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अब भी भूख हड़ताल पर देवेंद्र महतो, चार प्रदर्शनकारी भी भर्ती

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन स्वास्थ्य संकट की ओर बढ़ रहा है. देवेंद्र नाथ महतो 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी इसे जारी रखे हुए हैं.

आज तक 12 Aug 2026 6:02 pm

सरकार चर्चा को तैयार, लेकिन विपक्ष भाग रहा है; रिजिजू का कांग्रेस पर हमला

मॉनसून सत्र के समापन से ठीक एक दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे गए पत्र पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए रिजिजू ने स्थिति स्पष्ट की।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 6:00 pm

सूर्य ग्रहण के बाद अपनी राशि में आएंगे सूर्य, 4 राशियों के चमकेंगे दिन

Surya Gochar 2026: सूर्य ग्रहण के ठीक बाद अपनी ही राशि में प्रवेश करेंगे सूर्य! जानिए किन 4 भाग्यशाली राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन और किसे मिलेगा छप्पर फाड़ लाभ.

आज तक 12 Aug 2026 5:55 pm

कैंसर मरीजों का रिकॉर्ड रखना क्यों जरूरी? इससे क्या फायदा है

सुप्रीम कोर्ट ने 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को कैंसर को अनिवार्य रिपोर्टिंग बीमारी में शामिल करने का आदेश दिया है. देश में केवल 17 राज्यों में ही कैंसर की अनिवार्य रिपोर्टिंग होती है.

आज तक 12 Aug 2026 5:52 pm

अमेरिकी कोर्ट से आपराधिक मामला खारिज होने के बाद बोले अदाणी, 'सच्चाई को शोर की नहीं, सिर्फ समय की जरूरत'

अमेरिकी अदालत द्वारा न्याय विभाग (Department of Justice - DoJ) के आपराधिक मामले को खारिज किए जाने के कुछ दिनों बाद, अदाणी ग्रुप के चेय

वन इंडिया 12 Aug 2026 5:50 pm

9 दिन की बारिश के बाद मनीला की नदी में 'कचरे का सैलाब'

आसमान से बरसी 9 दिन की बारिश ने मनीला की नदी में कचरे का ढेर लगा दिया. अब पानी के अंदर उतरकर सफाई हो रही है. भारी बारिश ने उत्तरी फिलीपींस में बाढ़ और लैंडस्लाइड बढ़ाए, जिनमें 16 लोगों की जान गई.

आज तक 12 Aug 2026 5:48 pm

'Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Jinnah True Heir:

वन इंडिया 12 Aug 2026 5:47 pm

ग्रामीणों की मदद को आगे आए बच्चे, बांस से बनाया ऐसे पुल

बिहार के बगहा में नदी का रास्ता क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ गई थी. महिलाओं और बच्चों की परेशानी देखकर कुछ बच्चों ने बांस-लकड़ियों से चचरी पुल बना दिया. कांग्रेस नेता जय सिंह ने बच्चों को सम्मानित किया. ग्रामीण अब स्थायी पुल की मांग कर रहे हैं. वीडियो में जानें पूरा मामला.

आज तक 12 Aug 2026 5:47 pm

फिर चमकी बाबर आजम की किस्मत! 2 साल बाद हुआ ये करिश्मा

पाकिस्तान की कप्तानी दोबारा मिलने के बाद बाबर आजम एक बार फिर बल्ले से रन बरसा रहे हैं. वेस्टइंडीज दौरे पर शानदार बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब अपने नाम किया.

आज तक 12 Aug 2026 5:45 pm

जेन-जी, जरा ठहरकर सोचो : नौकरी की लड़ाई में न्याय चाहिए या पूरी व्यवस्था का विध्वंस?

नौकरी की लड़ाई में न्याय चाहिए या पूरी व्यवस्था का विध्वंस The post जेन-जी,जरा ठहरकर सोचो : नौकरी की लड़ाई में न्याय चाहिए या पूरी व्यवस्था का विध्वंस? appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 12 Aug 2026 5:44 pm

Bigg Boss 20 Trailer: '

Bigg Boss 20 Trailer Out:

वन इंडिया 12 Aug 2026 5:42 pm

14 साल, 16,000 करोड़ खर्च... पहली ही बारिश में धुला मुंबई-गोवा हाईवे

मुंबई-गोवा नेशनल हाईवे (NH-66) की हालत गंभीर रूप से खराब हो गई है, जबकि इस पर 16,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. बारिश के बाद गड्ढे उभर आए हैं और कई जगह सड़क चौड़ीकरण, पुल और बाईपास का काम अधूरा पड़ा है. मई में टोल वसूली शुरू हो गई है, जिससे जनता में भारी गुस्सा है.

आज तक 12 Aug 2026 5:41 pm

रुकिए तुकाराम मुंडे! शुद्ध खाना खिलाकर भारतीयों की सेहत मत बिगाड़िए

यह पूरी तरह से प्रमाणित और निर्विवाद सच है कि भारतीय किसी भी कॉकरोच से कहीं ज़्यादा कठोर और प्रतिरोधी होते हैं हम किसी भी प्रलय या जहरीले माहौल में हंसते-हंसते जिदा रह सकते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 5:40 pm

निकिता रावल को फैन ने किया जबरन Kiss, अब एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी

एक महिला फैन द्वारा अचानक होंठों पर किस करने का वीडियो वायरल होने के बाद, निकिता रावल ने उन्हें सपोर्ट करने के लिए फैन्स का शुक्रिया अदा किया. इस घटना के बाद एक्ट्रेस काफी असहज दिखीं.

आज तक 12 Aug 2026 5:37 pm

Electric Scooter : महंगे पेट्रोल से मिलेगा छुटकारा, बाजार में आया सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, 3kWh बैटरी और USB पोर्ट

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए कंपनियां नए-नए इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में उतार रही हैं। अब BGauss ने भारतीय बाजार में अपना नया इलेक्ट्रिक स्कूटर Oowah लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे खास तौर पर ...

वेब दुनिया 12 Aug 2026 5:37 pm

हरिद्वार में कांवड़िये छोड़ गए 7 हजार टन कूड़ा, अब सफाई में जुटे 1,000 कर्मचारी

हरिद्वार में कांवड़ मेला खत्म होने के बाद करीब 7 हजार मीट्रिक टन कूड़ा जमा हुआ है. इसे हटाने के लिए 1,000 अतिरिक्त कर्मचारी और 80 से ज्यादा वाहन सफाई में लगाए गए हैं.

आज तक 12 Aug 2026 5:36 pm

इस्तीफे के बावजूद जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, मिलेंगे 2 सवालों के जवाब?

जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड की संसदीय जांच समिति ने बड़ी रकम की मौजूदगी और जांच में पुलिस की चूक को गंभीर बताया है. समिति ने तीन आरोप सही पाए हैं और शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाने की सिफारिश की है.

आज तक 12 Aug 2026 5:36 pm

कहां से आए थे 500-500 के करंसी नोट? जांच समिति के सामने क्या बोले जस्टिस यशवंत वर्मा, दो सवाल रहे अनसुलझे

जांच समिति ने कहा कि जस्टिस वर्मा के जवाब में स्पष्टता, पारदर्शिता और संस्थागत जिम्मेदारी का भाव नहीं दिखा। समिति ने यह भी कहा कि घटनास्थल से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित या संरक्षित नहीं किए गए और स्टोर रूम में कुछ फेरबदल किया गया था।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 5:35 pm

संसदीय लोकतंत्र का अपमान! Kiren Rijiju बोले- चर्चा से भाग रहा विपक्ष

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि वे अपनी ज़िंदगी में पहली बार पूरी तरह से निराश महसूस कर रहे हैं। वे एक ऐसी स्थिति देख रहे हैं जहाँ सरकार संसद में चर्चा करना चाहती है, लेकिन विपक्ष उससे भाग रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की कल्पना करना भी मुश्किल है, क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष ही चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है। उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से परेशान हूँ। अपनी ज़िंदगी में पहली बार मैं ऐसा नज़ारा देख रहा हूँ जहाँ सरकार संसद में चर्चा करना चाहती है, लेकिन विपक्ष उससे भाग रहा है। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी उन्होंने कहा कि इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है, क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष ही चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है। लेकिन यहाँ, सरकार खुद कह रही है कि हम चर्चा करेंगे और जवाब देंगे, फिर भी विपक्ष सुनने को तैयार नहीं है। क्या आप ऐसी स्थिति की कल्पना कर सकते हैं? किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है क्योंकि उन्होंने बार-बार इस मामले पर चर्चा करने की इच्छा जताई है, फिर भी विपक्ष सहमत होने से इनकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि नतीजतन, गृह मंत्री को एक और पत्र लिखना पड़ा; गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर फिर से कहा कि हम खुली, व्यापक और विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं और उनसे विपक्ष के नेताओं को इसके लिए मनाने का आग्रह किया। क्या आपने कभी ऐसी कोई बात सुनी है? सरकार खुद अध्यक्ष से गंभीरता से अनुरोध कर रही है कि वे विपक्ष को चर्चा में भाग लेने के लिए मनाएं। आज भी, हमने बार-बार विपक्ष से तुरंत चर्चा शुरू करने का आग्रह किया, लेकिन उनमें हिम्मत की कमी है। यह देश के लिए अच्छा नहीं है। रिजिजू ने यह भी पूछा कि अगर चर्चा ही नहीं होगी तो संसद कैसे काम करेगी और कहा कि अगर विपक्ष सुनना ही नहीं चाहता तो सरकार संसद में अपनी बात नहीं रख सकती और न ही जवाब दे सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्लेकार्ड दिखाना, नारे लगाना और यहाँ तक कि अपशब्द कहना भी आम बात बना दिया है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सांसदों को शायद लगता है कि उनका एकमात्र काम नारे लगाना, प्लेकार्ड दिखाना और लोगों को अपशब्द कहना है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भूल गए हैं कि संसद बहस और चर्चा के लिए होती है। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के रूप में जिन्ना का पुनर्जन्म हुआ है: निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता पर तीखा वार उन्होंने आगे कहा कि कल सत्र का आखिरी दिन है और हमने आज भी उनसे अपील की है। मैं बहुत भारी और दुखी मन से यह कह रहा हूँ: मैं सचमुच निराश हूँ कि विपक्ष संसद में बहस से भाग रहा है। यह सोचना भी मुश्किल है और समझ से परे है कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष बहस से भाग रहा है, जबकि सरकार पूरी चर्चा पर जोर दे रही है और जवाब देने के लिए भी तैयार है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 5:34 pm

2025 में लगी नौकरी, 2026 में सस्पेंड! यूपी के 3 सिपाहियों पर एक्शन

गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मरदह टोल प्लाजा पर अवैध वसूली करने और रील बनाने के आरोप में तीन नए सिपाहियों- अजय सिंह, युवराज सिंह और दीपू कुशवाहा- को निलंबित कर दिया गया है. एसपी डॉ. ईरज राजा ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पुलिस लाइन से अटैच कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं.

आज तक 12 Aug 2026 5:34 pm

रूस से तेल आयात पर 100% टैरिफ के खतरे के बीच वाइट हाउस का बड़ा बयान: ट्रंप और मोदी आपस में सुलझा लेंगे मुद्दा

वाइट हाउस के एक वरिष्ठ सलाहकार ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी शुल्क की धमकी से उत्पन्न हुए किसी भी विवाद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपस में बहुत आसानी से सुलझा लेंगे। वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की यह महत्वपूर्ण टिप्पणी अमेरिकी सीनेट द्वारा एक नए विधेयक को पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। इस कड़े विधेयक के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल के शीर्ष पांच खरीददारों पर 100 फीसदी तक का भारी-भरकम शुल्क लगाने का विशेष अधिकार दिया गया है, जिसमें यह दलील दी गई है कि इस प्रकार का व्यापार प्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को आर्थिक मदद पहुंचा रहा है।क्या बोले अमेरिकी व्यापार सलाहकार पीटर नवारो?इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए पीटर नवारो ने कहा कि वर्ष 2022 में यूक्रेन युद्ध की शुरुआत होने से पहले भारत रूस के साथ बड़े पैमाने पर तेल व्यापार में शामिल नहीं था, लेकिन बाद की परिस्थितियों में यह आयात शुरू हुआ। नवारो ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री के बीच बेहद मजबूत और अच्छे कामकाजी संबंध हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों शीर्ष नेता इस मुद्दे का समाधान आपस में बैठकर निकाल लेंगे और उनके बीच में आने या हस्तक्षेप करने की कोई आवश्यकता नहीं है।गौरतलब है कि पश्चिमी देशों के तमाम कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, भारतीय रिफाइनरी कंपनियों द्वारा रूस से निरंतर खरीद जारी रखने के कारण भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात लगातार दूसरे महीने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में शोध संस्थान ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (CREA) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि भारतीय खरीदारों ने जुलाई के महीने में रूस से 5.5 अरब यूरो मूल्य का कच्चा तेल आयात किया, जो जून की तुलना में मात्रा के आधार पर 2.1 प्रतिशत अधिक था और इस दौरान कुल ईंधन आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 87 फीसदी दर्ज की गई।अमेरिकी सीनेट में पास हुआ कड़ा विधेयकयह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब अमेरिकी सीनेट ने रूस और उसके पेट्रोलियम उत्पादों के चीन और भारत जैसे प्रमुख खरीदार देशों को दंडित करने के उद्देश्य से लाए गए एक अहम विधेयक को भारी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी। सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस विधेयक को 11 के मुकाबले 86 मतों से पास किया। इस कानून के तहत अमेरिका के राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस का सबसे अधिक आयात करने वाले शीर्ष पांच देशों—चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया—से आने वाले सामानों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने की शक्ति मिलती है।इस द्विदलीय विधेयक को दिवंगत रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने मिलकर प्रस्तावित किया था। ग्राहम के निधन के बाद उनकी सीट से चुनी गई उनकी बहन डारलाइन ग्राहम ने कहा कि यह विधेयक रूस की अर्थव्यवस्था को परोक्ष रूप से सहारा देने वाले प्रमुख देशों को एक कड़ा विकल्प चुनने के लिए मजबूर करता है—या तो अमेरिका के साथ व्यापार करें या फिर सस्ती रूसी ऊर्जा का विकल्प चुनें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:34 pm

