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गोविंदा के बिना सुनीता ने की गणपति की पूजा, बच्चों संग चहकीं

सुनीता आहूजा ने अपने बच्चों यश और टीना संग मिलकर घर पर गणपति बप्पा की पूजा बड़ी धूमधाम से की थी. उन्होंने पैपराजी को मिठाई भी बांटी. लेकिन इस सेलिब्रेशन से गोविंदा गायब दिखे.

आज तक 14 Sep 2026 7:50 pm

24 कैरेट 'गोल्डन मोदक'! जानें सोने की परत चढ़े इस मोदक की क्या है कीमत

नासिक की सागर स्वीट्स ने 25 से ज्यादा अनोखे और हाई क्वालिटी मोदक पेश किए हैं, जिन पर कई खास तरह के ऑफर भी रखे गए हैं. सोने और चांदी से सजे गोल्डन मोदक दुकान की सबसे चर्चित मिठाइयों में से हैं. गोल्डन मोदक की कीमत ₹27,000 प्रति Kg है. जबकि काजू मोदक ₹2,000 प्रति Kg के हिसाब से बेचे जा रहे हैं.

आज तक 14 Sep 2026 7:49 pm

कहानी DU के 'फोटोकॉपी वाले' की जिसने ऑक्सफोर्ड-कैम्ब्रिज को हराया

जेल जाने का खौफ, परिवार का पेट पालने की चिंता और कर्मचारियों की रोजी-रोटी का सवाल... लेकिन इसके बावजूद धर्मपाल ने घुटने टेकने से इनकार कर दिया. यह कहानी सिर्फ एक दुकान बचाने की नहीं, बल्कि भारत में 'सस्ती शिक्षा और ज्ञान के अधिकार' की सबसे बड़ी मिसाल है. जानें पूरी कहानी...

आज तक 14 Sep 2026 7:45 pm

हूती के खिलाफ कैसी है सैन्य तैयारी? देखें सऊदी का जारी Video

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने एक 62 सेकंड का वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में अमेरिकी फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, सैनिक और सैन्य तैयारियां दिखाई गई हैं. इस फुटेज में सैनिकों को ऑपरेशन की तैयारी करते, फाइटर जेट्स को फॉर्मेशन में उड़ते, हेलिकॉप्टर से सैनिकों की तैनाती और हवा से टारगेट पर निशाना साधने के दृश्य दिखाए गए हैं. ये वीडियो ऐसे समय में जारी किया गया है जब हूतियों ने सऊदी में हमले तेज कर दिए हैं. देखें वीडियो.

आज तक 14 Sep 2026 7:41 pm

कभी सिर पर झपटते, कभी हमला करते, सोसाइटी में परेशान थे लोग, पकड़े गए 7 उल्लू

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेसिडेंशिया सोसाइटी में उल्लुओं के हमले से निवासी परेशान थे. लगातार हो रहे हमलों में करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए और कई लोगों के सिर से खून निकल गया. शिकायत मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए 7 उल्लुओं को रेस्क्यू किया. इनमें 2 वयस्क और 5 बच्चे शामिल हैं.

आज तक 14 Sep 2026 7:40 pm

समांथा की हुई गोदभराई, बच्चे को मिले संस्कार, उतारी नजर

एक्ट्रेस समांथा रुथ प्रभु अपनी लाइफ के बेस्ट फेज को एंजॉय कर रही हैं. वो मां बनने वाली हैं. उनकी गोदभराई का डिवाइन फंक्शन हुआ है.

आज तक 14 Sep 2026 7:30 pm

Rajasthan Municipal Election Result: 4171 वार्डों पर जीतकर BJP आगे, कांग्रेस 3597 सीटों पर सिमटी

राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को कांग्रेस पर बढ़त बना ली। अब तक घोषित 10,210 वार्ड के परिणामों में भाजपा ने 4,171 सीट पर जबकि कांग्रेस ने 3,597 सीट पर जीत दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रमुख नगर निगमों के नतीजों में अलग-अलग तस्वीर सामने आई। भाजपा ने 80 सदस्यीय उदयपुर नगर निगम में 53 पर, 70 सदस्यीय भीलवाड़ा नगर निगम में 45 पर और 100 सदस्यीय कोटा नगर निगम में 53 वार्ड में जीत दर्ज स्पष्ट बढ़त हासिल की। कांग्रेस ने बीकानेर में बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि अजमेर और पाली में भी वह भाजपा से आगे रही। जयपुर और अलवर में भाजपा ने बढ़त बनाई। जोधपुर में दोनों दलों के बीच कड़ा मुकाबला रहा और भाजपा तथा कांग्रेस ने 44-44 वार्ड जीते, जबकि 10 वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में निर्दलीय उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया। भारतपुर नगर निकाय के कुल 65 वार्ड में से निर्दलीयों ने 36 में जीत या बढ़त हासिल की, जबकि भाजपा 20 और कांग्रेस सात वार्ड पर विजयी या आगे है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने एक-एक वार्ड में जीत दर्ज की। अजमेर के 80 वार्ड में से कांग्रेस 37 पर, भाजपा 32 पर और निर्दलीयों 11 पर विजयी रहे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह शहर पाली नगर निकाय के कुल 65 वार्ड में कांग्रेस ने 29 पर, भाजपा ने 21 पर जीत दर्ज की जबकि 15 वार्ड निर्दलीयों के खाते में गए। राज्यस्तर पर भी निर्दलीय उम्मीदवारों ने बेहतर प्रदर्शन किया है और कुल 2,272 वार्ड में जीत दर्ज की है। इससे कई शहरी निकायों में वे निर्णायक भूमिका में आ सकते हैं। राज्य में कुल 10,244 वार्ड में मतगणना हुई, जिनमें से शाम 5:45 बजे तक 10,210 के परिणाम घोषित किए जा चुके थे। भाजपा ने 4,171, कांग्रेस ने 3,597, निर्दलीयों ने 2,272, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) ने 63, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 38, बसपा ने 19, आम आदमी पार्टी (आप) ने 42 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्ड जीते हैं। इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार और विपक्षी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। कुल 309 शहरी निकायों के चुनाव दो चरणों में नौ और 11 सितंबर को हुए थे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। कुल 10,245 पार्षदों का चुनाव होना है और 1.44 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के पात्र थे। वर्ष 2019-21 के निकाय चुनावों में राजस्थान में 196 शहरी निकाय और 7,500 वार्ड थे। महापौर और सभापति के चुनाव के बाद कांग्रेस ने 123 शहरी निकायों पर नियंत्रण हासिल किया था, जबकि भाजपा के पास 64 निकाय थे। नौ निकायों में निर्दलीय और अन्य दलों के प्रतिनिधि प्रमुख पदों पर चुने गए थे। महापौर और सभापति का चुनाव 21 सितंबर को होगा, जबकि उप महापौर, उप सभापति और नगरपालिका उपाध्यक्षों का चुनाव 22 सितंबर को होगा।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 7:23 pm

TMC के 20 बागी सांसदों में से 17 जॉइन करेंगे बीजेपी, NCPI नेता का दावा

तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद NCPI में शामिल होकर NDA के साथ जुड़ सकते हैं. इनमें से 17 सांसद जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे जबकि तीन मुस्लिम सांसद NCPI में रहकर NDA का समर्थन जारी रखेंगे.

आज तक 14 Sep 2026 7:21 pm

30 साल की उम्र में हो रहा कैंसर, ये लक्षण दिखते ही इलाज कराएं

कैंसर अब 50-60 साल की उम्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि 30-40 साल के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं.डॉक्टरों का कहना है कि लक्षणों को नजरअंदाज करने से बीमारी गंभीर हो जाती है, इसलिए असामान्य लक्षणों को दो-तीन हफ्ते से अधिक समय तक नजरअंदाज न करें.

आज तक 14 Sep 2026 7:16 pm

भारत का आर्टिफिशियल सूरज असली सूर्य से 20 गुना ज्यादा गर्म

भारत के SST-1 टोकामक पर नया 82.6 गीगाहर्ट्ज जाइरोट्रॉन लगा. यह कृत्रिम सूर्य प्लाज्मा को और बेहतर तरीके से गर्म करेगा. तापमान सूर्य से कई गुना ज्यादा है.

आज तक 14 Sep 2026 7:13 pm

UCC को DMK नेता TKS Elangovan ने बताया असंवैधानिक, अमित शाह पर साधा निशाना

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वरिष्ठ नेता टी. के. एस. इलानगोवन ने सोमवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने संबंधी बयानों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और इसे ‘‘असंवैधानिक’’ करार दिया। इलानगोवन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की लंदन यात्रा को लेकर राज्य सरकार से पूरी पारदर्शिता बरतने की भी मांग की। उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शासित राज्यों में यूसीसी लागू करना संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के संविधान के खिलाफ है। वे इसे लागू नहीं कर सकते, क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 25 प्रत्येक भारतीय को मौलिक अधिकार के तहत किसी भी धर्म को मानने, उसका प्रचार करने और उसका पालन करने का पूरा अधिकार देता है। अमित शाह जिस बारे में बात कर रहे हैं, वह संविधान के खिलाफ है। यह बिल्कुल गलत है।’’केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने 13 सितंबर को घोषणा की थी कि 2029 से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा शासित सभी 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दी जाएगी। यूसीसी का उद्देश्य विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों के लिए सभी नागरिकों पर समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें धर्म-विशिष्ट कानूनों को हटाकर एक समान कानूनी ढांचा स्थापित किया जाएगा। इलानगोवन ने मुख्यमंत्री विजय की लंदन यात्रा को लेकर भी सत्तारूढ़ सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने संभावित औद्योगिक निवेश के संबंध में आधिकारिक कार्यक्रम या पारदर्शी यात्रा विवरण जारी नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पर्याप्त बुनियादी ढांचे और नीतिगत समर्थन के अभाव के कारण कई परियोजनाएं पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में चली गईं। ईलानगोवन ने कहा, ‘‘सरकार की ओर से इस यात्रा का कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया। हमें केवल यह बताया गया कि वह 10 सितंबर को रवाना होंगे। वह किन देशों की यात्रा कर रहे हैं और किन कंपनियों से मुलाकात करने वाले हैं, इसके बारे में कुछ भी सामने नहीं आया है।’’उन्होंने कहा कि इसके बजाय सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को मोटर कार रेस को हरी झंडी दिखाते हुए दिखाया गया।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 7:12 pm

पश्चिम एशिया में फिर मचा हड़कंप, सऊदी अरब और हूत‍ियों के बीच भीषण जंग

मिडिल-ईस्ट में हालात स्थिर होने के नाम नहीं ले रहे हैं. यमन के हूतियों ने अब सऊदी अरब के शरूराह में ड्रोन दाग दिए हैं. हूतियों ने दावा किया है कि उसने एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया है. हूती सैन्य प्रवक्ता याहिया सारी ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में इस हमले की जानकारी दी.

आज तक 14 Sep 2026 7:11 pm

टीम इंडिया को बड़ा झटका, अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हुआ दिग्गज खिलाड़ी

वरुण चक्रवर्ती एक बार फिर चोटिल हो गए हैं. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में पहला टी20 मैच खेलने के बाद अब वह बाकी के मुकाबलों में हिस्सा नहीं लेंगे.

आज तक 14 Sep 2026 7:05 pm

पंप बंद, शहर में जलभराव, वाराणसी में लापरवाही पर इंजीनियर सस्पेंड

वाराणसी में जलभराव की समस्या को लेकर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश जल निगम के अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है. जांच में 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन और गोईठहां एसटीपी के पंप बंद रखने की बात सामने आई. भारी बारिश के दौरान जल निकासी प्रभावित हुई थी.

आज तक 14 Sep 2026 7:03 pm

200 करोड़ पार 'हनुमान अंश', अब महाकवि तुलसीदास पर बनेगी फिल्म

फिल्म हनुमान अंश की मेगा-ब्लॉकबस्टर सक्सेस के बाद, डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने तुलसीदास पर फिल्म बनाने का ऐलान कर दिया है. ये फिल्म महावीर जैन फिल्म्स कंपनी प्रोड्यूस करने वाली है.

आज तक 14 Sep 2026 7:00 pm

उम्र से पहले सफेद हो रहे बाल? बिना डाई इन पत्तियों से करें काला!

How To Dye Hairs Without Color: उम्र से पहले सफेद होते बालों और केमिकल वाली डाई के नुकसान से परेशान हैं? सेज (Sage) की पत्तियों का पानी बिना किसी केमिकल के बालों को नेचुरल तरीके से डार्क टोन देने का एक बेहतरीन देसी ऑप्शन है. जानिए सेज की पत्तियों का पानी बनाने का तरीका, इस्तेमाल करने का तरीका और इसे लगाने में क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए.

आज तक 14 Sep 2026 7:00 pm

पंजाब में BJP का बड़ा दांव, महाराष्ट्र में CBI की FIR ने बढ़ाई हलचल; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें

पंजाब में भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के परिवार में सेंध लगा दी है। उनके चचेरे भाई मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों जल्द पार्टी में शामिल होने वाले हैं। वहीं महाराष्ट्र में दिशा सालियन मौत मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है, जिसमें आदित्य ठाकरे समेत कई बड़े नाम हैं...

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 6:54 pm

Jagdish Chandra Barma Basunia का दावा, 17 बागी TMC सांसद BJP में होंगे शामिल, सहयोगियों ने नकारा

तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि एनसीपीआई का दामन थाम चुके 20 में से 17 सांसद अक्टूबर में दुर्गा पूजा से पहले या उसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होंगे। हालांकि साथी बागी सांसदों ने इस दावे को तत्काल खारिज कर दिया। भाजपा ने इस दावे से दूरी बनाने की कोशिश की। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी महज इस आधार पर किसी को अपने साथ शामिल नहीं करेगी कि वह भाजपा में शामिल होना चाहता है। बागी तृणमूल सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए ममता बनर्जी खेमे ने इस कदम को ‘‘गद्दारों का कृत्य’’ करार दिया, जिन्होंने ‘‘राजनीतिक अवसरवाद की वेदी पर सिद्धांतों की बलि दे दी है।’’बसुनिया ने संवाददाताओं से कहा कि इन 17 सांसदों ने एक साथ भाजपा में शामिल होने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है और दावा किया कि सामूहिक रूप से दल बदलने पर वे दलबदल रोधी कानून के दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम 17 सांसद एकसाथ भाजपा में जा रहे हैं। चूंकि 20 सदस्यों में से दो-तिहाई से अधिक सांसद दल बदल रहे हैं, इसलिए दलबदल रोधी कानून हम पर लागू नहीं होगा।’’तृणमूल के 27 लोकसभा सदस्यों में से 20 ने इस साल मई में विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद अपेक्षाकृत कम चर्चित नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) का दामन थाम लिया था और भाजपा को समर्थन देने की घोषणा की थी। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को आवेदन दिया है और उच्चतम न्यायालय का भी रुख किया है तथा इन सांसदों को सांसद के तौर पर अयोग्य ठहराने की मांग की है। हालांकि, बागी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि समूह ने अब तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और कूचबिहार के सांसद बसुनिया ने यह बयान अपनी व्यक्तिगत हैसियत में दिया है। एनसीपीआई समूह का हिस्सा अबू ताहेर खान ने कहा कि बसुनिया को एनसीपीआई में शामिल सभी सांसदों की ओर से बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने बसुनिया के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि वह, जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान और बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान बाहर से राजग को समर्थन देंगे। ताहेर ने कहा, ‘‘हम भाजपा में नहीं जाएंगे। हम राजग में नहीं जाएंगे। यह स्पष्ट है।’’मुर्शिदाबाद सीट के सांसद ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री विकास से जुड़े मुद्दों पर उन्हें आमंत्रित करते हैं तो वह और दोनों अन्य सांसद सरकारी बैठकों में शामिल हो सकते हैं, लेकिन भाजपा या राजग की बैठकों में हिस्सा नहीं लेंगे। बसुनिया ने दावा किया था कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े ये तीन सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्रों की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल नहीं होंगे, लेकिन बाहर से राजग का समर्थन करेंगे और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां या विभाग दिए जा सकते हैं। इस बीच, भाजपा ने इस दावे से दूरी बना ली। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा कि उन्हें इस तरह के किसी घटनाक्रम की जानकारी नहीं है और किसी व्यक्ति द्वारा भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताने का यह मतलब नहीं है कि पार्टी उसे स्वत: अपने साथ ले लेगी। भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी केवल इसलिए किसी को अपने साथ शामिल नहीं करेगी क्योंकि वह भाजपा में आना चाहता है। उन्होंने सवाल किया कि बसुनिया जिस भाजपा की बात कर रहे हैं, क्या वह ‘‘मंगल ग्रह वाली भाजपा’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरी जानकारी है, तृणमूल या एनसीपीआई से कोई भी भाजपा में शामिल नहीं हो रहा है। राज्य के लोग यह नहीं भूले हैं कि तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं और सांसदों ने किस तरह के अत्याचार किए थे।’’ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल खेमे के प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि बागी नेता ‘‘भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।’’घोष ने कहा, ‘‘हम शुरुआत से ही यह कहते आए हैं। उन्हें खुद नहीं पता कि आज वे कहां खड़े हैं। उनका उद्देश्य भाजपा में प्रवेश करना है। हमने उन्हें दिल्ली में घर-घर जाकर भाजपा नेताओं से मिलते देखा है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि इन सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर भाजपा विरोधी वोट हासिल किए और बाद में ‘‘भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने’’ लगे। घोष ने कहा, ‘‘चूंकि मामला अदालत में है, इसलिए मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। हमारी पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और वकील-सांसद कल्याण बनर्जी इसे देख रहे हैं। लेकिन सिद्धांतों की कमी की बात करें तो वे भाजपा के दरवाजे खटखटा रहे हैं—यह कैसा राजनीतिक सिद्धांत है? वे राजनीति को और कितना घृणित और गंदे स्तर तक ले जाएंगे?’’घोष ने कहा कि यह केवल ममता बनर्जी या तृणमूल के साथ विश्वासघात नहीं है, बल्कि ‘‘भाजपा के खिलाफ मतदान करने वाले हर व्यक्ति के साथ विश्वासघात’’ है। उन्होंने कहा, ‘‘और फिर एनसीपीआई और इस तरह की तमाम कहानियां हैं। यह बहुत बड़ी साजिश है। वे जितना अधिक बोलते हैं, उतनी ही बदबू बाहर आती है; इस राजनीति के पीछे सड़ांध, गंदगी, लालच, अवसरवाद और राजनीतिक दल-बदल उतना ही स्पष्ट होता जाता है।’’उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं के पास कोई दिशा या सिद्धांत नहीं है और उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो चुका है। तृणमूल विधायक ने कहा, ‘‘इनका जनता से कोई संबंध नहीं है। बंगाल की जनता इन गद्दारों को खारिज कर रही है। वे एक डाल पर बैठते हैं, फिर दूसरी और फिर तीसरी डाल पर चले जाते हैं।’’प्रदेश भाजपा प्रमुख द्वारा तृणमूल नेताओं को भाजपा में शामिल नहीं करने संबंधी रुख के बारे में पूछे जाने पर घोष ने भट्टाचार्य पर केवल दिखावे के लिए ऐसा कहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘देखिए, समिक भट्टाचार्य सिगरेट के पैकेट पर छपी वैधानिक चेतावनी की तरह हैं। दूसरे शब्दों में, वह चाहे जो भी कहें, बाद में हम उन्हीं चीजों को होते हुए देखते हैं, चाहे वह कितनी भी चेतावनी क्यों न दें।’’चौदह जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी लोकसभा सदस्यों ने एनसीपीआई में विलय की घोषणा की थी और भाजपा नीत राजग को समर्थन दिया था। इसके बाद उन्होंने अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की। बागी खेमे का कहना है कि यह कदम वैध विलय है और उसने दलबदल रोधी कानून में दो-तिहाई के प्रावधान का हवाला दिया है। समूह में 20 सांसद हैं और इस प्रावधान के तहत कम से कम 14 सांसदों का साथ आना जरूरी है। बसुनिया ने कहा था कि सांसदों का मूल रूप से सीधे भाजपा में जाने का इरादा था, लेकिन तीन अल्पसंख्यक सांसदों के भाजपा में शामिल होने से इनकार करने के बाद उन्हें एनसीपीआई में लाया गया। हालांकि, इस समूह की कानूनी स्थिति को लेकर विवाद बना हुआ है। लोकसभा के रिकॉर्ड में अब भी इन 20 सांसदों को तृणमूल के सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है और अलग एनसीपीआई समूह के रूप में मान्यता देने की उनकी मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने दलबदल रोधी कानून के तहत 20 सांसदों को अयोग्य ठहराने संबंधी अपनी याचिका के शीघ्र निपटारे के अनुरोध को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में 20 सांसदों को नोटिस जारी किया है। बसुनिया और उनकी पत्नी एवं तृणमूल विधायक संगीता रॉय को उनके राजनीतिक रुख में बदलाव को लेकर विरोध का सामना करना पड़ा था, जब वे कूचबिहार स्थित अपने पैतृक घर लौटे थे। उनके आवास के पास स्थित तृणमूल के एक कार्यालय में भी कथित तौर पर आग लगा दी गई थी।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:52 pm

दुश्मन टैंक, आतंकियों का बंकर... सब नष्ट करेगी नाग-MK2 मिसाइल

नाग एमके-2 एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल भारतीय सेना में शामिल होने के लिए तैयार है. यह तीसरी पीढ़ी की फायर-एंड-फॉरगेट मिसाइल है जो आधुनिक टैंकों को नष्ट कर सकती है.

