राहुल गांधी बचकाना राजनीति छोड़ें, कर्नाटक पेपर लीक पर माफी मांगें : भाजपा सांसद दिनेश शर्मा
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्री का पद संभालने, छात्र विरोध पर राहुल गांधी के पत्र पर प्रतिक्रिया दी।
'छात्रों के मुद्दे पर राजनीति नहीं, समाधान जरूरी', भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर साधा निशाना
बिहार की राजधानी पटना में भाजपा नेताओं ने नीट पेपर लीक विवाद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और आगामी उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी
संसद में विपक्ष छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र लिखकर जवाब मांगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में ₹323.9775 लाख लागत के 60 विकास कार्यों का किया शिलान्यास
केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज में आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम के दौरान बच्चों को अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कर उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व के लिए शुभकामनाएँ दीं। वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत जनपद के 23 विकास खण्डों में लगभग ₹323.9775 लाख की लागत से प्रस्तावित 60 विकास कार्यों का शिलान्यास किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास तथा गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं वित्तीय रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। आज प्रदेश की लाखों महिलाएँ स्वरोजगार, लघु उद्योग, कृषि आधारित गतिविधियों तथा विभिन्न उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया की सहभागी बनाना है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं और आज महिलाएँ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है, जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन जल्द अपनी नई रणनीति घोषित करेगा। पंजाब पेपर लीक मामला भी संगठन के एजेंडे में शामिल है।
कलाधाम की घटना पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक और सहायक प्रबंधक को सभी दायित्वों से मुक्त कर ग्रेनो वेस्ट ऑफिस से किया संबद्ध
Vastu Tips: घर में रखा मनी प्लांट छिन सकता है आपकी सुख-शांति, अगर कर रहे हैं ये भारी भूल
आजकल घरों में मनी प्लांट लगाना काफी आम हो गया है। लोग इसे घर की सजावट और हरियाली के लिए तो लगाते ही हैं, साथ ही वास्तु शास्त्र के अनुसार यह पौधा घर में सुख-समृद्धि और धन खींचने का भी काम करता है। लेकिन कई बार हम अनजाने में इसे गलत जगह रख देते हैं या इसकी सही देखभाल नहीं करते, जिससे फायदे की बजाय नुकसान होने लगता है। अगर आपके घर में भी मनी प्लांट है, तो आपको इन चार बड़ी गलतियों से हमेशा बचना चाहिए।1. गलत दिशा में रखने से बढ़ती है कंगालीवास्तु के अनुसार मनी प्लांट की दिशा बहुत ज्यादा मायने रखती है। इसे कभी भी घर के उत्तर-पूर्व कोने में नहीं रखना चाहिए। इस जगह पर मनी प्लांट रखने से घर में फिजूलखर्ची बढ़ती है और आर्थिक तंगी आ सकती है। इसके अलावा, इससे परिवार के सदस्यों में अकारण मनमुटाव और चिड़चिड़ापन भी बढ़ने लगता है। मनी प्लांट को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) में ही रखें, इस दिशा को बरकत और धन वृद्धि के लिए सबसे शुभ माना जाता है।2. बेल का जमीन पर घिसटना है बहुत अशुभमनी प्लांट लगाने के बाद अक्सर लोग उसकी ठीक से देखभाल नहीं करते और उसकी बेलें लंबी होकर जमीन पर घिसटने लगती हैं। वास्तु में इसे बहुत अशुभ माना गया है। जमीन पर बेल लटकने का मतलब है कि आपके घर में पैसा नहीं टिकेगा और आमदनी के रास्ते रुक जाएंगे। इसलिए जैसे ही पौधा बढ़ने लगे, उसे किसी धागे या लकड़ी के सहारे ऊपर की ओर बांध दें। ऊपर की ओर बढ़ती बेल घर के लोगों की उन्नति और तरक्की का संकेत होती है।3. सूखे और पीले पत्तों को तुरंत कर दें अलगअगर आपके मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, तो उन्हें तुरंत काटकर अलग कर देना चाहिए। पौधे पर लटके सूखे पत्ते नकारात्मकता लाते हैं और घर का माहौल उदास करते हैं। वास्तु की मानें तो पौधे का सूखना भविष्य में आने वाली किसी आर्थिक परेशानी की तरफ इशारा करता है। इसलिए पौधे को समय पर पानी दें और उसे हमेशा हरा-भरा रखें, क्योंकि एक स्वस्थ पौधा ही घर में पॉजिटिविटी बनाए रखता है।4. अपना मनी प्लांट दूसरों को कभी न बांटेंकई बार हम खुशी-खुशी अपने मनी प्लांट की कोई टहनी या कटिंग पड़ोसियों या रिश्तेदारों को दे देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बिल्कुल भी सही नहीं है। माना जाता है कि अपने घर का पौधा किसी और को देने से आपके घर की बरकत और लक्ष्मी भी दूसरों के पास चली जाती है। इससे आपके घर में पैसों की खिंचातान शुरू हो सकती है। अगर किसी को पौधा चाहिए, तो उसे नर्सरी से नया पौधा खरीदकर लगाने की सलाह दें, लेकिन अपना पौधा न दें।
10 लाख की एक FD या 1-1 लाख की 10? निवेश से पहले जान लें ये राज, वरना हो सकता है नुकसान
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई रिस्क नहीं होता और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पहले से तय होती है। लेकिन जब बात एक बड़ी रकम, जैसे 10 लाख रुपये के निवेश की आती है, तो अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। सवाल यह उठता है कि 10 लाख रुपये की एक ही एफडी करानी चाहिए, या फिर एक-एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी कराना ज्यादा फायदेमंद रहेगा? आइए इस उलझन को सुलझाते हैं।ब्याज और मैच्योरिटी में कितना होता है अंतर?अगर आप 10 लाख रुपये की एक एफडी 10 साल के लिए 7 फीसदी ब्याज दर पर कराते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 20,01,597 रुपये मिलते हैं। वहीं, अगर आप एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी बिल्कुल समान अवधि और ब्याज दर पर कराते हैं, तब भी आपको कुल मिलाकर 20,01,600 रुपये ही मिलेंगे। यानी रिटर्न के नजरिए से देखें तो दोनों ही विकल्पों में कोई खास अंतर नहीं है। 10 लाख की एकमुश्त एफडी का बस एक फायदा यह है कि आपको सिर्फ एक अकाउंट को मैनेज करना पड़ता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होती है।अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर क्या होगा?रिटर्न एक जैसा होने के बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी एफडी कराना कहीं ज्यादा समझदारी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिक्विडिटी यानी आपातकाल में पैसों की उपलब्धता है। अगर भविष्य में आपको अचानक 1 या 2 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है और आपने 10 लाख की एकमुश्त एफडी कराई है, तो आपको पूरी एफडी तोड़नी पड़ेगी। इससे न सिर्फ आपको पेनल्टी देनी होगी, बल्कि बाकी रकम के ब्याज का भी भारी नुकसान होगा। वहीं 10 अलग-अलग एफडी होने पर आप सिर्फ जरूरत के हिसाब से 1 या 2 एफडी तुड़वा सकते हैं, जबकि बाकी एफडी सुरक्षित रहती हैं।पैसों की सुरक्षा और ज्यादा ब्याज का फायदाछोटी एफडी कराने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आप अपने पैसे को अलग-अलग बैंकों में निवेश कर सकते हैं। हर बैंक की ब्याज दरें अलग होती हैं, ऐसे में आप बेहतरीन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, नियमों के अनुसार डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत किसी भी बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ही बीमा कवर मिलता है। ऐसे में अपनी रकम को अलग-अलग छोटी एफडी में बांटने से आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। अंततः, यह आपकी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है कि आप कौन सा विकल्प चुनते हैं।
ITR फाइल करने के बाद ये काम नहीं किया, तो बेकार हो जाएगी सारी मेहनत! जानें क्या है नियम
अगर आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो आपका काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिटर्न जमा करना टैक्स प्रक्रिया का सिर्फ पहला कदम है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार रिटर्न जमा करने के बाद उसे वेरिफाई करना भी उतना ही जरूरी है। जब तक आप अपनी ITR को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उस पर कोई कार्रवाई नहीं करता और आपका रिफंड भी अटक सकता है।ITR वेरिफाई करना क्यों है इतना जरूरी?रिटर्न फाइल करने के बाद आयकर विभाग को आपकी जानकारी मिल जाती है, लेकिन इसकी असल प्रोसेसिंग आपके वेरिफिकेशन के बाद ही शुरू होती है। एक अगस्त 2022 से आयकर विभाग ने वेरिफिकेशन की समय सीमा को घटाकर सिर्फ 30 दिन कर दिया है, जो पहले 120 दिन हुआ करती थी। अगर आप इस 30 दिन की डेडलाइन के अंदर अपना रिटर्न वेरिफाई नहीं करते हैं, तो आपकी ITR इनवैलिड यानी अमान्य घोषित कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि आपको फिर से लेट फीस के साथ रिटर्न भरना पड़ सकता है।ऑनलाइन ITR वेरिफाई करने के 5 आसान तरीकेआज के समय में वेरिफिकेशन के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, ई-वेरिफिकेशन सबसे तेज और सुरक्षित तरीका है। आप आधार ओटीपी के जरिए इसे सबसे आसानी से कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो ओटीपी डालकर मिनटों में वेरिफिकेशन हो जाएगा। इसके अलावा, अगर आपका बैंक या डीमैट अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहले से वैलिडेट है, तो आप इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट करके भी काम पूरा कर सकते हैं। अधिकृत बैंकों की नेट बैंकिंग के जरिए सीधे लॉगिन करके भी बिना ओटीपी के ITR वेरिफाई किया जा सकता है। वहीं, बड़े व्यवसायी और प्रोफेशनल्स डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करके भी ई-वेरिफिकेशन कर सकते हैं।वेरिफिकेशन पूरा हुआ या नहीं, कैसे पता चलेगा?जैसे ही आपका ई-वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, आपकी स्क्रीन पर एक सक्सेस मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी दिखने लगेगी। इसके साथ ही आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर आयकर विभाग की तरफ से एक कन्फर्मेशन ईमेल भी आ जाएगा, जिससे आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपका वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।ऑफलाइन वेरिफिकेशन का भी है विकल्पजो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं जुड़ना चाहते, उनके लिए ऑफलाइन का रास्ता भी खुला है। इसके लिए आपको ITR-V रसीद का प्रिंट आउट निकालकर उस पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे और 30 दिनों के भीतर इसे सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु के पते पर भेजना होगा। हालांकि, ई-वेरिफिकेशन ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें डाक के खोने या देरी होने का कोई जोखिम नहीं रहता।
सनातनी संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर इस पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा की शुरुआत आखिर कैसे हुई? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस महान ज्ञान मार्ग की नींव स्वयं आदिगुरु भगवान शिव ने रखी थी। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना का प्रतीक है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरुओं के प्रति सम्मान सिखाता है।महादेव कैसे बने सृष्टि के पहले 'आदिगुरु'?धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ही इस दुनिया के प्रथम गुरु हैं। हजारों वर्ष पूर्व जब महादेव हिमालय की शांत वादियों में अपनी गहरी समाधि से बाहर आए, तो उन्होंने देखा कि सात ऋषि (सप्तर्षि) ज्ञान प्राप्ति की तीव्र लालसा में उनके समक्ष बैठे हैं। इन ऋषियों की कठोर तपस्या और अटूट श्रद्धा को देखकर महादेव का हृदय पिघल गया। शिव जी ने 'दक्षिणामूर्ति' का रूप धारण किया और आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन सातों ऋषियों को परम ब्रह्मज्ञान प्रदान किया। ज्ञान देने का यही ऐतिहासिक दिन आगे चलकर गुरु पूर्णिमा के रूप में विख्यात हुआ।सप्तर्षियों ने दुनिया भर में फैलाया शिव का ज्ञानभगवान शिव से साक्षात परम ज्ञान और दीक्षा प्राप्त करने के बाद सप्तर्षियों ने इसे केवल अपने तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने महादेव को अपना प्रथम गुरु माना और इस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दुनिया के अलग-अलग दिशाओं में निकल पड़े। इन ऋषियों ने आम मनुष्यों को धर्म, कर्म, सत्य, जीवन और ईश्वर का सही मार्ग दिखाया। जिस तरह महादेव ने ज्ञान का बीज बोया, उसी तरह इन ऋषियों ने समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की एक मजबूत नींव तैयार की।महर्षि वेदव्यास और 'व्यास पूर्णिमा' का महत्वगुरु पूर्णिमा का सीधा और अटूट संबंध महान ऋषि वेदव्यास जी से भी है। शास्त्रों के अनुसार, इसी आषाढ़ पूर्णिमा के पावन दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने ही मानव कल्याण के लिए चारों वेदों का विस्तार और विभाजन किया। इसके अलावा 18 पुराणों व महाभारत जैसे महाग्रंथों की रचना का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। ज्ञान के इस अथाह सागर को दुनिया के सामने रखने के कारण ही वेदव्यास जी को मानव जाति का सबसे बड़ा गुरु माना गया। उनके इसी अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन आ गया है और ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या 31 जुलाई 2026 ही रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख है? अक्सर लोग इसी कन्फ्यूजन में जल्दबाजी करते हैं। लेकिन आयकर विभाग (Income Tax Department) के नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। टैक्सपेयर्स की अलग-अलग कैटेगरी और ITR फॉर्म के हिसाब से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन भी अलग-अलग तय की गई हैं। आइए आपको बताते हैं कि आपके लिए रिटर्न भरने की सही तारीख क्या है, ताकि आप बेवजह के जुर्माने से बच सकें।किन टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई है अंतिम तारीख?अगर आप नौकरीपेशा (Salaried Class) या पेंशनर हैं और ITR-1 या ITR-2 फॉर्म के जरिए अपना रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपके लिए 31 जुलाई 2026 ही डेडलाइन है। आसान भाषा में समझें तो ITR-1 उन लोगों के लिए है जिनकी कमाई सैलरी, किसी एक मकान या बैंक के ब्याज से होती है और उन्हें शेयर या म्यूचुअल फंड से कोई अतिरिक्त मुनाफा नहीं हुआ है। वहीं, अगर आपने प्रॉपर्टी, सोना, म्यूचुअल फंड या शेयर बेचकर कैपिटल गेन (Capital Gain) कमाया है या आपकी विदेश से कोई कमाई हुई है, तो आपको ITR-2 फॉर्म 31 जुलाई तक भरना अनिवार्य है।ITR-3, ITR-4 और ऑडिट वाले मामलों की लास्ट डेटछोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए थोड़ी राहत है। जो टैक्सपेयर्स ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भरते हैं और उनके बैंक खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक बिना किसी पेनाल्टी के अपना रिटर्न भर सकते हैं। इसके अलावा, जिन कंपनियों, संस्थाओं या बड़े कारोबारियों के खातों का ऑडिट अनिवार्य है (जो ITR-5, ITR-6 या ITR-7 दाखिल करते हैं), उनके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।तय समय पर रिटर्न न भरने पर कितना लगेगा जुर्माना?अगर आप किसी कारणवश अपनी तय डेडलाइन तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो आपको 31 दिसंबर 2026 तक 'बिलेटेड रिटर्न' (Belated Return) भरने का मौका मिलता है। लेकिन इसमें आपको नुकसान उठाना पड़ेगा। आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत लेट फीस देनी होगी। अगर आपकी कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए यह लेट फीस अधिकतम 1,000 रुपये है। इसके अलावा, टैक्स बकाया होने पर अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना होगा और आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड भी नहीं कर पाएंगे। इसलिए सही फॉर्म चुनें और अपनी डेडलाइन से पहले ही रिटर्न दाखिल कर लें।