'इमरान खान अब नहीं रहे' पत्रकार के दावे से पाकिस्तान की राजनीति में भूचाल, अदियाला जेल की खबरों ने बढ़ाई हलचल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर सनसनी फैल गई है। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान के निधन से जुड़ी कुछ असत्यापित खबरों और सोशल मीडिया की तेज अफवाहों ने पाकिस्तान की सियासत में भूचाल ला दिया है। परिवार, पार्टी नेताओं और विदेशी मीडिया में चल रही इन चर्चाओं के बीच देश के भीतर तनाव का माहौल गहराता जा रहा है।पाकिस्तानी पत्रकार के दावे से मची खलबलीइन तमाम अफवाहों और अटकलों को तूल तब मिला जब अमेरिका में रह रहे एक जाने-माने पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने रावलपिंडी स्थित पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय (GHQ) के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के हवाले से यह आशंका जताई कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अब इस दुनिया में नहीं हैं। पत्रकार ने दावा किया कि शायद यही वजह है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर इस बात को पूरे देश से छिपा रहे हैं। हालांकि, पत्रकार ने खुद इस बात को स्वीकार किया था कि यह पूरी जानकारी असत्यापित है और किसी भी आधिकारिक सूत्र ने इसे अपनी आंखों से नहीं देखा है, बल्कि यह सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर आधारित आशंका है।पीटीआई नेताओं और परिवार का गंभीर आरोपइन तमाम सनसनीखेज दावों के सामने आने के बाद पीटीआई पार्टी के नेताओं और इमरान खान की बहनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका मुख्य आरोप है कि पिछले कई दिनों से उन्हें अदियाला जेल में पूर्व पीएम से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पार्टी ने पुरजोर मांग की है कि इमरान खान का तुरंत स्वतंत्र डॉक्टरों से मेडिकल चेकअप कराया जाए तथा उनके परिवार और वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए। आपको बता दें कि इससे पहले नवंबर 2025 में भी इस तरह की अफवाहें उड़ी थीं, जिसके बाद दिसंबर 2025 में उनकी बहन उजमा खानम ने जेल में मिलकर उनकी सलामती की पुष्टि की थी, लेकिन उन्हें लगातार एकांत कारावास में रखे जाने की बात सामने आती रही है।27 सितंबर को 'इस्लामाबाद लॉन्ग मार्च' का ऐलान और अमेरिकी दबावइमरान खान की सेहत को लेकर मचे इस घमासान के बीच पीटीआई ने शाहबाज शरीफ सरकार और सेना के खिलाफ सड़कों पर उतरने की बड़ी तैयारी कर ली है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पार्टी नेता सोहेल अफरीदी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि देश का युवा वर्ग बेहद आक्रोशित है और आगामी 27 सितंबर 2026 को इस्लामाबाद की तरफ एक बड़ा 'लॉन्ग मार्च' निकाला जाएगा जिसमें 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरेंगे।दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी कांग्रेस के 13 द्विदलीय सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस्लामाबाद सरकार के साथ बातचीत में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की जेल की अमानवीय स्थितियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाएं। पत्र में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत की उन चेतावनियों का भी हवाला दिया गया है जिनमें इमरान के लंबे एकांत कारावास और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:32 pm

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: सभी भक्तों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा? सुप्रीम कोर्ट ने मामला हाईकोर्ट वापस भेजने के दिए संकेत

देश की राजधानी नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा के चर्चित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े एक अहम कानूनी पेंच पर सुनवाई की है। बुधवार को सर्वोच्च अदालत ने संकेत दिया कि सभी कृष्ण भक्तों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इस महत्वपूर्ण मुद्दे से जुड़ी याचिका को वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट के पास भेजा जा सकता है। शीर्ष अदालत ने इस बात पर खास तौर पर गौर किया कि हाईकोर्ट ने अन्य हिंदू पक्षों को नोटिस जारी किए बिना ही अचानक एक पक्ष को सभी श्रद्धालुओं का आधिकारिक प्रतिनिधि मान लिया था।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि संबंधित आवेदन मूल रूप से किसी अन्य विषय के लिए दायर किया गया था और इसमें सभी संबंधित वादियों को नोटिस तक जारी नहीं किया गया था। इसी प्रक्रियागत खामी को देखते हुए अदालत ने इस मामले को नए सिरे से विचार के लिए वापस हाईकोर्ट भेजने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई के लिए आगामी 2 सितंबर की तारीख तय कर दी है।सुनवाई के दौरान अदालत को वकीलों की ओर से यह भी अवगत कराया गया कि मुख्य याचिकाकर्ता के चयन और प्रतिनिधित्व को लेकर विभिन्न हिंदू पक्षों के बीच आपस में अनौपचारिक बातचीत चल रही है। कुछ हिंदू पक्षों की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने भी शीर्ष अदालत से यह अनुरोध किया कि इस संवेदनशील मुद्दे पर नए सिरे से विधिवत फैसला लेने के लिए मामले को वापस हाईकोर्ट के पास भेज दिया जाए।क्या है पूरा विवाद और हाईकोर्ट का आदेश?यह पूरी कानूनी लड़ाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जा रही है, जिसमें एक विशेष हिंदू पक्ष को तमाम भगवान कृष्ण भक्तों का एकमात्र प्रतिनिधि मान लिया गया था। हाईकोर्ट ने वाद संख्या 17 (2023) के वादी द्वारा प्रस्तुत आवेदन को स्वीकार करते हुए इसे अन्य सभी पेंडिंग याचिकाओं का मुख्य प्रतिनिधि मामला घोषित कर दिया था और यह निर्देश दिया था कि इसी की सुनवाई सबसे पहले की जाएगी।दूसरी ओर, पीड़ित हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में यह तर्क रखा कि मथुरा की स्थानीय अदालत से जब सभी सिविल मुकदमे हाईकोर्ट ट्रांसफर किए गए थे, तब उनके अपने मामले को मुख्य केस के रूप में देखा जा रहा था। उनका आरोप है कि हाईकोर्ट ने प्रक्रियागत अनदेखी करते हुए दूसरे पक्ष को सभी श्रद्धालुओं का प्रतिनिधि मानकर भूल की है।मथुरा ईदगाह विवाद का पूरा घटनाक्रमयह पूरा ऐतिहासिक और धार्मिक विवाद मथुरा में स्थित शाही ईदगाह मस्जिद और श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़ा हुआ है। हिंदू पक्ष का यह दावा है कि मुगल शासक औरंगजेब ने भगवान कृष्ण के पावन जन्मस्थान पर बने प्राचीन मंदिर को बलपूर्वक ध्वस्त कर इस मस्जिद का निर्माण कराया था। इस मालिकाना हक और मुक्ति के दावे को लेकर मथुरा की निचली अदालत में 20 से अधिक अलग-अलग सिविल याचिकाएं दायर की गई थीं, जिन्हें बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया गया था।फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मस्जिद समिति और विभिन्न हिंदू पक्षों की ओर से कई याचिकाएं लंबित हैं। इसमें वह चर्चित 26 मई 2023 का आदेश भी शामिल है जिसके जरिए सभी मामलों को मथुरा कोर्ट से हाईकोर्ट ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 16 जनवरी 2024 को हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी थी जिसमें शाही ईदगाह परिसर का कोर्ट-कमिश्नर के जरिए सर्वे कराने की मंजूरी दी गई थी। अब 2 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर देश भर के श्रद्धालुओं की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:30 pm

राज्यसभा में 'लुंगीवाला' टिप्पणी पर हंगामा: जॉन ब्रिटास और सुष्मिता देव आमने-सामने, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी

देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित संसद भवन के उच्च सदन यानी राज्यसभा में बुधवार को उस समय भारी हंगामा देखने को मिला जब पहनावे को लेकर की गई एक टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के सांसद जॉन ब्रिटास और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद सुष्मिता देव के बीच 'लुंगीवाला' टिप्पणी को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। इस विवाद ने तूल तब पकड़ा जब सीपीएम नेता जॉन ब्रिटास ने बीजेपी सांसद के खिलाफ विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का औपचारिक नोटिस दर्ज करा दिया।क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?यह पूरा घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सोमवार को सदन में जब वे अपने विधायी प्रस्ताव को पेश कर रहे थे, तब सत्ता पक्ष की एक सदस्य ने उनके पहनावे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें बार-बार 'लुंगीवाला' कहकर संबोधित किया। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जॉन ब्रिटास ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें एक भारतीय, दक्षिण भारतीय और विशेष रूप से मलयाली होने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी भाषा, संस्कृति, खान-पान और अपने पारंपरिक पहनावे से बेहद प्रेम है।ब्रिटास ने सदन में नाम लेते हुए आरोप लगाया कि एक सम्मानित सदस्य ने सदन के भीतर उनकी जिम्मेदारी के दौरान उन्हें परेशान किया और उनके परिधान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि वैचारिक बहस और राजनीतिक मतभेद सदन का हिस्सा हैं, लेकिन किसी सांसद को इस तरह से 'लुंगीवाला' कहकर पुकारना पूरी तरह से अशोभनीय है।बीजेपी सांसद सुष्मिता देव ने आरोपों को नकारादूसरी ओर, बीजेपी सांसद सुष्मिता देव ने जॉन ब्रिटास द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने और न ही सदन के किसी अन्य सदस्य ने किसी भी राज्य या क्षेत्र के पहनावे के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी की है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस गलतफहमी को दूर करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जॉन ब्रिटास से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस बीच, सदन में बढ़ते तनाव को देखते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने प्रस्ताव रखा कि दोनों सांसद इस गलतफहमी को दूर करने के लिए उनके कक्ष में बैठकर बातचीत कर सकते हैं।सभापति सीपी राधाकृष्णन ने दी कड़ी नसीहतसदन में गरिमा बनाए रखने के लिए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कड़ा रुख अपनाया और सभी माननीय सदस्यों को संयम बरतने की सलाह दी। सभापति ने कहा कि उन्होंने कुछ ऐसी घटनाएं देखी हैं जहां सदस्यों ने सदन में भाषण के दौरान दूसरे सदस्यों पर अभद्र और अशिष्ट टिप्पणियां की हैं। उन्होंने सभी सदस्यों को आगाह किया कि वे ऐसी किसी भी बात से बचें जिससे सह-सदस्यों की भावनाएं आहत हों।सभापति सीपी राधाकृष्णन ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति बेहद अनूठी है जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों की क्षेत्रीय संस्कृतियां समाहित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारे सहयोगियों की सांस्कृतिक परंपराओं और क्षेत्रीय पहचान का कभी भी अनादर नहीं किया जाना चाहिए। सभापति ने अंत में यह भी आमंत्रित किया कि यदि किसी भी सदस्य को कोई शिकायत या बात रखनी है, तो वे उनके कक्ष में आकर चर्चा कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:28 pm

औरंगजेब ने अपनी ही बेटी को जेल में डाल दिया था, क्या थी वजह

औरंगजेब ने सिर्फ अपने पिता को ही कैद नहीं किया था. उसने अपनी बेटी को भी कैद में रखकर मार डाला था. चलिए जानते हैं कौन थी औरंगजेब की वो बेटी?

आज तक 12 Aug 2026 5:27 pm

जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड की जांच रिपोर्ट लोकसभा में पेश: साजिश के संकेत नहीं, लेकिन नकदी मिलना गंभीर मामला

देश की राजधानी नई दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक और न्यायिक खबर सामने आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से भारी मात्रा में संदिग्ध नकदी मिलने के बहुचर्चित मामलों की जांच करने वाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा के पटल पर रख दी गई। संसद के मॉनसून सत्र 2026 के समापन से ठीक एक दिन पहले पेश की गई इस रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि इस पूरे प्रकरण में फिलहाल किसी भी प्रकार की बाहरी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का पाया जाना कोई सामान्य बात नहीं है और इसे पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत तैयार की गई है रिपोर्टयह महत्वपूर्ण रिपोर्ट न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के निर्धारित प्रावधानों के तहत पूरी सतर्कता से तैयार की गई है। इसमें जांच की पूरी लंबी प्रक्रिया के दौरान दर्ज किए गए सभी मौखिक बयानों और पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों को शामिल किया गया है। मीडिया सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि जांच कार्यवाही के दौरान जस्टिस यशवंत वर्मा कई तीखे सवालों के स्पष्ट और सीधे जवाब देने से बचते हुए नजर आए। आपको बता दें कि इस तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसी साल मई के महीने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे इन गंभीर आरोपों की पारदर्शी जांच के लिए इस तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली इस उच्चस्तरीय समिति में बॉम्बे हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य को भी बतौर सदस्य शामिल किया गया था।क्या था पूरा विवाद और कैसे हुआ था कैश का खुलासा?यह पूरा सनसनीखेज मामला 14 मार्च 2025 की रात को उस समय प्रकाश में आया जब नई दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर अचानक भयंकर आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए जब दमकल विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो परिसर के एक स्टोर रूम की तलाशी के दौरान वहां से भारी मात्रा में अधजली और बिल्कुल सही सलामत नकदी बरामद हुई। घटना के वक्त जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में जज के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।इस घटना के बाद तूल पकड़े विवाद के चलते उन्हें उनके मूल कैडर यानी इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना द्वारा गठित एक आंतरिक न्यायिक समिति ने भी अपनी जांच में यह पाया था कि जिस स्टोर रूम से यह भारी नकदी बरामद हुई थी, उस पर जस्टिस वर्मा का ही सक्रिय या अप्रत्यक्ष नियंत्रण था।महाभियोग प्रस्ताव और आगे की प्रक्रियाजुलाई 2025 में संसद के 200 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर कर जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग चलाने का एक प्रस्ताव भी पेश किया था, जिसके परिणामस्वरूप इस वैधानिक समिति का गठन किया गया था। हालांकि, शुरुआत से ही जस्टिस वर्मा अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों का पुरजोर खंडन करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते आए हैं। अब लोकसभा में रिपोर्ट पेश होने के बाद इस मामले में आगे की विधायी और राजनीतिक हलचल तेज होने की पूरी संभावना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:24 pm

RBI के टारगेट से ऊपर पहुंची महंगाई, प्‍याज समेत ये चीजें हुईं महंगी

जुलाई में रिटेल महंगाई तेजी से बढ़ी है, जिसने आरबीआई के टारगेट से भी ऊपर चला गया है. यह महंगाई कई चीजों के अचानक दाम बढ़ने की वजह से हुई है, जिसमें प्‍याज, अदरक और लहसुन जैसी चीजें शामिल है.

आज तक 12 Aug 2026 5:23 pm

'अमेरिकी टेक कंपनियों का करो बहिष्कार' 100% टैरिफ लगाने पर RSS से जुड़ा संगठन भड़का

इसके साथ ही स्वदेशी जागरण मंच ने देश की जनता से अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार की अपील की है और भारत सरकार से अमेरिकी टेक और सोशल मीडिया दिग्गज कंपनियों पर एकतरफा प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 5:21 pm

CBSE कक्षा 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक

सीबीएसई की ओर से कक्षा 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. छात्र ऑफिशियल वेबसाइट के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 5:20 pm

ये एक गलती करने पर व्यापार में खूब नुकसान कराता है ग्रहण योग

सप्तम भाव व्यापारिक साझेदारी का भी प्रमुख भाव है. इसलिए यहां सूर्य-राहु का ग्रहण योग होने पर पार्टनरशिप में कारोबार शुरू करने से पहले विशेष सावधानी बरतने की जरूरत मानी जाती है. साझेदार के साथ अधिकारों, जिम्मेदारियों, पूंजी, लाभ के बंटवारे और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 5:18 pm

जेवर में जलभराव पर सियासत तेज, विधायक धीरेन्द्र सिंह बोले- जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें सिर्फ गड्ढे नजर आते हैं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट पार्किंग स्थल पर बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि जिन्हें जेवर का अभूतपूर्व विकास नहीं दिखाई देता, उन्हें केवल गड्ढे और जलभराव नजर आ रहे ...

