15 लाख रुपये में जमीन बेची, फिर गायब हो गई चार बच्चों की मां!
ये कहानी यूपी के फतेहपुर की है. एक महिला ने 15 लाख में अपनी जमीन बेची थी. इसके बाद वह लापता हो गई. परिजनों का आरोप है कि महिला का प्रेमी उसे ले गया है. महिला के चार बच्चे हैं. चार साल पहले उसके पति की मौत हो चुकी है. फिलहाल पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
'बेटे से मिलने नहीं देते', सहवाग के शो पर टूटी पवन सिंह की एक्ट्रेस
'राइज एंड फॉल 2' में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के रूप में एंट्री लेने वाली एक्ट्रेस सोनम मलिक नेअपनी जिंदगी से जुड़ा एक भावुक खुलासा किया. सोनम की बात सुनकर काजल राघवानी भी अपने इमोशंस पर काबू नहीं रख पाई और काफी भावुक हो गईं.
Health Minister JP Nadda पहुंचे Apollo Hospital, वरिष्ठ BJP नेता LK Advani का जाना हाल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 17 अक्टूबर को नई दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। आडवाणी अभी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। बीजेपी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक, आडवाणी का कई दशकों तक भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव रहा है। उनके अस्पताल में भर्ती होने पर देश भर के राजनीतिक नेताओं ने चिंता जताई है और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इसे भी पढ़ें: Deputy CM Brajesh Pathak बोले, सत्ता की भूख के चलते Congress में मची है आंतरिक कलह ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने 'X' पर एक पोस्ट में अपनी चिंता जताते हुए कहा कि हमारे सम्मानित राजनेता, वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री श्री लाल कृष्ण आडवाणी जी के सीने में संक्रमण (चेस्ट इन्फेक्शन) के कारण अस्पताल में भर्ती होने की खबर सुनकर बहुत चिंता हुई है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें शक्ति और जल्द स्वस्थ होने का आशीर्वाद दें, ताकि वे अपनी बुद्धिमत्ता और मार्गदर्शन से देश को प्रेरित करते रहें। इसे भी पढ़ें: विपक्ष का असली Agenda सत्ता परिवर्तन, नितिन नवीन का आरोप- Urban Naxals रच रहे साजिश आडवाणी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जिसमें भारत के उपप्रधानमंत्री का पद भी शामिल है। नड्डा का अस्पताल जाना, 98 वर्षीय नेता के स्वास्थ्य को लेकर पार्टी की चिंता को दर्शाता है। समर्थक और शुभचिंतक आडवाणी के स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए हैं; उनकी स्थिर स्थिति, चल रही चिंताओं के बीच, कुछ तसल्ली देती है।
अमेरिका: कैलिफोर्निया के जंगलों में लगी भीषण आग, कई घर जलकर खाक
अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में जंगलों की भीषण आग ने भयंकर तबाही मचाई है. तेज और शुष्क सांता एना हवाओं के चलने से यह आग रिहायशी इलाकों में बहुत तेजी से फैल रही है. लोगों ने अपनी जिंदगी भर की मेहनत से जो आशियाने बनाए थे, वे सब जलकर राख और धुआं-धुआं हो चुके हैं. ऑरेंज काउंटी सहित कई इलाकों में अनेक घर इस भीषण आग की चपेट में आ चुके हैं. स्थानीय प्रशासन और दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने के लिए भारी मशक्कत कर रहे हैं. आग की भयावह स्थिति को देखते हुए जमीन से लेकर आसमान तक हर जगह से पानी डालने की कोशिश की जा रही है.
दिल्ली: एलके आडवाणी से मिलने अस्पताल पहुंचे जेपी नड्डा, डॉक्टरों से लिया अपडेट; सीने में इंफेक्शन की शिकायत lk-advani-hospitalized-Union-Health-Minister-JP-Nadda-visited-Apollo-Hospital-chest-infection-health-stable
इस्तेमाल की मियाद पूरी कर चुके, खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की कार्रवाई के दौरान 48 लाख रुपये मूल्य का सामान जब्त किए जाने के उपरांत ‘रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट’ के एक निदेशक और नौ अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। यह प्राथमिकी ठाणे के शांतिनगर थाने में दर्ज की गई है। इसमें रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट, रिलायंस रिटेल, ब्लिंकिट और जोमैटो हाइपरप्योर से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा निपटान कार्य से जुड़ी एजेंसी के संचालकों तथा स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को नामजद किया गया है। प्राथमिकी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज की गई है। मामले में नामजद आरोपियों में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड के पूर्ण कालिक निदेशक वी. सुब्रमण्यम, इसी कंपनी के अशोक कुमार सिंह, रिलायंस रिटेल लिमिटेड के विजय भीकाजी खरमले और कंपनी के गोदाम प्रबंधक नीलेश रामदासराव देशमुख शामिल हैं। अन्य आरोपियों में ब्लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक अरबिंदर सिंह ढींसा, ब्लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड के दीपक सिंह, जोमैटो हाइपरप्योर प्राइवेट लिमिटेड के आबिद शेख, मेसर्स बी.के. डिस्पोज के बाबर मिया अहमद सिद्दीकी, भिवंडी के चविंद्रा स्थित आपूर्तिकर्ता गुलजार अब्दुल खान और भिवंडी के एक बिक्री केंद्र के संचालक अब्दुल मोबिन खान शामिल हैं। एफडीए के सूत्रों ने बताया कि 14 तथा 15 अक्टूबर को ठाणे एवं पुणे जिलों में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। जब्त खाद्य भंडार में भिवंडी स्थित एक निपटान स्थल से मिले 24 लाख रुपये से अधिक, वडपे स्थित रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के गोदाम से करीब 4.92 लाख रुपये और उसाटने स्थित जोमैटो हाइपरप्योर के परिसर से मिले लगभग 7.81 लाख रुपये के उत्पाद शामिल हैं। जब्त किए गए कुल सामान का मूल्य 48,09,924 रुपये आंका गया है। एफडीए के एक सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस्तेमाल की मियाद पूरी कर चुके, खराब खाद्य पदार्थों और ग्राहकों द्वारा लौटाए गए सामानों को नष्ट किया जाना था लेकिन इन्हें कथित तौर पर निपटान एजेंसियों, बिना लाइसेंस वाले छंटाई केंद्रों और बिचौलियों के माध्यम से दूसरी जगह भेज दिया गया। आरोप है कि निपटान एजेंसियों ने उत्पादों को वास्तव में नष्ट किए जाने की पर्याप्त पुष्टि किए बिना ही उनके नष्ट किए जाने का दावा करते हुए प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज जारी कर दिए। एफडीए अधिकारियों को निपटान संबंधी रिकॉर्ड में भी कई गड़बड़ियां मिलीं।
भारतीय सेना के एक मेजर पर दो साथी अफसरों की पत्नियों समेत चार महिलाओं से कथित संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में सेना प्रमुख ने मेजर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनकी सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। मामला अब सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) पहुंच चुका है, जहां मेजर ने जांच में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को चुनौती दी है। वहीं, उनकी पूर्व पत्नी द्वारा पुरानी शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद सेना की कार्रवाई जारी है। शिकायत से शुरू हुई कार्रवाई, सेना ने गठित की जांच समिति बताया जा रहा है कि मामले की शुरुआत अगस्त 2023 में हुई, जब मेजर की तत्कालीन पत्नी ने रक्षा मंत्रालय के एकीकृत मुख्यालय के अंतर्गत अतिरिक्त महानिदेशालय (अनुशासन एवं सतर्कता) के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कथित व्यभिचार, नशीले पदार्थों के सेवन, पत्नी की उपेक्षा और चार महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंधों के आरोप लगाए गए। इनमें दो अन्य सैन्य अधिकारियों की पत्नियां भी शामिल बताई गईं। इसे भी पढ़ें: ईरान जैसा 'अंडरग्राउंड चक्रव्यूह', जिसके आगे बंकर-बस्टर भी फेल, भारत के इस फैसले ने मचाया चीन पाकिस्तान में तांडव,देखती रह गई दुनिया अक्टूबर 2023 में मुख्यालय 55 (आई) मैकेनाइज्ड ब्रिगेड ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की। जांच का एक प्रमुख आरोप साथी अधिकारियों की पत्नियों से अनुचित संबंध स्थापित करने और एक सैन्य अधिकारी से अपेक्षित आचरण के उल्लंघन से जुड़ा था। बाद में अतिरिक्त जांच समितियां भी गठित की गईं। जांच प्रक्रिया पर मेजर के गंभीर सवाल दूसरी ओर मेजर का आरोप है कि पूरी जांच अनिवार्य सैन्य नियमों की अनदेखी करते हुए आगे बढ़ाई गई। उनका दावा है कि आर्मी रूल 180 के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और जिन महिलाओं के नाम शिकायत में थे, न तो उन्हें बुलाया गया और न ही उनके पतियों के बयान दर्ज किए गए। अधिकारी के मुताबिक, बार-बार अनुरोध के बावजूद संबंधित व्यक्तियों को जांच में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने मोबाइल फोन, लैपटॉप और पेन ड्राइव जैसे डिजिटल उपकरणों को जब्त करने तथा उनके आवास की तलाशी में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि मार्च 2025 में सेना ने आर्मी एक्ट की धारा 45 और 63 के तहत संभावित आरोपपत्र तैयार किया था। इसके बाद समरी ऑफ एविडेंस और अतिरिक्त समरी ऑफ एविडेंस की कार्यवाही हुई। इस दौरान भी मेजर ने संबंधित महिलाओं को बुलाकर पूछताछ करने की मांग दोहराई थी। कोर्ट मार्शल नहीं, प्रशासनिक बर्खास्तगी का रास्ता वहीं दूसरी ओर, सेना प्रमुख की ओर से 10 अगस्त को जारी कारण बताओ नोटिस में आर्मी रूल 19 और 14 का हवाला देते हुए पूछा गया कि अधिकारी की सेवा प्रशासनिक रूप से समाप्त क्यों न कर दी जाए? नोटिस में कहा गया है कि परिस्थितियों के मद्देनजर कोर्ट मार्शल के जरिए मुकदमा चलाना उचित नहीं है। देखा जाये तो यही कदम अब विवाद के केंद्र में है। आरोपी अधिकारी का तर्क है कि जिन जांच और साक्ष्य प्रक्रियाओं पर कार्रवाई आधारित है, वे कथित अनियमितताओं के कारण ही दोषपूर्ण हैं। ऐसे में उन्हीं कार्यवाहियों के आधार पर सेवा समाप्त करना कानूनसम्मत नहीं है। शिकायत वापस, लेकिन सेना की कार्रवाई पर विराम नहीं हम आपको यह भी बता दें कि इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ 30 मार्च 2026 को आया था, जब मेजर और उनकी तत्कालीन पत्नी का अनंतनाग के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के आदेश से आपसी सहमति के आधार पर तलाक हो गया। समझौता ज्ञापन में पत्नी ने अगस्त 2023 की शिकायत वापस लेते हुए कहा कि वैवाहिक विवाद के दौरान शिकायत अनजाने में दर्ज हुई थी और उसके पास निर्विवाद आधार नहीं थे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के समक्ष बयान देने का आश्वासन भी दिया था। मेजर ने इसी आधार पर कारण बताओ नोटिस को चुनौती देते हुए एएफटी से राहत मांगी। उन्होंने आर्मी रूल 184 के तहत कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी की रिपोर्ट और राय तथा आर्मी रूल 22 के तहत सुनवाई संबंधी कार्यवाही की प्रतियां भी मांगीं। एएफटी का आदेश: जवाब दीजिए, दस्तावेज भी लीजिए वहीं 14 अक्टूबर को न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन और लेफ्टिनेंट जनरल सी.पी. मोहंती की पीठ ने कारण बताओ नोटिस पर रोक लगाने से इंकार करते हुए मेजर को निर्देश दिया कि वे अपनी आपत्तियां नोटिस के जवाब में उठाएं। साथ ही, सेना अधिकारियों को कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के निष्कर्षों और सुनवाई की कार्यवाही की प्रतियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बहरहाल, अब मेजर का भविष्य सेना के जवाब, उपलब्ध दस्तावेजों और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
प्रियंका चोपड़ा ने 'वाराणसी' के अपने को-स्टार पृथ्वीराज सुकुमारन को जन्मदिन की बधाई दी
ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा ने शुक्रवार को 'वाराणसी' के अपने को-स्टार पृथ्वीराज सुकुमारन को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।
फांसी की सजा का नहीं था अंदाजा! फैसला सुनते ही रोने लगी मेरठ की रविता
मेरठ में पति की हत्या कर उसे सांप से डंसवाने का नाटक करने के मामले में मौत की सजा पाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की जेल में बेचैनी बढ़ गई है. सजा सुनते ही दोनों फूट-फूटकर रोने लगे और रात में खाना भी नहीं खाया. जेल में रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को 400 आवंटित किया गया है.
वाराणसी के नमो घाट पर IAF का बड़ा प्रदर्शन, करतब दिखाएगी Surya Kiran और Sarang टीम
उत्तर प्रदेश के नमो घाट पर 22 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक भारतीय वायु सेना (IAF) का 'एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026' आयोजित किया जाएगा, जिसे विंग्स ओवर गंगा (Wings Over Ganges) नाम दिया गया है। यह कार्यक्रम भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हो रहा है, जिसमें लड़ाकू विमान, एयरोबैटिक फॉर्मेशन और हेलीकॉप्टर का प्रदर्शन देखने को मिलेगा। प्रयागराज में रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी और प्रवक्ता, विंग कमांडर देबार्थो धर ने बताया कि गंगा नदी और वाराणसी के ऐतिहासिक शहर की पृष्ठभूमि में होने वाले इस प्रदर्शन में वायु सेना की उड़ान क्षमताओं को दिखाया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Varunastra और GSAT-7C से बढ़ेगी सैन्य ताकत, एंटी-सबमरीन व संचार क्षमता के लिए 4,106 करोड़ का करार भारतीय वायु सेना की 'सूर्य किरण एयरोबैटिक टीम' और 'सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम' इसमें हिस्सा लेंगी, जो हवाई करतब, सटीक उड़ान और बेहतरीन तालमेल वाले फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेंगी। इस प्रदर्शन में तेजस, लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड', IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 जैसे कई विमान शामिल होंगे। इनके साथ ही सुखोई Su-30MKI और राफेल जैसे फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान भी नजर आएंगे। भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमान भी इसमें शामिल होंगे, जो तीनों सेनाओं की संयुक्त परिचालन क्षमताओं को दर्शाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय वायु सेना के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को एविएशन (विमानन) तथा एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। बयान के अनुसार, दर्शकों को हवाई अभियानों में शामिल प्रशिक्षण, तकनीक और समन्वय के बारे में जानने का मौका मिलेगा। इसे भी पढ़ें: Operation Sindoor के बाद पहली बार भारत ने किया सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास, 40 देशों की Airforce को सामने देख Rajnath Singh ने दे दिया बड़ा संदेश 'विंग्स ओवर गंगा' (Wings Over Ganges) थीम वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत को भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता से जोड़ती है, जिसमें गंगा नदी को इस प्रदर्शन के लिए एक सुंदर पृष्ठभूमि के रूप में इस्तेमाल किया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्यक्रम वायु सेना दिवस समारोह का एक अहम हिस्सा होगा, जिससे स्थानीय लोगों और दर्शकों को भारतीय वायु सेना के विमानों और प्रदर्शन टीमों को काम करते हुए देखने का अवसर मिलेगा।
‘किस देश में युवा सरकार से सवाल पूछ सकते हैं?’ CJP प्रदर्शन पर UN को भारत का जवाब
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञ की उस रिपोर्ट को सख्ती से खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि भारतीय युवाओं को बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है. भारतीय राजनयिक ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संगठन बनाने का अधिकार देता है.
किम जोंग का शक्ति प्रदर्शन: उत्तर कोरिया ने एआई-बेस्ड टॉरपीडो सिस्टम का किया परीक्षण, प्योंगयांग ने क्या कहा?north korea tests new ai guided torpedo system jam-2 Pyongyang south korea
चुनाव जीतने में नाकाम Opposition अब देश में Regime Change चाहता है, Devendra Fadnavis का तीखा हमला
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 17 अक्टूबर को विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हटकर केंद्र सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध करना असल में सत्ता परिवर्तन की एक चाल है। 'X' पर एक पोस्ट में फडणवीस ने लिखा कि चूंकि लोकतांत्रिक तरीके से पात्र मतदाताओं के वोट पाकर उनके जीतने की कोई दूर-दूर तक संभावना नहीं है, इसलिए आखिरकार 'सच' सामने आ ही गया। देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हथियाने की उनकी साजिश का पर्दाफाश हो गया है! इसे भी पढ़ें: Deputy CM Brajesh Pathak बोले, सत्ता की भूख के चलते Congress में मची है आंतरिक कलह SIR पर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वे ‘SIR’ का विरोध क्यों कर रहे हैं? क्योंकि वे ‘सत्ता परिवर्तन’ (regime change) चाहते हैं। चूंकि चुनावों के जरिए उनके सत्ता में आने का कोई मौका नहीं है, इसलिए वे ‘सत्ता परिवर्तन’ की बात कर रहे हैं! वे सरकार को गिराना चाहते हैं—लेकिन लोकतांत्रिक तरीकों से नहीं! ‘SIR’ का विरोध तो बस एक बहाना है; असल विरोध तो लोकतंत्र के खिलाफ है। फडणवीस ने आरोप लगाया कि SIR के खिलाफ विपक्ष का अभियान असल में लोकतंत्र के खिलाफ एक अभियान है। उन्होंने कहा कि असली विरोध आपके और मेरे वोट के खिलाफ है—यानी उन नागरिकों के वोट के खिलाफ, जिन्हें वोट देने का अधिकार है।” उन्होंने जनता से अपील की कि वे लोकतंत्र का समर्थन करने वालों और ‘सत्ता परिवर्तन’ की वकालत करने वालों में से किसी एक को चुनें। उन्होंने कहा, “अब हमें तय करना होगा: क्या हमें लोकतंत्र चाहिए, या फिर वे लोग चाहिए जो ‘सत्ता परिवर्तन’ की बात करते हैं? लोकतंत्र को बचाने के लिए ‘SIR’ का कोई विकल्प नहीं है! इसे भी पढ़ें: NSG Raising Day: आतंकवाद के खिलाफ तत्परता गर्व जगाती है, PM Modi और नेताओं ने किया नमन ये टिप्पणियां उस विवाद के बाद आईं, जब वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे आंदोलन को सत्ता परिवर्तन की लड़ाई (फाइट फॉर रेजीम चेंज) बताया, जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा ने बांग्लादेश के 'जेन जेड' (Gen Z) आंदोलन का जिक्र किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन बयानों को चुनावी तरीकों से इतर मोदी सरकार को गिराने की कोशिशों का सबूत माना, लेकिन विपक्ष ने इस आरोप को खारिज कर दिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सत्ता परिवर्तन (रेजीम चेंज) शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए इसे लोकतंत्र में सामान्य बताया।
फर्जी Passport बनवाकर UAE गया बांग्लादेशी नागरिक Chennai Airport पर पकड़ा गया
तमिलनाडु में अवैध रूप से रहने, एक स्थानीय महिला से शादी करने और फर्जी पहचान दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में बांग्लादेश के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 47 वर्षीय कामिल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, कामिल 2008 में पश्चिम बंगाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था और इसके बाद वह तमिलनाडु चला गया। पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु में रहने के दौरान उसने एक महिला से शादी की और बाद में उसके साथ त्रिपुरा चला गया। पुलिस के मुताबिक, तमिलनाडु और त्रिपुरा में रहने के दौरान कामिल ने आजीविका के लिए कई तरह के छोटे-मोटे काम किए। पुलिस ने बताया कि कामिल शुरुआत में रोजगार की तलाश में भारत आया था लेकिन बाद में यहीं स्थायी रूप से रहने लगा। पुलिस के अनुसार, उसने त्रिपुरा में मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड और स्थायी खाता संख्या (पैन) कार्ड जैसे फर्जी पहचान दस्तावेज बनवाने के लिए अपने नाम और जन्मस्थान सहित कई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियों में हेरफेर किया। पुलिस ने बताया कि इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उसने भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नौकरी करने चला गया। पिछले कुछ वर्ष यूएई में काम करने के बाद कामिल इसी महीने की 14 तारीख को चेन्नई हवाई अड्डे पहुंचा। आव्रजन अधिकारियों को उस पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान उसकी कथित अवैध गतिविधियों और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने उसे चेन्नई केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में कामिल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
Anant Singh के बयान से सियासी बवाल, JD(U) ने किया Nitish Kumar का बचाव
बिहार में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जब जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने नौ लोगों की हत्या करवाई है। इस बयान के बाद विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने तीखी आलोचना की है। अनंत सिंह और उनकी पार्टी, दोनों ने ही इस बयान के सच होने से इनकार किया है। इस मुद्दे पर बात करते हुए अनंत सिंह ने कहा कि इस बयान का पहले ही खंडन किया जा चुका है। जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी है, लेकिन उन्होंने चुनावों पर इसके असर को ज्यादा अहमियत नहीं दी। इसे भी पढ़ें: IPS अधिकारी Kundan Krishnan के मानहानि नोटिस पर RJD MP Sudhakar Singh ने CM को लिखा खुला पत्र झा ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने एक बयान दिया और फिर उस पर स्पष्टीकरण भी दे दिया। पार्टी की राज्य इकाई को पूरी स्थिति की जानकारी है और उसने इन सभी घटनाक्रमों पर ध्यान दिया है। पटना में हमारे उम्मीदवार बड़े अंतर से जीतेंगे; पार्टी को इस मामले की पूरी जानकारी है। वरिष्ठ जदयू (JD(U)) नेता राजीव रंजन प्रसाद ने नीतीश कुमार का बचाव करते हुए, अपराधियों और राजनेताओं की मिलीभगत के खिलाफ उनके लंबे समय से चले आ रहे रुख को रेखांकित किया। प्रसाद ने ANI से कहा कि अपने 50 साल के सार्वजनिक जीवन में, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने ऐसी दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई है और ऐसे कड़े फैसले लिए हैं, जो देश के बहुत कम राजनेता ही कर पाते हैं। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और राजनीति-अपराध की मिलीभगत के मुद्दे पर हमेशा समझौता न करने वाला रुख अपनाया है; उनका जीवन निस्संदेह एक आदर्श है। जहां तक दूसरों के बयानों या दावों की बात है, तो पार्टी न तो उन पर ध्यान देती है और न ही उन पर कोई प्रतिक्रिया देना उचित समझती है... नीतीश कुमार ने अपने पूरे जीवन में कभी भी नकारात्मक राजनीति को कोई जगह नहीं दी है। इसे भी पढ़ें: Bihar के Vaishali में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत विपक्षी पार्टी RJD ने कड़ा पलटवार करते हुए, पार्टी नेता शक्ति सिंह यादव के माध्यम से अनंत सिंह पर राजनीतिक अपराधों को स्वीकार करने का आरोप लगाया। यादव ने कहा कि यह सवाल उठा ही क्यों? नीरज कुमार ने कई हत्याओं की ओर इशारा करते हुए बताया कि अलग-अलग गांवों में राजपूत और भूमिहार समुदायों के लोगों की हत्याएं हुई हैं, और उन्होंने अनंत सिंह को एक कुख्यात अपराधी करार दिया।
20 या 21 अक्टूबर, कब होगा रावण दहन? जानें दशहरे की सही तारीख और मुहूर्त
Dussehra 2026: दशहरा 2026 कब है, 20 या 21 अक्टूबर? जानें विजयादशमी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, रावण दहन का समय और दशहरे की पूजा विधि.
