L Murugan के इस्तीफे के बाद ECI का फैसला, Madhya Pradesh में 12 नवंबर को होगा मतदान
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव के लिए कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। यह उपचुनाव सांसद एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद हो रहा है। 14 अक्टूबर 2026 को मुरुगन के अपनी सीट से इस्तीफा देने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। उनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 को समाप्त होने वाला था। आयोग के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, उपचुनाव के लिए अधिसूचना 26 अक्टूबर, 2026 को जारी की जाएगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर है, और 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Ramlila Maidan रैली के बाद सड़कों पर उतरेगा INDIA Bloc, CEC के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष मतदान 12 नवंबर को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा, और उसी दिन शाम 5:00 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव प्रक्रिया 16 नवंबर से पहले पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में उपचुनावों के साथ-साथ राजस्थान और त्रिपुरा में नगर निकाय चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की हालिया जीत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नतीजों से पता चलता है कि लोगों ने 'INDI गठबंधन' को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। X पर एक पोस्ट में, शाह ने कहा कि राहुल गांधी और INDI गठबंधन के झूठ, भ्रम और दुर्भावनापूर्ण प्रचार के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP एक के बाद एक चुनाव जीत रही है। उन्होंने आगे कहा कि जनसमर्थन खोने के बाद, ये पार्टियां हर हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठाती हैं, लेकिन जनता ने इनके इस चरित्र को पहचान लिया है। यही कारण है कि लोगों ने एक बार फिर BJP को भारी जनादेश देकर उस पर अपना अटूट विश्वास जताया है। इसे भी पढ़ें: London में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, Dhruv Rathee ने की नए चुनाव आयुक्त की मांग शाह ने पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान, त्रिपुरा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ सभी प्रदेश अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को इन जीतों के लिए बधाई दी। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनावों में निर्णायक जीत हासिल की है। नंदीग्राम सीट पर हसी रानी रथ ने 122,753 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि रेजीनगर सीट पर सखराव सरकार ने 75,816 वोटों से जीत हासिल की।
INDIA गठबंधन पर JDU का हमला, कहा- नेतृत्व और साझा मुद्दों पर दलों में कोई सहमति नहीं
जनता दल (यूनाइटेड) ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के औचित्य पर बृहस्पतिवार को सवाल उठाया और कहा कि इसके घटक दल राज्य विधानसभा चुनावों में अक्सर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते हैं और उनके बीच नेतृत्व, मुद्दों या मिलकर चुनाव लड़ने की योजना को लेकर कोई सहमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं की बृहस्पतिवार शाम को ऑनलाइन बैठक होने वाली है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शनों की रूपरेखा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी अटकलें हैं कि सरकार महिला आरक्षण अधिनियम को जल्द लागू करने के लिए परिसीमन से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के वास्ते संसद का सत्र बुला सकती है। जद(यू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विपक्षी नेता चाहे ऑनलाइन बैठक करें या आमने-सामने मिलें, आगामी चुनावों में उनके दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते दिखाई देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘उनके बीच एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ उनकी लड़ाई से कहीं अधिक मुश्किल होगा।’’प्रसाद ने कहा, ‘‘पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगी। पश्चिम बंगाल में लोग पहले ही देख चुके हैं कि तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दल किस तरह एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे थे।’’उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के बीच नेतृत्व, साझा मुद्दों और संयुक्त चुनावी रणनीति पर सहमति नहीं बन पाने से गठबंधन के उद्देश्य पर सवाल उठते हैं। प्रसाद ने कहा, ‘‘जब नेतृत्व या मुद्दों पर कोई सहमति नहीं है और मिलकर चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है, तो ऐसे गठबंधन का औचित्य क्या है? ‘इंडिया’ गुट को ऐसे गठबंधन के पीछे का तर्क स्पष्ट करना चाहिए।’’
Delhi-NCR में सांसों पर संकट: Non-BS-VI Vehicles के प्रवेश पर रोक और निगरानी हुई तेज
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने घोषणा की है कि सरकार प्रदूषण के सभी मुख्य स्रोतों को नियंत्रित करके इससे निपटने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है। इस साल शहर में 214 दिन हवा साफ रही, जो कोविड-19 महामारी के दौर को छोड़कर पिछले एक दशक में सबसे अधिक है। सिरसा ने बताया कि लगभग 30 एजेंसियां प्रदूषण नियंत्रण के लिए 11-सूत्रीय योजना लागू कर रही हैं। यह योजना नीति आयोग और 'कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट' (CAQM) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है। इस योजना में प्रदूषण नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, धूल कम करना, औद्योगिक उत्सर्जन की निगरानी और हरित क्षेत्र (green cover) को बढ़ाना शामिल है। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में सांसों पर संकट: इंडिया गेट, ITO और AIIMS समेत कई इलाकों में AQI 'खराब' श्रेणी में आया, लागू हुआ GRAP-1 मंत्री ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट' (PUCC) नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील करते हुए कहा, कृपया वैध PUC सर्टिफिकेट के बिना दिल्ली न आएं। आपके वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। दिल्ली के सभी ईंधन स्टेशनों को 'नो PUC, नो फ्यूल' अभियान का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसके तहत वैध सर्टिफिकेट न होने पर वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों, खासकर ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर नियमों के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। 1 नवंबर 2026 से, दिल्ली के बाहर से आने वाले उन वाहनों पर प्रतिबंध लागू होंगे जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते हैं। हालांकि, लागू नियमों के अनुसार कुछ विशेष श्रेणियों के वाहनों और आवश्यक सेवाओं को इससे छूट दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Delhi AQI 233 दर्ज, न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 18 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (I-CCC) के ज़रिए चौबीसों घंटे निगरानी रखने से प्रदूषण पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण होता है और नागरिकों की शिकायतों का समाधान किया जाता है। निगरानी टीमों की संख्या बढ़ाई गई है, जो 311 ऐप के ज़रिए मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करती हैं। ये टीमें मुख्य रूप से कचरा या पत्तियां जलाने और धूल-नियंत्रण के नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों पर ध्यान देती हैं। सरकार तकनीक-आधारित प्रवर्तन (enforcement) का विस्तार कर रही है। इसके तहत 283 निर्माण स्थलों और लगभग 200 ऊंची इमारतों पर 608 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, साथ ही दिल्ली की सड़कों पर 103 मैकेनिकल रोड स्वीपर (सड़क साफ करने वाली मशीनें) तैनात की गई हैं। 3,000 वर्ग मीटर से बड़े परिसरों में तय नियमों के अनुसार एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
जयपुर में दिवाली शॉपिंग का समय बदला: परकोटे के बाजारों में देर रात तक उमड़ेंगे खरीदार
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे वाले बाजारों में इस बार दिवाली की खरीदारी का रोमांच और भी ज्यादा बढ़ने वाला है। प्रकाश पर्व दीपावली के नजदीक आते ही गुलाबी नगरी की रौनक अपने चरम पर पहुंच जाती है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और व्यापार महासंघों ने मिलकर खरीदारी के समय और ट्रैफिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। जोहरी बाजार, बापू बाजार, त्रिपापोलिया और चांदपोल जैसे मुख्य बाजारों में अब खरीदार बिना किसी भागदौड़ और समय की पाबंदी के रात के वक्त भी खुलकर खरीदारी का आनंद ले सकेंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य त्योहारी सीजन में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।परकोटे के बाजारों में बदली टाइमिंग और यातायात के नए नियमदिवाली के पावन अवसर पर जयपुर के परकोटे के भीतर यातायात के दबाव को कम करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। शाम ढलते ही मुख्य बाजारों में वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जिससे लोग पैदल चलकर बाजारों की अद्भुत सजावट और रोशनी का लुत्फ उठा सकें। व्यापार मंडलों के साथ हुई बैठकों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि दुकानें अब देर रात तक खुली रहेंगी ताकि ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। खरीदारों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है, जिससे पर्यटक और स्थानीय नागरिक परिवार के साथ सुरक्षित माहौल में त्योहारी खरीद कर सकें।क्यों खास है इस बार जयपुर की दिवाली और खरीदारी का अनुभवगुलाबी नगरी जयपुर में दिवाली का त्योहार केवल रोशनी का पर्व नहीं है, बल्कि यह यहाँ की संस्कृति और विरासत का एक जीवंत उत्सव है। जोहरी बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों की चमक हो या बापू बाजार में पारंपरिक कपड़ों और हथकरघा उत्पादों की खरीद, हर जगह एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। प्रशासन द्वारा समय सीमा में दी गई इस लचीली व्यवस्था से व्यापारियों के चेहरे पर भी खुशी है। लोग अपने घरों के लिए मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, और पारंपरिक मिठाइयों की खरीदारी करने के लिए शाम के सुहावने मौसम में बड़ी संख्या में निकल रहे हैं। आधुनिक एआई सर्च और लोकल एसईओ मानकों के तहत यह अपडेट उन सभी पर्यटकों और खरीदारों के लिए बेहद उपयोगी है जो इस दीपावली जयपुर की प्रसिद्ध संस्कृति का अनुभव करना चाहते हैं।
4 लाख में बेची गई राजस्थान की बेटी की दुखद कहानी सुन IPS अमित बुड़ानिया हुए भावुक
देश के अलग-अलग हिस्सों से अक्सर ऐसी दिल दहला देने वाली कहानियां सामने आती हैं, जो हमारी आधुनिक और सभ्य समाज व्यवस्था के मुंह पर एक करारा तमाचा होती हैं। ऐसी ही एक बेहद मर्मस्पर्शी और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने राजस्थान से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। एक गरीब और लाचार परिवार की बेटी को चंद रुपयों की खातिर मात्र 4 लाख रुपये में बिचौलियों द्वारा बेच दिए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस दर्दनाक कहानी के केंद्र में जब एक तरफ भुखमरी, गरीबी और सामाजिक विवशता की दीवारें हैं, तो दूसरी तरफ उन शातिर अपराधियों का चेहरा है जो इंसानियत का सौदा करने से भी बाज नहीं आते। जब इस पीड़ित बेटी की दास्तान और उसकी आपबीती पुलिस महकमे के एक संवेदनशील और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी तक पहुंची, तो सिस्टम की कार्यप्रणाली पर ऐसे गंभीर सवाल खड़े हो गए, जिन पर विचार करना आज के समय में बेहद अनिवार्य हो गया है।जब आईपीएस अधिकारी अमित बुड़ानिया ने सुनी आपबीती तो भर आईं आंखें, खड़े किए तीखे सवालइस पूरे मामले की संवेदनशीलता तब और बढ़ गई जब युवा और कर्तव्यनिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमित बुड़ानिया (IPS Amit Budania) के सामने इस पीड़िता को पेश किया गया। एक महिला और बेटी होने के नाते उसने जिस बेरहमी, प्रताड़ना और शोषण का सामना किया था, उसकी पूरी कहानी सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों का भी कलेजा कांप गया। अपनी ड्यूटी के दौरान रोज अपराधियों से दो-चार होने वाले सख्त मिजाज आईपीएस अमित बुड़ानिया भी इस मर्मस्पर्शी घटना को सुनकर अंदर तक भावुक हो गए। उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए समाज और कानून व्यवस्था के सामने एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा किया कि आखिर हमारे समाज में आज भी एक बेटी की कीमत महज 4 लाख रुपये क्यों आंकी जा रही है? क्या गरीबी इतनी बड़ी अभिशाप बन चुकी है कि अपनों की ही मजबूरी का फायदा उठाकर इंसान सौदागर बन जाते हैं? उन्होंने तुरंत इस मामले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए ताकि ऐसी वारदातों को अंजाम देने वालों के दिलों में कानून का खौफ पैदा हो सके।
पंडित कुलचे-छोले वाले' के बेटे की हत्या, बर्थडे पार्टी में विवाद बना मौत की वजह
पंजाब के औद्योगिक और सबसे व्यस्त महानगर कहे जाने वाले लुधियाना (Ludhiana) शहर से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। शहर के एक मशहूर और जाने-माने फूड आउटलेट 'पंडित कुलचे-छोले वाले' के मालिक के बेटे की अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और लुधियाना पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से जो बातें सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक यह खौफनाक हत्याकांड किसी पुरानी रंजिश या फिर हाल ही में आयोजित हुई एक बर्थडे पार्टी (Birthday Party) के दौरान उपजे मामूली विवाद का परिणाम बताया जा रहा है। खुशियों और जश्न के माहौल में अचानक चली गोलियों ने एक हंसते-खेलते युवक की जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली, जिससे शहर भर के व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी रोष और डर का माहौल व्याप्त है।बर्थडे पार्टी के भीतर मामूली कहासुनी ने लिया खूनी रूप, बाहर बुलाकर ताबड़तोड़ चलाई गई गोलियांपुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात शहर में किसी परिचित की बर्थडे पार्टी का आयोजन किया गया था, जिसमें मृतक भी शामिल होने के लिए गया था। पार्टी के दौरान किसी बात को लेकर कुछ युवकों के साथ उसकी तीखी बहस और कहासुनी हो गई थी, हालांकि मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने उस वक्त बीच-बचाव करवाकर मामले को शांत करवा दिया था। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई; पार्टी समाप्त होने के बाद जब युवक बाहर निकला, तो पहले से ही घात लगाकर बैठे उन हमलावरों ने उसे रास्ते में घेर लिया। देखते ही देखते आरोपियों ने अपनी अवैध पिस्तौल निकाली और उस पर ताबड़तोड़ कई राउंड गोलियां बरसा दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा और खून से लथपथ होकर युवक वहीं सड़क पर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जबकि घायल अवस्था में जब तक उसे अस्पताल पहुंचाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और लुधियाना पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी व जांचआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Ludhiana Pandit Kulche Chole Wale son murder' या 'birthday party shooting Ludhiana' जैसी जानकारियां खोजते हैं, तो उन्हें प्रादेशिक और सटीक आपराधिक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप लुधियाना शहर से जुड़ी इस भौगोलिक (Geographical) और संवेदनशील घटना को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि समाज तक सही सूचना पहुंच सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, सीआईए स्टाफ और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें पकड़ने के लिए शहर भर में नाकेबंदी कर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, ताकि इस जघन्य हत्याकांड के सभी दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
पंजाब की खेल संस्कृति और महान हॉकी विरासत का गौरवशाली इतिहास
