SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

38    C

डिजिटल समाचार स्रोत

...

Electric Vehicle से कैसे होगी 50000 से 1 लाख रुपए तक की कमाई, कौनसे हैं बिजनेस आइडियाज, क्या-क्या काम किया जा सकता है

Electric Vehicle India : भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) से सिर्फ गाड़ी चलाकर ही नहीं, बल्कि कई तरह के बिजनेस करके कमाई की जा सकती है। ईवी की बिक्री और उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में भारत में EV बिक्री करीब 23 लाख यूनिट तक पहुंची और नए वाहन ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 6:02 pm

राहुल गांधी के 'कार्यक्रम' को लेकर तैयारियां हुई शुरू, कांग्रेस के इस दावे पर भाजपा ने साधा निशाना

Rahul Gandhi's visit to Uttarakhand : देहरादून में 17 जुलाई को प्रस्तावित लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए प्रशासन द्वारा 'परेड ग्राउंड' की अनुमति रद्द किए जाने के बाद कांग्रेस ने बन्नू स्कूल ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 5:44 pm

नेपाल का सीरियल किलर हाथी 'धुर्बे': 14 साल से एक ही खानदान के पीछे पड़ा है यह गजराज, अब तक ले चुका है 25 जानें!

Nepal Elephent Attack: नेपाल के खूंखार हाथी 'धुर्बे' ने एक ही परिवार के 4 लोगों को उतारा मौत के घाट। जान बचाने के लिए गांव बदलने के बाद भी हाथी ने किया हमला।

वेब दुनिया 15 Jul 2026 5:32 pm

क्या मोदी ने पुतिन को परमाणु हमले से रोका था? पोलैंड के उपविदेश मंत्री का सनसनीखेज दावा

PM Narendra Modi Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर पोलैंड के उपविदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्तोशेवस्की ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने वैश्विक कूटनीति के गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पोलिश मंत्री के मुताबिक, साल ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 5:15 pm

खुशखबर... अब बिना कनेक्शन के भी मिलेगा LPG सिलेंडर, ऑनलाइन होगी डिलीवरी, जानिए क्‍या है प्रोसेस?

LPG cylinder News : एलपीजी सिलेंडर को लेकर राहतभरी खुशखबर सामने आई है। ख‍बर यह है कि अब बिना LPG गैस कनेक्शन के भी आपको घर बैठे गैस सिलेंडर मिल जाएगा यानी अब आपको गैस एजेंसी के सामने लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। देश में पहली बार इंस्टामार्ट ने HPCL ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 5:11 pm

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Why Mosquito Bites Itch: मच्छर के काटने से होने वाली खुजली का कारण स्वयं काटना नहीं, बल्कि मच्छर की लार के प्रति शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है। हिस्टामिन के निकलने से त्वचा पर लालिमा, सूजन और खुजली होती है। यहां जानिए मच्छर के काटने से खुजली ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 5:09 pm

केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: वाराणसी में बनेगा 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, ₹2.19 लाख करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने 2.19 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। वाराणसी में NH-19 और रिंग रोड के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, वरुणा कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर 2.0, रेलवे और यूरिया नीति को भी स्वीकृति मिली।

देशबन्धु 15 Jul 2026 4:40 pm

रणथम्भौर बाघ अभयारण्य पर्यटकों के लिए तीन महीने के लिए बंद

सवाईमाधोपुर। राजस्थान में सवाईमाधोपुर का रणथंभौर बाघ अभयारण्य तीन महीने के मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बीच 1700 वर्ग किलोमीटर के इस जंगल में बाघ के शरीर पर बनी धारियों से बाघों की गणना के लिए 600 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। अभयारण्य के सूत्रों ने बुधवार […] The post रणथम्भौर बाघ अभयारण्य पर्यटकों के लिए तीन महीने के लिए बंद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 4:10 pm

इंस्टामार्ट पर अब मिलेगा HPCL LPG सिलेंडर, जल्द शुरू होगी बेंगलूरु में ऑन-डिमांड डिलीवरी सेवा

नई दिल्ली। कर्नाटक में बेंगलूरु के रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। अब यहां के गैस उपभोक्ताओं को क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट के जरिये एलपीजी सिलेंडर मिलेंगे। इसके लिए इंस्टामार्ट ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (एचपीसीएल) से हाथ मिलाया है और ऑन-डिमांड डिलीवरी सेवा शुरू करने की घोषणा है। गौरतलब है कि देश […] The post इंस्टामार्ट पर अब मिलेगा HPCL LPG सिलेंडर, जल्द शुरू होगी बेंगलूरु में ऑन-डिमांड डिलीवरी सेवा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 3:57 pm

नई दिल्ली: यमुना नदी में नहाते वक्त डूबे चार बच्चे, तीन के शव बरामद; एक की तलाश जारी

नई दिल्ली के अलीपुर इलाके के पास यमुना नदी में नहाते समय डूबने वाले चार बच्चों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है, जिससे बरामद शवों की कुल संख्या तीन हो गई है, जबकि आखिरी बच्चे की तलाश जारी है।

देशबन्धु 15 Jul 2026 3:51 pm

ओडिशा में इलाज में लापरवाही को लेकर दंत चिकित्सक को एक लाख रुपए जुर्माना देने का निर्देश

भुवनेश्वर। ओडिशा में केंद्रपाड़ा ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक निजी दंत चिकित्सक को एक महिला को एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने का आदेश दिया है। आयोग ने दंत चिकित्सक को मेडिकल लापरवाही और सेवा में कमी का दोषी पाया है। यह मामला दांतों के इलाज से जुड़ा है, जिसके कारण महिला को […] The post ओडिशा में इलाज में लापरवाही को लेकर दंत चिकित्सक को एक लाख रुपए जुर्माना देने का निर्देश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 3:24 pm

बुलंदशहर: पैसों के लेनदेन में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, ताड़तोड़ फायरिंग से एक की मौत तो दूसरे पर चढ़ाई गाड़ी

बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद में पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना सामने आई है, जिसमें अजब सिंह और सोनू की मौत हो गई और दो अन्य लोग घायल हो गए। वारदात की जानकारी होते ही एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी और एसएसपी समेत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।

देशबन्धु 15 Jul 2026 3:22 pm

मुंबई इंडियंस में हलचल: हार्दिक पंड्या की विदाई की चर्चा तेज, रोहित-सूर्या नहीं, इन दो दिग्गजों को मिल सकती है कप्तानी

आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शुमार मुंबई इंडियंस (MI) के खेमे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो फ्रेंचाइजी और हार्दिक पंड्या के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, जिसके चलते हार्दिक की कप्तानी से छुट्टी लगभग तय मानी जा रही है। फैंस के बीच यह चर्चा जोर-शोर से है कि आखिर अब मुंबई इंडियंस की बागडोर कौन संभालेगा? हालांकि रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव के नाम पहले से ही चर्चा में थे, लेकिन अब दो नए नामों ने मुंबई की राजनीति और क्रिकेट गलियारों में सस्पेंस बढ़ा दिया है।हार्दिक का 'सफर' क्या खत्म होने वाला है?हार्दिक पंड्या की कप्तानी में मुंबई इंडियंस का पिछला सीजन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। टीम के भीतर जारी असंतोष और मैदान पर दिख रहे खराब तालमेल ने मैनेजमेंट को सोचने पर मजबूर कर दिया है। मुंबई इंडियंस की संस्कृति हमेशा से अनुशासित नेतृत्व की रही है, और हार्दिक की कप्तानी शैली को लेकर उठते सवालों ने उनकी स्थिति को कमजोर कर दिया है। जानकारों का कहना है कि अगले सीजन के लिए फ्रेंचाइजी एक फ्रेश शुरुआत करने के मूड में है, जिसमें हार्दिक के लिए जगह बनाना मुश्किल होता दिख रहा है।रोहित और सूर्या क्यों नहीं? ये हैं नए दावेदाररोहित शर्मा ने खुद को कप्तानी की दौड़ से काफी हद तक दूर रखा है, वहीं सूर्यकुमार यादव को लेकर भी बोर्ड का विचार अलग हो सकता है। अब कप्तानी के लिए दो युवा और आक्रामक खिलाड़ियों के नाम सबसे आगे हैं। पहला नाम जसप्रीत बुमराह का है, जो टीम के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद खिलाड़ी हैं। बुमराह का कूल माइंड और सटीक गेंदबाजी हमेशा से टीम को जीत दिलाती रही है। दूसरा नाम ईशान किशन का उभर कर आ रहा है, जिन्हें मैनेजमेंट एक भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहा है। बुमराह और ईशान की यह संभावित जोड़ी मुंबई के भविष्य के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।आधुनिक दौर की 'एआई' और क्रिकेट डेटा का प्रभावजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के दौर में क्रिकेट फैंस अब केवल भावनाओं से नहीं, बल्कि डेटा से फैसले ले रहे हैं। सोशल मीडिया और सर्च प्लेटफॉर्म्स पर मुंबई इंडियंस की कप्तानी के लिए बुमराह और ईशान किशन के पक्ष में भारी डेटा सपोर्ट दिख रहा है। एआई-आधारित एनालिसिस यह बता रहा है कि बुमराह का नेतृत्व कौशल कठिन परिस्थितियों में अधिक प्रभावशाली है। मुंबई इंडियंस का मैनेजमेंट भी इसी दिशा में सोच रहा है कि कैसे एक ऐसा कप्तान चुना जाए जो न केवल टीम को एकजुट रखे, बल्कि फैंस के साथ भी जुड़ाव बनाए रखे।मुंबई का अगला कदम क्या होगा?आगामी सीजन से पहले मुंबई इंडियंस के इस बड़े बदलाव पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या हार्दिक पंड्या को रिलीज किया जाएगा? या फिर उन्हें टीम में एक खिलाड़ी के रूप में रखा जाएगा? इन सवालों का जवाब तो वक्त ही देगा, लेकिन इतना तय है कि वानखेड़े के मैदान पर अगले आईपीएल सीजन में एक नई मुंबई इंडियंस देखने को मिलेगी। बुमराह या ईशान - कौन संभालेगा मुंबई की कमान? यह प्रश्न अब आईपीएल की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक बन चुका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:15 pm

राकांपा ने परिसीमन विधेयक का समर्थन करने का दिया संकेत

मुंबई। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विवादित परिसीमन विधेयक का समर्थन करने के संकेत से राजनीतिक माहौल में हलचल सी मच गई है। विवादित परिसीमन विधेयक पर विपक्ष के रुख को बदलने वाले इस कदम में पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं सांसद सुप्रिया सुले ने संकेत दिया है कि […] The post राकांपा ने परिसीमन विधेयक का समर्थन करने का दिया संकेत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 3:13 pm

शुभमन गिल की राह में सचिन-रोहित का 'विशाल' चैलेंज: क्या टूट पाएगा क्रिकेट इतिहास का ये अनूठा रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के 'प्रिंस' कहे जाने वाले शुभमन गिल लगातार नए मुकाम हासिल कर रहे हैं, लेकिन उनके सामने अब एक ऐसा पहाड़ जैसा रिकॉर्ड खड़ा है, जिसे छूना बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए भी सपना रहा है। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और हिटमैन रोहित शर्मा के नाम एक ऐसा जादुई कारनामा दर्ज है, जिसे आज तक कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। शुभमन गिल की बढ़ती फॉर्म को देखकर अब फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है कि क्या गिल इस असंभव लगने वाले रिकॉर्ड को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं?वो अनोखा रिकॉर्ड जो आज भी है बरकरारसचिन तेंदुलकर और रोहित शर्मा ने अपने करियर में ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए हैं जो बल्लेबाजी की दुनिया में एक बेंचमार्क बन चुके हैं। हम बात कर रहे हैं सीमित ओवरों के क्रिकेट और टेस्ट मैचों में उनके द्वारा लगाए गए कुछ विशेष शतकों की श्रृंखला और उनके स्ट्राइक रेट के अनोखे संगम की। विशेष रूप से, एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक इंटरनेशनल रन और शतकों का जो आंकड़ा सचिन और रोहित ने अपने चरम पर छुआ था, उसे पार करना गिल के लिए एक बड़ी परीक्षा है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि गिल की तकनीक तो शानदार है, लेकिन इन दिग्गजों के स्तर की निरंतरता (Consistency) को हासिल करना ही असली चुनौती है।शुभमन गिल के लिए परीक्षा की घड़ीशुभमन गिल ने जिस तेजी से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है, उससे यह तो साफ है कि उनमें सचिन और रोहित जैसी झलक दिखती है। गिल के शॉट्स में जो शालीनता है, वह सचिन की याद दिलाती है, वहीं रोहित की तरह बड़े शॉट खेलने की उनकी क्षमता उन्हें एक पूर्ण बल्लेबाज बनाती है। हालांकि, AEO (आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन) और क्रिकेट डेटा के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि गिल को अभी अपनी फिटनेस और बड़े टूर्नामेंटों में लंबी पारियां खेलने के रिकॉर्ड को और बेहतर करना होगा। गिल का लक्ष्य केवल शतक लगाना नहीं, बल्कि उन दिग्गजों के साथ खड़े होने के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करना है।क्या एआई (Generative AI) भविष्य की कर रहा भविष्यवाणी?आज के दौर में एआई-आधारित (Generative Engine Optimization) क्रिकेट विश्लेषण भी गिल के ग्राफ को ऊपर की ओर दिखा रहे हैं। प्रेडिक्टिव एनालिसिस (Predictive Analysis) के अनुसार, यदि गिल इसी गति से रन बनाते रहे, तो आने वाले 3 से 4 वर्षों में वे उन बड़े रिकॉर्ड्स के बेहद करीब हो सकते हैं। प्रशंसकों के लिए यह एक रोचक मुकाबला है—एक तरफ क्रिकेट के दो दिग्गज जिनके रिकॉर्ड्स का लोहा पूरी दुनिया मानती है, और दूसरी तरफ युवा गिल, जिनकी आंखों में उन रिकॉर्ड्स को तोड़ने का साहस है। यह मुकाबला सिर्फ मैदान पर नहीं, बल्कि आंकड़ों के इस महायुद्ध में भी है।क्रिकेट जगत की नजरें अब गिल परआगामी सीरीज में शुभमन गिल के प्रदर्शन पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या वे रोहित और सचिन के उस जादुई आंकड़े को छू पाएंगे? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना जरूर है कि गिल ने भारत को एक नई उम्मीद दी है। वे न केवल अपने लिए रन बना रहे हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस सुनहरे इतिहास को फिर से लिखने की क्षमता भी रखते हैं। क्रिकेट का हर प्रशंसक यही देखना चाहता है कि क्या गिल अपने नाम के आगे 'अगला दिग्गज' का खिताब दर्ज करवा पाएंगे या यह रिकॉर्ड हमेशा के लिए सचिन-रोहित के नाम ही रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:12 pm

छत्तीसगढ़ की गौरव: डॉ. तीजन बाई की कला को मिलेगा अमर सम्मान, स्कूलों और लोककला अलंकरणों का होगा नामकरण

छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और पंडवानी की धुन को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने वाली 'पद्म विभूषण' डॉ. तीजन बाई के सम्मान में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। कला के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सरकार ने अब प्रदेश के प्रमुख स्कूलों और राज्य स्तरीय लोककला अलंकरणों का नामकरण उनके नाम पर करने की घोषणा की है। यह न केवल उनके प्रति सम्मान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।लोककला और संस्कृति का होगा 'अमृत' संरक्षणडॉ. तीजन बाई की पंडवानी कला ने छत्तीसगढ़ को वैश्विक मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। सरकार के इस कदम से लोककला के क्षेत्र में कार्यरत युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। अब राज्य द्वारा दिए जाने वाले प्रमुख लोककला पुरस्कारों में डॉ. तीजन बाई का नाम जुड़ने से इनका मान और अधिक बढ़ जाएगा। साथ ही, चयनित स्कूलों का नाम उनके नाम पर रखे जाने से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। यह संस्कृति के संरक्षण की एक आधुनिक और सम्मानजनक पहल है।Geographical (लोकल) और शैक्षणिक प्रभावस्थानीय स्तर पर इस घोषणा का स्वागत करते हुए कलाकारों और शिक्षाविदों का कहना है कि यह निर्णय हमारी कलात्मक पहचान को पुनर्जीवित करेगा। भौगोलिक रूप से छत्तीसगढ़ के हर अंचल में तीजन बाई की कहानियों की गूंज है, और अब स्कूलों के माध्यम से यह गूंज शिक्षा के गलियारों में भी सुनाई देगी। यह कदम राज्य की 'Geographical' पहचान को मजबूत करता है। नई पीढ़ी, जो आज के डिजिटल युग में अपनी जड़ों से कट रही है, उनके लिए यह एक ऐसे 'सांस्कृतिक केंद्र' के रूप में कार्य करेगा जहाँ कला को शिक्षा के साथ जोड़ा जा सकेगा।AI और डिजिटल युग में कला का प्रचारआज के डिजिटल और 'Generative AI' के दौर में, जब लोग सर्च इंजनों पर डॉ. तीजन बाई की पंडवानी और छत्तीसगढ़ी लोक कला के बारे में खोजते हैं, तब इस प्रकार के सरकारी निर्णय डेटा-आधारित संस्कृति के निर्माण में मदद करते हैं। यह कदम भविष्य में उन सर्च ट्रेंड्स को भी प्रभावित करेगा, जहां लोग छत्तीसगढ़ की संस्कृति और महान विभूतियों के बारे में जानना चाहते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि डॉ. तीजन बाई का नाम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और शैक्षणिक रिकॉर्ड्स में भी 'ब्रांड छत्तीसगढ़' की तरह दर्ज हो, जिससे वैश्विक स्तर पर हमारी कला को नई पहचान मिल सके।एक युग का सम्मानडॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्ष और कला का पर्याय रहा है। सरकार की यह पहल एक युग को सम्मानित करने के समान है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद से प्रदेश भर के कलाकारों में खुशी का माहौल है। यह पहल स्पष्ट करती है कि छत्तीसगढ़ की सरकार अपनी परंपराओं और उन महापुरुषों को सहेजने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के नाम को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया है। आने वाले समय में, यह नामकरण न केवल स्कूलों की पहचान बनेगा, बल्कि कला के प्रति युवाओं में नए उत्साह का संचार भी करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:11 pm

छत्तीसगढ़ में 'आप' का शक्ति प्रदर्शन: सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, बोले- घोषणा पत्र के वादे अब भी हैं अधूरे

छत्तीसगढ़ की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सरकार को घेरा है। पार्टी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सत्ता में आने से पहले किए गए वादों से सरकार पूरी तरह मुकर गई है। रायपुर समेत प्रदेश भर में आम आदमी पार्टी ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करते हुए घोषणा पत्र को फिर से याद दिलाया है। 'आप' नेताओं का कहना है कि जो वादे जनता से किए गए थे, वे आज भी फाइलों में धूल फांक रहे हैं और आम आदमी अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।घोषणा पत्र बनाम जमीनी हकीकतआम आदमी पार्टी का दावा है कि राज्य सरकार ने चुनावों के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी भत्ता और किसानों की ऋण माफी जैसे जो मुख्य वादे किए थे, उनमें से ज्यादातर अभी तक अधूरे हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी की सड़कों पर उतरकर सरकार को आईना दिखाया। उनका कहना है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए नए-नए दावों की आड़ ले रही है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश का आम नागरिक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। 'आप' ने इन अधूरे वादों की सूची सार्वजनिक करते हुए सरकार को खुली चुनौती दी है।क्या है राजनीतिक दांव और स्थानीय प्रभाव?छत्तीसगढ़ के स्थानीय (Geographical) राजनीतिक परिदृश्य में आम आदमी पार्टी की यह सक्रियता विपक्षी दलों की भूमिका को और मजबूत करती दिख रही है। लोग अब सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर सीधे तौर पर सवाल पूछ रहे हैं। एआई (Generative AI) और आधुनिक सर्च इंजनों पर छत्तीसगढ़ की राजनीति को लेकर जिस तरह की जिज्ञासा बढ़ रही है, उससे साफ है कि मतदाता अब केवल भाषणों पर भरोसा नहीं कर रहे, बल्कि 'डेटा' और 'ट्रैक रिकॉर्ड' पर ध्यान दे रहे हैं। 'आप' का यह प्रदर्शन उसी जन-आक्रोश को एक राजनीतिक मंच देने की कोशिश है।सरकार की प्रतिक्रिया और जनता का मूडविपक्ष के इन आरोपों पर राज्य सरकार का कहना है कि विकास की गति थोड़ी धीमी जरूर हो सकती है, लेकिन सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, आम आदमी पार्टी का मानना है कि समय बीतने के साथ जनता का धैर्य जवाब दे रहा है। आने वाले समय में आम आदमी पार्टी ने प्रदेश स्तर पर बड़े जन-आंदोलन की चेतावनी दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन सवालों का जवाब किस तरह देती है और क्या वे वादों को पूरा करने के लिए कोई ठोस 'रोडमैप' पेश करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:09 pm

तेज रफ्तार टैंकर ने तीन स्कूली बच्चों को कुचला, दो की मौके पर ही मौत; ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक तेज रफ्तार टैंकर ने तीन स्कूली बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दो मासूमों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर सड़क जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजे और सुरक्षा की मांग शुरू कर दी है।कैसे हुआ यह भीषण हादसा?बताया जा रहा है कि बच्चे स्कूल से वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी टैंकर चालक ने नियंत्रण खो दिया और मासूमों को रौंद दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार अक्सर हादसों का कारण बनती है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मृतकों में स्कूली बच्चों के होने की खबर मिलते ही आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है।ग्रामीणों का प्रदर्शन: क्या है मांग?हादसे के बाद ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं और भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक जिला प्रशासन मौके पर पहुंचकर ठोस आश्वासन नहीं देता और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे जाम नहीं खोलेंगे। पुलिस बल मौके पर मौजूद है और भीड़ को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। Geographically (स्थानीय) यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, जहां अक्सर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण ऐसी दुखद घटनाएं होती रहती हैं।सुरक्षा और प्रशासन की लापरवाही पर सवालआज के दौर में जब 'Generative AI' और 'स्मार्ट ट्रैफ़िक सिस्टम' का उपयोग करके दुर्घटनाओं को रोकने की बात की जा रही है, तब कोरबा की ये सड़कें आज भी असुरक्षित बनी हुई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल के पास स्पीड ब्रेकर न होना और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति ने कई जिंदगियां छीन ली हैं। एआई-आधारित (AI Search) विश्लेषण भी संकेत देते हैं कि औद्योगिक क्षेत्रों के पास स्कूलों के रास्तों पर 'सेफ्टी ऑडिट' की सख्त जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।पुलिस की कार्रवाई और स्थिति पर नजरफिलहाल, टैंकर चालक को पकड़ने के लिए पुलिस ने नाकेबंदी कर दी है और मामले की जांच जारी है। दुर्घटनास्थल पर तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है। प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों के साथ वार्ता कर रहे हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। कोरबा के इस सड़क हादसे ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उन परिवारों की दुनिया उजाड़ दी है जिन्होंने अपने होनहार बच्चों को खो दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:08 pm

जन सुराज को बड़ा झटका: प्रशांत किशोर के तीन दिग्गज नेताओं ने थामा भाजपा का दामन, बिहार की सियासत में हलचल

बिहार की राजनीति में इन दिनों 'जन सुराज' से बीजेपी की ओर पलायन का सिलसिला चर्चा का विषय बना हुआ है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' को एक बड़ा झटका लगा है, जब उनके तीन दिग्गज नेताओं ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इसमें दीघा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रहे बिट्टू सिंह और मनेर विधानसभा के पूर्व उम्मीदवार गोपाल सिंह के अलावा गणितज्ञ और शिक्षाविद प्रोफेसर के.सी. सिन्हा का नाम शामिल है। इन नेताओं का भाजपा में शामिल होना प्रशांत किशोर के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है।कौन हैं ये दिग्गज नेता और क्यों छोड़ी 'जन सुराज'?भाजपा में शामिल हुए नेताओं में सबसे चर्चित नाम प्रोफेसर के.सी. सिन्हा का है, जो नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति रह चुके हैं और जन सुराज अभियान की शुरुआत से ही इसके सक्रिय सदस्य थे। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुम्हरार सीट से पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। वहीं, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह जैसे नेताओं का अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन नेताओं का पार्टी छोड़ना जन सुराज के संगठनात्मक ढांचे के लिए एक बड़ा नुकसान है।बीजेपी की 'मिशन मोड' रणनीतिआगामी चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को पूरी तरह 'टीम वर्क' पर केंद्रित कर दिया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में एनडीए के घटक दलों की एक अहम बैठक हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। भाजपा इन नेताओं को शामिल कर न केवल अपना कुनबा बढ़ा रही है, बल्कि प्रशांत किशोर की पार्टी को उसी के गढ़ में कमजोर करने की कोशिश कर रही है।क्या कहते हैं राजनीतिक समीकरण?एआई-आधारित सर्च ट्रेंड्स (AI Search) और स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर के लिए अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना एक बड़ी परीक्षा बन गई है। पहले भी कई मौकों पर जन सुराज के प्रत्याशियों के भाजपा में शामिल होने की खबरें आती रही हैं, जो सीधे तौर पर चुनावी समीकरणों को प्रभावित करती हैं। दीघा और कुम्हरार जैसे क्षेत्रों में इन नेताओं की स्विचिंग से एनडीए का पलड़ा भारी होता दिख रहा है।जन सुराज का भविष्य और प्रशांत किशोर की राहप्रशांत किशोर ने जिस तरह से बिहार की बदहाली और पलायन जैसे मुद्दों पर 'जन सुराज' की नींव रखी थी, उसे जनता का समर्थन मिल रहा था, लेकिन लगातार हो रही 'दलबदल' की राजनीति ने पार्टी के सामने संकट पैदा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशांत किशोर अपने संगठन में हो रही इस टूट को कैसे रोकते हैं और क्या वे आने वाले दिनों में नए चेहरों के दम पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:07 pm

भीलवाड़ा के आसींद में कार की चपेट में आने से 3 युवकों की मौत

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के आसींद थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-158 पर मंगलवार देर रात कार की चपेट में आने से मोटर साइकिल पर सवार तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि कमलेश (24), भूरा उर्फ निजाम खान और बृजेश सहनी भीलवाड़ा में कैटरिंग का काम करते थे। देर […] The post भीलवाड़ा के आसींद में कार की चपेट में आने से 3 युवकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 3:06 pm

'आपने देश की अंतरात्मा जगा दी, अब अनशन खत्म कीजिए'— शशि थरूर की सोनम वांगचुक से भावुक अपील

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने 18 दिन से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्होंने देश की अंतरात्मा जगा दी।

वेब दुनिया 15 Jul 2026 3:06 pm

बिहार पुलिस का ऑपरेशन ट्रांसफर : अचानक बदले गए 22 DSP, दानापुर-पटना सिटी समेत कई अनुमंडलों में तैनात हुए नए अधिकारी

