आम्रपाली दुबे भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल हैं। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। दोनों ने साथ में कई हिट फिल्मों में काम किया है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि वह इस इंडस्ट्री में सिर्फ एक फिल्म करने के इरादे से आई थीं और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यही एक फिल्म उनके करियर की नई पहचान बन जाएगी।
हूतियों पर हमले की कोई प्लानिंग नहीं... शुरुआती गर्मी दिखाकर पलट गया पाकिस्तान
पाकिस्तान ने सबसे पहले हूती विद्रोहियों पर हमले की वार्निंग दी. रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान मक्का पैक्ट के प्रावधानों को एक्टिवेट कर देगा, लेकिन पाकिस्तान कुछ घंटे गुजरते ही पलट गया.
एक से ज्यादा बैंक अकाउंट? जानें कितने खाते रखना समझदारी
ज्यादातर लोगों के लिए दो बैंक खाते पर्याप्त हो सकते हैं—एक रोजमर्रा के खर्च और दूसरा बचत या बैकअप के लिए. जरूरत पड़ने पर तीसरा खाता भी रखा जा सकता है, लेकिन हर खाते का स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए. जानें ज्यादा बैंक खाते रखने के फायदे, नुकसान और जरूरी बातें.
घर की छत पर सोलर पैनल लगवाएं, ₹78 हज़ार तक सब्सिडी
PM Surya Ghar Yojana के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने पर केंद्र सरकार से ₹78 हजार तक सब्सिडी मिल सकती है. पात्र परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ भी मिलता है. यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान और दिल्ली में अतिरिक्त सहायता के प्रावधान बताए गए हैं. वीडियो में जानें इस सब्सिडी के लिए कैसे करें अप्लाई.
iPhone Duo जैसा Samsung Fold 8, सिर्फ ₹72 हजार में खरीदें!
Apple iPhone Duo की कीमत करीब 3 लाख रुपये से शुरू होती है, लेकिन फोल्डेबल फोन लेने वालों के लिए Samsung Galaxy Z Fold 8 एक सस्ता विकल्प बन सकता है. एक्सचेंज और दूसरे ऑफर्स के बाद इसकी कीमत करीब 72 हजार रुपये तक आ सकती है. दोनों फोन में बड़ी फोल्डेबल स्क्रीन, 120Hz रिफ्रेश रेट और दमदार प्रोसेसर जैसे फीचर्स मिलते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को CJP विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी 14 साल की लड़की को डराने-धमकाने और उसके घर पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने के आरोपों पर गंभीरता से संज्ञान लिया। कोर्ट ने कहा कि आपराधिक कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए किसी नाबालिग या उसके परिवार को डराने-धमकाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि नाबालिग को धमकी देने के आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आपराधिक कार्यवाही को आगे बढ़ाने के लिए किसी पीड़ित या उसके परिवार को डराने-धमकाने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। इसे भी पढ़ें: Delhi Building Safety: सुप्रीम कोर्ट सख्त, MCD और दिल्ली सरकार से मांगी इमारतों के निरीक्षण की Status Report CJI ने आरोपों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कहा, अगर कोई असामाजिक तत्व हैं जिन्होंने किसी बच्चे के ख़िलाफ़ हिंसा की है, और वे आज़ाद घूम रहे हैं और बच्चे को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह एक गंभीर बात हो सकती है। यह मामला जायज़ है। इस पर कोई दो राय नहीं हो सकती। यह मामला छात्र विरोध प्रदर्शन केस की सुनवाई के दौरान तब उठा, जब वकील ने बेंच का ध्यान एक वीडियो की ओर दिलाया। इस वीडियो में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान लड़की के पिता पर हमले की ज़िम्मेदारी ली थी। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली से FIR, लड़की और उसके परिवार की सुरक्षा व्यवस्था, और हमले व डराने-धमकाने के आरोपियों के खिलाफ उठाए गए कदमों के बारे में स्टेटस रिपोर्ट मांगी। बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि FIR पर तेज़ी से कार्रवाई हो और नाबालिग लड़की व उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा के उपाय किए जा सकते हैं और स्थानीय पुलिस इस घटना को एक अलग मामले के तौर पर देख सकती है। CJI ने सॉलिसिटर जनरल से कहा, बच्चा तो बच्चा ही होता है। बच्चे की सुरक्षा के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। स्थानीय पुलिस इस घटना को एक अलग मामले के तौर पर ले सकती है। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने Delhi Metro के 17 स्टेशन बंद करने पर केंद्र और DMRC से मांगा जवाब सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि उन्हें बच्चे की सोशल मीडिया पोस्ट से इस मामले की जानकारी थी। इस बीच, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि ग्रेटर नोएडा के एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने एक छात्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर CJP के विरोध प्रदर्शन के लिए कथित अभियान चलाने के आरोप में 5 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड भरने को कहा था।
रोहित की ‘Non-Committal’ टी-शर्ट से सनसनी, अगरकर पर निशाना?
रोहित शर्मा की ‘Non Committal’ टी-शर्ट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. फैन्स इस टी-शर्ट को चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर के उस बयान से जोड़ रहे हैं, जिसमें उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर ‘Non-Committal’ होने की बात कही थी. रोहित के टीवी डेब्यू से पहले सामने आए इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर मजेदार मीम्स वायरल हो रहे हैं.
घर में नहीं टिकता पैसा? फेंगशुई के ये 3 उपाय आजमाएं
Vastu Upay: फेंगशुई के इन 3 आसान उपायों से घर में सुख-शांति और पॉजिटिविटी बढ़ाने की मान्यता है. जानें घर की बरकत और सकारात्मक माहौल के लिए क्या करें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में इंटरनेशनल स्पेस समिट में भारतीय स्पेस सेक्टर और इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन (ISRO) की तारीफ़ की और ग्लोबल सहयोग व सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन) पर ज़ोर दिया। समिट को वर्चुअली संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने 'वसुधैव कुटुंबकम' का संदेश दिया और स्पेस की खोज, इनोवेशन और सुरक्षा में सहयोग का आह्वान किया। ISRO पर दुनिया के भरोसे की तारीफ़ करते हुए उन्होंने बताया कि 34 देशों के 430 से ज़्यादा सैटेलाइट भारतीय रॉकेट से स्पेस में भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, सदियों से स्पेस ने हमारी कल्पना को प्रेरित किया है। आज, यह पृथ्वी पर जीवन को बदल रहा है - मौसम और फ़सलों से लेकर महासागरों और समुदायों तक। स्पेस की संभावनाएं अनंत हैं। हमारी ज़िम्मेदारी सामूहिक है। जैसे-जैसे ऑर्बिट में भीड़ बढ़ रही है, टेक्नोलॉजी ज़्यादा शक्तिशाली हो रही है और इसमें शामिल होने वाले लोग बढ़ रहे हैं, हमारे फ़ैसले साफ़ होने चाहिए: टकराव के बजाय सहयोग, थोड़े समय के फ़ायदे के बजाय सस्टेनेबिलिटी, और अलग-थलग करने के बजाय सबको साथ लेकर चलना। भारत का नज़रिया 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य। यह भावना अब पृथ्वी से आगे जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Beijing की मुहर: PM Modi के निमंत्रण पर Delhi आएंगे President Xi Jinping, BRICS Summit में क्या सुलझेगा रिश्तों का तनाव? उन्होंने कहा कि भारत स्पेस सेक्टर में सुरक्षित और सस्टेनेबल विकास का समर्थन करता है, जो बातचीत और मल्टीलेटरल सहयोग पर आधारित है। हम अंतरराष्ट्रीय कानून, बातचीत और मल्टीलेटरल सहयोग पर आधारित एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सस्टेनेबल स्पेस डोमेन का समर्थन करते हैं। वैज्ञानिक डेटा का इस्तेमाल खुलेपन और ईमानदारी के साथ आम भलाई के लिए किया जाना चाहिए। भारत की स्पेस यात्रा इसी सोच को दिखाती है; ISRO, जो इस यात्रा के केंद्र में है, ने अपनी बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस और कम लागत वाले मिशनों के लिए दुनिया भर में तारीफ़ पाई है। इसकी क्षमताएं किसानों और मछुआरों, मौसम की भविष्यवाणी, आपदा प्रबंधन और नेविगेशन में मदद करती हैं। 34 देशों के 430 से ज़्यादा सैटेलाइट भारतीय रॉकेट से स्पेस में भेजे गए हैं। ISRO की टेक्नोलॉजी और पार्टनरशिप न सिर्फ़ भारत, बल्कि पूरी दुनिया के काम आती है। इस ग्लोबल भरोसे के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और टेक्नीशियनों का समर्पण और कड़ी मेहनत है। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने सुरक्षित व सतत Space Sector की वकालत की, ISRO की वैश्विक भूमिका को सराहा प्राइवेट सेक्टर के योगदान पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा, भारत का प्राइवेट स्पेस सेक्टर भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। एंटरप्राइज़ की ऊर्जा ISRO की उत्कृष्टता के साथ जुड़ रही है। 1960 के दशक में थुम्बा में भारतीय स्पेस प्रोग्राम की शुरुआत के समय से ही फ्रांस एक भरोसेमंद पार्टनर रहा है। हम फ्रांस और दुनिया को भारत के अगले स्पेस मिशन में साथ आने के लिए आमंत्रित करते हैं। पेरिस में हो रहा स्पेस समिट एक साफ़ संदेश दे: हम मिलकर खोज करेंगे, मिलकर इनोवेशन करेंगे और पूरी मानवता और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिलकर स्पेस की रक्षा करेंगे।
Review: बच गए अजय! मोहनलाल की 'दृश्यम 3' में नहीं दम
Drishyam 3 Malayalam Review: मोहनलाल की दृश्यम 3 ने निराश किया है. फैंस का मानना है अच्छा ही है अजय ने फिल्म के तीसरे पार्ट के लिए कहानी पूरी तरह बदली है.
महंगे बोटॉक्स को कहें बाय, मुल्तानी मिट्टी के संग लगाएं टमाटर का रस
How to Get Glowing Skin: आजकल के दौर में स्किन पर समय से पहले ही झुर्रियां दिखने लगती हैं जिसकी वजह खराब लाइफस्टाइल, खानपान और तनाव है. अगर आप भी अपनी स्किन को वक्त से पहले बूढ़ा नहीं करना चाहते तो आपको अपनी लाइफस्टाइल बेहतर करनी चाहिए. साथ ही यहां हम आपको अपनी स्किन की देखभाल करने के लिए एक असरदार नुस्खा भी बता रहे हैं जो आपकी स्किन को टाइट और सुंदर रखने में मदद करेगा.
YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज
पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष YS जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और DSC 2025 की CBI जांच की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि इसमें भारी अनियमितताएं हुई हैं और ऐसे उम्मीदवारों को आसानी से नौकरियां दे दी गईं जिन्होंने परीक्षा भी नहीं दी थी। मीडिया से बात करते हुए, YS जगन मोहन रेड्डी ने उन मामलों का ज़िक्र किया जिनमें सभी नियमों और सावधानियों को ताक पर रखकर नौकरियां दी गईं। जगन ने यह भी दावा किया कि DSC का मामला सामने आने के बाद गठबंधन सरकार ने APPSC की परीक्षाएं रोक दीं। जगन ने आरोप लगाया कि उन टूर्नामेंट्स के पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट के आधार पर उम्मीदवारों को नौकरियां दी गईं जो कभी हुए ही नहीं थे। उन्होंने DSC को चंद्रबाबू के घोटालों की सूची में एक बड़ा घोटाला बताया और कहा कि DSC 2025 के मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, जगन ने आगे आरोप लगाया कि जहाँ मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने बेटे को बचाने के लिए इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों के पास आरोपों का बचाव करने के लिए कोई जवाब नहीं बचा है; और नौकरी देने से पहले सात बार वेरिफिकेशन किए जाने का उनका दावा तो मज़ाक जैसा लगता है। इसे भी पढ़ें: 10 साल से फरार आरोपी Harnek Singh को CBI ने US से प्रत्यर्पण कर दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा जगन ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे स्पोर्ट्स कोटा के तहत बिना कोई परीक्षा दिए नौकरियां दी गईं। जगन का दावा है कि स्पोर्ट्स कोटा में 39 नौकरियां दी गईं, जिनमें से कुछ लोगों ने ऐसे टूर्नामेंट में भाग लेने के सर्टिफिकेट दिए जो खम्मम में कभी हुआ ही नहीं था। जगन ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति और उसकी बहन को स्पोर्ट्स कोटा के तहत 'फैमिली पैक' की तरह नौकरियां दी गईं; आधार यह बताया गया कि उन्होंने नलगोंडा में हुई खो-खो चैंपियनशिप में मेडल जीते थे, जबकि ऐसी कोई प्रतियोगिता कभी हुई ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना खो-खो एसोसिएशन ने भी इस दावे की पुष्टि की है। जगन ने दावा किया कि कुरनूल जिले में एक और व्यक्ति को TET परीक्षा दिए बिना नौकरी दे दी गई, जबकि ज़रूरी 75% अंकों के बजाय उसे केवल 65% अंक मिले थे। इसे भी पढ़ें: Tarun Chugh ने Punjab में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर Amit Shah से की CBI और NIA जांच की मांग पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हम इस मुद्दे को लेकर कोर्ट में भी लड़ रहे हैं, क्योंकि ऐसी अनियमितताओं और गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिशों से सिस्टम खराब हो रहा है। चंद्रबाबू सरकार ने APPSC परीक्षाओं में स्पोर्ट्स कोटा का इस्तेमाल करके वन विभाग में पद भरने के लिए भी वही तरीका अपनाने की कोशिश की थी, लेकिन DSC घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। जगन रेड्डी ने आगे कहा, यह घोटाला तब शुरू हुआ जब प्रश्न बैंक तैयार करने और परीक्षा आयोजित करने की ज़िम्मेदारी एक ही व्यक्ति को सौंप दी गई। गड़बड़ी तब सामने आई जब आउटसोर्सिंग पर रखे गए उस व्यक्ति को पेपर मिल गया, उसने पहली रैंक हासिल की, और बाद में मेरिट लिस्ट से उसका नाम हटा दिया गया। हालांकि इस बात के ऑडियो-वीडियो सबूत थे कि नौकरियां दी जा रही थीं, लेकिन मामले की उस तरह से जांच नहीं की गई जैसी की जानी चाहिए थी।
साबुत हरी मूंग से राजस्थानी की मसालेदार सब्जी, खाने मे लगेगी टेस्टी
घर में सब्जी नहीं है और रोज-रोज दाल खाकर बोर हो गए हैं, तो राजस्थानी स्टाइल साबुत मूंग दाल की सब्जी बनाएं. प्याज, टमाटर, लहसुन और देसी मसालों से तैयार यह सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ हेल्दी भी है, इसे रोटी, बाजरे की रोटी या चावल के साथ सर्व करें.
