इमरान खान के वकील की जेल प्रशासन को चिट्ठी, SC के आदेश पर अमल की मांग
इमरान खान के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के आदेश की प्रमाणित कॉपी जेल प्रशासन को सौंपकर उन्हें अस्पताल भेजने के फैसले पर तुरंत अमल की मांग की है.
यूपी के ऊपर बना लो प्रेशर एरिया! मैदान से पहाड़ तक बारिश-आंधी का अलर्ट
कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके प्रभाव और मॉनसून ट्रफ की सक्रिय स्थिति के कारण 20 अगस्त को उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने तेज बारिश, आंधी और तेज हवाओं की आशंका वाले इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
बिहार में शराबबंदी के बीच उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PDS दुकानदार के घर से विदेशी शराब की खेप बरामद की. जांच में शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना.
20 अगस्त को यूपी-उत्तराखंड में स्कूल कहां खुले या बंद? प्रयागराज में भारी बारिश बनी आफत
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार भारी बारिश हो रही है. भारी बारिश को देखते हुए प्रयागराज में आज भी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है. प्री प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूल गुरुवार को भी बंद रहने वाले हैं.
दिल्ली NCR में लौटी बारिश, 4 दिन मॉनसून दिखाएगा तेवर, IMD का 14 राज्यों में अलर्ट
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में मौसम फिर बदल गया है. बादल छाये रहने के साथ इन इलाकों में गुरुवार सुबह अच्छी बारिश देखने को मिल रही है. मौसम विभाग ने भी मॉनसून के सक्रिय होने के संकेत दिए हैं.
एक कुर्सी ने रोक दी ट्रेन, गोरखपुर स्टेशन पर 50 मिनट तक खड़ी रही, गार्ड के आगे बेबस दिखा रेलवे
गार्ड रामाशीष 8 महीने बाद रिटायर होने वाले हैं. उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर सुरक्षा सबसे पहले है. वे ये बात जानते थे कि ट्रेन देर से चलने पर सवाल उठ सकते हैं. लेकिन अगर यात्रा के दौरान कुछ भी गलत होता तो जवाब उनको देना पड़ता.
CM विजय से अमित शाह की हुई मुलाकात, चेन्नई में आज बड़ी बैठक
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से गुरुवार को पहली मुलाकात हुई. दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में शामिल होने के लिए अमित शाह पहुंचे हैं. बैठक की मेजबानी तमिलनाडु कर रहा है.
2-3 मंजिल के घर में लिफ्ट का कितना खर्च? जानें पूरा बजट
घर में होम लिफ्ट लगवाने का कुल खर्च करीब 8 लाख से 30 लाख रुपये या ज्यादा हो सकता है. लिफ्ट की कीमत, इंस्टॉलेशन, सिविल वर्क, बिजली और सालाना मेंटेनेंस का खर्च अलग होता है. जानें घर में लिफ्ट लगवाने से पहले कितना बजट रखना चाहिए. वीडियो में जानें डिटेल्स.
पाकिस्तान में भारतीय दूतावास के पास से हटाए गए खंभे, भारत ने भी चला दिया बुलडोजर; लिया बदला
दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर अतिक्रमण हटाए गए। यह कार्रवाई इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर पार्किंग पोल हटाए जाने के कुछ दिन बाद हुई है। जानें भारत-पाक रिश्तों में इस ताजा जवाबी कार्रवाई का पूरा मामला।
बैन लगाएं, RSS नेताओं से न मिलें... भागवत के न्यूयॉर्क दौरे से पहले USCIRF की मांग
अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) के अधिकारियों ने अमेरिकी सरकार से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की मांग की है. आयोग ने अमेरिकी सरकार से ये भी अपील की है कि अधिकारियों को आरएसएस नेताओं से नहीं मिलना चाहिए और न ही उनके साथ बैठक करनी चाहिए.
ऐश्वर्या राय के जिस कोस्टार यानी कि ऑनस्क्रीन भाई की हम बात कर रहे हैं वे अपनी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए काफी चर्चा में रहे थे. इस फिल्म के लिए उन्होंने करीब 18 किलो वजन घटाया था.
केन्या में सफारी पर जा रहा हेलिकॉप्टर क्रैश, 5 अमेरिकी टूरिस्ट सहित सभी 7 की मौत
केन्या सिविल एविएशन अथॉरिटी के मुताबिक, यह हादसा स्थानीय समयानुसार सुबह 09:13 बजे हुआ, जब विमान लोइसाबा वाइल्डलाइफ रिजर्व से रवाना हुआ था.
कैबिनेट मंत्रियों का आया रिपोर्ट कार्ड, सोशल मीडिया परफॉर्मेंस में PM मोदी नंबर-1
मंत्रियों का यह रिपोर्ट कार्ड 1 मई से 15 अगस्त 2026 तक यानी लगभग साढ़े तीन महीने के कामकाज और सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर तैयार किया गया है। पीएम मोदी को इस सूची में पहला स्थान मिला है।
'ईरान के साथ कारोबार किया तो मैं सबसे बड़ी सजा दूंगा'... दुनिया भर के देशों को ट्रंप की नई चेतावनी
US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान को जंग की मैदान में नहीं आर्थिक मोर्चे पर चोट देकर घुटनों पर लाना चाहते हैं. अमेरिका ने पहले ही होर्मुज की नाकेबंदी कर रखी है और अब ईरान की अर्थव्यवस्था को अलग-थलग करने की तैयारी है.
अलर्ट हो चुका है गुरु बुध का परिवर्तन योग! 4 राशियां होंगी मालामाल
Parivartan Yog 2026: ज्ञान और सौभाग्य के कारक देवगुरु बृहस्पति ने बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर लिया है. गुरु और बुध के इस अनूठे संयोग से बेहद शुभ परिवर्तन योग का निर्माण हो रहा है. आइए जानते हैं कि किन राशियों को फायदा होने जा रहा है.
25 फीसदी फ्लाइट क्रू का होगा ड्रग टेस्ट, गांजा कांड के बाद सरकार सतर्क
सैकड़ों यात्रियों के साथ हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर सफर तय करने वाले विमानों को लेकर सरकार अलर्ट मोड पर है। खबर है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 25 फीसदी फ्लाइट क्रू के ड्रग टेस्ट की योजना बनाई है।
स्कॉटिश नेशनल पार्टी (SNP) के नेता और स्कॉटलैंड संसद के सदस्य मार्टिन डे ने केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर में अपनी जीवनसंगिनी नितिन चंद के साथ पारंपरिक भारतीय रीति-रिवाजों से विवाह समारोह संपन्न किया.
'बॉर्डर पर प्रॉब्लम है... बहुत सीरियसली लेना चाहिए', चीन की हरकतों पर रिजिजू का बयान
केंद्रीय मंत्री और अरुणाचल प्रदेश के सांसद किरेन रिजिजू ने कहा है कि भारत-चीन सीमा पर प्रॉब्लम तो है. हालांकि उन्होंने चीनी सैनिकों की ओर से किसी किस्म की घुसपैठ की खबरों को साफ खारिज किया. लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर चाइनीज आर्मी की एक्टिविटी बढ़ी है, इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है.
Top News: सुप्रीम कोर्ट आज बताएगा उद्योग की परिभाषा, चीनी कारोबारियों के स्टॉक पर सीमा; नागरिकता नियम भी बदले
कंगना-रामदेव विवाद, क्या राइट विंग में बढ़ती बेचैनी का संकेत है?
जब सत्ता अपने चरम पर होती है तो उससे निकटता रखने वाले प्रभावशाली लोग सार्वजनिक रूप से टकराने से बचते हैं. लेकिन जैसे-जैसे राजनीतिक शक्ति का आकर्षण कम होता है, वैसे-वैसे सहयोगी समूह अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करने लगते हैं.
इस शहर में आवारा कुत्तों का आतंक! हमलों के बाद नगर निगम ने 200 पकड़े
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से परेशान लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम ने धरपकड़ तेज की है. करीब 200 कुत्ते पकड़े गए हैं, जबकि आठ महीनों में 935 का रेस्क्यू किया जा चुका है.
जब मंगल की सतह पर पहली बार कोई स्पेसक्राफ्ट उतरा
आज के दिन ही मंगल की सतह पर पहली बार किसी अंतरिक्षयान की सफल लैंडिंग हुई थी. इसके बाद इस लाल ग्रह की तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी गई.
मौसम का हाल: दिल्ली-UP से उत्तराखंड तक भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन-बाढ़ का भी कहर; IMD के अनुमान में क्या?
माता-पिता की संपत्ति से बेदखल हो सकते हैं बच्चे, सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बढ़ती उम्र में असुरक्षा का हवाला देकर संपत्ति नहीं ली जा सकती। सभ्य समाज का पैमाना अक्सर उस सम्मान, आदर और सुरक्षा से झलकता है जो वह अपने बुजुर्गों को देता है।
66 साल पुराना जन्माष्टमी का वो गाना जिसे नौशाद के म्यूजिक ने बनाया अमर, लता मंगेशकर की आवाज ने बनाया सदाबहार. मधुबाला के इस गाने के बिना अधूरा सा लगता है कृष्ण जन्मोत्सव.
Explainer: कौन हैं तुकाराम मुंढे? 21 साल में 25 तबादले, अब उनके एक्शन से शाहरुख-अजय और टाइगर पर आई आफत
'ईरान को मदद दी तो भुगतना होगा...', दूसरे देशों को ट्रंप की खुली चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों को कड़ी चेतावनी दी है. अमेरिका अब तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की तैयारी में है, जिससे ईरान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
नमस्कार! आज है गुरुवार, 20 अगस्त। इस खबर के जरिए हम आपको बताएंगे कि आज देश-दुनिया में क्या कुछ होने वाला है? आइए जानते हैं...
