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Riya Sen Career: एक वायरल वीडियो ने बर्बाद कर दिया बंगाल के इस शाही घराने की एक्ट्रेस का करियर, बॉलीवुड में नहीं मिल पाया टॉप का मुकाम

बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में हर साल सैकड़ों खूबसूरत हसीनाएं टॉप स्टार बनने का हसीन सपना लेकर मुंबई नगरी कदम रखती हैं. लेकिन इनमें से कुछ ही अभिनेत्रियां सफलता के शिखर तक पहुंच पाती हैं, जबकि कुछ का करियर बुलंदियों को छूने से पहले ही किसी एक अनचाहे मोड़ पर आकर बिखर जाता है. आज हम बात कर रहे हैं 45 वर्षीय बंगाली मूल की एक ऐसी ही बोल्ड एक्ट्रेस के बारे में, जिनका पूरा फिल्मी करियर और पब्लिक इमेज सिर्फ एक कथित वीडियो क्लिप लीक होने की वजह से पूरी तरह तहस-नहस हो गई.2005 का वो विवाद: जब इंटरनेट पर वायरल हुआ देश का पहला बड़ा MMSआज के समय में सोशल मीडिया पर आए दिन किसी न किसी सेलिब्रिटी के वीडियो और तस्वीरें वायरल होना एक आम बात बन चुका है. लेकिन आज से ठीक दो दशक पहले जब देश में इंटरनेट अपनी शुरुआती स्टेज में था और 'वायरल कंटेंट कल्चर' पैर पसार ही रहा था, तब इस 45 वर्षीय एक्ट्रेस का एक बेहद निजी वीडियो इंटरनेट पर लीक हो गया था.साल 2005 में सामने आई इस एक एमएमएस (MMS) क्लिप ने समूची एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और देश के गॉसिप कॉलम्स में भूचाल ला दिया था. यह वीडियो क्लिप कथित तौर पर उस दौर के उभरते हुए बॉलीवुड एक्टर अश्मित पटेल और इस बंगाली सुंदरी का बताया गया. इस एक घटना ने उस समय की एक बेहद होनहार और तेजी से उभर रही एक्ट्रेस को रातों-रात सिर्फ और सिर्फ एक विवादित चेहरा बनाकर छोड़ दिया. सस्पेंस को खत्म करते हुए आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं बंगाल के बेहद संभ्रांत और शाही घराने से ताल्लुक रखने वाली एक्ट्रेस रिया सेन (Riya Sen) की.बंगाल के दिग्गज फिल्मी घराने से है गहरा ताल्लुकरिया सेन को एक्टिंग और खूबसूरती विरासत में मिली थी. वे बंगाल की मशहूर और बेहद ग्लैमरस एक्ट्रेस मून मून सेन की बेटी हैं और भारतीय सिनेमा की सबसे दिग्गज व सदाबहार अदाकारा सुचित्रा सेन की पोती (Granddaughter) हैं. उनकी बहन राइमा सेन भी बंगाली और हिंदी सिनेमा का एक जाना-माना नाम हैं.इतने तगड़े और रसूखदार फिल्मी बैकग्राउंड से आने के बावजूद रिया सेन ने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए काफी मेहनत की थी. उन्होंने साल 2001 में आई कल्ट कॉमेडी फिल्म 'स्टाइल' (Style) से बॉलीवुड में एक लीड एक्ट्रेस के तौर पर कदम रखा था. फिल्म सुपरहिट रही और रिया का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. इसके बाद उन्होंने 'झंकार बीट्स' और 'अपना सपना मनी मनी' जैसी कई मल्टीस्टारर फिल्मों में काम किया, लेकिन तभी 2005 का वो स्कैंडल सामने आ गया.वीडियो का सच आज तक है अनसुलझा, करियर पर लगा ब्रेकइस कथित लीक वीडियो के पीछे का असली सच क्या था, इसका पता आज तक कोई नहीं लगा पाया है. उस दौर में न तो रिया सेन ने और न ही अश्मित पटेल ने इस क्लिप को पूरी तरह से स्वीकार किया था. रिया सेन ने हमेशा इसे एक गहरी साजिश और फेक वीडियो बताया था.इसके बावजूद, टैब्लॉइड्स और गॉसिप मीडिया ने इस मामले को सालों तक जिंदा रखा, जिसने रिया सेन की पब्लिक इमेज पर एक गहरा नकारात्मक असर डाला. इस विवाद का सबसे बुरा असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा. बड़े डायरेक्टर्स ने उन्हें अपनी ए-लिस्ट फिल्मों में लीड रोल देने से परहेज करना शुरू कर दिया, जिससे उनके करियर की रफ्तार अचानक बेहद धीमी हो गई.विवादों से रहा चोली-दामन का साथ: क्रिकेटर श्रीसंत संग जुड़ा नामएमएमएस स्कैंडल के बाद भी रिया सेन की पर्सनल लाइफ लगातार मीडिया के रडार पर बनी रही. उनकी हर एक छोटी-बड़ी गतिविधि को गॉसिप का हिस्सा बनाया जाने लगा:क्रिकेटर श्रीसंत संग रूमर्स: साल 2011 में आईपीएल (IPL) के दौर के दौरान मीडिया में खबरें उड़ीं कि रिया सेन भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत को डेट कर रही हैं और दोनों जल्द शादी कर सकते हैं. हालांकि, रिया ने तुरंत सोशल मीडिया पर इन खबरों को पूरी तरह बकवास और रूमर बताते हुए खारिज कर दिया था.गर्लफ्रेंड किसिंग कॉन्ट्रोवर्सी: इसके ठीक एक साल बाद, यानी साल 2012 में रिया सेन एक बार फिर विवादों में आईं, जब इंटरनेट पर उनकी एक प्राइवेट पार्टी की फोटो लीक हो गई. इस वायरल तस्वीर में वे अपनी एक महिला मित्र को किस (Kiss) करती हुई नजर आ रही थीं, जिसे लेकर रूढ़िवादी समाज में काफी हंगामा हुआ था.ओटीटी और रीजनल सिनेमा में किया काम, पर नहीं बन पाईं 'सुपरस्टार'इन तमाम बड़े और मानसिक रूप से परेशान करने वाले विवादों के बावजूद रिया सेन ने कभी हार नहीं मानी और फिल्म इंडस्ट्री में अपना काम जारी रखा. उन्होंने हिंदी के अलावा कई शानदार बंगाली, तमिल और तेलुगु फिल्मों में अपनी अदाकारी के जलवे बिखेरे. बाद के दिनों में उन्होंने रागिनी एमएमएस रिटर्न्स और पॉइंट ब्लैंक जैसी कई लोकप्रिय ओटीटी (OTT) वेब सीरीज में भी मैच्योर किरदार निभाए.साल 2017 में उन्होंने अपने लॉन्ग-टाइम बॉयफ्रेंड शिवम तिवारी से एक बेहद निजी समारोह में शादी कर ली और अपनी जिंदगी में सेटल हो गईं. आज वे 45 साल की उम्र में भी बेहद फिट और ग्लैमरस दिखती हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर 2005 का वो एक वीडियो कांड न हुआ होता, तो शायद रिया सेन आज बॉलीवुड की टॉप-लीग सुपरस्टार्स की कतार में खड़ी होतीं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:37 am

Iraq Anti-Corruption Raid: इराकी महिला सांसद के घर छापे में 'गोल्डन अंडरगारमेंट्स' का सच, जानिए करोड़ों की जब्ती का पूरा सच

इन दिनों मध्य पूर्व के देश इराक (Iraq) से आ रही भ्रष्टाचार की खबरों ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इराक सरकार द्वारा भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के खिलाफ चलाए जा रहे एक बेहद आक्रामक और बड़े पैमाने के सर्च ऑपरेशन के चलते वहां की घरेलू राजनीति में भूचाल आ गया है. इस बड़े एक्शन के तहत इराक के कई मौजूदा व पूर्व मंत्रियों, रसूखदार नौकरशाहों और सांसदों के आलीशान ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है, जहां से नोटों के पहाड़ और कई किलो सोना बरामद हो रहा है.इसी बीच, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इराक की महिला सांसद हिंद अल-अब्बासी (Hind Al-Abbasi) और आलिया नासिफ (Alia Nassif) के ठिकानों पर हुई छापेमारी को लेकर कुछ बेहद ही अजीबोगरीब और चौंकाने वाले दावे वायरल हो रहे हैं. इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि सांसद के घर से लगभग 490 करोड़ रुपये ($57 Million) कैश, 27 किलोग्राम शुद्ध सोना और सोने से बने अंडरगारमेंट्स (गोल्डन ब्रा और पैंटी) बरामद हुए हैं. आइए जानते हैं कि वैश्विक मीडिया और फैक्ट-चेक में इस सनसनीखेज खबर का क्या सच सामने आया है.क्या है वायरल हो रहा 'गोल्डन अंडरवियर' का पूरा मामला?सोशल मीडिया और कुछ विदेशी डिजिटल न्यूज पोर्टल्स पर यह खबर आग की तरह फैली कि इराक के प्रधानमंत्री और सुरक्षा बलों द्वारा बगदाद के हाई-सिक्योरिटी वाले 'ग्रीन जोन' (Green Zone) और अन्य इलाकों में की गई छापेमारी में एक महिला सांसद के गुप्त तहखानों से भारी मात्रा में विदेशी करेंसी और सोने की सिल्लियां मिलीं.वायरल पोस्ट्स में सबसे ज्यादा जिस बात ने लोगों का ध्यान खींचा, वह यह दावा था कि छापेमारी करने आई टीमों को अलमारी से सोने के तारों और धातु से बनी बेहद कीमती अंडरवियर, ब्रा और पैंटी मिली हैं. इस खबर के साथ ही इंटरनेट पर कुछ सोने से सजे अंडरगारमेंट्स की तस्वीरें भी धड़ल्ले से शेयर की जाने लगीं, जिसे लेकर यूज़र्स तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं.फैक्ट चेक: क्या वाकई बरामद हुई सोने की ब्रा और पैंटी?इराक में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई चल रही है, यह बात 100% सच है. लेकिन जब वैश्विक फैक्ट-चेकर्स और मुख्यधारा की मीडिया ने 'गोल्डन अंडरगारमेंट्स' (Gold Underwear) के दावे की पड़ताल की, तो कुछ अहम तथ्य सामने आए:आधिकारिक पुष्टि नहीं: इराक के सर्वोच्च न्यायिक परिषद (Supreme Judicial Council) और भ्रष्टाचार विरोधी जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर सांसदों के घरों से कैश, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करोड़ों की बेनामी संपत्तियों की जब्ती की पुष्टि तो की है, लेकिन 'सोने के अंडरवियर' मिलने की बात का कहीं कोई जिक्र नहीं है.फेक और एआई जनरेटेड तस्वीरें: सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें दिखाई जा रही हैं, वे या तो किसी ज्वैलरी एग्जिबिशन (गहनों की प्रदर्शनी) की पुरानी तस्वीरें हैं या फिर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल द्वारा तैयार की गई काल्पनिक इमेजेस हैं.सनसनी फैलाने की कोशिश: एक्सपर्ट्स का मानना है कि इराक के इस गंभीर राजनीतिक और आर्थिक मामले को सोशल मीडिया पर सनसनीखेज (Sensationalize) बनाने और मीम्स/रील्स के जरिए ज्यादा व्यूज बटोरने के लिए इस तरह के मनगढ़ंत दावे जोड़े गए हैं.अब तक 47 से ज्यादा गिरफ्तारियां, जमीनों के नीचे छिपाई गई थी दौलतभले ही सोने की अंडरवियर का दावा भ्रामक हो, लेकिन इराक में मिला भ्रष्टाचार का खजाना किसी तिलिस्म से कम नहीं है. प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल सुडानी और सुरक्षा बलों के नेतृत्व में चल रही इस मुहिम में अब तक 47 से अधिक हाई-प्रोफाइल संदिग्धों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जिनमें 7 से ज्यादा मौजूदा और पूर्व सांसद शामिल हैं.जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि भ्रष्ट अधिकारियों ने करोड़ों रुपये कैश और सोने के बिस्कुट सूटकेस और तिजोरियों में रखने के अलावा, अपने आलीशान बंगलों के लॉन और बगीचों में गहरे गड्ढे (Pits) खोदकर जमीन के नीचे छिपा रखे थे. इसके अलावा पूर्व उप तेल मंत्री (Deputy Oil Minister) और अन्य नेताओं से जुड़े मामलों में लगभग 10 मिलियन डॉलर नकद, 3 अरब इराकी दिनार और दुनिया भर में फैली करीब 40 से ज्यादा बेनामी आलीशान अचल संपत्तियों (Real Estate Properties) को सरकारी कब्जे में ले लिया गया है.इराक पिछले कई दशकों से गहरे संस्थागत भ्रष्टाचार और बजट की हेराफेरी से जूझ रहा है. ऐसे में सरकार अपनी वैश्विक छवि को सुधारने, विदेशी निवेश को आकर्षित करने और समाज में पारदर्शिता लाने के लिए शीर्ष स्तर पर बैठे भ्रष्ट तंत्र को उखाड़ फेंकने के लिए इस तरह के ऐतिहासिक और कड़े कानूनी कदम उठा रही है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:33 am

Refrigerator Maintenance: भीषण गर्मी में फ्रिज के दरवाजे पर क्यों रखना चाहिए कागज का एक टुकड़ा? जानें 30 सेकंड का यह जादुई हैक

तकनीक और गैजेट्स के इस दौर में जब भी गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, हमारा पूरा ध्यान एसी (AC), एयर कूलर और पानी की बोतलों पर चला जाता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इस चिलचिलाती धूप और उमस के बीच आपके किचन का कौन सा उपकरण बिना रुके, 24 घंटे सबसे ज्यादा दबाव में काम कर रहा है? वह है आपका फ्रिज (Refrigerator).इस मौसम में फ्रिज का सही तरीके से काम करना सिर्फ ठंडे पानी के लिए ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों को बैक्टीरिया से बचाने के लिए भी बेहद जरूरी है. अच्छी बात यह है कि अपने फ्रिज की सेहत दुरुस्त रखने के लिए आपको किसी महंगे मैकेनिक या टूल की जरूरत नहीं है, बल्कि आपके प्रिंटर में रखा एक साधारण A4 साइज का कागज ही आपकी जेब और फ्रिज दोनों को बड़े नुकसान से बचा सकता है. आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट्स की पसंदीदा 'कागज वाली ट्रिक'.'हीट डोम' के इस दौर में फ्रिज पर बढ़ रहा है डबल प्रेशरवर्तमान में दुनिया के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत के कई राज्यों में भयंकर 'हीट डोम' (Heat Dome) और लू का असर देखा जा रहा है. यह अत्यधिक बाहरी तापमान न सिर्फ इंसानों को बेहाल करता है, बल्कि घर में रखे फ्रिज पर भी दोहरा दबाव (Double Pressure) बनाता है.बाहर की भीषण गर्मी के बीच फ्रिज के अंदर का तापमान बनाए रखने के लिए इसके कंप्रेसर (Compressor) को बार-बार और बिना थमे लगातार चलना पड़ता है. इसका सीधा मतलब यह है कि आपका फ्रिज सामान्य दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली की खपत करने लगता है और अत्यधिक लोड के कारण उसके महंगे पार्ट्स के जल्दी खराब होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है.क्या है 30 सेकंड का 'कागज वाला ट्रिक' (Dollar Bill Test)?अपने फ्रिज की कूलिंग क्षमता और उसकी कंडीशन जांचने का यह सबसे आसान और अचूक तरीका है. इसके लिए आपको बस ये छोटे से स्टेप्स फॉलो करने हैं:1.कागज लें:स्टेप 1.अपने घर या प्रिंटर ट्रे से एक साधारण A4 साइज का सादा कागज (या एक करेंसी नोट) लें.2.दरवाजे में फंसाएं:स्टेप 2.फ्रिज का दरवाजा खोलें और कागज को इस तरह रखें कि उसका आधा हिस्सा फ्रिज के अंदर हो और आधा हिस्सा बाहर की तरफ निकला रहे.3.दरवाजा बंद करें:स्टेप 3.अब फ्रिज के दरवाजे को सामान्य रूप से कसकर बंद कर दें, जिससे कागज रबर सील के बीच में दब जाए.4.कागज खींचें:स्टेप 4.बाहर निकले हुए कागज के हिस्से को अपने हाथ से धीरे से बाहर की तरफ खींचने की कोशिश करें.टेस्ट का परिणाम: यदि कागज खींचते समय आपको अच्छी-खासी रुकावट या थोड़ा जोर (Resistence) महसूस होता है, तो बधाई हो! आपके फ्रिज की रबर सील (Gasket) एकदम एयरटाइट और दुरुस्त है. लेकिन, अगर वह कागज बिना किसी रुकावट के मक्खन की तरह आसानी से बाहर सरक आता है, तो समझ लीजिए कि आपके फ्रिज का दरवाजा ठीक से बंद नहीं हो रहा है.अमेरिकी ऊर्जा विभाग भी मुहर लगाता है इस हैक परयह इंटरनेट पर वायरल होने वाला कोई फर्जी या साधारण लाइफ-हैक नहीं है. खुद अमेरिकी ऊर्जा विभाग (U.S. Department of Energy) का 'एनर्जी सेवर प्रोग्राम' भी आधिकारिक तौर पर यह मानता है कि घरों में बिजली और ऊर्जा की बर्बादी को रोकने का सबसे कारगर और मुफ़्त तरीका फ्रिज के दरवाजे की रबर सील (Gasket) की समय-समय पर जांच करना है. अगर सील एयरटाइट नहीं है, तो उसे तुरंत ठीक करना या बदलना बेहद जरूरी है.ढीली रबर सील कैसे लगाती है आपकी जेब को चंपत?एक खराब, ढीली या कटी-फटी रबर सील आपके घर का बजट दो तरफ से बिगाड़ती है:कूलिंग का नुकसान: ढीली सील फ्रिज के भीतर की बेशकीमती ठंडी हवा को लगातार बाहर निकालती रहती है और कमरे की गर्म, नमी युक्त हवा को अंदर जाने देती है. इससे कंप्रेसर को अंदर का तापमान मेंटेन करने के लिए दिन-रात ओवरटाइम काम करना पड़ता है.बिजली का भारी बिल: जब कंप्रेसर चौबीसों घंटे बिना ट्रिप हुए चलेगा, तो आपका बिजली का बिल गर्मी के दिनों में सीधे आसमान छूने लगेगा. इसके अलावा, एनर्जी स्टार (ENERGY STAR) के मानकों के अनुसार, खाने को सुरक्षित और बैक्टीरिया-फ्री रखने के लिए फ्रिज का आंतरिक तापमान 35F से 38F (लगभग 1.6C से 3.3C) होना चाहिए, जो सील खराब होने पर किसी भी हाल में मुमकिन नहीं हो पाता और खाना जल्दी सड़ जाता है.अगर आपका फ्रिज 'पेपर टेस्ट' में फेल हो जाए, तो क्या करें?यदि कागज आसानी से बाहर आ जाता है, तो तुरंत नया फ्रिज खरीदने या मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही ये आसान उपाय आजमा सकते हैं:गुनगुने पानी से सफाई: कई बार सील टूटी नहीं होती, बल्कि उस पर जमी गंदगी, ग्रीस, चिपचिपे जूस या खाने के कणों की वजह से मैग्नेट काम नहीं करता. एक सूती कपड़े को गुनगुने पानी और हल्के लिक्विड सोप में डुबोकर सील और दरवाजे के फ्रेम को अच्छे से साफ करें.हेयरड्रायर की ट्रिक: अगर फ्रिज की रबर सील लंबे समय से इस्तेमाल के कारण सख्त या कड़क हो गई है, तो उस पर थोड़ा सा गर्म पानी डालें या ब्लो ड्रायर (Hairdryer) को लो-हीट पर रखकर सील पर हवा मारें. इससे रबर गर्म होकर फिर से लचीली (Flexible) हो जाएगी और दरवाजे से चिपकने लगेगी.सील बदलना: यदि रबर पूरी तरह फट चुकी है या सड़ गई है, तो आप ऑनलाइन या नजदीकी स्पेयर पार्ट्स की दुकान से बेहद कम दाम में नई रबर गैस्केट खरीदकर उसे घर पर ही आसानी से बदल सकते हैं.इस 30 सेकंड की मुफ्त आदत को अपने मंथली होम-मेंटेनेंस रूटीन का हिस्सा बनाएं, खासकर गर्मियों की शुरुआत में इसे जरूर आजमाएं. ब्रेड को टोस्ट करने से भी कम समय में होने वाला यह छोटा सा टेस्ट आपको भविष्य के बड़े कंप्रेसर खर्चों और मानसिक परेशानी से बचा सकता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:31 am

Gold Price Today: फेडरल रिजर्व के बयान से सोने ने लिया यू-टर्न, वैश्विक बाजार में उछाल, घरेलू मार्केट में मामूली सुस्ती

वैश्विक और घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ समय से लगातार गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने वाले सोने के भाव में अब अचानक तेजी का दौर शुरू हो गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस हालिया तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श का एक ताजा बयान है.केविन वॉर्श ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बहुत अधिक आक्रामक बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. फेड चेयरमैन के इस बयान के बाद निवेशकों की चिंताएं दूर हुईं और मंदी की मार झेल रहे सोने ने जबरदस्त यू-टर्न (U-Turn) लिया है. इससे पहले, ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी की आशंका के चलते जून तिमाही में सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह सिलसिला थम गया है.वैश्विक बाजार (COMEX) में आई भारी तेजी, चांदी भी चमकीअमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी के संकेतों का असर शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट पर साफ दिखाई दिया:सोने का भाव (COMEX Gold): शुक्रवार सुबह वैश्विक बाजार कॉमेक्स पर सोना 57 डॉलर प्रति औंस की भारी छलांग लगाकर 4,182 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया.चांदी का भाव (COMEX Silver): सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी एक डॉलर से ज्यादा का उछाल आया और यह मजबूत होकर 62.425 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करती दिखी.घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव: जनवरी के हाई से 12% से ज्यादा टूट चुका है सोनावैश्विक स्तर पर शुक्रवार को तेजी होने के बावजूद, भारतीय घरेलू बाजार (MCX) में गुरुवार शाम को सोने और चांदी के दामों में मामूली सुस्ती दर्ज की गई थी. दरअसल, जून के आखिरी हफ्तों में आई भारी मंदी के कारण कई घरेलू निवेशकों ने बाजार से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया था, जिसका असर अभी भी हाजिर बाजार पर दिख रहा है.अगर लंबी अवधि के ट्रेंड को देखें, तो इस साल की शुरुआत यानी जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाला गोल्ड जून तिमाही में 12 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है. वहीं इस दौरान चांदी में भी 17 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. हाजिर बाजार (Spot Market) की बात करें तो जनवरी में जो सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था, वह हाल ही में गिरकर 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था.MCX पर सोने और चांदी के वायदा भाव का ताजा अपडेटमल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार शाम को कारोबारी सत्र की क्लोजिंग कुछ इस प्रकार रही:सोना वायदा (Gold Future): आगामी अगस्त डिलीवरी वाला सोना गुरुवार शाम को मामूली गिरावट के साथ 1,45,758 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. हालांकि, इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान इसने 1,46,666 रुपये का ऊपरी स्तर (High) भी छुआ था.चांदी वायदा (Silver Future): सितंबर डिलीवरी वाली चांदी मामूली गिरावट के साथ 2,33,304 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई (इंट्राडे हाई 2,36,575 रुपये रहा). वहीं, 31 अगस्त की शॉर्ट-टर्म डिलीवरी वाली चांदी 2,487 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,413 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.IBJA रेट्स: जानिए 18, 22 और 24 कैरेट सोने का आधिकारिक भावइंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा गुरुवार शाम 5 बजे जारी किए गए आधिकारिक हाजिर भाव के मुताबिक, शुद्धता के आधार पर सोने-चांदी के रेट निम्नलिखित रहे:24 कैरेट सोना (99.9% प्योरिटी): ₹1,43,003 प्रति 10 ग्राम22 कैरेट सोना (ज्वैलरी मेकिंग): ₹1,30,990 प्रति 10 ग्राम18 कैरेट सोना (डायमंड ज्वैलरी): ₹1,07,252 प्रति 10 ग्रामचांदी (Silver Spot Rate): ₹2,28,850 प्रति किलोग्राम

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:30 am

E-Rickshaw Hacking: 'BAT-BMS' ऐप से चलती गाड़ी बंद करने का खतरनाक प्रैंक, मजा पड़ेगा भारी, होगी 3 साल की जेल

