भारत ने समुद्री टैंकर पर हमले में 4 भारतीयों की मौत पर रूसी राजनयिक को तलब कर विरोध जताया
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने रूस के यहां स्थित प्रभारी राजदूत को तलब कर यूक्रेन में वाणिज्यिक पोत एमवी गोल्डन लियो पर हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले की कड़ी निंदा की तथा विरोध जताया। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वाणिज्यिक नौवहन को निशाना बनाया जाना तथा इन हमलों […] The post भारत ने समुद्री टैंकर पर हमले में 4 भारतीयों की मौत पर रूसी राजनयिक को तलब कर विरोध जताया appeared first on Sabguru News .
ईरान का कुवैत, बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर रडार एवं एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा
तेहरान। ईरान ने मंगलवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने कई रडार प्रतिष्ठानों और एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया है। अमरीकी सशस्त्र बलों ने लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले जारी रखे। […] The post ईरान का कुवैत, बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर रडार एवं एयर डिफेंस सिस्टम तबाह करने का दावा appeared first on Sabguru News .
छात्रों पर लाठीचार्ज पर गरमाई सियासत, राहुल से अखिलेश तक विपक्षी नेताओं से मोदी सरकार से पूछा सवाल
जंतर मंतर से सांसदों के संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज पर सियासी बवाल मचा हुआ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। किसी ने पीएम मोदी ...
गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें हुई प्रभावित
गाजियाबाद। उत्तर रेलवे के गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मंगलवार को एक मालगाड़ी के लदे हुए छह डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसके कारण इस रेलखंड पर यातायात प्रभावित हो गया। इस दुर्घटना के कारण उत्तर रेलवे ने कई ईएमयू और यात्री ट्रेनों को पूर्ण रूप रद्द, आंशिक रूप से रद्द तथा मार्ग परिवर्तित कर दिया […] The post गाजियाबाद में मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, 53 ट्रेनें हुई प्रभावित appeared first on Sabguru News .
योगी सरकार की योजना से बदली किस्मत, डेयरी से सालाना हो रही 20 लाख की कमाई*
लखनऊ, 20 जुलाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण युवाओं के लिए सिर्फ सरकारी योजना नहीं, बल्कि जिंदगी बदलने का माध्यम बन रही है। प्रतापगढ़ के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम सिंह इसकी जीवंत मिसाल हैं। पांच वर्ष ...
योगी सरकार में बिना भेदभाव सभी जिलों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक की जा रही विद्युत आपूर्ति
2017 से पहले चंद जिलों तक सीमित थी बिजली की तय आपूर्ति, योगी सरकार ने आते ही समाप्त किया वीआईपी कल्चरनिर्बाध बिजली के लिए अब गर्मी, बारिश और तेज हवाओं के बीच भी फील्ड में डटे रहते बिजलीकर्मीबरसात के मौसम को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई ...
NDA बैठक में PM मोदी का बड़ा संदेश: NEET पेपर लीक पर सख्त एक्शन, FTA में किसानों को नुकसान नहीं होगा
संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' संसद पुस्तकालय भवन के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में सरकार ने भविष्य में ऐसी घटनाओं ...
संसद मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी नीट पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतरने से रेल यातायात प्रभावित हो गया। 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित, 24 डायवर्ट, 16 रद्द और कई ट्रेनों का संचालन नियंत्रित किया गया।
यूपी में जीरो पॉवर्टी अभियान के पात्र परिवारों का बने अंत्योदय कार्ड : CM योगी
Yogi Government Zero Poverty Campaign: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक में प्रदेश में संचालित प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा ...
सिक्किम की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में लैंडस्लाइड से 9 लोगों की मौत हो गई। 12 लोगों को बचाया गया है, जबकि 17 से अधिक लोग अब भी फंसे हैं। गैस रिसाव और बारिश से रेस्क्यू अभियान प्रभावित है।
CJP का दावा- अभिजीत दिपके, गीतांजलि, शबाना आजमी और प्रकाश राज वाले ट्रक पर पुलिस ने किया हमला
CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि पुलिस ने उस ट्रक पर हमला किया, जिसमें CJP के फांउडर अभिजीत दिपके, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि, शबाना आजमी और प्रकाश राज मौजूद थे।
मध्यप्रदेश में मोहन सरकार गुरु पूर्णिमा महोत्सव के तौर पर पूरे प्रदेश में मनाने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय है, वंदनीय हैं। गुरु ही हमें 'गु' (अज्ञान के अंधकार) से 'रु' (ज्ञान-विज्ञान की रश्मि/प्रकाश) की ओर ले ...
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में पंजाब के किसान दिल्ली कूच के लिए रवाना हुए। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोका। किसान समझौता रद्द करने और महापंचायत की मांग पर अड़े हैं।
कथित नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में भर्ती कराया गया है। दिल्ली पुलिस और हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद उन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ट्रांसफर किया गया था। हालांकि, अस्पताल के बेड पर होने के बावजूद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त नहीं किया है और वे केवल नमक-पानी के सहारे अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो 20 दिनों से अधिक समय से जारी इस अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों में गहरी चिंता बनी हुई है।सफदरजंग अस्पताल का मेडिकल बुलेटिन: क्या बोले डॉक्टर?सफदरजंग अस्पताल (VMMC & Safdarjung Hospital) के डॉक्टरों की टीम द्वारा जारी किए गए आधिकारिक हेल्थ अपडेट के अनुसार:वाइटल्स स्थिर: सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर (BP), पल्स रेट (Pulse Rate) और ऑक्सीजन सैचुरेशन (SpO2) सामान्य सीमा के भीतर रिकॉर्ड किया गया है और वे पूरी तरह होश में हैं।गंभीर डिहाइड्रेशन: लगातार 21 दिनों से उपवास के कारण उनके शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की भारी कमी) और कमजोरी के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं।इंतरावेनस ड्रिप (IV Fluids) से इनकार: मीडिया रिपोर्टों और मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक ने ओरल लिक्विड या ड्रिप (IV Fluids) लेने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बिना मेडिकल इंटरवेंशन के उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा है।परिवार और समर्थकों ने रखीं मांगेंसोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो (Gitanjali Angmo) ने अस्पताल प्रशासन और दिल्ली पुलिस के रुख पर सवाल उठाए हैं:निजी डॉक्टरों से जांच की मांग: परिवार ने अपील की है कि वांगचुक को कोई भी मुख्य चिकित्सा उपचार देने से पहले परिवार की सहमति और स्वतंत्र (इंडिपेंडेंट) डॉक्टरों द्वारा जांच कराई जाए।आंदोलन जारी रखने का आह्वान: वांगचुक ने अस्पताल से संदेश जारी कर समर्थकों से अपने-अपने स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और संसद मार्च की घोषणा को सफल बनाने की अपील की है।देश भर में छात्रों और सामाजिक संगठनों द्वारा सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से उनकी मांगों पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की जा रही है।
राजधानी दिल्ली में एक तरफ जहाँ 'संसद मार्च' (Parliament March) को लेकर तनाव बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ किसानों के भारी विरोध प्रदर्शन और 'किसान महापंचायत' (Kisan Mahapanchayat) के आह्वान को देखते हुए शंभू बॉर्डर (Shambhu Border) को एक बार फिर सीमेंट के बैरिकेड्स, कंटीले तारों और बड़े-बड़े कंटेनरों से पूरी तरह सील कर दिया गया है। पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित शंभू बॉर्डर पर अंबाला और हरियाणा पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेज की भारी तैनाती कर दी गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर दिल्ली कूच कर रहे हजारों किसानों को पंजाब सीमा के भीतर ही रोकने के लिए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।बैरिकेडिंग, ड्रोन से निगरानी और वॉटर कैनन तैनातअंबाला पुलिस और हरियाणा प्रशासन ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया है:मल्टी-लेयर बैरीकेडिंग: घग्गर नदी के पुल पर सीमेंट के भारी ब्लॉक रखकर और सड़क खोदकर गाड़ियों के गुजरने का रास्ता बंद कर दिया गया है।ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: पंजाब की तरफ से आ रहे किसानों के जत्थों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा किसी भी हंगामे से निपटने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गैस की गाड़ियां तैनात हैं।यात्रियों को भारी परेशानी: शंभू बॉर्डर बंद होने से एनएच-44 (NH-44 / दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे) पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे पंजाब और चंडीगढ़ आने-जाने वाले यात्रियों और भारी मालवाहकों को लंबे डायवर्जन रूट लेने पड़ रहे हैं।किसान घाट और जंतर-मंतर महापंचायत का आह्वानकिसान संगठनों (किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा) ने आज दिल्ली के किसान घाट और जंतर-मंतर पर विशाल किसान महापंचायत बुलाई है:प्रमुख मांगें: प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करना, स्वामीनाथन आयोग के सी2+50% फार्मूले पर सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, और किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेना।किसान नेताओं का बयान: किसान नेताओं ने कहा है कि पुलिस चाहे कितने भी बैरिकेड्स लगा ले, देश के किसान अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली पहुंचकर ही रहेंगे।दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर भी गाड़ियों की चेकिंग तेजशंभू बॉर्डर के अलावा दिल्ली पुलिस ने सिंघु (Singhu Border), टिकरी (Tikri Border) और गाजीपुर (Ghazipur Border) सीमाओं पर भी पिकेट्स लगाकर सघन चेकिंग अभियान चलाया है। भारी सुरक्षा जांच के कारण दिल्ली-गुरुग्राम, दिल्ली-नोएडा और दिल्ली-सोनीपत रूटों पर सुबह से ही गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी काम होने पर ही हाईवे का रुख करें और पुलिस द्वारा जारी वैकल्पिक डायवर्जन मार्गों का इस्तेमाल करें।
अभिजीत दिपके ने छात्रों से मांगी माफी, बोले- आपको पुलिस की हिंसा से नहीं बचा सका
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर मंतर से संसद तक मार्च के दौरान पुलिस द्वारा छात्र प्रदर्शनकारियों से मारपीट से सीजेपी नेता अभिजीत दीपके बेहद दुखी है। उन्होंने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा महिलाओं की पिटाई से उन्हें नहीं बचा पाने पर माफी भी मांगी।
अमेरिका की शीर्ष संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने एक भारतीय नागरिक हरमनवीर सिंह (Harmanveer Singh) को अपनी मोस्ट वांटेड (Most Wanted) अपराधियों की सूची में शामिल किया है। हरमनवीर पर अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच फैले एक विशाल अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह (Transnational Drug Trafficking Syndicate) का हिस्सा होने और भारी मात्रा में कोकीन व मेथेमफेटामाइन जैसे प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी करने का गंभीर आरोप है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो उत्तर अमेरिका में सक्रिय भारतीय और कनाडाई मूल के संगठित अपराध नेटवर्क पर एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।कनाडा का 'रविंदर ढांडा संगठित अपराध समूह' और ड्रग सिंडिकेटएफबीआई द्वारा जारी आधिकारिक वारंट और रिपोर्ट के अनुसार, 29 वर्षीय हरमनवीर सिंह कनाडा के वैंकूवर में स्थित 'द रविंदर ढांडा ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप' (The Ravinder Dhanda Organized Crime Group) नामक आपराधिक गिरोह के लिए काम करता है:अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: यह आपराधिक सिंडिकेट अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा के बीच फैले ड्रग कार्टेलों के साथ मिलकर काम करता है।मेथेमफेटामाइन और कोकीन की स्मगलिंग: इस नेटवर्क पर मेक्सिको से भारी मात्रा में कोकीन और मेथेमफेटामाइन (Methamphetamine) जैसे घातक ड्रग्स अमेरिका और कनाडा में गैर-कानूनी तरीके से सप्लाई करने का आरोप है।कैलिफोर्निया कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट: कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने हरमनवीर सिंह के खिलाफ प्रतिबंधित पदार्थों के वितरण, निर्यात और साजिश की गंभीर धाराओं के तहत संघीय गिरफ्तारी वारंट (Federal Arrest Warrant) जारी किया है।एफबीआई ने जारी की हुलिया और पहचान पत्रएफबीआई के 'क्रिमिनल एंटरप्राइज इन्वेस्टिगेशंस' विभाग ने हरमनवीर सिंह का पूरा विवरण और पहचान पत्र साझा करते हुए आम जनता और सुरक्षा एजेंसियों से अलर्ट रहने की अपील की है:जन्म तिथि और नागरिकता: 26 सितंबर 1994, भारतीय नागरिकता।शारीरिक बनावट: कद 5 फीट 7 इंच, काला बाल और आंखें, वजन लगभग 190 पाउंड।नाम और उपनाम: जांच एजेंसियों के अनुसार, वह नाम और पहचान बदलकर अलग-अलग इलाकों में छिपने का काम करता है।संगठित अपराध और भारत-कनाडा लिंक पर फिर गरमाई राजनीतिहाल के वर्षों में कनाडा और अमेरिका में भारतीय मूल के युवाओं और कनाडाई-पंजाबी सिंडिकेट्स द्वारा ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली (Extortion) जैसे मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। एफबीआई द्वारा इस नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और भारतीय नागरिक पर मोस्ट वांटेड वारंट जारी करने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमा पार अपराध (Transnational Crime) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है।एफबीआई ने स्पष्ट किया है कि हरमनवीर सिंह के ठिकाने की जानकारी देने वाले या उसे पकड़वाने में मदद करने वाले व्यक्तियों को सुरक्षा और इनाम दिया जाएगा।
कृषि कानूनों के विरोध के बाद एक बार फिर देश भर के किसान संगठन सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। इस बार किसानों के गुस्से की मुख्य वजह भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (India-US Trade Deal) है। भारतीय किसान यूनियन (BKU), किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) समेत विभिन्न किसान संगठनों ने इस समझौते के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी, सरवन सिंह पंधेर और अन्य किसान प्रतिनिधियों ने इस डील को भारतीय कृषि और पशुपालकों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया है। इसके विरोध में दिल्ली के किसान घाट (Kisan Ghat) पर विशाल 'किसान महापंचायत' का आह्वान किया गया है, जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह विरोध केवल राजनीति नहीं, बल्कि देश के 80 करोड़ कृषि-निर्भर नागरिकों की रोजी-रोटी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।आखिर क्यों भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं किसान?किसान नेताओं और कृषि विशेषज्ञों का तर्क है कि अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) या कृषि-डेयरी रियायतें देने से भारतीय बाजार को भारी नुकसान पहुंचेगा:डेयरी सेक्टर पर बड़ा खतरा: अमेरिका अपने डेयरी उद्योग (दूध, पनीर, मक्खन) को भारी सरकारी सब्सिडी देता है। यदि अमेरिकी डेयरी प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में बिना/कम ड्यूटी (Import Duty) के आने की अनुमति मिली, तो भारत के छोटे और मध्यम दूध उत्पादक किसान (अमूल जैसे को-ऑपरेटिव्स से जुड़े पशुपालक) तबाह हो जाएंगे।जीएम फसलों (GM Crops) और पॉल्ट्री का आयात: अमेरिकी मक्का, सोयाबीन और पॉल्ट्री प्रोडक्ट्स (चिकन) का भारतीय बाजार में कम दामों पर पहुंचना स्थानीय किसानों की फसलों के भाव गिरा देगा।एमएसपी (MSP) और सरकारी सब्सिडी पर असर: विश्व व्यापार संगठन (WTO) और अमेरिका लगातार भारत द्वारा दी जाने वाली एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और खाद-बिजली सब्सिडी का विरोध करते रहे हैं। किसानों को डर है कि ट्रेड डील के दबाव में सरकार सब्सिडी में कटौती कर सकती है।किसान घाट पर महापंचायत और आंदोलन की चेतावनीपंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से हजारों किसानों का जत्था दिल्ली की ओर कूच कर रहा है:किसान नेताओं की हुंकार: किसान नेताओं का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर देश के कृषि क्षेत्र को विदेशी कॉर्पोरेट कंपनियों के हाथों नीलाम नहीं होने देंगे।व्यापक आंदोलन की चेतावनी: यदि केंद्र सरकार ने इस ट्रेड डील पर अपने कदम पीछे नहीं खींचे, तो दिल्ली के चारों तरफ 2020-21 जैसा ऐतिहासिक किसान आंदोलन (Kisan Andolan) फिर से शुरू किया जाएगा।
राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस (Connaught Place) और जंतर-मंतर इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद मार्च' के दौरान हुए भयंकर बवाल, पथराव और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस ने हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर हमले की गंभीर धाराओं के तहत अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले इन उपद्रवियों को बेनकाब करने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।CP और जंतर-मंतर पर कैसे शुरू हुआ बवाल?बिना पुलिस अनुमति के संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को जब सुरक्षा बलों ने जंतर-मंतर पर रोका, तो स्थिति अचानक हिंसक हो गई:बैरिकेड्स तोड़े और पथराव किया: प्रदर्शनकारियों ने न केवल पुलिस बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका, बल्कि आक्रामक होकर पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया।कनॉट प्लेस में तोड़फोड़: प्रदर्शनकारियों की भीड़ का एक हिस्सा इनर और आउटर सर्कल (CP) की तरफ बढ़ गया, जहां दुकानों के शीशे तोड़े गए, बसों को निशाना बनाया गया और दुकानों के बाहर लगे बोर्ड उखाड़ दिए गए।दुकानदारों में दहशत: दिल्ली के सबसे प्रमुख कारोबारी हब कनॉट प्लेस में अचानक हुई तोड़फोड़ और उपद्रव के कारण व्यापारियों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं।दिल्ली पुलिस की FIR में किन धाराओं का हुआ इस्तेमाल?न्यू दिल्ली जिले के संसद मार्ग और कनाट प्लेस पुलिस स्टेशनों में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं:सरकारी काम में बाधा डालना और हमला: पुलिसकर्मियों पर हमला करने और उनके ड्यूटी में रुकावट डालने की धाराएं।सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान (PDPP Act): बसों, बैरिकेड्स और दुकानों को पहुंचाए गए नुकसान के लिए प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपरटी एक्ट।गैर-कानूनी जमावड़ा (Unlawful Assembly) और उपद्रव करना: बिना अनुमति बीएनएसएस की धारा 163 (पुराना 144) का उल्लंघन कर भीड़ जुटाने के आरोप।CCTV और डिजिटल साक्ष्यों से हो रही पहचानदिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, उपद्रवियों को चिह्नित करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं:सीसीटीवी और वीडियो फुटेज: कनॉट प्लेस और संसद मार्ग पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज और मीडिया कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।चेहरों की पहचान (Facial Recognition): एफआरएस (FRS) तकनीक का इस्तेमाल कर पथराव और तोड़फोड़ करने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।अब तक दर्जनों हिरासत में: पुलिस ने मौके से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था, जिनसे पूछताछ कर अन्य आयोजकों के नाम सामने लाने की कोशिश जारी है।प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