बॉलीवुड इंडस्ट्री में अभिनेत्रियां अपनी शानदार एक्टिंग और फैशन सेंस के साथ-साथ अपने खास टैटू के लिए भी सुर्खियों में रहती हैं। मलाइका अरोड़ा से लेकर सामंथा रुथ प्रभु तक, कई हसीनाओं ने अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर बेहद खूबसूरत टैटू गुदवाए हैं। हालांकि, ये टैटू सिर्फ स्टाइल स्टेटमेंट या शरीर पर बने निशान भर नहीं हैं, बल्कि इनमें से हर एक टैटू अपने अंदर जिंदगी की कोई न कोई गहरी कहानी और राज समेटे हुए है। आइए जानते हैं इन मशहूर अभिनेत्रियों के टैटू का असली मतलब क्या है।तृप्ति डिमरी: सूरज और चांद का अनोखा संगमबॉलीवुड की नई सेंसेशन तृप्ति डिमरी के लाखों चाहने वाले हैं। इस खूबसूरत अदाकारा ने अपने दाएं कंधे पर सूरज और चांद का एक बेहद आकर्षक और कूल डिजाइन गुदवा रखा है। अभिनेत्री के इस टैटू का सीधा मतलब सूर्य की तेज रोशनी और चांद की शांत चमक से जुड़ा है, जो जीवन में संतुलन को दर्शाता है।सामंथा रुथ प्रभु: प्यार, दर्द और अपनी पहचानसाउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली सामंथा रुथ प्रभु की बॉडी पर कभी तीन टैटू हुआ करते थे। उनका पहला टैटू 'YMC' उनकी और उनके एक्स हसबैंड नागा चैतन्य की पहली फिल्म के नाम पर था, जहां से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी। दूसरा टैटू उन्होंने चैतन्य के प्यार में 'Chay' लिखवाया था, जिसे तलाक के बाद उन्होंने हटवा दिया। वहीं उनके तीसरे टैटू में दो तीर बने हैं, जिसका गहरा अर्थ है- 'अपनी पहचान खुद बनाओ।'सुष्मिता सेन: अपना रास्ता खुद बनाने का जज्बापूर्व मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस सुष्मिता सेन के शरीर पर वैसे तो कई टैटू हैं, लेकिन उनका सबसे चर्चित टैटू लैटिन भाषा में लिखा गया है। सुष्मिता ने अपनी बांह पर 'Aut Viam Inveniam Aut Faciam' लिखवाया है। इसका हिंदी में मतलब है, 'मैं अपना रास्ता ढूंढ लूंगी या खुद अपना रास्ता बना लूंगी।' यह टैटू सुष्मिता की मजबूत और स्वतंत्र शख्सियत को बयां करता है।कंगना रनौत: दर्द के बाद चमकने वाली सफलताअपनी बेबाकी के लिए मशहूर कंगना रनौत ने अपनी गर्दन के पिछले हिस्से पर एक खास टैटू गुदवाया है, जिसमें पंख, क्राउन और एक तलवार शामिल है। कंगना ने खुद बताया था कि पहले उन्होंने सिर्फ दो पंख बनवाए थे, फिर उन्हें अधूरा लगा तो एक क्राउन बनवाया। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो उन्होंने इसमें एक तलवार जुड़वा ली। इस पूरे टैटू का मतलब वह चमक और सफलता है, जो जीवन में भारी दर्द और संघर्षों के बाद हासिल होती है।मलाइका अरोड़ा: खुले आसमान में उड़ने की आजादीफिटनेस आइकन मलाइका अरोड़ा भी टैटू की काफी शौकीन हैं और उनके शरीर पर कई टैटू मौजूद हैं। हालांकि, उनकी पसलियों (ribs) पर बनी तीन उड़ती हुई चिड़ियों (Three Flying Birds) का टैटू आर्ट सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है। यह खूबसूरत टैटू बंधनों से मुक्त होकर खुले आसमान में उड़ने और पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी जीने का संदेश देता है।
छात्रों की जीत पर बोलीं रवीना टंडन, बताया कैसे गुंडों ने हाईजैक किया शांतिपूर्ण आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। छात्रों की इस कामयाबी पर कई सितारे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी कड़ी में अब मशहूर एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी अपनी बात खुलकर रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर छात्रों की जीत पर खुशी और गर्व जताया है, वहीं कुछ राज्यों में आंदोलन के हिंसक होने पर गहरी नाराजगी भी जाहिर की है। रवीना का मानना है कि इस जीत से देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक बदलाव आएंगे।छात्रों की आवाज सुने जाने पर जताई खुशीअपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई तस्वीरें शेयर करते हुए रवीना ने लिखा कि छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों ने उनके भीतर एक नई उम्मीद जगा दी है। उन्हें इस बात की तसल्ली है कि आखिरकार लोगों की जायज मांगों को सुना जा रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में पर्यावरण, जानवरों और पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। एक्ट्रेस ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें अपने ग्रह को बचाना होगा क्योंकि हमारे पास रहने के लिए कोई दूसरा 'प्लैनेट B' मौजूद नहीं है।मिजोरम के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जमकर की तारीफरवीना टंडन ने पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम और अन्य जगहों पर हुए शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मिजोरम के छात्रों ने विरोध का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है और उन्हें सलाम है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाई। एक्ट्रेस ने साफ कहा कि कुछ राज्यों में राजनीतिक पार्टियों और गुंडों ने छात्रों के इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पूरी तरह से हाईजैक कर लिया था। कुछ लोग तो केवल लाइमलाइट बटोरने और सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने के इरादे से वहां मौजूद थे।सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को लगाई फटकारविरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ पर रवीना ने सख्त एतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे निश्चित रूप से उपद्रवी तत्व शामिल थे और यह छात्रों का काम बिल्कुल नहीं हो सकता। इन बाहरी तत्वों ने पूरी कोशिश की कि आंदोलन अपने रास्ते से भटक जाए। इन सबके बावजूद रवीना ने उम्मीद जताई है कि अब हमारे सिस्टम से भ्रष्टाचार खत्म होगा और हर किसी तक शिक्षा की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने लिखा कि जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की ब्लॉकबस्टर एक्शन-कॉमेडी फिल्म 'किक' (Kick) की रिलीज को 12 साल पूरे हो चुके हैं। साल 2014 में आई इस फिल्म की कहानी, धांसू एक्शन और सुपरहिट गाने आज भी फैंस के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन 'डेविल' यानी सलमान खान के अलावा अगर किसी किरदार ने दर्शकों के दिमाग पर सबसे गहरी छाप छोड़ी थी, तो वह था फिल्म का खौफनाक विलेन 'शिव गजरा', जिसे नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने निभाया था।अपनी दमदार एक्टिंग, डरावनी अट्टहास हंसी, जीभ चटकाने (Tongue Clicking) के अनोखे अंदाज और डार्क ह्यूमर के दम पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने इस विलेन को भारतीय सिनेमा के सबसे आइकॉनिक विलेन की सूची में ला खड़ा किया। अब फिल्म के 12 साल पूरे होने के मौके पर एक्टर ने इस यादगार किरदार से जुड़े कई सीक्रेट्स का खुलासा किया है।किस एक्टर से इंस्पायर्ड थी 'शिव गजरा' की खौफनाक हंसी?फिल्म में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि 'शिव गजरा' की वह मशहूर डरावनी हंसी असल में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी की फिल्म 'अक्स' (Aks) की परफॉर्मेंस से प्रेरित थी।नवाजुद्दीन ने बताया, मैं फिल्म 'अक्स' में मनोज बाजपेयी भाई के किरदार से बेहद प्रभावित हुआ था और मैंने उनकी एक्टिंग को बहुत बारीकी से ऑब्जर्व किया था। जब मुझे 'किक' में विलेन का रोल मिला, तो मैंने उनकी उस परफॉर्मेंस से प्रेरणा ली, लेकिन इसे पूरी तरह से अलग और मनोरंजक बनाने के लिए इसमें अपना पर्सनल टच भी जोड़ा।थिएटर के दिनों से सीखा 'जीभ चटकाने' का स्टाइलइसके अलावा, फिल्म में शिव गजरा का बार-बार जीभ चटकाकर (Tongue Clicking) आवाज निकालना भी काफी लोकप्रिय हुआ था। इस बारे में खुलासा करते हुए नवाज ने बताया कि यह बारीकी उन्होंने अपने शुरुआती थिएटर के दिनों में सीखी थी, जिसे वे कई नाटकों (Plays) में इस्तेमाल करते आए थे। 'किक' में डायरेक्टर और उनकी सहमति से उन्होंने इसे विलेन के किरदार में जोड़ा, जिसने स्क्रीन पर एक अलग साइकोलॉजिकल खौफ पैदा कर दिया।नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स12 साल बीत जाने के बाद भी शिव गजरा का किरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी के सबसे बेस्ट रोल्स में गिना जाता है। अपने हर किरदार में पूरी तरह ढल जाने वाले नवाज जल्द ही कई बड़ी फिल्मों में नजर आने वाले हैं। फैंस को उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स का बेसब्री से इंतजार है, जिनमें शामिल हैं:थम्मा 2 (Thamma 2)तुम्बाड 2 (Tumbbad 2)ब्लाइंड बाबू (Blind Babu)सेक्शन 108 (Section 108)
खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत
खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा थाना क्षेत्र में टीहली गांव में रविवार को थार गाड़ी की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मोहरली देवी के रूप में हुई है। दोपहर में तेज रफ्तार से आ […] The post खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दुष्कर्म पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने रविवार को सरकारी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। मामले का आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। किशोरी के साथ हुई घटना के बाद अब नवजात बच्ची के भविष्य को लेकर भी परिजनों के सामने संकट खड़ा हो गया है। […] The post बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म appeared first on Sabguru News .
वैभव सूर्यवंशी का आतिशी अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा किया साफ
हरारे। वैभव सूर्यवंशी (81) की आतिशी अर्धशतकीय पारी के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को तीसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे […] The post वैभव सूर्यवंशी का आतिशी अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा किया साफ appeared first on Sabguru News .
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में रिकॉर्ड 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है।
परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन, पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। समिति परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीक और दीर्घकालिक सुधारों पर सिफारिशें देगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान
Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना एक और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High ...
भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में सात दिन से लापता साहूकार शोभाराम जैन का हाथ-पैर बंधा शव मदनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित एक कुएं से रविवार को बरामद किया गया। शव की हालत और परिस्थितियों को देखते हुए हत्या कर शव कुएं में फेंके जाने की आशंका जताई जा […] The post भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला appeared first on Sabguru News .
कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा : नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता के प्रतीक हैं। इन मेलों का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि कोई भी गरीब या जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने […] The post कोई गरीब पीछे नहीं रहेगा, कोई जरूरतमंद अवसर से वंचित नहीं रहेगा : नायब सिंह सैनी appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित हीरापुरा बस टर्मिनल से रोडवेज की 144 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शर्मा ने इस अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार सभी संकल्पों एवं वादों को पूरा करते हुए […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी appeared first on Sabguru News .
औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में डेढ़ वर्ष से लापता एक शख्स को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस तीन दिन बाद वह जिंदा घर लौट आया। शख्स को सामने खड़ा देख परिजनों और ग्रामीण हैरान रह गये। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में […] The post औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा appeared first on Sabguru News .
रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरुबख्शगंज इलाके में पुलिस ने महिला से दुष्कर्म के मामले में वांछित महाराष्ट्र निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस सूत्रों से रविवार को बताया कि गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र […] The post रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा
पटना। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के नेता तेज प्रताप यादव को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। यादव की अधिवक्ता निशा सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार देर शाम राज्य की राजधानी स्थित एक शॉपिंग मॉल से यादव को […] The post पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा appeared first on Sabguru News .
पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 27 जुलाई से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण की तैयारियां जारी हैं। इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनावी प्रक्रिया से महीनों से जारी अशांति के थमने या उन जन-समस्याओं के समाधान की उम्मीद बेहद कम है, जिनकी वजह […] The post पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु: शिवकाशी में अवैध पटाखा गोदाम में भीषण धमाका; तीन की मौत, कई लोग झुलसे; पूरी इमारत ढही
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के शिवकाशी के पास रविवार को एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग और लगातार हुए धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 264 किलोग्राम वजन उठाकर भारत का पहला सिल्वर मेडल जीता। जानें उनके प्रदर्शन और करियर की पूरी कहानी।
DRDO से दस्तावेज लीक के दावों ने भारत की साइबर गवर्नेंस पर खड़े किए सवाल : विशेषज्ञ
तिरुवनंतपुरम। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के संवेदनशील डिजाइन दस्तावेजों के लीक होने और प्रतिबंधित तकनीकी जानकारी के डार्क वेब पर उपलब्ध होने के दावों ने भारत के रणनीतिक क्षेत्रों में साइबर गवर्नेंस की समीक्षा की आवश्यकता पर बल दिया है। इंजीनियरिंग फिजिसिस्ट और औद्योगिक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ केएस मनोज ने अपने लेख साइबर […] The post DRDO से दस्तावेज लीक के दावों ने भारत की साइबर गवर्नेंस पर खड़े किए सवाल : विशेषज्ञ appeared first on Sabguru News .
मालवा को मान सरकार का बड़ा तोहफा: मोगा में 120 बेड के अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का हुआ उद्घाटन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मालवा क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए मोगा जिले में 120 बेड वाले अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन कर दिया है। यह नया अस्पताल मोगा जिले का पहला नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जिससे अब इस पूरे क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े और दूर-दराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा।मालवा क्षेत्र के लोगों को घर के नजदीक मिलेगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधामोगा में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस आधुनिक चिकित्सा संस्थान के खुलने से मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक सुधरेगा। यह अस्पताल लोगों को उनके घरों के बेहद करीब ही विशेष और उच्च मानक का इलाज मुहैया कराएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब राज्य में विकास की रफ्तार को और तेज करने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकार की दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं।कैशलेस इलाज का लाभ और आम आदमी क्लीनिकों का विस्तारमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस अस्पताल में इलाज कराने वाले पात्र मरीज 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' और केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत पूरी तरह से कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पंजाब सरकार राज्य भर में लगभग 1,090 आम आदमी क्लीनिकों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों को मुफ्त और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध करा रही है। पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है, जिसके तहत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब बना देश का नंबर 1 राज्यस्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम मान ने कहा कि जब 2022 में उनकी सरकार ने राज्य की कमान संभाली थी, तब स्कूली शिक्षा के मामले में पंजाब देश में 27वें पायदान पर था। सरकार द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' और अन्य बुनियादी सुधारों के चलते आज पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए देश का नंबर एक राज्य बन चुका है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां 2022 में सरकारी स्कूलों से केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट (NEET) की परीक्षा पास की थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 881 पहुंच गया है, जो राज्य की बदलती शिक्षा व्यवस्था का एक जीता-जागता प्रमाण है।सड़क सुरक्षा फोर्स और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थरसड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पंजाब सरकार की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश की पहली समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' (Road Safety Force) का गठन किया है, जिसमें 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान और 144 अत्याधुनिक वाहन तैनात हैं। पिछले साल से शुरू हुई इस फोर्स की वजह से राज्य में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में लगभग 50 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब अब दिल्ली के बाद उत्तर भारत का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने मोहाली में अत्याधुनिक लिवर ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया है, जिससे पंजाब वासियों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर ...
