताया कि जीएसटी विभाग ने भी इस मामले में जांच की थी और उसकी प्रारंभिक जांच में कथित जीएसटी धोखाधड़ी का पता चला था। ‘रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी’ (आरबीसी) इस प्रस्तावित कार्यक्रम की निजी वाणिज्यिक प्रायोजक थी और तत्कालीन राज्य सरकार ने उसे अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एएफए) के साथ समझौता करने के लिए अधिकृत किया था। विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि न्यूज डेस्क में आना और पत्रकारों के फोन जब्त करना मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला है। एक बयान में विजयन ने कहा कि पुलिसकर्मी तड़के ‘‘न्यूज डेस्क तक आ गए’’ और करीब डेढ़ घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने पत्रकारों की वीडियो रिकॉर्डिंग की। विजयन ने इस कार्रवाई की तुलना अन्य राज्यों और दिल्ली में मीडिया संगठनों से जुड़े मामलों से की और कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को मीडिया की स्वतंत्रता पर ‘‘हमले’’ को लेकर जवाब देना चाहिए। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम और पार्टी के विधायक दल के नेता के. राजन ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिली प्रेस की स्वतंत्रता तथा बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डाली जा सकती। उन्होंने चैनल और उसके पत्रकारों को अपना समर्थन भी दिया। विश्वम ने कहा कि मुख्यमंत्री को संविधान पढ़ना चाहिए। राजन ने कहा कि सतीशन को तुरंत हस्तक्षेप कर इस घटनाक्रम पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘ यह प्रशासनिक आतंक है। अगर कुछ नहीं किया गया तो यह एक मिसाल बन जाएगा। इस तरह किसी चैनल के प्रसारण में बाधा डालना अस्वीकार्य और अभूतपूर्व है।’’‘रिपोर्टर टीवी’ के प्रबंध निदेशक एंटो ऑगस्टीन ने कहा कि तलाशी के दौरान पुलिस ने मेस्सी कार्यक्रम को लेकर कोई सवाल नहीं किया। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि चैनल ने जांच में पूरा सहयोग किया है और वह मेस्सी कार्यक्रम से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 9:03 pm

सस्ता हुआ या महंगा... आज क्या है 20, 22, 24 कैरेट सोने का रेट?

Gold-Silver Rate Change Today: बुधवार को जैसे ही कमोडिटी मार्केट ओपन हुआ सोना-चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है. ऐसे में खरीदारी से पहले इसके बारे में जान लेना जरूरी है. MCX ही नहीं, बल्कि घरेलू मार्केट में गोल्ड-सिल्वर रेट चेंज हुआ है.

आज तक 16 Sep 2026 9:00 pm

अंतरिक्ष की सैर, बस कुछ मिनट के लिए... खर्च करने होंगे 7 करोड़

चीन में एक ट्रेवल एजेंसी अंतरिक्ष में सैर कराने का पैकेज लेकर आई है. यह पैकेज इतना महंगा है कि बस कुछ मिनटों के लिए स्पेस में रुकने के यह 7 करोड़ रुपये वसूलेगी.

आज तक 16 Sep 2026 8:54 pm

दहेज की क्रेटा लेकर इतना गुस्सा? पति ने कार में लगा दी आग, चंबा के होटल में मचा हड़कंप; VIDEO

चंबा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खज्जियार में मंगलवार देर रात एक निजी होटल की पार्किंग में खड़ी क्रेटा कार को आग लगा दी गई। कार दहेज में मिली थी। लुधियाना निवासी नवविवाहित दंपति होटल में ठहरा था, जहां कार को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ।

खबर इंडिया टीवी 16 Sep 2026 8:53 pm

Supreme Court ने दिव्यांग सैनिकों की Disability Pension पर केंद्र की 271 याचिकाएं खारिज कीं

