Amitabh Bachchan का जन्मदिन आज, 11 अक्टूबर के इतिहास में दर्ज हैं ये बड़ी घटनाएं
साल के दसवें महीने की 11वीं तारीख को जन्मे इस शख्स को कोई ‘एंग्री यंगमैन’ कहता है, कोई ‘सदी का महानायक’, कोई ‘बिग बी’ तो कोई ‘शहंशाह’, उनके जितने प्रशंसक, उतने ही नाम। हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के सर्वकालिक लोकप्रिय अदाकार अमिताभ बच्चन की। भारत के सिनेमा के इतिहास में युग पुरुष का दर्जा रखने वाले हरदिल अजीज कलाकार अमिताभ का जन्म 11 अक्टूबर को ही हुआ था। इलाहाबाद में 11 अक्टूबर 1942 को जन्मे अमिताभ ने 1969 में फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की, लेकिन 1973 में आई फिल्म ‘जंजीर’ में पुलिस इंस्पेक्टर की उनकी भूमिका ने उन्हें ‘एंग्री यंगमैन’ का तमगा दिलाया और उसके बाद ‘दीवार’ और ‘शोले’ जैसी फिल्मों ने उन्हें एक अभिनेता के तौर पर स्थापित कर दिया। इसके बाद की कहानी अपने आप में किसी परीकथा से कम नहीं। देश-दुनिया के इतिहास में 11 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1902 : प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिक नेता और लोकनायक के नाम से पुकारे गए जयप्रकाश नारायण का जन्म। 1923 : विश्व प्रसिद्ध गणितज्ञ हरीश चंद्र का जन्म। उन्होंने आधुनिक गणित की एक छोटी शाखा पर काम किया और उसे इस हद तक विकसित कर दिया कि दुनियाभर के गणितज्ञ उस शाखा की ओर आकर्षित हुए। 1942 : हिंदी सिनेमा के युग पुरुष अमिताभ बच्चन का जन्मदिन। 1987 : भारतीय शांति सेना ने श्रीलंका में ‘ऑपरेशन पवन’ शुरू किया। इसका उद्देश्य जाफना को लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के कब्जे से मुक्त कराना था। 2000 : ‘इंटरनेशनल वुमन ऑफ द ईयर एसोसिएशन’ ने अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला रूस की वालेंतिना वी तेरेशकोवा को ‘ग्रेटेस्ट वुमन एचीवर ऑफ द सेंचुरी अवार्ड’ देकर सम्मानित किया। 2002 : अमेरिकी कांग्रेस ने एक प्रस्ताव पारित कर तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को इराक के खिलाफ बल प्रयोग के लिए व्यापक अधिकार दिए। 2002 : नेपाल नरेश ज्ञानेन्द्र द्वारा लोकेन्द्र बहादुर को प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया। 2005 : तीसरे अंतरिक्ष पर्यटक ग्रेगोरी ओल्सन पृथ्वी पर लौटे। 2007 : ब्रिटेन के उपन्यासकार डोरिस लैसिंग को वर्ष 2007 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया। 2008 : तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर की घाटी में चली पहली रेलगाड़ी को कोनौगांव स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 2022 : नासा का अंतरिक्ष यान डार्ट लगभग 1.10 करोड़ किलोमीटर दूर 22,500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से डिमोरफोस नामक यान क्षुद्र ग्रह से टकराने के साथ उसकी कक्षा बदलने में सफल रहा। 2023 : इजराइली हमलों में गाजा के इलाके खंडहर बने, ईंधन के अभाव में एकमात्र बिजली संयंत्र बंद।
SIR पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन पर बरसे CM धामी, बोले- अपने शासनकाल का इतिहास देखे कांग्रेस
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के विरोध पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए, क्योंकि उस समय भी मतदाता सूचियों का ...
अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को कोर्ट ने छोड़ा, इस शर्त पर दी रिहाई
दिल्ली में रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेशी हुई. इसके बाद अदालत ने तीनों को रिहा कर दिया है. CJP ने तीनों लीडर्स की रिहाई पर खुशी जताते हुए कहा कि 'कॉकरोच कभी नहीं मरते.'
केंद्र सरकार द्वारा जून 2022 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी 'अग्निपथ योजना' (Agnipath Scheme) अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच चुकी है। थल सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का 4 वर्ष का निर्धारित कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। नौसेना और वायुसेना के पहले बैच की विदाई (Exit Window) अक्टूबर-नवंबर 2026 में और भारतीय सेना (Army) के बड़े बैचों की विदाई दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच निर्धारित है। नियमों के तहत कुल बैच में से अधिकतम 25 प्रतिशत उत्कृष्ट अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में नियमित (परमानेंट) कैडर के रूप में आगे की 15 साल की पूर्ण सेवा के लिए चुना जाएगा। वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीर एकमुश्त वित्तीय पैकेज, विशिष्ट प्रमाण पत्रों और भविष्य के रोजगार सुरक्षा विकल्पों के साथ नागरिक जीवन में वापस लौटेंगे।11.71 लाख रुपये का एकमुश्त 'सेवा निधि' पैकेज: पूरी तरह आयकर मुक्तचार साल का सफल कार्यकाल पूरा करने के बाद बाहर निकलने वाले अग्निवीरों को वित्तीय संबल के रूप में 'सेवा निधि' (Seva Nidhi) पैकेज प्रदान किया जाएगा। 4 साल के दौरान अग्निवीर के मासिक वेतन से 30% राशि की कटौती की जाती रही है और उतनी ही समान राशि (30%) केंद्र सरकार द्वारा उनके कॉर्पस फंड में हर महीने जमा की गई है। इस तरह 4 साल में मूल अंशदान लगभग 10.04 लाख रुपये बनता है, जिस पर अर्जित ब्याज को जोड़कर यह पैकेज कुल लगभग 11.71 लाख रुपये का हो जाता है। इस सेवा निधि पैकेज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह से इनकम टैक्स से मुक्त (Tax-Exempted) है। इसके अलावा, अग्निवीरों को अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) और रियायती दरों पर बैंक लोन की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है।सरकारी नौकरियों में आरक्षण: CAPF, असम राइफल्स और राज्य पुलिस में बंपर मौकेसशस्त्र बलों से बाहर आने वाले 75% अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने कई बड़े नीतिगत फैसले लिए हैं। गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF - BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) के पदों पर पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षण का विशेष प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में छूट और ऊपरी आयु सीमा में 3 से 5 वर्ष तक की विशेष छूट का लाभ दिया जाएगा। राज्य स्तर पर भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और राजस्थान जैसी सरकारों ने अपने पुलिस बलों, वन रक्षकों और जेल वार्डर की सीधी भर्ती में पूर्व-अग्निवीरों के लिए 10% से 20% तक का क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) और सीधी वरीयता देने की नियमावली अधिसूचित की है।स्किल सर्टिफिकेट और 12वीं की डिग्री: उच्च शिक्षा व कॉर्पोरेट सेक्टर में रास्ते खुले4 साल के सैन्य प्रशिक्षण और अनुशासन के बाद समाज में लौटने वाले युवाओं के लिए शिक्षा और कॉर्पोरेट सेक्टर के दरवाजे भी पूरी तरह खुले रखे गए हैं। रक्षा मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय के समन्वय से प्रत्येक अग्निवीर को एक मानकीकृत 'अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट' (Agniveer Skill Certificate) दिया जाएगा, जिसमें उनकी तकनीकी दक्षता, नेतृत्व क्षमता, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल स्किल्स का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। 10वीं पास के आधार पर भर्ती हुए युवाओं को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से विशेष 12वीं कक्षा का समकक्ष प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं, उच्च शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के माध्यम से 3-वर्षीय इन-सर्विस कस्टमाइज्ड स्किल-बेस्ड डिग्री प्रोग्राम की व्यवस्था की गई है। देश के प्रमुख कॉर्पोरेट घरानों और निजी सुरक्षा एजेंसियों ने भी पूर्व-अग्निवीरों को लॉजिस्टिक्स, सिक्योरिटी, एडमिनिस्ट्रेशन और एविएशन सेक्टर में सीधी नौकरी देने के लिए विशेष हायरिंग नीतियां तैयार की हैं।पेंशन नहीं, लेकिन जीवन बीमा और सामाजिक प्रतिष्ठा का मजबूत कवचनागरिक जीवन में लौटने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तरह मासिक आजीवन पेंशन या ग्रेच्युटी की पात्रता नहीं होती। हालांकि, 4 साल की सेवा अवधि के दौरान उन्हें 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा (Non-contributory Life Insurance) कवर उपलब्ध कराया गया था। कार्यकाल पूरा होने पर 22 से 25 वर्ष की युवा आयु में लगभग 11.71 लाख रुपये की पूंजी, सरकारी नौकरियों में आयु व आरक्षण की छूट और विशिष्ट सैन्य प्रशिक्षण का यह संयोजन पूर्व-अग्निवीरों को अन्य युवाओं की तुलना में करियर की दूसरी पारी शुरू करने के लिए एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी मंच प्रदान करता है।
UP के मंदिरों में आस्था का सैलाब, दर्शन के लिए लगी भक्तों की लाइने
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन उत्तर प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी, कौशांबी के कड़ा धाम में मां शीतला, प्रयागराज के अलोप शंकरी मंदिर और झांसी के पंचकुइया मंदिर में भक्तों ने दर्शन-पूजन किया.
दर-दर मांगी भिक्षा, नहीं था घर, कैसे अनिरुद्धाचार्य बने Pookie Baba?
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने जीवन के उन पन्नों से पर्दा उठाया है, जिन्हें सुनकर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर मिले नए टैग 'पूकी बाबा' पर भी अपना रिएक्शन दिया.
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज 11 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे देश भर के सभी शहरों के लिए पेट्रोल और डीजल के खुदरा विक्रय मूल्य जारी कर दिए हैं। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय बाजार में ईंधन के खुदरा भाव में व्यापक स्थिरता देखी जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ईंधन की कीमतें बिना किसी बड़े बदलाव के अपने पूर्व स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं। आम जनता, निजी वाहन चालकों और माल ढुलाई से जुड़े ट्रांसपोर्टरों के लिए यह राहत की बात है कि त्योहारी सीजन के दौरान पेट्रोल और डीजल की दरों में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं की गई है।प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के आज के दामदेश के प्रमुख चार महानगरों में राज्यस्तरीय वैट और लोकल टैक्स के अंतर के कारण ईंधन की दरों में भिन्नता देखने को मिलती है। आज 11 अक्टूबर 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की दर 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। वहीं तमिलनाडु के चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 107.76 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। दिल्ली में अन्य महानगरों की तुलना में वैट की दरें कम होने के कारण ईंधन सबसे सस्ता बना हुआ है।उत्तर प्रदेश और लखनऊ में आज के ताजा रेट्सउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में भी तेल कंपनियों ने स्थानीय स्तर पर मामूली समायोजन के साथ कीमतें स्थिर रखी हैं। लखनऊ में आज पेट्रोल का भाव 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। इसके अलावा दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल लगभग 101.96 रुपये और डीजल 95.37 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। गाजियाबाद में पेट्रोल की दर 101.29 रुपये और डीजल 95.29 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। कानपुर में पेट्रोल 101.65 रुपये और डीजल 95.06 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। वहीं ताजनगरी आगरा में पेट्रोल 101.52 रुपये और डीजल 95.14 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है।शहर-दर-शहर क्यों अलग होते हैं पेट्रोल और डीजल के दाम?देश में केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर समान एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) लगाई जाती है, लेकिन प्रत्येक राज्य सरकार अपने स्तर पर अलग-अलग वैट (वैल्यू ऐडेड टैक्स) और स्थानीय उपकर (Cess) वसूलती है। इसके अतिरिक्त, रिफाइनरी से लेकर पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाने का परिवहन खर्च (फ्रेट चार्ज) भी दूरी के हिसाब से जुड़ता है। यही कारण है कि तटीय या रिफाइनरी वाले इलाकों और कम वैट वाले राज्यों में ईंधन सस्ता होता है, जबकि दूरदराज के पर्वतीय इलाकों या ऊंचे वैट वाले राज्यों (जैसे राजस्थान, तेलंगाना, महाराष्ट्र) में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें अधिक दर्ज की जाती हैं।घर बैठे SMS और WhatsApp से ऐसे चेक करें अपने शहर के ताजा दामतेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे नए रेट्स अपडेट करती हैं। आम उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन से मात्र एक साधारण एसएमएस भेजकर अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के ताजा भाव तुरंत जान सकते हैं। इसके लिए इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP लिखकर 9224992249 पर भेज सकते हैं। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के उपभोक्ता RSP लिखकर 9223112222 पर मैसेज कर सकते हैं। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE लिखकर 9222201122 पर भेजकर अपने शहर के सटीक रेट्स जान सकते हैं। इसके अलावा संबंधित तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेबसाइट्स पर भी लाइव दरें जांची जा सकती हैं।
कमाल है माथे पर चिपकाने वाला गैजेट, हैरान कर देंगे फीचर, इतनी है कीमत
ZOMATO वाले दीपिंदर गोयल खास डिवाइस लेकर आ रहे हैं, जिसको माथे पर चिपकाया जाता है. यह डिवाइस बेहद ही यूनिक टेक्नोलॉजी पर हेल्थ ट्रैकिंग करता है, जो कई लोगों को हैरान कर सकती है. इसकी कीमत 72000 रुपये तक हो सकती है. ये जानकारी मीडिया रिपोर्टस से मिली है.
रूस और यूक्रेन के बीच जारी खूनी संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की कार्यशैली और युद्ध नीतियों पर खुला आक्रोश जताते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति मिले जो शांति समझौता (Peace Deal) करने में सक्षम हो। ट्रंप ने जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उनके पास रूस के साथ शांति वार्ता और युद्धविराम के कई अवसर थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर हर समझौते को ठुकराया। ट्रंप के इस बयान से वाशिंगटन, कीव और यूरोपीय संघ के राजनयिक गलियारों में सनसनी फैल गई है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्धग्रस्त सहयोगी देश के सर्वोच्च नेतृत्व को बदलने की सार्वजनिक वकालत की है।रूसी रिफाइनरियों पर हमलों से भड़के ट्रंप: 'जेलेंस्की तुरंत हमलों को रोकें, यह दुनिया की समस्या है'डोनाल्ड ट्रंप के इस कड़े गुस्से की तात्कालिक वजह यूक्रेन द्वारा रूस की डीजल रिफाइनरियों और तेल बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे लगातार ड्रोन व मिसाइल हमले हैं। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने जेलेंस्की को पहले ही स्पष्ट रूप से चेतावनी दी थी कि वे रूसी तेल और ईंधन रिफाइनरियों को निशाना न बनाएं। ट्रंप ने तल्ख लहजे में कहा कि हमने जेलेंस्की से कहा था कि रूस के साथ आप जो चाहे करें, लेकिन रिफाइनरियों पर हमला न करें क्योंकि डीजल की कमी एक वैश्विक संकट बन चुकी है। ट्रंप ने कहा कि चेतावनी के बावजूद यूक्रेन ने सीधे रूस के डीजल संयंत्रों पर हमले जारी रखे, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और अमेरिकी किसानों व आम जनता पर इसका सीधा बोझ पड़ रहा है। ट्रंप ने जेलेंस्की को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें इन हमलों को हर हाल में तुरंत बंद करना होगा।पुतिन से ट्रंप की फोन पर 90 मिनट लंबी बातचीत और ऐतिहासिक 'डीजल डील'ट्रंप का यह बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी लंबी बातचीत और रूस-अमेरिका के बीच हुए एक बड़े डीजल आपूर्ति समझौते के ठीक एक दिन बाद आया है। मॉस्को में क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, पुतिन और ट्रंप के बीच शुक्रवार को लगभग 90 मिनट तक बेहद सकारात्मक, व्यावहारिक और दोस्ताना माहौल में टेलीफोनिक वार्ता हुई, जिसमें दोनों ही नेता पहले फोन नहीं काटना चाहते थे। इसके तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में आसमान छूती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए रूस से लाखों टन डीजल आयात करने और रूसी डीजल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा कर दी। इस फैसले से साफ जाहिर होता है कि ट्रंप अब पुतिन के साथ सीधे संवाद और आर्थिक लेनदेन के पक्ष में हैं, जबकि दूसरी ओर यूक्रेनी नेतृत्व के प्रति उनका रुख लगातार कठोर होता जा रहा है।जेलेंस्की का तीखा पलटवार: 'पुतिन को दिए जा रहे तोहफों से शांति नहीं आएगी'ट्रंप के इस रुख और अमेरिका-रूस डीजल समझौते पर यूक्रेन की ओर से बेहद तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए इसे यूक्रेन और पश्चिमी देशों की एकता के साथ विश्वासघात की संज्ञा दी। जेलेंस्की ने लिखा कि रूस ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंध हटाए जाने का आभार ज़ापोरिजिया के रिहायशी इलाकों पर पांच ग्लाइड बम गिराकर व्यक्त किया है। जेलेंस्की ने आगे कहा कि पुतिन को दी जाने वाली कोई भी रियायत या तोहफा सभ्य दुनिया में शांति नहीं ला सकता, बल्कि यह मॉस्को को यह संदेश देता है कि वह बेखौफ होकर शहरों पर बमबारी जारी रख सकता है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि रणनीतिक साझेदार एक-दूसरे के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करते।जंग में भारी तबाही और ट्रंप का दावा: 'मैं होता तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता'जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध में हुए जान-माल के नुकसान का पूरा ठीकरा यूक्रेनी नेतृत्व की अकुशलता पर फोड़ दिया। ट्रंप ने कहा कि अगर वे 2022 में सत्ता में होते, तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता। ट्रंप के अनुसार, जेलेंस्की की गलत रणनीतियों के कारण यूक्रेन ने अपने देश का 30 फीसदी से ज्यादा भूभाग गंवा दिया है और दोनों पक्षों के लाखों सैनिकों व नागरिकों की जान जा चुकी है। ट्रंप का मानना है कि यूक्रेनी नेतृत्व यदि समय रहते यथार्थवादी रुख अपनाता, तो यह विनाशकारी संघर्ष बहुत पहले रुक सकता था। ट्रंप के इस बयान ने आगामी हफ्तों में यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी सैन्य व वित्तीय सहायता के भविष्य पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यूरोप और नाटो सहयोगियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
हेरोइन, नशीले कैप्सूल और कैश... आधी रात DM वर्षा सिंह का मेगा एक्शन!