Aadhaar कार्ड में कितनी बार बदल सकते हैं नाम और पता? जानें अपडेट के लिए सेवा केंद्र जाना कब जरूरी
Aadhaar कुछ बदलाव तो घर बैठे ऑनलाइन हो जाते हैं. हालांकि कुछ बदलाव के लिए आधार सेवा केंद्र से करवाना होता है. लेकिन आधार में कुछ करेक्शन की सीमा होती है.
जयपुर की फेमस प्याज की कचौड़ी अब घर पर! देखें Video...
अगर आप प्याज की कचौरी के शौकीन हैं, तो @CookingWithChefAshok की ये आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें.
Gen Z से अब सीधे होगी सरकार की मीटिंग, केंद्रीय मंत्रियों को मिला नया काम
भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली केंद्र में सत्तारूढ़ NDA सरकार Gen Z तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी कर रही है। खबर है कि सरकार ने केंद्रीय मंत्रियों को शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर मुलाकात करने का जिम्मा दिया है।
भारत चाहता है तारिक रहमान की यात्रा यादगार हो, बांग्लादेश के लिए PM मोदी का संदेश
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण और राजनीतिक शर्तों के कारण बंगलादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। इस बीच भारतीय उच्चायुक्त ने पीएम मोदी का संदेश पहुंचाया है।
विनोद तावड़े: अभी UP फहुंचे भी नहीं, सवाल तैयार होने लगे; प्रश्नावली में जेन-जी और भितरघात बड़ी चिंता
चीन पर पैनी नजर रखने के लिए भारत ला रहा बेहद खास ड्रोन, अमेरिका से 30 महीने की लीज पर लेगा
भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए अमेरिकी कंपनी GA-ASI से 30 महीने की लीज पर दो MQ-9B Sea Guardian ड्रोन लेने की डील की है.
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रिंस हैरी और मेगन मार्कल आने वाले हफ्तों में अमेरिका छोड़कर ब्रिटेन में बस सकते हैं. बताया गया है कि उनके बच्चों का एक ब्रिटिश स्कूल में दाखिला कराया गया है.
Gorkha recruitment: क्या फिर शुरू होगी गोरखा भर्ती, सेना प्रमुख ने पूर्व गोरखा सैनिकों को क्या भरोसा दिया?
रक्षाबंधन के पर्व में अब बस कुछ ही दिन बाकी हैं. ऐसे में चेहरे को ग्लोइंग बनाने के लिए आप एक नेचुरल फेसपैक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें किसी तरह का केमिकल इस्तेमाल नहीं किया गया है जिससे साइड इफेक्ट्स का खतरा भी कम हो जाता है.
अमेरिका पर कर्ज का नया रिकॉर्ड, पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार, हर 5 महीने में बढ़ रहा 1 ट्रिलियन
अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है. करीब पांच महीने में कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा है, जिससे ब्याज खर्च और आम लोगों की आर्थिक चिंता बढ़ी है.
गाड़ियों का बीमा नहीं तो नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को अपने पहले दिए गए आदेश पर अमल करने का निर्देश दिया है। उच्चतम न्यायालय ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दिल्ली से शुरुआत करने को करने की भी नसीहत दी है।
Weather Forecast 20 Aug 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल
देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल
'वैवाहिक विवाद में कराया जा सकता है बच्चे का पैटरनिटी टेस्ट', सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि वैवाहिक विवादों में बच्चे का पैटरनिटी टेस्ट कराया जा सकता है, भले ही बच्चा शादी के दौरान पैदा हुआ हो।
Supreme Court: इंडस्ट्री की परिभाषा पर आज सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, लाखों कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
दिल्ली में CBI बनकर पहुंचे 10 लोग, महिला ने नहीं खोला गेट, VIDEO
रोहिणी में CBI अधिकारी बनकर व्यापारी के घर पहुंचे 8-10 लोगों पर परिवार को शक हुआ. महिला ने रेड के कागज मांगे, मगर गेट नहीं खोला. पुलिस CCTV फुटेज व कथित नोटिस की जांच कर रही है.
केरल हाई कोर्ट ने केरल बार काउंसिल को 2010 से 2021 के बीच नामांकित 1,157 ऐसे अधिवक्ताओं के नाम प्रकाशित करने का निर्देश दिया है।
Rashifal 20 Aug 2026: देखिए क्या कहती है आपकी राशि
देखिए क्या कहती है आपकी राशि
सावरकर पर गलत सवाल के कारण निलंबित शिक्षक को राहत, हाई कोर्ट ने निलंबन पर लगाई रोक
केरल हाई कोर्ट ने एक स्कूल शिक्षक के निलंबन पर एक महीने के लिए रोक लगा दी है, जिन्हें परीक्षा में सावरकर से संबंधित 'गलत सवाल' पूछने के कारण निलंबित किया गया था।
बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, अभिषेक बनर्जी के पीए से हिरासत में पूछताछ जरूरी
बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय सालबोनी जमीन हड़पने मामले की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
'होर्मुज खुला है, नौसैनिक नाकाबंदी असरदार रही...', ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा
ईरान तनाव के बीच ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला बताते हुए अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को बेहद असरदार बताया. उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नावें वहां से गुजर रही हैं.
नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: सीमावर्ती राज्यों के डीएम को मिला नागरिकता देने का अधिकार, क्या है नियम?
सुप्रीम कोर्ट ने कचरा प्रबंधन को केवल नगर निकायों की नहीं, बल्कि हर व्यक्ति, परिवार और संस्था की जिम्मेदारी बताया है।
नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल: सुप्रीम कोर्ट की केंद्र को सख्त हिदायत, जल्द शुरू करें पायलट प्रोजेक्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' पायलट प्रोजेक्ट तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है।
बार-बार सबूत न मांगें, कारनामों की फाइलें मेज पर रखी हैं; थलपति विजय ने डीएमके को दी खुली चेतावनी
विजय ने कहाकि अपराध का संकेत देने वाली फाइलों की समीक्षा पहले ही की जा चुकी है और वे अभी मेरी मेज पर रखी हैं। उन्होंने कहाकि वह सही समय आने पर इनका ब्योरा सार्वजनिक करेंगे।
अब बीसीआई चीफ के खिलाफ प्रदर्शन को तैयार कॉकरोच, मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग
नालसार यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ विवाद, बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा का पीछा छोड़ता नजर नहीं आ रहा है। अब कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग उठाई है।
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Rahul Gandhi: राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को मंजूरी, पुलिस ने लगाईं 30 शर्तें; क्या हैं नियम?
दीपावली पर पटाखों से पाबंदी हटेगी? सुप्रीम कोर्ट ने सीपीसीबी से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से दीपावली पर पटाखों की पाबंदियों, खासकर शोर की सीमा में ढील देने की संभावना तलाशने को कहा है।
कांग्रेस का बड़ा ऐलान: 800 शहरों में चलेगा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास टैक्सिला में 28 वर्षीय सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर शम्सो बीबी की कथित तौर पर दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
वंदे मातरम पर नए कानून को नहीं मानेगी कांग्रेस, दो पद पर कायम; बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस ने वंदे मातरम् के संपूर्ण गायन पर मोदी सरकार के नए कानून को मानने से इनकार किया है और 1937 के प्रस्ताव के अनुसार केवल प्रारंभिक दो छंदों का ही गायन करेगी।
पाकिस्तान का जिक्र तक नहीं... कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बयान के क्या हैं मायने?
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया, जहां उन्होंने इसे भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और विवादित क्षेत्र या पाकिस्तान का कोई उल्लेख नहीं किया.
जर्मन महिला से चौकीदार ने की अश्लील इशारे, शिकायत के बाद पुलिस ने दबोचा
मध्य प्रदेश के इंदौर में गांधी हॉल परिसर घूमने पहुंची जर्मनी की निवासी महिला के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. महिला दिल्ली में रहती है और अपने साथी के साथ शहर घूमने आई थी. आरोप है कि परिसर में तैनात चौकीदार ने उस पर अशोभनीय टिप्पणियां कीं और आपत्तिजनक इशारे किए. शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
Film Wrap: कंगना ने रामदेव को दिया करारा जवाब, गोविंदा की शादी बची या टूटी?
गोविंदा-सुनीता के रिश्ते से लेकर कंगना रनौत और बाबा रामदेव की जुबानी जंग तक, सुरेश ओबेरॉय के BJP से मोहभंग और बॉलीवुड की दूसरी बड़ी खबरें पढ़ें फिल्म रैप में.
राजीव गांधी का शुक्रगुजार... पीएम मोदी ने गलती की; BJP छोड़ने के बाद ऐसा क्यों बोले शहजाद पूनावाला?
भाजपा से इस्तीफा दे चुके शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वह अब बिना किसी फिल्टर के कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर निशाना साधेंगे। अभी तक वह पार्टी की मर्यादा में रहकर काम करते थे।
सिस्टम सुधारने के लिए क्या कदम उठाए? NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने NTA से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए एनटीए को संस्थागत रूप से मजबूत करने पर जोर दिया।
चिकनाई-गंदगी से गैस चूल्हा दिखने लगा है पुराना? इस चीज से करें साफ
Kitchen Burner Cleaning Tips: अगर आपके किचन में भी रखा चूल्हा चिकनाई से पुराना दिखने लगा है तो यहां हम आपको कुछ आसान ट्रिक बताएंगे जिससे आपका चूल्हा फिर से नया जैसा दिखने लगेगा.