जब भी भारत में खेलकूद और विशेष रूप से राष्ट्रीय खेल हॉकी का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले जुबान पर पंजाब की माटी का नाम आता है। पंजाब वह उर्वरा भूमि रही है जिसने इस देश को एक से बढ़कर एक महान हॉकी के जांबाज सितारे, कप्तान और ओलंपिक पदक विजेता (Olympic Medallists) दिए हैं, जिनके दम पर भारत ने दुनिया भर में तिरंगे का मान बढ़ाया है। पंजाब के खेल प्रेम और इस खेल के प्रति दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ के हर गली-कूचे और खेल के मैदान से निकलकर खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस महान परंपरा को जीवित रखने और आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने के लिए पंजाब सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य के भीतर खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से सरकार विभिन्न स्तरों पर बड़े टूर्नामेंट्स का आयोजन करवा रही है, ताकि युवा पीढ़ी आधुनिक चकाचौंध से निकलकर मैदान की तरफ आकर्षित हो सके और अपने देश का नाम रोशन कर सके।खेल मंत्री मीत हेयर का प्रेरणादायक संदेश: बच्चों को अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच दिखाने जरूर लाएं माता-पिताइसी कड़ी में राज्य के खेल मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर (Gurmeet Singh Meet Hayer) ने प्रदेश के सभी अभिभावकों और खेल प्रेमियों से एक बेहद भावुक और प्रेरक अपील की है। उन्होंने कहा है कि जब भी उनके शहर या आसपास के इलाकों में कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच या बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हो, तो माता-पिता का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों को स्टेडियम में लेकर आएं और उन्हें इन बड़े मुकाबलों को लाइव खेलते हुए देखें। उनका मानना है कि जब छोटे बच्चे अपनी आंखों से दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों को स्टिक और बॉल के साथ मैदान पर पसीना बहाते हुए देखेंगे, तो उनके भीतर भी खेल के प्रति एक अलग ही जुनून और प्रेरणा जागेगी। केवल टेलीविजन या मोबाइल स्क्रीन पर मैच देखने और हकीकत में स्टेडियम की दीर्घा में बैठकर देश-विदेश की टीमों का मुकाबला देखने के अनुभव में जमीन-आसमान का फर्क होता है। स्टेडियम का वह रोमांचक माहौल बच्चों के कोमल मन पर एक गहरी सकारात्मक छाप छोड़ता है, जो उन्हें भविष्य में एक बेहतरीन खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित करता है।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पंजाब में खेल के बुनियादी ढांचे का विकासआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Punjab sports history hockey' या 'Meet Hayer hockey promotion' जैसी जानकारियां तलाशते हैं, तो उन्हें प्रादेशिक और खेल जगत से जुड़ी सटीक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पंजाब की इस भौगोलिक (Geographical) और खेल-प्रेमी पहल को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि समाज के हर वर्ग तक यह सकारात्मक संदेश पहुंच सके। पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में आधुनिक एस्ट्रो टर्फ हॉकी ग्राउंड्स (Astro Turf Hockey Grounds) का निर्माण कराया जा रहा है, खिलाड़ियों को उच्च स्तर की कोचिंग दी जा रही है और विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कारों से सम्मानित किया जा रहा है ताकि उन्हें आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े। खेल मंत्री मीत हेयर की यह अपील वास्तव में पंजाब को फिर से 'हॉकी की नर्सरी' के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बेहद ठोस और दूरदर्शी कदम है, जिससे आने वाले समय में देश को और भी कई नए ओलंपिक चैंपियंस मिलने की पूरी उम्मीद है।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027: चुनाव आयोग की टीम इस दिन करेगी राज्य का दौरा
उत्तर भारत के बेहद महत्वपूर्ण और राजनीतिक रूप से संवेदनशील राज्य पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों (Punjab Assembly Elections 2027) को लेकर प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है। राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर होने वाले इस महासंग्राम को लेकर देश का निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने और जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करने के लिए चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम आगामी 27 और 28 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आ रही है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर राज्य के प्रशासनिक गलियारों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि आयोग के इस दौरे के बाद ही चुनाव की तारीखों के ऐलान का रास्ता साफ होना शुरू हो जाएगा।जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ होगी मैराथन बैठकें, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर रहेगा कड़ा फोकसनिर्वाचन आयोग की यह विशेष टीम अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs), पुलिस अधीक्षकों (SPs) और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ मैराथन बैठकें करेगी। बैठकों के दौरान इस बात की बारीकी से समीक्षा की जाएगी कि राज्य में निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रशासन कितना तैयार है। इसके अलावा, राज्य की सीमाओं पर चौकसी, अवैध शराब और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के साथ-साथ संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगामी चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो और मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का खुलकर प्रयोग कर सकें।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पंजाब चुनाव से जुड़े राजनीतिक समीकरणआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब मतदाता और राजनीतिक विश्लेषक इंटरनेट पर 'Punjab assembly elections 2027 dates' या 'ECI team visit Punjab' जैसी जानकारियां खोजते हैं, तो उन्हें बिल्कुल सटीक और प्रादेशिक अपडेट्स की आवश्यकता होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पंजाब की इस राजनीतिक हलचल को भौगोलिक और एसईओ मानकों के तहत पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। वर्तमान में पंजाब की राजनीति में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ-साथ कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी जैसी प्रमुख पार्टियां अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटी हुई हैं। चुनाव आयोग की टीम के दौरे के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि आने वाले कुछ महीनों में राज्य का सियासी पारा और अधिक चढ़ने वाला है, और जनता जल्द ही अपने नए जनप्रतिनिधि को चुनने के लिए मतदान की तारीखों से रूबरू होगी।
CJP के Gen Z आंदोलन को Dilip Ghosh ने बताया बड़ा घोटाला, दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने गुरुवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) से जुड़े 'जेन Z' (Gen Z) आंदोलन को एक बड़ा घोटाला करार दिया। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल होगा, उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा, चाहे वह किसी भी नाम से काम कर रहा हो। CJP कार्यकर्ताओं - सौरव दास और आशुतोष रंका - के 'जेन Z' का हिस्सा होने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों पर चल रही बहस के संदर्भ में, घोष ने कहा कि इस आंदोलन के उद्देश्य इसके सदस्यों के कामों से साफ हो रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Vietnam दौरे पर बोले Shashi Tharoor, मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने कहा कि CJP का 'जेन Z' आंदोलन एक बड़ा घोटाला है। लोग किसी एक मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा करते हैं और एक नाम का इस्तेमाल करते हैं। उनके काम से उनके मकसद साफ हो रहे हैं। हम सभी जानते हैं कि उनके पीछे कौन है और वे क्या चाहते हैं। देश और दुनिया भी यह समझ चुकी है। इसलिए, उन्होंने चाहे जो भी किया हो या किसी भी नाम का इस्तेमाल किया हो, अगर उनके काम गैर-कानूनी हैं, तो उन्हें जवाबदेह ठहराया ही जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी है, जबकि मामले के कानूनी पहलुओं पर फैसला अदालतें करेंगी। उन्होंने कहा कि अदालत जो कहती है, वही होता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार और पुलिस की है। उनके पास जो भी जरूरी हो, वह करने की शक्ति है। लेकिन कानून सभी के लिए बराबर है, और बाकी काम अदालत देखेगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दास, रंका और अन्य लोगों की एक याचिका पर सुनवाई की। इस याचिका में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी। सुनवाई के दौरान, जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने उनकी उम्र पूछी। उनके वकील अभिक चिमनी ने बताया कि दास 27 साल के हैं और रंका 32 साल के हैं, जिस पर अदालत ने टिप्पणी की कि वे 'जनरेशन Z' (Gen Z) का हिस्सा नहीं हैं। इसे भी पढ़ें: BJP के प्रमुख रणनीतिकार Amit Shah का 62वां जन्मदिन, RSS से Union Cabinet तक का सफर जब अदालत को बताया गया कि 1997 के बाद पैदा हुए लोगों को 'जनरेशन Z' माना जाता है, तो अदालत ने फिर कहा, तो फिर आप 'जनरेशन Z' नहीं हैं। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष पर कोई राय नहीं दी है। इस बीच, मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत ने दास और रंका को 21 अक्टूबर को रिहा करने का आदेश दिया। इसके लिए उन्हें 50,000 रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड भरने पड़े, साथ ही शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने का लिखित वचन भी देना पड़ा। अदालत ने उन्हें निर्देश दिया कि जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर को 'डीनोटिफाई' (अधिसूचना से बाहर) नहीं किया जाता, तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान न करें।
पलामू में जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की गला काटकर बेरहमी से हत्या
झारखंड के पलामू जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने आधुनिक युग में भी हमारे समाज की जड़ों में गहराई तक जड़े जमा चुके अंधविश्वास और कुप्रथाओं की भयानक तस्वीर को बेनकाब कर दिया है। पलामू के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों और अंधविश्वासी ग्रामीणों ने मिलकर एक बुजुर्ग व्यक्ति को केवल इस निराधार शक के आधार पर मौत के नींद सुला दिया कि वह व्यक्ति अपने गांव में जादू-टोना (Black Magic) करता है और उसकी वजह से गांव में बीमारियां या परेशानियां आ रही हैं। इस वीभत्स हत्याकांड के बाद से न केवल उस छोटे से गांव में बल्कि पूरे जिले में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों के बीच एक खौफ का माहौल बना हुआ है। किसी भी इंसान की जान लेने का ऐसा क्रूर और तालिबानी तरीका यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि आज भी समाज का एक तबका किस कदर अंधकार और पाखंड के साये में जी रहा है।आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बुजुर्ग का गला काटा और मौके से हुए फरारप्राप्त जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों ने पहले से ही एक सोची-समझी साजिश के तहत बुजुर्ग को अपने रास्ते से हटाने का प्लान बना रखा था। घटना की रात जब बुजुर्ग अपने घर पर अकेला था या सुनसान रास्ते से गुजर रहा था, तब कुछ दबंग और अंधविश्वास में अंधे हो चुके लोग वहां पहुंचे और उन्होंने बुजुर्ग पर डायन-भूत या जादू-टोना करने का झूठा और बेबुनियाद आरोप लगाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर जब बात बढ़ी, तो उन दरिंदों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए धारदार हथियारों से बुजुर्ग का गला रेत डाला और उसे मौके पर ही तड़प-तड़प कर मरने के लिए छोड़ दिया। हत्या को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए, ताकि वे पुलिस की गिरफ्त से बच सकें। सुबह जब इस घटना की भनक ग्रामीणों और परिजनों को लगी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाने को दी गई।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई व अंधविश्वास के खिलाफ संदेशआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब इस तरह की प्रादेशिक और अंधविश्वास से जुड़ी जघन्य घटनाएं घटती हैं, तो लोग इंटरनेट पर 'palamu witchcraft murder news' या 'jharkhand superstition crime' जैसी जानकारियां तलाशते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप पलामू की इस भौगोलिक (Geographical) और संवेदनशील घटना को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि समाज में इस प्रकार की कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा सके। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंधविश्वास के नाम पर कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी भी बख्शीश के हकदार नहीं हैं, और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा ताकि इस प्रकार की अमानवीय घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।
उत्तराखंड के नीचे फंसी है टेक्टोनिक प्लेट, 8.1 तीव्रता के महाभूकंप का खतरा
उत्तराखंड के नीचे हिमालयी थ्रस्ट फॉल्ट पूरी तरह लॉक है. नई स्टडी बताती है कि प्लेट्स फंसी हुई हैं और उसमे ऊर्जा जमा हो रही है. हर 100 साल में 8.1 तीव्रता के भूकंप जितनी शक्ति जमा हो सकती है.
रांची में इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, थाईलैंड के नंबरों से चल रहा था नेटवर्क
झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। रांची पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक हाई-प्रोफाइल ड्रग सिंडिकेट (International Drug Syndicate) का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह शहर के भीतर रहकर चुपचाप ड्रग्स की अवैध खरीद-फरोख्त का एक ऐसा काला जाल बुन रहा था, जिसके तार झारखंड की सीमाओं को पार करते हुए देश के अन्य महानगरों और विदेशों तक जुड़े हुए थे। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में महंगे नशीले पदार्थों के साथ-साथ कई ऐसे दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह कोई आम लोकल नशा तस्करों का गिरोह नहीं, बल्कि एक बेहद हाई-टेक और संगठित अपराध नेटवर्क था जो युवाओं की जिंदगी को बर्बाद करने के काले कारोबार में लिप्त था।थाईलैंड और अमेरिका के वर्चुअल नंबरों और विदेशी सर्वरों से संचालित हो रहा था पूरा ड्रग नेटवर्कइस पूरे मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि रांची से संचालित होने वाले इस ड्रग सिंडिकेट के तार पूरी तरह से विदेशी कम्युनिकेशंस पर टिके हुए थे। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि तस्कर पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए थाईलैंड (Thailand), अमेरिका (USA) और अन्य देशों के वर्चुअल मोबाइल नंबरों, एन्क्रिप्टेड चैट एप्लीकेशन और वीपीएन (VPN) नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे। रांची में बैठे गुर्गे विदेशी आकाओं के इशारे पर कूरियर सर्विस और गुप्त कोड्स के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी लेते और आगे सप्लाई करते थे। पैसों के लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी और हवाला चैनलों का सहारा लिया जा रहा था ताकि वित्तीय लेन-देन का कोई पुख्ता डिजिटल सबूत स्थानीय पुलिस के हाथ न लग सके। हालांकि, रांची पुलिस की साइबर सेल और एंटी-नारकोटिक्स विंग ने अपनी तकनीकी दक्षता और खुफिया सूचनाओं के आधार पर इस हाई-टेक चक्रव्यूह को भेदते हुए आखिरकार इन अपराधियों के ठिकाने तक पहुंच ही, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश हो गया।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की बड़ी चुनौतीआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Ranchi international drug syndicate' या 'drug smuggling thailand usa numbers' जैसी जानकारियां खोजते हैं, तो उन्हें प्रादेशिक और सटीक आपराधिक अपडेट्स की तलाश होती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप रांची शहर से जुड़ी इस भौगोलिक (Geographical) और गंभीर घटना को पूरी तथ्यात्मक सटीकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि समाज और युवा वर्ग तक यह संदेश पहुंच सके कि कानून के हाथ कितने लंबे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य मुख्य सरगनाओं और स्थानीय संपर्क सूत्रों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है, और जल्द ही इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के सभी मोहरों को कानून के कटघरे में खड़ा कर दिया जाएगा ताकि झारखंड की धरती को इस नशे के नासूर से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
दलेर मेहंदी को लेकर मंत्री उनियाल के बयान पर भड़के मीका, माफी की मांग
उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और संगीतमय रूप ले चुका है. मंत्री ने दलेर मेहंदी की तबियत और परफॉर्मेंस पर बयान दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने मंत्री से माफी की मांग की. वहीं गायक मिका सिंह ने भाई दलेर मेहंदी का बचाव करते हुए 35 लाख रुपये के भुगतान के सबूत मांगे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंत्री पर कार्रवाई की मांग की है.
