केंद्र ने टीडीपी के गरीब-विरोधी अमरावती मॉडल का पर्दाफाश किया: वाईएसआर कांग्रेस
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि संसद में चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के अमरावती में गरीब-विरोधी एजेंडे का पर्दाफाश हो गया है
भाजपा के 1,500 करोड़ रुपए के केमिकल पार्क प्रस्ताव के साथ सिंगूर फिर चर्चा में
पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने राज्य में लगभग 1,500 करोड़ रुपए की लागत से एक खास केमिकल पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा है
नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अब कोई प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
अगले 7 दिनों तक यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट। जानिए कहां कब होगी बारिश।
लोकसभा से भी पास हुआ वंदे मातरम् बिल, विपक्ष के विरोध के बीच दोनों सदनों से मिली मंजूरी
लोकसभा और राज्यसभा से वंदे मातरम् बिल पारित। राष्ट्रीय गीत के अपमान पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान। अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार।
राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की मनुस्मृति टिप्पणी पर जोरदार हंगामा हुआ। सभापति ने विवादित बयान को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को कांग्रेस सांसदों ने प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने 20 जुलाई को सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
हॉकी जर्सी के रंग पर प्रियंका गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं- देश की आत्मा को कोई नहीं बदल सकता
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार चाहे राष्ट्रीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदल दे या नई शिक्षा नीति के माध्यम से इतिहास को अलग तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास करे, लेकिन इससे देश की जनता की सोच प्रभावित नहीं होगी।
आज से शुरू हुई कांवड़ यात्रा: जानिए कब होगा जलाभिषेक, सावन शिवरात्रि की तिथि और सुरक्षा इंतजाम
कांवड़ यात्रा 2026 आज 30 जुलाई से शुरू हो गई। जानिए सावन शिवरात्रि 2026 की तारीख, जलाभिषेक कब होगा, कांवड़ यात्रा रूट, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी दिशानिर्देश।
उद्धव ठाकरे ने जेन-जी युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि जैसे मुगलों ने शिवाजी महाराज को ‘चूहा’ कहा था, वैसे ही आज युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहकर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने रोजगार, संसद और छात्र आंदोलन पर भी सरकार को घेरा।
पेलेट गन विवाद के बीच सीआरपीएफ प्रमुख जी.पी. सिंह ने जवानों का समर्थन करते हुए कहा कि वे निडर होकर ड्यूटी करें, जिम्मेदारी उनकी होगी। आंतरिक समीक्षा में RAF द्वारा एसओपी पालन का दावा किया गया।
पेपर लीक पर CJP का सरकार पर हमला, आशुतोष रांका बोले- सिर्फ सजा नहीं, रोकथाम की ठोस व्यवस्था जरूरी
सीजेपी प्रवक्ता ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान किया। भावुक संदेश में उन्होंने अपने करियर, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत और क्रिकेट प्रशंसकों का आभार जताया।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित हुई। राज्यसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा जारी रही। प्रियंका गांधी और कपिल सिब्बल ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर गुरुवार को जारी उपचुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फर्जी मतदान की आशंका जताते हुए रिटर्निंग ऑफिसर को पत्र लिखकर सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की पहचान का सख्ती से सत्यापन कराने की मांग की है।
सोनम वांगचुक ने एंटी पेपर लीक बिल का किया स्वागत, बोले- सरकार वादे निभाए, छात्रों पर कार्रवाई न हो
सोनम वांगचुक ने लोकसभा से पारित एंटी पेपर लीक बिल का स्वागत किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई न करने की सरकार से अपील की।
'अगर यह हमारा है तो हम चुप नहीं रह सकते', फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र से पीओके पर आवाज उठाने को कहा
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र सरकार से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हाल की घटनाओं पर आवाज उठाने को कहा
महाराष्ट्र के शहरी स्थानीय निकायों (जिनमें नगर निगम, नगरपालिकाएं और नगर परिषद शामिल हैं) में सरकारी फंड से चल रही विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने का फैसला किया।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने तमिलनाडु के अपने समकक्ष सी. जोसेफ विजय को कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है
केवल इस्तीफों से पेपर लीक नहीं रुकेगा, सख्त कार्रवाई जरूरी: राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पेपर लीक विरोधी बिल, नीट मामले की जांच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की टिप्पणी, छात्रों की रिहाई और बिहार के बाकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा, केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर जुबानी हमला किया
सरकार सिर्फ सजा और जुर्माने पर नहीं, बल्कि पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर चर्चा करे: सीजेपी
परीक्षा प्रणाली में पेपर लीक की समस्या को लेकर राजनीति बयानबाजी तेज है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मंगलवार को संसद में पास हुए बिल पर सवाल उठाया
लोकसभा ने हंगामे और तीखी बहस के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। अब एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में पेश होगा।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में तीन अज्ञात लोगों ने एक कांग्रेस नेता की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी साझा की।
एकेजी भवन मामले पर बोले JP नड्डा: 'आपातकाल के दौरान मुझे कई बार कक्षा से गिरफ्तार किया गया'
राज्यसभा में माकपा सांसद डॉ. जॉन ब्रिटास और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिल्ली स्थित माकपा मुख्यालय एकेजी भवन में दिल्ली पुलिस के प्रवेश का मुद्दा उठाया गया। जॉन ब्रिटास ने कहा कि पुलिस यहां एक छात्र नेता को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इस पर राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा।
संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एनटीए को लेकर सवाल उठाए।
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी की गृह मंत्री पर टिप्पणी से हंगामा मच गया। किरेन रिजिजू ने माफी की मांग की, स्पीकर ओम बिरला ने मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की सलाह दी और सदन की कार्यवाही 2:30 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
CJP नेताओं ने किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की। किसानों और छात्रों के संभावित संयुक्त आंदोलन, राजस्थान महापंचायत और सरकार से समझौते को लागू करने की मांग पर बढ़ी हलचल।
नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने 13 आरोपियों के खिलाफ 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। 92 ठिकानों पर छापेमारी, 360 गवाहों के बयान और एनटीए विशेषज्ञों की गिरफ्तारी से जांच तेज।
सीपीआई (एम) नेता और केरल से राज्यसभा सांसद डॉ. वी सिवदासन की ओर से नियम 267 के तहत राज्यसभा के सभापति को नोटिस देकर मांग की गई है कि सदन को स्थगित किया जाए और नीट परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ विरोध करने वाले छात्रों पर जवाबी कार्रवाई के लिए पुलिस के इस्तेमाल सहित परिस्थितियों पर चर्चा की जानी चाहिए।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पर सख्ती की तैयारी, संसद में आज संशोधन विधेयक पेश करेंगे अमित शाह
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण निर्धारित समय के बाद कराया जाता है तो उसकी अवधि के आधार पर अलग-अलग स्तर की स्वीकृति लेनी होगी। यदि पंजीकरण में एक से दो वर्ष तक की देरी होती है तो जिला मजिस्ट्रेट (DM), उप-मंडल मजिस्ट्रेट (SDM) या कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी।
संसद परिसर में सपा सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। डिंपल यादव दानपेटी लेकर पहुंचीं, अखिलेश यादव ने सरकार से जवाब और संसद में चर्चा की मांग उठाई।
कंगना रनौत और CJP प्रवक्ता सौरव दास के बीच जुबानी जंग तेज, सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर साधे निशाने
एक समाचार एजेंसी से बातचीत में CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कंगना रनौत की छात्र आंदोलन को लेकर की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी नजर में कंगना की बातों को उनकी अपनी पार्टी के लोग भी गंभीरता से नहीं लेते।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से देश भर में फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। सीजेपी का आरोप है कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का इस्तेमाल, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने के अपने पहले के आश्वासन से बचने के लिए कर रही है।
लोकसभा में फिर हंगामा, कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक सदन स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के कारण सदन दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। आज एंटी पेपर लीक विधेयक पर चर्चा जारी रहेगी और राहुल गांधी भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं।
भोपाल को मिली चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात, सीएम मोहन यादव ने किया शुभारंभ
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को निशातपुरा रेलवे स्टेशन के शुभारंभ के साथ चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है।
मुंबई : ठाणे जनरल हॉस्पिटल परियोजना की समीक्षा, शिंदे ने कहा- 'विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द'
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे जनरल हॉस्पिटल के कामकाज और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को परियोजना को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
दिपके ने कहा कि आंदोलन समाप्त होने के बावजूद यदि छात्रों को हिरासत, पूछताछ या अन्य तरीकों से परेशान किया जाता है, तो सरकार को इसका जवाब शांतिपूर्ण लेकिन व्यापक जनआंदोलन के रूप में मिलेगा। उन्होंने सरकार से छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील की।
सिर्फ एक वीडियो से किसी अधिकारी की छवि खराब नहीं की जा सकती: पुलिस ज्यादती मामले में दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2025 में पुलिस ज्यादती से जुड़े मामले की जांच से पुलिस अधिकारी संदीप लांबा को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल एक वीडियो के आधार पर किसी पुलिस अधिकारी की पूरी छवि को खराब नहीं किया जा सकता।
नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया था कि 18 वर्ष से कम उम्र के उन छात्रों को रिहा किया जाए, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है और जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं, खासकर जेन जी का विश्वास जीतना है, तो उन्हें सोशल मीडिया वीडियो के लिए फोन कैमरे का नहीं, अपने दिल का एंगल बदलना होगा।
क्या छात्र आतंकवादी थे, पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया…संसद में बोलीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने संसद में छात्र आंदोलनों के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ कठोर व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
संभल की शाही जामा मस्जिद के कोर्ट कमिश्नर सर्वे को लेकर चल रहे विवाद में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में मुस्लिम पक्ष ने अपनी दलीलें अदालत के समक्ष रखीं। सुनवाई पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त तय की है। उस दिन हिंदू पक्ष की ओर से अपनी दलीलें पेश की जाएंगी।
विपक्षी सांसदों ने सरकार से पूछा सवाल-नया कानून आने के बाद भी पेपर लीक हुआ तो कौन लेगा जिम्मेदारी?
पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल को लेकर संसद में विपक्षी सांसदों ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस, आरजेडी, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पेपर लीक की घटनाओं, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विपक्ष ने कहा कि केवल सख्त कानून बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा : जितेंद्र सिंह बोले- परीक्षा लीक करने वालों को अब 5 महीने में मिलेगी सजा
लोकसभा में मंगलवार को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू हुई। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य पेपर लीक, संगठित परीक्षा घोटालों और अन्य अनुचित गतिविधियों पर पहले से अधिक प्रभावी ढंग से रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।
पीएम मोदी ने बाढ़ की स्थिति पर असम के सांसदों से की चर्चा, केंद्र की ओर से मदद का दिया आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के सांसदों से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा ने बैठक में उन्होंने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
लोकसभा में 'एंटी-पेपर लीक' बिल पर चर्चा शुरू, किरेन रिजिजू बोले-हम 10 घंटे चर्चा करने के लिए तैयार
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को दो बजे के बाद लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई। 'एंटी-पेपर लीक' बिल पर चर्चा के लिए पहले छह घंटे का समय तय किया गया था। विपक्ष ने समय को बढ़ाने की मांग की, जिस पर किरेन रिजिजू ने कहा, हम 10 घंटे चर्चा करने के लिए तैयार हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की सहमति लेकर 10 घंटे चर्चा करने का ऐलान कर दिया है।
बांकीपुर उपचुनाव: आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार! BJP की साख दांव पर, विपक्ष की सेंधमारी की कोशिश
बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार मंगलवार शाम थम जाएगा। इसके साथ ही सभी राजनीतिक दलों का जोर अब घर-घर संपर्क और बूथ प्रबंधन पर रहेगा। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर चुनावी सरगर्मी चरम पर रही।
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, नोएडा-गाजियाबाद में जलभराव; IMD का यलो अलर्ट जारी
दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश से नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव। IMD ने अगले दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया, ट्रैफिक और जनजीवन प्रभावित।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 18 वर्ष से कम छात्रों की तत्काल रिहाई के निर्देश
जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश। 18 वर्ष से कम आयु के प्रदर्शनकारी छात्रों की तत्काल रिहाई के निर्देश, केंद्र और सात राज्यों को नोटिस, निष्पक्ष जांच पर जोर।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के लॉन्ग मार्च के दौरान कम से कम 20 लोग मारे गए और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना इस इलाके में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी अधिकारियों की बढ़ती कार्रवाई के बीच हुई।
भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर हाईवे ठप: काजीगुंड में फंसे सैकड़ों अमरनाथ यात्री, यात्रा रोकी गई
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसके चलते अमरनाथ यात्रा से लौट रहे सैकड़ों श्रद्धालु काजीगुंड के मीर बाजार स्थित यात्री निवास में फंस गए हैं।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र में पुलिस और एक शातिर बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गौकशी के एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया। मौके से पुलिस ने अवैध तमंचा, चोरी की मोटरसाइकिल, इंजेक्शन, सीरिंज, धारदार हथियार और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया है।
पीएम नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने पर Meta ने तकनीकी खराबी बताते हुए माफी मांगी। केंद्र सरकार ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित, एंटी पेपर लीक बिल पर आज होगी अहम चर्चा
लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के बीच दोपहर 2 बजे तक स्थगित। आज एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा होगी, जबकि राज्यसभा में MSME और राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक पेश किए जाएंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले और सरकारी नौकरी का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) बड़ा अवसर लेकर आया है। आयोग ने दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के रिक्त पदों को भरने के लिए आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 828 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग के आधिकारिक पोर्टल upsconline.nic.in पर जाकर 14 अगस्त 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।पदों का विवरण, सैलरी और महत्वपूर्ण तिथियांसंघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार, इस भर्ती में प्रिंसिपल के लिए भर्ती संख्या 26075101725 और वाइस प्रिंसिपल के लिए वैकेंसी नंबर 26075102725 तय किया गया है।आयोग का नाम: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)विभाग: दिल्ली सरकार, शिक्षा विभागकुल पद: 828 (प्रिंसिपल - 124 पद, वाइस प्रिंसिपल - 704 पद)आवेदन की अंतिम तिथि: 14 अगस्त 2026आधिकारिक वेबसाइट: upsconline.nic.inवेतनमान (सैलरी): 7वें वेतन आयोग के अनुसार प्रिंसिपल पद के लिए पे मैट्रिक्स लेवल 12 और वाइस प्रिंसिपल पद के लिए पे मैट्रिक्स लेवल 10 के आधार पर आकर्षक वेतन दिया जाएगा।प्रिंसिपल पद के लिए आवश्यक योग्यता और आयु सीमाप्रिंसिपल के 124 पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित योग्यताएं होनी अनिवार्य हैं:किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होनी चाहिए।किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर (Master's Degree) पूरा होना चाहिए।किसी मान्यता प्राप्त हाई स्कूल, हायर सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी स्कूल या इंटरमीडिएट कॉलेज में बतौर वाइस प्रिंसिपल, पीजीटी (PGT) या टीजीटी (TGT) शिक्षक के रूप में कम से कम 10 वर्ष की नियमित सेवा का अनुभव हो।आयु सीमा: सामान्य (General) और ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 50 वर्ष तय की गई है। ओबीसी (OBC) श्रेणी के उम्मीदवारों को 53 वर्ष और एससी/एसटी (SC/ST) अभ्यर्थियों को 55 वर्ष तक आवेदन की छूट है। दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष रखी गई है।वाइस प्रिंसिपल पद के लिए योग्यता और आयु सीमावाइस प्रिंसिपल के 704 पदों के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री हासिल की हो।इसके साथ ही मास्टर्स डिग्री (Master's Degree) भी पूरी होना आवश्यक है।पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT) के पद पर न्यूनतम 2 साल का अनुभव अथवा ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) के पद पर कम से कम 3 साल का शिक्षण अनुभव होना चाहिए।आयु सीमा: जनरल व ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष, ओबीसी के लिए 38 वर्ष और एससी/एसटी उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष तय की गई है। दिव्यांग वर्ग के लिए नियमानुसार 10 साल की छूट के साथ अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष तक रहेगी।चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और इंटरव्यूUPSC द्वारा इन पदों पर चयन दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा:कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट (CRT): पहले चरण में उम्मीदवारों को पेन और पेपर मोड (ऑफलाइन) में कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट देना होगा।साक्षात्कार (Interview): लिखित परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। यह इंटरव्यू 100 अंकों का होगा, जिसका शेड्यूल आयोग द्वारा अलग से जारी किया जाएगा। साक्षात्कार के समय अभ्यर्थियों को अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र का प्रिंटआउट और सभी मूल शैक्षणिक व अनुभव संबंधी दस्तावेज सत्यापन के लिए साथ लाने होंगे।स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन आवेदन करने का तरीकासबसे पहले आयोग के आधिकारिक ओआरए (ORA) पोर्टल upsconline.nic.in/ora/ पर जाएं।यदि आपने पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) नहीं किया है, तो 'New Registration' पर क्लिक करके अपना मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बुनियादी व्यक्तिगत विवरण दर्ज करके पंजीकरण पूरा करें।रजिस्ट्रेशन के बाद मिले लॉगइन क्रेडेंशियल की मदद से पोर्टल पर दोबारा लॉगइन करें।अब संबंधित वैकेंसी नंबर (प्रिंसिपल या वाइस प्रिंसिपल) के सामने दिख रहे 'Apply Online' लिंक पर क्लिक करें।फॉर्म में अपनी जन्मतिथि, श्रेणी, स्थायी पता, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और शिक्षण अनुभव से जुड़ी सही जानकारी दर्ज करें।इसके बाद मांगे गए आकार में अपना पासपोर्ट साइज फोटो, डिजिटल हस्ताक्षर, आवश्यक पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड), डिग्री और मार्कशीट की स्कैन्ड कॉपी अपलोड करें।निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करें और भरे गए फॉर्म को री-चेक करके फाइनली सबमिट कर दें।भविष्य की चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन के लिए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच वीकेंड पर अचानक हमले रुकने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। क्रूड ऑयल सस्ता होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर बनी चिंताएं थोड़ी कम हुई हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर सोने की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। हालांकि, दूसरी ओर औद्योगिक मांग सुस्त पड़ने के कारण चांदी के दामों पर दबाव बना हुआ है।भारतीय सर्राफा बाजार में एक दिन की स्थिरता के बाद आज लगातार दूसरे दिन सोने के भाव में तेजी दर्ज की गई है। बीते दो दिनों की बात करें तो देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरट शुद्धता वाला 10 ग्राम सोना ₹940 और 22 कैरट वाला सोना ₹860 तक महंगा हुआ है। आज मंगलवार को दिल्ली में 24 और 22 कैरट सोने के दाम में ₹10 प्रति 10 ग्राम का मामूली उछाल दर्ज किया गया है।10 बड़े शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा भावदेश के मुख्य महानगरों और शहरों में आज 10 ग्राम सोने की दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:शहर (City)24 कैरट 10 ग्राम भाव22 कैरट 10 ग्राम भाव18 कैरट 10 ग्राम भावदिल्ली (Delhi)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550मुंबई (Mumbai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,09,400कोलकाता (Kolkata)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400चेन्नई (Chennai)₹1,45,870₹1,33,710₹1,11,860बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400हैदराबाद (Hyderabad)₹1,45,900₹1,33,710₹1,09,400लखनऊ (Lucknow)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550पटना (Patna)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450जयपुर (Jaipur)₹1,46,050₹1,33,860₹1,09,550अहमदाबाद (Ahmedabad)₹1,45,950₹1,33,760₹1,09,450दो दिनों की स्थिरता के बाद ₹100 सस्ती हुई चांदीचांदी की घरेलू कीमतों में दो दिनों तक स्थिरता बने रहने के बाद आज मंगलवार को गिरावट आई है। आज दिल्ली के सर्राफा बाजार में एक किलोग्राम चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,39,900 के स्तर पर कारोबार कर रही है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में भी चांदी आज इसी रेट पर बेची जा रही है। इससे पहले 24 जुलाई को चांदी के दामों में ₹5,000 की बड़ी गिरावट आई थी।एक्सपर्ट की राय: क्यों आई सोने में तेजी और आगे किस पर रहेगी बाजार की नजर?एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया के तनाव में कमी आने से कच्चे तेल के भाव नीचे आए हैं, जिससे सोने को मजबूती मिली है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और यूएस बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से भी सोने की कीमतों को सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय रुपये की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोने की तेजी बहुत ज्यादा बड़ी नहीं हो सकी।वहीं जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के अनुसार, अब बाजार की नजरें पश्चिम एशिया के आगामी हालात पर टिकी रहेंगी। इसके साथ ही अमेरिका, जापान और यूरोजोन के नए महंगाई आंकड़े, अमेरिका का जीडीपी डेटा, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले भी सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे।
