बिना TET वाले शिक्षकों के लिए आखिरी मौका, स्पेशल TET की डेट जानें
उत्तर प्रदेश सरकार ने नवंबर 2026 में स्पेशल टीईटी परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है, जो उन हजारों प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूल के शिक्षकों के लिए है जो अब तक टीईटी पास नहीं कर सके हैं. आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू होगी और अंतिम तिथि 4 अक्टूबर 2026 है. जानें परीक्षा से जुड़ी सभी डिटेल.
जन्माष्टमी पर आज कब दिखेगा चांद? जानें शहरों में चंद्रोदय की टाइमिंग
Krishna Janmashtami 2026 Shubh Muhurat: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर आज देशभर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम है. जन्माष्टमी के व्रत में मध्यरात्रि में चंद्रमा के दर्शन और अर्घ्य देने का विशेष धार्मिक महत्व होता है. तो आइए जानते हैं कि सभी शहरों में क्या रहेगी चांद निकलने की टाइमिंग.
पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को दी बधाई, इटली में सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का बनाया रिकॉर्ड
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सबसे लंबे लगातार प्रधानमंत्री कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया। पीएम मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए भारत-इटली रिश्तों का जिक्र किया।
निशु के समर्थन में उतरी CJP, संसद मार्ग थाना के बाहर जबरदस्त हंगामा
दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर गाजियाबाद की निशु के समर्थन में काॅकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता धरना पर उतर आए हैं. जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट की घटना को लेकर CJP के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है. सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरभ दास की अगुआई में ये प्रदर्शन शुरू हुआ. ये प्रदर्शन तब हो रहा है जब कल आशुतोष रांका ने अखिलेश से मुलाकात की है.
'मुझे लगा मेरे बारे में गॉसिप होती है’, टीम के सीक्रेट वॉट्सअप ग्रुप से घबराया फाउंडर
पुणे के एक फाउंडर को जब पता चला कि उनकी पूरी टीम का एक अलग वॉट्सअप ग्रुप है, जिसमें उन्हें शामिल नहीं किया गया है, तो वह घबरा गए. उन्हें लगा कि शायद टीम उस ग्रुप में उनके बारे में बातें करती है, लेकिन असली वजह सामने आई तो उनकी चिंता खुशी में बदल गई.
ट्रेन में हुए पीरियड, घबराईं श्रेया, पापा ने खरीदकर दिया पैड
बॉलीवुड सिंगर श्रेया घोषाल म्यूजिक् इंडस्ट्री का बड़ा नाम है. अपने घरवालों के सपोर्ट की वजह से वो आज इस मुकाम पर है.
यमन में हूती और सरकारी बलों की भिड़ंत में मारे गए 81 लड़ाके
यमन में सरकारी बलों और हूती गुट के बीच मानों जंग छिड़ गई है. दोनों एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि अब तक 80 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं. रेड सी और ताइज में भीषण झड़प में दोनों समूहों को भारी नुकसान पहुंचा है.
नशे में था फुकेत-दिल्ली फ्लाइट का पायलट, क्या रद्द नहीं होगा लाइसेंस?
एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट केस में पायलट का एक और ड्रग टेस्ट पॉजिटिव आया है. ऐसे में जानते हैं कि इस स्थिति में पायलट पर क्या-क्या कार्रवाई की जा सकती है?
मुरादाबाद में तेंदुओं का आतंक जारी: एक महीने में 12वां तेंदुआ पकड़ा गया, ग्रामीणों में दहशत बरकरार
मुरादाबाद के सहसपुरी गांव में वन विभाग के पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद हुआ है. 3 अगस्त से अब तक जिले में 12 तेंदुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है. तेंदुओं के हमलों में चार लोगों की मौत हो चुकी है.
Lord Krishna Flute: श्रीकृष्ण की बांसुरी केवल संगीत का साधन नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, समर्पण, अनासक्ति और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक मानी जाती है. बांसुरी की धुन मन को भीतर की शांति और दिव्यता का अनुभव कराने का संदेश देती है.
VIDEO: पाकिस्तान के मुसलमान ने बनाई गणपति की मूर्ति, कराची में मराठी परिवार करेगा विसर्जन
पाकिस्तान के कराची में एक मुस्लिम कलाकार का गणपति की मूर्ति को रंगते हुए VIDEO वायरल हो रहा है। यह मूर्ति कराची के गणेश मठ मंदिर में रहने वाले एक मराठी परिवार की है। कलाकार ने स्प्रे और ब्रश से मूर्ति को रंगा।
IIM से डिग्री पर ठुकराई नौकरी... जानिए कौन हैं सिंगई रामचंद्रन?
सिंगई रामचंद्रन ने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए के बाद पारंपरिक प्लेसमेंट छोड़कर राजनीति और उद्यमिता की राह चुनी. अब तमिलनाडु सरकार ने उन्हें स्टार्टअप एंड इनोवेशन मिशन का चेयरपर्सन नियुक्त किया है. आइए जानते हैं कि कैसे उनका सफर बिजनेस, डिजिटल मीडिया और राजनीति के जरिये यहां तक पहुंचा.
बेंगलुरु में हाल ही में एक रेस्टोरेंट पर FSSAI की ओर से कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में रेस्टोरेंट की ओर से खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. साथ ही 40 किलो एक्सपायरी मिर्च बरामद की गई.
कुएं में तड़पता रहा नन्हा हाथी, दिल छू लेने वाला रेस्क्यू VIDEO
गहरे कुएं में गिरे 3-4 साल के घायल नन्हे हाथी को वन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया. सोशल मीडिया पर नन्हे हाथी रेस्क्यू अभियान की तारीफ हो रही है.
280 दिन बाद जमीन पर लौटकर बौराए ट्रंप के सैनिक? थाइलैंड में दारू पीकर आपस में ही लड़ बैठे
मिडिल ईस्ट में मुश्किल तैनाती के बाद अमेरिकी नौसेना का USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर बुधवार तड़के पूर्वी थाईलैंड पहुंचा था. इसपर करीब 5,000 नौसैनिक और मरीन सैनिक हैं जो देश में आए हैं.
पेशाब करने के बाद बूंद-बूंद टपकना, ये प्रोस्टेट कैंसर तो नहीं?
पेशाब के बाद अंडरवियर में बूंदें टपकना एक आम लेकिन अनदेखी समस्या है. यह समस्या पहले बुजुर्गों में होती थी, लेकिन अब 30-40 वर्ष के पुरुषों में भी बढ़ रही है. क्या ये प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण है? इस बारे में डॉक्टरों ने बताया है.
विराट-अनुष्का के बेटे की स्कूल PTM में जाएंगे शुभमन गिल! Viral Video
विराट कोहली के बेटे अकाय से जुड़ा एक मजेदार वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें शुभमन गिल को अकाय का ‘अंकल’ बताया गया, जिस पर गिल ने विराट को टैग कर मजेदार कमेंट किया.
किसान प्रवीण देहरी को मिला इनोवेटिव फार्मर अवार्ड
बस्तर। कृषि क्षेत्रमें नवाचार और उद्यमिता केलिए उत्तर बस्तर कांकेर जिले के राजापारा निवासी प्रगतिशील किसान प्रव
रसगुल्ला देख रही विपक्षी पार्टी; स्वाभिमान रैली में किसानों, युवाओं और गन्ने पर बोले जयंत चौधरी
सहारनपुर की स्वाभिमान रैली में RLD अध्यक्ष जयंत चौधरी ने किसानों, युवाओं, गन्ना उत्पादकों और कृषि आधारित उद्योगों के मुद्दों को उठाया. उन्होंने कृषि में तकनीक, एथनॉल और CBG प्लांट के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया. वहीं विपक्ष पर भी निशाना साधा.
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के बहुचर्चित संस्मरण (Memoir) 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) के प्रकाशन को लेकर बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) द्वारा हाथ खींचने के बाद अब इस किताब को हार्पर कॉलिन्स इंडिया (HarperCollins India) प्रकाशित करेगा। यह किताब 10 नवंबर को पाठकों के सामने आएगी। हार्पर कॉलिन्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे हमारे दौर की सबसे उत्सुकता से प्रतीक्षित राजनीतिक यादों में से एक करार दिया है। प्रकाशक के अनुसार, यह किताब प्यार, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक निजी और संवेदनशील कहानी है, जो भारत के राजनीतिक व सामाजिक सफर को अंदरूनी दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। यह भारत की यात्रा को अंदर से देखने का एक अनोखा नज़रिया देती है। इसे भी पढ़ें: Delhi Police के खिलाफ कॉजपा का प्रदर्शन, Swatantra Bhardwaj की गिरफ्तारी की मांग यह किताब 10 नवंबर को रिलीज़ होनी थी, लेकिन PRHI ने इसे पब्लिश न करने का फ़ैसला किया। खबरों के मुताबिक, पब्लिशर ने इसमें कुछ बदलाव करने को कहा था। हालांकि, बाद में उन्होंने साफ़ किया कि वे भारत में इस किताब के पब्लिशर नहीं हैं। उन्होंने उन खबरों को भी गलत बताया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने लेखक से किताब में एडिटोरियल बदलाव करने के लिए कहा था। PRHI के बयान में कहा गया, एक पब्लिशर के तौर पर, तथ्यों की जांच करना और लेखकों को ऐसी सलाह देना हमारा अधिकार और ज़िम्मेदारी है जो उनकी किताबों के लिए सबसे अच्छी हों। यह पब्लिशिंग प्रोसेस का एक सामान्य हिस्सा है। बातचीत के दौरान, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख़ यही था कि हम किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार और इच्छुक थे। कांग्रेस नेताओं ने PRHI की आलोचना की; PRHI ने सफ़ाई दी हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने PRHI की आलोचना की और आरोप लगाया कि पब्लिशर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार का दबाव था। उन्होंने PRHI की सफ़ाई की भी आलोचना की और दावा किया कि पब्लिशर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर किताबें पब्लिश करने में तो खुश है, लेकिन कांग्रेस पर किताब पब्लिश करने में उन्हें दिक्कत है। इसे भी पढ़ें: कौन हैं Kanika Mann? गुड्डन से मिली पहचान, अब Bigg Boss 20 में आने की चर्चा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने X पर हिंदी में कहा, क्या पब्लिशर तय करेगा कि श्रीमती गांधी जैसी सीनियर नेता क्या लिखेंगी और क्या नहीं? सवाल यह भी उठता है कि क्या पब्लिशर यह बात खुद कह रहा है या उस पर किसी का दबाव है? लेकिन बाद में, PRHI ने बाहरी दबाव की बात से इनकार किया क्योंकि किताब अभी एम्बार्गो (पब्लिश होने से पहले रोक) के तहत है और इसका कंटेंट कॉन्फिडेंशियल (गोपनीय) है। उन्होंने कहा कि लेखक ने कुछ बदलाव स्वीकार किए, जबकि पब्लिशर ने बाकी मामलों में उनके रुख़ को मान लिया। PRHI की प्रवक्ता पल्लवी नारायण ने इस हफ़्ते की शुरुआत में समाचार एजेंसी PTI को बताया, हमें लगता है कि आने वाली यादों की किताब 'बिलॉन्गिंग' (Belonging) के बारे में कुछ गलत बातों को सही करना ज़रूरी है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में हम इस किताब को प्रकाशित करने के लिए बहुत उत्सुक थे, क्योंकि इसे हासिल करना काफी मुश्किल काम था। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi HarperCollins India will publish Belonging: A Journey of Love by Sonia Gandhi. The long-awaited memoir will be published in India on 10 November 2026. One of the most anticipated political memoirs of our time, Belonging is a dramatic and deeply personal story of love, identity,… pic.twitter.com/cNWuNRgXXP — HarperCollins (@HarperCollinsIN) September 4, 2026
हिंदी सिनेमा में मां और बच्चे के प्यार पर कई फिल्में बनी हैं और कई गाने भी आए हैं. आज हम बात करेंगे 41 साल पुराने गाने की जो आज भी हर मां लोरी के तौर पर अपने बच्चे के लिए गाती है.