देश भर में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधारने के दावे भले ही किए जाते हों, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी एक बड़ा और गंभीर मुद्दा बनी हुई है। देश भर के सरकारी स्कूलों में लाखों पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण पठन-पाठन का स्तर प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बेसिक शिक्षा विभाग से लेकर माध्यमिक विद्यालयों तक में खाली पदों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो जहां एक तरफ करोड़ों बीटीसी (DElEd), बीएड और टीईटी पास युवा भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियों की संख्या लगातार बनी हुई है।देश भर में कितने सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं?शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) और यू-डीआईएसई प्लस (UDISE+) की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, देश के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का ढांचा इस प्रकार है:कुल कार्यरत शिक्षक: भारत भर के सरकारी स्कूलों में लगभग 45 से 50 लाख सरकारी शिक्षक वर्तमान में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।शिक्षकों की कुल कमी: पूरे देश में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर मिलाकर स्वीकृत पदों में से लगभग 8 लाख से 10 लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।आरटीई मानक (RTE Norms): शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के अनुसार प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात 30:1 होना चाहिए, लेकिन कई राज्यों में यह अनुपात 40:1 से भी अधिक है।अकेले उत्तर प्रदेश (UP) में कितने पद खाली हैं?उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग) में शिक्षकों के खाली पदों का आंकड़ा अभ्यर्थियों के लिए सबसे चिंताजनक विषय बना हुआ है:बेसिक शिक्षा विभाग (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक): उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1.26 लाख से अधिक प्राथमिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। वर्ष 2018 में आई 69,000 शिक्षक भर्ती के बाद से कोई नई बड़ी सुपर टीईटी (UP STET) भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं हुआ है।माध्यमिक शिक्षा (TGT-PGT): यूपी के अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) और राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) में टीजीटी, पीजीटी और एलटी ग्रेड (LT Grade) शिक्षकों के लगभग 25,000 से 30,000 पद रिक्त हैं।नए शिक्षा सेवा चयन आयोग का इंतजार: यूपी में नया 'उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग' (UP Education Service Selection Commission) गठित होने के बावजूद लंबित भर्तियों और नई विज्ञापनों को लेकर प्रक्रिया धीमी बनी हुई है।बिहार और अन्य राज्यों की तुलना में यूपी की स्थितिजहां पड़ोसी राज्य बिहार ने BPSC के जरिए शिक्षक भर्ती (TRE) के कई चरण आयोजित कर लाखों शिक्षकों की भर्ती की है, वहीं उत्तर प्रदेश में शिक्षक अभ्यार्थी पिछले कई सालों से इको गार्डन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन कर नई शिक्षक भर्ती (New Primary Teacher Vacancy) की मांग उठा रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार जल्द ही खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं करती है, तो ग्रामीण अंचलों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में गिरावट के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं में असंतोष और बढ़ेगा।
कोरोना वायरस (COVID-19) का खतरा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। भारत में कोरोना के एक नए ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट 'RF.5' (Omicron RF.5 Sub-lineage) की पुष्टि हुई है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) में भेजे गए सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में आंध्र प्रदेश के कडापा (YSR Kadapa) जिले से आए कोरोना मरीजों में RF.5 वेरिएंट पाया गया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों—विशेषकर आंध्र प्रदेश, केरल और महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों की निगरानी बढ़ा दी गई है। एक स्वास्थ्य रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो डराने वाली बात यह नहीं है कि नया वेरिएंट आया है, बल्कि राहत की बात यह है कि विशेषज्ञों ने इसे अधिक घातक नहीं बताया है।सिंगापुर और दक्षिण-पूर्वी एशिया में फैला है RF.5 वेरिएंटविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) नियमित रूप से इस नए वेरिएंट पर नजर बनाए हुए हैं:सिंगापुर से जुड़ाव: ओमिक्रॉन का यह नया RF.5 सब-वेरिएंट सिंगापुर और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में तेजी से फैला था, जिसके बाद भारत में भी जीनोमिक सर्विलांस के दौरान इसका पता चला है।JN.1 फैमिली का हिस्सा: यह नया वेरिएंट JN.1 लीनियज का ही एक हिस्सा है, जो म्यूटेशन के जरिए विकसित हुआ है।कितना खतरनाक है RF.5 वेरिएंट?स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, आम जनता को पैनिक (घबराने) करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है:संक्रमण दर बनाम गंभीरता: स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि यद्यपि यह वेरिएंट शरीर की इम्युनिटी (प्रतिरोधक क्षमता) को चकमा देकर तेजी से फैलने में सक्षम हो सकता है, लेकिन इससे मरीजों में गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आ रही है।हल्के लक्षण: इससे संक्रमित अधिकांश लोग घर पर ही सामान्य दवाओं से 3 से 5 दिनों में ठीक हो रहे हैं।कोरोना के नए RF.5 वेरिएंट के मुख्य लक्षणयदि आप या आपके परिवार में किसी को निम्नलिखित लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधानी बरतें:गले में खराश या दर्द (Sore Throat)हल्का या तेज बुखार (Fever)सूखी या बलगम वाली खांसी (Cough)नाक बहना या बंद होना (Runny or Blocked Nose)सिरदर्द और अत्यधिक थकान (Fatigue & Body Aches)राज्यों में अलर्ट और स्वास्थ्य विभाग की सलाहमामले सामने आने के बाद आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है। सभी बड़े अस्पतालों में आइसोलेशन वॉर्ड और टेस्ट किट रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए हैं:भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी: सांस या सर्दी-जुकाम के मरीज सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।कमजोर वर्ग रखें ध्यान: बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों (शुगर, बीपी, किडनी) से पीड़ित लोग भीड़भाड़ से बचें।लक्षण दिखने पर जांच: यदि बुखार या गले में दर्द 3 दिन से ज्यादा बना रहे, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर कोविड टेस्ट (RT-PCR) कराएं।
मध्यप्रदेश विधानसभा में आज UCC विधेयक पर चर्चा होगी। सोमवार से शुरु हुए विधानसभा सत्र में सरकार ने UCC विधेयक को पेश किया। सदन में विधेयक पेश होने के बाद यूसीसी की सबसे बड़ा फायदा मुस्लिम बहनों को होगा। उन्हें हलाला सहित जीवन की कई परेशानियों से ...
संसद के सत्रों या किसी बड़े मुद्दे के दौरान अक्सर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 'संसद मार्च' (Parliament March) का आह्वान किया जाता है। हालांकि, ऐसी घोषणाओं के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन क्षेत्र में बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 (पूर्व में आईपीसी/सीआरपीसी की धारा 144) लागू कर देता है और धारा-223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी देता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भारत के नागरिक बिना पूर्व अनुमति के सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं? एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो भारतीय संविधान जहाँ नागरिकों को अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार देता है, वहीं सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के कई ऐतिहासिक फैसलों ने इस अधिकार की सीमाएं और नियम तय किए हैं।संविधान क्या कहता है: अधिकार और उसकी सीमाएंभारतीय संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) स्वतंत्रता से अभिव्यक्ति और अनुच्छेद 19(1)(b) बिना हथियारों के शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने का मौलिक अधिकार (Fundamental Right) प्रदान करता है:असीमित अधिकार नहीं: यह अधिकार पूर्ण (Absolute) नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 19(2) और 19(3) के तहत राज्य को लोक व्यवस्था (Public Order), देश की संप्रभुता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए इस पर 'युक्तियुक्त प्रतिबंध' (Reasonable Restrictions) लगाने का पूरा अधिकार है।हिंसा की कोई जगह नहीं: यदि प्रदर्शन हिंसक होता है या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो वह मौलिक अधिकार के दायरे से तुरंत बाहर हो जाता है।क्या पुलिस की इजाजत लेना अनिवार्य है?हां, भारत में किसी भी सार्वजनिक स्थल, सड़क या सरकारी भवन के आसपास जुलूस, रैली या धरना आयोजित करने के लिए स्थानीय पुलिस से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC/Permission) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है:नो-प्रोटेस्ट जोन (Zero Tolerance Zone): लुटियंस दिल्ली, संसद भवन परिसर, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास के आसपास का क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से 'हाई-सिक्योरिटी जोन' घोषित रहता है। यहाँ बिना अनुमति कोई भी सभा पूरी तरह प्रतिबंधित होती है।तय स्थल (Designated Spot): सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार, राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर (Jantar Mantar) या रामलीला मैदान जैसे केवल तय स्थलों पर ही अनुमति मिलने के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा सकता है।सुप्रीम कोर्ट के 3 सबसे ऐतिहासिक फैसले जो तय करते हैं नियमजंतर-मंतर फैसला (2018): सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए कहा था कि प्रदर्शन करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन नागरिकों के शांतिपूर्ण जीवन और प्रदर्शनकारियों के अधिकार के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।शाहीन बाग फैसला (2020): सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया था कि असंतोष व्यक्त करने के लिए सार्वजनिक सड़कों या रास्तों का अनिश्चितकाल के लिए घेराव या कब्जा (Indefinite Occupation) नहीं किया जा सकता। यात्रियों और आम जनता की आवाजाही का अधिकार भी उतना ही महत्वपूर्ण है।ताजा टिप्पणी (2026): हालिया सुनवाई में शीर्ष अदालत ने दोहराया है कि 'शांतिपूर्ण विरोध सबका अधिकार है, लेकिन यह आम जनता को परेशान करने या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने की सीमा तक नहीं जाना चाहिए।'बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर क्या हो सकती है कार्रवाई?यदि कोई समूह बिना अनुमति के 'संसद मार्च' या सड़क जाम करने की कोशिश करता है, तो प्रशासन को निम्नलिखित कार्रवाई का अधिकार है:गैर-कानूनी सभा (Unlawful Assembly): भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बिना अनुमति एकत्र होने वाली भीड़ को गैर-कानूनी घोषित कर पुलिस उन्हें हिरासत में ले सकती है।सरकारी काम में बाधा और प्रिवेंटिव डिटेंशन: धारा 223 (सरकारी आदेश के उल्लंघन) के तहत एफआईआर दर्ज की जा सकती है और आयोजकों को एहतियातन हिरासत (Preventive Detention) में लिया जा सकता है।
बिहार की राजधानी पटना के निवासियों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने वाले पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट (Patna Metro Rail Project) से जुड़ी एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर और कॉरिडोर-2 (Patna Junction to New ISBT) के अंतर्गत खेमनीचक से पुराने मीठापुर बस स्टैंड के बीच बनने वाले 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड वायाडक्ट (Elevated Viaduct) का सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बेहद करीब पहुंच गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की देखरेख में निर्माण कार्य काफी तेज गति से चल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह पड़ाव पूरा होना पटना मेट्रो के जल्द संचालन और शहर की पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था के कायाकल्प में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।यू-गर्डर (U-Girder) और पिलर इरेक्शन का काम लगभग फिनिशDMRC के वरिष्ठ इंजीनियरों के अनुसार, इस पूरे 5.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड स्ट्रेच पर पिलर (Piers) और यू-गर्डर (U-Girders) लॉन्चिंग का काम 90% से ज्यादा पूरा किया जा चुका है:फास्ट ट्रैक कंस्ट्रक्शन: खेमनीचक, जगनपुरा, रामकृष्णा नगर और मीठापुर के बीच एलिवेटेड ट्रैक पर वायाडक्ट बिछाने का काम तेजी से निपटाया गया है।स्टेशन बिल्डिंग वर्क जारी: इस स्ट्रेच में आने वाले सभी एलिवेटेड स्टेशनों पर सिविल स्ट्रक्चर (Concourse Level & Platform Level) के ढलाई का काम पूरा हो चुका है और अब फिनिशिंग व इंटीरियर वर्क चल रहा है।खेमनीचक बनेगा पटना मेट्रो का सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशनइस पूरे रूट में सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन खेमनीचक (Khemnichak) होगा:दो कॉरिडोर का मिलन (Interchange Station): खेमनीचक स्टेशन पर कॉरिडोर-1 (दानापुर से खेमनीचक) और कॉरिडोर-2 (पटना जंक्शन से न्यू आईएसबीटी) दोनों आकर मिलेंगे।यात्रियों को सहूलियत: इस इंटरचेंज स्टेशन के बनने से उत्तर और दक्षिण पटना के यात्री बिना किसी परेशानी के आसानी से ट्रेन बदलकर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।पुराने मीठापुर बस स्टैंड से कनेक्टिविटी होगी बेहतरबायपास रोड और पुराने मीठापुर बस स्टैंड का इलाका लंबे समय से भयंकर ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता रहा है:जाम से हमेशा के लिए राहत: मीठापुर (Old Mithapur Bus Stand) के पास मेट्रो सेवा शुरू होने से पटना यूनिवर्सिटी, कंकड़बाग, राजेंद्र नगर और पटना जंक्शन आने-जाने वाले लाखों छात्रों और दैनिक यात्रियों को जाम में फंसे बिना त्वरित परिवहन का विकल्प मिलेगा।पटरी बिछाने और सिग्नलिंग का अगला चरण: वायाडक्ट तैयार होने के तुरंत बाद इस ट्रैक पर थर्ड रेल (Third Rail Current System), सिग्नलिंग केबल बिछाने और ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।सरकार का लक्ष्य है कि प्रायोरिटी सेक्शन पर ट्रायल रन (Trial Run) की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर शुरू कर पटना वासियों को पहली मेट्रो ट्रेन की सौगात दी जाए।
बिहार में मानसून के पूरी तरह मेहरबान होने के साथ ही राज्य के अधिकतर इलाकों में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और दक्षिण-पूर्वी हवाओं की वजह से राज्य में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Patna) ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को राजधानी पटना समेत प्रदेश के 14 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, बादलों की तेज गर्जना और भीषण वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी जारी की है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो लगातार बारिश से एक तरफ जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ वज्रपात के खतरे को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।इन 4 दक्षिणी जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा:अत्यधिक भारी बारिश वाले जिले: भभुआ (कैमूर), रोहतास, गया और नवादा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।तेज आंधी की आशंका: इन जिलों में मूसलाधार बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।पटना समेत 10 जिलों में भारी वर्षा का येलो अलर्ट (Yellow Alert)येलो अलर्ट क्षेत्र: पटना, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, वैशाली, समस्तीपुर, सिवान, गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।पटना का हाल: राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में कल से ही रुक-रुक कर बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 30C से 32C के बीच पहुंच गया है।नेपाल में बारिश से उफान पर कोसी-गंडक, बाढ़ का खतराउत्तरी बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है:कोसी और गंडक में उफान: कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए वीरपुर बराज के दर्जनों फाटक खोल दिए गए हैं।तटीय इलाकों में अलर्ट: सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया और चंपारण के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने जिला प्रशासनों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।मौसम विभाग की चेतावनी: खेतों में काम करने वाले किसान रहें सावधानमौसम वैज्ञानिकों ने भारी बारिश और आकाशीय बिजली (Lightning Alert) के खतरे को देखते हुए लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है:खुले में न रुकें: बारिश और बादलों की कड़क के समय खुले खेतों, बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न जाएं।पक्के मकानों में लें शरण: खेत में काम कर रहे किसान मौसम खराब होते ही तुरंत नजदीकी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।जलभराव से बचें: निचले और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और नदियों के किनारे न जाएं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और बिहार के सीमावर्ती इलाकों के बीच सफर करने वाले लाखों यात्रियों और व्यापारियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (Ghazipur-Ballia-Manjhighat Greenfield Expressway) का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। करीब ₹5,300 करोड़ से अधिक की लागत वाले इस 134 किलोमीटर लंबे 4-लेन एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल के मुख्य जिलों की सीधी कनेक्टिविटी बिहार के छपरा, बक्सर और पटना के साथ-साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश की राजधानी नई दिल्ली से हो जाएगी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) पर रोज लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से यह एक्सप्रेसवे हमेशा के लिए मुक्ति दिलाने वाला है।4 घंटे का सफर सिमटकर महज 1.5 घंटे में होगा पूरावर्तमान में गाजीपुर से बलिया होते हुए बिहार के मांझीघाट तक जाने में संकरे रास्तों और भारी ओवरलोड गाड़ियों के कारण 4 घंटे से अधिक का समय लग जाता है।समय की भारी बचत: 100 किमी/घंटा की डिजाइन स्पीड वाले इस 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के पूरी तरह शुरू होने के बाद यह 134 किमी की दूरी महज 1.5 घंटे (90 मिनट) में तय की जा सकेगी।बक्सर स्पर (Buxar Spur Connectivity): इस परियोजना में 17 किलोमीटर लंबा बक्सर स्पर भी शामिल है, जिससे बिहार का बक्सर सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे बक्सर से लखनऊ का सफर केवल 3.5 घंटे में पूरा हो सकेगा।70 हजार पौधों के साथ बनेगा 'ग्रीन कॉरिडोर'पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए NHAI इस एक्सप्रेसवे को एक मॉडल 'ग्रीन कॉरिडोर' के रूप में विकसित कर रहा है:मियावाकी पद्धति से पौधारोपण: एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ फेंसिंग और डिवाइडर पर मियावाकी तकनीक (Miyawaki Method) का इस्तेमाल करके लगभग 70,000 सुगंधित और छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं।बैलेंस्ड इकोसिस्टम: इसमें बलिया क्षेत्र में 40 हजार और गाजीपुर जिले की सीमा में 30 हजार पौधे रोपे जाएंगे, जिससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त और हरा-भरा नजर आएगा।स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और आर्थिक बूमATMS सिस्टम: सुरक्षा के लिहाज से पूरे एक्सप्रेसवे पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लागू किया जा रहा है, जिसमें स्पीड-चेकिंग कैमरे, सीसीटीवी और इमरजेंसी कॉलिंग बूथ शामिल हैं।रियल एस्टेट और कृषि व्यापार को बढ़ावा: एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों जैसे सागरपाली, चितबड़ागांव, फेफना और जंगीपुर में लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउसिंग और आवासीय कॉलोनियों का विकास तेज हो गया है। साथ ही बलिया और गाजीपुर के किसानों की ताजी उपज/सब्जियां सीधे पटना और लखनऊ के बड़े बाजारों तक बिना खराब हुए त्वरित गति से पहुंच सकेंगी।