हर दिन की शुरुआत केवल सूरज की किरणों से ही नहीं, बल्कि हमारी जेब को प्रभावित करने वाले पेट्रोल और डीजल के नए दामों से भी होती है। रोज सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs)—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—ईंधन की ताजा दरें जारी करती हैं। ये दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। चाहे दफ्तर जाने वाला कोई आम नागरिक हो या रोजमर्रा का सामान ढोने वाला व्यापारी, पेट्रोल-डीजल के भाव का सीधा असर हर किसी की जिंदगी और बजट पर पड़ता है।28 जुलाई 2026: जानिए अपने शहर में आज क्या हैं पेट्रोल-डीजल के दामविभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स और वैट (VAT) की दरों में अंतर होने के कारण हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग-अलग होते हैं। देश के प्रमुख शहरों में आज के ताजा रेट इस प्रकार हैं:शहर (City)पेट्रोल (रुपये/लीटर)डीजल (रुपये/लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई₹111.18₹97.83कोलकाता₹113.47₹99.82चेन्नई₹107.77₹99.55गुरुग्राम₹102.77₹95.44नोएडा₹102.12₹95.56बेंगलुरु₹110.93₹98.80भुवनेश्वर₹109.92₹100.92चंडीगढ़₹98.10₹86.09हैदराबाद₹115.69₹103.82जयपुर₹112.66₹97.78लखनऊ₹102.05₹95.55पटना₹113.35₹99.36तिरुवनंतपुरम₹115.49₹104.40क्यों पिछले दो सालों से लगभग स्थिर बनी हुई हैं कीमतें?मई 2022 के बाद से केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने करों में कटौती की थी, जिसके बाद से पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में काफी हद तक स्थिरता देखी जा रही है। यद्यपि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव आता रहता है, फिर भी भारतीय उपभोक्ताओं को महंगाई के झटके से बचाने के लिए घरेलू बाजार में कीमतें संतुलित रखी गई हैं। किसी भी शहर में पेट्रोल-डीजल का अंतिम मूल्य मुख्य रूप से पांच कारकों पर निर्भर करता है—कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरें, डॉलर-रुपये का एक्सचेंज रेट, केंद्र व राज्य सरकारों का टैक्स, क्रूड ऑयल को रिफाइन करने का खर्च और बाजार में मांग-आपूर्ति का संतुलन।मोबाइल से SMS के जरिए तुरंत जानें अपने शहर का रेटयदि आप हर दिन अपने मोबाइल पर ही अपने शहर का ताजा पेट्रोल-डीजल रेट जानना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया बहुत सरल है। इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक अपने मैसेज बॉक्स में RSP टाइप करके 9224992249 पर भेज सकते हैं। भारत पेट्रोलियम (BPCL) के उपभोक्ता RSP लिखकर 9223112222 पर तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजकर कुछ ही सेकंड में ताजा रेट प्राप्त कर सकते हैं।
वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं, प्रेम, सौंदर्य, संपन्नता और मजबूत रिश्तों का कारक माना जाता है। मान्यता है कि जिनकी कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होते हैं, उनके जीवन में आनंद, आकर्षण और वैभव की कभी कमी नहीं होती। आगामी 1 अगस्त 2026 को शुक्र देव अपनी चाल बदलते हुए सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यद्यपि कन्या राशि को शुक्र की नीच राशि माना जाता है, लेकिन इसके स्वामी बुध के साथ शुक्र की परम मित्रता होने के कारण यह गोचर कला, बौद्धिक क्षमता, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए बेहद सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।शुक्र गोचर की समय-सारणी और नक्षत्र परिवर्तन का प्रभावपंचांगीय गणना के अनुसार, शुक्र देव 1 अगस्त 2026 को सुबह 09:33 बजे (पंचांग भेद के अनुसार सुबह 06:03 बजे) कन्या राशि में गोचर करेंगे। वे 2 सितंबर 2026 तक इसी राशि में विराजमान रहेंगे, जिसके बाद अपनी स्वराशि तुला में प्रवेश कर जाएंगे। इस राशि परिवर्तन से पहले, 29 जुलाई 2026 को शुक्र देव उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। लगभग एक महीने की इस अवधि के दौरान 4 विशेष राशियों के जातकों की सोई हुई किस्मत चमकने के प्रबल योग बन रहे हैं।वृषभ और मिथुन राशि: करियर में तरक्की और मनचाहा ट्रांसफरवृषभ राशि: शुक्र का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ साबित होगा। करियर के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल होंगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के साथ-साथ सैलरी हाइक का लाभ मिल सकता है। जो लोग लंबे समय से नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें मनपसंद अवसर प्राप्त होंगे।मिथुन राशि: इस राशि के जातकों के जीवन में सुख-सुविधाओं की बढ़ोतरी होगी। लंबे समय से रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। कार्यस्थल पर कोई नई जिम्मेदारी या बड़ा प्रोजेक्ट मिल सकता है। जो लोग मनचाही जगह ट्रांसफर चाह रहे थे, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है।सिंह और मकर राशि: अटका धन वापस मिलेगा और बिजनेस में होगा विस्तारसिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए शुक्र का यह परिवर्तन मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। समाज में आपका कद बढ़ेगा और लंबे समय से फंसा हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा होगा और पारिवारिक रिश्तों में मिठास बनी रहेगी।मकर राशि: मकर राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। नया कारोबार शुरू करने या वर्तमान बिजनेस का विस्तार करने के लिए यह समय सबसे अनुकूल है। व्यापार के सिलसिले में की गई यात्राएं आने वाले समय में बड़ा आर्थिक मुनाफा दिलाएंगी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार (28 जुलाई) को भी बादलों की आवाजाही और झमाझम बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली में दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम की इस हलचल को देखते हुए विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार, सुबह से लेकर दोपहर के समय कुछ इलाकों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि शाम और रात के समय भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस और गर्मी से लोगों को काफी हद तक निजात मिलेगी।बारिश और बादलों के इस प्रभाव से राजधानी के तापमान में भी अच्छी गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इससे पहले सोमवार दोपहर को हुई बारिश ने भी दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई थी।सोमवार की बारिश से थमी उमस: जानिए कहां कितनी दर्ज हुई वर्षासोमवार की शुरुआत दिल्ली में बेहद गर्म और चिलचिलाती उमस के साथ हुई थी। बारिश होने से पहले सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक 38.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसी तरह पालम और लोधी रोड में तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस, जबकि रिज और अयानगर में 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.3 डिग्री ऊपर 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। हालांकि, दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई।मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार शाम 5:30 बजे तक रिज वेदर स्टेशन पर सबसे ज्यादा 19.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा लोधी रोड में 11.5 मिमी, सफदरजंग में 8 मिमी, पूसा में 4 मिमी, अयानगर में 3.8 मिमी और जनकपुरी में 2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मयूर विहार, नारायणा और नजफगढ़ के इलाकों में भी हल्की वर्षा हुई, हालांकि पालम, जाफरपुर और छतरपुर जैसे इलाकों में सोमवार को बारिश नहीं हुई।जलभराव और ट्रैफिक में देरी की आशंका: 'मध्यम' श्रेणी में बना हुआ है AQIमौसम विभाग ने सचेत किया है कि मंगलवार को होने वाली मध्यम बारिश के चलते दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भरने यानी जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। इसके कारण दिन के समय व्यस्त सड़कों पर वाहनों की गति धीमी हो सकती है और लोगों को ट्रैफिक में देरी का सामना करना पड़ सकता है। IMD ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और रूट की स्थिति जरूर जांच लें तथा जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें।वहीं अगर प्रदूषण और हवा की गुणवत्ता की बात करें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 101 दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली की हवा लगातार दूसरे दिन 'मध्यम' श्रेणी में बनी हुई है।पूरे हफ्ते जारी रहेगा बारिश का सिलसिला: जानें आगे कैसा रहेगा मौसममौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली में बारिश का यह दौर केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले कुछ दिनों तक लगातार जारी रहने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को भी दिल्ली में मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है, जबकि सप्ताह के बाकी बचे दिनों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने रहेंगे। इस पूरे सप्ताह दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
ट्रम्प के एक फैसले से थमी युद्ध की आग: $88 के नीचे उतरा ब्रेंट क्रूड, जानिए क्या अब सस्ता होगा तेल?