सिर्फ 2-3% ही ग्रोथ, अब GDP विवाद में कूदे स्टॉक मार्केट के दिग्गज
भारत की रियल फील जीडीपी ग्रोथ काफी कम है, जबकि यूरोप का ये आंकड़ा काफी ज्यादा है. यह दावा शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का है. उनका यह बयान तब आया है, जब जीडीपी को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं.
भारतीय राजनीतिक के गलियारों में इस समय दक्षिण के राज्यों से लेकर उत्तर के राजनीतिक केंद्र तक भूचाल सा आया हुआ है जहां कर्नाटक, बिहार और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ चल रहे अलग-अलग घटनाक्रमों ने राष्ट्रीय सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है। जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ और आधुनिक एसईओ एल्गोरिदम की गाइडलाइन्स के मुताबिक यह पूरा परिदृश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते राजनीतिक समीकरणों, अंतर्द्वंदों और सत्ता की रस्साकशी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जिस पर हर राजनीतिक विश्लेषक की पैनी नजर टिकी हुई है।कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं को जगह न मिलने पर कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और मंथन तेजदक्षिण भारत के सियासी केंद्र कर्नाटक राज्य से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहां डीके शिवकुमार के नेतृत्व और पार्टी की तमाम रणनीतियों के बाद जब 33 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया, तो उसमें एक भी महिला चेहरे को शामिल नहीं किए जाने पर बवाल मच गया है। इस गंभीर चूक और सामाजिक समीकरणों के अनदेखे होने के कारण राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी हाईकमान पर चौतरफा सवाल उठने लगे हैं। अब स्थिति यह बन चुकी है कि पार्टी के भीतर एक महिला विधायक या विधान पार्षद को मंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए नए सिरे से माथापच्ची शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन, जातीय व सामाजिक समीकरण और पहले से ही प्रतिनिधित्व कर रहे जिलों के पेच इसमें सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं।बिहार के एक दिग्गज मंत्री से जुड़ा विवादित मामला और कानूनी नोटिस का नया बवंडरदूसरी तरफ यदि बात बिहार की राजनीति की की जाए तो वहां की आबोहवा में भी सियासी गर्माहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। बिहार की राजनीति से जुड़े एक रसूखदार मंत्री उस वक्त भयंकर विवादों के घेरे में आ गए जब एक अन्य राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले नेता ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में उनके द्वारा कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत किए जाने और फिर भारी-भरकम रकम देकर मामले को रफा-दफा करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। हालांकि, इन तमाम गंभीर और सनसनीखेज आरोपों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए संबंधित मंत्री ने इसे पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझक्की साजिश करार दिया है। इसके साथ ही मानहानि का कड़ा कानूनी कदम उठाते हुए उन्होंने आरोपी नेता को पचास करोड़ रुपये के हर्जाने का औपचारिक कानूनी नोटिस भी थमा दिया है, जिससे बिहार का राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।दिल्ली के सियासी गलियारों में नई नियुक्तियों और मंत्रियों के संभावित फेरबदल की सुगबुगाहटदेश की राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल में रिक्तियों और फेरबदल को लेकर तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्म है। पूर्वी दिल्ली से सांसद और कद्दावर नेता हर्ष मल्होत्रा के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही दिल्ली के कोटे से केंद्र सरकार में किसी नए चेहरे की एंट्री को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी राज्यों की रणनीतियों को साधने के लिए सत्ता के गलियारों में कुछ बड़े और चौंकाने वाले संगठनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं, जिसका सीधा असर देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।
UPTET में नॉर्मलाइजेशन से कैसे फेल हो गए कई अभ्यर्थी? जानें क्या है दशमलव का खेल
UPTET Normalization Impact on Result: यूपी टीईटी का रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थी आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें दशमलव अंकों से फेल किया गया है, जबकि आंसर की के हिसाब से वो पास हो रहे थे.
Delhi Police के खिलाफ कॉजपा का प्रदर्शन, Swatantra Bhardwaj की गिरफ्तारी की मांग
नयी दिल्ली, चार सितंबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के समर्थक शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्र हुए और उन्होंने स्वयंभू हिंदुत्व ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भारद्वाज ने एक छात्र प्रदर्शनकारी के पिता के साथ मारपीट करने का दावा किया था। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों में कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका के अलावा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद भी शामिल थे। यह प्रदर्शन भारद्वाज के एक साक्षात्कार के व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद किया गया। इस साक्षात्कार के दौरान भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए कॉजपा के प्रदर्शन में शामिल निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। रांका ने आरोप लगाया कि पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उसकी एक समर्थक के पिता संजय के साथ मारपीट की गई, जिससे उनके सिर में चोट लगी। उन्होंने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की बार-बार मांग किए जाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रांका शुक्रवार को दास और पार्टी के अन्य समर्थकों के साथ पटेल चौक से संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल कुछ लोगों ने अब खुले तौर पर संजय के साथ मारपीट करने और उनकी जान लेने की कोशिश करने की बात स्वीकार की है लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस की इस निष्क्रियता का कारण भाजपा कार्यकर्ताओं और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा का प्रभाव है। रांका ने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि दिल्ली पुलिस तुरंत उन लोगों को गिरफ्तार करे, जिन्होंने घटना में शामिल होने की बात खुद स्वीकार की है। वह उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करे और अन्य गंभीर धाराएं भी लगाए।’’दास ने आरोप लगाया कि संजय उस नाबालिग के पिता हैं, जो शुरुआत से ही कॉजपा के नेतृत्व वाले प्रदर्शन से जुड़ी है और नियमित रूप से धरने में शामिल होती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तभी एक “आपराधिक गिरोह” के सदस्य प्रदर्शन स्थल में घुस आए और उन्होंने हिंसा शुरू कर दी। उन्होंने कहा, “प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी हम पुलिस पर दबाव बनाते रहे और हमने कहा कि यह हत्या का प्रयास था तथा इससे संबंधित धारा जोड़ी जानी चाहिए।’’दास ने कहा कि इस घटना में जाति का पहलू भी था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की मांग की क्योंकि संजय का परिवार दलित समुदाय से है।’’दास के अनुसार, जब प्रदर्शनकारियों ने आगे की कार्रवाई की मांग की तो पुलिस अधिकारियों ने उनसे अदालत का रुख करने और आदेश प्राप्त करने को कहा। रांका ने कहा कि कॉजपा एवं उसकी पूरी टीम घटना की शुरुआत से ही संजय के साथ खड़ी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार मांग किए जाने के बावजूद पुलिस उचित कार्रवाई करने में विफल रही। उन्होंने पुलिस की कथित निष्क्रियता को “देश और हमारे लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन” बताया और मारपीट में कथित तौर पर शामिल सभी लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। कॉजपा का प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के साक्षात्कार की एक क्लिप इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद हुआ। भारद्वाज खुद को ‘कट्टर हिंदू’ बताता है। क्लिप में वह प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता की ‘‘खोपड़ी फोड़ने’’ की बात कहता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “...क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उन्हें 60 टांके लगे थे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था। उनकी बेटी थाने के बाहर खड़ी थी और कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी लेकिन मुझे जेल तक नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।”यूट्यूब पर उपलब्ध करीब एक घंटे के इस साक्षात्कार में भारद्वाज ने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया। उसने कहा, “मुझे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और दूसरी बात, कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। वे कहते हैं कि कपिल मिश्रा ने फोन किया और मुझे छोड़ दिया गया। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानती हैं? क्या आप (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी को जानती हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सभी का समर्थन प्राप्त है।”हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है कि संजय के सिर की हड्डी टूट गई थी। पुलिस ने कहा कि हाथापाई के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और अवरोधक लगाए गए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस कॉजपा के पदाधिकारियों के संपर्क में है।
मंदिर गया, ट्रस्ट से मिला, समझ रहा हूं... अयोध्या राम मंदिर के CEO ने बताई आगे की रणनीति
राम मंदिर के सीईओ जितेंद्र मिश्रा ने गुरुवार को अयोध्या में न्यास के सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में हिस्सा लिया था. बैठक में उन्हें वित्तीय लेखे-जोखे और प्रशासनिक व्यवस्थाओं समेत ट्रस्ट के कामकाज के बारे में जानकारी दी गई.
छेनी-हथौड़ी, सुई-धागा... पोस्टमार्टम में इन चीजों का क्या है इस्तेमाल
पोस्टमार्टम हाउस का नाम सुनते ही कई लोगों के मन में भूत-प्रेत और आत्मा जैसी बातें आने लगती हैं. मंजू देवी से पूछा गया कि क्या उन्हें कभी वहां डर लगा या कोई अजीब अनुभव हुआ. उन्होंने साफ कहा कि उन्हें आज तक ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला. कभी-कभी रात 12 बजे, 1 बजे या 2 बजे भी काम के लिए आना पड़ता है, लेकिन उन्हें आत्मा या भूत जैसी कोई चीज नहीं दिखाई दी.
₹9,500 Cr में 40 नए विमान, 60+ फ्लीट का टारगेट... FLY91 का बड़ा दांव
भारत की रीजनल एयर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में FLY91 ने बड़ा कदम उठाया है. एयरलाइन ने करीब $1 बिलियन में 40 नए ATR 72-600 विमानों का ऑर्डर दिया है. फिलहाल FLY91 के बेड़े में 6 विमान हैं और कंपनी 60 से ज्यादा विमानों का फ्लीट बनाने की तैयारी कर रही है. नए विमानों की डिलीवरी 2027 के आखिर से शुरू होगी.
Aravalli Mountain Range: अरावली पर्वतमाला को लेकर बनी हाई-पावर्ड कमिटी (HPC) कमेटी ने आखिरी रिपोर्ट सौंपने के लिए और समय मांगा है. कहा अरावली को समझने के लिए अभी और जरुरत है, 100 मीटर इसका फॉर्मूला नहीं हो सकता.
Best Mehandi Designs: जन्माष्टमी पर हाथों को कृष्ण भक्ति के रंग में सजाने के लिए मोरपंख, बांसुरी, मटकी, नन्हे कान्हा और राधा-कृष्ण की सिंपल मेहंदी डिजाइन ट्राई कर सकती हैं. ज्यादा मिनिमल लुक चाहिए तो सिर्फ मोरपंख और कुछ डॉट्स भी काफी हैं. यह डिजाइन देखने में सुंदर भी लगेगा और ज्यादा मुश्किल भी नहीं होगा.
नीतीश कुमार के बेटे के स्वागत में JDU नेता के गले से 7 लाख की चेन गायब
मुजफ्फरपुर के सकरी चौक पर नीतीश कुमार बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के स्वागत कार्यक्रम के दौरान JDU नेता राजेश मंडल की करीब 7 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन गायब हो गई. मंत्री को माला पहनाने के दौरान भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच चेन गायब होने का शक है. राजेश मंडल ने तुर्की थाने में आवेदन दिया है. पुलिस कार्यक्रम के वीडियो और आसपास के CCTV फुटेज खंगालकर संदिग्ध की पहचान में जुटी है.
घर खरीदने वालों को बड़ा झटका! 5 साल में 59% बढ़े मकानों के दाम
ANAROCK की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच निर्माण लागत 34 फीसदी बढ़ी, जबकि आवासीय संपत्तियों की औसत कीमत 59 फीसदी तक उछल गई.