बिहार के वैशाली में नशे के कारोबार के खिलाफ आधी रात प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया. डीएम वर्षा सिंह की देखरेख में हाजीपुर, महुआ और महनार में छापेमारी की गई. इस दौरान 75 ग्राम हेरोइन, 142 नशीले कैप्सूल और 50 हजार रुपये नकद बरामद हुए, जबकि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
अक्टूबर का महीना शुरू होते ही देश भर में त्योहारी माहौल चरम पर है और इसी बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा 11 अक्टूबर 2026 को एलपीजी सिलेंडर के ताजा भाव अपडेट कर दिए गए हैं। त्योहारी सीजन में आम आदमी की रसोई के बजट को ध्यान में रखते हुए 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे गृहिणियों और आम परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बिहार की राजधानी पटना और उत्तर प्रदेश के लखनऊ तक घरेलू गैस सिलेंडर के दाम पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, कमर्शियल गतिविधियों, रेस्टोरेंट्स, मिठाई की दुकानों और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के नीले कमर्शियल सिलेंडर पर अक्टूबर की शुरुआत में की गई मूल्य वृद्धि का असर बाजारों में साफ देखा जा रहा है। त्योहारी मांग बढ़ने के बीच गैस वितरण कंपनियों ने आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रखने के निर्देश जारी किए हैं।दिल्ली से पटना तक 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर के ताजा रेट्सभारतीय तेल कंपनियों के आधिकारिक पोर्टल पर जारी आंकड़ों के अनुसार, महानगरों और प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले गैर-सब्सिडी घरेलू एलपीजी सिलेंडर के भाव में स्थिरता बनी हुई है। देश की राजधानी नई दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 803 रुपये में उपलब्ध है। वहीं, आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत 802.50 रुपये है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर 829 रुपये में मिल रहा है, जबकि चेन्नई में यह 818.50 रुपये पर बिक रहा है। उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलो का सिलेंडर लगभग 840.50 रुपये पर बना हुआ है। वहीं, बिहार के पटना में स्थानीय वैट और अधिक परिवहन लागत के चलते घरेलू सिलेंडर की दर 1031.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर स्थिर है। घरेलू सिलेंडर की कीमतों में लंबे समय से कोई बड़ा फेरबदल न होने के कारण त्योहारों के समय मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट संतुलित बना हुआ है।19 किलो कमर्शियल गैस सिलेंडर: रेस्टोरेंट्स और मिठाई कारोबारियों पर असरघरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने के विपरीत, कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में अक्टूबर माह की शुरुआत में जो बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, उसका प्रभाव 11 अक्टूबर को भी जारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़कर 1,802 रुपये के करीब पहुंच चुकी है। वहीं कोलकाता में यह 1,911.50 रुपये, मुंबई में लगभग 1,754 रुपये और चेन्नई में 1,964 रुपये प्रति सिलेंडर के स्तर पर बिक रहा है। बिहार की राजधानी पटना में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का दाम लगभग 3,100.50 रुपये के उच्च स्तर पर दर्ज किया गया है। दशहरा, करवा चौथ, धनतेरस और दिवाली के इस व्यस्त त्योहारी सीजन में हलवाइयों, होटल संचालकों, स्ट्रीट फूड वेंडर्स और कैटरिंग कारोबारियों के लिए गैस की बढ़ी कीमतें लागत में इजाफा कर रही हैं। कारोबारी संगठनों का कहना है कि कमर्शियल गैस महंगी होने से बाहर का खाना-पीना और मिठाइयों की पैकेजिंग लागत पर सीधा असर पड़ रहा है।उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी जारीकेंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के तहत पंजीकृत गरीब परिवारों को एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली राहत लगातार जारी है। योजना के अंतर्गत आने वाले लगभग 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सीधी सब्सिडी (Direct Benefit Transfer - DBT) उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इसका मतलब यह है कि जहां दिल्ली में आम उपभोक्ता को घरेलू गैस सिलेंडर 803 रुपये का पड़ रहा है, वहीं उज्ज्वला योजना के पात्र परिवारों को यह प्रभावी रूप से मात्र 503 रुपये में प्राप्त हो रहा है। इसी प्रकार पटना और लखनऊ में भी 300 रुपये की सब्सिडी राशि खाते में रिफंड होने से ग्रामीण व कमजोर वर्ग की महिलाओं को महंगे ईंधन की मार से बड़ी सुरक्षा मिल रही है।अपने शहर के ताजा एलपीजी रेट्स ऑनलाइन कैसे चेक करेंएलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के बेंचमार्क दामों तथा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करती हैं। प्रत्येक राज्य में स्थानीय बिक्री कर (VAT) और डिपो से दूरी (Freight Charges) के हिसाब से कीमतें भिन्न होती हैं। यदि आप घर बैठे अपने शहर या कस्बे के सटीक रेट्स जानना चाहते हैं, तो इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट iocl.com पर जाकर 'LPG Price' सेक्शन में अपने शहर का नाम देख सकते हैं। इसके अलावा, इंडियन ऑयल के उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7718955555 पर एसएमएस या भारत गैस उपभोक्ता 7715012345 पर मिस्ड कॉल देकर अपने नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर के ताजा भाव और सिलेंडर बुकिंग की स्थिति की पुष्टि कर सकते हैं।
पंचायत चुनाव 2026 : पॉलिटेक्निक कॉलेज में होगी जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना
अजमेर। पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के लिए जारी समय सारणी के अनुसार जिले के जिला परिषद सदस्यों एवं पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवम्बर को राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय माखुपुरा में होगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि जिले में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव का कार्यक्रम जारी […] The post पंचायत चुनाव 2026 : पॉलिटेक्निक कॉलेज में होगी जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना appeared first on Sabguru News .
पश्चिम एशिया में युद्ध की आग एक बार फिर भड़क उठी है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (King Khalid International Airport) को निशाना बनाकर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार दोपहर हुए इस भीषण हमले में कम से कम 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 309 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह इस सप्ताह के भीतर रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किया गया तीसरा हमला था, लेकिन हताहतों की संख्या के लिहाज से यह अब तक का सबसे भयावह हमला साबित हुआ है। धमाके के तुरंत बाद हवाई अड्डे के टर्मिनल परिसर में धूल, धुएं का गुबार और मलबे का ढेर लग गया, जिसके बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।टर्मिनल 3 और 4 के पास गिरी मिसाइल: मारे गए लोगों में अमेरिकी नागरिक भी शामिलक्षेत्रीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, हूतियों द्वारा दागी गई मिसाइल सीधे एयरपोर्ट परिसर के उस हिस्से में जाकर गिरी जहां घरेलू उड़ानों के टर्मिनल 3 और 4 स्थित हैं। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि टर्मिनल की खिड़कियों और छतों के शीशे टूटकर चारों तरफ बिखर गए, जिसकी चपेट में आकर दर्जनों लोग लहूलुहान हो गए। सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मारे गए 12 लोगों में चार सऊदी नागरिक, एक अमेरिकी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक फ़िलिस्तीनी, एक मिस्र, एक जॉर्डन, एक सीरियाई और एक सूडानी नागरिक शामिल हैं। घायलों को तुरंत रियाद के अलग-अलग सरकारी और सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने नागरिक की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस हमले को अत्यंत निंदनीय और निर्दोष नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ करार दिया है।उड़ानों का संचालन पूरी तरह ठप: दर्जनों अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स डायवर्ट और रद्दहमले के तुरंत बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सऊदी उड्डयन प्राधिकरण ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सभी ऑपरेशन्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और प्रवेश द्वारों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, रियाद आने वाले कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विमानों को जेद्दा, दम्माम और अन्य पड़ोसी देशों के एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट कर दिया गया। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कुवैत एयरवेज जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर रियाद के लिए अपनी सभी उड़ानें आगामी दिनों के लिए रद्द कर दी हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और भारत समेत कई देशों के दूतावासों ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए एयरपोर्ट की यात्रा न करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सख्त सलाह दी है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: क्या हूतियों के खिलाफ जंग में उतरेगा अमेरिका?इस खूनी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी भू-राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इस बात का मूल्यांकन कर रहा है कि क्या अमेरिका को यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य हमलों में सीधे शामिल होना चाहिए। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि सऊदी अरब में जो कुछ हुआ है वह किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर सीधे बातचीत करने की बात कही और स्पष्ट किया कि अमेरिका बहुत जल्द इस पर अंतिम फैसला लेगा और तेजी से कदम उठाएगा। उधर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले को 'पूर्ण युद्ध अपराध' करार देते हुए हूती विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक और बेहद आक्रामक जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।मिडिल ईस्ट में गहराता संकट: वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की सप्लाई पर मंडराया खतरासऊदी अरब की राजधानी पर हुआ यह सीधा हमला वैश्विक तेल बाजार के लिए खतरे की घंटी बन गया है। सऊदी अरब दुनिया का प्रमुख कच्चा तेल निर्यातक है, और उसकी राजधानी के नागरिक और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों से होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के व्यापारिक गलियारों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि सऊदी अरब और अमेरिका मिलकर यमन में हूतियों और उनके पीछे खड़े ईरान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हैं, तो यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रूट प्रभावित होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की पूरी आशंका है, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
'महिला को थाने में टांगकर पीटा, प्राइवेट पार्ट छुए...' झारखंड पुलिस की शर्मनाक हरकत
झारखंड के लातेहार में एक आदिवासी महिला के साथ पुलिसकर्मियों के मारपीट का मामला सामने आया है. आदिवासी संगठनों ने इस मामले में SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस घटना का संज्ञान लेते हुए लातेहार पुलिस को तुरंत जांच और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में रविवार को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। पुलिस ने जंतर-मंतर को सील रखा है और राजधानी की सीमाओं पर बैरिकेडिंग जारी है। अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को रविवार को दिल्ली ...
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में वाहन चालकों और आम जनता को महंगाई की एक और तगड़ी मार झेलनी पड़ी है। राज्य में सिटी गैस वितरण का काम संभाल रही प्रमुख कंपनी ग्रीन गैस लिमिटेड (GGL)—जो इंडियन ऑयल और गेल की संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) है—ने सीएनजी की खुदरा कीमतों में 2 रुपये से लेकर 3.25 रुपये प्रति किलोग्राम तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा संशोधन के बाद राजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा में सीएनजी के दाम 105 रुपये से उछलकर सीधे 107 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं। वहीं उन्नाव में यह कीमत 103.75 रुपये प्रति किलो और अयोध्या व सुल्तानपुर में 3.25 रुपये की अधिकतम बढ़ोतरी के साथ 105 रुपये प्रति किलो के स्तर को छू चुकी है। जहां एक तरफ मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोग पेट्रोल-डीजल की महंगाई से बचने के लिए सीएनजी वाहनों का रुख कर रहे थे, वहीं अब सीएनजी के ₹100 के पार चले जाने से उनके घरेलू बजट का पूरा गणित बिगड़ गया है।पेट्रोल के करीब पहुंची सीएनजी: क्या अब भी बचा है 'इकोनॉमिकल' विकल्प होने का फायदा?कुछ वर्ष पहले तक सीएनजी को पेट्रोल और डीजल की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत तक किफायती ईंधन माना जाता था, लेकिन मौजूदा मूल्य वृद्धि ने इस अंतर को लगभग खत्म कर दिया है। उत्तर प्रदेश में इस समय पेट्रोल की कीमत लगभग 95 से 97 रुपये प्रति लीटर के आसपास है, जबकि सीएनजी अब 107 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही है। भले ही माइलेज के मामले में सीएनजी थोड़ा बेहतर प्रदर्शन देती हो, लेकिन सीएनजी किट लगवाने का खर्च, वाहन की बूट स्पेस में सिलेंडर की परेशानी और पंपों पर घंटों लगने वाली लंबी कतारों के बाद मिलने वाले आर्थिक फायदे में अब नाममात्र का अंतर रह गया है। कार खरीदारों के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि क्या भारी-भरकम पूंजी लगाकर नई सीएनजी गाड़ी खरीदना समझदारी का फैसला है या फिर हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करना ही बेहतर विकल्प है।ऑटो-रिक्शा, कैब चालकों और डिलीवरी पार्टनर्स की आजीविका पर सीधा प्रहारसीएनजी की इस अप्रत्याशित मूल्य वृद्धि का सबसे क्रूर प्रभाव दैनिक आजीविका कमाने वाले ऑटो-रिक्शा चालकों, ऐप-आधारित टैक्सी (Ola/Uber) ड्राइवरों और क्विक-कॉमर्स डिलीवरी एजेंट्स पर पड़ा है। लखनऊ के चारबाग, हजरतगंज, आलमबाग और गोमती नगर से लेकर आगरा के एमजी रोड और कैंट रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त इलाकों में चलने वाले ऑटो चालकों का कहना है कि उनकी रोजाना की कमाई में 100 से 150 रुपये की सीधी कटौती हो जाएगी। ऐप-बेस्ड कंपनियों द्वारा यात्री किरायों में तत्काल बढ़ोतरी नहीं की जाती, जिसका पूरा नुकसान ड्राइवरों को अपनी जेब से भरना पड़ता है। दूसरी ओर, यदि स्थानीय ऑटो चालक निजी तौर पर सवारियों से किराया बढ़ाते हैं, तो यात्रियों के साथ रोज-रोज की तू-तू मैं-मैं और विवाद की स्थिति पैदा होती है। कमर्शियल पिकअप वैन और छोटे लोडिंग वाहनों का खर्च बढ़ने से शहरों में फल, सब्जियां, किराना और पार्सल डिलीवरी भी महंगी होने की आशंका गहरा गई है।आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सीएनजी के दाम? जानिए पर्दे के पीछे के आर्थिक कारणग्रीन गैस लिमिटेड और ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य वजह इनपुट गैस की लागत में भारी इजाफा है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स (CGD) को घरेलू प्राकृतिक गैस यानी एडमिनिस्टर्ड प्राइसिंग मैकेनिज्म (APM) के तहत मिलने वाले सस्ते गैस कोटे में लगातार कटौती की जा रही है। घरेलू सस्ती गैस की उपलब्धता कम होने के कारण गैस कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से महंगी स्पॉट एलएनजी (Spot LNG) आयात करनी पड़ रही है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की चाल ने आयातित गैस की लैंडिंग लागत को काफी महंगा कर दिया है। चूंकि कंपनियों की खरीद लागत बढ़ गई है, इसलिए वे इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को सीधे खुदरा उपभोक्ताओं की जेब पर स्थानांतरित कर रही हैं।जीएसटी (GST) से बाहर होने और भारी वैट (VAT) का टैक्स जालसीएनजी के 107 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने का दूसरा सबसे बड़ा तकनीकी कारण इसका टैक्स स्ट्रक्चर है। प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद अभी तक जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के दायरे में नहीं लाए गए हैं। इसका नतीजा यह है कि केंद्र सरकार इस पर एक्साइज ड्यूटी वसूलती है, जबकि उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्य सरकारें इस पर भारी वैट (VAT) और स्थानीय चुंगी/उपकर लगाती हैं। टैक्स पर टैक्स (कैस्केडिंग इफेक्ट) लगने के कारण दिल्ली (जहां वैट की दरें अपेक्षाकृत अलग हैं) के मुकाबले उत्तर प्रदेश के शहरों में सीएनजी की कीमतें हमेशा 10 से 15 रुपये प्रति किलो अधिक रहती हैं। उपभोक्ता और व्यापारी संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि प्राकृतिक गैस को तुरंत जीएसटी के दायरे में लाया जाए ताकि पूरे देश में 'एक राष्ट्र, एक दर' लागू हो सके और आम नागरिकों को इस भारी टैक्स के बोझ से स्थायी राहत मिल सके।
Dhruv Rathee:
दिपके, सौरव दास और रांका की सशर्त रिहाई: दो बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, हिरासत से रिहाई तक क्या-क्या हुआ?- Relief for CJP Abhijit Deepke Sourav Das and Ashutosh Ranka court orders their release
सोना खरीदने का है प्लान? जरा ठहरें, जानें 20, 22, 24 कैरेट का रेट
Gold-Silver Rate Change: बीते पांच कारोबारी दिनों में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज से लेकर घरेलू बाजार तक में सोना-चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिला है, ऐसे में खरीदारी से पहले Gold-Silver Rate Update के बारे में जरूर जान लें.