बांग्लादेश में कल राष्ट्रपति चुनाव, BNP के फखरुल की जीत लगभग तय
बांग्लादेश में गुरुवार को 35 सालों बाद पहली बार सीधे संसद में राष्ट्रपति पद के लिए मतदान होगा. मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद के बीच कड़ी टक्कर है. चुनाव आयोग ने मतदान दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया है. नए चुने गए राष्ट्रपति शुक्रवार को शपथ लेंगे.
भारतीय शेयर बाजार के जाने-माने दिग्गज निवेशक विजय केडिया (Vijay Kedia) के नए दांव ने दलाल स्ट्रीट पर हलचल मचा दी है। उनकी निवेश फर्म केडिया सिक्योरिटीज (Kedia Securities) ने फिनटेक और बिजनेस स्पेंड मैनेजमेंट सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज (Zaggle Prepaid Ocean Services Ltd) में 1.48 प्रतिशत की नई हिस्सेदारी खरीदी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बल्क डील डेटा में इस बड़े निवेश का खुलासा होते ही कंपनी के शेयरों में निवेशकों की भारी लिवाली शुरू हो गई और शेयर इंट्राडे में 18 प्रतिशत तक की धुआंधार तेजी के साथ ₹195 के पार पहुंच गया।बल्क डील का पूरा गणित: ₹32.94 करोड़ में खरीदे 20 लाख शेयरएक्सचेंज के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, केडिया सिक्योरिटीज ने ओपन मार्केट बल्क डील के जरिए ₹164.72 प्रति शेयर के औसत भाव पर 20 लाख इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इस सौदे की कुल वैल्यू लगभग ₹32.94 करोड़ रही है। विजय केडिया द्वारा किसी स्मॉलकैप कंपनी में सीधी हिस्सेदारी खरीदना बाजार में सकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि वे लंबी अवधि के फंडामेंटल ग्रोथ वाले शेयरों की पहचान करने के लिए जाने जाते हैं।आशीष कचोलिया का भी है भरोसा: दो दिग्गजों की मौजूदगीजैगल प्रीपेड में केवल विजय केडिया ही नहीं, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के एक और प्रमुख निवेशक आशीष कचोलिया (Ashish Kacholia) भी पहले से बड़ी हिस्सेदारी बनाए हुए हैं। एक ही स्मॉलकैप कंपनी में दो बड़े सुपर इन्वेस्टर्स का नाम जुड़ने से रिटेल और संस्थागत निवेशकों का भरोसा इस फिनटेक-SaaS प्लेटफॉर्म पर काफी बढ़ गया है। हालिया तिमाही नतीजों के बाद शेयर में आई अस्थायी गिरावट के बाद इस खरीदारी ने स्टॉक में जोरदार रिवर्सल पैदा किया है।क्या करती है Zaggle Prepaid Ocean Services?यह कंपनी बी2बी (B2B) फिनटेक और सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) आधारित कॉरपोरेट स्पेंड मैनेजमेंट सॉल्यूशंस उपलब्ध कराती है।कॉरपोरेट एक्सपेंस मैनेजमेंट: कंपनियों को कर्मचारियों के बिजनेस टूर, फ्यूल, फूड और अन्य ऑफिशियल खर्चों को ऑटोमेट और ट्रैक करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रीपेड कार्ड्स मुहैया कराना।एम्प्लॉई रिवॉर्ड्स एंड इंसेंटिव्स: बड़े कॉरपोरेट्स को अपने कर्मचारियों और चैनल पार्टनर्स को इंसेंटिव, गिफ्ट कार्ड और बेनिफिट्स वितरित करने के लिए सॉफ्टवेयर टूल्स देना।बैंकों के साथ मजबूत पार्टनरशिप: कंपनी देश के प्रमुख बैंकों (जैसे HDFC Bank, ICICI Bank, IndusInd Bank) के साथ मिलकर को-ब्रांडेड प्रीपेड कार्ड्स जारी करती है।महानगरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों के निवेशकों में बढ़ा क्रेजविजय केडिया के पोर्टफोलियो में नए स्टॉक के जुड़ने की खबर का असर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के साथ-साथ लखनऊ, कानपुर, जयपुर, इंदौर, सूरत और पटना जैसे उभरते शहरों के खुदरा निवेशकों में भी देखने को मिला है। स्थानीय स्तर पर निवेशक ऐसे स्टॉक्स को अपने वॉचलिस्ट में शामिल कर रहे हैं जहां दिग्गज निवेशकों का कैपिटल एलोकेशन हुआ है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि किसी बड़े निवेशक की एंट्री के बाद शेयर का पीछा करने (FOMO) के बजाय कंपनी के बिजनेस मॉडल, कैश फ्लो और वैल्यूएशन का स्वतंत्र विश्लेषण करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
वित्तीय संकट, कानूनी मुकदमों और ग्राउंडेड विमानों की समस्या से जूझ रही भारत की प्रमुख बजट एयरलाइन स्पाइसजेट (SpiceJet) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रहे दिवालिया कार्यवाही (Insolvency Proceedings) के विवाद को सुलझाने की दिशा में एयरलाइन ने अहम सफलता हासिल की है। एयरक्राफ्ट लेसर एविएटर एमएल (Aviator ML) के साथ लगभग ₹60 करोड़ के विवाद पर आपसी समझौते (Settlement) के बाद ट्रिब्यूनल ने याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है। इस घटनाक्रम के बाद एयरलाइन प्रबंधन ने साफ किया है कि उसका पूरा ध्यान अब अदालती उलझनों से निकलकर अपनी उड़ानों की गुणवत्ता सुधारने, ग्राउंडेड जहाजों को दोबारा आसमान में उड़ाने और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने पर केंद्रित है।NCLT में क्या था पूरा मामला और कैसे बनी बात?स्पाइसजेट के खिलाफ विमान लीज पर देने वाली कंपनी एविएटर एमएल ने बकाया भुगतान न होने का आरोप लगाते हुए इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 9 के तहत दिवालिया याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रख चुका था। हालांकि, दोनों पक्षों ने अदालत के बाहर आपसी सहमति से समाधान निकालते हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत स्पाइसजेट ने शुरुआती भुगतान जारी कर दिया। इसके बाद ट्रिब्यूनल ने एविएटर एमएल को अपनी याचिका वापस लेने की औपचारिक मंजूरी दे दी।उड़ान सेवाओं और विमान बेड़े (Fleet) को दोबारा खड़ा करने पर जोरएनसीएलटी के फैसले का स्वागत करते हुए स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा कि यह समझौता लंबित मामलों को सुलझाने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक और ठोस कदम है। एयरलाइन ने माना कि वह एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरी है, लेकिन अब कंपनी अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया में जुटी है। कंपनी का प्राथमिक उद्देश्य अपने बेड़े में मौजूद निष्क्रिय विमानों की मरम्मत कराकर उन्हें फिर से ऑपरेशनल बनाना, नए रूट्स पर कनेक्टिविटी बढ़ाना और उड़ानों के समय की पाबंदी (On-Time Performance) में सुधार करना है।यात्रियों के भरोसे और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस को सुधारने की चुनौतीबीते कुछ समय में फ्लाइट कैंसिल होने, देरी और तकनीकी दिक्कतों के कारण स्पाइसजेट के घरेलू मार्केट शेयर में गिरावट दर्ज की गई थी। अब एयरलाइन अपने ऑपरेशनल नेटवर्क को दुरुस्त कर यात्रियों का विश्वास दोबारा हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही है। लीज विवादों के क्रमिक समाधान से एयरलाइन को अपने विमानों का संचालन सुचारू रखने में मदद मिलेगी, जिससे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच उड़ानों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकेगी।अन्य लेसरों के साथ भी जारी है सुलह की बातचीतविमानन विशेषज्ञों के अनुसार, स्पाइसजेट इससे पहले भी एयरकैसल (Aircastle), सेलेस्टियल एविएशन (Celestial Aviation) और अल्टरना एयरक्राफ्ट (Alterna Aircraft) जैसे कई अंतरराष्ट्रीय लेसरों के साथ आउट-ऑफ-कोर्ट सेटलमेंट सफलतापूर्वक कर चुकी है। वर्तमान में अन्य लंबित याचिकाओं को लेकर भी एयरलाइन लगातार सकारात्मक संवाद स्थापित कर रही है। लीगल विवादों के तेजी से निपटारे से एयरलाइन को नई फंडिंग जुटाने और संचालन को वित्तीय स्थिरता प्रदान करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।टियर-2 और टियर-3 शहरों में रीजनल कनेक्टिविटी को मिलेगा सहारालखनऊ, वाराणसी, जयपुर, पटना, अयोध्या, दरभंगा और गोवा जैसे उभरते पर्यटन व व्यापारिक केंद्रों के लिए स्पाइसजेट एक महत्वपूर्ण एयर कनेक्टिविटी विकल्प रही है। उड़ानों के सामान्य होने और फ्लीट के एक्टिव होने से इन क्षेत्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों को सस्ती और सीधी उड़ानों के अधिक विकल्प मिल सकेंगे, जिससे त्योहारी सीजन से पहले हवाई किराए के दबाव को भी संतुलित करने में मदद मिलेगी।