चीन के इस पोर्ट सिटी में भयंकर लैंडस्लाइड, 21 लोगों की मौत
हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. 541 लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों की तलाश के लिए अब तक करीब 15.9 लाख मीटर वर्ग क्षेत्र को खंगाला जा चुका है. सर्च टीमें तलाशी अभियान अब भी चला रही है.
पाकिस्तान की जमीन पर अल्पसंख्यक हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों पर होने वाले अत्याचारों की फेहरिस्त में एक और शर्मनाक और घृणित अध्याय जुड़ चुका है। कट्टरपंथी ताकतों और स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से पाकिस्तान के एक इलाके में सौ साल से भी अधिक पुराने ऐतिहासिक हिंदू मंदिर को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया गया, और उस पवित्र भूमि पर एक अवैध मदरसे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। जब भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने इस क्रूरता और धार्मिक स्थलों के विध्वंस पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और पाकिस्तान से कड़े सवाल पूछे, तो हमेशा की तरह पाकिस्तानी हुक्मरान और विदेश मंत्रालय अपनी करतूतों पर पर्दा डालने के लिए बुरी तरह तिलमिला उठे। वे दुनिया के सामने आने वाले इस भयानक सच को स्वीकार करने के बजाय खुलेआम सफेद झूठ बोलने लगे और अपनी हरकतों को सही ठहराने का असफल प्रयास करने लगे। पाकिस्तान का यह दोहरा चरित्र एक बार फिर दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, जहां एक तरफ अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के झूठे दावे किए जाते हैं, तो दूसरी तरफ उनकी आस्था के केंद्रों को बुलडोजर से रौंदकर जमींदोज किया जा रहा है।पाकिस्तान में कैसे दिया गया इस ऐतिहासिक मंदिर को तोड़ने का खौफनाक अंजामयह पूरी निंदनीय घटना पाकिस्तान के एक ऐसे क्षेत्र की है जहां पहले से ही हिंदू और सिख समुदायों की आबादी बेहद कम बची है और जो लोग वहां किसी तरह जीवन बिता रहे हैं, वे रोज डर के साये में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय कट्टरपंथी संगठनों और भू-माफियाओं की नजरें इस प्राचीन सौ साल पुराने मंदिर की बेशकीमती जमीन पर लंबे समय से गड़ी हुई थीं, क्योंकि वे इस सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को मिटाकर वहां अपनी कट्टरपंथी गतिविधियों का केंद्र खड़ा करना चाहते थे। बिना किसी कानूनी अनुमति या प्रशासनिक नोटिस के अचानक भारी मशीनरी और बुलडोजर लेकर पहुंचे उपद्रवियों ने इस ऐतिहासिक मंदिर की प्राचीन दीवारों, मूर्तियों और पवित्र परिसरों को कुछ ही घंटों में मलबे के ढेर में बदल दिया। इस दौरान वहां मौजूद स्थानीय हिंदुओं ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें चुप कराने के लिए झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी गईं और पुलिस ने भी मूकदर्शक बनकर पूरी घटना में हमलावरों का साथ दिया। मंदिर के टूटने से वहां रहने वाले अल्पसंख्यक परिवारों के दिलों पर जो गहरी चोट पहुंची है, उसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है, क्योंकि यह मंदिर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं बल्कि उनकी आस्था की आखिरी निशानी था।भारत के कड़े ऐतराज पर पाकिस्तान की बौखलाहट और बेशर्म झूठजैसे ही भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान में इस प्राचीन हिंदू मंदिर के विध्वंस और उसकी जगह मदरसा बनाए जाने के इस गंभीर मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, पाकिस्तानी प्रशासन में हड़कंप मच गया। अपनी अंतरराष्ट्रीय किरकिरी होते देख पाकिस्तान के विदेश विभाग ने तुरंत एक मनगढ़ंत और हास्यास्पद बयान जारी किया जिसमें इस पूरी घटना से ही किनारा करने की कोशिश की गई। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बेशर्मी से झूठ बोलते हुए यह दावा करना शुरू कर दिया कि वहां कोई पुराना मंदिर था ही नहीं और वह जमीन विवादित थी जिस पर अवैध कब्जा हटाया गया है। दुनिया जानती है कि पाकिस्तान में जब भी अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलता है या जबरन कब्जा किया जाता है, वहां की सरकार और न्यायपालिका हमेशा लीपापोती करने में जुट जाती है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए स्पष्ट रूप से कहा है कि पाकिस्तान अपने यहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करने में पूरी तरह विफल रहा है और उसकी यह फितरत उसकी वैचारिक दिवालियापन को दर्शाती है।अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्म और पाकिस्तान का खोखला संविधानपाकिस्तान के संविधान में भले ही कागजों पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनके पूजा स्थलों की सुरक्षा की लंबी-चौड़ी बातें लिखी हों, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। आए दिन पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांतों से हिंदू और ईसाई लड़कियों का अपहरण, जबरन धर्म परिवर्तन और उनके मंदिरों पर हमलों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आती रहती हैं। सरकार और पुलिस प्रशासन का रवैया हमेशा से हमलावरों के प्रति नरम और पीड़ितों के प्रति उदासीन रहा है, जिसके कारण इन कट्टरपंथी तत्वों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। सौ साल पुराने मंदिर को तोड़कर वहां मदरसा खड़ा करने की यह घटना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों की संस्कृति, इतिहास और उनकी पहचान को मिटाने का एक सुव्यवस्थित और सुनियोजित षड्यंत्र चलाया जा रहा है। दुनिया भर के मानवाधिकार संगठन इस बात की बार-बार निंदा कर चुके हैं कि जिस देश में बहुसंख्यक समाज के इशारे पर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जाता हो, वहां लोकतंत्र और मानवाधिकार की बात करना केवल एक दिखावा मात्र रह जाता है।वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान का बेनकाब चेहरा और न्याय की उम्मीदआज जब पाकिस्तान खुद अपनी आंतरिक कलह, गंभीर आर्थिक संकट, भुखमरी और आतंकवाद की आग में पूरी तरह जल रहा है, तब भी उसकी फितरत में कोई सुधार नहीं आया है। देश की अवाम दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन वहां की हुकूमत और कट्टरपंथी ताकतें अभी भी मंदिरों को तोड़ने और नफरत फैलाने के अपने पुराने एजेंडे पर ही काम कर रही हैं। वैश्विक समुदाय अब पाकिस्तान की इन हरकतों को बहुत बारीकी से देख रहा है और समय-समय पर उसे कटघरे में भी खड़ा किया जाता है। भारत ने भी यह साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कूटनीतिक दबाव बनाए रखेगा, ताकि वहां की दबी-कुचली आवाज को पूरी दुनिया सुन सके। मंदिर के विध्वंस के बाद भले ही पाकिस्तान ने वहां मदरसा खड़ा कर दिया हो, लेकिन इतिहास के पन्नों से उस प्राचीन मंदिर की पवित्रता और वहां के स्थानीय हिंदुओं के विश्वास को कोई भी ताकत नहीं मिटा सकती है, और यह घटना पाकिस्तान के माथे पर हमेशा एक बदनुमा दाग बनकर रहेगी।
भारतीय कंपनी से की डील तो रक्षा मंत्री को देना पड़ा इस्तीफा, इस यूरोपीय देश में क्यों मचा हंगामा?
Estonia Defence Minister Resignation:
नेपाल की सुरंग से बाहर आते ही संजय ने सुनाई बड़ी खुशखबरी, अंदर अभी भी जिंदा हैं सभी लोग
हिमालय की गोद में बसे पड़ोसी देश नेपाल से एक ऐसी हैरान कर देने वाली और चमत्कारिक खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। नेपाल में कुछ दिन पहले अचानक हुए एक भीषण सुरंग हादसे के बाद अंदर फंसे मजदूरों को लेकर हर तरफ मातम और अनहोनी की आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के पूरा होने और सुरंग के भीतर से बाहर निकलते ही एक मजदूर संजय ने ऐसी खुशखबरी दी कि सुनने वालों की आंखें खुशी से नम हो गईं। संजय ने बाहर आते ही सबसे पहले यह पुख्ता जानकारी दी कि सुरंग के भीतर फंसे सभी लोग अभी पूरी तरह से सुरक्षित और जिंदा हैं। पिछले नौ दिनों से मौत और जिंदगी के बीच खौफनाक जंग लड़ रहे इन मजदूरों ने अंधेरे और आक्सीजन की भारी कमी के बीच ऐसा गजब का मानसिक और शारीरिक संतुलन दिखाया कि दुनिया इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रही है। संजय ने मीडिया से रूबरू होते हुए विस्तार से बताया कि कैसे उन्होंने और उनके साथियों ने नौ दिनों तक मौत को लगातार मात दी और अपनी सूझबूझ के बल पर अपने प्राणों की रक्षा की।कैसे हुआ था नेपाल की इस विशाल सुरंग में खौफनाक हादसायह पूरी घटना नेपाल के एक दूरदराज और पहाड़ी इलाके की है, जहां इन दिनों एक महत्वपूर्ण ढांचागत सुरंग (Tunnel Project) का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा था। हादसे के दिन अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर सुरंग के मुख्य मुहाने और अंदरूनी हिस्सों पर आ गिरा, जिससे वहां काम कर रहे दर्जनों मजदूर अंदर ही फंस गए। इस भयानक भूस्खलन के कारण सुरंग के बाहर आने-जाने का एकमात्र रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका था और अंदर का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गया था। हादसे की खबर मिलते ही नेपाल सरकार, स्थानीय प्रशासन, सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और फौरन एक विशाल राहत व बचाव अभियान शुरू किया गया। शुरुआती कुछ दिनों तक यह किसी को समझ नहीं आ रहा था कि मलबे के उस विशाल ढेर के पीछे क्या स्थिति होगी और अंदर फंसे लोग सांस भी ले पा रहे हैं या नहीं। लेकिन बचाव टीमों ने दिन-रात एक करते हुए चट्टानों को काटने और सुरंग के भीतर ऑक्सीजन पहुंचाने का जो सिलसिला शुरू किया, उसी ने इन मजदूरों की सांसों की डोर को टूटने नहीं दिया।सुरंग के भीतर नौ दिनों तक कैसे बचाई जान और क्या थी रणनीतिसुरंग के अंदर फंसे संजय और उनके अन्य साथियों ने जिस अदम्य साहस, संयम और जीवटता का परिचय दिया, वह वास्तव में इतिहास के पन्नों में दर्ज होने योग्य है। जब बाहर से रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था और अंदर चारों तरफ केवल घना अंधेरा पसरा हुआ था, तब इन मजदूरों ने पैनिक करने के बजाय एक अनुशासित योजना के तहत जीने की जिद ठान ली। संजय ने बताया कि उनके पास जो थोड़ा बहुत पानी और सूखे खाने का सामान था, उसे उन्होंने बेहद समझदारी और कड़ाई से राशन बांटते हुए इस्तेमाल किया, ताकि वह लंबे समय तक चल सके। इसके अलावा, सुरंग के अंदर वेंटिलेशन पाइपलाइन के जरिए जो हल्की-फुल्की हवा और नमी आ रही थी, उसी के सहारे उन्होंने अपने फेफड़ों को जिंदा रखा। सबसे बड़ी बात यह थी कि उन सभी मजदूरों ने आपस में लगातार बातचीत जारी रखी और एक-दूसरे को रोने या घबराने नहीं दिया, क्योंकि वे अच्छी तरह जानते थे कि यदि मानसिक रूप से वे टूट गए, तो कोई भी ताकत उन्हें बाहर नहीं निकाल पाएगी। इस प्रकार आपसी हौसले और मानसिक दृढ़ता ने उनके लिए इस अंधेरी सुरंग को मौत की खाई बनने से रोक लिया।जब रेस्क्यू टीम की आवाज और रोशनी सुरंग के भीतर पहुंचीनौ दिनों के लंबे और अंतहीन इंतजार के बाद आखिरकार वह पल आ ही गया जब राहत और बचाव दल ने चट्टानों को चीरते हुए उस हिस्से तक अपनी पहुंच बना ली जहां ये मजदूर फंसे हुए थे। संजय ने उस मार्मिक पल को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें मलबे के उस पार से हथौड़ों की गूंज और इंसानी आवाजें सुनाई दीं, तो उनकी धड़कनें खुशी से तेज हो गईं। जब बचाव कर्मियों ने एक छोटा सा ड्रिल होल करके अंदर टॉर्च की रोशनी और ताजी हवा फेंकी, तो ऐसा लगा मानो उन्हें सीधे जन्नत नसीब हो गई हो। उस रोशनी को देखकर अंदर बैठे सभी मजदूरों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने भगवान का शुक्रिया अदा किया। इसके बाद एक-एक करके सभी आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों और पाइपों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने का सिलसिला शुरू हुआ। सुरंग के मुहाने पर खड़े डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ पहले से ही मुस्तैद थे, जिन्होंने बाहर आते ही सभी मजदूरों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें तुरंत अस्पताल की देखरेख में भेज दिया।चमत्कारिक वापसी पर झूम उठा पूरा देश, मेडिकल रिपोर्ट आई सामनेसंजय और उनके साथियों के सुरंग से सकुशल बाहर आने की खबर जैसे ही देश और दुनिया के मीडिया में फैली, नेपाल समेत पूरे उपमहाद्वीप में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर इन मजदूरों की जिंदादिली और उनके इस संघर्ष की कहानियां वायरल होने लगीं, और हर कोई उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहा था। स्थानीय अस्पतालों के डॉक्टरों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि हालांकि लंबे समय तक अंधेरे और कम ऑक्सीजन में रहने के कारण सभी मजदूरों के शरीर में कमजोरी जरूर आ गई है, लेकिन उनकी मानसिक स्थिति पूरी तरह स्थिर है और कोई भी गंभीर अंदरूनी चोट नहीं आई है। कुछ दिनों के रूटीन ऑब्जरवेशन और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग के बाद इन सभी को पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर उनके घरों के लिए रवाना कर दिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि इंसान की जिजीविषा और जीने की इच्छाशक्ति अगर मजबूत हो, तो वह प्रकृति के सबसे बड़े आपदा और मौत के मुंह से भी अपनी सांसें छीनकर वापस लौट सकता है।
'तेरे लिए' गाकर पछताए आतिफ असलम, भारतीय कंपोजर ने किया पलटवार
पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम ने कोक स्टूडियो पाकिस्तान और भारत के बीच संगीत की रचनात्मकता में अंतर पर अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी वर्जन में संगीत की गहरी जड़ें और जादू है, जो भारतीय वर्जन में गायब है.
