लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज से पूरी तरह किनारा करते हुए उनके खिलाफ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने राजनीतिक संरक्षण का झूठा दावा करने के लिए पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नाम का गलत इस्तेमाल किया है। LJP (RV) ने पुलिस से इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की है। यह शिकायत पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई और LJP(RV) ने पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। पार्टी ने भारद्वाज के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इन्फ्लुएंसर के साथ उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है और इस बात को रिकॉर्ड पर लिया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Dahi Handi 2026: Vajra Yoga में मनेगा दही हांडी का पर्व, जानें Shubh Muhurat और Puja Vidhi भारद्वाज के एक इंटरव्यू का वीडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय का सिर फोड़ दिया था। बाद में, आजाद ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही है और उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी से मदद की गुहार लगाई। इस घटना से विवाद खड़ा होने पर भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया, वह आत्मरक्षा में किया था। उन्होंने पासवान और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा से मदद मांगी। शुक्रवार को समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने कहा, अगर मैंने आत्मरक्षा में कदम नहीं उठाया होता, तो भीड़ ने मेरी पीट-पीटकर हत्या कर दी होती या मैं मारा जाता। खुद को 'कट्टर हिंदू' बताने वाले भारद्वाज को बाद में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, वह नैथला गांव से भागकर खुर्जा की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods Update | 'ग्लोबल वार्मिंग का जिम्मेदार नेपाल नहीं, विकसित देश दें मुआवजा', पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली का बड़ा बयान हिरासत में लिए जाने के बाद पासवान ने भारद्वाज से दूरी बना ली और कहा कि वह और उनकी पार्टी मजबूती से आजाद और उनके पिता के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कानून का मजाक उड़ाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया और दिल्ली पुलिस से निष्पक्ष जांच करने की अपील की। केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार शाम पटना में पत्रकारों से कहा, यह घटना बेहद गंभीर है। जिस तरह से एक व्यक्ति खुलेआम यह स्वीकार कर रहा है कि उसने किसी को इतनी बुरी तरह पीटा कि उससे उसकी मौत भी हो सकती थी—और वह भी एक पॉडकास्ट पर खुलेआम यह बात कह रहा है—और अगर इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो मेरा मानना है कि यह देश और जनता के लिए एक बहुत गलत मिसाल कायम करता है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
आखिर किस बात से डरे ट्रंप? अपने 50 सैन्य अफसरों का कराया पॉलीग्राफ टेस्ट
ईरान युद्ध से जुड़ी जानकारी लीक होने के मामले में अमेरिका ने करीब 50 ज्वाइंट स्टाफ सदस्यों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है. जांच हथियारों की कमी से जुड़ी जानकारी बाहर जाने पर केंद्रित है.
भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना संजोए बैठे देश भर के लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए राहत और उत्साह भरी बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (Non-Technical Popular Categories यानी NTPC) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए कुल 5,165 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड द्वारा 3 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक पत्र संख्या E(MPP)/2026/20/6/NTPC के माध्यम से सभी जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयों (Production Units) से मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के इंडेंट मैनेजमेंट मॉड्यूल के जरिए प्राप्त रिक्तियों का अंतिम आकलन पूरा कर लिया गया है।बोर्ड की इस उच्च स्तरीय संस्तुति के बाद अब रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) बहुत जल्द विस्तृत केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना (CEN) जारी करने की अंतिम तैयारी में जुट गया है। रेलवे में लगातार खाली हो रहे पदों और परिचालन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह भर्ती प्रक्रिया मिशन मोड पर संचालित की जाएगी। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र समेत देश के सभी राज्यों के युवा लंबे समय से नई एनटीपीसी भर्ती का इंतजार कर रहे थे, जिनका इंतजार अब खत्म होने के कगार पर है।ग्रेजुएट और 12वीं पास के लिए अलग-अलग पद: जानिए किस कैटेगरी में कितनी सीटेंरेलवे बोर्ड द्वारा मंजूर की गई कुल 5,165 रिक्तियों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इसमें स्नातक (Graduate) स्तर के लिए 3,477 पद और इंटरमीडिएट यानी 12वीं पास (Undergraduate) स्तर के लिए 1,688 पद आरक्षित किए गए हैं।स्नातक स्तर के 3,477 पदों का विभागवार और पदवार विवरण इस प्रकार है:गुड्स ट्रेन मैनेजर (Goods Train Manager - पे लेवल 5): इस वर्ग में सर्वाधिक 2,750 पदों पर भर्ती की जाएगी, जो ट्रैफिक (ऑपरेटिंग) विभाग के अंतर्गत आते हैं।सीनियर क्लर्क-कम-टाइपिस्ट (Senior Clerk-cum-Typist - पे लेवल 5): सामान्य प्रशासनिक शाखा में कुल 371 रिक्तियां स्वीकृत की गई हैं।जूनियर एकाउंट्स असिस्टेंट-कम-टाइपिस्ट (Junior Accounts Assistant-cum-Typist - पे लेवल 5): लेखा विभाग के तहत कुल 300 पदों पर भर्ती होगी।चीफ कमर्शियल-कम-टिकट सुपरवाइजर (CCTS - पे लेवल 6): ट्रैफिक (कमर्शियल) विभाग में 56 पद शामिल किए गए हैं।अंडरग्रेजुएट (12वीं पास) स्तर के 1,688 पदों का वर्गीकरण इस प्रकार है:कमर्शियल-कम-टिकट क्लर्क (CCTC - पे लेवल 3): टिकट चेकिंग और बुकिंग शाखा में सर्वाधिक 700 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।जूनियर क्लर्क-कम-टाइपिस्ट (Junior Clerk-cum-Typist - पे लेवल 2): लिपिकीय कार्य के लिए कुल 600 पदों को हरी झंडी मिली है।एकाउंट्स क्लर्क-कम-टाइपिस्ट (Accounts Clerk-cum-Typist - पे लेवल 2): रेलवे लेखा शाखा में 200 रिक्त पद भरे जाएंगे।ट्रेन्स क्लर्क (Trains Clerk - पे लेवल 2): ट्रैफिक परिचालन विंग में कुल 188 पदों पर भर्ती होगी।आधिकारिक नोटिफिकेशन और ऑनलाइन आवेदन की संभावित तारीखेंरेलवे बोर्ड द्वारा रिक्ति प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति मिलने के बाद अब आधिकारिक विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़े सूत्रों के अनुसार, स्नातक और 12वीं पास स्तर की दोनों श्रेणियों के लिए अलग-अलग विस्तृत अधिसूचना पीडीएफ आधिकारिक पोर्टल पर जारी की जाएगी।संभावना जताई जा रही है कि सितंबर 2026 के दूसरे या तीसरे सप्ताह में भर्ती से जुड़ा संक्षिप्त विज्ञापन (Short Notice) रोजगार समाचार और समाचार पत्रों में प्रकाशित कर दिया जाएगा। इसके तुरंत बाद आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने का लिंक सक्रिय हो जाएगा। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण और दस्तावेज अपलोड करने के लिए लगभग 30 दिनों का समय मिलेगा। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹500 निर्धारित रहने की उम्मीद है, जिसमें से सीबीटी-1 परीक्षा में शामिल होने पर नियमानुसार बैंक चार्ज काटकर राशि रिफंड की जाएगी। वहीं महिला, एससी, एसटी, दिव्यांग और एक्स-सर्विसमैन उम्मीदवारों के लिए ₹250 शुल्क रहेगा, जो परीक्षा में उपस्थित होने पर पूर्णतः रिफंडेबल होगा।शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और छूट के नियम: कौन कर सकता है आवेदन?आरआरबी एनटीपीसी भर्ती 2026 के लिए शैक्षणिक अर्हता पद के स्तर के अनुसार तय की गई है:ग्रेजुएट स्तर के पद: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी संकाय (कला, विज्ञान, वाणिज्य या इंजीनियरिंग) में स्नातक डिग्री धारक अभ्यर्थी आवेदन करने के पात्र होंगे। क्लर्क और एकाउंट्स से जुड़े पदों के लिए कंप्यूटर पर हिंदी अथवा अंग्रेजी टाइपिंग का ज्ञान अनिवार्य होगा।अंडरग्रेजुएट स्तर के पद: किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12वीं (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण छात्र इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। आरक्षित वर्ग (एससी/एसटी) के लिए न्यूनतम 50% अंकों की बाध्यता में छूट रहेगी।आयु सीमा के मानकों के तहत अंडरग्रेजुएट पदों के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की जा सकती है। वहीं स्नातक स्तरीय पदों के लिए आयु सीमा 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच रहेगी। केंद्रीय आरक्षण नियमों के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के अभ्यर्थियों को ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) के उम्मीदवारों को 5 वर्ष की विशेष छूट प्रदान की जाएगी। दिव्यांग और पूर्व सैनिकों को भी सरकारी नियमानुसार आयु में अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा।चयन प्रक्रिया और परीक्षा पैटर्न: सीबीटी-1 से लेकर मेडिकल टेस्ट तक का सफररेलवे में एनटीपीसी पदों पर चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और बहु-स्तरीय होती है, जिसे पूरी तरह कंप्यूटरीकृत प्रणाली के तहत आयोजित किया जाता है। चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होंगे:प्रथम चरण सीबीटी (कंप्यूटर आधारित परीक्षा 1): यह सभी पदों के लिए एक स्क्रीनिंग टेस्ट होता है। इसमें सामान्य जागरूकता (General Awareness - 40 प्रश्न), गणित (Mathematics - 30 प्रश्न) और सामान्य बुद्धिमत्ता व तर्कशक्ति (General Intelligence & Reasoning - 30 प्रश्न) से कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 90 मिनट का समय दिया जाएगा। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-तिहाई (1/3) अंक की नेगेटिव मार्किंग होगी।द्वितीय चरण सीबीटी (सीबीटी 2): सीबीटी-1 में मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को सीबीटी-2 के लिए बुलाया जाएगा। इसमें कुल 120 प्रश्न पूछे जाएंगे (सामान्य जागरूकता 50, गणित 35, रीजनिंग 35) और समय 90 मिनट रहेगा।स्किल टेस्ट / टाइपिंग टेस्ट: सीनियर क्लर्क, जूनियर क्लर्क, जूनियर एकाउंट्स असिस्टेंट जैसे पदों के लिए कंप्यूटर आधारित टाइपिंग स्किल टेस्ट आयोजित किया जाएगा, जिसमें अंग्रेजी में 30 शब्द प्रति मिनट या हिंदी में 25 शब्द प्रति मिनट की गति अनिवार्य होती है।दस्तावेज सत्यापन (DV) और मेडिकल फिटनेस: लिखित और कौशल परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक व जाति प्रमाणपत्रों का सत्यापन होगा। इसके बाद रेलवे के अधिकृत अस्पतालों में कड़े मेडिकल मानकों (विशेष रूप से विजुअल एक्यूटी और कलर विजन टेस्ट) की जांच की जाएगी।देश भर के 21 रेलवे भर्ती बोर्डों में होगी नियुक्ति, अभी से शुरू करें तैयारीआरआरबी एनटीपीसी 2026 के अंतर्गत देश के सभी प्रमुख भर्ती बोर्डों जैसे प्रयागराज, पटना, रांची, गोरखपुर, भोपाल, चंडीगढ़, अजमेर, कोलकाता, मुंबई, बिलासपुर, चेन्नई, गुवाहाटी, सिकंदराबाद और अहमदाबाद के तहत क्षेत्रीय रिक्तियों का बंटवारा किया जाएगा। उम्मीदवार अपनी पसंद और भाषा के आधार पर किसी एक रेलवे भर्ती बोर्ड का चयन कर सकेंगे।विशेषज्ञों का कहना है कि पदों की कुल संख्या 5,165 होने के कारण इस बार प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहने वाला है। इसलिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार किए बिना अभी से अपने पाठ्यक्रम की योजना बना लेनी चाहिए। प्रतिदिन पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करना, सामान्य अध्ययन और करंट अफेयर्स पर पकड़ मजबूत बनाना और समय प्रबंधन के लिए ऑनलाइन मॉक टेस्ट सीरीज लगाना सफलता के लिए बेहद आवश्यक है। उम्मीदवार किसी भी प्रकार के असत्यापित दावों से बचने के लिए केवल भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट (indianrailways.gov.in) और संबंधित क्षेत्रीय आरआरबी पोर्टलों पर प्रकाशित होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
बोलिविया के मिलिट्री बेस में भीषण ब्लास्ट, 10 लोगों की मौत, 60 से ज्यादा घायल
बोलिविया के वियाचा में सैन्य बैरक में जोरदार धमाके से 10 से 15 लोगों की मौत की आशंका है, जबकि 62 लोग घायल हुए हैं. धमाका रक्षा मंत्रालय के आतिशबाजी भंडार में हुआ. घायलों को अस्पताल भेजा गया है और दोबारा धमाके के खतरे को देखते हुए लोगों से 150 मीटर दूर रहने को कहा गया है.
भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं के दामों में शनिवार को फिर से तीव्र हलचल देखने को मिली है। वैश्विक कमोडिटी बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर मजबूत मांग के चलते सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हाजिर बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत उछलकर ₹1,56,820 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं दूसरी तरफ, औद्योगिक मांग में सुस्ती और मुनाफावसूली के कारण चांदी के दामों में नरमी दर्ज की गई है। आगामी शादी-ब्याह और त्योहारी सीजन से पहले सोने की इस अप्रत्याशित तेजी ने आम खरीदारों और निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की बढ़ती वैश्विक खरीदारी और केंद्रीय बैंकों की लगातार मांग के कारण घरेलू बाजार में सोने के भाव लगातार नए मनोवैज्ञानिक स्तरों को छू रहे हैं।24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट में कितना अंतर? जानिए शुद्धता के आधार पर रेटसोने की खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि कैरेट के हिसाब से कीमतों में बड़ा अंतर होता है। 24 कैरेट सोना 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सोने की सिल्लियां (Bullion) और सिक्कों के रूप में निवेश के लिए किया जाता है। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव आज ₹15,682 प्रति ग्राम यानी ₹1,56,820 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।आम तौर पर आभूषण बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल होता है, जिसमें 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना और शेष अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं। दिल्ली में आज 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,376 प्रति ग्राम यानी ₹1,43,760 प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। वहीं, आधुनिक और हल्के आभूषणों में इस्तेमाल होने वाले 18 कैरेट सोने (75 प्रतिशत शुद्धता) की दर आज ₹11,765 प्रति ग्राम यानी लगभग ₹1,17,650 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। खुदरा बाजार में आभूषण खरीदते समय इन आधार मूल्यों पर 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) और संबंधित ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज अतिरिक्त रूप से देय होता है।सोने में चमक बरकरार लेकिन चांदी क्यों फिसली? समझिए बाजार की चालएक ओर जहां सोना नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं चांदी के खरीदारों को मामूली राहत मिली है। पिछले कारोबारी सत्रों में लगातार तेजी दिखाने के बाद आज चांदी के भाव में हल्की फिसलन देखी गई है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शुद्ध चांदी की दर लगभग ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम से फिसलकर ₹2,34,900 से ₹2,39,700 प्रति किलोग्राम के दायरे में कारोबार करती नजर आई।बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग का धीमा पड़ना और सट्टेबाजों द्वारा ऊंचे स्तरों पर की गई मुनाफावसूली है। चांदी का 50 प्रतिशत से अधिक उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोबाइल सेक्टर में होता है। वैश्विक विनिर्माण आंकड़ों में आई नरमी ने चांदी के औद्योगिक उपभोग को थोड़ा प्रभावित किया है। हालांकि, लंबे समय के नजरिए से विशेषज्ञ मानते हैं कि ग्रीन एनर्जी और तकनीकी क्षेत्र में चांदी की अपरिहार्यता इसे दीर्घकाल में मजबूत सहारा प्रदान करेगी।मुंबई, लखनऊ, जयपुर और पटना समेत प्रमुख शहरों का ताजा रेट कार्डदेश के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय परिवहन लागत, चुंगी शुल्क और ज्वैलर्स एसोसिएशन के अलग-अलग मानकों के चलते सोने के खुदरा दामों में मामूली अंतर पाया जाता है। देश के प्रमुख व्यापारिक शहरों का आज का 24 कैरेट और 22 कैरेट का अनुमानित रेट कार्ड इस प्रकार है:दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम): 24 कैरेट सोना ₹1,56,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,760 प्रति 10 ग्राम।मुंबई: 24 कैरेट सोना ₹156,770 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹143,700 प्रति 10 ग्राम।लखनऊ और कानपुर: 24 कैरेट सोना ₹1,56,920 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,850 प्रति 10 ग्राम।जयपुर: 24 कैरेट सोना ₹1,56,920 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,850 प्रति 10 ग्राम।पटना: 24 कैरेट सोना ₹1,56,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,750 प्रति 10 ग्राम।कोलकाता: 24 कैरेट सोना ₹1,56,770 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,700 प्रति 10 ग्राम।अहमदाबाद: 24 कैरेट सोना ₹1,56,820 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,43,750 प्रति 10 ग्राम।अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स और ब्याज दरें: क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में आ रहे इस बड़े उछाल के पीछे कई वैश्विक कारक सीधे तौर पर सक्रिय हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में हाजिर सोना मजबूत रुख के साथ कारोबार कर रहा है। दुनिया के प्रमुख केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं के चलते बॉन्ड यील्ड में नरमी आई है। जब अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और ब्याज दरें घटती हैं, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश का आकर्षण बढ़ जाता है।इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स पर बने दबाव और मध्य पूर्व तथा यूरोप में जारी भू-राजनीतिक तनावों (Geopolitical Tensions) ने भी सोने को मजबूती दी है। संकट के दौर में संस्थागत निवेशक और केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सोने की बड़े पैमाने पर खरीद कर रहे हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) समेत चीन और कई उभरते देशों के केंद्रीय बैंकों ने सोने की आक्रामक खरीदारी जारी रखी है, जिससे वैश्विक स्तर पर सोने की आपूर्ति की तुलना में मांग का पलड़ा भारी बना हुआ है।खरीदारी से पहले रखें इन बातों का ध्यान: हॉलमार्किंग (HUID) और बिलिंग का गणितयदि आप मौजूदा भाव पर सोने के आभूषण या सिक्के खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करना आपके वित्तीय हितों के लिए अत्यंत आवश्यक है:बीआईएस हॉलमार्किंग (BIS Hallmark): कभी भी बिना हॉलमार्क वाला सोना न खरीदें। भारतीय मानक ब्यूरो के नियमानुसार अब सोने के हर आभूषण पर 6 अंकों का विशिष्ट अल्फ़ान्यूमेरिक 'HUID' (Hallmark Unique Identification) कोड होना अनिवार्य है। ग्राहक 'BIS CARE' मोबाइल ऐप पर जाकर इस कोड को डालकर आभूषण की शुद्धता, निर्माण की तारीख और प्रमाणित जांच केंद्र की जानकारी स्वयं सत्यापित कर सकते हैं।शुद्धता का पैमाना: 24 कैरेट पर 999, 22 कैरेट पर 916 और 18 कैरेट पर 750 का अंक अंकित होता है। बिल बनवाते समय यह सुनिश्चित करें कि आपके आभूषण पर लिखे अंक और बिल पर दर्ज शुद्धता में कोई अंतर न हो।मेकिंग चार्ज और जीएसटी: आभूषण की अंतिम कीमत केवल सोने के वजन पर तय नहीं होती। हमेशा जौहरी से स्पष्ट पूछें कि वह प्रति ग्राम कितना मेकिंग चार्ज ले रहा है। मेकिंग चार्ज अलग-अलग डिजाइनों और ब्रांड्स के आधार पर 6% से लेकर 20% तक हो सकता है। इसके अलावा अंतिम बिल राशि पर 3 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) जोड़ा जाता है।पक्का बिल अनिवार्य: हमेशा अधिकृत जीएसटी बिल लें जिसमें सोने का कुल वजन, शुद्धता (कैरेट), मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क नंबर साफ-साफ दर्ज हो। भविष्य में आभूषण बदलने या बेचने पर पक्का बिल आपके निवेश का सबसे बड़ा कानूनी प्रमाण होता है।विशेषज्ञों का अनुमान है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह शांत नहीं होतीं और महंगाई के मोर्चे पर ठोस स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने की कीमतों में गिरावट की गुंजाइश बेहद सीमित रहेगी। निवेशकों के लिए गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी (SIP मोड) करना एक सुरक्षित रणनीति साबित हो सकती है।
Odisha में पिछले दो साल में नहीं हुई किसी किसान की आत्महत्या: Mohan Charan Majhi
भुवनेश्वर, चार सितंबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद पिछले दो साल में किसान आत्महत्या की कोई घटना सामने नहीं आई है। माझी ने मुख्यमंत्री-किसान योजना के तहत करीब 41.35 लाख किसानों को वित्तीय सहायता की पांचवीं किस्त के रूप में 833 करोड़ रुपये से अधिक राशि वितरित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पात्र लाभार्थियों (जिनमें अधिकतर छोटे, सीमांत, भूमिहीन किसान और कमजोर जनजातीय समूहों के लोग शामिल हैं) के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दो-दो हजार रुपये की सहायता राशि भेजी गई। उन्होंने कहा कि यह राशि किसानों को 2026-27 के रबी मौसम की फसल के लिए बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ओडिशा में पिछले दो साल में किसी किसान की आत्महत्या का मामला सामने नहीं आया है, क्योंकि कृषि परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) और सीएम-किसान योजनाओं के तहत सालाना 10,000 रुपये मिल रहे हैं। राज्य सरकार धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी दे रही है, जिससे उनकी आर्थिक समस्याओं का समाधान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि में किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री-किसान और प्रधानमंत्री-किसान सहायता के अलावा किसान परिवार की महिला सदस्य को भी सुभद्रा योजना के तहत सालाना 10,000 रुपये की सहायता मिलती है। माझी ने कहा कि इन सभी योजनाओं से किसान परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिली है। पिछली बीजू जनता दल (बीजद) सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि करीब ढाई दशक तक राज्य में किसानों की मासिक आय बेहद निराशाजनक रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में ओडिशा में एक किसान परिवार की मासिक आय केवल 5,112 रुपये थी, जो देश में झारखंड के बाद दूसरी सबसे कम थी। मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन ओडिशा में नयी सरकार के आने के बाद स्थिति बदल गई है। सरकार का लक्ष्य किसान परिवारों की सालाना आय को कम से कम दोगुना करना है। उन्होंने बताया कि ओडिशा के करीब 92 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत श्रेणी के हैं। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और धान की खेती के अलावा दूसरी फसलें उगाकर अपनी आय बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, किसानों को मछली पालन, मशरूम की खेती और बकरी व मवेशी पालने का काम करना चाहिए। अलग-अलग योजनाओं में सब्सिडी की काफी सुविधाएं हैं और किसानों को इनका लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़, बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को सरकार पर्याप्त मुआवजा दे रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा और सुंदरगढ़ जिलों में भीषण बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के विशेष सहायता पैकेज की घोषणा की गई है। माझी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धान का मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने के बाद बड़ी संख्या में किसान धान बेचने के लिए पंजीकरण करा रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी: नतांज के पास स्थित पिकैक्स माउंटेन पर बड़े अमेरिकी हमले के संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव अब अपने सबसे निर्णायक और खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज बयान दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका बहुत जल्द ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने 'पिकैक्स माउंटेन' (Pickaxe Mountain) पर सटीक और भीषण हमला कर सकता है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका की अंतरिक्ष तकनीक और यूएस स्पेस फोर्स (US Space Force) इस पूरे इलाके पर चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने दो टूक कहा कि वॉशिंगटन को पिकैक्स माउंटेन और पूरे ईरान में हो रही एक-एक गतिविधि और हर वाहन की आवाजाही की सटीक जानकारी है। ट्रंप ने साफ किया कि यदि हालात और बिगड़े तो अमेरिका वहां बेहद जोरदार प्रहार करेगा।यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में मिसाइल हमलों, ड्रोन टकरावों और फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव चरम पर है। ट्रंप की इस सीधी धमकी ने वैश्विक कूटनीतिक गलियारों और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में हड़कंप मचा दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ने सीधे तौर पर इस भूमिगत परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया, तो यह अब तक के छिटपुट हमलों से अलग सीधे तौर पर पूर्ण युद्ध की घोषणा साबित हो सकता है।क्या है पिकैक्स माउंटेन? ज़ाग्रोस की पहाड़ियों में 140 मीटर नीचे छुपा ईरान का अभेद्य परमाणु किलाअंतरराष्ट्रीय मीडिया और खुफिया एजेंसियों में 'पिकैक्स माउंटेन' के नाम से चर्चित यह ठिकाना वास्तव में ईरान के मध्य प्रांत इस्फ़हान (Isfahan) में स्थित है। फारसी भाषा में इस पर्वत को 'कूह-ए-कुलंग' (Kūh-e Kolang) या पूरा नाम 'कुलंग गज़ ला' (Kolang Gaz Lā) कहा जाता है, जिसका शाब्दिक अनुवाद कुदाल या पिकैक्स पर्वत होता है। आधिकारिक तौर पर ईरान इसे 'शहीद अलीमोहम्मदी परिसर' के नाम से भी पुकारता है। भौगोलिक दृष्टि से यह विशालकाय पहाड़ ईरान के कुख्यात नतांज यूरेनियम संवर्धन संयंत्र से मात्र 1.5 से 2 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और राजधानी तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण की ओर पड़ता है।इस पर्वत की सबसे बड़ी खासियत इसकी भूगर्भीय संरचना है। आसपास की अधिकांश ज़ाग्रोस पर्वतमाला जहां अवसादी (Sedimentary) चट्टानों से बनी है, वहीं पिकैक्स माउंटेन अत्यधिक ठोस, कठोर और घने आग्नेय ग्रेनाइट (Dense Granite) पत्थरों से निर्मित है। यह पर्वत समुद्र तल से लगभग 1,608 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो कि ईरान के फोर्डो (Fordow) परमाणु संयंत्र वाले पहाड़ की तुलना में लगभग दोगुना ऊंचा है। सैटेलाइट विश्लेषणों और भूवैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, ईरान ने इस कठोर ग्रेनाइट चट्टान को काटकर पहाड़ के शिखर से 100 से 140 मीटर की अत्यधिक गहराई में दो विशाल भूमिगत सुरंग परिसरों और हॉलों का निर्माण किया है। इस जटिल परिसर तक पहुंचने के लिए पूर्व और पश्चिम दिशाओं में मजबूत कंक्रीट और मिट्टी की मोटी परतों से ढके भारी-भरकम टनल पोर्टल बनाए गए हैं।2020 के रहस्यमयी धमाके के बाद शुरू हुआ गुप्त निर्माण: नतांज से भी ज्यादा सुरक्षित क्यों है यह ठिकाना?पिकैक्स माउंटेन के निर्माण की कहानी जुलाई 2020 में नतांज में हुए एक बड़े गुप्त विस्फोट से जुड़ी है। 2 जुलाई 2020 को नतांज के मुख्य संवर्धन केंद्र के ठीक ऊपर जमीन पर बनी आधुनिक सेंट्रीफ्यूज असेंबली वर्कशॉप में एक रहस्यमयी तोड़फोड़ (Sabotage) की घटना हुई थी, जिसके पीछे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का हाथ माना गया था। इस विस्फोट में ईरान की उन्नत सेंट्रीफ्यूज बनाने वाली वर्कशॉप पूरी तरह नष्ट हो गई थी।इस बड़ी नाकामी के तुरंत बाद, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) के तत्कालीन प्रमुख अली अकबर सालेही ने ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सामने सार्वजनिक ऐलान किया था कि तेहरान अब अपनी आधुनिक सेंट्रीफ्यूज असेंबली यूनिट को किसी भी हवाई हमले या तोड़फोड़ से बचाने के लिए 'पहाड़ों के सीने को चीरकर' उसके भीतर स्थापित करेगा। इसके बाद वर्ष 2020 के अंत में पिकैक्स माउंटेन में भारी ड्रिलिंग और खुदाई का काम शुरू किया गया।ईरान का आधिकारिक रुख हमेशा यही रहा है कि यह जगह केवल हजारों उन्नत सेंट्रीफ्यूज मशीनों (जैसे IR-4 और IR-6) के विनिर्माण और संयोजन (Assembly) के लिए बनाई जा रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को आज तक इस ठिकाने के अंदर जाने और स्वतंत्र रूप से जांच करने की अनुमति नहीं दी गई है। पश्चिमी और इजरायली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि नतांज पर लगातार हुए साइबर हमलों और हवाई हमलों के डर से ईरान ने अपने उच्च-संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) के गुप्त भंडारों और क्रिटिकल सेंट्रीफ्यूज कैस्केड्स को इसी पर्वत की अतल गहराइयों में स्थानांतरित कर दिया है ताकि किसी भी युद्ध की स्थिति में उसका परमाणु हथियार कार्यक्रम जिंदा बच सके।बंकर बस्टर बम भी बेअसर? क्या अमेरिकी GBU-57 भेद पाएगा ग्रेनाइट की यह चट्टानी दीवार?पिकैक्स माउंटेन को लेकर सबसे बड़ा सैन्य और सामरिक सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायुसेना भी इसे पूरी तरह नष्ट कर सकती है? अमेरिकी शस्त्रागार में गैर-परमाणु श्रेणी का सबसे भारी और विनाशकारी बम GBU-57 मैसिव ऑर्डिनेंस पेनेट्रेटर (MOP) है। 30,000 पाउंड (लगभग 14,000 किलोग्राम) वजनी यह जीपीएस-निर्देशित बंकर बस्टर बम विशेष रूप से अमेरिका के बी-2 स्पिरिट (B-2 Spirit) स्टील्थ बॉम्बर्स द्वारा गिराया जाता है।अमेरिकी वायुसेना के परीक्षणों के मुताबिक, GBU-57 लगभग 60 मीटर सामान्य मिट्टी और चट्टान या लगभग 8 मीटर प्रबलित कंक्रीट (Reinforced Concrete) को भेदने में सक्षम है। लेकिन पिकैक्स माउंटेन की मुख्य प्रयोगशालाएं और संवर्धन हॉल 100 से 140 मीटर ठोस ग्रेनाइट के नीचे दबे हुए हैं। सैन्य हथियार विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया का कोई भी पारंपरिक बंकर बस्टर बम अकेले एक झटके में इतनी गहराई पर मौजूद प्राकृतिक ग्रेनाइट की परत को नहीं तोड़ सकता।अमेरिकी सेना के योजनाकारों के पास दूसरा विकल्प 'मल्टी-वेव स्ट्राइक' का हो सकता है, जहां एक ही सटीक निर्देशांक पर लगातार कई बंकर बस्टर गिराकर धीरे-धीरे चट्टान की ऊपरी परतों को हटाया जाए। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी हमले का मुख्य फोकस पर्वत के अंदर बने हॉलों को सीधे उड़ाने के बजाय उसकी जीवन रेखाओं को काटना हो सकता है। पिकैक्स माउंटेन के सुरंग द्वारों (Tunnel Entrances), बाहरी वेंटिलेशन शाफ्टों, बिजली आपूर्ति ग्रिड और नतांज से जोड़ने वाले सुरक्षा कॉरिडोर को भारी हवाई बमबारी से मलबे में तब्दील किया जा सकता है। ऐसा होने पर पहाड़ के अंदर मौजूद वैज्ञानिक और संवेदनशील मशीनें हफ्तों तक मलबे के नीचे दब जाएंगी और पूरा संयंत्र बिना पूरी तरह टूटे भी पूरी तरह निष्क्रिय (Inoperable) हो जाएगा।स्पेस फोर्स और सैटेलाइट की पैनी नजर: यूरेनियम संवर्धन और उन्नत सेंट्रीफ्यूज का खेलडोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में जिस अमेरिकी स्पेस फोर्स और सैटेलाइट सर्विलांस का उल्लेख किया है, वह बेहद महत्वपूर्ण है। अत्याधुनिक कॉमर्शियल और सैन्य जासूसी उपग्रहों जैसे प्लैनेट लैब्स, मैक्सार और पेंटागन के सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) उपग्रहों ने पिकैक्स माउंटेन की हर हलचल को दशकों तक कैमरे में कैद किया है। 2025 और 2026 की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरान ने पहाड़ के चारों ओर कई किलोमीटर लंबी दोहरी सुरक्षा दीवारें, कंक्रीट के गश्ती मार्ग और अत्याधुनिक सतह से हवा में मार करने वाली वायु रक्षा मिसाइल प्रणालियां (Air Defense Systems) तैनात की हैं।खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में भारी ट्रकों के जरिए सैकड़ों कंटेनर इस पर्वत की सुरंगों में ले जाए गए हैं। इजरायली खुफिया सूत्रों का दावा है कि ईरान के 60% तक संवर्धित किए गए लगभग 900 पाउंड यूरेनियम का एक बड़ा हिस्सा इसी पहाड़ के सुरक्षित बंकरों में छिपाया गया हो सकता है। यह यूरेनियम संवर्धन के उस स्तर पर है जहां से इसे कुछ ही हफ्तों में हथियार-ग्रेड (90% शुद्धता) में बदला जा सकता है।यही वजह है कि अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी (E3 समूह) संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) के जरिए ईरान को सुरक्षा परिषद में भेजने और उस पर नए कड़े वैश्विक प्रतिबंध लगाने का दबाव बना रहे हैं। उधर, ईरान के संसदीय अध्यक्ष के सलाहकार मेहदी मोहम्मदी और तेहरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों ने चेतावनी दी है कि पिकैक्स माउंटेन दुनिया का सबसे सुरक्षित परमाणु ढांचा है, और यदि उस पर परिंदा भी पर मारने की कोशिश करेगा तो ईरान पूरे क्षेत्र को 'जहन्नुम' में तब्दील कर देगा।मध्य पूर्व में महायुद्ध का खतरा: होर्मुज जलडमरूमध्य, तेल संकट और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असरयदि अमेरिका पिकैक्स माउंटेन पर हमला करता है, तो इसका असर केवल ईरान की सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समूची दुनिया को इसकी आर्थिक और सामरिक कीमत चुकानी पड़ेगी। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि किसी भी प्रत्यक्ष हमले की स्थिति में वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अवरुद्ध कर सकता है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हालांकि ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री सुरंगों (Mines) को हटा दिया है और मध्य पूर्व में नई तेल पाइपलाइनों के निर्माण के बाद होर्मुज की निर्भरता कम हो रही है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि खाड़ी से तेल का प्रवाह बाधित होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 से 120 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।ऊर्जा संकट गहराने से दुनिया भर के देशों में मुद्रास्फीति (Inflation) बढ़ेगी और शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिलेगी। इसके साथ ही इराक, सीरिया, यमन और लेबनान में सक्रिय ईरान समर्थित लड़ाके अमेरिकी सैन्य ठिकानों और वाणिज्यिक जहाजों पर आत्मघाती ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले तेज कर सकते हैं।पिकैक्स माउंटेन पर ट्रंप की ताजा चेतावनी ने यह साफ कर दिया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीति की गुंजाइश अब लगभग खत्म हो चुकी है। ग्रेनाइट चट्टानों के नीचे चल रही यह आणविक जंग दुनिया को एक नए और विनाशकारी महायुद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ी कर चुकी है।
कुत्तों के लिए खास कुल्फी बनाते हैं ये अंकल, लोग बोले- ‘क्यूटी अंकल’
जयपुर के एक कुल्फी वाले का अनोखा अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है. ये अंकल इंसानों के साथ-साथ कुत्तों के लिए भी खास कुल्फी बनाते हैं. खास बात यह है कि इसे बिना चीनी के तैयार किया जाता है.
वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर और उनकी युति को मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था में बड़े बदलावों का मुख्य संवाहक माना जाता है। नवग्रहों में मन और भावनाओं के स्वामी चंद्रमा जब असीम साहस, पराक्रम, भूमि और ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल के साथ एक ही राशि में विराजते हैं, तो इस दिव्य खगोलीय संयोग से बेहद शक्तिशाली 'महालक्ष्मी राजयोग' का निर्माण होता है। इसे पारंपरिक ज्योतिषीय ग्रंथों में 'चंद्र-मंगल योग' के नाम से भी जाना जाता है। चंद्रमा जहां धन के तरल स्वरूप यानी लिक्विड कैश, मन की शांति और रचनात्मक सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं मंगल देव उस धन को अर्जित करने के लिए आवश्यक जोखिम क्षमता, पुरुषार्थ और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करते हैं।जब ये दोनों परस्पर पूरक ग्रह एक साथ आते हैं, तो जातक के भीतर अदम्य इच्छाशक्ति और कार्यकुशलता का संचार होता है। इस राजयोग के सक्रिय होने से न केवल आर्थिक तंगी का निवारण होता है, बल्कि लंबे समय से अटके हुए वित्तीय सौदों में अप्रत्याशित गति देखने को मिलती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस गोचर का विशेष सकारात्मक प्रभाव यूं तो सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप में पड़ेगा, लेकिन 4 विशिष्ट राशियों के लिए यह योग किसी वरदान की तरह साबित होने वाला है। इन राशियों के जातकों को अपनी पुरानी मेहनत का मीठा फल मिलने का समय आ गया है।मेष और कर्क राशि: करियर में अप्रत्याशित उछाल और जमीन-जायदाद से भारी मुनाफामेष राशि के जातकों के लिए मंगल देव स्वयं राशि स्वामी हैं, और चंद्रमा के साथ उनकी यह युति केंद्र व त्रिकोण भावों को अत्यधिक बलशाली बना रही है। इस राजयोग के प्रभाव से मेष राशि के लोगों में गजब का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता देखने को मिलेगी। यदि आप लंबे समय से कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे थे, तो इस दौरान प्रबंधन की ओर से आपको कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। नई नौकरी के कई बेहतरीन प्रस्ताव आपके सामने आएंगे। जो जातक रियल एस्टेट, कंस्ट्रक्शन, प्रॉपर्टी डीलिंग, माइनिंग या ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े हैं, उन्हें किसी बड़े प्रोजेक्ट में भारी मुनाफा होने के संकेत हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद कोर्ट-कचहरी के बाहर आपसी सहमति से सुलझ सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति और अधिक सुदृढ़ होगी।दूसरी ओर, कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। मंगल कर्क राशि के लिए परम योगकारक ग्रह माने जाते हैं। जब मंगल और चंद्रमा का यह दुर्लभ मिलन होता है, तो कर्क राशि के जातकों के जीवन से नकारात्मकता पूरी तरह छंट जाती है। वित्तीय दृष्टिकोण से यह समय आपके लिए स्वर्णिम काल की तरह रहेगा। बैंक बैलेंस में तेज इजाफा होगा और अतिरिक्त आय के नए स्रोत बनेंगे। यदि आप नया घर, फ्लैट या कमर्शियल जमीन खरीदने की योजना बना रहे थे, तो इस अवधि में आपकी मनोकामना पूर्ण हो सकती है। आयात-निर्यात और विदेशी व्यापार से जुड़े व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए ग्राहक मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में शांति का वास रहेगा और माता के सहयोग से कोई बड़ा वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।वृश्चिक और मकर राशि: कारोबार में बड़ा विस्तार और धन-धान्य की अपार वर्षावृश्चिक राशि भी मंगल देव के आधिपत्य वाली जल तत्व की राशि है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए महालक्ष्मी राजयोग भाग्य के बंद दरवाजे खोलने का काम करेगा। इस अवधि में आपकी कार्यकुशलता और योजनाएं इतनी सटीक होंगी कि आपके विरोधी भी आपकी प्रशंसा करने पर विवश हो जाएंगे। यदि आप सरकारी ठेकेदारी, प्रशासनिक सेवाओं, चिकित्सा, फार्मेसी या रक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपकी प्रतिष्ठा में चार चांद लगेंगे। इस समय शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या स्वर्ण निवेश से अप्रत्याशित रिटर्न मिलने की प्रबल संभावना है। रुका हुआ या फंसा हुआ धन, जिसे आपने लगभग डूबा हुआ मान लिया था, अचानक वापस मिल सकता है। वैवाहिक जीवन में यदि कोई तनाव चल रहा था, तो वह समाप्त होगा और जीवनसाथी के नाम से शुरू किया गया नया निवेश अत्यधिक फलदायी साबित होगा।मकर राशि के जातकों के लिए यह राजयोग आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ और चमत्कारी सिद्ध होगा। मंगल देव मकर राशि में उच्च के होते हैं, इसलिए जब चंद्रमा के साथ उनका संपर्क स्थापित होता है, तो यह योग अपनी पूर्ण शक्ति के साथ परिणाम देता है। मकर राशि के कारोबारियों को अपने व्यापार का दायरा बढ़ाने के शानदार अवसर मिलेंगे। यदि आप किसी नए स्टार्टअप या साझेदारी के व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह समय आपके लिए सबसे उपयुक्त है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों को बैंकों से आसानी से ऋण स्वीकृत हो जाएगा और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। तकनीकी, आईटी, कानून और कंसल्टेंसी से जुड़े पेशेवरों को विदेशी कंपनियों से भारी पैकेज वाले ऑफर मिल सकते हैं। समाज के प्रभावशाली लोगों के साथ आपके संपर्क मजबूत होंगे, जिसका फायदा आपको निकट भविष्य में मिलेगा।नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए विशेष प्रभाव: अटके प्रोजेक्ट्स को मिलेगी पंखों जैसी रफ्तारमहालक्ष्मी राजयोग केवल धन आगमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पेशेवर जीवन की दिशा को पूरी तरह बदल देने की क्षमता रखता है। कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह समय अपने कौशल को साबित करने का होगा। जो लोग पिछले कई महीनों से ऑफिस पॉलिटिक्स या काम के अत्यधिक दबाव से परेशान थे, उन्हें राहत मिलेगी और उनके काम को उच्च अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से सराहा जाएगा। नए प्रोजेक्ट्स की कमान आपको सौंपी जा सकती है, जिससे आपके करियर का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर बढ़ेगा।व्यापारियों के लिए यह समय पुराने घाटे की भरपाई करने का है। बाजार में फंसी उधारी वापस आने से नकदी का संकट दूर होगा। खुदरा विक्रेताओं, थोक व्यापारियों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों के मुनाफे के मार्जिन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाएगी। यह समय नए व्यावसायिक गठबंधनों और दीर्घकालिक समझौतों पर हस्ताक्षर करने के लिए सबसे अनुकूल है। यदि आप अपने कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म या ई-कॉमर्स पर ले जाने की सोच रहे हैं, तो यह कदम आपकी बिक्री को कई गुना बढ़ा सकता है।महालक्ष्मी राजयोग में बरतें ये जरूरी सावधानियां: अति-उत्साह और गुस्से पर रखें नियंत्रणयद्यपि महालक्ष्मी राजयोग अपार समृद्धि और सफलता दिलाने वाला माना जाता है, परंतु मंगल ग्रह की स्वाभाविक उग्रता और चंद्रमा की चंचलता के कारण जातकों को कुछ खास सावधानियां बरतनी बेहद आवश्यक हैं। मंगल की ऊर्जा व्यक्ति के भीतर अहंकार, अति-उत्साह और जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति को जन्म दे सकती है। इसलिए धन आते ही अहंकार से बचें और अपनी वाणी पर संयम रखें। बिना सोचे-समझे या किसी के बहकावे में आकर जोखिम भरे सट्टेबाजी वाले क्षेत्रों में बड़ा निवेश करने से परहेज करें।इसके अलावा, चंद्रमा मन का कारक होने के कारण भावनाओं में अत्यधिक उतार-चढ़ाव ला सकता है, इसलिए कोई भी महत्वपूर्ण वित्तीय या कानूनी दस्तावेज साइन करते समय अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें। स्वास्थ्य के मोर्चे पर रक्तचाप (ब्लड प्रेशर), एसिडिटी और सिरदर्द जैसी छोटी-मोटी समस्याओं के प्रति सजग रहें। नियमित ध्यान और योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं ताकि मंगल की अत्यधिक ऊर्जा संतुलित रह सके।मां लक्ष्मी और मंगल देव को प्रसन्न करने के अचूक ज्योतिषीय उपायइस राजयोग के शुभ प्रभावों को कई गुना बढ़ाने और अपने जीवन में धन का स्थायी ठहराव लाने के लिए शास्त्रों में कुछ अत्यंत सरल व अचूक उपाय बताए गए हैं:महालक्ष्मी मंत्र और कनकधारा स्तोत्र: प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान के बाद मां लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष घी का दीपक जलाएं और 'ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः' मंत्र का 108 बार कमलगट्टे की माला से जाप करें। इसके साथ ही शुक्रवार को कनकधारा स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करना धन-संपत्ति के स्थायी वास के लिए चमत्कारिक माना जाता है।हनुमान चालीसा और मंगल के उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर चमेली के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। जरूरतमंदों को लाल मसूर की दाल, गुड़ या लाल वस्त्र दान करने से मंगल देव की अनुकूलता प्राप्त होती है।चंद्रमा की शांति के उपाय: सोमवार की संध्या को भगवान शिव का कच्चे दूध और गंगाजल से अभिषेक करें। अपनी माता या माता समान किसी भी बुजुर्ग महिला का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें और उनका दिल कभी न दुखाएं, क्योंकि ज्योतिष में माता को चंद्रमा का प्रत्यक्ष स्वरूप माना गया है।घर की उत्तर दिशा को रखें शुद्ध: घर या कार्यालय की उत्तर और उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और जल से पवित्र रखें। इस कोने में एक तांबे या कांच के पात्र में स्वच्छ जल भरकर उसमें ताजे फूल रखें, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।यह महालक्ष्मी राजयोग कर्म और भाग्य का एक दुर्लभ संगम है। यदि उपयुक्त राशियों के जातक सही दिशा में प्रयास करें और अपने आचरण को सकारात्मक रखें, तो आने वाला समय उनके जीवन में सुख, समृद्धि और यश की नई ऊंचाइयों को स्थापित करेगा।
जीवन भर की मेहनत के बाद रिटायरमेंट का दौर आर्थिक स्वतंत्रता और मानसिक शांति का समय होता है। इस पड़ाव पर व्यक्ति ऐसे निवेश विकल्पों की तलाश करता है जहां उसकी गाढ़ी कमाई का मूलधन (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहे और साथ ही नियमित मासिक या त्रैमासिक आय (Regular Cash Flow) भी मिलती रहे। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या रियल एस्टेट में रिटर्न की संभावनाएं भले ही अधिक दिखती हों, लेकिन बाजार का उतार-चढ़ाव और लिक्विडिटी का जोखिम बुजुर्गों के मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। यही कारण है कि भारतीय सेवानिवृत्त कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सबसे विश्वसनीय और लोकप्रिय निवेश माध्यम बना हुआ है।आरबीआई के नियमों के अनुसार वाणिज्यिक बैंक वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक आयु) को सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% से लेकर 0.75% तक का अतिरिक्त ब्याज ऑफर करते हैं। हाल के महीनों में जहां बड़े सरकारी और निजी बैंक 7.00% से 7.75% के दायरे में ब्याज दे रहे हैं, वहीं देश के कई शेड्यूल्ड स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% या उससे भी अधिक वार्षिक ब्याज की पेशकश कर रहे हैं।8.5% तक ब्याज देने वाले प्रमुख बैंक: कहां मिल रहा है सबसे ज्यादा रिटर्न?देश में कार्यरत कई स्मॉल फाइनेंस बैंक और कुछ निजी बैंक विशेष अवधि (Special Tenures) के लिए वरिष्ठ नागरिकों को आकर्षक ब्याज दरें उपलब्ध करा रहे हैं। इन बैंकों को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा लाइसेंस प्राप्त है और ये सभी शेड्यूल्ड बैंकों की सूची में आते हैं। वर्तमान में 8.00% से 8.50% या इससे अधिक ब्याज दर देने वाले प्रमुख बैंकों की सूची इस प्रकार है:यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity SFB): 501 दिनों और 1001 दिनों की विशेष अवधि वाली एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% तक की वार्षिक ब्याज दर की पेशकश की जा रही है।शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक (Shivalik SFB): 23 महीने से 27 महीने की अवधि के फिक्स्ड डिपॉजिट पर बुजुर्गों को 8.50% का शानदार ब्याज दिया जा रहा है।उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh SFB): 666 दिनों से 3 साल तक की अवधि के लिए वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% से 8.50% तक वार्षिक ब्याज मिल रहा है।सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday SFB): 2 वर्ष से 3 वर्ष की चुनिंदा समयावधि के लिए 8.25% से 8.60% तक का ब्याज ऑफर किया जा रहा है।जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana SFB): 24 महीने से 36 महीने की अवधि पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% से 8.30% तक ब्याज उपलब्ध है।इसकी तुलना में भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) जैसे बड़े बैंक 6.90% से 7.75% के बीच अधिकतम ब्याज दरें दे रहे हैं। ऐसे में स्मॉल फाइनेंस बैंकों में मिलने वाला अतिरिक्त 1% से 1.50% का ब्याज रिटायरमेंट फंड पर अच्छी खासी अतिरिक्त आय तैयार कर देता है।₹20 लाख की एफडी पर 8.5% ब्याज का गणित: मंथली पेंशन की तरह होगी कमाईयदि कोई वरिष्ठ नागरिक अपने रिटायरमेंट फंड से ₹20,00,000 (बीस लाख रुपये) किसी बैंक में 8.50% की वार्षिक ब्याज दर पर फिक्स करता है, तो उसे मिलने वाली ब्याज आय को दो अलग-अलग तरीकों से समझा जा सकता है: गैर-संचयी (Non-Cumulative यानी रेगुलर पेआउट) और संचयी (Cumulative यानी मैच्योरिटी पर एकमुश्त)।यदि आप घर खर्च, दवाइयों और दैनिक जरूरतों के लिए मासिक आय चाहते हैं, तो गैर-संचयी (Monthly Payout) विकल्प सबसे उपयुक्त माना जाता है:कुल मूलधन: ₹20,00,000वार्षिक ब्याज दर: 8.50%वार्षिक साधारण ब्याज: ₹1,70,000 प्रति वर्षमासिक ब्याज आय (अनुमानित): ₹14,166 प्रति माहत्रैमासिक ब्याज आय (Quarterly Payout): ₹42,500 प्रति तिमाहीछमाही ब्याज आय (Half-Yearly Payout): ₹85,000 प्रति छह माहइस प्रकार बिना किसी मूलधन को खर्च किए बुजुर्ग निवेशक को हर महीने लगभग ₹14,166 की सुनिश्चित और गारंटीड पेंशन जैसी आय प्राप्त होती रहती है, जिससे जीवन यापन में बड़ा संबल मिलता है।