वेस्टइंडीज के पास 24 साल बाद इतिहास रचने का मौका !
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांचवां टी20 मुकाबला 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में खेला जाएगा। सीरीज 2-2 से बराबर है। मौसम विभाग ने बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी है।
'इसमें ह्यूमर कहां है?', काजी पर पहली बार भड़के सलमान, खूब सुनाया
वीकेंड का वार का नया प्रोमो सामने आया है, जिसमें इस बार सलमान खान के हाथों काजी तौकीर लगे हैं. पिछले दिनों गुल्लू और नकुल की लड़ाई उन्हीं के कारण शुरू हुई थी, जिसपर सुपरस्टार ने उन्हें जमकर फटकारा है.
कांच-मेटल छोड़ें, कुर्ती और टॉप के साथ पहनें कलरफुल जेली बैंगल्स
Jelly Bangles Designs: पिछले कुछ समय से जेली बैंगल्स खूब ट्रेंड में है. खास बात है कि मेटल और कांच की चूड़ियों से अलग जेली बैंगल्स टॉप से लेकर साड़ी तक, हर आउटफिट पर खूब फबती हैं. अगर आप भी इस बार इन्हें खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले ये आर्टिकल जरूर पढ़ लीजिए. यहां हम आपको इन्हें हर ड्रेस के साथ स्टाइल करने का तरीका बता रहे हैं.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट और वनडे टीम का आधिकारिक ऐलान कर दिया है, जिसके साथ ही क्रिकेट गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। आगामी 22 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस रोमांचक दौरे के लिए टी20 टीम की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी, लेकिन हाल ही में घोषित किए गए वनडे और टेस्ट स्क्वाड ने चयनकर्ताओं की भविष्य की रणनीतियों पर से पर्दा उठा दिया है। इस पूरी चयन प्रक्रिया और टीम संतुलन से 6 सबसे बड़े खुलासे और बातें सामने आई हैं, जो यह तय करती हैं कि आने वाले समय में टीम इंडिया किस दिशा में आगे बढ़ने वाली है। आइए जानते हैं कि न्यूजीलैंड दौरे के इस चयन से भारतीय क्रिकेट को लेकर कौन सी 6 बड़ी बातें सामने आई हैं।शुभमन गिल संभालेंगे कमान, जसप्रीत बुमराह को वनडे से मिला आरामन्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबलों के लिए युवा बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubman Gill) को कप्तान बनाया गया है, जबकि सीरीज के आखिरी मुकाबलों के लिए कमान अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को सौंपी गई है। चयनकर्ताओं ने कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) को ध्यान में रखते हुए तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) को वनडे सीरीज से आराम देने का फैसला किया है। ऐसा माना जा रहा है कि बुमराह को यह ब्रेक केवल इसलिए दिया गया है ताकि वे आगामी महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह से फिट और तरोताजा रह सकें। इसके अलावा, टीम चयन से जुड़ी वे 6 बड़ी बातें निम्नलिखित हैं जो काफी चर्चा का विषय बनी हुई हैं।1. क्या 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक यशस्वी जायसवाल को करना होगा इंतजार?युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से गजब की छाप छोड़ी है, लेकिन जहां तक वनडे फॉर्मेट का सवाल है, उन्हें अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई वनडे टीम में यशस्वी जायसवाल को जगह नहीं मिली है। मौजूदा समय में कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल वनडे प्रारूप में ओपनिंग की पहली पसंद बने हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि चयनकर्ताओं ने जायसवाल को बैकअप ओपनर के रूप में भी स्क्वाड में शामिल नहीं किया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि 2027 के वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं में अभी उन्हें सीमित ओवरों के लिए थोड़ा और समय देना पड़ सकता है।2. ऋषभ पंत की जगह ईशान किशन बनते जा रहे हैं विकेटकीपर की दूसरी पसंदवनडे फॉर्मेट में अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल विकेटकीपर के रूप में टीम की पहली पसंद बने हुए हैं। हालांकि, विकेटकीपर के विकल्प को लेकर जो ट्रेंड दिख रहा है, उसके मुताबिक ईशान किशन (Ishan Kishan), ऋषभ पंत पर भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। इस चयन के बाद ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ऋषभ पंत अब मुख्य रूप से केवल रेड-बॉल यानी टेस्ट टीम का ही एक अहम हिस्सा बनकर रह गए हैं, जबकि सीमित ओवरों के क्रिकेट में ईशान किशन को तरजीह दी जा रही है।3. क्रुणाल पांड्या और रजत पाटीदार के लिए टीम के दरवाजे लगभग बंदघरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अक्सर क्रुणाल पांड्या और रजत पाटीदार को भारतीय टीम में शामिल किए जाने की मांग उठती रही है। लेकिन चयनकर्ताओं के ताजा रुख को देखकर यह साफ हो गया है कि इन दोनों खिलाड़ियों के लिए अब टीम इंडिया में वापसी करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। पिछले 4-5 महीनों में भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन ने कई युवा और नए खिलाड़ियों को व्हाइट-बॉल क्रिकेट में आजमाया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अब भविष्य की बेंच स्ट्रेंथ तैयार की जा रही है।4. रवींद्र जडेजा के वनडे करियर पर लगा विराम, नमन धीर को मिला मौकाभारतीय क्रिकेट के महान ऑलराउंडर्स में शुमार रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) का वनडे इंटरनेशनल करियर अब लगभग समाप्त माना जा रहा है। चयनकर्ताओं ने उनकी जगह युवा खिलाड़ी नमन धीर (Naman Dhir) को मौका देना शुरू कर दिया है। नमन धीर ने अब तक भारत के लिए कुछ सीमित मैच खेले हैं और उनका प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा है। हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ दो वनडे मैचों में जडेजा को मौका मिला था, लेकिन अब उन्हें दरकिनार कर युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है।5. क्या महान तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए पूरी तरह बंद हो गए दरवाजेअनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) का हालिया घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने पिछले डोमेस्टिक सीजन में गजब की गेंदबाजी की थी और रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन के अपने पहले ही मैच में 5 विकेट चटकाकर अपनी फिटनेस का शानदार नमूना पेश किया था। इसके बावजूद, न्यूजीलैंड दौरे के लिए शमी को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया है। इस लगातार अनदेखी से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अब शायद मोहम्मद शमी के लिए भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट में वापसी के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो चुके हैं।6. ऋतुराज गायकवाड़ को मिल रहा है लगातार खेलने का पूरा मौकायुवा बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) के लिए यह दौरा राहत भरा हो सकता है। वेस्टइंडीज सीरीज के बाद अब उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भी टीम में चुना गया है। हालांकि अतीत में गायकवाड़ को अंदर-बाहर होना पड़ा था, लेकिन इस बार चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताते हुए लगातार दूसरी सीरीज में मौका दिया है, जिससे वे अपनी उपयोगिता साबित कर सकते हैं।
Palghar में महिला के साथ गैंगरेप, Virar Police ने दो आरोपियों को पकड़ा
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में उसके पति के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर विरार पुलिस ने शुक्रवार को आरोपियों सूरज यादव और विशाल को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिला को धमकी भी दी कि यदि उसने घटना की शिकायत की तो वह उसके चार वर्षीय बेटे को जान से मार देंगे। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक लालू तुरे ने बताया कि आठ अक्टूबर की रात महिला का पति घर पर नहीं था, तभी दोनों आरोपियों ने उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। तुरे ने बताया कि इसके बाद आरोपियों ने महिला को धमकी दी कि अगर उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वे उसके बेटे को जान से मार देंगे और इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी महिला के पति के दोस्त थे और अक्सर उसके घर आते-जाते थे।
प्रसिद्ध यूट्यूबर और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ध्रुव राठी ने कथित 'वोट चोरी' और चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। राठी ने लंदन में मौजूद अपने समर्थकों और भारतीय प्रवासियों से शनिवार दोपहर को पार्लियामेंट स्क्वायर पर एकत्र होने की अपील की है। शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी देते हुए राठी ने बताया कि वे लंदन पहुंच चुके हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, अगर आप यहां हैं, तो कल (शनिवार) दोपहर 12 बजे पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने का समय आ गया है। उन्होंने अपने संदेश का अंत जय हिंद के साथ किया। पिछले हफ्ते CJP के विरोध प्रदर्शन से पहले राठी को हिरासत में लिया गया था PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले, दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम (हरियाणा) के सेक्टर 56 स्थित उनके आवास से ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया था। उन्हें शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों के तहत पुलिस ने राठी को हिरासत में लिया था। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा चिंताओं और जरूरी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। साथ ही, प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कई अहम जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन बुलाया था। उनका आरोप था कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) में गड़बड़ियां की गई हैं और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म 6' में बदलाव किए गए हैं। पार्टी ने 'X' पर एक पोस्ट के जरिए राठी की हिरासत की पुष्टि की और आरोप लगाया कि सरकार उन युवाओं से डरी हुई है जो चुप रहने से इनकार करते हैं। CJP के विरोध प्रदर्शन की योजना के कारण कनॉट प्लेस बाजार बंद करना पड़ा पिछले हफ्ते प्रस्तावित इस विरोध प्रदर्शन के चलते 'न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन' (NDTA) को शनिवार के दिन कनॉट प्लेस बाजार बंद रखने की घोषणा करनी पड़ी थी। NDTA के संयुक्त सचिव अमित गुप्ता ने कहा कि यह फैसला जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि सप्ताहांत (वीकेंड) के दौरान इस व्यावसायिक केंद्र में हजारों लोग आते हैं। राठी की ताजा घोषणा के अनुसार, अब यह प्रस्तावित प्रदर्शन लंदन में होगा, जहाँ उन्होंने अपने समर्थकों से शनिवार दोपहर को पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास इकट्ठा होने को कहा है। उनकी पोस्ट में मांग की गई है कि मतदान में हुई कथित अनियमितताओं के मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाए। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi I’ve just reached London It’s time the world sees the reality of vote chor and murderer of democracy. International danka bajane ka time aa gaya hai Join the protest tomorrow in front of Mahatma Gandhi’s statue in parliament square at 12pm if you’re here Jai Hind — Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) October 16, 2026
विमान के पंख पर 99 साल की महिला, हवा में उड़ते हुए बनाया रिकॉर्ड
99 साल की उम्र में हेल्गा डफी ने विमान के पंख पर खड़े होकर उड़ान भरी और दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला विंग-वॉकर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
Deputy CM Brajesh Pathak बोले, सत्ता की भूख के चलते Congress में मची है आंतरिक कलह
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ खत्म हो गई है और भारत के कई हिस्सों में वह अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने यह टिप्पणी कांग्रेस द्वारा उन समूहों के साथ मिलकर किए गए विरोध-प्रदर्शनों के जवाब में की, जिन्हें उन्होंने 'राष्ट्र-विरोधी' बताया। पाठक ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह केवल सत्ता पाने की चाहत से प्रेरित राजनीति कर रही है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयानों का भी समर्थन किया और कहा कि ये बयान शांति तथा कानून-व्यवस्था के लिए जनता की इच्छा को दर्शाते हैं। इसे भी पढ़ें: Prashant Bhushan के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर BJP का पलटवार, नितिन नवीन बोले- बेनकाब हुआ विपक्ष का एजेंडा पाठक ने कहा कि देखिए, कांग्रेस पार्टी अच्छी तरह जानती है कि उत्तर प्रदेश में अब उसका कोई राजनीतिक आधार नहीं बचा है। सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि मुस्लिम तुष्टीकरण को एक तरफ रख दें तो देश के ज्यादातर हिस्सों में कांग्रेस पार्टी केवल अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रही है। और जिस तरह से वे देश-विरोधी तत्वों के साथ मिलकर प्रदर्शन और विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, वह सबके सामने है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर चल रही आंतरिक कलह सत्ता में वापस आने की उनकी महत्वाकांक्षा का नतीजा है। रक्षा मंत्री सिंह की बातों से सहमति जताते हुए पाठक ने कहा कि यह सबको पता है कि कांग्रेस पार्टी के अंदर की उथल-पुथल की मुख्य वजह सत्ता की वह भूख है, जिसने उनकी नींद उड़ा दी है। रक्षा मंत्री ने जो बात कही है, वह देश के शांतिप्रिय आम नागरिकों की इच्छा से मेल खाती है—जो यही चाहते हैं कि देश में कानून-व्यवस्था बनी रहे और शांति कायम रहे। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के कथित बचाव पर भड़कीं Congress और सपा, इस्तीफे की मांग पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी तारीफ की और कहा कि उनके कार्यकाल में वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति बेहतर हुई है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर अपनी नीतियों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और 1975 में लगाई गई इमरजेंसी का जिक्र करते हुए इसे पार्टी के संविधान-विरोधी कार्यों का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, देश ने वैश्विक मंच पर जिस तरह से तरक्की की है, उसे देखकर कांग्रेस को तकलीफ होना स्वाभाविक है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देश को गर्त में धकेला है; उनकी आर्थिक नीतियों ने देश को नुकसान पहुंचाया है। और सबसे बड़ी बात, उनके संविधान-विरोधी कुकृत्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। 1975 में कांग्रेस ने जिस तरह से इमरजेंसी लगाई थी, उसे याद करके आज भी लोग सिहर उठते हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2027) के आगामी सीजन को लेकर फ्रेंचाइजी टीमों ने अपनी तैयारियों को बेहद आक्रामक और मजबूत अंदाज में आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) की फ्रेंचाइजी ने अपने कोचिंग स्टाफ में एक और बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव किया है। श्रीलंका क्रिकेट इतिहास के सबसे महान और खूंखार तेज गेंदबाजों में शुमार चामिंडा वास (Chaminda Vaas) को दिल्ली कैपिटल्स टीम का नया गेंदबाजी कोच (Bowling Coach) नियुक्त कर दिया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स का कोचिंग पैनल अब दिग्गजों का एक ऐसा पावरहाउस बन चुका है, जहां पहले से ही सौरव गांगुली और युवराज सिंह जैसे दिग्गज अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आईपीएल के आगामी सीजन से पहले डीसी (DC) प्रबंधन पुराने कोचिंग स्टाफ में फेरबदल करते हुए एक के बाद एक कई धुरंधरों को अपने साथ जोड़ रहा है, जिससे टीम का भविष्य और रणनीति बेहद मजबूत नजर आ रही है।16 साल बाद आईपीएल में हुई चामिंडा वास की धमाकेदार वापसीश्रीलंका के बाएं हाथ के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास का क्रिकेट जगत में एक अलग ही रूतबा रहा है। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में श्रीलंका के लिए कुल 761 विकेट चटकाए हैं और वे देश के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। अब इस महान गेंदबाज की 16 साल के लंबे अंतराल के बाद आईपीएल (IPL) के मंच पर वापसी हुई है।खिलाड़ी के तौर पर चामिंडा वास ने आईपीएल के शुरुआती दौर में हिस्सा लिया था। उन्होंने साल 2008 से 2010 के बीच डेक्कन चार्जर्स (Deccan Chargers) फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया था। अपने छोटे से आईपीएल करियर में उन्होंने 13 मैच खेलते हुए 18 शानदार विकेट अपने नाम किए थे और वे साल 2009 में चैंपियन बनने वाली डेक्कन चार्जर्स की टीम का भी एक अहम हिस्सा रहे थे। अब इतने वर्षों बाद वे एक मेंटॉर और कोच की भूमिका में दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग में लौट आए हैं, जिससे दिल्ली के युवा गेंदबाजों को उनकी कला और अनुभव का बहुत बड़ा लाभ मिलने की पूरी उम्मीद है।कोचिंग में लंबा अनुभव रखते हैं चामिंडा वास, डीसी के गेंदबाजों को मिलेगा फायदाचामिंडा वास के पास केवल मैदान पर खेलने का ही नहीं, बल्कि कोचिंग का भी एक समृद्ध और लंबा अनुभव है। उन्होंने अपने रिटायरमेंट के बाद कई अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ काम किया है। वास पहले भी कई मौकों पर श्रीलंका की पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (Sri Lanka National Cricket Team) के गेंदबाजी कोच के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूजीलैंड और आयरलैंड जैसी टीमों के साथ भी बतौर गेंदबाजी सलाहकार (Bowling Consultant) काम किया है।राष्ट्रीय टीमों के अलावा उन्होंने दुनिया भर की कई टी20 फ्रेंचाइजी लीग्स में भी कोचिंग की है। दिल्ली कैपिटल्स के पास मौजूदा समय में युवा और तेज तर्रार गेंदबाजों की एक अच्छी फौज है। ऐसे में चामिंडा वास का यह अनुभव दिल्ली के पेस अटैक को दुनिया का सबसे खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण बनाने में मददगार साबित होगा।सौरव गांगुली और युवराज सिंह के साथ मिलकर तैयार करेंगे जीत की रणनीतिदिल्ली कैपिटल्स ने आगामी सीजन के लिए अपने कोचिंग स्टाफ में दिग्गजों को शामिल करने की जो मुहिम छेड़ी है, उसने फैंस का उत्साह दोगुना कर दिया है। फ्रेंचाइजी ने पहले ही भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) को टीम का हेड कोच नियुक्त किया है, जबकि भारतीय क्रिकेट के 'सिक्सर किंग' युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को बल्लेबाजी कोच की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।अब चामिंडा वास के रूप में गेंदबाजी विभाग की कमान भी एक विश्वस्तरीय दिग्गज के हाथ में आ चुकी है। गांगुली, युवराज और वास की यह तिकड़ी मैदान पर खिलाड़ियों को तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत करने का काम करेगी। आईपीएल के इतिहास में शायद ही किसी अन्य फ्रेंचाइजी के पास इतना अनुभवी और लीजेंड्री कोचिंग स्टाफ देखने को मिला हो।कोचिंग स्टाफ में जल्द जुड़ सकते हैं स्पिन लेजेंड अमित मिश्राचामिंडा वास की नियुक्ति के बाद अब इस बात की भी बहुत तेज चर्चाएं चल रही हैं कि दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग स्टाफ में जल्द ही एक और बड़ा नाम जुड़ सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईपीएल के आगामी सीजन में भारत के दिग्गज स्पिन गेंदबाज और आईपीएल के इतिहास के सबसे सफल गेंदबाजों में शुमार अमित मिश्रा (Amit Mishra) की भी डीसी कैंप में एंट्री हो सकती है।संभावना जताई जा रही है कि अमित मिश्रा को टीम का नया स्पिन गेंदबाजी कोच (Spin Bowling Coach) बनाया जा सकता है। इस बात को इस तथ्य से भी बल मिलता है कि पिछले कुछ महीनों में बेंगलुरु में दिल्ली फ्रेंचाइजी द्वारा आयोजित किए गए ट्रायल कैंप्स के दौरान सौरव गांगुली और युवराज सिंह के साथ-साथ अमित मिश्रा, चामिंडा वास और अन्य दिग्गजों को लगातार साथ देखा गया था। सितंबर और अगस्त महीने में लगे इन ट्रायल्स से यह साफ हो गया था कि डीसी मैनेजमेंट एक बेहद मजबूत और अनुभवी सपोर्ट स्टाफ तैयार करने पर काम कर रहा है।दिल्ली कैपिटल्स ने जिस तरह से एक के बाद एक दिग्गज खिलाड़ियों को अपने खेमे में शामिल किया है, उससे यह साफ जाहिर होता है कि टीम आगामी सीजन में अपनी पहली आईपीएल ट्रॉफी जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। फैंस को पूरी उम्मीद है कि इन दिग्गजों के मार्गदर्शन में दिल्ली की टीम मैदान पर एक नया इतिहास रचेगी।
'कल से कोई गैर-हिंदू नहीं दिखना चाहिए'... मेडिकल कॉलेज में गरबा पर बवाल
सूरत के मेडिकल कॉलेज में गरबा में मुस्लिम स्टाफ को शामिल किए जाने पर बवाल हो गया. यहां बजरंग दल के कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुंचे और विरोध जताया. इस दौरान कार्यकर्ताओं और गरबा आयोजकों के बीच तीखी बहस हुई. इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पति-पत्नी और तीन बच्चे रात में मैगी खाकर सोए थे, सुबह बिस्तर पर मृत मिले।