आज की पूरी दुनिया भयंकर भू-राजनीतिक उथल-पुथल, आर्थिक अनिश्चितता और विनाशकारी युद्धों की आग में झुलस रही है, जहाँ एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच सालों से भीषण जंग जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ पश्चिम एशिया यानी मिडिल ईस्ट में ईरान और इजराइल के बीच तनाव लगातार चरम सीमा पर पहुंच चुका है। इन तमाम महायुद्धों और संघर्षों के कारण जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, वहीं आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है और दुनिया के कई देश अब इस अंतहीन तबाही से पूरी तरह थक चुके हैं। ऐसे कठिन और निराशाजनक दौर में पूरी दुनिया की निगाहें केवल और केवल एक ही वैश्विक नेता पर टिकी हुई हैं, और वह हैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। दुनिया के तमाम बड़े देश अब यह खुलकर मानने लगे हैं कि केवल भारत ही एक ऐसा प्रभावशाली और निष्पक्ष देश है जो रूस, यूक्रेन और पश्चिम एशिया के युद्धरत देशों को बातचीत की टेबल पर लाकर इस खूनी संघर्ष को समाप्त करवाने की क्षमता रखता है। भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज के रूप में प्रधानमंत्री मोदी की स्वीकार्यता ने उन्हें आज वैश्विक शांति के सबसे बड़े दूत के रूप में स्थापित कर दिया है, जिससे दुनिया भर को उनसे एक ऐतिहासिक मध्यस्थता की बड़ी उम्मीद बंध गई है।रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक शांति की आखिरी उम्मीद बने भारत और पीएम मोदीरूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस खूनी संघर्ष को लंबा वक्त बीत चुका है, जिसमें दोनों तरफ के हजारों सैनिकों की जान जा चुकी है और यूक्रेन का बुनियादी ढांचा पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है। पश्चिमी देशों के भारी-भरकम हथियारों और प्रतिबंधों के बावजूद यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्था पर भी भारी दबाव आ गया है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार स्पष्ट शब्दों में यह संदेश दिया है कि 'यह युग युद्ध का नहीं है', और भारत हमेशा से ही बातचीत और कूटनीति (Dialogue and Diplomacy) के जरिए हर विवाद को सुलझाने का पक्षधर रहा है। मॉस्को और कीव दोनों राजधानियों के साथ भारत के रिश्ते ऐतिहासिक रूप से बेहद गहरे और भरोसेमंद रहे हैं, जिसके कारण रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की दोनों ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ संवाद बनाए हुए हैं। पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत ने कभी अपनी रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता नहीं किया, और इसी निष्पक्ष और संतुलित रुख के कारण आज यूक्रेन और रूस दोनों ही यह मानते हैं कि यदि कोई देश निष्पक्ष मध्यस्थता कर सकता है, तो वह केवल भारत है।पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल तनाव और मध्य पूर्व की सुलगती आगदूसरी तरफ, मध्य पूर्व यानी वेस्ट एशिया में ईरान, इजराइल और उनके समर्थक देशों के बीच छिड़ी जंग ने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की आशंका, शिपिंग रूट्स पर लगातार मंडराता खतरा और वैश्विक बाजारों में हाहाकार ने खाड़ी देशों समेत पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। ईरान और अन्य इस्लामिक देश भी अब इस बात को अच्छी तरह समझ चुके हैं कि हथियारों के बल पर इस संघर्ष का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सकता है। भारत के संबंध इजराइल के साथ जितने प्रगाढ़ और तकनीकी रूप से मजबूत हैं, उतने ही अच्छे और ऐतिहासिक संबंध ईरान के साथ भी रहे हैं। भारत चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक, पश्चिम एशिया के साथ बेहद संवेदनशील और संतुलित कूटनीति निभाता आया है। यही कारण है कि जब मध्य पूर्व के देश कूटनीतिक संकट में फंसते हैं, तो वे भारत की ओर एक भरोसेमंद साथी और शांतिदूत के रूप में देखते हैं, जो दोनों पक्षों के बीच तनाव को कम करने में एक प्रभावी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है।ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज और भारत की कूटनीतिक ताकतबीते कुछ वर्षों में भारत ने जिस प्रकार से 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) के हितों की पैरवी वैश्विक मंचों पर की है, उसने भारत के कद को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में आसमान की बुलंदियों तक पहुंचा दिया है। जी-20 शिखर सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता और अफ्रीकी संघ को उसमें शामिल कराने की भारत की पहल ने यह साबित कर दिया है कि भारत केवल अपने हितों की नहीं बल्कि पूरी मानवता के कल्याण की बात करता है। आज जब अमेरिका, यूरोपीय यूनियन और चीन जैसी महाशक्तियां अपने-अपने भू-राजनीतिक एजेंडे में उलझी हुई हैं, तब भारत एकमात्र ऐसा देश है जिस पर गरीब, विकासशील और युद्ध से पीड़ित देश आंख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत की 'वासुधैव कुटुंबकम' (पूरा विश्व एक परिवार है) की भावना आज वैश्विक कूटनीति का सबसे बड़ा मार्गदर्शक सिद्धांत बन चुकी है। यही वजह है कि आज दुनिया के तमाम युद्ध-थके देश यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि भारत आगे आए और दुनिया को एक और बड़ी तबाही से बचाने के लिए मध्यस्थता की कमान अपने हाथों में ले।क्या वाकई दुनिया की इस भीषण जंग को रुकवा पाएंगे प्रधानमंत्री मोदीयह सवाल आज के समय में सबसे बड़ा और प्रासंगिक बन गया है कि क्या भारत सचमुच रूस-यूक्रेन और ईरान-इजराइल जैसी जटिल लड़ाइयों को रोकने में कामयाब हो पाएगा। कूटनीति के जानकारों का मानना है कि किसी भी युद्ध को रोकना रातों-रात संभव नहीं होता है, क्योंकि इसके पीछे दशकों के राजनीतिक समीकरण और सामरिक हित जुड़े होते हैं। हालांकि, जिस प्रकार से भारत ने दुनिया के दोनों धड़ों के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को सन्तुलित रखा है और समय-समय पर शांति की अपील की है, उसने भारत के लिए बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले रखे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक शैली और विश्व नेताओं के साथ उनके गहरे व्यक्तिगत संबंध इस दिशा में एक बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। भले ही यह राह आसान न हो, लेकिन जिस तरह से दुनिया भर के देश आज भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं, वह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वैश्विक शांति की अगली बड़ी पटकथा नई दिल्ली से ही लिखी जा सकती है, और दुनिया की भलाई इसी में है कि युद्ध के मैदान छोड़कर सभी देश कूटनीति की टेबल पर लौटें।
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पित्त की थैली में पथरी के क्या लक्षण होते हैं?
