छत्तीसगढ़ की माटी से निकलकर वैश्विक मंच पर देश का मान बढ़ाने वाली पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजनबाई (Teejan Bai) के जीवन से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा इन दिनों कला और राजनीतिक गलियारों में खूब चर्चा बटोर रहा है। यह वाकया उस समय का है जब देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) तीजनबाई की कला से इस कदर प्रभावित हुई थीं कि उन्होंने इस महान कलाकार को दिल्ली आमंत्रित किया था। मुलाकात के दौरान जब इंदिरा गांधी ने मजाकिया लहजे में उनके तीखे तेवरों को लेकर बात की, तो तीजनबाई ने बिना झिझके बेहद संजीदगी और गर्व से यह जवाब दिया था जिसने पूर्व पीएम का दिल जीत लिया था।कला की राह में अपनों ने मोड़ा मुंह, समाज के विरोध के कारण टूट गई थी पहली शादीभिलाई के एक छोटे से गांव गनियारी से ताल्लुक रखने वाली तीजनबाई का अंतरराष्ट्रीय कलाकार बनने का सफर कांटों भरा रहा है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग और रायपुर अंचल में उस दौर में महिलाओं का मंच पर आकर तंबूरा हाथ में लेकर खड़े होकर 'कापालिक शैली' में पंडवानी गाना रूढ़िवादी समाज को कतई मंजूर नहीं था। जब उन्होंने महज 13 साल की उम्र में मंच पर महाभारत की कथा सुनाना शुरू किया, तो पारध समाज ने उन्हें जाति से बाहर कर दिया था। हद तो तब हो गई जब उनके इस फैसले के कारण उनकी पहली शादी भी टूट गई, लेकिन उन्होंने कला और भगवान कृष्ण की भक्ति का मार्ग नहीं छोड़ा।इंदिरा गांधी की पारखी नजर ने बदला भाग्य, छत्तीसगढ़ की लोक कला को दिलाई वैश्विक पहचानतीजनबाई के हुनर को सबसे पहले देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहचाना। दिल्ली के एक सांस्कृतिक उत्सव में तीजनबाई की कड़क आवाज और अभिनय कला को देखकर इंदिरा गांधी मंत्रमुग्ध हो गई थीं। इसके बाद इंदिरा गांधी के व्यक्तिगत सहयोग और प्रोत्साहन से तीजनबाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। उन्होंने पेरिस, लंदन, अमेरिका और जर्मनी जैसे देशों में छत्तीसगढ़ी बोली में महाभारत के प्रसंगों (जैसे कीचक वध, द्रौपदी चीरहरण) को जीवंत कर विदेशी दर्शकों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया। आज तीजनबाई देश के लाखों उभरते कलाकारों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत हैं।
ENG vs AUS Final: क्या ऑस्ट्रेलिया जीतेगा 7वां टी20 वर्ल्ड कप खिताब या इंग्लैंड रचेगा नया इतिहास
महिला क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा और रोमांचक मुकाबला अब हमारे सामने है। महिला टी20 वर्ल्ड कप (Women's T20 World Cup) के खिताबी महामुकाबले में क्रिकेट इतिहास की दो सबसे जानी-दुश्मन टीमें इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया आमने-सामने होने जा रही हैं। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर होने वाले इस फाइनल मैच को लेकर पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस की सांसें थमी हुई हैं। जहां डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी बादशाहत को बरकरार रखते हुए रिकॉर्ड सातवीं बार चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं इंग्लैंड की जांबाज शेरनियां कंगारुओं के इस तिलस्म को तोड़कर नया इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।कंगारू टीम की नजरें सातवें आसमान पर, खिताबी हैट्रिक की दहलीज पर खड़ी है ऑस्ट्रेलियाई सेनामेग लैनिंग और एलिसा हीली की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम को इस फॉर्मेट की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है। टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही ऑस्ट्रेलियाई टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही बेहद संतुलित नजर आ रही हैं। बेथ मूनी की शानदार फॉर्म और एशले गार्डनर की घातक ऑलराउंड परफॉर्मेंस के दम पर कंगारू टीम फाइनल में मनोवैज्ञानिक बढ़त के साथ उतरेगी। ऑस्ट्रेलियाई टीम का रिकॉर्ड नॉकआउट मैचों में बेहद शानदार रहा है और वे अच्छे से जानती हैं कि बड़े मैचों में दबाव को कैसे झेला जाता है।इतिहास बदलने के इरादे से उतरेगी इंग्लिश टीम, कप्तान हीथर नाइट ने बनाया सीक्रेट प्लानदूसरी ओर, इंग्लैंड की टीम को कम आंकना ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। पूरे टूर्नामेंट में इंग्लैंड ने आक्रामक ब्रांड की क्रिकेट खेली है। कप्तान हीथर नाइट, नैट साइवर-ब्रंट और सोफी एसलस्टोन जैसी वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों के दम पर इंग्लैंड किसी भी परिस्थिति से मैच पलटने की ताकत रखता है। इंग्लिश टीम के थिंक-टैंक ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रोकने के लिए एक खास बॉलिंग प्लान तैयार किया है। क्रिकेट पंडितों के अनुसार, जो भी टीम पावरप्ले के शुरुआती छह ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करेगी, इस महामुकाबले की ट्रॉफी उसी के नाम होगी।
बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Pr प्रशांत किशोर) आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में खुद चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। जन सुराज की केंद्रीय समिति ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि प्रशांत किशोर पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट (Bankipur Assembly Seat Patna) से पार्टी के उम्मीदवार होंगे। अब तक पर्दे के पीछे रहकर बड़े-बड़े नेताओं को सत्ता के शीर्ष पर पहुंचाने वाले पीके का खुद चुनाव लड़ने का यह फैसला बिहार के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदलने वाला साबित हो सकता है।पर्दे के पीछे के किंगमेकर का सीधा चुनावी दंगल में कदम, पटना की सीट बनी हॉटस्पॉटबांकीपुर सीट से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा होने के बाद प्रशांत किशोर ने एक बेहद भावुक और दमदार बयान दिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 'बिहार को बदलना और यहां के लोगों को उनका हक दिलाना ही अब मेरी जिंदगी का इकलौता मकसद है। मैं किसी पद के लालच में नहीं, बल्कि बिहार में एक नई राजनीतिक व्यवस्था और जन-व्यवस्था स्थापित करने के लिए सीधे जनता की अदालत में जा रहा हूं।' पीके के इस बड़े कदम के बाद पटना का बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र रातों-रात पूरे देश की सबसे हॉट सीट बन गया है, जहां अब तक पारंपरिक दलों का दबदबा रहा था।बीजेपी और आरजेडी के पारंपरिक गढ़ में जन सुराज की सीधी सेंधमारीराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर सीट को चुनकर प्रशांत किशोर ने एक बेहद सोची-समझी कूटनीतिक चाल चली है। पटना शहर की यह सीट शिक्षित, कामकाजी और शहरी मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करती है, जहां जन सुराज का 'राइट टू एजुकेशन' और रोजगार का एजेंडा काफी असरदार साबित हो सकता है। पीके की इस सीधी एंट्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खेमे में खलबली मचा दी है। जन सुराज के कार्यकर्ताओं में इस घोषणा के बाद से जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और उन्होंने पटना की सड़कों पर जनसंपर्क अभियान और भी तेज कर दिया है।
राजस्थान के सबसे चर्चित और बहुआयामी कानूनी मामलों में से एक 'भंवरी देवी हत्याकांड' (Bhanwari Devi Murder Case) एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार राजस्थान हाईकोर्ट ने भंवरी देवी के वारिसों को पारिवारिक पेंशन न मिलने के मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जोधपुर स्थित मुख्य पीठ में इस मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश ने सरकारी सिस्टम की दोहरी नीति को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि जब सरकार ने इस पूरे मामले की हकीकत को स्वीकार करते हुए पीड़िता के वारिस को अनुकंपा नियुक्ति दे दी, तो फिर पेंशन जारी करने में इतनी देरी और आनाकानी क्यों की जा रही है?सरकारी तंत्र की दोहरी नीति पर अदालत की तीखी टिप्पणी, न्याय में देरी पर जताई नाराजगीभंवरी देवी के आश्रितों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार की कानूनी दलीलों को खारिज कर दिया। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि एक तरफ सरकारी विभाग भंवरी देवी को मृत मानते हुए उनके आश्रित बेटे या बेटी को सरकारी नौकरी दे चुका है, जो इस बात का सीधा प्रमाण है कि विभाग ने उनकी मृत्यु को रिकॉर्ड पर स्वीकार कर लिया है। लेकिन जब बात उसी मृतक कर्मचारी की पेंशन और वित्तीय लाभों की आती है, तो कानूनी दांव-पेंच और कागजी औपचारिकताओं का बहाना बनाकर परिवार को परेशान किया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि यह स्थिति पूरी तरह से अतार्किक और मानवाधिकारों के खिलाफ है।भंवरी देवी के बच्चों को हक दिलाने के लिए हाईकोर्ट ने जारी किया अल्टीमेटमजोधपुर और पूरे राजस्थान (Rajasthan Legal News) के प्रशासनिक गलियारों को हिला देने वाले इस आदेश में हाईकोर्ट ने सरकार को तुरंत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि सालों से परिवार इस वित्तीय सहायता के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, जबकि भंवरी देवी स्वास्थ्य विभाग में एएनएम (ANM) के पद पर कार्यरत थीं। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि अगली सुनवाई तक भंवरी देवी के वारिसों की पेंशन का मामला सुलझाकर रिपोर्ट पेश नहीं की गई, तो अदालत कड़े प्रशासनिक कदम उठाने के लिए मजबूर होगी।
पंजाब को अपराध और नशे के चंगुल से मुक्त कराने के लिए सूबे की कानून व्यवस्था ने अब तक की सबसे बड़ी और चौतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के कड़े निर्देशों के बाद पंजाब पुलिस ने राज्यभर में सक्रिय गैंगस्टरों, उनके मददगारों और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले सिंडिकेट के खिलाफ एक बहुत बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है। इस पूरे ऑपरेशन को इतना गुप्त और सुनियोजित रखा गया था कि अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस महानिदेशक (DGP Punjab) की सीधी निगरानी में तड़के सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई से पूरे राज्य के अंडरवर्ल्ड और ड्रग माफियाओं में हड़कंप मच गया है।सरहद से लेकर शहरों तक एक साथ गरजे पुलिस के जवान, कई संदिग्ध ठिकाने ध्वस्तइस व्यापक मुहिम को सफल बनाने के लिए पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने विशेष रणनीतिक खाका तैयार किया था। इसके तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में 60 हाई-टेक पुलिस टीमों का गठन किया गया, जिसमें भारी संख्या में पुलिस बल और कमांडो शामिल थे। इन टीमों ने अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, बठिंडा, फिरोजपुर और तरनतारन जैसे संवेदनशील और सीमावर्ती जिलों में तस्करों के ठिकानों पर एक ही समय में एक साथ दबिश दी। पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टरों के जेल में बंद साथियों के करीबियों और ड्रग मनी के लेन-देन से जुड़े संदिग्धों के घरों की सघन तलाशी ली, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।132 संदिग्धों से पूछताछ जारी, भारी मात्रा में अवैध हथियार और नशीले पदार्थ बरामदक्रैकडाउन के दौरान पुलिस टीमों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से अब तक 132 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। प्राथमिक जांच और छापेमारी के दौरान कई ठिकानों से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं, हेरोइन, भारी कैश (ड्रग मनी) और अवैध आधुनिक हथियार बरामद किए जाने की खबर है। हिरासत में लिए गए इन संदिग्धों से पुलिस के खुफिया विंग और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमें कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन डिलीवरी के कनेक्शन का पर्दाफाश किया जा सके। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस बड़े कदम की सराहना की है और सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया है।
झारखंड में मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तपती गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को जहां इस मानसूनी फुहार से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कुदरत का यह बदला हुआ रूप कुछ इलाकों के लिए आफत का सबब भी बन सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Ranchi) ने आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव होने के कारण राज्य के 19 जिलों में आज मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज रफ्तार हवाएं चलने की पूरी संभावना है।रांची और खूंटी समेत इन जिलों में मंडरा रहा है आसमानी बिजली का सायामौसम केंद्र रांची के ताजा बुलेटिन के अनुसार, राजधानी रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और गुमला जैसे मध्य व दक्षिणी जिलों में आज मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रह सकता है। इन इलाकों में बादलों की तीव्र गर्जना के साथ वज्रपात (Lightning Strike) की अत्यधिक आशंका जताई गई है। इसके अलावा संताल परगना और कोल्हान संभाग के जिलों, जैसे पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, दुमका और देवघर में भी सुबह से ही काले बादलों ने डेरा जमा लिया है। कुछ ही घंटों में इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश शुरू हो सकती है।आपदा प्रबंधन विभाग की लोगों से अपील, खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलेंझारखंड में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम विभाग ने स्थानीय नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण इलाकों के किसानों और मवेशी पालकों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि जब आसमान में बिजली कड़क रही हो, तो भूलकर भी किसी बड़े पेड़, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में शरण न लें। किसान भाई खेतों में काम करना तुरंत बंद कर दें और पक्के मकानों के अंदर सुरक्षित रहें। शहरी इलाकों में भी जलभराव (Waterlogging) और ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगमों को तैयार रहने को कहा गया है।