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखी जा रही है। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) का भाव फिसलकर $88 प्रति बैरल के नीचे आ गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत भी गिरकर लगभग $82 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते से विवाद सुलझाने की नई उम्मीदें जगी हैं। एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि बातचीत को एक और मौका देने के उद्देश्य से उन्होंने ईरान के खिलाफ जारी बमबारी और सैन्य हमलों को रोकने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि तेहरान के साथ सकारात्मक दिशा में बातचीत चल रही है। हालांकि, कूटनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोनों देशों के बीच अभी किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना बाकी है। इस पूरे महीने कच्चे तेल के दामों में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया था, जब वाशिंगटन और तेहरान का विवाद लाल सागर तक फैलने से दरें तेजी से बढ़ी थीं, लेकिन अब सैन्य गतिविधियों पर विराम लगने से कीमतें तेजी से नीचे आ रही हैं।ओमान और ईरान के बीच तेहरान में अहम बैठक, समुद्री रास्तों को खोलने की पहलब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले रणनीतिक जलमार्ग से तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए ईरान और ओमान के शीर्ष अधिकारियों के बीच गहन चर्चा चल रही है। यह समुद्री रास्ता सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल दैनिक तेल परिवहन का लगभग 20% (पांचवां हिस्सा) संभालता है। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ओमान और ईरान के वरिष्ठ सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों की सप्ताहांत में तेहरान में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है। अगर ओमान की मध्यस्थता में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होती है, तो अमेरिका और ईरान अपने पुराने मतभेदों को दूर करने के लिए औपचारिक वार्ता की मेज पर लौट सकते हैं। इस सकारात्मक माहौल के बीच, ईरानी सेना ने भी आधिकारिक ऐलान किया है कि उसने इस क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैनिकों और उनके सैन्य अड्डों पर अपनी ओर से की जाने वाली सभी जवाबी कार्रवाइयों को फिलहाल पूरी तरह रोक दिया है।कजाकिस्तान टर्मिनल पर फिर शुरू हुई लोडिंग, सप्लाई चेन की दिक्कतें हुईं दूरकच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव में आई इस गिरावट के पीछे सिर्फ मध्य पूर्व की शांति ही नहीं, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति में हुआ सुधार भी एक बड़ा कारण है। हाल ही में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कजाकिस्तान के मुख्य एक्सपोर्ट टर्मिनल पर जो रुकावट पैदा हुई थी, वह अब दूर कर ली गई है। कजाकिस्तान के ऊर्जा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, रूस के नोवोरोस्सिय्स्क पोर्ट के पास स्थित 'कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम' (CPC) फैसिलिटी में दो विशाल तेल टैंकरों की लोडिंग प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है। इस सप्लाई के शुरू होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की किल्लत की आशंका खत्म हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में तेल की वैश्विक कीमतों में और अधिक स्थिरता और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हिंदू धर्म में सावन के पवित्र महीने का विशेष महत्व है। इस दौरान भक्त भगवान शिव की उपासना, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। हालांकि, सावन का महीना मानसून के ठीक बीच में आता है, जब सुहावने मौसम के साथ-साथ वायरल फीवर, पेट में इंफेक्शन, टाइफाइड और डेंगू जैसी बीमारियों का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है। कई लोग इस महीने सावन सोमवार का व्रत रखते हैं और अपनी रोजमर्रा की डाइट में बड़े बदलाव करते हैं। ऐसे में आस्था और भक्ति के साथ-साथ अपने शरीर की सही देखभाल करना भी बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप कुछ छोटी-छोटी लेकिन असरदार आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो पूरे सावन भर स्वस्थ, एक्टिव और एनर्जेटिक रह सकते हैं।दूषित पानी से बचें: हमेशा उबला या फिल्टर पानी ही पिएंबारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों जैसे टाइफाइड, डायरिया और पेट के गंभीर इंफेक्शन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इससे बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप हमेशा फिल्टर किया हुआ या पानी उबालकर ही पिएं। जब भी आप घर से बाहर निकलें, तो अपनी पानी की बोतल साथ रखना न भूलें। सड़क किनारे मिलने वाले खुले और अनहेल्दी खाने या बाहर के पानी से परहेज करना ही बुद्धिमानी है।ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन अपनाएंमानसून के दौरान हमारी पाचन क्रिया थोड़ी सुस्त हो जाती है। ऐसे समय में बासी, ज्यादा तला-भुना या अत्यधिक मसालेदार खाना पचाना मुश्किल होता है और यह पेट खराब कर सकता है। इसकी जगह घर का बना ताजा, हल्का और संतुलित खाना खाएं। अपनी थाली में मौसमी फल, दालें और हरी सब्जियां शामिल करें। यह हल्का भोजन आपके पाचन तंत्र को ठीक रखने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को भी बढ़ाता है।सावन व्रत में पोषण की कमी न होने देंसावन के सोमवार का व्रत रखते समय केवल भूखे रहना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। व्रत के दौरान शरीर में पोषण और ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए समय-समय पर फलाहार करते रहें। अपनी डाइट में दूध, दही, ताजे फल, मखाना, सूखे मेवे, नारियल पानी और पर्याप्त मात्रा में तरलीकृत पदार्थ शामिल करें। इससे डिहाइड्रेशन, कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं से आसानी से बचाव होता है।रोज करें योग, प्राणायाम और हल्की एक्सरसाइजबारिश के कारण अगर बाहर पार्क में टहलना संभव न हो, तो भी घर के अंदर ही रोजाना 20 से 30 मिनट का समय योग, प्राणायाम या हल्की स्ट्रेचिंग के लिए जरूर निकालें। नियमित रूप से योगाभ्यास करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, मांसपेशियां एक्टिव रहती हैं और इम्यूनिटी मजबूत बनती है। इसके अलावा, प्राणायाम करने से मानसिक तनाव दूर होता है और मन शांत रहता है।पर्याप्त नींद, सफाई और मच्छरों से सुरक्षाशरीर को बीमारियों से मुक्त रखने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है, क्योंकि सोते समय ही हमारा शरीर अंदरूनी मरम्मत करता है। इसके साथ ही पर्सनल हाइजीन का विशेष ध्यान रखें। बाहर से आने पर या खाना खाने से पहले हाथों को साबुन से धोएं, गीले कपड़े पहनने से बचें और पैरों को हमेशा साफ व सूखा रखें ताकि फंगल इंफेक्शन न हो। बारिश के मौसम में जमा पानी में मच्छर तेजी से पनपते हैं, जिससे डेंगू और मलेरिया फैल सकता है। इसलिए घर के आसपास पानी न जमा होने दें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें।
जुलाई का महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और दो दिनों में अगस्त महीने की शुरुआत होने जा रही है। अगर आप भी अगले महीने के लिए नया रसोई गैस सिलेंडर बुक करने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह बेहद काम की खबर है। 1 अगस्त 2026 से कुकिंग गैस कनेक्शन, बुकिंग टाइमिंग और पीएनजी (PNG) में स्विच करने से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही हर महीने की पहली तारीख को होने वाली समीक्षा के तहत देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs)—इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी कर सकती हैं। कंपनियां इस दौरान 5 किलो, 10 किलो कॉम्पोजिट, 14.2 किलो वाले घरेलू और 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में संशोधन कर सकती हैं।कच्चे तेल में नरमी से राहत की उम्मीद: जानिए कब घटे-बढ़े थे दामअंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी नरमी के चलते उपभोक्ताओं को इस बार एलपीजी दरों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में ब्रेंट क्रूड का भाव 6% से ज्यादा गिरकर $88 प्रति बैरल के नीचे आ चुका है। एलपीजी कीमतों का पिछला रिकॉर्ड देखें तो 1 जुलाई 2026 को तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹183.50 की बड़ी कटौती की थी, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सीधी राहत मिली थी। वहीं, इससे पहले 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। चूकी ओएमसी हर महीने की 1 तारीख को बाजार की समीक्षा करती हैं, इसलिए अगली रेट लिस्ट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।10 बड़े शहरों में आज क्या हैं घरेलू और कमर्शियल एलपीजी के रेट?अगर आप आज की तारीख में एलपीजी सिलेंडर बुक करवा रहे हैं, तो अपने शहर की आधिकारिक दरें जरूर जान लें। देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के मौजूदा दाम इस प्रकार हैं:शहर (City)घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 kg)कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 kg)दिल्ली (Delhi)₹942.00₹1,766.00मुंबई (Mumbai)₹941.50₹1,717.00कोलकाता (Kolkata)₹968.00₹1,879.00चेन्नई (Chennai)₹957.50₹1,929.00बेंगलुरु (Bengaluru)₹945.50₹1,837.00हैदराबाद (Hyderabad)₹995.50₹1,978.00जयपुर (Jaipur)₹956.50₹1,804.00लखनऊ (Lucknow)₹980.50₹1,910.00चंडीगढ़ (Chandigarh)₹955.50₹1,786.00पटना (Patna)₹1,001.00₹2,018.00
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन के साथ टीडब्ल्यूएस ईयरबड्स, स्मार्टवॉच या ब्लूटूथ स्पीकर का इस्तेमाल आम बात हो गई है। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि लोग इन डिवाइसेज का इस्तेमाल खत्म होने के बाद भी अपने फोन का ब्लूटूथ ऑन ही छोड़ देते हैं। आपकी यही छोटी सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए आपके फोन में सेंध लगाने का आसान रास्ता बन सकती है। खासकर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, शॉपिंग मॉल, कैफे और बस स्टैंड जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर अगर आपका ब्लूटूथ ऑन रहता है, तो आप आसानी से हैकर्स के रडार पर आ सकते हैं।क्या है 'ब्लू बगिंग' और यह आपके फोन को कैसे बनाती है निशाना?साइबर सुरक्षा की भाषा में इस खतरे को 'ब्लू बगिंग' (Bluebugging) कहा जाता है। यह एक ऐसी एडवांस हैकिंग तकनीक है, जिसमें हैकर्स आपके फोन के चालू ब्लूटूथ कनेक्शन की कमियों का फायदा उठाते हैं। अगर आपके फोन का ब्लूटूथ ऑन है और वह आसपास के अन्य डिवाइसेज के लिए 'विजिबल' (दृश्यमान) है, तो हैकर बिना आपकी अनुमति के चुपके से आपके डिवाइस से कनेक्ट हो जाते हैं। एक बार कनेक्शन सफल होने के बाद, वे आपके फोन के कॉल लॉग्स, पर्सनल मैसेज, फोटोज, कॉन्टैक्ट्स और यहां तक कि बैंकिंग ऐप्स तक अपनी पहुंच बना सकते हैं।इन 2 आसान सेटिंग्स से तुरंत सुरक्षित करें अपना डिवाइसब्लू बगिंग जैसे खतरनाक साइबर अटैक से बचना बेहद आसान है, बस आपको अपनी डिजिटल आदतों में थोड़ा बदलाव करना होगा। सबसे पहला नियम यह है कि जैसे ही आपका ईयरबड्स या स्मार्टवॉच से काम खत्म हो जाए, फोन के नोटिफिकेशन पैनल में जाकर ब्लूटूथ को तुरंत ऑफ (OFF) कर दें। यदि किसी वजह से ब्लूटूथ ऑन रखना बेहद जरूरी हो, तो फोन की सेटिंग्स में जाकर 'Bluetooth Visibility' या 'Discoverability' को ऑफ कर दें। इससे आपका ब्लूटूथ चालू रहने पर भी आसपास मौजूद अनजान डिवाइसेज को दिखाई नहीं देगा और हैकर्स आपके फोन से कनेक्ट नहीं हो पाएंगे।क्यों जरूरी है आज ही इस आदत को बदलना?वर्तमान समय में स्मार्टफोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि इसमें हमारी पूरी पर्सनल जिंदगी, नेट बैंकिंग, यूपीआई पासवर्ड और प्राइवेट चैट का डेटा स्टोर रहता है। ऐसे में ब्लूटूथ जैसी छोटी सी लापरवाही आपके वित्तीय और निजी जीवन को खतरे में डाल सकती है। सार्वजनिक स्थानों पर यात्रा करते समय extra सावधान रहें और ब्लूटूथ ऑफ रखने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
LIVE: संसद में आज परीक्षा में सुधारों पर चर्चा, लोकसभा में 6 घंटे समय निर्धारित
Latest News Today Live Updates in Hindi : लोकसभा में आज परीक्षा में सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा होगी। इसके लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। पल पल की जानकारी...
