SENSEX
NIFTY
GOLD
USD/INR

Weather

38    C

डिजिटल समाचार स्रोत

...

महाराष्ट्र सरकार के ऋण माफी प्रतिबंधों में ढील देने से किसान एकता की जीत हुई: रोहित पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर ऋण माफी योजना से जुड़ी प्रतिबंधात्मक शर्तों को समाप्त करने का निर्णय राज्य भर के किसानों, संगठनों और राजनीतिक नेताओं के सामूहिक संघर्ष की एक बड़ी जीत है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 11:01 pm

सिद्धिविनायक मंदिर में चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला

विपक्षी नेताओं, विशेषकर शिवसेना-यूबीटी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर हमला बोला और उन्हें 'गद्दार' और 'भगोड़ा' बताया।

देशबन्धु 11 Jul 2026 10:52 pm

सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन

साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्‌शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 10:36 pm

पंजाब कांग्रेस में घमासान: बघेल से मिला चन्नी-रंधावा गुट, राजा वड़िंग को हटाने की मांग पर अड़े बागी नेता

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी पंजाब कांग्रेस गुट और पार्टी के महासचिव भूपेश बघेल के बीच शनिवार को बहुप्रतीक्षित बैठक हुई।

देशबन्धु 11 Jul 2026 10:30 pm

बिना डेबिट कार्ड के भी आधार से निकलेगा कैश! NPCI की इस खास AEPS सर्विस से घर बैठे चेक करें बैलेंस, जानें आसान तरीका

Aadhaar Enabled Payment System : आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर लोग ऑनलाइन और यूपीआई (UPI) पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके बावजूद, रोजमर्रा के कई छोटे-मोटे कामों या आपातकालीन स्थिति में हमें कैश (नकद) की जरूरत पड़ ही जाती है. ऐसे समय में अगर आप अपना एटीएम या डेबिट कार्ड घर भूल गए हैं या आपके पास कार्ड नहीं है, तो बैंक से पैसे निकालना एक बड़ी सिरदर्द बन जाता है.लेकिन अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की एक विशेष तकनीक की मदद से अब आप सिर्फ अपने आधार कार्ड (Aadhaar Card) के जरिए बैंक खाते से सुरक्षित तरीके से कैश निकाल सकते हैं. आइए जानते हैं कि यह पूरी प्रणाली कैसे काम करती है और इसका लाभ आप कैसे उठा सकते हैं.क्या है AEPS सुविधा और कैसे करती है काम?NPCI ने बैंकिंग को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक सुलभ बनाने के लिए आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) की शुरुआत की है. यह एक ऐसी सुरक्षित वित्तीय प्रणाली है, जिसके तहत आपको पैसे निकालने के लिए किसी भी सिग्नेचर, डेबिट कार्ड या पिन (PIN) की आवश्यकता नहीं होती.बायोमेट्रिक सुरक्षा: इस सिस्टम में पैसे का लेन-देन करने के लिए केवल आपके आधार नंबर और आपके फिंगरप्रिंट (अंगूठे या उंगली के निशान) का उपयोग किया जाता है.मिलती हैं ये 4 मुख्य सुविधाएं: AEPS के जरिए आप केवल कैश ही नहीं निकाल सकते, बल्कि बैंक खाते में पैसे जमा करना, अकाउंट का बैलेंस चेक करना और मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालने जैसे जरूरी काम भी चुटकियों में कर सकते हैं.सबसे जरूरी शर्त: इस बैंकिंग सुविधा का लाभ आप केवल तभी उठा सकते हैं, जब आपका आधार कार्ड आपके संबंधित बैंक खाते (Bank Account) से पूरी तरह लिंक और एक्टिव हो.आधार कार्ड से कैश निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियायदि आप बिना एटीएम कार्ड के नकदी निकालना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) एजेंट से मिलें: सबसे पहले अपने नजदीकी किसी भी बैंक के अधिकृत बैंकिंग प्रतिनिधि यानी बीसी एजेंट (BC Agent) के पास जाएं. ये एजेंट आमतौर पर आपके पास की छोटी किराना दुकानों, ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) या बैंक की मिनी ब्रांच में माइक्रो-एटीएम मशीन के साथ मिल जाते हैं.आधार नंबर दर्ज कराएं: एजेंट को अपना 12 अंकों का आधार नंबर बताएं, जिसे वह अपनी स्वाइप या माइक्रो-एटीएम मशीन में फीड करेगा.बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अपनी पहचान को सुरक्षित तरीके से वेरिफाई करने के लिए मशीन से जुड़े फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपना अंगूठा या उंगली रखें.सर्विस का चयन करें: मशीन की स्क्रीन पर दिए गए विकल्पों में से 'कैश विड्रॉल' (Cash Withdrawal) का चुनाव करें.राशि भरें: आपको अपने खाते से जितनी नकदी निकालनी है, वह राशि (Amount) वहां दर्ज करें.कैश प्राप्त करें: जैसे ही आपका फिंगरप्रिंट बैंक के सर्वर से वेरिफाई हो जाएगा, ट्रांजेक्शन सफल हो जाएगा और एजेंट आपको आपका कैश सौंप देगा. इसके तुरंत बाद आपके बैंक खाते से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पैसे कटने का पुष्टिकरण एसएमएस (SMS) भी आ जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:26 pm

मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर लगा ब्रेक! 300 हेक्टेयर के लिए 9 महीने से अड़े किसान, जानें जमीन अधिग्रहण का पूरा गणित

Ganga Expressway Industrial Corridor Meerut: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना 'गंगा एक्सप्रेसवे' (Ganga Expressway) के किनारे औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) विकसित करने की योजना जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के पेंच में फंसती नजर आ रही है. उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीडा (UPIEDA) के सख्त आदेशों के बावजूद, मेरठ जिला प्रशासन के लिए परियोजना के लिए पर्याप्त जमीन जुटाना एक बड़ी और सिरदर्द चुनौती बन चुका है. किसानों के भारी विरोध और धरना प्रदर्शन के कारण एक्सप्रेसवे के इस बड़े प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी पड़ गई है.पहले चरण में 214 हेक्टेयर की जरूरत, प्रशासन के हाथ लगी केवल 159 हेक्टेयरमेरठ के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पहले चरण के तहत औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए 214 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है. इस जमीन को खरीदने की प्रक्रिया एक साल से भी अधिक समय से चल रही है, लेकिन पिछले कई महीनों से यह काम लगभग ठप पड़ा था.अधिग्रहण का गणित: शुरुआत में किसानों से कुल 203 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी थी, जिसमें से 143 हेक्टेयर की रजिस्ट्री (बैनामा) होने के बाद काम अचानक रुक गया.सरकारी जमीन की किल्लत: इसके अलावा, कॉरिडोर के लिए चिन्हित 11 हेक्टेयर सरकारी जमीन में से भी प्रशासन को अब तक केवल 7 हेक्टेयर जमीन ही हस्तांतरित हो पाई है.DM की बैठक के बाद एक्शन में प्रशासन, एक दिन में हुए 9 बैनामेजमीन अधिग्रहण के गतिरोध को तोड़ने के लिए हाल ही में मेरठ के जिलाधिकारी (DM) ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की थी. इस बैठक में मिले कड़े निर्देशों के बाद सोमवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. प्रशासन ने एक ही दिन में 17 किसानों से 9 अलग-अलग बैनामों के माध्यम से 9 हेक्टेयर जमीन का सफलतापूर्वक अधिग्रहण कर लिया. इस नई खरीद के बाद अब प्रशासन के पास कुल उपलब्ध जमीन का आंकड़ा बढ़कर 159 हेक्टेयर तक पहुंच गया है, लेकिन लक्ष्य (214 हेक्टेयर) से यह अब भी काफी दूर है.दूसरे चरण के लिए साढ़े नौ महीने से धरने पर बैठे हैं किसानपहले चरण की मुश्किलों के बीच, औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण (Phase 2) का रास्ता और भी ज्यादा कांटों भरा नजर आ रहा है.300 हेक्टेयर का पेंच: दूसरे चरण के विकास के लिए तीन प्रमुख गांवों से कुल 300 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है.आर-पार की लड़ाई: इन गांवों के किसान किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन सरकार को देने के लिए तैयार नहीं हैं. अपनी जमीनों को बचाने और उचित मुआवजे व अन्य मांगों को लेकर किसान पिछले साढ़े नौ महीने से लगातार धरना प्रदर्शन और विरोध कर रहे हैं, जिससे यूपीडा की मुश्किलें बढ़ गई हैं.यूपी के 12 जिलों में 1500 हेक्टेयर में बनेंगे गलियारेगौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजना गंगा एक्सप्रेसवे के रूट पर आने वाले मेरठ समेत कुल 12 जिलों में लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) स्थापित करने की है. सरकार का मकसद एक्सप्रेसवे के किनारे लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है ताकि स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार मिल सके और सूबे की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी जा सके. लेकिन मेरठ में चल रहा यह भूमि विवाद सरकार की समयसीमा के आड़े आ रहा है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:24 pm

वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया

हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:51 pm

अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट

अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:46 pm

भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण

अजमेर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्धता जताते हुए कहा है कि हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। शर्मा शनिवार को […] The post भजनलाल शर्मा ने केकड़ी में करीब 880 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:41 pm

नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट

मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:34 pm

कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या

कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कलेक्टरगंज क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने शनिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन का अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को आज शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि कलेक्टरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में […] The post कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:29 pm

अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी

अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 9:23 pm

पिथौरागढ़ में बारिश का कहर: 80 से 90 परिवारों का टूटा संपर्क, जान जोखिम में डालकर नदी-नाले पार कर रहे ग्रामीण

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनपद के सीमांत क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र में बिल्जू नदी के उफान पर आने से मिलम जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के करीब 80 से 90 परिवारों का संपर्क प्रभावित हो गया है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 8:39 pm

राम मंदिर ट्रस्ट में अंतरर्कलह, नृपेंद्र मिश्रा बोले- मुझे बैठक में नहीं बुलाया, धर्म सेना प्रमुख का पलटवार- ट्रस्ट नहीं ये गिरोह है

Ayodhya Ram Mandir Conflict: अयोध्या राम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के आंतरिक तालमेल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे आगामी 22 जुलाई को ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:56 pm

गांव के होनहारों को अफसर बनाने के लिए योगी सरकार का मेगा प्लान

UP High Tech Digital Library Scheme: ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:34 pm

जनसेवा सर्वोपरि, प्रतिकूल मौसम में भी CM योगी ने किया जनता दर्शन

CM Yogi Janta Darshan Gorakhpur: ‘जनसेवा सर्वोपरि’ के ध्येय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद जन समस्याओं के निस्तारण के निस्तारण के लिए ‘जनता दर्शन’ किया। बारिश में दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:25 pm

JioFinance से अब सिर्फ 24 रुपए से भरें ITR, साथ में मिलेगा JioPoints का फायदा

Income Tax Return Filing Service : टैक्स फाइलिंग सीजन के बीच जियोफाइनेंस (JioFinance) ने अपने ग्राहकों के लिए टैक्स प्लानिंग और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सेवा दोबारा शुरू कर दी है। इस बार कंपनी ने टैक्स फाइलिंग को और किफायती बनाने के साथ-साथ ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:11 pm

ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक

TMC bank accounts sealed: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) का शिकंजा ऐसा कसा है कि पार्टी पूरी तरह लाचार नजर आ ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 6:58 pm

My Youth-My Pride Conclave: युवा शक्ति पर सीएम डॉ. मोहन यादव का फोकस, कहा-आपके सपनों के लिए हर मदद के लिए तैयार है सरकार

मध्यप्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य के लिए, आने वाले कल के लिए, युवाओं के सपनों के लिए हर मदद के लिए तैयार है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश और मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। युवा शक्ति अवसरों का लाभ उठाए। प्रदेश सरकार युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 6:46 pm

बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन

अभिभावकों से सजग रहने और बच्चियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कोटा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर नई दिल्ली की कोटा महिला विंग की बैठक शुक्रवार शाम टीचर्स कॉलोनी स्थित कोटा जिला अध्यक्ष निर्मला वर्मा के निवास पर आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से […] The post बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Jul 2026 6:10 pm

मोजतबा ने कसम खाई, 'दुश्मनों' से बदला लेंगे, ट्रंप बोले- ईरान को मिटाने के लिए 1000 मिसाइलें तैयार

Middle East tensions: मिडिल ईस्ट बारूद के ढेर पर बैठ चुका है और कभी भी महाविनाश का बटन दब सकता है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता और पूर्व सुप्रीमो अली खामेनेई के जनाजे पर पूरी दुनिया के सामने इजराइल और अमेरिका को तबाह ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 5:56 pm

महिलाओं की शादी की उम्र पर मौलाना रशीदी के बयान पर मचा विवाद, महिला आयोग, वीएचपी ने जताई आपत्ति,भाजपा का कड़ा पलटवार: 'देश शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा'

ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी अपने एक विवादित बयान को लेकर घिर गए हैं। महिलाओं की शादी की उम्र को लेकर दिए गए उनके बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। महिला आयोग, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) समेत कई लोगों ने उनके बयान की कड़ी आलोचना की है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 5:52 pm

क्या कैलाश विजयवर्गीय को पता था, नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटेगा?

दतिया उपचुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद अब मध्यप्रदेश भाजपा के अंदरूनी सियासत गर्मा गई है। उपचुनाव में दतिया से अपनी उम्मीदवारी तक मानकर चल रहे है नरोत्तम मिश्रा जहां पूरी ताकत से चुनाव प्रचार में जुटे थे, वहीं ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 4:10 pm

अयोध्या राम मंदिर को मिलेगा नया CEO: अगले हफ्ते से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया, जानें कितनी होगी सैलरी और क्या चाहिए योग्यता

अयोध्या के भव्य श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान की कथित चोरी का मामला इन दिनों देश भर में गरमाया हुआ है. इस सुरक्षा और प्रशासनिक चूक के बाद मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. राम मंदिर के संपूर्ण प्रबंधकीय, वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज को संभालने के लिए अगले हफ्ते से एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है. इसके लिए गठित 3 सदस्यीय विशेष समिति अगले 2-3 दिनों के भीतर एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाली है.नियुक्ति के लिए बनी 3 सदस्यीय समिति में शामिल हैं ये दिग्गजराम मंदिर के नए सीईओ के चयन की जिम्मेदारी देश की तीन जानी-मानी और प्रतिष्ठित हस्तियों को सौंपी गई है:जस्टिस प्रमोद कोहली (रिटायर्ड जज)लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड सैन्य अधिकारी)डॉ. सुरेश काशीनाथ हावरे (प्रसिद्ध न्यूक्लियर साइंटिस्ट)यह समिति जल्द ही बैठक कर आवेदन की शर्तों और नियमों को अंतिम रूप देगी. समिति के सदस्य और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे ने स्पष्ट किया है कि समिति का काम सिर्फ योग्य उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर एक फाइनल पैनल (सूची) तैयार करना है. सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगाने का विशेषाधिकार मंदिर ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) के पास ही होगा.सीईओ पद के लिए क्या होंगी अनिवार्य योग्यताएं?डॉ. सुरेश हावरे के मुताबिक, इस बेहद जिम्मेदारी भरे पद के लिए वर्किंग (कार्यरत) या रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) कोई भी योग्य व्यक्ति आवेदन कर सकता है. उम्मीदवारों के चयन में निम्नलिखित तीन मुख्य कसौटियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा:धर्म और अध्यात्म के प्रति निष्ठा: उम्मीदवार की सनातन धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि और सकारात्मक दृष्टिकोण होना अनिवार्य है.प्रबंधन और वित्तीय अनुभव: उम्मीदवार के पास बड़े संस्थानों को चलाने का प्रशासनिक, प्रबंधकीय और मजबूत वित्तीय (Financial) अनुभव होना चाहिए.मंदिर प्रबंधन का अनुभव: यदि किसी उम्मीदवार के पास पहले से किसी बड़े और प्रसिद्ध मंदिर या तीर्थ क्षेत्र की व्यवस्था संभालने का अनुभव है, तो उसे प्राथमिकता दी जा सकती है.क्या होंगी सुविधाएं, सैलरी और कार्यक्षेत्र?अयोध्या में रहना होगा अनिवार्य: नियुक्त होने वाले सीईओ का मुख्य कार्यक्षेत्र संपूर्ण राम मंदिर परिसर होगा और उन्हें स्थाई रूप से अयोध्या में ही निवास करना होगा.मिलेगी लग्जरी लाइफ: मंदिर ट्रस्ट की ओर से सीईओ को आकर्षक वेतन (सैलरी) के साथ-साथ रहने के लिए आलीशान मकान और आवागमन के लिए आधिकारिक गाड़ी (वाहन) जैसी सभी वीआईपी सुविधाएं दी जाएंगी.रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर: सीईओ सीधे तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे और उनके अधीन रहकर ही सारे फैसले लागू करेंगे.परमाणु वैज्ञानिक से 'टेम्पल मैनेजमेंट' गुरु बने डॉ. सुरेश हावरेसीईओ चयन समिति के मुख्य सदस्य डॉ. सुरेश काशीनाथ हावरे देश की एक जानी-मानी शख्सियत हैं. वह एक रिटायर्ड परमाणु वैज्ञानिक (Nuclear Scientist) हैं, जिन्होंने देश के परमाणु ऊर्जा विभाग में पूरे 27 साल तक अपनी सेवाएं दी हैं. विज्ञान के साथ-साथ उन्हें देश के बड़े मंदिरों के प्रबंधन का भी लंबा और व्यावहारिक अनुभव है. डॉ. हावरे शिरडी के सुप्रसिद्ध 'श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट' के प्रमुख रह चुके हैं. वर्तमान में वह रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के अध्यक्ष और 'श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड' के सम्मानीय सदस्य भी हैं. खास बात यह है कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को आधुनिक ढर्रे पर लाने के लिए ‘टेम्पल मैनेजमेंट’ नामक एक बेहद चर्चित पुस्तक भी लिखी है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:55 pm

सुबह के नाश्ते में शामिल करें सूजी से बनी ये 5 झटपट और हेल्दी रेसिपीज, दिनभर शरीर को मिलेगी भरपूर एनर्जी

सुबह का नाश्ता हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन माना जाता है. एक पौष्टिक और संतुलित ब्रेकफास्ट न केवल हमारे मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखता है, बल्कि शरीर को दिनभर एक्टिव रहने के लिए जरूरी ऊर्जा (Energy) भी प्रदान करता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर ऐसे नाश्ते के विकल्प तलाशते हैं जो सेहतमंद होने के साथ-साथ मिंटों में तैयार हो जाएं. 'सूजी' (Semolina) रसोई में मौजूद एक ऐसी ही बेहतरीन सामग्री है, जिससे बेहद कम समय में कई तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं.पोषक तत्वों से भरपूर है सूजीसूजी में मुख्य रूप से कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है, जो शरीर को धीरे-धीरे और लंबे समय तक एनर्जी देता है. इसके अलावा इसमें सीमित मात्रा में प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, फोलेट और विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स जैसे जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स भी मौजूद होते हैं. अगर सूजी को सही तरीके से सब्जियों और दही के साथ मिलाकर पकाया जाए, तो यह एक कम्पलीट और परफेक्ट वेट-लॉस डाइट का हिस्सा बन सकती है.सूजी से बनने वाले 5 झटपट और टेस्टी ब्रेकफास्ट विकल्प1. वेजी सूजी उपमा (Suji Upma)उपमा दक्षिण भारत का एक पारंपरिक और बेहद हल्का नाश्ता है.बनाने का तरीका: सबसे पहले सूजी को सूखा (बिना तेल के) हल्का भून लें. अब एक पैन में आधा चम्मच तेल गरम करके राई, करी पत्ता, हरी मिर्च, बारीक कटा प्याज और अपनी पसंदीदा सब्जियां (जैसे मटर, गाजर, बीन्स) भूनें. इसके बाद पानी और भुनी हुई सूजी डालकर गाढ़ा होने तक पकाएं.फायदा: यह फाइबर, विटामिन्स और कार्बोहाइड्रेट का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है, जो लंबे समय तक आपके पेट को भरा रखता है और असमय होने वाली फूड क्रेविंग को रोकता है.2. इंस्टेंट सूजी चीला (Suji Cheela)यदि आप सुबह के वक्त रोटी-सब्जी बनाने के झंझट से बचना चाहते हैं, तो सूजी का चीला सबसे बेस्ट ऑप्शन है.बनाने का तरीका: सूजी में ताजा दही, थोड़ा सा पानी, कद्दूकस की हुई गाजर, बारीक कटी शिमला मिर्च, प्याज, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक मिलाकर एक गाढ़ा बैटर (घोल) तैयार करें. इसे नॉन-स्टिक तवे पर बिल्कुल कम तेल या घी के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें.फायदा: यह नाश्ता विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और बच्चों के लंच बॉक्स के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है.3. सॉफ्ट सूजी इडली (Suji Idli)पारंपरिक चावल की इडली बनाने में समय लगता है, लेकिन सूजी की इडली मात्र 15 मिनट में तैयार हो जाती है.बनाने का तरीका: सूजी और दही को बराबर मात्रा में मिलाकर 10 मिनट के लिए रख दें. इसके बाद बैटर में थोड़ा पानी और एक चुटकी ईनो (Eno) या बेकिंग सोडा मिलाकर इडली के सांचे में डालकर 10-12 मिनट के लिए स्टीम (भाप में) कर लें. इसे नारियल या पुदीने की हरी चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें.फायदा: भाप में पके होने के कारण यह डिश पूरी तरह ऑयल-फ्री होती है. यह पेट के लिए बेहद हल्की और आसानी से पचने वाली मानी जाती है.4. कलरफुल सूजी उत्तपम (Suji Uttapam)बनाने का तरीका: इसके लिए भी आपको सूजी और दही का गाढ़ा घोल तैयार करना होगा. इस घोल को तवे पर थोड़ा मोटा फैलाएं और ऊपर से बारीक कटे टमाटर, प्याज, शिमला मिर्च और बारीक कटी मिर्च डालकर दबा दें. दोनों तरफ से हल्का तेल लगाकर अच्छे से सेक लें.फायदा: सब्जियों की टॉपिंग के कारण यह डिश दिखने में जितनी आकर्षक लगती है, सेहत के लिहाज से उतनी ही शानदार होती है क्योंकि इससे भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर और मिनरल्स मिलते हैं.5. स्टीम्ड वेज सूजी ढोकला (Suji Dhokla)बनाने का तरीका: सूजी, दही और पानी के घोल में कद्दूकस की हुई गाजर और शिमला मिर्च मिलाएं. इसमें ईनो डालकर थाली या ढोकला मेकर में 15 मिनट के लिए भाप में पकाएं. पकने के बाद इसके ऊपर राई, सफेद तिल और करी पत्ते का हल्का सा तड़का लगाएं.फायदा: यह कम तेल में बनने वाली एक अत्यधिक पौष्टिक और स्पंजी डिश है, जो वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों के लिए सबसे उत्तम ब्रेकफास्ट है.सूजी का नाश्ता बनाते समय इन 4 बातों का जरूर रखें ध्यानसूजी से बने व्यंजनों का अधिकतम स्वास्थ्य लाभ उठाने के लिए कुकिंग के दौरान इन बातों को कभी न भूलें:ड्राई रोस्टिंग (Dry Roasting): सूजी का इस्तेमाल करने से पहले उसे हमेशा कड़ाही में बिना तेल या घी के हल्का सा भून लें. ऐसा करने से डिश का स्वाद और टेक्सचर (बनावट) दोनों काफी बेहतर हो जाते हैं और वह चिपचिपी नहीं बनती.सब्जियों का अधिक उपयोग: सूजी के व्यंजनों को और ज्यादा न्यूट्रिशियस (पौष्टिक) बनाने के लिए उसमें तेल-मसालों की मात्रा कम रखें और अधिक से अधिक मौसमी हरी सब्जियों, पनीर या उबले हुए अंकुरित अनाजों को शामिल करें.सही स्टोरेज: हमेशा अच्छी ब्रांड और पैक्ड सूजी का ही इस्तेमाल करें. सूजी को हमेशा एयर-टाइट कंटेनर में सूखी जगह पर रखें. इस्तेमाल से पहले जांच लें कि उसमें कोई नमी, जाले या कीड़े न हों.सीमित और संतुलित मात्रा: हालांकि सूजी सेहतमंद है, लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. इसलिए इसका सेवन हमेशा सीमित और संतुलित मात्रा में ही करें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:50 pm

क्या बार-बार बाल झड़ना शरीर में जिंक की कमी का है संकेत? जानें बालों के टूटने की असली वजह और इसके मुख्य लक्षण