महाराष्ट्र: पालघर में महिला से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, बेटे की हत्या की दी धमकी; पति के दो दोस्त गिरफ्तार palghar-woman-physical-harassment-assault-allegation-husbands-friends-arrested-virar
JKAS अफसर से बदसलूकी पर IAS अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू, Omar Abdullah ने की निंदा
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक विवादित ऑनलाइन बैठक के बाद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कुमार राजीव रंजन के आचरण की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि उनका व्यवहार एक वरिष्ठ सिविल सेवक से अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं था। इस बीच, जम्मू-कश्मीर सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनदीप कौर के नेतृत्व में इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं और उन्हें 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (JKAS) के अधिकारी अमित वर्मानी को इस मामले में 'प्रेजेंटिंग ऑफिसर' नियुक्त किया गया है। इसे भी पढ़ें: Jammu Kashmir के Kupwara में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, LoC पर हुई गोलीबारी यह घटना 'मिशन युवा' पर आयोजित एक वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान हुई। बताया जा रहा है कि 2010 बैच के IAS अधिकारी रंजन, जो श्रम और रोजगार विभाग में प्रशासनिक सचिव के पद पर तैनात हैं, ने सहायक निदेशक (रोजगार एवं परामर्श केंद्र, गांदरबल) और JKAS अधिकारी बीनीश वानी के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस बातचीत के कथित वीडियो के अनुसार, जब वानी अपने कार्यालय के लक्ष्यों के बारे में समझाने की कोशिश कर रही थीं, तो रंजन ने बार-बार उनकी बात काटी, उनके लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और उन्हें नौकरी से निकालने की सिफारिश करने की धमकी दी। अब्दुल्ला ने 'X' पर लिखा कि मैंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सरकारी ऑनलाइन मीटिंग का वीडियो देखा है। पहली नज़र में, वरिष्ठ अधिकारी का बर्ताव एक वरिष्ठ IAS अधिकारी से अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद, एक कनिष्ठ JKAS अधिकारी को दी गई धमकियों ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है। मैंने मुख्य सचिव (CS) के सामने इस मुद्दे को बहुत सख्ती से उठाया है। दुर्भाग्य से, एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) होने के नाते, IAS अधिकारियों पर नियंत्रण 'लोक भवन' (प्रशासन) के पास है, लेकिन मुख्यमंत्री के तौर पर मैंने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि यह सुनिश्चित करें कि उस JKAS अधिकारी के खिलाफ कोई प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न हो। इसे भी पढ़ें: IAS Kumar Rajeev Ranjan पर एक्शन की मांग, NC ने उठाया J&K के पूर्ण राज्य का मुद्दा इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। NCW की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कराने, तथा अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को इस घटना की जानकारी है और उन्होंने कहा कि इस पर कार्रवाई की जाएगी।
Delhi Weather: राजधानी में पारा 20 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, IMD ने जताया साफ आसमान का अनुमान
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों तक आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान जताया है। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के मौसम की जानकारी देने वाले प्रमुख केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शुक्रवार के मुकाबले 0.6 डिग्री सेल्सियस अधिक है। शनिवार को अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। पालम में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 19.3 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अगले कुछ दिनों तक आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है।’’दिल्ली की वायु गुणवत्ता शनिवार सुबह ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 134 दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार शाम चार बजे पिछले 24 घंटे का औसत एक्यूआई 90 था, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन शनिवार को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' में पार्टी के सभी सांसदों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के खिलाफ जारी राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन पर पार्टी का अंतिम रुख तय किया जाएगा। गौरतलब है कि विपक्षी दल मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और धांधली का आरोप लगाते हुए SIR प्रक्रिया को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे हैं। विपक्ष के बाकी दलों की तरह, DMK भी SIR अभियान के खिलाफ रही है और उसने इसे वापस लेने की मांग की है। हालांकि, दिल्ली में कांग्रेस के नेतृत्व वाले 'INDIA' गठबंधन के विरोध प्रदर्शन से DMK दूर ही रही है। इसे भी पढ़ें: SIR पर MK Stalin ने की मिलीभगत, TVK नेता आधव अर्जुन का बड़ा आरोप शुक्रवार को एक कार्यक्रम में DMK की उप महासचिव कनिमोझी ने कहा, ऐसा लगता है कि मौजूदा केंद्र सरकार अब तक की सरकारों से बिल्कुल अलग है, क्योंकि ऐसा लगता है कि इनका संविधान में कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा, जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए और उनके नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़े जाने चाहिए। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से, DMK लोगों को SIR के खिलाफ आगाह करती रही है। हमने चेतावनी दी थी कि लोग अपने वोट देने का अधिकार खो देंगे। चुनाव से पहले ही हमारे नेता एम.के. स्टालिन ने इस बारे में चेतावनी दी थी। हम SIR की इस पूरी प्रक्रिया के सख्त खिलाफ रहे हैं। DMK कभी कांग्रेस की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी थी, लेकिन 2026 के तमिलनाडु चुनावों के बाद यह गठबंधन टूट गया। इन चुनावों में स्टालिन की पार्टी सत्ता से बाहर हो गई थी और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेट्री कड़गम' (TVK) के साथ हाथ मिला लिया था। इसे भी पढ़ें: Udhayanidhi Stalin का CM Vijay पर तीखा हमला, पूछा- आखिर Reels Government क्यों फैला रही अराजकता? तब से, ऐसी अटकलें तेज हैं कि DMK सत्ताधारी 'राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन' (NDA) में शामिल हो सकती है, जिसका नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) करती है। इससे पहले, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1999 से 2004 की शुरुआत तक DMK और BJP सहयोगी रह चुके हैं। शनिवार की बैठक में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक पर भी चर्चा होगी। कुछ मीडिया संस्थानों का दावा है कि सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए इस महीने के आखिर में संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। DMK ने भी परिसीमन की आलोचना की है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि वह इस विवादित कानून का समर्थन कर सकती है। हालांकि, पार्टी का आधिकारिक रुख स्पष्ट है कि वह अपने मौजूदा स्वरूप में परिसीमन का विरोध करेगी। इसे भी पढ़ें: MK Stalin बोले, असहमति अपराध नहीं, Delhi में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बंद करे केंद्र इस साल अप्रैल में संसद में कनिमोझी ने कहा था, यह वाकई चौंकाने वाला है। हम यहां विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं, तो फिर कल ही इसे अधिसूचित करने की क्या जरूरत थी? इस सदन के प्रति आपका क्या सम्मान है? ये तीन विधेयक ऐसे पेश किए गए हैं मानो महिलाओं के आरक्षण के समर्थन में हों, लेकिन असल में ये संघीय ढांचे पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में जिस सबसे बड़े और ऐतिहासिक वित्तीय घटनाक्रम का इंतजार देश और दुनिया के निवेशक लंबे समय से कर रहे थे, उसकी आधिकारिक घोषणा अब हो चुकी है। देश की सबसे बड़ी डिजिटल और टेलीकॉम सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms IPO) का आईपीओ बहुत जल्द निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। इस मेगा आईपीओ को लेकर मार्केट एक्सपर्ट्स और बड़े-बड़े ब्रोकरेज हाउस का रुख बेहद सकारात्मक और बुलिश बना हुआ है। बाजार के शुरुआती रुझानों और ग्रे मार्केट के संकेतों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग के दिन ही निवेशकों को 15 से 20 प्रतिशत तक का शानदार लिस्टिंग गेन मिल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि जियो के इस आईपीओ का प्राइस बैंड क्या है, एक्सपर्ट्स ने इसके वैल्यूएशन पर क्या राय दी है और निवेशकों के लिए इसमें क्या खास अवसर छिपे हैं।जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ की मुख्य तारीखें और प्राइस बैंडरिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के स्वामित्व वाली जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए शेयरों का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया है। यदि निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड (₹1,119) की बात करें, तो इसके आधार पर कंपनी का कुल अनुमानित बाजार वैल्यूएशन (Valuation) चौंका देने वाला है, जो कि लगभग ₹10.30 लाख करोड़ बैठता है। इतने बड़े पैमाने का आईपीओ भारतीय प्राइमरी मार्केट की तस्वीर पूरी तरह से बदलकर रख सकता है।Emkay Global की ‘Subscribe’ रेटिंग और मजबूत वित्तीय आंकड़ेदिग्गज ब्रोकरेज फर्म Emkay Global Financial Services ने जियो प्लेटफॉर्म्स के इस आईपीओ पर अपनी मुहर लगाते हुए निवेशकों को इसमें पैसा लगाने यानी ‘Subscribe’ करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि भारतीय टेलीकॉम बाजार में जियो की निर्विवाद लीडरशिप, बेहतरीन प्राइसिंग पावर, मजबूत ऑपरेशनल एक्जीक्यूशन और हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज कनेक्टिविटी तथा उन्नत डिजिटल सर्विसेज में लगातार हो रहे विस्तार की वजह से यह निवेश के लिहाज से बेहद आकर्षक विकल्प है।Emkay की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 (FY24) से वित्त वर्ष 2026 (FY26) के बीच जियो का रेवेन्यू 15.8% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है। इसी दो साल की अवधि के दौरान कंपनी के EBITDA में 16.2% और शुद्ध मुनाफे में 18.4% की दमदार CAGR दर्ज की गई है। इसके अलावा, कंपनी का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना यानी प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) FY24 के ₹181.7 से बढ़कर FY26 में सीधे ₹214 पर पहुंच गया है, जो कंपनी की प्रति ग्राहक कमाई क्षमता को मजबूत करता है।वैल्यूएशन और P/E रेश्यो को लेकर ब्रोकरेज की रायकिसी भी कंपनी के आईपीओ में निवेश करने से पहले उसके वैल्यूएशन का आकलन करना बेहद जरूरी होता है। Emkay Global के विश्लेषण के अनुसार, आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड (₹1,119) के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन FY26 की अनुमानित कमाई के मुकाबले 31.7 से 33.3 गुना P/E (Price-to-Earnings) पर बैठता है।वहीं दूसरी ओर, एक अन्य प्रमुख ब्रोकरेज फर्म SBI Securities ने ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का पोस्ट-इश्यू FY26 P/E लगभग 34.4 गुना आंका है। इन तमाम वित्तीय अनुमानों के आधार पर ब्रोकरेज का यह मानना है कि हालांकि वैल्यूएशन प्रीमियम पर है, लेकिन कंपनी की मार्केट लीडरशिप, कंसिस्टेंट ग्रोथ और भविष्य में डिजिटल व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कारोबार से कमाई बढ़ाने की अपार संभावनाओं को देखते हुए यह पूरी तरह से उचित है।5G पूंजीगत व्यय घटने से मजबूत होगा कंपनी का कैश फ्लोजियो के निवेशकों और वित्तीय विश्लेषकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में 5G नेटवर्क के बुनियादी ढांचे पर किया जाने वाला भारी-भरकम निवेश (Capex) अब धीरे-धीरे पूरा हो चुका है और आगे इसमें कमी आने की पूरी उम्मीद है।पूंजीगत खर्च की जरूरत घटने और रिलायंस जियो इन्फोकॉम द्वारा अपने पुराने कर्ज का सुनियोजित भुगतान करने से कंपनी के ऑपरेटिंग कैश फ्लो और वित्तीय लचीलेपन (Financial Flexibility) को बहुत बड़ा सहारा मिलेगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो, FY26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का ऑपरेटिंग कैश फ्लो शानदार ₹77,556 करोड़ और फ्री कैश फ्लो ₹43,301 करोड़ दर्ज किया गया था। इसी समयावधि में कंपनी का EBITDA ₹73,382 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹30,064 करोड़ रहा था, जो इसकी वित्तीय सेहत की मजबूती को साबित करता है।मोबाइल कारोबार के अलावा ग्रोथ के नए और बड़े अवसरविश्लेषकों का मानना है कि जियो की ग्रोथ केवल ट्रेडिशनल मोबाइल टेलीकॉम सेवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में इसके कई अन्य वर्टिकल भी कंपनी की आय में बड़ा योगदान देंगे। होम ब्रॉडबैंड सर्विस जियोफाइबर और एयरफाइबर कंपनी के लिए अगला सबसे बड़ा ग्रोथ ड्राइवर साबित हो रहा है। इसके अलावा, कंपनी अपनी इन-हाउस अत्याधुनिक तकनीक और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अन्य विदेशी टेलीकॉम ऑपरेटरों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है।लंबी अवधि के दृष्टिकोण से देखें तो क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सेवाएं भी भविष्य में जियो के रेवेन्यू मॉडल को एक नया आयाम देंगी। इस आईपीओ के आने से न केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के बिजनेस का सही वैल्यूएशन सामने आएगा, बल्कि शेयरधारकों के लिए 'वैल्यू अनलॉकिंग' (Value Unlocking) के नए रास्ते भी खुलेंगे।
DMRC : दिल्ली मेट्रो में नौकरी का मौका, 2 लाख रुपये महीने की मिलेगी सैलरी
दिल्ली मेट्रो ने की पदों पर आवेदन के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इसके तहत सुपरवाइजर, इंजीनियर, सीनियर इंजीनियर और दूसरे पद शामिल हैं.
भारतीय शेयर बाजार में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी सितंबर तिमाही (Q2 Results 2026) के वित्तीय नतीजों के आने का सिलसिला पूरी रफ्तार से चल रहा है। कंपनियां एक-एक करके अपने तिमाही प्रदर्शन की रिपोर्ट साझा कर रही हैं, जिससे निवेशकों को यह समझने में आसानी हो रही है कि किस सेक्टर और कंपनी का बिजनेस किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में, हाल ही में शेयर बाजार के बंद होने के बाद देश की तीन प्रमुख कंपनियों—CCL Products, श्री लोटस डेवलपर्स (Shri Lotus Developers) और L&T Finance—ने अपने जुलाई-सितंबर तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजे जारी किए हैं।इन तीनों ही कंपनियों ने सालाना आधार (YoY) पर अपने मुनाफे, कुल आय और परिचालन प्रदर्शन में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। जैसे ही बाजार सोमवार को खुलेगा, इन कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों और ट्रेडर्स की खास नजर रहने की उम्मीद है, क्योंकि शानदार नतीजों के दम पर इन शेयरों में जोरदार एक्शन देखने को मिल सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस कंपनी ने दूसरी तिमाही में कैसा प्रदर्शन किया है।CCL Products Q2 Results: सीसीएल प्रोडक्ट्स का मुनाफा बढ़कर 130 करोड़ रुपये पहुंचाकॉफी और उससे जुड़े उत्पादों के कारोबार में अपनी मजबूत पहचान रखने वाली दिग्गज कंपनी CCL Products ने बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही नतीजों का ऐलान किया। कंपनी ने सितंबर तिमाही में निवेशकों को निराश नहीं किया है और हर मोर्चे पर बेहतरीन ग्रोथ दिखाई है।CCL Products का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर (YoY) पिछले साल के 101 करोड़ रुपये से छलांग लगाकर 130 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। मुनाफे के साथ-साथ कंपनी की टॉपलाइन यानी कुल आय में भी मजबूत बढ़त देखने को मिली है। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड कमाई 1,127 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,211 करोड़ रुपये हो गई है।इसके अलावा, परिचालन प्रदर्शन को दर्शाने वाला EBITDA भी पिछले साल के 197 करोड़ रुपये से बढ़कर 212 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। हालांकि, कंपनी का EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 17.5% पर स्थिर बना रहा और इसमें कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। कॉफी सेगमेंट की इस दिग्गज कंपनी के मजबूत नतीजों से निवेशकों में उत्साह का माहौल है।Shri Lotus Developers Q2 Results: श्री लोटस डेवलपर्स का मुनाफा 78% उछलकर 82 करोड़ रुपये हुआरियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़ी कंपनी श्री लोटस डेवलपर्स (Shri Lotus Developers) ने सितंबर तिमाही में अपने शानदार प्रदर्शन से हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी ने इस तिमाही में अपने मुनाफे में लगभग 78 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाता है।वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, श्री लोटस डेवलपर्स का कंसोलिडेटेड मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के 46 करोड़ रुपये से भारी उछाल के साथ 82 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी की कंसोलिडेटेड आय या रेवेन्यू भी 176 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 269 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो मजबूत मांग को दर्शाता है।कंपनी का EBITDA प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा है। श्री लोटस डेवलपर्स का कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर 50 करोड़ रुपये से दोगुना होकर 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। इसके साथ ही, कंपनी के मार्जिन में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। पिछले साल जिस तिमाही में EBITDA मार्जिन 28.6% पर था, वह इस बार बढ़कर 39.9% के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। रियल एस्टेट सेक्टर में इस तरह की तेज ग्रोथ निवेशकों के लिए एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है।L&T Finance Q2 Results: एलएंडटी फाइनेंस का मुनाफा 975 करोड़ रुपये रहा, NII में 33% की मजबूत ग्रोथवित्तीय और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज (NBFC) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी L&T Finance ने भी अपनी दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि वित्तीय बाजार में उसकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, L&T Finance का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 735 करोड़ रुपये से बढ़कर 975 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड आय भी 4,336 करोड़ रुपये से बढ़कर 5,484 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो कंपनी के बढ़ते लोन पोर्टफोलियो को दर्शाती है।बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों के लिए सबसे अहम पैमाना माने जाने वाले नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी जबरदस्त उछाल आया है। दूसरी तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड NII पिछले साल की समान तिमाही के 2,403 करोड़ रुपये से 33 प्रतिशत बढ़कर 3,188 करोड़ रुपये हो गई है। इस तरह L&T Finance ने मुनाफा, कुल आय और NII—तीनों ही प्रमुख पैमानों पर शानदार सालाना ग्रोथ दर्ज की है।सोमवार को शेयर बाजार में कैसी रह सकती है चालCCL Products, श्री लोटस डेवलपर्स और L&T Finance जैसी नामचीन कंपनियों के ये मजबूत तिमाही नतीजे यह संकेत देते हैं कि चुनिंदा सेक्टरों में कॉरपोरेट अर्निंग्स की सेहत काफी अच्छी बनी हुई है। चूंकि ये नतीजे बाजार के नियमित कारोबारी घंटे समाप्त होने के बाद आए हैं, इसलिए सोमवार को जब हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार खुलेगा, तो इन तीनों कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की भारी खरीदारी देखने को मिल सकती है। जानकारों का मानना है कि जिन निवेशकों के पास इन कंपनियों के शेयर पहले से हैं, वे मुनाफे की इस रफ्तार को देखकर अपनी पोजीशन बनाए रख सकते हैं, वहीं नए निवेशकों की नजर भी इन स्टॉक्स पर बनी रहेगी।
बलोचिस्तान में 5.7 तीव्रता का भूकंप, आसपास के इलाके भी हिले
पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत के खुजदार के पास 5.7 तीव्रता का भूकंप आया. झटके आसपास के इलाकों में महसूस हुए. अभी तक जान-माल के बड़े नुकसान की कोई पुष्टि नहीं. क्षेत्र भूकंपीय जोन में है.
