चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (भुवनेश्वर/अमरावती): बंगाल की खाड़ी में उठा अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब 28 अक्टूबर को तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इसके मद्देनजर तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
देश के एक करोड़ से अधिक सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इस समय 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) को लेकर चर्चाएं चरम पर हैं। 7वें वेतन आयोग की 10 साल की समयावधि तकनीकी रूप से 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है और नियमों के अनुसार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जानी हैं। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा अब तक आधिकारिक तौर पर आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नाम व टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) की औपचारिक घोषणा में हो रहे विलंब को लेकर कर्मचारी यूनियनों में चिंता जरूर थी, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों और ट्रेड यूनियनों का मानना है कि इस देरी में कर्मचारियों का नुकसान नहीं, बल्कि एकमुश्त एरियर (Arrears) का बड़ा वित्तीय फायदा छिपा हुआ है। यदि आयोग अपनी सिफारिशें सौंपने और उन्हें लागू करने में 2027 या 2028 तक का समय लेता है, तो कर्मचारियों की झोली में 18 से लेकर 30 महीने तक का मोटा बकाया आना तय माना जा रहा है।वेतन आयोगों का ऐतिहासिक पैटर्न: देरी हमेशा लाती है बंपर एरियरकेंद्रीय कर्मचारियों के वेतन संशोधन के इतिहास पर नजर डालें तो किसी भी वेतन आयोग की सिफारिशें उसी दिन से लागू नहीं हो पातीं जिस दिन उनका कार्यकाल शुरू होता है।5वें, 6वें और 7वें वेतन आयोग का उदाहरण: 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ था, लेकिन इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से प्रभावी मानी गईं और कर्मचारियों को संशोधित वेतन का भुगतान अगस्त-सितंबर 2016 में किया गया था। इस दौरान कर्मचारियों को लगभग 8 महीने का एरियर मिला था।6वें वेतन आयोग का बड़ा एरियर: 6वें वेतन आयोग के समय यह देरी और अधिक लंबी खिंची थी, जिसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों को दो किस्तों में लगभग 32 महीने तक का भारी-भरकम एरियर दिया गया था।8वें वेतन आयोग की स्थिति: यदि केंद्र सरकार आगामी समय में आयोग की औपचारिक अधिसूचना जारी करती है, तो आयोग को देश भर के विभिन्न विभागों, सैन्य बलों और कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम 12 से 18 महीने का वक्त लगेगा। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और पे-मैट्रिक्स निर्धारण में और कुछ महीने लग सकते हैं। चूूँकि प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 ही रहेगी, इसलिए लागू होने के दिन तक का पूरा अंतर (लगभग 24 से 30 महीने) कर्मचारियों के खातों में एकमुश्त एरियर के रूप में क्रेडिट किया जाएगा।फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक सैलरी में कितना उछाल संभव?8वें वेतन आयोग के तहत सबसे बड़ा बदलाव 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) के रूप में देखा जाएगा। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का कॉमन फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके चलते केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 प्रति माह हुआ था।कर्मचारी यूनियनों की मांग: नेशनल काउंसिल (JCM) और विभिन्न रेलवे व रक्षा कर्मचारी महासंघों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 2.86 से 3.68 के बीच रखा जाना चाहिए।न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay): यदि सरकार 2.86 के फिटमेंट फैक्टर को स्वीकार करती है, तो लेवल-1 (ग्रुप डी/एमटीएस) के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से सीधे उछलकर लगभग ₹34,500 से ₹36,000 प्रति माह हो सकती है।अधिकतम वेतन: इसी अनुपात में उच्च स्तरों (लेवल-18 कैबिनेट सचिव स्तर) का अधिकतम वेतन ₹2.5 लाख से बढ़कर ₹4 लाख से ₹4.5 लाख प्रति माह तक पहुंच सकता है।30 महीने के एरियर का संभावित वित्तीय गणित: खाते में कितना आएगा पैसा?वेतन आयोग लागू होने में जितनी देरी होगी, एरियर का कॉर्पस उतना ही बड़ा होगा। एरियर की गणना मूल वेतन में होने वाली बढ़ोतरी, उस पर मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) के समायोजन और नए पे-मैट्रिक्स के अंतर के आधार पर की जाती है।लेवल-1 कर्मचारियों के लिए: मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी में प्रति माह ₹12,000 से ₹15,000 की शुद्ध वृद्धि (DA एडजस्टमेंट के बाद) दर्ज होती है। 30 महीने की देरी की स्थिति में केवल मूल वेतन के अंतर का एरियर ही लगभग ₹3.5 लाख से ₹4.5 लाख बन सकता है।लेवल-7 से 10 (अधिकारी वर्ग): अनुभाग अधिकारियों, रक्षा अधिकारियों और राजपत्रित (Gazetted) अधिकारियों के मामले में यह अंतर ₹25,000 से ₹40,000 प्रति माह तक बैठता है। 30 महीनों के अंतराल पर उनका कुल एरियर ₹7.5 लाख से ₹12 लाख से अधिक हो सकता है।पेंशनर्स को दोहरा लाभ: 65 लाख से अधिक केंद्रीय पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन में भी समान फिटमेंट फैक्टर से बढ़ोतरी होगी, जिससे बुजुर्गों को भी एकमुश्त एरियर की बड़ी राशि प्राप्त होगी, जो उनके रिटायरमेंट फंड और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती देगी।सरकार के खजाने पर असर और वित्तीय संतुलन की रणनीतिबेशक कर्मचारियों के लिए एरियर एक बड़ी बचत या पूंजीगत खर्च (जैसे घर खरीदना, लोन चुकाना या बच्चों की शिक्षा) का जरिया बनता है, लेकिन सरकार के राजकोषीय गणित के लिए यह एक बड़ी चुनौती होती है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों और आर्थिक रिपोर्टों में यह संकेत दिया गया है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से केंद्र के बजट पर सालाना सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 0.6% से 0.8% तक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। यही कारण है कि वित्त मंत्रालय आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों को बेहद सुनियोजित तरीके से चरणबद्ध कर रहा है, ताकि राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित रखते हुए अर्थव्यवस्था में उपभोग (Consumption Demand) को बढ़ावा दिया जा सके।डीए (DA) का 50% पार होना और भविष्य के संकेतनियमों के मुताबिक जब भी महंगाई भत्ता (DA) 50% के आंकड़े को छूता है या पार करता है, तो हाउस रेंट अलाउंस (HRA), चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस (CEA), हॉस्टल सब्सिडी और ग्रेच्युटी की सीमाओं में स्वतः संशोधन हो जाता है। वर्तमान में डीए 50% के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे भत्तों में इजाफा पहले ही प्रभावी हो चुका है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब समय आ गया है कि इस बढ़े हुए डीए को मूल वेतन में मर्ज करके नए वेतन आयोग की औपचारिक रूपरेखा तय की जाए। आने वाले संसद सत्र और बजट प्रावधानों में 8वें वेतन आयोग के गठन के औपचारिक ऐलान की पूरी संभावना जताई जा रही है, जो कर्मचारियों के लंबे इंतजार को एक शानदार वित्तीय सौगात में बदल सकता है।
पूर्णिया न्यूज़: सीमांचल में तीन दिनों तक चक्रवात का असर, गुरुवार से झमाझम बारिश की संभावना
पूर्णिया न्यूज़: पूर्णिया में चक्रवात का असर बुधवार से शुरू हो जाएगा, जिससे गुरुवार से झमाझम बारिश की पूरी संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 29 से 31 अक्टूबर तक सीमांचल के कई इलाकों में बारिश का यह दौर लगातार तीन दिनों तक सक्रिय रहेगा।
कल का मौसम : हरियाणा समेत 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
कल का मौसम: कल का मौसम, मौसम ब्रेकिंग (हरियाणा): देशभर में मौसम का मिजाज 28 अक्टूबर बुधवार को पूरी तरह से बदल जाएगा। विशेषज्ञों ने बिहार, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
“हमारी संस्कृति में ऐसी कहानियाँ हैं, जिन्हें दुनिया तक पहुँचना चाहिए”: अभिनेत्री शीना चौहान ने अपने पुरस्कार विजेता अभिनय, ‘संत तुकाराम’ की दोबारा रिलीज़, ‘हनुमान अंश’ और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं की ताकत पर रखी अपनी बात‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद सिनेमाघरों में लौटेगी ‘संत तुकाराम’, सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने वाली शीना चौहान ने भारतीय संस्कृति की कहानियों को दुनिया तक पहुँचाने पर दिया जोरभक्ति, आध्यात्मिकता और महापुरुषों के जीवन पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का नया प्यार मिल रहा है। इसी बीच, फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद वर्ष 2025 में रिलीज़ हुई हिंदी फिल्म ‘संत तुकाराम’ फरवरी 2027 में एक बार फिर सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। फिल्म में सुबोध भावे और शीना चौहान मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म के निर्देशक आदित्य ओम ने हाल ही में एक प्रमुख मीडिया पोर्टल से बातचीत के दौरान इसकी दोबारा रिलीज़ की योजना साझा की। हालांकि, फिल्म की आधिकारिक रिलीज़ तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है।भारत के 300 सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई ‘संत तुकाराम’ 15वीं शताब्दी के महान कवि-संत तुकाराम महाराज के जीवन और उनके विचारों पर आधारित है। उन्होंने अपनी वाणी और भक्ति के माध्यम से सामाजिक भेदभाव को चुनौती दी तथा आस्था, समानता और मानवता का संदेश दिया। फिल्म में शीना चौहान ने संत तुकाराम की पत्नी आवली जिजाबाई की भूमिका निभाई है। अपने प्रभावशाली अभिनय के लिए शीना को हाल ही में मुंबई में आयोजित टाइम्स अप्लॉड पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री की श्रेणी में सम्मानित किया गया।फिल्म की दोबारा रिलीज़ को लेकर निर्देशक आदित्य ओम ने कहा, “मैं अपनी वर्ष 2025 की फिल्म ‘संत तुकाराम’ को फरवरी में दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज़ करने की योजना बना रहा हूँ। फिल्म में सुबोध भावे और शीना चौहान मुख्य भूमिकाओं में हैं। कानूनी विवादों के कारण फिल्म का सिनेमाघरों में प्रदर्शन प्रभावित हुआ था। फिल्म को अच्छी समीक्षाएँ मिली थीं, लेकिन कुछ समस्याओं के चलते इसकी यात्रा बीच में रुक गई। अब इसे दोबारा दर्शकों के सामने लाने का सही समय है, क्योंकि मैं चाहता हूँ कि लोग हमारे महान संतों और महापुरुषों के बारे में जानें।”अपने पुरस्कार और फिल्म की दोबारा रिलीज़ पर खुशी जाहिर करते हुए शीना चौहान ने कहा, “भारत असाधारण कहानियों की धरती है। ‘हनुमान अंश’ ने दिखाया है कि हमारी संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी कहानियाँ दर्शकों के दिलों को कितनी गहराई से छूती हैं। पिछले सप्ताह ही मेरी फिल्म के निर्माता से मुलाकात हुई थी और मुझे यह जानकर बेहद खुशी है कि ‘संत तुकाराम’ फरवरी में फिर से सिनेमाघरों में आ रही है। इससे अधिक लोगों को फिल्म देखने और इसके संदेश को समझने का अवसर मिलेगा कि ईश्वर हम सभी के भीतर निवास करते हैं।”शीना चौहान ने फिल्म में अपने किरदार को वास्तविक और प्रभावशाली बनाने के लिए व्यापक तैयारी की। उन्होंने ग्रामीण जीवन को करीब से समझने, गाँव की महिलाओं से मिलने और उनके साथ समय बिताने पर विशेष ध्यान दिया। अपने अनुभव के बारे में शीना ने बताया, “इस किरदार को विकसित करने, उस पर शोध करने और उसे गहराई से समझने के लिए मैंने बहुत मेहनत की। मैं गाँवों में गई, वहाँ की महिलाओं से मिली, उनके साथ बैठकर भोजन किया और उनके साथ काम भी किया। मैं आवली जिजाबाई को यथासंभव वास्तविक रूप में समझना चाहती थी।आवली जिजाबाई अपने पति के साथ दलित अधिकारों और महिला अधिकारों की लड़ाई में खड़ी रहीं। उनका जीवन इस विश्वास का प्रतीक था कि जब आप किसी बात पर सच्चे मन से विश्वास करते हैं, तो उसे वास्तविकता में बदलने के लिए प्रयास भी कर सकते हैं।”शीना के अनुसार, यह भूमिका केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व को पर्दे पर उतारने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उस दौर की सामाजिक परिस्थितियों, महिलाओं के संघर्ष और समानता के लिए किए गए प्रयासों को समझने का भी एक महत्वपूर्ण अनुभव थी। 500 साल पुरानी कहानी, लेकिन आज भी प्रासंगिक हैं समानता और मानवाधिकार शीना चौहान के लिए ‘संत तुकाराम’ का संदेश केवल धर्म और आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है। यह फिल्म मानवाधिकार, सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी सामने लाती है। हाल ही में न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भी शीना मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठा चुकी हैं।इस विषय पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह बेहद उल्लेखनीय है कि लगभग 500 साल पुरानी मानवाधिकारों से जुड़ी कहानी आज भी लोगों से संवाद करती है। इन कहानियों को सुनने और समझने की निरंतर इच्छा हमें याद दिलाती है कि गरिमा, समानता और न्याय हमेशा प्रासंगिक रहेंगे। सिनेमा में इन चर्चाओं को जीवित रखने और समाज तक पहुँचाने की अद्भुत शक्ति है।”‘संत तुकाराम’ के अलावा शीना चौहान जल्द ही आगामी अखिल भारतीय फिल्म ‘जातस्य मरणं ध्रुवम्’ में नजर आएंगी। इसके साथ ही वह हिंदी वेब सीरीज़ ‘भयावा’ में भी दिखाई देंगी। अपनी पसंदीदा भूमिकाओं और भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप पर बात करते हुए शीना ने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी कहानियों की ओर आकर्षित होती हूँ। खासकर वास्तविक जीवन की प्रेरणादायक घटनाओं पर आधारित फिल्में, महाकाव्य और पौराणिक कथाएँ मुझे बहुत पसंद हैं। इसके साथ ही मुझे एक्शन और हास्य से भरपूर भूमिकाएँ करना भी अच्छा लगता है|मुझे बेहद गर्व है कि भारतीय सिनेमा की नई लहर हमारी संस्कृति पर इतना गहरा प्रभाव डाल रही है और हमारी कहानियों को पूरी दुनिया तक पहुँचा रही है।”*शीना चौहान के लिए ‘संत तुकाराम’ जैसी फिल्में केवल अभिनय का अवसर नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक बदलाव और मानवीय मूल्यों को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचाने का माध्यम भी हैं। फरवरी 2027 में फिल्म की प्रस्तावित पुनः रिलीज़ से उम्मीद है कि संत तुकाराम महाराज के विचार और आवली जिजाबाई के संघर्ष की कहानी एक बार फिर बड़े पर्दे पर दर्शकों तक पहुँचेगी।