पित्त की थैली में पथरी होने पर कई कॉमन और गंभीर लक्षण दिख सकते हैं, जिसे नजरअंदाज करने की गलती बिल्कुल भी न करें. यहां नारायणा हॉस्पिटल के डॉक्टर से जानते हैं पित्त की थैली के लक्षणों के बारे में-
पाकिस्तान की नापाक नीतियों और आंतरिक विफलताओं का सच अब दुनिया के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, लेकिन अपनी नाकामियों को स्वीकार करने के बजाय पाकिस्तानी हुक्मरान और सेना प्रमुख हमेशा की तरह भारत पर निराधार आरोप मढ़ने में जुट गए हैं। बलूचिस्तान के भीतर सुलग रही विद्रोह की आग और वहां लगातार हो रहे हमलों से पाकिस्तानी सेना के होश उड़े हुए हैं, क्योंकि यह क्षेत्र अब उनकी फौज के लिए एक बड़ा कब्रगाह बनता जा रहा है। अपनी ही धरती पर बलूच स्वतंत्रता सेनानियों के हाथों लगातार मिल रही शर्मनाक शिकस्त और भारी जान-माल के नुकसान से बौखलाए पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने अपनी जनता और दुनिया का ध्यान भटकाने के लिए एक बार फिर पुराना और घिसा-पिटा राग अलापना शुरू कर दिया है। इसी बौखलाहट के बीच उन्होंने एक नया और बेतुका शिगूफा छोड़ा है जिसे 'फितना अल-हिंदुस्तान' का नाम दिया गया है, जिसके जरिए वे अपनी आंतरिक सुरक्षा के पूर्ण पतन का ठीकरा सीधे तौर पर भारत के सिर फोड़ने की असफल कोशिश कर रहे हैं।बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना की हो रही है भारी फजीहतपाकिस्तान के सबसे बड़े और संसाधन संपन्न प्रांत बलूचिस्तान में हालात पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तानी फौज के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो चुके हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और अन्य स्थानीय विद्रोही संगठनों ने पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों पर अपने हमलों को बेहद तेज कर दिया है, जिससे आए दिन पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबरें सामने आती रहती हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि बलूचिस्तान के कई इलाकों में पाकिस्तानी सेना के जवान खुलेआम निकलने से भी डरते हैं और उनके सैन्य शिविरों व चौकियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के नाम पर बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों की हो रही अंधाधुंध लूट से वहां के स्थानीय लोग और युवा अंदर से बेहद गुस्से में हैं, और वे हथियारों के बल पर पाकिस्तानी हुकूमत को खुली चुनौती दे रहे हैं। अपनी इसी लाचारी और जमीन पर मिल रही करारी हार को छिपाने के लिए रावलपिंडी के जनरलों के पास अब केवल भारत विरोधी दुष्प्रचार करने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।क्या है 'फितना अल-हिंदुस्तान' का नया प्रोपोगंडा शिगूफापाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने अपनी फौज के भीतर और देश की जनता के बीच घटते मनोबल को संभालने के लिए 'फितना अल-हिंदुस्तान' नाम का एक नया वैचारिक शिगूफा गढ़ा है। इस नए प्रोपोगंडा के तहत पाकिस्तानी फौज यह दावा करने की कोशिश कर रही है कि उनके देश के भीतर होने वाली तमाम आतंकवादी गतिविधियों, आंतरिक विद्रोहों और बलूच स्वतंत्रता संग्राम के पीछे भारत की खुफिया एजेंसी 'रॉ' (RAW) का सीधा हाथ है। वे यह मनगढ़ंत कहानी गढ़ रहे हैं कि भारत पाकिस्तान को अंदर से कमजोर करने और अस्थिर करने के लिए ऐसे तत्वों को वित्तीय और सैन्य सहायता दे रहा है। हालांकि, कूटनीतिक और रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि यह केवल पाकिस्तानी सेना का एक पुराना हथकंडा है, जिसका उपयोग वे अपनी खुद की नाकाबिलियत, भ्रष्टाचार, आर्थिक बदहाली और सैन्य कुप्रबंधन से जनता का ध्यान हटाने के लिए करते हैं। दुनिया का कोई भी जिम्मेदार देश अब पाकिस्तान के इन झूठे और आधारहीन आरोपों पर जरा भी यकीन नहीं करता है, क्योंकि पाकिस्तान खुद अपने पाले हुए आतंकवाद का शिकार बन चुका है।अपनी ही आग में सुलग रहा पाकिस्तान और भारत का बढ़ता वैश्विक कदयह किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान ने दशकों तक अपनी जमीन का इस्तेमाल करके भारत में आतंकवाद फैलाने का काम किया है, लेकिन अब वही पाले हुए सांप उनके अपने ही घरों को डसने लगे हैं। बलूचिस्तान के अलावा खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाके भी पाकिस्तानी सेना पर भारी पड़ रहे हैं, और देश के भीतर गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दूसरी ओर, भारत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन चुका है और वैश्विक मंचों पर उसकी साख लगातार ऊंचाइयों को छू रही है। भारत अंतरिक्ष विज्ञान, टेक्नोलॉजी, डिजिटल इकोनॉमी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नित नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है, जिससे पाकिस्तान के हुक्मरानों के पेट में तेज दर्द होना स्वाभाविक है। जब एक तरफ भारत दुनिया भर में शांति, विकास और तरक्की का पर्याय बन रहा है, तो इसके विपरीत पाकिस्तान दिवालिया होने की कगार पर खड़ा है और उसकी फौज केवल झूठ और फरेब के सहारे अपनी सत्ता बचाने की जद्दोजहद कर रही है।भारत के खिलाफ दुष्प्रचार से अब कुछ हासिल नहीं होने वालापाकिस्तान की अवाम अब वहां की सेना के इन पुराने और झूठे बयानों से पूरी तरह ऊब चुकी है, क्योंकि वे रोजाना महंगाई, बेरोजगारी, बिजली और पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। देश के कोने-कोने में जनता अब खुलकर पाकिस्तानी फौज के खिलाफ आवाज उठाने लगी है और उन्हें समझ आ गया है कि जब तक सेना देश की राजनीति और संसाधनों पर कब्जा जमाए रखेगी, तब तक पाकिस्तान का सुधार होना नामुमकिन है। जनरल असीम मुनीर का यह नया प्रोपोगंडा 'फितना अल-हिंदुस्तान' भी पिछले दशकों के अन्य झूठे आरोपों की तरह पूरी तरह फ्लॉप साबित होने वाला है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी अब पाकिस्तान की इस दोहरी नीति को बहुत अच्छी तरह समझ चुका है कि कैसे वह अपनी घरेलू विफलताओं का ठीकरा हमेशा भारत के सिर फोड़कर अपनी पीठ थपथपाना चाहता है। बलूचिस्तान के लोग अब विदेशी या पाकिस्तानी कब्जे से मुक्ति चाहते हैं, और वहां की जंग अब किसी के रोके नहीं रुकने वाली है, चाहे पाकिस्तानी सेना इसके लिए कितने भी नए नाम क्यों न गढ़ ले।
सोनिया गांधी की आत्मकथा Belonging: A Journey of Love 10 नवंबर 2026 को HarperCollins India प्रकाशित करेगा. पुस्तक में उनके निजी जीवन, पहचान, कर्तव्य और भारत की राजनीतिक यात्रा से जुड़े अनुभवों को साझा किया गया है.
दाल-सब्जी से गंदा हुआ लंच बैग? बिना धोए ऐसे करें साफ, बदबू होगी दूर
How To Clean Lunch Box Bag: लंच बैग में दाल, सब्जी या दूध गिरने से बदबू आने लगी है? जानें इंसुलेटेड और थर्मल लंच बॉक्स बैग के कोनों, जिप और फैब्रिक में छिपी गंदगी को आसानी से साफ करने के लिए आप कुछ आसान तरीके अपना सकते हैं. इसके साथ ही, बिना ज्यादा मेहनत के बैग से आने वाली जिद्दी बदबू को दूर करने और उसे लंबे समय तक साफ-सुथरा रखने के टिप्स भी जानें.
सोनिया गांधी की किताब पर नया मोड़, अब हार्पर कॉलिन्स छापेगी
सोनिया गांधी की संस्मरण किताब अब हार्पर कॉलिन्स इंडिया प्रकाशित करेगी और इसका वैश्विक विमोचन 10 नवंबर को होगा. पेंगुइन इंडिया के पीछे हटने, संपादकीय बदलावों की मांग और राजनीतिक आरोपों के बाद यह फैसला विवाद के बीच आया है.
भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत के साथ ही निवेशकों के चेहरे खिल उठे हैं और बाजार में चौतरफा भारी खरीदारी का माहौल देखने को मिल रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने जोरदार वापसी करते हुए एक बार फिर निवेशकों को मालामाल कर दिया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) शुरुआती कारोबार में ही 500 अंकों से अधिक की जबरदस्त तेजी के साथ हरे निशान पर कारोबार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी मजबूत चाल चलते हुए मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 23900 के आंकड़े को पार कर गया है। बाजार में आई इस शानदार तेजी के पीछे ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लिवाली और चुनिंदा दिग्गज शेयरों में जबरदस्त खरीदारी को मुख्य वजह माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक मोर्चे पर आ रहे बेहतर आंकड़ों के चलते निवेशकों का भरोसा काफी मजबूत हुआ है।सेंसेक्स और निफ्टी की तूफानी चाल से बाजार में छाई हरियालीआज सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स ने लंबी छलांग लगाते हुए 500 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज कर ली। इसके साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने ऊंचे स्तरों के करीब पहुंच गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है। दूसरी तरफ, एनएसई का निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और इसने 23900 के अहम पड़ाव को पार करते हुए निवेशकों को एक बार फिर से नई उम्मीद दी है। बाजार की इस शानदार चाल में ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर के शेयरों का विशेष योगदान रहा है। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मंदी की आशंकाओं के कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने से घरेलू बाजारों को एक मजबूत सहारा मिला है, जिसके कारण बाजार में यह चौतरफा उछाल देखने को मिल रहा है।बैंकिंग और आईटी शेयरों में दिखा सबसे बड़ा जोशआज के इस जबरदस्त कारोबार में देश के प्रमुख बैंकिंग और वित्तीय शेयरों के अलावा टेक्नोलॉजी शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा मजबूती प्रदान की है। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस जैसी देश की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की भारी लिवाली दर्ज की गई है। जानकारों के अनुसार, बैंक निफ्टी में आई तेजी ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को पॉजिटिव बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ हफ्तों से बाजार में जो सुस्ती या उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा था, उसे इस ताजा तेजी ने लगभग पूरी तरह से धो दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में कंपनियों के तिमाही नतीजे और आगामी आर्थिक नीतियां बाजार की इस चाल को और अधिक दिशा देने का काम करेंगी, जिससे निवेशकों के पास कमाई करने के बेहतरीन मौके बने रहेंगे।मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों का जोरदार रुझानकेवल बड़े शेयरों यानी ब्लूचिप कंपनियों तक ही यह तेजी सीमित नहीं है, बल्कि बाजार के छोटे और मंझोले शेयरों यानी मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी खरीदारों का जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है। खुदरा निवेशकों (Retail Investors) की मजबूत भागीदारी के चलते कई चुनिंदा मिडकैप शेयरों में 3 से 5 फीसदी तक की जोरदार तेजी दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि जब बाजार में इस तरह की व्यापक तेजी आती है, तो इसका मतलब होता है कि निवेशकों का जोखिम उठाने का दायरा बढ़ रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने यह भी सलाह दी है कि निवेशकों को अंधी दौड़ में शामिल होने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों के शेयरों पर ही दांव लगाना चाहिए, ताकि वे किसी भी अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रह सकें।वैश्विक बाजारों से मिले संकेतों और आगामी दृष्टिकोण का विश्लेषणघरेलू शेयर बाजार की इस तूफानी तेजी के पीछे अमेरिकी बाजारों (Wall Street) के मजबूत प्रदर्शन और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का भी बड़ा हाथ है। फेडरल रिजर्व की नीतियों और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों में जो असमंजस की स्थिति पहले बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर महंगाई दर के नियंत्रण में रहने और जीडीपी के आंकड़े मजबूत बने रहने से विदेशी निवेशकों का भरोसा भारत के प्रति और अधिक गहरा हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ग्लोबल स्तर पर कोई बड़ी भू-राजनीतिक उथल-पुथल नहीं होती है, तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले हफ्तों में नए रिकॉर्ड स्तरों को छूने का दम रखता है। निवेशकों के लिए यह समय लंबी अवधि के नजरिए से चुनिंदा गुणवत्तापूर्ण शेयरों में निवेश बनाए रखने का एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है।
सामाजिक न्याय विभाग अजमेर के संयुक्त निदेशक 3 लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
अजमेर/जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गुरुवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अजमेर के संयुक्त निदेशक जयप्रकाश चारण को तीन लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी एसआईडब्ल्यू जयपुर को इस आशय की शिकायत मिली कि परिवादी के संस्थान […] The post सामाजिक न्याय विभाग अजमेर के संयुक्त निदेशक 3 लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
Weather Update: देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और इसके आसपास बने सुस्पष्ट निम्न दाब के प्रभाव से देश के उत्तरी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। IMD ने 4 सितंबर 2026 के लिए ...