पेट में दर्द होना एक बेहद आम समस्या है, जिसे अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या खराब खानपान का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर पेट दर्द मामूली नहीं होता? देश के जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और डॉक्टरों ने एक चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आपको पेट दर्द के साथ कुछ खास गंभीर लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह शरीर के अंदर पनप रही किसी बड़ी और जानलेवा बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में घरेलू नुस्खों के चक्कर में समय गंवाने के बजाय मरीज को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना चाहिए।इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकती है बड़ी मेडिकल इमरजेंसीडॉक्टरों ने बताया कि अगर पेट में तेज मरोड़ या दर्द के साथ लगातार उल्टी हो रही हो, या फिर उल्टी में खून आ रहा हो, तो यह बेहद खतरनाक स्थिति है। इसके अलावा, अगर पेट दर्द के साथ तेज बुखार आना, सांस लेने में तकलीफ होना, अचानक पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला होना) के लक्षण दिखना या फिर मल का रंग पूरी तरह काला या खूनी हो जाना शामिल है, तो यह अपेंडिसाइटिस, गॉलब्लेडर स्टोन, पैंक्रियाटाइटिस या आंतों में रुकावट (Intestinal Obstruction) जैसी गंभीर बीमारियों का साफ इशारा है। ऐसे में की गई जरा सी भी लापरवाही मरीज की जान जोखिम में डाल सकती है।कब और क्यों जरूरी है तुरंत डॉक्टर की सलाह, एक्सपर्ट्स से समझें वजहदिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में हाल ही में ऐसे कई मामले देखे गए हैं जहां मरीजों ने सामान्य दर्द समझकर पेनकिलर खा ली, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पेट के अलग-अलग हिस्सों (जैसे ऊपरी दाहिना हिस्सा या निचला बायां हिस्सा) में होने वाला दर्द अलग-अलग अंगों की खराबी को दर्शाता है। अगर दर्द अचानक बहुत तेज हो जाए और लेटने या बैठने पर भी आराम न मिले, तो यह पेट के अंदरूनी अंगों के फटने (Perforation) का संकेत हो सकता है। इसलिए, सटीक जांच के लिए तुरंत सीटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
जब भी राजस्थान का नाम जेहन में आता है, तो तपती धूप, उड़ती रेत और झुलसाने वाली गर्मी की तस्वीर सामने उभरती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मरुभूमि कहे जाने वाले इसी राज्य में एक ऐसी जादुई जगह भी मौजूद है, जिसे 'राजस्थान का स्विट्जरलैंड' कहा जाता है? जब पूरे प्रदेश में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाता है और लोग लू के थपेड़ों से बेहाल रहते हैं, तब भी इस खास हिल स्टेशन पर मौसम पूरी तरह सुहाना रहता है। यहां की वादियों में कदम रखते ही आपको बिना एसी के भी कड़ाके की ठंडक और बर्फ जैसी सर्द हवाओं का अहसास होने लगेगा।अरावली की वादियों में छिपा है कुदरत का यह अनोखा और अनसुना करिश्मारेगिस्तानी राज्य का यह इकलौता और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन कोई और नहीं, बल्कि सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू (Mount Abu Hill Station) है। समुद्र तल से करीब 1220 मीटर की ऊंचाई पर बसे माउंट आबू की भौगोलिक स्थिति ही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। घने जंगलों, प्राकृतिक झीलों और अरावली की ऊंची पहाड़ियों से घिरे होने के कारण यहां का तापमान मैदानी इलाकों के मुकाबले हमेशा बहुत कम रहता है। गर्मियों के सीजन में जहां दिल्ली-एनसीआर और जयपुर उबल रहे होते हैं, वहीं माउंट आबू का सुहाना मौसम देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाता है।नक्की झील और गुरु शिखर की ठंडी हवाएं कर देंगी आपको मंत्रमुग्धमाउंट आबू आने वाले सैलानियों के लिए यहां की प्रसिद्ध नक्की झील (Nakki Lake) और राजस्थान की सबसे ऊंची चोटी 'गुरु शिखर' सबसे बड़े आकर्षण का केंद्र हैं। शाम के समय जब नक्की झील में बोटिंग के दौरान ठंडी हवाएं चेहरे को छूती हैं, तो सैलानियों की सारी थकान पल भर में गायब हो जाती है। वहीं गुरु शिखर पर पहुंचकर बादलों को बेहद करीब से देखने का अहसास बिल्कुल कश्मीर या स्विट्जरलैंड जैसा अनुभव कराता है। अगर आप भी इस चिलचिलाती गर्मी में किसी बजट-फ्रेंडली और ठंडी जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो राजस्थान का यह छुपा हुआ खजाना आपके लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों से वसूला जाएगा भारी टैक्स, क्या भारत को ईरान से मिलेगी विशेष छूट
वैश्विक व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई चेन के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नियंत्रण रखने वाले देशों द्वारा अब यहां से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों और तेल टैंकरों पर एक नया पारगमन शुल्क (Transit Tax) लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले के बाद पूरी दुनिया के नीति निर्माताओं और व्यापारिक घरानों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस रूट से दुनिया का एक-तिहाई से अधिक कच्चा तेल ले जाया जाता है। वैश्विक बाजार में इस कदम को कुछ एक्सपर्ट्स कूटनीतिक दबाव बनाने के एक नए तरीके के रूप में देख रहे हैं।ईरान के करीबियों को मिल सकती है बड़ी राहत, वैश्विक बाजार पर पड़ेगा सीधा असरइस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर ईरान का खासा प्रभाव है और यह नया टैक्स सीधे तौर पर उन देशों को प्रभावित करेगा जो खाड़ी देशों से तेल का आयात करते हैं। कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि इस नए नियम के तहत ईरान के करीबी और मित्र देशों को टैक्स में भारी रियायत या पूरी छूट दी जा सकती है। पश्चिम एशिया (Middle East Geopolitics) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस कदम को पश्चिमी देशों और उनके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में लॉजिस्टिक्स और शिपिंग की लागत काफी ज्यादा बढ़ सकती है।भारत के रणनीतिक और व्यापारिक हितों पर क्या होगा असर?नई दिल्ली के लिए यह खबर बेहद संवेदनशील है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए कच्चे तेल का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रूट के जरिए आयात करता है। चाबहार पोर्ट (Chabahar Port) के विकास और ईरान के साथ भारत के पुराने ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंधों को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को इस टैक्स से छूट नहीं मिलती है, तो देश में पेट्रोल-डीजल और माल ढुलाई की कीमतें बढ़ सकती हैं। हालांकि, नई दिल्ली को पूरी उम्मीद है कि ईरान के साथ उसके मजबूत द्विपक्षीय रिश्ते भारत को इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ से बचाने में मददगार साबित होंगे।
वैश्विक कूटनीति के मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। एक समय पर आतंकवाद और अपनी रणनीतिक स्थिति के दम पर अमेरिका से भारी फंड वसूलने वाले पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख अब पूरी तरह खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। वाशिंगटन और बीजिंग के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच अब सुपरपावर अमेरिका ने भी मान लिया है कि इस्लामाबाद पूरी तरह से चीनी इशारों पर नाचने को मजबूर है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग के भारी-भरकम कर्ज के जाल में फंसकर पाकिस्तान अब एक स्वतंत्र देश के बजाय सिर्फ चीन के रणनीतिक हितों को साधने वाला जरिया बनकर रह गया है।ड्रैगन के 'कर्ज जाल' में दफन हुई संप्रभुता और आर्थिक आजादीपाकिस्तान की मौजूदा आर्थिक बदहाली किसी से छिपी नहीं है। देश को दिवालिया होने से बचाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और दोस्त देशों के सामने हाथ फैला रही है। लेकिन इस कहानी का सबसे स्याह पहलू चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) है। इस प्रोजेक्ट के नाम पर बीजिंग ने इस्लामाबाद पर अरबों डॉलर का ऐसा कर्ज लाद दिया है, जिसे चुका पाना अब उसके बस की बात नहीं है। इसके एवज में चीन अब पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से लेकर उसके आंतरिक नीतिगत फैसलों तक को नियंत्रित कर रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान एक संप्रभु राष्ट्र के बजाय चीन के आर्थिक गुलाम जैसी हो गई है।वाशिंगटन का बड़ा दावा और भारत समेत दक्षिण एशिया पर इसका सीधा असरअमेरिकी विदेश मंत्रालय और थिंक-टैंक की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान अब चाहकर भी चीन के प्रभाव से बाहर नहीं निकल सकता। संयुक्त राष्ट्र (UN) से लेकर तमाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान अब वही भाषा बोलता है जो बीजिंग उसे सिखाता है। अमेरिका का मानना है कि यह स्थिति न केवल भारत के लिए बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र (South Asia Security) की स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा है। नई दिल्ली इस स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है, क्योंकि चीन अब पाकिस्तान की धरती और उसकी सेना का इस्तेमाल भारत को दोनों मोर्चों पर घेरने (Two-Front Threat) के लिए और अधिक आक्रामक तरीके से कर सकता है।
Share Market Outlook: TCS रिजल्ट और क्रूड ऑयल समेत इस हफ्ते बाजार को हिलाएंगे ये 5 बड़े ट्रिगर
भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पिछले कुछ सत्रों से लगातार बढ़त के साथ नए रिकॉर्ड स्तर की तरफ कदम बढ़ा रहा है। निफ्टी (Nifty 50) और सेंसेक्स (Sensex) के निवेशकों के लिए यह हफ्ता बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि बाजार की दिशा तय करने वाले कई बड़े इवेंट्स एक साथ सामने आने वाले हैं। घरेलू मोर्चे पर जहां पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों का आगाज हो रहा है, वहीं वैश्विक बाजार से आने वाले आर्थिक आंकड़े और भू-राजनीतिक परिस्थितियां दलाल स्ट्रीट की चाल तय करेंगी।कॉर्पोरेट अर्निंग सीजन की शुरुआत, TCS के नतीजों पर रहेगी पैनी नजरइस हफ्ते शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा घरेलू ट्रिगर आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणाम होंगे। कंपनी 9 जुलाई को अपने तिमाही नतीजों की घोषणा करने जा रही है। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीसीएस के नतीजे न केवल आईटी इंडेक्स की दिशा तय करेंगे, बल्कि इससे पूरे बाजार का सेंटिमेंट भी प्रभावित होगा। निवेशक विशेष रूप से मैनेजमेंट की ओर से आने वाली डिमांड कमेंट्री, डील विन्स और एआई (AI) को लेकर भविष्य की योजनाओं पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही कंपनी अंतरिम डिविडेंड पर भी विचार कर सकती है।क्रूड ऑयल की चाल और मानसून की प्रगति का दिखेगा असरकच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आने वाला उतार-चढ़ाव भारतीय बाजारों के लिए हमेशा से एक बड़ा फैक्टर रहा है। वर्तमान में ब्रेंट क्रूड की कीमतें स्थिरता के दौर से गुजर रही हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के बीच तेल की सप्लाई पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। अगर कच्चे तेल के दाम सीमित दायरे में रहते हैं, तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए राहत की बात होगी। इसके अलावा, देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति और खरीफ फसलों की बुवाई के आंकड़े भी ग्रामीण मांग और महंगाई के अनुमानों को प्रभावित करेंगे, जिससे बाजार को नई दिशा मिलेगी।फेड मिनट्स और ग्लोबल संकेतों से तय होगी विदेशी निवेशकों की रणनीतिग्लोबल मार्केट (Global Market Cues) के लिहाज से अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की पिछली नीतिगत बैठक के मिनट्स इस हफ्ते जारी होने वाले हैं। इससे यह साफ होगा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती को लेकर क्या रुख अपनाने वाला है। पिछले दिनों आए अमेरिकी लेबर मार्केट के कमजोर आंकड़ों के बाद निवेशकों को उम्मीद है कि फेड का रुख नरम रह सकता है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का रुख भी काफी मायने रखेगा, जो हाल के दिनों में भारतीय कैश मार्केट में फिर से खरीदारी की ओर लौटते दिखे हैं।
इंटीरियर प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, एक शेयर पर मिलेगा ₹75 का बंपर डिविडेंड
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए कमाई का एक शानदार मौका आया है। देश की जानी-मानी इंटीरियर प्रोडक्ट निर्माता कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए बड़े डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी अपने योग्य निवेशकों को प्रति इक्विटी शेयर ₹75 का भारी-भरकम लाभांश (Dividend) देने जा रही है। अगर आप भी इस मुनाफे का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको इस हफ्ते की एक बेहद जरूरी तारीख का ध्यान रखना होगा।इसी हफ्ते है रिकॉर्ड डेट, चूक न जाएं मौकाकंपनी ने इस बंपर डिविडेंड के भुगतान के लिए इसी हफ्ते की एक तारीख को रिकॉर्ड डेट (Record Date) घोषित किया है। नियम के अनुसार, रिकॉर्ड डेट के दिन जिन निवेशकों के डीमैट खाते में कंपनी के शेयर मौजूद होंगे, केवल वे ही इस ₹75 प्रति शेयर के लाभांश को पाने के हकदार माने जाएंगे। बाजार एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इंटीरियर सेक्टर की इस कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों और बेहतर कैश फ्लो के चलते यह बड़ा फैसला लिया गया है।निवेशकों में भारी उत्साह, शेयरों में हलचल तेजइस बड़े तोहफे के ऐलान के बाद से ही शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक को लेकर हलचल काफी तेज हो गई है। निवेशक रिकॉर्ड डेट से पहले पोजीशन बनाने की होड़ में हैं। होम डेकोर और इंटीरियर डिजाइनिंग सेगमेंट में इस कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बेहद मजबूत है, जिससे लंबी अवधि के लिहाज से भी निवेशक इस पर भरोसा जता रहे हैं। अगर आप डिविडेंड से कमाई करना चाहते हैं, तो अपने वित्तीय सलाहकार से बात करके इस पर नजर रख सकते हैं।
अहमदाबाद और गांधीनगर को जोड़ने वाले सबसे व्यस्त मार्ग पर अब सफर पहले से अधिक तेज और सुगम होगा। गांधीनगर के पहले अत्याधुनिक केबल-स्टेड ब्रिज का आज मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उद्घाटन किया। भाट चौराहा (भाट चौकड़ी) पर निर्मित यह नया फ्लाईओवर आज से आम ...