जहर का इंजेक्शन लगाया, फिर शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर खदान में फेंका
इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्यार और विश्वास जैसे पवित्र रिश्तों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। हत्या और बेवफाई की यह खौफनाक दास्तान उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो चंद लम्हों की हवस और अवैध संबंधों के खातिर अपनों का ही खून बहाने से बाज नहीं आते। एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही सुहाग और अपने बच्चों के पिता को रास्ते से हटाने के लिए एक ऐसी खतरनाक और शातिर साजिश रची, जिसके बारे में जानकर पुलिस के भी होश उड़ गए। इस वीभत्स हत्याकांड का जब एक-एक करके पर्दाफाश हुआ, तो आसपास के पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और हर कोई यही सोचने लगा कि आखिर कोई इतना क्रूर कैसे हो सकता है कि अपने ही जीवनसाथी की सांसों का सौदा इतनी बेरहमी से कर डाले।पहले दिया जहर का इंजेक्शन और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को बोरी में बंद कर खदान में फेंकापुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर फिल्म से भी ज्यादा भयानक हैं। मृतका की पत्नी और उसके गुप्त प्रेमी के बीच अवैध संबंधों की दीवार जब पति के आड़े आने लगी, तो इन दोनों ने मिलकर उसे हमेशा के लिए दुनिया से मिटाने का खूनी प्लान तैयार किया। योजना के तहत शातिर पत्नी ने अपने पति को पहले कोई बेहद जहरीला और घातक इंजेक्शन चुपचाप दे दिया, जिससे उसकी तड़प-तड़प कर मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को अंजाम देने के बाद जब लाश को ठिकाने लगाने की बारी आई, तो इन शातिर आरोपियों ने इंसानी संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए मृतक के शव को एक प्लास्टिक की बड़ी बोरी में कसकर भर दिया। इसके बाद किसी को शक न हो, इसलिए वे अंधेरे का फायदा उठाकर उस भारी-भरकम बोरी को शहर से दूर एक सुनसान और गहरी खदान में ले जाकर फेंक आए, ताकि न रहेगा बांस और न बजेगी बांसुरी।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और पुलिस की मुस्तैदी से बेनकाब हुआ खूनी खेलआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब इस तरह के सनसनीखेज और जघन्य अपराध सामने आते हैं, तो लोग इंटरनेट पर 'wife and lover murder plot' या स्थानीय पुलिस की खुलासे से जुड़ी हर एक डिटेल को तुरंत तलाशते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप इस प्रकार की क्राइम न्यूज को भौगोलिक (Geographical) और एसईओ मानकों के तहत पूरी संवेदनशीलता व तथ्यात्मक गहराई के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है ताकि पाठकों तक सही सूचना पहुंच सके। मृतक के अचानक गायब होने के बाद जब परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने गहराई से कॉल डिटेल्स तथा पत्नी के संदिग्ध आचरण की जांच शुरू की, तो इस अंधे कत्ल की परतें एक-एक करके खुलने लगीं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उस खदान से शव को भी बरामद कर लिया है, जिससे अब कानून के लंबे हाथों से इन दोनों अपराधियों का बचना नामुमकिन हो गया है।
नागपुर से सीधे लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंची श्रद्धा दुबे
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में स्थित हजरतगंज कोतवाली (Hazratganj Kotwali) में हाल ही में एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और मीडिया कर्मियों दोनों को चौंका दिया। देश के दूसरे छोर यानी महाराष्ट्र के नागपुर शहर से सफर तय करके सीधे लखनऊ की इस मशहूर कोतवाली पहुंची श्रद्धा दुबे नाम की एक युवती की उपस्थिति ने अचानक से पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी। जब इस बात की भनक स्थानीय मीडिया और संवाददाताओं को लगी कि नागपुर से कोई हाई-प्रोफाइल मामला लखनऊ कोतवाली तक आ पहुंचा है, तो पत्रकारों का रेला वहां जुटना शुरू हो गया। हालांकि, जैसे ही कोतवाली परिसर में दाखिल होते ही श्रद्धा दुबे की नजर मीडिया के कैमरों और संवाददाताओं पर पड़ी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपने हाथों से अपना मुंह छिपा लिया और कैमरे के सामने आने से पूरी तरह कतराने लगीं।क्या है श्रद्धा दुबे का नागपुर से लखनऊ आने का पूरा सच और पुलिस जांच के छिपे हुए पहलूप्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रद्धा दुबे के इस अचानक लखनऊ आने और सीधे पुलिस कोतवाली का दरवाजा खटखटाने के पीछे कुछ बेहद निजी, पारिवारिक या कानूनी विवाद से जुड़े तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। नागपुर से लखनऊ तक का लंबा सफर तय करके सीधे थाने पहुंचना इस बात का संकेत देता है कि मामला सामान्य नहीं है और इसके पीछे कोई गंभीर शिकायत या सुरक्षा से जुड़ा पहलू हो सकता है। हजरतगंज कोतवाली की पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए युवती को मीडिया की नजरों से दूर एक सुरक्षित कक्ष में बैठाया और उनसे विस्तार से पूछताछ शुरू की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवती द्वारा दी गई शुरुआती जानकारियों के आधार पर नागपुर पुलिस से भी संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर इस पूरे प्रकरण के पीछे की असली सच्चाई क्या है और यह विवाद किस स्तर तक फैला हुआ है।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और लखनऊ पुलिस की त्वरित कार्यप्रणालीआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब इस तरह की स्थानीय और सनसनीखेज घटनाएं घटती हैं, तो लोग तुरंत इंटरनेट पर 'Shraddha Dubey Nagpur to Lucknow' या 'Hazratganj Kotwali news' जैसी जानकारियां तलाशते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप लखनऊ की इस भौगोलिक (Geographical) और स्थानीय घटना को पूरी संवेदनशीलता तथा एसईओ मानकों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि पाठकों को तथ्यात्मक और सही जानकारी मिल सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में कोई आपसी रंजिश, घरेलू कल या ऑनलाइन फ्रॉड जैसी कोई परत जुड़ी हुई है। जैसे-जैसे पुलिस की पूछताछ आगे बढ़ेगी, इस रहस्य से पर्दा उठेगा कि आखिर नागपुर की रहने वाली श्रद्धा दुबे को किन मजबूरियों के चलते अचानक लखनऊ के हजरतगंज थाने की शरण लेनी पड़ी।
अखिलेश यादव को सताया मुस्लिम वोट बैंक में खिसकने का डर
उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर से बेहद रोमांचक और सुगबुगाहट से भर गई है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीतापुर जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कद्दावर मुस्लिम चेहरे मोहम्मद आजम खान से लंबी मुलाकात की है। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद से ही उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और हर कोई यह कयास लगा रहा है कि आखिर इस मुलाकात के पीछे की असल सियासी वजह क्या है। लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी के भीतर चल रही उठापटक और मुस्लिम मतदाताओं के राजनीतिक झुकाव को लेकर विपक्षी खेमों में भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात केवल एक सामान्य शिष्टाचार भेंट नहीं है, बल्कि इसके तार सीधे तौर पर सपा के सबसे मजबूत और पारंपरिक वोट बैंक यानी 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण और मुस्लिम नेतृत्व के भविष्य से जुड़े हुए हैं।मुस्लिम वोट बैंक में सेंधमारी का बढ़ता डर और पार्टी के भीतर बेचैनी की मुख्य वजहउत्तर प्रदेश की राजनीति में यह बात किसी से छिपी नहीं है कि समाजवादी पार्टी की चुनावी सफलता और ताकत का एक बहुत बड़ा आधार मुस्लिम और यादव (एम-वाई) समीकरण रहा है। हालांकि, पिछले कुछ समय से जिस तरह से प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदले हैं और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ-साथ सत्ताधारी दल द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय को अपने पाले में करने के लिए नई रणनीतियां अपनाई जा रही हैं, उससे सपा नेतृत्व की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। पार्टी के भीतर इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या उनका मुख्य अल्पसंख्यक वोट बैंक अब छिटककर दूसरे विकल्पों की तलाश कर रहा है। ऐसे समय में जब पार्टी के भीतर मुस्लिम नेतृत्व के एक बड़े प्रतीक माने जाने वाले आजम खान लंबे समय से जेल में बंद हैं, उनके समर्थकों और समुदाय के एक वर्ग के बीच यह संदेश जा रहा था कि पार्टी उनकी उतनी मजबूती से पैरवी नहीं कर पा रही जितनी उम्मीद की जाती थी। इसी राजनीतिक अविश्वास को दूर करने और मुस्लिम समाज के बीच यह संदेश देने के लिए कि समाजवादी पार्टी अपने हर संकटग्रस्त नेता और समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी है, अखिलेश यादव का यह सीतापुर जेल दौरा बेहद रणनीतिक और अनिवार्य माना जा रहा है।आधुनिक एआई सर्च, जियो-लोकल ऑप्टिमाइजेशन और यूपी की सियासत पर इस मुलाकात का दूरगामी असरआज के डिजिटल और आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) तथा Answer Engine Optimization (AEO) के दौर में जब लोग इंटरनेट पर 'Akhilesh Yadav Azam Khan meeting' या 'SP Muslim vote bank strategy' जैसी जानकारियां तलाशते हैं, तो उन्हें उत्तर प्रदेश की प्रादेशिक राजनीति का पूरा सच और सटीक विश्लेषण चाहिए होता है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के अनुरूप इस प्रकार की राजनीतिक खबरों को भौगोलिक (Geographical) और एसईओ मानकों के तहत पूरी गहराई से प्रस्तुत करना आवश्यक है ताकि पाठकों को यह समझ आ सके कि एक साधारण सी मुलाकात भी कैसे किसी बड़े चुनाव के समीकरण को प्रभावित कर सकती है। आजम खान और अखिलेश यादव के बीच हुई इस बंद कमरे की बातचीत में क्या कुछ तय हुआ, इसका आधिकारिक खुलासा भले ही पूरी तरह न हुआ हो, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ बहुत गहरे हैं। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या इस मुलाकात के बाद सपा अपने खिसकते हुए मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने में कामयाब हो पाती है या आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की सियासत कोई नया और अप्रत्याशित मोड़ लेती है।
दिवाली से पहले मिलेगी PM Kisan की 24वीं किस्त? जानें e-KYC की प्रक्रिया और स्टेटस चेक करने का तरीका
PM Kisan 24th Installment 2026 Date:
बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड गरीब थे, करनी थी शादी... फिर मैरिज फंड से पलट गई कहानी
डेढ़ साल का प्यार था, शादी करनी थी, लेकिन जेब में पैसे नहीं थे. फिर बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड ने शादी के रुपयों का इंतजाम करने के लिए ऐसा प्लान बनाया कि सीधे पुलिस के हत्थे चढ़ गए. कहानी हैदराबाद की है. यहां के एक मंदिर में दोनों ने 60 साल की महिला की तीन तोले की सोने की चेन छीन ली. उन्हें लगा होगा कि इस पैसे से शादी की राह आसान हो जाएगी, लेकिन CCTV से दोनों पकड़े गए.
सोने के सिक्के से स्मार्ट होम तक, बिल्डर्स ने खोला ऑफर्स का पिटारा
दिल्ली-NCR में खासकर गुरुग्राम के लग्जरी हाउसिंग मार्केट में घर खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ रही है. फेस्टिव सीजन में घर खरीदने वालों को लुभाने के लिए रियल एस्टेट डेवलपर्स खास ऑफर्स लेकर आए हैं.