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ऑन-द-गो चार्जिंग को और अधिक सुगम, कॉम्पैक्ट और स्टाइलिश बनाते हुए टेक एक्सेसरीज सेगमेंट में नया अल्ट्रा-स्लिम मैग्नेटिक मैगसेफ पावर बैंक (Ultra-Slim MagSafe Power Bank) आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया है। ₹2,999 की आक्रामक शुरुआती कीमत पर पेश किए गए इस 10,000mAh क्षमता वाले पावर बैंक को खासतौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जो भारी-भरकम और ईंट जैसे दिखने वाले पावर बैंकों से छुटकारा पाना चाहते हैं। यह डिवाइस न केवल आईफोन (iPhone 12 और उससे ऊपर के मॉडल्स) के लिए स्ट्रॉन्ग मैग्नेटिक अलाइनमेंट और 15W वायरलेस चार्जिंग प्रदान करता है, बल्कि टाइप-सी पोर्ट के जरिए 22.5W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ एंड्रॉइड डिवाइसेज को भी पलक झपकते चार्ज करने में सक्षम है।पॉकेट-फ्रेंडली स्लिम प्रोफाइल और प्रीमियम मेटल बिल्डइस नए 10,000mAh पावर बैंक की सबसे बड़ी यूएसपी इसका अल्ट्रा-स्लिम फॉर्म फैक्टर है। मात्र 14.4 मिमी की मोटाई और हल्के वजन वाली सॉलिड मेटल बॉडी के कारण यह फोन के पीछे चिपकने के बाद भी हाथों में भारी महसूस नहीं होता। यूजर इसे आसानी से जेब या छोटे बैग में रखकर बिना किसी झंझट के सफर कर सकते हैं। इसके साथ ही इसमें एक इनबिल्ट फोल्डेबल किकस्टैंड भी दिया गया है, जिसकी मदद से यूजर फोन को चार्ज करते हुए हैंड्स-फ्री वीडियो कॉल्स अटेंड कर सकते हैं या पसंदीदा वेब सीरीज देख सकते हैं।15W मैग्नेटिक वायरलेस और 22.5W पीडी फास्ट चार्जिंगचार्जिंग स्पीड के मामले में यह पावर बैंक आधुनिक पावर डिलीवरी (PD 3.0) और पीपीएस (PPS) प्रोटोकॉल को सपोर्ट करता है।स्ट्रॉन्ग MagSafe होल्ड: पावर बैंक में दिए गए पावरफुल मैग्नेट्स फोन के साथ मजबूती से लॉक हो जाते हैं, जिससे चलते-फिरते चार्जिंग के दौरान फोन के फिसलने का कोई डर नहीं रहता।22.5W सुपरफास्ट वायर्ड आउटपुट: यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के माध्यम से यह मात्र 30 मिनट में सपोर्टेड स्मार्टफोन्स को 0 से 50 प्रतिशत तक चार्ज करने की क्षमता रखता है।मल्टी-डिवाइस चार्जिंग: इसके जरिए एक साथ वायरलेस और वायर्ड दोनों तरीकों से दो अलग-अलग गैजेट्स (जैसे स्मार्टफोन और TWS ईयरबड्स) को पावर दी जा सकती है।स्मार्ट एलसीडी डिस्प्ले और मल्टी-लेयर सेफ्टी शील्डपावर बैंक में बची हुई बैटरी का सटीक प्रतिशत जानने के लिए एक डिजिटल एलसीडी इंडिकेटर स्क्रीन दी गई है, जिससे यूजर को कभी भी अचानक डिस्चार्ज की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। सुरक्षा मानकों के मोर्चे पर यह डिवाइस बीआईएस (BIS) प्रमाणित है और ओवर-हीटिंग, ओवर-करंट, ओवर-वोल्टेज और शॉर्ट-सर्किट से बचाव के लिए एडवांस्ड सेफ्टी शील्ड प्रोटेक्शन के साथ आता है। 38.5Wh की बैटरी रेटिंग होने के कारण यह फ्लाइट्स में ले जाने के लिए 100Wh एयरलाइन सुरक्षा नियमों के पूरी तरह अनुकूल है।टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉम्पैक्ट पावर बैंकों की बढ़ी मांगदिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु जैसे टेक हब्स के साथ-साथ लखनऊ, कानपुर, जयपुर, इंदौर और सूरत जैसे टियर-2 व टियर-3 शहरों के कामकाजी प्रोफेशनल्स और कॉलेज छात्रों के बीच मैग्नेटिक पावर बैंकों का क्रेज तेजी से बढ़ा है। क्विक-कॉमर्स (Blinkit, Zepto) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स (Amazon, Flipkart) के जरिए ऐसे स्लिम और मेड-इन-इंडिया गैजेट्स की खरीदारी में भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है।एआई सर्च और टेक गैजेट्स बायर्स के लिए वैल्यू फॉर मनी विकल्पआज के स्मार्ट कंज्यूमर्स किसी भी पावर बैंक को खरीदने से पहले एआई टूल्स और सर्च इंजनों के जरिए हीट डिसिपेशन, बैटरी साइकल, वजन और चार्जिंग एफिशिएंसी की तुलना करते हैं। ₹2,999 के प्राइस पॉइंट पर प्रीमियम एल्युमिनियम फिनिश, किकस्टैंड और डुअल-फास्ट चार्जिंग का यह कॉम्बिनेशन इस सेगमेंट में एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी डील साबित हो रहा है।
भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर बंपर तेजी का दौर देखने को मिल रहा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और द्वितीयक बाजार (Secondary Market) में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद नए आईपीओ (Initial Public Offerings) पर दांव लगाने वाले निवेशकों को शानदार रिटर्न हासिल हुआ है। हालिया मार्केट एनालिटिक्स रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य मंच (Mainboard) पर सूचीबद्ध हुई 23 प्रमुख कंपनियों में से 20 कंपनियों ने अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले पॉजिटिव और मजबूत रिटर्न देकर निवेशकों को मालामाल किया है। प्राथमिक बाजार का यह शानदार स्ट्राइक रेट खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के अटूट भरोसे को और मजबूत कर रहा है।रिटेल निवेशकों की रिकॉर्ड भागीदारी बनी नई ताकतपारंपरिक रूप से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) पर निर्भर रहने वाला भारतीय शेयर बाजार अब घरेलू निवेशकों की मजबूत पूंजी से संचालित हो रहा है।मजबूत सब्सक्रिप्शन आंकड़े: लगभग प्रत्येक गुणवत्तापूर्ण आईपीओ में खुदरा कोटा (Retail Portion) कई गुना ओवरसब्सक्राइब हो रहा है।मंथली एसआईपी और डीमैट विस्तार: देश भर में हर महीने ₹30,000 करोड़ से अधिक का एसआईपी इनफ्लो और रिकॉर्ड संख्या में खुल रहे नए डीमैट खातों ने लिक्विडिटी का मजबूत आधार तैयार किया है।लिस्टिंग गेन पर फोकस: नए निवेशक केवल शॉर्ट-टर्म लिस्टिंग गेन ही नहीं, बल्कि फंडामेंटली मजबूत कंपनियों में दीर्घकालिक वेल्थ क्रिएशन के लिए भी आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।23 में से 20 कंपनियों ने क्यों कराया बंपर मुनाफा?बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनियों द्वारा की जा रही 'रीजनेबल प्राइसिंग' (आकर्षक मूल्यांकन) और प्रॉफिट-आफ्टर-टैक्स (PAT) पॉजिटिव कंपनियों की बढ़ती संख्या है। पहले जहां अत्यधिक महंगे वैल्यूएशन पर अनप्रॉफिटेबल न्यू-एज टेक कंपनियां बाजार में उतरती थीं, वहीं अब मजबूत कैश फ्लो, स्पष्ट बिजनेस मॉडल और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस वाली पारंपरिक व आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, कंज्यूमर और ईपीसी कंपनियों को प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि लिस्टिंग के दिन और उसके बाद भी 85% से अधिक स्टॉक्स में निवेशकों की पूंजी सुरक्षित रहने के साथ बढ़ी है।टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रही आईपीओ क्रांतिआईपीओ में निवेश का यह क्रेज केवल मुंबई, दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बिहार के पटना, राजस्थान के जयपुर, मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के अहमदाबाद व सूरत जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा व खुदरा निवेशक डिजिटल ब्रोकिंग ऐप्स और यूपीआई (UPI Mandate) के जरिए बड़े पैमाने पर आईपीओ बिडिंग में हिस्सा ले रहे हैं। स्थानीय स्तर पर वित्तीय जागरूकता और हिंदी में उपलब्ध रिसर्च डेटा ने छोटे शहरों के निवेशकों को शेयर बाजार की मुख्यधारा से जोड़ा है।आने वाले महीनों में कतार में हैं कई मेगा आईपीओप्राइमरी मार्केट की यह मजबूती आगामी तिमाहियों में और अधिक गति पकड़ने वाली है। सेबी (SEBI) की पाइपलाइन में 200 से अधिक कंपनियों के ड्राफ्ट पेपर्स तैयार हैं। इसके साथ ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), जेप्टो (Zepto), एसबीआई म्यूचुअल फंड्स (SBI Mutual Fund) और अन्य दिग्गज यूनिकॉर्न्स भी अपने पब्लिक इश्यू लाने की तैयारी में हैं।(डिस्क्लेमर: आईपीओ और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी पब्लिक इश्यू में आवेदन करने से पहले कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) और वित्तीय सलाहकारों की राय अवश्य लें।)