आमिर खान ने 61 की उम्र में रचाई तीसरी शादी: गौरी स्प्रैट संग विवाह की पहली तस्वीर वायरल
बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 61 साल की उम्र में अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ शादी रचा ली है। एक रजिस्टर मैरिज के जरिए दोनों ने अपने रिश्ते को नया नाम दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पहली तस्वीर में आमिर ऑफ-वाइट शेरवानी में बेहद शालीन दिख रहे हैं, वहीं गौरी शिमरी ड्रेस में नजर आईं। यह खास मौका उनके बच्चों और परिवार की मौजूदगी में यादगार बन गया।दो दशक बाद पूरी हुई प्रेम कहानीआमिर खान और स्टाइलिस्ट गौरी स्प्रैट की मुलाकात करीब 20 साल पहले हुई थी, लेकिन उनकी प्रेम कहानी ने 2023 में नया मोड़ लिया। शादी के दौरान आमिर को पेपर्स साइन करते हुए देखा गया, जिसमें उनके बेटे आजाद सहित परिवार के करीबी सदस्य शामिल हुए। आमिर की यह तीसरी शादी उनके निजी जीवन का एक नया अध्याय है, जिसे लेकर फैंस के बीच काफी चर्चा है।
इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों को लेकर केंद्र सख्त, मेटा को जारी किया नोटिस
इससे पहले भी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा से सवाल किया था कि इंस्टाग्राम पर इस तरह के विज्ञापन प्रसारित कैसे हुए। सरकार ने कंपनी से यह भी पूछा था कि ऐसे विज्ञापनों की पहचान करने और उन्हें समय रहते हटाने के लिए प्लेटफॉर्म पर कौन-सी व्यवस्था लागू है।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के 30वें स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने रविवार को बिहार की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के नाम विस्तृत संदेश जारी करते हुए सामाजिक न्याय, संविधान की रक्षा और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
E-20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई: माइलेज से लेकर इंजन, बीमा और गन्ने के रस तक हर सवाल का दिया जवाब
E-20 पेट्रोल को लेकर विवाद उस समय तेज हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि की टिप्पणी को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उनके बयान को इस रूप में प्रस्तुत किया गया कि E-20 अभी प्रयोग के चरण में है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के दौरान ईरान का शीर्ष नेतृत्व एक ही स्थान पर मौजूद था और यदि अमेरिका चाहता तो ...
पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र
रायपुर। देश की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वह 72 वर्ष की थीं और लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्होंने रविवार सुबह लगभग 3:15 बजे अंतिम सांस ली। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एम्स अस्पताल पहुंचकर उनके पार्थिव […] The post पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, लोककला जगत ने खोया अमूल्य नक्षत्र appeared first on Sabguru News .
चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल
चंडीगढ़। चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम करीब 54 साल पुरानी दो मंजिला इमारत ढह गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। राहत एवं बचाव कार्य करीब साढ़े पांच घंटे […] The post चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी दो मंजिला बिल्डिंग गिरी, 2 की मौत, 5 घायल appeared first on Sabguru News .
IMD ने दिल्ली-NCR, मुंबई समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मुंबई में रेड अलर्ट, हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी, जानिए ताजा मौसम अपडेट।
उन्हें पता है बॉस कौन है, नेतन्याहू पर ट्रंप का बड़ा बयान, व्हाइट हाउस में जल्द हो सकती है मुलाकात
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में उनसे मुलाकात का अनुरोध किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बैठक अगले सप्ताह या उसके तुरंत बाद हो सकती है। यदि यह मुलाकात होती है तो ...
कप्तान बदलते ही डूबी टीम इंडिया की नैया? श्रेयस अय्यर के नाम दर्ज हुआ बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड
भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की चमचमाती ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को बाहर का रास्ता दिखाना सेलेक्टर्स को भारी पड़ता दिख रहा है। उनकी जगह कप्तानी सौंपने का दांव अब पूरी तरह उल्टा पड़ चुका है। नए कप्तान श्रेयस अय्यर भारत के ऐसे पहले टी20 कप्तान बन गए हैं, जिनके नेतृत्व में टीम अपने शुरुआती चारों टी20 मैचों में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। इस बीच, इंग्लैंड के खिलाफ चल रही सीरीज के दौरान जब पत्रकारों ने बाहर बैठे सूर्या से कहा कि फैंस उन्हें जर्सी में बेहद मिस कर रहे हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'मुझे? अरे, सब बढ़िया चल रहा है।' सूर्या का यह बेबाक अंदाज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।अजीत अगरकर का वो फैसला, जिसपर अब उठ रहे हैं सवालचीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर ने सीरीज से पहले बयान दिया था कि सूर्यकुमार यादव को ड्रॉप करने का फैसला भविष्य की योजनाओं और खिलाड़ियों की फॉर्म को देखकर लिया गया है। लेकिन फैंस का मानना है कि मिडिल ऑर्डर में सूर्या के अनुभव और आक्रामक बल्लेबाजी की कमी टीम को साफ खल रही है। हालांकि, टीम से बाहर होने के बावजूद 35 वर्षीय सूर्यकुमार ने किसी भी विवाद से दूरी बनाई रखी है और वे घरेलू क्रिकेट के जरिए वापसी की तैयारी में जुटे हैं।रिकॉर्ड रनों के बाद भी सीरीज में पिछड़ा भारत, 15 साल के वैभव का धमाकाइंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 190 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इस मैच में 15 साल और 99 दिन के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने इंटरनेशनल डेब्यू कर महान सचिन तेंदुलकर का सबसे युवा खिलाड़ी होने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव ने अपनी पहली पारी में 10 गेंदों में दो गगनचुंबी छक्कों की मदद से 14 रन बनाए। उनके अलावा अभिषेक शर्मा ने 43, ईशान किशन ने 49 और कप्तान श्रेयस अय्यर ने 37 रनों का योगदान दिया।जैकब बेथेल की आंधी में उड़ी भारतीय टीम, इंग्लैंड 1-0 से आगे191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने जैकब बेथेल की नाबाद 76 रनों की तूफानी पारी की बदौलत भारत को 4 विकेट से करारी शिकस्त दी। इससे पहले पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की वजह से धुल गया था, जिसके चलते इंग्लैंड अब सीरीज में 1-0 से आगे हो गया है। भारतीय टीम को कप्तानी के इस नए दौर में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा, क्योंकि सीरीज के अगले नॉकआउट मुकाबले 7 जुलाई (नॉटिंघम), 9 जुलाई (ब्रिस्टल) और 11 जुलाई (साउथेम्प्टन) को खेले जाने हैं।
खगोलीय घटनाओं का रोमांच: भारत में कब लगेगा अगला सूर्य और चंद्र ग्रहण? नोट कर लें तारीख और समय
अंतरिक्ष में होने वाली खगोलीय घटनाएं हमेशा से कौतूहल का विषय रही हैं। ग्रहण को देखना एक अनोखा अनुभव होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगला ग्रहण कब और कहां दिखाई देगा? हर ग्रहण भारत से नजर नहीं आता, इसलिए अगर आप खगोलीय प्रेमी हैं, तो आपको अभी से अपनी प्लानिंग शुरू कर देनी चाहिए। भारत में सूर्य और चंद्र ग्रहण को लेकर ताजा अपडेट सामने आ गए हैं, जिसमें 2027 और 2028 के कई महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल हैं।2027 में दिखेगा अगला सूर्य ग्रहणखगोल विज्ञान के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को होने वाला है। यह एक आंशिक (Partial) सूर्य ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ढक लेगा। चूंकि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं है, इसलिए सूर्य पूरी तरह से ओझल नहीं होगा। यह घटना भारत के कई हिस्सों में देखी जा सकेगी। हालांकि, अलग-अलग भौगोलिक लोकेशन के हिसाब से ग्रहण के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है, इसलिए ग्रहण से पहले अपने शहर के सटीक समय की जांच करना बेहतर होगा।चंद्र ग्रहण का कैलेंडर: कब-कब दिखेगा नजारा?चंद्र ग्रहण के शौकीनों के लिए 20 फरवरी 2027 की तारीख महत्वपूर्ण है। इस दिन भारत में 'उपच्छाया चंद्र ग्रहण' (Penumbral Lunar Eclipse) दिखाई देगा। इस स्थिति में चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरता है, जिससे उसकी चमक में मामूली कमी आती है। यह सामान्य आंखों से पहचानना थोड़ा कठिन हो सकता है। यदि आप एक स्पष्ट और साफ चंद्र ग्रहण देखना चाहते हैं, तो आपको 6 जुलाई 2028 तक का इंतजार करना होगा। इस दिन भारत में आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, जो पृथ्वी की गहरी छाया के कारण काफी स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।ग्रहण देखते समय बरतें ये सावधानियांग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन इसे देखने के तरीके में फर्क होता है। सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से न देखें; इसके लिए हमेशा सुरक्षित सोलर फिल्टर या प्रमाणित ग्रहण चश्मों (Eclipse Glasses) का ही इस्तेमाल करें, अन्यथा आंखों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। वहीं, चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती; आप इसे खुली आंखों से सुरक्षित रूप से देख सकते हैं। खगोलविदों के अनुसार, आने वाले ग्रहणों की तारीख और अपने शहर में उनकी विजिबिलिटी की पहले से जानकारी रखना ही इस दुर्लभ खगोलीय घटना को यादगार बनाने का सबसे अच्छा तरीका है।
गुजरात के साणंद ने देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। CG Semi के 7,500 रुपए करोड़ के मेगा OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) प्लांट में आज व्यावसायिक उत्पादन का आधिकारिक शुभारंभ हो गया। महज 5 महीनों के ...
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 8 और 9 जुलाई को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में झारखंड का डिजिटल रोडमैप प्रस्तुत करेंगे। इस दौरान राज्य की सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल गवर्नेंस और आईटी निवेश से जुड़ी ...
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल में स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के नवनिर्मित एकेडमिक ब्लॉक और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का भी शुभारंभ किया, ...
15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल खिलाड़ी
नई दिल्ली। उम्र सिर्फ़ 15 साल, तीन महीने और सात दिन। उस उम्र में जब ज़्यादातर टीनएजर्स स्कूल के शेड्यूल और वीकेंड के प्लान बनाने में लगे होते हैं, वैभव सूर्यवंशी ने भारत की जर्सी पहनी और देश के लिए इंटरनेशनल मैच खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। शनिवार को ओल्ड ट्रैफर्ड में, बिहार […] The post 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी बने भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल खिलाड़ी appeared first on Sabguru News .
लोन दिलाने का झांसा देकर विवाहिता का यौन शोषण, फाइनेंस कंपनी का शाखा प्रबंधक अरेस्ट
मोतिहारी। बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के ढाका थाना क्षेत्र में लोन दिलाने का झांसा देकर एक विवाहिता के कथित यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता की शिकायत पर ढाका पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए माइक्रोफाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।मामले की जांच […] The post लोन दिलाने का झांसा देकर विवाहिता का यौन शोषण, फाइनेंस कंपनी का शाखा प्रबंधक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के उच्चैन थाना क्षेत्र में चक खरका गांव में शनिवार शाम को जमीन के विवाद में दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में एक बुजुर्ग की स्कॉर्पियो से कुचलकर हत्या कर दी गई जबकि दस से अधिक लोग घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि झगड़े में दोनो पक्षों के […] The post भरतपुर : दो पक्षों के झगड़े से 10 से अधिक लोग घायल, एक की मौत appeared first on Sabguru News .