Ladakh में Nyoma और Durbuk तक रियायती Helicopter Service बढ़ाने की मांग, मिला भरोसा
लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी), लेह के पूर्व कार्यकारी पार्षद कोंचोक स्टैनजिन ने पूर्वी लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में न्योमा और दुर्बुक तक रियायती हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार करने की मांग की है। मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने इस मांग का समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। स्टैनजिन ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रशासन से दूरदराज के इलाकों के निवासियों को हवाई संपर्क की समान सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने उपराज्यपाल वी के सक्सेना और मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा से चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण न्योमा और दुर्बुक उपमंडलों तक रियायती हेलीकॉप्टर सेवा का विस्तार करने की अपील की। उन्होंने कहा, लद्दाख के उपराज्यपाल और मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा से अनुरोध है कि चांगथांग के लिए रियायती हेलीकॉप्टर सेवा में न्योमा और दुर्बुक को भी शामिल किया जाए। हम भी इस सुविधा तक समान पहुंच के हकदार हैं। इस पोस्ट के जवाब में मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने कहा, ठीक है, हम इसका समाधान निकालेंगे। लद्दाख प्रशासन ने केंद्रशासित प्रदेश में लेह और दूरदराज के इलाकों के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए 30 सितंबर को रियायती हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू की थी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से कड़ाके की सर्दी के दौरान संपर्क सुविधा में सुधार करना है। यह सेवा केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से हुए पट्टा समझौते के तहत पवन हंस लिमिटेड द्वारा संचालित की जा रही है। फिलहाल यह हेलीकॉप्टर सेवा लेह को सात स्थानों-कारगिल, पदुम, लिंगशेड, डिबलिंग, न्येरक, दिस्कित और तुरतुक से जोड़ती है। इससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को परिवहन का वैकल्पिक साधन मिलता है तथा आपात स्थिति में चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलती है। पूर्वी लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में स्थित न्योमा और दुर्बुक भारत-चीन सीमा से लगे अधिक ऊंचाई वाले इलाके हैं। सर्दियों में सड़क मार्ग से यात्रा कठिन होने के कारण इन क्षेत्रों में हवाई संपर्क विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।
लाखों लोगों का बदल जाएगा फोन स्क्रीन, WhatsApp का बड़ा अपडेट
WhatsApp में जल्द ही एक बड़ा बदलाव नजर आने वाला है. मैसेजिंग ऐप में बॉटम नेविगेशन बार को अपडेट करने का काम जारी है. रिपोर्ट में न्यू बार का खुलासा किया है. यह बदलाव करोड़ों WhatsApp यूजर्स को दिखाई देगा.
शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे समेत तीनों आरोपी पहुंचे हजरतगंज थाने, कोर्ट में होंगे पेश
कारोबारी शिवा शर्मा हत्या कांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से लखनऊ के हजरतगंज थाने लाया गया है. पुलिस तीनों का मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश करेगी. रिमांड लेकर पुलिस यह पता लगाएगी कि नेपाल से नागपुर तक फरार रहने में किन लोगों ने इनकी मदद की थी.
रिव्यू: पुरानी आवाजों का जलवा, हिमेश का स्वैग! इस इंडियन आइडल में कितना दम?
Indian Idol – Legends Return के दो एपिसोड में पुराने सिंगर्स का जलवा, 12 जोड़ियों की टक्कर और हिमेश रेशमिया का स्वैग देखने को मिला. जानिए शो में क्या है खास और हमारा रिव्यू क्या कहता है.
'शराब पी थी तो कर लेते ये टेस्ट', दलेर मेहंदी विवाद पर क्या बोले डॉक्टर
उत्तराखंड में एक स्टेज शो के दौरान सिंगर दलेर मेहंदी के गाने के अंदाज को लेकर विवाद हुआ, जिसमें एक कैबिनेट मंत्री ने उन पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया. कई सेलिब्रिटीज़ ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया. डॉक्टरों ने बिना जांच के शराब पीने का आरोप लगाना गलत बताया है.
आपके किचन में रखी हैं 5 चीजें? तुरंत हटाएं वरना हो जाएंगे गरीब!
किचन स्लैब पर रखी 5 चीजों को वास्तु शास्त्र में अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि इनका घर की सुख-समृद्धि और बरकत पर असर पड़ सकता है. जानें मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रखने के लिए रसोई में किन चीजों को रखने से बचना चाहिए.
GRAP-1 लागू... दिल्ली में किन गाड़ियों पर रहेगी रोक, किस फेज में कितनी पाबंदियां?
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए जीआरएपी स्टेज-1 लागू कर दिया गया है, जिसे लागू होने के बाद दिल्ली में गाड़ियों से लेकर कंस्ट्रक्शन से जुड़े कई प्रतिबंध लग गए हैं.
Ramlila Maidan रैली के बाद सड़कों पर उतरेगा INDIA Bloc, CEC के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन का अगला दौर, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली के बाद, नवंबर की शुरुआत में शुरू हो सकता है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में मध्य दिल्ली में हुए कई मार्च के बाद, विपक्ष के नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों के एक और दौर के लिए विचारों पर चर्चा करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को इंडिया गठबंधन की एक ऑनलाइन बैठक होगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली की तैयारियों की भी समीक्षा की जाएगी। इसे भी पढ़ें: SIR प्रक्रिया पर भड़के Shashi Tharoor, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'विशेष सघन पुनरीक्षण' (SIR) में गड़बड़ी के आरोपों के बीच विपक्ष का अभियान तेज हो गया है। 'इंडिया' गठबंधन ने चुनाव आयोग पर चुनावी धांधली में मदद करने का आरोप लगाया है और कुमार के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि इस कथित गड़बड़ी के लिए केवल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ही जिम्मेदार नहीं हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में अनियमितताओं के आरोपों के बीच, विपक्ष का अभियान तेज़ हो गया है। CPI(M) के महासचिव एमए बेबी ने बताया कि इस चरण में कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। दिल्ली के बीचों-बीच हमारे मार्च की राजनीतिक सफलता को देखते हुए, कुछ नेता उसी तरह के बड़े प्रदर्शन को फिर से आयोजित करना चाहते हैं। एक और विचार एक 'नकली संसद' (मॉक पार्लियामेंट) आयोजित करने का है, जिसमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग (impeachment) की प्रक्रिया चलाई जाएगी। कुछ अन्य कदमों का भी सुझाव दिया गया है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी कोई ठोस योजना तो नहीं है, लेकिन शीर्ष नेतृत्व द्वारा रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, दोनों ने ही यह घोषणा की थी कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे। इसे भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग, People Against SIR का 23 अक्टूबर को देशव्यापी मार्च अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में, विपक्षी दलों ने मध्य दिल्ली में बड़े पैमाने पर मार्च निकाला। हाल के समय के इन सबसे बड़े प्रदर्शनों में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं, छात्रों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कुमार के खिलाफ हुए इन प्रदर्शनों की वजह से बीजेपी के साथ एक नया टकराव शुरू हो गया है। 9 अक्टूबर को विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और मांग की कि कुमार इस्तीफा दें और 2023 के उस कानून को रद्द किया जाए, जो CEC और ECs को आजीवन सुरक्षा (इम्युनिटी) देता है। उन्होंने मांग की कि SIR को तुरंत सस्पेंड किया जाए और मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम तुरंत वापस जोड़े जाएं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष से वोट चोरी का सबूत मांगा।
ट्रेन से टकराया शेर, रेलवे ट्रैक पर मिली सिर्फ पूंछ! शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन
गुजरात के अमरेली जिले में लिलिया-दामनगर क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक शेर घायल हो गया. वन विभाग के मुताबिक, पीपावाव से ढसा जा रही मालगाड़ी के दौरान लाठी तालुका में दो शेर रेलवे लाइन पार कर रहे थे. हादसे के बाद ट्रैक पर शेर की कटी पूंछ और बाल मिले. घायल शेर के आसपास के खेतों की ओर जाने की जानकारी के बाद वन विभाग ने तलाशी अभियान शुरू किया है.
सोनिया गांधी की इंस्टाग्राम पर धमाकेदार एंट्री! पहला पोस्ट क्या है? अब तक कितने हुए फॉलोअर्स?
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी शुरुआत कर दी है। 22 अक्टूबर को उ
वाशिम में दुर्गा विसर्जन के दौरान भिड़े 2 पक्ष, पथराव से फैला तनाव
महाराष्ट्र के वाशिम में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान गुलाल उड़ाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया. बहस के बाद हुई पत्थरबाजी में कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया. इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में स्थिति शांत और पूरी तरह नियंत्रण में है.
पूर्व IAS Rakesh Agrawal हत्याकांड: Bhopal में जांच के लिए SIT गठित, केयरटेकर पर 50 हजार का इनाम
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या की जांच के लिए पुलिस ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। अग्रवाल 30 सितंबर को भोपाल के रातीबड़ इलाके में स्थित अपने आवास पर मृत मिले थे, उनका गला रेता हुआ था। उनकी हत्या का आरोपी और उनका देखभाल करने वाला वरुण कुमार फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अधिकारी ने बताया कि भोपाल के पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने सहायक पुलिस महानिरीक्षक उमेश तिवारी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की है। इससे पहले, बुधवार शाम मध्यप्रदेश आईएएस अधिकारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री यादव से मुलाकात की थी। संघ के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव और आईएएस अधिकारी वीएस चौधरी कोलसानी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से अग्रवाल की हत्या की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। रातीबड़ के थाना प्रभारी आरबी शर्मा ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीम गठित की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी पर 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस ने बताया कि अग्रवाल अस्वस्थ रहते थे जिनकी देखभाल के लिए वरुण कुमार को नियुक्त किया गया था। उसकी नियुक्ति के महज तीन बाद ही यह वारदात हुई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल पर संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले थे। आरोपी ने कथित तौर पर हत्या के बाद घर में आग लगाने की कोशिश की थी। इसके लिए उसने गैस सिलेंडर की पाइप निकाल दी थी और पास में बिजली की इस्त्री चालू छोड़ दी थी। घर में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। पंजाब के रहने वाले अग्रवाल 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी थे और मध्यप्रदेश कैडर में शामिल हुए थे। उन्होंने जिलाधिकारी सहित विभिन्न पदों पर सेवाएं दी थीं। वह कई विभागों में सचिव और प्रमुख सचिव भी रहे थे। उनकी अंतिम तैनाती भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के महानिदेशक के रूप में थी।
सोमनाथ में सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर प्रशासन का बड़ा कदम, 60 दिनों के लिए लागू हुए ये 3 प्रतिबंध
सोमनाथ में प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3 महत्वपूर्ण प्रतिबंध लागू किए गए हैं। अपर जिला मजिस्ट्रेट राजेश आलं द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है, जो सोमनाथ मंदिर के दोनों ओर लगभग 4 किलोमीटर के क्षेत्र में अगले 60 ...
Rabada ने तोड़ा महान गेंदबाज डेल स्टेन का रिकॉर्ड
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने टेस्ट क्रिकेट में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट में दो विकेट लेकर वह घरेलू मैदानों पर 200 टेस्ट विकेट पूरे करने वाले अपने देश के चौथे गेंदबाज बन गए. उन्होंने यह मुकाम 7017 गेंदों में हासिल किया, जो इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए सबसे कम गेंदें हैं. इस बीच दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 99 रन पर समेटकर मुकाबले में वापसी की.
घूम आइए दुनिया के 8 सबसे शांत देश, नंबर-1 पर है भारत का पड़ोसी!
शहरों के शोर-शराबे, ट्रैफिक और वर्क प्रेशर से दूर शांति की तलाश कर रहे लोगों के लिए 'नॉइज़-फ्री नेशंस इंडेक्स' ने दुनिया के 8 सबसे शांत देशों की लिस्ट जारी की है. इसमें भारत का पड़ोसी देश पहले नंबर पर है, जानिए नामीबिया, बोत्सवाना और गैबॉन जैसे सुकून भरे देशों के बारे में.
सोनिया गांधी ने Instagram पर किया डेब्यू, संस्मरण Belonging की पहली झलक शेयर की
सोशल मीडिया पर पहली बार कदम रखते हुए, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर अपनी शुरुआत की। उन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी आने वाली संस्मरण पुस्तक, 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' की एक झलक के साथ खुद को पेश किया। सोनिया गांधी ने अपनी पहली पोस्ट में लिखा, नमस्ते सभी को, आप सबके साथ इस पल को साझा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है; पेश है मेरी किताब 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' की पहली झलक। उन्होंने आगे लिखा कि यह प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपना स्थान खोजने की कहानी है। मुझे आप सभी के साथ इसे साझा करने का बेसब्री से इंतजार है। View this post on Instagram A post shared by Sonia Gandhi (@soniagandhi) इसे भी पढ़ें: संसदीय सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी, Rahul Gandhi के आवास पर जुटे INDIA के दिग्गज यह पोस्ट उस किताब की पहली झलक दिखाती है, जिसे 10 नवंबर, 2026 को रिलीज़ किया जाना है। 544 पन्नों की इस आत्मकथा को 'अल्फ्रेड ए. नॉफ' द्वारा वैश्विक स्तर पर प्रकाशित किया जा रहा है, जबकि भारत में इसे 'हार्परकॉलिन्स इंडिया' द्वारा रिलीज़ किया जाएगा। 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ़ लव' की शुरुआत 1965 में इंग्लैंड के कैम्ब्रिज से होती है, जब 19 साल की छात्रा सोनिया माइनो की मुलाकात राजीव गांधी से हुई। 1968 में दोनों ने शादी कर ली, जिसके बाद सोनिया भारत आ गईं और यहाँ एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की। प्रकाशक के विवरण के अनुसार, यह संस्मरण इटली के जीवन से नेहरू-गांधी परिवार का हिस्सा बनने तक के उनके सफर, अपनी सास और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात, और भारतीय जीवन-शैली व संस्कृति में ढलने के उनके प्रयासों के बारे में बताता है। इस वृत्तांत में उन व्यक्तिगत त्रासदियों का भी जिक्र है जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया; इनमें 1980 में विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मौत, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या जैसी घटनाएं शामिल हैं। गांधी ने पहले भी अपने परिवार के बारे में लिखा है, लेकिन यह नया संस्मरण उनके जीवन और अनुभवों के एक अधिक व्यक्तिगत विवरण के रूप में पेश किया जा रहा है। 'नॉप्फ' (Knopf) द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि उनके परिवार के बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है, लेकिन बहुत कम ही ऐसे वृत्तांत हैं जिनमें परिवार के सदस्यों की प्रेरणाओं, कार्यों और मानवीय कमियों को सही ढंग से दर्शाया गया हो। उन्होंने कहा कि दिल टूटने और अपनों को खोने के दुख ने ही मुझे राजनीति की सार्वजनिक दुनिया में धकेल दिया। उससे पहले तक, मैंने अपनी निजता (प्राइवेसी) को बहुत सख्ती से बचाकर रखा था।
नवरात्र का समापन, सिंदूर खेला के साथ नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई
नवरात्र के समापन पर सिंदूर खेला की परंपरा के साथ श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी. विभिन्न पूजा पंडालों में महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की. नौ दिनों की भक्ति के बाद मां दुर्गा को मायके से विदा करते हुए भक्त भावुक नजर आए. ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के बीच माता को इस उम्मीद के साथ विदाई दी गई कि वे अगले वर्ष फिर आकर अपना आशीर्वाद प्रदान करेंगी.