आज तक 14 Sep 2026 6:49 pm

CCTV: स्कूल गेट पर की ताबड़तोड़ फायरिंग, रंगदारी की पर्ची भी चिपका गए

बिहार के मुजफ्फरपुर के एक स्कूल के गेट पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की. बदमाशों ने करीब 18 राउंड फायरिंग की और स्कूल के गेट पर एक पर्ची भी चिपका गए जिसमें 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई है.

आज तक 14 Sep 2026 6:49 pm

बिहार NDA में UCC पर घमासान, अमित शाह के दावे के बाद JDU में असंतोष

Bihar UCC controversy: समान नागरिक संहिता को लेकर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए के दलों में ही घमासान शुरू हो गया है। दरअसल, शाह ने कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 21 ...

वेब दुनिया 14 Sep 2026 6:49 pm

हरतालिका तीज की रात करें ये एक काम, विवाह-धन की समस्या होगी दूर

हरतालिका तीज का व्रत के दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं. मान्यता है कि तीज की रात किए गए कुछ उपाय विवाह संबंधी अड़चनों और धन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में सहायक माने जाते हैं.

आज तक 14 Sep 2026 6:48 pm

मराठा आंदोलनकारी मनोज जरांगे ने बढ़ाई फडणवीस सरकार की टेंशन, अब मुंबई कूच का ऐलान; क्या प्लान?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गणेश उत्सव को देखते हुए मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे से सोमवार को अपील की कि वह इस हफ्ते के आखिर में मुंबई में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन पर फिर से विचार करें।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 6:42 pm

जंतर-मंतर हमला मामला: Delhi Court ने Swatantra Bhardwaj की जमानत पर फैसला रखा सुरक्षित

दिल्ली की एक अदालत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले समेत अन्य आरोपों के संबंध में हिंदुत्ववादी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर अपना आदेश 15 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया। सोमवार को सुनवाई के दौरान भारद्वाज के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को ‘‘कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों’’ के बाद गिरफ्तार किया गया था और वास्तव में मौजूदा मामले में शिकायतकर्ता ने जून में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान भारद्वाज पर हमला किया था। भारद्वाज को सात सितंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह ललर ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि क्या घटना के समय भारद्वाज ने जातिसूचक गाली दी थी। इस पर दिल्ली पुलिस ने कहा कि जब शुरुआत में शिकायत दर्ज की गई थी, तब उसमें जातिसूचक गाली का कोई उल्लेख नहीं था। बाद में जब दोबारा बयान दर्ज किया गया, तो उसमें जातिसूचक गाली का उल्लेख किया गया और इसी के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम लगाया गया। भारद्वाज के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ 23 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद 27 जून को पूछताछ के लिए भारद्वाज को पेश होने का नोटिस जारी किया गया था। भारद्वाज के वकील ने अपने मुवक्किल के हवाले से कहा, ‘‘मैं 29 जून को पूछताछ के लिए पेश हुआ। इसके बाद मुझे जाने दिया गया। फिर कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद चार सितंबर को मुझे गिरफ्तार कर लिया गया। मेरी गिरफ्तारी के बाद (पॉक्सो अधिनियम के तहत) एक नयी प्राथमिकी दर्ज की गई।’’उन्होंने कहा, ‘‘सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कॉजपा के प्रदर्शन के दौरान शिकायतकर्ता ने खुद मुझ पर हमला किया था। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मैं गिर गया था और पुलिस ने मुझे बचाया था।’’उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस को वह वीडियो नजर नहीं आ रहा, जिसमें साफ दिख रहा है कि शिकायतकर्ता ने मुझ पर हमला किया और मैं गिर गया।’’इसके बाद अदालत ने वीडियो क्लिप चलाकर देखी। शिकायतकर्ता के वकील ने इसके बाद कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी में कोई कानूनी खामी नहीं थी और आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम तथा बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इसके बाद न्यायाधीश ललर ने कहा कि आगे की कार्यवाही बंद कमरे में होगी और फिर अदालत के कर्मचारियों ने मीडिया कर्मियों से अदालत कक्ष से बाहर जाने को कहा। बाद में अदालत के कर्मचारियों ने बताया कि आदेश सुरक्षित रख लिया गया है और इसे मंगलवार को सुनाया जाएगा। भारद्वाज को चार सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। इससे कुछ घंटे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर जून में हुए कथित हमले को लेकर भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग की थी। यह कार्रवाई उस साक्षात्कार को लेकर पैदा हुए आक्रोश के बाद की गई थी, जिसमें भारद्वाज ने दावा किया था कि उसने 23 जून के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता के पिता की ‘‘खोपड़ी फोड़ दी थी’’ और अपने राजनीतिक संबंधों के कारण गिरफ्तारी से बच गया था। अगले दिन भारद्वाज को न्यायाधीश ललर के आवास पर पेश किया गया, जिन्होंने आरोपी से एक दिन की हिरासत में पूछताछ के अनुरोध वाली दिल्ली पुलिस की याचिका को मंजूरी दे दी। इसके अगले दिन मजिस्ट्रेट अदालत ने भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। न्यायाधीश ललर ने पिछले सप्ताह भारद्वाज की न्यायिक हिरासत 21 सितंबर तक बढ़ा दी थी।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:42 pm

गुरुग्राम में फीमेल बाइकर को टक्कर मारने वाली कार निकली आर्मी जवान की, बोला- दोस्त का भाई गाड़ी लेकर भागा

Gurugram Golf Course Road accident: गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइक राइडर को तेज रफ्तार कार द्वारा टक्कर मारने के मामले में दो बड़े अपडेट सामने आए हैं। गुरुग्राम पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Moto) ...

वेब दुनिया 14 Sep 2026 6:39 pm

'पाक के साथ खेलना ही बंद करो', BCCI को लेना होगा बड़ा फैसला

भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला जीतकर एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया है. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने इस जीत के बाद मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया.

आज तक 14 Sep 2026 6:38 pm

रोचक हुई नंदीग्राम की लड़ाई, TMC के बागी गुट ने भी उतारे उपचुनाव में उम्मीदवार

तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट समूह ने दोनों प्रत्याशियों को बधाई दी है। पार्टी ने कहा कि वह अपनी शीर्ष नेता के मार्गदर्शन और प्रेरणा से जनता की आकांक्षाओं को केंद्र में रखकर यह चुनाव लड़ेगी।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 6:37 pm

निशु आजाद मामला: आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत पर सुनवाई पूरी, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित; 15 सितंबर को आएगा आदेश

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में गिरफ्तार आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत इस मामले में 15 सितंबर को फैसला सुनाएगी। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

देशबन्धु 14 Sep 2026 6:32 pm

INDIA गठबंधन के तीन साल पूरे, 14 सदस्यीय समन्वय समिति हुई निष्क्रिय

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने के मकसद से तीन साल पहले गठित ‘इंडिया’ गठबंन को आगे बढ़ाने के लिए बनाई गई समन्वय समिति अब निष्क्रिय हो चुकी है, हालांकि यह गठबंधन कुछ बिखराव एवं टकराव के बावजूद अपना वजूद बनाए हुए है। गठबंधन की 14 सदस्यीय समन्वय समिति की पहली बैठक 13 सितंबर, 2023 को हुई थी। उस समय इसे गठबंधन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था के रूप में देखा गया था। हालांकि, वह समिति की आखिरी बैठक भी साबित हुई। तीन साल बाद समन्वय समिति अस्तित्व में नहीं है और इसके मूल सदस्यों में से दो अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खेमे में हैं। इस साल राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय बहाल करने का प्रयास जरूर किया गया। बीते आठ जून को इस गठबंधन के घटक दलों के नेताओं ने दो साल से अधिक समय में पहली बड़ी औपचारिक बैठक की थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घोषणा की थी कि अब गठबंधन के दल हर दो महीने में बैठक करेंगे। इस साल, अगस्त में हैदराबाद में बैठक का सुझाव दिया गया था, लेकिन वह बैठक नहीं हो सकी। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हम कांग्रेस द्वारा बैठक की तारीख तय करने का इंतजार कर रहे हैं। हैदराबाद में प्रस्तावित बैठक क्यों नहीं हो सकी, इस बारे में उनकी ओर से कोई जानकारी नहीं है।’’कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने पूछे जाने पर कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस बीच, गठबंधन बनाने वाले दलों के आपसी संबंधों में बदलाव आया है, जिससे अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इन राज्यों में कहीं दल सहयोगी हैं, कहीं प्रतिद्वंद्वी और कहीं संभावित साझेदार। पिछले साल गठबंधन से अलग हुई आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब में कांग्रेस के साथ लड़ाई लगातार तीखी होती जा रही है। बीते रविवार को आप ने गोवा में गैर-भाजपा, गैर-कांग्रेस विकल्प पेश करने के लिए गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन किया। पार्टी गुजरात में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है। जहां राज्यवार रणनीति ने चुनावी तौर पर काम किया है, वहां भी मतभेद उभर आए हैं। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस-राष्ट्रीय जनता दल (राजद) गठबंधन ने 2024 में आसानी से सत्ता बरकरार रखी, जबकि जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। झारखंड में कांग्रेस के नेता सरकार में प्रतिनिधित्व और झामुमो के साथ समन्वय को लेकर अक्सर शिकायत करते रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ कांग्रेस के रिश्ते खराब हुए हैं। इस महीने दोनों दलों के मतभेद उस समय फिर खुलकर सामने आए जब कांग्रेस ने सरकार समर्थित एक कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे गाए जाने पर आपत्ति जताई। इसके जवाब में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने सहयोगी दल पर पलटवार किया। तमिलनाडु में कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) का गठबंधन ‘इंडिया’ गठबंधन के सबसे टिकाऊ राज्य स्तरीय गठबंधनों में से एक था और 2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन के प्रदर्शन में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा था। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस द्रमुक के नेतृत्व वाले मोर्चे से अलग हो गई और सत्तारूढ़ टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई। सितंबर 2023 में मुंबई में हुई बैठक में गठबंधन के 13 सदस्यों को 14 सदस्यीय समन्वय समिति में शामिल किया गया था। एक सीट माकपा के लिए रखी गई थी, लेकिन उसने अपना प्रतिनिधि नामित नहीं किया। समिति में कांग्रेस की ओर से के. सी. वेणुगोपाल, तत्कालीन अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से शरद पवार, द्रमुक से टी. आर. बालू, झामुमो से हेमंत सोरेन, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से संजय राउत, राजद से तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस से अभिषेक बनर्जी, आप से राघव चड्ढा, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए, समाजवादी पार्टी से जावेद अली खान, जनता दल (यूनाइटेड) से ललन सिंह, जो 2024 में भाजपा नीत राजग में लौट गए, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से डी. राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस से उमर अब्दुल्ला और पीडीपी से महबूबा मुफ्ती शामिल थे।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:32 pm

पत्नी का सिर काटने वाले की मौत पर बवाल; पुलिस पर एनकाउंटर का आरोप, शव लेने से इनकार

रामानुज गोस्वामी पर 3 सितंबर को गुवाहाटी के एक फ्लैट में अपनी पत्नी रिया तालुकदार की हत्या करने और उसका सिर काटने का आरोप था। आरोप है कि पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ संबंध होने के शक में उसने यह कदम उठाया।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 6:31 pm

सूजी डालकर घर पर बनाएं राजस्थानी स्टाइल मावा बाटी, आसान है रेसिपी

राजस्थानी मावा बाटी का स्वाद आपको जरूर पसंद आएगा. बाहर से हल्की क्रिस्पी और अंदर से मावा, ड्राई फ्रूट्स और इलायची की मीठी स्टफिंग वाली यह बाटी घर पर आसानी से बनाई जा सकती है. त्योहार या खास मौके पर मेहमानों को खिलाने के लिए नोट करें इसकी आसान रेसिपी.

आज तक 14 Sep 2026 6:26 pm

मोहम्मद कैफ पर केस, महिला ने शादी को लेकर लगाया आरोप

लखनऊ में रणजी क्रिकेटर मोहम्मद कैफ के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर रेप का केस दर्ज हुआ है. महिला ने शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और बाद में दूरी बनाने का आरोप लगाया है. कैफ के भाई मोहम्मद हसीब पर धमकी देने का केस दर्ज हुआ है.

आज तक 14 Sep 2026 6:23 pm

2020 Delhi Riots: भजनपुरा हिंसा मामले में 5 दोषी करार, कोर्ट ने आगजनी के आरोप से किया बरी

राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा पेट्रोल पंप पर हुई हिंसा से जुड़े एक मामले में पांच लोगों को दंगा करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का दोषी करार दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि ये पांचों लोग उस गैर-कानूनी भीड़ का हिस्सा थे जिसने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। हालांकि, अदालत ने उन्हें पेट्रोल पंप को आग के हवाले करने के आरोप से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के इस दावे पर ‘‘बहुत गंभीर संदेह’’ है कि भीड़ ने यह आग लगाई थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह मामले में आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, तनवीर अली और हुनैन पर लगाए गए आरोपों पर सुनवाई कर रहे थे। अदालत ने नौ सितंबर के आदेश में कहा, ‘‘इस गैर-कानूनी भीड़ ने पथराव किया और हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पुलिस अधिकारियों को पेट्रोल पंप की दीवार फांदकर भागना पड़ा। साथ ही, भीड़ ने सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक बल प्रयोग किया और उनके कर्तव्य निर्वहन में बाधा डाली।’’संबंधित पांचों लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 149 (गैर-कानूनी रूप से एकत्र होना) के साथ धारा 147 (दंगा करना), धारा 152 (दंगा रोकने वाले सरकारी कर्मचारी पर हमला करना या बाधा डालना), धारा 186 (सरकारी कर्मचारी के कर्तव्य निर्वहन में बाधा डालना) और धारा 353 (सरकारी कर्मचारी को रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत दोषी करार दिया गया। सजा पर अलग से बहस होगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 फरवरी 2020 को अपराह्न करीब दो बजे पुलिस को फोन पर सूचना मिली थी कि यमुना विहार सर्विस रोड स्थित भजनपुरा पेट्रोल पंप, जिसे दिल्ली डीजल्स के नाम से भी जाना जाता है, पर लोगों की भीड़ एकत्र हुई है। मौके पर पहुंची पुलिस को वहां 100 से 150 लोग मिले, जो चांद बाग की तरफ से आए थे और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ नारे लगा रहे थे। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और उसने पथराव किया, पेट्रोल पंप के उपकरणों में तोड़-फोड़ की, पास खड़ी गाड़ियों को आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिन्हें परिसर की दीवार फांदकर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। आगजनी के आरोप पर अदालत ने ‘‘बहुत गंभीर संदेह’’ जताया। अदालत ने उल्लेख किया कि किसी भी गवाह ने ऐसी किसी बड़ी आग या धमाके का जिक्र नहीं किया, जैसा कि चालू हालत वाले पेट्रोल पंप में आग लगने पर होता है। अभियोजन पक्ष के गवाह के तौर पर पेश किए गए पंप के मालिक और एक कर्मचारी ने भी इस बात का समर्थन नहीं किया। भजनपुरा में हुई हिंसा, 24-25 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सीएए के विरोध के दौरान भड़के दंगों का ही एक हिस्सा थी। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:23 pm

खिड़की, कत्ल और दूरबीन! व्हीलचेयर पर बैठे शख्स ने कैसे सुलझाई मर्डर मिस्ट्री

रियरविंडो सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं है.यहदूसरों की निजी जिंदगी में चुपके से झांकने की इंसानी आदत पर बनी फिल्म है. जेफ के पास पड़ोसियों को देखने का कोई जरूरी कारण नहीं है. शुरुआत में वह सिर्फ बोरियत दूर करने के लिए ऐसा करता हैलेकिन जितना ज्यादा वह देखता है, उतना ही ज्यादा उसे लगता है कि वह इन लोगों को समझने लगा है.