वेब दुनिया 12 Aug 2026 5:16 pm

अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, उनमें संसद आने की हिम्मत नहीं: राहुल गांधी का तीखा हमला

देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद भवन परिसर का सियासी पारा उस समय और अधिक चढ़ गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला। पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि गृह मंत्री पिछले 20 दिनों से सदन से नदारद हैं और उनमें छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई से जुड़े तीखे सवालों का सामना करने का साहस नहीं बचा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अमित शाह की मजबूत छवि का गुब्बारा अब पूरी तरह से फट चुका है।'संसद में आकर दें जवाब, भाषण सुनने में विपक्ष की कोई रुचि नहीं'राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी दल गृह मंत्री अमित शाह का लंबा-चौड़ा भाषण सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं रखते हैं। विपक्ष को केवल इस बात का स्पष्ट और सीधा जवाब चाहिए कि आखिर देश के छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई किसने और किसके इशारे पर की। उन्होंने आरोप लगाया कि गृह मंत्री को केवल अपनी राजनीतिक छवि की चिंता सता रही है, यही वजह है कि वे सदन में आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उनके घर के बाहर और काफिले में भारी सुरक्षा बल तैनात रहता है ताकि कोई आम युवा या छात्र उन तक अपनी बात न पहुंचा सके।'छात्रों पर गोली किसने चलाई, आदेश किसने दिया?'विपक्ष के नेता ने सरकार के सामने कुछ बेहद कड़े और सीधे सवाल रखते हुए पूछा कि आखिर हमारे देश के मासूम और युवाओं पर गोलियां किसने चलाईं। राहुल गांधी ने अपने बयानों में सिलसिलेवार सवाल उठाते हुए कहा:हमारे छात्रों पर गोली चलाने का आदेश आखिरकार किसने दिया था?किस अधिकारी या मंत्री के इशारे पर एक छात्र की आंखों की रोशनी छीनी गई?छात्र के कान में गोली किसने मारी और कीलों भरी लाठियों से युवाओं को बेरहमी से पीटने के निर्देश किसने दिए?उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि पूरी पुलिस व्यवस्था सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए इस अमानवीय हिंसा की पूरी नैतिक जिम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह की बनती है। राहुल गांधी ने मांग की कि यदि शाह ने यह आदेश दिया था तो उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए, और यदि आदेश उनके बिना दिया गया था तो भी वे अपनी प्रशासनिक अक्षमता के चलते पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं।झारखंड के मुद्दे पर भी बेबाकी से रखी अपनी बातजब पत्रकारों ने झारखंड में छात्रों के खिलाफ हुई हिंसा और इस मामले पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए जा रहे सवालों के बारे में पूछा, तो राहुल गांधी ने दो टूक जवाब दिया कि वे इस विषय पर बिल्कुल भी चुप नहीं हैं। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि वे देश के किसी भी कोने में छात्रों के खिलाफ होने वाली हिंसा को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। राहुल गांधी के इस आक्रामक तेवर ने संसद से लेकर सड़क तक की राजनीतिक सरगर्मी को कई गुना बढ़ा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:15 pm

जंतर-मंतर का सीजन 2 जल्द होगा शुरू: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान

देश की राजधानी नई दिल्ली में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बड़ा और चौंकाने वाला ऐलान किया। अपने तीखे तेवर और छात्र आंदोलनों के लिए चर्चा में रहने वाले अभिजीत दीपके ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए संकेत दिए कि 'जंतर-मंतर का सीजन 2' बेहद जल्द दर्शकों और समर्थકો के सामने आने वाला है।सोशल मीडिया पर मिल रही भारी डिमांड के बाद फैसलाअभिजीत दीपके ने अपने इस आगामी प्रोजेक्ट या आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर लगातार कई यूजर और समर्थक कमेंट कर रहे थे कि जंतर-मंतर का अगला सीजन कब आएगा। जनता और युवाओं की इस भारी डिमांड को ध्यान में रखते हुए ही उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन तमाम लोगों की जिज्ञासा को शांत करते हुए वे बहुत जल्द 'जंतर-मंतर सीजन 2' की शुरुआत करने जा रहे हैं।छात्र आंदोलनों और राजनीतिक चर्चाओं से सुर्खियों में रहे हैं दीपकेगौरतलब है कि इससे पहले भी अभिजीत दीपके और उनकी कॉकरोच जनता पार्टी ने छात्र आंदोलनों के जरिए अपनी एक अलग और मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई है। राजनीतिक गलियारों में उनके बयानों और रणनीतियों पर हमेशा से सबकी नजर रहती है। अब देखना यह होगा कि उनके द्वारा घोषित 'जंतर-मंतर का सीजन 2' किस नए मुद्दे या रूप में सामने आता है और इससे राजनीतिक पटल पर क्या नए समीकरण बनते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 5:13 pm

बारिश में हर जगह जम चुकी है काई? ये ट्रिक अपनाएं, चमकेगा कोना-कोना

House Cleaning Tricks: बारिश में क्या आपके घर में भी हर तरफ काई और सीलन लग गई है और पूरे घर में अजीब से महक भी आ रही है तो यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपकी इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 5:12 pm

जिला अस्पताल में BJP विधायक ने ऐसे लगाई रात में फटकार

UP के लखीमपुर खीरी में BJP विधायक योगेश वर्मा ने रात करीब 1 बजे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. व्यवस्थाओं को लेकर विधायक ने डॉक्टरों और स्टाफ को फटकार लगाई। विधायक ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. निरीक्षण का वीडियो वायरल है.

आज तक 12 Aug 2026 5:12 pm

अमित शाह की इमेज का गुब्बारा फट चुका है, संसद आने की हिम्मत नहीं: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने बुधवार को संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि विपक्ष को शाह का भाषण नहीं, बल्कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के सवालों के जवाब चाहिए। उन्हें संसद में आने की हिम्मत दिखानी चाहिए।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 5:12 pm

सारा अली खान के बर्थडे पर रकुलप्रीत सिंह समेत फिल्मी हस्तियों ने लुटाया प्यार

अभिनेत्री सारा अली खान बुधवार को अपना जन्मदिन मना रही हैं। इस मौके पर इंडस्ट्री के खास दोस्तों और परिवार के लोगों ने अभिनेत्री को बधाई दी।

खास खबर 12 Aug 2026 5:10 pm

मौसम का मूड फिर बदला! अगले 48 घंटे में इन राज्यों में भारी बारिश

मॉनसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है. बंगाल की खाड़ी से लेकर मध्य भारत तक बारिश का सिस्टम एक्टिव है. राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भी मौसम बदलने वाला है.

आज तक 12 Aug 2026 5:10 pm

'लुंगी वाला' बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा

CPIM के राज्यसभा जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि उन्हें भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने लुंगी वाला कहा। उन्होंने इसकी शिकायत सभापति से की। इस पर सभापति ने भी नाराजगी जाहिर की। सभापति ने सांसदों को नसीहत दी कि सांसदों को एक दूसरे की परंपराओं का सम्मान करना ...

वेब दुनिया 12 Aug 2026 5:00 pm

बिना परीक्षा के ही मिल जाती है ये सरकारी नौकरी, नहीं करनी होती है ज्यादा मेहनत

सरकारी नौकरी का नाम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में रिटन एग्जाम, कटऑफ और लंबी तैयारी की तस्वीरें सामने आती हैं. लेकिन हर सरकारी या सरकारी संस्थान से जुड़ी भर्ती में लिखित परीक्षा जरूरी नहीं होती. कुछ पदों पर उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और प्रोफाइल के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग की जाती है और फिर इंटरव्यू या वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए चयन किया जाता है. अगर आप इस तरह से भर्ती प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं, तो पहले इन नौकरियों के बारे में जान लें.

आज तक 12 Aug 2026 4:58 pm

घी-समोसे खाकर कैसे फिट रहते हैं 63 साल के सनी? करते हैं ये काम

सनी अब फिल्म 'बंटवारा 1947' में फुल ऑन एक्शन मोड में दिखाई देंगे. उनका एक्शन देखकर किसी के भी पसीने छूट सकते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 4:57 pm

भारतीय युद्धपोत पर लगेंगे कामीकाजे ड्रोन, 18 हजार करोड़ की होगी डील

रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए जहाज से लॉन्च होने वाले लॉइटरिंग म्यूनिशन की RFI जारी की है. 1000 किमी रेंज, नौ घंटे तक लॉइटरिंग क्षमता मांगी गई है. डील 15-18 हजार करोड़ रुपये की हो सकती है.

आज तक 12 Aug 2026 4:57 pm

प्लेन से नहीं, नशेडी पायलट से डर लगता है! एयर इंडिया फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन का गांजा टेस्ट पॉजिटिव

4 अगस्त 2026 को फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट (AI-2379) के दौरान अचानक विमान के 300 फीट नीचे गिरने और टर्बुलेंस से यात्रियों के घायल होने के मामले में मुख्य पायलट (पायलट-इन-कमांड) का दूसरा डोप टेस्ट भी गांजे (मारिजुआना) के सेवन के लिए ...

वेब दुनिया 12 Aug 2026 4:56 pm

जबरदस्त माइलेज, Hyundai SUV का खास वेरिएंट लॉन्च, इतनी है कीमत

हुंडई ने अपनी सबसे सस्ती एसयूवी का नाइट एडिशन लॉन्च किया है. Hyundai Exter Knight एडिशन पांच कलर ऑप्शन में आएगी. इस एडिशन में कार के एक्सटीरियर और इंटीरियर में कुछ बदलाव मिलेंगे. ये बदलाव डिजाइन से नहीं बल्कि कॉस्मेटिक से जुड़े हुए होंगे. नाइट एडिशन पेट्रोल और सीएनजी दोनों ही अवतार में आती है.

आज तक 12 Aug 2026 4:55 pm

'जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें गड्ढे ही नजर आते हैं', जेवर विधायक का अखिलेश पर पलटवार

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जलभराव को लेकर अखिलेश यादव के तंज के बाद जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने पलटवार किया. उन्होंने कहा कि जिन्हें विकास नहीं दिखता, उन्हें सिर्फ गड्ढे और पानी नजर आते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 4:53 pm

राम मंदिर CEO: रेस में IAS-IPS और रिटायर्ड ब्रिगेडियर, चयन प्रक्रिया में क्या है खास

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. 5300 से अधिक आवेदनों में से शॉर्टलिस्ट किए गए पूर्व आईएएस, आईपीएस और सैन्य अधिकारियों का तीन सदस्यीय चयन समिति इंटरव्यू ले रही है, जिसमें प्रशासनिक दक्षता और धार्मिक आस्था को परखा जा रहा है.

आज तक 12 Aug 2026 4:51 pm

जंतर-मंतर का सीजन 2 बहुत जल्द आने वाला है, कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने दिल्ली में बुधवार को कहा कि जंतर-मंतर का सीजन-2 बहुत जल्द आने वाला है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 4:50 pm

‘अपना काम ठीक से करते नहीं और कोर्ट कॉरिडोर में...’ जजों पर ही क्यों भड़क गए CJI सूर्यकांत

CJI सूर्यकांत ने 'ऑल इंडिया जजेज़ एसोसिएशन' मामले में न्यायिक अधिकारियों की व्यक्तिगत अर्जियों पर ये कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को सर्विस की शर्तों आदि से जुड़ी व्यक्तिगत अर्जियां बार-बार दाखिल न करने की सलाह दी।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 4:50 pm

Kerala Drug Row: कासरगोड ड्रग्स मामले में VD Satheesan पर CPI(M) का बड़ा हमला, बताया गंभीर Drug Connection

केरल में एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। CPI(M) का दावा है कि कासरगोड में ड्रग्स के साथ पकड़े गए तीन लोगों में से एक, मुख्यमंत्री VD सतीसन की सोशल मीडिया टीम से जुड़ा था। कांग्रेस ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि उस व्यक्ति का मुख्यमंत्री या उनके कार्यालय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं था। हाल ही में कासरगोड में PA अब्दुल सलाम, KH मुहम्मद हुसैन और PA अब्बास को गिरफ्तार किया गया था, जब पुलिस को एक कार में 130 ग्राम MDMA ले जाते हुए पाया गया। CPI(M) ने अब आरोप लगाया है कि हुसैन, सतीसन के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर के तौर पर काम कर चुके हैं। खबरों के मुताबिक, उनके सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल में उन्हें टीम VD सतीसन/सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर बताया गया है, जबकि उनके अकाउंट पर मौजूद पोस्ट में एक वीडियो भी है जिसमें मुख्यमंत्री उनके घर जाते हुए दिख रहे हैं, जब वे विपक्ष के नेता थे। इसे भी पढ़ें: केरल के Kasargod में Savarkar पर क्विज सवाल पूछने पर Teacher Suspended, BJP ने बोला तीखा हमला CPI(M) के राज्य सचिव MV गोविंदन ने इन आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और उनसे सफाई मांगी। गोविंदन ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर को ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हुसैन, सतीसन से जुड़े सोशल मीडिया ग्रुप्स को मैनेज करते थे और कांग्रेस नेता के पोस्टर और वीडियो शेयर करने में शामिल थे। गोविंदन ने कहा कि मुख्यमंत्री VD सतीसन को इस बात का जवाब देना होगा कि उनका अपना ऑफ़िस कथित तौर पर ड्रग नेटवर्क का अड्डा कैसे बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का ऑफ़िस इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को हटवाने के लिए दखल दे रहा है। इसे भी पढ़ें: Kerala High Court ने दो एनजीओ का FCRA नवीनीकरण रोकने का आदेश रद्द किया गोविंदन ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी सरकार के ड्रग-विरोधी अभियान 'ऑपरेशन तूफ़ान' से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल रहा था। उन्होंने दावा किया कि एक और आरोपी, अब्दुल सलाम, मुस्लिम लीग के नेता पीके कुन्हालीकुट्टी के साथ केरल विधानसभा गया था। गोविंदन ने कहा कि गृह मंत्री रमेश चेन्निथला को अपनी ही पार्टी में ऑपरेशन तूफ़ान चलाना चाहिए। हालांकि, कांग्रेस सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। राज्य के खेल मंत्री ओजे जनीश ने कहा कि सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में दिख रही तस्वीरों में जो व्यक्ति है, वह यूथ कांग्रेस का कोई पदाधिकारी या नेता नहीं है, जैसा कि दावा किया जा रहा था।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 4:49 pm

इमरान खान को लेकर गहराया सस्पेंस, पाकिस्तानी पत्रकार ने क्या दावा किया?

पाकिस्तान की राजनीति में इस वक्त इमरान खान को लेकर एक बहुत बड़ा सस्पेंस और हाहाकार मचा हुआ है. अमेरिका में बैठे एक पाकिस्तानी पत्रकार ने दावा कर दिया कि अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अब नहीं रहे. इस सनसनीखेज दावे के सामने आते ही जेल प्रशासन और शहबाज शरीफ सरकार ने इसे पूरी तरह से खारिज करते हुए कोरी अफ़वाह करार दिया है.

आज तक 12 Aug 2026 4:48 pm

अनिल कपूर लेकर आ रहे 'इंडिया के टॉप 1 पर्सेंट', कॉमन सेंस से जीत सकेंगे 1 करोड़ रुपए का इनाम

टेलीविजन की दुनिया में क्विज शो की कमी नहीं है। अलग-अलग शो में प्रतियोगियों से सामान्य ज्ञान, इतिहास, विज्ञान और मनोरंजन से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं और वे सही जवाब देकर बड़ी रकम जीतते हैं। अब दर्शकों के सामने एक ऐसा गेम शो आने वाला है, जिसमें सिर्फ किताबी ज्ञान काम नहीं आएगा।

खास खबर 12 Aug 2026 4:45 pm

मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल…?

लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ कहा जाता है। सत्ता चाहे किसी भी दल की हो, पत्रकारिता का मूल दायित्व सत्ता का गुणगान करना नहीं, बल्कि जनता के सवालों The post मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा का सवाल…? appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 12 Aug 2026 4:45 pm

'दिल्‍ली में CJP को मीटिंग के लिए किराए पर नहीं दिया जा रहा हॉल', दीपके बोले- भाजपा और पुलिस धमका रही

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा क‍ि उन्‍हें दिल्‍ली में वालंटियर्स मीटिंग के लिए किराए पर हॉल नहीं दिया जा रहा है. भाजपा वाले और पुलिस मालिकों को धमका रही है. उनसे कहा जा रहा है क‍ि हॉल दिया तो तुम्‍हें उलटा लटका देंगे.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:44 pm

खाना खाते ही टॉयलेट जाने की इच्छा क्यों होती है? जानें इसके पीछे की वजह

खाना खाते ही टॉयलेट जाने की आदत को न करें नजरअंदाज, एक्सपर्ट से जानें कब हो सकती है चिंता की बात.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:42 pm

CM धामी का तोहफा, 'युवा भविष्य निर्माण योजना' से छात्रों को फ्री कोचिंग

पहाड़ और दूरदराज के इलाकों में रहकर सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं का सपना अब और आसान होने जा रहा है. धामी सरकार की 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026' के जरिए राज्य के छात्रों को घर बैठे ही देश की प्रतिष्ठित परीक्षाओं के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग और बेहतरीन स्टडी मटीरियल मिलेगा.

