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केंद्र सरकार आलोचना पर बयान देने से बचती है : इमरान मसूद

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राम मंदिर चंदा विवाद, भारत की विदेश नीति समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं

देशबन्धु 28 Jun 2026 6:00 am

भारत-पाक 'ट्रैक 2 डिप्लोमेसी' पर मचा भारी बवाल, राम माधव ने तोड़ी चुप्पी, बताया- क्यों खड़ा किया गया बेमतलब का विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे चलने वाली गोपनीय बातचीत यानी 'ट्रैक 2 डिप्लोमेसी' (Track 2 Diplomacy) को लेकर देश के राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक हो रहे दावों और विवादों पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात विचारक राम माधव ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। राम माधव ने इस पूरे घटनाक्रम को 'बेमतलब का विवाद' करार देते हुए इसके पीछे की जमीनी सच्चाई और असली हकीकत को देश के सामने रखा है। उनके इस बयान के बाद इस कूटनीतिक हलचल को लेकर चल रहे कई कयासों पर विराम लग गया है।क्या होती है ट्रैक 2 डिप्लोमेसी और इस पर क्यों मचा है घमासानदरअसल, पिछले कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि भारत और पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक, सैन्य अधिकारी और बुद्धिजीवी किसी तीसरे देश में बैठकर दोनों मुल्कों के रिश्तों को सुधारने के लिए गुप्त वार्ता कर रहे हैं। इस खबर के बाहर आते ही विपक्ष और कई विश्लेषकों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए कि एक तरफ सीमा पर तनाव है, तो दूसरी तरफ यह कैसी बातचीत हो रही है? इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राम माधव ने कहा कि ट्रैक 2 डिप्लोमेसी कोई नई बात नहीं है। यह गैर-सरकारी स्तर पर होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें दोनों देशों के एक्सपर्ट्स अकादमिक और रणनीतिक चर्चा करते हैं, और इसका सरकार की आधिकारिक नीति से सीधा कोई लेना-देना नहीं होता।राम माधव का बड़ा बयान, कहा- तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गयाराम माधव ने साफ लफ्जों में कहा कि इस पूरी कवायद को लेकर जानबूझकर एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई मानो भारत सरकार अपनी पुरानी नीति से पीछे हट रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का रुख आज भी पूरी तरह साफ और अडिग है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। राम माधव के मुताबिक, कुछ तत्वों द्वारा इस अकादमिक सेमिनार या अनौपचारिक मुलाकात को एक बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किया गया, जो कि पूरी तरह से बेबुनियाद है। इस तरह के संवादों का उद्देश्य केवल विचारों का आदान-प्रदान होता है, न कि किसी आधिकारिक समझौते पर मुहर लगाना।भारत-पाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य का रास्ताजम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने और सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक द्विपक्षीय बातचीत पूरी तरह से बंद है। नई दिल्ली ने हमेशा यह स्टैंड लिया है कि जब तक इस्लामाबाद अपनी धरती पर पल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त और ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक कोई औपचारिक वार्ता संभव नहीं है। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि राम माधव के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि अनौपचारिक स्तर पर चाहे जितने भी संवाद हो जाएं, लेकिन भारत सरकार अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करने वाली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:30 am

सोनिया गांधी के लेख पर भारी बवाल! गाजा-ईरान पर जताई चिंता, बीजेपी का तीखा पलटवार- बांग्लादेश के हिंदुओं पर चुप्पी क्यों

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का एक ताजा लेख इस समय देश की सियासत का सबसे गर्म मुद्दा बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय हालातों, विशेष रूप से गाजा, फिलिस्तीन और ईरान के मानवीय संकट पर लिखे गए उनके इस लेख ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस और तीखे बयानों के दौर को जन्म दे दिया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कई सामाजिक संगठनों ने इस लेख को लेकर सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तो खुलकर बोलती है, लेकिन जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं, तो वह 'सेलेक्टिव आउटरेज' (चुनिंदा आक्रोश) की नीति अपनाते हुए पूरी तरह मौन हो जाती है।गाजा और ईरान के संकट पर सोनिया गांधी ने लेख में क्या लिखाअपने लेख में सोनिया गांधी ने मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और इसके कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गाजा में हो रहे मानवाधिकारों के हनन और ईरान के मौजूदा राजनीतिक हालातों का जिक्र करते हुए वैश्विक समुदाय से शांति बहाली की अपील की। कांग्रेस नेता ने लिखा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और निर्दोष लोगों की जान बचाना हर लोकतांत्रिक देश की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके इस लेख को कांग्रेस के अंतरराष्ट्रीय रुख और मानवाधिकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता के तौर पर पेश किया गया, लेकिन घरेलू राजनीति में इसका बिल्कुल उल्टा असर देखने को मिला।बीजेपी का 'सेलेक्टिव आउटरेज' का आरोप, पूछा सबसे बड़ा सवाललेख के सामने आते ही बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने सोनिया गांधी पर चौतरफा हमला बोल दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी को गाजा और ईरान के नागरिकों का दर्द तो बखूबी दिखाई देता है, लेकिन भारत की सीमा से सटे बांग्लादेश में महीनों से प्रताड़ित हो रहे हिंदू भाई-बहनों की चीखें उन्हें सुनाई नहीं देतीं। सोशल मीडिया पर भी यह बहस तेज हो गई है कि जब बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं के घरों, दुकानों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा था, तब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस स्तर पर कोई बड़ा लेख या कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया। इस दोहरे मापदंड को लेकर कांग्रेस अब पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आ रही है।विदेशी कूटनीति बनाम घरेलू राजनीति का नया अखाड़ा बनी कांग्रेसराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनिया गांधी का यह लेख देश के भीतर एक खास वोट बैंक को साधने और वैश्विक स्तर पर अपनी एक लिबरल छवि बनाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, मौजूदा दौर की राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी राजनीति के बीच यह दांव कांग्रेस के लिए उल्टा पड़ता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे बांग्लादेश सीमा से सटे राज्यों के स्थानीय नेताओं ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि जो पार्टी अपने पड़ोसी मुल्क में सनातनियों पर हो रहे अत्याचारों पर खुलकर स्टैंड नहीं ले सकती, उसका सुदूर मध्य पूर्व के देशों के लिए विलाप करना केवल और केवल एक राजनीतिक ढोंग के अलावा कुछ नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:29 am

भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया तारीख का बड़ा खुलासा!

वैश्विक कूटनीति और भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से एक बेहद बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जल्द ही भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। इस बात की आधिकारिक पुष्टि किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने एक हाई-लेवल प्रेस ब्रीफिंग में की है। वाशिंगटन से आई इस खबर के बाद नई दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मार्को रुबियो ने न केवल ट्रंप के इस दौरे पर मुहर लगाई, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस भारत यात्रा की संभावित तारीखों का भी एलान कर दिया है, जिसे लेकर दोनों देशों के राजनयिक तैयारियों में जुट गए हैं।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या कहा और क्या है पूरा शेड्यूलअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ अपने बेहद करीबी और मजबूत रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं। व्हाइट हाउस द्वारा तैयार किए जा रहे शुरुआती शेड्यूल के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का यह भारत दौरा आगामी महीनों में बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। रुबियो ने संकेत दिया कि द्विपक्षीय वार्ताओं (Bilateral Talks) और रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों की कोर टीमें लगातार संपर्क में हैं। ट्रंप की इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली के साथ-साथ भारत के किसी अन्य प्रमुख ऐतिहासिक या औद्योगिक शहर में एक मेगा इवेंट भी आयोजित किया जा सकता है।डिफेंस डील और चीन की घेराबंदी पर होगी दोनों महाशक्तियों की नजरभू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे रणनीतिक मायने छिपे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते आक्रामक रुख को नियंत्रित करने के लिए भारत और अमेरिका का एक साथ आना बेहद जरूरी है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर की अत्याधुनिक डिफेंस डील (Defense Deals), क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शेयरिंग और व्यापारिक प्रतिबंधों को आसान बनाने वाले ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली यह मुलाकात वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।बिजनेस और वीजा नियमों को लेकर भारतीय आईटी सेक्टर को बड़ी उम्मीदेंट्रंप के भारत आने की खबर से भारतीय कॉरपोरेट जगत और आईटी (IT Sector) कंपनियों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारतीय उद्योगपतियों को उम्मीद है कि इस द्विपक्षीय वार्ता में एच-1बी (H-1B Visa) नियमों में ढील और भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को लेकर कोई सकारात्मक बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' जैसे ऐतिहासिक आयोजनों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अब देखना यह होगा कि ट्रंप का यह नया भारत दौरा दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को किस नए मुकाम पर लेकर जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:26 am

एक छोटी-सी चूक ने बजा दिया अमेरिकी एयरफोर्स का बैंड! 275 कैडेट्स अचानक बीमार, पूरे मिलिट्री बेस पर हाई अलर्ट

यूएस एयरफोर्स (US Air Force) के एक बेहद सुरक्षित और प्रतिष्ठित मिलिट्री बेस से सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रबंधन में घोर लापरवाही का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) में हड़कंप मचा दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रबंधन की एक बेहद छोटी-सी चूक और अनदेखी के कारण एयरफोर्स के करीब 275 कैडेट्स अचानक एक साथ गंभीर रूप से बीमार हो गए। एक के बाद एक इतनी बड़ी संख्या में कैडेट्स के अस्पताल पहुंचने के बाद पूरे मिलिट्री बेस को हाई अलर्ट पर डाल दिया गया है और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियां इस आपातकालीन स्थिति से निपटने में जुट गई हैं।मेस के खाने या पानी में गड़बड़ी से फैला फूड पॉइजनिंग का खतराशुरुआती जांच और मेडिकल रिपोर्टर के सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है, उसके मुताबिक यह पूरा मामला गंभीर फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) या दूषित पानी की सप्लाई से जुड़ा हुआ है। एयरफोर्स एकेडमी के भीतर बने मुख्य मेस (Mess) में रात के भोजन के बाद कैडेट्स ने पेट में तेज दर्द, उल्टी और डिहाइड्रेशन की शिकायत की। देखते ही देखते कुछ ही घंटों के भीतर बीमार कैडेट्स का आंकड़ा 275 के पार पहुंच गया। बेस पर मौजूद मिलिट्री हॉस्पिटल के बेड छोटे पड़ गए, जिसके बाद आपातकालीन मेडिकल कैंप लगाकर इन जांबाज कैडेट्स का इलाज शुरू करना पड़ा।बायो-वेपन के एंगल से भी जांच में जुटी अमेरिकी खुफिया एजेंसियांचूंकि यह मामला सीधे तौर पर अमेरिकी वायुसेना के जवानों और उनकी सबसे सुरक्षित ट्रेनिंग एकेडमी से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन इसे केवल एक सामान्य प्रशासनिक चूक मानकर नहीं चल रहा है। वाशिंगटन के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सेना की स्पेशल इंटेलिजेंस विंग इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि कहीं यह कोई सोची-समझी साजिश या 'बायो-वेपन' (Bio-Weapon) का गुप्त हमला तो नहीं है। बेस के पानी के मुख्य टैंकों और मेस में बचे हुए कच्चे राशन के सैंपल लेकर उन्हें हाई-टेक लैब्स में टेस्टिंग के लिए भेजा गया है ताकि बीमारी के सटीक बैक्टीरिया या वायरस का पता लगाया जा सके।मिलिट्री बेस पर बाहरी लोगों की एंट्री बैन, सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्तइस घटना के बाद अमेरिकी एयरफोर्स बेस के कमांडिंग ऑफिसर ने पूरे परिसर को आंशिक रूप से लॉकडाउन (Lockdown) मोड पर डाल दिया है। अगले आदेश तक किसी भी बाहरी नागरिक, सप्लायर या विजिटर की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बीमार हुए कैडेट्स की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनी सैनिकों के अचानक बीमार होने से अमेरिकी सेना की आंतरिक सुरक्षा और हाइजीन स्टैंडर्ड्स पर पूरी दुनिया में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कोर्ट-मार्शल की कार्रवाई भी की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:25 am

सूरमा मुहिम का आगाज: नशा छोड़ चुके युवाओं को सीएम भगवंत मान ने पहनाई अंगूठी, रवनीत बिट्टू ने कसा तीखा तंज

पंजाब को नशामुक्त बनाने और मुख्यधारा से भटक चुके युवाओं को वापस लाने के लिए सूबे की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के युवाओं के हौसले को बढ़ाने के लिए 'सूरमा मुहिम' (Surma Muhim) का भव्य आगाज किया है। इस अभियान के तहत उन युवाओं को सम्मानित किया जा रहा है जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे के काले जाल को पूरी तरह से काट फेंका है। हालांकि, इस कल्याणकारी मुहिम की शुरुआत होते ही पंजाब की सियासत में एक नया भूचाल आ गया है। विपक्षी नेताओं, खासकर बीजेपी के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस पहल को लेकर मुख्यमंत्री पर सीधा और तीखा सियासी हमला बोला है।सीएम भगवंत मान ने युवाओं को बताया असली 'सूरमा', दिया खास तोहफा'सूरमा मुहिम' के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान का एक बेहद भावुक और अलग अंदाज देखने को मिला। सीएम मान ने नशा छोड़ चुके दर्जनों युवाओं से न केवल मुलाकात की, बल्कि उनके संघर्ष की दास्तां सुनकर उनकी पीठ थपथपाई। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं को समाज का असली 'सूरमा' (योद्धा) बताते हुए अपने हाथों से उन्हें एक खास अंगूठी पहनाई। भगवंत मान ने कहा कि नशा छोड़ना किसी जंग जीतने से कम नहीं है और ये युवा अब पंजाब के दूसरे भटके हुए युवाओं के लिए रोल मॉडल बनेंगे। सरकार इन युवाओं को रोजगार और समाज में सम्मान दिलाने के लिए हर संभव वित्तीय और सामाजिक मदद मुहैया कराएगी।रवनीत बिट्टू का पलटवार, सरकार की नीति और नीयत पर उठाए गंभीर सवालइस भावुक मुहिम पर पंजाब की राजनीति तब गरमा गई जब केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस आयोजन को महज एक 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दे दिया। बिट्टू ने सीएम भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ अंगूठी पहनाने या स्टेज पर फोटो खिंचवाने से पंजाब से नशा खत्म नहीं होने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार जमीन पर नशा तस्करों (Drug Smugglers) को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है और अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ऐसे आयोजनों का सहारा ले रही है। बिट्टू के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों में 'आप' और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।पंजाब में नशामुक्ति की जमीनी हकीकत और 'सूरमा' अभियान का भविष्यभौगोलिक और रणनीतिक रूप से सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब लंबे समय से सीमा पार से होने वाली ड्रग्स तस्करी की समस्या से जूझ रहा है। स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस लगातार नशामुक्ति केंद्रों (De-addiction Centers) के जरिए युवाओं को सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। 'सूरमा मुहिम' का मुख्य उद्देश्य समाज में नशा छोड़ चुके लोगों के प्रति नजरिए को बदलना है ताकि उन्हें हीन भावना का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि विपक्ष के भारी विरोध और तीखे बयानों के बीच भगवंत मान सरकार की यह 'अंगूठी वाली राजनीति' पंजाब के युवाओं को कितनी नई दिशा दे पाती है और आगामी चुनावों में इसका क्या असर पड़ता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:23 am

रचिन रवींद्र का धमाका, इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड की बढ़त 204 रन, तीसरे दिन का रोमांच

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच चल रहे रोमांचक टेस्ट मैच का तीसरा दिन पूरी तरह से कीवी टीम के नाम रहा। मैच के तीसरे दिन न्यूजीलैंड के युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज रचिन रवींद्र (Rachin Ravindra) ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए एक बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली। रचिन की इस सधी हुई और आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में इंग्लैंड के गेंदबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और मैच पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ 204 रनों की एक बड़ी और निर्णायक बढ़त (Lead) हासिल कर ली है, जिसने इस टेस्ट मैच को बेहद रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।रचिन रवींद्र की क्लासिक पारी और कीवी टीम की मजबूत वापसीतीसरे दिन की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने सूझबूझ का परिचय दिया। पहली पारी में पिछड़ने के बाद कीवी टीम को एक ऐसी साझेदारी की जरूरत थी जो मैच का पासा पलट सके। ऐसे समय में क्रीज पर उतरे रचिन रवींद्र ने इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण, जिसमें जेम्स एंडरसन और बेन स्टोक्स जैसे अनुभवी गेंदबाज शामिल थे, का डटकर सामना किया। रचिन ने मैदान के चारों तरफ शानदार शॉट्स लगाए और अपना अर्धशतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड के ड्रेसिंग रूम में नया भरोसा जगाया और टीम को एक मजबूत स्कोर की तरफ अग्रसर किया।इंग्लैंड के गेंदबाजों की बेअसर रणनीति और कप्तानी की परीक्षादूसरी तरफ, तीसरे दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पहली पारी में शानदार खेल दिखाने वाली इंग्लिश टीम दूसरी पारी में कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई। पिच से गेंदबाजों को उतनी मदद नहीं मिल रही थी, जिसका फायदा उठाकर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने सिंगल्स-डबल्स रोटेट करने के साथ-साथ खराब गेंदों को बाउंड्री के पार भेजा। इंग्लैंड के कप्तान ने कई बार फील्डिंग और गेंदबाजी में बदलाव किए, लेकिन रचिन रवींद्र और उनके जोड़ीदार ने इंग्लिश टीम की हर रणनीति को फेल कर दिया।चौथे दिन का खेल होगा निर्णायक, पिच पर टिकी सबकी नजरेंअब इस टेस्ट मैच का चौथा दिन दोनों ही टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। न्यूजीलैंड की कोशिश होगी कि वह चौथे दिन के पहले सत्र में तेजी से रन बनाकर अपनी बढ़त को 300 या उसके पार ले जाए, ताकि इंग्लैंड को चौथी पारी में एक असंभव सा लक्ष्य दिया जा सके। वहीं, इंग्लैंड की टीम सुबह के सत्र में जल्द से जल्द कीवी टीम के बाकी विकेट चटकाकर मैच में वापसी करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ रहा है, पिच पर दरारें बढ़ रही हैं, जिससे स्पिनरों को मदद मिलने की उम्मीद है, जो इस मैच का नतीजा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:20 am

बालाजी मंदिर में मचा हड़कंप! VIP को बनाया बंधक, फिर सामने आई सुरक्षा एजेंसियों के 'ऑपरेशन' की असली कहानी

आस्था के सबसे बड़े केंद्र और विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) परिसर से एक ऐसी सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने कुछ समय के लिए न केवल सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए, बल्कि वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं और वीआईपी (VIP) भक्तों में भी हड़कंप मचा दिया। मंदिर के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में अचानक कुछ वीआईपी भक्तों को बंधक बनाए जाने की सूचना आग की तरह फैल गई। इसके तुरंत बाद कमांडो और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा बलों ने पूरे परिसर को चारों तरफ से घेर लिया। लेकिन जब इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली इनसाइड स्टोरी सामने आई, तो हर किसी ने राहत की सांस ली।सुरक्षाबलों की मुस्तैदी परखने के लिए आधी रात को चला सीक्रेट 'मॉक ड्रिल'शुरुआती अफवाहों और डर के माहौल के बीच तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने स्थिति को साफ करते हुए बताया कि यह कोई वास्तविक आतंकी हमला या बंधक संकट नहीं था। दरअसल, यह बालाजी मंदिर की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाया गया एक अत्यंत गोपनीय 'मॉक ड्रिल' (Mock Drill) ऑपरेशन था। सुरक्षा बलों ने बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक वीआईपी लॉज और दर्शन कतारों के पास इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, ताकि संकट की स्थिति में सुरक्षाकर्मियों के रिस्पांस टाइम और उनकी तैयारियों का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सके।हाई-टेक कमांडो एक्शन देखकर दंग रह गए मंदिर में मौजूद श्रद्धालुइस सीक्रेट ऑपरेशन के दौरान बकायदा एक काल्पनिक स्क्रिप्ट तैयार की गई थी, जिसमें कुछ सुरक्षाकर्मी ही 'फर्जी आतंकी' बने थे और उन्होंने कुछ लोगों को बंधक बनाने का नाटक किया था। इसके बाद ऑक्टोपस (OCTOPUS) कमांडो, ग्रेहाउंड्स और स्थानीय पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने बिजली की रफ्तार से एक्शन लेते हुए पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया। कमांडो को अत्याधुनिक हथियारों के साथ मंदिर की छतों और गलियारों में पोजीशन लेते देख वहां मौजूद आम भक्त एक पल के लिए दंग रह गए। सुरक्षाबलों ने महज कुछ ही मिनटों के भीतर सभी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाल कर 'हमलावरों' को ढेर करने का नाटक सफलतापूर्वक पूरा किया।तिरुपति देवस्थानम ने सुरक्षा को लेकर लिया बड़ा फैसला, बदलेगा प्रोटोकॉलविश्व के सबसे अमीर मंदिरों में शुमार तिरुपति बालाजी की सुरक्षा हमेशा से ही देश की शीर्ष प्राथमिकताओं में रही है। हर दिन यहां एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जिनमें देश-विदेश के कई बड़े नेता, उद्योगपति और वीआईपी शामिल होते हैं। इस सफल मॉक ड्रिल के बाद टीटीडी (TTD) के सुरक्षा विंग ने एक उच्च स्तरीय बैठक की है। अधिकारियों के मुताबिक, इस ड्रिल से सामने आईं कुछ छोटी-मोटी कमियों को सुधारने और मंदिर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर लगे बायोमेट्रिक और सर्विलांस सिस्टम को और ज्यादा हाई-टेक बनाने के लिए जल्द ही एक नया सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:18 am

बारिश के बाद स्वर्ग सा दिख रहा पारसनाथ पर्वत, मानसून के बादलों के बीच तपस्या स्थली के दर्शन, आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम

झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित जैन धर्मावलंबियों का सर्वोच्च और अत्यंत पवित्र तीर्थ स्थल 'पारसनाथ पर्वत' (सम्मेद शिखरजी) इन दिनों आस्था के साथ-साथ अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र बना हुआ है। मानसून की हालिया झमाझम बारिश के बाद इस पावन पर्वत की रंगत पूरी तरह बदल गई है। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियों और पर्वत चोटियों को छूकर गुजरते सफेद बादलों के बीच इस पावन तपस्या स्थली का नजारा ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो साक्षात स्वर्ग धरती पर उतर आया हो। दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु और प्रकृति प्रेमी इस मनमोहक दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।बादलों की चादर में लिपटा सम्मेद शिखरजी का गर्भगृहसमुद्र तल से करीब 4431 फीट की ऊंचाई पर स्थित पारसनाथ की सबसे ऊंची चोटी इन दिनों पूरी तरह से घने कोहरे और मानसूनी बादलों की आगोश में है। सुबह के समय जब सूर्य की पहली किरणें इन बादलों को चीरकर जैन तीर्थंकरों के टोंकों (चरण चिन्हों) पर पड़ती हैं, तो वहां का आध्यात्मिक माहौल और भी अलौकिक हो जाता है। पर्वत की वंदना करने के लिए नौ किलोमीटर की कठिन चढ़ाई करने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि थकावट के बीच जब ठंडी हवाओं के झोंके और बादलों की फुहारें उन्हें छूती हैं, तो सारी शारीरिक परेशानियां पल भर में गायब हो जाती हैं और मन भक्ति रस में डूब जाता है।जैन समाज की इस पावन तपस्या स्थली का धार्मिक महत्वपारसनाथ पर्वत को जैन धर्म में मुक्ति का द्वार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से भगवान पारसनाथ समेत कुल 20 तीर्थंकरों ने इसी पावन पर्वत पर कठोर तपस्या कर मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त किया था। यही कारण है कि इस पर्वत के कण-कण को पूजनीय माना जाता है। मानसून के मौसम में यहां की शांति, पवित्रता और अलौकिक ऊर्जा दोगुनी हो जाती है। बारिश के कारण पहाड़ों से बहते छोटे-छोटे प्राकृतिक झरने और वनस्पतियां इस अध्यात्मिक केंद्र के सौंदर्य में चार चांद लगा रहे हैं, जिससे यहां का इको-सिस्टम बेहद जीवंत हो उठा है।स्थानीय पर्यटन को मिला बूस्ट, लेकिन प्रशासन ने जारी की गाइडलाइनपारसनाथ का यह बदला हुआ रूप सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसके चलते गिरिडीह, मधुबन और आस-पास के स्थानीय इलाकों से लेकर पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार, बंगाल और ओडिशा से भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आमद अचानक बढ़ गई है। हालांकि, मानसूनी बारिश के कारण पहाड़ी रास्तों पर हल्की फिसलन और दृश्यता (Visibility) कम होने की वजह से स्थानीय प्रशासन और पारसनाथ थाना पुलिस ने गाइडलाइन जारी की है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे देर शाम या भारी बारिश के दौरान ऊंचे पहाड़ी रास्तों पर जाने से बचें और वंदना ट्रैक पर पूरी सावधानी बरतें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:17 am

राम मंदिर के बाद अब इस मशहूर शक्तिपीठ से गायब हुआ करोड़ों का सोना-चांदी, पूर्व कर्मचारी के घर से निकला खजाना

देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और वहां के चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अयोध्या के भव्य राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों के बाद अब एक और बेहद प्रसिद्ध और आस्था के बड़े केंद्र 'शक्तिपीठ' से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सामान गायब होने का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस महाघोटाले का खुलासा तब हुआ जब सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने मंदिर के ही एक पूर्व कर्मचारी के ठिकाने पर गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। पूर्व कर्मचारी के घर से मिले खजाने को देखकर खुद पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए।मंदिर के गर्भगृह और लॉकर से कैसे साफ हुआ करोड़ों का चढ़ावे का सोनायह पूरा मामला देश के एक बेहद प्रतिष्ठित शक्तिपीठ मंदिर का है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने पर सोने और चांदी के छत्र, मुकुट और अन्य आभूषण चढ़ाते हैं। ऑडिट के दौरान मंदिर प्रबंधन को यह जानकारी मिली कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज कई किलो सोना और चांदी के आभूषण लॉकर से गायब हैं। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मंदिर के इस पूर्व कर्मचारी ने अपनी ड्यूटी के दौरान अंदरूनी सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया। उसने धीरे-धीरे करके गर्भगृह और मुख्य तिजोरी से कीमती आभूषणों को गायब किया और उनकी जगह नकली या कम वजन के आभूषण रख दिए, ताकि किसी को आसानी से शक न हो।पूर्व कर्मचारी के घर छापेमारी में पुलिस को मिला कुबेर का खजानाजब मंदिर प्रशासन की शिकायत पर पुलिस की स्पेशल टीम ने आरोपी पूर्व कर्मचारी के घर पर दबिश दी, तो वहां का नजारा किसी फिल्मी कहानी जैसा था। घर के गुप्त तहखानों और अलमारियों से भारी मात्रा में प्राचीन सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन, मुकुट और करोड़ों रुपये के आभूषण बरामद किए गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस पूरे खजाने को सील कर दिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय अदालत ने आरोपी को कड़े कानून के तहत रिमांड पर भेज दिया है, ताकि इस पूरे नेक्सस (गिरोह) का पर्दाफाश किया जा सके।जांच के घेरे में कई बड़े नाम, मंदिर ट्रस्ट की सुरक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवालइस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद स्थानीय भक्तों और धार्मिक संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतने कड़े पहरे और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद करोड़ों का सोना-चांदी मंदिर परिसर से बाहर कैसे चला गया? पुलिस महानिदेशक के मुताबिक, इस मामले में केवल यह पूर्व कर्मचारी ही अकेला शामिल नहीं हो सकता; मंदिर ट्रस्ट के कुछ अन्य मौजूदा अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों, लॉकरों और उसकी संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस चुराए गए सोने का कुछ हिस्सा बाजार में बेचा या पिघलाया भी गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:15 am

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बोले अखिलेश यादव, आस्था के साथ हुआ खिलवाड़

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में राम मंदिर के दानपात्र से जुड़े कथित घोटाले, कानून व्यवस्था और उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

देशबन्धु 28 Jun 2026 12:08 am

सेशेल्स में भारतीयों का प्यार और योगदान, दोनों देशों के रिश्तों की मजबूत कड़ी: पीएम मोदी

तीन द‍िवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारत‍ीयों की ओर से किए गए शानदार स्‍वागत पर आभार व्‍यक्‍त क‍िया

देशबन्धु 27 Jun 2026 11:43 pm

CM डॉ. मोहन यादव पहुंचे हिल स्टेशन कुकरू, ग्रामीणों और महिलाओं से संवाद कर जाना विकास का हाल

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 जून को दो दिन के प्रवास के लिए बैतूल के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरू पहुंचे। उन्होंने यहां कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने समूह द्वारा ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:17 pm

जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान

जयपुर। राजस्थान में जयपुर के पशुपालकों ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में अनोखे एम-20 आंदोलन की शुरुआत की है। जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने बताया कि एम-20 आंदोलन उन दुग्ध उत्पादकों, युवाओं और नागरिकों के […] The post जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 11:04 pm

Maharashtra TET Paper Leak: 'यह लाखों युवाओं के सपनों की चोरी है', महा-टीईटी पेपर लीक पर सरकार पर बरसे राहुल गांधी

महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA-TET) 2026 के अचानक स्थगित होने और पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद अब इस पर देश में एक बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। 28 जून को होने वाली इस महा-परीक्षा को महज एक दिन पहले रद्द किए जाने को लेकर विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की मौजूदा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली अब पूरी तरह से 'उगाही का सिस्टम' बन चुकी है। राहुल गांधी ने चेताया कि बार-बार होने वाले ये पेपर लीक केवल किसी प्रश्नपत्र का बाहर आना नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों होनहार युवाओं के सुनहरे सपनों की सीधी चोरी है।राहुल गांधी का 'X' पर फूटा गुस्सा: हर युवा खुद को महसूस कर रहा असुरक्षितभिवंडी में पेपर लीक का भंडाफोड़ होने और परीक्षा स्थगित होने की खबर मिलते ही राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा:एक और पेपर लीक, एक और परीक्षा रद्द! इस बार महाराष्ट्र TET का नंबर है। देश की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से एक उगाही के सिस्टम में बदल दिया गया है, जिसके कारण आज देश का हर युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। यह सिर्फ एक पेपर लीक का सामान्य मामला नहीं, बल्कि हमारे युवाओं के भविष्य की सरेआम चोरी है।उन्होंने आगे कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से लेकर राज्यों के परीक्षा बोर्डों तक, लगातार हो रही ऐसी शर्मनाक घटनाएं वर्तमान सरकार की प्रशासनिक क्षमता और नियत पर बहुत गंभीर सवाल खड़े करती हैं।आखिर ऐन वक्त पर 1.82 लाख छात्रों की परीक्षा क्यों टाली गई?महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने शनिवार को एक आपातकालीन आधिकारिक बयान जारी कर इस स्थगन के पीछे की मजबूरियों को सामने रखा। परिषद के मुताबिक, यह परीक्षा रविवार को राज्यभर के कुल 1,028 केंद्रों पर आयोजित की जानी थी, जिसमें 1.82 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के बैठने की व्यवस्था पूरी हो चुकी थी।प्रशासन ने साफ किया कि परीक्षा को रद्द करने का फैसला छात्रों की सुरक्षा और अंकों की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए लिया गया है। इस पूरे मामले की कमान अब एक हाई-लेवल जांच टीम को सौंप दी गई है और नई परीक्षा तिथियों (New Exam Dates) की घोषणा जांच पूरी होने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।भिवंडी पुलिस की छापेमारी से हुआ था महा-खुलासाMSCE द्वारा साझा की गई टाइमलाइन के अनुसार, शनिवार की सुबह खुफिया सूत्रों से एक बेहद पुख्ता और गोपनीय जानकारी मिली थी कि ठाणे के भिवंडी इलाके में कुछ जालसाजों के पास टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गुप्त जानकारी मौजूद है।सूचना की गंभीरता को देखते हुए भिवंडी पुलिस की स्पेशल टीम ने चिन्हित ठिकानों पर तुरंत छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुछ अनधिकृत प्रश्नपत्र और डिजिटल डॉक्यूमेंट्स बरामद किए। जब परीक्षा परिषद के शीर्ष अधिकारियों ने इन जब्त किए गए सवालों का मिलान तिजोरी में बंद असली परीक्षा के प्रश्नपत्र से किया, तो कई मुख्य सवाल हूबहू मैच हो गए। गोपनीयता पूरी तरह भंग होने के कारण तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर परीक्षा को होल्ड पर रख दिया गया।NEET की सख्ती भी नहीं आई काम; सुरक्षा चक्र कैसे टूटा?इस मामले ने इसलिए भी सबको चौंका दिया है क्योंकि परीक्षा परिषद ने खुद स्वीकार किया है कि हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर नीट (NEET 2026) परीक्षा में हुई भारी गड़बड़ियों और देशव्यापी विरोध को देखते हुए इस बार टीईटी के लिए एक्स्ट्रा सिक्योरिटी प्रोटोकॉल (अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम) लागू किए गए थे।इन दावों के बावजूद, भिवंडी में जिस तरह परीक्षा से 24 घंटे पहले ही प्रश्नपत्र बाहर आ गया, उसने पुलिस और खुफिया तंत्र की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। परिषद का कहना है कि वे इस बात की गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर प्रिंटिंग प्रेस, ट्रेजरी या ट्रांसपोर्टेशन के किस स्तर पर यह सुरक्षा चक्र टूटा है।अब आगे क्या होगा? अभ्यर्थियों को नई तारीख का इंतजारमहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने प्रभावित छात्रों को आश्वासन दिया है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी या सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ नए सख्त कानून के तहत त्वरित कार्रवाई होगी।फिलहाल, सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों अभ्यर्थी इस राजनीतिक रस्साकशी के बीच एक बार फिर अधर में लटक गए हैं। अब सभी की नजरें पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और परीक्षा परिषद द्वारा जारी की जाने वाली अगली परीक्षा तिथि (Next Exam Schedule) पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:45 pm

Ida Solbakken Viral Photos: फीफा वर्ल्ड कप के बीच इंटरनेट सनसनी बनीं कोच की बेटी इडा सोलबक्केन, माता-पिता के एक 'किस' ने बदली किस्मत

इन दिनों पूरी दुनिया पर फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) का खुमार सिर चढ़कर बोल रहा है। मैदान पर फुटबॉल के महामुकाबले चल रहे हैं, जहां रोज नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। ग्रुप स्टेज के मैचों में इस बार नॉर्वे की फुटबॉल टीम ने अपने प्रदर्शन से हर किसी को हैरान कर दिया है। स्टार खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड की मौजूदगी वाली इस टीम ने लगातार दो धमाकेदार मुकाबले जीतकर नॉकआउट 'राउंड ऑफ 32' में अपनी जगह पक्की कर ली है।मैदान पर नॉर्वे को मिल रही इस शानदार कामयाबी के बीच, इंटरनेट की दुनिया में इस टीम के मुख्य कोच स्टाले सोलबक्केन (Stle Solbakken) की 22 वर्षीय बेटी ने तहलका मचा दिया है। उनका नाम इडा सोलबक्केन (Ida Solbakken) है। माता-पिता के एक बेहद प्यारे और भावुक 'किसिंग मोमेंट' ने इडा को रातों-रात एक ग्लोबल इंटरनेट सनसनी बना दिया है। आइए जानते हैं इस वायरल फोटो और सोलबक्केन परिवार की पूरी इनसाइड स्टोरी।एक भावुक 'किस' और इडा सोलबक्केन की वायरल पोस्टयह पूरी कहानी तब शुरू हुई, जब सेनेगल के खिलाफ खेले गए एक बेहद रोमांचक और कांटे के मुकाबले में नॉर्वे ने 3-2 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मैच खत्म होने की सीटी बजते ही नॉर्वे के मुख्य कोच स्टाले सोलबक्केन अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए और पूरी तरह भावुक हो गए। वे मैदान के सारे प्रोटोकॉल और नियमों को भूलकर सीधे स्टैंड्स (दर्शक दीर्घा) की तरफ दौड़े, जहां उनका परिवार बैठा था। उन्होंने वहां पहुंचते ही अपनी पत्नी अन्निकेन को कसकर गले लगाया और उन्हें चूम (Kiss) लिया।stands में ही मौजूद उनकी बेटी इडा सोलबक्केन ने माता-पिता के इस बेहद खूबसूरत, सच्चे और अनमोल पल को अपने कैमरे में कैद कर लिया। इडा ने इस तस्वीर को अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए कैप्शन लिखा— 'इससे बड़ा और खूबसूरत कोई पल नहीं हो सकता।'बस फिर क्या था, इस पोस्ट के शेयर होते ही दुनिया भर के फुटबॉल फैंस की नजरें इडा पर टिक गईं। उनकी गजब की फिटनेस, सादगी और कातिलाना लुक्स को देखकर फैंस इस कदर दीवाने हुए कि उन्होंने इडा को इस वर्ल्ड कप का 'सबसे खूबसूरत चेहरा' (Most Beautiful Face of FIFA 2026) घोषित कर दिया। देखते ही देखते उनके सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स बढ़ गए।सिर्फ ग्लैमरस चेहरा नहीं, मेडिकल स्टूडेंट हैं इडा; भाई भी हैं स्टार फुटबॉलरइडा सोलबक्केन के बारे में जो बातें सामने आ रही हैं, उससे फैंस उनके और बड़े मुरीद हो गए हैं। इडा सिर्फ एक ग्लैमरस स्टार किड नहीं हैं, बल्कि वे बेहद पढ़ी-लिखी हैं और इस समय डेनमार्क में मिडवाइफरी (Medical/Nursing) के चौथे सेमेस्टर की एक होनहार छात्रा हैं।स्पोर्ट्स उनके खून में है, क्योंकि सिर्फ उनके पिता ही नहीं, बल्कि उनके भाई मार्कस सोलबक्केन भी एक बेहतरीन पेशेवर फुटबॉलर हैं। मार्कस इस समय डेनिश सुपरलीगा के मशहूर क्लब 'एजीएफ' के लिए बतौर मिडफील्डर खेलते हैं। इडा को घूमने-फिरने का काफी शौक है और उनकी ट्रैवल डायरी, लग्जरी लाइफस्टाइल और हार्डकोर फिटनेस पोस्ट को सोशल मीडिया पर लोग काफी पसंद कर रहे हैं।7 मिनट तक 'मरे' रहने के बाद जिंदा हुए थे इडा के पिता, खौफनाक है कहानीइडा सोलबक्केन के अचानक लाइमलाइट में आने के बाद सोलबक्केन परिवार की एक ऐसी खौफनाक और चमत्कारिक कहानी भी दोबारा दुनिया के सामने आई है, जिसने सभी फुटबॉल प्रेमियों को बेहद भावुक कर दिया है। यह कहानी इडा के पिता और नॉर्वे के मौजूदा कोच स्टाले सोलबक्केन से जुड़ी है।बात साल 2001 की है, जब स्टाले डेनमार्क के प्रसिद्ध क्लब 'कोपेनहेगन' के लिए एक एक्टिव फुटबॉलर के रूप में खेल रहे थे। एक नियमित ट्रेनिंग सेशन के दौरान स्टाले को मैदान पर ही अचानक बेहद गंभीर दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ा और वे वहीं गिर गए। डॉक्टरों और तत्कालीन मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, स्टाले सोलबक्केन लगभग 7 मिनट तक 'क्लिनिकली डेड' (मृत) घोषित हो चुके थे। उनके दिल की धड़कन पूरी तरह रुक चुकी थी।लेकिन एम्बुलेंस के भीतर डॉक्टरों की आपातकालीन टीम ने हार नहीं मानी। पेसमेकर और सीपीआर की लगातार कोशिशों के बाद मैदान पर एक अभूतपूर्व चमत्कार हुआ और स्टाले की सांसें वापस लौट आईं। हालांकि, इस जानलेवा घटना के बाद उन्हें भारी मन से फुटबॉल को हमेशा के लिए अलविदा कहना पड़ा। लेकिन फुटबॉल के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ और आज वे अपनी रणनीतियों के दम पर बतौर मुख्य कोच नॉर्वे की टीम को इतिहास रचने की कगार पर ले आए हैं। यही वजह है कि सेनेगल पर जीत के बाद उनका अपनी पत्नी को गले लगाना पूरे सोलबक्केन परिवार के लिए एक पुनर्जन्म जैसा भावुक पल था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:43 pm

Bharat Taxi: ओला-उबर को टक्कर देने आया 'भारत टैक्सी'; अमित शाह ने किया देश के पहले सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म का ऐलान

भारतीय मोबिलिटी और परिवहन क्षेत्र (Transport Sector) में एक बहुत बड़ी क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक भव्य कार्यक्रम में देश के पहले सहकारी मॉडल पर आधारित और 'ड्राइवर-स्वामित्व' वाले राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' (Bharat Taxi) के देशव्यापी मेगा विस्तार का आधिकारिक ऐलान कर दिया है।अमित शाह ने बताया कि वर्तमान में गुजरात के 14 शहरों से शुरू हुई यह सेवा अगले दो वर्षों (2028 तक) के भीतर देश के 500 से अधिक छोटे-बड़े शहरों तक अपनी सेवाओं का विस्तार करेगी। आने वाले समय में यह प्लेटफॉर्म दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, लखनऊ, चंडीगढ़, जयपुर और कोलकाता जैसे सभी मेट्रो व प्रमुख शहरों में ओला (Ola) और उबर (Uber) जैसी निजी कंपनियों को सीधी चुनौती देता नजर आएगा।क्या है 'जीरो-कमीशन' मॉडल, जो बदल देगा ड्राइवरों की किस्मत?'भारत टैक्सी' की सबसे बड़ी और क्रांतिकारी खासियत इसका 'जीरो-कमीशन मॉडल' (Zero-Commission Model) है। अभी तक निजी ऐप-आधारित कंपनियां ड्राइवरों की हर राइड की कमाई से 20 से 30 फीसदी तक का मोटा कमीशन खुद रख लेती हैं। लेकिन भारत टैक्सी में ऐसा नहीं होगा:किराए की 100% राशि ड्राइवर को: इस सहकारी प्लेटफॉर्म पर यात्री द्वारा भुगतान की गई किराए की पूरी की पूरी (100%) राशि सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगी।ड्राइवर ही होंगे मालिक: इसमें काम करने वाला कोई भी ड्राइवर सिर्फ एक सर्विस प्रोवाइडर या कर्मचारी नहीं, बल्कि इस पूरी सहकारी संस्था का 'सह-मालिक' (Co-owner) होगा। गृहमंत्री ने इन्हें केवल ड्राइवर नहीं बल्कि ‘सारथी’ नाम दिया है।कम ब्याज पर लोन और बीमा: भविष्य में इस सहकारी मॉडल के तहत सभी पंजीकृत चालकों (सारथियों) को बहुत कम ब्याज दरों पर वाहन लोन, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और अन्य जरूरी वित्तीय व सामाजिक सुरक्षा योजनाएं देने का भी पूरा खाका तैयार किया गया है।गांधीनगर के महात्मा मंदिर में भव्य लॉन्च: कई सरकारी विभागों से हुआ करारगुजरात के गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित इस बेहद खास लॉन्चिंग कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस पहल को प्रशासनिक और तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और सूरत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स के साथ-साथ अहमदाबाद नगर निगम (AMC), GETCO और अहमदाबाद पुलिस जैसी शीर्ष सरकारी एजेंसियों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे गुजरात में इसके सुचारू संचालन का रास्ता साफ हो गया है।निजी ऑपरेटरों की एंट्री पर चालकों ने जताई चिंताजहां इस लॉन्च को लेकर चारों तरफ जबरदस्त उत्साह का माहौल था, वहीं जमीनी स्तर पर शेयर होल्डर ड्राइवरों के भीतर एक छोटी सी चिंता भी उभर कर सामने आई। कार्यक्रम के दौरान कई स्थानीय टैक्सी चालकों ने सरकार और प्रबंधन से एक विशेष आग्रह किया। उनका कहना था कि किसी भी बड़े या निजी स्वामित्व वाले कमर्शियल टैक्सी ऑपरेटरों (Private Taxi Operators) को इस सहकारी फ्रेमवर्क में शामिल होने की अनुमति बिल्कुल न दी जाए। चालकों को डर है कि यदि बड़े कॉरपोरेट या निजी ऑपरेटर इसमें बिना किसी प्रतिबंध के प्रवेश पा गए, तो इस 'ड्राइवर-स्वामित्व' वाले प्लेटफॉर्म का मूल और पवित्र उद्देश्य पूरी तरह कमजोर हो सकता है।'शोषण का होगा अंत'—निजी कंपनियों के मनमानेपन पर बरसे अमित शाहकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में निजी ऐप-आधारित टैक्सी प्लेटफॉर्म्स पर ड्राइवरों और यात्रियों दोनों के आर्थिक शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला।अमित शाह का बयान: आज भारत के मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली दिन है। निजी कंपनियों पर लगातार यह आरोप लगते रहे हैं कि वे ड्राइवरों से भारी-भरकम कमीशन वसूलती हैं, उनके हक के भुगतान में हफ्तों की देरी करती हैं और किसी भी छोटी बात पर मनमाने तरीके से चालकों का रजिस्ट्रेशन ब्लॉक (बंद) कर देती हैं। भारत टैक्सी को इसी तानाशाही और शोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी तरह सहकारी (Cooperative) मॉडल पर खड़ा किया गया है।'महंगी होने की अफवाहें पूरी तरह गलत, हमारे आने से दूसरों के दाम घटे'मार्केट में चल रही कुछ प्रतिस्पर्धी अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए अमित शाह ने कहा, कुछ विरोधी और हितधारक बाजार में यह झूठी अफवाह फैला रहे हैं कि भारत टैक्सी के किराए आम टैक्सियों से महंगे हैं। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि हमारी दरें पूरी तरह से प्रतिस्पर्धी और जायज हैं। हकीकत तो यह है कि भारत टैक्सी के बाजार में कदम रखते ही कई बड़ी निजी कंपनियों ने डर के मारे अपने किराए कम करना शुरू कर दिए हैं, जो अपने आप में इस सहकारी मॉडल के सकारात्मक प्रभाव को साबित करता है।7 लाख से ज्यादा सारथी बने मालिक: आपको जानकर हैरानी होगी कि देश भर के 7,00,000 (7 लाख) से अधिक ऑटो और टैक्सी चालकों ने मात्र ₹100 का शेयर खरीदकर इस सहकारी संस्था का मालिकाना हक हासिल कर लिया है। यह अनूठा मॉडल न केवल ग्राहकों को एक बेहद सुरक्षित, पारदर्शी और उचित कीमत पर सफर की गारंटी देता है, बल्कि देश के लाखों ड्राइवरों को समाज में एक गरिमापूर्ण जीवन, सुरक्षा और समृद्धि की नई राह भी सुनिश्चित करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:40 pm

केम्पेगौड़ा की समावेशी सोच का जीवंत उदाहरण है 'मिनी भारत' बेंगलुरु: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित नादप्रभु श्री केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती समारोह में भाग लेते हुए कहा कि केम्पेगौड़ा को केवल एक शासक के रूप में नहीं, बल्कि जनकल्याण की दूरदर्शी सोच रखने वाले ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने एक समावेशी और समृद्ध शहर की कल्पना की थी।

देशबन्धु 27 Jun 2026 10:38 pm

ICSSR Fellowship 2026: पोस्टडॉक्टरल और सीनियर फेलोशिप के लिए आवेदन शुरू; ₹31,000 मासिक वजीफा, जानें पात्रता और चयन प्रक्रिया

उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने वाले सामाजिक विज्ञान (Social Science) के शोधकर्ताओं के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (ICSSR) ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए अपनी प्रतिष्ठित पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप (Postdoctoral Fellowship) और सीनियर फेलोशिप (Senior Fellowship) स्कीम के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है।इस फेलोशिप प्रोग्राम का हिस्सा बनने के इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आईसीएसएसआर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 21 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन पंजीकरण (Registration) पूरा कर सकते हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहेगी और उम्मीदवारों को अलग से कोई रिसर्च प्रपोजल या दस्तावेज की हार्ड कॉपी डाक के जरिए भेजने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।1. ICSSR पोस्टडॉक्टरल फेलोशिप 2026: कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)इस फेलोशिप के लिए आवेदन करने वाले शोधकर्ताओं को निम्नलिखित पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:राष्ट्रीयता व आयु सीमा: आवेदक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों की अधिकतम आयु आवेदन की अंतिम तिथि (21 जुलाई 2026) तक 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (बेंचमार्क डिसेबिलिटी) श्रेणी के आवेदकों को सरकारी नियमानुसार आयु सीमा में 5 वर्ष की विशेष छूट दी जाएगी।शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पीएचडी (PhD) की उपाधि होनी चाहिए। इसके साथ ही, उनका शोध कौशल और काबिलियत उनके पहले से प्रकाशित हो चुके रिसर्च वर्क या किताबों से प्रदर्शित होनी चाहिए।संस्थान से संबद्धता (Affiliation): आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त पब्लिकली फंडेड इंडियन यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, स्वीकृत पीएचडी प्रोग्राम वाले कॉलेज, ICSSR के अपने रिसर्च इंस्टीट्यूट, या शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (National Importance Institution) से संबद्ध होना अनिवार्य है।सुपरविजन (देखरेख): इस फेलोशिप को संबद्ध संस्थान के माध्यम से एक सेवारत (Serving) वरिष्ठ सामाजिक वैज्ञानिक की देखरेख में प्रबंधित किया जाएगा, जिनकी रैंक कम से कम एसोसिएट प्रोफेसर (Associate Professor) की होनी चाहिए।2. अनुभवी स्कॉलर्स के लिए 'सीनियर फेलोशिप' स्कीमजो शोधकर्ता शोध के क्षेत्र में काफी सीनियर हैं और समाज विज्ञान में लंबा अनुभव रखते हैं, उनके लिए सीनियर फेलोशिप का विकल्प दिया गया है:आयु सीमा: यह फेलोशिप 45 से 70 वर्ष के बीच के अनुभवी भारतीय शोधकर्ताओं के लिए आरक्षित है।उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ विशेषज्ञों को चिन्हित (आइडेंटिफाइड) थीम्स पर पूर्णकालिक (Full-time) स्वतंत्र शोध करने के लिए मंच देना है, ताकि वे देश के सामाजिक और नीतिगत बदलावों (Policy Challenges) को साक्ष्यों (Evidence-based) के साथ समझने में अपना योगदान दे सकें।फेलोशिप की अवधि और मिलने वाली वित्तीय सहायता (Stipend & Grants)आईसीएसएसआर के नियमों के अनुसार, ये दोनों ही फेलोशिप दो साल (2 वर्ष) की अवधि के लिए पूरी तरह से पूर्णकालिक (Full-time) अनुसंधान कार्य हैं। ध्यान रहे कि इस अवधि के समाप्त होने के बाद किसी भी परिस्थिति में एक्सटेंशन (समय सीमा बढ़ाने) का कोई प्रावधान नहीं है।मिलने वाली वित्तीय मददराशि (INR)नियम व शर्तेंमासिक वजीफा (Monthly Fellowship)₹31,000 प्रति माहशिक्षा मंत्रालय के नवीनतम निर्देशों के तहत देयवार्षिक आकस्मिक अनुदान (Contingency Grant)₹25,000 सालानारिसर्च सामग्री, स्टेशनरी व अन्य खर्चों के लिएचयन प्रक्रिया: कई चरणों में होगा कड़ा मूल्यांकनपोस्टडॉक्टरल फेलोशिप स्कीम के तहत एक स्कॉलर केवल एक ही आवेदन जमा कर सकता है (हालांकि वे आईसीएसएसआर की अन्य योजनाओं के लिए अलग से फॉर्म भर सकते हैं)।विशेषज्ञ पैनल द्वारा जांच: प्राप्त सभी आवेदनों की गहन स्क्रूटनी होगी और कई चरणों में विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) का पैनल उनके रिसर्च प्रपोजल का मूल्यांकन करेगा।अंतिम संस्तुति: पैनल की हरी झंडी के बाद अंतिम सुझाव आईसीएसएसआर की मुख्य कमेटियों के सामने मंजूरी के लिए रखे जाएंगे।अवार्ड लेटर: अंतिम रूप से चयनित स्कॉलर्स और उनके संबंधित संस्थानों को परिषद की ओर से प्रोविजनल अवार्ड लेटर (अस्थायी आवंटन पत्र) जारी कर दिए जाएंगे।रिसर्च के दौरान और अंत में पूरी करनी होंगी ये 3 शर्तेंफेलोशिप की राशि प्राप्त करने वाले प्रत्येक शोधकर्ता को अकादमिक गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियमों का पालन करना होगा:पेपर पब्लिकेशन: दो साल के कार्यकाल के दौरान शोधकर्ता को अपने रिसर्च विषय से संबंधित प्रतिष्ठित पीयर-रिव्यूड जर्नल्स (Peer-Reviewed Journals) में कम से कम दो शोध पत्र (Research Papers) प्रकाशित कराने होंगे और उसमें ICSSR के वित्तीय सहयोग का आभार व्यक्त करना होगा।फाइनल रिपोर्ट: फेलोशिप समाप्त होने पर स्कॉलर को एक विस्तृत पुस्तक के आकार की फाइनल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ 3,000 से 4,000 शब्दों की एक संक्षिप्त समरी (सारांश) जमा करनी होगी।प्लेजरिज्म (Plagiarism) पर रोक: रिपोर्ट के साथ एक अधिकृत प्लेजरिज्म (साहित्यिक चोरी) जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें सिमिलैरिटी इंडेक्स (Similarity Index) 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि नकल 10 फीसदी से ज्यादा पाई जाती है, तो फेलोशिप रद्द की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:36 pm

Gen Z Work Culture: 'AC खराब तो कैफे से काम, वीकेंड पर नो कॉल'; सोशल मीडिया पर वायरल हुई शीतल रिजवानी की पोस्ट, छिड़ गई जेनरेशन वॉर

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एंटरप्रेन्योर और कंटेंट क्रिएटर शीतल रिजवानी (Sheetal Rijhwani) की एक हालिया पोस्ट ने कॉरपोरेट जगत और इंटरनेट पर एक बेहद दिलचस्प और तीखी बहस छेड़ दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में आज की नई पीढ़ी यानी Gen Z (जेनरेशन जेड) के कर्मचारियों के ऑफिस में काम करने के अनोखे तरीके और उनके एटीट्यूड को लेकर कुछ ऐसे चौंकाने वाले दावे किए हैं, जिसने नौकरीपेशा लोगों को दो अलग-अलग खेमों में बांट दिया है।एक तरफ जहां युवाओं का मानना है कि Gen Z वाकई में बरसों से चले आ रहे शोषक और 'टॉक्सिक वर्क कल्चर' (Toxic Work Culture) को खत्म कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुराने और अनुभवी प्रोफेशनल्स का मानना है कि यह अनुशासनहीनता है और इसे जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इस एक वायरल पोस्ट ने ऑफिस के काम के घंटों, वर्क-लाइफ बैलेंस और ऑफिस अनुशासन जैसे गंभीर मुद्दों को एक बार फिर देश के मुख्य विमर्श में ला दिया है।'9 to 5' मतलब सिर्फ काम; मैनेजर को खुश करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम नहींशीतल रिजवानी की पोस्ट के अनुसार, Gen Z कर्मचारी ऑफिस के भीतर अपनी एक अलग बाउंड्री (सीमा) तय करके चलते हैं। वे ऑफिस की राजनीति या गॉसिप से दूर अपना एक अलग ग्रुप बनाकर काम करते हैं। इस पीढ़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अपने काम के घंटों को लेकर बेहद सख्त हैं; अगर ऑफिस का समय शाम 6 बजे खत्म होता है, तो वे ठीक 6 बजे अपना लैपटॉप बंद करके निकल जाते हैं।वे पुराने कर्मचारियों की तरह केवल मैनेजर या बॉस की नजरों में अच्छा बनने के लिए बिना वजह देर तक ऑफिस में रुककर 'ओवरटाइम' करने की कतई कोशिश नहीं करते। इसके अलावा, वीकेंड (शनिवार-रविवार) को वे पूरी तरह से अपनी पर्सनल लाइफ के लिए सुरक्षित रखते हैं और इस दौरान आने वाले किसी भी वर्क कॉल या ईमेल को पूरी तरह अवॉइड यानी इग्नोर करते हैं।ऑफिस में खराब हुआ AC तो पूरा ग्रुप शिफ्ट हुआ कैफे; सहने को तैयार नहीं युवाइस पोस्ट का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला और मजेदार हिस्सा वह था, जहां शीतल ने एक लाइव उदाहरण साझा किया। दावा किया गया कि एक दिन ऑफिस का सेंट्रल एसी (AC) खराब हो गया और उमस बढ़ गई। जहां पुराने कर्मचारी (मिलेनियल्स) चुपचाप पसीना बहाते हुए काम करते रहे, वहीं Gen Z के पूरे ग्रुप ने तुरंत काम रोक दिया। उन्होंने साफ कहा कि इस माहौल में काम नहीं हो सकता और वे सभी तुरंत पास के एक वाई-फाई वाले कैफे में शिफ्ट हो गए और वहीं से अपना काम पूरा किया, जब तक कि ऑफिस का एसी पूरी तरह ठीक नहीं हो गया।इमोशनल डैमेज: पोस्ट में तंज कसते हुए कहा गया कि जहां मिलेनियल्स (Millennials) सालों से ऑफिस की हर खराब परिस्थिति और बॉस की डांट को चुपचाप सहते आ रहे हैं, वहीं Gen Z इसे सीधे चैलेंज करता है। इसी बात पर इंटरनेट पर Emotional Damage जैसे मीम्स और कैजुअल कमेंट्स की बाढ़ आ गई है।ऑफिस की गलत चीजों पर सीधा सवाल; अब नहीं चलेगी मैनेजर की मनमानीपोस्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि आज का युवा वर्कप्लेस पर किसी भी तरह के मानसिक उत्पीड़न या गलत व्यवहार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं रहता। अगर कोई मैनेजर या सीनियर उनके साथ गलत लहजे में बात करता है या जबरन दबाव बनाता है, तो ये कर्मचारी डरने के बजाय सीधे मानव संसाधन विभाग (HR) तक लिखित शिकायत पहुंचा देते हैं। खास बात यह है कि बदलते दौर के साथ अब कंपनियों के HR डिपार्टमेंट भी इन मामलों को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं और कई जांचों में कर्मचारियों के अधिकारों का खुलकर साथ दे रहे हैं।सोशल मीडिया पर आर-पार की जंग: कॉर्पोरेट गुलामी बनाम अनुशासनइस पोस्ट के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में अलग-अलग पीढ़ियों (Gen X, मिलेनियल्स और Gen Z) के बीच एक वैचारिक युद्ध शुरू हो गया है, जिसे मुख्य रूप से दो नजरियों से देखा जा रहा है:पक्ष में तर्क (Gen Z सपोर्टर्स)विपक्ष में तर्क (पुराने प्रोफेशनल्स/Corporate Leaders)युवाओं का कहना है कि 'ओवरवर्क = डेडिकेशन' (ज्यादा काम मतलब वफादारी) वाली पुरानी और सड़ी-गली सोच पर अब सवाल उठना बेहद जरूरी है।पुराने लोगों का मानना है कि इस तरह के बर्ताव से करियर में ग्रोथ रुक जाती है और यह गंभीर काम के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।काम सिर्फ जीवन का एक हिस्सा है, पूरी जिंदगी नहीं। वर्क-लाइफ बैलेंस मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के लिए अनिवार्य है।कॉरपोरेट में कई बार आपातकालीन स्थितियां आती हैं, जहां फ्लेक्सिबिलिटी और एक्स्ट्रा घंटों की जरूरत होती है; वहां ऐसी जिद नुकसानदेह है।कंपनियां केवल काम के घंटों का पैसा देती हैं, हमारी निजी जिंदगी और सुकून का नहीं।आज की पीढ़ी में धैर्य (Patience) की कमी है, वे छोटी सी असुविधा (जैसे एसी खराब होना) पर भी काम छोड़ देते हैं।अनुभवी कन्सल्टेंट्स का मानना है कि नौकरी का माहौल समय के साथ वैश्विक स्तर पर बदल रहा है। जहां पहले की पीढ़ियां स्थिरता के लिए एक ही कंपनी में 10 से 15 साल गुजार देती थीं, वहीं आज का युग फ्रीलांसिंग, रिमोट वर्क और कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड जॉब्स का है। ऐसे में कंपनियों को भी यह समझना होगा कि अब डरा-धमकाकर या 'टॉक्सिक' माहौल बनाकर नई पीढ़ी के टैलेंट को रोक कर रखना नामुमकिन है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:34 pm