Jammu Kashmir के Kupwara में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, LoC पर हुई गोलीबारी
सूत्रों के अनुसार, शनिवार तड़के जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने हथियारों से लैस एक समूह की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया, जिसके बाद केरान सेक्टर में थोड़ी देर के लिए गोलीबारी हुई। सूत्रों ने बताया कि यह गोलीबारी उत्तरी कश्मीर के केरान सेक्टर के जुमागुंड इलाके में तड़के करीब 3:30 बजे हुई। लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के करीब होने के कारण, इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि इस तलाशी अभियान में मदद के लिए अतिरिक्त जवानों को तैनात किया गया है। इसे भी पढ़ें: Farooq Abdullah ने IAS अफसर कुमार राजीव रंजन को Jammu Kashmir से बाहर भेजने की मांग उठाई वहीं, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत शुक्रवार को सुरक्षा बलों और पुलिस ने चार जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ये तलाशी अभियान, पुंछ के कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार एक संदिग्ध आईईडी विस्फोट में पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के चार संदिग्ध आतंकवादियों के मारे जाने और उसके बाद मंगलवार को सथरबन के जंगलों में आतंकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ होने के ठीक बाद शुरू किये गये हैं। इसे भी पढ़ें: IAS Officer ने कहा, 'शट अप', KAS Officer ने दिया जवाब, 'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई', दो अफसरों की लड़ाई से J&K की सियासत गर्माई इस हफ्ते आतंकी ठिकाने से एक स्वचालित राइफल, छह हथगोले तथा गोला-बारूद बरामद किये गये थे। अधिकारियों के अनुसार, गुरसाई के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने मेंढर उपसंभाग के गुरसाई-हारूनी-बैधर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। कश्मीर मोहल्ला, बेहरी जंगल और आसपास के इलाकों में एसओजी मेंढर और सेना की राष्ट्रीय राइफल्स ने एक अन्य संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया। एसओजी मनकोट ने मनकोट पुलिस चौकी क्षेत्र के मंगलानू-चिल्ला वन में भी एक तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि इन अभियानों का उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत करना और सीमावर्ती जिले में आतंकवादियों की संभावित गतिविधियों पर नजर रखना है।
640 फीट नीचे बोरवेल में 39 घंटे फंसा रहा मासूम, बाहर निकाला तो थम चुकी थी सांसें
मासूम 39 घंटे तक बोरवेल में फंसा रहा. इस दौरान बच्चे को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों ने पूरी ताकत झोंक दी. आखिरकार लंबे इंतजार के बाद बच्चा बाहर आया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
भारतीय बैंकिंग सेक्टर और सरकारी विनिवेश (Disinvestment) के मोर्चे पर इन दिनों एक बहुत बड़ा घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) द्वारा आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank Stake Sale) में सरकार और एलआईसी की बड़ी हिस्सेदारी कनाडा की दिग्गज कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद देश की सियासत और आर्थिक गलियारों में बहस छिड़ गई थी। कई जगहों पर सरकार के इस अधिकार को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। इस बीच, केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर यह दो टूक कह दिया है कि सरकार के पास आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाने या उसे पूरी तरह से बेचने का पूरा कानूनी अधिकार है। वित्त मंत्रालय ने इसके समर्थन में साल 2018 के दिल्ली हाईकोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले और संसदीय इतिहास का हवाला दिया है।आईडीबीआई बैंक हिस्सेदारी बिक्री और CCEA की मंजूरी का पूरा मामलाहाल ही में हुए इस बड़े आर्थिक फैसले के तहत, CCEA ने आईडीबीआई बैंक की कुल 60.72% हिस्सेदारी कनाडा की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को लगभग 52,878.08 करोड़ रुपये में बेचने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई है। इस मेगा डील के सामने आने के बाद विभिन्न हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या सरकार के पास बैंक में अपनी बहुसंख्यक हिस्सेदारी बेचने का कानूनी अधिकार है या नहीं।इन्हीं तमाम अटकलों और बहसों पर विराम लगाते हुए वित्त मंत्रालय ने शनिवार, 17 अक्टूबर को स्थिति पूरी तरह साफ कर दी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम पूरी तरह से कानूनी दायरे में है और इसे विधायी तथा अदालती फैसलों का पूरा समर्थन प्राप्त है।क्या कहता है कानून और IDBI (Repeal) Act, 2003 का इतिहास?वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए विस्तृत स्पष्टीकरण के अनुसार, आईडीबीआई बैंक में सरकार की हिस्सेदारी कम करने के अधिकार को लेकर वर्ष 2003 के विधायी घटनाक्रमों का हवाला दिया जा रहा था। मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि जब केंद्रीय बजट 2003 पर चर्चा चल रही थी और संसद में IDBI (Repeal) Act, 2003 पर बहस हो रही थी, उस दौरान सरकार की हिस्सेदारी घटाने की प्रक्रिया को सीमित करने के उद्देश्य से एक संशोधन पेश किया गया था।हालांकि, वह संशोधन संसद में पारित नहीं हो सका और बहस के दौरान खारिज कर दिया गया। इसलिए, वह संसद द्वारा बनाए गए अंतिम कानून का हिस्सा नहीं बना। कानून की मूल भाषा और उसके इतिहास से यह साफ है कि इसमें सरकार को अपनी हिस्सेदारी बेचने से रोकने वाला कोई भी प्रतिबंधात्मक प्रावधान नहीं जोड़ा गया था।दिल्ली हाईकोर्ट के 2018 के फैसले का दिया गया हवालाइस पूरे मामले में कानूनी स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए वित्त मंत्रालय ने 'ऑल इंडिया आईडीबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य' मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के 17 दिसंबर 2018 के एक महत्वपूर्ण फैसले का विशेष रूप से उल्लेख किया है।दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने उस फैसले में याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट रूप से यह कहा था कि संसद में विधायी प्रक्रिया के दौरान लगभग 15 वर्ष पहले दिए गए कुछ बयान केंद्र सरकार को आईडीबीआई लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी घटाने या विनिवेश करने से नहीं रोक सकते। अदालत ने अपने फैसले के पैराग्राफ 41 और 42 में यह टिप्पणी की थी कि संसद में हुई बहसों या बयानों को कानून का स्थान नहीं दिया जा सकता। अधिनियम (Act) की भाषा में कोई अस्पष्टता नहीं है और इसमें ऐसा कोई भी प्रावधान शामिल नहीं है जो सरकार को बैंक में अपनी हिस्सेदारी कम करने से रोके। अदालत ने यह भी साफ कर दिया था कि इस मामले में 'वचनबद्धता के सिद्धांत' (Promissory Estoppel) का लाभ उठाकर सरकार को विनिवेश से रोकने का दावा कानूनी रूप से टिक नहीं सकता।पिछले केंद्रीय बजट भाषणों में भी थी रणनीतिक विनिवेश की नीतिसरकार की इस नीति का समर्थन करते हुए वित्त मंत्रालय ने पूर्व के केंद्रीय बजटों का भी जिक्र किया है। मंत्रालय ने याद दिलाया कि कैसे विभिन्न वित्त मंत्रियों ने समय-समय पर संसद में आईडीबीआई बैंक के पुनर्गठन और रणनीतिक विनिवेश की बात स्पष्ट रूप से कही थी।केंद्रीय बजट 2016-17: तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में स्पष्ट किया था कि आईडीबीआई बैंक के रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सरकार आने वाले समय में बैंक में अपनी हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत से नीचे लाने के सभी विकल्पों पर विचार करेगी।केंद्रीय बजट 2021-22: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान आईडीबीआई बैंक को उन प्रमुख रणनीतिक संस्थाओं की सूची में शामिल किया था, जिनके विनिवेश लेनदेन को पूरा करने का प्रस्ताव सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर था।इन तमाम बजट भाषणों और सरकारी नीतियों से यह स्पष्ट हो जाता है कि आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह पिछले कई वर्षों से चली आ रही एक सुविचारित आर्थिक नीति का हिस्सा है।वित्त मंत्रालय का स्पष्ट निष्कर्षअपने आधिकारिक स्पष्टीकरण के अंत में वित्त मंत्रालय ने यह दोहराया कि IDBI (Repeal) Act, 2003 का विधायी इतिहास, दिल्ली हाईकोर्ट का स्पष्ट फैसला और केंद्र सरकार की सुसंगत नीतियां इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि सरकार के पास देशहित और वित्तीय सुधारों के तहत अपने उपक्रमों में रणनीतिक विनिवेश करने का पूर्ण अधिकार है। इस बड़े स्पष्टीकरण के बाद अब यह साफ हो गया है कि फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के साथ होने वाली यह मेगा डील पूरी तरह से कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में आगे बढ़ रही है।
16 साल बाद IPL में इस दिग्गज की वापसी, मिली बड़ी जिम्मेदारी
सौरव गांगुली, युवराज सिंह और चामिंडा वास के अनुभव के सहारे दिल्ली कैपिटल्स आगामी सीजन में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी. हालांकि, नए कोचिंग स्टाफ की असली परीक्षा मैदान पर होगी, जहां दिल्ली कैपिटल्स को अपने खेल में निरंतरता दिखाते हुए खिताब की चुनौती पेश करनी होगी.
मद्रास हाईकोर्ट: तमिलनाडु में 128 जगहों पर आरएसएस के मार्च को मंजूरी, पुलिस की ओर से बार-बार रोक पर क्या कहा? madras-high-court-allows-rss-route-marches-128-locations-tamil-nadu-october-25-november-1
CP में प्रदर्शन के बाद कई FIR दर्ज, बार-बार नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
दिल्ली के कनॉट प्लेस में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के बाद पुलिस ने निषेधाज्ञा उल्लंघन के आरोप में कई FIR दर्ज कीं. अभिजीत दिपके को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाए.
'भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार', रिलायंस के मैसेज पर मस्क की स्टारलिंक का जवाब
एलन मस्क की स्टारलिंक ने भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने की तैयारी जताई है, रिलायंस के उस बयान के बाद जिसमें उसने स्टारलिंक की एंट्री रोकने के आरोपों का खंडन किया था।
UP में Zero Tolerance नीति से दुष्ट शक्तियों का हुआ दमन, CM Yogi बोले- बना भयमुक्त माहौल
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में अपराध के प्रति 'डबल इंजन' सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' (सख्त रुख) की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे दुष्ट ताकतों पर लगाम लगी है, कानून का शासन मजबूत हुआ है और पूरे राज्य में भयमुक्त माहौल बना है। 17 अक्टूबर को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने अपराध के खिलाफ अपने प्रशासन के रुख और महिलाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए देवी कालरात्रि के दिव्य स्वरूप का उल्लेख किया। इसे भी पढ़ें: Maha Navami पर UP में 19 October को छुट्टी घोषित, CM Yogi का फैसला उन्होंने लिखा कि देवी कालरात्रि का दिव्य स्वरूप—जो दुष्ट शक्तियों, राक्षसों और ‘रक्तबीज’ (लगातार फैलने वाली बुराई का प्रतीक) जैसी ताकतों का विनाश करती हैं, धर्म की स्थापना करती हैं और अपने भक्तों को निर्भयता प्रदान करती हैं—एक गहरा संदेश देता है: अधर्म, अत्याचार और आतंक का समूल नाश ही वह आधार है, जिस पर न्याय, शांति और निर्भयता से युक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले के उस दौर को याद किया, जब राज्य में माफियाओं, दंगाइयों और अपराधियों के कारण भय और अव्यवस्था का माहौल था। इससे महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई थीं। उन्होंने कहा कि पिछले 9.5 वर्षों में, ‘डबल-इंजन’ सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ (सख्त बर्दाश्त न करने) की नीति ने इन दुष्ट शक्तियों को दबा दिया है, जिससे पूरे राज्य में कानून का शासन स्थापित हुआ है और भयमुक्त वातावरण बना है। इसे भी पढ़ें: CJP प्रदर्शन पर CM Yogi ने विपक्ष को घेरा, कहा- सत्ता जनादेश से मिलती है, अराजकता से नहीं मुख्यमंत्री ने ‘मिशन शक्ति’, एकीकृत 1090 हेल्पलाइन, महिलाओं पर केंद्रित ‘बीट पुलिसिंग’ और ‘सेफ सिटी’ परियोजना जैसी पहलों के प्रभाव पर प्रकाश डाला। इन प्रयासों ने महिलाओं के लिए उनके घरों से लेकर सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों तक एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया है। उन्होंने पुलिस की प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) में आए बड़े सुधार का भी उल्लेख किया। 2016 में जो समय 65 मिनट हुआ करता था, वह अब घटकर केवल पांच मिनट रह गया है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकार की तत्परता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सनातन संस्कृति और पर्व-त्योहारों के इस पवित्र दौर में शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) का पावन पर्व बेहद धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। आज 17 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत ही खास रहने वाला है। आज नवरात्रि का सातवां दिन है, जो माता रानी के अत्यंत प्रभावशाली और शक्तिशाली स्वरूप मां कालरात्रि (Maa Kalaratri) की आराधना को समर्पित है। इसके साथ ही आज के दिन पंचांग में कई दुर्लभ योग, नक्षत्र परिवर्तन और सूर्य की राशि में बदलाव यानी तुला संक्रांति का महासंयोग भी बन रहा है। आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी आनंद सागर पाठक के अनुसार जानते हैं आज 17 अक्टूबर का संपूर्ण दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष धार्मिक महत्व।आज का पंचांग और मुख्य तिथियांवैदिक पंचांग के अनुसार, आज आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जो संपूर्ण रात्रि तक विद्यमान रहेगी। आज शनिवार का दिन है और संवत 2083 चल रहा है। नवरात्र की सप्तमी तिथि को आदि शक्ति मां दुर्गा के उग्र और भय का नाश करने वाले स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा का विधान है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से मां की आराधना करने से जातक के जीवन से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा, अकाल मृत्यु का भय और बाधाएं दूर होती हैं। इसके अलावा आज के दिन विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की प्रधान पूजा का भी विशेष अवसर है, जिसमें विद्यार्थी और साधक विशेष रूप से मां शारदा का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।सूर्य और चंद्रमा की स्थिति एवं नक्षत्र का प्रभावआज के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति बेहद खास बदलाव लेकर आई है। पंचांग के अनुसार, आज सूर्योदय सुबह 6:23 बजे और सूर्यास्त सायं 5:50 बजे होगा। चंद्रमा दोपहर 12:27 बजे उदित होंगे और रात्रि 10:31 बजे अस्त होंगे।आज का दिन खगोलीय और ज्योतिषीय लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज तुला संक्रांति का संयोग बन रहा है। आज सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर सायं 7:57 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं, चंद्र देव आज धनु राशि में स्थित रहेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज प्रातः 9:47 बजे तक मूल नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ होगा। मूल नक्षत्र के स्वामी केतु और देवता निर्ऋति हैं, जो जीवन में गंभीरता, आध्यात्मिकता और आत्म-चिंतन का प्रतीक माने जाते हैं।आज के शुभ मुहूर्त और अभिजीत समययदि आप आज के दिन कोई नया कार्य, वाहन खरीदारी, गृह प्रवेश या मांगलिक अनुष्ठान शुरू करना चाहते हैं, तो पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्तों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आज का दिन माता की पूजा के लिए उत्तम है:अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक (यह समय किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए बेहद श्रेष्ठ माना जाता है)।सरस्वती पूजा (पूर्वाषाढ़ा) मुहूर्त: दोपहर 3:32 बजे से शाम 5:50 बजे तक (अवधि: 2 घंटे 17 मिनट)। इस दौरान विद्यार्थी विद्या और बुद्धि प्राप्ति के लिए मां सरस्वती की विशेष आराधना कर सकते हैं।आज के अशुभ समय और राहुकाल की जानकारीज्योतिष शास्त्र में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले राहुकाल और अशुभ समय का ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। आज के दिन निम्नलिखित समय पर विशेष सावधानी बरतें:राहुकाल: प्रातः 9:15 बजे से प्रातः 10:40 बजे तक (इस दौरान किसी भी नए या मांगलिक कार्य को करने से बचना चाहिए)।गुलिकाल: प्रातः 6:23 बजे से प्रातः 7:49 बजे तक।यमगण्ड: दोपहर 1:32 बजे से दोपहर 2:58 बजे तक।नवरात्र सप्तमी और मां कालरात्रि की महिमाशारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है। माता का यह स्वरूप दुष्टों का नाश करने वाला और भक्तों को अभय प्रदान करने वाला है। आज के दिन विधि-विधान से मां कालरात्रि का पूजन करने, उनके मंत्रों का जाप करने और गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग लगाने से घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। साथ ही, तुला संक्रांति और मूल नक्षत्र के इस पावन संयोग में किए गए धार्मिक कार्य अनंत गुना फलदायी होते हैं।
शारदीय नवरात्रि 2026: मां कालरात्रि की पूजा से दूर होंगे सारे संकट, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और कथा
सनातन संस्कृति और पर्वों के इस पावन मौसम में शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2026) का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। आज 17 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि का सातवां दिन है, जो जगत जननी मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि (Maa Kalaratri) की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का यह स्वरूप भयंकर और डरावना अवश्य है, लेकिन यह अपने भक्तों के लिए हमेशा अत्यंत शुभ फलदायी होता है। इन्हें 'शुभंकरी' भी कहा जाता है। मां कालरात्रि की सच्चे मन से पूजा करने से जीवन के सभी प्रकार के भय, अकाल मृत्यु का डर, नकारात्मक ऊर्जा और शत्रु बाधा हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। आइए जानते हैं सातवें दिन के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन से जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में।मां कालरात्रि की पूजा का शुभ मुहूर्त और पंचांगधार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में सही समय यानी मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की कृपा पाने के लिए आप निम्नलिखित शुभ मुहूर्तों में उनकी आराधना कर सकते हैं:ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:59 बजे से सुबह 05:47 बजे तकअभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:38 बजे तकअपराह्न (संध्या) पूजा मुहूर्त: दोपहर 03:54 बजे से शाम 06:14 बजे तकइन मुहूर्तों में की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है, जिससे माता की असीम कृपा साधक और उसके पूरे परिवार पर बनी रहती है।मां कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा कैसे करें?मां कालरात्रि के पूजन की प्रक्रिया बेहद सरल लेकिन पूर्ण निष्ठा वाली होती है। सप्तमी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद माता के दरबार को सजाएं और विधि-विधान से उनका पूजन शुरू करें:सबसे पहले मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर को पवित्र जल से स्नान कराएं और उन्हें साफ वस्त्र अर्पित करें।देवी को कुमकुम, सिंदूर, लाल चंदन और सुगंधित लाल फूल (विशेषकर गुड़हल या चमेली) अर्पित करें।माता के समक्ष शुद्ध देसी घी का दीपक और धूपबत्ती जलाएं।सच्चे मन से देवी की आरती करें और उनके बीज मंत्र 'क्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:' का अधिक से अधिक जाप करें।पूजा के दौरान मां कालरात्रि की व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।अंत में माता को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं, क्योंकि धार्मिक मान्यता है कि मां कालरात्रि को गुड़ अत्यंत प्रिय है।पूजा संपन्न होने के बाद परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद वितरित करें और स्वयं भी ग्रहण करें।मां कालरात्रि से जुड़ी पौराणिक कथा और रक्तबीज का संहारपौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में शुंभ, निशुंभ और रक्तबीज नाम के महाशक्तिशाली राक्षसों ने तीनों लोकों में भयंकर हाहाकार मचा रखा था। उनके अत्याचारों से त्रस्त होकर सभी देवी-देवता घबरा गए और इस संकट से मुक्ति पाने के लिए माता दुर्गा की शरण में पहुंचे। तब माता पार्वती ने विकट परिस्थितियों को देखते हुए मां दुर्गा का रूप धारण किया और राक्षसों का वध करना शुरू किया।कथा के अनुसार, जब मां दुर्गा महासंग्राम में राक्षस रक्तबीज का वध करने आगे आईं, तो उसे एक खास वरदान प्राप्त था कि यदि उसके शरीर से खून (रक्त) की एक भी बूंद जमीन पर गिरेगी, तो उसकी ही तरह सैकड़ों नए राक्षस उत्पन्न हो जाएंगे। इस वजह से कोई भी देवता उसका वध करने में सफल नहीं हो पा रहा था। तब माता दुर्गा ने अपने तेज और कोप से मां कालरात्रि का अत्यंत भयंकर स्वरूप धारण किया। मां कालरात्रि ने युद्ध के दौरान रक्तबीज के शरीर से निकलने वाले हर एक रक्त की बूंद को जमीन पर गिरने से पहले ही अपने मुख में ले लिया। इस प्रकार मां कालरात्रि ने उस महादानव का अंत किया और संसार को उसके आतंक से मुक्ति दिलाई।
जेलर 2 का बॉक्स ऑफिस पर जहां जलवा दो दिन में देखने को मिला है तो वहीं इसी बीच फिल्म के म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर की पर्सनल लाइफ से जुड़ी एक खुशखबरी सामने आई है.
आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा, जो मानसिक अशांति, एंग्जायटी या अंदरूनी खालीपन से न जूझ रहा हो। करियर की दौड़, रिश्तों की उलझनें, भविष्य की अनिश्चितताएं और खुद से जुड़ी उम्मीदें हमें भीतर से थका देती हैं। जब जीवन हमारी इच्छाओं के मुताबिक नहीं चलता, तो छोटी-छोटी बातें भी बड़ा दुख दे जाती हैं। ऐसी तमाम परेशानियों और मानसिक विचलितता से बाहर निकलने का सबसे सटीक और प्राचीन मार्गध्यात्मिक ग्रंथ 'अष्टावक्र गीता' (Ashtavakra Gita) में बताया गया है। महर्षि अष्टावक्र और राजा जनक के बीच हुआ यह संवाद जीवन को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल सकता है। आइए जानते हैं अष्टावक्र गीता की उन 5 अनमोल सीखों के बारे में, जो मन को असीम शांति और सकारात्मकता की ओर ले जाती हैं।1. तुम शरीर या विचार नहीं, बल्कि उसे देखने वाली शुद्ध चेतना होअष्टावक्र गीता का सबसे पहला और सबसे गहरा संदेश यह है कि मनुष्य केवल अपना नश्वर शरीर या चंचल मन नहीं है। हमारा शरीर समय के साथ बदलता रहता है और मन में हर पल नए विचार आते-जाते रहते हैं। कभी मन में खुशी की लहर उठती है, तो कभी डर, गुस्सा या दुख का बादल छा जाता है। लेकिन इन सारे अनुभवों को देखने वाली साक्षी चेतना हमारे भीतर हमेशा स्थिर रहती है।जब हम खुद को अपने विचारों और भावनाओं से अलग (डिटैच) करना सीख जाते हैं, तो उनके कारण होने वाली मानसिक परेशानी खुद-ब-खुद कम होने लगती है। अगली बार जब मन में नकारात्मक विचार आएं, तो उनमें पूरी तरह उलझने के बजाय एक तटस्थ दर्शक की तरह उन्हें आते-जाते देखें। यह समझ ही आपके आधे दुख दूर कर देगी।2. सुख और दुख का सीधा संबंध हमारी अपनी सोच और अपेक्षाओं से हैहम अक्सर यह मान बैठते हैं कि अगर हमारी सारी इच्छाएं पूरी हो जाएं, लोग हमारी बात मानें और जीवन हमारी उम्मीदों के हिसाब से चले, तो हम हमेशा खुश रहेंगे। लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत होती है। एक इच्छा पूरी होते ही दूसरी नई इच्छा जन्म ले लेती है, और जब परिस्थितियां मनमुताबिक नहीं होतीं, तो मन दुखी हो जाता है।अष्टावक्र गीता हमें अपनी इच्छाओं और अपेक्षाओं के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देती है। इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि जीवन में कुछ चाहना या लक्ष्य रखना गलत है, बल्कि इसका मतलब यह है कि अपनी आंतरिक खुशी को हर बाहरी इच्छा की पूर्ति पर निर्भर न बनाएं। जब आप अपेक्षाएं कम करते हैं, तो दुखों का दायरा भी छोटा हो जाता है।3. संसार में बदलाव ही नियम है, किसी भी चीज से अत्यधिक लगाव न रखेंहम अक्सर अपने रिश्तों, धन, भौतिक सुख-सुविधाओं और लोगों की राय से इस कदर जुड़ जाते हैं कि उन्हें खोने का डर हमें भीतर से कमजोर कर देता है। हम यह चाहते हैं कि हर व्यक्ति हमारे अनुसार व्यवहार करे और परिस्थितियां कभी न बदलें। लेकिन यह पूरी तरह असंभव है क्योंकि इस संसार का शाश्वत नियम ही 'परिवर्तन' है।अष्टावक्र गीता का संदेश स्पष्ट है कि किसी भी वस्तु, व्यक्ति या स्थिति से अत्यधिक आसक्ति (अटैचमेंट) ही अंततः मानसिक बंधन और दुख का कारण बनती है। चीजों का आनंद लें, रिश्तों को निभाएं, लेकिन उनके प्रति इतने आश्रित न हो जाएं कि उनके जाने से आपका पूरा जीवन बिखर जाए। जीवन को सहजता से अपनाना ही सच्ची मुक्ति है।4. अहंकार को त्यागें और हर बहस या प्रतिष्ठा की लड़ाई जीतना बंद करेंहमारे जीवन के अधिकांश दुखों और क्लेशों की जड़ हमारा अहंकार (Ego) होता है। हम हर समय खुद को सही साबित करने में लगे रहते हैं। यदि कोई हमारी आलोचना कर दे, हमारी बात न माने या हमें अपेक्षित सम्मान न दे, तो मन में तुरंत गुस्सा और प्रतिशोध की भावना सुलगने लगती है। हम बार-बार उसी पुरानी बात को याद करके अपनी मानसिक शांति नष्ट कर लेते हैं।अष्टावक्र गीता हमें अहंकार से ऊपर उठने का मार्ग दिखाती है। जब आप हर छोटी बात को अपनी इज्जत और प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाना छोड़ देते हैं, तो जीवन बहुत सरल हो जाता है। इसका अर्थ यह नहीं कि आप अपना आत्मसम्मान खो दें, बल्कि यह समझना जरूरी है कि हर बहस को जीतना या हर व्यक्ति से प्रशंसा पाना आवश्यक नहीं है। कई बार चुप रहना, अपनी गलती स्वीकार कर लेना और दूसरों को माफ कर देना ही मन की सबसे बड़ी शांति है।5. सच्ची शांति बाहर नहीं, आपके अपने भीतर ही निवास करती हैहम में से अधिकांश लोग यह सोचते हैं कि जब हमें बड़ी नौकरी, ढेर सारा पैसा, मान-सम्मान और किसी खास इंसान का प्यार मिल जाएगा, तभी जीवन में शांति आएगी। लेकिन कई बार सारी बाहरी उपलब्धियां हासिल होने के बाद भी भीतर एक गहरा खालीपन बना रहता है।अष्टावक्र गीता का मूल मंत्र यही है कि आपकी वास्तविक पहचान आपकी उपलब्धियों, असफलताओं या समाज में आपके दर्जे से तय नहीं होती। आप अपनी गलतियों और विकारों से कहीं बढ़कर हैं। बाहरी दुनिया को बदलने के बजाय अपनी सोच, नजरिए और भीतर की ऊर्जा को संतुलित करना सीखें। कुछ पल शांत बैठकर खुद के साथ वक्त बिताना, अपने भीतर झांकना और वर्तमान क्षण (Present Moment) को स्वीकार करना ही दुखों से मुक्ति पाने की सबसे बड़ी कुंजी है।
लेदर की जैकेट को कैसे साफ करें? जानें जैकेट को साफ करने का सबसे सही तरीका
आप चाहें, तो घर पर भी बड़ी ही आसानी से अपनी लेदर की जैकेट को साफ कर सकते हैं. यहां हम आपको इसका सही तरीका बताने वाले हैं. आइए जानते हैं घर पर लेदर जैकेट की सफाई कैसे करें-
सनातन हिंदू संस्कृति में उत्सवों और पर्वों की एक बहुत ही समृद्ध परंपरा रही है, जिसमें हर एक त्योहार के पीछे कोई न कोई गहरा आध्यात्मिक, पौराणिक और ऐतिहासिक संदेश छुपा होता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला दशहरा (Dussehra) या विजयदशमी (Vijayadashami) का पर्व मुख्य रूप से अधर्म पर धर्म की, असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की भव्य जीत का प्रतीक माना जाता है। इस पावन दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने लंका के अहंकारी राजा रावण का वध करके पूरी सृष्टि को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था। यही कारण है कि हर साल इस दिन देशभर में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले जलाए जाते हैं और उत्सव मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रावण जैसी अजेय और महाशक्तिशाली असुर ताकत का संहार करने से पहले भगवान श्रीराम ने युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए किस विशेष देवी की आराधना की थी? आइए रामायण और पुराणों से जुड़े इस अत्यंत रोचक और प्रेरणादायक प्रसंग के बारे में विस्तार से जानते हैं।क्या है 'अपराजिता' शब्द का अर्थ और इसका पौराणिक महत्वसनातन ग्रंथों के अनुसार, जब भी जीवन में किसी बड़ी चुनौती का सामना करना हो या किसी कठिन युद्ध में उतरना हो, तो दैवीय कृपा प्राप्त करना आवश्यक माना गया है। रावण वध के इस प्रसंग में 'अपराजिता' शब्द का जिक्र आता है। संस्कृत व्याकरण और धार्मिक संदर्भों में 'अपराजिता' का शाब्दिक अर्थ होता है— 'वह शक्ति या ऊर्जा जिसे कभी भी पराजित न किया जा सके' यानी अजेय।पौराणिक कथाओं और वाल्मीकि रामायण तथा वराह पुराण के विभिन्न प्रसंगों में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि लंका के राजा रावण के पास असीम शक्तियां थीं और उसे वरदान प्राप्त था कि उसका वध करना साधारण रूप से संभव नहीं था। ऐसे में, लंका पर अंतिम और निर्णायक आक्रमण करने से पहले भगवान श्रीराम ने अपनी सेना की सफलता और अधर्म के नाश के लिए देवी अपराजिता की विशेष पूजा-अर्चना की थी।भगवान श्रीराम ने क्यों की थी मां अपराजिता की आराधनाधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण के साथ महासंग्राम में उतरने से पूर्व विजय का आशीर्वाद पाने के लिए मां अपराजिता का आह्वान किया था। प्रभु श्रीराम यह भली-भांति जानते थे कि युद्ध में जीत केवल शस्त्रों के बल पर नहीं, बल्कि दैवीय आशीर्वाद और नैतिक बल से ही सुनिश्चित होती है।शास्त्रों में देवी अपराजिता को मां दुर्गा या मां वैष्णवी का ही एक अत्यंत तेजस्वी स्वरूप माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जो भी जातक विजयदशमी के दिन सच्चे मन से देवी अपराजिता की पूजा करता है, उसे जीवन के हर क्षेत्र में दुश्मनों और बाधाओं पर विजय प्राप्त होती है। प्रभु श्रीराम द्वारा की गई इस पूजा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि धर्म की इस लड़ाई में सत्य की ही जीत हो और देवताओं का कल्याण हो सके।दशहरा के दिन कैसे की जाती है देवी अपराजिता की पूजासनातन परंपरा में विजयदशमी के दिन मां अपराजिता की पूजा-अर्चना के लिए एक निश्चित और बेहद शुभ समय निर्धारित किया गया है। धार्मिक विधान के अनुसार, यह पूजा मुख्य रूप से अपराह्न काल (दोपहर के समय) करना सबसे अधिक फलदायी माना जाता है। शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता पाने के लिए इस दिन निम्नलिखित विधि से पूजन करना चाहिए:स्नान और शुद्धि: दशहरे के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और सूर्य देव को जल अर्पित करें।दिशा और आसन: पूजा के समय उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) की ओर मुख करके आसन पर बैठें।प्रतिमा स्थापना: एक साफ और पवित्र चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर देवी अपराजिता की मूर्ति या तस्वीर को विराजमान करें।पूजन सामग्री: माता को रोली, अक्षत (चावल), सुगंधित फूल और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।आरती और भोग: देसी घी का दीपक जलाकर विधि-विधान से आरती करें और मिष्ठान या फल का भोग लगाएं। अंत में सभी में प्रसाद वितरित करें।दशहरे का यह प्रसंग हमें यह सिखाता है कि कितनी भी बड़ी चुनौती क्यों न हो, यदि आपके इरादे नेक हैं और आपको अपनी संस्कृति व संस्कारों काबल है, तो ईश्वर की कृपा से विजय निश्चित रूप से प्राप्त होती है।
अराजकता फैलाने वाले देश को दिशा नहीं दे सकते, Piyush Goyal का विपक्ष पर निशाना
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अराजकता फैलाते हैं, वे देश को दिशा नहीं दे सकते। उन्होंने मुंबई में नवरात्रि समारोह के दौरान युवा पीढ़ी के उत्साह का जिक्र करते हुए यह बात कही। गोयल ने कहा कि नवरात्रि उत्सव में मौजूद युवा भारत को महाशक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे और उन्हें असली जेन जेड (Gen Z) बताया। शुक्रवार को ANI से बातचीत में गोयल ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा देश के भविष्य को दर्शाती है। साथ ही, उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा, जिन पर उन्होंने अशांति फैलाने और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: Breaking News | राजस्थान के कोटा में बड़ा सड़क हादसा! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बस पलटने से 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल उन्होंने कहा कि इन जश्न मनाने वालों को देखिए; ये देश के युवा हैं। युवाओं की ऊर्जा ही भारत की पहचान है। यही असली 'जेन जेड' (Gen Z) हैं, न कि वे 50-100 लोग जो उपद्रव करते हैं और अराजकता फैलाते हैं; ऐसे लोग देश को कोई दिशा नहीं दे सकते। ये युवा ही देश को महाशक्ति बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय मंत्री गोयल ने बोरीवली पूर्व में 'जय अम्बे माँ चौक' का उद्घाटन भी किया, जहाँ उन्होंने दुर्गा पूजा के जश्न में हिस्सा लिया और शक्ति स्वरूपा माँ जगदम्बा की महाआरती की। देश भर में हो रहे उत्सवों का जिक्र करते हुए, गोयल ने कहा कि नवरात्रि भारत के इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है। उन्होंने इन उत्सवों के दौरान गरबा और डांडिया रास में हिस्सा लेने वाले युवाओं के उत्साह की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरे देश में नवरात्रि मनाई जा रही है, जो भारत के इतिहास और उसकी समृद्ध संस्कृति की झलक है। आपने अभी देखा कि हमारे युवाओं ने कितने जोश और उत्साह के साथ लंबी कतारें बनाकर डांडिया रास और गरबा किया। यही भारत के युवाओं का असली रूप है; यही भारत का भविष्य है। इसे भी पढ़ें: India-US Trade Deal से निर्यातकों को मिलेगी बढ़त, पहले चरण की कानूनी ड्राफ्टिंग शुरू गोयल ने देश के भविष्य पर भरोसा जताते हुए कहा कि जो लोग नकारात्मक सोच के साथ युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे, वे नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि नकारात्मक सोच रखने वाले वे कुछ लोग, जो हमारे युवाओं को भटकाने की कोशिश करते हैं, पूरी तरह से विफल रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है; हमारे युवाओं के हाथों में भारत तेजी से आगे बढ़ेगा और 2047 तक 'विकसित भारत' की ओर लगातार कदम बढ़ाएगा।
घर पर कैसे बनाएं पीतांबरी, मिनटों में चमकेंगी तांबे-पीतल की मूर्तियां और बर्तन
Tips To Make Homemade Pitambari Powder: घर में रखी तांबे और पीतल की मूर्तियां व बर्तन साफ करने के लिए घरेलू मिश्रण तैयार किया जा सकता है. हालांकि नमक, सिट्रिक एसिड और डिटर्जेंट का इस्तेमाल सावधानी से करें. आइए जानते हैं कि अगर आप अपने घर पर यह मिश्रण तैयार कर रहे हैं तो कैसे तैयार करें. साथ ही सफाई के दौरान किन बातों का ध्यान रखें.
निशान और नंबरों में छिपा था राज, AI ने 200 साल पुरानी चिट्ठी पढ़ ली
200 साल से एक गुप्त संदेश का राज कोई नहीं खोल पाया था. फिर AI ने सिर्फ 6 घंटे में ऐसी पहेली सुलझा दी, जिसने इतिहासकारों और कोड तोड़ने वालों को भी हैरान कर दिया. अब इतिहास के पुराने राज खुल रहे हैं.
'आदिमानव जंगली या वेबकूफ नहीं थे', 75000 साल पुराने कंकाल की साइंटिफिक जांच ने तोड़ दिया मिथक
इस रिसर्च ने उस मिथक को तोड़ दिया है जो आदिमानव को वेबकूफ मानते थे. जांच में पता चला है कि वो आपस में लड़ने के साथ-साथ एक दूसरे की देखभाल करना भी जानते थे.