तकनीक के इस आधुनिक दौर में जहाँ हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहद आसान और डिजिटल हो रही है, वहीं साइबर खतरों (Cyber Threats) का दायरा भी तेज़ी से पैर पसार रहा है. हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ कुछ शरारती तत्व सड़क पर चलते हुए ई-रिक्शा (E-Rickshaw) को दूर बैठे ही अचानक बंद कर दे रहे हैं. इसके लिए वे अपने स्मार्टफोन में 'BAT-BMS' नाम के एक साधारण ऐप और ब्लूटूथ कनेक्शन (Bluetooth Connection) का इस्तेमाल कर रहे हैं.पहली नज़र में कुछ लड़कों को यह एक साधारण मज़ाक, रील बनाने का जरिया या प्रैंक (Prank) लग सकता है, लेकिन कानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज़ से यह एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है. आइए विस्तार से जानते हैं कि यह पूरा तकनीकी खेल क्या है और देश का कानून इस पर क्या सख्त रुख अपनाता है.ई-रिक्शा अब सिर्फ एक गाड़ी नहीं, पहियों पर दौड़ता कंप्यूटर हैआज के समय में भारतीय सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा तकनीकी रूप से काफी एडवांस और डिजिटल हो चुके हैं. इंटरनेशनल कमीशन ऑन साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन और देश के जाने-माने साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के मुताबिक, आज का आधुनिक ई-रिक्शा महज लोहे और पहियों का एक सामान्य वाहन नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से एक 'डिजिटल कंप्यूटर सिस्टम' की तरह काम करता है.चूंकि यह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल फॉर्मेट पर ऑपरेट होता है, इसलिए इसमें बाकायदा डेटा स्टोरेज, मेमोरी फंक्शन्स और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलिंग यूनिट्स (ECUs) होते हैं. इसी एडवांस तकनीक का गलत फायदा उठाकर कुछ हैकर्स और प्रैंकस्टर्स इसके सिस्टम में अनधिकृत रूप से (Unauthorized Access) सेंध लगा रहे हैं.BAT-BMS ऐप और ब्लूटूथ का यह खतरनाक और जानलेवा खेलदरअसल, ई-रिक्शा की जान उसकी लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी होती है. इस बैटरी की सुरक्षा, चार्जिंग और ओवरहीटिंग को मैनेज करने के लिए उसमें एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा होता है. बाजार में मौजूद 'BAT-BMS' जैसे कई मोबाइल ऐप्स इस बीएमएस को ब्लूटूथ के जरिए ट्रैक और मॉनिटर करने की आधिकारिक सुविधा देते हैं.लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब सड़क पर चल रहे किसी ई-रिक्शा के ब्लूटूथ सिग्नल को ये शरारती तत्व अपने फोन से बिना मालिक की अनुमति या जानकारी के कनेक्ट कर लेते हैं. एक बार कनेक्शन स्थापित होने के बाद, ऐप के भीतर मौजूद रिमोट कंट्रोल फीचर का इस्तेमाल करके वे बैटरी की मेन पावर सप्लाई को अचानक 'कट' (Power Off) कर देते हैं. इसके परिणामस्वरूप चलती हुई गाड़ी बीच सड़क पर, बिना किसी चेतावनी के अचानक ठप हो जाती है. यह न केवल रिक्शा चालक और उसमें बैठी सवारियों के लिए मानसिक परेशानी का सबब है, बल्कि पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के कारण एक भीषण और जानलेवा सड़क हादसे को सीधा न्यौता देता है.मज़ाक नहीं, सीधे जेल ले जाएगी यह हरकत: आईटी एक्ट की धाराएं सक्रियअगर कोई युवा या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इसे महज मनोरंजन या यूट्यूब प्रैंक वीडियो बनाने का जरिया समझ रहा है, तो उसे तुरंत सावधान होने की जरूरत है. साइबर पुलिस और कानून के जानकारों ने साफ किया है कि यह कोई खेल नहीं बल्कि एक गंभीर साइबर अपराध (Cyber Crime) है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act 2000) की धारा 43 और धारा 66 के तहत यह पूरी तरह से दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. किसी भी वाहन या डिवाइस के कंप्यूटर नेटवर्क में उसकी मर्जी के बिना अवैध प्रवेश करना डेटा चोरी और सिस्टम हैकिंग माना जाता है.3 साल की कठोर जेल की सजा और 5 लाख रुपये का भारी जुर्मानाकानूनी तौर पर इस तरह के डिजिटल प्रैंक के लिए बेहद सख्त सजा के प्रावधान तय किए गए हैं:जेल की सजा: यदि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर, मज़ाक में या किसी धोखाधड़ी/बदला लेने के इरादे से किसी के ई-रिक्शा को इस तरह रिमोटली बंद करता हुआ रंगे हाथों या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा जाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल की कठोर सजा हो सकती है.आर्थिक जुर्माना: जेल के साथ-साथ दोषी पाए जाने पर उस व्यक्ति पर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है. डिजिटल सुरक्षा के उल्लंघन और सार्वजनिक जीवन को खतरे में डालने को लेकर देश की अदालतें और पुलिस बेहद सख्त रुख अपना रही हैं.डिजिटल हैकिंग से बचने के लिए ई-रिक्शा चालक तुरंत करें ये उपायइस नए तरह के साइबर खतरे या अनधिकृत रिमोट एक्सेस से खुद को और अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए ई-रिक्शा चालकों को अपनी तकनीक को थोड़ा अपग्रेड और सुरक्षित करना होगा:डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदलें: सबसे पहला और महत्वपूर्ण काम यह करें कि अपने ई-रिक्शा के BMS ब्लूटूथ का डिफ़ॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदल दें. अक्सर लोग कंपनी या मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए साधारण पासवर्ड (जैसे 1234, 0000 या 8888) को कभी नहीं बदलते, जिससे कोई भी बाहरी ऐप आसानी से उसे बिना अनुमति के पेयर (Pair) कर लेता है.कस्टम और मजबूत पासवर्ड: अपने ब्लूटूथ सेटिंग्स में जाकर एक मजबूत और कस्टमाइज्ड पासवर्ड सेट करें. ऐसा करने से कोई भी बाहरी व्यक्ति आपके चलते रिक्शा की बैटरी को रिमोटली एक्सेस नहीं कर पाएगा. अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहना ही इस नए साइबर प्रैंक के खतरे से बचने का एकमात्र और अचूक उपाय है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:19 am

Bank of Baroda-NMC Health Settlement: बैंक ऑफ बड़ौदा चुकाएगा ₹5,700 करोड़, NMC हेल्थ के साथ खत्म हुआ सालों पुराना कानूनी विवाद

पब्लिक सेक्टर के दिग्गज बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने वेस्ट एशिया के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घोटालों में से एक 'एनएमसी हेल्थ' (NMC Health) मामले में चल रहे सालों पुराने विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया है. बैंक ने इस जटिल कानूनी लड़ाई को अदालत के बाहर (Out of Court Settlement) सुलझाने के लिए जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स को 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम भुगतान करने पर सहमति जताई है. इस ऐतिहासिक सेटलमेंट के बाद अबू धाबी, ब्रिटेन और भारत समेत कई देशों में चल रही फ्रॉड व इन्सॉल्वेंसी की कार्यवाही अब पूरी तरह बंद हो जाएगी. हालांकि, इस समझौते की सबसे खास बात यह रही कि दोनों में से किसी भी पक्ष ने अदालत के सामने अपनी किसी भी तरह की गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.क्या है 5-6 अरब डॉलर का NMC हेल्थ घोटाला, जिसने हिला दिया था बैंकिंग सेक्टर?यह पूरा मामला एनआरआई (NRI) बिजनेसमैन डॉ. बीआर शेट्टी द्वारा प्रमोटेड हेल्थकेयर ग्रुप 'एनएमसी हेल्थ' से जुड़ा है, जो साल 2020 में अचानक ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गया था. एक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि कंपनी के प्रबंधन ने कर्जदाताओं की आंखों में धूल झोंककर करीब 5 से 6 अरब डॉलर (लगभग 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये) का भारी कर्ज बही-खातों से पूरी तरह छिपाकर रखा था.इस बड़े वित्तीय फ्रॉड के सामने आने के बाद वैश्विक बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया और कई देशों की जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं. चूंकि बैंक ऑफ बड़ौदा इस ग्रुप को यूएई (UAE) और भारत में लोन देने वाले सबसे प्रमुख बैंकों में से एक था, इसलिए इस कानूनी पचड़े में बैंक का नाम भी घसीटा गया था.बैंक ऑफ बड़ौदा पर क्या थे आरोप और कहां जाएगा सेटलमेंट का पैसा?एनएमसी हेल्थ के दिवालिया होने के बाद कंपनी का कामकाज संभाल रहे जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स का आरोप था कि बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ की गई कुछ वित्तीय व्यवस्थाओं और क्रेडिट सुविधाओं के कारण ही एनएमसी को अपना डूबता हुआ कर्ज छिपाने में मदद मिली थी. एडमिनिस्ट्रेटर्स का दावा था कि इसी वजह से कंपनी पूरी तरह खोखली होने के बावजूद लंबे समय तक बाजार में बनी रही और लेनदारों को भारी नुकसान हुआ.पैसे का इस्तेमाल: समझौते के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए जाने वाले ₹5,700 करोड़ एनएमसी की उस संपत्ति (एस्टेट) में ट्रांसफर किए जाएंगे, जिसे कोर्ट द्वारा नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर्स देख रहे हैं.किसे मिलेगा फायदा: इस विशाल फंड का उपयोग उन वैश्विक बैंकों, बॉन्डहोल्डर्स और कमर्शियल क्रेडिटर्स का बकाया पैसा चुकाने के लिए किया जाएगा, जिनका अरबों रुपया एनएमसी हेल्थ के डूबने की वजह से अधर में लटक गया था.बिजनेस पर नहीं पड़ेगा कोई बुरा असर, Q1 में जमा और लोन में बंपर उछालभले ही बैंक ऑफ बड़ौदा को एकमुश्त ₹5,700 करोड़ की भारी रकम चुकानी पड़ रही है, लेकिन बैंक के मुख्य बैंकिंग बिजनेस और बैलेंस शीट की सेहत पर इसका कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. बैंक ने अपनी ताजा वित्तीय रिपोर्ट में साफ किया है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में उसके कोर बिजनेस ने शानदार प्रदर्शन किया है:घरेलू जमा (Domestic Deposits): सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 14.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.घरेलू लोन (Domestic Advances): क्रेडिट ग्रोथ में 16.1 प्रतिशत का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद कुल लोन बुक 11.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गई है.खबर आते ही शेयर बाजार में निवेशकों ने शुरू की बिकवाली, शेयर 4% से ज्यादा टूटाबिजनेस फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद, शेयर बाजार के निवेशकों ने ₹5,700 करोड़ के अचानक आए इस तात्कालिक वित्तीय झटके को भांपते हुए मुनाफावसूली और बिकवाली का रुख अपना लिया. बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा इस मेगा सेटलमेंट की आधिकारिक घोषणा किए जाने के तुरंत बाद गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान इसके शेयरों पर भारी दबाव देखा गया. चौतरफा बिकवाली के चलते बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर (BoB Share Price) 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सालों पुराने इस कानूनी विवाद का हमेशा के लिए खत्म होना लंबी अवधि में बैंक की साख के लिए एक पॉजिटिव कदम साबित हो सकता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:18 am

Aamir Khan 3rd Marriage: 5 जुलाई को तीसरी शादी करेंगे आमिर खान, 25 साल पुरानी दोस्त गौरी स्प्रैट संग बांद्रा के घर पर लेंगे सात फेरे

बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' यानी आमिर खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर देश भर में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गए हैं. पिछले काफी समय से आ रही अफवाहों और कयासों पर विराम लगाते हुए खुद आमिर खान ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि वे बहुत जल्द अपनी लॉन्ग-टाइम पार्टनर गौरी स्प्रैट (Gauri Spratt) के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. आमिर खान ने स्वयं मुहर लगाई है कि वे दोनों इसी महीने की 5 तारीख को विवाह करने वाले हैं. इस खबर के बाहर आते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस के बीच तहलका मच गया है और हर कोई इस शादी से जुड़े हर एक अपडेट को जानने के लिए बेहद उत्सुक है.5 जुलाई को घर पर ही होगा प्राइवेट इवेंट, आमिर ने सादगी से दिया जवाबइंटरनेट पर इस समय आमिर खान का एक बिल्कुल नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मीडिया ने जब उनसे शादी की तैयारियों को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने हमेशा की तरह बेहद सादगी और शालीनता से जवाब दिया. आमिर ने मुस्कुराते हुए पैपराजी से कहा, हाँ, शादी 5 जुलाई को है और यह एक छोटा सा पूरी तरह से प्राइवेट इवेंट है.उन्होंने आगे साझा किया कि 5 तारीख का दिन उनके जीवन में एक बहुत ही खास और ऐतिहासिक महत्व रखता है. यह शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा वाले पैतृक घर पर ही संपन्न होगी, जिसमें तामझाम से दूर सिर्फ दोनों परिवारों के सदस्य और कुछ चुनिंदा बेहद करीबी दोस्त ही गवाह बनेंगे. आमिर के इस डाउन-टू-अर्थ और सादगी भरे अंदाज की फैंस सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं.शादी में शामिल होंगी दोनों एक्स-वाइफ किरण और रीना, मेहमानों की लिस्ट तैयारआमिर खान की इस तीसरी शादी की सबसे अनोखी और खूबसूरत बात यह है कि इसमें उनके अतीत और वर्तमान के रिश्तों का एक बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बेहद निजी घरेलू शादी में महज 150 खास मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया है.इस गेस्ट लिस्ट की सबसे बड़ी हाइलाइट यह है कि आमिर की दोनों पूर्व पत्नियां— रीना दत्ता और किरण राव भी इस शादी में नए जोड़े को अपना आशीर्वाद देने शामिल हो सकती हैं. पिता के जीवन के इस नए और बड़े फैसले में उनके तीनों बच्चे— जुनैद खान, इरा खान और आजाद राव खान भी पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं और शादी में मौजूद रहेंगे. आमिर ने अपने सभी चाहने वालों और देश भर के फैंस से जिंदगी के इस नए सफर की शुरुआत के लिए ढेर सारा प्यार, दुआएं और शुभकामनाएं मांगी हैं.25 साल पुरानी दोस्ती ऐसे बदली प्यार में, पिछले साल किया था कबूलनामाआमिर खान और गौरी स्प्रैट की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. ये दोनों पिछले लगभग 25 सालों से एक-दूसरे के बेहद अच्छे और भरोसेमंद दोस्त रहे हैं. सालों तक दोनों के बीच सिर्फ एक सामान्य दोस्ती का रिश्ता रहा, लेकिन वक्त बदलने के साथ-साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ीं.पिछले साल मार्च 2025 में जब आमिर खान ने अपना 60वां जन्मदिन (60th Birthday) सेलिब्रेट किया था, तब उन्होंने पहली बार दुनिया के सामने गौरी स्प्रैट के लिए अपने प्यार का खुलेआम इजहार किया था. उन्होंने बताया था कि सालों पुरानी यह गहरी दोस्ती अब एक पवित्र प्यार में तब्दील हो चुकी है. एक-दूसरे को लंबे समय तक डेट करने और समझने के बाद अब इस मैच्योर कपल ने अपने रिश्ते को शादी का नाम देने का अंतिम फैसला कर लिया है.रीना से लेकर गौरी तक: कैसा रहा आमिर खान की शादियों का सफर?यह आमिर खान की जिंदगी की तीसरी और गौरी स्प्रैट की दूसरी शादी होने जा रही है. गौरी की पहली शादी से एक बेटी भी है. आइए एक नजर डालते हैं आमिर खान के अब तक के वैवाहिक सफर पर:पहली शादी (रीना दत्ता): आमिर खान ने अपने करियर के शुरुआती दौर में रीना दत्ता से शादी की थी. इस शादी से उनके दो बच्चे— जुनैद खान और ईरा खान हैं. आपसी मतभेदों के चलते साल 2002 में शादी के 16 साल बाद दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया था.दूसरी शादी (किरण राव): रीना से अलग होने के बाद आमिर की जिंदगी में फिल्ममेकर किरण राव की एंट्री हुई. साल 2005 में दोनों ने शादी रचाई, जिससे उनका एक बेटा आजाद राव खान है. साल 2021 में इस कपल ने भी बेहद आपसी समझदारी के साथ एक-दूसरे से अलग होने की घोषणा कर दी थी, हालांकि दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 10:16 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला पुलिस रिमांड पर, पूछताछ से हो सकते हैं बड़े खुलासे

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला को 13 घंटे की पुलिस रिमांड मिली। पुलिस को पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद, वहीं SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों से छह घंटे तक पूछताछ की।

देशबन्धु 3 Jul 2026 10:05 am

LIVE: मुंबई में भारी बारिश, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

Latest News Today Live Updates in Hindi : मुंबई में शुक्रवार को भी भारी बारिश का दौर जारी। लगातार हो रही बारिश की वजह से कई स्थानों पर पानी भर गया। मुंबई में अगले 3 घंटे भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 3 Jul 2026 10:03 am

Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स

मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) चलाने वालों के लिए यह अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय भी होता है। मानसून के दौरान सही रखरखाव करने से न केवल बैटरी की उम्र बढ़ती है, बल्कि बेहतर रेंज, सुरक्षित ...

वेब दुनिया 3 Jul 2026 10:00 am

यूपी-दिल्ली समेत 15 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी

IMD ने यूपी, दिल्ली, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। जानिए किन राज्यों में कब और कितना असर दिखाएगा मॉनसून।

देशबन्धु 3 Jul 2026 9:49 am

Women's T20 World Cup Final: इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को 40 रनों से रौंदा, अब लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया से होगा महामुकाबला

आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Women's T20 World Cup 2026) के खिताबी मुकाबले की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है. केनिंग्टन ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 40 रनों से धूल चटा दी. इस जीत के साथ ही इंग्लिश टीम ने पांचवीं बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में एंट्री मारी है.अब रविवार, 5 जुलाई 2026 को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले 'लॉर्ड्स' के मैदान पर एक महामुकाबला देखने को मिलेगा. खिताबी जंग में इंग्लैंड का सामना 6 बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा. यह मैच भारतीय समयानुसार रात 8:00 बजे से लाइव खेला जाएगा, जिसके बेहद रोमांचक और कांटेदार होने की उम्मीद है.6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया बनाम 1 बार की विजेता इंग्लैंडविमेंस क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा एकतरफा रहा है. कंगारू टीम ने अब तक सबसे ज्यादा 6 बार (साल 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023) टी20 वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की है. वहीं दूसरी ओर, मेजबान इंग्लैंड ने सिर्फ एक बार साल 2009 में (टूर्नामेंट के पहले सीजन में) यह खिताब जीता था. इनके अलावा वेस्टइंडीज (2016) और न्यूजीलैंड (2024) भी 1-1 बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को चूम चुके हैं.साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की रिकॉर्ड 133 रनों की पार्टनरशिपइससे पहले, दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. इंग्लिश टीम की शुरुआत बेहद खराब और झकझोरने वाली रही. ओपनर एमी जोन्स (2 रन) को शबनम इस्माइल ने जल्दी चलता किया, जबकि डैनी व्याट (12 रन) को मारिजाने कैप ने पवेलियन भेजा. एलिसा कैप्सी भी महज 1 रन बनाकर आउट हो गईं.सिर्फ 23 रन पर 3 विकेट गंवाकर इंग्लैंड की टीम गहरे संकट में नजर आ रही थी. इसके बाद क्रीज पर उतरीं उप-कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और कप्तान हीथर नाइट ने मोर्चा संभाला. दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने सूझबूझ से खेलते हुए चौथे विकेट के लिए महज 90 गेंदों में 133 रनों की रिकॉर्ड तोड़ मैच जिताऊ साझेदारी की.हीथर नाइट: 47 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 58 रन बनाए.नेट साइवर-ब्रंट: 47 गेंदों में 11 चौके और 1 छक्के की बारिश करते हुए 75 रनों की तूफानी पारी खेली.इन दोनों पारियों के दम पर इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 169 रनों का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया. साउथ अफ्रीका की ओर से अनुभवी तेज गेंदबाज शबनम इस्माइल ने 31 रन देकर 2 विकेट और स्पिनर नॉनकुलुलेको म्लाबा ने 25 रन देकर 2 विकेट झटके.170 के लक्ष्य के आगे ढेर हुई प्रोटियाज टीम, नेट साइवर के आगे बेअसर रही कैप170 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका विमेंस टीम को कप्तान लौरा वोल्वार्ट (17 रन) और ताजमिन ब्रिट्स ने सधी हुई शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े. लेकिन वोल्वार्ट के आउट होते ही साउथ अफ्रीका की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई.शानदार फॉर्म में चल रही धाकड़ ऑलराउंडर मारिजाने कैप सेमीफाइनल के बड़े मंच पर फ्लॉप रहीं और महज 5 रन बनाकर चार्ली डीन की गेंद पर कैच आउट हो गईं. एनेरी डर्कसेन (3 रन) और सुने लुस (11 रन) भी कुछ खास नहीं कर सकीं. क्लो ट्रायोन को 12 रन के निजी स्कोर पर स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने क्लीन बोल्ड कर साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया.ओपनर ताजमिन ब्रिट्स ने एक छोर संभाले रखते हुए 45 गेंदों में 51 रनों की दमदार अर्धशतकीय पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला. अंत में नादिन डी क्लर्क 14 रन बनाकर नाबाद रहीं, लेकिन वे टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सकीं और साउथ अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी.इंग्लैंड की धारदार गेंदबाजी में लॉरेन बेल ने 28 रन देकर 2 विकेट और चार्ली डीन ने 31 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए, जबकि फ्रेया केम्प और लिन्से स्मिथ को 1-1 सफलता मिली.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:45 am

Alpha Box Office Day 1: एडवांस बुकिंग में आलिया-शरवरी की 'अल्फा' का जलवा, हुमा कुरैशी की फिल्म से टक्कर पर आया बड़ा अपडेट

आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारों से सजी साल की सबसे बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'अल्फा' (Alpha) आज यानी शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में आधिकारिक तौर पर रिलीज हो गई है. फिल्म की रिलीज से ठीक दो दिन पहले यानी बुधवार को इसकी एडवांस बुकिंग (Advance Bookings) की खिड़की खोली गई थी. टिकटों की बिक्री शुरू होते ही दर्शकों में इस फिल्म को लेकर भारी क्रेज देखा जा रहा है, और शुरुआती ट्रेड अनुमानों के मुताबिक यह एक्शन-एंटरटेनर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बेहद दमदार और रिकॉर्ड तोड़ शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है.एडवांस बुकिंग में बटोरे ₹1.75 करोड़, पहले दिन ₹5 करोड़ पार का अनुमानमशहूर ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने मीडिया से बातचीत में फिल्म की कमाई के शुरुआती आंकड़े साझा किए हैं. उन्होंने बताया कि 'अल्फा' ने रिलीज से पहले केवल एडवांस बुकिंग के जरिए ही 1.75 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है.रमेश बाला ने आगे अनुमान जताते हुए कहा, फिल्म के हाइप और स्टारकास्ट की तगड़ी फैन फॉलोइंग को देखते हुए यह साफ है कि ओपनिंग डे (पहले दिन) पर यह फिल्म आसानी से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का आंकड़ा पार कर जाएगी. इसके बाद अगर फिल्म की कहानी दर्शकों को पसंद आती है और पॉजिटिव माउथ पब्लिसिटी मिलती है, तो यह अपने पहले वीकेंड (शुरुआती 3 दिनों) में करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस कर सकती है.बॉक्स ऑफिस पर हुमा कुरैशी की फिल्म से भिड़ंत, रमेश बाला ने दी अपनी रायसिनेमाघरों में 'अल्फा' की सीधी टक्कर बॉलीवुड की एक और टैलेंटेड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी की फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ (Baby Do Die Do) के साथ होने जा रही है. बॉक्स ऑफिस पर होने वाले इस दिलचस्प क्लैश पर राय रखते हुए ट्रेड पंडित रमेश बाला ने कहा, 'अल्फा' की राह में इस मुकाबले से कोई बड़ी समस्या खड़ी नहीं होने वाली है. इसकी वजह यह है कि दोनों ही फिल्में बहुत अलग जॉनर (विधा) की हैं और दोनों का टारगेट ऑडियंस (दर्शक वर्ग) पूरी तरह से अलग है.हुमा कुरैशी का बेबाक बयान: सिर्फ लड़कों की फिल्मों में ही क्लैश क्यों हो?फिल्म 'बेबी डू डाई डू' और 'अल्फा' के एक ही दिन रिलीज होने को लेकर जब मीडिया ने हुमा कुरैशी से सवाल किया कि क्या वे इसे फीमेल फॉरवर्ड फ्राइडे (महिलाओं को प्राथमिकता देने वाला शुक्रवार) के रूप में देखती हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी और सकारात्मकता से इसका जवाब दिया. हुमा ने कहा, मुझे लगता है कि सिनेमा में महिला-केंद्रित कंटेंट (Female-led Content) के लिए यह एक बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक समय है.उन्होंने आगे कहा, इंडस्ट्री में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि एक ही फ्राइडे को दो बड़ी फिल्में टकराती हैं और दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं. तो फिर ऐसा क्यों सोचा जाए कि सिर्फ लड़कों (मेल स्टार्स) पर केंद्रित फिल्मों के बीच ही महा-मुकाबला हो सकता है? महिलाओं की फिल्मों में भी यह रेस होनी चाहिए. हालांकि, हमारी फिल्म काफी छोटी है और इसे पूरी तरह से इंडिपेंडेंट (स्वतंत्र) तरीके से बनाया गया है, इसलिए बड़े बजट की फिल्म के बीच हमें बस दर्शकों के दिलों में थोड़ी सी जगह की तलाश है.वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला प्रधान फिल्म: क्यों है खास?ये दोनों फिल्में बजट और स्केल के मामले में एक-दूसरे से जमीन-आसमान जितनी अलग हैं. एक तरफ जहाँ हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू' हाल ही में शुरू हुए 'सलीम सिब्लिंग्स' बैनर के तहत बनी एक छोटे बजट की स्वतंत्र फिल्म है, वहीं दूसरी तरफ 'अल्फा' देश के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस यश राज फिल्म्स (YRF) का एक मेगा-बजट प्रोजेक्ट है.'अल्फा' की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आदित्य चोपड़ा के ब्लॉकबस्टर 'YRF स्पाई यूनिवर्स' (जिसमें पठान, टाइगर और वॉर जैसी फिल्में शामिल हैं) की पहली पूरी तरह से महिला-प्रधान (Female-led) स्पाई फिल्म है. आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की मुख्य भूमिकाओं वाली यह हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म इस साल स्टूडियो की सबसे बड़ी और खास रिलीज में से एक मानी जा रही है, जिस पर पूरे देश के सिनेमा प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:35 am