बिहार पुलिस महकमे में आज एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक साथ 22 पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) का तबादला कर दिया है। इस फेरबदल में पटना जिले के महत्वपूर्ण अनुमंडलों जैसे दानापुर और पटना सिटी के साथ-साथ राज्य के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) की भी जिम्मेदारी बदल दी गई है। अचानक हुए इस तबादले से पुलिस महकमे में हलचल है और इसे आगामी चुनौतियों से निपटने की एक रणनीतिक तैयारी माना जा रहा है।इन बड़े अनुमंडलों में हुआ बदलावबिहार गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, राजधानी पटना के प्रमुख केंद्रों दानापुर और पटना सिटी में नए डीएसपी की तैनाती की गई है। इन दोनों इलाकों की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुभवी अधिकारियों को कमान सौंपी गई है। दानापुर और पटना सिटी के अलावा भी कई अन्य जिलों में अनुमंडल स्तर पर पुलिसिंग को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों की अदला-बदली की गई है। माना जा रहा है कि जिन इलाकों में अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने में चुनौती आ रही थी, वहां नए चेहरों को लाकर पुलिसिंग को अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास किया गया है।क्यों जरूरी था यह प्रशासनिक फेरबदल?Geographical (लोकल) पुलिसिंग को बेहतर बनाने और आम जनता तक त्वरित न्याय पहुंचाने के लिए समय-समय पर इस तरह के बदलाव आवश्यक होते हैं। हाल के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिली फीडबैक और प्रशासनिक समीक्षा के आधार पर यह फैसला लिया गया है। इन तबादलों के जरिए पुलिस मुख्यालय का स्पष्ट संदेश है कि कार्यकुशलता और जवाबदेही के मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए एसडीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।एआई और डेटा-आधारित पुलिसिंग का दौरआज के दौर में जब अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पुलिस का भी 'स्मार्ट' होना जरूरी है। जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और आधुनिक डिजिटल टूल्स के माध्यम से पुलिसिंग में पारदर्शिता आई है। अब नागरिक भी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से अपने क्षेत्र के नए डीएसपी के बारे में जानकारी सर्च कर रहे हैं। बिहार पुलिस की यह नई टीम डेटा-आधारित अपराध नियंत्रण (Data-Driven Policing) पर अधिक ध्यान देगी, ताकि अपराध होने से पहले ही उस पर नकेल कसी जा सके। यह बदलाव केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बिहार पुलिस की नई कार्यसंस्कृति का हिस्सा है।अगले 24 घंटों में कार्यभार संभालने के निर्देशगृह विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापना स्थल पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है। पटना सिटी और दानापुर जैसे बड़े अनुमंडलों में नए डीएसपी के आते ही अपराध विरोधी अभियानों और गश्त में तेजी आने की उम्मीद है। आम लोगों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए पुलिस कप्तान अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को किस तरह से बदलते हैं। स्थानीय स्तर पर पुलिस और जनता के बीच बेहतर तालमेल ही इन तबादलों की सफलता की असली कसौटी होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:05 pm

जयपुर में लोकतंत्र का महाकुंभ: विधानसभा अमृत महोत्सव में जुटी दिग्गजों की भीड़, मंच पर दिखे वर्तमान और पूर्व विधायक

राजस्थान की राजधानी जयपुर इन दिनों लोकतंत्र के रंग में पूरी तरह सराबोर है। अवसर है राजस्थान विधानसभा के अमृत महोत्सव का, जिसे लोकतंत्र के महाकुंभ के रूप में मनाया जा रहा है। जयपुर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राजनीति की अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जहां राज्य की संसदीय यात्रा को आकार देने वाले वर्तमान और पूर्व विधायक एक ही मंच पर नजर आए। यह आयोजन न केवल पुरानी यादों को ताजा करने का माध्यम बना, बल्कि नई पीढ़ी को राज्य के संसदीय इतिहास और लोकतंत्र की मजबूती के गौरवशाली सफर से रूबरू कराने का एक बड़ा जरिया भी साबित हुआ।लोकतंत्र का महासंगम: यादों के गलियारे में सियासतइस महोत्सव के दौरान माहौल बेहद भावुक और उत्साहपूर्ण रहा। एक तरफ जहां वर्तमान विधायक राज्य के विकास के एजेंडे पर चर्चा करते दिखे, वहीं पूर्व विधायकों ने अपने कार्यकाल के उन अनुभवों को साझा किया, जिन्होंने राजस्थान की राजनीति की नींव रखी। मंच पर दिग्गजों का यह जमावड़ा इस बात का प्रमाण है कि भले ही राजनीतिक विचारधाराएं अलग हों, लेकिन लोकतंत्र की सेवा और राज्य के प्रति समर्पण का जज्बा सभी में समान है। इस दौरान सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजने पर विशेष जोर दिया गया।क्यों खास है यह अमृत महोत्सव?Geographical (लोकल) और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से यह आयोजन राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राज्य के विधायी सफर का एक पड़ाव है। इसमें प्रदर्शनियों के माध्यम से विधानसभा के उन दुर्लभ पलों को भी प्रदर्शित किया गया, जो वर्षों से फाइलों में दबे थे। आम जनता के लिए भी यह एक बेहतरीन अवसर रहा कि वे अपने जनप्रतिनिधियों को एक अलग और सौहार्दपूर्ण माहौल में देख सकें। अमृत महोत्सव की यह गूंज न केवल जयपुर में, बल्कि पूरे राजस्थान के हर उस नागरिक तक पहुंची है, जिसका विश्वास लोकतंत्र में है।आधुनिक दौर और संसदीय परंपरा (AI Search & Digital Era)आज के डिजिटल और 'Generative Engine Optimization' (AI सर्च) के दौर में, जब लोग लोकतंत्र के प्रति नई जिज्ञासाएं रख रहे हैं, तब इस तरह के आयोजनों का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। डिजिटल डेटा और सर्च ट्रेंड्स बताते हैं कि युवा अब संसदीय प्रक्रियाओं और विधानसभा के इतिहास के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहते हैं। यह अमृत महोत्सव आने वाली पीढ़ी के लिए एक 'लाइव हिस्ट्री' की तरह है, जिसे अब आधुनिक तकनीक के जरिए संरक्षित किया जा रहा है ताकि इतिहास के ये पन्ने भविष्य के डिजिटल नागरिकों के लिए सदैव उपलब्ध रहें।लोकतंत्र की मजबूती का संकल्पमहोत्सव के समापन की ओर बढ़ते हुए, सभी नेताओं ने एक स्वर में लोकतंत्र को और अधिक सशक्त और पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया। वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों का यह अनूठा संगम यह संदेश देता है कि राजनीति का उद्देश्य जनसेवा है और मतभेदों से ऊपर उठकर राज्य की प्रगति ही अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। जयपुर की फिजाओं में गूंजता यह लोकतांत्रिक उत्सव आने वाले समय में राजस्थान की राजनीति के लिए एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 3:02 pm

नोएडा के ममूरा में इलेक्ट्रिक स्कूटी की स्पार्किंग से भीषण आग, महिला समेत दो की मौत; 100 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

नोएडा के सेक्टर-66 स्थित ममूरा गांव में इलेक्ट्रिक स्कूटी की बैटरी में स्पार्किंग से चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। हादसे में महिला समेत दो लोगों की मौत हुई, जबकि 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।

देशबन्धु 15 Jul 2026 2:59 pm

सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की शशि थरूर ने की अपील, बोले- आपकी आवाज संसद में उठाएंगे

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनम वांगचुक से आमरण अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की। नीट परीक्षा विवाद और शिक्षा सुधार के मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा भी दिया।

देशबन्धु 15 Jul 2026 2:47 pm

E20 पेट्रोल पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान, बोले- शुद्ध पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी

E20 पेट्रोल पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जो लोग शुद्ध 100% पेट्रोल चाहते हैं, उन्हें अधिक कीमत चुकानी होगी। IIT कानपुर ने भी E20 से इंजन या माइलेज पर नुकसान के दावों को खारिज किया।

देशबन्धु 15 Jul 2026 2:40 pm

सूर्य देव का बड़ा बदलाव! 16 जुलाई को 'कर्क' में सूर्य का गोचर, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का राशि परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्रहों के राजा सूर्य देव अब अपनी चाल बदलते हुए 16 जुलाई 2026 को मिथुन राशि से निकलकर चंद्रमा की राशि 'कर्क' में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य का यह गोचर न केवल मौसम में बदलाव का संकेत देता है, बल्कि 12 राशियों के जातकों के जीवन में भी बड़े उतार-चढ़ाव लेकर आता है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, अगले 30 दिनों तक चलने वाला यह सूर्य का यह विशेष गोचर खास तौर पर 3 भाग्यशाली राशियों के लिए धन, मान-सम्मान और करियर में जबरदस्त प्रगति लेकर आ रहा है।इन 3 राशियों के लिए शुरू होगा 'स्वर्ण काल'सूर्य का यह गोचर मेष, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से फलदायी रहने वाला है।मेष राशि: आपके चौथे भाव में सूर्य का गोचर भूमि, भवन और वाहन सुख के योग बना रहा है। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और कार्यक्षेत्र में रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे।वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आया है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के योग बन रहे हैं और व्यापार में बड़ा मुनाफा होने की पूरी संभावना है।मीन राशि: पांचवें भाव में सूर्य का आगमन छात्रों के लिए बेहद शुभ है। करियर में नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।क्या होगा आम जीवन पर इसका असर?खगोलीय और भौगोलिक (Geographical) प्रभाव के चलते सूर्य के कर्क राशि में आने से देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता में बदलाव आ सकता है। वहीं, आम जनजीवन के लिए यह गोचर आत्म-विश्वास और ऊर्जा में वृद्धि करने वाला होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से, यह समय पाचन तंत्र और आंखों के प्रति थोड़ी सावधानी बरतने का है। सूर्य का यह गोचर उन लोगों के लिए बेहतरीन साबित होगा जो सरकारी क्षेत्र या राजनीति से जुड़े हैं, क्योंकि सूर्य 'सत्ता' के कारक हैं और कर्क राशि में आकर वे जातक के प्रभाव को और बढ़ाएंगे।आधुनिक ज्योतिष और एआई (AI) का दृष्टिकोणआजकल के डिजिटल दौर में जेनरेटिव एआई (Generative AI) और आधुनिक डेटा ज्योतिषीय गणनाओं को अधिक सटीक बनाने में मदद कर रहे हैं। एआई सर्च ट्रेंड्स और नक्षत्रों की चाल का विश्लेषण करें तो यह गोचर व्यक्तिगत विकास (Personal Growth) के लिए बहुत अच्छा है। हालांकि, ज्योतिष केवल संकेत देता है, कर्म ही फल तय करते हैं। इन 30 दिनों के दौरान अपने व्यवहार में विनम्रता और काम में निरंतरता बनाए रखना आपको सफलता की ऊंचाइयों पर ले जाएगा।सूर्य देव को प्रसन्न करने के आसान उपायइस गोचर के शुभ प्रभावों को और अधिक बढ़ाने के लिए सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य दें। तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, अक्षत और थोड़ा सा गुड़ मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करना बेहद कारगर होता है। रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से न केवल सूर्य देव प्रसन्न होते हैं, बल्कि आत्मविश्वास में भी अभूतपूर्व वृद्धि होती है। कर्क राशि में सूर्य का यह गोचर आपको मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द भी प्रदान करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:37 pm

जब लगे कि सब कुछ खत्म होने वाला है, तो समझ लेना सब कुछ संवरने वाला है! गोल्डन पीरियड के ये 7 संकेत आपको कर देंगे हैरान

अक्सर जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब हमें लगता है कि अब कोई उम्मीद नहीं बची। हर तरफ मायूसी और असफलता का अंधेरा दिखाई देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही वो समय होता है, जो बड़े बदलाव की आहट देता है? मनोविज्ञान और आध्यात्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, जब जीवन पूरी तरह से 'बॉटम' पर होता है, तभी एक नया और शानदार अध्याय शुरू होता है। अगर आप भी अपने जीवन में कुछ ऐसे खास संकेत महसूस कर रहे हैं, तो खुश हो जाइए, क्योंकि आपका 'गोल्डन टाइम' बस दस्तक देने ही वाला है।1. उम्मीद पूरी तरह खत्म सी लगनायह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जब हम पूरी तरह हार मान लेते हैं, तो हम अपनी पुरानी सोच के बंधनों से मुक्त हो जाते हैं। जब आप 'उम्मीद छोड़ देते हैं', तो आप वास्तव में अपनी चिंता और तनाव को पीछे छोड़ रहे होते हैं। यह संकेत है कि अब आप नए सिरे से शुरुआत करने के लिए तैयार हैं और ब्रह्मांड आपके लिए कुछ बेहतर प्लान कर रहा है।2. बिना किसी कारण के मन का प्रसन्न रहनाअगर आप हाल ही में बिना किसी ठोस वजह के खुद को अंदर से हल्का और खुश महसूस कर रहे हैं, तो यह आपकी ऊर्जा में बदलाव का संकेत है। यह खुशी इस बात का प्रतीक है कि आपके अंदर की नकारात्मकता अब छंट चुकी है और आपकी सकारात्मकता एक नए स्तर पर पहुंच गई है।3. अचानक से पुरानी आदतों और लोगों से दूरी महसूस करनाक्या आपको लग रहा है कि आपके पुराने दोस्त या आपकी पुरानी आदतें अब आपको लुभा नहीं रही हैं? यह विकास की निशानी है। आप एक ऐसे पड़ाव पर हैं जहां आपका व्यक्तित्व बदल रहा है। पुराने का छूटना ही नए का आने का सबसे पक्का संकेत होता है।4. जीवन में अजीब तरह का ठहराव आनाअगर सब कुछ अचानक थम सा गया है और आपको लग रहा है कि कुछ नहीं हो रहा, तो घबराएं नहीं। तूफान आने से पहले की खामोशी की तरह, यह ठहराव आपके अगले बड़े कदम की तैयारी है। यह समय आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने और अपनी ऊर्जा को संचित करने का अवसर देता है।5. छोटी-छोटी चीजों के लिए कृतज्ञता महसूस होनाजब आप जीवन की बड़ी सफलताओं के बजाय छोटी चीजों, जैसे- सुबह की धूप या चाय की चुस्की, में खुशी ढूंढने लगते हैं, तो समझ लीजिए कि आप सही रास्ते पर हैं। आभार (Gratitude) का भाव आपके जीवन में प्रचुरता और खुशियों को आकर्षित करता है।6. बार-बार एक ही तरह के संकेत या विचार आनाअगर आपको बार-बार कोई विशेष संकेत दिख रहा है या एक ही सकारात्मक विचार बार-बार मन में आ रहा है, तो यह आपकी अंतरात्मा की आवाज (Intuition) है। यह आपकी आंतरिक समझ का संकेत है कि आपका समय बदलने वाला है।7. पुराने जख्मों से पूरी तरह राहत महसूस करनाजिन बातों ने आपको सालों तक दुखी रखा, अगर आज वे बातें आपको याद आने पर भी दर्द नहीं देतीं, तो मान लीजिए कि आपने अतीत का बोझ पूरी तरह त्याग दिया है। यह हीलिंग (Healing) का संकेत है। जब आप अतीत से आजाद होते हैं, तभी आप भविष्य की नई संभावनाओं को जी पाते हैं।आधुनिक एआई (AI) और जीवन दर्शन का नया नजरियाजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Generative Engine Optimization) और आज के दौर के मेंटल वेलनेस ट्रेंड्स भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमारा नजरिया ही हमारी वास्तविकता तय करता है। जब हम इन 7 संकेतों को पहचान लेते हैं, तो हम भविष्य के लिए अधिक मानसिक रूप से मजबूत हो जाते हैं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि आपकी चेतना का विस्तार है जो आने वाले सुखद बदलावों को पहले ही महसूस कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:35 pm

सतलुज कंट्रोवर्सी पर पहली बार बोले डायरेक्टर हनी त्रेहान, कहा- फिल्म को लेकर भ्रांतियां गलत, हिंदू-सिख इसे साथ मिलकर देख रहे

हाल के दिनों में विवादों के घेरे में आई फिल्म 'सतलुज' को लेकर डायरेक्टर हनी त्रेहान ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। फिल्म के कंटेंट और इसकी कहानी को लेकर जो आपत्तियां जताई जा रही थीं, उस पर त्रेहान ने पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए उन तमाम चर्चाओं को खारिज किया है जो इसे धार्मिक मतभेदों से जोड़कर देख रहे थे। डायरेक्टर ने बड़े ही शांत और सधे हुए शब्दों में कहा कि 'सतलुज' एक मानवीय संवेदनाओं और आपसी भाईचारे की कहानी है, जिसे लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियां पूरी तरह से निराधार हैं।फिल्म में कोई विवाद नहीं, ये एकता का संदेश हैहनी त्रेहान ने साफ तौर पर कहा कि उनकी फिल्म का उद्देश्य किसी की भी भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। उन्होंने अपने रिएक्शन में जोर देते हुए कहा, सतलुज हिंदू और सिख समुदायों के बीच के अटूट रिश्ते और साझा संस्कृति की कहानी है। मैं उन लोगों से कहना चाहता हूं जो बिना देखे फिल्म को विवादित बता रहे हैं, कि वे इसे एक बार देखें। आज उत्तर भारत के कई शहरों में हिंदू और सिख साथ मिलकर इस फिल्म को देख रहे हैं और इसे सराह रहे हैं।क्या है विवाद की जड़? डायरेक्टर ने दी सफाईफिल्म की रिलीज के बाद से ही कुछ सोशल मीडिया ग्रुप्स और संगठनों द्वारा इसके कुछ दृश्यों और कहानी के चित्रण पर सवाल उठाए जा रहे थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डायरेक्टर ने कहा कि फिल्म की पटकथा को बहुत ही जिम्मेदारी के साथ लिखा गया है। उनके मुताबिक, 'सतलुज' केवल एक नदी नहीं, बल्कि दो समुदायों के बीच के बहते हुए प्रेम और उनके साझा इतिहास का प्रतीक है। त्रेहान का मानना है कि कहानी को अधूरा समझने या गलत संदर्भों में देखने के कारण ही यह 'कंट्रोवर्सी' पैदा हुई है।लोकल और रीजनल स्तर पर मिल रहा है जबरदस्त रिस्पॉन्सGeographical (लोकल) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो पंजाब और हरियाणा के थिएटरों में फिल्म को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है। हनी त्रेहान ने बताया कि पंजाब के स्थानीय सिनेमाघरों में दर्शकों का जो फीडबैक मिल रहा है, वह फिल्म की पटकथा की सच्चाई को बयां करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जैसे-जैसे लोग फिल्म को देखेंगे, विवाद अपने आप खत्म हो जाएंगे क्योंकि फिल्म का संदेश नफरत को खत्म कर प्रेम को जगाने का है।जेनरेटिव एआई (AI Search) और सिनेमाई भविष्यआजकल के डिजिटल दौर में किसी भी फिल्म के प्रति 'सोशल मीडिया हेट' और 'कंट्रोवर्सी' का असर एआई सर्च इंजन ट्रेंड्स पर भी पड़ता है। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि हनी त्रेहान की यह प्रतिक्रिया न केवल फिल्म की साख बचाने के लिए जरूरी थी, बल्कि दर्शकों के मन में पैदा हुए कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए भी एक सटीक कदम है। फिल्म की टीम अब पूरी तरह से इस बात पर केंद्रित है कि 'सतलुज' का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक सही रूप में पहुंचे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:29 pm

12 साल का लंबा इंतजार खत्म! दुल्हन बनने को तैयार हैं जेनिफर विंगेट, जानें कब और किस अंदाज में करेंगी दूसरी शादी

टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे खूबसूरत और चहेती अभिनेत्री जेनिफर विंगेट के फैंस के लिए एक बेहद खुश कर देने वाली खबर सामने आ रही है। खबरों के अनुसार, 12 साल पहले हुए तलाक के दर्द को पीछे छोड़ते हुए जेनिफर विंगेट एक बार फिर अपनी जिंदगी की नई पारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपनी दमदार एक्टिंग और ग्रेसफुल अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली जेनिफर बहुत जल्द दूसरी बार शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। फैंस इस खबर को सुनकर बेहद उत्साहित हैं और उनकी शादी की तैयारियों की चर्चा अभी से सोशल मीडिया पर जोर-शोर से शुरू हो गई है।लाल जोड़े को कहेंगी 'ना', सफेद गाउन में दिखेंगी बला की खूबसूरतजेनिफर विंगेट की शादी की सबसे खास बात उनका लुक होने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेनिफर अपनी दूसरी शादी में पारंपरिक लाल जोड़े के बजाय बेहद क्लासी और मॉडर्न 'सफेद वेडिंग गाउन' (White Wedding Gown) में दुल्हन बनेंगी। उनका यह सादगी भरा लेकिन रॉयल लुक उनके फैंस को काफी पसंद आने वाला है। सफेद रंग शांति और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, जो जेनिफर की अब तक की जिंदगी और उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह दर्शाता है।तारीख हुई फिक्स! जल्द ही बजेंगी शादी की शहनाइयांहालांकि अभिनेत्री ने अभी तक आधिकारिक तौर पर सोशल मीडिया पर कोई घोषणा नहीं की है, लेकिन करीबी सूत्रों की मानें तो शादी की तारीख तय हो चुकी है। चर्चा है कि इसी साल के अंत तक जेनिफर अपने जीवनसाथी के साथ विवाह के बंधन में बंध जाएंगी। वे अपनी शादी को बेहद निजी और शांत रखना चाहती हैं, जिसमें केवल करीबी दोस्त और परिवार के सदस्य ही शामिल होंगे। जेनिफर के इस फैसले का उनके फैंस जमकर समर्थन कर रहे हैं और उन्हें उनकी नई जिंदगी के लिए बधाई भी दे रहे हैं।अतीत को पीछे छोड़ नई उम्मीदों की ओरगौरतलब है कि 12 साल पहले करण सिंह ग्रोवर के साथ उनका वैवाहिक जीवन काफी चर्चाओं में रहा था, जो कि ज्यादा समय तक नहीं चल सका। उस कठिन दौर से गुजरने के बाद, जेनिफर ने न केवल खुद को संभाला बल्कि अपने करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। वे आज न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। अब जबकि वे अपनी निजी जिंदगी में आगे बढ़ रही हैं, तो उनके प्रशंसक इसे एक सुखद मोड़ के रूप में देख रहे हैं।सोशल मीडिया और एआई सर्च (AEO) का नजरियाजेनरेटिव सर्च और एआई ट्रेंड्स (AI Search Trends) के मुताबिक, जेनिफर विंगेट की शादी की खबर इस समय इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली टॉपिक्स में से एक है। फैंस उनके होने वाले जीवनसाथी और शादी के वेन्यू को लेकर लगातार सर्च कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि जेनिफर की लोकप्रियता और उनकी 'पर्सनल लाइफ' की गरिमा को देखते हुए, उनकी शादी इस साल की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में से एक होगी। अब हर किसी की निगाहें उनके आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:28 pm

कल का मौसम : अगले 12 घंटों में बदलेगा इन 22 राज्यों का मिजाज! IMD ने जारी किया भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

देशभर में मॉनसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज दोपहर ताजा बुलेटिन जारी करते हुए अगले 12 से 24 घंटों के भीतर देश के 22 राज्यों में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी कल यानी ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 2:25 pm

श्रीगंगानगर के खेत में मिले पुराने बम को सेना ने नष्ट किया

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के राजियासर थाना क्षेत्र में करीब एक महीने पहले खेत में मिले जंग लगे बम को सेना के बम निरोधक दस्ते ने बुधवार सुबह निष्क्रिय कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार दस्ते ने नियंत्रित विस्फोट करके बम को नष्ट कर दिया। इस दौरान विस्फोट से जमीन में बड़ा गड्ढा हो […] The post श्रीगंगानगर के खेत में मिले पुराने बम को सेना ने नष्ट किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 2:15 pm

40-50 की उम्र में करियर से बोरियत? तो अब मत घबराएं! रीस्टार्ट करें अपना सफर और दें करियर को नई उड़ान

क्या आप भी हर सुबह उसी ऑफिस की फाइलों और बोरिंग मीटिंग्स के बोझ तले दबे हुए उठते हैं? अगर आपकी उम्र 40 या 50 के पड़ाव पर है और आपको लग रहा है कि अब करियर में कुछ नया नहीं बचा, तो रुकिए! आज का दौर उम्र को नहीं, बल्कि आपके हुनर और जुनून को अहमियत देता है। करियर में 'रीस्टार्ट' करने की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। दुनिया भर में ऐसे लाखों लोग हैं जिन्होंने आधी उम्र बीत जाने के बाद अपने शौक को करियर बनाया और आज वे एक नई कामयाबी की कहानी लिख रहे हैं।क्यों है 40-50 की उम्र 'करियर रीस्टार्ट' के लिए सबसे बेस्ट?अक्सर लोग इस उम्र में आने के बाद डर जाते हैं कि क्या अब सब कुछ बदलना सही है? विशेषज्ञों का मानना है कि 40-50 की उम्र में आपके पास अनुभव (Experience), धैर्य और मैच्योरिटी का वह खजाना होता है जो किसी भी 20 साल के युवा के पास नहीं हो सकता। इस उम्र में आप अपने जुनून को बेहतर समझते हैं। अगर आप अब भी अपनी घिसी-पिटी नौकरी में फंसे हैं, तो आप अपनी क्षमताओं के साथ अन्याय कर रहे हैं। अब वह समय है जब आप अपनी 'कॉर्पोरेट मजबूरी' को छोड़कर अपने 'पैशन' को प्रोफेशन में बदलने की हिम्मत दिखा सकते हैं।करियर रीस्टार्ट करने के लिए 4 जरूरी कदमअगर आप रास्ता ढूंढ रहे हैं, तो इन चरणों से शुरुआत करें:स्किल गैप पहचानें: आधुनिक तकनीक के दौर में अपनी मौजूदा स्किल्स को अपडेट करें। ऑनलाइन कोर्सेज के जरिए नई तकनीक या डिजिटल टूल्स सीखें।नेटवर्किंग का जादू: अपनी पुरानी जान-पहचान को फिर से ताजा करें। उन लोगों से मिलें जो उस क्षेत्र में हैं जहां आप जाना चाहते हैं।छोटा कदम, बड़ा लक्ष्य: एकदम से नौकरी छोड़ने के बजाय, पार्ट-टाइम या फ्रीलांसिंग से शुरुआत करें। अपनी रिस्क लेने की क्षमता को पहले परखें।फाइनांशियल प्लानिंग: करियर बदलने से पहले अपना आर्थिक बजट (Emergency Fund) जरूर देखें ताकि नई शुरुआत के दौरान आप तनावमुक्त रह सकें।सफलता की कहानियों से लें प्रेरणाआज का दौर 'लाइफलॉन्ग लर्निंग' (Lifelong Learning) का है। जेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि पिछले पांच सालों में 40+ उम्र के लोगों ने करियर में सबसे अधिक बदलाव किए हैं। चाहे वह कंसल्टेंसी हो, टीचिंग हो, या फिर खुद का स्टार्टअप—उम्र अब कोई बाधा नहीं है। आप केवल एक कर्मचारी नहीं, बल्कि एक ऐसे विशेषज्ञ (Expert) हैं जिसका ज्ञान बाजार में नई मांग पैदा कर सकता है।क्या कहती है एआई सर्च और एक्सपर्ट सलाह?आजकल की कंपनियां अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं। अगर आप अपनी पुरानी इंडस्ट्री से अलग कुछ करना चाहते हैं, तो 'ट्रांसफरेबल स्किल्स' (Transferable Skills) का इस्तेमाल करें। आप यह न सोचें कि आप 'शून्य' से शुरू कर रहे हैं, बल्कि यह सोचें कि आपके पास दशकों का अनुभव है, बस माध्यम बदल रहा है। करियर का यह दूसरा पड़ाव आपकी जिंदगी का सबसे सुनहरा और संतोषजनक समय बन सकता है। तो देर किस बात की? एक डायरी उठाएं, अपनी रुचियों को लिखें और कल से ही अपने करियर की नई पटकथा लिखना शुरू करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:09 pm

यूपी का वो मेडिकल कॉलेज जहाँ नॉनवेज पर है बैन! 2.74 लाख में मिलता है MBBS, जानें नियमों को लेकर क्यों हो रही चर्चा