PM Modi ने सुरक्षित व सतत Space Sector की वकालत की, ISRO की वैश्विक भूमिका को सराहा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित सुरक्षित और सतत अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्थन करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग ईमानदारी के साथ एक साझा लक्ष्य की पूर्ति के लिए होना चाहिए। पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष शिखर सम्मेलन को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की प्रौद्योगिकी और साझेदारियां न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए उपयोगी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सदियों से अंतरिक्ष ने लोगों की कल्पनाओं को प्रेरित किया है और अब यह पृथ्वी पर जलवायु तथा फसलों से लेकर महासागरों एवं समुदायों तक को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अंतरिक्ष की संभावनाएं असीमित हैं और हमारी जिम्मेदारी सामूहिक है। जैसे-जैसे कक्षाएं (ऑर्बिट) अधिक भीड़भाड़ वाली होती जा रही हैं, प्रौद्योगिकियां अधिक शक्तिशाली हो रही हैं और भागीदारों की संख्या बढ़ रही है, हमें अपने विकल्प स्पष्ट रखने होंगे - टकराव के बजाय सहयोग, अल्पकालिक लाभ के बजाय स्थिरता और बहिष्कार के बजाय समावेशन।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित सुरक्षित और सतत अंतरिक्ष क्षेत्र का समर्थन करते हैं। वैज्ञानिक आंकड़ों का उपयोग ईमानदारी के साथ एक साझा लक्ष्य की पूर्ति के लिए होना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी सोच को दर्शाती है और इस यात्रा के केंद्र में मौजूद इसरो ने अपनी उत्कृष्टता और कम लागत वाले अभियानों के लिए दुनियाभर में प्रशंसा हासिल की है। उन्होंने कहा कि इसरो के अभियान किसानों और मछुआरों, मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और नेविगेशन के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो रहे हैं। मोदी ने कहा, ‘‘चौतीस देशों के 430 से अधिक उपग्रह भारतीय रॉकेट के जरिये अंतरिक्ष भेजे जा चुके हैं। इसरो की प्रौद्योगिकियां और साझेदारियां न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया की सेवा कर रही हैं।’’मोदी ने कहा, ‘‘दुनिया के इस भरोसे के पीछे भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियर और तकनीशियन की कई पीढ़ियों की लगन और कड़ी मेहनत है। दिन-रात काम करते हुए उन्होंने इसरो की प्रतिष्ठा स्थापित की है।’’उन्होंने कहा कि ‘चंद्रयान-3’ ने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना दिया और ‘आदित्य-एल1’ सूर्य के रहस्यों को उजागर कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) का दौरा किया। मोदी ने कहा, ‘‘आगे बढ़ते हुए हमारा लक्ष्य 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना और 2040 तक किसी भारतीय को चंद्रमा पर भेजना है। इन सभी प्रयासों में हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत स्पष्ट रहा है - इनके लाभ पूरी मानवता तक पहुंचने चाहिए।’’उन्होंने कहा कि इसरो के साथ-साथ भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘...1960 के दशक में थुंबा से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत के बाद से फ्रांस एक भरोसेमंद साझेदार रहा है। आज हमारा सहयोग पृथ्वी अवलोकन और उन्नत प्रौद्योगिकियों तक फैला हुआ है, जो वैज्ञानिक उत्कृष्टता को मानवीय उद्देश्यों के साथ जोड़ता है। हम फ्रांस और दुनिया को भारत के अगले चरण के अंतरिक्ष अनुसंधान में सहयात्री बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।’’प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का धन्यवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना पर आधारित है और यही भावना पृथ्वी से आगे अंतरिक्ष तक भी पहुंचनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को MCD और दिल्ली सरकार से उन इंस्पेक्शन की रिपोर्ट मांगी जो बिल्डिंग गिरने और आग लगने की घटनाओं के बारे में कोर्ट के पहले के आदेशों के तहत किए गए थे। साथ ही, कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि वह सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की दुखद घटना से जुड़ी कार्यवाही की निगरानी जारी रखे; इस घटना में सात लोगों की मौत हो गई थी और 12 लोग घायल हुए थे। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने अधिकारियों द्वारा पहले के आदेशों के तहत उठाए जा रहे कदमों का संज्ञान लिया और सभी पक्षों को अपनी-अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया। यह कार्यवाही मोती बाग के पास सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिरने की घटना से जुड़ी है। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने कई निर्देश जारी किए थे, जिनमें MCD से पेइंग गेस्ट (PG) अकोमोडेशन और हॉस्टल की सुरक्षा से जुड़ी कवायद करने के लिए कहा गया था। इसे भी पढ़ें: Delhi High Court का सख्त आदेश: CJP को 24 घंटे में हटाने होंगे Gaurav Bhatia के खिलाफ पोस्ट अमिकस क्यूरी और सीनियर एडवोकेट अजीत कुमार ने कहा कि यह प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही सिर्फ़ PG अकोमोडेशन की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं लगनी चाहिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली के चार इलाकों और लखनऊ के अली गंज में निरीक्षण किए गए थे। इससे पहले दिए गए निर्देशों में दिल्ली के लाजपत नगर, साकेत, मालवीय नगर और सरोजिनी नगर शामिल थे। अमिकस ने सुझाव दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जा सकता है और मौजूदा कार्यवाही के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि हाई कोर्ट की कार्यवाही जारी रहने दी जाए, और सुप्रीम कोर्ट के 25 मार्च, 2026 और 5 अगस्त, 2026 के आदेशों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट दाखिल की जाए। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने Delhi Metro के 17 स्टेशन बंद करने पर केंद्र और DMRC से मांगा जवाब बेंच ने बाद वाला सुझाव मान लिया और कहा कि वह हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहती। बेंच ने कहा, हम हाई कोर्ट के सामने चल रही कार्यवाही में दखल नहीं देना चाहते। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे मामले पर नज़र रखें और इसे किसी नतीजे तक पहुँचाएँ। सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया कि उसकी मौजूदा कार्यवाही दिल्ली में पहचाने गए खास इलाकों या लखनऊ तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली सरकार और MCD की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए।
खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक पहुंचे लंगूर, हजारों भक्त भी जमा, Video
उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर पहुंच गए हैं. मंदिर की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. पिछले चार दिनों में करीब 8 हजार से ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं. मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग की गई है.
ट्रंप के प्लेन का अचानक खुल गया इमरजेंसी स्लाइडर, कतर ने गिफ्ट किया था विमान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कतर से मिले विमान में टेक्सास के लिए रवाना होने वाले थे. लेकिन इमरजेंसी स्लाइडर उड़ान से ठीक पहले अचानक खुल गया, जिससे उनकी यात्रा में देरी हुई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ग्रामीण विकास, युवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ व्यापक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। एक पोस्ट में PM मोदी ने कहा, महामहिम प्रिंस रहीम आगा खान V से मिलकर खुशी हुई। उनके पिता, स्वर्गीय आगा खान IV और विकास कार्यों में उनके अहम योगदान को याद किया। आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के साथ हेल्थकेयर, खेती, ग्रामीण विकास, और युवाओं व महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। शिया इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम (आध्यात्मिक नेता) और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के चेयरमैन, प्रिंस रहीम आगा खान V, बुधवार को नई दिल्ली पहुँचे। इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। इससे पहले, उन्होंने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की। इसे भी पढ़ें: मैदान में पागल हुए चीनी टैंक, बांग्लादेश पर कर दिया हमला! विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हफ़्ते भर का दौरा भारत और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क (AKDN) के बीच अहम क्षेत्रों - खासकर सामाजिक विकास और विरासत संरक्षण - में चल रहे सहयोग की समीक्षा करने का एक महत्वपूर्ण मौका है। बातचीत में अलग-अलग सामुदायिक पहलों और व्यापक विकास कार्यक्रमों में संयुक्त प्रयासों को बढ़ाने पर भी चर्चा होगी। 15 सितंबर तक चलने वाले प्रिंस रहीम के दौरे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ आधिकारिक बैठकें और गृह मंत्री अमित शाह के साथ बातचीत भी शामिल है। राजधानी के अलावा, प्रिंस रहीम अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद का दौरा करेंगे और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न सामुदायिक और विकास प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण करेंगे। इसे भी पढ़ें: PM Modi का बड़ा Vision: 2035 तक Indian Space Station और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय Astronaut का लक्ष्य विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस्माइली समुदाय के 50वें इमाम का पद संभालने के बाद से प्रिंस रहीम की यह देश की पहली यात्रा है। प्रिंस रहीम ने पारंपरिक शिया इमामी इस्माइली उत्तराधिकार रीति-रिवाजों के अनुसार, अपने पिता प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान IV के निधन के बाद फरवरी 2025 में यह पद संभाला था। 14 सदियों पुरानी विरासत के दौरान, दुनिया भर में इस्माइली आबादी—जो 35 से ज़्यादा देशों में लगभग 1.2 से 1.5 करोड़ लोग हैं—ने लगातार एक जीवित, वंशानुगत आध्यात्मिक नेता के प्रति निष्ठा बनाए रखी है। अपनी आध्यात्मिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ, प्रिंस रहीम आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के तहत कई संस्थाओं में बोर्ड के पदों पर हैं और इस्माइली समुदाय की सामाजिक संस्थाओं और 'इंस्टीट्यूट ऑफ़ इस्माइली स्टडीज़' की निगरानी व्यवस्थाओं में सक्रिय रूप से शामिल रहते हैं।
Ladakh को राज्य का दर्जा और 6th Schedule पर Ruckus, Sonam Wangchuk ने दी आंदोलन की चेतावनी
शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने एक हफ़्ते के अंदर लद्दाख से जुड़े सभी मुद्दों पर भरोसा नहीं दिलाया, तो वे 19 से 24 सितंबर तक फिर से आंदोलन करेंगे। यह चेतावनी तब आई है जब वांगचुक ने गुरुवार को नई दिल्ली में लद्दाख के मुख्य समूहों और MHA की सब-कमेटी के बीच हुई बातचीत की प्रगति पर निराशा जताई। लद्दाख में हिंसा के बाद, पिछले साल सितंबर में कड़े नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद वांगचुक ने जोधपुर जेल में छह महीने बिताए। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav उन्हें पिछले साल 26 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। यह गिरफ्तारी लद्दाख के लिए ज़्यादा स्वायत्तता की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक होने के दो दिन बाद हुई थी; इन प्रदर्शनों में चार लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। केंद्र सरकार ने 2018 के मैगसेसे पुरस्कार विजेता और लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने के आंदोलन के प्रमुख नेता वांगचुक पर इन झड़पों को भड़काने का आरोप लगाया था। मार्च 2026 में रिहा होने के कुछ महीनों बाद, वांगचुक ने NEET परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ़ विरोध कर रहे छात्रों का समर्थन किया और 28 जून से 26 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे। इससे पहले गुरुवार को वांगचुक ने कहा कि वह लद्दाख के मुख्य नेताओं और नई दिल्ली में MHA की सब-कमेटी के बीच हुई बातचीत से निराश हैं। बैठक पर तंज कसते हुए, वांगचुक ने मशहूर कॉमेडियन जसपाल भट्टी के शो का एक पुराना क्लिप शेयर किया और कहा कि बातचीत के दौरान शायद ही कुछ नया हुआ हो। इसे भी पढ़ें: Sagar में जहरीली शराब से मौतें: Kharge बोले, MP सरकार की लापरवाही ने ली जानें, यह कुशासन है! गुरुवार को X पर एक पोस्ट में वांगचुक ने कहा कि लेह की एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के नेता नई दिल्ली में लद्दाख भवन में शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। उन्होंने कहा कि 9 सितंबर को नई दिल्ली में हुई सब-कमेटी लेवल की बैठक से नेता काफी निराश थे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग 3.0 में 15-16 सितंबर को 12 टीमें दिखाएंगी दम
मध्य भारत के इवेंट मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स की संस्था कंबाइंड इनिशिएटिव फॉर इवेंट मैनेजर्स वेलफेयर एसोसिएशन (सीएमा) द्वारा अपने सदस्यों के लिए आयोजित की जा रही सीएमा क्रिकेट प्रीमियर लीग (CPL 3.0) का तीसरा सीजन 15 और 16 सितंबर को इंदौर के अभय प्रशाल ...
