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मृत यात्री के पास से ट्रेन टिकट नहीं मिलने पर मुआवजा मिलेगा या नहीं? SC ने गुजरात हाईकोर्ट का फैसला किया खारिज

क्या किसी रेल यात्री की हादसे में मौत के बाद उसके पास ट्रेन टिकट नहीं मिलने से मुआवजे का दावा खारिज किया जा सकता? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के आदेश को सही ठहराया है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 2:04 pm

42 लाख कैश, 23 किलो सोना और बैंक में लूट... अब SIT करेगी जांच

जमशेदपुर के बैंक में हुई करोड़ों की डकैती के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. वारदात के खुलासे के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है. पुलिस के मुताबिक, बैंक से करीब 42 लाख रुपये कैश और करीब 23 किलो सोना लूटा गया. CCTV फुटेज के आधार पर पांच संदिग्ध अपराधियों की पहचान की कोशिश की जा रही है.

आज तक 26 Sep 2026 1:56 pm

बिहार में एक और जमुई जैसा कांड... किशनगंज में युवती से बदसलूकी, VIDEO

किशनगंज में एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें युवकों का एक समूह एक युवती के साथ मारपीट और जबरन पूछताछ करता दिख रहा है. वीडियो 5 महीने पुराना बताया जा रहा है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.

आज तक 26 Sep 2026 1:51 pm

नौकरों को बनाया 'मालिक'... 700 करोड़ के घोटाले में राजीव रंगीला गिरफ्तार

दिल्ली में करीब 700 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच ने राजीव रंगीला को गिरफ्तार किया है. रंगीला पर फर्जी कंपनियां बनाकर खरीद प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप है.

आज तक 26 Sep 2026 1:49 pm

मारा गया करणबीर, अमृतसर में ASI जसवंत सिंह पर की थी फायरिंग

अमृतसर जिले में 11 सितंबर को ASI जसवंत सिंह पर हमला हुआ था. इसके बाद पुलिस ने आरोपी करणबीर को पकड़ा लेकिन वो हिरासत से फरार हो गया था. इसके बाद से उसकी तलाश की जा रही थी. शनिवार को पुलिस ने उसको मुठभेड़ में मार गिराया है.

आज तक 26 Sep 2026 1:39 pm

SC/ST सांसदों को संसद में बोलने का ज्यादा समय मिले, भाजपा के सहयोगी ने कर दी मांग

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने SC-ST सांसदों को संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान ज्यादा बोलने का समय देने की मांग की है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी करने का आग्रह किया।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 1:38 pm

'ये सबसे घटिया डिस था', मनोज तिवारी की बेटी की सलमान ने लगाई क्लास

अभिनेता सलमान खान इन दिनों 'बिग बॉस-20' में होस्ट के तौर पर नजर आ रहे हैं। आगामी 'वीकेंड के वार' में सलमान खान को कंटेस्टेंट रिति तिवारी को हालिया एपिसोड में लाइन क्रॉस करने पर फटकार लगाते देखा जाएगा।

खास खबर 26 Sep 2026 1:37 pm

अगर प्लेइंग 11 से बाहर हुए कप्तान शुभमन गिल, तो कौन संभालेगा टीम इंडिया की कमान

भारतीय क्रिकेट टीम के फैंस के लिए इस समय एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने क्रिकेट गलियारों में हलचल मचा दी है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जाने वाले आगामी रोमांचक सीरीज के पहले वनडे मुकाबले (IND vs WI 1st ODI) से ठीक पहले टीम के कप्तान और स्टार सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubman Gill) की प्लेइंग 11 में खेलने को लेकर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। क्रिकेट जगत में चर्चाएं इस बात की तेज हो गई हैं कि यदि किसी अनचाहे कारणों या चोट (Injury) के चलते शुभमन गिल पहले एकदिवसीय मुकाबले की अंतिम एकादश से बाहर होते हैं, तो टीम इंडिया की कमान कौन संभालेगा और उनकी जगह पारी की शुरुआत करने के लिए किस युवा खिलाड़ी को मैदान पर उतारा जाएगा। इस परिस्थिति में सबसे बड़ा नाम जो सामने आ रहा है, वह युवा विस्फोटक ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) का है, जिनकी किस्मत चमकने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ता आगामी विश्व कप और द्विपक्षीय सीरीज को ध्यान में रखते हुए किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं, जिसके चलते अंतिम समय में टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है पूरा समीकरण, शुभमन गिल के बाहर होने की अटकलों के पीछे की असली वजह क्या है और अगर वे नहीं खेलते हैं तो टीम की बागडोर किसके हाथों में सौंपी जा सकती है।भारतीय क्रिकेट टीम जब भी मैदान पर उतरती है, तो करोड़ों देशवासियों की निगाहें टीम की प्लेइंग 11 और कप्तान के फैसलों पर टिकी होती हैं। हाल ही में समाप्त हुए व्यस्त दौरों और लगातार क्रिकेट खेलने के कारण खिलाड़ियों के वर्कलोड (Workload Management) को मैनेज करना मुख्य कोच और चयनकर्ताओं के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, उन्होंने खेल प्रेमियों को थोड़ा चिंतित जरूर कर दिया है। हालांकि, टीम प्रबंधन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अंदरखाने चल रही चर्चाओं के मुताबिक यदि गिल मैच से पहले पूरी तरह फिट महसूस नहीं करते हैं, तो टीम कोई भी जल्दबाजी दिखाने के मूड में नहीं है। ऐसे में कमान संभालने की जिम्मेदारी किसी अनुभवी उप-कप्तान या सीनियर खिलाड़ी को दी जा सकती है, जबकि बेंच पर बैठे युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा मौका मिल सकता है। आइए जानते हैं कि इस संभावित बदलाव से टीम के संयोजन पर क्या असर पड़ेगा।अगर शुभमन गिल हुए बाहर, तो कौन संभालेगा टीम इंडिया की कमान?यदि किसी कारणवश कप्तान शुभमन गिल पहले वनडे मैच की प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बन पाते हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि मैदान पर टीम का नेतृत्व कौन करेगा। भारतीय टीम के पास इस समय कुछ ऐसे विकल्प मौजूद हैं जो कप्तानी का दबाव बखूबी संभाल सकते हैं। उप-कप्तान या टीम में मौजूद सीनियर खिलाड़ियों में से किसी एक को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जो मैदान पर रणनीतिक फैसले लेने में माहिर हैं। टीम प्रबंधन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कप्तानी बदलने से टीम के मनोबल पर कोई असर न पड़े और युवा खिलाड़ियों के साथ तालमेल बेहतरीन बना रहे। इस नेतृत्व परिवर्तन से टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल और रणनीति कैसे प्रभावित होगी, इस पर क्रिकेट विशेषज्ञों की पैनी नजर बनी हुई है।यशस्वी जायसवाल की खुलेगी किस्मत, ओपनिंग में मिलेगा बड़ा मौकाशुभमन गिल के संभावित रूप से बाहर होने की स्थिति में सबसे बड़ा फायदा युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल को मिलने की पूरी उम्मीद है। टेस्ट और टी20 फॉर्मेट में अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी से दुनिया भर के गेंदबाजों के होश उड़ाने वाले यशस्वी जायसवाल लंबे समय से वनडे टीम में अपनी स्थाई जगह बनाने के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर वे पहले वनडे में ओपनिंग करने उतरते हैं, तो यह उनके वनडे करियर के लिए एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है। फैंस भी यह देखने के लिए बेताब हैं कि क्या यशस्वी जायसवाल अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली से वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ कहर बरपा पाते हैं या नहीं। इस एक बदलाव से न केवल प्लेइंग 11 का समीकरण बदलेगा, बल्कि सीरीज के पहले मैच का रोमांच भी कई गुना बढ़ जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:36 pm

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के बयान पर दिया ऐसा अजब-गजब ज्ञान

भारतीय राजनीति में बयानों के तीर और नेताओं के अजीबोगरीब अंदाज हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं, लेकिन जब बात बिहार की सियासी पिच की हो, तो मनोरंजन और ड्रामे की कोई कमी नहीं रहती। बिहार की राजनीति में अपने चटपटे बयानों और अनूठे अंदाज के लिए मशहूर एक जाने-माने और विवादित राजनेता, जिन्हें अक्सर लोग अपनी राजनीतिक भविष्यवाणियों के चलते 'मौसम वैज्ञानिक' की संज्ञा देते हैं, ने एक बार फिर से सुर्खियों में अपनी जोरदार एंट्री कर ली है। इस बार उनका निशाना देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार बने हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा चुनाव सुधारों, चुनावी प्रक्रियाओं और निष्पक्षता को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर इस 'मौसम वैज्ञानिक' राजनेता ने ऐसा बेतुका और राजनीतिक ज्ञान पेलना शुरू कर दिया है, जिसे सुनकर आम जनता से लेकर बड़े-बड़े राजनीतिक विश्लेषक भी अपना सिर पकड़ने पर मजबूर हो गए हैं। हमेशा हवा के रुख के साथ अपने बयान बदलने के लिए कुख्यात इस नेता ने चुनाव आयोग की साख और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जो बयानबाजी की है, उसने एक बार फिर से राज्य के राजनीतिक तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आखिर इस 'मौसम वैज्ञानिक' नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के किस मुद्दे पर क्या कुछ कहा है और इसके पीछे उनकी राजनीतिक चाल क्या है।बिहार की राजनीति में जब भी कोई बड़ा चुनाव नजदीक आता है, तो ऐसे बयानों का बाजार गर्म होना आम बात हो जाती है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध चुनाव कराने के लिए हाल ही में जो दिशा-निर्देश और सख्त रुख अपनाया है, उसकी देश भर में तारीफ हो रही है। लेकिन हमारे इन 'मौसम वैज्ञानिक' राजनेता महोदय को शायद चुनाव आयोग की यह सख्ती रास नहीं आ रही है। उन्होंने अपनी चिर-परिचित शैली में प्रेस कॉन्फ्रेंस या मीडिया के सामने आकर मुख्य चुनाव आयुक्त के बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना शुरू कर दिया और अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए आयोग की निष्पक्षता पर ही उंगली उठा दी। उनके इस बयान के सामने आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एक बार फिर से जुबानी जंग छिड़ गई है और लोग यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी करने का क्या औचित्य है।कौन हैं बिहार के ये 'मौसम वैज्ञानिक' राजनेता और क्या है उनकी फितरत?बिहार की राजनीति को करीब से जानने वाला हर शख्स यह अच्छी तरह जानता है कि जब भी सियासी हवा का रुख बदलता है, तो सबसे पहले बयान बदलने वाले इन नेताजी का नाम सबसे ऊपर आता है। इन्हें 'मौसम वैज्ञानिक' इसलिए कहा जाता है क्योंकि चुनाव के मौसम में इनकी भविष्यवाणियां और इनके पाला बदलने के अंदाज पर लोग चुटकी लेते रहते हैं। इस बार जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश की चुनावी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की बात कही, तो इन नेताजी को अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती हुई नजर आने लगी। उन्हें लगा कि अगर चुनाव आयोग के कड़े नियमों से धांधली और पुराने तौर-तरीकों पर रोक लगेगी, तो उनकी राजनीति को झटका लग सकता है। बस फिर क्या था, उन्होंने तुरंत माइक संभाला और चुनाव आयुक्त के बयानों पर अपना 'विशेषज्ञ ज्ञान' देना शुरू कर दिया, जो पूरी तरह से राजनीतिक प्रेरित और अनर्गल प्रलाप के अलावा कुछ भी नहीं था।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर क्यों गरमाई सियासत?मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देश में चुनावों की शुचिता बनाए रखने के लिए जो कड़े कदम उठाए हैं, उससे उन तमाम नेताओं में खलबली मची हुई है जो चुनावी प्रक्रिया में अपने हिसाब से हेरफेर करने की फिराक में रहते हैं। 'मौसम वैज्ञानिक' नेता द्वारा दिए गए इस बयान के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिश की गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे नेता सिर्फ मीडिया में बने रहने के लिए और अपनी प्रासंगिकता साबित करने के लिए इस तरह के बयान देते हैं, जिनका जनता की वास्तविक समस्याओं से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं होता है। जनता अब इन सियासी बयानों की सच्चाई अच्छी तरह समझ चुकी है और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर ऐसे अनर्गल हमलों का जवाब आने वाले समय में खुद मतदाता अपने मताधिकार के जरिए देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:35 pm