तेहरान में सलाखों के पीछे दिखाए गए ट्रंप, मास्क पहने आर्टिस्ट का VIDEO वायरल
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर नए हमलों की तैयारी की खबरों के बीच तेहरान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजाक उड़ाने वाला एक अनोखा इंस्टॉलेशन लगाया गया है. इसमें ट्रंप का मास्क पहने एक कलाकार को जेल की सलाखों के पीछे दिखाया गया.
Tiger Shroff Case: Where were firing before incident in Juhu? Not just Salman-Aamir, ranbir was also target - टाइगर श्रॉफ केस: जुहू में फायरिंग से पहले कहां चली थी गोली? सलमान-आमिर ही नहीं, इस अभिनेता के घर भी हुई रेकी
चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव कराने का फैसला किया है। यह सीट डॉ. एल मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।
Raihan Vadra की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर भड़के Ashok Gehlot, BJP सरकार पर साधा निशाना
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली के बीकानेर हाउस से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से ज्यादा तस्वीरें हटाए जाने की निंदा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि कलाकारों की आवाज दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर निशाना साधते हुए उससे जवाब देने को कहा कि ये तस्वीरें क्यों हटाई गईं। गहलोत ने एक बयान में कहा कि दिल्ली के बीकानेर हाउस में रेहान वाद्रा की फोटो प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटवा दी गईं। उन्होंने कहा, ‘‘बीकानेर हाउस राजस्थान सरकार की संपत्ति है। यानी भाजपा सरकार की निगरानी में एक युवा कलाकार की कला का गला घोंटा गया, जो बेहद निंदनीय है।’’गहलोत के अनुसार इस प्रदर्शनी में कई तस्वीरें दिल्ली के युवा आंदोलनों की थीं। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को सबसे ज्यादा डर उसी सच से लगता है जो जनता के सामने आ जाए। अगर सरकार एक फोटो प्रदर्शनी से घबरा जाती है तो इसका मतलब है कि वह इन आंदोलनों के दौरान उठाए गए अनुचित कदमों को छिपाना चाहती है।’’उल्लेखनीय है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाद्रा ने बुधवार को कहा कि बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी एकल प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले दिल्ली में हाल में हुए विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी उनकी कई तस्वीरें हटा दीं। प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ का पूर्वावलोकन (प्रिव्यू) बुधवार को हुआ। यह प्रदर्शनी बृहस्पतिवार से आम लोगों के लिए खुलेगी। गहलोत ने इसका जिक्र करते हुए कहा कि वाद्रा से तिरंगे की दो तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया लेकिन उन्होंने तिरंगे वाली तस्वीरें हटाने से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस नेता ने इसकी सराहना करते हुए कहा, ‘‘उनकी यह दृढ़ता सराहनीय है। उन्होंने दिखा दिया कि तिरंगे के सम्मान पर कोई समझौता नहीं हो सकता।’’गहलोत ने कहा, ‘‘कलाकारों की आवाज दबाना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। यह सेंसरशिप का स्पष्ट उदाहरण है। भाजपा सरकार जवाब दे कि सच्चाई बयां करने वाली तस्वीरें क्यों हटाई गईं।’’
'बेवकूफाना और अस्वीकार्य...': फ्रांस हिंसा पर ट्रंप और नेतन्याहू के बयानों पर भड़के इमैनुएल मैक्रों
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों पर ट्रंप, नेतन्याहू समेत विदेशी नेताओं की टिप्पणियों को 'अस्वीकार्य' और 'बेवकूफाना' बताया। इन नेताओं ने फ्रांस में हुई हिंसा के लिए कथित तौर पर प्रवासियों को जिम्मेदार ...
जैसे लादेन था, वैसे ही दाऊद भी पाकिस्तान में है; D-कंपनी पर UN के स्टैंड से भड़का भारत
भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने यह जवाब बेन सॉल की एक रिपोर्ट पर दिया जो आतंकवाद का मुकाबला करते हुए मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और उनकी रक्षा करने के लिए विशेष प्रतिवेदक नियुक्त हैं।
Gen Z का कम्फर्ट कंटेंट! नई सीरीज़ या फिल्म छोड़ क्यों देख रहे पुराने शो?
नेटफ्लिक्स पर नई फिल्मों और सीरीज की भरमार है, फिर भी जेन जी बार-बार पुराने शो और बचपन के कार्टून देखना पसंद करती है. आखिर ऐसा क्यों होता है? जानिए क्या होता है कम्फर्ट कंटेंट, पुरानी सीरीज देखने से क्यों मिलता है सुकून और कब ये आदत परेशानी की वजह बन सकती है.
बेंगलुरु-मुंबई के यात्रियों के लिए खुशखबरी! अगले महीने चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानें रूट
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नवंबर में शुरू हो सकती है। 20 घंटे से कम में सफर पूरा होने की उम्मीद है। जानें ट्रेन का संभावित रूट, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण में स्टॉपेज, 16 कोच की व्यवस्था, 823 यात्रियों की क्षमता और मिलने वाली खास सुविधाएं।
पंजाब में कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल से दफ्तरों और बस सेवाओं पर असर, वार्ता बेनतीजा
पंजाब सरकार के लाखों कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार और गुरुवार, 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश (मास कैजुअल लीव) पर रहे। कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति और अन्य कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों के नेतृत्व में किए गए इस आंदोलन से राज्यभर में सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ। वहीं, परिवहन कर्मचारियों की […]
कंगारू टीम को 'घायल' स्मिथ का सहारा, कोच ने दिया फिटनेस अपडेट
साउथ अफ्रीका के खिलाफ गकेबरहा टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को स्टीव स्मिथ के आखिरी दिन बल्लेबाजी करने की उम्मीद है. गर्दन में जकड़न के कारण स्मिथ चौथे दिन क्रीज पर नहीं उतरे. पहली पारी में 99 रन पर सिमटने के बाद ऑस्ट्रेलिया दूसरी पारी में 156/4 तक पहुंचा. टीम ड्रॉ बचाने के लिए संघर्ष कर रही है.
देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर इस दिन होगी लॉन्च, रूट-स्टॉपेज-किराया
Vande Bharat Sleeper: रेलवे सूत्रों के मुताबिक, देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 1 नवंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है. इस ट्रेन से 1,153 किलोमीटर का सफर करीब 16 घंटे में पूरा हो सकता है, जबकि फिलहाल 22 से 24 घंटे या उससे ज्यादा लगते हैं. जानिए संभावित किराया, रूट, स्टॉपेज और टाइम टेबल.
दिल्ली: इंस्टा पोस्ट पर विवाद, नाबालिग की चाकू मारकर कर दी हत्या
दिल्ली के पीतमपुरा में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जहाँ इंस्टाग्राम पोस्ट पर कमेंट को लेकर हुए विवाद में 9वीं कक्षा के छात्र की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. मास्क पहनकर आए हमलावरों ने छात्र पर हमला किया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में 4 नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. सोशल मीडिया के मामूली विवाद में हुई इस हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई है. पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है.
'शराब नहीं पिऊंगा...न बाल काटूंगा', दलेर मेहंदी ने खाई थी गुरू की कसम
उत्तराखंड के कार्यक्रम को लेकर विवादों में आए दलेर मेहंदी का पुराना इंटरव्यू चर्चा में है. सिंगर ने बताया था कि उनके गुरु ने शराब न पीने और बाल न कटवाने की शर्त रखी थी. जानिए टैक्सी चलाने से लेकर स्टार बनने तक की उनकी दिलचस्प कहानी.
मैले होते मेले: रीलबाज़ी, डर और ख़त्म होती संस्कृति!
मेले का इंतज़ार करना बचपन का हिस्सा होता था. लेकिन अब मेलों से डर लगता है, कारण एक ही है वो है असुरक्षा का भाव. अब मेलों में पुराने मसले निपटाए जाते हैं, परिवार के साथ जाने में डर लगता है और पहुंच जाओ तो मिलती है रील कम्युनिटी की एक बड़ी भीड़. कैसे मेले का वो भाव ख़त्म होने लगा है, जानिए...
बिहार: दिनदहाड़े अंधाधुंध गोलीबारी, रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो
बिहार के मुंगेर स्थित टीकारामपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई. इस दौरान दिनदहाड़े जमकर पत्थरबाजी और अंधाधुंध गोलीबारी हुई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सरेआम बंदूकें चलती दिख रही हैं. घटना से इलाके में दहशत फैल गई है. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
तवे पर झटपट बनाएं चिली चीज नान, स्वाद ऐसा कि रेस्टोरेंट भूल जाएंगे
Chilli Cheese Naan Recipe: अगर आपको रेस्टोरेंट में मिलने वाला चिली चीज नान पसंद है तो अब इसे खाने के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है. आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. आज हम आपको तवे पर चिली चीज नान बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिसकी मदद से आप घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा स्वाद पा सकते हैं.
मुंबई में बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने नगर निकायों, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकार लगाई। अदालत ने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने और प्रदूषण रोकने के आदेशों का सख्ती से पालन करने को कहा।
वाराणसी क्रिकेट स्टेडियम में जल्द होंगे मैच? BCCI करेगी जांच
वाराणसी में करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से बना क्रिकेट स्टेडियम अब BCCI की मंजूरी का इंतजार कर रहा है. अगले हफ्ते बोर्ड की टीम मैदान का निरीक्षण करेगी. 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में त्रिशूल जैसी फ्लडलाइट्स, डमरू के आकार का मीडिया सेंटर और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम है.
प्रियंका चतुर्वेदी अब भाजपा में जा रही हैं क्या, अटकलों पर बोलीं सांसद
प्रियंका चतुर्वेदी शिवसेना उद्धव बालासाहब गुट में हैं। वह राज्यसभा सांसद भी हैं और पार्टी की प्रवक्ता भी हैं। इससे पहले वह करीब 10 सालों तक कांग्रेस में रहीं थीं, लेकिन 2019 में उन्होंने दल बदल लिया था।
'उनका मेडिकल तो नहीं कराता', दलेर मेहंदी विवाद में बोले मंत्री उनियाल
उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में गायक दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद बढ़ गया है. सुबोध उनियाल का कहना है कि तबियत खराब होने पर दलेर को कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था. मिका सिंह और अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया है.
Idukki Murder: प्रिंस ने पत्नी और सास पर धारदार हथियार से किया हमला, दोनों की मौत
केरलम के इडुक्की जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और सास की पीरमेड के ग्लेनमेरी एस्टेट स्थित उनके आवास पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी, जबकि हमले में ससुर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रिंस (40) को बुधवार रात घटना के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। मृतकों की पहचान प्रिंस की पत्नी प्रियंका (35) और उसकी सास नेसम्मा (60) के रूप में हुई है। हमले में प्रियंका के पिता इसरावेल (65) गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पड़ोसी कोट्टायम जिले के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी अपनी पत्नी और उसके माता-पिता से दुश्मनी रखता था। उसने पिछली रात एस्टेट में उनके घर के सामने उन पर जान से मारने के इरादे से हमला किया। पुलिस ने बताया कि प्रिंस उनके घर पहुंचा और प्रियंका से उसका झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने एक हथियार से प्रियंका और उसकी मां पर हमला कर दिया। जब इसरावेल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो वह भी घायल हो गए। प्रियंका हाल ही में खाड़ी देश से केरलम लौटी थी। उसके लौटने के बाद से दंपती के बीच घरेलू विवाद चल रहे थे। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) (हत्या) और 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जा रही थी।
उत्तराखंड बना फिल्म शूटिंग का नया डेस्टिनेशन, सीएम धामी बोले- नई नीति से बढ़ रहा पर्यटन और रोजगार
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई फिल्म नीति की सराहना करते हुए राज्य को फिल्म शूटिंग का नया डेस्टिनेशन बताया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से प्रदेश में फिल्म शूटिंग को बढ़ावा मिला। इससे शूटिंग की संख्या में भी वृद्धि ...
