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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद श्रद्धालुओं की संख्या घटी, अयोध्या की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर

Ram Mandir Theft Impact: विश्व में हिंदू आस्था का सर्वोच्च प्रतीक श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, जिसे 550 वर्षों के लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद प्राप्त किया गया, आज एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम का सामना कर रहा है। श्रीराम लला की मंदिर व्यवस्था ...

वेब दुनिया 9 Jul 2026 8:53 am

बुखार में क्यों 'मर' जाती है भूख? डॉक्टर से जानिए इसके पीछे की असली वैज्ञानिक वजह और रिकवरी के लिए बेस्ट डाइट

अक्सर देखा जाता है कि जब भी किसी व्यक्ति को बुखार (Fever) आता है, तो उसका कुछ भी खाने-पीने का मन नहीं करता। इसे आम भाषा में बुखार में भूख का मर जाना कहते हैं। अमूमन लोग इसे कमजोरी या बीमारी का साधारण लक्षण मान लेते हैं, लेकिन डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुखार के दौरान भूख न लगना दरअसल हमारे शरीर की एक बेहद सोची-समझी वैज्ञानिक और रक्षात्मक प्रतिक्रिया (Defensive Response) है। आइए गुरुग्राम के चोटी के डॉक्टरों से सीधे समझते हैं कि बुखार में हमारी बॉडी के अंदर ऐसा क्यों होता है और इस दौरान शरीर को टूटने से बचाने के लिए क्या खाना चाहिए।शरीर में बनने वाले 'सायटोकाइन' केमिकल हैं असली वजहडॉक्टर रविंद्र गुप्ता (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, इंटरनल मेडिसिन, सीके बिड़ला हॉस्पिटल, गुड़गांव) के अनुसार, बुखार आने का मुख्य कारण शरीर में किसी बैक्टीरिया या वायरस का इंफेक्शन (संक्रमण) होना होता है। जब यह इंफेक्शन फैलता है, तो उससे मुकाबला करने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम शरीर में विशेष प्रकार के प्रोटीन्स और कैमिकल्स रिलीज करता है, जिन्हें सायटोकाइन (Cytokines) कहा जाता है।यह सायटोकाइन केमिकल हमारे मस्तिष्क (ब्रेन) में स्थित हंगर सेंटर (भूख को नियंत्रित करने वाले हिस्से) पर जाकर उसे कुछ समय के लिए ब्लॉक या दबा देते हैं। शरीर ऐसा इसलिए करता है ताकि भोजन को पचाने (डाइजेशन) में खर्च होने वाली भारी-भरकम ऊर्जा (Energy) को बचाकर, उसे पूरी तरह से इंफेक्शन के कीटाणुओं को मारने और उनसे लड़ने में लगाया जा सके।स्वाद ग्रंथियों का सुन्न होना और लिवर पर असरभूख न लगने के पीछे डॉक्टर कुछ अन्य महत्वपूर्ण कारण भी बताते हैं:लिवर पर दबाव: कई बार इंफेक्शन का सीधा असर हमारे लिवर पर पड़ता है, जिससे पाचन एंजाइम्स का बनना कम हो जाता है और भूख गायब हो जाती है।स्वाद और सूंघने की क्षमता का घटना: वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण हमारी जीभ की स्वाद कलिकाएं (Taste Buds) और नाक की सूंघने वाली कोशिकाएं अस्थायी रूप से काम करना बंद कर देती हैं। खाना पूरी तरह बेस्वाद और फीका लगने के कारण भी खाने की इच्छा खत्म हो जाती है।शारीरिक लक्षण: बुखार के साथ होने वाला तेज सिरदर्द, बदन दर्द, मतली (जी मिचलाना) और गले में खराश भी खाने की राह में रोड़ा बनते हैं।बिना खाए रहना सेहत के लिए खतरनाक; अपनाएं थोड़ी-थोड़ी डाइटडॉ. आर. आर. दत्ता (एचओडी, इंटरनल मेडिसिन विभाग, पारस हेल्थ, गुरुग्राम) सचेत करते हुए कहते हैं कि भले ही बुखार में आपका मन कुछ खाने का न हो, लेकिन इस समय आपकी बॉडी को रिकवरी के लिए सामान्य दिनों से कहीं ज्यादा कैलोरी और पोषण की जरूरत होती है। अगर आप लंबे समय तक भूखे रहेंगे, तो शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाएगा और बीमारी लंबी खिंच सकती है।इसलिए मरीज को एक बार में भारी भोजन देने के बजाय हर दो-तीन घंटे में थोड़ी-थोड़ी (Small Frequent Meals) मात्रा में हल्का और सुपाच्य भोजन देते रहना चाहिए। शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी को रोकने के लिए पर्याप्त मात्रा में लिक्विड डाइट और प्रोटीन का सेवन बहुत जरूरी है।बुखार के दिनों में क्या खाना रहेगा सबसे फायदेमंद?बुखार के दौरान हमेशा ऐसी चीजें खाएं जो पेट पर भारी न पड़ें और शरीर को तुरंत ग्लूकोज व एनर्जी दें:मूंग दाल की पतली खिचड़ी: यह प्रोटीन से भरपूर और पचाने में सबसे आसान भोजन है।दलिया या ओट्स: यह शरीर को जरूरी फाइबर्स और कार्बोहाइड्रेट देता है।वेजिटेबल या चिकन सूप: गर्म सूप गले को राहत देता है और शरीर में फ्लूइड की मात्रा बढ़ाता है।नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स: यह बॉडी को तुरंत हाइड्रेट करता है और जरूरी साल्ट्स की कमी पूरी करता है।ताजे फल: केला, सेब और पपीता जैसे फल खाएं जो आसानी से पचते हैं। (गले में इंफेक्शन न होने पर डॉक्टर की सलाह से फ्रेश दही भी ले सकते हैं)।डॉक्टरी सलाह: अगर मरीज को कई दिनों तक लगातार तेज बुखार बना रहे, भूख बिल्कुल न लगे, कुछ भी खाते ही लगातार उल्टी हो या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:52 am

नाश्ते में शामिल करें बेसन की ये 5 आसान और पौष्टिक रेसिपी, दिनभर शरीर में बनी रहेगी भरपूर एनर्जी

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग हमेशा ऐसे नाश्ते की तलाश में रहते हैं, जो स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के साथ-साथ बेहद कम समय में झटपट तैयार हो जाए। इस मामले में बेसन एक बेहतरीन और सदाबहार विकल्प माना जाता है। शुद्ध चने की दाल से तैयार होने वाला बेसन भारतीय रसोइयों का एक मुख्य हिस्सा है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। सुबह के वक्त बेसन से बनी चीजों का सेवन करने से न केवल लंबे समय तक पेट भरा रहता है, बल्कि यह पाचन क्रिया को दुरुस्त कर शरीर को दिनभर के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। आइए जानते हैं बेसन से बनने वाले 5 सुपर-हेल्दी ब्रेकफास्ट ऑप्शंस और उन्हें बनाने का सही तरीका।1. बेसन चीला (Besan Chilla)यह प्रोटीन और फाइबर से भरपूर एक बेहद लोकप्रिय नाश्ता है। इसे बनाने के लिए बेसन में पानी, बारीक कटी प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया और स्वादानुसार हल्के मसाले मिलाकर एक पतला घोल तैयार कर लें। अब नॉन-स्टिक तवे पर बेहद कम तेल या घी का इस्तेमाल कर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक अच्छी तरह सेंक लें। यह वजन कंट्रोल करने वालों के लिए बेस्ट डाइट है।2. बेसन टोस्ट (Besan Toast)अगर आप सुबह ब्रेड खाना पसंद करते हैं, तो यह पारंपरिक ब्रेड-ऑमलेट का एक बेहतरीन शाकाहारी विकल्प है। बेसन में पानी, हल्दी, नमक, कटी हुई सब्जियां और मसाले मिलाकर एक बैटर बनाएं। अब मल्टिग्रेन या ब्राउन ब्रेड के स्लाइस को इस बैटर में अच्छे से डुबोकर तवे पर हल्के तेल के साथ दोनों तरफ से क्रिस्पी होने तक सेंक लें। इसमें आपको प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और सब्जियों का पोषण एक साथ मिल जाता है।3. बेसन ढोकला (Besan Dhokla)यह एक बेहद हल्का, नरम और आसानी से पचने वाला गुजराती नाश्ता है। इसे तैयार करने के लिए बेसन में थोड़ा सा दही, पानी और फर्मेंटेशन के लिए ईनो (फ्रूट सॉल्ट) मिलाकर एक स्मूथ घोल तैयार करें। अब इसे ढोकला मेकर या किसी सांचे में डालकर 15-20 मिनट के लिए भाप (Steam) में पकाएं। पकने के बाद इसके ऊपर राई, हरी मिर्च और करी पत्ते का हल्का तड़का लगाएं। बिना तेल का होने के कारण यह पेट के लिए बहुत फायदेमंद है।4. बेसन उत्तपम (Besan Uttapam)बेसन उत्तपम स्वाद और सेहत का एक शानदार फ्यूजन है। बेसन में पानी मिलाकर थोड़ा गाढ़ा घोल तैयार करें और उसमें भरपूर मात्रा में बारीक कटी प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च, कद्दूकस की हुई गाजर और हरा धनिया मिला दें। तवे पर इस मिश्रण को थोड़ा मोटा फैलाकर धीमी आंच पर दोनों तरफ से अच्छे से पकाएं। यह रंग-बिरंगी सब्जियों से भरपूर होने के कारण शरीर को जरूरी विटामिंस और मिनरल्स प्रदान करता है।5. बेसन पैनकेक (Besan Pancake)बच्चों के टिफिन या सुबह के नाश्ते के लिए बेसन पैनकेक एक स्वादिष्ट और हेल्दी डिश है। इसके बैटर को और पौष्टिक बनाने के लिए बेसन में पानी या दही के साथ कद्दूकस की हुई गाजर, बारीक कटी पालक, धनिया और चुटकी भर मसाले मिलाएं। तवे पर हल्के तेल के साथ छोटे-छोटे पैनकेक की तरह पकाएं। पालक और गाजर के मिलने से इसमें आयरन और विटामिन ए की मात्रा काफी बढ़ जाती है।बेसन को और ज्यादा न्यूट्रिशियस (पौष्टिक) कैसे बनाएं?यदि आप अपने बेसन के नाश्ते को एक सुपरफूड में बदलना चाहते हैं, तो इसमें कुछ अन्य हेल्दी चीजें भी मिला सकते हैं:सब्जियों का मेल: बेसन के साथ पालक, मेथी, गाजर, शिमला मिर्च और टमाटर जैसी ताजी सब्जियां मिलाने से फाइबर की मात्रा दोगुनी हो जाती है।प्रोटीन बूस्टर: बैटर के अंदर कद्दूकस किया हुआ पनीर, गाढ़ा दही या उबली हुई अंकुरित दालें (Sprouts) मिलाने से प्रोटीन कंटेंट काफी बढ़ जाता है।सुपर सीड्स: स्वाद और न्यूट्रिशन बढ़ाने के लिए आप चीले या उत्तपम के ऊपर तिल (Sesame), अलसी (Flaxseeds) या चिया सीड्स छिड़क सकते हैं, जो शरीर को हेल्दी फैट्स (ओमेगा-3) प्रदान करते हैं।बेसन का नाश्ता बनाते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यानबेसन की कोई भी डिश बनाते समय हमेशा कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि उसका पूरा फायदा शरीर को मिल सके। बेसन का घोल हमेशा ताजा ही बनाएं और उसे बहुत ज्यादा देर तक फ्रिज में रखने से बचें। डिश को तवे पर सेकते समय अत्यधिक तेल, बटर या घी का इस्तेमाल करने से परहेज करें, क्योंकि इससे नाश्ते की कैलोरी बढ़ जाती है और उसकी पौष्टिकता कम हो जाती है। इसके अलावा, स्वाद के चक्कर में ज्यादा नमक या तीखे मसालों का प्रयोग न करें। बेसन का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करें। यदि आपको चने, दालों या बेसन से किसी भी प्रकार की फूड एलर्जी है या कोई विशेष मेडिकल कंडीशन है, तो इसे अपनी रेगुलर डाइट में शामिल करने से पहले किसी डॉक्टर या सर्टिफाइड डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:51 am

प्याज काटते ही आंखों में क्यों आ जाते हैं आंसू? जानिए इसके पीछे का असली विज्ञान और बचने के 5 जादुई तरीके

प्याज भारतीय रसोई का एक बेहद अहम हिस्सा है। चाहे ग्रेवी वाली मसालेदार सब्जी हो, दाल का तड़का हो या फिर खाने के साथ कंचा सलाद— प्याज के बिना भारतीय व्यंजनों का स्वाद अधूरा सा लगता है। स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ प्याज हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, विटामिन बी6, फोलेट, पोटैशियम और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर इसे संतुलित डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। लेकिन, इस गुणकारी प्याज को काटना किसी जंग से कम नहीं होता, क्योंकि चाकू चलते ही आंखों से आंसुओं का सैलाब बहने लगता है। आइए जानते हैं कि आखिर प्याज काटने पर आंसू क्यों आते हैं और इससे बचने के आसान उपाय क्या हैं।आखिर प्याज काटते समय क्यों रोती हैं आंखें? जानिए विज्ञानप्याज काटने पर आंखों में होने वाली जलन और आंसुओं के पीछे एक पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है। असल में, जब हम चाकू से प्याज को काटते हैं, तो उसके अंदर मौजूद सूक्ष्म सेल्स (कोशिकाएं) टूट जाती हैं। सेल्स के टूटने से रासायनिक प्रतिक्रिया होती है और सिन-प्रोपैनेथियल-एस-ऑक्साइड ($Syn-propanethial-E-oxide$) नाम की एक खास सल्फर गैस हवा में रिलीज होती है।जब यह गैस उड़कर हमारी आंखों तक पहुंचती है, तो आंखों की सतह पर मौजूद प्राकृतिक नमी (पानी) के संपर्क में आते ही यह हल्का सा एसिड (सल्फ्यूरिक एसिड) बना देती है। इसी एसिड के कारण आंखों में तेज खुजली और जलन होने लगती है। इस जलन से खुद को बचाने और एसिड को धोने के लिए हमारा नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है और लैक्रिमल ग्लैंड्स (आंसू ग्रंथियों) को तेजी से पानी बनाने का आदेश देता है। यही वजह है कि हमारी आंखों से फटाफट आंसू निकलने लगते हैं।प्याज काटते समय आंसुओं से बचने के 5 आसान और घरेलू उपायअगर प्याज काटते समय आपकी आंखों से भी ज्यादा आंसू आते हैं, तो शेफ और वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए इन आसान किचन हैक्स को अपनाकर आप इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं:प्याज को फ्रिज में रखें (चिलिंग इफेक्ट): प्याज को काटने से कम से कम 15 से 20 मिनट पहले फ्रिज या ठंडे पानी में रख दें। तापमान कम होने के कारण प्याज के अंदर होने वाली रासायनिक प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे गैस बहुत कम मात्रा में निकलती है।हमेशा तेज धार वाले चाकू का इस्तेमाल करें: कम धार या कुंद चाकू से काटने पर प्याज के सेल्स बेरहमी से कुचल जाते हैं, जिससे ज्यादा मात्रा में गैस हवा में फैलती है। इसके विपरीत, एक बहुत तेज धार वाला चाकू स्मूथ कटिंग करता है और गैस को रिलीज होने से रोकता है।हवादार जगह या एग्जॉस्ट फैन के पास काटें: प्याज को हमेशा खुली और अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह पर काटें। आप चाहें तो किचन की चिमनी या एग्जॉस्ट फैन को ऑन कर सकते हैं, जिससे निकलने वाली गैस आंखों तक पहुंचने से पहले ही बाहर खिंच जाएगी।जड़ वाले हिस्से (Root) को आखिर में काटें: प्याज के सबसे निचले यानी जड़ वाले हिस्से में सल्फर और गैस बनाने वाले एंजाइम्स की मात्रा सबसे अधिक होती है। इसलिए प्याज को ऊपर से काटना शुरू करें और जड़ वाले हिस्से को सबसे अंत में काटकर अलग कर दें।प्रोटेक्टिव चश्मे का इस्तेमाल: अगर आपकी आंखें बहुत ज्यादा सेंसिटिव हैं, तो प्याज काटते समय आप साधारण पारदर्शी चश्मा या किचन गॉगल्स पहन सकते हैं। यह चश्मा गैस को सीधे आंखों के संपर्क में आने से रोकने के लिए एक दीवार का काम करता है।भूलकर भी न करें ये गलतियां; बढ़ सकती है परेशानीप्याज काटते समय कुछ आम गलतियों से बचना बेहद जरूरी है, वरना आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। कभी भी बंद या बिना वेंटिलेशन वाले कमरे में ढेर सारे प्याज एक साथ न काटें। सबसे जरूरी बात, प्याज काटते समय जब आंखों में जलन हो, तो अपने हाथों से आंखों को बार-बार रगड़ने की भूल बिल्कुल न करें; क्योंकि आपके हाथों और नाखूनों में प्याज का तीखा रस लगा होता है, जो जलन को कई गुना बढ़ा सकता है। आंखों को छूने से पहले हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें। अगर प्याज काटने के काफी देर बाद भी आंखों में तेज दर्द, लगातार पानी आना या लालिमा (Redness) बनी रहे, तो इसे सामान्य न समझें और तुरंत किसी आई स्पेशलिस्ट (डॉक्टर) से संपर्क करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:50 am

जियो का नया धमाका: मात्र ₹55 में लॉन्च किया JioTV Pro Pack, महीने भर के लिए मिलेंगे 1000 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल्स

देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने अपने ग्राहकों को एंटरटेनमेंट का बड़ा तोहफा देते हुए एक बेहद सस्ता और नया JioTV Pro Pack लॉन्च कर दिया है। मात्र 55 रुपये की कीमत वाले इस नए पैक के जरिए यूजर्स 'JioTV' मोबाइल ऐप पर 1000 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल्स का आनंद ले सकते हैं। कंपनी ने इस प्लान को विशेष रूप से उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया है जो कम कीमत में सिर्फ और सिर्फ प्योर एंटरटेनमेंट का ऑप्शन तलाश रहे हैं। इस प्लान के साथ यूजर्स को पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी (वैधता) मिलती है।जरूरी बात: इस प्लान को लेने से पहले ग्राहकों को यह ध्यान रखना होगा कि ₹55 वाले इस प्रो पैक में आपको डेटा (Data), कॉलिंग (Calling) या एसएमएस (SMS) जैसी कोई भी टेलीकॉम सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यह पैक पूरी तरह से केवल लाइव टेलीविजन स्ट्रीमिंग पर फोकस करता है।16 भाषाओं में 150 से ज्यादा प्रीमियम चैनल्स का एक्सेसरिलायंस जियो के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस छोटे पैक में यूजर्स को 16 से ज्यादा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में 1000 से अधिक लाइव टीवी चैनल्स देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इस लिस्ट में 150 से ज्यादा प्रीमियम चैनल्स भी शामिल हैं। इसके तहत ग्राहक एंटरटेनमेंट, सुपरहिट फिल्में, देश-दुनिया की खबरें, बच्चों के कार्टून प्रोग्राम, लाइफस्टाइल और बेहतरीन रीजनल कंटेंट देख सकेंगे। इस पैक के जरिए यूजर्स JioStar, Sony Entertainment, Sun TV Network, Warner Bros. Discovery और ETV जैसे बड़े ब्रॉडकास्टर्स के चैनल्स का लुत्फ उठा सकेंगे। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस बजट प्लान में JioStar और Sony के स्पोर्ट्स (खेल) चैनल्स को शामिल नहीं किया गया है।कैसे करें एक्टिवेट? प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों के लिए उपलब्धइस सर्विस को शुरू करने की प्रक्रिया बेहद आसान और झंझट मुक्त है:₹55 वाले प्लान से अपना रिचार्ज सफल होने के बाद, यूजर्स को अपने स्मार्टफोन में सिर्फ 'JioTV' ऐप ओपन करना होगा।ऐप में अपने रजिस्टर्ड जियो मोबाइल नंबर को दर्ज कर ओटीपी (OTP) के जरिए लॉग इन करना होगा।इसके लिए किसी अलग या जटिल एक्टिवेशन प्रोसेस की जरूरत नहीं है, रिचार्ज होते ही सारे एलिजिबल प्रीमियम चैनल्स तुरंत अनलॉक हो जाते हैं।ये सब्सक्रिप्शन फिलहाल एक समय में एक मोबाइल डिवाइस (Single Screen) पर काम करेगा और जियो के प्रीपेड व पोस्टपेड, दोनों तरह के ग्राहकों के लिए उपलब्ध है।आखिर किन यूजर्स के लिए सबसे बेस्ट है ये प्लान?यह नया प्रो पैक उन मोबाइल यूजर्स के लिए एकदम सटीक विकल्प है जो मुख्य रूप से अपने स्मार्टफोन पर ही टीवी सीरियल्स और लाइव शोज देखना पसंद करते हैं और जिन्हें अतिरिक्त डेटा या कॉलिंग रीचार्ज की जरूरत नहीं होती। चूंकि यह सिर्फ एक एड-ऑन एंटरटेनमेंट पैक है, इसलिए इस सर्विस का लाभ उठाने के लिए सब्सक्राइबर्स के पास पहले से ही कोई भी एक एक्टिव जियो प्रीपेड या पोस्टपेड बेस प्लान होना अनिवार्य है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:48 am

मार्केट क्रैश में काम आया 'जादुई फॉर्मूला': जब फेल हो गए सोना और शेयर बाजार, तब मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने दिया 20% तक का बंपर रिटर्न