खेसारी लाल यादव का अपनी लाइव क्लास में गुलदस्ता देकर खान सर ने किया भव्य स्वागत

बिहार के डिजिटल और शैक्षणिक पटल पर इन दिनों एक ऐसा अनूठा नजारा देखने को मिला है जिसने सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर तहलका मचा रखा है। यह कहानी है दो ऐसे चर्चित और कद्दावर चेहरों की जिनके रास्ते और दुनिया बिल्कुल अलग हैं, लेकिन जब वे एक मंच पर मिले तो पुराने सारे गिले-शिकवे मोहब्बत और सम्मान में बदल गए। हम बात कर रहे हैं देश भर के करोड़ों युवाओं के चहेते और मोटिवेशनल गुरु खान सर (Khan Sir) तथा भोजपुरी सिनेमा के मेगास्टार और अपनी गायकी से दिलों पर राज करने वाले खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) की। कुछ साल पहले वही खान सर, जो अपने एक लाइव सेशन के दौरान समाज में फैले भद्दे और अशिष्ट गानों के खिलाफ खुलकर बरसे थे और इशारों-इशारों में खेसारी लाल यादव के कुछ गानों पर अपनी कड़ी आपत्ति जताते हुए लानत-मलानत की थी, आज उसी खान सर ने अपनी लाइव क्लास के बीचों-बीच खुद आगे बढ़कर खेसारी लाल यादव का भव्य स्वागत किया। खान सर ने मुस्कुराते हुए भोजपुरी स्टार को गुलदस्ता (Bouquet) भेंट किया और उनके संघर्ष तथा कला के प्रति समर्पण की जमकर तारीफ की। दोनों हस्तियों का यह वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है और लोग इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि कैसे वैचारिक मतभेदों या पुरानी तीखी आलोचनाओं को भुलाकर बड़े दिल के साथ एक-दूसरे का सम्मान किया जा सकता है।बिहार के पटना स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान में जब खेसारी लाल यादव एक विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे, तो वहां मौजूद हज़ारों छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह के बीच जब दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और गले मिले, तो वह पल हर देखने वाले के लिए यादगार बन गया। एक तरफ जहां शिक्षा की अलख जगाने वाले खान सर अपनी सादगी और अनूठे पढ़ाने के अंदाज के लिए जाने जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ गरीब परिवार से उठकर भोजपुरी के सुपरस्टार बनने वाले खेसारी लाल यादव का संघर्ष भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। कभी गानों के बोल को लेकर तीखे सवाल उठाने वाले खान सर ने जब खुद मंच पर खेसारी का स्वागत किया, तो उन्होंने यह साबित कर दिया कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन कला और जमीन से जुड़े कलाकारों का सम्मान करना उनका बड़प्पन है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस मुलाकात के पीछे की पूरी कहानी क्या है, दोनों ने क्लासरूम में बच्चों से क्या बातें साझा कीं और सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर किस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।जब खान सर ने की थी गानों की तीखी आलोचना, जानिए क्या था पूरा पुराना वाकया?यह बात किसी से छिपी नहीं है कि खान सर अपने बेबाक बयानों और समाज सुधार से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। कुछ समय पहले जब देश भर में भोजपुरी गानों के फूहड़पन और अश्लीलता को लेकर बहस छिड़ी हुई थी, तब खान सर ने अपनी एक लाइव क्लास के दौरान बिना किसी का नाम लिए या सीधे तौर पर कुछ लोकप्रिय गानों के शब्दों की भारी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि समाज को दिशा देने वाले कलाकारों को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जिससे पारिवारिक माहौल खराब हो। उस दौरान उनके उस बयान को खेसारी लाल यादव के गानों से जोड़कर देखा गया था और सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चाएं भी हुई थीं। कई लोगों को यह लगा था कि शायद इन दोनों दिग्गजों के बीच कभी पटरी नहीं बैठ पाएगी, लेकिन समय ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परिपक्व लोग अतीत की बातों को पीछे छोड़कर हमेशा सकारात्मक बदलाव की ओर कदम बढ़ाते हैं।लाइव क्लास में खेसारी लाल यादव का स्वागत और छात्रों को दिया गया खास संदेशजब खेसारी लाल यादव खान सर के क्लासरूम में पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह से ऊर्जा और उत्साह से भर गया। खान सर ने अपने चिर-परिचित मजाकिया और गंभीर अंदाज में छात्रों का परिचय कराते हुए बताया कि कैसे जमीन से जुड़ा इंसान ही असली मुकाम हासिल करता है। उन्होंने खेसारी लाल यादव के संघर्षों की सराहना करते हुए कहा कि लिट्टी बेचने से लेकर देश-दुनिया में अपनी आवाज का डंका बजाने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। इसके बाद खान सर ने खुद आगे बढ़कर खेसारी को गुलदस्ता दिया और उनका स्वागत किया। इस मौके पर खेसारी लाल यादव ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए अपने जीवन के संघर्षों के कई अनसुने किस्से साझा किए और पढ़ाई के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह हथियार है जो किसी भी गरीब के बेटे की तकदीर बदल सकती है। दोनों दिग्गजों का यह वीडियो इस बात का प्रमाण है कि बिहार की ये दोनों शान जब एक मंच पर आती हैं, तो युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने का एक नया और सकारात्मक संदेश मिलता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:34 pm

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टिकट न मिलने पर भी ट्रेन हादसे के पीड़ित को मिलेगा मुआवजा

उच्चतम न्यायालय ने 2017 में गुजरात में चलती ट्रेन से गिरकर मारे गए एक व्यक्ति के माता-पिता को दिया गया मुआवजा बहाल करते हुए कहा है कि किसी मृत रेल यात्री के पास से टिकट बरामद नहीं होने मात्र से मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने गुजरात उच्च न्यायालय का वह आदेश रद्द कर दिया, जिसमें महेशभाई के माता-पिता को दिया गया मुआवजा खारिज कर दिया गया था। महेशभाई 27 सितंबर 2017 को अहमदाबाद के रास्ते सूरत जा रहा था और वह ट्रेन में अचानक झटका लगाने के कारण सामान्य डिब्बे से नीचे गिर गया था। पीठ ने शुक्रवार को कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने रेल टिकट नहीं मिलने को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया और पीड़ित के पिता द्वारा शपथ लेकर दिए गए बयान एवं इस तथ्य पर विचार नहीं किया कि पीड़ित एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहा था। उपलब्ध तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि पीड़ित एक वैध यात्री था और उसका टिकट बरामद नहीं होने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता।’’रेलवे दावा अधिकरण ने 17 जून 2022 को माना था कि महेशभाई एक ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण घटना’’ का शिकार हुआ और वह ट्रेन से दुर्घटनावश गिरा था। अधिकरण ने उसके माता-पिता को आठ लाख रुपये मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया था और उन्हें घटना की तारीख से आदेश की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी दिए जाने को कहा गया था। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि 27 सितंबर 2017 की घटना में महेशभाई गंभीर रूप से घायल हुआ था और इसके बाद वह एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहा। पीठ ने कहा, ‘‘31 अक्टूबर 2017 को उसकी मौत हो गई। सामान्य परिस्थितियों में, जब पीड़ित का इलाज चल रहा था, तो यह संभावना बहुत कम है कि दावेदारों ने रेल टिकट संभालकर रखा होगा।’’न्यायालय ने कहा कि दावेदार की ओर से शपथ लेकर बयान दिए जाने के बाद तथ्यों को गलत साबित करने की जिम्मेदारी रेलवे पर थी, लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहा। सभी परिस्थितियों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने सही निष्कर्ष निकाला था कि पीड़ित एक वैध यात्री था और टिकट नहीं मिलने को दावेदारों के खिलाफ नहीं माना जा सकता। पीठ ने कहा कि महेशभाई के माता-पिता ने दावा किया था कि उसका टिकट, रूमाल, कलाई घड़ी, कंघी और 800 से 900 रुपये नकद गायब हो गए थे। उसके पिता ने शपथ लेकर कहा था कि उनके बेटे ने टिकट खरीदा था। उसने कहा कि इससे दावेदारों का शुरुआती दायित्व पूरा हो गया और इसके बाद इस दावे को गलत साबित करने की जिम्मेदारी रेलवे की थी। न्यायालय ने कहा कि महेशभाई के माता-पिता द्वारा अधिकरण में मुआवजे का दावा दाखिल किए जाने के बाद अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट तैयार की थी। पीठ ने कहा, ‘‘यह रिपोर्ट आखिरकार 17 मई 2018 को तैयार की गई, जो घटना के करीब सात महीने बाद की है। जांच में देरी के लिए दावेदारों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता और रेलवे अपनी ओर से जांच रिपोर्ट तैयार करने में हुई देरी का लाभ नहीं उठा सकता।’’पीठ ने कहा कि वह इस जांच रिपोर्ट को नजर अंदाज करने के पक्ष में है और यह रिपोर्ट दावेदारों को मुआवजा मिलने में बाधा नहीं बन सकती। पीठ ने रेलवे दावा अधिकरण द्वारा 17 जून 2022 को दिए गए आठ लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश को बहाल करते हुए निर्देश दिया कि यह राशि महेशभाई के माता-पिता को 30 दिन के भीतर दी जाए।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 1:33 pm

कोसी के दोनों तटबंधों पर बनेगा 354 किलोमीटर लंबा फोरलेन एक्सप्रेसवे

बिहार के भूगोल और इतिहास में कोसी नदी को जहां एक तरफ सदियों से 'बिहार का शोक' कहकर पुकारा जाता था, वहीं अब इस इलाके के दिन बहुरने वाले हैं और शोक की यह दास्तान हमेशा के लिए समृद्धि के नए स्वर्णिम अध्यायों में बदलने जा रही है। बिहार के विकास पथ पर एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाली एक बहुत बड़ी और क्रांतिकारी खबर सामने आ रही है, जिसके तहत कोसी नदी के दोनों किनारों पर बने लंबे तटबंधों (Embankments) के साथ-साथ कुल 354 किलोमीटर लंबे अत्याधुनिक फोरलेन एक्सप्रेसवे (Four-lane Expressway) के निर्माण का मेगा ब्लूप्रिंट पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। दशकों तक बाढ़ की विभीषिका, कटाव और यातायात की भारी समस्याओं का सामना करने वाले कोसींचल और सीमांचल के इलाकों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं है। केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से धरातल पर उतरने जा रही इस महापरियोजना के तहत बनने वाला यह एक्सप्रेसवे न केवल क्षेत्रीय आवागमन को पूरी तरह बदलकर रख देगा, बल्कि देश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क और औद्योगिक गलियारों से इसे सीधी कनेक्टिविटी (Direct Connectivity) भी प्रदान करेगा। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने से उत्तर बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास की रफ्तार इतनी तेज हो जाएगी जिसकी कल्पना करना भी पहले मुश्किल हुआ करता था। आइए विस्तार से जानते हैं कि कोसी के दोनों तटबंधों पर बनने वाले इस 354 किलोमीटर लंबे फोरलेन एक्सप्रेसवे की पूरी रूपरेखा क्या है और इससे आम जनता तथा उद्योग जगत को क्या-क्या अभूतपूर्व लाभ मिलने वाले हैं।बिहार में सड़क बुनियादी ढांचे (Road Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में इस प्रोजेक्ट को अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। कोसी नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंधों के ऊपर और उसके सामानांतर बनने वाले इस फोरलेन मार्ग से बाढ़ के समय राहत और बचाव कार्यों में भी अभूतपूर्व तेजी आएगी, क्योंकि अभी तक बाढ़ के दिनों में इन इलाकों का संपर्क बाकी दुनिया से लगभग कट जाता था। इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के बन जाने से पटना से लेकर नेपाल सीमा और उत्तर प्रदेश तथा पश्चिम बंगाल के अन्य पड़ोसी हिस्सों तक का सफर बेहद सुगम, सुरक्षित और कम समय में पूरा किया जा सकेगा। भारी व्यावसायिक वाहनों, ट्रकों और मालवाहक गाड़ियों के लिए एक नया और सुगम कॉरिडोर मिलने से इस पूरे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाएं पैदा हो जाएंगी। आइए जानते हैं कि इस मेगा प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं क्या हैं और इससे स्थानीय स्तर पर विकास के कौन-से नए द्वार खुलने वाले हैं।354 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन एक्सप्रेसवे की मुख्य विशेषताएं और तकनीकी स्वरूपकोसी नदी के दोनों तटबंधों को आपस में जोड़ते हुए और उनके संरेखण के साथ बनने वाले इस 354 किलोमीटर लंबे फोरलेन एक्सप्रेसवे की इंजीनियरिंग डिजाइन बेहद आधुनिक और उन्नत स्तर की तैयार की गई है। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:भूकंप और बाढ़ रोधी तकनीक: कोसी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और संवेदनशील भू-संरचना को ध्यान में रखते हुए इस सड़क का निर्माण ऐसे उच्च स्तरीय तकनीकी मानकों पर किया जाएगा जो अत्यधिक पानी के दबाव और बाढ़ के थपेड़ों को आसानी से झेल सकें।हाई-स्पीड कॉरिडोर और कनेक्टिविटी: इस फोरलेन के बन जाने से वाहन चालकों को बिना किसी ट्रैफिक बाधा के तेज रफ्तार से यात्रा करने का अवसर मिलेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।आर्थिक गलियारे का विकास: सड़क के दोनों किनारों पर औद्योगिक क्लस्टर, कृषि आधारित प्रोसेसिंग यूनिट्स और मंडियों के विकास का रास्ता साफ होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।कोसी क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों के लिए आएगी आर्थिक बहारशोक की नदी कही जाने वाली कोसी के आंचल में समृद्धि के बीज बोने वाली इस परियोजना से सबसे बड़ा फायदा स्थानीय किसानों और व्यापारियों को मिलने वाला है। अभी तक खराब सड़कों और आवागमन के साधनों के अभाव में मक्का, धान, जूट और अन्य कृषि उत्पादों को सही समय पर बड़ी मंडियों तक पहुंचाने में किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी बहुत ज्यादा आती थी। इस फोरलेन एक्सप्रेसवे के बनने से किसानों के उत्पाद सीधे बड़े शहरों और महानगरों के बाजारों तक कम समय में पहुंच सकेंगे, जिससे उन्हें उनकी उपज का उचित और बेहतर दाम मिल पाएगा। इसके अलावा पर्यटन के क्षेत्र में भी इस इलाके का विकास तेजी से होगा क्योंकि बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से देश-विदेश के पर्यटक आसानी से यहां आ सकेंगे। सरकार और संबंधित निर्माण एजेंसियों द्वारा इस मेगा प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है, और आने वाले कुछ वर्षों में यह आधुनिक एक्सप्रेसवे बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जो सचमुच कोसी अंचल के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:32 pm