Google Pixel 11: 2nm प्रोसेसर और 'टिटैनियम मोचा' कलर के साथ मचेगा तहलका, लॉन्च से पहले लीक हुए धांसू स्पेसिफिकेशन्स

ग्लोबल टेक दिग्गज गूगल (Google) इस साल स्मार्टफोन मार्केट में एक बहुत बड़ा धमाका करने के लिए तैयार है. टेक गलियारों में चल रही चर्चाओं और ताजा लीक्स के मुताबिक, गूगल अपनी फ्लैगशिप Google Pixel 11 सीरीज को जल्द ही वैश्विक मंच पर पेश कर सकता है. इस नई प्रीमियम लाइनअप में चार शानदार स्मार्टफोन— Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और फोल्डेबल सेगमेंट में Pixel 11 Pro Fold शामिल हो सकते हैं. हालांकि, गूगल ने हमेशा की तरह अभी तक इन स्मार्टफोन्स के आधिकारिक लॉन्च या तारीख की पुष्टि नहीं की है, लेकिन 'Made by Google' इवेंट के पुराने इतिहास को देखें तो यह सीरीज अगस्त के मध्य तक लॉन्च हो सकती है. आइए जानते हैं कि इस बार पिक्सेल सीरीज में क्या कुछ क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं.TSMC के 2nm प्रोसेसर से लैस होगा 'Tensor G6' चिपसेटमशहूर टिपस्टर 'Mystic Leaks' और टेक रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pixel 11 सीरीज में गूगल का अब तक का सबसे एडवांस और इन-हाउस Tensor G6 प्रोसेसर देखने को मिलेगा. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में यह एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है क्योंकि इस चिपसेट को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित चिप निर्माता कंपनी TSMC की अत्याधुनिक 2nm (नैनोमीटर) प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर डिजाइन किया जा रहा है.इस छोटे और बेहद पावरफुल 2nm आर्किटेक्चर की बदौलत फोन की परफॉर्मेंस कई गुना बढ़ जाएगी. इसे मुख्य रूप से भारी-भरकम ऑन-डिवाइस AI वर्कलोड (Gemini AI फीचर्स), बेहतर बैटरी बैकअप और फोन को गर्म होने से बचाने के लिए एडवांस थर्मल मैनेजमेंट पर फोकस करते हुए ट्यून किया गया है. इसके अलावा, बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए इस बार सैमसंग की जगह MediaTek M90 मॉडम का इस्तेमाल किया जा सकता है.'टिटैनियम मोचा' लुक और चौकोर बॉक्सी डिजाइन की एंट्रीअगर लुक और फील की बात करें तो Google Pixel 11 का डिजाइन इस बार काफी प्रीमियम होने वाला है. कई लीक रेंडर्स से संकेत मिले हैं कि इस बार पिक्सेल का ओवरऑल बॉडी लुक पहले से ज्यादा चौकोर (Boxier) और फ्लैट होगा, जो इसे एक क्लासिक और मॉडर्न ग्रिप देगा.इस साल का सबसे बड़ा हाइलाइट इसका नया एक्सक्लूसिव कलर वेरिएंट 'Titanium Mocha' हो सकता है. टिपस्टर्स का मानना है कि एप्पल और सैमसंग की राह पर चलते हुए गूगल भी इस बार प्रो मॉडल्स में एल्युमीनियम की जगह टिटैनियम बॉडी (Titanium Build) दे सकता है. इस आकर्षक कलर के अलावा फोन Titanium Cloud, Charcoal Grey और Mist Blue जैसे स्टाइलिश रंगों में भी मार्केट में उतारा जा सकता है. फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स के साथ एक बड़ी फ्लैट स्क्रीन देखने को मिलेगी.3100 निट्स की ब्राइटनेस और दमदार 5000mAh बैटरीडिस्प्ले: लीक्स की मानें तो स्टैंडर्ड Google Pixel 11 में 6.3-इंच का स्मूथ OLED पैनल दिया जाएगा, जो 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा. आउटडोर विजिबिलिटी को बेहतरीन बनाने के लिए इसमें 3100 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलने की उम्मीद है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन बिल्कुल साफ दिखेगी. (प्रो मॉडल्स में यह ब्राइटनेस 3600 निट्स तक जा सकती है).रैम और स्टोरेज: फोन को मल्टीटास्किंग में सुपरफास्ट बनाने के लिए इसे 8GB और 12GB रैम ऑप्शंस के साथ पेश किया जा सकता है. वहीं बेस स्टोरेज 128GB या सीधे 256GB से शुरू हो सकती है.बैटरी और चार्जिंग: लंबे बैकअप के लिए इस स्मार्टफोन में 5,000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 30W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग और नए Qi2 वायरलेस चार्जिंग स्टैंडर्ड को सपोर्ट करेगी.प्रो-लेवल ट्रिपल कैमरा सेटअप और ऑन-डिवाइस AI वीडियोगूगल के पिक्सेल फोन हमेशा से अपनी बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए जाने जाते हैं. Pixel 11 में इस बार एक शानदार ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप (Triple Camera Setup) देखने को मिल सकता है:प्राइमरी कैमरा: 50MP का मुख्य सेंसर, जो लो-लाइट में बेहतरीन तस्वीरें खींचेगा.अल्ट्रा-वाइड कैमरा: 48MP का लेंस, जो वाइड-एंगल शॉट्स के लिए होगा.टेलीफोटो कैमरा: 12MP का सेंसर (कुछ लीक्स में 5x ऑप्टिकल ज़ूम वाला 10.8MP सेंसर भी बताया गया है).सेल्फी के शौकीनों के लिए फ्रंट में 12MP से लेकर 32MP तक का दमदार पंच-होल कैमरा मिल सकता है. सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर यह फोन Android 17 आउट ऑफ द बॉक्स पर चलेगा. इसमें 'Ultra-low-light' ऑन-डिवाइस वीडियो मोड, 4K सिनेमैटिक ब्लर और एआई वीडियो रीलाइटिंग जैसे जादुई फीचर्स मिलेंगे, जिसके लिए क्लाउड सर्वर पर डेटा भेजने की जरूरत नहीं होगी.भारत में क्या होगी Google Pixel 11 की अनुमानित कीमत?गूगल ने अभी तक कीमत को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में इसकी शुरुआती कीमत $799 के आसपास रहने का अनुमान है. भारतीय बाजार (Indian Smartphone Market) के टैक्स स्ट्रक्चर और हाल ही में रैम की कीमतों में हुई वैश्विक बढ़ोतरी को देखते हुए, भारत में स्टैंडर्ड Google Pixel 11 की अनुमानित कीमत ₹79,990 से ₹84,999 के बीच तय हो सकती है.महत्वपूर्ण नोट: ध्यान रहे कि ऊपर दी गई सभी जानकारियां और स्पेसिफिकेशन्स पूरी तरह से इंटरनेट पर मौजूद लीक्स और टेक एक्सपर्ट्स के दावों पर आधारित हैं. फोन के वास्तविक फीचर्स और कीमत में लॉन्च के समय बदलाव संभव है, इसलिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना ही सबसे सही होगा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:34 am

Energy Drink Ban: रेड बुल, स्टिंग और मॉन्स्टर समेत 6 बड़े ब्रांड्स को FSSAI का नोटिस, गुमराह करने वाले दावों पर कड़ा एक्शन

यदि आप भी अपनी थकान मिटाने, वर्कआउट से पहले या दिनभर खुद को एक्टिव रखने के लिए रेड बुल या स्टिंग जैसी तथाकथित एनर्जी ड्रिंक्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के छह सबसे बड़े और लोकप्रिय बेवरेज (पेय पदार्थ) ब्रांड्स को एनर्जी ड्रिंक शब्द का अवैध इस्तेमाल करने और कथित तौर पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले भ्रामक दावे करने के आरोप में कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. देश के सर्वोच्च फूड रेगुलेटर के मुताबिक, भारतीय खाद्य नियमों के तहत अभी तक एनर्जी ड्रिंक नाम की किसी भी आधिकारिक कैटेगरी या प्रोडक्ट का कोई मानक (Standard) तय ही नहीं किया गया है.सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर रेगुलेटर द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, FSSAI ने खुद को 'एनर्जी ड्रिंक' बताने वाले कई नामी बेवरेज ब्रांड्स को गलत ब्रांडिंग (Misbranding) और विज्ञापनों में गुमराह करने वाले बड़े-बड़े दावों के लिए नोटिस जारी कर सख्त जवाब मांगा है.रेड बुल से लेकर स्टिंग और कैम्पा तक, इन दिग्गजों पर गिरी गाजFSSAI की रडार पर आए इन ब्रांड्स की लिस्ट में ग्लोबल मार्केट से लेकर भारतीय बाजार के कई बड़े नाम शामिल हैं. रेगुलेटर ने जिन छह प्रमुख ब्रांड्स को नोटिस थमाया है, वे निम्नलिखित हैं:Red Bull (रेड बुल)Sting (स्टिंग)Monster (मॉन्स्टर)Campa Energy (कैम्पा एनर्जी)Hell Energy (हेल एनर्जी)Adrenaline Rush / Gold Boost (एड्रेनालाईन रश और गोल्ड बूस्ट)फूड सेफ्टी अथॉरिटी का सीधा आरोप है कि ये सभी कंपनियां अपने-अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विज्ञापनों के जरिए आम ग्राहकों को गुमराह कर रही हैं. हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद इन मल्टीनेशनल और डोमेस्टिक कंपनियों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है.FSSAI ने क्यों की यह कार्रवाई? समझिए नियमों का खेलFSSAI ने नोटिस जारी करने के पीछे मुख्य कानूनी और तकनीकी वजह स्पष्ट की है. रेगुलेटर का कहना है कि भारत के खाद्य सुरक्षा नियमों (Food Safety Rules) में 'Energy Drink' नाम की कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी है ही नहीं. वर्तमान में जो 'फूड कैटेगरी सिस्टम' मौजूद है, वह केवल सरकार और रेगुलेटर के प्रशासनिक वर्गीकरण (Administrative Classification) के लिए बनाया गया है. कंपनियां इस प्रशासनिक शब्द को अपने फायदे के लिए प्रोडक्ट का नाम या मार्केटिंग टर्म (विपणन शब्द) बनाकर बाजार में नहीं बेच सकतीं. ऐसा करना पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन और अवैध माना जाएगा.दिमाग तेज करना और कमजोरी दूर करना जैसे दावों पर पूरी तरह रोकविज्ञापनों में दिखाए जाने वाले चमत्कारी दावों पर FSSAI ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. रेगुलेटर ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी सामान्य खाद्य या पेय उत्पाद (Food Products) पर ऐसे दावे कतई नहीं किए जा सकते जो सीधे तौर पर शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली या दवाइयों से जुड़े हों (Functional or Therapeutic Claims).FSSAI के अनुसार, कंपनियों द्वारा डिब्बों और बोतलों पर लिखे जाने वाले निम्नलिखित दावे पूरी तरह से गैर-कानूनी और भ्रामक हैं:“शरीर और दिमाग को तुरंत मजबूत करना”“फोकस और ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ाना”“एनर्जी लेवल को रॉकेट की तरह बढ़ाना”“शारीरिक कमजोरी और थकान को पल भर में दूर करना”रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों पर इस तरह के बड़े दावे करना 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' (FSS Act 2006) और उसके तहत बनाए गए कड़े नियमों के खिलाफ है, क्योंकि इनके पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक या मेडिकल आधार नहीं होता.एक्शन मोड में रेगुलेटर: ग्राहकों की शिकायतों पर हो रही है सीधी कार्रवाईपिछले कुछ महीनों में FSSAI ने बाजार में बिकने वाले नकली, मिलावटी और भ्रामक विज्ञापनों वाले फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के खिलाफ अपनी कार्रवाई को काफी ज्यादा तेज कर दिया है. रेगुलेटर अब न सिर्फ खुद जांच कर रहा है, बल्कि आम ग्राहकों से नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन या सोशल मीडिया पर मिलने वाली शिकायतों (Complaints) के आधार पर भी त्वरित एक्शन ले रहा है. ग्राहकों के बीच फूड सेफ्टी और रेगुलेटरी नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ही विभाग अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी खुलकर साझा कर रहा है ताकि जनता जागरूक हो सके.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:28 am

Guru Purnima 2026 Date: 29 जुलाई को मनेगा गुरु पूर्णिमा का महापर्व, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपहार के नियम

भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में 'गुरु पूर्णिमा' का दिन एक बेहद पवित्र और ऐतिहासिक महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर देश भर में ज्ञान के प्रदाता गुरुओं, शिक्षकों और माता-पिता के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने के लिए विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की धूम रहती है. हिंदू शास्त्रों में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर (गोविंद से भी ऊंचा) माना गया है, क्योंकि गुरु ही वह मार्गदर्शक है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर हमें सत्य, सदाचार और सही-गलत का बोध कराता है. आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह उत्सव सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में सही राह दिखाने वाले हर उस मार्गदर्शक के प्रति आभार व्यक्त करने का महा-संस्कार है.कब है गुरु पूर्णिमा 2026? उदया तिथि के अनुसार नोट करें सही तारीखपंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ 28 जुलाई 2026 को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होने जा रहा है. यह तिथि अगले दिन 29 जुलाई 2026 को रात 8 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगी. सनातन धर्म की परंपरा के मुताबिक, चूंकि सूर्योदय कालीन तिथि यानी उदया तिथि को ही त्योहार मनाने का नियम है, इसलिए देश भर में गुरु पूर्णिमा का महापर्व बुधवार, 29 जुलाई 2026 को ही पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा.ज्योतिषी से जानिए गुरु पूर्णिमा की सटीक और सरल पूजा विधिऋषिकेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के मुताबिक, गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह के समय कुछ विशेष नियमों का पालन करने से जीवन में ज्ञान और सुख-समृद्धि का विस्तार होता है:ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: इस पवित्र दिन पर सुबह सूर्योदय से पहले जल्दी उठें. घर की साफ-सफाई करने के बाद पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें और स्वच्छ, हल्के रंग के (अधिमानतः पीले या सफेद) वस्त्र धारण करें.ध्यान और पूजन: घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें. इसके बाद अपने गुरु (या जिन्हें आप गुरु मानते हैं) की तस्वीर के सम्मुख बैठकर उनका ध्यान करें. यदि गुरु साक्षात उपस्थित हैं, तो उनके चरण पखारें, तिलक लगाएं और पैर छूकर उनका परम आशीर्वाद लें.संकल्प और दान: इस पावन दिन पर अपने गुरु द्वारा दिए गए मूल मंत्रों का जाप करें और उनके बताए गए सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लें. पूजा के बाद सामर्थ्य अनुसार गरीबों या ब्राह्मणों को दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.दिखावा नहीं, श्रद्धा की दें भेंट: गुरु को गिफ्ट करने के लिए बेस्ट ऑप्शंसशास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि गुरु दक्षिणा या उपहार में मूल्य से ज्यादा साधक का भाव और समर्पण मायने रखता है. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप अपने गुरुदेव को पूर्ण सम्मान के साथ निम्नलिखित चीजें भेंट कर सकते हैं:ज्ञान के प्रतीक: आप अपने गुरु को कोई अच्छी ज्ञानवर्धक किताबें, आध्यात्मिक या धार्मिक ग्रंथ और एक सुंदर पेन (कलम) या डायरी उपहार में दे सकते हैं.पारंपरिक वस्तुएं: साफ-सुथरे नए वस्त्र (जैसे शॉल या धोती-कुर्ता), मौसमी फल और शुद्ध देसी घी से बनी मिठाइयां भेंट करना भी बहुत शुभ माना जाता है.प्रकृति की भेंट: आज के आधुनिक दौर में ज्ञान और निरंतर तरक्की के प्रतीक के रूप में अपने गुरु को एक सुंदर इंडोर या औषधीय पौधा (जैसे तुलसी या मनी प्लांट) गिफ्ट करना एक बेहतरीन और सकारात्मक विचार है.भूलकर भी न करें ये गलतियां, लग सकता है गुरु दोषगुरु पूर्णिमा के इस परम पवित्र दिन पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि अनजाने में भी आपसे कोई भूल न हो. इस दिन किसी भी हाल में अपने गुरु, शिक्षकों या बुजुर्गों का अनादर या अपमान नहीं करना चाहिए. यदि किसी विषय पर आपका अपने गुरु से मतभेद या वैचारिक अंतर भी हो, तब भी इस विशेष दिन पर उनके सामने पूरी विनम्रता और संयम बनाए रखें.यदि आपके जीवन में वर्तमान में कोई प्रत्यक्ष गुरु नहीं हैं, तो शास्त्रों के अनुसार आप भगवान शिव (आदिगुरु), भगवान कृष्ण (जगतगुरु) या फिर अपने जन्मदाता माता-पिता और पहले शिक्षकों को ही अपना परम गुरु मानकर उनके प्रति अपनी पूरी कृतज्ञता और आदर भाव जाहिर कर सकते हैं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:14 am

जेवर एयरपोर्ट जाने वालों की चमकी किस्मत! सुबह 6 बजे से दौड़ेंगी धड़ाधड़ बसें, देखें टाइमिंग और 3 बड़े रूट्स की पूरी लिस्ट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से उड़ान भरने का इंतजार कर रहे यात्रियों और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए एक बेहद शानदार खुशखबरी सामने आई है. एयरपोर्ट आने-जाने वाले मुसाफिरों को अब महंगे कैब कप्तानों या निजी गाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट बनाने के लिए कमर कस ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के सभी प्रमुख इलाकों से सीधे जोड़ने के लिए एक धमाकेदार और नियमित सरकारी बस सेवा शुरू करने जा रही है. इस शानदार पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्लान का सीधा मकसद सफर को सस्ता, सुरक्षित और बेहद सुगम बनाना है, जिसके तहत दिनभर तय टाइमिंग पर बसें फर्राटा भरेंगी.सुबह 6 बजे से मिलेगी धड़ाधड़ सर्विस, हर 15 मिनट में मिलेगी बसयूपीएसआरटीसी (UPSRTC) के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट के लिए विशेष बस सेवाएं रोज सुबह 6:00 बजे से ही पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाएंगी. वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल से अलग-अलग रूटों के लिए आखिरी बस रात को 11:30 बजे रवाना होगी. पैसेंजर्स के बढ़ते लोड को देखते हुए तेल और समय की बचत के साथ बसें हर 15 से 30 मिनट के अंतराल पर स्टैंड से उपलब्ध रहेंगी. हालांकि, नोएडा से एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि वहां से जेवर के लिए आखिरी बस रात को ठीक 8:00 बजे मिलेगी.नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मोहन नगर के 3 सबसे बड़े रूट्स की गाइडयात्रियों की सहूलियत के लिए परिवहन निगम ने तीन सबसे बड़े और व्यस्त रूट्स का खाका तैयार किया है, जहां से सबसे ज्यादा पैसेंजर्स के आने की उम्मीद है:नोएडा रूट: यह बस सर्विस नोएडा के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट हब सेक्टर-37 (बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन) से शुरू होगी. यहां से बैठकर सवारी सीधे परी चौक और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते होते हुए जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी.ग्रेटर नोएडा रूट: ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन से चलने वाली बसें इकोटेक-16, गौर सिटी, चार मूर्ति चौराहा, सूरजपुर और परी चौक को कवर करते हुए सीधे एयरपोर्ट के भीतर एंट्री लेंगी.गाजियाबाद (मोहन नगर) रूट: गाजियाबाद या मोहन नगर की तरफ से सफर शुरू करने वाले यात्री लालकुआं, चार मूर्ति, सूरजपुर, परी चौक, दनकौर और रबूपुरा के रास्ते आसानी से एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे.इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के मुख्य रिहायशी सेक्टरों और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी (GNU) कैंपस से भी छात्रों और नागरिकों के लिए डायरेक्ट बसें चलाई जाएंगी.डबल-डेकर बसों का बढ़ा रूट और 100+ इलेक्ट्रिक बसों का अभेद्य जालइस पूरे ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान में सबसे बड़ा और दिलचस्प बदलाव डबल-डेकर बसों को लेकर किया गया है. UPSRTC ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक से एयरपोर्ट के बीच चलने वाली दो आलीशान डबल-डेकर बसों के रूट को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है. इस बढ़े हुए नेटवर्क की वजह से अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के प्रमुख इलाके जैसे गौर सिटी, इकोटेक-16, खैरपुर और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी भी सीधे तौर पर जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट हो गए हैं.अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर पहले से ही 100 से ज्यादा मॉडर्न इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं. इसके साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों को फ्लाइट छूटने के डर से बचाने के लिए हर 15 मिनट में टर्मिनल तक ड्रॉप करने वाली एक प्रीमियम और स्पेशल शटल सर्विस भी लाइव कर दी है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले एक बार अपने नजदीकी डिपो या ऑनलाइन माध्यम से रूट और टाइमिंग जरूर री-चेक कर लें.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:13 am

IRCTC Bharat Gaurav Train: बुजुर्गों के लिए वरदान बनी IRCTC की यह स्पेशल ट्रेन, एक ही टिकट में सफर, होटल और खाना सब फ्री