संचयी (Cumulative) एफडी में चक्रवृद्धि ब्याज का कमाल: ₹20 लाख बन जाएंगे ₹30 लाख से ज्यादायदि किसी वरिष्ठ नागरिक को तत्काल मासिक खर्च की आवश्यकता नहीं है और वे अपने धन को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो संचयी (Cumulative) एफडी का विकल्प चुनना चाहिए। इसमें ब्याज का भुगतान हर महीने नहीं किया जाता, बल्कि हर तीन महीने पर ब्याज की गणना कर उसे मूलधन में जोड़ दिया जाता है (Quarterly Compounding)। इस व्यवस्था में 8.50% की सांकेतिक दर पर प्रभावी वार्षिक यील्ड (Annual Yield) लगभग 8.77% बैठती है।1 साल की मैच्योरिटी पर: कुल राशि लगभग ₹21,75,496 होगी, जिसमें कुल ब्याज ₹1,75,496 मिलेगा।2 साल की मैच्योरिटी पर: कुल फंड बढ़कर लगभग ₹23,66,391 हो जाएगा, जिसमें ब्याज का हिस्सा ₹3,66,391 रहेगा।3 साल की मैच्योरिटी पर: कुल राशि लगभग ₹25,73,994 होगी, जिसमें शुद्ध ब्याज ₹5,73,994 बनेगा।5 साल की मैच्योरिटी पर: कुल मैच्योरिटी राशि लगभग ₹30,45,590 पहुंच जाएगी। यानी 5 वर्षों में ₹20 लाख के मूलधन पर ₹10,45,590 का शुद्ध ब्याज लाभ हासिल होगा।यह चक्रवृद्धि का प्रभाव है जो रिटायरमेंट पूंजी को बिना किसी बाजार जोखिम के सुरक्षित रूप से बढ़ाने में मदद करता है।क्या स्मॉल फाइनेंस बैंक में पैसा सुरक्षित है? ₹5 लाख के सरकारी इंश्योरेंस का सचकई वरिष्ठ नागरिकों के मन में यह स्वाभाविक सवाल उठता है कि क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में बड़ा फंड जमा करना सुरक्षित है? इसका उत्तर भारतीय रिज़र्व बैंक के कानूनी सुरक्षा तंत्र में निहित है। भारत सरकार और आरबीआई के पूर्ण स्वामित्व वाली संस्था 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन' (DICGC) के नियमों के तहत देश के सभी कमर्शियल और शेड्यूल्ड स्मॉल फाइनेंस बैंकों में प्रत्येक जमाकर्ता का ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) तक का डिपॉजिट पूरी तरह बीमित होता है। इस ₹5 लाख की सीमा में मूलधन और उस पर मिलने वाला ब्याज दोनों शामिल होते हैं।इसलिए वित्तीय सलाहकार ₹20 लाख की पूंजी को किसी एक ही बैंक में जमा करने के बजाय 'डायवर्सिफिकेशन' की रणनीति अपनाने की सलाह देते हैं। वरिष्ठ नागरिक अपने ₹20 लाख के फंड को 4 अलग-अलग बैंकों में ₹4.5 लाख से ₹5 लाख के टुकड़ों में विभाजित कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, ₹5 लाख किसी बड़े सरकारी बैंक (जैसे SBI या PNB) में और बाकी ₹15 लाख तीन अलग-अलग स्मॉल फाइनेंस बैंकों (प्रत्येक में ₹5 लाख) में जमा किए जा सकते हैं। ऐसा करने से पूरी ₹20 लाख की रकम डीआईसीजीसी के 100% सरकारी बीमा सुरक्षा कवच के दायरे में आ जाती है और जोखिम शून्य हो जाता है।टैक्स के नियम, सेक्शन 80TTB और फॉर्म 15H: एक भी रुपया बेवजह न कटेवरिष्ठ नागरिकों को अपनी एफडी ब्याज आय पर आयकर नियमों की पूरी समझ होना बेहद जरूरी है। आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत वरिष्ठ नागरिकों को बैंकों और डाकघरों में जमा पूंजी से मिलने वाले ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में ₹50,000 तक की कुल ब्याज आय पर पूर्ण टैक्स छूट मिलती है।यदि एक वित्तीय वर्ष में आपकी सभी एफडी से मिलने वाला कुल ब्याज ₹50,000 से अधिक होता है, तो बैंक नियमानुसार टीडीएस (TDS) काटने के लिए बाध्य होते हैं। चूंकि ₹20 लाख पर 8.5% की दर से सालाना ₹1,70,000 का ब्याज बनेगा, इसलिए बैंक टीडीएस काट सकते हैं।यदि आपकी कुल वार्षिक आय (पेंशन, एफडी ब्याज और अन्य सभी स्रोतों को मिलाकर) मूल आयकर छूट सीमा (New Tax Regime या Old Tax Regime की स्लैब) से कम है और आपकी कुल कर देनदारी शून्य बनती है, तो आप वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल माह) में अपने संबंधित बैंकों में 'फॉर्म 15H' (Form 15H) जमा कर सकते हैं। फॉर्म 15H जमा करने के बाद बैंक आपकी ब्याज आय पर कोई टीडीएस नहीं काटेंगे और आपको पूरा ब्याज बिना किसी कटौती के प्राप्त होगा।रिटायरमेंट के बाद पूंजी की सुरक्षा, नियमित नकदी प्रवाह और अधिकतम रिटर्न का सही संतुलन साधना ही समझदारी है। 8.5% ब्याज वाली एफडी, ₹5 लाख के बीमा नियम का चतुराई से उपयोग और समय पर टैक्स फॉर्म जमा करना वरिष्ठ नागरिकों के बुढ़ापे को आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर और निश्चिंत बना सकता है।
बिकिनी में बोल्ड हुई 40 साल की हसीना, Beach पर ढाया कहर
बिकिनी में एक्ट्रेस अपना टोंड फिगर फ्लॉन्ट करती हुई नजर आईं. एक्ट्रेस की हॉटनेस पर फैंस दिल हार रहे हैं.
देश भर के करोड़ों बैंक ग्राहकों और कारोबारी जगत के लिए सितंबर का महीना भारी असुविधाओं भरा साबित हो सकता है। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के सबसे बड़े शीर्ष संगठन 'यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस' (UFBU) ने केंद्र सरकार और प्रबंधन के रुख के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। हफ्ते में पांच दिन काम (5-Day Work Week) की बहुप्रतीक्षित व्यवस्था को लागू करने में हो रही देरी, सरकार की नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) नीति में भारी विसंगतियों और पुरानी पेंशन बहाली जैसे लंबित मुद्दों को लेकर सहमति न बन पाने के बाद यूनियनों ने 11 सितंबर 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB), कुछ निजी व विदेशी बैंकों और सहकारी बैंकों के करीब आठ लाख से अधिक अधिकारी व कर्मचारी शामिल होने जा रहे हैं। यूनियनों का स्पष्ट कहना है कि वर्षों से शांतिपूर्ण बातचीत और समझौतों के बावजूद वित्त मंत्रालय स्तर पर फाइलों को दबाकर रखा गया है, जिसके चलते उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है।लगातार 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक: वीकेंड और गणेश चतुर्थी से गहराएगा संकट11 सितंबर को होने वाली इस हड़ताल का समय ऐसा है कि आम जनता को बैंक शाखाओं में लगातार चार दिनों तक ताला लटकने का सामना करना पड़ सकता है। कैलेंडर के अनुसार 11 सितंबर को शुक्रवार का दिन है, जिस दिन हड़ताल के कारण शाखाओं में दैनिक कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। इसके अगले दिन यानी 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण रिज़र्व बैंक के नियमों के तहत पूरे देश के बैंक आधिकारिक रूप से बंद रहेंगे। वहीं 13 सितंबर को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इसके तुरंत बाद 14 सितंबर को महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत कई प्रमुख राज्यों में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व होने के कारण स्थानीय अवकाश रहेगा। इस तरह देश के बड़े हिस्से में शुक्रवार से लेकर सोमवार तक लगातार चार दिनों तक बैंकों के गेट बंद रहेंगे। इससे चेक क्लीयरेंस, बड़े ड्राफ्ट बनवाने, नकदी जमा और निकासी, सरकारी चालान भरने और कारोबारी लेन-देन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।क्या है 5-डे बैंकिंग का पूरा विवाद? कर्मचारियों ने दिया था 40 मिनट अतिरिक्त काम का विकल्पबैंक कर्मचारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग देश भर के बैंकों में फाइव-डे वर्किंग वीक लागू करने की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में हुए समझौते के तहत बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश देने की शुरुआत की गई थी, जबकि पहले और तीसरे शनिवार को पूरे दिन काम करने का नियम बना था। इसके बाद से ही सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग उठती रही। 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते (12th Bipartite Settlement) में इस मांग को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी।इस समझौते के तहत बैंक कर्मचारियों ने यह लिखित वचन दिया था कि वे ग्राहकों की सुविधा को कम नहीं होने देंगे और शनिवार की छुट्टी के बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे। आईबीए ने इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) को आवश्यक संशोधन के लिए भेजा था। हालांकि, दो साल से अधिक का लंबा समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस अधिसूचना पर अपनी अंतिम मुहर नहीं लगाई है। यूनियन नेताओं का तर्क है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जीआईसी और नाबार्ड जैसी शीर्ष वित्तीय संस्थाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों में पहले से ही 5-दिवसीय कार्य सप्ताह सफलतापूर्वक लागू है, तो फिर वाणिज्यिक बैंकों के कर्मचारियों के साथ यह दोहरा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।नई पीएलआई (PLI) स्कीम पर तकरार: 5 फीसदी अफसरों को भारी फायदा, 95 फीसदी कर्मचारियों से भेदभाव का आरोपइस ताजा हड़ताल का दूसरा सबसे विस्फोटक मुद्दा केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही संशोधित परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम है। नवंबर 2020 के द्विपक्षीय समझौते के अनुसार बैंकों में पीएलआई बैंक के समग्र प्रदर्शन और वार्षिक शुद्ध मुनाफे के आधार पर तय होती थी, जो सफाईकर्मी से लेकर जनरल मैनेजर तक सभी कर्मचारियों को एक समान यानी अधिकतम 15 दिनों के मूल वेतन और डीए के रूप में मिलती थी। लेकिन वित्तीय सेवाएं विभाग (DFS) ने स्केल IV से स्केल VII तक के वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए एक नई व्यक्तिगत मूल्यांकन आधारित इंसेंटिव प्रणाली लागू करने का निर्देश जारी किया है।यूनियनों का आरोप है कि इस नए नियम के तहत शीर्ष 5 फीसदी वरिष्ठ अधिकारियों (करीब 40 हजार अफसर) को उनके व्यक्तिगत मूल्यांकन के आधार पर साल में 365 दिनों के वेतन के बराबर भारी-भरकम बोनस मिल सकेगा, जबकि निचले स्तर के 95 फीसदी कर्मचारियों (क्लर्क, चपरासी और जूनियर अधिकारी) को केवल नाममात्र का 1 से 15 दिनों का इंसेंटिव मिलेगा। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉईज एसोसिएशन (AIBEA) और ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (AIBOC) ने इसे कर्मचारियों के बीच फूट डालने वाली और गैर-बराबरी पैदा करने वाली नीति करार दिया है। यूनियनों का कहना है कि जब यह विवाद केंद्रीय श्रम आयुक्त (CLC) और दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, तब सरकार द्वारा बैंकों को इस योजना को जबरन लागू करने का निर्देश देना औद्योगिक विवाद अधिनियम का खुला उल्लंघन है।हड़ताल का आगे का खाका: सितंबर अंत में 3 दिन और अक्टूबर से बेमियादी बंदी की चेतावनीयूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का एक विस्तृत रोडमैप घोषित किया है। यदि 11 सितंबर की एक दिवसीय हड़ताल के बाद भी सरकार और प्रबंधन ने उनकी मांगों का संज्ञान नहीं लिया, तो दूसरा बड़ा प्रहार सितंबर के अंत में किया जाएगा। यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को लगातार तीन दिनों की देशव्यापी बैंक हड़ताल की घोषणा की है। यह समय बैंकों की अर्धवार्षिक क्लोजिंग (Half-Yearly Closing) का होता है, जब कंपनियों, व्यापारियों और वित्तीय संस्थानों की बैलेंस शीट का मिलान और टैक्स से जुड़े महत्वपूर्ण काम होते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मौके पर तीन दिन बैंक बंद रहने से देश के वित्तीय तंत्र को भारी झटका लग सकता है। इसके अलावा, यूएफबीयू ने चेतावनी दी है कि यदि गतिरोध बरकरार रहा, तो 26 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में बैंकिंग व्यवस्था को अनिश्चितकाल के लिए पूरी तरह बंद (Indefinite Strike) कर दिया जाएगा।पेंशन अपडेशन और ओपीएस (OPS) की बहाली का मुद्दा भी गरमायाइस आंदोलन में केवल कामकाजी कर्मचारियों के हित ही नहीं, बल्कि लाखों सेवानिवृत्त बैंक कर्मियों के मुद्दे भी मजबूती से शामिल किए गए हैं। बैंक यूनियनें लंबे समय से 1995 से पहले और बाद में रिटायर हुए कर्मचारियों की बेसिक पेंशन को वर्तमान वेतनमान के आधार पर अपडेट करने की मांग कर रही हैं, जो केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर अब तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही सभी श्रेणी के पेंशनभोगियों के लिए 100 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) न्यूट्रलाइजेशन और चिकित्सा बीमा के प्रीमियम में राहत देने की मांग उठाई जा रही है। यूनियनों की एक और प्रमुख मांग यह है कि 1 अप्रैल 2010 के बाद बैंकिंग सेवा में शामिल हुए उन सभी कर्मचारियों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस लौटने का स्पष्ट विकल्प दिया जाए, ताकि उनका बुढ़ापा सुरक्षित हो सके।शाखाओं में कामकाज ठप, पर क्या डिजिटल लेन-देन और एटीएम सेवाएं रहेंगी चालू?11 सितंबर की हड़ताल का सबसे गंभीर प्रभाव भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB), केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बड़े बैंकों पर पड़ेगा, क्योंकि इनका कर्मचारी तंत्र सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल है। शाखाओं के भीतर कैश काउंटर, ड्राफ्ट डेस्क, लोन डिस्बर्समेंट और विदेशी मुद्रा सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों जैसे एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से इस यूनियन के सदस्य नहीं हैं, इसलिए इनकी शाखाएं खुली रह सकती हैं; लेकिन इंटरबैंक चेक क्लीयरेंस और सेटलमेंट प्रभावित होने के कारण इन बैंकों के ग्राहकों के चेक भी तीन से चार दिनों तक क्लीयर नहीं हो पाएंगे।राहत की बात यह है कि यूपीआई (UPI), इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप और आरटीजीएस/नेफ्ट (RTGS/NEFT) जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। रिज़र्व बैंक के अनुसार ऑनलाइन फंड ट्रांसफर 24 घंटे सातों दिन चालू रहते हैं। हालांकि, लंबे सप्ताहांत और लगातार बंदी के चलते शहरों के एटीएम (ATM) में नकदी का संकट खड़ा हो सकता है, क्योंकि बैंकों और कैश मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा वेंडरों के जरिए एटीएम में नई नकदी डालने का काम भी प्रभावित हो सकता है।अतः वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह है कि जिन उपभोक्ताओं या व्यापारियों को शाखा से जुड़े जरूरी काम, नकदी निकासी या चेक क्लियर कराने हैं, वे 10 सितंबर (गुरुवार) तक अपने सभी महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्य अवश्य निपटा लें, ताकि 11 से 14 सितंबर के लंबे गतिरोध के दौरान किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।
सहारनपुर के कलेक्ट्रेट में बनी मस्जिद पर एक्शन... बुलडोजर से ढहाया ढांचा
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां पुलिस फोर्स की मौजूदगी के बीच परिसर में बनी मस्जिद को ढहा दिया गया. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे.