उच्चतम न्यायालय ने सैनिकों को अत्यधिक तकनीकी कारणों से विकलांगता लाभ देने से इनकार किए जाने के संबंध में रक्षा मंत्रालय की साल 2015 की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए इस बात पर अफसोस जताया कि सरकार ने दिव्यांग सैनिकों को विकलांगता पेंशन दिए जाने के खिलाफ दायर मामलों को तुरंत वापस लेने की सिफारिश लागू नहीं की है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत में कई दिव्यांग सैनिकों को अभी भी अत्यधिक तकनीकी कारणों से विकलांगता लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि दूसरे देश इस मामले में आगे बढ़ चुके हैं। रिपोर्ट में उन मामलों को वापस लेने की सिफारिश की गई थी, जिनमें दिव्यांग सैनिकों को विकलांगता पेंशन देने के आदेश को चुनौती दी गई है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की ओर से दायर उन 271 अपील को खारिज कर दिया, जिनमें पूर्व सैनिकों को विकलांगता पेंशन देने के आदेशों को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने 15 सितंबर को सुनाए गए फैसले में रक्षा मंत्रालय की ‘सेवा और पेंशन से जुड़े मामलों की समीक्षा : संभावित विवाद, मुकदमेबाजी कम करना और शिकायतों के समाधान के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करना’ रिपोर्ट (रक्षा मंत्री रिपोर्ट) का जिक्र किया। पीठ ने कहा, “रक्षा मंत्री रिपोर्ट में दिव्यांग सैनिकों के खिलाफ लंबित इस तरह की अपील को तुरंत वापस लेने की सिफारिश की गई थी, लेकिन इस सिफारिश को ठीक से लागू नहीं किया गया है।”उसने कहा कि रक्षा मंत्रालय के इस तरह के मुकदमों को वापस लेने की समिति की सिफारिश को स्वीकार करने के बाद भी ऐसी अपील दायर की जाती रही हैं। पीठ ने इस बात को रेखांकित किया कि 2015 की रिपोर्ट में कहा गया था, “हालांकि दुनिया बहुत आगे बढ़ चुकी है... लेकिन भारत में कई दिव्यांग सैनिकों को अभी भी बहुत ही सूक्ष्म तकनीकी कारणों से दिव्यांगता से जुड़े लाभ नहीं दिए जाते हैं... यह समझना जरूरी है कि सैन्य सेवा में स्वाभाविक रूप से तनाव और दबाव होता है। सभी लोकतांत्रिक देशों में सेवा के दौरान या अधिकृत छुट्टी के समय होने वाली दिव्यांगता को सैन्य सेवा की वजह से हुई या उससे और गंभीर हुई दिव्यांगता माना जाता है।”पीठ ने इस बात पर गौर किया कि उसके सामने आई अपील में सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (एएफटी) और विभिन्न उच्च न्यायालयों के आदेशों को चुनौती दी गई थी। उसने कहा कि न्यायालय के समक्ष जो मुद्दा है, वह सेवानिवृत्ति पर सेवा पेंशन के साथ दिव्यांगता के लिए मिलने वाली राशि की पात्रता से जुड़ा हुआ था। पीठ ने कहा कि इन सभी मामलों में सेवामुक्ति चिकित्सा बोर्ड ने शुरुआती जांच के दौरान राय दी थी कि पूर्व सैनिक की दिव्यांगता न तो सैन्य सेवा के कारण हुई थी और न ही सैन्य सेवा से और गंभीर हुई थी। पीठ ने कहा कि चिकित्सा बोर्ड की राय के आधार पर पूर्व सैनिकों की विभागीय अपील खारिज कर दी गईं। शीर्ष अदालत ने कहा कि इसके बाद पूर्व सैनिकों ने एएफटी या उच्च न्यायालयों का रुख किया, जिन्होंने इस आधार पर विकलांगता पेंशन देने की मंजूरी दी कि दिव्यांगता या तो सैन्य सेवा के कारण हुई थी या उससे और बढ़ गई थी। न्यायालय ने ‘सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए हताहत पेंशन से संबंधित पात्रता नियम, 1982’ और ‘सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए हताहत पेंशन से संबंधित पात्रता नियम, 2008 के प्रावधानों का जिक्र किया। उसने कहा कि ऐसा लगता है कि ‘पात्रता नियम, 2008’ असल में ‘पात्रता नियम, 1982’ के बाद जारी किए गए संशोधित कार्यकारी निर्देशों का एक संग्रह है। पीठ ने कहा, “हमें यह समझ नहीं आ रहा कि पेंशन से जुड़े लाभों को तय करने वाले नियम की स्थिति को रहस्य में क्यों रखा जाए। किसी भी जायज कार्रवाई के लिए पारदर्शिता, स्पष्टता और निश्चितता बहुत जरूरी है।”उसने कहा कि पूर्व सैनिकों के मन में इस बात को लेकर कोई असंतोष और अविश्वास नहीं होना चाहिए कि उनके दावों और पात्रता पर किस तरह से कार्रवाई की जा रही है। पीठ ने कहा, “यह जरूरी, बल्कि अनिवार्य है कि सक्षम अधिकारी जल्द से जल्द लागू होने वाले नियमों/विनियमों को आधिकारिक तौर पर तैयार करें और उनकी अधिसूचना जारी करें।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 8:53 pm

वैभव सूर्यवंशी की ऐसे होगी टीम इंडिया में वापसी?

भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है. कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे मुकाबले में अब तक बाहर बैठे खिलाड़ियों को मौका देने के संकेत दिए हैं. ऐसे में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग-11 में एंट्री पर सबकी नजर है. वीडियो में जानें वैभव के खेल पर क्या बोले श्रेयस अय्यर.

आज तक 16 Sep 2026 8:49 pm

CM सम्राट के इंतजार में 4 घंटे खड़े रहे ग्रामीण, नाराज होकर फाड़े पोस्टर

बिहार के नवगछिया क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित राघोपुर को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम में ग्रामीण सुबह से जुटे रहे. करीब चार घंटे इंतजार के बाद नेताओं के नहीं पहुंचने की सूचना से लोगों का गुस्सा बढ़ गया. नाराज लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर-पोस्टर फाड़ दिए. ग्रामीणों का कहना था कि उन्हें समय रहते कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी नहीं दी गई.

आज तक 16 Sep 2026 8:38 pm

अजमेर मेयर चुनाव में अनामिका शर्मा बनाम किरण गढ़वाल, 11 निर्दलीयों पर टिकी सत्ता की चाबी

भाजपा ने अनामिका शर्मा तो कांग्रेस ने किरण गढ़वाल को उतारा, 41 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए दोनों दलों को जुटाना होगा अतिरिक्त समर्थन अजमेर। अजमेर नगर निगम में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी तस्वीर अब काफी हद तक साफ हो गई है। मेयर पद के लिए भाजपा ने वार्ड 3 की […] The post अजमेर मेयर चुनाव में अनामिका शर्मा बनाम किरण गढ़वाल, 11 निर्दलीयों पर टिकी सत्ता की चाबी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Sep 2026 8:37 pm

PNB करेंसी चेस्ट में मिले थे नकली नोट, एक और मुख्य आरोपी अरेस्ट

सहारनपुर के पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये की नकली भारतीय करेंसी मिलने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मुख्य आरोपी आदेश चौधरी को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है.