'CM योगी के खिलाफ अयोध्या से उतरें अखिलेश, पीछे न हटें', राजभर ने दी चुनौती
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या सीट को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चुनौती स्वीकार कर अयोध्या से चुनाव लड़ने को कहा है. राजभर ने यह भी कहा कि अगर अखिलेश को अयोध्या से चुनाव लड़ने में डर लगता है, तो वे जहूराबाद से मैदान में उतरें.
राजस्थान सरकार के महिला अधिकारिता निदेशालय (Directorate of Women Empowerment) द्वारा संचालित 'मुख्यमंत्री वर्क फ्रॉम होम – जॉब वर्क योजना' राज्य की महिलाओं को घर की चारदीवारी से ही आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का एक अनूठा मंच है। कई बार पारिवारिक जिम्मेदारियों, बच्चों की देखभाल, सामाजिक सीमाओं या व्यक्तिगत कारणों से महिलाएं घर से बाहर जाकर नौकरी करने में असमर्थ होती हैं। इसी बाधा को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने यह डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है। राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, अजमेर से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों तक की महिलाएं इसके माध्यम से वर्क फ्रॉम होम अवसरों से जुड़ रही हैं। यह योजना उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से मददगार साबित हो रही है जो शिक्षित और हुनरमंद होने के बावजूद घर बैठे अपनी कमाई शुरू करना चाहती हैं।योजना की असल सच्चाई: क्या रजिस्ट्रेशन करते ही पक्की नौकरी और फिक्स सैलरी मिलती है?सोशल मीडिया, यूट्यूब और वॉट्सऐप ग्रुपों में अक्सर यह भ्रामक दावा किया जाता है कि इस योजना में फॉर्म भरते ही हर महीने 25,000 से 30,000 रुपये की सरकारी नौकरी सीधे मिल जाती है। सच्चाई यह है कि यह कोई सीधी सरकारी नौकरी या निश्चित भत्ते वाली स्कीम नहीं है। असल में, राजस्थान सरकार का आधिकारिक पोर्टल (mahilawfh.rajasthan.gov.in) एक 'जॉब एग्रीगेटर' या सेतु की तरह काम करता है, जहां निजी कंपनियां, गैर-सरकारी संगठन (NGOs), उद्योग और विभिन्न सरकारी व अर्ध-सरकारी विभाग अपनी वर्क फ्रॉम होम आवश्यकताएं पोस्ट करते हैं। पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, जहां एक लाख से अधिक महिलाएं पंजीकृत हैं, वहीं वास्तविक लाभार्थियों की संख्या योग्यता और उपलब्ध रिक्तियों पर आधारित होती है। इसका मतलब साफ है कि पोर्टल पर केवल रजिस्ट्रेशन कर देना ही काम मिलने की गारंटी नहीं है; संबंधित संस्था आवेदक की योग्यता, कौशल और दस्तावेजों की जांच के बाद ही चयन करती है।घर बैठे कौन-कौन से काम मिलते हैं और मानदेय का क्या नियम है?इस पोर्टल पर मुख्यतः दो तरह के कार्य अवसर उपलब्ध होते हैं: ऑनलाइन डिजिटल वर्क और ऑफलाइन जॉब वर्क। कंप्यूटर और इंटरनेट की समझ रखने वाली महिलाओं के लिए डेटा एंट्री, टाइपिंग, डिजिटल सपोर्ट असिस्टेंट, कस्टमर केयर या टेली-कॉलिंग, करियर काउंसलिंग और कंटेंट राइटिंग जैसे कार्य उपलब्ध रहते हैं। वहीं, कम पढ़ी-लिखी या तकनीकी ज्ञान न रखने वाली महिलाओं के लिए हस्तशिल्प, कपड़े की सिलाई-कढ़ाई, क्राफ्टिंग, पैकिंग और पैकेजिंग जैसे ऑफलाइन जॉब वर्क के अवसर भी निजी टेक्सटाइल फर्मों व ट्रस्ट्स द्वारा पोस्ट किए जाते हैं। मानदेय का निर्धारण काम देने वाली संबंधित संस्था के नियमों और काम के वॉल्यूम पर निर्भर करता है। दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि संस्था द्वारा दिया जाने वाला पारिश्रमिक 5,000 रुपये से अधिक होता है, तो राज्य सरकार की ओर से 3,000 रुपये का अतिरिक्त प्रशिक्षण प्रोत्साहन दिए जाने का प्रावधान भी रखा गया है।पात्रता की शर्तें और वरीयता श्रेणी के नियमइस योजना में आवेदन करने के लिए महिला का राजस्थान की मूल या स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए। सबसे जरूरी दस्तावेज जन आधार कार्ड (Jan-Aadhaar) और आधार कार्ड हैं, क्योंकि पोर्टल पर पूरा डेटा जन आधार से ही लिंक होता है। चयन प्रक्रिया में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। इनमें विधवा महिलाएं, तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिलाएं, दिव्यांगजन और किसी भी प्रकार की घरेलू या सामाजिक हिंसा से पीड़ित महिलाएं शामिल हैं, ताकि उन्हें समाज में गरिमापूर्ण जीवन जीने का आर्थिक संबल मिल सके।आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आवेदन का पूरा प्रोसेसयोजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और निःशुल्क है। आवेदन के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट mahilawfh.rajasthan.gov.in पर जाना होगा। वेबसाइट के होमपेज पर 'Onboarding' मेनू में जाकर 'Applicant (Only Females)' विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद 'New User Register' चुनें और अपना जन आधार नंबर दर्ज करें। जन आधार में पंजीकृत परिवार के सदस्यों में से संबंधित महिला का नाम चुनकर ओटीपी सत्यापन पूरा करें। इसके बाद अपनी शिक्षा, कौशल, पूर्व अनुभव और जिले का विवरण भरकर प्रोफ़ाइल पूरी करें। प्रोफ़ाइल बनने के बाद पोर्टल के 'Current Opportunities' सेक्शन में जाएं, जहां जिलेवार और पदवार चालू वैकेंसियां दिखाई देंगी। अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार पद चुनकर 'Apply Now' पर क्लिक कर आवेदन सबमिट करें। आवेदन स्वीकार या अस्वीकार होने की सूचना पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) के माध्यम से भेजी जाती है।साइबर ठगों से सावधान: इन जरूरी बातों का रखें ध्यानवर्क फ्रॉम होम के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट्स और जालसाज गिरोह महिलाओं को झांसा देने का प्रयास करते हैं। ध्यान रखें कि राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट केवल gov.in डोमेन वाली (mahilawfh.rajasthan.gov.in) ही है, किसी निजी .com या .in वाले लिंक या वॉट्सऐप फॉर्म पर अपनी निजी जानकारी न भरें। सरकार या किसी भी पंजीकृत संस्था द्वारा रजिस्ट्रेशन शुल्क, जॉब किट चार्ज या सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट) के नाम पर एक भी रुपया नहीं मांगा जाता। यदि कोई व्यक्ति नौकरी पक्की कराने के नाम पर पैसे की मांग करे या बैंक ओटीपी मांगे, तो तुरंत सावधान हो जाएं। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या या संशय की स्थिति में महिला अधिकारिता विभाग के हेल्पलाइन नंबर 0141-2716418 या राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 पर कॉल करके सीधी जानकारी ली जा सकती है।
राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) के चुनावों को लेकर चुनावी गतिविधियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान (State Election Commission Rajasthan) ने चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सभी ग्राम पंचायतों की अंतिम एवं अद्यतन वार्डवार मतदाता सूची (Electoral Roll) आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दी है। यदि आप गांव में सरपंच, उपसरपंच या वार्ड पंच के चुनाव में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका नाम संबंधित ग्राम पंचायत और सही वार्ड संख्या में दर्ज है या नहीं। अक्सर परिसीमन या त्रुटि सुधार के चलते मतदाताओं के वार्ड नंबर या क्रम संख्या में बदलाव हो जाते हैं। आयोग ने नागरिकों की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है, जिससे कोई भी व्यक्ति बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटे अपने मोबाइल फोन पर पूरी पंचायत की वोटर लिस्ट PDF डाउनलोड कर सकता है।आधिकारिक वेबसाइट से ग्राम पंचायत वोटर लिस्ट PDF डाउनलोड करने का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेसराजस्थान पंचायत चुनाव की अधिकृत मतदाता सूची डाउनलोड करने के लिए किसी एसएसओ आईडी (SSO ID) या विशेष लॉगिन की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी नागरिक नीचे दिए गए सीधे चरणों का पालन करके अपने गांव की लिस्ट निकाल सकता है। सबसे पहले राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान की आधिकारिक वेबसाइट sec.rajasthan.gov.in पर जाएं। होमपेज पर मौजूद 'Electoral Roll' या 'पंचायत चुनाव मतदाता सूची' वाले लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने एक चयन फॉर्म खुलेगा जिसमें सबसे पहले ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना जिला (District) चुनें। जिला चुनने के बाद अपनी संबंधित पंचायत समिति (Panchayat Samiti) का चयन करें। तीसरे कॉलम में अपनी ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) का नाम चुनें। स्क्रीन पर दिए गए सुरक्षा कैप्चा कोड (Captcha) को दर्ज कर 'सर्च' या 'सबमिट' बटन पर क्लिक करें। इसके बाद आपकी ग्राम पंचायत के सभी वार्डों की अलग-अलग सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी। अपने निवास स्थान से जुड़े सही वार्ड नंबर के सामने दिए गए 'Download PDF' लिंक पर क्लिक करें। कुछ ही सेकंडों में पूरी वार्ड सूची आपके फोन या कंप्यूटर में सुरक्षित हो जाएगी।वोटर लिस्ट PDF में अपना नाम, क्रम संख्या और मकान नंबर कैसे खोजेंवार्डवार मतदाता सूची डाउनलोड हो जाने के बाद उसमें अपना और परिवार के सदस्यों का विवरण जांचना बहुत आसान है। यदि आप कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो PDF फाइल खोलकर कीबोर्ड पर Ctrl + F दबाएं और सर्च बॉक्स में अपना नाम हिंदी या अंग्रेजी में टाइप करें। यदि आप स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, तो PDF व्यूअर ऐप में ऊपर दिए गए 'Search' या 'Find' (लेंस आइकन) विकल्प पर क्लिक करके नाम टाइप कर सकते हैं। कई बार ऑनलाइन फॉन्ट अंतर के कारण नाम सीधे सर्च में नहीं आता, ऐसी स्थिति में अपने मोहल्ले या मकान नंबर के आधार पर सूची को स्क्रॉल करके देखना सबसे बेहतर तरीका रहता है। सूची में अपना नाम मिलते ही अपनी मतदाता क्रम संख्या (Serial Number), पिता या पति का नाम, आयु, मकान संख्या और निर्धारित मतदान केंद्र (Polling Booth/School) की जानकारी अवश्य नोट कर लें। मतदान के दिन पर्ची प्राप्त करने और वोट डालने में इस क्रम संख्या की अहम भूमिका होती है।वोटर लिस्ट में नाम न मिलने पर क्या करें: बीएलओ (BLO) से तुरंत संपर्क का तरीकायदि पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद भी ग्राम पंचायत की सूची में आपका नाम नहीं दिखता है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले यह जांच लें कि कहीं आपने गलत वार्ड की सूची तो नहीं डाउनलोड कर ली है। यदि वार्ड सही है फिर भी नाम गायब है, तो अपने क्षेत्र के अधिकृत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) से तत्काल संपर्क करें। आमतौर पर स्थानीय राजकीय विद्यालय के शिक्षक या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ही गांव के बीएलओ के रूप में नियुक्त होते हैं। आयोग द्वारा जारी पूरक सूची (Supplementary List) में भी नाम जोड़े जाते हैं। आप अपना आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र संलग्न करके संबंधित फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा, राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर (0141-2700803) या संपर्क केंद्रों पर फोन करके भी मतदाता सूची से संबंधित सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।पंचायत चुनाव बनाम विधानसभा चुनाव वोटर लिस्ट: दोनों के अंतर को समझेंकई मतदाता यह गलती करते हैं कि वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI/voters.eci.gov.in) वाली केंद्रीय विधानसभा वोटर लिस्ट देखकर आश्वस्त हो जाते हैं कि उनका वोट बन चुका है। यह समझना बेहद जरूरी है कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव भारत निर्वाचन आयोग (ECI) कराता है, जबकि राजस्थान के पंचायतीराज और निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग (SEC Rajasthan) द्वारा आयोजित किए जाते हैं। दोनों की मतदाता सूचियां अलग-अलग वार्ड स्तर पर विभाजित होती हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम भारत निर्वाचन आयोग की सूची में है लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की ग्राम पंचायत वार्ड सूची में उसका नाम छूट गया है, तो वह पंचायत चुनाव में मतदान नहीं कर पाएगा। इसलिए पंचायतीराज चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए sec.rajasthan.gov.in पोर्टल की आधिकारिक पंचायत लिस्ट में ही अपना नाम सत्यापित करना अनिवार्य है।
नए कपड़ों के साथ क्यों मिलता है एक्स्ट्रा कपड़ा? फेंकने से पहले जान लें इसका काम
नए कपड़ों के साथ कई बार उसी कपड़े का एक छोटा टुकड़ा भी मिलता है. ज्यादातर लोग इसे बेकार समझकर फेंक देते हैं. जानिए, कपड़ों के साथ मिलने वाले इस छोटे टुकड़े का क्या इस्तेमाल हो सकता है.
सूचना केंद्र अजमेर के कुणाल राजोरिया बने प्रशासनिक अधिकारी
अजमेर। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग में हुई पदोन्नति अनुसार सूचना केंद्र अजमेर में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत कुणाल राजोरिया प्रशासनिक अधिकारी बने है। विभाग की नई पदोन्नति सूची अनुसार कुणाल राजोरिया का एल-12 पे लेवल पर पदोन्नति की गई है। इनके अतिरिक्त विभाग द्वारा राकेश कुमार वर्मा, पृथ्वी सिंह सिसोदिया, फूला राम, […] The post सूचना केंद्र अजमेर के कुणाल राजोरिया बने प्रशासनिक अधिकारी appeared first on Sabguru News .