कारगिल विजय दिवस केवल भारत की सैन्य ताकत और ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत वीर सपूतों के अदम्य साहस, बलिदान और अनकहे संस्मरणों को याद करने का पवित्र अवसर है जिन्होंने देश की खातिर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। सरहद की रक्षा केवल युद्ध के मैदानों तक सीमित नहीं होती, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का यह महान दायित्व साल के हर एक दिन और हर पल निभाया जाता है। कारगिल विजय दिवस के इस खास मौके पर सेना के उन जांबाज दिग्गजों और बलिदानियों की कहानियाँ रोंगटे खड़े कर देती हैं, जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम कर दी।'सैनिक मातृभूमि की त्वचा की तरह है', कारगिल सेनानी प्रमोद त्रिपाठी की जुबानीकारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय सेना की इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) शाखा में अपनी सेवाएं देने वाले प्रमोद त्रिपाठी याद करते हैं कि युद्ध के दौरान उनकी मुख्य जिम्मेदारी अग्रिम मोर्चे पर डटे सैनिकों तक तकनीकी सहायता और साजो-सामान पहुँचाना थी। उन्होंने सांबा सेक्टर, चक दयाला, डेरा बाबा नानक, नागौर और जोधपुर जैसे तमाम क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों में काम किया। उनका मानना है कि सेना में कोई जाति या भाषा का भेद नहीं होता, यहाँ सिर्फ एक ही पहचान होती है और वह है 'भारत माता का सैनिक'।पंजाब के डेरा बाबा नानक सेक्टर का एक संस्मरण साझा करते हुए वे भावुक हो जाते हैं। वे बताते हैं कि सरसों के खेतों के बीच जब उनकी दस सदस्यीय टीम ने तंबू लगाया था, तब एक बुजुर्ग माताजी उनके लिए घी लगी गरम-गरम रोटियां, दाल और सब्जी लेकर पहुँची थीं। उस भोजन में केवल स्वाद नहीं, बल्कि पूरे देश का असीम स्नेह और अटूट विश्वास समाया था। उस पल उन्हें एहसास हुआ कि जिस देश की माताएं और बहनें सैनिकों को अपने बेटे की तरह मानती हैं, उस देश का सैनिक कभी भी अकेला महसूस नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार रेल यात्रा के दौरान जब आम जनता को पता चला कि डिब्बे में खड़ा यात्री देश का सैनिक है, तो उन्होंने टीटीई पर दबाव डालकर उनके बैठने की विशेष व्यवस्था कराई। यह वाकया सिखाता है कि देशवासियों का यह प्यार ही सैनिकों की असली ताकत है, बशर्ते सैनिकों का सम्मान केवल युद्ध या संकट के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी इसी तरह बना रहे।'26 साल बाद भी लगता है जैसे कल की बात हो', सूबेदार राज बहादुर सिंह के अनुभवकारगिल युद्ध के वक्त जम्मू में 63 इंजीनियर रेजिमेंट एलआरडब्ल्यू में तैनात रहे सूबेदार राज बहादुर सिंह उस समय महज 21 वर्ष के युवा थे। जब उनकी यूनिट को सीधे पाकिस्तान की सीमा से सटे संवेदनशील आरएस पुरा सेक्टर में जाने का आदेश मिला, तो उनके भीतर देश के लिए कुछ कर गुजरने का भारी उत्साह था। एक इंजीनियर रेजिमेंट के रूप में उनका काम सीमावर्ती इलाकों में बारूदी सुरंगे (माइंस) लगाना, सड़कें तैयार करना, बंकरों की मरम्मत करना और पुल बनाना था ताकि अन्य सैनिकों की आवाजाही सुगम हो सके।वे याद करते हैं कि आरएस पुरा के कोरली गांव में जब वे रात के समय पहुंचे और बंकरों में रुके, तब स्थानीय ग्रामीणों ने आधी रात को भी उनके खाने-पीने और हरसंभव मदद में कोई कमी नहीं छोड़ी। वहां के लोगों द्वारा पिलाई गई लस्सी और उनका सेना के प्रति अथाह प्रेम आज भी उनके जेहन में तरोताजा है। आपरेशन विजय के बाद जब आपरेशन पराक्रम शुरू हुआ, तब वे सालों तक बंकरों में रहे, लेकिन देश की आम जनता का यह बेइंतहा प्यार और सहयोग ही था जिसने उन्हें 30 सालों तक सेना में देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया। आज घटना के 26 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे यह कल की ही बात हो।गुमला के वीर सपूत हवलदार बिरसा उरांव की अमर गाथाकारगिल विजय दिवस पर झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित बर्री जतराटोली गांव के बलिदानी हवलदार बिरसा उरांव की देशभक्ति की मिसाल हर युवा के दिल में जोश भर देती है। बुदू उरांव के घर जन्मे बिरसा उरांव बचपन से ही भारतीय सेना की प्रतिष्ठित वर्दी पहनने का सपना देखा करते थे। साल 1983 में पढ़ाई के दौरान फुटबॉल खेलते हुए उनका चयन बिहार रेजिमेंट में हो गया था। उन्होंने बिना परिवार को बताए दानापुर जाकर कड़ा प्रशिक्षण लिया और छह महीने बाद जब घर लौटे, तब परिजनों को उनके सैनिक बनने की खबर मिली।अपनी उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा और साहस के बल पर वे साधारण सैनिक से प्रमोट होकर नायक और फिर हवलदार के पद पर पहुंचे। नगालैंड, पंजाब, असम और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (दक्षिण अफ्रीका) में शानदार सेवाएं देने के बाद, उन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और अदम्य पराक्रमी सेवाओं के लिए उन्हें जनरल सर्विस मेडल, 9 ईयर लॉन्ग सर्विस मेडल, आर्मी सर्विस मेडल, यूएन ओवरसीज मेडल और मरणोपरांत विशिष्ट सेवा मेडल जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। आज उनकी शहादत पर पूरा देश गर्व महसूस करता है और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनके पैतृक गांव में उनके नाम से सड़क और तोरण द्वार बनाने की मांग की जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां इस महान वीर सपूत की गाथा से प्रेरणा ले सकें।
राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी अपनी नाबालिग पुत्री को पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए जिला अस्पताल राजनांदगांव लेकर गया था। वहां मेडिकल जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि […] The post राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पहले दिन पाकिस्तान पर भारी पड़ी वेस्टइंडीज, शतक के करीब पहुंचकर केवम हॉज ने पलटा मैच का पासा
त्रिनिदाद के प्रसिद्ध ब्रायन लारा क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल समाप्त हो चुका है। मैच के पहले दिन मेजबान वेस्टइंडीज की टीम ने अपनी बेहतरीन और अनुशासित बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान पर पूरी तरह से अपना दबदबा बना लिया है। हालांकि, दिन की शुरुआत में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर वेस्टइंडीज पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बाद कैरेबियन बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ लिया।पाकिस्तान ने की थी सधी शुरुआत, शुरुआती झटकों से उबरा वेस्टइंडीजइस मुकाबले में वेस्टइंडीज के कप्तान रॉस्टन चेस ने टॉस जीतकर पहले खुद बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम के लिए टैगेनारिन ब्रैंडन चंदरपॉल और ब्रैंडन किंग ने पारी की शुरुआत की, लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाजों ने कैरेबियन ओपनर्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। ब्रैंडन किंग मात्र 12 रन बनाकर तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का शिकार बन गए और दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए केवल 13 रनों की साझेदारी ही हो सकी। इसके कुछ देर बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज चंदरपॉल भी 77 गेंदों में 21 रन बनाकर आमिर जमाल की गेंद पर सलमान अली आगा को कैच थमा बैठे। इसके बाद क्रीज पर आए केवम हॉज ने आमिर जांगू के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े, लेकिन जांगू भी 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए।केवम हॉज और शाई होप की शानदार साझेदारी ने संभाली कमान37वें ओवर में तीसरा विकेट गिरने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों को विकेट के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा और दिन का खेल खत्म होने तक यानी 67वें ओवर के आखिरी तक कैरेबियन बल्लेबाजों ने कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे केवम हॉज ने एक छोर संभालते हुए शानदार और संयम भरी पारी खेली। दिन का खेल समाप्त होने तक हॉज 83 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर नाबाद लौटे हैं और वह अपने पहले टेस्ट शतक से महज 17 रन दूर हैं, जिसे वह दूसरे दिन पूरा करना चाहेंगे। अपनी इस नाबाद पारी के दौरान उन्होंने अब तक 9 शानदार चौके जड़े हैं।शतक के करीब पहुंचे हॉज, दूसरे दिन बड़े स्कोर पर होगी नजरकेवम हॉज का बखूबी साथ निभाते हुए अनुभवी बल्लेबाज शाई होप भी अपने अर्धशतक के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए अब तक 88 रनों की मजबूत नाबाद साझेदारी हो चुकी है। शाई होप ने अपनी सूझबूझ भरी पारी में 2 चौकों की मदद से 39 रन बना लिए हैं और वह भी दूसरे दिन क्रीज पर टिककर रन गति को आगे बढ़ाना चाहेंगे। पहले दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने मजबूत स्थिति हासिल कर ली है और पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए दूसरे दिन की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर देश ने 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से हस्तकलाओं को प्रोत्साहित करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना यानी स्वदेशी उत्पादों को बढावा देने की अपील की है। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम मन की बात में कहा […] The post हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी appeared first on Sabguru News .
शादी में बार-बार आ रही हैं अड़चनें, सावन सोमवार के ये अचूक उपाय जल्द खोल देंगे विवाह के योग
हिन्दू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती को बेहद प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी जातक की कुंडली में विवाह के योग बनने के बाद भी बार-बार अड़चनें आ रही हैं या बात बनते-बनते बिगड़ जाती है, तो सावन का महीना इन समस्याओं से निजात पाने के लिए सबसे उत्तम समय होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में अग्नि या वायु तत्व की अधिकता या फिर मांगलिक दोष होने की वजह से कई बार शादी में भारी देरी का सामना करना पड़ता है। यदि आप भी ऐसी ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं, तो सावन के पवित्र महीने में कुछ बेहद आसान और असरदार ज्योतिषीय उपाय आजमाकर अपनी शादी की राह को आसान बना सकते हैं।शिवलिंग पर जल और कच्चा दूध अर्पित करने के लाभसावन के महीने में भगवान शिव की विधिवत उपासना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यदि आपके विवाह में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो सावन के प्रत्येक सोमवार के दिन स्नान करने के बाद शिवलिंग पर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करना चाहिए। धार्मिक रूप से यह उपाय बेहद प्रभावी माना जाता है। ऐसा करने से न केवल भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है, बल्कि जिन लोगों के विवाह में अनचाही रुकावटें आ रही हैं, उनके लिए भी शीघ्र ही सुयोग्य जीवनसाथी मिलने के योग बनने लगते हैं।सावन सोमवार का व्रत और सोलह सोमवार की शुरुआतविवाह में हो रही देरी को दूर करने के लिए सावन सोमवार का व्रत रखना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यदि आपके विवाह की बात तय होते-होते टूट जाती है, तो सावन के पहले सोमवार से इस व्रत की शुरुआत करना बहुत शुभ रहता है। कई जानकारों का मानना है कि सावन के महीने से ही 16 सोमवार के व्रतों का संकल्प लेकर विधिवत पूजा-अर्चना करने से दांपत्य जीवन और विवाह से जुड़ी समस्त बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं और शीघ्र विवाह के प्रबल योग बनते हैं।माता पार्वती को अर्पित करें सुहाग की सामग्रीचूंकि सावन का पूरा महीना शिव-शक्ति यानी भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त आराधना को समर्पित है, इसलिए इस दौरान मां पार्वती की पूजा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सावन सोमवार के दिन पूजा के दौरान माता पार्वती को सुहाग और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली अड़चनें दूर होती हैं। इस उपाय को करने से जातकों को मनचाहा और सुयोग्य जीवनसाथी प्राप्त होता है, साथ ही विवाह में आ रहे सभी प्रकार के ग्रह दोष भी शांत होते हैं।शिव-पार्वती को चढ़ाएं गेंदे के फूलों की मालासावन मास के दौरान अगर आप भगवान शिव और माता पार्वती को एक साथ प्रसन्न करना चाहते हैं, तो दोनों को संयुक्त रूप से गेंदे के फूलों की एक ही माला अर्पित करें। यह एक बेहद अचूक उपाय माना जाता है, जिससे देवों के देव महादेव और माता गौरी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यदि आपकी शादी की उम्र निकलती जा रही है और लाख कोशिशों के बाद भी बात पक्की नहीं हो पा रही है, तो सावन के इन विशेष दिनों में इन आसान ज्योतिष उपायों को अपनाकर अपनी विवाह संबंधी सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र के बाद शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया […] The post प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी जिले का दौरा किया और यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कुल 682 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मंच से विभिन्न योजनाओं के 19 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।पहले मैनपुरी का नाम लेने से घबराते थे लोग, अब मिल रहा सम्मानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक धरती को नमन किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब मैनपुरी का नाम सुनने से लोग घबराया करते थे और इस क्षेत्र के युवाओं को बाहर के जनपदों में होटलों या कमरों का किराया तक मिलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पहचान का संकट उन लोगों ने खड़ा किया था जिन्होंने आम जनता और खासकर बेटियों के मन में खौफ पैदा किया था, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में व्यापारी हो या युवा, वह जहां भी जाता है उसे पूरा मान-सम्मान मिलता है।सपा शासनकाल पर तंज, बिना भेदभाव मिल रहा योजनाओं का लाभसपा मुखिया और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले के मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे जागते थे, दो बजे तैयार होते थे, पांच बजे जिम करते थे और सात बजे मौज-मस्ती में लग जाते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले जब नौकरियां निकलती थीं तो पहले से ही सूचियां तैयार हो जाती थीं और नेता थैला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ते थे, लेकिन आज युवाओं को बिना किसी घूस और सिफारिश के पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' की श्रेणी से निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत जगह बना चुका है।मैनपुरी की तारकशी को वैश्विक पहचान, कृषि और बिजली पर बड़ा बयानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मैनपुरी की पारंपरिक तारकशी कला को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। किसानों के मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के नलकूपों को पूरी तरह से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ अन्नदाताओं तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही जुलाई महीने में मैनपुरी आने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि वे यह देखने आए हैं कि किसानों की फसलों, बिजली और पानी की क्या स्थिति है, ताकि किसी भी मोर्चे पर कोई कमी न रहे।मंदिरों के जीर्णोद्धार और कांवड़ यात्रा का जिक्रपर्यटन और संस्कृति के विकास पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज राज्य सरकार मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के विकास पर खुलकर काम कर रही है, जबकि पहले सरकारी धन का उपयोग अन्य जगहों पर किया जाता था। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्राओं को रोका जाता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब कांवड़ यात्रा पूरी धूमधाम और शान के साथ निकलती है और कोई भी इसे रोक नहीं सकता। अंत में उन्होंने 292 करोड़ रुपये की लागत से बने शिकोहाबाद-भोगांव मार्ग के चौड़ीकरण, स्वच्छ पेयजल योजनाओं, ऑडिटोरियम और कक्षा 1 से 12 तक के मॉडल स्कूलों के संचालन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बाजार में एक बार फिर से जबरदस्त हलचल और तेजी देखने को मिलने वाली है। अगले महीने यानी अगस्त के दौरान शेयर बाजार में बड़ा एक्शन शुरू होने जा रहा है, जहां क्विक कॉमर्स दिग्गज जेप्टो, ट्रूहॉम फाइनेंस और लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियां अपने आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। बाजार के जानकारों और मर्चेंट बैंकरों से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले महीने में इन तमाम कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल पूंजी जुटाए जाने की उम्मीद है, जिससे प्राइमरी मार्केट में निवेशकों के लिए कमाई के ढेरों अवसर खुलेंगे।अगस्त में आएगा 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल आईपीओ वॉल्यूमशेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि अगस्त के महीने में आने वाले इन नए आईपीओ में नए शेयरों को जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों और शेयरधारकों की तरफ से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का विकल्प भी शामिल होगा। इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार में बेहतर स्थिरता और निवेशकों के मजबूत होते भरोसे के कारण वे कंपनियां भी अब आगे आ रही हैं, जिन्होंने पहले बाजार की अनिश्चितताओं के चलते अपनी आईपीओ योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया था।जेप्टो और ट्रूहॉम फाइनेंस के आईपीओ पर टिकी सबकी निगाहेंआगामी समय में आने वाले सभी आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम लोकप्रिय त्वरित वाणिज्य मंच यानी जेप्टो का है। कंपनी अपनी इस योजना के तहत नए शेयर जारी करके बाजार से करीब 8,010 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही जेप्टो द्वारा लगभग 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस भी लाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रमुख आवास वित्त कंपनी ट्रूहॉम फाइनेंस भी लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की पूरी तैयारी में जुटी है, जिसमें 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और इतनी ही राशि का ओएफएस शामिल होने की संभावना है।लिस्ट में शामिल हैं शिपरॉकेट और मिल्की मिस्ट जैसी कई दिग्गज कंपनियांअगस्त के महीने में सिर्फ जेप्टो ही नहीं, बल्कि कई अन्य जानी-मानी कंपनियां भी अपने वित्तीय विस्तार के लिए पूंजी बाजार में उतरने जा रही हैं। एलिवेट कैंपसेज कुल 2,550 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत पूरी तरह से नए शेयरों को जारी करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक स्टार्टअप शिपरॉकेट ने भी 2,342.35 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अपने जरूरी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,242.35 करोड़ रुपये का ओएफएस रखा गया है। इस लंबी फेहरिस्त में इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक और लोकप्रिय डेयरी ब्रांड मिल्की मिस्ट डेयरी फूड 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, एआरसीआईएल, अर्डी इंडस्ट्रीज, गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, रेज ऑफ बिलीफ, हाई-टेक इंजीनियर्स, शंकेश ज्वेलर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन जैसी कंपनियां भी बाजार में अपनी हिस्सेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।निवेशकों का मजबूत होता भरोसा और मौजूदा बाजार का शानदार रुझानवित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह मानना है कि कंपनियों द्वारा आईपीओ लाने की इस बढ़ती हुई रफ्तार से निवेशकों के अटूट भरोसे और भारतीय शेयर बाजार में मजबूत मांग का सीधा संकेत मिलता है। चालू वर्ष के दौरान अब तक कुल 36 कंपनियां अपने आईपीओ के जरिए बाजार में दस्तक दे चुकी हैं, जिनमें से अकेले नौ कंपनियों के शेयर इसी महीने शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। इसके अलावा जुलाई के आखिरी दिनों में भी बाजार की रफ्तार सुस्त नहीं पड़ने वाली है, क्योंकि मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज और जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ क्रमशः 29 और 30 जुलाई को खुलने जा रहे हैं, जबकि एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स भी अगले सप्ताह ही अपना आईपीओ निवेशकों के लिए पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।
ओटीटी पर आते ही छाई 2 घंटे 32 मिनट की यह एक्शन-कॉमेडी फिल्म, नंबर 1 पर कर रही है ट्रेंड
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर हफ्ते अनगिनत नई और पुरानी फिल्में दस्तक देती रहती हैं, लेकिन हाल ही में रिलीज हुई एक ऐसी फिल्म ने आते ही डिजिटल वर्ल्ड में गदर मचा दिया है। सिनेमाघरों में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद अब यह दमदार मूवी ओटीटी पर भी छा गई है और रिलीज होते ही सीधे ट्रेडिंग लिस्ट में टॉप पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि 2 घंटे 32 मिनट लंबी यह पूरी फिल्म किसी और के नहीं बल्कि साउथ सिनेमा की जानी-मानी सुपरस्टार एक्ट्रेस के दम पर आगे बढ़ती है, जिसमें दर्शकों को एक्शन और कॉमेडी का भरपूर और धमाकेदार डोज देखने को मिल रहा है।बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद अब ओटीटी पर कब्जाजो फिल्में बड़े पर्दे पर दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहती हैं, फैंस को उनकी ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसी ही एक साउथ सिनेमा से ताल्लुक रखने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आई है। इस शानदार फिल्म की कहानी स्वर्णा नाम की एक ऐसी अनाथ लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दिखने में बेहद सीधी-साधी और भोली-भाली नजर आती है, लेकिन उसका अतीत रहस्यों और खतरों से पूरी तरह भरा हुआ होता है।शादी के बाद ऐसे पलटती है फिल्म की पूरी कहानीकहानी में आगे दिखाया गया है कि शादी के बाद स्वर्णा अपने डॉक्टर पति के परिवार का दिल जीतने की हर मुमकिन कोशिश करती है, हालांकि इस मामले में वह बार-बार असफल हो जाती है। इसके बाद उसकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब उसके अतीत के पुराने और खतरनाक दुश्मन दोबारा उसकी लाइफ में एंट्री कर लेते हैं। अपनों और खुद की रक्षा करने के लिए भोली दिखने वाली स्वर्णा हथियार उठा लेती है और एक बेहद साहसी महिला के रूप में अपने दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाती है, जिसे देखकर उसके ससुराल वाले भी दंग रह जाते हैं।जियो हॉटस्टार पर छाई समांथा रुथ प्रभु की यह फिल्मआपको बता दें कि यह और कोई नहीं बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा समांथा रुथ प्रभु की स्टारर तेलुगु फिल्म 'मां इंटि बंगारम' (Maa Inti Bangaaram) है, जिसे हाल ही में मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर ऑनलाइन स्ट्रीम किया गया है। ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई कर रिकॉर्ड बनाने वाली महिला प्रधान फिल्म 'मां इंटि बंगारम' ने ओटीटी पर आते ही दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है और यह वर्तमान में जियो हॉटस्टार पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। हालांकि, फिल्म के दीवानों के लिए अभी यह खुशखबरी आनी बाकी है कि इस मूवी को जल्द ही हिंदी भाषा में भी ओटीटी पर रिलीज किया जा सकता है।
नमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र ...