आज के दौर में बाल झड़ने (Hair Fall) की समस्या एक बेहद आम और गंभीर चिंता बन चुकी है. बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता मानसिक तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण और हॉर्मोनल असंतुलन जैसी कई वजहों से लोग लगातार हेयर फॉल की शिकायत करते हैं. हालांकि, कई बार हम यह भूल जाते हैं कि बालों का बार-बार झड़ना सिर्फ बाहरी कारणों (जैसे शैम्पू या पानी) से नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी अंगों में किसी जरूरी पोषक तत्व की कमी का भी अलार्म हो सकता है. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिंक (Zinc), जिसकी कमी को लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं.बालों की सेहत के लिए क्यों जरूरी है जिंक?जिंक एक अत्यंत आवश्यक मिनरल (Essential Mineral) है, जो हमारे शरीर में बालों की वृद्धि, त्वचा की चमक, घावों को भरने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और कोशिकाओं के विकास में अहम भूमिका निभाता है.हेयर फॉलिकल्स को रखे मजबूत: 'क्लीवलैंड क्लिनिक' (Cleveland Clinic) की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिंक बालों के हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़ों) को स्वस्थ बनाए रखने और नए बालों को उगाने के लिए बेहद जरूरी है.कमजोर होकर टूटते हैं बाल: जब शरीर में जिंक का स्तर गिरने लगता है, तो बालों की जड़ें कमजोर होने लगती हैं और बाल सामान्य से कहीं अधिक तेजी से झड़ने लगते हैं.नोट: हालांकि, सिर्फ बाल झड़ने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आपके शरीर में केवल जिंक की ही कमी है. हेयर फॉल के पीछे अत्यधिक तनाव, थायरॉयड, आयरन (एनीमिया) व विटामिन-डी की कमी और हॉर्मोनल बदलाव भी मुख्य वजह हो सकते हैं.किन्हें होता है जिंक की कमी का सबसे ज्यादा खतरा?शाकाहारी लोग (Vegetarians): चूंकि जिंक के सबसे बड़े स्रोत मुख्य रूप से नॉन-वेज फूड्स में पाए जाते हैं.गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: इस दौरान महिलाओं के शरीर को सामान्य से अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती है.पाचन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज: जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, उनका शरीर भोजन से जिंक को पूरी तरह एब्जॉर्ब (सोख) नहीं पाता.बुजुर्ग व्यक्ति: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में मिनरल्स का अवशोषण कम हो जाता है.जिंक की कमी होने पर शरीर में दिखते हैं ये 6 अन्य लक्षणअगर आपके शरीर में जिंक की पर्याप्त मात्रा नहीं है, तो बाल झड़ने के अलावा आपको नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो सकते हैं:त्वचा पर बार-बार रैशेज, मुंहासे या सूखापन होना.किसी भी चोट या घाव (Wounds) का सामान्य से बहुत देरी से ठीक होना.रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना, जिससे व्यक्ति बार-बार सर्दी-खांसी या संक्रमण की चपेट में आ जाता है.जीभ का स्वाद (Taste) बदलना और सूंघने की क्षमता (Smell) में अचानक कमी आना.भूख बेहद कम लगना और हर वक्त थकान महसूस होना.बच्चों में शारीरिक वृद्धि, लंबाई और मानसिक विकास का रुक जाना या धीमा होना.जिंक की कमी को प्राकृतिक रूप से कैसे करें पूरा?नॉन-वेजिटेरियन लोगों के लिए सबसे बेस्ट सोर्स:यदि आप मांसाहारी हैं, तो अपनी डाइट में रेड मीट, अंडे और सी-फूड्स (विशेषकर ऑयस्टर और मछलियां) शामिल करें. इसके अलावा दूध, पनीर और दही जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स भी जिंक के बेहतरीन स्रोत हैं.शाकाहारी (Vegetarian) लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प:शाकाहारी लोग अपने भोजन में निम्नलिखित चीजों को शामिल करके जिंक की दैनिक जरूरत को आसानी से पूरा कर सकते हैं:दालें और फलियां: अरहर, मूंग, उड़द की दाल, छोले, राजमा और काले चने.नट्स और सीड्स: कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), तिल, अलसी के बीज, काजू और बादाम.साबुत अनाज: ओट्स, बाजरा, भूरा चावल (Brown Rice) और पूरी कनक का आटा.डॉक्टर की सलाह है बेहद जरूरीयदि आपको लंबे समय से गंभीर हेयर फॉल हो रहा है और शरीर में ऊपर दिए गए लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें. डॉक्टर एक साधारण ब्लड टेस्ट के जरिए शरीर में जिंक के स्तर की जांच करेंगे. यदि जांच में जिंक की गंभीर कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर की देखरेख में ही जिंक सप्लीमेंट्स (Zinc Supplements) का कोर्स शुरू करें. ध्यान रहे, बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से जिंक की गोलियां खाना सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि शरीर में जिंक की अत्यधिक मात्रा भी अन्य मिनरल्स के संतुलन को बिगाड़ सकती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:49 pm

गुजरात: जूनागढ़ में खड़े ट्रक से टकराई कार, एक ही परिवार के चार लोगों की मौत; चार घायल

गुजरात के जूनागढ़ जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। हादसा माजेवड़ी गांव के पास फोरलेन सड़क पर उस समय हुआ, जब परिवार की अर्टिगा कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई।

देशबन्धु 11 Jul 2026 3:45 pm

जयपुर में खौफनाक वारदात: सिर्फ मां ही नहीं, पिता की हत्या में भी आयुषी का हाथ? मामा ने लगाए गंभीर आरोप

जयपुर की इस चर्चित हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को दहलाकर रख दिया है। अब तक सामने आए तथ्यों के बाद अब इस मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। आरोपी आयुषी के मामा ने अब जो खुलासा किया है, उसने पुलिस और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। मामा का आरोप है कि आयुषी ने अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने और नौकरी पाने की हवस में न केवल अपनी मां, बल्कि अपने पिता की भी बेरहमी से जान ली थी। यह दावा परिवार की नींव को हिला देने वाला है, जिसने अब इस पूरे केस को एक नए नजरिए से देखने पर मजबूर कर दिया है।नौकरी और जिद बनी मौत की वजह?मामा का दावा है कि आयुषी का अपने माता-पिता के साथ विवाद काफी समय से चल रहा था, जिसका मुख्य कारण उसकी नौकरी और जीवनशैली से जुड़ी जिद थी। आरोपों के मुताबिक, आयुषी ने घर की सुख-शांति को अपनी राह का कांटा समझ लिया था। मामा ने मीडिया के सामने बयान देते हुए कहा कि आयुषी ने जिस तरह से इस पूरी वारदात की साजिश रची, वह यह साबित करती है कि वह किसी भी हद तक जाने को तैयार थी। माता-पिता की हत्या के बाद जिस तरह से उसने सबूत मिटाने की कोशिश की, उससे उसकी क्रूरता का साफ पता चलता है। यह घटना अब एक पारिवारिक विवाद से कहीं ज्यादा, एक सोची-समझी हत्या की साजिश की ओर इशारा कर रही है।मामा के खुलासे से पुलिस की जांच में बड़ी चुनौतीआयुषी के मामा के इस बयान के बाद अब पुलिस के सामने भी चुनौती बढ़ गई है। क्या वाकई इस हत्याकांड की पटकथा पहले ही लिख ली गई थी? क्या यह एक दोहरा हत्याकांड था जिसे आयुषी ने अंजाम दिया? पुलिस अब इन नए आरोपों की गहराई से जांच कर रही है और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त कौन-कौन वहां मौजूद था। इस मामले ने जयपुर में सनसनी फैला दी है और लोग अब कानून से जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। आयुषी का यह 'डार्क साइड' सामने आने के बाद हर कोई स्तब्ध है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:22 pm

राजस्थान में प्रशासनिक फेरबदल: PWD और वन विभाग में बड़े स्तर पर तबादले, ACE से लेकर रेंज अधिकारियों तक बदले गए

राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक दक्षता को गति देने के लिए एक बड़े पैमाने पर तबादला सूची जारी की है। इस फेरबदल के दायरे में पीडब्ल्यूडी (PWD) और वन विभाग के कई आला अधिकारी शामिल हैं। राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं और वन संरक्षण कार्यों में नई ऊर्जा भरने के उद्देश्य से ACE (एडिशनल चीफ इंजीनियर) स्तर से लेकर रेंज अधिकारियों तक के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। अचानक हुए इन तबादलों से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।PWD में बड़े प्रशासनिक बदलावपीडब्ल्यूडी विभाग में किए गए इन बदलावों को राज्य की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए अहम माना जा रहा है। सरकार ने ACE स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं ताकि राज्य भर में चल रहे सड़क निर्माण और रखरखाव के काम में तेजी लाई जा सके। विभाग के जानकारों का मानना है कि निर्माण कार्यों में देरी और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के लिए यह प्रशासनिक कसावट बेहद जरूरी थी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अपनी नई पदस्थापना पर ज्वाइन करें और लंबित परियोजनाओं की समीक्षा करें।वन विभाग में भी व्यापक फेरबदलउधर, वन विभाग में भी बड़े पैमाने पर रेंज अधिकारियों और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर तैनात कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। वन्यजीव संरक्षण, अवैध खनन पर रोक और वनों के बेहतर प्रबंधन के लिए यह प्रशासनिक बदलाव काफी मायने रखता है। विशेषकर उन जिलों में अधिकारियों को बदला गया है जहां वन संसाधनों की सुरक्षा को लेकर चुनौतियां बनी हुई थीं। विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए सरकार की ओर से यह एक बड़ी कवायद देखी जा रही है।तबादलों का असर और आगे की राहप्रशासनिक जानकारों का कहना है कि आगामी मानसून सत्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन को देखते हुए यह तबादला सूची बहुत सोच-समझकर तैयार की गई है। ACE से लेकर नीचे के अधिकारियों के स्तर पर बदलाव से कामकाज में नई गति आने की उम्मीद है। वहीं, जिन अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, उनके सामने अब नई चुनौतियों के साथ-साथ विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का दबाव भी होगा। राज्य भर के कर्मचारियों और अधिकारियों में अब इन तबादलों के बाद नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:20 pm

किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा खुलासा: ED की कार्रवाई के बाद भी कैसे मिला 20 करोड़ का बजरी खनन ठेका? CM को लिखा पत्र

राजस्थान की राजनीति और प्रशासन के गलियारों में एक बार फिर बजरी खनन का मुद्दा गरमा गया है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, जिसने प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। मंत्री का आरोप है कि जिस कंपनी की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अटैच की गई है, उसे आखिर 20 करोड़ रुपये का बड़ा बजरी खनन ठेका कैसे आवंटित कर दिया गया? यह मामला न केवल वित्तीय अनियमितता की ओर इशारा करता है, बल्कि सरकारी टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर रहा है।नियमों की अनदेखी या मिलीभगत का खेल?मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपने पत्र में साफ तौर पर कहा है कि यदि किसी कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप हैं और उसकी संपत्ति ED की निगरानी में है, तो सरकारी नियमों के अनुसार उसे किसी भी नए ठेके में भाग लेने या उसे हासिल करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद, खनन विभाग द्वारा इस कंपनी को ठेका दिया जाना किसी बड़ी मिलीभगत या उच्च-स्तरीय लापरवाही का संकेत है। मंत्री ने मांग की है कि इस पूरे आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि आखिर किन अधिकारियों की मिलीभगत से यह ठेका आवंटित हुआ।मुख्यमंत्री के सामने बड़ी चुनौती, जांच की मांगइस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद अब मुख्यमंत्री कार्यालय पर दबाव बढ़ गया है। 20 करोड़ रुपये का यह मामला राजस्थान के खनन सेक्टर में चल रहे बड़े खेल की केवल एक बानगी माना जा रहा है। किरोड़ी लाल मीणा ने अपने पत्र के माध्यम से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से इस ठेके को रद्द किया जाए और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। इस मामले ने विपक्ष को भी एक बड़ा मुद्दा दे दिया है, जिससे सरकार के लिए आने वाले दिनों में मुश्किल खड़ी हो सकती है। लोग अब यह जानने के उत्सुक हैं कि क्या सरकार वास्तव में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी या यह मामला केवल फाइलों में दबकर रह जाएगा।प्रशासनिक सतर्कता पर सवालखनन जैसे संवेदनशील क्षेत्र में जहां सरकारी राजस्व का बड़ा हिस्सा दांव पर होता है, वहां ED जैसी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई को नजरअंदाज करना कई संदेह पैदा करता है। जानकारों का कहना है कि टेंडर जारी करने से पहले कंपनी की वित्तीय साख और बैकग्राउंड चेक अनिवार्य होता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अधिकारियों ने जानबूझकर यह जानकारी छुपाई या सिस्टम में इतनी बड़ी खामी है। किरोड़ी लाल मीणा की इस पहल ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी छवि को मजबूत किया है, और अब सभी की निगाहें सीएम की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:19 pm

बहुमत के बावजूद बीजेपी के हाथ से कैसे फिसली मेयर की कुर्सी? किसने बिछाया ये मास्टरस्ट्रोक

पंजाब के अबोहर की राजनीति में एक बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। नगर निगम चुनाव के नतीजों में बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत थी और बहुमत का आंकड़ा भी उनके पक्ष में दिख रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर मेयर की कुर्सी का समीकरण पूरी तरह बदल गया। बीजेपी के हाथ से जीत की बाजी कैसे फिसल गई और किसे मिली इस उलटफेर की चाबी, यह सवाल अब अबोहर के हर गली-चौराहे पर चर्चा का विषय बना हुआ है। किसी को उम्मीद नहीं थी कि जीत की दहलीज पर खड़ी बीजेपी को इतनी बुरी तरह पटखनी मिलेगी।गणित और राजनीति: कहाँ चूकी बीजेपी?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अबोहर में बीजेपी की हार का मुख्य कारण पार्टी के भीतर की आपसी गुटबाजी और आखिरी समय पर बदली गई सियासी बिसात रही। मेयर का चुनाव केवल आंकड़ों का खेल नहीं होता, बल्कि इसमें जोड़-तोड़ और रणनीति की अहम भूमिका होती है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के कुछ असंतुष्ट पार्षदों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिससे पूरा चुनावी समीकरण उलट गया। बहुमत होने के बावजूद पार्टी अपने पार्षदों को एकजुट रखने में विफल रही, जिसका सीधा फायदा विपक्ष को मिला। विपक्ष ने इस मौके को भुनाते हुए एक ऐसा गठबंधन तैयार किया जिसने बीजेपी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।कौन बना बीजेपी की हार का कारण?इस हार के पीछे अब विपक्ष की सक्रियता और रणनीतिक तालमेल को मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, विपक्ष ने पर्दे के पीछे से एक ऐसी रणनीति तैयार की थी, जिसके बारे में बीजेपी के रणनीतिकार अंत तक बेखबर रहे। जैसे ही मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, विपक्ष ने अपने सारे पत्ते खोल दिए और बीजेपी के लिए संभलने का मौका ही नहीं छोड़ा। यह पटखनी इतनी जोरदार थी कि पार्टी के स्थानीय नेतृत्व को भी समझ नहीं आया कि स्थिति इतनी जल्दी कैसे बदल गई। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह हार बीजेपी के लिए भविष्य का बड़ा सबक साबित होगी या आने वाले समय में अबोहर की राजनीति में कोई बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।क्या अबोहर में बदलेगी सत्ता की दिशा?मेयर की कुर्सी गंवाने के बाद अब बीजेपी के लिए अपना खोया हुआ जनाधार वापस पाना एक बड़ी चुनौती बन गई है। वहीं दूसरी तरफ, इस उलटफेर से उत्साहित विपक्ष अब अपनी पकड़ और मजबूत करने में जुट गया है। अबोहर की जनता के लिए यह घटना किसी सियासी ड्रामे से कम नहीं है, जहां चुनाव के नतीजे आने के बाद भी कुर्सी किसी और के हाथ में चली गई। प्रशासनिक गलियारों में भी इस बात की चर्चा है कि इस हार के बाद अब बीजेपी के स्थानीय संगठन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी इस हार का बदला कैसे लेती है और विपक्ष इस नई मिली हुई ताकत को कैसे संभालता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:17 pm

अमृतसर में दिनदहाड़े सनसनी: पुरानी रंजिश में घर के बाहर बुलाकर युवक की हत्या, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम

पंजाब के अमृतसर में एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के एक रिहायशी इलाके में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने बेहद शातिर तरीके से युवक को उसके घर के बाहर बुलाया और फिर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। मौके पर ही युवक ने दम तोड़ दिया। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था, जिसकी मौत के बाद से पूरे इलाके में मातम और डर का माहौल व्याप्त है।कैसे रची गई खौफनाक साजिश?प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, युवक को किसी ने फोन करके घर से बाहर बुलाया था। जैसे ही वह घर के मुख्य द्वार पर पहुंचा, पहले से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया और बिना किसी बहस के उस पर फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर जब तक परिजन और पड़ोसी बाहर आए, तब तक हमलावर हथियारों के साथ मौके से फरार हो गए। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे कोई पुरानी निजी दुश्मनी है, जिसे लेकर आरोपी काफी समय से मौके की तलाश में थे।इकलौते बेटे की मौत से बिखर गया परिवारइस हृदयविदारक घटना में जान गंवाने वाला युवक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। घर के चिराग के बुझ जाने से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी से भी ऐसी दुश्मनी का अंदाजा नहीं था जो इतनी बड़ी कीमत पर खत्म होगी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। इलाके के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि सरेआम घर के बाहर इस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस की जांच और सुरक्षा पर उठते सवालअमृतसर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। फिलहाल पुलिस पुरानी रंजिश के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश में है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिसके चलते लोग अब सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे कर दिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:15 pm

पंजाब कांग्रेस में फिर गरमाया 'चेहरा' बनने का खेल: आखिर क्यों चन्नी की नजरें अध्यक्ष पद पर

पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी उठापटक एक बार फिर से दिलचस्प मोड़ पर आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर पार्टी के भीतर सुगबुगाहट तेज है और सबसे बड़ा नाम जो चर्चाओं के केंद्र में है, वह है पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। सूत्रों की मानें तो चन्नी एक बार फिर पंजाब की सियासत में 'सुपर एक्टिव' मोड में हैं। चर्चा यह है कि वे कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस पुराने 'विक्ट्री फॉर्मूले' को अपनाना चाहते हैं, जिसने उन्हें राज्य की राजनीति में निर्विवाद नेता के रूप में स्थापित किया था।कैप्टन वाले फॉर्मूले पर चन्नी की चालराजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरदार चर्चा है कि चन्नी किस तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस दौर के फॉर्मूले को दोहराने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें 'एक चेहरा, एक कमान' का मंत्र काम करता था। चन्नी बखूबी समझते हैं कि पंजाब की राजनीति में जातीय समीकरण और 'कॉमन मैन' वाली छवि का बड़ा असर पड़ता है। वे प्रदेश अध्यक्ष बनकर पार्टी के भीतर अपनी पकड़ को दोबारा मजबूत करना चाहते हैं ताकि आने वाले चुनावों में वे खुद को मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार के रूप में प्रोजेक्ट कर सकें। पार्टी कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर के नेताओं के बीच अपनी पैठ बनाने के लिए चन्नी सक्रिय रूप से उन तमाम दांव-पेंचों का उपयोग कर रहे हैं जो कभी कैप्टन के लिए तुरुप का इक्का साबित हुए थे।अध्यक्ष पद क्यों है चन्नी की पहली प्राथमिकता?अध्यक्ष पद की दौड़ में चन्नी का नाम आगे आने के पीछे कई सियासी रणनीतियां छिपी हैं। पहला, प्रदेश अध्यक्ष के हाथ में संगठन की पूरी ताकत होती है, जिससे टिकट वितरण और जिलों में अपने वफादार नेताओं को तैनात करने की शक्ति मिलती है। चन्नी जानते हैं कि अगर वे संगठन की चाबी अपने पास रखते हैं, तो वे पार्टी के भीतर किसी भी चुनौती को आसानी से बेअसर कर पाएंगे। दूसरी तरफ, उनका उद्देश्य कांग्रेस को दलित और आम वोट बैंक के बीच एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश करना है। चन्नी के इस कदम ने पंजाब कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि अगर चन्नी सफल होते हैं, तो पार्टी का पूरा पावर सेंटर बदल सकता है।क्या चन्नी की महत्वाकांक्षा कांग्रेस में नया संकट लाएगी?हालांकि, चन्नी का यह कदम पार्टी के लिए फायदे का सौदा साबित होगा या फिर से किसी बड़े गुटबाजी का कारण बनेगा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा। प्रदेश में कांग्रेस पहले से ही आपसी खींचतान से जूझ रही है। ऐसे में चन्नी का अध्यक्ष बनने का सपना पार्टी आलाकमान के लिए एक सिरदर्द बन सकता है। एक तरफ जहाँ वे अपनी साख बचाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कैप्टन के पुराने 'पावर फॉर्मूले' को अपनाना उनके लिए जोखिम भरा भी हो सकता है। क्या चन्नी का यह दांव उन्हें फिर से 'किंग' बनाएगा या यह महज एक सियासी छलावा है? पंजाब की जनता और कांग्रेस के कार्यकर्ता अब इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि पार्टी हाईकमान किसके नाम पर मुहर लगाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:13 pm

झारखंड की नई छवि: 'सिर्फ खनिज नहीं, हमारी असली ताकत प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति', बोले मंत्री सुदिव्य कुमार

झारखंड को अब तक देश में केवल 'खनिज संपदा' के हब के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन अब राज्य सरकार इस धारणा को बदलने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। हाल ही में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार ने झारखंड की पहचान को लेकर एक नया दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने कहा कि झारखंड केवल कोयला, लोहा और अन्य खनिजों की धरती नहीं है, बल्कि यहां की नैसर्गिक सुंदरता, घने जंगल, जलप्रपात और समृद्ध जनजातीय संस्कृति ही राज्य की असली विरासत और पहचान है।पर्यटन बनेगा झारखंड की नई अर्थव्यवस्था का आधारमंत्री सुदिव्य कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के विकास के लिए अब 'खनिज आधारित' अर्थव्यवस्था से हटकर 'पर्यटन आधारित' अर्थव्यवस्था की ओर रुख करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड के पास बेतहाशा प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनका सही तरीके से प्रचार-प्रसार और बुनियादी ढांचा विकसित करके दुनिया के मानचित्र पर राज्य को एक प्रमुख टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इको-टूरिज्म और रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां बना रही है, जिससे न केवल राज्य का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को सहेजने का संकल्पअपने संबोधन के दौरान मंत्री ने झारखंड की कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा ऐसी होनी चाहिए जिसमें आधुनिकता तो हो, लेकिन अपनी जड़ों और प्राकृतिक धरोहरों के साथ समझौता न हो। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि वे अपनी प्राकृतिक संपदाओं को सुरक्षित रखें और राज्य को एक 'ग्रीन और क्लीन' डेस्टिनेशन बनाने में सरकार का सहयोग करें। मंत्री के इस बयान को राज्य की नई ब्रांडिंग और मार्केटिंग रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य झारखंड को खनिज के बाहर एक सकारात्मक और खूबसूरत छवि देना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:12 pm

झारखंड में मौसम का बिगड़ा मिजाज: अगले 72 घंटे भारी, रांची-बोकारो समेत कई जिलों में अलर्ट, 65 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

झारखंड के निवासियों के लिए मौसम विभाग ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य में आज से अगले तीन दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहेगा। मॉनसूनी सक्रियता के चलते राज्य के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने रांची, बोकारो सहित प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।इन जिलों पर मंडरा रहा खतरा, 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवामौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो सामान्य से काफी अधिक है। भारी बारिश के साथ चलने वाली ये तेज हवाएं कच्चे घरों और पेड़-पौधों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। मुख्य रूप से रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़ और सिमडेगा जैसे जिलों में मौसम का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली कड़कने के साथ-साथ कई इलाकों में वज्रपात की भी पूरी आशंका है, जिसे लेकर ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।प्रशासन ने जारी की एडवायजरी, लोगों से की सावधानी की अपीललगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बारिश के दौरान पेड़ के नीचे या पुराने जर्जर भवनों के आसपास खड़े न हों। साथ ही, किसानों को अपने खेतों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा करने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि यदि बहुत जरूरी न हो, तो अगले तीन दिनों तक लंबी दूरी की यात्रा टाल दें। खराब मौसम के कारण यातायात बाधित होने की भी संभावना बनी हुई है, इसलिए सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाएं।बिजली और बुनियादी सेवाओं पर पड़ सकता है असरमौसम की इस मार का सीधा असर राज्य की बुनियादी सेवाओं, विशेषकर बिजली आपूर्ति पर पड़ने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभों के गिरने और तारों के टूटने की घटनाएं हो सकती हैं, जिससे कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहने की आशंका है। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। आपको सलाह दी जाती है कि अपने मोबाइल फोन चार्ज रखें और आपातकालीन नंबरों को अपने पास नोट कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:10 pm

झारखंड की राजनीति में हलचल: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने लौटाई सुरक्षा और सरकारी गाड़ी, क्या है इस्तीफे के पीछे की असल सच्चाई