SC का सुरक्षा कवच हटते ही West Bengal CID का एक्शन, Abhishek Banerjee के PA Sumit Roy गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल CID ने गुरुवार को झारग्राम में ज़मीन घोटाले के मामले में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को गिरफ़्तार किया। यह गिरफ़्तारी तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट ने उसी दिन इस मामले में रॉय को अग्रिम ज़मानत देने से इनकार कर दिया। गिरफ़्तारी के बाद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी और मीडिया जमा हो गए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोलते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिली सुरक्षा हटाए जाने के बाद रॉय को 121, कालीघाट रोड स्थित TMC ऑफिस से गिरफ्तार किया गया। इसे भी पढ़ें: Bihar में बिजली की Peak Demand 9.5 GW तक पहुंची, आपूर्ति में बड़ा सुधार अधिकारी ने कहा, सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा हटाए जाने के बाद CID ने सुमित रॉय को तृणमूल कांग्रेस के कालीघाट रोड स्थित ऑफिस (121 कालीघाट रोड) से गिरफ्तार किया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि रॉय, अभिषेक बनर्जी के लिए पैसे इकट्ठा करने में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया, वह उनके भतीजे के लिए पैसे इकट्ठा करने वाले व्यक्ति थे। सुमित रॉय 'टोला भतीजा' के नंबर वन कलेक्टर हैं। पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले की एक अदालत ने 15 जून को सुमित रॉय के ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत के लिए पहले कलकत्ता हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। इसे भी पढ़ें: Salboni Land Scam: TMC को बड़ा झटका, Abhishek Banerjee के PA Sumeet Roy अरेस्ट 6 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने रॉय को स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर करने की इजाज़त दे दी और अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी। CID की यह कार्रवाई झारग्राम में ज़मीन के कथित घोटाले की चल रही जांच का हिस्सा है।
Jairam Ramesh का दावा, पूर्व PM Manmohan Singh के विजन से ही अस्तित्व में आया BRICS Development Bank
सीनियर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को ब्रिक्स (BRICS) के विकास में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की भूमिका का ज़िक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2012 में जब भारत ने पहली बार इस समिट की मेज़बानी की थी, तब मनमोहन सिंह ने 'ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक' का विचार रखा था, जिससे बाद में 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' (NDB) की स्थापना हुई। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में रमेश ने ब्रिक्स की शुरुआत के बारे में बताया कि अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने 2001 में उभरती हुई वैश्विक आर्थिक ताकतों—ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन—के लिए 'BRIC' शब्द गढ़ा था। जयराम रमेश ने कहा, पच्चीस साल पहले, नवंबर 2001 में, ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने - जो उस समय इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स में थे - अपनी मशहूर रिपोर्ट 'बिल्डिंग बेटर ग्लोबल इकोनॉमिक BRICs' पब्लिश की थी। उन्होंने BRIC शब्द बनाया, जिसमें ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन को चार तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के तौर पर दिखाया गया था, जो सदी के मध्य तक मिलकर ग्लोबल इकॉनमी पर छा जाएंगी। इसके बाद, मुख्य रूप से राष्ट्रपति पुतिन की पहल पर, सितंबर 2006 में इन चार देशों के विदेश मंत्रियों ने न्यूयॉर्क में UN में मुलाक़ात की और आपस में अलग-अलग तरह के संबंध बनाने का फ़ैसला किया। इसे भी पढ़ें: हालिया टकराव के बाद Iran और खाड़ी देशों का BRICS में होगा आमना-सामना, अब मोदी की कूटनीति देखेगी दुनिया उन्होंने आगे कहा पहला BRIC समिट जून 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में हुआ था। इसमें डॉ. मनमोहन सिंह शामिल हुए थे। सितंबर 2010 में, दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से BRIC, BRICS बन गया। 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE BRICS में शामिल हुए और एक साल बाद इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हो गया। इस ग्रुप की अध्यक्षता हर साल बदलती रहती है। भारत ने पहली बार 29 मार्च 2012 को नई दिल्ली में समिट की मेज़बानी की थी। इसी बैठक में डॉ. मनमोहन सिंह ने BRICS डेवलपमेंट बैंक का विचार रखा था। रमेश ने आगे बताया कि जुलाई 2014 में BRICS डेवलपमेंट बैंक, NDB बन गया। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Chidambaram को BJP का करारा जवाब, कहा- कांग्रेस को हो रहा 'FOMO' और 'नाराज़ फूफा' जैसी बौखलाहट उन्होंने कहा, यह संस्था जुलाई 2014 में शंघाई में हेडक्वार्टर के साथ 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' (NDB) के तौर पर शुरू हुई और जाने-माने बैंकर KV कामथ इसके पहले प्रेसिडेंट बने। तब से, भारत ने अलग-अलग राज्यों में कई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के लिए NDB से लगभग 10 अरब डॉलर का लोन लिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने रानी मुखर्जी को दिया सम्मान, मंच पर हुईं भावुक
मुंबई में 62वें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह में रानी मुखर्जी को प्रतिष्ठित राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार मिला. इस दौरान एक्ट्रेस इमोशनल भी हुई. जानिए उन्होंने क्या कहा.
DGCA का बड़ा फैसला: सभी Pilot का होगा Drug Test, यात्री सुरक्षा अब और पुख्ता
एविएशन रेगुलेटर DGCA ने सभी एयरलाइंस के पायलटों के लिए ड्रग टेस्ट का आदेश दिया है। यह प्रक्रिया जुलाई 2027 तक पूरी की जानी है। इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने गुरुवार को कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के इस महीने के आखिर तक पायलटों के ड्रग टेस्ट के नए नियमों का ड्राफ्ट फाइनल करने की उम्मीद है। यह कदम एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के पायलट-इन-कमांड के ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद उठाया गया है। 4 अगस्त को हुई इस घटना में फ्लाइट अचानक लगभग 300 फीट नीचे गिर गई थी, जिससे कई यात्री घायल हो गए थे। 4 सितंबर को एयर इंडिया ने पायलट-इन-कमांड की सेवाएं खत्म कर दीं। इससे कुछ घंटे पहले ही जांच एजेंसी AAIB की शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया था कि पायलट का ड्रग्स लेना एक गंभीर चिंता का विषय है और एजेंसी ने रेगुलेटर DGCA से उचित कार्रवाई करने को कहा था। गुरुवार को सूत्रों ने बताया कि DGCA ने पिछले महीने सभी एयरलाइंस के पायलटों के लिए ड्रग टेस्टिंग का आदेश दिया था और एयरलाइंस से कहा गया है कि वे अगले साल जुलाई तक यह प्रक्रिया पूरी कर लें। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav गुरुवार को राजधानी में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान नायडू ने कहा कि साइकोएक्टिव पदार्थों के लिए पायलटों की टेस्टिंग से जुड़े संशोधित सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) का ड्राफ्ट, स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत के बाद इस महीने के आखिर तक फाइनल होने की उम्मीद है। अभी, पायलटों के लिए ड्रग टेस्ट रैंडम आधार पर किए जाते हैं। DGCA के मौजूदा सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) के तहत, हर साल 10 प्रतिशत पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (और अन्य लोगों) के लिए साइकोएक्टिव पदार्थों के रैंडम टेस्ट किए जाने ज़रूरी हैं। अलग-अलग कमर्शियल एयरलाइंस में 12,000 से ज़्यादा पायलट हैं। फुकेत फ़्लाइट की घटना और पायलट-इन-कमांड के ड्रग टेस्ट में पॉज़िटिव पाए जाने के बाद, एयर इंडिया ग्रुप ने अगस्त में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के सभी पायलटों का ड्रग टेस्ट करने का फ़ैसला किया। 4 सितंबर को जारी फुकेत फ़्लाइट घटना की शुरुआती रिपोर्ट में, AAIB ने कहा कि 145 लोगों को ले जा रहे विमान के साथ 36,000 फ़ीट की ऊंचाई पर उड़ते समय लगभग एक साथ तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम खराब हो गए। इससे ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हो गया, थोड़ी देर के लिए स्टॉल की चेतावनी मिली और ऊंचाई में अचानक बदलाव (एल्टीट्यूड अपसेट) हुआ, जिससे 24 लोग घायल हो गए। रिपोर्ट में बताया गया कि फ़्लाइट के बाद किए गए कन्फर्मेटरी टेस्ट में पायलट-इन-कमांड एक साइकोएक्टिव पदार्थ के लिए नॉन-नेगेटिव (यानी पॉज़िटिव) पाया गया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बाथरूम में रखी 4 चीजें तुरंत हटाएं, घेर लेगी गरीबी!
Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के किसी भी हिस्से में टूटा हुआ शीशा या कांच रखना बेहद अशुभ माना जाता है. बाथरूम में अक्सर लोग शेविंग या तैयार होने के लिए कांच का इस्तेमाल करते हैं.
IRCTC होटल मामले में लालू यादव की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने दिया ये आदेश
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने लालू यादव समेत कुल 9 आरोपियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के चार्ज फ्रेम किए जाने का निर्देश दिया गया है. यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे. अधिक जानने के लिए देखें Video.
जम्मू-कश्मीर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में वंदे मातरम् के पूरे छह अंतरों के गायन ने जिस तरह कांग्रेस और उसकी सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक खींचतान पैदा की है, उसने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आजादी की लड़ाई के प्रतीकों को भी दलगत राजनीति के चश्मे से देखा जाएगा? हम आपको बता दें कि मामला तब गरम हुआ, जब समारोह में वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया। इसके बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नेशनल कॉन्फ्रेंस से अपने फैसले पर विचार करने की अपील करते हुए कहा कि विपक्षी INDIA ब्लॉक को वंदे मातरम् की केवल पहले दो अंतरों तक सीमित रहना चाहिए। कांग्रेस का तर्क है कि गीत के बाद के अंतरों में हिंदू धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख है और इसका पूर्ण संस्करण भारत के “समन्वयवादी और बहुलतावादी” चरित्र के अनुकूल नहीं है। यहीं से कांग्रेस से कुछ कड़े सवाल बनते हैं। अगर वंदे मातरम् का पूरा संस्करण इतना आपत्तिजनक है तो कांग्रेस के अपने मुख्यमंत्री और नेता अतीत में इसके पूर्ण संस्करण का गायन क्यों करते रहे हैं? हम आपको बता दें कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो सामने आए हैं, जिनमें वह वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के दौरान मौजूद रहे और उसके सम्मान में खड़े दिखाई दिए। नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता तनवीर सादिक ने इन्हीं वीडियो को साझा करते हुए जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा से पूछा कि आखिर अपने ही कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के इस आचरण पर उनकी क्या राय है? सवाल इसलिए और गंभीर है क्योंकि 19 अगस्त 2026 को कांग्रेस कार्यसमिति ने बाकायदा फैसला किया था कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे गाए जाएंगे। कांग्रेस ने इसके लिए 1937 के अपने फैसले का हवाला दिया है। इसे भी पढ़ें: सरकार के खिलाफ बोलना देशद्रोह! निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के विदेश यात्रा पर प्रतिबंध की मांग की, नेहरू के पत्र का दिया हवाला सवाल उठता है कि अगर पार्टी की मौजूदा नीति केवल पहले दो अंतरों की है, तो कांग्रेस शासित राज्यों के संवैधानिक पदों पर बैठे नेता पूर्ण वंदे मातरम् के दौरान क्यों खड़े रहे? क्या कर्नाटक और तेलंगाना में राष्ट्रगीत के लिए अलग राजनीतिक व्याकरण है और जम्मू-कश्मीर में अलग? क्या राष्ट्रीय प्रतीक का सम्मान राज्य की सीमा और राजनीतिक परिस्थिति देखकर तय होगा? मामला यहीं खत्म नहीं होता। 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में भी वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया गया, जहां सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कांग्रेस के शीर्ष नेता मौजूद थे। यही नहीं, मई 2026 में केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में भी पूर्ण वंदे मातरम् बजाया गया था, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कर्नाटक के सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार तथा तेलंगाना के रेवंत रेड्डी समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे। सवाल उठता है कि ऐसे में जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं के सामने यही गीत गाया गया तो अचानक यह “सांप्रदायिकता” का सवाल कैसे बन गया? राजनीति में सुविधा के हिसाब से राष्ट्रगीत की स्वीकार्यता तय नहीं हो सकती। कांग्रेस का यह कहना कि स्वतंत्रता सेनानियों के “विवेकपूर्ण निर्णय” का सम्मान होना चाहिए, अपने आप में सही बात है। लेकिन क्या स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को केवल राजनीतिक सुविधा के अनुसार चुनकर प्रस्तुत किया जा सकता है? इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं, फिर भी एक राष्ट्रगीत के सवाल पर दोनों की राह अलग दिखाई दे रही है। जम्मू-कश्मीर में जहां नेशनल कॉन्फ्रेंस इसे राष्ट्रीय भावना के संदर्भ में देख रही है, वहीं कांग्रेस उसके पूर्ण संस्करण को लेकर असहज है। यह विरोधाभास विपक्षी गठबंधन की वैचारिक एकता पर भी सवाल खड़ा करता है। सवाल उठता है कि क्या INDIA ब्लॉक में राष्ट्रगीत के सम्मान की भी कोई साझा नीति नहीं है? क्या गठबंधन के सहयोगी दल इस बात पर भी सहमत नहीं हो सकते कि देश के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रतीकों का सम्मान दलगत सीमाओं से ऊपर होना चाहिए? और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर देश के करोड़ों लोग वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को सम्मान के साथ सुनना चाहते हैं, तो राजनीतिक दल उन्हें यह बताने वाले कौन होते हैं कि उन्हें राष्ट्रगीत का कौन-सा हिस्सा गाना चाहिए? वंदे मातरम् को लेकर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, ऐतिहासिक विमर्श हो सकता है और संवैधानिक बहस भी हो सकती है। लेकिन किसी राष्ट्रप्रतीक को लेकर सवाल उठाते समय राजनीतिक दलों को अपने ही अतीत और अपने नेताओं के आचरण का भी हिसाब देना होगा। कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसका विरोध सैद्धांतिक है या राजनीतिक? क्योंकि यदि पूर्ण वंदे मातरम् गलत है, तो उसके गायन में शामिल रहे अपने नेताओं से भी वही सवाल पूछना होगा। और अगर वह स्वीकार्य है, तो फिर जम्मू-कश्मीर में इसके पूर्ण गायन पर आपत्ति क्यों? बहरहाल, राष्ट्रगीत किसी एक पार्टी की संपत्ति नहीं है। वंदे मातरम् पर राजनीति करने से पहले राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि राष्ट्रभावना को वोट-बैंक की सीमाओं में बांधने की कोशिश अंततः उसी राजनीति पर भारी पड़ सकती है।
मां श्वेता की 10 साल पुरानी ड्रेस में नव्या का 'गोल्डन' अवतार, PHOTOS
मां श्वेता बच्चन की 10 साल पुरानी गोल्डन ड्रेस पहनकर नव्या नवेली नंदा अबू जानी-संदीप खोसला के जश्न में पहुंचीं. उनके ग्लैमरस लुक ने सबका ध्यान खींच लिया.