ED के शिकंजे में फंसे टामन सिंह सोनवानी, 77 लाख की रिश्वत और 7 दिन की रिमांड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बेहद बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 7 दिनों की कड़े पहरे वाली ईडी रिमांड पर भेज दिया है, जिसके चलते राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले नाम सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।रिश्वत के खेल और भाई-भतीजावाद के सनसनीखेज खुलासेजांच के दौरान ईडी के हाथ ऐसे पुख्ता और अकाट्य सबूत लगे हैं जो इस पूरे भ्रष्टाचार के ताने-बाने को बेनकाब कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार टामन सिंह सोनवानी पर अपने कार्यकाल के दौरान भारी-भरकम घूस लेकर अपने करीबी रिश्तेदारों और अयोग्य उम्मीदवारों को मलाईदार पदों पर चयनित कराने का गंभीर आरोप है। इस पूरी चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है, जिससे जुड़े दस्तावेजों को खंगालने के बाद यह शिकंजा कसा गया है।7 दिनों की रिमांड में होगी सिंडिकेट के अन्य चेहरों की पहचानएजेंसी की पूछताछ का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस पूरे घोटाले से जुड़े कई और राज बाहर आने की उम्मीद है। टामन सिंह सोनवानी को सात दिनों की हिरासत में लेकर ईडी के अधिकारी उन तमाम कड़ियों और बिचौलियों की तलाश कर रहे हैं जो इस भ्रष्ट सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
CM नायब सैनी ने 'नशे से जंग' मैराथन को दिखाई हरी झंडी, 1.16 लाख रजिस्ट्रेशन का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
हरियाणा के यमुनानगर में आज ऊर्जा और उत्साह का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ आयोजित 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' मैराथन में आज पूरा शहर उमड़ पड़ा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस भव्य और ऐतिहासिक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, समाज के हर वर्ग ने इस दौड़ में हिस्सा लेकर यह साबित कर दिया है कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए पूरा प्रदेश अब एकजुट हो चुका है। इस बड़े आयोजन ने न केवल फिटनेस का मजबूत संदेश दिया है, बल्कि भारी भीड़ और रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन के साथ एक नया इतिहास भी रच दिया है।1.16 लाख रजिस्ट्रेशन के साथ बना नया कीर्तिमानइस मैराथन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात इसका रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन रहा। स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौड़ में हिस्सा लेने के लिए 1 लाख 16 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया, जो राज्य के खेल और जागरूकता कार्यक्रमों के इतिहास में एक बहुत बड़ा कीर्तिमान है। इतनी विशाल संख्या में लोगों का सड़क पर उतरना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यमुनानगर और आसपास के इलाकों की जनता नशे के खिलाफ पूरी तरह से जागरूक और लामबंद हो चुकी है। प्रशासन ने भी इस अभूतपूर्व भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए सुरक्षा और मेडिकल के पुख्ता इंतजाम किए थे।'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' बना जन-आंदोलनमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को रवाना करने से पहले उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नशा हमारी युवा पीढ़ी और समाज को अंदर से खोखला कर रहा है, और इसे जड़ से मिटाना सरकार के साथ-साथ आम जनता की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' अब केवल एक सरकारी नारा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। सीएम ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें खेलों और शारीरिक फिटनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल हो सके।स्वास्थ्य और खेल को बढ़ावा देने पर सरकार का खास फोकसइस मैराथन के जरिए हरियाणा सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति बेहद गंभीर है। दौड़ में शामिल हुए हजारों युवाओं और महिलाओं का जोश देखते ही बन रहा था। लोकल स्तर पर आयोजित ऐसे मेगा इवेंट्स न सिर्फ सर्च इंजन और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं, बल्कि धरातल पर भी युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने में एक बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।
अपनों और 'बाहरियों' की जंग में फंसा पेंच, 11 सीटों पर लंबी मैराथन बैठक के बाद भी नहीं सुलझा समीकरण
उत्तर प्रदेश की राजनीति के गलियारों में इस समय विधान परिषद (MLC) के टिकटों को लेकर सुगबुगाहट अपने चरम पर है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर आगामी एमएलसी चुनावों की 11 सीटों को लेकर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन का दौर जारी है, लेकिन अंदरखाने चल रही खींचतान ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चर्चा है कि पार्टी के भीतर लगातार इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि टिकट वितरण में वफादार पुराने कार्यकर्ताओं यानी 'अपनों' को तरजीह दी जाए या फिर अन्य दलों से आए दिग्गजों यानी 'बाहरियों' को मैदान में उतारा जाए। इस नफा-नुकसान के गणित के बीच कई दौर की उच्च स्तरीय बैठकों के बाद भी अभी तक सीटों पर फाइनल मुहर नहीं लग पाई है।पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और दिग्गजों की दावेदारीबीजेपी कार्यालय में हुई मैराथन बैठकों में प्रदेश के तमाम बड़े नेता और रणनीतिकार शामिल हुए, लेकिन समीकरण हर बार आकर वहीं अटक जाते हैं कि सालों-साल से पसीना बहाने वाले निष्ठावान कैडर को दरकिनार न किया जाए। दूसरी ओर, राजनीतिक समीकरण साधने और चुनाव जीतने की गणित के तहत बाहरी नेताओं की मजबूत दावेदारी भी नेतृत्व पर दबाव बना रही है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की नाराजगी मोल न लेने की चुनौती और चुनावी वैतरणी पार करने की मजबूरी के बीच पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, जिसके चलते नामों की घोषणा में लगातार देरी हो रही है।जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की बड़ी चुनौतीउत्तर प्रदेश जैसी बड़ी राजनीतिक प्रयोगशाला में किसी भी चुनाव के लिए जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सबसे अहम कड़ी होते हैं। एमएलसी चुनाव के इन 11 पदों के लिए हर संभाग और हर बड़े वर्ग से दावेदार अपनी ताकत झोंक रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकार इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि किस सीट पर किस चेहरे को उतारने से आगामी राजनीतिक संदेश सही जाए और विरोधियों को चारों खाने चित किया जा सके। यही वजह है कि सूचियों पर कई बार कैंची चलने के बाद भी अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है।जल्द आ सकती है नामों की सूची, सबकी निगाहें हाईकमान परराजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी आलाकमान इस बार किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है, क्योंकि हर एक सीट का नफा-नुकसान पार्टी की साख से जुड़ा हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में तमाम वार्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चल रही इस सियासी उठापटक पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं कि आखिर ऊंट किस करवट बैठता है।
सेब खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! रॉयल गाला, गोल्डन डिलीशियस या कश्मीरी अमरी
फलों की दुनिया में 'किंग' कहे जाने वाले सेब को सेहत का खजाना माना जाता है, तभी तो कहा जाता है कि 'एन एप्पल ए डे, कीप्स द डॉक्टर अवे'। लेकिन जब हम बाजार में सेब खरीदने जाते हैं, तो हमारे सामने विकल्पों की लंबी फौज खड़ी होती है—कोई चमकदार लाल रॉयल गाला होता है, तो कोई सुनहरा गोल्डन डिलीशियस या फिर पारंपरिक कश्मीरी अमरी। हर वैरायटी का अपना अलग स्वाद, बनावट और पोषक तत्वों का पैमाना होता है। ऐसे में यह तय करना मुश्किए हो जाता है कि आखिर इनमें से कौन सा सेब हमारी सेहत और स्वाद के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है।रॉयल गाला: मिठास और क्रंचीनेस का परफेक्ट कॉम्बोइन दिनों भारतीय बाजारों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला रॉयल गाला सेब अपनी हल्की धारियों वाली छाल और जबरदस्त मिठास के लिए जाना जाता है। यह खाने में बेहद क्रंची और जूसी होता है, जिसके कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह सभी का पसंदीदा होता है। न्यूट्रिशन की बात करें तो इसमें डाइटरी फाइबर और नेचुरल शुगर प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जो तुरंत एनर्जी देने का काम करती है। यदि आपको हल्का मीठा और ताजगी से भरपूर सेब पसंद है, तो रॉयल गाला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।कश्मीरी अमरी: पारंपरिक स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ का राजाभारतीय सेबों की बात हो और पारंपरिक कश्मीरी अमरी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। कश्मीरी अमरी अपनी खास बनावट, थोड़े खट्टे-मीठे स्वाद और बेहतरीन मजबूती के लिए पहचाना जाता है। इस सेब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना फ्रिज के भी लंबे समय तक खराब नहीं होता। औषधीय गुणों और आयरन से भरपूर कश्मीरी अमरी को खून बढ़ाने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिहाज से सबसे उत्तम माना जाता है, जो सदियों से भारतीयों की पहली पसंद रहा है।गोल्डन डिलीशियस और अन्य वैरायटीज का क्या है हाल?सुनहरे पीले रंग का गोल्डन डिलीशियस सेब अपने मक्खन जैसे मुलायम गूदे और हल्के टार्ट (खट्टे-मीठे) स्वाद के लिए जाना जाता है। यह बेकिंग, डेसर्ट और सलाद में इस्तेमाल करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा रेड डिलीशियस अपनी खूबसूरत चमक के कारण बाजार की शान बढ़ाता है। हर वैरायटी में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलते हैं, जो दिल की सेहत और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।आपकी सेहत के लिए कौन सा सेब है सबसे मुफीद?हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सभी सेब अपने आप में पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं। यदि आपको डायबिटीज है या आप कम शुगर वाला सेब चाहते हैं, तो थोड़े खट्टे और फर्म सेब चुनें। वहीं, अगर आपको इंस्टेंट एनर्जी और शानदार स्वाद चाहिए, तो रॉयल गाला या कश्मीरी अमरी आपकी डाइट में चार चांद लगा सकते हैं। अगली बार जब आप फ्रूट मार्केट जाएं, तो अपनी जरूरत और स्वाद के हिसाब से सही वैरायटी का चुनाव करें और सेहतमंद रहें।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।
पवित्र सावन मास की शुरुआत होते ही चारों तरफ शिव भक्ति का माहौल नजर आने लगा है। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए भक्त तमाम तरह के उपाय करते हैं और फैशन या आस्था के नाम पर रुद्राक्ष की माला, ब्रेसलेट या कंगन पहनना शुरू कर देते हैं। आज के समय में युवाओं के बीच रुद्राक्ष पहनना एक स्टाइल स्टेटमेंट बन चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में रुद्राक्ष धारण करने के कुछ बेहद कड़े और सख्त नियम बताए गए हैं? यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो फैशन के चक्कर में उठाया गया यह कदम आपके जीवन पर भारी पड़ सकता है और इसके नकारात्मक परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं।क्यों माना जाता है रुद्राक्ष को इतना पवित्र और शक्तिशाली?हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव के आंसुओं का प्रतीक माना गया है और इसकी ऊर्जा बेहद तीव्र और सकारात्मक होती है। मान्यता है कि इसे धारण करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि एकाग्रता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। लेकिन इसकी असीम आध्यात्मिक शक्ति के कारण ही इसे पहनने के कुछ विशेष अनुशासन होते हैं। ज्योतिषविदों का कहना है कि रुद्राक्ष कोई साधारण आभूषण नहीं है जिसे किसी भी तरह से पहना जाए, बल्कि यह एक पवित्र मनका है जिसके अपने निश्चित नियम हैं।फैशन के नाम पर रुद्राक्ष पहनते वक्त न करें ये बड़ी भूलेंअक्सर लोग आजकल कूल दिखने के लिए हाथों में ब्रेसलेट की तरह रुद्राक्ष लपेट लेते हैं या बिना किसी नियम-कायदे के इसे पहनकर कहीं भी घूमते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गंदे हाथों से या अशुद्ध अवस्था में रुद्राक्ष को छूना वर्जित माना गया है। इसके अलावा, मांस-मदिरा का सेवन करने वाले लोगों को या सोते समय रुद्राक्ष धारण करके नहीं सोना चाहिए। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो रुद्राक्ष का विपरीत प्रभाव भी आपके जीवन पर पड़ सकता है और आपकी आस्था खंडित हो सकती है।रुद्राक्ष धारण करने के सही नियम और सावधानियांयदि आप भी सावन के इस पावन महीने में रुद्राक्ष धारण करने की सोच रहे हैं, तो किसी विद्वान ज्योतिषी या पंडित की सलाह अवश्य लें। इसे हमेशा लाल या पीले धागे में पिरोकर ही गले या दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए। स्नान करने के बाद 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए ही इसे पहनना सबसे उत्तम माना गया है। पवित्रता और नियमों का पूरा ध्यान रखकर ही आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और फैशन के साथ-साथ अपनी आस्था को भी सुरक्षित रख सकते हैं।
भारतीय इतिहास के सबसे स्वर्णिम और गौरवशाली अध्यायों में शुमार 'कारगिल विजय दिवस' (Kargil Vijay Diwas) के मौके पर पूरा देश उन वीर सपूतों को नमन कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराया था। साल 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और शौर्य की दास्तान आज भी हर भारतीय के रोंगटे खड़े कर देती है। सिल्वर स्क्रीन पर भी हमारे इन रियल हीरोज़ की बहादुरी को कई बार बेहद शानदार तरीके से उकेरा गया है। यदि आप भी इस देशभक्ति के पावन पर्व पर सेना के पराक्रम को महसूस करना चाहते हैं, तो बॉलीवुड की ये 5 बेहतरीन फिल्में आपके लिए परफेक्ट वॉच हैं, जिनमें से एक फिल्म में प्यार और जंग का एक खूबसूरत और रुला देने वाला एंगल भी दिखाया गया है।शेरशाह (Shershaah): कैप्टन विक्रम बत्रा की अमर गाथासाल 1999 के कारगिल युद्ध के नायक परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म 'शेरशाह' ने दर्शकों के दिलों को गहराई से छू लिया था। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी स्टारर इस फिल्म में कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले विक्रम बत्रा के अदम्य साहस को बहुत ही बारीकी से दिखाया गया है। इस फिल्म में उनकी और डिंपल चीमा की एक दिल को छू लेने वाली रोमांटिक और सच्ची प्रेम कहानी भी है, जो जंग के बीच प्यार की गहराई को बयां करती है और दर्शकों की आंखें नम कर देती है।लक्ष्य (Lakshya): एक लक्ष्यहीन युवक से युद्ध नायक बनने का सफरऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा स्टारर फिल्म 'लक्ष्य' कारगिल पृष्ठभूमि पर बनी सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है। यह कहानी एक ऐसे लापरवाह युवक की है जिसे जिंदगी में कोई उद्देश्य नहीं पता होता, लेकिन सेना में भर्ती होने के बाद कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दुश्मनों से लोहा लेते हुए उसका नजरिया पूरी तरह बदल जाता है। फिल्म में टाइगर हिल की चढ़ाई और युद्ध के दौरान सैनिकों की मानसिक और शारीरिक चुनौतियों का बहुत ही सजीव चित्रण किया गया है, जो युवाओं में देशभक्ति की अलख जगाता है।LOC कारगिल (LOC Kargil): युद्ध की हर एक रणनीति और बलिदान का महाकाव्यजे.पी. दत्ता के निर्देशन में बनी फिल्म 'LOC कारगिल' एक मल्टी-स्टारर फिल्म है जो पूरी तरह से कारगिल युद्ध की असल घटनाओं पर आधारित है। इस फिल्म में कैप्टन मनोज कुमार पांडे, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और लेफ्टिनेंट बलवान सिंह जैसे तमाम वीर योद्धाओं के बलिदान को पर्दे पर उतारा गया है। युद्ध के मैदान की एक-एक रणनीति, बंकरों पर कब्जा करने की जद्दोजहद और सैनिकों के परिवारों के त्याग को इस फिल्म में बहुत विस्तार से दिखाया गया है, जो देश के लिए जान देने वाले जवानों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है।द गाजी अटैक (The Ghazi Attack) और गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्लकारगिल और भारतीय सैन्य इतिहास से जुड़ी फिल्मों की सूची में 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' का नाम भी बेहद खास है, जिसमें जाह्नवी कपूर ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना की भूमिका निभाई है। कारगिल युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को एयरलिफ्ट करने और युद्ध क्षेत्र में अपनी जान की परवाह न किए बिना साहसिक उड़ान भरने वाली देश की पहली महिला पायलट की यह कहानी हर किसी को प्रेरित करती है। इसके अलावा, युद्ध पृष्ठभूमि पर बनी अन्य देशभक्ति फिल्में भी हमें यह याद दिलाती हैं कि आज हम जिस खुली हवा में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे हमारे जवानों का कितना बड़ा बलिदान है।
अमेजन इंजीनियर का चौंकाने वाला खुलासा! भारत में 40 लाख या अमेरिका में 1.9 करोड़ की नौकरी
विदेशी धरती पर जाकर नौकरी करने का सपना देखने वाले युवाओं के बीच अक्सर यह बहस छिड़ी रहती है कि भारत में रहकर लाखों कमाना बेहतर है या फिर अमेरिका जाकर करोड़ों का पैकेज हासिल करना। इसी बीच अमेजन के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा पोस्ट शेयर किया है, जिसने इस पुरानी डिबेट को फिर से हवा दे दी है। उन्होंने भारत के 40 लाख रुपये सालाना के पैकेज और अमेरिका के 1.9 करोड़ रुपये (लगभग 2.25 लाख डॉलर) के भारी-भरकम पैकेज का तुलनात्मक विश्लेषण पेश किया है। इस खुलासे के बाद से ही टेक कम्युनिटी में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर दोनों में से कौन सा विकल्प लाइफस्टाइल और सेविंग्स के लिहाज से ज्यादा बेहतर है।टैक्स, लाइफस्टाइल और खर्चों का चौंकाने वाला गणितअमेजन के इस इंजीनियर ने विस्तार से समझाया है कि अमेरिका में मिलने वाला 1.9 करोड़ रुपये का पैकेज पहली नजर में भले ही बहुत बड़ा लगे, लेकिन वहां के भारी-भरकम टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस, महंगे किराए और डेली लाइफ के खर्चे भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा हैं। इसके विपरीत, भारत में मिलने वाले 40 लाख रुपये के पैकेज में टैक्स कटने के बाद भी एक शानदार और आरामदायक जीवनशैली जी जा सकती है, क्योंकि यहां स्थानीय खर्चे, मेड, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक सपोर्ट सिस्टम काफी किफायती और मजबूत होता है।सेविंग्स और मानसिक शांति के मोर्चे पर कौन मार रहा है बाजी?विश्लेषण में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि अमेरिका में वीजा की अनिश्चितताएं, ग्रीन कार्ड का लंबा इंतजार और नौकरी जाने का लगातार डर वहां के प्रोफेशनल्स को मानसिक तनाव देता है। इसके मुकाबले, भारत में अपने परिवार के करीब रहकर काम करने से न सिर्फ मेंटल पीस मिलती है, बल्कि सेविंग्स का प्रतिशत भी कई मामलों में बराबरी या उससे बेहतर बैठता है। आज के समय में जब भारत का टेक इकोसिस्टम ग्लोबल लेवल पर मजबूत हो रहा है, तो टैलेंटेड युवाओं के लिए देश के अंदर ही करियर ग्रोथ के अपार अवसर बन चुके हैं।टेक प्रोफेशनल्स और युवाओं के लिए बड़ा सबकविदेश जाने की चाह रखने वाले नए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और टेक छात्रों के लिए यह तुलना आँखें खोलने वाली है। सिर्फ करेंसी कन्वर्जन के आधार पर अमेरिका की बड़ी सैलरी को देखकर आकर्षित होने से पहले वहां की जीवन लागत और सामाजिक ताने-बाने को समझना बेहद जरूरी है। अमेजन इंजीनियर की इस इनसाइटफुल पोस्ट ने यह साबित कर दिया है कि पैसा ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि जीवन की गुणवत्ता और मानसिक सुकून भी उतना ही मायने रखता है।