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एलपीजी गैस सिलेंडरों (LPG Gas Cylinders) की ताजा खुदरा दरें जारी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी मुद्रा विनिमय दर में होने वाली हलचल के बीच घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आम जनता की रसोई के बजट का ध्यान रखते हुए 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है और दरें यथावत रखी गई हैं। हालांकि, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के नीले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगभग 9.50 रुपये से लेकर 11.50 रुपये प्रति सिलेंडर तक का मामूली संशोधन किया गया है। त्योहारों के आगामी सीजन से पहले घरेलू गैस के दाम स्थिर रहने से देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों और गृहिणियों ने राहत की सांस ली है।चारों महानगरों में घरेलू गैस के ताजा भाव: दिल्ली से चेन्नई तक क्या है 14.2 किलो का रेट?देश के चारों प्रमुख महानगरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें पूरी तरह से नियंत्रित और स्थिर बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर का खुदरा मूल्य 942.00 रुपये पर बना हुआ है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू सिलेंडर की कीमत 941.50 रुपये दर्ज की गई है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में उपभोक्ताओं को 14.2 किलो का गैस सिलेंडर 968.00 रुपये में मिल रहा है। वहीं, दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में घरेलू गैस की दर 957.50 रुपये प्रति सिलेंडर पर स्थिर है। महानगरों में कीमतों की यह स्थिरता सीधे तौर पर मासिक घरेलू बजट को संतुलित रखने में मदद कर रही है। दक्षिण के अन्य बड़े तकनीकी केंद्रों की बात करें तो कर्नाटक के बेंगलुरु में 14.2 किलो का सिलेंडर 944.50 रुपये और तेलंगाना के हैदराबाद में 994.00 रुपये के भाव पर उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो रहा है।यूपी, बिहार और राजस्थान समेत प्रमुख राज्यों में रसोई गैस के दामउत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में स्थानीय स्तर पर लगने वाले राज्य मूल्य वर्धित कर (VAT) और डिपो से बॉटलिंग प्लांट तक की परिवहन दूरी के आधार पर दरों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलोग्राम का घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 979.50 रुपये के स्तर पर मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) में घरेलू गैस का दाम 939.50 रुपये प्रति सिलेंडर दर्ज किया गया है। हरियाणा के गुरुग्राम में यह भाव 950.50 रुपये और चंडीगढ़ में 951.50 रुपये पर स्थिर है। बिहार की राजधानी पटना में परिवहन और टैक्स ढांचे के चलते 14.2 किलो का सिलेंडर 1,031.50 रुपये के भाव पर उपलब्ध है। राजस्थान के जयपुर में घरेलू गैस 945.50 रुपये, मध्य प्रदेश के भोपाल में 947.50 रुपये, गुजरात के अहमदाबाद में 949.50 रुपये और झारखंड के रांची में 999.50 रुपये की दर से बिक रही है। पूर्वोत्तर राज्यों में दुर्गम पर्वतीय रास्तों के कारण त्रिपुरा और मिजोरम जैसे क्षेत्रों में घरेलू सिलेंडर की कीमत 1,090 से 1,102 रुपये के दायरे में बनी हुई है।19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में बदलाव: होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असरघरेलू उपभोक्ताओं को जहां राहत मिली है, वहीं 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में इस महीने हल्का इजाफा दर्ज किया गया है। नई दिल्ली में 19 किलो का व्यावसायिक सिलेंडर 9.50 रुपये महंगा होकर अब 2,747.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसका खुदरा मूल्य 2,701.00 रुपये प्रति सिलेंडर पर पहुंच गया है। कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर की दर बढ़कर 2,884.00 रुपये और चेन्नई में 2,916.50 रुपये प्रति सिलेंडर दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 19 किलो का सिलेंडर अब 2,870.00 रुपये में मिल रहा है। कमर्शियल गैस की दरों में हुई इस हल्की वृद्धि का असर होटल व्यवसायियों, खान-पान की दुकानों, कैटरिंग सर्विस और सड़क किनारे लगने वाले फूड स्टॉल्स पर देखा जा सकता है। हालांकि, व्यावसायिक संघों का कहना है कि यह बढ़ोतरी काफी सीमित है, इसलिए फिलहाल खाद्य उत्पादों और बाहर खाने के बिल में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। इसके साथ ही 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) छोटू सिलेंडर की कीमत में भी 2 रुपये की मामूली बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद दिल्ली में इसका दाम 764 रुपये हो गया है।कैसे तय होती हैं एलपीजी की कीमतें? जानिए बेस प्राइस, टैक्स और सब्सिडी का गणितभारत में हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की नई कीमतें निर्धारित की जाती हैं। आम उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि ये दरें कैसे तय होती हैं। दरअसल, भारत अपनी घरेलू एलपीजी खपत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के तहत सऊदी अरामको द्वारा तय किए जाने वाले एलपीजी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) और वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की चाल भारतीय तेल कंपनियों की लागत तय करती है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती या कमजोरी भी आयात लागत पर सीधा असर डालती है। रिफाइनरी से निकलने के बाद केंद्र सरकार का उत्पाद शुल्क, विभिन्न राज्यों द्वारा वसूला जाने वाला अलग-अलग वैट (VAT), सिलेंडर बॉटलिंग लागत और पेट्रोल पंप/गैस एजेंसी के डीलरों का कमीशन जोड़कर अंतिम खुदरा मूल्य तय किया जाता है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के तहत पंजीकृत गरीब परिवारों को सरकार की ओर से 300 रुपये प्रति सिलेंडर की दर से सीधी सब्सिडी (DBT) उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है, जिससे उनके लिए शुद्ध लागत काफी कम हो जाती है।घर बैठे चुटकियों में ऐसे करें गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग: व्हाट्सएप और मिस्ड कॉल नंबरडिजिटल इंडिया के दौर में अब गैस एजेंसी के चक्कर काटने या लंबी कतारों में लगने की जरूरत पूरी तरह खत्म हो चुकी है। ग्राहक अपने मोबाइल से केवल एक मिस्ड कॉल या व्हाट्सएप मैसेज के जरिए घर बैठे सिलेंडर बुक कर सकते हैं।इंडेन (Indane Gas) के उपभोक्ता अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 7718955555 पर कॉल कर सकते हैं अथवा 8454955555 पर मिस्ड कॉल देकर अपनी रीफिलिंग बुक करवा सकते हैं। इसके अलावा इंडेन ग्राहक अपने व्हाट्सएप से 7588888824 नंबर पर 'REFILL' लिखकर भेज सकते हैं।भारत गैस (Bharat Gas) के उपभोक्ता अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7715012345 पर कॉल या एसएमएस भेज सकते हैं, या फिर आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 1800224344 पर केवल 'Hi' लिखकर चैटबॉट की मदद से तुरंत बुकिंग कर सकते हैं।एचपी गैस (HP Gas) के उपयोगकर्ता 8888823456 पर आईवीआरएस कॉल कर सकते हैं, 9493602222 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं या फिर 9222201122 नंबर पर व्हाट्सएप पर 'Hi' भेजकर सिलेंडर बुक करा सकते हैं। इसके अलावा 'उमंग' (UMANG) ऐप, इंडियन ऑयल वन ऐप, एचपी पे, पेटीएम और गूगल पे जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी तुरंत ऑनलाइन पेमेंट और डिलीवरी शेड्यूलिंग की जा सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार के लिए दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाओं का 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मानसूनी ट्रफ रेखा के दिल्ली के अक्षांश के करीब बने रहने और उत्तर भारत के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के दबाव के कारण राजधानी के आसमान में घने काले बादलों का पहरा है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन के अलग-अलग समय में रुक-रुक कर बारिश के तीव्र दौर (Intense Spells) देखने को मिलेंगे, जिससे दोपहर और शाम के वक्त जनजीवन विशेष रूप से प्रभावित हो सकता है। बीते कुछ दिनों से उमस भरी चिपचिपी गर्मी से बेहाल दिल्लीवासियों को इस मानसूनी बारिश से तापमान में गिरावट के रूप में बड़ी राहत मिलने जा रही है, लेकिन इसके साथ ही निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर भीषण जाम की दोहरी चुनौती भी खड़ी होने वाली है।कहां-कहां दिखेगा असर: नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद का वेदर अपडेटमौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (RWFC नई दिल्ली) के अनुसार, बादलों की यह सक्रियता केवल राजधानी के कोर इलाकों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि एनसीआर के सभी प्रमुख उपग्रह शहरों में भी इसका व्यापक प्रभाव देखा जाएगा। उत्तर प्रदेश से सटे गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) में सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। यहां दोपहर के समय तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश के दो से तीन दौर आने का अनुमान है, जिससे सेक्टर-18, महामाया फ्लाईओवर, परी चौक और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में जलजमाव का संकट पैदा हो सकता है।गाजियाबाद, इंदिरापुरम, वैशाली और साहिबाबाद में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। उधर, हरियाणा के गुरुग्राम में साइबर सिटी, इफ्को चौक, राजीव चौक, हीरो होंडा चौक और सुभाष चौक जैसे प्रमुख जंक्शनों पर भारी बारिश के चलते जलभराव की प्रबल आशंका जताई गई है। फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और सोहना रोड के क्षेत्रों में भी दोपहर बाद बादलों के गरजने और तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटों तक यह मानसूनी सिस्टम एनसीआर के ऊपर पूरी तरह सक्रिय रहेगा।तापमान में भारी गिरावट: उमस भरी गर्मी से राहत, पर जलभराव की दोहरी मारबारिश और बादलों की लगातार मौजूदगी से दिल्ली-एनसीआर के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। सफदरजंग वेधशाला के अनुसार, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य से दो से तीन डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हवा में 85 से 95 प्रतिशत तक की उच्च आर्द्रता दर्ज की जा रही है, जो बारिश के बाद ठंडी हवाओं में तब्दील हो जाएगी और लोगों को एसी-कूलर की जरूरत से राहत दिलाएगी।हालांकि, तापमान की यह नरमी दिल्ली के बुनियादी ढांचे के लिए परीक्षा की घड़ी लेकर आई है। राजधानी के कई निचले इलाकों जैसे मिंटो ब्रिज अंडरपास, मूलचंद अंडरपास, जखीरा, प्रहलादपुर, पुल प्रहलादपुर, आनंद विहार और रिंग रोड पर जल निकासी की धीमी गति के कारण पानी भरने की आशंका बनी हुई है। नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने संवेदनशील अंडरपासों पर सुपर सकर मशीनें और ऑटोमैटिक पंपिंग स्टेशन तैनात करने का दावा किया है, ताकि बारिश शुरू होते ही पानी को सड़कों से हटाया जा सके।ट्रैफिक और रूट एडवाइजरी: दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, आईटीओ और डीएनडी पर जाम का खतरादिल्ली ट्रैफिक पुलिस और गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने शहरवासियों और दैनिक यात्रियों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईओवर, कालिंदी कुंज बॉर्डर, आश्रम चौक, सराय काले खां और आईटीओ विकास मार्ग पर पीक आवर्स के दौरान वाहनों की लंबी कतारें लग सकती हैं। ट्रैफिक पुलिस ने कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने गंतव्य के लिए रवाना होने से पहले गूगल मैप्स या ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव ट्रैफिक अपडेट अवश्य चेक कर लें।वाहन चालकों को जलमग्न सड़कों पर अचानक ब्रेक लगाने या तेज गति से गाड़ी चलाने से बचने की हिदायत दी गई है, क्योंकि पानी के नीचे खुले मैनहोल या गड्ढे गंभीर सड़क हादसों का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, पुराने पेड़ों या जर्जर होर्डिंग्स के नीचे गाड़ियां पार्क करने से बचने को कहा गया है, क्योंकि तेज हवाओं के झोंकों से टहनियों के टूटने का खतरा बना रहता है। मेट्रो सेवाओं को लेकर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बताया है कि सभी लाइनों पर ट्रेनें सामान्य समय सारिणी के अनुसार संचालित होंगी, हालांकि बारिश के दौरान स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है।बारिश से सुधरी आबोहवा: वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में बड़ा सुधारइस लगातार मानसूनी बारिश का सबसे सकारात्मक पहलू दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा पर देखने को मिला है। बारिश की बूंदों ने हवा में तैर रहे पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे सूक्ष्म धूलकणों को पूरी तरह धो डाला है, जिससे समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'संतोषजनक' (Satisfactory) श्रेणी में पहुंच गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का समग्र एक्यूआई 60 से 80 के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अनुकूल माना जाता है।नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से काफी नीचे आ चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में ताजगी और प्रदूषण से मुक्ति अस्थमा और सांस के रोगियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। हालांकि, मौसम के इस उतार-चढ़ाव और बारिश के बाद जमा होने वाले पानी के कारण डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आसपास, कूलरों, छतों पर रखे गमलों या पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।तेज आंधी और आकाशीय बिजली से बचाव: मौसम विभाग की नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइनमौसम विभाग ने येलो अलर्ट के मद्देनजर आकाशीय बिजली (Lightning) और तेज हवाओं को लेकर विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) की गाइडलाइन के अनुसार, जब तक बारिश और बादलों की गड़गड़ाहट शांत न हो जाए, तब तक खुले मैदानों, छतों, बालकनियों और पार्कों में जाने से बचें। किसी भी स्थिति में ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या ट्रांसफार्मर के नीचे शरण न लें, क्योंकि गीली परिस्थितियों में करंट फैलने और बिजली गिरने का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।घर के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का उपयोग करने से परहेज करें। ग्रामीण और खुले इलाकों में काम करने वाले लोग तुरंत पक्के मकानों में चले जाएं। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार देर रात तक यह मौसमी उथल-पुथल जारी रहेगी और रविवार को भी छिटपुट बूंदाबांदी का दौर देखा जा सकता है, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की ओर अग्रसर होगा।
केरल के त्रिशूर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 66 (NH 66) पर शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। कैपमंगलम के पनम्बिकुन्नू में सड़क किनारे खड़ी एक लॉरी से कार की भीषण टक्कर में तमिलनाडु के आठ इंजीनियरिंग छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह घटना शुक्रवार रात करीब 11.40 बजे हुई। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार देर रात जब यह हादसा हुआ, तब लॉरी कैपमंगलम के पनम्बिकुन्नू में नेशनल हाईवे (NH) 66 पर खड़ी थी। इसे भी पढ़ें: Madhya Pradesh में 30 करोड़ के विवाह सहायता घोटाले में पूर्व CEO Shobhit Tripathi गिरफ्तार उन्होंने बताया कि मरने वाले आठ लोग पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के हैं और माना जा रहा है कि वे स्टूडेंट्स थे। वे शायद गुरुवायूर से कोडुंगल्लूर की ओर जा रहे थे, तभी उनकी गाड़ी लॉरी से टकरा गई। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods Update | 'ग्लोबल वार्मिंग का जिम्मेदार नेपाल नहीं, विकसित देश दें मुआवजा', पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली का बड़ा बयान हादसे के बाद, पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पीड़ितों को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और अधिकारियों को अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए गाड़ी को काटना पड़ा। हालांकि, उन सभी की मौत हो गई थी। बाद में, उनके शवों को त्रिशूर मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में ले जाया गया, और जल्द ही पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। अधिकारियों ने अभी तक मरने वालों की पहचान नहीं बताई है, लेकिन एक बिना कन्फर्म मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये छात्र तमिलनाडु के डिंडीगुल में PSNA इंजीनियरिंग कॉलेज के थे। पुलिस ने कहा कि जांच के बाद और जानकारी दी जाएगी। प्राइवेट बस ने कई गाड़ियों को टक्कर मारी त्रिशूर जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले महीने भी ऐसा ही एक हादसा हुआ था जब त्रिशूर जिले के कुन्नमकुलम में एक प्राइवेट बस ने कई गाड़ियों को टक्कर मार दी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। यह हादसा गुरुवार दोपहर को हुआ जब बस ने दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की लेकिन कंट्रोल खो दिया और कई दूसरी गाड़ियों से टकरा गई। पुलिस के मुताबिक, हादसे में एक कार, एक ऑटोरिक्शा और एक टू-व्हीलर बुरी तरह डैमेज हो गए। पुलिस ने कहा था, एक व्यक्ति की मौत हो गई है, और कई अन्य घायल हो गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। लोकल टीवी चैनलों ने दिखाया था कि बस एक प्राइवेट प्रॉपर्टी के अंदर रुक गई, और फिर एक कंपाउंड की दीवार और गेट से टकरा गई। बस का अगला हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया था। चश्मदीदों ने दावा किया था कि बस ड्राइवर तेज़ स्पीड में बस चला रहा था। बाद में, पुलिस ने जांच शुरू की थी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi STORY | Eight killed as car rams into parked lorry in Keralam’s Thrissur Eight people, believed to be students from neighbouring Tamil Nadu, have been killed in a tragic road accident in central Keralam's Thrissur district, police said on Saturday. READ: https://t.co/PSaeLyLfQS … pic.twitter.com/q4p095dcCY — Press Trust of India (@PTI_News) September 5, 2026 #WATCH | Keralam: Eight people killed after a car rammed into the rear of a parked goods lorry on the National Highway at Kaipamangalam in Thrissur district. The accident occurred around midnight at Panambikunnu Centre. Visuals from the spot. pic.twitter.com/751qMvvGjC — ANI (@ANI) September 5, 2026
ईरानी हमलों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान आया सामने, देखें US TOP-10
अमेरिका पर ईरानी हमलों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होनें कहा कि ईरान के मामले में उन्होनें सही काम किया है. साथ ही उन्होनें कहा कि वो यूक्रेन युद्ध को खत्म होते देखना चाहते है. ट्रंप का बयान ऐसे वक्त आया है जब ईरान में अमेरिकी एयर सट्राइक में मारे गए लोगों के अंतिम संस्कार में लोग शामिल हुए.