Chhath Puja: Delhi में 1,400 से ज्यादा घाटों पर होगी व्यवस्था, विदेशी राजनयिक भी होंगे आमंत्रित
दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के लिए शहर भर में 1,400 से अधिक घाटों, प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी निगरानी, भीड़भाड़ वाले घाटों के पास दमकल की गाड़ियों और महिलाओं के लिए ‘चेंजिंग रूम’ , शौचालय, व पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की योजना बनाई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। छठ पूजा का त्योहार 13 से 16 नवंबर तक चलेगा, जिसमें 16 नवंबर को दिल्ली में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, अन्य व्यवस्थाओं में बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर ढके हुए तंबू, स्वागत द्वार और प्रमुख मॉडल घाटों पर एलईडी स्क्रीन शामिल हैं। अधिकारियों को उचित भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बैठक में निर्देश दिया कि छह नवंबर तक घाटों पर बुनियादी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, तथा पर्व से कम से कम दो दिन पहले सभी प्रमुख व्यवस्थाएं कर ली जाएं। पानी भरने व तंबू लगाने सहित शेष कार्य इसके बाद पूरा किया जाएगा। दिल्ली सरकार भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय सेबयान के मुताबिक, इस वर्ष छठ पूजा पर विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) के समन्वय से सूर घाट या किसी अन्य उपयुक्त और बेहतर तैयार घाट पर आयोजन की संभावना तलाशने के निर्देश दिए गए। बयान में कहा गया है कि अधिकारियों को इस वर्ष 1,400 से अधिक घाट विकसित करने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष 1,326 थे। व्यवस्थाओं में पर्याप्त शौचालय और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, पर्याप्त कूड़ेदान और 15 तथा 16 नवंबर को भीड़ के दौरान चौबीसों घंटे स्वच्छता व्यवस्था शामिल है। इसके मुताबिक, घाटों की ओर जाने वाली सड़कों की मरम्मत की जाएगी, मलबे को हटाया जाएगा और गड्ढों को भरा जाएगा तथा नियमित पानी के छिड़काव के माध्यम से उन्हें धूल मुक्त रखा जाएगा। अधिकारियों को मार्गों पर उचित रोशनी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, और यातायात पुलिस पार्किंग, मार्ग परिवर्तन और सड़कों को बंद करने के संबंध में आयोजकों के साथ समन्वय करेगी। बयान में कहा गया है कि बड़े, भीड़भाड़ वाले घाटों के पास दमकल की गाड़ियां तैनात की जाएंगी, जबकि दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया का समन्वय करेंगी। इसमें कहा गया है कि मॉडल घाटों पर एलईडी स्क्रीन छठ से संबंधित सामग्री और दिल्ली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदर्शित करेंगी। बैठक में बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती हुई भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय के साथ समन्वय पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बसों से यात्रा करने वाले लोगों की सुविधा को भी समान रूप से ध्यान में रखा जाए। आईएसबीटी पर आवश्यक सूचना, बैनर और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर नागरिक रक्षा के कर्मियों की मदद ली जाए।
देश भर में पेट्रोल पंपों पर E20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) की उपलब्धता बढ़ने के बीच वाहन चालकों और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि क्या सरकार भविष्य में इस मिश्रण को और आगे बढ़ाएगी। इस पर विराम लगाते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की फिलहाल पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20% से अधिक बढ़ाने की कोई योजना या मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जैव ईंधन नीति (Biofuel Policy) के तहत 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का जो महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया था, देश उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुका है। 20% का यह स्तर पर्यावरण संरक्षण, विदेशी मुद्रा की बचत और देश के मौजूदा वाहन बेड़े की इंजीनियरिंग अनुकूलता (Compatibility) के लिहाज से पूरी तरह संतुलित है। इसलिए इस सीमा को पार करने का कोई तात्कालिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।इंजन खराब होने और माइलेज घटने के दावों पर पेट्रोलियम मंत्री का जवाबहाल के दिनों में सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर यह दावा किया जा रहा था कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन में खराबी आ रही है, रबर के पुर्जे गल रहे हैं और माइलेज में भारी गिरावट दर्ज हो रही है। इन दावों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश भर के पेट्रोल पंपों पर रोजाना करीब 6 करोड़ गाड़ियां ईंधन भरवाने आती हैं। अगर E20 ईंधन से बड़े पैमाने पर इंजन खराब हो रहे होते, तो यह समस्या सड़कों पर व्यापक स्तर पर दिखाई देती, न कि केवल सोशल मीडिया पर चुनिंदा भ्रामक पोस्ट्स तक सीमित रहती। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑटोमोबाइल कंपनियों द्वारा वर्ष 2023 के बाद निर्मित सभी नए वाहन पूरी तरह E20-अनुकूल (E20 Compliant) प्रमाणित हैं। जहां तक 2003 से पहले बने बेहद पुराने वाहनों का सवाल है, केवल उनमें ही कुछ रबर पार्ट्स के अनुकूलन की समस्या आ सकती है, लेकिन आधुनिक BS6 वाहनों के लिए यह ईंधन पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित है।₹1.6 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की बचत और किसानों को सीधा फायदापेट्रोलियम मंत्री ने एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के आर्थिक और राष्ट्रीय महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इस नीति से भारत को बहुआयामी लाभ हुआ है।कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती: पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाने के कारण भारत ने अब तक लगभग ₹1.6 लाख करोड़ से अधिक की कीमती विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) की बचत की है। यह वह रकम है जो कच्चे तेल के आयात बिल के रूप में विदेशों को भेजी जाती थी।किसानों की जेब में पहुंचा पैसा: एथेनॉल का उत्पादन गन्ने के शीरे (Molasses), क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, मक्का और टूटे चावल से किया जाता है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा एथेनॉल की खरीद से देश के गन्ना किसानों और अनाज उत्पादकों को सीधे तौर पर ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का भुगतान हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व संबल मिला है।कार्बन उत्सर्जन में कमी: पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण जलने पर कम कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जित करता है, जिससे बड़े शहरों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है।E100 और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए अलग से खुला रास्तासरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि 20% की सीमा सामान्य पेट्रोल के लिए तय की गई है, लेकिन जो लोग शत-प्रतिशत हरित ईंधन पर चलना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने 'फ्लेक्स-फ्यूल' (Flex-Fuel) और E100 (100% एथेनॉल) के नियम पहले ही अधिसूचित कर दिए हैं। टोयोटा, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां भारतीय बाजार के लिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले मॉडल्स पर तेजी से काम कर रही हैं। ये वाहन खास इंजन तकनीक से लैस होते हैं, जो सामान्य पेट्रोल से लेकर 100% शुद्ध एथेनॉल तक किसी भी अनुपात के ईंधन पर बिना किसी इंजन खराबी के आसानी से चल सकते हैं।उपभोक्ताओं के लिए क्या है इस बयान का सीधा संदेश?केंद्रीय मंत्री के इस बयान से देश के करोड़ों दोपहिया और चार पहिया वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है। वाहन चालकों को अब यह डर पालने की जरूरत नहीं है कि सरकार आने वाले दिनों में चुपके से पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 25% या 30% कर देगी, जिससे उनकी मौजूदा गाड़ियों को नुकसान पहुंचे। 20% की सीमा तय रहने से वाहन निर्माता कंपनियों को भी अपने इंजन डिजाइन और फ्यूल सिस्टम को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। सरकार का स्पष्ट संकेत है कि भारत आयातित जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन यह कदम आम उपभोक्ताओं की गाड़ियों की सुरक्षा और तकनीकी मानकों की अनदेखी करके नहीं उठाया जाएगा।
देश में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे करोड़ों मरीजों की जेब पर भारी पड़ रहे निजी फार्मा कंपनियों के बेलगाम मुनाफे पर देश की सर्वोच्च अदालत ने बेहद तल्ख टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट में जीवनरक्षक दवाओं के अत्यधिक अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) और कंपनियों द्वारा वसूले जाने वाले अनुचित ट्रेड मार्जिन के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य पीठ ने केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये पर गहरी नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने ऐसे चौंकाने वाले दस्तावेज और आंकड़े पेश किए गए, जहां कैंसर, हृदय रोग और गंभीर संक्रमणों में इस्तेमाल होने वाली जिन दवाओं की वास्तविक निर्माण और खरीद लागत मात्र ₹120 से ₹150 बैठती है, उन पर दवा निर्माता कंपनियां ₹1,200 से लेकर ₹1,300 तक का एमआरपी छापकर खुले बाजार में बेच रही हैं। इस पर जस्टिस की बेंच ने सरकार की खिंचाई करते हुए सीधा सवाल दागा कि जब गरीब और मध्यमवर्गीय जनता दवाओं के भारी बिल के नीचे दबकर कर्जदार हो रही है, तब सरकार इतने वर्षों से इस ट्रेड मार्जिन पर लगाम लगाने के लिए क्या कर रही थी?शीर्ष अदालत की दो टूक: 'स्वास्थ्य का अधिकार सिर्फ अमीरों की बपौती नहीं हो सकता'सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त 'जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार' (Right to Health) का हवाला देते हुए कहा कि किफायती दरों पर जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराना किसी भी कल्याणकारी राज्य की पहली संवैधानिक जिम्मेदारी है। अदालत ने टिप्पणी की कि जब कोई मरीज अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा होता है, तो उसके तीमारदार के पास केमिस्ट द्वारा मांगे गए मनमाने पैसे चुकाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं होता। बेंच ने सरकार से कड़े शब्दों में पूछा कि क्या अधिकारियों को इस बात का अहसास है कि दवाओं पर 800% से 1000% तक का ट्रेड मार्जिन रखना आम जनता के साथ सीधा खिलवाड़ और शोषण है? अदालत ने मौखिक रूप से दर्ज किया कि नीतिगत बैठकों और समितियों के गठन के नाम पर दशकों से फाइलों को इधर से उधर घुमाया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर मरीजों को कोई ठोस कानूनी राहत नहीं मिल पाई है।क्या है ट्रेड मार्जिन का खेल और कैसे तय होता है दवाओं का मनमाना एमआरपी?दवा उद्योग में दवाओं की कीमतों का पूरा ढांचा मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बंटा हुआ है:शेड्यूल्ड दवाएं (Scheduled Drugs): राष्ट्रीय आवश्यक दवा सूची (NLEM) के तहत आने वाली लगभग 900 से अधिक दवाएं, जिनकी अधिकतम कीमत (सीलिंग प्राइस) नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) द्वारा 'ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर' (DPCO) के जरिए तय की जाती है। इन दवाओं पर कंपनियां मनमाना रेट नहीं बढ़ा सकतीं।गैर-शेड्यूल्ड दवाएं (Non-Scheduled Drugs): देश के कुल दवा बाजार का लगभग 80% हिस्सा गैर-शेड्यूल्ड और ब्रांडेड जेनेरिक दवाओं का है। मौजूदा नियमों के अनुसार, इन दवाओं पर सरकार का कोई सख्त प्राइस कैप नहीं है; कंपनियां साल में अधिकतम 10% तक कीमत बढ़ाने के लिए स्वतंत्र हैं।मार्जिन का खुला खेल: फार्मा कंपनियां थोक विक्रेताओं (Wholesalers), वितरकों (Stockists) और अस्पतालों को आकर्षित करने के लिए दवा का एक्स-फैक्ट्री प्राइस (लागत) तो ₹100 या ₹120 रखती हैं, लेकिन उस पर प्रिंटेड एमआरपी ₹1,300 डाल देती हैं। इसके बाद अस्पताल या मेडिकल स्टोर संचालक थोक में ₹150 में दवा खरीदकर मरीज को पूरे ₹1,300 में बेचते हैं। बीच का ₹1,150 का शुद्ध मुनाफा अस्पताल, डिस्ट्रीब्यूटर और बिचौलियों की जेब में जाता है।ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन (TMR) की सिफारिशें वर्षों से धूल क्यों फांक रही हैं?याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि सरकार ने खुद वर्ष 2016 और उसके बाद भी फार्मा सेक्टर में 'ट्रेड मार्जिन रेशनलाइजेशन' (TMR) को लेकर कई उच्चस्तरीय टास्क फोर्स और विशेषज्ञ समितियां गठित की थीं।समितियों की सिफारिश: इन सरकारी समितियों ने स्पष्ट सिफारिश की थी कि गैर-शेड्यूल्ड जीवनरक्षक दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को पहले बिंदु (First Point of Sale) से अंतिम उपभोक्ता तक अधिकतम 30% से 50% के दायरे में सीमित (Cap) कर दिया जाना चाहिए।कैंसर दवाओं में दिखा था असर: जब सरकार ने कुछ वर्ष पूर्व पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 42 गैर-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को 30% पर कैप किया था, तो उन दवाओं की एमआरपी में 85% से 90% तक की भारी गिरावट आई थी और मरीजों के सैकड़ों करोड़ रुपये बचे थे।अन्य दवाओं पर रोक क्यों नहीं: अदालत ने पूछा कि जब कैंसर की दवाओं में यह फॉर्मूला पूरी तरह सफल रहा, तो डायबिटीज, बीपी, किडनी, लिवर और एंटीबायोटिक जैसी आम जीवनरक्षक दवाओं पर इसे पूरे देश में अनिवार्य रूप से लागू करने में सरकार को इतने साल क्यों लग गए?केंद्र सरकार का पक्ष: संतुलन साधने और इनोवेशन को बचाने का तर्ककेंद्र सरकार की ओर से पेश विधि अधिकारियों ने अदालत को आश्वस्त करने का प्रयास किया कि सरकार दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयासरत है और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (Jan Aushadhi Kendras) के जरिए देश भर में 50% से 90% सस्ती जेनेरिक दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सरकार ने दलील दी कि भारत दुनिया की फार्मेसी है और देश में लाखों लोगों को रोजगार देने वाले फार्मास्युटिकल सेक्टर में मूल्य नियंत्रण लागू करते समय दवा निर्माण की गुणवत्ता, कच्चे माल (API) की अंतरराष्ट्रीय लागत और नए शोध (R&D) में लगने वाले भारी निवेश को भी ध्यान में रखना पड़ता है। यदि बहुत कठोर मूल्य सीमा लगाई गई, तो कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां जरूरी दवाओं का भारत में निर्माण या आपूर्ति बंद कर सकती हैं।