आज तक 14 Sep 2026 6:22 pm

Kedarnath पैदल मार्ग पर Landslide के बाद SDRF ने 6500 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला

चीड़वासा हेलीपैड के समीप भूस्खलन व केदारनाथ पैदल मार्ग के बाधित होने से फंसे 6500 से अधिक तीर्थयात्रियों को सोमवार को बचाव एवं राहत दलों की देखरेख में सुरक्षित निकाला गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) से मिली जानकारी के अनुसार, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन से उसके आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन के समन्वय से यात्रियों को सुरक्षित रूप से रास्ता पार कराया। एसडीआरएफ के मुताबिक, अब तक 6500 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। साथ ही करीब 600-700 घोड़े-खच्चरों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका है। गौरीकुंड से लगभग ढाई किलोमीटर ऊपर चीड़वासा हेलीपेड के समीप रविवार को पहाड़ी से चट्टान और पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरूद्ध हो गया था। भूस्खलन के दौरान चट्टानों की चपेट में आने से एक स्थानीय निवासी की मौत हो गयी थी। पुलिस के मुताबिक भूस्खलन के बाद पैदल मार्ग पर आवाजाही रोक दी गयी थी। उसने बताया कि पहाड़ी से निरंतर पत्थर गिरने के कारण मार्ग पर से मलबा हटाने में भी दिक्कतें आ रही थीं जिस कारण तीर्थयात्रियों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के दोनों तरफ सुरक्षा के मद्देनजर विभिन्न पड़ावों पर रोक दिया गया था। सोमवार सुबह मौसम अनुकूल होने और चट्टानों व पत्थरों के गिरने का सिलसिला थमने के बाद केदारनाथ से लौटने वाले श्रद्धालुओं को बाधित क्षेत्र से बचाव दलों की देखरेख में चरणबद्ध ढंग से सुरक्षित निकाला गया। पुलिस ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के बाद लोक निर्माण विभाग ने बाधित रास्ते पर से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:13 pm

मैच खत्म, खिलाड़ी मुड़े और... क्या क्रिकेट में ही हाथ मिलाना देशभक्ति का सवाल है?

एशियाई खेलों में भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ी अक्सर मैच के बाद हाथ मिलाते हैं। कबड्डी, स्क्वैश, हॉकी और मुक्केबाजी में यह आम बात है। लेकिन क्रिकेट में ऐसा नहीं हो रहा। मैच खत्म होते ही भारतीय खिलाड़ी मुड़कर चले जाते हैं..

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 6:07 pm

'अगर मेरे बेटे से प्यार है तो मर जाओ', महिला ने दी धमकी, छात्रा ने दी जान

अहमदाबाद के सरखेज में 12वीं की 17 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने नेहा गोहिल के खिलाफ केस दर्ज किया है. बेटे से दोस्ती को लेकर पूछताछ और बहस के बाद छात्रा की मौत हुई थी. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 14 Sep 2026 6:07 pm

गणपति को क्यों नहीं चढ़ाते तुलसी? एक श्राप के कारण चली आ रही परंपरा

भक्त बप्पा को मोदक, लड्डू, दूर्वा और लाल फूल अर्पित करते हैं. मान्यता है कि ये चीजें गणपति को बेहद प्रिय हैं. जबकि उनकी पूजा में तुलसी दल नहीं चढ़ाया जाता है. क्या आप जानते हैं कि पवित्र होने के बावजूद भगवान गणेश को तुलसी क्यों नहीं चढ़ाई जाती है.

आज तक 14 Sep 2026 6:06 pm

Delhi Police ने ड्रग सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 3.71 करोड़ कैश और स्मैक के साथ 10 गिरफ्तार

नयी दिल्ली 14 सितंबर दक्षिण पूर्वी दिल्ली पुलिस ने मादक पदार्थ तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 1.3 किलोग्राम स्मैक और 3.71 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पुलिस ने इस बाबत एक महिला सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में दो मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और उनसे पूछताछ के आधार पर चार महीने तक जांच की गई तथा इस दौरान मुख्य आपूर्तिकर्ता सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के पास से 1.3 किलोग्राम स्मैक बरामद की गई जिसका बाजार मूल्य करीब डेढ़ करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आरोपियों के पास से 3.71 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। कुमार ने कहा कि पुलिस को संदेह है कि यह नकदी अपराध से अर्जित आय है और इसके बारे में आयकर विभाग को जानकारी दे दी गई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले की अन्य कड़ियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:03 pm

दुनिया में सबसे सख्त है हीरा... ये भी पिघलता है, जानिए तापमान

वैज्ञानिकों ने लेजर प्रयोग से हीरे का सही पिघलने का तापमान पता लगाया जो पहले से 700 डिग्री सेल्सियस कम है. यह खोज न्यूक्लियर फ्यूजन और विशाल ग्रहों की स्टडी में मदद करेगी.

आज तक 14 Sep 2026 6:01 pm

Telangana CM Revanth Reddy ने परिवार संग की Ganpati Puja, राज्यवासियों को दी बधाई

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने परिवार के साथ विनायक चविथी के मौके पर गणपति पूजा समारोह में हिस्सा लिया। पूजा-अर्चना के दौरान, मुख्यमंत्री ने सभी के जीवन से बाधाएं दूर होने और उनकी सफलता व खुशहाली के लिए प्रार्थना की। उन्होंने इस शुभ अवसर पर राज्य के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। विनायक चतुर्थी, जिसे विनायक चविथी या गणेश चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसा त्योहार है जिसमें भगवान गणेश की पूजा नई शुरुआत करने वाले और बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में की जाती है। भारत और विदेशों में भक्त घरों और पंडालों को सजाकर, पूजा-अर्चना, संगीत और शानदार जुलूसों के साथ उनकी बुद्धिमत्ता और ज्ञान का जश्न मनाते हैं। इसे भी पढ़ें: Income से 291% अधिक संपत्ति: CBI Court ने Cotton Corporation अधिकारी और पत्नी को सुनाई जेल की सज़ा सोमवार को पूरे देश में यह त्योहार बहुत धार्मिक जोश और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है, जिसमें भक्त बड़ी संख्या में मशहूर पंडालों और मंदिरों में उमड़ रहे हैं। भगवान गणेश के जन्म की याद में मनाया जाने वाला यह त्योहार पूरे देश में पारंपरिक रीति-रिवाजों, पूजा-पाठ और सामूहिक उत्सवों के साथ मनाया जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाला यह शुभ त्योहार 'चतुर्थी' से शुरू होता है और 'अनंत चतुर्दशी' पर समाप्त होता है। इस त्योहार को 'विनायक चतुर्थी' या 'विनायक चविथी' के नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने पार्टी मुख्यालयों में पूजा और आरती की, नागरिकों को बधाई दी और सभी के जीवन में खुशी और उत्साह की कामना की। त्योहार के दौरान लोग भगवान गणेश की मूर्तियां अपने घरों में लाते हैं, व्रत रखते हैं, स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं और पंडालों में जाते हैं। पूरे देश में मनाए जाने वाले इस त्योहार में लाखों भक्त भगवान गणेश का आशीर्वाद लेने के लिए मंदिरों और मंडलों में इकट्ठा होते हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 6:01 pm

'पता नहीं था कि बाइक को...', गुरुग्राम में महिला बाइकर को टक्कर मारने वाले कल्याण बैंसला ने अब कही ये बात

आरोपी कल्याण बैंसला ने बाइक में जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसे यह भी पता नहीं था कि बाइक एक महिला चला रही थी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:59 pm

'डीजे बंद लेकिन शोर चालू आहे...', गणपति के पहले दिन गाइडलाइन का रियलिटी चेक

पुणे में गणेशोत्सव की शुरुआत पारंपरिक शोभायात्राओं के साथ हुई, जिसमें इस बार DJ और बड़े साउंड सिस्टम की अनुपस्थिति रही. बावजूद इसके, कई जगहों पर ध्वनि स्तर 90 डेसिबल से अधिक दर्ज किया गया.

आज तक 14 Sep 2026 5:58 pm

300 करोड़ के करीब मिर्जापुर, रेगिस्तान में कैसे शूट हुआ क्लाइमैक्स?

मिर्जापुर द मूवी ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली है. इसका क्लाइमैक्स पूरी पिक्चर का सबसे जबरदस्त सीन है, जिसने सारी लाइमलाइट लूटने का काम किया. लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स और एक्टर्स ने इसे कैसे शूट किया? इसका BTS वीडियो सामने आया है.

आज तक 14 Sep 2026 5:56 pm

शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का पति नरेंद्र मरावी से तलाक, 5 साल से थीं अलग

शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक राजेंद्रग्राम अदालत ने मंजूर कर लिया है। दोनों करीब पांच साल से अलग रह रहे थे।

देशबन्धु 14 Sep 2026 5:55 pm

Disha Salian case: 6 साल बाद दर्ज हुई FIR, किन बड़े नामों की हो रही जांच, क्‍या है एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत से कनेक्‍शन?

जून 2020 में हुई सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद एक बड़ा मोड़ आया है। घटना के लगभग 6 साल बाद अदालत की फटकार और मुंबई पुलिस की जांच में मिली खामियों को देखते हुए, केंद्रीय जांच ब्यूरो ...

वेब दुनिया 14 Sep 2026 5:55 pm

BRICS Summit के डिनर मेन्यू पर Congress की टिप्पणी पर भड़की BJP, Sudhanshu Trivedi ने घेरा

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोमवार को हाल ही में हुए ब्रिक्स समिट के डिनर मेन्यू पर कांग्रेस पार्टी की टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस मंच के डिप्लोमैटिक, रणनीतिक और आर्थिक पहलुओं के बजाय खाने पर ध्यान देना यह दिखाता है कि विपक्षी पार्टी के पास कोई ठोस बात कहने की क्षमता नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि भारत के लिए इतनी बड़ी डिप्लोमैटिक कामयाबी के बावजूद, कांग्रेस पार्टी का सिर्फ़ डिनर मेन्यू पर टिप्पणी करने का फ़ैसला न सिर्फ़ हंसी के लायक और अफ़सोसनाक है, बल्कि यह उन्हें किसी शादी में नाराज़ फूफ़ा जैसा भी दिखाता है। कांग्रेस की आलोचना पर तंज कसते हुए त्रिवेदी ने कहा कि पार्टी ने इंटरनेशनल मंच के डिप्लोमैटिक, रणनीतिक और आर्थिक पहलुओं पर चर्चा करने के बजाय खाने पर टिप्पणी करना चुना। इसे भी पढ़ें: राजस्थान: Parbatsar में BJP प्रत्याशी Kailash Chand को मिला सिर्फ एक वोट उन्होंने कहा कि इतने अहम इंटरनेशनल फ़ोरम के डिप्लोमैटिक, स्ट्रैटेजिक या इकोनॉमिक पहलुओं पर बात करने के बजाय, उन्होंने खाने पर टिप्पणी करना चुना। इससे साफ़ पता चलता है कि वे ब्रिक्स समिट के बारे में कोई ठोस आलोचना या टिप्पणी करने में असमर्थ हैं। उन्होंने आगे कहा इसलिए, मैं कहूंगा कि कांग्रेस की यह टिप्पणी, भले ही समिट की सफलता से उपजी निराशा का नतीजा हो, असल में उनकी अपनी अक्षमता को ही स्वीकार करती है। ब्रिक्स समिट में भारत की भूमिका पर ज़ोर देते हुए त्रिवेदी ने कहा कि इस इवेंट ने दिखाया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, बदलती दुनिया में ग्लोबल मंच पर एक सकारात्मक और प्रभावशाली ताकत के तौर पर उभर रहा है। उन्होंने कहा हाल ही में संपन्न ब्रिक्स समिट ने एक शानदार उदाहरण पेश किया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, बदलती दुनिया में ग्लोबल मंच पर एक सकारात्मक और प्रभावशाली ताकत के तौर पर उभर रहा है। इसे भी पढ़ें: Jagdish Chandra Barma Basunia का दावा, NCPI के 17 सांसद जल्द BJP में होंगे शामिल त्रिवेदी ने बताया कि सऊदी अरब और ईरान जैसे लंबे समय से मतभेद रखने वाले देशों ने भी इस समिट में हिस्सा लिया और आम सहमति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया गया। उन्होंने कहा कि इस घोषणापत्र में आतंकवाद के मुद्दे पर साफ़ तौर पर बात की गई, इस बात पर ज़ोर दिया गया कि आतंकवाद को किसी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, और खास तौर पर पहलगाम का ज़िक्र किया गया - और यह सब चीन के समर्थन और सहमति से हुआ। इसे भारत की कूटनीतिक क्षमता का उदाहरण बताते हुए त्रिवेदी ने आगे कहा, मेरा मानना ​​है कि यह कूटनीतिक कौशल का एक शानदार उदाहरण है, एक ऐसी उपलब्धि जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:54 pm

सरकारी योजना का झांसा देकर करते थे ठगी, झारखंड पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

देवघर में साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. करौं थाना क्षेत्र के अंबा-टीला जंगल से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो सगे भाई भी शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 11 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं.

आज तक 14 Sep 2026 5:53 pm

सितंबर में घूमने का कर रहे हैं प्लान? ये 7 जगहें रहेंगी बेस्ट

Best Places to Visit in September: अगर आप सितंबर में कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भारत की इन खूबसूरत जगहों को अपनी ट्रेवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. मानसून के बाद यहां हरियाली, फूलों और खूबसूरत नजारों के साथ ट्रेकिंग और घूमने का भी मजा मिलेगा.

आज तक 14 Sep 2026 5:53 pm

एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत दौरे पर आएगी पाकिस्तान टीम, पंजाब के मोहाली और जालंधर में भिड़ंत

एशियाई खेल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खेल सुर्खी सामने आई है, जिसने सीमा पार खेल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है। बहुप्रतीक्षित पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए पाकिस्तान हॉकी टीम का आधिकारिक तौर पर भारत दौरा तय हो गया है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हॉकी इंडिया और पंजाब सरकार ने एक संयुक्त उच्चस्तरीय संवाददाता सम्मेलन में टूर्नामेंट के पूर्ण कार्यक्रम और तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर 2026 तक पंजाब की ऐतिहासिक खेल धरती पर भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी पंजाब के दो प्रमुख खेल केंद्रों—जालंधर और मोहाली—को सौंपी गई है, जहां एशियाई महाद्वीप की छह दिग्गज टीमें प्रतिष्ठित एशियाई खिताब को अपने नाम करने के लिए आमने-सामने होंगी।पंजाब में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ: सीएम भगवंत मान ने किया तारीखों का ऐलानपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली स्थित अत्याधुनिक खेल परिसर में हॉकी इंडिया के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में एएचएफ (AHF) पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की आधिकारिक तारीखों और आयोजन योजना पर औपचारिक मुहर लगाई। इस ऐतिहासिक घोषणा के समय मंच पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह, महानिदेशक कमांडर आर के श्रीवास्तव, कार्यकारी बोर्ड के सदस्य व पूर्व दिग्गज हॉकी खिलाड़ी आर पी सिंह तथा हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भारतीय हॉकी की नर्सरी और जीवनरेखा रहा है, जिसने देश को दर्जनों ओलंपियन और कप्तान दिए हैं। ऐसे में राज्य सरकार इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को अब तक का सबसे भव्य, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत खेल आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि पंजाब की समृद्ध खेल संस्कृति का परचम वैश्विक पटल पर एक बार फिर गर्व से लहरा सके।मोहाली और जालंधर में बंटे मुकाबले: ओपनिंग जालंधर में, सेमीफाइनल-फाइनल मोहाली मेंटूर्नामेंट के मैच वेन्यू और संचालन ढांचे की विस्तृत जानकारी देते हुए हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का भव्य उद्घाटन समारोह (ओपनिंग सेरेमनी) और शुरुआती लीग स्टेज के सभी रोमांचक मैच जालंधर के विश्वप्रसिद्ध ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं टूर्नामेंट के निर्णायक नॉकआउट दौर यानी रोमांचक सेमीफाइनल और खिताबी फाइनल मुकाबले मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में फ्लडलाइट्स के नीचे आयोजित किए जाएंगे। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की राष्ट्रीय टीमें मैदान पर अपना जौहर दिखाएंगी। एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) ने किसी भी आपात स्थिति, लॉजिस्टिकल अड़चन या अंतिम समय में किसी टीम के हटने की संभावना को देखते हुए ओमान और बांग्लादेश की राष्ट्रीय हॉकी टीमों को आधिकारिक रूप से स्टैंडबाय और रिजर्व टीमों की सूची में रखा है।पाकिस्तान के आगमन पर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: 'मल्टी-नेशन इवेंट में अड़चन नहीं'टूर्नामेंट में पाकिस्तान हॉकी टीम के भारत आगमन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर पूछे गए तीखे सवालों का सीधा जवाब देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा स्वीकृत बहु-पक्षीय (मल्टी-नेशन) टूर्नामेंटों में विदेशी टीमों की भागीदारी से किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय खेल संहिताओं और ओलंपिक चार्टर के नियमों से बंधा होता है। उन्होंने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि यह कोई द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) नहीं है, बल्कि एक बहु-देशीय एशियाई चैंपियनशिप है। मुख्यमंत्री के इस रुख से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट या हॉकी सीरीज पर लगी पाबंदियों के बावजूद बहु-देशीय प्रतियोगिताओं में खेल भावना को प्राथमिकता देते हुए टीमें निष्पक्ष रूप से एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं।द्विपक्षीय सीरीज पर भारत की अटूट केंद्रीय खेल नीति: आतंकवाद और खेल साथ नहींपाकिस्तान के साथ सीधी द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं के संबंध में भारत सरकार की आधिकारिक केंद्रीय खेल नीति आज भी बेहद स्पष्ट, अपरिवर्तित और अडिग है। केंद्र सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है कि सीमा पार आतंकवाद और द्विपक्षीय खेल रिश्ते कभी एक साथ आगे नहीं बढ़ सकते। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकी ठिकानों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक संक्षिप्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के द्विपक्षीय राजनीतिक अथवा खेल संपर्कों पर पूर्ण प्रतिबंध जारी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC), अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) और एशियाई खेल निकायों के कड़े नियमों के तहत भारत किसी भी वैश्विक या एशियाई बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी विदेशी टीम के प्रवेश पर मनमाना वीटो नहीं लगा सकता, जिसके चलते पाकिस्तानी हॉकी दल को इस बहु-देशीय टूर्नामेंट के लिए भारतीय वीजा और सुरक्षा क्लीयरेंस प्रदान किया जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:52 pm

सड़कों पर भीख मांग रहे बीजेपी विधायक, करोड़ों के खुद हैं मालिक; क्यों पड़ी जरूरत

वायरल वीडियो में पराग शाह को सड़क के किनारे बैठकर लोगों के बीच समय बिताते हुए देखा जा सकता है। यह प्रयोग सिर्फ भेष बदलने तक सीमित नहीं रहा। मेकअप हटाने के बाद शाह उन्हीं जगहों में से कुछ स्थानों पर दोबारा पहुंचे।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:48 pm

वायनाड में 20 साल की आदिवासी युवती की संदिग्ध मौत, काले जादू का आरोप

केरल के वायनाड में 20 साल की आदिवासी युवती अलीना की रिश्तेदार के घर संदिग्ध हालात में मौत हो गई. पड़ोसियों ने काला जादू का आरोप लगाया है. पुलिस जांच में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.