दादी की मौत हुई है, अभिजीत दीपके को फोन लगा रहे थे; पिता बोले- कोई खबर नहीं कहां है
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी का निधन हो गया है। उनके पिता भगवान दीपके ने कहा कि हमने अपने बेटे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। अगर उसे अपनी दादी के निधन की खबर मिली होती तो वह अब तक आ गया होता।
लद्दाख का अनोखा गुफा मठ, जहां पहुंचना है बेहद मुश्किल
Phuktal Monastery Ladakh: लद्दाख की जांस्कर घाटी में पहाड़ की प्राकृतिक गुफा के बीच बना फुगताल मठ (Phugtal Monastery) अपनी अनोखी बनावट के लिए जाना जाता है. यहां पहुंचने के लिए पैदल ट्रेक करना पड़ता है लेकिन रास्ते में मिलने वाले खूबसूरत पहाड़ी नजारे इस सफर को खास बना देते हैं.
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देश के नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब मतदाता पहचान पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या बीएलओ (BLO) पर निर्भर रहने का झंझट खत्म हो चुका है। चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल और वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के जरिए कोई भी भारतीय नागरिक अपना सुरक्षित, डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित और क्यूआर कोड युक्त इलेक्ट्रॉनिक वोटर कार्ड यानी e-EPIC अपने फोन या कंप्यूटर में कुछ ही पलों में डाउनलोड कर सकता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मतदाताओं से लेकर देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नागरिक इस सुविधा का चौबीसों घंटे लाभ उठा सकते हैं। यह डिजिटल वोटर कार्ड न केवल सभी प्रकार के चुनावों में मतदान करने के लिए शत-प्रतिशत कानूनी रूप से मान्य है, बल्कि बैंक खाता खुलवाने, पासपोर्ट आवेदन, सिम कार्ड लेने या किसी भी अन्य सरकारी काम में पहचान व पते के पुख्ता प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड होता है, जिसे आप डिजीलॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं या जरूरत पड़ने पर लेमिनेट करवाकर जेब में रख सकते हैं।आधिकारिक पोर्टल से e-EPIC डाउनलोड करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाडिजिटल वोटर आईडी डाउनलोड करने के लिए सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि आपका चालू मोबाइल नंबर आपके वोटर कार्ड रिकॉर्ड के साथ लिंक होना चाहिए। e-EPIC डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। यदि आप इस पोर्टल पर पहली बार आ रहे हैं, तो अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से एक नया अकाउंट बनाएं या अपने मौजूदा पासवर्ड और कैप्चा कोड के जरिए लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर नजर आ रहे 'E-EPIC Download' के विकल्प पर क्लिक करें। यहां आपको दो विकल्प दिखाई देंगे—या तो आप अपना 10 अंकों का वोटर आईडी नंबर (EPIC Number) दर्ज कर सकते हैं, या यदि आपने हाल ही में नए कार्ड के लिए आवेदन किया है तो आपको मिला हुआ फॉर्म रेफरेंस नंबर (Reference Number) भर सकते हैं। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना संबंधित राज्य चुनें और सर्च बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपका नाम, पिता या पति का नाम और विधानसभा क्षेत्र प्रदर्शित होगा। इसके ठीक नीचे 'Send OTP' का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर 6 अंकों का वन टाइम पासवर्ड आएगा। इसे सबमिट करते ही आपका डिजिटल वोटर कार्ड पीडीएफ के रूप में डाउनलोड हो जाएगा। डाउनलोड की गई पीडीएफ फाइल यदि सुरक्षित हो, तो उसका पासवर्ड आमतौर पर आपकी जन्मतिथि (बिना स्पेस या स्लैश के, जैसे DDMMYYYY) होती है।वोटर लिस्ट में नाम और वोटर आईडी नंबर खोजने की ऑनलाइन प्रक्रियायदि आपको अपना वोटर आईडी नंबर याद नहीं है, आपका पुराना कार्ड खो गया है, या आप सिर्फ यह तस्दीक करना चाहते हैं कि आपका नाम चालू मतदाता सूची (Electoral Roll) में दर्ज है या नहीं, तो चुनाव आयोग का इलेक्ट्रोरल सर्च टूल बेहद कारगर साबित होता है। इसके लिए आधिकारिक सर्च पोर्टल पर जाएं जहां आपको तीन आसान विकल्प मिलते हैं। पहला तरीका है विवरण द्वारा खोज (Search by Details), जिसमें आपको अपना पूरा नाम, पिता या रिश्तेदार का नाम, उम्र या जन्मतिथि, लिंग, राज्य, जिला और अपनी विधानसभा का नाम सही-सही भरना होता है। दूसरा और सबसे आसान तरीका है मोबाइल नंबर द्वारा खोज (Search by Mobile), जिसमें केवल अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी सत्यापित करना होता है और आपके नाम से जुड़े सभी रिकॉर्ड तुरंत स्क्रीन पर आ जाते हैं। तीसरा तरीका सीधे वोटर आईडी नंबर (EPIC) डालकर खोजना है। खोज परिणाम सामने आते ही आपको आपका एपिक नंबर, भाग संख्या (Part Number), क्रम संख्या (Serial Number) और आपका निर्धारित पोलिंग बूथ (Polling Station) स्पष्ट दिखाई देगा। यहां से आप अपना मतदाता सूचना पर्ची (Voter Information Slip) भी सीधे डाउनलोड कर सकते हैं।वोटर कार्ड में गलतियां सुधारने और मोबाइल नंबर लिंक करने के लिए फॉर्म 8 का उपयोगअक्सर पुराने वोटर कार्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, रिश्तेदार का नाम, पता या पुरानी धुंधली फोटो जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। यदि आपके रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो भी आप e-EPIC डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। इन सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान 'Form 8' है। फॉर्म 8 भरने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करें और 'Shifting of residence/correction of entries in existing electoral roll' वाले सेक्शन में जाएं। यहां अपना एपिक नंबर डालकर आगे बढ़ें। सुधार के लिए 'Correction of Entries' वाले विकल्प पर सही का निशान लगाएं। इसके बाद जिस भी विवरण में बदलाव करना है—जैसे नाम, जेंडर, जन्मतिथि, संबंध का प्रकार, मोबाइल नंबर, पता या नवीनतम रंगीन फोटो—केवल उन्हीं कॉलम को चुनें। चुने गए विवरण के समर्थन में मान्य दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, हाईस्कूल की मार्कशीट, पैन कार्ड, पासपोर्ट या बैंक पासबुक) की स्पष्ट फोटो या पीडीएफ अपलोड करें। यदि केवल मोबाइल नंबर अपडेट करना है, तो किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती, केवल नया नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापित करना होता है। फॉर्म सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक यूनिक रेफरेंस नंबर जेनरेट होगा, जिससे आप 'Track Application Status' में जाकर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। संबंधित बीएलओ और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के सत्यापन के बाद आपका रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है और नया e-EPIC तुरंत डाउनलोड के लिए तैयार हो जाता है।नए वोटर आईडी कार्ड के लिए आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की सूचीयदि आपकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या आपने अभी तक अपना वोटर कार्ड नहीं बनवाया है, तो आप घर बैठे नए मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर 'Form 6' उपलब्ध है। फॉर्म 6 भरते समय आपको अपना मूल विवरण, वर्तमान पता और एक पासपोर्ट साइज की स्पष्ट रंगीन तस्वीर अपलोड करनी होती है। उम्र के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं की मार्कशीट मान्य है। वहीं पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन बुक या बैंक पासबुक का उपयोग किया जा सकता है। फॉर्म सबमिट होने के कुछ ही हफ्तों में आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाता है और पंजीकृत पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए भौतिक स्मार्ट पीवीसी वोटर कार्ड भी भेज दिया जाता है, जबकि डिजिटल कॉपी आप उसी दिन ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
PM Narendra Modi ने देशवासियों को दी Navratri की बधाई, सुख-समृद्धि की कामना की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दीं और मां दुर्गा से सभी के लिए सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘शक्ति-साधना के महापर्व नवरात्र की सभी देशवासियों को कोटि-कोटि शुभकामनाएं। मां जगदंबा की कृपा से सबके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का वास हो, जो राष्ट्र की एकता एवं प्रगति के संकल्प को और सशक्त करे।’’प्रधानमंत्री ने नवरात्र की शुरुआत पर शांति की अधिष्ठात्री मां शैलपुत्री को भी नमन किया। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘नवरात्र के शुभारंभ पर शांति की अधिष्ठात्री मां शैलपुत्री के चरणों में कोटिश: नमन। उनकी दिव्य कृपा से सभी के मन में धैर्य और आत्मविश्वास का दीप प्रज्वलित हो। देशवासियों पर सदैव मां का आशीर्वाद बना रहे, यही कामना है।’’नवरात्र का पर्व देवी दुर्गा और उनके नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित है। देवी के ये स्वरूप शक्ति, ज्ञान, साहस, भक्ति और रक्षा जैसे विभिन्न गुणों के प्रतीक हैं।
त्योहारी सीजन में दिल्ली के बाजारों को तगड़ा झटका: 1 दिन में 2,000 करोड़ का व्यापार स्वाहा
देश की राजधानी दिल्ली में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही जहां व्यापारियों को रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद थी, वहीं हालिया राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा पाबंदियों ने पूरे बाजार पर पानी फेर दिया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के ताजा आकलन के अनुसार, दिल्ली में एक ही दिन के प्रदर्शन और भारी सुरक्षा बंदोबस्त के चलते राजधानी के कारोबारियों को लगभग 2,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान झेलना पड़ा है। दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस, खान मार्केट से लेकर चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे एशिया के सबसे बड़े थोक बाजारों तक सन्नाटा पसर गया। जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास आयोजित विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर पुलिस द्वारा की गई कड़ी बैरिकेडिंग, मार्गों के डायवर्जन और 45 से अधिक मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रहने से पूरी दिल्ली की रफ्तार थम गई। खरीदारों की आवाजाही पूरी तरह रुकने के कारण बाजारों में कारोबार घटकर सामान्य दिनों के मुकाबले महज 25 से 30 प्रतिशत पर सिमट गया, जिससे लगभग 15 लाख व्यापारियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।सीटीआई की सभी राजनीतिक दलों और संगठनों से अपील: दिवाली तक न करें कोई धरना-प्रदर्शनव्यापारियों के इस भारी आर्थिक नुकसान को देखते हुए चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और छात्र यूनियनों से हाथ जोड़कर सार्वजनिक अपील की है। सीटीआई ने स्पष्ट कहा है कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके लिए त्योहारों का समय और व्यस्त कारोबारी बाजारों को चुनना कतई जायज नहीं है। संगठन ने मांग की है कि कम से कम दिवाली और छठ पर्व तक दिल्ली के किसी भी इलाके में ऐसा कोई धरना, चक्का जाम या प्रदर्शन न किया जाए जिससे आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियां बाधित हों। व्यापारियों का कहना है कि सालभर वे इस त्योहारी तिमाही (अक्टूबर-नवंबर) का इंतजार करते हैं, क्योंकि पूरे साल की 40 प्रतिशत बिक्री इसी दौरान होती है। अगर ऐसे अहम मौके पर शहर को छावनी बना दिया जाएगा और ग्राहक बाजारों तक पहुंच ही नहीं पाएंगे, तो छोटे व मझोले व्यापारी पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे।मेट्रो स्टेशन बंद होने और ट्रैफिक जाम से टूटी रीढ़: ग्राहक घरों में कैद, कैंसिल हुईं बुकिंग्सप्रदर्शन के दिन दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर लगे कड़े प्रतिबंधों ने स्थिति को और भयावह बना दिया। सुरक्षा कारणों से दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, मंडी हाउस और उद्योग भवन जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए थे। दिल्ली के बाजारों की जान एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद) से आने वाले लाखों खरीदार होते हैं, जो मुख्य रूप से मेट्रो पर निर्भर रहते हैं। जब मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद हुए और सड़कों पर घंटों लंबा जाम लगा, तो लोगों ने बाजारों का रुख करने के बजाय घरों में रहना बेहतर समझा। इसका सीधा असर न केवल कपड़ों, आभूषणों, इलेक्ट्रॉनिक्स और फुटवियर के खुदरा विक्रेताओं पर पड़ा, बल्कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भी बुरी तरह पस्त हो गया। दिल्ली के मध्य और दक्षिणी इलाकों के होटलों, रेस्टोरेंट्स, कैफे, सिनेमा हॉल्स और बैंक्वेट्स में लगभग 60 से 70 प्रतिशत बुकिंग्स या तो कैंसिल कर दी गईं या टाल दी गईं। यहां तक कि स्थानीय पेट्रोल पंपों और ऑटो-टैक्सी चालकों की दैनिक आय में भी 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।चांदनी चौक, सदर बाजार और खान मार्केट में पसरा सन्नाटा: बाहर के व्यापारी भी नहीं पहुंच पाएदिल्ली सिर्फ स्थानीय आबादी का ही बाजार नहीं है, बल्कि यह उत्तर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक और थोक वितरण केंद्र है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, मेरठ, आगरा से लेकर हरियाणा, पंजाब और राजस्थान तक के लाखों थोक व्यापारी त्योहारों का माल उठाने के लिए प्रतिदिन दिल्ली के सदर बाजार, चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, करोल बाग और गांधी नगर पहुंचते हैं। विरोध-प्रदर्शन और सीमाओं पर कड़ी चेकिंग के डर से बाहरी राज्यों से आने वाले लगभग 3 से 4 लाख व्यापारी दिल्ली नहीं आ सके। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन और कनॉट प्लेस मार्केट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि एक दिन के इस बंद और दहशत के माहौल से अकेले खान मार्केट में प्रत्येक दुकान को 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक का सीधा नुकसान हुआ है। इसके अलावा फल, फूल, मिठाइयों और सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले जरूरी सामानों का कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी पूंजी डूबने का दोहरा झटका लगा।व्यापारियों का प्रशासन को सुझाव: व्यावसायिक क्षेत्रों के बजाय रामलीला मैदान या बुराड़ी में हों प्रदर्शनसीटीआई और दिल्ली के विभिन्न व्यापारी संगठनों ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और उपराज्यपाल (LG) को पत्र लिखकर भविष्य के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है। व्यापारियों का तर्क है कि जंतर-मंतर, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और संसद मार्ग जैसे क्षेत्र घनी आबादी वाले व्यावसायिक गलियारों के बिल्कुल बीच में स्थित हैं। जब भी यहां प्रदर्शन होता है, तो सुरक्षा कारणों से पूरे मध्य दिल्ली को सील करना पड़ता है। व्यापारियों ने सुझाव दिया है कि किसी भी बड़े राजनीतिक या सामाजिक आंदोलन के लिए दिल्ली के बाहरी इलाकों जैसे बुराड़ी ग्राउंड या रामलीला मैदान को ही अधिकृत स्थल बनाया जाना चाहिए, ताकि मध्य दिल्ली के व्यापारिक हब और आम जनता की दिनचर्या अप्रभावित रहे। यदि राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति पर पुनर्विचार नहीं किया और त्योहारी सीजन में ऐसे ही बंद के हालात बनते रहे, तो दिल्ली के व्यापारियों के सामने दुकानों का किराया, कर्मचारियों का वेतन और बैंकों की ईएमआई चुकाने का गहरा संकट खड़ा हो जाएगा।
31 की उम्र, टीम इंडिया का सपना... इस क्रिकेटर का इंतजार कब होगा खत्म?
अभिमन्यु ईश्वरन के सामने फिलहाल दो स्पष्ट लक्ष्य हैं- बंगाल को रणजी ट्रॉफी का खिताब दिलाने की कोशिश करना और अपने प्रदर्शन से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाना. डेब्यू का इंतजार लंबा जरूर हुआ है, लेकिन उन्होंने अपने खेल और महत्वाकांक्षा से समझौता नहीं किया है.
गोवा भूल जाइए! भारत के इन 7 खूबसूरत बीच पर लें छुट्टियों का मजा
Best Beaches in India: अक्टूबर-नवंबर में अगर आप गोवा की भीड़ से दूर समुद्र किनारे छुट्टियां बिताना चाहते हैं तो भारत के इन 7 खूबसूरत बीच को एक्सप्लोर कर सकते हैं. यहां आपको साफ नीला पानी, सुनहरी रेत और सूर्यास्त के शानदार नजारे देखने को मिलेंगे.