सुप्रीम कोर्ट का कड़ा निर्देश: ठोस एक्शन प्लान पेश करे सरकारसरकार के स्पष्टीकरण से पूरी तरह असंतुष्ट नजर आई शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया कि व्यापारिक मुनाफाखोरी कभी भी आम नागरिक के स्वास्थ्य से ऊपर नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय (फार्मास्युटिकल विभाग) और एनपीपीए को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे ट्रेड मार्जिन को युक्तिसंगत बनाने और गैर-शेड्यूल्ड दवाओं के एमआरपी पर कानूनी लगाम कसने के लिए एक समयबद्ध और ठोस कार्ययोजना (Comprehensive Action Plan) अदालत के समक्ष दाखिल करें। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नीतिगत स्तर पर शीघ्रता से कदम नहीं उठाती है, तो सुप्रीम कोर्ट को जनहित में सीधे हस्तक्षेप करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद लगाए बैठे करोड़ों आम कर्जदारों और निवेशकों के लिए वैश्विक वित्तीय बाजार से एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। वैश्विक ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म 'डॉयचे बैंक' (Deutsche Bank) के ताजा आर्थिक विश्लेषण के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति (Inflation) के बढ़ते जोखिमों और लगातार मजबूत बनी हुई आर्थिक वृद्धि के दबाव में आकर अपनी मौद्रिक नीति को और कड़ा कर सकता है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि केंद्रीय बैंक 2027 की पहली छमाही (H1 2027) तक अपनी प्रमुख नीतिगत दर यानी रेपो रेट (Repo Rate) को बढ़ाकर 6.25% तक ले जा सकता है। यदि यह अनुमान हकीकत में बदलता है, तो मौद्रिक नीति के वर्तमान चक्र में ब्याज दरों में कुल 100 बेसिस प्वाइंट्स (1%) तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसकी शुरुआत दिसंबर 2026 की समीक्षा बैठक से 25 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि के साथ हो सकती है।महंगाई का दोहरा झटका: थोक मूल्य और घरेलू खर्चों से बढ़ रहा है दबावडॉयचे बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई को आने वाली तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि के मुकाबले कीमतों की स्थिरता (Price Stability) को प्राथमिकता देने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। रिपोर्ट का आकलन है कि वित्त वर्ष 2026 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई औसतन 6% के संवेदनशील स्तर पर रह सकती है। इसके बाद वित्त वर्ष 2027 में इसके 5% और वित्त वर्ष 2028 में 4.7% के आसपास रहने का अनुमान है।ईंधन और इनपुट लागत का असर: त्योहारी सीजन के बाद घरेलू ईंधन की कीमतों में संभावित बदलाव और थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में इनपुट लागतों की तेज बढ़ोतरी का असर सीधे खुदरा बाजार में देखने को मिल सकता है।सेकंड-राउंड इफेक्ट (Second-Round Effects): रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता यह जताई गई है कि परिवारों की महंगाई से जुड़ी भविष्य की उम्मीदें (Household Inflation Expectations) 8% से उछलकर 10% के स्तर पर पहुंच गई हैं। जब आम जनता भविष्य में महंगाई बढ़ने की आशंका देखती है, तो इससे वेतन वृद्धि की मांग और उत्पादों के अंतिम मूल्य बढ़ते हैं, जिसे अर्थशास्त्र में 'सेकंड-राउंड इफेक्ट' कहा जाता है। इसी दबाव को थामने के लिए केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों का डंडा चलाना पड़ता है।अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी: ₹97 के पार जाने की आशंकामहंगाई के अलावा दूसरा सबसे बड़ा कारक भारतीय मुद्रा (INR) पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण बन रहा भारी दबाव है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक स्तर पर मजबूत होता अमेरिकी डॉलर भारत के चालू खाता संतुलन को प्रभावित कर रहे हैं।विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट: सितंबर की शुरुआत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 786 अरब डॉलर के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर था, जिसमें हाल के हफ्तों में विदेशी पूंजी निकासी और मुद्रा को संभालने के उपायों के चलते लगभग 60 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है।आयातित महंगाई (Imported Inflation) का खतरा: डॉयचे बैंक ने चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक व्यापक आर्थिक परिस्थितियों में बड़ा सुधार नहीं हुआ, तो साल 2027 के दौरान रुपया फिसलकर ₹97 प्रति डॉलर के पार भी जा सकता है। कमजोर रुपये का सीधा मतलब होता है कि भारत जो कच्चा तेल, खाद्य तेल, इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे और मशीनरी आयात करता है, वे और महंगे हो जाएंगे। यह 'इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन' घरेलू महंगाई की आग में घी का काम करेगी, जिससे निपटने के लिए दरों में बढ़ोतरी अपरिहार्य हो सकती है।जीडीपी ग्रोथ मजबूत लेकिन वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में रफ्तार धीमी होने के आसाररिपोर्ट में एक सकारात्मक पहलू यह सामने आया है कि चुनौतियों के बावजूद भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ (Real GDP Growth) वित्त वर्ष 2027 और 2028 दोनों में 7% से ऊपर बनी रह सकती है। हालांकि, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में आर्थिक गतिविधियों की गति थोड़ी सुस्त पड़ सकती है। इसके पीछे महंगे कच्चे तेल के कारण कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, पिछले साल जीएसटी दरों में कटौती के बाद बनने वाला प्रतिकूल बेस इफेक्ट और ऊर्जा लागतों के चलते घरेलू उपभोग में आने वाली संभावित कमी को मुख्य कारण माना जा रहा है। राजकोषीय मोर्चे पर केंद्र सरकार के 4.3% के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद तो है, लेकिन आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के संभावित वित्तीय बोझ और सब्सिडी की बढ़ती मांग के चलते वित्त वर्ष 2028 में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना एक कड़ी चुनौती साबित होगा।आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर? होम लोन ईएमआई और फिक्स्ड डिपॉजिट का गणितयदि रिजर्व बैंक वास्तव में अपने सख्त मौद्रिक रुख (Monetary Tightening) की ओर कदम बढ़ाता है और रेपो रेट 6.25% तक पहुंचता है, तो इसका सीधा असर आम परिवारों की वित्तीय योजना पर पड़ेगा:होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन होंगे महंगे: फ्लोटिंग रेट पर लिए गए सभी बैंक लोन सीधे रेपो रेट से जुड़े (Repo Linked Lending Rate - RLLR) होते हैं। 100 बेसिस प्वाइंट्स (1%) की वृद्धि का मतलब होगा कि ₹40 लाख के 20 साल वाले होम लोन पर आपकी मासिक ईएमआई सीधे ₹2,500 से ₹3,000 तक बढ़ जाएगी या आपके लोन की अवधि कई साल लंबी खिंच जाएगी।बैंक एफडी (Fixed Deposit) निवेशकों को फायदा: कर्जदारों के विपरीत, वरिष्ठ नागरिकों और फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा लगाने वाले रूढ़िवादी निवेशकों के लिए यह राहत की खबर होगी। रेपो रेट बढ़ने से बैंक अपनी जमा दरों (FD Rates) में भी बढ़ोतरी करेंगे, जिससे बैंकों में 1 से 3 साल की एफडी पर 7.5% से 8% तक का सुरक्षित सालाना रिटर्न मिलने का रास्ता साफ होगा।बजट पर दोहरा असर: एक तरफ आवश्यक वस्तुओं, तेल और किराना बिल में महंगाई का असर रहेगा, वहीं दूसरी तरफ बैंक किश्तों (EMI) में बढ़ोतरी होने से मध्यमवर्गीय परिवारों के हाथ में अन्य विवेकाधीन खर्चों (जैसे यात्रा, गैजेट्स या लग्जरी खरीदारी) के लिए नकदी कम बचेगी।आने वाले समय में आरबीआई और बाजार की नजरें किस पर?हालांकि यह अनुमान एक अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म के आर्थिक मॉडल और वैश्विक ऊर्जा बाजार की संवेदनशीलता पर आधारित है, लेकिन यह स्पष्ट संकेत देता है कि ब्याज दरों में बड़ी कटौती का दौर फिलहाल टलता नजर आ रहा है। दिसंबर में होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की आगामी बैठक पर पूरे देश की निगाहें रहेंगी। केंद्रीय बैंक घरेलू आर्थिक विकास को पटरी पर बनाए रखते हुए रुपये की स्थिरता और महंगाई को 4% के अपने आधिकारिक लक्ष्य के भीतर साधने के लिए क्या रुख अपनाता है, यही आने वाले वर्षों में देश की बैंकिंग लागत और आम आदमी की वित्तीय सेहत की दिशा तय करेगा।
FDI और FPI निवेश बढ़ाने के लिए RBI का मास्टर प्लान: NRI को टैक्स राहत और LRS नियमों में ढील का सुझाव
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और विकसित देशों में ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव के बीच भारत की मजबूत जीडीपी ग्रोथ को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर विदेशी पूंजी की आवश्यकता है। घरेलू बाजार को वैश्विक लिक्विडिटी का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और विदेशी पोर्टफोलियो/संस्थागत निवेश (FPI/FII) के नियमों को उदार बनाने का एक विस्तृत ब्लूप्रिंट केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय को सौंपा है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि पारंपरिक और जटिल नियामक बाधाओं को हटाए बिना बड़े विदेशी सॉवरेन वेल्थ फंड्स, पेंशन फंड्स और प्रवासी भारतीयों (NRIs) की विशाल पूंजी को पूरी क्षमता के साथ आकर्षित नहीं किया जा सकता। इसके तहत फेमा (FEMA) नियमों के सरलीकरण से लेकर कराधान ढांचे में व्यावहारिक बदलावों तक के सुझाव शामिल किए गए हैं।अनिवासी भारतीयों (NRIs) को लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में राहत का प्रस्तावआरबीआई के सुझावों में सबसे प्रमुख बिंदु अनिवासी भारतीयों (NRIs) और ओवरसीज सिटिजन्स ऑफ इंडिया (OCIs) के लिए कर नियमों को आसान बनाना है।टीडीएस (TDS) कटौती की जटिलता से मुक्ति: वर्तमान व्यवस्था में जब कोई एनआरआई भारतीय इक्विटी बाजार या रियल एस्टेट से अपनी संपत्ति बेचकर मुनाफा कमाता है, तो उस पर अधिकतम स्लैब के आधार पर उच्चतम दर से भारी टीडीएस काट लिया जाता है। इसके बाद रिफंड पाने के लिए एनआरआई को लंबी और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।रेजिडेंट निवेशकों के समान व्यवहार की मांग: आरबीआई ने सुझाव दिया है कि एनआरआई निवेशकों के लिए लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर टैक्स व्यवस्था को सुसंगत और पारदर्शी बनाया जाए। स्वचालित टीडीएस नियमों को सरल करके और टैक्स डिडक्शन की दरों को युक्तिसंगत बनाकर अनिवासी भारतीयों को अपनी बचत सीधे भारतीय विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और शेयर बाजार में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) और आउटवर्ड/इनवर्ड रेमिटेंस की सीमाओं पर पुनर्विचारकेंद्रीय बैंक ने भारतीय नागरिकों और कारोबारियों के वैश्विक विस्तार तथा विदेशी पूंजी के आवागमन को संतुलित करने के लिए 'लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम' (LRS) के ढांचे पर भी महत्वपूर्ण राय दी है।वार्षिक सीमा में लचीलापन: वर्तमान में एलआरएस के तहत एक व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹2.1 करोड़) तक बाहर भेज सकता है। आरबीआई ने सुझाव दिया है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और वैध विदेशी व्यापारिक अधिग्रहणों के लिए इस सीमा को अधिक लचीला बनाया जाए।पूंजी की राउंड-ट्रिपिंग के नियमों का सरलीकरण: इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा को बिना किसी अनावश्यक कानूनी उलझन के पुनः भारत में निवेश करने (Inward Remittance) की प्रक्रियाओं को डिजिटल और सिंगल-विंडो आधारित बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि विदेशों में जमा भारतीय पूंजी आसानी से घरेलू स्टार्ट-अप्स और लिस्टेड कंपनियों में आ सके।एफडीआई (FDI) और एफपीआई (FPI) निवेश सीमाओं का युक्तिकरणआरबीआई ने विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए निवेश की राह आसान करने के मकसद से कई संरचनात्मक सुधार प्रस्तावित किए हैं:सूचीबद्ध कंपनियों में एनआरआई/एफआईआई निवेश कैप: आरबीआई ने पहले ही कंपनियों में एनआरआई/ओसीआई के लिए इक्विटी निवेश की सीमा में ढील दी है, और अब सरकार को सिफारिश की गई है कि सरकारी बैंकों (PSU Banks) और रणनीतिक विनिर्माण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमाओं को 20% से बढ़ाकर 49% या उससे अधिक करने पर विचार किया जाए।10% की कठोर सीमा पर री-क्लासिफिकेशन का सरलीकरण: किसी भी विदेशी निवेशक द्वारा किसी भारतीय कंपनी में 10% से कम हिस्सेदारी को एफपीआई (FPI) और 10% या उससे अधिक को एफडीआई (FDI) माना जाता है। इस सीमा के पार होने पर होने वाले अनुपालन (Compliance) को स्वचालित और व्यापार-अनुकूल बनाने की सिफारिश की गई है ताकि तकनीकी कारणों से निवेशकों को जुर्माना न झेलना पड़े।भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर क्या होगा असर?यदि वित्त मंत्रालय आगामी नीतिगत समीक्षाओं में आरबीआई के इन सुझावों को अंतिम रूप देता है, तो भारतीय वित्तीय बाजारों पर इसका गहरा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा:विदेशी मुद्रा भंडार को संबल: विदेशी पूंजी का निरंतर प्रवाह भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिरता प्रदान करेगा और देश के चालू खाता घाटे (CAD) को संतुलित रखने में मदद करेगा।इक्विटी मार्केट में रिकॉर्ड तरलता: एनआरआई और विदेशी रिटेल निवेशकों के लिए प्रक्रिया आसान होने से भारतीय शेयर बाजार केवल घरेलू डीआईआई (DII) पर निर्भर रहने के बजाय वैश्विक पूंजी का बड़ा केंद्र बनेगा।स्टार्टअप्स और बुनियादी ढांचे को सस्ती पूंजी: ऑटोमेटिक रूट का दायरा बढ़ने से भारत के ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लंबी अवधि की विदेशी पूंजी सीधे पहुंचेगी, जिससे घरेलू उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
सऊदी के आसमान में 'जासूस', फिर सटीक हमले, क्या रूस ने हूतियों को मदद की?
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच जंग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. एक निजी फर्म ने आसमान में रूसी सैटेलाइट की स्थिति का आकलन कर दावा किया है कि रूसी उपग्रहों ने सऊदी अरब के अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सटीक लोकेशन ईरान को दी. इसके बाद ईरान ने इस लोकेशन को अपने सहयोगियों के साथ शेयर किया. इसी को आधार बनाकर सऊदी अरब पर हमला किया गया.