आज तक 14 Sep 2026 5:47 pm

43 साल पुराना अमिताभ बच्चन का वो गाना जिसने मजदूरों को बना दिया था हीरो, हर लाइन में बसा है दर्द, आनंद बख्शी के बोल ने बनाया कल्ट

43 साल पहले अमिताभ बच्चन का एक गाना आया था, जो लंबे समय तक कुली और लाखों मेहनतकश मजदूरों के बीच पॉपुलर हो गया था.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:47 pm

​आज क्या बनाऊं: गुणों से भरपूर करी पत्ता की स्वादिष्ट चटनी एक बार खाओगे तो बार-बार बनाओगे

सब्जी हो या रोटी, इस एक चीज़ के आगे सब है फीका, महीनों तक नहीं होगी खराब.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:46 pm

52-वीक हाई से 56% टूटे KEC International को मिला ₹1,303 करोड़ का मेगा ऑर्डर, भारत से सऊदी तक फैला दबदबा

शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों पर बने दबाव के बीच आरपीजी ग्रुप (RPG Group) की प्रमुख वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी कंपनी केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड (KEC International Ltd) के निवेशकों के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से बिकवाली का सामना कर रही इस प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक नियामक फाइलिंग में पुष्टि की है कि उसने अपने ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) वर्टिकल के अंतर्गत कुल ₹1,303 करोड़ के कई नए और बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। यह ऑर्डर इनफ्लो ऐसे समय पर आया है जब कंपनी का शेयर अपने 52-सप्ताह के रिकॉर्ड उच्च स्तर से आधे से भी अधिक टूटकर लगभग अपने निचले स्तरों के आसपास संघर्ष कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर मिले इन नए कार्य आदेशों से कंपनी की ऑर्डर बुक को मजबूत सहारा मिलेगा और आने वाली तिमाहियों में राजस्व वृद्धि को नई गति प्राप्त होगी।भारत, मिडिल ईस्ट और अमेरिका में फैला T&D प्रोजेक्ट्स का दायराएक्सचेंज फाइलिंग में साझा की गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, केईसी इंटरनेशनल को मिले ₹1,303 करोड़ के नए प्रोजेक्ट्स भारत के साथ-साथ मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) और अमेरिकी महाद्वीप (Americas) के बाजारों में फैले हुए हैं। घरेलू मोर्चे पर कंपनी को उत्तरी भारत में 400 kV ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए कंपनी ने सऊदी अरब में 380 kV ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का अहम अनुबंध हासिल किया है। वहीं अमेरिका के इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार से कंपनी को ट्रांसमिशन टावर्स, हार्डवेयर फिटिंग्स और यूटिलिटी पोल्स की आपूर्ति से जुड़े व्यापक ऑर्डर मिले हैं। इसके साथ ही केईसी इंटरनेशनल के केबल्स एवं कंडक्टर्स बिजनेस को भी भारत और विदेशी बाजारों में विभिन्न ग्राहकों से नए वर्क ऑर्डर हासिल हुए हैं। यद्यपि कंपनी ने अलग-अलग अनुबंधों की व्यक्तिगत वित्तीय राशि का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इन सभी ऑर्डर्स की कुल संचयी वैल्यू ₹1,303 करोड़ आंकी गई है।निजी हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट से पावर इवेक्यूएशन: एमडी विमल केजरीवाल का बयाननए प्रोजेक्ट्स मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केईसी इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विमल केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों और कठिन कारोबारी माहौल के बीच कंपनी इन महत्वपूर्ण अनुबंधों को हासिल करने में सफल रही है। उन्होंने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी के इंडिया टीएंडडी बिजनेस को उत्तर भारत में अपने एक मौजूदा प्रतिष्ठित प्राइवेट क्लाइंट से 400 kV ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट का रिपीट ऑर्डर मिला है। यह विशिष्ट प्रोजेक्ट एक बड़े जलविद्युत संयंत्र (Hydroelectric Plant) से उत्पन्न बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने यानी पावर इवेक्यूएशन (Power Evacuation) की जटिल तकनीकी आवश्यकता को पूरा करेगा। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में कंपनी का अब तक का कुल ऑर्डर इनटेक (YTD Order Intake) ₹7,600 करोड़ के पार पहुंच चुका है, जो कंपनी के वार्षिक विकास लक्ष्यों और रेवेन्यू विजिबिलिटी को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों में दबाव: मुनाफा 41.7% घटा, मार्जिन पर पड़ा असरयद्यपि कंपनी ऑर्डर हासिल करने में लगातार सफलता प्राप्त कर रही है, परंतु चालू वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही के दौरान कंपनी के परिचालन प्रदर्शन और लाभप्रदता पर कच्ची सामग्रियों की लागत और लॉजिस्टिक्स खर्चों का स्पष्ट दबाव देखा गया था। जून तिमाही में केईसी इंटरनेशनल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 41.7 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ ₹72.6 करोड़ पर सिमट गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹124.6 करोड़ दर्ज किया गया था। इस अवधि में कंपनी का कुल राजस्व ₹5,024 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग सपाट बना रहा। इसके अलावा कंपनी का परिचालन मुनाफा यानी EBITDA 16.9 प्रतिशत गिरकर ₹290.8 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष समान अवधि में ₹350.1 करोड़ था, जिसके परिणामस्वरूप EBITDA मार्जिन 7 प्रतिशत से घटकर 6 प्रतिशत के स्तर पर आ गया था।52-वीक हाई से 56% टूटा शेयर, क्या नए ऑर्डर से लौटेगी तेजीशेयर बाजार में केईसी इंटरनेशनल के तकनीकी और मूल्य प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में स्टॉक में 1.71 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई थी। लंबी अवधि के चार्ट पर यह शेयर लगातार बिकवाली के दबाव में रहा है, जिसके चलते पिछले छह महीनों के दौरान इसके बाजार मूल्य में लगभग 24 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। वर्तमान में शेयर का भाव करीब ₹406 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹937.80 से लगभग 56 प्रतिशत नीचे है। भारी डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे इस स्टॉक में ₹1,303 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर्स की घोषणा के बाद निवेशकों और तकनीकी विश्लेषकों की निगाहें इसके सपोर्ट लेवल्स और संभावित रिबाउंड पर टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:41 pm

'पैसे नहीं हैं...’ कहने में कैसी शर्म, Gen Z का नया मंत्र बना 'लाउड बजटिंग'!

‘लाउड बजटिंग’ Gen-Z का नया मनी मंत्रा बन रहा है, जिसमें पैसे और बजट की बात करने में शर्म या गिल्ट महसूस करने के बजाय अपनी फाइनेंशियल लिमिट्स खुलकर बताई जाती हैं. ट्रिप, बर्थडे गिफ्ट, डिनर या बिल स्प्लिट जैसे मौकों पर Gen-Z अपनी पॉकेट के हिसाब से फैसले ले रहा है. महंगे विकल्पों के बजाय सस्ते होटल, होमस्टे या बजट-फ्रेंडली प्लान चुनकर वह खर्च को अपनी प्राथमिकताओं के मुताबिक मैनेज कर रहा है.

आज तक 14 Sep 2026 5:41 pm

पप्पू यादव की संपत्ति का हिसाब, हलफनामे में कितनी रकम?

बिहार बाढ़ के बीच सांसद पप्पू यादव राहत अभियान चला रहे हैं और प्रभावित लोगों को 500-500 रुपये समेत जरूरी सामान बांट रहे हैं. 2024 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन्होंने करीब 12.08 करोड़ रुपये की संपत्ति और 1.72 करोड़ रुपये की देनदारियां घोषित की थीं. वीडियो में जानें हलफनामे की डिटेल्स.

आज तक 14 Sep 2026 5:40 pm

कितना दम है Team India में? एशियाड में सितारे, वनडे में बेंच टेस्ट

एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज एक साथ होने से Team India के कई बड़े खिलाड़ी अलग-अलग मोर्चों पर होंगे. ऐसे में पंत, जायसवाल, ऋतुराज और दूसरे खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का मौका होगा. यह सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारत की बेंच स्ट्रेंथ और दूसरी कतार की असली परीक्षा भी है.

आज तक 14 Sep 2026 5:39 pm

150 से ज्यादा शेयर इस हफ्ते देंगे तगड़ा डिविडेंड, हर शेयर पर मिलेंगे ₹50 तक; एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट की पूरी लिस्ट

भारतीय शेयर बाजार के खुदरा और संस्थागत निवेशकों के लिए चालू कारोबारी सप्ताह डिविडेंड से कमाई के लिहाज से बेहद फलदायी और व्यस्त रहने वाला है। दलाल स्ट्रीट पर सूचीबद्ध लगभग 200 दिग्गज और मझोली कंपनियां इस सप्ताह अपने शेयरधारकों के खातों में डिविडेंड की राशि ट्रांसफर करने के लिए महत्वपूर्ण कॉरपोरेट एक्शन पूरा कर रही हैं। बाजार विश्लेषकों के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से 150 से अधिक कंपनियों की एक्स-डिविडेंड डेट (Ex-Dividend Date) 16 सितंबर या उसके बाद निर्धारित की गई है। इसका सीधा तकनीकी और वित्तीय अर्थ यह है कि जिन निवेशकों के डीमैट खातों में वर्तमान में इन कंपनियों के शेयर मौजूद नहीं हैं, उनके पास भी एक्स-डेट से कम से कम एक कारोबारी दिन पहले शेयर खरीदकर इस भारी-भरकम डिविडेंड का कानूनी हकदार बनने का शानदार मौका अब भी खुला हुआ है।बंपर कमाई वाले टॉप स्टॉक्स: विक्टोरिया मिल्स, ब्लू डार्ट और वीएसटी टिलर्स दे रहे ₹50 तक का पेआउटइस सप्ताह सबसे बड़ा डिविडेंड पेआउट घोषित करके टेक्सटाइल क्षेत्र की कंपनी विक्टोरिया मिल्स ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसने प्रति शेयर 50 रुपये का भारी भरकम फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है; इस शेयर की एक्स-डिविडेंड डेट 18 सितंबर और रिकॉर्ड डेट 19 सितंबर मुकर्रर की गई है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ब्लू डार्ट एक्सप्रेस ने 25 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है, जिसकी एक्स-डेट और रिकॉर्ड डेट 15 सितंबर तय की गई है। कृषि उपकरण निर्माता वीएसटी टिलर्स ट्रैक्टर्स ने भी अपने शेयरधारकों को 25 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम/फाइनल पेआउट देने का फैसला किया है, जिसकी एक्स और रिकॉर्ड डेट 16 सितंबर है। इसी क्रम में गुजरात अल्कलीज एंड केमिकल्स 17.70 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 18 सितंबर), एक्सेल इंडस्ट्रीज 13.75 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 17 सितंबर), बन्नारी अम्मन शुगर्स 12.50 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 16 सितंबर), क्रिएटिव कास्टिंग्स 12.50 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 18 सितंबर और रिकॉर्ड डेट 19 सितंबर) तथा गरवारे हाई-टेक फिल्म्स 12 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 16 सितंबर) का आकर्षक डिविडेंड देने जा रही हैं।₹5 से ₹10 के मजबूत ब्रैकेट वाले डिविडेंड शेयर्स: विनती ऑर्गेनिक्स से लेकर कर्नाटक बैंक तक की कतारमध्यम मूल्य वर्ग वाले शेयरों में भी कई मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों ने आकर्षक डिविडेंड की घोषणा की है, जिनकी एक्स-डेट इसी सप्ताह पड़ रही है। इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स अपने निवेशकों को प्रति शेयर 10 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने जा रहा है, जिसकी एक्स और रिकॉर्ड डेट 16 सितंबर निर्धारित है। रियल एस्टेट और हाउसिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनी एल्डेको हाउसिंग एंड इंडस्ट्रीज प्रति शेयर 9 रुपये का डिविडेंड दे रही है, जिसकी एक्स-डेट 16 सितंबर है। स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी विनती ऑर्गेनिक्स ने 8.50 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 16 सितंबर), सार्वजनिक क्षेत्र की मिनीरत्न कंपनी एमएसटीसी (MSTC) ने 8.10 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 17 सितंबर), कोचिन मिनरल्स ने 8 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 18 सितंबर), पैकेजिंग दिग्गज एजीआई ग्रीनपैक ने 7 रुपये प्रति शेयर (एक्स-डेट 15 सितंबर) और निजी क्षेत्र के अग्रणी कर्नाटक बैंक ने अपने प्रत्येक शेयर पर 5 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की घोषणा की है, जिसकी एक्स और रिकॉर्ड डेट 15 सितंबर रखी गई है।पीएसयू और मिडकैप शेयरों का महाकुंभ: 16 से 18 सितंबर के बीच इन 30+ स्टॉक्स पर रखें पैनी नजर16 सितंबर की एक्स-डेट वाली अन्य कंपनियों में टैनफैक इंडस्ट्रीज (₹4.50), एरेक्स इंडस्ट्रीज (₹2.50), प्रकाश पाइप्स (₹2.40), सरकारी उपक्रम हिंदुस्तान कॉपर (₹1.86), प्रकाश इंडस्ट्रीज (₹1.80) और अजमेरा रियल्टी एंड इंफ्रा इंडिया (₹1.00) शामिल हैं। इसके अगले दिन यानी 17 सितंबर को एक्स-डिविडेंड होने वाले शेयरों में सेंसरा इंजीनियरिंग (₹4.00), तमिलनाडु न्यूजप्रिंट एंड पेपर्स (₹4.00), अक्यूटास केमिकल्स (₹2.50), रूबी मिल्स (₹2.50), स्टार पेपर मिल्स (₹2.50), फिल्ट्रा कंसल्टेंट्स (₹2.00) और एशियन एनर्जी सर्विसेज (₹1.25) प्रमुख हैं। वहीं सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिनों यानी 18 सितंबर की एक्स-डेट वाली कंपनियों में बासमती चावल निर्यातक केआरबीएल (₹4.50), फार्मा कंपनी कैपलिन पॉइंट लैबोरेटरीज (₹4.00), फुटवियर ब्रांड रिलैक्सो फुटवियर्स (₹3.50), रेलवे पीएसयू राइट्स लिमिटेड (₹2.75, रिकॉर्ड डेट 20 सितंबर), इनरवियर ब्रांड लक्स इंडस्ट्रीज (₹2.00) और फर्टिलाइजर पीएसयू राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (₹1.34) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एलटी फूड्स (₹1.00), पिकाडिली एग्रो (₹1.00), गजा अल्टरनेटिव एसेट (₹0.75), एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स (₹0.75), ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक (₹0.60), प्रताप स्नैक्स (₹0.50), जीनस पावर (₹0.50), प्रावेग (₹0.50), कामधेनु (₹0.40), मानबा फाइनेंस (₹0.25), पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट (₹0.25), ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (₹0.25) और मोरेपेन लैबोरेटरीज (₹0.20) के शेयर भी निवेशकों को डिविडेंड का लाभ देंगे।रिटेल निवेशकों के लिए बाजार विशेषज्ञों की जरूरी सलाह: डिविडेंड ट्रैप से कैसे बचेंशेयर बाजार के तकनीकी जानकारों और वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि किसी भी शेयर में केवल उसके घोषित डिविडेंड की एकमुश्त रकम देखकर तुरंत खरीदारी करने का फैसला नहीं लेना चाहिए। निवेशकों को सदैव कंपनी के शेयर भाव के मुकाबले उसकी 'डिविडेंड यील्ड' (Dividend Yield), कंपनी के बहीखाते (Balance Sheet) की वित्तीय सुदृढ़ता, कर्ज की स्थिति, तिमाही मुनाफे के आंकड़े और भविष्य के विकास अनुमानों का गहन विश्लेषण करना चाहिए। साथ ही यह भी याद रखना अनिवार्य है कि एक्स-डिविडेंड वाले दिन शेयर की शुरुआती बाजार कीमत में से घोषित डिविडेंड की राशि तकनीकी रूप से घट (समायोजित हो) जाती है, इसलिए लंबी अवधि के मजबूत कारोबारी मॉडल वाली कंपनियों में ही निवेश करना सुरक्षित और लाभप्रद रणनीति मानी जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:39 pm

Congress सांसद Karti Chidambaram ने पूछा, क्या BRICS देश अब भी करेंगे Pakistan की मदद

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को आतंकवाद की निंदा करने वाले ब्रिक्स (BRICS) घोषणापत्र का स्वागत किया, लेकिन कहा कि इसकी कामयाबी इसके लागू होने और सदस्य देशों के भविष्य के कदमों पर निर्भर करेगी। उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया, लेकिन सवाल उठाया कि अगर कुछ सदस्य देश आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपी देशों का समर्थन करना जारी रखते हैं, तो इस बयान का क्या असर होगा। एएनआई से बात करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है कि हम आतंकवाद की निंदा कर रहे हैं। यह भी ध्यान देने वाली बात है कि संघर्षों में सक्रिय रूप से शामिल दो देश - ईरान और रूस - भी बैठक में मौजूद थे। हमने गाजा के बारे में बात तो की है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि इस विचार का कोई असर होगा या इसे लागू किया जाएगा, क्योंकि अमेरिका और इज़राइल बहुत करीबी सहयोगी हैं। मुझे नहीं पता कि क्या यह समूह, सामूहिक रूप से यह बात कहने के बावजूद, अमेरिका के साथ बातचीत करते समय व्यक्तिगत रूप से इस पर जोर देगा या नहीं। इसे भी पढ़ें: इंतज़ार रहेगा...इधर ईरान का ऐलान, उधर नेतन्याहू ने मोदी को भेजा खास पैगाम जहाँ तक पहलगाम घटना की निंदा करने की बात है, तो यह बहुत अच्छी बात है। हर तरह के आतंकवाद की निंदा होनी चाहिए। लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि क्या इनमें से कोई देश अब भी पाकिस्तान की मदद करेगा। क्योंकि पहलगाम के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' हुआ था। लेकिन सबूत बताते हैं कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान चीन ने भारत के खिलाफ पाकिस्तान की खुलकर मदद की थी। तो, इस घोषणा का क्या मतलब है अगर आप आतंकवाद और किसी आतंकी देश के खिलाफ भारत की कार्रवाई की निंदा तो करते हैं, लेकिन संगठन का ही कोई दूसरा सदस्य हमारे साथ टकराव में उस आतंकी देश की खुलकर मदद कर रहा हो? इसलिए, भले ही यह घोषणा स्वागत योग्य है, हमें यह देखना होगा कि इसका नतीजा क्या निकलता है और क्या सदस्य देशों के व्यवहार में कोई बदलाव आता है कि वे हालात पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। सितंबर 2026 में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन सर्वसम्मति से अपनाई गई 'नई दिल्ली घोषणा' को भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। इस घोषणा में संगठन ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की साफ तौर पर निंदा की है और सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रुख अपनाया है। इसके अलावा, चिदंबरम ने कहा कि ब्रिक्स बैठकों के नतीजों का विश्लेषण किया जाना चाहिए और उनकी तुलना पिछले शिखर सम्मेलनों में लिए गए फैसलों से की जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: असंभव को संभव कर दिखाना सबके बस की बात नहीं, Delhi में सुबह 4 बजे तक चली थी Modi की खास Diplomacy, तब जाकर माने थे Iran-UAE भारत ने 12-13 सितंबर को अपनी अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी की, जिसमें ब्रिक्स नेताओं ने सर्वसम्मति से 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को अपनाया। उन्होंने कहा, ब्रिक्स का विचार 25 साल से भी पहले आया था। इसकी सदस्यता का विस्तार हुआ है। हम केवल पश्चिमी देशों द्वारा बनाए गए संगठनों पर निर्भर नहीं रह सकते। दुनिया में एक काउंटर-ब्लॉक (प्रति-समूह) होना चाहिए... ब्रिक्स, अर्थव्यवस्था और अन्य पहलुओं के माध्यम से, एक काउंटर-ब्लॉक बनने की भी उम्मीद कर रहा है, और इसे मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, हमें यह भी देखना चाहिए कि इन बैठकों के वास्तविक परिणाम क्या हैं, और हमें यह भी मापना चाहिए कि पिछली बार क्या तय किया गया था, और क्या उसे लागू किया जा रहा है। जब यह शिखर सम्मेलन हो रहा है और आगे चलकर, जब ब्रिक्स में अगली बैठक होगी, तो मुझे लगता है कि अगली बैठक से पहले दिल्ली के बाद क्या हुआ, इसका विश्लेषण भी किया जाना चाहिए।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:39 pm

हिंदी में MBBS कितनी सफल? धूल खा रहीं ₹9 करोड़ की किताबें; 90% छात्रों ने चुनी अंग्रेजी

हिंदी दिवस आते ही हिंदी के सम्मान, उसके प्रचार और उसे बढ़ावा देने की बातें तेज हो जाती हैं. लेकिन मध्य प्रदेश में हिंदी को उच्च शिक्षा की भाषा बनाने के प्रयोग की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कह रही है. साल 2022 में मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना था, जहां MBBS की पढ़ाई हिंदी में शुरू करने का बड़ा ऐलान हुआ. हिंदी में मेडिकल की किताबें तैयार हुईं, उनका विमोचन हुआ और इसे हिंदी को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बताया गया. लेकिन चार साल बाद सवाल है, इन किताबों का हुआ क्या?

