'विदेशी नागरिक ऐसा अवैध काम कर सकते हैं?' एक्टर के प्रोटेस्ट में शामिल होने पर बोले BJP नेता
बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मुंबई में सीजेपी के समर्थन में हुए प्रदर्शन में अभिनेता इमरान खान की भागीदारी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पुलिस को पत्र लिखकर अभिनेता की नागरिकता और प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति की जांच मांगी. सोमैया ने निर्वासन की मांग भी की है.
पाकिस्तान का मक्का समझौता: ईरान से दगा या नई चाल? सऊदी-तुर्की रक्षा गठबंधन के मायने समझिए
Pakistan-Saudi Arabia-Turkey Defence Pact Explainer:
'हर टूटी शादी को क्रिमिनल केस न बनाएं', HC ने खारिज की दहेज उत्पीड़न की FIR
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ढाई महीने चली शादी के बाद दर्ज कराई गई दहेज उत्पीड़न और हत्या के प्रयास की FIR को रद्द कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हर टूटती शादी को आपराधिक केस में बदलने से विवाह जैसी संस्था प्रभावित होगी और तलाक की अर्जी के बाद दर्ज FIR कानून का दुरुपयोग दर्शाती है.
पेरू में 'हिटलर मुसोलिनी' ने जीता मेयर का चुनाव, जानिए क्यों दुनिया भर में हो रही है चर्चा
पेरू में 45 वर्षीय हिटलर मुसोलिनी सिमेओन फ्लोरेस ने क्वेरोपाल्का जिले के मेयर का चुनाव 25 वोटों से जीत लिया. उन्हें 229 वोट मिले. उनके नाम में जर्मनी के एडोल्फ हिटलर और इटली के बेनिटो मुसोलिनी के नाम शामिल हैं, जिसकी वजह से हर तरफ इसकी चर्चा हो रही है.
शेख हसीना के विरोधी बांग्लादेशी नेता नाहिद इस्लाम ने सीजेपी के प्रदर्शन को दिया अपना समर्थन
शेख हसीना के विरोधी बांग्लादेशी नेता नाहिद इस्लाम ने सीजेपी के प्रदर्शन को दिया अपना समर्थन
हुस्न, लिव-इन और ब्लैकमेलिंग... मॉडल पर बॉयफ्रेंड के कत्ल का आरोप
लखनऊ के हजरतगंज में लिव-इन पार्टनर के साथ रहने वाले कैफे संचालक शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरकर संदिग्ध हालात में मौत हो गई. परिजनों ने युवती और उसकी बहन पर बंधक बनाकर बर्बर टॉर्चर करने और हत्या का गंभीर आरोप लगाया है. पुलिस मामला दर्ज कर सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है.
हर मिनट फोन चेक करने की आदत बन रही है मेंटल हेल्थ की दुश्मन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट
क्या आप हर मिनट फोट चेक करते हैं? अगर हां, तो ये आदत नॉर्मल नहीं है. जी हां, ऐसा हम नहीं डॉक्टर कह रहे हैं. यहां जानते हैं इस बारे में-
'पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ विमान तकनीक विकसित करेगा भारत', स्वदेशी रक्षा उत्पादन की रफ्तार को सराहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने देश की रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी हथियारों और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों के उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया।
नवम कैपिटल के संस्थापक राजीव मंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को विदेशी साजिश करार देते हुए अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क और जैक डोर्सी पर आंदोलन को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।
बौखलाहट नहीं काबू कर पा रहे एलन मस्क, फिर उगला जहर; इस बार शेयर किए स्क्रीनशॉट
उपग्रह संचार कंपनी स्टारलिंक को भारत में कारोबार की अनुमति नहीं मिलने से अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क अपनी बौखलाहट पर काबू नहीं कर पा रहे हैं। शनिवार को लगातार तीसरे दिन उन्होंने इस मुद्दे पर जहर उगला।
छत्तीसगढ़ के दिव्यांग कल्याण घोटाले (एसआरसी-पीआरआरसी) में सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। करीब एक हजार करोड़ रुपये की संभावित गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है।
भारत में स्टारलिंक की लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर एलन मस्क की टिप्पणियों के बीच जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेंबू ने उन्हें जवाब दिया है। वेंबू ने कहा कि भारत में सरकार एकाधिकार को बढ़ावा नहीं देती और प्रतिस्पर्धा के जरिये आम लोगों को सस्ती सेवाएं मिलती हैं।
आंतरिक मामलों में दखल न दें... दिल्ली प्रदर्शन को लेकर UN को भारत की दो टूक
सीजेपी समर्थकों की हिरासत को लेकर UN की टिप्पणियों पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने इसे अपने आंतरिक मामलों में बेवजह दखल बताया है.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने रविवार को जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक रोजाना जंतर-मंतर तक मार्च किया जाएगा. CJP के इस विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली में शनिवार को परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही.
अहमदाबाद में खुले नाले में गिरी नौ साल की बच्ची: बचाव अभियान जारी; बीएसएफ जवान क्यों बुलाए गए?
अहमदाबाद में खुले नाले में गिरी नौ साल की बच्ची: बचाव अभियान जारी; बीएसएफ जवान क्यों बुलाए गए?
इंडिया ब्लॉक सोमवार को निकालेगा मार्च: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, सीजेआई को सौंपेंगे ज्ञापन; आगे क्या?
'युवाओं को सबक सिखाने के लिए धन्यवाद', शशि थरूर ने पीएम मोदी पर कसा तंज, शेयर किया 2015 का ट्वीट
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए उनका 2015 का एक पुराना ट्वीट शेयर किया। थरूर ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों पर पुलिस की कार्रवाई की तुलना आपातकाल से की।
Scorpio Tarot Card Horoscope 11 October: The Moon की ऊर्जा अपने आसपास के वातावरण में बनी हुई नकारात्मकता से दूरी, किसी अधिकारी की ईगो और मनमानी के चलते विभाग परिवर्तन और अपने कार्य को बेहतर बनाने के लिए गुस्से और वाणी पर नियंत्रण रखने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, वृश्चिक राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
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Launch of Navy's modern patrol vessel ‘Shreyas’; will enhance maritime security and surveillance capabilities - कोलकाता: नौसेना के आधुनिक गश्ती पोत ‘श्रेयस’ का जलावतरण, पोत से समुद्री सुरक्षा और निगरानी की बढ़ेगी क्षमता
Libra Tarot Card Rashifal: जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए आवश्यक बदलाव,पद के दुरुपयोग से बचाव
Libra Tarot Card Horoscope 11 October: Six of cups की ऊर्जा अतीत में गलत प्रेम संबंध के चलते हुए तनाव से दूर रहने की कोशिश, कार्यक्षेत्र में सभी के साथ नम्रतापूर्ण व्यवहार और गलतियों के दोहराव से बचने के प्रयास की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
एयरोस्पेस और विमानन जगत की सबसे बड़ी रणनीतिक महाडील
वैश्विक विमानन और रक्षा निर्माण के क्षेत्र में एक ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया गया है, जिसने दुनिया भर के बाजारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। विमान निर्माण के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी के रूप में पहचानी जाने वाली ब्राजील की बहुराष्ट्रीय दिग्गज कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) ने एक बहुत बड़े निवेश की घोषणा की है। इस रणनीतिक समझौते के तहत एम्ब्रेयर कंपनी नोवावायु (Novavayu) की कुल 51 प्रतिशत हिस्सेदारी लगभग 5,100 करोड़ रुपये (लगभग 600 मिलियन डॉलर) में अधिग्रहित करने जा रही है। इस मेगा डील के बाद से वैश्विक एविएशन सेक्टर, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और कॉरपोरेट गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा आने वाले समय में एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखला, अत्याधुनिक विमान तकनीक और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख देगा।नोवावायु की हिस्सेदारी खरीदने के पीछे एम्ब्रेयर का बड़ा व्यावसायिक और भू-राजनीतिक उद्देश्यब्राजीलियाई कंपनी एम्ब्रेयर पिछले कई वर्षों से अपने वैश्विक पदचिह्नों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। नोवावायु के साथ हुई इस 5,100 करोड़ की महाडील के जरिए कंपनी का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए बाजारों में अपनी पकड़ को और अधिक सुदृढ़ करना है। आधुनिक विमानन उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तकनीकी नवाचारों (Tech Innovations) की मांग को पूरा करने के लिए वित्तीय और रणनीतिक मजबूती बेहद जरूरी हो गई है। एम्ब्रेयर के वरिष्ठ प्रबंधन का मानना है कि यह साझेदारी न केवल उनके कमर्शियल एयरक्राफ्ट और डिफेंस ट्रांसपोर्ट विमानों के निर्माण और बिक्री को गति देगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर उनके ग्राहकों को अधिक उन्नत और किफायती विकल्प भी उपलब्ध कराएगी। इस सौदे से दोनों कंपनियों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और अनुसंधान के नए द्वार खुलेंगे।वैश्विक विमानन बाजार और सप्लाई चेन पर इस मेगा डील का असरआधुनिक एयरोस्पेस उद्योग में पिछले कुछ समय से आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से जुड़ी कई चुनौतियां देखने को मिल रही हैं। ऐसे में एम्ब्रेयर द्वारा नोवावायु की बहुसंख्यक (51%) हिस्सेदारी का अधिग्रहण करना इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है। विमान के कलपुर्जे बनाने, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग (MRO) के क्षेत्र में यह डील एक बड़ा बदलाव लाने का माद्दा रखती है। एयरलाइंस कंपनियों को अब अपने बेड़े के विस्तार और विमानों के रखरखाव के लिए अधिक भरोसेमंद और मजबूत विकल्प मिल सकेंगे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस निवेश के बाद न केवल उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) और ऊर्जा-कुशल विमानों के विकास में भी तेजी आएगी, जिससे पूरी एविएशन इंडस्ट्री को सीधा लाभ पहुंचेगा।भारत और दक्षिण एशियाई बाजारों के लिए इसके कूटनीतिक और व्यावसायिक मायनेइस पूरी महाडील का असर केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत और दक्षिण एशिया जैसे तेजी से बढ़ते हुए विमानन बाजारों पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ सकता है। भारत में सिविल एविएशन सेक्टर रिकॉर्ड ऊंचाई छू रहा है और एयरलाइंस कंपनियां लगातार नए विमानों के ऑर्डर दे रही हैं। ऐसे में एम्ब्रेयर जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनी का यह बड़ा निवेश भविष्य में भारत के रक्षा और क्षेत्रीय विमान निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के लिए नए रास्ते खोल सकता है। 'मेक इन इंडिया' और घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की दिशा में इस तरह के वैश्विक सहयोग आने वाले समय में तकनीक के हस्तांतरण और स्थानीय उद्योगों के विकास में मददगार साबित हो सकते हैं। भारतीय बाजार में क्षेत्रीय उड़ानों (Regional Connectivity) के लिए छोटे और मध्यम आकार के विमानों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे यह डील और अधिक बल दे सकती है।भविष्य की राह और आगामी कॉरपोरेट प्रक्रियाओं का रोडमैपइस 5,100 करोड़ रुपये के बड़े अधिग्रहण समझौते की घोषणा के बाद अब दोनों कंपनियों के बोर्ड और संबंधित विनियामक प्राधिकरणों (Regulatory Authorities) की तरफ से जरूरी मंजूरियां ली जा रही हैं। कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस संयुक्त उपक्रम के आधिकारिक तौर पर धरातल पर उतरने की उम्मीद है। निवेशकों और शेयर बाजार के जानकारों ने इस डील को लेकर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है क्योंकि इससे दोनों कंपनियों की बाजार में स्थिति मजबूत होगी। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद रोमांचक होगा कि एम्ब्रेयर इस रणनीतिक बढ़त का उपयोग करके वैश्विक विमान बाजार में बोइंग और एयरबस जैसी दिग्गज कंपनियों को किस तरह की टक्कर देती है और नई तकनीकों के मोर्चे पर क्या क्रांतिकारी बदलाव लेकर आती है।
दिल्ली वासियों के लिए कम बजट में बेहतरीन वीकेंड ट्रिप्स की तलाश
भागदौड़ भरी जिंदगी और राजधानी के शोर-शराबे से तंग आकर हर कोई चाहता है कि वीकेंड पर कहीं सुकून के पल बिताए जाएं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि कम बजट में परिवार या दोस्तों के साथ दिल्ली के आसपास कहां घूमने जाएं और कुल कितना खर्च आएगा? अगर आप भी यही सोच रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज हम आपको ऐसी 5 खूबसूरत और लोकप्रिय जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप बस, होटल और खाने-पीने का कुल खर्च जोड़कर बेहद कम बजट (मात्र 3,000 से 5,000 रुपये के भीतर) में घूम सकते हैं। आइए जानते हैं इन शानदार जगहों और उनके सटीक बजट के बारे में।1. ऋषिकेश (Rishikesh): एडवेंचर और शांति का परफेक्ट मेलदिल्ली से करीब 240 किलोमीटर दूर स्थित ऋषिकेश युवाओं और परिवार दोनों के लिए पहली पसंद माना जाता है। गंगा किनारे घाटों की शांति, शाम की भव्य गंगा आरती और रिवर राफ्टिंग का रोमांच इस जगह को बेहद खास बनाता है।आना-जाना (बस का खर्च): कश्मीरी गेट या आनंद विहार से साधारण या वोल्वो बस का दोनों तरफ का किराया लगभग 700 से 1,400 रुपये प्रति व्यक्ति पड़ता है।होटल का खर्च: लक्ष्मण झूला या राम झूला के पास बजट हॉस्टल या गेस्ट हाउस 500 से 1,000 रुपये प्रति रात में आसानी से मिल जाते हैं।खाने-पीने का खर्च: स्थानीय कैफे और ढाबों पर खाने का खर्च रोजाना 300 से 500 रुपये तक आता है।कुल अनुमानित बजट: एक व्यक्ति के लिए 2 दिन की पूरी ट्रिप 2,500 से 4,000 रुपये के अंदर आसानी से पूरी हो जाती है।2. जयपुर (Jaipur): गुलाबी शहर की ऐतिहासिक सैर और शाही अंदाजअगर आपको इतिहास, किले, महल और लाजवाब राजस्थानी खान-पान पसंद है, तो दिल्ली से मात्र 270 किलोमीटर दूर जयपुर एक बेहतरीन विकल्प है। आमेर फोर्ट, हवा महल और नाहरगढ़ से सूर्यास्त का नजारा आपके दिल को मोह लेगा।आना-जाना (बस का खर्च): दिल्ली से जयपुर के लिए आर SRTC या प्राइवेट बस का रिटर्न किराया 1,000 से 1,600 रुपये तक होता है।होटल का खर्च: पुरानी दिल्ली जैसे जयपुर के हेरिटेज इलाकों या मुख्य शहर में बजट होटल 800 से 1,200 रुपये प्रति रात में मिल जाते हैं।खाने-पीने का खर्च: प्याज़ कचौरी, दाल-बाटी-चूरमा और स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाने के लिए रोजाना 400 से 600 रुपये बहुत हैं।कुल अनुमानित बजट: यह पूरा वीकेंड ट्रिप प्रति व्यक्ति 3,500 से 5,000 रुपये के बजट में शानदार तरीके से हो जाता है।3. मथुरा और वृंदावन (Mathura & Vrindavan): आध्यात्मिक और सुकून भरा सफरदिल्ली से केवल 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मथुरा और वृंदावन भगवान कृष्ण की भक्ति में डूबने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है। बांकेबिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और यमुना घाटों के दर्शन करने के लिए आपको बहुत ज्यादा छुट्टी या पैसे की जरूरत नहीं पड़ती।आना-जाना (ट्रेन/बस का खर्च): हजरत निजामuddin या नई दिल्ली से ट्रेन या बस का आना-जाना मात्र 200 से 400 रुपये में हो जाता है।होटल/धर्मशाला का खर्च: यहां ठहरने के लिए बजट होटल 600 से 1,000 रुपये या कम खर्च में धर्मशालाएं 200 से 300 रुपये में मिल जाती हैं।खाने-पीने का खर्च: पेड़े, कचौरी और सात्विक भोजन का खर्च रोजाना 200 से 300 रुपये बैठता है।कुल अनुमानित बजट: यह एक दिन का ट्रिप या 1 रात का स्टे मिलाकर मात्र 1,500 से 2,500 रुपये के बजट में आसानी से निपट जाता है।4. लैंसडाउन (Lansdowne): भीड़भाड़ से दूर प्रकृति की गोद में शांत वादीउत्तराखंड का यह खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन दिल्ली से लगभग 260 किलोमीटर दूर है। अगर आपको शोर-शराबे से दूर चीड़ और बांज के जंगलों के बीच समय बिताना पसंद है, तो लैंसडाउन एकदम परफेक्ट जगह है।आना-जाना (बस का खर्च): कोटद्वार तक की बस और वहां से लोकल टैक्सी का कुल किराया 1,000 से 1,500 रुपये के बीच होता है।होटल का खर्च: सरकारी विश्राम गृह या छोटे बजट होटल 700 से 1,200 रुपये प्रति रात में मिल जाते हैं।खाने-पीने का खर्च: छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों पर सादा व स्वादिष्ट भोजन 300 से 500 रुपये प्रतिदिन में उपलब्ध है।कुल अनुमानित बजट: प्रकृति के बीच यह खूबसूरत वीकेंड ट्रिप 2,500 से 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति में पूरी हो जाती है।5. आगरा (Agra): ताजगी और ऐतिहासिक धरोहरों की एक दिवसीय सैरदुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल का दीदार करने के लिए दिल्ली से आगरा की दूरी सिर्फ 200 किलोमीटर है। यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए आप बहुत कम समय में यहां पहुंच सकते हैं।आना-जाना (ट्रेन/बस का खर्च): गतिमान एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों या बसों से आना-जाना 300 से 800 रुपये तक में हो जाता है।होटल का खर्च: ताजमहल के नजदीक ताजगंज इलाके में बजट होटल 600 से 1,000 रुपये प्रति रात में मिल जाते हैं।खाने-पीने का खर्च: मशहूर मुगलई खाने और पेठे का आनंद लेने के लिए 400 से 500 रुपये काफी हैं।कुल अनुमानित बजट: यह ऐतिहासिक ट्रिप 1,800 से 3,000 रुपये के खर्च में आसानी से पूरी की जा सकती है।
बस्तर की बदलती वादियों में राहुल गांधी का ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित दौरा
छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग, जो कभी दशकों तक लाल आतंक, हिंसक झड़पों और गोलियों की गूंज के लिए जाना जाता था, आज शांति और विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। राज्य और सुरक्षा बलों के साझा प्रयासों से नक्सलवाद की कमर टूटने के बाद अब बस्तर की आबोहवा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसी बदले हुए और सुरक्षित माहौल के बीच कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जल्द ही बस्तर के दौरे पर आने वाले हैं। नक्सलवाद के खात्मे के बाद किसी शीर्ष राष्ट्रीय राजनीतिक नेता का यह पहला प्रमुख दौरा माना जा रहा है, जिसके चलते न केवल स्थानीय प्रशासनिक अमले में बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। इस यात्रा को लेकर आदिवासियों और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि वे लंबे समय से अपने बीच राष्ट्रीय नेतृत्व की सीधी मौजूदगी का इंतजार कर रहे थे।बोधघाट परियोजना और उससे प्रभावित होने वाले स्थानीय ग्रामीणों से होगी विशेष बैठकराहुल गांधी के इस बस्तर दौरे का सबसे मुख्य और महत्वपूर्ण एजेंडा बहुचर्चित 'बोधघाट जलविद्युत परियोजना' से जुड़े प्रभावित ग्रामीणों और आदिवासियों से संवाद करना है। इंद्रावती नदी पर बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर पिछले कई वर्षों से स्थानीय स्तर पर विरोध और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र के किसानों, आदिवासियों और पर्यावरणविदों का एक बड़ा वर्ग इस बात को लेकर चिंतित है कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से उनकी उपजाऊ जमीनें, पारंपरिक जंगल और जलस्रोत डूब क्षेत्र में आ जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा। राहुल गांधी इस दौरे के दौरान सीधे उन गांवों में जाएंगे जहां के लोग इस परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। वे चौपाल लगाकर आदिवासियों की बात सुनेंगे और जानेंगे कि वे इस विकास मॉडल के पक्ष में हैं या इसके विरोध में अपना हक मांग रहे हैं।आदिवासियों के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और राजनीतिक समीकरणों की बिसातबस्तर में आदिवासियों की अस्मिता, संस्कृति और उनके जल-जंगल-जमीन के अधिकार हमेशा से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहे हैं। कांग्रेस पार्टी लगातार खुद को आदिवासी हितों की सबसे बड़ी पैरोकार बताती आई है, ऐसे में राहुल गांधी का सीधे बोधघाट परियोजना के प्रभावितों से मिलना एक बहुत बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है। विपक्षी नेता के तौर पर राहुल गांधी यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि आदिवासियों के विकास के नाम पर उनकी संस्कृति और बस्तियों से किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी तरफ, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए भी यह दौरा एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों है, क्योंकि वे यह साबित करने में जुटे हैं कि आने वाली परियोजनाएं क्षेत्र के संतुलित विकास और रोजगार सृजन के लिए कितनी जरूरी हैं। इस संवाद से यह साफ हो जाएगा कि स्थानीय जनता विकास और विस्थापन के इस दोराहे पर क्या रुख अपनाती है।स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां जोरों परनक्सलवाद के खात्मे के बाद हो रहे इस बड़े राजनीतिक दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। हालांकि सुरक्षा का खतरा पहले की तुलना में काफी कम हुआ है, फिर भी राहुल गांधी के रूट, जनसभा स्थल और आदिवासी गांवों के दौरों को लेकर पुख्ता सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। स्थानीय जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार उन इलाकों का दौरा कर रहे हैं जहां राहुल गांधी के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस बात को लेकर खासा कौतूहल है कि देश का एक बड़ा नेता उनके बीच आकर उनकी समस्याएं सुनेगा। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और स्थानीय लोग खुलकर अपनी बात अपने नेता के सामने रख सकें।छत्तीसगढ़ की राजनीति पर इस दौरे का दूरगामी असर और भविष्य की दिशाराहुल गांधी का यह बस्तर दौरा केवल एक साधारण जनसंपर्क अभियान नहीं है, बल्कि इसके जरिए कांग्रेस पार्टी राज्य में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन को दोबारा मजबूत करने की बड़ी कोशिश कर रही है। बस्तर संभाग को छत्तीसगढ़ की राजनीति का प्रवेश द्वार और सत्ता की चाबी माना जाता है, जहां आदिवासी मतदाता किसी भी पार्टी की किस्मत तय करते हैं। बोधघाट परियोजना के मुद्दे पर आदिवासियों के साथ खड़े होने का यह संदेश आने वाले दिनों में राज्य के राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित कर सकता है। बस्तर की धरती से शांति का संदेश देते हुए राहुल गांधी का यह दौरा यह भी साबित करेगा कि अब यह क्षेत्र गोलियों के साये से बाहर निकलकर लोकतांत्रिक संवाद और विकास के रास्ते पर पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
एशियन गेम्स में देश के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के बीच इनामों का यह कैसा असमान पैमाना
अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में जब कोई खिलाड़ी अपने देश के लिए पसीना बहाकर पोडियम पर तिरंगा फहराता है, तो पूरा देश उसकी जीत का जश्न मनाता है। एशियाई खेलों यानी एशियन गेम्स (Asian Games) में भारतीय दल के प्रदर्शन ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। चाहे क्रिकेट का मैदान हो या अन्य खेल स्पर्धाएं, भारतीय एथलीटों ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। लेकिन मेडल जीतने के बाद जब खिलाड़ियों पर पुरस्कारों की बारिश होती है, तो कई बार ऐसे चौंकाने वाले आंकड़े सामने आते हैं जो प्रशासनिक व्यवस्था और खेल संघों की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर देते हैं। हाल ही में एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को मिलने वाली इनामी राशि और वित्तीय प्रोत्साहन में जो भारी-भरकम अंतर और भेदभाव देखने को मिला है, उसने खेल जगत में एक नई बहस छेड़ दी है।वाशिंगटन सुंदर को मिले 75 लाख, तो बेंच पर बैठे रहने वाले खिलाड़ी को मिला छप्परफाड़ इनामइस पूरे विवाद के केंद्र में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभाशाली ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और अन्य खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि का तुलनात्मक अध्ययन है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता, तो टीम के अहम सदस्य रहे वाशिंगटन सुंदर को राज्य सरकार या खेल बोर्ड की तरफ से लगभग 75 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वाशिंगटन सुंदर ने टूर्नामेंट के दौरान मैदान पर उतरकर अपनी बेहतरीन गेंदबाजी और बल्लेबाजी से टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके विपरीत, उसी स्क्वाड का हिस्सा रहे एक अन्य रिजर्व खिलाड़ी, जिन्हें पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच में खेलने का मौका तक नहीं मिला और जो पूरे समय बेंच पर बैठे रहे, उन्हें नियमों या अलग-अलग कोटे के तहत इससे कहीं अधिक यानी करोड़ों रुपये का इनाम मिल गया। इस भारी विसंगति के सामने आते ही खेल प्रेमियों और जानकारों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं।अलग-अलग राज्यों के अपने नियम और खेल संघों की नीतियों का विरोधाभासइस प्रकार के वित्तीय भेदभाव के पीछे मुख्य रूप से विभिन्न राज्य सरकारों की अलग-अलग खेल नीतियां और पॉलिसीज जिम्मेदार मानी जाती हैं। भारत में केंद्र सरकार और ओलिंपिक एसोसिएशन के अपने नियम होते हैं, लेकिन जब बात राज्यों द्वारा दिए जाने वाले सम्मान और नकद पुरस्कारों की आती है, तो हर राज्य का पैमाना अलग होता है। कई राज्य सरकारें अपने यहां के मूल निवासी खिलाड़ियों को ओलंपिक और एशियन गेम्स में मेडल जीतने पर सीधे दो से तीन करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि और सरकारी नौकरी देती हैं। चूंकि खिलाड़ी अलग-अलग राज्यों से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए एक ही टीम में साथ खेलकर गोल्ड मेडल जीतने के बावजूद किसी खिलाड़ी को 75 लाख रुपये मिलते हैं, तो किसी अन्य खिलाड़ी को अपनी राज्य सरकार की नीति के कारण करोड़ों रुपये का फायदा मिल जाता है। यह प्रशासनिक और नीतिगत असमानता खेल जगत में अक्सर चर्चा का विषय बनती रही है।खेल जगत, पूर्व एथलीटों और सोशल मीडिया पर उठते गंभीर सवालइस असमानता और भेदभावपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन को लेकर पूर्व खिलाड़ियों, खेल विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आपत्ति जताई है। आलोचकों का तर्क है कि जब पूरी टीम ने पसीना बहाकर एक समान लक्ष्य के लिए मुकाबला किया है, और मैदान पर उतरकर मैच जिताने वाले खिलाड़ी को कम राशि मिले जबकि सिर्फ टीम का हिस्सा रहने या बिना एक भी मैच खेले रिजर्व में रहने वाले खिलाड़ी को कई गुना ज्यादा पैसा मिल जाए, तो यह प्रतिभा के साथ सरासर अन्याय है। इससे खिलाड़ियों के बीच मनोबल पर भी असर पड़ता है। खेल प्रेमियों का कहना है कि देश के लिए खेलने वाले सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान और पारदर्शी राष्ट्रीय पुरस्कार नीति होनी चाहिए, ताकि इस तरह के क्षेत्रीय या नीतिगत भेदभाव से बचा जा सके और हर खिलाड़ी की मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।भविष्य के सुधार और एक समान खेल पुरस्कार नीति की आवश्यकताएशियन गेम्स के इस ताजा प्रकरण ने एक बार फिर से इस बात की आवश्यकता पर जोर दिया है कि भारत के खेल प्रशासन को अपनी वित्तीय नीतियों में बड़े सुधार करने की जरूरत है। यदि देश को खेल महाशक्ति बनना है, तो खिलाड़ियों को मिलने वाले प्रोत्साहन और सम्मान में इस तरह की विसंगतियों को दूर करना अनिवार्य होगा। चाहे वह क्रिकेट हो या अन्य खेल, हर उस एथलीट का सम्मान होना चाहिए जो देश का नाम रोशन करता है। उम्मीद की जा रही है कि इस तरह के मामलों के सामने आने के बाद खेल मंत्रालय और संबंधित बोर्ड भविष्य में ऐसी पारदर्शी नीतियां बनाएंगे जिससे भविष्य में किसी भी खिलाड़ी को इस तरह के वित्तीय भेदभाव का सामना न करना पड़े और सभी का समान रूप से सम्मान हो सके।
Leo Tarot Card Rashifal: आर्थिक खर्चों के कारण हो सकती है समस्या, जीवन में बदलाव की आवश्यकता
Leo Tarot Card Horoscope 11 October: Judgement की ऊर्जा कर्मों के प्रतिफल मिलने का समय, अत्यधिक धन खर्च के कारण आर्थिक स्थिति खराब होने की आशंका और जीवन में बुरी आदतों से दूर रहने की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं,सिंह राशि वाले जातकों के जीवन,रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन और युवा आक्रोश पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के विरोध में हुए भारी प्रदर्शन के बाद देश की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। पुलिस की तमाम पाबंदियों, भारी बैरिकेडिंग और हजारों की संख्या में हुई सामूहिक हिरासत के बावजूद इस आंदोलन की गूंज अब देश के दूर-दूर तक सुनाई दे रही है। इस बीच, देश के जाने-माने राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक बेहद तीखा और तथ्यात्मक बयान दिया है। प्रशांत किशोर ने केंद्र सरकार और सत्ताधारी दलों को चेतावनी देते हुए कहा है कि देश के युवाओं और जागरूक नागरिकों का जो गुस्सा इस समय सड़कों पर फूट रहा है, उसे केवल चुनाव या राजनीतिक दल बदलने तक सीमित नहीं समझा जाना चाहिए। उनका यह बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया है।युवाओं के असंतोष को हल्के में लेना सरकार के लिए साबित हो सकता है खतरनाकप्रशांत किशोर ने मीडिया और विश्लेषकों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि आज का युवा वर्ग देश की संवैधानिक संस्थाओं, लोकतांत्रिक पारदर्शिता और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर बेहद गंभीर हो चुका है। जब मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की बात सामने आती है या फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले नागरिकों और छात्रों को जबरन रोका जाता है, तो इससे जनता के भीतर एक गहरा अविश्वास पैदा होता है। उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत दी कि वे इस जन-आक्रोश को हल्के में लेने की भूल बिल्कुल न करें। इतिहास गवाह है कि जब-जब देश की युवा शक्ति और आम जनता अपनी आवाज दबाए जाने के खिलाफ सड़कों पर उतरती है, तो बड़े-बड़े सियासी समीकरण धराशायी हो जाते हैं। सरकार को चाहिए कि वह दमनकारी नीतियों की बजाय पारदर्शी संवाद का रास्ता अपनाए और जनता की शंकाओं का सम्मानजनक समाधान करे।लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालइस विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। प्रशांत किशोर ने भी इस बात पर जोर दिया कि भारत जैसे विशाल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष संवैधानिक संस्थाएं हैं। यदि चुनाव आयोग या अन्य केंद्रीय एजेंसियां आम नागरिकों के मन में अपनी निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा करती हैं, तो यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की सेहत के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष या किसी राजनीतिक दल द्वारा उठाए गए सवालों को खारिज करने के बजाय संस्थाओं को खुद आगे आकर पूरी पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता का भरोसा बना रहे। चुनावी प्रक्रिया में जरा सा भी अविश्वास पूरे देश के राजनीतिक ताने-बाने को अस्थिर कर सकता है।राजनीतिक विश्लेषकों की राय और आगामी चुनावों पर पड़ने वाले इसके दूरगामी प्रभावराजनीतिक गलियारों में प्रशांत किशोर के इस बयान के बहुत गहरे मायने निकाले जा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि भले ही इस समय प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया हो और स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया हो, लेकिन जमीनी स्तर पर सुलगता यह असंतोष आने वाले समय में राजनीतिक दलों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र, युवा, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता जिस तरह से एकजुट होकर नागरिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, उससे यह साफ है कि आगामी चुनाव सिर्फ पारंपरिक मुद्दों पर नहीं लड़े जाएंगे। जनता अब व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है, जिसे नजरअंदाज करना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं होगा।भविष्य की राह और जनता के बीच बढ़ती राजनीतिक जागरूकता का नया दौरप्रशांत किशोर की यह चेतावनी इस बात का प्रतीक है कि भारतीय राजनीति एक नए और अधिक जागरूक दौर में प्रवेश कर रही है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के इस युग में जनता को गुमराह करना या उनकी आवाज को लंबे समय तक दबाए रखना मुमकिन नहीं है। सरकार और प्रशासन को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में विरोध के स्वरों का दमन करने से समस्याएं हल नहीं होतीं, बल्कि वे और अधिक विकराल रूप ले लेती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इस जन-आक्रोश को शांत करने के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर यह राजनीतिक टकराव और अधिक तीखा होता है। देश की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस लोकतांत्रिक संघर्ष का अगला अध्याय क्या होगा।
घड़साना की पावन धरती पर किसानों का उग्र आंदोलन और हनुमान बेनीवाल का समर्थन
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अंतर्गत आने वाले कृषि प्रधान इलाके घड़साना में इन दिनों किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। पानी, सिंचाई के पूरे हक, फसल के उचित दामों और प्रशासनिक बहसों को लेकर पिछले कई दिनों से स्थानीय किसान और मजदूर अनिश्चितकालीन धरने और प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। किसानों की इस सुलगती आग में उस समय और अधिक घी पड़ गया जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल अचानक आंदोलन स्थल पर पहुंच गए। बेनीवाल के पहुंचते ही वहां मौजूद हजारों किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी और उनका जोरदार स्वागत किया। हनुमान बेनीवाल ने किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनी और सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली।किसानों के बीच पहुंचे हनुमान बेनीवाल का सरकार पर तीखा हमला और खरी-खोटीआंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए हनुमान बेनीवाल ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अन्नदाता जो देश का पेट भरता है, उसे अपनी बुनियादी मांगों जैसे सिंचाई का पूरा पानी और फसलों के सही समर्थन मूल्य के लिए सड़कों पर धक्के खाने पड़ रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है। बेनीवाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि अधिकारी और राजनेता एसी कमरों में बैठकर किसानों की गाढ़ी मेहनत का मजाक उड़ा रहे हैं, जिसे आरएलपी और किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है, जिसके कारण किसानों का सब्र अब जवाब देता जा रहा है।सरकार को बड़ा अल्टीमेटम: मांगें पूरी नहीं हुई तो पूरे राजस्थान में होगा चक्का-जामघड़साना के मंच से हुंकार भरते हुए हनुमान बेनीवाल ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि किसानों की इन सभी जायज मांगों को बिना किसी देरी के तुरंत पूरा किया जाए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर आने वाले कुछ दिनों के भीतर प्रशासन ने नहरों में पूरा पानी छोड़ने और किसानों की अन्य समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो यह आंदोलन सिर्फ घड़साना तक सीमित नहीं रहेगा। आरएलपी सुप्रीमो ने चेतावनी दी कि इसके बाद पूरे राजस्थान में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे और प्रमुख राजमार्गों पर विशाल चक्का-जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। बेनीवाल के इस आक्रामक तेवर के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं।स्थानीय किसानों में बढ़ा जोश और प्रशासन की बड़ी चौकसीहनुमान बेनीवाल के इस समर्थन के बाद घड़साना किसान आंदोलन को एक नई राष्ट्रीय और प्रांतीय पहचान मिल गई है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय बाजारों तक इसी बात की चर्चा है कि क्या सरकार इस बड़े किसान नेता के अल्टीमेटम के आगे झुकेगी या टकराव का रास्ता और अधिक चौड़ा होगा। आंदोलन स्थल पर किसानों का उत्साह कई गुना बढ़ गया है और उन्होंने ऐलान कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। दूसरी ओर, संभावित तनाव और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर लिए हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की अतिरिक्त कंपनियां तैनात कर दी गई हैं ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बनी रहे।राजस्थान की राजनीति और आगामी कृषि समीकरणों पर क्या होगा असरघड़साना से शुरू हुआ यह किसान आंदोलन अब धीरे-धीरे पूरे मरुधरा की राजनीति के केंद्र में आता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में किसानों की नाराजगी और युवा नेताओं की सक्रियता आने वाले राजनीतिक भविष्य के लिए बड़े संकेत दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते समझदारी का परिचय देते हुए किसानों से बातचीत कर संतोषजनक समाधान नहीं निकाला, तो यह आंदोलन प्रदेशभर में एक बड़ी राजनीतिक चुनौती का रूप ले सकता है। फिलहाल, सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार हनुमान बेनीवाल की इस चेतावनी और घड़साना के किसानों की मांगों पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया देती है और कब तक कोई ठोस प्रशासनिक कदम उठाया जाता है।
पंजाब में नशों के खिलाफ छिड़ी जंग और जालंधर देहात पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन
पंजाब की धरती से नशे के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 'युद्ध नशों के विरुद्ध' के तहत पुलिस लगातार अपराधियों पर नकेल कस रही है। इसी कड़ी में जालंधर देहात पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने जिले भर में एक साथ विशेष कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया, जिसके तहत तस्करों के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की गई। इस एक ही दिन चले बड़े अभियान में पुलिस ने धड़ाधड़ कार्रवाई करते हुए कुल 15 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए और मौके से 17 शातिर नशा तस्करों को दबोचने में सफलता हासिल की। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से ड्रग्स के कारोबार में लिप्त असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है, जबकि स्थानीय नागरिकों ने पुलिस के इस कदम की खुले दिल से सराहना की है।गुप्त सूचना और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस के आधार पर बिछाया गया विशेष जालजालंधर देहात पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले पिछले कई हफ्तों से खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया था। ड्रग्स सप्लाई करने वाले नेटवर्क, उनके लोकल पैडलर्स और बड़े सौदागरों के फोन कॉल्स और मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही थी। जैसे ही पुलिस के पास पुख्ता सबूत और इनपुट्स पहुंचे, एक सुनियोजित रणनीति के तहत अलग-अलग थानों की टीमों को मिलाकर कई विशेष दल गठित किए गए। इन पुलिस टीमों ने एक साथ जालंधर देहात के कई संदिग्ध इलाकों, ग्रामीण सीमाओं और हाईवे के रास्तों पर नाकाबंदी कर औचक चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस की इस मुस्तैदी के आगे तस्करों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे एक-एक करके कानून के शिकंजे में फंसते चले गए।भारी मात्रा में अवैध नशीले पदार्थ, हेरोइन और कैश बरामदपकड़े गए आरोपियों की तलाशी और उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में गैर-कानूनी सामग्री जब्त की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कमर्शियल मात्रा में हेरोइन, सिंथेटिक ड्रग्स, अवैध शराब और नशीली गोलियों के अलावा ड्रग मनी (नशे के कारोबार से कमाया गया अवैध कैश) भी बरामद किया है। इसके अलावा तस्करों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। पूछताछ के दौरान इन तस्करों ने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे यह पता चलता है कि ये लोग पंजाब के युवाओं को निशाना बनाकर पड़ोसी जिलों और अन्य राज्यों से नशीले पदार्थों की खेप यहां सप्लाई कर रहे थे। पुलिस अब इन तस्करों के पूरे फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक्स (आगे और पीछे के संपर्कों) को खंगालने में जुटी है ताकि इस नेटवर्क के सरगनाओं तक भी जल्द पहुंचा जा सके।स्थानीय जनता का मिला पूरा सहयोग और समाज सुधार की दिशा में बढ़ता कदमनशे के खिलाफ चल रही इस जंग में आम जनता और ग्रामीण पंचायतों का भरपूर सहयोग जालंधर पुलिस को मिल रहा है। स्थानीय लोग अब खुलकर आगे आ रहे हैं और अपने आसपास सक्रिय तस्करों की गोपनीय जानकारियां पुलिस के साथ साझा कर रहे हैं। समाजसेवियों और युवाओं का कहना है कि नशा उनकी पीढ़ियों को अंदर से खोखला कर रहा था, इसलिए पुलिस का यह 'युद्ध नशों के विरुद्ध' अभियान किसी वरदान से कम नहीं है। पुलिस प्रशासन ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय रहते तस्करों के मंसूबों को नाकाम किया जा सके। पुलिस का यह भी कहना है कि ड्रग्स बेचने वालों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और उन पर कानून के सबसे कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।भविष्य की कार्ययोजना और पंजाब को नशा मुक्त बनाने का संकल्पजालंधर देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तब तक निरंतर जारी रहेगा जब तक जिले से नशे का एक-एक सौदागर सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता। पकड़े गए सभी 17 आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि उनसे गहन पूछताछ कर इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके। पुलिस युवाओं को खेलकूद, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। कुल मिलाकर, जालंधर देहात पुलिस का यह कड़ा एक्शन यह साबित करता है कि सरकार और प्रशासन पंजाब की युवा पीढ़ी के भविष्य को बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
Cancer Tarot Card Rashifal: खर्चाली प्रवृत्ति के कारण जीवन में रहेगा तनाव, आर्थिक परेशानी की आशंका
Cancer Tarot Card Horoscope 11 October: The Devil की ऊर्जा बुरे व्यसनों और खर्चों के कारण जीवनसाथी के साथ रिश्ते खराब, विपरीत लिंगी व्यक्तियों के साथ बढ़ती मित्रता से परिजनों की नाराजगी और कार्यों में एकाग्रता ना होने के कारण अपेक्षित सफलता की प्राप्ति पर संदेह की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, कर्क राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
अयोध्या के सियासी मैदान में उपचुनाव को लेकर छिड़ा जुबानी जंग का नया दौर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अयोध्या का पावन और राजनीतिक रूप से संवेदनशील शहर सुर्खियों के केंद्र में आ गया है। प्रदेश में होने वाले संभावित उपचुनावों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है। अयोध्या की सियासत हमेशा से देश भर के राजनीतिक गलियारों में खास महत्व रखती है, और जब बात चुनाव की हो, तो हर एक बयान का असर दूर-दूर तक महसूस किया जाता है। हाल ही में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के कुछ बयानों और चुनावी रणनीतियों पर पलटवार करते हुए स्थानीय बीजेपी विधायक ने उन पर सीधा और तीखा निशाना साधा है। बीजेपी विधायक का यह बयान सामने आने के बाद से सूबे की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है और दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं।'चुनौती देकर पीछे हटना कैसी सियासत': बीजेपी विधायक का अखिलेश यादव पर सीधा तंजविवाद की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय बीजेपी विधायक ने मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के नेतृत्व और खास तौर पर अखिलेश यादव की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। विधायक ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता अक्सर बड़े-बड़े दावे करते हैं और विपक्षी दलों को खुली चुनौतियां देते हैं, लेकिन जब मैदान में उतरने और जनता के बीच अपनी परीक्षा देने का समय आता है, तो वे बहाने बनाकर पीछे हटने लगते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता सब देख रही है कि किस तरह बड़े नेता बयानबाजी तो जोर-शोर से करते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लड़ने से कतराते हैं। बीजेपी विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर अखिलेश यादव में वाकई दम है और वे अपनी नीतियों की लोकप्रियता का दावा करते हैं, तो उन्हें अयोध्या के इस सियासी रण से भागना नहीं चाहिए, बल्कि डटकर मुकाबला करना चाहिए।समाजवादी पार्टी और विपक्ष की ओर से पलटवार, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोपबीजेपी विधायक के इस तीखे हमले के बाद समाजवादी पार्टी के खेमे से भी तीव्र प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा के स्थानीय नेताओं और प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए इस तरह के बयानबाजी का सहारा ले रही है। सपा नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी किसी भी चुनाव से डरती नहीं है, बल्कि जनता के वास्तविक मुद्दों—जैसे महंगाई, बेरोजगारी, विकास और स्थानीय समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने का काम कर रही है। सपा का तर्क है कि सत्ता पक्ष जानबूझकर ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों का इस्तेमाल कर रहा है ताकि आम जनता का ध्यान असली विफलताओं से हटाया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव की तारीखें नजदीक आएंगी, अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी और अधिक तीखी होती जाएगी।स्थानीय स्तर पर क्षेत्रीय समीकरण और अयोध्या उपचुनाव का भू-राजनीतिक महत्वउत्तर प्रदेश के लिहाज से अयोध्या की राजनीतिक जमीन हमेशा से ही प्रतिष्ठा का प्रश्न रही है। यहां होने वाला हर छोटा-बड़ा चुनाव न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की मीडिया और राजनीतिक दलों के एजेंडे में शीर्ष पर रहता है। स्थानीय मतदाताओं के बीच भी इस समय गरमागरम चर्चाएं चल रही हैं कि कौन सा दल जनता के हितों को बेहतर तरीके से साध पाएगा। बीजेपी जहां अपने विकास कार्यों और हिंदुत्व के एजेंडे को मजबूत आधार मानकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले और स्थानीय मुद्दों के जरिए सत्ता पक्ष को कड़ी टक्कर देने का दम भर रही है। दोनों ही दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए हर संभव दांवपेच आजमाने में जुटे हैं, जिससे आने वाले दिनों में चुनावी पारा और अधिक चढ़ने की पूरी संभावना है।भविष्य के राजनीतिक संकेत और जनता के बीच बढ़ती सुगबुगाहटअयोध्या उपचुनाव के इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर कभी धीमा नहीं पड़ता। जनता भी अब बहुत बारीकी से यह देख रही है कि उनके नुमाइंदे चुनावी मैदान में किस तरह के वादों और दावों के साथ उतर रहे हैं। क्या अखिलेश यादव इस चुनौती का कोई सीधा और रणनीतिक जवाब देंगे या फिर बीजेपी के इन हमलों का असर समाजवादी पार्टी की आगामी रणनीति पर पड़ेगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा। फिलहाल, अयोध्या की गलियों से लेकर सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक यह सियासी घमासान चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है, और हर कोई बस इसी इंतजार में है कि इस राजनीतिक ड्रामे का अगला अध्याय क्या होगा।
होंठों का कालापन हमेशा के लिए दूर करने के लिए जानें सही तरीका
चेहरे की खूबसूरती में होंठों की अहम भूमिका होती है, लेकिन आजकल की खराब जीवनशैली, खानपान और प्रदूषण के कारण होंठों का काला होना एक आम समस्या बन गई है। डार्क लिप्स यानी काले होंठ न केवल व्यक्ति के आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं, बल्कि यह कई बार अंदरूनी सेहत या गलत कॉस्मेटिक उत्पादों के इस्तेमाल का परिणाम भी होते हैं। बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने, स्मोकिंग करने, धूप में ज्यादा रहने और होंठों पर नमी की कमी के कारण मेलेनिन का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे होंठ काले पड़ने लगते हैं। लोग इस समस्या से निजात पाने के लिए तरह-तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, लेकिन कई बार इनसे मनचाहा परिणाम नहीं मिलता है। ऐसे में आधुनिक डर्मेटोलॉजी यानी त्वचा विज्ञान में कई ऐसे मेडिकल और लेजर ट्रीटमेंट आ चुके हैं जो होंठों के प्राकृतिक गुलाबी रंग को वापस लाने में बेहद कारगर साबित हो रहे हैं।डर्मेटोलॉजिस्ट के पास उपलब्ध मेडिकल और क्लिनिकल ट्रीटमेंट के विकल्पजब घरेलू नुस्खे और लिप बाम बेअसर साबित होने लगते हैं, तब लोग डर्मेटोलॉजिस्ट यानी त्वचा विशेषज्ञों की मदद लेते हैं। मेडिकल साइंस ने डार्क लिप्स के इलाज के लिए कई आधुनिक तकनीकें विकसित की हैं। डॉक्टर सबसे पहले होंठों के काले होने के मूल कारण का पता लगाते हैं—चाहे वह पिगमेंटेशन हो, स्मोकिंग हो या कोई एलर्जी। इसके बाद स्किन टाइप के आधार पर इलाज की प्रक्रिया शुरू की जाती है। इन ट्रीटमेंट्स में न केवल होंठों की रंगत सुधारी जाती है, बल्कि उनकी ऊपरी डेड स्किन को हटाकर अंदर से नई और स्वस्थ त्वचा को बाहर लाया जाता है। आइए जानते हैं कि मेडिकल जगत में कौन-से ऐसे प्रमुख ट्रीटमेंट उपलब्ध हैं जो काले होंठों को फिर से गुलाबी और खूबसूरत बना सकते हैं।केमिकल पीलिंग (Chemical Peeling): डेड स्किन हटाने का असरदार तरीकाकेमिकल पील ट्रीटमेंट डार्क लिप्स के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों में से एक है। इस प्रक्रिया में त्वचा विशेषज्ञ होंठों की संवेदनशील त्वचा पर माइल्ड ग्लाइकोलिक एसिड, लैक्टिक एसिड या सैलिसिलिक एसिड का एक सुरक्षित घोल लगाते हैं। यह घोल होंठों की ऊपरी परत पर जमी पिगमेंटेड और मृत कोशिकाओं को धीरे-धीरे बाहर निकाल देता है। कुछ ही दिनों में पपड़ी बनकर पुरानी त्वचा उतर जाती है और उसके नीचे से नई, मुलायम और गुलाबी रंग की त्वचा उभर कर आती है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से क्लिनिकल और सुरक्षित होती है, बशर्ते इसे किसी एक्सपर्ट डॉक्टर की देखरेख में ही कराया जाए। इस ट्रीटमेंट के बाद डॉक्टर कुछ खास मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन लिप बाम लगाने की सलाह देते हैं ताकि सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से नए होंठ सुरक्षित रहें।लेजर लिप लाइटनिंग (Laser Lip Lightening): आधुनिक और परमानेंट समाधानलेजर तकनीक ने चिकित्सा और सौंदर्य के क्षेत्र में क्रांति ला दी है, और अब इसका उपयोग होंठों के कालेपन को दूर करने के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। लेजर लिप लाइटनिंग एक अत्याधुनिक और बेहद प्रभावी प्रक्रिया है। इसमें क्यू-स्विच्ड लेजर (Q-Switched Laser) या पिकोसेकंड लेजर का उपयोग किया जाता है। लेजर की विशेष किरणें होंठों की गहराई में जाकर मेलेनिन के उन कणों को लक्षित करती हैं जो होंठों के कालेपन के लिए जिम्मेदार होते हैं। लेजर की ऊर्जा उन पिगमेंट सेल्स को तोड़ देती है, जिन्हें शरीर प्राकृतिक रूप से बाहर निकाल देता है। इस प्रक्रिया से होंठों का नेचुरल कलर वापस आने लगता है। लेजर ट्रीटमेंट दर्द रहित होता है और इसके परिणाम लंबे समय तक टिके रहते हैं, यही वजह है कि आज के समय में युवा वर्ग इस तकनीक को बहुत पसंद कर रहा है।मेडिकल क्रीम, पिगमेंट इनहिबिटर्स और सही स्किन केयर रूटीनहर कोई लेजर या केमिकल पील ट्रीटमेंट का खर्च नहीं उठाना चाहता या कई बार समस्या बहुत शुरुआती स्तर की होती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर विशेष मेडिकल क्रीम और सीरम लिखते हैं। इन क्रीम्स में कोजिक एसिड, अल्फा अर्बुटिन, विटामिन सी, रेटिनॉल और हायल्यूरोनिक एसिड जैसे सक्रिय तत्व होते हैं, जो मेलेनिन के उत्पादन को रोकने का काम करते हैं। इसके अलावा, धूम्रपान छोड़ने, रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और होंठों को हाइड्रेट रखने से भी कालेपन की समस्या में काफी हद तक सुधार होता है। धूप में निकलने से पहले एसपीएफ (SPF) युक्त लिप बाम का इस्तेमाल करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि सूरज की किरणें होंठों की नाजुक त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती हैं। यदि आप भी डार्क लिप्स से परेशान हैं, तो किसी योग्य डॉक्टर से सलाह लेकर अपने लिए सबसे सही ट्रीटमेंट चुन सकते हैं।
पाकिस्तान में ईसाई युवक का घर जलाया, गांव छोड़कर भागे 35 परिवार
पाकिस्तान के शेखूपुर में ईशनिंदा के आरोप के बाद भीड़ ने एक ईसाई शख्स का घर और मेडिकल स्टोर जला दिया, जिसके बाद जान बचाकर 35 से ज्यादा परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े.
Gemini Tarot Card Rashifal: गलत संगति से बचें,कार्यस्थल पर हो सकते हैं कुछ बड़े परिवर्तन
Gemini Tarot Card Horoscope 11 October: The Hanged Man ki ऊर्जा घर को व्यवस्थित करने के लिए उचित बदलाव करने का प्रयास,अचानक से कार्य स्थल पर अधिकारी की कार्यमुक्त होने से हतप्रभ और नए बदलावों से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, मिथुन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो ,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान CJP प्रमुख अभिजीत दीपके समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है. CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने कहा कि अब रोजाना जंतर-मंतर तक मार्च निकाला जाएगा.
Taurus Tarot Card Horoscope 11 October: Seven of wands की ऊर्जा समय का सही सदुपयोग कर का जीवन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश,नए लोगों से कुछ समय मित्रता या मुलाकात न करने पर विचार और विदेश में रहने वाले किसी मित्र के साथ व्यवसाय विस्तार पर चर्चा की बात लेकर आ सकते हैं,आईए जानते हैं.वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
'गलत और बेबुनियाद', SIR विरोध पर चिंता जताने के लिए भारत ने की OHCHR की आलोचना
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शनिवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। वहीं, इस मामले पर भारत का जवाब आया है। भारत ने कहा कि यह देश के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप है।
वैवाहिक विवादों में कानून के दुरुपयोग पर Allahabad High Court सख्त, आगरा में दर्ज FIR रद्द
क्रूरता और दहेज के लिए दर्ज प्राथमिकी रद्द करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कम समय तक चलने वाली शादियों में आपराधिक कानून के गलत इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी है। वैवाहिक कलह को आपराधिक मुकदमे में बदलने के खतरों पर जोर देते हुए न्यायमूर्ति सी.डी. सिंह और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने आगरा में दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी। इस प्राथमिकी में दहेज के लिए उत्पीड़न, मारपीट और गला घोटकर मारने के प्रयास का आरोप लगाया गया था। गौरव जैन और उनके परिजनों द्वारा दायर रिट याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने यह टिप्पणी की। तथ्यों के मुताबिक, गौरव की शादी 12 नवंबर, 2024 को हुई और पत्नी करीब ढाई महीने बाद तीन फरवरी, 2025 को मायके चली गई। पति ने तीन मई, 2025 को तलाक की अर्जी लगाई जिसके बाद 30 जून, 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई। अदालत ने पाया कि साथ रहने के दौरान कथित घटनाओं के संबंध में घरेलू हिंसा की कोई शिकायत, पीसीआर कॉल या पुलिस की कोई तत्काल कार्रवाई रिकॉर्ड में नहीं लाई गई थी। जबकि प्राथमिकी में दहेज की मांग और उत्पीड़न, खाना देने से मना करने, धमकी, स्त्रीधन रखने और गला घोटकर मारने के प्रयास का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि दहेज से जुड़ी हिंसा और क्रूरता से महिलाओं की सुरक्षा एक कानूनी और संवैधानिक आवश्यकता है, लेकिन इसके दुरुपयोग की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बदल गया मौसम का मिजाज! रविवार को दिल्ली-यूपी समेत 22 राज्यों में बारिश के आसार
weather update: देशभर में मॉनसून की विदाई के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में बादलों का डेरा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार 11 ...