भागदौड़ भरी जिंदगी और प्लानिंग के झंझट से दूर, अगर आप अपने घर के बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सैर कराना चाहते हैं, तो इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) एक शानदार मौका लेकर आया है. आईआरसीटीसी के 'भारत गौरव टूर पैकेजेस 2026' (Bharat Gaurav Tour Packages 2026) के तहत सीनियर सिटीजंस के लिए पूरी तरह सुरक्षित, आरामदायक और ऑल-इंक्लूसिव ट्रैवल की व्यवस्था की गई है. इस पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको ट्रेन टिकट, होटल, खाना-पीना और गाइड के लिए अलग से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ता. आइए जानते हैं कि इस पैकेज में क्या कुछ खास सुविधाएं मिल रही हैं और इसके मुख्य रूट्स कौन से हैं.क्या होता है IRCTC का 'भारत गौरव' टूर पैकेज?IRCTC की भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन पैकेजेस असल में 'ऑल-इन-वन' ट्रैवल डील्स होते हैं. इसमें सिर्फ कंफर्म ट्रेन टिकट ही नहीं मिलता, बल्कि आपकी पूरी जर्नी को आईआरसीटीसी खुद मैनेज करता है. पैकेज के तहत डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद 2 या 3 स्टार होटलों या बेहतरीन गेस्ट हाउस में रुकने की व्यवस्था, तीनों समय का शुद्ध शाकाहारी खाना, लोकल साइटसीइंग के लिए एसी/नॉन-एसी बसों का इंतजाम और पूरी ट्रिप के दौरान एक प्रोफेशनल टूर गाइड की सुविधा दी जाती है. बुजुर्गों को किसी भी शहर में जाकर होटल खोजने या ऑटो वालों से मोलभाव करने की टेंशन नहीं होती, जिससे उनका सफर बेहद सुगम हो जाता है.2026 के 4 सबसे बड़े धार्मिक रूट्स, जहां करा सकते हैं दर्शनसाल 2026 में आईआरसीटीसी देश के अलग-अलग राज्यों और रेलवे स्टेशनों से कई बड़े धार्मिक पैकेजेस ऑपरेट कर रहा है, जिनमें मुख्य रूप से ये 4 रूट्स सबसे ज्यादा डिमांड में हैं:चार धाम यात्रा रूट: इस पैकेज के तहत उत्तराखंड के चार सबसे पवित्र धामों— यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन कराए जाते हैं. यह यात्रा आमतौर पर दिल्ली या हरिद्वार से शुरू होती है. इसमें ट्रेन के साथ-साथ पहाड़ी रास्तों के लिए सुरक्षित बस ट्रांसफर और मेडिकल टीम साथ चलती है.7 ज्योतिर्लिंग दर्शन रूट: शिव भक्तों के लिए यह सबसे लोकप्रिय रूट है. लगभग 10 से 12 दिनों के इस लंबे टूर में महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर और नागेश्वर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराए जाते हैं.काशी-अयोध्या-प्रयागराज टूर: उत्तर भारत के सांस्कृतिक केंद्रों को समेटे हुए इस रूट में वाराणसी की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के दर्शन और प्रयागराज में त्रिवेणी संगम स्नान का अलौकिक अनुभव एक साथ मिलता है.दक्षिण भारत तीर्थ यात्रा रूट: 9 से 11 दिनों के इस सांस्कृतिक टूर में तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी जैसे ऐतिहासिक मंदिरों और खूबसूरत समुद्र तटों की सैर कराई जाती है.कितना आता है खर्च? देखें बजट और सुविधाएंभारत गौरव ट्रेनों में हर वर्ग के बजट का ध्यान रखते हुए तीन अलग-अलग श्रेणियों (Classes) के तहत बुकिंग की सुविधा दी जाती है. इन पैकेजेस का किराया पूरी तरह फिक्स होता है:यात्रा की श्रेणी (Class)अनुमानित किराया (प्रति व्यक्ति)पैकेज में शामिल सुविधाएंस्लीपर क्लास (Sleeper)₹15,000 से ₹30,000ट्रेन सफर, नॉन-एसी होटल, शाकाहारी भोजन, बस ट्रांसफरथर्ड एसी (3AC)₹25,000 से ₹45,000एसी ट्रेन सफर, अच्छे होटल (Standard), शाकाहारी भोजन, एसी बससेकंड एसी (2AC)₹35,000 से ₹60,000+प्रीमियम एसी सफर, 3-स्टार होटल स्टे, बेहतरीन भोजन और वीआईपी दर्शनघर जैसा खाना और वीआईपी रुकने की व्यवस्थाबुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखते हुए पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन की पैंट्री कार और होटलों में केवल 100% शुद्ध शाकाहारी भोजन ही परोसा जाता है. इसमें सुबह का गरमा-गरम नाश्ता, दोपहर और रात का संतुलित खाना और शाम की चाय-स्नैक्स शामिल होते हैं. भोजन को कम तेल-मसालों के साथ साफ-सफाई से पकाया जाता है ताकि यह आसानी से पच सके. कुछ खास जगहों पर यात्रियों को वहां का प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन भी चखाया जाता है. ठहरने के लिए जिन होटलों का चयन किया जाता है, वे मुख्य मंदिरों या टूरिस्ट स्पॉट्स के काफी नजदीक होते हैं, जिससे बुजुर्गों को ज्यादा पैदल न चलना पड़े.CCTV सुरक्षा और ऑन-बोर्ड मेडिकल टीम का पहराभारत गौरव स्पेशल ट्रेनों को आधुनिक सुरक्षा मानकों के तहत तैयार किया गया है. सभी कोचों में सुरक्षा के लिहाज से CCTV कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा गार्ड्स तैनात रहते हैं. ट्रेन के भीतर एक डेडिकेटेड टूर मैनेजर और डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल सहायता टीम हमेशा मौजूद रहती है. यदि सफर के दौरान किसी भी बुजुर्ग की तबीयत खराब होती है, तो उन्हें तुरंत ऑन-बोर्ड इलाज और दवाइयां दी जाती हैं. कुछ प्रीमियम पैकेजेस में मॉडर्न किचन, शॉवर रूम और एंटरटेनमेंट सिस्टम जैसी लग्जरी सुविधाएं भी देखने को मिलती हैं.बुजुर्गों के लिए खास छूट और जरूरी सेफ्टी टिप्ससीनियर सिटीजंस के कंफर्ट के लिए आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग के समय ही लोअर बर्थ (Lower Berth) को प्राथमिकता देता है. पूरे टूर का शेड्यूल इस तरह बनाया जाता है कि बुजुर्गों को कम से कम पैदल चलना पड़े. यात्रा पर जाने वाले सीनियर सिटीजंस के लिए कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स निम्नलिखित हैं:दवाइयां और पर्चा: अपनी नियमित दवाइयां, मेडिकल हिस्ट्री और डॉक्टर का पर्चा हमेशा अपने हैंडबैग में रखें.इमरजेंसी डाक्यूमेंट्स: अपना ओरिजिनल आधार कार्ड, वोटर आईडी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर की लिस्ट पास रखें.हल्का सामान: ट्रिप पर जितना हो सके कम और व्हील वाले सूटकेस लेकर जाएं ताकि ज्यादा थकान न हो.ग्रुप में रहें: किसी भी भीड़-भाड़ वाले मंदिर या रेलवे स्टेशन पर अपने गाइड और ग्रुप से अलग न हों.कैसे करें बुकिंग? पहले आओ-पहले पाओ का नियमइन स्पेशल टूर पैकेजेस की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक टूरिज्म वेबसाइट या उनके क्षेत्रीय कार्यालयों (Tourism Portals) के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है. चूंकि इन ट्रेनों में सीटें पूरी तरह सीमित होती हैं और देश भर से लोग बुकिंग करते हैं, इसलिए सीटें बहुत तेजी से भर जाती हैं. बेहतर बर्थ और होटलों में अच्छे कमरों के लिए समय से 2-3 महीने पहले ही एडवांस बुकिंग करा लेना सबसे समझदारी भरा फैसला होता है.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:13 am

UPSSSC Forest Guard: यूपी में फॉरेस्ट गार्ड के 708 पदों पर भर्ती शुरू, ₹25 में 12वीं पास युवाओं के लिए बड़ा मौका

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बेहतरीन और बड़ा मौका सामने आया है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक) और वाइल्डलाइफ गार्ड (वन्यजीव रक्षक) मुख्य परीक्षा (PET-2025)/13 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की खिड़की खोल दी है. इस भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पहले 23 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था. इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 708 खाली पदों को भरा जाना है. योग्य और इच्छुक उम्मीदवार बिना आखिरी समय की भागदौड़ के आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर सकते हैं.परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तारीखें एक नजर मेंयूपीएसएसएससी (UPSSSC) फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा 2026 का पूरा शेड्यूल आ चुका है. अभ्यर्थी इन तारीखों को डायरी में नोट कर लें ताकि कोई भी डेडलाइन न छूटे:आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी23 अप्रैल 2026आयोग ने भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और नियम जारी किए.ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत30 जून 2026योग्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन पोर्टल को लाइव कर दिया गया.रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख20 जुलाई 2026इस तारीख की रात तक ही नए उम्मीदवार फॉर्म भर सकेंगे.आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि27 जुलाई 2026फॉर्म में संशोधन और फीस जमा करने का यह आखिरी मौका होगा.ध्यान दें: एडमिट कार्ड, लिखित परीक्षा की तारीख और फाइनल रिजल्ट घोषित होने की तारीखों का ऐलान आयोग द्वारा बहुत जल्द (To Be Announced) किया जाएगा.स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान और डिजिटल है. आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:1.वेबसाइट पर जाएं:स्टेप 1.सबसे पहले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें.2.PET क्रेडेंशियल्स से लॉगिन:स्टेप 2.लॉगिन करने के लिए कैंडिडेट्स को अपना PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल/ईमेल पर आया हुआ OTP दर्ज करना होगा.3.डिटेल्स वेरिफाई करें:स्टेप 3.लॉगिन होते ही स्क्रीन पर आपकी पुरानी निजी जानकारियां दिखेंगी, उनकी मदद से डैशबोर्ड में प्रवेश करें.4.दस्तावेज अपलोड:स्टेप 4.अपनी नई शैक्षिक योग्यता की डिटेल्स भरें और अपनी एकदम लेटेस्ट फोटो तथा सिग्नेचर (हस्ताक्षर) की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करें.5.रिव्यू और सबमिट:स्टेप 5.फाइनल सबमिट बटन दबाने से पहले पूरे फॉर्म को एक बार ध्यान से री-चेक कर लें और फिर 'जारी रखें' पर क्लिक करके एप्लीकेशन लॉक करें.आवेदन शुल्क: सभी वर्गों के लिए मात्र ₹25आयोग ने इस भर्ती के लिए आवेदन फीस को बेहद नॉमिनल रखा है ताकि हर वर्ग का युवा आवेदन कर सके. ध्यान रहे कि जब तक आप फीस का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए नहीं करेंगे, तब तक आपका फॉर्म अधूरा माना जाएगा.कैटेगरी / वर्गआवेदन शुल्क (Application Fee)अनरिजर्व्ड (सामान्य / General)₹25अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)₹25अनुसूचित जाति (SC)₹25अनुसूचित जनजाति (ST)₹25पात्रता मापदंड: कौन कर सकता है अप्लाई?शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवार का भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है.आयु सीमा (Age Limit): 1 जुलाई 2026 को उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी.इन अभ्यर्थियों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता (Preference):यदि आपके पास टेरिटोरियल आर्मी में न्यूनतम 2 साल काम करने का अनुभव है, या एनसीसी (NCC) का ‘B’ सर्टिफिकेट है, या किसी खेल में राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है, या केंद्र/राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशन का सर्टिफिकेट है, तो मेरिट लिस्ट में आपको अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:04 am

Petrol Diesel Price 3 July 2026: सुबह 6 बजे जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, दिल्ली से मुंबई तक देखें अपने शहर के ताजा रेट्स

हर नए दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की पहली किरण से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो देश के करोड़ों आम नागरिकों और व्यापारियों की जेब पर सीधा असर डालती हैं. रोज सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ईंधन की ताजा दरें जारी करती हैं. ये कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर में होने वाले बदलावों से तय होती हैं. चाहे रोज ऑफिस जाने वाला नौकरीपेशा इंसान हो या मंडियों में फल-सब्जी बेचने वाला छोटा व्यापारी, ईंधन की हर छोटी-बड़ी घट-बढ़ सीधे तौर पर आम बजट को प्रभावित करती है.ऐसे में हर दिन अपने शहर के फ्यूल रेट्स की सही जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि एक बेहद समझदारी भरा कदम है. सरकार और तेल कंपनियों की यह पारदर्शी डेली प्राइजिंग प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि उपभोक्ताओं तक बिना किसी भ्रम के सटीक और लाइव जानकारी पहुंच सके.महानगरों से लेकर प्रमुख शहरों तक: देखें आज का ताजा भाव (03 जुलाई 2026)भारतीय तेल कंपनियों द्वारा जारी की गई नई रेट लिस्ट के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)नई दिल्ली102.12 रुपये83.09 रुपयेमुंबई111.18 रुपये86.00 रुपयेकोलकाता113.47 रुपये93.50 रुपयेचेन्नई107.77 रुपये91.50 रुपयेबेंगलुरु110.93 रुपये90.00 रुपयेहैदराबाद115.69 रुपये97.00 रुपयेजयपुर112.66 रुपये90.91 रुपयेलखनऊ102.05 रुपये95.75 रुपयेगुरुग्राम102.77 रुपये91.70 रुपयेनोएडा102.12 रुपये91.70 रुपये(नोट: कुछ अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो भुवनेश्वर में पेट्रोल 109.92 रुपये, चंडीगढ़ में 98.10 रुपये, पटना में 113.35 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 115.49 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. वहीं अहमदाबाद में डीजल 82.25 रुपये और पुणे में 92.50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.)अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत में कीमतें क्यों हैं स्थिर?अगर हम पिछले दो सालों के रिकॉर्ड को देखें तो देश में ईंधन की कीमतों में एक बड़ी स्थिरता देखने को मिली है. दरअसल, मई 2022 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई बड़ी कटौती और उसके बाद कई राज्य सरकारों द्वारा वैट (VAT) को कम करने की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम नियंत्रण में रहे हैं. हालांकि, इस बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और गिरावट के कई दौर आए हैं, लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए घरेलू उपभोक्ताओं पर अंतर्राष्ट्रीय महंगाई का सीधा बोझ नहीं पड़ने दिया है.समझिए वो 5 बड़े कारण, जो तय करते हैं पेट्रोल-डीजल का अंतिम दामभारत में आपके नजदीकी पेट्रोल पंप पर मिलने वाले ईंधन की कीमत तय होने के पीछे मुख्य रूप से पांच कारक काम करते हैं:ग्लोबल क्रूड ऑयल का भाव: चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतें जैसे ही ऊपर-नीचे होती हैं, घरेलू बाजार पर उसका सीधा असर पड़ता है.डॉलर बनाम रुपया एक्सचेंज रेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का सौदा हमेशा अमेरिकी डॉलर में होता है. यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो कंपनियों को तेल आयात के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, जिससे ईंधन महंगा हो जाता है.केंद्रीय एक्साइज और राज्यों का VAT: पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की तरफ से उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और अलग-अलग राज्यों की तरफ से वैल्यू ऐडेड टैक्स (VAT) लगाया जाता है. यही कारण है कि एक ही दिन दिल्ली, यूपी और मुंबई में पेट्रोल के दाम अलग-अलग होते हैं.रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को सीधे गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता. इसे देश की बड़ी रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल, डीजल और गैस में बदला जाता है. इस पूरी प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत भी अंतिम मूल्य में जोड़ी जाती है.डिमांड और सप्लाई का संतुलन: फेस्टिव सीजन, गर्मियों की छुट्टियों या खेती के पीक सीजन में जब देश के भीतर ट्रांसपोर्टेशन बढ़ता है, तो ईंधन की मांग में अचानक तेजी आती है, जो बाजार की कीमतों को प्रभावित करती है.घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का सटीक लाइव रेटआपको अपने शहर के आज के दाम जानने के लिए कहीं बाहर जाने या परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से एक साधारण एसएमएस (SMS) भेजकर तुरंत ताजा भाव जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे 9224992249 पर सेंड कर दें.भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: अपने फोन से RSP शहर का कोड लिखकर 9231122222 पर मैसेज करें.हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल से HPPRICE शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर भेजें.(नोट: हर शहर का विशिष्ट डीलर कोड संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध है.)

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:02 am

Venus Transit Magha Nakshatra: मघा नक्षत्र में शुक्र का गोचर, 4 जुलाई से इन 5 राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में होने वाले गोचर को भी बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभावों वाला माना जाता है. ज्योतिष विज्ञान में कुल 27 नक्षत्रों का वर्णन है, जिनके स्वामी अलग-अलग ग्रह हैं. इन्हीं में से एक बेहद रहस्यमयी और शक्तिशाली नक्षत्र है 'मघा नक्षत्र'. इस नक्षत्र के अधिपति देव पितर हैं और ग्रह स्वामी रहस्य, अध्यात्म तथा आकस्मिक घटनाओं का कारक ग्रह केतु है.आगामी शनिवार, 4 जुलाई 2026 को प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता के प्रदाता शुक्र देव इस मघा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. केतु के प्रभाव वाले इस नक्षत्र में शुक्र का यह गोचर एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है. शुक्र का मघा नक्षत्र में जाना मुख्य रूप से 5 राशियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण और प्रतिकूल साबित हो सकता है, जिससे उनके जीवन में अचानक परेशानियां बढ़ सकती हैं.इन 5 राशियों के जीवन में आ सकते हैं उतार-चढ़ाव1. मेष राशि (Aries)मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह नक्षत्र गोचर प्रतिकूल परिणाम लेकर आ सकता है. इस अवधि में आपको अपने धन और निवेश से जुड़े मामलों में अत्यधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है. यदि आप भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो उसमें अचानक रुकावटें या अड़चनें आ सकती हैं. भौतिक सुख-साधनों में कुछ कमी महसूस होगी और बेतहाशा बढ़ते खर्चे आपके मानसिक तनाव को बढ़ा सकते हैं.2. कर्क राशि (Cancer)कर्क राशि के लोगों के लिए केतु के नक्षत्र में शुक्र का आना अशुभ सिद्ध हो सकता है. इस दौरान आपको अपनी पर्सनल लाइफ (व्यक्तिगत जीवन) और प्रोफेशनल लाइफ (व्यावसायिक जीवन) के बीच संतुलन बनाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. पारिवारिक मोर्चे पर कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं, जिससे अपनों के साथ बने-बनाए रिश्तों में कड़वाहट या दरार आने की आशंका रहेगी.3. धनु राशि (Sagittarius)धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर थोड़ा कष्टदायक और भारी रह सकता है. इस समय आपके अनर्गल और अनाप-शनाप खर्चे तेजी से बढ़ेंगे, जिसका सीधा बुरा असर आपकी वित्तीय स्थिति (Financial Position) पर पड़ेगा. घर-परिवार में किसी बात को लेकर अशांति का माहौल बन सकता है. साथ ही, कोई भ्रामक या मन को दुखी करने वाला समाचार भी आपको मिल सकता है.4. मकर राशि (Capricorn)मकर राशि के जातकों पर शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन का काफी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. सबसे ज्यादा असर आपके वैवाहिक जीवन पर पड़ेगा, जहाँ जीवनसाथी के साथ बेवजह की अनबन, बहस या बड़ी गलतफहमी होने की आशंका है. आर्थिक मोर्चे पर भी धन की स्थिति काफी उतार-चढ़ाव वाली रहेगी, जिससे संचित धन खर्च हो सकता है.5. कुंभ राशि (Aquarius)कुंभ राशि के जातकों को इस अवधि में अपने करियर और नौकरी में अस्थिरता या उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. भाग्य का साथ न मिलने के कारण आपके बनते हुए काम भी ऐन वक्त पर अटक सकते हैं. धन का प्रवाह (Income Flow) कमजोर होने से बचत करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा, जिससे आर्थिक तंगी महसूस होगी. परिवार के भीतर मनमुटाव की स्थिति रहेगी, इसलिए इस दौरान किसी भी तरह की लंबी यात्रा करने से पूरी तरह बचें.शुक्र और केतु के अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाययदि आपकी राशि पर भी इस गोचर का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार निम्नलिखित उपायों को करके आप शुक्र देव की कृपा पा सकते हैं और परेशानियों को कम कर सकते हैं:शुक्रवार का व्रत: शुक्र देव की कृपा पाने के लिए शुक्रवार का व्रत रखें और इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी की विधि-विधान से कपूर जलाकर पूजा करें.विशेष भोग: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को मखाने या चावल की दूध वाली खीर बनाकर भोग लगाएं और उसे प्रसाद के रूप में परिवार में बांटें.सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार की सुबह किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद को सफेद वस्तुएं जैसे— चीनी, दही, दूध, सफेद वस्त्र या कपूर का दान करना अत्यंत शुभ रहेगा.मंत्र जाप: प्रतिदिन या विशेषकर शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के बीज मंत्र 'ॐ शुं शुक्राय नमः' का स्फटिक की माला से कम से कम 108 बार जाप करें.गौ सेवा: अपनी कुंडली में कमजोर या पीड़ित शुक्र को बलवान बनाने और केतु के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए नियमित रूप से पहली रोटी पर घी लगाकर गाय को खिलाएं.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 9:00 am

Delhi Weather Update: 5 दिन की देरी के बाद दिल्ली में मानसून की 'ग्रैंड एंट्री', तापमान लुढ़का, 5 जुलाई से मूसलाधार बारिश का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर के लोग जिस पल का हफ्तों से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वो आखिरकार आ ही गया. हफ्तों की भीषण गर्मी, उमस और जानलेवा लू (Heatwave) के टॉर्चर को खत्म करते हुए दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) ने दिल्ली में धमाकेदार एंट्री कर ली है. हालांकि, इस बार बदरा अपने तय समय से 5 दिन की देरी से पहुंचे हैं. मानसून की दस्तक के साथ ही राजधानी के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई और पूरे दिन आसमान में घने काले बादल छाए रहे. इसके चलते दिल्ली के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसने लोगों को चिपचिपी उमस से बड़ी राहत दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की अनुकूल परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली में मानसून के आगमन की आधिकारिक घोषणा कर दी है.आज के लिए 'येलो अलर्ट' जारी, 32 डिग्री तक गिरेगा पारामौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए दिल्ली-एनसीआर में 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है. आज राजधानी के आसमान में आमतौर पर घने बादल छाए रहेंगे और कई दौर की मध्यम बारिश होने का अनुमान है. इस मानसूनी बौछार के चलते आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है, जिससे मौसम बेहद सुहाना बना रहेगा.5 जुलाई से शुरू होगा मूसलाधार बारिश का अगला राउंड, समझें ट्रफ का गणितप्रसिद्ध मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत (स्काईमेट वेदर) के अनुसार, मौसम प्रणाली (Weather System) में आए बदलाव के कारण दिल्ली में बारिश की गतिविधियां एक बार फिर तेजी से बढ़ने वाली हैं. पलावत ने बताया, मानसून की मुख्य मौसमी ट्रफ लाइन इस समय पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. अगले 24 से 48 घंटों में यह ट्रफ थोड़ी दक्षिण की ओर यानी मध्य भारत की तरफ खिसकेगी, जिससे मध्य प्रदेश और आसपास के राज्यों में भारी बारिश होगी. इस दौरान दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में बारिश थोड़ी कम हो सकती है।लेकिन दिल्ली वालों के लिए असली ट्विस्ट 5 जुलाई से आएगा. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 5 जुलाई तक यह ट्रफ लाइन फिर से उत्तर की ओर (Northward Shift) बढ़ेगी, जिसके कारण दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में मूसलाधार मानसून जैसी बारिश का एक और बेहद तगड़ा दौर देखने को मिलेगा.2021 के बाद पहली बार जुलाई में शुरुआत, देखें पिछले सालों का रिकॉर्डमौसम विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 के बाद यह पहली बार है जब मानसून जून का महीना बीत जाने के बाद यानी जुलाई में दिल्ली पहुंचा है. इससे पहले साल 2021 में मानसून काफी लतीफ साबित हुआ था और 13 जुलाई को दिल्ली पहुंचा था. आइए एक नजर डालते हैं पिछले कुछ सालों में दिल्ली में मानसून के आगमन की तारीखों पर:2025: 29 जून2024: 28 जून2023: 25 जून2022: 30 जून2020: 25 जूनदिल्ली के पिछले 125 सालों के मौसम इतिहास को खंगालें तो यहाँ मानसून का सबसे जल्दी आगमन 15 जून 2008 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे देरी से मानसून 26 जुलाई 1987 को दिल्ली पहुंचा था.सफदरजंग से लेकर पालम तक टूटा रिकॉर्ड, 5 साल में सबसे ठंडी सुबहमानसून की पहली फुहारों ने दिल्ली के तापमान को पूरी तरह से रीसेट कर दिया है. दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग (Safdarjung) में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम यानी 33 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री लुढ़ककर 22.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया. यह 21 जुलाई 2021 के बाद से अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान है.दिल्ली के अन्य इलाकों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा:पालम: अधिकतम 33C | न्यूनतम 21.2Cलोदी रोड: अधिकतम 33C | न्यूनतम 23.6Cरिज स्टेशन: अधिकतम 33.8C | न्यूनतम 21Cअयानगर: अधिकतम 32.4C | न्यूनतम 22.6Cबदरा क्यों लेट हुए? प्री-मानसून की भीषण गर्मी ने बिगाड़ा खेलइस साल मानसून के लेट होने की असली वजह बताते हुए एक्सपर्ट्स ने कहा कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त पूर्वी हवाएं (Easterly Winds), जो मानसून की लगातार बारिश के लिए ईंधन का काम करती हैं, वे समय पर दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में नहीं पहुंच पाई थीं. इसके चलते प्री-मानसून का सीजन इस बार सामान्य से कई गुना ज्यादा गर्म और सूखा रहा.आईएमडी के डेटा के मुताबिक, इस साल मार्च से जून के दौरान दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो 2022 के बाद सबसे गर्म है. वहीं, औसत अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले छह सालों में दूसरा सबसे ज्यादा औसत तापमान है. इसी अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण मानसूनी हवाओं को दिल्ली तक पहुंचने में अतिरिक्त संघर्ष करना पड़ा.

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 8:59 am

Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

Top News 3 July : कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू। उत्तर भारत को गर्मी से राहत। हार्मुज पर ईरान की सख्त चेतावनी। वेनेजुएला में भूंकप के 8 दिन बाद मलबे से जिंदा निकला गार्ड। पुर्तगाल और स्पेन फीफा विश्व कप के अगले दौर में। 3 जुलाई की बड़ी ...