जून महीने में कम बारिश और मानसून की देरी के बाद जुलाई की शुरुआत मुंबई के लिए बेहद भारी बारिश लेकर आई है। पिछले तीन दिनों (1 जुलाई से 4 जुलाई की सुबह तक) में मुंबई में जुलाई महीने की औसत बारिश का आधे से अधिक हिस्सा रिकॉर्ड किया गया है। लगातार हो रही ...
अमरनाथ यात्रा के लिए 9 जुलाई तक ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण के टोकन फुल: डिविजनल कमिश्नर
अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में इस वर्ष भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू पहुंच रहे हैं
बंगाल : पुलिस के काम में बाधा डालने के मामले में टीएमसी की पूर्व सांसद को जमानत मिली
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार ने अदालत में सरेंडर कर दिया और एक हालिया मामले में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।
लिवर रोग और टाइप-2 डायबिटीज से निपटने के लिए मिशन मोड में काम जरूरी : डॉ. जितेंद्र सिंह
विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विशेष आह्वान किया। उन्होंने देश में लिवर की बीमारी की महामारी और टाइप-2 डायबिटीज के मामलों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से निपटने के लिए मिशन मोड में राष्ट्रीय स्तर पर कदम उठाने की बात कही।
2027 की तैयारी में जुटी भाजपा, नितिन नवीन ने दिया बूथ फतह का मंत्र
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के नवगठित प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों और जिलाध्यक्षों के साथ पहली संगठनात्मक बैठक में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया।
पंजाब कांग्रेस में कहीं कोई गुटबाजी नहीं है: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पार्टी की राज्य इकाई में किसी भी प्रकार की गुटबाजी से स्पष्ट रूप से इनकार किया।
कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर एसआईआर में अनियमितताओं का आरोप लगाया
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) पर दबाव डालकर और चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन करके एसआईआर का दुरुपयोग कर रही है।
किसानों की डिजिटल पहचान की ओर तेजी से बढ़ रहा यूपी, लक्ष्य का 82.69 फीसदी कार्य हुआ पूरा
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री ...
आरएसएस संगठनों को ‘रिमोट कंट्रोल’से नहीं चलाता : मोहन भागवत
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने संघ पर लगे आरोप का जवाब देते हुए कहा कि संघ स्वयं से प्रेरित किसी भी संगठन को रिमोट कंट्रोल से नहीं चलाता बल्कि ऐसे सभी संगठन अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र होते हैं। गौरतलब है कि भागवत का यह बयान आरएसएस और उससे जुड़े […] The post आरएसएस संगठनों को ‘रिमोट कंट्रोल’ से नहीं चलाता : मोहन भागवत appeared first on Sabguru News .
झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट
झालावाड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को झालावाड़ जिले में क्षेत्रीय वन अधिकारी (गश्ती दल) को घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। ब्यूरो ने उनके ड्राइवर को भी गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि उनको शिकायत मिली थी कि लकड़ी से लदे वाहनों को पास करने […] The post झालावाड़ में क्षेत्रीय वन अधिकारी सहित दो लोग 15000 की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं
नई दिल्ली। वाहन उद्योग के प्रतिनिधियों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने ई20 से पुराने वाहनों को नुकसान की बात को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे जो भी छिटपुट मामले सामने आए हैं उनमें ईंधन में मिलावट के कारण नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में हुंडई मोटर इंडिया के […] The post उद्योग विशेषज्ञों का दावा, ई20 ईंधन से पुराने वाहनों को कोई नुकसान नहीं appeared first on Sabguru News .
जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी
बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार पर असहयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से 2018 से 2023 तक पचपदरा रिफाइनरी का काम ठप हो गया था और जैसे ही राज्य में डबल इंजन सरकार आई इसका काम तेजी से आगे बढ़ा और आज इसका लोकार्पण किया जा रहा […] The post जिसका शिलान्यास हम करते है उसका लोकार्पण भी हम ही करते हैं : मोदी appeared first on Sabguru News .
रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल
बालोतरा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया इतिहास रचने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश पिछले 12 वर्षों से विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है और उनके मार्गदर्शन में […] The post रिफाइनरी राजस्थान की भाग्यरेखा, देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास का नया आधार : भजनलाल appeared first on Sabguru News .
तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई की प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को संबोधित एक पत्र में अपना पद छोड़ने की जानकारी दी। उनका यह इस्तीफा पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों की रिपोर्टों के बीच आया है। उनके पार्षद बेटे ने पार्टी […] The post तृणमूल कांग्रेस में जारी उथल-पुथल के बीच चंद्रिमा भट्टाचार्य ने दिया प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
Controversial book case : सरकार ने सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में उपलब्ध एक विवादित पुस्तक को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के आदेश दिए हैं। साथ ही, पुस्तक के अनुमोदन, खरीद और वितरण से जुड़े सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई ...
मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन
जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को यहां जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। मोदी ने इस अवसर पर संशोधित उड़ान योजना का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने नये टर्मिनल भवन का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायड़ू, केन्द्रीय संस्कृति […] The post मोदी ने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का किया उद्घाटन appeared first on Sabguru News .
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक , राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आगामी 20 जुलाई से 13 अगस्त तक होगा और इस दौरान करीब 19 बैठकें होनी की संभावना है। संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रपति ने संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से बुलाने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान […] The post संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक , राष्ट्रीय महत्व के अनेक मुद्दों पर होगी चर्चा appeared first on Sabguru News .
missing gold Ramcharitmanas: अयोध्या का श्रीराम जन्मभूमि मंदिर इन दिनों चढ़ावे चोरी के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। लेकिन, अब इस विवाद में एक ऐसा नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है, जिसने सियासत से लेकर आस्था के गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है। ...
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के युवक ने प्यार के लिए पार की नियंत्रण रेखा
थाजल/उरी। सरहद पार के प्यार के सैकड़ों किस्से सामने आते एवं मीडिया पर सुर्खियां बटोरते रहे हैं और इसी कड़ी में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से ऐसे ही एक प्रेमी युवक के नियंत्रण रेखा पार कर जम्मू कश्मीर में उरी सेक्टर के थाजल गांव अपनी प्रेयसी के पास पहुंचने का मामला सामने आया […] The post पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के युवक ने प्यार के लिए पार की नियंत्रण रेखा appeared first on Sabguru News .
मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली
मेरठ। उत्तर प्रदेश में मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किशोरी की उसके ही भाई ने गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन की हत्या करके आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा […] The post मेरठ में ऑनर किलिंग, सो रही किशोरी को भाई ने मारी गोली appeared first on Sabguru News .
अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र में शालीमार नगर में शनिवार सुबह हथियारबंद तीन नकाबपोश बदमाशों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के सहायक आयुक्त के घर में घुसकर लाखों रुपये के जेवर नकदी लूटकर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बदमाश रात में ही ओमप्रकाश के मकान की छत पर […] The post अलवर में जीएसटी के सहायक आयुक्त के घर डकैती, लाखों के जेवर-नकदी लूटी appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में हवा भरते ट्रक का टायर फटा, मिस्त्री की मौत
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के गोगामेडी कस्बे में एक वर्कशॉप के मिस्त्री की ट्रक के टायर में हवा भरते समय टायर फट जाने से मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार दोपहर में गोगामेडी में सोनी वर्कशॉप पर काम करने वाला रोहताश (34) एक ट्रक के टायर में पंचर लगाने […] The post हनुमानगढ़ में हवा भरते ट्रक का टायर फटा, मिस्त्री की मौत appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना क्षेत्र में जयपुर मार्ग पर शुक्रवार देर रात एक फार्च्यूनर के पलटने से दो लोगों की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि देर रात जयपुर मार्ग पर तेजी से आ रही फार्च्यूनर एक स्कूटी से […] The post बीकानेर में फार्च्यूनर पलटने से दो लोगों की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
बैंक घोटाला: ₹231 करोड़ के फ्रॉड में घिरीं ये 2 कंपनियां, महाराष्ट्र-गुजरात में CBI की बड़ी रेड
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को बेंगलुरु में दर्ज दो बैंक धोखाधड़ी मामलों के संबंध में महाराष्ट्र और गुजरात में कई जगहों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया।
ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, लगा एक और तगड़ा झटका, TMC की प्रदेश अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
Mamata Banerjee's troubles have mounted : तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। आज उन्हें एक और तगड़ा झटका है। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष का ...
दूसरे देशों में इथेनॉल की वजह से क्यों नहीं होते वाहन खराब?
Ethanol blending vehicle damage: सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि दुनिया के तमाम देशों में जहां पेट्रोलियम पदार्थों में इथेनॉल की ब्लेंडिंग की जाती है वहां गाड़ियां खराब क्यों नहीं होती है, जबकि भारत में यह बहुत ज्यादा हो रहा है। इसका उत्तर साफ है कि ...
मांगरोल में बादल फटे, 1 दिन में 22.24 इंच बारिश, गुजरात के 225 तालुका पानी-पानी
Gujarat Rain : गुजरात में पिछले 24 घंटों के दौरान मानसून के कारण राज्य के कुल 225 तालुकाओं में भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश का अलर्ट जारी किया है। मूसलाधार बारिश से ...
हरदोई में रिश्तों का खूनी अंत: जीजा-साले की आपसी रंजिश में दामाद और बेटे की गई जान
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक मामूली विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि जीजा-साले की आपसी दुश्मनी का खामियाजा दो निर्दोष युवाओं को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष में एक परिवार ने अपना बेटा खो दिया तो दूसरे ने अपना दामाद। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और लोग इस बात से हैरान हैं कि आखिर पारिवारिक कलह किस कदर भयावह हो सकती है। फिलहाल, मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।मामूली बात पर शुरू हुआ था विवाद, अंत बना जानलेवासूत्रों के मुताबिक, घटना के पीछे लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश बताई जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जीजा और साले के बीच किसी पुरानी बात को लेकर पहले तीखी बहस हुई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में साले के जीजा (दामाद) और जीजा के साले (बेटा) को गंभीर चोटें आईं, जिनकी इलाज के दौरान या मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक ही परिवार के दो घरों में चूल्हे बुझा दिए हैं। पुलिस प्रशासन अब मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है ताकि जल्द से जल्द सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।पुलिस की जांच और कानून व्यवस्था पर सवालघटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से ही गांव में भारी तनाव का माहौल है, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते इस विवाद को सुलझा लिया जाता, तो शायद आज दो परिवारों के चिराग नहीं बुझते। पुलिस अब उन सभी लोगों के बयान दर्ज कर रही है जो घटना के समय वहां मौजूद थे। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और गुस्सा कितनी बड़ी कीमत वसूल सकता है।
क्या आप भी आर्थिक तंगी से परेशान हैं? ये 7 शुभ संकेत बताते हैं कि जल्द बदलने वाली है आपकी किस्मत
जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है और अक्सर हम कठिन आर्थिक दौर से गुजरते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी सफलता और समृद्धि से पहले ब्रह्मांड हमें कुछ खास संकेत देता है? अगर आप लंबे समय से पैसों की तंगी, कर्ज या करियर में रुकावटों का सामना कर रहे हैं, तो निराश न हों। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि जब आपकी किस्मत बदलने वाली होती है, तो प्रकृति और आसपास के वातावरण में कुछ बदलाव महसूस होने लगते हैं। अगर आपको भी अपने जीवन में ये 7 विशेष संकेत दिखाई दें, तो समझ लें कि आने वाला समय आपके लिए आर्थिक खुशहाली और तरक्की लेकर आने वाला है।बदलती किस्मत के 7 विशेष संकेतसबसे पहला संकेत है आपके सपनों में बदलाव; यदि आप बार-बार खुद को ऊंचाई पर चढ़ते या पानी से जुड़ी शुभ चीजें देखते हैं, तो यह धन लाभ का सूचक है। दूसरा, अगर आपके घर में अचानक चिड़िया अपना घोंसला बनाने लगे या कोई पक्षी घर की छत पर दाना चुगने आए, तो यह धन आगमन की शुभ सूचना माना जाता है। तीसरा, अगर आप बेवजह खुश महसूस करने लगें और आपके स्वभाव में सकारात्मकता बढ़ जाए, तो समझें कि लक्ष्मी का प्रवेश होने वाला है। चौथा संकेत है—अचानक से आपको पुराने खोए हुए पैसे या कोई मूल्यवान वस्तु मिल जाना। पांचवां, यदि आपके आसपास का वातावरण अचानक शांत और खुशनुमा महसूस होने लगे। छठा, यदि घर की तुलसी का पौधा अचानक तेजी से हरा-भरा होने लगे। सातवां, यदि आपको अपने कार्यक्षेत्र में सम्मान या नए अवसरों के संकेत मिलने लगें, तो ये सभी लक्षण बताते हैं कि अब आपकी आर्थिक तंगी के दिन खत्म होने वाले हैं।आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए जरूरी बदलावकेवल संकेतों के भरोसे बैठना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी मेहनत और रणनीतियों में भी बदलाव करना जरूरी है। यदि आपको ये संकेत महसूस हो रहे हैं, तो अपने काम के प्रति फोकस बढ़ा दें। वास्तु के अनुसार, अपने घर की उत्तर दिशा को साफ रखें और वहां कूड़ा-कचरा जमा न होने दें, क्योंकि यह दिशा कुबेर की मानी जाती है। अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाने पर ध्यान दें और अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाएं। याद रखें कि सही दिशा में की गई मेहनत और सकारात्मक दृष्टिकोण ही धन को आकर्षित करने का सबसे बड़ा चुंबक है। अब वक्त आ गया है कि आप अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाएं और इन संकेतों का लाभ उठाकर अपने आर्थिक भविष्य को एक नई उड़ान दें।
स्नेक प्लांट सिर्फ सजावट नहीं, नेचुरल एयर प्यूरीफायर: जानें इसे रखने की सही दिशा और चमत्कारी फायदे
अगर आप अपने घर या ऑफिस के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाना चाहते हैं, तो 'स्नेक प्लांट' (Snake Plant) से बेहतर विकल्प शायद ही कोई हो। इसे 'सेंसिवेरिया' या 'मदर-इन-लॉ टंग' के नाम से भी जाना जाता है। यह पौधा न केवल अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है, बल्कि यह एक बेहतरीन नेचुरल एयर प्यूरीफायर के रूप में भी काम करता है। नासा (NASA) के शोध में भी इस बात की पुष्टि हुई है कि स्नेक प्लांट हवा से जहरीले तत्वों जैसे फॉर्मल्डिहाइड और बेंजीन को सोखने में सक्षम है। सबसे खास बात यह है कि यह पौधा रात के समय भी ऑक्सीजन छोड़ता है, जो इसे बेडरूम के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है। कम देखभाल और कम पानी की जरूरत इसे बिगिनर्स के लिए भी सबसे आसान इनडोर प्लांट बनाती है।वास्तु शास्त्र में स्नेक प्लांट का महत्व और सही दिशावास्तु शास्त्र और फेंगशुई में स्नेक प्लांट को बेहद शुभ माना गया है। यह पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और तनाव कम करने में मदद करता है। इसे घर में रखने की सबसे उत्तम दिशा पूर्व, दक्षिण या दक्षिण-पूर्व मानी जाती है। हालांकि, इसे कभी भी बेडरूम में बहुत अधिक संख्या में नहीं रखना चाहिए और न ही इसे बच्चों की पहुंच से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। यदि आप इसे अपने ऑफिस की डेस्क पर रखते हैं, तो यह न केवल एकाग्रता बढ़ाता है, बल्कि कंप्यूटर या लैपटॉप से निकलने वाली हानिकारक तरंगों के प्रभाव को कम करने में भी सहायक हो सकता है। लिविंग रूम के कोने में इसे रखने से घर में सुख-समृद्धि और शांति का वास बना रहता है।रखरखाव में रखें इन छोटी बातों का ध्यानस्नेक प्लांट को बहुत कम देखरेख की जरूरत होती है, जो इसे व्यस्त जीवनशैली के लिए परफेक्ट बनाता है। इसे बार-बार पानी देने की गलती न करें, क्योंकि इसकी पत्तियों में पानी जमा होता है। मिट्टी की ऊपरी सतह सूखने के बाद ही इसमें पानी डालें। इस पौधे को ऐसी जगह रखें जहां छनकर धूप आती हो, हालांकि यह कम रोशनी वाले कोनों में भी आसानी से जीवित रह सकता है। अगर आप इसे स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इसकी पत्तियों पर जमी धूल को समय-समय पर गीले कपड़े से पोंछते रहें। यह छोटी सी आदत पौधे की फोटोसिंथेसिस प्रक्रिया को तेज करती है, जिससे आपका घर हमेशा ताजी और शुद्ध ऑक्सीजन से भरा रहता है।
दूसरों की संपत्ति हड़पने पर मिलता है भयंकर दंड: गरुड़ पुराण के अनुसार जानिए क्या है पाप का परिणाम
सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथ 'गरुड़ पुराण' में जीवन जीने के तौर-तरीकों के साथ-साथ मृत्यु के बाद मिलने वाले कर्मों के फल का विस्तार से वर्णन किया गया है। शास्त्रों में पराई संपत्ति, जमीन या धन को छल-कपट से हड़पना सबसे बड़े पापों की श्रेणी में रखा गया है। अक्सर लोग अपनी लालसा में दूसरों का हक छीन तो लेते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि इसका हिसाब धर्मराज की कचहरी में चुकाना पड़ेगा। गरुड़ पुराण में स्पष्ट किया गया है कि जो व्यक्ति दूसरों के धन, जमीन या मेहनत की कमाई को अनैतिक तरीके से हथियाता है, उसे नर्क में अत्यंत कष्टदायक यातनाएं झेलनी पड़ती हैं। यह केवल एक सामाजिक अपराध नहीं, बल्कि एक ऐसा महापाप है जो व्यक्ति की आने वाली पीढ़ियों तक के भाग्य को प्रभावित कर सकता है।गरुड़ पुराण के अनुसार दंड का स्वरूपगरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसे व्यक्तियों को यमलोक में 'रौरव' और 'महा रौरव' जैसे घोर नर्क की यातनाएं दी जाती हैं। मान्यताओं के मुताबिक, जो लोग छल-कपट से दूसरों की जमीन या जायदाद हड़पते हैं, उन्हें यमराज के दूत विभिन्न प्रकार के दंड देते हैं। कहा जाता है कि पराई संपत्ति हड़पने वाले व्यक्ति को अपने अगले जन्मों में दरिद्रता और बीमारियों का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि मृत्यु के उपरांत जब आत्मा यमराज के समक्ष पहुंचती है, तो उसके द्वारा किए गए इन पापों का हिसाब-किताब सबसे पहले किया जाता है, क्योंकि किसी लाचार या निर्दोष का हक छीनना ईश्वर की दृष्टि में अक्षम्य अपराध है।धन का मोह और कर्मों का चक्रअक्सर लोग यह सोचते हैं कि वे कानून या समाज की नजरों से बचकर संपत्ति पर कब्जा कर लेंगे, लेकिन गरुड़ पुराण के अनुसार, ईश्वर की सत्ता से कोई भी बच नहीं सकता। मनुष्य का संचित किया गया सारा धन यहीं रह जाता है, साथ केवल उसके कर्म जाते हैं। जो व्यक्ति लोभ में अंधा होकर दूसरों को कष्ट देकर उनकी संपत्ति लेता है, वह न केवल अपने चरित्र को दूषित करता है, बल्कि अपने मन की शांति भी खो देता है। धर्मशास्त्र हमें यह सीख देते हैं कि ईमानदारी से अर्जित किया गया थोड़ा सा धन ही सुख और शांति प्रदान करता है, जबकि बेईमानी से ली गई करोड़ों की संपत्ति अंत में केवल विनाश का कारण बनती है। अतः, जीवन में सदैव न्याय और धर्म के मार्ग पर चलते हुए ही अपनी उन्नति का प्रयास करना चाहिए।
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खमेनेई का अंतिम संस्कार एक ऐतिहासिक और बेहद तनावपूर्ण मोड़ पर शुरू हो चुका है। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला कॉम्प्लेक्स में लाखों लोग जमा हैं, जहां खमेनेई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। इस दौरान पूरा माहौल 'बदले' की भावना से भरा हुआ है। हाथों में लहराते 'लाल झंडे' (Red Flags of Revenge) शिया परंपरा में न्याय और बदले के प्रतीक माने जाते हैं, जो ईरान के उस संकल्प को दर्शा रहे हैं जिसे वे 'इंतकाम' कहते हैं।क्यों लहरा रहे हैं ये 'लाल झंडे'?ईरान में लाल झंडों का लहराना कोई साधारण दृश्य नहीं है। शिया प्रतीकों में, यह झंडा खून का बदला लेने और दुश्मनों को सबक सिखाने की प्रतिज्ञा का प्रतिनिधित्व करता है। फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल के साथ शुरू हुए युद्ध के दौरान हुई अयातुल्ला अली खमेनेई की मृत्यु के बाद, ईरान का नेतृत्व और वहां की जनता इस झंडे के जरिए पूरी दुनिया को यह संदेश दे रही है कि वे अपने सर्वोच्च नेता की शहादत को भूलने वाले नहीं हैं। तेहरान की सड़कों पर 'डेथ टू अमेरिका' और 'डेथ टू इजरायल' के नारों की गूंज इस बात का सबूत है कि ईरान के भीतर बदला लेने की आग अभी भी धधक रही है।ट्रंप के बयान पर सियासत तेजदूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। माउंट रशमोर में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब वॉशिंगटन के साथ किसी भी तरह से समझौता करने के लिए बेताब है। ट्रंप ने कहा, हमने खमेनेई के अंतिम संस्कार के लिए उन्हें एक हफ्ते की मोहलत दी है क्योंकि हम उदार हैं। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल पैदा कर दी है। ईरान, जो पहले से ही अपने सैन्य ठिकानों और मिसाइलों के जरिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का मुंहतोड़ जवाब देने की धमकी दे रहा है, अब ट्रंप के इस दावे पर कैसे प्रतिक्रिया देता है, यह देखना दिलचस्प होगा।क्या मिसाइलों से होगा 'इंतकाम'?ईरान के सैन्य कमांडरों ने साफ कर दिया है कि खमेनेई की मौत का बदला लिया जाएगा। सैन्य मुख्यालय की ओर से जारी बयान में चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी दुश्मन इस संवेदनशील मौके का फायदा उठाने की कोशिश करता है, तो ईरान की मिसाइलें और ड्रोन फोर्स 'तत्काल और शक्तिशाली' जवाब देने के लिए तैयार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर भी ईरान ने सख्त लहजे में कहा है कि उनकी इजाजत के बिना किसी भी जहाज की आवाजाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 2026 की इस जंग में खमेनेई का अंतिम संस्कार केवल एक विदाई नहीं, बल्कि ईरान की 'प्रतिरोध नीति' का एक बड़ा प्रदर्शन बन चुका है।
ममता बनर्जी को बड़ा झटका: टीएमसी में मची खलबली, वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य ने छोड़े सभी पद
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक और जोरदार झटका लगा है। पार्टी की दिग्गज नेता और राज्य की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वालीं चंद्रिमा भट्टाचार्य ने टीएमसी के बंगाल चीफ समेत सभी महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। जानकारों का कहना है कि यह इस्तीफा टीएमसी के भीतर जारी आंतरिक कलह और संगठन में बड़े बदलावों की ओर इशारा करता है, जो आने वाले समय में पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।संगठनात्मक ढांचा और इस्तीफे की वजहचंद्रिमा भट्टाचार्य का पार्टी में कद काफी ऊंचा रहा है और उनके अचानक इस्तीफा देने से कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की कार्यशैली और हालिया राजनीतिक फैसलों से चंद्रिमा भट्टाचार्य नाराज चल रही थीं। बंगाल टीएमसी चीफ के पद से हटने का उनका निर्णय ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी को एकजुट रखने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनके इस्तीफे के बाद अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर टीएमसी की कमान अब किसके हाथ में होगी और क्या पार्टी में और भी बड़े इस्तीफे देखने को मिल सकते हैं।बंगाल की राजनीति पर असरयह इस्तीफा केवल एक नेता का पद छोड़ना नहीं है, बल्कि यह टीएमसी के उस संगठनात्मक तंत्र पर भी सवाल उठा रहा है जिसे ममता बनर्जी ने सालों से सींचा है। विपक्ष ने इस मौके का फायदा उठाते हुए टीएमसी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि टीएमसी नेतृत्व ने समय रहते इस नाराजगी को दूर नहीं किया, तो पार्टी के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती है। चंद्रिमा भट्टाचार्य का अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या वे किसी दूसरे राजनीतिक दल का दामन थामेंगी या फिर अपनी अलग राह चुनेंगी। इस घटनाक्रम ने बंगाल के सियासी पारा को काफी बढ़ा दिया है।
उरी, पुलवामा, पहलगाम भूले नहीं हम', राम माधव का बड़ा बयान, पाक से बातचीत पर रखी आर-पार की शर्त
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता राम माधव ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया है। एक महत्वपूर्ण बयान में उन्होंने कहा कि भारत उरी, पुलवामा और पहलगाम जैसे जख्मों को भूला नहीं है। पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की संभावनाओं को खारिज करते हुए उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' और देश की सुरक्षा नीति का हवाला दिया। राम माधव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से आतंकवाद को लेकर भारत की नीति पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और स्पष्ट है।बातचीत से पहले आतंकवाद पर लगाम जरूरीराम माधव ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी सरजमीं से संचालित आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त नहीं करता, तब तक किसी भी तरह की शांति वार्ता का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के नागरिक उन आतंकी हमलों को नहीं भूले हैं जिन्होंने देश को गहरे घाव दिए हैं। सरकार का यह रुख जगजाहिर है कि 'बातचीत और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते'। उन्होंने कहा कि भारत अब किसी भी दबाव में आकर वार्ता के लिए मजबूर नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा ही हमारी पहली प्राथमिकता है।'ऑपरेशन सिंदूर' और सुरक्षा का संकल्पराम माधव ने अपने संबोधन में 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए देश के सुरक्षा बलों के शौर्य को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत अब एक ऐसा राष्ट्र है जो अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने में सक्षम है। चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर आतंकवाद के खिलाफ कूटनीतिक दबाव, भारत ने अपनी ताकत का लोहा पूरी दुनिया को मनवाया है। उन्होंने विपक्षी दलों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठने वाले सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हमारे लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर कुछ भी नहीं है। यह स्पष्ट संदेश पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है कि भारत अब पुरानी भूलों को दोहराने के मूड में नहीं है।
E20 पेट्रोल का बड़ा सच: क्या आपकी गाड़ी का इंजन हो जाएगा खराब? कंपनियों ने दी ये सफाई