बिहार में शराब पकड़ने गई टीम पर माफियाओं का हमला, SI समेत 5 घायल
बिहार के मुंगेर में शराब पकड़ने गई उत्पात विभाग की टीम पर शराब माफियाओं ने हमला कर दिया. पथराव में एक एसआई समेत पांच लोग घायल हो गए और वाहन के शीशे टूट गए. पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जानें पूरा मामला.
जहां कल घर थे, वहां अब मलबा है... 15 दिन बाद नेपाल की Photos
26 अगस्त को आई बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों की तस्वीर बदल दी. पानी उतर गया, लेकिन तबाही के निशान अब भी बाकी हैं. 15 दिन बाद सामने आई तस्वीरों में कहीं मलबा है, कहीं टूटी सड़कें और कहीं उजड़े घर साफ दिख रहे हैं.
Supreme Court ने Delhi Metro के 17 स्टेशन बंद करने पर केंद्र और DMRC से मांगा जवाब
उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्र, दिल्ली पुलिस और अन्य से जवाब मांगा। जुलाई में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल के आसपास 17 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और सुरक्षा प्रतिबंध लगाए जाने से मध्य दिल्ली में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। कई जगहों पर यात्रियों को घंटों फंसे रहना पड़ा था और कई लोगों को लंबे तथा अधिक खर्च वाले वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिवक्ता स्पर्शकांत नायक की ओर से दायर याचिका पर केंद्र, दिल्ली पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) और अन्य को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह याचिका आम जनता के संवैधानिक अधिकारों और सार्वजनिक सेवा को बंद करने के संबंध में तय संवैधानिक मानकों से जुड़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे आदेश जारी करने के लिए कोई विशेष कानून भी नहीं है। वास्तव में कोई आदेश पारित ही नहीं किया गया था। जनता को फैसले की जानकारी देने के लिए केवल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए थे।’’न्यायमूर्ति बागची ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि आम तौर पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए संबंधित पुलिस कानूनों के तहत पुलिस आयुक्त या पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देश जारी किए जाते हैं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि मेट्रो रेल अधिनियम के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत किसी मेट्रो स्टेशन को बंद किया जा सके। इसके बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में नोटिस जारी करने पर सहमति जताई।
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक की मुश्किलें बढ़ीं, जमीन घोटाला केस में PA सुमित राय गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के निजी सचिव सुमित राय को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद सीआईडी ने ऐक्शन लिया है।
लोहे के तवे को नॉन-स्टिक कैसे बनाएं? जानें Iron Tawa Seasoning Tips, डोसा-चीला नहीं चिपकेगा
क्या लोहे के तवे पर डोसा और चीला बार-बार चिपक जाता है? जानिए प्याज, नमक और तेल की आसान सीजनिंग ट्रिक, जिससे आपका साधारण लोहे का तवा भी नॉन-स्टिक जैसा काम करेगा.
Apple ने आखिरकार अपने पहले फोल्डेबल iPhone iPhone Duo को लॉन्च कर दिया है। यह सिर्फ एक नया iPhone मॉडल नहीं, बल्कि Apple के स्मार्टफोन डिजाइन में बड़ा बदलाव है। भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है। 256GB मॉडल के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर ...
बुलंदशहर रैली पर रार, यूपी सरकार पर बरसे अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने बुलंदशहर में रैली की अनुमति न मिलने, पुलिस कार्रवाई, महंगाई और आगामी चुनावों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए.
मेरा ही चेहरा, मेरा ही नाम-आवाज; पर आपलोग रहना सावधान! प्रियंका गांधी की क्यों ऐसी अपील?
कांग्रेस सांसद ने लोगों से यह भी कहा कि वे ऐसी पोस्ट को तुरंत ब्लॉक करें और उचित कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को इनकी रिपोर्ट भी करें।
सत्य निकेतन के बाद दिल्ली में बुलडोजर! MCD का एक्शन
दिल्ली में अब सिर्फ नोटिस नहीं... सीधा हथौड़ा चल रहा है..सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद MCD एक्शन मोड में है.जामा मस्जिद से लेकर द्वारका तक... कई इमारतों पर बुलडोजर चल चुका है, और कुछ ऐसी इमारतें हैं जिन्हें पूरी तरह जमीन में मिलाने की तैयारी है..यही नहीं पीजी मालिकों की बढ़ती मनमानी पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली सरकार लगाम लगाने की तैयारी कर रही है.
फर्जी अधिकारी, जाली आई-कार्ड और... पटना में जीजा-साले गिरोह का भंडाफोड़
पटना में सरकारी नौकरी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. सचिवालय थाना पुलिस ने जीजा-साले को गिरफ्तार किया है, जो खुद को सरकारी अधिकारी बताकर युवाओं को सचिवालय और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे. आरोपियों के पास से वर्दी, फर्जी आई-कार्ड, जाली बैनर, प्रशस्ति पत्र, मोबाइल और लैपटॉप बरामद किए गए हैं.
घर में एक फ्लोर खाली है, PG खोल लिया! क्या लीगल है ये एक्स्ट्रा इनकम का धंधा?
क्या आपने भी अपने घर के एक हिस्से में पीजी बनाकर कुछ लोगों को रखा है या प्लान कर रहे हैं? तो जान लीजिए घर में पीजी बनाने के नियम क्या है?
BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर बढ़ती महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए देश में सांप्रदायिक माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तारूढ़ दल महिलाओं, पिछड़े वर्गों, दलितों और आदिवासियों को आरक्षण देने के खिलाफ है। मुजफ्फरनगर दंगों की 11वीं बरसी मनाने और कुछ स्थानों पर हिंसा से जुड़े पोस्टर लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए चुनाव जीतना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश में सांप्रदायिक माहौल बनाना चाहती है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ महंगाई उनके (भाजपा) लिए कोई मुद्दा नहीं है और न ही कोई अन्य मुद्दा। देखिए महंगाई किस तरह बढ़ रही है। ऐसी कौन सी चीज है जो महंगी नहीं हुई है? वे न तो यह स्वीकार कर रहे हैं कि महंगाई है और न ही इस समस्या का समाधान कर रहे हैं।’’उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने लोगों को मुनाफा कमाने और भ्रष्टाचार करने की अनुमति दे रही है, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। अखिलेश ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए झांसी की एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी का शव अस्पताल से घर ले जाने और अंतिम संस्कार करने में कथित तौर पर सक्षम नहीं था तथा उसे शव नदी में फेंकना पड़ा। सपा प्रमुख ने सवाल किया, ‘‘जैसा कि हाल में एक अर्थशास्त्री ने सही कहा था, जीडीपी शून्य है क्योंकि जैसा कि दावा किया जा रहा है, अगर दावे के अनुसार जीडीपी 7.2, 7.8 या 7.9 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है तो फिर एक गरीब व्यक्ति अपनी पत्नी को घर क्यों नहीं ले जा पाया या उसका अंतिम संस्कार क्यों नहीं कर पाया?’’लखनऊ को राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान मिलने पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि बारिश रुकने और मौसम सामान्य होने के बाद वायु गुणवत्ता की फिर से जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 में सपा के सत्ता में लौटने पर वायु और जल गुणवत्ता तथा पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर काम किया जाएगा। उन्होंने वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहकर शहरों में जलभराव को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने कहा कि जो लोग अपने शहरों से बारिश का पानी नहीं निकाल पा रहे हैं, वे दूसरे स्थानों पर बाढ़ की समस्या का समाधान नहीं कर सकते। सपा प्रमुख अक्सर व्यंग्य के तौर पर वाराणसी को क्योटो और गोरखपुर को स्पेन कहते हैं। उन्होंने भाजपा सरकार के दौरान बनाए गए राजमार्गों और एक्सप्रेसवे में अनियमितताओं का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ दल पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकालने के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि यह उनकी पार्टी का आंतरिक फैसला है। उन्होंने कहा, ‘‘यह उनकी पार्टी का फैसला है। दूसरी पार्टियों के लोग इस पर कुछ नहीं कह सकते।’’जब उनसे पूछा गया कि अगर आकाश आनंद सपा में शामिल होना चाहें तो क्या उन्हें पार्टी में शामिल किया जाएगा, तो अखिलेश ने कहा, ‘‘आप उन्हें लेकर आइए, हम उन्हें पार्टी में शामिल कर लेंगे।’’सोशल मीडिया पर भाजपा द्वारा अन्य दलों के नेताओं के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो पोस्ट किए जाने के सवाल पर अखिलेश ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा किसी की सगी नहीं है।’’अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा अपने राज्यव्यापी घोषणापत्र के साथ-साथ हर जिले के लिए अलग-अलग घोषणापत्र तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य पर ध्यान केंद्रित करने की वजह से अक्सर स्थानीय मुद्दे नजरअंदाज हो जाते हैं।
बांग्लादेश: हिंदू संत चिन्मय दास की मां का निधन, आखिरी मुलाकात की ख्वाहिश रह गई अधूरी
बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, संध्या रानी धर ने गुरुवार सुबह करीब 9:34 बजे चटगांव के श्री श्री पुंडरीक धाम आश्रम में अंतिम सांस ली. वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और पहले चटगांव के मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में भर्ती थीं. परिवार के मुताबिक, संध्या रानी धर अपने बेटे की जेल में हालत को लेकर बेहद चिंतित थीं.
IPS ईशा सिंह: दिल्ली DCP की दर्दभरी कहानी, IPS पिता के साथ गलत हुआ तो क्रैक की UPSC
IPS ईशा सिंह को दिल्ली पुलिस में DCP लीगल सेल की जिम्मेदारी मिली है. पिता योगेश प्रताप सिंह के संघर्ष और नौकरी जाने के बाद ईशा ने वकालत की और फिर UPSC क्रैक कर IPS बनीं. जानिए उनकी प्रेरणादायक सफलता की कहानी.
बिहार: पुल पर चल रहा था काम, तभी एकाएक गिरा लॉन्चर, 7 मजदूर घायल; DM ने बताया सबकुछ
इस हादसे के समय लॉन्चर मशीन गिरने के बाद एक मजदूर डेढ़ घंटे तक मशीन के नीचे फंसा रहा था. वहीं अब घटना को लेकर तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा है.
Haryana में लाभार्थियों की बल्ले-बल्ले! जुलाई की 19 करोड़ से अधिक की Subsidy सीधे खाते में
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने जुलाई महीने की सब्सिडी के तौर पर 19 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी है। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने वित्तीय भुगतान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि सरकार ने अब तक राज्य भर की 14 लाख से ज़्यादा महिलाओं के बैंक खातों में 360 करोड़ रुपये जमा किए हैं। इसे भी पढ़ें: भारत और भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं, Gerua Samman Yatra के दौरान राष्ट्रविरोधी तत्वों पर जमकर बरसे Suvendu Adhikari सैनी ने कहा कि आज हमने जुलाई महीने के लिए 19 करोड़ रुपये से ज़्यादा की सब्सिडी बैंक खातों में जमा की है। आज जारी की गई रकम को मिलाकर, हमने अब तक राज्य में 14 लाख से ज़्यादा बहनों के बैंक खातों में 360 करोड़ रुपये जमा किए हैं। इस हफ़्ते की शुरुआत में, नायब सिंह सैनी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिला प्रतिनिधि सिर्फ़ गवाह नहीं, बल्कि बदलाव लाने वाली (आर्किटेक्ट) होती हैं। उन्होंने लोकतंत्र को ज़्यादा संवेदनशील, समावेशी और जवाबदेह बनाने के लिए उनकी सक्रिय भागीदारी को ज़रूरी बताया। मुख्यमंत्री ने ये बातें मंगलवार को फ़रीदाबाद के सूरजकुंड में राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘शी इज़ अ चेंज मेकर’ (She Is a Change Maker) कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं। इस वर्कशॉप में 20 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों की महिला विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग सेशन में विचार-विमर्श, इनोवेशन, विधायी प्रक्रियाओं, लीडरशिप, कम्युनिकेशन, पॉलिसी बनाने और चुने हुए प्रतिनिधियों की असरदार भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Chidambaram को BJP का करारा जवाब, कहा- कांग्रेस को हो रहा 'FOMO' और 'नाराज़ फूफा' जैसी बौखलाहट सैनी ने इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन विजया के. रहाटकर और आयोग की टीम का आभार जताया। उन्होंने महिला प्रतिनिधियों की विधायी जानकारी, लीडरशिप क्षमता, कम्युनिकेशन स्किल और पॉलिसी बनाने में उनकी असरदार भागीदारी को मजबूत करने की पहल की सराहना की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
IRCTC मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने दिया आरोप तय करने का आदेश
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आईआरसीटीसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं.