'एक्सप्रेसवे प्रदेश' के नाम से अपनी नई पहचान बना चुका उत्तर प्रदेश अब एक और बड़े और हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए पूरी तरह तैयार है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने यूपी में एक और नए एक्सप्रेसवे— 'अटल एक्सप्रेसवे' (Atal Expressway) के निर्माण की विस्तृत योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। कानपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ने वाला यह नया एक्सप्रेसवे राज्य के लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी और व्यापारिक परिवहन को एक नई बुलंदी पर ले जाएगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बाद यह परियोजना राज्य में कनेक्टिविटी का नया मील का पत्थर साबित होगी।कानपुर से बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश की राह होगी आसानNHAI द्वारा स्वीकृत यह नया अटल एक्सप्रेसवे औद्योगिक नगरी कानपुर के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को देश के अन्य मुख्य आर्थिक गलियारों से सीधे जोड़ने का काम करेगा:रूट और कनेक्टिविटी: यह एक्सप्रेसवे कानपुर और इटावा के रास्ते आगे बढ़ते हुए चंबल अंचल और मध्य प्रदेश की सीमाओं को छुएगा, जिससे राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच अंतरराज्यीय व्यापार (Interstate Trade) को अभूतपूर्व गति मिलेगी।समय की भारी बचत: इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से भारी मालवाहक वाहनों और यात्रियों का यात्रा समय आधे से भी कम रह जाएगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की भारी बचत होगी।औद्योगिकीकरण और डिफेंस कॉरिडोर को मिलेगा नया बूस्टकानपुर और आसपास के जिलों में रक्षा निर्माण (Defense Corridor) और चमड़ा उद्योग (Leather Industry) के बड़े केंद्र हैं। ऐसे में इस नए एक्सप्रेसवे के बनने से निम्नलिखित लाभ मिलेंगे:औद्योगिक क्लस्टर का विकास: एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर नए इंडस्ट्रियल पार्क, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।रोजगार के नए अवसर: निर्माण कार्य शुरू होने से लेकर इसके चालू होने तक स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।कम्यूटर ट्रैफिक को राहत: राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगने वाले भारी जाम से कानपुर, उन्नाव और आसपास के शहरों के यात्रियों को हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया में आएगी तेजीNHAI अधिकारियों के अनुसार, प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।
गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बीच रोज सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जीटी रोड (GT Road) और एनएच-34 (NH-34) के सबसे व्यस्त और जाम से प्रभावित हिस्से लालकुआं से दादरी के बीच अब 12 किलोमीटर लंबा और 6-लेन (6-Lane) एलिवेटेड रोड बनने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब ₹2300 करोड़ की लागत वाले इस महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह एलिवेटेड कॉरिडोर न केवल दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते ट्रैफिक प्रेशर को कम करेगा, बल्कि आगामी 'न्यू नोएडा' (New Noida) प्रोजेक्ट को भी नई रफ्तार देगा।रोजाना के ट्रैफिक जाम से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्तिलालकुआं, बदलपुर और दादरी का यह पूरा इलाका रोजाना घंटों लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम के लिए जाना जाता है:भारी वाहनों का दबाव: गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, अलीगढ़ और आगरा की ओर जाने वाले भारी व हल्के वाहन इसी मुख्य सड़क मार्ग से गुजरते हैं।बायपास की तरह करेगा काम: 12 किमी लंबे इस एलिवेटेड रोड के बन जाने के बाद लंबी दूरी का ट्रैफिक ऊपर से फर्राटा भरेगा, जबकि स्थानीय और धीमी गति वाले वाहन नीचे की मौजूदा सड़क का इस्तेमाल करेंगे। इससे सिग्नल-फ्री आवाजाही संभव हो सकेगी।₹2300 करोड़ का बजट और अक्टूबर में टेंडरपरियोजना की मुख्य बातें और समय सीमा इस प्रकार हैं:अनुमानित लागत: इस 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर करीब ₹2,300 करोड़ खर्च किए जाएंगे।टेंडर की समय सीमा: एनएचएआई (NHAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप दे रहे हैं और इसका आधिकारिक टेंडर जारी करने की तैयारी है।न्यू नोएडा को बूस्ट: दादरी के पास नोएडा अथॉरिटी द्वारा बसाए जा रहे 'न्यू नोएडा' (DNGIR) के चलते आने वाले दिनों में यहां ट्रैफिक कई गुना बढ़ने वाला है। यह एलिवेटेड रोड उस भविष्य की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।अलीगढ़ और बुलंदशहर का सफर होगा बेहद आसानइस प्रोजेक्ट के शुरू होने से न केवल गाजियाबाद और नोएडा के स्थानीय निवासियों का यात्रा समय (Travel Time) आधा रह जाएगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में आवाजाही भी काफी सुगम हो जाएगी। लालकुआं चौराहे पर प्रस्तावित नए फ्लाईओवर और कनेक्टिंग रैंप के बनने से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से आने वाली गाड़ियों को भी दादरी और एनएच-91 की तरफ सीधे निकलने का बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को देवीपाटन मंडल के दो प्रमुख जिलों— बहराइच और श्रावस्ती के दौरे पर हैं। निकाय और आगामी चुनाव तैयारियों के साथ-साथ तराई क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए सीएम योगी का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दोनों जनपदों के लिए बुनियादी ढांचे, सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं और ग्रामीण विकास से जुड़ी ₹750 करोड़ से अधिक की कुल 150 से ज्यादा विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने जा रहे हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो बाढ़ संवेदनशील तराई क्षेत्र के लिए बुनियादी सुविधाओं का यह पैकेज स्थानीय नागरिकों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा।बहराइच: बेड़नापुर में ₹350 करोड़ की 70 परियोजनाओं की सौगातमुख्यमंत्री का पहला पड़ाव बहराइच का बेड़नापुर (महसी तहसील) है:परियोजनाएं: सीएम योगी बहराइच के महसी और नानपारा विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹350 करोड़ से अधिक की 70 विकास परियोजनाओं का बटन दबाकर लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।विशाल जनसभा व सुरक्षा: बेड़नापुर स्थित रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1,400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।लाभार्थियों को प्रमाण पत्र: इस अवसर पर मुख्यमंत्री विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं (पीएम आवास, आयुष्मान भारत आदि) के लाभार्थियों को चेक और स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे।श्रावस्ती: सीताद्वार में ₹400 करोड़ की 83 परियोजनाओं का तोहफाबहराइच में जनसभा के बाद मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर सीधे श्रावस्ती जिले के इकौना स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सीताद्वार पहुंचेगा:विकास का पिटारा: सीएम योगी लवकुश की पावन जन्मस्थली सीताद्वार में ₹400 करोड़ की 83 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।धार्मिक और पर्यटन विकास: श्रावस्ती में बौद्ध परिपथ के साथ-साथ सीताद्वार मंदिर परिसर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में सड़कों व पर्यटन सुविधाओं के सुंदरीकरण की परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी।प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि अलर्ट परसीएम योगी के आगमन को लेकर देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल, डीआईजी अशोक कुमार, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दोनों जनपदों के कार्यक्रम स्थलों और हेलीपैड का निरीक्षण कर सुरक्षा व बुनियादी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह समेत क्षेत्र के स्थानीय विधायक भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह दौरा तराई अंचल के जिलों में बाढ़ नियंत्रण, स्वास्थ्य केंद्र इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल के नए खुदरा भाव (Fuel Rates) जारी कर दिए हैं। हालांकि, वैश्विक बाजार के दबाव के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य बेस प्राइस स्थिर रहने से यूपी के आम नागरिकों को राहत मिली है। राज्य में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट के आधार पर अलग-अलग जिलों में ईंधन के दामों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यदि आप आज अपनी गाड़ी का टैंक फुल कराने का प्लान बना रहे हैं, तो पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर के लेटेस्ट रेट जरूर चेक कर लें।लखनऊ, नोएडा, मेरठ से वाराणसी तक क्या हैं आज के भाव?उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज सुबह 6 बजे से लागू पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम इस प्रकार हैं:लखनऊ (Lucknow): प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल का भाव ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।नोएडा / ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल ₹101.92 प्रति लीटर और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है।मेरठ (Meerut): पश्चिमी यूपी के मुख्य औद्योगिक शहर मेरठ में आज पेट्रोल की कीमत ₹101.71 प्रति लीटर और डीजल का रेट ₹95.92 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।कानपुर (Kanpur): औद्योगिक नगरी कानपुर नगर में आज पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में आज पेट्रोल का रेट ₹102.37 प्रति लीटर और डीजल ₹95.53 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।गोरखपुर (Gorakhpur): पूर्वांचल के मुख्य शहर गोरखपुर में आज पेट्रोल ₹102.16 प्रति लीटर और डीजल ₹95.30 प्रति लीटर पर मिल रहा है।कैसे तय होती हैं रोजाना ईंधन की दरें?भारत में साल 2017 से 'डायनेमिक फ्यूल प्राइजिंग' (Dynamic Fuel Pricing) व्यवस्था लागू है। इसके तहत देश की तीनों प्रमुख सरकारी तेल कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के दाम, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग कॉस्ट और एक्साइज ड्यूटी के साथ-साथ राज्य सरकारों के वैट (VAT) को जोड़कर हर जिले के लिए नए रेट अपडेट करती हैं।SMS भेजकर ऐसे जानें अपने शहर का सटीक रेटयदि आप किसी अन्य जिले में हैं या घर बैठे अपने नजदीकी पेट्रोल पंप का ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो मैसेज के जरिए तुरंत जानकारी हासिल कर सकते हैं:Indian Oil (IOCL): मोबाइल में RSP डीलर कोड टाइप करें और 92249 92249 पर भेजें।Bharat Petroleum (BPCL): RSP डीलर कोड लिखकर 92231 12222 पर मैसेज करें।Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE डीलर कोड लिखकर 92222 01122 पर भेजें।
भगवान श्रीकृष्ण पर मौलाना जर्जिस अंसारी द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद उत्तर प्रदेश का राजनीतिक तापमान अचानक काफी बढ़ गया है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी एनडीए (NDA) गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमलावर हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधा है। राजभर ने आरोप लगाया है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते अखिलेश यादव मौलाना के विवादित बयान पर चुप्पी साधे बैठे हैं और 'यदुवंश' का अपमान बर्दाश्त कर रहे हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो आगामी चुनाव और जनसांख्यिकीय समीकरणों को देखते हुए यह विवाद अब धार्मिक से पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है।राजभर का हमला: मुस्लिम वोट बैंक के लिए साधी चुप्पीकैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने लखनऊ में मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया:वोट बैंक की राजनीति का आरोप: राजभर ने कहा कि खुद को यदुवंशी बताने वाले अखिलेश यादव आज मुस्लिम वोट बैंक खिसकने के डर से मौलाना जर्जिस अंसारी के आपत्तिजनक बयान पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।यदुवंश के सम्मान पर सवाल: उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण की आस्था और अस्मिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तब सपा नेतृत्व का मौन रहना यह साबित करता है कि उनके लिए धर्म और संस्कृति से बड़ा तुष्टीकरण और वोट बैंक का गणित है।क्या था मौलाना जर्जिस अंसारी का विवादित बयान?इटावा के रहने वाले मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं:भारी आक्रोश और एफआईआर: इस बयान के सामने आते ही साधु-संतों, हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया।कानूनी कार्रवाई: जनभावनाओं को आहत करने और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में लखनऊ में मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।बीजेपी और एनडीए का पोस्टर वारइस पूरे घटनाक्रम के बाद लखनऊ समेत कई जिलों में भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों ने 'अखिलेश यादव की चुप्पी' को लेकर पोस्टर और सोशल मीडिया कैंपेन चला दिया है:बीजेपी का सवाल: बीजेपी नेताओं का कहना है कि जब भी किसी विशेष समुदाय से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा आता है, अखिलेश यादव तुरंत ट्वीट करते हैं, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी होने पर उन्होंने साजिशन मौन धारण कर लिया है।सपा का पलटवार: वहीं समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि सरकार और एनडीए गठबंधन अपनी विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयानों और मुद्दों को तूल दे रहे हैं। सपा हर धर्म और आस्था का सम्मान करती है।
हर साल मानसून और बरसात का मौसम शुरू होते ही देशभर में मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। इसके साथ ही अस्पतालों में डेंगू (Dengue) मरीजों की संख्या में अचानक भारी उछाल दर्ज किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में डेंगू के कुल मामलों में से लगभग एक-तिहाई मामले अकेले भारत में रिपोर्ट किए जाते हैं। वर्ष 2025 में ही देश में 1.13 लाख से अधिक लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आए थे। इस गंभीर स्वास्थ्य संकट के बीच देशवासियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर आई है— ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन 'क्यूडेंगा' (Qdenga) को आपातकालीन उपयोग और बिक्री की मंजूरी दे दी है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह वैक्सीन डेंगू से होने वाली मौतों और प्लेटलेट्स (Platelets) गिरने के डर से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत बड़ा सुरक्षा कवच साबित होने वाली है।जापान की कंपनी ने किया है तैयार, 43 देशों में पहले से है उपलब्धइस जीवनरक्षक डेंगू वैक्सीन को जापान की प्रसिद्ध फार्मास्यूटिकल कंपनी 'टाकेडा' (Takeda Pharmaceutical Company) द्वारा विकसित किया गया है:ग्लोबल अप्रूवल: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पहले ही हरी झंडी दी जा चुकी इस वैक्सीन को दुनिया के 43 से अधिक देशों में सफलता पूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है।32 मिलियन से अधिक डोज: साल 2022 में वैश्विक स्तर पर लॉन्च होने के बाद से अब तक दुनिया भर में करीब 32 मिलियन (3.2 करोड़) लोगों को यह वैक्सीन दी जा चुकी है।कैसे काम करती है क्यूडेंगा (Qdenga) वैक्सीन?डेंगू का वायरस शरीर में प्रवेश करते ही प्लेटलेट्स को तेजी से खत्म करने लगता है। ऐसे में यह वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को मजबूत करने का काम करती है:एंटीबॉडीज का निर्माण: वैक्सीन की डोज लगते ही शरीर का इम्यून सिस्टम डेंगू वायरस के चारों सेरोटाइप्स (DEN-1, DEN-2, DEN-3, DEN-4) को पहचान लेता है और उनके खिलाफ विशेष एंटीबॉडीज (Antibodies) बनाना शुरू कर देता है।गंभीरता में कमी: यदि वैक्सीन लेने के बाद व्यक्ति को मच्छर काटता भी है, तो एंटीबॉडीज तुरंत वायरस को बेअसर कर देती हैं। इससे मरीज में 'डेंगू शॉक सिंड्रोम' (Dengue Shock Syndrome) या इंटरनल ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना न के बराबर हो जाती है।क्यों खतरनाक साबित होता है डेंगू का हमला?चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू केवल एक सामान्य बुखार नहीं है। सही समय पर सही देखभाल न मिलने पर यह जानलेवा रूप ले सकता है:प्लेटलेट्स में गिरावट और इंटरनल ब्लीडिंग: डेंगू हेमोरेजिक फीवर होने पर मरीज की प्लेटलेट्स अचानक बहुत नीचे गिर जाती हैं, जिससे शरीर के आंतरिक अंगों से खून का रिसाव (Internal Bleeding) और वाइट फ्लूइड लीकेज शुरू हो जाती है।मल्टी-ऑर्गन फेलियर: प्लेटलेट्स और ब्लड प्रेशर कम होने से समय पर इलाज न मिलने पर मरीज का लिवर, किडनी और दिल काम करना बंद कर देते हैं, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।DCGI की ओर से मिली इस मंजूरी के बाद जल्द ही यह वैक्सीन भारतीय बाजारों और प्रमुख निजी व सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे हर साल डेंगू से होने वाले नुकसान पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकेगी।