उत्तर प्रदेश में मानसून के अंतिम दौर में मौसम का मिजाज एक बार फिर आक्रामक हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने एक ताजा चेतावनी जारी करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जनपदों में तेज आंधी, बादलों की भीषण गड़गड़ाहट और मूसलाधार बारिश का अलर्ट घोषित किया है। सक्रिय मानसूनी ट्रफ रेखा और उत्तर भारत के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से पूरे पश्चिमी क्षेत्र में वायुमंडलीय दबाव तेजी से बदला है। इसके चलते वातावरण में 85 से 90 प्रतिशत तक आर्द्रता दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंके वाली हवाओं के साथ कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। बीते कुछ दिनों से उमस भरी चिपचिपी गर्मी की मार झेल रहे लोगों को इस बारिश से तापमान में गिरावट के रूप में राहत तो मिलेगी, लेकिन साथ ही निचले इलाकों में जलजमाव, बिजली आपूर्ति में बाधा और दैनिक आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन और राज्य राहत आयुक्त कार्यालय ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ में जलभराव और ट्रैफिक जाम की बड़ी आशंकाराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे जनपदों गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ में शनिवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादलों का डेरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जनपदों में रुक-रुक कर भारी बारिश के तीव्र दौर (Intense Spells) देखने को मिल सकते हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, डीएनडी फ्लाईओवर, गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन और मेरठ रोड पर जलभराव के चलते यातायात की गति धीमी पड़ने की प्रबल आशंका है। स्थानीय नगर निगम और विकास प्राधिकरणों ने पंपिंग सेटों और नाला सफाई दस्तों को आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात कर दिया है ताकि जलजमाव की स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मेरठ, मोदीनगर और मुरादनगर के शहरी इलाकों में संकरी गलियों और मुख्य चौराहों पर पानी भरने से स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले दैनिक यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान ओवरस्पीडिंग से बचें, वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखें और पेड़ों या पुराने बिजली के खंभों के नीचे वाहन पार्क करने से परहेज करें।ब्रज क्षेत्र में बिगड़ा मिजाज: आगरा, मथुरा और अलीगढ़ में तेज आंधी के साथ भारी वर्षाताजनगरी आगरा, कान्हा की नगरी मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस और अलीगढ़ सहित समूचे ब्रज क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण का असर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने इन जिलों में मध्यम से भारी दर्जे की वर्षा और तेज वज्रपात (Lightning) की आशंका जताई है। आगरा में बीते चौबीस घंटों के दौरान पारा सामान्य से अधिक दर्ज किया गया था, लेकिन इस मौसमी बदलाव के बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पर्यटन के दृष्टिकोण से विश्व प्रसिद्ध ताजमहल, फतेहपुर सीकरी और मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जिला प्रशासन ने विशेष चेतावनी जारी की है। खुले मैदानों और यमुना के तटीय घाटों पर अनावश्यक भ्रमण न करने की हिदायत दी गई है। फिरोजाबाद और अलीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में खुले में रखे कच्चे माल और विनिर्माण इकाइयों को बारिश से बचाने के लिए उद्यमियों को सतर्क कर दिया गया है। आकाशीय बिजली गिरने के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।रुहेलखंड और शिवालिक तराई बेल्ट में सतर्कता: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में नदियां उफान परपश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी छोर पर स्थित सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर के इलाकों में उत्तराखंड की पहाड़ियों से सटे होने के कारण मौसम का प्रभाव और अधिक गंभीर रूप ले सकता है। पड़ोसी पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बारिश के कारण हिंडन, यमुना और गंगा की सहायक नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सहारनपुर और शामली के खादर क्षेत्रों में नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए नावों और राहत दलों को तैयार रखा गया है। मुजफ्फरनगर में तेज हवाओं के कारण पुराने व कमजोर निर्माणों और होर्डिंग्स के गिरने का खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने खतरनाक इमारतों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए हैं। मुरादाबाद, रामपुर और बरेली के रुहेलखंड क्षेत्र में भी बादलों की लगातार आवाजाही के साथ कई स्थानों पर झमाझम बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिससे उमस भरी गर्मी पूरी तरह खत्म हो जाएगी और वातावरण में ठंडक का अहसास बढ़ने लगेगा।किसानों के लिए जरूरी कृषि सलाह: खरीफ फसलों और बागवानी की सुरक्षामौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्नदाताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस समय खेतों में धान (Paddy), गन्ना (Sugarcane), बाजरा और विभिन्न प्रकार की हरी सब्जियां अंतिम या परिपक्वता की अवस्था में हैं। कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि तेज आंधी और जलभराव के कारण गन्ने और लंबी किस्म के धान के पौधों के खेत में गिरने (Lodging) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पैदावार प्रभावित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि जड़ों में अत्यधिक पानी जमा न हो। इसके अतिरिक्त, मौसम साफ होने तक किसी भी प्रकार के कीटनाशक, खरपतवारनाशक या रासायनिक उर्वरकों का छिड़काव तुरंत रोक दें, क्योंकि बारिश के पानी में ये रसायन बहकर निष्प्रभावी हो जाते हैं। सब्जी उत्पादक किसानों को विशेष रूप से टमाटर, तोरई, लौकी और मिर्च के खेतों से तत्काल जल निकासी की हिदायत दी गई है।आकाशीय बिजली (वज्रपात) का जानलेवा जोखिम: बचाव के लिए प्रशासन की गाइडलाइनइस मौसम प्रणाली में सबसे गंभीर पहलू बिजली गिरने यानी वज्रपात की अत्यधिक घटनाएं हैं। पश्चिमी यूपी के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में खेतों में काम करने वाले मजदूरों और खुले में मवेशी चराने वालों के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने जीवनरक्षक सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि जैसे ही बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई दे, वे तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेल्टर में शरण लें। किसी भी परिस्थिति में अकेले खड़े ऊंचे पेड़, टिन शेड, लोहे के टावर या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें। खेतों में काम कर रहे किसान यदि खुले में फंस जाएं, तो जमीन पर लेटने के बजाय पैरों के बल उकड़ूं बैठकर सिर को घुटनों के बीच छुपा लें। मोबाइल पर 'दामिनी' और 'मौसम' ऐप डाउनलोड कर रियल-टाइम लाइटनिंग अलर्ट पर नजर बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना की सूचना देने के लिए राज्य राहत हेल्पलाइन नंबर 1070 और स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन 112 पर तत्काल संपर्क किया जा सकता है।मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश और बादलों की यह सक्रियता अगले 48 से 72 घंटों तक बनी रहेगी, जिसके बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य होने की संभावना है।
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल की ताजा कीमतें जारी कर दी हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में होने वाले दैनिक उतार-चढ़ाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर के आधार पर ईंधन के दाम हर सुबह 6 बजे संशोधित किए जाते हैं। आज जारी की गई नई दरों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अधिकांश प्रमुख शहरों में कीमतें काफी हद तक स्थिर बनी हुई हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर लगने वाले वैट (VAT) और माल ढुलाई लागत (Freight Charges) में मामूली अंतर के कारण अलग-अलग जिलों के खुदरा मूल्यों में कुछ पैसों का फेरबदल देखने को मिला है। यदि आप भी आज अपने दोपहिया या चारपहिया वाहन की टंकी फुल कराने के लिए पेट्रोल पंप का रुख करने जा रहे हैं, तो अपने शहर की सटीक दरों की जानकारी जरूर कर लें।लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में आज क्या हैं ईंधन के दाम?उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल 101.86 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। राजधानी में पिछले कुछ दिनों से कीमतों में एक मजबूत स्थिरता देखने को मिली है, जिससे दैनिक यात्रियों और निजी वाहन चालकों को राहत महसूस हो रही है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे हाई-टेक औद्योगिक शहर गौतमबुद्ध नगर (नोएडा और ग्रेटर नोएडा) में ईंधन की कीमतों में मामूली अंतर दर्ज किया गया है। नोएडा में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर उपलब्ध है, जबकि डीजल का भाव 95.56 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है। दिल्ली के सीमावर्ती जिले गाजियाबाद की बात करें तो यहां पेट्रोल का भाव लगभग 101.96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.40 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। दिल्ली के मुकाबले उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में वैट स्लैब की भिन्नता के कारण पंपों पर दरों में मामूली अंतर देखा जाता है।प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर में पेट्रोल-डीजल के ताजा आंकड़ेसंगमनगरी प्रयागराज में आज पेट्रोल 101.96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.46 रुपये प्रति लीटर के भाव पर स्थिर है। हालांकि, कुछ बाहरी क्षेत्रों में डीलर कमीशन और डिपो से दूरी के चलते यह दर 102.40 रुपये तक भी पहुंच जाती है। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में ईंधन के दाम राज्य के औसत से थोड़े ऊंचे बने हुए हैं। वाराणसी में आज पेट्रोल 102.62 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल 96.05 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। पूर्वांचल के प्रमुख व्यापारिक केंद्र और औद्योगिक नगरी कानपुर में पेट्रोल की दर 101.90 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है, जबकि यहां डीजल 95.38 रुपये प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है। कानपुर में माल ढुलाई और ट्रांसपोर्टेशन की भारी मांग के चलते डीजल की खपत काफी अधिक रहती है, जिससे यहां की औद्योगिक इकाइयों के लिए इन स्थिर दरों का विशेष महत्व है।आगरा, गोरखपुर, मेरठ और बरेली समेत अन्य जिलों का शहरवार रेट कार्डताजनगरी आगरा में आज पेट्रोल की कीमत 101.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। पर्यटन नगरी होने के कारण आगरा-मथुरा हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में पेट्रोल 102.25 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर मेरठ में पेट्रोल 101.80 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.25 रुपये प्रति लीटर पर टिका हुआ है। बरेली में पेट्रोल 102.05 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.50 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है। अलीगढ़ में पेट्रोल का रेट 102.02 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.47 रुपये प्रति लीटर है। अयोध्या में आज पेट्रोल 101.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बना हुआ है। राज्य के सीमावर्ती और बुंदेलखंड के जिलों जैसे झांसी, महोबा और बांदा में परिवहन लागत की वजह से पेट्रोल की कीमतें 102.50 से 103.10 रुपये प्रति लीटर के दायरे में हैं।हर शहर में क्यों अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? समझिए गणितआम उपभोक्ताओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि जब पूरे देश में कच्चा तेल एक ही अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदा जाता है, तो फिर लखनऊ, नोएडा, आगरा या प्रयागराज में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग-अलग क्यों होते हैं। दरअसल, किसी भी शहर में पेट्रोल पंप तक पहुंचने वाले तेल की अंतिम खुदरा कीमत (Retail Selling Price) कई घटकों से मिलकर तय होती है। इसमें सबसे पहले बेस प्राइस (मूल लागत) होती है, जिस पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) लगाती है। इसके बाद संबंधित राज्य सरकार अपनी वित्तीय नीतियों के अनुसार वैट (मूल्य वर्धित कर) और उपकर (सेस) वसूलती है। इसके अतिरिक्त, तेल शोधक कारखानों (Refineries) और मुख्य तेल डिपो से संबंधित पेट्रोल पंप तक ईंधन पहुंचाने का परिवहन खर्च (Transportation Cost या Freight Charges) भी प्रति लीटर कीमत में जोड़ा जाता है। जो शहर रिफाइनरी या तेल पाइपलाइन डिपो से जितने अधिक दूर होते हैं, वहां माल ढुलाई का खर्च उतना ही बढ़ जाता है। अंत में पेट्रोल पंप डीलर का कमीशन जुड़ता है। इन सभी स्थानीय करों और परिवहन खर्चों के भिन्न होने के कारण ही उत्तर प्रदेश के एक जिले से दूसरे जिले में पेट्रोल और डीजल के दामों में 50 पैसे से लेकर 2 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर देखने को मिलता है।अपने मोबाइल से घर बैठे ऐसे चेक करें पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट रेट्सआज के डिजिटल युग में पेट्रोल पंप पर जाने से पहले अपने शहर के सटीक दाम जानना बेहद आसान हो चुका है। आप केवल एक एसएमएस भेजकर या मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के ताजा रेट्स पता कर सकते हैं। इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर RSP और अपने शहर का डीलर कोड लिखकर 9224992249 पर एसएमएस भेज सकते हैं। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक RSP लिखकर 9223112222 पर संदेश भेजकर ताजा दरें प्राप्त कर सकते हैं। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के उपभोक्ता HPPRICE लिखकर 9222201122 पर एसएमएस कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक मोबाइल ऐप्स जैसे 'Fuel@IOC' या 'HP Pay' के जरिए भी जीपीएस लोकेशन के आधार पर आसपास के सभी फिलिंग स्टेशनों की लाइव कीमतें देखी जा सकती हैं।दैनिक आधार पर ईंधन की कीमतों पर नजर रखना न केवल आपके मासिक बजट को व्यवस्थित रखने में मदद करता है, बल्कि लंबी सड़क यात्रा पर निकलने से पहले किफायती रिफ्यूलिंग की योजना बनाने में भी मददगार साबित होता है।
भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े 5 रहस्य, जिन्हें जानकर आप रह जाएंगे हैरान!
Hindu Dharam: भगवान श्रीकृष्ण का जीवन जितना प्रेरणादायक है, उतना ही अलौकिक रहस्यों से भरा हुआ है. तो आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े 5 ऐसे रहस्यमयी प्रसंग जो आपने शायद ही पहले सुने हों.
बाढ़ में डूबा 'फौजियों का गांव', सांसद-विधायक भी नहीं ले रहे सुध- VIDEO
बिहार के मनेर का ‘फौजियों का गांव’ रतन टोला गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की चपेट में है. गांव में पानी घुसने से शहर और मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. ग्रामीण रोजमर्रा का सामान लेने पानी में चलकर शहर जाने को मजबूर हैं. खेतों में खड़ी फसलें डूब चुकी हैं और पशुओं के चारे का संकट बना हुआ है.
घर पर बनाएं शुद्ध मोरिंगा पाउडर, बचेंगे पैसे और सेहत भी रहेगी बेहतर
Homemade Moringa Powder: आज हम आपको सहजन की पत्तियों से मोरिंगा पाउडर बनाने का आसान तरीका बताएंगे. इसे तैयार करने के लिए न ज्यादा सामान की जरूरत होती है और न ही बहुत मेहनत करनी पड़ती है. तैयार मोरिंगा पाउडर को दाल, सब्जी, सूप, रोटी या स्मूदी में मिलाकर अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है.
छात्रों पर लाठीचार्ज एकदम गलत, सुप्रीम कोर्ट के जज ने पुलिस को दी नसीहत
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर जस्टिस उज्जल भुइयां ने दुख जताया और पुलिस को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस का काम निष्पक्ष रहना है। लेकिन यह गुण ही गायब होता जा रहा है।
भारत ने सिंधु जल संधि के निलंबन के बीच लद्दाख में पत्थरों का एक चेक डैम बनाया है, जिससे क्षेत्र के बंजर खेतों को चार करोड़ लीटर पानी मिलेगा।
कीचड़, मलबा और बेबसी... नेपाल में बाढ़ से अब तक 1344 लोगों की मौत
नेपाल में बाढ़ की तबाही में मरने वालों की संख्या 1300 पार हो चुकी है. भारत ने राहत सामग्री के साथ NDRF की रेस्क्यू टीम भेजी है. मलबे और कीचड़ में फंसे लोगों की तलाश अभी भी जारी है.
सुलगती चिंगारी बनी शोला... यूरोप से खाड़ी तक भड़की जंग, तीसरे विश्व युद्ध की आहट?
रूस-यूक्रेन युद्ध से यूरोप में तनाव बढ़ा है, वहीं अमेरिका-ईरान संघर्ष भी फिर भड़क उठा है. दो मोर्चों पर बढ़ते तनाव ने बड़े सैन्य टकराव की चिंता बढ़ा दी है.
क्या आज फिर डूबेगी दिल्ली? आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश का अलर्ट, जानें अपने राज्य का हाल
देश के कई हिस्सों में आज बारिश का दौर जारी रहेगा. IMD ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-बिजली की संभावना है.
जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर देशभर में भक्तिमय माहौल रहा। मथुरा और वृंदावन में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और कान्हा के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में आधी रात पूजा-अर्चना की।
कम आएगा बिल... क्या आपके बिजली के मीटर में दिख रहा है ये निशान?
स्मार्ट बिजली मीटर पर कई तरह के निशान दिखाई देते हैं. इनमें एक अर्थिंग का निशान भी हो सकता है. इसे देखकर आपके मन में भी सवाल आया होगा कि आखिर यह निशान क्यों दिख रहा है? क्या इससे बिजली का बिल कम होता है या फिर मीटर में कोई खराबी है?