Himachal Pradesh के नाहन में दो गुटों में हिंसक झड़प के बाद 29 अक्टूबर तक धारा 144 लागू
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन कस्बे में दो समुदायों के बीच विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद 29 अक्टूबर तक यहां के कुछ हिस्सों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी (सिरमौर) प्रियंका वर्मा ने सोमवार देर रात यह आदेश जारी किया। अधिकारियों के अनुसार, सूचना मिली थी कि हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब से सिख एवं वाल्मीकि समुदायों के लोग अपने-अपने समुदायों के समर्थन में प्रदर्शन करने के लिए वाल्मीकि चौक पहुंच सकते हैं। नाहन के वाल्मीकि चौक पर 23 अक्टूबर को सिख समुदाय द्वारा स्वागत द्वार लगाए जाने को लेकर दोनों समुदायों के सदस्यों के बीच विवाद हो गया था। पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंटों, पत्थरों और कांच की बोतलों से हमला किया। इस घटना में नाहन सदर थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों सहित कुल 14 लोग घायल हो गए। सरकारी और निजी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया। आदेश में कहा गया है कि पुलिस के लगातार हस्तक्षेप से स्थिति पर काबू पा लिया गया, लेकिन इलाके में सांप्रदायिक तनाव की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस के मजबूत अवरोधकों के कारण हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी राज्यों से नाहन आ रहे समूहों को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, कहीं भी विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी नहीं हुई। निषेधाज्ञा लागू होने के बाद पुलिस ने सिरमौर जिले में करीब 150 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया, ताकि नाहन जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने काला अंब, नाहन दोसड़का, नाहन वाल्मीकि चौक, पांवटा, बाटा पुल, कोलर गांव, सराहां और बानोग में जांच चौकियां स्थापित कीं। इन स्थानों पर वाहनों की गहन तलाशी ली गई। विवाद को सुलझाने में मदद करने के लिए दोनों समुदायों के प्रतिनिधि पंजाब से नाहन पहुंचे। पंजाब बुड्ढा दल के जत्थेदार अवतार सिंह और अमृतसर स्थित वाल्मीकि तीर्थ के महासचिव बिल्लू वाल्मीकि ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने सिख और वाल्मीकि समुदायों के सदस्यों से आपसी भाईचारा, सौहार्द और शांति बनाए रखने की अपील की। दोनों प्रतिनिधियों ने दोनों समुदायों के लोगों से संयम बरतने और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों को आपसी बातचीत से मामले का समाधान निकालना चाहिए और इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जा रही है। पुलिस स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और लगातार निगरानी कर रही है। निषेधाज्ञा के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, घातक हथियार लेकर चलने, रैलियां निकालने, जुलूस आयोजित करने, प्रदर्शन करने और हड़ताल करने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, ज्वलनशील वस्तुएं ले जाने तथा सार्वजनिक स्थानों पर पत्थर या अन्य आपत्तिजनक सामग्री फेंकने पर भी प्रतिबंध है। जिला मजिस्ट्रेट ने भड़काऊ, सांप्रदायिक, राज्य-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी भाषणों पर भी रोक लगा दी है। इससे पहले, शनिवार को जिला मजिस्ट्रेट ने वाल्मीकि और सिख समुदायों के सदस्यों की संयुक्त बैठक बुलाई थी। बैठक में दोनों पक्षों ने शांति समझौते पर सहमति जताते हुए भविष्य में किसी तरह का विवाद नहीं करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद वाल्मीकि जयंती का जुलूस गोविंदगढ़ इलाके से गुजरा, जहां सिख समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक उसका स्वागत किया।
जब आम क्रेडिट कार्ड्स की बात होती है, तो लोग लाइफटाइम फ्री या ₹500 से ₹1,500 की सालाना फीस वाले कार्ड्स तलाशते हैं। लेकिन क्रेडिट कार्ड की दुनिया में एक ऐसा संभ्रांत (Elite) वर्ग भी है, जहां कार्ड की जॉइनिंग और सालाना फीस ₹12,000 से शुरू होकर ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) तक पहुंच जाती है। ये कोई सामान्य प्लास्टिक कार्ड नहीं होते, बल्कि टाइटेनियम, 24-कैरेट गोल्ड प्लेटिंग या ब्लैक मेटल से तराशे गए स्टेटस सिंबल होते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि आप इन कार्ड्स के लिए बैंक की वेबसाइट पर जाकर सीधे ऑनलाइन अप्लाई नहीं कर सकते। ये कार्ड 'बाय-इनविटेशन' (By Invitation Only) होते हैं, यानी बैंक खुद तय करता है कि देश के किस चुनिंदा उद्योगपति, बॉलीवुड सेलिब्रिटी, टॉप कॉर्पोरेट लीडर या अल्ट्रा-एचएनआई (Ultra High Net-Worth Individual) को यह कार्ड ऑफर किया जाए। आइए जानते हैं भारत में उपलब्ध सबसे महंगे 5 क्रेडिट कार्ड्स, उनकी फीस और उन पर मिलने वाले शाही प्रिविलेजेस का पूरा ब्योरा।1. अमेरिकन एक्सप्रेस सेंटूरियन कार्ड (The Amex Black Card): ₹5 लाख फीस का बेताज बादशाहदुनिया भर में अमीरी और असीमित पहुंच का दूसरा नाम 'अमेरिकन एक्सप्रेस सेंटूरियन' (American Express Centurion) यानी 'ब्लैक कार्ड' है। भारत में यह सबसे महंगा और गोपनीय क्रेडिट कार्ड माना जाता है।सानाना और जॉइनिंग फीस: इस कार्ड की वन-टाइम जॉइनिंग फीस लगभग ₹5,00,000 (प्लस जीएसटी) और सालाना रिन्यूअल फीस भी करीब ₹2,50,000 से ₹5,00,000 के आसपास होती है।पात्रता की शर्त: यह पूरी तरह से इनविटेशन-ओनली कार्ड है। इसके लिए आवेदक का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड ऐसा होना चाहिए, जिसमें उसने एमेक्स के प्लैटिनम कार्ड पर साल भर में करोड़ों रुपये खर्च किए हों।शाही सुविधाएं: इस कार्ड पर कोई प्री-सेट स्पेंडिंग लिमिट (No Pre-Set Spending Limit) नहीं होती; आप इससे करोड़ों रुपये का प्राइवेट जेट, यॉट या लग्जरी विला एक स्वाइप में खरीद सकते हैं। इसके साथ मिलने वाला '24/7 सेंटूरियन कंसीयर्ज' (Concierge) दुनिया के किसी भी कोने में बिक चुके कंसर्ट टिकट, मिलान और पेरिस के फैशन शो में फ्रंट रो सीट या दुनिया के सबसे महंगे मिशेलिन स्टार रेस्टोरेंट में तुरंत टेबल रिजर्व करवा सकता है। इसके अलावा दुनिया भर के सभी सेंटूरियन लाउंज में असीमित वीआईपी एंट्री और लक्जरी होटल चेन्स (मैंडरिन ओरिएंटल, रिट्ज कार्लटन) में प्रेसिडेंशियल सुइट्स में मुफ्त रूम अपग्रेड मिलता है।2. एक्सिस बैंक बुर्जुआ और मैग्नस बरगंडी: अल्ट्रा-एचएनआई के लिए वेल्थ कार्डएक्सिस बैंक ने अपने सबसे अमीर ग्राहकों के लिए 'Magnus Burgundy' और अल्ट्रा-प्रीमियम 'Reserve' क्रेडिट कार्ड पेश किए हैं, जिनकी सालाना फीस ₹30,000 से ₹50,000 (प्लस 18% जीएसटी) तक जाती है।सालाना फीस: ₹30,000 से ₹50,000 प्रति वर्ष (टैक्स अतिरिक्त)।किन्हें मिलता है: यह कार्ड केवल एक्सिस बैंक के 'बरगंडी प्राइवेट' (Burgundy Private) वेल्थ मैनेजमेंट ग्राहकों को दिया जाता है, जिनका बैंक के साथ कम से कम ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ का टोटल रिलेशनशिप वैल्यू (TRV) या पोर्टफोलियो होता है।शाही सुविधाएं: दुनिया भर के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर 'प्रायोरिटी पास' के जरिए प्राइमरी और ऐड-ऑन मेंबर्स के लिए अनलिमिटेड लाउंज एक्सेस और फ्री गेस्ट विजिट्स। इसके साथ ही देश के चुनिंदा एयरपोर्ट्स पर वीआईपी 'मीट एंड ग्रीट' (Meet & Assist) सर्विस, जहां एयरपोर्ट स्टाफ आपका सामान उठाने से लेकर इमिग्रेशन क्लीयरेंस तक वीआईपी गेट से करवाता है। भारत के सभी टॉप गोल्फ कोर्स में साल भर अनलिमिटेड फ्री गोल्फ राउंड्स और लक्जरी डाइनिंग पर फ्लैट 25% से 40% की छूट।3. एचडीएफसी बैंक इनफिनिया मेटल एडिशन (HDFC Infinia Metal): स्मार्ट अमीरों का पसंदीदा कार्डभारत में अगर सबसे ज्यादा मांग वाला और सबसे कठिन कसौटी पर मिलने वाला कोई मेटल कार्ड है, तो वह एचडीएफसी बैंक का 'इनफिनिया' (HDFC Infinia Metal Edition) है।सालाना फीस: ₹12,500 (प्लस जीएसटी)।किन्हें मिलता है: केवल चुनिंदा ग्राहकों को इनविटेशन पर। इसके लिए न्यूनतम पात्रता मानदंड प्रति माह ₹3 लाख से ₹5 लाख की शुद्ध इन-हैंड सैलरी या करोड़ों का आईटीआर और बैंक में मजबूत इनवेस्टमेंट बैलेंस होना है।शाही सुविधाएं: इसका रिवॉर्ड रेट उद्योग में सबसे तगड़ा (लगभग 33% तक प्रभावी रिटर्न) है। स्मार्टबाय (SmartBuy) पोर्टल के जरिए फ्लाइट्स और होटल्स बुक करने पर 5X रिवॉर्ड प्वाइंट्स मिलते हैं, जिनसे पूरी दुनिया की इंटरनेशनल ट्रिप्स पूरी तरह फ्री हो जाती हैं। इसके साथ दुनिया भर के 1,000+ लाउंज में अनलिमिटेड एक्सेस (गेस्ट के साथ), देश के प्रीमियम 5-स्टार होटल्स (मैरियट, ताज) में 'क्लब मैरियट' की मानद सदस्यता और गोल्फ सेशंस पूरी तरह मुफ्त मिलते हैं।4. आईसीआईसीआई बैंक एमिरेट्स एमराल्ड (ICICI Bank Emeralde Private Metal): हाई-नेटवर्थ यात्रियों के लिए लग्जरीआईसीआईसीआई बैंक अपने अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट के लिए 'एमराल्ड प्राइवेट मेटल' (Emeralde Private Metal) कार्ड जारी करता है, जिसे खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घूमने वाले कारोबारियों के लिए डिजाइन किया गया है।सालाना फीस: ₹12,000 से ₹12,500 (प्लस जीएसटी)।शाही सुविधाएं: इस कार्ड की सबसे बड़ी ताकत इसका बेहद कम विदेशी मुद्रा मार्क-अप शुल्क (Forex Markup Fee मात्र 1.5% से 2%) है, जबकि सामान्य कार्ड्स पर 3.5% से 4% तक का भारी चार्ज कटता है। इसके अलावा बुकमायशो (BookMyShow) पर हर महीने टिकटों पर ₹1,000 तक की छूट, अनलिमिटेड डोमेस्टिक और इंटरनेशनल लाउंज विजिट्स, ताज एपिक्योर (Taj Epicure) और ईजीडाइनर प्राइम की मुफ्त मेंबरशिप मिलती है। इस कार्ड पर एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर ₹3 करोड़ तक का दिया जाता है।5. एसबीआई कार्ड ऑरुम (SBI Card AURUM): स्टेट बैंक का सबसे शाही मेटल कार्डभारतीय स्टेट बैंक की क्रेडिट कार्ड विंग (SBI Card) का सबसे प्रीमियम और एक्सक्लूसिव मेटल कार्ड 'ऑरुम' (AURUM) है, जो केवल देश के शीर्ष नौकरशाहों, प्रख्यात डॉक्टरों, वकीलों और बड़े उद्योगपतियों को आमंत्रित किया जाता है।सालाना फीस: ₹9,999 से ₹10,000 (प्लस जीएसटी)।शाही सुविधाएं: जॉइनिंग के समय ही 40,000 रिवॉर्ड प्वाइंट्स (मूल्य ₹10,000) का वेलकम गिफ्ट। इसके साथ इंटरनेशनल लाउंज के लिए 'ड्रीमफोल्क्स' (DreamFolks) की अनलिमिटेड मेंबरशिप और साल में 16 डोमेस्टिक लाउंज विजिट्स। इसके अलावा 'क्लब मैरियट', 'ओटीटी सब्सक्रिप्शन' (नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम) और 'कंसीयर्ज डेस्क' के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होटल और डाइनिंग रिजर्वेशन की प्रीमियम सुविधा दी जाती है।भारत के टॉप 5 सबसे महंगे क्रेडिट कार्ड्स का तुलनात्मक विवरणक्रेडिट कार्ड का नामजॉइनिंग / सालाना फीसकार्ड का प्रकारसबसे खास शाही सुविधाअमेरिकन एक्सप्रेस सेंटूरियन₹5,00,000 (प्लस GST)टाइटेनियम / ब्लैक मेटलनो प्री-सेट स्पेंड लिमिट, पर्सनल 24/7 दरबान, लक्जरी होटल सुइट अपग्रेडएक्सिस बैंक मैग्नस बरगंडी₹30,000 – ₹50,000मेटल कार्डएयरपोर्ट वीआईपी मीट एंड ग्रीट, अनलिमिटेड इंटरनेशनल लाउंज व गोल्फएचडीएफसी बैंक इनफिनिया₹12,500मेटल कार्ड33% तक रिवॉर्ड यील्ड, फ्री बिजनेस क्लास टिकटिंग, क्लब मैरियटआईसीआईसीआई एमराल्ड प्राइवेट₹12,500मेटल कार्डन्यूनतम 1.5% फॉरेक्स चार्ज, ₹3 करोड़ का एयर इंश्योरेंस, ताज मेंबरशिपएसबीआई कार्ड ऑरुम₹10,000मेटल कार्डअनलिमिटेड इंटरनेशनल लाउंज, 40,000 वेलकम प्वाइंट्स, गोल्फ एक्सेसअमीरों को क्यों पसंद आते हैं ये कार्ड? आम कार्ड्स से कैसे हैं बिल्कुल अलग?एक आम उपभोक्ता के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि कोई व्यक्ति किसी क्रेडिट कार्ड के लिए हर साल ₹12,000 से ₹5 लाख की भारी-भरकम फीस क्यों चुकाएगा? इसके पीछे विशुद्ध वित्तीय गणित और जीवनशैली से जुड़ी असाधारण सुविधाएं हैं:ग्लोबल कंसीयर्ज डेस्क (Dedicated Lifestyle Manager): इन कार्डधारकों के लिए बैंक एक पर्सनल लाइफस्टाइल मैनेजर (दरबान) नियुक्त करता है। यदि आपको आधी रात को पेरिस में एक प्राइवेट शेफ बुक करना है, न्यूयॉर्क में बिक चुके ब्रॉडवे शो के पास चाहिए या चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था करनी है, तो केवल एक फोन कॉल पर यह काम पूरा हो जाता है।लाखों रुपये के मुफ्त वाउचर और रिवॉर्ड्स: इन कार्ड्स पर सालाना ₹10 लाख से ₹50 लाख खर्च करने पर मिलने वाले माइलस्टोन रिवॉर्ड्स (जैसे 5-स्टार होटलों के फ्री स्टे, फ्री बिजनेस क्लास फ्लाइट्स) का कुल मूल्य अक्सर कार्ड की सालाना फीस से कहीं ज्यादा निकल आता है।जीरो फॉरेक्स और एयरपोर्ट सुरक्षा: विदेश यात्राओं के दौरान फॉरेक्स मार्क-अप चार्ज में भारी छूट मिलती है। इसके अलावा एयरपोर्ट पर लंबी सिक्योरिटी लाइनों से बचते हुए 'वीआईपी फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस' और प्राइवेट लाउंज की सुविधा मिलती है।नो लिमिट और वित्तीय प्रतिष्ठा: हाई-वैल्यू बिजनेस डील्स, ऑक्शन में पेंटिंग्स या महंगी घड़ियां खरीदने के लिए जहां सामान्य कार्ड ब्लॉक हो जाते हैं, वहीं ये सुपर-प्रीमियम कार्ड बिना किसी रुकावट के करोड़ों का लेन-देन पलक झपकते प्रोसेस कर देते हैं। यही कारण है कि यह कार्ड सिर्फ प्लास्टिक का टुकड़ा नहीं, बल्कि वित्तीय दुनिया में आपकी सर्वोच्च साख का आईना माना जाता है।