वेब दुनिया 3 Jul 2026 7:57 am

तमिलनाडु : उदयनिधि स्टालिन ने राज्यपाल के मदुरै निरीक्षण की कड़ी आलोचना की

डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर द्वारा मदुरै दौरे के दौरान किए गए निरीक्षण की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह असंवैधानिक था और निर्वाचित राज्य सरकार की शक्तियों का अतिक्रमण था।

देशबन्धु 3 Jul 2026 6:00 am

बांकीपुर भाजपा का गढ़, यूसीसी लागू होना चाहिए : नवल किशोर यादव

भाजपा के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नवल किशोर यादव ने बांकीपुर उपचुनाव, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), जेडीयू के साथ तालमेल और भारत-पाकिस्तान संबंधों समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।

देशबन्धु 3 Jul 2026 5:50 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़े लोगों को बचा रही है योगी सरकार: रविदास मेहरोत्रा

समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने राम मंदिर डोनेशन मामले, अयोध्या बार एसोसिएशन के विरोध-प्रदर्शन, एसआईटी जांच और देशभर में लागू हुई वीबी-जी राम-जी योजना को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला

देशबन्धु 3 Jul 2026 4:50 am

तमिलनाडु: सरकारी कामकाज में तेजी लाने के लिए सीएम विजय का बड़ा कदम, विभागवार समीक्षा शुरू

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को विभाग-वार समीक्षा बैठकों की एक बड़ी सीरीज शुरू की। इसका मकसद शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म गवर्नेंस रणनीतियां तैयार करना है।

देशबन्धु 3 Jul 2026 4:00 am

भरत तिवारी मामला में दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा, जांच के बाद होगी कार्रवाई : चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी मौत मामले को लेकर कहा कि जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देशबन्धु 3 Jul 2026 3:50 am

महर्षि भारद्वाज सुंदरकाण्ड समिति के पदाधिकारियों से मिले केशव प्रसाद मौर्य किया सम्‍मानित

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने महर्षि भारद्वाज सुंदरकाण्ड समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से आत्मीय एवं स्नेहिल भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने समिति द्वारा सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों के संरक्षण तथा समाज में सकारात्मक वातावरण के निर्माण हेतु किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों की सराहना करते हुए समिति के सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाएँ समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक विरासत को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष श्री संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती निर्मला पासवान, माननीय विधायक श्री गुरु प्रसाद मौर्य, माननीय विधायक श्री दीपक पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह, विधान परिषद के माननीय सदस्य डॉ. के. पी. श्रीवास्तव एवं श्री सुरेंद्र चौधरी, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुरेश मौर्य, अन्य माननीय जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं अनेक प्रतिष्ठितजन गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम के सहभागी बने।

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 12:22 am

केशव प्रसाद मौर्य ने सर्किट हाउस में जनता दर्शन में सुनीं जनसमस्याएँ, अधिकारियों को लगाई फटकार

आज सर्किट हाउस, प्रयागराज में उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ सुना तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण,समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए पात्र व्यक्तियों को शासन की योजनाओं का समुचित लाभ उपलब्ध कराया जाए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रयागराज मंडल के विभिन्न जनपदों से आए सैकड़ों शिकायतकर्ताओं एवं नागरिकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान की अपेक्षा लेकर पहुँचे।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ,सबका विकास,सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के अनुरूप कार्य कर रही है तथा जनसुनवाई कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्रत्येक शिकायतकर्ता के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 3 Jul 2026 12:18 am

प्रयागराज से उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर वीबी जी राम जी योजना का किया शुभारंभ, लाभार्थियों को दिया प्रशंसा पत्र

केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज से राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के अंतर्गत वीबी जी राम जी योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के 65 जनपदों में एक साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके माध्यम से ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ हुआ। यह योजना प्रदेश के आज़मगढ़, जौनपुर, गाज़ीपुर, सीतापुर, चंदौली, बस्ती, बहराइच, सिद्धार्थनगर, हरदोई, सुल्तानपुर, जालौन, गोरखपुर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, मैनपुरी, बाराबंकी, कुशीनगर, फिरोजाबाद, संत कबीर नगर, प्रतापगढ़, हमीरपुर, रामपुर, गोंडा, प्रयागराज, आगरा, शाहजहाँपुर, ललितपुर, मऊ, बलिया, बिजनौर, औरैया, अयोध्या, मुरादाबाद, उन्नाव, झाँसी, सोनभद्र, देवरिया, अंबेडकर नगर, मथुरा, बलरामपुर, बरेली, बदायूँ, एटा, मिर्जापुर, अमेठी, अलीगढ़, रायबरेली, श्रावस्ती, कन्नौज, फतेहपुर, अमरोहा, पीलीभीत, बाँदा, कासगंज, इटावा, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, संभल, कौशाम्बी, कानपुर देहात, वाराणसी, चित्रकूट, संत रविदास नगर (भदोही), महोबा तथा लखनऊ सहित कुल 65 जनपदों में एक साथ प्रारंभ की गई।योजना के अंतर्गत प्रदेश के प्रत्येक विकास खण्ड की दो ग्राम पंचायतों में व्यापक जन सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की सहभागिता के साथ विकास कार्यों की जानकारी साझा की गई तथा ग्रामीण विकास को गति देने हेतु कुल 10,000 विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं प्रदेश सरकार ग्रामीण भारत के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश की गरीब जनता के उत्थान एवं उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए सदैव संवेदनशील एवं संकल्पित रहे हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं तथा विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 11:24 pm

AI निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुई UPTET-2026 की पहले दिन की परीक्षा, 15 फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए

शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET-2026) की लिखित परीक्षा तीन दिन 02, 03 व 04 जुलाई 2026 को आयोजित की जा रही है। गुरुवार को पहले दिन प्रथम पाली पूर्वाह्न 9.30 बजे से 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 2.30 बजे से 5 बजे तक प्रदेश के 60 जनपदों के 955 ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 11:08 pm

राजस्थान हाई कोर्ट ने जगन गुर्जर की हत्या की विस्तृत रिपोर्ट तलब की

जयपुर। राजस्थान हाई कोर्ट ने अजमेर की अति सुरक्षित जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार और जेल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य की अति सुरक्षित जेलों से अपराधी गिरोह संचालित हो रहे हैं और मुख्यमंत्री तक […] The post राजस्थान हाई कोर्ट ने जगन गुर्जर की हत्या की विस्तृत रिपोर्ट तलब की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:56 pm

जलगांव में महिला के साथ गैंगरेप मामले में 11 अरेस्ट, तीन नाबालिग हिरासत में

मुंबई। महाराष्ट्र में जलगांव जिले के जामनेर तालुका के एक जंगली इलाके में 40 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यहाँ बताया कि पुलिस ने इस सिलसिले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्राप्त विवरण के अनुसार गत दो […] The post जलगांव में महिला के साथ गैंगरेप मामले में 11 अरेस्ट, तीन नाबालिग हिरासत में appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:51 pm

वर्ष 2011 के वाशिम हिरासत में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा

वाशिम। महाराष्ट्र के वाशिम की एक जिला सत्र अदालत ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसले में रिसोड थाने के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी माधव मणिकराव धांडे सहित 9 पुलिस कर्मियों को बेग्या पवार नामक व्यक्ति की वर्ष 2011 में पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर […] The post वर्ष 2011 के वाशिम हिरासत में मौत मामले में 9 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:46 pm

जगन गुर्जर के रिश्तेदार कलुआ गुर्जर की करौली जिला जेल में मौत

करौली। राजस्थान में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के एक रिश्तेदार की करौली जिला जेल में संदेहास्पद स्थिति में मौत के बाद गुरुवार को पुलिस एवं प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल सूत्रों ने बताया कि धौलपुर जिले के कालीतीर सोने का गुर्जा निवासी कलुआ गुर्जर चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का दूर का रिश्तेदार […] The post जगन गुर्जर के रिश्तेदार कलुआ गुर्जर की करौली जिला जेल में मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:41 pm

मुंबई : तेज बरसात में दुर्घटनावश खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत

मुंबई। मुंबई में साकीनाका इलाके के खैरानी रोड पर गुरूवार को तेज बारिश के दौरान खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना उस समय हुई जब एक निजी एजेंसी के ठेका श्रमिक जल निकासी जाली की मरम्मत का काम कर रहे थे और रखरखाव के लिए […] The post मुंबई : तेज बरसात में दुर्घटनावश खुले मैनहोल में गिरने से एक व्यक्ति की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:37 pm

अलवर : गर्म तेल की कढ़ाई में गिरा चार साल का बालक

अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र में मुबारिकपुर गांव में गुरुवार को सुबह बारिश के दौरान घर के बाहर खेल रहा एक बालक गर्म तेल से भरी कढ़ाई में गिरने से गंभीर रूप से झुलस गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार माहिर (चार) सुबह घर के बाहर खेल रहा था। उसी समय उसके […] The post अलवर : गर्म तेल की कढ़ाई में गिरा चार साल का बालक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:30 pm

हॉर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान से स्वीकृत रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा : ईरान

तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को ईरान से स्वीकृत रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा, अन्यथा उन्हें तत्काल और जोरदार कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह चेतावनी ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय की ओर से जारी की गई और गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर […] The post हॉर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान से स्वीकृत रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा : ईरान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:19 pm

देहरादून में एयर इंडिया में नौकरी दिलाने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 11 अरेस्ट

मुंबई। मुंबई पुलिस ने देहरादून में एयर इंडिया में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए एक लैपटॉप, 13 मोबाइल फोन और पूरे कॉल सेंटर के सेटअप को जब्त कर लिया है। उन्होंने बताया […] The post देहरादून में एयर इंडिया में नौकरी दिलाने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 11 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:14 pm

सूरतगढ़ में रेलवे लोको पायलट की करंट लगने से मौत

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्री गंगानगर जिले के सूरतगढ़ में गुरुवार को रेलवे में लोको पायलट की इन्वर्टर की मरम्मत के दौरान अचानक करंट लगने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रोंं ने बताया कि गुरविंदर सिंह (39) भारतीय रेलवे में लोको पायलट के महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत था। सुबह इनवर्टर की मरम्मत करते समय उसे करंट […] The post सूरतगढ़ में रेलवे लोको पायलट की करंट लगने से मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:10 pm

हनुमानगढ़ में 17 वर्षीय किशोर की अपहरण के बाद हत्या, नहर में मिला शव

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोर के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि आयुष मेघवाल का शव बुधवार देर शाम खुइयां फांटा के समीप स्थित नहर से बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार पीड़ित के परिजनों ने […] The post हनुमानगढ़ में 17 वर्षीय किशोर की अपहरण के बाद हत्या, नहर में मिला शव appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:06 pm

वीबी जी राम जी के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ का प्रावधान : भजनलाल शर्मा

ब्यावर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि गांवों की समृद्धि और विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन में वीबी जी राम जी योजना लायी गयी है और इसके लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ब्यावर जिले के मसूदा कृषि उपज […] The post वीबी जी राम जी के लिए राजस्थान में 12 हजार 636 करोड़ का प्रावधान : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 10:02 pm

BAT-BMS ऐप से ब्लूटूथ के जरिए बंद किए जा रहे ई-रिक्शा! वायरल प्रैंक ने बढ़ाई ड्राइवरों की परेशानी, जानिए क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वायरल ट्रेंड ने ई-रिक्शा चालकों और इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। दावा किया जा रहा है कि कुछ शरारती लोग BAT-BMS नाम के एक चीनी ऐप का इस्तेमाल कर ब्लूटूथ के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा की बिजली ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 10:00 pm

Indian Navy : भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंड ने अदन की खाड़ी में MV गोल्डन आर्सेनल पर समुद्री डकैती की कोशिश को नाकाम किया

भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट INS Trikand ने अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) में एक समुद्री डकैती की कोशिश का त्वरित और सफलतापूर्वक जवाब दिया। यह घटना 1 जुलाई 2026 को उस समय हुई जब St. Vincent and the Grenadines के झंडे वाले मालवाहक जहाज ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 9:12 pm

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, लगातार 7वें साल यूपी में नहीं बढ़ेंगी बिजली की दरें

Yogi government electricity rates: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं, किसानों, मध्यम वर्ग और व्यापारियों को बड़ी आर्थिक राहत दी है। सरकार ने इस वर्ष भी बिजली की दरों में एक पैसे की भी बढ़ोतरी न करने का ऐतिहासिक फैसला ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 6:56 pm

नोएडा: पीजी से चोरी करने वाला तामिलनाडू का शातिर चोर गिरफ्तार, 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल, बाइक और नकदी बरामद

नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने पीजी, हॉस्टल, किराये के कमरों और फ्लैटों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, एक चोरी की मोटरसाइकिल, 12,500 रुपये नकद, एक आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस तथा एक अवैध चाकू बरामद किया है।

देशबन्धु 2 Jul 2026 6:53 pm

केतन मर्डर मिस्ट्री: वेब सीरीज देखकर बनाया था प्लान, मर्डर से पहले डमी के साथ की थी 'मॉक ड्रिल'

केतन हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया और चेतन ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि उन्होंने केतन की हत्या से पहले उसकी 'मर्डर रिहर्सल' की थी। यानी, पहले यह परखा गया कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से धक्का देने पर उसकी मौत हो सकती है या नहीं।

देशबन्धु 2 Jul 2026 6:44 pm

स्पेन के लिए खुशखबरी: स्टार विंगर लामिन यामल पूरी तरह फिट, ऑस्ट्रिया के खिलाफ नॉकआउट मैच में मचाएंगे धमाल

विश्व कप के राउंड ऑफ 32 मुकाबले से ठीक पहले स्पेनिश टीम के फैंस के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। टीम के कोच लुइस डे ला फुएंते ने पुष्टि की है कि युवा स्टार विंगर लामिन यामल अब 90 मिनट तक मैदान पर खेलने के लिए पूरी तरह फिट हैं। स्पेन गुरुवार को ऑस्ट्रिया के खिलाफ अपने नॉकआउट मुकाबले में उतरेगा, जिसमें यामल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रुप स्टेज के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट के चलते यामल को सीमित समय के लिए ही मैदान पर उतारा गया था, लेकिन अब वे पूरी तरह से फिट होकर टीम की जीत का नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं।नॉकआउट के लिए फुल स्ट्रेंथ में स्पेनस्पेनिश टीम न केवल लामिन यामल की वापसी से खुश है, बल्कि अन्य खिलाड़ियों की फिटनेस भी टीम के मनोबल को बढ़ा रही है। चोट से जूझ रहे येरेमी पिनो और विक्टर मुनोज़ ने भी नॉकआउट से पहले शानदार रिकवरी की है। कोच डे ला फुएंते ने पिनो की फिटनेस को चमत्कारिक बताया है, जो ग्रुप स्टेज में कंधे की चोट का शिकार हो गए थे। हालांकि, निको विलियम्स का ऑस्ट्रिया के खिलाफ खेलना मुश्किल है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि यदि स्पेन राउंड ऑफ 16 में जगह बनाता है, तो निको भी वापसी कर सकते हैं।लामिन यामल के फिटनेस पर कोच का बयानकोच लुइस डे ला फुएंते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यामल की स्थिति पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, हम खिलाड़ियों की रिकवरी को लेकर बहुत सावधानी बरत रहे हैं, लेकिन लामिन अब बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। उनमें खेलने की जबरदस्त भूख है और वे पूरे मैच के लिए तैयार हैं। यामल ने अब तक टूर्नामेंट में तीन मैचों में केवल 141 मिनट मैदान पर बिताए हैं और एक गोल किया है। उनके पूर्ण फिटनेस के साथ मैदान पर उतरने से स्पेन की आक्रामक पंक्ति और अधिक खतरनाक हो जाएगी।2010 के बाद पहली नॉकआउट जीत पर नजरस्पेन के लिए यह विश्व कप किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। 2010 में चैंपियन बनने के बाद से टीम लगातार नॉकआउट मैचों में संघर्ष करती नजर आई है। 2014 में टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी, जबकि 2018 और 2022 के वर्ल्ड कप में उन्हें अपने शुरुआती नॉकआउट मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी थी। ऐसे में ऑस्ट्रिया के खिलाफ यह मैच स्पेन के लिए अपने पुराने इतिहास को बदलने और खिताब की दौड़ में मजबूती से बने रहने का एक बड़ा अवसर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:45 pm

भारत का श्रीलंका टेस्ट दौरा: तारीखें और वेन्यू का हुआ ऐलान, जानें कब से शुरू होगी रोमांचक सीरीज

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अगस्त में होने वाले भारत के आगामी टेस्ट दौरे के आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के तहत खेले जाने वाली इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए गाले और कोलंबो को मेजबान के रूप में चुना गया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछली सीरीज में मिली हार के बाद, भारतीय टीम इस दौरे पर अपनी लय वापस पाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।सीरीज का पूरा शेड्यूल और वेन्यूघोषणा के मुताबिक, सीरीज का पहला टेस्ट मैच 15 से 19 अगस्त तक गाले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद, दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के प्रसिद्ध सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में आयोजित होगा। यह सीरीज साल 2017 के बाद भारत का श्रीलंका में पहला टेस्ट दौरा है, जब भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबानों को 2-0 से शिकस्त दी थी। मौजूदा टीम के लिए यह दौरा अपनी WTC रैंकिंग में सुधार करने का एक बेहतरीन मौका है।T20 सीरीज पर लगा विराम, व्यस्तता बनी कारणइस दौरे को लेकर लंबे समय से कयास लगाए जा रहे थे कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज के साथ-साथ तीन मैचों की T20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज भी खेली जा सकती है। हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में T20 मैचों का कोई उल्लेख नहीं है। खबरों के अनुसार, बीसीसीआई ने व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल का हवाला देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल T20 सीरीज खेलना संभव नहीं है। भारतीय टीम को इसके तुरंत बाद अफगानिस्तान के खिलाफ भी सीरीज खेलनी है, जिसके कारण कार्यक्रम को केवल टेस्ट मैचों तक सीमित रखा गया है।भारतीय टीम के लिए आगे की चुनौतियांभारतीय टीम का आने वाला समय बेहद व्यस्त रहने वाला है। फिलहाल टीम इंग्लैंड दौरे पर टी20 और वनडे सीरीज में व्यस्त है। इसके बाद, टीम जुलाई के अंत में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी और उसके तुरंत बाद श्रीलंका में टेस्ट मिशन की शुरुआत होगी। इस चुनौतीपूर्ण शेड्यूल के बीच, भारतीय टीम के लिए हर फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी। फैंस को उम्मीद है कि अगस्त में होने वाली इस टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम अपना दबदबा फिर से कायम करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:44 pm

केतन मर्डर केस: अब सिया के पास मिले फोन ने बढ़ाई पुलिस की मुश्किलें, फॉरेंसिक जांच में खुलेंगे कई गहरे राज

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, परत-दर-परत कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। फिलहाल जांचकर्ताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती केतन का मोबाइल फोन बना हुआ है, जो हत्या के बाद मुख्य आरोपी और उसकी मंगेतर सिया गोयल के पास मिला था। पुलिस को गहरा संदेह है कि सिया ने केतन की हत्या के बाद फोन से कई अहम सबूत डिलीट किए हैं, जो इस साजिश को बेनकाब करने के लिए बेहद जरूरी थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए फोन को फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है, ताकि डिजिटल एविडेंस रिकवर किए जा सकें।घर और रेस्टोरेंट तक पहुंची पुलिस की जांचकेतन हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। हाल ही में पुलिस टीम सिया को लेकर उसके पुणे मार्केट स्थित घर पहुंची थी, जहां करीब एक घंटे तक गहन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान सिया की पर्सनल डायरी, गैजेट्स और अन्य संदिग्ध सामानों को खंगाला गया। इसके बाद पुलिस सिया को उस रेस्टोरेंट में भी ले गई, जहां 17 जून को कथित तौर पर सिया और चेतन ने केतन की हत्या की खौफनाक साजिश रची थी। घटना की टाइमलाइन को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने वहां सिया से कई अहम सवाल-जवाब किए।अब लाई डिटेक्टर टेस्ट से सच उगलवाने की तैयारीइस केस में एक बड़ा पेंच यह फंसा है कि अभी तक पुलिस के पास इस बात का कोई सीधा सबूत नहीं है कि लोहगढ़ किले पर केतन को धक्का किसने दिया था। सिया और चेतन द्वारा जुर्म कबूलने के बावजूद, अदालती प्रक्रिया में ठोस गवाही के लिए पुलिस अब सिया का पॉलीग्राफ यानी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में है। हालांकि, आरोपी के वकील विपुल दुशिंग का कहना है कि बिना आरोपी की सहमति के यह टेस्ट संभव नहीं है, जिसके चलते पुलिस ने अदालत से अनुमति मांगी है। फिलहाल कोर्ट के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।शादी से बचने के लिए रची गई थी खौफनाक साजिशगौरतलब है कि 18 जून को रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले पर मौत हो गई थी, जिसे शुरुआत में पुलिस ने हादसा माना था। लेकिन परिवार के शक और सिया के अजीब व्यवहार ने जांच का रुख मोड़ दिया। बाद में सामने आई कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज ने इस केस को 'हादसा' से 'सुनियोजित हत्या' में बदल दिया। पूछताछ में सिया ने खुलासा किया कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन परिवार को मना नहीं पा रही थी। इसी दबाव और निजी कारणों के चलते उसने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन को मौत के घाट उतारने का खौफनाक प्लान बनाया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:42 pm

थलपति विजय का बड़ा 'खेला': AIADMK में सेंधमारी, तीन पूर्व मंत्रियों समेत कई दिग्गज नेता TVK में शामिल

तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री थलपति विजय (सी. जोसेफ विजय) की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कषगम' (TVK) ने एक बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। गुरुवार को मामल्लापुरम में आयोजित एक कार्यक्रम में विपक्षी दल AIADMK को तगड़ा झटका देते हुए उसके तीन बड़े दिग्गज नेता—डॉ. सी. विजयभास्कर, एम. आर. विजयभास्कर और एम. एस. एम. आनंदन—अपने समर्थकों के साथ TVK में शामिल हो गए। इस घटनाक्रम ने तमिलनाडु के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है और इसे विजय का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।'कॉरपोरेट कंपनी' बन गई है AIADMK: सेंगोट्टैयनTVK के मुख्य समन्वयक के. ए. सेंगोट्टैयन ने इन नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए AIADMK नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि AIADMK अब एक राजनीतिक संगठन के बजाय 'कॉरपोरेट कंपनी' की तरह काम कर रही है। सेंगोट्टैयन ने पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी को 'विश्वासघात' का प्रतीक बताते हुए कहा कि मौजूदा नेतृत्व ने अपने ही कार्यकर्ताओं के साथ धोखा किया है। उन्होंने सीएम विजय को 'स्थायी मुख्यमंत्री' करार देते हुए कहा कि पार्टी छोड़ने वाले इन नेताओं ने निराश होकर ही सही दिशा और सही नेतृत्व का चुनाव किया है।DMK ने कसा 'वॉशिंग मशीन' वाला तंजइस बड़े दलबदल पर सत्तारूढ़ DMK ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। DMK की उपमहासचिव कनिमोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तंज कसते हुए इसे 'वॉशिंग मशीन' राजनीति करार दिया। कनिमोई ने लिखा, सुना है उत्तर भारत में भाजपा जिस वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल करती थी, वह अब तमिलनाडु भी पहुंच गई है। क्या यह मशीन गुटखा घोटाले जैसे दागों को भी साफ कर सकती है? वहीं, DMK के आईटी सेल ने पूर्व मंत्री एम. आर. विजयभास्कर के खिलाफ चल रहे भूमि हड़पने और धोखाधड़ी के मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री विजय से उनके 'भ्रष्टाचार विरोधी' दावों पर सवाल उठाए हैं।कार्यकर्ताओं की मर्जी से लिया फैसला: पूर्व मंत्रीTVK में शामिल हुए पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर ने स्पष्ट किया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके समर्थकों, जिला पदाधिकारियों और उनके विधानसभा क्षेत्र की जनता के साथ कई दौर की चर्चा के बाद लिया गया है। वहीं, 45 वर्षों तक AIADMK के साथ जुड़े रहे पूर्व मंत्री एम. एस. एम. आनंदन ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व आत्म-केंद्रित हो चुका है और उसने निष्ठावान कार्यकर्ताओं की मेहनत को नजरअंदाज किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी दबाव में नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली और भविष्य के प्रति भरोसे के कारण TVK में शामिल हुए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:41 pm

शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन जश्न: सेंसेक्स-निफ्टी में शानदार तेजी, IT स्टॉक्स ने भरी उड़ान

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 2 जुलाई को लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख देखने को मिला। निवेशकों के उत्साह और वैश्विक संकेतों के चलते बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। बाजार के इस प्रदर्शन ने न केवल पिछले सत्र की तेजी को बरकरार रखा है, बल्कि बाजार में नई जान फूंक दी है। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 579.48 अंक (0.75%) की छलांग के साथ 77,502.12 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 169.85 अंक (0.71%) की मजबूती के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई, जिसमें करीब 2436 शेयरों ने हरे निशान में कारोबार खत्म किया।आईटी सेक्टर बना 'हीरो', 5% की तगड़ी उछालआज के कारोबार में सबसे ज्यादा चमक आईटी (IT) सेक्टर की रही। पिछले चार दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए आईटी इंडेक्स ने लगभग 5% की दमदार छाल मारी। इस तेजी में इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे दिग्गज शेयरों का अहम योगदान रहा। आईटी शेयरों में आई इस रिकवरी को विशेषज्ञों ने 'शॉर्ट कवरिंग' और एंटरप्राइज एआई (AI) के भविष्य को लेकर बढ़ते भरोसे से जोड़कर देखा है। आईटी के अलावा ऑटो, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल इंडेक्स में भी 1% तक की तेजी दर्ज की गई।कच्चे तेल की गिरावट और ग्लोबल संकेतों का सहाराबाजार की इस रौनक के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, फेड चेयर के नरम रुख वाले बयानों ने वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों के अनुकूल रहने की उम्मीद जगाई है, जिससे बाजार को काफी सहारा मिला है। हालांकि, भारतीय रुपया आज थोड़ा कमजोर नजर आया और 15 पैसे की गिरावट के साथ 95.39 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, मिडकैप इंडेक्स में 0.5% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.2% की बढ़त ने छोटे निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।आगे क्या है बाजार की दिशाअब बाजार की नजरें कुछ प्रमुख आंकड़ों और इवेंट्स पर टिकी हैं। आने वाले सत्रों में अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल डेटा, भारत-जापान समिट की खबरें और कंपनियों के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे बाजार की नई चाल तय करेंगे। आज के टॉप गेनर्स में इन्फोसिस और बजाज फिनसर्व रहे, जबकि मैक्स हेल्थकेयर, एलएंडटी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में थोड़ा दबाव देखा गया। जानकारों का मानना है कि फिलहाल बाजार में 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति प्रभावी साबित हो रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:35 pm

सावन ही नहीं, इन खास मौकों पर भी होती है कांवड़ यात्रा, इस कठिन तपस्या का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