क्या आप भी इस बात को लेकर परेशान हैं कि आपकी कार में E20 पेट्रोल डलवाने से इंजन खराब हो जाएगा? पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों ने आम वाहन मालिकों के मन में डर पैदा कर दिया है। इसी बीच, मारुति सुजुकी, हुंडई, टाटा और महिंद्रा जैसी दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों ने एक साथ आकर E20 पेट्रोल (20% एथनॉल मिश्रित पेट्रोल) को 'क्लीन चिट' दे दी है। कंपनियों का साफ कहना है कि यदि आपकी गाड़ी E20 फ्यूल के लिए तैयार है, तो यह आपकी गाड़ी को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाएगी, बल्कि यह पर्यावरण के लिए एक बेहतर कदम है।क्या है E20 पेट्रोल और इंजन पर असर?E20 पेट्रोल का मतलब है कि इसमें 80% पेट्रोल और 20% एथनॉल मिला हुआ है। एथनॉल एक बायो-फ्यूल है जो गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से बनाया जाता है, जिससे प्रदूषण में काफी कमी आती है। ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी गाड़ियां जो इसके लिए नहीं बनी हैं, उनमें जरूर कुछ तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं, लेकिन जो वाहन निर्माता कंपनियां E20 कम्पैटिबल गाड़ियां बेच रही हैं, उनका इंजन और फ्यूल सिस्टम इसी ईंधन को ध्यान में रखकर ही डिजाइन किया गया है। इसलिए, अपनी कार के मैनुअल को चेक करना बेहद जरूरी है।कंपनियों ने क्यों दी क्लीन चिट?सभी प्रमुख वाहन निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल का उपयोग करने से न केवल ईंधन की खपत में स्थिरता बनी रहेगी, बल्कि यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में भी मदद करेगा। मारुति और हुंडई जैसी कंपनियों ने अपने वाहनों के हार्डवेयर में जरूरी बदलाव किए हैं ताकि एथनॉल के संक्षारक (corrosive) गुणों का इंजन पर असर न पड़े। कंपनियों का मानना है कि ग्राहकों को डरने की जरूरत नहीं है, बस उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे अपनी गाड़ी की क्षमता के अनुरूप ही ईंधन का उपयोग करें। यदि आपकी गाड़ी E20 के लिए प्रमाणित है, तो आप बिना किसी झिझक के पेट्रोल पंप पर E20 ले सकते हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के सख्त रवैये और 'परफॉरमेंस फर्स्ट' वाली नीति के चलते अब खराब फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों के लिए टीम में जगह बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है। हालिया टी20 मैचों में एक खिलाड़ी का प्रदर्शन टीम के लिए 'गले की हड्डी' बनता जा रहा है। लगातार फ्लॉप होने के बावजूद उस खिलाड़ी को मिले मौकों ने अब बीसीसीआई और चयनकर्ताओं के धैर्य की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि गंभीर जल्द ही कोई बड़ा कड़ा फैसला ले सकते हैं।टीम के संतुलन पर भारी पड़ रही खराब फॉर्मटी20 जैसे तेज फॉर्मेट में टीम इंडिया को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो क्रीज पर आते ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर सकें, लेकिन यह खिलाड़ी पिछले कई मैचों से अपनी लय ढूंढने में नाकाम रहा है। न केवल उसकी बल्लेबाजी की औसत गिरी है, बल्कि उसका स्ट्राइक रेट भी टीम की रन गति को धीमा कर रहा है। कोच गौतम गंभीर स्पष्ट कर चुके हैं कि टीम के लिए खेलने वाला हर खिलाड़ी अपनी काबिलियत साबित करने के लिए जिम्मेदार है। सूत्रों की मानें तो गंभीर इस खिलाड़ी के लगातार खराब प्रदर्शन से काफी नाखुश हैं और जल्द ही उन्हें बेंच पर बैठाने या टीम से बाहर करने का मन बना चुके हैं।गंभीर का 'सख्त' मंत्र: प्रदर्शन नहीं तो टीम नहींगौतम गंभीर का मैनेजमेंट स्टाइल हमेशा से ही अनुशासन और परिणाम पर आधारित रहा है। टी20 वर्ल्ड कप और आगामी महत्वपूर्ण सीरीज को देखते हुए टीम इंडिया कोई भी जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा प्रतिभाओं को मौका देने का समय आ गया है? क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि यह खिलाड़ी अगले कुछ मैचों में अपनी उपयोगिता सिद्ध नहीं कर पाता है, तो गंभीर के लिए उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना एक अनिवार्य कदम होगा। टीम इंडिया की नई रणनीति अब केवल फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों को ही प्राथमिकता देने की है, ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार की जा सके।
भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर के ऐतिहासिक मैदान पर होने वाला मुकाबला रोमांचक होने वाला है। इस मैदान की पिच और परिस्थितियों का इंग्लैंड के खिलाड़ियों को बखूबी अनुभव है, जो भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो मैनचेस्टर में इंग्लैंड के कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनका प्रदर्शन हमेशा से ही टीम इंडिया के लिए सिरदर्द रहा है। अगर भारत को इस सीरीज में अपना दबदबा बनाना है, तो इन तीन इंग्लिश धुरंधरों पर नकेल कसना बेहद जरूरी होगा, वरना मैनचेस्टर की यह पिच टीम इंडिया का खेल बिगाड़ सकती है।जो रूट का 'मैनचेस्टर' कनेक्शनइंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट का मैनचेस्टर के मैदान पर रिकॉर्ड किसी भी गेंदबाज को परेशान करने के लिए काफी है। रूट न केवल अपनी तकनीक के लिए जाने जाते हैं, बल्कि इस मैदान पर उन्होंने कई बार लंबी पारियां खेलकर भारतीय गेंदबाजों को संघर्ष करने पर मजबूर किया है। उनकी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और स्पिन को खेलने की गजब की क्षमता उन्हें इस मुकाबले का सबसे खतरनाक खिलाड़ी बनाती है। भारतीय स्पिनरों को रूट के खिलाफ अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा, क्योंकि एक छोटी सी चूक टीम इंडिया पर भारी पड़ सकती है।जेम्स एंडरसन का अनुभव और स्विंग का जादूमैनचेस्टर जेम्स एंडरसन का घरेलू मैदान है और यहां की परिस्थितियों से वे पूरी तरह वाकिफ हैं। एंडरसन की स्विंग और सीम का सामना करना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता। विशेष रूप से मैच की शुरुआत में नई गेंद के साथ एंडरसन जिस तरह की घातक गेंदबाजी करते हैं, वह भारतीय टॉप ऑर्डर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। अगर भारतीय ओपनर्स एंडरसन के पहले स्पेल को संभलकर खेल लेते हैं, तो टीम इंडिया के लिए आगे का रास्ता आसान हो सकता है, वरना एंडरसन मैनचेस्टर में फिर से अपनी जादूगरी दिखा सकते हैं।जोस बटलर की विस्फोटक बल्लेबाजीमैनचेस्टर के मैदान पर जोस बटलर का बल्ला जमकर बोलता है। बटलर की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे मैच को किसी भी मोड़ पर पलटने का माद्दा रखते हैं। टी20 हो या वनडे, बटलर का आक्रामक अंदाज गेंदबाजों के हौसले पस्त कर देता है। मिडिल ऑर्डर में बटलर की उपस्थिति भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बड़ा खतरा है। बटलर अगर अपनी लय में आ गए, तो मैनचेस्टर में रनों की बरसात तय है। भारतीय कप्तान को बटलर को आउट करने के लिए एक विशेष योजना के साथ मैदान में उतरना होगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा इन दिनों अपनी फॉर्म के शिखर पर हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले अभिषेक शर्मा के सामने अब इंग्लैंड के खिलाफ एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित करने का मौका है। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि यदि इंग्लैंड के आगामी मुकाबले में अभिषेक शर्मा केवल दो छक्के (Big Hits) और जड़ देते हैं, तो वह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर देंगे। युवा बल्लेबाज के इस फॉर्म को देखते हुए फैंस को उम्मीद है कि वह मैदान पर एक बार फिर चौकों-छक्कों की बरसात करेंगे।क्या है वह महा-रिकॉर्ड जो टूटने की कगार पर है?अभिषेक शर्मा जिस तरह से पावरप्ले में बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसे देखते हुए यह रिकॉर्ड उनके लिए महज औपचारिकता मात्र है। अभिषेक के पास अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट के कम से कम मैचों में सबसे तेज अर्धशतक और छक्कों का खास मुकाम हासिल करने का मौका है। यदि वह इंग्लैंड के खिलाफ अपनी लय बरकरार रखते हैं और दो बड़े शॉट और लगा देते हैं, तो वह न केवल अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को बेहतर करेंगे, बल्कि भारत के लिए सबसे कम गेंदों में सर्वाधिक छक्के जड़ने वाले टॉप बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लेंगे। यह उपलब्धि उनके करियर के ग्राफ को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।क्यों खास है इंग्लैंड के खिलाफ यह मुकाबला?इंग्लैंड की गेंदबाजी लाइनअप के खिलाफ अभिषेक शर्मा का खेलना भारतीय टीम के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि अभिषेक की तकनीक और क्रीज पर खड़े होकर सीधे शॉट खेलने की क्षमता उन्हें आधुनिक क्रिकेट का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाती है। इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय टीम की निगाहें युवा खिलाड़ियों पर हैं, और अभिषेक शर्मा इस मौके को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दो बड़े छक्कों के साथ ही न केवल भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत मिलेगी, बल्कि यह युवा स्टार दुनिया को यह संदेश भी दे देगा कि भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी कितनी आक्रामक और सक्षम है। फैंस को उम्मीद है कि अभिषेक का बल्ला गरजेगा और इतिहास लिखा जाएगा।
बारिश में क्या खाएं और क्या न खाएं? बीमार होने से बचना है तो फॉलो करें एक्सपर्ट के ये नियम
सावन और भादो की फुहारें जहां मन को सुकून देती हैं, वहीं मानसून अपने साथ कई तरह के संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस बहुत तेजी से पनपते हैं, जिसका सीधा असर हमारे पाचन तंत्र और इम्युनिटी पर पड़ता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि आप मानसून के दौरान अपने खान-पान में थोड़े बदलाव कर लें, तो आप मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस मौसम में आपकी थाली में क्या होना चाहिए और किन चीजों से आपको तौबा कर लेनी चाहिए।मानसून में क्या खाएं? (Healthy Monsoon Diet)बरसात के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अपनी डाइट में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। हल्दी वाला दूध, अदरक, लहसुन और काली मिर्च का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है। हरी पत्तेदार सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और उबालकर ही इस्तेमाल करें। लौकी, तोरई और परवल जैसी हल्की सब्जियां पाचन के लिए बेहतरीन हैं। साथ ही, हाइड्रेटेड रहने के लिए हर्बल टी, जैसे कि तुलसी, अदरक और दालचीनी का काढ़ा पीना इम्युनिटी बूस्ट करने में रामबाण का काम करता है।इन चीजों से करें परहेज (What to Avoid)मानसून में बाहर का खाना, खासकर स्ट्रीट फूड खाने से बचना सबसे जरूरी नियम है। सड़कों के किनारे मिलने वाले खुले कटे हुए फल, जूस और चाट-पकौड़े में बैक्टीरिया और फंगस पनपने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, डेयरी उत्पादों (जैसे दूध और दही) का सेवन भी बहुत सावधानी से करें, क्योंकि नमी के कारण इनमें जल्दी संक्रमण फैल सकता है। कच्ची सलाद और बहुत अधिक मसालेदार या तली-भुनी चीजों से दूरी बनाएं, क्योंकि ये चीजें पेट में इन्फेक्शन और अपच का मुख्य कारण बनती हैं। हमेशा ताजा बना हुआ और गर्म खाना ही प्राथमिकता में रखें।एक्सपर्ट्स की खास सलाहबारिश के मौसम में पानी को उबालकर या फिल्टर करके पीना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। खाने में प्रोबायोटिक्स जैसे कि घर का बना दही या छाछ शामिल करें, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बनाए रखने में मदद करते हैं। अगर आपको बाहर का खाना खाने की इच्छा हो भी, तो घर पर ही साफ-सफाई से उसे तैयार करें। याद रखें, मानसून में आपकी डाइट जितनी सात्विक और ताजी होगी, आपका शरीर उतनी ही बीमारियों से दूर रहेगा। अपनी दिनचर्या में थोड़ा व्यायाम और भरपूर नींद को भी शामिल करें ताकि बदलते मौसम में आपकी सेहत एकदम दुरुस्त रहे।
मुर्गी और बत्तख के अंडे में कौन है ज्यादा ताकतवर? जानिए पोषण और सेहत का सच
ब्रेकफास्ट में अंडा खाना हम में से ज्यादातर लोगों की आदत है, लेकिन अक्सर लोग इस दुविधा में रहते हैं कि 'मुर्गी का अंडा' (Chicken Egg) बेहतर है या 'बत्तख का अंडा' (Duck Egg)? दोनों ही प्रोटीन और पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत हैं, लेकिन इनके स्वाद, आकार और गुणों में काफी अंतर होता है। अगर आप भी अपनी डाइट में अंडे शामिल करते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपकी सेहत की जरूरतों के हिसाब से कौन सा अंडा ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।पोषण के मामले में कौन है आगे?बत्तख के अंडे मुर्गी के अंडों की तुलना में आकार में बड़े होते हैं। इनमें फैट और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो इन्हें एक 'पावर-पैक' मील बनाता है। बत्तख के अंडे में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन बी12 की मात्रा मुर्गी के अंडों से कहीं ज्यादा पाई जाती है। वहीं, मुर्गी के अंडे कैलोरी में कम होते हैं और आसानी से पचने वाले होते हैं। यदि आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो मुर्गी का अंडा आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन अगर आप अधिक ऊर्जा और पोषक तत्व चाहते हैं, तो बत्तख का अंडा बाजी मार ले जाता है।स्वाद और बनाने की विधि में अंतरस्वाद की बात करें तो बत्तख के अंडे में 'रिच' और क्रीमी टेक्सचर होता है, यही कारण है कि बेकिंग और केक बनाने वाले लोग बत्तख के अंडों को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। इसमें मौजूद गाढ़ा पीला भाग (Yolk) व्यंजनों को बेहतरीन स्वाद और रंग देता है। दूसरी ओर, मुर्गी के अंडे का स्वाद हल्का होता है और इसे किसी भी तरह से—चाहे ऑमलेट हो, उबला हुआ हो या करी—बनाना काफी आसान होता है। बत्तख के अंडे की ऊपरी परत (Shell) थोड़ी सख्त और मोटी होती है, जो इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करती है।किसके लिए कौन सा अंडा बेहतर?सेहत के लिहाज से देखें तो बत्तख का अंडा एथलीटों या अधिक शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए शानदार है क्योंकि इसमें कैलोरी अधिक होती है। इसके विपरीत, आम दिनचर्या और वजन पर नियंत्रण रखने वालों के लिए मुर्गी का अंडा अधिक उपयुक्त है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि बत्तख के अंडे में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी अधिक होती है, इसलिए दिल के मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। आप अपनी डाइट में विविधता लाने के लिए दोनों का संतुलित उपयोग कर सकते हैं। कुल मिलाकर, दोनों ही अंडे प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं, बशर्ते आप उन्हें सही तरीके से पकाकर खाएं।
गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने गुरुवार को देवास के वारसी नगर से जैश ए मोहम्मद के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में देवास का 18 साल का बिलाल दुर्रानी घाघा भी गिरफ्तार हुआ है। जिस पर आरोप है कि संदिग्ध गुजरात में जैश ए ...