CEC के इस्तीफे की मांग पर कॉजपा का प्रदर्शन, Delhi Traffic Police ने जारी की एडवाइजरी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा फिर से प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के बीच, रविवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली के कई इलाकों में यातायात संबंधी कड़े प्रतिबंध लागू रहे। दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा जारी परामर्श के अनुसार, सुबह छह बजे से ही वाहनों के मार्गों में बदलाव किया गया। लुटियंस दिल्ली में जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक और कई अन्य प्रमुख चौराहों के आसपास यातायात प्रभावित रहने की आशंका है। कॉजपा और ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) सहित प्रमुख छात्र संगठनों द्वारा मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। प्रभावित मार्गों में अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोलचक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ चौराहा, जय सिंह रोड-संसद मार्ग चौराहा, रेल भवन गोलचक्कर, पटेल चौक, गोल डाकखाना और कनॉट प्लेस के आसपास के कई चौराहे शामिल हैं। इसके अलावा, मंडी हाउस, मिंटो रोड-दीन दयाल उपाध्याय मार्ग चौराहा, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोलचक्कर, सम्राट होटल गोलचक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग चौराहा तथा भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे बने अंडरपास पर भी यातायात प्रभावित रहने की आशंका है। एचकेएस सुरजीत भवन में शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कॉजपा नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि जब तक कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद से नहीं हटाया जाता, तब तक जंतर-मंतर तक रोजाना मार्च निकाला जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों तथा हवाई अड्डे जाने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी है। पुलिस ने बताया कि स्थिति का आकलन करने के बाद प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी या उनमें बदलाव किया जाएगा।
गुजरात: गांधीनगर नगर निगम चुनाव के लिए मतदान शुरू, 44 सीटों पर 130 उम्मीदवार मैदान में उतरे
गुजरात: गांधीनगर नगर निगम चुनाव के लिए मतदान शुरू, 44 सीटों पर 130 उम्मीदवार मैदान में उतरे- Voting begins for Gandhinagar Municipal Corporation elections130 candidates in the fray for 44 seats
CJP प्रदर्शन LIVE: आज फिर जंतर-मंतर कूच का एलान, सुरक्षा सख्त; मेट्रो-ट्रेन रोकने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई---CJP Jantar Mantar Protest LIVE Update Abhijeet Dipke Cockroach Janata Party CEC Gyanesh Kr SIR Row In Hindi
ज्वेलरी शॉप में साइनाइड खाने से दो साल की बच्ची की मौत
तेलंगाना के हैदराबाद से दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां दो साल की बच्ची अपने माता-पिता के साथ ज्वेलरी शॉप पर गई थी. आरोप है कि दुकान के बाहर रखे एक पाउच में केमिकल था. बच्ची ने उठाकर मुंह में डाल लिया. उसकी तबीयत बिगड़ गई. अस्पताल में उसकी मौत हो गई. पुलिस ने दुकान के मालिक और एक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
'सिगरेट से जलाया, मारे थप्पड़', EX बॉयफ्रेंड ने की धक्का-मुक्की, रोई एक्ट्रेस
मशहूर टीवी एक्ट्रेस नीति टेलर ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं. नीति ने बताया कि उनका एक्स बॉयफ्रेंड उन्हें फिजिकली टॉर्चर करता था. उन्हें पीटता था.
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे की उच्च शिक्षा, करियर की शुरुआत और भविष्य की अन्य जरूरतें बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरी हों। आज के समय में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और म्यूचुअल फंड्स के जोखिम के बीच सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली सरकारी योजनाओं की मांग तेजी से बढ़ी है। भारतीय डाक विभाग यानी इंडिया पोस्ट अपने व्यापक नेटवर्क के जरिए देश के कोने-कोने में बच्चों के नाम पर वित्तीय सुरक्षा की मजबूत नींव रख रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जीपीओ हजरतगंज से लेकर देश के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक, डाकघर की छोटी बचत योजनाएं आम परिवारों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बन चुकी हैं। डाकघर में बच्चों के नाम पर बचत खाता खोलने की प्रक्रिया न केवल बेहद पारदर्शी है, बल्कि भारत सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इसमें जमा की गई पाई-पाई पर सॉवरेन गारंटी मिलती है। नाबालिग बच्चों के नाम पर शुरू किए गए इन खातों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनमें छोटी राशि से शुरुआत की जा सकती है और लंबी अवधि में चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत से एक बड़ा फंड तैयार हो जाता है। अभिभावक अपनी वित्तीय क्षमता, बच्चे की उम्र और भविष्य के लक्ष्यों के हिसाब से सही योजना का चयन कर सकते हैं।बेटियों के लिए वरदान सुकन्या समृद्धि योजना: सबसे ऊंचा ब्याज और तिहरा टैक्स लाभअगर आपके घर में 10 वर्ष तक की बिटिया है, तो पोस्ट ऑफिस की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) निवेश का सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय विकल्प है। केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' मुहिम के तहत शुरू की गई यह योजना डाकघर की सभी स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सबसे ज्यादा ब्याज दर प्रदान करती है। इस योजना में खाता बच्ची के जन्म से लेकर उसकी उम्र 10 वर्ष पूरी होने तक खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में इसमें न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक जमा करने की छूट मिलती है। खाता खुलने की तारीख से 15 वर्षों तक इसमें नियमित रूप से पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता 21 वर्षों में परिपक्व यानी मैच्योर होता है। सुकन्या समृद्धि योजना पर मौजूदा समय में 8.2 प्रतिशत की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसका ईईई (EEE) दर्जा है, जिसका अर्थ है कि निवेश की गई राशि पर इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत छूट मिलती है, मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त होता है और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा फंड भी टैक्स के दायरे से बाहर रहता है। जब बेटी 18 साल की हो जाती है या उसने 10वीं कक्षा पास कर ली हो, तो उसकी उच्च शिक्षा के खर्च के लिए खाते में जमा कुल बैलेंस का 50 फीसदी तक निकालने की कानूनी अनुमति भी दी जाती है।बेटे और बेटी दोनों के लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड: 15 साल का वेल्थ क्रिएशन फॉर्मूलाजिन परिवारों में बेटा है या जो अपनी संतान के लिए 15 साल की लंबी अवधि का सॉलिड फंड बनाना चाहते हैं, उनके लिए पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी पीपीएफ सबसे भरोसेमंद माध्यम है। पीपीएफ खाता किसी भी उम्र के नाबालिग बच्चे के नाम पर उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक द्वारा खोला जा सकता है। इस खाते को शुरू करने के लिए न्यूनतम 500 रुपये की आवश्यकता होती है और एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। यहां एक महत्वपूर्ण नियम ध्यान में रखना जरूरी है कि माता-पिता के अपने पीपीएफ खाते और बच्चे के पीपीएफ खाते को मिलाकर दोनों में कुल वार्षिक जमा राशि 1.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। पीपीएफ पर वर्तमान में 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है, जिसकी गणना सालाना चक्रवृद्धि आधार पर होती है। पीपीएफ भी सुकन्या योजना की तरह पूर्णतः टैक्स-फ्री (EEE) योजना है, यानी इसमें मिलने वाले रिटर्न पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगता। यह खाता 15 साल के लिए लॉक-इन रहता है, लेकिन बच्चे की मेडिकल इमरजेंसी या 5 साल बाद उच्च शिक्षा जैसी विशेष परिस्थितियों में आंशिक निकासी और लोन की सुविधा भी प्रदान की जाती है। 15 साल पूरे होने के बाद इस खाते को पांच-पांच साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाने का विकल्प भी मिलता है।मासिक बचत के लिए 5-वर्षीय रिकरिंग डिपॉजिट और सामान्य बचत खातामध्यमवर्गीय परिवारों के लिए, जो एकमुश्त बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते, पोस्ट ऑफिस की 5-वर्षीय नेशनल सेविंग्स रिकरिंग डिपॉजिट (RD) एक शानदार योजना है। आरडी खाते में हर महीने एक निश्चित रकम जमा करनी होती है, जिसकी न्यूनतम सीमा मात्र 100 रुपये प्रति माह है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं की गई है। इस योजना पर सरकार 6.7 प्रतिशत का त्रैमासिक चक्रवृद्धि ब्याज दे रही है। यदि बच्चे की उम्र 10 वर्ष या उससे अधिक है, तो वह अपने नाम से स्वयं इस आरडी खाते का संचालन कर सकता है, जिससे उसमें बचपन से ही वित्तीय साक्षरता और बचत की आदत विकसित होती है। इसके अलावा, डाकघर का सामान्य बचत खाता (Post Office Savings Account) भी बच्चों के नाम पर 500 रुपये से खोला जा सकता है, जिस पर 4.0 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलता है। इसमें बच्चों को चेकबुक और एटीएम कार्ड की सुविधा भी निर्धारित नियमों के तहत दी जाती है, जिससे वे अपने रोजमर्रा के पॉकेट मनी प्रबंधन को व्यावहारिक रूप से सीख सकते हैं।एकमुश्त निवेश के लिए एनएससी, केवीपी और टाइम डिपॉजिट का सुरक्षित विकल्पयदि आपके बच्चे को जन्मदिन, त्योहार या परिजनों से एकमुश्त नकद उपहार मिला है, तो उसे बचत खाते में खाली रखने के बजाय डाकघर की फिक्स्ड इनकम योजनाओं में लगाना अधिक समझदारी है। नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट यानी एनएससी (NSC) 5 साल की अवधि के लिए आता है, जिसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है और अधिकतम की कोई सीमा नहीं है। एनएससी पर 7.7 प्रतिशत का आकर्षक ब्याज मिलता है और इसमें जमा की गई राशि पर धारा 80सी के तहत टैक्स छूट भी मिलती है। दूसरा विकल्प किसान विकास पत्र (KVP) है, जिस पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाता है। केवीपी की खासियत यह है कि यह योजना लगभग 115 महीनों में आपके निवेश को सीधे दोगुना कर देती है। इसके अलावा पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD), जो बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह काम करता है, 1 वर्ष से 5 वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध है। इसमें 6.9 प्रतिशत से लेकर 7.5 प्रतिशत तक का ब्याज मिलता है, जिसमें 5 वर्षीय टाइम डिपॉजिट पर इनकम टैक्स छूट का अतिरिक्त लाभ भी शामिल है। यह सभी एकमुश्त योजनाएं बच्चों के नाम पर अभिभावकों द्वारा आसानी से ली जा सकती हैं।डाकघर में खाता खुलवाने के जरूरी नियम और आवश्यक दस्तावेजडाकघर में नाबालिग बच्चे का खाता खुलवाने की प्रक्रिया अत्यंत सरल और सुगम है। इसके लिए मुख्य रूप से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य है, जिससे उसकी सही उम्र सत्यापित हो सके। इसके साथ ही अभिभावक के पहचान और पते का प्रमाण, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और निवास प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। माता-पिता और बच्चे दोनों की पासपोर्ट साइज फोटो आवेदन फॉर्म के साथ संलग्न करनी होती है। जब तक बच्चा 18 वर्ष का नहीं हो जाता, तब तक खाते का पूरा कानूनी संचालन अभिभावक के हस्ताक्षरों से होता है। जैसे ही बच्चा 18 वर्ष की आयु पूरी कर वयस्क (Major) बनता है, डाकघर में एक नया केवाईसी फॉर्म और बच्चे के व्यक्तिगत हस्ताक्षर जमा करके खाते को उसके प्रत्यक्ष अधिकार में सौंप दिया जाता है। इस तरह, पोस्ट ऑफिस की ये सरकारी योजनाएं सुरक्षित रिटर्न, शानदार ब्याज और टैक्स बचत के साथ बच्चों के सपनों को वित्तीय पंख देने का सबसे पुख्ता माध्यम साबित हो रही हैं।
भारत और कनाडा के आर्थिक रिश्तों में एक नए दौर की शुरुआत होने जा रही है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री 12 से 17 अक्टूबर तक भारत के बहुप्रतीक्षित आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। पिछले कुछ समय के कूटनीतिक तनाव के बाद यह दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को दोबारा पटरी पर लाने और आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस छह दिवसीय उच्चस्तरीय यात्रा में न सिर्फ दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते यानी कॉम्प्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) को अंतिम रूप देने की दिशा में गंभीर बातचीत होगी, बल्कि दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच नए व्यावसायिक तालमेल का खाका भी तैयार किया जाएगा। यह दौरा केवल दिल्ली के गलियारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और टेक हब बेंगलुरु में भी कनाडाई प्रतिनिधिमंडल भारतीय उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करेगा। लगभग 300 सदस्यीय कनाडाई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ हो रहा यह दौरा पिछले तीन दशकों में कनाडा की ओर से भारत आने वाला सबसे बड़ा वाणिज्यिक मिशन है। इस यात्रा के केंद्र में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक तकनीक, खाद्य सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर बनाए रखने जैसे वैश्विक मुद्दे शामिल हैं।फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (CEPA) पर अटकीं नजरें: द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगा अभूतपूर्व बढ़ावाभारत और कनाडा के बीच लंबे समय से लंबित द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता अब अपने निर्णायक दौर में पहुंचता दिखाई दे रहा है। दोनों देश चाहते हैं कि व्यापारिक बाधाओं और उच्च सीमा शुल्कों को घटाकर एक ऐसा संतुलित ढांचा तैयार किया जाए जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित हो। नई दिल्ली में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ होने वाली बैठक में इस समझौते के कानूनी, तकनीकी और नीतिगत पहलुओं पर आमने-सामने चर्चा होगी। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य सिर्फ वस्तुओं के आयात-निर्यात को सुगम बनाना नहीं है, बल्कि दोनों देशों के सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) को एक नई गति देना भी है। भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स, फिनटेक डेवलपर्स, वित्तीय विश्लेषकों और इंजीनियरों के लिए कनाडा का बाजार एक व्यापक अवसर प्रस्तुत करता है, वहीं कनाडाई कंपनियों के लिए भारत की विशाल घरेलू मांग और तेज आर्थिक वृद्धि एक आकर्षक केंद्र है। समझौते के लागू होने से भारत के कपड़ा, रत्न-आभूषण, चमड़ा, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पादों को कनाडाई बाजार में शून्य या बेहद कम शुल्क पर सीधी पहुंच मिल सकेगी। इसके साथ ही कनाडाई पोटाश, दलहन, लकड़ी के उत्पाद और आधुनिक तकनीकी उपकरण भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे। दोनों देशों की वाणिज्यिक प्राथमिकताओं में यह स्पष्ट है कि भू-राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यापार को अलग रखकर प्रगति की राह पर आगे बढ़ा जाए।मुंबई से बेंगलुरु तक आर्थिक रणनीति: निवेश, इनोवेशन और नए स्टार्टअप्स पर दांवइस यात्रा का भौगोलिक दायरा बेहद रणनीतिक रूप से तय किया गया है। दौरे की शुरुआत मुंबई में देश के शीर्ष कॉर्पोरेट लीडर्स, प्रमुख वित्तीय संस्थानों और पेंशन फंड प्रबंधकों के साथ संवाद से होगी। कनाडा के पेंशन फंड्स जैसे सीदारपीआईबी और सीडीपीक्यू पहले से ही भारत के बुनियादी ढांचे, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अरबों डॉलर का निवेश कर चुके हैं। मुंबई में होने वाली बैठकों का उद्देश्य इन दीर्घकालिक निवेशों का विस्तार करना और भारत के नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन में कनाडाई पूंजी के नए रास्तों को तलाशना है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल का रुख बेंगलुरु की तरफ होगा, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और स्पेस-टेक पर काम कर रहे भारतीय इनोवेटर्स के साथ तकनीकी साझेदारी पर मंथन होगा। कनाडा का टेक इकोसिस्टम टोरंटो और वैंकूवर जैसे शहरों में काफी तेजी से विकसित हुआ है, और बेंगलुरु के साथ इस गठबंधन से दोनों देशों के स्टार्टअप्स को जॉइंट वेंचर्स, क्रॉस-बॉर्डर फंडिंग और तकनीकी आदान-प्रदान का सीधा लाभ मिलेगा। यह साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नई तकनीकों के संयुक्त रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए एक सशक्त मंच तैयार करेगी।क्रिटिकल मिनरल्स, ग्रीन एनर्जी और सप्लाई चेन रेजिलिएंस: भविष्य की सबसे बड़ी जरूरतआधुनिक विश्व में स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और डिजिटल क्रांति के लिए क्रिटिकल मिनरल्स रीढ़ की हड्डी बन चुके हैं। कनाडा लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट और यूरेनियम जैसे दुर्लभ खनिजों के मामले में दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में से एक है। भारत अपनी महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति, बैटरी स्टोरेज लक्ष्यों और सौर ऊर्जा पहलों के लिए इन खनिजों की सुरक्षित और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करना चाहता है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स पार्टनरशिप पर एक ठोस रूपरेखा बनने की प्रबल संभावना है। कनाडाई वाणिज्य मंत्री की टीम भारतीय सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ खनन, शोधन और वैल्यू-चेन क्रिएशन में दीर्घकालिक समझौतों पर विचार करेगी। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन, बायोफ्यूल और कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं को गति देने पर भी बातचीत होगी। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से भारत और कनाडा का यह रणनीतिक तालमेल हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।छात्रों, पेशेवरों और वीजा प्रक्रियाओं के लिए उम्मीद की नई किरणव्यापार और अर्थव्यवस्था के अलावा इस यात्रा का एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय पहलू भारतीय प्रवासियों, छात्रों और कुशल कामगारों से जुड़ा हुआ है। कनाडा में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करता है। कूटनीतिक तनाव के कारण पिछले कुछ समय में वीजा प्रसंस्करण, छात्र परमिट और यात्रा सुगमता को लेकर जो चिंताएं पैदा हुई थीं, उन पर भी इस यात्रा के दौरान सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाए जाने की पूरी उम्मीद है। व्यापारिक सुगमता के लिए बिजनेस वीजा को फास्ट-ट्रैक करना, पेशेवरों की आवाजाही को सरल बनाना और शैक्षणिक सहयोग को सुगम रखना दोनों पक्षों की व्यापारिक प्राथमिकताओं का अभिन्न हिस्सा है। भारतीय कुशल प्रतिभा की मांग कनाडा के कई सेक्टरों में लगातार बनी हुई है, और एक पारदर्शी, स्थिर नीतिगत वातावरण दोनों देशों के बीच भरोसे को बहाल करने का काम करेगा।
तेलंगाना: जूलरी शॉप के बाहर 2 साल की बच्ची ने चखा साइनाइड, मौत
तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी में दो साल की बच्ची मिया ने एक जहरीला साइनाइड पाउच गलती से मुंह में रख लिया. इसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. परिवार ने दुकान के बाहर प्रदर्शन कर लापरवाही का आरोप लगाया और पुलिस ने दुकान मालिक और कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया.