बेंगलुरु छोड़कर पहाड़ों में शिफ्ट हुआ यह कपल आज एक होम स्टे और लताज ब्रिज कैफे चला रहा है. उनका यह वीडियो उन लोगों के बहुत काम का है जो शहर छोड़कर पहाड़ों में बसने की प्लानिंग कर रहे हैं.
बाल-बाल बचे ट्रंप! विमान में टेकऑफ से पहले तकनीकी गड़बड़ी, बोइंग 747 में अचानक क्या हुआ?
Donald Trump Flight Delayed:
शिवा राठौड़ बताया, बाद में सामने आया आरीफ नाम, प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेल
मुंबई के शिवाजी नगर में 20 वर्षीय युवती ने युवक पर पहचान और धार्मिक पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने, शादी का झांसा देकर जबरन संबंध बनाने, नशीला पदार्थ खिलाने और धमकाने का आरोप लगाया है. युवती ने फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और शादी के लिए धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है.
सिरदर्द, दांत दर्द, बदन दर्द या जोड़ों में हल्की सी टीस उठते ही मेडिकल स्टोर से पेनकिलर (दर्दनिवारक दवा) खरीदकर खा लेना आज अधिकांश लोगों की आम आदत बन चुका है। लेकिन बिना डॉक्टर के पर्चे (OTC) के बार-बार ली जाने वाली ये गोलियां आपके शरीर के सबसे संवेदनशील अंग—किडनी (गुर्दे) को चुपचाप तबाह कर सकती हैं।वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट्स (गुर्दा रोग विशेषज्ञों) का कहना है कि डायलिसिस यूनिट्स और ओपीडी में आने वाले कई युवा और बुजुर्ग मरीजों में किडनी फेलियर का सीधा संबंध बिना डॉक्टरी सलाह के लंबे समय तक पेनकिलर्स के अत्यधिक इस्तेमाल से पाया जा रहा है। मेडिकल साइंस में इस स्थिति को 'एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी' (Analgesic Nephropathy) कहा जाता है, जहां दर्द की दवाएं सीधे गुर्दे की कार्यप्रणाली को ठप कर देती हैं।कैसे किडनी को बर्बाद करती हैं दर्द की दवाएं? समझिए मेडिकल साइंसदुकानों पर सामान्य रूप से मिलने वाली अधिकांश दर्दनिवारक दवाएं NSAIDs (Non-Steroidal Anti-inflammatory Drugs) वर्ग की होती हैं—जैसे कि डाइक्लोफेनाक (Diclofenac), आइबुप्रोफेन (Ibuprofen), एसीक्लोफेनाक (Aceclofenac), नेप्रोक्सन और मेफेनेमिक एसिड।ब्लड फ्लो में अचानक रुकावट: जब आप NSAIDs दवा लेते हैं, तो यह शरीर में दर्द और सूजन पैदा करने वाले एंजाइम्स (COX-1 और COX-2) को ब्लॉक करती है। लेकिन इसके साथ ही यह 'प्रोस्टाग्लैंडिंस' (Prostaglandins) नामक रसायन के निर्माण को भी रोक देती है।प्रोस्टाग्लैंडिंस का मुख्य काम किडनी की ओर जाने वाली रक्त धमनियों को फैलाकर रखना होता है ताकि गुर्दों को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन मिलती रहे।जैसे ही यह केमिकल ब्लॉक होता है, किडनी में रक्त का प्रवाह (Renal Blood Flow) अचानक काफी गिर जाता है।फिल्टरिंग नेफ्रॉन्स का सूखना: खून की लगातार कमी से किडनी की सूक्ष्म फिल्टरिंग इकाइयां (Glomeruli और Tubules) क्षतिग्रस्त होने लगती हैं, जिससे खून से विषाक्त पदार्थ (Toxins) छनने बंद हो जाते हैं और सीरम क्रिएटिनिन व यूरिया का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है।कौन से मरीज हैं सबसे ज्यादा जोखिम में?वैसे तो पेनकिलर का अनियंत्रित उपयोग किसी भी स्वस्थ व्यक्ति की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन कुछ वर्गों के लिए यह जहर के समान खतरनाक होता है:डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज: इन मरीजों की किडनी की रक्त नलिकाएं पहले से ही दबाव में होती हैं, ऐसे में पेनकिलर का एक डोज भी 'एक्यूट किडनी इंजरी' (AKI) ट्रिगर कर सकता है।60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग: उम्र बढ़ने के साथ किडनी का जीएफआर (GFR - फिल्टरिंग क्षमता) प्राकृतिक रूप से घटता है।डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की स्थिति: जब शरीर में पानी की कमी हो या धूप/उल्टी-दस्त के बाद पेनकिलर ली जाए, तो गुर्दे पर इसका दुष्प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।हार्ट फेलियर या लिवर सिरोसिस के मरीज: ऐसे लोगों में ब्लड सर्कुलेशन पहले से कमजोर होता है, जिससे किडनी तुरंत टॉक्सिसिटी की चपेट में आ जाती है।इन शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाजएनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी की सबसे डरावनी बात यह है कि शुरुआती दौर में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक किडनी का 60 से 70 फीसदी हिस्सा निष्क्रिय हो चुका होता है। फिर भी इन संकेतों पर नजर रखें:पैरों, टखनों और आंखों के नीचे सुबह के समय सूजन (Edema) दिखाई देना।पेशाब की मात्रा में कमी आना या झागदार (Foamy) पेशाब होना।बिना मेहनत किए अत्यधिक थकान, कमजोरी और भूख न लगना।त्वचा पर लगातार खुजली और मुंह का स्वाद कड़वा या धातु जैसा महसूस होना।ब्लड प्रेशर का अचानक अनियंत्रित रूप से बढ़ जाना।सुरक्षित विकल्प क्या हैं और कैसे करें बचाव?नेफ्रोलॉजिस्ट्स का स्पष्ट सुझाव है कि दर्द को दबाने के बजाय उसके मूल कारण का इलाज करना चाहिए:पैरासिटामोल (Paracetamol) अधिक सुरक्षित: हल्के से मध्यम सिरदर्द या बदन दर्द के लिए पैरासिटामोल को तय मात्रा (दिन में अधिकतम 2-3 ग्राम) में NSAIDs की तुलना में किडनी के लिए काफी सुरक्षित माना जाता है (बशर्ते लिवर की बीमारी न हो)।लोकल ऑइंटमेंट और सिकाई: जोड़ों या कमर के दर्द में गोली गटकने के बजाय गर्म/ठंडी सिकाई (Hot/Cold Compress), फिजियोथेरेपी और दर्दनिवारक जेल या स्प्रे का इस्तेमाल करें, क्योंकि ये सीधे खून में घुलकर किडनी तक नहीं पहुंचते।बिना डॉक्टर के 3 दिन से ज्यादा न लें दवा: यदि किसी कारणवश पेनकिलर लेनी ही पड़े, तो इसे कम से कम खुराक (Lowest effective dose) में और लगातार 2-3 दिनों से अधिक कभी न लें।दवा खाते समय भरपूर पानी पिएं: पेनकिलर कभी भी खाली पेट या डिहाइड्रेशन की स्थिति में न लें; पर्याप्त पानी पीने से टॉक्सिसिटी का असर कम होता है।
अभी भी सादे पानी से धोते हैं सब्जियां? अपनाएं ये 1 आसान ट्रिक, अच्छे से साफ होंगी सब्जियां
बाजार से लाई सब्जियों को सिर्फ सादे पानी से धोना काफी नहीं है. जानिए नमक के पानी से धोने से कैसे दूर होते हैं कीड़े और केमिकल्स.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले की पुलिस ने एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों के साथ मारपीट करने के आरोप में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और चार अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को कल्याण जिला और सत्र न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया, जिसमें सह-आरोपी रमेश पवार, प्रमोद निकम, अक्षय करंडे और साधना करंडे के नाम भी शामिल हैं। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के पार्षद म्हात्रे और अन्य आरोपी शास्त्री नगर अस्पताल में एकत्र हुए और एक महिला मरीज के इलाज में कथित देरी को लेकर हुई तीखी बहस के बाद चिकित्सकों के साथ मारपीट की। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपपत्र में चिकित्सकों, नर्सों, अस्पताल के कर्मचारियों और ‘सीसीटीवी नेटवर्क कॉन्ट्रैक्टर्स’ समेत अहम गवाहों के बयान और सबूत शामिल हैं। शुरुआत में म्हात्रे को कल्याण अदालत से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद आम लोगों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया और पूरे महाराष्ट्र में हड़ताल का आह्वान किया। मुंबई उच्च न्यायालय ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी और इस हमले को चिकित्सा प्रणाली पर ‘‘हमला’’ करार दिया। उच्च न्यायालय ने म्हात्रे को 24 घंटे के अंदर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें 20 दिन के लिए कल्याण की आधारवाडी जेल भेज दिया गया। उच्च न्यायालय ने सात अगस्त को उन्हें कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी। अदालत के आदेश के मुताबिक, म्हात्रे और उनके साथ तीन आरोपी पड़ोसी राज्य गोवा के अंजुना में एक रिजॉर्ट में चले गए, जहां वे आठ अगस्त से ही जिले से बाहर रहने की शर्त का पालन कर रहे हैं। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया है कि म्हात्रे और सह-आरोपियों को अदालत द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय किए जाने के बाद ही महाराष्ट्र में दोबारा प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। साधना करंडे अपनी गिरफ्तारी के बाद से कल्याण की आधारवाडी जेल में बंद हैं। पुलिस उपायुक्त अतुल झेंडे ने कहा, ‘‘रमेश म्हात्रे मामले की विस्तृत जांच की गई और बुधवार को कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। इस दस्तावेज को तैयार करते समय अपराध के हर पहलू की बारीकी से जांच की गई।’’इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को म्हात्रे की जमानत पर रिहाई को चुनौती देने वाली याचिका पर उनसे जवाब मांगा।
Bigg Boss 20 में चर्चित कंटेस्टेंट्स में से एक रीति तिवारी ने हाल में मैरी कॉम और कनिका मान से बात करते हुए अपनी पर्सनल लाइफ के स्ट्रगल से जुड़े खुलासे किए.
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस: राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव और अन्य 8 के खिलाफ तय किए आरोप
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं.
लोकतांत्रिक कार्यक्रमों से क्यों डरती है सरकार? Akhilesh Yadav बोले, विपक्ष की रैली रोकना तानाशाही
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर बुलंदशहर में पार्टी की रैली के लिए मंज़ूरी न देने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया, सरकार लोकतांत्रिक राजनीतिक कार्यक्रमों से इतनी डरी हुई क्यों है? और विपक्ष को दबाने का आरोप भी लगाया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यादव ने कहा कि SP के स्थानीय नेताओं ने इस कार्यक्रम के लिए मंज़ूरी पाने के लिए कई बार ज़िला मजिस्ट्रेट और दूसरे अधिकारियों से संपर्क किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शुरू में तो पार्टी को भरोसा दिलाया था कि रैली के लिए मैदान की मंज़ूरी मिल जाएगी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने सावन के महीने का हवाला देते हुए पार्टी से कार्यक्रम का समय बदलने को कहा। इसे भी पढ़ें: भारत और भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं, Gerua Samman Yatra के दौरान राष्ट्रविरोधी तत्वों पर जमकर बरसे Suvendu Adhikari यादव ने कहा कि हमने अपना शेड्यूल बदला और एक नई तारीख दी। लेकिन, शेड्यूल बदलने के बाद भी प्रशासन ने मैदान के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं दी। उन्होंने आगे दावा किया कि रिज़र्व पुलिस लाइन्स के मैदान में उनके हेलिकॉप्टर को उतारने की इजाज़त इसलिए नहीं दी गई क्योंकि वहां बहुत ज़्यादा पानी भरा होने की बात कही गई थी। यादव ने इस दावे को चुनौती दी और कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से उस हेलिपैड की तस्वीरें और वीडियो मंगाए हैं, जहां पानी भरा होने की बात कही जा रही थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडियो दिखाते हुए उन्होंने कहा कि ज़रा इस वीडियो को देखिए जिसमें 'पानी भरा' दिखाया गया है। क्या इसमें पानी भरा है? इसे देखकर तो ऐसा लगेगा जैसे यहां से गुज़रने के लिए नाव की ज़रूरत हो! यादव ने सरकार पर लोकतांत्रिक राजनीतिक गतिविधियों को दबाने का आरोप लगाया और पत्रकारों तथा विपक्षी कार्यकर्ताओं के साथ कथित व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा, सरकार लोकतांत्रिक राजनीतिक कार्यक्रमों से इतनी डरी हुई क्यों है? लोकतंत्र में अधिकारों को इस तरह खुलेआम दबाने की घटनाएँ शायद ही कभी देखी गई हैं। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Chidambaram को BJP का करारा जवाब, कहा- कांग्रेस को हो रहा 'FOMO' और 'नाराज़ फूफा' जैसी बौखलाहट उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को FIR और दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा, और मीडियाकर्मियों को सरकारी स्कूलों में जाने से रोका गया। शिक्षक दिवस की एक घटना का ज़िक्र करते हुए, यादव ने दावा किया कि शिक्षकों का सम्मान करने और छात्रों के कल्याण पर चर्चा करने पहुँचे SP कार्यकर्ताओं को पुलिस की तैनाती का सामना करना पड़ा और मीडिया को स्कूल परिसर के भीतर फ़िल्मांकन करने से रोका गया। उन्होंने कहा कि सरकार जाने वाली है, और यह एक ऐसा संकल्प है जिसे हम सभी साझा करते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'हनुमान अंश' का कमाल! अब नीम करोली बाबा से जुड़ा हुआ ये बड़ा ऐलान
फिल्म 'हनुमान अंश' के बाद नीम करोली बाबा को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है. इसी बीच उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बाबा से जुड़े प्रमुख स्थलों को जोड़कर आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की पहल की है. श्रद्धालुओं के लिए दिल्ली और लखनऊ से पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए गए हैं.