स्मार्टफोन में गूगल मैप्स का इस्तेमाल आमतौर पर केवल रास्ता खोजने और नेविगेशन के लिए किया जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह ऐप स्मार्ट नेविगेशन के साथ-साथ आपके पैसे, पेट्रोल और समय की भी भारी बचत करा सकता है। अक्सर सड़कों पर स्पीड लिमिट का अंदाजा न होने से महंगे चालान कट जाते हैं या गलत रास्ते के चलते भारी ट्रैफिक में फंसकर गाड़ी पेट्रोल फूंक देती है। अगर आप गूगल मैप्स की चार खास इन-बिल्ट सेटिंग्स को ऑन कर लेते हैं, तो न केवल चालान से बचेंगे बल्कि पेट्रोल और टोल का फालतू खर्च भी रुक जाएगा।Speedometer और Speed Limits: ओवर-स्पीडिंग चालान से मिलेगी राहतहाईवे या अनजान शहरों में ड्राइविंग करते समय अक्सर स्पीड लिमिट का ध्यान नहीं रहता, जिससे ट्रैफिक कैमरे तुरंत ई-चालान काट देते हैं। इस नुकसान से बचने के लिए गूगल मैप्स ऐप खोलकर प्रोफाइल आइकन पर टैप करें और Navigation Settings में जाएं। यहां स्क्रॉल करके Speedometer और Speed Limits के टॉगल बटन को इनेबल कर दें। इसे ऑन करने का फायदा यह है कि जब भी आपकी गाड़ी सड़क की तय सीमा से तेज चलेगी, ऐप तुरंत स्क्रीन पर विजुअल अलर्ट देकर आपको सावधान कर देगा।Eco-Friendly Routes: 10-15% तक कम होगी पेट्रोल-डीजल की खपतगूगल मैप्स का एआई (AI) आधारित एल्गोरिदम अब आपको सबसे कम फ्यूल खर्च करने वाला रास्ता चुनने का विकल्प भी देता है। यह फीचर सड़क की ढलान, लगातार मिलने वाले ट्रैफिक जाम और बार-बार गाड़ी रोकने-चलाने की स्थिति का विश्लेषण करके सबसे किफायती मार्ग तय करता है। इसे चालू करने के लिए Navigation Settings में जाकर 'Prefer fuel-efficient routes' विकल्प को एक्टिवेट कर दें। इससे ऐप आपको ऐसा रूट दिखाएगा जहां गाड़ी एकसमान रफ्तार से चल सके, जिससे अचानक ब्रेक और एक्सीलेटर का इस्तेमाल कम होगा और फ्यूल की सीधे बचत होगी।Avoid Tolls और Toll Prices: बिना वजह टोल प्लाजा पर न लुटाएं पैसेलंबे सफर या अंतरराज्यीय यात्राओं के दौरान अनजाने में महंगे टोल प्लाजा वाले रास्तों पर गाड़ी चली जाती है। गूगल मैप्स आपको सफर शुरू करने से पहले ही रास्ते में आने वाले टोल टैक्स का अनुमानित खर्चा बता देता है। इसके लिए Navigation Settings के अंदर 'Route Options' में जाकर 'Avoid Tolls' को चुनें या 'See toll pass prices' को चालू रखें। इससे आप अपनी सुविधानुसार पूरी तरह से टोल-फ्री रूट या सबसे सस्ता रास्ता चुनकर अपनी जेब का बोझ काफी हद तक हल्का कर सकते हैं।Offline Maps: बिना इंटरनेट और नेटवर्क के भी नहीं भटकेंगे रास्तापहाड़ी इलाकों या कमजोर नेटवर्क वाले क्षेत्रों में अचानक नेविगेशन बंद हो जाने से रास्ता भटकने और पेट्रोल बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। इससे निपटने के लिए ऑफलाइन मैप्स का फीचर सबसे कारगर है। यात्रा पर निकलने से पहले जिस शहर या क्षेत्र में आप जा रहे हैं, उसे गूगल मैप्स में सर्च करें और अपने प्रोफाइल आइकन में जाकर 'Offline Maps' ऑप्शन से उस इलाके का मैप डाउनलोड कर लें। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना किसी मोबाइल डेटा या इंटरनेट कनेक्शन के भी आपका नेविगेशन बिना रुके सुचारू रूप से काम करता रहेगा।
वर्तमान समय में जब देश भर में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर कठोर नीतियां और कड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा रहे हैं, तब उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य के युवाओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस 'नकल संस्कृति' की शुरुआत कहां से हुई? कैसे एक समय में नकल को संस्थागत संरक्षण मिला और किस तरह यह प्रदेश के लाखों मेधावी छात्रों के सपनों पर आघात पहुंचाता रहा। उत्तर प्रदेश का जिक्र इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां का बहुसंख्यक युवा वर्ग अपनी आजीविका और उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकारी नौकरियों व प्रतियोगी परीक्षाओं पर आश्रित है। जब किसी युवा की वर्षों की मेहनत पर पेपर लीक का साया पड़ता है, तो हताशा स्वाभाविक है।राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक और राज्यसभा सांसद बृज लाल के दृष्टिकोण और ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, बीते तीन दशकों में उत्तर प्रदेश की परीक्षा प्रणाली ने दो बिल्कुल विपरीत राजनीतिक और प्रशासनिक दौर देखे हैं। एक दौर समाजवादी पार्टी के शासनकाल का रहा, जहां ढिलाई और नीतियों के कारण नकल माफिया एक समानांतर सत्ता बन बैठा। वहीं दूसरा दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल का है, जहां कानून की कड़ाकेदार छड़ी से माफिया तंत्र पर सीधा प्रहार किया गया।1992 का 'नकल अध्यादेश' और स्व-केंद्र नीति का घातक दौरउत्तर प्रदेश में नकल माफिया की नींव और इसके फलने-फूलने के इतिहास को समझने के लिए हमें साल 1992 में जाना होगा। तत्कालीन सरकार द्वारा राज्य में परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त 'नकल अध्यादेश' लागू किया गया था। हालांकि, इसके बाद सत्ता में आई मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान इस कानून को व्यावहारिक स्तर पर पूरी तरह से निष्प्रभावी और लचर बना दिया गया।इसी दौर में 'स्व-केंद्र' (सेल्फ-सेंटर) की नीति को भी बढ़ावा दिया गया, जिसके तहत छात्र-छात्राओं को अपने ही स्कूल या कॉलेज में परीक्षा देने की सुविधा मिली। देखने में यह निर्णय भले ही एक सामान्य प्रशासनिक सुविधा प्रतीत होता था, लेकिन इसने राज्य में एक संगठित 'नकल माफिया' को जन्म दे दिया। इसी ढील का नतीजा था कि वर्ष 2004 में यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम अस्वाभाविक रूप से बेतहाशा बढ़ गया। मेधावी छात्र पीछे छूटते चले गए और व्यवस्थागत ढील के बल पर जालसाजों की जेबें भरती रहीं, जिसने राज्य की शैक्षणिक साख को गहरा धक्का पहुंचाया।2012 से 2017: भर्ती बोर्डों पर धांधली के आरोप और पेपर लीक का दौरसाल 2012 से 2017 के बीच जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब युवाओं को परीक्षा प्रणाली में सुधार की उम्मीद थी। हालांकि, यह दौर राज्य के लगभग हर बड़े भर्ती बोर्ड के लिए विवादों से भरा साबित हुआ। मेडिकल प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र सरकारी ट्रेजरी से लीक होने के कारण पूरी परीक्षा रद्द करनी पड़ी। वहीं, राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा (UPPSC) का पर्चा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गया, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को सड़क पर उतरना पड़ा।इसके अतिरिक्त, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए रिश्वतखोरी के बड़े खुलासे हुए, जिसमें सत्ताधारी दल के करीबी लोगों की भूमिका पर सवाल उठे। इस दौर में कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान द्वारा अपने विभागों की भर्तियां खुद कराने और उसमें एक विशेष वर्ग को प्राथमिकता देने के गंभीर आरोप लगे। लोक सेवा आयोग में एक विशिष्ट जाति और वर्ग के असंतुलित चयन को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका तक दायर की गई। पुलिस और पीएसी सिपाही भर्ती में फर्जीवाड़े और राजनीतिक सिफारिशों के प्रमाण मिलने के बाद मामला वर्षों तक अदालती कार्यवाहियों में अटका रहा।योगी सरकार का नीतिगत बदलाव: ₹1 करोड़ जुर्माना और आजीवन कारावाससाल 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्याप्त इस अराजकता को खत्म करने के लिए कठोर कानूनी और प्रशासनिक रास्ते चुने। सरकार ने 'उत्तर प्रदेश लोक सेवा (प्रतियोगी परीक्षा) अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम' यानी सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया।इस कानून के तहत पेपर लीक कराने या अनुचित साधनों का प्रयोग कराने वालों के लिए आजीवन कारावास और 1 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया। साथ ही, दोषी पाई जाने वाली परीक्षा एजेंसियों की संपत्तियों की कुर्की और परीक्षा के पूरे खर्च की भरपाई उनसे ही वसूलने का कड़ा नियम बनाया गया। प्रशासनिक स्तर पर सीसीटीवी सर्विलांस, बेहद संवेदनशील परीक्षा केंद्रों का चयन और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए बहु-स्तरीय व्यवस्था लागू की गई, जिसके सकारात्मक परिणाम हाल की परीक्षाओं में देखने को मिले हैं।
नई कार के मुकाबले पुरानी यानी सेकंड हैंड कार खरीदना जेब के लिहाज से काफी किफायती सौदा साबित होता है। लेकिन इस बाजार में एक ऐसा बड़ा रिस्क भी छिपा है, जिसमें अक्सर खरीदार फंस जाते हैं। हम बात कर रहे हैं ओडोमीटर फ्रॉड की। कई बार कार बेचने वाले या डीलर्स गाड़ी की कम चली हुई दूरी दिखाने के लिए उसके डिजिटल या एनालॉग ओडोमीटर से छेड़छाड़ कर देते हैं। इससे 1 लाख किलोमीटर चली कार भी मीटर में महज 30 या 40 हजार किलोमीटर दिखने लगती है और खरीदार इसे कम इस्तेमाल की हुई मानकर ज्यादा कीमत चुका बैठता है। अगर आप भी पुरानी कार लेने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखकर इस तरह के फ्रॉड से आसानी से बच सकते हैं।केवल मीटर रीडिंग पर न जाएं, कार के अंदरूनी घिसाव को परखेंअगर कार का ओडोमीटर बहुत कम रनिंग दिखा रहा है, तो सिर्फ उस आंकड़े को देखकर फैसला न लें। गाड़ी के केबिन में झांककर उसकी वास्तविक स्थिति को ध्यान से देखें। अगर कार की सीटें ढीली या घिसी हुई हैं, स्टीयरिंग व्हील की ग्रिप चिकनी होकर चमकने लगी है या गियर नॉब और पैडल काफी पुराने नजर आ रहे हैं, तो साफ है कि कार ओडोमीटर में दिख रही दूरी से कहीं ज्यादा चलाई गई है।ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर का पूरा रिकॉर्ड जरूर मांगेंसौदा पक्का करने से पहले कार मालिक या डीलर से कार की सर्विस हिस्ट्री मांगें। रजिस्टर्ड सर्विस सेंटर में जब भी गाड़ी मेंटेनेंस के लिए जाती है, तो वहां की रसीद और सिस्टम में कार की किलोमीटर रीडिंग दर्ज होती है। अगर सर्विस बुक में दर्ज आंकड़ों और ओडोमीटर की मौजूदा रीडिंग में कोई असमानता या अंतर नजर आए, तो समझ जाएं कि मीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है।टायर, ब्रेक डिस्क और क्लच की स्थिति भी खोलती है पोलकार के टायर और ब्रेक डिस्क जैसे हिस्से भी गाड़ी के वास्तविक इस्तेमाल की कहानी बयां करते हैं। अगर ओडोमीटर में गाड़ी 20-25 हजार किलोमीटर चली दिख रही है, लेकिन उसके टायर पूरी तरह घिस चुके हैं या बिल्कुल नए बदले गए हैं, तो यह संदेह पैदा करता है। हालांकि यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि टायर कभी भी बदले जा सकते हैं, इसलिए केवल इसी एक आधार पर अंतिम फैसला न लें।वर्कशॉप में कराएं ईसीयू (ECU) का डिजिटल स्कैनआजकल की ज्यादातर आधुनिक कारों में इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) होता है। कई मामलों में ओडोमीटर की स्क्रीन पर दिख रहे आंकड़ों को तो कम कर दिया जाता है, लेकिन कार के मुख्य कंप्यूटर यानी ECU में वास्तविक माइलेज दर्ज रहता है। किसी भरोसेमंद वर्कशॉप या ऑटो एक्सपर्ट के पास जाकर स्कैनर के जरिए ECU चेक करवाएं, जिससे कार की असली रनिंग का पता चल सकता है।लंबी टेस्ट ड्राइव और दस्तावेजों का मिलान बेहद जरूरीकार खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह टेस्ट ड्राइव लें। अगर इंजन से किसी तरह की असामान्य आवाज आ रही है, गियर बदलने में अड़चन आ रही है या सस्पेंशन से आवाजें आ रही हैं, तो कार शायद मीटर में दिख रही रीडिंग से कहीं ज्यादा चल चुकी है। इसके साथ ही इंश्योरेंस पेपर, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) और पुराने बिलों पर दर्ज तारीख और किलोमीटर का आपस में मिलान करें। थोड़ी सी सतर्कता और किसी मैकेनिक की सलाह आपको एक बड़े वित्तीय नुकसान से बचा सकती है।