पिछले छह महीने वैश्विक और भारतीय निवेशकों के लिए बेहद उथल-पुथल भरे रहे हैं। पहले घरेलू इक्विटी मार्केट में मंदी आई और फिर अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स औंधे मुंह गिर गए। आमतौर पर जब शेयर बाजार गिरता है, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के लिए सोने-चांदी की तरफ भागते हैं क्योंकि इन दोनों एसेट क्लास में उल्टा संबंध (Inverse Relationship) होता है। लेकिन इस बार इतिहास ने खुद को नहीं दोहराया। मजबूत डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरें न घटाने के कड़े संकेतों के चलते पिछले 6 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 20% और चांदी में 43% की भारी गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के दबाव से सेंसेक्स 11% और निफ्टी 8.6% तक टूट चुके हैं। जब कमाई के ये दोनों मुख्य रास्ते बंद हो गए, तब म्यूचुअल फंड की एक खास कैटेगरी 'मल्टी एसेट एलोकेशन फंड' (Multi-Asset Allocation Fund) निवेशकों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी और तगड़ा मुनाफा कराया।सेबी के नियम और निवेश का पूरा गणितमार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कम से कम तीन अलग-अलग एसेट क्लास में से प्रत्येक में न्यूनतम 10% का निवेश (Allocation) बनाए रखें। ये तीन मुख्य साधन होते हैं:इक्विटी (Equity): शेयर बाजार में निवेश।डेट (Debt): फिक्स्ड इनकम और सरकारी सिक्योरिटीज।कमोडिटी (Commodity): सोना, चांदी या रियल एस्टेट (REITs)।चूंकि अलग-अलग समय पर हर एसेट क्लास का प्रदर्शन अलग होता है, इसलिए यह फंड ऑटोमैटिक तरीके से आपके रिस्क और रिटर्न को बैलेंस कर देता है।इन टॉप फंड्स ने पिछले 3 साल में दिया 20% तक का सालाना रिटर्नइस कैटेगरी में सबसे बड़ी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) संभालने वाले फंड्स ने इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को भी मात दे दी है। पिछले 3 सालों के प्रदर्शन की तालिका नीचे दी गई है:म्यूचुअल फंड का नामपिछले 3 साल का सालाना रिटर्न (CAGR)निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड19.92%एसबीआई (SBI) मल्टी एसेट एलोकेशन फंड17.50%आदित्य बिड़ला सन लाइफ मल्टी एसेट फंड17.40%मोतीलाल ओसवाल मल्टी एसेट फंड13.90%बार-बार पोर्टफोलियो बदलने के झंझट से मुक्तिमल्टी एसेट फंड का सबसे बड़ा व्यावहारिक फायदा यह है कि इसमें खुद निवेशकों को बाजार की चाल देखकर बार-बार अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस (बदलना) नहीं करना पड़ता। फंड मैनेजर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए खुद ही पैसे को सही जगह शिफ्ट कर देते हैं। इससे निवेशकों का पैसा केवल उन एसेट्स में फंसने से बच जाता है जो पहले अच्छा कर रहे थे पर अब मंदी में हैं। यह फंड उन एसेट्स में भी सही समय पर एंट्री दिलाता है जिन्हें वर्तमान में बाजार पसंद नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में वे बंपर रिटर्न दे सकते हैं।बाजार के दिग्गजों की राय: पोर्टफोलियो डाइवर्सिफ़िकेशन के लिए यही है बेस्ट टाइमफाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और बाजार के जानकारों का साफ मानना है कि यदि आप मौजूदा वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों में अपने निवेश को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) लाने का यह सबसे सही और सटीक समय है। मल्टी-एसेट फंड्स जोखिम को बहुत कम कर देते हैं क्योंकि जब इक्विटी और कमोडिटी दोनों नीचे जा रहे हों, तब डेट (Fixed Income) वाला हिस्सा आपके पोर्टफोलियो को भारी गिरावट से बचाए रखता है। नए और सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह हाइब्रिड मॉडल सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:47 am

केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: जुलाई से 3% बढ़ेगा महंगाई भत्ता (DA), मई के AICPI इंडेक्स से समझें अपनी सैलरी का पूरा गणित

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी है। महंगाई के मोर्चे पर राहत देते हुए सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 फीसदी का इजाफा करने जा रही है। नवीनतम औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधिकारिक आंकड़ों ने इस बढ़ोतरी पर अपनी मुहर लगा दी है। इस नए संशोधन के बाद, जनवरी 2026 में मिलने वाले 60 फीसदी डीए के मुकाबले अब नया महंगाई भत्ता बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा, जिससे कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशनभोगियों के खाते में आने वाली रकम में तगड़ी बढ़ोतरी होगी।कैसे तय होता है आपके डीए का पूरा गणित? जानिए फॉर्मूलासरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि श्रम ब्यूरो (Labour Bureau) द्वारा जारी होने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित एक विशेष गणितीय फॉर्मूले के तहत किया जाता है:$$DA\% = frac{ ext{12 महीने का औसत AICPI-IW (2001 बेस)} - 261.42}{261.42} imes 100$$चूंकि वर्तमान AICPI-IW का बेस ईयर (आधार वर्ष) 2016 है, इसलिए सटीक कैलकुलेशन के लिए पहले प्राप्त इंडेक्स को 2.88 से गुणा करके 2001 के बेस ईयर में बदला जाता है। इसी आधार पर कर्मचारियों का अंतिम महंगाई भत्ता तय होता है।मई के आंकड़ों से समझिए डीए का लाइव कैलकुलेशनश्रम ब्यूरो के नए आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में औद्योगिक श्रमिकों के लिए इंडेक्स बढ़कर 150.8 के स्तर पर पहुंच गया है। मई तक के पिछले 12 महीनों का औसत AICPI-IW निकाला जाए, तो यह 148.075 बैठता है।स्टेप 1 (2001 बेस में बदलाव): $148.075 imes 2.88 = 426.456$स्टेप 2 (फॉर्मूले में वैल्यू रखना): $frac{426.456 - 261.42}{261.42} imes 100$स्टेप 3 (घटाने पर वैल्यू): $frac{165.036}{261.42} imes 100$स्टेप 4 (भाग देने पर अंतिम परिणाम): $0.6313 imes 100 = 63.13\%$सरकारी नियमानुसार, महंगाई भत्ते को कभी भी दशमलव (Decimal) में नहीं, बल्कि निकटतम पूर्णांक (Nearest Round Figure) में घोषित किया जाता है। इसलिए मौजूदा आंकड़ों के आधार पर आपका डीए 63% तय हो चुका है, जो जनवरी के 60% से पूरे 3% अधिक है।8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर आई बड़ी टाइमलाइनमहंगाई भत्ते में इस बढ़ोतरी के साथ-साथ केंद्रीय कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी समय-सीमा पर भी टिकी हैं। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि नए पे-स्केल की आधिकारिक सिफारिशें अगले साल के अंत तक सामने आ सकती हैं। हालांकि, वेतन में होने वाली वास्तविक वृद्धि को जनवरी 2026 से ही प्रभावी (Retroactive) माना जाएगा।ऐसे में जब भी नया वेतन आयोग पूरी तरह से धरातल पर उतरेगा, तो कर्मचारियों को 18 से 24 महीने का एकमुश्त बंपर एरियर (Arrears) मिलने की प्रबल संभावना है। फिलहाल जुलाई का डीए संशोधन 7वें वेतन आयोग के तहत ही होगा, लेकिन भविष्य में 8वां वेतन आयोग लागू होने पर जुलाई से बनने वाले वित्तीय अंतर की भरपाई एरियर के जरिए कर दी जाएगी।दिवाली पर होगी आधिकारिक घोषणा, एरियर के साथ आएगी सैलरीकेंद्र सरकार नियमानुसार साल में दो बार (1 जनवरी और 1 जुलाई) महंगाई भत्ते को संशोधित करती है। हालांकि, केंद्रीय कैबिनेट से इसकी औपचारिक मंजूरी मिलने में अक्सर कुछ महीनों का वक्त लग जाता है। लेकिन कर्मचारियों को इससे कोई नुकसान नहीं होता, क्योंकि बढ़ी हुई दरें हमेशा 1 जुलाई से ही प्रभावी मानी जाती हैं।उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के इस डीए संशोधन का आधिकारिक एलान सरकार द्वारा इस साल अक्टूबर में दिवाली के त्योहारी सीजन के आसपास किया जाएगा। त्योहारी मौसम में होने वाले इस एलान से कर्मचारियों के खातों में पिछले महीनों के एरियर के साथ-साथ बढ़ी हुई सैलरी का भुगतान एक साथ होगा, जो बाजारों में भी रौनक लाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:41 am

ITR 80G Tax Deduction Rules: दान पर टैक्स छूट का दावा करने वाले सावधान! इस बार ITR फॉर्म में देना होगा बैंक का ये सीक्रेट कोड और ट्रांजैक्शन नंबर

अगर आप भी समाज सेवा या धार्मिक संस्थाओं में दान देकर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में धारा 80G के तहत टैक्स छूट (Tax Deduction) का दावा करते हैं, तो इस बार आपको पहले से कहीं ज्यादा सतर्क रहना होगा। आकलन वर्ष 2026-27 (AY 2026-27) के लिए जारी नए ITR फॉर्म में आयकर विभाग ने बड़ा बदलाव किया है। अब 80G के तहत मिलने वाली छूट के लिए करदाताओं को अतिरिक्त और बेहद सटीक वित्तीय जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कड़े कदम का मुख्य मकसद दान के दावों का डिजिटल तरीके से सत्यापन (Cross-Verification) करना और फर्जी क्लेम के जरिए होने वाली टैक्स चोरी पर पूरी तरह रोक लगाना है।अब सिर्फ रसीद काफी नहीं; देना होगा IFSC कोड और ट्रांजैक्शन नंबरनए नियमों के मुताबिक, अब ITR फॉर्म में केवल यह लिख देना काफी नहीं होगा कि आपने किस संस्था को कितनी राशि दान में दी है। यदि आपने UPI, नेट बैंकिंग (NEFT/RTGS/IMPS) या चेक के जरिए डिजिटल माध्यम से कोई दान दिया है, तो आपको ITR दाखिल करते समय उस भुगतान का ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर (Transaction Reference Number) और जिस बैंक खाते से पैसा कटा है, उस बैंक का IFSC कोड भी दर्ज करना पड़ सकता है। इसका मतलब यह है कि आयकर विभाग अब आपके बैंक स्टेटमेंट के साथ दान की गई राशि के पूरे डिजिटल ट्रेल की सीधे जांच कर सकेगा।ITR-1 से लेकर ITR-4 तक के फॉर्म्स में हुआ बदलावआयकर विभाग ने यह नया खुलासा (Disclosure Clause) उन सभी प्रमुख ITR फॉर्म में जोड़ दिया है, जिनके जरिए टैक्सपेयर्स धारा 80G का क्लेम करते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोगों के लिए ITR-1, कैपिटल गेन और अन्य आय वालों के लिए ITR-2, बिजनेस व प्रोफेशनल्स के लिए ITR-3 और प्रिजम्प्टिव इनकम वालों के लिए ITR-4 शामिल हैं। अलग-अलग फॉर्म के लेआउट के हिसाब से इसका प्रारूप थोड़ा बहुत अलग हो सकता है, लेकिन मांगी जाने वाली मुख्य जानकारियां सभी में बिल्कुल एक समान रहेंगी।आखिर क्यों सरकार को उठाना पड़ा यह सख्त कदम?टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर विभाग अब रिटर्न की स्क्रूटनी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस डेटा एनालिटिक्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है। विभाग के पास आपके बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से मिलने वाले डेटा का पूरा बैकअप होता है। ऐसे में यदि कोई टैक्सपेयर ITR में गलत, अधूरी या फर्जी जानकारी भरता है, तो एआई सिस्टम उसे तुरंत पकड़ लेगा। इससे न केवल आपके रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक जाएगी, बल्कि आपका टैक्स छूट का दावा भी सीधे खारिज कर दिया जाएगा और पेनल्टी का नोटिस घर आ सकता है।ITR फाइल करने से पहले ये 5 दस्तावेज रख लें पासअगर आप बिना किसी अड़चन के 80G का पूरा रिफंड और लाभ उठाना चाहते हैं, तो ऑनलाइन फॉर्म भरने से पहले ये दस्तावेज अपने पास जरूर रख लें:संबंधित संस्था द्वारा जारी की गई आधिकारिक दान की रसीद (Donation Receipt)।संबंधित वित्तीय वर्ष का बैंक स्टेटमेंट या पासबुक।डिजिटल पेमेंट का ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर।अपने बैंक का सही IFSC कोड।संस्था का PAN नंबर और यह जांच लें कि वह संस्था धारा 80G के तहत आयकर विभाग से मान्यता प्राप्त (Registered) है या नहीं।भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना फंस जाएगा रिफंडटैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जरा सी लापरवाही आपके लिए भारी पड़ सकती है। ITR भरते समय कभी भी अनुमान या अंदाजे के आधार पर आंकड़े न लिखें। गलत ट्रांजैक्शन नंबर दर्ज करना, दान की तारीख या राशि में हेरफेर करना, या किसी ऐसी संस्था के नाम पर क्लेम करना जो 80G के लिए पात्र नहीं है, आपको मुश्किल में डाल सकता है। डिजिटल सत्यापन के इस नए दौर में सही और सटीक जानकारी देना ही आयकर विभाग के नोटिस और अतिरिक्त पूछताछ से बचने का एकमात्र तरीका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:40 am

सेडान कारों में क्यों नहीं होता रियर वाइपर? पैसे बचाने की तरकीब या कोई बड़ा वैज्ञानिक कारण; जानिए इसके पीछे का असली लॉजिक

अगर आपने कभी सड़कों पर दौड़ती अलग-अलग गाड़ियों को ध्यान से देखा हो, तो एक बात जरूर आपके दिमाग में आई होगी। ज्यादातर हैचबैक (Hatchback) और एसयूवी (SUV) कारों के पीछे वाले शीशे (Windscreen) पर वाइपर लगा होता है, लेकिन लग्जरी और प्रीमियम दिखने वाली सेडान (Sedan) कारों में यह फीचर गायब रहता है। ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि शायद कंपनियां पैसे बचाने या लागत कम करने के लिए सेडान में रियर वाइपर नहीं देतीं। लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है। इसके पीछे ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का एक बहुत बड़ा तकनीकी और वैज्ञानिक कारण छिपा है। आइए इसे बेहद आसान भाषा में समझते हैं।1. एयरोडायनामिक्स (Aerodynamics) और कार का डिजाइनसेडान कारों में रियर वाइपर न होने की सबसे मुख्य वजह उसका एयरोडायनामिक डिजाइन है। सेडान कारों की बनावट 'थ्री-बॉक्स' (Three-Box) स्टाइल में होती है, जिसमें इंजन, पैसेंजर केबिन और बूट स्पेस (डिक्की) अलग-अलग झुकाव में होते हैं। इन कारों का पिछला शीशा एक सुचारू ढलान (Sloping Roofline) की तरह नीचे की ओर जाता है।जब कार तेज रफ्तार में सड़क पर दौड़ती है, तो सामने से आने वाली हवा गाड़ी की छत से होती हुई पिछले शीशे के ऊपर से बेहद तेजी और सीधे प्रवाह में निकल जाती है। हवा का यह तेज बहाव अपने साथ शीशे पर पड़ने वाली हल्की धूल, मिट्टी और बारिश की बूंदों को खुद-ब-खुद उड़ा ले जाता है। यानी कुदरती हवा ही सेडान के पिछले शीशे को साफ रखने का काम कर देती है।2. SUV और हैचबैक में क्यों जरूरी है रियर वाइपर?एसयूवी और हैचबैक कारों का पिछला हिस्सा (रियर प्रोफाइल) बिल्कुल सीधा या फ्लैट (Flat Vertical Back) होता है। जब ये गाड़ियां तेज रफ्तार में चलती हैं, तो इनके सीधे डिजाइन के कारण गाड़ी के ठीक पीछे हवा का दबाव अचानक बहुत कम हो जाता है, जिससे वहां एक लो-प्रेशर वैक्यूम जोन (Low-Pressure Vacuum Zone) बन जाता है।इस वैक्यूम के कारण कार के नीचे और पहियों से उड़ने वाली धूल, कीचड़, गंदगी और बारिश का पानी पीछे की तरफ गोल घूमते हुए सीधे रियर शीशे पर जाकर चिपक जाता है। इसके चलते ड्राइवर को रियर व्यू मिरर (IRVM) से पीछे का ट्रैफिक दिखना बंद हो जाता है। इसी गंदगी को साफ करने के लिए हैचबैक और एसयूवी में रियर वाइपर और वॉशर देना तकनीकी रूप से अनिवार्य हो जाता है।3. बूट स्पेस (डिक्की) और वाइपर मोटर की जगहएक व्यावहारिक कारण यह भी है कि सेडान कारों की डिक्की (Boot Space) पिछले शीशे के ठीक नीचे से शुरू होती है। रियर वाइपर को चलाने के लिए एक भारी-भरकम इलेक्ट्रिकल मोटर लगानी पड़ती है। हैचबैक और एसयूवी में इस मोटर को पिछले दरवाजे (Tailgate) के अंदर आसानी से फिट कर दिया जाता है। लेकिन सेडान में शीशे के ठीक नीचे डिक्की का ढक्कन होने के कारण वाइपर मैकेनिज्म और मोटर को इंस्टॉल करने के लिए पर्याप्त और सही जगह नहीं मिल पाती है।क्या पैसे बचाना है कंपनियों का मकसद?यह पूरी तरह एक मिथक (अफ़वाह) है कि कंपनियां पैसे बचाने के लिए ऐसा करती हैं। ऑटोमोबाइल कंपनियां गाड़ियों को डिजाइन करते समय एयरोडायनामिक्स, वजन संतुलन और ईंधन दक्षता (Fuel Efficiency) को प्राथमिकता देती हैं। जब कार का डिजाइन खुद ही शीशे को साफ रखने में सक्षम है, तो वहां बिना वजह रियर वाइपर लगाना कार की लागत, वजन और तकनीकी जटिलता को बढ़ाना होगा। यही वजह है कि लाखों रुपये की लग्जरी सेडान कारों में भी रियर वाइपर नहीं दिया जाता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:39 am

एक पौधे पर 12 तरह के आम: जमुई के दो भाइयों ने 'पुष्पवाटिका' में उगाया जापान का मियाजाकी और थाईलैंड का बनाना मैंगो, हर साल हो रही ₹12 लाख की कमाई

बिहार के जमुई जिले से कृषि क्षेत्र में एक बेहद प्रेरणादायक और अनोखी सफलता की कहानी सामने आई है। सिंगारपुर गांव के दो सगे भाइयों— कनिष्क कुमार गुप्ता और राम प्रसाद गुप्ता ने पारंपरिक खेती की रूढ़ियों को तोड़कर विदेशी और प्रीमियम किस्म के आमों की सफल बागवानी की है। दोनों भाइयों ने आधुनिक तकनीक और नई सोच के दम पर अपनी पारिवारिक ‘पुष्पवाटिका नर्सरी’ को एक ऐसे हाई-टेक मॉडल में बदल दिया है, जो आज पूरे बिहार के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।एक ही पेड़ पर उग रहे हैं 2 से 12 अलग-अलग किस्म के आमइस पुष्पवाटिका नर्सरी की सबसे बड़ी खासियत और आकर्षण का केंद्र यहाँ ग्राफ्टिंग (कलम लगाने) की आधुनिक तकनीक से तैयार किए गए अनोखे पौधे हैं। दोनों भाइयों ने अपनी कुशलता से एक ही आम के पौधे पर 2 से लेकर 12 अलग-अलग वैरायटी (किस्मों) के आम उगाकर सबको हैरान कर दिया है। इस अनोखे अजूबे और आधुनिक बागवानी को देखने के लिए दूर-दूर से किसान और कृषि विशेषज्ञ सिंगारपुर गांव पहुंच रहे हैं।नौकरी के बजाय चुनी आधुनिक खेती, पिता की नर्सरी को दिया नया रूपकरीब 40 वर्ष पहले इनके पिता शत्रुधन साव ने एक बहुत ही छोटे स्तर पर इस नर्सरी की नींव रखी थी। बड़े होने पर कनिष्क और राम प्रसाद ने नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपनी पुश्तैनी जमीन और काम को ही आगे बढ़ाने का फैसला किया। दोनों भाइयों ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से बागवानी और ग्राफ्टिंग का कड़ा वैज्ञानिक प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्होंने पारंपरिक नर्सरी को आधुनिक और विदेशी तकनीक के साथ अपग्रेड कर आत्मनिर्भर खेती की एक बेहतरीन मिसाल पेश की।18 इंच का केला आम और दुनिया का सबसे महंगा 'मियाजाकी'कनिष्क कुमार गुप्ता के मुताबिक, जमुई की मिट्टी और जलवायु (Climate) इन विदेशी और प्रीमियम आमों के उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल साबित हुई है। उनकी नर्सरी में इस समय ये खास किस्में फल दे रही हैं:बनाना मैंगो (Thailand): थाईलैंड की यह वैरायटी दिखने में बिल्कुल केले जैसी लंबी होती है। इसके एक आम की लंबाई करीब 18 इंच तक और वजन 800 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक होता है।मियाजाकी आम (Japan): अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों रुपये प्रति किलो बिकने वाला जापान का यह विश्व प्रसिद्ध रूबी-रेड आम अब जमुई के सिंगारपुर में भी सफलतापूर्वक उग रहा है।इसके अलावा नर्सरी में देश-विदेश की प्रसिद्ध किस्में जैसे मालदा, दशहरी, आम्रपाली, काजू आम, कैसर, बंगाल टाइगर और महाराष्ट्र का मशहूर अल्फांसो (हापुस) भी तैयार किया जा रहा है।शुरुआत में उड़ाया मजाक, अब 50 विदेशी किस्मों का है लक्ष्यराम प्रसाद गुप्ता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने शुरुआत में एक ही पेड़ पर कई तरह के आम उगाने और विदेशी किस्में लाने के प्रयोग शुरू किए, तो स्थानीय लोग उन पर हंसते थे और उनके इस आइडिया का मजाक उड़ाते थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज वही लोग उनकी इस वैश्विक सफलता की तारीफ कर रहे हैं। दोनों भाइयों का अगला लक्ष्य अब 50 से अधिक दुर्लभ विदेशी किस्मों के आम भारतीय किसानों तक किफायती दाम पर पहुंचाना है। इसके साथ ही वे आम की गुठली के औषधीय और व्यावसायिक उपयोग पर भी रिसर्च कर रहे हैं।सालाना ₹12 लाख का मुनाफा; किसानों को दी 'मेड़ बागवानी' की सलाहआज इस आधुनिक नर्सरी से गुप्ता परिवार को तमाम खर्चे काटकर करीब 12 लाख रुपये की शुद्ध सालाना आय (Annual Income) हो रही है। दोनों भाई अन्य किसानों को पारंपरिक धान-गेहूं की खेती के साथ-साथ फलदार पौधों को अपनाने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि किसान भाई अपने खेतों की मेड़ों (Boundaries) पर भी इन कीमती आमों के पौधे लगाकर अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं। सिंगारपुर गांव के इन युवा किसानों की यह सफलता साबित करती है कि अगर सही प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प हो, तो बिहार की धरती पर भी विश्वस्तरीय खेती कर मोटी कमाई की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:37 am

एक भी गाड़ी खराब हुई तो नाम बताओ: एथनॉल का विरोध करने वालों पर भड़के नितिन गडकरी, बोले— किसानों को हुआ 45,000 करोड़ का बंपर मुनाफा