आज तक 12 Aug 2026 4:41 pm

Meta Copyright Management Tool: दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्सेस पॉलिसी पर मांगा जवाब, सिस्टम में दिखीं खामियां

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को मेटा से कहा कि वह उन मानदंडों के बारे में बताए जिनके आधार पर यूज़र्स को उसके कॉपीराइट मैनेजमेंट टूल का एक्सेस दिया जाता है। यह टूल लोगों को Facebook और Instagram पर अपने ओरिजिनल कंटेंट को सुरक्षित रखने और उसे मैनेज करने की सुविधा देता है। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की बेंच कंटेंट क्रिएटर मोहित कुमार की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कुमार ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने उनका कंटेंट डाउनलोड किया और 'मेटा राइट्स टूल' का इस्तेमाल करके उनके वीडियो पर कॉपीराइट का दावा किया। कुमार ने कहा कि वह वीडियो पर कॉपीराइट का दावा नहीं कर सकते थे क्योंकि मेटा ने उन्हें उस टूल का एक्सेस नहीं दिया था। इसे भी पढ़ें: क्या Meta केवल एक Intermediary है? Deepfake विवाद के बीच IT Act की समीक्षा करेगी सरकार जस्टिस भंभानी ने टिप्पणी की, तो फिर हर किसी के पास इसका एक्सेस क्यों नहीं है? यह तो घर के मालिक के बजाय चोर को चाबी देने जैसा है। कोर्ट ने यह टिप्पणी कुमार द्वारा दायर एक मामले में की। कुमार एक भारतीय ई-कॉमर्स और AI बिज़नेस कोच हैं, जो सोशल मीडिया पर Rise with Mohit हैंडल के तहत एजुकेशनल कंटेंट बनाते हैं। कुमार ने कहा कि उन्होंने इस टूल का एक्सेस पाने के लिए तीन बार आवेदन किया, लेकिन बिना किसी साफ़ वजह के उनके आवेदन खारिज कर दिए गए, जबकि कुछ सौ फ़ॉलोअर्स वाले लोगों को इसका एक्सेस मिल गया। उन्होंने आगे कहा कि फ़र्ज़ी कॉपीराइट स्ट्राइक की वजह से किसी असली क्रिएटर का अकाउंट रातों-रात बंद हो सकता है, जिससे बरसों की मेहनत, कमाई, ब्रांड कोलैबोरेशन और बिज़नेस के मौके खत्म हो सकते हैं। मेटा के वकील ने बताया कि कुमार के ख़िलाफ़ लगाई गई फ़र्ज़ी स्ट्राइक को हटा दिया गया है और उन स्ट्राइक की वजह से हटाया गया कंटेंट वापस बहाल कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: Data Privacy के साथ Meta का नया धमाका, Muse Glimmer AI Model अब सीधे आपके PC पर होगा डाउनलोड और कंट्रोल हालांकि, कोर्ट ने कुमार के मुक़दमे में समन जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की। कोर्ट ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स से जुड़े कई मामलों में यह समस्या सामने आई है, इसलिए इस मामले की बारीकी से जांच की ज़रूरत है। कोर्ट ने कहा इसमें कुछ कमियां हैं, कुछ खामियां देखी गई हैं। बेहतर होगा कि हम इन्हें ठीक कर लें।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 4:41 pm

'जल्द आएगा जंतर-मंतर का सीजन-2...', सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके का ऐलान

जल्द आएगा जंतर-मंतर का सीजन-2, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके का ऐलान

आज तक 12 Aug 2026 4:40 pm

क्या सेविंग अकाउंट पर मिलता है 7 प्रतिशत का इंटरेस्ट? इस बैंक के दावे का समझे पूरा कैलकुलेशन

यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपने सेविंग अकाउंट पर इंटरेस्ट रेट में बदलाव किया है. जहां अमाउंट के हिसाब से ब्याज तय किया गया है.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:40 pm

जेवर एयरपोर्ट की पार्किंग में जलभराव पर अखिलेश यादव का तीखा तंज, पूछा- 'क्या अब हवाई अड्डे पर नावें चलेंगी? जहाँ भाजपा सरकार, वहाँ महा-भ्रष्टाचार'

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित महत्वाकांक्षी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट एक बार फिर अपनी किसी बड़ी खूबी की वजह से नहीं, बल्कि बारिश के बाद हुए जलभराव के चलते सुर्खियों में आ गया है। हाल ही में भारी मानसूनी बारिश के बाद एयरपोर्ट के टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर पानी भर गया, जिसके बाद सियासत गर्मा गई है। इस घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पानी निकासी के लिए कर्मचारियों को मशक्कत करते हुए देखा जा सकता है। इसी वायरल वीडियो को आधार बनाते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा तंज कसा है। उनके इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर विकास के दावों और प्रशासनिक पोल खोलने को लेकर बहस छिड़ गई है। आम जनता के बीच भी इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि करोड़ों-अरबों की लागत से तैयार होने वाले आधुनिक प्रोजेक्ट्स की ड्रेनेज व्यवस्था पहली ही बरसात में क्यों फेल हो जाती है।जेवर एयरपोर्ट पर भारी बारिश के बाद जलभराव और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोइसी हफ्ते ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई, जिसके चलते कई जगहों पर जलभराव की समस्याएं सामने आईं। इसी कड़ी में, इसी साल मार्च के महीने में उद्घाटित हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के परिसर में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला। टर्मिनल बिल्डिंग को पार्किंग एरिया से जोड़ने वाले सब-वे और रास्ते पर अचानक भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। पानी भरने के कारण वहां से गुजरने वाले यात्रियों और वाहनों को कुछ समय के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इस पूरी स्थिति का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एयरपोर्ट जैसी हाई-टेक और आधुनिक सुविधा वाले परिसर में पानी भरा हुआ है और एयरपोर्ट के सुरक्षाकर्मी तथा अन्य कर्मचारी पानी को बाहर निकालने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष को सरकार को घेरने का एक और बड़ा मौका मिल गया है और लोग प्रोजेक्ट की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।अखिलेश यादव का तीखा तंज - क्या अब एयरपोर्ट पर नावें चलेंगी?वायरल हो रहे इस वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि क्या अब हवाई अड्डे पर नावें चलेंगी? इसके साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार होती है, वहां-वहां महा-भ्रष्टाचार देखने को मिलता है। अखिलेश यादव का यह बयान तेजी से वायरल हो गया और उनके समर्थकों ने भी इस पर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनका यह तंज इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकार भले ही विकास के कितने भी दावे कर ले और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट्स की कितनी भी तारीफ कर ले, लेकिन ज़मीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाएं और ड्रेनेज सिस्टम आज भी बारिश के आगे घुटने टेक देते हैं। राजनेता अक्सर ऐसे मुद्दों को जनहित से जोड़कर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग करते हैं, और जेवर एयरपोर्ट का यह मामला भी राजनीतिक तनातनी का एक नया केंद्र बन गया है।एयरपोर्ट प्रशासन और सरकार का स्पष्टीकरण, 30 मिनट में पानी निकासी का दावादूसरी ओर, इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रबंधन और उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आधिकारिक बयान जारी किया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले मार्ग पर हुआ जलभराव पूरी तरह से अस्थायी था और यह अत्यधिक भारी बारिश के कारण अचानक हुई पानी की जमावट थी। प्रशासन का दावा है कि स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एयरपोर्ट की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला और महज 30 मिनट के भीतर पूरे पानी को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पानी की निकासी के तुरंत बाद मार्ग पर यातायात और यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से सामान्य कर दिया गया। इसके अलावा, एयरपोर्ट प्रबंधन ने यह भी साफ किया है कि इस मामूली सी रुकावट की वजह से फ्लाइट ऑपरेशंस यानी विमानों की आवाजाही या यात्रियों के आवागमन पर किसी भी प्रकार का कोई असर नहीं पड़ा है। सरकार का यह भी कहना है कि वे मौसम की स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रेनेज व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल और जनता की प्रतिक्रियाभले ही एयरपोर्ट प्रशासन ने यह दावा किया हो कि पानी को आधे घंटे के भीतर निकाल दिया गया था, लेकिन इस घटना ने देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की इंजीनियरिंग और मास्टर प्लानिंग पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि जब अरबों रुपये खर्च करके अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले एयरपोर्ट बनाए जाते हैं, तो उनकी डिजाइनिंग में जल निकासी (Drainage System) को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि भारी बारिश जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी परिसर में एक बूंद पानी भी न टिक सके। जनता और सोशल मीडिया यूजर्स का एक वर्ग यह सवाल पूछ रहा है कि उद्घाटन के बाद यह पहली बड़ी मानसूनी परीक्षा थी और इसमें इस तरह की तस्वीरें सामने आना कहीं न कहीं लापरवाही की ओर इशारा करती हैं। हालांकि, सरकार और विकास कार्यों से जुड़े पक्ष का तर्क है कि प्रकृति के आगे कई बार अत्यधिक वर्षा के समय तात्कालिक दबाव बन जाता है, जिसे तुरंत दुरुस्त कर लिया गया। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रशासन ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए भविष्य के लिए कोई पुख्ता और स्थायी तकनीकी समाधान निकाल पाता है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:39 pm

CBSE Supplementary Result 2026 जारी, DigiLocker पर देखें 12वीं के नतीजे

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026 घोषित कर दिया गया है. लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है. जानिए कितने छात्रों ने परीक्षा दी और DigiLocker के जरिए रिजल्ट कैसे देखें.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:39 pm

Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष पर जान-बूझकर संसद में बाधा डालने और अहम मुद्दों पर बहस रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता देख रही है कि बुधवार को कौन चर्चा से भाग रहा है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, नबिन ने लगातार हो रहे व्यवधानों को विपक्ष की अराजक मानसिकता का नतीजा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से अहम मुद्दों को उठाने की बार-बार कोशिशों के बावजूद, विपक्षी दलों ने कार्यवाही में बाधा डालना ही बेहतर समझा। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के रूप में जिन्ना का पुनर्जन्म हुआ है: निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता पर तीखा वार नबिन ने कहा कि संसद में विपक्ष की लगातार बाधा उनकी अराजक मानसिकता को उजागर करती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी अहम मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार थी, लेकिन विपक्ष संसद को काम नहीं करने दे रहा था। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और अब जानती है कि असल में कौन चर्चा से भाग रहा है। नबिन की ये टिप्पणियां संसद में चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच आईं, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों ही सत्रों के दौरान कामकाज में बाधा डालने और व्यवहार को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सरकार विपक्ष के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में शाह ने कहा कि सरकार हर तरह की संसदीय बहस के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे बातचीत में शामिल होने के बजाय विरोध-प्रदर्शन का इस्तेमाल करके अव्यवस्था फैला रहे हैं। शाह ने विपक्ष से लोकसभा स्पीकर को चर्चा के लिए पत्र सौंपने को कहा और बताया कि सरकार बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक इस मामले पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसे भी पढ़ें: Student Protest पर Congress की विरोधाभासी नीति, Jharkhand में लाठीचार्ज पर BJP ने मांगा जवाब यह घटनाक्रम संसद में बार-बार हुए हंगामे के बाद हुआ है, जिसके कारण अक्सर सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और विधायी कामकाज कम हो गया। सरकार ने विपक्षी दलों से संसदीय प्रक्रियाओं के ज़रिए अपनी चिंताएँ उठाने का आग्रह किया है, जबकि विपक्ष के सदस्यों ने हंगामे और विरोध-प्रदर्शनों का बचाव करते हुए कहा है कि जिन मुद्दों को वे महत्वपूर्ण मानते हैं, उन पर चर्चा के लिए ये ज़रूरी हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 4:38 pm

ऋतिक रोशन और अभिषेक बच्चन थे पहली पसंद, लेकिन किस्मत ने बदल दी 'दिल चाहता है' की कास्ट

साल 2001 में आई ‘दिल चाहता है’ ने दोस्ती, रिश्तों और युवाओं की जिंदगी को पर्दे पर देखने का नजरिया बदल दिया था. फरहान अख्तर की बतौर निर्देशक यह पहली फिल्म थी

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:36 pm

जले नोट किसके, कितनी थी रकम? अनसुलझे रहे ये सवाल, जस्टिस वर्मा पर तीनों आरोप सिद्ध

जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड मामले में संसदीय जांच समिति ने तीन आरोप सिद्ध किए हैं। रिपोर्ट में दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवासीय परिसर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने, साक्ष्यों के संरक्षण में लापरवाही और असंतोषजनक जवाब देने का जिक्र है.

आज तक 12 Aug 2026 4:36 pm

'मैं फ्रस्ट्रेट हो चुका है, ऐसा पहली बार देखा है...', किरेन रिजिजू किस बात पर झल्लाकर ऐसा कहने लगे?

किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर संसद में बहस से भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार चर्चा को तैयार है, लेकिन विपक्ष हिस्सा लेने से बच रहा है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:36 pm

अतीक के बेटे आबान की कार के पलटने पर एक्सपर्ट बोले...

अतीक अहमद के बेटे आबान अहमद की कार के हादसे का डैशकैम वीडियो सामने आया है. वीडियो में SUV के डिवाइडर से टकराकर पलटने का पूरा घटनाक्रम दिखता है. ऑटो एक्सपर्ट ने तेज रफ्तार, अचानक स्टीयरिंग मोड़ने और सड़क की स्थिति जैसे संभावित जोखिमों को समझाया. हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

आज तक 12 Aug 2026 4:35 pm

ये हैं मेघालय के 5 सबसे खूबसूरत झरने, बारिश में एक बार जरूर देखें

मानसून में बारिश का असली मजा लेना है तो मेघालय से सुंदर कोई जगह नहीं है. मेघालय की सुंदरता जुलाई और अगस्त में पीक पर होती है और इस मौसम में मेघालय के 5 खूबसूरत झरने देख आपका अलग सुकून का अहसास होगा. आइए आपको इन झरनों के बारे में बताते हैं.

आज तक 12 Aug 2026 4:35 pm

चीन के पूर्व पीएम झू रोंगजी का 98 की उम्र में निधन, आर्थिक सुधारों के थे सूत्रधार

चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का 98 साल की उम्र में निधन हो गया है, उन्होंने चीन की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने और देश को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई. उनके सुधारवादी कदमों ने चीन को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने में मदद की.