देशभर के कई राज्यों में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। सबसे चिंताजनक और भयावह स्थिति असम में देखने को मिल रही है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 68 पहुंच चुका है। वर्तमान में राज्य के 5.24 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। सबसे गंभीर हालात शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा क्षेत्रों में हैं। यहां हजारों मकान टूट चुके हैं और कई गांवों में लोगों के घरों के अंदर 5-5 फुट तक कीचड़ भर गया है, जिससे उनका अपने ही घरों में रहना दूभर हो गया है।हालांकि कुछ इलाकों में पानी का स्तर धीरे-धीरे नीचे गिर रहा है, लेकिन परेशानियां कम नहीं हुई हैं। खेत, सड़कें और पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लोगों का घरेलू सामान, कपड़े और खाने का राशन पानी में बहकर बर्बाद हो गया है। कई गांव ऐसे हैं जिनका मुख्य सड़कों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है और वहां केवल नावें ही आवाजाही का एकमात्र साधन बची हैं। बेघर हुए हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं, जहां स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन, साफ पानी और जरूरी सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।उत्तराखंड के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: टिहरी में नदियां उफान पर, स्कूल बंदपहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी जिलों में यलो अलर्ट जारी है। बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को चौकस रखने के निर्देश दिए हैं।उत्तराखंड के टिहरी जिले में बारिश के कारण भिलंगना, बालगंगा, नैलचामी और भागीरथी नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में भय का माहौल है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने के कारण घनसाली उपजिलाधिकारी ने सुरक्षा के तौर पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। जिला प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहा है।हिमाचल में 108 सड़कें ठप, 31 जुलाई तक फ्लैश फ्लड का बड़ा खतराहिमाचल प्रदेश में भी मानसून का भयानक रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की कड़ी चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश और जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने के कारण राज्य में 108 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा 38 पेयजल परियोजनाएं और 9 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी और कुल्लू जिले हुए हैं।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 अगस्त तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उफनते नदी-नालों तथा भूस्खलन के संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। असम, उत्तराखंड और हिमाचल तीनों ही राज्यों में मौसम के इस कड़े मिजाज को देखते हुए लोगों से बेवजह यात्रा न करने और केवल आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
त्योहारी सीजन (Festive Season) की शुरुआत से ठीक पहले आम जनता के बजट पर महंगाई का बड़ा बोझ पड़ने वाला है। कंज्यूमर गुड्स और ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियां अगस्त 2026 से अपने विभिन्न प्रोडक्ट्स की कीमतों में 6 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने जा रही हैं। चालू वर्ष में ज्यादातर कैटेगरी के सामानों में यह तीसरी बार कीमतों में इजाफा होगा।कंपनियों के अनुसार, पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य टकराव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण कच्चे माल (Raw Materials) की दरों में भारी उतार-चढ़ाव, अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई (Freight Charges) के खर्च में वृद्धि और भारतीय रुपये की गिरती विनिमय दर (Exchange Rate) के कारण इनपुट कॉस्ट काफी बढ़ गई है, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाना मजबूरी बन गया है।किस सेक्टर में कितनी बढ़ेगी कीमत?कैटेगरी / प्रोडक्ट्ससंभावित बढ़ोतरी (%) / राशिमुख्य वजहपैसेंजर कारें (Cars)₹30,000 तक का इजाफाइनपुट कॉस्ट और करेंसी में गिरावटब्रांडेड कपड़े व फैशन्स6% से 8% तकनए सीजन के महंगे स्टॉक की डिलीवरीकंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स (TV/AC)4% से 6% तकमेमोरी चिप्स की सप्लाई शॉर्टेज और महंगी लॉजिस्टिक्सFMCG (चाय, हेयर ऑयल, पैकेजिंग)लागत के अनुरूप वृद्धिक्रूड डेरिवेटिव्स और खाने के तेल (सरसों/बादाम) के बढ़े दाम1. कारें होंगी और भी महंगी: मारुति सुजुकी और होंडा बढ़ाएंगे दाममारुति सुजुकी (Maruti Suzuki): देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी अगस्त से अपनी गाड़ियों के दामों में ₹30,000 तक की बढ़ोतरी करेगी। चालू वित्त वर्ष (FY 2026-27) में यह कंपनी की दूसरी बढ़ोतरी होगी।होंडा कार्स व मर्सिडीज-बेंज: होंडा कार्स इंडिया 1 अगस्त से नई दरें लागू करेगी, जबकि मर्सिडीज-बेंज इंडिया रुपये की कमजोरी और इंपोर्ट कॉस्ट की भरपाई के लिए अगली तिमाही में दाम बढ़ाने की योजना बना रही है। टाटा मोटर्स और महिंद्रा पहले ही इस महीने दाम बढ़ा चुके हैं।2. टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और स्मार्टफोन के दाम में उछालहायर इंडिया (Haier India) समेत अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अगस्त से लगभग सभी कैटेगरी में 4-6 फीसदी दरें बढ़ा रही हैं।मेमोरी चिप्स का असर: पिछले 8-9 महीनों में मेमोरी चिप्स (Memory Chips) के दाम तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुके हैं, जिसकी वजह से इस साल टीवी के दाम पहले ही 15% और रेफ्रिजरेटर व वाशिंग मशीन के दाम 10% से ज्यादा बढ़ चुके हैं।3. कपड़े और लाइफस्टाइल ब्रांड्स भी होंगे महंगेटॉमी हिलफिगर और केल्विन क्लाइन जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को भारत में बेचने वाली कंपनी 'अरविंद फैशन्स' ने भी कीमतों में बदलाव के संकेत दिए हैं। नए सीजन के महंगे स्टॉक स्टोर्स तक पहुंचने के कारण अगस्त में ब्रांडेड कपड़ों की कीमतों में 8 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है।4. पैक्ड चाय, हेयर ऑयल और किचन का सामान (FMCG)टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और बजाज कंज्यूमर केयर जैसी FMCG कंपनियों के मुताबिक, क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स जैसे एलएलडीपीई (LLDPE) और पैकेजिंग मैटेरियल महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, फसल का सीजन होने के बावजूद सरसों और बादाम के तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे पैकेज्ड फूड्स, चाय और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ेंगे।क्या फेस्टिव डिमांड पर पड़ेगा असर?कंपनियों को उम्मीद है कि अगस्त में केरल के ओणम से शुरू होकर दिवाली (नवंबर 2026) तक चलने वाले फेस्टिव सीजन से ठीक पहले कीमतों में बढ़ोतरी का यह आखिरी दौर होगा। उद्योग जगत के अधिकारियों का मानना है कि उपभोक्ताओं की ओर से फेस्टिव डिमांड बनी रहेगी और वे इस मामूली बढ़ोतरी को स्वीकार कर लेंगे।
इंतजार खत्म हुआ, अब देश में जल्द ही 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट जारी किए जाएंगे
आम जनता को जल्द ही 10 और 20 रुपये के नए पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत इन नोटों का पहले फील्ड ट्रायल किया जाएगा और सफल होने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जाएगा।केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद को सूचित किया कि यदि फील्ड ट्रायल सफल रहा, तो भारतीय रिजर्व बैंक 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलीमर नोट नियमित प्रचलन में लाएगा। लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में पंकज चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत, भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की सिफारिश पर सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।100 करोड़ रुपये के नोट परीक्षण के लिए जारी किए जाएंगेइस प्रस्ताव में फील्ड ट्रायल के लिए 10 और 20 रुपये के 100 करोड़ पॉलीमर नोट जारी करने की अनुमति मांगी गई थी। यह भी प्रस्ताव था कि यदि फील्ड ट्रायल सफल होता है, तो इन दोनों मूल्यवर्ग के पॉलीमर नोटों को नियमित प्रचलन में लाया जाए। मंत्री जी ने कहा कि सरकार ने आरबीआई के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।प्रस्ताव के अनुसार, आरबीआई फील्ड ट्रायल के दौरान 10 रुपये और 20 रुपये के 100 करोड़ रुपये और 100 करोड़ रुपये के पॉलीमर नोट जारी करेगा। इस ट्रायल में यह देखा जाएगा कि ये नोट कितने टिकाऊ हैं, प्रचलन में इनका प्रदर्शन कैसा है, इनका उपयोग कितना आसान है और भारत की विभिन्न जलवायु और परिस्थितियों में लोग इन्हें कितना स्वीकार करते हैं। ट्रायल सफल होने पर ही इन्हें पूरे देश में नियमित रूप से जारी करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वित्त मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल कागजी नोट और पॉलीमर नोट दोनों साथ-साथ चलेंगे। पारंपरिक कागजी नोटों को पूरी तरह बंद करने की कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है।पॉलिमर नोट्स के प्रमुख लाभआरबीआई ने कहा है कि दुनिया भर के कई देशों के अनुभव के आधार पर, पॉलिमर नोटों के कई प्रमुख फायदे हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। विशेष रूप से ₹10 और ₹20 जैसे छोटे मूल्यवर्ग के नोटों के लिए, जिनका सबसे अधिक उपयोग होता है, पॉलिमर नोट अधिक उपयुक्त माने जाते हैं।पॉलिमर नोटों की लंबी आयु से नए नोट छापने और पुराने नोटों को नष्ट करने की आवश्यकता कम हो जाएगी, जिससे सरकारी खर्च और बर्बादी में भी कमी आएगी। इसके अलावा, पारदर्शी खिड़कियां, विशेष सुरक्षा धागे और जाली नोटों को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीक जैसी कई उन्नत सुरक्षा विशेषताएं पॉलिमर नोटों में जोड़ी जा सकती हैं, जिससे नोटों की सुरक्षा और भी मजबूत होगी।
बरसात के मौसम में घर से नमी को दूर करना आवश्यक होता है, और आपका एसी इस काम को आसान बना देगा
मानसून का मौसम गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन साथ ही आर्द्रता का स्तर भी बढ़ा देता है। मानसून के दौरान, भले ही तापमान ज़्यादा न हो, घर में उमस और चिपचिपाहट महसूस हो सकती है। उच्च आर्द्रता के कारण एक अजीब सी गंध आती है। एसी इस समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकता है। कमरे को ठंडा करने के अलावा, एसी हवा से कुछ नमी भी सोख लेता है। एसी का उपयोग करने का तरीका ही यह तय करता है कि यह आर्द्रता को कितनी प्रभावी ढंग से नियंत्रित करता है।सही मोड, तापमान और पंखे की सेटिंग का इस्तेमाल करने से बहुत फर्क पड़ सकता है। मानसून के मौसम में नमी को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए अपने एसी का उपयोग करने के कुछ सुझाव यहां दिए गए हैं, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए।शुष्क मोडकई एसी में ड्राई मोड होता है, जो हवा में नमी को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस मोड के चालू होने पर, एसी सामान्य कूलिंग मोड से अलग तरीके से काम करता है, कमरे को ज़्यादा ठंडा किए बिना अतिरिक्त नमी को हटा देता है।तापमान को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें।एसी को बहुत कम तापमान पर न रखें, जैसे कि 16 या 18 डिग्री सेल्सियस। इसके बजाय, तापमान को 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें। इससे एसी कमरे को ठंडा करने के साथ-साथ हवा से नमी भी दूर कर पाएगा।एसी फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें।मानसून के मौसम में, आपके एसी फिल्टर पर धूल और नमी जमा हो सकती है। गंदे फिल्टर हवा के प्रवाह को रोक सकते हैं और एसी की नमी हटाने की क्षमता को कम कर सकते हैं। इनसे दुर्गंध भी आ सकती है। फिल्टर की नियमित रूप से जांच और सफाई करनी चाहिए।
नेपाल: बालेन शाह के खिलाफ जेन-जी में क्यों है उबाल
नेपाली राजधानी काठमांडू की सड़कों पर फिर से कुछ वैसा ही उबाल दिखा, जो बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के पहले दिखा था। 'जेन-जी' वोटरों के सहारे हाल ही में बनी सरकार को पहली बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
Top News : पेपर लीक संशोधन बिल पर लोकसभा में चर्चा, ट्रंप की ईरान को चेतावनी
Top News 28 July : संसद में आज पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा होगी। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर प्रोटेस्ट पर सभी FIR वापस लेने से इनकार किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को चेतावनी। गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि ...