ग्रेटर नोएडा में एक घर से मिले 5 शव, पूरा परिवार ही खत्म; जहर से मौतों की आशंका
ग्रेटर नोएडा में एक घर से मिले 5 शव, पूरा परिवार ही खत्म; जहर से मौतों की आशंका
राजस्थान के कोटा जिले से शनिवार तड़के एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर श्रद्धालुओं से भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर लगभग 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी। इस भीषण हादसे में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। यह बस मध्य प्रदेश के भोपाल से श्रद्धालुओं को लेकर राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए जा रही थी। हादसे के वक्त बस में बुजुर्गों और बच्चों समेत कुल 25 यात्री सवार थे। यह हादसा सुबह करीब 6 बजे एक्सप्रेसवे पर पोल नंबर 384 के पास हुआ। बस सड़क से उतरकर 15 फीट गहरे नाले में जा गिरी। इसे भी पढ़ें: कोटा में Delhi Mumbai Expressway पर पुल से गिरी बस, खाटू श्याम जी जा रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू हो गया, जिसमें आपातकालीन कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मदद की। हालांकि, नाले में जमा गाद और पानी के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त बस को नाले से बाहर निकालने के लिए क्रेन भी मंगवाईं। काफी मशक्कत के बाद बस को नाले से बाहर निकाला जा सका। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई कोटा के जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि 17 लोगों को NHMC अस्पताल ले जाया गया, जबकि आठ लोगों को MBS अस्पताल भेजा गया। NHMC अस्पताल ले जाए गए लोगों में से सात को वहां पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। वहीं, MBS अस्पताल में एक व्यक्ति को मृत घोषित किया गया। सामरिया ने जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का जायजा लिया। इसे भी पढ़ें: SC/ST के लिए कोटा बढ़ाने वाले कानून को रद्द करने के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाने पर कर्नाटक चर्चा करेगा हादसे के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि ड्राइवर का बस से नियंत्रण हट गया था। हादसे के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
भारतीय बैंकिंग सेक्टर (Banking Sector) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वित्तीय प्रदर्शन को लेकर देश की सियासत में इन दिनों जोरदार बहस छिड़ गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा केंद्र सरकार की बैंकिंग नीतियों और सुधारों पर तीखे सवाल उठाए जाने के बाद, केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने बेहद कड़े शब्दों में उसका जवाब दिया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों, मजबूत सुधारों और बैंकिंग पहलों के दम पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.98 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ऐतिहासिक शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है। मंत्रालय के अनुसार, बैंकों की सेहत इतनी सुधर चुकी है कि उनका ग्रॉस एनपीए (GNPA) अनुपात गिरकर महज 1.93 प्रतिशत पर आ गया है, जो कई दशकों का सबसे निचला स्तर है।अखिलेश यादव के आरोपों पर वित्त मंत्रालय की दो टूकयह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के पिछले 12 सालों के बैंकिंग सुधारों पर तीखा हमला बोला था। गुरुवार को अपने एक बयान में अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मौजूदा सरकार ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को 'साहूकार से भी बदतर' बना दिया है।अपने आरोपों के समर्थन में अखिलेश यादव ने कई गंभीर मुद्दे उठाए थे। उन्होंने बैंकों में न्यूनतम खाता शेष (Minimum Balance) न रखने पर लगने वाले जुर्माने, नोटबंदी के फैसलों, लगातार बढ़ते सेवा शुल्कों (Service Charges), कॉरपोरेट कर्ज माफी, आम जनता के लिए कर्ज तक आसान पहुंच और बैंक कर्मचारियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया था। सपा प्रमुख के इन तीखे हमलों का जवाब देते हुए शुक्रवार को वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट साझा करते हुए हर एक आरोप का तथ्यात्मक और बिंदुवार खंडन किया।न्यूनतम बैलेंस, रिकवरी एजेंट और बैंकिंग पहुंच पर दी सफाईअखिलेश यादव के न्यूनतम बैलेंस पर जुर्माने के आरोप का जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय ने कहा कि सरकार के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सुधारों के तहत आज सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकांश प्रमुख बैंकों ने साधारण बचत खातों में न्यूनतम बैलेंस न होने पर लगने वाले पेनल्टी चार्ज या तो पूरी तरह माफ कर दिए हैं या फिर उन्हें बहुत कम कर दिया है।इसके अलावा, कर्ज वसूली के दौरान एजेंटों द्वारा ग्राहकों को परेशान किए जाने के दावों पर मंत्रालय ने साफ किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बहुत ही स्पष्ट और कड़े निर्देश हैं। नियमों के मुताबिक, कोई भी रिकवरी एजेंट या बैंक कर्मचारियों का दल किसी भी ग्राहक को डरा-धमका या मानसिक रूप से परेशान नहीं कर सकता। वित्त मंत्रालय ने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों की बात करते हुए बताया कि देश के हर नागरिक तक बैंकिंग सेवाएं सुगमता से पहुंचाने के लिए महज पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, और आज देश के लगभग सभी गांव मुख्य बैंकिंग प्रणाली से जुड़ चुके हैं।नोटबंदी और बैंक लॉकरों की सुरक्षा को लेकर सरकार का पक्षसपा प्रमुख द्वारा नोटबंदी के फैसले पर उठाए गए सवालों पर वित्त मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि काले धन (Black Money), जाली मुद्रा (Fake Currency) और अवैध सीमा-पार वित्तपोषण (Cross-border Financing) पर लगाम कसने के लिए नोटबंदी एक बेहद महत्वपूर्ण और साहसिक आर्थिक फैसला था। इस कदम की वजह से देश का तमाम लेन-देन औपचारिक वित्तीय प्रणाली (Formal Financial System) के दायरे में आया, जिससे यूपीआई (UPI) और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है।वहीं, बैंक लॉकरों से कीमती धातुओं, सोने-चांदी के गहनों, निवेश प्रमाणपत्रों और पुश्तैनी सामानों के गायब होने या चोरी होने के आरोपों पर मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाएं बेहद असाधारण और इक्का-दुक्का मामलों तक सीमित हैं। यदि बैंक की किसी सेवा में गंभीर लापरवाही के कारण ग्राहक को कोई नुकसान पहुंचता है, तो उसके लिए सीधे तौर पर बैंक जवाबदेह होता है। आरबीआई के सख्त नियमों के अनुसार, ऐसी किसी भी स्थिति में बैंक द्वारा पीड़ित ग्राहक को सालाना लॉकर किराए का 100 गुना तक मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है।मजबूत बैलेंस शीट और दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा GNPAवित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 12 वर्षों में देश में जितने भी नियामकीय बदलाव, शासन संबंधी उपाय (Governance Measures) और संरचनात्मक सुधार किए गए हैं, उन्होंने बैंकों की वित्तीय सेहत को पूरी तरह से पलट दिया है। आज सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट बेहद मजबूत है, कर्ज का अनुशासन बेहतर हुआ है और जोखिम प्रबंधन (Risk Management) की प्रक्रिया सटीक हो गई है।आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 तक देश के सरकारी बैंकों का जीएनपीए अनुपात घटकर मात्र 1.93 प्रतिशत रह गया है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन बैंकों का कुल कारोबार बढ़कर 283 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। सरकार का यह भी कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और सेवा उत्कृष्टता को लगातार बढ़ाने के लिए 'ईएएसई' (EASE) एजेंडे समेत कई दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप आज सार्वजनिक बैंक जनता को अधिक पारदर्शी और बेहतरीन सेवाएं दे रहे हैं।
देश की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। ऐप-आधारित बाइक टैक्सी और कैब सेवाएं देने वाली कंपनी 'रैपिडो' (Rapido) की पिंक राइड के दौरान एक महिला यात्री के साथ बदसलूकी और असहज करने वाली घटना घटी है। महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए आरोप लगाया है कि सफर के दौरान राइडर ने न सिर्फ उनसे जरूरत से ज्यादा दोस्ताना बर्ताव करने की कोशिश की, बल्कि हेलमेट वापस लेते समय उनका हाथ भी जबरन पकड़ लिया। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और ऐप-आधारित परिवहन कंपनियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।बारिश के बीच राइडर के बार-बार अनुरोध पर बुक की थी कैबपीड़ित महिला, जिनका नाम सृष्टि (Srishti) है, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस भयावह घटना का पूरा विवरण साझा किया। उन्होंने अपनी बुकिंग कन्फर्मेशन और ऑनलाइन पेमेंट की रसीद के स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर पोस्ट किए हैं। सृष्टि ने बताया कि घटना वाले दिन भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण वे शुरू में राइड बुक करने को लेकर असमंजस में थीं।हालांकि, राइडर ने लगातार उनसे अनुरोध किया कि वे मौसम को देखते हुए अपनी बुकिंग रद्द न करें। महिला ने दया दिखाते हुए राइड कैंसिल नहीं की, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यह फैसला उनके लिए इतनी बड़ी मानसिक परेशानी का सबब बन जाएगा। सफर की शुरुआत से ही राइडर का रवैया सामान्य नहीं था और वह पैसेंजर की निजी सीमाओं को लांघने की कोशिश कर रहा था।सफर के दौरान असहज करने वाली हरकतें और फोन नंबर मांगने की जिदसृष्टि के मुताबिक, रास्ते भर राइडर ने उन्हें असहज महसूस कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जबकि महिला ने अपने कानों में इयरफोन लगा रखे थे, इसके बावजूद राइडर बार-बार मुड़कर उनसे यह पूछता रहा कि क्या वे सहज महसूस कर रही हैं। उसने उन्हें अपना रेनकोट पहनने की भी पेशकश की, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी।मामला तब और ज्यादा गंभीर और डरावना हो गया जब बाइक उनकी मंजिल यानी उनकी सोसाइटी के गेट पर पहुंची। सृष्टि के अनुसार, जब उन्होंने राइडर को हेलमेट वापस किया, तो उस शख्स ने जानबूझकर और जबरन कई सेकंड तक उनका हाथ पकड़े रखा और एक अजीब सी मुस्कान के साथ उनकी तरफ देखने लगा, जिससे महिला बुरी तरह सहम गईं। इसके बाद जब उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड मांगा, तो राइडर ने यह कहकर टाल दिया कि बारिश की वजह से उसका फोन काम नहीं कर रहा है और उसने जिद करते हुए सृष्टि से उनका मोबाइल नंबर मांग लिया। हालांकि, सतर्कता दिखाते हुए महिला ने नंबर देने से साफ इनकार कर दिया और किसी तरह क्यूआर कोड का इंतजाम कर पेमेंट पूरा किया।राइड खत्म होने के बाद भी 15 मिनट तक सोसाइटी के बाहर मंडराता रहा राइडरपरेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। पेमेंट होने और राइड खत्म होने के बाद भी जब सृष्टि को अपनी सोसाइटी के अंदर जाना असुरक्षित लगा, तो वे मुख्य गेट पर ही करीब 15 मिनट तक रुकी रहीं। इस दौरान उन्होंने देखा कि वह राइडर वहां से जाने के बजाय अपनी बाइक वहीं खड़ी करके आसपास ही मंडरा रहा था।महिला ने डरते हुए अपनी सोसाइटी के एक सुरक्षा गार्ड (Security Guard) को पूरी बात बताई और उस व्यक्ति को वहां से भगाने के लिए कहा। लेकिन उस राइडर की दुष्टता देखिए कि गार्ड के कहने के बाद भी वह यह बहाना बनाते हुए पांच मिनट और वहीं खड़ा रहा कि वह अपना फोन इस्तेमाल कर रहा है। अंततः, जब गार्ड ने कड़ाई दिखाते हुए उसे दूसरी बार वहां से जाने के लिए धमकाया, तब जाकर वह लगभग 10-15 मिनट बाद वहां से रवाना हुआ। इस पूरी घटना के बाद सृष्टि बुरी तरह सदमे में थीं और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज के समय में इस तरह की ऐप-आधारित सेवाओं में सफर करना पूरी तरह सुरक्षित रह गया है?रैपिडो कंपनी ने लिया कड़ा एक्शन, आरोपी राइडर को हमेशा के लिए किया सस्पेंडसोशल मीडिया पर महिला की यह पोस्ट वायरल होते ही बेंगलुरु पुलिस और रैपिडो कंपनी का आधिकारिक प्रबंधन हरकत में आ गया। मामला तूल पकड़ता देख रैपिडो ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया और अपने आधिकारिक हैंडल से महिला से संपर्क कर माफी मांगी।कंपनी ने अपने बयान में इस अवांछित शारीरिक संपर्क (Unwanted Physical Contact) और परेशान करने वाले व्यवहार को बेहद गंभीरता से लिया। रैपिडो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह के बर्ताव के लिए कंपनी में कोई जगह नहीं है। कंपनी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस आरोपी 'कैप्टन' (राइडर) को रैपिडो प्लेटफॉर्म से हमेशा के लिए निलंबित (Permanent Ban) कर दिया है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद से एक तरफ जहां कंपनी ने राहत की सांस ली है, वहीं नागरिक समाज और महिला सुरक्षा संगठनों का कहना है कि कंपनियों को राइडर्स की भर्ती से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन और मानसिक मूल्यांकन बेहद कड़ाई से करना चाहिए।
कोटा में Delhi Mumbai Expressway पर पुल से गिरी बस, खाटू श्याम जी जा रहे 8 श्रद्धालुओं की मौत
शनिवार सुबह राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक यात्री बस के पुल से नीचे गिर जाने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बस में सवार एक ही परिवार के लोग भोपाल से खाटू श्याम जी मंदिर जा रहे थे। यह हादसा सिमलिया थाना क्षेत्र के कराडिया के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस लगभग 15 फीट की ऊंचाई से एक नाले में गिर गई। बताया जा रहा है कि घटना के समय बस में 25 से ज्यादा लोग सवार थे। बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसे भी पढ़ें: Connaught Place और दिल्ली के बाजारों में बार-बार प्रदर्शन से कारोबार ठप, व्यापारियों ने PM से मांगी मदद भोपाल से खाटू श्याम जी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार के करीब 25 सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए। पुलिस अधिकारी नंद सिंह ने चार यात्रियों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कई घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा जिले में हुई मिनी-बस दुर्घटना में कई लोगों की मौत पर दुख जताया है। 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें इस कठिन समय में हिम्मत दें। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की। उन्होंने लिखा कि कोटा जिले के सिमालिया थाना क्षेत्र में भोपाल से खाटू श्याम जी जा रही एक मिनी-बस के हादसे में कई लोगों की मौत की खबर अत्यंत हृदयविदारक और विचलित करने वाली है। इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे इस कठिन समय में उन्हें संबल प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसे भी पढ़ें: Amritsar को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम! पुलिस ने किया सीमा पार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, अत्याधुनिक हथियार बरामद, 5 संदिग्ध गिरफ्तार शनिवार तड़के सिमालिया पुलिस थाना क्षेत्र में दुर्घटना की सूचना मिली। बस के एक्सप्रेसवे से नीचे गिर जाने के बाद बचाव कार्य शुरू किया गया; बताया जा रहा है कि वहां पानी और कीचड़ होने के कारण बचाव अभियान में कठिनाई आई। दुर्घटना के सटीक कारण का तुरंत पता नहीं चल सका। मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
सेहत का खजाना है आंवला, रोज खाने से मिलेंगे ये 7 जबरदस्त फायदे
आंवले का सीजन आ गया है और इसे डाइट में शामिल करने के कई फायदे हो सकते हैं. विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आंवला दिल, पाचन, इम्यूनिटी और त्वचा की सेहत को सपोर्ट करता है. जानें रोजाना आंवला खाने के 7 फायदे और इसे खाने का सही तरीका.
भारतीय राजनीति की गलियों में इन दिनों विरोध प्रदर्शनों, रैलियों और राजनीतिक उठापटक के बीच एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली अंदरूनी कलह सामने आई है। कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनावी सुधारों से जुड़े मुद्दों पर चल रहे प्रदर्शनों के दौरान उस वक्त अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब पार्टी के अपने ही छात्र संगठन NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के भीतर बगावत के सुर उठने लगे। हाल ही में राजधानी दिल्ली में हुए एक बड़े विरोध मार्च के दौरान वामपंथी छात्र संगठन 'AISA' की अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व—राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मंच और सबसे आगे जगह मिलने से एनएसयूआई के नेता बुरी तरह नाराज हो गए। इस नाराजगी का इजहार उन्होंने अनोखे अंदाज में व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर किया, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।राहुल और प्रियंका गांधी के साथ आगे दिखीं AISA नेत्री नेहा बोरापूरा विवाद तब शुरू हुआ जब स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 12 अक्टूबर को जब इंडी गठबंधन के नेताओं और छात्र संगठनों ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर एक बड़ा मार्च निकाला, तो उस विरोध प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा सबसे आगे मार्च करती नजर आईं।सामने आई तस्वीरों और वीडियो में यह देखा गया कि राहुल गांधी ने नेहा बोरा के कंधे पर हाथ रखा हुआ था। इतना ही नहीं, मार्च के दौरान सबसे आगे चलने वाली दो महिलाओं में एक तरफ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा थीं, तो दूसरी तरफ उनके ठीक दाईं ओर नेहा बोरा चल रही थीं। इसके अलावा, वह उस विशेष बस और विरोध प्रदर्शन वाले ट्रक पर भी शीर्ष नेताओं के साथ सवार थीं, जहां राहुल गांधी प्रदर्शनकारियों की भीड़ के बीच मौजूद थे। इस दौरान एनएसयूआई का राष्ट्रीय नेतृत्व, जिसमें अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी शामिल थे, वहां मौजूद था, लेकिन सबसे ज्यादा लाइमलाइट और तवज्जो नेहा बोरा को मिलती दिखाई दी।कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI में फूटा गुस्सा, व्हाट्सएप ग्रुप का बदला नामएक वामपंथी छात्र संगठन की नेता को कांग्रेस के शीर्ष मंच पर इतनी प्रमुखता मिलना और पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों में लगातार आगे रखना 'नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया' (NSUI) के पदाधिकारियों को बिल्कुल रास नहीं आया। कांग्रेस के अपने ही छात्र संगठन के भीतर इस बात को लेकर गहरी नाराजगी फैल गई कि पार्टी के लिए जमीन पर संघर्ष करने वाले एनएसयूआई के नेताओं को दरकिनार करके दूसरे संगठन के चेहरे को आगे बढ़ाया जा रहा है।इस आंतरिक असंतोष और गुस्से को जाहिर करने के लिए एनएसयूआई के एक नाराज पदाधिकारी ने विरोध का एक अनोखा रास्ता चुना। उन्होंने संगठन के एक आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर तीन दिनों के लिए 'वी द छोटू' (We The Chhotu) रख दिया। यहां 'छोटू' शब्द का इस्तेमाल करके एक प्रकार का तंज कसा गया, जिसका आशय 'छोटे या सहायक' के रूप में था। इस घटना से साफ जाहिर हो गया कि कांग्रेस के मुख्य छात्र संगठन के भीतर नेतृत्व और तवज्जो को लेकर कितनी बेचैनी और नाराजगी चल रही है।हाईकमान तक पहुंची बात, समझाइश के बाद बदला गया ग्रुप का नामसूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि एनएसयूआई के नेताओं की यह नाराजगी और विरोध प्रदर्शन की सुगबुगाहट बहुत जल्द पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व यानी कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच गई। जब इस बात की भनक शीर्ष नेताओं को लगी कि पार्टी का अपना छात्र संगठन इस बात से आहत है, तो मामले को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाए गए।रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके बाद एनएसयूआई के प्रमुख पदाधिकारियों की मुलाकात राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से कराई गई। इस दौरान उनकी शिकायतों को सुना गया और उन्हें दूर करने का प्रयास किया गया। शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत और आंतरिक मामलों पर सफाई मिलने के बाद ही उस व्हाट्सएप ग्रुप का नाम वापस बदला गया और सामान्य स्थिति बहाल हो सकी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर दिखा दिया कि विपक्षी दलों के साझा मंचों पर अलग-अलग संगठनों की भूमिका और उनकी राजनीतिक दृश्यता को लेकर आंतरिक स्तर पर किस तरह के समीकरण और मतभेद उभर कर सामने आ रहे हैं।
Kapil Sibal का Rajnath Singh पर पलटवार, बोले- Congress नहीं जनता चाहती है सत्ता परिवर्तन
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के उस आरोप का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस पर सत्ता परिवर्तन (regime change) की कोशिश करने का आरोप लगाया था। सिब्बल ने कहा कि जनता खुद सत्ता परिवर्तन चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है। सिब्बल की यह टिप्पणी राजनाथ सिंह के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर निशाना साधा था। सिंह ने उन पर आरोप लगाया था कि वे बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन चाहते हैं और युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Mulayam Singh Yadav को मरणोपरांत Padma Vibhushan देने की कई वजहें: Rajnath Singh लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा कि लोकतंत्र किसी को भी अव्यवस्था फैलाने या संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की छूट नहीं देता है। X पर एक पोस्ट में सिब्बल ने कहा, राजनाथ सिंह: आप आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस बांग्लादेश की तर्ज पर 'सत्ता परिवर्तन' चाहती है। नहीं। असल में जनता 'सत्ता परिवर्तन' चाहती है। निर्दलीय सांसद ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ भारत' के नारों वाले विरोध-प्रदर्शनों ने ही आपको सत्ता दिलाई थी। लेकिन बाद में आपने भ्रष्टाचार को अपना लिया, संस्थाओं पर कब्ज़ा कर लिया और मतदाता सूची में हेरफेर की। अब आपके जाने का समय आ गया है! इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के कथित बचाव पर भड़कीं Congress और सपा, इस्तीफे की मांग शुक्रवार को सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस और उसके राजनीतिक सहयोगी, सीधे तौर पर या अपने समर्थक संगठनों के ज़रिए, युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र-निर्माण में लगाने के बजाय, उसका इस्तेमाल राजनीतिक टकराव बढ़ाने और अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी बांग्लादेश की तर्ज पर सरकार बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरा बनाया जा रहा है।
'जनता चाहती है रिजीम चेंज', कपिल सिब्बल ने राजनाथ सिंह पर किया पलटवार
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 'रिजीम चेंज' वाले बयान पर पलटवार किया है. सिब्बल ने कहा कि सत्ता परिवर्तन कांग्रेस नहीं, बल्कि जनता चाहती है और अब इस सरकार के जाने का समय आ गया है.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जिस सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित सिनेमैटिक प्रोजेक्ट की चर्चा पिछले कई सालों से हो रही है, वह है निर्देशक नितेश तिवारी की महागाथा 'रामायण: पार्ट 1' (Ramayana: Part 1)। निर्माता नमित मल्होत्रा के निर्देशन और निर्माण में बन रही इस एपिक फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। फिल्म के पहले टीजर और ट्रेलर को मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब मेकर्स ने इसका दूसरा ट्रेलर (Ramayana Trailer 2) रिलीज कर दिया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। जहां पहला ट्रेलर फिल्म के मुख्य किरदारों और मूल कहानी से परिचय कराता था, वहीं यह नया ट्रेलर इसके भव्य कैनवास, रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन और वर्ल्ड-क्लास विजुअल्स की एक अद्भुत झलक पेश करता है। आइए जानते हैं कि कौन सी हैं वे 5 बड़ी वजहें जो 'रामायण' के इस दूसरे ट्रेलर को बेहद खास और ऐतिहासिक बनाती हैं।1. लंकेश के रूप में सुपरस्टार यश का खौफनाक और रौद्र रूपइस नए ट्रेलर का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण कन्नड़ सिनेमा के 'रॉकिंग स्टार' यश (Yash) का खूंखार अवतार है, जो फिल्म में शक्तिशाली खलनायक 'रावण' की भूमिका निभा रहे हैं। ट्रेलर में रावण के रूप में यश का स्क्रीन प्रेजेंस बेहद प्रभावी, भव्य और डरावना नजर आ रहा है। यश ने केवल अपने भारी-भरकम शारीरिक अभिनय या एक्शन से ही नहीं, बल्कि अपनी आंखों के खतरनाक और क्रूर भावों (Expressions) से किरदार में जान फूंक दी है। उनका नया वॉयसओवर और संवाद अदायगी का अंदाज दर्शकों के रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है, जो यह साबित करता है कि परदे पर राम और रावण का यह मुकाबला बेहद टक्कर का होने वाला है।2. ऑस्कर विजेता DNEG का कमाल: बाहुबली और हॉलीवुड को टक्कर देता धांसू VFXशुरुआती टीजर और पहले ट्रेलर के बाद विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई थीं, जिन्हें मेकर्स ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस दूसरे ट्रेलर में वीएफएक्स और कलर ग्रेडिंग पर अभूतपूर्व काम साफ तौर पर देखा जा सकता है। ट्रेलर में दिखाए गए जटायु और रावण के बीच का महायुद्ध, आसमान में उड़ते प्राचीन दिव्य रथ, सोने की लंका के भव्य महल, प्राकृतिक पर्वत श्रृंखलाएं और युद्धभूमि के दृश्य इतने शानदार हैं कि वे आपको हॉलीवुड की बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों और 'बाहुबली' की याद दिला देंगे। ऑस्कर विजेता वीएफएक्स कंपनी DNEG ने इसपर जिस बारीकी से काम किया है, वह पर्दे पर साफ झलकता है।3. भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर का गंभीर अवतार और नए किरदारों की एंट्रीइस दूसरे ट्रेलर में बॉलीवुड के सुपरस्टार रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) का भगवान श्री राम के रूप में एक और अधिक गंभीर, शांत लेकिन बेहद शक्तिशाली रूप दिखाया गया है। रणबीर की आंखों का संयम और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की छवि दर्शकों का दिल जीत रही है। इसके अलावा, इस नए ट्रेलर में कुछ नए और महत्वपूर्ण किरदारों की झलक भी पहली बार सामने आई है, जिसमें 'इंद्र देव' की भूमिका निभा रहे अभिनेता कुणाल कपूर (Kunal Kapoor) का लुक काफी चर्चा में है। कलाकारों की यह विशाल फौज फिल्म के दायरे को और अधिक व्यापक बनाती है।4. ए.आर. रहमान और हंस जिमर का रोंगटे खड़े कर देने वाला बैकग्राउंड स्कोरकिसी भी महागाथा की सफलता में उसके संगीत और बैकग्राउंड स्कोर की बहुत बड़ी भूमिका होती है। 'रामायण' के इस ट्रेलर में संगीत के मोर्चे पर जो जादू बिखेरा गया है, वह अद्भुत है। भारत के गर्व और ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान (A.R. Rahman) और दुनिया के जाने-माने हॉलीवुड संगीतकार हंस जिमर (Hans Zimmer) की यह जादुई जुगलबंदी फिल्म के हर एक दृश्य में जान फूंक देती है। ट्रेलर का बैकग्राउंड म्यूजिक इतना दमदार है कि युद्ध के दृश्यों को देखते समय आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे और थिएटर का अनुभव घर बैठे ही महसूस होने लगेगा।5. ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया गया विजनइस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे केवल भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर (Global Audience) पर रिलीज करने की तैयारी है। यही वजह है कि 'रामायण' का यह दूसरा ट्रेलर हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी आधिकारिक तौर पर जारी किया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय दर्शक भी इस महाकाव्य से जुड़ सकें। दुनिया भर के सिने प्रेमियों से इस ट्रेलर को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह दूसरा ट्रेलर इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि मेकर्स ने दर्शकों के हर एक फीडबैक को गंभीरता से लिया है। बेहतर विजुअल्स, दमदार एक्शन, और लीजेंड्री संगीत के साथ 'रामायण: पार्ट 1' सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा सिनेमैटिक फेस्टिवल बनने जा रहा है।
पिता की जगह भाई को खड़ा देख रो पड़ी बहन, बोली- अब पता चला बेटा होने पर खुशी क्यों मनाते हैं लोग
पुणे की डिजिटल क्रिएटर गौरी चौधरी का अपने भाई के लिए एक इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. पिता के बाद भाई को पिता की तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाते देख गौरी बेहद भावुक हो गईं.