Monsoon Skin Care: बारिश में अचानक चेहरे पर क्यों बढ़ जाते हैं मुँहासे और दाने? जानें इसके पीछे का विज्ञान और 7 अचूक उपाय

कड़कड़ाती धूप और झुलसाने वाली गर्मी के बाद आसमान में छाए काले बादल और बारिश की ठंडी फुहारें मन को बेहद सुकून देती हैं। लेकिन मौसम का यह यू-टर्न हमारी त्वचा (Skin) के लिए कई नई और गंभीर चुनौतियां खड़ी कर देता है। मॉनसून के आते ही हवा में नमी का स्तर (Humidity Level) अचानक बहुत बढ़ जाता है, जिससे होने वाली चिपचिपी उमस स्किन के प्राकृतिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ देती है।इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी चेहरे पर देखने को मिलती है। कई लोगों को अचानक से चेहरे पर जिद्दी मुहांसे (Pimples/Acne), अत्यधिक ऑयली स्किन और छोटे-छोटे दानों का सामना करना पड़ता है। वैसे तो यह समस्या मुख्य रूप से ऑयली या एक्ने-प्रोन (जिन्हें जल्दी मुहांसे होते हैं) स्किन वालों को ज्यादा परेशान करती है, लेकिन मॉनसून में ड्राई और नॉर्मल स्किन वाले लोग भी इस आफत से अछूते नहीं रहते। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आखिर त्वचा पर एक्ने का हमला क्यों बढ़ जाता है और किन आसान आदतों को अपनाकर आप पा सकते हैं एक बेदाग और निखरी त्वचा।आखिर मॉनसून में क्यों बढ़ जाते हैं मुहांसे? इसके पीछे के 4 मुख्य कारणमौसम वैज्ञानिकों और त्वचा विशेषज्ञों (Dermatologists) के अनुसार, बारिश के दिनों में त्वचा पर मुहांसे आने के पीछे सीधे तौर पर वातावरण में होने वाले बदलाव जिम्मेदार होते हैं:प्रदूषित बारिश का पानी: शुरुआती या लगातार होने वाली बारिश का पानी पूरी तरह शुद्ध नहीं होता। वायुमंडल में मौजूद प्रदूषण, धूल के कण और एसिडिक तत्व बारिश के पानी के साथ मिलकर हमारी त्वचा पर चिपक जाते हैं। इससे स्किन में इरिटेशन, रेडनेस (लालिमा) और छोटे-छोटे दानों की समस्या शुरू हो जाती है।रोमछिद्रों (Skin Ports) का बंद होना: मॉनसून की भारी उमस के कारण हमारे चेहरे के रोमछिद्र सामान्य से अधिक खुल जाते हैं। हवा में तैरती गंदगी, पसीना और प्रदूषण इन खुले पोर्स के अंदर आसानी से समा जाते हैं, जिससे पोर्स ब्लॉक (बंद) हो जाते हैं और वे ब्लैकहेड्स या बड़े मुहांसों का रूप ले लेते हैं।बैक्टीरिया और फंगस का तांडव: अधिक नमी और गर्मी का कॉम्बिनेशन बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे मुफीद माहौल माना जाता है। इस मौसम में चेहरे पर 'एक्ने वल्गेरिस' नाम के बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जो त्वचा में सूजन और मवाद वाले पिंपल्स का कारण बनते हैं।जंक फूड और समोसे-पकौड़ों का शौक: बारिश होते ही हमारा मन तली-भुनी, मसालेदार और जंक फूड जैसी चीजें खाने का करने लगता है। लेकिन यह ऑयली डाइट हमारे शरीर के अंदर जाकर 'सीबम' (त्वचा का प्राकृतिक तेल) के उत्पादन को दोगुना कर देती है, जिससे चेहरा और ज्यादा तैलीय हो जाता है।मॉनसून में मुहांसों को जड़ से खत्म करने के 7 आसान और घरेलू उपायअगर आप भी इस सीजन में अपनी त्वचा को चमकदार और एक्ने-फ्री रखना चाहते हैं, तो अपने डेली रूटीन में इन 7 छोटी लेकिन बेहद असरदार आदतों को जरूर शामिल करें:1. चेहरे की गहरी सफाई (Cleansing) को बनाएं नियमदिन में कम से कम 2 से 3 बार किसी सौम्य (Mild) और pH-बैलेंस वाले फेसवॉश से अपना चेहरा जरूर धोएं। मॉनसून में सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) या नीम वाले फेसवॉश का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर होता है, क्योंकि ये त्वचा से अतिरिक्त तेल को खींचकर बाहर निकाल देते हैं।2. एंटी-एक्ने टोनर का इस्तेमाल करेंचेहरा धोने के बाद पोर्स को वापस टाइट करने के लिए टोनर लगाना न भूलें। इस मौसम में अल्कोहल-फ्री टोनर, टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) या शुद्ध एलोवेरा और गुलाब जल से बने टोनर का उपयोग करें। यह आपकी स्किन के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने में मदद करेगा।3. हफ्ते में दो बार जेंटल एक्सफोलिएशनत्वचा पर जमा हुई डेड स्किन (मृत कोशिकाओं) और गंदगी को हटाने के लिए सप्ताह में दो बार हल्का स्क्रब या केमिकल एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करें। ध्यान रहे कि अगर चेहरे पर पहले से एक्टिव या दर्दनाक मुहांसे हैं, तो जोर से रगड़ने वाले दानेदार स्क्रब से पूरी तरह बचें, नहीं तो संक्रमण और बढ़ सकता है।4. मॉइस्चराइज़र लगाना कभी न छोड़ेंकई लोग सोचते हैं कि चेहरा पहले से ही चिपचिपा है, तो मॉइस्चराइज़र की क्या जरूरत है? यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। जब आप त्वचा को नमी नहीं देते, तो दिमाग स्किन को सुखा समझकर और ज्यादा ऑयल बनाने का सिग्नल देता है। इसलिए इस मौसम में वाटर-बेस्ड (Water-based), जेल-फॉर्मूला या नॉन-कॉमेडोजेनिक (Non-Comedogenic) मॉइस्चराइज़र का ही चुनाव करें।5. बादलों के पीछे छिपी धूप से बचें: सनस्क्रीन है जरूरीअगर आसमान में घने बादल छाए हैं या बारिश हो रही है, तब भी सूरज की हानिकारक यूवी (UV) किरणें आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले कम से कम SPF 30 या उससे अधिक रेटिंग वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं। मैट-फिनिश (Matte Finish) सनस्क्रीन इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट माने जाते हैं।6. 'नो टच पॉलिसी': चेहरे को बार-बार छूने से बचेंहमारे हाथों पर दिनभर में अनगिनत अदृश्य बैक्टीरिया और कीटाणु जमा होते हैं। जब हम बिना हाथ धोए बार-बार अपने गालों, माथे या ठोड़ी को छूते हैं, तो ये बैक्टीरिया सीधे चेहरे के पोर्स में चले जाते हैं। इसके अलावा, निकले हुए पिंपल्स को कभी भी छुएं या फोड़ें नहीं, अन्यथा उनके दाग हमेशा के लिए चेहरे पर रह जाएंगे।7. बालों की स्वच्छता पर भी दें विशेष ध्यानअगर आपके बाल बहुत ज्यादा ऑयली या डैंड्रफ (रूसी) से ग्रसित हैं और वे बार-बार आपके माथे या चेहरे पर आते हैं, तो बालों का वह तेल और बैक्टीरिया आपके चेहरे पर भी एक्ने की बाढ़ ला सकता है। इसलिए हफ्ते में दो से तीन बार बालों को अच्छे एंटी-डैंड्रफ शैम्पू से साफ रखें और उन्हें चेहरे से बांधकर दूर रखें।एक्सपर्ट टिप: मॉनसून में बाहरी ब्यूटी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ अपने शरीर को अंदर से साफ रखना भी जरूरी है। इसके लिए दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें। अगर इन सब सावधानियों के बाद भी आपके मुहांसे लगातार बढ़ रहे हैं, उनमें तेज दर्द है या वे ठीक होने का नाम नहीं ले रहे हैं, तो बिना देर किए किसी अच्छे स्किन स्पेशलिस्ट (Dermatologist) से मिलकर उचित इलाज शुरू करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:33 pm

हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ

पाली। हरिपुर व आसपास के क्षेत्रवासियों की मांग को पूरा करते हुए रेल मंत्रालय ने गाड़ी संख्या 16209/16210 अजमेर-मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस का हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत किए जाने के पश्चात शनिवार को हरिपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मिहिर देव व सहायक सुरक्षा आयुक्त रामेश्वर लाल मीणा […] The post हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:32 pm

Maharashtra TET Paper Leak: महाराष्ट्र में परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक, 28 जून को होने वाली महा-टीईटी परीक्षा अचानक स्थगित

महाराष्ट्र से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में रविवार, 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA-TET) का पेपर लीक हो गया है।प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, महाराष्ट्र टीईटी का यह प्रश्न पत्र ठाणे जिले के भिवंडी इलाके से लीक हुआ है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में राज्यभर के करीब 1.82 लाख (1,82,000) अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे। लेकिन परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, 27 जून को प्रश्न पत्र की गोपनीयता भंग होने और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका सामने आने के बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है।नीट (NEET) की तर्ज पर किए गए थे कड़े सुरक्षा इंतजाम, फिर भी भिवंडी में लीक हुआ पेपरमहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर नीट (NEET) परीक्षा में सामने आई बड़ी अनियमितताओं और धांधली को ध्यान में रखते हुए इस बार राज्य सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए कड़े नियम लागू किए गए थे।इसके बावजूद, 27 जून की सुबह खुफिया विभागों से परीक्षा परिषद को एक बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी मिली। इस इनपुट में बताया गया कि ठाणे के भिवंडी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोगों के पास टीईटी परीक्षा के मूल प्रश्न पत्र से जुड़ी बेहद गुप्त जानकारियां और सवालों के सेट मौजूद हैं। इस सूचना ने तुरंत पूरे प्रशासनिक अमले और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया।पुलिस जांच में असली प्रश्न पत्र से मैच हुए सवाल, भिवंडी थाने में FIR दर्जखुफिया जानकारी मिलते ही महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने भिवंडी पुलिस की स्पेशल टीम की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर तुरंत छापेमारी और छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया और उनके पास से हस्तलिखित व डिजिटल प्रारूप में कुछ सवाल बरामद किए।जांच का बड़ा खुलासा: जब पुलिस द्वारा बरामद किए गए इन सवालों का मिलान परीक्षा परिषद के लॉकर में रखे असली प्रश्न पत्र से कराया गया, तो दोनों के कई महत्वपूर्ण सवाल हूबहू मैच हो गए।इसके तुरंत बाद भिवंडी पुलिस थाने में संबंधित धाराओं और नए सख्त पेपर लीक विरोधी कानून के तहत मामला (FIR) दर्ज कर लिया गया है। परीक्षा परिषद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी गंभीर स्थिति में परीक्षा का आयोजन कराना लाखों ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता। प्रश्न पत्र की गोपनीयता और परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, इसी वजह से 28 जून को होने वाली इस परीक्षा को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।राज्यभर में बनाए गए थे 1028 केंद्र, वेबसाइट पर जारी होगी नई तारीखमहाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 जून को होने वाली इस शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए पूरे महाराष्ट्र राज्य में कुल 1,028 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए थे। प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरों से लेकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन तक के सभी पुख्ता इंतजाम सेंटर्स पर कर लिए गए थे, लेकिन पेपर सेंटर्स तक पहुंचने से पहले ही लीक हो गया।अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना: परीक्षा परिषद ने राज्य के सभी 1.82 लाख आवेदकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। टीईटी परीक्षा के आयोजन की नई तारीख, नए एडमिट कार्ड और अन्य सभी जरूरी गाइडलाइंस की आधिकारिक घोषणा जल्द ही परिषद की मुख्य वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। पुलिस इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:30 pm

Khatron Ke Khiladi 15: रोहित शेट्टी की वापसी से शुरू होगा 'डर का नया दौर', ओरी समेत लौटेंगे पुराने धुरंधर; जानें प्रीमियर डेट और कंटेस्टेंट्स की पूरी लिस्ट

एक्शन, रोमांच और रोंगटे खड़े कर देने वाले स्टंट्स के शौकीनों के लिए एक बेहद बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। टेलीविजन इतिहास का सबसे चर्चित और खतरनाक स्टंट-बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी सीजन 15' (Khatron Ke Khiladi 15) अपने अब तक के सबसे बड़े, क्रूर और मुश्किल सीजन के साथ छोटे पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है।इस सीजन की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) यह है कि एक्शन फिल्मों के बेताज बादशाह और धाकड़ होस्ट रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) पूरे दो साल के लंबे ब्रेक के बाद एक बार फिर इस शो की कमान संभालने के लिए वापस आ चुके हैं। मेकर्स ने वादा किया है कि इस बार दर्शकों को थ्रिल का ऐसा डोज़ मिलेगा, जो पूरी फ्रैंचाइजी के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।केप टाउन में शूटिंग पूरी, रोहित शेट्टी ने दी स्टंट्स की इनसाइड अपडेटसाउथ अफ्रीका के खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण शहर केप टाउन में शो के पूरे क्रू और कंटेस्टेंट्स ने एक लंबा और थका देने वाला शेड्यूल पूरा कर लिया है। वहां बैक-टू-बैक ऐसे खतरनाक और नेक्स्ट-लेवल के एक्शन सीन्स शूट किए गए हैं, जिन्हें देखकर दर्शकों के रोंगटे खड़े होना तय है।लगातार व्यस्त शूटिंग खत्म करने के बाद खुद होस्ट रोहित शेट्टी ने इस सीजन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया, यह सीजन बेहद व्यस्त, शारीरिक रूप से थका देने वाला और मानसिक रूप से कंटेस्टेंट्स की आखिरी हद को आजमाने वाला रहा है। इस बार शो में ऐसे हैरतअंगेज स्टंट्स डिजाइन किए गए हैं, जिनका सामना आज तक किसी भी सीजन के खिलाड़ी ने नहीं किया होगा।क्या है 'डर का नया दौर' थीम और शो का नया फॉर्मेट?मेकर्स ने इस साल शो की थीम 'डर का नया दौर' रखी है। शुरुआती टीज़र और प्रोमो में कंटेस्टेंट्स को अपनी मानसिक और शारीरिक क्षमता की आखिरी सीमा से लड़ते हुए दिखाया गया है। प्रोमो में खिलाड़ी जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर आसमान छूती गगनचुंबी इमारतों के बीच लटकते हुए, बंद पिंजरों में पानी के भीतर सांस रोकते हुए और जहरीले सांपों व रेंगते हुए खतरनाक कीड़ों से घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं।इस साल का सबसे बड़ा और हिला देने वाला ट्विस्ट शो के फॉर्मेट में किया गया बदलाव है। इतिहास में पहली बार, इस शो के कुछ सबसे लोकप्रिय पूर्व (एक्स) कंटेस्टेंट्स नए चेहरों को चुनौती देने के लिए दोबारा 'चैलेंजर्स' बनकर शो में एंट्री ले रहे हैं। यानी इस बार तजुर्बा और नया जोश सीधे एक-दूसरे से टकराएंगे, जिससे सस्पेंस और ड्रामा दोगुना हो जाएगा।चीते के आगे भागे 'ओरी', वायरल वीडियो पर आया मजेदार बयानशो के कई बड़े स्टार्स के बीच, इंटरनेट सेंसेनाइजेशन और बॉलीवुड के पसंदीदा मिस्ट्री मैन ओरहान अवत्रामणि (ओरी) अभी से ही पूरी लाइमलाइट बटोर रहे हैं। शो के आधिकारिक अनाउंसमेंट टीज़र में ओरी को एक खूंखार चीते के आगे जान बचाकर भागते हुए दिखाया गया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला चुका है।इस मजेदार सिचुएशन पर खुद ओरी ने अपने सिग्नेचर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मुझे तो खुद अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा कि यह वही दौड़ थी, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर सब कह रहे थे कि मैं भागते हुए हॉलीवुड स्टार केंडल जेनर जैसा दिख रहा था...प्रीमियर डेट और टाइमिंग: कब और कहां देखें शो?'खतरों के खिलाड़ी 15' का ग्रैंड प्रीमियर 25 जुलाई 2026 से होने जा रहा है।टीवी चैनल: कलर्स टीवी (Colors TV)ओटीटी स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ऐप पर भी इसे लाइव स्ट्रीम किया जा सकेगा।दिन और समय: यह शो वीकेंड के प्राइम-टाइम स्लॉट में हर शनिवार और रविवार रात 9:00 बजे प्रसारित होगा (वर्तमान में इस टाइम स्लॉट पर चल रहा शो 'लाफ्टर शेफ़्स सीजन 3' इस शो के आने से पहले समाप्त हो जाएगा)।KKK 15: न्यू कमर्स और ओल्ड धुरंधरों की फाइनल लिस्टइस बार शो में नए चेहरों और पुराने अनुभवी खिलाड़ियों का एक बेहद दिलचस्प मिक्सचर देखने को मिलेगा:नए कंटेस्टेंट्स (Fresh Faces)पुराने धुरंधर / चैलेंजर्स (Returnees)गौरव खन्ना (अनुपमा फेम)रुबीना दिलैकअविनाश मिश्राजैस्मीन भसीनफरहाना भट्टकरण वाहीशगुन शर्माऋत्विक धनजानीअविका गोरविशाल आदित्य सिंहओरहान अवत्रामणि (ओरी)—हर्ष गुजराल (स्टैंडअप कॉमेडियन)—शुरुआती खबरों में ये दो खिलाड़ी चल रहे हैं सबसे आगेभले ही शो का प्रसारण जुलाई में शुरू होगा, लेकिन केप टाउन के अंदरूनी सूत्रों से आ रही खबरों के मुताबिक, शो में इस समय मुकाबला बेहद कड़ा और कांटे का हो चुका है। शुरुआती परफॉर्मेंस के आधार पर टीवी एक्टर करण वाही और फरहाना भट्ट अपने बेहतरीन स्टंट टाइमिंग के चलते इस समय टॉप-2 कंटेस्टेंट के तौर पर सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अविनाश मिश्रा, रूहानिका धवन और ऋत्विक धनजानी के भी अपने बेहतरीन खेल के दम पर टॉप-5 में जगह बनाने की चर्चा जोरों पर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:26 pm

Hero Passion Plus Disc Variant: हीरो ने लॉन्च किया पैशन प्लस का नया डिस्क वेरिएंट, ब्लूटूथ डिजिटल कंसोल के साथ मिलेंगे कई हाई-टेक फीचर्स

यदि आप इस त्योहारी सीजन या मिड-रेंज बजट में अपने दैनिक कामकाज के लिए एक शानदार, भरोसेमंद और हाई-माइलेज बाइक खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) आपके लिए एक बेहतरीन तोहफा लेकर आई है। कंपनी ने अपनी बेहद लोकप्रिय और सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकिलों में से एक 'पैशन प्लस' का एक नया टॉप-स्पेक डिस्क वेरिएंट (Hero Passion Plus Disc Variant) आधिकारिक तौर पर मार्केट में उतार दिया है।इस नए फ्लैगशिप वेरिएंट की कीमत ₹84,128 (एक्स-शोरूम) तय की गई है, जो इसे अब तक का सबसे एडवांस, फीचर्स से लोडेड और प्रीमियम पैशन प्लस मॉडल बनाता है। कंपनी ने ग्राहकों की सुरक्षा और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें फ्रंट डिस्क ब्रेक और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी से लैस फुल डिजिटल कंसोल जैसे बड़े अपग्रेड दिए हैं। हालांकि, मैकेनिकल और इंजन के स्तर पर यह बाइक अपने स्टैंडर्ड ड्रम वर्जन जैसी ही भरोसेमंद है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस नए मॉडल में आपको क्या-क्या खास मिलने वाला है।Hero Passion Plus Disc: क्या कुछ नया और खास जोड़ा गया है?इस नए टॉप मॉडल में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव इसके अगले पहिए में फ्रंट डिस्क ब्रेक (Front Disc Brake) का शामिल होना है। पैशन प्लस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब कंपनी ने इसमें डिस्क ब्रेक का विकल्प दिया है, क्योंकि अब तक यह बाइक केवल पारंपरिक ड्रम ब्रेक के साथ ही आती थी। यह अपग्रेड उन राइडर्स के लिए वरदान साबित होगा जो रोजाना शहर के भारी ट्रैफिक, भीड़भाड़ वाले रास्तों या कभी-कभी हाईवे पर सफर करते हैं, क्योंकि डिस्क ब्रेक के आने से बाइक की स्टॉपिंग पावर और ब्रेकिंग परफॉर्मेंस पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और सटीक हो गई है।ब्रेकिंग के अलावा, कंपनी ने बाइक के पुराने लुक को बदलते हुए इसमें ब्लूटूथ-इनेबल्ड पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल (Digital Instrument Console) दिया है। इस आधुनिक फीचर की मदद से राइडर चलते सफर में भी अपने स्मार्टफोन को बाइक से कनेक्ट कर सकते हैं, जिससे उन्हें डिस्प्ले पर ही लाइव कॉल और SMS अलर्ट के नोटिफिकेशन्स दिखाई देंगे। इसके साथ ही, यह स्मार्ट डिस्प्ले राइडर को कई जरूरी जानकारियां भी रियल-टाइम में अपडेट करता रहेगा, जैसे:रियल-टाइम फ्यूल एफिशिएंसी (गाड़ी चलते समय कितना माइलेज दे रही है)सर्विस ड्यू अलर्ट (बाइक की सर्विसिंग का समय याद दिलाने के लिए)सटीक डिजिटल फ्यूल लेवल इंडिकेटर और ट्रिप मीटर।इंजन, गियरबॉक्स और माइलेज का दमदार कॉम्बिनेशनजैसा कि पहले बताया गया है, बाइक के परफॉर्मेंस को बरकरार रखने के लिए इसके इंजन रूम में कोई यांत्रिक बदलाव नहीं किया गया है। इसमें वही भरोसेमंद और परखा हुआ 97.2cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है। यह छोटा लेकिन पावरफुल इंजन 8hp की अधिकतम पावर और 8.05Nm का पीक टॉर्क जनरेट करने में पूरी तरह सक्षम है। स्मूथ राइडिंग के लिए इसे 4-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है।कंपनी का दावा है कि अपने इसी इंजन सेटअप के चलते यह बाइक 71 किमी प्रति लीटर (71km/l) का बंपर माइलेज देती है, जो इसे एंट्री-लेवल कम्यूटर सेगमेंट की सबसे किफायती और पैसा वसूल मोटरसाइकिलों की लिस्ट में सबसे ऊपर रखता है। आरामदायक सफर के लिए इसके फ्रंट में टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में ट्विन शॉक एब्जॉर्बर सस्पेंशन सेटअप दिया गया है।वेरिएंट्स और कीमत का पूरा गणित: कितना बढ़ा बजट?हीरो मोटोकॉर्प ने पैशन प्लस लाइनअप की कीमतों को बेहद प्रतिस्पर्धी रखा है। नए डिस्क वेरिएंट के आने के बाद अब आपके पास शोरूम पर तीन बेहतरीन विकल्प मौजूद रहेंगे:पैशन प्लस वेरिएंट (Variants)एक्स-शोरूम कीमत (Price in ₹)मुख्य खासियतस्टैंडर्ड ड्रम वेरिएंट₹80,328पारंपरिक ड्रम ब्रेक और बेसिक फीचर्सपैशन प्लस 125 मिलियन एडिशन₹80,574स्पेशल कॉस्मेटिक ग्राफिक्स और बैजिंगनया टॉप-स्पेक डिस्क वेरिएंट₹84,128फ्रंट डिस्क ब्रेक और ब्लूटूथ डिजिटल डिस्प्लेखरीदने की सलाह: यदि आप अपने पुराने वेरिएंट के मुकाबले मात्र ₹3,800 अधिक खर्च करने को तैयार हैं, तो आपको इस नए फ्लैगशिप मॉडल में न केवल बेहतरीन और सुरक्षित ब्रेकिंग का अहसास मिलेगा, बल्कि स्मार्टफोन कनेक्टिविटी जैसे हाई-टेक फीचर्स भी मिलेंगे जो आज के समय की बड़ी जरूरत बन चुके हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:24 pm

Yogini Ekadashi 2026 Date: दो दिन रखा जाएगा आषाढ़ मास का योगिनी एकादशी व्रत; जानें गृहस्थ व वैष्णव संप्रदाय के लिए सही तारीख और पारण मुहूर्त

सनातन परंपरा में एकादशी तिथि को सभी तिथियों में सबसे पवित्र, उत्तम और मोक्षदायिनी माना गया है। यह पावन दिन जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को पूरी तरह समर्पित होता है। मान्यता है कि जो भी साधक इस दिन सच्चे मन और पूरी निष्ठा के साथ व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना करता है, उसे जीवन के सभी घोर कष्टों, पापों और संकटों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है और घर में सुख, शांति व अटूट समृद्धि का वास होता है।हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष में एक-एक एकादशी आती है, जिससे पूरे साल में कुल 24 एकादशी तिथियां पड़ती हैं। इनमें आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को 'योगिनी एकादशी' (Yogini Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। इस साल तिथियों के फेर और हरि वासर के समय के कारण योगिनी एकादशी का व्रत दो अलग-अलग दिनों में रखा जाएगा। आइए जानते हैं गृहस्थों और वैष्णव संप्रदाय के लिए व्रत की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का सटीक समय।दो दिन होगा योगिनी एकादशी व्रत: जानिए आपके लिए कौन सी तारीख है सही?पंचांग की गणना के मुताबिक, इस साल आषाढ़ कृष्ण एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 08:16 बजे हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 11 जुलाई 2026, शनिवार को प्रात: 05:22 बजे तक मान्य रहेगी।चूंकि 11 जुलाई को 'हरि वासर' (एकादशी तिथि का शुरुआती चौथा हिस्सा) सुबह 10 बजकर 32 मिनट पर समाप्त हो रहा है, इसलिए शास्त्रों के नियमों के अनुसार इस बार व्रत दो अलग-अलग तिथियों में विभाजित हो गया है:गृहस्थों (सामान्य जन) के लिए व्रत: सभी गृहस्थ और सामान्य श्रद्धालु 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को योगिनी एकादशी का व्रत रखेंगे। इस दिन उदयातिथि भले ही न हो, लेकिन पूरे दिन एकादशी का प्रभाव रहेगा।वैष्णव संप्रदाय (संत-सन्यासी) के लिए व्रत: मोक्ष और भक्ति मार्ग पर चलने वाले वैष्णव संप्रदाय और अखाड़ों से जुड़े लोग 11 जुलाई 2026, शनिवार को यह पावन व्रत धारण करेंगे।योगिनी एकादशी 2026: पूजा के सभी शुभ चौघड़िया और मुहूर्त10 जुलाई को व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुबह के समय भगवान विष्णु की पूजा के लिए कई बेहद कल्याणकारी मुहूर्त मिल रहे हैं। इस दिन मुख्य पूजा सुबह 08:16 बजे से लेकर सुबह 10:42 बजे के बीच करना सबसे ज्यादा फलदायी रहेगा। इसके अलावा दिन के अन्य शुभ समय इस प्रकार हैं:लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 07:15 बजे से सुबह 08:59 बजे तकअमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 08:59 बजे से सुबह 10:42 बजे तकब्रह्म मुहूर्त (प्रात:काल): सुबह 04:10 बजे से सुबह 04:50 बजे तकअभिजीत मुहूर्त (दोपहर): सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तकधृति, शूल योग और भरणी नक्षत्र का महासंयोगइस साल योगिनी एकादशी पर कई विशिष्ट खगोलीय और ज्योतिषीय योग बन रहे हैं। 10 जुलाई को सूर्योदय के समय 'धृति योग' सुबह 07:15 बजे तक रहेगा, जिसके बाद 'शूल योग' की शुरुआत होगी जो अगले दिन 11 जुलाई को तड़के 03:51 बजे तक चलेगा। इसके बाद 'गण्ड योग' लग जाएगा।नक्षत्रों की बात करें तो व्रत वाले दिन 'भरणी नक्षत्र' दोपहर 01:15 बजे तक रहेगा, जिसके बाद से 'कृत्तिका नक्षत्र' की शुरुआत हो जाएगी। इन नक्षत्रों और योगों के प्रभाव से इस दिन की गई विष्णु सहस्रनाम की पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।व्रत पर रहेगा भद्रा का साया, लेकिन धरती पर नहीं होगा कोई नुकसानज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 10 जुलाई को एकादशी तिथि के शुरू होते ही प्रात:काल 05:31 बजे से भद्रा काल भी प्रारंभ हो जाएगा, जो सुबह 08:16 बजे तक रहेगा। यह भद्रा करीब 2 घंटे से अधिक समय तक बनी रहेगी।राहत की बात: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस भद्रा का वास पृथ्वी लोक पर न होकर 'स्वर्ग लोक' में रहने वाला है। शास्त्रों का नियम है कि जब भी भद्रा स्वर्ग या पाताल में होती है, तो उसका कोई भी अशुभ या नकारात्मक प्रभाव मृत्युलोक (धरती) पर रहने वाले इंसानों और उनके शुभ कार्यों पर नहीं पड़ता है। इसलिए श्रद्धालु बिना किसी डर के अपनी पूजा संपन्न कर सकते हैं।दोनों दिनों के व्रत का अलग-अलग पारण समय (Parana Timing)किसी भी एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसका पारण (व्रत खोलना) अगले दिन शुभ और सटीक मुहूर्त के भीतर किया जाए। दोनों दिनों के व्रतियों के लिए पारण का समय नीचे दिए अनुसार है:10 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए पारण (For Smartas): जो लोग शुक्रवार को व्रत रखेंगे, वे अगले दिन यानी 11 जुलाई को दोपहर 01:50 बजे से लेकर शाम 04:36 बजे के बीच अपना व्रत खोल सकते हैं। (शनिवार सुबह हरि वासर होने के कारण सुबह पारण वर्जित रहेगा)।11 जुलाई को व्रत रखने वालों के लिए पारण (For Vaishnavas): जो साधक शनिवार को व्रत रखेंगे, वे 12 जुलाई को प्रात: 05:32 बजे से लेकर सुबह 08:18 बजे के बीच बेहद शुभ समय पर पारण की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पारण के समय किसी ब्राह्मण को सात्विक भोजन या सीधे का दान देना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:23 pm