आज तक 16 Sep 2026 8:37 pm

पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज, डीलर्स ने वित्त मंत्री से लगाई गुहार, 2000 रुपये से ऊपर MDR छूट की बड़ी मांग

देशभर में कैशलेस अर्थव्यवस्था और डिजिटल इंडिया के विस्तार के बीच ईंधन खुदरा बिक्री क्षेत्र से एक बड़ा और संवेदनशील आर्थिक संकट सामने आया है। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AIPDA) ने बुधवार को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के समक्ष औपचारिक गुहार लगाते हुए पेट्रोल पंपों पर होने वाले यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और अन्य बैंकिंग सेवा शुल्कों से पूर्ण छूट देने की जोरदार मांग उठाई है। एसोसिएशन ने वित्त मंत्री को भेजे गए एक विस्तृत और आधिकारिक ज्ञापन में साफ किया है कि डिजिटल पेमेंट पर प्रस्तावित या लागू होने वाले किसी भी प्रकार के अतिरिक्त वित्तीय शुल्क सीधे तौर पर पेट्रोल पंप संचालकों के अस्तित्व और उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार कर रहे हैं। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय बंसल ने सरकार से इस मामले में तुरंत उच्चस्तरीय हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि देश के लाखों खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर डिजिटल लेनदेन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से जारी रह सके और आम वाहन चालकों को ईंधन भराने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।तय कमीशन और बढ़ता खर्च: डीलर्स ने गिनाई पेट्रोल पंप कारोबार की जमीनी मजबूरियांपेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने वित्त मंत्रालय को भेजे अपने पत्र में पेट्रोलियम खुदरा कारोबार के विशिष्ट और तकनीकी अर्थशास्त्र का विस्तार से उल्लेख किया है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अजय बंसल ने पत्र में रेखांकित किया कि पेट्रोल पंप डीलरों का मुनाफा किसी सामान्य किराना स्टोर या ई-कॉमर्स विक्रेता की तरह बेचे गए उत्पाद के कुल बिल मूल्य पर आधारित नहीं होता है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नियामक दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा डीलरों का मार्जिन केवल प्रति लीटर बिक्री की मात्रा के आधार पर एक निश्चित दर पर तय किया जाता है, न कि कुल लेनदेन मूल्य के प्रतिशत के रूप में। इसका सीधा अर्थ यह है कि ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर कितनी भी बढ़ जाएं, या ग्राहक 200 रुपये का पेट्रोल ले अथवा 5000 रुपये का, पंप डीलर की कमाई प्रति लीटर तय पैसों में ही सीमित रहती है। डीलरों के पास लेनदेन की ऊंची कीमतों के अनुपात में अपने कमीशन या मुनाफे को बढ़ाने का कोई विधिक या व्यावसायिक रास्ता उपलब्ध नहीं है।ज्ञापन में इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया है कि अक्टूबर 2017 के बाद से पिछले नौ वर्षों के दौरान तेल विपणन कंपनियों द्वारा डीलरों के बुनियादी कमीशन मार्जिन में एक पैसे की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके ठीक विपरीत, इस समयावधि में पेट्रोल पंपों के संचालन से जुड़े खर्चों में कई गुना भारी उछाल दर्ज किया गया है। व्यावसायिक बिजली की दरों में भारी वृद्धि, कर्मचारियों और फ्यूल डिस्पेंसिंग अटेंडेंट्स के न्यूनतम वेतनमान में लगातार बढ़ोतरी, अग्निशमन सुरक्षा मानकों के नवीनीकरण और जटिल विनियामक अनुपालनों की लागत ने डीलरों के लाभ मार्जिन को लगभग समाप्त कर दिया है। तेल कंपनियों के साथ कई दौर की द्विपक्षीय बैठकों और वार्ताओं के बावजूद डीलर मार्जिन में संशोधन का यह बुनियादी मुद्दा अनसुलझा बना हुआ है, जिसके कारण अधिकांश खुदरा पंप केवल न्यूनतम परिचालन स्तर पर चलने को मजबूर हैं।2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर चार्ज का गणित: 0.4% MDR से चरमरा जाएगा पंपों का अर्थशास्त्रएसोसिएशन ने डिजिटल भुगतान पर लगने वाले वित्तीय अधिभारों के सूक्ष्म प्रभावों का ब्योरा देते हुए बताया कि आम उपभोक्ता के लिए भले ही 2000 रुपये से ऊपर के लेनदेन पर 5 रुपये का फिक्स्ड चार्ज या 0.4 प्रतिशत तक का एमडीआर एक मामूली रकम प्रतीत हो, किंतु पेट्रोल पंपों के दैनिक टर्नओवर के हिसाब से यह एक अत्यंत विनाशकारी वित्तीय भार साबित होगा। पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन हजारों वाहन चालक आते हैं और चौबीसों घंटे लाखों लीटर ईंधन की उच्च मूल्य वाली डिजिटल बिक्री दर्ज की जाती है। यदि कुल डिजिटल लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर या प्रति ट्रांजैक्शन फिक्स्ड प्रोसेसिंग फीस काटी जाने लगी, तो डीलरों को प्रति लीटर मिलने वाले मामूली कमीशन का एक बड़ा हिस्सा सीधे बैंकों और पेमेंट गेटवे कंपनियों की जेब में चला जाएगा, जिससे डीलरों को अपनी जेब से नुकसान उठाना पड़ेगा।एसोसिएशन का तर्क है कि ग्राहक चाहे नकद भुगतान करे, डेबिट कार्ड से भुगतान करे या फिर स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन करके यूपीआई करे, ईंधन की भौतिक मात्रा और उसके कारोबार की प्रकृति में कोई बदलाव नहीं आता है। पत्र में ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए याद दिलाया गया कि वर्ष 2016 के विमुद्रीकरण के बाद जब डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल पंपों पर डेबिट और क्रेडिट कार्ड स्वाइप पर लगने वाले एमडीआर को लेकर विवाद हुआ था, तब केंद्र सरकार ने ईंधन खुदरा बिक्री की संकीर्ण मार्जिन प्रकृति को स्वीकार किया था और कार्ड स्वाइप पर लगने वाले एमडीआर शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर उसका बोझ तेल कंपनियों व बैंकों में समाहित कर दिया था। डीलर्स एसोसिएशन का पुरजोर तर्क है कि डिजिटल इंडिया का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके यूपीआई लेनदेन पर भी बिल्कुल वही सिद्धांत, नियम और पूर्ण छूट का दायरा लागू किया जाना चाहिए।पेट्रोल पंपों पर UPI बंद होने की नौबत: एसोसिएशन की वित्त मंत्रालय को दो टूक चेतावनीवित्त मंत्री को लिखे पत्र में पेट्रोलियम डीलर्स ने एक बहुत ही गंभीर और व्यावहारिक चेतावनी भी दर्ज कराई है। एसोसिएशन ने कहा कि यदि सरकार ने त्वरित हस्तक्षेप कर यूपीआई पेमेंट पर लगने वाले शुल्कों से पेट्रोल पंपों को संरक्षण नहीं दिया, तो देश के खुदरा पंप संचालक अपनी पहले से ही घटी हुई कमाई को डूबने से बचाने के लिए एक निश्चित वित्तीय सीमा (जैसे 2000 रुपये) से अधिक के यूपीआई भुगतानों को स्वीकार करने से इनकार करने के लिए पूरी तरह विवश हो जाएंगे। यदि पेट्रोल पंपों पर बड़े वाहनों, ट्रकों और कारों में भारी मात्रा में ईंधन भराने के लिए यूपीआई से भुगतान लेने पर रोक लगाई जाती है, तो यह केंद्र सरकार के डिजिटल लेनदेन, वित्तीय पारदर्शिता और व्यापार करने में सुगमता (Ease of Doing Business) के राष्ट्रीय विजन के खिलाफ जाएगा। ग्राहक और पंप कर्मियों के बीच विवाद बढ़ेंगे और राष्ट्रीय राजमार्गों तथा शहरी केंद्रों पर लंबी कतारें लग जाएंगी।इस संभावित परिचालन संकट को टालने और आम जनता को असुविधा से बचाने के लिए ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं। एसोसिएशन का पहला और प्राथमिक अनुरोध यह है कि देश के सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर होने वाले समस्त यूपीआई भुगतानों को, चाहे लेनदेन की राशि 50 रुपये हो या 50,000 रुपये, एमडीआर और उससे जुड़े सभी इंटरचेंज व प्रोसेसिंग शुल्कों से शत-प्रतिशत स्थायी छूट दी जाए। इसके साथ ही एसोसिएशन ने यह वैकल्पिक सुझाव भी दिया है कि यदि सरकार डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में कोई सामान्य वित्तीय सीमा या थ्रेशोल्ड बनाए रखना चाहती है, तो पेट्रोल पंपों के निरंतर और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए रिटेल फ्यूल आउटलेट्स को ₹2,000 से अधिक के यूपीआई भुगतानों पर प्रतिशत-आधारित एमडीआर और प्रति-लेनदेन फिक्स्ड चार्ज, दोनों से स्पष्ट और पूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान किया जाए ताकि डिजिटल ईंधन अर्थव्यवस्था पटरी पर बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 8:34 pm