झारखंड की सियासत में इन दिनों गहमागहमी का माहौल है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के एक के बाद एक फैसलों ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। पहले सुरक्षाकर्मियों को हटाना और अब सरकारी गाड़ी का उपयोग बंद कर निजी वाहन में सफर करना, राज्य के सियासी दिग्गजों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। आम लोगों और विपक्षी दलों के बीच अब एक ही सवाल तैर रहा है—क्या वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर सरकार से नाराज हैं और क्या वे जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं?विवाद की जड़: पुलिस मुख्यालय से तनातनीसूत्रों के मुताबिक, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब वित्त मंत्री ने अपनी सुरक्षा में तैनात 16 जवानों के लिए अतिरिक्त संसाधनों की मांग की थी। मंत्री का तर्क था कि वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था और सीमित वाहनों में जवानों का चलना अव्यावहारिक है। हालांकि, पुलिस मुख्यालय की ओर से उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया और उलटे एक मौजूदा सरकारी वाहन को वापस करने का नोटिस थमा दिया गया। इस घटनाक्रम से आहत होकर वित्त मंत्री ने अपनी पूरी सुरक्षा और सभी सरकारी वाहनों को वापस करने का कठोर फैसला लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें अपनी सुरक्षा से ज्यादा ईश्वर पर भरोसा है।क्या इस्तीफा देने वाले हैं राधाकृष्ण किशोर?जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वित्त मंत्री की नाराजगी की खबरें तेज होती जा रही हैं। हाल ही में उन्हें अपनी सरकारी गाड़ी छोड़कर निजी वाहन का इस्तेमाल करते हुए देखा गया, जिससे यह चर्चा और प्रबल हो गई है कि सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हालांकि, मंत्री ने स्वयं मीडिया के सामने आकर ऐसी खबरों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि वे नाराज नहीं हैं। बावजूद इसके, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी महकमे के साथ उनका यह व्यवहार भविष्य में किसी बड़े प्रशासनिक या राजनीतिक बदलाव का संकेत हो सकता है।पार्टी और प्रशासन में सन्नाटावित्त मंत्री जैसे वरिष्ठ पद पर बैठे नेता का इस तरह से सरकारी सुविधाओं का त्याग करना हेमंत सरकार के लिए भी चुनौती बना हुआ है। पार्टी आलाकमान की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें मंत्री के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे इसे एक वैचारिक विरोध के रूप में जारी रखेंगे या जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:08 pm

अंबाला रिंग रोड प्रोजेक्ट: 90% काम पूरा, अब यूपी-पंजाब और हिमाचल का सफर होगा सुपरफास्ट; PM मोदी करेंगे शुभारंभ

हरियाणा के अंबाला में यातायात की तस्वीर बदलने वाली है। बहुप्रतीक्षित अंबाला रिंग रोड का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है, जिसका 90 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह प्रोजेक्ट न केवल स्थानीय लोगों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि पड़ोसी राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए भी कनेक्टिविटी का नया आयाम खोलेगा। इस रिंग रोड के शुरू होने से न केवल शहर को जाम से बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख रूटों के साथ इसका जुड़ाव सफर को बेहद आसान बना देगा।पांच नेशनल हाईवे का एक जंक्शन, बदलेगी कनेक्टिविटीअंबाला रिंग रोड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पांच महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे को आपस में जोड़ेगा। इस रोड के चालू होते ही पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच आवाजाही करने वाले भारी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे अंबाला शहर में लगने वाले जाम से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। यह रिंग रोड रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे, अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे और अन्य प्रमुख मार्गों को एक साथ जोड़ता है, जिससे माल ढुलाई और लंबी दूरी की यात्रा का समय घंटों कम हो जाएगा।विकास की नई गति, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटनप्रोजेक्ट की गति को देखते हुए अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अंतिम 10 प्रतिशत का कार्य भी युद्धस्तर पर पूरा किया जा रहा है। इस विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह है। जानकारी के अनुसार, निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस रिंग रोड का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस उद्घाटन के साथ ही हरियाणा के विकास मानचित्र पर अंबाला एक बड़े लॉजिस्टिक और ट्रांजिट हब के रूप में उभरेगा, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र के औद्योगिक और व्यापारिक विकास पर पड़ेगा।स्थानीय जनता और यात्रियों के लिए बड़ा राहत का पैगामरिंग रोड के निर्माण से यात्रा के समय में भारी कटौती होने की उम्मीद है। अभी तक अंबाला से गुजरने वाले यात्रियों को शहर के भीतर के कंजेशन से जूझना पड़ता था, लेकिन रिंग रोड के चालू होते ही वे आउटर रिंग से सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे। इसके साथ ही, बेहतर सड़क नेटवर्क से सड़क हादसों में कमी आने और ईंधन की बचत होने की भी पूरी संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर इसे पूरा करने की समय सीमा तय कर दी गई है और विभाग अंतिम फिनिशिंग का काम तेजी से निपटा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 3:06 pm

Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे

Trip To London: जब भी पर्यटन के लिए विदेश जाएं तो भारतीय रुपए में मूल्य आंकना मुसीबत खड़ी करेगा। वजह साफ है कि विश्व की अधिकांश लेन-देन की मुद्रा का मूल्य रुपए से कई गुना ज्यादा है। प्रमुख तौर पर डॉलर 95 रुपए का, पाउंड 130 रुपए का, यूरो 111 का, ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 2:40 pm

शुगर, बीपी समेत कई बीमारियों के लिए रामबाण है जामुन की गुठली, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

गर्मियों और मॉनसून के मौसम में आने वाला रसीला फल जामुन (Jamun Fruit) स्वाद में जितना बेहतरीन होता है, सेहत के लिए भी उतना ही गुणकारी माना जाता है। अक्सर लोग जामुन खाने के बाद उसकी गुठलियों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, आप जिसे कचरा समझ रहे हैं, वह वास्तव में सेहत का एक ऐसा अनमोल खजाना है जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और पेट की पुरानी से पुरानी बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है। जामुन की गुठली (Jamun Seed Powder) का सही तरीके से इस्तेमाल शरीर के लिए किसी जादुई बूस्टर से कम नहीं है, जिसके स्वास्थ्य लाभ आपको पूरी तरह हैरान कर देंगे।डायबिटीज के मरीजों के लिए प्राकृतिक इंसुलिन: कैसे कंट्रोल होता है ब्लड शुगर?डायबिटीज (Type-2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों के लिए जामुन की गुठली किसी दिव्य औषधि से कम नहीं है। इसमें 'जंबोलिन' (Jamboline) और 'जंबोसिन' (Jambosine) नामक दो बेहद खास तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर के भीतर स्टार्च को शुगर में बदलने की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं, जिससे भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाला ब्लड शुगर लेवल पूरी तरह नियंत्रित रहता है। इसके साथ ही, जामुन की गुठली का पाउडर अग्न्याशय (Pancreas) की कोशिकाओं को सक्रिय करता है, जिससे प्राकृतिक रूप से इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है। डॉक्टर भी मानते हैं कि सुबह खाली पेट इसके चूर्ण का सेवन करने से इंसुलिन पर निर्भरता काफी हद तक कम हो सकती है।हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों को रखेगा कोसों दूर: धमनियों की करेगा सफाईसिर्फ शुगर ही नहीं, बल्कि हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) और दिल के मरीजों के लिए भी जामुन की गुठली का सेवन बेहद फायदेमंद साबित होता है। इस गुठली में 'एलाजिक एसिड' (Ellagic Acid) नामक एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो रक्त वाहिकाओं यानी धमनियों को चौड़ा करने और उनके लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से धमनियों में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) जमा नहीं हो पाता और ब्लड सर्कुलेशन सुचारू रूप से चलता है, जिससे हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी जानलेवा बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है।आयुर्वेदाचार्यों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का बड़ा दावा: जामुन की गुठली में प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। यह पेट से जुड़ी गंभीर समस्याओं जैसे क्रोनिक अपच, गैस, एसिडिटी और कब्ज को ठीक करने में रामबाण है। यह शरीर को अंदर से डिटॉक्सिफाई करती है, जिससे लिवर और किडनी की कार्यक्षमता में सुधार होता है। इसे सुखाकर बनाया गया चूर्ण एक सुरक्षित और पूरी तरह से प्राकृतिक सप्लीमेंट है, जिसे हर उम्र के लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।कैसे तैयार करें और क्या है इस्तेमाल करने का सही तरीका?जामुन की गुठली का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले जामुन खाने के बाद गुठलियों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इन्हें कुछ दिनों तक तेज धूप में पूरी तरह सुखा लें। जब ये सूख जाएं, तो इनका ऊपरी छिलका उतारकर अंदर के हिस्से को मिक्सी में पीसकर बारीक चूर्ण (Jamun Gutli Churn) बना लें। इस चूर्ण को एक कांच के एयरटाइट जार में सुरक्षित रख लें। रोज सुबह खाली पेट एक गिलास हल्के गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच इस चूर्ण का सेवन करें।डिजिटल हेल्थ और आधुनिक एआई सर्च (AI Health Search) के इस दौर में, लखनऊ, दिल्ली, पटना जैसे बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों (Geographical Health Grid) तक के लोग अब एलोपैथिक दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए इन प्राचीन घरेलू नुस्खों और प्राकृतिक हर्बल सप्लीमेंट्स की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। अगर आप भी लंबे समय से शुगर या बीपी की समस्या से परेशान हैं, तो आज ही से जामुन की गुठली को फेंकने के बजाय इसका चूर्ण बनाकर इस्तेमाल करना शुरू करें और एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:34 pm

बुढ़ापे तक 25 की रफ्तार से दौड़ेगा दिल! प्लेट में शामिल करें ये 3 जादुई रंग के फूड, कैंसर और डायबिटीज की भी हो जाएगी छुट्टी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां (Heart Diseases) बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। कम उम्र में ही लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में ही कुछ ऐसे प्राकृतिक सुपरफूड्स मौजूद हैं, जो आपके दिल को बुढ़ापे तक पूरी तरह फिट और जवान रख सकते हैं? हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, तीन खास रंगों— लाल, सफेद और नीले (Red, White and Blue Foods) के खाद्य पदार्थ आपके कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ को मजबूत करने के साथ-साथ कैंसर और डायबिटीज जैसी जानलेवा बीमारियों के खतरे को भी जड़ से खत्म कर सकते हैं।लाल रंग के फूड्स: धमनियों को रखेंगे साफ और ब्लड प्रेशर करेंगे कंट्रोलटमाटर, सेब, अनार, चुकंदर और तरबूज जैसे लाल रंग के खाद्य पदार्थों में 'लाइकोपीन' (Lycopene) और एंथोसायनिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) के स्तर को तेजी से कम करते हैं और धमनियों में ब्लॉकेज होने से रोकते हैं। नियमित रूप से लाल रंग के फलों और सब्जियों का सेवन करने से शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नियंत्रित रहती है। इसके अलावा, ये एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाते हैं, जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।सफेद रंग का जादू: इंसुलिन बढ़ाएगा और डायबिटीज को रखेगा कोसों दूरअक्सर लोग सफेद रंग के खाद्य पदार्थों को सेहत के लिए ठीक नहीं मानते, लेकिन प्रकृति में मिलने वाले प्राकृतिक सफेद फूड्स जैसे लहसुन, प्याज, मूली, मशरूम और फूलगोभी दिल के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। खासकर लहसुन में 'एलिसिन' (Allicin) नामक एक बेहद सक्रिय तत्व पाया जाता है, जो खून को प्राकृतिक रूप से पतला करने का काम करता है और क्लॉटिंग की समस्या से बचाता है। ये सफेद फूड्स शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता को सुधारते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल हमेशा नियंत्रण में रहता है और टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को बहुत बड़ी राहत मिलती है।वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों और डाइटिशियनों का साझा पैनल कहता है: हमारी डाइट सीधे तौर पर हमारे दिल की उम्र तय करती है। यदि कोई व्यक्ति अपने दैनिक आहार में रंग-बिरंगे प्राकृतिक फलों और सब्जियों को शामिल करता है, तो उसे भविष्य में कभी भी महंगे इलाज या कार्डियक सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाल, सफेद और नीले रंग के इन सुपरफूड्स का कॉम्बिनेशन शरीर के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है और मेटाबॉलिज्म को इतना मजबूत बना देता है कि शरीर में क्रोनिक इन्फ्लेमेशन (सूजन) पैदा नहीं हो पाती, जो कि हार्ट अटैक और कैंसर की मुख्य जड़ है।नीले और बैंगनी फूड्स: दिमाग को रखेंगे तेज और कैंसर सेल्स को करेंगे नष्टनीले और बैंगनी रंग के खाद्य पदार्थ जैसे जामुन, ब्लूबेरी, काली मिर्च, बैंगन और काले अंगूर सेहत का खजाना माने जाते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में फ्लेवोनोइड्स पाए जाते हैं, जो दिल की मांसपेशियों को अंदरूनी मजबूती प्रदान करते हैं। वैज्ञानिक शोधों में यह बात साबित हो चुकी है कि नीले रंग के फलों में मौजूद तत्व कैंसर की कोशिकाओं (Cancer Cells) को बढ़ने से रोकते हैं और शरीर के भीतर मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करते हैं। बढ़ती उम्र में याददाश्त कमजोर होने की समस्या और भूलने की बीमारी (Alzheimer's) से बचाने में भी ये नीले फूड्स बेहद कारगर साबित होते हैं।डिजिटल युग और आधुनिक हेल्थ सर्च (AI Search Engines) के दौर में लोग अपनी सेहत को लेकर काफी जागरूक हो रहे हैं। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 कस्बों तक के लोग अब ऑर्गेनिक और कलर-बेस्ड डाइट चार्ट को तेजी से अपना रहे हैं। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि बाजार के पैकेटबंद सप्लीमेंट्स खाने के बजाय प्राकृतिक रूप से मिलने वाले इन तीन रंगों के जादुई फूड्स को अपनी थाली का हिस्सा बनाएं और बुढ़ापे तक एक सेहतमंद व रोगमुक्त जीवन का आनंद लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:32 pm

आषाढ़ विनायक चतुर्थी पर 13 घंटे का महासंयोग! रवि योग में होगी बंपर धन वर्षा, भूलकर भी न करें ये एक बड़ी गलती

सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा का विधान है। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाने वाली आषाढ़ विनायक चतुर्थी (Ashadha Vinayaka Chaturthi 2026) इस बार बेहद खास और चमत्कारी संयोग लेकर आ रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस पावन दिन पर पूरे 13 घंटे के लिए अत्यंत शुभ 'रवि योग' का निर्माण हो रहा है, जो भक्तों की हर मनोकामना पूरी करने और जीवन से आर्थिक तंगी को हमेशा के लिए दूर करने में सक्षम माना जाता है। लेकिन इस महापर्व के साथ एक बेहद कड़ा धार्मिक नियम भी जुड़ा हुआ है, जिसका पालन न करने पर व्यक्ति पर झूठे आरोप और कलंक लग सकता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भूलकर भी चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए। आइए जानते हैं क्या है इसका सही मुहूर्त और पौराणिक महत्व।विनायक चतुर्थी 2026 की सही तारीख और 13 घंटे के रवि योग का समयपंचांग के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत और समापन के समय को ध्यान में रखते हुए इस साल विनायक चतुर्थी व्रत जुलाई 2026 के मध्य में बेहद शुभ संयोगों के बीच रखा जाएगा। इस दिन सुबह से लेकर शाम तक पूरे 13 घंटे के लिए रवि योग (Ravi Yoga) रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में रवि योग को सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर माना गया है, जिसमें किया गया कोई भी निवेश, व्यापारिक सौदा या नया काम शत-प्रतिशत सफलता प्रदान करता है। इस योग में गणपति बप्पा की पूजा करने से कुंडली के सूर्य दोष और मंगल दोष से भी मुक्ति मिलती है।भूलकर भी न करें चंद्र दर्शन, श्रीकृष्ण पर भी लग गया था 'स्यमंतक मणि' की चोरी का कलंकपौराणिक कथाओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन (Chandra Darshan Prohibited) करना पूरी तरह से वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि एक बार भगवान गणेश के स्वरूप को देखकर चंद्र देव ने उनका उपहास उड़ाया था, जिससे क्रोधित होकर गजानन ने उन्हें श्राप दे दिया था कि जो भी इस दिन चंद्रमा को देखेगा, वह समाज में कलंकित हो जाएगा। यही वजह है कि इसे 'कलंक चतुर्थी' के रूप में भी जाना जाता है। द्वापर युग में स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने भी अनजाने में इस दिन चंद्रमा को देख लिया था, जिसके कारण उन पर 'स्यमंतक मणि' चुराने का झूठा आरोप लगा था। यदि अनजाने में आपसे चांद दिख जाए, तो तुरंत दोष निवारण मंत्र का जाप करना चाहिए।देश के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों का बड़ा परामर्श: विनायक चतुर्थी के दिन दोपहर के समय श्री गणेश की पूजा का सबसे श्रेष्ठ विधान है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को सुबह स्नान के बाद 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए और बप्पा को दूर्वा, मोदक व लाल चंदन अर्पित करना चाहिए। रवि योग होने के कारण इस दिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य देना भी सोया हुआ भाग्य जगाने जैसा फल प्रदान करेगा। रात्रि के समय जब चंद्रमा उदय हो, तो अपनी नजरें नीचे रखें और मानसिक रूप से भगवान गणेश से क्षमा याचना करें।स्थानीय स्तर पर उत्तर भारत और यूपी के मंदिरों में विशेष तैयारियांजियोपॉलिटिकल और स्थानीय सांस्कृतिक (Geographical Traditional Grid) नजरिए से देखें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, वाराणसी, कानपुर और दिल्ली-एनसीआर (Local Region) समेत पूरे उत्तर भारत के सिद्धपीठ गणेश मंदिरों में आषाढ़ विनायक चतुर्थी को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्थानीय बाजारों में बप्पा के प्रिय मोदक, दूर्वा घास और पूजा सामग्री की दुकानें सज गई हैं। डिजिटल और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) के इस दौर में लोग विनायक चतुर्थी की पूजा विधि और चंद्र दर्शन दोष से बचने के उपायों को तेजी से सर्च कर रहे हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से किया गया यह व्रत जीवन के सभी विघ्नों को हर लेता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:30 pm

क्या सावन में ये 6 चीजें सच में खोल देते हैं किस्मत के बंद दरवाजे? घर में लाना कितना लाभकारी, ज्योतिष ने बताया

हिंदू धर्म में सावन (Sawan Month) के महीने को बेहद पवित्र और चमत्कारी माना गया है। यह पूरा महीना देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि सावन के दौरान की गई पूजा-अर्चना से शिव जी अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। इसी कड़ी में ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) और वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी विशेष चीजों का जिक्र किया गया है, जिन्हें सावन के महीने में घर लाने से दरिद्रता दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। बहुत से लोग सवाल पूछते हैं कि क्या वाकई ये चीजें किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकती हैं? आइए देश के जाने-माने ज्योतिषियों से जानते हैं कि वे कौन सी 6 चीजें हैं जिन्हें सावन में घर लाना सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है।1. रुद्राक्ष और गंगाजल: भगवान शिव का साक्षात आशीर्वादज्योतिषियों के अनुसार, सावन के महीने में मूल रुद्राक्ष (Rudraksha) या रुद्राक्ष की माला घर लाना सबसे शुभ होता है। इसे घर के मुख्य कमरे में रखने या धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और मानसिक शांति मिलती है। इसके साथ ही, सावन में पवित्र गंगाजल (Gangajal) घर लाकर पूजा स्थान पर रखना बेहद कल्याणकारी माना गया है। यदि घर में नियमित रूप से गंगाजल का छिड़काव किया जाए, तो वास्तु दोषों से मुक्ति मिलती है और घर में सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ता है।2. चांदी का त्रिशूल और नाग-नागिन का जोड़ा: कालसर्प दोष से मुक्तिभगवान शिव के परम अस्त्र त्रिशूल को शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। सावन के महीने में चांदी का छोटा त्रिशूल (Silver Trishul) खरीदकर मंदिर में स्थापित करने से घर पर आने वाले संकट टल जाते हैं। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में यह भी बताया गया है कि जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु की महादशा चल रही है, उन्हें सावन में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा घर लाकर भगवान शिव को अर्पित करना चाहिए या तिजोरी में रखना चाहिए, इससे धन लाभ के योग बनते हैं।3. भस्म और डमरू: सुख-समृद्धि और मानसिक क्लेश से राहतमहादेव को भस्म (Bhasma) अत्यंत प्रिय है। सावन में शिव मंदिर से भस्म लाकर उसे घर के मंदिर में रखना बेहद चमत्कारी माना जाता है। इसे माथे पर लगाने से भाग्य उदय होता है। इसके साथ ही, डमरू की ध्वनि से घर की समस्त नकारात्मक शक्तियां और बीमारियां दूर भागती हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि सावन में डमरू (Damru) घर लाकर बच्चों के कमरे या पूजा घर में रखने से मानसिक क्लेश खत्म होता है और बच्चों का मन पढ़ाई में एकाग्र होता है।देश के प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्यों का मत: सावन का महीना केवल व्रत और उपवास का नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय ऊर्जा को अपने अनुकूल करने का समय है। ज्योतिष शास्त्र में वर्णित ये 6 चीजें कोई साधारण वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि ये सीधे तौर पर महादेव की ऊर्जा से जुड़ी हैं। इन्हें सही विधि से सावन के किसी भी सोमवार या शुभ मुहूर्त में घर स्थापित करने से घर का आभामंडल (Aura) बदल जाता है, जिससे रुकी हुई तरक्की और आर्थिक तंगी से हमेशा के लिए राहत मिलती है।स्थानीय स्तर पर सावन मेलों और टियर-2, टियर-3 शहरों में खरीदारी का क्रेजजियोपॉलिटिकल और स्थानीय सांस्कृतिक (Geographical Traditional Centers) दृष्टिकोण से देखें तो उत्तर प्रदेश के वाराणसी, मेरठ, लखनऊ और बिहार के पटना व सुल्तानगंज जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के स्थानीय बाजारों में इन पूजा सामग्रियों की मांग तेजी से बढ़ गई है। आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI Search) और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोग लगातार सावन के अचूक उपायों को सर्च कर रहे हैं। स्थानीय पंडितों का कहना है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इन नियमों का पालन करने से सावन में हर भक्त की मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:29 pm

क्या है 108 का महा-रहस्य? जानिए आखिर जाप माला में 108 दाने ही क्यों होते हैं, शास्त्रों में छिपी है ये बड़ी वजह

सनातन धर्म और हिंदू पूजा पद्धति में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व माना गया है। चाहे भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र हो या फिर महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र, किसी भी देवी-देवता की आराधना के लिए जब भक्त माला हाथ में लेते हैं, तो उसमें दानों की संख्या हमेशा 108 (108 Beads in Mala) ही होती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह संख्या न कम होती है और न ज्यादा? आखिर 108 अंक में ऐसा क्या खास है जो इसे इतना पवित्र और अचूक माना गया है? इसके पीछे केवल कोई एक धार्मिक मान्यता नहीं है, बल्कि हमारे पूज्य संतों, ज्योतिषियों और प्राचीन वैज्ञानिकों ने इसके पीछे बेहद गहरा खगोलीय और आध्यात्मिक गणित छिपा रखा है।ज्योतिष और नक्षत्रों का अद्भुत गणित: 108 अंक से जुड़ा है आपका भाग्यभारतीय वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) के अनुसार, संपूर्ण ब्रह्मांड को 27 नक्षत्रों में विभाजित किया गया है। इन 27 नक्षत्रों के चार मुख्य चरण होते हैं, जिन्हें पद कहा जाता है। यदि हम इस खगोलीय व्यवस्था का गणितीय गुणा करें, तो $27 imes 4$ का कुल योग ठीक 108 आता है। इसके अलावा, ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां और 9 मुख्य ग्रह माने गए हैं। जब इन ग्रहों का राशियों के साथ संबंध देखा जाता है, तो $12 imes 9$ का परिणाम भी 108 ही प्राप्त होता है। यही वजह है कि जब कोई श्रद्धालु 108 दानों की माला फेरता है, तो वह अनजाने में ही पूरे ब्रह्मांड के चक्कर लगा लेता है और सभी ग्रहों व नक्षत्रों को अपने अनुकूल कर लेता है।सूर्य और पृथ्वी की दूरी का वैज्ञानिक रहस्य: क्या कहते हैं खगोलविद?प्राचीन भारतीय विज्ञान और आधुनिक खगोल शास्त्र का बड़ा विश्लेषण: जाप माला के 108 दानों का सीधा संबंध हमारे सौरमंडल के राजा सूर्य देव से है। खगोलीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य का व्यास (Diameter) और पृथ्वी से सूर्य की दूरी के बीच का अनुपात लगभग 108 गुना है। ठीक इसी तरह, पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी भी चंद्रमा के व्यास की करीब 108 गुना है। हमारे ऋषियों-मुनियों को हजारों साल पहले इस ब्रह्मांडीय दूरी का सटीक ज्ञान था। इसलिए उन्होंने ईश्वर से जुड़ने के लिए और शरीर चक्रों को जाग्रत करने के लिए 108 की संख्या को सबसे अचूक माध्यम बनाया।हिंदू शास्त्रों के अनुसार, एक स्वस्थ मनुष्य दिन और रात मिलाकर 24 घंटों में कुल 21,600 बार सांस लेता है। इसमें से 12 घंटे सोने और अन्य कार्यों में निकल जाते हैं, बचे 12 घंटों में मनुष्य 10,800 बार सांस लेता है। इसी संख्या के अंतिम दो शून्यों को हटाकर 108 मनकों की माला तैयार की गई है, ताकि भक्त का हर एक जाप उसकी सांसों के साथ सीधे ईश्वर तक पहुंच सके।क्या है माला का 'सुमेरु' और क्यों इसे लांघना माना जाता है वर्जित?यदि आपने कभी ध्यान दिया हो, तो 108 दानों के अलावा माला के शीर्ष पर एक बड़ा दाना अलग से लगा होता है, जिसे 'सुमेरु' (Sumeru Bead) कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, जब भी मंत्रों का जाप किया जाता है, तो सुमेरु को कभी भी लांघा नहीं जाता। 108 मनके पूरे होने के बाद वहीं से माला को पलट लिया जाता है। सुमेरु को ब्रह्मांड के केंद्र और ईश्वर का प्रतीक माना गया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों से लेकर सुदूर ग्रामीण अंचलों के मंदिरों में जब पंडित भक्तों को दीक्षा देते हैं, तो वे इस नियम को सबसे अनिवार्य बताते हैं ताकि आध्यात्मिक ऊर्जा शरीर के भीतर ही संचित रहे। इस अद्भुत व्यवस्था से साफ है कि हमारी सनातनी परंपरा का एक-एक नियम विज्ञान की कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:27 pm

क्या युवाओं का डिग्री से मोहभंग हो गया? पहली बार घटा UG कॉलेजों में एडमिशन; हैरान कर देगी वजह!