BJP MP Ashok Mittal on Ketan Agarwal murder case: क्या प्यार सिर्फ एक धोखा है? और शादी का वादा... मौत का वारंट? पुणे के करोड़पति रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की खौफनाक हत्या ने देश को हिलाकर रख दिया है। मंगेतर सिया गोयल और उसके आशिक चेतन की इस ...
दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहावना, उमस से मिली राहत; अगले सप्ताह तक बरसात के आसार
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार दोपहर हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। उमस भरी गर्मी से राहत मिली। IMD ने अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश और तापमान में गिरावट का अनुमान जताया है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी उठापटक अब एक निर्णायक मोड़ पर आ पहुंची है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले चरणजीत सिंह चन्नी की बढ़ती नाराजगी ने पार्टी आलाकमान की नींद उड़ा दी है। इसी बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। राज्य में आगामी चुनावों से ठीक पहले इस तरह की हलचल से कयास लगाए जा रहे हैं कि पंजाब कांग्रेस में कोई बड़ा 'खेला' होने वाला है।चन्नी की नाराजगी और पार्टी के भीतर गुटबाजीचरणजीत सिंह चन्नी, जो दलित चेहरा होने के साथ-साथ राहुल गांधी की पसंद भी रहे हैं, पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा को लेकर खफा चल रहे हैं। चर्चा है कि पंजाब कांग्रेस में मची वर्चस्व की लड़ाई और टिकट वितरण को लेकर उनकी राय को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे वे असहज हैं। सूत्रों की मानें तो चन्नी के समर्थकों ने भी खुलकर अपनी नाराजगी जताना शुरू कर दिया है, जो पंजाब में पार्टी के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है। कांग्रेस के भीतर चन्नी जैसे कद्दावर नेता की नाराजगी का सीधा असर आगामी चुनाव में वोट बैंक पर पड़ना तय माना जा रहा है।रंधावा की शाह से मुलाकात ने बढ़ाई तल्खीदूसरी ओर, सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई गुप्त मुलाकात ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में भूचाल ला दिया है। रंधावा का शीर्ष भाजपा नेतृत्व से मिलना यह संकेत देता है कि पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेता अब अपने राजनीतिक भविष्य के लिए दूसरे विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक रूप से इसे औपचारिक मुलाकात बताया जा रहा है, लेकिन पंजाब की सियासत के जानकार इसे 'बड़े बदलाव' की आहट मान रहे हैं। अगर रंधावा जैसे अनुभवी नेता पार्टी छोड़ते हैं, तो यह कांग्रेस के लिए एक अपूरणीय क्षति होगी।चुनाव से पहले होगा 'बड़ा खेला'?पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस की यह आंतरिक कलह विपक्षी दलों के लिए एक खुला अवसर बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आलाकमान ने समय रहते चन्नी की नाराजगी दूर नहीं की और टूट को नहीं रोका, तो पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। राज्य में गठबंधन की राजनीति और नए सियासी समीकरणों के बीच, यह स्पष्ट है कि अगले कुछ दिनों में पंजाब कांग्रेस की तस्वीर बदल सकती है। क्या चन्नी कोई अलग रास्ता चुनेंगे या रंधावा की अगली पारी भाजपा के साथ होगी? यह सवाल पंजाब की हर जनसभा में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पंजाब के हलवारा हवाई अड्डे की ओर आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट आज बेहद चुनौतीपूर्ण स्थितियों से गुजरी। यात्रियों से भरी यह उड़ान पहले तकनीकी खराबी (Technical Snag) का शिकार हुई, जिसके बाद आसमान में अचानक बदले तूफानी मौसम ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया। सुरक्षित लैंडिंग को लेकर विमान में सवार यात्रियों की सांसें अटकी रहीं। घटना की जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट पर आपातकालीन प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए थे।हवा में तकनीकी खराबी ने बढ़ाई चिंताफ्लाइट के हलवारा के करीब पहुंचते ही पायलट को विमान के सिस्टम में कुछ तकनीकी खामियों का संकेत मिला। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को इसकी सूचना दी। स्थिति को संभालते हुए पायलट ने विमान की दिशा और ऊंचाई को नियंत्रित करने का प्रयास किया ही था कि मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली।तूफानी मौसम और विपरीत परिस्थितियांतकनीकी समस्या के बीच, पंजाब के ऊपर बने चक्रवाती दबाव के कारण तेज आंधी और भारी बादलों ने दृश्यता (Visibility) को काफी कम कर दिया। एयर इंडिया के विमान के लिए रनवे पर लैंडिंग करना जोखिम भरा हो गया था। विमान को काफी देर तक आसमान में 'होल्ड' पर रखा गया, ताकि तूफान का असर थोड़ा कम हो सके। इस दौरान यात्रियों को भारी घबराहट का सामना करना पड़ा, हालांकि विमान के चालक दल ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को सुरक्षित दिशा में बनाए रखा।सुरक्षित लैंडिंग के बाद राहत की सांसकाफी मशक्कत और एटीसी की सटीक गाइडेंस के बाद, विमान को अंततः हलवारा हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। विमान के रुकते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के कारण अन्य उड़ानों के परिचालन में भी कुछ समय के लिए देरी देखी गई। तकनीकी टीम अब विमान की गहन जांच में जुट गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खराबी का सही कारण क्या था और भविष्य में ऐसी स्थिति से कैसे बचा जा सके।
सांसद संदीप पाठक को बड़ी राहत: चौथी बार भी नाकाम रही पंजाब सरकार, नहीं दे पाई FIR का ब्योरा
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक के लिए अदालती मोर्चे से एक बड़ी और सुकून भरी खबर सामने आई है। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार को फिर से कड़ी फटकार लगाई है। मामला सांसद के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पंजाब सरकार लगातार चौथी बार कोर्ट के सामने कोई भी ठोस ब्योरा पेश करने में विफल रही है। कोर्ट ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अब मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय की है।कोर्ट की नाराजगी और पंजाब सरकार की विफलतासुनवाई के दौरान जब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उससे संबंधित दस्तावेजों का ब्योरा मांगा, तो राज्य के वकील एक बार फिर खाली हाथ नजर आए। कोर्ट ने इस पर गहरी नाराजगी जाहिर की और टिप्पणी की कि किसी भी नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उसका ब्योरा देने में इतनी देरी क्यों की जा रही है? सरकार की ओर से लगातार चौथी बार समय मांगे जाने पर कोर्ट ने इसे प्रक्रियात्मक लापरवाही मानते हुए कड़ा रुख अपनाया है। सांसद के कानूनी दल ने इसे राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए तत्काल राहत की मांग की थी।क्या है पूरा मामला और सांसद की दलील?डॉ. संदीप पाठक के खिलाफ यह कानूनी विवाद पिछले कुछ समय से सुर्खियां बटोर रहा है। सांसद का आरोप है कि पंजाब सरकार की मशीनरी का इस्तेमाल उनके खिलाफ बिना किसी ठोस आधार के किया जा रहा है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, जब किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होता है, तो राज्य एजेंसी को उसका ब्योरा कोर्ट में रखने का संवैधानिक अधिकार और कर्तव्य होता है। बार-बार ब्योरा पेश न कर पाना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या प्रशासन के पास मामले को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं भी या नहीं?17 अक्टूबर को क्या हो सकता है फैसला?अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होनी है, जिसे इस मामले के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि पंजाब सरकार उस दिन भी मामले का स्पष्ट ब्योरा देने में नाकाम रहती है, तो कोर्ट मामले को रद्द करने या सांसद को बड़ी राहत देने का निर्णय ले सकता है। कानून के जानकारों का मानना है कि इस तरह की देरी अंततः आरोपी के पक्ष में जाती है, क्योंकि यह एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करती है। फिलहाल, डॉ. संदीप पाठक को मिली यह अंतरिम राहत बरकरार रहेगी और 17 अक्टूबर की तारीख इस कानूनी लड़ाई का रुख तय करेगी।
राजस्थान में बीजेपी का मेगा प्लान: पचपदरा में PM मोदी की सभा से जोड़ेंगे 75 लाख लोग
राजस्थान की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपने संगठनात्मक कौशल और तकनीकी पकड़ का लोहा मनवाने की तैयारी कर ली है। पचपदरा में होने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को लेकर बीजेपी ने एक अभूतपूर्व प्रयोग करने का निर्णय लिया है। इस सभा को केवल पचपदरा के मैदान तक सीमित न रखकर, इसे राज्य के हर मंडल स्तर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी का स्पष्ट उद्देश्य है कि तकनीक का उपयोग कर प्रधानमंत्री के संदेश को राजस्थान के सुदूर कोनों में बसे 75 लाख लोगों तक एक साथ पहुँचाया जाए।बीजेपी का हाई-टेक मास्टर प्लानआगामी सभा को लेकर बीजेपी की रणनीति बेहद आक्रामक है। पचपदरा में होने वाले इस कार्यक्रम को लाइव दिखाने के लिए पार्टी प्रदेशभर के प्रत्येक मंडल स्तर पर विशाल स्क्रीन और आधुनिक डिजिटल सेटअप तैयार कर रही है। यह पहली बार है जब राजस्थान में किसी एक जनसभा को इतने बड़े स्तर पर 'हाइब्रिड मॉडल' (ऑफलाइन और ऑनलाइन का मिश्रण) के जरिए जनता से जोड़ा जा रहा है। बीजेपी का यह नया प्रयोग न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए है, बल्कि आम मतदाताओं को सीधे प्रधानमंत्री के संबोधन से जोड़ने का एक सटीक प्रयास भी है।75 लाख लोगों तक सीधे संवाद का लक्ष्यबीजेपी का लक्ष्य केवल सभा स्थल पर भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के जनमानस को जोड़ने का है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जिला और मंडल स्तर के पार्टी कार्यालयों और डिजिटल वॉलिंटियर्स की फौज इस लक्ष्य को हासिल करने में जुटी है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री के संबोधन को मंडल स्तर पर लाइव प्रसारण करने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और वे आमजन के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से रख सकेंगे। यह जनसंपर्क का एक नया और आधुनिक तरीका है, जिसे 'जन-संवाद 2.0' के रूप में देखा जा रहा है।क्या होगा सियासी असर?पचपदरा की इस सभा को राजस्थान की चुनावी बिसात पर एक बड़ा दांव माना जा रहा है। मारवाड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, यह सभा न केवल पचपदरा के लिए बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। विपक्ष के लिए भी बीजेपी का यह नया प्रयोग एक चुनौती है, क्योंकि डिजिटल तरीके से इतनी बड़ी संख्या में लोगों तक पहुँचना किसी भी दल के लिए बड़े संसाधनों और मजबूत जमीनी नेटवर्क की मांग करता है। पचपदरा सभा के जरिए बीजेपी एक साथ कई मोर्चों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है।
मणिपुर में महंगाई का बम! पेट्रोल 250, गैस सिलेंडर 5000 रुपए, आखिर ऐसा क्या हुआ?