कांटे के मुकाबले में कांग्रेस को दी मात, प्रसन्नचंद मेहता बने नए मेयर

राजस्थान की राजनीति के सबसे ताकतवर और हाई-प्रोफाइल केंद्रों में से एक जोधपुर से एक बहुत बड़ी और सियासी हलचल मचाने वाली खबर सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिले और पारंपरिक सियासी गढ़ माने जाने वाले जोधपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इतिहास रचते हुए नगर निगम के मेयर चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की है। बेहद ही रोमांचक, धड़कनें रोक देने वाले और नजदीकी मुकाबले में बीजेपी के प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता (Prasannachand Mehta) ने कांग्रेस के उम्मीदवार को करारी शिकस्त देकर जोधपुर के नए मेयर की कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लिया है। राजस्थान के इस बड़े राजनीतिक उलटफेर ने न केवल कांग्रेस खेमे में निराशा की लहर पैदा कर दी है, बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक पंडितों को भी चौंका दिया है। अशोक गहलोत के राजनीतिक रसूख वाले इलाके में बीजेपी द्वारा यह बड़ी जीत हासिल करना कोई मामूली बात नहीं है। स्थानीय निकाय के इस चुनाव में अंतिम क्षण तक चले राजनीतिक शह और मात के खेल में जिस तरह बीजेपी ने निर्दलीय पार्षदों और असंतुष्टों को अपने पाले में करके बहुमत का आंकड़ा हासिल किया, उसकी चर्चा अब पूरे राजस्थान के सियासी गलियारों में बहुत तेजी से हो रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कि गहलोत के इस मजबूत गढ़ में बीजेपी ने कैसे अपनी जीत का परचम फहराया, वोटों का पूरा समीकरण क्या रहा और इस जीत के मुख्य नायक प्रसन्नचंद मेहता कौन हैं।जोधपुर नगर निगम के इस महत्वपूर्ण चुनाव को शुरू से ही कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना रखा था। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी के सामने अपने शीर्ष नेता अशोक गहलोत के गृह क्षेत्र में साख बचाने की बहुत बड़ी चुनौती थी, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इस गढ़ में सेंध लगाकर पूरे प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक संदेश देना चाहती थी। मतदान के दिन से लेकर मतगणना के अंतिम राउंड तक मुकाबला इतना कड़ा था कि किसी भी पल पासा पलटने की पूरी गुंजाइश बनी हुई थी। लेकिन बीजेपी के वरिष्ठ रणनीतिकारों और स्थानीय नेताओं ने पर्दे के पीछे से जिस अचूक रणनीति पर काम किया, उसने अंतिम समय में कांग्रेस के सारे समीकरणों को ध्वस्त कर दिया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद जोधपुर शहर में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाना शुरू कर दिया है, जबकि कांग्रेस पार्टी इस अप्रत्याशित हार के कारणों का विश्लेषण करने में जुट गई है।गहलोत के सियासी गढ़ जोधपुर में बीजेपी का बड़ा सेंध: कैसे हुआ यह करिश्मा?जोधपुर को दशकों से कांग्रेस पार्टी और विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का एक अभेद्य किला माना जाता रहा है। ऐसे में यहां बीजेपी की जीत केवल एक मेयर पद का चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक संदेश है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी असंतोष और पार्षदों के बीच तालमेल की कमी का पूरा फायदा बीजेपी ने उठाया। चुनाव की घोषणा होने के बाद से ही बीजेपी ने अपने सभी पार्षदों की बाड़ेबंदी बहुत ही मुस्तैदी से की थी और साथ ही निर्दलीय जीतकर आए पार्षदों से लगातार संपर्क बनाए रखा। जब वोटिंग का समय आया, तो बीजेपी की संगठनात्मक रणनीति इतनी सटीक बैठी कि कांग्रेस अपने ही संभावित वोट बैंक को एकजुट रखने में नाकाम रही। प्रसन्नचंद मेहता की सर्वस्वीकार्य छवि और स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ ने भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभाई, जिससे कुछ ऐसे पार्षदों के वोट भी बीजेपी के पक्ष में आ गए जिनकी उम्मीद कांग्रेस को बिल्कुल नहीं थी।जानिए वोटों का पूरा सियासी गणित और प्रसन्नचंद मेहता की जीत के मुख्य कारणजोधपुर मेयर पद के इस चुनाव में जीत और हार का अंतर बेहद कम रहा, जिसने हर किसी की सांसें थाम रखी थीं। अगर आंकड़ों के गणित पर नजर डालें तो कुल वैध मतों की संख्या में से बीजेपी प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता को जादुई आंकड़े से अधिक वोट प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अंतिम समय में कुछ वोटों से पिछड़ गए। इस नजदीकी जीत के पीछे सबसे बड़ा कारण बीजेपी का माइक्रोग्रिड मैनेजमेंट रहा। बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय विधायकों ने मिलकर हर एक पार्षद का व्यक्तिगत फीडबैक लिया था और उनकी स्थानीय समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया था। दूसरी ओर, कांग्रेस में प्रत्याशियों के चयन को लेकर अंदरखाने जो असंतोष पनपा था, वह वोटिंग के दौरान क्रास-वोटिंग (Cross-Voting) के रूप में सामने आ गया। प्रसन्नचंद मेहता ने अपनी जीत के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह जीत जोधपुर की जनता, पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन की जीत है। उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों के सुधार और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को अपनी पहली प्राथमिकता बताया है। इस नतीजे से यह साफ हो गया है कि राजस्थान के स्थानीय निकायों में जनता अब नए विकल्प और तेजी से विकास करने वाले चेहरों पर भरोसा जता रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:30 pm

सिसकती जिंदगी और दहशत... आजमगढ़ के बिखरते परिवार की कहानी

आजमगढ़ के शंभूपुर गांव में एक परिवार से जुड़ी पांच मौतों के बाद अब पीछे बची जिंदगी डर और अनिश्चितता के बीच गुजर रही है. परिवार की दो महिलाएं और छह बच्चियां गांव छोड़कर सुलतानपुर में रिश्तेदार के यहां रहने को मजबूर हैं. जिस घर में कभी परिवार रहता था, उस पर पुलिस का ताला लगा है. पूरा परिवार अपने गांव से डरकर दूर रह रहा है.

आज तक 26 Sep 2026 1:30 pm

UN में पाकिस्तान की कब-कब हुई फजीहत? नापाक मुल्क के हर झूठ को भारत करता रहा बेनकाब

वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की फजीहत कोई नई बात नहीं है। हालांकि समझने वाली बात यह है कि जब-जब पाकिस्तान ने भारत की ओर आंख दिखाने की कोशिश की है। भारत ने नापाक पड़ोसी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

जागरण 26 Sep 2026 1:28 pm

बीजेपी को कांग्रेस से मिले सिर्फ 0.94 प्रतिशत ज्यादा वोट, जानिए राज्य का पूरा सियासी गणित

राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों (Rajasthan Nikay Chunav) के परिणामों ने राज्य के दोनों प्रमुख दलों यानी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) की नींद उड़ा दी है। चुनाव के बाद सामने आए फाइनल वोट शेयर (Vote Share) के आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान की राजनीति में मुकाबला कितना ज्यादा रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला हो चुका है। निर्वाचन आयोग और राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस बार के निकाय चुनावों में सत्ताधारी या सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने वाली बीजेपी को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के मुकाबले महज 0.94 प्रतिशत ही ज्यादा वोट हासिल हुए हैं। यानी दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच वोटों का यह अंतर इतना कम है कि इसे सियासी भाषा में नेकी और पूछ-पूछ या कांटे की टक्कर ही कहा जाएगा। राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में हुए इन चुनावों में जनता ने किसी भी एक दल कोतरतरफा बहुमत देने के बजाय दोनों ही पार्टियों को लगभग बराबरी का समर्थन दिया है। इस बेहद मामूली अंतर (Marginal Difference) के सामने आने के बाद से राजनीतिक पंडितों ने राजस्थान के आगामी विधानसभा और बड़े राजनीतिक भविष्य के लिए नए सिरे से कयास लगाने शुरू कर दिए हैं।राजस्थान की राजनीति हमेशा से दो-दलीय व्यवस्था (Two-Party System) के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जहां हर पांच साल पर सत्ता बदलने की पुरानी परंपरा रही है। लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में इस तरह का नजदीकी मुकाबला यह दर्शाता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के मतदाता अब बेहद सूझबूझ के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बीजेपी ने जहां अपनी जमीनी पकड़ और प्रशासनिक मशीनरी के दम पर बढ़त बनाने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी तमाम आंतरिक गुटबाजी और चुनौतियों के बावजूद जबरदस्त वापसी करते हुए बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है। 1 प्रतिशत से भी कम वोटों का यह अंतर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में राजस्थान का राजनीतिक रण किसी भी एक दल के लिए आसान नहीं होने वाला है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस निकाय चुनाव के वोट प्रतिशत का पूरा गणित क्या है और इसका राज्य की आगामी राजनीति पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।क्या है राजस्थान निकाय चुनाव का पूरा वोट शेयर गणित और आंकड़े?सामने आए चुनावी विश्लेषण के अनुसार, राजस्थान के इन स्थानीय निकाय चुनावों में कुल पड़े वैध मतों में से बीजेपी के खाते में लगभग 42 से 43 प्रतिशत वोट आए, जबकि कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए लगभग 41 से 42 प्रतिशत वोट हासिल किए। जब दोनों दलों के कुल मतों का सटीक मिलान किया गया, तो यह अंतर मात्र 0.94 प्रतिशत का निकला। इतनी कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला होना यह बताता है कि कई वार्डों और सीटों पर हार-जीत का अंतर महज कुछ सौ या दहाई वोटों का ही रहा है। निर्दलीय उम्मीदवारों और अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी इन चुनावों में कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करके खेल को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।इस सियासी आंकड़े के क्या हैं गहरे मायने और आगामी चुनावों पर असर?राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि निकाय चुनावों के ये नतीजे राज्य के दोनों प्रमुख दलों के लिए एक वेक-अप कॉल (Wake-up Call) की तरह हैं। बीजेपी के लिए यह सोचना जरूरी हो गया है कि शहरी इलाकों में भी अगर मुकाबला इतना कड़ा हो रहा है, तो जमीनी स्तर पर जनता की नाराजगी या मुद्दों को कितनी गंभीरता से लेने की जरूरत है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी इस मामूली अंतर से यह आत्मविश्वास हासिल कर सकती है कि राज्य में उसकी जमीन अभी भी उतनी ही मजबूत है जितनी सत्ता में रहते हुए थी। आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में इस मामूली वोट मार्जिन को पाटने के लिए दोनों ही दल अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव कर सकते हैं, जिससे राज्य का सियासी पारा और अधिक चढ़ने की पूरी उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:28 pm

सीआई इंस्पेक्टर भारी मात्रा में हेरोइन और अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार

पंजाब के सीमावर्ती जिलों से कानून व्यवस्था और पुलिस विभाग की साख को झकझोर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पंजाब के फिरोजपुर जिले में कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी जिसके कंधों पर थी, वही खाकी वर्दी दागदार साबित हुई है। फिरोजपुर पुलिस ने एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम देते हुए सीआई (CID/Intelligence) विंग में तैनात एक इंस्पेक्टर को भारी मात्रा में प्रतिबंधित हेरोइन (Heroin) और एक अवैध पिस्तौल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस महकमे के भीतर से ही किसी जिम्मेदार अधिकारी के इस प्रकार तस्करों और अपराधियों के साथ सीधे तौर पर जुड़े होने की इस घटना ने पूरे राज्य के पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। खुफिया विभाग और जिला पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी के बाद से यह सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर कैसे सीमा पार से होने वाले ड्रग्स और हथियारों के इस अवैध कारोबार में खाकी के ही लोग अपनी ढाल बना रहे थे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस भ्रष्ट अधिकारी से की जाने वाली गहन पूछताछ के बाद पंजाब में चल रहे किसी बहुत बड़े और अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट (Drug Racket) के बड़े चेहरों और उसके नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।सीमावर्ती राज्य पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक (DGP) द्वारा लगातार 'युद्ध स्तर पर नशे के खिलाफ अभियान' चलाया जा रहा है। ऐसे संवेदनशील माहौल में जब विभाग के ही एक इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी की संलिप्तता ड्रग्स और अवैध हथियारों के साथ सामने आती है, तो यह सिस्टम की अंदरूनी कमजोरियों पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। फिरोजपुर पुलिस को पिछले कुछ दिनों से लगातार यह इनपुट मिल रहा था कि कुछ खाकीधारी लोग ही तस्करों को सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं और इस अवैध सिंडिकेट को चलाने में मदद कर रहे हैं। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर जाल बिछाकर जब इस सीआई इंस्पेक्टर को दबोचा गया और उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से बरामद अवैध सामान को देखकर वहां मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस सनसनीखेज गिरफ्तारी की पूरी पृष्ठभूमि क्या है और पुलिस अब इस पूरे ड्रग नेक्सस का दायरा किन-किन दिशाओं में आगे बढ़ा रही है।कैसे बिछाया गया जाल और किन चीजों के साथ पकड़ा गया इंस्पेक्टर?फिरोजपुर पुलिस के उच्चाधिकारियों को जब अपनी ही खुफिया विंग के एक अधिकारी की संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी, तो उन्होंने बेहद गोपनीय तरीके से एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। इस टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए आरोपी इंस्पेक्टर की हरकतों पर नजर रखनी शुरू कर दी। जब पुख्ता सबूत हाथ लग गए, तो पुलिस ने एक सुनियोजित दबिश देकर उसे धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कमर्शियल मात्रा में उच्च कोटि की हेरोइन और एक अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल तथा कारतूस बरामद किए गए। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण था कि वह केवल मुखबिरी नहीं कर रहा था, बल्कि खुद इस अवैध धंधे में एक मुख्य संचालक की भूमिका निभा रहा था। इस कार्रवाई के बाद से महकमे के अन्य भ्रष्ट कर्मियों में भी भारी खौफ का माहौल बना हुआ है।पूछताछ में खुल सकते हैं कई बड़े राज, अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट तक पहुंच सकती है जांचगिरफ्तार किए गए सीआई इंस्पेक्टर से इस समय फिरोजपुर के एक गुप्त ठिकाने पर उच्च स्तरीय पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके साथ इस काले कारोबार में विभाग के और कौन-कौन से अधिकारी या कर्मचारी मिले हुए हैं तथा सीमा पार (Cross-border) बैठे किन तस्करों से उसके सीधे संबंध थे। पंजाब में नशे की कमर तोड़ने के लिए पुलिस अब इस सिंडिकेट के हर एक मोहरे को बेनकाब करने में जुट गई है। इस बड़ी गिरफ्तारी को पंजाब पुलिस की आंतरिक शुद्धि (Internal Cleansing) की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है, और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:25 pm

महाराष्ट्र में सूखे की मार! 265 तहसील सूखाग्रस्त घोषित, करीब तीन-चौथाई हिस्सा चपेट में

शुक्रवार देर रात जारी सरकारी प्रस्ताव के मुताबिक, इस फैसले के दायरे में राज्य का लगभग 74 से 75 प्रतिशत इलाका आ गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस की तरफ से हाल ही में प्रभावित क्षेत्रों के दौरे और समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 1:25 pm

मान के मुनाफे' पहल से जनता के बीच गूंज रही सरकार की उपलब्धियां, राजनीतिक पारा गर्म