आज तक 14 Sep 2026 5:36 pm

बच्चों को संस्कारी और बुद्धिमान बनाने के लिए इस गणेश उत्सव जरूर कराएं ये 5 खास काम, जीवनभर काम आएंगी बप्पा की ये सीख

देशभर में 14 सितंबर से शुरू हुए दस दिवसीय गणेश जन्मोत्सव की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आभा हर घर में उल्लास बिखेर रही है। विघ्नहर्ता, बुद्धि के प्रदाता और प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश के आगमन के साथ ही चारों ओर भक्तिमय वातावरण बन गया है। आधुनिक जीवनशैली की आपाधापी में अक्सर अभिभावक त्योहारों को केवल रंग-बिरंगी रोशनी, स्वादिष्ट पकवानों, नए परिधानों और पारंपरिक कर्मकांडों तक सीमित मान लेते हैं। हालांकि, भारतीय सनातन परंपरा में पर्व-त्योहार केवल आनंद मनाने के अवसर नहीं होते, बल्कि वे आने वाली पीढ़ी को जीवन-मूल्य, उच्च मानवीय संस्कार और व्यवहारिक बुद्धिमत्ता सिखाने के सबसे सशक्त माध्यम होते हैं। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, धैर्य और शुभता का साक्षात प्रतीक माना जाता है। यदि इस पावन गणेश उत्सव में बच्चों को औपचारिक पूजा-पाठ से आगे ले जाकर उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, तो वे न केवल अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से जुड़ेंगे, बल्कि उनमें एकाग्रता, विनम्रता और सामाजिक संवेदनशीलता जैसे स्थायी गुणों का भी सहज विकास होगा।1. पूजा स्थल की स्वच्छता और साज-सज्जा की जिम्मेदारीगणेश स्थापना और दैनिक आरती से पूर्व बच्चों को मंदिर तथा पूजा स्थल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपना स्वावलंबन की दिशा में पहला ठोस कदम है। बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि बाहरी पवित्रता और आंतरिक स्वच्छता आपस में जुड़े हुए हैं तथा सकारात्मक ऊर्जा का वास केवल वहीं होता है जहां व्यवस्था और स्वच्छता हो। जब बच्चे अपने हाथों से पूजा की थाली सजाते हैं, फूलों की रंगोली बनाते हैं और धूप-दीप के स्थान को व्यवस्थित करते हैं, तो उनके भीतर श्रम के प्रति सम्मान और घर के कार्यों में हाथ बंटाने की स्वाभाविक आदत विकसित होती है। यह अभ्यास उन्हें अनुशासन और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने का जीवनोपयोगी पाठ पढ़ाता है।2. अपने हाथों से मोदक का भोग और कृतज्ञता का बोधघर में शुद्धता से तैयार किए गए मोदक, लड्डू और सात्विक नैवेद्य का भोग बच्चों के हाथों से ही भगवान गणेश को अर्पित कराना चाहिए। बच्चों को सिखाएं कि ईश्वर को भोग लगाना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह उस अन्न और संसाधनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है जो ईश्वर ने हमें प्रदान किए हैं। आज के उपभोक्तावादी युग में जहां बच्चे भोजन की बर्बादी और अधीरता के आदी हो रहे हैं, वहां यह परंपरा उन्हें सिखाती है कि भोजन का हर दाना पूजनीय है। जब बच्चे स्वयं हाथ जोड़कर थाली अर्पित करते हैं, तो वे अपनी थाली में परोसे गए भोजन का सम्मान करना सीखते हैं और उनके भीतर जीवन में उपलब्ध सुख-सुविधाओं के प्रति विनम्रता का भाव गहरा होता है।3. 'ॐ गं गणपतये नमः' का नियमित मंत्रोच्चार और मानसिक एकाग्रतादैनिक संध्या आरती के समय बच्चों को अपने साथ शांत भाव से बिठाकर श्री गणेश के मूल मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः' का स्पष्ट उच्चारण कराना उनकी मानसिक क्षमता को निखारने का अचूक साधन है। वैदिक मंत्रों के लयबद्ध उच्चारण से मस्तिष्क की तंत्रिकाओं में सकारात्मक कंपन पैदा होता है, जिससे तनाव कम होता है और अध्ययन के लिए आवश्यक एकाग्रता (कंसंट्रेशन) में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। बच्चों को यह बताएं कि बुद्धि के देवता गणेश की आराधना का अर्थ किसी जादू की उम्मीद करना नहीं, बल्कि मन को शांत और विवेक को जाग्रत करना है ताकि वे पढ़ाई और जीवन के फैसलों में सही व गलत का सटीक अंतर समझ सकें।4. माता-पिता की परिक्रमा की कथा और बड़ों का चरण स्पर्शपूजा-अर्चना के उपरांत बच्चों को घर के वरिष्ठ सदस्यों, माता-पिता और गुरुजनों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस दौरान बच्चों को भगवान गणेश और कार्तिकेय के बीच हुई ब्रह्मांड की परिक्रमा वाली प्रसिद्ध पौराणिक कथा अवश्य सुनाएं, जिसमें बप्पा ने अपने माता-पिता शिव-पार्वती की परिक्रमा करके यह सिद्ध किया था कि संसार के समस्त तीर्थ माता-पिता के चरणों में ही समाहित हैं। यह कथा बच्चों के अवचेतन मन में यह अमिट छाप छोड़ती है कि आधुनिकता चाहे कितनी भी बढ़ जाए, माता-पिता और बड़ों का आदर ही जीवन की वास्तविक सफलता का मूल आधार है।5. जरूरतमंदों को दान और सामाजिक संवेदनशीलता का संस्कारत्योहार की पूर्णता केवल अपने परिवार के भीतर खुशियां मनाने में नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने में है। गणेश उत्सव के पावन दिनों में बच्चों के हाथों से किसी अनाथालय, वृद्धाश्रम या सड़क किनारे बैठे जरूरतमंद लोगों को फल, भोजन, वस्त्र या अध्ययन सामग्री का वितरण कराएं। जब बच्चा अपने हाथों से किसी भूखे को भोजन देता है, तो उसके भीतर परोपकार, करुणा और सहानुभूति की भावना अंकुरित होती है। यह अनुभव उन्हें एक संवेदनशील, जिम्मेदार और समग्र नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होता है जो समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भली-भांति समझता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:35 pm

ट्रेन, बुलेट ट्रेन और मेट्रो, किसके ड्राइवर की सैलरी होती है सबसे ज्यादा?

भारत में रेलवे और मेट्रो का बड़ा नेटर्वक है. अब अगले साल से बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने वाली है. इस बीच लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि आखिर तीनों के ड्राइवरों में से किसकी सैलरी सबसे ज्यादा होती है. आइए जानते हैं.

आज तक 14 Sep 2026 5:34 pm

हरतालिका तीज के नामकरण का अनूठा रहस्य: माता पार्वती के 'हरण' से जुड़ी है कथा, भाद्रपद तृतीया पर अखंड सौभाग्य के इस महापर्व की रोचक महिमा

सनातन धर्म परंपरा में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरतालिका तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए सबसे पवित्र और फलदायी व्रतों में सर्वोच्च स्थान रखता है। इस पावन अवसर पर सुहागिनें अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए पूरे चौबीस घंटे का अत्यंत कठिन निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित कन्याएं देवाधिदेव महादेव जैसे सुयोग्य, निष्ठावान और मनभावन वर की प्राप्ति हेतु भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना करती हैं। इस महाव्रत की प्रमुख परंपरा यह है कि इसमें नदी किनारे की शुद्ध काली मिट्टी या बालू रेत से भगवान शिव, माता पार्वती और प्रथम पूज्य श्री गणेश की मूर्तियां अपने हाथों से बनाई जाती हैं और उनका षोडशोपचार विधि से पूजन किया जाता है। अक्सर लोगों के मन में यह स्वाभाविक जिज्ञासा उठती है कि तीज के इस महापर्व को केवल तीज न कहकर विशेष रूप से 'हरतालिका' क्यों पुकारा जाता है। इसके पीछे का रहस्य किसी व्याकरण से नहीं बल्कि भगवान शिव के प्रति माता पार्वती के अनन्य प्रेम और उनकी सखियों के असीम समर्पण की एक अद्भुत पौराणिक गाथा से जुड़ा हुआ है।'हरत' और 'आलिका' का भाषाई व आध्यात्मिक संगम: सखियों द्वारा सती के हरण की अद्भुत दास्तानसंस्कृत और वैदिक शास्त्रों के अनुसार 'हरतालिका' शब्द दो मूल शब्दों के मेल से निर्मित हुआ है—पहला शब्द 'हरत' है जिसका शाब्दिक अर्थ 'हरण करना' या गुप्त रूप से कहीं ले जाना होता है, और दूसरा शब्द 'आलिका' है जिसका अर्थ 'सहेली' अथवा 'सखी' होता है। इस प्रकार हरतालिका का सीधा और स्पष्ट अर्थ है 'सखियों द्वारा किया गया हरण'। शिव महापुराण में वर्णित प्राचीन कथा के अनुसार यह व्रत सर्वप्रथम जगज्जननी माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने शाश्वत पति के रूप में पाने के लिए संपन्न किया था। पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के नाते माता पार्वती बाल्यकाल से ही भगवान शंकर को अपना सर्वस्व और पति मान चुकी थीं, लेकिन उनके पिता गिरिराज हिमालय अपनी लाडली का विवाह देवर्षि नारद के प्रस्ताव पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु से कराना चाहते थे। जब माता पार्वती को इस बात का भान हुआ कि उनकी इच्छा के विरुद्ध उनका विवाह तय किया जा रहा है, तो वे गहरे शोक और विरह में डूब गईं। तब उनकी घनिष्ठ सखियों ने माता पार्वती की मानसिक व्यथा को समझा और एक गोपनीय योजना बनाकर उनका महल से हरण कर लिया। सखियां उन्हें राजसी सुख-सुविधाओं से दूर एक अत्यंत बीहड़, शांत और सुरक्षित वन क्षेत्र की गुफा में छिपा लाईं, ताकि बिना किसी पारिवारिक हस्तक्षेप के वे अपनी साधना पूरी कर सकें। चूंकि यह पूरी तपस्या सखियों द्वारा हरण किए जाने के बाद आरंभ हुई थी, इसलिए इस पावन तिथि और व्रत का नाम युगों-युगों के लिए 'हरतालिका तीज' के रूप में अमर हो गया।17 वर्षों तक कंदमूल का आहार और हस्त नक्षत्र में रेत का शिवलिंग: सती की कठोर साधनाघने जंगल में छिपकर माता पार्वती ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए ऐसी घोर तपस्या आरंभ की जिसे देख देवलोक भी विस्मित रह गया था। उन्होंने राजमहल के 56 भोगों और अन्न-जल का पूरी तरह परित्याग कर दिया और लगातार 17 वर्षों तक केवल सूखे पत्ते, कंदमूल और अंत में निराहार रहकर घोर शीत, धूप और वर्षा की परवाह किए बिना तप किया। अंततः भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को, जब आकाश में हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग बना, माता पार्वती ने गंगा या पावन नदी की रेत से अपने हाथों से शिवलिंग का निर्माण किया और बेलपत्र, धतूरा, भांग व पुष्प अर्पित कर पूरी रात्रि जागरण किया। माता पार्वती की इस निश्छल भक्ति, कठोर तप और अटूट निष्ठा से प्रसन्न होकर भोलेनाथ स्वयं उस बीहड़ वन में प्रकट हुए और उन्होंने माता पार्वती को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार करने का वरदान दिया। तभी से हस्त नक्षत्र युक्त भाद्रपद शुक्ल तृतीया को अखंड सौभाग्य के उत्सव के रूप में मनाया जाने लगा।सिंजारे से लेकर निर्जला उपवास और पारण तक: जानिए तीन दिवसीय व्रत की शास्त्रीय विधिहरतालिका तीज का अनुष्ठान मुख्य रूप से तीन चरणों में संपन्न होता है। व्रत के एक दिन पूर्व यानी द्वितीया तिथि को सुहागिन महिलाएं अपने मायके जाती हैं या फिर ससुराल में उनके लिए मायके से विशेष 'सिंजारा' भेजा जाता है, जिसमें पारंपरिक वस्त्र, मेहंदी, सुहाग की पिटारी, चूड़ियां, मिठाइयां और फल शामिल होते हैं। व्रत के मुख्य दिन यानी तृतीया को महिलाएं सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर निर्जला व्रत का कड़ा संकल्प लेती हैं। पूरे दिन जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं की जाती। प्रदोष काल यानी गोधूलि वेला में स्वच्छ वेदी पर केले के पत्तों का मंडप बनाकर मिट्टी के शिव-पार्वती और गणेश जी को स्थापित किया जाता है। महिलाएं सोलह श्रृंगार करके सामूहिक रूप से हरतालिका तीज व्रत की पावन कथा सुनती हैं और रात्रि भर चार प्रहर की विशेष आरती व भजन-कीर्तन करती हैं। अगले दिन प्रातःकाल चतुर्थ प्रहर के उपरांत स्नान कर माता पार्वती को सुहाग की सभी सामग्री—जैसे सिंदूर, बिंदी, महावर और वस्त्र—अर्पित की जाती हैं, ब्राह्मणों को दान दिया जाता है और उसके पश्चात चरणामृत व जल ग्रहण करके इस कठिन व्रत का विधिवत पारण किया जाता है। शास्त्रों का मत है कि जो भी स्त्री इस पावन विधि का श्रद्धापूर्वक पालन करती है, उसका वैवाहिक जीवन समस्त संकटों से मुक्त रहता है और उसे जीवनभर अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:33 pm

'सरकार की ये क्या नीति है...', भारतीय महिला टीम ने नकवी से नहीं ली ट्रॉफी तो ओवैसी ने उठाए सवाल

भारतीय वीमेंस टीम ने एक बार फिर एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। बीते साल भी मेंस टीम ने एशिया कप जीतने के बाद मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इस पूरे मामले में असदुद्दीन ओवैसी का बड़ा बयान सामने आया है

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:32 pm

कर्नाटक में 100 तालुकों में सूखा घोषित, DK Shivakumar ने बिजली और पानी संकट पर जताई चिंता