भारत में हर साल लाखों युवा कॉलेज लाइफ और एक अदद अदभुत करियर का सपना लेकर ग्रेजुएशन (UG) में एडमिशन लेते हैं। लेकिन हाल ही में आए सरकारी आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण

वेब दुनिया 11 Jul 2026 2:18 pm

मध्य प्रदेश: दतिया में जुलूस, सभा और प्रदर्शन पर रोक, शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 लागू

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन ने दतिया अनुभाग में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-163 लागू कर दी है। यहां जुलूस, सभा और प्रदर्शन आदि पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए प्रशासन की अनुमति आवश्यक होगी।

देशबन्धु 11 Jul 2026 2:15 pm

ओरी ने दिखाई अंशुला की शादी की इनसाइड झलक, पुंगी सॉन्ग पर पूरे कपूर खानदान ने मचाया गदर!

बॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित और चहेते परिवारों में से एक, कपूर खानदान से इस वक्त की बेहद खूबसूरत और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। बोनी कपूर की लाडली और अभिनेता अर्जुन कपूर की सगी बहन अंशुला कपूर (Anshula Kapoor) शादी के पवित्र बंधन में बंध चुकी हैं। इस ग्रैंड वेडिंग की आधिकारिक तस्वीरें आने से पहले ही, बॉलीवुड के मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और सेलेब्रिटीज के चहेते दोस्त ओरी (Orry) ने शादी के जश्न की कुछ ऐसी धमाकेदार इनसाइड तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लीक कर दिए हैं, जिसने इंटरनेट का तापमान बढ़ा दिया है। शादी के संगीत और रिसेप्शन पार्टी में पूरे कपूर खानदान ने ऐसा गदर मचाया है कि उसके वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं।संगीत सेरेमनी में फूटा मनोरंजन का बम: अर्जुन, जान्हवी और खुशी का धमाकेदार डांसअंशुला कपूर की शादी के इस जश्न में बॉलीवुड के तमाम बड़े सितारे और पूरा कपूर परिवार एक छत के नीचे नजर आया। ओरी द्वारा शेयर किए गए इनसाइड वीडियो में शादी की सबसे बड़ी हाइलाइट तब देखने को मिली जब मंच पर 'पुंगी' (Pungi Song) गाना बजा। इस गाने की धुन सुनते ही दूल्हा-दुल्हन के साथ-साथ भाई अर्जुन कपूर, बहनें जान्हवी कपूर, खुशी कपूर और शनाया कपूर ने स्टेज पर मोर्चा संभाल लिया। सभी भाई-बहनों ने मिलकर इस फुट-टैपिंग नंबर पर ऐसा एनर्जेटिक डांस किया कि वहां मौजूद मेहमान भी खुद को झूमने से नहीं रोक पाए। बोनी कपूर भी अपनी बेटी की शादी की खुशी में बेहद भावुक और खुश नजर आए।ओरी के कैमरों में कैद हुईं अनदेखी झलकियां, एथनिक लुक में सजे सितारेबॉलीवुड फैशन और वेडिंग ट्रेंड्स के इनसाइडर एक्सपर्ट्स का बड़ा दावा: अंशुला कपूर की इस शादी ने साल 2026 के नए वेडिंग गोल्स सेट कर दिए हैं। जहां अंशुला अपने ब्राइडल लहंगे में बेहद खूबसूरत और रॉयल लग रही थीं, वहीं जान्हवी और खुशी कपूर के पेस्टल कलर के डिजाइनर लहंगों ने महफिल लूट ली। ओरी ने जिस तरह से इस प्राइवेट फैमिली वेडिंग के मजेदार और अनफिल्टर्ड मोमेंट्स को फैन्स के सामने पेश किया है, उसने इस शादी को गूगल डिस्कवर और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक बना दिया है। कपूर खानदान का यह पारिवारिक जुड़ाव हमेशा फैन्स का दिल जीत लेता है।समारोह के दौरान ओरी को हमेशा की तरह अपने सिग्नेचर पोज में न्यूलीमैरिड कपल और पूरी स्टार कास्ट के साथ तस्वीरें क्लिक कराते हुए देखा गया।स्थानीय स्तर पर बॉलीवुड फैन्स और सोशल मीडिया पर शादी की भारी चर्चाजियोपॉलिटिकल और स्थानीय एंटरटेनमेंट हब्स (Geographical Entertainment Trends) के नजरिए से देखें तो देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों जैसे लखनऊ, इंदौर, पटना, जयपुर और अहमदाबाद के युवाओं के बीच इस हाई-प्रोफाइल शादी को लेकर भारी क्रेज देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया ग्रुप्स पर अंशुला के वेडिंग आउटफिट्स और अर्जुन-जान्हवी के डांस मूव्स की रील्स लगातार शेयर की जा रही हैं। लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस ग्रैंड वेडिंग में कौन-कौन से वीआईपी मेहमान शामिल हुए थे। एआई और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में, ओरी द्वारा लीक की गई इनसाइड वीडियो क्लिप्स ने इस शाही शादी के रोमांच को दोगुना कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:11 pm

इंजीनियरिंग की इस ब्रांच ने काटा गदर! हर 10 में से 4 छात्र ले रहे हैं एडमिशन, कॉलेज एडमिशन में मची भारी होड़

देशभर के तकनीकी शिक्षा संस्थानों और इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस साल एडमिशन का एक बेहद चौंकाने वाला और नया ट्रेंड सामने आया है। कभी कोर ब्रांचेज मानी जाने वाली सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल के दबदबे को पीछे छोड़ते हुए एक खास इंजीनियरिंग स्ट्रीम छात्रों की पहली और सबसे पसंदीदा पसंद बन चुकी है। देश की प्रमुख टेक्निकल यूनिवर्सिटीज और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) से लेकर स्थानीय स्तर के निजी कॉलेजों में होने वाले दाखिलों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो यह साफ हो गया है कि हर 10 में से 4 स्टूडेंट्स केवल इसी एक फील्ड में एडमिशन ले रहे हैं। इस बंपर मांग की वजह से कॉलेजों में इस सीट को पाने के लिए मारामारी और कड़ी प्रतिस्पर्धा का माहौल बन गया है।कंप्यूटर साइंस और एआई (AI) का नया दौर: क्यों दीवाने हो रहे हैं स्टूडेंट्स?तकनीकी विशेषज्ञों और करियर काउंसिलर्स के अनुसार, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (Computer Science Engineering) और इसके आधुनिक स्पेशलाइजेशन जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML) और डेटा साइंस ने इस समय पूरे एजुकेशन मार्केट पर कब्जा कर लिया है। आज के आधुनिक दौर में जिस तेजी से जेनरेटिव एआई और ऑटोमेशन की तकनीक आगे बढ़ रही है, उसे देखते हुए 40 प्रतिशत से अधिक छात्र अपना सुरक्षित भविष्य इसी सेक्टर में देख रहे हैं। यही वजह है कि काउंसलिंग के पहले ही राउंड में कंप्यूटर साइंस की सीटें पूरी तरह से फुल हो जाती हैं।बंपर प्लेसमेंट और हाई-पेइंग सैलरी पैकेज हैं सबसे बड़ा आकर्षणशिक्षा जगत और आईटी इंडस्ट्री के दिग्गजों का मानना है: छात्रों का इस ब्रांच की तरफ झुकाव होना बेहद स्वाभाविक है। वर्तमान ग्लोबल मार्केट में सबसे ज्यादा और हाई-पेइंग नौकरियां आईटी (IT) और टेक कंपनियों में ही निकल रही हैं। दूसरे कोर इंजीनियरिंग क्षेत्रों की तुलना में कंप्यूटर साइंस के फ्रेशर्स को शुरुआती पैकेज काफी शानदार मिलता है। इसके अलावा, वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा और ग्लोबल एक्सपोजर की वजह से भी टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा इसे अपनी पहली प्राथमिकता बना रहे हैं।मांग को देखते हुए कई बड़ी यूनिवर्सिटीज ने अपने यहां ट्रेडिशनल कोर्सेज की सीटें कम करके एआई और डेटा साइंस के नए सेक्शंस शुरू कर दिए हैं।स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और राज्यों की काउंसलिंग पर भी पड़ा गहरा असरजियोपॉलिटिकल और स्थानीय (Geographical Education Hubs) स्तर की बात करें तो उत्तर प्रदेश के एकेटीयू (AKTU), दिल्ली के आईपी यूनिवर्सिटी (IPU), कर्नाटक के कॉमेडके (COMEDK) और महाराष्ट्र के एमएचटी-सीईटी (MHT-CET) जैसे प्रमुख स्टेट काउंसलिंग बोर्ड्स में भी यही ट्रेंड मजबूती से देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लखनऊ, नोएडा, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे टेक-हब्स के आस-पास स्थित कॉलेजों में इस कंप्यूटर साइंस और एआई ब्रांच के कट-ऑफ ऐतिहासिक रूप से ऊंचे चले गए हैं। जानकारों की सलाह है कि छात्रों को केवल भेड़चाल में शामिल होने के बजाय कोडिंग में अपनी वास्तविक रुचि और एप्टीट्यूड को परख कर ही इस कोर या स्पेशलाइज्ड फील्ड का चयन करना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:08 pm

पति की मौत के बाद दूसरी शादी करने पर क्या छिन जाएगी अनुकंपा पर मिली नौकरी? जानिए सरकार और कोर्ट का असली नियम

नौकरीपेशा पति की असामयिक मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के लिए सरकार अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) का प्रावधान करती है। अक्सर देखा जाता है कि कम उम्र में विधवा हुई महिलाएं अपने भविष्य और सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बाद में दूसरा विवाह करने का फैसला लेती हैं। लेकिन दूसरी शादी (Remarriage) के इस फैसले के साथ ही एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा हो जाता है कि क्या पुनर्विवाह करने के बाद मृतक कर्मचारी की पत्नी से अनुकंपा के आधार पर मिली सरकारी नौकरी वापस छीन ली जाएगी? इस विषय पर देश के विभिन्न विभागों के सेवा नियमों (Service Rules) और अदालतों के कई महत्वपूर्ण फैसले आ चुके हैं, जिन्हें हर कामकाजी महिला के लिए जानना बेहद जरूरी है।क्या दूसरी शादी करने से बदल जाता है मृतक कर्मचारी से रिश्ता?कानूनी और प्रशासनिक नियमों के मुताबिक, अनुकंपा नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य कर्मचारी के निधन के तुरंत बाद उसके आश्रित परिवार को भुखमरी और कंगाली से बचाना होता है। यदि मृतक की पत्नी को योग्यता के आधार पर अनुकंपा पर सरकारी नौकरी मिल जाती है, तो वह उस पद पर एक स्वतंत्र सरकारी सेवक (Government Servant) के रूप में कार्य करने लगती है। देश की सर्वोच्च अदालत और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने अपने ऐतिहासिक फैसलों में साफ किया है कि अनुकंपा पर नौकरी मिलने के बाद यदि कोई महिला दूसरी शादी करती है, तो महज इस आधार पर उसकी नौकरी नहीं छीनी जा सकती। अदालत का मानना है कि पुनर्विवाह करने से भी वह महिला अपने दिवंगत पति के बच्चों की मां और उसके बूढ़े माता-पिता की बहू बनी रहती है।सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स का क्या है ऐतिहासिक रुख?कानूनी विशेषज्ञों और सेवा नियमों के जानकारों का कहना है: कई राज्यों के सेवा नियमों और अदालतों के फैसलों में यह स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है कि पुनर्विवाह किसी भी नागरिक का व्यक्तिगत और मौलिक अधिकार है। यदि अनुकंपा नियुक्ति की शर्तों को पूरा करते हुए एक बार नौकरी दे दी गई है, तो दूसरी शादी करने को सेवा शर्तों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता। हालांकि, इसमें एक सबसे महत्वपूर्ण पेंच यह फंसा होता है कि महिला को अपने दिवंगत पति के आश्रितों, जैसे कि उसके बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता का भरण-पोषण करना अनिवार्य होगा। यदि वह ऐसा नहीं करती है, तो परिवार की शिकायत पर विभाग कार्रवाई कर सकता है।केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस) नियमों के तहत भी कुछ विभागों में इसके लिए बेहद स्पष्ट गाइडलाइंस बनाई गई हैं, जो महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करती हैं।स्थानीय स्तर पर राज्यों के नियमों में भिन्नता और आश्रितों की जिम्मेदारीभौगोलिक और क्षेत्रीय (Geographical Rules) दृष्टिकोण से देखें तो भारत के अलग-अलग राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान) के सिविल सेवा अनुकंपा नियुक्ति नियमों में थोड़े-बहुत स्थानीय बदलाव देखने को मिलते हैं। स्थानीय स्तर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों में ऐसे कई मामले सामने आते हैं जहां ससुराल पक्ष द्वारा दूसरी शादी के बाद नौकरी का विरोध किया जाता है। लेकिन कानूनी रूप से यदि महिला अपने पहले पति के बच्चों की जिम्मेदारी सही ढंग से निभा रही है, तो उसकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। डिजिटल और एआई सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में इस विषय पर सही और सटीक कानूनी जानकारी होना आवश्यक है ताकि किसी भी कामकाजी महिला को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित न किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 2:06 pm

जयशंकर से लेकर निर्मला सीतारमण तक...मंत्रियों के बच्चे पढ़ रहे विदेश में! भारत में पेपर लीक का कोहराम, सोशल मीडिया पर फूटा छात्रों का गुस्सा!

भारत में नीट (NEET), पेपर लीक और भर्ती घोटालों से छात्र परेशान हैं, वहीं एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जानिए क्यों मोदी सरकार के बड़े-बड़े मंत्रियों के बच्चे ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड जैसे विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं और इस पर क्या ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 1:40 pm

NDA की बैठक में नीतीश कुमार का भावुक संदेश, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को लेकर दे दिया यह बड़ा संकेत

बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना में आयोजित एनडीए (NDA) की एक हाई-प्रोफाइल और बेहद महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने तमाम सहयोगियों के सामने एक बड़ा और भावुक संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने और उनकी सरकार ने बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों से लड़कर आज बिहार को इस मुकाम तक पहुंचाया है और इसे संवारा है। इस बैठक की सबसे खास बात नीतीश कुमार का वह अंदाज रहा, जिसमें उन्होंने उप-मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को लेकर एक बेहद गहरा राजनीतिक संकेत दे दिया। इस बयान के बाद बिहार के सियासी गलियारों में भविष्य के नेतृत्व को लेकर कयासों का दौर तेज हो गया है।एनडीए बैठक में नीतीश कुमार का 'मिशन बिहार' और एकजुटता का संकल्पबैठक के भीतर मौजूद वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी घटक दलों को एकजुट रहने का मंत्र दिया। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि बिहार को विकास की पटरी पर लाने के लिए एनडीए सरकार ने दिन-रात एक किया है। उनके इस बयान को आगामी चुनावों और गठबंधन के भीतर आंतरिक सामंजस्य मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है। नीतीश कुमार ने सहयोगियों को आश्वस्त किया कि बिहार की प्रगति की रफ्तार को किसी भी कीमत पर रुकने नहीं दिया जाएगा, और इसके लिए सभी दलों को जमीनी स्तर पर मिलकर काम करना होगा।डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की तरफ इशारा: नए सियासी समीकरण की आहट?बिहार की राजनीति के वरिष्ठ विश्लेषकों का मानना है: इस बैठक में नीतीश कुमार ने जिस तरह से सम्राट चौधरी की भूमिका की सराहना की और उनकी तरफ सकारात्मक संकेत किए, वह बिहार एनडीए के भविष्य की राजनीति की एक नई तस्वीर दिखाता है। नीतीश कुमार का यह रुख यह साफ करता है कि गठबंधन के भीतर अब भाजपा और जेडीयू के बीच नेतृत्व और रणनीतियों को लेकर एक बहुत ही परिपक्व और मजबूत समझ बन चुकी है। सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाना भाजपा और जेडीयू के पारंपरिक वोट बैंक को जोड़े रखने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।नीतीश के इस रवैये ने विपक्षी दलों के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें एनडीए के भीतर किसी भी प्रकार की खींचतान की बात कही जा रही थी।स्थानीय स्तर पर बिहार के वोटर्स और जिलों की राजनीति पर क्या होगा असर?इस बड़े संदेश का असर केवल पटना के राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहने वाला है। बिहार के मगध, मिथिलांचल और सीमांचल जैसे स्थानीय क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं में इस बैठक के बाद भारी उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नीतीश-सम्राट की यह जोड़ी अब नए सिरे से जमीन पर उतरने की तैयारी में है। जमीनी कार्यकर्ताओं को संदेश मिल चुका है कि शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एकजुट है, जिससे अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में चल रही सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग और तेज की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:36 pm

एक ही दिन में एक ही एयरलाइन के 2 विमान क्रैश! आसमान में मचा हाहाकार, 10 लोगों की दर्दनाक मौत से दुनिया सन्न

विमानन इतिहास से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरी दुनिया के एविएशन सेक्टर को हिलाकर रख दिया है। एक ही दिन के भीतर एक ही एयरलाइन कंपनी के दो विमान भीषण हादसों का शिकार हो गए हैं। इस दोहरे विमान हादसे (Double Plane Crash) में कम से कम 10 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। एक ही एयरलाइन के साथ लगातार हुए इन दो बड़े हादसों ने यात्रियों की सुरक्षा और विमानों के रखरखाव पर बहुत बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो विमानों ने तोड़ा दम, सुरक्षा तंत्र पर उठे सवालशुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, पहला हादसा उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी के कारण हुआ, जहां विमान अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। अभी राहत और बचाव दल पहले हादसे की जगह पर तफ्तीश कर ही रहा था कि कुछ ही घंटों के भीतर उसी एयरलाइन के दूसरे विमान के भी क्रैश होने की डरावनी खबर आ गई। इस दोहरे झटके से न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान हैं। एक्सपर्ट्स इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि क्या यह किसी गंभीर तकनीकी खराबी का नतीजा था, मौसम की खराबी थी या फिर एयरलाइन प्रबंधन की कोई बड़ी लापरवाही।युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, ब्लैक बॉक्स की तलाश तेजस्थानीय आपदा प्रबंधन और एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है: किसी एक एयरलाइन के दो विमानों का एक ही दिन क्रैश होना बेहद दुर्लभ और खतरनाक घटना है। दोनों दुर्घटना स्थलों पर स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों को युद्ध स्तर पर तैनात किया गया है। मलबे से शवों और घायलों को निकालने का काम जारी है। हमारा पूरा ध्यान अब दोनों विमानों के ब्लैक बॉक्स (Black Box) को ढूंढने पर है, क्योंकि उसी से साफ हो पाएगा कि आसमान में उन आखिरी पलों में वास्तव में क्या हुआ था।हादसे के बाद संबंधित एयरलाइन ने अपनी सभी मौजूदा उड़ानों को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है और यात्रियों की सुरक्षा के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।दुनिया भर के हवाई यात्रियों में खौफ का माहौल, स्थानीय एयरपोर्ट्स पर अलर्टइस भयानक खबर के बाद से दुनिया भर के हवाई यात्रियों और स्थानीय एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। भारत सहित विभिन्न देशों के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां भी इस घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय स्तर पर यात्रा करने वाले कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर इस एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। इस हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों के साथ थोड़ी सी भी अनदेखी कितनी बड़ी इंसानी तबाही का कारण बन सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:34 pm

ऑकलैंड में पीएम मोदी का जलवा! भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए 18 बड़े समझौते, UNSC में मिला महाशक्तिशाली सपोर्ट

प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीति को एक नई और ऐतिहासिक उड़ान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की सफल आधिकारिक यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों को एक अभूतपूर्व ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 18 द्विपक्षीय समझौतों (Bilateral Agreements) पर मुहर लगी है। इसके साथ ही, वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद को स्वीकार करते हुए न्यूजीलैंड ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे को अपना खुला और मजबूत समर्थन दे दिया है। इस यात्रा को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के भू-राजनीतिक समीकरणों को बदलने वाला माना जा रहा है।व्यापार से लेकर तकनीक तक: इन 18 समझौतों से कैसे बदलेगी दोनों देशों की तकदीरभारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए ये 18 समझौते केवल कागजी कार्रवाई नहीं हैं, बल्कि इनमें दोनों देशों के भविष्य का रोडमैप छिपा है। इन समझौतों में मुख्य रूप से मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने, डिजिटल कॉमर्स, कृषि तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क (Direct Flights) को आसान बनाने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। न्यूजीलैंड की अत्याधुनिक डेयरी और कृषि तकनीक का फायदा अब सीधे भारतीय किसानों को मिल सकेगा। वहीं, भारत के तेजी से बढ़ते आईटी और फिनटेक सेक्टर्स के लिए न्यूजीलैंड के बाजार के दरवाजे पूरी तरह से खुल गए हैं।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में न्यूजीलैंड का समर्थन भारत के लिए क्यों है खासअंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विशेषज्ञों का मानना है: UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए न्यूजीलैंड का नया और स्पष्ट सपोर्ट मिलना भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है। चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए न्यूजीलैंड अब भारत को एक अपरिहार्य और मजबूत वैश्विक साझेदार के रूप में देख रहा है। यह समर्थन आने वाले समय में वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज को और अधिक वजनदार बनाएगा।इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर भी गहरी प्रतिबद्धता जताई है।स्थानीय स्तर पर प्रवासियों और छात्रों के लिए खुले सुनहरे अवसरइस ऐतिहासिक यात्रा का एक सबसे बड़ा और व्यावहारिक फायदा न्यूजीलैंड में रह रहे लाखों भारतीय प्रवासियों (Diaspora) और वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों को मिलने वाला है। समझौतों के तहत दोनों देशों ने शिक्षा और वर्क वीजा की प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, भारत के विभिन्न राज्यों से हर साल न्यूजीलैंड जाने वाले पर्यटकों और व्यापारियों के लिए यात्रा के नियमों को लचीला बनाया जाएगा। ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के बीच पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर भारी उत्साह देखा गया, जिसका सीधा सकारात्मक असर भारत में मौजूद उनके पैतृक गांवों और शहरों (Geographical Connect) के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:33 pm

ट्रंप की ईरान को दोटूक चेतावनी! रखी ऐसी कड़ी शर्त कि पूरी दुनिया में मच गई हलचल, होर्मुज पर फंसा पेंच

वैश्विक राजनीति और मिडिल ईस्ट के अशांत माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद आक्रामक और बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में ईरान के सामने एक ऐसी शर्त रख दी है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल तेज कर दी है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी बातचीत या समझौते से पहले तेहरान को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग यानी 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए हमेशा खुला रखने का खुला और आधिकारिक ऐलान करना होगा। ट्रंप के मुताबिक, इस कदम के बिना ईरान की किसी भी बात पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं किया जा सकता।आखिर क्यों पूरी दुनिया के लिए इतना खास है होर्मुज जलडमरूमध्य?रणनीतिक और आर्थिक रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया की 'आर्थिक लाइफलाइन' माना जाता है। वैश्विक स्तर पर कुल तेल व्यापार का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। ईरान अक्सर अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ तनाव बढ़ने पर इस जलमार्ग को बंद करने या व्यापारिक जहाजों को जब्त करने की धमकी देता रहा है। ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि अगर इस रास्ते में थोड़ी सी भी रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छूने लगेंगी, जिसका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा। यही वजह है कि उन्होंने इसे अपनी सबसे पहली और बड़ी शर्त बनाया है।ट्रंप की 'मैक्सिमम प्रेशर' नीति की वापसी और ईरान की घेराबंदीवैश्विक कूटनीति के जानकारों का कहना है: डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान उनकी पुरानी 'मैक्सिमम प्रेशर' (अधिकतम दबाव) वाली रणनीति का हिस्सा है। वह ईरान पर आर्थिक और रणनीतिक रूप से इतना दबाव बना देना चाहते हैं कि उसे बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़े। होर्मुज को खोलने की शर्त रखकर ट्रंप ने न केवल अमेरिकी हितों की रक्षा की है, बल्कि दुनिया के अन्य बड़े तेल आयातक देशों को भी अपने पाले में लाने का दांव खेला है।ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान जब तक अपनी आक्रामक नीतियों और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक प्रतिबंधों में कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए।भारत समेत स्थानीय और वैश्विक बाजारों पर क्या होगा इसका असर?इस पूरे घटनाक्रम पर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों की भी पैनी नजर बनी हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आयात करता है, और ये सभी जहाज होर्मुज के रास्ते से ही भारत के स्थानीय बंदरगाहों तक पहुंचते हैं। अगर ट्रंप के इस दबाव के बाद ईरान झुकता है और होर्मुज जलमार्ग को सुरक्षित घोषित करता है, तो इससे भारत के तेल आयात की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप की इस सीधी चुनौती और कड़ी शर्त पर ईरान के सर्वोच्च नेता और सरकार की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:31 pm