आज तक 12 Aug 2026 4:34 pm

फिर बढ़ी इंफ्लेशन की टेंशन! जुलाई 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पर पहुंची, लगातार नौवें महीने इजाफा से आम आदमी की जेब पर बढ़ा भारी बोझ

भारतीय अर्थव्यवस्था और आम आदमी के मोर्चे पर एक बार फिर महंगाई की मार को लेकर चिंताएं गहरी होने लगी हैं। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी किए गए ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) में लगातार नौवें महीने तेजी दर्ज की गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित वार्षिक खुदरा महंगाई दर जुलाई 2026 में बढ़कर 4.45 प्रतिशत (अंतिम आंकड़ों के अनुसार प्रोविजनल) पर पहुंच गई है। पिछले कुछ महीनों से महंगाई के मोर्चे पर लगातार दिख रही यह तेजी इस बात का संकेत है कि आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने में अभी और वक्त लग सकता है। महंगाई के इस लगातार बढ़ते ग्राफ ने न केवल आम जनता के मासिक बजट को बिगाड़ कर रख दिया है, बल्कि नीति निर्माताओं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। देश के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में उपभोक्ता सामानों की कीमतों में हुआ यह इजाफा लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।खुदरा महंगाई दर में लगातार तेजी, जुलाई के आंकड़े ने बढ़ाई चिंतानवीनतम सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.45 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो कि पिछले महीनों के मुकाबले सुस्त होने का नाम नहीं ले रही है। यदि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंकड़ों को अलग-अलग देखा जाए तो स्थिति और भी स्पष्ट हो जाती है। ग्रामीण भारत में जुलाई 2026 के दौरान खुदरा महंगाई दर बढ़कर 4.84 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह दर 3.96 प्रतिशत रही। ग्रामीण इलाकों में महंगाई का ऊंचे स्तर पर बने रहना इस बात का प्रमाण है कि गांवों में रहने वाले लोगों और किसानों को अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक खर्च करना पड़ रहा है। लगातार नौ महीनों से खुदरा महंगाई में हो रही यह वृद्धि इस बात की ओर इशारा करती है कि अर्थव्यवस्था के विभिन्न स्तरों पर दबाव अभी भी बरकरार है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिवहन तथा अन्य सेवाओं के महंगे होने के कारण सूचकांक लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की बचत पर सीधा असर पड़ रहा है।खाद्य महंगाई और सप्लाई चेन का दबाव बना मुख्य कारणखुदरा महंगाई में इस लगातार उछाल के पीछे सबसे बड़ा हाथ खाद्य महंगाई (Food Inflation) का है। उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) के आंकड़े बताते हैं कि खाने-पीने की चीजों के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं, जिससे आम आदमी की थाली पर सीधा असर पड़ रहा है। जुलाई 2026 में खाद्य महंगाई दर बढ़कर 5.52 प्रतिशत के स्तर पर दर्ज की गई है। सब्जियों, दालों, अनाज और रसोई में इस्तेमाल होने वाले अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार तेजी ने लोगों के घरेलू बजट को हिला कर रख दिया है। मौसम में बदलाव, बेमौसम बारिश और कृषि उत्पादों की सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण मंडियों में सामानों की आवक प्रभावित हुई है, जिसके चलते खुदरा बाजार में कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत भी बढ़ी है, जिसका असर हर प्रकार के उपभोक्ता सामान के अंतिम मूल्य पर देखने को मिल रहा है।आम आदमी की जेब पर बढ़ रहा है बोझ, आरबीआई के टारगेट और चुनौतियों पर असरमहंगाई की इस निरंतर रफ्तार का सीधा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवार के हाउसहोल्ड बजट पर पड़ रहा है। जब आमदनी उतनी तेजी से नहीं बढ़ती जितनी तेजी से रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते हैं, तो लोगों को अपनीचचतों में कटौती करनी पड़ती है। बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी खर्चों के बीच संतुलन बिठाना आम आदमी के लिए बेहद कठिन होता जा रहा है। दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार के लिए यह स्थिति नीतिगत स्तर पर काफी चुनौतीपूर्ण बन गई है। केंद्रीय बैंक का मुख्य लक्ष्य महंगाई को एक निश्चित दायरे में रखना होता है, लेकिन लगातार नौ महीनों से हो रही वृद्धि ने इस संतुलन को साधने के काम को और पेचीदा बना दिया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति पक्ष की बाधाओं को जल्द दूर नहीं किया गया और मानसूनी गतिविधियों के कारण कृषि उत्पादन पर असर जारी रहा, तो आने वाले महीनों में भी महंगाई की यह चुनौती देश के बाजारों में बनी रह सकती है, जिसके लिए सरकार और प्रशासन को सतर्क कदम उठाने की आवश्यकता होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:33 pm

योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा प्रहार, अब तक 2.08 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के एंटी भूमाफिया अभियान के तहत 84,005 हेक्टेयर से अधिक जमीन कब्जामुक्त कराई गई। पोर्टल पर 99 फीसदी से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण हुआ।

देशबन्धु 12 Aug 2026 4:32 pm

लाल किला ब्लास्ट केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA से मांगी रिपोर्ट

केस ट्रांसफर होने के बाद पहली बार हुई सुनवाई में अदालत ने आरोपियों की भूमिका और सबूतों का पूरा ब्यौरा मांगा है. चार आरोपियों के खिलाफ जांच अभी बाकी है, वहीं एक आरोपी की मौत पर भी कोर्ट ने जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है.

आज तक 12 Aug 2026 4:30 pm

सीने में जलन और एसिडिटी से परेशान हैं? क्या चीनी खाने से भी बढ़ती है एसिडिटी? जानिए इसके पीछे का छुपा हुआ वैज्ञानिक सच और डॉक्टरों की खास सलाह

आज के दौर में खानपान की गलत आदतें और बिगड़ी हुई जीवनशैली के कारण एसिडिटी (Acid Reflux) और सीने में जलन (Heartburn) आम बीमारियां बन चुकी हैं। जब भी किसी व्यक्ति को पेट में गैस या सीने में जलन की समस्या होती है, तो तुरंत यह मान लिया जाता है कि उसने कुछ ज्यादा ही मसालेदार, तला-भुना या मिर्च वाला खाना खा लिया होगा। लोग आमतौर पर यह सोचते हैं कि मसाले ही एसिडिटी के एकमात्र खलनायक हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मसालेदार खाना न खाने के बावजूद आपको एसिडिटी क्यों हो जाती है? क्या इसके पीछे मीठी चीजें या चीनी (Sugar) का सेवन भी जिम्मेदार हो सकता है? यह एक ऐसा सवाल है जिस पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और डाइटीशियन के अनुसार, चीनी और मीठे खाद्य पदार्थ भी सीने में जलन का एक बड़ा कारण बन सकते हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि चीनी किस तरह हमारे पेट और पाचन तंत्र को प्रभावित करती है और इसके पीछे का विज्ञान क्या है।चीनी और एसिडिटी का वैज्ञानिक कनेक्शन, डॉक्टर क्या कहते हैं?वैज्ञानिक और चिकित्सा शोधों के अनुसार, चीनी सीधे तौर पर पेट में एसिड के उत्पादन को ट्रिगर कर सकती है। जब हम अत्यधिक मात्रा में रिफाइंड शुगर, मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक्स, पेस्ट्री या पैकेज्ड फूड का सेवन करते हैं, तो हमारे शरीर का पाचन तंत्र उसे पचाने के लिए संघर्ष करता है। ज्यादा चीनी खाने से पेट में मौजूद गट माइक्रोबायोम (Gut Microbiome) का संतुलन बिगड़ जाता है। पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया की तुलना में हानिकारक बैक्टीरिया और यीस्ट (कैंडिडा) चीनी को अपना मुख्य आहार बनाते हैं और तेजी से पनपने लगते हैं। जब ये खराब बैक्टीरिया चीनी को फर्मेंट (Ferment) करते हैं, तो पेट में अत्यधिक मात्रा में गैस और एसिड का निर्माण होता है। यह अतिरिक्त गैस पेट के अंदर दबाव बनाती है, जिससे पेट का एसिड (Gastric Acid) ऊपर की तरफ यानी भोजन नली (Esophagus) की ओर धकेला जाता है, और यही सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स का कारण बनता है।लोअर एसोफेगल स्फिंक्टर (LES) पर चीनी का बुरा असरहमारे पेट और भोजन नली के बीच एक वाल्व होता है जिसे लोअर एसोफेगल स्फिंक्टर (Lower Esophageal Sphincter - LES) कहा जाता है। इस वाल्व का मुख्य काम यह होता है कि यह भोजन को पेट में जाने के बाद वापस ऊपर न आने दे। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति अत्यधिक चीनी या मीठी चीजें खाता है, तो शरीर में सूजन (Inflammation) और हॉर्मोनल असंतुलन की स्थिति पैदा होती है। इसके अलावा, चीनी के अत्यधिक सेवन से मोटापा और वजन बढ़ने की समस्या होती है, जिससे पेट के भीतर का इंट्रा-एब्डोमिनल प्रेशर (Intra-abdominal pressure) बढ़ जाता है। यह बढ़ा हुआ दबाव एलईएस (LES) वाल्व को कमजोर या ढीला कर देता है। जब यह वाल्व कमजोर हो जाता है, तो पेट का एसिड आसानी से ऊपर की तरफ लीक होने लगता है, जिससे मुंह में खट्टा पानी आना, खट्टी डकारें और सीने में तेज जलन महसूस होने लगती है।छिपी हुई चीनी (Hidden Sugars) और पैकेटबंद खाद्य पदार्थअक्सर लोग सोचते हैं कि वे चाय या कॉफी में चीनी कम पीते हैं, इसलिए वे चीनी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित हैं। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। आज के समय में बाजार में मिलने वाले अधिकांश पैकेटबंद और प्रोसेस्ड फूड्स में 'छिपी हुई चीनी' (Hidden Sugars) प्रचुर मात्रा में मौजूद होती है। सॉस, केचप, सलाद ड्रेसिंग, ब्रेड, ब्रेकफास्ट सीरियल्स, फ्रूट जूस और एनर्जी ड्रिंक्स में हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप (High Fructose Corn Syrup) का इस्तेमाल किया जाता है। फ्रुक्टोज को पचाने के लिए लीवर को अत्यधिक मेहनत करनी पड़ती है, और यह आंतों में गैस और ब्लोटिंग (Bloating) की समस्या को तुरंत बढ़ा देता है। जब आप अनजाने में इन चीजों का सेवन करते हैं, तो आपको लगातार एसिडिटी की शिकायत बनी रहती है और आप समझ नहीं पाते कि इसकी असल वजह क्या है।चीनी और सूजन का खतरनाक चक्रअत्यधिक चीनी का सेवन हमारे शरीर में सिस्टमिक इंफ्लेमेशन (Systemic Inflammation) को बढ़ावा देता है। जब शरीर के अंदरूनी अंगों में सूजन बढ़ती है, तो पाचन क्रिया की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। कमजोर पाचन तंत्र भोजन को समय पर नहीं पचा पाता, जिससे खाना पेट में लंबे समय तक सड़ता रहता है। इस सड़न की प्रक्रिया के दौरान विभिन्न प्रकार के हानिकारक एसिड और गैस बनते हैं। इसके अलावा, मीठी चीजें खाने से पेट में एसिड का स्राव (Acid Secretion) अचानक बहुत तेज हो जाता है। अगर पेट खाली है और आपने कोई मीठी चीज खा ली है, तो वह एसिड सीधे पेट की संवेदनशील दीवारों को नुक्सान पहुंचाती है, जिससे गैस्ट्राइटिस (Gastritis) और सीने में जलन की समस्या विकराल रूप ले सकती है।एसिडिटी से राहत पाने के लिए जरूरी जीवनशैली और खानपान में बदलावयदि आप बार-बार होने वाली एसिडिटी और सीने में जलन से स्थायी राहत पाना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने आहार से रिफाइंड शुगर और मीठी चीजों की मात्रा को कम करना होगा। चीनी की जगह प्राकृतिक विकल्प जैसे स्टीविया, गुड़ (संमित मात्रा में) या शहद का इस्तेमाल किया जा सकता है, हालांकि इनका सेवन भी सीमित होना चाहिए। खाने में फाइबर युक्त चीजों जैसे हरी सब्जियां, साबुत अनाज और ताजे फलों को शामिल करें ताकि पाचन तंत्र मजबूत रहे। एक बार में बहुत सारा खाना खाने के बजाय दिन में 4 से 5 बार थोड़ा-थोड़ा भोजन करें। खाने के तुरंत बाद लेटने की आदत से बचें और रात के खाने और सोने के बीच कम से कम दो से तीन घंटे का अंतर जरूर रखें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें और एसिड का स्तर संतुलित रहे। यदि समस्या लगातार बनी हुई है, तो किसी योग्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:29 pm

होटल में खाना खराब है या सुरक्षित? कैसे पहचानें बासी और दूषित भोजन, ये हैं 7 अचूक तरीके जो बचाएंगे आपकी सेहत और जान

अक्सर जब हम किसी होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं, तो हम होटल की भव्यता और एम्बिएंस से प्रभावित होकर वहां की साफ-सफाई पर ध्यान देना भूल जाते हैं। बाहर का खाना स्वाद में तो अच्छा लग सकता है, लेकिन क्या वह सेहत के लिए भी सुरक्षित है? ट्रैवलिंग के दौरान या किसी इवेंट में होटल का खाना अक्सर पहले से बनाकर रखा जाता है, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। खराब और दूषित भोजन खाने से न केवल आपका पूरा ट्रिप खराब हो सकता है, बल्कि फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर बीमारी के कारण आपको अस्पताल के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। आज हम आपको उन 7 महत्वपूर्ण संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप यह जान पाएंगे कि आपके सामने परोसा गया खाना सुरक्षित है या नहीं। यह जानकारी न केवल आपकी सेहत के लिए जरूरी है, बल्कि यह आपको जागरूक उपभोक्ता भी बनाती है।सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण संकेत भोजन की 'गंध' है। हमारा नाक किसी भी प्रकार के संक्रमण या सड़न को पहचानने का सबसे पहला और सटीक सेंसर है। अगर किसी भी डिश से अजीब सी खट्टी (Sour), तीखी, या फफूंद जैसी महक (Musty Smell) आ रही है, तो तुरंत समझ जाएं कि भोजन में बैक्टीरिया पनप चुके हैं। ताजा खाना हमेशा अपनी सुगंध और स्वाद के लिए जाना जाता है। यदि आपको लगता है कि खाने की गंध सामान्य से अलग है या उसमें हल्की सी भी बदबू आ रही है, तो उसे खाने की गलती न करें। कई बार शेफ मसालों का इस्तेमाल गंध को छुपाने के लिए करते हैं, लेकिन ध्यान से सूंघने पर आप खराब हो चुके मांस, मछली या डेयरी उत्पादों को आसानी से पहचान सकते हैं। मांस से आने वाली 'अमोनिया' जैसी गंध खतरे की सबसे बड़ी घंटी होती है।भोजन के 'रंग और बनावट' (Appearance and Texture) पर गौर करना बहुत जरूरी है। कभी भी ज्यादा गहरे रंगों वाले या अस्वाभाविक रूप से चमकने वाले खाने को नजरअंदाज न करें। यदि सब्जियां या मांस का रंग मटमैला या फीका लग रहा है, तो इसका मतलब है कि उसे रखे हुए काफी समय हो चुका है। मांस या पनीर में चिपचिपाहट (Sliminess) होना भी बैक्टीरिया के सक्रिय होने का संकेत है। यदि आप सूप या सॉस वाली डिश ऑर्डर कर रहे हैं, तो देखें कि क्या उसमें कोई अजीब सा लेयर या परत तो नहीं बनी है। बासी और खराब खाने में फफूंद (Mold) के सूक्ष्म कण हो सकते हैं जिन्हें देखने के लिए आपको थोड़ा गौर से देखना होगा। अगर किसी भी डिश की बनावट में आपको अजीब सा बदलाव दिखे, तो उसे वापस करना ही समझदारी है।अगला महत्वपूर्ण संकेत 'तापमान' (Temperature) है। एफएसएसएआई (FSSAI) और अन्य स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, हॉट फूड हमेशा गर्म और कोल्ड फूड हमेशा ठंडा सर्व किया जाना चाहिए। यदि आप कोई ऐसी डिश मंगवाते हैं जिसे गरमा-गरम परोसा जाना चाहिए (जैसे चिकन, सूप, या करी), लेकिन वह 'गुनगुना' (Lukewarm) है, तो यह बैक्टीरिया के लिए सबसे सुरक्षित वातावरण है। 'डेंजर ज़ोन' तापमान में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं। यदि खाना बहुत ठंडा या रूम टेम्परेचर पर है, तो इसका मतलब है कि इसे कई घंटों पहले बनाकर रखा गया था और इसे ठीक से दोबारा गर्म नहीं किया गया है। रेस्टोरेंट में खाना हमेशा स्टीमिंग हॉट होना चाहिए, ताकि कीटाणु नष्ट हो जाएं।स्वाद में 'अजीब सी खटास' या कड़वाहट (Taste Test) होना भी एक बड़ा संकेत है। खाना खाते समय यदि आपको उसमें किसी प्रकार की असामान्य कड़वाहट या खटास महसूस हो रही है, जो उस डिश का असली स्वाद नहीं है, तो तुरंत समझ जाएं कि भोजन खराब हो चुका है। कभी-कभी बहुत ज्यादा मसालों का इस्तेमाल खराब खाने को 'मास्किंग' (Masking) करने के लिए किया जाता है। यदि आपको लगता है कि खाना बहुत ज्यादा नमक वाला है या उसमें मसालों का स्वाद कुछ अजीब है, तो वह भी एक संकेत हो सकता है कि होटल ने बासी सामग्री का उपयोग किया है। स्वाद के साथ किसी भी प्रकार का समझौता सेहत पर भारी पड़ सकता है।होटल के 'बर्तन और वातावरण' की स्वच्छता भी भोजन की गुणवत्ता के बारे में बहुत कुछ बताती है। यदि आप देख रहे हैं कि जिस टेबल पर आप बैठे हैं या जिन बर्तनों में खाना परोसा गया है, वे चिपचिपे या गंदे हैं, तो यह सीधे तौर पर किचन की स्वच्छता (Kitchen Hygiene) की पोल खोलता है। यदि सर्व करने वाले वेटर के नाखून गंदे हैं या उनके हाथ साफ नहीं दिख रहे, तो इसकी बहुत अधिक संभावना है कि खाना बनाने वाले शेफ भी हाइजीन के नियमों का पालन नहीं कर रहे होंगे। एक अच्छा होटल हमेशा अपनी सर्विस और बर्तनों की सफाई में पारदर्शिता रखता है। यदि आपको माहौल में गंदगी दिख रही है, तो वहां के खाने की सुरक्षा पर भरोसा करना मुश्किल हो जाता है।'सर्व करने का तरीका' और 'कस्टमाइजेशन' में कमी भी एक इशारा है। यदि होटल का स्टाफ आपके द्वारा कही गई किसी विशेष मांग को पूरा करने में असमर्थ है या वे बहुत जल्दी में खाना परोस रहे हैं, तो हो सकता है कि उन्होंने पहले से बना हुआ (Pre-cooked) खाना आपको सर्व किया हो। होटल में बफे (Buffet) सिस्टम के दौरान अक्सर खाना घंटों खुला रखा जाता है, जो मक्खियों और धूल का केंद्र बन जाता है। हमेशा कोशिश करें कि 'मेड टू ऑर्डर' (Made to Order) खाना ही मंगवाएं। यदि खाना टेबल पर आने से पहले ही ठंडा है या उसकी गार्निशिंग मुरझाई हुई लग रही है, तो समझ जाएं कि वह ताजा नहीं है।अंतिम और सबसे जरूरी टिप, अपने 'गट फीलिंग' (Gut Feeling) पर भरोसा करें। यदि आपका मन गवाही नहीं दे रहा है या आपको खाने को देखकर घबराहट हो रही है, तो उसे न खाना ही बेहतर है। होटल में खराब खाने की पहचान के लिए इन सात संकेतों—गंध, रंग, बनावट, तापमान, स्वाद, स्वच्छता और सर्विंग स्टाइल—का हमेशा ध्यान रखें। याद रखें, एक बार का गलत भोजन आपको लंबे समय के लिए बीमार कर सकता है। हमेशा ऐसी जगहों पर ही खाना पसंद करें जहां पारदर्शिता हो और जहां किचन के हाइजीन मानकों को प्राथमिकता दी जाती हो। सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें और बाहर खाना खाते समय हमेशा सतर्क रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:27 pm