'दिल्ली पुलिस झूठ बोल रही, वह दिल्ली में नहीं', दिपके के माता-पिता का दावा
अभिजीत दिपके की मां अनीता दिपके ने पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है और कहा कि उन्होंने अभिजीत को उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, केवल हिरासत में रखा गया है.
सऊदी के रियाद एयरपोर्ट पर हमले से 12 लोगों की मौत
सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हूती विद्रोहियों के हमले की खबर सामने आई है। खबर के मुताबिक, इस घटना में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए।
सरकारी नौकरी लेकिन नहीं चाहिए कोई डिग्री... लागू होगी ये शर्त
राजस्थान में सफाई कर्मचारी के पदों पर बंपर भर्तियां निकाली है. वैसे तो इस पद पर आवेदन 15 अगस्त से शुरू हैं, जो 13 अक्टूबर को बंद हो जाएंगे. ऐसे में अगर किसी भी उम्मीदवार ने अभी तक आवेदन नहीं किया है, तो वह समय रहते इन पदों पर आवेदन कर दें.
म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) छोटे निवेशकों के लिए वित्तीय आजादी हासिल करने और लंबी अवधि में बड़ा वेल्थ कॉर्पस तैयार करने का सबसे अनुशासित जरिया बन चुका है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और महंगाई के बीच यदि कोई निवेशक हर महीने मात्र ₹5,000 की बचत कर इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में नियमित निवेश करता है, तो चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) की शक्ति से वह आसानी से ₹50 लाख का भारी-भरकम फंड तैयार कर सकता है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने में आपको कितना समय लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके पोर्टफोलियो को सालाना औसतन कितने प्रतिशत का रिटर्न (CAGR) मिल रहा है। वित्तीय विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स के ऐतिहासिक प्रदर्शन को देखें तो लंबी अवधि (15-20 वर्ष) में इक्विटी फंड्स ने आमतौर पर 10% से 15% के बीच वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न डिलीवर किया है। आइए जानते हैं कि 10%, 12% और 15% के अपेक्षित रिटर्न पर आपको कितने वर्षों तक ₹5,000 की मासिक एसआईपी जारी रखनी होगी।12% के मानक रिटर्न पर: पूरे 20 साल में तैयार होगा ₹50 लाख का फंडभारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में लार्ज कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स के पिछले 15 से 20 वर्षों के सीएजीआर (CAGR) को 12% के आसपास मानक और यथार्थवादी रिटर्न माना जाता है। यदि आपका पोर्टफोलियो 12% वार्षिक रिटर्न जनरेट करता है, तो ₹50 लाख का लक्ष्य ठीक 20 वर्ष (240 महीने) में पूरा हो जाएगा।मासिक निवेश: ₹5,000निवेश की कुल अवधि: 20 वर्ष (240 महीने)आपकी जेब से जमा कुल मूलधन: ₹12,00,000 (₹12 लाख)चक्रवृद्धि से अर्जित शुद्ध मुनाफा (Capital Gain): ₹37,95,740 (लगभग ₹38 लाख)20 वर्ष बाद कुल फंड वैल्यू: ₹49,95,740 (लगभग ₹50 लाख) इस गणना की सबसे खास बात यह है कि 20 साल बाद मिलने वाले कुल ₹50 लाख के फंड में आपकी खुद की जमा पूंजी सिर्फ 24% (₹12 लाख) होगी, जबकि 76% हिस्सा (लगभग ₹38 लाख) केवल चक्रवृद्धि ब्याज का मुनाफा होगा। यदि आप इसे सिर्फ एक साल और खींचकर 21 साल कर देते हैं, तो यह फंड बढ़कर सीधे ₹56.93 लाख हो जाता है।15% के आक्रामक रिटर्न पर: 17.5 साल में हासिल हो जाएगा मुकामयदि आप मिड कैप (Mid Cap), स्मॉल कैप (Small Cap) या फोकस्ड इक्विटी फंड्स जैसी आक्रामक श्रेणियों में निवेश करते हैं और बाजार का प्रदर्शन मजबूत रहता है, तो 15% वार्षिक रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। 15% की दर से ₹50 लाख का जादुई आंकड़ा छूने के लिए आपको लगभग 17 वर्ष 5 महीने (209 महीने) का समय लगेगा।मासिक निवेश: ₹5,000निवेश अवधि: 17 वर्ष 5 महीने (लगभग 17.4 वर्ष)कुल जमा मूलधन: लगभग ₹10,45,000 (₹10.45 लाख)चक्रवृद्धि से अर्जित मुनाफा: लगभग ₹39,55,000 (₹39.55 लाख)कुल मैच्योरिटी कॉर्पस: ₹50,00,000 (₹50 लाख) यदि आप पूरे 18 वर्ष तक निवेश जारी रखते हैं, तो आपका कुल निवेश ₹10.80 लाख होगा और 15% रिटर्न के दम पर आपका कुल फंड बढ़कर ₹55.21 लाख हो जाएगा। यानी 12% के मुकाबले 15% रिटर्न मिलने पर आपका लक्ष्य लगभग ढाई साल पहले ही हासिल हो जाता है।10% के रूढ़िवादी रिटर्न पर: 22.4 साल का धैर्य रखना होगा जरूरीयदि आप अत्यधिक रूढ़िवादी (Conservative) निवेशक हैं और मुख्य रूप से लार्ज-कैप इंडेक्स फंड्स (Nifty 50) या हाइब्रिड/बैलेंस्ड एडवांटेज फंड्स में निवेश करते हैं जहां उतार-चढ़ाव कम होता है, तो 10% का वार्षिक रिटर्न एक सुरक्षित अनुमान है। 10% की दर से ₹50 लाख का फंड तैयार करने के लिए आपको लगभग 22 वर्ष 4 महीने (268 महीने) तक लगातार निवेश करना होगा।मासिक निवेश: ₹5,000निवेश अवधि: 22 वर्ष 4 महीने (लगभग 22.4 वर्ष)कुल जमा मूलधन: लगभग ₹13,40,000 (₹13.40 लाख)चक्रवृद्धि से अर्जित मुनाफा: लगभग ₹36,60,000 (₹36.60 लाख)कुल मैच्योरिटी फंड: ₹50,00,000 (₹50 लाख) यदि आप पूरे 23 वर्ष पूरे करते हैं, तो आपकी जमा पूंजी ₹13.80 लाख होगी और कुल कॉर्पस ₹53.72 लाख पर पहुंच जाएगा। कम रिटर्न का मतलब है कि आपको लक्ष्य तक पहुंचने के लिए बाजार को 2 से 5 साल का अतिरिक्त समय देना पड़ेगा।तुलनात्मक विश्लेषण: 10%, 12% और 15% रिटर्न का पूरा रिपोर्ट कार्डरिटर्न की दर (CAGR)₹50 लाख तक पहुंचने में लगा समयकुल जमा मूलधन (Principal)अर्जित शुद्ध मुनाफा (Wealth Gain)अंतिम अनुमानित फंड वैल्यू10% वार्षिक रिटर्न22.4 वर्ष (~268 महीने)₹13,40,000₹36,60,000₹50,00,00012% वार्षिक रिटर्न20.0 वर्ष (240 महीने)₹12,00,000₹37,95,740₹49,95,740 (~₹50 लाख)15% वार्षिक रिटर्न17.4 वर्ष (~209 महीने)₹10,45,000₹39,55,000₹50,00,000स्टेप-अप एसआईपी (Step-Up SIP): 20 साल का सफर 14-16 साल में कैसे पूरा करें?यदि आप 20 साल तक इंतजार नहीं करना चाहते और ₹50 लाख का फंड जल्द से जल्द बनाना चाहते हैं, तो वित्तीय सलाहकार 'स्टेप-अप एसआईपी' की रणनीति अपनाने की सलाह देते हैं। जैसे-जैसे हर साल आपकी आय या वेतन में 8 से 10% की बढ़ोतरी होती है, वैसे ही अपनी ₹5,000 की मासिक किस्त में हर साल 10% का इजाफा (Step-up) करें। उदाहरण के लिए, पहले साल ₹5,000 प्रति माह, दूसरे साल ₹5,500, तीसरे साल ₹6,050 प्रति माह जमा करें। इस फॉर्मूले से 12% वार्षिक रिटर्न पर जो लक्ष्य सामान्य एसआईपी में 20 साल में पूरा होता है, वह स्टेप-अप एसआईपी के जरिए मात्र 16 वर्ष में ही पूरा हो जाता है।नए टैक्स नियम (LTCG) का ध्यान रखना न भूलेंलंबी अवधि के लिए निवेश करते समय आयकर नियमों को समझना भी जरूरी है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर 1 वर्ष से अधिक समय तक होल्ड की गई यूनिट्स पर होने वाले मुनाफे को लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) माना जाता है। आयकर नियमों के तहत प्रति वित्तीय वर्ष ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। ₹1.25 लाख से अधिक के शुद्ध मुनाफे पर 12.5% की दर से फ्लैट एलटीसीजी टैक्स लागू होता है। जब भी आप 17 से 20 साल बाद अपना फंड रिडीम करें, तो सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) या टुकड़ों में निकासी कर इस टैक्स देनदारी को न्यूनतम कर सकते हैं।
लोकनायक को नमन: जेपी मौजूदा आंदोलन के समय कितने प्रासंगिक; निडर आवाज और साहस को याद कर पीएम-राजनाथ क्या बोले?
कलश स्थापना का मुहूर्त कब तक है? नोट करें घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्र 2026 में कलश स्थापना कितने बजे तक कर सकते हैं? जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और कलश स्थापना की सही विधि.
प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रही नारी शक्ति: मुख्यमंत्री
लखनऊ, 11 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’की भावना को आत्मसात करके कार्य कर रही है। हमारी सरकार ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है, जिसका परिणाम है कि प्रदेश के 50 फीसदी से अधिक स्टार्टअप्स का नेतृत्व नारी शक्ति कर रही है।उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बनाने के साथ ही नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है।प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहीं बेटियांसीएम ने कहा कि 2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना भी एक चुनौती थी, आज वही बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं। प्रदेश के 50 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप्स को आज नारी शक्ति लीड कर रही है। महिला कार्यबल की भागीदारी 12 फीसदी से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक होना प्रदेश में महिलाओं के बढ़ते विश्वास और विस्तृत होते अवसरों का स्पष्ट प्रमाण है।शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं योजनाएंमुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य से लेकर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य तक डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाएं नारी सशक्तीकरण को नित्य नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को संबल मिला है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। वहीं मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलें उनकी शिक्षा, सुरक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं।'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में अग्रसर सरकारसीएम योगी ने कहा कि ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’की भावना को आत्मसात करते हुए प्रदेश की डबल इंजन सरकार ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
TDS मीटर कितने का आता है? ₹500 से कम में उपलब्ध बेस्ट विकल्प और पानी की जांच में इसका महत्व
पीने के पानी की गुणवत्ता और शुद्धता मापने के लिए TDS (Total Dissolved Solids) मीटर सबसे सुलभ और पोर्टेबल डिजिटल उपकरण है। अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि पानी की जांच करने वाली मशीनें काफी महंगी होती हैं, जबकि हकीकत यह है कि एक सामान्य घरेलू डिजिटल टीडीएस मीटर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart आदि) और स्थानीय वाटर प्यूरीफायर स्टोर्स पर ₹150 से ₹400 के बजट में आसानी से मिल जाता है।₹500 से कम में मिलने वाले प्रमुख डिजिटल TDS मीटरटीडीएस मीटरलिस्टेड कीमतThemisto TH-TDS10₹193Aquafresh Digital TDS Meter₹178AMPEREUS Digital Meter₹238Vidhmahi Digital TDS Meter₹251बाजार में उपलब्ध अधिकांश बजट-फ्रेंडली टीडीएस मीटर टाइटेनियम एलॉय प्रोब, एलसीडी स्क्रीन और ऑटो-शटऑफ फीचर्स के साथ आते हैं:पानी की जांच में TDS मीटर क्यों जरूरी है?टीडीएस मीटर पानी में घुले हुए कुल ठोस पदार्थों—जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, क्लोराइड, सल्फेट, फ्लोराइड, आर्सेनिक और अन्य भारी धातुओं की मात्रा को PPM (Parts Per Million) में मापता है:आरओ (RO) फिल्टर की सेहत परखने के लिए: यदि आपके घर में लगा आरओ प्यूरीफायर खराब हो चुका है या उसकी मेंब्रेन (Membrane) फट गई है, तो टीडीएस मीटर से इनपुट (नल का पानी) और आउटपुट पानी नापकर तुरंत खराबी पकड़ी जा सकती है।जरूरी मिनरल्स का पता लगाना: कई बार आरओ पानी का टीडीएस 30-40 से भी कम कर देता है, जिससे पानी 'डेड वाटर' बन जाता है और शरीर को आवश्यक मिनरल्स नहीं मिलते। टीडीएस मीटर की मदद से आप टीडीएस एडजस्टर (TDS Controller) को सही स्तर पर सेट करा सकते हैं।किडनी और पथरी से बचाव: 500 से अधिक टीडीएस वाला कठोर पानी लगातार पीने से गुर्दे की पथरी (Kidney Stone) और पाचन संबंधी विकार होने का जोखिम बढ़ जाता है।पीने के पानी के लिए सही TDS लेवल क्या होना चाहिए?भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों के अनुसार पीने के पानी का पैमाना:TDS स्तर (PPM)पानी की गुणवत्ताउपयोगिता50 से 150 PPMउत्कृष्ट (Excellent)पीने के लिए सबसे आदर्श स्तर150 से 250 PPMबहुत अच्छा (Good)स्वास्थ्य और मिनरल्स के संतुलन के लिए उत्तम250 से 500 PPMसामान्य (Fair)पीने योग्य, लेकिन थोड़ा भारी स्वाद500 से अधिक PPMअनुपयुक्त (Poor)कठोर पानी; बिना आरओ शुद्धिकरण के पीने से बचें50 से कम PPMमिनरल विहीनआवश्यक खनिजों की कमी; लंबे समय तक पीना उचित नहींTDS मीटर इस्तेमाल करने का आसान तरीकामीटर का सुरक्षात्मक निचला कैप हटाएं।पावर (ON/OFF) बटन दबाएँ।कांच के साफ गिलास में पानी लें और मीटर की प्रोब को 1-2 इंच तक पानी में डुबोएं।5 सेकंड रुकें जब तक स्क्रीन पर नंबर स्थिर न हो जाए, फिर 'Hold' बटन दबाकर रीडिंग नोट कर लें।पानी की गुणवत्ता और फिल्टर के बारे में आगे क्या जानना चाहते हैं?घर के लिए बेस्ट RO UV वॉटर प्यूरीफायरपानी में टीडीएस कैसे कम या ज्यादा करेंहार्ड वाटर सॉफ्टनर फिल्टर के प्रकार
दो दिन में ही यात्रियों के डूब गए 1 करोड़ रुपये, रेलवे ने दिया ट्रेनों को लेकर बड़ा अपडेट
उत्तर रेलवे की तरफ से कहा गया है कि 11 अक्टूबर से सभी ट्रेनें अपने निर्धारित समय से चलेंगी। दो दिन कई ट्रेनों को रद्द किया गया था। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक इन दो दिनों में ही यात्रियों का 1 करोड़ का नुकसान हुआ है।