पहाड़ों पर बर्फबारी की आहट: उत्तराखंड से कश्मीर तक बदलेगा मौसम
पहाड़ों पर बर्फबारी: पहाड़ों पर बर्फबारी, मौसम ब्रेकिंग: भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश का अनुमान है जिससे तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने की संभावना है।
दिवाली का पावन पर्व रोशनी, खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। जब घर में नन्हे मेहमान की पहली दिवाली होती है, तो परिवार में खुशियों का माहौल दोगुना हो जाता है। रिश्तेदार, माता-पिता और दादा-दादी बच्चे के लिए कपड़े, सोने-चांदी के सिक्के या महंगे खिलौने उपहार में देते हैं। लेकिन ये तमाम उपहार समय के साथ या तो पुराने हो जाते हैं या अपनी उपयोगिता खो देते हैं। आज के इस दौर में यदि आप अपने बच्चे की पहली दिवाली को सचमुच यादगार और भविष्योन्मुखी बनाना चाहते हैं, तो सबसे बेहतरीन उपहार 'फाइनेंशियल फ्रीडम' का हो सकता है। बढ़ती महंगाई और कॉलेज की आसमान छूती फीस को देखते हुए आज से ही म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए बचत का एक बीज बोना सबसे समझदारी भरा निर्णय है। लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज से लेकर दिल्ली-एनसीआर या किसी भी शहर में रहने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए मात्र ₹2,000 प्रति माह की छोटी सी बचत बच्चे के 18 वर्ष का होने तक एक बहुत बड़ा वेल्थ कॉपर्स तैयार कर सकती है।₹2,000 की मासिक SIP का 18 साल का गणित: कितना बनेगा फंड?जब बच्चा 18 वर्ष का होगा, तब वह 12वीं की पढ़ाई पूरी करके मेडिकल, इंजीनियरिंग, एविएशन, लॉ या मैनेजमेंट जैसे उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रमों में दाखिला ले रहा होगा। उस समय माता-पिता पर एकमुश्त 20 से 30 लाख रुपये की फीस का भारी आर्थिक दबाव आता है। 18 साल का लंबा समय कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) के लिए एक आदर्श समय सीमा मानी जाती है। इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने पिछले दो दशकों में लंबी अवधि में 12% से 15% तक का औसत वार्षिक सीएजीआर रिटर्न डिलीवर किया है। 18 साल यानी कुल 216 महीनों तक यदि आप हर महीने ₹2,000 की अनुशासित एसआईपी जारी रखते हैं, तो आपकी जेब से कुल निवेश राशि मात्र ₹4,32,000 (₹4.32 लाख) होगी।12% सालाना रिटर्न पर: 12% के रूढ़िवादी और व्यावहारिक रिटर्न के हिसाब से 18 साल पूरे होने पर आपकी ₹4.32 लाख की जमा पूंजी पर लगभग ₹11.05 लाख का शुद्ध ब्याज या वेल्थ गेन मिलेगा। इससे आपका कुल मैच्योरिटी कॉर्पस लगभग ₹15,37,000 (साढ़े 15 लाख रुपये) बनकर तैयार हो जाएगा।15% सालाना रिटर्न पर: यदि आपका पोर्टफोलियो अच्छी क्वालिटी के फ्लेक्सी कैप और मिड कैप फंड्स में निवेशित रहता है और वह 15% का सालाना रिटर्न देता है, तो आपके ₹4.32 लाख के निवेश पर लगभग ₹17.5 लाख का शुद्ध मुनाफा जुड़ेगा। इस स्थिति में 18 साल बाद जब बच्चा बालिग होगा, तो उसके हाथ में लगभग ₹21,83,000 (करीब ₹22 लाख) का एकमुश्त फंड होगा।10% स्टेप-अप एसआईपी: ₹35 लाख का महा-फंड बनाने का सीक्रेट फॉर्मूलायदि आप अपने बच्चे के लिए केवल ₹15 या ₹22 लाख तक सीमित नहीं रहना चाहते और महंगाई को पूरी तरह मात देकर ₹35 लाख से अधिक का फंड बनाना चाहते हैं, तो 'स्टेप-अप एसआईपी' का फॉर्मूला सबसे मुफीद साबित होगा। जैसे-जैसे आपकी नौकरी में हर साल इंक्रीमेंट होता है या कारोबार का मुनाफा बढ़ता है, वैसे ही आप अपनी ₹2,000 की मासिक किस्त में हर साल मात्र 10% का इजाफा कर दें।पहले साल ₹2,000 महीना, दूसरे साल ₹2,200, तीसरे साल ₹2,420 महीना।इस 10% सालाना स्टेप-अप से 18 साल में आपका कुल निवेश लगभग ₹11 लाख के आसपास पहुंचेगा।लेकिन 12% के औसत रिटर्न पर भी 18 साल के अंत में आपका फंड बढ़कर लगभग ₹34.5 लाख से ₹35 लाख तक पहुंच जाएगा।वहीं 15% के रिटर्न पर यह कॉर्पस ₹48 लाख से ₹50 लाख के आंकड़े को भी छू सकता है। यह रकम बच्चे की विदेश में पढ़ाई, टॉप यूनिवर्सिटी की डिग्री या उसके पहले स्टार्टअप के लिए एक मजबूत आर्थिक नींव तैयार कर देगी।शिक्षा की महंगाई (Education Inflation) और पारंपरिक योजनाओं की विफलताअधिकांश अभिभावक बच्चे के जन्म के समय सुकन्या समृद्धि (बेटियों के लिए) या बैंक एफडी और पारंपरिक चाइल्ड इंश्योरेंस मनी-बैक पॉलिसियों का सहारा लेते हैं। जहां सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतरीन डेट विकल्प है, वहीं बैंक एफडी या पारंपरिक बीमा योजनाओं में मिलने वाला 5% से 6.5% का ब्याज असल में घाटे का सौदा साबित होता है। भारत में शिक्षा की महंगाई दर (Education Inflation) 10% से 12% की वार्षिक रफ्तार से बढ़ रही है। जो बीटेक या एमबीए की डिग्री आज ₹15 लाख में हो रही है, 18 साल बाद उसी डिग्री की फीस ₹40 से ₹50 लाख के पार होगी। डेट इंस्ट्रूमेंट्स या एफडी में पैसा लगाने पर टैक्स कटने के बाद मिलने वाला शुद्ध रिटर्न महंगाई से भी पीछे छूट जाता है। यही कारण है कि 15 से 18 साल के होराइजन के लिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी करना ही एकमात्र ऐसा विकल्प है जो महंगाई को मात देकर वास्तविक वेल्थ (Real Wealth) क्रिएट करता है।बच्चे के लिए पोर्टफोलियो कैसे तैयार करें: सही फंड्स का आवंटन18 साल का लंबा समय होने के कारण बाजार के शुरुआती 5 से 7 साल के उतार-चढ़ाव की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती। बच्चे के नाम पर या अभिभावक के तहत शुरू किए जाने वाले इस ₹2,000 के निवेश को आप दो अलग-अलग फंड्स में बांट सकते हैं:पहला हिस्सा (₹1,000): निफ्टी 50 या निफ्टी 500 आधारित एक लार्ज कैप इंडेक्स फंड अथवा फ्लेक्सी कैप फंड में डालें, जो देश की शीर्ष कंपनियों में निवेश करके आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता प्रदान करेगा।दूसरा हिस्सा (₹1,000): किसी कंसिस्टेंट परफॉर्मर मिड कैप फंड में निवेश करें, जो लंबी अवधि में लार्ज कैप की तुलना में 2% से 3% का अतिरिक्त अल्फा (Alpha) रिटर्न जनरेट करने की क्षमता रखता है।यह ध्यान रखें कि बच्चे के नाम पर नाबालिग (Minor) फोलियो खोला जा सकता है, जिसमें माता-पिता अभिभावक रहते हैं। इसके लिए बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) और माता-पिता का पैन व आधार कार्ड पर्याप्त होता है।15वें साल के बाद का एग्जिट प्लान: पूंजी को सुरक्षित करने की रणनीतिम्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लक्ष्य की सबसे बड़ी कामयाबी सही एग्जिट रणनीति पर टिकी होती है। जब बच्चे की उम्र 15 या 16 वर्ष हो जाए और कॉलेज में दाखिले के लिए केवल 2 से 3 साल का समय बाकी रह जाए, तो पूरे पैसे को इक्विटी मार्केट में नहीं छोड़ना चाहिए। उस वक्त एक सिस्टेमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) सक्रिय करके इक्विटी फंड से हर महीने एक तय रकम सुरक्षित अल्ट्रा-शॉर्ट टर्म डेट फंड, लिक्विड फंड या बैंक एफडी में ट्रांसफर कर देनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि 18वें साल में यदि शेयर बाजार में कोई बड़ी गिरावट या वैश्विक मंदी आती भी है, तो आपके बच्चे की कॉलेज फीस के लिए जमा हुआ ₹20 से ₹35 लाख का कॉर्पस पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इस दिवाली एक जिम्मेदार माता-पिता बनकर अपने लाडले या लाडली के नाम मात्र ₹2,000 की एसआईपी शुरू करें, जो 18 साल बाद उसके सपनों की सबसे बड़ी रोशनी बनेगी।
देश के एविएशन सेक्टर के लिए सितंबर का महीना सुस्ती भरा साबित हुआ है। विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी मासिक ट्रैफिक आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में भारतीय घरेलू एयरलाइंस से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में सालाना आधार पर लगभग 6.49% (करीब 6.5%) की गिरावट दर्ज की गई है। पूरे महीने के दौरान घरेलू उड़ानों में कुल 118.23 लाख (1.18 करोड़) यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले काफी कम है। उद्योग जानकारों के मुताबिक, मानसून के अंतिम चरण, पितृपक्ष और त्योहारी सीजन (दिवाली-छठ) से ठीक पहले की अवधि होने के कारण सितंबर में हवाई यात्राओं की मांग में यह मौसमी नरमी देखने को मिली है। हालांकि, इस मंदी के बीच सबसे ज्यादा चर्चा विभिन्न एयरलाइंस की उड़ानों के संचालन, रद्दीकरण दर और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस को लेकर रही है।संकट में स्पाइसजेट: उड़ानों के रद्दीकरण की दर रिकॉर्ड स्तर पर, मार्केट शेयर 1% से नीचे फिसलाडीजीसीए के ताजा आंकड़ों में बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) की परिचालन संबंधी मुश्किलें खुलकर सामने आई हैं। तकनीकी खामियों, फ्लीट की कमी और वित्तीय दबाव से जूझ रही स्पाइसजेट की उड़ानों में भारी रद्दीकरण देखने को मिला है, जहां एयरलाइन की लगभग 20.29% उड़ानें रद्द या प्रभावित दर्ज की गईं। इसके चलते स्पाइसजेट का घरेलू बाजार हिस्सा (Market Share) घटकर मात्र 0.6% के निचले स्तर पर आ गया है, जो रीजनल कैरियर स्टार एयर (Star Air - 0.7%) से भी नीचे खिसक गया है। उड़ानों के रद्द होने और कई-कई घंटे की देरी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और डीजीसीए को सबसे अधिक यात्री शिकायतें भी इसी एयरलाइन के खिलाफ प्राप्त हुईं।इंडिगो का एकतरफा दबदबा: 60% से अधिक मार्केट शेयर और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में नंबर-1विमानन क्षेत्र में छाई सुस्ती के बावजूद देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) ने अपने दबदबे को और मजबूत किया है। इंडिगो ने 60% से अधिक घरेलू बाजार हिस्सेदारी पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। परिचालन दक्षता के मामले में भी इंडिगो सबसे आगे रही। देश के चार प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों (दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद) पर इंडिगो का 'ऑन-टाइम परफॉर्मेंस' (OTP) 91.1% दर्ज किया गया, यानी उसकी 91% से ज्यादा उड़ानों ने समय पर उड़ान भरी और लैंडिंग की। इंडिगो की कैंसिलेशन दर भी उद्योग के औसत से काफी नीचे 0.5% से 0.8% के बीच सीमित रही।एयर इंडिया ग्रुप और आकासा एयर का प्रदर्शन: समय की पाबंदी में आकासा ने दी कड़ी टक्करटाटा समूह के स्वामित्व वाले एयर इंडिया ग्रुप (Air India और Air India Express) ने मिलकर 25% से अधिक की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी संभाली है। एयर इंडिया के विमानों का पैसेंजर लोड फैक्टर (PLF) लगभग 82% से 85% के बीच दर्ज हुआ। वहीं, नए दौर की एयरलाइन आकासा एयर (Akasa Air) ने अपनी समयबद्धता से एक बार फिर प्रभावित किया। आकासा एयर ने 90.8% के शानदार ऑन-टाइम परफॉर्मेंस के साथ इंडिगो को कड़ी टक्कर दी और उद्योग में दूसरा स्थान हासिल किया। आकासा एयर का कैंसिलेशन रेट मात्र 0.3% के आसपास रहा, जो यह दर्शाता है कि छोटे फ्लीट साइज के बावजूद उसका ऑपरेशन काफी स्थिर बना हुआ है।यात्रियों के अधिकार और रिफंड पर डीजीसीए के कड़े निर्देशसितंबर में उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने और देरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय ने सभी एयरलाइंस को पैसेंजर चार्टर का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। डीजीसीए के नियमों के अनुसार:यदि कोई एयरलाइन उड़ान के समय से 24 घंटे से कम समय पहले फ्लाइट रद्द करती है, तो उसे यात्री को वैकल्पिक उड़ान देनी होगी या पूरा रिफंड देने के साथ निर्धारित मुआवजे का भुगतान करना होगा।यदि उड़ान में 4 से 6 घंटे से अधिक की देरी होती है, तो एयरलाइन को एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए जलपान, भोजन और प्रतीक्षालय की मुफ्त व्यवस्था करनी अनिवार्य है।डीजीसीए ने स्पाइसजेट समेत उन सभी एयरलाइंस को अपने विंटर शेड्यूल (Winter Schedule) में केवल उतनी ही उड़ानों की बुकिंग लेने की हिदायत दी है, जितने विमान उनके पास वास्तविक रूप से उड़ने की स्थिति में मौजूद हैं, ताकि आगामी कोहरे और त्योहारी सीजन में यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न उठानी पड़े।
सलमान, आमिर और टाइगर श्रॉफ... साजिश से शूटर्स की गिरफ्तारी तक पूरी कहानी
टाइगर श्रॉफ शूटआउट केस में मुंबई पुलिस की जांच से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं. टाइगर पर हमले से पहले शूटरों ने आमिर खान के घर की रेकी की थी. जानिए लॉरेंस गैंग की साजिश और आरोपियों की गिरफ्तारी की पूरी कहानी.
बैलेट पेपर से चुनाव फिर भी हार! NDA की जीत पर जेडीएस का राहुल गांधी पर तंज
बेंगलुरु शिक्षक क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव में जेडीएस के ए.पी. रंगनाथ ने एनडीए के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की. कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को हार मिली. मतदान बैलेट पेपर से हुआ था, इसलिए निखिल कुमार ने राहुल गांधी पर ईवीएम और 'पेपर चोरी' के बहाने को लेकर तंज कसा.