तमिलनाडु की सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के भीतर और उसके सहयोगियों के बीच खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। मुख
Supreme Court के जस्टिस Ujjal Bhuyan बोले, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का बल प्रयोग चिंताजनक
नयी दिल्ली, चार सितंबर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने शुक्रवार को कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा किया गया बल प्रयोग ‘परेशान करने वाला’ और ‘‘गंभीर चिंता का विषय’’ है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों से जिस निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है, वह नदारद प्रतीत हुई। न्यायमूर्ति भुइयां ने पूर्व सचिव (सुरक्षा) यशोवर्धन आजाद की लिखी किताब ‘पुलिसिंग द रिपब्लिक’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। यह कार्यक्रम राजधानी के वायसराय हॉल में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘जब हम भारतीय पुलिस सेवा के युवा अधिकारियों को प्रदर्शनकारियों और आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग करते हुए देखते हैं, तो हम सभी को बहुत निराशा होती है। यह देखना वाकई बहुत दुखद है।’’न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा, ‘‘पुलिस अधिकारियों से जिस तटस्थता की उम्मीद की जाती है, वह नदारद होती दिख रही है और यह वाकई गंभीर चिंता का विषय है।’’इस कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम, महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डी. शिवानंदन और अन्य लोग भी मौजूद रहे। न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा कि बिना अत्याधिक बल प्रयोग किए या मानवाधिकारों का उल्लंघन किए बिना भी प्रभावी पुलिसिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘ ज्यादातर आम लोगों के लिए, सड़क पर सीटी और लाठी लिए पुलिस वाला राज्य की शक्ति और अधिकार का प्रतीक होता है। जब उन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है, तो वे पुलिस की मदद लेते हैं। इसलिए, यह बहुत आवश्यक है कि पुलिस बल अपनी विश्वसनीयता बनाए रखे।’’न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा, ‘‘ऐसा तभी किया जा सकता है जब संविधान का सख्ती से पालन किया जाए, एक सच्चे पेशेवर बल के तौर पर काम किया जाए, निष्पक्षता से काम लिया जाए, साहस और पक्के इरादे का प्रदर्शन किया जाए, ईमानदारी बनाए रखी जाए और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का पालन करते हुए कानून के शासन को कायम रखा जाए।’’उन्होंने देश में हिरासत में यातना और मौत के बढ़ते मामलों का भी जिक्र किया और कहा कि सभ्य समाज में यह सबसे बुरे अपराधों में से एक है। न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा, ‘‘कानून के शासन से चलने वाले सभ्य समाज में हिरासत में मौत शायद सबसे बुरे अपराधों में से एक है। किसी भी तरह की यातना, या क्रूरता, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार अनुच्छेद 29 के तहत निषेध के दायरे में आएंगे, चाहे वह जांच, पूछताछ या किसी और स्थिति में हो।’’उन्होंने रेखांकित किया कि जब सरकारी अधिकारी ही कानून तोड़ने वाले बन जाते हैं, तो इससे अराजकता को बढ़ावा मिल सकता है। न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा, ‘‘ अगर सरकार के अधिकारी ही कानून तोड़ने लगें, तो इससे कानून के प्रति अनादर की भावना पैदा होगी और अराजकता को बढ़ावा मिलेगा। कोई भी सभ्य देश ऐसा होने की अनुमति नहीं दे सकता।’’उन्होंने कहा, ‘‘क्या कोई नागरिक उस पल अपने मौलिक अधिकारों को खो देता है जब कोई पुलिसकर्मी उसे गिरफ्तार करता है?’’न्यायमूर्ति भुइयां ने डी के बसु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा 1997 में दिये गए फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी तरह की यातना या क्रूरता, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार मौलिक अधिकारों के तहत मिलने वाली संवैधानिक सुरक्षा के दायरे में आएगा, चाहे वह जांच, पूछताछ या किसी और स्थिति में हुआ हो। न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा कि अदालत ने एक बुनियादी सवाल उठाया, क्या किसी नागरिक के मौलिक अधिकार उसी पल खत्म हो जाते हैं जब उसे कोई पुलिसकर्मी गिरफ्तार करता है, और क्या गिरफ्तारी के समय जीने के अधिकार को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है? उन्होंने कहा, ‘‘इसका जवाब निश्चित रूप से एक पुरजोर तरीके से ‘नहीं’ होना चाहिए।’’न्यामूर्ति भुइयां ने बताया कि डी.के. बसु मामले में आए फैसले में गिरफ्तारी और पूछताछ से जुड़े कई निर्देश दिए गए थे, और साथ ही उन पीड़ितों को मुआवजा देने की जरूरत को भी स्वीकार किया गया था जिनके मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ था। उन्होंने न्यायत्तेर हत्याओं या ‘फर्जी मुठभेड़’ के मुद्दे पर कहा कि उच्चतम न्यायालय ने ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने 2011 के एक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि अदालत ने स्वीकार किया था कि फर्जी मुठभेड़ ‘कानून के शासन के मूल सिद्धांत को ही खत्म कर देते हैं’ और यह भी कहा कि जब किसी कार्यरत पुलिसकर्मी के खिलाफ मुकदमे में फर्जी मुठभेड़ का आरोप साबित हो जाता है, तो इसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा, ‘‘ मुठभेड़ की सोच एक आपराधिक सोच है। यह पुलिसिंग का हिस्सा नहीं हो सकती।’’उन्होंने पुलिस सुधारों की जरूरत और पुलिस के कामकाज में राजनीतिक दखलअंदाजी के खतरों के बारे में भी बात की। न्यायमूर्ति भुइयां ने राष्ट्रीय पुलिस आयोग का उल्लेख किया जिसे 1977 में पुलिस की भूमिका और कामकाज की समीक्षा के लिए गठित किया गया था। यह आयोग पुलिस के दो रूपों की समीक्षा के लिए बनाया गया था, एक कानून प्रवर्तन एजेंसी के तौर पर और दूसरा नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने वाली संस्था के तौर पर। आयोग ने सरकार को कई रिपोर्ट सौंपीं, जिनमें मई 1981 में दी गई अंतिम रिपोर्ट भी शामिल थी। उन्होंने बताया कि आयोग की सिफारिशों में पुलिस के गलत व्यवहार की शिकायतों से निपटने के तरीकों से लेकर पुलिस की पेशेवर स्वतंत्रता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दे शामिल थे। न्यायमूर्ति भुइयां ने प्रकाश सिंह और अन्य मामले में उच्चतम न्यायालय के 2006 के फैसले का जिक्र किया, जो पुलिस सुधारों से जुड़ा था और जिसमें राष्ट्रीय पुलिस आयोग की सिफारिशों को लागू न किए जाने का मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने कहा कि फैसले में पुलिस पर जरूरत से ज़्यादा राजनीतिक और प्रशासनिक नियंत्रण के खिलाफ चेतावनी दी गई थी और कहा गया था कि ऐसा नियंत्रण पुलिस बल को क़ानून के शासन को कमजोर करने का जरिया बना सकता है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। न्यायमूर्ति भुइयां ने ‘पुलिसिंग द रिपब्लिक’ में मणिपुर पर दिए गए अध्याय का भी ज़िक्र किया। उन्होंने राज्य को मेधा और संस्कृति के मामले में बेहद समृद्ध बताया, लेकिन वहां जारी हिंसा पर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस, मणिपुर राइफल्स, असम राइफल्स, अर्धसैनिक बल और सेना समेत सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बावजूद, राज्य में ‘शांति अब भी दूर की कौड़ी है’। न्यायमूर्ति भुइयां ने मणिपुर में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम सभी के लिए इसमें एक सबक है। भारत के लिए भी एक सबक है।
FC में 114 शतक, इंटरनेशनल में फुस्स... रामप्रकाश की अधूरी कहानी
मार्क रामप्रकाश को क्रिकेट इतिहास में एक ऐसे बल्लेबाज के तौर पर याद किया जाता है, जिनकी फर्स्ट क्लास उपलब्धियां टेस्ट करियर से कहीं ज्यादा बड़ी थीं. टैलेंट की कमी उनके करियर में कभी नहीं रही, लेकिन इंटरनेशनल स्तर पर उनके प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव दिखा.
बच्ची ने जन्मदिन पर फोड़ी गुल्लक, नेपाल के बाढ़ पीड़ितों को भेजे पैसे
सहरसा की 12 साल की वैष्णवी छह महीने से अपने जन्मदिन के लिए गुल्लक में पैसे जोड़ रही थी. लेकिन नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ की तस्वीरें देखने के बाद उसका मन बदल गया. उसने गुल्लक में जमा रकम नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए देने का फैसला किया. जानकारी हुई तो मधेपुरा के जेडीयू सांसद दिनेश चंद्र यादव बच्ची से मिलने उसके घर पहुंचे.
POCSO में FIR होते ही UP भागा स्वतंत्र भारद्वाज, पुलिस को कैसे देता रहा चकमा?
यह कार्रवाई CJP के सह-संयोजक सौरव दास, आशुतोष रांका और समर्थकों की ओर से दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का घेराव करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग के बाद हुई।
लॉन्च से पहले ही सोल्ड आउट, Octavia RS की भारत में दोबारा एंट्री
स्कोडा ने भारतीय बाजार में अपनी पॉपुलर सेडान को लॉन्च कर दिया है. हम बात कर रहे हैं स्कोडा ऑक्टेविया आरएस की, जिसका सेकंड बैच भारत में लॉन्च हुआ है. पहले बैच में ये कार लॉन्च से पहले ही सोल्ड आउट हो गई थी. पहले कंपनी ने इसकी 100 यूनिट्स को लॉन्च किया था. अब ब्रांड इसकी सिर्फ 50 यूनिट्स लेकर आई है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
भारत-अमेरिका रिश्तों पर सर्जियो गोर का बड़ा बयान, बोले- PM मोदी से मिलना चाहते हैं ट्रंप
अमेरिका में भारत के राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे व्यापार, रक्षा सहयोग और तकनीकी साझेदारी को देखकर कई दूसरे देश ईर्ष्या कर सकते हैं। गोर ने प्रधानमंत्री ...
'मिर्जापुर द मूवी' में रवि किशन का भौकाल, गुड्डू-मुन्ना पर पड़े भारी
मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन का ऐसा भौकाल देखने मिला है, जो काफी समय से उनके साथ होता हुआ नहीं देखा गया. उन्होंने फिल्म में इतना पावरफुल विलेन का रोल निभाया कि कुछ समय तक मेन हीरो भी उनके सामने हारता हुआ नजर आया.
बेंगलुरु में उधार न चुकाने पर एक महिला के साथ बदसलूकी की गई, उसके कपड़े उतारे गए, मारपीट की गई और वीडियो भी बनाया गया।
ट्रंप का ऐलान, यूक्रेन की मदद का बिल चुकाएगा यूरोप, देखें दुनिया आजतक
यू्क्रेन को दी गई अमेरिकी सैन्य मदद पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान- कहा यूक्रेन को दी गई अमेरिकी सैन्य मदद का पैसा यूरोपीय देशों से वसूला जाएगा. अमेरिका ने यूक्रेन और नेटो को सैकड़ों अरब डॉलर की मुफ्त में मदद दी है. बोले अब यूरोपीय देशों से इन पैसों की होगी भरपाई.
मौसम: राजस्थान-यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून से कई राज्यों का बदला मिजाज; कहां बरसेंगे बादल?
मौसम: राजस्थान-यूपी में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून से कई राज्यों का बदला मिजाज; कहां बरसेंगे बादल?
कर्ज वसूली का खौफनाक रूप, महिला को बंधक बनाया और फिर कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो
बेंगलुरु में लोन और ब्याज नहीं चुकाने पर एक महिला को कथित तौर पर किडनैप कर निर्वस्त्र किया गया और मारपीट की गई. आरोपियों ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी. पुलिस ने महिला को बरामद कर रेशमा बानू, नाजत और सुहैल को गिरफ्तार कर लिया है.
परिवार के साथ घूमने का है प्लान? UP की ये 10 जगहें रहेंगी बेस्ट
Best Places to Visit in Uttar Pradesh: परिवार के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं और ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां इतिहास, संस्कृति और धर्म का अनोखा मेल देखने को मिले तो यूपी आपके लिए बेस्ट है. आगरा से वाराणसी और मथुरा-वृंदावन तक, यहां हर जगह का अपना अलग आकर्षण है.
बड़ा दिखेगा अफ्रीका, घटेगा अमेरिका-यूरोप का आकार... UN ने बदला दुनिया का नक्शा
UN महासभा ने दुनिया के नए नक्शे को मंजूरी दे दी है. इसमें अफ्रीका पहले से बड़ा दिखेगा, जबकि यूरोप-अमेरिका छोटे नजर आएंगे. जिसका अमेरिका ने विरोध किया.
'आमिर खुद को पति से ज्यादा अच्छे Ex मानते हैं', बोला एक्टर
फिल्म लगान में बाघा का रोल निभाने वाले एक्टर अमीन हाजी ने आमिर खान की पर्सनल लाइफ पर कुछ बातें शेयर की हैं. उन्होंने बताया कि आमिर अपनी दोनों एक्स-वाइफ रीना दत्ता और किरण राव संग कैसा रिश्ता रखते हैं.
कृष्णभूमि से CM योगी का सियासी संदेश, पश्चिमी यूपी पर नजर? देखें दस्तक
CM योगी आदित्यनाथ ने आज जन्माष्टमी के पर्व पर कान्हा की जन्मभूमि पर दर्शन पूजन किये. सीएम योगी ने कृष्ण आस्था की तो बात की, लेकिन उनके बयान में सीधा निशाना समाजवादी पार्टी पर था. योगी ने बाबर और औरंगजेब के अनुयायी कहकर विपक्ष पर हमला बोला. सवाल है कि क्या मथुरा से योगी ने पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा चुनावी दांव चल दिया है? क्योंकि उन्होंने मथुरा को भी अयोध्या और काशी की तरह विकसित करने की बात की है.
भारत ने सिंधु नदी पर बनाया 'रॉक डैम', खेतों तक पहुंचेगा 4 करोड़ लीटर पानी
भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु के पानी को लेकर लंबे समय से खींचतान चला आ रही है. इसी बीच लद्दाख में भारत ने सिंधु नदी पर पहला रॉक चेक डैम बनाया है. उपशी में बने इस डैम से पानी का स्तर करीब 10 फीट बढ़ गया, जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी.
सरकारी स्कूलों पर सियासत तेज, शिक्षक दिवस से सपा का 7 दिन का बड़ा अभियान
उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के मुद्दे पर सपा ने BJP सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. समाजवादी छात्र सभा 5 से 11 सितंबर तक ‘छात्र, नौजवान एवं PDA जागरूकता अभियान’ चलाएगी. इसके तहत ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान में बंद प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों के बाहर शिक्षक सम्मान कार्यक्रम होंगे.
टूटी हुई टांग पर चढ़ा दिया प्लास्टर, अब 35 लाख रुपये भरेगा डॉक्टर; कहां हुई चूक?
दिल्ली में फ्रैक्चर वाली महिला को सर्जरी की जगह प्लास्टर लगाने के मामले में आयोग ने डॉक्टर को मेडिकल लापरवाही का दोषी माना। आयोग ने महिला को 30 लाख रुपये मुआवजा और 5 लाख रुपये मुकदमे के खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया।
Top News 5 September: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा कि भारत और अमेरिका की दोस्ती से दूसरे देशों को जलन होती है। यूरोप को महंगा पड़ा पीएम मोदी की बात नहीं मानना। स्वतंत्र भारद्वाज पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। राम मंदिर ट्रस्ट में ...
1 साल में 555% रिटर्न... ₹18000 करोड़ का ऑर्डर, स्टॉक पर रखें नजर
इस कंपनी के शेयर ने एक साल में 555% का शानदार रिटर्न दिया है और अब ग्रोथ बढ़ाने के लिए ₹3,000 करोड़ के कैपेक्स को मंजूरी दी है. कंपनी की ऑर्डर बुक ₹18,618 करोड़ पर पहुंच चुकी है, जबकि जून तिमाही में मुनाफा करीब 20 गुना बढ़ा. AI डेटा सेंटर के लिए मिले $1.11 अरब से ज्यादा के कॉन्ट्रैक्ट से भी कंपनी की भविष्य की ग्रोथ को मजबूती मिल सकती है.
महाराष्ट्र: नासिक में आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल खत्म, धरना जारी; कलेक्टर से बातचीत के बाद क्या बनी बात?---Nashik Tribal Students Call Off Hunger Strike After Talks With Collector, Sit-in Protest Continues
एक्सप्लेनर: कौन हैं मनोज जरांगे पाटिल; क्यों कर रहे हैं आंदोलन, क्या है मराठा आरक्षण का पूरा विवाद?
एक्सप्लेनर: कौन हैं मनोज जरांगे पाटिल; क्यों कर रहे हैं आंदोलन, क्या है मराठा आरक्षण का पूरा विवाद?
Delhi-NCR Rain Alert Today: दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश समेत 17 राज्यों में आज मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड में भारी बारिश की वजह से चारधाम यात्रा पर ब्रेक लग गया है.
केरल में बड़ा सड़क हादसा, खड़ी लॉरी से भिड़ी कार; 8 इंजीनियरिंग छात्रों की दर्दनाक मौत
पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना रात करीब 11:40 बजे काइपमंगलम के पास पनमबिक्कुन्नू में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। सभी छात्र गुरुवायूर से कोडुंगल्लूर की तरफ जा रहे थे।
मुकेश खन्ना एक बार फिर अपने कॉन्टोवर्शियल बयान के कारण चर्चा में आ गए हैं. दरअसल, उन्होंने हाल ही में 'वंदे मातरम' और शर्मिला टैगोर की उस टिप्पणी पर अपनी राय रखी,
भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा दही हांडी का पर्व आज यानी 5 सितंबर को मनाया जा रहा है. जन्माष्टमी के अगले दिन मनाए जाने वाले इस पर्व में कान्हा की माखन चोरी की नटखट लीला को याद किया जाता है.