केंद्र सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' पहल के तहत संचालित सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana - SSY) बालिकाओं के सुरक्षित भविष्य, उच्च शिक्षा और विवाह के लिए देश की सबसे लोकप्रिय व सर्वाधिक ब्याज देने वाली लघु बचत योजनाओं में से एक है। वर्तमान में सरकार इस योजना पर 8.2% वार्षिक ब्याज (वार्षिक चक्रवृद्धि) प्रदान कर रही है। यदि आप अपनी बेटी के जन्म या शुरुआती वर्षों में अधिकतम निर्धारित सीमा यानी ₹1,50,000 प्रति वर्ष (₹12,500 प्रति माह) जमा करते हैं, तो 21 साल की मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर बेटी के नाम पर लगभग ₹71.82 लाख का विशाल गारंटीड फंड तैयार हो जाता है।निवेश का नियम: केवल 15 साल जमा, 21 साल में मैच्योरिटीसुकन्या समृद्धि योजना की संरचना को समझना बेहद जरूरी है:जमा करने की अवधि (Deposit Period): खाता खुलने की तारीख से केवल 15 वर्ष तक ही पैसे जमा करने होते हैं।मैच्योरिटी अवधि (Maturity Period): खाता खुलने की तारीख से कुल 21 वर्ष बाद यह योजना पूरी तरह मैच्योर होती है।16वें से 21वें वर्ष का लाभ: अंतिम 6 वर्षों (16वें से 21वें साल तक) में आपको अपनी जेब से कोई नई राशि जमा नहीं करनी होती, लेकिन खाते में जमा पूरी पूंजी पर सरकार द्वारा तय चक्रवृद्धि ब्याज निरंतर जुड़ता रहता है। यही 6 साल वेल्थ क्रिएशन में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।₹1.5 लाख सालाना जमा का पूरा गणित: मैच्योरिटी कैलकुलेशनवर्तमान 8.2% वार्षिक ब्याज दर के आधार पर 21 वर्षों का पूरा वित्तीय बहीखाता इस प्रकार है:विवरणगणना / आंकड़ासालाना जमा राशि₹1,50,000 (अधिकतम कानूनी सीमा)जमा करने की अवधि15 वर्षआपके द्वारा कुल निवेशित मूलधन₹22,50,000 (₹1.5 लाख 15)वर्तमान ब्याज दर8.20% प्रति वर्ष (चक्रवृद्धि)कुल अर्जित ब्याज (21 साल में)₹49,32,11921 साल बाद कुल मैच्योरिटी फंड₹71,82,119 (लगभग ₹71.82 लाख)इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपके द्वारा जमा किए गए ₹22.50 लाख के मूलधन पर मिलने वाला शुद्ध ब्याज (₹49.32 लाख) आपके कुल निवेश से दोगुने से भी अधिक होता है।साल-दर-साल फंड ग्रोथ: कम्पाउंडिंग का चमत्कारपड़ाव (Milestone)कुल जमा मूलधनखाते में कुल बैलेंस (मूलधन + ब्याज)5वें वर्ष के अंत में₹7,50,000₹9,55,95410वें वर्ष के अंत में₹15,00,000₹23,73,61815वें वर्ष के अंत में (अंतिम किस्त)₹22,50,000₹44,75,98918वें वर्ष के अंत में (बिना नया जमा)₹22,50,000₹56,69,84021वें वर्ष के अंत में (पूर्ण मैच्योरिटी)₹22,50,000₹71,82,119EEE स्टेटस: टैक्स छूट का तिहरा लाभसुकन्या समृद्धि योजना को आयकर अधिनियम के तहत EEE (Exempt-Exempt-Exempt) श्रेणी का दर्जा प्राप्त है:जमा राशि पर छूट: प्रति वित्तीय वर्ष जमा किए गए ₹1.5 लाख तक के निवेश पर आयकर की धारा 80C के तहत कर कटौती (Tax Deduction) का लाभ मिलता है।अर्जित ब्याज पर शून्य टैक्स: हर साल खाते में जुड़ने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता।मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स-फ्री: 21 वर्ष बाद मिलने वाली पूरी ₹71.82 लाख की राशि पर ₹1 का भी आयकर या पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) नहीं कटता।समय से पहले निकासी और खाता संचालन के प्रमुख नियम18 वर्ष की आयु पर आंशिक निकासी: जब बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरी हो जाए या वह 10वीं कक्षा पास कर ले, तो उसकी उच्च शिक्षा (कॉलेज/यूनिवर्सिटी फीस) के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है।विवाह पर समय पूर्व बंद करना: यदि बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरी होने के बाद उसका विवाह तय होता है, तो शादी के खर्च के लिए आवश्यक विवाह प्रमाण प्रस्तुत कर खाता 21 वर्ष से पहले भी पूर्ण रूप से बंद कराया जा सकता है।खाता खोलने की पात्रता: बेटी के जन्म से लेकर उसकी उम्र 10 वर्ष पूरी होने से पहले किसी भी डाकघर (Post Office) या अधिकृत सरकारी/निजी बैंक में यह खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों के लिए ही यह खाता खोलने की अनुमति है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपने सपनों का आशियाना खरीदने की इच्छा रखने वाले लाखों मध्यमवर्गीय और कम आय वाले परिवारों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की आवासीय योजनाएं सबसे भरोसेमंद और किफायती विकल्प मानी जाती हैं। डीडीए द्वारा समय-समय पर 'सस्ता घर आवास योजना' और 'जनसाधारण/जनता आवास योजना' जैसी विभिन्न स्कीमें 'पहले आओ, पहले पाओ' (FCFS) और ई-नीलामी या ड्रॉ के आधार पर पेश की जाती हैं। नरेला, रोहिणी, सिरसपुर, द्वारका, जसोला और लोकनायक पुरम जैसे क्षेत्रों में फ्लैट्स उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन यदि आप भी डीडीए के सस्ते फ्लैट (विशेष रूप से EWS और LIG) खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इसके कड़े बिक्री प्रतिबंध यानी लॉक-इन पीरियड (Lock-in Period) और आय पात्रता (Income Eligibility) के नियमों को जानना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी जल्दबाजी या नियमों की अनदेखी आपके आवंटन को रद्द करा सकती है।लॉक-इन पीरियड का कड़ा नियम: इतने साल से पहले फ्लैट बेचा तो होगी कानूनी कार्रवाईडीडीए की आवासीय नीति का प्राथमिक उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंदों और वास्तविक एंड-यूजर्स (End-users) को घर उपलब्ध कराना है, न कि प्रॉपर्टी डीलरों या सटोरियों को मुनाफाखोरी का मौका देना। इसी के तहत प्राधिकरण ने बिक्री से जुड़े स्पष्ट प्रावधान तय किए हैं:EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) फ्लैट्स के लिए 5 साल का लॉक-इन: यदि आप डीडीए के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी का फ्लैट खरीदते हैं, तो आप भौतिक कब्जा (Physical Possession) मिलने की तारीख से लेकर 5 वर्ष (Five Years) पूरे होने तक इस फ्लैट को किसी भी तीसरे व्यक्ति को बेच, ट्रांसफर या गिफ्ट नहीं कर सकते।जीपीए या एग्रीमेंट टू सेल पर बेचने की भूल न करें: कई खरीदार 5 साल की अवधि पूरी होने से पहले पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA), वसीयत या एग्रीमेंट टू सेल के जरिए अनधिकृत लेन-देन कर लेते हैं। डीडीए के नियमों के अनुसार 5 साल के भीतर किया गया ऐसा कोई भी सौदा गैरकानूनी (Null and Void) माना जाता है। पकड़े जाने पर डीडीए फ्लैट का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर सकता है और कब्जा वापस ले सकता है।5 साल बाद ही बनेगी कन्वेयंस डीड: ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स के लिए 5 वर्ष की अनिवार्य अवधि समाप्त होने के बाद ही डीडीए फ्लैट को पूरी तरह फ्रीहोल्ड में तब्दील करने और आधिकारिक कन्वेयंस डीड (Conveyance Deed) निष्पादित करने की अनुमति देता है, जिसके बाद ही रजिस्ट्री संभव हो पाती है।LIG, MIG और HIG फ्लैट्स के नियम: सामान्य एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी फ्लैट्स पर पहले लागू 5 साल का लॉक-इन पीरियड अधिकांश हालिया योजनाओं से हटा लिया गया है (जब तक कि विशेष ब्रॉशर में कोई विशिष्ट शर्त न दी गई हो)। पूरा भुगतान होने और फ्रीहोल्ड कन्वेयंस डीड बनने के बाद इन्हें बेचा जा सकता है, बशर्ते खरीदार ने संबंधित बैंक का लोन चुकता कर एनओसी ले ली हो।कितनी आय वाले आवेदन कर सकते हैं? श्रेणीवार आय पात्रताडीडीए की आवास योजनाओं में आवेदन करने के लिए आय और पात्रता के मानदंड स्पष्ट हैं:फ्लैट की श्रेणीव्यक्तिगत / पारिवारिक वार्षिक आय सीमासामान्य फ्लैट साइज (कारपेट एरिया)अनुमानित शुरुआती कीमतEWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)आवेदक व पति/पत्नी की कुल पारिवारिक आय ₹10 लाख प्रति वर्ष से अधिक न हो (व्यक्तिगत स्तर पर ₹3 लाख की शर्त)300 से 400 वर्ग फुट (1 BHK / स्टूडियो)लगभग ₹10 लाख से ₹15 लाखLIG (निम्न आय वर्ग)₹3 लाख से ₹6 लाख वार्षिक आय वाले परिवार (सामान्यतः कोई आय सीमा नहीं)450 से 650 वर्ग फुट (1 BHK)लगभग ₹20 लाख से ₹30 लाखMIG (मध्यम आय वर्ग)₹6 लाख से ₹18 लाख वार्षिक आय वाले परिवार (कोई ऊपरी आय सीमा नहीं)800 से 1,200 वर्ग फुट (2 BHK)लगभग ₹45 लाख से ₹80 लाखHIG (उच्च आय वर्ग)कोई आय सीमा नहीं (आवेदक की वित्तीय क्षमता पर निर्भर)1,300 से 1,800+ वर्ग फुट (3 BHK / पेंटहाउस)₹1 करोड़ से ₹2.5 करोड़+नोट: ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आवेदन करते समय आवेदक को सक्षम राजस्व प्राधिकारी (तहसीलदार / एसडीएम) द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है।दिल्ली में पहले से मकान होने पर क्या है डीडीए का नया नियम?अतीत में डीडीए का यह सख्त नियम हुआ करता था कि यदि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य (पति/पत्नी या आश्रित बच्चों) के नाम पर दिल्ली में 67 वर्ग मीटर से अधिक का कोई पक्का मकान या आवासीय प्लॉट है, तो वह डीडीए फ्लैट के लिए पात्र नहीं होता था। हालांकि, अपनी अनसोल्ड इन्वेंट्री को तेजी से बेचने और आवास नीति को लचीला बनाने के लिए डीडीए ने हालिया योजनाओं में इस शर्त में भारी ढील दी है। अब कई योजनाओं में दिल्ली में पहले से प्रॉपर्टी होने के बावजूद नागरिक नया डीडीए फ्लैट खरीद सकते हैं (केवल ईडब्ल्यूएस और विशिष्ट आरक्षित कोटा श्रेणियों को छोड़कर)।ऑनलाइन आवेदन करने की आधिकारिक प्रक्रियाडीडीए की पूरी आवंटन प्रक्रिया अब डिजिटल और पारदर्शी है:डीडीए के आधिकारिक पोर्टल dda.gov.in या आवास पोर्टल पर जाएं।अपना व्यक्तिगत विवरण, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करके लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं।योजना के तहत उपलब्ध फ्लैट्स (नरेला, रोहिणी, सिरसपुर आदि) के फ्लोर प्लान, लोकेशन और मूल्य सूची की समीक्षा करें।ईडब्ल्यूएस (₹50,000) या एलआईजी (₹1,00,000) का ऑनलाइन टोकन/बुकिंग शुल्क जमा करें।सफल आवंटन के बाद डिमांड-कम-अलॉटमेंट लेटर (Demand-cum-Allotment Letter) जारी होता है, जिसके निर्धारित शेड्यूल के अनुसार शेष राशि का भुगतान बैंक होम लोन या स्वयं के फंड से करना होता है।यदि आप बजट अनुकूल आशियाने की तलाश में हैं, तो डीडीए की योजनाएं एक सुरक्षित और कानूनी रूप से साफ-सुथरा विकल्प हैं, बशर्ते आप ईडब्ल्यूएस फ्लैट के 5 साल के लॉक-इन पीरियड और पात्रता नियमों का पूरी तरह सम्मान करें।
ट्रेन टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियम: कंफर्म, RAC और वेटिंग टिकट पर कितना कटेगा चार्ज
भारतीय रेलवे (IRCTC) के नियमों के अनुसार टिकट रद्द कराने पर मिलने वाला रिफंड इस बात पर निर्भर करता है कि टिकट का स्टेटस क्या है और ट्रेन के प्रस्थान समय से कितने घंटे पहले टिकट कैंसिल किया जा रहा है।1. कंफर्म टिकट (Confirmed Ticket) कैंसिलेशन चार्जकंफर्म टिकट के मामले में कैंसिलेशन चार्ज समय सीमा और यात्रा श्रेणी (क्लास) के आधार पर तय होता है:समय सीमाकैंसिलेशन चार्ज नियमट्रेन प्रस्थान से 48 घंटे से अधिक पहलेक्लास के अनुसार निर्धारित फ्लैट चार्ज कटता है (नीचे तालिका देखें)।48 घंटे से 12 घंटे के बीचकुल किराए का 25% (फ्लैट मिनिमम चार्ज की शर्त के साथ) + AC पर GST।12 घंटे से 4 घंटे के बीच (या चार्ट बनने तक)कुल किराए का 50% (फ्लैट मिनिमम चार्ज की शर्त के साथ) + AC पर GST।चार्ट बनने के बाद / 4 घंटे से कम समय रहने पर0% रिफंड (कोई पैसा वापस नहीं मिलता)।48 घंटे से पहले कैंसिल करने पर क्लास-वार फ्लैट चार्ज (प्रति यात्री):AC First Class / Executive Class: ₹240 + GSTAC 2 Tier / First Class: ₹200 + GSTAC 3 Tier / 3 Economy / AC Chair Car: ₹180 + GSTSleeper Class (SL): ₹120Second Class (2S / जनरल सीटिंग): ₹602. आरएसी टिकट (RAC Ticket) कैंसिलेशन चार्जचार्ज: RAC टिकट कैंसिल करने पर केवल क्लर्केज चार्ज (Clerkage Charge) के रूप में ₹60 प्रति यात्री (+ AC क्लास पर GST) कटता है।समय सीमा: RAC टिकट को ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले तक कैंसिल कराना अनिवार्य होता है।यदि चार्ट बनने के बाद भी टिकट RAC रह जाता है और आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक इसे कैंसिल करते हैं, तो भी केवल ₹60 क्लर्केज चार्ज काटकर शेष राशि वापस कर दी जाती है। 30 मिनट से कम समय रहने पर कोई रिफंड नहीं मिलता।3. वेटिंग लिस्ट टिकट (Waiting List Ticket) कैंसिलेशन चार्जवेटिंग टिकट पर भी केवल क्लर्केज चार्ज लागू होता है:आईआरसीटीसी ऑनलाइन ई-टिकट (Online e-Ticket): यदि चार्ट तैयार होने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग लिस्ट में रह जाता है, तो रेलवे का सिस्टम टिकट को स्वतः (Auto Cancel) कर देता है। इस स्थिति में केवल ₹60 प्रति यात्री (+ GST) क्लर्केज चार्ज कटता है और बाकी पूरी राशि सीधे उसी बैंक खाते/कार्ड में 3 से 5 कार्यदिवसों में वापस ट्रांसफर हो जाती है। यदि आप चार्ट बनने से पहले खुद कैंसिल करते हैं, तब भी यही ₹60 का चार्ज कटता है।रेलवे काउंटर/विंडो टिकट (Counter PRS Ticket): यदि काउंटर से खरीदा गया वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद भी वेट नहीं हटता, तो ट्रेन प्रस्थान के 30 मिनट पहले तक किसी भी कंप्यूटरीकृत आरक्षण काउंटर पर टिकट सरेंडर करना होता है। वहां ₹60 प्रति यात्री काटकर नकद रिफंड दे दिया जाता है।4. तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) के नियमकंफर्म तत्काल टिकट: कंफर्म तत्काल टिकट कैंसिल कराने पर रेलवे नियमानुसार कोई रिफंड (0%) नहीं देता है।वेटिंग तत्काल टिकट: यदि तत्काल टिकट वेटिंग लिस्ट में रह जाता है, तो उस पर सामान्य वेटिंग टिकट के नियम लागू होते हैं और केवल ₹60 क्लर्केज चार्ज काटकर बाकी राशि वापस मिल जाती है।5. महत्वपूर्ण बिंदु और अपवादआईआरसीटीसी सुविधा शुल्क (Convenience Fee): टिकट बुक करते समय लगा सुविधा शुल्क नॉन-रिफंडेबल होता है; टिकट कैंसिल होने पर यह वापस नहीं मिलता।ट्रेन रद्द होने पर (Train Cancelled): यदि रेलवे द्वारा ट्रेन पूरी तरह निरस्त कर दी जाती है, तो बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के 100% पूरा किराया स्वतः वापस कर दिया जाता है। ई-टिकट धारकों को इसके लिए कैंसिलेशन प्रोसेस करने की आवश्यकता नहीं होती।
'घटिया हरकत करके फुटेज चाहिए', तनुश्री पर बरसे सुनील पाल
नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता लगातार उनके खिलाफ वीडियो शेयर कर विवादों में आ गई हैं. उनके बयानों पर सुनील पाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और तनुश्री को पब्लिसिटी के लिए नाना पाटेकर को बदनाम करने का आरोप लगाया है.