चक्रवाती तूफान का अलर्ट: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, प्रशासन हाई अलर्ट पर
चक्रवाती तूफान का अलर्ट: चक्रवाती तूफान का अलर्ट, मौसम ब्रेकिंग (छत्तीसगढ़): बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को भारी से अति भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते प्रशासन हाई अलर्ट पर है और कई जगह स्कूल बंद किए गए हैं।
बंगाल की खाड़ी में उठे अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) के आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में टकराने की चेतावनी के बीच भारतीय रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के लैंडफॉल के समय हवाओं की गति 125 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और मूसलाधार बारिश से तटीय रेल पटरियों के जलमग्न होने व सिग्नलिंग पोल क्षतिग्रस्त होने का अंदेशा है। इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) और दक्षिण तटीय रेलवे (SCoR) ने 27 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली 58 से अधिक महत्वपूर्ण ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने की आधिकारिक घोषणा की है। इसके साथ ही दर्जनों लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट में बदलाव (Diversion), कई को बीच रास्ते में ही समाप्त (Short-Termination) और समय में फेरबदल (Rescheduling) किया गया है।रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों की सूची: वंदे भारत, फलकनुमा और गोदावरी एक्सप्रेस शामिलरेलवे द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली प्रीमियम और सुपरफास्ट ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं:वंदे भारत एक्सप्रेस (दोनों दिशाओं से): सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20707/20708 और 20833/20834) को 28 अक्टूबर के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।फलकनुमा सुपरफास्ट एक्सप्रेस: सिकंदराबाद-हावड़ा फलकनुमा एक्सप्रेस (12704) 27 और 28 अक्टूबर तथा हावड़ा-सिकंदराबाद फलकनुमा एक्सप्रेस (12703) 29 अक्टूबर को रद्द रहेगी।गोदावरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस: हैदराबाद-विशाखापट्टनम गोदावरी एक्सप्रेस (12728/12727) को दोनों दिशाओं से 27 और 28 अक्टूबर के लिए निरस्त किया गया है।गरीबरथ एक्सप्रेस: सिकंदराबाद-विशाखापट्टनम गरीबरथ (12740/12739) को 27 और 28 अक्टूबर को रद्द रखने का फैसला हुआ है।काकीनाडा और नरसापुर रूट की गाड़ियां: लिंगमपल्ली-काकीनाडा टाउन कोकनाडा एक्सप्रेस (12776/12775), लिंगमपल्ली-काकीनाडा पोर्ट गौतमी एक्सप्रेस (12738/12737) और नरसापुर एक्सप्रेस 27 व 28 अक्टूबर को नहीं चलेंगी।किरंदुल-कोरापुट पैसेंजर सेवाएं: विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस (18515/18516) और किरंदुल-विशाखापट्टनम पैसेंजर (58501/58502) को 27 से 30 अक्टूबर तक पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।रत्नचल और उदय एक्सप्रेस: विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम रत्नचल एक्सप्रेस (12718/12717) और विशाखापट्टनम-गुंटूर उदय एक्सप्रेस (22875/22876) 28 अक्टूबर को संचालित नहीं होंगी।कई ट्रेनों को किया गया शॉर्ट-टर्मिनेट और डायवर्टपटरियों पर संभावित जलभराव और तेज आंधी के कारण रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों के रूट को छोटा कर दिया है:हीराखंड एक्सप्रेस (18447/18448): भुवनेश्वर से जगदलपुर के बीच चलने वाली यह ट्रेन 27 से 30 अक्टूबर के दौरान केवल रायगड़ा तक ही चलेगी और वहीं से वापस भुवनेश्वर के लिए रवाना होगी (रायगड़ा-जगदलपुर सेक्शन रद्द)।नागरसोल-नरसापुर एक्सप्रेस (12788): 27 अक्टूबर को यह ट्रेन केवल चरलापल्ली तक चलाई जा रही है और चरलापल्ली से नरसापुर के बीच इसे आंशिक रूप से निरस्त किया गया है।तिरुपति-विशाखापट्टनम तिरुमला एक्सप्रेस (18522): यह ट्रेन अपनी पूरी यात्रा के बजाय रेनिगुंटा पर ही समाप्त कर दी गई है। इसके अतिरिक्त, दक्षिण भारत से उत्तर भारत और बिहार/पूर्वांचल की ओर जाने वाली कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य तटीय लाइन से हटाकर बल्हारशाह, नागपुर और रायपुर के वैकल्पिक सुरक्षित अंतर्देशीय मार्गों पर डायवर्ट किया जा रहा है।रेलवे की इमरजेंसी तैयारी: दुर्घटना राहत ट्रेनें और ट्रैक पेट्रोलिंग तैनातचक्रवात के भीषण रूप को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने तटीय रेल मंडलों (विजयवाड़ा, विशाखापट्टनम, गुंतकल और संबलपुर) में 24 घंटे का वॉर रूम स्थापित किया है। किसी भी अप्रत्याशित हादसे या ट्रैक टूटने की स्थिति से निपटने के लिए काजीपेट, दोरनाकल और विजयवाड़ा में बोल्डर (बड़े पत्थरों), रेत की बोरियों और लकड़ी के स्लीपरों से लदी विशेष राहत ट्रेनें स्टैंडबाय पर रखी गई हैं। इसके साथ ही एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन्स (ART) और मेडिकल रिलीफ इक्विपमेंट वैन (ARME) को डॉक्टर्स की टीम के साथ मुस्तैद रखा गया है। संवेदनशील पुलों और पानी के तेज बहाव वाले कॉजवे पर रेल कर्मचारियों की विशेष पेट्रोलिंग टीमें तैनात की गई हैं, ताकि पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर जाते ही सिग्नल को तुरंत रेड किया जा सके।IRCTC का पूरा रिफंड और पैसेंजर्स के लिए हेल्पडेस्क नियमरेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा और चक्रवात के चलते जिन ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है, उनके यात्रियों को पूरा किराया (Full Refund) वापस किया जाएगा:ऑनलाइन टिकट धारक: जिन यात्रियों ने IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ई-टिकट बुक किए हैं, उन्हें टिकट कैंसिल करने की कोई जरूरत नहीं है। सिस्टम द्वारा ट्रेन रद्द होते ही 3 से 5 कार्यदिवसों के भीतर पूरा पैसा उसी बैंक खाते या वॉलेट में ऑटो-रिफंड कर दिया जाएगा जिससे भुगतान हुआ था।काउंटर पीआरएस (PRS) टिकट: रेलवे स्टेशन के काउंटर से खरीदे गए टिकटों का रिफंड पाने के लिए यात्री यात्रा की तारीख के 72 घंटे के भीतर किसी भी कंप्यूटराइज्ड रिजर्वेशन काउंटर पर जाकर अपनी मूल टिकट जमा करके नकद रिफंड प्राप्त कर सकते हैं।हेल्पलाइन नंबर: यात्री अपनी ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस और पुनर्निर्धारित समय जानने के लिए रेलवे के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों पर सहायता केंद्र (Helpdesks) सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।यात्रियों के लिए आवश्यक सलाह: घर से निकलने से पहले स्टेटस जरूर जांचेंयदि आप 27 से 30 अक्टूबर के बीच पूर्वी तटीय मार्ग, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल या दक्षिण भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो रेलवे स्टेशनों के लिए रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन का वास्तविक समय और संचालन स्थिति अवश्य चेक कर लें। रेलवे द्वारा यात्रियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर एसएमएस के जरिए बदलावों की सीधी सूचना भेजी जा रही है। यात्री 'NTES' (National Train Enquiry System) ऐप या IRCTC पोर्टल पर लाइव स्टेटस देखकर ही घर से निकलें ताकि चक्रवात की विभीषिका के बीच किसी स्टेशन पर अनावश्यक रूप से फंसने से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़ के मौसम में आएगा बदलाव, अर्नब चक्रवात को लेकर भारी बारिश की चेतावनी
छत्तीसगढ़ मौसम: छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 अक्टूबर को प्रदेश के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रायपुर में भी 27 अक्टूबर को बारिश या बादल गरजने-चमकने के साथ मौसम बदल सकता है। इस दौरान गरज-चमक, आकाशीय.
करवा चौथ 2026: चांद के दीदार में क्यों हो सकती है देरी?
करवा चौथ पर 29 अक्टूबर को दिल्ली-NCR समेत आसपास के इलाकों में बादल छाने और बारिश की आशंका जताई गई है. वीडियो में जानें दिल्ली में चंद्रोदय का अनुमानित समय, पूजा का शुभ मुहूर्त और मौसम का व्रत पर क्या असर पड़ सकता है. चंद्रोदय का समय शहर के अनुसार अलग हो सकता है. इसलिए व्रत रखने वाली महिलाएं अपने शहर का स्थानीय चंद्रोदय समय और मौसम का ताजा पूर्वानुमान जरूर जांच लें.
Karnataka MLC Election: JDS ने कांग्रेस से छीनी बेंगलुरु शिक्षक सीट, 908 वोटों से जीते AP Ranganatha
कर्नाटक विधानपरिषद के द्विवार्षिक चुनाव में मंगलवार को जनता दल सेक्युलर (जदएस) ने सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस से ‘बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र’ छीन लिया जबकि उसकी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अन्य तीन सीट पर आगे चल रही है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसे कांग्रेस के लिए एक झटका माना जा रहा है। तेईस अक्टूबर को जिन अन्य तीन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, वे दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। इन तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना अभी चल ही रही है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा समर्थित जदएस प्रत्याशी ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा विधानपरिषद सदस्य पुट्टन्ना को 908 वोटों के अंतर से हरा दिया। पुट्टन्ना फिर से चुनाव लड़ रहे थे। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट प्राप्त हुए। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा उम्मीदवार के. एम. सुरेश, कांग्रेस प्रत्याशी शशि हुलिकुंटे मुट्ट से आगे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर, भाजपा के मौजूदा एमएलसी शशिल जी. नमोशी से पीछे चल रहे हैं। नमोशी फिर से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने बताया कि पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, मौजूदा भाजपा विधानपरिषद सदस्य एस.वी. संकानूर, कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिम्बिकाई से आगे चल रहे हैं। इस चुनावी मुकाबले को भाजपा और जदएस के बीच तालमेल की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। इसे शिक्षकों और स्नातकों के बीच कांग्रेस के जनाधार की भी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा एवं जदएस राजग में सहयोगी हैं। चार में से तीन सीट पर भाजपा का कब्ज़ा था और अगर रुझान ऐसे ही बने रहते, तो वह इन सीट को अपने पास बनाए रखेगी। जदएस कांग्रेस से बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र छीनने में सफल रही। बेंगलुरु का यह मुकाबला इसलिए अहम था क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले पुट्टन्ना ने जदएस छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पुट्टन्ना और रंगनाथ ही वोक्कालिगा समुदाय से हैं। इस चुनाव को इस बात की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा था कि क्या विपक्षी गठबंधन के दोनों सहयोगी दल एक-दूसरे के उम्मीदवारों को अपना समर्थन दिला पाते हैं या नहीं। हालांकि इन नतीजों से राज्य सरकार की स्थिरता पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, लेकिन विपक्षी गठबंधन का मजबूत प्रदर्शन उसे 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार दे देगा।
मौसमः कल से मप्र में छाएंगे बादल, कई जिलों में बारिश का अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम: मध्य प्रदेश मौसम, मौसम ब्रेकिंग (इंदौर): मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के असर से 28 से 30 अक्टूबर तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
MP Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान के प्रभाव से मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। मौसम विभाग ने आगामी तीन से चार दिनों तक राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
GST रजिस्ट्रेशन का नया नियम: 1 नवंबर से होगा लागू; क्या-क्या बदलेगा?
जीएसटी पंजीयन और नोटिस से जुड़े नए नियम 1 नवंबर से लागू होंगे, जिसमें को-वर्किंग स्पेस से भी पंजीकरण संभव होगा।
बंगाल में BJP नेता की हत्या करके टुकड़ों में फेंकी लाश, CID से एनकाउंटर में मारा गया आरोपी
जांच टीम सुजीत मंडल की हत्या से जुड़ी घटनाओं का क्रम दोहराकर देख रही थी। इसी दौरान आरोपी ने अधिकारी की बंदूक छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके जवाब में CID की टीम ने फायरिंग की, जिसमें शेख को गोली लगी।
FASTag यूज़र्स ध्यान दें! नए लोकल टोल पास की कीमत बदली!
1 नवंबर 2026 से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र निजी वाहन मालिक सालाना लोकल पास ले सकेंगे. इसकी कीमत ₹1,500 या ₹3,000 होगी. वीडियो में जानें पात्रता, जरूरी शर्तें और किन टोल प्लाजा पर यह सुविधा नहीं मिलेगी. हालांकि, पास लेने से पहले पात्रता और लागू शर्तों की जानकारी लेना जरूरी है.
चक्रवाती तूफान अर्नब की आहट से सहमे गोपालगंज के किसान, फसल पर मंडराया संकट
चक्रवाती तूफान अर्नब: गोपालगंज में चक्रवाती तूफान की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आईएमडी ने 29 और 31 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे धान और गन्ने की फसल पर खतरा मंडरा रहा है।
बलरामपुर में चक्रवात अर्नब का असर: 29-30 अक्टूबर को आंधी-बारिश का अलर्ट
चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (बलरामपुर): बलरामपुर जिले में 29 और 30 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। जिलाधिकारी ने नागरिकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
अजमेर रेल मंडल में रेलवे कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, टीआरडी अधिकारी पर अभद्र व्यवहार के आरोप
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में वरिष्ठ मंडल अभियंता (टीआरडी) के कथित कर्मचारी विरोधी व्यवहार और कर्मचारियों के प्रशासनिक आधार पर किए गए स्थानांतरणों के विरोध में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन ने विभिन्न रेलवे स्टेशनों और इकाइयों पर प्रदर्शन किया। यूनियन ने संबंधित आदेश वापस लेने, कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित […] The post अजमेर रेल मंडल में रेलवे कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, टीआरडी अधिकारी पर अभद्र व्यवहार के आरोप appeared first on Sabguru News .
कानपुर में टेसू-झांझी उत्सव के दौरान फायरिंग, बुजुर्ग किसान की मौत
उत्तर प्रदेश के कानपुर में शरद पूर्णिमा पर टेसू झांझी के कार्यक्रम में दर्दनाक हादसा हो गया. जश्न के दौरान नशे में धुत एक शख्स की हर्ष फायरिंग में बुजुर्ग किसान को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के बाद आरोपी फरार हो गया. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बढ़ेगी ठंड
अक्टूबर के आखिरी दिनों में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के आसार हैं. मैदानी इलाकों में भी मौसम बदल सकता है. वीडियो में जानें कहां बारिश का अलर्ट है और क्या ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होगी. पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 से 31 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश का अनुमान है.