मेट्रो शहरों से लेकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में किराए के मकान में रहने वाले नौकरीपेशा और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए हर महीने का सबसे बड़ा खर्च मकान का किराया (House Rent) होता है। कई बार महीने के शुरुआती दिनों में सैलरी आने में देरी होने या नकदी की किल्लत होने पर लोग क्रेडिट कार्ड के जरिए रेंट पेमेंट करने का रास्ता चुनते हैं। हालांकि, बीते कुछ समय में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई पेमेंट एग्रीगेटर (PA) गाइडलाइंस और बैंकों द्वारा लागू किए गए कड़े नियमों के बाद अब क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने की पूरी प्रक्रिया और उसका गणित बदल चुका है। यदि आप भी इस महीने क्रेडिट कार्ड स्वाइप करके मकान मालिक के खाते में किराया ट्रांसफर करने की योजना बना रहे हैं, तो इससे पहले आरबीआई के आधिकारिक नियम, बैंकों के अतिरिक्त शुल्क और अपने वित्तीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर को अच्छी तरह समझ लेना बेहद जरूरी है।क्या क्रेडिट कार्ड से किराया भरना कानूनी और संभव है?सीधा और स्पष्ट जवाब है—हाँ, क्रेडिट कार्ड से घर का किराया भरा जा सकता है, लेकिन यह प्रक्रिया अब पहले जितनी आसान और पूरी तरह मुफ्त नहीं रह गई है। चूंकि अधिकांश मकान मालिक (Landlords) किसी बैंक या पीओएस (PoS) मशीन के जरिए सीधे क्रेडिट कार्ड स्वीकार नहीं करते, इसलिए किरायेदारों को अधिकृत फिनटेक प्लेटफॉर्म्स, प्रॉपर्टी पोर्टल्स (जैसे NoBroker, Magicbricks, Housing.com) या बैंकों के अपने बिल-पे पोर्टल्स का सहारा लेना पड़ता है। ये प्लेटफॉर्म्स आपके क्रेडिट कार्ड से राशि काटकर बैंक ट्रांसफर या यूपीआई के माध्यम से सीधे मकान मालिक के रजिस्टर्ड बैंक खाते में पैसे भेजते हैं।RBI की पेमेंट एग्रीगेटर (PA) गाइडलाइंस ने क्या बदले नियम?रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अनधिकृत फंड रूटिंग, संदिग्ध ट्रांजैक्शन और बिना सत्यापन वाले लेन-देन पर लगाम लगाने के लिए पेमेंट एग्रीगेटर्स पर सख्त नियम लागू किए हैं।मर्चेंट और नो-योर-कस्टमर (KYC) सत्यापन: आरबीआई के नियमों के अनुसार, किसी भी पेमेंट गेटवे या एग्रीगेटर के जरिए क्रेडिट कार्ड से भुगतान केवल उन्हीं मर्चेंट्स को भेजा जा सकता है जिनका वैध व्यावसायिक अनुबंध और पूर्ण केवाईसी मौजूद हो। चूंकि व्यक्तिगत मकान मालिक पारंपरिक 'मर्चेंट' की श्रेणी में नहीं आते, इसलिए आरबीआई ने बिना दस्तावेजी साक्ष्य के होने वाले रेंट पेमेंट्स पर कड़ी आपत्ति जताई थी।थर्ड-पार्टी ऐप्स पर सख्ती: आरबीआई के रुख के बाद कई प्रमुख फिनटेक ऐप्स ने या तो बिना रेंट एग्रीमेंट वाले सामान्य वॉलेट ट्रांसफर बंद कर दिए हैं या फिर मकान मालिक का पैन कार्ड (PAN), बैंक खाता विवरण और वैध रेंट एग्रीमेंट अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है।फर्जी रेंट पेमेंट्स पर रोक: कई लोग अपने ही रिश्तेदारों या दोस्तों के नाम पर फर्जी रेंट रिसिप्ट बनाकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट को कैश में बदलने का काम करते थे। आरबीआई और आयकर विभाग की संयुक्त निगरानी के बाद ऐसे गैर-कानूनी रोटेशन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।क्रेडिट कार्ड से किराया चुकाने पर कितना लगता है एक्स्ट्रा चार्ज?क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट अब 'फ्री' नहीं रहा। यदि आप कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको दोहरे वित्तीय शुल्कों का सामना करना पड़ता है:प्लेटफॉर्म या कन्वीनियंस फीस: रेंट पेमेंट सर्विस देने वाले थर्ड-पार्टी पोर्टल्स कुल रेंट राशि पर 0.39% से लेकर 2% तक का प्लेटफॉर्म प्रोसेसिंग चार्ज लेते हैं।बैंक रेंटल सरचार्ज (Rental Surcharge): एचडीएफसी बैंक (HDFC), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI), भारतीय स्टेट बैंक कार्ड (SBI Card), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे लगभग सभी प्रमुख बैंकों ने क्रेडिट कार्ड से रेंट पेमेंट करने पर 1% से लेकर 2% तक का अतिरिक्त रेंटल ट्रांजैक्शन सरचार्ज लगाना शुरू कर दिया है।18% जीएसटी (GST): ध्यान रहे कि बैंक सरचार्ज और प्लेटफॉर्म फीस दोनों पर 18% का अतिरिक्त वस्तु एवं सेवा कर (GST) भी अलग से काटा जाता है।उदाहरण से समझें: यदि आपका मासिक किराया ₹30,000 है, तो 1% बैंक सरचार्ज (₹300) + 1.5% प्लेटफॉर्म फीस (₹450) और इन पर 18% जीएसटी (₹135) मिलाकर आपको हर महीने लगभग ₹885 अतिरिक्त चुकाने पड़ सकते हैं। एक साल में यह अतिरिक्त खर्च ₹10,000 से अधिक हो जाता है।रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक का फायदा भी हुआ खत्मपहले लोग क्रेडिट कार्ड से किराया इसलिए भरते थे ताकि उन्हें भारी मात्रा में रिवॉर्ड पॉइंट्स, माइलस्टोन बेनिफिट्स और एयरमाइल्स मिल सकें। लेकिन वर्तमान नियमों के अनुसार, लगभग सभी बड़े बैंकों ने रेंट पेमेंट ट्रांजैक्शंस पर रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक देना पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ ही, वार्षिक कार्ड फीस माफी (Annual Fee Waiver) के लिए जो कुल सालाना खर्च (Annual Spend Milestone) गिना जाता है, उसमें से भी अधिकांश बैंकों ने रेंट खर्चों को बाहर कर दिया है।क्रेडिट स्कोर और CIBIL पर क्या पड़ सकता है प्रतिकूल असर?घर का किराया एक बड़ा वित्तीय खर्च होता है। यदि आपके क्रेडिट कार्ड की कुल क्रेडिट लिमिट ₹1 लाख है और आप हर महीने ₹35,000 का किराया कार्ड से भरते हैं, तो आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) सीधे 35% के पार चला जाता है। क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (CIBIL/Experian) के मानकों के अनुसार, 30% से अधिक क्रेडिट यूटिलाइजेशन आपके क्रेडिट स्कोर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, यदि आप नियत तारीख तक क्रेडिट कार्ड का पूरा बिल चुकाने में असमर्थ रहते हैं, तो बैंक 36% से 42% वार्षिक की दर से भारी ब्याज वसूलते हैं, जिससे आप कर्ज के भंवरजाल में फंस सकते हैं।क्रेडिट कार्ड से किराया भरने के सुरक्षित विकल्प क्या हैं?यदि किसी आपातकालीन वित्तीय संकट में आपको क्रेडिट कार्ड का ही उपयोग करना पड़े, तो इन बातों का ध्यान रखें:केवल अधिकृत और विनियमित प्लेटफॉर्म्स (जैसे नोब्रोकर, रेडजिराफ या बैंक के अपने आधिकारिक ऐप) का ही उपयोग करें।मकान मालिक का सही पैन नंबर, बैंक खाता संख्या और रेंट एग्रीमेंट की कॉपी पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि भविष्य में आयकर विभाग द्वारा एचआरए (HRA) छूट क्लेम करते समय कोई नोटिस न आए।महीने के अंत में क्रेडिट कार्ड बिल की नियत तारीख से पहले पूरा बिल एकमुश्त चुकाएं; केवल 'मिनिमम ड्यू' भरने की गलती बिल्कुल न करें।किराया चुकाने के सबसे सुरक्षित और किफायती तरीकेअनावश्यक वित्तीय शुल्कों और बैंक सरचार्ज से बचने के लिए यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग (NEFT/RTGS/IMPS) या बैंक ऑटो-डेबिट (NACH) के जरिए सीधे बैंक खाते से किराया ट्रांसफर करना ही सबसे किफायती, सुरक्षित और पारदर्शी विकल्प है। इसमें न तो कोई अतिरिक्त सर्विस चार्ज लगता है और न ही आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई विपरीत असर पड़ता है।
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच डिफेंसिव और मजबूत फंडामेंटल वाले फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर के शेयरों पर बड़े घरेलू और विदेशी ब्रोकरेज हाउसेज का भरोसा एक बार फिर लौटता नजर आ रहा है। देश के 80 प्रतिशत से अधिक परिवारों में प्रतिदिन इस्तेमाल होने वाले कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India) के शेयर को लेकर दलाल स्ट्रीट के एनालिस्ट्स काफी सकारात्मक रुख अपना रहे हैं। लगभग शून्य कर्ज (Zero Debt) वाली इस दिग्गज कंपनी पर 18 से अधिक प्रमुख रिसर्च एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स ने 'बाय' (Buy) और 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है। विश्लेषकों का मानना है कि अनुकूल मानसून, ग्रामीण खपत में तेज सुधार और नए प्रोडक्ट लॉन्च के दम पर यह शेयर आने वाले समय में आसानी से ₹490 से लेकर ₹525 के स्तर तक पहुंच सकता है।हर घर में मजबूत पहुंच और डायवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियोकंपनी का बिजनेस मॉडल भारतीय उपभोक्ताओं की दैनिक दिनचर्या से सीधे जुड़ा हुआ है। ओरल केयर (डाबर रेड पेस्ट, मेस्वाक), हेल्थकेयर (डाबर च्यवनप्राश, डाबर हनी), पर्सनल केयर (वाटिका, डाबर आंवला हेयर ऑयल) और बेवरेजेस (रियल फ्रूट जूस) जैसे प्रमुख ब्रांड्स के जरिए कंपनी ने घरेलू बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। एफएमसीजी इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, देश के 10 में से 8 घरों में कंपनी का कम से कम एक उत्पाद नियमित रूप से उपयोग किया जाता है। यह व्यापक पहुंच कंपनी को बाजार के किसी भी अस्थायी मंदी के चक्र से निपटने में एक मजबूत सुरक्षा कवच (Economic Moat) प्रदान करती है।