ढोकले में सिगरेट, दाल में कीड़े, हरा पानी... हॉस्टल में छात्राओं का हल्लाबोल

भावनगर के समरस हॉस्टल में छात्राओं ने खराब खाना, गंदे बर्तन, दूषित पानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध किया. छात्राओं का आरोप है कि पिछले 4-5 महीनों से खाने में कीड़े, सिगरेट और प्लास्टिक जैसी चीजें मिल रही हैं. एक छात्रा के टाइफाइड से पीड़ित होने की बात भी सामने आई. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच और समाधान का भरोसा दिया.

आज तक 12 Aug 2026 4:27 pm

क्या ई-सिगरेट पीने से भी हो सकता है जानलेवा लंग्स कैंसर? जानिए वेपिंग कितनी खतरनाक है और क्या कहते हैं देश के बड़े डॉक्टर्स

युवाओं के बीच पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक सिगरेट की जगह ई-सिगरेट या वेपिंग (Vaping) का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। इसे अक्सर तंबाकू वाली सिगरेट का एक 'सुरक्षित विकल्प' (Safe Alternative) या स्मोकिंग छोड़ने का आसान जरिया मानकर धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। खासकर मेट्रो सिटीज और कॉलेज जाने वाले युवाओं के बीच इसे एक आधुनिक ट्रेंड और स्टेटस सिंबल के रूप में देखा जाता है। बाजार में मिलने वाले विभिन्न फ्लेवर और इसकी स्टाइलिश बनावट लोगों को आसानी से अपनी ओर आकर्षित कर लेती है। लेकिन क्या वाकई ई-सिगरेट सुरक्षित है? क्या इससे जानलेवा बीमारियां जैसे लंग्स कैंसर (Lung Cancer) हो सकता है? इस गंभीर सवाल का जवाब हर उस व्यक्ति के लिए जानना बेहद जरूरी है जो या तो इसका सेवन कर रहा है या इसके संपर्क में है। देश के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट और कैंसर विशेषज्ञों ने इस विषय पर बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक खुलासे किए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना सेहत के लिए भारी पड़ सकता है।क्या सच में ई-सिगरेट से होता है लंग्स कैंसर?आम तौर पर लोगों में यह भ्रम फैला हुआ है कि ई-सिगरेट में तंबाकू का धुआं नहीं होता, इसलिए यह कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का कारण नहीं बन सकती। डॉक्टर इस धारणा को पूरी तरह खारिज करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि ई-सिगरेट में पारंपरिक सिगरेट की तरह तंबाकू की पत्तियां नहीं जलाई जातीं, लेकिन इसमें मौजूद लिक्विड को गर्म करने पर जो एरोसोल (Aerosol) या भाप बनती है, उसमें कई प्रकार के कार्सिनोजेनिक (कैंसर पैदा करने वाले) केमिकल्स होते हैं। जब कोई व्यक्ति वेपिंग करता है, तो ये जहरीले रसायन सीधे उसके फेफड़ों की गहराई तक जाते हैं। लगातार इन केमिकल्स के संपर्क में आने से फेफड़ों की कोशिकाओं (Lung Cells) का डीएनए डैमेज होने लगता है, जो आगे चलकर म्यूटेशन का कारण बनता है और अंततः लंग्स कैंसर का रूप ले सकता है। इसके अलावा, ई-सिगरेट के लिक्विड में फॉर्मेल्डिहाइड (Formaldehyde) और एक्रोलीन (Acrolein) जैसे खतरनाक रसायन पाए जाते हैं, जो फेफड़ों के टिशू को बुरी तरह झुलसा देते हैं और क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज का जोखिम कई गुना बढ़ा देते हैं।पारंपरिक सिगरेट से कितनी अलग और खतरनाक है ई-सिगरेट?यह एक बड़ा मिथक है कि ई-सिगरेट, ट्रेडिशनल सिगरेट से कम हानिकारक है। पारंपरिक सिगरेट पीने वाले को निकोटीन के साथ-साथ टार (Tar) और कार्बन मोनोऑक्साइड मिलता है, लेकिन ई-सिगरेट अपने आप में एक अलग तरह का केमिकल कॉकटेल है। ई-सिगरेट में उपयोग होने वाले फ्लेवरिंग एजेंट्स (Flavoring Agents) जब गर्म होते हैं, तो वे बेहद जहरीले टॉक्सिन्स छोड़ते हैं। उदाहरण के लिए, डायसिटाइल (Diacetyl) नामक फ्लेवरिंग केमिकल, जो खाने की चीजों में मक्खन जैसा स्वाद देने के लिए इस्तेमाल होता है, जब वेपिंग के जरिए फेफड़ों में जाता है, तो यह 'पॉपकॉर्न लंग्स' (Bronchiolitis Obliterans) नामक एक लाइलाज और गंभीर फेफड़ों की बीमारी का कारण बन जाता है। इस बीमारी में फेफड़ों की एयरवेज़ सिकुड़ जाती हैं और मरीज को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। डॉक्टर्स का साफ कहना है कि किसी भी प्रकार का धुआं या वाष्प जो प्राकृतिक हवा के अलावा फेफड़ों के अंदर जाता है, वह फेफड़ों के नाजुक तंत्र को नुकसान ही पहुंचाता है।युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है वेपिंग का क्रेज और इसके गंभीर दुष्परिणामशहरी भारत और महानगरों में स्कूल-कॉलेज के छात्रों के बीच ई-सिगरेट का बढ़ता क्रेज पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। फ्लेवरफुल क्लाउड और आकर्षक डिजाइन की वजह से किशोर बहुत कम उम्र में ही निकोटीन की लत (Nicotine Addiction) के शिकार हो रहे हैं। निकोटीन मस्तिष्क के विकास को बुरी तरह प्रभावित करता है, विशेषकर किशोरों में जो अभी मानसिक रूप से पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। इसके सेवन से याददाश्त कमजोर होना, एकाग्रता में कमी, और अत्यधिक चिंता या डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि जो युवा पहले कभी पारंपरिक सिगरेट नहीं पीते थे, वे ई-सिगरेट के जरिए निकोटीन के आदी हो जाते हैं और बाद में वे आम सिगरेट या अन्य खतरनाक नशों की तरफ आसानी से आकर्षित हो जाते हैं, जिसे 'गेटवे इफ़ेक्ट' कहा जाता है।लंग्स कैंसर के अलावा शरीर के अन्य अंगों पर क्या पड़ता है असर?ई-सिगरेट का नुकसान केवल फेफड़ों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के कार्डियोवैस्कुलर और नर्वस सिस्टम को तबाह करता है। जब आप वेपिंग करते हैं, तो निकोटीन और अन्य टॉक्सिन्स रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सिकोड़ देते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। इससे भविष्य में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी गंभीर समस्याएं होने का जोखिम अत्यधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा, ई-सिगरेट के कण शरीर की इम्युनिटी को कमजोर करते हैं, जिससे शरीर इन्फ्लूएंजा, निमोनिया और अन्य वायरल संक्रमणों के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाता है। ओरल हेल्थ पर भी इसका बुरा असर पड़ता है, जिससे मसूड़ों की बीमारियां और मुंह के छाले जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।ई-सिगरेट की लत से कैसे पाएं मुक्ति, क्या कहते हैं डॉक्टर्स?अगर कोई व्यक्ति ई-सिगरेट या वेपिंग की लत में फंस चुका है, तो इससे बाहर निकलना नामुमकिन नहीं है, हालांकि इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और मेडिकल सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अचानक से लत छोड़ने पर 'निकोटीन विदड्रॉल सिम्पटम्स' (Nicotine Withdrawal Symptoms) जैसे सिरदर्द, बेचचिनी और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकते हैं, ऐसे में निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) जैसे पैच या गम्स का सहारा लिया जा सकता है। बिहेवियरल काउंसलिंग और योग-ध्यान की मदद से मानसिक लालसा को नियंत्रित किया जा सकता है। परिवार और दोस्तों का सहयोग भी इस लत से छुटकारा पाने में बहुत अहम भूमिका निभाता है। यदि किसी को लगातार खांसी, सांस फूलने या सीने में दर्द की शिकायत है, तो तुरंत किसी अच्छे पल्मोनोलॉजिस्ट से संपर्क कर सीटी स्कैन और चेस्ट एक्स-रे करवाएं ताकि समय रहते किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:26 pm

सचमुच इमरान खान की मौत हो गई ? सेना ने कहा- ‘सब बकवास’, PTI ने दिया CCTV का हवाला

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की जेल में मौत की अफवाहों पर देश में हड़कंप मचा है. अमेरिकी पत्रकार के सनसनीखेज दावों के बीच सेना (ISPR) ने इसे बकवास बताया है, जबकि परिवार ने CCTV में इमरान खान को देखने की पुष्टि की है. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:25 pm

विश्व बैंक-IMF को BRICS की चुनौती

विश्व बैंक-IMF को BRICS की चुनौती The post विश्व बैंक-IMF को BRICS की चुनौती appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 12 Aug 2026 4:25 pm

UPI अभी सबके लिए फ्री, तो फिर इसे चलाने का खर्च कौन उठाता है?

UPI पर फीस लगाने की चर्चा के बीच आम यूजर्स के लिए फिलहाल राहत है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि बैंक अकाउंट से होने वाले UPI पेमेंट पर ग्राहकों से कोई शुल्क लेने का फैसला नहीं हुआ है. बहस का केंद्र Merchant Discount Rate यानी MDR है, जिसे भविष्य में कुछ बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू करने की चर्चा है.

आज तक 12 Aug 2026 4:24 pm

कभी भी, कहीं भी! UMANG और DigiLocker से सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित

टेक्नोलॉजी को लोकतांत्रिक बनाने और नागरिकों को सशक्त बनाने के प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप, सरकार ने जुलाई 2015 में डिजिटल इंडिया प्रोग्राम शुरू किया। इस प्रोग्राम के तहत, डिजिटल एक्सेस को बेहतर बनाने और नागरिकों को आसानी से सेवाएँ पहुँचाने के लिए कई पहल शुरू की गई हैं, जिनमें UMANG (नए ज़माने की गवर्नेंस के लिए यूनिफाइड मोबाइल एप्लीकेशन) और DigiLocker प्लेटफ़ॉर्म शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी के रूप में जिन्ना का पुनर्जन्म हुआ है: निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता पर तीखा वार 31 जुलाई तक, पूरे भारत में UMANG प्लेटफ़ॉर्म पर लगभग 2,575 सेवाएँ उपलब्ध हैं, जिनमें से 880 केंद्र सरकार की और 1,695 राज्य सरकारों की हैं। DigiLocker प्लेटफ़ॉर्म 5,437 तरह के दस्तावेज़ और सेवाएँ देता है, जिनमें केंद्र सरकार की 661 और राज्य सरकारों की 4,776 सेवाएँ शामिल हैं। UMANG पर 11.66 करोड़ से ज़्यादा यूज़र रजिस्टर हो चुके हैं और पिछले तीन सालों में इस पर लगभग 798 करोड़ ट्रांज़ैक्शन हुए हैं। DigiLocker के 72.43 करोड़ से ज़्यादा रजिस्टर्ड यूज़र हैं और इसी दौरान इसने लगभग 72.86 करोड़ दस्तावेज़ एक्सेस ट्रांज़ैक्शन की सुविधा दी है। सरकार ने ग्रामीण और दूर-दराज़ के इलाकों में डिजिटल सुविधाएँ बढ़ाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) का नेटवर्क भी बढ़ाया है। ये CSCs नागरिकों के लिए डिजिटल सेवाएँ देते हैं, जिनमें सरकारी, बैंकिंग, फाइनेंशियल, इंश्योरेंस, पेंशन और यूटिलिटी पेमेंट सेवाएँ शामिल हैं। 30 जून तक, ग्राम पंचायत स्तर पर 4,07,122 CSCs काम कर रहे थे, जिनमें से 70,069 को महिला विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (VLEs) चला रही थीं। इसे भी पढ़ें: Student Protest पर Congress की विरोधाभासी नीति, Jharkhand में लाठीचार्ज पर BJP ने मांगा जवाब ग्रामीण, दूर-दराज़ और कम सुविधा वाले इलाकों में डिजिटल सुविधाएँ बेहतर बनाने और बिना किसी रुकावट के सेवाएँ पहुँचाने के लिए उठाए गए अन्य अहम कदमों में UMANG और DigiLocker प्लेटफॉर्म को मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के ज़रिए उपलब्ध कराना शामिल है, ताकि नागरिक कभी भी और कहीं से भी सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकें।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 4:24 pm

रवि किशन होंगे हाउस अरेस्ट! पत्नी बोलीं- ना निकलेंगे, ना वायरल होंगे

बॉलीवुड एक्टर रवि किशन ने बताया कि ऑनलाइन अपनी बढ़ती लोकप्रियता पर उनकी पत्नी प्रीति शुक्ला का रिएक्शन बहुत मजेदार था. उन्होंने मजाक में कहा कि वह उन्हें एक कमरे में बंद कर देंगी.