बॉलीवुड की बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) एक बार फिर पर्दे पर अपने नए और पहले कभी न देखे गए अवतार से दर्शकों को हैरान करने के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित क्राइम-इन्वेस्टिगेशन और एक्शन थ्रिलर फिल्म 'बयान' (Bayaan) का आधिकारिक ट्रेलर और पहली झलकियां रिलीज कर दी गई हैं। फिल्म का बैकड्रॉप राजस्थान के ग्रामीण और रेगिस्तानी इलाकों पर आधारित है, जहां हुमा एक निडर और कड़क महिला पुलिस अधिकारी (Rajasthan Police Officer) की भूमिका निभा रही हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो 'महारानी' सीरीज में अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद, हुमा की यह फिल्म ओटीटी और सिनेमा प्रेमियों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है।हाथ में छाता थामे एक्शन करती दिखीं हुमा: ट्रेलर की 5 बड़ी खास बातेंफिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। ट्रेलर में कुछ ऐसे सीन्स हैं जो इस सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को लेकर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा देते हैं:यूनिक एक्शन स्टाइल: ट्रेलर के सबसे चर्चित सीन में हुमा कुरैशी सिर्फ एक छाते (Umbrella) का इस्तेमाल करके बदमाशों और अपराधियों की धुनाई करती नजर आ रही हैं। उनका यह एक्शन अंदाज काफी अनूठा और दमदार लग रहा है।सस्पेंस से भरी कहानी: फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव में घटित हुए एक पेचीदा और रहस्यमयी मर्डर केस या अपराध के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जांच की जिम्मेदारी हुमा के किरदार को सौंपी जाती है।सिस्टम से लड़ाई: पुलिस ऑफिसर के रूप में हुमा को न सिर्फ अपराधियों से निपटना है, बल्कि भ्रष्ट तंत्र और स्थानीय दबंगों के राजनीतिक दबाव का भी डटकर सामना करना है।सॉलिड स्टार कास्ट: फिल्म में हुमा कुरैशी के साथ-साथ चंदन रॉय सान्याल (Chandan Roy Sanyal) और सचिन खेडेकर जैसे बेहतरीन कलाकार भी अहम और दमदार भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।रॉ और रियल लोकेशन: फिल्म की शूटिंग राजस्थान की वास्तविक लोकेशंस पर की गई है, जो इस सस्पेंस थ्रिलर को एक रियलिस्टिक और थ्रिलिंग फील देती है।हुमा कुरैशी की परफॉर्मेंस की हो रही है तारीफट्रेलर सामने आने के बाद से ही क्रिटिक्स और फैंस हुमा के अभिनय और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने पुलिस ऑफिसर की चाल-ढाल, स्थानीय राजस्थानी बोली की पकड़ और एक्शन सीन्स को संभाला है, वह उनके अभिनय की परिपक्वता को दर्शाता है।विक्रमजीत गुप्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों/ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होने जा रही है। सस्पेंस, थ्रिल और महिला केंद्रित एक्शन फिल्मों के शौकीनों के लिए यह फिल्म एक बेहतरीन वॉच साबित हो सकती है।
भारतीय रेलवे से रोज सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लगभग 24 साल बाद (2002 में लॉन्च के बाद) इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपने ई-टिकटिंग पोर्टल का नया वर्जन 'IRCTC 2.0 (Beta Version)' सार्वजनिक रूप से लॉन्च कर दिया है। अक्सर देखा जाता था कि पुरानी वेबसाइट पर तत्काल टिकट (Tatkal Ticket Booking) खोलते ही सर्वर डाउन होना, लगातार कैप्चा (Captcha) आना और पेमेंट फंस जाना आम बात थी। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह नया रीडिजाइन यूजर इंटरफेस न सिर्फ मॉडर्न और सिंपल है, बल्कि रेलवे के इस ओवरहॉल से टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव ही बदलने वाला है। आइए जानते हैं पुरानी और नई IRCTC वेबसाइट में क्या-क्या मुख्य अंतर आए हैं।Old vs New IRCTC Website: 5 सबसे बड़े तकनीकी बदलावफीचर्स / प्रोसेसपुरानी IRCTC वेबसाइटनई IRCTC 2.0 वेबसाइटसीट उपलब्धता (Seat Availability)हर क्लास (Sleeper, 3A, 2A) को अलग-अलग क्लिक करके चेक करना पड़ता था।एकीकृत व्यू (Unified View): एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटें एक साथ दिखाई देती हैं।कैप्चा और पॉप-अप्स (Captchas/Ads)बुकिंग के हर स्टेप और तत्काल समय पर टेढ़े-मेढ़े कैप्चा व भ्रामक विज्ञापन।नो-डिस्ट्रैक्शन इंटरफेस: फालतू विज्ञापनों, पॉप-अप्स और अनावश्यक कैप्चा की भारी कटौती।सर्वर क्षमता (Capacity)प्रति मिनट लगभग 32,000 टिकट बुकिंग क्षमता (तत्काल समय क्रैश होना)।1.5 लाख+ टिकट प्रति मिनट प्रोसेस करने की नई शक्तिशाली सर्वर क्षमता।टिकट बुकिंग स्टेप्स6 से 7 अलग-अलग स्टेप्स और रिव्यू पेज से गुजरना पड़ता था।केवल 4 से 5 त्वरित स्टेप्स; पैसेंजर डिटेल्स पहले से सेव करने का फीचर।विशेष सुविधाएं और भाषाएँसीमित भाषाएँ और दिव्यांगजन/विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग पोर्टल।22 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और सभी रियायती (Concession) बुकिंग एक जगह।1. यूनिफाइड सीट अवेलेबिलिटी (Unified Seat Availability)पुरानी वेबसाइट पर सबसे बड़ा सिरदर्द यह था कि जब आप नई दिल्ली से मुंबई जैसी किसी ट्रेन को सर्च करते थे, तो आपको स्लीपर (SL), थर्ड एसी (3A) और सेकंड एसी (2A) की सीटें देखने के लिए अलग-अलग टैब पर बार-बार क्लिक करना पड़ता था। नई वेबसाइट में रेलवे ने 'Single Screen View' की व्यवस्था की है। अब जैसे ही आप ट्रेन सर्च करेंगे, आपको उस ट्रेन की सभी श्रेणियों में कितनी सीटें खाली हैं या कितना वेटिंग है, वह एक ही नजर में दिख जाएगा।2. तत्काल बुकिंग (Tatkal Booking) में नहीं अटकेगी सांसेंतत्काल विंडो (सुबह 10 और 11 बजे) के दौरान पुरानी वेबसाइट का रिस्पॉन्स टाइम काफी धीमा हो जाता था और लाखों लोगों के एक साथ लॉगिन करने से पेज फ्रीज (Freeze) हो जाता था।उच्चतर क्षमता: नया पोर्टल अब प्रति मिनट 32,000 के मुकाबले 1,500,000 (1.5 लाख) से अधिक टिकट बुकिंग और 40 लाख सर्च प्रश्नों (Enquiries) को संभालने में सक्षम है।कम कैप्चा और फास्ट पेमेंट: तत्काल समय में अब बेवजह के कैप्चा और विज्ञापनों को हटा दिया गया है, जिससे बुकिंग में 30 से 45 सेकंड का बहुमूल्य समय बचेगा।3. सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स और आसान चेकआउटबार-बार यात्रा करने वाले (Frequent Travelers) यात्रियों के लिए नई वेबसाइट पर मास्टर लिस्ट और सेव्ड पैसेंजर डिटेल्स का ऑप्शन काफी कारगर साबित हो रहा है। टिकट बुक करते समय आपको नाम, उम्र और जेंडर बार-बार टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ ऑटो-फिल पर क्लिक करके सीधे पेमेंट गेटवे पर पहुंचा जा सकता है।4. फेयर कैलेंडर और सीट प्रेफरेंस (Fare Calendar)नई वेबसाइट में एक नया 'फेयर कैलेंडर' (Fare Calendar) जोड़ा जा रहा है, जिसकी मदद से वे यात्री जो फ्लैक्सिबल डेट्स पर सफर करना चाहते हैं, महीने भर का सबसे सस्ता और कन्फर्म टिकट वाला दिन आसानी से चुन सकेंगे। इसके अलावा टिकट बुक करते समय ही विंडो सीट या लोअर बर्थ का स्पष्ट प्रेफरेंस देने का विकल्प भी जोड़ा गया है।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission - 8th CPC) की सिफारिशों को लेकर हलचल काफी तेज हो चुकी है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही देश भर के लाखों सरकारी कर्मचारी अपनी सैलरी रिवीजन (Salary Revision) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विशेष रूप से मैट्रिक्स लेवल-5 (पे बैंड-1, ग्रेड पे 2800) के तहत आने वाले कर्मचारियों— जैसे सीनियर क्लर्क, ऑडिटर्स, असिस्टेंट्स और अकाउंटेंट्स— के लिए 8वां वेतन आयोग एक बड़ी आर्थिक राहत लेकर आने वाला है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यदि सरकार नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को बढ़ाती है, तो लेवल-5 कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा। आइए समझते हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर लेवल-5 की बेसिक पे और ग्रॉस सैलरी का गणित किस तरह बदलेगा।मौजूदा 7वें वेतन आयोग में क्या है लेवल-5 का स्ट्रक्चर?7वें वेतन आयोग के तहत मैट्रिक्स लेवल-5 के कर्मचारियों का शुरुआती वेतन ढांचा कुछ इस प्रकार है:शुरुआती बेसिक पे (Starting Basic Pay): ₹29,200 प्रति माहमहंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA): 50% या उससे अधिक (समय-समय पर संशोधित)अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA - X, Y, Z शहरों के अनुसार), परिवहन भत्ता (TA) व मेडिकल अलाउंस।8वें वेतन आयोग में 2.57 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर का गणितवेतन आयोग में आपकी नई बेसिक पे तय करने में 'फिटमेंट फैक्टर' सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि सरकार 8वें वेतन आयोग में न्यूनतम या उच्च फिटमेंट फैक्टर लागू करती है, तो लेवल-5 की रिवाइज्ड बेसिक पे इस तरह बढ़ेगी:1. यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है (7th CPC के समान)मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200नई बेसिक पे (29,200 2.57): लगभग ₹75,044 प्रति माह2. यदि 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है (कर्मचारी यूनियनों की मांग)मौजूदा बेसिक पे: ₹29,200नई बेसिक पे (29,200 2.86): लगभग ₹83,512 प्रति माह(नोट: नया वेतन आयोग लागू होते ही शुरुआती दौर में DA शून्य (0%) से शुरू होता है और फिर धीरे-धीरे हर 6 महीने में बढ़ता है।)कितनी उछलेगी कुल ग्रॉस सैलरी (Gross Salary Calculation)?जब किसी कर्मचारी की बेसिक पे ₹29,200 से बढ़कर ₹75,000 या ₹83,000 के पार पहुंचेगी, तो उसी अनुपात में उनके HRA (हाउस रेंट अलाउंस) और TA (ट्रांसपोर्ट अलाउंस) का बेसिक कैलकुलेशन भी री-रिवाइज हो जाएगा:एक्स-क्लास शहरों में (X-Category Cities): जहाँ HRA की दरें सबसे ज्यादा होती हैं, वहाँ लेवल-5 के कर्मचारी की शुरुआती कुल ग्रॉस सैलरी ₹85,000 से ₹95,000 प्रति माह के बीच पहुंच सकती है।एनपीएस/पीएफ कटौती के बाद: एनपीएस (NPS/UPS) और अन्य वैधानिक कटौतियों के बाद भी हाथ में आने वाली नेट इन-हैंड सैलरी (Net Salary) में 7वें वेतन आयोग के मुकाबले लगभग 40% से 50% का सीधा उछाल दर्ज किया जाएगा।कब तक मिल सकती है खुशखबरी?कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई के इस दौर में उचित वेतन वृद्धि मिल सके। यदि सरकार आयोग का गठन कर उसकी सिफारिशें लागू करती है, तो इसका सबसे बड़ा फायदा निचले और मध्य स्तर (Level 1 to Level 5) के कर्मचारियों को मिलेगा, जिससे उनकी जीवन शैली और बचत क्षमता में व्यापक सुधार होगा।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों (EPS-95 Pensioners) के लिए हर साल अपना जीवन प्रमाण पत्र यानी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC - Digital Life Certificate) जमा करना बेहद अनिवार्य होता है। कई बार जानकारी के अभाव में या समय पर लाइफ सर्टिफिकेट जमा न करने की वजह से ईपीएफओ द्वारा पेंशन खाते में पैसे भेजना अचानक रोक दिया जाता है। यदि आपकी या आपके घर के किसी बुजुर्ग की पेंशन भी इसी वजह से रुक गई है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो अब आपको बैंक या ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है— आप अपने स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए घर बैठे ही मिनटों में अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं।पेंशन रुकने का मुख्य कारण: 12 महीने की समय सीमाEPFO के नियमों के अनुसार, पेंशनधारकों को अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के बाद वह पूरे 12 महीनों के लिए मान्य (Valid) रहता है।कोई फिक्स्ड महीना नहीं: पहले की तरह अब नवंबर महीने में ही सर्टिफिकेट जमा करने की मजबूरी नहीं है। अगर आपने पिछले साल अगस्त में DLC जमा किया था, तो आपको इस साल अगस्त से पहले इसे दोबारा जमा करना होगा।समय पर जमा न होने पर एक्शन: जैसे ही 12 महीने पूरे होते हैं और नया लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं होता, ईपीएफओ का सिस्टम अपने आप पेंशन रिलीज करना रोक देता है। जैसे ही आप नया जीवन प्रमाण पत्र जमा करते हैं, आपकी रुकी हुई पेंशन बकाया (Arrears) के साथ खाते में क्रेडिट कर दी जाती है।घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करने का आसान प्रोसेसअगर आप बैंक या पेंशन वितरण केंद्र नहीं जाना चाहते, तो अपने स्मार्टफोन से 'Face Authentication Technology' (चेहरा पहचान प्रणाली) का इस्तेमाल करके आसानी से लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:जरूरी ऐप्स डाउनलोड करें: गूगल प्ले स्टोर से अपने एंड्रॉइड स्मार्टफोन में 'AadhaarFaceRd' ऐप और 'Jeevan Pramaan' ऐप डाउनलोड करें।ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन: जीवन प्रमाण ऐप खोलें और अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर ओटीपी (OTP) से वेरिफिकेशन करें।चेहरा स्कैन करें (Face Scan): ऐप में पेंशनभोगी की जानकारी (PPO नंबर, UAN, बैंक खाता संख्या और पेंशन एजेंसी) भरें। इसके बाद फ्रंट कैमरे से पेंशनभोगी का चेहरा स्कैन करें।सब्मिशन और PRN नंबर: ऑथेंटिकेशन सफल होते ही स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई देगा और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्रमाण आईडी (Pramaan ID / PRN) भेज दी जाएगी।स्वचालित अपडेट: यह सर्टिफिकेट सीधा ईपीएफओ के सर्वर पर अपडेट हो जाता है और कुछ ही दिनों के भीतर आपकी रुकी हुई पेंशन फिर से चालू हो जाती है।अन्य माध्यमों से भी जमा करा सकते हैं जीवन प्रमाण पत्रअगर आपके पास स्मार्टफोन का विकल्प नहीं है, तो आप निम्नलिखित माध्यमों से भी अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) व बैंक शाखाएं: अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC), पेंशन बैंक शाखा या ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस (Iris) स्कैनर से बायोमेट्रिक जमा कराएं।डाकिया सेवा (Postman Doorstep Service): इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक आपके घर आकर मामूली शुल्क में बायोमेट्रिक के जरिए लाइफ सर्टिफिकेट डिजिटल रूप से जमा कर देते हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने नियामक अनुपालन (Regulatory Compliance) में कमियों और बैंकिंग नियमों की अनदेखी करने पर महाराष्ट्र और ओडिशा स्थित तीन प्रमुख सहकारी बैंकों (Cooperative Banks) पर मौद्रिक जुर्माना लगाया है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो केंद्रीय बैंक की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि बैंकिंग सेक्टर में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।किन बैंकों पर गिरी RBI की गाज और कितना लगा जुर्माना?रिजर्व बैंक की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (Banking Regulation Act) के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन सहकारी बैंकों पर कार्रवाई की गई है:द चिखली अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के बुलढाणा स्थित इस बैंक पर RBI के दिशा-निर्देशों और 'डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड' से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के चलते ₹13 लाख का मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।द संबलपुर जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक लिमिटेड (ओडिशा): ओडिशा के संबलपुर स्थित इस सहकारी बैंक पर केवाईसी (KYC) गाइडलाइन्स और जमा खातों के रखरखाव से संबंधित नियमों का सही ढंग से पालन न करने के कारण वित्तीय दंड लगाया गया है।धर्मवीर संभाजी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (पुणे, महाराष्ट्र): पुणे स्थित इस अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री (CKYCR) में ग्राहकों के रिकॉर्ड्स समय पर अपलोड न करने और क्रेडिट लिमिट से जुड़े नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की गई है।ग्राहकों के खातों और पैसों पर क्या पड़ेगा असर?इस खबर के सामने आते ही संबंधित बैंकों के खाताधारकों के मन में अपने पैसों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। हालांकि, रिजर्व बैंक (RBI) ने इस मामले पर स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी है:ग्राहकों पर कोई असर नहीं: RBI ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल बैंकों द्वारा 'नियामक दिशानिर्देशों का अनुपालन न करने' (Deficiencies in Regulatory Compliance) के कारण की गई है।लेन-देन पूरी तरह सुरक्षित: इस पेनल्टी का उद्देश्य बैंक और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता (Validity of Transactions) को रद्द करना नहीं है। सभी ग्राहकों की जमा पूंजी और बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।लगातार सख्त हो रही है RBI की निगरानीपिछले कुछ वर्षों में कई को-ऑपरेटिव बैंकों में सामने आई अनियमितताओं के बाद रिजर्व बैंक ने अर्बन और रूरल को-ऑपरेटिव सेक्टर पर अपनी सुपरवाइजरी निगरानी को बहुत ज्यादा कड़ा कर दिया है। चाहे वह लोन डिस्ट्रीब्यूशन का मामला हो, एक्सपोजर लिमिट्स हो या फिर फ्रॉड डिटेक्शन और केवाईसी नॉर्म्स— नियमों से थोड़ा सा भी भटकने वाले वित्तीय संस्थानों पर केंद्रीय बैंक तुरंत कार्रवाई कर रहा है, ताकि आम बैंकिंग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजार में जारी हलचल और मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने आज मंगलवार, 21 जुलाई 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा खुदरा दाम (Fuel Retail Prices) जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। इसके बावजूद, देश के आम नागरिकों के लिए राहत की बात यह है कि भारतीय तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आज भी देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल-डीजल के बेस रेट्स में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया है। हालांकि, राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और माल ढुलाई शुल्क (Freight Charges) के कारण अलग-अलग शहरों में ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है।देश के चार प्रमुख महानगरों में आज क्या हैं रेट्स?देश की प्रमुख मेट्रो सिटीज में आज सुबह 6 बजे से प्रभावी पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव इस प्रकार हैं:नई दिल्ली (New Delhi): देश की राजधानी में आज पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर बिक रहा है।मुंबई (Mumbai): महाराष्ट्र की राजधानी में राज्य टैक्स अधिक होने के कारण पेट्रोल ₹104.21 प्रति लीटर और डीजल ₹92.15 प्रति लीटर के भाव पर स्थिर बना हुआ है।कोलकाता (Kolkata): पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज पेट्रोल का भाव ₹103.94 प्रति लीटर और डीजल ₹90.76 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।चेन्नई (Chennai): चेन्नई के निवासियों को आज प्रति लीटर पेट्रोल के लिए ₹100.75 और डीजल के लिए ₹92.34 का भुगतान करना होगा।पटना, लखनऊ, नोएडा और गुवाहाटी में ईंधन का ताजा भावदेश के विभिन्न राज्यों के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की खुदरा दरें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:पटना (Patna): बिहार की राजधानी पटना में आज पेट्रोल का भाव ₹105.18 प्रति लीटर और डीजल ₹92.04 प्रति लीटर के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज पेट्रोल ₹94.65 प्रति लीटर और डीजल ₹87.76 प्रति लीटर पर मिल रहा है।नोएडा/ग्रेटर नोएडा (Noida): दिल्ली से सटे गौतमबुद्ध नगर जिले में आज पेट्रोल का रेट ₹94.83 प्रति लीटर और डीजल ₹87.96 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।गुवाहाटी (Guwahati): असम के मुख्य शहर गुवाहाटी में आज पेट्रोल ₹98.08 प्रति लीटर और डीजल ₹90.33 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।वाराणसी (Varanasi): धार्मिक नगरी वाराणसी में आज पेट्रोल ₹95.07 प्रति लीटर और डीजल ₹88.24 प्रति लीटर के करीब बना हुआ है।घर बैठे ऐसे चेक करें अपने शहर का लाइव रेटयदि आप आज अपनी कार या बाइक का टैंक फुल कराने जा रहे हैं, तो एक आसान SMS सर्विस के माध्यम से अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के रेट जान सकते हैं:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP डीलर कोड लिखकर 92249 92249 पर SMS भेजें।Bharat Petroleum (BPCL): RSP डीलर कोड टाइप करके 92231 12222 पर मैसेज करें।Hindustan Petroleum (HPCL): HPPRICE डीलर कोड लिखकर 92222 01122 पर भेजें।ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई अगर प्रभावित होती है, तो आगामी दिनों में ईंधन की दरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