पंजाब की सियासत में इन दिनों आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने चुनावी प्रबंधन और जनसंपर्क अभियानों के जरिए पूरी तरह से हलचल मचा रखी है। पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के साढ़े चार साल पूरे होने के नजदीक आते ही, 'आप' संगठन ने एक बहुत बड़ा और आक्रामक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत पार्टी ने भगवंत मान सरकार के अब तक के कार्यकाल का विस्तृत 'रिपोर्ट कार्ड' सीधे राज्य के कोने-कोने में हर घर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक अभियान छेड़ दिया है। पार्टी के मंत्रियों, विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मिलकर राज्य के गांवों और शहरी वार्डों में घर-घर जाकर लोगों को सरकार द्वारा पिछले साढ़े चार वर्षों में किए गए ऐतिहासिक विकास कार्यों, मुफ्त बिजली योजनाओं, उत्कृष्ट शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल तथा युवाओं को दी गई सरकारी नौकरियों के आंकड़ों की पुस्तिकाएं सौंपी हैं। इसके साथ ही सरकार की ओर से शुरू की गई विशेष 'मान के मुनाफे' (Mann Ke Munafe) पहल को भी जनता के बीच बड़े पैमाने पर प्रमोट किया जा रहा है, जिसके जरिए आम नागरिकों को यह बताया जा रहा है कि किस तरह से सरकारी नीतियों और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने से राज्य के खजाने को मजबूती मिली है और उसका सीधा फायदा आम जनता के घर-परिवार तक पहुंच रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी क्षेत्रीय दल द्वारा अपनी सरकार के कामकाज का इस तरह सीधे जनता के बीच लेखा-जोखा रखना एक बहुत बड़ा और साहसिक राजनीतिक कदम है। जब विपक्षी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश में लगे रहते हैं, ऐसे में 'आप' ने सीधे जनता की अदालत में जाकर अपने साढ़े चार साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश कर मास्टरस्ट्रोक चल दिया है। इस अभियान के दौरान लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है, उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और यह फीडबैक भी लिया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना लाभ मिल रहा है। 'मान के मुनाफे' पहल के तहत कृषि, एमएसएमई (MSME) और छोटे व्यापारियों को दी जा रही सहूलियतों का विशेष रूप से प्रचार किया जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि भगवंत मान सरकार के इस रिपोर्ट कार्ड में कौन-कौन सी बड़ी उपलब्धियां गिनाई गई हैं और 'मान के मुनाफे' पहल का पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ रहा है।घर-घर पहुंचे रिपोर्ट कार्ड में गिनाई गईं मान सरकार की ये बड़ी उपलब्धियांआम आदमी पार्टी द्वारा राज्य भर में बांटे जा रहे इस रिपोर्ट कार्ड में पिछले साढ़े चार साल के दौरान उठाए गए कई क्रांतिकारी कदमों का जिक्र किया गया है। इनमें से प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:मुफ्त और रियायती बिजली योजना: राज्य के नब्बे प्रतिशत से अधिक परिवारों को जीरो बिजली बिल मिलने और निरंतर बिजली आपूर्ति की सफलता के आंकड़े।शिक्षा और स्वास्थ्य क्रांति: सरकारी स्कूलों का कायाकल्प, अत्याधुनिक 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' और मोहल्ला क्लीनिकों के जरिए मुफ्त इलाज की सुविधा।पारदर्शी सरकारी नौकरियां: बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के पूरी तरह से योग्यता के आधार पर युवाओं को लाखों नौकरियां मिलने का ब्योरा।कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर प्रहार: राज्य में माफिया राज खत्म करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस द्वारा की गई सख्त कार्रवाई।'मान के मुनाफे' पहल से जनता को मिल रहा सीधा आर्थिक लाभइस जनसंपर्क अभियान की सबसे खास बात 'मान के मुनाफे' (Mann Ke Munafe) नामक विशेष पहल है, जिसके जरिए सरकार यह बता रही है कि किस प्रकार रेत खनन नीति, परिवहन सुधारों और कर संग्रह (Tax Collection) में पारदर्शिता लाकर सरकारी खजाने को बढ़ाया गया है और उस अतिरिक्त आय को जनता के कल्याणकारी कार्यों में लगाया जा रहा है। इस पहल से किसानों, महिलाओं और छोटे दुकानदारों को मिलने वाले आर्थिक फायदों को बहुत ही सरल भाषा में समझाया जा रहा है। विपक्षी दल भले ही इस अभियान को चुनावी स्टंट बता रहे हों, लेकिन जमीन पर आम जनता के बीच इस रिपोर्ट कार्ड की पहुंच ने विरोधी दलों की नींद जरूर उड़ा दी है। आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में इस घर-घर जनसंपर्क अभियान के काफी दूरगामी और रोचक परिणाम देखने को मिलने की पूरी उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 1:23 pm

Jitan Ram Manjhi ने Om Birla को लिखा पत्र, SC-ST सांसदों को चर्चा में अधिक समय देने की मांग

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदायों से संबंधित सांसदों को बोलने का पर्याप्त समय देने के अनुरोध पर कार्रवाई करने की मांग की। अपने पत्र में मांझी ने कहा कि मध्यप्रदेश के खरगोन का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने पांच अगस्त को मांझी के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित ‘‘राजग सांसद समूह संवाद बैठक’ के दौरान यह मुद्दा उठाया था। मंत्री ने कहा कि पटेल ने विशेष रूप से अनुरोध किया था कि एससी-एसटी सांसदों को सदन में अपने समुदायों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाए। मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष से पटेल के अनुरोध पर आगे कार्रवाई करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है। ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में पटेल ने पुष्टि की कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया था और कहा कि एससी-एसटी सांसदों को दिया जाने वाला समय और बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी राजनीतिक दल को आवंटित समय उसके सांसदों के बीच विभाजित हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि हमें समय नहीं मिलता, लेकिन हमें और अधिक समय मिलना चाहिए। एससी-एसटी समुदायों से जुड़े अधिक मुद्दे उठाए जाने चाहिए।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 1:23 pm

संत प्रेमानंद के शिष्य की रहस्यमयी मौत, कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, प्राइवेट पार्ट कटा हुआ मिला

Vrindavan Sadhu Death: धर्मनगरी वृंदावन के वाराहघाट स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम से एक हैरान कर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षित 25 वर्षीय युवा साधु दीपक उर्फ रसिक दुलारी शरण की चार मंजिला इमारत से गिरकर मौत हो ...

वेब दुनिया 26 Sep 2026 1:23 pm

मुख्यमंत्री मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी मुंबई से गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने आरोपी को महाराष्ट्र के मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने डायल-112 के आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर पर ...

वेब दुनिया 26 Sep 2026 1:22 pm

'पति को मारने की कोशिश...', सुनीता पर भड़कीं गोविंदा की 'गर्लफ्रेंड'

गोविंदा बीते दिनों अपनी को-एक्ट्रेस और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार संग लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे. दोनों ने साथ में बप्पा के दर्शन के किए और आशीर्वाद लिया था, जिसके बाद से दोनों की डेटिंग की खबरों ने तूल पकड़ लिया था.

आज तक 26 Sep 2026 1:20 pm

कोर्ट के आदेश के बाद भी CNN पर ट्रंप की सख्ती,'एयर फोर्स वन' में जाने से रोका

बीजेपी मंत्री उमेश राय ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के विरोध पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल चुनाव के समय अलग-अलग हो जाते हैं, जबकि अभी एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं. उमेश राय ने आरोपों के सबूत होने पर सड़क पर उतरने के बजाय कोर्ट जाने की बात कही.

आज तक 26 Sep 2026 1:16 pm

वैभव को लेकर इस भारतीय खिलाड़ी ने खोला ड्रेसिंग रूम का राज?

वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का फ्यूचर स्टार माना जा रहा है. आने वाले दिनों में वैभव टीम इंडिया के लिए अधिक से अधिक मुकाबलों में खेलते हुए नजर आ सकते हैं. इस बीच टीम इंडिया के खिलाड़ी ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक बड़ा राज खोल दिया है.

आज तक 26 Sep 2026 1:14 pm

शराबबंदी वाले Nagaland में जहरीली शराब से 19 लोगों की मौत, मामले की जांच के लिए SIT गठित

नागालैंड में पिछले दो दिनों में कथित तौर पर ज़हरीली शराब पीने से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई है। पुलिस ने इन मौतों की जांच करने और राज्य में मिलावटी शराब की सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। बता दें कि राज्य में 1990 से शराब पर पाबंदी लागू है। पुलिस ने बताया कि कथित अवैध शराब पीने से मोकोकचुंग ज़िले में आठ और तुएनसांग ज़िले में 11 लोगों की मौत हुई है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस वेसुप्रा केज़ो ने शनिवार को कहा कि संदिग्ध मिलावटी शराब से हुई मौतों की जांच करने और शराब के स्रोत व सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस आई. बुंगलांग चांग की अध्यक्षता में एक SIT का गठन किया गया है। मौत की वजह का पता लगाने के लिए पुलिस ने सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए गुवाहाटी भेजे हैं। केज़ो ने कहा हमें कुछ सुराग मिले हैं, लेकिन अभी उनके बारे में जानकारी देना जल्दबाजी होगी। इसे भी पढ़ें: मणिपुर में फिर 6 महीने AFSPA, नागालैंड के 9 जिले अशांत क्षेत्र घोषित, MHA ने जारी की अधिसूचना इन मौतों के बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की, 19 लोगों को गिरफ्तार किया और लगभग 3,000 बोतल शराब ज़ब्त की। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे ऐसी शराब न पिएं जिसकी पहचान न हो, जिस पर कोई लेबल न हो या जो अवैध होने का शक पैदा करे। उन्होंने यह भी कहा कि शराब पीने के बाद अगर किसी को चक्कर आना, धुंधला दिखना, सांस लेने में तकलीफ़ या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे तुरंत डॉक्टर से मिलें।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 1:11 pm

फिर पस्त हुआ पाकिस्तान... फाइनल में पहुंचे अभय, अनाहत भी छाईं

युद्ध हो या खेल का मैदान... भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर भारी पड़ता रहा है. एशियन गेम्स 2026 में जब अभय सिंह का मुकाबला मुहम्मद इरफान से हुआ, तो इस मैच का नतीजा पूरी तरह भारत के पक्ष में रहा. अभय सिंह ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को 3-0 से करारी शिकस्त दी.

आज तक 26 Sep 2026 1:10 pm

MLC चुनाव से पहले PK को झटका, भूषण झा ने छोड़ी पार्टी

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले प्रशांत किशोर को बड़ा झटका लगा है. उम्मीदवार बनने के बाद भूषण कुमार झा ने जन सुराज को बाय-बाय कह दिया है. अब वो निर्दलीय लड़ेंगे. उनके पार्टी छोड़ने के बाद जन सुराज ने नए उम्मीदवार का ऐलान किया है.

आज तक 26 Sep 2026 1:08 pm

उत्तर प्रदेश में Heavy Rain से Lucknow समेत कई जिले प्रभावित, IMD का अलर्ट

मानसून गतिविधि तेज होने से उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई तथा लखनऊ में शनिवार सुबह तक पिछले 21 घंटों में 125.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई एवं तेज हवाओं के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों को नुकसान पहुंचा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ ही तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है। रविवार को भी कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ना जारी रह सकता है। मौसम की ताजा स्थिति के अनुसार, उत्तर पूर्वी मध्यप्रदेश और इससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना दबाव उत्तर पश्चिम दिशा में दक्षिण पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे इसका केंद्र प्रयागराज से लगभग 230 किलोमीटर दक्षिण में था। मौसम विभाग ने कहा कि इस रुख के शनिवार शाम तक दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए दबाव बने रहने और इसके बाद अगले 12 घंटों में धीरे धीरे कमजोर होने की संभावना है। तेज बारिश से कई स्थानों पर जलभराव और यातायात जाम की स्थिति पैदा हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग बारिश से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। अयोध्या में बारिश और तेज हवाओं से राम पथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ है। बौछार के साथ तेज हवाएं चलने से श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अयोध्या में एक श्रद्धालु ने कहा, बारिश के बावजूद लोग मंदिर जा रहे हैं, लेकिन पानी और तेज हवाओं के कारण चलना थोड़ा मुश्किल है। ग्रामीण हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश से खड़ी फसल को नुकसान हुआ है। किसानों ने चिंता जताई है कि लंबे समय तक बारिश से नुकसान बढ़ सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने, प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और वहां व्यवस्था की निगरानी करने का निर्देश दिया है। रेड अलर्ट वाले जिलों में विद्यालय बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुलतानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट सहित कई जिलों को अचानक बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील जिलों के रूप में पहचान की है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खुले क्षेत्रों, पेड़ों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 1:02 pm

पितृ पक्ष 2026: 26 या 27 सितंबर? जानिए श्राद्ध की तिथियां

पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत को लेकर इस बार तारीख को लेकर भ्रम है. 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध किया जाएगा, जबकि प्रतिपदा से मुख्य श्राद्ध तिथियों का क्रम 27 सितंबर से शुरू होगा. इसके बाद अलग-अलग तिथियों के अनुसार श्राद्ध कर्म होंगे और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा. जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, उनके लिए सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध की परंपरा है

आज तक 26 Sep 2026 1:01 pm

थोड़ी देर में PM मोदी से मिलेंगे CM योगी, यूपी चुनाव पर मंथन!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात करेंगे. इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव और राज्यसभा चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

आज तक 26 Sep 2026 1:00 pm

तेलंगाना: गणेश विसर्जन के दौरान अलग-अलग हादसों में सब-इंस्पेक्टर समेत 13 की मौत, 26 घायल

तेलंगाना में गणेश विसर्जन समारोहों के दौरान हुए विभिन्न हादसों में एक सब-इंस्पेक्टर सहित 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 26 अन्य घायल हो गए।

जागरण 26 Sep 2026 1:00 pm

पितृ पक्ष में इन रूपों में घर आते हैं पूर्वज, भूलकर भी न करें अनदेखा

Pitra Paksha 2026: पितृ पक्ष का समय केवल तर्पण और पिंडदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूर्वजों के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन अवसर है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में हमारे पितर अदृश्य रूप के अलावा कई अन्य जीवों के रूप में भी आते हैं. तो चलिए जानते हैं उन रूपों के बारे में.

आज तक 26 Sep 2026 1:00 pm

ट्रेन से गिरकर मौत, टिकट नहीं मिला तो भी मिलेगा मुआवजा; सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मृत यात्री से ट्रेन टिकट बरामद न होना मुआवजे का दावा खारिज करने का आधार नहीं है। गुजरात ट्रेन हादसे में माता-पिता को 8 लाख रुपये का मुआवजा बहाल किया गया।

देशबन्धु 26 Sep 2026 12:58 pm

यूपी चुनाव से पहले बढ़ी हलचल: पीएम मोदी से सीएम योगी ने की मुलाकात, बैठक के सियासी मायनों पर टिकी नजरें

यूपी चुनाव से पहले बढ़ी हलचल: पीएम मोदी से सीएम योगी ने की मुलाकात, बैठक के सियासी मायनों पर टिकी नजरें cm-yogi-adityanath-pm-modi-meeting-delhi-up-assembly-election-2027-speculation

अमर उजाला 26 Sep 2026 12:58 pm

शत्रुघ्न सिन्हा ने चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार को घेरा

ममता बनर्जी ने देश में चुनाव प्रक्रियाओं को लेकर एक नया और बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया है. उन्होंने हालिया चुनावों को पूरी तरह से गैर-संवैधानिक और गैर-कानूनी बताते हुए इन्हें रद्द करने और दोबारा मतदान कराने की जोरदार मांग की है. इस पूरे विवाद में चुनाव अधिकारी ज्ञानेश कुमार मुख्य रूप से निशाने पर हैं. विपक्ष का आरोप है कि चुनाव में भारी धांधली हुई है और इसके लिए सीधे तौर पर ज्ञानेश कुमार जिम्मेदार हैं.