पूर्णिया में चक्रवात का असर, बुधवार से आंशिक बादल और गुरुवार से झमाझम बारिश की संभावना
पूर्णिया में चक्रवात: सीमांचल क्षेत्र में चक्रवात का असर बुधवार से शुरू होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार से झमाझम बारिश के आसार हैं और 29 से 31 अक्टूबर तक इसका प्रभाव तीन दिनों तक बना रहेगा।
व्हाइट हाउस को 'चीजकेक फैक्ट्री' कहने पर भड़के ट्रंप, ओबामा के लिए कहे 'अपशब्द'
व्हाइट हाउस के रेनोवेशन को लेकर पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच विवाद छिड़ गया है. ओबामा ने व्हाइट हाउस की सजावट की तुलना चीजकेक फैक्ट्री से की थी. अब ट्रंप ने इसपर पलटवार करते हुए ओबामा को घटिया राष्ट्रपति करार दिया है. उन्होंने ओबामा की विदेश नीति की भी आलोचना की है.
कटिहार मौसम: दिन में चढ़ेगा पारा, गुरुवार से बारिश के आसार
कटिहार मौसम: कटिहार जिले में इन दिनों मौसम बदलने के संकेत मिल रहे हैं। मंगलवार सुबह आसमान में बादलों की आवाजाही रही, जबकि दिन में तापमान बढ़ने का अनुमान है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार एवं बुधवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इसके बाद गुरुवार से बारिश की संभावना है। 29 से 31 अक्टूबर के.
'क्रिमिनल ठेले पर केले बेच रहे', हर्ष के जोक पर हंस पड़े CM योगी
'खतरों के खिलाड़ी' से घर-घर में छाने वाले कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने इस बार सीएम योगी के सामने कुछ ऐसा कह दिया कि खुद मुख्यमंत्री भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. यूपी के क्राइम पर उनका जोक सोशल मीडिया पर सनसनी मचा रहा है.
हवा चली तो 24 घंटे में आधा हुआ प्रदूषण: मेरठ में AQI 343 से गिरकर 172 पर पहुंचा
मेरठ प्रदूषण: मेरठ में रात के समय तेज हवा चलने से मौसम में बदलाव आया है। हवा की गति बढ़ने से शहर में प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई। मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 24 घंटे में 343 से गिरकर 172 पर आ गया। इससे लोगों को प्रदूषण से कुछ राहत मिली है। हालांकि, हवा की.
वाराणसी में 29-30 अक्टूबर को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी
वाराणसी मौसम अलर्ट: भारत मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के अनुसार वाराणसी में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश, गरज-चमक और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।
बिहार टेंडर घोटाला: 6 IAS अधिकारियों को ED का समन, 30 अक्टूबर तक पूछताछ
बिहार के कथित टेंडर घोटाले में रिशु श्री से कनेक्शन को लेकर ED ने 6 IAS अधिकारियों को समन भेजा है. सुनील यादव से पूछताछ जारी, अन्य अधिकारियों से 30 अक्टूबर तक पूछताछ होगी. जानें क्या है पूरा मामला?
150 की रफ्तार से टकराएगा साइक्लोन अर्नब! हाई अलर्ट जारी
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर के बीच इसके बापटला और विशाखापट्टनम के बीच टकराने का अनुमान है. इस दौरान हवाओं की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. आंध्र प्रदेश में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि ओडिशा में स्कूल बंद और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं.
चक्रवात अर्नब की चेतावनी के बीच मंदारमणि में बड़ा हादसा, समुद्र में 3 पर्यटक डूबे
चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब की आहट और तटवर्ती इलाकों में जारी अलर्ट के बीच पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मंदारमणि में बड़ा हादसा हो गया, जहां समुद्र में नहाते समय तीन पर्यटक तेज लहरों की चपेट में आ गए और एक 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को भविष्य की तकनीक अपनानी चाहिए, साहस के साथ नया आविष्कार करना चाहिए और उन्हें बनाने में दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए।
प्री-वेडिंग शूट पर जा रहे थे दूल्हा-दुल्हन, बाइक से भिड़ी स्कॉर्पियो, तीन की मौत
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्दवान जिले में बर्धमान-सिउड़ी नेशनल हाईवे 114 पर बकरी को बचाने की कोशिश में बाइक और स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर हो गई. हादसे में बाइक सवार और दो कैमरामैन समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए. स्कॉर्पियो में दूल्हा-दुल्हन समेत सात लोग सवार थे. सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया
बंगाल: एक दिन, 2 क्राइम, 2 एनकाउंटर, हथियार छीनकर भाग रहे थे, दोनों मारे गए
पश्चिम बंगाल में मंगलवार को हत्या और बलात्कार-हत्या के अलग-अलग मामलों के दो आरोपी पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए. ये दोनों घटनाएं करीब 12 घंटे के अंतराल पर हुईं. पुलिस का कहना है कि अपराध स्थल पर क्राइम-सीन रिकंस्ट्रक्शन के दौरान, इन आरोपियों ने पुलिस अधिकारियों से हथियार छीन लिए और उन पर गोली चला दी. जवाबी कार्रवाई में ये दोनों आरोपी मारे गए.
Delhi District Courts में वकीलों की हड़ताल, ACP और थाना प्रभारी के निलंबन की मांग
राष्ट्रीय राजधानी की जिला अदालतों में वकीलों ने अधिवक्ताओं के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने वाले दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मंगलवार को हड़ताल की। दिल्ली की सभी जिला अदालतों के विभिन्न बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने सोमवार देर शाम जारी एक परिपत्र में कहा कि यह मामला उस घटना से शुरू हुआ, जिसमें अधिवक्ता ललित बंसल कथित हमले में सिर पर चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस संबंध में शाहदरा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। परिपत्र के अनुसार, मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करने के लिए कई वकील 23 अक्टूबर की शाम पुलिस थाने में पहुंचे थे। समिति ने दावा किया कि सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और थाना प्रभारी (एसएचओ) ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उस समय पुलिस थाने में मौजूद आरोपियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिपत्र में कहा गया कि अगले दिन वकीलों को पता चला कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और कथित तौर पर उन्हें छोड़ दिया गया था। इससे बार के सदस्यों में गंभीर चिंता फैल गई। परिपत्र में कहा गया, ‘‘जब वकील मामले से निपटने के तरीके पर चिंता जताने और कानून के अनुसार जवाबदेही तय करने की मांग करने के लिए पुलिस थाने पहुंचे, तो एसीपी मानस्वी वशिष्ठ से जुड़ी एक घटना हुई।’’इसमें आरोप लगाया गया, ‘‘समिति के समक्ष रखे गए विवरण के अनुसार एसीपी ने अपना रिवॉल्वर दिखाया और वहां मौजूद वकीलों को धमकाया तथा डराने की कोशिश की।’’इस आरोप पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। परिपत्र में कहा गया कि समिति इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि यह घटना तब हुई, जब अधिवक्ता वकालत के पेशे से जुड़े एक व्यक्ति को गंभीर शारीरिक चोट पहुंचाए जाने के मामले में उचित कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसमें कहा गया कि वकीलों द्वारा न्याय पाने के लिए कानूनी तरीके से किए जा रहे प्रयासों, जिनमें शिकायतों पर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी शामिल है, को डराने-धमकाने या टकराव का कारण नहीं बनने देना चाहिए। परिपत्र में कहा गया, ‘‘समन्वय समिति ने निष्पक्ष जांच लंबित रहने तक एसीपी मानस्वी वशिष्ठ और संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने की मांग करने का फैसला किया है।’’समिति के सचिव अधिवक्ता तरुण राणा ने कहा कि मंगलवार को पटियाला हाउस जिला अदालत में हड़ताल सफलतापूर्वक आयोजित की गई। उन्होंने कहा, ‘‘न्यायिक व्यवस्था के संचालन में वकील प्रमुख हितधारक हैं। उनकी गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। हम दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक शांतिपूर्ण विरोध जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’साकेत अदालत के बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव धीर सिंह कसाना ने कहा कि वकीलों ने मंगलवार को न्यायिक कार्य पूरी तरह से बंद रखा। कसाना ने कहा, ‘‘हम पुलिस की ज्यादतियों को चुपचाप बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’
Karwa Chauth 2026 Date: विदेश में एक दिन पहले व्रत?
करवा चौथ 2026 का व्रत भारत में 29 अक्टूबर को रखा जाएगा, जबकि अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में भारतीय महिलाएं 28 अक्टूबर को व्रत रखेंगी. वीडियो में जानें तारीख में अंतर की वजह, चांद निकलने का समय और सरगी खाने का सही समय. करवा चौथ पर महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू करती हैं. दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती और करवा माता की पूजा की जाती है. व्रत कथा सुनने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है.
पुष्कर मेला-2026 : 17 नवंबर को ध्वजारोहण से होगा आगाज, पोस्टर का विमोचन
लोक संस्कृति और बॉलीवुड नाइट रहेंगी आकर्षण अजमेर। विश्व प्रसिद्ध श्री पुष्कर मेला-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कलक्टर लोक बन्धु ने मेले के कार्यक्रमों की आधिकारिक पुस्तिका और पोस्टर का विमोचन किया। इस बार मेले में पारंपरिक खेलों, ऊंट एवं अश्व प्रतियोगिताओं, राजस्थानी लोक संस्कृति, धार्मिक आयोजनों और फूड एंड क्राफ्ट महोत्सव […] The post पुष्कर मेला-2026 : 17 नवंबर को ध्वजारोहण से होगा आगाज, पोस्टर का विमोचन appeared first on Sabguru News .
गोद में बेटा, हाथ में सरकारी काम... महिला पटवारी से IAS ने कहा- शाबाश!
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में पटवारी संध्या शर्मा अपने दो साल के बेटे को साथ लेकर स्वामित्व योजना के तहत गांवों में ड्यूटी कर रही हैं. कलेक्टर IAS अर्पित वर्मा ने उनके समर्पण और मातृत्व की सराहना की है. सोशल मीडिया यूजर्स भी महिला कर्मचारी की तारीफ में कसीदे गढ़ रहे हैं...
चक्रवाती तूफान अर्नब को लेकर देवघर प्रशासन सतर्क, एनडीआरएफ टीम स्टैंडबाय पर
चक्रवाती तूफान अर्नब: देवघर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इन दो दिनों में आंशिक बारिश होने की संभावना है, जिससे निपटने के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय राहत दलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
Chhattisgarh Cabinet ने सरकारी कर्मचारियों और आश्रितों के लिए Cashless इलाज को दी मंजूरी
छत्तीसगढ़ में मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने से जुड़े प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में उनके सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि नयी व्यवस्था के तहत शासकीय सेवकों को इलाज के समय अस्पताल में चिकित्सा खर्च का भुगतान खुद करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक, सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी तथा पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में शासकीय सेवकों एवं उनके परिजन को तत्काल उपचार के साथ बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने राज्य में अधोसंरचना विकास की योजना, परियोजना तैयारी, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की। उन्होंने बताया कि मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा, जिसके लिए कुल पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। अधिकारियों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) इसका नोडल विभाग और छत्तीसगढ़ सड़क एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (सीजीआरआईडीसीएल) क्रियान्वयन एजेंसी होगी। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत राज्य का सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार करने, अधोसंरचना की आवश्यकताओं के डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण और डीपीआर की अग्रिम तैयारी, डब्ल्यूएएमआईएस और ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों के डिजिटलीकरण, जीआईएस आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा पीपीपी और नवीन वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय होगी, निविदा से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी होने से समय और लागत में होने वाली वृद्धि को कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मिशन को लागू करने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को भी मंजूरी दी। उन्होंने बताया कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ के ध्येय के साथ मिशन का संचालन अगले पांच वर्षों तक किया जाएगा, जिसके लिए लगभग पांच सौ करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। अधिकारियों के मुताबिक, मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की, जिसके तहत प्रतिभा पहचान से लेकर पदक प्राप्ति तक खिलाड़ियों के विकास की क्रमबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के लिए वर्ष 2026-27 में एक सौ करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
Jamshedpur School Closed: Jamshedpur School Closed, मौसम ब्रेकिंग (जमशेदपुर): चक्रवात अर्णव और भारी बारिश की चेतावनी के बीच पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 28 और 29 अक्टूबर 2026 को जिले के सभी स्कूलों को 12वीं तक बंद रखने का निर्देश दिया है।
'बालिका वधू' एक्ट्रेस की टूटी सगाई, मंगेतर ने दिया धोखा?
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम एक्ट्रेस नविका कोटिया की सगाई टूट गई है. इसी साल जनवरी 2026 में उनकी एंगेजमेंट हुई थी.
साइक्लोन अर्नब आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ा, ओडिशा में हाई अलर्ट
साइक्लोन अर्नब: साइक्लोन अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (आंध्र प्रदेश): बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में बना चक्रवाती तूफान अर्नब आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के 16 जिलों और दक्षिण ओडिशा में हाई अलर्ट और रेड वार्निंग जारी की है।
PM आवास के पास की मस्जिद पर बड़ी खबर, जानिए दिल्ली HC में क्या हुआ?
दिल्ली हाई कोर्ट ने जयपुर पोलो ग्राउंड परिसर की रेस कोर्स मस्जिद को तोड़ने से बचाने और वहां प्रवेश बहाल करने की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा है. केंद्र के वकील ने कहा कि अभी मस्जिद तोड़ने की कोई कार्रवाई नहीं हो रही, हालांकि बिजली और पानी की सप्लाई पहले बंद की गई थी.
चक्रवात से बस्तर में भारी बारिश का अलर्ट, स्कूलों की छुट्टी घोषित
बस्तर में भारी बारिश: चक्रवात के असर से बस्तर संभाग में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए जगदलपुर समेत बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में 28 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
रेखा और नवीन निश्चल पर फिल्माया गया फिल्म 'सावन भादों' का गाना 'कान में झुमका, चाल में ठुमका' आज भी याद किया जाता है. जानिए गन्ने के खेतों में शूट हुए इस गाने की खासियत.
'दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे', BRICS संसदीय मंच ने की सीमापार आतंकवाद की निंदा
ब्रिक्स देशों ने पहलगाम हमले सहित सभी आतंकी घटनाओं की निंदा की और पश्चिम एशिया में तनाव पर चिंता व्यक्त की।
BJP सांसद Nishikant Dubey पर टिप्पणी मामला: Delhi High Court ने पूर्व वित्त सचिव को दिया निर्देश
(फाइल फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग से कहा कि वह एक पॉडकास्ट में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ की गई अपनी कुछ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटा दें या ‘म्यूट’ (आवाज विहीन) कर दें। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने गर्ग से कहा कि वह एक यूट्यूबर के पॉडकास्ट में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को ‘म्यूट’ करने या हटाने के लिए कदम उठाएं। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के वकील ने भी भरोसा दिलाया कि उनकी मुवक्किल (मोइत्रा) ‘एक्स’ पर मौजूद कथित मानहानिकारक पोस्ट हटा देंगी। हालांकि, वकील ने कहा कि सांसद के पास अपने पोस्ट में उठाए गए व्यापक मुद्दे पर बोलने का अधिकार बना रहेगा। न्यायमूर्ति गेडेला ने दुबे द्वारा दायर किये गये मानहानि के मुकदमे में गर्ग और मोइत्रा को समन जारी किया। दुबे ने अपने खिलाफ आरोप लगाने से गर्ग एवं मोइत्रा को रोकने, माफी मांगने और दो करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति देने का अदालत से अनुरोध किया है। उच्च न्यायालय ने गर्ग और मोइत्रा से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। प्रतिवादियों के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और कहा कि मुकदमा ‘सही तस्वीर पेश नहीं करता है।’उसके बाद उच्च न्यायालय ने पूछा कि क्या वे इस बीच उस सामग्री को और आगे प्रसारित करने से खुद को रोक सकते हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि वह जानता है कि वादी और पूर्व वित्त सचिव, दोनों ही प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं तथा पूर्व वित्त सचिव को पॉडकास्ट में ‘अनुचित शब्द’ का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। न्यायमूर्ति गेडेला ने मौखिक तौर पर कहा, ‘‘आप इस तरह के शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। मान लीजिए कोई आपसे ऐसा कहे... तो क्या आप इसे हल्के में लेंगे?...आप इस शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते। यह बिल्कुल अपमानजनक है। आप किसी को भी उस नाम से नहीं बुला सकते। बाकी बातें बहस का विषय हो सकती हैं।’’गर्ग के वकील ने आश्वासन दिया कि अपने मुवक्किल से निर्देश लेकर वह पॉडकास्ट मेजबान से संपर्क करेंगे, ताकि पॉडकास्ट में मौजूद कथित तौर पर मानहानि करने वाले कुछ वाक्यांशों को ‘म्यूट’ (हटाया/बंद) किया जा सके। गर्ग के वकील ने दलील दी कि पहले भाजपा नेता ने उनके मुवक्किल के खिलाफ ‘व्यक्तिगत टिप्पणी’ की थी जिसके जवाब में उन्होंने कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि किसी भी ‘गंभीर परिस्थिति’ के न होने पर, पॉडकास्ट के रिलीज होने के एक महीने से ज़्यादा समय बाद अंतरिम रोक लगाने का कोई मामला नहीं बनता है। भाजपा नेता का आरोप है कि 17 सितंबर को एक पॉडकास्ट/इंटरव्यू के दौरान गर्ग ने उनके खिलाफ झूठे और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए, जिन्हें यूट्यूब, फेसबुक एवं अन्य डिजिटल मंचों पर प्रकाशित और प्रसारित किया गया। उच्च न्यायालय का रुख करने से पहले दुबे ने 21 सितंबर को गर्ग को एक कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें उन्होंने उनसे कथित मानहानिकारक आरोपों को तुरंत वापस लेने, उनका खंडन करने और उन्हें हटाने की मांग की थी।
अजमेर में कांटे-बांट और पैकेजिंग नियमों की अनदेखी पर 45000 रुपए का जुर्माना
अजमेर। उपभोक्ताओं को सही वजन और पैकबंद वस्तुओं पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग ने अजमेर जिले में विधिक माप विज्ञान नियमों के उल्लंघन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 26 और 27 अक्टूबर को की गई जांच के दौरान कांटे-बांट की सत्यापन प्रक्रिया तथा पैकेजिंग लाइसेंस से जुड़ी अनियमितताएं सामने […] The post अजमेर में कांटे-बांट और पैकेजिंग नियमों की अनदेखी पर 45000 रुपए का जुर्माना appeared first on Sabguru News .
हिमाचल में बारिश और बर्फबारी के आसार, मौसम को लेकर येलो अलर्ट
हिमाचल में बारिश और बर्फबारी: प्रदेश में मौसम ने करवट ली है और बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके।
रात के बचे चावल फेंके नहीं, हींग-जीरा डालकर बनाएं चटपटे लौकी राइस
अगर आपके घर में भी बच्चे और बुजुर्ग लौकी को देखकर मुंह बनाते हैं तो यहां हम आपको लौकी राइस बनाने का तरीका बता रहे हैं जिन्हें आप रात के बचे चावल से भी तैयार कर सकती हैं.
चुनाव आयोग ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पांच राज्यों में अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए हैं। गृह जिले या चार साल में तीन साल से एक ही जगह तैनात अधिकारियों को हटाया जाएगा, जिसमें पिछली चुनाव ड्यूटी वाले भी शामिल हैं।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो के भारत दौरे के बाद जी-20 बैठक के लिए अमेरिका जा रहे हैं। यह यात्रा भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और व्यापार व ऊर्जा सहयोग पर चर्चा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है।
खड़गे के विवादित बयान पर बवाल जारी, तीसरे टी20 में भारत की जीत, देखें बड़ी खबरें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पीएम मोदी पर दिए विवादित बयान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. बीजेपी समेत सपा और बसपा नेताओं ने भी भाषा के गिरते स्तर पर चिंता जताई है. उधर, उत्तर प्रदेश और बिहार में विधान परिषद चुनाव की मतगणना जारी है. बिहार में जेडीयू से अनंत सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. वहीं खेल के मैदान पर भारत ने न्यूजीलैंड को तीसरे टी20 मैच में 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की, जिसमें अभिषेक शर्मा ने शतकीय पारी खेली.
इतिहास की सबसे अमीर महिला, कई देशों की इकोनॉमी से भी ज्यादा थी संपत्ति
इतिहास की सबसे अमीर महिला चीन की महिला सम्राट वू जेटियन को माना जाता है. एक अनुमान के मुताबिक, उन्होंने इतनी संपत्ति अर्जित कर ली थी, जहां तक आज कई बड़े और विकसित देशों की अर्थव्यवस्था भी नहीं पहुंच पाई है. वू जेटियन की गिनती सबसे अमीर महिला के रूप में होने के साथ- साथ एक क्रूर रानी के तौर पर भी होती है.
छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी: रायपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश
छत्तीसगढ़ मौसम चेतावनी: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 और 28 अक्टूबर को प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और.
दिल्ली में लगेगा परिवहन मेला, एक ही जगह पर पुराने बस-ट्रक को स्क्रैपिंग और नई गाड़ी खरीदने का मौका
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली सरकार के सहयोग से कल यानी 28 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में परिवर्तन योजना के तहत एक विशेष ‘परिवहन मेला’ आयोजित करने जा रहा है.
पंजाब में फिर बदलेगा मौसम, 30 अक्टूबर तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी
पंजाब मौसम अपडेट: पंजाब में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार आज बादल छाने के साथ आने वाले दो दिन यानि 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से.
लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल में रखता है व्रत, पढ़ता है हनुमान चालीसा! दो सौ खोली में किया शिफ्ट
भले ही लॉरेंस विश्नोई शारीरिक और डिजिटल रूप से साबरमती जेल में पूरी तरह से अलग-थलग है, लेकिन खुफिया एजेंसियों का कहना है कि उसका इंटरनेशनल सिंडिकेट अब भी एक्टिव है।
'बेईमानी की तो ऐसा ठोकूंगा कि जीवन भर रखोगे याद', नितिन गडकरी ने किसे दी चेतावनी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे परियोजनाओं में बेईमानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए ठेकेदारों और अधिकारियों को चेतावनी दी है।
हल्ला बोल: राहुल गांधी की रामलीला रैली से सरकार पर चोट या कारोबार पर?
एक ओर दिवाली की दस्तक है, तो दूसरी ओर राहुल गांधी की रामलीला मैदान रैली का काउंटडाउन शुरू है. लेकिन इस रैली को लेकर सियासत के हंगामे के साथ-साथ कारोबारियों का भी विरोध शुरू है. व्यापारियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI ने आज राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर कहा कि 1 नवंबर की रैली से दिवाली के 20 बड़े बाजार प्रभावित होंगे. उधर, कांग्रेस कारोबारी संगठन के इस विरोध के बावजूद रैली करने जा रही है. आज राहुल गांधी ने कुछ संस्थाओं की ओर से आयोजित जनसुनवाई भी की जिसमें कथित तौर पर वो लोग शामिल हुए जिनका नाम SIR में वोटर लिस्ट से कटा है. देखें...
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में होटल के कमरे के दरवाजे पर अचानक गिरने से बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत युवक की नवविवाहिता पत्नी मुस्कान की मौत का मामला सामने आया है। घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पोस्टमार्टम में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है। वहीं, […] The post झांसी होटल में नवविवाहिता की मौत पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम में कार्डियक अरेस्ट का जिक्र; पिता ने जताया हत्या का संदेह appeared first on Sabguru News .
ईडी की जांच में सामने आया कि खोसला लोगों को अवैध 'डंकी रूट' के जरिए अमेरिका भेजने का इंतजाम करता था। इसमें दक्षिण अमेरिकी देशों के लिए वीजा क्लीयरेंस, जाली 'येलो फीवर' टीकाकरण प्रमाण पत्र बनवाना, टिकट बुक करना और 'डंकर्स' (मानव तस्करों) को संभालना शामिल था।
बंगाल-तमिलनाडु में अर्नब साइक्लोन का कहर, 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
अर्नब साइक्लोन: अर्नब साइक्लोन, मौसम ब्रेकिंग (बंगाल और तमिलनाडु): बंगाल की खाड़ी में उठे अर्नब चक्रवात के कारण देश के 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की एडवाइजरी के अनुसार यह चक्रवात कई तटीय और मैदानी इलाकों में तबाही मचा सकता है, जिससे प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
छत्तीसगढ़ के 1,769 गांवों पर बाढ़ और तूफान का खतरा, मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट
छत्तीसगढ़ मौसम: चक्रवात ‘अर्णब’ के प्रभाव से बारिश और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है जबकि कुल 1769 संवेदनशील गांवों को निगरानी में रखा गया है। आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष.
Gurugram में 1.25 करोड़ रुपये का गांजा पकड़ाया, ट्रक समेत दो तस्कर अरेस्ट
हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने एक ट्रक से करीब 1.25 करोड़ रुपये मूल्य का 673 किलोग्राम गांजा जब्त किया है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 23 बोरियों में भरा मादक पदार्थ कथित तौर पर आपूर्ति के लिए ओडिशा से राजस्थान के भिवाड़ी ले जाया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर थाना सेक्टर 65 के प्रभारी उपनिरीक्षक अरुण के नेतृत्व में अपराध शाखा की एक टीम ने राजस्थान नंबर के ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसके दौरान गांजा बरामद किया गया। ट्रक की जांच के दौरान पता चला कि गांजे को परिवहन के लिए नए प्लास्टिक उत्पाद बनाने के कच्चे माल की बोरियों के नीचे छिपाया गया था। आरोपियों की पहचान ट्रक चालक साबिर (34) और क्लीनर सनावर (19) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के खैरथल जिले के निवासी हैं। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सदर पुलिस थाने में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ के लिए अदालत ने दोनों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) नवीन शर्मा ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला कि साबिर कथित तौर पर ट्रक का मालिक था और उसने सनावर को 20,000 रुपये मासिक वेतन पर क्लीनर के तौर पर रखा था। उन्होंने कहा कि खेप पहुंचाने के लिए दोनों को अपने सहयोगियों से दो लाख रुपये मिलने थे। शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर इससे पहले भी दो बार प्लास्टिक के दानों और अन्य सामान के बीच छिपाकर गांजे का परिवहन और आपूर्ति की थी। गुरुग्राम में वे तीसरी बार इस काम को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपियों से मादक पदार्थ के स्रोत, इसकी आपूर्ति किन लोगों को की जानी थी और कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
माधुरी दीक्षित का चुलबुला अंदाज और पूर्णिमा की आवाज ने इस गाने को 90s का सुपरहिट बना दिया था. तीन दशक बाद भी यह गीत लड़कियों की पसंद बना हुआ है और इसके बोल सुनते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की, जिसमें SIR विवाद और फॉर्म छह में बदलाव के आरोप शामिल हैं।
'दूसरों का मेंटल हेल्थ खराब कर', ईशान का अभिषेक के शतक पर बड़ा बयान
अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल में 38 गेंदों पर 113 रनों की तूफानी पारी खेली. भारत की जीत के बाद सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने एक मजेदार वीडियो शेयर किया, जिसमें ईशान किशन अभिषेक के मेडिटेशन वाले सेलिब्रेशन पर चुटकी लेते दिखे. ईशान ने कहा कि अभिषेक खुद मेडिटेशन करके दूसरों का मेंटल हेल्थ खराब करते हैं.
मध्य वियतनाम मौसम पूर्वानुमान: हा तिन्ह से दा नांग तक भारी बारिश का अलर्ट जारी
मध्य वियतनाम मौसम पूर्वानुमान: मध्य वियतनाम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार हा तिन्ह से दा नांग तक के क्षेत्रों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तरी वियतनाम में हल्की बारिश और धूप का मिलाजुला असर रहेगा, जबकि मध्य हाइलैंड्स में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
20 लाख की लूट, बदमाशों के पीछे भागा युवक, लेकिन कचौड़ी नहीं छोड़ी
जयपुर में कचौड़ी खाने रुके कलेक्शन एजेंट चंपालाल से दो स्कूटर सवार बदमाश 20 लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए. चंपालाल ने कचौड़ी की प्लेट हाथ में लेकर ही बदमाशों का पैदल पीछा किया. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है.
हा तिन्ह से दा नांग तक भारी बारिश की चेतावनी
हा तिन्ह से दा नांग मौसम: 27 अक्टूबर 2026 से 6 नवंबर 2026 तक मध्य प्रांतों में भारी वर्षा का अनुमान है। हा तिन्ह से दा नांग शहर तक मध्यम से भारी बारिश और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान का खतरा बना हुआ है।
कोलकाता के सरसुना नग्न परेड मामले में पीड़ित युवक का बयान सामने आया है, जिसमें उसने अपहरण, मारपीट और सार्वजनिक अपमान की पूरी कहानी बताई.
साल 2006 के हथियार बरामदगी केस में दोषी को नहीं मिली राहत
साल 2006 के हथियार और विस्फोटक बरामदगी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने मोहम्मद आमेर शकील अहमद शेख की जमानत याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने उसकी भूमिका को सह-आरोपियों से ज्यादा गंभीर बताया. जानें अदालत ने क्या कहा?
आजमगढ़ में टेम्प्रेचर 31°C: धूप तो कभी आसमान में बादल दिखाई दे रहे, बारिश नहीं होगी
आजमगढ़ में मौसम: आजमगढ़ में मौसम फिर से बदलने लगा है और सोमवार सुबह आसमान में कभी धूप तो कभी बादल दिखाई दे रहे हैं। जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर 19 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरकर 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
झारखंड में चक्रवात अर्नब का असर, 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद
चक्रवात अर्नब: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्नब का असर झारखंड में दिखने लगा है। मौसम विभाग की भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी के बाद रांची जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 28 और 29 अक्टूबर को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।
Apple ने लॉन्च किया नया MacBook Pro और iMac, कीमत-फीचर्स
Apple ने नए कंप्यूटर्स लॉन्च कर दिए हैं. इसमें न्यू Macbook Pro और iMac शामिल हैं. भारत में कीमत की शुरुआत 1.74 लाख रुपये से है.
उज्जैन में इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने पहुंची युवती के साथ यौन हिंसा का आरोप
उज्जैन/इंदौर। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती के बाद मुलाकात करने पहुंची इंदौर की 20 वर्षीय युवती ने चलती कार में उसके साथ यौन हिंसा, मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि वह इंस्टाग्राम पर दोस्त बने युवक के बुलाने पर […] The post उज्जैन में इंस्टाग्राम दोस्त से मिलने पहुंची युवती के साथ यौन हिंसा का आरोप appeared first on Sabguru News .

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