बालाघाट में बच्चों की मौत पर Congress हमलावर, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के बालाघाट में कुपोषण, मलेरिया और कुछ अन्य बीमारियों से 35 से अधिक बच्चों की मौत के मुद्दे पर बुधवार को राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की। पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य विक्रांत भूरिया ने संवाददाताओं से कहा कि बालाघाट की घटना के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 में विधानसभा में उनके एक सवाल के जवाब में बताया था कि अति गंभीर कुपोषित बच्चों में कुपोषण खत्म करने के लिए रोजाना प्रति बच्चा 12 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भूरिया ने दावा किया, ‘‘मध्यप्रदेश में कुपोषण एक बड़ी समस्या है और इसी के चलते बालाघाट में बच्चों की मौत हुई। क्षेत्र के लोगों को छह महीने से राशन नहीं मिल रहा है।’’भूरिया ने कहा कि बालाघाट जैसे इलाकों में टीकाकरण की दर 70 प्रतिशत से भी कम है और इसी वजह से खसरा फैला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए भी पर्याप्त काम नहीं किया। भूरिया ने सवाल किया कि क्या 12 रुपये में कुपोषण खत्म किया जा सकता है? उन्होंने मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि राज्य में ‘‘भ्रष्टाचार का पूरा सिस्टम’’ बन गया है। कांग्रेस नेता साधना भारती ने उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की। भारती ने बालाघाट की घटना की विस्तृत जांच कराने तथा प्रभावित परिवारों को पर्याप्त राहत और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 8:33 pm

ब्रिक्स के तुरंत बाद मिलिट्री डिप्लोमेसी: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस रवाना, हथियारों की सप्लाई तेज करने पर मॉस्को में महामंथन

वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों में आ रहे तीव्र बदलावों और पश्चिमी देशों के भारी कूटनीतिक दबाव के बीच भारत और रूस ने अपनी दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी तथा रक्षा संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में संपन्न हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नई दिल्ली दौरे के तुरंत बाद भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ बुधवार को तीन दिवसीय उच्चस्तरीय आधिकारिक यात्रा पर मॉस्को के लिए रवाना हो गए हैं। इस उच्चस्तरीय दौरे को अंतरराष्ट्रीय सामरिक विश्लेषक केवल एक औपचारिक प्रोटोकॉल यात्रा नहीं, बल्कि सक्रिय 'मिलिट्री डिप्लोमेसी' के रूप में देख रहे हैं। 16 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान सेना प्रमुख रूसी रक्षा प्रतिष्ठानों के शीर्ष जनरलों और नीति निर्माताओं के साथ द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों के विस्तार, संयुक्त सामरिक प्राथमिकताओं और विशेष रूप से भारतीय सशस्त्र बलों के लिए रूसी सैन्य उपकरणों तथा आवश्यक स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति श्रृंखला को गति देने पर गहन विमर्श करेंगे।भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के इस आधिकारिक दौरे का प्राथमिक ध्येय दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच स्वतंत्रता के बाद से चले आ रहे गहरे रक्षा सहयोग को नए रक्षा आयामों में ढालना है। यह दौरा इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि नई दिल्ली अपनी सामरिक स्वायत्तता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और वैश्विक स्तर पर गुटबाजी से परे रहकर अपने पारंपरिक रक्षा सहयोगियों के साथ निरंतर सैन्य संवाद बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मॉस्को पहुंचने पर जनरल धीरज सेठ क्रेमलिन की दीवार के पास स्थित विख्यात 'टॉम्ब ऑफ द अननोन सोल्जर' (अज्ञात सैनिक स्मारक) पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर सोवियत सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी औपचारिक यात्रा की शुरुआत करेंगे।कर्नल जनरल मोर्दविचेव संग उच्चस्तरीय बैठक: रणनीतिक सैन्य सहयोग और साझा प्रशिक्षण पर जोरअपनी इस तीन दिवसीय यात्रा के दौरान भारतीय सेना प्रमुख रूसी थल सेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई निकोलायेविच मोर्दविचेव के साथ द्विपक्षीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल स्तर की आधिकारिक वार्ता करेंगे। इस बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों की थल सेनाओं के बीच संयुक्त युद्धाभ्यासों की आवृत्ति बढ़ाना, रेगिस्तानी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों के अनुभवों को साझा करना और दोनों सेनाओं के अधिकारियों के बीच पेशेवर सैन्य शिक्षा के आदान-प्रदान को गहरा करना होगा। आधुनिक युद्धक्षेत्र में ड्रोन हमलों, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और डिजिटल संचार प्रणालियों की भूमिका पर दोनों कमांडर अपने व्यावहारिक निष्कर्ष साझा करेंगे।इसके अलावा, जनरल सेठ मॉस्को स्थित रूसी सेना के सबसे सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत मुख्यालय 'नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर' (NDCC) का दौरा करेंगे। इस कमान केंद्र से संपूर्ण रूसी रक्षा अभियानों और परमाणु कमान की रियल-टाइम निगरानी की जाती है। यहां भारतीय सेना प्रमुख रूसी रक्षा मंत्रालय के शीर्ष सैन्य कमांडरों से मुखातिब होंगे और आधुनिक वारफेयर नेटवर्क के संचालन का जायजा लेंगे। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि दोनों देशों के जमीनी बलों के बीच ऐसा उच्च स्तरीय संवाद भविष्य में सामरिक चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।रूसी हथियारों की आपूर्ति में तेजी: टैंक, मिसाइल सिस्टम और असॉल्ट राइफल्स के पुर्जों पर महामंथनभारतीय सेना प्रमुख की इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रक्षा उद्योग और अधिप्राप्ति (प्रोक्योरमेंट) से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान निकालना है। मॉस्को में जनरल धीरज सेठ रूस के रक्षा उद्योग, सैन्य विनिर्माण और विदेशी खरीद मामलों के प्रभारी उप रक्षामंत्री वासिली सर्गेयेविच ओस्माकोव से आमने-सामने की विस्तृत बैठक करेंगे। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना के बेड़े में शामिल अग्रिम पंक्ति के रूसी हथियारों की सप्लाई लाइन को सुचारू बनाना और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करना है। यद्यपि भारत 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत घरेलू रक्षा निर्माण पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, किंतु वर्तमान में भी भारतीय सेना के तोपखाने, बख्तरबंद वाहनों और वायु रक्षा तंत्र में रूसी मूल के हथियारों का एक बड़ा हिस्सा मौजूद है।बैठक में टी-90 भीष्म और टी-72 मुख्य युद्धक टैंकों के आधुनिक इंजनों और स्पेयर पार्ट्स, पिनाका के साथ तालमेल बिठाने वाले स्मेर्च मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर्स, इग्ला-एस एयर डिफेंस सिस्टम्स और वायु रक्षा मिसाइलों के कलपुर्जों की समय पर डिलीवरी को लेकर ठोस समय-सीमा तय किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में भारत-रूस संयुक्त उपक्रम के तहत निर्मित हो रही एके-203 क्लाश्निकोव असॉल्ट राइफलों के उत्पादन की गति और स्थानीयकरण प्रतिशत को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। उप रक्षामंत्री ओस्माकोव के साथ होने वाली यह बातचीत मौजूदा आपूर्ति व्यवधानों को समाप्त कर भारतीय सेना की परिचालन तैयारियों को शीर्ष स्तर पर बनाए रखने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।सेंट पीटर्सबर्ग में मिखाइलोव्स्काया आर्टिलरी एकेडमी का दौरा: भविष्य की तोपखाना तकनीकों का अध्ययनमॉस्को में अपने आधिकारिक कार्यक्रमों और उच्चस्तरीय कूटनीतिक वार्ताओं को संपन्न करने के बाद, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस की सांस्कृतिक और रक्षा-तकनीकी राजधानी सेंट पीटर्सबर्ग का रुख करेंगे। वहां वे ऐतिहासिक 'मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी एकेडमी' का विस्तृत दौरा करेंगे। वर्ष 1820 में स्थापित यह प्रतिष्ठित सैन्य संस्थान दुनिया की सबसे पुरानी और अग्रणी तोपखाना एवं रॉकेट इंजीनियरिंग अकादमियों में से एक माना जाता है। जनरल सेठ वहां अकादमी के शीर्ष कमांडेंट, संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं के साथ बैठक कर आधुनिक तोपखाने, निर्देशित गोला-बारूद (प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशंस) और हाइपरसोनिक बैलिस्टिक प्रणालियों के विकास से जुड़े तकनीकी विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर दोहराया है कि सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का यह रूस दौरा भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी (Special and Privileged Strategic Partnership) की निरंतरता का सशक्त प्रतीक है। इस प्रकार की सतत सैन्य कूटनीति न केवल दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच आपसी विश्वास और अंतर-संचालन क्षमता (इंटरऑपरेबिलिटी) को मजबूत करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत वैश्विक कूटनीति के हर मंच पर अपने राष्ट्रीय और सामरिक हितों को साधने में पूरी तरह स्वतंत्र और सक्षम है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 8:32 pm

पाकिस्तान का ड्रामा शुरू, भारत में होने वाली CT को लेकर किया बवाल

पाकिस्तान हॉकी टीम को इस साल भारत में होने वाली पुरुष एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी (एसीटी) में हिस्सा लेना है. लेकिन इससे पहले एक बड़ी खबर सामने आ रही है.