आज तक 26 Sep 2026 12:56 pm

GenZ वोटरों को रोकने के बाद अब स्पेशल कैंप लगाने का दिया जा रहा आदेश, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर लगाया एक और आरोप

कांग्रेस ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर नए आरोप लगाए और उन पर पहली बार वोट देने वाले 'जेन ज़ेड' (Gen Z) मतदाताओं के लिए मुश्किलें खड़ी करने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फॉर्म 6' में एक नई शर्त जोड़कर युवा वोटरों के लिए रजिस्ट्रेशन मुश्किल बना दिया है। रमेश ने एक्स पर लिखा एक नया अनिवार्य सेक्शन जोड़ा गया, जिसमें यह पूछा गया कि क्या आपके माता-पिता/दादा-दादी पिछले SIR में शामिल थे। इससे पहली बार वोट देने वाले Gen Z वोटरों के लिए एक नई बाधा खड़ी हो गई। यह बदलाव पूरी तरह से गैर-कानूनी है। रमेश ने दिल्ली में युवा वोटरों के लिए स्पेशल वोटर-एनरोलमेंट कैंप लगाने के ECI के फ़ैसले पर भी सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: CEC ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी पर अड़ी Congress, चंडीगढ़ में पुलिस ने वाटर कैनन से रोका रमेश ने कहा कि कल देर रात, घबराए हुए चुनाव आयोग ने अधिकारियों को युवा वोटरों के लिए स्पेशल एनरोलमेंट कैंप लगाने और सोशल मीडिया के ज़रिए उनका बड़े पैमाने पर प्रचार करने का निर्देश दिया। दिल्ली चुनाव कार्यालय ने शहर भर के कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज़ और दूसरे शिक्षण संस्थानों में 29 और 30 सितंबर को स्पेशल वोटर-एनरोलमेंट कैंप लगाने की घोषणा की है। ये कैंप 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) 2026' के तहत युवा वोटरों के एनरोलमेंट में मदद करेंगे। इसे भी पढ़ें: पूर्व PM Manmohan Singh की जयंती पर Mallikarjun Kharge ने दी श्रद्धांजलि, आर्थिक सुधारों को सराहा फॉर्म 6 में बदलाव करने का अधिकार नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई में बिना किसी आधिकारिक सूचना के ऑनलाइन फॉर्म में बदलाव किया गया और कानूनी रूप से तय फॉर्म में बदलाव करने के चुनाव आयोग के अधिकार पर सवाल उठाया। ECI के पास फॉर्म 6 में बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार, यह अधिकार सिर्फ़ केंद्र सरकार के पास है। यह साफ़ तौर पर चुनाव आयोग द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का मामला है। इस रिपोर्ट को लिखते समय चुनाव आयोग की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। रमेश ने आगे आरोप लगाया कि यह बदलाव रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत फॉर्म 6 से जुड़े नियमों में कोई संशोधन किए बिना किया गया। उन्होंने कहा रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत फॉर्म 6 से जुड़े नियमों में बिना किसी संशोधन के यह फॉर्म बदल दिया गया। ऐसा बदलाव केवल केंद्र सरकार ही संसद को उचित सूचना देने के बाद कर सकती है। घबराए हुए PM-HM की जोड़ी के कहने पर CEC ज्ञानेश कुमार ने कानून द्वारा तय किए गए एक कानूनी फॉर्म में एकतरफा बदलाव कर दिया।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:56 pm

तीसरी मंजिल पर बिक रही चाय! ‘छत वाली चाय की दुकान’ की तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर चाय की एक अनोखी दुकान की तस्वीर चर्चा में है. घर की तीसरी मंजिल की छत पर टीन की छत डालकर चाय की दुकान बनाई गई है. दुकान का नाम ‘छत वाली चाय की दुकान’ है, जहां कॉफी, मसाला चाय और दूध चाय भी मिलती है.

आज तक 26 Sep 2026 12:54 pm

Sonam Wangchuk ने Ladakh की तुलना China के कब्जे वाले Tibet से करके खड़ा किया विवाद, Central Tibetan Administration ने जताई कड़ी आपत्ति

लद्दाख में अधिकारों, राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर लंबे समय से मुखर रहे जलवायु कार्यकर्ता और लेह एपेक्स बॉडी के सदस्य सोनम वांगचुक अब अपने एक बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। लद्दाख की मौजूदा परिस्थितियों की तुलना चीन के कब्जे वाले तिब्बत से करने पर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने कड़ी आपत्ति जताई है। धर्मशाला स्थित केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने वांगचुक की टिप्पणी को न केवल अनुचित, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने वाली बताया है। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के आधिकारिक प्रवक्ता तेनजिन लेक्शे ने शुक्रवार शाम कहा कि प्रशासन वांगचुक के हालिया सार्वजनिक बयान को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा कि लद्दाख की स्थिति की तुलना तिब्बत के भीतर की परिस्थितियों से करना गलत और वास्तविकता से परे है। उनके मुताबिक तिब्बत आज भी चीन के सत्तावादी शासन के अधीन है, जहां तिब्बतियों के मौलिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर व्यवस्थित दमन जारी है तथा उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को मिटाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Ladakh हिंसा मामले में बड़ा फैसला, उपराज्यपाल ने 20 लोगों पर दर्ज केस वापस लिए हम आपको बता दें कि 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा की पहली बरसी पर लोगों को संबोधित करते हुए वांगचुक ने लद्दाख में पिछले वर्ष हुए घटनाक्रम को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा देने के कथित आश्वासनों को पूरा नहीं किया जाना ही पिछले वर्ष के आंदोलन की मूल वजह था। वांगचुक ने दावा किया कि पिछले साल प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में चार लोगों की मौत हुई और करीब 90 लोग घायल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे निहत्थे युवाओं पर स्वचालित हथियारों से गोलियां चलाई गईं। उनका कहना था कि मृतकों के सीने, पीठ और सिर में गोलियां लगी थीं और यह महज भीड़ को नियंत्रित करने के लिए छोड़े गए छर्रे नहीं थे। इसी संदर्भ में वांगचुक ने लद्दाख की तुलना तिब्बत से करते हुए कहा कि लद्दाख में कथित तौर पर ऐसी ज्यादतियां हो रही हैं, जो उनके अनुसार चीन भी तिब्बत में नहीं कर रहा। उन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख के लोगों ने भारत को इसलिए चुना था क्योंकि यहां लोकतांत्रिक व्यवस्था है। हालांकि, इसी तुलना ने अब तिब्बती प्रशासन को खुलकर सामने आने के लिए मजबूर कर दिया है। वांगचुक ने पिछले वर्ष हुई मौतों की जांच के लिए जनता की अदालत गठित करने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा गठित न्यायिक आयोग की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। उन्होंने दावा किया कि 24 सितंबर 2025 को मारे गए चार प्रदर्शनकारी अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे और उन पर कथित रूप से अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गया। वांगचुक ने आंदोलन के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराए जाने के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि 2020 में लेह स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के चुनाव से पहले लद्दाख के कुछ प्रतिनिधियों को विशेष विमान से नई दिल्ली ले जाया गया था और उन्हें राज्य का दर्जा तथा छठी अनुसूची का दर्जा देने का आश्वासन दिया गया था। उनके मुताबिक इन कथित आश्वासनों को पूरा नहीं किए जाने से लोगों में असंतोष बढ़ा और अंततः पिछले साल प्रदर्शन भड़क उठे। हम आपको याद दिला दें कि हिंसा के बाद लेह में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लगाई गई थीं। आगजनी और दंगे के आरोपों के बाद प्राथमिकी दर्ज हुईं और 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें वांगचुक भी शामिल थे। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया। करीब 170 दिन हिरासत में रहने के बाद केंद्र सरकार ने इस वर्ष 14 मार्च को उनकी हिरासत वापस ले ली, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया। अब वांगचुक ने आशंका जताई है कि लद्दाख में कथित अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें किसी मुठभेड़ में निशाना बनाया जा सकता है। दूसरी ओर, तिब्बती प्रशासन की आपत्ति ने इस पूरे विवाद को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। देखा जाये तो एक तरफ वांगचुक लद्दाख में लोकतांत्रिक अधिकारों और कथित सरकारी वादाखिलाफी का मुद्दा उठा रहे हैं, तो दूसरी तरफ केंद्रीय तिब्बती प्रशासन यह स्पष्ट कर रहा है कि चीन के अधीन तिब्बत की राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों को लद्दाख से जोड़ना उचित नहीं है। बहरहाल, इस विवाद ने लद्दाख के अधिकारों की लड़ाई को अब केवल राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग तक सीमित नहीं रहने दिया है। सवाल यह भी उठ खड़ा हुआ है कि लोकतांत्रिक भारत में शासन और सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर उठाए जा रहे सवालों की तुलना चीन के तिब्बत शासन से किस सीमा तक की जा सकती है और इस तुलना की राजनीतिक तथा ऐतिहासिक कीमत क्या होगी।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:54 pm

Thane में फर्जी Trading App से महिला से 1.1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी

महाराष्ट्र के ठाणे शहर में शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर 59 वर्षीय महिला से साइबर ठगों ने कथित तौर पर 1.1 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर महिला को एक फर्जी ऐप के जरिये शेयर बाजार में निवेश करने के लिए कहा और उसके पैसे ठग लिए। एक अधिकारी ने बताया कि घोड़बंदर रोड की निवासी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ठगों ने एक लिंक के माध्यम से उसे एक ‘ट्रेडिंग ऐप’ डाउनलोड करने के लिए कहा और चार अगस्त से 10 सितंबर के बीच कई बैंक खातों में 1.1 करोड़ रुपये जमा करवाए। उन्होंने कहा कि जब महिला ने अपना पैसा निकालने की कोशिश की, तो ऐप ने झूठे तौर पर उसके मुनाफे को 13.67 करोड़ रुपये दिखाया और अतिरिक्त भुगतान की मांग की। ठाणे की साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साइबर पुलिस थाने के निरीक्षक राहुल सोनावणे ने कहा, ‘‘बैंक खाताधारकों और ऐप संचालकों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:52 pm

Devendra Fadnavis का बड़ा कदम: Maharashtra के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित, किसानों की होगी मदद

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को एक बड़ा फ़ैसला लेते हुए राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया। उन्होंने राज्य के कुल 358 तालुकाओं में से 265 में सूखा घोषित किया, जो महाराष्ट्र के कुल इलाक़े का लगभग 75 प्रतिशत है। फडणवीस ने लातूर में सूखे जैसे हालात को बेहद गंभीर बताया इससे पहले इस हफ़्ते, फडणवीस ने मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर और धाराशिव में सूखे जैसे हालात को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इन दोनों ज़िलों में इस साल सामान्य से आधी बारिश हुई है और प्रभावित किसानों को हर संभव मदद का वादा किया। उन्होंने लातूर की निलंगा तहसील का दौरा किया, जो पानी की कमी और फ़सल के नुकसान से जूझ रही है, और वहाँ किसानों से बातचीत की। बाद में उन्होंने धाराशिव ज़िले के कुछ हिस्सों का दौरा किया और पश्चिमी महाराष्ट्र के सोलापुर ज़िले के बारशी इलाक़े में सोयाबीन की फ़सलों का भी जायज़ा लिया। फडणवीस ने कहा कि फ़सल के नुकसान का सर्वे सिर्फ़ एक औपचारिकता थी और इसे प्रक्रिया के तौर पर किया जा रहा था, जबकि तबाही पहले ही साफ़ दिख रही थी। उन्होंने कहा, हमने सभी रिपोर्ट इकट्ठा कर ली हैं और उसी के अनुसार कार्रवाई कर रहे हैं। सरकार ने सूखे की स्थिति को बहुत गंभीरता से लिया है और काम शुरू कर दिया है। हम किसानों की मदद करेंगे, और हमारी कर्ज माफ़ी योजना भी चल रही है और इसे रोका नहीं जाएगा। हम पानी और चारे का भी इंतज़ाम कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Maharashtra Drought: फसल नुकसान पर Devendra Fadnavis का बड़ा एलान, कल जारी होगा राहत आदेश मुख्यमंत्री ने राज्य में सूखे से निपटने के लिए कई उपायों की भी घोषणा की, जिनमें शामिल हैं: ज़मीन के लगान (लैंड रेवेन्यू) में छूट फ़सल ऋण (crop loans) का पुनर्गठन खेती से जुड़े कर्ज़ की वसूली पर रोक खेतों में लगे पंपों के मौजूदा बिजली बिलों में छूट (7.5 हॉर्सपावर क्षमता वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ़ किया जा चुका है, अब ज़्यादा क्षमता वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट दी गई है) स्कूल/कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फ़ीस में छूट रोज़गार गारंटी योजना के नियमों में ढील देकर और ज़्यादा नौकरियां शुरू की जाएंगी ज़रूरत पड़ने पर पीने के पानी के टैंकर

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:52 pm

अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में SITजांच पूरी, ट्रस्टियों को मिली क्लीन चिट

अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की जांच अब पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है. इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं और सच सबके सामने आ गया है. पहले कुछ लोगों द्वारा यह मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में इस पूरे मामले की जांच कराई जाए, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने स्वीकार भी किया था.

आज तक 26 Sep 2026 12:49 pm

बिहार के किशनगंज में युवती से बदसलूकी का वीडियो वायरल, पुलिस ने SIT गठित कर एक आरोपी को दबोचा

बिहार में महिलाओं और युवतियों के खिलाफ बदसलूकी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला किशनगंज जिले के दिघलबैंक थाना क्षेत्र का है, जहां तुलसिया रेलवे स्टेशन का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित ...

वेब दुनिया 26 Sep 2026 12:49 pm

गिल की कप्तानी पर विराट की मुहर, बोले- लंबे समय तक संभालेंगे कमान

विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले कप्तान शुभमन गिल की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि गिल अभी कप्तानी सीख रहे हैं, लेकिन उनका नजरिया और इंटेंसिटी सही है. विराट के मुताबिक गिल मैदान पर बल्लेबाजों को आउट करने के तरीके सोचते हैं, अलग फील्ड लगाते हैं और गेंदबाजों से उसी हिसाब से बात करते हैं.

आज तक 26 Sep 2026 12:47 pm

सड़कों पर उतरी कांग्रेस, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से की ये मांग

सड़कों पर उतरी कांग्रेस, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से की ये मांग

अमर उजाला 26 Sep 2026 12:47 pm

बुंदेलखंड में किसान महापंचायत का आयोजन, क्या बोले राकेश टिकैत?

बुंदेलखंड में किसानों की समस्याओं को लेकर विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया. इसमें किसान नेता राकेश टिकैत ने क्षेत्र की बदहाली और प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि और जलभराव के कारण किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें कोई सरकारी सहायता नहीं मिल रही है. सरकार ने साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, जो सिर्फ एक चुनावी जुमला साबित हुआ. आय दोगुनी होने के बजाय किसानों पर कर्ज का बोझ चार गुना बढ़ गया है.

आज तक 26 Sep 2026 12:47 pm

'वोट तो मिलना नहीं', मैनपुरी-सैफई से कांग्रेस के रैली प्लान पर शिवपाल

रायबरेली में अखिलेश की रथ यात्रा के बाद कांग्रेस अब मैनपुरी-सैफई से रैली करने का प्लान कर रही है. इस पर जब शिवपाल यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- करें, पर वहां वोट नहीं मिलने हैं. जसवंतनगर में हमारी रिकॉर्ड जीत होती रही है और आगे भी होगी.

आज तक 26 Sep 2026 12:45 pm

शराबबंदी वाले नागालैंड में जहरीली शराब का कहर, दो दिन में 19 लोगों की मौत

पिछले दो दिनों में नागालैंड में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई है. अलग-अलग इलाकों से मौत के मामले सामने आए हैं. पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT बनाई है.