INSAT-3DS Satellite: आ गया मॉनसून, फिर क्यों तरस रही दिल्ली-यूपी? सैटेलाइट तस्वीरों से खुला उत्तर भारत में सूखा रहने का बड़ा राज

उत्तर भारत के करोड़ों लोग इस समय एक बेहद अजीब स्थिति का सामना कर रहे हैं। कैलेंडर के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (South-West Monsoon) धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए उत्तर भारत की दहलीज को पार कर चुका है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग अब भी झमाझम बारिश के लिए आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं। आमतौर पर जून के आखिरी हफ्ते में जिन इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन जाते थे, वहां इस बार लोग उमस और सूखी गर्मी से बेहाल हैं।ऐसे में हर किसी के मन में यही बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब मौसम विभाग कह रहा है कि मॉनसून पहुंच चुका है, तो फिर बादलों की यह बेरुखी क्यों? इस रहस्य से पर्दा उठाया है भारत के सबसे आधुनिक मौसम सैटेलाइट INSAT-3DS की ताजा तस्वीरों ने, जिसने उत्तर भारत में बारिश न होने की असली और वैज्ञानिक वजह को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है।मॉनसून का आना और बारिश होना; दोनों में है जमीन-आसमान का अंतरमौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी क्षेत्र में मॉनसून की आधिकारिक एंट्री हो जाना और वहां लगातार मूसलाधार बारिश होना, दोनों पूरी तरह से अलग-अलग बातें हैं। आईएमडी (IMD) के नियमों के अनुसार, मॉनसून की रफ्तार और उसका बरसना कई जटिल मौसमी कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें हवाओं का रुख, वायुमंडल में मौजूद नमी का स्तर और एक बहुत बड़े भूभाग पर लगातार होने वाली प्री-मॉनसून गतिविधि शामिल हैं।यही वजह है कि जब मॉनसून किसी राज्य में प्रवेश करता है, तो यह जरूरी नहीं कि उसके हर जिले और शहर में एक साथ पानी बरसे। कई बार मॉनसून की हवाएं किसी इलाके के ऊपर से गुजर तो जाती हैं, लेकिन वहां का स्थानीय मौसम कई दिनों तक पूरी तरह सूखा, तपता और उमस भरा बना रहता है।INSAT-3DS सैटेलाइट की तस्वीरें क्या कह रही हैं?भारत के एडवांस्ड मौसम उपग्रह INSAT-3DS द्वारा अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों ने उत्तर और मध्य भारत के बीच के इस भारी अंतर को साफ कर दिया है। सैटेलाइट डेटा से पता चलता है कि देश इस समय दो अलग-अलग मौसमी हिस्सों में बंटा हुआ है:क्षेत्र (Regions)सैटेलाइट में बादलों की स्थिति (Cloud Cover Status)मौसम का मिजाजमध्य व दक्षिण भारतघने, गहरे और सक्रिय मानसूनी बादलों का जमावड़ालगातार और अच्छी बारिशबंगाल की खाड़ी व पूर्वोत्तरभारी नमी वाले बादलों का मजबूत चक्रवातमूसलाधार बारिश का दौरदिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणाआसमान पूरी तरह से साफ या बेहद छिटपुट बादलभीषण उमस और सूखी गर्मीराजस्थान व पश्चिमी यूपीबादलों की अनुपस्थिति, शुष्क हवाएंतेज धूप और लू का असरआखिर उत्तर भारत में क्यों अटकी है बारिश? ये है असली वैज्ञानिक वजहINSAT-3DS की तस्वीरों और मौसम विज्ञानियों के विश्लेषण के मुताबिक, उत्तर भारत में व्यापक बारिश न होने के पीछे सबसे बड़ा विलेन 'लो-प्रेशर सिस्टम' (कम दबाव का क्षेत्र) का सक्रिय न होना है।कम दबाव के क्षेत्र का महत्व: सामान्य तौर पर, जब मॉनसून आगे बढ़ता है, तो बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बहुत ही मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बनता है। यह सिस्टम एक विशाल वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करता है, जो समुद्र से भारी मात्रा में नमी खींचकर उसे देश के अंदरूनी मैदानी इलाकों (मध्य और उत्तर भारत) की तरफ धकेलता है। जब यह नमी पहाड़ों और स्थानीय हवाओं से टकराती है, तो झमाझम बारिश होती है।वर्तमान में, बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऐसा कोई मजबूत कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया है। इसके चलते समुद्र से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाएं उत्तर भारत के मैदानों तक पहुंचते-पहुंचते बेहद कमजोर और शुष्क हो जा रही हैं। यही कारण है कि दिल्ली-यूपी में लगातार और व्यापक रूप से पानी बरसने के बजाय, केवल कुछ गिने-चुने इलाकों में ही हल्की आंधी, गरज-चमक या बेहद छिटपुट बौछारें गिरकर शांत हो जा रही हैं।जुलाई की शुरुआत में बदलेगा मौसम, फिर से रफ्तार पकड़ेगा मॉनसूनदिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के वासियों को इस उमस भरी गर्मी से ज्यादा दिनों तक परेशान नहीं होना पड़ेगा। मौसम विभाग के ताजा अनुमानों के मुताबिक, जुलाई के शुरुआती हफ्ते में मॉनसून का यह सुस्त पड़ा सिस्टम एक बार फिर से बेहद आक्रामक और सक्रिय होने जा रहा है।भूमध्य रेखा के उत्तर में, पूर्वी हिंद महासागर के ऊपर इस समय एक बहुत बड़ा और शक्तिशाली मौसम तंत्र (Weather System) तेजी से विकसित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 4 से 7 दिनों के भीतर यह सिस्टम बंगाल की खाड़ी में प्रवेश कर जाएगा। इसके वहां पहुंचते ही समुद्र के ऊपर एक नया और बेहद गहरा कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, जो उत्तर भारत की तरफ नमी वाली हवाओं की एक बड़ी खेप भेजेगा।इसके साथ ही, वैज्ञानिक पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र और गुजरात) के ऊपर बनने वाले एक और विशेष चक्रवाती सिस्टम पर भी नजर रख रहे हैं। इन दोनों सिस्टम्स के एक साथ एक्टिव होते ही जुलाई की शुरुआत के साथ ही दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में मानसूनी बारिश का असली और धमाकेदार दौर शुरू हो जाएगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को इस उमस से पूरी तरह राहत मिल जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:21 pm

कोटक महिंद्रा बैंक में टॉप लीडरशिप बदलाव: MD और CEO अशोक वासवानी इस साल के अंत में छोड़ेंगे पद, नए बॉस की तलाश शुरू

भारतीय बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) से आज कॉरपोरेट जगत की एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। निजी क्षेत्र के दिग्गज कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) अशोक वासवानी (Ashok Vaswani) इस साल के अंत में अपने पद से मुक्त हो जाएंगे।बैंक ने 27 जून 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) को दी गई आधिकारिक नियामक फाइलिंग में इस बड़े लीडरशिप बदलाव की पुष्टि की है। बैंक प्रशासन ने बताया कि अशोक वासवानी ने बोर्ड को यह साफ कर दिया है कि 31 दिसंबर 2026 को उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद, वे अपनी दोबारा नियुक्ति (Re-appointment) की इच्छा नहीं रखते हैं। उनके इस फैसले के बाद बैंक ने शीर्ष स्तर पर उत्तराधिकार (Succession Planning) की तैयारी तेज कर दी है।कोटक महिंद्रा बैंक ने शुरू की नए MD और CEO की औपचारिक तलाशस्टॉक एक्सचेंजों के साथ साझा की गई जानकारी के मुताबिक, कोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 27 जून को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें वासवानी के पद छोड़ने के फैसले को आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड पर लिया गया। इसके साथ ही, बोर्ड ने बैंक के अगले एमडी और सीईओ की खोज के लिए एक स्वतंत्र सर्च कमेटी के गठन और औपचारिक प्रक्रिया को शुरू करने पर अपनी पूर्ण सहमति दे दी है।बैंक प्रबंधन ने अपने शेयरधारकों और ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय की गई समय सीमा (Deadline) के भीतर ही नए योग्य एमडी और सीईओ के नाम को अंतिम मंजूरी देकर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि बैंक के कामकाज में किसी तरह की रुकावट न आए।चुनौतीपूर्ण और रेगुलेटरी बदलावों के दौर में संभाली थी कमानअशोक वासवानी का कोटक महिंद्रा बैंक के शीर्ष पद पर रहना बेहद ऐतिहासिक माना जाता है। उन्होंने बैंक का नेतृत्व एक ऐसे नाजुक समय पर किया, जब पूरा भारतीय बैंकिंग उद्योग तकनीक, डिजिटल पेमेंट्स और कड़े रेगुलेटरी (नियामक) बदलावों के दौर से गुजर रहा था।इस साल 31 दिसंबर को उनके पद छोड़ने के साथ ही बैंक के उस महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो जाएगा, जिसके दौरान कोटक महिंद्रा बैंक ने बाजार में बढ़ते कड़े कॉम्पटिशन का सफलतापूर्वक सामना किया और अपने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई कड़े नीतिगत फैसले लिए।उदय कोटक की जगह संभाली थी कुर्सी, अभी नए नामों पर सस्पेंस बरकरारकोटक महिंद्रा बैंक के बोर्ड ने फिलहाल उन संभावित उम्मीदवारों या शॉर्टलिस्ट किए गए नामों का खुलासा नहीं किया है, जिन्हें अगला एमडी और सीईओ बनाने पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड का कहना है कि वे एक तय और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सही समय पर नए लीडर का चयन करेंगे ताकि बैंक के दैनिक ऑपरेशन्स और भविष्य के स्ट्रेटेजिक डायरेक्शन (रणनीतिक दिशा) में निरंतरता बनी रहे।गौरतलब है कि अशोक वासवानी ने 1 जनवरी 2024 को कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक और दिग्गज बैंकर उदय कोटक (Uday Kotak) के पद छोड़ने के बाद इस प्रतिष्ठित बैंक के एमडी और सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला था।तीन दशकों का सिटीग्रुप और बार्कलेज का अंतरराष्ट्रीय अनुभवकोटक महिंद्रा बैंक के बॉस की जिम्मेदारी संभालने से पहले अशोक वासवानी को वैश्विक स्तर पर बैंकिंग का एक दिग्गज चेहरा माना जाता था। उनके पास वित्तीय क्षेत्र का एक बेदाग और बेहद समृद्ध प्रोफाइल है:सिटीग्रुप (Citigroup): वासवानी ने वैश्विक बैंकिंग दिग्गज सिटीग्रुप में लगभग तीन दशकों (30 साल) तक विभिन्न शीर्ष वैश्विक पदों पर काम किया है।बार्कलेज (Barclays): वे मशहूर ब्रिटिश बैंक 'बार्कलेज' में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां वे बार्कलेज के ग्लोबल कंज्यूमर, प्राइवेट, कॉर्पोरेट और पेमेंट बिजनेस के सीईओ के रूप में पूरे ग्रुप की कमान संभाल रहे थे और ग्रुप की मुख्य एग्जिक्यूटिव कमेटी के सक्रिय सदस्य थे।मुंबई यूनिवर्सिटी से स्टैनफोर्ड तक: बेहद शानदार है शैक्षणिक सफरअशोक वासवानी की गिनती देश के सबसे पढ़े-लिखे और वित्तीय रूप से समझदार सीईओ में होती है। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सिडेनहैम कॉलेज (Sydenham College of Commerce and Economics) से इकोनॉमिक्स और अकाउंटेंसी विषयों के साथ बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com) की डिग्री हासिल की थी।वे भारत के एक सर्टिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) होने के साथ-साथ एक क्वालिफाइड कंपनी सेक्रेटरी (CS) भी हैं। इसके अलावा, उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में शुमार 'स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस' (Stanford University) से एग्जिक्यूटिव एजुकेशन का एडवांस कोर्स भी पूरा किया है। उनके इसी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और शैक्षणिक कौशल का लाभ कोटक महिंद्रा बैंक को अपने परिवर्तनकारी दौर में मिला।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:20 pm

अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत

अलवर। राजस्थान में अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में ढाडोली गांव में शुक्रवार को एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद शनिवार को सुबह मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सभी लोग जिला अस्पताल पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा देने और सरकारी […] The post अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:19 pm

मुहर्रम जुलूस के बीच मुंबई पुलिस की कार्रवाई, 15,000 जहरीले कैप्सूल बरामद, एक गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने मुहर्रम के मौके पर एक बेहद खौफनाक और बड़े पैमाने पर लोगों को नुकसान पहुंचाने वाली साजिश को नाकाम कर दिया। इस मामले में पुलिस ने पुणे के रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों को पेन किलर का झांसा देकर एक बेहद खतरनाक और जहरीला पदार्थ 'जिंक फास्फाइड' बांटने की फिराक में था।

देशबन्धु 27 Jun 2026 10:17 pm

हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क साधने वाला युवक अरेस्ट

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले हनुमानगढ़ टाऊन थाना क्षेत्र में पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क बनाए रखने और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के आरोप में एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीणा ने शनिवार को बताया कि आरोपी हनुमानगढ़ टाउन के वार्ड नंबर 45 में दशहरा मैदान […] The post हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क साधने वाला युवक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:09 pm

33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उसकी नीतियों, प्रयासों एवं उद्यमियों के साहस, आत्मविश्वास और कर्मठता के चलते 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान आज देश का चौथा सबसे […] The post 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:05 pm

भीलवाड़ा में पटवारी लोकेश जोशी एक हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट

भीलवाड़ा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को भीलवाड़ा जिले में करेडा तहसील के पटवार हल्का चिलेश्वर के पटवारी लोकेश जोशी को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी भीलवाड़ा-प्रथम इकाई को शिकायत मिली कि परिवादी के पिता की मृत्यु के पश्चात परिजनों के नाम फौतगी […] The post भीलवाड़ा में पटवारी लोकेश जोशी एक हजार रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 10:01 pm

जेवर में 6,785 करोड़ का बड़ा निवेश! इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर में 6,785 करोड़ रुपये के निवेश से अंबर एंटरप्राइजेज एवं कोरिया सर्किट्स के ज्वाइंट वेंचर ‘एसेंट के सर्किट्स’ का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट क्षेत्र में रोजगार व नए उद्योगों को गति प्रदान करेगा। ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:59 pm

बॉलीवुड फ़िल्में जोड़ रही हैं भारत और लैटिन अमेरिका को

Bollywood in Latin America: अपने आप को हर क्षेत्र में बाकी दुनिया से श्रेष्ठ समझने का गर्व करने वाले यूरोप-अमेरिका के फ़िल्म समीक्षक भारतीय फ़िल्मों को गंभरता से नहीं लेते— बहुत अतिरंजित और छिछली मान कर टाल देते हैं। लेकिन, इधर कुछ समय से देखने में ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:20 pm

सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव! योगी सरकार ने गुणवत्ता सुधार के लिए तेज की अकादमिक टीम की तैनाती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा में गुणवत्ता आधारित परिवर्तन की दिशा में मानव संसाधनों का सबसे व्यापक अकादमिक ढांचा तैयार कर रही है। प्रदेश सरकार का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में स्थायी बदलाव केवल ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 8:12 pm

डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी

वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीकी दिग्गज टेक कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर लगाने वाले किसी भी यूरोपीय देश के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसे देशों से अमरीका आने वाले तमाम सामान पर तत्काल 100 प्रतिशत का दंडात्मक आयात शुल्क लगाया जाएगा। ‘ट्रुथ सोशल’ […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:48 pm

International MSME Day: सीएम डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणाएं, युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा साल 2027, जनवरी में भोपाल में होगी GIS

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार साल 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी। दूसरी ओर, 'ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट' (GIS) भी जनवरी में भोपाल में आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 पर भोपाल के रवींद्र भवन में ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 7:45 pm

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावे और प्रसाद व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार को स्पष्ट किया कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो गए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा। ट्रस्ट ने कहा कि पूरे […] The post श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:40 pm

अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार को टेल्को सर्किल के समीप लोक परिवहन सेवा की बस की टक्कर से मोटर साइकिल पर सवार एक युवक की मौत हो गयी, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने […] The post अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 7:35 pm

जम्मू कश्मीर में 6.2 तीव्रता का भूकंप, लोग दहशत में

Jammu Kashmir Earthquake: जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राजधानी श्रीनगर में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 6.2 बताई गई है, जबकि इसका केन्द्र अफगानिस्तान में जमीन से 215 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। शुरुआती ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 7:35 pm

चीन के बड़े कदम से और नीचे आ सकता है Gold, आखिर ऐसा क्या कर दिया China ने

China Big Decision on Gold: यूं तो पिछले कुछ समय से सोना और चांदी की कीमतों में भारत में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। लेकिन, चीन के एक कदम ने सोना-चांदी बाजारों में हलचल मचा दी है। दरअसल, चीन दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है। हाल ही ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 7:07 pm

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में बड़े पैमाने पर ड्रिलिंग को मंजूरी

छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया।

देशबन्धु 27 Jun 2026 6:18 pm

मुंबई में मोहर्रम को 'मातम' में बदलने की साजिश, 14900 मौत के कैप्सूल बरामद!

Mumbai Poison Conspiracy: मुंबई को एक बार फिर दहलाने और मुहर्रम के जुलूस को 'मातम के समंदर' में बदलने की एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों ने वक्त रहते एक ऐसे 'साइलेंट किलर' को दबोच लिया है, जो बम या बंदूक से नहीं, ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 6:14 pm

तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं... पत्नी के ताने पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी को राहत

MP High Court News: क्या पत्नी द्वारा पति को यह कहना कि 'तुम्हारे जैसे 1000 पति रख सकती हूं... ', एक ऐसा उकसावा है जो किसी को आपा खोने पर मजबूर कर दे? मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील और अनोखे मामले में इसे 'गंभीर और अचानक उकसावा' मानते ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 5:21 pm

जेल में सिया की बेशर्म मांग, पुलिस से मांगी शराब और बीयर, केतन हत्‍याकांड में चेतन और सिया लगा रहे एक दूसरे पर आरोप

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में गिरफ्तार सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं। जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपियों के व्यवहार ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, हिरासत में सिया के चेहरे पर ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 5:18 pm

प्रेग्नेंसी में सुबह की धूप: मां और बच्चे के लिए क्यों है जरूरी? एक्सपर्ट से जानिए सही समय, तरीका और जरूरी सावधानियां

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: प्रेग्नेंसी (गर्भावस्था) हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस नौ महीने के सफर में मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है। खानपान, पर्याप्त आराम और समय पर चेकअप के साथ-साथ इस दौरान रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी बड़ा असर डालती हैं। इन्हीं आदतों में से एक है—सुबह की धूप लेना। पुरानी मान्यताओं से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, सुबह की धूप को सेहत के लिए वरदान माना गया है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के चलते कई महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि क्या इस समय धूप सेकना पूरी तरह सुरक्षित है? आइए दिल्ली की प्रसिद्ध गायनेकोलॉजिस्ट से जानते हैं प्रेग्नेंसी में धूप लेने का सही विज्ञान।प्रेग्नेंसी में सुबह की धूप लेना कितना फायदेमंद? जानिए इसके 4 बड़े लाभदिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट में ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (प्रसूति एवं स्त्री रोग) विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मिनाक्षी बंसल बताती हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान सुबह की हल्की धूप मां और गर्भ में पल रहे बच्चे, दोनों के लिए संजीवनी का काम कर सकती है। इसके मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:विटामिन डी का प्राकृतिक स्रोत: सुबह की धूप के संपर्क में आने से हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी ($Vitamin D$) का निर्माण करता है। यह विटामिन मां की हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने के साथ-साथ उनके इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को भी बूस्ट करता है।शिशु की हड्डियों का विकास: मां के शरीर को मिलने वाला विटामिन डी सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंचता है, जो शिशु की हड्डियों के सही विकास, मस्कुलर ग्रोथ और उसकी ओवरऑल शारीरिक ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी से बच्चे में रिकेट्स जैसी बीमारियां हो सकती हैं।बेहतर नींद (Circadian Rhythm): सुबह की ताजी धूप हमारे शरीर की बॉडी क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम को संतुलित करती है। इससे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन सही मात्रा में बनता है, जिससे प्रेग्नेंट महिलाओं को रात में गहरी और सुकून भरी नींद आती है।मूड स्विंग्स और स्ट्रेस से राहत: गर्भावस्था में मूड का बार-बार बदलना (Mood Swings) आम है। सुबह की धूप शरीर में 'सेरोटोनिन' यानी हैप्पी हार्मोन का लेवल बढ़ाती है, जिससे मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन का खतरा काफी कम हो जाता है।धूप लेने का सही समय और तरीका क्या है? डॉक्टर की खास गाइडलाइनडॉ. मिनाक्षी बंसल के मुताबिक, धूप का फायदा तभी मिलता है जब उसे सही समय और सही मात्रा में लिया जाए। गलत तरीके से धूप में रहने से त्वचा और सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।समय का चयन: धूप हमेशा सुबह की गुनगुनी और हल्की ही होनी चाहिए। सूरज उगने के बाद शुरुआती समय में 15 से 20 मिनट तक धूप में बैठना या टहलना पर्याप्त माना जाता है। दोपहर की तेज और कड़क धूप में जाने से पूरी तरह बचें।मौसम का ध्यान रखें: धूप तभी लें जब बाहर का मौसम सामान्य और सुहावना हो। बहुत ज्यादा उमस, भीषण गर्मी या कड़ाके की ठंड के दौरान धूप में लंबे समय तक बैठने से बचना चाहिए।हाइड्रेशन है जरूरी: धूप सेकने के दौरान या उससे पहले पर्याप्त मात्रा में पानी या नारियल पानी पी लें, क्योंकि धूप के कारण शरीर का तापमान बढ़ सकता है और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की समस्या हो सकती है।कपड़े और पोजीशन: धूप लेते समय हमेशा ढीले और आरामदायक सूती (कॉटन) कपड़े पहनें। यदि धूप चेहरे पर तेज लग रही हो या आंखों में चुभन हो, तो तुरंत छांव वाली जगह पर आ जाएं।सावधान! किन प्रेग्नेंट महिलाओं को धूप में जाने से पहले लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?यूं तो धूप लेना पूरी तरह प्राकृतिक है, लेकिन हर महिला की प्रेग्नेंसी एक जैसी नहीं होती। डॉ. मिनाक्षी बंसल के अनुसार, नीचे दी गई स्थितियों में महिलाओं को अपनी मर्जी से धूप में बैठने के बजाय पहले अपनी डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए:हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी: यदि आपकी प्रेग्नेंसी डॉक्टरों द्वारा 'हाई-रिस्क' (उच्च जोखिम) श्रेणी में रखी गई है।मेडिकल कंडीशन्स: यदि गर्भवती महिला को हाई ब्लड प्रेशर (Pre-eclampsia), गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) या त्वचा से जुड़ी कोई क्रोनिक बीमारी है।चक्कर या कमजोरी आना: यदि धूप में खड़े होने या टहलने के दौरान आपको अचानक चक्कर आना, घबराहट होना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना या सांस फूलने जैसी असहजता हो, तो तुरंत धूप से हट जाएं, पानी पिएं और अपने डॉक्टर से संपर्क करें।अंततः, एक स्वस्थ जीवनशैली के रूप में सुबह की हल्की धूप को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना एक बेहतरीन फैसला है, बस जरूरत है तो थोड़ी सी सतर्कता और सही नियमों को फॉलो करने की।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:47 pm

बिना डाइटिंग और एक्सरसाइज के घट रहा है वजन? इसे हल्के में न लें; जानिए बिना कारण वेट लॉस होने के पीछे की असली वजह

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: आज के दौर में मोटापा और बढ़ता वजन एक बड़ी समस्या है, जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग जिम में पसीना बहाते हैं, डाइटिंग करते हैं और एक सख्त रूटीन फॉलो करते हैं। लेकिन जरा सोचिए, अगर बिना किसी कोशिश, बिना एक्सरसाइज और बिना खानपान बदले आपका वजन अचानक और लगातार कम होने लगे, तो क्या यह खुशी की बात है? बिल्कुल नहीं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिना किसी प्रयास के अचानक वजन का घटना (Unexplained Weight Loss) शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकता है। अगर कुछ ही महीनों के भीतर आपके शरीर का कुल वजन 5% या उससे ज्यादा बिना किसी वजह के कम हो गया है, तो इसे सामान्य बदलाव समझकर नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।बिना वजह वजन घटना किन गंभीर बीमारियों का हो सकता है संकेत?अगर आप कोई वेट लॉस प्रोग्राम फॉलो नहीं कर रहे हैं और फिर भी तराजू पर आपका वजन हर हफ्ते कम होता जा रहा है, तो इसके पीछे शरीर की कोई अंदरूनी मेडिकल कंडीशन हो सकती है। इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं:हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism): जब गले में स्थित थायराइड ग्रंधि जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाती है और थायराइड हार्मोन का अधिक उत्पादन करने लगती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म (Metabolism) बहुत तेज हो जाता है। इसके कारण शरीर बहुत तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है और वजन घटने लगता है।अनकंट्रोल्ड या टाइप 1 डायबिटीज: शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी या इसके ठीक से काम न करने के कारण ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित हो जाता है। ऐसी स्थिति में शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा (Energy) नहीं मिल पाती, जिसके कारण शरीर ऊर्जा के लिए फैट और मांसपेशियों को गलाना शुरू कर देता है, जिससे वजन तेजी से गिरता है।पाचन तंत्र और पेट से जुड़ी बीमारियां: सीलिएक रोग (Celiac Disease), क्रोहन रोग (Crohn's Disease) या पेट के अन्य अल्सर के कारण शरीर भोजन से पोषक तत्वों को सही तरीके से एब्जॉर्ब (सोख) नहीं पाता है। पोषण की इसी कमी के कारण वजन कम होने लगता है।क्रोनिक इन्फेक्शन (जैसे टीबी): ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) जैसी पुरानी और गंभीर संक्रामक बीमारियां शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को तोड़ देती हैं और भूख को पूरी तरह खत्म कर देती हैं, जिससे तेजी से वजन घटता है।मानसिक तनाव और डिप्रेशन: गंभीर मानसिक तनाव, एंग्जायटी या डिप्रेशन के कारण व्यक्ति की ईटिंग हैबिट्स (खानपान की आदतें) बुरी तरह प्रभावित होती हैं। कई बार लोग अवसाद में खाना-पीना बेहद कम कर देते हैं, जिससे अचानक वेट लॉस होता है।कैंसर की शुरुआती स्टेज: कुछ मामलों में बिना किसी कारण के तेजी से वजन घटना पेट, फेफड़े, अग्न्याशय (Pancreas) या ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का बेहद शुरुआती लक्षण हो सकता है।वजन घटने के साथ दिखने वाले इन 8 खतरनाक लक्षणों को कभी न छिपाएंअकेले वजन का घटना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि आपको यह देखना होगा कि आपके शरीर में इसके साथ और क्या बदलाव आ रहे हैं। अगर वजन कम होने के साथ नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत सावधान हो जाएं:भरपूर आराम करने के बाद भी लगातार अत्यधिक थकान और कमजोरी रहना।अचानक से भूख बहुत ज्यादा बढ़ जाना या भूख पूरी तरह से मर जाना।बिना किसी इंफेक्शन के भी लगातार हल्का या तेज बुखार बने रहना।रात में सोते समय अचानक बहुत तेज पसीना आना (Night Sweats)।बार-बार पेट खराब होना, उल्टी आना या लगातार दस्त (Diarrhea) की शिकायत रहना।खाना निगलने में परेशानी होना या पेट में लगातार दर्द का बने रहना।कई हफ्तों से लगातार खांसी आना या थूक में खून आना।शरीर के किसी भी हिस्से (जैसे गर्दन, बगल या पेट) में किसी अज्ञात गांठ (Lump) का महसूस होना।ऐसी स्थिति में क्या करें और कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?यदि आपको लगता है कि आपका वजन बिना किसी प्रयास के लगातार कम हो रहा है, तो सबसे पहले अपनी दैनिक दिनचर्या, खानपान और पानी पीने की मात्रा का एक रिकॉर्ड रखें। खुद से कोई भी सप्लीमेंट या दवाइयां खाना शुरू न करें। अगर यह गिरावट कुछ हफ्तों तक लगातार जारी रहती है या ऊपर बताए गए लक्षणों में से एक भी लक्षण आपके शरीर में दिखाई देता है, तो बिना एक दिन की भी देरी किए किसी अच्छे फिजिशियन या विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।डॉक्टर आपकी स्थिति को समझने के लिए शुरुआती तौर पर कंपलीट ब्लड काउंट (CBC), थायराइड प्रोफाइल (T3, T4, TSH), फास्टिंग ब्लड शुगर और जरूरत पड़ने पर एक्स-रे या स्कैन लिख सकते हैं। सही समय पर कराई गई जांच से बीमारी का शुरुआती स्टेज में ही पता चल जाता है, जिससे उसका इलाज पूरी तरह संभव और आसान हो जाता है। याद रखें, सजगता ही बेहतर स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:42 pm