आज तक 12 Aug 2026 4:23 pm

क्या IVF से जन्में बच्चे को दूध पिलाने में आती है परेशानी? जानें फर्टिलिटी और लैक्टेशन एक्सपर्ट्स से इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन के बाद ब्रेस्टफीडिंग का पूरा मेडिकल सच

इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) आज लाखों निसंतान दंपत्तियों के लिए संतान सुख पाने का एक वरदान साबित हो रहा है। भारत के दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक फर्टिलिटी क्लिनिक और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने पेरेंटहुड का सपना साकार किया है। हालांकि, IVF प्रक्रिया के जरिए गर्भधारण करने के बाद महिलाओं के मन में कई तरह के संशय और सवाल उठने लगते हैं। इनमें से सबसे आम और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या IVF तकनीक से जन्में शिशु को स्तनपान (Breastfeeding) कराने में मां को किसी तरह की शारीरिक या हार्मोनल परेशानी का सामना करना पड़ता है? क्या IVF के दौरान ली गई हैवी हार्मोनल दवाएं और इंजेक्शंस मां के दूध की गुणवत्ता, स्वाद या उसकी मात्रा पर कोई नकारात्मक असर डालते हैं?इंटरनेशनल लैक्टेशन और फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, IVF से गर्भधारण करने वाली महिलाओं की दूध निर्माण की बायोलॉजिकल क्षमता में और प्राकृतिक रूप से मां बनने वाली महिलाओं में कोई अंतर नहीं होता है। फिर भी, IVF यात्रा के दौरान आने वाले मानसिक तनाव, देर से डिलीवरी, सी-सेक्शन ऑपरेशन और अंतर्निहित बीमारियों के कारण शुरुआती दिनों में कुछ व्यावहारिक चुनौतियां जरूर आ सकती हैं।क्या कहती है मेडिकल साइंस? दूध बनने की प्राकृतिक शरीर रचनाचिकित्सा विज्ञान के अनुसार, महिला के शरीर में दूध बनने और उसके स्त्राव (Milk Ejection) की प्रक्रिया पूरी तरह से दो मुख्य हार्मोन्स पर निर्भर करती है—प्रोलैक्टिन (Prolactin) और ऑक्सीटोसिन (Oxytocin)। प्रोलैक्टिन हार्मोन स्तन ग्रंथि में दूध का निर्माण करता है, जबकि ऑक्सीटोसिन हार्मोन दूध के बाहर निकलने (Let-down Reflex) को नियंत्रित करता है।जब शिशु का जन्म होता है और प्लेसेंटा (आंव) मां के गर्भाशय से बाहर निकलता है, तो शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर अचानक गिर जाता है। यह जैविक बदलाव मस्तिष्क के पिट्यूटरी ग्लैंड को संकेत देता है कि वह प्रोलैक्टिन और ऑक्सीटोसिन जारी करे। यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्राकृतिक होती है और इस बात से बिल्कुल प्रभावित नहीं होती कि गर्भधारण सामान्य रूप से हुआ है या लैब में IVF तकनीक के माध्यम से। IVF के दौरान दी जाने वाली प्रोजेस्टेरोन या एस्ट्रोजन की खुराक गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों (10 से 12वें हफ्ते) तक ही दी जाती है और डिलीवरी का समय आने तक उनका असर पूरी तरह खत्म हो चुका होता है।IVF माताओं को क्यों आ सकती है स्तनपान में शुरुआती रुकावट?भले ही IVF तकनीक स्वयं ब्रेस्टफीडिंग में रुकावट नहीं डालती, लेकिन IVF प्रेगनेंसी से जुड़े कुछ परिस्थितिजन्य कारण शुरुआत में ब्रेस्टफीडिंग को थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर बना सकते हैं।पहला प्रमुख कारण सी-सेक्शन (C-Section) डिलीवरी की उच्च संभावना है। IVF प्रेगनेंसी को मेडिकल भाषा में 'हाई-रिस्क' या बेहद कीमती गर्भावस्था माना जाता है, इसलिए किसी भी जोखिम से बचने के लिए डॉक्टर अक्सर सिजेरियन डिलीवरी को प्राथमिकता देते हैं। सी-सेक्शन के बाद एनेस्थीसिया के असर, टांकों के दर्द और सर्जरी के तनाव के कारण शुरुआती 24 से 72 घंटों तक प्रोलैक्टिन का स्तर तेजी से नहीं बढ़ पाता, जिससे दूध उतरने (Lactation Delay) में 2 से 3 दिनों की देरी हो सकती है।दूसरा बड़ा कारण मानसिक तनाव और एंग्जायटी है। लंबी और मानसिक रूप से थका देने वाली IVF यात्रा के बाद कई महिलाएं अपने नवजात शिशु के स्वास्थ्य और उसकी भूख को लेकर अत्यधिक चिंतित रहती हैं। मेडिकल रिसर्च बताती है कि अत्यधिक तनाव से शरीर में कार्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो ऑक्सीटोसिन के स्राव को बाधित करता है। नतीजतन, दूध का बहाव धीमा हो जाता है।इसके अलावा, IVF कराने वाली महिलाओं में अधिक उम्र (Maternal Age 35+), जुड़वां बच्चों (Twins) का जन्म और पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) या थायराइड जैसी अंतर्निहित बीमारियों की दर अधिक होती है। PCOS या थायराइड के कारण शरीर में ग्लैंडुलर टिश्यू (Glandular Tissue) का विकास कम हो सकता है, जिससे शुरुआती दिनों में लो मिल्क सप्लाई (Low Milk Supply) की शिकायत देखने को मिलती है।IVF और ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े मिथक बनाम डॉक्टरी सच्चाईभारतीय समाज में IVF और लैक्टेशन को लेकर कई तरह की भ्रांतियां और मिथक फैले हुए हैं, जिन्हें दूर करना बेहद आवश्यक है:मिथक: IVF में ली गई हैवी दवाओं से मां का दूध विषैला या नुकसानदायक हो जाता है।सच्चाई: यह पूरी तरह से बेबुनियाद है। डिलीवरी के समय बनने वाला पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम - Colostrum) और बाद में बनने वाला दूध पोषक तत्वों, एंटीबॉडीज और प्रोटीन्स से भरपूर होता है। यह बच्चे की इम्युनिटी के लिए सर्वोत्तम है।मिथक: यदि बच्चा डोनर एग (Donor Egg) या डोनर स्पर्म से पैदा हुआ है, तो मां का दूध नहीं बनेगा।सच्चाई: जैविक रूप से मां का शरीर गर्भाशय में पल रहे बच्चे और डिलीवरी के बाद होने वाले हार्मोनल बदलावों के अनुसार दूध बनाने के लिए खुद-ब-खुद तैयार होता है। चाहे अंडा डोनर का हो या अपना, जन्म देने वाली मां का शरीर स्तनपान कराने में पूरी तरह सक्षम होता है।IVF माताओं के लिए लैक्टेशन एक्सपर्ट्स के खास सुझावयदि आप IVF के माध्यम से मां बनी हैं और स्तनपान शुरू करने में थोड़ी हिचकिचाहट या परेशानी महसूस कर रही हैं, तो इन आसान और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर दूध की सप्लाई को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकती हैं:स्किन-टू-स्किन कॉन्टैक्ट (Skin-to-Skin Contact): बच्चे के जन्म के तुरंत बाद उसे मां की छाती पर नग्न त्वचा से सटाकर रखें। इससे मां के मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन हार्मोन का स्तर तुरंत बढ़ता है और दूध बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।अर्ली लैचिंग (Early Latching): डिलीवरी के 1 से 2 घंटे के भीतर बच्चे को छाती से लगाने की कोशिश करें। भले ही शुरुआत में दूध की कुछ बूंदें ही निकलें, लेकिन बच्चे का चूसना (Sucking) दिमाग को दूध उत्पादन का संकेत देता है।ब्रेस्ट पंप का सही इस्तेमाल: यदि सी-सेक्शन के बाद दर्द अधिक है या बच्चा ठीक से लैच नहीं कर पा रहा है, तो हॉस्पिटल-ग्रेड इलेक्ट्रिक या मैनुअल ब्रेस्ट पंप का इस्तेमाल करके मिल्क ग्लैंड्स को स्टिम्युलेट (उत्तेजित) करें।लैक्टेशन कंसलटेंट की सलाह: यदि 3-4 दिन बीत जाने के बाद भी दूध का प्रवाह सही न हो, तो किसी प्रमाणित लैक्टेशन एक्सपर्ट या डॉक्टर की मदद लें। वे सही स्थिति (Positions) और लैचिंग तकनीक सिखाकर आपकी समस्या का समाधान कर सकते हैं।संक्षेप में कहें तो IVF के बाद स्तनपान कराना न केवल पूरी तरह सुरक्षित है, बल्कि यह मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। शुरुआती 1-2 हफ्तों की मामूली परेशानियों को सही मार्गदर्शन, धैर्य, पौष्टिक आहार और तनावमुक्त रहकर आसानी से दूर किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:21 pm

चीन में 148 अरब डॉलर की संपत्तियां फंसी, जमीनों की लीज खत्म!

चीन में एक ट्रिलियन युआन से अधिक की कमर्शियल संपत्तियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. जमीन के इस्तेमाल की पट्टा अवधि खत्म होने के कारण डेवलपर्स, निवेशकों और बैंकों में हड़कंप मचा हुआ है.

आज तक 12 Aug 2026 4:20 pm

अक्षय कुमार और सैफ अली खान की 'हैवान' का टीजर रिलीज, दिखा डरा देने वाला माहौल

अभिनेता अक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'हैवान' के मेकर्स ने बुधवार को फिल्म का टीजर रिलीज कर दिया। इसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान की झलक देखने को मिल रही है।

खास खबर 12 Aug 2026 4:20 pm

मजबूत मसल्स और मस्कुलर बॉडी के लिए डाइट में आज ही शामिल करें ये superfoods, जानिए वर्कआउट के बिना भी मांसपेशियों को लोहे जैसा मजबूत बनाने का सबसे आसान डाइट सीक्रेट

आज के समय में हर व्यक्ति न केवल फिट दिखना चाहता है, बल्कि अपने शरीर को अंदर से ताकतवर और मजबूत भी बनाना चाहता है। शरीर को सुडौल और मजबूत बनाए रखने के लिए मांसपेशियों (Muscles) की सेहत सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उम्र बढ़ने के साथ या सही खान-पान न मिलने के कारण मांसपेशियों में कमजोरी, खिंचाव और थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि केवल जिम में घंटों पसीना बहाने या भारी वजन उठाने से ही मसल्स बनती हैं, लेकिन सच यह है कि आपकी मांसपेशियों का निर्माण 70 प्रतिशत आपकी डाइट और केवल 30 प्रतिशत आपके वर्कआउट पर निर्भर करता है। बिना सही न्यूट्रिशन और संतुलित आहार के जिम में की गई मेहनत भी बेअसर हो जाती है।मांसपेशियों की टूट-फूट की भरपाई (Repair), उनके विकास (Growth) और उन्हें लंबे समय तक फ्लेक्सिबल और मजबूत बनाए रखने के लिए सही मैक्रोन्यूट्रीएंट्स का संतुलन आवश्यक है। यदि आप भी अपनी मसल्स को नेचुरल तरीके से टोन और मजबूत करना चाहते हैं, तो आपको अपनी रोजमर्रा की डाइट में कुछ बेहद खास और पोषक तत्वों से भरपूर सुपरफूड्स को तुरंत शामिल कर लेना चाहिए।मांसपेशियों के विकास के लिए क्यों जरूरी है सही न्यूट्रिशन?हमारी मांसपेशियां मुख्य रूप से प्रोटीन फाइबर से बनी होती हैं। जब हम कोई शारीरिक गतिविधि, वर्कआउट या भारी काम करते हैं, तो मांसपेशियों के सूक्ष्म टिश्यू टूटते हैं। इन टूटे हुए ऊतकों की मरम्मत और उन्हें पहले से ज्यादा मजबूत बनाने के लिए शरीर को 'एमिनो एसिड्स' की आवश्यकता होती है, जो हमें मुख्य रूप से प्रोटीन से प्राप्त होते हैं।इसके अलावा केवल प्रोटीन ही पर्याप्त नहीं है। मांसपेशियों के संकुचन (Contraction), विश्राम (Relaxation) और ऊर्जा के लिए मैग्नीशियम, पोटेशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी उतने ही आवश्यक हैं। अगर शरीर में इन तत्वों की कमी हो जाए, तो मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps), दर्द और कमजोरी महसूस होने लगती है।अंडे और चिकन ब्रेस्ट: लीन प्रोटीन का सबसे पावरफुल कॉम्बिनेशनजो लोग मांसाहारी (Non-Vegetarian) आहार लेते हैं, उनके लिए अंडा और चिकन ब्रेस्ट मांसपेशियों के निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं।अंडे को कुदरत का 'कम्प्लीट प्रोटीन' कहा जाता है। एक पूरे अंडे में लगभग 6 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है। अंडे की ज़र्दी और सफेदी में 'ल्यूसीन' (Leucine) नाम का आवश्यक एमिनो एसिड पाया जाता है, जो मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस को सक्रिय करने का काम करता है। वर्कआउट के बाद उबले अंडे खाने से मांसपेशियों की रिकवरी बेहद तेजी से होती है।दूसरी ओर, चिकन ब्रेस्ट लीन प्रोटीन का एक अद्भुत स्रोत है। इसमें फैट की मात्रा बहुत कम और प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक होती है। लगभग 100 ग्राम पके हुए चिकन ब्रेस्ट से करीब 31 ग्राम शुद्ध प्रोटीन मिलता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद विटामिन B6 और बी-कॉम्प्लेक्स शरीर को वर्कआउट के दौरान आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं।शाकाहारियों के लिए वरदान: पनीर, टोफू और सोयाबीन का जादूयदि आप शाकाहारी (Vegetarian) हैं और सोचते हैं कि बिना अंडे या मीट के मसल्स नहीं बनाई जा सकतीं, तो यह आपकी गलतफहमी है। भारतीय शाकाहारी रसोई में ऐसे कई फूड्स हैं जो प्रोटीन के मामले में किसी नॉन-वेज से कम नहीं हैं।पनीर (Cottage Cheese) शाकाहारियों के लिए मांसपेशियों को पोषण देने का सबसे लोकप्रिय साधन है। पनीर में धीमी गति से पचने वाला 'केसिन' (Casein) प्रोटीन होता है। जब आप पनीर का सेवन करते हैं, तो यह शरीर में धीरे-धीरे पचता है और घंटों तक मांसपेशियों को एमिनो एसिड्स की सप्लाई जारी रखता है। यही कारण है कि रात को सोने से पहले या स्नैक्स में पनीर खाना मसल्स ग्रोथ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।टोफू और सोयाबीन भी प्रोटीन के जबरदस्त भंडार हैं। सोयाबीन को प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का बादशाह माना जाता है। 100 ग्राम सोयाबीन में लगभग 36 से 52 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है। इसमें मौजूद आयरन और फाइटोन्यूट्रिएंट्स मांसपेशियों तक ऑक्सीजन के प्रवाह को बेहतर बनाते हैं, जिससे शरीर का स्टैमिना कई गुना बढ़ जाता है।दालें, अंकुरित अनाज और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स से मिलेगी टफनेसभारतीय खाने की जान मानी जाने वाली दालें—जैसे चना, राजमा, मूंग, उड़द और मसूर—मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए बेहद उपयोगी हैं। स्प्राउट्स या अंकुरित अनाज में प्रोटीन के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होते हैं।कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स (जैसे ओट्स, दलिया, शकरकंद और ब्राउन राइस) मांसपेशियों के ग्लाइकोजन स्टोर को भरते हैं। जब आप कोई भारी काम करते हैं, तो यही ग्लाइकोजन मांसपेशियों को बिना थके काम करने की शक्ति देता है। शकरकंद में मौजूद पोटेशियम मांसपेशियों के खिंचाव को रोक कर उन्हें लचीला बनाए रखता है।ड्राय फ्रूट्स, सीड्स और ओमेगा-3: ऐंठन और सूजन से दिलाएंगे राहतमांसपेशियों की मजबूती केवल आकार बढ़ाने से नहीं जुड़ी है, बल्कि उनमें लचीलापन और दर्द से राहत होना भी जरूरी है। इसके लिए अपनी डाइट में ड्राई फ्रूट्स और सीड्स को शामिल करना बेहद फायदेमंद है।बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), चिया सीड्स और अलसी के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ओमेगा-3 मांसपेशियों की अंदरूनी सूजन (Inflammation) और वर्कआउट के बाद होने वाले दर्द को तेजी से कम करता है। वहीं, मैग्नीशियम नसों और मांसपेशियों के कार्यकलाप को सुचारू बनाए रखता है, जिससे रात में पैरों या पिंडली में होने वाले अनचाहे खिंचाव और ऐंठन से मुक्ति मिलती है।पानी और नींद: मांसपेशियों की रिकवरी के दो सबसे अनदेखे पिलरचाहे आप कितना भी अच्छा खाना खा लें, लेकिन अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं और नींद पूरी नहीं करते हैं, तो आपकी मांसपेशियां कभी मजबूत नहीं हो सकतीं। हमारी मांसपेशियां लगभग 75 प्रतिशत पानी से बनी होती हैं। डिहाइड्रेशन या पानी की कमी होते ही मसल्स सिकुड़ने लगती हैं और उनमें ताकत कम हो जाती है। दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीना मांसपेशियों की लचक बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।इसके अलावा, जब आप रात में 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेते हैं, तभी आपका शरीर 'ग्रोथ हार्मोन' (Growth Hormone) जारी करता है। इसी नींद के दौरान दिनभर में खाई गई डाइट आपकी टूटी हुई मांसपेशियों को जोड़कर उन्हें मजबूत और नई ताकत प्रदान करती है।निष्कर्ष के तौर पर, यदि आप अपनी दिनचर्या में अंडा, चिकन, पनीर, दालें, नट्स और सही मात्रा में पानी शामिल करते हैं, तो बिना किसी हानिकारक सप्लीमेंट के भी आपकी मांसपेशियां लोहे जैसी मजबूत और सुडौल बन सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:19 pm