आज तक 26 Sep 2026 12:44 pm

बाजार से खरीदना छोड़ें, घर पर झटपट बनाएं टेस्टी और कुरकुरे आलू पापड़

Homemade Papad: अगर आपको भी पापड़ या चिप्स जैसी चीजें खाना पसंद है तो इसके लिए अब आपको बाजार के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको घर में आलू से फ्रेश और क्रिप्सी आलू पापड़ बनाने का तरीका बता रहे हैं जो फटाफट बनकर तैयार हो जाएंगे.

आज तक 26 Sep 2026 12:42 pm

क्या बीजेपी छोड़ने का मन बना चुके हैं? कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताई अपने 'दिल की बात'

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के हालात के बारे में विचार रखने का मतलब यह नहीं हुआ कि वह बीजेपी छोड़ने जा रहे हैं और कोई दूसरी पार्टी जॉइन करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि 84 साल का व्यक्ति इतना भी बूढ़ा नहीं होता है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 12:40 pm

झाग स्प्रे किया और बन गई मजबूत ईंट, आजकल ये क्या लगवा रहे हैं लोग?

आजकल कंस्ट्रक्शन में लाल ईंटों की जगह अलग- अलग तरह के ब्रिक्स और ब्लॉक इस्तेमाल होने लगे हैं. इनमें से ही एक ऐसी ईंट है जो सिर्फ झाग स्प्रे करके तैयार की जाती है. इस ईंट की अपनी एक अलग खासियत है.

आज तक 26 Sep 2026 12:39 pm

पश्चिम बंगाल: चाय पीने गए BJP नेताओं पर लाठी-चाकू से हमला, 1 की मौत

पश्चिम मिदनापुर के हातिहालका इलाके में चाय पीने गए बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लाठी और चाकू से हमला किया गया. हमले में बीजेपी सोशल मीडिया कार्यकर्ता शमशेर बिस्वास की मौत हो गई. बीजेपी नेता संदीप करण ने हमलावरों के टीएमसी से जुड़े होने या नव-बीजेपी सदस्यों के होने की आशंका जताई

आज तक 26 Sep 2026 12:36 pm

पद्मश्री बहुत छोटी बात, ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहिए; BJP के बचाव पर कांग्रेस का तंज

भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार की वजह से पश्चिम बंगाल में लंबे समय बाद बिना किसी चुनावी हिंसा, भय या हत्या के लोगों को वोट डालने का मौका मिला।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 12:34 pm

मैनेजमेंट व साइंस के छात्रों ने डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से सीखी पर्यावरण आधारित अर्थव्यवस्था

श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंस ने BCA, BBA और B.Sc. पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए सनावादिया गाँव स्थित 'जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' का एक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया।

वेब दुनिया 26 Sep 2026 12:33 pm

Baghpat के Vijay Kumar Sharma ने 27 साल के संघर्ष के बाद 59 की उम्र में हासिल की शिक्षक की नौकरी

जहां एक उम्र के बाद लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना छोड़ देते हैं, वहीं बागपत के 59 वर्षीय विजय कुमार शर्मा ने सरकारी अध्यापक बनने की कोशिश आखिरी प्रयास तक नहीं छोड़ी और अंततः उन्होंने अपने नाम के अनुरूप विजय हासिल की। वर्ष 1999 में सरकारी अध्यापक बनने का लक्ष्य तय करने वाले विजय ने 27 वर्षों तक तैयारी जारी रखी और अनेक असफल प्रयासों के बाद अब 59 वर्ष की उम्र में उनका नाम सरकारी अध्यापकों की सूची में है। शर्मा का कहना है कि उनके लिए यह नौकरी से ज्यादा उस लक्ष्य का पूरा होना है, जिसे उन्होंने वर्ष 1999 में तय किया था। बड़ौत क्षेत्र के बदहवाद गांव निवासी शर्मा का चयन शामली जिले के एक सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय में टीजीटी संस्कृत शिक्षक के पद पर हुआ है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में गत सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा। शर्मा ने बताया कि वह लंबे समय तक शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में शामिल होते रहे। उन्होंने टीजीटी की लिखित परीक्षा छह बार और पीजीटी की परीक्षा चार बार उत्तीर्ण की। करीब आठ बार साक्षात्कार के लिए भी पहुंचे, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। इसके बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी। इस बार भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार नहीं होने पर उनका चयन हो गया। दिलचस्प बात यह है कि सरकारी नौकरी की तैयारी के साथ शर्मा ने करीब 26 साल तक निजी विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया। वह विवेकानंद विद्यापीठ और दून पब्लिक स्कूल में हिंदी तथा संस्कृत का अध्यापन करते रहे। दून पब्लिक स्कूल के निदेशक प्रशांत जैन के अनुसार, शर्मा अध्यापन के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी जुटे रहते थे। शर्मा के पिता लक्ष्मण सिंह भी शिक्षक थे। उनके दो बेटे उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं और तीन बेटियां हैं। उनकी एक बेटी का भी शिक्षक पद पर चयन हुआ है और वह प्रतीक्षा सूची में है। शर्मा कहते हैं कि हर असफल प्रयास के बाद उन्होंने अपनी तैयारी में कुछ न कुछ सुधार किया। उनका मानना है कि उम्र सफलता की राह में बाधा नहीं है, बशर्ते प्रयास जारी रहे। अब 59 वर्ष की उम्र में मिली नियुक्ति शर्मा के लिए 27 वर्षों की उस यात्रा का पड़ाव है, जिसमें कई बार चयन की उम्मीद जगी और टूटी, लेकिन सरकारी शिक्षक बनने का लक्ष्य नहीं डगमगाया।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:32 pm

ईरान की मिसाइल का खौफ... समंदर में 1200 KM पीछे हटी अमेरिकी नौसेना

अमेरिकी नौसेना ने ईरान के पास से जहाज हटाए. सैटेलाइट तस्वीरों में कोई कैरियर या डेस्ट्रॉयर नहीं दिखे. कारण कासिम बसीर मिसाइल बताया जा रहा है. 1200 किमी रेंज वाली इस मिसाइल ने अमेरिकी जहाजों को पीछे धकेला.

आज तक 26 Sep 2026 12:31 pm

Social Media पर गहने दिखाना यूट्यूबर को पड़ा भारी

तमिलनाडु के कन्याकुमारी में एक यूट्यूबर के घर से करीब 944 ग्राम सोना और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है. चोर घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए और कीमती सामान लेकर फरार हो गए. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है. जांच में सोशल मीडिया का एंगल भी सामने आया है, क्योंकि दंपति अपने वीडियो में सोने के गहने और नकदी दिखाते थे. पुलिस अब चोरी की पूरी साजिश समझने में जुटी है.

आज तक 26 Sep 2026 12:31 pm

बिहार में भारी बारिश का अलर्ट, गंडक-बागमती-कोसी से जुड़े जिलों में बढ़ाई गई निगरानी; NDRF-SDRF अलर्ट

बिहार में गंडक, बागमती और कोसी बेसिन में भारी बारिश के चलते बाढ़ की निगरानी तेज; NDRF/SDRF की तैयारी और शुरुआती चेतावनी उप

वन इंडिया 26 Sep 2026 12:31 pm

कोहली के बचपन के कोच को बड़ी जिम्मेदारी, ये धुरंधर बना हेड कोच

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आने वाले हैं. किंग कोहली के करियर को संवारने में उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा की अहम भूमिका रही. अब राजकुमार को डीडीसीए ने बड़ी जिम्मेदारी है.

आज तक 26 Sep 2026 12:28 pm

ट्रंप के घर जिनपिंग ने क्या खाया? थाली में नहीं मिला मनपसंद खाना

ट्रंप के घर जिनपिंग ने क्या खाया? थाली में नहीं मिला मनपसंद खाना

अमर उजाला 26 Sep 2026 12:28 pm

प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरकर मौत!

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने संदिग्ध हालत में मौत हो गई. गंभीर चोटों के साथ अस्पताल ले जाए गए साधक ने दम तोड़ दिया. पुलिस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है.

आज तक 26 Sep 2026 12:27 pm

विपक्ष तो छोड़िए अब BJP के सहयोगी भी उठा रहे चुनाव आयोग पर सवाल, SIR बनी गले की फांस

चुनाव आयुक्तों में मतभेद वाली रिपोर्ट सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग फिर से विपक्षी दलों के निशाने पर आ गया है. अब बीजेपी के सहयोगी दल भी सवाल उठा रहे हैं. वोटर लिस्ट की जांच लगातार गले की फांस बनता जा रहा है.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:27 pm

छात्रों को कॉलेज ले जाने वाली बस बनी आग का गोला, धू-धू कर जली - VIDEO

ग्रेटर नोएडा में देर रात सड़क किनारे खड़ी प्राइवेट बस अचानक आग की लपटों में घिर गई. बस के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया. पास खड़ी दो अन्य बसों को भी तुरंत हटा दिया गया. दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया. अब आग लगने के कारणों की जांच जारी है.

आज तक 26 Sep 2026 12:26 pm

कौन हैं गायत्री बिश्नोई? मनीष सिसोदिया के साथ फोटो और नाम जोड़ने पर हुईं गुस्सा, कांग्रेस MLA को भी दी धमकी

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ने लगा है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप अब निजी मामलों तक पहुंचते

वन इंडिया 26 Sep 2026 12:26 pm

दिल्ली कालकाजी और जमुई मामलों के बीच अभिनेत्री कृति सेनन के पोस्ट ने हिलाया सोशल मीडिया

बॉलीवुड की जानी-मानी और लोकप्रिय अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों अपनी फिल्मों के साथ-साथ एक बेहद गंभीर सामाजिक मुद्दे पर अपनी बेबाक राय को लेकर चर्चा में आ गई हैं। देश की राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर के पास हुई एक नाबालिग से दरिंदगी की वारदात और बिहार के जमुई में सामने आए शर्मनाक मामलों के बीच जब हर तरफ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सन्नाटा या फिर अजीब सी बहस छिड़ी हुई थी, तब अभिनेत्री ने सोशल मीडिया के जरिए बिना कुछ ज्यादा बोले भी समाज की इस सड़ी-गली मानसिकता पर करारा प्रहार किया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके द्वारा री-शेयर की गई कुछ पोस्ट और लाइक किए गए कंटेंट ने यह साफ कर दिया है कि वे महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और समाज की उस दोषपूर्ण सोच से बेहद आहत हैं, जो हर घटना के बाद पीड़िता के कपड़ों, उसके बाहर निकलने के समय और उसके चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर देता है।देश में जब भी महिलाओं के खिलाफ कोई घिनौना अपराध या दुष्कर्म जैसी घटनाएं सामने आती हैं, तो समाज का एक तबका तुरंत पीड़ित लड़की से ही ऐसे सवाल पूछने लगता है कि 'उसने क्या पहना था?', 'वह रात को बाहर क्यों गई थी?' या 'वह कहां और किसके साथ थी?' इन संकीर्ण और पितृसत्तात्मक सवालों की धज्जियां उड़ाने वाली एक पोस्ट को जब कृति सेनन ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर री-शेयर किया, तो वह इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया। इस पोस्ट में बहुत ही स्पष्ट शब्दों में यह लिखा गया था कि अब वक्त आ गया है जब हमें महिलाओं को यह सिखाना बंद कर देना चाहिए कि वे हमलों से बचने के लिए खुद को कैसे छिपाएं, बल्कि इसके उलट लड़कों और पुरुषों को यह सिखाना शुरू करना चाहिए कि वे महिलाओं का सम्मान करें, उन पर नियंत्रण न रखें और किसी पर भी हमला न करें। अभिनेत्री की इस एक्टिविटी को देश भर की महिलाओं का समर्थन मिल रहा है और लोग कह रहे हैं कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते उन्होंने बेहद संवेदनशील मुद्दे पर सही समय पर अपनी बात रखी है।समाज की दोहरी प्राथमिकताओं और प्राथमिक मुद्दों से भटकाव पर तीखा सवालकृति सेनन द्वारा समर्थित और री-शेयर की गई दूसरी पोस्ट में इस बात पर भी करारा तंज कसा गया था कि हमारे देश की प्राथमिकताएं कितनी अजीब और विसंगतिपूर्ण हो चुकी हैं। उस पोस्ट में लिखा गया था कि इस देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले जघन्य अपराधों, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसी गंभीर मौतों पर उतना बड़ा जन-आक्रोश या गुस्सा देखने को नहीं मिलता, जितना गुस्सा किसी अभिनेत्री के कपड़ों या त्योहारों पर पहने गए विज्ञापनों के आउटफिट्स को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के रूप में फूट पड़ता है। जानकारों का मानना है कि हाल ही में एक ज्वैलरी ब्रांड के विज्ञापन में उनके पहने गए कपड़ों को लेकर कुछ लोगों द्वारा अनावश्यक आलोचना की गई थी, जिसके बाद इस तरह के दोहरे मानदंडों पर यह करारा जवाब माना जा रहा है। दिल्ली के कालकाजी इलाके में हुई दिल दहला देने वाली घटना और बिहार के जमुई में हुई शर्मनाक घटनाओं के बाद जिस तरह से देश भर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे समय में एक बड़ी अभिनेत्री का इस तरह खुलकर महिलाओं के पक्ष में खड़े होना एक सकारात्मक संदेश देता है।महिलाओं की सुरक्षा और सोच बदलने की है सख्त जरूरतइस पूरी सोशल मीडिया डिबेट के सामने आने के बाद से यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि क्या हमारे देश में महिलाओं के प्रति नजरिया वाकई बदल रहा है या हम आज भी उसी पुरानी और दबी हुई मानसिकता के साथ जी रहे हैं। जब तक समाज पीड़ित के कपड़ों और उसके तौर-तरीकों को दोष देना बंद नहीं करेगा, तब तक अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म नहीं किया जा सकता। कृति सेनन ने भले ही इन मामलों पर कोई लंबा-चौड़ा भाषण न दिया हो, लेकिन उन्होंने जिन विचारों और पोस्टों को हवा दी है, उन्होंने समाज के उन ठेकेदारों को आईना दिखा दिया है जो हर घटना के बाद विकृत सवाल खड़े करने लगते हैं। जनता अब यह मांग कर रही है कि केवल सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि देश के हर नागरिक और कानून व्यवस्था संभालने वाले तंत्र को मिलकर ऐसा सख्त माहौल बनाना होगा जहां बेटियां बिना किसी डर के खुलकर सांस ले सकें और अपराधियों को तुरंत व कठोर सजा मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 12:25 pm

यूपी-राजस्थान, बंगाल से बिहार जाने वाली 51 ट्रेनें रद्द, 47 डायवर्ट, पटना, आरा-सीतामढ़ी रूट पर असर, देखें लिस्ट

रेलवे ने राजेंद्र पुल पर नॉन-इंटरलॉकिंग के चलते बिहार रूट की 51 ट्रेनें रद्द कर दी हैं और 47 गाड़ियों का रूट बदल दिया है. यात्रा पर निकलने से पहले रद्द और डायवर्ट की गई सभी ट्रेनों की पूरी लिस्ट यहां देखें.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:25 pm

बांग्लादेश PM तारिक रहमान का भारत दौरा अटका! तारीख अब तक तय नहीं, क्या है वजह?

हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत की ओर से भेजे गए निमंत्रण को बांग्लादेश के स्वीकार न किए जाने से भी दोनों देशों के रिश्तों में जमी बर्फ साफ नजर आ रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 12:24 pm

'रीति तिवारी बिल्कुल झूठ बोल रही हैं': मां रानी के एक्स हस्बैंड एकम बावा के चौंकाने वाले खुलासे

टीवी के सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' (Bigg Boss 20) के घर में इन दिनों घमासान मचा हुआ है। शो में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आ रही रीति तिवारी (Rhiti Tiwari) अपने बयानों और घर के अन्य सदस्यों के साथ तीखी झड़पों के कारण लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। इसी बीच, रीति तिवारी की पर्सनल लाइफ और उनके द्वारा शो में किए गए दावों को लेकर एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रीति के कथित सौतेले पिता और मशहूर पंजाबी गायक एकम बावा (Ekam Bawa) ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। एकम बावा ने रीति तिवारी के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गुजारे के लिए केवल 25 हजार रुपये की पॉकेट मनी मिलती है और वे पेट भरने के लिए वड़ा पाव खाती हैं। एकम बावा के इन तीखे और बेबाक बदावों के बाद से सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया है और दर्शक तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।रीति तिवारी के 'पॉकेट मनी' और संघर्ष वाले दावों की हवा निकालीहाल ही में बिग बॉस के एक एपिसोड के दौरान रीति तिवारी यह कहते हुए काफी भावुक नजर आई थीं कि उन्हें अपने परिवार से केवल 20 से 25 हजार रुपये महीने की पॉकेट मनी मिलती है और मुंबई जैसे शहर में उस खर्च में गुजारा करना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने यह भी कहा था कि कई बार उन्हें पैसों की तंगी के कारण सिर्फ वड़ा पाव खाकर दिन गुजारना पड़ता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाबी गायक एकम बावा ने एक वीडियो जारी कर इन सभी दावों को झूठा और सहानुभूति हासिल करने का नाटक बताया है। एकम ने कहा कि जो लड़की लाखों रुपये के ब्रांडेड हैंडबैग इस्तेमाल करती है, जिसके पास स्पोर्ट्स कंपनी और लग्जरी गाड़ियां हैं, वह इस तरह के झूठे बयान देकर जनता को गुमराह कर रही है। एकम ने दावा किया कि वे लंबे समय तक एक ही फ्लैट में साथ रहे हैं और रीति की लाइफस्टाइल बेहद शानदार रही है, इसलिए उन्हें इस तरह की झूठी कहानियां गढ़ना बंद करना चाहिए।नेशनल टेलीविजन पर काजी तौकीर को गाली देने और धमकी देने पर फूटा गुस्सारीति तिवारी का हाल ही में घर के अन्य सदस्य काजी तौकीर (Qazi Touqeer) और उदिति सिंह के साथ एक टास्क के दौरान जबरदस्त झगड़ा हुआ था। इस दौरान बात इतनी बढ़ गई थी कि रीति ने गुस्से में आकर काजी को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था और यहाँ तक कह दिया था कि यदि उनके पिता मनोज तिवारी यह सब देख लेते तो उनका बुरा हाल कर देते। इसी बात पर कड़ा ऐतराज जताते हुए एकम बावा ने कहा कि नेशनल टेलीविजन पर जाकर किसी व्यक्ति या उसकी मां-बहन को लेकर इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि एक इंसान होने के नाते जब उन्होंने यह सब देखा तो उन्हें भी बहुत गुस्सा आया। एकम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि रीति अपने बयानों और हरकतों से बाज नहीं आती हैं, तो उनके पास पिछले छह सालों के ऐसे कई और सच हैं जिन्हें वे दुनिया के सामने लाने में पीछे नहीं हटेंगे।मां रानी तिवारी को लेकर भी दिए तीखे बयान और कही ये बड़ी बातइस पूरे खुलासे के दौरान एकम बावा ने रीति तिवारी की मां और मनोज तिवारी की पूर्व पत्नी रानी तिवारी पर भी निशाना साधा। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जिंदगी के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान करे जो स्थिति उनके साथ आई है, वैसी दुश्मन के साथ भी न आए। एकम ने कहा कि वे स्वभाव से बहुत भावुक और शांत व्यक्ति हैं और कभी विवादों में नहीं रहना चाहते थे, लेकिन झूठी और मनगढ़ंत बातें सामने आने के बाद उन्हें सच्चाई बयां करनी पड़ी। उनके इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि शो के बाहर भी पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों की कलह अब सड़कों पर आ चुकी है। आने वाले 'वीकेंड का वाॅर' एपिसोड में होस्ट सलमान खान इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और शो के भीतर इसका क्या असर होता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 12:24 pm

भूत की अफवाह से इस यूनिवर्सिटी में बवाल, पुलिस से भिड़े छात्र

चितकारा यूनिवर्सिटी में देर रात छात्रों ने भूत और दो छात्राओं के लापता होने की अफवाह के कारण हंगामा किया. पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई. इसमें पुलिस की एक गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया. प्रशासन ने अफवाहों का खंडन किया है.

आज तक 26 Sep 2026 12:23 pm

उत्तर-पूर्व में सुरक्षा कड़ी: केंद्र सरकार ने AFSPA को 6 महीने के लिए बढ़ाया

उत्तर-पूर्व भारत के सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां केंद्र सरकार ने अशांत क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम यानी AFSPA (Armed Forces Special Powers Act) की अवधि को आगामी छह महीने के लिए और अधिक बढ़ा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह विस्तार मुख्य रूप से मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के चुनिंदा संवेदनशील और अशांत जिलों या पुलिस थाना क्षेत्रों में लागू रहेगा। पिछले कुछ समय से उत्तर-पूर्व के कुछ राज्यों में जारी जातीय तनाव, स्थानीय उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह कड़ा और रणनीतिक कदम उठाया गया है। सरकार का यह निर्णय इस बात को स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार सीमावर्ती राज्यों में स्थायी शांति, राष्ट्रीय सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है, और सुरक्षा बलों को आवश्यक कानूनी सुरक्षा व विशेषाधिकार देना जारी रखा जाएगा।पूर्वोत्तर के इन राज्यों में AFSPA का इतिहास दशकों पुराना है, और इस कानून के तहत सुरक्षा बलों (सेना और असम राइफल) को अशांत क्षेत्रों में आतंकवादियों, उग्रवादियों और देशविरोधी तत्वों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाने, बिना वारंट के गिरफ्तारी करने और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने के विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार की निरंतर शांति वार्ताओं, आत्मसमर्पण अभियानों और विकासोन्मुखी नीतियों के कारण पूर्वोत्तर के कई हिस्सों से इस कानून को धीरे-धीरे पूरी तरह या आंशिक रूप से हटाया भी गया है। लेकिन वर्तमान में मणिपुर के कुछ संवेदनशील इलाकों में अभी भी जातीय संघर्ष और हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सिफारिश पर सरकार को यह एहतियाती कदम उठाना पड़ा है ताकि राज्य में कानून व्यवस्था हाथ से बाहर न जाने पाए।मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के किन इलाकों पर रहेगा असर?गृह मंत्रालय की इस नई अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर राज्य में इंफाल घाटी के कुछ हिस्सों को छोड़कर पहाड़ी जिलों और म्यांमार सीमा से सटे संवेदनशील क्षेत्रों में AFSPA का विस्तार जारी रखा गया है। मणिपुर में पिछले लंबे समय से बहुसंख्यक मैतेई और कुकी समुदायों के बीच चल रहे जातीय तनाव के कारण सुरक्षा बलों की तैनाती को बनाए रखना बेहद अनिवार्य माना जा रहा है। इसी प्रकार, नागालैंड के कई जिलों और अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग जैसे जिलों तथा असम की सीमा से लगे कुछ थाना क्षेत्रों में भी इस अधिनियम की मियाद को बढ़ाया गया है। इन इलाकों में सक्रिय भूमिगत उग्रवादी समूहों (Insurgent Groups) और अवैध हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सेना और सुरक्षाबलों के पास विशेष शक्तियों का होना प्रशासन द्वारा आवश्यक बताया गया है।क्षेत्रीय शांति, मानवाधिकार बहस और भविष्य की रणनीतिक चुनौतियांपूर्वोत्तर राज्यों में AFSPA के विस्तार को लेकर हमेशा से एक तरफ जहां सुरक्षा की अनिवार्यता की दलील दी जाती रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय नागरिक समाज और मानवाधिकार संगठनों द्वारा इसके कुछ प्रावधानों को लेकर समय-समय पर चिंताएं भी जाहिर की जाती रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों का हमेशा से यह पक्ष रहा है कि जब तक क्षेत्र में पूरी तरह से शांति, सुरक्षा और सामान्य स्थिति बहाल नहीं हो जाती, तब तक राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। गृह मंत्रालय लगातार इस बात की समीक्षा कर रहा है कि जैसे-जैसे स्थिति सामान्य होती जाएगी, वैसे-वैसे देश के इन हिस्सों से AFSPA को पूरी तरह से हटा लिया जाएगा। फिलहाल, अगले छह महीनों के लिए इस कानून के बने रहने से सुरक्षा बलों को आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की पूरी कानूनी छूट मिलती रहेगी, जिससे क्षेत्र में अलगाववादी ताकतों के मंसूबों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 12:23 pm

यूपी, दिल्ली-NCR समेत 11 राज्यों में अलर्ट, तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार

देश के कई राज्यों में बारिश का दौर फिर तेज होने वाला है।

अमर उजाला 26 Sep 2026 12:22 pm

बीजेपी के तीन प्रमुख सहयोगियों ने चुनाव आयोग (ECI) से मांगा कड़ा स्पष्टीकरण

भारतीय राजनीति के गलियारों में इस समय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन या मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े 'एसआईआर' (SIR) विवाद को लेकर सियासी पारा पूरी तरह से सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस विवाद की आंच अब सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए (NDA) के भीतर तक पहुंच चुकी है। विपक्षी दलों के हमलों के बीच अब खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन महत्वपूर्ण और प्रमुख सहयोगियों ने खुलकर इस पूरे मामले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटक दलों ने सीधे तौर पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर या सार्वजनिक मंचों से मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया पर व्याप्त असमंजस को दूर किया जाए और आयोग इस पर तत्काल प्रभाव से विस्तृत और पारदर्शी स्पष्टीकरण दे। एनडीए गठबंधन के भीतर से इस तरह के मतभेद सामने आने के बाद से विपक्षी दलों को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरने का एक और बड़ा मौका मिल गया है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में हलचल काफी तेज हो गई है।लोकसभा चुनावों के बाद से ही देश के विभिन्न राज्यों में चुनावी सुधारों, मतदाता सूचियों के विशेष पुनरीक्षण और प्रशासनिक तंत्र की पारदशिता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच खींचतान जारी है। हाल ही में सामने आए 'एसआईआर' (SIR) से जुड़े मामलों ने उस वक्त तूल पकड़ लिया जब विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया की टाइमिंग और इसके तौर-तरीकों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराईं। आमतौर पर एनडीए गठबंधन के सभी घटक दल हर बड़े प्रशासनिक और चुनावी मुद्दे पर एकजुट नजर आते हैं, लेकिन इस बार मामला सीधे तौर पर चुनाव आयोग की स्वायत्तता, पारदशिता और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा होने के कारण बीजेपी के सहयोगी दल भी खुलकर अपने विचार रखने से पीछे नहीं हट रहे हैं। तीनों सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं का यह साफ तौर पर कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का संदेह लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर सकता है, इसलिए आयोग को बिना किसी देरी के सभी संशयों का निवारण करना चाहिए।सहयोगी दलों की चिंताएं और चुनाव आयोग पर बढ़ता दबावबीजेपी के जिन तीन प्रमुख सहयोगियों ने इस SIR विवाद पर अपनी आवाज बुलंद की है, उनके नाम सामने आने के बाद राजनीतिक विश्लेषक भी हैरान हैं। इन दलों का मुख्य तर्क यह है कि देश के संघीय ढांचे और चुनावी प्रणाली की विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का दाग नहीं लगना चाहिए। उनका मानना है कि यदि मतदाता सूची या विशेष प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर विपक्षी दल कोई सवाल उठा रहे हैं, तो चुनाव आयोग को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता के मन में किसी भी प्रकार की शंका न बचे। इन क्षेत्रीय दलों का यह भी मानना है कि उनकी अपनी राजनीतिक जमीन और मतदाता आधार इन चुनावी सुधारों से सीधे तौर पर प्रभावित होता है, इसलिए वे किसी भी ऐसे निर्णय का आँख मूंदकर समर्थन नहीं कर सकते जिससे उनके अपने कैडर या जनता के बीच गलत संदेश जाए।राष्ट्रीय राजनीति और आगामी चुनावों पर पड़ने वाले असरएनडीए के भीतर से उठे इन बगावती और वैचारिक रूप से स्वतंत्र स्वरों ने यह साबित कर दिया है कि गठबंधन की सरकार में भी क्षेत्रीय दल अपने राष्ट्रीय सहयोगियों के सामने अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान और प्राथमिकताओं को प्राथमिकता देने से पीछे नहीं हट रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और यह दावा करना शुरू कर दिया है कि अब सत्ता पक्ष के अंदर ही चुनावी व्यवस्था को लेकर गहरे मतभेद पैदा हो चुके हैं। दूसरी तरफ, राजनीतिक जानकारों का यह मानना है कि चुनाव आयोग इस पूरे विवाद पर जल्द ही कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकता है ताकि बढ़ते राजनीतिक तनाव को थामा जा सके। बहरहाल, SIR विवाद को लेकर एनडीए के भीतर उठा यह बवंडर आने वाले दिनों में देश की चुनावी राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 12:22 pm

जोधपुर के राजघराने की 200 साल पुरानी शाही डिश है, शेफ ने शेयर की आसान रेसिपी

कभी खाई है गुलाब जामुन की तीखी और मसालेदार सब्जी? जोधपुर के राजघराने से जुड़ी है यह शाही डिश.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:21 pm