भारत की अभेद्य ढाल, तुर्की के गले की फांस! S-400 बेचने चले राष्ट्रपति एर्दोगन, जानिए पुतिन ने कैसे पलटी बाजी

वैश्विक डिफेंस और जियोपॉलिटिक्स के मंच से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। रूस का सबसे घातक और अचूक माना जाने वाला S-400 ट्रायम्फ मिसाइल डिफेंस सिस्टम (S-400 Missile System) इस समय दो अलग-अलग देशों के लिए बिल्कुल अलग कहानी लिख रहा है। एक तरफ जहां यह अत्याधुनिक सिस्टम भारत की सीमाओं की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य और मजबूत ढाल बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ तुर्की (Turkey) के लिए यह एक बड़ा सिरदर्द और अंतरराष्ट्रीय बवाल का कारण बन चुका है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन अब इस सिस्टम को किसी तीसरे देश को बेचने या इससे पीछा छुड़ाने के रास्ते तलाश रहे हैं, लेकिन इस पूरे सौदे की चाबी अब भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हाथों में है।तुर्की के लिए क्यों गले की फांस बन गया रूस का यह महाविनाशक सिस्टम?तुर्की ने जब अमेरिका के कड़े विरोध और प्रतिबंधों की धमकियों को दरकिनार कर रूस से S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदा था, तो इसे एर्दोगन का एक बड़ा और स्वतंत्र रणनीतिक कदम माना गया था। लेकिन इस एक फैसले की तुर्की को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी। अमेरिका ने न केवल तुर्की पर सख्त 'काट्सा' (CAATSA) प्रतिबंध लगाए, बल्कि उसे अपने सबसे आधुनिक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट प्रोग्राम से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके चलते तुर्की की वायुसेना को आधुनिक लड़ाकू विमानों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। अब अपनी खोई हुई सैन्य ताकत और अमेरिका के साथ रिश्तों को सुधारने के लिए तुर्की इस रूसी सिस्टम को किसी तरह ठिकाने लगाना चाहता है, जिससे वह F-35 प्रोग्राम में दोबारा एंट्री पा सके।भारत का S-400 और तुर्की का सौदा: दोनों में क्या है बुनियादी अंतर?जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स और रक्षा मामलों के विश्लेषकों का मानना है कि भारत और तुर्की के मामलों में जमीन-आसमान का अंतर है। भारत ने अपनी संप्रभुता और सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रूस के साथ यह डील की थी और अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया था। भारतीय वायुसेना (IAF) ने S-400 के स्क्वाड्रनों को चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर इस तरह तैनात किया है कि दुश्मन का कोई भी विमान या मिसाइल भारत की हवाई सीमा में घुसने की हिम्मत नहीं कर सकता। भारत के लिए यह रक्षा का सबसे बड़ा हथियार है, जबकि तुर्की के लिए यह केवल एक राजनीतिक और आर्थिक बोझ बनकर रह गया है।डिफेंस एक्सपर्ट्स का बड़ा दावा: तुर्की चाहकर भी S-400 को इतनी आसानी से किसी तीसरे देश को नहीं बेच सकता। रूस के साथ हुए मूल समझौते में एंड-यूज़र सर्टिफिकेट (End-User Certificate) की सख्त शर्तें शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि मॉस्को यानी व्लादिमीर पुतिन की लिखित अनुमति के बिना तुर्की इस सिस्टम के एक नट-बोल्ट को भी किसी को ट्रांसफर नहीं कर सकता। पुतिन इस समय पूरी तरह से ड्राइविंग सीट पर हैं और वह अमेरिका को फायदा पहुंचाने वाला कोई भी कदम आसानी से नहीं उठाने देंगे।वैश्विक रक्षा बाजार और भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर इसका असरइस पूरे घटनाक्रम का असर केवल तुर्की तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के रक्षा बाजार और भारत-रूस के मजबूत रणनीतिक रिश्तों की गवाही देता है। दुनिया के रक्षा जानकार अब भारत की उस कूटनीतिक जीत की तारीफ कर रहे हैं, जिसके तहत भारत ने रूस से हथियार भी खरीदे और अमेरिका के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों को भी प्रभावित नहीं होने दिया। तुर्की की इस छटपटाहट और पुतिन के कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक मिलिट्री डील्स में केवल पैसा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी कूटनीति और मजबूत वैश्विक साख की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:29 pm

सरकारी बैंकों ने की छप्परफाड़ कमाई! मुनाफे की रिपोर्ट आते ही शेयरों में लगी रॉकेट जैसी तेजी, निवेशक गदगद

भारतीय शेयर बाजार में आज सरकारी बैंकों (PSU Banks) के शेयरों ने जबरदस्त धूम मचा रखी है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा जारी किए गए शानदार तिमाही नतीजों और बंपर कमाई के आंकड़ों ने दलाल स्ट्रीट के समीकरण बदल दिए हैं। मुनाफे में आई इस भारी उछाल की खबर आते ही निवेशकों ने बैंकिंग शेयरों पर भरोसा जताया है, जिससे सरकारी बैंकिंग इंडेक्स में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। इस पूरे एक्शन में इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सबसे बड़े विनर बनकर उभरे हैं और इनके शेयरों में सबसे तगड़ी लिफ्टिंग देखने को मिल रही है।इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शेयरों में तेजी की असली वजहबाजार खुलने के साथ ही इंडियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के काउंटर्स पर खरीदारों की भारी भीड़ देखी गई। इस जबरदस्त तेजी के पीछे बैंकों का मजबूत फंडामेंटल और वित्तीय प्रदर्शन है। दोनों ही बैंकों ने अपने फंसे हुए कर्ज यानी एनपीए (NPA) को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। इसके साथ ही, लोन बुक में आई मजबूती और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार होने से बैंकों का शुद्ध मुनाफा उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है। इसी बंपर कमाई ने निवेशकों को इन शेयरों की आक्रामक खरीदारी करने के लिए प्रेरित किया है।क्रेडिट ग्रोथ और ग्रामीण भारत से मिल रहा है सरकारी बैंकों को बूस्टबैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों का विश्लेषण: भारतीय अर्थव्यवस्था में जारी मजबूत रिकवरी का सीधा फायदा सरकारी बैंकों को मिल रहा है। विशेषकर टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों (Geographical Demand) में लोन की मांग तेजी से बढ़ी है। होम लोन, ऑटो लोन और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को दिए गए कर्ज में हुई बढ़ोतरी ने बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ को ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा दिया है, जिससे इनकी कमाई में यह बंपर उछाल दिख रहा है।लंबे समय तक निजी बैंकों से पीछे रहने के बाद, अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और बेहतर कस्टमर रीच के दम पर मार्केट शेयर वापस हासिल कर रहे हैं।रिटेल निवेशकों और स्थानीय बाजार के लिए आगे क्या हैं कमाई के मौके?स्थानीय शेयर बाजारों और ब्रोकिंग फर्म्स के अनुसार, इस तेजी ने रिटेल निवेशकों (Retail Investors) का हौसला काफी बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी बैंकों में आई यह तेजी केवल शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट नहीं है, बल्कि यह इनके बदलते कामकाज का नतीजा है। जो निवेशक बैंकिंग सेक्टर में लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन दौर साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार के ऊंचे स्तरों को देखते हुए जानकारों ने सलाह दी है कि किसी भी बड़ी गिरावट पर धीरे-धीरे (Averaging) इन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना एक स्मार्ट रणनीति होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:28 pm

कर्क राशि में बनने जा रहा है महाशुभ 'गजकेसरी योग'! 14 जुलाई से चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, बरसेगी गुरु-चंद्रमा की असीम कृपा

ज्योतिष शास्त्र में 'गजकेसरी योग' (Gajkesari Yog) को सबसे प्रभावशाली, बलशाली और राजयोग समान शुभ योगों में से एक माना गया है. जब भी आकाशमंडल में मन के कारक चंद्रमा और ज्ञान के देवता देवगुरु बृहस्पति की युति होती है, तो इस अद्भुत योग का निर्माण होता है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 14 जुलाई 2026 से कर्क राशि में चंद्रमा और गुरु के मिलन से एक बेहद शक्तिशाली गजकेसरी योग बनने जा रहा है.कर्क राशि में चंद्रमा का यह गोचर 16 जुलाई 2026 को शाम 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इस 50 से अधिक घंटों की अवधि में कई राशियों के जीवन में चमत्कारी और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. ज्योतिषियों के मुताबिक, विशेष रूप से मेष, कर्क, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य बदलने वाला और बंपर लाभ देने वाला साबित हो सकता है.क्या होता है गजकेसरी योग और क्यों है यह इतना खास?वैदिक ज्योतिष के नियमों के अनुसार, जब कुंडली या गोचर में देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा एक ही राशि में एक साथ बैठे हों, अथवा चंद्रमा से गुरु केंद्र भाव (पहले, चौथे, सातवें या दसवें भाव) में स्थित हों, तब गजकेसरी योग का सृजन होता है.गज और केसरी का अर्थ: 'गज' का अर्थ हाथी (जो बुद्धिमत्ता और असीम शक्ति का प्रतीक है) और 'केसरी' का अर्थ सिंह (जो साहस, शौर्य और राजसी ठाट-बाट का प्रतीक है) होता है.ग्रहों का प्रभाव: गुरु को ज्ञान, भाग्य, संतान और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि चंद्रमा हमारे मन, एकाग्रता और मानसिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं. जब ये दोनों ग्रह एक साथ अनुकूल स्थिति में आते हैं, तो जातक की निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और धन-वैभव में अप्रत्याशित वृद्धि होती है.इन 4 भाग्यशाली राशियों पर होगी धन और सम्मान की बौछार1. मेष राशि (Aries) - अटके काम होंगे पूरे, मिलेगी नई संपत्तिमेष राशि के जातकों के लिए यह गजकेसरी योग पारिवारिक सुख और आर्थिक मोर्चे पर शानदार परिणाम लेकर आ रहा है.यदि लंबे समय से आपका कोई काम सरकारी या निजी क्षेत्र में अटका हुआ था, तो वह इस दौरान गति पकड़ेगा.घर-परिवार में चल रहा मानसिक तनाव दूर होगा और माहौल खुशनुमा बनेगा.जो लोग नया मकान, वाहन या कोई कीमती संपत्ति खरीदने का मन बना रहे हैं, उनके लिए यह समय निवेश करने के लिहाज से सबसे उत्तम है.2. कर्क राशि (Cancer) - आत्मविश्वास में वृद्धि, करियर में बड़ा उछालचूंकि यह महाशुभ योग कर्क राशि में ही बनने जा रहा है, इसलिए सबसे अधिक और सीधा लाभ इसी राशि के जातकों को मिलेगा.आपके भीतर एक नया आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिलेगी.कार्यक्षेत्र (Career) में सीनियर अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलेगा और कोई नई बड़ी जिम्मेदारी या प्रमोशन की बात आगे बढ़ सकती है.सामाजिक दायरे में आपका मान-सम्मान और मान-प्रतिष्ठा शिखर पर होगी.3. सिंह राशि (Leo) - मानसिक शांति और अचानक धन लाभसिंह राशि के जातकों के लिए गुरु-चंद्र की यह युति मानसिक चिंताओं से मुक्ति दिलाने वाली साबित होगी.यदि आप पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर डिप्रेशन या तनाव में थे, तो आपको मानसिक शांति का अहसास होगा.व्यापार या निवेश के माध्यम से अचानक धन लाभ (Financial Gain) के प्रबल योग बन रहे हैं.यदि आपने हाल ही में किसी नई व्यावसायिक योजना या प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है, तो उसमें आपको उम्मीद से बेहतर नतीजे मिलेंगे.4. धनु राशि (Sagittarius) - स्वामी ग्रह का सपोर्ट, नौकरी में सुनहरे अवसरधनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए अपनी ही मित्र राशि के साथ मिलकर बन रहा यह योग धनु राशि वालों के लिए विशेष रूप से फलदायी है.नौकरीपेशा जातकों को करियर में तरक्की के बेहतरीन और नए अवसर प्राप्त होंगे.जो लोग लंबे समय से मनमुताबिक नौकरी बदलने या ट्रांसफर की योजना बना रहे थे, उन्हें इस दौरान कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत और स्थिर होगी.अन्य राशियों पर प्रभाव और शुभ फल का नियमऐसा नहीं है कि इस योग का लाभ केवल इन्हीं चार राशियों को मिलेगा. ब्रह्मांड में जब भी इतना बड़ा शुभ योग बनता है, तो उसका सकारात्मक या सामान्य प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है. हालांकि, यह बात भी ध्यान रखने योग्य है कि किसी भी व्यक्ति को मिलने वाले शुभ फल की वास्तविक मात्रा उसकी व्यक्तिगत जन्म कुंडली, वर्तमान में चल रही ग्रहों की महादशा-अंतरदशा और अन्य क्रूर ग्रहों की दृष्टि पर भी पूरी तरह निर्भर करती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:24 pm

गिरते बाजार में भी इन म्यूचुअल फंड्स ने मचाया धमाल! लार्जकैप की रफ्तार पड़ी सुस्त, निवेशकों की चांदी

भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और गिरावट के जोखिम के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक बेहद चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। आम तौर पर सुरक्षित माने जाने वाले लार्जकैप फंड्स (Large Cap Funds) इस बदलते दौर में सुस्त नजर आ रहे हैं। इसके विपरीत, बाजार के उतार-चढ़ाव को मात देते हुए मिडकैप (Mid Cap) और स्मॉलकैप (Small Cap) फंडों ने रिटर्न के मामले में बाजी मार ली है। इस प्रदर्शन ने रिटेल निवेशकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है कि मौजूदा समय में निवेश के लिए सबसे सही रणनीतिक विकल्प कौन सा है।लार्जकैप फंड्स की सुस्ती के पीछे क्या है असली वजह?बाजार के जानकारों का कहना है कि दिग्गज और बड़ी कंपनियों (Large Cap Companies) के शेयरों में हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का सीधा असर देखने को मिला है। चूंकि लार्जकैप फंड्स का मुख्य निवेश इन्हीं फ्रंटलाइन कंपनियों में होता है, इसलिए बाजार की गिरावट के दौरान इनका प्रदर्शन काफी हद तक थमा हुआ या सुस्त नजर आ रहा है। बड़े फंड मैनेजरों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक दबाव और वैल्यूएशन के ऊंचे स्तर पर होने की वजह से बड़ी कंपनियां शॉर्ट-टर्म में उस गति से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, जिसकी उम्मीद निवेशक कर रहे थे।मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों ने कैसे पलटी बाजी?दूसरी तरफ, घरेलू सेक्टर्स में मजबूत डिमांड और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों (Local Economic Factors) के दम पर मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार रिकवरी दिखाई है। मिडकैप और स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने इसी तेजी का पूरा फायदा उठाया है। इन फंड्स ने न केवल गिरते बाजार के जोखिम को बेहतर तरीके से मैनेज किया, बल्कि आक्रामक ग्रोथ चाहने वाले निवेशकों को उम्मीद से कहीं बेहतर रिटर्न कमा कर दिया है। यही वजह है कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए इन कैटेगरीज में लगातार रिकॉर्ड निवेश आ रहा है।बाजार विशेषज्ञों की राय: गिरते बाजार में लार्जकैप फंड्स पोर्टफोलियो को स्थिरता जरूर देते हैं, लेकिन अगर आप अल्फा (Alpha) यानी बेंचमार्क से ज्यादा रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो मौजूदा चक्र में मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स ज्यादा मजबूत नजर आ रहे हैं। हालांकि, निवेशकों को अपने जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) को ध्यान में रखकर ही एसेट एलोकेशन करना चाहिए।स्थानीय और खुदरा निवेशकों के लिए आगे क्या है रणनीति?लोकल मार्केट सेंटिमेंट की बात करें तो भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले नए और खुदरा निवेशक (Retail Investors) अब काफी समझदार हो चुके हैं। वे बाजार की हर गिरावट को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। फाइनेंशियल एडवाइजर्स की सलाह है कि बाजार के इस सुस्त दौर में निवेशकों को एकमुश्त (Lumpsum) बड़ा निवेश करने से बचना चाहिए। इसके बजाय, मिड और स्मॉलकैप फंड्स में अपनी एसआईपी को जारी रखना या गिरावट के समय स्मॉलकैप में धीरे-धीरे निवेश बढ़ाना एक स्मार्ट और फायदेमंद लॉन्ग-टर्म रणनीति साबित हो सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:24 pm

सिर्फ 1 लाख में दो लोग घूम आएंगे बाली! फ्लाइट टिकट से लेकर होटल और वीजा तक, ये रहा 6 दिनों का कम्प्लीट बजट प्लान

विदेश घूमने की चाहत रखने वालों के लिए इंडोनेशिया का 'बाली' (Bali) सबसे पसंदीदा और खूबसूरत डेस्टिनेशन बन चुका है. अक्सर लोगों को लगता है कि इंटरनेशनल ट्रिप पर लाखों रुपये का खर्च आएगा, लेकिन बाली में भारतीय रुपये की मजबूत कीमत होने के कारण आप बेहद कम बजट में एक शानदार इंटरनेशनल वेकेशन एन्जॉय कर सकते हैं. अगर सही प्लानिंग की जाए, तो दो लोगों की बाली ट्रिप ₹1,00,000 के अंदर आसानी से पूरी हो सकती है. आइए जानते हैं कि टिकट बुकिंग, होटल, वीजा और खाने-पीने से जुड़े हर खर्चे का पूरा सटीक हिसाब-किताब क्या है.1. फ्लाइट बुकिंग (सबसे बड़ा खर्च): ₹45,000 से ₹70,000बाली ट्रिप का सबसे बड़ा हिस्सा फ्लाइट टिकटों में जाता है. बजट को कंट्रोल में रखने के लिए आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा:एडवांस प्लानिंग: बाली जाने के लिए कम से कम 2 महीने पहले ही फ्लाइट की बुकिंग कर लें.अनुमानित किराया: सामान्य दिनों में दो लोगों के लिए राउंड ट्रिप (आने-जाने का टिकट) का कुल खर्च करीब ₹45,000 आता है. हालांकि, पीक सीजन या ऐन वक्त पर बुकिंग करने पर यह बजट ₹70,000 तक भी जा सकता है.डिस्काउंट टिप्स: एयरलाइंस की फ्लैश सेल या क्रेडिट कार्ड डिस्काउंट का इस्तेमाल करके आप इस खर्च को और कम कर सकते हैं.2. वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival): ₹5,200 से ₹5,600भारतीय पर्यटकों के लिए बाली सबसे बेस्ट इसलिए है क्योंकि यहां वीजा ऑन अराइवल की बेहतरीन सुविधा मिलती है.अवधि: भारतीय नागरिक इस वीजा पर बाली में 30 दिनों तक घूम सकते हैं.लागत: प्रति व्यक्ति वीजा फीस 500,000 इंडोनेशियाई रुपिया (IDR) है.भारतीय मुद्रा में: चूंकि 1 भारतीय रुपये की कीमत इंडोनेशिया में करीब 188 IDR के बराबर होती है, इस लिहाज से दो लोगों के वीजा का कुल खर्च ₹5,200 से ₹5,600 के बीच बैठता है.3. होटल और रुकने का खर्च: ₹15,000 से ₹24,000बाली में हर बजट के यात्रियों के लिए रुकने के बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं:बजट/होस्टल्स: अगर आप सोलो ट्रैवलर हैं या बेहद कम बजट में घूमना चाहते हैं, तो यहां के होस्टल्स में मात्र ₹500 प्रति दिन के हिसाब से बेड मिल जाता है.3-स्टार होटल्स: कपल्स या परिवार के लिए कुटा (Kuta), लेगियान (Legian) या उबूद (Ubud) जैसे पॉपुलर इलाकों में एक अच्छा 3-स्टार होटल ₹2,500 से ₹4,000 प्रति रात के बीच आसानी से मिल जाता है.6 दिनों का कुल खर्च: अगर ₹4,000 प्रति रात के हिसाब से भी चलें, तो 6 दिनों के स्टे का कुल खर्च अधिकतम ₹24,000 तक आएगा.4. खाना-पीना: ₹10,000 से ₹15,000बाली अपने स्वादिष्ट और वैरायटी फूड्स के लिए जाना जाता है, जो काफी किफायती दामों पर मिल जाता है.डेली फूड बजट: दो लोगों के लिए एक दिन के बेसिक खाने-पीने का खर्च करीब ₹800 से ₹1,200 आता है.कुल खर्च: 6 दिनों के हिसाब से भोजन पर आपका कुल खर्च ₹10,000 से ₹15,000 के बीच रहेगा.खास बात: बाली में कई अच्छे भारतीय रेस्टोरेंट्स (Indian Restaurants) भी मौजूद हैं, जहां लोकल वॉरुंग्स (स्थानीय ढाबों) की तरह काफी किफायती दामों पर शुद्ध देसी खाना मिल जाता है.5. लोकल ट्रांसपोर्टेशन (घूमने का खर्च): ₹3,000 से ₹5,000बाली के खूबसूरत बीच और रास्तों को एक्सप्लोर करने के दो सबसे बेहतरीन तरीके हैं:स्कूटी रेंटल (가장 लोकप्रिय): बाली में घूमने के लिए आप मात्र ₹350 से ₹700 प्रति दिन के किराए पर स्कूटी ले सकते हैं, जो बजट ट्रिप के लिए सबसे बेस्ट है.पर्सनल कैब: अगर आप आरामदेह सफर चाहते हैं और कार या कैब बुक करते हैं, तो प्रतिदिन का खर्च ₹3,000 से ₹4,500 तक आ सकता है.6. साइटसीइंग और एक्टिविटीज (Sightseeing & Activities)बाली एक प्राकृतिक और सांस्कृतिक डेस्टिनेशन है. यहां के अधिकांश प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों की एंट्री फीस बेहद कम है. आप अपनी पसंद के अनुसार निम्नलिखित एक्टिविटीज चुन सकते हैं, हालांकि ध्यान रहे कि ज्यादा एक्टिविटीज करने से आपका बजट थोड़ा बढ़ सकता है:नुसा पेनिटा डे ट्रिप (Nusa Penida Day Trip)वॉटर स्पोर्ट्स (Water Sports)प्रसिद्ध बाली स्विंग (Bali Swing)माउंट बटूर सनराइज ट्रेक (Mount Batur Sunrise Trek)

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 1:23 pm

दतिया से टिकट कटने के बाद छलका नरोत्तम मिश्रा का दर्द, कहा पार्टी फोरम पर रखूंगा बात, समर्थकों से भी की अपील

बीजेपी के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का दतिया से टिकट कटने और उसके बाद उनके समर्थकों के जमकर बवाल के बाद अब पहली बार नरोत्तम मिश्रा का रिएक्शन सामने आया है। डबरा में मीडिया से बात करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यह पार्टी का निर्णय है। वहीं ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 12:46 pm

शिमला के संजौली में तड़के 4 बजे भूस्खलन; मलबे की चपेट में आईं कई इमारतें, लोगों में दहशत

राजधानी शिमला के संजौली कॉलेज के समीप स्थित बोथवेल क्षेत्र में शनिवार तड़के हुए भारी भूस्खलन से इलाके में दहशत फैल गई। सुबह करीब चार बजे हुए इस भूस्खलन के समय अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन तीन-चार रिहायशी मकानों पर खतरा मंडरा रहा है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:41 pm

E-20 पेट्रोल पर पीछे नहीं हटेगी सरकार, निवेश, किसानों और ऊर्जा सुरक्षा का दिया हवाला

सरकार ने पहली बार यह स्वीकार किया है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से कुछ वाहनों का माइलेज लगभग पांच प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और उत्पादन लागत को देखते हुए ई-20 की कीमत घटाना फिलहाल संभव नहीं है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:40 pm

उत्तर-पश्चिम भारत में थमेगी बारिश, पूर्वी राज्यों में तेज होगा मानसून का असर, जानें- मौसम विभाग का ताता अपडेट

मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश कम होगी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और बंगाल में अगले कुछ दिनों तक अच्छी वर्षा की संभावना है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:27 pm

क्या 1600 और 140 सीरीज से आने वाले कॉल्स हैं फेक? सरकार ने जारी की एडवाइजरी

1600 और 140 सीरीज के फोन नंबरों को लेकर सामने आ रही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने कहा कि इन रिपोर्ट्स से लोगों में गलतफहमी फैल सकती है और इन नंबरों के इस्तेमाल को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:06 pm

कांवड़ यात्रा के लिए हरिद्वार पुलिस की नई गाइडलाइन, ऊंची कांवड़ और तेज डीजे पर रोक

हरिद्वार पुलिस ने कांवड़ यात्रा 2026 के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। ऊंची कांवड़, हथियार, तेज डीजे और रेट्रो साइलेंसर पर प्रतिबंध लगाया गया है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 12:01 pm

तेलंगाना में रेप के आरोपी ने जमानत मिलते ही की 6 हत्याएं, पहले पत्नी-बच्चों, फिर पीड़ित और उसके परिवार को मार डाला

तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में एक व्यक्ति पर दो परिवारों के छह सदस्यों की हत्या का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश तेज कर दी है।

देशबन्धु 11 Jul 2026 11:48 am

AI का नया कारनामा! मास्को में दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने की शादी, रोबोट डॉग लाया ब्रेस्लेट्स

रूस की राजधानी मास्को में पुश्किन लाइब्रेरी में AI आधारित दो ह्यूमनॉइड रोबोट रॉबर्ट और मटिल्डा का अनोखा विवाह समारोह आयोजित हुआ। दोनों ने AI डायलॉग के जरिए शपथ ली, ब्रेसलेट बदले और आधिकारिक तौर पर 'रोबोट कपल' घोषित किए गए।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 11:40 am

LIVE: स्टील्थ फ्रिगेट INS महेंद्रगिरि नौसेना में शामिल

Latest News Today Live Updates in Hindi : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट महेंद्रगिरि को शामिल किया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 10:54 am

Gujarat TAT-HS Exam Date: उच्चतर माध्यमिक शिक्षक बनने का इंतजार खत्म, 2 अगस्त को होगी परीक्षा; जल्द आएंगे एडमिट कार्ड

गुजरात राज्य परीक्षा बोर्ड ने TAT-HS (Teacher Aptitude Test-Higher Secondary) 2026 की मुख्य परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है। परीक्षा 2 अगस्त को आयोजित होगी। जल्द ही एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाएंगे।

वेब दुनिया 11 Jul 2026 10:23 am

क्रिकेट के मक्का 'लॉर्ड्स' में हरमनप्रीत कौर ने रचा इतिहास! मिताली-स्मृति के धांसू क्लब में मारी एंट्री, पूरे किए 9000 इंटरनेशनल रन

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में एक नया स्वर्णिम इतिहास रच दिया है. इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lord's) मैदान पर खेले जा रहे इकलौते टेस्ट मैच में कप्तानी कर रही हरमनप्रीत ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारत की दो महान महिला क्रिकेटरों—मिताली राज और स्मृति मंधाना के एक बेहद खास और एलीट क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली है. मैच के पहले ही दिन नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने उतरीं कप्तान हरमनप्रीत ने 121 गेंदों में 58 रनों की जुझारू पारी खेली.स्मृति मंधाना के साथ जमाई धाकड़ पार्टनरशिप, जड़े 7 कड़क चौकेलॉर्ड्स की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय पारी को संभालते हुए हरमनप्रीत कौर ने अपनी पारी के दौरान 7 बेहतरीन चौके जड़े. उन्होंने टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 155 गेंदों में 89 रनों की एक बेहद महत्वपूर्ण और सूझबूझ भरी साझेदारी (Partnership) की. इस मजबूत पार्टनरशिप की बदौलत भारतीय टीम मैच के पहले दिन इंग्लैंड के खिलाफ एक सम्मानजनक स्थिति में पहुंचने में कामयाब रही. स्मृति मंधाना ने भी इस दौरान 108 गेंदों में 83 रनों की शानदार पारी खेली.इंटरनेशनल क्रिकेट में 9000 रन पूरे, बनीं ऐसा करने वाली तीसरी भारतीय महिलाइस ऐतिहासिक टेस्ट मैच के शुरू होने से पहले हरमनप्रीत कौर को इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 9000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 13 रनों की दरकार थी. भारत की पारी के 24वें ओवर की पांचवीं गेंद पर जैसे ही उन्होंने अपना 13वां रन लिया, उन्होंने इस जादुई आंकड़े को छू लिया. 7 मार्च 2009 को पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली हरमनप्रीत अब पूर्व कप्तान मिताली राज और स्मृति मंधाना के बाद महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में 9000 रन का आंकड़ा पार करने वाली भारत की तीसरी और दुनिया की चुनिंदा बल्लेबाजों में शुमार हो गई हैं.महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली भारतीय त्रिमूर्ति:मिताली राज: 10,868 रन (333 मैच)स्मृति मंधाना: 10,667 रनहरमनप्रीत कौर: 9,045* रनहरमनप्रीत का शानदार करियर रिकॉर्ड: महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का रिकॉर्ड रखने वाली हरमनप्रीत कौर ने अब तक 164 वनडे (ODI) मैचों में 4541 रन, 202 टी20 (T20I) मैचों में 4216 रन और आठ टेस्ट मैचों की 12 पारियों में कुल 288* रन बनाए हैं. खेल के हर फॉर्मेट में उनका यह लाजवाब प्रदर्शन उन्हें विश्व क्रिकेट के सबसे महान ऑलराउंडर्स की फेहरिस्त में खड़ा करता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:18 am

बिना सेंसर सर्टिफिकेट फिल्म रिलीज करना पड़ेगा भारी! CBFC मेंबर राज मिश्रा का बड़ा बयान, बताया 'A' और 'UA' कैटेगरी का असली खेल

भारतीय सिनेमा जगत में किसी भी फिल्म को बड़े पर्दे पर रिलीज होने से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सेंसर बोर्ड (CBFC) के कड़े नियमों, जांच और रेगुलेशन के दौर से गुजरना अनिवार्य होता है. इसके बिना किसी भी फिल्म को सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की अनुमति कानूनी रूप से नहीं मिलती. सेंसर बोर्ड (CBFC) के आधिकारिक सदस्य राज मिश्रा ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में साफ किया कि बिना उचित सर्टिफिकेशन के फिल्म को पब्लिक डोमेन में रिलीज करना एक बेहद गंभीर और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बोर्ड फिल्मों की स्क्रीनिंग और नियमों को लेकर पूरी तरह सख्त है और उल्लंघन करने वालों पर भारी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.प्रसून जोशी संभाल रहे हैं कमान, MIB तय करता है सेंसर बोर्ड का स्ट्रक्चरराज मिश्रा ने सेंसर बोर्ड की आंतरिक कार्यप्रणाली और इसके संगठनात्मक ढांचे (Organizational Structure) पर विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि:अध्यक्ष की नियुक्ति: सेंसर बोर्ड के पूरे कामकाज की देखरेख के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा बोर्ड के अध्यक्ष (Chairman) की नियुक्ति की जाती है. वर्तमान में इस गरिमामयी पद की जिम्मेदारी मशहूर गीतकार और लेखक प्रसून जोशी संभाल रहे हैं.कमेटी का आकार: बोर्ड की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि समाज में दिखाई जाने वाली फिल्में देश की संप्रभुता और तय गाइडलाइंस के अनुकूल हों. इस बोर्ड में अध्यक्ष के अलावा 25 अन्य गैर-सरकारी सदस्य शामिल होते हैं, जो फिल्मों का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हैं.क्या है 'A' और 'UA' सर्टिफिकेट का असली मतलब?फिल्मों को मिलने वाली श्रेणियों को लेकर दर्शकों और मेकर्स के बीच अक्सर भ्रम रहता है, जिसे राज मिश्रा ने स्पष्ट किया:'A' (Adult) सर्टिफिकेशन: यह श्रेणी केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वयस्कों के लिए होती है. जिन फिल्मों में अत्यधिक बोल्ड, इंटीमेट सीन्स या जरूरत से ज्यादा खून-खराबा और वीभत्स हिंसा (Crime & Violence) दिखाई जाती है, उन्हें दर्शकों की मानसिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस कैटेगरी में डाला जाता है.'UA' (Unrestricted Public Exhibition Under Parental Guidance) सर्टिफिकेशन: इसका सीधा मतलब है कि फिल्म में बहुत कम या हल्की-फुल्की हिंसा/संवाद हैं, जिसे बच्चे अपने माता-पिता या परिवार के किसी बड़े सदस्य की देखरेख और मार्गदर्शन में आसानी से देख सकते हैं. यह बच्चों के मानसिक विकास की सुरक्षा के लिए एक तरह का 'सेफ्टी क्लॉज' है.फिल्म रिजेक्ट होने पर क्या करें मेकर्स? 11 सदस्यों की कमेटी और ट्रिब्यूनल का रास्ताइंटरव्यू के दौरान एक महत्वपूर्ण सवाल यह उठा कि यदि शुरुआत में पांच सदस्यों की प्राथमिक जांच कमेटी (Examining Committee) किसी फिल्म को पास करने से मना कर दे, तो फिल्ममेकर्स के पास क्या कानूनी विकल्प बचते हैं?री-एग्जामिनेशन प्रोसेस: मेकर्स के पास अपनी फिल्म को दोबारा जांच के लिए भेजने का पूरा वैधानिक अधिकार होता है. इस प्रक्रिया के तहत फिल्म को 11 सदस्यों की एक बड़ी 'री-एग्जामिनिंग कमेटी' के सामने दोबारा स्क्रीन किया जाता है.ट्रिब्यूनल का आखिरी रास्ता: यदि यह बड़ी कमेटी भी फिल्म में सुधारों से संतुष्ट नहीं होती और इसे पास करने से इनकार कर देती है, तो निर्माताओं के पास देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद अपीलीय ट्रिब्यूनल (Tribunal) का दरवाजा खटखटाने का अंतिम विकल्प होता है. हालांकि, राज मिश्रा ने साफ किया कि व्यावहारिक रूप से ऐसे मामले बहुत ही दुर्लभ होते हैं जहां किसी फिल्म को हर स्तर पर पूरी तरह खारिज कर दिया जाए.क्रिएटिव आजादी का सम्मान, लेकिन राष्ट्र विरोधी कंटेंट पर नो-टॉलरेंसराज मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आधुनिक दौर और समकालीन परिस्थितियों के हिसाब से सेंसर बोर्ड के नियमों में भी लचीलापन आया है. आज के समय में कहानी की मांग के अनुसार हल्की-फुल्की हिंसा या यथार्थवाद को स्वीकार कर लिया जाता है. लेकिन अगर फिल्म में बहुत ज्यादा घिनौने, समाज में नफरत फैलाने वाले या खौफनाक दृश्य हैं, तो बोर्ड को जनहित में दखल देना ही पड़ता है.अंत में, उन्होंने रचनात्मक स्वतंत्रता (Creative Freedom) पर बोलते हुए कहा कि फिल्ममेकर्स को पूरी आजादी मिलती है, लेकिन उसकी भी संवैधानिक सीमाएं तय हैं. कोई भी फिल्म देश विरोधी विचारों को बढ़ावा देने वाली, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली या देश की नीतियों को नीचा दिखाने वाली नहीं होनी चाहिए. उन्होंने बोर्ड पर किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि CBFC पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अपना काम करता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:16 am

करो या मरो का मुकाबला: इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी T20 में साख बचाने उतरेगी टीम इंडिया, कप्तान अय्यर प्लेइंग-XI से काट सकते हैं इन 3 फ्लॉप सूरमाओं का पत्ता

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का पांचवां और आखिरी निर्णायक मुकाबला आज साउथेम्प्टन के ऐतिहासिक 'द रोज बाउल' मैदान पर खेला जाएगा. यह मैच भारतीय समयानुसार आज शाम 7:00 बजे से लाइव शुरू होगा. टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला अपनी इज्जत और साख बचाने का आखिरी मौका है, क्योंकि पांच मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम पहले ही 3-0 से पिछड़कर सीरीज गंवा चुकी है (सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था). अब देखना यह है कि क्या कप्तान श्रेयस अय्यर साउथेम्प्टन में सांत्वना जीत दर्ज कर पाते हैं या नहीं.टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत: 3 फ्लॉप खिलाड़ी होंगे ड्रॉप!इंग्लैंड के मजबूत गढ़ में अपनी इज्जत बचाने के लिए भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में 3 बहुत बड़े और कड़े बदलाव करने का मन बना चुके हैं. लगातार खराब फॉर्म और लचर प्रदर्शन से जूझ रहे युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी, मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज तिलक वर्मा और ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को आज के मुकाबले से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. कप्तान इन तीनों की जगह टीम में नए और आक्रामक चेहरों को मौका देकर इंग्लैंड को चौंकाने की रणनीति बना रहे हैं.संजू सैमसन करेंगे ओपनिंग, ऐसा होगा भारत का नया बैटिंग ऑर्डरआज के मैच में भारतीय टीम एक बिल्कुल नए और आक्रामक टॉप ऑर्डर के साथ मैदान पर उतर सकती है:विस्फोटक ओपनिंग जोड़ी: लगातार फ्लॉप साबित हो रहे वैभव सूर्यवंशी (3 मैचों में महज 42 रन) को बाहर कर उनके स्थान पर ताबड़तोड़ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की कमान सौंपी जा सकती है.मिडिल ऑर्डर: विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन नंबर-3 पर पारी को संभालेंगे, जबकि खुद कप्तान श्रेयस अय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी लेंगे. पिछले 4 मैचों में फ्लॉप रहे तिलक वर्मा (13, 24*, 3, 11 रन) की जगह टीम में शिवम दुबे को नंबर-5 और घरेलू क्रिकेट के खूंखार लोअर-ऑर्डर फिनिशर सूर्यांश शेडगे को नंबर-6 पर ऑलराउंडर के तौर पर प्रमोट किया जा सकता है.गेंदबाजी में दिखेगा दम: बिश्नोई-अक्षर संभालेंगे स्पिन, अर्शदीप पर पेस अटैक का जिम्मासाउथेम्प्टन की पिच को ध्यान में रखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट दो मुख्य स्पिनरों और तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के कॉम्बिनेशन के साथ उतर सकता है. स्पिन विभाग की कमान स्टार लेग स्पिनर रवि बिश्नोई और अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल के हाथों में होगी. वहीं, तेज गेंदबाजी के मोर्चे पर प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और यॉर्कर किंग अर्शदीप सिंह इंग्लैंड के बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखेरते नजर आएंगे. चौथे तेज गेंदबाज की भूमिका ऑलराउंडर शिवम दुबे निभाएंगे.इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें T20I के लिए भारत की संभावित Playing XI:अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:06 am

महादेव के 10 दिव्य प्रतीक और उनका रहस्य: गले में सांप से लेकर शरीर पर भस्म तक, शिव के हर स्वरूप में छिपा है ब्रह्मांड का गहरा ज्ञान

सनातन धर्म में देवाधिदेव महादेव का स्वरूप अन्य सभी देवी-देवताओं से बिल्कुल अलग, अनूठा और अलौकिक है. शिव जी का रहन-सहन और वेशभूषा सांसारिक आकर्षणों से परे है. उनके गले में लिपटा भयंकर नाग, जटाओं से बहती गंगा, मस्तक पर सजा अर्धचंद्र और शरीर पर रमी भस्म—ये केवल बाहरी रूप नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे ब्रह्मांड, जीवन, मृत्यु और अध्यात्म के बेहद गहरे रहस्य छिपे हैं. यदि आप भी महादेव के सच्चे भक्त हैं, तो आपको भगवान शिव द्वारा धारण किए गए इन 10 मुख्य प्रतीकों (Mahadev Symbols Meaning) के वास्तविक और आध्यात्मिक अर्थ को जरूर समझना चाहिए.1. शिव की जटाएं: अनंत अंतरिक्ष का वासभगवान शिव की बिखरी और विशाल जटाएं साक्षात असीम अंतरिक्ष (Space) का प्रतीक हैं. यह इस बात को दर्शाती हैं कि संपूर्ण ब्रह्मांड और वायुमंडल महादेव के भीतर ही समाया हुआ है. जटाओं से मां गंगा का अवतरण इस बात का संकेत है कि ज्ञान और पवित्रता का प्रवाह हमेशा ऊंचे विचारों से ही होता है.2. मस्तक पर अर्धचंद्र: मन पर पूर्ण नियंत्रण और शीतलतामहादेव के माथे पर विराजमान बालचंद्र (आधा चंद्रमा) समय के चक्र (Time Cycle) को प्रदर्शित करता है. चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है. शिव के मस्तक पर चंद्रमा का होना यह सिखाता है कि विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी व्यक्ति को अपने मन पर पूर्ण नियंत्रण रखना चाहिए और स्वभाव में शीतलता व धैर्य बनाए रखना चाहिए.3. महादेव के त्रिनेत्र: भूत, वर्तमान और भविष्य की दिव्य दृष्टिशिव जी की तीसरी आंख भौतिक संसार के भ्रम से परे हटकर दिव्य दृष्टि, सर्वज्ञान और आत्मज्ञान का प्रतीक है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महादेव के तीन नेत्र तीन मुख्य गुणों (सत्व, रज, तम), तीन कालों (भूत, वर्तमान, भविष्य) और तीनों लोकों (स्वर्ग, मृत्यु और पाताल) के संतुलन को दर्शाते हैं. जब यह तीसरा नेत्र खुलता है, तो अज्ञान और वासना का नाश हो जाता है.4. गले में सर्पहार: तामसी शक्तियों पर विजय और संतुलनसांप जैसा अत्यंत हिंसक और जहरीला जीव महादेव के गले में नागराज वासुकी के रूप में लिपटा रहता है. यह प्रतीक हमें सिखाता है कि अहंकार, क्रोध और हिंसक प्रवृत्तियां (तमोगुण) कितनी भी भयानक क्यों न हों, यदि उन्हें सही दिशा दी जाए तो वे वश में हो सकती हैं. शिव का सर्पहार प्रकृति के खतरनाक जीवों के साथ भी संतुलन और जीव-दया का संदेश देता है।5. मारक शस्त्र त्रिशूल: तीनों तापों का समूल नाशमहादेव के हाथ में मौजूद त्रिशूल केवल एक मारक शस्त्र नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन के तीन सबसे बड़े कष्टों—भौतिक (सांसारिक), दैविक (प्राकृतिक) और आध्यात्मिक (मानसिक) तापों को नष्ट करने की परम शक्ति रखता है. यह सृष्टि के तीन मुख्य कार्यों (उत्पत्ति, पालन और संहार) के नियमन का भी सूचक है.6. डमरू का नाद: ब्रह्मांड की पहली ध्वनि और चेतनाभगवान शिव जब तांडव करते हैं, तो उनके हाथ में मौजूद डमरू से एक विशेष नाद (ध्वनि) निकलती है. डमरू की इस ध्वनि को ही 'ब्रह्म रूप' यानी सृष्टि की पहली आवाज माना गया है. यह ब्रह्मांड की लय, निरंतर चेतना और नए जीवन के निर्माण का प्रतीक है. इसी नाद से संसार में सुर और संगीत का जन्म हुआ है.7. मुंडमाला: सती का अटूट प्रेम और मृत्यु पर विजयशिव जी के गले में सुशोभित मुंडमाला माता सती के प्रति उनके अटूट, शाश्वत प्रेम और अमरता की कहानी कहती है. यह माला इस परम सत्य का बोध कराती है कि महादेव ने काल (मृत्यु) को पूरी तरह से अपने वश में किया हुआ है, इसलिए उन्हें 'महाकाल' भी कहा जाता है.8. व्याघ्र चर्म (बाघ की खाल): अहंकार और क्रूरता का दमनमहादेव किसी लक्जरी वस्त्र के बजाय बाघ की खाल धारण करते हैं और उसी पर आसन लगाते हैं. बाघ को पशु जगत में सबसे हिंसक और शक्तिशाली माना जाता है, जो इंसानी अहंकार और क्रूरता का प्रतीक है. इस खाल पर बैठना यह दर्शाता है कि शिव ने संसार की समस्त हिंसक भावनाओं और अहंकार को अपने नीचे दबाकर जीत लिया है.9. शरीर पर भस्म: जीवन की नश्वरता का परम सत्यशिव जी अपने पूरे शरीर पर श्मशान की भस्म (राख) लगाते हैं. भस्म जीवन के सबसे बड़े और कड़वे रहस्य को उजागर करती है—कि यह दृश्यमान संसार नश्वर है. हर खूबसूरत और शक्तिशाली चीज को एक न एक दिन जलकर राख में ही तब्दील होना है. यह हमें मोह-माया से दूर रहने की प्रेरणा देती है.10. नंदी (वृषभ): धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के चार स्तंभमहादेव का परम प्रिय वाहन वृषभ (बैल) यानी नंदी हमेशा उनके साथ रहता है. शास्त्रों में बैल को साक्षात 'धर्म' का रूप माना गया है, जिस पर स्वयं महादेव सवारी करते हैं. बैल के चार पैर जीवन के चार प्रमुख पुरुषार्थों—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को दर्शाते हैं, जिनकी प्राप्ति केवल महादेव की असीम अनुकंपा से ही संभव है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:05 am

वॉशिंग मशीन में पानी आने की रफ्तार हो गई है बेहद धीमी? मैकेनिक को बुलाने से पहले सिर्फ 10 मिनट में खुद ऐसे करें ठीक

क्या आपकी वॉशिंग मशीन भी आजकल पानी भरने में बहुत ज्यादा वक्त लगा रही है? या फिर उसमें पानी आना बिल्कुल ही बंद हो गया है? रुकिए, मैकेनिक को फोन घुमाने और बेवजह हजारों रुपये खर्च करने से पहले इस आसान से घरेलू तरीके को जान लीजिए. अक्सर लोग समझते हैं कि मशीन की मोटर या कोई महंगा इंटरनल पार्ट खराब हो गया है, लेकिन असल में समस्या एक बहुत ही छोटी सी जगह पर होती है, जिसे इनलेट वाटर फिल्टर (Inlet Water Filter) कहा जाता है. यह एक छोटी सी जाली होती है जो पानी की पाइप के जोड़ के पास लगी होती है. इसका काम आपके घर के पानी में आने वाली मिट्टी, जंग और कचरे को मशीन के अंदर जाने से रोकना है. जब यह ब्लॉक हो जाती है, तो मशीन में पानी आना बंद हो जाता है. आइए जानते हैं कि कैसे आप इसे खुद घर पर सिर्फ 10 मिनट में ठीक कर सकते हैं.मानसून के मौसम में क्यों जाम होती है यह जाली?बरसात के दिनों में नगर निगम या बोरवेल के पानी में मिट्टी, सिल्ट, रेत और जंग के कण सामान्य दिनों के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं. जब यह गंदा पानी पाइप के रास्ते आपकी वॉशिंग मशीन में प्रवेश करता है, तो इनलेट फिल्टर इस सारे बारीक कचरे को रोक लेता है. लगातार कुछ हफ़्तों तक ऐसा होने से यह जाली पूरी तरह से चोक (जाम) हो जाती है. यही कारण है कि मानसून में मशीन पानी भरने में दोगुना समय लेती है या फिर बीच में ही 'वॉटर एरर कोड' (Water Error Code) दिखाकर रुक जाती है. अगर समय पर इसे साफ न किया जाए, तो पानी का प्रेशर कम होने के कारण कपड़ों की धुलाई भी ठीक से नहीं हो पाती.इनलेट वाटर फिल्टर साफ करने का स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीकाइसे साफ करना बेहद आसान है और इसके लिए आपको किसी विशेष टूल या तकनीकी ज्ञान की जरूरत नहीं है. बस नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:सुरक्षा सबसे पहले: कोई भी काम शुरू करने से पहले सुरक्षा का ध्यान रखते हुए वॉशिंग मशीन का स्विच ऑफ करें और प्लग को सॉकेट से बाहर निकाल दें.पानी बंद करें: इसके बाद पानी की सप्लाई वाले मुख्य नल को पूरी तरह से बंद कर दें ताकि पाइप खोलते समय पानी घर में न फैले.पाइप को खोलें: अब मशीन के पिछले हिस्से में लगे इनलेट होज (पानी की प्लास्टिक पाइप) को थ्रेड से घुमाकर आराम से खोलें.फिल्टर को निकालें: पाइप हटाते ही आपको मशीन के अंदर एक छोटी प्लास्टिक या स्टील की रंगीन जाली दिखाई देगी. एक सामान्य प्लास (Pliers) या अपनी उंगलियों की मदद से इस फिल्टर को धीरे से बाहर खींच लें. आप देखेंगे कि इस पर भूरे रंग की मिट्टी की मोटी परत जमा होगी.ब्रश से करें सफाई: इस फिल्टर को बहते हुए साफ पानी के नीचे रखें. अगर कचरा ज्यादा पुराना और सख्त है, तो एक बेकार पड़े पुराने टूथब्रश की मदद से जाली को हल्के हाथों से रगड़कर साफ करें.वापस फिट करें: जब जाली बिल्कुल साफ हो जाए और उसके आर-पार रोशनी दिखने लगे, तो उसे वापस उसकी जगह पर सीधा फिट कर दें. पाइप को दोबारा मजबूती से कसें, नल चालू करके लीक टेस्ट करें और फिर मशीन का प्लग लगाकर इस्तेमाल करें.कितने दिनों में करनी चाहिए इस फिल्टर की सफाई?अगर मानसून का महीना चल रहा है या आपके इलाके में खारा/मटमैला पानी आता है, तो आपको हर 3 से 4 हफ्ते में एक बार इस फिल्टर को खोलकर जरूर साफ कर लेना चाहिए. साल के बाकी सामान्य महीनों में, हर 2 से 3 महीने में एक बार इसकी सफाई करना पर्याप्त रहता है. लेकिन अगर आपको कभी भी अचानक पानी का प्रेशर कम लगे या मशीन स्क्रीन पर एरर दिखाए, तो बिना देर किए तुरंत इस फिल्टर को साफ कर लें. ऐसा करने से आपकी महंगी मशीन की उम्र बढ़ेगी, बिजली की बचत होगी और कपड़े भी बिल्कुल साफ धुलेंगे.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:03 am