साल 2026 की सबसे हॉट और हाई-पैइंग जॉब बनी 'AI', जानें किस प्रोफाइल में मिल रहा है बंपर पैकेज
टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है, और इसके साथ ही जॉब मार्केट में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। साल 2026 में अगर आप आईटी सेक्टर में सबसे बड़ी छलांग लगाने की सोच रहे हैं, तो AI प्रोफेशनल्स के लिए नौकरियों के द्वार खुल चुके हैं। पारंपरिक सॉफ्टवेयर जॉब्स को पीछे छोड़ते हुए जेनरेटिव एआई (GenAI), एलएलएम (LLM) इंजीनियरिंग और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़ आ गई है। देश-विदेश की दिग्गज कंपनियां और स्टार्टअप्स ऐसे टैलेंट की तलाश में हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में मास्टरी रखते हों।जेनरेटिव AI और LLM इंजीनियर बने इंडस्ट्री के नए किंगआईटी बाजार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल सबसे ज्यादा डिमांड GenAI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) इंजीनियरों की है। जो प्रोफेशनल्स RAG पाइपलाइन, वेक्टर डेटाबेस और कस्टम AI मॉडल तैयार करने में माहिर हैं, उन्हें कंपनियां मुंहमाँगा पैकेज दे रही हैं। जानकारों का कहना है कि इस सेगमेंट में अनुभवी प्रोफेशनल्स का पैकेज आसानी से 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये सालाना तक पहुंच रहा है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है।पारंपरिक आईटी भूमिकाओं से क्यों आगे निकल रही है AI जॉब्स?पहले जहां डेवलपर्स और कोडर्स की मांग सबसे ऊपर हुआ करती थी, वहीं अब कंपनियां एआई आर्किटेक्ट और एमएलयूओपीएस (MLOps) इंजीनियरों को प्राथमिकता दे रही हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि हर बिजनेस आज ऑटोमेशन, डेटा एनालिटिक्स और स्मार्ट चैटबॉट्स को अपने सिस्टम में इंटीग्रेट करना चाहता है। टैलेंट की भारी कमी और मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण इस सेक्टर में सैलरी का ग्राफ रॉकेट की रफ्तार से ऊपर जा रहा है।फ्रेशर्स और युवाओं के लिए करियर चमकाने का सुनहरा मौकाअच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में सिर्फ डिग्रियां नहीं, बल्कि आपके प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स और कोडिंग स्किल्स मायने रखते हैं। पाइथन, डीप लर्निंग और ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क पर पकड़ रखने वाले युवा कम अनुभव में भी लाखों के पैकेज हासिल कर रहे हैं। यदि आप भी आईटी सेक्टर में एआई का बॉस बनना चाहते हैं, तो खुद को आधुनिक तकनीकों के साथ अपग्रेड करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पड़ोसी देश पाकिस्तान पर अब तक का सबसे तीखा और करारा जुबानी हमला बोला है। एक कार्यक्रम के दौरान देश की बढ़ती तकनीकी ताकत और पड़ोसी देश की बर्बादी का तुलनात्मक जिक्र करते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जहां एक तरफ भारत आधुनिक युग की जरूरत के हिसाब से दुनिया भर के लिए डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी हब बन रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान केवल कट्टरता का केंद्र यानी 'रेडिकल सेंटर' बनकर रह गया है। रक्षा मंत्री के इस तीखे बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के प्रायोजित आतंकवाद और उसकी विफल व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है।मिलिट्री और मिलिटेंट के बीच धुंधली पड़ चुकी है पाकिस्तान की रेखाअपने तीखे तेवरों के लिए जाने जाने वाले राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के भीतर की व्यवस्थाओं पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि वहां की सेना और आतंकवादियों के बीच अब कोई फर्क नहीं बचा है। पाकिस्तान जिस तरह से लंबे समय से चरमपंथी संगठनों को पालता-पोसता आया है, उसकी वजह से आज पूरा देश बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो देश अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने के लिए करते हैं, वे कभी भी आर्थिक और तकनीकी प्रगति नहीं कर सकते, और पाकिस्तान इसका सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण है।टेक्नोलॉजी और डेटा के मामले में ग्लोबल लीडर बन रहा है भारतएक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी অভ্যন্তরীণ कलह, महंगाई और कट्टरता से जूझ रहा है, वहीं इसके विपरीत भारत डिजिटल क्रांति और अत्याधुनिक तकनीकों के दम पर ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है। भारत में आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग और डेटा सेंटर्स का एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है, जो देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है। रक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश स्पेस, डिफेंस और टेक्नोलॉजी के हर मोर्चे पर आत्मनिर्भर बन रहा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी मजबूत धाक जमा रहा है।वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का असली चेहरा हुआ बेनकाबरक्षा मंत्री के इस बयान ने दुनिया भर का ध्यान एक बार फिर इस बात की ओर खींचा है कि कैसे दो पड़ोसी देश बिल्कुल अलग दिशाओं में आगे बढ़ रहे हैं। भारत जहां चांद और सूरज पर अपनी पहुंच बनाने के साथ-साथ डिजिटल और तकनीकी महाशक्ति बनने की राह पर अग्रसर है, वहीं पाकिस्तान ग्लोबल आतंकवाद का अड्ढा बनकर दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है। रक्षा मंत्री की इस दो टूक टिप्पणी ने साफ कर दिया है कि भारत अब किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के साथ-साथ अपनी विकास यात्रा को पूरी रफ्तार से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
शिक्षा मंत्रालय संभालते ही फुल एक्शन में प्रह्लाद जोशी! संडे को भी अफसरों की बुलाई हाई-लेवल बैठक
देश की राजनीति और शिक्षा जगत में इस समय हलचल तेज हो गई है क्योंकि नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। छुट्टी का दिन होने के बावजूद, यानी रविवार को भी उन्होंने मंत्रालय के तमाम बड़े अधिकारियों और वरिष्ठ नौकरशाहों की एक इमरजेंसी हाई-लेवल बैठक बुलाई है। इस अचानक बुलाई गई बैठक के बाद से ही पूरे देश के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार अब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर कोई बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने जा रही है।कार्यभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने दिखाए कड़े तेवरकेंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल और नई जिम्मेदारियों के मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने बिना एक भी दिन गंवाए अपने मंत्रालय का कामकाज संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उनका यह तेवर साफ संकेत दे रहा है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और लंबित पड़ी व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। रविवार के दिन बुलाई गई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश की शिक्षा नीति, परीक्षाओं की पारदर्शिता और पिछले समय में उठे सवालों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।क्या NEET परीक्षा पैटर्न में होगा बड़ा बदलाव?देशभर के लाखों मेडिकल Aspirants के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही चल रहा है कि क्या सरकार NEET परीक्षा प्रणाली, इसके आयोजन के तरीके या काउंसलिंग प्रक्रिया में कोई क्रांतिकारी बदलाव करने वाली है। पिछले कुछ सत्रों में NEET परीक्षा को लेकर हुई विभिन्न गड़बड़ियों, पेपर लीक के मामलों और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में रही है। ऐसे में प्रह्लाद जोशी द्वारा अचानक बुलाई गई इस समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिससे परीक्षा की शुचिता और विश्वसनीयता को फिर से बहाल किया जा सके।छात्रों और अभिभावकों को है सख्त और पारदर्शी फैसलों का इंतजारएजुकेशन सेक्टर के जानकारों का मानना है कि नए मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का भरोसा जीतना और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फूल-प्रूफ बनाना है। इस संडे मीटिंग में अधिकारियों के साथ मंथन के बाद जल्द ही कुछ बड़े दिशा-निर्देश या नए सुधार सामने आ सकते हैं। देश के करोड़ों छात्र अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस नीतिगत फैसला लेगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की गुंजाइश हमेशा के लिए खत्म हो सके।
RSS प्रमुख मोहन भागवत का गुजरात दौरा, 2 दिन के प्रवास में संगठनात्मक कार्यक्रमों में होंगे शामिल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ। मोहन भागवत आगामी 28 और 29 जुलाई को दो दिवसीय गुजरात दौरे पर आएंगे। अपने दौरे के दौरान वह संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे और संगठनात्मक मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
उन नीट विद्यार्थियों की कहानी, जो पेपर लीक के बाद चले गए
जंतर मंतर पर चल रहे विद्यार्थियों के प्रदर्शन में शायद ही कोई ऐसा दिन हो जिस दिन प्रदर्शनकारी उन 21 नीट अभ्यर्थियों का जिक्र नहीं करते थे जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सुनते ही कॉकरोच जनता ...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा कि कारगिल विजय दिवस हमें गर्व से भर देता है। यह दिन हमें हमारे बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करता, बल्कि नई पीढ़ी तक उनकी गाथा भी पहुंचाता है।
भारत की राजनीति में एक ऐसा ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है जिसने स्थापित राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। नीट (NEET) पेपर लीक और लंबे समय से सुलग रहे युवा असंतोष के बीच आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसी के साथ देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहा वह अनूठा आंदोलन भी समाप्त हो गया, जिसे देश का पहला पूरी तरह से 'जेन-जी' (Gen-Z) संचालित आंदोलन माना जा रहा है। लाखों रील्स, सोशल मीडिया मीम्स और डिजिटल एक्टिविज़्म के दम पर खड़े हुए इस युवा आंदोलन ने सरकार को बैकफुट पर ला दिया और यह साबित कर दिया कि आज की युवा पीढ़ी अपनी राजनीतिक और सामाजिक ताक़त को लेकर कितनी जागरूक है।जंतर-मंतर से लेकर सोशल मीडिया तक छाया जेन-Z का आक्रोशबीते कुछ समय से लगातार पेपर लीक और अन्य व्यवस्थागत मुद्दों को लेकर युवा वर्ग सरकार के खिलाफ मुखर था। इस आंदोलन की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसमें पारंपरिक राजनीतिक दलों या छात्र संगठनों के बजाय सीधे तौर पर डिजिटल नेटिव जनरेशन यानी जेन-Z ने कमान संभाल रखी थी। जंतर-मंतर पर शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर छा गया। राजनीतिक विश्लेषक जिस पीढ़ी को अक्सर 'केवल ऑनलाइन रहने वाली' या 'अटेंशन डेफिसिट' कहकर खारिज कर देते थे, उसी पीढ़ी ने एकजुट होकर देश के एक कद्दावर कैबिनेट मंत्री को इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया। इस सफलता के बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि इस आंदोलन ने साबित कर दिया है कि भारत के विश्वगुरु होने का वास्तविक अर्थ क्या है और युवाओं ने सनातन धर्म के सिद्धांतों को केवल उपदेशों तक सीमित न रखकर अपने आचरण में उतारा है। वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी इसे देश के युवाओं के जागने और अपनी कमान खुद अपने हाथों में लेने का एक भावुक और ऐतिहासिक पल करार दिया है।जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बदलना पड़ा कम्यूनिकेशन का अंदाज़इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि देश के सर्वोच्च नेतृत्व ने भी इस युवा शक्ति के मिजाज को बेहद बारीकी से समझा और खुद को उसके अनुरूप ढाला। आम तौर पर देश के नाम अपने संदेशों के लिए पारंपरिक टीवी प्रसारण और शाम के समय को चुनने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दोपहर के वक्त इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर करके अपनी बात रखी। पीएमओ की यह रणनीति साफ दर्शाती है कि सरकार जानती थी कि जेन-Z का डेली रूटीन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने का तरीका बिल्कुल अलग है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की पारंपरिक शुरुआत 'मित्रों' की बजाय 'फ्रेंड्स' शब्द से की, जो इस बात का स्पष्ट संकेत था कि सत्ता का शीर्ष नेतृत्व भी यह स्वीकार कर रहा है कि यह आंदोलन पूरी तरह से आधुनिक युवाओं और उनकी कार्यशैली पर आधारित है।मोबाइल फोन और मीम्स बने इस नए जमाने के आंदोलन के सबसे बड़े हथियारइंटरनेट और स्मार्टफोन की दुनिया में पले-बढ़े जेन-Z के पास विरोध जताने के पारंपरिक तरीके नहीं थे, बल्कि उनके पास अपनी एक अनूठी डिजिटल भाषा थी। हर छोटी-बड़ी गतिविधि को स्मार्टफोन में रिकॉर्ड करना, उसे तुरंत सोशल मीडिया पर अपलोड करना, गंभीर से गंभीर मुद्दों को व्यंग्य और मीम्स के जरिए पेश करना और 'FOMO' (Fear of Missing Out) की भावना के साथ पूरी दुनिया को एक सूत्र में जोड़े रखना इस जनरेशन की खूबी है। जानकारों का मानना है कि यही आदतें और संचार माध्यम इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बन गए, जिसे दबाना या नजरअंदाज करना सरकार के लिए नामुमकिन हो गया था। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही भले ही जंतर-मंतर का यह मोर्चा शांत हो गया हो, लेकिन यह आंदोलन भारतीय लोकतंत्र और राजनीतिक भविष्य के लिए एक नए युग की शुरुआत कर गया है, जहां अब देश के युवाओं को अनदेखा करना किसी भी सरकार के लिए मुमकिन नहीं होगा।
कारगिल विजय दिवस पर राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को सख्त संदेश, बोले- अब केवल पीओके पर होगी बात
कारगिल विजय दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अब केवल PoK पर ही बात होगी और आतंकवाद को करारा जवाब दिया जाएगा।
कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि उनका शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस […] The post कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य सदैव राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा : मोदी appeared first on Sabguru News .
CJP आंदोलन के पहले ही दिन धर्मेंद्र प्रधान ने की थी इस्तीफे की पेशकश, BJP के बड़े नेता का दावा
मध्यप्रदेश के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में शुरू हुए छात्र आंदोलन के पहले ही दिन अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी थी। इंदौर में शनिवार को ...
'राहुल गांधी प्रधानमंत्री बने तो Gen-Z नेता को बनाएंगे शिक्षा मंत्री', रेवंत रेड्डी का बड़ा बयान
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनते हैं तो Gen-Z नेता को शिक्षा मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष करने और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की भी मांग की।
धौलपुर में कार पेड़ से टकराई, दो लोगों की मौत
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के कौलारी थाना क्षेत्र में शनिवार को एक कार के पेड़ से टकराने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने रविवार को बताया कि कल शाम को हेत सिंह अपने साथियों के साथ कार से जा रहा था कि कोलुआ गांव […] The post धौलपुर में कार पेड़ से टकराई, दो लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
ग्रेटर नोएडा : एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 2 लोगों की मौत
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर-150 स्थित एल्डिको सोसाइटी में शनिवार देर रात सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि घटना की सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क […] The post ग्रेटर नोएडा : एसटीपी टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 2 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला
न्यूयॉर्क। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में वायु रक्षा मिसाइलों और इंटरसेप्टर की कमी के कारण ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान को फिलहाल टाल दिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी गई है। इससे पहले, एक्सिओस ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी थी […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को टाला appeared first on Sabguru News .
गुजरात में भारी बारिश, CM भूपेंद्र पटेल ने संभाली कमान, स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का किया दौरा
गुजरात में बारिश की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) का दौरा कर अधिकारियों से बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने आगरा दौरे के दौरान कमिश्नरी सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून-व्यवस्था की मैराथन समीक्षा करते हुए सीएम ने ...
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दो सक्रिय निम्न दबाव (लो-प्रेशर) सिस्टम और एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी ...
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी को अब शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 के NEET विवाद और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के ...