जीरो-डेट बैलेंस शीट और मजबूत कैश फ्लो का फायदाकंपनी की सबसे बड़ी वित्तीय ताकत इसकी स्वच्छ और मजबूत बैलेंस शीट है। कंपनी पर व्यावहारिक रूप से कोई दीर्घकालिक कर्ज नहीं है, जिससे इसके ऊपर ब्याज भुगतान का कोई वित्तीय दबाव नहीं रहता। इसके साथ ही, कंपनी का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगभग 17 प्रतिशत और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 20 प्रतिशत से अधिक के स्वस्थ स्तर पर बना हुआ है। मजबूत परिचालन नकदी प्रवाह (Operating Cash Flow) के चलते कंपनी अपने शेयरधारकों को 70 प्रतिशत से अधिक का हेल्दी डिविडेंड पेआउट देती आ रही है।18 एक्सपर्ट्स क्यों हैं बुलिश? ₹490 के टारगेट के पीछे के बड़े ट्रिगर्सग्लोबल और घरेलू ब्रोकरेज फर्म्स द्वारा शेयर पर तेजी का रुख अपनाने के पीछे कई ठोस कारण सामने आए हैं। हालिया तिमाहियों में इनपुट लागत में आई स्थिरता और बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ के चलते एबिटा (EBITDA) मार्जिन में निरंतर सुधार की उम्मीद जताई गई है। यूबीएस (UBS), सिस्टेमैटिक्स और अन्य वैश्विक रिसर्च फर्म्स ने नोट किया है कि कंपनी का घरेलू कारोबार अब दोहरे अंकों की रेवेन्यू ग्रोथ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष और आगामी वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमानित आय वृद्धि को देखते हुए विश्लेषकों ने शेयर के लिए ₹490 का बेस टारगेट और ₹525 से ₹600 तक के बुल-केस टारगेट्स तय किए हैं।ग्रामीण मांग में सुधार और टियर-2, टियर-3 शहरों में विस्तारउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बिहार के पटना, राजस्थान के जयपुर, मध्य प्रदेश के इंदौर और दक्षिण भारत के ग्रामीण क्लस्टर्स में मानसूनी बारिश की अच्छी स्थिति के कारण कृषि आय में सुधार हुआ है। इसका सीधा लाभ एफएमसीजी उत्पादों की ग्रामीण मांग पर दिखने लगा है। कंपनी ने सीधे 1.4 लाख से अधिक गांवों तक अपने वितरण नेटवर्क (Direct Rural Reach) का विस्तार किया है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में ₹5 और ₹10 के छोटे पैक (LUPs) की जबर्दस्त मांग के चलते वॉल्यूम ग्रोथ को नई गति मिल रही है।एआई सर्च और वैल्यूएशन के मोर्चे पर क्या कहते हैं आंकड़े?डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई-संचालित वित्तीय सर्च इंजनों पर किए गए मूल्यांकन के अनुसार, अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर ₹577 से करेक्ट होने के बाद शेयर का वर्तमान प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो अपने पांच साल के ऐतिहासिक औसत के मुकाबले काफी आकर्षक स्तर पर आ चुका है। लंबी अवधि के वैल्यू इनवेस्टर्स के लिए यह सुधार एक बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो उपलब्ध करा रहा है। क्विक-कॉमर्स (Blinkit, Zepto, Instamart) और आधुनिक ई-कॉमर्स चैनलों पर कंपनी के प्रीमियम पर्सनल केयर और बेवरेज उत्पादों की बिक्री में 30% से अधिक की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।निवेशकों के लिए क्या है जानकारों की रणनीति?मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि जो निवेशक कम जोखिम के साथ स्थिर कंपाउंडिंग रिटर्न की तलाश में हैं, वे मौजूदा स्तरों से लेकर हर गिरावट पर सिस्टमैटिक तरीके से इस शेयर में संचय (Accumulation) कर सकते हैं। ₹490 का स्तर पार होने के बाद शेयर में मध्यम से लंबी अवधि में नए उच्चतम स्तरों की ओर बढ़ने की मजबूत तकनीकी संरचना दिखाई दे रही है।(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश वित्तीय जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में पूंजी लगाने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय कई बार करदाता अनजाने में या फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में डेटा मिसमैच होने के कारण टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) का क्रेडिट क्लेम करना भूल जाते हैं। यदि आपने भी विदेश यात्रा के पैकेज, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भेजे गए पैसे या ₹10 लाख से अधिक मूल्य की कार खरीदने पर कटा TCS अपने ओरिजिनल रिटर्न में शामिल नहीं किया है, तो आपकी मेहनत की कमाई डूबने नहीं जा रही है। आयकर कानून के तहत करदाताओं को यह अधिकार प्राप्त है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने रिटर्न को संशोधित करके छूटा हुआ टैक्स क्रेडिट और रिफंड क्लेम कर सकते हैं।TCS क्या है और यह कब कटता है?टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) वह कर है जो विक्रेता या सर्विस प्रोवाइडर द्वारा कुछ विशिष्ट उच्च-मूल्य के लेन-देन पर खरीदार से एकत्र करके सीधे केंद्र सरकार के पास जमा कराया जाता है। मुख्य रूप से विदेश यात्रा टूर पैकेज बुक करने, विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए पैसे भेजने, विदेशी मुद्रा खरीदने और ₹10 लाख से महंगी गाड़ी खरीदने पर 1% से लेकर 20% तक टीसीएस कटता है। यह कोई अतिरिक्त टैक्स या जुर्माना नहीं है, बल्कि आपके पैन (PAN) पर जमा हुआ एडवांस टैक्स क्रेडिट होता है, जिसे आप अपनी कुल टैक्स देनदारी से घटा सकते हैं या रिफंड के रूप में वापस ले सकते हैं।छूटा हुआ TCS वापस पाने का सबसे कारगर तरीका: रिवाइज्ड रिटर्न (Section 139(5))आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(5) के तहत यदि किसी करदाता से मूल रिटर्न में कोई जानकारी छूट गई है या गलत दर्ज हो गई है, तो वह 'रिवाइज्ड रिटर्न' (Revised Return) दाखिल कर सकता है।समय-सीमा: असेसमेंट ईयर के 31 दिसंबर तक बिना किसी पेनाल्टी के रिवाइज्ड रिटर्न फाइल किया जा सकता है।पात्रता: जिन करदाताओं ने 31 जुलाई की निर्धारित समय-सीमा के भीतर ओरिजिनल रिटर्न दाखिल किया था, वे आसानी से इसे संशोधित कर सकते हैं।रिवाइज्ड ITR के जरिए TCS रिफंड क्लेम करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाForm 26AS और AIS की जांच करें: सबसे पहले ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) पर लॉग इन करें और 'View Form 26AS' व 'AIS' में जाकर यह सुनिश्चित करें कि विक्रेता या बैंक द्वारा काटा गया TCS आपके पैन कार्ड पर सही तरीके से दिख रहा है।e-File सेक्शन में जाएं: पोर्टल पर 'e-File' > 'Income Tax Returns' > 'File Income Tax Return' पर क्लिक करें।Filing Type चुनें: संबंधित असेसमेंट ईयर का चयन करने के बाद फाइलिंग सेक्शन में 'Revised Return u/s 139(5)' विकल्प चुनें।ओरिजिनल रिटर्न की डिटेल भरें: मूल रूप से दाखिल किए गए ITR का पावती नंबर (Acknowledgment Number) और ओरिजिनल फाइलिंग की तारीख दर्ज करें।Schedule TCS में क्रेडिट जोड़ें: 'Taxes Paid' टैब में जाकर 'Details of Tax Collected at Source (TCS)' शेड्यूल खोलें। यहां फॉर्म 27D या 26AS में दर्ज टीसीएस राशि, कलेक्टर का TAN और कुल कटी रकम दर्ज करें।टैक्स कैल्कुलेशन और रिफंड: सिस्टम आपकी कुल टैक्स देनदारी से TCS क्रेडिट को अपने आप घटा देगा। यदि आपकी कुल टैक्स देनदारी शून्य है या कम है, तो अतिरिक्त TCS की रकम रिफंड के रूप में स्क्रीन पर दिखने लगेगी।ई-वेरिफिकेशन (e-Verify): संशोधित रिटर्न को आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या डीमैट खाते के जरिए तुरंत ई-वेरिफाई करें।यदि ITR प्रोसेस हो चुका है और 143(1) का नोटिस आ गया है तो क्या करें?यदि आयकर विभाग द्वारा आपके ओरिजिनल ITR को पहले ही प्रोसेस किया जा चुका है और आपको धारा 143(1) के तहत इंटिमेशन ऑर्डर मिल चुका है, तब भी आपके पास विकल्प मौजूद हैं। आप ई-फाइलिंग पोर्टल के 'Services' टैब में जाकर धारा 154 के तहत रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट (Rectification Request) फाइल कर सकते हैं। इसमें 'Tax Credit Mismatch Correction' का विकल्प चुनकर छूटे हुए TCS का ब्योरा दोबारा प्रोसेस करने के लिए सबमिट किया जा सकता है।बैंक खाता प्री-वैलिडेट होना बेहद जरूरीरिफंड की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आयकर पोर्टल की प्रोफाइल में आपका बैंक खाता सक्रिय (Active), पैन-लिंक्ड और प्री-वैलिडेटेड (Pre-validated) हो। यदि बैंक खाते का नाम या विवरण पैन से मेल नहीं खाता है, तो रिफंड में अनावश्यक देरी हो सकती है।
पत्नियों से विवाद के चलते 24 घंटे में बरेली में दो पतियों ने की खुदकुशी
बरेली में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत से हड़कंप मच गया. दोनों मामलों में पत्नी से विवाद की बात सामने आई है. इज्जत नगर क्षेत्र में 26 वर्षीय सनी कुमार उर्फ राहुल ने जान दे दी. वहीं बारादरी क्षेत्र में नमकीन के गोदाम पर काम करने वाले गोविंद ने भी पत्नी से विवाद के बाद जान दे दी.