आज तक 16 Sep 2026 8:30 pm

'चीन-पाक के बीच कोई सीमा नहीं': PoK पर संयुक्त आयोग को भारत ने बताया पूरी तरह अवैध, बंद करे नाटकबाजी

भारत सरकार ने पाकिस्तान और चीन के बीच सीमा प्रबंधन के नाम पर चल रही तथाकथित द्विपक्षीय गतिविधियों और नए संयुक्त तंत्र को एक बार फिर कड़े शब्दों में खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों की सांठगांठ को बेनकाब किया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट और गैर-संदेहास्पद शब्दों में कहा है कि भौगोलिक, ऐतिहासिक और कानूनी रूप से पाकिस्तान और चीन के बीच कोई साझी अंतरराष्ट्रीय सीमा मौजूद ही नहीं है। ऐसे में दोनों देशों द्वारा स्थापित किए गए तथाकथित 'पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग' (Pakistan-China Boundary Joint Commission) का कोई वैध अंतरराष्ट्रीय या विधिक आधार नहीं है। भारत ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान द्वारा जबरन और अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय भूभाग (PoK) पर बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच किसी भी प्रकार की बातचीत, सर्वेक्षण, संयुक्त आयोग या समझौता पूरी तरह से शून्य, गैर-कानूनी और भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला है।साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मीडिया के तीखे सवालों का औपचारिक उत्तर देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत की संप्रभु स्थिति को अत्यंत दृढ़ता से रेखांकित किया। प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ने हाल ही में बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच सीमा आयोग की बैठकों से संबंधित रिपोर्टों को देखा है और इस विषय पर भारत का राष्ट्रीय रुख हमेशा की तरह बिल्कुल स्पष्ट, अटल और सुसंगत रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान और चीन के बीच जमीन पर कोई सीधी सीमा नहीं लगती; जो क्षेत्र इन दोनों देशों को जोड़ता दिखता है, वह वास्तव में भारत का अभिन्न अंग पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का क्षेत्र है, जिसे पाकिस्तान ने 1947 में सैन्य आक्रामकता के जरिए अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इसलिए किसी भी अवैध कब्जे वाले क्षेत्र पर कोई तीसरा देश या कब्जा करने वाली सत्ता किसी प्रकार का कानूनी अधिकार नहीं रखती है।जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अविभाज्य अंग: कब्जे वाले क्षेत्र पर समझौते का अधिकार शून्यविदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में इस बुनियादी सत्य को दोहराया कि संपूर्ण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश सदैव से भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग रहे हैं, हैं और भविष्य में भी हमेशा रहेंगे। इस अकाट्य सच्चाई को न तो पाकिस्तान का अवैध सैन्य कब्जा बदल सकता है और न ही चीन की कोई कूटनीतिक या आर्थिक परियोजना। भारतीय विदेश नीति के रणनीतिकारों ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान एक कब्जाधारी राष्ट्र है और उसे भारतीय संप्रभुता वाले किसी भी क्षेत्र के संबंध में किसी भी विदेशी ताकत के साथ कोई संधि, सीमांकन, व्यापारिक समझौता या ढांचागत निर्माण करने का रत्ती भर भी नैतिक या कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है।भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने घरेलू राजनीतिक संकटों और आर्थिक बदहाली से ध्यान भटकाने के लिए समय-समय पर चीन के साथ मिलकर सीमा वार्ता का यह राजनीतिक नाटक रचता रहता है। नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पाकिस्तान को सबसे पहले पीओके से अपनी सेना और अवैध उपस्थिति को पूरी तरह हटाना होगा। भारत ने कहा कि जिस जमीन पर पाकिस्तान का मालिकाना हक ही नहीं है, उस पर बीजिंग के साथ मिलकर संयुक्त आयोग बनाना केवल अंतरराष्ट्रीय कानूनों की आंखों में धूल झोंकने का एक हास्यास्पद प्रयास है, जिसे भारत कभी स्वीकार नहीं करेगा।1963 का चीन-पाक सीमा समझौता अवैध और अमान्य: शक्सगाम घाटी पर भारत का संप्रभु दावा अडिगविदेश मंत्रालय ने ऐतिहासिक तथ्यों को सामने लाते हुए यह भी दोहराया कि भारत ने 2 मार्च 1963 को हस्ताक्षरित तथाकथित 'चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते' को न तो कभी मान्यता दी है और न ही भविष्य में कभी स्वीकार करेगा। भारत ने शुरू से ही इस समझौते को पूरी तरह अवैध, अमान्य और प्रभावहीन माना है। गौरतलब है कि 1963 के इसी विवादित समझौते के तहत पाकिस्तान ने भारत के वैध अधिकार क्षेत्र वाली शक्सगाम घाटी (Shaksgam Valley) का 5,180 वर्ग किलोमीटर से अधिक का भारतीय इलाका अवैध रूप से चीन को उपहार स्वरूप सौंप दिया था। यह समझौता केवल भारत की संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने और क्षेत्र में भारत-विरोधी सामरिक धुरी तैयार करने के उद्देश्य से किया गया एक अवांछित कूटनीतिक षड्यंत्र था।भारत ने साफ कर दिया है कि 1963 के समझौते के आधार पर किए जाने वाले किसी भी प्रकार के सीमा निर्धारण, खंभे गाड़ने की प्रक्रिया या वर्तमान में सीपीईसी (CPEC - चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) के तहत किए जा रहे किसी भी निर्माण कार्य को भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन मानता है। भारतीय प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि जब मूल समझौता ही अवैध है, तो उसके आधार पर गठित कोई भी 'संयुक्त आयोग' वैध नहीं हो सकता। भारत सरकार ने दोहराया कि भारतीय सीमाओं के किसी भी हिस्से में विदेशी उपस्थिति या तीसरे पक्ष का दखल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए असहनीय है और ऐसे किसी भी कृत्य के खिलाफ भारत अपने संप्रभु अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।सीपीईसी और शक्सगाम में चीनी गतिविधियों पर भारत की पैनी नजर: अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेराबंदीभारत ने चीन और पाकिस्तान के बीच अवैध रूप से कब्जाए गए कश्मीर में चल रहे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की गतिविधियों और शक्सगाम घाटी में हाल के दिनों में देखे गए चीनी सैन्य बुनियादी ढांचे के विस्तार पर भी अपनी गहरी चिंता और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि काराकोरम हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में दोनों देशों द्वारा तथाकथित सीमा निगरानी के नाम पर की जा रही गतिविधियां वास्तव में भारत के उत्तरी और पश्चिमी मोर्चों पर दोहरे खतरे (Two-Front Threat) को बढ़ाने का एक सुनियोजित प्रयास हैं।भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि कोई भी आर्थिक निवेश या सीमा संबंधी दिखावा इस क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को बदल नहीं सकता। भारत ने बीजिंग और इस्लामाबाद दोनों को आगाह किया है कि वे इस प्रकार के गैर-कानूनी और उकसावे वाले कार्यों से तुरंत बाज आएं और भारतीय क्षेत्र की यथास्थिति को बदलने की किसी भी एकतरफा कोशिश को बंद करें। भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा और इस विषय पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर पाकिस्तान और चीन दोनों की संयुक्त चालबाजियों का आक्रामक रूप से पर्दाफाश करता रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 8:29 pm