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और शहरवासियों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से हमेशा के लिए निजात दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। शासन ने हैदर कैनाल (हैदर नहर) के ऊपर 11 किलोमीटर लंबे फोरलेन एलिवेटेड रोड के निर्माण प्रस्ताव को अपनी अंतिम और प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।मेट्रो और ग्रीन कॉरिडोर के बाद अब यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल्द ही धरातल पर उतरने जा रहा है। शासन से वित्तीय और प्रशासनिक हरी झंडी मिलते ही संबंधित कार्यदायी संस्था (PWD या यूपी सेतु निगम) बेहद जल्द टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।हजरतगंज से आगरा एक्सप्रेसवे सिर्फ 20 मिनट में!यह 11 किलोमीटर लंबा फोरलेन एलिवेटेड रोड मोहान रोड से शुरू होकर कालिदास चौक (मुख्यमंत्री आवास) तक हैदर कैनाल के ऊपर बनाया जाएगा।इस एलिवेटेड रोड के बनने से एलडीए की आगरा एक्सप्रेसवे स्थित अब तक की सबसे बड़ी आवासीय योजना 'वरुण विहार' सीधे मुख्य शहर से जुड़ जाएगी। वर्तमान में हजरतगंज से 'वरुण विहार' टाउनशिप जाने में लगभग 50 मिनट का समय लगता है, जो इस सड़क के बनने के बाद घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।10 लाख आबादी को ट्रैफिक से मिलेगी बड़ी राहतहैदर कैनाल एलिवेटेड रोड के शुरू होने से लखनऊ की करीब 10 लाख की आबादी को रोजमर्रा के लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी। गाड़ियां घनी आबादी वाले शहर के रास्तों में फंसने के बजाय सीधे हैदर कैनाल के ऊपर फर्राटा भर सकेंगी।इस प्रोजेक्ट के बनने से:कालिदास मार्गविक्रमादित्य मार्गराजभवन और उसके आसपास का क्षेत्रचारबागदिलकुशा मार्गजैसे व्यस्त और अति-सुरक्षित क्षेत्रों के रास्तों पर वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।अतिक्रमण हटाकर बनेगा नया कमर्शियल हबनिर्माण कार्य को बिना रुकावट शुरू करने के लिए अगले महीने से कैनाल के आसपास के क्षेत्र में किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने का अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, कैनाल के किनारे खाली कराई जाने वाली जमीन का सदुपयोग करते हुए चारबाग के पास एक नया और आधुनिक कमर्शियल हब विकसित करने की भी योजना तैयार की गई है।1998 में हुआ था पहला सर्वे, 30 साल बाद पूरा हो रहा सपनाहैदर कैनाल पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव करीब 30 साल पुराना है। इस परियोजना का पहला सर्वे साल 1998 में RITES एजेंसी ने किया था और अपनी फिजिबिलिटी रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। वर्ष 1999 में दोबारा संशोधित रिपोर्ट तैयार की गई, लेकिन लगभग 600 करोड़ रुपये की भारी लागत और अन्य वजहों से प्रोजेक्ट अटक गया था। उस वक्त इसे पीपीपी (PPP) मॉडल पर बनाने का विचार था, जो अब शासन की मंजूरी के साथ धरातल पर उतर रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को जालौन दौरे पर पहुंचे। उन्होंने जिला खेल मैदान (डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ग्राउंड) में आयोजित भव्य कार्यक्रम में जनपद को 1275 करोड़ रुपये की लागत वाली 374 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, प्रमाण पत्र और आवास की चाबियां सौंपी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 13 करोड़ 14 लाख 30 हजार रुपये की धनराशि लाभार्थियों के खातों में सीधे हस्तांतरित की गई।अपने संबोधन की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने जालौन की अधिष्ठात्री जालौन वाली माता, एट बैरागढ़ की शारदा माता, महर्षि वेदव्यास और जलवान ऋषि को नमन किया। उन्होंने कहा कि जालौन और कालपी अपने गौरवशाली इतिहास, वीरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में विख्यात हैं। कालपी का हस्तनिर्मित कागज और यहां की मटर जनपद की विशिष्ट पहचान हैं। 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना और GI टैग के माध्यम से कालपी के कागज उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।दस्यु प्रभावित क्षेत्र से 'बीडा' और इंडस्ट्रियल हब तक का सफरमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड को दस्यु प्रभावित और सूखे की मार झेलने वाला क्षेत्र माना जाता था, जहां से लोग पलायन करने को मजबूर थे। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों की गलत नीतियों के कारण यह क्षेत्र पिछड़ा, वे आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। आज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और 56 हजार एकड़ में बन रहा 'बीडा' (Bundelkhand Industrial Development Authority) इस पूरे इलाके को देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में शामिल कर रहा है।सौर ऊर्जा परियोजनाओं और जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक बिजली और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने जालौन की रंगौली ग्राम पंचायत की सराहना करते हुए बताया कि यह जिले की पहली ग्राम पंचायत बनी है जो पूरी तरह गरीबी रेखा से ऊपर उठी है।कानून-व्यवस्था, माफिया राज और पेपर लीक पर कड़ा संदेशकानून-व्यवस्था पर बोलते हुए सीएम योगी ने साफ कहा कि सरकार ने प्रदेश से माफिया राज को जड़ से उखाड़ फेंका है। भू-माफिया, बालू माफिया और केटल माफिया के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों और अपराधियों के लिए केवल दो ही जगहें हैं—जेल या जहन्नुम।युवाओं के भविष्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि दोषियों को आजीवन कारावास की सजा और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई झेलनी पड़ रही है।विपक्ष पर तीखा प्रहार: 'विकास का पैसा सैफई के आयोजनों पर उड़ता था'समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के शासनकाल में बुंदेलखंड के विकास का पैसा लूटा जाता था। पहले विकास का धन सैफई में फिल्मी आयोजनों और मुजरों पर खर्च होता था, जबकि आज डबल इंजन सरकार में वही पैसा सीधे जनता के कल्याण, पेंशन और आधारभूत संरचना के निर्माण पर लगाया जा रहा है।अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से पूरी हो रही सिंचाई, जल परियोजनाओं और डेटा सेंटर क्लस्टर से युवाओं के लिए नौकरियों और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बुंदेलखंड एक मुख्य ग्रोथ इंजन की भूमिका निभाएगा।
UP Weather Today: यूपी में 27 जुलाई से मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए लखनऊ, कानपुर और नोएडा का मौसम
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसूनी गतिविधियों में आई सुस्ती के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 27 जुलाई से प्रदेश में मानसून की सक्रियता दोबारा बढ़ेगी, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। खासतौर पर तराई क्षेत्रों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।26 जुलाई को दिन के समय प्रदेश में अधिकतम तापमान 34C से 36C के आसपास बना रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 28C से 29C के बीच रहने का अनुमान है।27 से 30 जुलाई के बीच बारिश में आएगी तेजीअतुल कुमार सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र) के मुताबिक, मानसून ट्रफ के उत्तर दिशा की ओर खिसकने और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने से बारिश की गतिविधियों में इजाफा होगा। इसके असर से 27 से 30 जुलाई के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में व्यापक वर्षा के आसार बन रहे हैं।वहीं, 26 जुलाई को प्रदेश में भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है। हालांकि, 27 जुलाई से मौसम बदलेगा और रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को तीखी गर्मी व उमस से राहत मिलेगी, साथ ही यह बारिश खेती-किसानी के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।प्रमुख शहरों में आज के मौसम का हाललखनऊ: राजधानी लखनऊ में आज दिनभर उमस का प्रभाव बना रहेगा। दोपहर बाद आंशिक रूप से बादल छाएंगे और शाम/रात तक गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना 50% तक हो सकती है।कानपुर: शहर में सुबह से ही हल्के बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 36C तक जा सकता है, लेकिन अधिक उमस के कारण हीट इंडेक्स ज्यादा महसूस होगा। रात के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है।नोएडा व दिल्ली-एनसीआर: धूप और बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। दोपहर के आसपास तेज हवाओं के साथ कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश (Scattered Rain) दर्ज की जा सकती है।वाराणसी: पूर्वांचल में आज भी तीखी धूप और उमस परेशान कर सकती है। अधिकतम तापमान 37C तक पहुंचने का अनुमान है। दोपहर के समय गरज-चमक के साथ स्थानीय स्तर पर बौछारें पड़ सकती हैं।
प्रतिदिन सुबह 6 बजे देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर-रुपये की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर ईंधन के नए रेट तय करती हैं। यह दैनिक मूल्य संशोधन प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करती है ताकि हर जिले में सही दरों की जानकारी उपलब्ध रहे।आज 26 जुलाई 2026 को भी सुबह 6 बजे उत्तराखंड राज्य के सभी जिलों के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट अपडेट कर दिए गए हैं। यदि आप राजधानी देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल या कुमाऊं-गढ़वाल के अन्य शहरों में ईंधन का नया भाव जानना चाहते हैं, तो यहाँ सभी जिलों की रेट लिस्ट दी गई है।उत्तराखंड के प्रमुख जिलों में आज पेट्रोल-डीजल के दामदेहरादून: पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटरउत्तरकाशी: पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटरचमोली: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटररुद्रप्रयाग: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटरहरिद्वार: पेट्रोल ₹101.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.04 प्रति लीटरपिथौरागढ़: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरबागेश्वर: पेट्रोल ₹101.64 प्रति लीटर और डीजल ₹96.94 प्रति लीटरअल्मोड़ा: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरनैनीताल: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹96.01 प्रति लीटरऊधम सिंह नगर: पेट्रोल ₹100.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.58 प्रति लीटरक्यों देखने को मिला ईंधन की कीमतों में बदलाव?हाल के दौर में कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगातार हुए तेज उछाल और तेल विपणन कंपनियों की अंडर-रिकवरी के चलते ईंधन की लागत पर दबाव देखने को मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल के ऊंचे दामों के कारण कंपनियों को अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा है।सरकारी नियमावली के तहत देश में हर सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की संशोधित दरें घोषित कर दी जाती हैं, जिससे राज्य के हर नागरिक को पारदर्शी रूप से अपने शहर में ईंधन की सही कीमत की जानकारी मिल सके।
रोजमर्रा की जिंदगी में हर सुबह सूरज की किरणों के साथ ही पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी तय होती हैं, जिनका सीधा असर आम आदमी की जेब और बजट पर पड़ता है। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर दिन सुबह 6 बजे ईंधन की ताजा दरें जारी कर देती हैं। ये कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की दरों और डॉलर के मुकाबले रुपये के विनिमय दर में होने वाले बदलावों के आधार पर तय की जाती हैं।आज 26 जुलाई 2026 को भी सुबह 6 बजे उत्तर प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों के लिए पेट्रोल और डीजल के नए रेट अपडेट कर दिए गए हैं। आइए जानते हैं लखनऊ, नोएडा, कानपुर, आगरा और वाराणसी समेत आपके शहर में आज ईंधन किस भाव मिल रहा है।उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल-डीजल के दामलखनऊ: पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटरकानपुर शहर: पेट्रोल ₹101.56 प्रति लीटर और डीजल ₹95.06 प्रति लीटरप्रयागराज: पेट्रोल ₹102.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.92 प्रति लीटरनोएडा / ग्रेटर नोएडा: पेट्रोल ₹101.96 प्रति लीटर और डीजल ₹95.44 प्रति लीटरवाराणसी: पेट्रोल ₹102.48 प्रति लीटर और डीजल ₹95.92 प्रति लीटरगोरखपुर: पेट्रोल ₹102.17 प्रति लीटर और डीजल ₹95.67 प्रति लीटरमेरठ: पेट्रोल ₹101.77 प्रति लीटर और डीजल ₹95.26 प्रति लीटरअलीगढ़: पेट्रोल ₹101.92 प्रति लीटर और डीजल ₹95.38 प्रति लीटरआगरा: पेट्रोल ₹101.54 प्रति लीटर और डीजल ₹95.02 प्रति लीटरक्यों देखने को मिला ईंधन की कीमतों में बदलाव?हाल के समय में कच्चे तेल (Crude Oil) की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की अंडर रिकवरी के चलते ईंधन की कीमतों पर असर देखने को मिला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे स्तर पर पहुंचे हैं, जिसके चलते तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव पड़ा है।हालांकि, राहत की बात यह है कि हर दिन सुबह 6 बजे कीमतों में होने वाला संशोधन पारदर्शी तरीके से जारी किया जाता है ताकि उपभोक्ताओं को अपने शहर की सटीक और सही दरें आसानी से पता चल सकें।
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। महोली विधानसभा सीट से पूर्व समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक अनूप गुप्ता को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। करीब 15 दिन पहले नगर पालिका और जिला प्रशासन ने एक नोटिस जारी कर अनूप गुप्ता के मकान को प्लाईवुड फैक्ट्री की जमीन पर बना बताकर अवैध घोषित कर दिया था। इस नोटिस के खिलाफ पूर्व विधायक ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रशासनिक नोटिस की प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र पर अहम टिप्पणी की है।अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने पर हाईकोर्ट सख्तहाईकोर्ट के फैसले की जानकारी देते हुए पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि जिसका जो अधिकार क्षेत्र है, उसे उसी के भीतर काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को राजस्व संहिता की धारा 54 और धारा 58 के तहत ऐसा नोटिस भेजने का कानूनी अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रशासन से एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।'नगर पालिका पूरी तरह कैप्चर है, बोर्ड इस्तीफा दे'हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद अनूप गुप्ता ने नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय बोर्ड पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सीतापुर नगर पालिका में कोई लोकतांत्रिक व्यवस्था काम नहीं कर रही है।पूर्व विधायक ने कहा, नगर पालिका में न तो अध्यक्ष की चल रही है और न ही सभासदों की। पूरी नगर पालिका को अधिकारियों ने कैप्चर कर रखा है। जब बोर्ड के पास कोई शक्ति ही नहीं बची है और सब कुछ अधिकारी ही चला रहे हैं, तो नगर पालिका अध्यक्ष और पूरे बोर्ड को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।कौन हैं पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता?अनूप गुप्ता सीतापुर की राजनीति में एक परिचित चेहरा हैं। वे दिग्गज सपा नेता और पूर्व विधायक स्वर्गीय ओम प्रकाश गुप्ता के पुत्र हैं।2007: उन्होंने पहली बार मिश्रिख विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे।2012: परिसीमन के बाद बनी नई महोली विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर दोबारा जीत दर्ज की।2017: महोली विधानसभा सीट से उन्हें बीजेपी प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था।
ऊधम सिंह नगर: शादी से मुकरा प्रेमी तो युवती ने सरेआम चप्पलों से धुना, घसीटते हुए ले गई थाने
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवती ने शादी का झांसा देकर मुकरने वाले अपने प्रेमी की बीच सड़क सरेआम चप्पलों से जमकर पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, आक्रोशित युवती युवक को चप्पलों से पीटते हुए सीधे बाजपुर कोतवाली लेकर पहुंच गई।थाने के भीतर और बाहर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक जमकर हंगामा हुआ। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।शादी का झांसा देकर मुकरने का आरोपप्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, युवती का आरोप है कि आरोपी युवक लंबे समय से शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए हुए था। लेकिन जब युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो युवक अपने वादे से मुकर गया और दूरी बनाने लगा।इसी बात से नाराज होकर युवती ने युवक को रास्ते में ही रोक लिया और अपना आपा खो बैठी। युवती ने बीच सड़क पर ही युवक पर चप्पलों की बरसात कर दी और उसे पीटते हुए सीधे कोतवाली ले आई।पुलिस कर रही दोनों पक्षों से पूछताछयुवक को थाने लाने के बाद कोतवाली परिसर में भी काफी देर तक ड्रामा चलता रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के परिजनों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक एफआईआर या कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले को सुलझाने और जांच में जुटी है।झांसी में भी सड़क पर चला महिलाओं का 'चप्पल कांड'ऐसा ही एक अन्य मामला उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से भी सामने आया है। झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र स्थित आवास विकास चौराहे पर बीच सड़क कुछ महिलाओं ने एक युवक को पकड़कर चप्पलों से पीट दिया।जब युवक के परिवार की एक युवती बीच-बचाव करने पहुंची, तो उग्र महिलाओं ने उस पर भी थप्पड़ और चप्पलें बरसा दीं। इसके बाद दोनों पक्षों की महिलाएं आपस में भिड़ गईं और काफी देर तक सड़क पर मारपीट होती रही। राहगीरों की भारी भीड़ तमाशा देखती रही और किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 26 जुलाई 2026 को राज्य के कई पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून और नैनीताल जैसे संवेदनशील इलाकों में आज कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 26 जुलाई से शुरू हो रहा बारिश का यह दौर 28 और 29 जुलाई को और अधिक विकराल रूप ले सकता है, जब पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस सकती है।आज किन जिलों में जारी किया गया अलर्ट?मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, 26 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और नैनीताल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इस दौरान पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की पूरी आशंका है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।28 और 29 जुलाई को बढ़ेगा खतरामौसम विभाग के अनुसार, 27 जुलाई से राज्य में बारिश की तीव्रता में और इजाफा होगा। 28 और 29 जुलाई को बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे उच्च पर्वतीय और संवेदनशील इलाकों में 'भारी से बहुत भारी' बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने का अनुमान जताया गया है।इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और नदियों के किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।देहरादून और मैदानी इलाकों का हालराजधानी देहरादून में आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में भारी बौछारें गिर सकती हैं। देहरादून में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।इसके अलावा, मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ मानसूनी बौछारें पड़ सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और संवेदनशील सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है, इसलिए यात्रियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