इतने बजे से लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, भारत में कहां दिखेगा?

Surya Grahan 2026 Impact: साल 2026 का आखिरी सूर्य ग्रहण आज रात इतने बजे से लगने जा रहा है. जानिए भारत में यह दिखाई देगा या नहीं, सूतक काल लगेगा या नहीं और सभी 12 राशियों पर इसका क्या असर रहेगा.

आज तक 12 Aug 2026 4:19 pm

5 बच्चों के सामने Ronaldo का ब्याह, किस हसीना पर फिदा CR7?

Cristiano Ronaldo और Georgina Rodriguez अब आधिकारिक तौर पर पति-पत्नी बन गए हैं. करीब 10 साल के रिश्ते के बाद दोनों ने पुर्तगाल के Cascais में बेहद निजी सिविल सेरेमनी में शादी की, जिसमें उनके पांच बच्चे भी मौजूद रहे. Ronaldo ने शादी की अंगूठियों की तस्वीर के साथ सिर्फ 'C❤️G' लिखकर ऐलान किया.

आज तक 12 Aug 2026 4:19 pm

जिम्बाब्वे की करिबा झील में नाव डूबने से कम से कम 15 लोगों की मौत, कई लापता

हरारे। जिम्बाब्वे की प्रसिद्ध करिबा झील में यात्रियों से भरी एक नाव के दुर्घटनाग्रस्त होकर पलटने से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री लापता हैं। स्थानीय प्रशासन ने घटना के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है। यह दर्दनाक हादसा मंगलवार को […] The post जिम्बाब्वे की करिबा झील में नाव डूबने से कम से कम 15 लोगों की मौत, कई लापता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 12 Aug 2026 4:18 pm

संसद में बढ़ा 'लुंगी वाला' विवाद, BJP सांसद सुष्मिता देव ने जॉन ब्रिटास के खिलाफ दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस

भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने लुंगी वाला विवाद के बीच सीपीआई एम नेता जॉन ब्रिटास के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। ब्रिटास पहले ही भाजपा सांसद के खिलाफ यह कार्यवाही कर चुके हैं। बढ़ते विवाद के बीच सत्तापक्ष ने दोनों सांसदों से गलतफहमी दूर करने की अपील की है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Aug 2026 4:17 pm

सरकारी से कितना गुना महंगे हैं प्राइवेट हॉस्पिटल? NSO और संसद की रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, जानिए किस बीमारी में मरीजों की जेब पर पड़ रहा 10 से 16 गुना तक भारी बोझ

भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का नेटवर्क जितना तेजी से फैल रहा है, आम इंसान के लिए सही इलाज पाना उतना ही खर्चीला होता जा रहा है। नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (NSO) के स्वास्थ्य सर्वे और संसदीय समिति की नई रिपोर्ट ने देश में प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के बीच इलाज के खर्च की एक ऐसी कड़वी सच्चाई सामने रखी है, जिसने आम नागरिकों से लेकर नीति-निर्माताओं तक के होश उड़ा दिए हैं। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि किसी बीमारी के इलाज के लिए अगर कोई मरीज सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट अस्पताल का रुख करता है, तो उसका बिल औसतन 7 से 10 गुना तक बढ़ जाता है। वहीं, बच्चे के जन्म से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज में यह अंतर 13 से 16 गुना तक पहुंच जाता है।स्वास्थ्य मंत्रालय और सांख्यिकी विभाग के सर्वेक्षणों के अनुसार, आज भी देश में लगभग 60 से 70 प्रतिशत लोग मजबूरी या बेहतर सुविधाओं की आस में प्राइवेट अस्पतालों का सहारा लेते हैं। लेकिन आपातकाल के समय प्राइवेट अस्पतालों के अनियंत्रित बिलिंग सिस्टम और महंगे पैकेज की वजह से लाखों परिवार हर साल कर्ज के जाल में उलझ जाते हैं या अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं।प्राइवेट बनाम सरकारी अस्पताल: भर्ती के औसत खर्च में 8 गुना से ज्यादा का अंतरNSO के घरेलू सामाजिक उपभोग सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, भारत में किसी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती (Inpatient Care) होने का औसत खर्च करीब ₹37,858 बैठता है। हालांकि, जब इस खर्च को सरकारी और प्राइवेट हेल्थकेयर सिस्टम में बांटकर देखा जाता है, तो दोनों के बीच जमीन-आसमान का अंतर नजर आता है।सरकारी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने का औसत खर्च जहां मात्र ₹6,631 आता है, वहीं यही इलाज जब किसी प्राइवेट अस्पताल में कराया जाता है तो औसतन खर्च उछलकर ₹50,508 तक पहुंच जाता है। यानी सिर्फ अस्पताल बदलने भर से मरीज का खर्च आठ गुना तक बढ़ जाता है। यह अंतर केवल गंभीर बीमारियों तक सीमित नहीं है। छोटी-मोटी बीमारियों के लिए जब मरीज ओपीडी (Outpatient Department) में डॉक्टर को दिखाने जाता है, तब भी सरकारी अस्पताल में औसतन ₹289 खर्च होते हैं, जबकि प्राइवेट क्लिनिक या अस्पताल में यह खर्च औसतन ₹1,447 (लगभग 5 गुना अधिक) बैठता है।बच्चे के जन्म पर सबसे बड़ा आर्थिक झटका: 16 गुना तक ज्यादा बिलिंगकिसी भी परिवार में बच्चे का जन्म खुशियों का मौका होता है, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में डिलीवरी का खर्च आम परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ देता है। NSO की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे के जन्म के दौरान सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के बीच खर्च की खाई सबसे चौड़ी पाई गई है।सरकारी अस्पतालों में एक डिलीवरी पर औसतन ₹2,299 का खर्च आता है। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में यही डिलीवरी औसतन ₹37,630 में होती है। कई मामलों में तो यह खर्च ₹50,000 से लेकर लाख रुपये के पार पहुंच जाता है, जो सरकारी अस्पताल के मुकाबले 16 गुना तक अधिक है। संसदीय समिति ने भी इस बात पर गहरी चिंता जताई है कि प्राइवेट अस्पतालों में बिना मेडिकल जरूरत के सी-सेक्शन (सिजेरियन ऑपरेशन) की दरें लगातार बढ़ रही हैं। जरूरत न होने पर भी ऑपरेशन करने का मुख्य उद्देश्य पैकेज बिलिंग को बढ़ाना होता है, जिससे नवजात के माता-पिता पर बेवजह वित्तीय दबाव बनता है।गंभीर बीमारियों में 13 गुना तक बढ़ा बोझ: कैंसर, हार्ट और किडनी के इलाज की कड़वी सच्चाईयदि बीमारी गंभीर हो—जैसे हृदय रोग, कैंसर, किडनी फेलियर या न्यूरोलॉजिकल समस्याएं—तो प्राइवेट अस्पतालों का बिल किसी भी मध्यमवर्ग या गरीब परिवार की कमर तोड़ देता है:आंखों का इलाज: सरकारी अस्पताल में आंखों के इलाज या ऑपरेशन का खर्च करीब ₹2,500 आता है, जबकि शहरी प्राइवेट अस्पतालों में यह खर्च ₹33,276 तक पहुंच जाता है (लगभग 13 गुना ज्यादा)।हृदय रोग (Heart Treatment): दिल की बीमारियों के इलाज के लिए शहरी प्राइवेट अस्पताल में औसतन ₹1.01 लाख तक का बिल बनता है, जो सरकारी अस्पतालों की तुलना में 10 गुना से अधिक है।किडनी और न्यूरो का इलाज: किडनी की बीमारी का इलाज प्राइवेट अस्पतालों में ₹1.20 लाख के पार चला जाता है, जबकि मानसिक व न्यूरो संबंधी बीमारियों का इलाज ₹66,000 से ₹92,000 के बीच पड़ता है।कमरा बदलने से लेकर जरूरत से ज्यादा जांच तक: हिडन चार्जेस और मोटा मार्जिनसंसदीय समिति की रिपोर्ट में इस बात का विस्तार से विश्लेषण किया गया है कि आखिर प्राइवेट अस्पतालों में इलाज इतना महंगा क्यों हो जाता है। समिति ने प्राइवेट हेल्थकेयर सिस्टम की कई ऐसी खामियों को उजागर किया है जो मरीजों के बिल को अचानक बढ़ा देती हैं:कमरे की श्रेणी के हिसाब से पैकेज बदलना: प्राइवेट अस्पतालों में यदि कोई मरीज जनरल वार्ड के बजाय सेमी-प्राइवेट या डीलक्स रूम चुनता है, तो डॉक्टर की फीस, ऑपरेशन का खर्च और नर्सिंग चार्ज सब कुछ बढ़ा दिए जाते हैं। समिति ने सवाल उठाया कि जब डॉक्टर और ऑपरेशन की प्रक्रिया वही है, तो सिर्फ कमरे की श्रेणी बदलने से पूरे इलाज का पैकेज कई गुना क्यों हो जाता है?अनावश्यक मेडिकल जांचें (Over-Investigation): कई प्राइवेट अस्पतालों में बिल बढ़ाने के चक्कर में मरीजों को बेवजह महंगी जांचें (जैसे PET Scan, MRI, CT Scan) लिखी जाती हैं।दवाइयों और इम्प्लांट्स पर 60% तक मार्जिन: अस्पतालों की इन-हाउस फार्मेसी में आम दवाओं पर 43% और कैंसर जैसी बीमारियों की दवाओं पर 50 से 60 प्रतिशत तक का मार्जिन जोड़ा जाता है। इसके अलावा घुटना (Knee), कूल्हा (Hip) या हार्ट पेसमेकर जैसे मेडिकल इम्प्लांट्स पर अस्पताल भारी मुनाफा वसूलते हैं।मरीजों की जेब पर कितना बोझ? आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च और कर्ज का जालभारत में स्वास्थ्य सुरक्षा की स्थिति इतनी चिंताजनक है कि आज भी अधिकांश लोग अपनी बचत के बल पर इलाज कराते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती होने के कुल औसतन खर्च (₹37,858) में से मरीजों को अपनी जेब से (Out-of-Pocket Expenditure) लगभग ₹34,064 चुकाने पड़ते हैं। यानी केवल मामूली हिस्सा ही किसी बीमा या सरकारी सहायता से कवर हो पाता है।इस भारी-भरकम खर्च के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में 25% से ज्यादा परिवार और शहरी क्षेत्रों में लगभग 18% परिवार इलाज के लिए कर्ज लेने या अपनी संपत्ति बेचने पर मजबूर हो जाते हैं। जब परिवार में कोई अचानक गंभीर बीमार पड़ता है, तो परिजनों के पास मेडिकल इमरजेंसी के वक्त रेट में मोलभाव करने या विकल्प तलाशने का समय नहीं होता। इस स्थिति का फायदा उठाकर प्राइवेट अस्पताल अनियंत्रित चार्ज वसूलते हैं।सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और सख्त नियंत्रण की आवश्यकतासंसदीय समिति और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि प्राइवेट अस्पतालों की इस अनियंत्रित बिलिंग को रोकने का सबसे कारगर तरीका देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली (Public Healthcare System) को मजबूत करना है। जब तक सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों, बेडों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता नहीं बढ़ेगी, तब तक आम जनता मजबूरी में महंगे प्राइवेट अस्पतालों का रुख करती रहेगी।इसके साथ ही, सरकार को प्राइवेट अस्पतालों द्वारा ली जाने वाली प्रक्रियाओं के रेट कैपिंग (कीमतों की सीमा तय करना), मेडिकल इम्प्लांट्स और दवाओं के मार्जिन पर लगाम कसने और कमरे की श्रेणी के आधार पर इलाज के रेट बदलने वाली प्रथा पर सख्त रोक लगाने के नियम बनाने होंगे। तभी देश का आम नागरिक बिना आर्थिक कंगाली के डर के अपना और अपने परिवार का सम्मानजनक इलाज करा सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Aug 2026 4:17 pm

Independence Day Special: यहां भगवान के साथ पूजे जाते हैं 41 वीर जवान! गूंजता है ‘भारत माता की जय’

Independence Day Special: उज्जैन का अनोखा शहीद मंदिर देशभक्ति की अद्भुत मिसाल है. यहां भगवान के साथ 41 शहीद जवानों और 21 परमवीर चक्र विजेताओं को प्रतिदिन श्रद्धांजलि दी जाती है. शिप्रा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंजता रहता है.

NDTV इंडिया 12 Aug 2026 4:15 pm