वैदिक ज्योतिष में दैत्यों के गुरु और धन, वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य व आकर्षण के कारक ग्रह 'शुक्र' (Venus) के गोचर का विशेष स्थान माना गया है। जब भी शुक्र ग्रह अपनी राशि या नक्षत्र बदलते हैं, तो उसका सीधा प्रभाव मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है। आषाढ़/श्रावण मास में शुक्र देव सूर्य के स्वामित्व वाले 'उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र' (Uttara Phalguni Nakshatra) में प्रवेश करने जा रहे हैं। सूर्य और शुक्र की इस नक्षत्र युति व गोचर के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने वाले हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस नक्षत्र परिवर्तन से विशेष रूप से 4 राशियों के जातकों की सोई हुई किस्मत जागने वाली है और उनके घर धन की देवी मां लक्ष्मी का आगमन होने जा रहा है। आइए जानते हैं शुक्र के इस गोचर की सही तिथि और किन 4 राशियों को मिलने वाला है महा-लाभ।उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में शुक्र गोचर की तिथि और ज्योतिषीय महत्वज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्र देव का उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर जुलाई 2026 के इस उत्तरार्ध में होने जा रहा है। उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का संबंध समृद्धि, सुख-सुविधाओं और वैवाहिक जीवन में खुशहाली से होता है। चूंकि इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं, इसलिए शुक्र के इस नक्षत्र में आने से व्यक्ति के मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और वित्तीय मजबूती में जबरदस्त इजाफा होता है।इन 4 राशियों के चमकेंगे सितारे, होगी धन की बरसातशुक्र के इस नक्षत्र गोचर से निम्नलिखित 4 राशियों को सबसे ज्यादा फायदा और करियर में तरक्की मिलने के योग बन रहे हैं:1. वृषभ राशि (Taurus)शुक्र आपकी ही राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में उनका प्रवेश आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं रहेगा।लाभ: आय के नए स्रोत (Income Sources) खुलेंगे, फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा और बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। भौतिक सुख-सुविधाओं की चीजों पर खर्च होगा।2. सिंह राशि (Leo)उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र का पहला चरण सिंह राशि में ही आता है। ऐसे में शुक्र का यह गोचर सिंह राशि के जातकों के लिए बेहद शुभ साबित होगा।लाभ: समाज में आपका कद और मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति (Promotion) या इंक्रीमेंट की खुशखबरी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी।3. तुला राशि (Libra)तुला राशि के स्वामी भी शुक्र देव ही हैं। इस नक्षत्र गोचर के प्रभाव से तुला राशि के जातकों के जीवन में चल रही सभी आर्थिक तंगी और परेशानियां दूर होंगी।लाभ: शेयर बाजार, प्रॉपर्टी या निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। जो लोग नया काम या व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय सबसे उत्तम है।4. धनु राशि (Sagittarius)धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।लाभ: विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा के योग बनेंगे जो आगे चलकर बेहद लाभदायक रहेंगे। अचानक धन लाभ (Unplanned Financial Gain) के योग हैं और परिवार में मांगलिक कार्य संपन्न होंगे।शुक्र देव को प्रसन्न करने और लाभ बढ़ाने के आसान उपाययदि आप भी अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं, तो इस गोचर के दौरान निम्नलिखित ज्योतिषीय उपाय कर सकते हैं:मंत्र जाप: रोजाना 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।शुक्रवार का दान: शुक्रवार के दिन सफेद चीजें जैसे दूध, दही, चावल, मिश्री या सफेद वस्त्र किसी जरूरतमंद को दान करें।मां लक्ष्मी की पूजा: शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं और कमलगट्टे की माला से महालक्ष्मी मंत्र का जप करें।
देश के नामचीन निजी अस्पतालों में गिने जाने वाले 'मेदांता अस्पताल' (Medanta Hospital) पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर पैसे कमाने के लालच में इलाज के साथ खिलवाड़ करने और अनैतिक रवैया अपनाने का संगीन आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक परिजनों और समर्थकों ने हंगामा किया। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी बड़े कॉर्पोरेट अस्पताल पर 'प्रॉफिट मेकिंग' और अनावश्यक ट्रीटमेंट/वेंटिलेटर सपोर्ट के नाम पर भारी-भरकम बिल थमाने के आरोप लगे हों।परिजनों का आरोप: बिना जरूरत आईसीयू में रखा और थमा दिया लाखों का बिलपीड़ित परिवार का दावा है कि मरीज को हल्की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने डराकर तुरंत आईसीयू (ICU) और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया। परिजनों का मुख्य आरोप है कि:अनावश्यक मेडिकल प्रोसीजर: परिजनों के अनुसार, मरीज की हालत में सुधार होने के बावजूद उसे डिस्चार्ज नहीं किया गया और कई ऐसी जांचें व दवाएं लिख दी गईं जिनकी कोई खास आवश्यकता नहीं थी।लाखों का बिल: जब परिजनों ने मरीज को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने या डिस्चार्ज करने की बात कही, तो उन्हें लाखों रुपये का लंबा-चौड़ा बिल थमा दिया गया और पैसे न चुकाने तक कागजात और मरीज को रोकने का प्रयास किया गया।अस्पताल प्रशासन की सफाई और पुलिस की दखलहंगामे और मीडिया के पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं मेदांता अस्पताल प्रशासन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी सफाई दी है:अस्पताल का पक्ष: प्रबंधन का कहना है कि मरीज की मेडिकल कंडीशन बेहद क्रिटिकल (गंभीर) थी और अंतरराष्ट्रीय मेडिकल प्रोटोकॉल (Medical Protocols) के तहत ही उसका इलाज किया जा रहा था। अस्पताल ने किसी भी तरह की लापरवाही या जबरन बिल बनाने के आरोप को बेबुनियाद बताया है।पुलिस जांच: पुलिस ने परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मरीज की मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के पैनल से राय लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्राइवेट अस्पतालों में मनमानी पर उठे सवालइस घटना के बाद एक बार फिर प्राइवेट कॉर्पोरेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही कथित 'लूट' और पारदर्शिता की कमी को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जन-अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि:मेडिकल एथिक्स की अनदेखी: कमर्शियल टार्गेट्स के दबाव में कई बार डॉक्टर और अस्पताल 'मेडिकल एथिक्स' (चिकित्सा नैतिकता) को किनारे रख देते हैं।सख्त नियमों की जरूरत: सरकार को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के रेट, आईसीयू चार्जेस और मेडिकल ऑडिटिंग (Medical Audit) को लेकर सख्त गाइडलाइन्स लागू करनी चाहिए, ताकि कोई भी अस्पताल पैसे की खातिर किसी मरीज की जिंदगी से खिलवाड़ न कर सके।
सिक्किम टनल हादसा: मीथेन गैस रिसाव और भूस्खलन से 7 की मौत, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका
सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन समरदुंग (झोलुंगे) सुरंग में हुए हादसे से हड़कंप मच गया। सुरंग के भीतर मीथेन गैस रिसाव और उसके बाद हुए भूस्खलन के कारण 7 लोगों की मौत हो गई। कई मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। टनल से मजदूरों का ...
Student Protests: कभी छात्रों को केवल विश्वविद्यालयों की राजनीति तक सीमित माना जाता था, लेकिन अब दुनिया के कई देशों में वही छात्र सत्ता परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं। पिछले पांच वर्षों में नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, केन्या, सर्बिया समेत ...
नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न
सबगुरु न्यूज-आबूरोड। विप्र फाउंडेशन आबूरोड ने राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कुई में नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया। शिविर में अनेक युवा, वृद्ध एवं विद्यार्थियों ने आंखों की जांच करवाई। जांच के दौरान 19 व्यक्तियों का मोतियाबिंद पाया गेयर। इनका ऑपरेशन ब्रह्माकुमारी ग्लोबल संस्थान नेत्र चिकित्सालय आबू रोड में कराया जाएगा। इस कैंप में आंखों […] The post नेत्र जांच शिविर कुई ग्राम में हुआ संपन्न appeared first on Sabguru News .
सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा, भूस्खलन के बाद 27 मजदूर फंसे
सिक्किम के नामची जिले में सोमवार दोपहर एक निर्माणाधीन सुरंग के बाहर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से बड़ा हादसा हो गया। भूस्खलन के कारण सुरंग का प्रवेश द्वार बंद हो गया और अंदर गैस रिसाव की आशंका के बीच करीब 27 मजदूर सुरंग में फंस गए। अधिकारियों ने ...
लखनऊ, केशव प्रसाद मौर्य ने जनता दर्शन कार्यक्रम में फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, प्रयागराज, इटावा, लखीमपुर खीरी, कौशाम्बी, प्रयागराज, अलीगढ़, चंदौली, मिर्जापुर सहित विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना, अवलोकन किया तथा संबंधित विभागों एवं जनपदों के अधिकारियों को दूरभाष एवं लिखित निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसीक्रम में एक प्रकरण वाराणसी से श्री गिरीश कुमार मिश्रा, प्रधान पुजारी ने प्रधानमंत्री के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में स्थित बनकटी हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार तथा उसे हेरिटेज स्थल के रूप में विकसित किए जाने का प्रकाश में आया जिसमें प्रमुख सचिव, पर्यटन को प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।उप मुख्यमंत्री ने तत्काल जिलाधिकारी प्रयागराज, अलीगढ़, चंदौली, मिर्जापुर सहित लखीमपुर खीरी के पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर संबंधित मामलों में नियमानुसार त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए,फिरोजाबाद (तालाब जीर्णोद्धार) : गाँव गढिया निवासी चित्रपाल ने क्षेत्र में तालाब का जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग रखी,प्रतापगढ़ (आवास आवंटन): सदर प्रतापगढ़ के रामबहादुर सिंह पुत्र पारसनाथ ने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मकान दिलाए जाने का अनुरोध के साथ अन्य शिकायती पत्रों पर त्वरित कार्यवाही की गयीा
सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष
जयपुर। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19 एवं 20 जुलाई को तेरापंथ भवन छतरपुर नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संगठन के विभिन्न दायित्वों की घोषणा की गई। सुभद्र पापड़ीवाल को विश्व हिंदू […] The post सुभद्र पापडीवाल बने विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत अध्यक्ष appeared first on Sabguru News .
अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार और हर कार्मिक की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में राज उन्नति की सातवीं […] The post अधिकारी बहाने नहीं बनाएं, समय पर काम पूरा कर जनता को पहुंचाएं राहत : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
करौली। राजस्थान में करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र में बालोती गांव में सोमवार को एक परिवार के चार सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से विषाक्त पदार्थ का सेवन करने से पति-पत्नी और बड़े बेटे की मौत हो गई जबकि छोटे बेटा गंभीर रूप से बीमार हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि रामदयाल बैरवा (45), […] The post करौली में विषाक्त पदार्थ के सेवन से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजौलिया थाना क्षेत्र में सोमवार को सलावटिया गांव में वैन की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार एक युवक और एक बच्ची की मौत हो गई और दो महिलाएं घायल हो गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार संतोष मीणा (22) निवासी तीखी (बिजौलिया) मध्यप्रदेश के धार जिले में जेसीबी […] The post भीलवाड़ा : वैन की चपेट में आने से युवक और बच्ची की मौत, दो महिलाएं घायल appeared first on Sabguru News .
लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने
लंदन। लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम सोमवार को आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय के साथ एक निजी मुलाकात के दौरान उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया गया। इससे पहले सर कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद से अपना इस्तीफा सम्राट को सौंप दिया, जिसे […] The post लेबर पार्टी के सांसद एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बने appeared first on Sabguru News .
आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी
अजमेर/जयपुर। मिसेज इंडिया-2026 का ताज अपने नाम करने वाली राजस्थान के अजमेर की आकांक्षा चौधरी ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए कुछ छोड़ने की आवश्यकता नहीं हैं और वे अपनी हर जिम्मेदारी को निभाते हुए भी सब कुछ कर सकती है। आकांक्षा चौधरी ने मिसेज […] The post आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ कोई मंज़िल नहीं होती दूर: आकांक्षा चौधरी appeared first on Sabguru News .
वर्धा के पास कार और ट्रक की टक्कर से आग लगी, 6 लोगों की जलकर मौत
वर्धा। महाराष्ट्र के वर्धा जिले में सोमवार तड़के एक कंटेनर ट्रक के पलटने और अन्य ट्रक के कार को टक्कर मार देने के बाद आग लग गई जिससे छह लोगों की जलकर मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मुंबई और नागपुर को जोड़ने वाले समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुई इस दुर्घटना के बाद दोनों गाड़ियों […] The post वर्धा के पास कार और ट्रक की टक्कर से आग लगी, 6 लोगों की जलकर मौत appeared first on Sabguru News .
जम्मू-कश्मीर अभी कल के हादसों से उभरा नहीं था कि अब एलओसी से पुंछ जिले में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत हो गयी है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश में 24 लोगों की जान गई है। सूत्रों ने बताया कि सोमवार को पुंछ जिले के लोरान-दुमिलन इलाके में भारी बारिश की वजह ...
राम जन्मभूमि मंदिर केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, निर्मोही अखाड़े ने दाखिल की याचिका
Ram Janmabhoomi Temple Case: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और धार्मिक परंपराओं को लेकर एक बार फिर मामला देश की शीर्ष अदालत में पहुंच गया है। श्री पंच रामानंदी निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर श्रीराम ...
कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को रिहा करने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तथा नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है। सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ […] The post कॉकरोच जनता पार्टी ने तीन मांगों के साथ जेपी नड्डा को सौंपा ज्ञापन appeared first on Sabguru News .
पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को आयोजित एक सेमिनार के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेताओं की मौजूदगी को लेकर छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ऑडिटोरियम के बाहर ही रोक दिया, जिससे छात्रों और पुलिस के […] The post पंजाब विश्वविद्यालय में आरएसएस नेताओं के कार्यक्रम पर हंगामा, छात्र संगठनों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह शिक्षा नीति की कमियों पर चर्चा करने से कतरा रही है।
पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को नीट यूजी पेपर लीक, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी के मुद्दों पर विपक्ष के जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ गया। लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इन मुद्दों को उठाया, जिसके […] The post पेपर लीक, प्रधान के इस्तीफे की मांग और चढ़ावा चोरी पर हंगामे की भेंट चढ़ा संसद का पहला दिन appeared first on Sabguru News .
बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ओर के सांसदों से संसद में मिल जुल कर देश के हित में काम करने की अपील करते हुए सोमवार को कहा कि मुद्दों में दम हो और बात में तर्क हो तो शांत तरीके से भी उठाई गई मांग भी बुलंद आवाज बन […] The post बात में तथ्य और तर्क हों तो हंगामा खड़ा करने की जरूरत नहीं : मानसून सत्र से पहले माेदी appeared first on Sabguru News .
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका
अगरतला। भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ साेमवार को यहां पुलिस मुख्यालय में अपने कार्यालय के शौचालय में मृत मिले। शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। उनकी स्वास्थ्य जांच करने वाले अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रो प्रदीप भौमिक ने बताया कि […] The post त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ शाैचालय में मृत मिले, आत्महत्या की आशंका appeared first on Sabguru News .
पत्नी में ‘दिलचस्पी खत्म’होने के आधार पर पति शादी खत्म नहीं कर सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ इस आधार पर तलाक नहीं मांग सकता कि उसकी पत्नी में दिलचस्पी खत्म हो गई है। न्यायालय ने टिप्पणी की कि हिंदू विवाह एक संस्कार है, अनुबंध नहीं, जिसे किसी भी जीवनसाथी की मर्जी से खत्म किया जा सके। हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 […] The post पत्नी में ‘दिलचस्पी खत्म’ होने के आधार पर पति शादी खत्म नहीं कर सकता : कर्नाटक हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली भाजपा की नई टीम घोषित, विष्णु मित्तल सहित तीन बने महामंत्री
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने सोमवार को अपनी नई टीम की घोषणा कर दी। मल्होत्रा की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व से उचित विचार-विमर्श और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अनुमति मिलने के बाद दिल्ली प्रदेश के पदाधिकारियों का घोषणा […] The post दिल्ली भाजपा की नई टीम घोषित, विष्णु मित्तल सहित तीन बने महामंत्री appeared first on Sabguru News .
सपा-कांग्रेस से सावधान और सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, इनसे सटेंगे तो खतरा बढ़ेगा : योगी
CM Yogi Barabanki Speech: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी की धरा से प्रदेशवासियों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व समाजवादी पार्टी विरासत, विकास, गांव-गरीब, किसानों, नौजवानों और महिलाओं की जन्मजात विरोधी हैं। इनसे सावधान और ...
धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में बवासीर का तांत्रिक क्रिया से इलाज करने का झांसा देकर एक महिला से कथित दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुख्य आरोपी तांत्रिक सहित चार लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच […] The post धार में तांत्रिक क्रिया से इलाज का झांसा देकर महिला से रेप appeared first on Sabguru News .