35 की उम्र के बाद बेबी प्लानिंग: एक्सपर्ट से जानिए क्या यह पूरी तरह सेफ है और किन बातों का रखना होगा खास ख्याल

नई दिल्ली/हेल्थ डेस्क: आज के बदलते दौर में करियर, लाइफ सेटल करने और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते देर से शादी और 30 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी (Pregnancy) का फैसला लेना एक आम ट्रेंड बन चुका है। हालांकि, मेडिकल साइंस के मुताबिक महिलाओं के लिए 30 साल से पहले कंसीव करना सबसे बेस्ट माना जाता है। ऐसे में जब कोई महिला 35 की उम्र के पार बेबी प्लानिंग का मन बनाती है, तो उसके जहन में कई तरह के सवाल और डर पैदा होने लगते हैं। क्या 35 के बाद मां बनना सुरक्षित है? क्या बच्चे के स्वास्थ्य पर इसका कोई असर पड़ेगा? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस उम्र में प्रेगनेंसी को 'एडवांस्ड मैटरनल एज' (Advanced Maternal Age) कहा जाता है। इसमें कुछ चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन सही प्लानिंग और डॉक्टरी सलाह से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देना पूरी तरह मुमकिन है।क्या कहती हैं एक्सपर्ट? 35 के बाद प्रेगनेंसी कितनी सुरक्षित?दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल की कंसलटेंट प्रेगनेंसी स्पेशलिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. प्रज्ञा कंसल के मुताबिक, बहुत सी महिलाओं के मन में यह डर रहता है कि 35 साल के बाद मां बनना सेफ है या नहीं। एक्सपर्ट का कहना है:हां, यह बिल्कुल सुरक्षित हो सकता है। आज के समय में भी इस उम्र में बहुत सी महिलाओं की प्रेगनेंसी बेहद नॉर्मल और अच्छी रहती है और वे पूरी तरह स्वस्थ बच्चे को जन्म देती हैं। बस अंतर सिर्फ इतना आता है कि 35 साल के बाद हम प्रेगनेंसी को थोड़ा ज्यादा बारीकी और ध्यान से मॉनिटर करते हैं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि कोई समस्या होगी ही, बल्कि इसका उद्देश्य मां और आने वाले बच्चे दोनों को अतिरिक्त सुरक्षा देना होता है।उम्र बढ़ने के साथ शरीर में क्या आते हैं बदलाव? जानिए क्या हैं रिस्क फैक्टर्सएक्सपर्ट्स के मुताबिक, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं के शरीर में अंडों (Eggs) की क्वालिटी और संख्या धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसी वजह से 35 की उम्र के बाद कंसीव करने (गर्भधारण) में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है। इसके अलावा, इस उम्र में प्रेगनेंट होने पर कुछ मेडिकल रिस्क भी थोड़े बढ़ जाते हैं:जेस्टेशनल डायबिटीज और हाई बीपी: प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है।मिसकैरेज और प्रीमेच्योर डिलीवरी: छोटी उम्र की तुलना में गर्भपात होने या समय से पहले (नौ महीने से पहले) बच्चे के जन्म की संभावना थोड़ी अधिक होती है।जेनेटिक समस्याएं: बच्चे में डाउन सिंड्रोम जैसी कुछ जेनेटिक या क्रोमोसोमल विसंगतियों का रिस्क पहले के मुकाबले बढ़ जाता है।सबसे पहला और जरूरी कदम: प्री-प्रेगनेंसी हेल्थ चेकअपडॉ. प्रज्ञा कंसल का मानना है कि इस उम्र में अचानक कंसीव करने के बजाय एक प्रॉपर प्लानिंग के तहत आगे बढ़ना चाहिए। जब भी आप बेबी प्लान करने का सोचें, तो कोशिश शुरू करने से पहले ही अपनी गायनेकोलॉजिस्ट से मिलकर 'प्री-प्रेगनेंसी चेकअप' (Pre-Pregnancy Checkup) जरूर करवा लें।इस चेकअप के दौरान डॉक्टर आपकी ओवरऑल हेल्थ, आपकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री, ली जा रही रूटीन दवाइयां और आपके जरूरी वैक्सीनेशन (टीकाकरण) की जांच करते हैं। इसके साथ ही, अगर आपको शुगर, बीपी या थायराइड जैसी कोई समस्या है, तो उसे प्रेगनेंसी से पहले ही दवाओं के जरिए कंट्रोल में लाया जाता है ताकि गर्भधारण के बाद कोई जटिलता न आए।कंसीव करने की कोशिश से पहले ही शुरू कर दें यह जरूरी दवाडॉक्टरों के मुताबिक, यदि आप 35 के बाद बेबी प्लान कर रही हैं, तो प्रेगनेंसी कंसीव करने की कोशिश शुरू करने से कम से कम एक से दो महीने पहले से ही फोलिक एसिड (Folic Acid) की गोलियां लेना शुरू कर देना चाहिए। फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में होने वाले जन्मजात दोषों (Neural Tube Defects) का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।एक सुरक्षित और सुखद प्रेगनेंसी के लिए एक्सपर्ट के 5 गोल्डन टिप्सअगर आप 35 की उम्र पार कर चुकी हैं और मां बनने की राह पर हैं, तो अपनी जीवनशैली में इन बदलावों को तुरंत शामिल करें:पोषक तत्वों से भरपूर डाइट: अपने भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें और डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करें। बाहरी जंक फूड और एक्स्ट्रा शुगर से पूरी तरह दूरी बना लें।शारीरिक रूप से एक्टिव रहें: डॉक्टर की सलाह के अनुसार रोजाना हल्की वॉक, प्रेगनेंसी योग या हल्की एक्सरसाइज जरूर करें। इससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ती है और शरीर लचीला रहता है।वजन को नियंत्रित रखें: प्रेगनेंसी से पहले और उसके दौरान अपने बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के अनुसार वजन को संतुलित रखना बेहद जरूरी है।बुरी आदतों को कहें अलविदा: सिगरेट, शराब या किसी भी तरह के नशीले पदार्थों के सेवन से पूरी तरह दूर रहें। यहां तक कि चाय और कॉफी (कैफीन) का सेवन भी बेहद सीमित कर दें।नियमित डॉक्टर विजिट: डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर सभी अल्ट्रासाउंड, जेनेटिक स्क्रीनिंग टेस्ट और ब्लड टेस्ट समय पर करवाएं और बिना उनकी सलाह के कोई भी घरेलू नुस्खा या दवा न आजमाएं।अंततः, सही और एडवांस प्लानिंग, समय पर उचित डॉक्टरी जांच और एक सकारात्मक सोच के साथ 35 या उसके बाद की उम्र में भी प्रेगनेंसी के इस खूबसूरत सफर को पूरी तरह सुरक्षित और यादगार बनाया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:39 pm

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर पर टिकी केंद्रीय कर्मचारियों की नजर, जानिए 2, 2.5 और 3 का गुणांक लागू होने पर कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी और HRA

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता चरम पर है। सरकार द्वारा आयोग के गठन की घोषणा के बाद अब सबसे बड़ा कौतूहल 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) को लेकर बना हुआ है। फिटमेंट फैक्टर ही वह मुख्य फॉर्मूला या आधार होगा, जिसके जरिए केंद्रीय कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी (मूल वेतन) और भविष्य के सभी भत्ते तय किए जाएंगे। फिटमेंट फैक्टर का आंकड़ा जितना ऊंचा होगा, कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और उनका हाउस रेंट अलाउंस (HRA) भी उसी अनुपात में छलांग लगाएगा। हालांकि, सरकार की तरफ से अभी फिटमेंट फैक्टर की अंतिम दर पर मुहर लगना बाकी है।आखिर क्या होता है फिटमेंट फैक्टर? आसान भाषा में समझिए इसका गणितफिटमेंट फैक्टर असल में एक 'गुणक' (Multiplier) की तरह काम करता है। सातवें वेतन आयोग के तहत मिल रही मौजूदा बेसिक सैलरी को इसी तय गुणक से गुणा (Multiply) करके नए वेतन आयोग की बेसिक सैलरी निकाली जाती है।उदाहरण के लिए: यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन 20,000 रुपये है और आगामी वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.50 तय किया जाता है, तो उसकी नई बेसिक सैलरी बढ़कर सीधी 50,000 रुपये ($20,000 imes 2.5$) हो जाएगी। यह नई बढ़ी हुई बेसिक सैलरी ही आगे चलकर आपके महंगाई भत्ते (DA), एचआरए (HRA) और प्रोविडेंट फंड (PF) की गणना का नया बेस बनती है।2, 2.5 और 3 के फिटमेंट फैक्टर का पूरा गुणा-भागविशेषज्ञों और कर्मचारी संगठनों के आकलन के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर के अलग-अलग पैमानों पर सैलरी में होने वाला बदलाव कुछ इस प्रकार दिखेगा:यदि फिटमेंट फैक्टर 2 तय हुआ: इस स्थिति में कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी सीधे दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, कर्मचारी संगठन इसे कम मान रहे हैं।यदि फिटमेंट फैक्टर 2.5 तय हुआ: मध्यम मार्ग के तहत अगर यह फैक्टर 2.5 लागू होता है, तो सैलरी में एक सम्मानजनक और बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। अधिकांश एक्सपर्ट्स इसी दायरे की उम्मीद जता रहे हैं।यदि फिटमेंट फैक्टर 3 तय हुआ: यदि सरकार कर्मचारियों की मांग मानकर इसे 3 तय करती है, तो पे-मैट्रिक्स के लेवल-1 से लेकर लेवल-13 तक के सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और एचआरए में बंपर ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।बेसिक सैलरी के साथ HRA में भी होगा बंपर इजाफाफिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सबसे बड़ा लॉटरी इफेक्ट कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर पड़ता है। चूंकि एचआरए का निर्धारण शहर की कैटेगरी (X, Y और Z) के हिसाब से क्रमशः 27%, 18% और 9% की दर से बेसिक सैलरी के ऊपर ही कैलकुलेट किया जाता है, इसलिए जैसे ही फिटमेंट फैक्टर के कारण बेसिक सैलरी का ग्राफ ऊपर जाएगा, वैसे ही मिलने वाली एचआरए की रकम भी अपने आप कई गुना बढ़ जाएगी। यही वजह है कि देश के तमाम केंद्रीय कर्मचारी संगठन सरकार पर ज्यादा से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर रखने का दबाव बना रहे हैं, ताकि उनकी कुल मासिक आय में उल्लेखनीय सुधार हो सके।गठन की घोषणा के बाद अब फाइनल नोटिफिकेशन का इंतजारकेंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी दे दी है, लेकिन इसके सदस्यों की आधिकारिक नियुक्ति, कार्यक्षेत्र (Terms of Reference) और फिटमेंट फैक्टर के अंतिम फॉर्मूले पर कैबिनेट की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। कर्मचारी यूनियनों की पुरजोर मांग है कि महंगाई के इस दौर को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 2.5 से 3 के बीच ही रखा जाए। फिलहाल, देश के करीब 48 लाख से अधिक सेवारत कर्मचारियों और 67 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों की नजरें अब आयोग की आने वाली सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:33 pm

EPFO 3.0 के बीच बड़ा सवाल: क्या नौकरी के दौरान निकाल सकते हैं PF का 100% पैसा? जानिए ईपीएफओ के कड़े नियम

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) देश के करोड़ों नौकरीपेशा (Salaried) लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का सबसे भरोसेमंद और बड़ा जरिया है। इस फंड में कर्मचारी की बेसिक सैलरी का एक हिस्सा और उतना ही योगदान नियोक्ता (Company) की तरफ से जमा होता है, जिस पर सरकार हर साल आकर्षक ब्याज भी देती है। हाल ही में 'EPFO 3.0' के अपग्रेडेशन और डिजिटल सेवाओं में सुधार की चर्चाओं के बीच, कई कर्मचारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे अपनी किसी भी जरूरत पर जब चाहें अपने पीएफ खाते का 100 फीसदी (पूरा) पैसा निकाल सकते हैं?इसका सीधा और साफ जवाब है—'बिल्कुल नहीं'। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सख्त नियमों के मुताबिक, नौकरी में रहते हुए आपको अपने पीएफ खाते से पूरी रकम निकालने की अनुमति कतई नहीं दी जाती है। 100% निकासी केवल कुछ बेहद विशेष और अनिवार्य परिस्थितियों में ही संभव है।इन 2 खास परिस्थितियों में ही निकाल सकते हैं पीएफ का पूरा पैसामौजूदा ईपीएफओ गाइडलाइंस के अनुसार, कोई भी खाताधारक अपने पीएफ का शत-प्रतिशत पैसा केवल नीचे दी गई स्थितियों में ही निकाल (Final Settlement) सकता है:रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने पर: जब कर्मचारी अपनी नौकरी के बाद 58 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, तो वह अपने ईपीएफ खाते में जमा पूरी राशि (कर्मचारी + नियोक्ता का हिस्सा + ब्याज) निकालने के लिए पूरी तरह पात्र हो जाता है।नौकरी छूटने या बेरोजगारी की स्थिति में: यदि किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है और वह बेरोजगार हो जाता है, तो वह पूरा फंड निकाल सकता है। हालांकि, इसके लिए भी एक समय सीमा तय है।बेरोजगारी के दौरान पैसे निकालने का क्या है '75:25' का फॉर्मूला?नौकरी छूटने की स्थिति में कर्मचारियों को तुरंत वित्तीय संकट से बचाने के लिए ईपीएफओ ने एक विशेष व्यवस्था की है। नियमों के मुताबिक:1 महीना बेरोजगार रहने पर: नौकरी छूटने के ठीक एक महीने बाद (30 दिन पूरे होने पर) कर्मचारी अपनी कुल पीएफ राशि का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा एडवांस के रूप में निकाल सकता है।2 महीने बेरोजगार रहने पर: यदि कर्मचारी को लगातार दो महीने (60 दिन) या उससे अधिक समय तक कोई नई नौकरी नहीं मिलती है, तो वह अपने खाते में बची हुई शेष 25 फीसदी राशि को भी निकालकर अपना फुल एंड फाइनल सेटलमेंट कर सकता है।नई नौकरी मिलते ही पीएफ निकालना घाटे का सौदा, ट्रांसफर करना है बेस्टअक्सर देखा जाता है कि कई कर्मचारी कंपनी बदलते ही अपनी पुरानी पीएफ राशि को सीधे बैंक खाते में निकाल लेते हैं। ईपीएफओ और वित्तीय विशेषज्ञ ऐसा करने की सख्त मनाही करते हैं। संगठन का कहना है कि नौकरी बदलने पर आपको अपनी पुरानी पीएफ राशि को अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) की मदद से नई कंपनी के पीएफ खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर (Transfer) कर लेना चाहिए।ऐसा करने से आपके पीएफ खाते पर मिलने वाले चक्रवर्धि ब्याज (Compounding Interest) का क्रम नहीं टूटता, आपकी कुल सर्विस हिस्ट्री (सेवा अवधि) लगातार जुड़ी रहती है (जो आगे चलकर पेंशन के लिए जरूरी है) और रिटायरमेंट तक एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो जाता है। बार-बार पीएफ का पैसा निकालने से आपका भविष्य असुरक्षित होता है और यदि सेवा अवधि 5 साल से कम है तो निकाली गई रकम पर भारी टैक्स भी देना पड़ सकता है।एमरॉन्सी में काम आएगी 'आंशिक निकासी' (PF Advance) की सुविधाभले ही नौकरी के दौरान आपको 100% रकम निकालने की इजाजत न हो, लेकिन ईपीएफओ अपने सदस्यों को जीवन की कुछ महत्वपूर्ण और आपातकालीन जरूरतों के लिए आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) यानी पीएफ एडवांस की बेहतरीन सुविधा देता है। आप नीचे दिए गए कार्यों के लिए अपने पीएफ खाते से एक निश्चित सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं:स्वयं या बच्चों की उच्च शिक्षा (Higher Education) और शादी के लिए।नया घर खरीदने, प्लॉट लेने या मकान बनवाने के लिए।होम लोन (Home Loan) की बची हुई ईएमआई को चुकाने के लिए।परिवार में किसी गंभीर बीमारी के इलाज (Medical Emergency) के लिए।ध्यान रहे कि हर एक जरूरत के लिए पीएफ से पैसे निकालने की पात्रता, नौकरी की न्यूनतम समय सीमा और निकासी की अधिकतम लिमिट अलग-अलग तय की गई है।फाइनल सेटलमेंट से पहले जरूर करें सोच-विचारफाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईपीएफ को महज एक सेविंग अकाउंट की तरह नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह आपके बुढ़ापे की लाठी है। इसमें आपके और कंपनी के योगदान के साथ-साथ सालाना मिलने वाला सरकारी ब्याज आपके फंड को तेजी से बढ़ाता है। इसलिए जब तक कोई बेहद गंभीर संकट न हो, पीएफ के पूरे पैसे को निकालने के बजाय उसे खाते में ही बरकरार रहने दें, ताकि रिटायरमेंट के बाद आपकी आर्थिक आजादी और सुरक्षा पूरी मजबूती के साथ बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:32 pm

ITR Filing 2026: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी जारी, 31 जुलाई से पहले निपटा लें काम; जानिए ITR-1 के बड़े बदलाव

नई दिल्ली/बिजनेस डेस्क: देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आयकर रिटर्न (Income Tax Return - ITR) दाखिल करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए ITR-1 (सहज), ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (सुगम) फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटी (Excel Utility) लाइव कर दी है। इसके साथ ही ITR-1 से लेकर ITR-5 तक के सभी जरूरी फॉर्म भी अधिसूचित (Notified) कर दिए गए हैं। इस ऑफलाइन एक्सेल यूटिलिटी की मदद से टैक्सपेयर्स बिना इंटरनेट के भी अपना रिटर्न आराम से तैयार कर सकते हैं और बाद में उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर आसानी से अपलोड कर सकते हैं। ध्यान रहे, आम करदाताओं (Individual Taxpayers) के लिए बिना किसी लेट फीस के ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है।इस बार ITR-1 (सहज) फॉर्म में क्या हुए हैं बड़े बदलाव?आयकर विभाग ने इस साल ITR-1 फॉर्म के ढांचे में कुछ महत्वपूर्ण और टैक्सपेयर्स-फ्रेंडली बदलाव किए हैं, जिन्हें फॉर्म भरने से पहले जान लेना बेहद जरूरी है:दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टी की छूट: अब योग्य टैक्सपेयर्स अपने मालिकाना हक वाली दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड (खुद के रहने वाली) हाउस प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी ITR-1 फॉर्म में ही दे सकते हैं।अनरियलाइज्ड रेंट (Unrealized Rent) का नया कॉलम: अगर आपकी प्रॉपर्टी से ऐसा कोई किराया था जो कानूनी तौर पर आपको मिलना तय था लेकिन किसी वजह से नहीं मिल पाया, तो उस 'अनरियलाइज्ड रेंट' की जानकारी देने के लिए फॉर्म में एक नया और विशेष कॉलम जोड़ दिया गया है।विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स से राहत: फॉर्म से विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स (Foreign Retirement Benefits) की अनिवार्य रिपोर्टिंग के नियम को अब पूरी तरह हटा दिया गया है।ध्यान दें: कौन से लोग नहीं भर सकते ITR-1 फॉर्म?नियमों के मुताबिक, सहज (ITR-1) फॉर्म केवल उन लोगों के लिए है जिनकी आय सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य स्रोतों (जैसे बैंक ब्याज) से कुल मिलाकर 50 लाख रुपये तक है। अगर आपकी आय के स्रोत नीचे दिए गए कैटेगरी में आते हैं, तो आप ITR-1 का उपयोग नहीं कर सकते:यदि आपकी आय किसी बिजनेस (व्यापार) या प्रोफेशन (जैसे डॉक्टर, वकील आदि) से होती है।यदि आपको शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ हो।यदि आपको वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) हुआ हो।यदि आपको एक से अधिक किराए पर उठी हुई (Let-out) प्रॉपर्टी से रेंटल इनकम हो रही हो।रिटर्न फाइल करने की तैयारी: इन 5 डॉक्यूमेंट्स को जरूर रखें पासआयकर विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि रिटर्न दाखिल करने की जल्दबाजी में कोई भी गलत जानकारी न भरें। लॉग इन करने से पहले अपने पास ये दस्तावेज और जानकारियां पूरी तरह तैयार रखें:Form-16 और वित्तीय विवरण: अपनी कंपनी से मिला फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट और ब्याज प्रमाणपत्र (Interest Certificate)।AIS और Form-26AS का मिलान: अपने ई-फाइलिंग अकाउंट से एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और फॉर्म-26AS डाउनलोड करके अपनी कुल कटी हुई टैक्स (TDS) राशि का मिलान कर लें।प्री-फिल्ड डेटा की री-चेकिंग: पोर्टल पर पहले से दर्ज (Pre-filled) जानकारियां जैसे आपका पैन (PAN), वर्तमान पता, एक्टिव मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और रिफंड पाने के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स को अच्छी तरह री-वेरिफाई कर लें। गलत फॉर्म चुनने या गलत डेटा भरने पर आपका रिटर्न 'डिफेक्टिव' (Defective Return) घोषित हो सकता है।सावधान! बिना ई-वेरिफिकेशन के रद्दी माना जाएगा आपका ITRकई टैक्सपेयर्स रिटर्न अपलोड करने के बाद रिलैक्स हो जाते हैं, जो कि एक बड़ी भूल है। ITR दाखिल करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। जब तक आप अपने रिटर्न को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उसे मान्य नहीं मानता है।अगर आप किसी तकनीकी कारण से ऑनलाइन (आधार ओटीपी या नेट बैंकिंग के जरिए) वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको अपने ITR-V की हस्ताक्षरित (सिग्नेचर की हुई) फिजिकल कॉपी रिटर्न दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर सीपीसी (CPC) बेंगलुरु डाक द्वारा भेजनी होगी।छूटे हुए रिटर्न के लिए ITR-U की सुविधा और लेट फीस का गणितयदि किसी कारणवश आपने पिछले चार असेसमेंट वर्षों का अपना कोई टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो विभाग आपको 'अद्यतन रिटर्न' यानी ITR-U (Updated ITR) के जरिए उसे सुधारने या दोबारा भरने का एक मौका देता है।लेकिन याद रहे, अगर आप इस साल के लिए तय समय सीमा यानी 31 जुलाई 2026 के बाद अपना रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपको 5,000 रुपये तक की भारी लेट फीस (Late Fee under Section 234F) देनी पड़ सकती है, और यदि कोई टैक्स बकाया है, तो उस पर भारी ब्याज भी भुगतना होगा। इसलिए अंतिम दिनों की वेबसाइट क्रैश और हड़बड़ी से बचने के लिए समय रहते अपने सभी दस्तावेजों की जांच कर सही फॉर्म के साथ अपना ITR फाइल कर दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:27 pm

Lock Upp: नेटफ्लिक्स पर शुरू हुआ 'कैदियों' का तहलका; पहले ही दिन 52 साल के राम कपूर से भिड़ीं श्रेया कालरा, मिला करारा जवाब

मुंबई/मनोरंजन डेस्क: ओटीटी (OTT) की दुनिया में एक बार फिर से 'जेल के कैदियों' का हाई-वोल्टेज ड्रामा और तहलका शुरू हो चुका है। नेटफ्लिक्स का सबसे मच-अवेटेड और चर्चित रियलिटी शो ‘लॉक अप’ (Lock Upp) आज यानी 27 जून 2026 से आधिकारिक तौर पर स्ट्रीम होना शुरू हो गया है। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अभी शो का पहला एपिसोड पूरी तरह से दर्शकों के सामने आया भी नहीं है और इसके कंटेस्टेंट्स ने इंटरनेट पर गदर मचाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर शो का एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है, जिसमें पहले ही दिन कंटेस्टेंट्स के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिल रही है।आप 52 साल के हैं और अब तक सीख ही रहे हैं? श्रेया ने राम कपूर पर साधा निशानानेटफ्लिक्स द्वारा जारी किए गए ‘लॉकअप’ के इस लेटेस्ट प्रोमो ने दर्शकों के उत्साह को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। शो के प्रीमियर से ठीक पहले सामने आए इस वीडियो में रियलिटी शो स्टार और मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा सीधे टीवी और बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर राम कपूर से पंगा लेती नजर आ रही हैं। वीडियो में श्रेया, अभिनेता राम कपूर को उनकी बातों के बीच में ही टोकते हुए उनकी जिम्मेदारी और उम्र को लेकर उन पर सीधा निशाना साधती हैं। श्रेया ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा:आपके पास इतना बड़ा प्लेटफॉर्म है, इतने सारे लोग आपको देख रहे हैं राम कपूर। आपको इस बात की जिम्मेदारी लेनी होगी। आप 52 साल के हैं और अभी भी सिर्फ सीख ही रहे हैं? ये मेरे लिए सच में बहुत बड़ा शॉक है!राम कपूर ने मुस्कुराते हुए बंद की बोलती: बोले- 'मैं मरते दम तक बच्चा ही रहना चाहता हूं'श्रेया कालरा के इस तीखे और सीधे वार पर दिग्गज अभिनेता राम कपूर भी चुप नहीं रहे। उन्होंने बिना आपा खोए, बड़े ही कूल और बेबाक अंदाज में श्रेया को ऐसा जवाब दिया जिसने उनकी बोलती बंद कर दी। चेहरे पर अपनी सिग्नेचर मुस्कान लाते हुए राम कपूर ने कहा:मैं उम्मीद करता हूं कि मैं जिंदगी भर सीखता रहूं। मैं चाहता हूं कि जब तक मेरी मौत न हो, तब तक मैं कुछ न कुछ नया सीखता रहूं। मैं मरते दम तक एक बच्चा ही बने रहना चाहता हूं। सो सॉरी मैम, आपकी अपनी सोच है और मेरी अपनी। मैं अपनी जिम्मेदारी बहुत पहले ही ले चुका हूं, और मैंने फ्रंट पेज पर खड़े होकर खुद को ‘गिल्टी’ (दोषी) भी स्वीकार किया है।राम कपूर का यह बेबाक और मैच्योर रवैया सोशल मीडिया पर नेटिज़न्स को बेहद पसंद आ रहा है। फैंस उनके इस 'लर्निंग एटीट्यूड' की जमकर तारीफ कर रहे हैं और श्रेया कालरा को बेवजह का मुद्दा बनाने के लिए ट्रोल भी कर रहे हैं।फराह खान और रितेश देशमुख की 'जेल' में होगी अग्निपरीक्षाइस बार नेटफ्लिक्स के ‘लॉकअप’ का नजारा पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प, खतरनाक और ग्लैमरस होने वाला है। इस सीजन में बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर-कोरियोग्राफर फराह खान और अपनी बेहतरीन कॉमिक व सीरियस टाइमिंग के लिए मशहूर एक्टर रितेश देशमुख बतौर होस्ट नजर आ रहे हैं। शो की इस अनोखी जेल में इतने अलग, बेबाक और अतरंगी कंटेस्टेंट्स को बंद किया गया है कि पहले ही दिन से माहौल पूरी तरह से गर्म हो चुका है। अब देखना यह बेहद दिलचस्प होगा कि फराह और रितेश इस जेल के कैदियों और उनके ईगो को कैसे संभालते हैं और आने वाले दिनों में यह शो विवादों के क्या नए रिकॉर्ड बनाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:12 pm