देशभर में मानसून अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। मैदानी इलाकों से लेकर ऊंचे पहाड़ी राज्यों तक बादलों की जोरदार आवाजाही जारी है। लगातार बारिश के कारण एक तरफ जहां मैदानी इलाकों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) के चलते कई मुख्य रास्ते ठप पड़ गए हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को देश के अधिकांश राज्यों में हल्की से मध्यम और कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बौछारें, उमस से थोड़ी राहतराजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में आज दिनभर बादलों का डेरा बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, दिन में एक से दो बार हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हालांकि, बारिश के बीच उमस का स्तर अधिक रहने के कारण हल्की चिपचिपाहट महसूस हो सकती है।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की चेतावनी, सतर्कता बरतने की सलाहउत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसूनी बारिश अपने चरम पर है। IMD ने इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है और नदियां-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं, पर्यटकों व निवासियों को पहाड़ों की अनावश्यक यात्रा टालने की सख्त हिदायत दी है।मुंबई, गुजरात और मध्य भारत में भारी बारिश का दौर जारीमध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है।महाराष्ट्र और गुजरात: कोंकण, गोवा और तटीय गुजरात में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का अनुमान है। गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मध्य व पूर्वी राज्य: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के अच्छे आसार हैं।दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत का मौसम कैसा रहेगा?दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है, जबकि तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें गिर सकती हैं।वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने और कुछ संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन का जोखिम बना रहेगा।
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज 26 जुलाई 2026 को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तिथि दोपहर 01 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि शुरू हो जाएगी। आज वासुदेव द्वादशी, गौरी व्रत प्रारम्भ, देवशयनी एकादशी, भद्रा, विंछुड़ो और गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा। ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 07:34 तक रहेगा और फिर मूल नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा सुबह 07:34 तक वृश्चिक राशि में रहने के बाद धनु राशि में संचरण करेंगे। आज बन रहा गुरु-आदित्य राजयोग कई राशियों के जीवन में धन, सम्मान और सफलता के नए द्वार खोलेगा।आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए आज का दिन करियर, कारोबार, सेहत और पारिवारिक जीवन के लिहाज से कैसा रहने वाला है।मेष राशिफल (Aries Horoscope Today)आज गुरु-आदित्य राजयोग आपके लिए पारिवारिक सुख और संपत्ति से जुड़े मामलों में शुभ संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। व्यापार में निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और पुराने निवेश का फायदा मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन भागदौड़ से थकान संभव है।वृषभ राशिफल (Taurus Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपके आत्मविश्वास और संवाद क्षमता को बढ़ाएगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। किसी महत्वपूर्ण बैठक में सफलता मिल सकती है। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ होगा। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा और आर्थिक पक्ष पहले से बेहतर रहेगा। छोटी यात्राएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी।मिथुन राशिफल (Gemini Horoscope Today)आज का दिन आर्थिक मामलों में विशेष लाभ देने वाला रहेगा। गुरु-आदित्य राजयोग आय के नए स्रोत खोल सकता है। नौकरी में वेतन वृद्धि या प्रोत्साहन मिलने के संकेत हैं। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। निवेश से लाभ होगा और खर्चों पर नियंत्रण बना रहेगा। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य संतुलित रहेगा और जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।कर्क राशिफल (Cancer Horoscope Today)आपकी राशि में बन रहा गुरु-आदित्य राजयोग आज सबसे अधिक प्रभावशाली रहेगा। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और समाज में मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। आर्थिक लाभ के साथ नई योजनाएं सफल होंगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।सिंह राशिफल (Leo Horoscope Today)आज आपको हर निर्णय सोच-समझकर लेने की आवश्यकता होगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम धीरे-धीरे सामने आएगा। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कार्यों में लाभ के संकेत हैं। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन आय का प्रवाह बना रहेगा। व्यापार में नई रणनीति भविष्य में बड़ा लाभ दे सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें और पर्याप्त आराम करें।कन्या राशिफल (Virgo Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपकी आय और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरी में नई उपलब्धि मिल सकती है और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रसन्न रहेंगे। व्यापार में बड़ा ऑर्डर मिलने के योग हैं। मित्रों के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा और निवेश के लिए दिन अनुकूल रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।तुला राशिफल (Libra Horoscope Today)आज करियर के क्षेत्र में शानदार अवसर मिल सकते हैं। गुरु-आदित्य राजयोग आपके कार्यों को नई दिशा देगा। पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं। व्यापार में लाभ होगा और नई साझेदारी फायदेमंद साबित हो सकती है। आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे।वृश्चिक राशिफल (Scorpio Horoscope Today)भाग्य का साथ मिलने से लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार में विस्तार होगा और धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं। आर्थिक लाभ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा तथा वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा।धनु राशिफल (Sagittarius Horoscope Today)आज आर्थिक मामलों में थोड़ी सतर्कता बरतने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव का लाभ मिलेगा और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान हो सकता है। व्यापार में सोच-समझकर निवेश करें, हालांकि अचानक धन लाभ के संकेत भी हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। जीवनसाथी का सहयोग मानसिक शांति देगा।मकर राशिफल (Capricorn Horoscope Today)गुरु-आदित्य राजयोग आपके वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारी के मामलों में शुभ परिणाम देगा। नौकरी में सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल रहेगा और नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। व्यापारिक साझेदारी से लाभ होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा।कुंभ राशिफल (Aquarius Horoscope Today)आज कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा के बावजूद आपको सफलता हासिल होगी। गुरु-आदित्य राजयोग आपको चुनौतियों से बाहर निकलने की शक्ति देगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ होगा और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी और दैनिक कार्य समय पर पूरे होंगे। सेहत का ध्यान रखें।मीन राशिफल (Pisces Horoscope Today)आज का दिन रचनात्मक कार्यों और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ रहेगा। गुरु-आदित्य राजयोग आपकी प्रतिभा को नई पहचान दिला सकता है। नौकरी में नए अवसर मिलेंगे। व्यापार में लाभ और निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम और दांपत्य जीवन में खुशियां बनी रहेंगी।
आज 26 जुलाई 2026 की ऊर्जा आत्मविश्वास, भावनात्मक उपचार, नई शुरुआत, आर्थिक स्थिरता और सकारात्मक बदलाव का संदेश लेकर आई है। आज कई राशियों के लिए करियर, धन और रिश्तों में सकारात्मक प्रगति के संकेत हैं, वहीं कुछ लोगों को अपने भीतर झांककर सही दिशा चुनने की प्रेरणा मिलेगी। यह दिन सिखाता है कि हर चुनौती अपने साथ एक सीख लाती है। यदि आप धैर्य और अंतर्ज्ञान पर भरोसा रखेंगे, तो कई ऐसे अवसर सामने आएंगे जो जीवन की दिशा बदल सकते हैं। टैरो मेंटर एवं चक्र हीलर दीपाली रावतानी से जानते हैं सभी 12 राशियों का दैनिक टैरो राशिफल।ब्रह्मांड का आज का संदेश: अपने प्रयासों पर भरोसा रखें। हर छोटी सफलता भविष्य की बड़ी उपलब्धियों की नींव बन रही है।मेष राशि — द एम्परर (The Emperor)आज का दिन नेतृत्व, अनुशासन और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभालने का है। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभव और निर्णय क्षमता की परीक्षा हो सकती है। किसी नए प्रोजेक्ट को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए आज का दिन सही है। वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से प्रभावित होंगे। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला लाभ देगा। परिवार में संतुलित व्यवहार रखें।आज का संदेश: मजबूत निर्णय और सही दिशा में किया गया प्रयास आपको नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।वृषभ राशि — ऐस ऑफ कप्स (Ace of Cups)जीवन में प्रेम, भावनात्मक संतुलन और नई खुशियों का प्रवेश होगा। मन का भारीपन खत्म होगा और परिस्थितियां आपके पक्ष में बनेंगी। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। कार्यस्थल पर सहकर्मियों का साथ मिलेगा। अविवाहितों के जीवन में नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है।आज का संदेश: जब दिल खुला होता है, तभी जीवन नई खुशियों से भर जाता है।मिथुन राशि — द मैजिशियन (The Magician)आपकी प्रतिभा, संवाद क्षमता और रचनात्मक सोच आपको नई पहचान दिलाएगी। जिस अवसर का इंतजार था, वह सामने आ सकता है। इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन या नई शुरुआत की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। आर्थिक समझदारी लाभ दिलाएगी और बातचीत से रिश्तों की गलतफहमियां दूर होंगी।आज का संदेश: सफलता की हर कुंजी आपके हाथ में है, बस खुद पर भरोसा रखें।कर्क राशि — क्वीन ऑफ कप्स (Queen of Cups)भावनात्मक समझ और अंतर्ज्ञान शक्ति मजबूत रहेगी। किसी निर्णय में दुविधा हो तो अपने भीतर की आवाज सुनें। परिवार के साथ समय बिताने से पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपका शांत स्वभाव पहचान दिलाएगा। ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों से मन को सुकून मिलेगा।आज का संदेश: शांत मन और संवेदनशील हृदय हर कठिन परिस्थिति का समाधान खोज लेते हैं।सिंह राशि — सिक्स ऑफ वांड्स (Six of Wands)आज का दिन सफलता, सम्मान और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। आपकी मेहनत का परिणाम सामने आने लगेगा। कार्यस्थल पर तारीफ होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रतियोगिता या इंटरव्यू में सफलता के अच्छे योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।आज का संदेश: मेहनत का सम्मान भले देर से मिले, लेकिन वह हमेशा यादगार होता है।कन्या राशि — एट ऑफ पेंटाकल्स (Eight of Pentacles)आपकी मेहनत और अनुशासन भविष्य की सफलता की मजबूत नींव तैयार करेंगे। काम की गुणवत्ता लोगों को प्रभावित करेगी। नया कौशल सीखने का अवसर मिले तो जरूर अपनाएं। आर्थिक मामलों में अनुशासन रखें और फिजूलखर्ची से बचें।आज का संदेश: हर छोटा प्रयास आपको बड़ी सफलता के और करीब ले जा रहा है।तुला राशि — जस्टिस (Justice)सत्य, संतुलन और निष्पक्षता आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। महत्वपूर्ण निर्णयों में भावनाओं की जगह तथ्यों को प्राथमिकता दें। कानूनी या कागजी मामलों में सकारात्मक प्रगति हो सकती है। पुराने निवेश की समीक्षा करना लाभदायक रहेगा।आज का संदेश: सही निर्णय हमेशा सही समय पर सही परिणाम देता है।वृश्चिक राशि — डेथ (Death)जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत हो सकती है। जो चीजें आपके विकास में बाधा हैं, उन्हें पीछे छोड़ने का समय आ गया है। यह परिवर्तन भविष्य में नए अवसर लाएगा। कार्यक्षेत्र में नई दिशा मिल सकती है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ें।आज का संदेश: हर अंत अपने साथ एक नई और बेहतर शुरुआत लेकर आता है।धनु राशि — नाइट ऑफ वांड्स (Knight of Wands)रोमांच, यात्रा और नए अवसर जीवन में उत्साह भरेंगे। करियर से जुड़ा नया अवसर या यात्रा अचानक सामने आ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी ऊर्जा आपको दूसरों से आगे रखेगी। हालांकि, आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें।आज का संदेश: साहस के साथ उठाया गया हर कदम आपको मंजिल के करीब ले जाता है।मकर राशि — किंग ऑफ पेंटाकल्स (King of Pentacles)आर्थिक मजबूती, स्थिरता और सफलता आपके पक्ष में रहेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और अनुभव नई उपलब्धियां दिलाएंगे। निवेश, बचत या संपत्ति से जुड़े फैसले लाभदायक साबित होंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।आज का संदेश: धैर्य और अनुशासन से बनाई गई सफलता सबसे स्थायी होती है।कुंभ राशि — द स्टार (The Star)आशा, उपचार और नई प्रेरणा जीवन में सकारात्मकता लाएगी। निराशा का दौर समाप्त होगा और परिस्थितियां बेहतर होंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मक सोच लोगों को प्रभावित करेगी। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा।आज का संदेश: उम्मीद की छोटी-सी किरण भी जीवन का अंधेरा दूर कर सकती है।मीन राशि — टेन ऑफ कप्स (Ten of Cups)परिवार, प्रेम और भावनात्मक संतुष्टि आपके जीवन का केंद्र रहेंगे। अपनों के साथ बिताया समय मानसिक शांति देगा और पुराने रिश्तों में मिठास लौटेगी। कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में विश्वास और अपनापन मजबूत होगा।आज का संदेश: जीवन की सबसे बड़ी समृद्धि धन नहीं, बल्कि अपनों का प्यार और साथ है।
Kargil Vijay Diwas 2026: 26 जुलाई को कारगिल के वीरों को इन देशभक्ति संदेशों और कोट्स के साथ करें याद
कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को भारतभर में बड़े ही गर्व और सम्मान के साथ मनाया जाता है। यह खास दिन 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना की ऐतिहासिक जीत और देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों की याद दिलाता है। दो महीने से भी अधिक समय तक चले इस भीषण संघर्ष में भारतीय सैनिकों ने बेहद मुश्किल पहाड़ी इलाकों और माइनस तापमान के बीच अदम्य साहस दिखाया और दुश्मन के कब्जे वाली चोटियों को वापस हासिल किया।26 जुलाई 2026 को कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह दिन हमें देश के सपूतों के शौर्य, समर्पण और राष्ट्रभक्ति की याद दिलाता है। इस गौरवशाली अवसर पर आप भी कारगिल युद्ध के वीरों और शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे सकते हैं। अपने दोस्तों, करीबियों और परिवार के सदस्यों को देशभक्ति से भरे ये खास संदेश और कोट्स भेजकर कारगिल विजय दिवस की शुभकामनाएं दें।शहीदों की शहादत को नमन करते खास संदेशजिन वीर जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, उन्हें शत-शत नमन। उनके साहस और बलिदान को यह देश हमेशा याद रखेगा। कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! जय हिंद!कारगिल की ऊंची चोटियों पर लहराता तिरंगा हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान की गाथा कहता है। देश के सभी वीर शहीदों को कोटि-कोटि नमन।मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल के वीर सपूतों को दिल से सलाम। आपका यह त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।जिनके साहस से देश सुरक्षित है और जिनके बलिदान से तिरंगा शान से फहराता है, उन भारत माता के वीर सपूतों को कोटि-कोटि नमन। कारगिल विजय दिवस 2026 की शुभकामनाएं!वतन की हिफाजत में जिन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, उन वीर जवानों को दिल से सलाम। उनकी वीरता और बलिदान हमेशा देशवासियों के दिलों में जिंदा रहेगा।देशभक्ति से भरपूर प्रेरणादायक कोट्सहौसला ऐसा कि दुश्मन के सामने पहाड़ बन गए, जज्बा ऐसा कि तिरंगे की शान के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। कारगिल के वीरों को नमन।कारगिल की चोटियों पर लिखी गई वीरता की कहानी देश के हर नागरिक को गर्व से भर देती है। उन सभी वीरों को नमन, जिन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।साथी मुबारक हो तुम्हें ये जश्न जीत का, बस इतना याद रखना एक साथी और भी था… कारगिल विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!वीर जवानों के साहस ने इतिहास के पन्नों पर भारत की विजय की अमिट कहानी लिखी है। कारगिल के सभी शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।कारगिल विजय दिवस सिर्फ जीत का उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।शौर्य और शहादत को समर्पित कविता की पंक्तियांजब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली,जब हम बैठे थे घरों में, वो झेल रहे थे गोली,थे धन्य जवान वो, थी धन्य वो उनकी जवानी,जो शहीद हुए हैं उनकी, जरा याद करो क़ुर्बानी…रक्त वीर शहीदों का था, हर सपूत बलिदानी था,कारगिल पर्वत शिखर पर पवन चला तूफानी था,हिमप्रपात बन हिमगिरि से रक्त शत्रु का जमा दिया,विजय दिवस की शौर्य पताका देने वाला अभिमानी था।
35 की उम्र के बाद क्यों निकलने लगता है पेट? जानिए 'स्ट्रेस बेली' और 'हार्मोनल बेली' का बड़ा फर्क