'गैर-जरूरी हस्तक्षेप', CJP प्रोटेस्ट पर चिंता जता रहे UN को भारत का जवाब, कहा- बिना भेदभाव...
दिल्ली प्रोटेस्ट को लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा जताई गई चिंता को सरकार ने खारिज किया है। जिनेवा में भारतीय मिशन ने इसे आंतरिक मामलों में गैरजरूरी हस्तक्षेप करार दिया। इसके अलावा यूएन को नसीहत देते हुए कहा कि उसे दूसरे देशों में हो रहे प्रदर्शनों पर ध्यान देना चाहिए।
फ्लाइट में फूटा यात्रियों का गुस्सा, दीपके की हिरासत पर बोले- कचरा साफ हुआ
एयर इंडिया की मुंबई-दिल्ली उड़ान में काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तीन नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा, जानें विधि और शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना करने का विधान है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक का समय बताया जा रहा है. इस तरह घटस्थापना के लिए करीब 3 घंटे 53 मिनट का समय मिलेगा.
ब्रिटेन, इटली और जापान के साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने में शामिल हो सकता है जर्मनी
शुक्रवार को जब जापान के रक्षा मंत्री शिनजिरो कोइज़ुमी से पूछा गया कि क्या जर्मनी ने GCAP में शामिल होने के बारे में कोई पूछताछ की है, तो उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन इस मुद्दे पर ग्रुप की सोच के बारे में जरूर बताया.
दादा ने बनाए नोट्स, पोती ने बन गई PCS अफसर, मानवी लोहान की गजब सक्सेस स्टोरी
हिसार की मानवी लोहान ने बिना कोचिंग और सेल्फ स्टडी के दम पर हरियाणा पब्लिक सिविल सर्विसेज परीक्षा में सफलता हासिल की. पहली कोशिश में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाईं, लेकिन लगातार मेहनत, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और आत्मविश्वास के बल पर अपने सपने को साकार कर दिखाया. (अंकुर कपूर की रिपोर्ट)
वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन को सत्ता बदलने का संग्राम बनाएंगे राहुल गांधी, चेन्नई में किया एलान
राहुल गांधी ने चेन्नई में छात्रों से संवाद के दौरान CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के आंदोलन को मोदी सरकार को सत्ता से उखाड़ने के अभियान में बदलने का एलान किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए यूक्रेन में नया राष्ट्रपति चुनने की बात कही है. इस बयान से दोनों नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं.
मंदिर में रसल वाइपर और खेत में 14 फीट लंबा अजगर... फैली दहशत
Bijnor Snake Rescue News: बिजनौर में शनिवार को महादेवपुरम मंदिर में जहरीला रसल वाइपर और उलेढ़ा गांव के खेत में 14 फीट लंबा अजगर मिलने से मचा हड़कंप. वन विभाग ने 4 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा हाल ही में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी कर रेपो रेट को 5.50% किए जाने के बाद अब आम कर्जदारों और रियल एस्टेट बाजार के लिए एक और चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। देश के सबसे बड़े वित्तीय समूह की शोध शाखा 'एसबीआई कैप्स' (SBI Caps / SBI Research) ने अपनी ताजा व्यापक शोध रिपोर्ट में दावा किया है कि आने वाली तिमाहियों में केंद्रीय बैंक महंगाई को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत रेपो दर में 75 से 100 बेसिस प्वाइंट्स (0.75% से 1.00%) तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर सकता है। यदि यह अनुमान हकीकत में बदलता है, तो रेपो दर मौजूदा 5.50% से उछलकर 6.25% या 6.50% के स्तर तक पहुंच जाएगी। इसका सीधा और तात्कालिक असर होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और एमएसएमई कर्जों की मासिक किस्त (EMI) और लोन अवधि पर पड़ेगा, जिससे त्योहारी सीजन के बाद आम परिवारों का घरेलू बजट काफी सख्त हो सकता है।एसबीआई कैप्स की रिपोर्ट: क्यों और किन वजहों से 1% तक बढ़ सकती है दर?एसबीआई कैप्स की मैक्रो-इकोनॉमिक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूत जीडीपी वृद्धि (7.1% अनुमानित) के बावजूद वैश्विक और घरेलू स्तर पर महंगाई के जोखिम अचानक गंभीर रूप ले चुके हैं:कच्चे तेल में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के पार निकल गया है। भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिससे ढुलाई लागत और इनपुट कॉस्ट में तेज बढ़ोतरी का खतरा है।खाद्य मुद्रास्फीति और मौसमी अनिश्चितता: मानसून के अंत में असमान बारिश के चलते आगामी रबी सीजन और खरीफ की तैयार फसलों पर दबाव देखा जा रहा है। एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि हेडलाइन सीपीआई (CPI) मुद्रास्फीति नवंबर तक 6.8% तक पहुंच सकती है, जो रिजर्व बैंक के 6% के ऊपरी सहिष्णुता बैंड (Tolerance Band) से काफी अधिक है।वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सख्ती: बैंक ऑफ जापान और कई अन्य एशियाई केंद्रीय बैंकों ने मुद्रास्फीति दबावों से निपटने के लिए मौद्रिक सख्ती का रुख अपनाया है। भारत और अमेरिकी ब्याज दरों के बीच अंतर घटने से रुपये पर भी दबाव बना हुआ है।स्टांस में बदलाव: आरबीआई ने हालिया नीतिगत समीक्षा में अपने रुख (Stance) को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) कर दिया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती का दौर खत्म हो चुका है और दरों में बढ़ोतरी ही मुख्य विकल्प है।होम लोन और ईएमआई (EMI) पर कितना भारी पड़ेगा 1% का झटका?भारत में अक्टूबर 2019 के बाद जारी किए गए लगभग सभी फ्लोटिंग-रेट रिटेल और होम लोन अनिवार्य रूप से एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट यानी EBLR / RLLR (Repo Linked Lending Rate) से जुड़े हुए हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि रिजर्व बैंक जैसे ही रेपो रेट में 1% की वृद्धि करेगा, बैंक बिना किसी देरी के मौजूदा ग्राहकों की ब्याज दरों में पूरा 100 बेसिस प्वाइंट्स (1%) जोड़ देंगे।यदि किसी ग्राहक ने 20 वर्ष की अवधि के लिए होम लोन ले रखा है और ब्याज दर में 1% का इजाफा होता है, तो गणितीय प्रभाव इस प्रकार दिखेगा:होम लोन की राशि (₹)मौजूदा दर (8.50%) पर EMIनई दर (9.50%) पर संभावित EMIप्रति माह अतिरिक्त बोझ20 साल में कुल अतिरिक्त ब्याज₹30 लाख₹26,035₹27,964+₹1,929 / माह+₹4.63 लाख₹50 लाख₹43,391₹46,607+₹3,216 / माह+₹7.72 लाख₹75 लाख₹65,087₹69,910+₹4,823 / माह+₹11.58 लाख₹1 करोड़₹86,782₹93,213+₹6,431 / माह+₹15.43 लाखअधिकांश बैंक ईएमआई तुरंत बढ़ाने के बजाय लोन की अवधि (Tenure) को 3 से 5 साल तक बढ़ा देते हैं, जिससे कर्जदार रिटायरमेंट की उम्र के करीब तक केवल ब्याज चुकाते रह जाते हैं।रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर की रफ्तार पर असरदरों में 1% तक की तेज बढ़ोतरी से रियल एस्टेट सेक्टर, विशेष रूप से ₹40 लाख से ₹80 लाख के बजट वाले 'अफोर्डेबल और मिड-इनकम हाउसिंग' सेगमेंट पर सबसे बड़ा प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का मानना है कि पिछले दो वर्षों में होम लोन की मजबूत मांग ने रियल एस्टेट बूम को गति दी थी, लेकिन यदि ब्याज दरें 9.5% के स्तर को पार करती हैं, तो पहली बार घर खरीदने वाले मध्यमवर्गीय परिवार अपने फैसले को आगे के लिए टाल सकते हैं। इसी प्रकार, वाणिज्यिक वाहनों और पर्सनल कार लोन की ऊंची लागत से ऑटोमोबाइल कंपनियों की त्योहारी बिक्री की रफ्तार धीमी होने का अंदेशा है।कर्जदारों के लिए वित्तीय सलाह: ईएमआई के झटके से कैसे बचें?एसबीआई कैप्स की रिपोर्ट के बाद वित्तीय सलाहकारों ने मौजूदा और नए कर्जदारों को अपनी देनदारियों के प्रबंधन के लिए तीन स्पष्ट सुझाव दिए हैं:आंशिक पूर्व-भुगतान (Pre-payment): यदि आपके पास दीपावली बोनस, मैच्योरिटी फंड्स या अतिरिक्त बचत उपलब्ध है, तो मूलधन (Principal) का 5% से 10% एकमुश्त जमा करें। इससे बढ़े हुए 1% ब्याज के प्रभाव को पूरी तरह निष्प्रभावी किया जा सकता है।ईएमआई वृद्धि का विकल्प चुनें, अवधि नहीं: यदि बैंक आपकी लोन अवधि को 20 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष कर रहा है, तो बैंक को लिखित अनुरोध देकर अवधि के बजाय मासिक ईएमआई बढ़वाने का विकल्प चुनें ताकि कुल ब्याज के चक्रव्यूह से बचा जा सके।बैलेंस ट्रांसफर की संभावना तलाशें: अपने मौजूदा क्रेडिट स्कोर (CIBIL 750+) के आधार पर विभिन्न प्रतिस्पर्धी बैंकों के EBLR स्प्रेड की तुलना करें। यदि कोई अन्य बैंक 0.30% से 0.50% कम स्प्रेड पर लोन ऑफर कर रहा है, तो लोन टेकओवर पर विचार किया जा सकता है।
दिल्ली अदालत का फैसला: Sharjeel Imam की अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार
दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को कहा कि 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम ने मीडिया के संपर्क में आकर अंतरिम जमानत की एक शर्त का ‘‘प्रथम दृष्टया उल्लंघन’’ किया, लेकिन आत्मसमर्पण के लिए उनके पहले ही वापस लौटने के मद्देनजर जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शरजील इमाम की अंतरिम जमानत रद्द करने के अनुरोध वाली दिल्ली पुलिस की अर्जी पर यह आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया, ‘‘जहां तक अंतरिम जमानत रद्द करने का सवाल है, आरोपी पहले ही विमान में सवार हो चुका है और शाम को दिल्ली पहुंचकर आत्मसमर्पण करेगा। इसलिए, इन परिस्थितियों में अदालत के लिए जमानत रद्द करने का आदेश पारित करना उचित नहीं होगा।’’इमाम को 22 सितंबर के आदेश के तहत उनके रिश्ते के भाई की शादी में शामिल होने के लिए चार से 10 अक्टूबर तक सात दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। हालांकि, अदालत के आदेश में उन्हें सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने या किसी भी मीडियाकर्मी से संपर्क करने और परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों एवं मित्रों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने पर रोक लगाई गई थी। सरकार की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजकों मधुकर पांडेय और अनिरुद्ध मिश्रा ने अदालत में दलील दी कि इमाम ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया। उन्होंने इसके समर्थन में एक यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उपलब्ध वीडियो का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि एक समाचार चैनल द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में इमाम के भाई को साक्षात्कार देते हुए दिखाया गया है, जबकि उस समय इमाम भी कमरे में मौजूद थे। इमाम के वकील तालिफ मुस्तफा और अहमद इब्राहिम ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने न तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया, न कोई साक्षात्कार दिया और न ही किसी मीडियाकर्मी से बातचीत की। उन्होंने दलील दी कि पांच अक्टूबर को अपलोड किया गया चार मिनट 55 सेकंड का वीडियो समाचार चैनल ‘न्यूज 24’ ने तीन असंबद्ध स्रोतों से तैयार किया था। उन्होंने कहा कि इनमें इमाम के भाई का साक्षात्कार, परिवार और मित्रों के साथ इमाम की एक निजी क्लिप तथा एक नेता की ऐसी क्लिप शामिल थी, जिसका इमाम से कोई संबंध नहीं था। बचाव पक्ष ने कहा कि इमाम के भाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया था। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जमानत केवल अत्यंत ठोस और असाधारण परिस्थितियों में ही रद्द की जा सकती है तथा इस शक्ति का इस्तेमाल बेहद सावधानी और सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद अदालत ने कहा कि पहले वीडियो के चार हिस्से थे। अदालत ने कहा कि इनमें मौजूदा मामले की कार्यवाही के बारे में इमाम के भाई का साक्षात्कार, दो-तीन लोगों के साथ एक कमरे में बैठे इमाम, उसी दृश्य का एक व्यापक कोण से लिया गया दृश्य जिसमें इमाम और उनके भाई सहित छह-सात लोग दिखाई दे रहे थे, तथा एक नेता की क्लिप शामिल थी, जिसका मामले से कोई संबंध नहीं था। अदालत ने कहा कि तीन प्रासंगिक हिस्सों को एक साथ देखने पर पता चलता है कि उन्हें लगभग एक ही समय पर एक ही कमरे में फिल्माया गया था और ‘‘पूरी संभावना है’’ कि मीडियाकर्मी द्वारा उनके भाई का साक्षात्कार लिए जाने के दौरान इमाम भी वहां मौजूद थे। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया, ये तथ्य और परिस्थितियां दर्शाती हैं कि मीडियाकर्मी उसी कमरे में मौजूद था, जहां आरोपी भी बैठा हुआ था। इस प्रकार, प्रथम दृष्टया आरोपी ने 22 सितंबर, 2026 के जमानत आदेश की शर्त संख्या दो का उल्लंघन किया है, जिसके तहत उसे अंतरिम जमानत दी गई थी।’’अदालत ने हालांकि कहा कि इमाम को शनिवार शाम तक जेल में आत्मसमर्पण करना था और उनके वकील के अनुसार, वह पहले ही विमान में सवार हो चुके हैं तथा जल्द ही दिल्ली पहुंचने वाले हैं। इमाम के खिलाफ मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के संबंध में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। इसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप शामिल हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली की ओर कूच करने की योजना के बीच दिल्ली पुलिस ने राजधानी में व्यापक सुरक्षा घेरा तैयार करते हुए प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों और कार्यकर्ताओं—अभिजीत दीपके, खोजी पत्रकार व कार्यकर्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राजधानी की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने पुलिस के परामर्श पर मध्य दिल्ली के 46 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे वीकेंड पर पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील नजर आ रही है।प्रमुख आयोजक हिरासत में: जंतर-मंतर कूच से पहले पुलिस का एक्शनशनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों के लुटियंस जोन में जुटने से पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और स्थानीय थानों की टीमों ने समन्वित कार्रवाई शुरू कर दी:अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका पर कार्रवाई: सोशल मीडिया और ग्राउंड पर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एक्टिविस्ट अभिजीत दीपके, पत्रकार सौरव दास और आशुतोष रांका को उनके आवासों और धरना स्थलों के करीब से एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में ले लिया गया।अज्ञात स्थानों पर ले जाए गए नेता: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिना प्रशासनिक अनुमति के संवेदनशील क्षेत्रों में धारा 144 का उल्लंघन करने और अनधिकृत सभा बुलाने के प्रयास के तहत यह कार्रवाई की गई है। हिरासत में लिए गए नेताओं को अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में रखा गया है ताकि लामबंदी को रोका जा सके।46 मेट्रो स्टेशन बंद: येलो, वॉयलेट और ब्लू लाइन पर कड़ा पहरादिल्ली पुलिस के इनपुट के बाद डीएमआरसी ने शनिवार को अपनी परिचालन एडवाइजरी को संशोधित करते हुए 46 संवेदनशील मेट्रो स्टेशनों पर आम यात्रियों की एंट्री और एग्जिट बंद कर दी है:प्रभावित प्रमुख स्टेशन: राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, उद्योग भवन, जनपथ, मंडी हाउस, बारखंभा रोड, लोक कल्याण मार्ग, दिल्ली गेट और आईटीओ जैसे प्रमुख स्टेशनों के गेट पूरी तरह सील कर दिए गए हैं।केवल इंटरचेंज चालू: राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय जैसे जंक्शनों पर यात्रियों को ट्रेन बदलने (Interchange) की सुविधा दी जा रही है, लेकिन किसी भी यात्री को स्टेशन से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।सघन चेकिंग: खुले हुए बाहरी स्टेशनों पर सीआईएसएफ (CISF) द्वारा मेटल डिटेक्टर्स और अतिरिक्त दस्तों के जरिए प्रत्येक यात्री के सामान की गहन तलाशी ली जा रही है।लुटियंस दिल्ली बनी छावनी: अर्धसैनिक बलों की 50 से अधिक कंपनियां तैनातसंसद भवन परिसर, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, गृह मंत्रालय और जंतर-मंतर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर त्रिस्तरीय कंक्रीट बैरिकेडिंग और कंटीले तार लगाए गए हैं:सीआरपीएफ और आरएएफ की तैनाती: दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और सीआरपीएफ की 50 से अधिक अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है।वॉटर कैनन और आंसू गैस के दस्ते तैयार: चौराहों पर दंगा रोधी वाहन, वज्र वाहन, वॉटर कैनन और आंसू गैस के दस्ते अलर्ट मोड पर हैं।ड्रोन से निगरानी: मध्य दिल्ली के आसमान में ड्रोन कैमरों के जरिए हर संदेहास्पद गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।दिल्ली-एनसीआर बॉर्डर पर सघन चेकिंग: 10 किलोमीटर तक लगा भीषण जामहरियाणा और उत्तर प्रदेश से प्रदर्शनकारियों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए पुलिस ने सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर सख्त नाकाबंदी कर दी है:बॉर्डर पॉइंट्स सील: नोएडा-दिल्ली चिल्ला बॉर्डर, गाजीपुर, कालिंदी कुंज, डीएनडी फ्लाईओवर, बदरपुर, सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर हर एक बस, टैक्सी और निजी वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है।यातायात ठप: इस कड़ी जांच के कारण दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के मार्गों पर 5 से 10 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है। आवश्यक सेवाओं, एम्बुलेंस और एयरपोर्ट जाने वाले मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।दिल्ली पुलिस की अपील: शांति बनाए रखें, अफवाहों पर न दें ध्यानदिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजधानी में कानून का उल्लंघन करने या सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की किसी को अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे लुटियंस दिल्ली के वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। स्थिति सामान्य होने तक नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट जारी रहेगा।
शारदीय नवरात्रि और आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने प्रदेशव्यापी सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। उपवास और त्योहारों के दौरान फलाहारी सामग्रियों, दुग्ध उत्पादों और मिठाइयों में होने वाली मिलावटखोरी पर लगाम लगाने के लिए चलाए गए इस विशेष अभियान में विभाग ने रिकॉर्ड कार्रवाई की है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक साथ की गई छापेमारी के दौरान 20,924 किलोग्राम संदिग्ध व मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई है, जबकि मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक पाए गए 4,273 किलोग्राम सड़े-गले व दूषित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया है।लखनऊ, कानपुर और पश्चिमी यूपी में ताबड़तोड़ छापेमारीखाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर गठित सचल दस्तों (Flying Squads) ने थोक मंडियों, कोल्ड स्टोरेज, आटा मिलों और डेयरी इकाइयों पर औचक निरीक्षण किया:कुट्टू और सिंघाड़े के आटे पर पैनी नजर: नवरात्रि व्रत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कुट्टू, सिंघाड़े के आटे और साबूदाने के गोदामों की सघन जांच की गई। पुराने, फफूंद लगे और कीड़ेयुक्त कुट्टू के स्टॉक को जब्त कर तुरंत निस्तारित किया गया ताकि 'फूड पॉइजनिंग' की घटनाओं को रोका जा सके।सिंथेटिक खोया, पनीर और देसी घी: कानपुर, मेरठ, आगरा और लखनऊ के आसपास संचालित अवैध डेयरी इकाइयों से भारी मात्रा में डिटर्जेंट और पाम ऑयल मिश्रित नकली दूध, पनीर और मावा पकड़ा गया।मसाले और खाद्य तेल: मिलावटी सरसों का तेल और अखाद्य रंगों से रंगी लाल मिर्च व हल्दी के नमूने सील किए गए।कानूनी शिकंजा: सैकड़ों नमूने लैब भेजे गए, दर्ज होंगी FIRविभाग ने केवल जब्ती और नष्टीकरण तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि सख्त कानूनी कदम भी उठाए हैं:लैब टेस्टिंग: जब्त की गई सामग्रियों में से 850 से अधिक संदिग्ध नमूने राज्य स्तरीय खाद्य प्रयोगशालाओं (State Food Laboratories) को त्वरित परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।लाइसेंस निलंबन व सीलिंग: गंभीर अनियमितताएं मिलने पर 40 से अधिक निर्माण इकाइयों और दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं और कई प्रतिष्ठानों को सील किया गया है।दंडात्मक कार्रवाई: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI Act, 2006) के तहत मिलावटखोरों पर भारी अर्थदंड और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले गंभीर मामलों में गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा एडवाइजरी: फलाहार खरीदते समय बरतें सावधानीप्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि त्योहारों की खरीदारी के दौरान सतर्क रहें:खुला आटा खरीदने से बचें: कुट्टू या सिंघाड़े का आटा खुला खरीदने के बजाय केवल एफएसएसएआई (FSSAI) पंजीकृत ब्रांड्स का ही पैक्ड आटा खरीदें और उसकी एक्सपायरी तिथि जरूर जांचें।गंध और रंग की पहचान: यदि कुट्टू का आटा भूरे रंग के बजाय अत्यधिक काला दिख रहा हो या उसमें कड़वाहट व सीलन की दुर्गंध आ रही हो, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें।संदेह होने पर शिकायत दर्ज कराएं: किसी भी दुकान पर मिलावटी खाद्य सामग्री बिकने का संदेह होने पर उपभोक्ता सीधे जिला खाद्य सुरक्षा कार्यालय या राज्य के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ओडिशा में रील बनाने का शौक लोगों की जान ले रहा है, इसके बावजूद लोग सबक नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला एक नाबालिग से जुड़ा हुआ है, जिसकी मौत हो गई है।
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की, जिससे 4000 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए।
'रावण को श्रद्धांजलि क्यों नहीं देते...' तनुश्री दत्ता के धार्मिक पोस्ट
तनुश्री ने अपना एक वीडियो भी इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. इस वीडियो में उन्होंने कहा कि मैं उज्जैन स्थित महाकाल बाबा के दर्शन करने आई हूं. उनका बुलावा काफी समय से आ रहा था. यहां आने के लिए ये बहुत सही समय है, क्योंकि अर्धकुंभ मेले की तैयारियां चल रही हैं. मैं अक्सर यहां साधना के लिए आती हूं.