हल्ला बोल: क्या UPI पर लगने वाले MDR की आड़ में ग्राहकों पर बोझ पड़ेगा?

15 अक्टूबर से दुकानदारों को भुगतान होने वाले 2000 रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट पर लगने जा रहे चार्ज को लेकर आज सियासत का हंगामा और बढ़ गया. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर डाले वीडियो में सरकार पर अमेरिका के दबाव में आने का आरोप लगाया है, और इसे फौरन वापस लेने की मांग की है. लेकिन UPI पर लग रहे चार्ज को RBI जरूरी बता रही है. सरकार की दलील है कि इससे UPI इकोसिस्टम बेहतर होगा. देखें...

आज तक 16 Sep 2026 8:29 pm

दिशा सालियान को न जानता था न कभी मिला, CBI FIR के बाद आदित्य ठाकरे का विरोधियों पर बड़ा हमला

Aaditya Thackeray Disha Salian case: शिवसेना (UBT) के विधायक और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने दिवंगत दिशा सालियान मौत मामले में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सीबीआई (CBI) द्वारा मामले में प्राथमिकी (FIR) ...

वेब दुनिया 16 Sep 2026 8:28 pm

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर पहली बारिश में खुली निर्माण की पोल: NHAI ने PNC इन्फ्राटेक पर लगाया 3 साल का बैन, शेयर 20% टूटे