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर पीएम मोदी और रक्षा मंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाले शीर्ष राजनेता डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर आज पूरा देश उन्हें आदरपूर्वक याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और देश के तमाम वरिष्ठ राजनीतिक दिग्गजों ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के माध्यम से पूर्व पीएम को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं और उनके लंबे तथा स्वस्थ जीवन की कामना की। भारतीय राजनीति और अर्थशास्त्र के इतिहास में डॉ. मनमोहन सिंह का नाम एक ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने 1991 के आर्थिक संकट के दौर में देश के वित्त मंत्री के रूप में ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों (Economic Reforms) की नींव रखी थी और भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दिलाई थी। पार्टीगत सीमाओं से ऊपर उठकर देश के तमाम शीर्ष नेताओं ने देश के प्रति उनकी दी गई अनमोल सेवाओं और उनके सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन की खुलकर सराहना की है।देश की राजधानी नई दिल्ली से लेकर राजनीतिक गलियारों तक आज डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान को लेकर विशेष चर्चाएं हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पूर्व प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की कामना की। इसी तरह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने भी उनके शांत स्वभाव, विद्वत्ता और देश के विकास में दिए गए उनके अमूल्य योगदान को याद किया। कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस अवसर पर डॉ. सिंह को आधुनिक भारत का वह शिल्पकार बताया, जिन्होंने अपनी नीतियों से देश के मध्यम वर्ग और औद्योगिक क्षेत्र को एक नई मजबूती प्रदान की।1991 के ऐतिहासिक आर्थिक सुधार और डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शिताडॉ. मनमोहन सिंह के राजनीतिक और प्रशासनिक करियर का सबसे स्वर्णिम और ऐतिहासिक अध्याय साल 1991 में लिखा गया था, जब देश गंभीर विदेशी मुद्रा संकट और भुगतान संतुलन की भारी समस्या से जूझ रहा था। उस समय प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कमान संभालते हुए डॉ. मनमोहन सिंह ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG Reforms) की नीतियों का सूत्रपात किया था। उनके इन क्रांतिकारी फैसलों ने भारत के बंद दरवाजे वाले बाजारों को दुनिया के लिए खोल दिया, जिससे विदेशी निवेश के रास्ते साफ हुए और देश में अभूतपूर्व आर्थिक विकास की शुरुआत हुई। अर्थशास्त्री के रूप में उनकी साख और उनकी प्रशासनिक कुशलता ने देश को उस वित्तीय भंवर से बाहर निकाला, जिससे आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।देश सेवा को समर्पित एक सादगीपूर्ण और बेदाग राजनीतिक जीवनवित्त मंत्री के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह ने साल 2004 से 2014 तक देश के 13वें प्रधानमंत्री के रूप में लगातार दो कार्यकाल तक देश का सफल नेतृत्व किया। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान ही देश में सूचना का अधिकार (RTI) कानून, मनरेगा (MGNREGA) जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं और भारत-अमेरिका परमाणु समझौता जैसी ऐतिहासिक रणनीतिक पहलें जमीन पर उतरीं। राजनीति में आने के बावजूद उन्होंने हमेशा अपनी अकादमिक शालीनता, बौद्धिक ईमानदारी और गहरी सादगी को बनाए रखा। सार्वजनिक जीवन में उनके बेदाग और स्वच्छ चरित्र ने उन्हें विपक्ष के बीच भी एक आदरणीय स्थान दिलाया। आज उनकी जयंती के अवसर पर देश का हर नागरिक उनके योगदान को नमन कर रहा है और भारतीय लोकतंत्र तथा अर्थव्यवस्था को सींचने में उनके द्वारा दिए गए बलिदान व समर्पण को याद कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Sep 2026 12:21 pm

लाचार मां को अकेला छोड़ नहीं भागा बेटा, नोएडा बस हादसे में दोनों जिंदा जले, रुला देगी यह कहानी

नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड में एक मां बेटे की भी जलकर मौत हुई है. खास बात यह है कि बेटे के पास बस से उतरने का मौका था, लेकिन वह अपनी मां को छोड़कर नीचे नहीं उतरा, जिससे दोनों की जलने से मौत हो गई.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:20 pm

इस राज्य में टूटा जहरीली शराब का कहर, 19 लोगों की मौत; 36 साल से लागू है शराबबंदी

नगालैंड में जहरीली शराब से 19 मरे। राज्य में 1990 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। पुलिस ने बताया कि पिछले दो दिनों में संदिग्ध नकली शराब पीने से मोकोकचुंग जिले में आठ और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की मौत हो गई।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Sep 2026 12:20 pm

15Kg के गहने, 5Kg का लहंगा, 90s का गाना शूट करते छिल गया था एक्ट्रेस का पूरा शरीर, विदेशियों ने भी लुटाए पैसे, अल्का याग्निक की आवाज में कल्ट

90 के दशक के गाने सुनते ही आज भी फैंस मस्ती के मूड में आ जाते हैं. आज भी इन गानों को सुना जाता है और महफिलों में डांस और एनर्जी के लिए जाने जाते हैं. हम आज ऐसे ही एक गाने के बारे में बात करेंगे, जोअपने दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर साबित हुआ और आज भी लोगों की जुबान पर है.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:20 pm

'अमेरिका में मैं कैसे बना करोड़पति?', भारतीय ने बताया अपना पूरा सफर

अमेरिका में H-1B वीजा पर काम करने वाले एक भारतीय ने बताया कि महंगी जिंदगी और बड़े खर्चों के बीच उसने कैसे अपनी कमाई बढ़ाई, खर्च कंट्रोल किया और करोड़पति बनने का सफर तय किया.

आज तक 26 Sep 2026 12:18 pm

ट्रंप के लिए शहबाज का फिर उमड़ा प्यार, बातें सुन भारतीय डिप्लोमैट को आई हंसी!

ट्रंप के लिए शहबाज का फिर उमड़ा प्यार, बातें सुन भारतीय डिप्लोमैट को आई हंसी!

अमर उजाला 26 Sep 2026 12:18 pm

CEC ज्ञानेश कुमार पर जारी रहेगा हल्लाबोल, अगले सप्ताह विपक्ष की महाबैठक; ममता से लेफ्ट तक सब एक

चुनाव आयोग के मसले पर ममता और अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से बात की है. इसके अलावा सीपीएम महासचिव एमए बेबी ने ममता बनर्जी से बात की है.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:16 pm

'मेडल नहीं आता तो सब बेकार...', सिल्वर जीतकर छलका सावन का दर्द

भारत के मैराथन धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया. 28 साल के सावन ने 2:11:37 का समय निकाला. इसी साल उन्होंने पहली मैराथन में 2:11:58 का रिकॉर्ड बनाया था. सावन ने कहा कि अगर एशियन गेम्स में मेडल नहीं मिलता तो मैराथन में आने का फैसला और 15-16 साल की मेहनत बेकार लगती.

आज तक 26 Sep 2026 12:16 pm

रीति तिवारी के स्ट्रगल के दावों पर पंजाबी सिंगर एकम बावा का रिएक्शन, कहा- इतना झूठ कौन बोलता है

भोजपुरी अभिनेता और नेता मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी इन दिनों 'बिग बॉस-20' में साथी प्रतिभागियों उदिति और काजी तौकीर के साथ बहस के दौरान आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल और कम पॉकेट मनी मिलने को लेकर दिए बयान के कारण आलोचना का सामना कर रही हैं.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:15 pm

अजय का अनोखा अंदाज, CM की पत्नी संग जुहू बीच पर की सफाई

फिल्म 'दृश्यम 3' की रिलीज से पहले बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन मुंबई के जुहू बीच पर स्वच्छता अभियान में शामिल हुए. उन्होंने देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के साथ मिलकर गणपति विसर्जन के बाद समुद्र तट पर सफाई की.

आज तक 26 Sep 2026 12:15 pm

चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों के बीच NDA सहयोगियों ने क्या कहा?

भारत का चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है, जिस पर पूरे देश की जनता भरोसा करती है. लोकतंत्र में यह बेहद जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों. हाल ही में विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर उठाए गए सवालों को लेकर एनडीए गठबंधन के सहयोगियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. एनडीए सहयोगियों का मानना है कि यदि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कोई सवाल उठाता है, तो आयोग को खुद आगे आकर इन आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए ताकि जनता के बीच कोई संदेह न रहे.

आज तक 26 Sep 2026 12:14 pm

UNGA के इतर S Jaishankar ने Russia और Iran के विदेश मंत्रियों से की अहम वार्ता

(योषिता सिंह)न्यूयॉर्क, 26 सितंबर रूस और ईरान से तेल एवं गैस खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध से संबंधित एक नए कानून पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के कुछ दिन बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र के इतर रूस और ईरान के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान और रूस के अपने समकक्षों से मुलाकात की। इन बैठकों में द्विपक्षीय मुद्दों, ब्रिक्स समूह में सहयोग और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात कर द्विपक्षीय मुद्दों और ब्रिक्स समूह में सहयोग पर चर्चा की। जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ आज अच्छी बैठक हुई। कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। हमने द्विपक्षीय और ब्रिक्स सहयोग की भी समीक्षा की।’’ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। भारत ने इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी भाग लिया था। रूस के विदेश मंत्रालय ने जयशंकर और लावरोव की द्विपक्षीय बैठक के बारे में जारी बयान में कहा कि दोनों नेताओं ने ‘‘रूस-भारत सहयोग से जुड़े प्रमुख मुद्दों, द्विपक्षीय संपर्कों के आगामी कार्यक्रम और यूक्रेन संकट तथा पश्चिम एशिया की स्थिति समेत मौजूदा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों’’ पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने ‘‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’’ को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने तथा संयुक्त राष्ट्र, जी20, ब्रिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय समूहों में करीबी समन्वय बनाए रखने की इच्छा जताई। जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र से इतर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी शुक्रवार को मुलाकात की। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत हुई। हमने खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की। हम संपर्क में बने रहेंगे।’’ट्रंप ने पिछले सप्ताह ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ पर हस्ताक्षर किए थे। यह कानून रूस पर वैधानिक प्रतिबंधों, शुल्क और पाबंदियों को लागू करने एवं उनका दायरा बढ़ाने की अनुमति देता है और ईरान पर मौजूदा प्रतिबंधों का विस्तार करता है। अमेरिका के रूस संबंधी प्रतिबंध कानून पर भारत ने कहा है कि वह अपने 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह विभिन्न स्रोतों से ऊर्जा खरीदने की नीति के जरिये ऐसा करना जारी रखेगा। यह कानून ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने और तेल एवं गैस क्षेत्र में भारत तथा चीन जैसे उसके व्यापारिक साझेदारों पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार देता है। संयुक्त राष्ट्र में अपनी बैठकों के क्रम में जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर न्यूयॉर्क में भारत-खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ‘ट्रोइका’ मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भी की। उन्होंने भारत-जीसीसी संयुक्त कार्ययोजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की और साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। भारत ने भारत-जीसीसी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होने का स्वागत किया। जयशंकर ने कहा, ‘‘इस वार्ता से व्यापार, निवेश, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, नयी प्रौद्योगिकियों, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है। भारतीय समुदाय को दिए गए सहयोग के लिए जीसीसी नेतृत्व का आभार जताया।’’भारत ने नौवहन की स्वतंत्रता तथा नाविकों और वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा को लेकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता भी दोहराई। जयशंकर ने यूनान के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस के साथ ‘‘अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा पर जोर’’ विषयक एक कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता भी की। जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने एआई से मिलने वाली संभावनाओं का उपयोग करने, उसके परिणामों का पहले से आकलन करने और उससे जुड़े जोखिमों को कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए ऐसा दृष्टिकोण जरूरी है जो नवोन्मेष को बढ़ावा दे, लेकिन साथ ही सुरक्षा पर पड़ने वाले उसके प्रभावों को लेकर भी सचेत रहे।’’जयशंकर ने कहा कि नयी दिल्ली घोषणा में एआई संसाधनों तक लोकतांत्रिक पहुंच, सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणालियां विकसित करने, मानव क्षमताओं में निवेश तथा आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण के लिए एआई के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एआई, समुद्री क्षेत्र में गतिविधियों की निगरानी और जानकारी जुटाने की क्षमता, खोज एवं बचाव अभियानों, आपदा प्रतिक्रिया, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा बंदरगाहों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा एवं मजबूती बढ़ाने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही एआई का इस्तेमाल उन्नत निगरानी करने, कमजोरियों की पहचान करने और जहाजों, संचार नेटवर्क तथा समुद्र के नीचे स्थित बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले साइबर अभियानों के लिए भी किया जा सकता है। जयशंकर ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में देशों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और समुद्री कानून समेत अंतरराष्ट्रीय कानून महत्वपूर्ण ढांचा बने हुए हैं। जयशंकर ने कहा, ‘‘इन सिद्धांतों के अनुरूप एआई का विकास और इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए अधिक पारदर्शिता, विश्वास बहाली, क्षमता निर्माण, तकनीकी सहयोग और सर्वोत्तम तौर-तरीकों का आदान-प्रदान जरूरी है।

प्रभासाक्षी 26 Sep 2026 12:13 pm

धर्मांतरण या प्रार्थना ? धमतरी में 40 चर्चों पर लगे बोर्ड- गैर ईसाई वर्जित, 1500 ने दिया प्रार्थना का आवेदन

छत्तीसगढ़ के धमतरी में धर्मांतरण बनाम प्रार्थना सभा की बहस तेज हो गई है. 117 साल पुराने मेनोनाइट चर्च समेत 40 चर्चों पर लगे बोर्ड और 1500 आवेदनों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:12 pm

बैंकों की हड़ताल की वजह से देरी से आएगी आपकी सैलरी?

28 से 30 सितंबर तक देशभर में बैंक कर्मचारी और अधिकारी तीन दिन की हड़ताल पर रहेंगे। यू

अमर उजाला 26 Sep 2026 12:12 pm

₹10,000 का AI Toothbrush! क्या सच में काम करता है? देखें रिव्यू

Oral-B iO9 Electric Toothbrush सिर्फ ब्रश नहीं करता बल्कि AI-पावर्ड ट्रैकिंग और कोचिंग के जरिए ब्रशिंग को एनालाइज भी करता है. इसमें 7 ब्रशिंग मोड्स, स्मार्ट प्रेशर सेंसर, इंट्रैक्टिव कलर डिस्प्ले, AI-पावर्ड ब्रश ट्रैकिंग और मैग्नेटिक चार्जिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं. लेकिन असली सवाल है, क्या ₹10,000 के आसपास की कीमत में ये AI टूथब्रश वाकई काम का है? देखें वीडियो.

आज तक 26 Sep 2026 12:11 pm

यूपी समेत 15 राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट, डिप्रेशन के असर से कई जगहों पर थमी रफ्तार

Weather Update 26 September : डिप्रेशन की वजह से ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी है। नदी नाले उफान पर है और सड़कों पर पानी भरा हुआ है। मौसम विभाग ने देश के 15 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी ...

वेब दुनिया 26 Sep 2026 12:11 pm

शरीर में कमजोरी हो तो क्या खाना चाहिए? 5 फूड्स, जिनसे बढ़ेगी एनर्जी और ताकत

दिनभर के काम और कई कारणों से लोगों को थकान काफी ज्यादा बनी रहती है. ऐसे में शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है. शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए कुछ हेल्दी खाने की चीजों को डाइट में शामिल करना चाहिए. यहां जानते हैं उनके बारे में-

NDTV इंडिया 26 Sep 2026 12:08 pm