'ये मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई', भाजपा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला
भाजपा ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है, जिसमें एलन मस्क के बयान और विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों को 'मोदी बनाम मीर जाफर' की लड़ाई बताया गया।
नाभि खिसकना (धरण गिरना): लक्षण, कारण, पहचान और आयुर्वेदिक व पारंपरिक उपचार
आयुर्वेद और पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति में नाभि को शरीर का ऊर्जा केंद्र यानी ‘नाभि चक्र’ माना जाता है। सुश्रुत संहिता और चरक संहिता में नाभि को महत्वपूर्ण मर्म स्थान (सद्य: प्राणहर मर्म) कहा गया है, जहां से शरीर की 72,000 से अधिक नाड़ियां जुड़ी होती हैं। जब नाभि अपनी स्वाभाविक जगह से ऊपर, नीचे या अगल-बगल हट जाती है, तो इसे बोलचाल की भाषा में 'नाभि खिसकना', 'धरण गिरना' या 'नाफ डिगना' कहा जाता है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में इसे पेट की मांसपेशियों में खिंचाव (Abdominal Muscle Strain), गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिस्फंक्शन या न्यूरो-मस्कुलर असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है। नाभि के खिसकते ही पाचन तंत्र बुरी तरह प्रभावित होता है और व्यक्ति को गंभीर बेचैनी, पेट दर्द व पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।नाभि खिसकने के मुख्य लक्षण: दिशा के अनुसार पहचाननाभि जिस दिशा में खिसकती है, शरीर में उसी के अनुसार अलग-अलग लक्षण प्रकट होते हैं:नाभि का ऊपर की ओर खिसकना: जब नाभि छाती की दिशा में ऊपर की ओर खिसकती है, तो एसिड रिफ्लक्स (सीने में जलन), सांस फूलना, उल्टी जैसा मन होना (Nausea), घबराहट, पेट में भारीपन और अफरा (Bloating) की समस्या होती है।नाभि का नीचे की ओर खिसकना: यदि नाभि पेट के निचले हिस्से या आंतों की तरफ खिसक जाती है, तो मरीज को लगातार दस्त (Loose Motions), पतले दस्त, मरोड़ के साथ पेट दर्द और बार-बार शौच जाने की हाजत महसूस होती है।नाभि का बाईं या दाईं ओर खिसकना: अगल-बगल खिसकने पर पेट के एक हिस्से में चुभने वाला तेज दर्द, पेट फूलना, पुरानी कब्ज (Constipation) और कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द बना रहता है।सामान्य लक्षण: पूरे शरीर में कमजोरी, भूख न लगना, मानसिक बेचैनी और पैरों में कंपन जैसा महसूस होना।नाभि खिसकने के प्रमुख कारणधरण गिरने की समस्या अचानक मांसपेशियों पर पड़ने वाले असामान्य दबाव के कारण होती है:अचानक भारी वजन उठाना: एक तरफ झुककर या गलत पोस्चर में अचानक भारी सामान उठा लेने से नाभि के आसपास की मांसपेशियां खिंच जाती हैं।गलत तरीके से पैर पड़ना: दौड़ते, सीढ़ियां चढ़ते या कूदते समय किसी एक पैर पर अचानक असंतुलित झटका लगना।झटके से उठना या झुकना: सोकर अचानक झटके से सीधे उठ जाना या आगे की तरफ असामान्य रूप से मुड़ना।अत्यधिक मानसिक तनाव: आयुर्वेद के अनुसार तनाव और चिंता से वात दोष प्रकुपित होता है, जिससे पेट की आंतरिक मांसपेशियां सिकुड़ती हैं।लगातार अनियमित खानपान: बहुत दिनों तक भूखे पेट रहना या फिर अचानक अत्यधिक रूखा, बासी और भारी भोजन करना।नाभि खिसकने की स्व-पहचान (Self-Diagnosis) कैसे करें?नाभि खिसकी है या नहीं, इसे घर पर बहुत आसानी से परखा जा सकता है:धड़कन से जांच (नाभि स्पंदन): सुबह खाली पेट पीठ के बल समतल जमीन पर लेट जाएं। दोनों पैर सीधे रखें। अपने दाहिने हाथ के अंगूठे या बीच की उंगली को धीरे से अपनी नाभि के बिल्कुल केंद्र में रखें। यदि नाभि अपनी सही जगह पर है, तो आपको दिल की धड़कन जैसी स्पष्ट धड़कन (पल्स) ठीक बीच में महसूस होगी। यदि यह धड़कन बीच में न होकर ऊपर, नीचे या किसी किनारे महसूस हो, तो इसका अर्थ है कि नाभि खिसक गई है।पैरों के अंगूठे से जांच: समतल जगह पर सीधे लेटकर दोनों पैरों को आपस में जोड़ें। देखें कि दोनों पैरों के अंगूठे बराबर रेखा में हैं या नहीं। यदि एक पैर का अंगूठा दूसरे की तुलना में थोड़ा छोटा या बड़ा दिखाई दे, तो यह धरण गिरने का स्पष्ट संकेत है।हाथ की रेखाओं से जांच: दोनों हथेलियों को मिलाकर हृदय रेखा और कनिष्ठा (छोटी उंगली) के पोरों का मिलान करें। यदि रेखाएं आपस में सटीक नहीं मिलतीं और आगे-पीछे दिखती हैं, तो नाभि विस्थापन माना जाता है।नाभि को सही जगह लाने के प्रमुख आयुर्वेदिक व पारंपरिक उपायनाभि को वापस उसके स्थान पर लाने के लिए हमेशा खाली पेट ही उपाय करने चाहिए:1. प्रभावी योगासन और शारीरिक क्रियाएंउत्तानपादासन: पीठ के बल सीधे लेट जाएं। दोनों पैरों को आपस में मिलाकर धीरे-धीरे जमीन से 30 डिग्री के कोण पर उठाएं। 10 से 15 सेकंड इसी स्थिति में रुकें और सामान्य सांस लें। फिर धीरे-धीरे पैरों को नीचे लाएं। इसे 3 से 4 बार दोहराएं।नौकासन: सीधे लेटकर सांस भरते हुए सिर, छाती और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं ताकि शरीर का आकार नाव जैसा बन जाए। नाभि पर दबाव महसूस करें। यह आसन नाभि को तुरंत केंद्र में खींचने में बेहद कारगर है।पवनमुक्तासन: एक या दोनों घुटनों को मोड़कर छाती से लगाएं और हाथों से पकड़ें। इससे पेट की अतिरिक्त गैस निकलती है और मांसपेशियों का तनाव कम होता है।कंधे और पैर का झटका: किसी अनुभवी व्यक्ति द्वारा पैर के अंगूठे की नस दबाना या पैर को हल्का झटका देकर नाभि को केंद्र में लाया जाता है।2. आयुर्वेदिक औषधियां और घरेलू उपचारसरसों के तेल की मालिश (नाभि पूरण): नाभि के आसपास हल्के गुनगुने सरसों या तिल के तेल से गोलाकार (क्लॉकवाइज) दिशा में बिल्कुल हल्के हाथ से मालिश करें। कभी भी जोर से पेट को न मसलें।सौंफ और गुड़ का प्रयोग: 10 ग्राम पिसी हुई सौंफ में 10 ग्राम पुराना गुड़ मिलाकर खाली पेट चबाकर खाएं। यह नाभि के खिंचाव को शांत करता है और पेट के मरोड़ से राहत दिलाता है।आंवला और गिलोय का चूर्ण: एक चम्मच आंवला पाउडर में थोड़ा सा नींबू का रस और शहद मिलाकर सेवन करने से पेट की आंतरिक सूजन ठीक होती है।दीपक और लोटा पद्धति (पारंपरिक वैक्यूम थेरेपी): समतल लेटकर नाभि पर गीले आटे का गोल घेरा बनाया जाता है, बीच में जलता हुआ छोटा दीया रखकर उस पर पीतल या स्टील का लोटा उल्टा रख दिया जाता है। वैक्यूम बनने से लोटा नाभि की मांसपेशियों को खींचकर केंद्र में स्थापित करता है। (नोट: यह प्रक्रिया केवल किसी अनुभवी जानकार से ही करवानी चाहिए।)नाभि सेट होने के बाद सावधानियां और परहेजजब नाभि अपनी जगह पर आ जाए, तो तुरंत कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि वह दोबारा न खिसके:नाभि सेट होने के तुरंत बाद कोई भारी काम न करें और झटके से न उठें।तुरंत बाद हल्का, सुपाच्य भोजन (जैसे मूंग दाल की पतली खिचड़ी, दलिया या छाछ) लें। कम से कम दो घंटे तक खाली पेट बिल्कुल न रहें।कम से कम 4 से 5 दिनों तक भारी वजन उठाने, झुककर भारी बाल्टी उठाने या तेज दौड़ने से पूरी तरह बचें।यदि तेज पेट दर्द, बुखार या लगातार उल्टी बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सक (Gastroenterologist/Physician) से जांच कराएं ताकि अपेंडिसाइटिस, हर्निया या अन्य आंतरिक संक्रमण की संभावना को खारिज किया जा सके।
दिल्ली में कॉजपा का प्रदर्शन विफल, BJP ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को कहा कि दिल्ली को ‘‘बंधक’’ बनाने के इरादे से किया गया प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा। पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की। भाजपा नेता संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे विभिन्न नेताओं समेत 7000 से ज्यादा लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बीच कहा कि यह ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’’ है। सत्तारूढ़ दल ने कॉजपा को केजरीवाल और गांधी की ‘‘बी-टीम’’ करार दिया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी, केजरीवाल और कॉजपा पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। नवीन ने यह भी आरोप लगाया कि गांधी, केजरीवाल और कॉजपा अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति को ‘‘बर्दाश्त नहीं कर पा रहे।’’भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कॉजपा ने आम आदमी पार्टी की ओर से ‘‘छद्म लड़ाई’’ लड़ने के लिए प्रदर्शन आहूत किया, लेकिन भारतीय लोकतंत्र ने उनकी ‘‘अराजकता फैलाने की मंशा’’ को विफल कर दिया। सत्तारूढ़ दल ने शनिवार को लगातार दो संवाददाता सम्मेलन किए और पलटवार के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा। भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में पात्रा ने राहुल गांधी को ‘‘नालायक’’ नेता कहा। उन्होंने शुक्रवार को दिए गए गांधी के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक मुलाकात में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप का खंडन नहीं किया। पात्रा ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने अपनी ‘‘निराधार’’ टिप्पणियों से साबित कर दिया कि वह लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने के योग्य नहीं हैं। पात्रा ने कहा, ‘‘जंतर-मंतर पर जो हो रहा है और टीवी तथा विभिन्न सोशल मीडिया मंच पर जो दिखाया जा रहा है, वह भारत की वास्तविक तस्वीर नहीं है। भारत शांतिपूर्ण है और सुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय राजधानी और पूरे देश को बंधक बनाने की कोशिश की गई। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘यहां हिंसा भड़काने, हाथापाई करने और सड़कों पर संघर्ष कराने की कोशिशें की गईं। लेकिन यह प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा।’’पात्रा ने कहा, ‘‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत हुई। आज दिल्ली में जिस तरह लोकतंत्र की ताकत सामने आई है और पूरी स्थिति नियंत्रण में है, उसे देखते हुए मैं फिर कहना चाहता हूं कि अराजकता फैलाने वालों की कोशिशें नाकाम रही हैं और उनका प्रदर्शन विफल रहा।’’भाजपा मुख्यालय में एक अलग संवाददाता सम्मेलन में रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि विभिन्न चुनावों में हार के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों को ‘‘हथियार’’ के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है। प्रसाद ने कहा, ‘‘ये हारे हुए और हताश दल पिछले तीन-चार दिन से दिल्ली के लोगों को परेशान कर रहे हैं। वे सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन लोगों ने उनकी साजिश को नाकाम कर दिया। लोकतंत्र की गरिमा ने उस पुरानी अराजकता को परास्त कर दिया है, जिसे विपक्ष भड़काने की कोशिश कर रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘देश संसद से चलेगा, सड़कों से नहीं।’’पात्रा ने गांधी पर निशाना साधा और भारत में एलन मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर उनकी हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनकी तुलना मीर जाफर से की। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि गांधी आज मस्क का भारत में ‘स्वागत’ कर रहे हैं, जबकि इससे पहले उनकी पार्टी के नेताओं ने भारत में स्टारलिंक परियोजना को लाइसेंस देने के सरकार के फैसले पर सवाल उठाए थे। पात्रा ने वाम दलों के नेताओं और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य विपक्षी नेताओं की तुलना भी मीर जाफर से की। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी चुनाव जीते बिना सत्ता में आने के लिए अराजकता फैला रहे हैं, जबकि वृंदा करात समेत अन्य वामपंथी नेता ‘वोट चोरी’ के निराधार आरोपों को लेकर हंगामा कर रहे हैं। पात्रा ने दावा किया कि वामपंथी नेता ‘‘नक्सलवाद के जरिए वसूली गई रकम से अपने घर चलाते थे’’, जिसे नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने खत्म कर दिया है। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने आरोप लगाया, ‘‘आज मुकाबला मोदी बनाम मीर जाफरों के बीच है।’’भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘पूरे देश को सड़कों पर अराजकता फैलाने की इस कोशिश पर ध्यान देना चाहिए। इसका मकसद चुनाव जीते बिना या चुनाव लड़े बिना ही सत्ता हथियाना है। बिना मेहनत किए प्रधानमंत्री बनना है। इसके लिए वे देश को गिरवी रखने और दोहरे मापदंड अपनाने को भी तैयार हैं।’’पात्रा ने आरोप लगाया कि भारत में मुगलों और अंग्रेजों ने ‘‘ऐसे ही मीर जाफरों’’ की वजह से सत्ता हथियाई थी। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन यहां मोदी हैं और देश को अंग्रेजों तथा घुसपैठियों से केवल मोदी ही बचाएंगे। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि ‘मोदी बनाम मीर जाफर’ की इस लड़ाई में भारत की जनता मोदी जी और देश के साथ खड़ी है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि मोदी को 140 करोड़ भारतीयों से ताकत मिलती है और वह उनके कल्याण के लिए काम करते हैं।’’प्रसाद ने मस्क की स्टारलिंक परियोजना पर गांधी की टिप्पणियों की भी आलोचना की और कहा कि भारत कोई ‘‘बनाना रिपब्लिक’’ (कमजोर शासन वाला देश) नहीं है। भाजपा सांसद ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस देश ने कभी किसी के सामने घुटने नहीं टेके हैं और न ही कभी टेकेगा। देश राष्ट्रीय हित में जरूरी कदम उठाएगा और किसी को भी एकाधिकार स्थापित करने की अनुमति नहीं देगा, चाहे वह विदेशी हो या भारतीय।’’मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था। उसने प्लासी की लड़ाई के दौरान नवाब के साथ विश्वासघात किया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ दिया, जिससे भारत में ब्रिटिश शासन का रास्ता साफ हुआ।
गौर सिटी-2 की सड़कों पर रेंगते नजर आए वाहन, फिर लगा घंटों का जाम
Greater Noida West Traffic Jam: गौर सिटी-2 में देर शाम लगा भीषण ट्रैफिक जाम. सड़कों पर दूर-दूर तक रेंगते दिखे वाहन. हाईराइज सोसायटी से बनाया वीडियो वायरल, निवासियों ने उठाई मेट्रो की मांग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
आधार कार्ड नाम व पता बदलने के नए नियम: UIDAI की नई SOP, शपथपत्र और ऑनलाइन प्रक्रिया
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड में नाम और पता अपडेट करने की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किए हैं। फर्जी पहचान पत्रों के दुरुपयोग और अनधिकृत बदलावों पर रोक लगाने के लिए यूआईडीएआई ने नाम सुधार की प्रक्रियाओं को स्पष्ट श्रेणियों में विभाजित किया है। अब केवल साधारण आईडी प्रूफ देकर पूरा नाम नहीं बदला जा सकता, बल्कि बदलाव की प्रकृति के अनुसार निर्धारित शपथपत्र (Affidavit) और गजट नोटिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। वहीं, पते में बदलाव को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और हेड ऑफ फैमिली (HoF) आधारित प्रक्रियाओं को नए दिशा-निर्देशों के साथ सुदृढ़ किया गया है। यदि आप भी अपने आधार में नाम या पता संशोधित कराने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों को समझना बेहद आवश्यक है।1. नाम अपडेट के लिए UIDAI की नई SOP: बदलावों का वर्गीकरणयूआईडीएआई की संशोधित एसओपी के तहत नाम सुधार को मामूली सुधार (Minor Changes), डेटा-एंट्री त्रुटि, वैवाहिक स्थिति और बड़े बदलाव (Major Changes) में वर्गीकृत किया गया है:मामूली सुधार (Minor Name Corrections): नाम के संक्षिप्त अक्षरों (Initials) का विस्तार या संक्षिप्तीकरण (जैसे टी. आर. डी. प्रसाद से ताड़ी रामा दुर्गा प्रसाद), मिडल नेम जोड़ना या हटाना, नाम का क्रम बदलना (जैसे दिवाकर आनंद से आनंद दिवाकर) और वर्तनी (Spelling) की छोटी गलतियों को ठीक करना मामूली सुधार में आता है। इसके लिए आवेदक को केवल एक मान्य पहचान प्रमाण (Proof of Identity - PoI) प्रस्तुत करना होता है।शादी या तलाक के बाद सरनेम बदलना: विवाह या तलाक के बाद उपनाम (Surname) में बदलाव के लिए निर्धारित शपथपत्र (Annexure D) के साथ पहचान प्रमाण (PoI) या विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) संलग्न करना अनिवार्य है।डेटा-एंट्री में हुई त्रुटि का सुधार: यदि नामांकन के समय दस्तावेज सही था लेकिन ऑपरेटर की गलती से नाम गलत दर्ज हो गया, तो वयस्कों के लिए Annexure B शपथपत्र और अवयस्कों (Minors) के लिए अभिभावक द्वारा Annexure C शपथपत्र के साथ पूर्व में जमा दस्तावेज का मिलान कराया जाता है।उपनाम या 'उर्फ' (Alias) हटाना: नाम से 'उर्फ' या 'Alias' हटाने के लिए वयस्कों को Annexure E और बच्चों के लिए Annexure F शपथपत्र के साथ वैध PoI देना होता है।बड़ा बदलाव (Major/Full Name Change): यदि कोई व्यक्ति अपना पहला नाम पूरी तरह बदलता है या पहचान में व्यापक बदलाव करता है, तो साधारण पहचान पत्र मान्य नहीं होगा। इसके लिए केंद्र या राज्य सरकार का आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (Gazette Notification) और आधार में पहले से दर्ज नाम वाला पुराना पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है।बिना दस्तावेज वाले सुधार: नाम में गलत स्थानों पर बड़े अक्षर (Random Capitalization जैसे 'RaMesh' को 'Ramesh' करना) या गैर-जरूरी डॉट्स/फुल स्टॉप हटाने के लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती।2. नाम बदलने की तय सीमा और अपवाद नियमयूआईडीएआई के नियमों के तहत एक नागरिक अपने पूरे जीवनकाल में आधार कार्ड में अपना नाम अधिकतम दो (2) बार ही अपडेट करा सकता है।यदि किसी नागरिक की यह निर्धारित सीमा समाप्त हो चुकी है और उसे अपरिहार्य कारणों से दोबारा नाम सुधारना है, तो सामान्य आधार केंद्र से यह आवेदन नहीं होगा।इसके लिए यूआईडीएआई के 'एक्सेप्शन हैंडलिंग प्रोसेस' (Exception Handling Process) के तहत संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) से विशेष अनुमति, गजट प्रति और उचित कारण दर्शाते हुए आवेदन करना होता है।3. आधार में पता (Address) बदलने के नए नियम: ऑनलाइन और HoF व्यवस्थापते में बदलाव के लिए नागरिकों को केंद्र जाने की आवश्यकता नहीं होती; इसे 'मेरा आधार' (myAadhaar) पोर्टल के जरिए पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। पते के संशोधन के दो मुख्य रास्ते हैं:दस्तावेज आधारित पता अपडेट (Document-based Update): आवेदक के पास अपने नाम का कोई वैध पता प्रमाण (Proof of Address - PoA) होना चाहिए—जैसे बिजली का बिल, पानी का बिल, बैंक पासबुक/स्टेटमेंट (नवीनतम 3 माह), राशन कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, या पंजीकृत रेंट एग्रीमेंट।परिवार के मुखिया (HoF) आधारित अपडेट: यदि किसी व्यक्ति (जैसे पत्नी, बच्चे या वृद्ध माता-पिता) के नाम पर कोई स्वतंत्र पता प्रमाण पत्र नहीं है, तो वे परिवार के मुखिया (Head of Family) के पते के आधार पर अपना पता अपडेट करा सकते हैं। इसके लिए दोनों के बीच संबंध दर्शाने वाला दस्तावेज (Proof of Relationship - PoR जैसे राशन कार्ड, मैरिज सर्टिफिकेट, या जन्म प्रमाण पत्र) आवश्यक होता है। परिवार के मुखिया द्वारा ओटीपी आधारित सहमति देने के बाद पता स्वतः अपडेट हो जाता है।4. नाम और पता अपडेट करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियानाम सुधार के लिए (ऑफलाइन आधार सेवा केंद्र अनिवार्य):यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट (uidai.gov.in) पर जाकर 'Book an Appointment' विकल्प से नजदीकी आधार सेवा केंद्र के लिए स्लॉट बुक करें (वॉक-इन भी मान्य है)।आधार सुधार फॉर्म भरें और नाम को स्पष्ट बड़े अक्षरों (Block Letters) में लिखें।श्रेणी के अनुसार आवश्यक मूल दस्तावेज (PoI, शपथपत्र या गजट प्रति) प्रस्तुत करें।बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कराएं और निर्धारित जनसांख्यिकी (Demographic) शुल्क (लगभग ₹50 से ₹75) का भुगतान करें।ऑपरेटर से पावती रसीद (Acknowledgement Slip) प्राप्त करें, जिस पर 14 अंकों का अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) दर्ज होता है। पता बदलने के लिए (ऑनलाइन myAadhaar पोर्टल):myaadhaar.uidai.gov.in पोर्टल पर जाएं और 'Login' विकल्प पर क्लिक करें।अपना विवरण और कैप्चा दर्ज कर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए लॉग इन करें।डैशबोर्ड पर 'Address Update' विकल्प का चयन करें।यदि स्वयं का दस्तावेज है तो 'Update Address Online' चुनें; यदि परिवार के मुखिया के आधार पर बदलना है तो 'Head of Family (HoF) based' विकल्प चुनें।नया पता सावधानीपूर्वक दर्ज करें और संबंधित PoA दस्तावेज की स्पष्ट स्कैन कॉपी (पीडीएफ या जेपीईजी प्रारूप में) अपलोड करें।ऑनलाइन ₹50 के पोर्टल शुल्क का भुगतान करें और यूआरएन (URN) रसीद डाउनलोड करें।5. यूआरएन (URN) से स्टेटस कैसे ट्रैक करें और नया आधार कैसे पाएं?अपडेट रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद यूआईडीएआई की बैकएंड टीम दस्तावेजों की सत्यता की जांच करती है। आमतौर पर नाम और पते का संशोधन 3 से 7 कार्यदिवसों के भीतर पूरा हो जाता है। नागरिक myAadhaar पोर्टल पर 'Check Enrolment & Update Status' में जाकर अपने URN नंबर के जरिए आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। अनुरोध स्वीकृत होते ही ई-आधार (e-Aadhaar) को तुरंत डिजिटल रूप से डाउनलोड किया जा सकता है अथवा ₹50 का शुल्क देकर नया पीवीसी कार्ड (PVC Card) सीधे अपने पते पर डाक द्वारा मंगाया जा सकता है।
दिल्ली वालों को राहत! CJP प्रदर्शन के चलते बंद 45 मेट्रो स्टेशन खुले, कनॉट प्लेस भी रविवार को खुलेगा
Delhi Metro Reopens: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को अब हटा लिया गया है। सुरक्षा कारणों से लगभग 25 घंटे तक बंद रहने के बाद दिल्ली मेट्रो के सभी 45 ...
भारत सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक विस्तार करते हुए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत देश के सभी वरिष्ठ नागरिकों (70 वर्ष या उससे अधिक आयु) के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। इस पहल के तहत जारी होने वाले विशेष डिजिटल कार्ड को 'आयुष्मान वय वंदना कार्ड' (Ayushman Vaya Vandana Card) नाम दिया गया है। केंद्र सरकार के इस फैसले की सबसे खास बात यह है कि इसमें आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है—चाहे परिवार अमीर हो, मध्यमवर्गीय हो या गरीब, यदि व्यक्ति की उम्र 70 साल या उससे अधिक है, तो उसे प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। देश के करोड़ों बुजुर्गों को बुढ़ापे में बीमारियों के भारी-भरकम इलाज खर्च से बचाने के लिए यह कार्ड पूरी तरह वरदान साबित हो रहा है।पात्रता के नियम: कोई आय सीमा नहीं, केवल उम्र ही एकमात्र पैमानापारंपरिक आयुष्मान भारत योजना में जहां सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) या बीपीएल सूची के आधार पर चयन होता था, वहीं 70+ वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियम पूरी तरह सरल और सार्वभौमिक (Universal) बनाए गए हैं:न्यूनतम आयु 70 वर्ष: आवेदक की आयु 70 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। उम्र का सत्यापन केवल उनके आधिकारिक आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर स्वतः किया जाता है।कोई आय या वर्ग बंधन नहीं: इसके लिए किसी आय प्रमाण पत्र (Income Certificate), जाति प्रमाण पत्र या राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं है।टॉप-अप और अलग कवर के नियम: यदि परिवार पहले से आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी है, तो परिवार के 70+ बुजुर्ग सदस्य को ₹5 लाख का अलग (Exclusive Top-up) कवर मिलेगा, जिसे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा नहीं करना पड़ेगा।अन्य सरकारी योजनाओं के साथ विकल्प: जो बुजुर्ग पहले से केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS), पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) या रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले रहे हैं, वे चाहें तो अपनी पुरानी योजना जारी रख सकते हैं या आयुष्मान वय वंदना कार्ड का विकल्प चुन सकते हैं (दोनों में से किसी एक का चयन करना होगा)। वहीं निजी स्वास्थ्य बीमा या ईएसआईसी (ESIC) धारक वरिष्ठ नागरिक भी इसके लिए पूरी तरह पात्र हैं।कौन-कौन सी बीमारियां और खर्च होंगे कवर?आयुष्मान वय वंदना कार्ड के तहत देशभर के 29,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस भर्ती की सुविधा मिलती है। इसमें किसी भी बीमारी के लिए कोई 'वेटिंग पीरियड' नहीं होता:पहले दिन से पहले की बीमारियां कवर: हृदय रोग (Heart Attack/Bypass), कैंसर, किडनी डायलिसिस, मोतियाबिंद, ब्रेन स्ट्रोक, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण (Knee/Hip Replacement) जैसी गंभीर बीमारियां पहले दिन से कवर होती हैं।अस्पताल में भर्ती से पहले और बाद का खर्च: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले तक की ओपीडी/जांच और डिस्चार्ज होने के बाद 15 दिनों तक की दवाइयों और फॉलो-अप परामर्श का खर्च इसमें शामिल होता है।आईसीयू और सर्जरी: आईसीयू चार्ज, डॉक्टर की फीस, ऑपरेशन थियेटर शुल्क, इम्प्लांट्स और डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह कैशलेस होते हैं।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज: केवल दो चीजों की आवश्यकतावरिष्ठ नागरिकों को किसी भी सरकारी कार्यालय में कागजी दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन आवेदन के लिए केवल दो बुनियादी चीजों की आवश्यकता होती है:बुजुर्ग का वैध आधार कार्ड (जिसमें नाम और जन्मतिथि सही दर्ज हो)।आधार कार्ड से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर (जिस पर ई-केवाईसी के लिए 6 अंकों का ओटीपी आ सके)। (नोट: यदि मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो 'आयुष्मान ऐप' में फेस ऑथेंटिकेशन या नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट से भी ई-केवाईसी कराई जा सकती है।)घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाआप अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से केवल 10 मिनट के भीतर बुजुर्गों का आयुष्मान वय वंदना कार्ड बना सकते हैं:वेबसाइट या ऐप खोलें: गूगल प्ले स्टोर से 'Ayushman App' डाउनलोड करें अथवा नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के आधिकारिक पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर जाएं।लॉगिन करें: होमपेज पर 'Beneficiary' विकल्प चुनें, अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और 'Verify' पर क्लिक करें। मोबाइल पर आए ओटीपी और कैप्चा को दर्ज करके लॉगिन करें।सीनियर सिटीजन बैनर चुनें: डैशबोर्ड पर 'Senior Citizen 70+' या 'Apply for Ayushman Vaya Vandana Card' के बैनर/विकल्प पर क्लिक करें।राज्य और पहचान सत्यापन: अपना राज्य, जिला और योजना (PMJAY) चुनें। इसके बाद सर्च विकल्प में 'Aadhaar' चुनें और बुजुर्ग का 12 अंकों का पहचान विवरण दर्ज करें।Aadhaar e-KYC पूरा करें: प्रमाणीकरण के लिए 'Aadhaar OTP' या 'Face Auth' का चयन करें। रजिस्टर्ड नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करके सहमति बॉक्स पर टिक करें।लाइव फोटो कैप्चर करें: बुजुर्ग की साफ और सीधी लाइव सेल्फी/फोटो मोबाइल कैमरे से कैप्चर करें (पृष्ठभूमि साफ होनी चाहिए)।फॉर्म सबमिट करें: स्क्रीन पर आधार से स्वतः भरी गई जानकारी की समीक्षा करें और 'Submit' बटन दबाएं।कार्ड डाउनलोड कैसे करें और अस्पताल में कैसे मिलेगा इलाज?तुरंत अप्रूवल और डाउनलोड: जैसे ही ई-केवाईसी का मिलान यूआईडीएआई के डेटा से शत-प्रतिशत हो जाता है, आवेदन स्वीकृत (Approved) हो जाता है। आप उसी पोर्टल या ऐप पर जाकर 'Download Ayushman Card' पर क्लिक कर पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं।इलाज की प्रक्रिया: किसी भी बीमारी या आपात स्थिति में मरीज को आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी या सरकारी अस्पताल ले जाएं। अस्पताल के रिसेप्शन पर बने 'आयुष्मान मित्र' डेस्क पर यह कार्ड या इसका प्रिंटआउट और पहचान पत्र दिखाएं। वहां का स्टाफ तत्काल मरीज का प्री-ऑथराइजेशन अप्रूव कराकर भर्ती प्रक्रिया शुरू करा देगा और इलाज के अंत में कोई भी बिल नहीं चुकाना होगा।हेल्पलाइन सहायता: किसी भी समस्या या पूछताछ के लिए 24 घंटे उपलब्ध राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल किया जा सकता है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर लामबंद होगा विपक्ष, सोमवार को बड़े मार्च की तैयारी
दिल्ली में पाबंदियों के खिलाफ INDIA गठबंधन ने 12 अक्टूबर को एक बड़े विरोध मार्च का ऐलान किया है, जिसमें राहुल गांधी- ममता बनर्जी समेत तमाम विपक्षी नेता हिस्सा लेंगे.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा विरोध, Kojpa का Jantar Mantar पर प्रदर्शन का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने शनिवार को मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। कॉजपा ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की। इस बीच, दिल्ली यातायात पुलिस ने नयी दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा। शिंदे ने कहा, ‘‘सरकार ने सोचा होगा कि आज हिरासत में लिए जाने के बाद हम घर लौट जाएंगे। मोदी और शाह का यह डर दिखाता है कि हमने आधी लड़ाई जीत ली है।’’कॉजपा के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, ‘‘आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें, लेकिन जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।’’उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।’’कॉजपा ने कहा कि कथित तौर पर 13 करोड़ मतदाताओं के नाम को मतदाता सूची से हटाए जाने और उनमें हेरफेर किए जाने के मामले में जवाबदेही तय होने तक देशभर में सविनय अवज्ञा आंदोलन और सड़क पर प्रदर्शन जारी रहेंगे।
दिल्ली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को किया रिहा, दीपके-रांका और सौरव दास को नहीं छोड़ा
सीजेपी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि पार्टी तब तक पीछे नहीं हटेगी, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते।
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट 2026 में ₹3,729 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और 10,263 बी2बी बैठकें हुईं, जिससे राज्य भर में पर्यटन, रोज़ग
फोटो भी खींचे गए थे! सिंधिया घराने ने प्रतिमा देवी के आरोपों को नकारा
Scindia Property Dispute: सिंधिया परिवार की 40 हजार करोड़ की संपत्ति पर नया बवाल. प्रतिमा देवी का आरोप है कि धोखे से कराए गए दस्तखत... कोर्ट 14 अक्टूबर को सुनाएगा फैसला. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
Mumbai में Tushar Gandhi और Imran Khan समेत 600 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
पुलिस ने शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नयी दिल्ली में प्रदर्शन के समर्थन में मुंबई में बिना इजाजत विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और माकपा कार्यकर्ताओं समेत करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर उनके साथ धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया। महानगर में अगस्त क्रांति मैदान, हुतात्मा चौक और अन्य स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के कई कार्यकर्ताओं ने दक्षिण मुंबई के हुतात्मा चौक पर प्रदर्शन किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तुषार गांधी के नेतृत्व वाले ‘हम भारत के लोग’ संगठन के सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोग बिना अनुमति के अगस्त क्रांति मैदान में एकत्र हुए थे। इनमें से करीब 200 लोगों को प्रदर्शन करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। अधिकारी ने कहा, ‘‘शहर के विभिन्न स्थानों से कुल मिलाकर करीब 600 लोगों को हिरासत में लिया गया।’’प्रदर्शनकारियों में शामिल रुबैद भोजानी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ‘‘बहुत बेरहमी से’’ हिरासत में लिया। भोजानी ने कहा, ‘‘हमने प्रधानमंत्री को वोट दिया था, लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया। हम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हैं।’’दक्षिण मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों में अभिनेता इमरान खान भी शामिल थे। अभिनेता ने पुलिस वैन से सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘जाहिर तौर पर, मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।’’बाद में सामने आए एक वीडियो में खान पुलिस वाहन में जबरन बैठाए जाने के दौरान एक पत्रकार के सवाल का जवाब देते दिखाई दिए। प्रदर्शन में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘मेरी कोई मांग नहीं है। मैं किसी संगठन का हिस्सा नहीं हूं।’’वीडियो में वह पुलिस से यह पूछते भी दिखाई दिए, ‘‘मैंने क्या किया है? मेरे साथ धक्का-मुक्की क्यों की जा रही है?’’प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग जिन्हें हृदय में पेसमेकर लगा हुआ था, ने आरोप लगाया कि एक पुलिस कांस्टेबल ने उन्हें खींचा और धक्का दिया। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कुछ नारे लगाने और जोशीले भाषणों के साथ शांतिपूर्ण बैठक हो सकती थी, लेकिन पुलिस ने लोगों को घसीटकर वैन में बैठाया और हिरासत में लेकर उसे एक हिंसक तमाशे में बदल दिया। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कुछ नारे लगाने और जोशीले भाषणों के साथ शांतिपूर्ण बैठक हो सकती थी, लेकिन पुलिस ने लोगों को घसीटकर वैन में बैठाया और हिरासत में लेकर उसे एक हिंसक तमाशे में बदल दिया। प्रदर्शनकारियों को गामदेवी और तारदेव पुलिस थानों में ले जाया गया। इससे पहले दिन में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को बांद्रा से हिरासत में लेकर डी. एन. नगर पुलिस थाने ले जाया गया था। बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्र हुए। शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे भी गांधी की रिहाई की मांग को लेकर पुलिस थाने पहुंचे। ‘हम भारत के लोग’ संगठन का नेतृत्व करने वाले गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पोस्टर साझा कर नागरिकों से अपराह्न साढ़े तीन बजे अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मिथिबोरवाला को भी उनके घर से हिरासत में लेकर एमआईडीसी पुलिस थाने ले जाया गया। इस बीच, दादर के शिवाजी पार्क में कॉजपा सदस्यों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए महिला अधिकारियों समेत अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। मुंबई के अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मुंबई उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार अगस्त क्रांति मैदान को प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित नहीं किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई की गई। कॉजपा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़े बदलावों के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ नयी दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है। दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त और कॉजपा नेता अभिजीत दीपके, चार पूर्व मुख्यमंत्रियों तथा यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने से सरकार जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोकने में सफल रही।