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसियों और नियामक संस्थाओं को इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामलों की जांच के निर्देश दिए जाने के बाद कंपनी की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण (Clarification) सामने आया है। कंपनी (जो अब सम्मान कैपिटल - Sammaan Capital के नाम से जानी जाती है) ने शेयर बाजारों और नियामकों को सूचित करते हुए स्पष्ट किया है कि जनहित याचिका (PIL) में उठाए गए सभी 197 लोन पूरी तरह से चुकाए जा चुके हैं और कंपनी पर किसी भी प्रकार का अनसुलझा या गैर-निष्पादित ऋण बकाया नहीं है।सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और इंडियाबुल्स का आधिकारिक पक्षशीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), आयकर विभाग (IT) और सेबी (SEBI) जैसी एजेंसियों को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। इसके जवाब में कंपनी ने नियामकीय फाइलिंग में कहा कि यह याचिका लगभग 7 साल पुरानी (वर्ष 2019) है, जिसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से और कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से दायर किया गया था। कंपनी ने दोहराया कि वह सभी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है और उसके बहीखाते पूरी तरह पारदर्शी हैं।सभी 197 लोन पूरी तरह से चुकता: कंपनी का बड़ा बयानइंडियाबुल्स ने स्पष्ट रूप से रेखांकित किया कि याचिका में जिन 197 लोन खातों का उल्लेख किया गया है, वे सभी सामान्य व्यावसायिक गतिविधियों के तहत स्वीकृत किए गए थे। इनमें से प्रत्येक लोन का मूलधन और ब्याज सहित पूरा भुगतान संबंधित उधारकर्ताओं द्वारा बहुत पहले ही कर दिया गया है। कंपनी की बैलेंस शीट में इनमें से कोई भी खाता एनपीए (NPA) या संदिग्ध स्थिति में नहीं है। कंपनी के अनुसार, इससे पहले भी कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) द्वारा विस्तृत समीक्षा की जा चुकी है, जिसमें किसी भी प्रकार के वित्तीय गबन या हेराफेरी का कोई प्रमाण नहीं मिला था।Sammaan Capital के रूप में नया स्वरूप और कॉरपोरेट गवर्नेंसइंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने अपने कॉरपोरेट ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं और अब यह पूरी तरह से एक बोर्ड-ड्रिवन और पेशेवर रूप से प्रबंधित संस्था 'सम्मान कैपिटल' के रूप में कार्यरत है। कंपनी के प्रमोटर ग्रुप का नियंत्रण समाप्त हो चुका है और वैश्विक संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ ही कॉरपोरेट गवर्नेंस के कड़े मानक लागू किए गए हैं। कंपनी के पास मजबूत लिक्विडिटी बफर मौजूद है और वह रिटेल मॉर्गेज लोन सेगमेंट में सक्रियता से काम कर रही है।शेयर बाजार और निवेशकों के लिए जरूरी बातेंअदालती आदेश की खबर आने के बाद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। हालांकि, कंपनी द्वारा जारी किए गए तत्काल और बिंदुवार स्पष्टीकरण से निवेशकों को स्थिति की वस्तुस्थिति समझने में मदद मिली है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि पुराने कर्जों की पूर्ण अदायगी हो चुकी है, इसलिए कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति और परिचालन स्थिरता पर इसका कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी की रामपुर, दिल्ली समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी
ईडी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 10 ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच में अवैध जमीन अधिग्रहण, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी डोनेशन के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. यूपी पुलिस की दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच में यूनिवर्सिटी के चांसलर आजम खान और सहयोगियों पर गंभीर आरोप हैं.
देश के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे के लिए लगभग ₹9,450 करोड़ की कुल अनुमानित लागत वाले चार बड़े मल्टी-ट्रैकिंग रेल प्रोजेक्ट्स को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। Press Information Bureau की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये चारों परियोजनाएं देश के चार प्रमुख राज्यों—पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 8 औद्योगिक व घनी आबादी वाले जिलों से होकर गुजरेंगी।इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के तहत रेलवे नेटवर्क में 410 किलोमीटर का नया मल्टी-ट्रैक जोड़ा जाएगा, जिसे वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस फैसले से न केवल 6,448 गांवों के लगभग 60 लाख नागरिकों का दैनिक आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा, बल्कि माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ने से देश की लॉजिस्टिक्स लागत में भी भारी गिरावट आएगी।किन 4 प्रमुख रेल रूटों को मिली मंजूरी? देखें पूरी सूचीकैबिनेट द्वारा स्वीकृत किए गए इन चारों प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य देश के अत्यधिक व्यस्त ट्रंक रूटों पर दबाव को कम करना और लाइन क्षमता को कई गुना बढ़ाना है:खड़गपुर से भद्रक (रानिताल) चौथी लाइन (173 किमी): पश्चिम बंगाल और ओडिशा को जोड़ने वाले इस सबसे बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग ₹3,352 करोड़ की लागत आएगी। यह रूट ओडिशा के तटीय जिलों बालेश्वर और रूपसा से होते हुए गुजरेगा।भद्रक से हरिदासपुर चौथी लाइन (75 किमी): ओडिशा के औद्योगिक बेल्ट में स्थित इस रूट के चौड़ीकरण पर लगभग ₹1,583 करोड़ खर्च किए जाएंगे।गुम्मिडिपुंडी से गुडूर तीसरी और चौथी लाइन (90 किमी): तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को आपस में जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण दक्षिण-पूर्वी कॉरिडोर पर लगभग ₹2,229 करोड़ का निवेश होगा।कटक से पारादीप (बड़ाबांधा) तीसरी और चौथी लाइन (72 किमी): ओडिशा के प्रमुख पारादीप पोर्ट और औद्योगिक क्लस्टर्स को जोड़ने वाली इस रेल लाइन पर ₹2,286 करोड़ खर्च होंगे।60 लाख लोगों और 6,448 गांवों को मिलेगा सीधा फायदाइन रेल परियोजनाओं का सामाजिक और क्षेत्रीय प्रभाव काफी व्यापक रहने वाला है। DD India की रिपोर्ट के अनुसार, चारों राज्यों के 8 जिलों में फैले लगभग 6,448 ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 60 लाख लोगों को मुख्यधारा के रेल नेटवर्क से सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के छात्र, व्यापारी, किसान और कामकाजी लोग अब नजदीकी शहरों और औद्योगिक केंद्रों तक कम समय में आ-जा सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार और छोटे कुटीर उद्योगों के लिए बड़े बाजारों के दरवाजे खुलेंगे।पर्यटन और तीर्थ स्थलों को मिलेगा नया जीवनपूर्वी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित कई प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचना अब बेहद सुगम हो जाएगा। इस विस्तार से कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका नेशनल पार्क, मां भद्रकाली मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, चांदीपुर बीच, तालसारी-उदयपुर बीच, पुलिकट झील, नेलापट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, गदा कुजंग जगन्नाथ मंदिर, सारला मंदिर, धवलेश्वर मंदिर और ऐतिहासिक बौद्ध स्थल ललितगिरि तक पर्यटकों की सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।76 MTPA बढ़ेगी माल ढुलाई क्षमता: पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को दोहरा लाभरेलवे नेटवर्क में तीसरी और चौथी लाइन जुड़ने से ट्रेनों की कंजेशन की समस्या पूरी तरह समाप्त होगी, जिससे यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों (Freight Trains) की औसत गति में उल्लेखनीय सुधार आएगा। इन रेल मार्गों से कोयला, कच्चा लोहा (Iron Ore), सीमेंट, स्टील, कंटेनर्स, ऑटोमोबाइल और खाद्यान्न की ढुलाई की जाती है। क्षमता विस्तार से रेलवे को सालाना 76 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल ढुलाई का लाभ मिलेगा।पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह कदम ऐतिहासिक है। रेलवे द्वारा सड़क परिवहन के मुकाबले अधिक माल ढुलाई किए जाने से लगभग 13 करोड़ लीटर तेल आयात की बचत होगी और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में 65 करोड़ किलोग्राम की कमी आएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पर्यावरणीय लाभ लगभग 2.60 करोड़ नए पेड़ लगाने के बराबर है।पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत समग्र विकासइन सभी परियोजनाओं को 'पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान' (PM Gati Shakti National Master Plan) के तहत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और एकीकृत लॉजिस्टिक्स रणनीति के आधार पर तैयार किया गया है। बंदरगाहों, औद्योगिक गलियारों और खनिज क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से सीधे जोड़ने से भारत की समग्र आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) मजबूत होगी, जो 'आत्मनिर्भर भारत' और 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ग्लोबल फाइनेंशियल मार्केट में भारतीय शेयर बाजार को लेकर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) और ग्लोबल फंड मैनेजर्स के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America - BofA) द्वारा जारी किए गए ताजा एशिया फंड मैनेजर सर्वे (Asia Fund Manager Survey) के मुताबिक, भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कोष प्रबंधकों (Fund Managers) के लिए सबसे कम पसंदीदा इक्विटी मार्केट बन गया है। इस मासिक सर्वेक्षण में शामिल 32 प्रतिशत फंड मैनेजर्स ने भारतीय शेयरों के प्रति 'नेट अंडरवेट' (Net Underweight) रुख अपनाया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि वैश्विक फंड मैनेजर्स ने अपने कुल पोर्टफोलियो में बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले भारतीय बाजार में अपनी पूंजी का आवंटन काफी कम कर दिया है। अब तक इस सूची में इंडोनेशिया सबसे निचले पायदान पर था, लेकिन ताजा आंकड़ों में भारत ने इंडोनेशिया को पीछे छोड़ते हुए एशिया में सबसे कम पसंदीदा बाजार का स्थान ले लिया है।BofA सर्वे में 272 अरब डॉलर के फंड मैनेजर्स की राय7 अगस्त से 13 अगस्त 2026 के बीच आयोजित इस विस्तृत सर्वे में कुल 98 प्रमुख संस्थागत फंड मैनेजर्स और विश्लेषकों ने भाग लिया, जो वैश्विक स्तर पर 272 अरब डॉलर (लगभग ₹22.8 लाख करोड़) से अधिक की कुल परिसंपत्तियों का प्रबंधन करते हैं। सर्वेक्षण के नतीजों के अनुसार, जहां इंडोनेशिया के प्रति अंडरवेट धारणा पिछले महीने के 32% से सुधरकर 27% पर आ गई, वहीं भारत के प्रति नकारात्मक धारणा बढ़कर -32% के शुद्ध स्तर पर पहुंच गई है। इस सूची में ताइवान (+55% ओवरवेट) और जापान (+50% ओवरवेट) फंड मैनेजर्स की सबसे पसंदीदा निवेश डेस्टिनेशन बने हुए हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर एक्सपोजर की कमी बनी सबसे बड़ी चिंतासर्वेक्षण में शामिल फंड प्रबंधकों के अनुसार, भारत के प्रति उत्साह कम होने का सबसे प्रमुख कारण घरेलू शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हार्डवेयर-सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों का सीधा एक्सपोजर न होना है। मौजूदा समय में वैश्विक संस्थागत निवेशक अपनी पूंजी उन बाजारों में अधिक लगा रहे हैं, जो ग्लोबल एआई बूम और चिप मैन्युफैक्चरिंग से सीधे जुड़े हुए हैं। ताइवान (TSMC) और दक्षिण कोरिया (Samsung, SK Hynix) जैसी दिग्गज सेमीकंडक्टर कंपनियों की मौजूदगी के कारण इन बाजारों में विदेशी धन तेजी से जा रहा है। इसके विपरीत, भारत का आईटी सेक्टर मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर सर्विसेज पर निर्भर है, जिसका एआई क्रांति से तत्काल सीधा हार्डवेयर लाभ नहीं दिख रहा है।ऊंचे वैल्यूएशन और आर्थिक सुधारों की धीमी गति ने भी बढ़ाई चिंताफंड मैनेजर्स द्वारा भारत को अंडरवेट करने के पीछे दूसरा बड़ा कारण भारतीय शेयरों का महंगा वैल्यूएशन (High Valuations) और सुधारों की धीमी गति है। भले ही भारतीय कंपनियों के जून तिमाही के वित्तीय नतीजों में सुधार दिखा हो, लेकिन मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में शेयरों के पी/ई मल्टीपल्स ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। इसके साथ ही, लैंड रिफॉर्म्स, लेबर कोड्स के पूर्ण क्रियान्वयन और निजीकरण (Privatization) की धीमी रफ्तार को लेकर भी विदेशी निवेशकों ने 18% तक चिंता व्यक्त की है।एशियाई बाजारों में देशों की वर्तमान रैंकिंगताइवान: +55% नेट ओवरवेट (नंबर 1 पसंदीदा बाजार)जापान: +50% नेट ओवरवेट (नंबर 2 पसंदीदा बाजार)दक्षिण कोरिया: +23% नेट ओवरवेटमलेशिया व न्यूजीलैंड: 0% न्यूट्रलचीन: -18% नेट अंडरवेटफिलीपींस: -23% नेट अंडरवेटइंडोनेशिया: -27% नेट अंडरवेटभारत: -32% नेट अंडरवेट (एशिया में सबसे कम पसंदीदा)घरेलू डीआईआई (DIIs) और रिटेल निवेशकों का मजबूत सहाराभले ही वैश्विक फंड मैनेजर्स भारत को लेकर सतर्क और अंडरवेट रुख दिखा रहे हों, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल एसआईपी (SIP) इनफ्लो ने बाजार को मजबूती से संभाल रखा है। म्यूचुअल फंड्स में हर महीने आ रही रिकॉर्ड एसआईपी पूंजी के चलते विदेशी बिकवाली का बाजार पर पहले जैसा विनाशकारी असर नहीं हो रहा है। इसके बावजूद, यदि ग्लोबल स्तर पर जोखिम से बचने (Risk-off Sentiment) का दौर जारी रहता है, तो लार्ज-कैप स्टॉक्स में कुछ समय के लिए तेजी सीमित रह सकती है।लोकल और टियर-2, टियर-3 शहरों के खुदरा निवेशकों के लिए रणनीतिउत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, राजस्थान के जयपुर, मध्य प्रदेश के इंदौर और गुजरात के अहमदाबाद व सूरत जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों के नए निवेशकों के लिए यह रिपोर्ट पैनिक करने का नहीं, बल्कि समझदारी से पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने का संकेत है। जब विदेशी निवेशक किसी बाजार को अत्यधिक अंडरवेट कर देते हैं, तो ऐतिहासिक रूप से वैल्यूएशन सही होने पर वही बाजार तेजी से रिबाउंड भी करते हैं। ऐसे में निवेशकों को केवल लार्ज-कैप और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में एसआईपी के जरिए चरणबद्ध तरीके से निवेश जारी रखने की सलाह दी जा रही है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान दिए गए बयान को लेकर पाकिस्तान ने बुधवार को कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी प्रभारी राजदूत (Charge d’Affaires) को तलब किया और सर्जियो ...
'पत्नी को मारा नहीं, वध किया...', हत्या के बाद ट्रेन के आगे कूदा पति
गुजरात के जूनागढ़ जिले के केशोद में पति-पत्नी की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने के बाद जब पुलिस उसके घर पहुंची तो पत्नी भी मृत मिली. जांच में गला घोंटकर हत्या की आशंका सामने आई. वहीं, युवक के मौत से पहले बनाए वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया.
कर्नाटक लोकायुक्त पुलिस ने एक ऐसे सरकारी अधिकारी के ठिकानों से भारी माल बरामद किया है, जिसने करोड़ों में आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर रखी थी।
कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से क्यों तिलमिलाया पाकिस्तान? गोर के दौरे का क्या है मतलब
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू–कश्मीर दौरा और उनका बयान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 19 अगस्त 2026 को श्रीनगर में जम्मू–कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने साफ कहा कि यह भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस एक वाक्य ने इस्लामाबाद को तिलमिला दिया। पाकिस्तान ने तुरंत अमेरिकी […] यह लेख कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत के बयान से क्यों तिलमिलाया पाकिस्तान? गोर के दौरे का क्या है मतलब सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने डल झील में ‘शिकारा’ की सवारी का उठाया आनंद, देखें VIDEO
सर्जियो गोर नेहरू पार्क के पास से 'शिकारा' में सवार हुए और उन्होंने लगभग एक घंटे तक डल झील की सैर की। इससे पहले, उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से उनके गुपकार स्थित निवास पर मुलाकात की।
CJI विवाद पर AIYAA ने मांगा बार काउंसिल के चेयरमैन का इस्तीफा, कहा- लीगल कॉकरोच आ रहे हैं
NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों से जुड़े मामले में AIYAA ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है।
'बच्चों को काम नहीं मिलेगा', गोविंदा से अनबन पर सुनीता को एजाज की नसीहत
बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा और उनकी वाइफ सुनीता आहूजा को लेकर इन दिनों विवाद चल रहा है. इस बीच एक्टर के सपोर्ट में एजाज खान ने एक रील पोस्ट की है. जिसमें उन्होंने सुनीता आहूजा से अपील की है.
जल बोर्ड घोटाले पर सियासी जंग, AAP के आरोपों पर राघव चड्ढा ने दी सफाई
दिल्ली जल बोर्ड घोटाला मामले में सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद AAP ने बागी नेता राघव चड्ढा को भी इस मामले में घसीटने की कोशिश की. लेकिन राघव ने बताया कि उनका कार्यकाल घोटाले से पहले ही खत्म हो चुका था और उनका इस घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है.
200-300 रुपये लेकर भर देते थे CNG? दिल्ली ब्लास्ट के बाद स्थानीय लोगों ने उठाए गंभीर सवाल
दिल्ली CNG ब्लास्ट के बाद सुरक्षा नियमों के पालन और वाहन जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों ने पंप मालिक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं.
तुषार गांधी ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा आंदोलन की असली सफलता नहीं है, बल्कि असली उपलब्धि यह थी कि सरकार जवाब देने के लिए मजबूर हुई, जो उसने पिछले 12 वर्षों में कभी नहीं किया था।
अमेरिकी राजदूत ने J&K को बताया भारत का जरूरी हिस्सा, पाकिस्तान को लगी मिर्ची; इस्लामाबाद ने किया तलब
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सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, कन्नौज में 12 आरोपी गिरफ्तार
कन्नौज के तिर्वा में विवाद शांत कराने पहुंचे सादी वर्दी के सिपाही पर भीड़ ने हमला कर दिया. आरोप है कि सिपाही को दुकान के अंदर पीटने के बाद करीब 100 मीटर तक दौड़ाकर मारपीट की गई. उसके मुंह और नाक में गंभीर चोट आई. पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक बाल अपचारी को संरक्षण में लिया. इसके बाद आरोपियों का कस्बे में पैदल जुलूस निकाला गया.

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