Manipur economic blockade: मणिपुर के कुकी-ज़ो बहुल पहाड़ी जिले कांगपोकपी से एक ऐसी खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली जमीनी हकीकत सामने आई है। यूनाइटेड नागा काउंसिल (UNC) की बेरहम आर्थिक नाकेबंदी ने इस पूरे इलाके में जीवन को मुश्किल में डाल दिया है। ...
बिहार में जूनियर छात्रों का 'अपहरण' कांड: सीनियर के साथ हुई खौफनाक वारदात का सच जान उड़ जाएंगे होश
बिहार के एक शिक्षण संस्थान से हाल ही में एक ऐसी खबर सामने आई जिसने हर किसी को चौंका दिया। यहां जूनियर छात्रों द्वारा एक सीनियर छात्र का अपहरण करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस जांच में जो बातें निकलकर सामने आई हैं, वे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। यह मामला न केवल अनुशासन की विफलता को दर्शाता है, बल्कि युवाओं में बढ़ती 'गैंग कल्चर' और वर्चस्व की लड़ाई की कड़वी सच्चाई भी उजागर करता है। आखिर क्यों छोटे बच्चों ने अपने से बड़े सीनियर को बंधक बनाने की हिम्मत की, इसके पीछे की पूरी पटकथा अब बेनकाब हो गई है।वर्चस्व की लड़ाई और 'सीनियर-जूनियर' विवादप्रारंभिक जांच और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के अनुसार, यह अपहरण केवल एक घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे तनाव का नतीजा है। हॉस्टल और कैंपस में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए जूनियर छात्रों के एक समूह ने सीनियर को सबक सिखाने की योजना बनाई थी। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे मामलों में अक्सर 'रैगिंग' और 'अहंकार' की टक्कर होती है, जहां जूनियर छात्र किसी बात से अपमानित महसूस करते हैं और फिर बदला लेने के लिए गलत रास्ते का चयन कर लेते हैं। इस मामले में भी छोटी-छोटी अनबन ने धीरे-धीरे दुश्मनी का रूप ले लिया, जो अंततः अपहरण जैसी गंभीर वारदात में तब्दील हो गई।एक्सपर्ट्स की राय: क्या समाज और माहौल है जिम्मेदार?शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि किशोर अवस्था में बच्चों का मन बहुत संवेदनशील और आक्रामक हो सकता है। यदि उन्हें सही समय पर काउंसलिंग न मिले, तो वे 'हीरो' बनने के चक्कर में अपराध की दुनिया में कदम रख देते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिहार की इस घटना के पीछे का बड़ा सच यह है कि शिक्षण संस्थानों में बढ़ते गैजेट्स के प्रभाव और सोशल मीडिया पर देखी जाने वाली हिंसक सामग्री ने बच्चों की सोच को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। बच्चों के बीच की इस आपसी रंजिश को रोकने में यदि संस्थान और अभिभावक सजग नहीं रहते, तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और भी विकराल हो सकती हैं।प्रशासन और पुलिस की सख्ती के मायनेइस मामले के सामने आते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपित छात्रों को हिरासत में ले लिया है। जिला प्रशासन ने अब सभी शिक्षण संस्थानों को कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि कानून किसी भी स्थिति में बच्चों के हाथ में नहीं रहने दिया जाएगा, चाहे वह मामला कितना ही छोटा क्यों न हो। बिहार सरकार अब इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से ले रही है और भविष्य में ऐसी वारदातों को रोकने के लिए 'स्टूडेंट काउंसलिंग सेल' को और अधिक सक्रिय बनाने पर विचार कर रही है, ताकि छात्रों को सही दिशा दिखाई जा सके।
बिहार दौरे पर पहुंचे एक केंद्रीय मंत्री ने राम मंदिर और भगवान श्रीराम के अस्तित्व को लेकर एक बेहद तीखा और आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या राजनीतिक दल प्रभु श्रीराम के साथ 'गद्दारी' करेगा या राम मंदिर के प्रति अनादर प्रदर्शित करेगा, उसे देश की जनता और कानून कभी माफ नहीं करेगा। उनका यह बयान राम मंदिर निर्माण के बाद देश भर में चल रही सियासी बहस के बीच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।सनातन का अपमान, भारत का अपमानकेंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर का निर्माण करोड़ों भारतीयों की आस्था और धैर्य का परिणाम है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने लंबे समय तक इस मामले को लटकाए रखा और रामलला के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े किए, वे अब अपनी राजनीतिक जमीन खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है, और जो भी इसके खिलाफ साजिश रचेगा, उसे जनता करारा जवाब देगी।राजनीतिक गलियारों में गरमाया पारामंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में जातीय और धार्मिक मुद्दों पर राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों का असर सीधे तौर पर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है। जहां एक ओर बीजेपी इसे अपनी वैचारिक जीत के रूप में देख रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां इसे चुनावी लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करार दे रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने यह भी जोड़ा कि विकास के साथ-साथ आस्था की रक्षा करना उनकी सरकार का संकल्प है।क्या हैं इस बयान के मायने?राम मंदिर मामले पर इस प्रकार की सख्त टिप्पणी करना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में आस्था का मुद्दा राजनीति के केंद्र में रहने वाला है। मंत्री ने अपनी बातों में स्पष्ट किया कि राम मंदिर के विरोधियों को जनता ने पहले ही नकार दिया है और अब उनके पास किसी तरह का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो गया है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं।
बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचाने वाले चर्चित 'रिशु श्री टेंडर घोटाला' मामले में सम्राट चौधरी सरकार ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के वित्त विभाग में तैनात बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के अधिकारी और तत्कालीन संयुक्त सचिव मुमुक्षु चौधरी को सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) द्वारा सात आरोपियों के खिलाफ दायर की गई 4,000 पन्नों की चार्जशीट के बाद हुआ है, जिसमें मुमुक्षु चौधरी का नाम प्रमुखता से शामिल है।टेंडर घोटाला: क्या है पूरा खेल?जांच एजेंसियों के अनुसार, पटना के ठेकेदार रिशु रंजन सिन्हा उर्फ रिशु श्री ने एक ऐसा सिंडिकेट बना रखा था, जो सरकारी विभागों के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर को 'मैनेज' करता था। इस सिंडिकेट का मुख्य काम टेंडर निकलने से पहले ही पात्रता शर्तों और तकनीकी मापदंडों को अपने पसंदीदा फर्मों के हिसाब से सेट करना था। बदले में रिशु श्री टेंडर की कुल लागत का 7 से 10 फीसदी कमीशन लेता था, जिसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों तक पहुंचता था। ईडी और एसवीयू की छापेमारी में मुमुक्षु चौधरी के आवास से करोड़ों की नकदी भी बरामद हुई थी।अधिकारियों पर कसा शिकंजासम्राट चौधरी सरकार ने इस मामले को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। अब तक इस घोटाले में आईएएस अधिकारियों से लेकर इंजीनियरों और प्रशासनिक सेवा के अफसरों पर गाज गिरी है। रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद से ही एसवीयू ने कई जिलों में छापेमारी की, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि रिशु ने मुमुक्षु चौधरी की तैनाती के दौरान सीतामढ़ी और सहरसा जैसे जिलों में करोड़ों के टेंडर अवैध तरीके से हासिल किए थे। सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने वाले इस नेटवर्क के खिलाफ अब कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।सरकार का स्पष्ट संदेश: शॉर्टकट का रास्ता सीधे जेलहाल ही में विजिलेंस अवेयरनेस वीक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि बिहार में अब सरकारी व्यवस्था में 'शॉर्टकट' का कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की यह सख्ती यह दर्शाती है कि आने वाले समय में टेंडर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़े तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए जा सकते हैं। इस घोटाले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। पेंड्रा मुख्य मार्ग पर एक अनियंत्रित ट्रेलर सड़क किनारे लगे भारी-भरकम विज्ञापन बोर्ड (Hoarding) से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विज्ञापन बोर्ड पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क के बीचों-बीच गिर गया, जिसके कारण मुख्य मार्ग पर घंटों तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, अन्यथा यह एक बड़ा जानलेवा हादसा साबित हो सकता था।कैसे हुआ हादसा?प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेलर चालक की लापरवाही या ब्रेक फेल होने के कारण वाहन पर नियंत्रण खो गया, जिससे ट्रेलर सीधे डिवाइडर को पार करते हुए विज्ञापन बोर्ड से जा भिड़ा। घटना के बाद ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और तत्काल पेंड्रा पुलिस को सूचित किया। गनीमत यह रही कि जिस समय विज्ञापन बोर्ड गिरा, उस वक्त वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था।यातायात पर पड़ा बुरा असरहादसे के बाद विज्ञापन बोर्ड और ट्रेलर के मलबे के कारण पेंड्रा मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। अंबिकापुर और बिलासपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पेंड्रा पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रेलर को सड़क से हटाने के काम में जुटी। यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी, लेकिन भारी वाहनों की संख्या ज्यादा होने के कारण स्थिति को सामान्य होने में काफी समय लग गया।स्थानीय लोगों में आक्रोशइस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे लगे असुरक्षित विज्ञापन बोर्डों को लेकर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनुमति के बिना या खराब स्थिति वाले होर्डिंग्स आए दिन हादसों का कारण बनते हैं। प्रशासन अब इस घटना के बाद अवैध और असुरक्षित विज्ञापनों की जांच करने की बात कह रहा है। पुलिस ने ट्रेलर चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यातायात बहाल होने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
भोपाल में RGPV से बीटेक के पेपर चोरी, पुलिस ने दर्ज की FIR, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
राजधानी भोपाल में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में पेपर चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के UTD की परीक्षा शाखा से बीटेक चौथे सेमेस्टर के 9 विषयों के प्रश्नपत्रों के सीलबंद लिफाफे चोरी हो गए हैं। पेपर चोरी की घटना ...
डिजिटल पायरेसी पर सरकार की सख्ती, टेलीग्राम को नोटिस; 15 दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब भारत में ऑनलाइन पायरेसी लगातार बढ़ती चुनौती बन चुकी है। नई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज होने के कुछ ही घंटों के भीतर विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग चैनलों पर अवैध रूप से साझा की जाने लगती हैं।
गुजरात में बादल फटने से 22 इंच बारिश, जयपुर के अस्पताल में घुसा पानी, IMD का 23 राज्यों में अलर्ट
Weather Update 4 July : मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में दक्षिण पश्चिमी मानसून मेहरबान नजर आ रहा है। भारी बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भरा हुआ है। गुजरात के मांगरोल में बादल फटने से 22.24 इंच बारिश हो गई। जयपुर में ...
WhatsApp के यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त, साइबर अपराध की आशंका के बीच मांगा जवाब; AI कानून पर भी संकेत
सीआईआई साइबर सिक्योरिटी समिट के दौरान आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यूजरनेम आधारित मैसेजिंग सिस्टम साइबर सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मुद्दा बन सकता है। इस फीचर के जरिए उपयोगकर्ता बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से संवाद कर सकते हैं।
सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज
सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही में अभिभावकों को दहलाने वाला आरोप सामने आया है। सिरोही के एक निजी छात्रावास में छह बच्चों से यौन शोषण का आरोप सामने आया है। न्यायिक हस्तक्षेप और प्रारंभिक जांच के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज करवाने के लिए पुलिस को तहरीर भिजवाई। सिरोही […] The post सिरोही के निजी छात्रावास की जांच में बच्चों से यौन शोषण की बात आई सामने, पोक्सो में प्रकरण दर्ज appeared first on Sabguru News .
Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के प्रतीक हिमलिंग के तेजी से पिघलने के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, सालाना अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से रवाना हुआ। यात्रा के ...
PM मोदी आज गुजरात में करेंगे 7,500 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 4 जुलाई 2026 को गुजरात के दौरे पर आ रहे हैं। अपने दिन की शुरुआत वे राजस्थान से करेंगे, जबकि शाम को गुजरात के साणंद में देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'CG SEMI आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट' (OSAT) फैसिलिटी का ...
भारत का आतंक पर बड़ा प्रहार, पाकिस्तान में छिपे 23 दुश्मनों को घोषित किया आतंकवादी
भारत सरकार ने UAPA के तहत पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 आतंकवादियों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया।

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