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल (Ethanol-Blended Petrol) की आलोचना करने वालों को खुले मंच से चुनौती देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। एक सम्मेलन के दौरान गडकरी ने विरोधियों पर तीखा हमला बोला और पेट्रोल में 20% एथनॉल (E20) के मिश्रण से गाड़ियों को नुकसान पहुंचने के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि ज्यादा एथनॉल मिश्रण को लेकर बाजार में जानबूझकर गलत जानकारी और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिसके पीछे कुछ खास हितों वाले लोगों का हाथ है।मक्के की कीमत 1200 से बढ़कर 2800 रुपये हुईनितिन गडकरी ने एथनॉल नीति से किसानों को हुए आर्थिक फायदों के आंकड़े पेश करते हुए कहा, “जब हमारी सरकार ने मक्के से एथनॉल बनाने का ऐतिहासिक फैसला किया था, तब बाजार में मक्के की कीमत महज ₹1,200 प्रति क्विंटल थी, जबकि उसका न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹1,800 प्रति क्विंटल था। लेकिन इस नीति के लागू होने के बाद, आज मक्के की बाजार कीमत बढ़कर ₹2,800 प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है।” केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि मक्के और गन्ने से एथनॉल उत्पादन के कारण अकेले उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की जेब में ₹45,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा पहुंचा है।₹22 लाख करोड़ के आयात बोझ से मिलेगी मुक्ति‘विकसित भारत’ सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा कि कोयला, डीजल और पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) पर भारत की अत्यधिक निर्भरता देश के लिए एक बहुत बड़ा आर्थिक बोझ है। भारत को अपनी ईंधन जरूरतों को पूरा करने के लिए सालाना ₹22 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आयात (Import) पर खर्च करनी पड़ती है, जो सीधे तौर पर विदेशी हाथों में जाती है। इसके साथ ही इससे पर्यावरण को भी गंभीर खतरा होता है। ऐसे में आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वच्छ व स्वदेशी ऊर्जा को अपनाना बेहद जरूरी है।कारों में खराबी के दावों को दी खुली चुनौतीE20 ईंधन से इंजन खराब होने की अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाते हुए गडकरी ने कहा, “देशभर में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के कारण किसी भी कार या दोपहिया वाहन में समस्या आने का एक भी सिंगल मामला सामने नहीं आया है। क्या पूरे देश में कोई एक भी ऐसी कार है जिसे इस पेट्रोल से दिक्कत हुई हो? अगर है, तो बस एक गाड़ी का नाम बताइए।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने तय समय से पहले ही पेट्रोल में 20% एथनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिससे न केवल कच्चे तेल का आयात घटा है बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आई है।अब E85, E100 और फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों की तैयारीसड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने देश में ग्रीन फ्यूल का दायरा बढ़ाने के लिए सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989 (CMVR) में कई महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव दिया है। इस कदम का मुख्य मकसद सभी कैटेगरी की गाड़ियों के लिए 'फ्लेक्स-फ्यूल' (Flex-Fuel) और पूरी तरह से बायोफ्यूल पर चलने वाले इंजनों का रास्ता साफ करना है। सरकार का फोकस अब पेट्रोल में 85% एथनॉल मिश्रण वाले E85 ईंधन और लगभग 100% शुद्ध एथनॉल पर चलने वाली गाड़ियों के लिए E100 ईंधन को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही पर्यावरण को बचाने के लिए B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-CNG (H-CNG) मिश्रण के इस्तेमाल पर भी तेजी से काम चल रहा है।ब्राजील की तर्ज पर पेट्रोल पंपों पर मिलेंगे विकल्पएथनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस, मक्के, खराब चावल और बायोमास स्रोतों से किया जाता है। वर्तमान में भारत के पेट्रोल पंपों पर गाड़ी मालिकों के पास अलग-अलग तरह के ईंधन चुनने का विकल्प नहीं होता है, लेकिन सरकार अब ब्राजील की तर्ज पर नई व्यवस्था लाने पर विचार कर रही है। ब्राजील के कानून में ग्राहकों को पेट्रोल पंप पर अलग-अलग कीमतों और मिश्रण वाले फ्यूल चुनने की आजादी होती है, जहां ज्यादा एथनॉल वाले ईंधन पर सरकार की तरफ से भारी टैक्स छूट और कम कीमत का फायदा मिलता है।परिवार पर लगे आरोपों पर गडकरी का करारा जवाबकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर अक्सर विरोधी यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनके परिवार के सदस्य चीनी मिलों और एथनॉल उत्पादन से जुड़े हैं, इसलिए वे इसे इतना बढ़ावा दे रहे हैं। इस आरोप पर स्थिति साफ करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही उनके परिवार के सदस्यों के पास चीनी मिलें हैं, लेकिन उनकी कंपनियां वित्तीय रूप से एथनॉल उत्पादन पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे यह काम अपने फायदे के लिए नहीं, बल्कि देश के करोड़ों किसानों को समृद्ध बनाने और भारत का पैसा भारत में रखने के लिए कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:33 am

अमरनाथ यात्रा पर सियासत: समय से पहले बाबा बर्फानी के अंतर्ध्यान होने पर भिड़े उमर अब्दुल्ला और इल्तिजा मुफ्ती, जानिए क्या है पूरा विवाद

जम्मू-कश्मीर की पवित्र अमरनाथ गुफा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने देशभर के श्रद्धालुओं को मायूस कर दिया है। 57 दिनों तक चलने वाली इस पावन अमरनाथ यात्रा को शुरू हुए अभी महज कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन गुफा के भीतर प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग (हिमलिंग) लगभग पूरी तरह पिघल चुका है। 3 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा के शुरुआती 4 दिनों में ही 80 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, लेकिन 6 जुलाई को सामने आई तस्वीरों के मुताबिक हिमलिंग करीब 90 फीसदी तक गायब हो चुका है। इस घटना के बाद अब जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।शिवलिंग का पिघलना इंसानी नियंत्रण से बाहर: सीएम उमर अब्दुल्लाहिमलिंग के समय से पहले पिघलने और बिना रजिस्ट्रेशन के पहुंच रहे श्रद्धालुओं के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को अपनी बात रखी। सीएम उमर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, जहां तक शिवलिंग का सवाल है, यह कुदरत और भगवान का बनाया हुआ है। न तो आप और न ही मैं यह तय कर सकते हैं कि यह कितने समय तक रहेगा। इस बार यह पूर्ण आकार में छह दिन तक रहा, जो इंसानी नियंत्रण से परे है।बिना पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) यात्रा करने की कोशिश करने वाले लोगों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने तीर्थयात्रियों की संख्या पर पहले से ही एक सीमा (Cap) तय की है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) इस नियम को लागू करने के लिए पूरी तरह बाध्य है और यह पूरी तरह से श्राइन बोर्ड का आंतरिक मामला है।इल्तिजा मुफ्ती ने उठाए सवाल: रोप-वे और अंधाधुंध भीड़ को बताया जिम्मेदारदूसरी तरफ, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने बाबा बर्फानी के समय से पहले अंतर्ध्यान होने पर गंभीर चिंता जताते हुए श्राइन बोर्ड के प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। इल्तिजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि अमरनाथ गुफा ग्लेशियरों और बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच बेहद संवेदनशील (Eco-sensitive Zone) इलाके में स्थित है। हिंदुओं के लिए 12वीं सदी से अस्तित्व में रहे इस बेहद पवित्र स्थल के आसपास किए जा रहे गैर-जरूरी निर्माण कार्य, यात्रियों की भारी भीड़ और बड़ा रोप-वे प्रोजेक्ट पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।इल्तिजा मुफ्ती ने आगे कहा, अमरनाथ यात्रा हमारी साझा 'कश्मीरियत' की भावना से गहराई से जुड़ी है और श्रद्धालुओं का कश्मीर में हमेशा दिल से स्वागत है। लेकिन इस पवित्र परंपरा को लंबे समय तक अक्षुण्ण रखने के लिए श्राइन बोर्ड को अधिक सावधानी और समझदारी बरतनी होगी। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि एक दौर ऐसा भी था जब यात्रा खत्म होने के बाद भी हिमलिंग काफी समय तक अपने प्राकृतिक स्वरूप में बना रहता था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:30 am

गुरु दत्त बर्थ एनिवर्सरी: एक शहर की मोहब्बत में बदला था अपना नाम, कोलकाता से शुरू हुआ था 'वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण' का अमर सफर

भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी शख्सियतें हुई हैं, जिन्होंने सिर्फ फिल्में नहीं बनाईं, बल्कि पर्दे पर जज्बातों की जीवंत कविता लिखी है। एक ऐसा ही कालजयी नाम है— गुरु दत्त। ‘प्यासा’, ‘कागज के फूल’ और ‘साहब बीबी और गुलाम’ जैसी क्लासिक फिल्में देने वाले महान फिल्ममेकर गुरु दत्त की आज 9 जुलाई 2026 को बर्थ एनिवर्सरी है। इस खास मौके पर सिनेमाप्रेमी उनकी जिंदगी से जुड़े अनसुने पन्नों को पलट रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस 'गुरु दत्त' के नाम पर आज दुनिया फिदा है, वह उनका असली नाम था ही नहीं? उन्होंने एक शहर के प्रति अपनी बेपनाह मोहब्बत के चलते अपना नाम हमेशा के लिए बदल लिया था।'वसंत कुमार' से 'गुरु दत्त' बनने की बेहद दिलचस्प कहानीबहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि गुरु दत्त का असली नाम वसंत कुमार शिवशंकर पादुकोण था। उनका जन्म बेंगलुरु (बेंगलोर) में हुआ था, लेकिन उनकी किस्मत का रुख किसी और ही शहर में बदलने वाला था। दरअसल, पिता की नौकरी के सिलसिले में उनका पूरा परिवार कोलकाता (तब कलकत्ता) शिफ्ट हो गया था। गुरु दत्त का बचपन और जवानी के शुरुआती दिन इसी सांस्कृतिक शहर की गलियों में बीते।कोलकाता की हवा में घुले साहित्य, कला और संगीत ने युवा वसंत कुमार के दिल-ओ-दिमाग पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि उन्हें बंगाली संस्कृति और भाषा से बेइंतहा मोहब्बत हो गई। इस शहर के प्रति अपने इसी गहरे जुड़ाव और सम्मान की खातिर उन्होंने अपना मूल नाम 'वसंत कुमार' त्याग दिया और अपना नया नाम 'गुरु दत्त' रख लिया, जो सुनने में पूरी तरह से एक बंगाली नाम प्रतीत होता है।कोलकाता की तंगहाली में सीखीं कोरियोग्राफी की बारीकियांकोलकाता का प्रभाव सिर्फ उनके नाम बदलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके भीतर छिपे संवेदनशील डायरेक्टर को तराशने में भी इस शहर का बड़ा योगदान था। आर्थिक तंगहाली के दौर में भी उन्होंने कला से अपना नाता नहीं तोड़ा। उन्होंने कोलकाता में रहते हुए मशहूर डांसर उदय शंकर की डांस एकेडमी में दाखिला लिया और कोरियोग्राफी की बारीकियां सीखीं। बंगाली समाज और वहां के सिनेमा के इसी गहरे प्रभाव ने आगे चलकर गुरु दत्त को एक ऐसा फिल्ममेकर बनाया, जो इंसानी दर्द और तन्हाई को पर्दे पर जीवंत कर देता था।मुंबई आगमन और ‘प्यासा’ से रचा नया इतिहासजब गुरु दत्त ने मायानगरी मुंबई का रुख किया, तो शुरुआत में उन्होंने बतौर कोरियोग्राफर और एक्टर संघर्ष किया। लेकिन उनका असली हुनर कैमरे के पीछे यानी निर्देशन में था। उन्होंने ‘बाजी’ और ‘आर पार’ जैसी कमर्शियल फिल्में बनाकर इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। लेकिन उन्हें असली वैश्विक पहचान तब मिली जब उन्होंने ‘प्यासा’ और ‘कागज के फूल’ जैसी बेहतरीन कल्ट फिल्में बनाईं। इन फिल्मों में दिखाया गया समाज का खोखलापन और प्यार की तड़प आज भी दुनिया भर के फिल्म स्कूलों में एक मिसाल की तरह पढ़ाई जाती है।अधूरा रह गया जिंदगी का सफर, तन्हाई में बीती रातेंगुरु दत्त पर्दे पर जितने कामयाब थे, उनकी निजी जिंदगी उतनी ही उलझी हुई और अकेलेपन से भरी रही। मशहूर प्लेबैक सिंगर गीता दत्त से शादी के बाद भी उनकी जिंदगी में सुकून नहीं लौट सका। काम के प्रति उनका पागलपन और पर्सनल लाइफ के तनाव ने उन्हें अंदर से खोखला कर दिया था। आखिरकार, साल 1964 में महज 39 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले गुरु दत्त ने अपनी जिंदगी का सफर भले ही बहुत जल्दी खत्म कर लिया हो, लेकिन सिनेमा के इतिहास में एक शहर की मोहब्बत में बदला गया उनका यह नाम हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:29 am

आलिया भट्ट की ‘ऐल्फा’ का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल: छठे दिन आई 33% की भारी गिरावट, क्या YRF स्पाई यूनिवर्स को लगेगा एक और बड़ा झटका?

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) की मोस्ट अवेटेड स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘ऐल्फा’ (Alpha) के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को देखकर मंगलवार को लगा था कि शायद फिल्म की मुश्किलें अब कम हो रही हैं, लेकिन बुधवार के नतीजों ने मेकर्स की चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। फिल्म की रिलीज को 6 दिन पूरे हो चुके हैं और छठे दिन 'ऐल्फा' की कमाई अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। रिलीज के पहले वीकेंड में जिस तरह फिल्म ने रफ्तार पकड़ी थी, उसे देखकर लग रहा था कि यह अपने 100 करोड़ रुपये के बजट को आसानी से पार कर लेगी। लेकिन अब बजट निकालना ही फिल्म के लिए सबसे बड़ा टास्क बन गया है। अगर फिल्म बजट वसूलने में नाकाम रहती है, तो यह आलिया भट्ट के लिए बहुत बड़ा झटका होगा, क्योंकि उनकी पिछली फिल्म ‘जिगरा’ भी बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी।छठे दिन औंधे मुंह गिरी कमाई, ऑक्यूपेंसी सिर्फ 10%फिल्म बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार (छठे दिन) ‘ऐल्फा’ के बिजनेस में मंगलवार के मुकाबले 32.9% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। फिल्म ने बुधवार को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर महज 2.85 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जबकि एक दिन पहले मंगलवार को इसका कलेक्शन 4.25 करोड़ रुपये था। देशभर में फिल्म के पास कुल 7,321 शोज हैं, लेकिन इसके बावजूद सिनेमाघरों में ऑक्यूपेंसी रेट (थिएटर भरने की रफ्तार) गिरकर सिर्फ 10 परसेंट रह गई है।6 दिनों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (कमाई का पूरा ब्यौरा)फिल्म की अब तक की कमाई पर नजर डालें तो पहले वीकेंड के बाद से इसके ग्राफ में लगातार गिरावट देखी जा रही है:पहला दिन (शुक्रवार): ₹9.25 करोड़दूसरा दिन (शनिवार): ₹11.50 करोड़तीसरा दिन (रविवार): ₹13.25 करोड़चौथा दिन (सोमवार): ₹3.85 करोड़पांचवां दिन (मंगलवार): ₹4.25 करोड़छठा दिन (बुधवार): ₹2.85 करोड़इस गिरावट के साथ ही 'ऐल्फा' का कुल नेट भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 44.95 करोड़ रुपये हो चुका है। वहीं, अगर भारत में ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो यह आंकड़ा 53.59 करोड़ रुपये है। वर्ल्डवाइड (दुनियाभर से) कलेक्शन के मामले में फिल्म ने अब तक कुल 74.89 करोड़ रुपये की कमाई की है।क्या 'वार 2' की तरह फ्लॉप होने की राह पर है 'ऐल्फा'?यशराज फिल्म्स (YRF) के स्पाई यूनिवर्स के लिए यह समय काफी मुश्किलों भरा नजर आ रहा है। इससे पहले 450 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से बनी ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर स्टारर 'वार 2' (War 2) बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी, जिससे मेकर्स को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा था। अब आलिया भट्ट की 'ऐल्फा' भी उसी कगार पर खड़ी दिख रही है। अगर इस फिल्म को फ्लॉप के टैग से बचना है, तो इसे घरेलू बाजार में कम से कम अपना बजट (100 करोड़ रुपये) निकालना होगा ताकि यह कम से कम 'एवरेज' फिल्मों की कैटेगरी में शामिल हो सके। इससे पहले आई सलमान खान की 'टाइगर 3' फ्लॉप तो नहीं थी, लेकिन उसने भी उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं की थी। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फिल्म आने वाले वीकेंड में कितनी वापसी कर पाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:28 am

ITR Filing Mistakes: आयकर रिटर्न भरते समय भूलकर भी न करें ये 15 गलतियां, वरना सीधे घर आएगा इनकम टैक्स का नोटिस

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने का समय आ गया है। अगर आप समय पर और सही तरीके से अपना टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो आपको इनकम टैक्स नोटिस, रिफंड में देरी, अतिरिक्त ब्याज और भारी जुर्माने जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में आयकर विभाग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस डेटा एनालिटिक्स की मदद से हर एक टैक्सपेयर के डेटा की बारीक जांच कर रहा है। ऐसे में अनजाने में की गई एक छोटी सी गलती भी आपके लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। आइए जानते हैं ITR भरते समय किन 15 मुख्य गलतियों से आपको हर हाल में बचना चाहिए।1. गलत कटौती (Deduction) या छूट (Exemption) का दावा करनाइन दिनों इनकम टैक्स विभाग ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा सख्त है। गलत सेक्शन में टैक्स कटौती दिखाना, बिना किसी पुख्ता सबूत या रसीद के हाउस रेंट अलाउंस (HRA) या अन्य छूट का दावा करना सीधे तौर पर टैक्स चोरी की श्रेणी में आता है, जिससे विभाग से तुरंत नोटिस आ सकता है।2. गलत ITR फॉर्म का चुनाव करनाटैक्सपेयर्स के लिए अपनी आय के स्रोत के अनुसार सही फॉर्म चुनना बेहद जरूरी है:ITR-1 (सहज): यह फॉर्म उन नौकरीपेशा (Salaried) लोगों के लिए है जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है और उन्हें कोई कैपिटल गेन नहीं हुआ है।ITR-3: यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जिनकी आय का जरिया कोई बिजनेस या प्रोफेशन है।गलत फॉर्म चुनने पर आयकर विभाग आपके रिटर्न को अमान्य घोषित कर 'डिफेक्टिव नोटिस' जारी कर सकता है।3. गलत असेसमेंट ईयर (AY) भरनावित्तीय वर्ष (Financial Year) और असेसमेंट ईयर (Assessment Year) के बीच का अंतर समझना बहुत जरूरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सही असेसमेंट ईयर 2026-27 होगा। गलत AY चुनने पर आपका टैक्स कैलकुलेशन बिगड़ जाएगा और आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है।4. व्यक्तिगत और बैंक जानकारी गलत दर्ज करनाITR फॉर्म में आपका नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जन्मतिथि और पैन (PAN) नंबर हमेशा आपके आधिकारिक पैन रिकॉर्ड के अनुसार ही होना चाहिए। इसके अलावा, यदि आपका कोई टैक्स रिफंड बनता है, तो अपना बैंक खाता नंबर और IFSC कोड बिल्कुल सही और वैलिडेटेड दर्ज करें, अन्यथा आपका रिफंड अधर में लटक सकता है।5. आय के सभी स्रोतों को छिपानाकई लोग सोचते हैं कि केवल सैलरी की जानकारी देना ही काफी है, जो कि बिल्कुल गलत है। आपको अपनी हर छोटी-बड़ी कमाई का ब्यौरा देना अनिवार्य है, जैसे—सेविंग अकाउंट और फिक्स डिपॉजिट (FD) से मिलने वाला ब्याजमकान या दुकान से आने वाली किराए की आय (Rental Income)शेयरों या म्यूचुअल फंड से मिला डिविडेंड और कैपिटल गेनयाद रखें, भले ही कोई आय टैक्स-फ्री (Tax-Free) दायरे में आती हो, फिर भी उसे रिटर्न में दिखाना जरूरी है।6. जानकारी को गलत फॉर्मेट में भरनाITR दाखिल करते समय तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को हमेशा तय फॉर्मेट यानी DD/MM/YYYY में ही भरें। गलत फॉर्मेट का उपयोग करने से सिस्टम सॉफ्टवेयर आपके रिटर्न में एरर (त्रुटि) दिखा देगा।7. Form 26AS से मिलान न करनारिटर्न सबमिट करने से पहले अपने Form 26AS और Form 16 का मिलान जरूर कर लें। अगर आपकी कंपनी या बैंक द्वारा काटा गया टीडीएस (TDS) आपके Form 26AS में रिफ्लेक्ट नहीं हो रहा है, तो आपको उस कटे हुए टैक्स का क्रेडिट (लाभ) नहीं मिल पाएगा।8. AIS और TIS की जांच न करनाआयकर विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड होता है, जो आपके Annual Information Statement (AIS) और Taxpayer Information Summary (TIS) में दिखाई देता है। ITR भरने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी घोषित आय इन दोनों स्टेटमेंट से पूरी तरह मैच कर रही हो।9. दो कंपनियों के Form 16 का सही इस्तेमाल न करनायदि आपने संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान अपनी नौकरी बदली है और आपको दो अलग-अलग नियोक्ताओं (Companies) से Form 16 मिला है, तो आपको दोनों कंपनियों से मिली कुल सैलरी को जोड़कर ITR में दिखाना होगा। ऐसा न करने पर टैक्स देनदारी कम दिखती है, जिससे विभाग नोटिस भेजता है।10. एम्प्लॉयर के पास HRA का दावा न कर पानाअगर आप अपनी कंपनी में समय पर किराए की रसीद (Rent Receipts) जमा नहीं कर पाए थे और फॉर्म-16 में एचआरए छूट नहीं मिली है, तो घबराएं नहीं। आप सीधे ITR दाखिल करते समय भी HRA छूट का क्लेम कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए मकान मालिक का पैन कार्ड नंबर देना आवश्यक हो सकता है।11. उपलब्ध टैक्स कटौतियों का फायदा न उठानाजागरूकता की कमी के कारण कई लोग आयकर कानून के तहत मिलने वाली विभिन्न वैध कटौतियों (जैसे हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस, आदि) का लाभ उठाना भूल जाते हैं। ITR फाइल करने से पहले सभी वैध कटौतियों को अच्छे से समझ लें ताकि कानूनी रूप से टैक्स बचाया जा सके।12. एडवांस टैक्स न भरना या देरी से भरनायदि आपकी कुल अनुमानित टैक्स देनदारी (TDS कटने के बाद) 10,000 रुपये से अधिक बनती है, तो आपको तिमाही आधार पर एडवांस टैक्स जमा करना होता है। इसमें देरी करने या कम भुगतान करने पर आयकर अधिनियम के तहत 1% प्रति माह की दर से दंडात्मक ब्याज देना पड़ता है।13. समय पर ITR का ई-वेरिफिकेशन न करनाITR फॉर्म को ऑनलाइन सबमिट करना ही प्रक्रिया का अंत नहीं है। रिटर्न दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) करना अनिवार्य है। आप इसे नेट बैंकिंग, बैंक खाता नंबर, ओटीपी या इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) के जरिए आसानी से कर सकते हैं। ऐसा न करने पर आपका भरा हुआ ITR अमान्य (Invalid) माना जाएगा।14. Schedule AL की जानकारी न देनायदि आपकी वार्षिक कुल आय 1 करोड़ रुपये से अधिक है, तो आपके लिए ITR में 'Schedule AL' भरना अनिवार्य हो जाता है। इस शेड्यूल में आपको देश-विदेश में मौजूद अपनी सभी चल-अचल संपत्तियों (Assets) और उनसे जुड़ी देनदारियों (Liabilities) का पूरा ब्यौरा देना होता है।15. विदेशी संपत्तियों और बैंक खातों की जानकारी छिपानायदि आप भारत के निवासी (Resident and Ordinarily Resident) हैं और आपके पास विदेश में कोई बैंक खाता है, विदेशी कंपनियों के शेयर्स, म्यूचुअल फंड, या ESOP जैसी कोई भी संपत्ति है, तो उसकी जानकारी Schedule FA में देना कानूनी रूप से अनिवार्य है। भले ही उस विदेशी संपत्ति पर भारत में कोई टैक्स न लगता हो, इसे छिपाने पर ब्लैक मनी एक्ट के तहत भारी जुर्माना लग सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:24 am