दतिया में बीजेपी ने क्यों काटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट, बवाल कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस का लाठीचार्ज, टियर गैस का प्रयोग

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा आलाकमान ने चौंकाते हुए पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। 2008 से लेकर 2023 तक दतिया विधानसभा सीट से लगातार 15 साल विधायक रहे भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा जो ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 10:03 am

वोटर लिस्ट से अचानक गायब हुए 30% वोटर्स के नाम! चुनाव आयोग के फैसले से दमन-दीव और दादरा नगर हवेली में मची खलबली

केंद्र शासित प्रदेश दमन और दीव, और दादरा और नगर हवेली से एक ऐसी चुनावी खबर सामने आ रही है जिसने पूरे राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के एक बड़े फैसले के बाद जारी हुई नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से अचानक लगभग 29.7% यानी करीब एक-तिहाई वोटर्स के नाम पूरी तरह साफ कर दिए गए हैं. भारतीय चुनावी इतिहास में ड्राफ्ट स्टेज पर इतनी बड़ी तादाद में नाम हटाए जाने का यह देश का अब तक का सबसे बड़ा और पहला मामला है.प्रवासी मजदूरों और औद्योगिक व्यवस्था के कारण आया यह चौंकाने वाला आंकड़ावोटर लिस्ट के इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की निगरानी कर रहे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने इस अप्रत्याशित आंकड़े के पीछे की मुख्य वजह इस केंद्र शासित प्रदेश की खास औद्योगिक अर्थव्यवस्था को बताया है.3 लाख प्रवासी आबादी: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे केंद्र शासित प्रदेश (UT) की कुल आबादी लगभग 6.8 लाख के आसपास है.लगातार बदलता है पता: इस आबादी में से करीब 3 लाख लोग बाहरी राज्यों से आकर यहां की विभिन्न कंपनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर हैं. यह फ्लोटिंग पॉपुलेशन (अस्थायी आबादी) रोजगार और बेहतर अवसरों के चलते लगातार अपनी रहने की जगहें बदलती रहती है, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में उनका मिलान मुश्किल हो जाता है.बीएलओ (BLO) के बार-बार चक्कर काटने पर भी नहीं मिले लोग, ये हैं नाम कटने के 5 बड़े कारणप्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, वोटर लिस्ट से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने के पीछे अलग-अलग तकनीकी और व्यावहारिक कारण सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:एब्सेंट/अनट्रेसेबल (22.5%): बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) ने जब लोगों के रजिस्टर्ड पतों पर कई बार फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए विजिट किया, तो ये लोग अपने दिए गए पते पर मौजूद नहीं मिले.परमानेंटली शिफ्टेड (4.6%): ये वे वोटर हैं जो नौकरी बदलने, ट्रांसफर होने या किसी अन्य निजी कारण से हमेशा के लिए यह केंद्र शासित प्रदेश छोड़ चुके हैं.मृत्यु (1.7%): जिन रजिस्टर्ड मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नामों को सूची से आधिकारिक तौर पर हटा दिया गया है.डुप्लिकेट वोटर (0.6%): ये वे लोग थे जिनका नाम एक से अधिक पोलिंग बूथ, विधानसभा क्षेत्र या अलग-अलग राज्यों की सूचियों में एक साथ दर्ज पाया गया.अन्य कारण (0.2%): कुछ अन्य फॉर्मल और तकनीकी कमियों के चलते इन नामों को बाहर किया गया है.घबराएं नहीं! 11 अगस्त को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट, ऐसे जुड़वाएं अपना नामइस केंद्र शासित प्रदेश में कुल 4.28 लाख रजिस्टर्ड वोटर्स का डेटा था, जिनमें से केवल 3 लाख (70.3%) लोगों ने ही 4 जून को शुरू हुए वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान अपना एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) जमा किया था. जिन लोगों का कोई अता-पता या दस्तावेज नहीं मिला, फिलहाल केवल उनके नाम ही इस ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर किए गए हैं.सुधार का मौका: प्रशासन ने साफ किया है कि जनता को बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह अंतिम सूची नहीं है. जिन जायज वोटर्स के नाम इस लिस्ट से कट गए हैं, वे चुनाव आयोग द्वारा दिए गए 'दावे और आपत्ति' (Claims & Objections) के निर्धारित समय के भीतर अपने जरूरी दस्तावेज दिखाकर नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं. इसके साथ ही, नए पात्र मतदाता भी 'फॉर्म 6' (Form 6) भरकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं. इन सभी सुधारों और स्क्रूटनी के बाद, अंतिम और शुद्ध वोटर लिस्ट 11 अगस्त, 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित की जाएगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:02 am

आईफोन लवर्स को लगेगा बड़ा झटका! $200 तक महंगी हो सकती है iPhone 18 Pro सीरीज, लेकिन 'iPhone Ultra' में मिलेगी 5000mAh की विशालकाय बैटरी

एप्पल (Apple) के दीवानों के लिए टेक जगत से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है. कंपनी इस साल सितंबर में अपनी अगली जनरेशन के आईफोन्स को दुनिया के सामने पेश करने की भव्य तैयारी में जुटी हुई है. इस बार एप्पल की प्रीमियम लाइनअप में कुछ ऐसे क्रांतिकारी और चौंकाने वाले बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. टेक मार्केट में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा एप्पल के पहले फोल्डेबल आईफोन को लेकर हो रही है, जिसे 'iPhone Ultra' नाम दिया जा सकता है. इसके साथ ही आईफोन 18 प्रो सीरीज में पहले से कहीं ज्यादा पावरफुल बैटरी और एक बिल्कुल नया लुक मिलने वाला है, हालांकि इन बेहतरीन अपग्रेड्स के लिए ग्राहकों को अपनी जेब काफी ढीली करनी पड़ेगी.महंगे कंपोनेंट्स के कारण कीमतों में होगी ₹16,500 तक की भारी बढ़ोतरी'काउंटरपॉइंट रिसर्च' (Counterpoint Research) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल के आने वाले फ्लैगशिप मॉडल्स को बनाने की लागत (Production Cost) पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले काफी ज्यादा आ रही है:महंगे हुए पार्ट्स: अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाल के महीनों में NAND स्टोरेज और DRAM मेमोरी जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के दाम काफी बढ़ गए हैं.एडवांस 2nm प्रोसेसर: एप्पल का अगला इन-हाउस प्रोसेसर एडवांस 2nm प्रोसेस तकनीक पर आधारित होने वाला है, जिसकी मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बहुत अधिक है.वेरिएबल-अपर्चर कैमरा: प्रो मॉडल्स में इस बार बिल्कुल नया वेरिएबल-अपर्चर मेन कैमरा सिस्टम दिया जा सकता है, जो फोटोग्राफी को तो नेक्स्ट लेवल पर ले जाएगा लेकिन कैमरा हार्डवेयर को महंगा बना देगा.इन्हीं कारणों से एप्पल अपने कुछ प्रीमियम और हायर स्टोरेज वेरिएंट्स की कीमतों में $200 (लगभग ₹16,500) तक की बड़ी बढ़ोतरी कर सकता है.'iPhone Ultra' में मिलेगा डुअल-सेल बैटरी सेटअप, सैमसंग को मिलेगी टक्करइस बार की सबसे बड़ी लीक आईफोन अल्ट्रा की बैटरी को लेकर आई है. चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो (Weibo) पर मशहूर टिपस्टर 'डिजिटल चैट स्टेशन' ने खुलासा किया है कि एप्पल के एक प्रमुख बैटरी सप्लायर ने हाल ही में दो अलग-अलग बैटरी सेल्स को एक साथ सर्टिफाई कराया है. ऐसा डुअल-सेल (Dual-Cell) सेटअप आमतौर पर सिर्फ फोल्डेबल फोन्स में ही इस्तेमाल होता है क्योंकि वहां स्क्रीन को बीच से मोड़ा जाता है.रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों बैटरियों की क्षमता क्रमशः 1,921mAh और 2,962mAh है, जो मिलकर कुल 4,883mAh की रेटेड कैपेसिटी बनाती हैं. इसका साफ मतलब है कि लॉन्च के वक्त आईफोन अल्ट्रा की असली मार्केटेड क्षमता लगभग 5,000mAh के आसपास होने वाली है. यह बड़ा अपग्रेड सीधे तौर पर सैमसंग और गूगल के प्रीमियम फोल्डेबल फोंस को कड़ी टक्कर देगा.वजन में भारी होंगे प्रो मॉडल्स, ब्लैक कलर की हो सकती है छुट्टीबैटरी और कैमरे का यह बड़ा अपग्रेड सिर्फ अल्ट्रा मॉडल तक ही सीमित नहीं रहेगा. लीक्स के अनुसार, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max में भी बैटरी लाइफ में काफी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.हालांकि, इन भारी-भरकम बदलावों की वजह से इस साल के प्रो मॉडल्स पिछले वेरिएंट्स के मुकाबले काफी भारी हो सकते हैं, यहाँ तक कि प्रो मैक्स मॉडल का वजन 240 ग्राम के पार भी जा सकता है. बड़े कैमरा मॉड्यूल के कारण फोन की मोटाई भी थोड़ी बढ़ सकती है. रंगों (Colors) की बात करें तो इस बार प्रो मॉडल्स में से क्लासिक ब्लैक कलर को हटाया जा सकता है. एप्पल इसकी जगह डार्क चेरी, लाइट ब्लू और सिल्वर जैसे बेहद आकर्षक और नए शेड्स पर अपना पूरा फोकस कर रहा है. एप्पल के सितंबर में होने वाले मेगा इवेंट में इन सभी फीचर्स पर से आधिकारिक तौर पर पर्दा उठ जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 10:00 am

PM मोदी बोले- 9 महीने में हुआ भारत-न्यूजीलैंड FTA, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। ऑकलैंड में उन्होंने 9 महीने में हुए इस समझौते, UPI सहयोग और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य साझा

वेब दुनिया 11 Jul 2026 9:54 am

चीन में बाढ़ के साथ बहकर आए हजारों खतरनाक सांप, रिहायशी इलाकों में मचा हड़कंप, कोबरा के डर से घरों में दुबके लोग

सांप का नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं, लेकिन चीन में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जो खौफनाक नजारा देखने को मिला, उसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. भारी बारिश के बाद आए सैलाब के चलते चीन के कई रिहायशी इलाकों में अचानक हजारों सांप घुस गए हैं. सड़कों, गलियों और पानी भरे रास्तों पर तैरते जहरीले सांपों ने स्थानीय लोगों की रात की नींद उड़ा दी है. सोशल मीडिया पर इसके डरावने वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें बाढ़ के पानी के बीच सांपों के झुंड रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं.आखिर बाढ़ के पानी में कहां से आए इतने सारे सांप?इस अजीबोगरीब और डरावनी घटना के पीछे की वजह चीन का एक खास इलाका है. दरअसल, चीन का गुआंग्शी क्षेत्र देश का सबसे बड़ा 'स्नेक ब्रीडिंग हब' (Snake Breeding Hub) माना जाता है. यहां पारंपरिक दवाइयों, वैज्ञानिक शोध और लेदर प्रोडक्ट्स के लिए करोड़ों की संख्या में सांप और अन्य रेंगने वाले जीवों को पाला जाता है. हाल ही में आई भीषण बाढ़ के दौरान इस इलाके के एक बड़े स्नेक फार्म की सुरक्षा दीवारें पानी के तेज दबाव के कारण ढह गईं. दीवार टूटते ही फार्म में पाले जा रहे हजारों सांप पानी के तेज बहाव के साथ बहकर सीधे इंसानी बस्तियों और मुख्य सड़कों तक पहुंच गए.कोबरा का सबसे बड़ा खतरा, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्टबाढ़ के पानी में बहकर आए सांपों में 'कोबरा' जैसे बेहद जहरीले सांप भी शामिल हैं, जिससे खतरा कई गुना बढ़ गया है. चीनी प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को चेतावनी दी है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी खतरा टला नहीं है. यह सांप पानी कम होने पर घरों के कोनों, सीढ़ियों के नीचे, दीवारों की दरारों और मलबे में छिप सकते हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे बिना किसी सुरक्षा उपकरण के खुद इन जहरीले सांपों को पकड़ने की गलती बिल्कुल न करें और किसी भी इमरजेंसी में तुरंत रेस्क्यू टीम को सूचित करें.कमर तक पानी में उतरी रेस्क्यू टीम, जाल और स्टन गन से हो रही धरपकड़हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने विशेषज्ञ स्नैक कैचर्स और 10 अनुभवी लोगों की एक स्पेशल रेस्क्यू टीम को मैदान में उतारा है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि रेस्क्यू कर्मचारी और कुछ स्थानीय लोग अपनी जान जोखिम में डालकर कमर तक भरे पानी में उतर रहे हैं. ये टीमें मछली पकड़ने वाले बड़े जालों, डंडों, विशेष सुरक्षा सूट और स्टन गन की मदद से इन रेंगते जीवों को पकड़ने की कोशिश में जुटी हैं.चीन में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पहले ही तबाही मचा रखी है, नदियां उफान पर हैं और हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है, लेकिन इस बाढ़ के बीच सांपों के इस नए और जानलेवा संकट ने लोगों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:36 am

हर महीने मिलेगी ₹9,250 की बंपर पेंशन! पोस्ट ऑफिस की इस धांसू स्कीम में सुरक्षित रहेगा आपका पैसा, जानें निवेश का पूरा गणित

अगर आप बिना किसी जोखिम के अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए हर महीने एक निश्चित और मोटी कमाई की तलाश में हैं, तो भारतीय डाक विभाग की पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) आपके लिए सबसे बेहतरीन जरिया बन सकती है. केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश करने पर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है. वर्तमान में मिल रही 7.4 फीसदी की दमदार सालाना ब्याज दर के हिसाब से यदि आप इसमें जॉइंट अकाउंट खोलकर निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने घर बैठे करीब ₹9,250 की नियमित आमदनी होने लगेगी.क्या है पोस्ट ऑफिस MIS और क्यों है यह इतनी लोकप्रिय?पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक बेहद भरोसेमंद सरकारी बचत योजना है. इसका मुख्य उद्देश्य निवेशकों को हर महीने एक निश्चित आय की गारंटी देना है. यही कारण है कि यह स्कीम देश के वरिष्ठ नागरिकों, नौकरी से रिटायर हो चुके कर्मचारियों और कम जोखिम में फिक्स्ड मंथली इनकम चाहने वाले मिडिल क्लास परिवारों के बीच जबरदस्त लोकप्रिय है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपकी जमा की गई मूल राशि (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहती है और ब्याज का भुगतान सीधे आपके खाते में हर महीने कर दिया जाता है.₹15 लाख के निवेश पर हर महीने का पूरा गणितइस योजना में कोई भी भारतीय नागरिक सिंगल या जॉइंट अकाउंट के जरिए निवेश कर सकता है. सरकार प्रत्येक तिमाही में इसकी ब्याज दरों की समीक्षा करती है. वर्तमान में लागू 7.4% वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से मुनाफे का कैलकुलेशन कुछ इस प्रकार है:कुल निवेश (जॉइंट अकाउंट): ₹15,00,000ब्याज दर: 7.4% प्रतिवर्षवार्षिक ब्याज की कमाई: ₹1,11,000मासिक आय (Monthly Income): लगभग ₹9,2505 साल में कुल मुनाफा: ₹5,55,000पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल (60 महीने) की होती है. 5 साल पूरे होने पर निवेशक को उसकी ₹15 लाख की पूरी मूल राशि वापस सौंप दी जाती है और इस दौरान वह ₹5.55 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में कमा चुका होता है.निवेश की अधिकतम सीमा और प्री-मैच्योर क्लोजर के नियमनियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने सिंगल अकाउंट के जरिए अधिकतम ₹9 लाख तक ही जमा कर सकता है, जबकि जॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 व्यक्ति) के माध्यम से ₹15 लाख तक निवेश करने की खुली छूट है. अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ती है, तो खाता बंद करने के लिए ये नियम लागू होंगे:खाता खोलने के पहले 1 वर्ष के भीतर आप इसे किसी भी हाल में बंद नहीं कर सकते.1 साल से 3 साल के बीच खाता बंद करने पर आपकी जमा मूल राशि से 2 प्रतिशत की कटौती की जाएगी.3 साल के बाद और 5 साल से पहले खाता बंद करने पर मूल राशि का 1 प्रतिशत काटकर शेष रकम लौटाई जाएगी.टैक्स बेनिफिट्स और खाता खोलने से जुड़ी जरूरी बातध्यान रखने वाली बात यह है कि पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश करने पर आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है. इस योजना से मिलने वाला मासिक ब्याज आपकी कुल सालाना आय में जोड़ा जाता है और आपके टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स देय होता है. हालांकि, राहत की बात यह है कि डाक विभाग इस ब्याज राशि पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटता है. चूंकि यह पूरी तरह डाक विभाग की योजना है, इसलिए इसका खाता केवल आधिकारिक पोस्ट ऑफिस में ही खोला जा सकता है, किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:34 am

10.37 करोड़ की Ferrari 849 Testarossa भारत में लॉन्च! 1050 हॉर्सपावर की इस हाइब्रिड सुपरकार के फीचर्स उड़ा देंगे होश

लग्जरी और तेज रफ्तार कारों के शौकीनों के लिए इतालवी सुपरकार निर्माता फेरारी (Ferrari) ने भारतीय बाजार में अपनी अब तक की सबसे दमदार रोड कार Ferrari 849 Testarossa को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. 15 मार्च, 2026 को देश में उतरी इस प्लग-इन हाइब्रिड सुपरकार की शुरुआती कीमत ₹10.37 करोड़ (एक्स-शोरूम) रखी गई है. यह नई हाइब्रिड सुपरकार बाजार में फेरारी SF90 स्ट्राडेल (Stradale) की जगह लेगी और सीधे तौर पर लैंबरघिनी रेवुएल्टो (Lamborghini Revuelto) को कड़ी टक्कर देने आ रही है.'रेड हेड' नाम के पीछे छिपा है 70 साल पुराना रेसिंग इतिहासइस कार के साथ फेरारी ने अपने करीब 70 साल पुराने ऐतिहासिक नाम को दोबारा जिंदा किया है. साल 1956 में फेरारी ने अपनी जिन रेसिंग कारों के कैम कवर्स को लाल रंग से रंगा था, उन्हें 'Testarossa' नाम दिया गया था. इटैलियन भाषा में इसका सीधा मतलब रेड हेड (लाल सिर) होता है. इसके अलावा, कार के नाम में शामिल 849 का भी एक खास गणित है, जो इसके इंजन को दर्शाता है—यानी इसमें 8 सिलेंडर का इंजन लगा है और इसके हर एक सिलेंडर की क्षमता 490cc है.1970 के दशक का लुक और जबरदस्त एरोडायनामिक डिजाइनडिजाइन के मामले में यह कार SF90 से काफी अलग और आक्रामक दिखती है. इसके फ्रंट लुक को 1970 के दशक के एंड्योरेंस रेसिंग प्रोटोटाइप और 1980 की क्लासिक टेस्टारोसा से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. कार में बेहद पतली एलईडी हेडलाइट्स दी गई हैं.पहिए और ब्रेक्स: कार के साइड प्रोफाइल में 20 इंच के बड़े अलॉय व्हील्स के साथ हाई-परफॉर्मेंस सिरेमिक ब्रेक कैलिपर्स और स्टैगर्ड टायर्स (अलग-अलग साइज के टायर) दिए गए हैं.1970 की रेसिंग ट्रिक: कार के पिछले हिस्से में ट्विन-टेली डिजाइन है, जो 512S रेसिंग कार की याद दिलाता है. इसमें एक एक्टिव स्पॉइलर लगा है जो 1 सेकंड से भी कम समय में अपनी पोजीशन बदलकर 100 किलोग्राम तक का अतिरिक्त डाउनफोर्स पैदा कर सकता है. 250 किमी/घंटे की रफ्तार पर इसका कुल डाउनफोर्स 415 किलोग्राम तक पहुंच जाता है.1,050 PS की बेमिसाल ताकत और 330 km/h से ज्यादा की टॉप स्पीडफेरारी 849 टेस्टारोसा में 3.9-लीटर का ट्विन-टर्बोचार्ज्ड V8 इंजन दिया गया है, जो अकेले 830 PS की पावर जेनरेट करता है. इस इंजन का साथ देने के लिए इसमें 3 इलेक्ट्रिक मोटर (दो आगे के पहियों पर और एक पीछे) जोड़ी गई हैं, जो फॉर्मूला-1 की आधुनिक तकनीक पर काम करती हैं.रफ्तार का जादू: यह पूरा सिस्टम मिलकर कुल 1,050 PS की कड़क पावर जनरेट करता है. कार में 7.45 kWh की बैटरी लगी है, जिससे यह सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर 25 किलोमीटर तक चल सकती है. रफ्तार की बात करें तो यह महज 2.3 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा और सिर्फ 6.3 सेकंड में 200 किमी/घंटे की स्पीड पकड़ लेती है. इसकी टॉप स्पीड 330 किमी/घंटे से भी ज्यादा है.कॉकपिट जैसा इंटीरियर और भारत में सर्विस सपोर्टकार के केबिन के अंदर कदम रखते ही आपको किसी फाइटर जेट या रेस कार जैसा अहसास होगा. इसके इंटीरियर में प्रीमियम लेदर, कार्बन फाइबर और अल्कांतारा मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है. ड्राइवर के लिए 16-इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले, पैसेंजर के लिए अलग परफॉर्मेंस स्क्रीन, वायरलेस Apple CarPlay और Android Auto जैसे फीचर्स दिए गए हैं. स्टीयरिंग व्हील पर पुराने हैप्टिक टच की जगह अब सॉलिड फिजिकल स्विच और कार्बन-फाइबर पैडल शिफ्टर्स दिए गए हैं. भारत में फेरारी इस कार को अपने मुंबई और नई दिल्ली के शोरूम के जरिए बेचेगी, जबकि इसका मुख्य सर्विस सपोर्ट बेंगलुरु से संचालित किया जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:31 am

दुनिया में बजा भारतीय वायुसेना का डंका! चीन को पछाड़ IAF बनी तीसरी सबसे बड़ी हवाई ताकत, WDMMA रैंकिंग में रचा इतिहास

भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर देश का मान बढ़ाया है. 'वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट' (WDMMA) द्वारा जारी साल 2026 की ग्लोबल एयरपावर रैंकिंग में भारतीय वायुसेना ने दुनिया में तीसरा स्थान हासिल किया है. साल 2022 के बाद से यह लगातार 5वां मौका है जब भारत ने पड़ोसी देश चीन की 'पीपल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स' (PLAAF) को पीछे छोड़ते हुए अपनी बढ़त बरकरार रखी है.अमेरिका और रूस के बाद भारत का दबदबा, ऐसे तय होती है ताकतताजा वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय वायुसेना दुनिया की शीर्ष ताकतों में सिर्फ अमेरिका और रूस से पीछे है. WDMMA कुल 103 देशों की 129 वायु सेनाओं के करीब 48,000 से अधिक विमानों का गहन मूल्यांकन करता है. इसके लिए 'ट्रू वैल्यू रेटिंग' (TVR) प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है. यह रेटिंग सिर्फ लड़ाकू विमानों की गिनती पर नहीं, बल्कि विमानों की आधुनिक मारक क्षमता, लॉजिस्टिक सपोर्ट, स्वदेशी निर्माण की काबिलियत और लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों के सही संतुलन (Fleet Mix) के आधार पर दी जाती है.1,716 विमानों के साथ आसमान में गरज रही है भारतीय वायुसेनाआंकड़ों के मुताबिक, भारतीय वायुसेना वर्तमान में कुल 1,716 लड़ाकू और सहायक विमानों का संचालन कर रही है. इस शक्तिशाली बेड़े में सात अलग-अलग श्रेणियों के 542 फाइटर जेट शामिल हैं (जिसमें जल्द ही रिटायर होने वाला MiG-21 भी गिना गया है). इसके अलावा आसमानी बेड़े में:हेलीकॉप्टर: 498 (जिसमें 222 Mi-17 और 111 स्वदेशी HAL ध्रुव व रुद्र शामिल हैं)ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट: 282 मालवाहक विमानट्रेनर विमान: 374 (पायलटों की ट्रेनिंग के लिए खास तौर पर तैयार)स्पेशल मिशन एयरक्राफ्ट: 20 (हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर और खोजी विमान)कमियों को दूर करने का मेगा प्लान: 180 तेजस और राफेल की होगी एंट्रीWDMMA ने जहां भारत की ताकत की तारीफ की है, वहीं बेड़े की कुछ चुनौतियों का भी जिक्र किया है. वर्तमान में IAF के पास स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले 29 फाइटर स्क्वाड्रन ही एक्टिव हैं. इसके साथ ही मिड-एयर रिफ्यूलर और एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AEW&C) की संख्या बढ़ाने की जरूरत है.वायुसेना इन कमियों को तेजी से दूर करने के लिए पूरी तरह तैयार है. इसके तहत हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को 180 स्वदेशी तेजस Mk-1A लड़ाकू विमानों का भारी-भरकम ऑर्डर दिया जा चुका है. इसके अतिरिक्त, 114 नए राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की योजना पर भी काम चल रहा है, जिससे 2030 के दशक में रिटायर होने वाले जगुआर, मिराज 2000 और मिग-29 विमानों की कमी को आसानी से पूरा किया जा सके.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:30 am