भगवान शिव की भक्ति का महापर्व कांवड़ यात्रा का नाम आते ही सावन के महीने की यादें ताजा हो जाती हैं। केसरिया रंग में रंगे शिव भक्त, हाथों में जल से भरी कांवड़ और गूंजते 'बम-बम भोले' के जयकारे—यह दृश्य न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है, बल्कि करोड़ों शिव भक्तों की गहरी आस्था का प्रतीक भी है। लेकिन क्या कांवड़ यात्रा केवल सावन तक ही सीमित है? अगर आप भी ऐसा मानते हैं, तो आपको इस कठिन तपस्या के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानना चाहिए।सावन के अलावा कब निकलती है कांवड़ यात्राआम धारणा के विपरीत, कांवड़ यात्रा का आयोजन केवल सावन के महीने में नहीं होता। शास्त्रों और धार्मिक परंपराओं के अनुसार, फाल्गुन मास में आने वाली 'महाशिवरात्रि' पर भी हजारों भक्त कांवड़ यात्रा करते हैं। इस अवसर पर भी हरिद्वार या अन्य पवित्र नदियों से गंगाजल भरकर भक्त अपने स्थानीय शिवालयों तक पैदल यात्रा तय करते हैं। इतना ही नहीं, देश भर में कई ऐसे समर्पित भक्त हैं जो प्रत्येक मास की 'मासिक शिवरात्रि' पर भी कांवड़ लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यह यात्रा भगवान शिव के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाती है।त्याग और समर्पण की अनूठी यात्राकांवड़ यात्रा महज एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह एक कठिन आध्यात्मिक साधना है। भक्त अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग कर नंगे पांव मीलों की पैदल यात्रा तय करते हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सांसारिक मोह-माया को पीछे छोड़कर परमात्मा की शरण में खुद को पूरी तरह समर्पित करना है। रास्ते में मिलने वाली सेवा को स्वीकार कर भक्त यह सीखते हैं कि अहंकार का त्याग और विनम्रता ही ईश्वर को पाने का सबसे सरल मार्ग है। कांवड़ ले जाते समय 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष का अर्थ केवल शिव का नाम लेना नहीं, बल्कि अपने भीतर की नकारात्मकता को मिटाकर आत्म-अनुशासन को अपनाना है।क्यों खास है यह जल अभिषेककांवड़ यात्रा का वास्तविक अर्थ केवल जल अर्पित करना नहीं, बल्कि अपने भीतर छिपे 'शिव' को जागृत करना है। जब एक कांवड़िया पवित्र गंगाजल लेकर चलता है, तो उसकी पूरी यात्रा एक ध्यान की तरह होती है। सावन का महीना इस यात्रा के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि प्रकृति स्वयं शिव की आराधना में लीन रहती है। हालांकि, यदि मन में सच्ची श्रद्धा हो, तो साल के किसी भी शिवरात्रि पर्व पर कांवड़ यात्रा का संकल्प लिया जा सकता है। यह यात्रा व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देती है और उसे शांति, संयम और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:33 pm

57 साल पहले मुंबई की असली बारिश में शूट हुआ था ये सदाबहार गाना, बिना डांस के भी बन गया बॉलीवुड का 'कल्ट क्लासिक'

बारिश का नाम आते ही बॉलीवुड प्रेमियों के जेहन में सबसे पहले अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी का वो मशहूर गाना 'रिमझिम गिरे सावन' तैरने लगता है। साल 1979 में आई फिल्म 'मंजिल' का यह गाना आज भी मानसून का पर्याय बना हुआ है। 57 साल बीत जाने के बाद भी यह गीत अपनी ताजगी नहीं खो पाया है। क्या आप जानते हैं कि इस गाने को शूट करने के लिए फिल्म के मेकर्स ने न केवल असली बारिश का इंतजार किया था, बल्कि बिना किसी कोरियोग्राफी या डांस स्टेप्स के इसे शूट किया गया था, जो उस दौर में किसी चमत्कार से कम नहीं था।मुंबई की असली बारिश और बासु चटर्जी का 'रिस्क'फिल्म 'मंजिल' के निर्देशक बासु चटर्जी की सादगी और यथार्थवाद के प्रति उनका जुनून इस गाने में साफ झलकता है। आमतौर पर फिल्मों में बारिश के दृश्य कृत्रिम (Artificial) तरीके से शूट किए जाते हैं, लेकिन 'रिमझिम गिरे सावन' को मुंबई की मरीन ड्राइव पर उस वक्त शूट किया गया जब सचमुच आसमान से बारिश हो रही थी। डायरेक्टर चाहते थे कि यह सीन बिल्कुल नेचुरल लगे, इसलिए उन्होंने बिना किसी तामझाम या डांस सीक्वेंस के अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी को सड़कों पर घूमने और भीगने के लिए कहा। उस समय की शूटिंग का किस्सा साझा करते हुए मौसमी चटर्जी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें पता ही नहीं चला कि शूटिंग कब शुरू हो गई थी। वे लंबे समय तक बारिश में भीगती रहीं और इसी दौरान यह खूबसूरत सीक्वेंस कैमरे में कैद हो गया, जिसमें उनका काजल तक बह गया था, जो इसे और अधिक वास्तविक बनाता है।किशोर-लता की आवाज और आरडी बर्मन का जादूइस गाने को सदाबहार बनाने का श्रेय महान संगीतकार आरडी बर्मन और गीतकार योगेश को जाता है। जब किशोर कुमार की मखमली आवाज के साथ लता मंगेशकर की सुरीली धुन मिलती है, तो यह गाना संगीत प्रेमियों के दिलों को छू लेता है। आरडी बर्मन का संगीत और योगेश के बोल इस गाने को न केवल सुनने में सुखद बनाते हैं, बल्कि एक अलग तरह का सुकून भी देते हैं। बिना किसी व्यावसायिक डांस के, केवल बारिश और दो किरदारों के बीच की मस्ती ने इसे भारतीय सिनेमा का सबसे 'रोमांटिक और नेचुरल' बारिश का गीत बना दिया है।आज भी क्यों है यह लोगों की पहली पसंदआज के दौर में जब गानों में भारी प्रोडक्शन और ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल होता है, 'रिमझिम गिरे सावन' सादगी का जीता-जागता उदाहरण है। यही कारण है कि 5 दशक बाद भी हर मानसून में रेडियो से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक यह गाना ट्रेंडिंग लिस्ट में बना रहता है। यह गाना सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि मुंबई की सड़कों की उस पुरानी यादों का सफर है, जिसे हर पीढ़ी अपना मानती है। यह आज भी साबित करता है कि अगर संगीत और प्रस्तुति में सच्चाई हो, तो उसे किसी दिखावे की जरूरत नहीं पड़ती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:28 pm

14 साल बाद फिर गूंजा 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का वो बेमतलब गाना: बीट्स चेक करने के लिए बना 'डमी' कैसे बना इंटरनेट का सनसनी

बॉलीवुड फिल्मों के कुछ गाने ऐसे होते हैं जो वक्त की धूल में खो जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो एक दशक से ज्यादा बीत जाने के बाद भी सोशल मीडिया की गलियों में राज करते हैं। अनुराग कश्यप की कल्ट क्लासिक फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का एक गाना इन दिनों इंस्टाग्राम रील्स पर फिर से तहलका मचा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस गाने के न तो कोई अर्थपूर्ण शब्द हैं और न ही इसे किसी मशहूर गायक ने गाया है। यह गाना असल में सिर्फ एक 'डमी' था, जिसे बाद में फिल्म का सबसे आइकॉनिक हिस्सा बना दिया गया।बीट्स चेक करने के लिए तैयार किया था 'डमी'साल 2012 में आई इस फिल्म का वह चर्चित गाना—'टैं टैं टू टू टी टी टैं' (Tai Tai Tu Tu)—आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। फिल्म की म्यूजिक डायरेक्टर स्नेहा खानवलकर ने इसे कंपोज किया था। दिलचस्प किस्सा यह है कि स्नेहा ने इसे किसी प्रोफेशनल रिकॉर्डिंग के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ गाने की बीट्स और रिदम को टेस्ट करने के लिए एक रफ डमी के तौर पर गाया था। लेकिन जब डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने इसे सुना, तो वे इसकी सादगी और अजीबोगरीब धुन के दीवाने हो गए। उन्होंने बिना किसी बदलाव के इसे फिल्म के ओरिजनल स्कोर में शामिल करने का फैसला किया।'टैं टैं टू टू' ने कैसे बदली गैंगस्टर्स की दुनियाफिल्म में जब भी गैंगस्टर ड्रामा, गोलियां या देसी टशन दिखाने का सीन आता था, बैकग्राउंड में बजने वाली यह अजीब सी धुन पूरे माहौल में जान फूंक देती थी। वरुण ग्रोवर द्वारा रैंडम शब्दों के साथ लिखे गए इस गाने ने साबित कर दिया कि म्यूजिक में शब्दों से ज्यादा 'वाइब' मायने रखती है। इसके 'टंग ट्विस्टर' बोल लोगों के दिमाग में ऐसे बसे कि आज 14 साल बाद भी यह गाना इंस्टाग्राम रील्स पर फनी और एटीट्यूड वीडियोज की पहली पसंद बन गया है। हाल ही में एक छोटी बच्ची का इसे गाते हुए वीडियो भी इंटरनेट पर जमकर वायरल हुआ था।सोशल मीडिया पर 'रील्स' का नया किंगआज के दौर में जब गाने महंगे प्रोडक्शन और भारी-भरकम लिरिक्स पर निर्भर हैं, 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का यह डमी सॉन्ग दिखाता है कि क्रिएटिविटी की कोई सीमा नहीं होती। इंस्टाग्राम यूजर्स इसे फनी ट्रांजिशन, देसी स्वैग और क्यूटनेस दिखाने के लिए जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। जिस गाने को कभी फिल्म का एक साधारण हिस्सा माना गया था, आज वह डिजिटल युग की रील्स का 'अनकहा' किंग बन चुका है। यह गाना आज भी साबित करता है कि फिल्म की कहानी और संगीत का सही तालमेल सालों बाद भी दर्शकों को उसी तरह झूमने पर मजबूर कर सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:26 pm

कफन फाड़ने वाली भीड़ का डर, खामेनेई के जनाजे से पहले क्यों थर-थर कांप रहा ईरान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम विदाई का समय करीब आते ही तेहरान से लेकर मशहद तक सुरक्षा एजेंसियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। पिछले चार महीनों से कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखे गए उनके पार्थिव शरीर को 9 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। लेकिन इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार से पहले ईरान को किसी हमले या राजनीतिक अस्थिरता से ज्यादा उस 'भीड़' का खौफ सता रहा है, जो अक्सर ईरान में कफन तक फाड़ने की नौबत ला देती है।खुमैनी और सुलेमानी के जनाजे का डरावना इतिहासईरानी प्रशासन को 1989 में अयातुल्लाह रूहुल्लाह खुमैनी और 2020 में कासिम सुलेमानी के जनाजे के दौरान हुए जानलेवा हादसों की याद ताजा है। दोनों ही मौकों पर बेकाबू भीड़ के चलते मची भगदड़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई थी। इस बार खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए ईरान और इराक में पांच दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों की योजना है, जिसमें लाखों लोगों के उमड़ने की संभावना है। प्रशासन इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि कैसे भीड़ को नियंत्रित किया जाए ताकि कोई अनहोनी न हो।पांच दिनों का महा-अनुष्ठान और दफन का स्थानखामेनेई का शव तीन दिनों तक तेहरान के मोसल्ला नमाज परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को शिया समुदाय के पवित्र शहरों इराक के नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा। इराक यात्रा के बाद, शव को वापस ईरान के कोम शहर और अंत में उनके जन्मस्थान मशहद ले जाया जाएगा। उन्हें शिया इस्लाम के आठवें इमाम, इमाम रजा की दरगाह में दफन किया जाएगा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जनाजे की नमाज कौन पढ़ेगा, हालांकि चर्चाओं का बाजार गर्म है कि उनके बेटे मोजतबा खामेनेई यह जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, जो पिता के निधन के बाद से अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर हैं।सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच सस्पेंसईरानी अधिकारियों ने फिलहाल जनाजे की नमाज को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन सुरक्षा घेरा इतना अभेद्य बनाया जा रहा है कि किसी भी चूक की गुंजाइश न रहे। पिछले चार महीनों से शव को बेहद ठंडे तापमान में सुरक्षित रखने के बाद अब उसे अंतिम यात्रा पर निकालने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ईरान इस बार अपनी 'भीड़ प्रबंधन' की परीक्षा में सफल हो पाता है, या फिर यह ऐतिहासिक विदाई किसी त्रासदी में बदल जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:23 pm

पेट्रोल-डीजल के दाम कब घटेंगे? केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया पूरा गणित

Petrol Diesel Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई गिरावट के बाद भी देश में पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों नहीं घट रहे हैं? इस सवाल का जवाब खुद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया है।

वेब दुनिया 2 Jul 2026 5:14 pm

ISRO हेडक्वार्टर को बम से उड़ाने की धमकी: चेयरमैन के ईमेल पर आया संदेश, हाई अलर्ट पर पुलिस

देश की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बेंगलुरु स्थित मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह धमकी भरा ई-मेल सीधा ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन के आधिकारिक कार्यालय को भेजा गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल प्रभाव से पुलिस और बम निरोधक दस्ते (Bomb Squad) को मौके पर तैनात कर दिया गया है और पूरे परिसर की गहन छानबीन की जा रही है।सुरक्षा में तैनात बम स्क्वाड, गहन तलाशी जारीधमकी मिलने की सूचना मिलते ही बेंगलुरु पुलिस की टीमें हरकत में आईं और ISRO हेडक्वार्टर पहुंच गईं। एहतियात के तौर पर बम स्क्वाड की टीम ने पूरे परिसर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली। हालांकि, अब तक की शुरुआती जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है। स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जा रही है और एहतियाती तौर पर परिसर की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।पुलिस खंगाल रही है ईमेल का सोर्सधमकी किसने दी और इसके पीछे का मकसद क्या है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस की तकनीकी शाखा की कई टीमें सक्रिय हो गई हैं। अधिकारी इस ईमेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि ईमेल भेजने वाला कौन है और यह संदेश देश के भीतर से भेजा गया है या फिर इसे विदेश से भेजा गया है। साइबर क्राइम विभाग इस मामले की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि आरोपी तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।देश में बढ़ रही हैं बम धमकियों की घटनाएंगौरतलब है कि सार्वजनिक महत्व के संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों को ईमेल के जरिए ऐसी धमकियां दी जाती रही हैं। पिछले दिनों दिल्ली के कई प्रतिष्ठित स्कूलों, जैसे डीपीएस द्वारका, कृष्णा मॉडल स्कूल और सर्वोदय विद्यालय को भी ऐसे ही बम की धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिससे प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई थी। फिलहाल ISRO मामले में पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही इस धमकी के पीछे के मास्टरमाइंड का खुलासा किया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:12 pm

भारत-जापान की ऐतिहासिक डील: AI, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में मचेगी हलचल, 12.5 बिलियन डॉलर के निवेश का रोडमैप तैयार

भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी एक नए और बेहद महत्वपूर्ण अध्याय में प्रवेश कर गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाची के बीच नई दिल्ली में हुई उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता ने भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा परिदृश्य को नई दिशा दी है। इस शिखर सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा को लेकर एक व्यापक संयुक्त रोडमैप पर मुहर लगाई गई है, जो दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।12.5 बिलियन डॉलर का बड़ा निवेश और 120 नए समझौतेभारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था में जापान का अटूट विश्वास इस यात्रा के दौरान साफ नजर आया। 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के समानांतर, जापानी कंपनियां भारत में करीब 12.5 बिलियन डॉलर के भारी-भरकम निवेश की घोषणा करने की तैयारी में हैं। यह निवेश लगभग 120 सहयोग समझौतों के जरिए सेमीकंडक्टर्स, स्वच्छ ऊर्जा, मोबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा। यह कदम पिछले साल टोक्यो में हुई उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत जापान ने अगले एक दशक में भारत में 61 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश करने का लक्ष्य रखा है।रक्षा और सुरक्षा: '2+2' वार्ता से मजबूत होगी समुद्री सुरक्षाबदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत और जापान ने रक्षा सहयोग को और अधिक सघन बनाने का निर्णय लिया है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा को लेकर अपनी रणनीति की समीक्षा करेंगे। साथ ही, रक्षा उपकरण हस्तांतरण के लिए जापान के अद्यतन दिशानिर्देशों को स्वीकार करना और इस साल के अंत तक अगली '2+2' (विदेश और रक्षा मंत्री स्तरीय) वार्ता आयोजित करने का निर्णय एक बड़ी उपलब्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्लभ पृथ्वी तत्वों और सप्लाई चेन के मामले में चीन की गैर-बाजार नीतियों के जवाब में यह साझेदारी भारत और जापान को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अधिक आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाएगी।तकनीक और नवाचार: AI और सेमीकंडक्टर में बनेगा नया इकोसिस्टमइस साझेदारी का सबसे अहम स्तंभ 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) है। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जापान की उन्नत विनिर्माण और इंजीनियरिंग क्षमता, भारत के विशाल सॉफ्टवेयर उद्योग और कुशल तकनीकी कार्यबल के साथ मिलकर एक शक्तिशाली इकोसिस्टम बनाएगी। इसके तहत फुजीफिल्म द्वारा सेमीकंडक्टर सामग्री संयंत्र में सहयोग, सुजुकी का बायोगैस प्रोजेक्ट और भारतीय-जापानी एआई स्टार्टअप्स के बीच साझा एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसी परियोजनाएं भविष्य में क्रांति लाएंगी। इसके अलावा, भारत में जापान की प्रसिद्ध शिंकांशेन (बुलेट ट्रेन) तकनीक के विस्तार पर भी चर्चा को गति मिली है।आर्थिक सुरक्षा का रोडमैपप्रधानमंत्री साने ताकाची ने स्पष्ट किया कि अशांत वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत और जापान एक-दूसरे की ताकतों का लाभ उठाकर मजबूत और समृद्ध होने की राह पर हैं। सेमीकंडक्टर्स और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को दूर करने के लिए दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा को अपनी नीति के केंद्र में रखा है। 150 से अधिक जापानी कंपनियों की भागीदारी और भारत-जापान आर्थिक मंच का सक्रिय होना यह दर्शाता है कि यह महज एक राजनयिक समझौता नहीं, बल्कि एक ठोस व्यावसायिक साझेदारी है जो आम नागरिकों के लिए भी बड़े अवसर पैदा करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 5:07 pm

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Blood Pressure Check at Home:घर पर ब्लड प्रेशर (बीपी) नापना अपनी सेहत का ख्याल रखने का एक बेहतरीन तरीका है। हां बिलकुल!, लेकिन अगर तरीका सही न हो तो रीडिंग गलत आ सकती है। घर पर सही तरीके से ब्लड प्रेशर नापने के लिए इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 4:50 pm

Honda Activa e: 102KM रेंज, बैटरी-स्वैपिंग टेक्नोलॉजी और स्मार्ट फीचर्स के साथ लॉन्च, जानें कीमत और खूबियां

भारत में दोपहिया वाहनों की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी होंडा की प्रतिष्ठित Activa अब इलेक्ट्रिक अवतार में उपलब्ध है। वर्ष 2001 में लॉन्च हुई एक्टिवा ने वर्षों तक भारतीय परिवारों की पहली पसंद बने रहने के बाद अब Honda Activa e के रूप में ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 4:24 pm

रायपुर में कल लगेगा महाजैम! 'सहकार संकल्प दौड़' के लिए पूरी तरह तैयार छत्तीसगढ़, विजेताओं पर होगी इनामों की बारिश

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बेहद अनोखे और ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। तीन जुलाई को पूरा रायपुर एक साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़ता नजर आएगा। राज्य सरकार और सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी में भव्य 'सहकार संकल्प दौड़' का आयोजन किया जा रहा है। इस दौड़ का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सहकारिता की भावना को बढ़ावा देना और युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करना है। इस महाआयोजन को लेकर रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और हजारों की संख्या में लोगों ने इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है।जानिए कहां से शुरू होगी दौड़ और क्या रहेगा रूट मैपतीन जुलाई की सुबह आयोजित होने वाली इस 'सहकार संकल्प दौड़' के लिए रायपुर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने रूट मैप तैयार कर लिया है। यह दौड़ शहर के प्रमुख और वीआईपी मार्ग से होकर गुजरेगी, जहां धावकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुबह के समय ट्रैफिक को डायवर्ट करने की योजना भी बनाई गई है ताकि आम जनता को कोई परेशानी न हो। दौड़ के मार्ग में जगह-जगह पर मेडिकल कैंप और पीने के पानी के स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।विजेताओं को मिलेंगे नकद पुरस्कार और विशेष प्रमाण पत्रइस 'सहकार संकल्प दौड़' को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए आयोजकों ने विजेताओं के लिए बड़े पुरस्कारों की घोषणा की है। अलग-अलग आयु वर्ग और श्रेणियों (पुरुष एवं महिला) में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले धावकों को आकर्षक नकद पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, दौड़ पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को डिजिटल और फिजिकल सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। इस पुरस्कार की घोषणा के बाद से ही शहर के स्पोर्ट्स क्लबों, कॉलेजों और स्कूलों के युवाओं ने मैदान पर अपनी प्रैक्टिस दोगुनी कर दी है।सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ का बड़ा संकल्पइस दौड़ के पीछे केवल फिटनेस ही नहीं, बल्कि एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक संदेश भी छिपा है। छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि राज्य के विकास में सहकारिता (Cooperative) क्षेत्र का बहुत बड़ा योगदान है। इस 'सहकार संकल्प दौड़' के जरिए आम जनता, विशेषकर ग्रामीण और शहरी युवाओं को सहकारिता के सिद्धांतों से जोड़कर प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया जाएगा। आयोजन में मुख्यमंत्री सहित कई कैबिनेट मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और खेल जगत की मशहूर हस्तियां भी शामिल होकर धावकों का हौसला बढ़ाएंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:20 pm

छत्तीसगढ़ में स्कूलों में मंत्र और प्रार्थना अनिवार्य करने की मांग खारिज, बिलासपुर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत और कानूनी गलियारों से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मंत्रोच्चार और विशेष प्रार्थना पाठ को अनिवार्य करने की मांग वाली जनहित याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को ध्यान में रखते हुए अदालत का यह फैसला बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है। याचिका खारिज होने के साथ ही माननीय हाईकोर्ट ने इस संवेदनशील विषय पर एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की है, जिसकी चर्चा अब पूरे देश में होने लगी है।जानिए किस मांग को लेकर दायर की गई थी यह याचिकादरअसल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर यह मांग की गई थी कि राज्य के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में सुबह की सभा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों और धार्मिक प्रार्थनाओं के पाठ को अनिवार्य कर दिया जाए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इससे छात्रों में नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति का विकास होगा। हालांकि, इस मांग को लेकर शुरुआती दौर से ही कानूनी और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ गई थी कि क्या किसी लोकतांत्रिक और बहुसांस्कृतिक देश में ऐसा फैसला थोपा जा सकता है।याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने की यह बड़ी टिप्पणीमामले की गहन सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद के धर्म को मानने और उसका आचरण करने की स्वतंत्रता देता है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त या किसी भी सामान्य शिक्षण संस्थान में किसी विशेष धार्मिक विचार, मंत्र या प्रार्थना को अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने साफ किया कि स्कूलों का माहौल ऐसा होना चाहिए जहां सभी धर्मों और आस्थाओं के बच्चों को एक समान और सहज वातावरण मिल सके, न कि उन पर कोई विशेष आचरण थोपा जाए।कानूनी और सामाजिक हलकों में क्यों हो रही है इस फैसले की चर्चाबिलासपुर हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद राज्य के शिक्षा विभाग, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों ने राहत की सांस ली है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों (Secularism) को और मजबूती प्रदान करता है। इस आदेश के बाद अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि स्कूलों में प्रार्थना सभाएं पहले की तरह सामान्य और सर्वधर्म समभाव पर आधारित रहेंगी। वहीं, फैसले के आते ही सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में इस बात को लेकर विमर्श शुरू हो गया है कि शिक्षा व्यवस्था में धार्मिक प्रतीकों की सीमा क्या होनी चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:18 pm

आरपीएससी ने जारी किया संशोधित परीक्षा कैलेंडर, जानें कौन सी 4 बड़ी परीक्षाओं की तारीखें बदलीं