बौखलाहट नहीं काबू कर पा रहे मस्क, फिर उगला जहर
स्टारलिंक को भारत में अनुमति न मिलने से बौखलाए एलन मस्क ने लगातार तीसरे दिन मुकेश अंबानी पर निशाना साधा।
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि यानी सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या और रविवार का यह पावन दिन सभी 12 राशियों के जातकों के लिए आध्यात्मिक, मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। आज के दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों ही कन्या राशि में युति बनाकर गोचर कर रहे हैं, जिससे विशेष बुधादित्य और पितृ तर्पण संयोग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही हस्त नक्षत्र का प्रभाव दिनभर बना रहेगा। ग्रहों की यह चाल कुछ राशियों के लिए करियर और व्यापार में उन्नति के द्वार खोलेगी, जबकि कुछ राशि वालों को लेन-देन और पारिवारिक निर्णयों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं कि आज रविवार, 11 अक्टूबर 2026 का दिन आपके स्वास्थ्य, वित्त, परिवार और करियर के लिहाज से कैसा रहेगा।मेष राशि (Aries): कानूनी मामलों में राहत और अचानक धन लाभमेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिलाजुला लेकिन अंततः सकारात्मक परिणाम देने वाला रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना होगा, हालांकि आपकी कार्यकुशलता के आगे विरोधी पस्त होंगे। व्यापारिक साझेदारियों में पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना मामला आज आपके पक्ष में हल हो सकता है। पारिवारिक वातावरण शांत रहेगा, लेकिन जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी चिंता रह सकती है। पितरों के निमित्त काले तिल और जल का तर्पण करने से मानसिक तनाव दूर होगा।शुभ रंग: गहरा लालशुभ अंक: 9वृषभ राशि (Taurus): रचनात्मक कार्यों में सफलता, छात्रों के लिए अनुकूल दिनवृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन बौद्धिक और रचनात्मक क्षमता के बल पर आगे बढ़ने का है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को कोई शुभ समाचार मिल सकता है। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और आपसी तालमेल बेहतर होगा। निवेश के लिहाज से दिन सामान्य है, इसलिए किसी के बहकावे में आकर सट्टा या जोखिम भरे शेयर बाजार में बड़ा पैसा लगाने से बचें। शाम के समय धार्मिक या सामाजिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। किसी जरूरतमंद को सफेद अन्न का दान करें।शुभ रंग: सफेद व क्रीमशुभ अंक: 6मिथुन राशि (Gemini): घरेलू सुख-साधनों में वृद्धि, वाणी पर रखें नियंत्रणमिथुन राशि के जातकों को आज अपने पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाकर चलना होगा। माता-पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में आपके सुझावों का स्वागत होगा, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों से बात करते समय अपनी वाणी में विनम्रता बनाए रखें। यदि आप भूमि, भवन या नए वाहन की खरीदारी की योजना बना रहे हैं, तो कागजी कार्रवाई की अच्छी तरह पड़ताल कर लें। पुराने मित्रों से मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी। सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर घर में खीर बनाकर ब्राह्मण या गौमाता को खिलाएं, इससे गृह क्लेश दूर होगा।शुभ रंग: हल्का हराशुभ अंक: 5कर्क राशि (Cancer): पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि, छोटी यात्रा के योगकर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से परिपूर्ण रहेगा। आपके साहस और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता से रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे। कार्यक्षेत्र या व्यापार के सिलसिले में छोटी दूरी की लाभकारी यात्रा हो सकती है। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य के मोर्चे पर कंधों या गले से संबंधित हल्की समस्या हो सकती है, इसलिए ठंडी चीजों से परहेज करें। आज के दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के निमित्त कच्चा दूध और जल अर्पित करें, बिगड़े काम बनेंगे।शुभ रंग: दूधिया सफेद व चांदीशुभ अंक: 2सिंह राशि (Leo): आर्थिक स्थिति होगी मजबूत, परिवार में बनेगा उत्सव का माहौलसिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन धन संचय और पारिवारिक सौहार्द के दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ है। पूर्व में किए गए किसी निवेश से अचानक अप्रत्याशित वित्तीय लाभ मिलने के संकेत हैं। पैतृक कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। घर-परिवार में मांगलिक या धार्मिक चर्चा होगी, जिससे वातावरण खुशनुमा रहेगा। हालांकि, आंख या दांत से जुड़ी मामूली तकलीफ हो सकती है, इसलिए खानपान में लापरवाही न बरतें। रविवार के दिन भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से जल दें और पितरों का ध्यान करें।शुभ रंग: नारंगी व सुनहराशुभ अंक: 1कन्या राशि (Virgo): मन में नई योजनाओं का संचार, सेहत का रखें खास ख्यालकन्या राशि में ही आज सूर्य और चंद्रमा की युति हो रही है, जिससे आपका मन अत्यंत संवेदनशील और विचारशील रहेगा। करियर में कोई नया प्रोजेक्ट या जिम्मेदारी आपके कंधों पर आ सकती है। आपके व्यक्तित्व का प्रभाव लोगों को आकर्षित करेगा। वैवाहिक जीवन में पुराने मनमुटाव दूर होंगे और आपसी समझ बढ़ेगी। व्यापार में किसी नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले नियम और शर्तों को बारीकी से पढ़ें। मौसमी बीमारियों से बचाव रखें और पर्याप्त नींद लें। पक्षियों को दाना और गाय को हरा चारा खिलाने से मानसिक शांति मिलेगी।शुभ रंग: तोतिया हराशुभ अंक: 7तुला राशि (Libra): खर्चों पर नियंत्रण जरूरी, विदेश से जुड़े कार्यों में लाभतुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिले-जुले प्रभाव वाला रहेगा। विलासिता और घरेलू जरूरतों पर अनियोजित खर्च बढ़ सकता है, जिससे आपका मासिक बजट थोड़ा डगमगा सकता है। जो जातक मल्टीनेशनल कंपनियों में काम कर रहे हैं या आयात-निर्यात के कारोबार से जुड़े हैं, उनके लिए दिन शानदार अवसर लेकर आएगा। कानूनी या अदालती विवादों में समझौते की राह निकल सकती है। व्यर्थ की चिंताओं से बचें और योग-प्राणायाम का सहारा लें। सर्वपितृ अमावस्या पर किसी मंदिर में अन्न और वस्त्र का दान करना आपके लिए कल्याणकारी रहेगा।शुभ रंग: आसमानी व गुलाबीशुभ अंक: 6वृश्चिक राशि (Scorpio): आय के नए स्रोत बनेंगे, वरिष्ठों का मिलेगा आशीर्वादवृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से बेहद फलदायी रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपकी पुरानी मेहनत का फल पदोन्नति या वेतन वृद्धि के रूप में दिख सकता है। व्यापार में फंसा हुआ पुराना धन वापस मिलने की प्रबल संभावना है। बड़े भाई-बहनों और उच्च अधिकारियों से महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त होगा। सामाजिक दायरे का विस्तार होगा और प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आज पितरों के निमित्त उड़द की दाल और तिल से बनी वस्तुओं का दान करें, इससे भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।शुभ रंग: गहरा महरूनशुभ अंक: 8धनु राशि (Sagittarius): करियर में बड़ा उछाल, मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगीधनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन कार्यक्षेत्र में विजय और प्रतिष्ठा का दिन है। सरकारी क्षेत्र या प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े जातकों को विशेष सम्मान या नई उपलब्धि हासिल हो सकती है। यदि आप नौकरी बदलने की योजना बना रहे थे, तो आज कोई मजबूत प्रस्ताव आ सकता है। पिता या पैतृक पक्ष से पूरा सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। पारिवारिक जिम्मेदारियों को आप सफलतापूर्वक निभाएंगे। सेहत अच्छी रहेगी और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। पीले वस्त्र, चने की दाल या बेसन के मिष्ठान का दान करना अत्यंत शुभ रहेगा।शुभ रंग: पीला व केसरियाशुभ अंक: 3मकर राशि (Capricorn): भाग्य का मिलेगा पूरा साथ, धर्म-कर्म में बढ़ेगी रुचिमकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्योदय का संकेत दे रहा है। पिछले कई दिनों से जिन कार्यों में रुकावटें आ रही थीं, वे आज आसानी से पूरे होते दिखेंगे। धार्मिक यात्रा, तीर्थाटन या आध्यात्मिक सत्संग में भाग लेने का योग बन रहा है। उच्च शिक्षा की दिशा में प्रयासरत विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। व्यापार में दूरगामी रणनीतियों पर काम शुरू करने के लिए समय उत्तम है। पिता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। आज सर्वपितृ अमावस्या के दिन काले तिल और सरसों के तेल का दान करें और पीपल के वृक्ष के नीचे दीप प्रज्वलित करें।शुभ रंग: नेवी ब्लू व स्लेटीशुभ अंक: 4कुंभ राशि (Aquarius): संभलकर करें वाहन का उपयोग, गुप्त विद्याओं में बढ़ेगा आकर्षणकुंभ राशि के जातकों को आज का दिन थोड़ा धैर्य और संयम के साथ व्यतीत करने की सलाह दी जाती है। वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें और किसी भी प्रकार के अनावश्यक वाद-विवाद से दूरी बनाएं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए कोई भी बड़ा लेन-देन सोच-समझकर करें। गूढ़ विषयों, ज्योतिष और आध्यात्मिक ज्ञान की ओर आपका रुझान बढ़ेगा। ससुराल पक्ष से किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति बन सकती है, जिसे शांति से सुलझाएं। असहाय या दिव्यांग व्यक्ति को भोजन कराएं।शुभ रंग: आसमानी व कालाशुभ अंक: 8मीन राशि (Pisces): दांपत्य जीवन में मधुरता, साझेदारी के व्यापार में मुनाफामीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन सुखद और उत्साहवर्धक रहेगा। वैवाहिक जीवन में प्रेम और आपसी सामंजस्य बढ़ेगा; जीवनसाथी के साथ किसी रोमांटिक यात्रा पर जाने की योजना बन सकती है। पार्टनरशिप में चल रहे कारोबार में बेहतर मुनाफा दर्ज होगा और नए ग्राहक जुड़ेंगे। दैनिक रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। सामाजिक क्षेत्र में आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी। उदर या पाचन संबंधी हल्की समस्या हो सकती है, इसलिए सात्विक आहार लें। आज के दिन जल में गंगाजल और काले तिल मिलाकर दक्षिण मुखी होकर पितरों को अंजलि दें, पितृदोष समाप्त होगा।शुभ रंग: पीला व सुनहराशुभ अंक: 3मेटा विवरण (Meta Description): आज का राशिफल 11 अक्टूबर 2026: सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर सूर्य-चंद्रमा की कन्या राशि में युति, जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक करियर, धन और पारिवारिक भविष्यफल।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकतंत्र में असहमति को अधिकार बताया, लेकिन अराजकता फैलाने को अस्वीकार्य कहा। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कमजोर करने के प्रयासों की निंदा की और युवाओं के लिए सरकार की नीतियों पर प्रकाश डाला।
Haryana Cabinet का बड़ा फैसला: पूर्व Agniveer को Group C भर्ती परीक्षाओं से मिली पूरी छूट
हरियाणा मंत्रिमंडल ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी विभागों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य की अग्निवीर नीति में संशोधन को शनिवार को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत अधिक पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सकेगा और इसके क्रियान्वयन को सरल बनाया जाएगा। संशोधित अग्निवीर नीति के तहत, नीति के दायरे में आने वाले ग्रुप-सी के पदों पर भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को निर्धारित सभी परीक्षाओं से छूट दी जाएगी। आरक्षण और अन्य लागू प्रावधानों के अधीन उन्हें विज्ञापन जारी किये गए पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा। पूर्व अग्निवीरों को पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वन्यजीव रक्षक, भारतीय रिजर्व बटालियन में कांस्टेबल, राज्य आपदा मोचन बल में कांस्टेबल और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फायर ऑपरेटर-सह-ड्राइवर के पदों के लिए आवेदन करने पर शारीरिक जांच परीक्षा (पीएसटी) और शारीरिक माप परीक्षा (पीएमटी) से भी छूट मिलेगी। इन पदों को हाल ही में पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की मौजूदा आरक्षण नीति के दायरे में शामिल किया गया था। मंत्रिमंडल ने खान एवं भूविज्ञान विभाग में माइनिंग गार्ड के पद को ग्रुप-डी से ग्रुप-सी में शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी। इसके लिए हरियाणा खान एवं भूविज्ञान विभाग (ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1998 में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। इस फैसले से सरकारी नौकरियों में भर्ती के दौरान पूर्व अग्निवीरों के लिए अधिसूचित आरक्षण और अन्य लाभों को लागू करने में मदद मिलेगी। मंत्रिमंडल ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 80 हजार रुपये करने को भी मंजूरी दी। इससे अधिक संख्या में पात्र महिलाएं योजना का लाभ उठा सकेंगी।
Himachal Cabinet ने सरकारी विभागों में 12 हजार पदों पर भर्ती को दी हरी झंडी
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शनिवार को स्वास्थ्य, शिक्षा, चुनाव, लोक निर्माण विभाग, बागवानी, कोषागार, वन, आबकारी, फॉरेंसिक और निगमों सहित विभिन्न विभागों में अलग-अलग श्रेणियों के लगभग 12 हजार पद सृजित करने की मंजूरी दी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जल शक्ति विभाग में पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर और बहुउद्देशीय कर्मियों सहित 4090 पैरा कर्मियों को नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सहायक वन रक्षकों की नियुक्ति के लिए एक नीति को भी मंजूरी दी, जिससे वन विभाग में 500 पद भरने का रास्ता साफ हो गया। बैठक में 100 और स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध करने का फैसला लिया गया जिसके लिए एक नयी योजना तैयार की जाएगी। एक बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने नयी योजना आधारित भर्ती के जरिए इन स्कूल में 3900 शिक्षण और 900 गैर-शिक्षण पद भरने को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मासिक मानदेय 10,500 रुपये से बढ़ाकर 11,500 रुपये और आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये करने और वन मित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये करने को मंजूरी दी। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मासिक मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि करने का भी फैसला लिया गया। इसके अलावा, 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले लोगों की मासिक पेंशन एक अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 3,000 रुपये करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय टीमों को नकद पुरस्कार देने संबंधी प्रावधानों में संशोधन करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारियों (डीवाईएसओ) के पद सृजित करने का फैसला लिया। बयान के अनुसार, मंत्रिमंडल ने दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत सहायता राशि तीन रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर छह रुपये प्रति लीटर करने की भी मंजूरी दी। इससे हजारों किसानों को लाभ होगा।
पुराना-खुरदुरा तौलिया ना फेंके! 3 कमाल के इस्तेमाल, बचेंगे पैसे
How To Reuse Old Towel Hacks: पुराना और घिसा हुआ तौलिया बेकार समझकर फेंकने की गलती न करें. बाजार से नया सामान खरीदे बिना पुराने तौलिए से बनाएं फर्श का पोछा, किचन वाइपर और डस्टिंग क्लॉथ. जानें इसके 3 बेहद आसान और स्मार्ट रीयूज़ हैक्स.