इंडियन आइडल में लौटे लेजेंड्स, कहां गायब हैं पवनदीप-अरुणिता?
इंडियन आइडल के नए सीजन में पुराने कंटेस्टेंट्स और लेजेंड्स की वापसी हो रही है, लेकिन फैंस को पवनदीप राजन और अरुणिता कांजीलाल की कमी खल रही है. दोनों ने सीजन 12 में अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीता था.
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, आखिरी बार खाई थी मैगी
ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है. मरने वालों में माता-पिता और उनके तीन बच्चे शामिल हैं. यह मामला ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र का है. एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है.
घर में मिला 30 क्विंटल पटाखों का स्टॉक...छापा पड़ा तो मची अफरा-तफरी
दीपावली से पहले वाराणसी के कैंट एरिया में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक मकान पर छापा मारकर करीब 30 क्विंटल पटाखे बरामद किए हैं. पुलिस के मुताबिक, भंडारण का वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं करने पर राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया. फायर ब्रिगेड की टीम भी कार्रवाई के दौरान मौजूद रही. अब पुलिस पटाखों के स्रोत और उनके इस्तेमाल या सप्लाई के बारे में जांच कर रही है.
बॉलीवुड का गलियारा इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और मजेदार वजह से सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। 90 के दशक की सबसे आइकॉनिक, नटखट और चहेती ऑनस्क्रीन जोड़ियों में शुमार सलमान खान (Salman Khan) और करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में जब ये दोनों सदाबहार सितारे मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर के पॉपुलर चैट शो 'कॉफी विद करण 9' (Koffee With Karan 9) के पहले एपिसोड में मेहमान बनकर पहुंचे, तो उनकी खट्टी-मीठी नोक-झोंक और गजब की कैमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। शो पर दोनों की ऐसी बॉन्डिंग देखने को मिली कि इंटरनेट यूजर्स और फैंस एक सुर में यह कहते नजर आ रहे हैं कि अब इन दोनों को शादी कर लेनी चाहिए। सोशल मीडिया पर उनके पुराने दिनों की यादें ताजा हो गई हैं और यह मुद्दा इन दिनों टॉक ऑफ द टाउन बना हुआ है।'कॉफी विद करण 9' में दिखी सलमान और करिश्मा की पुरानी खट्टी-मीठी कैमिस्ट्रीजब भी 90 के दशक के सुनहरे दौर की बेहतरीन फिल्मों और ऑनस्क्रीन कपल्स की बात होती है, तो सलमान और करिश्मा का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। 'कॉफी विद करण' के इस लेटेस्ट सीजन में जब ये दोनों साथ बैठे, तो ऐसा लगा मानो वक्त वहीं ठहर गया हो। शो के दौरान दोनों के बीच का अपनापन, एक-दूसरे की टांग खींचने का अंदाज और बेबाक बातचीत ने दर्शकों को पुरानी फिल्मों की याद दिला दी।शो का यह एपिसोड प्रसारित होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई। फैंस ने उनकी इस जोड़ी को लेकर मजेदार और भावुक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। इंटरनेट पर एक यूजर ने लिखा, सलमान और करिश्मा बिल्कुल हसबैंड-वाइफ वाली पॉजिटिव वाइब दे रहे हैं, समझ नहीं आता कि इन्होंने पहले शादी क्यों नहीं की? वहीं दूसरे यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, भाई, अब तो शादी कर लो! कई फैंस ने उनकी इस जोड़ी को अपना 'फेवरिट नेवर-सेल्ड शिप' करार दिया, यानी एक ऐसा जोड़ा जिसे पर्दे पर तो बेइंतहा प्यार मिला, लेकिन वे असल जिंदगी में हमसफर नहीं बन पाए।तीन दशक से अधिक पुरानी है दोनों की गहरी दोस्ती और ऑनस्क्रीन सफरसलमान खान और करिश्मा कपूर की दोस्ती कोई आज की नहीं है, बल्कि यह 36 साल पुरानी मजबूत नींव पर टिकी है। दोनों ने अपने फिल्मी सफर में एक साथ लगभग 11 सुपरहिट फिल्मों में काम किया है और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़े हैं। उनकी साथ में आई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में 'जीत', 'जुड़वा', 'बीवी नंबर 1', 'हम साथ-साथ हैं', 'चल मेरे भाई' और 'दुल्हन हम ले जाएंगे' जैसी सदाबहार फिल्में शामिल हैं, जिनके गाने और सीन आज भी लोगों के जुबान पर हैं।चैट शो के दौरान जब होस्ट करण जौहर ने सलमान खान से सवाल किया कि उनकी सबसे पसंदीदा को-एक्ट्रेस (सह-कलाकार) कौन हैं, तो सुपरस्टार सलमान ने बिना एक पल गंवाए करिश्मा कपूर का नाम लिया। इस दौरान दोनों ने 90 के दशक के अपने सुनहरे स्टारडम, शूटिंग के दौरान होने वाली मस्ती और उस दौर की फिल्मी दुनिया के कई अनसुने किस्से भी साझा किए, जिसने दर्शकों को नॉस्टेल्जिया में डुबो दिया।दोनों कलाकारों की व्यक्तिगत जिंदगी के उतार-चढ़ावजहां एक तरफ फैंस उनकी ऑनस्क्रीन कैमिस्ट्री को देखकर उन्हें असल जिंदगी में साथ देखना चाहते हैं, वहीं दोनों की पर्सनल लाइफ अपने अलग अनुभवों से गुजरी है। बात अगर सलमान खान की करें, तो उनका नाम इंडस्ट्री की कई खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा, जिनमें संगीता बिजलानी, ऐश्वर्या राय, कटरीना कैफ और यूलिया वंतूर के नाम प्रमुख हैं। एक समय ऐसा भी था जब संगीता बिजलानी के साथ उनकी शादी के कार्ड तक छप चुके थे, लेकिन 'कॉफी विद करण' के पुराने सीजन में खुद सलमान ने यह खुलासा किया था कि शादी के ठीक वक्त पर वे घबरा गए थे और उन्होंने रिश्ता टाल दिया था।दूसरी ओर, करिश्मा कपूर ने साल 2003 में जाने-माने बिजनेसमेन संजय कपूर के साथ शादी की थी। हालांकि यह रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल सका और आपसी सहमति के बाद साल 2014 में उन्होंने तलाक के लिए अर्जी दी, जिसके बाद 2016 में उनका कानूनी रूप से तलाक हो गया। करिश्मा के दो प्यारे बच्चे हैं—बेटी समायरा और बेटा कियान, जिनकी परवरिश वे अकेले कर रही हैं। भले ही दोनों ने अपनी जिंदगी की राहें अलग चुनी हों, लेकिन उनकी दोस्ती और पर्दे पर उनका जादू आज भी पहले जैसा ही जीवंत है।
कोटा में दर्दनाक हादसा: खाई में गिरी खाटू श्याम जा रही बस, मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत
राजस्थान के कोटा में शनिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भोपाल से खाटू श्याम जा रही एक बस 15 फीट गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण हादसे में मध्य प्रदेश के 8 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है।
पढ़ें 17 अक्टूबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत और चार अन्य देशों को रूस से तेल और गैस खरीदने पर किसी तरह के टैरिफ का सामना नहीं करना पड़ेगा.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी ऐसी फिल्मों की बात होती है जिन्होंने बेहद कम बजट में बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया, तो उसमें हालिया रिलीज फिल्मों में एक नाम सबसे ऊपर चमकता नजर आता है—'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh)। महज 2 करोड़ रुपये के बेहद मामूली बजट में बनकर तैयार हुई इस स्पिरिचुअल और भक्ति से ओत-प्रोत फिल्म ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर जो तांडव मचाया है, उसने बड़े-बड़े फिल्ममेकर्स को भी हैरान कर दिया है। रिलीज के 10 हफ्ते यानी 70 दिन बीत जाने के बाद भी इस फिल्म की कमाई की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। बॉक्स ऑफिस पर कई बड़ी फिल्मों और सीक्वल के आने के बावजूद 'हनुमान अंश' ने अपने 71वें दिन भी शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया है कि दर्शकों के दिलों पर इस फिल्म का जादू किस कदर छाया हुआ है। आइए जानते हैं इस ब्लॉकबस्टर फिल्म के अब तक के शानदार आंकड़ों और इसकी सफलता की पूरी कहानी के बारे में।नीम करोली बाबा की प्रेरणा और हनुमान जी की भक्ति का कमालफिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के पीछे इसकी अनूठी कहानी और भगवान हनुमान के प्रति अगाध आस्था का बहुत बड़ा हाथ है। बाबा नीम करोली की कृपा और उनकी शिक्षाओं से जुड़ी इस मार्मिक कहानी ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के दर्शकों को अपनी ओर खींचने का काम किया है। यही वजह है कि जब बॉक्स ऑफिस पर अजय देवगन की 'दृश्यम 3' और रजनीकांत की 'जेलर 2' जैसी बड़ी फिल्मों की आंधी चल रही थी, तब भी 'हनुमान अंश' के कदम जरा भी नहीं डगमगाए।सिनेमाघरों में लंबे समय तक टिके रहने के बावजूद दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए बार-बार आ रहे हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी यह फिल्म साल 2026 की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट बनकर उभरी है, और यह इस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में शान से शामिल हो चुकी है।दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 71वें दिन भी जारी है कमाई का सिलसिलासैकनिल्क डॉट कॉम (Sacnilk) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 'हनुमान अंश' ने अपनी रिलीज के 71वें दिन भी वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। फिल्म ने दुनिया भर में अब तक कुल 448.61 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई कर ली है। घरेलू बॉक्स ऑफिस की बात करें तो इस फिल्म ने नेट कलेक्शन के मामले में 339.13 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि इसकी ग्रॉस कमाई भारतीय बाजार में 400.21 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।ओहर्सीज (Overseas) यानी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इस फिल्म ने झंडे गाड़ दिए हैं। 11 सितंबर को विदेशों में रिलीज हुई इस फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में 48.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। खासकर नॉर्थ अमेरिका (USA), कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट के देशों में इस फिल्म को दर्शकों का अभूतपूर्व प्यार मिला है। अकेले नॉर्थ अमेरिका में ही इस फिल्म ने 1 मिलियन डॉलर (यानी करीब 10 लाख डॉलर) से अधिक की कमाई कर इतिहास रच दिया है।दृश्यम 3 और जेलर 2 जैसी फिल्मों के आगे भी डटी रही फिल्मयह अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है कि रिलीज के 10 हफ्ते बाद जब सिनेमाघरों में नई और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्में चल रही हों, तब भी कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डटी रहे। 'दृश्यम 3' जैसी सस्पेंस-थ्रिलर और 'जेलर 2' जैसी एक्शन फिल्मों की कड़ी टक्कर के बावजूद, 71वें दिन भी 'हनुमान अंश' ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 14 लाख रुपये का कलेक्शन दर्ज किया है, जो इस बात का सबूत है कि सिंगल स्क्रीन और क्लासिक दर्शक अभी भी इस फिल्म को देखने पहुंच रहे हैं।छोटे बजट की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर यह साबित कर दिया है कि अगर कंटेंट में दम हो और दर्शकों की भावनाओं से जुड़ाव हो, तो कोई भी फिल्म ब्लॉकबस्टर बन सकती है। इस फिल्म की सफलता ने इसके मेकर्स की झोली पूरी तरह से भर दी है और उन्हें उम्मीद से कई गुना ज्यादा मुनाफा हुआ है।किस OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी 'हनुमान अंश'सिनेमाघरों में ऐतिहासिक सफलता का परचम लहराने के बाद अब दर्शकों के मन में एक ही सवाल है कि यह फिल्म ओटीटी (OTT) पर कब और किस प्लेटफॉर्म पर दस्तक देगी। हालांकि फिल्म के मेकर्स और प्रोडक्शन हाउस की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी ओटीटी रिलीज की तारीख पर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है, लेकिन मीडिया गलियारों में चल रही खबरों की मानें तो इस डिवोशनल-ड्रामा फिल्म के डिजिटल राइट्स को लेकर बड़ी डील हो चुकी है।चर्चा है कि थिएटर्स में अपना शानदार सफर पूरा करने के बाद अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर 'हनुमान अंश' रिलीज हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म के साथ मेकर्स की लगभग 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई है। यदि यह सच साबित होता है, तो बॉक्स ऑफिस के बाद डिजिटल दुनिया में भी यह फिल्म एक नया रिकॉर्ड बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रदर्शन रोकें, रोज 200 करोड़ का नुकसान, डर का माहौल...दिल्ली के व्यापारियों की प्रशासन से बड़ी अपील
दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच व्यापारियों ने कुछ प्रमुख मांगें की हैं. दुकानदारों का कहना है कि लगातार प्रदर्शन की वजह से उनका नुकसान हो रहा है. एसोसिएशन ने कुछ मांगें भी की हैं.
पड़ोसी देश बांग्लादेश से एक बार फिर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लिए बेहद डरावनी और चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां पूरा देश और दुनिया भर में रह रहे बंगाली समुदाय के लोग अपने सबसे बड़े पावन पर्व दुर्गा पूजा (Durga Puja) के जश्न की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश में असामाजिक और कट्टरपंथी तत्वों ने हिंदुओं की आस्था पर करारा प्रहार किया है। दुर्गा पूजा के आयोजन शुरू होने से ठीक पहले देश के विभिन्न हिस्सों से मंदिरों पर हमलों, पवित्र मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने और हिंसा की कुल 34 घटनाएं सामने आई हैं। इस सिलसिलेवार हिंसा के बाद से बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू समुदाय के भीतर भारी दहशत और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।देश के कई जिलों में सुनियोजित तरीके से मंदिरों को बनाया गया निशानाप्रमुख समाचार एजेंसी आईएएनएस से मिली जानकारी के मुताबिक, बांग्लादेश के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा पूजा के पंडालों और मंदिरों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू संगठनों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, यह हिंसा केवल एक-दो जगहों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई प्रमुख जिलों में फैल चुकी है।सिलहट (Sylhet), राजबाड़ी (Rajbari), पंचगढ़ (Panchagarh), नेत्रकोना (Netrokona) और तंगैल (Tangail) सहित कई अन्य जिलों से ऐसी घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, जहां अज्ञात उपद्रवियों ने रात के अंधेरे में मंदिरों में घुसकर मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित कर दिया। इसके अलावा, फरीदपुर जिले के एक प्राचीन काली मंदिर में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया, जबकि सुनामगंज में हिंदू समुदाय के लोगों के घरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों पर हमले कर बड़े पैमाने पर लूटपाट की गई। एक अन्य घटना में नौगांव (Naogaon) में डकैती का मामला सामने आया, जिसमें बदमाशों ने खुद को खुफिया एजेंसी का अधिकारी बताकर इस घृणित कृत्य को अंजाम दिया। इन तमाम घटनाओं ने देश की कानून-व्यवस्था और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।हिंदू संगठनों की दो टूक मांग: 'पूजा के 5 दिन नहीं, पूरे साल 365 दिन चाहिए सुरक्षा'लगातार हो रहे इन हमलों और हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार के बाद वहां के प्रमुख हिंदू संगठनों ने अंतरिम सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। 'बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद' और अन्य हिंदू संगठनों ने संयुक्त रूप से देश के प्रशासन से यह पुरजोर अपील की है कि वे इन सांप्रदायिक हमलों को तुरंत रोकने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाएं।बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के महासचिव संतोष शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और गहरी बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुर्गा पूजा जैसे पावन धार्मिक त्योहारों का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी समुदायों के लोगों को आपस में प्रेम और भाईचारे के साथ जोड़ना होना चाहिए, न कि नफरत फैलाना। उन्होंने कहा कि देश में पुरानी सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को जीवित रखने की सख्त जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पूजा के पांच दिनों के दौरान कड़ी पुलिस सुरक्षा मुहैया करा देना ही पर्याप्त नहीं है। उपद्रवियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे कभी भी हमला कर देते हैं, इसलिए बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा साल के 365 दिन यानी पूरे साल सुनिश्चित की जानी चाहिए, तभी वे सुरक्षित महसूस कर सकेंगे।प्रशासन के दावों के बीच त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है चिंताहर साल दुर्गा पूजा के नजदीक आते ही बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा और धमकियों का दौर शुरू हो जाना वहां के अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों पर एक बड़ा धब्बा है। हालांकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का हमेशा यह दावा रहता है कि सभी पूजा पंडालों को चाक-चौबंद सुरक्षा प्रदान की जाएगी और किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल देती है।देशभर में लगातार सामने आ रही इन 34 वारदातों ने यह साबित कर दिया है कि कट्टरपंथी ताकतों के मन में कानून का कोई डर नहीं बचा है। इसके बावजूद, बांग्लादेश का हिंदू समुदाय पूरी श्रद्धा, साहस और पारंपरिक उल्लास के साथ मां दुर्गा की आराधना करने के लिए तैयार है। पूरे देश के शांतिप्रिय नागरिक यह उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में दुर्गा पूजा का यह महापर्व बिना किसी बड़ी अप्रिय घटना के पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके, ताकि भाईचारा और आपसी सौहार्द बना रहे।
CJP प्रोटेस्ट पर चौधरी बन रही थी संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत, भारत ने UN के मंच से ही धो डाला
आपको बता दें कि जीना रोमेरो का दावा है कि भारत में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय पर चर्चा करने के लिए बदले की कार्रवाई या सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है।
ट्रंप का फैसला... रूसी तेल पर 100% टैरिफ का खतरा टला, भारत के लिए राहत
रूसी तेल खरीदने को लेकर भारत पर अमेरिका के 100% टैरिफ का खतरा फिलहाल टल गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लागू होने से ठीक एक दिन पहले रोकने का फैसला किया, जिसने भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत दी है. अगर यह शुल्क लागू होता, तो अमेरिकी बाजार में भारतीय कंपनियों और निर्यातकों के लिए अपना सामान बेचना काफी मुश्किल हो जाता.