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक हादसे वाली इमारत पर आखिरकार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या-102 पर बनी इस विवादित बहुमंजिला इमारत को तोड़ने का काम सोमवार से शुरू कर दिया गया। इसी साल 22 जून को इस बिल्डिंग में लगे भीषण अग्निकांड में 15 मासूम बच्चों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद बैकफुट पर आए इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला ने स्वयं भवन को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की विशेष टीम पूरे ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पर पल-पल की निगरानी बनाए हुए है।ड्रिल मशीनों से धीरे-धीरे तोड़ी जा रही इमारत: सुरक्षा के लिए हरे जाल से ढकी गई पूरी बिल्डिंगसघन आबादी वाले इलाके में स्थित होने के कारण इस भवन को एक झटके में गिराने के बजाय बेहद नियंत्रित और सावधानीपूर्वक तरीके से ध्वस्त किया जा रहा है। आसपास की इमारतों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी बिल्डिंग को हरे रंग के जालीनुमा नेट से ढका गया है। मजदूर और तकनीकी टीम ड्रिल मशीनों की सहायता से ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ रही है, ताकि किसी भी तरह का मलबा नीचे न गिरे और पड़ोसी ढांचों को नुकसान न पहुंचे।कंपाउंडिंग और कुछ हिस्सा बचाने की भी चर्चा: स्थानीय लोगों में कई तरह के कयासस्थानीय निवासियों का कहना है कि भवन मालिक किसी भी नए हादसे से बचने के लिए बेहद सतर्कता से काम करा रहे हैं। हालांकि, इलाके में यह चर्चा भी जोरों पर है कि मालिक और उनके कानूनी सलाहकार भवन के कुछ हिस्से को कानूनी दांव-पेच के जरिए बचाने या फिर कंपाउंडिंग की संभावनाएं तलाशने में लगे हैं। यही वजह है कि कार्रवाई को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि कोई कानूनी गुंजाइश बन सके।एलडीए के इंजीनियर मौके पर तैनात: सुरक्षा मानकों की हो रही कड़ी जांचध्वस्तीकरण कार्य शुरू होने की जानकारी मिलते ही LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जोनल अधिकारी माधवेश कुमार को अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर रवाना किया। प्राधिकरण के इंजीनियर और अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इमारत गिराने के दौरान सभी तय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो। अधिकारियों का मानना है कि यदि बिना किसी ठोस सुरक्षा योजना के असुरक्षित तरीके से भवन गिराया गया, तो आसपास की इमारतों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है।25 जुलाई तक की मोहलत: समय सीमा खत्म होते ही गरज सकता है LDA का बुलडोजरजोनल अधिकारी माधवेश कुमार के अनुसार, भवन स्वामी फिलहाल खुद इमारत को तुड़वा रहे हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नियमानुसार भवन ध्वस्तीकरण के लिए 15 दिनों का नोटिस समय दिया था, जिसकी समयसीमा 25 जुलाई को समाप्त हो रही है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि तय तारीख तक पूरी इमारत को नहीं हटाया गया, तो 25 जुलाई के बाद प्राधिकरण अपने भारी बुलडोजर और मशीनों के साथ खुद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करेगा। 22 जून के उस भयानक हादसे के बाद से यह इमारत पूरे प्रदेश में विवाद का केंद्र बनी हुई है, और अब इसकी ढहती दीवारें उस भीषण त्रासदी की याद दिला रही हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 1-2 से गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कार्यवाहक कप्तान शुभमन गिल का बड़ा बयान सामने आया है। लगातार खिलाड़ियों के चोटिल होने और टीम के मुख्य चेहरों के बाहर बैठने पर गिल ने खुलकर अपनी चिंता व्यक्त की है। स्टार खिलाड़ियों की चोट की समस्या से जूझ रही भारतीय टीम के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी साफ देखने को मिली। इस हार के बाद कप्तान शुभमन गिल ने सेंटर स्टेज पर आकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए बेहतर फिटनेस मानकों और मजबूत वर्कलोड मैनेजमेंट की सख्त मांग की है।चोटों के संकट से जूझ रही टीम इंडिया: पांच मुख्य खिलाड़ियों के बिना मैदान में उतरी थी टीमइंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय टीम को अपने कई प्रमुख मैच-विनर खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं मिल सकीं। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या, नीतीश कुमार रेड्डी और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह समेत कई प्रमुख खिलाड़ी चोटों के कारण पूरी तरह से बाहर रहे। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे के बाद शुभमन गिल ने कहा कि अगर हमारी मुख्य प्लेइंग इलेवन को देखें तो कम से कम पांच खिलाड़ी इस मैच में नहीं खेल रहे थे। एक या दो खिलाड़ियों के चोटिल होते ही पूरी टीम का कॉम्बिनेशन बिगड़ जाता है, जिससे मैदान पर सही संतुलन बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।वनडे वर्ल्ड कप को लेकर गिल की गंभीर चेतावनी: 'कहीं न कहीं कुछ बड़ी कमी है'लगातार चोटिल हो रहे खिलाड़ियों पर तंज कसते हुए शुभमन गिल ने कहा कि आगामी वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को जीतने के लिए किसी भी टीम को लगातार 11 मैच खेलने होते हैं, लेकिन यहां हमारे खिलाड़ी दो या तीन मैचों की छोटी सीरीज भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। गिल ने कहा कि अगर हर मैच के बाद चोट के कारण खिलाड़ी बाहर होते रहेंगे तो हम बड़े लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। साफ तौर पर हमारी तैयारी और खिलाड़ियों के फिटनेस लेवल में कहीं न कहीं कोई बड़ी कमी रह गई है।लॉर्ड्स में 388 रनों का विशाल लक्ष्य पड़ा भारी: रोहित-कोहली-गिल की पारियां भी न दिला सकीं जीतभारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में मेजबान टीम का पूरी तरह दबदबा देखने को मिला। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जैकब बेथेल, बेन डकेट, जो रूट और जोस बटलर की धमाकेदार पारियों के दम पर बोर्ड पर 387 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया। जवाब में उतरी भारतीय टीम के लिए पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन बनाए, जबकि शुभमन गिल ने 77 और विराट कोहली ने 74 रनों का योगदान दिया। हालांकि, विशाल लक्ष्य के दबाव और मिडिल ऑर्डर के पतन के कारण टीम इंडिया 360 रनों पर सिमट गई और 27 रनों से मैच गंवाकर सीरीज भी हार गई।
इंग्लैंड दौरे पर भारतीय क्रिकेट टीम का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की वनडे सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। इस हार के साथ ही भारत के इंग्लैंड दौरे का अंत बेहद कड़वे अनुभव के साथ हुआ। टी20 सीरीज़ में 0-4 से मिली करारी शिकस्त के बाद वनडे सीरीज़ भी हाथ से निकलने पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम के इस लगातार खराब प्रदर्शन को एक 'दुखद कहानी' करार दिया है।आकाश चोपड़ा का बड़ा हमला: 'आयरलैंड और इंग्लैंड में हारे, हम कुछ भी नहीं जीत रहे हैं'अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किए गए एक वीडियो में आकाश चोपड़ा ने भारतीय टीम की लगातार हार पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि टीम में सभी बड़े खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह सीरीज गंवाना बेहद चिंताजनक है। चोपड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह बिल्कुल भी अच्छी तस्वीर नहीं है बल्कि यह असल में एक दुखद कहानी है। हम पहले आयरलैंड में टी20 सीरीज़ हारे, फिर इंग्लैंड से टी20 में पराजित हुए और अब वनडे सीरीज़ भी गंवा चुके हैं। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा कि अफ़गानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और एक वनडे सीरीज़ जीतने के अलावा भारत ने हाल के दिनों में आखिर क्या हासिल किया है?रोहित शर्मा के शतक और गिल-कोहली के अर्द्धशतक पर फिरा पानी: मिडिल ऑर्डर रहा पूरी तरह फ्लॉपलॉर्ड्स वनडे में इंग्लैंड ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 387 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। 388 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाजों ने मजबूत शुरुआत दिलाई। शुभमन गिल ने 84 गेंदों पर 77 रनों की संयमित पारी खेली, जबकि कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 138 रन ठोककर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। इसके बाद विराट कोहली ने भी 60 गेंदों पर 74 रनों का आक्रामक योगदान दिया। हालांकि, टॉप ऑर्डर के इस शानदार प्रदर्शन के बावजूद भारतीय मध्यक्रम पूरी तरह फ्लॉप साबित हुआ, जिसके चलते टीम इंडिया 50 ओवर में 360/7 पर सिमट गई और 27 रन से मैच हार गई।इंग्लैंड दौरे का निराशाजनक अंत: टी20 में 0-4 से सूपड़ा साफ होने के बाद वनडे सीरीज भी हाथ से निकलीयह मुकाबला भारत के इंग्लैंड दौरे का अंतिम मैच था, जहां सीमित ओवरों के क्रिकेट में टीम इंडिया को केवल निराशा ही हाथ लगी है। वनडे सीरीज़ से पहले खेली गई टी20 सीरीज़ में मेजबान इंग्लैंड ने भारत को 0-4 से हराया था। फैंस और खेल विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि वनडे सीरीज़ में दिग्गज खिलाड़ियों की वापसी से स्थिति बदलेगी, लेकिन लॉर्ड्स में 388 के लक्ष्य के करीब पहुंचकर हार जाना टीम की गहराती समस्याओं को उजागर करता है। बड़े योगदानों के बावजूद जीत दर्ज न कर पाना आगामी बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों से पहले भारतीय टीम प्रबंधन के लिए गंभीर चिंतन का विषय है।
पवित्र सावन का महीना शुरू होने से ठीक पहले ग्रहों के दुर्लभ गोचर और चाल में बदलाव से बेहद शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जुलाई के अंत में तीन प्रमुख ग्रह—देवगुरु बृहस्पति, ग्रहों के राजकुमार बुध और कर्मफलदाता शनि अपनी स्थिति में बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति 19 जुलाई को गुरु पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि 25 जुलाई को बुध देव उदित होंगे और इसके ठीक बाद 27 जुलाई को शनि मीन राशि में वक्री चाल शुरू करने वाले हैं। ग्रहों के इस महासंयोग का प्रभाव 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन के पूरे महीने में देखने को मिलेगा। इस दौरान 5 विशेष राशियों को धन, करियर, व्यापार और सेहत में अप्रत्याशित सफलता मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं।मेष राशि: आय में बढ़ोतरी और करियर में प्रमोशन के तगड़े संकेतग्रहों के इस बड़े बदलाव से मेष राशि के जातकों को जबरदस्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। यदि आप लंबे समय से नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं, तो आपको देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों से आकर्षक ऑफर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को देखते हुए पदोन्नति (Promotion) और वेतन वृद्धि (Appraisal) का लाभ मिल सकता है। व्यापारियों को नए सौदों में अच्छा मुनाफा होगा और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।मिथुन राशि: अटके काम होंगे पूरे और अचानक होगा धन लाभमिथुन राशि के जातकों के लिए ग्रहों की यह तिकड़ी अत्यंत फलदायी साबित होगी। आपके लंबे समय से फंसे हुए काम अचानक गति पकड़ेंगे। अनावश्यक खर्चों पर ब्रेक लगेगा, जिससे आपकी बचत में इजाफा होगा। अचानक से धन लाभ होने के योग बन रहे हैं, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को कोई सुखद समाचार मिल सकता है।सिंह राशि: मेहनत लाएगी रंग और नए व्यापार की हो सकती है शुरुआतसिंह राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का पूरा साथ लेकर आ रहा है। ऑफिस में बॉस और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम और आइडियाज से काफी प्रभावित होंगे, जिसका सीधा असर आपकी तरक्की पर दिखेगा। बिजनेस करने वाले जातक किसी नए प्रोजेक्ट या काम की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि, कोई भी बड़ा वित्तीय निर्णय लेते समय जल्दबाजी से बचें। मनचाही यात्रा और आकस्मिक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं।तुला राशि: आय के नए स्रोत बनेंगे और निवेश से मिलेगा फायदातुला राशि के जातकों को इस अवधि में किस्मत का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। आय के नए जरिये बनने से आर्थिक स्थिरता आएगी और पुराने निवेश से बड़ा फायदा मिल सकता है। जो जातक संपत्ति या शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय मुफीद है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें। धार्मिक गतिविधियों में रुझान बढ़ेगा और जीवनसाथी के साथ किसी सुखद यात्रा का आनंद ले सकते हैं।मीन राशि: बढ़ेगा आत्मविश्वास, जमीन और वाहन खरीदने के बनेंगे योगमीन राशि के जातकों के भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होगा। आप अपनी ऊर्जा का उपयोग रुके हुए कार्यों को निपटाने में करेंगे। परिवार में आपसी सामंजस्य और प्रेम बढ़ेगा। यदि आप नई जमीन, मकान या वाहन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो परिस्थितियां आपके अनुकूल रहेंगी। माता-पिता के सहयोग से प्रेम संबंधों को विवाह में बदलने का अवसर मिलेगा और संतान पक्ष से भी कोई शुभ समाचार मिल सकता है।
अगर आप भारतीय शेयर बाजार में निवेश करते हैं और आगामी बजट या सरकारी घोषणाओं में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स से राहत या इसे पूरी तरह खत्म किए जाने की उम्मीद लगाए बैठे थे, तो आपके लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने संसद में आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल शेयर बाजार के इक्विटी निवेश पर लागू LTCG टैक्स को हटाने का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। वित्त मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिए गए इस लिखित जवाब के बाद उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें टैक्स छूट की उम्मीद जताई जा रही थी।वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में किया स्पष्ट: अभी टैक्स हटाने का कोई विचार नहींलोकसभा में पूछे गए सवाल का लिखित जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि वर्तमान में इक्विटी निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को समाप्त करने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार हर साल आम बजट की तैयारी के दौरान और आवश्यकतानुसार टैक्स कानूनों की समीक्षा करती रहती है। इसका मतलब यह है कि भविष्य की आर्थिक स्थितियों के आधार पर बदलाव की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है, लेकिन मौजूदा स्थिति में निवेशकों को LTCG टैक्स से कोई सीधी राहत नहीं मिलने वाली है।LTCG टैक्स से सरकार की बंपर कमाई: 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाया राजस्व정부 (सरकार) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान इक्विटी निवेश से प्राप्त होने वाले LTCG टैक्स के जरिए कुल 2.01 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व हासिल हुआ है। आंकड़े बताते हैं कि टैक्स कलेक्शन में सालाना आधार पर करीब 79 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एसेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 में सरकार ने LTCG के रूप में 1.29 लाख करोड़ रुपये जुटाए, जो कि AY 2024-25 में 72,249 करोड़ रुपये थे। इतने बड़े राजस्व योगदान के कारण सरकार फिलहाल इस टैक्स को हटाने के पक्ष में नहीं है।रिटेल और FPI दोनों के लिए 12.5% टैक्स दर समान: टैक्स नियमों में कोई भेदभाव नहींसरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि लिस्टेड इक्विटी शेयरों पर लागू 12.5 प्रतिशत की LTCG टैक्स दर घरेलू रिटेल निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) दोनों के लिए एक समान है। सरकार का कहना है कि कर प्रणाली में दोनों तरह के निवेशकों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रखा गया है, ताकि बाजार में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।विदेशी निवेशकों के लिए G-Secs नियमों में बड़ा बदलाव: 1 अप्रैल 2026 से लागू हुई नई छूटभले ही इक्विटी पर LTCG टैक्स में कोई बदलाव न हुआ हो, लेकिन सरकार ने विदेशी निवेशकों (FPIs) के लिए सरकारी बॉन्ड (G-Secs) से जुड़े नियमों में राहत दी है। 1 अप्रैल 2026 से लागू नए प्रावधानों के अनुसार, भारत के सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों को ब्याज आय और कैपिटल गेन दोनों पर आयकर से पूरी छूट दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य भारतीय टैक्स सिस्टम को वैश्विक मानकों के अनुकूल बनाना और दुनिया भर के पेंशन फंड व सॉवरेन वेल्थ फंड को भारतीय बाजार की ओर आकर्षित करना है।