इंस्टाग्राम पर आईं सोनिया गांधी, पहली पोस्ट में दिखाई अपनी किताब की झलक; 10 नवंबर को होगी रिलीज
कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट साझा करते हुए किताब 'Belonging: A Journey of Love' की झलक दिखाई। हार्परकॉलिन्स इंडिया इस संस्मरण को 10 नवंबर 2026 को प्रकाशित करेगा।
भारतीय न्याय व्यवस्था (Indian Judicial System) और सड़क सुरक्षा से जुड़ी इस वक्त एक बेहद अहम और बड़ी कानूनी खबर सामने आ रही है। देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने सड़क दुर्घटनाओं (Road Accidents) में पीड़ितों को मिलने वाली वित्तीय सहायता और मुआवजे को लेकर केंद्र सरकार से एक बहुत बड़ा और तार्किक सवाल पूछा है। केंद्र सरकार की तरफ से सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले परिवारों और घायलों को आर्थिक मदद देने के लिए एक विशेष मुआवजा योजना तैयार की गई है, लेकिन इस योजना में केवल उन वाहनों को शामिल किया गया है जिनके पास वैध बीमा (Insurance) मौजूद है। इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि जिन मामलों में दुर्घटना करने वाली गाड़ी का बीमा नहीं होता, उन पीड़ितों को इस सरकारी योजना के लाभ से क्यों वंचित रखा जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या कुछ कहा है और सरकार के इस मुआवजे के नियमों के पीछे का पूरा गणित क्या है।सुप्रीम कोर्ट का तीखा सवाल: 'बिना बीमा वाले वाहनों के पीड़ितों को क्यों नहीं मिले मुआवजा'सड़क हादसों के पीड़ितों और उनके परिवारों को तत्काल आर्थिक राहत प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने एक नई योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्तावित योजना के तहत सरकार सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले व्यक्ति के आश्रितों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्ति को 1 लाख रुपये की अंतरिम आर्थिक सहायता देने का प्रावधान कर रही है।हालांकि, जब इस योजना के नियमों की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट की बेंच के सामने की गई, तो कोर्ट ने पाया कि इसमें केवल उन्हीं सड़क हादसों को शामिल किया गया है जिनमें बीमा युक्त (Insured) वाहन शामिल हों। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला (Justice J.B. Pardiwala) और जस्टिस केवी विश्वनाथन (Justice K.V. Viswanathan) की पीठ ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि यदि किसी गरीब या आम नागरिक को टक्कर मारने वाला वाहन बिना बीमा (Uninsured Vehicle) का निकला, तो ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार को इस अंतरिम मुआवजे से क्यों महरूम रखा जाना चाहिए। कोर्ट की इस टिप्पणी ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।मोटर वाहन अधिनियम और सरकार का पक्ष: क्या कहते हैं नियमसुप्रीम कोर्ट के इस तीखा सवाल का जवाब देते हुए सरकारी अधिकारियों और वकीलों ने अदालत को बताया कि इस मुआवजा योजना को मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act - MV Act) के उन प्रावधानों के तहत डिजाइन किया गया है जो मुख्य रूप से बीमा वाले वाहनों से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। अधिकारियों का कहना था कि यदि दुर्घटना करने वाला वाहन बिना बीमा का है, तो पीड़ितों के पास कानूनी विकल्प के रूप में 'मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण' (MACT) का दरवाजा खटखटाने का रास्ता हमेशा खुला रहता है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस योजना की 'धारा 6' की बेहद बारीकी से समीक्षा की। इस धारा के नियमों के मुताबिक, दुर्घटना के शिकार व्यक्ति या मृतक के कानूनी उत्तराधिकारिगण एक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मुआवजे के लिए अपना आवेदन दर्ज करा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें यह विवरण देना होता है कि उन्होंने MACT में कोई अन्य दावा दायर किया है या नहीं, या फिर उनका कोई मामला पहले से लंबित है या नहीं। कोर्ट ने सरकार को यह भी सख्त निर्देश दिए हैं कि इस योजना का देश भर में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि आम जनता को अपने इन कानूनी अधिकारों और अंतरिम मुआवजे की मांग करने की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी मिल सके।'नो-फॉल्ट लायबिलिटी' के तहत बीमा कंपनियों को देने होते हैं 5 लाख रुपयेसड़क दुर्घटनाओं में मिलने वाले मुआवजे के कानूनी प्रावधानों को समझाते हुए अधिकारियों ने अदालत को बताया कि मोटर वाहन अधिनियम की 'धारा 164' मौत या गंभीर चोट के मामलों में मुआवजे से सीधा संबंध रखती है। इस धारा के अंतर्गत 'नो-फॉल्ट लायबिलिटी' (No-Fault Liability यानी बिना किसी गलती के कानूनी दायित्व) का बहुत महत्वपूर्ण प्रावधान तय किया गया है।इस विशेष नियम के अनुसार, यदि किसी दुर्घटना में किसी की जान जाती है या कोई गंभीर रूप से घायल होता है, तो वाहन मालिक या उसकी बीमा कंपनी (Insurance Company) को मृत व्यक्ति के मामले में 5 लाख रुपये और गंभीर चोट के मामले में 2.5 लाख रुपये का मुआवजा अनिवार्य रूप से देना ही होता है। इसके तहत क्लेम करने वाले आवेदक को यह साबित करने की कोई आवश्यकता नहीं होती है कि दुर्घटना वाहन चालक की किसी विशेष गलती, लापरवाही या चूक के कारण हुई थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर स्पष्ट करते हुए कहा, यही कारण है कि तत्काल राहत के तौर पर मौत के मामले में 2 लाख रुपये और गंभीर चोट के मामले में 1 लाख रुपये की अंतरिम सहायता तय की गई है। बाद में MACT के अंतिम आदेश के आधार पर मिलने वाला कुल मुआवजा इससे कहीं अधिक भी हो सकता है।कब शुरू हुई थी इस योजना की प्रक्रिया और आगे क्या होगाकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि इस संपूर्ण मुआवजा योजना को 'केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम' (Central Motor Vehicles Act) के नियमों और प्रावधानों के तहत जल्द ही आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा।मंत्रालय ने इस योजना का ड्राफ्ट इसी साल 23 फरवरी को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ साझा कर दिया था ताकि इस पर राज्यों के सुझाव लिए जा सकें। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक पिछले आदेश में अप्रैल 2025 में ही केंद्रीय मंत्रालय को सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए यह अंतरिम मुआवजा योजना तैयार करने का सख्त निर्देश दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट के इस नए सवाल के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार बिना बीमा वाले वाहनों के पीड़ितों को भी राहत के दायरे में लाने के लिए अपने नियमों में कुछ संशोधन कर सकती है। सड़क हादसों के शिकार होने वाले आम नागरिकों के लिए यह एक बहुत बड़ी राहत की खबर साबित हो सकती है।
भारत में हालिया विरोध प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश की जो आशंकाएं जताई जा रही थीं, अमेरिकी मीडिया संस्थान फॉक्स न्यूज की एक सनसनीखेज जांच ने उन्हें सच साबित कर दिया है। हम आपको बता दें कि फ्रांस और इटली की सड़कों पर मचे राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 13 देशों में फैले 101 संगठनों के नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिस पर अलग-अलग देशों के विरोध प्रदर्शनों को जोड़ने, उनके संदेशों को फैलाने और साझा राजनीतिक लामबंदी को बढ़ावा देने में भूमिका निभाने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में फ्रांस से भारत तक संगठनों के संपर्कों और भारत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों का भी उल्लेख है। इन खुलासों ने इस सवाल को और गंभीर बना दिया है कि क्या भारत में विरोध की राजनीति के पीछे भी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय थे? सवाल उठ रहा है कि फ्रांस की सड़कों पर भड़का आक्रोश, भारत में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर युवाओं का प्रदर्शन और यूरोप के विभिन्न देशों में सरकारों के खिलाफ उठती विरोध की आवाजें...क्या इन सबके बीच कोई ऐसी अंतरराष्ट्रीय कड़ी है, जो अलग-अलग आंदोलनों को एक साझा राजनीतिक अभियान में पिरोने की कोशिश कर रही है? हम आपको बता दें कि फॉक्स न्यूज की पत्रकार आसरा क्यू. नोमानी की रिपोर्ट Global ‘Chaos Inc’ Grows to 101 Groups के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र में वामपंथी और समाजवादी संगठन, कम्युनिस्ट समूह, ट्रेड यूनियन, छात्र संगठन, राजनीतिक अभियान चलाने वाले मंच और मीडिया संस्थान शामिल हैं। रिपोर्ट का दावा है कि ये समूह अलग-अलग देशों में आंदोलनों के संदेशों को प्रसारित करने और उनके बीच संपर्क बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट में इससे पहले 50 संगठनों की पहचान किए जाने, बाद में यह संख्या 54 होने और फिर 101 तक पहुंचने का उल्लेख है। यह बढ़ती सूची अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक नेटवर्कों की गतिविधियों पर सवाल जरूर खड़े करती है। रिपोर्ट इस नेटवर्क को ‘रेड-ग्रीन प्रोटेस्ट इकोसिस्टम’ कहती है। इसमें ‘रेड’ से वामपंथी और कम्युनिस्ट विचारधारा तथा ‘ग्रीन’ से इस्लामी संगठनों का संदर्भ लिया गया है। इसे भी पढ़ें: France Protests India Advisory | फ्रांस में उग्र प्रदर्शन और तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, राष्ट्रपति मैक्रों और डोनाल्ड ट्रंप के बीच तीखी जुबानी जंग इस जांच में फ्रांस स्थित इंडियन अलायंस पेरिस (आईएपी) का विशेष उल्लेख किया गया है। फॉक्स न्यूज के अनुसार, यह संगठन फ्रांस और भारत में जारी विरोध प्रदर्शनों के संदेशों को जोड़ने वाले समूहों में शामिल है। रिपोर्ट में मैनहैटन स्थित पीपुल्स फोरम के साथ इसकी साझेदारी का भी जिक्र किया गया है। आईएपी के एक सोशल मीडिया संदेश में फ्रांस और भारत के युवाओं के आंदोलनों का समर्थन करते हुए लिखा गया था— “फ्रांस में। भारत में। जेन-जी को आज के लिए बधाई।” यह संदेश दोनों देशों के प्रदर्शनों को एक साझा राजनीतिक संदर्भ में प्रस्तुत करता है। यहीं से जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल सामने आता है कि क्या इन संपर्कों का उद्देश्य केवल अलग-अलग देशों के आंदोलनों के प्रति समर्थन जताना है, या इसके पीछे साझा अभियान और राजनीतिक लामबंदी की कोई बड़ी योजना भी है? भारत में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों और फ्रांस की घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल इसी वजह से महत्वपूर्ण हो जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 16 अक्टूबर को प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक ब्रीफिंग में फ्रांस, स्पेन, भारत और अल्बानिया के आंदोलनों का एक साथ उल्लेख किया। संगठन ने सवाल उठाया कि क्या ये नए विद्रोह उन परिस्थितियों को बदलने के लिए संगठित राजनीतिक शक्ति हासिल कर सकते हैं, जिन्होंने उन्हें जन्म दिया है। उसने यह भी कहा कि वह इन शक्तियों को समर्थन देने और आपस में जोड़ने का काम कर रहा है। यह बयान जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। संगठन ने स्वयं विभिन्न देशों के आंदोलनों को एक साझा राजनीतिक विमर्श में रखने और उनके बीच संपर्क बढ़ाने की अपनी भूमिका का उल्लेख किया है। इससे यह सवाल उठता है कि अलग-अलग देशों में स्थानीय मुद्दों पर शुरू हुए विरोध किस तरह व्यापक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अभियानों का हिस्सा बनते हैं। इस पूरे मामले में प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल की गतिविधियां इसलिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यहां चर्चा महज सोशल मीडिया पर एक-दूसरे का समर्थन करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आंदोलनों को राजनीतिक शक्ति में बदलने और उन्हें आपस में जोड़ने की घोषित रणनीति तक पहुंचती है। साथ ही फॉक्स न्यूज की जांच में अमेरिकी मूल के प्रौद्योगिकी उद्यमी नेविल रॉय सिंघम से जुड़े राजनीतिक और मीडिया संगठनों का भी उल्लेख किया गया है। नेविल रॉय सिंघम शंघाई में रहते हैं। रिपोर्ट में ब्रेकथ्रू न्यूज, कोडपिंक और पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन जैसे संगठनों को उस व्यापक नेटवर्क के संदर्भ में रखा गया है, जिसके बारे में जांच में सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये समूह समाचार कवरेज, सोशल मीडिया और राजनीतिक संदेशों के माध्यम से विभिन्न देशों में जारी आंदोलनों को व्यापक अंतरराष्ट्रीय विमर्श से जोड़ते हैं। ब्रेकथ्रू न्यूज ने फ्रांस और भारत के प्रदर्शनों को मितव्ययिता संबंधी नीतियों तथा सरकारी फैसलों के खिलाफ व्यापक आंदोलन के संदर्भ में प्रस्तुत किया है। साथ ही 14 अक्टूबर को ब्रेकथ्रू न्यूज के एक साक्षात्कार में कोडपिंक की सह-संस्थापक और सिंघम की पत्नी जोडी इवांस ने फ्रांस, स्पेन और भारत का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि लोग सड़कों पर क्यों नहीं उतर रहे हैं? यह बयान अलग-अलग देशों में विरोध प्रदर्शनों को एक साझा राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने की कोशिश को उजागर करता है। रिपोर्ट में ट्राइकॉन्टिनेंटल शोध संस्थान के प्रमुख विजय प्रसाद का भी उल्लेख है। 18 अक्टूबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर पेरिस, नई दिल्ली और ब्यूनस आयर्स का एक साथ संदर्भ दिया और लिखा कि आक्रोश शक्ति बन सकता है। ऐसे संदेशों से यह समझने का अवसर मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में विभिन्न देशों के आंदोलनों को किस तरह एक साथ प्रस्तुत किया जाता है। इस मामले का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की वेज़ एंड मीन्स समिति से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि जुलाई 2026 में समिति ने ब्रेकथ्रू न्यूज, ट्राइकॉन्टिनेंटल और पीपुल्स फोरम को समन जारी किए थे। इस घटनाक्रम ने इन संगठनों से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक और राजनीतिक ध्यान बढ़ाया है। साथ ही फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस में 24 अक्टूबर को ‘एक्त द्वितीय’ नाम से नए प्रदर्शनों की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा 20 नवंबर को यूरोप के कुछ हिस्सों में समन्वित युवा हड़ताल का आह्वान भी किया गया है। रिपोर्ट में जुलाई 2026 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की वेज़ एंड मीन्स समिति द्वारा ब्रेकथ्रू न्यूज, ट्राइकॉन्टिनेंटल और पीपुल्स फोरम को समन भेजे जाने का भी उल्लेख है। देखा जाये तो इस पूरे मामले का सवाल बेहद सीधा है कि क्या अलग-अलग देशों में स्थानीय मुद्दों पर उठने वाले विरोध को अंतरराष्ट्रीय संगठन साझा राजनीतिक अभियान में बदलने की कोशिश कर रहे हैं? फॉक्स न्यूज की जांच ने 101 संगठनों, भारत-फ्रांस संपर्कों, प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल और सिंघम से जुड़े समूहों का उल्लेख करके इस प्रश्न को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया है। बहरहाल, इस रिपोर्ट को पढ़ने के बाद यह तो कहा ही जा सकता है कि मोदी सरकार की सतर्कता और तैयारी ने भारत में फ्रांस, इटली और अल्बानिया जैसे हालात पैदा होने से बचा लिया।
कंगाल बना रहा ये शेयर, कल 20% तो आज 14% क्रैश, जानें वजह
eMudhra Stock Crash: शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई कंपनियों के शेयर टूट रहे हैं और इस बीच सबसे ज्यादा हाहाकार eMudhra Ltd Share में मचा हुआ है. बीते तीन कारोबारी दिनों में ही ये स्टॉक 34 फीसदी से ज्यादा फिसल गया है.