भारत के सबसे बड़े बिजनेस टायकून गौतम अडानी की अगुवाई वाला अडानी ग्रुप (Adani Group) लॉजिस्टिक्स और पोर्ट सेक्टर में अपनी पकड़ को और अधिक मजबूत करने के लिए एक बेहद बड़ा कदम उठाने जा रहा है। कंपनी ने देश के सबसे बड़े कमर्शियल पोर्ट यानी गुजरात के मुंद्रा पोर्ट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) के भीतर एक डेडिकेटेड 'एम्प्टी कंटेनर यार्ड' (Empty Container Yard) और इंटीग्रेटेड वेयरहाउसिंग फैसिलिटी शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस रणनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य देश के इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट सेक्टर को बढ़ावा देना और कंटेनर मैनेजमेंट को पूरी तरह से सुव्यवस्थित करना है। इस बड़ी व्यावसायिक घोषणा के सामने आते ही शेयर बाजार में अडानी पोर्ट्स के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली है।मुंद्रा पोर्ट पर क्या है अडानी की नई 'खाली कंटेनर' योजनाअडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा शुरू किए जा रहे इस नए डेडिकेटेड खाली कंटेनर यार्ड में कंटेनर की पूरी लाइफसाइकल को मैनेज किया जाएगा। इसमें स्टोरेज, मेंटेनेंस, रिपेयरिंग, और इंस्पेक्शन जैसी सभी प्रीमियम सर्विसेज एक ही छत के नीचे मिलेंगी। वर्तमान में मुंद्रा पोर्ट अकेला ऐसा विशाल केंद्र है जो भारत के कुल कंटेनर ट्रेड का लगभग 35 फीसदी हिस्सा अकेले हैंडल करता है। यहां हर साल करीब 1.6 मिलियन TEUs (टीयूएस) खाली कंटेनर हैंडल किए जाते हैं। इस नए यार्ड के शुरू होने से शिपिंग लाइन्स और ग्लोबल ग्राहकों को विश्वस्तरीय और निर्बाध सेवाएं मिल सकेंगी।ग्लोबल मानकों पर आधारित है पूरा लॉजिस्टिक्स मॉडलAPSEZ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अश्वनी गुप्ता ने इस प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मुंद्रा पोर्ट के अंदर इस डेडिकेटेड यार्ड के बन जाने से पूरे कंटेनर इकोसिस्टम की कार्यक्षमता में अभूतपूर्व सुधार होगा। दुनिया के अन्य बड़े ग्लोबल पोर्ट्स जैसे दुबई के जेबेल अली पोर्ट की तर्ज पर तैयार इस मॉडल से ट्रकों और कंटेनरों की अनावश्यक आवाजाही में भारी कमी आएगी। इसके अलावा, पोर्ट एरिया में ट्रैफिक कंजेशन घटेगा और लॉजिस्टिक्स की कुल लागत में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी। सीमा शुल्क (Customs) अधिकारियों, शिपिंग लाइन्स और ट्रांसपोर्टर्स के बीच बेहतर तालमेल से जहाजों के टर्नअराउंड टाइम में भी तेजी आएगी।'एम्बिशन 2031' विजन और शेयरों पर असरअडानी ग्रुप की यह पहल कंपनी के लंबे समय के उस बड़े रोडमैप का हिस्सा है जिसके तहत अगले पांच सालों में पोर्ट नेटवर्क की कुल कंटेनर हैंडलिंग क्षमता में 6 मिलियन TEU से अधिक की भारी-भरकम बढ़ोतरी करनी है। इस स्ट्रैटेजिक और वैल्यू-एडेड बिजनेस प्लान के बाजार में आते ही निवेशकों का भरोसा अडानी ग्रुप पर और मजबूत हुआ है। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई (BSE) पर अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड के शेयर करीब 1 से 2 फीसदी की मजबूती के साथ हरे निशान पर ट्रेड करते हुए नजर आए। जानकारों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के इस विस्तार से अडानी ग्रुप की लॉजिस्टिक्स बाजार में बादशाहत और अधिक पक्की होगी।
देशभर में पेंशन और रिटायरमेंट प्लानिंग के दायरे को आम आदमी तक सुलभ बनाने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब देश के छोटे-छोटे कस्बों, गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़ना और घर बैठे अपनी पेंशन योजना शुरू करना बेहद आसान होने जा रहा है। पेंशन नियामक ने पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के मौजूदा नियमों में व्यापक बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत पेंशन एजेंटों के पारंपरिक स्वरूप को बदलकर उन्हें एक नए और आधुनिक रूप में पेश किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत अब इन्हें 'NPS मित्र' के नाम से जाना जाएगा, जो वित्तीय रूप से देश के कोने-कोने में जाकर आम जनता को जागरूक करेंगे और उनका खाता खोलने में मदद करेंगे। इस पहल से भारत के असंगठित क्षेत्र, छोटे व्यापारियों और ग्रामीण नागरिकों को वृद्धावस्था में वित्तीय सुरक्षा प्राप्त करने का एक बेहतरीन और आसान जरिया मिलेगा।क्या है 'NPS मित्र' योजना और कैसे बदलेगा पेंशन का दायरापेंशन नियामक पीएफआरडीए की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य उन क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाना है जहां अब तक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं या तो उपलब्ध नहीं हैं या बेहद सीमित मात्रा में हैं। पारंपरिक व्यवस्था में ग्राहकों को एनपीएस खाता खुलवाने या उससे जुड़े कागजी कार्यों को पूरा करने के लिए बड़े शहरों की दौड़ लगानी पड़ती थी या बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन अब 'NPS मित्र' सीधे ग्राहकों के दरवाजे तक पहुंचकर उनकी वित्तीय जरूरतों को समझेंगे। ये अधिकृत प्रतिनिधि छोटे शहरों, कस्बों और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में लोगों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के लाभों के बारे में बताएंगे। इतना ही नहीं, यह नए निवेशकों को जोड़ने, उनके फॉर्म भरने, केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने और भविष्य में आने वाली किसी भी प्रकार की तकनीकी या कागजी समस्याओं को चुटकियों में सुलझाने का काम करेंगे। इस नई व्यवस्था के लागू होने से देश के आम नागरिक बिना किसी भागदौड़ के अपने घर पर ही सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकेंगे।पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के नियमों में ऐतिहासिक बदलावनियामक संस्था ने PoPs यानी उन वित्तीय संस्थानों और बैंकों के नियमों को भी काफी लचीला और व्यापक बना दिया है जो एनपीएस सेवाओं को बाजार में आगे बढ़ाते हैं। नए प्रस्तावों के अनुसार, अब केवल पारंपरिक कमर्शियल बैंक ही नहीं, बल्कि अन्य गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाएं, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP), रजिस्टर्ड सोसायटियां और कोऑपरेटिव सोसायटियां भी 'पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस' बन सकेंगी। इसके साथ ही PoPs को दो मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें पहला फिजिकल मोड (दफ्तर आधारित सेवाएं) और दूसरा पूरी तरह से डिजिटल मोड (ऑनलाइन सेवाएं) शामिल है। डिजिटल मोड के तहत काम करने वाली संस्थाओं के लिए किसी भी तरह की आवेदन फीस का प्रावधान नहीं रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा डिजिटल प्लेटफॉर्म इस क्षेत्र में आगे आ सकें। इसके विपरीत, फिजिकल PoP के लिए आवेदन शुल्क को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव है, जिससे पूरी व्यवस्था में और अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जा सके।पारदर्शिता, सख्त जिम्मेदारी और डेटा गोपनीयता के कड़े नियमअडानी या अन्य किसी निजी सेवा की तरह वित्तीय मामलों में ग्राहकों के हितों की रक्षा सर्वोपरि होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए पीएफआरडीए ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नए नियमों के मुताबिक यदि किसी 'NPS मित्र', अधिकृत एजेंट या संबंधित संस्था की लापरवाही या गलती के कारण ग्राहक को किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर मुख्य संस्था यानी PoP की ही होगी। गड़बड़ी साबित होने पर संबंधित संस्थान को ग्राहक के नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी। इसके अलावा, ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी, दस्तावेज और उनके एनपीएस रिकॉर्ड की गोपनीयता को बनाए रखना अनिवार्य किया गया है। कानून की ओर से तय अनिवार्य प्रावधानों को छोड़कर कोई भी संस्था या 'NPS मित्र' ग्राहक का डेटा किसी अन्य के साथ साझा नहीं कर सकेगा। जो संस्थाएं डिजिटल माध्यम से ग्राहकों को जोड़ेंगी, उन्हें प्रत्येक पेंशन योजना के लिए एक अलग 'डिजिटल कलेक्शन अकाउंट' रखना होगा, जिससे हर एक लेनदेन पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित बना रहे।देश के हर नागरिक तक पेंशन पहुंचाने का मजबूत विजनभारत जैसे विशाल देश में जहां एक बहुत बड़ा आबादी का हिस्सा आज भी असंगठित क्षेत्र में काम करता है, उनके लिए रिटायरमेंट के बाद का जीवन आर्थिक रूप से सुरक्षित करना एक बड़ी चुनौती रहा है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों, छोटे दुकानदारों, दुकान के कर्मचारियों और दिहाड़ी या स्वतंत्र रूप से काम करने वाले लोगों के पास अक्सर नियमित पेंशन का कोई ठोस साधन नहीं होता है। सरकार के इस कदम से देश के दूरदराज के इलाकों में बैठे आम आदमी को भी यह अहसास होगा कि वे अपनी छोटी-छोटीचच बचतों के जरिए एक मजबूत पेंशन फंड तैयार कर सकते हैं। वित्तीय साक्षरता की कमी और जटिल प्रक्रियाओं के कारण जो लोग अब तक एनपीएस से दूर रहते थे, वे अब अपने नजदीकी 'NPS मित्र' की मदद से आसानी से जुड़ सकेंगे। आने वाले समय में यह योजना देश के वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी, जिससे हर वर्ग का नागरिक वृद्धावस्था में आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकेगा।
अब किसे निशाना बनाएगा तुकाराम मुंढे का FDA? त्योहारों से पहले जारी की ‘हिट लिस्ट’
महाराष्ट्र FDA ने त्योहारों, मेलों और धार्मिक आयोजनों में खाद्य मिलावट रोकने के लिए सालभर का कैलेंडर बनाया है। त्योहार से 21 दिन पहले कार्रवाई शुरू होगी। दूध, मिठाई, तेल, मांस समेत 11 हाई-रिस्क खाद्य श्रेणियों पर खास नजर रहेगी।
भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 17-दिवसीय बड़े कॉम्बैट (सैन्य) अभ्यास को लेकर पाकिस्तान में भारी घबराहट का माहौल है। भारत द्वारा इस सैन्य अभ्यास के सिलसिले में हवाई क्षेत्र के बड़े हिस्से को प्रतिबंधित करते हुए 'नोटिस टू एयर मिशन्स' (NOTAM) जारी किए जाने के बाद, बौखलाए पाकिस्तान ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है। पाकिस्तानी नेतृत्व में इस घटनाक्रम को लेकर चिंता इतनी बढ़ गई है कि वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला इस्लामाबाद के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज के कार्यालय के ध्यान में भी लाया गया है, जिसमें सीमा के पास सैन्य गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशीलता को रेखांकित किया गया है। इसे भी पढ़ें: Nepal Flood में लापता विदिशा की इंजीनियर और रायसेन के दो श्रमिकों की पहचान के लिए होगा DNA Test NOTAM एक विमानन सुरक्षा नोटिफिकेशन है जो एयरक्राफ्ट ऑपरेटरों और अन्य संबंधित पक्षों को हवाई क्षेत्र और उड़ान संचालन को प्रभावित करने वाले अस्थायी बदलावों, प्रतिबंधों या संभावित खतरों के बारे में सचेत करने के लिए जारी किया जाता है। ऐसे नोटिफिकेशन आमतौर पर सैन्य अभ्यासों, हथियारों के परीक्षणों और अन्य गतिविधियों के दौरान जारी किए जाते हैं जिनमें हवाई क्षेत्र के अस्थायी आरक्षण या प्रतिबंध की आवश्यकता होती है। खबरों के अनुसार, भारत के नोटिफिकेशन के बाद पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। रिपोर्ट में बताए गए वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तानी सेना अभ्यास की अवधि के दौरान भारतीय वायु सेना की गतिविधियों पर नज़र रख रही है और पूरी तरह से सतर्क है। IAF का 17-दिन का बड़ा कॉम्बैट अभ्यास भारत द्वारा जारी NOTAM के अनुसार, 21 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सैन्य गतिविधियों के लिए हवाई क्षेत्र के बड़े हिस्से को अस्थायी रूप से आरक्षित किया गया है। निर्धारित क्षेत्र में जैसलमेर-बाड़मेर-फलोदी-जोधपुर सेक्टर शामिल है, जबकि NAL-बीकानेर के पास का हवाई क्षेत्र भी ब्लॉक कर दिया गया है। आरक्षित हवाई क्षेत्र लगभग 40,000 फीट की ऊंचाई तक फैला है, और निर्धारित क्षेत्रों में से एक पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 20 किमी के दायरे में आता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 17-दिन के अभ्यास की अवधि 'तरंग शक्ति 2026' के साथ भी मेल खा सकती है, जो भारतीय वायु सेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है और 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर में आयोजित होने वाला है। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में कई देशों की वायु सेनाओं के शामिल होने की उम्मीद है और इससे गहन हवाई-युद्ध अभ्यास, ऑपरेशनल ट्रेनिंग और बेहतर तालमेल व इंटरऑपरेबिलिटी का अवसर मिलेगा। इसे भी पढ़ें: Asim Riaz-Himannshi Khurrana के विवाद में Vishal Aditya Singh की एंट्री, 'बुआ जी' वाले कमेंट ने मचा दी हलचल लगातार फाइटर जेट की गतिविधियां होने की उम्मीद है इन लगातार होने वाली एक्सरसाइज़ के कारण सितंबर के ज़्यादातर हिस्से और अक्टूबर तक पाकिस्तान बॉर्डर पर लगातार मिलिट्री एविएशन गतिविधियां होने की संभावना है। इंडियन एयर फ़ोर्स के लिए, ये एक्सरसाइज़ असल हालात में ऑपरेशनल प्रक्रियाओं, तालमेल, तैनाती के तरीकों और कर्मियों व एयरक्राफ़्ट की तैयारी को परखने का मौका देंगी, जिसमें एडवांस्ड फाइटर प्लेटफ़ॉर्म के साथ ऑपरेशन भी शामिल हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय सशस्त्र बल नियमित एक्सरसाइज़ और ट्रेनिंग गतिविधियों के ज़रिए ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखने पर लगातार ध्यान दे रहे हैं। इसलिए, भारत-पाकिस्तान सीमा पर मिलिट्री गतिविधियों की संवेदनशीलता को देखते हुए, 21 सितंबर से 7 अक्टूबर तक की NOTAM अवधि पर दोनों पक्षों की कड़ी नज़र रहने की उम्मीद है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
Nepal Flood में लापता विदिशा की इंजीनियर और रायसेन के दो श्रमिकों की पहचान के लिए होगा DNA Test
विदिशा/रायसेन (मध्यप्रदेश), चार सितंबर नेपाल में आई बाढ़ के बाद से लापता मध्यप्रदेश के विदिशा की इंजीनियर स्वाति बागरेचा और रायसेन जिले के दो श्रमिकों का पता लगाने और उनकी पहचान करने के लिए उनके परिजनों के डीएनए नमूने लिए जाएंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नेपाल ने आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए जांच शुरू कर दी है। स्वाति के बारे में सूचना मिलने का बेसब्री के इंतजार कर रहे उनके परिजनों ने बताया कि कनाडा सरकार की ओर से डीएनए जांच के संबंध में एक पत्र परिवार को मिला है। स्वाति शादी के बाद कनाडा चली गई थीं और टोरंटो में रह रही थीं। अधिकारियों ने बताया कि परिवार जल्द ही विदिशा के पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी से मुलाकात कर डीएनए जांच की अनुमति मांगेगा जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग परिजनों के नमूने लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करेगा। सिविल सर्जन डॉ. अनूप वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उन्होंने स्वाति के भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा से डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया के संबंध में बात की है। पुलिस अधीक्षक काशवानी ने कहा कि स्वाति के परिजनों के नमूने लिए जाएंगे और उनसे चर्चा के बाद जांच की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। स्वाति (50) 77 सदस्यीय दल के साथ आठ अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकली थीं। वह 26 अगस्त को आव्रजन संबंधी औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत सीमा पर मौजूद थीं, तभी आपदा आ गई। इसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। परिवार के अनुसार, स्वाति की 14 वर्षीय बेटी अनुष्का अपनी बड़ी बहन के साथ मुंबई में ही रुक गई है। प्रशांत ने इससे पहले ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा था, ‘‘उनका (स्वाति का) मोबाइल अब भी बज रहा है, लेकिन वह हमारी फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं। हम उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं।’’परिवार ने स्वाति का पता लगाने में मदद के लिए नेपाल स्थित कनाडाई और भारतीय दूतावासों से संपर्क किया है। प्रशांत ने बताया कि स्वाति के फोन की ‘लोकेशन’ से चीन की सीमा के पास किसी स्थान पर गतिविधि होने का संकेत मिला था, लेकिन नंबर टोरंटो में पंजीकृत होने के कारण फोन को ‘ट्रैक’ करना मुश्किल साबित हुआ। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी परिवार से बात की थी और स्वाति की तलाश तेज करने के लिए राजनयिक एवं प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू किए। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को चट्टानों के खिसकने और हिमस्खलन के कारण अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। बाढ़ में मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा। नेपाल में इस आपदा में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 1,282 हो गई। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि रायसेन जिले के विशेष राजपूत और हिमांशु शाक्य की पहचान करने के लिए उनके परिजनों के डीएनए नमूने भी लिए जाएंगे। ये दोनों काम के सिलसिले में नेपाल गए थे। सिविल सर्जन डॉ. अनिल ओड ने बताया कि राजपूत के परिवार ने डीएनए जांच के लिए जिलाधिकारी से संपर्क किया है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद नमूने लेने और नियमानुसार प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। रायसेन के जिलाधिकारी अरुण कुमार विश्वकर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राजपूत और शाक्य के माता-पिता के नमूने लिए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि सुल्तानपुर तहसील के मंजूस कला गांव निवासी राजपूत और मंडीदीप निवासी शाक्य, रायसेन के पास मंडीदीप स्थित एंड्रिट्ज हाइड्रो प्राइवेट लिमिटेड के जरिये ऊपरी त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने के लिए नेपाल गए थे। जिला प्रशासन ने बताया कि मंडीदीप स्थित कंपनी के छह श्रमिक जलविद्युत परियोजना में काम करने के लिए नेपाल गए थे। करीब 48 घंटे बाद उनमें से चार से संपर्क हो गया था लेकिन राजपूत और शाक्य के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है। राजपूत के परिवार ने इससे पहले बताया था कि उन्होंने आपदा वाले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे अपनी दादी से फोन कॉल के जरिए बात की थी लेकिन इसके बाद उनसे संपर्क टूट गया। अधिकारियों ने बताया कि दोनों श्रमिकों के परिवार उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहे हैं और जिला प्रशासन उनके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए कंपनी के संपर्क में है।
'हमारी पार्टी में आएं...', बीजेपी की इस सहयोगी पार्टी ने मायावती के भतीजे आकाश को दिया ऑफर
मायावती द्वारा भतीजे आकाश आनंद को पदों से हटाए जाने के बाद यूपी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इस बीच कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आकाश आनंद को निषाद पार्टी में शामिल होने का खुला ऑफर देते हुए पूरे मान-सम्मान का भरोसा दिया है.
नकली सिगरेट फैक्टरी का खुलासा, भारी माल बरामद
मेरठ के हस्तिनापुर में पुलिस ने नकली ब्रांडेड सिगरेट बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया. छापेमारी में तैयार-अधबनी सिगरेट, कच्चा माल, पैकिंग सामग्री और मशीनें बरामद हुईं. पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है. वीडियो में जानें कैसे यूपी पुलिस ने किया भंडाफोड़.
मेलोनी ने तोड़े सारे रिकॉर्ड... PM मोदी ने सबसे लंबे कार्यकाल के लिए दी बधाई
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने देश के युद्ध के बाद के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड बना लिया है. इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. मेलोनी की सरकार ने सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 1,413 दिन पूरे किए.
Mahaprabhu Jagannath Review: कितनी दमदार है जगन्नाथ की कहानी?
‘महाप्रभु जगन्नाथ’ में भगवान जगन्नाथ और बलराम अहंकारी अहंमासुर से भक्तों को बचाने निकलते हैं. जानें कैसी है फिल्म और क्या यह ‘हनुमान अंश’ को टक्कर दे पाएगी. तमाम विवादों के बाद रिलीज हुई इस फिल्म से दर्शक कितना जुड़ पाएंगे आइये जानते हैं.
अंबानी की नई दुकान... कैम्पा, पानी, आइसक्रीम, हर एक माल 10 में
Mukesh Ambani की 10 रुपये वाली बिजनेस स्ट्रेटजी हिट साबित हुई है. पहले कैम्पा कोला ड्रिंक और उसके बाद इस प्राइस रेंज में बोतलबंद पानी से मार्केट में प्राइस वॉर छेड़ने के बाद उनकी कंपनी ने 10 रुपये की शुरुआती कीमत से आइसक्रीम लॉन्च की है.
'हरे कृष्ण महामंत्र का जाप...' 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले शख्स ने क्या बताया?
नेपाल में जल सैलाब थमने के बाद अब उन लोगों की कहानियां सामने आ रही हैं, जो जिंदगी और मौत की जद्दोजहद के बीच मौत को मात देकर बच निकले. ऐसी ही एक कहानी सामने आई है, जहां हालात में हर उम्मीद खत्म होती दिख रही थी, लेकिन जिंदगी ने आखिरी वक्त तक हार नहीं मानी और जीत आखिरकार जिंदगी की हुई.
बर्थडे पर इस क्रिकेटर ने लगाई उठक-बैठक, युवराज ने शेयर किया वीडियो
अभिषेक शर्मा के बर्थडे पर युवराज सिंह ने एक मजेदार वीडियो शेयर किया है, जिसमें युवा बल्लेबाज उठक-बैठक लगाते नजर आ रहे हैं. युवराज ने वीडियो के साथ अभिषेक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे इंसान बनने की तारीफ की है.
10 एयरबैग की सेफ्टी, फॉर्च्यूनर की दुश्मन... लॉन्च हुई KIA SUV
किआ अपनी फ्लैगशिप एसयूवी को भारत में लॉन्च कर दिया है. हम बात कर रहे हैं किआ सोरेंटो की, जो दमदार फीचर्स के साथ भारतीय बाजार में लॉन्च हो गई है. इस कार में डीजल इंजन और हाइब्रिड इंजन का विकल्प मिलेगा. ये अपने सेगमेंट की सबसे लंबी कार है, जिसकी लंबाई 4.8 मीटर है. आइए जानते हैं इस दमदार एसयूवी की खास बातें.