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने सोमवार को राज्य में गंभीर सूखे तथा पेयजल और बिजली की संभावित किल्लत को लेकर चिंता जताई। शिवकुमार ने कहा कि सरकार ताप विद्युत उत्पादन बढ़ाने और राष्ट्रीय ग्रिड के जरिये अतिरिक्त बिजली हासिल करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। शिवकुमार ने अपने गृहनगर कनकपुरा में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि 100 तालुकों में पहले ही सूखा घोषित किया जा चुका है और निर्धारित मानदंडों के आधार पर अन्य क्षेत्रों को भी सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा, ‘‘इस वर्ष भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है और फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई जगहों पर तो फसल की बुवाई भी नहीं हो सकी। आगे की स्थिति संकेत देती है कि पेयजल और बिजली की गंभीर कमी हो सकती है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह बिजली की मांग 19,000 मेगावाट को पार कर गई थी, जिसके चलते सरकार को शाम के व्यस्त समय में 11 से 13 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदनी पड़ी। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने ऊर्जा मंत्री के जे जॉर्ज से इस बारे में विस्तृत चर्चा करने और पड़ोसी राज्यों से बात करने को कहा है कि क्या कदम उठाए जा सकते हैं।’’शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में निवेशकों की ओर से पानी, बिजली और जमीन की मांग बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ताप विद्युत उत्पादन बढ़ाने और कोयला उत्पादक क्षेत्रों से बिजली हासिल करने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक ग्रिड’ व्यवस्था के तहत देश के अन्य हिस्सों में पैदा होने वाली बिजली कर्नाटक तक लाई जा सकती है, हालांकि इसके लिए पारेषण शुल्क देना होगा। ‘एक राष्ट्र, एक ग्रिड’ व्यवस्था के तहत भारत के क्षेत्रीय बिजली ग्रिड को एकल राष्ट्रीय ग्रिड में जोड़ा गया है, जो एक समान फ्रीक्वेंसी पर संचालित होता है। शिवकुमार ने सूखे से हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 से 23 सितंबर तक प्रस्तावित विधानसभा के विशेष सत्र में किसानों की सूखे से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए दो दिन निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम सूखे के कारण किसानों के सामने आई समस्याओं पर चर्चा करना चाहते हैं। इसलिए किसानों की सूखे से जुड़ी स्थिति पर चर्चा के लिए हमने विशेष रूप से दो दिन रखे हैं।’’उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के विधायकों ने अपनी शिकायतें सामने रखी हैं और सत्र के दौरान उन्हें अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम इस मामले में दलगत राजनीति नहीं देखेंगे। जहां भी सूखा गंभीर है और जहां भी निर्धारित मानदंड पूरे होते हैं, हम उन क्षेत्रों को जल्द सूखाग्रस्त घोषित करेंगे।’’शिवकुमार ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक 18 सितंबर को तटीय क्षेत्र के दक्षिण कन्नड़ जिले में होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में पलायन रोकने और क्षेत्र के संसाधनों का इस्तेमाल करके लोगों के जीवन में सुधार लाने पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘उस दिन हम कई कार्यक्रमों और नई पहलों की घोषणा करेंगे।’’शिवकुमार ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के बारे में कहा कि उन्होंने एक छात्रावास का दौरा किया और छात्रों के कल्याण के संबंध में अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि कलबुर्गी, रायचूर, हावेरी और बीदर के छात्र शिक्षा के लिए कनकपुरा के छात्रावासों में रह रहे हैं, हालांकि त्योहार के कारण कई छात्र अपने घर चले गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात पर नजर रखने की जरूरत है कि बच्चों की पढ़ाई कैसी चल रही है, वार्डन अपना काम ठीक से कर रहे हैं या नहीं और बच्चे किसी गलत दिशा में तो नहीं जा रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘माता-पिता अपने बच्चों को हमारी (सरकार की) देखभाल में छोड़ते हैं और सरकार पर उसी तरह भरोसा करते हैं। हमें इस जिम्मेदारी के बारे में सोचना होगा।’’यह पूछे जाने पर कि क्या सभी कांग्रेस विधायक सरकार की ‘प्रजा सेवा’ पहल में हिस्सा लेंगे, शिवकुमार ने कहा कि वे ऐसा करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों को कार्यक्रम और संबंधित विभाग के बारे में जानकारी देना अभी बाकी है। इस पहल का उद्देश्य शासन को लोगों के करीब लाना, जन शिकायतों का समाधान करना और सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करना है। मंत्रिमंडल में रिक्ति कब भरी जाएगी, इस सवाल पर शिवकुमार ने कहा कि पार्टी के निर्देश मिलने के बाद फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी हमारी पार्टी (कांग्रेस) हमें बताएगी, हम ऐसा करेंगे।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:32 pm

पूजा में चांदी के बर्तन, थाल और कलश क्यों माने जाते हैं सर्वश्रेष्ठ, इसके पीछे का गहरा धार्मिक, ज्योतिषीय और आयुर्वेदिक रहस्य

सनातन परंपरा में घर के मंदिर में ईश्वर की आराधना, संध्या वंदन और अनुष्ठानों के दौरान शुद्धता का सबसे अधिक ध्यान रखा जाता है। आमतौर पर दैनिक पूजा-अर्चना के लिए तांबे, पीतल अथवा कांसे के बर्तनों का प्रचलन बहुतायत में देखने को मिलता है, परंतु जब बात विशेष अनुष्ठानों, भगवान के नित्य जलाभिषेक, नैवेद्य अथवा पंचामृत अर्पित करने की आती है, तो चांदी के बर्तनों को सर्वोपरि और अद्वितीय स्थान दिया जाता है। यद्यपि चांदी एक बहुमूल्य और महंगी धातु है, फिर भी सदियों से भारतीय परिवारों में पूजा की थाली, आचमनी, लोटा और भोग की कटोरी चांदी की रखने की परंपरा रही है। शास्त्रों के अनुसार चांदी केवल एक आभूषण या सजावट की धातु नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत दिव्य, ऊर्जावान और सात्विक तत्व है जो ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करके पूजा स्थल के वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाए रखने में सक्षम है।चंद्रमा और शुक्र का दिव्य प्रतीक: मन की शांति और माता लक्ष्मी की कृपा का अटूट संबंधवैदिक ज्योतिष और धर्मग्रंथों में चांदी धातु का सीधा संबंध नवग्रहों में मन के कारक चंद्रमा और ऐश्वर्य के स्वामी शुक्र ग्रह से माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्रमा व्यक्ति की मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन, सौम्यता और एकाग्रता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि चांदी की उत्पत्ति भगवान शिव के त्रिनेत्र से मानी जाती है। यही कारण है कि जब कोई साधक चांदी के पात्र से शिवलिंग पर जलाभिषेक करता है अथवा ठाकुर जी को भोग समर्पित करता है, तो उससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति बलवान होती है और घर के सदस्यों को मानसिक अशांति, तनाव और अवसाद से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही, चांदी को माता लक्ष्मी की प्रिय धातु माना गया है; मान्यता है कि जिस पूजा घर में नियमित रूप से चांदी के श्रीयंत्र, चांदी के दीपक अथवा चांदी की थाली का उपयोग किया जाता है, वहां दरिद्रता का नाश होता है और स्थायी सुख-समृद्धि का वास बना रहता है।प्राकृतिक शीतलता और सात्विकता: पंचामृत व नैवेद्य क्यों रहते हैं घंटों तक शुद्धचांदी की मूल तासीर प्राकृतिक रूप से शीतल, सौम्य और रोगाणुरोधी मानी जाती है। दैनिक पूजा के दौरान हम भगवान को जो पंचामृत (कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद और मिश्री) अथवा गंगाजल अर्पित करते हैं, उन्हें जब चांदी के कटोरे या कलश में रखा जाता है, तो चांदी के शीतलक गुण उन पदार्थों में समाहित हो जाते हैं। शास्त्रों में चांदी को 'स्वयं शुद्ध' धातु का दर्जा प्राप्त है, जिसका अर्थ है कि यह धातु बाह्य नकारात्मक ऊर्जा या अशुद्धियों से बहुत जल्दी दूषित या जूठी नहीं होती। यही कारण है कि चांदी के पात्रों में रखा गया प्रसाद लंबे समय तक अपनी ताजी सुगंध, मिठास और आध्यात्मिक स्पंदन को बरकरार रखता है, जिसे ग्रहण करने वाले हर भक्त को आंतरिक शीतलता और सकारात्मक विचार प्राप्त होते हैं।पूजा-पाठ में चांदी के विभिन्न पात्रों का महत्व और पारंपरिक उपयोगसनातन पूजा विधान में चांदी के बर्तनों का प्रयोग अलग-अलग अनुष्ठानिक क्रियाओं के लिए अत्यंत सूक्ष्म नियमों के साथ किया जाता है:नैवेद्य एवं पंचामृत पात्र: भगवान को फल, मिष्ठान और पंचामृत अर्पित करने के लिए चांदी की कटोरी सर्वोत्तम मानी जाती है, जिससे भोग की सात्विकता बनी रहती है।अभिषेक कलश व लोटा: देव प्रतिमाओं और शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए चांदी का लोटा उपयोग करने से जल में दिव्य तरंगें उत्पन्न होती हैं।पूजन सामग्री की थाली: रोली, कुमकुम, गोपी चंदन, अक्षत और पुष्प रखने के लिए छोटी-बड़ी चांदी की थाली का प्रयोग अत्यंत शुभ माना जाता है।आचमन एवं पंचपात्र: पूजा से पूर्व आत्मशुद्धि और मंत्रोच्चार के साथ जल ग्रहण करने हेतु चांदी के पंचपात्र और आचमनी चम्मच का विधान है।आरती दीपक और घंटिका: मंदिर की आरती के लिए चांदी का अखंड दीपक और मधुर ध्वनि वाली घंटी वातावरण से नकारात्मक शक्तियों को दूर भगाने में सहायक होती है।आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का मत: त्रिदोष नाशक और असाधारण रोग प्रतिरोधक क्षमताधार्मिक मान्यताओं से इतर प्राचीन आयुर्वेद संहिता और आधुनिक विज्ञान भी चांदी के बर्तनों के स्वास्थ्य लाभों की पुष्टि करते हैं। महर्षि चरक और सुश्रुत के अनुसार चांदी शरीर में वात और पित्त दोष को शांत करने वाली एक उत्तम रसायन धातु है। इसमें प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और कीटाणुनाशक गुण मौजूद होते हैं। जब चांदी के पात्र में जल भरकर रखा जाता है, तो उसके सूक्ष्म आयन जल में घुलकर उसे जीवाणुरहित और औषधीय गुणों से युक्त बना देते हैं। इस चरणामृत अथवा जल का नियमित सेवन करने से पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, शरीर की आंतरिक जलन शांत होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) में आश्चर्यजनक वृद्धि होती है। इस प्रकार पूजा में चांदी का प्रयोग केवल एक आध्यात्मिक परंपरा नहीं, बल्कि धर्म, ज्योतिष और स्वास्थ्य विज्ञान का एक अद्भुत समन्वय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:28 pm

मातृ नवमी 2026: पितृ पक्ष में दिवंगत माताओं के श्राद्ध के लिए क्यों सबसे खास है नवमी तिथि, पौराणिक महत्व, विधि और मातृ ऋण से मुक्ति का रहस्य

सनातन धर्म में पितृ पक्ष के पावन सोलह दिनों की अवधि को दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन कालखंड माना गया है। धार्मिक व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर आश्विन अमावस्या तक चलने वाले इस महापक्ष में हमारे सभी पूर्वज सूक्ष्म रूप से परलोक से भूलोक पर अपने कुल के द्वार पर पधारते हैं और अपने वंशजों द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किए जाने वाले अन्न, जल और तर्पण को सहर्ष स्वीकार करते हैं। यूं तो पितृ पक्ष की प्रत्येक तिथि का अपना विशिष्ट आध्यात्मिक विधान है और पूर्वज जिस तिथि को गोलोकवासी हुए हों, उसी दिन उनका श्राद्ध करने की परंपरा है, परंतु इन सोलह तिथियों में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को असाधारण स्थान प्राप्त है। इस पावन तिथि को शास्त्रों में 'मातृ नवमी', 'अविधवा नवमी' और 'सौभाग्यवती श्राद्ध' के नाम से जाना जाता है, जो परिवार की दिवंगत माताओं, दादियों, नानियों और समस्त मातृ-शक्ति के तृप्तिकरण के लिए पूर्णतः समर्पित है।नवमी तिथि और अंक 9 का दैवीय रहस्य: स्त्री शक्ति और पूर्णता का प्रतीकशास्त्रों और वैदिक अंक ज्योतिष में नौ (9) के अंक को कोई साधारण संख्या नहीं बल्कि परम पूर्णता और आदिशक्ति स्वरूपा दैवीय ऊर्जा का प्रतीक स्वीकार किया गया है। जिस प्रकार चैत्र और शारदीय नवरात्र के नौ दिन मां भगवती दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित होकर प्रकृति की स्त्री शक्ति का उत्सव मनाते हैं, ठीक उसी तरह पितृ पक्ष का यह नौवां दिन कुल की उन दिवंगत मातृ-शक्तियों के प्रति समर्पण का दिन है जिन्होंने अपने वात्सल्य, त्याग और स्नेह से वंश को सींचा था। गरुड़ पुराण और निर्णय सिंधु जैसे प्रामाणिक धर्मग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि पितृ पक्ष में पितृ और मातृ दोनों पक्षों के पूर्वजों का तर्पण करना प्रत्येक गृहस्थ का परम कर्तव्य है। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी दिवंगत माता, दादी, नानी, सास या परिवार की किसी भी महिला पूर्वज की निश्चित मृत्यु तिथि ज्ञात न हो, तो भी मातृ नवमी के दिन उनका विधिवत श्राद्ध और तर्पण करने से उन्हें सीधे परलोक में तृप्ति प्राप्त हो जाती है और वे प्रसन्न होकर विदा लेती हैं।मातृ ऋण से मुक्ति का एकमात्र मार्ग: अतृप्त आत्माओं की नाराजगी से बचने का विधानहिंदू धर्म दर्शन में मनुष्य के जीवन पर मुख्य रूप से तीन बड़े ऋण माने गए हैं—देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण, जिसमें सबसे गहन और संवेदनशील हिस्सा 'मातृ ऋण' का होता है। नौ महीने तक गर्भ में धारण करने और असहनीय पीड़ा सहकर जीवन देने वाली मां का ऋण किसी भी सांसारिक वस्तु से नहीं चुकाया जा सकता, परंतु मातृ नवमी पर पूरी निष्ठा और श्रद्धा से किया गया श्राद्ध वंशज को इस गंभीर आध्यात्मिक दायित्व से मुक्ति दिलाने में सहायक बनता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति इस तिथि पर महिला पूर्वजों का स्मरण और श्राद्ध कर्म नहीं करता, उसकी दिवंगत माताएं और मातृ-शक्तियां अतृप्त और क्षुब्ध होकर वापस अपने लोक लौट जाती हैं। शास्त्रों के अनुसार कुल की माताओं का अतृप्त लौटना परिवार में अज्ञात अशांति, वंश वृद्धि में बाधा, स्वास्थ्य संकट और दुर्भाग्य का कारण बन सकता है, वहीं विधिपूर्वक किया गया श्राद्ध कुल को अखंड सौभाग्य, पारिवारिक समृद्धि और खुशहाली का स्थायी आशीर्वाद प्रदान करता है।मातृ नवमी की प्रामाणिक श्राद्ध और तर्पण विधि: पिंड दान, धूप-हवन और पंचबलि का नियममातृ नवमी के दिन श्राद्ध का दायित्व विशेष रूप से घर की बहुओं और पुत्रों द्वारा अत्यंत पवित्र भाव से निभाया जाता है। इस दिन प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त होकर पूजा स्थल अथवा किसी स्वच्छ स्थान पर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके एक पवित्र चौकी स्थापित की जाती है, जिस पर दिवंगत माता अथवा महिला पूर्वजों के निमित्त श्वेत वस्त्र बिछाया जाता है। इसके पश्चात पके हुए चावल, गाय के कच्चे दूध, तिल और शहद के मिश्रण से बने पिंड अर्पित किए जाते हैं। तर्पण विधान के अंतर्गत तांबे अथवा पीतल के पात्र में शुद्ध जल लेकर उसमें काले तिल, श्वेत पुष्प और पवित्र कुश घास मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तस्मै स्वधा नमः अथवा मातृ तर्पण मंत्रों का उच्चारण करते हुए अंजलि से जल प्रवाहित किया जाता है। तर्पण के उपरांत शुद्ध घी में बने सात्विक भोजन, पकवान, खीर और मौसमी फलों को देशी गाय के गोबर से बने कंडे की पवित्र अग्नि (धूप) पर अर्पित करके हवन किया जाता है। शास्त्रों में इस तिथि पर ब्राह्मण महिलाओं अथवा सौभाग्यवती स्त्रियों को श्रद्धापूर्वक आदर सहित घर बुलाकर भोजन कराने, उन्हें वस्त्र व सुहाग सामग्री भेंट करने तथा पंचबलि कर्म के तहत गाय, कौवे, कुत्ते, चींटियों और देवताओं के निमित्त भोजन का पहला ग्रास निकालने का अनिवार्य नियम बताया गया है, जिससे पूर्वज तृप्त होकर वंशजों को दीर्घायु और समृद्धि का आशीष देते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:26 pm

सऊदी पर हूती का हमला, ट्रंप का ना... किसके भरोसे रियाद?

यमन में हूती विद्रोहियों के हमलों ने सऊदी अरब की चिंता बढ़ा दी है. रेड सी के अहम समुद्री रास्ते पर खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका ने सीधे सैन्य एक्शन से इनकार कर दिया है, जबकि पाकिस्तान भी मक्का डिफेंस पैक्ट के बावजूद सैनिक भेजने से बचता दिख रहा है. आखिर सऊदी अरब किसके भरोसे है?

आज तक 14 Sep 2026 5:26 pm

कानपुर: मां के अवैध संबंधों से तंग आकर बेटे ने लगाई फांसी!

कानपुर के महाराजपुर में 14 वर्षीय सत्यम ने मां की साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. सत्यम मां के फोन पर प्रेमी से बात करने का विरोध करता था. मां ने इसे बीमारी से मौत बताया था, लेकिन छोटे भाई ने पुलिस पूछताछ में सच उजागर कर दिया.