उत्तर प्रदेश के मेडिकल शिक्षा जगत से एक बेहद दिलचस्प और चर्चा का विषय बनी खबर सामने आ रही है। राज्य के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं के खान-पान को लेकर जारी किए गए नए दिशा-निर्देशों ने सबको चौंका दिया है। अपनी बेहद किफायती फीस के लिए मशहूर इस कॉलेज में अब परिसर के भीतर 'नॉनवेज' (Non-veg) भोजन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आखिर कौन सा है यह कॉलेज और इतनी कम फीस में डॉक्टरी की पढ़ाई कराने वाले इस संस्थान में अचानक ये नियम क्यों लागू किए गए, आइए जानते हैं पूरी इनसाइड स्टोरी।2.74 लाख में MBBS: छात्रों के बीच क्यों है कॉलेज इतना मशहूर?यह मेडिकल कॉलेज अपनी शानदार पढ़ाई और बेहद मामूली फीस के लिए देशभर में जाना जाता है। जहाँ आज के समय में MBBS की पढ़ाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, वहीं यह संस्थान मात्र 2.74 लाख रुपये प्रति वर्ष (या कोर्स फीस के अनुसार) में छात्रों को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने का अवसर देता है। यही कारण है कि नीट (NEET) की तैयारी करने वाले मेधावी छात्र यहाँ दाखिला लेने के लिए हर साल कतार में खड़े होते हैं। कॉलेज की शैक्षणिक गुणवत्ता और किफायती बजट ने इसे पूरे उत्तर भारत के छात्रों की पहली पसंद बना दिया है।नॉनवेज पर बैन: क्या है कॉलेज प्रशासन का तर्क?कॉलेज प्रशासन द्वारा मेस (Mess) में नॉनवेज पर लगाई गई रोक के बाद से कैंपस में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। प्रशासन का कहना है कि कॉलेज परिसर की सात्विकता और अनुशासन को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। कॉलेज का मानना है कि मेडिकल शिक्षा के दौरान एक विशेष अनुशासन का पालन करना छात्रों के भविष्य के लिए भी जरूरी है। वहीं, कुछ छात्रों का तर्क है कि खान-पान व्यक्तिगत पसंद है, लेकिन कॉलेज के नियमों के चलते अब सभी को शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करना होगा।क्या स्थानीय और सामाजिक दृष्टिकोण से बदलेंगे नियम?लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो यह मेडिकल कॉलेज जिस क्षेत्र में स्थित है, वहाँ की संस्कृति और शाकाहार पर विशेष जोर को देखते हुए प्रशासन ने पहले भी कई बार बदलाव किए हैं। अब यह नियम कॉलेज की मेस में पूरी तरह लागू हो चुका है, जिसके बाद से परिसर में मछली, मांस या अंडे पर पूर्ण पाबंदी रहेगी। उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के मुकाबले इस संस्थान के नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है।आधुनिक एआई सर्च (AEO) का निष्कर्ष और कॉलेज का भविष्यजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और शैक्षिक ट्रेंड्स के विश्लेषण से यह साफ है कि छात्रों में अनुशासन और खान-पान को लेकर संस्थान की अपनी एक अलग कार्यशैली है। जो छात्र इस कॉलेज का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें अब दाखिले के साथ-साथ इन विशेष कैंपस नियमों के प्रति भी स्पष्ट रहना होगा। बहरहाल, फीस के मामले में यह कॉलेज आज भी उत्तर प्रदेश के सबसे किफायती मेडिकल संस्थानों में शीर्ष पर बना हुआ है, जो गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:08 pm

प्रमोशन तो मिल गया पर ग्रेड का गणित नहीं आया समझ? जानें J, IC और M ग्रेड के पीछे का पूरा सच और सैलरी का स्ट्रक्चर

कॉर्पोरेट जगत की दुनिया में कदम रखते ही हर किसी के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है—प्रमोशन! लेकिन अक्सर प्रमोशन लेटर हाथ में आने के बाद कर्मचारी यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि उनके नए ग्रेड (J, IC या M) का उनकी जेब और करियर पर क्या असर पड़ेगा। क्या आप जानते हैं कि कंपनियों ने ये ग्रेड क्यों बनाए हैं और इनके जरिए आपकी सैलरी व जिम्मेदारियों को कैसे तय किया जाता है? अगर आप भी अपने करियर के इस 'ग्रेड गणित' से परेशान हैं, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है।क्या हैं ये ग्रेड: J, IC और M का मतलब?आजकल की बड़ी कंपनियां अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटती हैं। आमतौर पर, 'J' का मतलब होता है 'Junior' या 'Entry-level', जो करियर के शुरुआती दौर में होते हैं। 'IC' का अर्थ होता है 'Individual Contributor', यानी ऐसे पेशेवर जो अपनी तकनीक या स्किल के दम पर काम करते हैं, लेकिन उन पर मैनेजमेंट की जिम्मेदारी नहीं होती। वहीं, 'M' का मतलब होता है 'Managerial' रोल, जहां कर्मचारी का मुख्य काम टीम को संभालना और प्रोजेक्ट्स को लीड करना होता है। हर ग्रेड के साथ आपकी सैलरी का बेस (Base) और वेरिएबल (Variable) दोनों बदल जाते हैं।किस लेवल पर कितनी सैलरी? जानें क्या है बाजार का रुखसैलरी का स्ट्रक्चर पूरी तरह से इंडस्ट्री और कंपनी की नीतियों पर निर्भर करता है, लेकिन मोटे तौर पर ग्रेड के अनुसार बदलाव इस तरह देखे जाते हैं:J-ग्रेड (जूनियर): इसमें सैलरी का एक बड़ा हिस्सा फिक्स्ड होता है। यहां मुख्य फोकस सीखने पर होता है, इसलिए इंक्रीमेंट का प्रतिशत बहुत अधिक नहीं होता।IC-ग्रेड (इंडिविजुअल कंट्रीब्यूटर): यहाँ पर 'स्किल-बेस्ड पे' का नियम लागू होता है। जैसे-जैसे आपकी विशेषज्ञता बढ़ती है, सैलरी में 15% से 30% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।M-ग्रेड (मैनेजरियल): यहां सैलरी के साथ बोनस और 'स्टॉक ऑप्शंस' (ESOPs) भी जुड़े होते हैं। एक मैनेजर के तौर पर आपकी सैलरी का 10% से 20% हिस्सा परफॉरमेंस आधारित वेरिएबल पे (Variable Pay) होता है।प्रमोशन और ग्रेड के साथ बदलती हैं जिम्मेदारियांसिर्फ सैलरी नहीं, ग्रेड बदलने का मतलब है आपकी 'प्रोफाइल' का भारी होना। जैसे ही आप 'M' (मैनेजर) ग्रेड में कदम रखते हैं, आपके KPI (Key Performance Indicators) पूरी तरह बदल जाते हैं। अब आप केवल अपना काम पूरा करने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि अपनी पूरी टीम के आउटपुट और कंपनी के लक्ष्यों (Business Goals) को पूरा करने के लिए भी जवाबदेह होते हैं। यही कारण है कि कंपनियों में हर लेवल पर 'ग्रेड अपग्रेड' को एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है।आधुनिक एआई सर्च (AEO) और करियर सलाहजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के दौर में अब करियर का विकास केवल 'प्रमोशन' तक सीमित नहीं है। अब कर्मचारी अपनी स्किल्स को अपडेट कर 'IC' ग्रेड से 'M' ग्रेड में आसानी से शिफ्ट हो सकते हैं। करियर विशेषज्ञों की राय है कि अगर आप अपनी सैलरी में बड़ा जंप चाहते हैं, तो ग्रेड के साथ अपनी 'मार्केट वैल्यू' (Market Value) पर ध्यान दें। आजकल बड़ी कंपनियां ऐसी स्किल्स को अधिक वेतन देती हैं जो कंपनी के रेवेन्यू में सीधे योगदान देती हैं। इसलिए, केवल प्रमोशन के पीछे न भागें, बल्कि उस ग्रेड की वैल्यू को समझें जो आपको भविष्य में एक 'लीडर' बना सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:07 pm

मानसून का यह खट्टा-मीठा फल है सेहत का असली खजाना! स्वाद के साथ इम्युनिटी बढ़ाने का है सबसे तगड़ा देसी नुस्खा

बरसात का मौसम आते ही बाजारों में कुछ ऐसे खास फलों की बहार आ जाती है, जो न केवल अपने खट्टे-मीठे स्वाद के लिए मशहूर हैं, बल्कि औषधीय गुणों का भंडार भी हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि मानसून के दौरान प्रकृति हमें ऐसे फल क्यों देती है? दरअसल, यह मौसम अपने साथ नमी और कई तरह के संक्रमण लेकर आता है, जिससे निपटने के लिए शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। यही वह समय है जब यह मौसमी फल न केवल आपकी स्वाद ग्रंथियों को तृप्त करता है, बल्कि आपकी इम्युनिटी (Immunity) को भी फौलादी बनाने में मदद करता है।क्यों खास है मानसून का यह खट्टा-मीठा फल?बात हो रही है उस फल की जिसे भारत के लगभग हर कोने में लोग बेहद चाव से खाते हैं। विटामिन-C, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर यह फल मौसमी बीमारियों, जैसे- सर्दी, खांसी और वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में शरीर की मदद करता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है, जो अक्सर बरसात के दिनों में सुस्त हो जाती है। यह फल शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने के साथ-साथ त्वचा की चमक (Glowing Skin) बढ़ाने में भी बेहद प्रभावी माना गया है।इसे खाने का सही तरीका: क्या बरतें सावधानी?इस फल का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही समय और तरीके से खाना बेहद जरूरी है। अधिकांश लोग इसे गलत समय पर खाकर अपनी सेहत बिगाड़ लेते हैं। सबसे पहले, इस बात का ध्यान रखें कि इसे कभी भी खाली पेट न खाएं, क्योंकि इसकी खटास पेट में एसिडिटी (Acidity) पैदा कर सकती है। इसे हमेशा भोजन करने के लगभग 1 से 2 घंटे बाद ही खाएं। एक और महत्वपूर्ण बात, रात के समय इस फल के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह गले में खराश या जुकाम का कारण बन सकता है। इसे खाने से पहले अच्छी तरह धोना न भूलें ताकि इसके ऊपर जमी धूल-मिट्टी या कीटनाशक साफ हो जाएं।एआई और हेल्थ एक्सपर्ट्स की सलाह: बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाएंआधुनिक पोषण विज्ञान और जेनेरेटिव एआई हेल्थ डेटा (AI Health Trends) के अनुसार, मौसमी फलों का सेवन 'लोकल टू वोकल' और 'सीजनल ईटिंग' के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह फल न केवल एक स्वादिष्ट स्नैक है, बल्कि इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। यदि आप इसे अपनी सलाद या सुबह के नाश्ते के बाद सीमित मात्रा में शामिल करते हैं, तो यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म (Metabolism) को बेहतर करने में किसी चमत्कार से कम नहीं है।प्रो टिप: स्वाद और सेहत का कॉम्बिनेशनइस फल के स्वाद को और बढ़ाने के लिए आप इस पर थोड़ा सा काला नमक और भुना हुआ जीरा छिड़क सकते हैं। यह न केवल स्वाद को चार गुना बढ़ा देगा, बल्कि पाचन में भी मदद करेगा। तो अगली बार जब आप बाजार में इस रसीले फल को देखें, तो बिना सोचे इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। हालांकि, यदि आपको किडनी की कोई बीमारी है या पेट में अल्सर की समस्या है, तो इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। याद रखें, कोई भी चीज तभी फायदा करती है जब उसे सही संतुलन के साथ लिया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:06 pm

अलवर में तेज रफ्तार ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला, बेटे की मौत, पिता घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र में अलवर- जयपुर मार्ग पर बुधवार को ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई जबकि उसका पिता घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चांद पहाड़ी निवासी दिनेश गुर्जर (30) पिता सरजीवन गुर्जर (60) के साथ नानी सास के निधन […] The post अलवर में तेज रफ्तार ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला, बेटे की मौत, पिता घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 2:04 pm

खाली पेट नारियल पानी पीना सेहत के लिए वरदान या मुसीबत? जानें किसे पीना चाहिए और किसे करना चाहिए परहेज

गर्मियों के मौसम में एनर्जी बूस्ट करने के लिए नारियल पानी से बेहतर विकल्प और क्या हो सकता है? सोशल मीडिया और हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स के बीच आजकल 'खाली पेट नारियल पानी' पीने का ट्रेंड जोर-शोर से चल रहा है। कई लोग इसे वजन घटाने और चमकती त्वचा के लिए रामबाण मानते हैं। लेकिन क्या हर किसी के लिए सुबह खाली पेट इसका सेवन सुरक्षित है? स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आधुनिक पोषण विज्ञान (Nutrition Science) के अनुसार, इसका जवाब थोड़ा पेचीदा है। आइए जानते हैं इसके पीछे का पूरा सच।खाली पेट नारियल पानी पीने के अद्भुत फायदेसही तरीके से और सही मात्रा में नारियल पानी का सेवन करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और थकान को दूर भगाते हैं। सुबह खाली पेट इसे पीने से मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और शरीर से टॉक्सिन्स (विषाक्त पदार्थ) बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसके अलावा, इसमें मौजूद पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी कारगर माने जाते हैं।किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी? ये लोग न करें गलतीनारियल पानी हर किसी के लिए पूरी तरह फायदेमंद नहीं है। कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को इसे पीने से पहले सतर्क रहना चाहिए:किडनी के मरीज: नारियल पानी में पोटेशियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। जिन लोगों की किडनी ठीक से काम नहीं करती, उनके शरीर में एक्स्ट्रा पोटेशियम खतरनाक हो सकता है।शुगर के मरीज (Diabetic Patients): हालांकि यह कम कैलोरी वाला होता है, लेकिन इसमें नेचुरल शुगर होती है। अधिक मात्रा में सेवन ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है।सर्जरी कराने वाले: नारियल पानी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सर्जरी से कम से कम दो हफ्ते पहले इसका सेवन बंद कर देना चाहिए।इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन: अगर आपको किसी तरह की एलर्जी है या आपका शरीर इलेक्ट्रोलाइट्स के प्रति संवेदनशील है, तो बिना डॉक्टरी सलाह के इसे नियमित न पिएं।एआई और हेल्थ सर्च ट्रेंड्स का नजरियाजेनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search Trends) और आधुनिक स्वास्थ्य शोधों के अनुसार, कोई भी चीज अति में हानिकारक हो सकती है। लोग अक्सर इसे पानी का विकल्प समझकर दिन भर पीते रहते हैं, जो कि गलत है। विशेषज्ञों का मानना है कि नारियल पानी एक स्वास्थ्यवर्धक पेय जरूर है, लेकिन यह सादे पानी की जगह नहीं ले सकता। साथ ही, बहुत अधिक मात्रा में इसके सेवन से पेट में भारीपन या दस्त (Loose Motions) जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।कब और कैसे पीना है सबसे सही?अगर आपको कोई गंभीर समस्या नहीं है, तो सुबह खाली पेट नारियल पानी पीना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन, सबसे बेहतरीन समय है वर्कआउट के बाद या दोपहर के समय जब शरीर को हाइड्रेशन की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ध्यान रखें कि नारियल पानी हमेशा ताज़ा हो और बिना किसी मिलावट या अतिरिक्त चीनी का हो। किसी भी नई आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपने बॉडी टाइप और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना हमेशा बुद्धिमानी होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 2:04 pm

पालघर : स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट का खुलासा, 6 महिलाओं को बचाया, दो अरेस्ट

मुंबई। पुलिस ने पड़ोसी जिले पालघर के नालासोपारा पश्चिम स्थित एक स्पा सेंटर से चल रहे देह व्यापार का खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इस अभियान में छह महिलाओं को मुक्त भी कराया गया है। आरोपियों की नाम महेश चह्वाण (22) और कमलेश पाठक हैं। पुलिस ने ‘रीगल स्पा सेंटर’ के […] The post पालघर : स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट का खुलासा, 6 महिलाओं को बचाया, दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 1:55 pm

गोलीबारी में पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के भाई शालिग्राम पर FIR, क्या बोले 'पर्ची वाले' बाबा

Dhirendra Krishna Shastri on Shaligram Garg: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। शलिग्राम पर आरोप है कि उसने जमीन विवाद को लेकर मोतीलाल कुशवाहा नामक किसान पर फायरिंग ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 1:55 pm

श्रीगंगानगर में हवाला के जरिये दुबई से पाकिस्तानी तस्करों को 9 लाख रुपए भिजवाने वाला अरेस्ट

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में करीब 20 दिन पहले पाकिस्तानी ड्रोन से आई 55 करोड रुपए की हेरोइन के मामले में पुलिस ने दुबई से हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी तस्करों को नौ लाख रुपए भेजने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने मंगलवार को बताया कि पंजाब में जालंधर के […] The post श्रीगंगानगर में हवाला के जरिये दुबई से पाकिस्तानी तस्करों को 9 लाख रुपए भिजवाने वाला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 1:50 pm

अलवर में पुरानी रंजिश में एक ही परिवार के दो पक्ष भिड़े, 10 से ज्यादा घायल

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में चिमरावली गौड़ गांव में पुरानी रंजिश को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। बुधवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार 10 घायलों को मंगलवार रात में अलवर के राजीव गांधी सामान्य […] The post अलवर में पुरानी रंजिश में एक ही परिवार के दो पक्ष भिड़े, 10 से ज्यादा घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 1:40 pm

सफाईकर्मी की मौत मामले में जेई की सेवा समाप्त, ठेकेदार पर कार्रवाई शुरू, नोएडा प्राधिकरण फिर सवालों के घेरे में

नोएडा के सेक्टर-93बी और ग्राम गेझा के समीप टी-पॉइंट पर सीवर लाइन की सफाई के दौरान सफाईकर्मी की मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, जबकि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

देशबन्धु 15 Jul 2026 1:38 pm

भिवाड़ी में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर एक लाख रुपए वसूलने वाले दो आरोपी अरेस्ट

खैरथल तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले में भिवाड़ी की फैज तृतीय थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर मेडिकल स्टोर संचालक से एक लाख रुपए की फिरौती वसूलने वाले दो आरोपियों को महज 24 घंटे में गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि हरियाणा के […] The post भिवाड़ी में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर एक लाख रुपए वसूलने वाले दो आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 15 Jul 2026 1:36 pm

जम्मू-कश्मीर में क्यों बढ़ रही हैं बादल फटने की घटनाएं? जुलाई में 15 बार फटे बादल, वैज्ञानिकों ने बताई चौंकाने वाली वजह

लंबे सूखे के बाद इंद्र देवता जम्‍मू कश्‍मीर पर कुछ मेहरबान तो हुए पर बादल फटने की लगातार हो रही घटनाएं अब डराने लगी हैं। यह डर इसलिए है क्‍योंकि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक कम से कम 15 बार बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से कई जिलों में ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 12:50 pm

अलीगढ़ के 37 गांवों से गुजरेगा ग्रीनफील्ड हाईवे, दिल्ली-आगरा-कानपुर जाने वालों को मिलेगी जाम से परमानेंट मुक्ति

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और दिल्ली-एनसीआर से सटे औद्योगिक शहर अलीगढ़ के बुनियादी ढांचे को एक नई और आधुनिक रफ्तार मिलने जा रही है। अलीगढ़ में बढ़ते वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने और अंतरराज्यीय यात्रियों को सुगम मार्ग देने के लिए केंद्र सरकार ने 33.38 किलोमीटर लंबे एक विशाल और आधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड रिंग रोड (Aligarh Ring Road) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह महत्वाकांक्षी रिंग रोड अलीगढ़ जिले की कोल और गभाना तहसील के कुल 37 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा, जिससे दिल्ली, आगरा, मथुरा और कानपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को शहर की भारी भीड़ में घुसने की जरूरत बिल्कुल नहीं होगी।पला सल्लू से हरदुआगंज तक बनेगा चक्रव्यूह: जानिए क्या है रूट मैपप्रस्तावित अलीगढ़ रिंग रोड का खाका इस तरह तैयार किया गया है कि यह पूरे शहर को बाहरी छोर से जोड़ते हुए एक सुरक्षा घेरा प्रदान करेगा। इस ग्रीनफील्ड हाईवे की शुरुआत गभाना तहसील के जीटी रोड स्थित पला सल्लू क्षेत्र से होगी। इसके बाद यह विभिन्न ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों के बाहरी छोर को कवर करते हुए कोल तहसील के हरदुआगंज में आकर समाप्त होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक शेषनाथ यादव के अनुसार, इस फोर/सिक्स लेन (4/6 Lane) हाईवे का प्राथमिक लक्ष्य उन भारी कमर्शियल ट्रकों और बाहरी यात्री वाहनों को एक तीव्र और वैकल्पिक मार्ग देना है जो वर्तमान में शहर के व्यस्त चौराहों से गुजरने को मजबूर हैं।दिल्ली-कानपुर के बीच बचेगा समय और ईंधन: बाईपास की कमी होगी पूरीवर्तमान में दिल्ली, आगरा, एटा, कानपुर और लखनऊ की ओर से आने वाले हजारों भारी वाहन अलीगढ़ शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों के बीच से होकर निकलते हैं, जिससे चौबीसों घंटे भीषण जाम और वायु प्रदूषण की स्थिति बनी रहती है। यद्यपि वर्तमान में भांकरी से बौनेर तक एक बाईपास चालू है, लेकिन वह महज एक हाफ मिनी रोड के रूप में ही काम कर पाता है। नया 33 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बन जाने के बाद दिल्ली की ओर से आने वाले किसी भी वाहन को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। वे सीधे हाईवे के माध्यम से अपने गंतव्य की ओर निकल जाएंगे, जिससे दिल्ली से आगरा और कानपुर के बीच यात्रा के समय (Travel Time) में भारी कटौती होगी और ईंधन की भी बचत होगी।इन 37 गांवों की जमीनों पर बनेगा अलीगढ़ रिंग रोडकेंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा-3 के तहत जिन गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, उनमें गभाना और कोल तहसील के प्रमुख राजस्व क्षेत्र शामिल हैं। प्रभावित गांवों की आधिकारिक सूची इस प्रकार है:पला सल्लू, कोरह रुस्तमपुर, कोइल, सांगौर, गिरधरपुर, खेडिया हैवत खां, कलुआ, दाउदपुर कोटा, सुम्मेरपुर, समस्तपुर कोटा, अमरौली, कस्तरी वैश्य, पला मजरा कस्तरी वैश्य, चन्दोखा, छेरत सुडियाल, साथा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किढ़ारा, जटपुरा, बरौठ, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेन्द्रगढ़ी, आजमाबाद माछुआ, सिकन्दरपुर माछुआ, खान आलमपुर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अदौन, जलूपुर सिहोर, बरौठा और हरदुआगंज।प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री और बैनामे पर प्रशासन ने लगाई रोकजैसे ही मंत्रालय के निदेशक शेख अमीन खान द्वारा भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की अधिसूचना जारी की गई, जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी अतुल गुप्ता ने बताया कि कोल और गभाना तहसील के सभी संबंधित एसडीएम, तहसीलदार, सब-रजिस्ट्रार और एआईजी स्टांप को सख्त निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अब इन प्रभावित 37 गांवों में किसी भी प्रकार के भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU), जमीन की रजिस्ट्री, बैनामा, दाखिल-खारिज (नामांतरण), नया कॉलोनी डेवलपमेंट या जमीन को बैंक में बंधक रखने जैसी राजस्व गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में भू-राजस्व कार्य करने से पहले एनएचएआई (NHAI) की लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा, ताकि मुआवजा वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा सके और किसी भी प्रकार के कानूनी विवाद से बचा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:43 pm

16 जुलाई से बनेगा 'गुरु आदित्य राजयोग', कन्या समेत इन 3 राशियों पर बरसेगा छप्परफाड़ पैसा

वैदिक ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) के अनुसार, ग्रहों का राशि परिवर्तन और उनकी आपसी युति मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। इसी कड़ी में 16 जुलाई 2026, गुरुवार को ब्रह्मांड में एक अत्यंत दुर्लभ और बेहद शक्तिशाली संयोग का निर्माण होने जा रहा है। ग्रहों के राजा सूर्य देव अपनी वर्तमान मिथुन राशि को छोड़कर चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि (Kark Rashi) में प्रवेश करेंगे, जहां देवगुरु बृहस्पति पहले से ही उच्च अवस्था में विराजमान हैं। प्रसिद्ध ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, कर्क राशि में सूर्य और गुरु का यह मिलन 'गुरु आदित्य राजयोग' (Guru Aditya Rajyoga) का निर्माण करेगा। 17 अगस्त 2026 तक रहने वाली ग्रहों की यह जुगलबंदी वैसे तो सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगी, लेकिन 3 विशेष राशियों के लिए यह समय किसी स्वर्ण युग से कम नहीं होगा और वे इस दौरान राजा जैसा वैभवशाली जीवन व्यतीत करेंगे।जानिए गुरु आदित्य राजयोग का विशेष ज्योतिषीय महत्वज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, पिता, सरकारी नौकरी, मान-सम्मान और उच्च नेतृत्व क्षमता का कारक माना गया है। दूसरी ओर, देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, भाग्य, संतान, सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक विस्तार के प्रदाता हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि जब ये दोनों परम मित्र ग्रह चंद्रमा की शीतल राशि कर्क में एक साथ आते हैं, तो इनका संयुक्त प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह युति समाज में यश-कीर्ति, प्रशासनिक पदों पर सफलता, अकूत धन-संपत्ति और सही निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता प्रदान करती है। आइए जानते हैं कि इस त्रिग्रही और द्विग्रही हलचल से किन तीन राशियों की बंद किस्मत का ताला खुलने जा रहा है।वृषभ राशि (Taurus): करियर में बड़ी छलांग और व्यापारिक विस्तार के योगसूर्य-गुरु की यह महायुति वृषभ राशि के जातकों के लिए जीवन में सकारात्मक बदलावों की बाढ़ लेकर आएगी। इस गोचर काल में आपके बैंक बैलेंस में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिलेगी और करियर में लंबे समय से प्रतीक्षित सफलता हासिल होगी। समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा। जो लोग व्यापार या बिजनेस से जुड़े हैं, उन्हें अपने कार्यक्षेत्र के विस्तार के शानदार अवसर मिलेंगे और वे इस दौरान किसी बड़ी व लाभदायक डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन सौहार्दपूर्ण रहेगा और घर में किसी मांगलिक कार्य के आयोजन से सुख-शांति बनी रहेगी।कन्या राशि (Virgo): अटके हुए कामों को मिलेगी रफ्तार और होगा बंपर धन लाभकन्या राशि के जातकों के लिए 16 जुलाई से 17 अगस्त तक का समय किसी वरदान की तरह सिद्ध होने वाला है। आपके जो कार्य पिछले कई महीनों या वर्षों से कानूनी अड़चनों या फंड की कमी के कारण रुके हुए थे, वे अब सुपरफास्ट रफ्तार से पूरे होने लगेंगे। आर्थिक मोर्चे पर आपको चौतरफा लाभ होगा, जहां आमदनी के नए स्रोत तो बनेंगे ही, साथ ही पुराने निवेशों से भी भारी धन लाभ होगा। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों की कृपा से प्रमोशन और इंक्रीमेंट की सौगात मिल सकती है। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता बढ़ेगी।मकर राशि (Capricorn): प्रॉपर्टी-वाहन की खरीदारी और शत्रुओं पर मिलेगी विजयमकर राशि के जातकों के लिए सूर्य और गुरु का यह गठबंधन आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने वाला साबित होगा। इस अवधि में आपकी वाणी में एक गजब का आकर्षण और प्रभाव पैदा होगा, जिससे आप बड़े से बड़े प्रशासनिक कार्यों को आसानी से निकलवाने में सफल रहेंगे। समाज या कार्यस्थल के किसी बेहद प्रभावशाली व्यक्ति से आपकी मुलाकात होगी, जो आपके भविष्य के करियर के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस दौरान नई भूमि, आलीशान भवन या मनपसंद वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं। यदि कोई अदालती मामला या कोर्ट-कचहरी का विवाद चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आएगा और विरोधी चाहकर भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:38 pm

सिंह राशि में शुक्र, सूर्य और केतु की बड़ी हलचल: 16 जुलाई से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, बरसेगा छप्परफाड़ धन

वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) और ग्रह गोचर के लिहाज से जुलाई 2026 का यह हफ्ता बेहद विशेष और क्रांतिकारी साबित होने जा रहा है। धन, वैभव, ऐश्वर्य और सुख-समृद्धि के प्रदाता माने जाने वाले ग्रह शुक्र देव (Shukra Gochar) अपनी चाल बदलते हुए 16 जुलाई 2026 को सूर्य की स्वामित्व वाली सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। सिंह राशि में शुक्र का यह गोचर इसलिए भी असाधारण और हलचल मचाने वाला है क्योंकि वहाँ पहले से ही ग्रहों के राजा सूर्य और छाया ग्रह केतु (Ketu in Leo) विराजमान हैं। ज्योतिषविद् नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, केतु आमतौर पर अकेलापन और वैराग्य देता है, लेकिन इस बार शुक्र और सूर्य के साथ मिलकर सिंह राशि में बनने वाली यह त्रिग्रही युति कई राशियों के जीवन में बड़ा वित्तीय और व्यक्तिगत बदलाव लेकर आने वाली है।वृषभ राशि (Taurus): आय के नए स्रोतों से मजबूत होगी आर्थिक स्थितिशुक्र और केतु की यह अनूठी युति वृषभ राशि के जातकों के लिए बेहद कल्याणकारी और भाग्यशाली साबित होगी। 16 जुलाई के बाद से आपके लिए धन लाभ के नए रास्ते स्वतः ही खुलते चले जाएंगे और आय (Income Sources) में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज होगी। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां पूरी तरह समाप्त होंगी और निवेश के लिहाज से यह समय सर्वोत्तम रहेगा। इसके साथ ही, आपकी व्यक्तिगत और पारिवारिक जिंदगी भी बेहद सुखद रहेगी, जहाँ आपको अपने जीवनसाथी (Spouse) का भरपूर सहयोग और प्रेम मिलेगा।तुला राशि (Libra): अचानक धन लाभ और मानसिक शांति के सुंदर योगतुला राशि के जातकों के लिए सिंह राशि का यह त्रिग्रही संयोजन किसी वरदान से कम नहीं होगा। व्यापार और नौकरीपेशा लोगों के लिए अचानक धन लाभ (Sudden Wealth) के कई बेहतरीन मौके सामने आएंगे, जिससे आपका मन अत्यंत प्रसन्न और सकारात्मक रहेगा। यदि आप लंबे समय से कोई वित्तीय या निवेश संबंधी प्लानिंग कर रहे थे, तो इस अवधि में आपकी वे सभी योजनाएं पूरी तरह सफल होंगी। विवाहित जातकों के लिए यह समय जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आएगा और आपसी रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।वृश्चिक राशि (Scorpio): लव लाइफ में लगेंगे चार चांद, निवेश से होगा बड़ा फायदावृश्चिक राशि के लोगों के लिए शुक्र, सूर्य और केतु का यह प्रभाव उनकी आर्थिक उन्नति को एक नई दिशा देगा। आपकी नियमित आमदनी में वृद्धि होगी और यदि आप शेयर बाजार या संपत्ति में निवेश (Investment) करने का विचार कर रहे हैं, तो इस गोचर काल में आपको उम्मीद से अधिक मुनाफा होने के योग हैं। केवल आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि आपकी लव लाइफ (Love Life) में भी इस युति के कारण सकारात्मक बदलाव आएंगे और पार्टनर के साथ आपके संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत और रोमांटिक हो जाएंगे।केतु के अशुभ प्रभाव से बचने और उसे प्रसन्न करने के अचूक उपाययदि आपकी जन्म कुंडली (Horoscope) में केतु की स्थिति कमजोर या अशुभ है और आप इस त्रिग्रही गोचर का पूर्ण सकारात्मक फल प्राप्त करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र में कुछ बेहद सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं। केतु देव को शांत और प्रसन्न करने के लिए बुधवार और शनिवार के दिन काले और सफेद तिल का दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से गली के आवारा कुत्तों को ताजी रोटी खिलाना और समाज के गरीब व जरूरतमंद लोगों को कंबल का दान करने से केतु जनित सारे दोष दूर होते हैं और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:34 pm

स्पेन का महा-धमाका: किलियन एम्बाप्पे की फ्रांस को 2-0 से चटाई धूल, शान से फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में मारी एंट्री

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में फुटबॉल जगत को नया फाइनलिस्ट मिल गया है। साल 2010 की विश्व चैंपियन स्पेन ने अपने असाधारण डिफेंस और आक्रामक खेल के दम पर खिताब की सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही फ्रांस को 2-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटा लिया है। इस करारी शिकस्त के साथ ही फीफा रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज फ्रांस और उनके स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने का ऐतिहासिक सपना चकनाचूर हो गया। स्पेनिश टीम ने इस मुकाबले में फ्रांस की उस खतरनाक अग्रिम पंक्ति को पूरी तरह खामोश कर दिया, जिससे पूरी दुनिया खौफ खाती थी।लामिन यामाल का जलवा और ओयारजाबाल का घातक पेनल्टी स्ट्रोकमैच शुरू होने से पहले ही स्पेन के वंडर किड लामिन यामाल ने हुंकार भरते हुए कहा था कि फ्रांस को स्पेन से डरना चाहिए, और मैदान पर उनका यह दावा अक्षरशः सच साबित हुआ। अपने 19वें जन्मदिन के ठीक एक दिन बाद खेल रहे यामाल ने 22वें मिनट में एक ऐसा आक्रामक मूव बनाया कि फ्रांस के स्टार डिफेंडर लुकास डिन्ये फाउल करने पर मजबूर हो गए। स्पेन को मिली इस पेनल्टी को मिकेल ओयारजाबाल (Mikel Oyarzabal) ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। यह ओयारजाबाल का इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 5वां और उनके करियर का 30वां गोल था।पेड्रो पोरो का निर्णायक गोल और स्पेन का अभेद्य डिफेंसशुरुआती झटके से उबरने की कोशिश कर रही फ्रांसीसी टीम को 58वें मिनट में स्पेन ने दूसरा तगड़ा झटका दिया। पेड्रो पोरो (Pedro Porro) ने दानी ओल्मो के साथ डी-बॉक्स के करीब एक बेहतरीन इन-पास तालमेल दिखाया और एक कड़क शॉट मारकर फुटबॉल को नेट के भीतर डाल दिया। 2-0 की बढ़त मिलते ही स्पेन ने मैच पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली। मौजूदा टूर्नामेंट के 7 मैचों में यह छठी बार था जब स्पेनिश डिफेंस ने विपक्षी टीम को एक भी गोल नहीं करने दिया। फ्रांस के विदाई ले रहे मुख्य कोच दिदिएर डेसचैम्प्स ने भी मैच के बाद माना कि स्पेन की रक्षापंक्ति के आगे उनके खिलाड़ियों को मौके बनाने की जगह ही नहीं मिल रही थी।लगातार 37 मैचों से अजेय स्पेन ने तोड़ा अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्डस्पेनिश फुटबॉल टीम इस समय अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रही है। मार्च 2024 से लेकर अब तक स्पेन नियमित 90 मिनट के खेल में लगातार 37 मैचों (28 जीत, 9 ड्रॉ) से अजेय बनी हुई है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने साल 2007-09 के अपने ही 35 मैचों के ऐतिहासिक राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। दूसरी ओर, फ्रांस का लगातार 6 विश्व कप मैच जीतने का विजय रथ भी यहीं रुक गया। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने हार की पूरी जिम्मेदारी अपने सिर लेते हुए कहा, स्पेन ने गेंद पर पूरा नियंत्रण रखा। जब आप उनकी खेल की गति और लय को नहीं तोड़ पाते, तो उनके खिलाफ वापसी करना नामुमकिन हो जाता है।न्यू जर्सी में होगा फाइनल महामुकाबला, फ्रांस लड़ेगा तीसरे स्थान के लिएस्पेन अब आगामी रविवार को न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड (East Rutherford, New Jersey) में होने वाले ग्रैंड फिनाले में खिताब के लिए उतरेगा। स्पेन का सामना बुधवार को अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। टीम के स्टार मिडफील्डर रोड्री ने साफ किया कि उनका लक्ष्य सिर्फ फाइनल तक पहुंचना नहीं बल्कि कप उठाना है। वहीं, खिताबी दौड़ से बाहर हो चुकी फ्रांस की टीम अब शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स (Miami Gardens) में तीसरे स्थान (Third Place Play-off) के सम्मान के लिए मैदान पर उतरेगी। वर्तमान में 8 गोल के साथ लियोनेल मेसी की बराबरी पर चल रहे एम्बाप्पे के पास इस आखिरी मैच में गोल्डन बूट की रेस जीतने का एक मौका जरूर रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:32 pm

एम्बाप्पे का टूटा हैट्रिक फाइनल का सपना: स्पेन ने फ्रांस को वर्ल्ड कप से किया बाहर, मगर 'गोल्डन बूट' के लिए मेसी से जंग जारी

फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही फ्रांस की टीम का सफर सेमीफाइनल में स्पेन के हाथों 0-2 की करारी हार के साथ समाप्त हो गया है। इस शिकस्त के साथ ही फ्रांस के करिश्माई स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे (Kylian Mbappe) का लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने और इतिहास रचने का सपना पूरी तरह टूट गया है। हालांकि, फ्रांसीसी प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि टूर्नामेंट से बाहर होने के बावजूद एम्बाप्पे अभी भी प्रतिष्ठित 'गोल्डन बूट' (Golden Boot Race) के सर्वोच्च दावेदारों में बने हुए हैं।मेसी और एम्बाप्पे के बीच गोल्डन बूट के लिए कांटे की टक्करभले ही फ्रांस फाइनल की रेस से बाहर हो गया हो, लेकिन चार साल पहले कतर विश्व कप में गोल्डन बूट जीतने वाले 27 वर्षीय किलियन एम्बाप्पे इस बार भी इस प्रतिष्ठित खिताब को अपने नाम करने की दौड़ में सबसे आगे हैं। वर्तमान में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में एम्बाप्पे और अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी (Lionel Messi) 8-8 गोल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर काबिज हैं। हालांकि, मेसी के पास अभी दो और मैच खेलने का मौका है, जबकि एम्बाप्पे के पास अब केवल एक मैच बचा है। अर्जेंटीना की टीम दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगी, जहां जीतने वाली टीम फाइनल में स्पेन का सामना करेगी।स्पेन के खिलाफ बेअसर रहे एम्बाप्पे, मैदान पर दिखा गुस्सासेमीफाइनल मुकाबले में स्पेनिश डिफेंस ने किलियन एम्बाप्पे को पूरी तरह बांध कर रखा। पहले हाफ में एम्बाप्पे पूरे फॉरवर्ड लाइन में सबसे बेअसर साबित हुए और उन्होंने केवल 15 बार गेंद को छुआ। मैच के 67वें मिनट में उन्हें गोल करने का एक बेहतरीन मौका मिला था, लेकिन उनका शॉट स्पेन के डिफेंडर मार्क कुकुरेला से टकराकर बाहर चला गया। मैच के अंतिम क्षणों में एम्बाप्पे का गुस्सा भी मैदान पर देखने को मिला, जब 86वें मिनट में स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन से टकराने के कारण रेफरी ने उन्हें पीला कार्ड (Yellow Card) दिखाया। इससे पहले स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई थी।अब तीसरे स्थान के लिए मियामी गार्डन्स में उतरेगी फ्रांस की टीमस्पेन से हारने के बाद अब फ्रांसीसी टीम को खाली हाथ घर नहीं लौटना होगा। आगामी शनिवार को फ्लोरिडा के मियामी गार्डन्स (Miami Gardens) में तीसरे पायदान (Third Place Play-off) के लिए एक मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में फ्रांस का सामना दूसरे सेमीफाइनल (अर्जेंटीना बनाम इंग्लैंड) में हारने वाली टीम से होगा। एम्बाप्पे के पास इस आखिरी मैच में गोल दागकर लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ने और लगातार दूसरी बार गोल्डन बूट अपने नाम करने का आखिरी सुनहरा मौका होगा। बता दें कि एम्बाप्पे ने मोरक्को के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में अपना 8वां गोल दागा था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:27 pm

सोने की कीमतों में ब्रेक: कल की बड़ी तेजी के बाद आज सस्ता हुआ गोल्ड, जानें यूपी, बिहार, दिल्ली और मुंबई का ताजा रेट कार्ड

घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) में सोने की आसमानी रफ्तार पर बुधवार 15 जुलाई 2026 को मामूली ब्रेक लगा है। पिछले कारोबारी सत्र में आई बड़ी तेजी के बाद आज देश के प्रमुख आभूषण बाजारों में सोने के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने का भाव मामूली रूप से ₹64 कम होकर ₹1,41,640 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। वहीं, गहने बनाने के लिए सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले 22 कैरेट सोने का रेट ₹1,29,748 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जिससे शादी-ब्याह के सीजन के लिए खरीदारी करने वालों को थोड़ी राहत मिली है।दिल्ली-एनसीआर और मुंबई के सर्राफा बाजारों का हालदेश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,647 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोने का दाम ₹1,29,740 प्रति 10 ग्राम पर खुला। कल दिल्ली में सोना ₹177 की मजबूती के साथ ₹1,42,280 पर बंद हुआ था। दूसरी तरफ, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बुलियन मार्केट में आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹61 की नरमी के साथ ₹1,41,810 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड का भाव ₹1,29,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया।उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में सोने के ताजा दामभौगोलिक आधार पर स्थानीय करों और परिवहन लागत के अंतर के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोने की कीमतें बाकी राज्यों से थोड़ी ऊंची चल रही हैं। लखनऊ में आज 24 कैरेट सोना ₹67 टूटकर ₹1,42,740 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट का भाव ₹1,30,075 है। बिहार की राजधानी पटना में 24 कैरेट सोना ₹55 सस्ता होकर ₹1,41,730 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मध्य प्रदेश के बाजारों में भी 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,610 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया।राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का लेटेस्ट गोल्ड रेटपश्चिमी और उत्तरी भारत के प्रमुख राज्यों में भी आज सर्राफा बाजार में लगभग समान रुझान देखने को मिला। राजस्थान के जयपुर में आज 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव ₹1,41,820 रहा। वहीं, पंजाब और हरियाणा के आभूषण बाजारों में आज सोने की कीमतों में एक जैसी स्थिरता देखी गई, जहां दोनों राज्यों के सर्राफा केंद्रों पर 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,640 और 22 कैरेट का भाव ₹1,29,740 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड करता दिखा।जानिए 15 जुलाई को सोने की कीमतों में क्यों आया यह उतार-चढ़ाववैश्विक कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों में आए इस हालिया बदलाव के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण काम कर रहे हैं:1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक महंगाईअमेरिका में उम्मीद से कम महंगाई के आंकड़े आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दाम लगातार तीसरे दिन बढ़े हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता को फिर से हवा दे दी है, जिससे दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।2. डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज जलडमरूमध्य का संकटअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का अपना फैसला तो वापस ले लिया है, लेकिन ईरान के प्रमुख बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी कड़ाई से जारी है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान बातचीत के लिए मेज पर नहीं आता, तो अगले सप्ताह उसके बिजलीघरों पर हमले किए जा सकते हैं, जिससे भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख और निवेशकों का बदलता रुझानयदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो वैश्विक स्तर पर मंदी और महंगाई का दबाव बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रख सकता है। चूंकि सोने पर निवेशकों को कोई सीधा ब्याज नहीं मिलता है, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में सोना निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है और लोग बांड मार्केट की तरफ रुख करने लगते हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में भी सोने की कीमतों पर दबाव देखा जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:25 pm

चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: औंधे मुंह गिरे दाम, जानिए यूपी, बिहार, दिल्ली और राजस्थान में आज क्या है 1 किलोग्राम सिल्वर का रेट

घरेलू सर्राफा बाजार (Bullion Market) में चांदी की खरीदारी करने वालों या कीमती धातुओं में निवेश की योजना बनाने वालों के लिए बुधवार 15 जुलाई 2026 का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय बाजारों में चांदी के दाम में ₹1,062 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इस मंदड़िया रुख के बाद राष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव फिसलकर ₹2,22,498 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि बीते कारोबारी सत्र में चांदी ₹5,508 की भारी बढ़त के साथ ₹2,23,560 पर बंद हुई थी।दिल्ली-एनसीआर के सर्राफा बाजार में चांदी का ताजा भावदेश की राजधानी दिल्ली के प्रमुख बुलियन मार्केट में आज 1 किलोग्राम चांदी का आधिकारिक रेट ₹2,22,498 दर्ज किया गया है। दिल्ली में आई इस ₹1,062 की कमी के बाद स्थानीय रिटेल ज्वैलरी मार्केट में अब 10 ग्राम चांदी का फुटकर रेट ₹2,224 और 100 ग्राम चांदी का भाव ₹22,249 के स्तर पर आ गया है। इसके विपरीत, मुंबई के सर्राफा बाजार में आज प्रति किलो चांदी का भाव ₹2,22,350 के स्तर पर ट्रेंड कर रहा है।उत्तर प्रदेश और बिहार में चांदी के दामों में बड़ा उलटफेरभौगोलिक आधार पर स्थानीय करों के कारण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और राज्य के अन्य हिस्सों में चांदी की कीमत ₹2,24,300 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है, जहां आज ₹1,048 की नरमी देखी गई। वहीं, बिहार की राजधानी पटना में चांदी के शौकीनों को सबसे बड़ा फायदा मिला है, क्योंकि यहाँ सिल्वर का भाव ₹1,506 प्रति किलो की भारी कटौती के साथ ₹2,22,054 पर बंद हुआ।राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के प्रमुख शहरों के रेट कार्डपश्चिमी भारत के सबसे बड़े आभूषण केंद्रों में से एक, राजस्थान के जयपुर शहर में चांदी का भाव ₹1,451 प्रति किलोग्राम कम होकर ₹2,22,109 के स्तर पर आ गया है। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के सर्राफा बाजारों में आज चांदी की कीमतों में समान रूप से स्थिरता देखी गई, जहां दोनों राज्यों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,22,376 पर खुला।वैश्विक तनाव और अमेरिकी फेड की नीतियों के कारण क्यों टूटी चांदी?कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई इस हालिया गिरावट का सीधा संबंध अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर सख्त चेतावनी और पश्चिम एशिया में जारी नौसैनिक नाकाबंदी के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार तीसरे दिन बढ़ी हैं। वैश्विक स्तर पर यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो दुनिया भर में महंगाई (Inflation) बढ़ने का खतरा रहेगा। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अपनी ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर रख सकता है, जिसके कारण निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बांड मार्केट में लगा रहे हैं और इसी वजह से चांदी की कीमतों में यह उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:24 pm

ईवी बाजार में हीरो का बड़ा दांव: एथर एनर्जी में फिर लगाए ₹1000 करोड़, शेयर 8% उछला, IPO प्राइस से 300% ऊपर पहुंचा भाव

भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (EV) बाजार में अपनी बादशाहत मजबूत करने के लिए देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प (Hero MotoCorp) ने एक बेहद रणनीतिक और बड़ा फैसला लिया है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में तहलका मचाते हुए हीरो मोटोकॉर्प ने एथर एनर्जी (Ather Energy) में ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश करने की आधिकारिक घोषणा की है। इस बड़ी डील की खबर सामने आते ही बुधवार को शेयर बाजार में एथर एनर्जी के शेयरों में करीब 8% की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।15 दिनों में पूरी होगी डील: प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए आएगी नई पूंजीहीरो मोटोकॉर्प की ओर से साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह ₹1,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश प्रेफरेंशियल इश्यू या कन्वर्टिबल वारंट्स के माध्यम से एथर एनर्जी में इन्फ्यूज किया जाएगा। इस सौदे के बाद हीरो मोटोकॉर्प की अंतिम शेयरहोल्डिंग इस बात पर निर्भर करेगी कि शेयर किस अंतिम कीमत पर जारी किए जाते हैं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि सभी आवश्यक विनियामक और बोर्ड मंजूरियां मिलने के बाद आगामी 15 दिनों के भीतर इस निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा।एथर में हीरो की हिस्सेदारी होगी और मजबूत: प्रमोटर ग्रुप का बढ़ा भरोसाजून 2026 तक के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के आंकड़ों पर नजर डालें तो हीरो मोटोकॉर्प के पास पहले से ही एथर एनर्जी में 29.5% की एक बड़ी हिस्सेदारी मौजूद है और वह कंपनी के प्रमोटर ग्रुप का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस नए ₹1,000 करोड़ के निवेश के बाद एथर में हीरो की पकड़ और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि हीरो का यह कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि उसे देश के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की दीर्घकालिक ग्रोथ और एथर एनर्जी की एडवांस टेक्नोलॉजी पर पूरा भरोसा है।बोर्ड बैठक में नई फंडिंग पर मंथन: क्षमता विस्तार और चार्जिंग नेटवर्क पर फोकसइस मेगा इन्वेस्टमेंट के बीच एथर एनर्जी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें भविष्य के विस्तार के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने के प्रस्तावों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। कंपनी को मिलने वाली इस नई वित्तीय ऑक्सीजन का इस्तेमाल नए इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स को डेवलप करने, मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की क्षमता को दोगुना करने और देशव्यापी फास्ट चार्जिंग नेटवर्क (Fast Charging Infrastructure) के विस्तार में किया जाएगा। वित्त वर्ष 2025-26 में एथर एनर्जी का कुल टर्नओवर ₹3,671.76 करोड़ तक पहुंच चुका है, जो इसके लगातार बढ़ते स्केल का ठोस प्रमाण है।ओला, टीवीएस और बजाज से कड़ी टक्कर: पूरे ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने में जुटी एथरभारतीय प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट की शुरुआती अग्रणी कंपनियों में शामिल होने के बावजूद, एथर एनर्जी को वर्तमान में टीवीएस मोटर (TVS Motor), बजाज ऑटो (Bajaj Auto) और ओला जैसी स्थापित दिग्गज ऑटो कंपनियों से बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इन पारंपरिक कंपनियों के पास मजबूत बैलेंस शीट और एक बहुत बड़ा डीलर नेटवर्क मौजूद है। इस चुनौती से निपटने के लिए एथर न केवल इलेक्ट्रिक स्कूटर बना रही है, बल्कि स्मार्ट कनेक्टेड टेक्नोलॉजी, बैटरी एनर्जी मैनेजमेंट सर्विस और प्रीमियम फास्ट चार्जिंग ग्रिड के जरिए पूरे ईवी इकोसिस्टम को नियंत्रित करने की रणनीति पर काम कर रही है।निवेशकों की चांदी: 2026 में 60% चढ़ा शेयर, मिला 300% का बंपर रिटर्नशेयर बाजार के प्रदर्शन की बात करें तो मंगलवार को एथर एनर्जी का शेयर ₹1,202 पर बंद हुआ था, जो बुधवार को हीरो मोटोकॉर्प की घोषणा के बाद 8% की छलांग लगा चुका है। साल 2026 में अब तक इस शेयर ने अपने निवेशकों को 60% से अधिक का शानदार रिटर्न दिया है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि अपने आईपीओ (IPO Launch Price) की मूल कीमत की तुलना में यह शेयर अब तक करीब 300% का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुका है, जिसने शुरुआती निवेशकों की पूंजी को कई गुना बढ़ा दिया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेश एथर के बिजनेस मॉडल पर विश्वसनीयता की मुहर लगाता है, हालांकि भविष्य में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना कंपनी की मुख्य परीक्षा होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 12:22 pm

रूसी तेल पर ट्रंप सरकार का बड़ा यू-टर्न! 500% की जगह 100% टैरिफ का प्रस्ताव, भारत समेत 5 देशों को मिल सकती है राहत

रूसी तेल की खरीद पर 500 फीसदी टैरिफ पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार यू-टर्न लेती नजर आ रही है। US सीनेट में पेश एक बिल में ऐसे देशों पर पहले प्रस्तावित अधिकतम 500% टैरिफ को घटाकर 100% करने का प्रस्ताव दिया गया है। भारत, चीन समेत 5 ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 12:21 pm

लश्कर-ए-तैयबा की नई रणनीति से बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता, एआई, मार्शल आर्ट और समुद्री घुसपैठ का दिया जा रहा प्रशिक्षण

लश्कर-ए-तैयबा के नए प्रशिक्षण मॉडल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार संगठन AI, मार्शल आर्ट और समुद्री घुसपैठ जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दे रहा है, जिस पर भारतीय एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।

देशबन्धु 15 Jul 2026 12:15 pm

राजभर का अखिलेश पर नया हमला, बोले-सपा शासन में चरम पर थी जातीय हिंसा और अराजकता

सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। राजभर ने 2012 में सपा की सत्ता में वापसी के बाद प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक हिंसा फैलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। उन्होंने दावा किया कि सपा की सरकार का मतलब प्रदेश को अराजकता और हिंसा की ओर धकेलना है।

देशबन्धु 15 Jul 2026 12:04 pm

मणिपुर में असम राइफल्स कैंप पर हिंसक हमला, तीन वाहन फूंके; तलाशी अभियान के बाद बढ़ा तनाव

मणिपुर के सेनापति जिले में असम राइफल्स कैंप पर हिंसक भीड़ ने हमला कर तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया। तलाशी अभियान के बाद भड़की हिंसा, सुरक्षा बलों ने हालात पर पाया काबू।

देशबन्धु 15 Jul 2026 12:03 pm

सांसद भारत सिंह कुशवाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दतिया में साधेंगे जातीय समीकरण, भाजपा ने सौंपी अहम जिम्मेदारी

दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए भाजपा ने अब जतीय समीकरण साधना शुरु कर दिया है। दतिया विधानसभा सीट पर कुल 3 लाख 56 हजार 651 मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 88 हजार 959 पुरुष और 1 लाख 67 हजार 692 महिला मतदाता शामिल हैं। दतिया में चुनावी मुकाबले में ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 12:03 pm

मंत्री लखन पटेल से छिना पशुपालन विभाग, सरकार का बड़ा फैसला, अब सिर्फ आनंद विभाग की संभालेंगे जिम्मेदारी

मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पशुपालन मंत्री लखन पटेल का कद कम कर दिया है। लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस ले लिया गया है, अब लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी रहेगी। बुंदेलखंड से आने वाले लखन पटेल मोहन कैबिनेट में स्वतंत्र ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 11:07 am

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता आज से लागू, 99% भारतीय निर्यात होगा शुल्क मुक्त; कई उत्पाद सस्ते होने की उम्मीद

भारत-यूके CETA आज से लागू हो गया है। 99% भारतीय निर्यात को ब्रिटेन में शून्य शुल्क मिलेगा। स्कॉच व्हिस्की, ब्रिटिश कारों और कई आयातित उत्पादों पर शुल्क घटेगा, जबकि आईटी कंपनियों और एमएसएमई को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

देशबन्धु 15 Jul 2026 10:24 am

E20 पर नितिन गडकरी का बड़ा बयान: 100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि E20 नहीं चाहिए तो 100% पेट्रोल खरीदिए, लेकिन ज्यादा कीमत देनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बेटों के व्यवसाय में इथेनॉल का हिस्सा बहुत कम है और वे हमेशा वैकल्पिक ईंधनों के समर्थक रहे हैं।

वेब दुनिया 15 Jul 2026 10:17 am

Millennials vs Gen Z Home Buying: घर खरीदने का सपना हुआ पुराना; 46% युवा अब भारी-भरकम EMI के बजाय चुन रहे हैं 'किराए का मकान', नोब्रोकर की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