बृहस्पतिवार के नियम: गुरुवार को भूलकर भी न बनाएं और खाएं खिचड़ी, जानिए इसके पीछे की असली ज्योतिषीय वजह

सनातन धर्म में तिथियों की तरह ही सप्ताह के हर दिन का एक विशेष और गहरा धार्मिक महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार, प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता और नवग्रहों को समर्पित है, जिसके आधार पर ही दैनिक पूजा-पाठ, खान-पान और रहन-सहन के नियम तय किए जाते हैं। आज गुरुवार (बृहस्पतिवार) का दिन है, जो जगत के पालनहार भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार को अत्यंत पवित्र माना गया है, लेकिन इस दिन रसोई को लेकर कुछ बेहद कड़े नियम बताए गए हैं, जिनमें से एक है— गुरुवार को खिचड़ी बनाने और खाने पर पूर्ण पाबंदी।कुंडली में कमजोर होता है गुरु ग्रह, मंडराता है कंगाली का खतरासुनने में भले ही यह बात थोड़ी हैरान करने वाली लगे, लेकिन ज्योतिषीय और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार के दिन घर में खिचड़ी बनाना और उसे खाना पूरी तरह वर्जित (अशुभ) माना गया है।काली दाल की खिचड़ी: गुरुवार के दिन खिचड़ी में उड़द या काली दाल डालकर बनाना और खाना महा-अशुभ माना जाता है, क्योंकि काली दाल का संबंध मुख्य रूप से शनिदेव से है।पीली दाल की खिचड़ी: कई लोग सोचते हैं कि पीली दाल (जैसे मूंग या अरहर) की खिचड़ी तो गुरुवार को खाई जा सकती है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र इसके लिए भी मना करता है। मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार को पीली खिचड़ी खाने से इंसान की जन्म कुंडली में देवगुरु बृहस्पति कमजोर पड़ जाते हैं।धन की हानि और दरिद्रता को देता है आमंत्रणकुंडली में गुरु ग्रह के कमजोर होने का सीधा और घातक असर व्यक्ति के ज्ञान, भाग्य और उसकी आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। गुरु के निर्बल होने से घर में रखा धन पानी की तरह बहने लगता है, व्यापार और नौकरी में मंदी आ जाती है और जमा पूंजी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है। शास्त्रों का मानना है कि इस दिन खिचड़ी खाने से घर में दरिद्रता (कंगाली) का वास हो सकता है, इसलिए आज भी कई सनातन परिवारों में इस नियम का बड़ी कड़ाई से पालन किया जाता है।भगवान सत्यनारायण और गुरु आराधना के लिए सर्वोत्तम है आज का दिनगुरुवार का दिन आध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान और करियर में अपार सफलता पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन लोग अपने आध्यात्मिक गुरुओं का स्मरण करते हैं और भगवान सत्यनारायण की विशेष कथा व पूजा का आयोजन करते हैं। जीवन में सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए गुरुवार के दिन व्रत रखने, पीले वस्त्र धारण करने, चने की दाल और गुड़ से भगवान विष्णु व केले के वृक्ष की पूजा करने का विधान है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:23 am

अमेरिकी हमलों से दहले ईरान के 8 शहर, बहरीन में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के पास धमाके

US Iran War : राष्‍ट्रपति ट्रंप द्वारा सीजफायर खत्म करने के एलान के बाद अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन भी ईरान के 8 शहरों में बड़ा हमला किया। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह कार्रवाई ईरान की उस क्षमता को कमजोर करने के लिए की जा रही है, जिससे वह होर्मुज ...

वेब दुनिया 9 Jul 2026 8:23 am

राम मंदिर ट्रस्ट में चंपत राय का इस्तीफा मंजूर: भले ही टूटा औपचारिक नाता, लेकिन बैंक खातों के संचालन में अभी भी करीबियों का ही बोलबाला

अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट (श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) में चढ़ावा चोरी मामले के बाद मचे घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व महासचिव चंपत राय का इस्तीफा भले ही औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया हो और वे ट्रस्ट से बाहर हो चुके हों, लेकिन मंदिर के वित्तीय और प्रशासनिक प्रबंधन में उनका दबदबा अब भी बरकरार है। ट्रस्ट के बैंक खातों के संचालन की अहम जिम्मेदारी अब चंपत राय के दो सबसे विश्वस्त करीबियों को सौंप दी गई है।अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन संभालेंगे कमानबीती 6 जुलाई को चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे मंजूर होने के बाद ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है। नए नियमित महासचिव की नियुक्ति होने तक कृष्ण मोहन ही ट्रस्ट का पूरा कामकाज और आगामी रूपरेखा संभालेंगे। हालांकि, ट्रस्ट के विभिन्न बैंकों में कई अहम और बड़े खाते होने के कारण इनके संचालन के लिए एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें चंपत राय के वफादारों को जगह मिली है।चंपत राय के वफादार 'चंदन' और 'जगदीश' को मिली बड़ी जिम्मेदारीबैंक खातों की देखरेख और वित्तीय संचालन में अंतरिम महासचिव की सहायता के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) चंदन राय और इंजीनियर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है।सीए चंदन राय: लंबे समय से ट्रस्ट के वित्तीय ऑडिट और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को चंपत राय के सीधे निर्देशन में ही देखते आ रहे हैं।इंजीनियर जगदीश आफले: महाराष्ट्र के रहने वाले जगदीश आफले जनवरी में हुए प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान अयोध्या आए थे और तब से यहीं रहकर चंपत राय के मुख्य सहयोगी के रूप में मंदिर प्रबंधन का काम संभाल रहे हैं।चंपत राय का एसआईटी के सामने बड़ा खुलासा: एसबीआई (SBI) पर मढ़ा ढिलाई का आरोपइस पूरे विवाद के बीच चंपत राय ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने अपना एक पेज का लिखित बयान दर्ज कराया है, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को कटघरे में खड़ा किया है। राय ने आरोप लगाया कि बैंक ने अपने ही सुरक्षा नियमों और गाइडलाइंस का घोर उल्लंघन किया, जिसे हमेशा नजरअंदाज किया गया।चंपत राय ने अपने बयान में कहा, देश के सभी बैंकों में करेंसी चेस्ट रूम से जुड़े बेहद कड़े नियम होते हैं। इसके तहत अंदर जाने और बाहर निकलते समय कर्मचारियों की सघन तलाशी लेना और बिना जेब (Pocketless) वाली विशेष यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य होता है। लेकिन एसबीआई ने इस गाइडलाइन को कभी अमल में नहीं लाया। बैंक ने शुरुआत में जो कपड़े अपने स्टाफ को दिए थे, उनमें जेबें बनी हुई थीं। राय ने एसआईटी से मांग की है कि बैंक के सीनियर अधिकारियों से जवाब तलब किया जाए कि इतनी संवेदनशील जगह पर इतनी बड़ी ढील कैसे बरती गई।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 8:20 am

Top News 9 July: ईरान में फिर अमेरिकी हमला, 23 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी

Top News 9 July : अमेरिका ईरान में जंग तेज हुई, देशभर में मानसून का कहर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है। भारत और इंग्लैंड के बीच चौथा टी 20 मैच आज ब्रिस्टल में खेला जाएगा। 9 जुलाई की बड़ी खबरें :

वेब दुनिया 9 Jul 2026 7:53 am

कोलकाता में विरोध मार्च के दौरान ममता बनर्जी ने खोया आपा, पार्टी कार्यकर्ता को जड़ा थप्पड़

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना आपा खो दिया और बारुईपुर में एक नाबालिग के कथित रेप और हत्या के विरोध में कोलकाता में अपनी पार्टी के विरोध जुलूस के दौरान मचे हंगामे के बीच एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया।

देशबन्धु 9 Jul 2026 7:00 am

'वीबी-जी राम जी' हिमाचल प्रदेश के हित में नहीं है: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' को लागू करना राज्य के हित में नहीं है।

देशबन्धु 9 Jul 2026 6:00 am

मुझे नेता प्रतिपक्ष से उम्मीद है, वो देश की सुरक्षा के मुद्दे को उठाएंगे : प्रकाश आंबेडकर

वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने देश की सुरक्षा का जिक्र करके केंद्र सरकार को घेरा। साथ ही, उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे नेता प्रतिपक्ष से उम्मीद है कि वो इस मुद्दे को उठाने का काम करेंगे।

देशबन्धु 9 Jul 2026 5:50 am

त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में शामिल होंगे सिंधिया, निवेश और औद्योगिक विकास पर रहेगा फोकस

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 9 जुलाई को एक दिवसीय दौरे पर त्रिपुरा जाएंगे। इस दौरान वह अगरतला के हापानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय मेला मैदान में आयोजित त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

देशबन्धु 9 Jul 2026 4:50 am

'नरसिम्हा राव ने कांग्रेस को बचाया, कांग्रेस ने उन्हें मिटा दिया', पोते एन.वी. सुभाष का बड़ा आरोप

कांग्रेस पार्टी के मौजूदा नेतृत्व की कड़ी आलोचना करते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के पोते एन.वी. सुभाष ने कहा कि 'गांधी युग खत्म हो चुका है

देशबन्धु 9 Jul 2026 4:06 am

रांची में हाईवे पर महिलाओं की गाड़ी पर हमला कानून-व्यवस्था की विफलता: बाबूलाल मरांडी

झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रांची के दशम फॉल क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग पर महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी एवं हमले की घटना को राज्य की कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता करार दिया है

देशबन्धु 9 Jul 2026 3:50 am

महाराष्ट्र: विपक्ष ने महिला डॉक्टरों पर शिवसेना पार्षद के हमले की कड़ी निंदा की, बताया गुंडागर्दी

कल्याण-डोंबिवली नगर निगम क्षेत्र में शिवसेना के एक नगरसेवक द्वारा महिला डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट की घटना को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है

देशबन्धु 9 Jul 2026 12:50 am

प्रयागराज सर्किट हाउस में उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने किया जनता दर्शन, शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसामान्य से भेंट कर उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। कार्यक्रम में जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं एवं मांगों को लेकर पहुंचे। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री राजेश शुक्ल एवं श्रीमती निर्मला पासवान, सांसद श्री प्रवीण पटेल, विधायक श्री गुरु प्रसाद मौर्य एवं श्री दीपक पटेल, महापौर श्री गणेश केसरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वी. के. सिंह, उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सुरेश मौर्य, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अनेक प्रतिष्ठित नागरिक गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।श्री मौर्य ने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सुशासन की पहचान है और सभी अधिकारी इस दिशा में पूरी निष्ठा से कार्य करें। इसके उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने संगठनात्मक बैठक भी की। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव एवं वार्ड-वार्ड तक पहुंचकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं तथा पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन की मजबूती का आधार जनता के बीच निरंतर संवाद एवं सेवा भाव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों एवं जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से पहुंचाकर आमजन को उनके लाभों से अवगत कराएं, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Jul 2026 12:09 am

महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी तथा विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण, केशव प्रसाद मौर्य

आज प्रयागराज मेंउप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने परिश्रम, कौशल और आत्मनिर्भरता के माध्यम से समाज एवं प्रदेश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने प्रदर्शनी में शामिल महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार की प्रशंसा की तथा उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। प्रदर्शनी में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प सामग्री, खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद तथा अन्य उपयोगी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया, जिन्हें उप मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि के साथ देखा।श्री मौर्य ने प्रदर्शनी में सहभागी महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उनके परिश्रम, समर्पण और उद्यमशीलता से प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई दिशा मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अधिकाधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी तथा विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:59 pm

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वितरित किए डमी कार्ड, 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार होगा उपलब्ध,

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारम्भ पर लाभार्थियों को प्रतीकात्मक डमी कार्ड वितरित करते हुए सभी शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह योजना प्रदेश के लाखों शिक्षक परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी तथा उनके जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।श्री मौर्य जी ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे का विस्तार करते हुए अब प्रधानाचार्यों, शिक्षकों के साथ-साथ रसोइयों को भी इस योजना में सम्मिलित किया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों एवं उनके परिवारों को सूचीबद्ध अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक का कैशलेस एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं जनकल्याणकारी कदम है।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 11:47 pm

West Asia Crisis : अमेरिका-ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत का पहला रिएक्शन, जानिए क्या कहा

भारत ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़ते सैन्य तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। भारत सरकार ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने, तनाव कम करने और बातचीत के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। साथ ही ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 11:20 pm

ओप्पो इंडिया ने अपने स्मार्टफोन की रेनो 1616 सीरीज लॉन्च की

जयपुर। ओप्पो इंडिया ने बुधवार को अपनी रेनो 1616 सीरीज (स्मार्टफोन) लॉन्च की। इस सीरीज में भारत के पहले होलोवर्स थ्री डी डिजाइन, 50 एमपी के मेन और 3.5एक्स टेलीफोटो लेंस वाले एआई पोर्ट्रेट कैमरा, नैचुरल टोन इमेजिंग और ऑल-फोकल-लेंथ के साथ दो स्मार्टफोन रेनो 1616 और रेनो 1616 सी पेश किए गए हैं। इस […] The post ओप्पो इंडिया ने अपने स्मार्टफोन की रेनो 1616 सीरीज लॉन्च की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 10:38 pm

नंदीग्राम एक्सप्रेस में सजाई सुहागरात की सेज, टीटीई निलंबित

नई दिल्ली। रेलवे ने महाराष्ट्र में बल्हारशाह से दादर (मुंबई) के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के एक प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कूपे को सुहागरात की सेज के रूप में सजाने के मामले को गंभीरता से लिया है और इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में ट्रेन टिकट निरीक्षक (टीटीई) को निलंबित कर विस्तृत विभागीय […] The post नंदीग्राम एक्सप्रेस में सजाई सुहागरात की सेज, टीटीई निलंबित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 10:32 pm

कालीघाट में भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने खोया आपा, भाजपा पर बरसीं

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की से कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के विरोध में तृणमूल कांग्रेस की छात्र-युवा इकाई की बुधवार को रैली के दौरान जबरदस्त हंगामा और राजनीतिक हिंसा भड़क उठी। रैली पर भाजपा समर्थकों के कथित हमले और दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति इतनी […] The post कालीघाट में भारी हंगामा, ममता बनर्जी ने खोया आपा, भाजपा पर बरसीं appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 10:27 pm

दरभंगा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़

दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ करते हुए कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपाधीक्षक उदय शंकर ने बुधवार को बताया कि सूचना मिली थी कि लहेरियासराय थाना क्षेत्र के जीएन गंज स्थित पंजाब […] The post दरभंगा में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 10:21 pm

ग्वालियर : शादी का झांसा देकर युवती से रेप, प्रेगनेंट होने पर दिया धोखा

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जिम में हुई दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने तथा गर्भवती होने पर विवाह से इनकार करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार गोला का मंदिर थाना क्षेत्र निवासी […] The post ग्वालियर : शादी का झांसा देकर युवती से रेप, प्रेगनेंट होने पर दिया धोखा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 10:16 pm

यातायात नियम: दिल्ली में यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर, केवल चालान ही नहीं, अब आपको 2 दिन का प्रशिक्षण भी करना होगा

दिल्ली समाचार:दिल्ली में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब गंभीर यातायात नियम तोड़ने वालों को सिर्फ चालान भरने या ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होने की सजा ही नहीं मिलेगी। इसके साथ ही, लाइसेंस बहाल कराने के लिए उन्हें अनिवार्य रूप से दो दिन का प्रशिक्षण और परामर्श भी पूरा करना होगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने इस नई व्यवस्था की लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं और अंतिम मंजूरी के बाद इसे अधिकृत प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से लागू किया जाएगा।क्या बात क्या बात?परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पहले यातायात नियमों के उल्लंघन पर ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जाता था, लेकिन बाद में इस अवधि को बढ़ाकर छह महीने कर दिया गया। इसके बावजूद, कई चालकों के व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। विभाग के रिकॉर्ड से ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं जहां एक ही चालक ने कई बार नियमों का उल्लंघन किया, जुर्माना भरा और लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी वही गलती दोहराई।सुधार पर भी जोर देने का निर्णय लिया गयाइस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अब दंड के साथ-साथ सुधार पर भी जोर देने का निर्णय लिया है। नई प्रणाली के तहत, ड्राइवरों को अपना लाइसेंस बहाल करवाने से पहले दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना अनिवार्य होगा। इस कार्यक्रम के दौरान, विशेषज्ञ सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग तकनीकों, दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों और एक जिम्मेदार चालक की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे। लापरवाही से गाड़ी चलाने के संभावित खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए परामर्श भी दिया जाएगा।सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण?दिल्ली में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 ड्राइविंग लाइसेंस गंभीर यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए निलंबित किए जाते हैं। इनमें तेज गति से वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत साइड पर वाहन चलाना और खतरनाक मोड़ लेना शामिल हैं। विशेष रूप से, गलत दिशा में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसे सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण माना जाता है।सिफारिशें लगातार प्राप्त हो रही हैंदिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नियमों के उल्लंघन का यह चलन केवल राजधानी तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली के लाइसेंस धारकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अन्य राज्यों से भी सिफारिशें प्राप्त हो रही हैं। उदाहरण के लिए, पुलिस रिपोर्टों और अदालती आदेशों के आधार पर राजस्थान से औसतन 6 से 7 मामले प्रतिदिन दिल्ली भेजे जाते हैं, और विभाग उन पर आगे की कार्रवाई करता है।यातायात प्रशिक्षण केंद्र शुरू कर दिए गए हैं।इस बीच, यातायात पुलिस जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चला रही है। एक महीने तक चलने वाले जन जागरूकता अभियान के तहत, शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक स्कूल शुरू किए गए हैं। चालकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और ज़िम्मेदार ड्राइविंग के बारे में शिक्षित किया जा रहा है। पुलिस का लक्ष्य केवल कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि नियमों के बारे में जनता में जागरूकता बढ़ाकर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना है।यातायात दुर्घटनाएं लापरवाही के कारण होती हैं।परिवहन विभाग का मानना ​​है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएँ मानवीय लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं। विशेष रूप से, सड़क के गलत साइड पर गाड़ी चलाना और तेज़ गति से वाहन चलाना जैसी गलतियाँ अक्सर जानलेवा साबित हो सकती हैं। नई प्रशिक्षण और परामर्श प्रणाली से चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और राजधानी की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 10:00 pm

वीजा शुल्क में बढ़ोतरी: इस देश ने भारतीय छात्रों के लिए वीजा शुल्क बढ़ा दिया है, जानिए अब कितना भुगतान करना होगा

ऑस्ट्रेलिया वीजा शुल्क में बढ़ोतरी:ऑस्ट्रेलिया सरकार ने वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों को बड़ा झटका दिया है। अब ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करना उनके लिए और भी महंगा हो जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने विदेशी छात्रों और पढ़ाई के बाद काम करने के लिए आवेदन करने वालों के लिए वीजा शुल्क में काफी वृद्धि की है। इसका सीधा असर उन भारतीय छात्रों पर पड़ेगा जो यहां पढ़ रहे हैं या ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों से डिग्री हासिल करने आ रहे हैं।यहां के विश्वविद्यालयों और शिक्षा से संबंधित संस्थानों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि इस कदम से शिक्षा के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया का महत्व कम हो जाएगा और वह अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा में पिछड़ जाएगा। गृह मंत्रालय द्वारा घोषित नई फीस 1 जुलाई, 2026 से लागू हो गई है, बिना अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र से कोई पूर्व परामर्श किए।ऑस्ट्रेलिया में वीजा शुल्क में कितनी वृद्धि हुई है?उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा (VET) के छात्रों के लिए छात्र वीजा (सबक्लास 500) का आवेदन शुल्क 2,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 1.32 लाख रुपये) से बढ़कर 2,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 1.65 लाख रुपये) हो गया है। ICEF मॉनिटर की रिपोर्ट के अनुसार, आसियान देशों के छात्रों के लिए शुल्क 2,050 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ही रहेगा। चूंकि भारत आसियान का हिस्सा नहीं है, इसलिए भारतीयों को अब वीजा शुल्क के रूप में 2,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का भुगतान करना होगा।अंग्रेजी भाषा (ELICOS) के छात्रों के लिए शुल्क भी बढ़कर 2,050 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 1.35 लाख रुपये) हो गया है।अध्ययन के बाद काम करने की अनुमति देने वाले अस्थायी स्नातक वीजा (उपश्रेणी 485) के लिए शुल्क 4,600 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 3 लाख रुपये) से बढ़कर 5,750 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 3.79 लाख रुपये) हो गया है।पार्टनर वीजा की फीस भी A$9,365 (लगभग ₹6 लाख) से बढ़कर A$11,710 (लगभग ₹7.73 लाख) हो गई है।नियोक्ता द्वारा प्रायोजित कौशल वीज़ा के लिए आवश्यक वेतन सीमा भी बढ़ा दी गई है। यह वीज़ा अब तभी दिया जाएगा जब वेतन 79,499 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 5.24 लाख रुपये) हो। पहले यह सीमा 76,515 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर थी।ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई के लिए सबसे महंगे देशों में से एक बन गया है।हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद, ऑस्ट्रेलियाई छात्र वीजा आवेदन शुल्क अब अन्य प्रमुख देशों की तुलना में काफी अधिक हो गया है। ऑस्ट्रेलिया में छात्र वीजा की लागत अब लगभग 2,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है, जबकि ब्रिटेन में लगभग 935 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, न्यूजीलैंड में 790 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिका में 775 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कनाडा में 240 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है।ऑस्ट्रेलिया में छात्र वीजा शुल्क 2022 से 285% बढ़ गया है, जबकि अध्ययन के बाद कार्य वीजा शुल्क में 148% की वृद्धि हुई है। वहीं, कनाडा और अमेरिका जैसे देशों ने अपने छात्र वीजा शुल्क को लगभग अपरिवर्तित रखा है, जबकि ब्रिटेन में यह वृद्धि काफी कम रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:57 pm