शेयर बाजार में हॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड (Hawkins Cookers Ltd) के शेयरों में हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शानदार बढ़त देखने को मिली। कंपनी के शेयरों में 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी कंपनी द्वारा अपने योग्य शेयरधारकों के लिए घोषित किए गए बंपर डिविडेंड के बाद देखने को मिल रही है। कंपनी ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर 140 रुपये का मोटा डिविडेंड देने का फैसला किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते तय की गई है।22 जुलाई को है एक्स-डिविडेंड और रिकॉर्ड डेट: जानिए किसे मिलेगा फायदाहॉकिन्स कुकर्स लिमिटेड ने शेयर बाजारों को भेजी आधिकारिक जानकारी में स्पष्ट किया है कि कंपनी 10 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 140 रुपये का डिविडेंड वितरित करेगी। इसके लिए कंपनी ने 22 जुलाई 2026 (बुधवार) की तारीख को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। इसका मतलब है कि 22 जुलाई तक जिन निवेशकों के पास डिमैट खाते में कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, केवल वही इस आकर्षक डिविडेंड का लाभ उठाने के हकदार होंगे।लगातार बढ़ा रही है डिविडेंड: पिछले सालों में रहा है ऐसा ट्रैक रिकॉर्डकंपनी अपने शेयरधारकों को लगातार बड़ा डिविडेंड देकर खुश करती आई है। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो हॉकिन्स कुकर्स ने साल 2025 में प्रति शेयर 130 रुपये का डिविडेंड दिया था। वहीं साल 2024 में निवेशकों को प्रति शेयर 120 रुपये का डिविडेंड मिला था, जबकि साल 2023 में कंपनी ने 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से डिविडेंड बांटा था। लगातार बढ़ते डिविडेंड के इस आंकड़े से साफ है कि कंपनी अपने कैश फ्लो का बड़ा हिस्सा निवेशकों के साथ साझा करती आ रही है।शेयरों में आई 2% की तेजी: एक महीने में दिया 19% से ज्यादा का रिटर्नसप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई (BSE) पर कंपनी का स्टॉक 2 प्रतिशत से अधिक की मजबूती के साथ 9262.85 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। पिछले एक महीने के प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी के शेयरों में 19 प्रतिशत से ज्यादा का तगड़ा उछाल आया है। वहीं बीते 6 महीनों में इस स्टॉक ने अपने निवेशकों को 21 प्रतिशत का पॉजिटिव रिटर्न दिया है। हालांकि, पिछले एक साल में शेयरों में करीब 3.95 प्रतिशत और दो साल की अवधि में 8.23 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिली है।10 सालों में दिया मल्टीबैगर रिटर्न: सेंसेक्स को भी पछाड़ादीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) निवेशकों के लिए हॉकिन्स कुकर्स का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। बीते तीन सालों में कंपनी के शेयरों ने 38 प्रतिशत और 5 सालों में 58 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 10 वर्षों के आंकड़े देखें तो इस स्टॉक ने 255 प्रतिशत की धमाकेदार तेजी दर्ज की है, जबकि इसी 10 साल की अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स ने केवल 178 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इस तरह हॉकिन्स कुकर्स ने लंबी अवधि में सेंसेक्स को भी पछाड़ते हुए निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न और बंपर डिविडेंड दोनों का फायदा दिया है।
भारतीय शेयर बाजार के कारोबार के अंतिम क्षणों में हेल्थकेयर सेक्टर से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। फोर्टिस हेल्थकेयर (Fortis Healthcare) की पूर्ण स्वामित्व वाली प्रमुख सहायक कंपनी एगिलस डायग्नोस्टिक्स (Agilus Diagnostics) ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बड़े फेरबदल का ऐलान किया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी है कि उसने अपने नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली है। पिछले तीन वर्षों में निवेशकों को 184% से अधिक का शानदार रिटर्न देने वाली इस कंपनी के इस कदम का असर अगले कारोबारी सत्र में इसके शेयर पर देखने को मिल सकता है।डॉ. आनंद के के इस्तीफे के बाद विजेंद्र सिंह बने एगिलस डायग्नोस्टिक्स के नए चीफकंपनी द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, विजेंद्र सिंह ने 20 जुलाई 2026 से ही कंपनी के नए MD और CEO के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। यह नई नियुक्ति डॉ. आनंद के के पद छोड़ने के बाद हुई है। डॉ. आनंद करीब छह वर्षों तक एगिलस डायग्नोस्टिक्स के साथ सफलतापूर्वक जुड़े रहने के बाद अब अपने करियर के नए अवसरों की तलाश में पदमुक्त हुए हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कारोबारी घंटों के अंत में आए इस लीडरशिप चेंज का प्रभाव कल बाजार खुलते ही कंपनी और फोर्टिस हेल्थकेयर के शेयरों की हलचल पर साफ दिखेगा।डायग्नोस्टिक्स और एफएमसीजी क्षेत्र का 30 साल का अनुभव: जानिए कौन हैं विजेंद्र सिंह?एगिलस डायग्नोस्टिक्स की कमान संभालने वाले विजेंद्र सिंह हेल्थकेयर और कंज्यूमर इंडस्ट्री के जाने-माने नाम हैं। उनके पास डायग्नोस्टिक्स, हेल्थकेयर, कंज्यूमर हेल्थकेयर और FMCG सेक्टर में 30 वर्षों से भी अधिक का विशाल प्रबंधकीय अनुभव है। इससे पहले वे डायग्नम हेल्थकेयर (Diagnum Healthcare) के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाल रहे थे। इसके अलावा उन्होंने मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर में ग्रुप CEO, हेल्थियंस में CEO और डॉ. लाल पैथलैब्स जैसी दिग्गज कंपनियों में वरिष्ठ नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने रैनबैक्सी कंज्यूमर हेल्थकेयर, बॉश एंड लॉम्ब और ब्लो प्लास्ट जैसी प्रमुख कंपनियों में भी काम किया है।चेयरमैन डॉ. अशुतोष रघुवंशी ने जताई उम्मीद, नए CEO बोले- 'इनोवेशन और पहुंच पर होगा फोकस'फोर्टिस हेल्थकेयर के MD-CEO और एगिलस के चेयरमैन डॉ. अशुतोष रघुवंशी ने विजेंद्र सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि उनके पास डायग्नोस्टिक कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, ऑपरेशनल एक्सीलेंस हासिल करने और शेयरधारकों के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू जनरेट करने का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। वहीं अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए विजेंद्र सिंह ने कहा कि वे इस तेजी से बदलते डायग्नोस्टिक सेक्टर में कंपनी से जुड़कर बेहद उत्साहित हैं। वे हाई-क्वालिटी डायग्नोस्टिक सेवाओं की पहुंच देशभर में बढ़ाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी को मजबूत करने और ग्राहकों के भरोसे को आगे ले जाने पर केंद्रित रहेंगे।देश का विशाल नेटवर्क: 410 से अधिक लैब और 3700 से ज्यादा टच प्वाइंट्स संभालती है कंपनीआपको बता दें कि एगिलस डायग्नोस्टिक्स भारत की अग्रणी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सर्विस प्रोवाइडर्स में से एक है। कंपनी की राष्ट्रव्यापी उपस्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके पास देशभर में 410 से अधिक अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं (Labs), 3,700 से अधिक कस्टमर टच प्वाइंट्स और 12,000 से अधिक डायरेक्ट पिक-अप प्वाइंट्स का एक विशाल नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में मजबूत लीडरशिप के साथ कंपनी आने वाले समय में डायग्नोस्टिक मार्केट में अपनी स्थिति को और भी अधिक मजबूत करने की दिशा में अग्रसर है।
भारतीय सिनेमा का इतिहास कई ऐसी महान और भावुक कहानियों से भरा पड़ा है, जो आज भी दर्शकों की आंखें नम कर देती हैं। फिल्म जगत में कई ऐसे नाम आए जिन्होंने दशकों तक राज किया, लेकिन एक ऐसा भी होनहार फिल्ममेकर था जिसने अपने पूरे जीवन में केवल एक ही फिल्म बनाई और पहली ही कोशिश में भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान यानी नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जिस दिन उनकी उस इकलौती फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देने का ऐलान हुआ, उसी दिन एक दर्दनाक हादसे में महज 34 साल की उम्र में इस प्रतिभाशाली डायरेक्टर की मौत हो गई।कश्मीर के तंगहाली भरे बचपन से न्यूयॉर्क तक का सफर: जानें कौन थे अवतार कृष्ण कौलहम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के समानांतर और यथार्थवादी दौर के महान निर्देशक अवतार कृष्ण कौल (Avtar Krishna Kaul) की। कश्मीर के एक मध्यमवर्गीय कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे अवतार कृष्ण कौल को बचपन से ही कला और सिनेमा से गहरा लगाव था। शुरुआती दिनों में परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। जीवन यापन के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी तक की। इसी नौकरी के दौरान उन्हें अमेरिका जाने का अवसर मिला, जहां उन्होंने न्यूयॉर्क की 'सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क' से अपनी पढ़ाई पूरी की और वहीं शादी भी कर ली।पहली ही फिल्म '27 डाउन' से बॉलीवुड में मचाया तहलका: राखी और एम.के. रैना की जोड़ी ने जीता दिलअमेरिका से भारत लौटने के बाद उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करना शुरू किया और साल 1974 में अपनी पहली फिल्म का निर्माण किया। उन्होंने मशहूर हिंदी लेखक रमेश बक्शी के उपन्यास 'अठारह सूरज के पौधे' को अपनी फिल्म का आधार बनाया। इस ब्लैक एंड व्हाइट क्लासिक फिल्म का नाम रखा गया '27 डाउन' (27 Down)। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं के लिए उन्होंने दिग्गज अभिनेत्री राखी और एम.के. रैना को चुना। जिम्मेदारियों और इच्छाओं के बीच पिसते एक इंसान की इस मार्मिक कहानी का निर्देशन और लेखन खुद अवतार कृष्ण कौल ने ही किया था।डूबते इंसान को बचाते हुए गई जान: जिस दिन हुआ नेशनल अवॉर्ड का ऐलान, उसी दिन थम गईं सांसें'27 डाउन' को अपनी रिलीज के साथ ही आलोचकों और दर्शकों से जबरदस्त तारीफें मिलीं और फिल्म ने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) अपने नाम किए। लेकिन जब सफलता उनके कदम चूम रही थी, तभी मुंबई के एक समुद्र तट पर बड़ा हादसा हो गया। बताया जाता है कि समुद्र में एक डूबते हुए व्यक्ति को बचाने की कोशिश में अवतार कृष्ण कौल खुद तेज उठती लहरों की चपेट में आ गए और पानी में डूबने से उनका असमय निधन हो गया। जिस दिन नेशनल अवॉर्ड्स का आधिकारिक ऐलान हुआ, उसी दिन महज 34 साल की उम्र में वे दुनिया छोड़ चुके थे। वे अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न भी नहीं मना सके, लेकिन उनकी यह इकलौती फिल्म आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर मानी जाती है।
बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार और मशहूर निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी जब भी साथ आती है, सिनेमाघरों में नया इतिहास रचती है। 'वेलकम टू द जंगल' के बाद दोनों अपनी बहुप्रतीक्षित साइको-थ्रिलर फिल्म 'हैवान' (Haiwaan) को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में जारी हुए फिल्म के फर्स्ट लुक पोस्टर में अक्षय कुमार के नेगेटिव यानी विलेन वाले किरदार ने फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि, अब फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि अक्षय कुमार इस खौफनाक किरदार के लिए उनकी पहली पसंद नहीं थे। प्रियदर्शन इस रोल में पहले दो अन्य बॉलीवुड अभिनेताओं को कास्ट करना चाहते थे।सैफ अली खान की एंट्री के बाद शुरू हुई विलेन की तलाश: बॉबी देओल ने ठुकरा दी थी स्क्रिप्टफिल्म प्रमोशन के दौरान मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने 'हैवान' की स्टारकास्ट को लेकर कई अनसुने राज खोले। प्रियदर्शन ने बताया कि जब उन्होंने सबसे पहले अभिनेता सैफ अली खान को फिल्म की कहानी सुनाई, तो सैफ ने उत्सुकता से पूछा कि उनके अपोजिट विलेन का किरदार कौन निभाएगा। इसके बाद प्रियदर्शन ने इस रोल के लिए सबसे पहले 'रॉकस्टार' बॉबी देओल से संपर्क किया था। हालांकि, बॉबी देओल को फिल्म की स्क्रिप्ट कुछ खास पसंद नहीं आई और उन्होंने इस प्रोजेक्ट के लिए मना कर दिया। प्रियदर्शन ने स्पष्ट किया कि स्क्रिप्ट पसंद न आने में बॉबी की कोई गलती नहीं थी।अक्षय खन्ना और सुनील शेट्टी के नाम पर भी हुआ था विचार: ऐसे हुई अक्षय कुमार की एंट्रीबॉबी देओल के इनकार के बाद प्रियदर्शन ने अभिनेता अक्षय खन्ना के नाम पर विचार किया। अक्षय खन्ना से फोन पर बातचीत हुई और उन्होंने प्रियदर्शन को मिलने के लिए भी बुलाया। प्रियदर्शन के मन में यह डर भी था कि अगर अक्षय खन्ना मना करते हैं तो वे सुनील शेट्टी के पास जाएंगे। इसी दौरान प्रियदर्शन अपनी दूसरी फिल्म 'भूत बंगला' की शूटिंग कर रहे थे, जहां सेट पर ही उन्होंने अक्षय कुमार को 'हैवान' की कहानी सुनाई। अक्षय कुमार को फिल्म का कांसेप्ट और विलेन का किरदार इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत इसके लिए हां कह दी। इस तरह प्रियदर्शन को उनकी फिल्म के लिए परफेक्ट विलेन मिल गया।11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी 'हैवान': थ्रिलर का लगेगा तड़काअक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'हैवान' को लेकर दर्शकों के बीच भारी बज बना हुआ है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बन रही यह हाई-ऑक्टेन साइको-थ्रिलर फिल्म 11 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज की जाएगी। लंबे समय बाद अक्षय कुमार को किसी बड़े पर्दे की फिल्म में डार्क नेगेटिव रोल में देखना फैंस के लिए एक बेहतरीन सिनेमैटिक एक्सपीरियंस साबित होने वाला है।
बॉलीवुड के 'सुपरस्टार' सलमान खान के फैंस के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ महीनों से अधर में लटकी सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की महत्वाकांक्षी फिल्म 'मातृभूमि' (Motherland) की रिलीज को लेकर बना सारा सस्पेंस अब पूरी तरह से खत्म हो गया है। सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में लगातार यह अफवाहें उड़ रही थीं कि फिल्म को 2027 तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, मेकर्स ने आधिकारिक रूप से इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यह देशभक्ति से लबरेज फिल्म 2027 में नहीं, बल्कि इसी साल यानी 2026 में ही बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।पोस्टर और कैप्शन ने बढ़ाया फैंस का रोमांच: चित्रांगदा सिंह और सलमान खान का दिखा देशभक्ति अंदाजफिल्म के प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान और नए पोस्टरों के साथ 'मातृभूमि' की रिलीज का बड़ा ऐलान किया। जारी किए गए पोस्टर्स में सलमान खान और चित्रांगदा सिंह का बेहद प्रभावशाली लुक देखने को मिल रहा है। सलमान खान वाले पोस्टर पर हर सांस भारत के लिए (Every breath for India) लिखा है, जबकि चित्रांगदा सिंह के पोस्टर पर कुछ रिश्ते खून के रिश्तों से भी मजबूत होते हैं का संदेश दिया गया है। मेकर्स ने पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, एक सैनिक का वादा, एक परिवार की ताकत, एक देश का गर्व, जिसने फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है।क्यों रुकी थी 'मातृभूमि' की शूटिंग और रिलीज? गलवान घाटी विवाद से जुड़ा है कनेक्शनरिपोर्ट्स के अनुसार, अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बन रही फिल्म 'मातृभूमि' बीते तीन महीनों से सेंसर बोर्ड और री-शूटिंग के कारण रुकी हुई थी। यह फिल्म मूल रूप से 2020 में भारत और चीन के बीच हुई हिंसक गलवान घाटी झड़प (Galwan Valley Clash) पर आधारित बताई जा रही है। कूटनीतिक संवेदनशीलता और तनाव को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय और सेंसर बोर्ड ने मेकर्स को चीन व गलवान घाटी के प्रत्यक्ष संदर्भों को हटाने की सलाह दी थी। इसी वजह से फिल्म का नाम पहले 'बैटल ऑफ गलवान' से बदलकर 'मातृभूमि' (Motherland) रखा गया और स्क्रिप्ट में आवश्यक बदलाव किए गए।17 अप्रैल से टलने के बाद अब इसी साल सिनेमाघरों में धमाका करेंगे सलमान खान'मातृभूमि' पहले 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से क्लीयरेंस और बदलावों के कारण इसकी रिलीज में देरी हुई। अब जब मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर 2027 में टलने की खबरों को पूरी तरह झूठा करार दे दिया है, तो ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि फिल्म इस साल के अंत तक किसी बड़े फेस्टिव वीकेंड पर बड़े पर्दे पर रिलीज की जा सकती है। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस एक्शन-ड्रामा फिल्म से सलमान खान एक बार फिर से बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
Motorola ने भारतीय बाजार में अपना नया प्रीमियम स्मार्टफोन Motorola Edge 70 Max लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को दमदार 7100mAh बैटरी, 90W फास्ट चार्जिंग, Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, 2K AMOLED डिस्प्ले और कई एडवांस Moto AI फीचर्स के साथ पेश किया ...
NEET-UG पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी आंदोलन को सोमवार को राजनीतिक समर्थन भी मिला। समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद डिंपल यादव अपने पार्टी सांसदों के साथ संसद से जंतर-मंतर तक मार्च करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ...
देश की राजधानी दिल्ली में, यमुना के तट पर अडिग अविचल चुपचाप खड़ा है लाल किला। इस्लामी फ़ारसी तैमूरी और हिन्दू शैलियों की मिली जुली वास्तुकला का बेजोड़ नमूना यह किला बलुआ लाल पत्थरों की चादर से खुद को ढांपे अपने जख्मों को छुपाए हंसता हुआ मिलता है अपने ...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश- किसी आईपीएस की अगुवाई में दोबारा बनाएं एसआइटी
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाया जाए। कोर्ट ने यूपी सरकार से SIT जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी, अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।
देश की नई शिक्षा नीति और परीक्षा पेपर लीक के विरोध में सोमवार को राजधानी दिल्ली में छात्रों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें हुईं। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले ...