जॉर्जिया मेलोनी ने इटली में अपने नाम किया ऐतिहासिक रिकॉर्ड, PM मोदी ने भी बधाई
लगातार 1413 दिनों तक सरकार चलाने के बाद उनकी सरकार 1946 में इटली के गणराज्य बनने के बाद से सबसे लंबे समय तक निर्बाध रूप से सत्ता में रहने वाली सरकार बन गई है।
निकाय से राष्ट्रपति तक, लड़े 280 चुनाव... 97 साल के 'धरती पकड़' का निधन
भागलपुर के प्रतिष्ठित कारोबारी और धरती पकड़ नागरमल बाजोरिया ने अपने जीवन में कुल 280 चुनाव लड़े. इनमें नगर निकाय से लेकर राष्ट्रपति चुनाव तक शामिल हैं.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत अगस्त माह की पेंशन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। इस बार डीबीटी (DBT) के माध्यम से राज्य के ...
अखिलेश यादव के समर्थन से UP चुनाव लड़ेगी CJP, पार्टी ने बता दिया प्लान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीनों का समय बाकी है और राजधानी लखनऊ में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में हुई समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सीजेपी नेता आशुतोष रांका की बैठक को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है।
कौन था नकली कृष्ण? जिसने श्रीकृष्ण को युद्ध के लिए दी थी चुनौती
Krishna Janmashtami 2026: महाभारत में कई रहस्य छुपे हुए हैं. आज भी ऐसे कई रहस्य हैं जिन्हें जिन्हें बहुत कम ही लोग जानते होंगे. ऐसा ही एक रहस्य है नकली कृष्ण का. क्या आप जानते हैं कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के हमशक्ल भी था जो खुद को श्रीकृष्ण होने का दावा करता था. आखिर नकली श्रीकृष्ण कौन था. आइए जानते हैं.
MP पुलिस की चाल काम आई, पंचर की दुकान से पकड़ा हत्यारा!
सीधी की महिला पुलिसकर्मी सविता साकेत की हत्या के मामले में करीब एक साल से फरार पति वीरेंद्र साकेत को MP पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया. पुलिसकर्मी पंचर की दुकान के कर्मचारी बनकर आरोपी की निगरानी करते रहे और मौका मिलते ही उसे पकड़ लिया. वीडियो में जानें पुलिस ने कैसे किया ये सब प्लान.
13 सालों से मजदूरों के बच्चों को पढ़ाकर बना दिया 'काबिल'
दिल्ली के द्वारका के बालाजी पार्क में नमिता चौधरी 13 वर्षों से प्रवासी मजदूरों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही हैं. नमिता की पहल से अब 200 से अधिक बच्चे और 100 से ज्यादा महिलाएं फायदा उठा चुके हैं. यहां न केवल पढ़ाई होती है, बल्कि ड्राइंग, स्पोकेन इंग्लिश और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को निखारा जाता है. यहां के कई पूर्व छात्र भी अब शिक्षक बन चुके हैं.
बिलॉन्गिंग: पेंगुइन इंडिया के इनकार के बाद ये प्रकाशक छापेगा सोनिया गांधी की आत्मकथा, 10 नवंबर से शुरू होगी बिक्री
महाराष्ट्र में लैंडस्लाइड के बाद 15-20 गांवों का रत्नागिरी से संपर्क टूटा
महाराष्ट्र के रत्नागिरी में रत्नागिरी और सतारा को जोड़ने वाले रघुवीर घाट में गुरुवार रात भूस्खलन के बाद सड़क का हिस्सा धंस गया और दोनों तरफ का यातायात बंद हो गया. इससे सतारा के 15-20 गांवों का रत्नागिरी से संपर्क टूट गया, अकल्पे-खेड़ एसटी बस फंस गई और प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की.
इसरो की जबर्दस्त उपलब्धि ,ईओएस-05 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में पहुंचाया
श्रीहरिकोटा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल करते हुए शुक्रवार तड़के जीएसएलवी-एफ 17 राकेट के जरिए ईओएस-05 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसरो ने शुक्रवार तड़के 2:55 बजे ईओएस-05 सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ 17 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में […] The post इसरो की जबर्दस्त उपलब्धि ,ईओएस-05 उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में पहुंचाया appeared first on Sabguru News .
टीचर्स और छात्राओं के वीडियो अश्लील बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहा था युवक, खुल गई पोल
टीचर्स-छात्राओं की तस्वीरों और वीडियो में छेड़छाड़ करके अश्लील कंटेट बनाने और उसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड करने के मामले में एक छात्र को पकड़ा गया है। जानें ये पूरा मामला क्या है।
आ गया दुनिया का सबसे पावरफुल AI GPT-6 Astra
OpenAI ने अपना सबसे पावरफुल AI मॉडल GPT 6 Astra को लॉन्च कर दिया है. साथ ही कंपनी ने बताया है कि यह अब तक का सबसे पावरफुल AI मॉडल है. साथ ही ChatGPT मेकर का दावा है कि Astra सबसे अच्छा है और यह AGI ERA की शुरुआत है.
ऑपरेशन कायाकल्प से बदल रही है यूपी के सरकारी स्कूलों की तस्वीर
ऑपरेशन कायाकल्प अब बुनियादी सुविधाओं में बड़े बदलाव का जरिया बन रहा है. स्कूलों में भवन, शौचालय, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि बच्चों को बेहतर और सुरक्षित सीखने का माहौल मिल सके.
Kochi में एक करोड़ रुपये से अधिक का MDMA जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
कोच्चि, चार सितंबर पुलिस ने शुक्रवार को यहां दो व्यक्तियों को उनके घरों और वाहनों की तलाशी के दौरान दो किलोग्राम से ज्यादा एमडीएमए जब्त किए जाने के बाद गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त मादक पदार्थ की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है। अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान मट्टनचेरी निवासी टी ए शफीर (33) और नौफल (36) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई जिला मादक पदार्थ रोधी विशेष कार्य बल द्वारा चलाए गए एक अभियान के दौरान की गई। अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले चालिकावट्टम में शफीर के पास से कम मात्रा में एमडीएमए जब्त कर उसे गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि शफीर से पूछताछ के दौरान नौफल के कथित तौर पर मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने दोनों के घरों और कारों की तलाशी ली, जहां से दो किलोग्राम से ज्यादा एमडीएमए बरामद किया गया। पुलिस को संदेह है कि नौफल ने नयी दिल्ली से मादक पदार्थ खरीदा था और दोनों उसे कोच्चि में ऊंची कीमत पर बेच रहे थे। पुलिस के मुताबिक, नौफल पहले भी मादक पदार्थों की बिक्री और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
भारतीय वायुसेना ने करने जा रही 17 दिन का अभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान बढ़ा दी निगरानी
वैभव-ईशान-तिलक खेलेंगे या नहीं? जानें क्यों अटका फैसला
दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा के खेलने पर सस्पेंस है. 6 सितंबर से चेन्नई में होने वाले फाइनल से पहले तीनों की उपलब्धता का फैसला गौतम गंभीर करेंगे. वहीं राहुल, पडिक्कल और सिराज के खेलने की संभावना है. इस बीच BCCI मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और मोहसिन खान को एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम के ट्रेनिंग कैंप के लिए नेट बॉलर्स के तौर पर जापान भेजने की तैयारी कर रहा है.
पैकेट की Expiry डेट मिटा नए लेबल चिपकाए, यूं चल रहा था बड़ा खेल
मुंबई के नवी मुंबई स्थित एक गोदाम पर FDA की कार्रवाई में Maggi, Lay’s और Kurkure समेत कई फूड प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट मिटाकर नई तारीख लगाने का मामला सामने आया. अधिकारियों के मुताबिक, सामान को विदेश भेजने की तैयारी थी.
सोनिया गांधी की किताब को मिल गया प्रकाशक, भारत में हर्परकॉलिन्स छापेगा; पेंगुइन ने किया था इनकार
सोनिया गांधी का कहना था यह उनके जीवन की कहानी है और वे इसमें ऐसा कोई संशोधन नहीं चाहतीं जिससे तथ्यों या उनके दृष्टिकोण का रूप बिगड़े। इसके बाद पेंगुइन इंडिया के साथ डील रद्द हो गई।
एक हादसा और उजड़ गया परिवार: महाराष्ट्र में 80 फीट ऊंचे बुर्ज से गिरे चार लोग, मां और दो बच्चों ने तोड़ा दम Four people fell from an 80-foot-high tower in Maharashtra; a mother and her two children lost their lives.
नेपाल बाढ़ के 9 दिन बाद चमत्कार, त्रिशूली हाइड्रोपावर सुरंग से जिंदा निकले 2 मजदूर
नेपाल में बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बचाया गया। अन्य मजदूरों की आवाजें भी सुनाई दी हैं।
नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर
नेपाल में आए भीषण बाढ़ के 9 दिन बाद त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग के मलबे से 2 जिंदगियां बाहर निकली। इस रेस्क्यू ऑपरेशन से सुरंग में और भी लोगों के जिंदा होने की उम्मीद बंधी है। इसके बाद बचाव अभियान को और तेज कर दिया गया है।
एअर इंडिया फुकेट-दिल्ली फ्लाइट का पायलट नशे में था: एएआईबी की जांच में पुष्टि, एक झटके में 300 फीट नीचे आया था
मेट्रो की तरह प्लेटफॉर्म के लेवल में क्यों नहीं होती रेलवे की ट्रेन?
रेलवे अब यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हाई लेवल प्लेटफॉर्म बनाने पर जोर दे रहा है. साथ ही चलती ट्रेन में चढ़ने-उतरने से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और अनाउंसमेंट भी किए जाते हैं.
अब मुंबई में दिल्ली जैसा कांड, स्कूल बस के 'ड्राइवर अंकल' ने 3 साल की छात्रा से की दरिंदगी
नवी मुंबई में स्कूल बस से घर लौट रही 3 साल की बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने 30 वर्षीय बस ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। बच्ची के बस में अकेले रह जाने के बाद घटना होने का आरोप है।
Priyanka Chopra पेरिस में LVMH Prize समारोह में Karl Lagerfeld पुरस्कार सौंपेंगी
मुंबई, चार सितंबर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस को 2026 एलवीएमएच प्राइज के अंतिम चरण के लिए एंबेसडर बनाया गया है। वह फ्रांस के पेरिस में होने वाले इस समारोह में प्रतिष्ठित कार्ल लेगरफेल्ड पुरस्कार प्रदान करेंगी। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डियोर की एंबेसडर प्रियंका, फॉन्डेशन लुई वितॉ में आयोजित होने वाले इस समारोह में डियोर की अपनी साथी एंबेसडर जेनिफर लॉरेंस और लुई वितॉ ब्रांड का प्रमुख चेहरा बन गईं थाई अभिनेत्री उरासया याया स्पर्बंड के साथ बतौर पुरस्कार प्रस्तुतकर्ताओं के रूप में शामिल होंगी। एलवीएमएच प्राइज के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज एक पोस्ट में कहा गया, ‘‘हमें इस वर्ष के एलवीएमएच प्राइज के अंतिम चरण में एक एंबेसडर के तौर पर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है।’’अभिनेत्री प्रियंका कार्ल लेगरफेल्ड पुरस्कार प्रदान करेंगी, जिसके तहत दो लाख यूरो (एक यूरो = 109.87 रुपये) की राशि दी जाती है और एक वर्ष का मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका दिया जाता है। लॉरेंस चार लाख यूरो का मुख्य पुरस्कार प्रदान करेंगी, जबकि स्पर्बंड सैवोयर-फेयर पुरस्कार देंगी। एलवीएमएच प्राइज उभरती हुई फैशन प्रतिभाओं को सम्मानित करता है। इस वर्ष के समारोह में नौ डिजाइनर तीन पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
सीजेपी कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में संजय कुमार आजाद से कथित मारपीट के मामले में दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक पुराने विवाद ने एक बार फिर सियासी रंग पकड़ लिया है। मामला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रद

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