महंगे हेयर स्पा को छोड़ें और महान रानियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले इन 4 प्राकृतिक उत्पादों को आजमाएं

बालों की देखभाल के टिप्स:जब केमिकल शैम्पू या कंडीशनर का चलन नहीं था, तब भी उनके बाल बेहद चमकदार थे। उनकी खूबसूरती का राज पूरी तरह से आयुर्वेदिक और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों पर आधारित था। बिना किसी दुष्प्रभाव के अपने बालों को पोषण देने का उनका तरीका यहाँ बताया गया है:चम्पी और प्राकृतिक तेलों का जादू:प्राचीन काल में, तेल मालिश, या चम्पी, रानियों की बाल देखभाल दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थी। वे अपने बालों को मजबूत और रूसी मुक्त रखने के लिए नीम के तेल और नारियल तेल के मिश्रण का उपयोग करती थीं। नारियल तेल बालों को अंदर से नमी और पोषण देता था, जबकि नीम का तेल अपने जीवाणुरोधी गुणों से खोपड़ी को संक्रमण से बचाता था। चम्पी उपचार खोपड़ी में रक्त संचार बढ़ाता है, जिससे बाल जड़ों से मजबूत होते हैं।आंवला, शिकाकाई और मेहंदी का उपयोग:रानियां अपने बालों को प्राकृतिक रूप से धोने और कंडीशनिंग करने के लिए आंवला, रीठा और शिकाकाई पाउडर का मिश्रण तैयार करती थीं। यह एक प्राकृतिक शैम्पू की तरह काम करता था, गंदगी को हटाता था और बालों की प्राकृतिक चमक बनाए रखता था। आंवले में मौजूद विटामिन सी और फैटी एसिड बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकते हैं। इसके साथ ही, मेहंदी का उपयोग बालों को सुंदर रंग और मजबूती देने के लिए किया जाता था।मोरिंगा पेस्ट और लोबान की खुशबू का चमत्कार:रानियों के लंबे बालों का एक और राज मोरिंगा (नग्गे) की पत्तियां थीं। प्रोटीन और विटामिन से भरपूर मोरिंगा पेस्ट को बालों पर मास्क की तरह लगाया जाता था। इसके अलावा, बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने और खुशबू देने के लिए लोबान की खुशबू का इस्तेमाल किया जाता था। गीले बालों को लोबान के धुएं में सुखाने से न केवल बाल सुगंधित होते थे, बल्कि सिर की त्वचा पर नमी के कारण होने वाले फंगल संक्रमण का खतरा भी पूरी तरह खत्म हो जाता था।आजकल हम जिन रासायनिक उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, वे भले ही अस्थायी चमक देते हों, लेकिन लंबे समय में बालों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लेकिन अगर हम आंवला, शिकाकाई, नीम, नारियल तेल और मोरिंगा जैसे अपने स्थानीय आयुर्वेदिक तरीकों का पालन करें, तो हम बिना किसी दुष्प्रभाव के घने और स्वस्थ बाल पा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:54 pm

सरदार सरोवर परियोजना पर 30 साल पुराना विवाद खत्म, मध्यप्रदेश को 1,500 करोड़ की जगह सिर्फ 231.80 करोड़ रुपए देने होंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता और केंद्रीय जल शक्ति ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 9:43 pm

सावधान! क्या बिल्ली पालने से हो सकती है दिमाग की यह खतरनाक बीमारी? ऑस्ट्रेलिया की रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

आज के दौर में पेट लवर्स के बीच बिल्ली पालने का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है। अपनी क्यूटनेस और चुलबुली हरकतों से बिल्लियां किसी का भी दिल जीत लेती हैं। लेकिन अगर आप भी एक कैट ओनर हैं या घर में बिल्ली लाने की सोच रहे हैं, तो हाल ही में आई एक मेडिकल रिसर्च आपको हैरान कर सकती है। ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि बिल्लियों के संपर्क में रहने से गंभीर मानसिक विकार (मेंटल डिसऑर्डर) का खतरा दोगुना हो सकता है।क्वींसलैंड विश्वविद्यालय की स्टडी में सिजोफ्रेनिया का दावाऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित क्वींसलैंड विश्वविद्यालय (University of Queensland) द्वारा किए गए एक व्यापक विश्लेषण में बिल्ली पालने और मानसिक बीमारी 'सिजोफ्रेनिया' (Schizophrenia) के बीच एक गहरा संबंध पाया गया है। शोधकर्ताओं ने पिछले 44 सालों में दुनिया के 11 अलग-अलग देशों में हुई 17 बड़ी स्टडीज के डेटा का बारीकी से अध्ययन किया। इस कंबाइंड रिसर्च के नतीजों में सामने आया कि जो लोग बचपन में या वयस्क होने पर बिल्लियों के ज्यादा करीब रहे हैं, उनमें सिजोफ्रेनिया विकसित होने की संभावना आम लोगों की तुलना में दोगुनी पाई गई।बिल्ली के मल में छिपा है 'टोक्सोप्लाज्मा गोंडी' परजीवीआखिर एक प्यारी सी बिल्ली मानसिक बीमारी की वजह कैसे बन सकती है? डॉक्टरों के मुताबिक, इसका असली विलेन बिल्ली के मल (पूप) में पाया जाने वाला एक बेहद सूक्ष्म परजीवी (पैरॉसाइट) है, जिसका नाम टोक्सोप्लाज्मा गोंडी ($Toxoplasma gondii$) है। जब कोई इंसान अनजाने में इस परजीवी के संपर्क में आता है, तो यह शरीर के अंदर पहुंचकर सीधे ब्रेन हेल्थ (दिमागी स्वास्थ्य) पर हमला करता है। यह हमारे दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर (विशेषकर डोपामिन केमिकल) को असंतुलित कर देता है और मस्तिष्क में सूजन (इन्फ्लेमेशन) पैदा कर सकता है, जिससे भ्रम और गंभीर मानसिक रोगों का रिस्क बढ़ जाता है।क्या हैं सिजोफ्रेनिया के अन्य मुख्य कारण?विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ बिल्ली पालना ही सिजोफ्रेनिया का एकमात्र कारण नहीं है। यह एक जटिल दिमागी बीमारी है जो कई अन्य वजहों से भी ट्रिगर हो सकती है:आनुवंशिक कारण (Genetics): अगर परिवार में पहले किसी को यह बीमारी रही हो।अत्यधिक मानसिक तनाव (Severe Stress): लंबे समय तक डिप्रेशन या ट्रॉमा में रहना।केमिकल इम्बैलेंस: दिमाग में न्यूरोकेमिकल्स का संतुलन बिगड़ जाना।कैट लवर्स संक्रमण से बचने के लिए जरूर बरतें ये सावधानियांअगर आपके घर में पहले से ही बिल्ली मौजूद है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप कुछ बेहद आसान हाइजीन टिप्स अपनाकर इस जानलेवा परजीवी के संक्रमण से खुद को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं:बिल्ली के लिटर बॉक्स (मलमूत्र की जगह) को साफ करते समय हमेशा डिस्पोजेबल ग्लव्स (दस्ताने) पहनें।सफाई करने के तुरंत बाद अपने हाथों को एंटीसेप्टिक साबुन या हैंडवॉश से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं।अपनी पालतू बिल्ली के समय-समय पर वैक्सीनेशन (टीकाकरण) और रेगुलर वेटरनरी चेकअप का पूरा ध्यान रखें।घर के फर्श और बिल्ली के बैठने की जगहों को डिसइंफेक्टेंट से साफ करते रहें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:36 pm

आमिर खान ने तीसरी बार रचाई शादी: 6 जुलाई को लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट संग की कोर्ट मैरिज, अंगूठी की कीमत और खासियत जान उड़ जाएंगे होश!

बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में आ गए हैं। रीना दत्ता और किरण राव के बाद, 61 वर्षीय आमिर खान ने 6 जुलाई को अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट (Gauri Spratt) के साथ रजिस्टर्ड मैरिज कर ली है। मुंबई के बांद्रा स्थित पाली हिल वाले घर पर बेहद सादगी के साथ इस शादी को अंजाम दिया गया, जिसमें सिर्फ परिवार के कुछ बेहद करीबी लोग और दोनों के बच्चे ही शामिल हुए।25 साल पुरानी दोस्ती बदली प्यार में, जानें कौन हैं गौरी स्प्रैटगौरी स्प्रैट लंबे समय से फैशन और ब्यूटी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम रही हैं। वह 'आमिर खान प्रोडक्शन्स' के साथ भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं, लेकिन इनके बीच प्यार की शुरुआत कुछ समय पहले ही हुई थी। लंबे समय तक अपने रिश्ते को दुनिया की नजरों से छिपाकर रखने के बाद आखिरकार इस मैच्योर कपल ने शादी के बंधन में बंधने का फैसला कर लिया।मेडागास्कर का दुर्लभ रूबी: 131 कारीगरों ने 256 घंटे में बनाई अनोखी रिंगशादी के बाद इस समय सबसे ज्यादा चर्चा आमिर खान द्वारा गौरी को पहनाई गई वेडिंग रिंग की हो रही है। इस अंगूठी के बीचों-बीच मेडागास्कर से मंगाया गया एक बेहद दुर्लभ नेचुरल रूबी (लाल माणिक) जड़ा गया है, जिसे कैबोशॉन कट में तराशा गया है। इस खास रूबी को खोजने में आमिर की टीम को करीब 3 महीने का वक्त लगा, क्योंकि दुनिया भर के रूबी पत्थरों में से सिर्फ 0.1% ही इस नायाब क्वालिटी के होते हैं। इसे सोने के मुकुट जैसी डिजाइन पर रखकर चारों तरफ 40 असली हीरों से सजाया गया है। 131 कुशल कारीगरों ने मिलकर पूरे 256 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद इस नायाब रिंग को तैयार किया है।ज्वेलरी गिफ्ट करने के शौकीन हैं आमिर खानयह पहली बार नहीं है जब आमिर ने गौरी के लिए इतना कीमती तोहफा चुना हो। इसी साल की शुरुआत में गौरी के हाथ में ब्राजील से मंगाए गए रेयर 'एक्वामरीन' पत्थर वाली रिंग देखी गई थी, जिसके चारों तरफ 40 नेचुरल हीरे जड़े थे। वह अंगूठी भी आमिर खान ने ही गौरी को खास तौर पर कस्टमाइज करवाकर गिफ्ट की थी। फैंस अब इस न्यूली वेडेड कपल की पहली पब्लिक अपीयरेंस और ऑफिशियल वेडिंग तस्वीरों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:35 pm

मोतिहारी ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री: दोस्त की पत्नी से था 'अवैध संबंध', 15 दिन बाद खुले खौफनाक कत्ल के राज से कांप उठा रामगढ़वा

बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रामगढ़वा थाना क्षेत्र के पचभीड़िया गांव में बीती 23 मई को हुई अर्जुन पंडित की निर्मम हत्या की गुत्थी को स्थानीय पुलिस ने सुलझा लिया है। रक्सौल डीएसपी मनीष आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान की मदद से इस 'ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री' का महज 15 दिनों के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है।कड़ाही वाले 'फाइटर' से अर्जुन पर किया था ताबड़तोड़ हमलापुलिस की जांच में जो सच सामने आया, उसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कत्ल की इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने 'फाइटर' यानी हाथ में पहने जाने वाले लोहे के घातक हथियार का इस्तेमाल किया था। मुख्य आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अर्जुन को अकेले में घेरा और उसके चेहरे व सिर पर फाइटर से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।पत्नी से नाजायज ताल्लुकात बने कत्ल की वजहरक्सौल डीएसपी मनीष आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस मर्डर का मुख्य कारण अवैध संबंध था। पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी धनेश महतो (30 वर्ष) की पत्नी के साथ मृतक अर्जुन पंडित का प्रेम प्रसंग चल रहा था। धनेश को जब अपनी पत्नी और अर्जुन के अवैध संबंधों की भनक लगी, तो वह अंदर ही अंदर सुलगने लगा। इसके बाद धनेश ने अपने दो दोस्तों—रूपेश कुमार (21 वर्ष) और राजेश यादव (35 वर्ष) के साथ मिलकर अर्जुन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।रक्सौल डीएसपी की टीम ने 3 हत्यारों को दबोचाइस अंधे कत्लकांड का पर्दाफाश करने के लिए रामगढ़वा थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह, अपर थानाध्यक्ष सुमित कुमार और महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रिया कुमारी की एक विशेष टीम बनाई गई थी। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन और स्थानीय इनपुट के आधार पर पचभीड़िया गांव में छापेमारी कर तीनों शातिर आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। महज दो हफ्ते में हत्याकांड का खुलासा करने पर मोतिहारी के स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की जमकर सराहना की है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:34 pm

'आज रात फिर होगा हमला...': ईरान के साथ युद्ध विराम खत्म होने पर नाटो समिट में क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप?

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा एलान किया है। अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) समिट के दौरान ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम समझौता (सीजफायर) अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए संकेत दिए कि अमेरिकी सेना आज रात ही ईरान पर दोबारा विनाशकारी हवाई हमले कर सकती है।अमेरिका और ईरान के बीच भीषण सैन्य टकरावदरअसल, यह विवाद तब और गहरा गया जब ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बहरीन और कुवैत में मौजूद करीब 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के 80 से ज्यादा रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। अमेरिकी हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट्स और आईआरजीसी की कई सैन्य नावें तबाह हो गईं।सरकार बदलना मकसद नहीं, परमाणु हथियार पर रोक जारीट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और नाटो महासचिव मार्क रुटे की मौजूदगी में कहा कि वे ईरानियों के इस बर्ताव से बेहद खफा हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन तेहरान में सत्ता परिवर्तन (गवर्नमेंट चेंज) नहीं चाहता, लेकिन वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल करने नहीं देगा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के नेता धोखेबाज हैं और बातचीत करना सिर्फ समय की बर्बादी है।पावर प्लांट और बुनियादी ढांचों को तबाह करने की चेतावनीअमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अभी तक अमेरिका ने ईरान पर अपने सबसे घातक स्तर (हाईएस्ट लेवल) से हमला नहीं किया है। उन्होंने कहा, अगर ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया, तो हम उनके बिजली घर (पावर प्लांट) और पानी साफ करने वाले प्लांट जैसे बुनियादी ढांचों को पूरी तरह नष्ट कर देंगे। मैं ऐसा करना नहीं चाहता, लेकिन जरूरत पड़ी तो अमेरिकी सेना पीछे नहीं हटेगी।भाषण के दौरान बड़ी चूक: ईरान को बोल गए 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान'इस बेहद गंभीर नाटो समिट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप एक मजाकिया विवाद में भी घिर गए। अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (USS अब्राहम लिंकन) पर हुए मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने ईरान की जगह 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान' बोल दिया। ट्रंप ने कहा, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ जापान ने हम पर 111 मिसाइलें दागीं, जिन्हें हमारे पैट्रियट सिस्टम ने मार गिराया। ट्रंप की इस बड़ी जुबान फिसलने (Gaffe) का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोग उनकी बढ़ती उम्र और याददाश्त पर सवाल उठा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:32 pm

पाकिस्तान में बड़ा आतंकी हमला: 29 सुरक्षाकर्मियों की मौत से दहला बलूचिस्तान, शवों के साथ बदसलूकी पर भड़के लोग

पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर भीषण आतंकी हमलों से दहल उठा है। इस हफ्ते की शुरुआत में हुए अलग-अलग घात लगाकर किए गए हमलों में 11 सैनिकों और 18 पुलिसकर्मियों सहित कुल 29 सुरक्षाकर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। इस खूनी खेल के बाद पूरे इलाके में तनाव है और सेना ने बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।जियारत में पुलिस चौकी पर हमला और अपहरणपाकिस्तानी सेना के अनुसार, बलूचिस्तान के जियारत जिले में आतंकियों ने एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया था। हमले के दौरान आतंकियों ने नौ पुलिसकर्मियों की मौके पर ही हत्या कर दी, जबकि 18 अन्य जवानों को अगवा कर लिया गया था, जिनके शव बाद में बरामद हुए। दूसरी तरफ, बलूचिस्तान के ही एक मुख्य राजमार्ग पर सेना के काफिले को निशाना बनाया गया, जिसमें 11 सैनिकों की मौत हो गई।सेना की जवाबी कार्रवाई में 54 विद्रोही ढेरपाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि सोमवार से अब तक बलूचिस्तान में तीन बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जिनमें कई बेकसूर लोगों ने भी जान गंवाई है। हमलों के बाद सेना ने आक्रामक जवाबी कार्रवाई की। सैन्य अधिकारियों का दावा है कि इस ऑपरेशन में अब तक 54 विद्रोहियों को मार गिराया गया है। पाकिस्तान ने इन हमलों के तार अफगानिस्तान से जुड़े होने का दावा किया है, हालांकि तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है।खुले टैंपो में शव ले जाने पर सोशल मीडिया पर फूटा गुस्साइस दर्दनाक घटना के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया है। वीडियो में दिख रहा है कि बलूचिस्तान सरकार शहीद पुलिसकर्मियों के शवों को सम्मानजनक एम्बुलेंस के बजाय एक खुले टैंपो में लादकर ले जा रही है। ताबूतों को इस तरह गाड़ी में भरे देख लोग पाकिस्तानी हुक्मरानों और सेना के रवैये पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। बता दें कि बलूचिस्तान में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अनदेखी को लेकर लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन चल रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:31 pm

Ola-Uber ही नहीं Swiggy-Zomato भी पिछड़े! भारत की ये ऐप बनी नंबर-1, हर दिन 65 लाख लोग कर रहे इस्तेमाल

भारत के डिजिटल मार्केट में इस समय एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कभी सिर्फ एक बाइक टैक्सी के रूप में पहचानी जाने वाली कंपनी रैपिडो (Rapido) अब देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर इंटरनेट ऐप बन चुकी है। डिजिटल इंटेलिजेंस फर्म 'सेंसर टावर' (Sensor Tower) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च से मई 2026 के बीच रैपिडो के मंथली एक्टिव यूजर्स (MAU) का आंकड़ा 8.2 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 67% ज्यादा है।दिग्गज कंपनियों को पछाड़ारैपिडो ने इस शानदार ग्रोथ के साथ न सिर्फ राइड-हेलिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों उबर (Uber) और ओला (Ola) को मात दी है, बल्कि क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी की बड़ी कंपनियों जैसे स्विगी (Swiggy), जोमैटो (Zomato), ब्लिंकिट (Blinkit) और जेप्टो (Zepto) को भी यूजर बेस के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया है।मंथली एक्टिव यूजर्स (MAU) के आंकड़ेRapido: 8.2 करोड़Blinkit: 7.9 करोड़Swiggy: 6.7 करोड़Zomato: 6.3 करोड़Zepto: 5.8 करोड़Uber: 3.9 करोड़Ola: 2.7 करोड़लेन-देन करने वाले यूजर्स में भी सबसे आगेसिर्फ ऐप खोलने या देखने के मामले में ही नहीं, बल्कि एक्टिव ट्रांजैक्शन करने वाले ग्राहकों (MTU) की सूची में भी रैपिडो टॉप पर है। जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही के दौरान रैपिडो के मंथली ट्रांसैक्टिंग यूजर्स लगभग 3.6 करोड़ रहे। इसके मुकाबले ब्लिंकिट के पास 2.7 करोड़, जोमैटो और स्विगी दोनों के पास 2.5-2.5 करोड़ यूजर्स दर्ज किए गए। वहीं ओला और उबर ने अपनी ट्रांजैक्शन संख्या को सार्वजनिक नहीं किया है।हर दिन 65 लाख राइड्स का रिकॉर्डमार्केट में अपनी मजबूत पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मार्च 2026 में रैपिडो ने हर दिन औसतन 65 लाख राइड्स पूरी कीं। इस मामले में भी यह बाकी कंपनियों से बहुत आगे है, जहां उबर पर रोजाना 37 लाख और ओला पर करीब 15 लाख राइड्स ही बुक हो रही हैं।ड्राइवर्स को पसंद आ रहा बिजनेस मॉडलरैपिडो की इस तेज रफ्तार सफलता के पीछे उसकी एक खास रणनीति है। पारंपरिक कंपनियां जैसे ओला और उबर अपने ड्राइवरों से हर राइड पर 20% से 30% तक का मोटा कमीशन लेती हैं। इसके विपरीत, रैपिडो ने एक नया सब्सक्रिप्शन मॉडल पेश किया है। इसमें ड्राइवरों को केवल एक तय मंथली या डेली फीस देनी होती है, जिसके बाद वे अपनी पूरी कमाई खुद रख सकते हैं। इस पारदर्शी नीति के कारण देश भर के ड्राइवर्स तेजी से इस ऐप से जुड़ रहे हैं।सिर्फ बाइक नहीं, अब हर सर्विस उपलब्धसाल 2015 में एक छोटे से बाइक टैक्सी स्टार्टअप से शुरू हुई रैपिडो अब एक 'सुपर ऐप' बनने की राह पर है। कंपनी ने समय के साथ ऑटो, कैब सर्विस, ई-रिक्शा, पार्सल डिलीवरी, फूड डिलीवरी, फाइनेंशियल सर्विसेज और कार-पूलिंग जैसे कई क्षेत्रों में कदम रख दिया है। इसी मल्टी-सर्विस अप्रोच की वजह से आज यह देश के हर वर्ग की जरूरत बन चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:30 pm

US-Iran Ceasefire Over: ट्रंप के एक बयान से टूटा सोने का गुरूर, इंटरनेशनल मार्केट से लेकर MCX तक सोने की कीमतों में भारी गिरावट

वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitical) परिदृश्य में आए एक अचानक और बड़े भूचाल ने भारत सहित दुनिया भर के वित्तीय और कमोडिटी बाजारों को हिलाकर रख दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे अंतरिम शांति समझौते (Ceasefire Deal) को 'पूरी तरह खत्म' बताने वाले बयान के बाद पश्चिम एशिया (West Asia) में युद्ध का तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) में दोनों देशों के बीच ताजा सैन्य झड़पों के बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 5% से अधिक का तेज उछाल आया है। तेल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर महंगाई (Inflation) बढ़ने की आशंका गहरा गई है, जिसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में भारी मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी है। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय और भारतीय वायदा बाजार (MCX) दोनों जगह सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट और फ्यूचर्स गोल्ड औंधे मुंह गिरेअमेरिकी राष्ट्रपति के इस कड़े बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में तेज बिकवाली देखी गई।स्पॉट गोल्ड (Spot Gold): अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 1.2% की बड़ी गिरावट के साथ 4,057.09 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स (Comex Gold): अमेरिकी वायदा बाजार में अगस्त डिलीवरी वाला सोना 94.69 डॉलर (2.28%) की भारी टूट के साथ 4,062.71 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।इसके चलते लंदन और वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं का खनन करने वाली बड़ी कंपनियों (Miners) के शेयरों में भी 4% से लेकर 8% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सोना ₹2,308 टूटावैश्विक बाजारों से मिले कमजोर और निराशाजनक संकेतों के कारण भारतीय घरेलू वायदा बाजार में भी सोने के भाव बुरी तरह क्रैश हो गए। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 2,308 रुपये (1.59%) की बड़ी गिरावट के साथ 1,43,084 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। बाजार में मचे इस भारी हड़कंप के बीच बुधवार के सत्र के दौरान रिकॉर्ड 10,440 लॉट का भारी-भरकम कमोडिटी कारोबार दर्ज किया गया।क्यों बढ़ रहा है सोने पर दबाव? समझिए बाजार का गणितआमतौर पर जब भी दुनिया में युद्ध या तनाव के हालात बनते हैं, तो सोने की कीमतें बढ़ती हैं क्योंकि इसे सबसे सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Asset) माना जाता है। लेकिन इस बार बाजार का गणित थोड़ा अलग काम कर रहा है:कच्चे तेल में उछाल और महंगाई: पश्चिम एशिया संकट के चलते ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) कच्चे तेल के दाम अचानक 5% से ज्यादा बढ़ गए हैं। कच्चे तेल की यह तेजी दुनिया भर में महंगाई को दोबारा हवा दे सकती है।फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव: यदि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई बढ़ती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' (US Federal Reserve) पर ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने या उनमें दोबारा बढ़ोतरी करने का दबाव बढ़ जाएगा।मजबूत डॉलर का दबाव: ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद और वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) को भारी मजबूती मिली है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का व्यापार डॉलर में होता है, इसलिए मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरें गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति जैसे सोने की मांग को कमजोर कर देती हैं। यही वजह है कि निवेशकों ने सोने से पैसा निकालकर डॉलर और अन्य संपत्तियों में लगाना शुरू कर दिया है।एक्सपर्ट्स की राय: एक बेहद अहम मोड़ पर खड़ा है सोनाविदेशी ब्रोकरेज फर्म FXTM के मार्केट रिसर्च प्रमुख लुकमैन ओटुनुगा (Lukman Otunuga) के मुताबिक, वैश्विक बाजार में सोना फिलहाल एक बेहद नाजुक और अहम मोड़ पर खड़ा है। पश्चिम एशिया का जियो-पॉलिटिकल तनाव निश्चित रूप से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को एक बुनियादी सपोर्ट दे रहा है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतों में आई यह तेजी महंगाई को बढ़ाती है और अमेरिकी फेड की ओर से सख्त मौद्रिक नीति के संकेत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में भी सोने की कीमतों पर यह दबाव और गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है। ट्रेडर्स की नजरें अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगामी बैठकों के मिनट्स पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:28 pm

FMGE Result June 2026: विदेशी MBBS डिग्री धारकों का बेहद खराब रहा रिजल्ट, सिर्फ 12% डॉक्टर ही भारत में प्रैक्टिस के लिए हुए पास; जानें बड़ी वजह

भारत में डॉक्टर बनने और एक प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा को अच्छे रैंक से पास करना अनिवार्य होता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा हर साल आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा में लाखों की संख्या में देश के होनहार छात्र बैठते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण चंद हजार छात्र ही सरकारी कॉलेजों में जगह बना पाते हैं। इसके बाद बचे हुए छात्रों के पास या तो अगले साल दोबारा तैयारी करने का विकल्प होता है या फिर देश के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों को चुनने का। हालांकि, भारत के प्राइवेट कॉलेजों की बेहद महंगी और आम बजट से बाहर की फीस के कारण हर साल हजारों छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए विदेशों (Foreign Countries) का रुख कर लेते हैं।लेकिन, विदेश से एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री लेकर भारत लौटना और यहाँ डॉक्टर के रूप में अपनी प्रैक्टिस शुरू करना उतना आसान नहीं है, जितना सोशल मीडिया या कन्सल्टेंट्स के विज्ञापनों में दिखाया जाता है। हाल ही में जारी हुए ताजा सरकारी आंकड़ों ने विदेशी डिग्रियों की सफलता दर पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।जून 2026 परीक्षा में सिर्फ 12.38% उम्मीदवार ही हुए सफलनेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा 7 जुलाई 2026 को फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) जून सत्र का परिणाम घोषित किया गया है। इस परीक्षा के नतीजों ने हर किसी को चौंका दिया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जून सत्र की परीक्षा में कुल 37,448 विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स शामिल हुए थे, जिनमें से महज 4,635 छात्र ही पास होने में कामयाब रहे। यानी इस बार का कुल पासिंग प्रतिशत सिर्फ 12.38% रहा है। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछले साल दिसंबर में आयोजित हुई एफएमजीई परीक्षा का पासिंग रेट 23.93% था, जो इस बार गिरकर लगभग आधा रह गया है।क्या है भारत में प्रैक्टिस करने का नियम और FMGE का क्राइटेरिया?भारत के कानून और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियमों के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक विदेश के किसी भी विश्वविद्यालय से मेडिकल की पढ़ाई करके लौटता है, तो वह भारत में तब तक सीधे मरीजों का इलाज या सरकारी नौकरी नहीं कर सकता, जब तक वह FMGE परीक्षा पास करके 'पंजीकरण प्रमाण पत्र' (Registration Certificate) हासिल न कर ले।परीक्षा का स्वरूप: NBEMS द्वारा यह परीक्षा साल में दो बार (जून और दिसंबर) आयोजित की जाती है।पासिंग मार्क्स: यह परीक्षा कुल 300 अंकों की होती है, जिसमें किसी भी प्रकार की माइनस मार्किंग नहीं होती। परीक्षा को पास करने के लिए उम्मीदवार को न्यूनतम 150 अंक (यानी पूरे 50 प्रतिशत) लाना अनिवार्य होता है।अटेम्प्ट्स की सीमा: इस परीक्षा को पास करने के लिए प्रयासों (Attempts) की कोई निश्चित सीमा नहीं है। फेल होने वाले छात्र अगली छमाही में दोबारा आवेदन कर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।आखिर भारत के प्राइवेट कॉलेजों को छोड़ क्यों विदेश जाते हैं छात्र?इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण दोनों जगह की पढ़ाई के खर्च में जमीन-आसमान का अंतर होना है। वर्तमान में भारत के अधिकांश टॉप प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स की कुल फीस ₹60 लाख से लेकर ₹1 करोड़ से भी अधिक तक पहुंच जाती है। इसके विपरीत, भारत के पड़ोसी देशों और पूर्वी यूरोप जैसे नेपाल, कजाकिस्तान, बांग्लादेश, उज्बेकिस्तान, रूस और जॉर्जिया में यही पूरी डॉक्टरी की पढ़ाई ₹40 लाख से ₹50 लाख के कुल बजट (रहने और खाने के खर्च सहित) में पूरी हो जाती है। यही कारण है कि मिडिल क्लास परिवारों के बच्चे इन देशों को ज्यादा तरजीह देते हैं।एक्सपर्ट्स की राय: क्यों लगातार गिर रहा है FMGE का पासिंग ग्राफ?मेडिकल शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस खराब रिजल्ट के पीछे की बुनियादी कड़ी खुद नीट (NEET) परीक्षा से जुड़ी है। दरअसल, विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए जाने वाले अधिकांश छात्र वही होते हैं, जो या तो भारत की नीट परीक्षा में शामिल नहीं होते या फिर बहुत ही कम अंकों के साथ बॉर्डर लाइन पर क्वालीफाई होते हैं।चूंकि FMGE परीक्षा का सिलेबस और प्रश्नों का स्तर भारत की नीट पीजी (NEET PG) और देश के कड़े क्लिनिकल मानकों के समान ही बेहद कठिन होता है, इसलिए बेसिक मेडिकल कॉन्सेप्ट्स कमजोर होने और विदेशों में भाषा व क्लिनिकल एक्सपोजर की कमी के कारण छात्र भारत लौटकर इस 50% के पासिंग क्राइटेरिया को भी पार नहीं कर पाते। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशों में दाखिला लेने से पहले छात्रों को कॉलेज के इतिहास और भारत के परीक्षा पैटर्न को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:25 pm

बाबू बनारसी दास जी की 114वीं जयंती: लखनऊ में लगा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सैकड़ों लोगों ने उठाया लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू बनारसी दास जी की 114वीं जयंती के पावन अवसर पर आज नवाबों के शहर लखनऊ में सेवा और जनकल्याण से जुड़े कई गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजनीति में सादगी और शुचिता के प्रतीक रहे बाबू बनारसी दास जी को याद करते हुए आज समाज के जरूरतमंद तबके के लिए विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों (Free Health Camps) का आयोजन किया गया।डॉ. अखिलेश दास गुप्ता फाउंडेशन की अनूठी पहलबाबू बनारसी दास जी के प्रपौत्र विराज सागर दास के सौजन्य से 'डॉ. अखिलेश दास गुप्ता फाउंडेशन' द्वारा लखनऊ के अलग-अलग क्षेत्रों में इन स्वास्थ्य शिविरों का सफल आयोजन किया गया। शिविर में आए नागरिकों के लिए निःशुल्क नेत्र परीक्षण (Free Eye Check-up), चश्मा वितरण, दंत जांच (Dental Check-up) और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण की व्यापक व्यवस्था की गई थी।यह दोनों ही शिविर सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक पूरी सक्रियता से संचालित हुए। शहर और आस-पास के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों लोगों और बुजुर्गों ने इन शिविरों में पहुंचकर आधुनिक चिकित्सा सेवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह का भरपूर लाभ उठाया।गणमान्य नागरिकों ने साझा किए संस्मरणबाबू बनारसी दास जी का पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण और गरीब-मजलूमों की सेवा में बीता। आज की राजनीति में उनके आदर्श और मूल्य बेहद प्रासंगिक हैं। इस स्वास्थ्य शिविर के जरिए उनकी विरासत को आगे बढ़ाना समाज के लिए एक सराहनीय कदम है।जयंती के मुख्य समारोह का आयोजन ऐतिहासिक विक्रमादित्य कोठी में किया गया था। इस श्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत से जुड़े कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी उपस्थित अतिथियों ने बाबू बनारसी दास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए देश की आजादी और उत्तर प्रदेश के विकास व राष्ट्र निर्माण में दिए गए उनके ऐतिहासिक योगदान को अत्यंत आदर के साथ याद किया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 9:21 pm

Donald Trump : ईरान पर ट्रंप का बयान- शायद आज रात हम फिर हमला करेंगे, अब तेहरान से कोई बातचीत नहीं

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी कूटनीतिक प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके लिए ईरान के साथ संघर्ष विराम (Ceasefire) और बातचीत का दौर अब समाप्त हो चुका है और वे अब तेहरान के साथ किसी भी तरह की वार्ता ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 8:21 pm

जन-कल्याण के लिए 2300 करोड़ स्वीकृत, जानें सीएम डॉ. मोहन की कैबिनेट ने क्या-क्या लिए फैसले?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए। उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक और प्रस्ताव अनुसार ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी। पंचायत ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 7:59 pm

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के 'पराक्रम' वाले बयान पर घमासान, युवाओं को लेकर क्या कह गईं UP गवर्नर?

Anandiben Patel Parakram Bayan: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अपने एक बयान को लेकर चौतरफा विवादों से घिर गई हैं। लखनऊ के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं के घर से भागने और ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 7:51 pm

सीएम डॉ. मोहन यादव ने 10 साल बाद दिया प्रमोशन, गदगद हुए कर्मचारी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों को दस साल से अपेक्षित बड़ी सौगात दी है। उन्होंने एक दशक बाद पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया शुरू होने पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने सीएम डॉ. यादव का स्वागत किया। इस बीच ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 7:50 pm

Jio TV Pro Pack लॉन्च, सिर्फ 55 रुपए में 1000+ लाइव टीवी चैनल, OTT और प्रीमियम फीचर्स का मिलेगा फायदा

रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों के लिए एक नया और किफायती मनोरंजन प्लान पेश किया है। कंपनी ने मात्र ₹55 में JioTV Pro Pack लॉन्च किया है, जिसकी वैधता 30 दिनों की होगी। इस पैक के जरिए यूजर्स अपने मोबाइल फोन पर JioTV ऐप के माध्यम से 1000 से अधिक लाइव ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 7:20 pm

CM योगी ने चित्रकूट में योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए चेक, मेधावी छात्रों का भी किया सम्मान

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक व अन्य सहायता प्रदान की। इसमें मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मेधावी सम्मान योजना, मुख्यमंत्री कृषक ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 7:14 pm

Meta के नए AI Smart Glasses पर बड़ा खुलासा, हर आवाज और हर दृश्य को समझेंगे, प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल

सोशल मीडिया कंपनी Meta अपने अगली पीढ़ी के AI स्मार्ट ग्लास पर काम कर रही है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, ये स्मार्ट ग्लास सिर्फ फोटो या वीडियो लेने तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि आसपास की आवाज और दृश्यों को लगातार समझकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 5:40 pm

ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ED ने फ्रीज किए 440 करोड़, क्या होगा TMC पर इसका असर

ED Freeze TMC Bank Accounts: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 5:22 pm

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

Rainy Season Beauty Tips: बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो लाता है, लेकिन अपने साथ उमस, चिपचिपाहट और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां भी लेकर आता है। इस मौसम में हवा में नमी बढ़ने के कारण मुंहासे/ पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और फंगल इन्फेक्शन का खतरा काफी बढ़ ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 5:02 pm

ममता बनर्जी को बड़ा झटका, ईडी ने फ्रीज किए टीएमसी से जुड़े 3 खातों में जमा 440 करोड़ रुपये

टीएमसी से जुड़े कथित फंड मामले में ईडी ने 440 करोड़ रुपये वाले खातों पर रोक लगाई और संदिग्ध लेन-देन की जांच तेज कर दी है। पार्टी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

देशबन्धु 8 Jul 2026 4:32 pm

विवाद : यूपी विधानसभा चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा-आरएसएस

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उत्तर प्रदेश में व्यापक जनसंपर्क अभियान की तैयारी में जुट गए हैं। पार्टी नेतृत्व को आशंका है कि यह विवाद आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्ष का बड़ा मुद्दा बन सकता है और इसका […] The post विवाद : यूपी विधानसभा चुनाव से पहले डैमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा-आरएसएस appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 4:16 pm

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस के सरकार से तीखे सवाल, चंपत राय की गिरफ्तारी की मांग

कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तुरंत भंग करने के साथ ही शंकराचार्य जी, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि और साधु-संत मिलकर एक नए ट्रस्ट का निर्माण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 4:09 pm

EPFO से जुड़ी खुशखबरी, 34 करोड़ खातों में जल्द आएगा ब्याज, New Unified Portal पर मिलेगी बैलेंस, क्लेम स्टेटस और सभी सेवाएं

EPFO से जुड़ी खुशखबर सामने आई है। ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा राशि पर ब्याज जमा करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल फील्ड वेरिफिकेशन का काम चल रहा है, जो अगले कुछ दिनों में पूरा होने की संभावना है।

वेब दुनिया 8 Jul 2026 4:03 pm

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

आज हमारे पास सुविधाएं अधिक हैं, लेकिन मन की शांति कम होती जा रही है। संपर्क बहुत हैं, लेकिन मन की बात कहने वाले लोग कम हैं। घर बड़े हो रहे हैं, पर साथ बैठने का समय घट रहा है। कमाई बढ़ रही है, लेकिन चिंताएं भी साथ-साथ बढ़ती जा रही हैं। समस्या आगे ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 3:50 pm

ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त घोषित किया, परमाणु वार्ता पर जताई निराशा

अंकारा। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ तीन सप्ताह पहले हुए युद्धविराम समझौते को समाप्त घोषित करते हुए कहा है कि यह समझौता अब प्रभावी नहीं रहा। इसके व्यावहारिक परिणामों को लेकर उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। ट्रंप ने अंकारा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि युद्धविराम समझौता अब […] The post ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता समाप्त घोषित किया, परमाणु वार्ता पर जताई निराशा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:32 pm

सारण में नाबालिग लड़की के साथ प्रेमी समेत दो दोस्तों ने किया रेप

छपरा। बिहार में सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मगाईडीह गांव की एक नाबालिग लड़की अपने प्रेमी से मिलने चंवर में गई थी। जहां उसके प्रेमी ने जब गलत […] The post सारण में नाबालिग लड़की के साथ प्रेमी समेत दो दोस्तों ने किया रेप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:15 pm

महाराष्ट्र के सतारा जिले में करंट लगने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

कोल्हापुर/सतारा। महाराष्ट्र के सतारा जिले में बुधवार सुबह बिजली की ओवरहेड लाइन के संपर्क में आने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मृतकों में पति पत्नी और उनके दो बच्चे शामिल हैं। पुलिस के अनुसार जिले की फलटण तहसील के खामगांव गांव में यह घटना तब हुई जब परिवार के […] The post महाराष्ट्र के सतारा जिले में करंट लगने से एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 3:06 pm

भीलवाड़ा में खातन खेड़ी विद्यालय की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य द्वार पर जड़ा ताला

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बनेड़ा क्षेत्र के खातन खेड़ी राजकीय विद्यालय की बदहाली से बुधवार को छात्रों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय की बदहाल स्थिति, जर्जर भवन और शिक्षकों की भारी कमी से नाराज विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन […] The post भीलवाड़ा में खातन खेड़ी विद्यालय की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य द्वार पर जड़ा ताला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:58 pm

वर्किंग वुमन हैं तो सावधान! सेहत को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, साल में एक बार जरूर कराएं ये 5 जरूरी टेस्ट

भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस का डेडलाइन प्रेशर और घर-बाहर की दोहरी जिम्मेदारी के बीच आज की कामकाजी महिलाएं अपनी सेहत को सबसे पीछे छोड़ देती हैं। समय की कमी के चलते कई बार छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याएं गंभीर बीमारियों का रूप ले लेती हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि 30 की उम्र पार करते ही वर्किंग महिलाओं को अपनी हेल्थ को लेकर 'प्रोएक्टिव' होने की जरूरत है। आज हम आपको उन 5 अनिवार्य हेल्थ चेकअप्स के बारे में बता रहे हैं, जो हर कामकाजी महिला के लिए साल में एक बार बेहद जरूरी हैं, ताकि आप न केवल स्वस्थ रहें बल्कि अपनी कार्यक्षमता भी बरकरार रख सकें।1. थायराइड फंक्शन टेस्ट (TFT): वजन और ऊर्जा के लिए जरूरीज्यादातर वर्किंग महिलाएं अक्सर थकान, अचानक वजन बढ़ने या घटने और बालों के झड़ने की समस्या से जूझती हैं। इसे अक्सर काम का तनाव मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यह थायराइड असंतुलन का लक्षण हो सकता है। साल में एक बार टीएसएच (TSH), टी3 (T3) और टी4 (T4) टेस्ट कराना अनिवार्य है ताकि थायराइड ग्रंथि सही से काम कर रही है या नहीं, इसका पता चल सके।2. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan): हड्डियों की मजबूती की जांचऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने और धूप की कमी के कारण महिलाओं में विटामिन-डी और कैल्शियम की भारी कमी देखी जा रही है। उम्र के साथ महिलाओं की हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। डेक्सा स्कैन (DEXA Scan) के जरिए आप अपनी हड्डियों के घनत्व की जांच करा सकती हैं और भविष्य में होने वाले फ्रैक्चर या जोड़ों के दर्द से बच सकती हैं।3. पैप स्मीयर और ब्रेस्ट स्क्रीनिंग (Mamography): कैंसर से बचाव के लिएमहिलाओं में सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन शुरुआती स्टेज में पकड़े जाने पर इनका इलाज पूरी तरह संभव है। 30-35 वर्ष की आयु के बाद हर महिला को साल में एक बार गायनेकोलॉजिस्ट से सलाह लेकर 'पैप स्मीयर टेस्ट' और 'मेमोग्राफी' करानी चाहिए। यह छोटी सी सतर्कता जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा कवच का काम करती है।4. लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर टेस्ट: दिल की सेहत के लिएवर्कप्लेस का स्ट्रेस सीधे आपके दिल और ब्लड शुगर लेवल पर असर डालता है। खराब लाइफस्टाइल और बाहर के खाने की वजह से कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और डायबिटीज का खतरा आम है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से आपको अपने हार्ट हेल्थ की स्थिति पता चलेगी, वहीं HbA1c टेस्ट के जरिए आप अपने पिछले तीन महीनों के शुगर लेवल का सही आकलन कर सकती हैं।5. विटामिन प्रोफाइल और हीमोग्लोबिन चेक: एनीमिया से मुक्तिक्या आपको काम के दौरान बार-बार चक्कर आते हैं या सांस फूलती है? यह एनीमिया यानी खून की कमी का सीधा संकेत है। कामकाजी महिलाओं में हीमोग्लोबिन और विटामिन-बी12 की कमी सबसे आम है, जो आपकी प्रोडक्टिविटी को घटाती है। साल में एक बार सीबीसी (CBC) और विटामिन प्रोफाइल टेस्ट करवाकर आप अपनी एनर्जी लेवल को हमेशा हाई रख सकती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:52 pm

ईरान ने कुवैत एवं बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर किए हमले

तेहरान। ईरान ने बुधवार को कहा कि उस पर अमरीकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर हमला किया है। अमरीका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार रात कहा था कि अमरीका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में ईरान के खिलाफ सिलसिलेवार हमले […] The post ईरान ने कुवैत एवं बहरीन में अमरीकी ठिकानों पर किए हमले appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:52 pm

फिर भड़केगी महायुद्ध की आग? ट्रंप का बड़ा एलान- ईरान के साथ समझौता खत्म, रातभर बरसे बम

Donald Trumps statement: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्किये (अंकारा) में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान बेहद तीखा बयान देते हुए ईरान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 2:51 pm

मानसून की बेवफाई से तप रहा पंजाब: पारा चढ़ने से बढ़ी उमस, मौसम विभाग ने दी 12 जुलाई से भारी बारिश की बड़ी चेतावनी