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है। आरपीएससी ने अपनी आगामी भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक नया संशोधित परीक्षा कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग द्वारा जारी किए गए इस आधिकारिक नोटिफिकेशन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में हलचल तेज हो गई है। इस नए शेड्यूल के तहत आयोग ने प्रशासनिक और अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए चार प्रमुख परीक्षाओं की तारीखों में बड़ा फेरबदल किया है, जिसे जानना हर उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है।इन चार बड़ी परीक्षाओं की तारीखों में हुआ बड़ा फेरबदलआरपीएससी द्वारा जारी संशोधित कैलेंडर के अनुसार, जिन चार मुख्य परीक्षाओं की तिथियों को बदला गया है, उनमें राज्य के हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी अहम भर्तियां शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब ये परीक्षाएं पुरानी घोषित तारीखों के बजाय नई निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी। तारीखों में बदलाव की वजह से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी की रणनीति में भी बदलाव करना होगा। आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह के भ्रम से बचने के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी शेड्यूल को ही अंतिम मानें।जानिए किस वजह से आरपीएससी को बदलना पड़ा अपना शेड्यूलराजस्थान लोक सेवा आयोग के सूत्रों के मुताबिक, राज्य में होने वाली अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ तारीखों के टकराव (क्लेश) और कुछ केंद्रों की अनुपलब्धता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं को पूरी तरह से पारदर्शी, नकल विहीन और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करना है। पूर्व में जारी कैलेंडर को अपडेट करते हुए इस नए नोटिफिकेशन में न सिर्फ परीक्षा की तारीखें बल्कि परीक्षा के आयोजन से जुड़े कुछ अन्य जरूरी दिशा-निर्देश भी साझा किए गए हैं, ताकि उम्मीदवारों को केंद्र पर किसी तरह की परेशानी न हो।आधिकारिक वेबसाइट पर ऐसे चेक करें नया संशोधित कैलेंडरपरीक्षा की नई तारीखों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने के लिए आरपीएससी ने अभ्यर्थियों से आधिकारिक पोर्टल का रुख करने को कहा है। उम्मीदवार आरपीएससी की ऑफिशियल वेबसाइट (rpsc.rajasthan.gov.in) के 'न्यूज एंड इवेंट्स' सेक्शन में जाकर नया पीडीएफ कैलेंडर सीधे डाउनलोड कर सकते हैं। इसके साथ ही एडमिट कार्ड और परीक्षा के नए पैटर्न से जुड़े अपडेट्स के लिए भी आयोग जल्द ही अलग से नोटिफिकेशन जारी करेगा। इस बदलाव के बाद अब प्रदेश के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में तैयारी का माहौल एक बार फिर बदल गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:17 pm

पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर सरकार की बढ़ी मुश्किलें, संयम लोढ़ा ने थमाया लीगल नोटिस, दी कोर्ट जाने की चेतावनी

राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर एक बार फिर सियासी और कानूनी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने चुनावों में हो रही देरी को लेकर भजनलाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयम लोढ़ा ने राजस्थान सरकार को एक सख्त लीगल नोटिस भेजकर साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय सीमा के भीतर पंचायत और नगर निकाय चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे सरकार के खिलाफ माननीय न्यायालय में अवमानना याचिका (Contempt Petition) दायर करेंगे। इस कानूनी कदम के बाद से ही राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।चुनावों में लगातार हो रही देरी पर उठाए गंभीर सवालपूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अपने लीगल नोटिस में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि स्थानीय शासन के जनप्रतितिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव कराने में जानबूझकर देरी की जा रही है, जो पूरी तरह से संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रशासनिक अधिकारियों के भरोसे निकायों को चलाकर जनता के अधिकारों का हनन कर रही है।जानिए क्या है अवमानना याचिका दायर करने की पूरी कानूनी वजहसंवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, स्थानीय निकायों और पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने से पहले या उसके तुरंत बाद चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए। संयम लोढ़ा का दावा है कि इस संबंध में न्यायालयों द्वारा पहले ही स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं कि इन चुनावों को किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक बहाने से टाला नहीं जा सकता। अब इसी को आधार बनाते हुए उन्होंने सरकार को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला और चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द नहीं हुआ, तो सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।राजस्थान के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज, प्रशासन पर बढ़ा दबावइस हाई-प्रोफाइल लीगल नोटिस के सामने आने के बाद राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) में सुगबुगाहट तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष बैकफुट पर नजर आ रहा है क्योंकि कानूनी पचड़े में फंसने से चुनाव प्रक्रिया पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी आ सकती है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्थानीय नेता भी इस फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि टिकट के दावेदार लंबे समय से चुनाव बिगुल फूंकने का इंतजार कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:15 pm

बूंदी में रूह कंपा देने वाली हैवानियत! मात्र 50 हजार के कर्ज के लिए कलयुगी माता-पिता ने अपनी ही बेटी को नर्क में धकेला

राजस्थान के बूंदी जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। पैसों की हवस और महज 50 हजार रुपये के मामूली कर्ज को चुकाने के लिए सगे माता-पिता ने ही अपनी मासूम बेटी की जिंदगी को जीते जी नर्क बना दिया। चंद रुपयों की खातिर अपनों द्वारा ही रची गई इस खौफनाक साजिश के कारण वह मासूम पिछले दो साल से लगातार दरिंदगी और शोषण का शिकार हो रही थी। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश और सन्नाटा पसरा हुआ है।चंद रुपयों के कर्ज के बदले मासूम बेटी का सौदायह खौफनाक दास्तां तब शुरू हुई जब बूंदी के इस परिवार ने किसी स्थानीय व्यक्ति से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज न चुका पाने की स्थिति में कलयुगी माता-पिता ने अपनी ममता का गला घोंटते हुए कर्जदाता के सामने अपनी ही बेटी को सौंपने का सौदा कर लिया। आरोपी माता-पिता ने लोकलाज और कानून की परवाह किए बिना अपनी लाडली को उस दरिंदे के हवाले कर दिया, जिसने पिछले 24 महीनों से उसे बंधक जैसी स्थिति में रखकर उसका लगातार शारीरिक और मानसिक शोषण किया।दो साल तक खामोश रहकर नर्क की आग में जलती रही पीड़ितापीड़ित लड़की पिछले दो सालों से इस असहनीय दर्द और जिल्लत को सिर्फ इसलिए सहती रही क्योंकि उसे डराया-धमकाया गया था। अपनों के ही इस घिनौने चेहरे को देखकर वह पूरी तरह टूट चुकी थी और उसे बचाने वाला कोई नहीं था। जब भी वह इस जुल्म का विरोध करने की कोशिश करती, उसे चुप करा दिया जाता था। आखिरकार हिम्मत जुटाकर जब यह मामला पुलिस और स्थानीय बाल कल्याण समिति के संज्ञान में आया, तब जाकर इस पूरे रैकेट और माता-पिता की इस करतूत का पर्दाफाश हो पाया।पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेजइस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले की जानकारी मिलते ही बूंदी जिला पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो (POCSO) एक्ट, मानव तस्करी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मासूम को नर्क में धकेलने वाले कलयुगी माता-पिता और उसका शोषण करने वाले मुख्य आरोपी के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो समाज में नजीर बने। फिलहाल पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू कर काउंसलिंग और मेडिकल के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:14 pm

पंजाब सरकार के एक फैसले से कश्मीरी परिवारों की बढ़ी टेंशन, आखिर क्यों बंद करने पड़े शादियों के कार्ड बांटना

पंजाब सरकार के एक हालिया प्रशासनिक और नीतिगत फैसले ने कश्मीरी परिवारों और वहां के स्थानीय कारोबारियों के बीच अचानक एक बड़ी चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। इस फैसले का जमीनी असर कुछ इस कदर देखा जा रहा है कि कई परिवारों ने अपने घरों में होने वाले मांगलिक कार्यों और शादियों के निमंत्रण पत्र यानी कार्ड बांटने तक पर फिलहाल रोक लगा दी है। शादी-ब्याह के इस सीजन में अचानक आए इस संकट ने घाटी से लेकर पंजाब तक के व्यापारिक और पारिवारिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।इस वजह से कश्मीरी परिवारों के बीच मची है खलबलीदरअसल, पंजाब और कश्मीर के बीच दशकों पुराना व्यापारिक, सामाजिक और पारिवारिक नाता रहा है। पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में अंतरराज्यीय परिवहन, प्रवासन या स्थानीय व्यापारिक नियमों में किए गए कुछ कड़े बदलावों का सीधा असर उन कश्मीरियों पर पड़ा है जो शादियों की खरीदारी, कैटरिंग या लॉजिस्टिक्स के लिए पूरी तरह पंजाब के बाजारों पर निर्भर थे। नियमों के इस नए फेरबदल के कारण ऐन वक्त पर शादियों के बजट और व्यवस्थाओं में बड़ा व्यवधान आ गया है, जिससे लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि तय तारीख पर कार्यक्रम कैसे संपन्न होंगे।शादियों के कार्ड बांटने रोकने पर क्यों मजबूर हुए लोग?कश्मीर में शादियों का आयोजन बेहद भव्य और कई दिनों तक चलने वाला होता है, जिसके लिए महीनों पहले से पंजाब के जालंधर, लुधियाना और अमृतसर जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों से कपड़ों, ड्राई फ्रूट्स के डिब्बों और विशेष उपहारों की बुकिंग की जाती है। पंजाब सरकार के नए आदेशों के बाद सप्लाई चेन प्रभावित होने और परिवहन पर लगी कुछ पाबंदियों के कारण सामान समय पर घाटी नहीं पहुंच पा रहा है। इसी अनिश्चितता को देखते हुए कई कश्मीरी परिवारों ने शादियों के कार्ड बांटने का काम बीच में ही रोक दिया है ताकि तारीखों में होने वाले संभावित बदलाव से बचा जा सके।कश्मीरी कारोबारियों और स्थानीय बाजारों में भी गहराया संकटइस पूरे घटनाक्रम से केवल आम परिवार ही नहीं, बल्कि कश्मीर और पंजाब दोनों जगहों के स्थानीय व्यापारी भी बेहद परेशान हैं। कश्मीरी कपड़ा व्यापारियों, ड्राई फ्रूट सप्लायर्स और वेडिंग प्लानर्स का कहना है कि पंजाब सरकार के इस अप्रत्याशित कदम से करोड़ों रुपये का कारोबार दांव पर लग गया है। दोनों राज्यों के व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और नियमों में ढील देने की मांग की है ताकि आम जनता को इस शादी के सीजन में और ज्यादा मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:12 pm

पंजाब फतह के लिए कांग्रेस ने कसी कमर, दलित वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए चला बड़ा तुरुप का पत्ता

पंजाब विधानसभा चुनावों की उल्टी गिनती शुरू होते ही सत्ता के गलियारों में सियासी हलचल चरम पर पहुंच गई है। राज्य की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने पंजाब के सबसे बड़े और निर्णायक माने जाने वाले दलित वोट बैंक को साधने के लिए एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। पंजाब की राजनीति में दलित मतदाताओं की भूमिका हमेशा से किंगमेकर की रही है, और इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस की नई चुनावी रणनीति विरोधियों की नींद उड़ाने के लिए काफी है।पंजाब की सियासत में क्यों सबसे खास है यह दलित दांव?पंजाब देश का एक ऐसा राज्य है जहां दलित आबादी का प्रतिशत सबसे अधिक है। यहां करीब 32 फीसदी से ज्यादा मतदाता इसी वर्ग से आते हैं। पिछले कुछ चुनावों का इतिहास गवाह रहा है कि जिस भी दल को इस वर्ग का एकमुश्त साथ मिला, सूबे की सत्ता की चाबी उसी के हाथ लगी। कांग्रेस ने इस बार चुनावी कमान और सांगठनिक रणनीतियों में इस वर्ग के कद्दावर चेहरों को आगे करके यह साफ संदेश दे दिया है कि वह अपने इस पारंपरिक वोट बैंक को किसी भी कीमत पर बिखरने नहीं देगी।विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदने के लिए कांग्रेस का नया एक्शन प्लानआम आदमी पार्टी, अकाली दल और भाजपा जैसी विपक्षी पार्टियों द्वारा दलित कार्ड खेले जाने से पहले ही कांग्रेस ने अपनी इस नई सोशल इंजीनियरिंग के जरिए बढ़त बनाने की कोशिश की है। पार्टी के रणनीतिकारों ने न सिर्फ टिकट बंटवारे में इस वर्ग को तरजीह देने का मन बनाया है, बल्कि सरकार और संगठन के शीर्ष स्तर पर भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है। कांग्रेस का यह तुरुप का पत्ता सीधे तौर पर विपक्षी खेमे के उन दावों की हवा निकाल सकता है जो लगातार सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगा रहे थे।जमीन पर चुनावी तैयारियां तेज, आलाकमान खुद रख रहा है नजरदलित वोटरों को साधने के इस बड़े फैसले के साथ ही कांग्रेस ने पंजाब के गांव-गांव और कस्बों में सघन जनसंपर्क अभियान शुरू करने का निर्देश जारी कर दिया है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को एक्टिव किया जा रहा है ताकि इस नए सियासी समीकरण का संदेश हर घर तक पहुंचाया जा सके। दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक बैठकों का दौर जारी है, और खुद आलाकमान पंजाब के इस हाई-स्टेक इलेक्शन के हर एक मूव की सीधे मॉनिटरिंग कर रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस का यह मास्टरस्ट्रोक उसे सत्ता की दहलीज तक दोबारा पहुंचा पाता है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:11 pm

पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस में रार! पद बंटते ही वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी के 'क्रिप्टिक पोस्ट' से मची खलबली

पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस आलाकमान द्वारा पदों की घोषणा करते ही पार्टी के भीतर की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस द्वारा पंजाब चुनावों के लिए महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों और जिम्मेदारियों का बंटवारा किए जाने के तुरंत बाद, पार्टी के बेहद वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी ने सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी (क्रिप्टिक) पोस्ट शेयर कर दिया है। इस पोस्ट के सामने आते ही पंजाब से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक पंडित इसे टिकट बंटवारे और संगठन में अनदेखी से उपजे असंतोष के रूप में देख रहे हैं।पार्टी में पद बंटते ही क्यों तल्ख हुए मनीष तिवारी के सुर?कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब चुनाव अभियान को गति देने के लिए जैसे ही नई कमेटियों और अहम पदों की सूची जारी की, उसमें कई गुटीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई थी। लेकिन ऐसा लगता है कि यह फॉर्मूला पूरी तरह सटीक नहीं बैठा। मनीष तिवारी, जो कांग्रेस के बड़े कद्दावर नेताओं में शुमार हैं और पार्टी के 'जी-23' (G-23) ग्रुप के भी अहम सदस्य रहे हैं, का यह पोस्ट ठीक उसी समय आया जब नए पदाधिकारियों के नामों का ऐलान हुआ। जानकारों का मानना है कि पार्टी के इस फैसले से वरिष्ठ नेताओं का एक धड़ा खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।क्या लिखा है मनीष तिवारी के इस रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट में?मनीष तिवारी ने अपने आधिकारिक हैंडल से जो पोस्ट साझा किया है, उसमें सीधे तौर पर किसी का नाम तो नहीं लिया गया है, लेकिन शब्दों के चयन से साफ है कि उनका निशाना पार्टी के भीतर के ताजा घटनाक्रमों पर ही है। इस तरह के इशारों-इशारों में लिखे गए पोस्ट को राजनीति में बड़े बदलाव या बगावत के संकेत के तौर पर देखा जाता है। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है और विपक्षी दल भी इसे लपककर कांग्रेस की अंदरूनी फूट पर तंज कसने लगे हैं।पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी आलाकमान के लिए बनी बड़ी सिरदर्दीयह कोई पहला मौका नहीं है जब पंजाब कांग्रेस में इस तरह का घमासान देखने को मिला है। चुनावों के ठीक मुहाने पर खड़े राज्य में वरिष्ठ नेताओं की इस तरह की नाराजगी पार्टी की चुनावी संभावनाओं को तगड़ा झटका दे सकती है। एक तरफ जहां जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ मनीष तिवारी जैसे कद्दावर चेहरे का यह रुख साफ करता है कि पंजाब यूनिट के भीतर ऑल इज नॉट वेल। अब देखना यह होगा कि आलाकमान इस डैमेज को कंट्रोल करने के लिए क्या कदम उठाता है या फिर यह असंतोष किसी नए सियासी तूफान का रूप ले लेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:09 pm

आज मानसून मचाएगा जोरदार तांडव! रांची, गुमला समेत झारखंड के 13 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का बड़ा अलर्ट

झारखंड में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है और आज प्रदेश के कई हिस्सों में कुदरत का उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आज राज्य में मानसून के 'तांडव' की आशंका जताई है। राजधानी रांची और गुमला सहित झारखंड के 13 महत्वपूर्ण जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान न सिर्फ मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि तेज रफ्तार हवाओं के साथ भयंकर तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है।इन 13 जिलों में मौसम विभाग का रेड और ऑरेंज अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, जिन 13 जिलों में आज कुदरत का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा, उनमें राजधानी रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा और लातेहार शामिल हैं। इन इलाकों में घने बादलों की आवाजाही के साथ ही मेघ गर्जन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कई जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ खास पॉकेट्स के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने कहा है कि अगले कुछ घंटे इन इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं।तेज तूफान और आसमानी बिजली का डबल खतराइस मानसूनी सिस्टम के कारण केवल बारिश ही नहीं, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं भी मुसीबत बढ़ाएंगी। सबसे बड़ा खतरा आकाशीय बिजली यानी वज्रपात को लेकर जताया गया है, जो झारखंड में अक्सर जानलेवा साबित होती है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ चेतावनी दी है कि जब गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो, तो लोग किसी भी हाल में खुले मैदानों, खेतों या पेड़ों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट के मकानों के अंदर रहना ही इस मौसम में सबसे सुरक्षित उपाय है।स्थानीय प्रशासन मुस्तैद, जलजमाव और ट्रैफिक को लेकर एडवाइजरीलगातार हो रही बारिश के कारण रांची और आसपास के निचले इलाकों में जलजमाव (वाटर लॉगिंग) की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके मद्देनजर स्थानीय जिला प्रशासनों ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रख दिया है। सड़कों पर दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है। किसानों को भी हिदायत दी गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक खेतों में जाने से बचें। इस भारी बारिश से जहां एक तरफ नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ शहरी जनजीवन के भी बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 4:08 pm

श्रीगंगानगर में ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ व्यक्ति की मौत

श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र में चक 3-बी के पास रेल लाइन पर गुरुवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार तड़के राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को पटरी पर एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली। इस पर रेलवे पुलिस […] The post श्रीगंगानगर में ट्रेन की चपेट में आने से अधेड़ व्यक्ति की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 4:04 pm

बिहार: गोपालगंज में फूड प्वाइजनिंग से 10 बच्चों समेत 12 लोग बीमार, फेंसा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत

बिहार के गोपालगंज जिले में फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया है, जहां पारंपरिक व्यंजन 'फेंसा' खाने के बाद एक ही परिवार के 10 बच्चों समेत कुल 12 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले बैकुंठपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

देशबन्धु 2 Jul 2026 3:42 pm

स्कूल के क्लासरूम से लेकर टॉयलेट तक खुद साफ करते हैं जापानी बच्चे! होश उड़ा देंगी जापान के बच्चों की ये 7 अद्भुत आदतें

बदलते दौर में जहां पूरी दुनिया के पैरेंट्स अपने बच्चों को हर सुख-सुविधा देने की होड़ में लगे हैं, वहीं एशिया का एक देश ऐसा भी है जो अपने बच्चों को शुरू से ही आत्मनिर्भर और अनुशासित बनाने पर सबसे ज्यादा ध्यान देता है। हम बात कर रहे हैं टेक्नोलॉजी के बादशाह 'जापान' की। जापानी स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को जो जीवन मूल्य और संस्कार सिखाए जाते हैं, वे वाकई हैरान करने वाले हैं। वहां के स्कूलों में क्लासरूम की सफाई करने के लिए कोई अलग से कर्मचारी नहीं होता, बल्कि बच्चे खुद अपने हाथों से झाड़ू-पोछा लगाते हैं। आइए जानते हैं जापानी बच्चों की उन 7 बेमिसाल आदतों के बारे में, जो उन्हें पूरी दुनिया से अलग और बेहद जिम्मेदार नागरिक बनाती हैं।खुद करते हैं क्लासरूम और स्कूल परिसर की सफाईजापानी स्कूलों में 'ओसॉजी' (Osoji) नाम की एक बेहद खास परंपरा है, जिसके तहत स्कूल की छुट्टी होने से पहले हर दिन बच्चे मिलकर अपने क्लासरूम, गलियारों और यहां तक कि स्कूल के टॉयलेट की भी सफाई खुद करते हैं। इस काम में छोटे बच्चों से लेकर बड़े छात्र तक सभी बराबर योगदान देते हैं। जापानी शिक्षा व्यवस्था का मानना है कि इस आदत से बच्चों के भीतर अहंकार पूरी तरह खत्म हो जाता है और वे सार्वजनिक संपत्ति का सम्मान करना सीखते हैं। यह आदत उन्हें यह भी सिखाती है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है।लंच टाइम में खुद परोसते हैं खाना और सीखते हैं टीम वर्कजापान के स्कूलों में मिड-डे मील या लंच के समय कोई कैंटीन स्टाफ खाना नहीं परोसता। क्लास के बच्चे ही बारी-बारी से एप्रन, कैप और मास्क पहनकर अपने सहपाठियों को खाना परोसते हैं। खाना खाने के बाद सभी बच्चे अपनी प्लेट्स को खुद साफ करते हैं और कचरे को रीसाइक्लिंग के नियमों के अनुसार अलग-अलग डिब्बों में डालते हैं। इस पूरी प्रक्रिया से बच्चों में गजब का टीम वर्क, लीडरशिप क्वालिटी और जिम्मेदारी का अहसास पैदा होता है, जो आगे चलकर उनके करियर में बेहद मददगार साबित होता है।तीसरी कक्षा तक नहीं होती कोई बड़ी परीक्षा, केवल संस्कारों पर जोरजापान की शिक्षा प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वहां बच्चों के शुरुआती तीन सालों तक यानी तीसरी कक्षा (लगभग 10 साल की उम्र) तक कोई कठिन लिखित परीक्षा नहीं ली जाती। इन शुरुआती सालों में बच्चों के रिपोर्ट कार्ड या नंबरों पर ध्यान देने के बजाय उनके चरित्र निर्माण, अच्छे व्यवहार, पशु-पक्षियों के प्रति प्रेम, उदारता और बड़ों का सम्मान करने जैसे नैतिक मूल्यों को विकसित करने पर पूरा जोर दिया जाता है। यही वजह है कि जापानी समाज पूरी दुनिया में अपनी शालीनता के लिए जाना जाता है।खुद अकेले स्कूल जाते हैं छोटे बच्चे, आत्मनिर्भरता की बेहतरीन मिसालजापान के स्थानीय शहरों और कस्बों में आपको बहुत छोटे-छोटे बच्चे भी अकेले या अपने दोस्तों के ग्रुप के साथ पैदल स्कूल जाते हुए दिख जाएंगे। वहां पैरेंट्स बच्चों को स्कूल छोड़ने या लेने नहीं जाते और न ही कोई लग्जरी गाड़ियां इस्तेमाल होती हैं। पूरा जापानी समाज बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहता है, जिससे बच्चे बहुत कम उम्र से ही आत्मनिर्भर, साहसी और स्वतंत्र बनना सीख जाते हैं। वे रास्ते के ट्रैफिक नियमों का भी पूरी कड़ाई से पालन करते हैं।समय के पाबंद और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का सम्मानजापान में समय की पाबंदी को भगवान की तरह पूजा जाता है और यह आदत बच्चों को बचपन से ही लग जाती है। स्कूल की बस हो, लोकल ट्रेन हो या क्लासरूम की घंटी— जापानी बच्चे कभी लेट नहीं होते। इसके साथ ही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते समय वे बेहद शांत रहते हैं। मेट्रो या बस में सफर के दौरान जापानी बच्चे कभी शोर-शराबा नहीं करते और न ही दूसरों को परेशान करते हैं, बल्कि वे चुपचाप किताबें पढ़ना या अनुशासन में बैठना पसंद करते हैं।कचरा प्रबंधन और पर्यावरण के प्रति गजब की जागरूकताजापानी बच्चों को स्कूल के पहले दिन से ही पर्यावरण को बचाने और कचरे को सही तरीके से डिस्पोज करने की ट्रेनिंग दी जाती है। वे कभी भी सड़कों या पार्कों में रैपर्स या खाली बोतलें नहीं फेंकते। अगर आसपास कोई डस्टबिन न हो, तो वे उस कचरे को अपने बैग में रख लेते हैं और घर जाकर ही उसे डस्टबिन में डालते हैं। प्रकृति के प्रति उनका यह जुड़ाव और जागरूकता ही जापान को दुनिया के सबसे साफ-सुथरे देशों की लिस्ट में शुमार करती है।कृतज्ञता की भावना और 'अरिगातो' कहना कभी नहीं भूलतेजापानी बच्चों की डिक्शनरी में धन्यवाद (अरिगातो गोजाईमासु) और माफी (सुमिमासेन) जैसे शब्द सबसे ऊपर होते हैं। वे अपने शिक्षकों, स्कूल के बस ड्राइवरों, खाना बनाने वालों और प्रकृति के प्रति हर पल कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। भोजन शुरू करने से पहले वे 'इतादाकिमासु' कहते हैं, जिसका अर्थ है कि वे इस भोजन को देने वाले सभी लोगों का आभार मानते हैं। यह विनम्रता और कृतज्ञता की आदत उन्हें एक बेहतरीन और संवेदनशील इंसान बनाती है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:37 pm