आज तक 14 Sep 2026 5:25 pm

भारतीय जॉब मार्केट में स्किल की अनिवार्यता पर PM Modi का बड़ा बयान, विकसित देशों के मुकाबले भारत क्यों पिछड़ा

भारतीय अर्थव्यवस्था, कॉरपोरेट सेक्टर और भर्ती बाजार में इन दिनों एक अभूतपूर्व संरचनात्मक बदलाव देखा जा रहा है। एक दौर था जब किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से स्नातक अथवा परास्नातक की डिग्री हासिल कर लेना सुरक्षित भविष्य और सुनिश्चित नौकरी की गारंटी माना जाता था, लेकिन आधुनिक तकनीक की तेज रफ्तार ने भर्ती के पुराने पैमानों को पूरी तरह बदल दिया है। वर्तमान में हर दो से तीन वर्षों के भीतर सॉफ्टवेयर, टूल्स और कार्यप्रणालियां या तो अप्रचलित हो जाती हैं या फिर उन्हें भारी तकनीकी अपग्रेडेशन की आवश्यकता पड़ती है। इसी गंभीर जमीनी हकीकत को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के नाम एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट शब्दों में आह्वान किया है कि केवल अकादमिक प्रमाणपत्रों के भरोसे बैठे रहने का दौर समाप्त हो चुका है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के साथ ही सीखने की यात्रा समाप्त नहीं होती, बल्कि आज के प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट में प्रासंगिक बने रहने के लिए युवाओं को जीवनभर लगातार खुद को री-स्किल और अप-स्किल करते रहना होगा।भारतीय जॉब मार्केट में गहराता स्किल गैप: डिग्री बनाम व्यवहारिक ज्ञान की चुनौतीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग और चौतरफा डिजिटल क्रांति के कारण आज उद्योग जगत की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। शीर्ष राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां अब नौकरी के उम्मीदवारों में केवल उनके डिग्री अंक या कॉलेज की रैंकिंग देखने के बजाय उनकी व्यावहारिक समस्या समाधान क्षमता, क्रिटिकल थिंकिंग, तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक कौशल को प्राथमिकता दे रही हैं। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त आंकड़ों के अनुसार, यद्यपि देश के युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) में पिछले कुछ वर्षों में आंशिक सुधार दर्ज किया गया है, तथापि पारंपरिक शैक्षणिक पाठ्यक्रमों और उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के बीच एक भारी अंतर बना हुआ है। वर्तमान में स्थिति यह है कि लाखों युवा हर साल डिग्रियां लेकर इंजीनियरिंग, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम से पास आउट हो रहे हैं, लेकिन जब वे कॉर्पोरेट फ्लोर पर कदम रखते हैं तो उनके पास वास्तविक प्रोजेक्ट्स को संभालने के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल का अभाव होता है।भारत बनाम विकसित देश: औपचारिक कौशल प्रशिक्षण में जमीन-आसमान का फासलानीति आयोग और विश्व बैंक की वैश्विक रिपोर्ट के आधार पर संकलित किए गए आधिकारिक आंकड़े भारत में कार्यबल की कौशल स्थिति को लेकर बेहद चौंकाने वाली तस्वीर पेश करते हैं। जहां विकसित अर्थव्यवस्थाओं ने अपने युवाओं को स्कूल स्तर से ही व्यावहारिक हुनर सिखाने में भारी निवेश किया है, वहीं भारत औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण के मामले में वैश्विक औसत से काफी पीछे खड़ा है:दक्षिण कोरिया: 96 प्रतिशत औपचारिक रूप से प्रशिक्षित कार्यबलजापान: 80 प्रतिशत औपचारिक व्यावसायिक प्रशिक्षण कवरेजजर्मनी: 75 प्रतिशत कार्यबल कुशल एवं प्रमाणितब्रिटेन (UK): 68 प्रतिशत प्रशिक्षित पेशेवरसंयुक्त राज्य अमेरिका (USA): 52 प्रतिशत औपचारिक कौशल युक्त कार्यबलभारत: केवल 5 प्रतिशत कार्यबल ही औपचारिक रूप से प्रमाणित व कुशलइन आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन यह दर्शाता है कि भारत में कार्यबल का मात्र 5 प्रतिशत हिस्सा ही किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से तकनीकी या व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त है। इसके विपरीत दक्षिण कोरिया में 96% और जापान में 80% युवाओं के पास बाकायदा प्रमाणित कौशल होता है। जर्मनी की बात करें तो वहां का प्रसिद्ध 'डुअल वीईटी सिस्टम' (Dual Vocational Education and Training) हाई स्कूल स्तर के 50 प्रतिशत से अधिक छात्रों को क्लासरूम के थ्योरी लेक्चर्स के साथ-साथ सीधे औद्योगिक इकाइयों में पेड अप्रेंटिसशिप की अनिवार्य सुविधा प्रदान करता है। भारत में इसके बिल्कुल उलट सक्रिय अप्रेंटिस कुल कार्यबल का 0.5 प्रतिशत से भी कम हैं, जिसके चलते स्नातक युवाओं की रोजगार योग्यता लगभग 56 प्रतिशत के आसपास ही सिमट कर रह जाती है। वैश्विक नियोक्ता सर्वेक्षणों में लगभग 65 से 70 प्रतिशत भारतीय रिक्रूटर्स ने स्पष्ट शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स के मामले में योग्य उम्मीदवार ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है।सामाजिक दृष्टिकोण और पुराने पाठ्यक्रम: कौशल के मार्ग में सबसे बड़ी तीन रुकावटेंभारतीय समाज और शिक्षा व्यवस्था में इस गंभीर असंतुलन के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े संरचनात्मक कारण जिम्मेदार हैं। पहला सबसे बड़ा कारण सामाजिक दृष्टिकोण है; भारत में आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक डिप्लोमा अथवा अन्य वोकेशनल ट्रेनिंग पाठ्यक्रमों को अक्सर अकादमिक रूप से कमजोर छात्रों का अंतिम विकल्प माना जाता है, जबकि बीए, बीकॉम या पारंपरिक बीटेक जैसी डिग्रियों को अस्वाभाविक सामाजिक प्रतिष्ठा मिलती है। दूसरा प्रमुख कारण विश्वविद्यालयों और तकनीकी कॉलेजों के पुराने पाठ्यक्रम हैं, जो हर दो साल में बदलती मशीन लर्निंग, क्लाउड आर्किटेक्चर, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन की रफ्तार से तालमेल बिठाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। तीसरा कारण भारतीय श्रम बाजार में असंगठित क्षेत्र का 85 प्रतिशत से अधिक का भारी दबदबा है, जहां कर्मचारी काम करते-करते हुनर तो सीख जाते हैं, लेकिन उनके पास किसी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानक का कोई औपचारिक प्रमाणन नहीं होता। भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर और विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाने के लिए शिक्षा नीति में कौशल विकास को स्कूली स्तर से जोड़ना और युवाओं में सतत अपस्किलिंग की आदत डालना अब समय की सबसे अनिवार्य मांग बन चुका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:23 pm

Archery World Cup: स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने Dhiraj Bommadevara, सीएम नायडू ने दी बधाई

(फाइल फोटो के साथ)अमरावती, 14 सितंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा को सोमवार को बधाई दी। बोम्मादेवरा ने रोमांचक खिताबी मुकाबले में रविवार को जापान के जुन्या नाकानिशी को हराया था। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘तीरंदाजी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बनने पर बोम्मादेवरा को बहुत-बहुत बधाई।’’उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और पूरा देश गौरवान्वित है क्योंकि बोम्मादेवरा ने प्रतिष्ठित खिताब जीतकर भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी का 16 साल का इंतजार भी खत्म कर दिया। नायडू ने कहा, ‘‘धीरज, आपने दुनिया को दिखा दिया है कि लगातार मेहनत, लगन और पक्के इरादे से क्या कुछ नहीं हासिल किया जा सकता। आप हमारे राज्य के बहुत सारे प्रतिभाशाली लोगों के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे ही सटीक निशाने लगाते रहें!’’विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर काबिज धीरज (25) ने 2023 और 2024 सत्र की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इस बार शानदार प्रदर्शन किया। उनसे पहले, जयंत तालुकदार ने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था। धीरज से पहले डोला बनर्जी ने विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने 2007 में दुबई में महिला व्यक्तिगत वर्ग का खिताब जीता था।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:23 pm

साउथ अफ्रीका में 3 गाड़ियों की टक्कर में 21 लोगों की मौत, 4 घायल

ये हादसा साउथ अफ्रीका की राजधानी केप टाउन से 380 किलोमीटर दूर है. साउथ अफ्रीका में मिनीबस टैक्सियों के दुघर्टना के मामले अक्सर आते रहते हैं.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:21 pm

SC की बड़ी सौगात, अब हिन्दी में आएगा फैसले का सारांश और ऑडियो-वीडियो बुलेटिन

यह सेवा शुरू में हिंदी में उपलब्ध होगी। कोर्ट की योजना इसे धीरे-धीरे दूसरी भारतीय भाषाओं में भी बढ़ाने की है। इस कदम का मकसद अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को अहम फैसलों के बारे में संक्षिप्त जानकारी उनकी भाषाओं में उपलब्ध कराना है।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:20 pm

'AI को समझे बिना गुलाम बनकर रह जाएंगे': केरल में बोले मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम, धार्मिक विद्वानों से डिजिटल बदलाव अपनाने की अपील

आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य के बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व को एक अत्यंत गंभीर और दूरगामी संदेश दिया है। केरल के ऐतिहासिक सांस्कृतिक केंद्र कोझिकोड के समीप करंतूर में स्थित प्रतिष्ठित शैक्षणिक व इस्लामिक संस्थान 'मरकजु सकफथी सुन्निय्या' में आयोजित एक भव्य अंतर्राष्ट्रीय समारोह को संबोधित करते हुए मलेशियाई प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के धार्मिक विद्वानों, उलेमाओं और विचारकों से दो टूक आह्वान किया कि वे आधुनिक युग की नई जमीनी सच्चाइयों, तकनीकी आविष्कारों और एआई से आंखें मूंदने की भूल कतई न करें। 'ऑल इंडिया सुन्नी जेम इय्यथुल उलेमा' के महासचिव और भारत के प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार द्वारा प्रतिष्ठित 'शेख अबूबकर फाउंडेशन एक्सीलेंस अवार्ड' से सम्मानित किए जाने के उपरांत अनवर इब्राहिम ने स्पष्ट कहा कि रूढ़िवादिता और तकनीकी अज्ञानता किसी भी समाज को भविष्य की वैश्विक दौड़ में हाशिए पर धकेल सकती है।आधुनिक तकनीक और एआई की समझ के बिना समाज केवल विदेशी ताकतों का औजार बनकर रह जाएगाडिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की अभूतपूर्व रफ्तार पर अपनी गहरी चिंता और दृष्टि साझा करते हुए मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि हमारे पारंपरिक विद्वान और नई पीढ़ी अत्याधुनिक विज्ञान को गहराई से नहीं समझेंगे, तो हम अनजाने में बौद्धिक और आर्थिक गुलामी की ओर बढ़ जाएंगे। उन्होंने सभा को सचेत करते हुए कहा कि ज्ञान, शोध और तकनीकी महारत हासिल किए बिना कोई भी समाज अपनी संप्रभुता की रक्षा नहीं कर सकता। यदि हम एल्गोरिदम, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और जनरेटिव एआई के बुनियादी सिद्धांतों में दक्षता हासिल नहीं करते हैं, तो हम केवल विदेशी शक्तियों, वैश्विक टेक दिग्गजों और बहुराष्ट्रीय निगमों के हाथों का औजार बनकर रह जाएंगे, जिनका इस्तेमाल वे हमारे सांस्कृतिक संकल्प, स्वतंत्र सोच और सामूहिक इरादों को कमजोर करने के लिए करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें आधुनिक ज्ञान और उच्च विशेषज्ञता को अपनी प्राथमिकता बनाना होगा, लेकिन साथ ही अपने आध्यात्मिक विश्वास, मानवीय गरिमा और बुनियादी नैतिक मूल्यों की रक्षा करने का अटूट संतुलन भी साधना होगा।'एन्थानु वर्थमानम' से भाषण का आत्मीय आगाज: केरल और मालाबार से मलेशिया के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधमलेशियाई राष्ट्रप्रमुख ने अपने संबोधन का आरंभ स्थानीय मल्याली संस्कृति का आदर करते हुए ठेठ मलयालम मुहावरे 'एन्थानु वर्थमानम' (क्या हालचाल हैं) के साथ किया, जिसने सभागार में उपस्थित हजारों श्रोताओं और प्रतिनिधियों का दिल जीत लिया। उन्होंने रेखांकित किया कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देश मलेशिया और दक्षिण भारत के केरल, विशेषकर ऐतिहासिक मालाबार तट के बीच सदियों पुराने समुद्री, व्यापारिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं। अनवर इब्राहिम ने अपनी इस महत्वपूर्ण यात्रा को सुगम और निर्बाध बनाने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और मंच से साझा किया कि वे स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का एक अत्यंत सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक संदेश लेकर कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार तक पहुंचे हैं। इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय गरिमामयी मंच पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रदेश अध्यक्ष पनाक्कड़ सादिकली शिहाब थंगल, केरल के पूर्व उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकट्टी समेत अनेक वरिष्ठ राजनेताओं, सांसदों और राजनयिकों ने मलेशियाई प्रधानमंत्री से उच्चस्तरीय मुलाकात की।'सहीह अल-बुखारी' की दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि भेंट, द्विपक्षीय संबंधों और शिक्षा सुधार पर मंथनसमारोह के समापन पर कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को हदीस के दुनिया भर में सर्वाधिक प्रामाणिक एवं मान्य संग्रह 'सहीह अल-बुखारी' की एक अत्यंत दुर्लभ और नक्काशीदार हस्तलिखित पांडुलिपि उपहार स्वरूप भेंट की। इस ऐतिहासिक तोहफे को मलेशियाई प्रधानमंत्री ने अत्यंत सम्मानपूर्वक स्वीकार किया और इसे भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक व आध्यात्मिक सेतु का प्रतीक बताया। इसके पश्चात प्रधानमंत्री इब्राहिम के सम्मान में मरकज परिसर में एक औपचारिक राजकीय रात्रिभोज का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भारत-मलेशिया संबंधों, दक्षिण एशिया में आधुनिक उच्च शिक्षा के विस्तार, तकनीकी संस्थानों में युवाओं की भागीदारी और नैतिक मूल्यों पर आधारित डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:19 pm

नौकरी गंवाने वाली शिक्षिका से नंदीग्राम की उम्मीदवार तक, ममता बनर्जी की पसंद संचिता प्रधान डे कौन?

ममता बनर्जी ने टीएमसी की सबसे महत्वपूर्ण सीट पर शिक्षिका संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले के साथ यह भी साफ हो गया है कि 15 साल में पहली बार ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नहीं दिखेंगी।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Sep 2026 5:19 pm

95 साल बाद बड़ा मुकाम! ये 5,068 KM रेल नेटवर्क 100% इलेक्ट्रिफाइड

भारतीय रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन कैम्पेन को बड़ी कामयाबी मिली है. दक्षिण भारत के एक बड़े रेल नेटवर्क का अब पूरा हिस्सा इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर आ गया है. इसके साथ ही हजारों किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर ट्रेनों के संचालन का तरीका बदल गया है.इस मुकाम तक पहुंचने में रेलवे को करीब 95 साल का लंबा सफर तय करना पड़ा है.

आज तक 14 Sep 2026 5:19 pm

20 लाख की सैलरी, 50 लाख की सेविंग, फिर भी क्यों परेशान है ये शख्स?

30 साल की उम्र में 50 लाख रुपये की नेटवर्थ और 20 लाख रुपये सालाना सैलरी होने के बावजूद एक शख्स खुद को फाइनेंशियली पीछे महसूस कर रहा है. रेडिट पर शेयर की गई उसकी पोस्ट ने पैसे, सेविंग और दूसरों से तुलना को लेकर बहस छेड़ दी है.

आज तक 14 Sep 2026 5:18 pm

हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक तोहफा: अब 'जन सूचना सेवा' के जरिए हिंदी में मिलेंगे बड़े फैसले और 15-30 मिनट के ऑडियो-वीडियो बुलेटिन

हिंदी दिवस के पावन अवसर पर देश की शीर्ष अदालत ने न्यायिक प्रणाली को आम आदमी की समझ के करीब लाने के लिए एक ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल का बिगुल बजा दिया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आधिकारिक तौर पर 'जन सूचना सेवा' (Public Information Service) नाम से एक अनूठी जन-जागरूकता पहल शुरू करने की औपचारिक घोषणा की है। दशकों से कानूनी दांव-पेचों, भारी-भरकम अंग्रेजी शब्दावली और जटिल आदेशों के चलते जो फैसले केवल वकीलों और न्यायाधीशों तक सीमित रह जाते थे, अब वे देश के गांव-कस्बों में बैठे आम नागरिकों, गरीब वादियों और खासकर दिव्यांगजनों तक सीधे उनकी मातृभाषा में पहुंचेंगे। सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि वास्तविक न्याय केवल अदालत के बंद कमरों में सुनाए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जब तक एक आम भारतीय नागरिक अपने पक्ष या विपक्ष में आए फैसले की मूल भावना और उसके सामाजिक-कानूनी असर को अपनी जानी-पहचानी भाषा में न समझ ले, तब तक न्याय तक समग्र पहुंच का लक्ष्य अधूरा रहता है।15 से 30 मिनट के ऑडियो-वीडियो बुलेटिन: कानूनी दांवपेच अब सरल भाषा मेंसुप्रीम कोर्ट द्वारा शुरू की गई इस नई 'जन सूचना सेवा' के ढांचे को आधुनिक डिजिटल युग की जरूरतों के अनुसार बहु-आयामी स्वरूप में डिजाइन किया गया है। इसके अंतर्गत संवैधानिक पीठों, जनहित याचिकाओं और व्यापक जन-सरोकार से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी आदेशों का बेहद सरल, स्पष्ट और बिना किसी कानूनी जटिलता वाला हिंदी सारांश तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, देश में पहली बार शीर्ष अदालत स्वयं लगभग 15 से 30 मिनट की अवधि वाले विशेष हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन प्रसारित करेगी। इन बुलेटिनों में अनुभवी विधिक विश्लेषकों द्वारा यह आसान भाषा में समझाया जाएगा कि अदालत के सामने वास्तविक विवाद क्या था, संविधान के किस अनुच्छेद या कानून के तहत दलीलें दी गईं, और अंतिम निर्णय का आम आदमी के दैनिक जीवन व अधिकारों पर क्या दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।दिव्यांगजनों और आम वादियों के लिए समावेशी न्याय का नया युगयह क्रांतिकारी पहल विशेष रूप से उन वादियों, बुजुर्गों और दिव्यांग नागरिकों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होने जा रही है, जो दृष्टिबाधित होने या औपचारिक कानूनी शिक्षा न होने के कारण सैकड़ों पन्नों के अंग्रेजी फैसले पढ़ने या समझने में असमर्थ रहते थे। ऑडियो प्रारूप की उपलब्धता से दृष्टिबाधित नागरिक सुनकर सीधे फैसले का सार समझ सकेंगे, जबकि विजुअल बुलेटिन से श्रवण-बाधित या कम साक्षर लोग भी शीर्ष अदालत के कामकाज से सीधा जुड़ाव महसूस करेंगे। सुप्रीम कोर्ट की इस पहल का मूल उद्देश्य न्याय व्यवस्था को पूरी तरह से समावेशी, पारदर्शी और लोकतांत्रिक बनाना है, जिससे भारतीय भाषाओं के प्रति गहरा सम्मान प्रदर्शित होने के साथ-साथ न्यायिक प्रणाली पर जनता का अटूट विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।हिंदी से आगाज, जल्द अन्य क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं में भी होगा विस्तारसर्वोच्च न्यायालय के आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हालांकि इस महत्वाकांक्षी सेवा की औपचारिक शुरुआत हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रभाषा हिंदी के साथ की जा रही है, लेकिन इसका दायरा यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, उड़िया और मलयालम जैसी तमाम प्रमुख भारतीय भाषाओं में भी विस्तारित किया जाएगा। इस बहुभाषी डिजिटल विस्तार का मुख्य लक्ष्य देश के भाषाई तौर पर विविधतापूर्ण हर राज्य और क्षेत्र के अंतिम पायदान पर खड़े नागरिक को सशक्त बनाना है, ताकि भाषाई बाधाएं न्याय और मौलिक अधिकारों की समझ के बीच कभी दीवार न बन सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:15 pm

यमन के कई शहरों पर हूतियों का कब्जा, देखें दुनिया आजतक

यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी और यमन सरकार की सेना ने बड़े पैमाने पर जवाबी हमले किए हैं, जिसकी पुष्टि खुद हूती प्रवक्ता ने की. यमन के कई शहरों पर कब्ज़े के बाद सऊदी ने दक्षिण-पश्चिम में ताइज, दक्षिण में लाहज, उत्तर में अल-जौफ़ और सादा, उत्तर-पश्चिम में हज्जा और देश के मध्य क्षेत्र में अल-बैदा को निशाना बनाया. देखें दुनिया आजतक.