पेपर लीक के बाद TET परीक्षा रद्द, ओवैसी बोले- सरकार नाकाम; विपक्ष ने खोला मोर्चा

पेपर लीक के बाद TET परीक्षा रद्द होने से महाराष्‍ट्र में हड़कंप मच गया। एक ओर परीक्षा की तैयारियों में जुटे छात्र इस खबर से निराश नजर आए तो दूसरी ओर विपक्ष ने भी इस मामले में सरकार को जमकर घेरा। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने TET परीक्षा में पेपर ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 4:12 pm

रणबीर कपूर संग दोबारा काम करने की खबरों पर राजकुमार हिरानी का बड़ा खुलासा; बताया क्या है सच

मुंबई/मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड के दिग्गज और सुपरहिट फिल्मों के डायरेक्टर राजकुमार हिरानी इन दिनों अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को लेकर काफी चर्चा में हैं। इस कॉमेडी-ड्रामा सीरीज के जरिए वे ओटीटी की दुनिया में अपना बड़ा डेब्यू करने जा रहे हैं, जो जल्द ही डिज्नी+ हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी और इसमें अरशद वारसी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। अपनी इस सीरीज के प्रमोशन के बीच फिल्ममेकर ने उन तमाम कयासों और खबरों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वे सुपरस्टार रणबीर कपूर के साथ एक बार फिर से हाथ मिलाने जा रहे हैं। राजकुमार हिरानी ने इन खबरों को कोरी अफवाह बताते हुए साफ किया कि फिलहाल उनका ऐसा कोई प्लान नहीं है।एक एथलीट की बायोपिक की खबरों को हिरानी ने किया खारिजपिछले काफी समय से मीडिया गलियारों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा जोरों पर थी कि राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर एक स्पोर्ट्स-बायोपिक के लिए साथ आ रहे हैं, जो एक मशहूर एथलीट की जिंदगी पर आधारित होगी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में तो यहां तक दावा कर दिया गया था कि स्क्रिप्ट अधूरी होने और दोनों के बिजी शेड्यूल के कारण इस प्रोजेक्ट को साल 2027 तक के लिए टाल दिया गया है। लेकिन अब खुद डायरेक्टर ने सामने आकर इन सभी दावों की हवा निकाल दी है।'अखबार पढ़कर पता चलता है कि मैं कौन सी फिल्म बना रहा हूं'एक हालिया इंटरव्यू में जब राजकुमार हिरानी से रणबीर कपूर के साथ आगामी प्रोजेक्ट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हंसते हुए कहा:नहीं, यह बिल्कुल सच नहीं है। मैं अभी रणबीर के साथ किसी भी फिल्म पर काम नहीं कर रहा हूं। हालांकि, रणबीर एक बेहतरीन अभिनेता हैं और भविष्य में उनके साथ दोबारा काम करना मुझे बेहद पसंद बशर्ते कोई सही कहानी मिले। कई बार तो मैं खुद सुबह अखबारों और इंटरनेट पर पढ़ता हूं कि मैं कौन-सी नई फिल्म बनाने जा रहा हूं और हैरान होकर सोचता हूं कि आखिर ये खबरें आती कहां से हैं।'संजू' के 8 साल: बॉक्स ऑफिस पर मचाया था भयंकर गदरआपको बता दें कि राजकुमार हिरानी और रणबीर कपूर की जोड़ी ने अब तक सिनेमा के पर्दे पर सिर्फ एक ही बार साथ काम किया है और वह फिल्म थी साल 2018 में आई ब्लॉकबस्टर बायोपिक 'संजू'। 29 जून 2018 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को राजकुमार हिरानी ने निर्देशित किया था, जिसमें रणबीर कपूर ने बॉलीवुड के 'खलनायक' यानी संजय दत्त का किरदार इस शिद्दत से निभाया था कि लोग दंग रह गए थे।बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के आंकड़ों के मुताबिक, महज 100 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'संजू' ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 588 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऐतिहासिक कलेक्शन किया था। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों का भरपूर प्यार मिला था और इसे IMDb पर 7.6 की शानदार रेटिंग हासिल है। अगर आप इस ब्लॉकबस्टर फिल्म को देखना चाहते हैं, तो यह नेटफ्लिक्स पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। फिलहाल रणबीर कपूर अपनी आगामी मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' की तैयारियों में व्यस्त हैं, वहीं फैंस को उम्मीद है कि भविष्य में यह सुपरहिट डायरेक्टर-एक्टर की जोड़ी एक बार फिर कोई बड़ा धमाका करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:09 pm

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही: फोन पर बात कर रही नर्स ने मरीज को लगाया बेहोशी का गलत इंजेक्शन, 11 दिन बाद दर्दनाक मौत

सागर/भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल की कथित घोर लापरवाही के कारण एक मरीज की जान चली गई है। परिजनों का गंभीर आरोप है कि वार्ड में ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन और ब्लूटूथ इयरफोन पर बात करने में मशगूल एक नर्स ने टोकने के बावजूद मरीज को गलत और अत्यधिक खतरनाक इंजेक्शन लगा दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद जहां एक तरफ पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है, वहीं पूरे अस्पताल प्रशासन और प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।छोटी सी गांठ की जांच कराने आए थे देवेंद्र, लापरवाही ने छीन ली जिंदगीमृतक की पहचान सागर निवासी देवेंद्र पाठक के रूप में हुई है। देवेंद्र को बीती 12 जून को गले में एक छोटी सी गांठ की जांच और बायोप्सी (Biopsy) प्रक्रिया के लिए बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ईएनटी (ENT) विभाग में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उनके अगले दिन होने वाले ऑपरेशन और जांच की तैयारी के तहत अस्पताल के मेडिकल स्टोर से 'एट्राक्यूरियम बेसीलेट' ($Atracurium Besylate$) नाम का एक विशेष इंजेक्शन मंगवाकर रखने को कहा था। डॉक्टरों की योजना इस दवा को ऑपरेशन थिएटर (OT) के भीतर इस्तेमाल करने की थी।ब्लूटूथ कान में लगा था, मना करने पर भी नर्स ने दे दी 'हाई-रिस्क' दवादेवेंद्र पाठक की पत्नी रीता पाठक ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात नर्स शिखा पटले के कानों में ब्लूटूथ इयरफोन लगे हुए थे और वह पूरी तरह फोन पर किसी से बातचीत करने में व्यस्त थी। इसी दौरान वह देवेंद्र को इंजेक्शन लगाने के लिए आगे बढ़ी। परिजनों ने जब देखा कि नर्स का ध्यान फोन पर है, तो उन्होंने उसे रोका और बात बंद करने को कहा, लेकिन नर्स ने उनकी बात को पूरी तरह अनसुना कर दिया। फोन पर बात करते-करते ही नर्स ने वह 'एट्राक्यूरियम बेसीलेट' इंजेक्शन देवेंद्र को वार्ड में ही लगा दिया, जिसे अगले दिन एनेस्थीसिया (बेहोशी) के समय दिया जाना था।वेंटिलेटर पर 11 दिनों तक जिंदगी की जंग, आखिरकार थमी सांसेंचिकित्सा विज्ञान में 'एट्राक्यूरियम बेसीलेट' को एक 'हाई-अलर्ट' और बेहद संवेदनशील दवा माना जाता है। इसका मुख्य काम ऑपरेशन के दौरान मरीज की मांसपेशियों को पूरी तरह शिथिल (पैरालाइज) करना होता है। इसे केवल एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की सीधी निगरानी और वेंटिलेटर सपोर्ट की मौजूदगी में ही दिया जाता है।बिना डॉक्टर की लिखित अनुमति और बिना किसी डबल-चेकिंग के जैसे ही यह दवा देवेंद्र के शरीर में गई, महज कुछ ही सेकंड में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें सांस लेने में भयंकर तकलीफ होने लगी और वे तड़पने लगे। डॉक्टरों को जब इसकी भनक लगी तो आनन-फानन में उन्हें बचाने का प्रयास शुरू हुआ। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक लगातार सीपीआर (CPR) दिया, लेकिन हालत में सुधार न होते देख उन्हें तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर ले जाया गया। देवेंद्र करीब 11 दिनों तक वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे, लेकिन आखिरकार 23 जून की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया।आरोपी नर्स निलंबित, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सिस्टम पर उठाए 5 बड़े सवालमामला तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआती आंतरिक जांच के बाद आरोपी नर्स शिखा पटले को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने भी इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए उच्च अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।हालांकि, इस घटना ने अस्पताल की पूरी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इसे सिर्फ एक नर्स की व्यक्तिगत गलती कहकर दबाया नहीं जा सकता। इसके पीछे पूरे मेडिकल कॉलेज के सिस्टम की नाकामी साफ दिखती है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करती है:इतनी संवेदनशील और हाई-अलर्ट श्रेणी की दवा बिना डॉक्टर या फार्मासिस्ट की मंजूरी के जनरल वार्ड तक कैसे पहुंच गई?अस्पताल के भीतर 'हाई-रिस्क' दवाओं के रख-रखाव और इस्तेमाल के लिए तय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया?क्या वार्ड में मरीजों को दवा देने से पहले उसकी 'डबल-चेक' (दो बार मिलान करने) की कोई व्यवस्था लागू नहीं थी?अगर दवा के नाम या इस्तेमाल को लेकर नर्स के मन में कोई संदेह था, तो उसने ऑन-ड्यूटी डॉक्टर से इसकी पुष्टि क्यों नहीं की?फिलहाल, सागर पुलिस और मेडिकल कॉलेज प्रशासन दोनों ही अपने-अपने स्तर पर इस पूरे मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट और मेडिकल बोर्ड की जांच के आधार पर आरोपी नर्स व प्रबंधन के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:07 pm

शाह का मास्टरस्ट्रोक: गांधीनगर से 'भारत टैक्सी' लॉन्च, निजी कंपनियों के शोषण से बचेंगे 7 लाख ड्राइवर

गांधीनगर/बिजनेस डेस्क: देश के सहकारिता आंदोलन को एक नई ऊंचाई देते हुए केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के गांधीनगर में देश की पहली सहकारी मॉडल पर आधारित अनूठी टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ (Bharat Taxi) को औपचारिक रूप से लॉन्च कर दिया। इस क्रांतिकारी पहल की शुरुआत करते हुए उन्होंने साफ कहा कि सरकार के इस कदम का सीधा मकसद निजी कैब कंपनियों के हाथों ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों को शोषण से बचाना है। यह मॉडल ड्राइवरों को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और अपने काम का असली मालिकाना हक दिलाएगा।ड्राइवर नहीं 'सारथी' हैं मालिक, 7 लाख पार्टनर्स बने शेयरहोल्डर्सकेंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ‘भारत टैक्सी’ को लॉन्च करने के पीछे मुख्य विजन यही है कि सेवा देने वाले ‘सारथी’ (ड्राइवर) और सेवा लेने वाले ग्राहक, दोनों में से किसी का भी नुकसान न हो। उन्होंने निजी कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा:अब हमारे भाइयों को किसी प्राइवेट ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराकर उनके रहमो-करम पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। यह सहकारी ढांचा सीधे ड्राइवरों को कंपनी का मालिकाना हक सौंपता है। मुझे गर्व है कि ‘भारत टैक्सी’ से जुड़े करीब 7 लाख पार्टनर ही इसके असली मालिक और शेयरधारक (Shareholders) हैं। यह मालिकाना हक सिर्फ एक आर्थिक हिस्सेदारी नहीं है, बल्कि यह हमारे सारथियों के लिए सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि की फुल गारंटी है।गुजरात के सभी प्रमुख शहरों में सेवा शुरू, ऑटो से लेकर फोर-व्हीलर तक के विकल्पअमित शाह ने बताया कि देश के कई हिस्सों में इस सेवा का बेहद सफल ट्रायल किया जा चुका है और अब गुजरात में इसकी कमर्शियल और औपचारिक शुरुआत कर दी गई है। आज से ही गुजरात राज्य के सभी प्रमुख शहरों में ‘भारत टैक्सी’ की गाड़ियां सड़कों पर दौड़ने लगेंगी। इस नई सहकारी टैक्सी सेवा के तहत आम जनता को टू-व्हीलर टैक्सी (बाइक राइड), ऑटो-रिक्शा और फोर-व्हीलर कैब (एसयूवी/सेडान) जैसे सभी बड़े विकल्प एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे।मौजूदा ऐप-आधारित बड़ी टैक्सी कंपनियों की मनमानी पर बोलते हुए सहकारिता मंत्री ने आरोप लगाया कि वे कंपनियों के नाम पर ड्राइवरों से भारी कमीशन वसूलती हैं, उनकी मेहनत की कमाई के भुगतान में बेवजह देरी करती हैं और बिना किसी ठोस कारण के अचानक ड्राइवरों के अकाउंट ब्लॉक कर देती हैं। ऐसी स्थिति में ‘भारत टैक्सी’ यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए एक पारदर्शी और मजबूत राष्ट्रीय विकल्प बनकर उभरेगी।अमूल की तर्ज पर ट्रांसपोर्ट सेक्टर में क्रांति, एयरपोर्ट से लेकर मेट्रो तक हुए MoUअमित शाह ने गुजरात के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए डेयरी सेक्टर में 'अमूल कोऑपरेटिव' (Amul) की वैश्विक सफलता का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमूल ने पशुपालकों की तकदीर बदली, उसी तरह भारत टैक्सी देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर की सूरत बदलने जा रही है।इस सेवा को बिना किसी रुकावट के पूरी ताकत से जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने पहले ही दिन कई बड़े संगठनों के साथ समझौते (MoU) साइन किए हैं। इसके तहत गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (GMRC), अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC), गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, राज्य ट्रैफिक पुलिस समेत प्रमुख एयरपोर्ट्स और रेलवे अथॉरिटी के साथ रणनीतिक भागीदारी की गई है, ताकि यात्रियों को बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों से सीधे और सुरक्षित कनेक्टिविटी मिल सके।ड्राइवरों की बढ़ेगी बचत और यात्रियों को मिलेगा सबसे सस्ता सफरइस सहकारी पहल से ड्राइवरों की शुद्ध आय में बड़ा इजाफा होगा क्योंकि उन्हें किसी निजी कंपनी को भारी-भरकम कमीशन नहीं देना होगा। इसके साथ ही सरकार उन्हें बेहतर सामाजिक सुरक्षा और बीमा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। दूसरी तरफ, यात्रियों को भी बिना किसी हिडन चार्ज (छिपे हुए शुल्क) या पीक-आवर सर्च प्राइसिंग के पूरी तरह से पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट सर्विस मिलेगी। ‘भारत टैक्सी’ को देश के सहकारिता-आधारित ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक गेम-चेंजर प्रयोग के तौर पर देखा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 4:05 pm

तिरुपति मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन होगा हाईटेक, ICAI तैयार करेगा पारदर्शी और सुरक्षित सिस्टम

आईसीएआई के अध्यक्ष सीए प्रसन्ना कुमार डी. ने इस परियोजना की पुष्टि करते हुए बताया कि विशेषज्ञों की एक टीम पहले लगभग 100 दिनों तक मंदिर की वर्तमान व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन करेगी।

देशबन्धु 27 Jun 2026 3:46 pm

DU UG Admission 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन दाखिले की रेस शुरू, सिर्फ CUET स्कोर नहीं; 12वीं के सब्जेक्ट भी तय करेंगे आपकी सीट

नई दिल्ली/शिक्षा डेस्क: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सों में एडमिशन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। इस बार भी दाखिला पूरी तरह से CUET UG 2026 के स्कोर के आधार पर ही होगा, लेकिन छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि सिर्फ अच्छे नंबर लाना ही काफी नहीं है। डीयू के कड़े नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार जिस विषय में ग्रेजुएशन करना चाहता है, वह विषय उसने 12वीं कक्षा में पढ़ा और पास किया होना अनिवार्य है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की यह पूरी दाखिला प्रक्रिया 'समान सीट आवंटन प्रणाली' यानी CSAS पोर्टल के जरिए तीन अलग-अलग चरणों में ऑनलाइन पूरी की जाएगी।तीन चरणों में समझें दिल्ली यूनिवर्सिटी का पूरा एडमिशन प्रोसेसदिल्ली विश्वविद्यालय में सीट पाने के लिए छात्रों को तीन अनिवार्य चरणों से गुजरना होगा, जो इस प्रकार हैं:पहला चरण (रजिस्ट्रेशन): सबसे पहले छात्रों को डीयू के आधिकारिक CSAS पोर्टल पर जाकर अपना बेसिक रजिस्ट्रेशन करना होगा।दूसरा चरण (प्रेफरेंस फिलिंग): इस चरण में उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्सों की प्राथमिकता सूची (Preference List) ऑनलाइन भरनी होगी।तीसरा चरण (सीट अलॉटमेंट): अंत में, छात्र के CUET स्कोर और उसकी चुनी गई प्राथमिकताओं के आधार पर कंप्यूटर द्वारा ऑटोमैटिक सीट अलॉट की जाएगी।'सब्जेक्ट मैपिंग' है सबसे जरूरी, एक गलती से रद्द हो सकती है दावेदारीएडमिशन के दूसरे चरण में सबसे महत्वपूर्ण काम 'विषय मिलान' (Subject Mapping) का होगा। इसके तहत विश्वविद्यालय यह जांच करेगा कि छात्र ने CUET परीक्षा में जिन विषयों को चुना है, क्या वे उसके 12वीं के रिपोर्ट कार्ड से मेल खाते हैं या नहीं। इसी सब्जेक्ट मैपिंग के आधार पर सॉफ्टवेयर खुद तय करेगा कि छात्र किस-किस कोर्स के लिए योग्य (Eligible) है और उसकी फाइनल मेरिट लिस्ट कैसे तैयार होगी। नियमों में विसंगति होने पर आवेदन रिजेक्ट भी किया जा सकता है।72 हजार रेगुलर सीटें, स्पोर्ट्स और ECA कोटे से मिलेगा एक्स्ट्रा मौकादिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों में करीब 72,000 नियमित (Regular) सीटें हैं। इसके अलावा, खेलकूद (Sports Quota), पाठ्येतर गतिविधियां (ECA) और अन्य सुपरन्यूमरेरी कोटे के तहत भी हजारों सीटों पर एडमिशन का मौका मिलेगा। इन सभी अतिरिक्त और आरक्षित सीटों को मिलाकर डीयू में कुल सीटों का आंकड़ा लगभग 85,000 तक पहुंच जाता है, जिससे कट-ऑफ की रेस में पिछड़े छात्रों को भी एक बड़ा बैकअप मिल जाता है।CSAS पोर्टल पर ऐसे करें पहले चरण का रजिस्ट्रेशनआवेदन करने के लिए छात्रों को CSAS पोर्टल पर जाना होगा और अपने CUET UG 2026 के एप्लिकेशन नंबर की मदद से लॉग इन करना होगा। लॉग इन करते ही छात्र का नाम, जन्मतिथि, फोटो और सिग्नेचर जैसी जरूरी जानकारियां CUET के डेटाबेस से अपने आप (Auto-fetch) ले ली जाएंगी। ध्यान रहे कि इस डेटा में बाद में कोई बदलाव या सुधार नहीं किया जा सकेगा। सभी आवश्यक विवरणों को री-चेक करने के बाद निर्धारित फीस का भुगतान करके फॉर्म सबमिट करना होगा।जनरल से लेकर रिजर्व कैटेगरी तक, जानिए कितनी है आवेदन फीसडीयू ने अलग-अलग वर्गों और विशेष कोर्सों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क का निर्धारण इस प्रकार किया है:कैटेगरी / कोर्स का प्रकारनिर्धारित आवेदन शुल्क (रुपये में)सामान्य, ओबीसी (OBC-NCL) और ईडब्ल्यूएस (EWS)₹250एससी (SC), एसटी (ST) और PwBD वर्ग₹100विशेष कोर्स (BFA, B.Sc PE, BA Hons Music आदि)₹400 (अतिरिक्त)स्पोर्ट्स या ECA कोटा (प्रति कोटा)₹100 (अतिरिक्त)1 अगस्त से घंटी बजेगी, समय पर शुरू होगा नया कॉलेज सेशनशेड्यूल के मुताबिक, सीट अलॉट होने के बाद छात्रों को ऑनलाइन ही डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा और निर्धारित समय के भीतर कॉलेज की फीस जमा कर अपना एडमिशन लॉक करना होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस साल का नया एजुकेशनल सेशन 1 अगस्त 2026 से शुरू करने की पूरी तैयारी है। एक्सपर्ट्स ने छात्रों को सलाह दी है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा करें और अपनी कॉलेज प्रेफरेंस लिस्ट बहुत सोच-समझकर तैयार करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 3:34 pm

RD Burman birth anniversary: सुरों के वो 'जादूगर' जिन्होंने कंचे खेलने की उम्र में बनाई थी पहली धुन, एक्टिंग में भी मनवाया लोहा

मुंबई/मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड के इतिहास में कई ऐसे फनकार हुए हैं जिन्हें किसी एक विधा या दायरे में समेट कर नहीं रखा जा सकता। चाहे वो किशोर कुमार की हरफनमौला गायकी हो या गुलजार की मखमली कलम। लेकिन इसी सुनहरे दौर में एक ऐसा संगीतकार भी आया, जिसने न सिर्फ अपने पिता की महान विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि भारतीय संगीत की परिभाषा को ही हमेशा के लिए बदल दिया। हम बात कर रहे हैं संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह आर डी बर्मन की, जिन्हें दुनिया बेहद प्यार से 'पंचम दा' कहती है। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के खास मौके पर आइए जानते हैं कि महज 9 साल की उम्र से शुरू हुआ उनका यह संगीतमय सफर कैसे चार दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करता रहा।सिर्फ 9 साल की उम्र में कंपोज कर दिया था पहला गानाआर डी बर्मन का जन्म दिग्गज संगीतकार एस डी बर्मन के घर हुआ था, इसलिए संगीत उनके खून में दौड़ रहा था। लेकिन पंचम दा की प्रतिभा बचपन से ही हैरान करने वाली थी। जिस उम्र में बच्चे कंचे और खिलौनों से खेलते हैं, उस उम्र में महज 9 साल के आर डी बर्मन ने एक धुन तैयार कर डाली थी। उनकी इस कमाल की धुन को बाद में फिल्म में गाने के तौर पर इस्तेमाल भी किया गया। यानी सिंगल डिजिट की उम्र में ही उन्होंने साबित कर दिया था कि वो लंबी रेस के घोड़े हैं।300 से ज्यादा फिल्मों में बिखेरा जादू, राजेश-किशोर के साथ बनाई 'अमर तिकड़ी'अगर 1970 के दशक को हिंदी सिनेमा और संगीत का स्वर्ण युग कहा जाता है, तो इसके पीछे पंचम दा का ही दिमाग था। उस दौर में सुपरस्टार राजेश खन्ना, गायक किशोर कुमार और संगीतकार आर डी बर्मन की तिकड़ी ने कामयाबी के ऐसे नए रिकॉर्ड बनाए जिनकी गूंज आज भी सुनाई देती है। पंचम दा ने अपने करियर में 331 फिल्मों में यादगार संगीत दिया। इनमें 'शोले', 'तीसरी मंजिल', 'पडोशन', 'अमर प्रेम', 'कटी पतंग', 'हरे रामा हरे कृष्णा', 'यादों की बारात', 'आंधी', 'गोलमाल', 'सत्ते पे सत्ता', 'मासूम' और उनकी आखिरी फिल्म '1942 अ लव स्टोरी' जैसे कई कल्ट नाम शामिल हैं।सिर्फ धुनें ही नहीं बनाईं, अपनी कशिश भरी आवाज से भी जीता दिलआर डी बर्मन सिर्फ बेहतरीन धुनें बनाने वाले उस्ताद नहीं थे, बल्कि उनकी अनूठी और दमदार आवाज का भी एक अलग ही दीवानापन था। उन्होंने गाने में जिस तरह की तकनीकों और 'रफ वॉइस' का इस्तेमाल किया, उसने सबको चौंका दिया। फिल्म 'अपना देश' का मशहूर गाना ‘दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है’ हो या फिर फिल्म 'शोले' का कल्ट गाना ‘महबूबा महबूबा’, पंचम दा ने अपनी गायकी से इन गानों को हमेशा-हमेशा के लिए अमर बना दिया। इसके अलावा 'धन्नो की आंखों में' और 'तुम क्या जानों मोहब्बत क्या है' जैसे गीतों में भी उनका अनोखा अंदाज देखने को मिला।जब संगीत छोड़ महमूद के साथ 'भूत बंगला' में करने लगे एक्टिंगपंचम दा की कला सिर्फ संगीत और गायकी तक ही सीमित नहीं थी। उनके अंदर का कलाकार उन्हें कैमरे के पीछे से खींचकर कैमरे के सामने भी ले आया। करीब सात दशक पहले मशहूर कॉमेडियन महमूद ने भारत की पहली हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' बनाई थी। इस फिल्म का निर्देशन भी खुद महमूद ने ही किया था। इस फिल्म में पंचम दा ने एक मजेदार कैमियो किया था। फिल्म में महमूद और पंचम दा की कॉमिक टाइमिंग और केमिस्ट्री इतनी शानदार थी कि दर्शकों ने थिएटर में हंसते-हंसते पेट पकड़ लिया था। बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही इस फिल्म से उन्होंने साबित कर दिया कि वो एक पैदाइशी एंटरटेनर थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 3:31 pm

पिछले 147 साल का रिकॉर्ड टूटा, 'हीट-डोम' से दहला फ्रांस; पेरिस में पारा 44 पार, रेड अलर्ट जारी

पेरिस/इंटरनेशनल डेस्क: यूरोप का खूबसूरत देश फ्रांस इस समय एक भीषण और अप्रत्याशित 'हीट इमरजेंसी' (गर्मी के आपातकाल) का सामना कर रहा है। राजधानी पेरिस सहित पूरे देश में गर्मी ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है, जिसने पिछले 147 वर्षों (1872-2019) का इतिहास बदल कर रख दिया है। इस हफ्ते पेरिस की सड़कों पर 40C से अधिक तापमान वाले इतने दिन दर्ज किए गए हैं, जितने पिछले डेढ़ सौ साल में कभी नहीं देखे गए। हालात इतने बदतर हैं कि पिस्सॉस में पारा 44.3C तक जा पहुंचा है, जबकि पूरे फ्रांस का राष्ट्रीय औसत तापमान 29.8C रिकॉर्ड हुआ है। मौसम विभाग ने देश के आधे से ज्यादा हिस्से में 'रेड हीट अलर्ट' जारी कर दिया है। इस जानलेवा गर्मी के कारण अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं नदियों और झीलों में राहत तलाशने के चक्कर में डूबने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं।फ्रांस अचानक 'हीट-चैंबर' क्यों बन गया? जानिए इसके पीछे का विज्ञानफ्रांस में अचानक आई इस भयंकर तबाही के पीछे सबसे बड़ा कारण 'हीट डोम' (Heat Dome) को माना जा रहा है। मौसम विज्ञान की भाषा में कहें तो यह एक 'हाई-प्रेशर ब्लॉकिंग सिस्टम' है। जब वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर एक बेहद मजबूत हाई प्रेशर जोन बनता है, तो वह आसमान में एक विशाल 'ढक्कन' की तरह काम करने लगता है। यह ढक्कन गर्म हवा को एक ही दायरे में कैद कर लेता है और उसे बाहर नहीं निकलने देता। यह रुकी हुई गर्म हवा नीचे की ओर दबती है और जैसे-जैसे नीचे आती है, इसका घनत्व बढ़ने से यह और ज्यादा खौलने लगती है। फ्रांस के ऊपर यह डोम पिछले कई दिनों से लगातार टिका हुआ है, जिसके कारण तापमान हर दिन नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है।यूरोप में भारत से ज्यादा खतरनाक क्यों महसूस हो रही है यह गर्मी?आम तौर पर 40C से 44C का तापमान भारतीयों के लिए नया नहीं है, लेकिन यूरोप के लोगों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है। इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हैं:यूरोपीय घरों की खास बनावट: भारत के विपरीत, यूरोपीय देशों में घर मोटी दीवारों और तगड़े इन्सुलेशन वाले बनाए जाते हैं। यह तकनीक सर्दियों में तो घर को गर्म रखने में मदद करती है, लेकिन गर्मियों में यह अभिशाप बन जाती है क्योंकि अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती। यहां भारतीय घरों की तरह क्रॉस-वेंटिलेशन (प्राकृतिक हवा का आना-जाना) भी बहुत कम होता है।AC की भारी कमी: ठंडे मौसम के आदी होने के कारण यूरोप के आम घरों और सार्वजनिक जगहों पर एयर कंडीशनिंग (AC) की व्यवस्था नहीं होती है। ऐसे में अचानक आई इस भीषण गर्मी से बचने का लोगों के पास कोई जरिया नहीं बचा है।अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट: पेरिस जैसे बड़े शहरों में कंक्रीट की इमारतें और डामर की सड़कें दिनभर सूरज की तपिश को सोखती हैं और रात के समय उसे वापस छोड़ती हैं, जिससे रात में भी राहत नहीं मिलती।अत्यधिक उमस (Humidity): भारी तापमान के साथ उमस बढ़ जाने के कारण शरीर का पसीना सूख नहीं पाता, जिससे बॉडी का नेचुरल कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है।ग्लोबल वार्मिंग का साइड इफेक्ट: अब सामान्य होती जा रही हैं 'ट्रॉपिकल नाइट्स''वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन' (WWA) के वैज्ञानिकों के एक हालिया अध्ययन ने दुनिया को चौंका दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फ्रांस में आज जो स्थिति है, वैसी भीषण गर्मी साल 1976 में आना लगभग असंभव था। अगर उस दौर में ऐसी कोई हीटवेव आती भी, तो उसका तापमान आज की तुलना में करीब 3.5 डिग्री सेल्सियस कम होता। इसका सीधा मतलब है कि मानव-जनित जलवायु परिवर्तन ने इस गर्मी की मार को कई गुना बढ़ा दिया है।एक्सपर्ट्स के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता 'ट्रॉपिकल नाइट्स' (उष्णकटिबंधीय रातें) बन गई हैं। ये ऐसी रातें होती हैं जब सूरज डूबने के बाद भी तापमान नीचे नहीं गिरता और रातें भी बेहद गर्म बनी रहती हैं। दिन में झुलसाने वाली धूप और रात में भी भारी गर्मी के कारण मानव शरीर को खुद को ठंडा करने और आराम पाने का मौका नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि लोगों में हीट स्ट्रोक, गंभीर डिहाइड्रेशन और दिल का दौरा पड़ने का खतरा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।अल-नीनो नहीं, इंसानी गलतियां हैं जिम्मेदार; क्या है इसका परमानेंट इलाज?वैज्ञानिकों ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि इस विनाशकारी गर्मी के लिए प्रकृति या अल-नीनो जिम्मेदार नहीं है, बल्कि इंसानों द्वारा कोयला, तेल और गैस जैसे जीवाश्म ईंधनों का अंधाधुंध इस्तेमाल है। हवा में लगातार बढ़ रही ग्रीनहाउस गैसों के कारण हमारी धरती एक भट्टी बनती जा रही है। चिंताजनक बात यह है कि यूरोप महाद्वीप बाकी दुनिया के औसत की तुलना में करीब दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है।इस वैश्विक संकट का एकमात्र समाधान यही है कि दुनिया भर के देश जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता को तुरंत खत्म करें। इसकी जगह सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसी स्वच्छ और सस्ती तकनीकों को युद्ध स्तर पर अपनाना होगा। साथ ही, अब ऐसे शहरों और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को डिजाइन करने की जरूरत है जो कंक्रीट के जंगल न बनकर अधिक से अधिक पेड़-पौधों और हरियाली से लैस हों, ताकि भविष्य में आने वाली ऐसी घातक हीटवेव्स का सामना किया जा सके। अगर अभी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह तबाही और भी ज्यादा लंबी और जानलेवा होती जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 3:26 pm

सिंहस्थ को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनाए रोचक किस्से, बताया क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस बार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में आयोजित 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प' कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में वे अधिकारी और लोग शामिल हुए, जिन्हें ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 2:55 pm

राममंदिर चोरी मामले में चंपत राय पर दर्ज हो FIR, दिग्विजय सिंह की मांग, कांग्रेस घर-घर जाकर बताएगी चोरी की पूरी घटना

अयोध्या में राम मंदिर में चोरी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चपंत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शनिवार को उज्जैन में मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने राममंदिर की चोरी की घटना को लेकर आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 2:19 pm

रांची में बनेगा सिक्स-लेन स्मार्ट रोड, बदलेगी शहर की सूरत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की राजधानी रांची अब एक नए और बेहद आधुनिक अवतार में नजर आने वाली है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को ग्लोबल स्टैंडर्ड का बनाने के लिए एक मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 2:16 pm

3300 करोड़ से संवरेगा टनकपुर, बनेगा विश्वस्तरीय 'शारदा रिवरफ्रंट' और भव्य 'आरती घाट'

उत्तराखंड को एक वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में धामी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बड़ा एलान करते हुए बताया कि राज्य सरकार 3,300 ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 1:57 pm

परीक्षा से एक दिन महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक, 28 जून की परीक्षा रद्द

Maharashtra TET Exam Cancelled : परीक्षा से एक दिन पहले महाराष्‍ट्र के ठाणे में शनिवार को टीईटी का पेपर लीक होने से हड़कंप मच गया। इसके बाद महाराष्‍ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी।

वेब दुनिया 27 Jun 2026 1:54 pm

जयपुर में मुहर्रम जुलूस के दौरान ऐतिहासिक 'कुरैशियां का ताजिया' में लगी आग, फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

राजस्थान के जयपुर के बड़ी चौपड़ इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टला। ऐतिहासिक 'कुरैशियां का ताजिया' के गुंबद में अचानक आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

देशबन्धु 27 Jun 2026 12:37 pm

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे अखिलेश सरकार में भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा नमूना : ओम प्रकाश राजभर

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

देशबन्धु 27 Jun 2026 12:11 pm

दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 90 Kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी; जानिए आपके राज्य का हाल

Weather Update 27 June : मौसम विभाग ने एक बार फिर से 27 जून को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:58 am

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध?