यूपी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बंपर भर्ती! 12वीं पास महिलाओं को बिना परीक्षा सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रही महिलाओं के लिए एक बहुत बड़ी और बेहद शानदार खुशखबरी सामने आ रही है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा यूपी आंगनवाड़ी भर्ती 2026 (UP Anganwadi Bharti) की प्रक्रिया को बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया गया है। इस भर्ती अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में हजारों पदों पर योग्य महिला उम्मीदवारों की नियुक्तियां की जाएंगी। इस वैकेंसी की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसके लिए उम्मीदवारों को किसी भी तरह की लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी, बल्कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट के आधार पर पूरा किया जाएगा।शैक्षणिक योग्यता और उम्र सीमा का पूरा विवरणइस भर्ती में शामिल होने के लिए विभाग ने बेहद सरल और सुलभ योग्यता मानदंड तय किए हैं। यूपी आंगनवाड़ी भर्ती के लिए आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवारों का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है। वहीं अगर आयु सीमा की बात करें, तो इसके लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 35 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग की स्थानीय महिलाओं को शासन के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की महिलाओं को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर मिलेगा।बिना परीक्षा के सीधी भर्ती और मेरिट लिस्ट तैयार होने का फॉर्मूलाउत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत आवेदकों को बिना किसी परीक्षा के सीधे सरकारी तंत्र का हिस्सा बनने का मौका मिल रहा है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से शैक्षणिक योग्यता के अंकों पर आधारित होगी। उम्मीदवारों द्वारा 10वीं और 12वीं कक्षा में प्राप्त किए गए अंकों के प्रतिशत के आधार पर एक विस्तृत जिलावार मेरिट लिस्ट (Merit List) तैयार की जाएगी। इस मेरिट सूची के आधार पर ही योग्य उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इस व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और योग्य महिलाओं को बिना किसी मानसिक तनाव के नौकरी मिल सकेगी।स्थानीय स्तर पर महिलाओं को प्राथमिकता और जिलों में आवेदन की प्रक्रियाइस भर्ती में जियोग्राफिकल यानी लोकल ऑप्टिमाइजेशन का विशेष ख्याल रखा गया है। नियमों के मुताबिक, जिस ग्राम सभा, वार्ड या न्याय पंचायत में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या सहायिका का पद खाली है, उसी स्थानीय क्षेत्र की स्थायी निवासी महिला को चयन में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ, आगरा और प्रयागराज सहित यूपी के सभी 75 जिलों की इच्छुक महिलाएं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से अपना फॉर्म भर सकती हैं। स्थानीय स्तर पर इस रोजगार के आने से ग्रामीण इलाकों की महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण तेजी से होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:35 pm

CS-मैकेनिकल का जमाना गया! आईआईटी ने शुरू किए 10 धांसू न्यू-एज बीटेक कोर्स

देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों यानी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई को लेकर एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है। अगर आप भी अब तक कंप्यूटर साइंस (CS) या मैकेनिकल इंजीनियरिंग को ही सबसे बेस्ट करियर ऑप्शन मान रहे थे, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है। बदलती दुनिया और आधुनिक इंडस्ट्री की जरूरतों को देखते हुए विभिन्न आईआईटी संस्थानों ने 10 ऐसे धांसू और न्यू-एज बीटेक कोर्स (New-Age BTech Courses) शुरू किए हैं, जिनकी ग्लोबल मार्केट में भारी डिमांड है। इन कोर्सेज को पूरा करते ही छात्रों को देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से लाखों-करोड़ों रुपये के सालाना पैकेज के जॉब ऑफर्स मिल रहे हैं।पारंपरिक इंजीनियरिंग से आगे की सोच और नए जमाने के हाई-टेक कोर्सतकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा साइंस के आने के बाद अब पुरानी स्ट्रीम्स की चमक थोड़ी फीकी पड़ने लगी है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी मद्रास और आईआईटी कानपुर जैसे शीर्ष संस्थानों ने अपने करिकुलम को पूरी तरह अपग्रेड किया है। नए शुरू किए गए इन 10 पाठ्यक्रमों में डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम इंजीनियरिंग, सस्टेनेबल एनर्जी, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन, साइबर सिक्योरिटी और मैटेरियल्स साइंस जैसे अत्याधुनिक विषय शामिल हैं। ये कोर्स छात्रों को सीधे तौर पर उन स्किल्स से लैस करते हैं जिनकी तलाश आज की गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला जैसी दिग्गज टेक कंपनियों को है।लाखों की सैलरी और देश-विदेश के जॉब मार्केट में बंपर डिमांडइन न्यू-एज कोर्सेज की सबसे बड़ी खासियत इनका प्लेसमेंट रिकॉर्ड है। शुरुआती बैच के डेटा को देखें तो इन इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (Emerging Technologies) से बीटेक करने वाले छात्रों को पारंपरिक कंप्यूटर साइंस के मुकाबले कई गुना बेहतर और आकर्षक पैकेज मिल रहे हैं। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दशक में इन सेक्टर्स में प्रोफेशनल्स की भारी कमी होने वाली है, जिसके कारण इन क्षेत्रों के ग्रेजुएट्स की शुरुआती सैलरी ही लाखों रुपये से शुरू हो रही है। यदि कोई छात्र इन अत्याधुनिक स्ट्रीम्स में अपनी पढ़ाई पूरी करता है, तो उसे कैंपस प्लेसमेंट के दौरान ही बेहतरीन डोमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑफर्स मिल रहे हैं।स्थानीय स्तर पर छात्रों के बीच भारी क्रेज और एडमिशन का नया ट्रेंडआईआईटी के इस कदम के बाद कोटा, दिल्ली, पटना, हैदराबाद और लखनऊ जैसे बड़े एजुकेशनल हब्स में कोचिंग कर रहे जेईई (JEE Advanced) के छात्रों के बीच इन नए कोर्सेज को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब छात्र केवल सीएस या आईटी ब्रांच के पीछे भागने के बजाय इन स्पेशलाइज्ड कोर्सेज को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं। स्थानीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया ट्रेंड भारतीय शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाएगा। इन कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए छात्रों को जेईई एडवांस्ड की परीक्षा में बेहतरीन रैंक लानी होती है, जिसके बाद काउंसलिंग के जरिए वे अपनी पसंदीदा न्यू-एज स्ट्रीम चुन सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:34 pm

हरियाणा में बनेगा एक और गुरुग्राम! अब इस जिले में 1200 एकड़ पर बसने जा रहा है बेहद आधुनिक नया शहर

हरियाणा के रियल एस्टेट और शहरी विकास के क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और धमाकेदार खुशखबरी सामने आ रही है। साइबर सिटी गुरुग्राम की तर्ज पर अब राज्य सरकार एक और बेहद शानदार और आधुनिक नया शहर बसाने की महायोजना पर काम शुरू कर चुकी है। लगभग 1200 एकड़ की विशाल भूमि पर तैयार होने वाले इस नए शहर के प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है, जिससे दिल्ली-एनसीआर से सटे इस खास जिले की किस्मत पूरी तरह चमकने वाली है। इस मेगा प्रोजेक्ट के आने से न केवल विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।गुरुग्राम-फरीदाबाद के बाद अब इस जिले की पलटेगी कायापलटहरियाणा सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत इस नए शहर को पूरी तरह से स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, गुरुग्राम के बाद अब सोनीपत-पानीपत बेल्ट या नूंह-पलवल से सटे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले को इस बड़े बदलाव के लिए चुना गया है, जो सीधे तौर पर केएमपी (कुण्डली-मानेसर-पलवल) एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के करीब स्थित है। इस नए शहर में चौड़ी सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी टनल, बड़े पार्क और कमर्शियल हब बनाए जाएंगे, जिससे यह इलाका आने वाले दिनों में देश के बड़े कॉरपोरेट घरानों और निवेशकों के लिए पहली पसंद बन जाएगा।1200 एकड़ में दिखेगी जापानी और यूरोपीय शैली की टाउनशिपइस नए शहर की सबसे बड़ी खासियत इसकी अत्याधुनिक प्लानिंग होगी। करीब 1200 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल जोन को पूरी तरह से अलग और व्यवस्थित रखा जाएगा। शहर के भीतर ही बड़े-बड़े आईटी पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स के लिए जमीन आरक्षित की गई है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस टाउनशिप में बड़े पैमाने पर ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रदूषण की समस्या न हो। सरकार का लक्ष्य है कि इस नए शहर को इस तरह डिजाइन किया जाए कि यह भविष्य की सभी आधुनिक जरूरतों को पूरा कर सके।जमीन के दामों में आएगा भारी उछाल और रोजगार की लगेगी झड़ीइस नए शहर के बसने की खबर के बाद से ही संबंधित जिले और उसके आसपास के गांवों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय प्रॉपर्टी बाजार में अभी से हलचल तेज हो गई है। इस प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से निर्माण क्षेत्र, आईटी सेक्टर और सर्विस इंडस्ट्री में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। हरियाणा के स्थानीय युवाओं के लिए यह योजना एक बड़ा वरदान साबित होने वाली है क्योंकि उन्हें रोजगार के लिए दिल्ली या गुरुग्राम का रुख नहीं करना पड़ेगा और उनके अपने ही जिले की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:33 pm

32 साल की लिव-इन पार्टनर की बेरहमी से हत्या, वारदात के बाद खुद थाने पहुंचा 28 वर्षीय प्रेमी

देश की आर्थिक राजधानी के नजदीकी इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 28 साल के युवक ने अपनी 32 वर्षीय लिव-इन पार्टनर प्रेमिका की बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी प्रेमी को कोई पछतावा नहीं था, बल्कि वह खुद चलकर सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंच गया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने जब उसने अपना जुर्म कबूला, तो वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया। आरोपी ने पुलिस के सामने हत्या की जो वजह बताई है, उसने इस पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है।शक का ऐसा खूनी अंजाम और थाने में आरोपी का बड़ा सरेंडरपुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, 28 वर्षीय आरोपी प्रेमी और उसकी 32 साल की पार्टनर पूजा पिछले काफी समय से एक साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पूजा के व्यवहार में काफी बदलाव आ गया था। उसे शक था कि पूजा किसी अन्य युवक के लगातार संपर्क में थी और उससे छिपकर बातें करती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर तीखी बहस और झगड़े होने लगे थे। वारदात की रात भी इसी मुद्दे पर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर पूजा की जान ले ली।किसी अन्य युवक के संपर्क में होने की बात पर भड़का गुस्साआरोपी ने पुलिसिया पूछताछ में कबूल किया कि वह पूजा के किसी दूसरे लड़के से बात करने की आदत से बेहद परेशान था। उसने कई बार पूजा को उस युवक से दूर रहने की चेतावनी भी दी थी। घटना वाली रात जब पूजा अपने मोबाइल पर व्यस्त थी, तो आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने तैश में आकर पूजा पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घबराने के बजाय सीधे लोकल पुलिस स्टेशन गया और वहां जाकर ऑन-ड्यूटी पुलिस ऑफिसर से बोला कि उसने पूजा को मार डाला है क्योंकि वह किसी और के संपर्क में थी।स्थानीय इलाके में भारी सनसनी और पुलिस की फॉरेंसिक जांच तेजइस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री के सामने आने के बाद स्थानीय रिहायशी इलाके में भारी सनसनी और डर का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतका पूजा के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही वारदात वाली जगह से फॉरेंसिक साक्ष्य, खून के नमूने और दोनों के मोबाइल फोन को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और चैट हिस्ट्री खंगाल रही है ताकि आरोपी के दावों की सच्चाई का पता लगाया जा सके और इस अंधे कत्ल की पूरी कड़ियों को कानूनी रूप से जोड़ा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:31 pm

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा, सीएम डॉ. मोहन यादव बोले- संगठन को मिली मजबूती

मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण हो गया है। इस अवसर पर शुभकामनाएं देकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके कार्यकाल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन को नई मजबूती मिली है ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 3:28 pm

यूपी में समय से पहले होंगे विधानसभा चुनाव? इन 2 बड़े कारणों से राजनीतिक गलियारों में मची भारी हलचल

उत्तर प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। लखनऊ के सियासी गलियारों में यह सुगबुगाहट बेहद तेज हो गई है कि क्या उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अपने तय समय से पहले कराए जा सकते हैं। इस कयासबाजी ने सूबे के सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। अमूमन निर्धारित समय पर चुनाव देखने वाले उत्तर प्रदेश में आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि प्री-मैच्योर इलेक्शन (समय से पहले चुनाव) की चर्चाएं शुरू हो गई हैं? राजनीतिक विश्लेषकों और अंदरूनी सूत्रों की मानें तो इसके पीछे 2 बेहद मुख्य और ठोस वजहें सामने आ रही हैं।पहली वजह: समय से पहले बड़े फैसलों की झड़ी और प्रशासनिक फेरबदल का दौरपहली बड़ी वजह शासन और प्रशासन के स्तर पर अचानक बढ़ी तेज हलचल को माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल के दिनों में जिस तेजी से बड़े विकास कार्यों को मंजूरी दी जा रही है, जनता से जुड़े लोक-लुभावन फैसले लिए जा रहे हैं और बड़े पैमाने पर आईएएस-आईपीएस (IAS-IPS) अफसरों के तबादले किए जा रहे हैं, वह किसी बड़े राजनीतिक कदम का साफ इशारा है। आमतौर पर ऐसी प्रशासनिक मुस्तैदी और योजनाओं का ताबड़तोड़ लोकार्पण चुनाव बेहद नजदीक आने पर ही देखा जाता है। जमीनी स्तर पर फीडबैक मैकेनिज्म को मजबूत करना और जिला स्तर पर अधिकारियों को कड़े निर्देश देना इस अटकल को और ज्यादा हवा दे रहा है।दूसरी वजह: राजनीतिक दलों की अंदरूनी रणनीति और समय से पहले गठबंधन का महाप्लानदूसरी सबसे महत्वपूर्ण वजह राजनीतिक दलों की आंतरिक संगठन और चुनावी मोड की तैयारियां हैं। सत्ताधारी दल से लेकर मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तक, सभी ने बहुत पहले से ही बूथ स्तर पर अपनी कमेटियों को एक्टिव कर दिया है और उम्मीदवारों के चयन की आंतरिक प्रक्रिया को गति दे दी है। इसके साथ ही, दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व की लखनऊ में बढ़ती दिलचस्पी और लगातार हो रही हाई-लेवल मीटिंग्स से यह संकेत मिल रहे हैं कि सभी दल किसी भी आकस्मिक परिस्थिति या समय से पहले होने वाले चुनावी शंखनाद के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखना चाहते हैं ताकि विपक्ष को संभलने का मौका न मिले।लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा हाई, क्या है इन अटकलों का जमीनी सचइन दो बड़ी वजहों के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, पश्चिम यूपी, अवध और बुंदेलखंड जैसे तमाम स्थानीय क्षेत्रों में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। स्थानीय नेता और कार्यकर्ता अभी से जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करने में जुट गए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक चुनाव आयोग या सरकार की तरफ से समय से पहले चुनाव कराने को लेकर कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन लोकतंत्र के इस सबसे बड़े सूबे में उड़ रही इन अटकलों ने यूपी की राजनीति को पूरी तरह से गरमा दिया है और हर कोई अब अगले राजनीतिक कदम का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:27 pm

यूपी चुनाव 2027 से पहले राहुल गांधी का बड़ा दांव, अखिलेश यादव को दिया खास भरोसा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सूबे की सियासत में अभी से बड़ी हलचल शुरू हो गई है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के भविष्य को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर अब खुद राहुल गांधी ने पूर्णविराम लगा दिया है। कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को स्पष्ट रूप से भरोसा दिया है कि आगामी यूपी चुनाव 2027 में दोनों पार्टियों का यह मजबूत गठबंधन पूरी तरह बरकरार रहेगा। इस बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के एक नेता के हालिया विवादित बयान से पैदा हुई कड़वाहट को दूर करने की भी पुरजोर कोशिश की है।राजेंद्र पाल गौतम के बयान से मचे सियासी घमासान को किनारे लगाने की हिदायतदरअसल, पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम के एक बयान के बाद सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी स्तर पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई थी। इस बयान को लेकर भाजपा भी विपक्षी एकजुटता पर लगातार सवाल उठा रही थी। इसी सियासी तनाव को खत्म करने के लिए राहुल गांधी ने अखिलेश यादव से संपर्क साधा और साफ लफ्जों में कहा कि वे राजेंद्र पाल गौतम के उस बयान को पूरी तरह 'इग्नोर' यानी नजरअंदाज करें। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वह बयान नेता की व्यक्तिगत राय हो सकती है, लेकिन गठबंधन की आधिकारिक नीति और सोच केवल शीर्ष नेतृत्व के फैसलों से तय होती है।यूपी 2027 फतह करने के लिए सपा-कांग्रेस का महाप्लान और सीट शेयरिंग की नींवइस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद दोनों ही दलों के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अब सीट शेयरिंग और चुनावी रणनीति को लेकर आपसी तालमेल और बेहतर होगा। लोकसभा चुनाव में मिले शानदार नतीजों से उत्साहित दोनों दल उत्तर प्रदेश की सत्ता से भाजपा को बेदखल करने के लिए एक साझा मिनिमम प्रोग्राम पर काम कर रहे हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव का मानना है कि अगर दोनों पार्टियों के वोट बैंक का बिखराव नहीं हुआ, तो साल 2027 में उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। दोनों नेता बहुत जल्द लखनऊ में एक साझा मंच भी साझा कर सकते हैं।उत्तर प्रदेश के स्थानीय समीकरणों और जमीनी कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचारराहुल गांधी के इस सकारात्मक संदेश के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, पश्चिम यूपी, बुंदेलखंड और अवध क्षेत्र के स्थानीय सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं में एक नया जोश देखने को मिल रहा है। लखनऊ के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा आम है कि दोनों पार्टियां अब जिला स्तर पर समन्वय समितियां बनाने की तैयारी में हैं ताकि किसी भी स्थानीय विवाद को समय रहते सुलझाया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का अखिलेश यादव को यह सीधा भरोसा गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान को शांत करने और आगामी चुनावों में मिलकर लड़ने के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:25 pm

फर्जी शादी कर कुंवारों को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश; पति-पत्नी समेत 3 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने एक फर्जी शादी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लोगों को निशाना बनाकर फर्जी शादियां करवाता था और उनसे बड़ी रकम ठगता था।

देशबन्धु 2 Jul 2026 3:25 pm

मधुमिता शुक्ला के बाद अब निधि पर बम से हमला! अमरमणि त्रिपाठी पर लगा सनसनीखेज आरोप

उत्तर प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख देने वाले बहुचर्चित मधुमिता शुक्ला हत्याकांड की आग एक बार फिर सुलग उठी है। दिवंगत कवयित्री मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला ने आरोप लगाया है कि उनकी जान को गंभीर खतरा है और उन पर हाल ही में बम से जानलेवा हमला किया गया है। निधि शुक्ला ने खुलेआम इस पूरे घटनाक्रम और खुद पर लगातार हो रहे हमलों के पीछे उत्तर प्रदेश के पूर्व बाहुबली नेता अमरमणि त्रिपाठी को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया है। इस गंभीर आरोप के बाद यूपी के सियासी और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।पहले बहन की हत्या, फिर फायरिंग और अब बमबाजी का खौफनाक चक्रव्यूहनिधि शुक्ला ने मीडिया के सामने बेहद भावुक और आक्रोशित अंदाज में अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने कहा कि न्याय की लड़ाई लड़ने की सजा उन्हें और उनके परिवार को लगातार भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले उनकी बहन मधुमिता शुक्ला की बेरहमी से हत्या कर दी गई, उसके बाद अदालती कार्रवाई और गवाही के दौरान उन पर कई बार ताबड़तोड़ फायरिंग कराई गई और अब बात बम से हमले तक पहुंच गई है। निधि का दावा है कि यह सब उन्हें डराने और कानूनी लड़ाई से पीछे हटने के लिए मजबूर करने की एक सोची-समझी क्रूर साजिश है।बाहुबली अमरमणि त्रिपाठी पर सीधा निशाना और प्रशासन की चुप्पी पर सवालइस मामले में निधि शुक्ला ने सीधे तौर पर पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का नाम लेते हुए कहा कि जेल से बाहर आने के बाद बाहुबली का आतंक और ज्यादा बढ़ गया है। उनका आरोप है कि अमरमणि और उनके गुर्गे लगातार उनके घर के आसपास रेकी कर रहे हैं और उन पर दबाव बना रहे हैं। निधि ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार गुहार लगाने और सुरक्षा की मांग करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जा रही है, जिससे हमलावरों के हौसले बुलंद हैं।यूपी में लॉ एंड ऑर्डर को चुनौती और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा की मांगनिधि शुक्ला पर हुए इस कथित हमले और संगीन आरोपों के बाद स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। पुलिस की एक विशेष टीम मामले की जांच और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुट गई है। चूंकि यह मामला बेहद हाई-प्रोफाइल है और सीधे तौर पर एक बड़े राजनीतिक परिवार से जुड़ा है, इसलिए पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। दूसरी तरफ, निधि शुक्ला ने साफ कर दिया है कि वे इन हमलों से डरने वाली नहीं हैं और अपनी बहन को इंसाफ दिलाने की लड़ाई को आखिरी सांस तक जारी रखेंगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:24 pm

दिल्ली दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, खुफिया एजेंसियों ने दबोचे ISI मॉड्यूल के 4 खतरनाक संदिग्ध

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर बड़े आतंकी हमले की साजिश से बाल-बाल बची है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक बड़े ज्वाइंट ऑपरेशन में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) समर्थित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 4 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। इन संदिग्धों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये आतंकवादी दिल्ली-एनसीआर के कई वीवीआईपी (VVIP) इलाकों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की फिराक में थे।त्योहारों और अहम मौकों से पहले राजधानी में बड़े धमाकों की थी प्लानिंगगिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, सीमा पार बैठे आकाओं के इशारे पर इन आतंकियों को दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में लोन-वुल्फ अटैक (Lone-Wolf Attack) या फिर सिलसिलेवार बम धमाके करने का टास्क दिया गया था। आईएसआई का मकसद देश की राजधानी में दहशत का माहौल पैदा करना और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना था। इनके कब्जे से बरामद किए गए डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन से कुछ संवेदनशील नक्शे और जीपीएस लोकेशन भी मिली हैं, जिन्हें इन्होंने अपने हैंडलर्स के साथ शेयर किया था।दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल का बड़ा खुफिया ऑपरेशन और सटीक रेडइस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई दिनों से जाल बिछा रखा था। टेक्निकल सर्विलांस और लोकल इनपुट के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के उत्तर-पूर्वी और मध्य जिलों के संदिग्ध ठिकानों पर देर रात एक साथ छापेमारी की। सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते इन संदिग्धों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और इन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया। पुलिस अब इन चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके स्थानीय मददगारों (Sleeper Cells) और देश के अन्य हिस्सों में फैले उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।दिल्ली-एनसीआर में हाई अलर्ट और स्थानीय इलाकों में सुरक्षा सख्तइस बड़ी कामयाबी के बाद पूरी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। विशेष रूप से दिल्ली के सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और मेट्रो स्टेशनों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने स्थानीय नागरिकों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWA) से भी अपील की है कि वे अपने इलाकों में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट्स को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते टाला जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Jul 2026 3:21 pm

बेंगलूरु की पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत

बेंगलूरु। कर्नाटक के बेंगलूरु दक्षिण तालुक में गुरुवार सुबह एक पत्थर की खदान में विशाल चट्टान गिरने से बिहार के सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में खुदाई कार्य के दौरान लापरवाही की आशंका जताई गई है। यह हादसा मडापट्टना स्थित कावेरी कंपनी की स्टोन क्रशर […] The post बेंगलूरु की पत्थर खदान में चट्टान गिरने से बिहार के 7 मजदूरों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 2:47 pm

PM Modi ने सनाए तकाइची को बताया 'छोटी बहन', भारत-जापान के बीच AI और सेमीकंडक्टर समेत कई बड़े समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची (Sanae Takaichi) को अपनी छोटी बहन बताया। उन्होंने कहा कि तकाइची की पहली भारत यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं और एक दूरदर्शी और ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 2:46 pm

पंजाब कांग्रेस में जिम्मेदारी न मिलने पर मनीष तिवारी का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर साझा किया भावनात्मक पोस्ट

नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न संगठनात्मक और चुनावी समितियों के गठन के बाद चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का दर्द सोशल मीडिया पर छलकता नजर आया। पंजाब कांग्रेस की नई कमेटियों की घोषणा के बाद तिवारी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए लिखा […] The post पंजाब कांग्रेस में जिम्मेदारी न मिलने पर मनीष तिवारी का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर साझा किया भावनात्मक पोस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 2 Jul 2026 2:41 pm

राम मंदिर ट्रस्ट में कौन-कौन शामिल हैं? जानिए सभी सदस्यों के नाम और उनके अधिकार

Ram Mandir Trust Rules & Members: जानिए अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) में कितने सदस्य हैं, कौन हैं सबसे ताकतवर IAS अधिकारी और क्या हैं उनके अधिकार। पूरी सूची यहां देखें।

वेब दुनिया 2 Jul 2026 2:40 pm

सेवा भारती समेत 72 एनजीओ को विदेशी चंदे की मंजूरी, नियमों में सख्ती के बीच नई सूची जारी

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इन संगठनों को अलग-अलग सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक और आर्थिक श्रेणियों के तहत विदेशी फंडिंग प्राप्त करने की अनुमति दी गई है। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े कुछ संगठनों सहित कई प्रमुख एनजीओ शामिल हैं।

देशबन्धु 2 Jul 2026 2:35 pm

दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का एलान, जानें क्या है सीट के सियासी समीकरण?

मध्यप्रदेश की हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट दतिया पर चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा। वहीं 3 अगस्त को चुनाव नतीजें आएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली की एमपी-एमएलए कोर्ट ...

वेब दुनिया 2 Jul 2026 2:30 pm