हनुमान अंश का बॉक्स ऑफिस पर चमत्कार! 200 करोड़ पार करने को तैयार
‘हनुमान अंश’ ने 34वें दिन 10.25 करोड़ की कमाई की है. फिल्म की इंडिया नेट कमाई 153.13 करोड़ और ग्रॉस 180.95 करोड़ पहुंच गई है. अब 11 सितंबर की ओवरसीज रिलीज के साथ 200 करोड़ की उम्मीद बढ़ गई है.
आम्रपाली दुबे और निरहुआ का 2 साल पुराना गाना मरुन कलर सड़िया के इस गाने को लेकर दीवानगी थमने का नाम ही नहीं ले रही है. अब तक इस फिल्ज को 17 लाख व्यूज और 345 मिलयन व्यूज मिल चुके हैं.
ततैया ने डंक मार दिया तो तुरंत करें ये काम, दर्द-जलन और सूजन से राहत के लिए जानें घरेलू उपाय
Wasp Sting Treatment: गर्मियों और बरसात के मौसम में ततैया या भंवरे के डंक मारने की घटनाएं बढ़ जाती हैं. कई बार डंक चेहरे, होंठ या गाल पर लग जाए तो कुछ ही देर में तेज दर्द, जलन और सूजन दिखाई देने लगती है. ऐसे में घबराने के बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाना चाहिए.
रसोई छोटी है? ये 6 देसी जुगाड़ अपनाएं, किचन लगेगी दोगुनी बड़ी
छोटी रसोई में बर्तनों की खटर-पटर से परेशान हैं? ये देसी जुगाड़ अपनाएं, आपका किचन दिखेगा बड़ा और रहेगा हमेशा साफ-सुथरा.
BJP कार्यालय में निकला कोबरा, AC के पीछे छिपा था सांप
सीतापुर के बीजेपी जिला कार्यालय में करीब 5 फीट लंबा कोबरा सांप खिड़की के रास्ते घुसकर AC के पीछे जा छिपा. सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया. घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
सुबह की शुरुआत एक कप कड़क चाय से करना या काम के बीच गरमा-गरम कॉफी की चुस्की लेना भारतीय जीवनशैली का अहम हिस्सा है। कई लोग तो कप में से भाप निकलते रहने के दौरान ही घूंट भरने के आदी होते हैं। यदि आपकी भी यही आदत है, तो संभल जाइए। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य शोधकर्ताओं और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कैंसर रिसर्च एजेंसी IARC (International Agency for Research on Cancer) के व्यापक अध्ययनों से साफ हुआ है कि खतरा चाय या कॉफी के तत्वों में नहीं, बल्कि उसके अत्यधिक उच्च तापमान (High Temperature) में छिपा है।शोध के अनुसार, 65 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान वाले पेय पदार्थों का नियमित सेवन भोजन नली के कैंसर यानी एसोफेजियल कैंसर (Esophageal Cancer) का खतरा लगभग दोगुना तक बढ़ा देता है।शरीर के अंदर कैसे काम करता है यह 'थर्मल डैमेज'?भोजन नली (Food Pipe या Esophagus) की अंदरूनी परत बेहद कोमल और संवेदनशील म्यूकोसल कोशिकाओं (Epithelial Cells) से बनी होती है। जब कोई व्यक्ति लगातार बहुत तेज गर्म तरल पदार्थ निगलता है, तो भीतर निम्नलिखित प्रक्रियाएं होती हैं:थर्मल बर्न और सूक्ष्म घाव: 65C से अधिक गर्म चाय या पानी गले से उतरते ही भोजन नली की नाजुक अंदरूनी दीवार को झुलसा देता है, जिससे वहां सूक्ष्म छाले और जलन पैदा होती है।क्रोनिक इंफ्लेमेशन (लगातार सूजन): यदि कोई व्यक्ति दिन में 3 से 4 बार खौलती चाय पीता है, तो इन कोशिकाओं को ठीक होने का समय नहीं मिलता और वहां लगातार सूजन की स्थिति बन जाती है।कोशिकाओं में म्यूटेशन: बार-बार जलने और खुद को तेजी से रिपेयर करने की प्रक्रिया के दौरान कोशिकाओं का डीएनए क्षतिग्रस्त होने लगता है। यही अनियंत्रित सेल रिपेयर आगे चलकर कैंसरयुक्त ट्यूमर का रूप ले लेता है।ग्लोबल रिसर्च के चौंकाने वाले आंकड़ेद लांसेट ऑन्कोलॉजी की रिपोर्ट: IARC द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में 65C से ऊपर के बहुत गर्म पेय पदार्थों (Very Hot Beverages) को Group 2A Carcinogen (मानव में संभावित कैंसरकारी) की श्रेणी में रखा गया है।इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कैंसर का अध्ययन: 50,000 से अधिक लोगों पर किए गए 10 साल के एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग रोजाना 700 मिलीलीटर (लगभग 2 बड़े मग) चाय 60C या उससे अधिक तापमान पर पीते हैं, उनमें सामान्य या गुनगुनी चाय पीने वालों की तुलना में एसोफेजियल कैंसर का जोखिम 90% तक अधिक पाया गया।धूम्रपान और शराब के साथ दोगुना खतरा: शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जो लोग गर्म चाय-कॉफी के साथ सिगरेट, बीड़ी या तंबाकू का सेवन करते हैं, उनमें यह जोखिम 4 से 5 गुना बढ़ जाता है, क्योंकि जली हुई भोजन नली तंबाकू के टॉक्सिन्स को अधिक तेजी से सोखती है।सुरक्षित रहने के लिए किस तापमान पर पिएं चाय-कॉफी?कैंसर से बचाव के लिए आपको अपनी पसंदीदा चाय या कॉफी छोड़ना कतई जरूरी नहीं है। बस अपनी पीने की शैली में ये साधारण बदलाव लाएं:3 से 5 मिनट का 'कूलिंग टाइम': कप में चाय या कॉफी डालने के बाद कम से कम 3 से 4 मिनट तक प्रतीक्षा करें। इतनी देर में उसका तापमान सुरक्षित स्तर यानी 50C से 58C के बीच आ जाता है।दूध मिलाने का फायदा: यदि आप ब्लैक टी या ब्लैक कॉफी के बजाय हल्का दूध मिलाकर पीते हैं, तो तापमान तुरंत सामान्य स्तर पर आ जाता है।भाप और पहली सिप का नियम: यदि कप से तेजी से भाप निकल रही हो और कप को हाथ से पकड़ना मुश्किल हो रहा हो, तो उसे सीधे होंठों से न लगाएं।कुल्हड़ या चौड़े मुंह वाले कप: चौड़े मुंह वाले कप में पेय तेजी से ठंडा होता है, जिससे जलन का खतरा कम हो जाता है।
नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाली 18वीं ब्रिक्स शिखर बैठक को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की जा रही है। भारत
ईशान-वैभव हाथ में स्टंप लेकर डांस करते नजर आए, VIDEO
दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने के बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने मैदान पर जमकर जश्न मनाया. कप्तान ईशान किशन और युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर साथियों के साथ डांस करते नजर आए. दोनों का यह खास विक्ट्री सेलिब्रेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
गर्भावस्था परीक्षण (UPT) पॉजिटिव आते ही होने वाले माता-पिता के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि बच्चे की स्थिति देखने के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए और पहला अल्ट्रासाउंड कब होगा।चिकित्सा विज्ञान में पहले अल्ट्रासाउंड को आमतौर पर 'डेटिंग और वायबिलिटी स्कैन' (Dating and Viability Scan) या 'अर्ली प्रेगनेंसी स्कैन' कहा जाता है।सही समय: यह टेस्ट सामान्यतः गर्भधारण के छठे से आठवें सप्ताह (6 से 8 Weeks) के बीच कराने की सलाह दी जाती है (अंतिम माहवारी यानी LMP के पहले दिन से गिनने पर)।यदि किसी महिला को पहले मिसकैरेज का इतिहास रहा हो, पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द हो या हल्की ब्लीडिंग/स्पॉटिंग दिख रही हो, तो डॉक्टर इसे 5वें सप्ताह में भी कराने की सलाह दे सकते हैं।पहले अल्ट्रासाउंड में डॉक्टर क्या-क्या जांचते हैं?यह स्कैन केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि मां और बच्चे दोनों की प्राथमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल स्टेप है। इस दौरान डॉक्टर निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं की जांच करते हैं:1. गर्भ की सही स्थिति (इम्प्लांटेशन): सबसे पहले यह देखा जाता है कि भ्रूण (Embryo) गर्भाशय (Uterus) के अंदर सही जगह पर स्थापित हुआ है या नहीं। यह टेस्ट एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic Pregnancy) के जानलेवा जोखिम को खारिज करता है, जिसमें भ्रूण गर्भाशय के बाहर (जैसे फैलोपियन ट्यूब में) विकसित होने लगता है।2. शिशु के दिल की धड़कन (Fetal Heartbeat): 6 से 7 सप्ताह के आसपास भ्रूण का दिल धड़कना शुरू हो जाता है। अल्ट्रासाउंड में फीटल पोल और दिल की धड़कन (Fetal Heart Rate - FHR) की जांच की जाती है, जो आमतौर पर 110 से 160 बीट्स प्रति मिनट (bpm) के बीच सामान्य मानी जाती है।3. गेस्टेशनल सैक और योक सैक: डॉक्टर देखते हैं कि गर्भाशय में गेस्टेशनल सैक (पानी की थैली) और योक सैक (जो शुरुआती हफ्तों में भ्रूण को पोषण देता है) ठीक से बने हैं या नहीं।4. सटीक डिलीवरी डेट (EDD) का निर्धारण: कई महिलाओं के पीरियड्स अनियमित होते हैं। इस स्कैन में भ्रूण के सिर से नितंब तक की लंबाई यानी क्राउन-रम्प लेंथ (CRL) मापी जाती है, जिससे बच्चे की सटीक उम्र (Gestational Age) और संभावित डिलीवरी की तारीख (Due Date) तय होती है।5. सिंगल या मल्टीपल प्रेगनेंसी: इस टेस्ट से यह भी साफ हो जाता है कि गर्भ में एक बच्चा है या जुड़वां (Twins) या ट्रिपलेट्स।पेट का स्कैन (TAS) या आंतरिक स्कैन (TVS): कैसे होता है यह टेस्ट?शुरुआती प्रेगनेंसी में अल्ट्रासाउंड दो तरीकों से किया जा सकता है:ट्रांस-एब्डोमिनल स्कैन (TAS): इसमें पेट पर जेल लगाकर प्रोब घुमाया जाता है। इसके लिए महिला का ब्लैडर (मूत्राशय) पूरी तरह भरा होना जरूरी होता है, इसलिए टेस्ट से 30-40 मिनट पहले 3-4 गिलास पानी पीने को कहा जाता है ताकि भरा हुआ मूत्राशय गर्भाशय को ऊपर उठाए और स्पष्ट तस्वीर दिखे।ट्रांस-वेजाइनल स्कैन (TVS): 6 से 7 सप्ताह के शुरुआती चरण में जब भ्रूण चावल के दाने जितना छोटा होता है, तब स्पष्ट विजुअल और दिल की धड़कन देखने के लिए डॉक्टर TVS स्कैन करते हैं। इसमें एक पतली, स्टेराइल प्रोब को योनि मार्ग से डाला जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और दर्दरहित होती है, और इससे बच्चे या गर्भ को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।अल्ट्रासाउंड कराने जाते समय इन बातों का रखें ध्यानयदि डॉक्टर ने पेट के स्कैन की सलाह दी है, तो पर्याप्त पानी पिएं ताकि पेशाब रोकने में असहजता न हो लेकिन ब्लैडर भरा रहे।ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें (जैसे सलवार-कुर्ता या टू-पीस ड्रेस) ताकि पेट की जांच में आसानी हो।अपने अंतिम मासिक धर्म (LMP) की सही तारीख याद रखें या डायरी/ऐप में नोट करके साथ ले जाएं।यदि डॉक्टर को पहले स्कैन में दिल की धड़कन हल्की दिखती है या स्पष्ट नहीं होती, तो घबराएं नहीं; कई बार ओव्यूलेशन देर से होने के कारण गर्भ की वास्तविक उम्र कम होती है, जिसके लिए डॉक्टर 7 से 10 दिन बाद दोबारा स्कैन की सलाह देते हैं।