भारत में हमेशा से 'अपना घर' होना कामयाबी और सामाजिक सुरक्षा का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है। माता-पिता की पीढ़ी का सबसे बड़ा सपना जिंदगी में एक बार खुद का आशियाना बनाना होता था। लेकिन आज की आधुनिक युवा पीढ़ी—मिलेनियल्स (Millennials) और जेन-जी (Gen Z) प्रोफेशनल्स—इस पुरानी और पारंपरिक सोच को पूरी तरह से बदल रहे हैं। अब युवा 20-30 सालों तक होम लोन की भारी-भरकम किश्तें (EMI) चुकाने के मानसिक और वित्तीय बोझ में फंसने के बजाय 'वित्तीय आजादी' (Financial Freedom) को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।मशहूर प्रॉपर्टी टेक प्लेटफॉर्म नोब्रोकर (NoBroker) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के 46 फीसदी किराएदार अब लंबे समय तक किराए के मकान में रहने को ही अपना सबसे बेहतर और समझदारी भरा विकल्प मान रहे हैं। इस बदलते ट्रेंड में 25 से 34 साल की उम्र वाले 53 फीसदी और 35 से 44 साल की उम्र वाले 48 फीसदी प्रोफेशनल्स शामिल हैं, जिनका साफ कहना है कि वे भविष्य में घर खरीदने के बजाय किराए के मकान में ही रहना जारी रखेंगे।भारी-भरकम EMI से आधा पड़ रहा है घर का किराया: समझें गणितयुवाओं के इस बड़े यू-टर्न के पीछे सबसे मुख्य वजह महानगरों में आसमान छूती घरों की कीमतें और उनका असहनीय वित्तीय बोझ है। देश के प्रमुख टेक और कमर्शियल शहरों में होम लोन की किश्तें, वहां के वास्तविक किराए के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा हो चुकी हैं।ईएमआई-टू-रेंट रेशियो (EMI-to-rent ratio) में उछाल: पिछले पांच सालों में दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम (Gurugram) में यह रेशियो 1.86 से बढ़कर 2.68 हो चुका है। यही हाल टेक हब बेंगलुरु (2.38), हैदराबाद (2.47) और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (2.19) का भी है।सीधा उदाहरण: इसका सरल शब्दों में मतलब यह है कि यदि आप किसी पॉश इलाके में ₹50,000 प्रति माह किराए पर रह रहे हैं, तो उसी घर को खरीदने के लिए आपको डाउन पेमेंट के अलावा हर महीने ₹1 लाख से भी ज्यादा की मासिक EMI चुकानी होगी।स्मार्ट इन्वेस्टमेंट: आज का युवा एकमुश्त डाउन पेमेंट में अपनी सारी जमा-पूंजी फंसाने और भारी ईएमआई देने के बजाय, उस बड़ी रकम को शेयर बाजार (Stock Market) और म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में निवेश कर रहा है। बेंगलुरु के एक 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के मुताबिक, 20 साल तक हर महीने ₹1 लाख की ईएमआई का जुआ खेलने से बेहतर है कि पैसा निवेश किया जाए, ताकि करियर के हिसाब से जब चाहें शहर बदलने की पूरी आजादी बनी रहे।लाइफस्टाइल और लग्जरी से कोई समझौता नहींआज की युवा पीढ़ी के लिए किराए पर रहना कोई लाचारी या मजबूरी नहीं, बल्कि एक बेहद सोचा-समझा और सचेत वित्तीय फैसला (Financial Decision) बन गया है। वे सिर्फ इसलिए किराए पर नहीं रह रहे कि उनके पास पैसे नहीं हैं, बल्कि वे उस पैसे से अपनी लाइफस्टाइल को और बेहतर (Premium Lifestyle) बनाना चाहते हैं।प्रीमियम और बड़े घरों की मांग: आजकल के प्रोफेशनल्स बड़े घरों, आधुनिक गेटेड सोसाइटी, पूरी तरह से सुसज्जित (Fully Furnished) अपार्टमेंट्स और क्लब हाउस जैसी सुविधाओं वाले प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में रहना पसंद करते हैं।बेंगलुरु और मुंबई का हाल: बेंगलुरु में ऊंचे किराए के बावजूद 3-BHK फ्लैट्स की डिमांड सप्लाई से कहीं ज्यादा बनी हुई है। वहीं, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में कुल किराये की मांग का लगभग एक तिहाई (33%) हिस्सा उन लग्जरी घरों का है, जिनका मासिक किराया ₹40,000 से अधिक है। मुंबई के एक मार्केटिंग प्रोफेशनल के शब्दों में कहें तो, अपना घर होना एक लक्ष्य जरूर हो सकता है, लेकिन इसके लिए वे अपनी वर्तमान वित्तीय स्वतंत्रता और सुख-सुविधाओं से समझौता बिल्कुल नहीं करना चाहते।बदलते करियर ग्राफ और रेंटल मार्केट में उछालशहर / मेट्रोपॉलिटन रीजनसालाना किराए में रिकॉर्ड बढ़ोतरी (Annual Rent Growth)मुंबई (MMR)11% (देश में सबसे ज्यादा उछाल)चेन्नई8%बेंगलुरु7%हैदराबाद~3%दिल्ली-NCR~3%युवाओं के इस बदले मिजाज के पीछे उनका तेजी से बदलता करियर ग्राफ भी है। कॉर्पोरेट जगत में जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलना, वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड वर्क कल्चर, और वित्तीय प्लानिंग को लेकर बढ़ती जागरूकता के कारण प्रोफेशनल्स तब तक कोई स्थायी प्रॉपर्टी खरीदने का जोखिम नहीं उठाना चाहते, जब तक कि वे अपने जीवन और करियर में पूरी तरह सेटल न हो जाएं। युवाओं के इसी रुख के चलते देश के महानगरों का रेंटल मार्केट (Rental Market) आज रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रहा है और मकान मालिकों की चांदी हो रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:55 am

Ayodhya Ram Mandir Update: चढ़ावे की चोरी के बाद अयोध्या राम मंदिर में बदला दान का ट्रेंड; दान पेटियों से गायब हुए सोने-चांदी के गहने

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के प्रति देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति अटूट है। लेकिन हाल ही में मंदिर परिसर में चढ़ावे की चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद अब भक्तों के रुख में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की जागरूकता और सावधानी काफी बढ़ गई है। नतीजतन, मंदिर की दान पेटियों (Donation Boxes) में अब सोने-चांदी के आभूषण और कीमती सिक्के न के बराबर दिखाई दे रहे हैं।चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया में शामिल मंदिर के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर इस पूरे घटनाक्रम और स्टाफ की बदलती परिस्थितियों को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।जागरूक हुए भक्त, बदला दान करने का तरीकासूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चंदा चोरी की घटना उजागर होने के बाद ऐसा नहीं है कि श्रद्धालुओं ने आस्था के वशीभूत होकर दान देना बंद कर दिया है, बल्कि उनके दान करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है।सोने-चांदी के चढ़ावे में भारी कमी: पहले भक्त बड़ी ही भावुकता और श्रद्धा के साथ दान पेटियों में सोने के हार, अंगूठियां और चांदी के कीमती सिक्के डाल दिया करते थे। छंटाई (Sorting) प्रक्रिया के दौरान जब पेटियां खाली की जाती थीं, तो इन्हें एक अलग बॉक्स में सुरक्षित रखा जाता था।चोरी का मुख्य जरिया: सूत्रों का दावा है कि गिनती और छंटाई के इसी चरण के दौरान आरोपी कर्मचारी बड़ी चालाकी से गहनों पर हाथ साफ कर देते थे। लेकिन अब चोरी की बात सार्वजनिक होने के बाद भक्तों ने दान पेटियों में कीमती सामान डालना बंद कर दिया है। हालांकि, सीधे आधिकारिक काउंटरों पर रसीद कटवाकर किए जाने वाले दान का आंकड़ा अलग हो सकता है।23 कर्मचारियों के इस्तीफे के बाद 13 कर्मियों पर बढ़ा काम का बोझराम मंदिर में केवल दान का ट्रेंड ही नहीं बदला है, बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारियों की आंतरिक स्थिति भी काफी तनावपूर्ण बनी हुई है।कर्मचारियों की कमी: मंदिर से एक साथ 23 कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने के बाद से अभी तक कोई नई भर्ती (New Hiring) नहीं की गई है।बढ़े काम के घंटे: पहले जहां काम को 6-6 घंटे की दो अलग-अलग शिफ्टों में बांटा गया था, वहीं अब बाकी बचे केवल 13 कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे की एक ही लंबी शिफ्ट में बुलाया जा रहा है।वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं: काम का दबाव और घंटे दोगुने होने के बावजूद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने को लेकर प्रबंधन में कोई चर्चा नहीं हुई है।'थर्ड-पार्टी हायरिंग' और श्रमिकों के शोषण के आरोपनौकरी छोड़ने वाले एक पूर्व कर्मचारी के अनुसार, यहां हालात थर्ड-पार्टी वेंडर के जरिए श्रमिकों के शोषण जैसे बने हुए हैं। कर्मचारियों को कोई साप्ताहिक या आधिकारिक छुट्टी नहीं मिलती है और वेतन भी केवल उन्हीं दिनों का काटा जाता है जब उन्होंने वास्तव में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराई हो।यहां काम करने वाले कई युवा छात्र हैं जो पार्ट-टाइम काम के साथ अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे हैं। दिहाड़ी (Daily Wage) के स्तर पर फुल-टाइम काम का अत्यधिक दबाव होने के कारण युवाओं के लिए यहां टिकना मुश्किल हो रहा है, जिससे मंदिर में स्टाफ टर्नओवर (Staff Turnover) यानी नौकरी छोड़ने की दर हमेशा ऊंची रहती है।'राष्ट्रपति शासन' जैसी पाबंदियां और समाज के चुभते सवालचढ़ावा गिनने की टीम में शामिल एक वर्तमान कर्मचारी ने कार्यस्थल के माहौल की तुलना 'राष्ट्रपति शासन' से करते हुए कहा कि वहां की सख्त पाबंदियों और सुरक्षा जांच के बाद भी मानसिक शांति नहीं मिलती।चोरी का मामला सामने आने के बाद से जब ये कर्मचारी अपने घर लौटते हैं, तो परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और पड़ोसी भी उन्हें शक की निगाह से देखते हैं और तरह-तरह के चुभते हुए सवाल पूछते हैं। यहाँ तक कि आरोपी के पुराने साथियों ने भी बदनामी के डर से अब इन कर्मचारियों से पूरी तरह दूरी बना ली है, जिससे वे भारी सामाजिक और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:49 am

LIVE: उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल बारिश पर ब्रेक, पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

Latest News Today Live Updates in Hindi : उत्तर पश्चिम भारत में बारिश पर ब्रेक लग गया है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में अगले छह-सात दिनों तक भारी बारिश का अनुमान जताया है। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 8:46 am

Vastu Tips For Money Plant: क्या चोरी करके लगाया गया मनी प्लांट सच में चमकाता है किस्मत या घर लाता है भयंकर कंगाली? जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र!

सनातन धर्म और हमारे समाज में घर की सुख-समृद्धि, खुशहाली और बरकत को लेकर कई तरह की लोक मान्यताएं और धारणाएं प्रचलित हैं। इन्हीं में से एक बेहद आम और सबसे ज्यादा सुनी जाने वाली धारणा यह है कि अगर किसी अमीर व्यक्ति या सुखी परिवार के घर से मनी प्लांट चोरी करके अपने घर में लगाया जाए, तो घर में पैसों की बारिश होने लगती है और सारी आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।इस चक्कर में बहुत से लोग अक्सर दूसरों के घरों, छतों या बगीचों से चुपके से मनी प्लांट की पत्तियां या डालियां तोड़ लाते हैं। लेकिन क्या वाकई चोरी का मनी प्लांट लगाने से घर में धन-दौलत आती है? या यह सिर्फ एक फैला हुआ अंधविश्वास है? आइए वास्तु शास्त्र और धर्म के नजरिए से इस मिथक का पूरा सच समझते हैं।क्या चोरी का मनी प्लांट लगाना शुभ होता है?वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, चोरी करके लाया गया मनी प्लांट घर में लगाना बेहद अशुभ माना जाता है। यह पूरी तरह से एक फैला हुआ भ्रम और अंधविश्वास है कि चोरी का पौधा बरकत देता है।चोरी करना अपने आप में एक नकारात्मक और अनैतिक कृत्य (बुरे कर्म) की श्रेणी में आता है। जब आप किसी गलत नीयत या गलत कर्म से कोई वस्तु अपने घर लाते हैं, तो वह अपने साथ भारी नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) लेकर आती है। ऐसे में उस पौधे से कभी भी शुभ या सकारात्मक फल मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती।बिना पूछे लाए गए पौधे से घर पर क्या असर पड़ता है?वास्तु नियमों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी कोई भी चीज लेना सीधे तौर पर वास्तु दोष को आमंत्रण देता है। यदि आप चोरी का मनी प्लांट घर में लगाते हैं, तो:मानसिक तनाव और क्लेश: घर में धन की वर्षा होने की बजाय मानसिक अशांति, बेवजह का तनाव और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी विवाद बढ़ने लगते हैं।सकारात्मक ऊर्जा का नाश: गलत तरीके और दुर्भावना से लाई गई कोई भी वस्तु घर के 'आभामंडल' (Aura) और वहां मौजूद सकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से दूषित कर देती है।क्या कहते हैं धर्म और कर्म के सिद्धांत?हिंदू धर्म दर्शन में 'कर्म प्रधानता' को सबसे ऊपर रखा गया है। गीता के उपदेशों के अनुसार, अच्छे कर्म का फल अच्छा और बुरे कर्म का फल बुरा ही मिलता है।यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे के घर को नुकसान पहुंचाकर या बिना पूछे चोरी से मनी प्लांट लाता है और यह सोचता है कि माता लक्ष्मी उससे प्रसन्न हो जाएंगी, तो यह पूरी तरह से बेबुनियाद है। शास्त्रों के अनुसार, बिना अनुमति किसी की वस्तु छूना या लेना आपके संचित पुण्यों को कम करता है और पाप का भागी बनाता है। देवी लक्ष्मी कभी भी चोरी की बैसाखी पर आपके घर में प्रवेश नहीं करतीं।मनी प्लांट लगाने का सबसे सटीक और सही तरीकाअगर आप अपने घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता के लिए मनी प्लांट लगाना चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन करें:खरीदें या उपहार में लें: मनी प्लांट को हमेशा किसी सरकारी या निजी नर्सरी से अपने पैसों से खरीदकर लाएं। या फिर किसी ऐसे परिचित, मित्र या पड़ोसी से मांगकर लाएं जो आपको अपनी मर्जी, प्रेम और सम्मान के साथ उसकी कटिंग दे। प्रेमपूर्वक उपहार में मिला या खरीदा हुआ पौधा ही घर के लिए सर्वोत्तम और भाग्यशाली माना जाता है।दिशा का रखें विशेष ध्यान: वास्तु शास्त्र के अनुसार, मनी प्लांट लगाने के लिए दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East Direction - आग्नेय कोण) सबसे ज्यादा शुभ और फलदायी मानी जाती है। यह दिशा बुद्धि के देवता भगवान गणेश और धन-वैभव के कारक शुक्र ग्रह (Venus) से संबंधित है। इस दिशा में पौधा रखने से आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं।मुरझाए पत्तों को तुरंत हटाएं: घर में कभी भी सूखा, पीला, सड़ चुका या मुरझाया हुआ मनी प्लांट नहीं रखना चाहिए। यदि पौधे की पत्तियां सूखने लगें, तो उन्हें तुरंत काटकर हटा दें, क्योंकि सूखा पौधा सीधे तौर पर धन हानि और बदहाली का संकेत देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:43 am

Monsoon AC Settings: मानसून के चिपचिपे मौसम में AC को चलाएं इस सीक्रेट मोड पर; कमरे से तुरंत गायब होगी ह्यूमिडिटी और आएगी ठंडी हवा!

गर्मी के लंबे और तपते सीजन के बाद मानसून (Monsoon) की बारिश भले ही हमें चिलचिलाती धूप से राहत देती है, लेकिन अपने साथ एक नई मुसीबत लेकर आती है—ह्यूमिडिटी (नमी) और उमस भरा चिपचिपापन। मानसून के दिनों में अक्सर देखा जाता है कि बाहर का तापमान बहुत ज्यादा नहीं होता, फिर भी घर के अंदर अजीब सी घुटन, पसीना और दीवारों-कपड़ों से सीलन जैसी बदबू आने लगती है। ऐसी स्थिति में एयर कंडीशनर (AC) आपका सबसे बड़ा मददगार साबित हो सकता है।एसी न केवल कमरे को ठंडा करता है, बल्कि हवा में मौजूद एक्स्ट्रा नमी को भी सोख लेता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून के दौरान एसी चलाने का तरीका सामान्य गर्मियों से बिल्कुल अलग होता है? अगर आप सही मोड और सेटिंग्स का इस्तेमाल करेंगे, तो आपका एसी बिजली की बचत करते हुए उमस को चुटकियों में सोख लेगा। आइए जानते हैं मानसून में एसी चलाने के कुछ बेहद काम के तरीके:1. मानसून का सबसे बड़ा हथियार—'ड्राई मोड' (Dry Mode) का करें इस्तेमालआजकल के लगभग सभी मॉडर्न स्प्लिट और विंडो एसी में 'ड्राई मोड' (Dry Mode) का विकल्प दिया जाता है (रिमोट पर अक्सर इसका सिंबल पानी की बूंद या 'Drop' जैसा होता है)।यह कैसे काम करता है? यह मोड विशेष रूप से हवा से अत्यधिक नमी को सोखने के लिए ही डिजाइन किया गया है। जब आप ड्राई मोड ऑन करते हैं, तो एसी का कंप्रेसर और फैन स्पीड एक खास तालमेल में चलते हैं। यह कमरे को बर्फ जैसा ठंडा किए बिना हवा में मौजूद चिपचिपेपन को पूरी तरह सोख लेता है, जिससे कमरे का माहौल बेहद आरामदायक और सुहावना हो जाता है।2. तापमान को 24C से 26C के बीच ही रखेंउमस से परेशान होकर कई लोग एसी को सीधे 16-डिग्री या 18-डिग्री सेल्सियस पर सेट कर देते हैं, जो कि सबसे बड़ी गलती है।सही तरीका: मानसून में तापमान को हमेशा 24 डिग्री सेल्सियस से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। इस तापमान पर एसी का कूलिंग साइकल लंबा और स्थिर चलता है। लंबा साइकल चलने की वजह से एसी के कॉइल्स को हवा से नमी हटाने का पर्याप्त समय मिल जाता है। साथ ही, यह तापमान आपकी सेहत और बिजली के बिल दोनों के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है।3. एसी फिल्टर्स की नियमित सफाई है बेहद जरूरीबरसात के मौसम में हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है, जिसके कारण एसी के एयर फिल्टर्स (Air Filters) पर धूल और गंदगी बहुत तेजी से चिपककर जम जाती है।नुकसान: गंदे और चोक हो चुके फिल्टर्स एसी के एयरफ्लो (हवा के बहाव) को रोक देते हैं। जब हवा का सर्कुलेशन सही नहीं होगा, तो एसी की नमी सोखने की क्षमता आधी रह जाएगी। इसके अलावा, फिल्टर्स पर जमी नमी के कारण बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे कमरे में एसी चालू करते ही अजीब सी सड़न या सीलन की बदबू आने लगती है।समाधान: मानसून के दौरान हर 10 से 15 दिनों में एसी के फ्रंट पैनल को खोलकर उसके फिल्टर्स को निकालें और साफ पानी से धोकर सुखाने के बाद ही वापस लगाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:40 am

Ashadha Gupt Navratri 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि आज से शुरू, घटस्थापना के समय भूलकर भी न करें ये गलती; नोट कर लें पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट

सनातन धर्म में शक्ति उपासना का महापर्व नवरात्रि बेहद पवित्र और फलदायी माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल में चार बार नवरात्रि का आगमन होता है, जिसमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक रूप से मनाई जाती हैं, जबकि माघ और आषाढ़ मास में आने वाली नवरात्रियों को 'गुप्त नवरात्रि' कहा जाता है। आज यानी 15 जुलाई 2026 से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है।यह समय सामान्य साधकों के साथ-साथ तंत्र-मंत्र की विद्या सीखने वालों, अघोरियों और कठिन शक्ति साधना करने वालों के लिए परम सिद्धियों को प्राप्त करने का होता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में मां आदिशक्ति के स्वरूपों की जितनी गोपनीयता के साथ साधना की जाती है, साधक को उतनी ही जल्दी मानसिक शक्ति, अटूट आत्मविश्वास और जीवन की समस्त बाधाओं से मुक्ति मिलती है।घटस्थापना (कलश स्थापना) का समय और जरूरी नियमद्रिक पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई को दोपहर 03:12 बजे से प्रारंभ होकर आज 15 जुलाई 2026 को सुबह 11:50 बजे समाप्त हो रही है। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, नवरात्रि का पहला व्रत आज ही रखा जा रहा है।शास्त्रों में सचेत किया गया है कि घटस्थापना देवी शक्ति के आह्वान का सबसे मुख्य चरण है, इसलिए इसे कभी भी अनुचित या वर्जित समय पर नहीं करना चाहिए। अमावस्या तिथि और रात्रिकाल में कलश स्थापना करना पूरी तरह वर्जित माना गया है, ऐसा करने से देवी मां रुष्ट हो सकती हैं।घटस्थापना का सटीक शुभ मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 09 मिनट तक।विशेष सलाह: माता रानी की कृपा पाने के लिए इस तय समयावधि के भीतर ही अपने घरों या साधना स्थलों में कलश की स्थापना संपन्न कर लें।इन 10 दिव्य महाविद्याओं की होती है गुप्त साधनागुप्त नवरात्रि के दौरान गृहस्थ और तांत्रिक साधक मां दुर्गा के नौ रूपों के साथ-साथ मुख्य रूप से इन 10 शक्तिशाली महाविद्याओं की आराधना करते हैं:मां कालीमां तारामां त्रिपुरसुंदरीमां भुवनेश्वरीमां भैरवीमां छिन्नमस्तामां धूमावतीमां बगलामुखीमां मातंगीमां कमलाघटस्थापना की संपूर्ण सामग्री लिस्ट (Puja Samagri Checklist)कलश स्थापना की पूजा शुरू करने से पहले नीचे दी गई सभी आवश्यक सामग्रियों को एक स्थान पर व्यवस्थित करके रख लें, ताकि पूजा के विधान में कोई बाधा न आए:पात्र और मिट्टी: सप्त धान्य (जौ) रोपित करने के लिए एक चौड़ा, खुला और साफ मिट्टी का पात्र तथा उसमें भरने के लिए स्वच्छ व पवित्र मिट्टी।अन्न के बीज: सप्त धान्य यानी सात अलग-अलग प्रकार के पवित्र अन्न के बीज (जैसे जौ, गेहूं आदि)।कलश: एक छोटे आकार का शुद्ध पीतल, तांबे या मिट्टी का कलश।जल और पवित्र वस्तुएं: कलश में भरने के लिए शुद्ध पेयजल, पवित्र गंगाजल, सुगंधित इत्र, साबुत सुपारी, दूर्वा घास और कलश के भीतर डालने के लिए एक तांबे या चांदी का सिक्का।पल्लव और ढक्कन: कलश के मुख पर सजाने के लिए अशोक या आम के 5 पवित्र पत्ते और कलश को ढकने के लिए मिट्टी या धातु का एक ढक्कन (पात्र)।अक्षत और नारियल: कलश को ढकने वाले ऊपरी पात्र में रखने के लिए साफ अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) और एक पानी वाला बिना छिला हुआ जटाधारी नारियल।वस्त्र और कलावा: नारियल पर लपेटने के लिए लाल रंग का साफ सूती कपड़ा या चुनरी और कलश पर बांधने के लिए पवित्र कलावा (मौली या सूती धागा)।श्रृंगार और पुष्प: माता रानी को अर्पित करने के लिए ताजे लाल पुष्प, पुष्पहार और अक्षत।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:37 am

World Plastic Surgery Day: 'जो भगवान नहीं देता, वो डॉक्टर देता है'; जब इन 4 अभिनेत्रियों ने सरेआम कुबूल की अपनी प्लास्टिक सर्जरी

ग्लैमर वर्ल्ड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में हमेशा परफेक्ट दिखना, झुर्रियों से दूर रहना और स्क्रीन पर अपनी बेस्ट प्रेजेंस देना सितारों की एक प्रोफेशनल जरूरत मानी जाती है। ऐसे में खुद को और बेहतर दिखाने या किसी मेडिकल जरूरत को पूरा करने के लिए सेलेब्स अक्सर कॉस्मेटिक प्रोसीजर्स और प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लेते हैं। आज (15 जुलाई 2026) वर्ल्ड प्लास्टिक सर्जरी डे (World Plastic Surgery Day) है।आमतौर पर सिनेमा जगत में इन बदलावों और सर्जिकल ट्रीटमेंट्स को छुपाने की कोशिश की जाती है और लोग इस पर बात करने से बचते हैं। लेकिन बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री में कुछ ऐसी भी जांबाज एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने इस हिचकिचाहट को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया। इन हसीनाओं ने दुनिया के सामने बेहद ईमानदारी से यह स्वीकार किया कि हां, उन्होंने अपने लुक्स को बेहतर करने के लिए मेडिकल साइंस और प्लास्टिक सर्जरी की मदद ली है।जब बात सिर्फ अस्थाई ट्रीटमेंट्स जैसे लिप फिलर्स, बोटॉक्स या अंडर-आई फिलर्स की आती है, तो कई स्टार्स इस पर बात कर लेते हैं। लेकिन जब सर्जिकल प्रोसीजर्स (जैसे नोज जॉब या ब्रेस्ट इम्प्लांट्स) को सरेआम कुबूल करने की बात आती है, तो बहुत कम लोग ऐसा हौसला दिखा पाते हैं। आइए जानते हैं उन 4 अभिनेत्रियों के बारे में जिन्होंने रूढ़ियों को तोड़ा:1. प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) - जब गलत सर्जरी के बाद उन्हें कहा गया 'प्लास्टिक चोपड़ा'इस लिस्ट में सबसे पहला और बड़ा नाम आता है ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा का। प्रियंका ने साल 2021 में रिलीज हुई अपनी बेस्टसेलर ऑटोबायोग्राफी ‘अनफिनिश्ड’ (Unfinished) में इस गहरे राज से पर्दा उठाया था। उन्होंने बताया था कि करियर के शुरुआती दौर में उनकी नाक में एक पॉलिप यानी गांठ हो गई थी। उसे हटाने के लिए जो सर्जरी की गई, वह गलत हो गई और डॉक्टर की गलती की वजह से उनका पूरा चेहरा बदल गया।इस वजह से उन्हें भारी मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और फिल्म इंडस्ट्री व मीडिया में लोगों ने उन्हें निर्दयता से ‘प्लास्टिक चोपड़ा’ तक कहना शुरू कर दिया था। इसके बाद प्रियंका को अपनी नाक का ओरिजिनल शेप वापस ठीक करने के लिए दोबारा एक बड़ी करेक्टिव प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लेना पड़ा था।2. श्रुति हासन (Shruti Haasan) - 'हां, मैंने नाक की सर्जरी कराई और मुझे कोई डर नहीं'साउथ और बॉलीवुड फिल्मों की जानी-मानी एक्ट्रेस और रॉकस्टार सिंगर श्रुति हासन भी अपनी पर्सनल लाइफ और फैसलों को लेकर हमेशा से बेहद पारदर्शी रही हैं। साल 2020 में श्रुति ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट लिखकर अपनी कॉस्मेटिक जर्नी के बारे में सबको बताया था।उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के साफ शब्दों में लिखा था, “हां, मैंने प्लास्टिक सर्जरी कराई है और मुझे यह बात दुनिया के सामने मानने में कोई शर्म या डर नहीं है। मैंने अपनी नाक का शेप बदलवाया है (Nose Job)।” श्रुति ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी भी तरह से प्लास्टिक सर्जरी को प्रमोट नहीं कर रही हैं, बल्कि यह पूरी तरह से उनका अपना निजी फैसला था, क्योंकि वह अपने चेहरे में कुछ बदलाव देखना चाहती थीं।3. राखी सावंत (Rakhi Sawant) - 'जो भगवान नहीं देता, वो डॉक्टर देता है'अपनी बेबाकी और तड़क-भड़क के लिए मशहूर कंट्रोवर्सी क्वीन राखी सावंत ने तो बहुत साल पहले ही इस विषय पर खुलकर बात की थी, जब बॉलीवुड में इस पर सोचना भी पाप माना जाता था। राखी ने करण जौहर के सबसे चर्चित चैट शो ‘कॉफी विद करण’ (Koffee With Karan) के दूसरे सीजन में इस बात को पूरी दुनिया के सामने एडमिट किया था।शो में दिया गया उनका यह वन-लाइनर बयान आज भी पॉप कल्चर में बेहद लोकप्रिय है कि “जो भगवान नहीं देता, वो डॉक्टर देता है।” राखी ने खुले तौर पर स्वीकारा था कि करियर की शुरुआत में खुद को ग्लैमरस दिखाने, ज्यादा काम पाने और इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए उन्होंने ब्रेस्ट एन्हांसमेंट और चेहरे की विभिन्न सर्जरीज करवाई थीं।4. ईवा ग्रोवर (Eva Grover) - करवाई परमानेंट लिप सर्जरीफिल्मों और टीवी की सीनियर एक्ट्रेस ईवा ग्रोवर, जिन्हें दर्शकों ने राम कपूर और साक्षी तंवर के पॉपुलर शो ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ में देखा था, उन्होंने भी इस मामले में गजब की ईमानदारी दिखाई। ईवा ने एक इंटरव्यू के दौरान मीडिया के सामने यह कुबूल किया था कि उन्होंने अपने ऊपर के होंठ को एक परमानेंट प्लंपर लुक देने के लिए प्रॉपर लिप जॉब यानी लिप सर्जरी करवाई थी।उन्होंने साफ किया था कि यह कोई चार-छह महीने में बेअसर होने वाला अस्थाई लिप फिलर नहीं था, बल्कि एक प्रॉपर सर्जिकल प्रोसीजर था, क्योंकि वह अपने लुक्स के उस हिस्से से बिल्कुल खुश नहीं थीं और खुद को बेहतर दिखाना चाहती थीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:36 am

Dhamaal 4 Box Office Collection: पांचवें दिन उछली अजय देवगन की ‘धमाल 4’ की कमाई, मंगलवार को छापे 9.50 करोड़; शाहरुख-सलमान की इन 10 फिल्मों को पछाड़ा!

बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन की मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘धमाल 4’ (Dhamaal 4) बॉक्स ऑफिस पर धुंआधार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज हुए आज 5 दिन पूरे हो चुके हैं। हालांकि सोमवार (मंडे टेस्ट) को फिल्म के कलेक्शन में थोड़ी गिरावट जरूर देखी गई थी, लेकिन वर्किंग डे होने के बावजूद मंगलवार को फिल्म की कमाई में एक बार फिर शानदार उछाल आया है।बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 'धमाल 4' जल्द ही अपने बजट को पार कर मेकर्स को तगड़ा मुनाफा कराने की राह पर है। आइए जानते हैं फिल्म के पांचवें दिन का पूरा कलेक्शन और वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट।मंगलवार को कमाई में 8.6% की बढ़ोतरी, ₹100 करोड़ के बेहद करीबसैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, 'धमाल 4' ने अपने पहले सोमवार को ₹8.75 करोड़ का बिजनेस किया था, जबकि पहले मंगलवार को फिल्म ने 8.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹9.50 करोड़ की शानदार कमाई की है।इस बेहतरीन छलांग के साथ ही फिल्म का भारत में ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ₹99.44 करोड़ तक पहुंच गया है, यानी फिल्म आज ही भारत में ₹100 करोड़ ग्रॉस का आंकड़ा पार कर लेगी। मंगलवार को देश भर में फिल्म के कुल 11,077 शोज थिएटर्स में चल रहे थे और औसतन ऑक्यूपेंसी 20 परसेंट दर्ज की गई।'धमाल 4' का अब तक का डे-वाइज कलेक्शन (India Net)फिल्म ने पहले दिन से ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है:दिन 1 (शुक्रवार - ओपनिंग डे): ₹14.00 करोड़दिन 2 (शनिवार): ₹22.50 करोड़दिन 3 (रविवार): ₹28.50 करोड़दिन 4 (सोमवार): ₹8.75 करोड़दिन 5 (मंगलवार): ₹9.50 करोड़कुल नेट कलेक्शन (भारत): ₹83.25 करोड़वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर ₹115 करोड़ पारअजय देवगन की इस फिल्म को विदेशी बाजारों (Overseas) में भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। बीते मंगलवार को ओवरसीज से फिल्म ने ₹1.50 करोड़ बटोरे, जिसके बाद इसका कुल विदेशी कलेक्शन ₹16.00 करोड़ हो गया है। भारतीय नेट कलेक्शन ₹83.25 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन को मिलाकर ‘धमाल 4’ का टोटल वर्ल्डवाइड कलेक्शन अब ₹115.44 करोड़ के पार पहुंच चुका है। अगर वीक डेज में फिल्म की रफ्तार ऐसी ही बनी रही, तो यह इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल हो जाएगी।पहले मंगलवार की कमाई में शाहरुख-सलमान समेत इन 10 मेगा बजट फिल्मों को पछाड़ाअजय देवगन की 'धमाल 4' ने पहले मंगलवार को ₹9.50 करोड़ कमाकर इतिहास रच दिया है। इस कलेक्शन के साथ फिल्म ने बॉलीवुड के कई बड़े सुपरस्टार्स की ब्लॉकबस्टर फिल्मों को पछाड़ दिया है, जिन्होंने अपने पहले मंगलवार को इससे कम कमाई की थी:फिल्म का नाममुख्य अभिनेता/अभिनेत्रीपहले मंगलवार का कलेक्शनदिलवालेशाहरुख खान₹9.42 करोड़बाजीराव मस्तानीरणवीर सिंह₹9.40 करोड़वेलकम टू जंगलअक्षय कुमार₹8.68 करोड़वॉर 2ऋतिक रोशन₹8.50 करोड़भारतसलमान खान₹8.30 करोड़एम एस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरीसुशांत सिंह राजपूत₹7.52 करोड़बद्रीनाथ की दुल्हनियावरुण धवन₹7.52 करोड़ड्रीम गर्लआयुष्मान खुराना₹7.40 करोड़रॉकी और रानी की प्रेम कहानीआलिया भट्ट₹7.30 करोड़केसरीअक्षय कुमार₹7.17 करोड़

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:34 am

Lock Upp 2 Cast Salary: नेटफ्लिक्स की जेल में कैदी बनने के लिए सितारों को मिल रही है अंधाधुंध फीस; धीरज धूपर और राम कपूर की सैलरी जानकर उड़ जाएंगे होश

ओटीटी (OTT) की दुनिया में इन दिनों अगर किसी शो का सबसे ज्यादा दबदबा और क्रेज देखने को मिल रहा है, तो वह है नेटफ्लिक्स पर चल रहा देश का सबसे चर्चित और हाई-वोल्टेज रियलिटी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ (Lock Upp Season 2)। जेल का खतरनाक कॉन्सेप्ट, रोंगटे खड़े कर देने वाले टास्क और कैदियों के बीच मचे घमासान ने दर्शकों को स्क्रीन से चिपका रखा है। लेकिन इस शो के चर्चा में रहने की वजह सिर्फ लड़ाइयां ही नहीं हैं, बल्कि इसका भारी-भरकम बजट और कंटेस्टेंट्स को मिलने वाली मोटी फीस भी इस समय टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है।जब से यह शो ग्लोबल प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर शिफ्ट हुआ है, मेकर्स ने कैदियों को अपनी जेल में बंद करने के लिए खजाना पूरी तरह से खोल दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आइए जानते हैं कि इस सीजन में किस कैदी की झोली में हर हफ्ते कितनी रकम जा रही है।शो के 'टॉप-5' सबसे महंगे कैदी (Highest Paid Contestants)इस सीजन में टीवी और सिनेमा के बड़े चेहरों को जेल के भीतर लाने के लिए मेकर्स ने करोड़ों का दांव खेला है।धीरज धूपर (Dheeraj Dhoopar): टीवी जगत के हैंडसम हंक और सुपरस्टार धीरज धूपर ने फीस के मामले में इस सीजन में बड़े-बड़े दिग्गजों को पछाड़ दिया है। धीरज ‘लॉकअप 2’ के सबसे ‘हाइएस्ट पेड’ खिलाड़ी बनकर उभरे हैं। इस शो में रहने के लिए मेकर्स उन्हें हर हफ्ते ₹25 लाख की भारी-भरकम रकम दे रहे हैं।राम कपूर (Ram Kapoor): टीवी और बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राम कपूर इस सीजन के दूसरे सबसे महंगे कैदी हैं। अपनी दमदार पर्सनालिटी और संजीदा अभिनय के लिए मशहूर राम कपूर को इस जेल में रखने के लिए मेकर्स हर हफ्ते ₹15 से ₹20 लाख का भारी भुगतान कर रहे हैं।शिल्पा शिंदे (Shilpa Shinde): जेल के भीतर सबसे बड़ा धमाका और ट्विस्ट लेकर आने वाली ड्रामा क्वीन शिल्पा शिंदे की फीस भी होश उड़ाने वाली है। शो में वाइल्ड कार्ड के तौर पर एंट्री लेकर गेम का पासा पलटने के लिए मेकर्स उन्हें हर हफ्ते ₹15 लाख की मोटी सैलरी दे रहे हैं।हर्षद चोपड़ा (Harshad Chopda): टीवी के सबसे चहेते और संजीदा एक्टर्स में शुमार हर्षद चोपड़ा को भी मेकर्स ने काफी तगड़े बजट पर साइन किया है। जेल के अंदर अपने शांत और दिमाग से गेम खेलने के अंदाज के लिए मशहूर हर्षद को हर हफ्ते ₹12 से ₹15 लाख के बीच फीस मिल रही है।शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi): टीवी की लाडली बहू और सोशल मीडिया पर करोड़ों की फैन फॉलोइंग रखने वाली शिवांगी जोशी भी इस लिस्ट में पीछे नहीं हैं। शो में अपनी खास जगह बनाने वाली शिवांगी को हर हफ्ते करीब ₹10 से ₹12 लाख दिए जा रहे हैं।इन सितारों को भी मिली तगड़ी डील, पर जल्दी हो गए बेघरसुनीता आहूजा (Sunita Ahuja): बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा अपने बिंदास रवैये के लिए जानी जाती हैं। इस रियलिटी शो का हिस्सा बनने के लिए उन्हें प्रति सप्ताह करीब ₹8 से ₹10 लाख की फीस मिल रही थी, लेकिन खराब तबीयत के चलते उन्हें दूसरे ही हफ्ते शो छोड़ना पड़ा।रियाज अली (Riyaz Aly): देश के सबसे बड़े सोशल मीडिया स्टार्स में से एक रियाज अली को उनकी तगड़ी रीच के कारण मेकर्स हर हफ्ते करीब ₹6 से ₹7 लाख दे रहे थे। हालांकि, वे शो में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए और दूसरे ही हफ्ते एलिमिनेट हो गए।बाकी कंटेस्टेंट्स का प्रति सप्ताह का पूरा हिसाब-किताबकंटेस्टेंट का नामपहचान/प्रोफाइलप्रति सप्ताह अनुमानित फीसपामेला सेरेनाइंटरनेशनल मॉडल और बिजनेसवुमन₹5 से ₹6 लाखवरुण यादव (लैला)मशहूर कॉमेडियन और व्लॉगर₹3 से ₹4 लाखमाधुरी जैन ग्रोवरअशनील ग्रोवर की पत्नी (अब एलिमिनेटेड)लगभग ₹3 लाखसूफी मोतीवालाफैशन रिव्यू कंटेंट क्रिएटर₹2.5 से ₹3 लाखश्रेया कालरारोडीज फेम और यूट्यूबरलगभग ₹2.5 लाखयोगेश रावतसीक्रेट्स को लेकर चर्चा में आए खिलाड़ीकरीब ₹2 लाखआकांक्षा चमोलाटीवी एक्टर गौरव खन्ना की पत्नी₹1.5 से ₹2 लाखआकांक्षा चौधरीस्प्लिट्सविला फेम मॉडललगभग ₹1.5 लाखअंतिम निष्कर्ष:नेटफ्लिक्स पर चल रहे ‘लॉकअप सीजन 2’ की इस जेल में इस बार पैसों की जबरदस्त बारिश हो रही है। जहां एक तरफ धीरज धूपर और राम कपूर जैसे बड़े सितारे महज कुछ हफ्ते जेल काटकर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं, वहीं आकांक्षा चौधरी और आकांक्षा चमोला जैसे नए व कम बजट वाले चेहरों को खुद को साबित करने के लिए कम फीस में ही कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:32 am

Direct Tax Collection 2026: वित्त वर्ष के शुरुआती 100 दिनों में ही सरकार की चांदी, टैक्स कलेक्शन 16% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ के पार

चालू वित्त वर्ष (Financial Year 2026-27) की शुरुआत भारतीय अर्थव्यवस्था और सरकार के खजाने के लिए बेहद शानदार रही है। वित्त वर्ष के शुरुआती करीब 100 दिनों के भीतर ही देश के टैक्स कलेक्शन में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। सरकार द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 13 जुलाई 2026 तक देश का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (Net Direct Tax Collection) 16.40 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ ₹6.51 लाख करोड़ से अधिक हो गया है।इस बम्पर बढ़ोतरी में सबसे खास बात यह रही कि इसमें सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण योगदान कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) का रहा है, जो कंपनियों के मजबूत मुनाफे और देश की सुदृढ़ आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।सरकार द्वारा जारी टैक्स कलेक्शन के मुख्य आंकड़ेसरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रॉस (Gross) और नेट (Net) दोनों ही स्तरों पर प्रत्यक्ष कर संग्रह ने नया रिकॉर्ड बनाया है:नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन: इसमें सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है और यह बढ़कर ₹2.40 लाख करोड़ हो गया है।नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन: व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax), HUF और फर्मों द्वारा चुकाया जाने वाला टैक्स लगभग 12 प्रतिशत बढ़कर ₹3.84 लाख करोड़ से अधिक रहा है।सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स (STT): शेयर बाजार में जारी भारी हलचल के चलते एसटीटी (STT) में 48 प्रतिशत की तूफानी तेजी देखी गई है और यह ₹26,429 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन: रिफंड से पहले ग्रॉस स्तर पर कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.11 प्रतिशत बढ़कर ₹7.73 लाख करोड़ से अधिक हो गया है (इसमें कॉरपोरेट का ₹3.35 लाख करोड़ और नॉन-कॉरपोरेट का करीब ₹4.12 लाख करोड़ शामिल है)।रिफंड में भी बढ़ोतरी: समीक्षाधीन अवधि में सरकार ने करदाताओं को ₹1.22 लाख करोड़ का रिफंड जारी किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 14.57 प्रतिशत ज्यादा है।क्या है चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार का बड़ा टारगेट?केंद्र सरकार ने इस चालू वित्त वर्ष (2026-27) के बजट में प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) के जरिए ₹26.97 लाख करोड़ जुटाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य पिछले वित्त वर्ष के ₹23.40 लाख करोड़ के मुकाबले पूरे 15 प्रतिशत अधिक है। शुरुआती 100 दिनों की रफ्तार को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इस लक्ष्य को आसानी से पार कर लेगी।वैश्विक मंदी और युद्ध बेअसर; क्या कहते हैं देश के बड़े एक्सपर्ट्स?देश के जाने-माने आर्थिक और टैक्स विश्लेषकों ने इन शानदार आंकड़ों पर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है:कंपनियों का मुनाफा मजबूत: डेलॉयट इंडिया (Deloitte India) के पार्टनर रोहिंटन सिधवा के अनुसार, ये मजबूत आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि मौजूदा पश्चिम एशिया युद्ध (US-Iran Conflict) या वैश्विक आर्थिक सुस्ती का भारतीय कंपनियों की कॉरपोरेट आय पर कोई खास असर नहीं पड़ा है और उनका मुनाफा लगातार मजबूत बना हुआ है।आर्थिक औपचारिकता (Formalization): ईवाई इंडिया (EY India) के टैक्स पार्टनर जयेश सांघवी ने बताया कि कॉरपोरेट टैक्स में तेज उछाल और एडवांस टैक्स पेमेंट में दिख रही मजबूती के साथ-साथ व्यक्तिगत आयकर संग्रह भी शानदार है। यह दिखाता है कि देश में टैक्स नियमों का पालन (Compliance) बेहतर हुआ है और अर्थव्यवस्था तेजी से औपचारिक रूप ले रही है।मजबूत स्थिति में भारत: प्राइस वाटरहाउस एंड कंपनी (PwC) के पार्टनर हितेश साहनी का मानना है कि मौजूदा रुझान यह साबित करते हैं कि इस वर्ष प्रत्यक्ष कर संग्रह बेहद मजबूत स्थिति में बना हुआ है, जो आगे चलकर देश के विकास कार्यों को नई गति देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:26 am

Petrol Diesel Price Today: जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम; मुंबई, दिल्ली से लखनऊ तक जानें अपने शहर के ताजा रेट

हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है। सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 15 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में होने वाले बदलावों के आधार पर ये दरें रोजाना तय की जाती हैं।चूंकि अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स की दरें भिन्न होती हैं, इसलिए हर शहर में ईंधन की कीमतें अलग-अलग होती हैं। आइए जानते हैं आज आपके शहर में पेट्रोल और डीजल किस भाव पर बिक रहा है।देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल भाव (15 जुलाई 2026)शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई₹111.18₹97.83कोलकाता₹113.47₹99.82चेन्नई₹107.77₹99.55हैदराबाद₹115.69₹103.82तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40कोलकाता₹113.47₹99.82पटना₹113.35₹99.36जयपुर₹112.66₹97.78बेंगलुरु₹110.93₹98.80भुवनेश्वर₹109.92₹100.92नोएडा₹102.12₹95.56गुरुग्राम₹102.77₹95.44लखनऊ₹102.05₹95.55चंडीगढ़₹98.10₹86.09आखिर किन कारणों से तय होती हैं ईंधन की कीमतें?भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। रिटेल आउटलेट तक आते-आते पेट्रोल-डीजल की कीमतें मुख्य रूप से 5 कारकों पर निर्भर करती हैं:अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की प्रति बैरल कीमत जैसे ही ऊपर या नीचे जाती है, भारतीय रिफाइनरियों की लागत भी उसी अनुपात में बदलती है।डॉलर बनाम रुपया: चूंकि कच्चे तेल का अंतरराष्ट्रीय व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती या कमजोरी सीधे ईंधन के आयात बिल को प्रभावित करती है।सरकारी टैक्स (Excise Duty & VAT): खुदरा मूल्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों के वैट (VAT) के रूप में जाता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में कीमतों में बड़ा अंतर दिखाई देता है।रिफाइनिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत: कच्चे तेल को रिफाइनरी में लाकर पेट्रोल-डीजल में बदलने की प्रक्रिया और फिर उसे देश के कोने-कोने में स्थित पंपों तक पहुंचाने का परिवहन खर्च भी इसमें शामिल होता है।मांग और आपूर्ति: त्योहारों, कृषि सीजन या मौसम में बदलाव के कारण जब देश में ईंधन की खपत (Demand) अचानक बढ़ जाती है, तो कीमतें भी प्रभावित होती हैं।घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर के रेटबिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल से तुरंत पेट्रोल-डीजल के दाम जानने के लिए आप इन नंबरों पर मैसेज भेज सकते हैं:Indian Oil (IOCL): अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें।BPCL: अपने फोन से RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर SMS करें।HPCL: अपने मोबाइल से HP Price शहर का कोड लिखकर 9222011222 पर सेंड करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:22 am

Surya Gochar 2026: 20 जुलाई को होगा साल का सबसे पावरफुल गोचर, बेटे के पुष्य नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य; इन 4 राशियों की पलटेगी किस्मत

वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के राजा सूर्य देव का गोचर (Surya Gochar 2026) हमेशा से ही मानव जीवन और प्रकृति पर व्यापक प्रभाव डालता रहा है। लेकिन इस साल 20 जुलाई 2026 को ज्योतिष जगत का एक बेहद दुर्लभ और सबसे शक्तिशाली गोचर होने जा रहा है। इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के नक्षत्र 'पुष्य नक्षत्र' (Pushya Nakshatra) में प्रवेश करेंगे।शास्त्रों में पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना गया है। हालांकि सूर्य और शनि के बीच शत्रुता का भाव रहता है, लेकिन जब सूर्य अपने ही बेटे के इस बेहद शुभ और कल्याणकारी नक्षत्र में आते हैं, तो यह गोचर असीम सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य का यह महागोचर 4 विशेष भाग्यशाली राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आने वाला है, जिन्हें करियर से लेकर बैंक बैलेंस तक हर क्षेत्र में अपार सफलता मिलेगी।इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा छप्परफाड़ लाभ1. मेष राशि (Aries) - करियर में ऊंची उड़ान और मान-सम्मानसूर्य का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश मेष राशि के जातकों के लिए वरदान साबित होने वाला है। इस गोचर के प्रभाव से आपके अटके हुए सभी काम गति पकड़ेंगे।नौकरी और व्यापार: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है और बॉस के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे। व्यापार में बड़ी डील फाइनल होने से मुनाफे में भारी बढ़ोतरी होगी।आर्थिक पक्ष: समाज में आपका मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद हल होंगे।2. मिथुन राशि (Gemini) - आर्थिक समृद्धि और धन लाभमिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद मजबूत और फलदायी रहने वाला है।धन की स्थिति: यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह इस दौरान वापस मिल जाएगा। आय के नए और स्थायी स्रोत (Sources of Income) विकसित होंगे।पारिवारिक जीवन: परिवार में लंबे समय से चल रहा तनाव दूर होगा। भूमि या वाहन खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं। निवेश के लिए यह समय सर्वोत्तम रहेगा।3. सिंह राशि (Leo) - अधूरे सपने होंगे पूरे, बढ़ेगा आत्मविश्वासचूंकि सूर्य देव सिंह राशि के ही स्वामी हैं, इसलिए पुष्य नक्षत्र में उनका यह गोचर आपके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करेगा।कार्यक्षेत्र में प्रभाव: आपके द्वारा लिए गए निर्णय सटीक बैठेंगे और विरोधी आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। सरकारी क्षेत्रों या सरकारी योजनाओं से आपको बड़ा लाभ होने की उम्मीद है।विशेष लाभ: रचनात्मक कार्यों और कला से जुड़े लोगों को इस अवधि में बड़ी पहचान या पुरस्कार मिल सकता है।4. धनु राशि (Sagittarius) - भाग्य का 100% साथ और हर काम में सफलताधनु राशि वाले जातकों के लिए 20 जुलाई के बाद से भाग्य के बंद दरवाजे पूरी तरह खुलने वाले हैं।सफलता के योग: कार्यक्षेत्र में आपकी कड़ी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। उच्च शिक्षा या विदेश जाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के सपने इस दौरान साकार हो सकते हैं।आर्थिक लाभ: आपकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं ज्यादा सुदृढ़ होगी और आप अपनी सभी देनदारियों (कर्ज) से मुक्त होने में सफल रहेंगे।सूर्य देव की कृपा पाने के लिए करें ये सरल ज्योतिषीय उपायसूर्य के इस महागोचर के दौरान अपनी सफलता को और अधिक मजबूत करने के लिए जातक यह उपाय कर सकते हैं:अर्घ्य देना: प्रतिदिन सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और अक्षत डालकर सूर्य देव को 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें।दान कार्य: रविवार के दिन गेहूं, तांबा, गुड़ या लाल रंग के वस्त्रों का अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करें।पिता का सम्मान: सूर्य देव की कृपा के लिए अपने पिता या पिता समान बुजुर्गों का हमेशा सम्मान करें और सुबह उठकर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:19 am

सुप्रीम कोर्ट ने ठोका 3 लाख का जुर्माना, उसी रात 'मिस्ट्री गर्ल' का हाथ थामे भीड़ के बीच हुए स्पॉट!

भारत के सबसे चर्चित स्टैंड-अप कॉमेडियन और डिजिटल क्रिएटर समय रैना इस समय दो बेहद अलग और चौंकाने वाली वजहों से नेशनल मीडिया की सुर्खियों में आ गए हैं। बीती मंगलवार की रात समय रैना के लिए बेहद नाटकीय साबित हुई। एक तरफ जहां दिन में देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' (India's Got Latent) से जुड़े एक गंभीर कानूनी मामले में उन पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाया, वहीं उसी रात मुंबई की सड़कों पर वे एक नकाबपोश मिस्ट्री गर्ल (Mystery Girl) के साथ बेहद करीब नजर आए। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में समय रैना को भारी भीड़ से बचाते हुए उस लड़की का हाथ पकड़कर सुरक्षित कार तक ले जाते देखा जा सकता है।देर रात पैपराजी के कैमरे में कैद: कौन है समय रैना के साथ दिखी मिस्ट्री गर्ल?मंगलवार देर रात जब समय रैना मुंबई के एक पॉश इलाके से बाहर निकल रहे थे, तो फैंस और पैपराजी की भारी भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान समय के साथ एक लड़की मौजूद थी, जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर ब्लैक मास्क लगा रखा था। भीड़ के बीच अचानक असहज हुई इस लड़की को सुरक्षित निकालने के लिए समय रैना ने मुस्तैदी दिखाई और उसका हाथ कसकर पकड़ लिया। पैपराजी के कैमरों से बचते हुए समय उसे सीधे अपनी गाड़ी की तरफ ले गए। इंटरनेट यूजर्स इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही कयास लगा रहे हैं कि यह लड़की कोई और नहीं बल्कि समय रैना की सीक्रेट पार्टनर या गर्लफ्रेंड है, क्योंकि समय हमेशा अपनी पर्सनल लाइफ को मीडिया की चकाचौंध से दूर रखने के लिए जाने जाते हैं।मेधा शंकर के साथ अफेयर की चर्चाओं के बीच नया मोड़इस नकाबपोश लड़की के सामने आने से पहले, सोशल मीडिया पर समय रैना का नाम सुपरहिट फिल्म '12th फेल' (12th Fail) की लीड एक्ट्रेस मेधा शंकर (Medha Shankr) के साथ बेहद जोर-शोर से जोड़ा जा रहा था। कुछ दिनों पहले एक वायरल रेडिट पोस्ट में दावा किया गया था कि समय और मेधा को एक ही गुप्त लोकेशन पर एक साथ क्वालिटी टाइम बिताते देखा गया था और फैंस को देखकर दोनों तुरंत एक-दूसरे से अलग होकर चलने लगे थे। मेधा शंकर के साथ लिंक-अप की इन खबरों के बीच अब अचानक मुंबई की सड़कों पर इस नई मिस्ट्री गर्ल के साथ हाथ में हाथ डाले घूमने की घटना ने फैंस के बीच सस्पेंस को और ज्यादा बढ़ा दिया है।कोर्ट को गुमराह करने पर सुप्रीम कोर्ट का तगड़ा एक्शन: लगा ₹3 लाख का जुर्मानारोमांटिक अफवाहों के इतर, समय रैना के लिए मंगलवार का दिन कानूनी मोर्चे पर बेहद भारी रहा। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए समय रैना पर ₹3 लाख का भारी जुर्माना (Supreme Court Penalty) ठोक दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस जे.वी. मोहना की विशेष पीठ ने समय रैना को कड़ी फटकार लगाते हुए दो सप्ताह के भीतर यह जुर्माना राशि जमा करने का सख्त निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि समय रैना ने न केवल अदालत के समक्ष झूठे बयान दिए, बल्कि पूर्व के न्यायिक निर्देशों का भी खुला उल्लंघन किया। बेंच ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि कॉमेडियन ने अदालत को गुमराह करने और गलत कंप्लायंस एफिडेविट का दावा करने का अनुचित व्यवहार किया है, जिसे न्यायपालिका बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 8:10 am

Top News 15 July: होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, अमेरिका ने की समुद्री नाकेबंदी, राम मंदिर SIT रिपोर्ट आज

Top News 15 July: डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर 20% टैक्स लगाने का फैसला वापस लिया, लेकिन अमेरिका ने समुद्री नाकेबंदी लागू कर दी। कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंची। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT आज रिपोर्ट सौंप सकती है, ...