CCTV: कार की छत पर लिटाकर हाथ शीशों में फंसाए; 1.5 km बाद गिराकर कुचला
कानपुर में पुरानी रंजिश के चलते दबंगों ने 37 साल के बीरू सिंह को कार से टक्कर मारने के बाद 1.5 किलोमीटर तक घसीटा और फिर गाड़ी चढ़ा दी. गंभीर रूप से घायल बीरू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक के परिवार ने पुलिस पर केस दर्ज करने में देरी का आरोप लगाया है. पुलिस फिलहाल आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर उनकी तलाश में जुटी हुई है.
24 अक्टूबर से बुध होंगे वक्री, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत!
Budh Vakri 2026: 24 अक्टूबर 2026 से बुध वक्री होने जा रहे हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मेष, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को करियर, नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं. जानें बुध वक्री की तारीख, समय और किन राशियों को मिल सकता है लाभ.
10,000mAh बैटरी, 200MP कैमरा और 185Hz का डिस्प्ले, आ रहा वनप्लस फोन
OnePlus एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जो परफोर्मेंस सेंट्रिक स्मार्टफोन होगा. उसमें 10,000mAh की बैटरी, 200MP कैमरा और 185Hz का डिस्प्ले मिलेगा. इसका मुकाबला iQOO स्मार्टफोन से होगा.
तिहाड़ जेल से एक हफ्ते की न्यायिक हिरासत के बाद हाल ही में रिहा हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सह-संयोजकों-सौरव दास (Sourav Das) और आशुतोष रंका (Ashutosh Ranka) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (Crime Branch) ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए दोनों नेताओं को औपचारिक समन जारी किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, CJP के सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी समन भेजा गया है। यह जांच बिना अनुमति कहीं घुसने (trespassing) और किसी सरकारी अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने के आरोपों से जुड़ी है। दास और रंका को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है। यह समन तब आया है, जब ये दोनों नेता एक हफ्ते तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा हुए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्राइम ब्रांच उन दो मामलों की जांच कर रही है, जो CJP सदस्यों द्वारा जंतर-मंतर में घुसने और विरोध-प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश से जुड़े हैं। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। यह मांग मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर की गई थी। दो मामले क्राइम ब्रांच को सौंपे गए दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर की घटना से जुड़े दोनों मामलों को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। इनमें से एक मामला कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में, जबकि दूसरा संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, दास, रंका और CJP के अन्य सदस्यों ने जंतर-मंतर इलाके में घुसने की कोशिश की, जिसे अब विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह (designated protest site) नहीं माना जाता है। बताया जा रहा है कि यह समूह बैरिकेड्स पार करके एक निजी प्रतिष्ठान के रास्ते इलाके में दाखिल हो गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में सरकारी अधिकारी के आदेश की अवहेलना, बिना अनुमति कहीं घुसने (house trespass) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश रचने जैसे आरोप शामिल हैं। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज दूसरी FIR में सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, उन पर हमला करने और घटना के दौरान पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने के आरोप हैं। इन दोनों मामलों को विशेष जांच इकाई (क्राइम ब्रांच) को सौंपे जाने से, इस विरोध-प्रदर्शन की जांच में एक नया मोड़ आ गया है। न्यायिक हिरासत में सात दिन बिताने के बाद रिहाई बुधवार को दास और रंका तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। इससे पहले, एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दिल्ली पुलिस की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत को तीन दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी। ये दोनों नेता 14 अक्टूबर से हिरासत में थे। उन पर शांति भंग करने और पहले दिए गए 'शांति बॉन्ड' (पीस बॉन्ड) का उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई शुरू की गई थी। मजिस्ट्रेट ने उन्हें रिहा करने का आदेश तब दिया, जब उन्होंने 50,000-50,000 रुपये के निजी बॉन्ड और जमानत राशि जमा की। साथ ही, उन्होंने शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का लिखित वचन भी दिया। इस वचन के तहत, दोनों ने सहमति जताई कि जब तक जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां किसी प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में होने वाले कोई भी विरोध-प्रदर्शन संवैधानिक दायरे के भीतर ही होंगे। अदालत ने माना कि दोनों नेताओं द्वारा दिए गए आश्वासनों को देखते हुए, उन्हें और अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है। उन्हें अपने बॉन्ड और वचनों का पालन करने और आगे की कानूनी कार्यवाही में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन CJP के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) में गड़बड़ियां की गई हैं और कई मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इससे पहले, 10 अक्टूबर को एक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से ठीक पहले, इन दोनों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया था। तब उन्हें 50,000-50,000 रुपये के 'शांति बॉन्ड' भरने के बाद रिहा कर दिया गया था। 14 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने उन पर 'शांति बॉन्ड' के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू की। अब, दो FIR की जांच के सिलसिले में दास और रंका को क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए समन भेजा गया है। जब ये दोनों नेता जांच टीम के सामने पेश होंगे, तो इस मामले में आगे क्या होता है, यह देखना होगा। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
वाशिम के Malegaon में दुर्गा विसर्जन जुलूस पर पथराव, दो पक्षों में तनाव
महाराष्ट्र के वाशिम जिले के मालेगांव कस्बे में नवरात्र के बाद दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस पर कुछ लोगों ने पथराव किया जिससे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना बुधवार रात करीब 10 बजे विदर्भ क्षेत्र में स्थित मालेगांव के टीपू सुल्तान चौक के पास हुई। विसर्जन के दौरान उड़ाया गया गुलाल कथित तौर पर एक मकान पर गिरने के बाद यह घटना हुई। मालेगांव थाने के एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद कुछ व्यक्तियों ने विसर्जन में शामिल लोगों पर पथराव किया जिससे दो समूहों के बीच टकराव हो गया। घटना में कोई घायल नहीं हुआ। अधिकारी ने बताया कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति पर काबू पा लिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद शुरू में विसर्जन के आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक प्रतिमा विसर्जन नहीं किया जाएगा। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मालेगांव थाने के बाहर जमा हो गए। पुलिस के हस्तक्षेप और सुरक्षा व्यवस्था किए जाने के बाद बृहस्पतिवार तड़के करीब चार बजे प्रतिमा विसर्जन की विधि पूरी की गई। पुलिस ने बताया कि उसने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों पर विश्वास नहीं करने या अफवाहों को फैलाने से बचने की अपील की है।
दिल्ली में त्रिपुरा के युवक से कथित नस्लीय दुर्व्यवहार, वीडियो वायरल होने पर बढ़ा विवाद
दिल्ली में त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। इस मामले में कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन पर युवक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां करने, आपत्तिजनक इशारे करने और त्रिपुरा के लोगों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा […] यह लेख दिल्ली में त्रिपुरा के युवक से कथित नस्लीय दुर्व्यवहार, वीडियो वायरल होने पर बढ़ा विवाद सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
दिसंबर में बढ़ेगी गर्मी, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ का खतरा; भारत में बदल जाएगा मौसम का मिजाज
अल नीनो इस बार बेहद ताकतवर हो सकता है। WMO के मुताबिक, नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच प्रशांत महासागर का तापमान औसत से 3.8 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जा सकता है। दिसंबर में इसके चरम पर पहुंचने का अनुमान है।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में मचा हड़कंप, स्टार गेंदबाज पर लगा 2 मैचों का बैन
मेगन शूट का शुमार ऑस्ट्रेलिया की बेहतरीन तेज गेंदबाजों में होता है. मेगन शूट ने ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम के लिए अब तक 319 विकेट चटकाए हैं. मेगन शूट पर अब दो मैचों का बैन लगाया गया है.
'तुम अखिलेश से मिले हुए हो...', BJP विधायक ने युवक को मारा थप्पड़
महोबा जिले के चरखारी से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत ने राजकीय कृषि बीज भंडार पर छापा मारकर किसानों के लिए आए मुफ्त चने के बीज की 100 बोरियां पिकअप में ले जाते रंगे हाथों पकड़ा. संतोषजनक जवाब न मिलने पर विधायक ने गोदाम प्रभारी सोनू यादव को थप्पड़ जड़ दिया, जिसका वीडियो वायरल है. पुलिस ने वाहन, बीज और तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर जिला कृषि अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है.
राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक केंद्र बीकानेर हाउस (Bikaner House) में एक नया कलात्मक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे, युवा कलाकार और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा (Raihan Vadra) ने बीकानेर हाउस प्रशासन पर कलात्मक स्वतंत्रता (Artistic Freedom) को सीमित करने का गंभीर आरोप लगाया है। रेहान के अनुसार, बीकानेर हाउस प्रशासन ने उनकी नई फोटोग्राफी प्रदर्शनी से दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों (Protests) और युवा आंदोलनों से जुड़ी 75 तस्वीरों को जबरन हटवा दिया है। इस घटना के बाद कला जगत और राजनीतिक गलियारों में अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर बहस छिड़ गई है। प्रशासन ने इसके पीछे तस्वीरों के राजनीतिक संदर्भ और अपनी बुकिंग पॉलिसी का हवाला दिया, जबकि प्रदर्शनी का लेआउट उन्हें पहले ही दे दिया गया था। इन तस्वीरों को हटा दिए जाने के बाद, वे दोनों कमरे लगभग खाली हो गए। कलाकार का कहना है कि यह कलेक्शन उनके तीन साल के काम को दर्शाता है, न कि सिर्फ दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों को। रेहान ने 'इंडिया टुडे' से कहा, मुझे लगता है कि कला को किसी भी तरह से सीमित करना गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि किसी सांस्कृतिक संस्थान के लिए बड़ी संख्या में तस्वीरों को सिर्फ इसलिए हटा देना, क्योंकि उन्हें 'आपत्तिजनक' माना जा सकता है, बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। 'नो आइडिया इज़ फाइनल' (No Idea is Final) नाम की इस प्रदर्शनी में उनके तीन साल के फोटोग्राफी के काम को शामिल किया गया है। इसमें स्ट्रीट फोटोग्राफी, युवाओं के आंदोलन और दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें शामिल हैं। इस प्रदर्शनी में 100 से ज़्यादा तस्वीरें और कलाकृतियां हैं, जिनमें से दो कमरों में लगी 75 तस्वीरों पर प्रशासन ने आपत्ति जताई। प्रदर्शनी से पहले की घटनाओं के बारे में बताते हुए रेहान ने कहा कि उन्होंने 15 अक्टूबर को ही बीकानेर हाउस के साथ लेआउट साझा कर दिया था, और प्रशासन की ओर से उन्हें इसकी पुष्टि भी मिल गई थी। हालांकि, 20 अक्टूबर को प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही उन्हें बताया गया कि कुछ तस्वीरें शायद वेन्यू की बुकिंग पॉलिसी का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने कहा, मैंने कहा कि मैं इनमें से किसी भी तस्वीर को हटाने के लिए तैयार नहीं हूं। लेकिन अगर आपको सच में कोई दिक्कत है, तो आप मुझे लिखित में दें और बताएं कि आपको किन तस्वीरों से और क्यों परेशानी है। फिर हम इस पर चर्चा कर सकते हैं, शायद मैं कुछ तस्वीरों को बदल दूं। रेहान ने बताया कि 21 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे तक प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उन तस्वीरों को हटाना ही होगा। उन्होंने बताया कि बाद में प्रिंसिपल रेजिडेंट कमिश्नर ने उनसे कहा कि भारत और दिल्ली में जो कुछ हो रहा था, उसे देखते हुए इन तस्वीरों का समय और संदर्भ इन्हें राजनीतिक बना देता है, जो कि उस जगह की नीति के खिलाफ है। इस तर्क पर सवाल उठाते हुए, रेहान ने कहा कि किसी कलाकृति के राजनीतिक संदर्भ से यह तय नहीं होना चाहिए कि उसे प्रदर्शित किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 3:30 बजे प्रशासन ने चेतावनी दी कि अगर शाम 4 बजे तक तस्वीरें नहीं हटाई गईं, तो प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी और इमारत को सील कर दिया जाएगा। प्रदर्शनी शुरू होने में बस कुछ ही घंटे बचे थे, इसलिए रेहान और उनकी टीम ने शुरुआत में तस्वीरों को पलट दिया, जिससे फ्रेम का पिछला हिस्सा दर्शकों की तरफ हो गया। लेकिन, उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि तस्वीरों को पूरी तरह से हटाकर स्टोर में रख दिया जाए। रेहान के लिए यह विवाद काफी निराशाजनक था, क्योंकि बीकानेर हाउस में वे अक्सर अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करते रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2021 में उन्होंने वहां अपनी पहली प्रदर्शनी लगाई थी और तब से लगभग हर साल वे वहां आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस जगह को एक ऐसी जगह मानते थे जहां कलाकार बिना किसी रोक-टोक के, विषय की परवाह किए बिना, अपना काम पेश कर सकते हैं और खुद को अभिव्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा, अगर कोई चीज़ बहुत ज़्यादा राजनीतिक हो, जैसे कि उसमें नारे लिखे हों, या किसी कलाकृति में नग्नता हो, तो मैं समझ सकता हूँ। लेकिन सिर्फ इसलिए कि कोई चीज़ किसी को आपत्तिजनक लग सकती है, 75 तस्वीरों को एक साथ हटा देना सही नहीं है। रेहान ने तर्क दिया कि कोई सांस्कृतिक संस्थान कला का समर्थन करने का दावा नहीं कर सकता, अगर वह कलाकारों को अपना काम प्रदर्शित करने की आज़ादी ही न दे। उन्होंने कहा, अगर आप अभिव्यक्ति की आज़ादी को सीमित कर रहे हैं, तो आप खुद को सांस्कृतिक संस्थान या कला क्षेत्र का हिस्सा नहीं कह सकते। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या सत्ता में कोई भी राजनीतिक दल हो, नियम यही रहेंगे? उन्होंने तर्क दिया कि किसी कलाकृति को सिर्फ इसलिए नहीं हटाया जाना चाहिए क्योंकि सरकार में बैठे लोग उसके विषय से सहमत नहीं हैं। इस झटके के बावजूद, रेहान ने कहा कि वे नहीं चाहते थे कि उनकी और उनकी टीम की महीनों की मेहनत के बाद पूरी प्रदर्शनी ही रद्द हो जाए। प्रशासन को जिन तस्वीरों पर आपत्ति थी, उन्हें दो कमरों से हटा दिया गया है, जबकि प्रदर्शनी का बाकी हिस्सा योजना के अनुसार रविवार तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली में कोई ऐसी दूसरी जगह तलाश रहे हैं, जहाँ अगले महीने इन हटाई गई तस्वीरों को प्रदर्शित किया जा सके। दिसंबर में यह प्रदर्शनी बेंगलुरु भी जाएगी, जहाँ इन कलाकृतियों को दिखाया जाएगा। तस्वीरों को हटाए जाने के कारण बीकानेर हाउस की CCA बिल्डिंग में प्रदर्शनी वाली जगह पर खाली जगहें साफ नजर आ रही हैं; पहली मंजिल के दो कमरे लगभग खाली हैं और लाल दीवारों पर अभी भी वे कीलें दिख रही हैं, जिन पर तस्वीरें टंगी हुई थीं। बाकी खाली दीवारों पर संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां लगा दी गई हैं। बीकानेर हाउस के एक अधिकारी ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस कदम को बेतुका बताया इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे की तस्वीरों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इनमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है, ये बस कुछ घटनाओं को दर्शाती हैं। यह चेतावनी देते हुए कि अन्य कलाकारों को भी ऐसी ही पाबंदियों का सामना करना पड़ सकता है, उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, अब यह लोकतंत्र नहीं रहा। आज उनके साथ ऐसा हुआ है, कल किसी और कलाकार के साथ होगा। एक्स (X) पर एक पोस्ट में, प्रियंका ने रेहान के प्रति अपना समर्थन जताते हुए कहा, जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है, तो उसे शायद इस बात का एहसास नहीं होता, लेकिन वह असल में उसी ताकत को खो चुका होता है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, तुम सच के साथ खड़े रहो, और हर खूबसूरत चीज़ खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है, और हमेशा रहेगा। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
उस राफेल का समुद्री टेस्ट शुरू जिससे PAK को बनाया था बेवकूफ
भारतीय नौसेना गोवा में राफेल मरीन विमान के उड़ान परीक्षण कर रही है. ये फाइटर जेट INS विक्रांत पर तैनात होंगे. 2025 में 26 विमानों का डील हुआ था. डिलीवरी 2028-29 में शुरू होगी.