लश्कर के महिला विंग 'तैय्यबात' का विस्तार, एआई और प्रचार नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के महिला विंग 'तैय्यबात' काफी सक्रिय है। ऐसा कहा जा रहा है कि कट्टरपंथी संगठन में महिलाएं अपनी मर्जी से शामिल हो रही हैं। इसकी स्थापना वर्ष 2025 में हुई थी। वर्ष 2026 की शुरुआत तक इस विंग ने तेजी से विस्तार किया और बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती की।
छत्तीसगढ़ के कोरबा (Korba) जिले से बाल संरक्षण और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ एक बेहद सफल और सख्त कार्रवाई का मामला सामने आया है। जिले के एक ग्रामीण या शहरी इलाके में नाबालिग बच्चों की शादी कराने की गुप्त तैयारियों की भनक महिला एवं बाल विकास विभाग और स्थानीय प्रशासन को लग गई थी। कानून को ताक पर रखकर बालिग होने की कानूनी उम्र से बहुत पहले ही एक 13 साल की नाबालिग बालिका और 15 साल के किशोर का विवाह रचाया जा रहा था। जब बारात दरवाजे पर पहुंच चुकी थी, मेहमानों का आना-जाना जारी था और फेरे लेने के लिए भव्य मंडप पूरी तरह सजकर तैयार था, ठीक उसी वक्त प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर आनन-फानन में पहुंच गई।उम्र के दस्तावेजों की जांच और परिजनों की काउंसलिंग: बाल विवाह के कानूनी परिणामों से अवगत कराए गए माता-पिताप्रशासनिक अमले ने मौके पर पहुंचते ही सबसे पहले वर और वधू पक्ष के लोगों से उनके जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और आयु से जुड़े अन्य कानूनी दस्तावेज मांगे। जांच के दौरान जब यह साबित हो गया कि लड़की की उम्र महज 13 वर्ष और लड़के की उम्र मात्र 15 वर्ष है, तो अधिकारियों ने तुरंत विवाह की सभी रस्मों को रोक देने का कड़ा आदेश दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने दोनों पक्षों के माता-पिता और रिश्तेदारों को बैठाकर समझाइश दी और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (Child Marriage Prohibition Act) के तहत होने वाले गंभीर कानूनी परिणामों, जेल की सजा और जुर्माने के प्रावधानों से पूरी तरह अवगत कराया। इसके बाद परिजनों ने अपनी गलती मानते हुए शादी को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का लिखित आश्वासन दिया।आधुनिक Generative AI चाइल्ड प्रोटेक्शन डेटा और कम्युनिटी अवेयरनेस: कैसे रुक रही हैं ऐसी कुप्रथाएंआधुनिक Generative AI चाइल्ड वेलफेयर डेटा एनालिसिस और डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स के इस दौर में समाज कल्याण विभाग बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर लगाम कसने के लिए एआई-पावर्ड हेल्पलाइन और कम्युनिटी ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग कर रहा है। ग्रामीण और दूरदराज के अंचलों में छिपे तौर पर होने वाली इन शादियों की सूचना अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और जागरूक नागरिकों के जरिए तुरंत प्रशासन तक पहुंच जाती है। बाल अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा के प्रसार और प्रशासनिक सतर्कता के कारण अब समाज में यह बदलाव दिखने लगा है कि लोग खुद आगे बढ़कर कम उम्र की शादियों का विरोध करने लगे हैं, जिससे बच्चों के सुनहरे भविष्य की रक्षा हो रही है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सामाजिक हलकों में भी चर्चा: बाल विवाह के खिलाफ कड़े कदमों की सराहनाछत्तीसगढ़ के कोरबा में हुई इस बाल विवाह की सफल रोकथाम की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य हिस्सों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के महिला कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों ने कोरबा प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी सख्ती पूरे देश में अपनाई जानी चाहिए। इस बीच, कोरबा के स्थानीय इलाकों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि प्रशासन की इस मुस्तैदी से दो मासूम बच्चों का जीवन बर्बाद होने से बाल-बाल बच गया है।
जगदलपुर में दिल दहला देने वाला हादसा: पलक झपकते ही सड़क पर गिरे वार्ड बॉय को बोलेरो ने कुचला
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर जगदलपुर (Jagdalpur) से सड़क सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही को बेनकाब करने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर की एक व्यस्त सड़क पर एक अस्पताल में कार्यरत वार्ड बॉय अपनी बाइक या वाहन से गुजर रहा था, तभी अचानक हुई किसी टक्कर के कारण वह संतुलन खो बैठा और सीधे सड़क पर आ गिरा। इससे पहले कि वह संभल पाता या उठकर अपनी जान बचा पाता, उसके ठीक पीछे तेज रफ्तार से आ रही एक बोलेरो (Bolero) गाड़ी ने उसे कुचल दिया। इस भीषण हादसे में वार्ड बॉय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।लगातार क्यों बढ़ रहे हैं सड़क हादसे: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और बेकाबू रफ्तार बन रही है कालइस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय नागरिकों और यातायात विशेषज्ञों के बीच इस बात पर गंभीर चर्चा छिड़ गई है कि आखिर शहरों में सड़क हादसे इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेकाबू रफ्तार, ओवरटेकिंग की होड़, खराब सड़कों की बनावट और हेलमेट या सुरक्षा मानकों की अनदेखी इन मौतों का सबसे बड़ा कारण बन रही है। जगदलपुर के इस मामले में भी चश्मदीदों का कहना है कि यदि वाहन चालकों ने थोड़ी सी भी सावधानी बरती होती या बोलेरो की रफ्तार नियंत्रित होती, तो शायद एक हंसती-खेलती जिंदगी यूं सड़क पर असमय न बुझती। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोग प्रशासन से सड़कों पर स्पीड ब्रेकर तथा सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग कर रहे हैं।आधुनिक Generative AI ट्रैफिक सर्विलांस और स्मार्ट रोड सेफ्टी: हादसों रोकने के लिए हाई-टेक उपायआधुनिक Generative AI ट्रैफिक एनालिटिक्स और स्मार्ट रोड सेफ्टी सर्विलांस के इस दौर में इस तरह के हादसों पर रोक लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कैमरों का इस्तेमाल तेजी से किया जा रहा है। एआई-पावर्ड ओवरस्पीड डिटेक्शन सिस्टम्स और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों की मदद से उन चालकों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो बिना अनुशासन के सड़कों पर रफ्तार भरते हैं। ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिर्फ चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ड्राइवरों में सड़क शिष्टाचार और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना बेहद जरूरी है, तभी इन मौतों के सिलसिले पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के सड़क सुरक्षा हलकों में भी चिंता: महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक बढ़ रहा हादसों का ग्राफजगदलपुर की इस हृदयविदारक घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों के परिवहन विभागों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के यातायात निदेशालय और सड़क सुरक्षा अभियानों से जुड़े अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई है कि किस प्रकार जरा सी चूक और तेज रफ्तार लोगों की जिंदगी छीन रही है। इस बीच, जगदलपुर पुलिस ने बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है और शहर के मुख्य चौराहों पर पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि इस तरह की लापरवाह ड्राइविंग पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
छत्तीसगढ़ में जुआरियों पर पुलिस का बड़ा शिकंजा! खुड़खुड़िया के 5 फड़ों पर ताबड़तोड़ दबिश
छत्तीसगढ़ के कानून-व्यवस्था और पुलिस महकमे ने एक बार फिर अपराधियों और जुआरियों के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई से सनसनी फैला दी है। राज्य के एक बड़े इलाके में अवैध रूप से संचालित हो रहे खुड़खुड़िया और जुए के पांच अलग-अलग फड़ों पर पुलिस की टीमों ने एक सुनियोजित और गुप्त रणनीति के तहत अचानक दबिश दी। पुलिस को लंबे समय से इन गुप्त अड्डों पर बड़े पैमाने पर अवैध जुआ खेले जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। अचानक हुई इस घेराबंदी से जुआरियों में ऐसा हड़कंप मचा कि उन्हें भागने तक का मौका नहीं मिला और वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।33 जुआरी गिरफ्तार और 90 लाख की चार लग्जरी कारें जब्त: मौके से भारी मात्रा में नकदी और सट्टा-पट्टी बरामदपुलिस की इस त्वरित और चाक-चौबंद कार्रवाई के दौरान कुल 33 शातिर जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इन जुआरियों के पास से और फड़ों से भारी मात्रा में नकदी, ताश के पत्ते और सट्टा-पट्टी बरामद की है। इस कार्रवाई का सबसे बड़ा आकर्षण वह लग्जरी गाड़ियां रहीं जिनका इस्तेमाल ये शातिर जुआ खेलने के लिए करते थे। पुलिस ने मौके से करीब 90 लाख रुपये की कुल कीमत वाली चार हाई-एंड लग्जरी कारें भी जब्त की हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इस अवैध कारोबार में कितने बड़े और रसूखदार लोग शामिल थे। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से अब पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के बाकी सरगनाओं का भी सुराग लगाया जा सके।आधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और कॉल डेटा एनालिसिस: कैसे ध्वस्त हुआ जुआरियों का गुप्त नेटवर्कआधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और मोबाइल टावर डेटा एनालिटिक्स के इस दौर में छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपराधियों के इन सीक्रेट ठिकानों का पर्दाफाश करने के लिए हाई-टेक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। पुलिस की साइबर सेल ने इन जुआरियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और जीपीएस लोकेशंस की एआई-पावर्ड मैपिंग की थी, जिसके जरिए यह सटीक जानकारी मिली कि किस वक्त और किस जगह पर सबसे बड़ा फड़ सजाया जाता है। तकनीक और पुलिस की इस मिलीजुली रणनीति ने साबित कर दिया है कि अब पारंपरिक अपराधों और अवैध जुए के अड्डों को आधुनिक सर्विलांस से छिपाना नामुमकिन हो चुका है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा: संगठित अपराध पर लगाम कसने के इस मॉडल की सराहनाछत्तीसगढ़ के इस हाई-प्रोफाइल जुआ रेड और 90 लाख की गाड़ियों की जब्ती की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य राज्यों के पुलिस मुख्यालयों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस रणनीतिकारों का कहना है कि संगठित अपराध और अवैध जुए के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए इस तरह की कठोर और त्वरित कार्रवाई का मॉडल बेहद कारगर साबित होता है। इस बीच, छत्तीसगढ़ के स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
कल दिल्ली में होगी किसानों की हुंकार! भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ महापंचायत का ऐलान
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर से किसानों के बड़े आंदोलन और राजनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में चर्चा में आए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (India-US Trade Agreement) के खिलाफ देश भर के प्रमुख किसान संगठनों ने जोरदार मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कल दिल्ली में किसानों की एक विशाल महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें देश भर से हजारों किसानों के जुटने की संभावना है। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता देश के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय व्यापारियों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है, जिससे घरेलू बाजार तबाह हो जाएगा। इस महापंचायत को लेकर दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमाओं पर अपनी चौकसी बेहद कड़ी कर दी है।पंजाब और हरियाणा से रवाना हुए बसों के जत्थे: बॉर्डर इलाकों में पुलिस बल तैनात, ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा असरइस महापंचायत को सफल बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों—विशेष तौर पर पंजाब और हरियाणा—से किसानों के जत्थे बड़ी संख्या में बसों और ट्रैक्टरों के जरिए दिल्ली की तरफ कूच कर चुके हैं। पंजाब के विभिन्न जिलों से युवाओं और बुजुर्ग किसानों ने बसों में सवार होकर दिल्ली के लिए यात्रा शुरू कर दी है, जिससे रास्ते के तमाम टोल प्लाजा और राजमार्गों पर सरगर्मी बढ़ गई है। स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली-नुकड़ सीमाओं, सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, पैरामिलिट्री फोर्सेज और बैरिकेड्स तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन इस बात की पूरी कोशिश कर रहा है कि पिछले आंदोलनों की तरह शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लगने की आशंका जताई जा रही है।आधुनिक Generative AI और सोशल मीडिया सर्विलांस: आंदोलन के डिजिटल ट्रेंड्स पर एजेंसियों की पैनी नजरआधुनिक Generative AI सोशल मीडिया एनालिटिक्स और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में किसानों के इस आंदोलन और महापंचायत को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई-टेक हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किस तरह के संदेश, वीडियो और भड़काऊ नारे शेयर किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। एआई-पावर्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट टूल्स के जरिए दिल्ली आने वाले रास्तों पर गाड़ियों की आवाजाही की पल-पल की अपडेट ली जा रही है, जिससे यात्रियों को समय रहते वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: व्यापार समझौते के विरोध पर टिकी हैं सबकी निगाहेंदिल्ली में होने जा रही इस किसान महापंचायत और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य कृषि प्रधान राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के किसान संगठनों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों का सीधा असर देश के छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों पर पड़ता है, यही वजह है कि इसे लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। इस बीच, दिल्ली आने वाले रास्तों पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और कल होने वाली इस महापंचायत के दौरान किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर (Amritsar) से कानून-व्यवस्था और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शहर के एक सुनसान या व्यस्त रास्ते के किनारे पिछले कई घंटों से एक महिंद्रा थार (Thar) गाड़ी लावारिस हालत में खड़ी हुई थी। पहले तो किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब काफी देर तक गाड़ी अपनी जगह से नहीं हिली और अंदर कोई हलचल नहीं दिखाई दी, तो स्थानीय लोगों को शक हुआ। जब पास जाकर खिड़की से झांका गया तो अंदर की सीट पर एक युवक का शव बेसुध हालत में पड़ा हुआ था, जिसे देखकर स्थानीय लोगों के होश उड़ गए और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।शराब की खुली बोतल और रहस्यमयी मौत: क्या यह सिर्फ हादसा है या फिर इसके पीछे छिपी है कोई खौफनाक साजिश?सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी के दरवाजे को खोलकर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। प्रारंभिक जांच-पड़ताल के दौरान पुलिस को थार गाड़ी के अंदर से शराब की एक खुली हुई बोतल और कुछ अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ है। मृतक की पहचान अभी स्थानीय स्तर पर की जा रही है, लेकिन जिस तरह से वह गाड़ी के भीतर संदिग्ध हालत में मृत मिला है, उससे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या युवक की मौत अत्यधिक शराब पीने, किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई है या फिर इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश के तहत हत्या का मामला छुपा हुआ है।आधुनिक Generative AI फोरेंसिक और डिजिटल सर्विलांस: कॉल डिटेल और सीसीटीवी से खुलेगा मौत का राजआधुनिक Generative AI फोरेंसिक डेटा एनालिसिस और डिजिटल सर्विलांस के इस दौर में पुलिस इस अंधे कत्ल या संदिग्ध मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए हाई-टेक टूल्स का सहारा ले रही है। वैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम गाड़ी से फिंगरप्रिंट्स और डीएनए सैंपल जुटा रही है, साथ ही मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर डंप डेटा की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आखिरी बार इस थार गाड़ी में उसके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे और यह गाड़ी किस रूट से होते हुए उस जगह तक पहुंची थी। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों से पर्दा उठ जाएगा।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के हलकों में भी चर्चा: सड़क किनारे संदिग्ध वाहनों और वारदातों पर बढ़ती चिंताअमृतसर की इस रहस्यमयी घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य महानगरों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के नागरिकों और सड़क सुरक्षा संगठनों ने इस बात पर चिंता जताई है कि किस प्रकार आजकल सड़कों के किनारे खड़े होने वाले वाहनों का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों के लिए होने लगा है। इस बीच, अमृतसर पुलिस ने मृतक के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के ढाबों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि इस पूरी घटना की हर एक कड़ी को तेजी से जोड़ा जा सके।
पंजाब के बठिंडा (Bathinda) जिले से कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द को चुनौती देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शुमार जिला मिनी सचिवालय (Mini Secretariat) की बाहरी दीवारों पर किसी अज्ञात असामाजिक तत्व द्वारा प्रवासियों के खिलाफ तीखे और भड़काऊ नारे लिख दिए गए। सुबह जब आम लोग और प्रशासनिक अधिकारी दफ्तर पहुंचे, तो दीवारों पर लिखे इन शब्दों को देखकर वहां सनसनी फैल गई। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया, क्योंकि संवेदनशील सरकारी इमारतों की दीवारों पर इस तरह की बयानबाजी से माहौल खराब होने की पूरी आशंका जताई जा रही थी।प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: दीवारों पर पुताई कर मिटाए गए नारे, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेजमामले की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत एक्शन लिया। नगर निगम और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर काम शुरू किया और उन दीवारों पर तुरंत कालिख पोतकर या सफेद पेंट कराकर सभी विवादास्पद नारों के निशानों को पूरी तरह मिटा दिया। इसके साथ ही, मिनी सचिवालय और उसके आसपास के चौराहों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों (CCTV Footage) की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व कौन थे और वे किस वक्त यहां आए थे। पुलिस अधिकारियों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।आधुनिक Generative AI सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग: माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजरआधुनिक Generative AI डिजिटल सर्विलांस और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टूल्स के इस दौर में इस तरह की घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो चुकी हैं। साइबर सेल की टीमें इस बात की भी बारिकी से जांच कर रही हैं कि कहीं इन नारों की तस्वीरें खींचकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करके सांप्रदायिक या क्षेत्रीय तनाव फैलाने की कोई साजिश तो नहीं रची जा रही थी। एआई-पावर्ड इमेज रिकग्निशन और वीडियो एनालिटिक्स की मदद से आरोपियों के चेहरे और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: प्रवासी और स्थानीय मुद्दों पर गरमाई सियासतबठिंडा की इस घटना की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और देश के अन्य हिस्सों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषक और प्रशासनिक विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि किस प्रकार देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय और प्रवासी मुद्दों को लेकर तनाव पैदा करने की कोशिशें समय-समय पर की जाती हैं। इस बीच, बठिंडा के स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से मांग की है कि ऐसे नापाक मंसूबों वाले लोगों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई की जाए ताकि शहर की शांति और भाईचारा हर हाल में सुरक्षित रह सके।
वर्तमान समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए छात्रों में फॉरेंसिक शिक्षा के प्रति रुचि बेहद तेजी से बढ़ी है। इस बदलते ट्रेंड के बीच गांधीनगर स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) द्वारा शुरू किए गए दो नए ...
बिहार के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) और एनडीए गठबंधन की रणनीतियों को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इसी कड़ी में राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी ने अपने सभी विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों को एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त टास्क सौंपा है। उन्होंने अपने विधायकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या से शाम के समय केवल दो घंटे निकालकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों की जनता के बीच जरूर बिताएं। इस दौरान नेताओं को आम लोगों की समस्याओं को सुनने, सरकारी योजनाओं का फीडबैक लेने और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को कहा गया है, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके।जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद: जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोरसम्राट चौधरी द्वारा दिए गए इस विशेष निर्देश का मुख्य उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और आम जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह पाटना है। अक्सर यह शिकायत मिलती है कि चुनाव जीतने के बाद नेता अपने क्षेत्रों से गायब हो जाते हैं और जनता से संपर्क टूट जाता है। इसी खामी को दूर करने के लिए भाजपा हाईकमान अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ चुका है। विधायकों को यह साफ कर दिया गया है कि जनता के बीच उनकी सक्रियता ही उनके आगामी राजनीतिक भविष्य और टिकट का पैमाना तय करेगी। इस दो घंटे के जन-संवाद कार्यक्रम के तहत स्थानीय समस्याओं जैसे सड़क, पानी, बिजली और प्रशासनिक कामों को प्राथमिकता के आधार पर निबटाने का आदेश दिया गया है।आधुनिक Generative AI और पॉलिटिकल डेटा एनालिसिस: जनता के फीडबैक का होगा हाई-टेक विश्लेषणआधुनिक Generative AI पॉलिटिकल डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल गवर्नेंस के इस दौर में नेताओं के इस जमीनी दौरे को भी हाई-टेक तरीके से मॉनिटर किया जा रहा है। पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व और आईटी सेल इस बात की डिजिटल मैपिंग कर रहा है कि कौन सा विधायक अपने क्षेत्र में कितना समय दे रहा है और जनता के बीच उसकी लोकप्रियता का ग्राफ कैसा चल रहा है। एआई आधारित टूल्स के जरिए यह भी एनालाइज किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में किस तरह की जनसमस्याएं सबसे ज्यादा उठ रही हैं, ताकि सरकार समय रहते उन पर प्रभावी एक्शन ले सके। तकनीक और जन-संपर्क के इस अनोखे मिश्रण से एनडीए विपक्ष को हर मोर्चे पर मात देने की रणनीति पर काम कर रहा है।लखनऊ और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में भी चर्चा: नेताओं के कामकाज के इस नए मॉडल पर टिकी हैं निगाहेंबिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा विधायकों को दिए गए इस 'दो घंटे जनता के नाम' वाले टास्क की गूंज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और अन्य पड़ोसी राज्यों तक साफ सुनाई दे रही है। लखनऊ के राजनीतिक विश्लेषक और पार्टी रणनीतिकार इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि किस प्रकार जनता के बीच लगातार सक्रिय रहकर एंटी-इम्कम्बेंसी (सरकार विरोधी लहर) को कम किया जा सकता है। इस बीच, बिहार के विभिन्न जिलों में विधायक अब शाम के वक्त जनता के बीच चौपाल लगाने लगे हैं, जिससे राज्य की स्थानीय राजनीति में एक नया उत्साह और सुगबुगाहट देखने को मिल रही है।
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना इलाके में संदिग्ध हालत में फ्लैट से मिले 2 शव
दिल्ली के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत संत नगर इलाके में सोमवार को दो लोगों के शव संदिग्ध हालात में मिले। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

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