दिपके समेत सीजेपी के तीनों नेता कहां?: दिल्ली पुलिस आज करवाएगी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी; कल लिया था हिरासत में
राशिफल 11 अक्टूबर 2026: मेष से मीन तक जानें सभी 12 राशियों का हाल
जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और कुछ लोग आपके काम में बाधा डालने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन मेहनत......
Gen Z को जल्दी फाइनेंशियल फ्रीडम क्यों चाहिए, क्या है FIRE मूवमेंट?
जेन जी के बीच फाइनेंशियल फ्रीडम को लेकर सोच बदल रही है. बढ़ते खर्च, घर खरीदने की मुश्किल और आर्थिक अनिश्चितता के बीच कई जेन जी युवा जल्दी फाइनेंशियल रूप से स्वतंत्र होना चाहते हैं. इसी सोच से जुड़ा है FIRE यानी 'फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली' मूवमेंट, जिसमें ज्यादा बचत और इनवेंस्टमेंट के जरिए कम उम्र में फाइनेंशियल आजादी हासिल करने पर जोर दिया जाता है.
भारत से भिड़ने के लिए न्यूजीलैंड टीम का ऐलान, इस धुरंधर की वापसी
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे मुकाबले ऑकलैंड, वेलिंगटन, हैमिल्टन और माउंट माउंगानुई में खेले जाएंगे. वनडे सीरीज के लिए मेजबान न्यूजीलैंड का दो अलग-अलग स्क्वॉड उतारने का फैसला खिलाड़ियों को आजमाने और टेस्ट सीरीज के लिए समय देने की रणनीति का हिस्सा है.
दिल्ली में सख्त नाकेबंदी से CJP का प्रदर्शन नाकाम, हिरासत में लिए गए 2500 से ज्यादा लोग
जंतर-मंतर कूच करने की योजना बना रहे CJP कार्यकर्ताओं को भारी पुलिस तैयारियों के आगे झुकना पड़ा। चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी और नजरबंदी के बीच प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को पूरी तरह से विफल कर दिया।
CJP के हंगामे से दिल्ली में ₹2000 करोड़ का नुकसान, CTI ने कर डाली ये डिमांड
CJP Protest Impact On Delhi Market's: दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन से दिल्ली के बाजारों का हाल-बेहाल है. फेस्टिव सीजन की शुरुआत में ही उन्हें तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. सीटीआई ने इसे लेकर प्रदर्शन करने वाली पार्टियों को लेटर लिख बड़ी डिमांड की है.
'सदैव मां का आशीर्वाद बना रहे': नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
रूस में यूक्रेन के लगातार दो ड्रोन हमले, यांडेक्स के डेटा हब प्रभावित
रूस में यांडेक्स के बड़े डेटा सेंटर को यूक्रेन ने लगातार दूसरे रूस में यांडेक्स के बड़े डेटा सेंटर को निशाना बनाया है. कंपनी के मुताबिक, शुक्रवार को कलुगा क्षेत्र स्थित डेटा सेंटर आंशिक रूप से ठप हो गया. इससे एक दिन पहले सासोवो में यांडेक्स का डेटा हब बंद हो गया था.
CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली में पाबंदियां खत्म... मेट्रो-रेल सेवाएं बहाल
दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण शनिवार को बंद की गई मेट्रो और रेलवे सेवाएं रविवार को पूरी तरह बहाल कर दी गई हैं. दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट खुल गए हैं और इंटरचेंज सुविधाएं भी बहाल हो गई हैं. भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली और निजामुद्दीन से अपनी रेल सेवाएं भी बहाल कर दी हैं और यातायात भी सामान्य हो गया है.
आ रही 30KM माइलेज वाली नई टोयोटा... इन फीचर्स के साथ होगी लॉन्च
टोयोटा भारतीय बाजार में अपनी नई कार को लॉन्च करने वाली है. कंपनी ने इसका टीजर जारी कर दिया है. ये कंपनी की भारत में सबसे सस्ती कार है. हम बात कर रहे हैं टोयोटा ग्लांजा फेसलिफ्ट की, जो 14 अक्टूबर को लॉन्च होने वाली है. हैचबैक का टीजर कंपनी ने जारी कर दिया है. इसमें कई बदलाव देखने को मिलेंगे. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
नवरात्र का पहला दिन, जरूर पढ़ें मां शैलपुत्री की आरती
Shardiya Navratri 2026 Day 1 Maa Shailputri Aarti: आज शारदीय नवरात्र का पहला दिन है. इस दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. ऐसे में विधि-विधान से पूजा करने के बाद माता की आरती जरूर करें.
मुसलमानों का भरोसा जीत रही भाजपा, हिमंत को बदरुद्दीन भी नहीं रोक पाए; कैसे बदला माहौल
विपक्ष यह मानकर चलता है कि मुस्लिम और भाजपा एक-दूसरे के लिए सियासी अछूत हैं। हालांकि इस दोनों नतीजों ने इस धारना को बदलकर रख दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि असम में भाजपा ने यह कमाल कैसे कर दिखाया।
महाराष्ट्र: सीएम फडणवीस बोले- एसआईआर 12 अक्तूबर तक पूरा करें मतदाता; मुंबई-नासिक रोड पर हादसा, दंपती की मौत
गिरफ्तार कर लिए गए हैं अभिजीत दीपके और उनके साथी, आज पेशी करवाएगी दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने बताया है कि अभिजीत दीपके और उनके साथियों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। उन्हें आज दिल्ली कैंट पुलिस थाने में एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
दिपके, सौरव और रांका कहां हैं? दिल्ली पुलिस का आया जवाब, बताया अपना प्लान
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका अभी भी पुलिस हिरासत में हैं. तीनों को एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में रखा गया है.
यहां पैदा होते ही 1 साल का हो जाता है बच्चा? जानें उम्र गिनने की अनोखी परंपरा
चीन में उम्र गिनने का एक पारंपरिक तरीका आज भी कुछ लोगों के बीच प्रचलित है. इसमें बच्चे को जन्म के समय ही एक साल का मान लिया जाता है और चीनी नववर्ष आते ही उम्र एक साल और बढ़ जाती है. इस वजह से पारंपरिक तरीके से गिनी गई उम्र असली उम्र से दो साल तक ज्यादा हो सकती है.
साबूदाना-आलू से बनाएं क्रिस्पी चीला, व्रत के लिए है बढ़िया ऑप्शन
Sabudana Aloo Chilla Recipe: नवरात्रि के व्रत में अगर आप फलाहार में कुछ अलग और टेस्टी ट्राई करना चाहते हैं तो साबूदाना-आलू का चीला बना सकते हैं. साबूदाना, उबले आलू, सिंघाड़े या कुट्टू के आटे से बनने वाला यह चीला खाने में टेस्टी और बनाने में आसान है. इसे आप व्रत वाली चटनी, दही या मूंगफली की चटनी के साथ परोस सकते हैं.
100 मुकदमे, फॉर्च्यूनर तक की चोरी... 50 हजार के इनामी का एनकाउंटर
गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच और लिंक रोड थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश फरमान को गिरफ्तार किया है. पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी. पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी की सफेद फॉर्च्यूनर कार, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं.
Hanuman Ansh Box Office Collection Day 65: हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस पर कमाई का तूफान थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. वहीं जहां अजय देवगन की दृश्यम 3 की कमाई से यह तूफान जहां थोड़ा शांत हुआ था
स्टारलिंक विवाद के बीच स्पेक्ट्रम को लेकर इन दिनों चर्चा काफी तेज हो गई है। आखिर स्पेक्ट्रम होता क्या है और इसके प्रकार कितने हैं?
15 अक्टूबर तक पूरे देश से विदा हो सकता है मानसून, 2011 के बाद सबसे जल्दी होगी विदाई
दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर के आसपास पूरे देश से विदा हो सकता है, जो हाल के वर्षों में सबसे जल्दी होने वाली विदाई में से एक होगी।
रूसी ईंधन पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील से भड़के पूर्व UK पीएम बोरिस जॉनसन
पूर्व UK पीएम बोरिस जॉनसन ने रूसी ईंधन पर अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील देने के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है. जॉनसन ने ईंधन की कीमतें बढ़ने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने को जिम्मेदार बताया.
'हमारा काम सुरक्षा है, लव जिहाद नहीं', डांडिया में बॉयकॉट पर बोले मुस्लिम बाउंसर
तेलंगाना में डांडिया और नवरात्रि उत्सवों के दौरान मुस्लिम बाउंसरों को काम देने से रोकने का मामला बढ़ता जा रहा है. बाउंसर मोहम्मद फिरोज का कहना है कि ये मुद्दा रोजगार का है, इसे धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि सभी धर्म के लोगों को रोजगार के बराबर मौके दिए जाने चाहिए.
'मुझे कोई दिलचस्पी नहीं ', सलमान संग पैचअप पर बोलीं सोमी अली
सोमी अली और सलामन खान का रिश्ता काफी सुर्खियों में रहा है. दोनों एक टाइम पर एक-दूसरेके काफी करीब थे. अब जब उनसे सलमान खान के साथ पैचअप करने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया.
हथेली की लकीरों के बीच बन रहा है H अक्षर? जानें इसे किस्मत और तरक्की से क्यों जोड़ते हैं लोग
H Letter on Hand: हथेली पर H का निशान हस्तरेखा शास्त्र में खास माना जाता है. मान्यता है कि यह मेहनत, समझदारी और सफलता से जुड़ा हो सकता है. जानें 40 की उम्र के बाद तरक्की से जुड़ी मान्यता कितनी प्रचलित है.
VIDEO: बाड़े में घुसे शख्स पर बाघ ने कर दिया हमला, मौके पर मौत, पार्क को कराया गया बंद
वाइल्डलाइफ़ पार्क ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा, हम अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि असल में क्या हुआ था.
सीजेपी प्रदर्शन: प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर यूएन की टिप्पणी से भड़का भारत, कहा- आंतरिक मामलों में दखल न दें---
होर्मुज के बाद महासागर? ट्रंप बोले- 'ट्रम्प ओशन' या 'ओशन ऑफ द अमेरिकाज'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटलांटिक और प्रशांत महासागर का नाम बदलने का मजाकिया सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि महासागर का नाम 'ट्रंप ओशन' या 'ओशन ऑफ द अमेरिकाज' रखा जाना चाहिए.
नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना कब करें?
शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहे हैं। प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9:19 बजे से 11 अक्टूबर की रात 9:30 बजे तक रहेगी। पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक है।
'ये तो बिल्कुल मेरी तरह...', वैभव सूर्यवंशी पर फिदा हुए सहवाग
साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 से पहले भारतीय टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में निरंतरता बनाए रखना होगा. वहीं, वैभव सूर्यवंशी के लिए आने वाले समय में टीम में अपनी जगह मजबूत करने का रास्ता प्रदर्शन और मिले अवसरों से होकर गुजरेगा.
नीम करोली बाबा बने शोभिनव ने कैप्टन स्मित मछार पर क्या कहा? जानिए
'हनुमान अंश' के एक्टर शोभिनव सत्या ने 'इंडिया टुडे मुंबई कॉन्क्लेव 2026' में कैप्टन स्मित मच्छर की तारीफ की, जिन्होंने कॉकपिट पर हमले के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ किया था.
टाटा से अंबानी तक... इतने सफल कैसे बने? एक नया नजरिया देती है ये किताब
रतन टाटा से लेकर मुकेश अंबानी जैसे 10 बड़े दिग्गजों से बातचीत पर आधारित ये किताब सफलता का एक नया नजरिया पेश करती है. यह उन युवाओं को पढ़ना चाहिए, जो अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं या फिर कारोबार शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं.
घी से बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों को मिलेगा आराम
Homemade Ghee Lip Balm: अगर बदलते मौसम में आपके होंठ भी फटने लगे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम आपको घी से नेचुरल लिप बाम बनाने का आसान तरीका बताएंगे, जिसे आप घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं.
तीन साल तक 10 के सिक्के जोड़ते रहे पादरी साहब, फिर खरीदी स्कूटी
तेलंगाना के मंचेरियल जिले में एक पादरी साहब ने बचत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी कहानी दिलचस्प है. लक्ष्मीपेट के रहने वाले रवि जोसेफ ने तीन साल तक रोजमर्रा की खरीदारी से बचे 10 रुपये के सिक्के जमा किए. धीरे-धीरे उनकी बचत 1.23 लाख रुपये तक पहुंच गई. फिर उन्होंने इन्हीं पैसों से नई मोटरसाइकिल खरीद ली. तीन साल की लगातार बचत ने उनके सपने को पूरा कर दिया.
मां दुर्गा की ये खास आरती, नवरात्रि में मिलता है पांच आरतियों का फल
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत से ही मां दुर्गा की आरती का विशेष महत्व है. नौ दिनों तक मां के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. आरती करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन के संकट दूर होते हैं.
पत्नी के पूजा-पाठ और त्योहार मनाने से चिढ़ता था पति, कुल्हाड़ी से काट डाला
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में धार्मिक मान्यताओं और पूजा-पाठ को लेकर चल रहा पति-पत्नी का विवाद खूनी वारदात में बदल गया. गुराड़खेड़ा गांव में रामबाबू गुर्जर ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर पत्नी गायत्रीबाई (36) की हत्या कर दी.
'बूढ़ी गंडकी नदी के पास जाने से बचें', नेपाल में फिर बाढ़ का अलर्ट
नेपाल में NDRRMA ने बुधी गंडकी नदी में बड़ी बाढ़ आने की चेतावनी दी है. अलर्ट के मुताबिक, चुमानुम्ब्री ग्रामीण नगरपालिका-6 की तरफ से बाढ़ का पानी आ रहा है. लोगों से बाढ़ का पानी गुजरने तक त्रिशूली दोभान तक नदी के पास न जाने और ऊंचाई वाली सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की गई है.
रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमलों को ट्रंप ने बताया 'भयानक', ईरान पर भी कसा तंज!
सऊदी अरब के रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हूती हमलों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भयानक घटना करार दिया है. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री ने बताया कि इन हमलों में एक अमेरिकी नागरिक की भी मौत हुई है.

28 C