भारतीय रसोई में देसी घी को पारंपरिक रूप से ताकत, पाचन और समग्र स्वास्थ्य के लिए अमृत माना जाता रहा है। दाल में तड़का हो या रोटियों पर चुपड़ी चिकनाई, बिना घी के भारतीय थाली अधूरी मानी जाती है। लेकिन जैसे ही किसी व्यक्ति के अल्ट्रासाउंड में पित्ताशय की थैली में पथरी (Gallbladder Stones / Gallstones) का पता चलता है, घर-परिवार में सबसे पहली उंगली देसी घी और तेल पर उठती है।अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या रोजाना ज्यादा देसी घी खाने से गॉल ब्लैडर में पथरी बन जाती है? गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट्स के अनुसार, इसका उत्तर केवल 'हां' या 'ना' में नहीं है; बल्कि इसके पीछे लिवर, कोलेस्ट्रॉल और पित्त (Bile) के संतुलन का एक गहरा जैविक विज्ञान छिपा हुआ है।कैसे बनती है पित्ताशय में पथरी? समझिए मेडिकल साइंसगॉल ब्लैडर हमारे लिवर के ठीक नीचे स्थित एक छोटी नाशपाती के आकार की थैली होती है। इसका मुख्य काम लिवर द्वारा बनाए गए पाचक रस यानी पित्त (Bile) को स्टोर करना और भोजन में मौजूद फैट को पचाने के लिए छोटी आंत में रिलीज करना है।कोलेस्ट्रॉल स्टोन का निर्माण: लगभग 80% गॉल ब्लैडर स्टोन 'कोलेस्ट्रॉल स्टोन' होते हैं। पित्त में कोलेस्ट्रॉल, बिलीरुबिन और बाइल सॉल्ट्स का एक निश्चित अनुपात होता है।जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा इतनी बढ़ जाती है कि पित्त रस उसे घोलने (Dissolve) में असमर्थ हो जाता है, तो अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल छोटे-छोटे क्रिस्टल्स के रूप में जमने लगता है।समय के साथ ये क्रिस्टल आपस में जुड़कर कंकड़ या पथरी (Stones) का रूप ले लेते हैं।क्या देसी घी सीधे तौर पर पथरी का कारण बनता है?गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, देसी घी अपने आप में अकेला पथरी का प्रत्यक्ष कारण नहीं है, लेकिन इसकी अत्यधिक और अनियंत्रित मात्रा जोखिम को कई गुना बढ़ा सकती है:सैचुरेटेड फैट का उच्च स्तर: देसी घी में लगभग 60% से अधिक सैचुरेटेड फैटी एसिड्स होते हैं। यदि आप दिन भर में 4-5 चम्मच से ज्यादा घी खा रहे हैं और शारीरिक गतिविधि (Physical Activity) शून्य है, तो यह ब्लड और लिवर में एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) के स्तर को बढ़ा देता है।बाइल का ओवरसैचुरेशन: जब लिवर पित्त के भीतर जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल स्रावित करने लगता है, तो गॉल ब्लैडर में कोलेस्ट्रॉल का जमाव तेजी से होने लगता है, जिससे पथरी का खतरा बढ़ जाता है।गॉल ब्लैडर की सुस्ती (Biliary Stasis): यदि व्यक्ति लंबे समय तक अत्यधिक फैटी खाना खाता है या फिर इसके उलट बहुत सख्त डाइटिंग/क्रैश फास्टिंग करता है, तो गॉल ब्लैडर समय पर पूरी तरह खाली नहीं हो पाता। थैली में पुराना पित्त ठहरा रहने से भी पथरी बनने लगती है।अगर पहले से पथरी है, तो घी बन सकता है 'ट्रिगर'विशेषज्ञ एक महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट करते हैं—पथरी बनना और पथरी का दर्द (Gallbladder Attack) उठना दो अलग चीजें हैं:यदि किसी के गॉल ब्लैडर में पहले से ही 'साइलेंट स्टोन' (बिना दर्द वाली पथरी) मौजूद है, और वह अचानक heavy देसी घी, पूड़ी या तला-भुना खाना खा लेता है, तो फैट को पचाने के लिए गॉल ब्लैडर तेजी से सिकुड़ता (Contract) है।इस संकुचन के कारण थैली में मौजूद पथरी पित्त की नली (Cystic Duct) के मुहाने पर फंस जाती है, जिससे पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में असहनीय दर्द, उल्टी और पीलिया की स्थिति पैदा हो जाती है।रोजाना कितना देसी घी खाना है सुरक्षित?डॉक्टरों और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार, देसी घी को डाइट से पूरी तरह बाहर करने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसमें ब्यूटायरिक एसिड (Butyric Acid) और फैट-सॉल्युबल विटामिन्स (A, D, E, K) होते हैं जो आंतों के लिए अच्छे हैं। लेकिन मात्रा का ध्यान रखना अनिवार्य है:स्वस्थ और सक्रिय वयस्क: रोजाना 1 से 2 छोटे चम्मच (लगभग 10 से 15 मिलीलीटर) शुद्ध देसी घी सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।सेडेंटरी लाइफस्टाइल (कम शारीरिक श्रम वाले लोग): 1 चम्मच से अधिक न लें।जिन्हें पहले से गॉल स्टोन, फैटी लिवर या हाई कोलेस्ट्रॉल है: ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना घी और किसी भी प्रकार के भारी वसायुक्त आहार से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।गॉल ब्लैडर को स्वस्थ रखने के 4 सुनहरे नियमफाइबर का सेवन बढ़ाएं: अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और फल शामिल करें। सॉल्युबल फाइबर अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को बांधकर शरीर से बाहर निकालता है।वजन को तेजी से न घटाएं: बहुत तेजी से वजन घटाने (Crash Dieting) से लिवर अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल छोड़ने लगता है, जिससे गॉल स्टोन बनने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है।पर्याप्त पानी पिएं: दिन भर में 2.5 से 3 लीटर पानी पीने से पित्त का गाढ़ापन कम रहता है।नियमित व्यायाम: रोजाना 30 से 45 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखती है और लिवर पर फैट का दबाव घटाती है।
सहारनपुर में मस्जिद के मलबे पर पुलिस का पहरा, ग्रीन नेट से ढका
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबे से 1909-1911 की ईंटें ले जाने के वीडियो वायरल हुए. प्रशासन ने अंबाला रोड का मलबा चुनौती फाटक शिफ्ट कर ग्रीन नेट से ढक दिया है और सुरक्षा बढ़ा दी है. इस कार्रवाई पर विपक्ष ने विरोध जताया है.
थायरॉइड में जा सकती है आंखों की रोशनी, इन लक्षणों में कराएं टेस्ट
थायरॉइड की बीमारी केवल वजन बढ़ने या घटने तक सीमित नहीं है, यह आंखों की रोशनी जाने का कारण भी बन सकती है. वर्ल्ड सोसाइटी ऑफ ऑप्थेलमिक प्लास्टिक रिकंस्ट्रक्टिव एंड एस्थेटिक सर्जरी ने इसको लेकर नई गाइडलाइंस जारी की हैं.
तमिलनाडु उपचुनाव: थलपति विजय की TVK ने उम्मीदवार उतारे, DMK से सीधा मुकाबला तय
विजय ने एक बयान में कहा कि दोनों आरक्षित सीटों पर उपचुनाव ''सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस'' के बैनर तले लड़ा जाएगा। बुधवार को गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद इसका यही नाम तय किया गया है।
देश के लॉजिस्टिक्स और सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने भारतीय रेलवे की चार प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (4 Major Rail Projects) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। लगभग ₹10,783 करोड़ की कुल अनुमानित लागत वाली ये परियोजनाएं देश के 5 प्रमुख राज्यों में फैली हुई हैं।इन परियोजनाओं के जरिए मौजूदा मार्गों पर भीड़भाड़ (कंजेशन) कम करने, मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ाने और पिछड़े व जनजातीय इलाकों को मुख्य रेल नेटवर्क से सीधे जोड़ने की तैयारी है। इस फैसले से 5 राज्यों के 14 जिले सीधे लाभान्वित होंगे और करीब 600 किलोमीटर तक नई रेल लाइन बिछाने व दोहरीकरण (Doubling) का काम किया जाएगा।किन 5 राज्यों और 14 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा?यह रेल विस्तार योजना मुख्य रूप से देश के मध्य, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है:शामिल 5 राज्य: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात।14 प्रमुख जिले: इन राज्यों के 14 महत्वपूर्ण औद्योगिक, खनन और कृषि बहुल जिलों को इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय व्यापार, दैनिक यात्रियों और छात्रों को सुरक्षित और तेज यात्रा विकल्प मिलेगा।नए रेलवे स्टेशन: इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के साथ ही कई नए आधुनिक रेलवे स्टेशनों का निर्माण होगा, जिससे अब तक रेल नेटवर्क से कटे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहली बार ट्रेन पहुंचेगी।माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स में क्रांति: कोयला, सीमेंट और खाद्यान्न की तेज सप्लाईनई पटरियों के बिछने और मौजूदा ट्रैकों के दोहरीकरण से रेलवे की माल ढुलाई क्षमता (Freight Capacity) में भारी इजाफा होगा:सालाना 50-60 मिलियन टन अतिरिक्त ढुलाई: इन नए कॉरिडोर्स से हर साल लाखों टन कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, उर्वरक और खाद्यान्न का परिवहन बिना किसी देरी के हो सकेगा।लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी: सड़क मार्ग की तुलना में रेल परिवहन 70% तक सस्ता और अधिक पर्यावरण-अनुकूल होता है। इन प्रोजेक्ट्स से देश की समग्र लॉजिस्टिक्स लागत को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुपात में घटाने में मदद मिलेगी।पर्यावरण को राहत (Carbon Credit): मालगाड़ियों के सुगम आवागमन से सालाना लाखों लीटर डीजल की बचत होगी और वायुमंडल में कार्बन डाईऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन में भारी कटौती दर्ज की जाएगी।'पीएम गति शक्ति' नेशनल मास्टर प्लान से जुड़ा खाकारेल मंत्रालय के अनुसार, इन चारों परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM Gati Shakti) के तहत डिजाइन किया गया है।इसका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी स्थापित करना है, ताकि रेलवे ट्रैक सीधे औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों और प्रमुख वेयरहाउसिंग हब से जुड़ सकें।निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर लाखों मानव-दिवस (Man-days) का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा।स्टील, सीमेंट और केबल उद्योग को भारी मांग का सीधा लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।सरकार ने इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि आगामी 3 से 4 वर्षों के भीतर इन ट्रैक्स पर ट्रेनों का सुचारू संचालन शुरू कराया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दुनिया को अंतरिक्ष में भारत की अगली यात्रा में सह-यात्री बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने देश की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं का ज़िक्र किया, जिसमें 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाना और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री को भेजना शामिल है। इंटरनेशनल स्पेस समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और टिकाऊ अंतरिक्ष क्षेत्र में विश्वास करता है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून, बातचीत और बहुपक्षीय सहयोग पर आधारित हो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा हम अंतरिक्ष के ऐसे क्षेत्र का समर्थन करते हैं जो सुरक्षित, महफ़ूज़, शांतिपूर्ण और टिकाऊ हो। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में वैज्ञानिक डेटा और तरक्की का फ़ायदा आखिरकार पूरी इंसानियत को मिलना चाहिए। इसे भी पढ़ें: कन्फर्म! BRICS के लिए भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति, पहले दिन ही मोदी-जिनपिंग की होगी बैठक प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा इसी सोच को दिखाती है और इसमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी ने अपनी बेहतरीन कार्यक्षमता और कम लागत वाले मिशनों के लिए दुनिया भर में तारीफ़ हासिल की है, साथ ही भारत की अंतरिक्ष तकनीकें और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां भी तेज़ी से दुनिया के बड़े हिस्से के काम आ रही हैं। मोदी ने कहा कि 34 देशों के 430 से ज़्यादा सैटेलाइट भारतीय रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजे गए हैं। उन्होंने ग्लोबल स्पेस सेक्टर में भारत के एक अहम खिलाड़ी के तौर पर उभरने पर ज़ोर दिया। भारत की हालिया कामयाबियों का ज़िक्र करते हुए, मोदी ने चांद के साउथ पोल के पास भारत की ऐतिहासिक लैंडिंग और आदित्य-L1 मिशन की बात की, जो वैज्ञानिकों को सूरज के रहस्यों को समझने में मदद कर रहा है। उन्होंने भारत की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन तक की यात्रा को देश की बढ़ती मानव अंतरिक्ष उड़ान की महत्वाकांक्षाओं में एक और अहम पड़ाव बताया। इसे भी पढ़ें: कन्फर्म! BRICS के लिए भारत आ रहे चीनी राष्ट्रपति, पहले दिन ही मोदी-जिनपिंग की होगी बैठक प्रधानमंत्री ने साफ़ किया कि भारत की महत्वाकांक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाना और 2040 तक किसी भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा पर भेजना है। मोदी ने कहा, हमारा मूल सिद्धांत साफ़ रहा है कि अंतरिक्ष का फ़ायदा पूरी मानवता तक पहुँचना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर की तेज़ी से हो रही तरक्की का भी ज़िक्र किया और कहा कि यह तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और देश की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं में एक नया आयाम जोड़ रहा है। मोदी ने फ्रांस के साथ भारत की पुरानी साझेदारी पर भी ज़ोर दिया और कहा कि फ्रांस भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत से ही एक भरोसेमंद साथी रहा है। भविष्य को देखते हुए, प्रधानमंत्री ने फ्रांस और पूरी दुनिया के समुदाय को आमंत्रित किया।
मध्य प्रदेश के इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर अब सियासत गर्मा गई है। एक ओर जहां अभी तक राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर इंदौर प्रशासन की ओर से हरी झंडी ...