राज ठाकरे का बयान, देश में चार-पांच महीने के भीतर होगा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम, मची सनसनी
इंटरनेट डेस्क। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे अपने बयानों को लेकर जाने जाते है। उन्होंने देश की राजनीति को लेकर एक बड़ा और सनसनी फैला देने वाला दावा किया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो उन्होंने कहा कि देश में अगले चार से पांच महीने के भीतर बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर भी हैरानी नहीं होगी अगर कुछ समय के लिए देश में प्रधानमंत्री का पद खाली हो जाए। मीडिया रिपोटर्स की माने तो राज ठाकरे ने चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। साधा निशाना मीडिया रिपोटर्स की माने तो मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे ने बेरोजगारी, महंगाई और परीक्षा के पेपर लीक होने जैसे मुद्दों पर जनता की नाराजगी का जिक्र किया। उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति और आने वाले दिनों में अनाज की कमी होने की आशंका भी जताई। मनसे प्रमुख के मुताबिक, आने वाले समय में सरकार के सामने हालात संभालने की चुनौती खड़ी हो सकती है। बैलेट पेपर से हो चुनाव राज ठाकरे ने कहा कि वह 2018 से ही चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने की मांग करते आ रहे हैं। इस मुद्दे पर वह सोनिया गांधी, शरद पवार और ममता बनर्जी समेत कई राजनीतिक नेताओं से भी मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतना या हारना अलग बात है, लेकिन मतदाताओं को इस बात का भरोसा और संतुष्टि होनी चाहिए कि उनका वोट उसी उम्मीदवार को मिला है, जिसे उन्होंने चुना था। pc- india tv hindi
सौरभ-आशुतोष ने फिर खोला ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा, ध्रुव बोले- फ्रीडम फाइटर
सीजेपी के प्रमुख चेहरे सौरभ दास और आशुतोष रांका जेल से बाहर आ गए हैं।
दो तिहाई बहुमत की चर्चा के बीच फिर आए राज्यसभा उपचुनाव, परिसीमन बिल पर हलचल
केंद्रीय मंत्री रहे वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता एल मुरुगन ने मंत्री परिषद और राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद एक सीट खाली हो गई थी, जिसपर नवंबर में उपचुनाव होने हैं। इससे पहले यूपी की 10 सीटों पर चुनाव हुए थे।
'मैं ट्रैवल एजेंट नहीं हूं...': राहुल गांधी के वियतनाम दौरे संबंधी सवाल पर भड़के शशि थरूर
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच राहुल गांधी के विदेश दौरे पर पूछे गए एक तीखे सवाल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर भड़क गए। उन्होंने कहा कि मैं कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हूं। एक तरफ जहां कांग्रेस नेता के वियतनाम दौरे को लेकर बीजेपी ...
'सच के साथ खड़े रहिए', रेहान की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटने पर बोलीं प्रियंका
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आप जो सच है उसके साथ खड़े रहिए, हर खूबसूरत चीज आपके पास अपना रास्ता खोज लेगी.
टाइगर श्रॉफ केस: ऑटो से की सितारों के घर की रेकी, दिए 1000 रुपये
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में नया खुलासा हुआ है. क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर 1,000 रुपये देकर ऑटो चालकों की मदद से कई बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी की. मामले में BNS की धारा 111 भी जोड़ी गई है. जानिए पूरी खबर.
इंडक्शन पर कौन से बर्तन का इस्तेमाल करें?
कई बार लोग इंडक्शन खरीद तो लेते हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं समझ आता कि इस पर कौन-सा बर्तन इस्तेमाल करना चाहिए. क्या आपके साथ भी ऐसा होता है? अगर हां, तो स्टोरी पूरी पढ़ें.
नाश्ते में सिंघाड़े के आटे से बनाएं लौकी के पराठे, मजे से खाएंगे सब!
आलू-गोभी के पराठे तो घर में अक्सर बनाए जाते हैं, लेकिन इस बार सर्दियों के नाश्ते में सिंघाड़ा-लौकी पराठा ट्राई करें. यह बहुत हेल्दी भी होता है और इसे बनाने में बिल्कुल समय भी नहीं लगता है. आइए आपको शेफ संजीव कपूर की आसान रेसिपी बताते हैं.
अनुपम खेर ने शेयर किया इमोशनल नोट, कहा- मां से मिले दो महीने हो गए, पूछ रही हैं, 'तू कब आएगा?'
दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों घर और परिवार से दूर अपने काम में व्यस्त चल रहे हैं। अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी मां दुलारी को याद करते हुए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि मां से मिले हुए लगभग दो महीने हो गए हैं।
शिवा की मौत कैसे हुई, 9 की शाम क्या हुआ.. श्रद्धा से पूछताछ के लिए पुलिस के सवाल तैयार
शिवा शर्मा हत्याकांड में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से लखनऊ लाया जा रहा है. पुलिस मौत की वजह, कथित रिश्ते, वायरल ऑडियो और फरारी के नेटवर्क को लेकर पूछताछ करेगी.
CA इंटरमीडिएट रिजल्ट जारी, नील राजेश शाह और चंदक शाक्षी ने किया टॉप
CA Intermediate Result Out: सीए इंटरमीडिएट रिजल्ट का इंतजार खत्म हो चुका है. ICAI ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट जारी कर दिया है.
फ्रांस में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और कई इलाकों में लगाए गए कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए ए
Chandrayaan 1 का सफल प्रक्षेपण आज ही के दिन 2008 में हुआ था
इतिहास के पन्नों में 22 अक्टूबर का दिन भारत के लिए अंतरिक्ष की एक बड़ी उपलब्धि के साथ जुड़ा है। दरअसल, 22 अक्टूबर 2008 को भारत ने अपने पहले चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-1’ का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया था। श्रीहरिकोटा में प्रक्षेपण स्थल पर कई दिन की बारिश और खराब मौसम के बाद आखिरकार भारत ने इस दिन ‘चंद्रयान-1’ के रूप में अपने पहले मानवरहित चंद्र अभियान को अमली जामा पहनाया तथा आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से देश के पहले चंद्र मिशन चंद्रयान-1 का सफल प्रक्षेपण किया गया था। इस मिशन ने चंद्रमा की सतह पर पानी के अणुओं की मौजूदगी की खोज करके दुनिया को चौंका दिया था। इस मिशन में पृथ्वी के इकलौते उपग्रह की सतह पर गया ‘मून इम्पैक्ट प्रोब’ 14 नवंबर 2008 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जवाहर पॉइंट नामक स्थान पर पहुंचा था। अंतरिक्ष यान से 29 अगस्त 2009 को संपर्क टूट गया था। देश-दुनिया के इतिहास में 22 अक्टूबर की तारीख में दर्ज प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1680 : मेवाड़ के राणा राज सिंह की मृत्यु। 1797 : फ्रांसीसी सेना के आंद्रे-जैक्स गार्नेरिन ने सेना के लिए गुब्बारों के इस्तेमाल की हिमायत करते हुए एक विशाल गुब्बारा बनाया और करीब 3200 फुट की ऊंचाई से हवा में छलांग लगाकर पैराशूटिंग का प्रदर्शन किया। 1900 : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे जांबाज क्रांतिकारियों में से एक अशफाकउल्ला खान का जन्म। 1947 : पाकिस्तान की ओर से आए कबायली लड़ाकों ने जम्मू-कश्मीर पर हमला किया। यह घटना पहले भारत-पाकिस्तान युद्ध की शुरुआत से जुड़ी है1963 : भारत की सबसे बड़ी बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजना भाखड़ा नांगल राष्ट्र को समर्पित की गई। 1964 : फ्रांसीसी दार्शनिक एवं लेखक ज्यां-पॉल सार्त्र ने अपनी स्वतंत्र सोच और वैचारिक निष्ठा बनाए रखने के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार स्वीकार करने से इनकार कर दिया। 1975 : सोवियत अंतरिक्ष यान वेनेरा-नौ शुक्र ग्रह की सतह पर उतरा और किसी अन्य ग्रह की सतह से पहली बार ऐतिहासिक ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी थीं। 2008 : भारत ने अपना पहला मानवरहित चंद्र अभियान शुरू किया और ‘चंद्रयान-1’ को सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। 2010 : विकिलीक्स ने इराक और अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े हजारों गोपनीय अमेरिकी दस्तावेज सार्वजनिक किए। 2011 : पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बिजनबाड़ी में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की बैठक के दौरान एक पुराना लकड़ी का पैदल पुल टूट गया, जिससे 32 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। 2012 : अमेरिकी साइकिल चालक लांस आर्मस्ट्रांग से डोपिंग के आरोपों के बाद उनके 1999 से 2005 के बीच जीते गए सात टूर डी फ्रांस खिताब औपचारिक रूप से छीन लिए गए और उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। 2018 : ताइवान में हुए एक भीषण ट्रेन हादसे में 18 लोगों की मौत, 170 से अधिक घायल। 2023 : नेपाल में 6.3 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 157 लोगों की मौत, 357 लोग हुए घायल। 2025 : नाइजारिया में गैसोलीन से भरे एक टैंकर में विस्फोट होने से 31 लोगों की मौत।
टीम में जगह बचाने की जंग! कंगारू खिलाड़ियों पर दिग्गज का तीखा वार
साइमन कैटिच ने ऑस्ट्रेलियाई टीम के कई खिलाड़ियों के करियर पर दबाव होने की बात कही है. मार्नस लाबुशेन की लगातार खराब फॉर्म ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की चिंता बढ़ा दी है.
इंस्टाग्राम पर आईं सोनिया गांधी, अपनी पहली किताब की दिखाई झलक
सोनिया गांधी ने इसे प्यार, कर्तव्य, नुकसान और अपनापन खोजने की कहानी बताया। उन्होंने इसकी जानकारी अपने इंस्टाग्राम के जरिए दी। यह उनकी पहली इंस्टाग्राम पोस्ट है।
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष से भिड़ गया गाड़ी का वेंडर? वीडियो वायरल
बिहार की राजधानी पटना में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के साथ बदसलूकी का वीडियो वायरल हो रहा है. दावा है कि गाड़ी के बकाया पैसे को लेकर हुए विवाद में कुछ लोगों ने उन्हें गाड़ी से बाहर खींचने की कोशिश की. घटना का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने प्रशांत किशोर और जन सुराज पर निशाना साधा. घटना करीब एक सप्ताह पहले की बताई जा रही है.
पांचवीं मंजिल पर टहल रही सायरा को लगा झटका, बाद में चला पता लगी है गोली
भोपाल में हैदर टावर की पांचवीं मंजिल की छत पर टहल रही सायरा खान के पैर में गोली लगने का मामला सामने आया है. महिला को शुरुआत में पैर में कुछ चुभने का एहसास हुआ था, लेकिन अस्पताल में जांच के दौरान गोली लगने की पुष्टि हुई. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और संबंधित फ्लैट को सील किया.

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