कितने की है पेंट करने वाली मशीन? खुद ही 4 घंटे में कर लेंगे एक कमरे में कलर
पेंट स्प्रे मशीन की मदद से आप खुद भी घर की दीवारों पर रंग कर सकते हैं. जानिए यह मशीन कितने रुपये की आती है, कैसे काम करती है और कमरे की पेंटिंग में कितना समय लग सकता है.
दिल्ली में CJP का कल फिर हल्लाबोल... ट्रैफिक रूट डायवर्ट, लेकिन खुले रहेंगे मार्केट-मेट्रो स्टेशन
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बाद रविवार को फिर जंतर-मंतर कूच का ऐलान किया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है. 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 3 हजार लोगों को हिरासत में लिया था.
दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट के बारे में चिंता जता रहे संयुक्त राष्ट्र को पाकिस्तानी क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने लताड़ लगाई है। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदु अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में कब बोलेगा?
CJP प्रदर्शन पर इंटरनेशनल हलचल! प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर UN ने जताई चिंता
UN Human Rights CJP Protest Delhi: राजधानी दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बड़े पैमाने पर चल रहे प्रदर्शन और पुलिस द्वारा की गई व्यापक धर-पकड़ का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र ...
5 करोड़ के दावे से बवाल! 8 बार विराट-अनुष्का पहुंचे प्रेमानंद के दरबार
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा पर 5 करोड़ रुपये से जुड़ा दावा सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है. लेकिन इससे पहले दोनों प्रेमानंद महाराज के आश्रम कितनी बार पहुंचे और कब-कब उनसे मिले? जानें पूरी कहानी.
Mumbai में बिना अनुमति प्रदर्शन पर Tushar Gandhi और Imran Khan समेत 400 हिरासत में
नयी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के समर्थन में यहां बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन करने के आरोप में मुंबई के विभिन्न स्थानों से पुलिस ने शनिवार को सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी, अभिनेता इमरान खान और माकपा कार्यकर्ताओं समेत करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन अगस्त क्रांति मैदान, हुतात्मा चौक और अन्य स्थानों पर किए गए। हुतात्मा चौक पर प्रकाश आंबेडकर के नेतृत्व वाली वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के कई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि तुषार गांधी के नेतृत्व वाले ‘हम भारत के लोग’ संगठन के सदस्यों और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोग बिना अनुमति के अगस्त क्रांति मैदान में एकत्र हुए थे। इनमें से करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारी ने कहा कि उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर मुंबई के विभिन्न स्थानों से करीब 400 लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों में शामिल रुबैद भोजानी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ‘‘बहुत बेरहमी’’ दिखाते हुए उन्हें हिरासत में लिया। भोजानी ने कहा, ‘‘हमने प्रधानमंत्री को वोट दिया था, लेकिन उन्होंने हमें धोखा दिया। हम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हैं।’’अगस्त क्रांति मैदान में हिरासत में लिए गए लोगों में अभिनेता इमरान खान भी शामिल थे। अभिनेता ने पुलिस वैन से सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘जाहिर तौर पर, मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।’’प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग जिन्हें हृदय में पेसमेकर लगा हुआ था, ने आरोप लगाया कि एक पुलिस कांस्टेबल ने उन्हें खींचा और धक्का दिया। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कुछ नारे लगाने और जोशीले भाषणों के साथ शांतिपूर्ण बैठक हो सकती थी, लेकिन पुलिस ने लोगों को घसीटकर वैन में बैठाया और हिरासत में लेकर उसे एक हिंसक तमाशे में बदल दिया। प्रदर्शनकारियों को गामदेवी और तारदेव पुलिस थानों में ले जाया गया। इससे पहले दिन में महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी को बांद्रा से हिरासत में लेकर डी. एन. नगर पुलिस थाने ले जाया गया था। बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर एकत्र हुए। शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे भी गांधी की रिहाई की मांग को लेकर पुलिस थाने पहुंचे। ‘हम भारत के लोग’ संगठन का नेतृत्व करने वाले गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पोस्टर साझा कर नागरिकों से अपराह्न साढ़े तीन बजे अगस्त क्रांति मैदान में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज मिथिबोरवाला को भी उनके घर से हिरासत में लेकर एमआईडीसी पुलिस थाने ले जाया गया। इस बीच, दादर के शिवाजी पार्क में कॉजपा सदस्यों को प्रदर्शन करने से रोकने के लिए महिला अधिकारियों समेत अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। मुंबई के अन्य स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मुंबई उच्च न्यायालय के एक आदेश के अनुसार अगस्त क्रांति मैदान को प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित नहीं किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कार्रवाई की गई।
ओडिशा के पुरी में रीलबाजी के चक्कर में सांप के साथ खिलवाड़ करना एक युवक के लिए जीवन की आखिरी गलती साबित हो गया। सांप के काटने से युवक की मौत हो गई।
Delhi में CEC के खिलाफ प्रदर्शन से पहले Abhijeet Dipke और कई नेता हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए गए और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता अभिजीत दीपके, चार पूर्व मुख्यमंत्रियों और यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत सात हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल जंतर-मंतर पूरे दिन सुनसान नजर आया। प्रदर्शनकारियों को इलाके से दूर रखने के लिए लुटियन दिल्ली में 30 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई और कई स्तरों पर बैरिकेड लगाए गए। विपक्षी दलों ने स्थिति की तुलना आपातकाल से भी बदतर हालात से की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने युवाओं से ‘‘प्रदर्शन जारी रखने’’ की अपील की और कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस शासन और संविधान पर हमला करने वाले लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़े।’’आम आदमी पार्टी (आप) के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पिनराई विजयन और माणिक सरकार सहित विपक्ष के कई नेताओं को राजधानी में अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। ये नेता कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा बुलाए गए प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कहा, ‘‘यह आपातकाल से भी आगे निकल गया है। यह महा-आपातकाल बन गया है।’’ हिरासत में लिए गए कई नेताओं ने दावा किया कि पुलिस उन्हें घंटों तक वाहनों में इधर-उधर घुमाती रही। माकपा महासचिव एम ए बेबी, वरिष्ठ वामपंथी नेता बृंदा करात, भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा को भी हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चेन्नई में थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का ‘‘मूल चरित्र’’ ‘‘कायरता’’ है। कांग्रेस ने कॉजपा के प्रदर्शन से दूरी बनाए रखी। हालांकि उसने कथित ‘‘वोट चोरी’’ को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किए हैं। मुंबई से दिल्ली पहुंची उड़ान के उतरते ही दिल्ली पुलिस ने दीपके और कॉजपा के दो अन्य नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के भीतर से ही हिरासत में ले लिया। कॉजपा द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में दीपके को विमान में दाखिल हुए पुलिस अधिकारियों से यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘हम यहां गिरफ्तार होने आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कीजिए।’’हिरासत में लिए जाने से पहले पुलिसकर्मियों ने कॉजपा नेताओं से कहा कि उनके पास जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। दीपके ने कहा कि कॉजपा नेताओं को अपराधियों की तरह हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी ऐसा नहीं किया था और यह तानाशाही के समान है। विदेश में रहने वाले और मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के खिलाफ कॉजपा के प्रदर्शन में शामिल होने आए यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। अपराह्न करीब एक बजे इम्तियाज अली मार्ग पर आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेड लांघने के बाद प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया। शाम को कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास भी इसी तरह की घटना हुई, जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर फेंके। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान कुल सात सुरक्षाकर्मी घायल हुए। दक्षिण दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल भी आइसा की नेहा समेत वामपंथी नेताओं को हिरासत में लेने के दौरान हाथ में चोट लगने से घायल हो गए। इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित हमले के संबंध में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर सकती है। शनिवार को नयी दिल्ली में हर ओर खाकी वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी नजर आए। कॉजपा के प्रदर्शन से पहले पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30 हजार से अधिक जवान तैनात किए गए। सड़कों पर कई स्तरों पर बैरिकेडिंग, 45 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और शहर के सीमावर्ती प्रवेश बिंदुओं, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, होटल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सघन जांच के कारण राजधानी में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार को दिल्ली में सात हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें दो हजार से अधिक को नयी दिल्ली इलाके में हिरासत में लिया गया। कॉजपा नेता दीपके को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद उनका पहले से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो संदेश जारी किया गया। इसमें उन्होंने कहा कि संगठन के प्रभारी अजिंक्य शिंदे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे। कॉजपा ने कहा कि उसके नेता मौजूद हों या नहीं, देशभर में प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस ने दीपके को महाराष्ट्र में उनकी दादी के निधन की सूचना दी और मानवीय आधार पर उन्हें अपने गृहनगर जाने की व्यवस्था में संभावित मदद की पेशकश की। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके (85) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव स्थित उनके घर पर निधन हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि हिरासत में लिए गए लोगों को 24 घंटे के भीतर रिहा नहीं किया गया, तो वह लेह या दिल्ली में भूख हड़ताल या मार्च सहित शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू करने पर विचार करेंगे। वांगचुक ने इससे पहले जंतर-मंतर पर कॉजपा के 36 दिन के आंदोलन में हिस्सा लिया था। यह आंदोलन नीट प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर हुआ था और 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ था। इस आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संसद तक मार्च करने की कोशिश में भारी अव्यवस्था हुई थी, जब सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर को ‘‘बंधक’’ बनाने के इरादे से किया जाने वाला प्रदर्शन ‘‘फ्लॉप शो’’ साबित हुआ। पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के साथ मिलकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया और उनकी तुलना मीर जाफर से की। जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे सैकड़ों युवाओं और कई नेताओं को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। वहीं, भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि यह ‘‘भीड़तंत्र’’ पर लोकतंत्र की जीत है। पुलिसकर्मियों ने हनुमान मंदिर, आकाशवाणी भवन, सफदरजंग फ्लाईओवर और केरल हाउस समेत कई स्थानों से प्रदर्शनकारियों के समूहों को हिरासत में लिया। जंतर-मंतर पर पुलिस लगातार उद्घोषणा करके लोगों और मीडियाकर्मियों को एक स्थान पर एकत्र नहीं होने का निर्देश देती रही। पुलिस ने उन कुछ प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में ले लिया, जो जंतर-मंतर पहुंचने में सफल रहे थे। दिल्ली पुलिस के व्यापक सुरक्षा इंतजामों ने प्रदर्शनकारियों की जंतर-मंतर तक पहुंचने की कोशिशों को नाकाम कर दिया। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, केजरीवाल और कॉजपा विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके ‘‘नापाक इरादों’’ से सख्ती से निपटेगी, जबकि पार्टी कार्यकर्ता जमीन पर उनकी योजना को विफल करेंगे। सत्तारूढ़ दल ने शनिवार को लगातार कई संवाददाता सम्मेलन किए और जवाबी अभियान के लिए अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी को बंधक नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी और केजरीवाल अपनी ‘‘बी-टीम’’ कॉजपा के साथ मिलकर शहर को ‘‘रणभूमि’’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कई पत्रकारों ने भी खुद को हिरासत में लिए जाने का दावा किया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि प्रेस पहचान पत्र दिखाने के बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया और बसों में अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ ले जाने से पहले पुलिसकर्मियों ने उनके आधिकारिक फोन जब्त कर लिए। प्रसारित दृश्यों में बसों के भीतर से पत्रकारों को अपने प्रेस पहचान पत्र दिखाते हुए देखा गया। केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी (आप) के कई वरिष्ठ नेता, जिन्होंने खुले तौर पर कॉजपा का समर्थन किया था, जंतर-मंतर पहुंचने में नाकाम रहे। उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कॉजपा नेताओं को हिरासत में लेने और प्रदर्शन रोकने के लिए मध्य दिल्ली में किए गए सुरक्षा इंतजामों को ‘‘आपातकाल से भी बदतर’’ बताया। दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से कुछ समय पहले केजरीवाल ने ‘‘वोट चोरी’’ के आरोपों को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर के युवाओं से राजधानी पहुंचने की अपील की और ‘‘दिल्ली चलो’’ का आह्वान किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ‘लोकतंत्र की जननी’ का गला घोंट दिया है। खरगे ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ‘‘कायरता’’ आज खुलकर सामने आ गई है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियां तैनात की गई थीं। संवेदनशील स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई और तैयारियों एवं प्रतिक्रिया तंत्र का आकलन करने के लिए कई स्थानों पर ‘मॉकड्रिल’ भी की गईं। प्राधिकारियों ने प्रदर्शन के लिए लोगों को जुटाने की कोशिशों पर नजर रखने के वास्ते सोशल मीडिया मंचों की भी निगरानी की। बताया गया कि प्रस्तावित सभा से जुड़े ऑनलाइन पोस्ट और संदेशों की जांच के दौरान 200 से अधिक कंटेंट क्रिएटर निगरानी के दायरे में थे। एहतियाती कदम के तौर पर दिल्ली में शराब की दुकानें बंद रहीं। परिवहन के प्रमुख केंद्रों और शहर के कई हिस्सों में प्रतिबंधों के कारण यात्रियों को आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखने और अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाने की सलाह दी गई।
बीआईएडीए प्रमुख नवीन कुमार ने पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया, जिसमें प्रवेश नियंत्रण, स्वच
'ऐसा लगा कि किडनैप कर लिया हो, 2 घंटे तक घुमाती रही पुलिस', हिरासत से छूटने पर बोलीं ममता बनर्जी
ममता ने बताया कि इंडिया गठबंधन का भी कार्यक्रम था। जब वे अपने आवास पर पहुंचीं, तो उन्होंने बाहर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछा कि क्या उन्हें जंतर-मंतर जाने दिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इस दिशा में करें कलश स्थापना, कल सुबह 3 घंटे 53 मिनट रहेगा शुभ मुहूर्त
वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि का स्थान माना गया है और अग्नि को शक्ति, ऊर्जा, उत्साह और सक्रियता का प्रतीक माना जाता है. मां दुर्गा का स्वरूप भी शक्ति और पराक्रम से जुड़ा हुआ है. इसलिए मां की आराधना के लिए इस दिशा को विशेष रूप से अनुकूल माना जा सकता है.
केरलम की महिला एवं बाल विकास मंत्री बिंदु कृष्णन ने शनिवार को उस महिला से मुलाकात की जिसके साथ यहां एक स्पा में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। मंत्री ने पीड़िता को आश्वासन दिया कि सरकार उसे न्याय दिलाना सुनिश्चित करेगी। पुलिस के अनुसार, एक युवती को स्पा में नौकरी दिलाने के बहाने यहां एडापल्ली स्थित एक लॉज में बुलाया गया था। आरोप है कि उसे बीयर और नशीले पदार्थ देने के बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। कृष्णन ने शनिवार शाम उस अस्पताल में पीड़िता से मुलाकात की, जहां उसका उपचार जारी है। उन्होंने महिला और उसके परिजनों से बातचीत भी की। अस्पताल के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में मंत्री ने कहा कि महिला की हालत में सुधार हो रहा है। उसकी स्त्री रोग संबंधी जांच पूरी हो चुकी है और संबंधित उपचार भी लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बड़ा आघात है। इस घटना से हुआ मानसिक तनाव अब भी महिला को परेशान कर रहा है। अस्पताल में उसका उचित उपचार किया जा रहा है।’’उन्होंने कहा कि डॉक्टर, विभिन्न सरकारी एजेंसियां और महिला के परिजन उसके स्वस्थ होने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिला धीरे-धीरे सामान्य जीवन में लौट आएगी।
रीढ़ की हड्डी में चोट, बदला एक्ट्रेस का नजरिया, बोली- पिक्चर अभी बाकी
नुसरत भरूचा की जिंदगी कुछ ही वक्त पहले पूरी तरह तब बदल गई जब उन्हें रीढ़ की हड्डी में चोट आई. बाली में छुट्टियां मनाने गईं नुसरत अचानक गंभीर रूप से घायल हुईं. ऐसे में अब वो किस हाल में हैं, इसकी जानकारी उन्होंने खुद दी है.
ये हैं भारत के 10 बड़े दुर्गा मंदिर, इस नवरात्र जरूर करें दर्शन!
नवरात्र के दिनों में लोग सबसे ज्यादा मां दुर्गा मंदिर के दर्शन करने जाते हैं, अगर आप भी शारदीय नवरात्र में अगर माता दुर्गा के दर्शन करना चाहते हैं. तो भारत के इन मशहूर दुर्गा मंदिर को अपनी बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. नवरात्र के 9 दिनों तक यहां पर एक खास महौल देखने को मिलता है, जो आपको एक अलग ही सुकून देगा.
रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, लोगों को निकाला गया, हवाई यातायात रोका गया: रिपोर्ट
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है. सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी सेना को हवाई मदद दे रहा है ताकि लाल सागर के किनारे हूती विद्रोहियों द्वारा हाल ही में हासिल किए गए इलाकों को वापस लिया जा सके.

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