गैस सिलेंडर बुक करने से पहले देखें नई रेट लिस्ट: दिल्ली, नोएडा से लखनऊ तक घरेलू और कमर्शियल LPG के आज के दाम जारी

अगर आप आज अपने घर या दुकान के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं, तो सबसे पहले आज के ताजा रेट जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज के लिए घरेलू और कमर्शियल दोनों ही गैस सिलेंडरों के दाम अपडेट कर दिए हैं. बीते जून महीने में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से जुलाई में भी कीमतें उसी स्तर पर बनी हुई हैं. वर्तमान में देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है, वहीं फरीदाबाद (हरियाणा) में इसकी कीमत ₹943.50 तय की गई है.घरेलू LPG सिलेंडर (14.2 KG) के आज के दामविभिन्न राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स (वैट) और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट की वजह से देश के अलग-अलग शहरों में कीमतें भिन्न होती हैं. आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:दिल्ली: ₹942.00नोएडा: ₹939.50मुंबई: ₹941.50लखनऊ: ₹979.50कोलकाता: ₹968.00चेन्नई: ₹957.50जयपुर: ₹945.50पटना: ₹1,031.50चंडीगढ़: ₹951.50असम: ₹991.00दुकानदारों के लिए: 19 KG कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमतेंकमर्शियल गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल करने वाले रेस्तरां और दुकानदारों के लिए भी आज की कीमतें जारी कर दी गई हैं. 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के प्रमुख शहरों के रेट नीचे दिए गए हैं:दिल्ली व नोएडा: ₹2,930.00हरियाणा: ₹2,932.00मुंबई: ₹2,885.50लखनऊ: ₹3,052.50कोलकाता: ₹3,081.50चेन्नई: ₹3,106.00जयपुर: ₹2,957.50पटना: ₹3,227.00हर महीने क्यों घटते-बढ़ते हैं एलपीजी के दाम?आमतौर पर तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं, हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव में इसे महीने के बीच में भी बदला जा सकता है. एलपीजी की कीमतें मुख्य रूप से इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल व एलपीजी की दर, डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर, माल ढुलाई की लागत और राज्यों के स्थानीय टैक्स (Local Taxes) के आधार पर तय होती हैं.उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को बड़ी राहत: सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को प्रति 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर पर ₹300 की बंपर सब्सिडी देना जारी रख रही है, जो सीधे उनके लिंक किए गए बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाती है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:28 am

पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी: दिल्ली से मुंबई तक बदल गए ईंधन के रेट, घर बैठे 1 मिनट में ऐसे चेक करें अपने शहर का भाव

हर दिन की शुरुआत देश में सिर्फ सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों के साथ होती है. सुबह ठीक 6 बजे देश की दिग्गज तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज के लिए ईंधन की ताजा दरें जारी कर दी हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की उठापटक और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर ये दाम तय होते हैं. चूंकि ईंधन के दाम आम आदमी की जेब से लेकर फल-सब्जी और ट्रांसपोर्टेशन की लागत पर सीधा असर डालते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले आज का रेट जान लेना बेहद जरूरी है.देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल रेटभारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सरकारी टैक्स (VAT) और माल ढुलाई की लागत अलग होने के कारण कीमतों में अंतर देखने को मिलता है. आज के प्रमुख शहरों के भाव इस प्रकार हैं:नई दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.20मुंबई: पेट्रोल ₹111.18 | डीजल ₹97.83कोलकाता: पेट्रोल ₹113.47 | डीजल ₹99.82चेन्नई: पेट्रोल ₹107.77 | डीजल ₹99.55हैदराबाद: पेट्रोल ₹115.69 | डीजल ₹103.82लखनऊ: पेट्रोल ₹102.05 | डीजल ₹95.55नोएडा: पेट्रोल ₹102.12 | डीजल ₹95.56बेंगलुरु: पेट्रोल ₹110.93 | डीजल ₹98.80मई 2022 से क्यों बनी हुई है कीमतों में स्थिरता?वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होने के बावजूद भारतीय बाजार में पिछले दो वर्षों से ईंधन के दाम तुलनात्मक रूप से स्थिर हैं. दरअसल, मई 2022 में केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों द्वारा एक्साइज ड्यूटी व वैट में की गई भारी कटौती के बाद से तेल कंपनियों ने कीमतों को एक दायरे में रखा है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई के बड़े झटकों से राहत मिली हुई है.किन 4 बड़े कारणों से तय होता है आपकी गाड़ी के ईंधन का दाम?क्रूड ऑयल की कीमत: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए ग्लोबल मार्केट में इसके रेट बढ़ते ही भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाता है.डॉलर बनाम रुपया: अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल की खरीदारी डॉलर में होती है. अगर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो तेल कंपनियों को आयात के लिए ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है.सरकारी टैक्स का बोझ: पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों का वैट (VAT) मिलकर खुदरा मूल्य का एक बहुत बड़ा हिस्सा बनाते हैं.मांग और रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को रिफाइनरियों में साफ करने की लागत और त्योहारों या मौसम के अनुसार बाजार में ईंधन की मांग भी कीमतों को प्रभावित करती है.सिर्फ एक SMS से अपने फोन पर पाएं आज का लाइव रेटअगर आप बिना इंटरनेट के भी अपने शहर का सटीक भाव जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियों ने एसएमएस (SMS) के जरिए बेहद आसान सुविधा दे रखी है:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP टाइप करें और 9224992249 पर भेज दें.BPCL: अपने मोबाइल से RSP लिखकर 9223112222 पर सेंड करें.HPCL: मोबाइल के मैसेज बॉक्स में HP Price लिखें और इसे 9222201122 पर भेज दें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:27 am

केंद्रीय कर्मचारियों की मौज! 8वें वेतन आयोग में रॉकेट की तरह बढ़ेगा HRA, जानें फिटमेंट फैक्टर बदलते ही कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर हलचल तेज है. कोलकाता में स्टेकहोल्डर्स और कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकों का दौर पूरा हो चुका है. इस बैठक में यूनियनों ने न सिर्फ बेसिक सैलरी (Basic Salary) बढ़ाने, बल्कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में भी बंपर बढ़ोतरी की पुरजोर मांग की है. चूंकि एचआरए सीधे तौर पर बेसिक पे का एक निश्चित प्रतिशत होता है, इसलिए फिटमेंट फैक्टर लागू होते ही कर्मचारियों के इन-हैंड वेतन में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा.कर्मचारी संगठनों की मांग: 40% तक किया जाए HRAफिलहाल 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, शहरों को तीन श्रेणियों X, Y और Z में बांटा गया है. जनवरी 2024 में महंगाई भत्ता (DA) 50 फीसदी पहुंचने के बाद मौजूदा एचआरए दरें क्रमशः 30% (X शहर), 20% (Y शहर) और 10% (Z शहर) हैं. लेकिन बड़े शहरों में आसमान छूते किराए को देखते हुए NC-JCM, AIDEF और FNPO जैसे संगठनों ने एचआरए स्लैब को बढ़ाकर 40% (X), 35% (Y) और 30% (Z) करने की मांग की है. वहीं AINPSEF ने इसे क्रमशः 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव रखा है.फिटमेंट फैक्टर का पूरा गणित: कैसे बढ़ेगा आपका पैसा?एचआरए की गणना हमेशा न्यूनतम बेसिक पे पर की जाती है. वर्तमान में दिल्ली (X श्रेणी शहर) में कार्यरत लेवल 1 के कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, जिस पर 30% के हिसाब से ₹5,400 एचआरए मिलता है. 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर यह गणित पूरी तरह बदल जाएगा:2.0 फिटमेंट फैक्टर पर: न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹36,000 हो जाएगी और 30% के हिसाब से एचआरए सीधे दोगुना होकर ₹10,800 हो जाएगा.2.28 या 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर: यदि सरकार इन उच्च फिटमेंट फैक्टर्स को मंजूरी देती है, तो लेवल 1 से लेकर लेवल 10 तक के कर्मचारियों का वेतन अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगा. उदाहरण के तौर पर, दिल्ली जैसे X श्रेणी के शहर में तैनात एक एंट्री-लेवल अफसर (लेवल 10) का सिर्फ मकान किराया भत्ता (HRA) ही बढ़कर ₹43,250 प्रति माह तक पहुंच सकता है.यह बदलाव लागू होते ही कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में अब तक का सबसे बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा, जिससे करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:26 am

कफ सिरप से नशा करने वालों की अब खैर नहीं! केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 12% से ज्यादा अल्कोहल वाली दवाएं अब बिना पर्ची के नहीं मिलेंगी

केंद्र सरकार ने कफ सिरप और अल्कोहल आधारित दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग और नशे के रूप में हो रहे इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम उठाया है. ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 में बड़ा संशोधन करते हुए सरकार ने 12% से ज्यादा एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol) वाली और 30 मिलीलीटर से बड़ी बोतलों में बिकने वाली सभी ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाओं को 'शेड्यूल H1' (Schedule H1) की श्रेणी में डाल दिया है. इस फैसले के बाद अब ऐसी दवाएं किसी भी मेडिकल स्टोर पर बिना डॉक्टर के वैध प्रिस्क्रिप्शन (पर्ची) के ओवर-द-काउंटर नहीं बेची जा सकेंगी.बिक्री का रखना होगा पूरा हिसाब, 3 साल तक संभालनी होगी डॉक्टर की पर्चीशेड्यूल H1 में शामिल होने के बाद अब इन दवाओं की खरीद-बिक्री पर सरकार की सीधी और सख्त नजर होगी. देश के सभी मेडिकल स्टोर और फार्मेसियों को इन दवाओं की हर एक बिक्री का पूरा रिकॉर्ड एक अलग रजिस्टर में दर्ज करना होगा, जिसमें डॉक्टर, मरीज और दवा की पूरी डिटेल शामिल होगी. यही नहीं, केमिस्ट को डॉक्टर द्वारा लिखी गई मूल पर्ची को तीन साल तक अपने पास सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा ताकि ड्रग इंस्पेक्टर कभी भी इसकी जांच कर सकें. पहले से मिल रही कुछ छूटों (शेड्यूल K के तहत) को भी अब इन दवाओं के लिए पूरी तरह खत्म कर दिया गया है.बोतल पर होगी लाल रंग की 'Rx' चेतावनी, नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाईनए नियमों के मुताबिक, अब इन दवाओं की पैकेजिंग और लेबल पर भी बड़ा बदलाव दिखेगा. 12% से ज्यादा अल्कोहल वाली इन दवाओं के लेबल पर लाल रंग में साफ तौर पर 'Rx' का निशान बनाना होगा. इसके साथ ही पैकेट पर एक अनिवार्य चेतावनी भी लिखनी होगी: यह दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें, सेहत के लिए खतरनाक हो सकती है. ड्रग्स कंसल्टेटिव कमेटी (DCC) की जून 2025 में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिली थी, जिसके बाद ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सिफारिश पर सरकार ने आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर इसे मंजूरी दी है.दवाएं बंद नहीं हुईं, सिर्फ गलत इस्तेमाल पर लगी है लगामसरकार ने साफ किया है कि इन दवाओं पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, बल्कि इनका सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए यह नियम लागू किया जा रहा है. दरअसल, कफ सिरप और टॉनिक में अल्कोहल का इस्तेमाल सॉल्वेंट या प्रिजर्वेटिव के रूप में होता है, जो तय मात्रा में सुरक्षित है. लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के भारी मात्रा में इसके सेवन से लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ता है. यह नया नियम नोटिफिकेशन की तारीख से या अगले छह महीनों के भीतर पूरे देश में पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:23 am

दिल्ली में महिलाओं के लिए फ्री बस सफर का बदला नियम! 1 अगस्त से 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' हुआ जरूरी, वरना जेब से ढीला करना होगा किराया

दिल्ली में रहने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने मुफ्त बस सफर से जुड़े नियमों में बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है. आगामी 1 अगस्त से दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और DIMTS क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा करने के लिए अब गुलाबी रंग का कागजी टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि उसकी जगह 'पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड' दिखाना और उसे मशीन पर टैप करना अनिवार्य होगा. अगर 1 अगस्त के बाद आपके पास यह कार्ड नहीं हुआ, तो आपको सामान्य यात्रियों की तरह पूरे पैसे देकर टिकट खरीदना पड़ेगा. हालांकि, राहत की बात यह है कि 31 जुलाई तक पुरानी कागजी टिकट व्यवस्था पहले की तरह ही चलती रहेगी.क्या है पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड और कौन है इसका हकदार?यह कार्ड दिल्ली सरकार की तरफ से जारी किया जाने वाला एक खास NCMC (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) आधारित डिजिटल स्मार्ट कार्ड है. सरकार इस व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना चाहती है ताकि कागजी टिकटों का खर्च बचे और डेटा बिल्कुल सटीक रहे. यह सुविधा केवल दिल्ली की रहने वाली 12 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं और ट्रांसजेंडर निवासियों के लिए है. बस में चढ़ते ही आपको इस कार्ड को वहां लगी इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर टैप करना होगा, जिसके बाद आपकी फ्री यात्रा मान्य हो जाएगी.मुफ्त में बनेगा पहला कार्ड: ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन का यह है तरीकादिल्ली सरकार ने जनता की सुविधा के लिए इस कार्ड को बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है. पहला कार्ड सभी के लिए बिल्कुल मुफ्त जारी किया जा रहा है, लेकिन अगर यह खो जाता है तो दोबारा बनवाने के लिए तय फीस देनी होगी. आप इसे दो तरीकों से बनवा सकते हैं:ऑनलाइन तरीका: इसके लिए आपको MufinPay के आधिकारिक 'DTC Pink NCMC Card Portal' पर जाना होगा. वहां अपना मोबाइल नंबर और संबंधित पहचान दस्तावेज दर्ज कर ओटीपी (OTP) के जरिए वेरिफिकेशन करना होगा. आवेदन पूरा होने के बाद मिलने वाले क्यूआर (QR) कोड को किसी भी नजदीकी डीटीसी सेंटर पर दिखाकर आप अपना असली स्मार्ट कार्ड ले सकते हैं.ऑफलाइन तरीका: आप सीधे अपने नजदीकी 'पिंक कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर' पर जा सकते हैं. वहां अपने जरूरी दस्तावेज और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ जाकर सीधे काउंटर से ही अपना नया पिंक सहेली कार्ड हासिल कर सकते हैं.31 जुलाई से पहले कर लें तैयारी, नहीं तो लगेगा किरायाइस नए नियम को लाने का मुख्य उद्देश्य मुफ्त यात्रा का सही रिकॉर्ड रखना और योजना का लाभ सिर्फ सही लोगों तक पहुंचाना है. सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि मुफ्त यात्रा की गिनती सिर्फ स्मार्ट कार्ड टैपिंग के जरिए ही होगी. इसलिए दिल्ली की सभी महिला और ट्रांसजेंडर यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे 31 जुलाई की आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते अपना कार्ड बनवा लें, ताकि 1 अगस्त से उन्हें बस सफर में किसी भी तरह की परेशानी या बेवजह किराया देने की नौबत न आए.

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 9:21 am

Ladli Behna Yojana 38th Installment: 12 जुलाई को आएगी लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त, सीएम मोहन यादव भिंड से ट्रांसफर करेंगे ₹1500, ऐसे चेक करें स्टेटस

मध्य प्रदेश की लगभग 1.25 करोड़ से अधिक लाडली बहनों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी 'लाडली बहना योजना' (Ladli Behna Yojana) की 38वीं किस्त का इंतजार अब पूरी तरह से खत्म होने वाला है। नवीनतम आधिकारिक खबरों के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) भिंड जिले के मेहगांव में 12 जुलाई को आयोजित होने वाले एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान इस योजना की अगली मासिक किस्त जारी करने जा रहे हैं।मुख्यमंत्री 12 जुलाई को मेहगांव विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे, जहां वे क्षेत्र की जनता को करोड़ों रुपये की कई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे और नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इसी विकास मंच से सिंगल क्लिक के जरिए जुलाई महीने की किस्त सीधे पात्र महिलाओं के डीबीटी (DBT) लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने दी जानकारी, मेहगांव में तैयारियां तेजमध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि लाडली बहना योजना की 38वीं सम्मान किस्त को महिलाओं के खातों में भेजने का मुख्य कार्यक्रम इस बार भिंड की मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के इस दौरे और भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।आपको बता दें कि इससे पहले जून महीने में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने योजना की 37वीं किस्त 14 जून को सागर जिले के केसली में आयोजित एक कार्यक्रम से जारी की थी, जहां राज्य भर की सभी लाडली बहनों के बैंक खातों में 1,500-1,500 रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई थी।इन महिलाओं को मिलता है सरकार की इस योजना का सीधा लाभलाडली बहना योजना मध्य प्रदेश की आर्थिक रूप से कमजोर, मध्यमवर्गीय और जरूरतमंद परिवारों की विवाहित महिलाओं के सशक्तिकरण का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। इस योजना के दायरे में राज्य की 21 से 60 वर्ष तक की विवाहित महिलाएं आती हैं, जिनमें समाज की परित्यक्ता, तलाकशुदा और विधवा महिलाएं भी शामिल हैं। सरकार इन सभी पात्र लाडली बहनों के बैंक खातों में हर महीने ₹1,500 की सम्मान राशि सीधे उनके बैंक अकाउंट में जमा करती है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।घर बैठे ऑनलाइन कैसे चेक करें अपनी 38वीं किस्त का 'पेमेंट स्टेटस'?जुलाई महीने की 38वीं किस्त आपके बैंक खाते में जमा हुई है या नहीं, इसे जांचने के लिए आपको किसी बैंक या सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके घर बैठे ऑनलाइन स्टेटस चेक कर सकती हैं:स्टेप 1: सबसे पहले लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' (Application & Payment Status) वाले विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: अब खुले नए पेज पर अपनी 9 अंकों की 'समग्र आईडी' (Samagra ID) या अपना ऑनलाइन आवेदन क्रमांक दर्ज करें।स्टेप 4: स्क्रीन पर दिख रहे सुरक्षा कोड यानी कैप्चा (CAPTCHA) को सही-सही भरें और 'ओटीपी भेजें' (Get OTP) पर क्लिक करें।स्टेप 5: आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, उसे दर्ज करके वेरिफाई बटन दबाएं।स्टेप 6: सबमिट करते ही स्क्रीन पर आपके आवेदन की पूरी स्थिति और जुलाई महीने के पेमेंट स्टेटमेंट (Payment Statement) की पूरी जानकारी खुलकर सामने आ जाएगी।जून 2023 में हुई थी शुरुआत, ₹1,000 से बढ़कर ₹1,500 हुई राशिमध्य प्रदेश की इस गेम-चेंजर योजना की शुरुआत राज्य सरकार द्वारा जून 2023 में की गई थी। जब यह योजना लॉन्च हुई थी, तब महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। लेकिन महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को देखते हुए बाद में राज्य सरकार ने इस मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर सीधे 1,500 रुपये प्रति महीना कर दिया था। वर्तमान में यह योजना राज्य की करोड़ों महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 8:18 am

बुलंदशहर से यमुना एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया लिंक मार्ग: यीडा ने 57% जमीन खरीदी, जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे से होगी सीधी कनेक्टिविटी

उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई और हाई-स्पीड गति देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YIDA) एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) की पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित नए लिंक एक्सप्रेसवे (Link Expressway) के लिए जमीन खरीदने का काम बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है।प्राधिकरण के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए अब तक करीब 57 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। यीडा के आला अधिकारियों के मुताबिक, बाकी बची हुई जमीन को भी आगामी एक महीने के भीतर आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत खरीद लिया जाएगा। इस शुरुआती भूमि अधिग्रहण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 1,204 करोड़ रुपये का बजट पहले ही मंजूर कर दिया है, जबकि यह पूरी भव्य परियोजना लगभग 4,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से बनकर तैयार होगी।कैसा होगा नया लिंक एक्सप्रेसवे? जानिए इसका रूट मैपयह नया लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है। इस प्रोजेक्ट के तकनीकी और भौगोलिक विवरण इस प्रकार हैं:शुरुआत और अंत: यह महत्वपूर्ण लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना (Siana) क्षेत्र से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर वाले बिंदु (जीरो प्वाइंट से दूरी) पर जाकर समाप्त होगा।यीडा क्षेत्र और एलिवेटेड हिस्सा: इस पूरे मार्ग का लगभग 20 किलोमीटर का हिस्सा यीडा (YEIDA) के अधिसूचित क्षेत्र से होकर गुजरेगा, जिसमें से 9 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड (Elevated Road) बनाया जाएगा।सर्विस रोड और गांवों की संख्या: स्थानीय यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक्सप्रेसवे के साथ-साथ चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को आवाजाही में कोई दिक्कत न हो। यह पूरा एक्सप्रेसवे कुल 56 गांवों की सीमाओं से होकर गुजरेगा।किसे होगा सीधा फायदा? व्यापार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्टइस लिंक एक्सप्रेसवे के पूरी तरह निर्मित हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश के कई बड़े हाईवे और एक्सप्रेसवे आपस में इंटरलिंक हो जाएंगे:मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: इस नए मार्ग के जरिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच सीधे और निर्बाध संपर्क की शानदार सुविधा मिलेगी।औद्योगिक सेक्टर्स को लाभ: यमुना सिटी के प्रमुख औद्योगिक सेक्टरों (जैसे- सेक्टर 28, 29, 32 और 33) को सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इससे मालवाहक कार्गो और भारी कमर्शियल वाहनों की आवाजाही सुपरफास्ट होगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों और उद्योगों को बड़ा लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलेगा।समय की बचत: दिल्ली, नोएडा और पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलों के बीच दैनिक सफर करने वाले आम यात्रियों के समय और ईंधन में भारी बचत होगी।जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा, परिचालन हुआ शुरूकनेक्टिविटी के इस महाजाल को इसलिए भी तेज किया जा रहा है क्योंकि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण (Phase 1) पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है और यहां से उड़ानों का परिचालन (Operations) भी शुरू हो गया है।वर्तमान में यह एयरपोर्ट अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है और सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को विश्वस्तरीय सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। भविष्य की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस एयरपोर्ट को आगे चलकर कुल चार बड़े चरणों में और अधिक विस्तारित और विशाल बनाया जाएगा।यूपीडा (UPEIDA) संभालेगा निर्माण की कमानयह नया लिंक एक्सप्रेसवे न केवल चालू हो चुके जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता और पहुंच को कई गुना बढ़ा देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के ओवरऑल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक वैश्विक पहचान दिलाएगा। यीडा द्वारा शत-प्रतिशत जमीन अधिग्रहण का काम पूरा कर लिए जाने के तुरंत बाद, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को इस प्रोजेक्ट के फिजिकल निर्माण कार्य की कमान सौंप दी जाएगी, जो इसका निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 11 Jul 2026 8:15 am

'अगर मेरी हत्या हुई तो ईरान पर बम गिरा देना', ट्रंप का दावा; मैं लंबे समय से ईरान की हिट लिस्ट में हूं

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैं काफी समय से उनके निशाने पर हूं। अगर मेरे साथ कुछ होता है तो मैंने ऐसे हमले के निर्देश दिए हैं जैसा ईरान ने पहले कभी देखा नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि अगर मेरी हत्या ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 8:15 am

Top News 11 July: पीएम मोदी ने FTA को बताया मील का पत्थर, ट्रंप का ईरान पर बड़ा बयान

Top News 11 July : अमेरिका राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश, अगर मेरी हत्या होती है तो ईरान पर बम गिरा देना। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड से एफटीए को मील का पत्थर बताया। आज नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि। दतिया विधानसभा उपचुनाव ...

वेब दुनिया 11 Jul 2026 7:48 am