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है, जिससे भारत समेत दुनिया के कई प्रमुख देशों ने राहत की सांस ली है। रूस के साथ ऊर्जा व्यापार को लेकर दुनिया भर में तनाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और चीन समेत पांच ऐसे देशों को बहुत बड़ी राहत दी है जो रूस से भारी मात्रा में तेल और गैस का आयात करते हैं। इस नए फैसले के तहत रूस से ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों पर किसी भी तरह का भारी-भरकम टैरिफ या आर्थिक शुल्क नहीं लगाया जाएगा। आइए जानते हैं कि ट्रंप के इस अचानक आए फैसले के पीछे की क्या वजह है और इससे वैश्विक बाजार पर क्या असर पड़ेगा।ग्राहम एक्ट के प्रतिबंधों से भारत और चीन को मिली बड़ी राहतअमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और चीन जैसे देशों को व्यापार शुल्कों (Trade Tariffs) और प्रतिबंधों से बड़ी राहत देने की आधिकारिक घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब भारत और चीन द्वारा रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) और गैस की खरीद पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त टैरिफ नहीं थोपा जाएगा।बता दें कि पिछले महीने ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कड़े कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत यह प्रावधान किया गया था कि जो भी देश रूस से तेल या गैस का आयात करेगा, उसे कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों और भारी-भरकम शुल्कों का सामना करना पड़ेगा। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना था, लेकिन इससे भारत और चीन जैसे उन देशों की मुश्किलें बढ़ जाती थीं जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूसी कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं। अब इस नए कार्यकारी आदेश के जरिए ट्रंप ने इन देशों को फिलहाल इन सख्त प्रतिबंधों के दायरे से बाहर कर दिया है।क्या है 'ग्राहम एक्ट' और इसके कड़े प्रावधान?इस पूरे मामले के केंद्र में 'ग्राहम एक्ट' (Graham Act) है, जिसे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का समर्थन प्राप्त था। इस कड़े कानून के जरिए अमेरिका रूस पर पूर्ण आर्थिक शिकंजा कसना चाहता था। इस कानून में यह सख्त प्रावधान किया गया था कि यदि कोई भी देश रूस से बड़े पैमाने पर तेल या प्राकृतिक गैस खरीदता है, तो उसे गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।यहाँ तक कि रूस से ऊर्जा खरीदने वाले शीर्ष देशों पर 100 प्रतिशत से लेकर 500 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगाने की बात कही गई थी। हालांकि, इस कानून में केवल उन्हीं देशों को छूट का प्रावधान था जो अपनी कुल घरेलू जरूरत का मात्र 15 प्रतिशत ही आयात करते हैं। लेकिन भारत और चीन जैसे देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदते हैं, इसलिए यह कानून उनके लिए चिंता का विषय बन गया था।अमेरिका और रूस के बदलते समीकरण और राष्ट्रहित का हवालाविश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह ताजा फैसला ऐसे समय में आया है जब रूस और अमेरिका के बीच कूटनीतिक स्तर पर संबंधों में कुछ नरमी देखी जा रही है। हाल ही में यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की की कार्यशैली की आलोचना करने और रूस के साथ कूटनीतिक नजदीकी बढ़ाने के संकेतों के बीच ट्रंप का यह आदेश बेहद अहम माना जा रहा है। हालांकि, ट्रंप रूस और यूक्रेन दोनों के ही शीर्ष नेताओं से लगातार युद्ध रोकने की अपील करते रहे हैं, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक युद्ध पूरी तरह थमा नहीं है।शुक्रवार देर रात जारी किए गए एक कार्यकारी आदेश में व्हाइट हाउस की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि ग्राहम एक्ट के तहत आने वाले तमाम प्रतिबंधों और शुल्कों को फिलहाल लागू करने से छूट दी जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को एक औपचारिक प्रमाण-पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने इस कदम को पूरी तरह से 'राष्ट्रहित में उठाया गया कदम' बताया है।किन पांच देशों को मिला है इस छूट का फायदारूस से तेल और गैस का आयात करने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों को इस नई राहत का सीधा फायदा मिला है। इन पांच देशों में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं। चीन के बाद भारत वर्तमान में रूसी कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। भारत ने हमेशा अपनी ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को सर्वोपरि रखते हुए स्वतंत्र रूप से तेल आयात करने की नीति अपनाई है, और ट्रंप के इस फैसले से भारतीय रिफाइनरियों और अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिली है।हालांकि, जानकारों का यह भी मानना है कि रूस से जुड़े टैरिफों और प्रतिबंधों पर यह रोक फिलहाल कुछ समय के लिए ही हो सकती है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भविष्य में वैश्विक भू-राजनीति और अमेरिका के आर्थिक फायदों को ध्यान में रखते हुए इस नीति में बदलाव भी कर सकते हैं। इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अमेरिका और रूस के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और भारत की ऊर्जा कूटनीति इस पर क्या रुख अपनाती है।
17 अक्टूबर 1979: Mother Teresa को मिला था Nobel Peace Prize, जानिए आज का इतिहास
मदर टेरेसा एक रोमन कैथोलिक नन थीं और उन्होंने जीवनभर गरीब, अनाथ, लाचार और बीमार लोगों की तीमारदारी की। उन्होंने कलकत्ता (अब कोलकाता) में ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की और दुनियाभर में इसके केंद्रों की स्थापना कर ज्यादा से ज्यादा लोगों की सेवा करने के अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। उन्हें 17 अक्टूबर 1979 को शांति के लिये नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारत से विशेष रूप से स्नेह रखने वाली मदर टेरेसा ने 1948 में स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता ली और 1980 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। देश-दुनिया के इतिहास में 17 अक्टूबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-1817 - अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद खान का दिल्ली में जन्म हुआ। 1870 - कलकत्ता बंदरगाह को स्वायत्त निकाय के अंतर्गत लाया गया। 1874 - कोलकाता को हावड़ा से जोड़ने के लिए 1874 में हुगली नदी पर पीपे से बनाए पंटून पुल को यातायात के लिए खोला गया। इसी पुल की जगह बाद में हावड़ा ब्रिज का निर्माण किया गया। 1906 - स्वामी रामतीर्थ का निधन। 1918 - यूगोस्लाविया ने खुद को गणतंत्र देश घोषित किया। 1920 - भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की ताशकंद में स्थापना। 1940 - महात्मा गांधी ने व्यक्तिगत सत्याग्रह की घोषणा की। 1949 - संविधान सभा ने संविधान के अनुच्छेद 370 को स्वीकार किया। इसके अंतर्गत जम्मू-कश्मीर को विशेष प्रावधान प्रदान किए गए। 1955 - हिंदी फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री स्मिता पाटिल का जन्म हुआ। 1968 - मेक्सिको ओलंपिक में अमेरिका के दो अश्वेत खिलाड़ियों ने रंगभेद के खिलाफ मौन विरोध व्यक्त किया। 1970 - भारतीय स्पिन गेंदबाजी के धुरंधर अनिल कुंबले का जन्मदिन। कुंबले के नाम एक दुर्लभ रिकार्ड है। वह टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में 10 विकेट लेने वाले भारत के पहले और विश्व के दूसरे खिलाड़ी हैं। 1979 - गरीबों और बेसहारों की मसीहा मदर टेरेसा को नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1994 - 1983 में देश को विश्व कप दिलाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपने करियर का अंतिम एक दिवसीय मुकाबला वेस्टइंडीज के खिलाफ फरीदाबाद में खेला। 2003 - चीन ने अंतरिक्ष में एशिया के पहले और रूस के बाद तीसरे देश के रूप में मानव भेजने में सफलता प्राप्त की। 2007 - आयरिश लेखिका एनी एनराइट को उनके उपन्यास द गेदरिंग के लिए बुकर पुरस्कार प्रदान किया गया। 2020 - जेसिंडा अर्डर्न के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने न्यूजीलैंड के आम चुनाव में भारी बहुमत से फिर से जीत हासिल की। 2023 - उच्चतम न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए समलैंगिक विवाह को विशेष विवाह कानून के तहत कानूनी मान्यता देने से इनकार कर दिया। 2025- मेडागास्कर में सैन्य तख्तापलट के बाद कर्नल रांद्रियनिरीना ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
महाराष्ट्र: मीरा-भायंदर नगर निगम की बैठक में हंगामा, भाजपा के 17 पार्षदों पर मारपीट के आरोप; एफआईआर दर्ज thane-mira-bhayandar-municipal-meeting-bjp-corporators-assault-journalists-fir
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत ने एक बार फिर दो टूक शब्दों में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के कामकाज और उसकी रिपोर्ट्स पर तीखा सवाल उठाया है। संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत जीना रोमेरो (Gina Romero) द्वारा भारत में युवाओं के अधिकारों और विरोध-प्रदर्शनों को लेकर दिए गए बयानों और रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजनयिक ने यूएन की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें दावा किया गया था कि भारत में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य या लैंगिक न्याय जैसे मुद्दों पर बोलने के कारण बदले की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। भारत ने इसे बिना किसी ठोस आधार और गुमनाम बयानों पर आधारित प्रचार करार दिया है।संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजनयिक अनुज स्वरूप का कड़ा जवाबसंयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति के 81वें सत्र के दौरान शांतिपूर्ण सभा और संगठन की स्वतंत्रता के अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक के साथ चर्चा करते हुए भारत के प्रथम सचिव अनुज स्वरूप (Anuj स्वरूप) ने देश का पक्ष पूरी मजबूती से रखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत जीना रोमेरो की उस रिपोर्ट को पूरी तरह निराधार बताया, जिसमें भारत के युवाओं की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई थी।अनुज स्वरूप ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत का संविधान अपने हर एक नागरिक को अनुच्छेद 19 के तहत बोलने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा करने का मौलिक अधिकार देता है। हमारे देश में इन अधिकारों की रक्षा एक पूरी तरह से स्वतंत्र न्यायपालिका, एक जीवंत स्वतंत्र प्रेस और एक सशक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा की जाती है। भारत जैसे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के खिलाफ इस तरह के मनगढ़ंत दावे करना यूएन के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।'गुमनाम दावों और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट'भारतीय राजनयिक ने विशेष प्रतिवेदक जीना रोमेरो की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि रिपोर्ट तैयार करने का यह मनमाना तरीका ही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से आज संयुक्त राष्ट्र और उसके विभिन्न संस्थानों की विश्वसनीयता लगातार खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश के खिलाफ कुछ अज्ञात लोगों के बयानों और फुटनोट के सहारे व्यापक आरोप लगा देना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।अनुज स्वरूप ने कहा, यह रिपोर्ट बिना किसी तथ्यात्मक जांच के केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर तैयार की गई है, जिसे संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का रूप दे दिया गया है। हमारा प्रतिनिधिमंडल इस तरह के भ्रामक दावों को पूरी तरह से खारिज करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो पदाधिकारी 1.4 अरब की आबादी वाले देश के बारे में राय कायम करने के लिए गुमनाम जानकारियों पर निर्भर रहती है, वह अपने पद की गरिमा के साथ न्याय नहीं कर रही है।भारत में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और राजनीतिक आंदोलनों का दिया उदाहरणभारत सरकार की ओर से देश में युवाओं के लिए उपलब्ध नागरिक स्थान (सिविक स्पेस) और उनकी लोकतांत्रिक भागीदारी का पुख्ता हवाला दिया गया। हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त और सार्वजनिक परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर हुए छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए अनुज स्वरूप ने बताया कि किस तरह भारत सरकार ने हमेशा युवाओं के साथ सकारात्मक और खुले मन से बातचीत की है।उन्होंने व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलनों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल का उदाहरण देते हुए कहा कि किस दुनिया के किसी अन्य दमनकारी देश में युवाओं की एक ऐसी पार्टी सरकार से सीधे सवाल पूछ सकती है, राजधानी तक मार्च कर सकती है और देश के वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकर बातचीत कर सकती है? यह इस बात का प्रमाण है कि भारत में लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पूरी तरह सुरक्षित है। इसके अलावा, सरकार ने 'विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद' के जरिए 50 लाख से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ा है। अंत में भारत ने यूएन के विशेष प्रतिवेदक से आग्रह किया कि वे किसी भी देश को बदनाम करने से पहले तथ्यों की गहरी जांच करें और अपनी रिपोर्टिंग में गंभीरता तथा निष्पक्षता लाएं।
महाराष्ट्र सड़क हादसा: नांदेड़ में मंदिर से लौट रहे तीर्थयात्रियों का टेंपो खाई में गिरा, तीन की मौत; तीन घायल---Several Killed, Many Injured as Tempo Plunges into Gorge in Maharashtra Nanded
जेलेंस्की के इंतजार के बीच प्रेस रूम में फैली दुर्गंध, पत्रकारों के लिए बना सिरदर्द
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का इंतजार कर रहे रिपोर्टर्स को एक अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा है. बताया जा रहा है कि पत्रकार 'फेटिड फार्टर' यानी बेहद बदबूदार गैस छोड़ने वाले एक रहस्यमयी शख्स से परेशान रहे.
सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के प्रसिद्ध RG कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी। अदालत ने यह फैसला उनके लंबे समय तक जेल में रहने और मुकदमे की धीमी रफ्तार को आधार बनाते हुए सुनाया है। घोष पर कॉलेज के कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और अयोग्य उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए मेरिट अंकों में हेरफेर करने के गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने उनके लंबे समय तक जेल में रहने और सुनवाई की धीमी गति को ध्यान में रखा। कोर्ट ने गौर किया कि घोष के दो साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बावजूद, 147 गवाहों में से अब तक केवल सात गवाहों से ही पूछताछ हो पाई है। जस्टिस एम.एम. सुंदेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने 15 अक्टूबर को यह आदेश दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट के 23 फरवरी, 2026 के उस फैसले के खिलाफ घोष की अपील को स्वीकार कर लिया, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया और निर्देश दिया कि संबंधित ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों के आधार पर घोष को जमानत पर रिहा किया जाए। कोर्ट ने कहा, इस मामले को देखते हुए, हिरासत की अवधि और सुनवाई के मौजूदा चरण पर विचार करते हुए, हम हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने और इस अपील को स्वीकार करने का निर्णय लेते हैं। इसे भी पढ़ें: Yes Bank को Supreme Court से झटका, 8400 करोड़ रुपये के AT-1 Bond का फैसला बदला सुप्रीम कोर्ट ने संदीप घोष को जमानत क्यों दी? हिरासत में बिताया गया लंबा समय और सुनवाई की धीमी गति सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मुख्य आधार थे। बेंच ने गौर किया कि घोष दो साल से अधिक समय से जेल में हैं, जबकि अभियोजन पक्ष ने कुल 147 गवाहों में से अब तक केवल सात गवाहों से ही पूछताछ की है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने माना कि जमानत खारिज होने के खिलाफ उनकी अपील स्वीकार की जानी चाहिए। इस आदेश ने कलकत्ता हाई कोर्ट के पिछले फैसले को पलट दिया है, हालांकि घोष के खिलाफ लगे आरोप अभी भी चल रही आपराधिक कार्यवाही का हिस्सा बने रहेंगे। जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें बरी कर दिया गया है या कोर्ट ने यह मान लिया है कि आरोप झूठे हैं। घोष को ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों का पालन करना होगा। इसे भी पढ़ें: Supreme Court of India में Junior Court Attendant पद पर मौका, 10वीं पास करें अप्लाई RG कर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल पर क्या आरोप हैं? घोष के खिलाफ CBI का मामला RG कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनके प्रिंसिपल रहने के दौरान कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। इसके साथ ही, उन पर अयोग्य उम्मीदवारों को दाखिला दिलाने के लिए मेरिट स्कोर में हेरफेर करने का भी आरोप है। एजेंसी ने उन पर 'विशेष मामला संख्या 1/2025' (Special Case No. 1 of 2025) के तहत आरोप लगाए हैं। यह मामला 24 अगस्त 2024 को कोलकाता में CBI की भ्रष्टाचार-रोधी शाखा (Anti-Corruption Branch) द्वारा दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ। इन आरोपों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 120B, 409, 420, 468 और 471 के तहत आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करना शामिल है। इस मामले में 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' (Prevention of Corruption Act) के प्रावधान भी लागू किए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Twisha Sharma case में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, आरोपियों के खिलाफ भोपाल कोर्ट में नहीं चलेगा ट्रायल, CBI को नोटिस जारी जमानत का मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा दो बार जमानत याचिकाएं खारिज होने के बाद, घोष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 7 जनवरी 2025 को विशेष CBI अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी, और बाद में 23 फरवरी 2026 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने भी उनकी चुनौती को खारिज कर दिया। इसके बाद, लगातार हिरासत में रहने से राहत पाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने से पहले, उनके जेल में बिताए गए समय और मुकदमे की कार्यवाही में हुई प्रगति पर विचार किया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
19 या 20 अक्टूबर, कब करें कन्या पूजा? जानें अष्टमी-नवमी की सही तारीख
Kanya Pujan 2026: कन्या पूजन 2026 में 19 या 20 अक्टूबर को कब करें? जानें अष्टमी-नवमी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धार्मिक महत्व,
श्रद्धा नेपाल में रोज बदल रही ठिकाना, 8 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
लखनऊ के व्यापारी शिवा शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे आठ दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. इनपुट के मुताबिक, वह नेपाल में लगातार अपना ठिकाना बदल रही है. बताया जा रहा है कि पुलिस को उसकी लोकेशन मिलने से करीब चार घंटे पहले ही वह वहां से निकल जाती है.
'ये पल हमेशा याद रहेगा...', नवरात्रि का गरबा देख भावुक हुई रोमानियाई महिला
नवरात्रि के गरबा उत्सव में लोगों को झूमते देखकर मुंबई में रह रही रोमानियाई महिला मारिया एलेक्जेंड्रा भावुक हो गईं. उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा वीडियो में बताया कि गरबा उनके लिए सिर्फ नृत्य नहीं, बल्कि भक्ति का खूबसूरत रूप है. लोगों को एक साथ त्योहार मनाते देखकर उनकी आंखें नम हो गईं.
कौन था कसाब केस से जुड़ा PAK वकील? मानी थी गलती, फिर हुई हत्या
फिल्म 'प्रहार' में जयदीप अहलावत चौधरी जुल्फिकार अली के किरदार में हैं. जानिए कौन थे पाकिस्तान के ये सरकारी वकील, जिनका नाम 26/11 मुंबई हमले और बेनजीर भुट्टो हत्याकांड से जुड़ा था और जिनकी 2013 में गोली मारकर हत्या कर दी गई.
काव्या मारन करने जा रहीं शादी, दूल्हे का इस सुपरस्टार से खास कनेक्शन
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की CEO काव्या मारन और मशहूर म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर की शादी की खबरें चर्चा में हैं. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद चेन्नई में 21 नवंबर को होने वाले वेडिंग रिसेप्शन की खबर सामने आई. हालांकि, दोनों ने अपनी शादी की तारीख और समारोह की पूरी जानकारी की अलग से आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
'पदक लाओ, पद पाओ' के तहत खिलाड़ियों की सीधी भर्ती, सीएम योगी का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि की बधाई दी। उन्होंने कहा कि समस्त बाधाओं और आसुरी प्रवृत्तियों का संहार करने वाली मां कात्यायनी नारीशक्ति के अदम्य साहस, अटूट संकल्प और अजेय पराक्रम का प्रतीक हैं। ...
मुजफ्फरनगर जिले की छह सीटें: बदलते नतीजे और नया गठबंधन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मुजफ्फरनगर जिला अपनी गन्ने की खेती, गुड़ मंडी और किसान राजनीति के लिए जाना जाता है. लेकिन चुनावी नजरिये से इस जिले की अहमियत केवल खेती-किसानी तक सीमित नहीं है. यहां जातीय समीकरण, धार्मिक ध्रुवीकरण, किसान आंदोलन और राजनीतिक गठबंधन चुनावी नतीजों को प्रभावित करते रहे हैं. 2013 के दंगों के बाद जिले की राजनीति में आए बदलाव भी लगातार चुनावी चर्चा का हिस्सा रहे हैं.

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