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन संशोधन का समय नजदीक आने के साथ ही कर्मचारी यूनियनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाना तेज कर दिया है। ऐतिहासिक रूप से केंद्र सरकार हर 10 साल में नए वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करती आई है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुई थीं, जिसके अनुसार 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की समय-सीमा 1 जनवरी 2026 से प्रस्तावित मानी जा रही है।अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (AIDEF), रेलवे कर्मचारी संगठन (AIRF) और नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) समेत देश के प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त रूप से सरकार को ज्ञापन सौंपते हुए 5 सूत्रीय मांगों का मसौदा तैयार किया है, जिसमें रिटायरमेंट सुरक्षा और वेतन वृद्धि सबसे आगे है।कर्मचारियों की 5 सबसे बड़ी मांगें: जानिए क्या है पूरा एजेंडाकर्मचारी संगठनों ने वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई दर और बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार के समक्ष ये पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:1. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पूर्ण बहाली:कर्मचारियों की सबसे प्राथमिक और गैर-समझौतावादी मांग 'ओल्ड पेंशन स्कीम' (OPS) को बिना किसी शर्त के दोबारा लागू करना है। संगठनों का कहना है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा की वह गारंटी नहीं देते जो पुरानी व्यवस्था में 50% निश्चित पेंशन, डीए रिविजन और शून्य कर्मचारी अंशदान के साथ मिलती थी।2. फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 गुना करना:7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम मूल वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था। 8वें वेतन आयोग के लिए यूनियनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को कम से कम 3.0 से 3.68 गुना किया जाए। यदि सरकार 3.68 फिटमेंट फैक्टर को स्वीकार करती है, तो कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से सीधे बढ़कर ₹34,560 प्रति माह के पार पहुंच जाएगा।3. 18 महीने के फ्रीज किए गए DA/DR एरियर का एकमुश्त भुगतान:कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक के 18 महीनों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को रोक लिया था। कर्मचारी संघों की मांग है कि सरकार अब उस रोके गए बकाए (Frozen DA Arrears) को ब्याज सहित एकमुश्त जारी करे, क्योंकि कर्मचारी महामारी के दौरान अग्रिम मोर्चे पर डटे रहे थे।4. पेंशनर्स के लिए एडिशनल पेंशन और कम्यूटेशन अवधि घटाना:वर्तमान में केंद्रीय पेंशनर्स को 80 वर्ष की उम्र पूरी करने पर 20% अतिरिक्त पेंशन दी जाती है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि जीवन प्रत्याशा और स्वास्थ्य खर्चों को देखते हुए अतिरिक्त पेंशन की यह शुरुआत 65, 70 और 75 वर्ष की आयु से ही चरणबद्ध तरीके से (जैसे 5%, 10%, 15%) शुरू की जाए। साथ ही, पेंशन कम्यूटेशन (Commutation Recovery) की अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल करने की मांग भी शामिल है।5. सीजीएचएस (CGHS) और कैशलेस मेडिकल सुविधाओं का विस्तार:केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों को दूर करने की मांग उठाई गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि देश के सभी प्रमुख निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा को अनिवार्य बनाया जाए, सीजीएचएस पैकेज दरों को बाजार दरों के अनुरूप संशोधित किया जाए और टियर-2 व टियर-3 शहरों में अधिक वेलनेस सेंटर खोले जाएं ताकि रिटायरमेंट के बाद अपने गृह जिलों में रहने वाले बुजुर्ग पेंशनर्स को इलाज के लिए भटकना न पड़े।वेतन आयोग के 10 साल के अंतराल पर भी सवाल: क्या बनेगा नया आयोग?आमतौर पर वेतन आयोगों की सिफारिशें लागू होने में आयोग के गठन से लेकर अंतिम गजट नोटिफिकेशन जारी होने तक 1.5 से 2 साल का समय लगता है। कर्मचारी यूनियनों का तर्क है कि यदि सरकार को 8वें वेतन आयोग का लाभ समय पर देना है, तो आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नाम के साथ टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) की घोषणा में अब और देरी नहीं की जानी चाहिए।यूनियनों ने यह भी सुझाव दिया है कि अब 10 साल के लंबे इंतजार के पारंपरिक ढांचे को समाप्त किया जाना चाहिए और 'एक्रीड फॉर्मूले' (Ayndkroyd Formula) के आधार पर वेतन की समीक्षा हर 5 साल में या जब भी महंगाई भत्ता (DA) 50% को पार करे, स्वतः ही की जानी चाहिए। यदि सरकार जल्द ही इस पर औपचारिक वार्ता शुरू नहीं करती है, तो कर्मचारी संगठन आगामी महीनों में देशव्यापी प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने की चेतावनी दे रहे हैं।
US-ईरान के बीच तनाव अब समुद्र तक पहुंचा, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब समुद्र तक पहुंच गया है...स्टेट ऑफ होर्मुज के पास जहाजों पर हमलों की बड़ी लहर ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है....अमेरिका ने ईरान के तेल टैंकरों को निशाना बनाया, तो जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी जहाजों और टैंकरों पर हमला करने का दावा किया...वही इस पूरे संकट का सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ा है. देेखें...
गलवान के 7 साल बाद फिर करीब आ रहे भारत-चीन? BRICS से पहले अहम सवाल
12-13 सितंबर को दिल्ली में BRICS समिट होने जा रहा है. इसी बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की चर्चा तेज है. हालांकि, चीन ने अभी तक उनकी यात्रा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अगर शी भारत आते हैं तो 2019 के बाद यह उनका पहला दौरा होगा. इस बीच आइए समझते हैं कि सात सालों में भारत-चीन के बीच क्या बदला है?
बलिया। भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद एक बार फिर अदालत तक पहुंच गया है। बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान पवन सिंह के उपस्थित नहीं होने पर अदालत ने उन पर 1,000 रुपए का […] The post पवन सिंह-ज्योति सिंह विवाद में नया मोड़ : कोर्ट में पेश नहीं हुए भोजपुरी स्टार, लगा 1000 रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान अचानक मेट्रो स्टेशन बंद करने पर केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC को नोटिस जारी किया है।
लद्दाख को मिलने जा रही आर्टिकल-371 वाली सुरक्षा, क्या होंगे इसके फायदे?
केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने और आर्टिकल 370 के तहत उसका स्पेशल स्टेटस खत्म करने के बाद लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
'80s वाइब' बना सियासी हथियार: ChatGPT के नए ट्रेंड पर क्यों भिड़ीं कांग्रेस और BJP?
सोशल मीडिया पर चल रहे 80 के दशक के AI-जनरेटेड ट्रेंड ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है, जहाँ BJP और कांग्रेस इस तकनीक का इस्तेमाल एक-दूसरे पर निशाना साधने के लिए कर रहे हैं।
National Film Awards केवल Delhi में हों, Gujarat शिफ्ट करने पर बोलीं Supriya Sule
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह नयी दिल्ली में ही आयोजित किया जाना चाहिए क्योंकि यह देश की राजधानी है। सुले का यह बयान सरकार द्वारा इस साल समारोह को गुजरात स्थानांतरित करने के फैसले के बाद आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और मुंबई के महत्व को कम करने का प्रयास हो सकता है क्योंकि क्रिकेट विश्व कप के मैचों और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की यात्राओं समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन अब गुजरात में किया जा रहा है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह इस बार दिल्ली से बाहर गुजरात के केवड़िया में आयोजित होगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 सितंबर को पुरस्कार प्रदान करेंगी। केवड़िया का नाम बदलकर अब एकता नगर कर दिया गया है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का स्थल है। ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के नाम से विख्यात यह प्रतिमा 597 फुट ऊंची है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में किया था। सुले ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश के 72 साल के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार गुजरात में आयोजित हो रहे हैं। हमारा मानना है कि राष्ट्रीय पुरस्कार हमेशा दिल्ली में ही प्रदान किए जाने चाहिए। जो चीजें राष्ट्रीय स्तर की हैं, वे राष्ट्रीय स्तर पर ही रहनी चाहिए।’’महाराष्ट्र के बारामती से सांसद सुले ने कहा, ‘‘जब बड़े कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित होते हैं तो उन्हें दिल्ली में ही होना चाहिए। इसी वजह से उन्हें राष्ट्रीय कार्यक्रम कहा जाता है, क्योंकि दिल्ली देश की राष्ट्रीय राजधानी है। अगर यह राष्ट्रीय कार्यक्रम है तो इसे राष्ट्रीय राजधानी में ही होना चाहिए। इसे कहीं और कैसे आयोजित किया जा सकता है?’’उन्होंने कहा कि क्रिकेट विश्व कप के मैचों और विदेशी राष्ट्राध्यक्षों की यात्राओं जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी गुजरात में किया जा रहा है। राकांपा (शप) की नेता ने कहा, ‘‘यह दिल्ली और मुंबई के महत्व को कम करने का प्रयास हो सकता है। इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।’’भाषाओं के मुद्दे पर सुले ने कहा कि मराठी और हिंदी दोनों महत्वपूर्ण हैं और लोगों को जितनी भाषाएं सीखनी हों, सीखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मराठी और हिंदी दोनों हमारी भाषाएं हैं और लोगों को दोनों का ज्ञान होना चाहिए। अधिक भाषाएं सीखना अच्छी बात है। लेकिन किसी को किसी पर थोपा नहीं जाना चाहिए। अगर कोई हिंदी, गुजराती, तमिल या तेलुगु सीखना चाहता है तो यह अच्छी बात है।’’केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुंबई-गोवा राजमार्ग अब तक पूरा नहीं होने पर शर्मिंदगी जताने और इसके उद्घाटन में शामिल नहीं होने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुले ने कहा कि यह एक संवेदनशील नेता के तौर पर गडकरी की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह गडकरी साहब की महानता है। वह महाराष्ट्र और देश के एक संवेदनशील नेता के रूप में यह बात कह रहे हैं। हम उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं। उनका बयान दिल से आया है क्योंकि वह दिल से काम करते हैं।’’महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति और किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर सुले ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान घोषित कृषि ऋण माफी को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब राकांपा-कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, मनमोहन सिंह के नेतृत्व में और जब पवार साहब (शरद पवार) कृषि मंत्री थे, तब 70,000 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी की घोषणा की गई थी। मनमोहन सिंह खुद महाराष्ट्र आए थे और इससे बड़ा बदलाव आया था।’’सुले ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने, रिपोर्ट तैयार करने और केंद्र सरकार से पूरी कृषि ऋण माफी की मांग करने की अपील की।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नई दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। चीन के विदेश मंत्रालय जिनपिंग के भारत दौरे की पुष्टि की। यह 7 साल में उनकी भारत की पहली यात्रा होगी।
BRICS समिट में शामिल होने भारत आएंगे शी चिनफिंग, चीनी विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं। सात साल में यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी, जहां वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
फिल्म मिर्जापुर को लेकर BJP नेता ने सेंसर बोर्ड से की बड़ी मांग
बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने CBFC से 'मिर्जापुर: द मूवी' से 'शूरवीर' गाना हटाने की मांग की है, क्योंकि इस गाने का इस्तेमाल एक हिंसक सीन में किया गया है. उन्होंने इसे लेकर पत्र भी लिखा है.
'मस्जिद हटने से दिक्कत है तो PAK-बांग्लादेश जाओ, किराया हम देंगे', बोले महामंडलेश्वर
गुरुग्राम के बसई रोड पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने पिता-पुत्र पर दिनदहाड़े फायरिंग कर दी. गोली लगने से 45 वर्षीय कपड़ा व्यापारी महेंद्र की मौत हो गई. बेटे साहिल का दावा है कि हमलावरों का निशाना वह खुद था. जनवरी 2025 में भाई पर लगे हत्या के आरोप से जुड़ी पुरानी रंजिश में बदला लेने की आशंका जताई गई है.
Soft Launch: Gen-Z में क्यों बढ़ा प्राइवेसी का ट्रेंड?
Gen-Z के बीच ‘Soft Launch’ रिलेशनशिप ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय है. इसमें लोग पार्टनर का चेहरा दिखाए बिना हाथ, परछाई, बैक-पोज या दो कॉफी कप जैसी तस्वीरें शेयर करते हैं. जानें कैसे यह ट्रेंड रिश्ते को Reveal करने के साथ प्राइवेसी और सोशल मीडिया एस्थेटिक का संतुलन बनाता है. वीडियो में जानें इस ट्रेंड से जुड़ी ज़रूरी बातें.
2035 तक अपना स्पेस स्टेशन, 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय... पीएम मोदी ने बताया ISRO का मिशन
प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रयान-3 और आदित्य-L1 मिशन का जिक्र करते हुए 2035 तक भारतीय स्पेस स्टेशन और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय भेजने का लक्ष्य बताया।
अमेजन के इंजीनियर ने आर्मी अफसर बनने के लिए छोड़ा 46 लाख का पैकेज
कॉर्पोरेट जगत के चमचमाते पैकेज और हाई-टेक लाइफस्टाइल को छोड़कर देश सेवा का रास्ता चुनना आसान नहीं होता. लेकिन लखनऊ के शार्देंदु तिवारी ने साबित कर दिया कि जब जुनून देश के लिए कुछ करने का हो, तो करोड़ों का पैकेज भी फीका पड़ जाता है. पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए उन्होंने अमेज़न की नौकरी और ₹46 लाख का पैकेज ठुकराकर ऑलिव ग्रीन वर्दी को चुना और सेना में अफसर बने.
ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे शी जिनपिंग, चीन ने कर दिया कन्फर्म
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है। पहले विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि शी, भारत जाने वाले हैं या नहीं।
स्टेशन के आगे लिखे जंक्शन, टर्मिनल, कैंट का मतलब क्या? जान लीजिए
Indian Railway से सफर करते हैं, तो स्टेशन पर लगे बोर्ड पर उस Station के नाम के आगे कुछ शब्द लिखे देखे होंगे, ये जंक्शन, कैंट, टर्मिनस या फिर सेंट्रल होते हैं. इनका खास मतलब होता है, तो स्टेशन की पहचान से जुड़ा है.
बालकनी नहीं है? इन 5 जगहों पर लगाएं पौधे, खिल उठेगा घर
क्या आपके फ्लैट में बालकनी या आंगन नहीं है और इसी वजह से आप पौधे लगाने का अपना शौक पूरा नहीं कर पा रहे हैं? परेशान होने की जरूरत नहीं है. खिड़की की चौखट, खाली दीवार, छत, किचन काउंटर और घर के छोटे-छोटे कोनों का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करके आप घर को हरा-भरा बना सकते हैं. जानें बिना बालकनी के पौधे आप घर पर कहां-कहां पोधे लगा सकते हैं.
शी जिनपिंग का भारत दौरा कंफर्म, BRICS समिट में शामिल होंगे चीनी राष्ट्रपति
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. चीनी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 से 13 सितंबर तक भारत में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

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