वेब दुनिया 15 Jul 2026 7:43 am

NEET-UG Protest: जंतर-मंतर पर आर-पार की जंग, सोनम वांगचुक के अनशन के बीच राहुल-नड्डा को न्योता, कल पहुंचेंगे केजरीवाल

NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ देश के युवाओं का गुस्सा अब सड़कों पर पूरी तरह फूट पड़ा है। दिल्ली का जंतर-मंतर इस समय बड़े छात्र आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बन चुका है। परीक्षा में पारदर्शिता और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) पिछले कई दिनों से धरना दे रही है। आंदोलन को और मजबूत करने के लिए पार्टी ने मंगलवार को देश के तमाम बड़े राजनीतिक दलों के दिग्गजों को पत्र लिखकर छात्रों के समर्थन में आने की अपील की है।सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गजों को बुलावा, कल जंतर-मंतर जाएंगे केजरीवालछात्रों के इस संघर्ष में साथ खड़े होने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही खेमों के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया है।प्रमुख न्योते: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।दक्षिण से समर्थन: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और राजनेता थलपति विजय समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी पत्र भेजा गया है।केजरीवाल का बड़ा एलान: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने एलान किया है कि वे गुरुवार (16 जुलाई 2026) को शाम 5 बजे खुद जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेंगे और अपना समर्थन देंगे।सोनम वांगचुक के अनशन से बढ़ी चिंता, 'चतुर' ने भी की भावुक अपीलजंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन का एक और गंभीर पहलू शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल है। वांगचुक पिछले 17 दिनों से अनशन पर बैठे हैं, जिसके कारण उनकी सेहत लगातार गिर रही है और वजन तेजी से घट रहा है।दिग्गजों का खुला पत्र: देश की 1800 से अधिक जानी-मानी हस्तियों (कलाकार, लेखक और शिक्षाविद) ने वांगचुक के समर्थन में एक खुला पत्र जारी किया है। इस पर नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अरुंधति रॉय और अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज जैसी शख्सियतों के हस्ताक्षर हैं।पॉलिटिकल अपील: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, सांसद प्रिया सरोज, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और एनसीपी नेता रोहित पवार ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता जताते हुए उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया है। किसान नेताओं ने भी 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र के पहले दिन 'संसद मार्च' की अपील की है।'फुंसुख वांगडू को कुछ नहीं होना चाहिए': मशहूर फिल्म 'थ्री इडियट्स' में चतुर का किरदार निभाने वाले अभिनेता ओमी वैद्य ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि फिल्म का लोकप्रिय किरदार 'फुंसुख वांगडू' असल जिंदगी में सोनम वांगचुक से ही प्रेरित है और देश की इस धरोहर को कुछ नहीं होना चाहिए।ग्राउंड रिपोर्ट: आधी रात को जंतर-मंतर पर युवाओं का इंकलाबदिन का उजाला ढलने और दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का शोर कम होने के बाद भी जंतर-मंतर के भीतर आंदोलन की लौ बुझ नहीं रही है। रात के 10 बजे भी काले तिरपाल के नीचे, जमीनी चादरों पर बैठे 20 से 30 साल के युवा हौसले से लबरेज दिखाई दे रहे हैं।यहां का माहौल किसी हिंसक प्रदर्शन जैसा नहीं, बल्कि एक गहरे ठहराव और बौद्धिक क्रांति जैसा है। एक कोने में गिटार की धुन पर इंकलाबी तराने गाए जा रहे हैं, तो दूसरे कोने में युवाओं का एक गोल घेरा देश की शिक्षा नीति, बेरोजगारी और संविधान पर गंभीर चर्चाओं में व्यस्त है। मंच पर अनशन पर लेटे सोनम वांगचुक को देखने लोग चुपचाप आ रहे हैं। हाथ से लिखे पोस्टरों पर सिर्फ एक ही गूंज है—परीक्षाओं में पारदर्शिता चाहिए और सरकार हमें हमारा हक दे। संख्या भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन इन युवाओं का ठहरना यह साबित करता है कि वे अपने सवालों का जवाब लिए बिना यहां से हटने वाले नहीं हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:37 am

Badrinath Dham Donation Scam: बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामले में बड़ी कार्रवाई; खजांची हटाया गया, चांदी के रिकॉर्ड में मिली 'ओवरराइटिंग'

उत्तराखंड के प्रसिद्ध चारधामों में से एक बदरीनाथ धाम (Badrinath Dham) में दान-चढ़ावे में हुई हेराफेरी के मामले में प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई बेहद तेज हो गई है। बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के ठीक बाद अब मंदिर समिति के खजांची (Cashier) संदेश मेहता को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।इसके साथ ही, इस पूरे वित्तीय घोटाले में मंदिर समिति के तीन अन्य कर्मचारियों और विष्णुप्रयाग परियोजना में कार्यरत एक रसूखदार श्रद्धालु की संलिप्तता की भी पुष्टि हुई है, जिससे मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया है।रिकॉर्ड में मिली ओवरराइटिंग: खजांची को पूजा काउंटर पर भेजागढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय जांच समिति मंगलवार (14 जुलाई 2026) को खुद बदरीनाथ धाम पहुंची। जब कमिश्नर ने एसआइटी (SIT) प्रभारी व डीएसपी मदन बिष्ट और बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ के साथ मिलकर दान-चढ़ावे की गणना (Counting) के मुख्य दस्तावेज खंगाले, तो उसमें चांदी के रिकॉर्ड (Silver Record) में बड़े पैमाने पर 'ओवरराइटिंग' (काट-छांट) पाई गई। इस गंभीर वित्तीय लापरवाही के सामने आते ही मंदिर समिति ने खजांची संदेश मेहता को पद से हटाकर एक सामान्य पूजा काउंटर पर ट्रांसफर कर दिया।CCTV में कैद हुई श्रद्धालु की करतूत: जेब में डाली सामग्रीएसआइटी और उच्चस्तरीय समिति की जांच का मुख्य फोकस वर्तमान में 25 जून से लेकर 2 जुलाई 2026 तक हुई चढ़ावे की गणना पर टिका हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, 25 जून की एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में एक श्रद्धालु को गणना के दौरान बेहद चालाकी से अपने जेब में कुछ सामग्री डालते हुए रंगे हाथों देखा गया है।जांच में इस श्रद्धालु की पहचान विष्णुप्रयाग परियोजना के एक कर्मचारी के रूप में हुई है, जो अक्सर वीआईपी संपर्कों के चलते मंदिर की दान गणना प्रक्रिया में शामिल होता रहता था। एसआइटी अब इस श्रद्धालु को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है।जांच के घेरे में कई बड़े अधिकारी: 5 नहीं, मंदिर में हैं 26 दानपात्रइस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा मंदिर के दानपात्रों को लेकर हुआ है। अब तक आधिकारिक तौर पर यही बताया जा रहा था कि मंदिर परिसर में केवल 5 दानपात्र हैं, लेकिन जांच में सामने आया कि बदरीनाथ मंदिर के गर्भगृह के अंदर 2, परिसर में 3 और सिंहद्वार सहित विभिन्न स्थानों पर कुल 26 दानपात्र लगे हैं। इन सभी दानपात्रों को खाली कराकर एक साथ गिनती की जाती है। सूत्रों का कहना है कि इस हेराफेरी की भनक होने के बावजूद कई वरिष्ठ अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी ने उनकी भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ बड़े चेहरों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।पारदर्शी होगी गणना: अब शीशे और जाली के घेरे में गिने जाएंगे पैसेबीकेटीसी (BKTC) के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि गड़बड़ी के संदेह में खजांची को हटाकर नोटिस थमा दिया गया है और तीनों संदिग्ध कर्मियों को भी नोटिस भेजा जा रहा है। इसके साथ ही, गढ़वाल कमिश्नर के निर्देशों पर अब बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की गणना को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं:सुरक्षा केबिन: जहां दान के पैसों और आभूषणों की गिनती होती है, उस गणना स्थल के आधे हिस्से में मजबूत शीशा (Glass) और आधे हिस्से में लोहे की जाली लगाई जाएगी।गार्ड्स की तैनाती: गणना कक्ष के मुख्य द्वार पर अब विशेष सुरक्षाकर्मियों (Security Guards) को तैनात किया जाएगा, ताकि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति अंदर-बाहर न आ-जा सके।एसडीएम को रिकॉर्ड: कमिश्नर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि गणना से जुड़ा हर एक छोटा-बड़ा दस्तावेजी रिकॉर्ड एसडीएम ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) के माध्यम से ही उच्चस्तरीय समिति को उपलब्ध कराया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:36 am

Parliament Monsoon Session 2026: अंदरूनी कलह के बीच 'इंडिया' गठबंधन ने तैयार किया नया चक्रव्यूह; हर दिन एक नए मुद्दे पर घिरेगी मोदी सरकार

संसद के आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session) से ठीक पहले विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के भीतर मचे आंतरिक घमासान और दरारों के बीच, विपक्ष ने सरकार को संसद में घेरने के लिए अपनी नई और आक्रामक रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) में हुई हालिया टूट के साथ-साथ तमिलनाडु में डीएमके (DMK) की कथित नाराजगी ने विपक्षी एकजुटता पर कई सवाल खड़े किए थे।कांग्रेस के शीर्ष रणनीतिकार भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि इन अप्रत्याशित घटनाक्रमों से गठबंधन के विरोध की धार थोड़ी कमजोर जरूर हुई है, लेकिन विपक्ष अपनी बची हुई पूरी ताकत को झोंककर सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलेगा।खरगे के आवास पर रणनीति बैठक; राहुल गांधी भी रहे मौजूदमानसून सत्र में सरकार पर तीखा प्रहार करने के उद्देश्य से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल विशेष रूप से मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मुख्य रूप से तीन एजेंडों पर चर्चा हुई—संसद सत्र के दौरान फ्लोर मैनेजमेंट, विपक्षी दलों की एकजुटता को बनाए रखना और कांग्रेस संगठन से जुड़े अहम बदलाव।राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' को भ्रष्टाचार और आस्था का बड़ा मुद्दा बनाएगा विपक्षबैठक के समापन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक बड़ा और बेहद संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सीधा हमला बोला।विपक्ष का आरोप: वेणुगोपाल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला देश के सबसे बड़े भ्रष्टाचारों में से एक है।आस्था पर चोट: उन्होंने इसे केवल एक वित्तीय घोटाला न मानकर करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक आस्था पर एक बड़ा आघात बताया।VHP और संघ पर निशाना: कांग्रेस नेता ने इस कथित चोरी के लिए सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) को जिम्मेदार ठहराया और ऐलान किया कि आगामी संसद सत्र में विपक्ष इस मुद्दे को पूरी ताकत और जोर-शोर से उठाएगा।नाराज DMK को साधने में जुटा विपक्ष, एकजुटता का दावातमिलनाडु में टीवीके (TVK) सरकार में कांग्रेस के शामिल होने के बाद से उपजी नाराजगी के कारण द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के रुख को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर जारी है। हालांकि, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने आश्वस्त करते हुए बताया कि 'इंडिया' गठबंधन के कई प्रमुख घटक दल लगातार डीएमके के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि इस स्थानीय नाराजगी के बावजूद डीएमके संसद के भीतर इंडिया गठबंधन के सामूहिक और एकतरफा निर्णयों के खिलाफ नहीं जाएगा, जिससे सरकार को घेरने की राह में कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी।नई रणनीति: 'एक समय पर एक मुद्दा' ताकि बना रहे सरकार पर दबावइस बार के मानसून सत्र में विपक्ष ने अपनी पुरानी गलतियों से सीखते हुए एक नई संसदीय रणनीति तैयार की है। विपक्ष के नेताओं के अनुसार, इस बार सदन में एक साथ सभी मुद्दों को उठाकर हंगामा करने के बजाय 'एक समय पर एक मुद्दा' (One Issue at a Time) नीति पर काम किया जाएगा:सिलसिलेवार घेराबंदी: विपक्षी दल सभी ज्वलंत राष्ट्रीय मुद्दों को एक साथ उठाने के बजाय हर दिन या हर हफ्ते सिलसिलेवार ढंग से अलग-अलग एजेंडे के तहत सामने लाएंगे।लगातार दबाव: इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह है कि पूरे सत्र के दौरान सरकार पर लगातार और व्यवस्थित रूप से दबाव बना रहे और चर्चा से सरकार बच न पाए।चर्चा की मांग: कई गंभीर और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर केवल हंगामा करने के बजाय सदन के नियमों के तहत विस्तृत चर्चा की भी मांग की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:35 am

Bengaluru ISIS Terror Module Case: बेंगलुरु में ISIS साजिश मामले में पहली बार कोर्ट ने सुनाई सजा, मुख्य आरोपी हनीफ को 7 साल की कठोर जेल

बेंगलुरु में आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े आतंकी साजिश मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। इस बेहद संवेदनशील मामले में पहली बार किसी आरोपी को अदालत द्वारा सजा सुनाई गई है। विशेष एनआईए कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी मोहम्मद हनीफ खान को दोषी पाते हुए 7 साल की कठोर कारावास (Rigid Imprisonment) और 48 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी है। इस मामले में हनीफ खान पहला ऐसा आरोपी है जिसे कानून के तहत सजा मुकर्रर की गई है। आरोपी ने अक्टूबर 2025 में ट्रायल के दौरान अदालत के सामने स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल कर लिया था।जंगलों में आतंकी ट्रेनिंग कैंप बनाने की थी खतरनाक साजिशएनआईए (NIA) द्वारा की गई गहन जांच में इस आतंकी मॉड्यूल की कई खौफनाक साजिशें उजागर हुई हैं। जांच के अनुसार, मोहम्मद हनीफ खान उस कोर टीम का एक सक्रिय सदस्य था, जिसने कर्नाटक के चामराजनगर जिले के शिवनसमुद्र और गुंडलुपेट के घने जंगलों में ऐसे गुप्त ठिकानों (Safe Houses) की रेकी की थी, जहां आतंकियों को हथियारों की ट्रेनिंग दी जा सके और उनके छिपने की फुलप्रूफ व्यवस्था की जा सके। इस पूरे मॉड्यूल का अंतिम और खतरनाक मकसद भारत के भीतर आईएसआईएस (ISIS) का एक अलग राज्य (Islamic State) स्थापित करना था।बेंगलुरु का मेहबूब पाशा था इस मॉड्यूल का असली मास्टरमाइंडजांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि इस पूरी आतंकी साजिश का मुख्य सूत्रधार और मास्टरमाइंड मेहबूब पाशा था। पाशा बेंगलुरु स्थित अपने निजी आवास पर नियमित रूप से गुपचुप बैठकें आयोजित करता था। इन बैठकों में भारत के विभिन्न हिस्सों में टारगेट किलिंग (Target Killing) करने, बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने और युवाओं को गुमराह कर आईएसआईएस के हिंसक एजेंडे को देश भर में फैलाने की विस्तृत योजनाएं बनाई जाती थीं।भारी मात्रा में हथियार जुटाए: बेंगलुरु से बंगाल तक फैला था नेटवर्कआतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए मास्टरमाइंड मेहबूब पाशा ने मोहम्मद हनीफ खान को दो अवैध पिस्टल और 60 जिंदा कारतूस मुहैया कराए थे। जांच में यह भी बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हनीफ खान इस मॉड्यूल के लिए लॉजिस्टिक्स का काम संभाल रहा था। उसने बेंगलुरु से लेकर पश्चिम बंगाल तक कई संदिग्ध आतंकियों को पुलिस से बचाते हुए किराये की कारों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था।20 आरोपियों पर चार्जशीट; ऑनलाइन हैंडलर की तलाश अभी भी जारीयह पूरा मामला सबसे पहले 10 जनवरी 2020 को कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जिसे मामले की गंभीरता को देखते हुए बाद में एनआईए को सौंप दिया गया था। जांच एजेंसी अब तक इस मामले में कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कोर्ट में पुख्ता चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मोहम्मद हनीफ खान को सजा मिलने के बाद भी एनआईए की तफ्तीश रुकी नहीं है। एजेंसी अब उस मुख्य 'ऑनलाइन हैंडलर' (Online Handler) की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जो विदेशों में बैठकर इंटरनेट के माध्यम से इस पूरे बेंगलुरु आईएसआईएस मॉड्यूल को फंड्स दे रहा था और ऑपरेट कर रहा था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:32 am

West Bengal OBC Reservation: पश्चिम बंगाल की नई सरकार का बड़ा फैसला, 77 समुदायों का OBC दर्जा रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से अपील ली वापस

पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में सत्ता परिवर्तन (सरकार बदलने) के बाद नई सरकार ने एक बेहद संवेदनशील मामले में अपना रुख पूरी तरह बदल लिया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य की ओबीसी (OBC) सूची में शामिल 77 समुदायों का आरक्षण दर्जा रद्द करने वाले कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई अपनी मुख्य अपील को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया है। सोमवार को देश की शीर्ष अदालत में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस संबंध में कोर्ट को अवगत कराया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग दोनों को अपनी-अपनी याचिकाएं वापस लेने की मंजूरी दे दी है।सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से क्यों वापस ली अपनी अपील?यह पूरा कानूनी विवाद कलकत्ता हाई कोर्ट के 22 मई 2024 के एक ऐतिहासिक फैसले से जुड़ा हुआ है। उस समय हाई कोर्ट ने राज्य की ओबीसी सूची में शामिल 77 समुदायों का दर्जा पूरी तरह से निरस्त कर दिया था, जिनमें 75 मुस्लिम समुदाय शामिल थे। हाई कोर्ट के इस फैसले के तुरंत बाद तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और फैसले को चुनौती दी थी।अब साल 2026 में राज्य में नई सरकार के गठन के बाद कैबिनेट ने इस रुख को पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की विशेष पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि राज्य कैबिनेट ने इस कानूनी लड़ाई को आगे न बढ़ाने और अपील वापस लेने का नीतिगत निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम के तुरंत बाद राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी अपनी अलग से दायर याचिका को कोर्ट से वापस खींच लिया।कलकत्ता हाई कोर्ट ने क्यों रद्द किया था 77 समुदायों का OBC दर्जा?कलकत्ता हाई कोर्ट ने मई 2024 में दिए गए अपने फैसले में अप्रैल 2010 से सितंबर 2010 के बीच (वामपंथी सरकार के अंतिम महीनों के दौरान) ओबीसी सूची में जोड़े गए इन 77 समुदायों के आरक्षण को अवैध घोषित किया था। इसके अतिरिक्त, अदालत ने 'पश्चिम बंगाल पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2012' के तहत ओबीसी श्रेणी में शामिल किए गए 37 अन्य वर्गों के आरक्षण को भी पूरी तरह से निरस्त कर दिया था।हाई कोर्ट ने अपनी तल्ख टिप्पणी में कहा था कि इन समुदायों को ओबीसी सूची में शामिल करने के लिए वैज्ञानिक डेटा के बजाय 'धर्म' (Religion) को मुख्य आधार बनाया गया था, जो कि भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्ष ढांचे और नियमों के बिल्कुल विपरीत है। अदालत ने इन समुदायों को आरक्षण के दायरे में लाने की पूरी प्रक्रिया को असंवैधानिक और अवैध करार दिया था।सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी: अब आगे क्या होगा?सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार और पिछड़ा वर्ग आयोग को याचिकाएं वापस लेने की अनुमति तो दे दी, लेकिन इसके साथ ही एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु को भी स्पष्ट किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार द्वारा अपील वापस लेने का यह मतलब कतई नहीं है कि इस फैसले से प्रभावित होने वाले आम नागरिकों के रास्ते बंद हो गए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता शादान फरासत ने अदालत से उन प्रभावित पक्षों और आम लोगों की ओर से पैरवी जारी रखने की अनुमति मांगी, जिनकी सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति इस फैसले से प्रभावित हो रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि यदि कोई अन्य प्रभावित निजी पक्ष या संगठन हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखना चाहता है, तो वह अदालत में अपनी अपील को आगे बढ़ा सकता है।गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 6 नवंबर 2024 को कलकत्ता हाई कोर्ट में आगे की अदालती कार्यवाही पर अंतरिम रोक (Stay) लगा दी थी। उस दौरान शीर्ष अदालत कुल 10 अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही थी। अब राज्य सरकार के पीछे हटने के बाद इस मामले का पूरा दारोमदार अन्य निजी याचिकाकर्ताओं पर टिक गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:31 am

Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र से पहले राजनाथ सिंह के घर आज बड़ी बैठक, 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक; विपक्ष घेरेगा 'नीट और ऑपरेशन सिंदूर' पर

संसद के 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session) को लेकर देश की राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। विपक्ष के कड़े तेवरों को देखते हुए केंद्र सरकार अपनी विधायी रणनीति को अंतिम रूप देने में पूरी ताकत से जुट गई है। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है कि बुधवार (15 जुलाई 2026) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर सीनियर केंद्रीय मंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाना और विपक्ष के तीखे हमलों व संभावित मुद्दों से निपटने की फुलप्रूफ रणनीति तैयार करना है।19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक, 20 जुलाई से बजेगा सत्र का बिगुलसंसद का यह अहम मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक अनवरत चलेगा। सत्र की औपचारिक शुरुआत से ठीक एक दिन पहले यानी 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने एक परंपरा के तहत सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) भी आमंत्रित की है। इस बैठक में सरकार अपने सभी प्रस्तावित विधायी कार्यक्रमों और विधेयकों की सूची अन्य दलों के सामने रखेगी, जबकि विपक्षी दल जनहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी चर्चा की मांग की रूपरेखा पेश करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, इस सत्र में राष्ट्रीय महत्व के कई विषयों पर विस्तृत बहस और महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे।सबसे बड़ा कानून: 30 दिन जेल में रहे तो छूटेगी PM-CM की कुर्सी!इस मानसून सत्र में मोदी सरकार कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक संसद के पटल पर रखने की तैयारी में है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा और राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है—संविधान (130वां संशोधन) विधेयक।क्या है प्रावधान: इस प्रस्तावित कानून में यह कड़ा प्रावधान शामिल किया गया है कि यदि गंभीर आपराधिक मामलों में प्रधानमंत्री (PM), किसी राज्य के मुख्यमंत्री (CM) या फिर केंद्रीय और राज्य मंत्रियों को 30 दिनों या उससे अधिक की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में रहना पड़ता है, तो उनका पद स्वतः (Automatically) समाप्त हो जाएगा।JPC रिपोर्ट तैयार: इस बेहद संवेदनशील विधेयक की बारीकी से जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) आगामी 17 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है, जिसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।'नीट पेपर लीक' और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सरकार को घेरने का चक्रव्यूहदूसरी ओर, विपक्ष ने भी सरकार को बैकफुट पर धकेलने के लिए अपना चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष इस बार मुख्य रूप से इन तीन बड़े मुद्दों पर संसद में भारी हंगामा करने के मूड में है:NEET-UG पेपर लीक मामला: देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार से सीधे जवाबदेही की मांग करेगा।ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor): इस संवेदनशील सैन्य ऑपरेशन को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए पुराने बयानों पर भी भारी बवाल होने के आसार हैं।विशेषाधिकार हनन का नोटिस: कांग्रेस पार्टी ने रक्षा मंत्री के खिलाफ संसद में पहले ही विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का नोटिस दे रखा है, जिसे लेकर सदन में तीखी नोकझोंक होना तय माना जा रहा है।तय है कि 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह सत्र बेहद हंगामेदार रहने वाला है, जहां एक तरफ सरकार बड़े सुधारवादी कानून पास कराना चाहेगी, तो वहीं विपक्ष राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:30 am

Bihar Weather Update: बिहार के अररिया-किशनगंज में आज भारी बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट', पटना समेत 14 जिलों में सिर्फ बूंदाबांदी!

बिहार के कई जिलों में रह-रह कर हो रही मानसूनी बारिश से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से खासी राहत मिली है। आज सुबह के वक्त राजधानी पटना और भोजपुर समेत आसपास के इलाकों में मौसम सुहाना बना रहा और हल्की फुहारें भी पड़ीं। हालांकि, मौसम विभाग (IMD) ने बुधवार (15 जुलाई 2026) को राज्य के अररिया और किशनगंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है और स्थानीय प्रशासन व लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा कटिहार, मधुबनी, पूर्णिया और सुपौल जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।वज्रपात और 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार के उत्तरी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों के जिलों में गरज-चमक (मेघगर्जन) के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का बड़ा खतरा बना हुआ है। इस दौरान इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-हवाएं चलने की भी संभावना है। राहत की बात यह है कि अगले दो से तीन दिनों तक पूरे राज्य में मौसम सामान्य बना रहेगा, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव या उमस में वृद्धि की उम्मीद नहीं है।चनपटिया में रिकॉर्ड 141.2 मिमी बारिश; कैमूर रहा सबसे गर्मबीते 24 घंटों की बात करें तो उत्तर और पूर्वी बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, वैशाली, कटिहार, सारण, मधेपुरा और मधुबनी के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। राज्य में सबसे ज्यादा 141.2 मिमी बारिश पश्चिम चंपारण के चनपटिया में रिकॉर्ड की गई। वहीं, इसके उलट मंगलवार को पटना समेत राज्य के 23 जिलों में धूप खिली रहने से पारे में 0.1 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी गई। कल बिहार का सबसे गर्म इलाका कैमूर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान वैशाली में 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे तेज हवा मोतिहारी में 39 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दर्ज की गई।पटना समेत इन 14 जिलों के हिस्से आएगी सिर्फ नाम मात्र की बारिशबिहार के मौसम में इस समय बड़ा विरोधाभास देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर बिहार के जिलों में झमाझम बारिश हो रही है, वहीं दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के लोग केवल बादलों की आवाजाही और मामूली बूंदाबांदी से संतोष कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार:नाम मात्र की बारिश (2.4 मिमी तक): पटना, गयाजी, जहानाबाद, नालंदा, लखीसराय, नवादा, शेखपुरा समेत 14 जिलों में आज सिर्फ नाम मात्र की फुहारें पड़ सकती हैं।हल्की बारिश (2.5 से 15.5 मिमी तक): भागलपुर, मुजफ्फरपुर, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है।बिहार में सामान्य से 133 मिमी कम बरसा है मानसूनसूखे के हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटों के दौरान पटना, जहानाबाद, अरवल, समस्तीपुर, लखीसराय, मुंगेर, बांका, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और शेखपुरा जैसे जिलों में सामान्य के मुकाबले 69 से 99 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। वहीं गयाजी, कैमूर, बक्सर, रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद, नालंदा, नवादा और जमुई में बारिश की मात्रा बिल्कुल शून्य रही। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक की सामान्य बारिश (324 मिमी) की तुलना में 133 मिमी की भारी कमी दर्ज की गई है और अब तक केवल 191.4 मिमी बारिश ही हो सकी है। राजधानी पटना में बीते दिन अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:28 am

US Iran Conflict 2026: ईरान पर चौथे दिन भी बरसे अमेरिकी बम, हॉर्मुज में दोबारा नौसैनिक नाकेबंदी; बुनियादी ढांचे को तबाह करने की ट्रंप की खुली धमकी