जालंधर। महाराष्ट्र के पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद प्रेम संबंधों में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की सलाहकार एवं आपदा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. नरेश पुरोहित का कहना है कि ऐसे मामलों की जड़ केवल प्रेम नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव, असुरक्षा, अस्वीकृति […] The post पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध? appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 11:31 am

35 साल का लंबा इंतजार खत्म! 4 जुलाई को पीएम मोदी करेंगे जोधपुर के नए हाई-टेक एयरपोर्ट टर्मिनल का भव्य उद्घाटन

राजस्थान के मारवाड़ अंचल और सूर्य नगरी जोधपुर के वासियों के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली खबर सामने आ रही है। जोधपुर हवाई अड्डे के विस्तार और नए टर्मिनल को लेकर पिछले साढ़े तीन दशकों यानी पूरे 35 साल से चला आ रहा इंतजार अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। आगामी चार जुलाई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) जोधपुर के इस नवनिर्मित वर्ल्ड क्लास और आलीशान नए एयरपोर्ट टर्मिनल (Jodhpur Airport New Terminal) का भव्य उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित करेंगे। इस नए टर्मिनल के शुरू होने से न केवल जोधपुर बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान के पर्यटन, व्यापार और नागरिक उड्डयन क्षेत्र को एक नई और तेज रफ्तार उड़ान मिलेगी।मारवाड़ की संस्कृति और आधुनिकता का बेजोड़ संगम: जोधपुर का नया एयरपोर्ट टर्मिनलजोधपुर का यह नया एयरपोर्ट टर्मिनल भवन अपनी अनूठी वास्तुकला और आधुनिक सुख-सुविधाओं के लिए देश भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे पूरी तरह से जोधपुर के प्रसिद्ध सैंडस्टोन (छीतर के पत्थर) से तैयार किया गया है, जो मारवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और राजपूती स्थापत्य कला की जीवंत झलक पेश करता है। अंदर से यह टर्मिनल पूरी तरह से हाई-टेक और आधुनिक पैसेंजर सुविधाओं से लैस है। इसमें बड़े विमानों की पार्किंग के लिए नए एप्रन, आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम, यात्रियों के लिए विशाल लाउंज, वर्ल्ड क्लास सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स और भव्य ग्रीनरी एरिया विकसित किया गया है ताकि यहां आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल सके।35 साल पुराना सपना सच: सामरिक और पर्यटन के लिहाज से मील का पत्थर साबित होगा यह प्रोजेक्टजोधपुर हवाई अड्डे का इतिहास काफी पुराना है, लेकिन यह वायुसेना (Indian Air Force) के नियंत्रण वाले सिविल एनक्लेव के रूप में संचालित होता था, जिसके कारण नागरिक उड़ानों के विस्तार और बड़े टर्मिनलों के निर्माण में कई तकनीकी और जमीन संबंधी अड़चनें आ रही थीं। मारवाड़ के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय जनता द्वारा पिछले 35 वर्षों से एक बड़े और स्वतंत्र सिविल टर्मिनल की मांग लगातार उठाई जा रही थी। अब इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होने से हवाई पट्टी की क्षमता बढ़ेगी और देश के प्रमुख महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद के लिए उड़ानों की संख्या में भारी इजाफा होगा। यह जोधपुर के विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प (Handicraft) उद्योग और पर्यटन व्यवसाय के लिए एक बड़ा बूस्टर डोज साबित होने वाला है।पीएम मोदी के भव्य स्वागत की तैयारियां तेज: जोधपुर, जयपुर और दिल्ली तक प्रशासनिक हलचलचार जुलाई को होने वाले इस वीवीआईपी उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर जोधपुर जिला प्रशासन, भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और दिल्ली मुख्यालय से अधिकारियों की टीम लगातार जोधपुर पहुंचकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। राजस्थान के मुख्यमंत्री और स्थानीय मंत्रियों ने भी तैयारियों की कमान संभाल ली है। लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जोधपुर आने वाले पर्यटकों और ट्रैवल एजेंसियों ने भी इस नए टर्मिनल के शुरू होने की खबर का स्वागत किया है, क्योंकि इससे आने वाले फेस्टिव और टूरिज्म सीजन में हवाई कनेक्टिविटी बेहद आसान और सुलभ हो जाएगी।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है जोधपुर नए एयरपोर्ट का लाइव टूरआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी देश के किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उद्घाटन होता है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर उसकी तस्वीरें और लाइव अपडेट्स सर्च करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'जोधपुर न्यू एयरपोर्ट टर्मिनल इनॉग्रेशन डेट 2026', 'पीएम मोदी जोधपुर दौरा 4 जुलाई' और 'जोधपुर एयरपोर्ट नई फ्लाइट्स लिस्ट' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं। एआई-आधारित एविएशन डेटा मॉडल्स भी यह दर्शा रहे हैं कि इस नए टर्मिनल के चालू होने के बाद जोधपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की सालाना आवाजाही की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे यह उत्तर-पश्चिम भारत का एक प्रमुख एविएशन हब बनकर उभरेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:27 am

क्रिकेट प्रेमियों को झटका! राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के चुनाव फिर टले, एडहॉक कमेटी का कार्यकाल 3 महीने बढ़ा

राजस्थान के खेल गलियारों और क्रिकेट की राजनीति से इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA Election Update) के बहुप्रतीक्षित चुनाव एक बार फिर टल गए हैं। खेल विभाग और सहकारिता के नियमों के तहत आरसीए का कामकाज देख रही एडहॉक कमेटी (Ad-hoc Committee) का कार्यकाल पूरे 3 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस नए प्रशासनिक आदेश के बाद अब आरसीए को आगामी सितंबर महीने तक अपनी नई कार्यकारिणी का चुनाव करना होगा। इस फैसले के बाद से ही राजस्थान के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों और खेल प्रेमियों के बीच कयासों का दौर तेज हो गया है, क्योंकि हर कोई आरसीए में एक स्थायी और चुनी हुई नई बॉडी का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।खेल विभाग का बड़ा फैसला: क्यों बढ़ाना पड़ा एडहॉक कमेटी का कार्यकाल?आरसीए की कमान संभाल रही एडहॉक कमेटी का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के कगार पर था, जिसके चलते उम्मीद जताई जा रही थी कि जून या जुलाई के महीने में ही चुनावी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जिला संघों के विवादों, मतदाता सूची (Voter List) के नवीनीकरण और कुछ कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव समय पर कराना संभव नहीं हो पा रहा था। खेल के सुचारू संचालन और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर मंथन किया गया, जिसके बाद कमेटी के कार्यकाल को 3 महीने का विस्तार देने की मंजूरी दी गई। अब सितंबर के अंत तक कमेटी को हर हाल में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराकर नई कार्यकारिणी को सत्ता सौंपनी होगी।जिला क्रिकेट संघों की अंदरूनी सियासत तेज: जयपुर से लेकर जोधपुर तक मची हलचलआरसीए चुनाव टलने और एडहॉक कमेटी को मिले सेवा विस्तार के बाद राजस्थान के क्रिकेट जगत की अंदरूनी सियासत अचानक बेहद गरमा गई है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) से लेकर जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा के जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारी अब नए सिरे से अपनी गोटियां सेट करने में जुट गए हैं। इस 3 महीने के अतिरिक्त समय का इस्तेमाल विभिन्न गुट अपने पक्ष में माहौल बनाने और मतदाता सूची में अपने समर्थकों के नाम शामिल करवाने के लिए करेंगे। खेल जानकारों का मानना है कि इस देरी से आरसीए के आगामी घरेलू सत्र और खिलाड़ियों के चयन ट्रायल पर भी थोड़ा बहुत असर देखने को मिल सकता है।खेल बुनियादी ढांचे और आईपीएल मैचों के आयोजन पर टिकीं नजरेंराजस्थान में क्रिकेट का बुनियादी ढांचा हमेशा से देश के सर्वश्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक रहा है। जयपुर के पास बन रहे विश्व स्तरीय नए क्रिकेट स्टेडियम के काम और आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) व घरेलू टूर्नामेंट्स की तैयारियों को लेकर क्रिकेट प्रेमी चिंतित हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खेल विश्लेषकों का भी कहना है कि किसी भी राज्य क्रिकेट बोर्ड में तदर्थ (एडहॉक) व्यवस्था का लंबा खींचना दीर्घकालिक फैसलों के लिए सही नहीं होता। खेल प्रेमियों की मांग है कि सितंबर की समयसीमा के भीतर हर हाल में पारदर्शी तरीके से चुनाव कराकर आरसीए को नया अध्यक्ष और नई टीम दी जानी चाहिए ताकि राजस्थान क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है आरसीए चुनाव का नया शेड्यूलआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी खेल संघों की राजनीति या चुनावों से जुड़ी कोई बड़ी खबर आती है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर लेटेस्ट अपडेट खोजते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव नई तारीख 2026', 'आरसीए एडहॉक कमेटी चेयरमैन लिस्ट' और 'जयपुर एसएमएस स्टेडियम क्रिकेट न्यूज़' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित स्पोर्ट्स एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि सितंबर में होने वाले आरसीए के यह चुनाव राजस्थान खेल इतिहास के सबसे दिलचस्प और कड़े मुकाबलों में से एक होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:26 am

अमेरिकी हमले में छिना घर का कमाऊ सदस्य, अब इंसाफ की बाट जोह रहा भारतीय नाविक का परिवार

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं. डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की

देशबन्धु 27 Jun 2026 11:24 am

जेलों में हड़कंप! बिहार में आधी रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 30 जेल उपाधीक्षकों का एक साथ तबादला, गृह विभाग का कड़ा आदेश जारी

बिहार के प्रशासनिक और कारागार महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा जेलों के भीतर सुरक्षा तंत्र को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (Administrative Reshuffle in Bihar) कर दिया है। गृह विभाग (Home Department Bihar) ने एक साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सूबे के 30 जेल उपाधीक्षकों (Deputy Superintendents of Jails) का तबादला कर दिया है। सरकार के इस अचानक और कड़े फैसले से राज्य की केंद्रीय और जिला जेलों के भीतर हड़कंप मच गया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के तहत सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने नए कप्तानी वाले पदभार को संभालने का सख्त निर्देश दिया गया है।सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की बड़ी कवायद: कई संवेदनशील जेलों के प्रभारी बदले गएगृह विभाग से जारी ट्रांसफर लिस्ट के मुताबिक, इस फेरबदल में राज्य की कई अति-संवेदनशील जेलों के प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है। पटना की बेउर जेल, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया और आरा जैसी बड़ी केंद्रीय तथा जिला कारागारों के उपाधीक्षकों के नाम इस सूची में प्रमुखता से शामिल हैं। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि जेलों के भीतर हाल के दिनों में सामने आई कुछ विसंगतियों और आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है। नए प्रभारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे जेल मैनुअल का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं और बैरकों के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह से नकेल कसें।रूटीन ट्रांसफर या कोई बड़ा प्रशासनिक एक्शन? सचिवालय के गलियारों में चर्चाएं तेजनीतीश सरकार के इस बड़े फैसले के बाद पटना मुख्य सचिवालय (Patna Secretariat) से लेकर जिला मुख्यालयों तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि यह एक नियमित और प्रशासनिक प्रक्रिया (Routine Transfer) के तहत किया गया बदलाव है, जिसका उद्देश्य जेल प्रशासन के कामकाज में पारदर्शिता लाना और लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को बदलना है। इसके बावजूद, एक साथ 30 बड़े जेल अधिकारियों का स्थानांतरण होना यह साफ संकेत देता है कि गृह विभाग जेलों की व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है।पटना से लेकर भागलपुर और मुजफ्फरपुर तक जिला स्तर पर नए आदेशों की तामील शुरूइस अधिसूचना के जारी होते ही सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को नए जेल उपाधीक्षकों की जॉइनिंग को लेकर अलर्ट कर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर पुराने अधिकारियों द्वारा प्रभार सौंपने और नए अधिकारियों द्वारा पदभार ग्रहण करने की कागजी प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय सुरक्षा विश्लेषकों का भी मानना है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में जेल प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त रखना स्थानीय अपराध नियंत्रण (Local Crime Control) के लिए बेहद जरूरी होता है, क्योंकि कई बार बड़े आपराधिक गिरोह जेलों के भीतर से ही नेटवर्क संचालित करने की कोशिश करते हैं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च की जा रही है बिहार जेल ट्रांसफर लिस्टआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी शासन स्तर पर कोई बड़ा फेरबदल या तबादला एक्सप्रेस चलती है, तो लोग उसकी पूरी सूची और अधिकारियों की नई पोस्टिंग को जानने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'बिहार जेल उपाधीक्षक तबादला सूची 2026 पीडीएफ', 'गृह विभाग बिहार लेटेस्ट ट्रांसफर आर्डर' और 'बेउर जेल के नए उपाधीक्षक कौन हैं' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त इंटरनेट पर लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित एडमिनिस्ट्रेटिव डेटा मॉडल्स भी यह दर्शा रहे हैं कि इस फेरबदल के बाद बिहार के जेल प्रशासन में एक बड़ा ढांचागत सुधार देखने को मिल सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:22 am

बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद तारातला माल गोदाम हादसे के जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि […] The post बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 11:21 am

गुजरात दौरे पर अमित शाह, भारत की पहली सहकारी टैक्सी सेवा 'भारत टैक्सी' का करेंगे शुभारंभ

गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 27 और 28 जून को दो दिनों के लिए अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे नागरिकों को करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे, साथ ही ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:21 am

गिरफ्तारी पर ब्रेक! बिहार के फैजल खान को कोर्ट से 30 जून तक मिली बड़ी राहत, लेकिन अंगरक्षकों की जमानत अर्जी खारिज

बिहार के कानूनी और सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। चर्चित मामले के मुख्य आरोपी फैजल खान (Faisal Khan Bihar) को माननीय अदालत से एक बार फिर बड़ी मोहलत मिल गई है। कोर्ट ने राहत की अवधि को बढ़ाते हुए फैजल खान की गिरफ्तारी पर आगामी 30 जून तक के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद फैजल खान और उनके समर्थकों ने अंतरिम राहत की सांस ली है। लेकिन दूसरी तरफ, इस मामले से जुड़े उनके निजी अंगरक्षकों (Bodyguards) को अदालत से करारा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसके कारण उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।अदालत में चली लंबी बहस: फैजल खान को मिली अंतरिम राहत, पुलिस की दलीलें दरकिनारपटना से लेकर संबंधित जिला अदालत के परिसर में इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर सुबह से ही वकीलों और मीडिया कर्मियों की भारी भीड़ जमा थी। फैजल खान के कानूनी सलाहकारों ने अदालत के समक्ष अपनी मजबूत दलीलें पेश करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं, इसलिए उन्हें अग्रिम सुरक्षा दी जाए। हालांकि, सरकारी वकील और पुलिस प्रशासन की तरफ से फैजल खान की कस्टडी की मांग की जा रही थी ताकि मामले की तह तक जाया जा सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कानून के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैजल खान को 30 जून तक के लिए पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण (Anticipatory Relief) दे दिया।अंगरक्षकों की बढ़ी मुश्किलें: बेल पिटीशन खारिज, जाना होगा जेलफैजल खान को जहां इस कानूनी लड़ाई में कुछ दिनों की राहत मिल गई है, वहीं उनके साथ साए की तरह रहने वाले अंगरक्षकों के लिए आज का दिन बेहद बुरा साबित हुआ। पुलिस ने आरोप लगाया था कि मामले के दौरान अंगरक्षकों ने सरकारी काम में बाधा डालने और हथियारों का गलत इस्तेमाल या रौब दिखाने की कोशिश की थी। कोर्ट ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अंगरक्षकों की बेल पिटीशन (Zamanat Arji) को सिरे से नामंजूर कर दिया। अदालत के इस कड़े रुख के बाद अब पुलिस कस्टडी में मौजूद इन बॉडीगार्ड्स को जेल की हवा खानी पड़ेगी, जिससे फैजल खान का सुरक्षा घेरा भी कमजोर हो गया है।पटना से लेकर पूरे बिहार के प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्मइस बड़े अदालती फैसले के बाद से ही बिहार पुलिस मुख्यालय (Patna Police Headquarters) और स्थानीय थानों की विजिलेंस टीमें अलर्ट मोड पर हैं। 30 जून की समयसीमा बेहद नजदीक है, ऐसे में पुलिस प्रशासन अपनी केस डायरी और गवाहों के बयानों को और अधिक पुख्ता करने में जुट गया है ताकि अगली सुनवाई के दौरान अदालत के सामने कड़े सबूत पेश किए जा सकें। स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इस केस का रुख आने वाले दिनों में बिहार की स्थानीय कानून व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े कई बड़े फैसलों को प्रभावित कर सकता है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर तेजी से ट्रेंड हो रही है फैजल खान केस की हिस्ट्रीआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी कोई बड़ा कानूनी विवाद या अदालती फैसला सामने आता है, तो लोग केस की बैकस्टोरी और धाराओं को समझने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'फैजल खान बिहार कोर्ट केस स्टेटस', '30 जून तक गिरफ्तारी पर रोक का मतलब' और 'बिहार में बॉडीगार्ड्स की जमानत खारिज न्यूज़' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप सर्च वॉल्यूम के साथ ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित लीगल एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि 30 जून को होने वाली अगली सुनवाई इस मामले के भविष्य को तय करने में बेहद निर्णायक साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:20 am

भारत-नेपाल बॉर्डर पर भयंकर बवाल! मुहर्रम जुलूस के दौरान ताजिया पर पथराव से मचा हड़कंप, आधा दर्जन लोग लहूलुहान, सीमा पर हाई अलर्ट

बिहार के सीमावर्ती इलाके से इस वक्त की एक बेहद संवेदनशील, बड़ी और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा (Indo-Nepal Border) के पास मुहर्रम के पवित्र मौके पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान अचानक दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ताजिया जुलूस पर असामाजिक तत्वों द्वारा ताबड़तोड़ पथराव शुरू कर दिया गया। इस अचानक हुए हमले और ईंट-पत्थर चलने के कारण घटना स्थल पर भगदड़ मच गई, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए हैं। घटना के बाद से ही सीमावर्ती दोनों देशों के इस संवेदनशील इलाके में तनाव का माहौल व्याप्त है और भारी संख्या में सशस्त्र सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है।रास्ते के विवाद को लेकर भड़की हिंसा: अचानक चलने लगे लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरस्थानीय खुफिया सूत्रों और चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना भारत-नेपाल बॉर्डर से सटे बिहार के एक सुदूर सीमावर्ती गांव के पास हुई। मुहर्रम के मौके पर अखाड़े के खिलाड़ी और स्थानीय लोग पारंपरिक रूप से ताजिया जुलूस निकाल रहे थे। इसी बीच जुलूस के गुजरने वाले तय रास्ते को लेकर दूसरे पक्ष के कुछ लोगों से तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ी कि दोनों तरफ से लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए और इसी बीच उपद्रवियों ने जुलूस को निशाना बनाते हुए पथराव (Stone Pelting) शुरू कर दिया। पथराव के कारण जुलूस में शामिल कई अकीदतमंदों के सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।सुरक्षा बल एक्शन में: एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने संभाला मोर्चा, उपद्रवियों की धरपकड़ तेजइंटरनेशनल बॉर्डर का मामला होने के कारण इस घटना की गंभीरता को देखते हुए सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों और बिहार पुलिस की टुकड़ियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। जिला प्रशासन के आला अधिकारी, एसपी और जिलाधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है और स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर दंगा भड़काने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।बिहार के सीमावर्ती जिलों और नेपाल रूट पर सुरक्षा चाक-चौबंद, फ्लैग मार्च शुरूइस हिंसक झड़प का असर बिहार के अन्य सीमावर्ती जिलों जैसे रक्सौल, सीतामढ़ी, मधुबनी और किशनगंज के सुरक्षा तंत्र पर भी देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर असामाजिक तत्वों की किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए पेट्रोलिंग और नाकेबंदी को कड़ा कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सुरक्षा मुख्यालयों और पटना मुख्यालय से भी इस पूरी स्थिति की पल-पल की मॉनिटरिंग की जा रही है। शांति व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा इलाके में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है, साथ ही दोनों समुदायों के प्रबुद्ध जनों के साथ शांति समिति की बैठक बुलाई गई है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च की जा रही है बॉर्डर हिंसा की लाइव अपडेटआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास कोई सांप्रदायिक या हिंसक झड़प होती है, तो लोग घटना की सच्चाई और सुरक्षा स्थिति जानने के लिए सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) का रुख करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'बिहार भारत नेपाल बॉर्डर मुहर्रम बवाल न्यूज', 'ताजिया जुलूस पर पथराव लाइव अपडेट' और 'बॉर्डर पर एसएसबी अलर्ट टूडे' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित क्राइम ट्रैकिंग एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि ऐसे संवेदनशील मौकों पर शरारती तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिशों को रोकने के लिए ड्रोन निगरानी और डिजिटल मैपिंग की बेहद सख्त जरूरत है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:19 am

बिजली संकट का बड़ा झटका! पावरकॉम पर टूटी मौसम की मार, अप्रैल से अब तक खरीद डाली ₹2480 करोड़ की बिजली

पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां जून के महीने में धान की बुआई और रोपाई के लिए किसानों को लगातार कई घंटों तक निर्बाध बिजली की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही इस बार मैदानी इलाकों में पारा सामान्य से काफी ऊपर चले जाने के कारण शहरों में भी पावर कंजम्पशन अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांट और केंद्रीय कोटे से मिलने वाली बिजली इस रिकॉर्ड तोड़ मांग के सामने कम पड़ने लगी। राज्य में ब्लैकआउट या अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) की स्थिति से बचने के लिए प्रबंधन को तुरंत बाहरी ग्रिड और नेशनल पावर एक्सचेंज का रुख करना पड़ा, जिससे बोर्ड के खजाने पर भारी वित्तीय बोझ आ गया है।₹11 प्रति यूनिट की दर से इमरजेंसी खरीद: पावरकॉम के वित्तीय गणित में मची खलबलीबिजली बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, जब देश के कई राज्यों में एक साथ गर्मी का पीक सीजन आता है, तो पावर एक्सचेंज में बिजली के दाम आसमान छूने लगते हैं। पंजाब पावरकॉम को भी अपनी तात्कालिक जरूरतों और पीक-अवर लोड (Peak Hour Load) को मैनेज करने के लिए ₹11 प्रति यूनिट की दर से शॉर्ट-टर्म टेंडर और इमरजेंसी कोटे से बिजली उठानी पड़ी। अप्रैल से अब तक खर्च हुए ₹2480 करोड़ की इस भारी-भरकम राशि ने बिजली बोर्ड के बजट को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि उपभोक्ताओं और किसानों को संकट से बचाना उनकी पहली प्राथमिकता थी, जिसके लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।चंडीगढ़ सचिवालय से लेकर पंजाब के औद्योगिक हब तक गहराया सब्सिडी का संकटपावरकॉम द्वारा इतनी महंगी दर पर बिजली खरीदे जाने के बाद अब पंजाब के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। चंडीगढ़ मुख्य सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि इस अतिरिक्त वित्तीय घाटे की भरपाई कैसे की जाएगी। पंजाब सरकार द्वारा राज्य में घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और किसानों को मुफ्त बिजली की सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में पावरकॉम का यह ₹2480 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आने वाले दिनों में सरकार के खजाने पर और ज्यादा दबाव बढ़ाएगा। लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के औद्योगिक संगठनों ने भी चिंता जताई है कि कहीं आने वाले समय में उद्योगों के लिए बिजली की दरें न बढ़ा दी जाएं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है पंजाब बिजली बिल और पावर स्टेटसआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी बिजली संकट या पावरकॉम से जुड़ी कोई बड़ी आर्थिक खबर आती है, तो उपभोक्ता सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर इसके भविष्य के असर को सर्च करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'पंजाब पावरकॉम बिजली खरीद न्यूज़', 'क्या पंजाब में बिजली महंगी होगी' और 'पीएसपीसीएल लाइव पावर डिमांड स्टेटस' जैसी क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित इकोनॉमिक मॉडल्स भी यह संकेत दे रहे हैं कि यदि आने वाले दिनों में मानसून पंजाब में पूरी तरह सक्रिय नहीं होता है, तो पावरकॉम का यह वित्तीय घाटा ₹3000 करोड़ के आंकड़े को भी पार कर सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:16 am

गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि गाजा पर हो रहे हमलों के खिलाफ पूरी दुनिया लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे है, जो हैरान करने वाली है। सोनिया गांधी के शनिवार को एक अंग्रेजी दैनिक में इस विषय पर प्रकाशित लेख […] The post गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 27 Jun 2026 11:14 am

मौसम का बड़ा झटका! मानसून के इंतजार में भट्टी की तरह तप रहा पंजाब, एक ही दिन में रिकॉर्ड 1.9 डिग्री उछला पारा