35 साल की उम्र पार करते ही शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है और हार्मोन में भी तेजी से बदलाव आते हैं। अक्सर देखा जाता है कि इस उम्र में कुल वजन भले ही ज्यादा न बढ़े, लेकिन पेट के आसपास जिद्दी चर्बी जमा होने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट पर दिखने वाली हर चर्बी एक जैसी नहीं होती? यह सिर्फ आम मोटापा नहीं, बल्कि 'स्ट्रेस बेली' या 'हार्मोनल बेली' का संकेत हो सकती है। 35 के बाद शरीर में कॉर्टिसोल, एस्ट्रोजन और इंसुलिन जैसे हार्मोन का संतुलन बिगड़ने लगता है, जिसका सीधा असर हमारे पेट के आकार पर पड़ता है।एलीट केयर क्लिनिक के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. पल्लेटी शिवा कार्तिक रेड्डी (MBBS, MD, FAIG) बताते हैं कि पेट की चर्बी बढ़ने के पीछे अलग-अलग जैविक प्रक्रियाएं काम करती हैं। हालांकि खानपान, नींद और शारीरिक गतिविधि जैसी जीवनशैली की आदतें भूमिका निभाती हैं, लेकिन 35 की उम्र के बाद शरीर के अंदरूनी बदलाव भी फैट जमा होने के पैटर्न को बदल देते हैं।स्ट्रेस बेली (Stress Belly) कैसे बनती है?डॉ. रेड्डी के अनुसार, स्ट्रेस बेली का मुख्य कारण शरीर में लंबे समय तक कॉर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर होता है। कॉर्टिसोल हमारा प्रमुख स्ट्रेस हार्मोन है। जब तनाव लगातार बना रहता है, तो कॉर्टिसोल पेट के अंदरूनी अंगों के आसपास 'विसरल फैट' के रूप में जमा होने लगता है। यह फैट इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकता है और आपको ज्यादा कैलोरी व मीठी चीजें खाने के लिए उकसाता है।स्ट्रेस बेली फैट से जूझ रहे व्यक्ति को नींद की समस्या, लगातार थकान, मीठा खाने की तेज इच्छा और शरीर के बाकी हिस्सों के मुकाबले कमर के आसपास तेजी से वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।हार्मोनल बेली (Hormonal Belly) क्यों होती है?वहीं हार्मोनल बेली मुख्य रूप से महिलाओं में पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज के दौरान होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव से जुड़ी होती है। डॉ. रेड्डी बताते हैं कि इस उम्र में एस्ट्रोजन का स्तर घटने लगता है, जिससे शरीर में चर्बी जमा होने की जगह बदल जाती है। पहले जो फैट कूल्हों और जांघों में जमा होता था, वह धीरे-धीरे पेट की तरफ शिफ्ट होने लगता है।इसके साथ महिलाओं में कई लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे- पीरियड्स का अनियमित होना, अचानक बहुत गर्मी महसूस होना (हॉट फ्लैशेज), मांसपेशियों की ताकत कम होना, मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ना और पेट की चर्बी का धीरे-धीरे बढ़ते जाना। 35 साल के बाद कई लोगों में तनाव और हार्मोनल बदलाव दोनों एक साथ हो सकते हैं, जिसे सही लक्षणों से पहचाना जा सकता है।स्ट्रेस बेली को कम करने के तरीकेअगर आपका पेट तनाव के कारण निकल रहा है, तो कॉर्टिसोल हार्मोन को कंट्रोल करना सबसे पहला कदम है।रोजाना 7 से 8 घंटे की पर्याप्त और गहरी नींद लें।तेज टहलना या हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज करें।मेडिटेशन, योग और माइंडफुलनेस से मानसिक तनाव को कम करें।डाइट में प्रोटीन और फाइबर भरपूर लें ताकि ब्लड शुगर का स्तर नॉर्मल रहे।बहुत ज्यादा चाय या कॉफी (कैफीन) के सेवन से बचें।हार्मोनल बेली को कैसे घटाएं?हार्मोनल असंतुलन से बढ़ी चर्बी को घटाने के लिए लाइफस्टाइल में थोड़े अलग बदलावों की जरूरत होती है।नियमित रूप से रेजिस्टेंस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें, इससे मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं।हड्डियों और हार्मोनल हेल्थ के लिए पर्याप्त विटामिन D और कैल्शियम लें।अगर पेरिमेनोपॉज के लक्षण बहुत ज्यादा परेशान कर रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लेकर हार्मोनल जांच करवाएं।डॉ. रेड्डी के मुताबिक, वजह चाहे तनाव हो या हार्मोन, 35 के बाद पेट को फिट रखने की सबसे मजबूत नींव नियमित एक्सरसाइज, स्ट्रेस मैनेजमेंट, balanced डाइट और अच्छी नींद ही है।
क्या मानसून में आप भी बार-बार पड़ते हैं बीमार? जानिए डेंगू, फ्लू और वायरल बुखार से बचने का सही तरीका
बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन इसके साथ ही यह कई बीमारियों का न्योता भी लेकर आता है। इन दिनों उमस और तापमान में लगातार होने वाले बदलाव के कारण वायरस बड़ी तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि मानसून आते ही घरों में सर्दी, खांसी, फ्लू और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। जिनकी इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है, उनके लिए तो यह मौसम किसी 'इन्फेक्शन के सिलसिले' से कम नहीं होता।पुणे के सह्याद्रि हॉस्पिटल के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. रमन गायकवाड़ बताते हैं कि इस मौसम में जलभराव, गंदगी और दूषित पानी बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर हम बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।मानसून में बीमारियां क्यों बढ़ती हैं?असल में बारिश के दौरान हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है, जो वायरस को लंबे समय तक सक्रिय रखने में मदद करती है। जगह-जगह भरा हुआ पानी और गंदगी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इसी रुके हुए पानी में डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर पैदा होते हैं। इसके अलावा दूषित खाना और पानी भी वायरस को सीधे हमारे शरीर तक पहुंचाते हैं। मौसम बदलते ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाती है, जिससे हम आसानी से वायरल इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।वायरल इन्फेक्शन के मुख्य लक्षणअगर आपको अचानक तेज बुखार आ जाए, गले में खराश हो या खांसी परेशान करे, तो यह वायरल हो सकता है। इसके अलावा नाक बहना या बंद होना, तेज सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना भी इसके आम लक्षण हैं। अगर आपको डेंगू या चिकनगुनिया है, तो शरीर पर लाल चकत्ते भी आ सकते हैं। कुछ लोगों को उल्टी, दस्त या जी मिचलाने जैसी दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं।वायरल संक्रमण का सही इलाज क्या है?एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर वायरल संक्रमण कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसका मुख्य इलाज आपके लक्षणों को कंट्रोल करना है। सबसे जरूरी है कि आप शरीर को पूरा आराम दें और खूब सारा पानी पिएं। अपनी डाइट में लिक्विड चीजें और हेल्दी खाना शामिल करें, इससे रिकवरी काफी तेज होती है। बुखार या दर्द के लिए कोई भी दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें। सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वो है खुद से एंटीबायोटिक्स खाना। याद रखें, एंटीबायोटिक दवाएं वायरल संक्रमण पर बिल्कुल असर नहीं करतीं, इसलिए इन्हें बिना डॉक्टरी पर्चे के न लें। फ्लू जैसी कुछ गंभीर स्थितियों में डॉक्टर आपको एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं।बारिश में इन्फेक्शन से कैसे करें बचाव?संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ख्याल रखें और हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।पीने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।घर का बना ताजा और साफ खाना खाएं। बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें।मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।अपने घर के आस-पास या छतों पर पानी बिल्कुल जमा न होने दें।पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक संतुलित आहार खाएं ताकि आपकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।डॉक्टर से तुरंत कब मिलें?अगर आपका बुखार दो-तीन दिन बाद भी नहीं उतर रहा है, सांस लेने में कोई तकलीफ हो रही है, लगातार उल्टियां हो रही हैं, या शरीर पर लाल चकत्ते दिखने लगें, तो बिल्कुल देरी न करें। इसके अलावा अगर प्लेटलेट्स कम होने का शक हो या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के गंभीर लक्षण नजर आएं, तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
गर्मियों के मौसम में आम (Mango) हर किसी का पसंदीदा फल होता है। डायबिटीज के मरीजों को अक्सर आम का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा आम खाना दिल के मरीजों (Heart Patients) के लिए भी जोखिम भरा साबित हो सकता है?एम्स (AIIMS) के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के फाउंडर एंड डायरेक्टर डॉ. बिमल छाजेड़ (Dr. Bimal Chhajer) के अनुसार, आम में फ्रुक्टोज (प्राकृतिक शुगर) और कार्बोहाइड्रेट प्रचुर मात्रा में होते हैं। यदि इसका अत्यधिक सेवन किया जाए—खासकर आमरस, शेक या जूस के रूप में—तो यह ब्लड शुगर और ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) के स्तर को तेजी से बढ़ा सकता है, जो दिल की बीमारियों का प्रमुख कारण बनता है।आम में मौजूद पोषक तत्व (Nutritional Value)अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो आम दिल और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है:विटामिन C और A: इम्यूनिटी मजबूत करते हैं और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को स्वस्थ रखते हैं।पोटैशियम: ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और फ्लूइड बैलेंस बनाने में मदद करता है।डाइटरी फाइबर: पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक है।मैंगीफेरिन (Mangiferin - पॉलीफेनॉल्स): यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो शरीर में सूजन (Inflammation) को कम करता है।दिल और डायबिटीज के मरीजों के लिए क्यों जोखिम भरा है ज्यादा आम?ट्राइग्लिसराइड्स और वजन का बढ़ना: आम में सीधे तौर पर कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड नहीं होता, लेकिन इसका अधिक सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा करता है, जिससे वजन और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं।हाई ब्लड शुगर: 100 ग्राम आम के गूदे में लगभग 100 कैलोरी होती है। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) लगभग 60 होता है, जो मध्यम श्रेणी में आता है। अनियंत्रित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्पाइक कर सकता है।मैंगो शेक, जूस और डेजर्ट से क्यों बचें?डॉक्टर के मुताबिक, साबुत फल खाने की तुलना में मैंगो जूस, शेक या आमरस बेहद नुकसानदायक होते हैं:फाइबर का खत्म होना: जूस या शेक बनाने से आम का प्राकृतिक फाइबर खत्म हो जाता है।शुगर का तेजी से अवशोषण: बिना फाइबर के फ्रुक्टोज रक्त में बहुत तेजी से घुलता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है।अतिरिक्त कैलोरी: शेक में दूध और ऊपर से मिलाई गई चीनी शरीर में फैट जमा करती है।आम खाने का सही तरीका और सही समयमात्रा (Portion Control): एक बार में केवल 100 से 150 ग्राम (लगभग आधा आम) खाना ही पर्याप्त है।सही समय: आम का सेवन दिन में स्नैक्स के रूप में करें। देर रात आम खाने से बचें, क्योंकि रात में मेटाबॉलिज्म धीमा होता है।प्रोटीन/फाइबर के साथ खाएं: आम को पूरे फल के रूप में चबाकर खाएं और चाहें तो इसके साथ कुछ मेवे (Badam/Walnuts) लें, ताकि शुगर स्पाइक न हो।सामान्य लोगों के लिए: जिन लोगों को डायबिटीज नहीं है और वजन कंट्रोल में है, वे दिन में 1 से 2 आम आसानी से खा सकते हैं।किन लोगों को बरतनी चाहिए विशेष सावधानी?अनियंत्रित डायबिटीज (Uncontrolled Diabetes) के मरीज।जिनका ट्राइग्लिसराइड लेवल बहुत हाई रहता हो।जो लोग सख्त वेट लॉस (Weight Loss) डाइट पर हों।(नोट: जिन लोगों का ब्लड शुगर, वजन और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित है, वे अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से सीमित मात्रा में ताजा आम का आनंद ले सकते हैं।)
मानसून के मौसम के साथ ही देश भर में डेंगू (Dengue) के मामलों में तेजी से उछाल देखने को मिलता है। इस मौसम में आम लोगों के साथ-साथ टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की बेहद जरूरत है।'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ डायबिटीज एंड टेक्नोलॉजी' (International Journal of Diabetes & Technology) में प्रकाशित एक रिव्यू पेपर के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में डेंगू का वायरस न केवल तेजी से फैलता है, बल्कि उनके गंभीर और जानलेवा स्थिति में पहुंचने का जोखिम भी सामान्य लोगों की तुलना में कहीं अधिक होता है।डायबिटीज मरीजों के लिए क्यों ज्यादा खतरनाक है डेंगू?प्रसिद्ध डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. जोथीदेव केसवदेव और जांद्रा हेल्थकेयर के डॉ. राजीव कोविल के अनुसार, हाई ब्लड शुगर के कारण मरीजों का इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) पहले से ही कमजोर होता है। ऐसे में जब डेंगू का मच्छर काटता है, तो:प्लेटलेट्स का गिरना: शरीर में प्लेटलेट्स काउंट (Platelet Count) अचानक और तेजी से नीचे गिर सकता है।इंटरनल ब्लीडिंग: मसूड़ों, नाक या शरीर के अंदरूनी हिस्सों से खून बहने (Internal Bleeding) की संभावना बढ़ जाती है।डेंग्यू शॉक सिंड्रोम (Dengue Shock Syndrome): मरीज की स्थिति बिगड़ने पर डेंग्यू शॉक सिंड्रोम का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।अतिरिक्त जोखिम: केवल डायबिटीज ही नहीं, बल्कि मरीज की बढ़ती उम्र, मोटापा, किडनी रोग, हाई ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित ब्लड शुगर (Uncontrolled Glycemic Control) भी स्थिति को गंभीर बना देते हैं।डायबिटीज मरीजों के लिए डेंगू वैक्सीन क्यों जरूरी?डॉ. केसवदेव के मुताबिक, भारत में 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं और उनमें से अधिकांश का ब्लड शुगर लेवल सही तरह से कंट्रोल में नहीं रहता। ऐसे मरीजों में किसी भी संक्रमण से जटिलताएं पैदा होने का खतरा 2 से 4 गुना अधिक होता है।शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों का सुझाव है कि डेंगू प्रभावित (Endemic) इलाकों में रहने वाले डायबिटीज मरीजों के नियमित हेल्थकेयर रूटीन में डेंगू वैक्सीन (Dengue Vaccine) को शामिल करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि गंभीर संक्रमण और मृत्यु दर के जोखिम को कम किया जा सके।किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?1. शुरुआती सामान्य लक्षण:तेज बुखारजोड़ों, मांसपेशियों और शरीर में तेज दर्दसिरदर्द और आंखों के पीछे दर्दउल्टी, जी मिचलाना या त्वचा पर लाल चकत्ते (Rashes)2. गंभीर/इमरजेंसी लक्षण (तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें):पेट में उठने वाला तेज और लगातार दर्दलगातार उल्टियां होनामसूड़ों या नाक से खून बहनाअत्यधिक सुस्ती, कमजोरी या चक्कर आनापेशाब की मात्रा में अचानक कमी आनाब्लड शुगर लेवल में अचानक भारी उतार-चढ़ाव होनाडेंगू से बचाव और प्रबंधन के जरूरी उपायमच्छरों से बचाव: फुल आस्तीन (बांह) के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट (मच्छर भगाने वाली क्रीम) का इस्तेमाल करें।जलभराव रोकें: अपने घर और आसपास गमलों, कूलरों या खुले बर्तनों में पानी जमा न होने दें।ब्लड शुगर मॉनिटरिंग: अपने शुगर लेवल की नियमित जांच करें और उसे नियंत्रित रखने की कोशिश करें।प्रचुर मात्रा में पानी पिएं: शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेटेड रखें और सात्विक व संतुलित आहार लें।दवाइयों में बदलाव: KIMS हॉस्पिटल के डॉ. विजय नेगलुर के अनुसार, डेंगू होने पर मरीज की भूख, डिहाइड्रेशन और सेहत के आधार पर डायबिटीज की दवाओं की खुराक में अस्थायी बदलाव (Adjustments) की जरूरत हो सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें या बंद न करें।
देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के उग्र विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बीच बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सीनियर बीजेपी नेता और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी (Pralhad Joshi) को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक विज्ञप्तिराष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार:इस्तीफा मंजूर: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तुरंत स्वीकार कर लिया है।अतिरिक्त प्रभार: प्रधानमंत्री के परामर्श पर राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए।प्रह्लाद जोशी कौन हैं? जानें उनके पास कौन-कौन से मंत्रालय हैं64 वर्षीय प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं।संसदीय क्षेत्र: वे साल 2004 से लगातार कर्नाटक के धारवाड़ (Dharwad) लोकसभा सीट से सांसद हैं।मौजूदा पोर्टफोलियो: प्रह्लाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब शिक्षा मंत्रालय के जुड़ने से उनके पास महत्वपूर्ण विभागों की कमान आ गई है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रह्लाद जोशी की प्रतिक्रियाप्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर धर्मेंद्र प्रधान के योगदान की सराहना करते हुए लिखा:धर्मेंद्र प्रधान जी का दशकों लंबा और गौरवशाली राजनीतिक करियर रहा है। उनके कार्यकाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के सफल कार्यान्वयन के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में 100 से अधिक सुधार हुए। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय देश के विकास में उनके योगदान को कम नहीं करता।जंतर-मंतर से खत्म हुआ छात्रों का आंदोलननीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर पिछले एक हफ्ते से चल रहा छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों का विरोध प्रदर्शन अब समाप्त हो गया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार द्वारा मांगों पर सहमति की प्रक्रिया के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन वापस ले लिया है और जंतर-मंतर का स्थल पूरी तरह खाली कर दिया गया है।
हिंदू धर्म में त्रयोदशी तिथि पर रखा जाने वाला प्रदोष व्रत अत्यंत कल्याणकारी और पापमुक्तिदायक माना गया है। आज यानी 26 जुलाई 2026, रविवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत या भानु प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव कैलाश पर्वत पर अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों का अंत करते हैं। रविवार को प्रदोष व्रत होने से महादेव के साथ-साथ सूर्य देव का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे साधक को आरोग्य, समाज में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।प्रदोष व्रत 2026: तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्तशास्त्रों के अनुसार प्रदोष व्रत की पूजा केवल प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय और उसके ठीक बाद की अवधि) में ही की जाती है:आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 26 जुलाई 2026 को दोपहर 01:58 बजेत्रयोदशी तिथि समाप्त: 27 जुलाई 2026 को शाम 04:15 बजेप्रदोष काल पूजा का शुभ मुहूर्त (26 जुलाई): शाम 07:16 बजे से रात 09:21 बजे तकपूजा की कुल अवधि: 2 घंटे 05 मिनटरवि प्रदोष व्रत का महत्वआरोग्य और सूर्य ग्रह की मजबूती: रवि प्रदोष का व्रत रखने से जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है, जिससे शारीरिक रोगों से मुक्ति मिलती है।आत्मविश्वास व सफलता: जो लोग करियर या समाज में मान-प्रतिष्ठा की कमी महसूस कर रहे हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदाई माना जाता है।मनोकामना पूर्ति: इस दिन प्रदोष काल में शिवलिंग पर जल चढ़ाकर विधि-विधान से पूजन करने से भगवान शिव और माता पार्वती सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।रवि प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधिसंकल्प और स्नान: सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और सफेद या लाल-पीले स्वच्छ वस्त्र धारण करें। हाथ में जल लेकर भगवान शिव और सूर्य देव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।सूर्य अर्घ्य: तांबे के लोटे में जल, लाल चंदन और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।प्रदोष काल स्नान व तैयारी: शाम को प्रदोष काल मुहूर्त से ठीक पहले पुनः स्नान करें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनें।शिवलिंग का जलाभिषेक: पूजा स्थल पर बैठकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) अर्पित करें।सामग्री अर्पण: इसके बाद शिवलिंग पर भस्म या चंदन लगाएं और बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र, भांग, अक्षत और सफेद फूल श्रद्धापूर्वक चढ़ाएं।कथा व आरती: रवि प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें या सुनें। धूप-दीप जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।व्रत का पारण: अगले दिन (27 जुलाई) सुबह पुनः स्नान-ध्यान के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण देश और युवा पीढ़ी: गृह मंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए देश, देशवासी और युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं
'मुझे आप पर गर्व है', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर थरूर ने जेन-जी को दिया खास संदेश
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हफ्तों तक चले व्यापक छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए उन्हें जेन-जी पर गर्व है
वायनाड: प्रियंका गांधी वाड्रा ने भूस्खलन वाली जगह का लिया जायजा, बोलीं- सरकार हर जरूरी मदद देगी
केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पहली बार कल्लाडी में भूस्खलन वाली जगह का दौरा किया। यह भूस्खलन 18 दिन पहले हुआ था

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