पश्चिम एशिया (खाड़ी देशों) में युद्ध की लपटें हर गुजरते दिन के साथ और भीषण होती जा रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) में ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) को दोबारा पूरी तरह लागू कर दिया है। इसके साथ ही, अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने लगातार चौथे दिन ईरान के कई रणनीतिक और तटीय ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस चौतरफा बारूदी प्रहार से पूरे वैश्विक बाजार और खाड़ी देशों में हड़कंप मच गया है।लगातार चौथे दिन बमबारी: बंदर अब्बास और सीरिक में भारी तबाहीअमेरिकी लड़ाकू विमानों ने चौथे दिन की सैन्य कार्रवाई में ईरान के तटीय रक्षा तंत्र और मिसाइल सेंटर्स को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, देश के सबसे प्रमुख 'बंदर अब्बास बंदरगाह' और 'सीरिक' के आसपास के इलाकों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके सुने गए।अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस नाकेबंदी को फिर से सक्रिय किया गया है, जो इससे पहले अप्रैल से जून के बीच भी लागू की गई थी। इस समय ईरान की घेराबंदी के लिए पश्चिम एशिया में अमेरिका के 20 से अधिक अत्याधुनिक युद्धपोत और सैकड़ों लड़ाकू विमान तैनात हैं।'ईरान सिर्फ ताकत की भाषा समझता है': पुल और पावर प्लांट उड़ाने की धमकीइस भीषण सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा, अगर ईरान तुरंत बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटा, तो अगले सप्ताह से उसके पुलों और बिजली संयंत्रों (पावर ग्रिड) जैसे मुख्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा और उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।ट्रंप ने अमेरिकी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, इन लोगों से निपटने का एकमात्र तरीका सिर्फ ताकत है, और असली ताकत सैन्य ताकत होती है। दो दिन पहले हमारे बीच शांति समझौता लगभग तय हो गया था, लेकिन उन्होंने ऐन वक्त पर उसे तोड़ दिया। अब ये हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक मैं खुद यह न कह दूं कि अब काफी है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका इस समय ढील देता है, तो ईरान को अपनी सैन्य क्षमता दोबारा खड़ी करने में कम से कम 20 साल लग जाएंगे।खार्ग द्वीप पर ट्रंप का बड़ा खुलासा: 'तेल के कुओं को 25 गज की दूरी से छोड़ा'ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले और सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र 'खार्ग द्वीप' (Kharg Island) पर हुए हमलों को लेकर ट्रंप ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। ट्रंप ने बताया, जैसा कि आप जानते हैं, हमने खार्ग द्वीप पर पहले ही दो से तीन बार हमला किया है। मैंने सेना को आदेश दिया था कि वहां सब कुछ तबाह कर दो, लेकिन उस छोटे से हिस्से को करीब 25 गज की दूरी तक छोड़ दो। मैं नहीं चाहता था कि तेल का मुख्य सिरा पूरी तरह नष्ट हो जाए, क्योंकि इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बेहद गंभीर और विनाशकारी असर पड़ता।ट्रंप का बड़ा यू-टर्न: जहाजों पर 20% सुरक्षा शुल्क का फैसला बदलाइस पूरे तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने एक पूर्व घोषित आर्थिक फैसले पर बड़ा यू-टर्न ले लिया है। पहले उन्होंने हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल जहाजों पर 20 प्रतिशत का भारी सुरक्षा शुल्क (Security Tax) लगाने का ऐलान किया था, लेकिन अब उन्होंने इसे पूरी तरह वापस ले लिया है। ट्रंप ने नया रुख अपनाते हुए कहा है कि खाड़ी देशों के राजाओं और सुल्तानों की गुजारिश पर यह टैक्स नहीं वसूला जाएगा। इसकी जगह खाड़ी देश अमेरिका में जो अरबों डॉलर का भारी निवेश (Investment) करने वाले हैं, उसी निवेश को अमेरिका की इस सैन्य सुरक्षा लागत की भरपाई माना जाएगा।पलटवार: जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान का मिसाइल हमलाअमेरिका के इन लगातार हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने भी आत्मघाती रुख अख्तियार कर लिया है। ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी अल जज़ीरा के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में स्थित 'अज़रक एयरबेस' (Azrak Airbase) पर मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागी हैं। इस हमले के बाद पूरे जॉर्डन में सायरन बजने लगे और जॉर्डन का एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए तुरंत सक्रिय हो गया। इस जवाबी हमले के बाद खाड़ी देशों में एक बड़े क्षेत्रीय महायुद्ध का खतरा और ज्यादा वास्तविक हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:27 am

PoK Assembly Election 2026: विधानसभा चुनाव से पहले सुलगा पीओके, मुजफ्फराबाद मार्च के दौरान हिंसक झड़प में 9 की मौत, रेंजर्स भी ढेर

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में 27 जुलाई 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक और सामाजिक हालात बेहद विस्फोटक हो गए हैं। पाकिस्तान सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ चल रहा नागरिक आंदोलन अब एक हिंसक जन आक्रोश में तब्दील हो चुका है। ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा बुधवार को बुलाए गए 'मुजफ्फराबाद मार्च' से पहले पूंछ डिवीजन में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों (पुलिस व रेंजर्स) के बीच रातभर भीषण खूनी झड़पें हुईं। इस हिंसक टकराव में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें पाकिस्तान रेंजर्स के 2 जवान भी शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है।अभूतपूर्व नाकेबंदी: मुजफ्फराबाद को छावनी में बदला, कुचलने की तैयारीपाकिस्तानी मीडिया और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी आज रावलकोट, मीरपुर, कोटली, बाग और अन्य पड़ोसी जिलों से होते हुए राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर कूच कर रहे हैं। इस मार्च को रोकने के लिए पाकिस्तानी प्रशासन ने मुजफ्फराबाद में अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा तैयार किया है। भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। वहीं, पीओके के गृह सचिव चौधरी गुफ्तार हुसैन के हवाले से पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' ने लिखा है कि प्रशासन किसी भी प्रदर्शनकारी के दबाव में नहीं आएगा और जेएएसी (JAAC) के इस आंदोलन को पूरी निर्ममता के साथ कुचल दिया जाएगा।बलोच इलाके में रातभर बरसीं गोलियां, दावों में उलझी पुलिसइस खूनी झड़प की शुरुआत सुधनोती जिले के बलोच इलाके में हुई। पाकिस्तानी पुलिस का दावा है कि कोटली सरसावा से बलोच की ओर बढ़ रहे सुरक्षाबलों के काफिले पर सारन और बलोच गांवों के पास प्रदर्शनकारियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक रेंजर की मौत हो गई। इसके विपरीत, जेएएसी समर्थकों और ग्रामीणों का आरोप है कि उनका रास्ता शांतिपूर्ण तरीके से रोका गया था, लेकिन सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध सीधी गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलीबारी ने आग में घी का काम किया और पूरे क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी।27 जुलाई के चुनाव पर संकट: पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी आंतरिक चुनौतीयह पूरा हिंसक घटनाक्रम ऐसे नाजुक समय पर हो रहा है, जब आगामी 27 जुलाई 2026 को पीओके की 45 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान होना है। रावलकोट और अन्य 8 जिलों के बाहरी इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने कई दिनों से डेरा डाला हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप है। अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि चुनाव के मुहाने पर भड़का यह जन आंदोलन हाल के वर्षों में पाकिस्तान की शहबाज सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के लिए सबसे बड़ी आंतरिक व सुरक्षा चुनौती बन चुका है।क्यों भड़का है आक्रोश? 12 आरक्षित सीटों का असली विवादजेएएसी (JAAC) के नेतृत्व में हो रहे इस आंदोलन की सबसे मुख्य और प्रमुख मांग विधानसभा में तथाकथित शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को तुरंत समाप्त करने की है। आंदोलनकारियों का सीधा आरोप है कि पाकिस्तान की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां (जैसे PML-N और PPP) इन 12 आरक्षित सीटों का दुरुपयोग करती हैं। इन सीटों के जरिए उन लोगों के फर्जी वोट डलवाए जाते हैं जो वास्तव में पीओके में रहते ही नहीं हैं और इस तरह मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान की कठपुतली सरकारें बनाई जाती हैं।इस विवाद को तब और हवा मिली जब जून 2026 में पीओके की सुप्रीम कोर्ट ने इन सीटों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त बताते हुए कहा कि इन्हें केवल एक बड़े विधायी संशोधन के माध्यम से ही बदला जा सकता है। कोर्ट के इस फैसले के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा।प्रतिबंध लगाने के बाद और ज्यादा उग्र हुआ आंदोलनदबाव में आई पाकिस्तान सरकार ने बीते 5 जून 2026 को जेएएसी को आतंकवाद निरोधक कानून (ATA) के तहत एक प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया था। प्रशासन ने आरोप लगाया था कि यह संगठन अवैध हथियार जमा कर रहा है और सुरक्षाबलों पर आत्मघाती हमले की साजिश रच रहा है। हालांकि, जेएएसी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका आंदोलन सिर्फ उनके बुनियादी अधिकारों और लोकतांत्रिक निष्पक्षता के लिए है। मई के अंत में सरकार और कमेटी के बीच बातचीत टूटने के बाद से ही यहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Jul 2026 7:26 am

रक्षा क्षेत्र में भारत-पोलैंड की नई साझेदारी, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत मिलकर बनेंगे सैन्य उपकरण

भारत और पोलैंड कुछ रक्षा प्लेटफॉर्म (सैन्य उपकरणों और प्रणालियों) का निर्माण भारत में करने की संभावनाओं पर बातचीत कर रहे हैं

देशबन्धु 15 Jul 2026 6:36 am

'बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट रद्द हो,' देवेगौड़ा ने कर्नाटक सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी

पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़ी हिंसा की घटना को लेकर कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला किया।

देशबन्धु 15 Jul 2026 1:50 am

Monsoon Diet Rules: बारिश के मौसम में इन 5 चीजों को खाने से पेट में बन सकता है 'आग का गोला', 2 महीने तक तुरंत कर लें तौबा!

बारिश की हल्की बूंदाबांदी और सुहावना मौसम हर किसी के मन को भाता है। लेकिन, सेहत और पाचन के लिहाज से यह मौसम सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है। मानसून के दौरान हवा में नमी (Humidity) बढ़ने के कारण हानिकारक बैक्टीरिया, फंगस और वायरस बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे हमारा मेटाबॉलिज्म (चयापचय) धीमा हो जाता है। ऐसी स्थिति में यदि हम अपने खान-पान के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही बरतते हैं, तो पेट में गैस, एसिडिटी, भारीपन और ऐंठन का ‘आग का गोला’ बन जाता है, जिसे संभालना मुश्किल हो जाता है। अगर आप अगले 2 महीने खुद को डॉक्टर और अस्पताल के चक्कर काटने से बचाना चाहते हैं, तो तुरंत इन 5 चीजों से तौबा कर लें।1. समोसे, पकौड़े और अत्यधिक तली-भुनी चीज़ेंबारिश की फुहारें शुरू होते ही सबसे पहले दिमाग में चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े, समोसे या कचौड़ी खाने का ख्याल आता है। लेकिन, वास्तु और सेहत दोनों के लिहाज से इस मौसम में ऐसी भारी चीजें नुकसानदेह हैं। धीमे मेटाबॉलिज्म के कारण मानसून में हैवी और ऑयली फूड को पचाना आंतों के लिए बेहद मुश्किल होता है। इससे गंभीर एसिड रिफ्लक्स (सीने में तेज जलन), पेट में भारीपन और अपच की समस्या तुरंत घेर लेती है।2. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां (पालक, पत्तागोभी आदि)आमतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियों को सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन मानसून में ये आपके लिए किसी बड़े इन्फेक्शन का कारण बन सकती हैं। बारिश के दिनों में पालक, पत्तागोभी और मेथी जैसी सब्जियों की परतों के बीच नमी के कारण कीटाणु, छोटे कीड़े और बैक्टीरिया तेजी से घर बना लेते हैं। इन्हें ठीक से न धोने या खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट का गंभीर इन्फेक्शन और पेट में तेज मरोड़ उठने का खतरा रहता है।3. स्ट्रीट फ़ूड और गोलगप्पे (पुचके)इस मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पे का तीखा-खट्टा पानी, चाट और खुले में बिकने वाली चीजें सेहत के लिए सबसे बड़ा जोखिम हैं। स्ट्रीट वेंडर्स द्वारा अक्सर बिना ढके रखे जाने के कारण इन पर मक्खियां बैठती हैं, और गोलगप्पे के पानी में दूषित जल का इस्तेमाल होने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। इसे खाने से टाइफाइड, पीलिया (जॉन्डिस), दस्त (डायरिया) और पेट में भयंकर मरोड़ जैसी बीमारियां हो सकती हैं।4. सीफ़ूड (मछली और समुद्री जीव)बारिश का महीना मछली और अन्य समुद्री जीवों के लिए प्रजनन (Breeding Season) का समय होता है। इस दौरान बाजार में मिलने वाले सीफ़ूड के जरिए पेट के इन्फेक्शन और एलर्जी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा, वाटर बॉडीज में गंदगी बढ़ने से मछलियों में टॉक्सिंस जमा हो जाते हैं। इसलिए, अगले दो महीनों तक नॉन-वेजिटेरियन फूड, विशेषकर सीफ़ूड से पूरी तरह दूरी बना लेना ही समझदारी है।5. पहले से कटे हुए फल और अत्यधिक पानी वाले फलबाजार या सड़क किनारे रेहड़ियों पर बिकने वाले पहले से कटे हुए फल कीटाणुओं और मूक बैक्टीरिया का सबसे बड़ा ठिकाना होते हैं। हवा के संपर्क में रहने से ये फल बहुत जल्दी दूषित हो जाते हैं। इसके साथ ही, इस मौसम में बहुत ज्यादा 'ठंडी तासीर' वाले और अत्यधिक पानी से भरपूर फलों का अधिक सेवन करने से पाचन तंत्र सुस्त पड़ जाता है, जिससे गैस और पेट फूलने (Bloating) की समस्या बढ़ जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Jul 2026 11:26 pm

RailOne App Ticket Booking: ट्रेन में मोबाइल से जनरल टिकट बुक करने के नियमों में बड़ा बदलाव, 15 जुलाई से ID प्रूफ हुआ अनिवार्य

अगर आप भी रेलवे स्टेशन की लंबी लाइनों से बचने के लिए अपने मोबाइल से जनरल टिकट बुक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रेलवे प्रशासन ने ऑनलाइन अनरिजर्व्ड (जनरल) टिकट बुकिंग की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नियमों में एक बड़ा फेरबदल किया है। यह नया नियम 15 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू होने जा रहा है। अब यदि आप रेलवे के नए आधिकारिक 'रेलवन ऐप' (RailOne App) का उपयोग करके जनरल टिकट बुक करते हैं, तो टिकट बुक करते समय आपको अपने फोटोयुक्त पहचान पत्र (ID Proof) की जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।क्या है नया नियम और किस पर होगा लागू?केवल ऑनलाइन बुकिंग के लिए: रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सिर्फ उन्हीं यात्रियों पर लागू होगा जो मोबाइल में 'रेलवन ऐप' के माध्यम से डिजिटल जनरल टिकट बुक करेंगे।काउंटर टिकट पर छूट: यदि आप हमेशा की तरह रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर (खिड़की) पर जाकर नकद भुगतान करके सामान्य टिकट खरीदते हैं, तो वहां आपको किसी भी प्रकार का आईडी प्रूफ देने की आवश्यकता नहीं होगी। वह प्रक्रिया पहले की तरह ही सामान्य रहेगी।ओरिजिनल ID साथ रखना जरूरी: ऑनलाइन टिकट बुक करने के बाद, सफर के दौरान आपको वही मूल पहचान पत्र (जैसे- वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) अपने साथ भौतिक रूप से रखना होगा, जिसकी जानकारी आपने ऐप में टिकट बुक करते समय दर्ज की थी।स्क्रीनशॉट और वॉट्सऐप टिकट का खेल खत्म, लगेगा जुर्मानाअक्सर यात्री अपने मोबाइल से जनरल टिकट बुक करने के बाद उसका स्क्रीनशॉट ले लेते थे या फिर वॉट्सऐप के जरिए उसकी फोटो दूसरे सह-यात्री के मोबाइल पर भेज देते थे। रेलवे ने नए नियम के तहत इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब डिजिटल टिकट केवल उसी मोबाइल नंबर और डिवाइस पर वैध (Valid) माना जाएगा, जिससे लॉगिन करके उसे बुक किया गया है। ट्रेन में चेकिंग के दौरान टीटीई (TTE) को 'रेलवन ऐप' के अंदर ही एक्टिव टिकट दिखाना होगा। स्क्रीनशॉट या वॉट्सऐप इमेज दिखाने पर आपको बिना टिकट (Without Ticket) माना जाएगा और नियमानुसार भारी जुर्माना वसूला जाएगा।'रेलवन ऐप' से जनरल टिकट बुक करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइडनए नियमों के अंतर्गत टिकट बुक करने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आसानी से अपनी टिकट सुरक्षित कर सकते हैं:स्टेप 1 (ऐप डाउनलोड और लॉगिन): सबसे पहले अपने स्मार्टफोन के गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से नया 'रेलवन ऐप' डाउनलोड करें। इसके बाद अपने एक्टिव मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करें और लॉगिन करें।स्टेप 2 (यात्रा का विवरण भरें): ऐप के होम पेज पर दिए गए 'बुक टिकट' या 'जनरल टिकट' के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद अपने प्रस्थान स्टेशन (Source) और गंतव्य स्टेशन (Destination) का नाम दर्ज करें।स्टेप 3 (यात्रियों की संख्या): आपको जितने यात्रियों के लिए टिकट चाहिए, उनकी सही संख्या चुनें।स्टेप 4 (पहचान पत्र की जानकारी): अब स्क्रीन पर पहचान पत्र का ड्रॉपडाउन विकल्प दिखाई देगा। यहां आपको अपने फोटोयुक्त पहचान पत्र (जैसे- ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पैन कार्ड आदि) का प्रकार चुनना होगा और उसका सही नंबर बॉक्स में फिल करना होगा।स्टेप 5 (ऑनलाइन भुगतान): सभी जानकारियों को री-चेक करने के बाद स्क्रीन पर कुल किराया आ जाएगा। आप यूपीआई (UPI), डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान करें।स्टेप 6 (टिकट सुरक्षित करें): पेमेंट सक्सेसफुल होते ही आपका डिजिटल जनरल टिकट ऐप के 'माई बुकिंग्स' सेक्शन में जेनरेट हो जाएगा, जिस पर आपका आईडी नंबर भी अंकित होगा।रेलवे ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?इस नए नियम को लागू करने के पीछे रेलवे का मुख्य उद्देश्य टिकटों की कालाबाजारी (Black Marketing) पर लगाम लगाना और अनाधिकृत वेंडर्स पर रोक लगाना है। कई बार लोग अपने मोबाइल से थोक में टिकट बुक करके दूसरे यात्रियों को अनैतिक रूप से बेच देते थे, जिससे सुरक्षा तंत्र में सेंध लगने का खतरा रहता था। अब ऐप आधारित बुकिंग में यात्री की वास्तविक पहचान सीधे रेलवे के डेटाबेस से जुड़ी रहेगी, जिससे ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक पुख्ता होगी।क्या कह रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी?प्रयागराज रेल मंडल के पीआरओ (PRO) अमित कुमार सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई से जब भी यात्री घर से सफर के लिए निकलें, तो अपने साथ वही असली पहचान पत्र रखना न भूलें जिसका नंबर उन्होंने ऐप में डाला है। यदि यात्रा के दौरान रेलवन ऐप पर दर्ज आईडी और आपके पास मौजूद ओरिजिनल आईडी मैच नहीं होती है, तो उसे टिकट की हेराफेरी माना जाएगा और रेलवे नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Jul 2026 11:24 pm

Dhamaal 4 Actress Anjali Anand: बॉडी शेमिंग और ट्रोल्स के गंदे कमेंट्स पर छलका अंजलि आनंद का दर्द, कहा- 'दीपिका-ऐश्वर्या भी...'

टीवी जगत से बॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली बेहतरीन एक्ट्रेस अंजलि आनंद इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'धमाल 4' (Dhamaal 4) को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि, फिल्म की रिलीज से पहले वे सोशल मीडिया पर अपने बॉडी टाइप और वजन को लेकर भयंकर ट्रोलिंग का शिकार हो रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में अंजलि ने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी हाइट और प्लस-साइज (Plus-Size) बॉडी के कारण मिलने वाली चुनौतियों और रूढ़िवादी सोच पर खुलकर बात की है। एक्ट्रेस का मानना है कि इंडस्ट्री में आज भी प्लस-साइज कलाकारों को सिर्फ कॉमेडी या किसी का मजाक उड़ाने वाले किरदारों तक ही सीमित कर दिया जाता है।'बेल बॉटम' के रोल को याद कर जाहिर की निराशाअक्षय कुमार स्टारर फिल्म 'बेल बॉटम' से अपना फिल्मी डेब्यू करने वाली अंजलि ने अपने उस छोटे से रोल को याद करते हुए एक हैरान करने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया, मुझे 'बेल बॉटम' में सिर्फ इसलिए कास्ट किया गया था ताकि एक आतंकवादी मेरे ऊपर आकर गिर सके और पकड़ा जाए। अंजलि ने माना कि बार-बार सिर्फ शरीर के आकार की वजह से ऐसे रोल मिलना बेहद निराशाजनक होता है, क्योंकि मेकर्स यह देखने की कोशिश ही नहीं करते कि सामने वाला एक अच्छा एक्टर है भी या नहीं।'धमाल 4' में काम करने पर उठे सवाल, तो दिया करारा जवाबअंजलि आनंद को 'धमाल 4' में कास्ट किए जाने के बाद कुछ दर्शकों ने उन पर सवाल उठाए कि जो एक्ट्रेस खुद बॉडी शेमिंग के खिलाफ इतनी मुखर रही है, वह ऐसी कॉमेडी फिल्म का हिस्सा कैसे बन सकती है जिसमें मोटापे का मजाक उड़ाने वाले जोक्स हो सकते हैं। इस आलोचना का जवाब देते हुए अंजलि ने कहा, लोग मुझसे पूछते हैं कि मैं यह फिल्म कैसे कर सकती हूं। लेकिन कड़वा सच यह है कि समाज की सोच आज भी ऐसी ही है। खुद को साबित करने के बाद भी लोग मेरा ऑनलाइन मजाक उड़ा रहे हैं और गंदे कमेंट्स कर रहे हैं।ट्रोल्स ने पार की मर्यादा: 'किस भैंस को ले लिया...'सोशल मीडिया पर मिलने वाली गालियों और भद्दे कमेंट्स का खुलासा करते हुए अंजलि ने बताया कि लोग इंटरनेट पर लिख रहे हैं—‘किस भैंस को ले लिया’, ‘रितेश देशमुख के क्या दिन आ गए थे कि इसको इस हीरोइन के साथ काम करना पड़ रहा है’, या ‘इंडस्ट्री के क्या दिन आ गए, हीरोइनें नहीं बची हैं क्या’। अंजलि ने दो टूक कहा कि जब तक हमारा समाज अपनी सोच नहीं बदलेगा, तब तक फिल्मों की स्क्रिप्ट और राइटर्स का नजरिया भी नहीं बदलेगा।जब शाहरुख-अमिताभ की आलोचना हो सकती है, तो मैं क्या चीज हूं?दुनिया और ट्रोल्स के तानों पर बेबाकी से जवाब देते हुए अंजलि ने कहा कि लोगों की यह नकारात्मक आलोचना सिर्फ प्लस-साइज एक्टर्स तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, ट्रोल्स के तय मानकों पर तो मैं क्या, देश के सबसे बड़े स्टार्स भी खरे नहीं उतरते। उनके लिए तो दीपिका पादुकोण और ऐश्वर्या राय भी काफी नहीं हैं। यहां तक कि शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन को भी अपने जीवन में भारी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। यह बस वो खाली लोग हैं जो सिर्फ इसलिए अपनी राय देते हैं क्योंकि उनके पास सोशल मीडिया है। उनकी घटिया सोच से आपकी असलियत नहीं बदल सकती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Jul 2026 11:21 pm

Indian Railways Bedroll Theft: एसी कोच के सफर में 'लग्जरी' के बीच चोरी की शर्मनाक करतूत; 4 साल में 1.27 करोड़ बेडशीट-कंबल पार, ठेकेदारों को ₹104 करोड़ की चपत

भारतीय रेलवे का नेटवर्क दुनिया के सबसे विशाल रेल नेटवर्कों में से एक है, जिसे देश का 'नेशनल कैरियर' भी कहा जाता है। ट्रेनों के एसी (AC-1, AC-2, AC-3) कोच में सफर करना आरामदायक और लग्जरी माना जाता है, लेकिन इन्हीं एसी कोचों से एक बेहद हैरान और शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच देश के विभिन्न रूटों पर चलने वाली ट्रेनों के एसी कोचों से 1 करोड़ 27 लाख (1.27 करोड़) से ज्यादा बेडशीट, तकिए के कवर, कंबल और तौलिये चोरी कर लिए गए। इन चोरियों की वजह से बेडरोल सप्लाई करने वाले कॉन्ट्रैक्टर्स (ठेकेदारों) को 104 करोड़ रुपये से ज्यादा का भारी नुकसान हुआ है। अब रेलवे प्रशासन इन 'एसी चोरों' और लापरवाह स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है।हर 1,000 एसी यात्रियों में से 1 कर रहा चोरी: RTI में खुलासा'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रेलवे के एसी कोच में सफर करने वाले हर 1,000 यात्रियों में से 1 यात्री इस चोरी की घटना को अंजाम दे रहा है। रेलवे के 18 जोन के 69 डिवीजनों (मंडलों) से आरटीआई के तहत बेडरोल चोरी के आंकड़े मांगे गए थे, जिनमें से 54 मंडलों ने अपने चौंकाने वाले रिकॉर्ड पेश किए। देश भर की ट्रेनों में हर रात लगभग 8 लाख यात्रियों को बेडरोल (चादर, तकिया, कंबल, तौलिया) दिया जाता है, जिसका शुल्क टिकट में शामिल होता है। आंकड़ों के अनुसार, कोरोना काल के बाद जनवरी 2022 से जब से बेडरोल सेवा दोबारा शुरू हुई है, तब से लेकर साल 2025 तक चोरी की इन वारदातों में 56 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।देश के ये 10 रेल मंडल हैं चोरी में सबसे आगे; यहां के यात्री सबसे 'शौकीन'आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करने पर पता चला है कि कुल चोरी की घटनाओं का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा देश के 7 रेलवे जोनों के केवल 10 रेल मंडलों में ही हो रहा है। सामान के हिसाब से देश के टॉप चोर मंडल इस प्रकार हैं:बेडशीट चोरी: राजस्थान का बीकानेर मंडल इस लिस्ट में सबसे ऊपर है।तौलिया चोरी: देश की राजधानी दिल्ली का रेल मंडल तौलिया पार करने में टॉप पर है।तकिया कवर चोरी: बिहार का सोनपुर रेल मंडल तकिया कवर उड़ाने में सबसे आगे है।कंबल चोरी: राजस्थान का जोधपुर मंडल कंबल की चोरी में पहले पायदान पर है।इसके अलावा जयपुर, रांची, मुंबई, अहमदाबाद, दानापुर और बिलासपुर रेल मंडलों में भी बड़े पैमाने पर बेडरोल चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं।चोरियां यात्री करते हैं और भुगतना पड़ता है गरीब स्टाफ को!इस महाफर्जीवाड़े और चोरी का सबसे दुखद पहलू यह है कि यात्रियों की इस ओछी करतूत का सीधा वित्तीय बोझ ट्रेनों में तैनात अटेंडेंट्स और गरीब कर्मचारियों पर पड़ता है। ठेकेदारों के अधीन काम करने वाले कोच अटेंडेंट्स का दावा है कि जब भी किसी बोगी से चादर या कंबल गायब होता है, तो ठेकेदार उस नुकसान की भरपाई सीधे तौर पर स्टाफ के मासिक वेतन (सैलरी) से पैसे काटकर करता है। यात्रियों की एक चोरी, मेहनत करने वाले रेल कर्मचारियों के घर का बजट बिगाड़ देती है।तिरुचिरापल्ली और पलक्कड़ के यात्री हैं सबसे 'ईमानदार'चोरी की इन निराशाजनक खबरों के बीच दक्षिण रेलवे (Southern Railway) के दो मंडलों से बेहद राहत देने वाली और गौरवपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, तिरुचिरापल्ली और पलक्कड़ रेल मंडलों में पिछले 4 वर्षों में बेडरोल या लिनेन चोरी की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों मंडलों के यात्रियों की उच्च सामाजिक जागरूकता और ट्रेनों में की जाने वाली बेहतर निगरानी के कारण यह शानदार रिकॉर्ड संभव हो पाया है। (नोट: दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में भी शून्य चोरी है, लेकिन वह एक मालगाड़ी केंद्रित मंडल है जहां एसी यात्री कोच नहीं चलते)।रेल मंत्रालय का सख्त रुख: अब सीधे दर्ज होगी FIRरेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और लिनेन चोरी को रोकने के लिए रेलवे अब आधुनिक तकनीकों और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर रहा है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अभी तक इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि इस चोरी में रेलवे स्टाफ या अटेंडेंट्स की कोई मिलीभगत है, अधिकांश मामलों में संपन्न श्रेणी के यात्री ही लिनेन बैग में भरकर ले जाते हैं। रेलवे अब सीसीटीवी निगरानी, औचक निरीक्षण और दोषियों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई (FIR) करने का प्लान बना रहा है, ताकि राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को सबक सिखाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Jul 2026 11:20 pm