भारत PAK का आज दुबई में महामुकाबला, जानें कब-कहां और कैसे देखें LIVE
महिला एशिया कप 2026 में भारत और पाकिस्तान की टीमें शनिवार, 5 सितंबर को आमने-सामने होंगी. दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला ग्रुप स्टेज का यह आखिरी मुकाबला रात 8 बजे शुरू होगा. भारत पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है. ऐसे में सवाल है मैच का लाइव टेलीकास्ट कहां होगा?
छत्तीसगढ़ में बारिश में भीग रहा 488 करोड़ का धान, उठाव में देरी से बढ़ा नुकसान का खतरा
छत्तीसगढ़ के 114 संग्रहण केंद्रों में 1.57 लाख अर्थात करीब 487.98 करोड़ रुपये का धान खुले में पड़ा हुआ है। लगातार बारिश में तिरपाल और कैप कवर के नीचे रखे धान में नमी बढ़ने, बोरी भीगने, पानी लगने, सड़न और अंकुरण का खतरा बढ़ रहा है।
त्रिशूर में खड़े ट्रक से टकराई कार के उड़े परखच्चे; 8 युवाओं की मौत, तमिलनाडु के छात्र होने की आशंका
केरल के त्रिशूर जिले में शुक्रवार देर रात एक कार हाईवे पर खड़े ट्रक से टकरा गई. हादसे में कार सवार सभी आठ युवाओं की मौत हो गई. मृतकों के तमिलनाडु के छात्र होने की आशंका जताई जा रही है.
आज बनेगा साल का सबसे शुभ नवपंचम राजयोग, 4 राशियों होंगी लकी!
Navpancham Yog 2026: शुक्र-चंद्रमा की चाल से बन रहा है नवपंचम राजयोग. इन 4 राशियों को मिलेगा करियर, व्यापार और धन लाभ में जबरदस्त फायदा.
राजस्थान के 3 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानें अन्य जिलों में मौसम का हाल
राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान सवाई माधोपुर में सर्वाधिक 130 मिमी बारिश दर्ज हुई. मौसम विभाग ने शनिवार को 30 जिलों में येलो अलर्ट है.
विशाल ने बंगले में लगाया MJ का पोस्टर, कीमत में खरीद लेंगे स्टूडियो
म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी लैविश लाइफ जीते हैं. फराह खान अपने लेटेस्ट व्लॉग में विशाल के लैविश फार्महाउस पहुंची हैं.
PM मोदी आज श्री राम कॉलेज के शताब्दी समारोह में होंगे शामिल, छात्रों को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे. ये कार्यक्रम शाम को 7 बजे होगा. प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान छात्रों को संबोधित भी करेंगे.
RSS शिक्षा प्रकोष्ठ Vidya Bharati पश्चिम बंगाल के सभी 345 प्रखंडों में खोलेगी स्कूल
कोलकाता, चार सितंबर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शिक्षा प्रकोष्ठ विद्या भारती पश्चिम बंगाल में अपने स्कूल नेटवर्क के बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। संगठन की योजना अगले कुछ वर्षों में राज्य के सभी 345 प्रखंडों में अपने स्कूल खोलने की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। विद्या भारती के स्कूलों के विस्तार की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल में राज्य में कम से कम 1,000 विद्या भारती संस्थान स्थापित करने का आह्वान किया था। इससे बंगाल में संगठन के शैक्षणिक नेटवर्क का विस्तार हो सकता है। विद्या भारती के संयुक्त संगठन सचिव पार्थ घोष के अनुसार, वर्तमान में संगठन राज्य के 150 प्रखंडों में 313 स्कूल संचालित कर रहा है। घोष ने पीटीआई-से कहा, ‘‘हमारी योजना अगले कुछ वर्षों में 150 प्रखंडों से विस्तार करते हुए राज्य के प्रत्येक प्रखंड में कम से कम एक स्कूल स्थापित करने की है।’’विद्या भारती के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संगठन की अगले एक साल में 50 और प्रखंडों में पहुंच बनाने की योजना है। विद्या भारती के अधिकारी चिरंजीत महतो ने कहा, ‘‘हम पिछले कुछ वर्षों से विस्तार की दिशा में काम कर रहे हैं। अगले एक साल में राज्य के 50 और प्रखंडों में विस्तार करने की हमारी योजना है।’’यह विस्तार ऐसे राजनीतिक समय में हो रहा है, जब राज्य में नव निर्वाचित भाजपा सरकार शिक्षा प्रशासन में बदलाव और शिक्षा में भारतीय संस्कृति तथा राष्ट्रवादी दृष्टिकोण पर अधिक बल देने की बात कर रही है। विद्या भारती इस विस्तार को वर्ष 2027 से पहले एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है। वर्ष 2027 में संगठन अपनी शैक्षणिक गतिविधियों के 75 वर्ष पूरे करेगा। महतो ने कहा, ‘‘वर्ष 2027 में विद्या भारती स्कूलों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होंगे। इसलिए हमें उम्मीद है कि तब तक हम काफी विस्तार कर चुके होंगे।’’विद्या भारती के स्कूल आमतौर पर संबंधित राज्य बोर्ड या केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पाठ्यक्रम का पालन करते हैं। साथ ही इनमें संगठन की ओर से भारतीय संस्कृति, मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना पर विशेष जोर दिया जाता है।
घाटी में बेकाबू ट्रेलर ने मचाई तबाही, कार-ट्रक को रौंदा, रेलवे कर्मी की मौत
झारखंड के रामगढ़ जिले में चुटूपालू घाटी पर भीषण हादसा हो गया. यहां शुक्रवार देर शाम एक बेकाबू ट्रेलर ने कई वाहनों को रौंद दिया. इसमें बाइक सवार एक रेलवे कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं. हादसे के बाद हाइवे पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा.
नाश्ते में मूंग-चना और बेसन से बनाएं क्रिस्पी चीला, रेसिपी है आसान
Moong Chana Besan Chilla Recipe: अगर आप रोज-रोज एक जैसा नाश्ता खाकर हो गए हैं बोर तो इस बार मूंग, चना और बेसन से बना टेस्टी चीला ट्राई करें. सब्जियों से भरपूर यह चीला सुबह की जल्दबाजी में भी आसानी से तैयार हो जाता है और खाने में भी टेस्टी लगता है.
जब चीन ने बंद कर दिया था कैलाश का रास्ता, जानिए 1981 की वो पूरी कहानी
चीन ने 1950-51 में तिब्बत पर कब्जा किया तो भारतीयों के लिए कैलाश मानसरोवर के दरवाजे बंद हो गए. लगभग तीन दशक तक ऐसी ही स्थिति बनी रही. फिर जनता पार्टी के तत्कालीन सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस मुद्दे को चीन की सरकार के साथ उठाया. कहा जाता है कि उनके चीन के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री देंग शियाओ पिंग से अच्छे संबंध थे.
अटल आवासीय विद्यालय योजना, जहां मजदूरों के बच्चों को मिलती है मुफ्त शिक्षा
उत्तर प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त आवासीय शिक्षा की अहम पहल है. इसके तहत बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक पढ़ाई के साथ हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म, किताबें और खेल-कूद जैसी सुविधाएं दी जाती हैं.
'बंगाल में अब बाबर वाले नहीं, रघुवर वाले बैठे हैं...', हावड़ा में बोले धीरेंद्र शास्त्री
हावड़ा की कथा में धीरेंद्र शास्त्री ने बंगाल में धर्मांतरण और ‘घर वापसी’ को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में कथा करने की बात भी कही.
लंदन मेट्रो में अचानक शुरू हुई दो चूहों की ‘फाइट’, वीडियो वायरल
लंदन के ऑक्सफोर्ड सर्कस अंडरग्राउंड स्टेशन पर दो चूहों की आपस में लड़ाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. दोनों चूहे एक-दूसरे का पीछा करते और पिछली टांगों पर खड़े होकर पंजों से वार करते नजर आए. स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने इस अनोखे नजारे को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया.
जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!
होमी एफ. दाजी, साम्यवादी विचारधारा के साथ ज़ीने वाले साम्यवादी राजनेता होने के साथ ही वंचित तबके से लेकर पढ़े-लिखे बुद्धिजीवियों के मन मस्तिष्क को गहराई से प्रभावित करने वाले राजनेता थे। होमी दाजी का जन्म 5 सितम्बर 1926 को बम्बई में एक पारसी परिवार ...
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने ब्रिक्स देशों के बीच आपसी सहयोग बेहतर बनाने और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने में न्यायपालिका की भूमिका पर ज़ोर दिया है।
2 जिगरी यार, एक लड़की से मोहब्बत और फिर दुश्मनी... ऐसे खुला कत्ल का राज
रीवा के चोरहटा थाना क्षेत्र में एक लड़की से प्यार को लेकर दो दोस्तों के बीच चल रहा विवाद हत्या तक पहुंच गया. पुलिस के मुताबिक, आशीष कोल ने अपने दोस्त मोहम्मद इसरार को पहले शराब पिलाई, फिर विवाद के दौरान धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी. बाद में शव नाले में फेंक दिया. तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी गिरफ्तार हुआ.
महाराष्ट्र: ठाणे के अस्पताल में मरीज के खाने में मिला कॉकरोच, एफडीए ने बंद कराई कैंटीन
महाराष्ट्र में ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में मरीज के खाने में काकरोच मिलने के बाद महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अस्पताल की कैंटीन को बंद करा दिया है।
पश्चिम बंगाल में 'जबरन धर्मांतरण'? ईसाइयों ने घरों में रोकीं प्रार्थना सभाएं, पादरी की पिटाई
पश्चिम बंगाल में प्रार्थना सभाओं पर कथित हमलों के बाद ईसाई समूहों ने कई जिलों में घरों में प्रार्थना और मुलाकातें रोक दी हैं। भीड़ ने प्रार्थना सभा में मारपीट और तोड़फोड़ की। सरकार ने कहा कि जबरन धर्मांतरण हुआ तो कानून कार्रवाई करेगा।
फोन की एक सेटिंग से US सैनिकों पर मंडराया मौत का खतरा? लिया गया बड़ा एक्शन
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने फोन और कंप्यूटरों में विज्ञापन पहचानकर्ताओं को बंद कर दिया है. यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है, जिनमें व्यावसायिक लोकेशन डेटा के जरिए मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की बात सामने आई थी.
तेजस के तीन इंजन और मिले: 180 लड़ाकू विमानों का सौदा, पहला विमान कब मिलेगा; देरी क्यों बनी चिंता?
तेजस के तीन इंजन और मिले: 180 लड़ाकू विमानों का सौदा, पहला विमान कब मिलेगा; देरी क्यों बनी चिंता?
छत्तीसगढ़: एनटीपीसी कोरबा की सभी सातों इकाइयां बंद, सात राज्यों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी) के कोरबा संयंत्र के स्विच यार्ड में ब्रेकर की टेस्टिंग के दौरान शुक्रवार शाम इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आने से संयंत्र की सभी सात इकाइयां एक के बाद एक ट्रिप होकर बंद हो गईं।
BRICS समिट में हिस्सा लेने पूरे लाव-लश्कर के साथ आएंगे शी जिनपिंग, बांग्लादेशी PM का नहीं होगा दौरा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने शी जिनपिंग उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आएंगे। वहीं बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान के आने की कोई संभावना नहीं है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री भारत आ सकते हैं।
महाराष्ट्र:ठाणे में बच्ची का शोषण, बस चालक गिरफ्तार;'शराब की लत' आधार पर बीमा का दावा ठुकरा नहीं सकती कंपनी
दिल्ली से ₹6,000 में घूमें ये 6 खूबसूरत जगहें, सफर बन जाएगा यादगार
Budget Trips from Delhi: सितंबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं लेकिन बजट ज्यादा नहीं है. तो दिल्ली से 6 हजार रुपये के बजट में आप कई खूबसूरत जगहों की 1 रात और 2 दिन की ट्रिप प्लान कर सकते हैं. ऋषिकेश से लेकर जयपुर और मथुरा-वृंदावन तक, ये जगहें वीकेंड पर घूमने के लिए बढ़िया ऑप्शन हैं.
Bengal में नदी कटाव रोकने को IIT Kanpur की मदद से बनेगी योजना
कोलकाता, चार सितंबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार नदी किनारे होने वाले बार-बार के कटाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए काम कर रही है। अधिकारी ने बताया कि अतिरिक्त धनराशि की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा गया है। भारी बारिश और दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) द्वारा पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के कई जिले बाढ़, जलभराव और नदी किनारे कटाव से प्रभावित हुए हैं। अधिकारी ने यहां संवाददाताओं से कहा, “ये दो अलग-अलग घटनाएं हैं। एक मामला कटाव से जुड़ा है, खास तौर पर मालदा के मानिकचक और रतुआ इलाकों में, जहां हर साल यह समस्या सामने आती है। यह कटाव एक बड़ी समस्या है, जिसका हम स्थायी समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।”उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिहार और झारखंड की सरकारों के साथ समन्वय कर तथा आईआईटी-कानपुर के विशेषज्ञों की मदद से दीर्घकालिक योजना तैयार कर रही है।
जालंधर में गद्दे की फैक्ट्री में भीषण आग, मच हड़कंप
जालंधर के बस्ती बावा खेल इलाके में मोदी फार्म की गद्दे बनाने वाली फैक्ट्री में शुक्रवार को भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरी फैक्ट्री को चपेट में ले लिया और काले धुएं से इलाके में हड़कंप मच गया.
मेष राशि में शनि का प्रवेश! इन 3 राशियों पर बढ़ेगी आफत!
ज्योतिष के अनुसार शनि देव 3 जून 2027 को पहली बार मेष राशि में प्रवेश करेंगे. इसके बाद वक्री होकर मीन राशि में लौटेंगे और 23 फरवरी 2028 को मेष में स्थायी गोचर करेंगे. इस बदलाव से वृषभ, मीन और मेष राशि के जातकों पर चुनौतियां बढ़ने की आशंका है. आर्थिक फैसलों में सावधानी, खर्च पर नियंत्रण और परिवार में धैर्य बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है इस दौरान.
अभिषेक-संजू, अभिषेक-वैभव भी देख लिया... अब ओपनिंग में संजू-वैभव?
संजू सैमसन की टीम इंडिया में वापसी के साथ टॉप ऑर्डर का समीकरण फिर चर्चा में है. अभिषेक शर्मा के साथ संजू और वैभव दोनों की ओपनिंग देखी जा चुकी है, लेकिन संजू-वैभव की जोड़ी अब तक नहीं आजमाई गई.
दिमागी बुखार के मामले छह साल में 62% घटे: फिर भी मौत का अनुपात बढ़ा; यूपी-बिहार में कैसे थमा इंसेफेलाइटिस?
मोदी @25 पर BJP का मास्टरप्लान! PM के जन्मदिन से शुरू होगा अभियान, विपक्ष की भी काट तैयार
PM मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से BJP का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू होगा। 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रम होंगे। मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को जनता तक पहुंचाने की तैयारी है।
'कमर्शियल विवाद सुलझाने के लिए बने साझा मंच': सीजेआई ब्रिक्स के चीफ जस्टिस फोरम में रखा प्रस्ताव; क्या कहा?
Odisha Flood: नदियों का जलस्तर घटने से स्थिति में सुधार, 303 गांवों में राहत कार्य जारी
भुवनेश्वर, चार सितंबर ओडिशा में शुक्रवार को बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ और सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने लगा। हालांकि, राज्य के दो जिलों के 303 गांवों में अब भी करीब दो लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिले के 241 गांवों में 1,90,974 लोग और जाजपुर जिले के 62 गांवों में 7,745 लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य सरकार मयूरभंज, क्योंझर, केंद्रापड़ा और भद्रक समेत अन्य जिलों में भी राहत और बचाव अभियान चला रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों तक नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान के लिए प्रभावित इलाकों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवा के कर्मियों की 28 टीमें तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि बालासोर जिले में 111 और जाजपुर जिले में 22 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, बालासोर जिले में 16,582 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर राहत शिविरों में ठहराया गया है। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा, “राज्य की किसी भी प्रमुख नदी में अब बाढ़ की स्थिति नहीं है।”जल संसाधन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार, बालासोर जिले में भारी तबाही मचाने वाली सुवर्णरेखा नदी, जिसकी वजह से करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए, राजघाट में 10.36 मीटर के खतरे के निशान से नीचे बह रही थी और जलस्तर लगातार घट रहा था। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने शाम के बुलेटिन में कहा कि आठ सितंबर तक ओडिशा के किसी भी हिस्से के लिए बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, कुछ एक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
नमस्कार! आज है शनिवार, 5 सितंबर इस खबर के जरिए हम आपको बताएंगे कि आज देश-दुनिया में क्या कुछ होने वाला है? आइए जानते हैं...

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