पंजाब के लोग इस समय आसमान की ओर नजरें गड़ाए मानसून की पहली फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कुदरत फिलहाल उनके सब्र का कड़ा इम्तिहान ले रही है। राज्य में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि पूरा पंजाब भट्टी की तरह तप रहा है। मौसम विभाग से मिली ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पछुआ हवाओं के असर से राज्य के अधिकतम तापमान में महज एक ही दिन के भीतर 1.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। हालांकि, इस चिलचिलाती धूप के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक राहत भरी बड़ी खुशखबरी भी दी है। मौसम केंद्र ने आज पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और झमाझम बारिश होने का यलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है।पारा चढ़ने से बढ़ी बेचैनी: लुधियाना, पटियाला और अमृतसर में उमस ने छुड़ाए पसीनेपंजाब के मैदानी इलाकों में सूरज के तीखे तेवरों ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया है। लुधियाना, पटियाला, जालंधर और अमृतसर जैसे बड़े औद्योगिक व रिहायशी शहरों में तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर पहुंच गया है। एक ही दिन में 1.9 डिग्री तापमान बढ़ने के कारण उमस का स्तर (Humidity Level) भी काफी हाई हो गया है, जिससे राहगीरों और कामकाजी लोगों के पसीने छूट रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। बिजली की भारी मांग के कारण कई स्थानीय इलाकों में कट भी लग रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।मौसम विभाग की नई भविष्यवाणी: आज आंधी-बारिश के साथ बदलेगा मौसम का मिजाजइस जानलेवा गर्मी के बीच मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने पंजाब के किसानों और नागरिकों के लिए एक राहत भरी एडवाइजरी जारी की है। आईएमडी के मुताबिक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के सक्रिय होने के कारण आज शाम तक पंजाब के मौसम में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य के बठिंडा, फिरोजपुर, मोगा, गुरदासपुर और होशियारपुर सहित कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसी वजह से विभाग ने यलो अलर्ट जारी कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।किसान भाइयों के लिए महत्वपूर्ण समय: धान की बुआई और फसलों के लिए अमृत बनेगी यह बारिशयह मानसूनी बारिश पंजाब की लाइफलाइन यानी खेती-किसानी के लिए बेहद संजीवनी साबित होने वाली है। पंजाब के किसान इस समय धान की रोपाई (Paddy Transpanting) में जुटे हुए हैं, जिसके लिए पानी की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। तापमान बढ़ने और मानसून में देरी के कारण ट्यूबवेलों पर निर्भरता काफी बढ़ गई थी और भूजल स्तर पर भी दबाव पड़ रहा था। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आज होने वाली यह संभावित बारिश खेतों को नई जिंदगी देगी और चढ़ते तापमान से फसलों को झुलसने से भी बचाएगी।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है पंजाब वेदर का लाइव स्टेटसआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी मौसम विभाग कोई बड़ी चेतावनी जारी करता है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर लाइव वेदर ट्रैकिंग टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'पंजाब मानसून अराइवल डेट 2026', 'चंडीगढ़ मौसम केंद्र यलो अलर्ट आज' और 'पंजाब में बारिश कब होगी' जैसी क्वेरीज इस वक्त लगातार टॉप ट्रेंड में बनी हुई हैं। एआई-आधारित क्लाइमेट मॉडल्स भी यह संकेत दे रहे हैं कि इस यलो अलर्ट के बाद पंजाब में गर्मी का दौर काफी हद तक थमेगा और मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:12 am

सरेआम तोड़ा रिश्ता! अंबिकापुर में दहेज प्रताड़ना के बीच पति ने रिश्तेदारों के सामने दिया 'ट्रिपल तलाक', पुलिस ने दर्ज किया केस

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर (Ambikapur) से कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर देने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक को गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध घोषित किए जाने के बावजूद, एक शख्स ने अपनी ही पत्नी को रिश्तेदारों के सामने सरेआम 'ट्रिपल तलाक' (Triple Talaq) देकर रिश्ता खत्म करने का दुस्साहस किया है। यह पूरी घटना उस वक्त हुई जब पीड़िता को ससुराल वालों द्वारा लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों के रिश्तेदार जुटे थे। पीड़िता की लिखित शिकायत पर अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति और ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।दहेज की लगातार बढ़ती मांग: कार और नकदी के लिए नवविवाहिता को किया लहूलुहानपुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़िता का निकाह कुछ समय पहले ही अंबिकापुर के एक स्थानीय मोहल्ले के निवासी से हुआ था। शादी के कुछ दिनों बाद से ही पति और उसके परिजनों ने कम दहेज मिलने का ताना देना शुरू कर दिया था। ससुराल वालों की तरफ से लगातार नई कार और लाखों रुपये मायके से लाने का दबाव बनाया जा रहा था। जब पीड़िता ने असमर्थता जताई, तो उसे भूखा रखकर शारीरिक और मानसिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित किया जाने लगा। पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए एक सामाजिक बैठक बुलाई गई थी।बीच पंचायत में कानून की उड़ी धज्जियां: गुस्से में आकर पति ने तीन बार कहा 'तलाक'विवाद को खत्म करने और बेटी का घर बचाने के उद्देश्य से जब दोनों परिवारों के बुजुर्ग और करीबी रिश्तेदार अंबिकापुर में एक जगह इकट्ठा हुए, तो वहां भी बात सुलझने के बजाय और बिगड़ गई। ससुराल पक्ष के लोग अपनी नाजायज मांगों पर अड़े रहे। इसी बीच बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी पति ने देश के कड़े कानून की परवाह किए बिना, सभी रिश्तेदारों के सामने गुस्से में आकर अपनी पत्नी को एक साथ तीन बार 'तलाक, तलाक, तलाक' बोल दिया। सरेआम समाज के सामने इस तरह तीन तलाक दिए जाने के बाद पीड़िता का परिवार स्तब्ध रह गया और वे सीधे न्याय की गुहार लगाने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे।पुलिस एक्शन मोड में: मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत FIR दर्जअंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत केस डायरी तैयार की। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ 'मुस्लिम महिला (विवाह अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम' (Muslim Women Protection of Rights on Marriage Act) की प्रासंगिक धाराओं और दहेज प्रताड़ना (IPC/BNS) के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है। सरगुजा जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई है, जो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने पीड़िता को पूरी सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है 'ट्रिपल तलाक' का कानूनी पहलूआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी ऐसी कोई सामाजिक और कानूनी घटना सामने आती है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर इससे जुड़े कड़े कानूनों और अधिकारों को सर्च करते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'अंबिकापुर ट्रिपल तलाक केस अपडेट', 'तीन तलाक कानून में सजा के प्रावधान' और 'सरगुजा पुलिस लेटेस्ट क्राइम न्यूज़' जैसी क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित लीगल सर्च इंजनों का भी यह विश्लेषण है कि देश में तीन तलाक विरोधी कानून लागू होने के बाद भी ऐसे मामलों का आना सामाजिक जागरूकता और पुलिस की सख्त मॉनिटरिंग की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 11:10 am

तमिलनाडु में पोलियो पर वार – सीएम विजय करेंगे राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय रविवार को राज्यव्यापी वार्षिक पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ करेंगे

देशबन्धु 27 Jun 2026 11:08 am

क्या अगले साल भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप? अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दिया बड़ा संकेत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले साल की शुरुआत में भारत दौरे पर आने की संभावना तेज हो गई है। इस संकेत के साथ भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ट्रंप की संभावित भारत ...

वेब दुनिया 27 Jun 2026 11:05 am

तनाव से मिलेगी परमानेंट मुक्ति! रोज पौधों को पानी देने से पल भर में दूर हो जाएगा स्ट्रेस, जानें मेंटल हेल्थ बूस्ट करने का यह अनोखा नेचुरल तरीका

आज की इस भागदौड़ भरी कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल, काम के बढ़ते प्रेशर और पर्सनल लाइफ की उलझनों के बीच मानसिक तनाव (Stress) और एंग्जायटी एक बेहद गंभीर समस्या बन चुके हैं। लोग इस डिप्रेशन और स्ट्रेस से निजात पाने के लिए महंगी थेरेपी, दवाइयों और कस्टमाइज्ड सप्लीमेंट्स का सहारा ले रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर या बालकनी में रखे छोटे-छोटे पौधे आपके सबसे बड़े हीलर बन सकते हैं? हाल ही में हुए कई मनोवैज्ञानिक शोधों और मेडिकल रिपोर्ट्स में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रोज सुबह नियम से पौधों को पानी लगाना (Watering Plants) आपके मानसिक तनाव को जड़ से खत्म करने और आपकी ओवरऑल मेंटल हेल्थ को नेचुरल तरीके से बूस्ट करने का सबसे आसान और मुफ्त का कारगर फॉर्मूला है।बागवानी और पौधों से जुड़ाव: मानव मस्तिष्क के लिए एक नेचुरल हीलिंग थेरेपीमनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जब इंसान प्रकृति और पेड़-पौधों के सीधे संपर्क में आता है, तो उसके शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हार्मोन का स्तर तेजी से नीचे गिरने लगता है। सुबह की ताजी हवा में जब आप अपने हाथों से पौधों की जड़ों में पानी डालते हैं और मिट्टी की सोंधी खुशबू आपके सांसों के जरिए अंदर जाती है, तो दिमाग में 'डोपामाइन' और 'सेरोटोनिन' जैसे हैप्पी हार्मोन्स का स्राव बढ़ने लगता है। यह क्रिया ठीक वैसी ही होती है जैसी किसी डीप मेडिटेशन या योग सत्र के दौरान महसूस की जाती है। केवल 10 मिनट पौधों की देखभाल में बिताने से इंसान का पूरा दिन बेहद सकारात्मक और ऊर्जावान बना रहता है।स्क्रीन टाइम से मिलेगी मुक्ति और एकाग्रता में होगा जबरदस्त सुधारआजकल के डिजिटल युग में हमारा अधिकांश समय स्मार्टफोन, लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने बीतता है, जो हमारे मस्तिष्क को थका देता है और अनिद्रा (Insomnia) की बीमारी पैदा करता है। पौधों को पानी देने की यह रोजाना की आदत आपको कुछ समय के लिए इस डिजिटल चक्रव्यूह से बाहर निकालती है। जब आप पानी की बूंदों को हरी पत्तियों पर गिरते हुए देखते हैं और पौधों की नई कलियों को खिलते हुए महसूस करते हैं, तो इससे आपकी विजुअल फटीग (आंखों की थकान) दूर होती है और फोकस व कॉन्सेंट्रेशन पावर में चमत्कारी रूप से सुधार होता है।लखनऊ और देश के बड़े शहरों की सोसायटियों में तेजी से बढ़ा बालकनी गार्डनिंग का क्रेजइस समय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर, सुशांत गोल्फ सिटी, हजरतगंज और कानपुर रोड जैसे हाई-राइज अपार्टमेंट्स और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच 'बालकनी गार्डनिंग' (Balcony Gardening) और रूफटॉप प्लांटेशन का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है। लखनऊ के स्थानीय न्यूरोलॉजिस्ट्स और लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि महानगरीय जीवन में अकेलेपन और डिप्रेशन से जूझ रहे बुजुर्गों और वर्क फ्रॉम होम करने वाले युवाओं के लिए इनडोर प्लांट्स जैसे मनी प्लांट, स्नेक प्लांट और तुलसी को रोज पानी देना एक बेहतरीन मेंटल एक्सरसाइज साबित हो रहा है। स्थानीय नर्सरियों में भी एयर-प्यूरीफाइंग पौधों की मांग इन दिनों चरम पर है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर मेंटल वेलनेस के लिए नेचुरल थेरेपी की भारी सर्चआजकल इंटरनेट और आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों (GEO) पर लोग आर्टिफिशियल दवाइयों के बजाय 'नेचुरल स्ट्रेस रिलीफ टेक्निक्स' (Natural Stress Relief Techniques) को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं। एआई-आधारित हेल्थ इंजनों के लेटेस्ट डेटा विश्लेषण बताते हैं कि बागवानी की आदत इंसानी दिमाग में गुस्से, चिड़चिड़ेपन और डिप्रेशन के लक्षणों को 40% तक कम कर सकती है। टेक वर्ल्ड के एक्सपर्ट्स भी अब कॉर्पोरेट एम्प्लॉइज को अपनी डेली रूटीन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की कड़े तौर पर सलाह दे रहे हैं ताकि मानसिक संतुलन को बेहतर बनाए रखा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:36 am

सावधान! बढ़ा हुआ यूरिक एसिड बन सकता है गठिया की वजह, आज ही नोट कर लें कौन सी दाल खाएं और किससे बनाएं दूरी

आजकल की खराब जीवनशैली, देर तक बैठकर काम करने की आदत और असंतुलित खानपान के कारण शरीर में यूरिक एसिड (High Uric Acid) बढ़ने की समस्या एक आम बीमारी बनती जा रही है। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अनियंत्रित हो जाती है, तो यह हड्डियों के जोड़ों में क्रिस्टल्स के रूप में जमा होने लगता है। इसके कारण जोड़ों में असहनीय दर्द, सूजन और उठने-बैठने में भयंकर तकलीफ होने लगती है, जिसे मेडिकल भाषा में गाउट या गठिया कहा जाता है। चूंकि यूरिक एसिड का सीधा संबंध हमारे प्रोटीन इनटेक से है, इसलिए मरीजों के मन में सबसे बड़ा कन्फ्यूजन दालों को लेकर होता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि यूरिक एसिड के मरीजों के लिए कौन सी दाल अमृत समान है और कौन सी दाल जहर की तरह काम कर सकती है।यूरिक एसिड बढ़ने पर खाएं ये सबसे सुरक्षित दाल, दर्द से मिलेगी राहतअगर आप बढ़े हुए यूरिक एसिड और जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, तो आपके लिए मूंग की दाल (खासकर धुली हुई और बिना छिलके वाली) सबसे बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है। मूंग की दाल प्रकृति में बेहद हल्की और सुपाच्य होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है। इसमें प्रोटीन की संतुलित मात्रा होती है और यह शरीर में अत्यधिक प्यूरीन का निर्माण नहीं होने देती। इसके अलावा यूरिक एसिड के मरीज डॉक्टर की सलाह पर सीमित मात्रा में मसूर की दाल का सेवन भी पतली कंसिस्टेंसी में कर सकते हैं, जिससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे और जोड़ों पर कोई बुरा असर भी न पड़े।इन भारी दालों से आज ही कर लें तौबा, वरना तेजी से बढ़ जाएगा प्यूरीनहेल्थ एक्सपर्ट्स और डाइटिशियंस के मुताबिक, यूरिक एसिड के मरीजों को कुछ खास दालों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम उड़द की दाल, छिलके वाली काली दाल और राजमा या छोले का आता है। इन दालों में प्यूरीन (Purine) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जब हमारा लिवर इस प्यूरीन को ब्रेकडाउन करता है, तो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर अचानक तेजी से स्पाइक कर जाता है। इसके अलावा रात के समय अरहर (तुअर) की गाढ़ी दाल खाने से भी बचना चाहिए, क्योंकि यह रात में ठीक से पच नहीं पाती और जोड़ों की सूजन को तुरंत बढ़ा सकती है।लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के स्थानीय लोगों में डाइट को लेकर बढ़ी जागरूकताइस समय उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), संजय गांधी पीजीआई (SGPGI) और लोहिया संस्थान जैसे बड़े अस्पतालों के ओपीडी में यूरिक एसिड और अर्थराइटिस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज और विकास नगर जैसे स्थानीय इलाकों के न्यूट्रिशनिस्ट्स का कहना है कि लोग अक्सर दालों को हेल्दी मानकर अंधाधुंध सेवन करते हैं, जो नुकसानदेह साबित होता है। स्थानीय डॉक्टरों की सलाह है कि दाल बनाते समय उसके ऊपर आने वाले सफेद झाग (यूरिक एसिड बढ़ाने वाले तत्व) को पूरी तरह से निकालकर बाहर फेंक देना चाहिए, जिससे दाल का हानिकारक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर यूरिक एसिड डाइट चार्ट की भारी सर्चआजकल के डिजिटल दौर में आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों (GEO) और हेल्थ एआई मॉडल्स पर लोग अपनी बीमारियों का कस्टमाइज्ड डाइट प्लान तेजी से खोज रहे हैं। एआई-आधारित मेडिकल डेटा विश्लेषणों के अनुसार, केवल दवाइयों के भरोसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करना नामुमकिन है जब तक कि आप अपनी डाइट में बदलाव न करें। इंटरनेट पर 'यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं' को लेकर सबसे ज्यादा क्वेरीज सर्च की जा रही हैं। हेल्थ सर्च इंजनों का यह भी सुझाव है कि दालों के संतुलित सेवन के साथ-साथ दिनभर में 3 से 4 लीटर पानी पीना बेहद जरूरी है, ताकि बढ़ा हुआ यूरिक एसिड यूरिन के रास्ते शरीर से आसानी से फ्लश आउट हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:34 am

सावधान! गलत दिन बाल कटवाने से रूठ सकती हैं लक्ष्मी, पुराणों के अनुसार जानें हेयर कटिंग और हेयर वॉश का सबसे शुभ दिन

आज की भागदौड़ भरी आधुनिक लाइफस्टाइल में हम अक्सर अपनी मर्जी या फुर्सत के हिसाब से सैलून चले जाते हैं और बाल कटवा लेते हैं। लेकिन सनातन धर्म और प्राचीन हिंदू पुराणों के अनुसार, हमारे शरीर के अंगों की सफाई, बाल कटवाने (Hair Cutting) और बाल धोने (Hair Wash) का सीधा संबंध हमारी किस्मत, आर्थिक स्थिति और मानसिक ऊर्जा से होता है। ज्योतिष और पुराणों में सप्ताह के कुछ विशेष दिनों को बाल कटवाने और धोने के लिए बेहद शुभ माना गया है, जबकि कुछ दिनों को पूरी तरह वर्जित किया गया है। इन प्राचीन नियमों का सही ढंग से पालन करने से न केवल घर में अटूट सुख-समृद्धि आती है, बल्कि जीवन में जबरदस्त सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।पुराणों के अनुसार किस दिन बाल कटवाना होता है सबसे भाग्यशाली?शास्त्रों के अनुसार, सप्ताह के सात दिनों का अलग-अलग ग्रहों और ऊर्जाओं से संबंध होता है। पुराणों में बताया गया है कि बुधवार और शुक्रवार के दिन बाल कटवाना और नाखून काटना सबसे ज्यादा शुभ और मंगलकारी होता है। बुधवार के दिन बाल कटवाने से धन-धान्य में वृद्धि होती है और व्यापार में उन्नति के रास्ते खुलते हैं। वहीं, शुक्रवार को शुक्र देव का दिन माना जाता है, जो सौंदर्य और ऐश्वर्य के कारक हैं। इस दिन हेयर कटिंग कराने से जीवन में ग्लैमर, सुख-सुविधाएं और सकारात्मकता बढ़ती है। इसके विपरीत, सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को बाल कटवाने से आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और सेहत में गिरावट आ सकती है।हेयर वॉश (बाल धोने) के लिए महिलाओं और पुरुषों के कड़े नियमसिर्फ बाल कटवाना ही नहीं, बल्कि बाल धोना भी हमारे शास्त्रों में एक महत्वपूर्ण क्रिया माना गया है, खासकर महिलाओं के लिए। पुराणों के अनुसार, शादीशुदा महिलाओं को बुधवार के दिन बाल धोना बेहद शुभ माना गया है, विशेषकर उन महिलाओं के लिए जिनके छोटे भाई-बहन हैं। वहीं, शनिवार और गुरुवार के दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बाल धोना पूरी तरह वर्जित माना गया है, क्योंकि इससे पति की उन्नति में बाधा आती है और घर की बरकत रुक जाती है। पुरुषों और कुंवारी लड़कियों के लिए भी दिन के हिसाब से बाल धोने के अलग-अलग वैज्ञानिक और आध्यात्मिक प्रभाव बताए गए हैं।लखनऊ सहित देश भर के लोगों में प्राचीन लाइफस्टाइल नियमों के प्रति बढ़ी जागरूकताआज के इस आधुनिक और डिजिटल युग में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्थानीय निवासियों से लेकर देश के बड़े शहरों के युवाओं में इन पारंपरिक नियमों के प्रति भारी जागरूकता देखी जा रही है। लखनऊ के हजरतगंज, गोमती नगर और आशियाना जैसे प्रमुख इलाकों में स्थित बड़े ब्यूटी पार्लर और सैलून मालिकों का भी कहना है कि अब कई ग्राहक ज्योतिषीय नियमों को ध्यान में रखकर ही बुधवार और शुक्रवार की एडवांस बुकिंग कराते हैं। लोग अब यह मानने लगे हैं कि प्राचीन ऋषियों द्वारा बनाए गए ये नियम केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि मानव शरीर की ऊर्जा को संतुलित रखने का एक बेहतरीन माध्यम हैं।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन पर क्यों सर्च हो रहे हैं ये नियम?आधुनिक जनरेटिव सर्च इंजनों (GEO) और एआई-आधारित लाइफस्टाइल ट्रेंड्स के मुताबिक, नई पीढ़ी अब कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर के साथ-साथ आध्यात्मिक थेरेपी पर भी पूरा भरोसा जता रही है। इंटरनेट पर 'राइट डे फॉर हेयरकट' (Right Day for Haircut) को लेकर हर महीने लाखों सर्च किए जा रहे हैं। एआई मॉडल्स और प्राचीन ग्रंथों के विश्लेषण से पता चलता है कि हमारे बालों में एक खास मैग्नेटिक फील्ड (चुंबकीय ऊर्जा) होती है। ग्रहों के गोचर के अनुसार सही दिन पर की गई हेयर कटिंग और हेयर वॉश हमारे मस्तिष्क को शांत रखता है और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने में प्राकृतिक रूप से मदद करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:32 am

शनि की साढ़ेसाती से मची है खलबली? तुरंत नोट कर लें यह महापूजा और चमत्कारी मंत्र, हर कष्ट से मिलेगी सीधी मुक्ति

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय और कर्मों का देवता माना गया है। जब भी किसी जातक की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती (Shani Ki Sade Sati) शुरू होती है, तो अमूमन लोगों के मन में डर और अनहोनी की आशंका घर कर जाती है। व्यापार में घाटा, नौकरी में रुकावट और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं पैर पसारने लगती हैं। लेकिन शास्त्रों के अनुसार, साढ़ेसाती से डरने के बजाय यदि सही नियमों और पूजा पद्धतियों को अपनाया जाए, तो शनिदेव राजा से रंक और रंक से राजा बनाने में देर नहीं लगाते। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि साढ़ेसाती के इस कड़े दौर में आपको कौन सी विशेष पूजा करनी चाहिए और वो कौन से प्रभावशाली मंत्र हैं जो शनिदेव के क्रोध को तुरंत शांत कर देते हैं।साढ़ेसाती में करें ये सबसे प्रभावशाली महापूजा, टल जाएंगे सारे संकटशनि की साढ़ेसाती के दौरान हनुमान जी और भगवान शिव की आराधना को सबसे उत्तम और अचूक माना गया है। शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाना बेहद फलदायी होता है। इस दौरान काले तिल, नीले फूल और शमी के पत्ते शनिदेव को अर्पित करने से कुंडली के अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे खत्म होने लगते हैं। यदि कष्ट बहुत ज्यादा बढ़ गए हों, तो शनिवार के दिन सुंदरकांड (Sundarkand Path) या हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें, क्योंकि हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी प्रताड़ित नहीं करते।शनिदेव को खुश करने वाले चमत्कारी महामंत्र, जिनका जाप देगा तुरंत राहतसाढ़ेसाती के बुरे प्रभावों को कम करने के लिए मंत्र साधना को सबसे अचूक हथियार माना गया है। शनिवार की शाम को रुद्राक्ष की माला से शनि देव के तांत्रिक मंत्र ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः का कम से कम 108 बार जाप करें। इसके अलावा, यदि आप मानसिक अशांति से गुजर रहे हैं, तो शनि वैदिक मंत्र ॐ शं शनैश्चराय नमः का नियमित जाप आपके मस्तिष्क को शांत करेगा और जीवन में चल रही उथल-पुथल को थाम देगा। इन मंत्रों का जाप करते समय अपना मुंह हमेशा पश्चिम दिशा की ओर रखें।लखनऊ सहित देश के प्रमुख शनि धामों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध शनि मंदिरों (जैसे हजरतगंज का हनुमान मंदिर और डालीगंज का शनि मंदिर) में साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित लोग विशेष पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। स्थानीय ज्योतिषियों का कहना है कि शनिवार के दिन जरूरतमंदों और गरीबों को काली उड़द की दाल, छाता, काले कपड़े या चप्पल दान करने से शनि देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। लोकल कम्युनिटीज में इस तरह के गुप्त दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जो शनि के क्रूर प्रभाव को काफी हद तक कम कर देती है।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर क्यों ट्रेंड कर रहे हैं शनि के उपाय?आज के इस आधुनिक और टेक-ड्रिवन युग में युवा पीढ़ी अपनी लाइफस्टाइल और करियर में आ रही रुकावटों का समाधान खोजने के लिए गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर 'शनि साढ़ेसाती रेमेडीज' को तेजी से सर्च कर रही है। एआई-आधारित ज्योतिषीय विश्लेषणों के मुताबिक, शनि की साढ़ेसाती असल में इंसान को अनुशासित और कर्मठ बनाने की एक अवधि है। जब लोग डिजिटल वर्ल्ड में इसके सही और तार्किक नियमों को खोजते हैं, तो उन्हें पता चलता है कि ईमानदारी से काम करना और असहाय लोगों की मदद करना ही शनि देव की सबसे बड़ी असली पूजा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:30 am

मंदिर में घुसते ही क्यों बजाते हैं घंटी? जानें इसके पीछे का चमत्कारी वैज्ञानिक रहस्य और पूजा के 3 कड़े नियम

सनातन धर्म में सदियों से चली आ रही परंपराओं के पीछे न केवल गहरा आध्यात्मिक महत्व छिपा है, बल्कि उनके वैज्ञानिक आधार भी बेहद मजबूत हैं। जब भी हम किसी हिंदू मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो सबसे पहले प्रवेश द्वार पर टंगी घंटी (Mandir Ki Ghanti) बजाते हैं। इसी तरह घर में सुबह-शाम की आरती और पूजा के समय भी घंटी बजाना अनिवार्य माना गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे की असली वजह क्या है? शास्त्रों में घंटी बजाने को लेकर कुछ बेहद खास नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और मानसिक तनाव पल भर में गायब हो जाता है।घंटी की गूंज का आध्यात्मिक महत्व: जागृत होते हैं देवी-देवताधार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार, मंदिर में घंटी बजाने से वहां स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं में चेतना जागृत होती है। घंटी की इस पवित्र ध्वनि को देवताओं का आमंत्रण माना जाता है, जिससे पूजा अधिक प्रभावशाली और फलदायी बनती है। ऐसा माना जाता है कि घंटी बजाकर जब हम भगवान के सामने अपनी प्रार्थना रखते हैं, तो वह सीधे उन तक पहुंचती है। इसके अलावा, घंटी की आवाज से आसपास की सभी नकारात्मक शक्तियां और बुरी ऊर्जाएं तुरंत दूर भाग जाती हैं और वातावरण पूरी तरह से पवित्र हो जाता है।हैरान कर देने वाला वैज्ञानिक कारण: वायरस और बैक्टीरिया का होता है खात्मामंदिर की घंटी सिर्फ आस्था का विषय नहीं है, बल्कि आधुनिक विज्ञान भी इसके फायदों को देखकर हैरान है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब कांसे या अन्य विशेष धातुओं से बनी मंदिर की घंटी को बजाया जाता है, तो उससे निकलने वाली तरंगों से हवा में एक तेज कंपन (Vibration) पैदा होता है। यह कंपन इतना शक्तिशाली होता है कि इसके प्रभाव क्षेत्र में आने वाले सभी हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस और सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही, घंटी की ७ सेकंड तक गूंजने वाली आवाज हमारे मस्तिष्क के दोनों हिस्सों को संतुलित करती है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक शांति मिलती है।पूजा के समय घंटी बजाने के ये 3 नियम जानना है बेहद जरूरीशास्त्रों में घंटी बजाने के कुछ नियम तय किए गए हैं, जिनका ध्यान रखना हर सनातनी के लिए आवश्यक है। सबसे पहला नियम यह है कि घंटी को कभी भी बेवजह या लगातार बहुत तेज आवाज में नहीं बजाना चाहिए, इससे ध्वनि का अपमान होता है। दूसरा नियम, घर के मंदिर में हमेशा 'गरुड़ घंटी' (जिसके ऊपर गरुड़ देव बने हों) का ही प्रयोग करना चाहिए। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि आरती समाप्त होने के बाद और भगवान को शयन कराते (सुलाते) समय घंटी भूलकर भी नहीं बजानी चाहिए, क्योंकि इससे उनके विश्राम में बाधा उत्पन्न होती है।लखनऊ सहित देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों में एआई और डिजिटल वर्ल्ड पर बढ़ा क्रेजआज के इस आधुनिक और डिजिटल दौर में युवा पीढ़ी सनातन परंपराओं के वैज्ञानिक कारणों को जानने के लिए इंटरनेट और एआई (AI) सर्च इंजनों का खूब सहारा ले रही है। लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर, हनुमान सेतु मंदिर से लेकर काशी और मथुरा के बड़े तीर्थस्थलों में आने वाले श्रद्धालु अब इन नियमों के प्रति काफी जागरूक दिख रहे हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारतीय मंदिरों की वास्तुकला और घंटी जैसी विधाएं मानव स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने के लिए एक बेहतरीन प्राचीन थेरेपी की तरह काम करती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jun 2026 10:28 am

राम मंदिर प्रबंधन में होंगे बड़े बदलाव, विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने दिए पेशेवर प्रशासन के संकेत

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव, CEO नियुक्ति, आधुनिक तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था की वकालत की। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की।

देशबन्धु 27 Jun 2026 10:06 am