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बहुप्रचारित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में सामने आई गंभीर संरचनात्मक खामियों, घटिया गुणवत्ता और पहली ही बारिश में सड़क धंसने की घटनाओं पर बेहद सख्त दंडात्मक रुख अख्तियार किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों के क्रम में एनएचएआई ने निर्माणदायी दिग्गज कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड (PNC Infratech) और उसकी विशेष प्रयोजन इकाई अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड को आगामी तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करते हुए प्राधिकरण के समस्त नए टेंडरों से प्रतिबंधित कर दिया है। इस आदेश के लागू होने के बाद अब कंपनी अगले तीन साल तक एनएचएआई या उससे जुड़ी किसी भी सड़क परिवहन एजेंसी की नई बोली या टेंडरिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेगी। आगरा स्थित भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य नवीन जैन के पारिवारिक समूह से जुड़ी इस कंपनी को 5 अगस्त 2026 को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने का कारण बताओ नोटिस थमाया गया था, जिसके बाद लंबी तकनीकी सुनवाई और विस्तृत साइट मुआयने के उपरांत यह कठोर प्रशासनिक फैसला लिया गया है।उद्घाटन के महज 12 दिन बाद धंसी सड़क: बारिश ने उजागर की हाइब्रिड एन्युटी मॉडल की तकनीकी विफलतालखनऊ से कानपुर के बीच यात्रा के समय को घटाकर 40 से 45 मिनट करने के महत्वाकांक्षी उद्देश्य के साथ 63 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड व ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत रिकॉर्ड समय में पूरा करने का दावा किया गया था। 13 जुलाई को धूमधाम से इस नए एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया गया था, लेकिन उद्घाटन के महज 12 से 13 दिनों के भीतर जब मानसून की पहली भारी बारिश हुई, तो नव-निर्मित राजमार्ग की इंजीनियरिंग गुणवत्ता ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। एक्सप्रेसवे के कई महत्वपूर्ण हिस्सों पर डामर की परतें बुरी तरह धंस गईं, मुख्य कैरिजवे के बीच में गहरी दरारें उभर आईं और कई स्थानों पर एलिवेटेड स्ट्रक्चर के स्लैब से सीमेंट के बड़े-बड़े टुकड़े टूटकर नीचे गिरने लगे।इस अप्रत्याशित संरचनात्मक विफलता ने न केवल रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों की जान जोखिम में डाली, बल्कि उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस बुनियादी ढांचा नीति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। घटना के तुरंत बाद सड़क परिवहन मंत्रालय ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे एनएचएआई के परियोजना निदेशक, कंसल्टेंट इंजीनियरों और तकनीकी पर्यवेक्षकों पर सख्त प्रशासनिक गाज गिराई थी। संबंधित कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही पूरे 63 किलोमीटर के स्ट्रेच पर टोल प्लाजा संचालन और वाणिज्यिक टोल वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। तभी से एनएचएआई मुख्यालय में कंपनी के तकनीकी स्पष्टीकरण और बचाव दलीलों की आधिकारिक सुनवाई चल रही थी, जिसे अंततः असंतोषजनक पाते हुए तीन साल के निष्कासन में बदल दिया गया।सेबी को दी गई प्रतिबंध की सूचना: शेयर बाजार में 20 फीसदी की भारी गिरावट से निवेशकों में हड़कंपएनएचएआई द्वारा 11 सितंबर 2026 को जारी किए गए प्रतिबंध आदेश की पुष्टि स्वयं पीएनसी इन्फ्राटेक ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियामकीय प्रावधानों के तहत बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को औपचारिक फाइलिंग भेजकर 14 सितंबर को की। कंपनी ने एक्सचेंज को सूचित किया कि एनएचएआई ने उसकी सहयोगी कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड पर पूर्व में प्रस्तावित प्रतिबंध का दायरा बढ़ाते हुए मूल कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक पर भी तीन साल का पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी कर दिया है। जैसे ही यह नियामकीय खुलासा वित्तीय बाजारों में सार्वजनिक हुआ, शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई और मंगलवार को पीएनसी इन्फ्राटेक का शेयर 20 प्रतिशत के लोअर सर्किट के करीब पहुंच गया, जिससे कंपनी के बाजार पूंजीकरण को गहरा झटका लगा।हालांकि, पीएनसी प्रबंधन ने शेयरधारकों को आश्वस्त करने का प्रयास करते हुए एक आधिकारिक बयान में कहा कि प्राधिकरण की इस कार्रवाई से कंपनी के मौजूदा चालू प्रोजेक्टों, निर्माण अनुबंधों और संचालन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर भी, उद्योग विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि एनएचएआई की निविदाओं से तीन साल तक बाहर रहने और टेक्निकल कैपेसिटी रेटिंग (तकनीकी क्षमता) में भारी गिरावट आने के कारण भविष्य में घरेलू व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए हाईवे, एक्सप्रेसवे और मेट्रो टेंडर हासिल करने में कंपनी को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कंपनी प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे एनएचएआई द्वारा पारित इस कठोर आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय या अपीलीय अधिकरण के समक्ष चुनौती देने के लिए सभी उपलब्ध विधिक और कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।रोजाना 42 लाख रुपये टोल का नुकसान और आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट: री-सरफेसिंग से बढ़ेगा वित्तीय संकटपीएनसी इन्फ्राटेक पर तीन साल के इस व्यापक प्रतिबंध के साथ-साथ अब भारी वित्तीय मार पड़ने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। एनएचएआई ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क की स्थिति सुधारने और सुरक्षा ऑडिट पूरा होने तक टोल टैक्स वसूली पूरी तरह बंद करा रखी है। आधिकारिक गणना के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे से प्रतिदिन अनुमानित 42 लाख रुपये का टोल राजस्व एकत्र होना था। चूंकि यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत बनी है और निर्माण में खामियों के कारण टोल वसूली रुकी है, इसलिए प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि रोजाना होने वाले इस 42 लाख रुपये के भारी टोल राजस्व नुकसान की पूरी भरपाई निर्माणदायी कंपनी को अपने खजाने से करनी होगी।इसके अलावा, निर्माण कार्य की वास्तविक मजबूती और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच के लिए एनएचएआई ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur) के सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की थी। आईआईटी खड़गपुर की टीम ने विभिन्न स्थलों से कोर ड्रिलिंग, डामर थिकनेस और कंक्रीट स्ट्रेंथ के नमूने एकत्रित कर अपनी तकनीकी जांच रिपोर्ट एनएचएआई को सौंप दी है। प्राधिकरण के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने पुष्टि की है कि जांच रिपोर्ट में सब-ग्रेड का धंसना, बारिश के पानी की समुचित निकासी का अभाव और कंक्रीट मिक्स में विसंगतियां प्रमुख वजहों के रूप में सामने आई हैं। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञों की सिफारिशों के मुताबिक एक्सप्रेसवे पर केवल पैचवर्क या मामूली मरम्मत से काम नहीं चलने वाला है, बल्कि बड़े हिस्से की पूरी री-सरफेसिंग (सड़क को दोबारा नए सिरे से उखाड़कर बिछाना) करनी पड़ेगी। इस पूरे पुनर्निर्माण का शत-प्रतिशत खर्च कंपनी को खुद वहन करना होगा, जिससे कंपनी पर कई सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 8:26 pm

जब उनके बीच कोई सीमा ही नहीं तो... पाक-चीन के साझा आयोग वाले दांव की भारत ने खोल दी पोल

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान और चीन के साझा सीमा आयोग वाले दावे पर सख्त रुख अपनाया है। MEA की तरफ से कहा गया कि पाकिस्तान और चीन के बीच में कोई सीमा नहीं है। ऐसे में हम इस संयुक्त सीमा आयोग को खारिज करते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Sep 2026 8:25 pm