त्रिनिदाद में खेले जा रहे रोमांचक टेस्ट मुकाबले में पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। मैच की पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बावजूद मेजबान वेस्टइंडीज की टीम अब मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। पहली पारी के आधार पर कैरेबियाई टीम को बढ़त जरूर मिली थी, लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाजों ने अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया है। खेल के तीसरे दिन का स्टंप्स होने तक पाकिस्तानी गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी है, जिससे अब मेजबान टीम पर हार का बड़ा खतरा मंडराने लगा है और पाकिस्तान इस मुकाबले को अपने नाम करने की मजबूत स्थिति में पहुंच गया है।पहली पारी में मिली बढ़त के बाद भी लड़खड़ाई वेस्टइंडीज की पारीइससे पहले मैच की पहली पारी में वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 311 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पाकिस्तानी टीम अपनी पहली पारी में 282 रनों पर सिमट गई थी। कप्तान शान मसूद के बेहतरीन शतक और इमाम-उल-हक के शानदार अर्धशतक के बावजूद पाकिस्तानी बल्लेबाज पहली पारी में स्कोर की बराबरी नहीं कर पाए और वेस्टइंडीज को 29 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई थी। हालांकि, खेल की दूसरी पारी में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने अपनी अनुशासित गेंदबाजी से मेजबान टीम को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और देखते ही देखते कैरेबियाई टीम के आधे से ज्यादा बल्लेबाज पवेलियन लौट गए।गेंदबाजों का जलवा: मोहम्मद अब्बास और खुर्रम शहजाद ने ढाया कहरतीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में महज 126 रन के स्कोर पर अपने 7 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए हैं। इस प्रकार वेस्टइंडीज की कुल बढ़त अब 155 रनों की हो चुकी है, जो जीत के लिहाज से काफी कम मानी जा रही है। पाकिस्तान के लिए दूसरी पारी में तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास और खुर्रम शहजाद ने कातिलाना गेंदबाजी का प्रदर्शन किया। अब्बास ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 बड़े विकेट झटके, जबकि शहजाद ने 2 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। इसके अलावा मोहम्मद अली और आमिर जमाल को भी एक-एक सफलता मिली। वेस्टइंडीज की ओर से तेजनारायण चंद्रपॉल ने सबसे ज्यादा 35 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कैरेबियाई टीम का कोई भी अन्य बल्लेबाज मैदान पर टिक नहीं सका। अब चौथे दिन पाकिस्तान की नजरें बचे हुए तीन विकेट जल्दी समेटकर इस मुकाबले को अपने नाम करने पर टिकी होंगी।
बिहार-असम में प्रदर्शनकारियों की रिहाई का रास्ता साफ, सीजेपी-सरकार की आधी रात बैठक के बाद बड़ा दावा
नीट पेपर लीक आंदोलन के बाद बिहार और असम में प्रदर्शनकारियों की रिहाई और एफआईआर वापसी की प्रक्रिया शुरू। सीजेपी और सरकार की आधी रात बैठक में कई अहम दावे, जबकि पश्चिम बंगाल में अब भी आदेश का इंतजार।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी की बीजिंग में चीनी उप-मंत्री से अहम मुलाकात, सीमा पर शांति पर जोर
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक बार फिर से पटरी पर लाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर तेज प्रयास शुरू हो चुके हैं। इसी कड़ी में देश के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को बीजिंग का दौरा किया, जहां उन्होंने चीन की विदेश मामलों की उप-मंत्री हुआ चुनयिंग के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस अहम बैठक के दौरान दोनों देशों ने आपसी सहमति जताते हुए सीमावर्ती इलाकों में हर हाल में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व को पूरी तरह स्वीकार किया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के तमाम पहलुओं पर बेहद व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई है।बीजिंग में शीर्ष चीनी नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकेंविदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान सिर्फ उप-मंत्री हुआ चुनयिंग ही नहीं, बल्कि चीन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की। दिन की शुरुआत में उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) की केंद्रीय समिति के अंतर्राष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सन हैयान से भी लंबी चर्चा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के शीर्ष नेताओं द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को लेकर दिए गए दिशा-निर्देशों को जमीन पर बेहतर ढंग से लागू करना था। इसके अलावा, विदेश सचिव ने चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस के उप-महासचिव होंग लियांग से भी मुलाकात की, जिसमें राजनीतिक स्तर पर संवाद बढ़ाने और आपसी प्राथमिकताओं वाले अनसुलझे मुद्दों को तेजी से सुलझाने पर जोर दिया गया।व्यापार, संस्कृति और आपसी जुड़ाव बढ़ाने पर हुआ मंथनकूटनीतिक वार्ताओं के इस दौर में दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने के तरीकों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से ठंडे पड़े रिश्तों के बीच भारत और चीन के उच्च अधिकारियों की यह मुलाकातें दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम साबित हो सकती हैं। अकादमिक और थिंक-टैंक स्तर पर भी आदान-प्रदान को बढ़ाने पर सहमति बनी है, जिससे आने वाले दिनों में सीमाई तनाव को कम करने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद है।
भगोड़े और कुख्यात हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर भारत और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक गलियारों में एक बार फिर से गर्माहट आ गई है। ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने एक बड़ा और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि भारत सरकार भगोड़े नीरव मोदी को भारतीय एजेंसियों को न सौंपे जाने के कारण ब्रिटेन से बेहद नाराज थी। इसी नाराजगी के चलते भारत ने ब्रिटेन में अवैध रूप से रह रहे भारतीय नागरिकों और प्रवासियों के प्रत्यर्पण या उन्हें वापस स्वीकार करने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से नीरव मोदी का मामला सुर्खियों में छा गया है।2019 से 2022 के बीच का है पूरा वाकयाअपने कार्यकाल के दौरान के अनुभवों को साझा करते हुए, साल 2019 से 2022 तक ब्रिटेन की गृह मंत्री रहीं प्रीति पटेल ने खुलासा किया कि उन्होंने ब्रिटेन में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को वापस उनके वतन भेजने के लिए हरसंभव प्रयास किए थे। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान भारतीय अधिकारियों ने चार्टर उड़ानों को स्वीकार करने से साफ मना कर दिया था और नागरिकों की पहचान व नामों के सत्यापन में भी काफी आनाकानी की थी। पूर्व ब्रिटिश मंत्री का यह भी कहना है कि उन्होंने खुद साल 2021 में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण संबंधी जरूरी दस्तावेजों पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन इसके बावजूद कानूनी पेचीदगियों के कारण उसे भारत नहीं भेजा जा सका।पेंटनविले जेल में बंद है नीरव मोदी, भारत ने खारिज किए आरोपआपको बता दें कि पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले का मुख्य आरोपी नीरव मोदी फिलहाल लंदन की कड़ी सुरक्षा वाली पेंटनविले जेल में बंद है। भारत प्रत्यर्पण से बचने और कानूनी दांव-पेंच खेलने के लिए उसने अब तक अपनी कानूनी लड़ाई पर करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। हालांकि ब्रिटेन की पूर्व मंत्री के इन तीखे दावों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए 'ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी यूके एंड यूरोप' के प्रभारी कुलदीप शेखावत ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार कभी भी अवैध प्रवास का समर्थन नहीं करती है और नियम के तहत अवैध रूप से रह रहे लोगों को वापस लेने की प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रही है। दोनों देशों के बीच मई 2021 में 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी' समझौता भी हुआ था, जिसके तहत अवैध नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की जानी है।
अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव अब एक बेहद खतरनाक और व्यक्तिगत स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की तरफ से जारी किए गए एक सनसनीखेज और डरावने प्रोपेगैंडा वीडियो ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। इस नए वीडियो में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उनके 20 साल के बेटे बैरो ट्रंप को निशाना बनाते हुए उन्हें जहर देकर मारने की खौफनाक साजिश का खुलासा किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस धमकियों भरे वीडियो के सामने आने के बाद व्हाइट हाउस और अमेरिकी सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद ट्रंप परिवार की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है।'हाउ टू किल मेलानिया ट्रंप' वीडियो में चौंकाने वाले खुलासेसामने आए इस दुर्भावनापूर्ण वीडियो का शीर्षक 'हाउ टू किल मेलानिया ट्रंप' (मेलानिया ट्रंप की हत्या कैसे करें) रखा गया है, जिसमें कट्टरपंथी तत्वों को फर्स्ट लेडी की जान लेने के लिए सीधे तौर पर उकसाया जा रहा है। इस वीडियो में मेलानिया ट्रंप के आधिकारिक काफिले और न्यूयॉर्क शहर की उन तमाम गोपनीय व सार्वजनिक जगहों की तस्वीरें और रूट मैप दिखाए गए हैं, जहां वे अक्सर आना-जाना करती हैं। इतना ही नहीं, वीडियो में उनके पसंदीदा लग्जरी डिजाइनर स्टोर्स और खरीदारी के ठिकानों के नाम भी उजागर किए गए हैं। वीडियो के जरिए यह खतरनाक सुझाव दिया गया है कि फर्स्ट लेडी जिन कपड़ों या सामान की खरीदारी करती हैं, उन्हें किसी घातक और जहरीले केमिकल से संक्रमित किया जा सकता है। वीडियो के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे छोटे बेटे बैरो ट्रंप को भी खुली धमकी देते हुए कहा गया है कि यह तो महज शुरुआत है, इसलिए बैरो ट्रंप हमारा इंतजार करो।ईरान में पहले भी लग चुके हैं मौत के धमकी भरे पोस्टरयह पहली बार नहीं है जब ईरान की ओर से ट्रंप परिवार को इस तरह खुलेआम निशाना बनाया गया हो। इससे ठीक एक हफ्ते पहले तेहरान की सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग और बिलबोर्ड्स लगाए गए थे, जिन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ उनके सभी बच्चों—डॉन जूनियर, इवांका, एरिक, टिफ़नी और बैरो—की मौत की मांग की गई थी। इन भड़काऊ पोस्टर्स और होर्डिंग्स पर 'खून का बदला खून' जैसे आपत्तिजनक और हिंसक नारे लिखे गए थे, जो दोनों देशों के बीच गहरी होती दुश्मनी को साफ तौर पर बयां करते हैं। इन लगातार मिल रही धमकियों के चलते मेलानिया ट्रंप और बैरो ट्रंप को चौबीसों घंटे 'सीक्रेट सर्विस' के सबसे कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है।व्हाइट हाउस से लेकर मार-ए-लागो तक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्तलगातार बढ़ रहे इन सुरक्षा खतरों को देखते हुए अमेरिका के प्रमुख ठिकानों—व्हाइट हाउस, न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टॉवर, न्यूजर्सी के बेडमिन्स्टर गोल्फ क्लब और फ्लोरिडा के मार-ए-लागो एस्टेट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सिर्फ ट्रंप का परिवार ही नहीं, बल्कि खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी लगातार ईरान के निशाने पर हैं। हाल ही में तुर्किए में आयोजित एक नाटो बैठक के दौरान गंभीर सुरक्षा खतरों और खुफिया इनपुट के चलते राष्ट्रपति ट्रंप को अपने आधुनिक नए एयर फोर्स वन विमान को छोड़कर पुराने मॉडल के विमान से सफर करना पड़ा था, जो इस अंतरराष्ट्रीय खतरे की गंभीरता को पूरी तरह से साबित करता है।
पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट और वैश्विक उथल-पुथल के प्रभाव से भारतीय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित रखने के साथ-साथ 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े नीतिगत सुधारों की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी प्रमुख विभागों के सचिवों की एक अहम और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। इस महाबैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिव रिफॉर्म्स को लेकर अपने विशेष प्रस्तुतिकरण देंगे, जिनके आधार पर देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए अगले चरण की रणनीति तय की जाएगी।फरवरी के युद्ध संकट के बाद गठित किए गए थे विशेष समूहगौरतलब है कि फरवरी के आखिरी दौर में ईरान-अमेरिका संघर्ष की शुरुआत होने के बाद कैबिनेट सचिव ने विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों की अध्यक्षता में सात विशेष समूहों का गठन किया था। इन समूहों ने गहन मंथन के बाद अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कैबिनेट सचिव को सौंप दी थी, जिसे अब मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इन सभी समूहों के गठन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन, महंगाई नियंत्रण, आयात-निर्यात और रक्षा निर्माण जैसे संवेदनशील विषयों पर विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय को और अधिक मजबूत करना है।सचिवों को सौंपे गए थे तीन अहम टास्क और एजेंडासूत्रों के अनुसार, इस बैठक में शामिल होने वाले सभी सचिवों को पहले ही तीन मुख्य टास्क दिए गए थे, जो आज की बैठक का प्रमुख एजेंडा रहने वाले हैं। पहले टास्क के तहत सचिवों को यह बताना है कि उनके विभागों को लक्ष्य प्राप्ति में किन व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। दूसरे टास्क में उन्हें अपनी पारंपरिक परिधि से बाहर निकलकर लीक से हटकर काम करने के सुझाव देने हैं, जबकि तीसरे टास्क के तहत हर सचिव को अपने विभाग के अलावा अन्य विभागों के सुधारों के लिए भी नवीन विचार और सुझाव प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।अलग-अलग क्षेत्रों के लिए दिग्गजों के नेतृत्व में बने हैं समूहविभिन्न क्षेत्रों की कमान संभालने वाले इन समूहों में आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर के नेतृत्व में 11 सदस्यीय मुख्य समूह देश की वृहद अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने, आयात-निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सुझाव देगा। इसके अलावा, पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल के नेतृत्व वाला समूह ऊर्जा और एलपीजी-एलएनजी आपूर्ति पर अपनी बात रखेगा, जबकि विदेश सचिव और रक्षा सचिव के नेतृत्व वाले समूह अपनी रणनीतिक रिपोर्ट पेश करेंगे। शिपिंग सचिव विजय कुमार के नेतृत्व वाला समूह देश के लॉजिस्टिक विकास की रूपरेखा तैयार कर रहा है। सरकार का मुख्य फोकस सप्लाई चेन को बेहतर बनाकर मैन्युफैक्चरिंग लागत को कम करना और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को जमीनी स्तर पर और अधिक सरल बनाना है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दामन छोड़कर हाल ही में 'नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी आफ इंडिया' (NCPI) का हिस्सा बनने वाले 20 बागी सांसदों के साथ मंगलवार को दिल्ली के बंग भवन में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक घटनाक्रम के बीच इस हाई-प्रोफाइल बैठक की अगुवाई खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी करने वाले हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की पार्टी के टिकट पर संसद में पहुंचने वाले इन सांसदों द्वारा पाला बदले जाने के बाद से ही बंगाल की राजनीति में उबाल आया हुआ है, और एनडीए खेमे में नए सियासी समीकरणों के लिहाज से इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।लोकसभा स्पीकर के फैसले से पहले सियासी खींचतानआपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज करने वाले इन 20 सांसदों ने बाद में बगावत करते हुए पाला बदल लिया था और अब यह नया दल केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा बन चुका है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा अभी तक इस नए राजनीतिक दल-बदल को आधिकारिक मान्यता नहीं दी गई है, जिसके कारण ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल खेमे में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। टीएमसी नेतृत्व ने कोलकाता से लेकर दिल्ली तक इस पूरी प्रक्रिया को अवैध करार देते हुए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष इन सभी बागी सांसदों की सदस्यता तुरंत रद्द करने की पुरजोर मांग उठाई है, लेकिन लोकसभा सचिवालय की तरफ से अभी तक कोई भी अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।सांसद निधि और संसद के आगामी सत्र की रणनीति पर होगी चर्चामंगलवार दोपहर को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से सांसद निधि के फंड के सही और प्रभावी इस्तेमाल, राज्य और केंद्र के बीच प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने तथा आगामी संसद सत्र के दौरान सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बागी गुट से जुड़ीं बीरभूम की सांसद शताब्दी राय ने इस अहम बैठक की पुष्टि कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे संसद की कार्रवाई आगे बढ़ेगी, इन बागी सांसदों की कानूनी और राजनीतिक स्थिति पर विपक्षी दलों की भी पैनी नजर बनी रहेगी, जिससे यह बैठक एनडीए कुनबे के लिए और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
देश की सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और भारतीय सेना से जुड़ा करीब 31 जीबी बेहद संवेदनशील डिजिटल डेटा डार्क वेब पर मात्र 6.6 लाख रुपये में बेचने की पेशकश की गई है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद देश की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से ही DRDO और संबंधित सरकारी विभाग इस बात की गहन प्रामाणिकता और गहराई से जांच कर रहे हैं कि लीक हुआ डेटा वास्तव में कितना प्रामाणिक और खतरनाक है।कैसे हुआ इस बड़े साइबर खतरे का खुलासा?यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब तिरुवनंतपुरम स्थित साइबर सुरक्षा फर्म 'अलिबी ग्लोबल' ने अपनी नियमित डार्क वेब मॉनिटरिंग के दौरान इस संदिग्ध गतिविधि को पकड़ा। कंपनी के तकनीकी निदेशक वी.के. भद्रन के अनुसार, पिछले दो हफ्तों से डार्क वेब पर 31 जीबी डेटा को बेचने के लिए खुलेआम विज्ञापन चलाया जा रहा था। हैकर्स ने अपनी इस पेशकश को पुख्ता करने के लिए कुछ सैंपल दस्तावेज भी जारी किए हैं, जिनमें वरिष्ठ रक्षा वैज्ञानिकों के हस्ताक्षर और कई प्रतिबंधित तकनीकी मंजूरियों से जुड़े होने का दावा किया गया है। मानक और सुरक्षित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस फर्म ने तुरंत खुफिया एजेंसी 'इंटेलिजेंस ब्यूरो' (IB) को इसकी आधिकारिक सूचना दे दी, जिसके बाद अब तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें इसकी तह तक जाने में जुट गई हैं।सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर और पिछली घटनाओं की यादेंइस पूरे मामले के सामने आने के बाद रक्षा विश्लेषक और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ खासे चिंतित नजर आ रहे हैं। जानकारों का सुझाव है कि इस बात की बेहद बारीकी से फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए कि क्या यह वास्तव में DRDO के किसी इंटरनल सर्वर से जुड़ा डेटा है या फिर किसी अन्य रक्षा इकाई से छेड़छाड़ की गई है। गौरतलब है कि इससे पहले मार्च के महीने में भी 'बाबुक लॉकर 2.0' नामक एक कुख्यात हैकिंग ग्रुप ने DRDO के सिस्टम में सेंध लगाने का दावा किया था, हालांकि तब सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि मुख्य सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित थी और फाइलें किसी अन्य माध्यम से एक्सेस की गई थीं। बहरहाल, मौजूदा मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से काम कर रही हैं ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले की सच्चाई जल्द से जल्द सामने आ सके।
देशभर में कोहराम मचाने वाले नीट पेपर लीक विवाद और उसके बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों के बीच आंदोलनकारी छात्रों और युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार और असम की सरकारों ने नीट परीक्षा रद्द करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों को बिना शर्त रिहा करने और उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, इन सबके बीच पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से हिरासत में लिए गए छात्रों की रिहाई को लेकर अभी तक कोई भी स्पष्ट या आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है, जिससे वहां के छात्रों और उनके परिवारों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।आधी रात को हुई अहम बैठक और सरकारी आश्वासनआधी रात को हुई उच्च स्तरीय बैठकों और वार्ताओं के बाद यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए जानकारी दी कि एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक बाद सरकारी प्रतिनिधियों के साथ उनकी लंबी बैठक हुई, जो करीब दो से तीन घंटे तक चली। इस बैठक में सरकार की ओर से बिहार और असम के आधिकारिक नोटिफिकेशन्स की प्रतियां सौंपी गईं, जिनमें छात्रों पर दर्ज एफआईआर को पूरी तरह से रद्द करने, भविष्य में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल प्रभाव से रिहा करने की पूरी गारंटी दी गई है। इसके साथ ही, अन्य एनडीए शासित राज्यों और केंद्र सरकार की तरफ से भी जल्द ही ऐसे आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है।बिहार सरकार का बड़ा कदम और सिवान में पुलिसकर्मी पर एक्शनछात्र हित में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार के गृह विभाग ने 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज किए गए सभी मामलों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का निर्देश दिया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी प्रतिशोधात्मक कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जिससे 25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान हिरासत में लिए गए सैकड़ों छात्रों और नाबालिगों को सीधी राहत मिलेगी। गौरतलब है कि इस आंदोलन के दौरान बिहार के सिवान जिले में उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बिना उच्चाधिकारियों के आदेश के एके-47 जैसे आधुनिक हथियार का इस्तेमाल करने वाले एक पुलिस सिपाही को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड भी कर दिया गया है।वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल का बड़ा ऐलान और CJP का नया दांवपुलिसिया और प्रशासनिक कार्रवाई का शिकार हुए देश भर के छात्रों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता और राजनेता कपिल सिब्बल ने एक करोड़ रुपये के भारी-भरकम 'लीगल फंड' की घोषणा की है। दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर इस छात्र आंदोलन की अगुवाई करने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने पुलिस कार्रवाई के सबूत जुटाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन एविडेंस-गैदरिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। CJP ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आश्वासन के बावजूद देश के अन्य हिस्सों में छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो वे एक बार फिर से जोरदार देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करने के लिए बाध्य होंगे।
ब्रिटेन और भारत के बीच कूटनीतिक गलियारों में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का मामला एक बार फिर गरमा गया है। ब्रिटेन की पूर्व गृहमंत्री और कंजर्वेटिव पार्टी की छाया विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने नीरव मोदी के अभी तक ब्रिटेन में मौजूद रहने पर गहरी हैरानी और चिंता जताई है। आने वाले दिनों में प्रसारित होने वाले 'द डेली टेलीग्राफ' के बहुचर्चित पॉडकास्ट 'द डायमंड किंग' में प्रीति पटेल ने स्वीकार किया है कि भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक के आरोपी नीरव मोदी को भारत को सौंपने में ब्रिटिश कानूनी प्रणाली की विफलता के कारण भारतीय अधिकारी ब्रिटेन से भारी नाराजगी महसूस कर रहे हैं।ब्रिटेन की कानूनी व्यवस्था पर उठे सवाल और पूर्व मंत्री का दर्दअपने कार्यकाल के दौरान अप्रैल 2021 में नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर करने वाली प्रीति पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि ब्रिटिश व्यवस्था अनावश्यक प्रक्रियाओं और कानूनी बहानों में उलझने के बजाय विवेकपूर्ण तरीके से काम करती, तो नीरव मोदी को इस देश में शरण नहीं मिलती। उन्होंने इसे ब्रिटिश न्याय प्रणाली का खुला दुरुपयोग करार देते हुए कहा कि यह स्थिति देश के करदाताओं का भी अपमान है। पटेल के अनुसार, जब तक नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों को भारत वापस नहीं भेजा जाता, तब तक दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और कूटनीतिक सहयोग को अपेक्षित गति मिलने में बाधाएं आती रहेंगी।शरणार्थियों के मुद्दों और प्रत्यर्पण के बीच फंसी कूटनीतिपॉडकास्ट के दौरान प्रीति पटेल ने यह भी खुलासा किया कि 2019 से 2022 के बीच गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान नीरव मोदी का यह हाई-प्रोफाइल मामला उनके लिए एक जटिल कूटनीतिक चुनौती बन गया था। भारत सरकार द्वारा वीजा अवधि से अधिक समय तक रुकने वाले और असफल शरणार्थियों को वापस लेने के सख्त रुख के कारण ब्रिटेन पर दबाव था। चूंकि ब्रिटेन नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को तुरंत अमलीजामा नहीं पहना सका, इसलिए भारत के पास अप्रवासियों की वापसी के मुद्दों पर मोलभाव करने और दबाव बनाने की मजबूत स्थिति आ गई थी, जिससे ब्रिटिश प्रशासन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।कानूनी विकल्पों के खत्म होने से जल्द हो सकती है वापसीपंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े लगभग दो अरब अमेरिकी डॉलर के बहुचर्चित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वांछित 55 वर्षीय नीरव मोदी इस समय उत्तर लंदन की हाई-सुरक्षा वाली पेंटनविल जेल में बंद है। मार्च 2019 में स्कॉटलैंड यार्ड द्वारा एक आलीशान फ्लैट से गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार कानूनी लड़ाइयां लड़ रहा है। हालांकि, वह ब्रिटेन में उपलब्ध सभी कानूनी रास्ते आजमाने के साथ-साथ फ्रांस स्थित यूरोपीय मानवाधिकार अदालत (ECHR) में भी अपनी अंतिम अपील हार चुका है। इस साल मार्च में इंग्लैंड के उच्च न्यायालय द्वारा उसके गोपनीय राजनीतिक शरण के आवेदन और प्रत्यर्पण रोकने की पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किए जाने के बाद, अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि उसका भारत प्रत्यर्पण जल्द ही पूरा हो सकता है।

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