आज तक 14 Sep 2026 5:14 pm

टूटी हड्डियों के साथ 7,000 फीट की चढ़ाई... ईरान में अमेरिकी फाइटर की 50 घंटे की सर्वाइवल कहानी उसी की जुबानी

सेंटकॉम प्रमुख ने बताया कि 90 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को ईरान में जमीन पर भेजा गया; यह 46 सालों में वहां अमेरिकी जमीनी सैनिकों की पहली तैनाती थी.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:13 pm

आगरा से 2.5 घंटे में संभल, अलीगढ़ से लगेंगे 1.5 घंटे, UP में नया हाइवे मंजूर, मथुरा, हाथरस, गाजियाबाद तक कनेक्टिविटी

UP सरकार ने 98 किलोमीटर लंबे इगलास-संभल स्टेट हाईवे (SH-184) को मंजूरी दे दी है. इसके बनने के बाद अलीगढ़ से संभल का सफर करीब डेढ़ घंटे और आगरा से संभल की दूरी करीब ढाई घंटे में तय की जा सकेगी.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:13 pm

बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दर्ज की FIR, पिता के बयान में Aaditya Thackeray और Rhea Chakraborty समेत कई बड़े नाम

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी टैलेंट मैनेजर दिशा सालियान की रहस्यमयी मौत के मामले में करीब छह साल बाद एक बहुत बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा मुंबई पुलिस की प्राथमिक जांच पर गंभीर सवाल उठाते हुए दिए गए सख्त आदेशों के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस चर्चित प्रकरण में औपचारिक रूप से पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर ली है। हाई कोर्ट ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को जांच की सीधी कमान सौंपने का निर्देश दिया है। सीबीआई की इस नई कानूनी कार्रवाई से ठीक दो दिन पहले दिशा के पिता सतीश सालियान ने जांच एजेंसी के अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होकर अपना विस्तृत और सनसनीखेज बयान दर्ज कराया था, जिसने महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों और बॉलीवुड इंडस्ट्री में भारी भूचाल ला दिया है।सतीश सालियान का बड़ा आरोप: आत्महत्या की झूठी कहानी और सबूतों को मिटाने की रची गई साजिशसीबीआई के समक्ष दर्ज कराए गए आधिकारिक बयान में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने दावा किया है कि उनकी बेटी की मौत कोई सामान्य आत्महत्या या हादसा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी और संगठित आपराधिक साजिश रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे घटनाक्रम को आत्महत्या का रूप देने के लिए एक झूठी कहानी तैयार कर फैलाई गई और घटनास्थल से लेकर पोस्टमार्टम तक से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को दबाया, नष्ट किया या मनगढ़ंत रूप से पेश किया गया। सतीश सालियान ने जांच एजेंसी से मांग की है कि कथित अपराधों, साजिश रचने, फोरेंसिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने और जांच को जानबूझकर भटकाने में शामिल सभी रसूखदार चेहरों की गहन आपराधिक जांच की जानी चाहिए ताकि वास्तविक सच जनता और अदालत के सामने आ सके।आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती और सूरज पंचोली समेत कई दिग्गज हस्तियों के नामों का उल्लेखसतीश सालियान द्वारा जांच एजेंसी को दिए गए विस्तृत बयान में कई हाई-प्रोफाइल राजनेताओं, बॉलीवुड अभिनेताओं, व्यवसायियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। बयान में जिन प्रमुख व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है, उनमें शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे, उनके पिता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख, दिशा के मंगेतर रोहन रॉय, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के सुरक्षा गार्ड, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती के नाम दर्ज हैं। इसके अलावा तत्कालीन मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे, तत्कालीन डीसीपी विशाल ठाकुर और मालवणी पुलिस स्टेशन के कई जांच अधिकारियों की भूमिका पर भी संदेह जताते हुए जांच की मांग की गई है।मालवणी पुलिस से केस डायरी और फोरेंसिक रिकॉर्ड तलब, जून 2020 की घटना की नए सिरे से पड़तालएफआईआर दर्ज करने के तत्काल बाद केंद्रीय जांच एजेंसी एक्शन मोड में आ गई है और उसने मुंबई की मालवणी पुलिस को आधिकारिक पत्र लिखकर दिशा सालियान की मौत से जुड़ी मूल केस डायरी, क्राइम सीन पंचनामा, पंचों के बयान और सभी तकनीकी रिकॉर्ड तलब कर लिए हैं। सीबीआई की नजर पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कथित अनुचित देरी के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों, कर्मचारियों, कलिना स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के जांच विश्लेषकों और रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्डों की गतिविधियों पर भी टिकी हुई है। गौरतलब है कि जून 2020 में मलाड स्थित बहुमंजिला इमारत से गिरकर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, और इसके महज कुछ ही दिनों बाद 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट में मिला था, जिसके बाद से ही दोनों मामलों के आपस में जुड़े होने को लेकर देश भर में भारी आक्रोश और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठती रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:12 pm

भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक मतभेद भुलाएं: Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मतलब भारत की संस्कृति और इतिहास के बारे में जागरूकता पैदा करना है। शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश की अलग-अलग भाषाओं का स्वर भले ही अलग हो लेकिन राष्ट्रीय भावना एक ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए सभी राजनीतिक मतभेदों को भुला देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कोई बच्चा देश को अपनी मातृके जरिए ही बेहतर ढंग से समझ सकता है। शाह ने भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के काम को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस संकल्प से जोड़ा, जिसमें उन्होंने देश को ‘‘गुलामी की मानसिकता’’ से मुक्त करने की बात कही थी। नवी मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजसम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने समझ लिया था कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के माध्यम से देश की संस्कृति और इतिहास के बारे में जागरूकता पैदा की जा सकती है। शाह ने कहा कि तिलक ने सार्वजनिक गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने की शुरुआत की थी। ये दोनों ही उत्सव धीरे-धीरे महाराष्ट्र से बाहर भी फैले और आजादी की लड़ाई के दौरान देशभक्ति की लहर पैदा करने में मदद की। मंत्री ने कहा कि ‘हिंदी शब्द सिंधु’ की शुरुआत 51,000 शब्दों के साथ हुई थी और अब इसमें आठ लाख शब्द शामिल हो चुके हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा शब्दकोश बन जाएगा। शाह ने कहा कि जिन जगहों पर हिंदी में शब्दों की कमी थी, उन्हें पूरा करने के लिए ‘हिंदी शब्द सिंधु’ में भारत की क्षेत्रीय भाषाओं के 50,000 से अधिक शब्दों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि शब्दकोश में तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, बंगाली और ओड़िया जैसी भाषाओं के शब्दों को अपनाया गया है जिससे हिंदी और अधिक लचीली बनी है। शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में देश की सबसे अधिक बहुभाषी संस्कृति है, जहां मराठी, कोंकणी, गुजराती, सिंधी, हिंदी, कन्नड़ और वारली जैसी भाषाएं बोली और विकसित की जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मराठी को ‘शास्त्रीय भाषा’ का दर्जा दिया। शाह ने कहा कि हिंदी को देश की दूसरी भाषाओं की प्रतिद्वंद्वी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी भाषाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। शाह ने कहा कि विनोबा भावे ने बताया था कि हिंदी के इस्तेमाल से ही वह भूदान-ग्रामदान आंदोलन का संदेश पूरे देश में फैला पाए थे। गृह मंत्री ने कहा कि जब उनकी पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी सौंपी तो हिंदी की जानकारी ने उन्हें पूरे देश में काम करने में मदद की। उन्होंने यह भी बताया कि राजविभाग ने ‘भारती’ नाम का बहुभाषी अनुवाद टूल बनाया है और सरकार ने ‘भारतीय अनुभाग’ भी स्थापित किया है। उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों से केंद्र सरकार के साथ मराठी में संवाद करने का आग्रह किया और उन्हें आश्वस्त किया कि अनुवाद की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भारतीय भाषाओं को शासन एवं विज्ञान की बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्श्य साहित्य के माध्यम से देश की भाषाओं को समृद्ध करना है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) जैसी परीक्षाएं अपनी मातृमें दे सकते हैं, जबकि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई), राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और स्नातक स्तर की परीक्षाएं 13 भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं। शाह ने कहा, ‘‘भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक मतभेदों को भुला देना चाहिए। एक बच्चा भारत को अपनी मातृके जरिए ही समझ सकता है।’’शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत मातृमें प्राथमिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे बड़ा काम यह किया है कि एनईपी के तहत उन्होंने मातृमें पढ़ाई को अनिवार्य किया है और साथ ही एक और भारतीय को सीखना भी अनिवार्य कर दिया है। जो लोग मातृके अलावा एक और भारतीय सीखने के एनईपी के प्रावधान का विरोध कर रहे हैं उन्हें नहीं पता कि वे कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं।’’शाह ने कहा कि केंद्र सरकार के पांच लाख से अधिक कर्मचारियों ने का प्रशिक्षण लिया है, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ‘कंठस्थ 2.0’ को विदेशियों के लिए उपलब्ध कराया गया है जिसमें पांच करोड़ से अधिक वाक्य हैं। सीखने के साधन के तौर पर ‘लीला राजभाषा’ और ‘लीला प्रवाह’ को विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि राजसमिति ने अब तक नौ संस्करण तैयार किए हैं। इनमें से पांच को मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान समर्पित किया जाएगा। शाह ने कहा कि सरकार 2019 से राजसम्मेलन को दिल्ली तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग राज्यों में आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई प्रकाशन जारी किए गए जिनमें ‘राजभारती’ (वंदे मातरम् विशेष विषय) और ‘वंदे मातरम् के 150 अध्याय’ शामिल हैं। ‘हिंदी शब्द सिंधु’ डिजिटल रिसोर्स और हिंदी टाइपिंग व शॉर्टहैंड में प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है। साथ ही ‘राजकीर्ति’ और ‘राजगौरव’ पुरस्कार भी दिए गए। शाह ने वंदे मातरम् पर कहा कि राष्ट्रगीत को उसका पूर्ण गौरव वापस दिलाने में 80 साल लग गए। उन्होंने कहा, ‘वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं है बल्कि आजादी के लिए भारतीय चेतना को जगाने की एक कोशिश है। इसने भारत के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी।’’शाह ने सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ शुरुआती दो छंद गाने के पुराने फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि बाद में इस गीत को विभाजित कर दिया गया और इसे इसका पूर्ण गौरव वापस दिलाने में कई दशक लग गए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् को एक बार फिर उसका सम्मान मिला है और सभी सरकारी कार्यक्रमों में इसे पूरा गाया जाने लगा है क्योंकि भारत को नरेन्द्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिला है। शाह ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने ‘स्वराज’, ‘स्वधर्म’ और ‘स्वभाषा’ को स्व-शासन का अहम हिस्सा माना था और कामकाज में मराठी को महत्व दिया था। शाह ने कहा कि मोदी ने हमेशा बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं में भाषण दिए हैं। रवींद्रनाथ टैगोर का जिक्र करते हुए शाह ने भारतीय संस्कृति और साहित्य की तुलना कई पंखुड़ियों वाले कमल से की, जिसमें हर क्षेत्रीय एक पंखुड़ी की तरह है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भाषाएं भले ही अनेक हों, लेकिन भावना भारतीय होनी चाहिए और भारत की आवाज एक ही होनी चाहिए।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:12 pm

पेन-पेपर नहीं अब कंप्यूटर पर होगी NEET-UG! जानिए नया एक्शन प्लान

इस बड़े बदलाव को अमलीजामा पहनाने के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स काम कर रही है. इस समिति का मुख्य ध्यान देश भर में कंप्यूटर के जरिए नीट परीक्षा कराने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा जरूरतों और तकनीकी सिस्टम का मूल्यांकन करने पर केंद्रित है.

आज तक 14 Sep 2026 5:11 pm

हूतियों से लड़ाई में पीठ दिखाने के बाद पाकिस्तान की सऊदी अरब के साथ रिश्तों को संभालने की एक और कोशिश

पाकिस्तानी अधिकारियों को चिंता है कि सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर ईरान के मिसाइल हमलों की तुलना में, हूती खतरे के कारण इस्लामाबाद के युद्ध में घिसट जाने की संभावना ज्यादा है.

NDTV इंडिया 14 Sep 2026 5:11 pm

कंगना रनौत ने राखी सावंत को दिया जवाब, बोलीं...

राखी सावंत के कंगना रनौत और स्मृति ईरानी पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट के बाद विवाद बढ़ गया है. कंगना ने सोशल मीडिया पर राखी को जवाब देते हुए कहा कि सफलता के लिए सिर्फ सिफारिश नहीं, बल्कि प्रतिभा और योग्यता भी जरूरी है. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.

आज तक 14 Sep 2026 5:11 pm

BRICS पर रार: व‍िपक्ष के उपलब्धियों से लेकर मेन्यू तक पर सरकार से सवाल

दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में 2 दिन के ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न हो चुका है. मेहमान अपने वतन लौट चुके हैं. लेकिन अब भारत में इस पर सियासत की एंट्री हो गई है. ब्रिक्स सम्मेलन की उपलब्धियों से लेकर खान-पान तक पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. देखिये पूरी खबर.

आज तक 14 Sep 2026 5:10 pm

Ahan Shetty की हॉरर फिल्म '1920: Cold Winter' को मिली लीड एक्ट्रेस, Border 2 के बाद फिर जमेगी इस हसीना संग जोड़ी

भारतीय सिनेमा में अलौकिक शक्तियों और हॉरर जॉनर को एक भव्य स्तर पर पेश करने वाले दिग्गज फिल्ममेकर विक्रम भट्ट एक बार फिर अपनी सबसे प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी के साथ सिल्वर स्क्रीन पर खौफ का नया मंजर रचने जा रहे हैं। 'हॉन्टेड 3डी- इकोज ऑफ द पास्ट' के बाद विक्रम भट्ट का पूरा ध्यान अपनी अगली महत्वाकांक्षी सुपरनेचुरल थ्रिलर '1920: कोल्ड विंटर' (1920: Cold Winter) पर केंद्रित हो गया है। इस फिल्म में बॉलीवुड के अन्ना यानी सुनील शेट्टी के प्रतिभाशाली बेटे अहान शेट्टी को मुख्य अभिनेता के रूप में फाइनल किए जाने की घोषणा पहले ही हो चुकी थी, जिसके बाद से ही सिनेप्रेमियों और ट्रेड पंडितों के बीच इसकी लीड एक्ट्रेस को लेकर कयासबाजी का दौर जारी था। अब फिल्म गलियारों से इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट की मुख्य नायिका को लेकर बड़ी आधिकारिक जानकारी सामने आ गई है, जिसने इंडस्ट्री में नई हलचल पैदा कर दी है।अहान शेट्टी संग अन्या सिंह की फ्रेश केमिस्ट्री: 'बॉर्डर 2' के बाद दूसरा बड़ा कोलैबोरेशनबॉलीवुड इनसाइडर रिपोर्ट्स के अनुसार विक्रम भट्ट ने लंबी तलाश और कई स्क्रीन टेस्ट के बाद प्रतिभाशाली अभिनेत्री अन्या सिंह (Anya Singh) को '1920: कोल्ड विंटर' की मुख्य भूमिका के लिए साइन कर लिया है। अन्या सिंह हाल ही में आर्यन खान के बहुचर्चित डायरेक्टोरियल डेब्यू शो 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में अपनी सशक्त और संजीदा अदाकारी से आलोचकों और दर्शकों की खूब तारीफें बटोर चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि '1920: कोल्ड विंटर' के जरिए अहान शेट्टी और अन्या सिंह की ऑन-स्क्रीन जोड़ी दूसरी बार दर्शकों के सामने आएगी। इससे पहले दोनों कलाकारों ने इस साल 26 जनवरी को रिलीज हुई देशभक्ति से लबरेज मेगा-बजट वॉर ड्रामा फिल्म 'बॉर्डर 2' में एक साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया था, जहां अन्या ने अहान के किरदार की जीवनसंगिनी की भावनात्मक भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों को छू लिया था। अब इस हॉरर-थ्रिलर जॉनर में दोनों की केमिस्ट्री को पूरी तरह से नए और डरावने अंदाज में देखना बेहद रोमांचक होगा।18 साल का खौफनाक सफर: विक्रम भट्ट की '1920' फ्रेंचाइजी की छठी बड़ी किस्त'1920' को हिंदी सिनेमा इतिहास की सबसे सफल, लंबे समय से चलने वाली और कल्ट हॉरर फिल्म फ्रेंचाइजियों में शुमार किया जाता है। इस प्रतिष्ठित सीरीज की शुरुआत वर्ष 2008 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म '1920' से हुई थी, जिसमें रजनीश दुग्गल और अदा शर्मा ने अपनी रोंगटे खड़े कर देने वाली अदाकारी से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। इसके बाद इस रहस्यमयी सफर को आगे बढ़ाते हुए साल 2012 में '1920: एविल रिटर्न्स', 2016 में शरमन जोशी स्टारर '1920 लंदन', 2018 में करण कुंद्रा स्टारर '1921' और वर्ष 2023 में अविका गौर अभिनीत '1920: हॉरर्स ऑफ द हार्ट' जैसी फिल्में दर्शकों के सामने पेश की गईं। '1920: कोल्ड विंटर' इस लोकप्रिय हॉरर यूनिवर्स की छठी किस्त होने वाली है, जिसे बेहद भव्य प्रोडक्शन स्केल, अत्याधुनिक वीएफएक्स और एक सिहरन पैदा करने वाली नई कहानी के साथ तैयार किया जा रहा है।बर्फबारी के बीच रीढ़ कंपा देने वाला सस्पेंस: प्री-प्रोडक्शन और रिलीज की तैयारीफिल्म के शीर्षक 'कोल्ड विंटर' से ही साफ संकेत मिलता है कि इस बार विक्रम भट्ट भूतहा हवेली और बदले की भावना से जलती रूहों की दास्तान को जमा देने वाली बर्फीली वादियों के खौफनाक बैकड्रॉप पर सेट करने वाले हैं। निर्देशक ने स्क्रिप्ट लॉक करने के बाद आउटडोर लोकेशंस की रेकी शुरू कर दी है, ताकि दर्शक थिएटर में बैठते ही उस हड्डियों को कंपा देने वाली ठंडक और खौफ को महसूस कर सकें। हालांकि मेकर्स ने अभी तक फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट और शूटिंग शेड्यूल का अंतिम ऐलान नहीं किया है, लेकिन अन्या सिंह और अहान शेट्टी की नई कास्टिंग ने इस प्रोजेक्ट को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Sep 2026 5:09 pm

धड़ यहां मिला, बोरे में सिर वहां था, प्रेम विवाह से नाराज परिवार ने रची साजिश

झारखंड के धनबाद में नाबालिग लड़की की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. बलियापुर के डांगी पहाड़ी के पास सिर कटा शव मिलने के मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक, लड़की के प्रेम विवाह से नाराजगी के चलते साजिश रचकर हत्या की गई. आरोपियों की निशानदेही पर धारदार हथियार समेत सामान बरामद हुआ है.

आज तक 14 Sep 2026 5:06 pm