पंजाब में मानसून की एंट्री तो हो चुकी है, लेकिन बादलों की सुस्ती ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में मानसून पहुंचने के बाद भी उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो रही है, जिससे उमस और गर्मी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब के औसत तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, इस भीषण उमस के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक राहत भरी खबर दी है। विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों के लिए 12 जुलाई तक भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में कोई मजबूत वेदर सिस्टम एक्टिव न होने के कारण मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। स्थानीय स्तर पर बन रहे बादलों की वजह से छिटपुट बूंदाबांदी तो हो रही है, लेकिन वह गर्मी से राहत दिलाने के बजाय उमस को और अधिक बढ़ा रही है। चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला सहित पंजाब के अधिकांश मुख्य शहरों में सुबह से ही तेज धूप और उमस का मिलाजुला असर देखा जा रहा है, जिससे बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।मानसून आया पर बादल क्यों नहीं बरस रहे? समझें इसके पीछे का बड़ा कारणपंजाब के किसान इस समय धान की रोपाई के काम में पूरी तरह जुटे हुए हैं, ऐसे में मानसून का इस तरह रूठना उनके लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ तो रही हैं, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbiance) का मजबूत सपोर्ट न मिलने के कारण वे पंजाब के मैदानी इलाकों में पूरी तरह से बरस नहीं पा रही हैं।तापमान में आई 1.3 डिग्री की इस बढ़ोतरी ने मैदानी इलाकों को हीट पॉकेट में बदल दिया है। भटिंडा और फिरोजपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में पारा एक बार फिर 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। डॉक्टरों ने भी इस मौसम में उमस जनित बीमारियों और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह दी है।12 जुलाई तक के लिए मौसम विभाग का नया अलर्ट: इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिशचंडीगढ़ मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, पंजाब की जनता को इस चिपचिपी गर्मी से बहुत जल्द निजात मिलने वाली है। 10 जुलाई की रात से मानसूनी हवाएं एक बार फिर सक्रिय होंगी, जिसका असर 12 जुलाई तक पूरे राज्य में दिखाई देगा। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है।इस आगामी स्पेल (दौर) के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए खेतों में पानी के प्रबंधन की उचित व्यवस्था कर लें ताकि धान की नई फसलों को कोई नुकसान न पहुंचे। आने वाले 48 घंटे पंजाब के मौसम के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:50 pm

पंजाब कांग्रेस में बड़ा धमाका: 'राजा' ही रहेंगे बॉस! अंदरूनी कलह के बीच भूपेश बघेल का दिल्ली से कड़ा फरमान

पंजाब कांग्रेस के भीतर पिछले कई दिनों से चल रही खींचतान और बगावती सुरों पर आलाकमान ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी भूपेश बघेल ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि पंजाब में लीडरशिप को लेकर किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के 'राजा' बने रहेंगे। दिल्ली में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग के बाद आए इस फैसले ने जहां विरोधी गुट के हौसले पस्त कर दिए हैं, वहीं राजा वड़िंग के समर्थकों में जश्न का माहौल है।पंजाब में लगातार मिल रही चुनावी चुनौतियों और नेताओं की आपसी बयानबाजी के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि हाईकमान राज्य इकाई में कोई बड़ा फेरबदल कर सकता है। लेकिन छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ शब्दों में अनुशासनहीनता बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ किया कि पार्टी का पूरा फोकस आगामी रणनीतियों पर है, न कि आंतरिक गुटबाजी को हवा देने पर।सिद्धू और वड़िंग गुट में आर-पार! क्यों सुलग रही थी पंजाब कांग्रेस की सियासत?पंजाब कांग्रेस में कलह कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से राजा वड़िंग और नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक बयानबाजी तेज हो गई थी। विरोधी खेमे का तर्क था कि राज्य में पार्टी को नए और आक्रामक चेहरे की जरूरत है। इस खींचतान के बीच कई वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली दरबार में डेरा डाल दिया था।नेताओं को उम्मीद थी कि प्रभारी बदलने के बाद पंजाब संगठन के ढांचे में भी बदलाव होगा। हालांकि, भूपेश बघेल ने सभी असंतुष्ट नेताओं की क्लास लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना सही है, लेकिन पार्टी लाइन से बाहर जाकर अनुशासन तोड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस कड़े रुख के बाद साफ है कि आलाकमान राजा वड़िंग के सांगठनिक काम और उनके नेतृत्व पर पूरा भरोसा जता रहा है।भूपेश बघेल का 'मिशन पंजाब': गुटबाजी खत्म करने के लिए बनाया नया 'पावर प्लान'पंजाब का प्रभार संभालते ही भूपेश बघेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बिखरी हुई कांग्रेस को एक मंच पर लाना था। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई बंद कमरे की बैठक में बघेल ने दोटूक कहा, पार्टी एक व्यक्ति से नहीं, संगठन से चलती है। जिन्हें राजा वड़िंग के नेतृत्व से दिक्कत है, वे अपनी शिकायत सीधे मुझसे करें, न कि मीडिया के सामने जाकर तमाशा बनाएं।इस फैसले के जरिए कांग्रेस आलाकमान ने राज्य के कैडर को एक मजबूत संदेश दिया है कि लीडरशिप पूरी तरह स्थिर है। अब राजा वड़िंग के पास संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और ब्लॉक स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने की पूरी छूट होगी। जानकारों का मानना है कि इस कड़े फैसले से पंजाब कांग्रेस का आंतरिक क्लेश कुछ समय के लिए शांत जरूर हो सकता है, लेकिन असंतुष्ट गुट की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:47 pm

PK की एंट्री से पलटा बांकीपुर का खेल? समर्थकों का दावा- '1 लाख वोटों से जीत तय

बिहार की सियासत में इस समय सबसे बड़ा भूचाल पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर आ चुका है। जहां एक तरफ भाजपा इस क्षेत्र को अपना अभेद्य किला मानती रही है, वहीं जन सुराज पार्टी के चुनावी मैदान में उतरने और खुद प्रशांत किशोर (PK) के यहां से सीधे ताल ठोकने के बाद पूरी बाजी पलटती हुई दिख रही है।चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही बांकीपुर की गलियों में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। प्रशांत किशोर के समर्थकों ने अभी से एकतरफा माहौल का दावा करते हुए नारा बुलंद कर दिया है कि 'इस बार जीत 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से होगी।' यह दावा महज एक चुनावी नारा है या जमीनी हकीकत, इसने भाजपा और राजद (RJD) दोनों खेमों की नींद जरूर उड़ा दी है।प्रशांत किशोर का 'फर्स्ट इलेक्शन' और भाजपा के किले में सेंध की तैयारीचुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर पहली बार खुद किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में जनता के सामने हैं। बांकीपुर सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि यहां से लगातार 5 बार जीत दर्ज करने वाले भाजपा के कद्दावर नेता नितिन नवीन को राज्यसभा भेजकर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय कर दिया गया है।भाजपा ने इस सीट को बचाने के लिए युवा चेहरे अभिषेक कुमार को मैदान में उतारा है, जबकि राजद की ओर से रेखा गुप्ता चुनौती दे रही हैं। लेकिन प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री ने इस पारंपरिक मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है। पीके के समर्थकों का कहना है कि बांकीपुर की जनता अब जाति और धर्म की पुरानी राजनीति से ऊब चुकी है और इस बार बदलाव के लिए रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग करेगी।बांकीपुर उपचुनाव: नीतीश-सम्राट सरकार के लिए 'लिटमस टेस्ट'प्रशांत किशोर ने इस चुनाव को महज एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं, बल्कि बिहार की मौजूदा एनडीए (NDA) सरकार के कामकाज पर एक 'रेफरेंडम' यानी जनमत संग्रह करार दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए यह उपचुनाव साख की लड़ाई बन चुका है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चूंकि बांकीपुर पटना का सबसे शिक्षित और शहरी इलाका माना जाता है, इसलिए यहां का वोटर जातिगत समीकरणों से ऊपर उठकर वोट करता रहा है। यही वजह है कि भाजपा जहां अपने पुराने विकास कार्यों और मेट्रो जैसे प्रोजेक्ट्स के दम पर जीत का दावा कर रही है, वहीं जन सुराज पार्टी शिक्षा, रोजगार और व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दे पर सीधे वोटरों के दिलों में जगह बनाने की कोशिश कर रही है।क्या त्रिकोणीय मुकाबले में बिखर जाएगा विपक्ष का वोट बैंक?बांकीपुर का चुनावी इतिहास गवाह है कि यहां भाजपा को हमेशा करीब 60% के आसपास एकमुश्त वोट मिलते रहे हैं, जबकि विपक्ष 30% के फेर में फंसा रहता है। इस बार आरजेडी की रेखा गुप्ता और जनशक्ति जनता दल की ओर से वीना मानवी भी मैदान में हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशांत किशोर भाजपा के पारंपरिक शहरी वोट बैंक (विशेषकर कायस्थ और वैश्य मतदाता) में सेंध लगा पाएंगे, या फिर विपक्ष के वोटों का बिखराव एक बार फिर भाजपा के लिए राह आसान कर देगा?फिलहाल, समर्थकों का '1 लाख वोटों से जीत' का यह बड़ा दावा जमीन पर कितना तब्दील होता है, यह तो आने वाली 3 अगस्त को नतीजों के साथ ही साफ हो पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:45 pm

बरुईपुर में नाबालिग से रेप एवं मर्डर केस का मुख्य आरोपी भागने की कोशिश में मारा गया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल घटनास्थल से भागने की कोशिश करने के दौरान पुलिस की गोली से मारा गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किए गए मंडल को जांच के लिए बुधवार देर रात करीब […] The post बरुईपुर में नाबालिग से रेप एवं मर्डर केस का मुख्य आरोपी भागने की कोशिश में मारा गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:44 pm

ऐन वक्त पर राहुल गांधी का पटना दौरा रद्द! कांग्रेस ने बताई यह वजह, लेकिन राजनीतिक गलियारों में शुरू हुआ कयासों का दौर

बिहार की सियासत और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर राजधानी पटना से सामने आ रही है। कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बहुप्रतीक्षित पटना दौरा अचानक रद्द (स्थगित) कर दिया गया है। राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद करने के लिए एक बड़ी पदयात्रा और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की शुरुआत करने वाले थे। ऐन वक्त पर इस हाई-प्रोफाइल दौरे के टलने से बिहार कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में निराशा है, तो वहीं दूसरी तरफ सियासी गलियारों में कयासों और अंदरखाने की चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म हो गया है।कांग्रेस ने दी आधिकारिक सफाई, तारीखों में बदलाव की कही बातदौरा टलने की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर सुर्खियां बनी, कांग्रेस आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व तुरंत एक्टिव मोड में आ गया। पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों और संगठनात्मक व्यस्तताओं के चलते इस कार्यक्रम की तारीखों में आंशिक बदलाव किया गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी अब नई तारीख (संभावित 15 जुलाई) को पटना आएंगे और छात्रों के साथ उनका संवाद कार्यक्रम पहले से भी अधिक भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। पार्टी ने साफ किया है कि इसे दौरा रद्द होना नहीं, बल्कि तारीख आगे बढ़ना माना जाए।अंदरखाने की चर्चा कुछ और, क्या सीट शेयरिंग और अंदरूनी कलह बनी वजह?भले ही पार्टी इसे केवल तारीखों का फेरबदल बता रही हो, लेकिन राजनीति के जानकारों और अंदरूनी सूत्रों का दावा कुछ और ही है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस दौरे के टलने के पीछे इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) के भीतर सीटों के तालमेल को लेकर चल रही खींचतान और बिहार कांग्रेस की हालिया अंदरूनी गुटबाजी एक मुख्य कारण हो सकती है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस की बैठकों में नेताओं के बीच आपसी तनातनी और टिकटों के बंटवारे को लेकर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान पहले राज्य इकाई के इन आपसी मतभेदों को सुलझाना चाहता है, ताकि राहुल गांधी के दौरे के वक्त एकजुटता का संदेश दिया जा सके।'छात्रों की गूंज' और पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरने की थी तैयारीआपको बता दें कि राहुल गांधी का यह बिहार दौरा राज्य के युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को साधने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। देश में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधलियों को लेकर राहुल गांधी पटना के मुसल्लहपुर हाट जैसे बड़े कोचिंग हब में जाकर छात्रों से सीधा संवाद करने वाले थे। इस रणनीति के जरिए कांग्रेस देश और प्रदेश की सरकार को युवाओं के रोजगार और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चौतरफा घेरने की तैयारी में थी। अब देखना यह होगा कि नई तारीखों के ऐलान के बाद बिहार में कांग्रेस इस फ्लैगशिप कार्यक्रम को किस तरह जमीन पर उतारती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:43 pm

सीमांचल में कुछ तो बहुत बड़ा होने वाला है! गृह मंत्री अमित शाह की इस अहम बैठक से अचानक गरमाया सियासी पारा

बिहार के सीमांचल क्षेत्र को लेकर देश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीमांचल के सुरक्षा, जनसांख्यिकी और विकास से जुड़े मुद्दों पर एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल बैठक करने जा रहे हैं। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही राजनीतिक पंडितों के बीच कयासों का दौर शुरू हो गया है कि आखिर सीमांचल में क्या बड़ा होने वाला है। इस बैठक में गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल हो सकते हैं।आखिर क्यों गृह मंत्री अमित शाह की रडार पर है सीमांचल?बिहार का सीमांचल क्षेत्र (जिसमें पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया जैसे जिले शामिल हैं) भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के नजदीक होने के कारण इस इलाके में घुसपैठ, अवैध प्रवासन और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां हमेशा बनी रहती हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक का मुख्य एजेंडा सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना और आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से उठ रहे गंभीर मुद्दों की समीक्षा करना है।विकास कार्यों की समीक्षा या कोई बड़ा रणनीतिक फैसला?इस अहम बैठक को लेकर यह भी चर्चा है कि केंद्र सरकार सीमांचल के विकास को लेकर कोई बड़ा रोडमैप तैयार कर रही है। पिछले कुछ समय से इस पिछड़े इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और रोजगार को लेकर मांगें उठती रही हैं। गृह मंत्री अमित शाह इस बैठक में केंद्रीय योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा ले सकते हैं। हालांकि, जिस तरह से अचानक इस बैठक की रूपरेखा तैयार हुई है, उससे साफ संकेत मिलते हैं कि इसमें सिर्फ विकास ही नहीं, बल्कि कुछ कड़े और दूरगामी रणनीतिक फैसले भी लिए जा सकते हैं।राजनीतिक हलकों में मची खलबली, टिकी सबकी नजरेंविधानसभा चुनाव के समीकरणों और क्षेत्र की बदलती डेमोग्राफी को लेकर सीमांचल हमेशा से ही बिहार की राजनीति का केंद्र बिंदु रहा है। ऐसे में देश के गृह मंत्री द्वारा इस क्षेत्र को लेकर सीधी दिलचस्पी दिखाने से विपक्षी दलों के खेमे में भी बेचैनी बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और खुफिया तंत्र को भी इस बैठक के इनपुट्स को लेकर अलर्ट पर रखा गया है। बहरहाल, अमित शाह की इस बैठक की मेज से क्या निकलकर सामने आता है, इस पर न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:41 pm

47 साल पुराना नर्मदा जल विवाद खत्म! राजस्थान सरकार गुजरात को देगी ₹550 करोड़

राजस्थान और गुजरात के बीच पिछले करीब पांच दशकों से चला आ रहा नर्मदा नदी के पानी और बिजली से जुड़ा बड़ा विवाद आखिरकार पूरी तरह से सुलझ गया है। 47 साल पुराने इस जटिल कानूनी और प्रशासनिक गतिरोध के खत्म होने से मरुधरा, विशेषकर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के लिए विकास के नए द्वार खुल गए हैं। दोनों राज्यों के बीच बनी इस ऐतिहासिक सहमति के तहत राजस्थान सरकार गुजरात को ₹550 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। इस बड़े फैसले के बाद जालोर और बाड़मेर जिले के लाखों किसानों और आम जनता के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है।आखिर क्या था 47 साल पुराना यह नर्मदा नदी विवाद?इस विवाद की शुरुआत दशकों पहले नर्मदा जल विवाद न्यायाधिकरण (NWDT) के फैसलों और उसके बाद नहर निर्माण की लागत व बिजली उत्पादन के हिस्सेदारी को लेकर हुई थी। राजस्थान को नर्मदा मुख्य नहर से अपने हिस्से का पानी तो मिल रहा था, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत, रखरखाव और गुजरात द्वारा किए गए दावों के वित्तीय सेटलमेंट को लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। यह मामला लंबे समय से फाइलों और बैठकों में अटका हुआ था, जिसके कारण कई तकनीकी काम और पानी की सुचारू आपूर्ति प्रभावित हो रही थी।जालोर और बाड़मेर के रेगिस्तानी इलाकों को कैसे मिलेगा बड़ा फायदा?इस विवाद के हमेशा के लिए खत्म होने का सबसे सीधा और बड़ा फायदा पश्चिमी राजस्थान के जालोर और बाड़मेर जिलों को मिलने जा रहा है। इन दोनों ही जिलों के सैकड़ों गांवों की प्यास बुझाने और हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई के लिए नर्मदा नहर ही एकमात्र सबसे बड़ा सहारा है। अब विवाद सुलझने के बाद नहर की क्षमता बढ़ाने, सिल्ट सफाई और टेल एंड (आखिरी छोर) तक पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के पूरे हो सकेंगे। इससे क्षेत्र में ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) को बढ़ावा मिलेगा और रबी व खरीफ की फसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ जाएगा।₹550 करोड़ के भुगतान के साथ ऐतिहासिक समझौते पर लगी मुहरदोनों राज्यों के शीर्ष अधिकारियों और सरकारों के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद इस सेटलमेंट पर अंतिम मुहर लगी है। तय समझौते के अनुसार, राजस्थान सरकार गुजरात को बकाया और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग के रूप में ₹550 करोड़ रुपये अदा करने के लिए राजी हो गई है। राजनीतिक और प्रशासनिक पंडितों का मानना है कि यह फैसला न केवल दो राज्यों के बीच बेहतर अंतःराज्यीय संबंधों की मिसाल है, बल्कि यह देश के विकास में वाटर मैनेजमेंट और जनहित को सर्वोपरि रखने का एक बेहतरीन उदाहरण भी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:39 pm

किशनगढ़बास में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ तस्करी का भंडाफोड़, 4400 लीटर पेट्रोलियम पदार्थ जब्त

अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो पिकअप वाहनों में भरे 4400 लीटर अवैध पेट्रोलियम पदार्थ जब्त करके दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को देर शाम मुखबिर से सूचना मिली कि दो पिकअप वाहनों में बड़ी मात्रा […] The post किशनगढ़बास में अवैध पेट्रोलियम पदार्थ तस्करी का भंडाफोड़, 4400 लीटर पेट्रोलियम पदार्थ जब्त appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:37 pm

हाड़ौती में आसमान से बरसेगी आफत! कोटा-झालावाड़ और बारां के लोग रहें सावधान, अगले 48 घंटे बेहद भारी

राजस्थान में मानसून की एंट्री के बाद अब मेघों ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले 48 घंटों के लिए बेहद डराने वाली चेतावनी जारी की है। खासकर हाड़ौती अंचल के कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में प्रकृति का सबसे भारी प्रहार देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र जयपुर ने इन तीनों जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी करते हुए आम जनता से बेहद सतर्क रहने और बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।कोटा, बारां और झालावाड़ में मूसलाधार बारिश का कहरमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से हाड़ौती क्षेत्र में बादलों का भारी जमावड़ा हो रहा है। इसके प्रभाव से बारां, कोटा और झालावाड़ में अगले दो दिनों तक मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इस दौरान कुछ इलाकों में 8 इंच से भी ज्यादा पानी बरस सकता है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।नदी-नाले उफान पर, प्रशासन ने जारी की एडवायजरीलगातार हो रही बारिश के चलते चंबल, कालीसिंध और परवन जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को अलर्ट मोड पर रख दिया है। जिला कलेक्टर्स ने लोगों से अपील की है कि वे उफनते हुए नालों, रपटों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित पक्के स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाओं की भी चेतावनीरेड अलर्ट वाले जिलों के अलावा जयपुर, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कई जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। मौसम विभाग ने साफ किया है कि इस बारिश के दौरान तेज रफ्तार से हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी पूरा खतरा बना हुआ है। बिजली कड़कने के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। इस झमाझम बारिश से जहां एक तरफ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन के अस्त-व्यस्त होने का संकट भी मंडरा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:37 pm

छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी! 19 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) अधिकारियों का बंपर तबादला

छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य शासन ने ब्यूरोक्रेसी में कसावट लाने और मैदानी स्तर पर कामकाज को और अधिक पारदर्शी व गतिशील बनाने के उद्देश्य से बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 19 वरिष्ठ अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया गया है। अचानक जारी हुई इस बड़ी सूची के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में भारी हलचल देखने को मिल रही है।मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक बदले गए कई चेहरेमहानदी भवन (नवा रायपुर) स्थित मंत्रालय से जारी इस तबादला सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। सरकार ने इस फेरबदल के जरिए न केवल मंत्रालय स्तर के विभागों को री-स्ट्रक्चर करने का प्रयास किया है, बल्कि कई जिलों में अनुविभागीय अधिकारी (SDM), संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के पदों पर भी नए चेहरों की तैनाती की है। तबादला नीति के तहत कई ऐसे अफसरों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है जो लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे हुए थे।इन प्रमुख अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में हुआ अहम बदलावशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी राजीव कुमार पांडेय को उच्च शिक्षा संचालनालय में नई पोस्टिंग दी गई है। वहीं, प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए भारती चंद्राकर को मार्कफेड और दिनेश कुमार नाग को छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर भेजा गया है। इसके अलावा, नयनतारा सिंह तोमर को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि आशुतोष चतुर्वेदी को जिला पंचायत बलरामपुर-रामानुजगंज और अभिषेक कुमार गुप्ता को जिला पंचायत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर विभागों में भी नए चेहरों की एंट्रीइस प्रशासनिक सर्जरी के तहत प्रभाकर पांडेय को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में पदस्थ किया गया है, जहां उन पर युवाओं से जुड़ी खेल योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरी तरफ, शशांक पांडेय को छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन में नई जिम्मेदारी दी गई है। सरकार के इस कड़े कदम से साफ संकेत मिलता है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी 19 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पुराने प्रभार सौंपकर नए स्थानों पर ज्वाइन करने का सख्त निर्देश जारी किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:33 pm

प्रशासनिक महकमे में भारी फेरबदल! छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर IAS अफसरों के तबादले, 5 जिलों के जिला पंचायत CEO बदले

छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और अधिक गतिशील बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में एक बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के कई वरिष्ठ और युवा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इस बड़े फेरबदल की सबसे खास बात यह है कि राज्य के पांच महत्वपूर्ण जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) को बदल दिया गया है, जबकि कई अन्य वरिष्ठ आईएएस अफसरों को नई और बड़ी जिम्मेदारियों से नवाजा गया है।प्रशासनिक कसावट लाने के लिए राज्य सरकार का बड़ा कदममुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी इस आधिकारिक सूची के बाद पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मैदानी स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाने, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कसावट को मजबूत करने के लिए ही यह कदम उठाया गया है। तबादला सूची में शामिल सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदों का कार्यभार संभालने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।इन पांच जिलों के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) बदलेशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, जिन पांच जिला पंचायतों के सीईओ बदले गए हैं, उनमें राज्य के प्रमुख विकासखंड और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। इन पदों पर नए और ऊर्जावान आईएएस अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को जमीनी स्तर पर नई गति दी जा सके। इसके साथ ही, कुछ जिलों के सीईओ को प्रमोट करके मंत्रालय और अन्य विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को मिली नई और अतिरिक्त जिम्मेदारीइस प्रशासनिक सर्जरी के तहत न केवल मैदानी स्तर के अधिकारियों के तबादले हुए हैं, बल्कि मंत्रालय (महानदी भवन) स्तर पर भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कुछ वरिष्ठ आईएएस अफसरों के विभागों में फेरबदल करते हुए उन्हें अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई न हो और नए विजन के साथ अधिकारी अपनी भूमिका निभाएं। आने वाले दिनों में कुछ और विभागों में भी इसी तरह के आंशिक फेरबदल की संभावना जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:30 pm

हरियाणा पुलिस का ईएसआई हनी ट्रैप मामले में दो लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट

फरीदाबाद। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने हरियाणा पुलिस के एक एक्सटेंडेड सहायक पुलिस निरीक्षक(ईएसआई) को दो लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। ब्यूरो के अनुसार शिकायतकर्ता हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त ईएसआई हैं। वर्ष 2023 […] The post हरियाणा पुलिस का ईएसआई हनी ट्रैप मामले में दो लाख रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:30 pm

दुबई के बाद ओमान में दबोचा गया सट्टेबाजी किंग! महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर गिरफ्तार

करोड़ों रुपये के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप (Mahadev Betting App Case) घोटाले से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। भारत की केंद्रीय जांच एजेंसियों की रडार पर चल रहे ऐप के मुख्य संचालक और मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान में कानून के रखवालों ने दबोच लिया है। लंबे समय से लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस का सामना कर रहे इस भगोड़े आरोपी पर इस बार फर्जी दस्तावेजों के सहारे सीमा पार करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने राहत की सांस ली है और उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है।फर्जी पासपोर्ट का जाल बिछाकर ओमान में मारी थी एंट्रीमिली जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर अपनी पहचान छिपाने और वैश्विक जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार नए-नए पैंतरे बदल रहा था। वह दुबई से भागकर फर्जी नाम और जाली पासपोर्ट के जरिए ओमान में दाखिल होने की फिराक में था। हालांकि, ओमान के सुरक्षा अधिकारियों और एयरपोर्ट इमिग्रेशन को उसके दस्तावेजों पर गहरा शक हुआ। जब कड़ाई से जांच की गई तो उसकी असली पहचान का खुलासा हो गया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया।भारतीय जांच एजेंसियां अलर्ट, प्रत्यर्पण के लिए दस्तावेज तैयारजैसे ही सौरभ चंद्राकर की ओमान में गिरफ्तारी की सूचना इंटरपोल के माध्यम से भारत पहुंची, वैसे ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई है। विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर भारतीय खुफिया एजेंसियां ओमान सरकार से संपर्क साध रही हैं। चूंकि चंद्राकर के खिलाफ भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों की धोखाधड़ी के पुख्ता सबूत मौजूद हैं, इसलिए उसे जल्द से जल्द भारत डिपोर्ट या प्रत्यर्पित (Extradite) कराने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं ताकि उसे भारतीय अदालत के सामने पेश किया जा सके।फिल्म सितारों से लेकर सट्टेबाजों तक, सबकी बढ़ेगी मुश्किलेंसौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से भारत के कई रसूखदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं। महादेव ऐप मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि सट्टेबाजी के इस काले पैसे का इस्तेमाल बॉलीवुड के कई बड़े अभिनेताओं, मशहूर हस्तियों और राजनेताओं को प्रमोट करने और इवेंट्स आयोजित करने में किया गया था। चंद्राकर के भारत आते ही इस सिंडिकेट के कई बड़े और नए राज खुलेंगे, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई बड़े चेहरों पर कानून का शिकंजा कसना बिल्कुल तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:28 pm

शराब घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन! रांची दफ्तर पहुंचे कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव, केंद्रीय एजेंसी के तीखे सवालों का कर रहे हैं सामना

झारखंड की सियासत और ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राजधानी रांची से सामने आ रही है। राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले (Liquor Scam Case) की जांच की आंच अब कांग्रेस के बड़े नेताओं तक पहुंच चुकी है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और सूबे के पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव आज रांची स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे हैं। ईडी की टीम उनसे इस पूरे कथित घोटाले के सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं को लेकर गहन पूछताछ कर रही है, जिसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।सुबह ही ईडी दफ्तर पहुंचे रामेश्वर उरांव, बढ़ाई गई सुरक्षामिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी द्वारा जारी समन के बाद कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव निर्धारित समय पर रांची के हिनू स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे। उनके आगमन को देखते हुए ईडी कार्यालय के बाहर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। रामेश्वर उरांव के दफ्तर के भीतर जाते ही अधिकारियों की एक विशेष टीम ने उनसे पूछताछ का सिलसिला शुरू कर दिया, जो पिछले कई घंटों से लगातार जारी है।आखिर क्या है झारखंड का यह बहुचर्चित शराब घोटाला?यह पूरा मामला झारखंड में नई उत्पाद नीति (Liquor Policy) के लागू होने के दौरान हुए करोड़ों रुपये के कथित राजस्व नुकसान और अवैध कमाई से जुड़ा हुआ है। ईडी का आरोप है कि इस नीति को तैयार करने और लागू कराने में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं, जिसका फायदा कुछ खास सिंडिकेट और बिचौलियों को पहुंचाया गया। इस मामले में जांच एजेंसी पहले भी कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और कुछ प्रमुख आरोपियों से मिली जानकारियों के आधार पर ही अब रामेश्वर उरांव को पूछताछ के दायरे में लिया गया है।राजनीतिक बयानबाजी तेज, अगले कदम पर टिकी सबकी नजरेंझारखंड विधानसभा चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में इस तरह की कार्रवाई ने राजनीतिक पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सत्ताधारी गठबंधन जहां इसे विपक्ष को परेशान करने वाली केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग बता रहा है, वहीं विपक्षी दल बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगा रही है। बहरहाल, ईडी कार्यालय के भीतर रामेश्वर उरांव से हो रही इस पूछताछ से क्या नए तथ्य निकलकर सामने आते हैं और जांच एजेंसी का अगला कदम क्या होगा, इस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:26 pm

रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में विस्फोट, 3 श्रमिकों की मौत

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार की शाम भीषण विस्फोट से तीन श्रमिकों की मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि एक श्रमिक का पैर कटकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अनुसार, हादसे की […] The post रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री में विस्फोट, 3 श्रमिकों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 8 Jul 2026 2:25 pm

रांची में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की धूम! 16 जुलाई से शुरू होगा ऐतिहासिक महोत्सव, CM हेमंत सोरेन करेंगे शिरकत

झारखंड की राजधानी रांची स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में इन दिनों उल्लास और भक्ति का माहौल है। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के भव्य रथ यात्रा महोत्सव की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। हर साल की तरह इस साल भी रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर में विशाल मेले का आयोजन होने जा रहा है। इस बार का यह आयोजन इसलिए भी बेहद खास होने वाला है, क्योंकि राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद इस पावन रथ यात्रा महोत्सव में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेंगे और राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।16 जुलाई से सजेगा आस्था का ऐतिहासिक मेलास्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस भव्य महोत्सव का आगाज 16 जुलाई से होने जा रहा है। आपको बता दें कि रांची का जगन्नाथपुर मेला सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र है। 16 जुलाई से शुरू होने वाले इस मेले में लाखों की संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। मंदिर परिसर को बेहद खूबसूरती से सजाया जा रहा है और रथ को भी पारंपरिक तरीके से अंतिम रूप दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की रथ यात्रा में शामिल होने की पुष्टि के बाद रांची जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। वीआईपी मूवमेंट और लाखों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला परिसर की निगरानी की जाएगी। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।झारखंड की संस्कृति और परंपरा का दिखेगा अनूठा संगमजगन्नाथपुर रथ यात्रा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और परंपरा का एक जीवंत उदाहरण है। मेले में सजने वाली स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानें, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल इस महोत्सव की रौनक को और बढ़ा देते हैं। सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी से इस आयोजन की भव्यता में और भी इजाफा होगा। रांची समेत पूरे राज्य के लोगों को 16 जुलाई का बेसब्री से इंतजार है, जब भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार होकर निकलेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:25 pm

झारखंड में आज आसमान से बरसेगी आफत! रांची-देवघर समेत 15 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

झारखंड के कई इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की ओर से एक बेहद जरूरी और बड़ी चेतावनी सामने आई है। राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने प्रदेश के 15 जिलों में झमाझम बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और खतरनाक आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है। अगर आप भी आज घर से बाहर निकलने वाले हैं, तो मौसम का हाल और अपने जिले की स्थिति को जानना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।इन 15 जिलों में जारी हुआ हाई अलर्ट, छाए रहेंगे काले बादलमौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, जिन जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, उनमें राजधानी रांची, बाबा नगरी देवघर, दुमका, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, हजारीबाग, जामताड़ा, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन इलाकों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना जताई गई है।वज्रपात को लेकर मौसम विभाग की खास अपील, भूलकर भी न करें ये गलतीझारखंड में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हर साल जान-माल का बड़ा नुकसान होता है। इसे देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। चेतावनी में साफ कहा गया है कि जब मौसम खराब हो या बिजली कड़क रही हो, तो किसान और आम नागरिक खेतों में जाने से बचें। इस दौरान भूलकर भी ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे मकानों के नीचे शरण न लें। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें और सुरक्षित पक्के मकानों के अंदर ही रहें।खेती-किसानी के लिए राहत, तापमान में आएगी भारी गिरावटजहां एक तरफ वज्रपात का डर बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस बारिश से झारखंड के अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे हैं। धान की रोपनी के सीजन में इस बारिश को फसलों के लिए अमृत माना जा रहा है। लगातार हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पूरे राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय प्रशासन ने भी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:22 pm

बादलों के घर 'मेघालय' में मानसून का मज़ा कहीं न बन जाए सजा! निकलने से पहले नोट कर लें ये 5 सबसे जरूरी बातें

दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश के लिए मशहूर मेघालय मानसून के दौरान किसी जन्नत से कम नहीं लगता। चारों तरफ फैली हरी-भरी वादियां, बादलों की लुकाछिपी और पहाड़ों से गिरते दूधिया झरने हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं। यही वजह है कि बरसात शुरू होते ही देश-विदेश से सैलानी शिलांग, चेरापूंजी और मावलिननोंग की तरफ रुख करने लगते हैं। लेकिन याद रखिए, मानसून में पूर्वोत्तर (North East India) का यह खूबसूरत राज्य जितना आकर्षक होता है, उतनी ही चुनौतियां भी पेश करता है। अगर आप भी इस मौसम में मेघालय का दीदार करने जा रहे हैं, तो इन 5 बेहद जरूरी बातों को बिल्कुल न भूलें।1. अत्यधिक और अनप्रेडिक्टेबल बारिश के लिए रहें तैयारमेघालय का नाम ही 'मेघों का आलय' यानी बादलों का घर है। मानसून के महीनों में यहां इतनी मूसलाधार बारिश होती है जिसका अंदाजा लगाना आम मैदानी इलाकों के लोगों के लिए मुश्किल है। यहां मिंटों में धूप गायब हो जाती है और घने बादल पूरे रास्ते को ब्लॉक कर देते हैं। इसलिए अपने साथ मजबूत छाता, हाई-क्वालिटी रेनकोट और वाटरप्रूफ बैग कवर हमेशा रखें। आपकी पैकिंग ऐसी होनी चाहिए कि भारी से भारी बारिश में भी आपका मोबाइल, कैमरा और कपड़े पूरी तरह सुरक्षित रहें।2. लैंडस्लाइड और रास्तों के लाइव अपडेट पर रखें नजरभारी बारिश के चलते मेघालय के पहाड़ी रास्तों, खासकर शिलांग-गुवाहाटी हाईवे और चेरापूंजी के अंदरूनी रूटों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) का खतरा काफी बढ़ जाता है। कई बार सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर गिरने से ट्रैफिक घंटों ठप रहता है। यात्रा पर निकलने से पहले और सफर के दौरान स्थानीय समाचारों, सोशल मीडिया ट्रैफिक अपडेट्स और मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।3. विजिबिलिटी की समस्या और ड्राइविंग की चुनौतियांबरसात के दिनों में मेघालय की सड़कों पर अचानक इतना घना कोहरा और बादल छा जाते हैं कि चंद मीटर आगे का देख पाना भी नामुमकिन हो जाता है। अगर आप खुद गाड़ी ड्राइव कर रहे हैं या बाइक ट्रिप पर हैं, तो बेहद सतर्क रहें और गाड़ी की फॉग लाइट्स व इंडिकेटर्स को दुरुस्त रखें। पहाड़ों पर घुमावदार और फिसलन भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने का अनुभव न होने पर, स्थानीय टैक्सी या अनुभवी लोकल ड्राइवर की मदद लेना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।4. वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज और एक्स्ट्रा नकद (Cash) साथ रखेंमेघालय की सबसे खूबसूरत जगहें जैसे डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज या प्रसिद्ध गुफाएं (Caves) तक पहुंचने के लिए आपको काफी पैदल चलना और ट्रैकिंग करनी पड़ती है। मानसून में इन रास्तों और सीढ़ियों पर काई जम जाती है, जिससे भारी फिसलन होती है। इसलिए सामान्य जूतों के बजाय अच्छी ग्रिप वाले वाटरप्रूफ ट्रैकिंग शूज ही पहनें। इसके अलावा, अंदरूनी इलाकों में नेटवर्क की भारी समस्या के चलते ऑनलाइन पेमेंट (UPI) फेल हो जाते हैं, इसलिए अपने पास पर्याप्त कैश जरूर रखें।5. एडवांस बुकिंग और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालनमानसून के सीजन में भी मेघालय में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके कारण अच्छे होटल्स और होमस्टे जल्दी फुल हो जाते हैं। ऐन वक्त पर भटकने से बचने के लिए अपनी बुकिंग पहले से कन्फर्म करके ही घर से निकलें। इसके साथ ही मेघालय टूरिज्म और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए सेफ्टी रूल्स और हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास नोट करके रखें ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:05 pm

कांच जैसा साफ पानी और जन्नत सा नजारा! लद्दाख से सिक्किम तक ये हैं भारत की 6 सबसे खूबसूरत झीलें

भागदौड़ भरी जिंदगी और प्रदूषण से दूर अगर आप किसी ऐसी जगह जाने की सोच रहे हैं जहां कुदरत का असली जादू देखने को मिले, तो भारत की ये खूबसूरत झीलें आपका दिल जीत लेंगी। हमारे देश में प्राकृतिक सौंदर्य का ऐसा खजाना छुपा है, जिसे देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। लद्दाख के बर्फीले पहाड़ों से लेकर सिक्किम की हरी-भरी वादियों तक, भारत में कई ऐसी झीलें हैं जिनका पानी इतना साफ और पारदर्शी है कि आप उसमें अपना चेहरा तक देख सकते हैं। आइए जानते हैं देश की उन 6 सबसे स्वच्छ और जादुई झीलों के बारे में, जिन्हें हर ट्रैवलर को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए।1. पैंगोंग त्सो झील (लद्दाख) - रंगों को बदलता कुदरत का अजूबालद्दाख में स्थित पैंगोंग त्सो झील दुनिया की सबसे खूबसूरत और मशहूर झीलों में से एक है। लगभग 14,270 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस झील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पानी दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता नजर आता है। नीले, हरे और हल्के भूरे रंग की दिखने वाली यह झील सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है। इसका साफ और क्रिस्टल क्लियर पानी चारों तरफ फैले पहाड़ों के साथ मिलकर एक अकल्पनीय दृश्य पैदा करता है।2. गुरुडोंगमार झील (सिक्किम) - पवित्रता और सौंदर्य का बेजोड़ संगमउत्तरी सिक्किम में स्थित गुरुडोंगमार झील भारत की सबसे ऊंची झीलों में शुमार है। लगभग 17,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस झील को बेहद पवित्र माना जाता है। इस झील का पानी इतना पारदर्शी और शुद्ध है कि कड़ाके की ठंड में भी इसका एक हिस्सा कभी नहीं जमता। बौद्ध और सिख धर्म के लोगों के लिए आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ यह जगह एडवेंचर के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।3. उमंगोट झील (मेघालय) - जहां हवा में तैरती हुई दिखती हैं नावेंमेघालय के दावकी कस्बे में स्थित उमंगोट झील को भारत की सबसे साफ झील का दर्जा प्राप्त है। इस झील का पानी इस कदर पारदर्शी है कि जब इस पर नावें चलती हैं, तो ऐसा भ्रम होता है जैसे वे किसी कांच के ऊपर या हवा में तैर रही हों। झील के नीचे पड़े पत्थर, कंकड़ और मछलियां सतह से बिल्कुल साफ नजर आती हैं। स्वच्छता के मामले में इस जगह का मुकाबला पूरी दुनिया में कोई नहीं कर सकता।4. त्सोमगो झील (सिक्किम) - पहाड़ों के बीच छुपी एक जादुई दुनियापूर्वी सिक्किम में स्थित त्सोमगो झील, जिसे स्थानीय लोग 'चांगू लेक' भी कहते हैं, अपनी अलौकिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच घिरी यह झील सर्दियों में पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर में तब्दील हो जाती है, जबकि गर्मियों में इसके आसपास खिले रंग-बिरंगे फूल इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इस झील का पानी पहाड़ों के ग्लेशियर से आता है, जिसके कारण यह बेहद शुद्ध और साफ रहता है।5. पराशर झील (हिमाचल प्रदेश) - तैरते हुए द्वीप का रहस्यहिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित पराशर झील अपने आप में एक बड़ा रहस्य और आकर्षण का केंद्र है। चारों तरफ से धौलाधार की पहाड़ियों से घिरी इस गहरी नीली झील के बीच में एक छोटा सा घास का द्वीप है, जो समय-समय पर अपनी जगह बदलता रहता है यानी पानी पर तैरता है। इस झील के किनारे तीन मंजिला भव्य पैगोडा शैली का मंदिर भी स्थित है, जो इस जगह को बेहद शांत और आध्यात्मिक बनाता है।6. डल झील (श्रीनगर, कश्मीर) - धरती का स्वर्ग और साफ पानी का सम्मोहनकश्मीर की वादियों का जिक्र हो और डल झील का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। हालांकि पर्यटन के कारण इस पर दबाव बढ़ा है, लेकिन इसके कुछ अंदरूनी हिस्से आज भी बेहद साफ और शांत हैं। सुबह के वक्त जब सूरज की किरणें इसके साफ पानी पर पड़ती हैं, तो तैरते हुए शिकार और हाउसबोट्स का नजारा देखने लायक होता है। यह झील कश्मीर की संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का सबसे बड़ा प्रतीक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 2:04 pm

गुजरात में 5 वेदर सिस्टम सक्रिय होने से भारी आफत, समंदर में बदला नवसारी शहर

Navsari floods: गुजरात पर एक साथ पांच शक्तिशाली मौसम प्रणालियों (Weather Systems) के सक्रिय होने से दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में प्रकृति ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। मूसलाधार बारिश के चलते नवसारी शहर पूरी तरह जलमग्न होकर समंदर में तब्दील हो गया ...

वेब दुनिया 8 Jul 2026 1:55 pm

गौरव खन्ना से तलाक के बाद आकांक्षा चमोला का बड़ा बयान, कहा- 'अब पूरी जिंदगी अकेली ही रहूंगी, दोबारा शादी का सवाल नहीं

टीवी इंडस्ट्री के लोकप्रिय कपल गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के अलग होने की खबर ने उनके फैंस को हैरान कर दिया है। लंबे समय तक एक साथ रहने के बाद, आकांक्षा ने अब अपनी निजी जिंदगी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। एक हालिया इंटरव्यू में आकांक्षा का दर्द साफ छलक उठा, जब उन्होंने अपने तलाक और गौरव खन्ना के साथ बिताए पलों पर बात की। उन्होंने न केवल अपने टूटे रिश्ते का दर्द बयां किया, बल्कि अपने भविष्य को लेकर एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है।'मैं अब अकेली ही खुश हूं'तलाक की कड़वाहट के बीच आकांक्षा चमोला ने अपनी जिंदगी को नए सिरे से जीने का फैसला किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अब वे अपनी जिंदगी पूरी तरह से अकेले ही बिताना चाहती हैं। आकांक्षा के अनुसार, शादी के बंधन और उसके टूटने के दर्द से गुजरने के बाद उनका नजरिया बदल गया है। उन्होंने कहा कि अब मैं अकेली रहने वाली हूं और उन्हें किसी और पार्टनर की जरूरत महसूस नहीं होती। उनका यह बयान उनके उन फैंस के लिए किसी झटके से कम नहीं है जो उन्हें फिर से किसी के साथ खुश देखना चाहते थे।दोबारा शादी करने से किया साफ इनकारजब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में वे दोबारा शादी के बारे में सोच सकती हैं, तो आकांक्षा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए शादी का अध्याय अब हमेशा के लिए बंद हो चुका है। वे अपने करियर और खुद की मानसिक शांति पर ध्यान देना चाहती हैं। आकांक्षा की यह दृढ़ता दर्शाती है कि इस रिश्ते ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है और अब वे किसी भी प्रकार के भावनात्मक बंधन से दूर रहना चाहती हैं। गौरव खन्ना के साथ अपनी यात्रा को उन्होंने एक सीख बताया, लेकिन अब वे अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।फैंस के लिए है यह चौंकाने वाला मोड़गौरव खन्ना, जो 'अनुपमा' जैसे शो से घर-घर में मशहूर हैं, और आकांक्षा चमोला की जोड़ी को टीवी इंडस्ट्री में एक आदर्श कपल माना जाता था। इनके अलग होने की खबर किसी को भी पच नहीं रही है। हालांकि, आकांक्षा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे अब किसी भी तरह की गॉसिप या अटकलों में नहीं पड़ना चाहतीं। उन्होंने फैंस से गुजारिश की है कि वे उनके निजी फैसले का सम्मान करें। अब देखना यह है कि गौरव खन्ना की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि आकांक्षा ने अपनी जिंदगी को अपने शर्तों पर जीने का संकल्प ले लिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 1:37 pm