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दिल्ली में 25 अक्टूबर तक बंद रहेगा पुराना RTR फ्लाईओवर

दिल्ली में पुराने RTR फ्लाईओवर पर दरारें मिलने के बाद 25 अक्टूबर तक ट्रैफिक बंद किया गया है. IGI एयरपोर्ट से वसंत विहार जाने वाले वाहन सर्विस रोड से निकलेंगे. राजघाट के आसपास भी ट्रैफिक डायवर्जन संभव है. जानें क्या है मामला.

आज तक 21 Oct 2026 11:21 pm

'जेल से बाहर निकालकर पीटना चाहिए...', लॉरेंस बिश्नोई पर भड़के राज ठाकरे

राज ठाकरे ने लॉरेंस बिश्नोई को जेल से बाहर निकालकर पीटने की बात कही. साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में RSS और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी निशाना साधा.

आज तक 21 Oct 2026 11:10 pm

जामनगर रिफाइनरी से US में दूर होगा ऊर्जा संकट? समझिए रुबियो के भारत दौरे के मायने

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल साइट रिफाइनरी का दौरा किया. इस दौरे का मकसद भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना है. ये समझौता अमेरिकी ऊर्जा संकट को कम करने और भारत के वैश्विक रिफाइनिंग प्रभुत्व को बढ़ावा देने में खास भूमिका निभाएगा.

आज तक 21 Oct 2026 11:09 pm

आसमान में दुश्मन के छोटे ड्रोन की भी खैर नहीं, सरकार सेना के लिए खरीद रही स्वदेशी हल्के रडार

सरकार ने सेना के लिए 770 करोड़ रुपये के इम्प्रूव्ड लो-लेवल लाइटवेट रडार (एलएलएलआर-आई) खरीदने हेतु भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) से अनुबंध किया है।

जागरण 21 Oct 2026 11:03 pm

हैवानियत की हद पार, कार की छत पर लिटाया, शीशों में हाथ फंसाकर 1.5 Km घसीटा

कानपुर में 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश में आरोपियों ने उन्हें कार की छत पर डालकर दोनों हाथ खिड़कियों में फंसा दिए और करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा. आरोप है कि बाद में उनके ऊपर कार चढ़ाकर आरोपी फरार हो गए. पुलिस जांच कर रही है.

आज तक 21 Oct 2026 11:01 pm

ऑनलाइन सामान मंगाते हैं तो हो जाएं सावधान: जेप्टो, ब्लिंकिट समेत कई क्विक कॉमर्स को FSSAI का नोटिस

भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म को खराब गुणवत्ता और एक्सपायरी सामान भेजने पर नोटिस जारी किए हैं।

जागरण 21 Oct 2026 11:01 pm

प्रदूषण के बीच 22 अक्टूबर से बढ़ेंगी मेट्रो की 20 अतिरिक्त ट्रिप, GRAP-I लागू

दिल्ली में GRAP-I लागू होने के बाद DMRC 22 अक्टूबर से वर्किंग डेज में मेट्रो की 20 अतिरिक्त ट्रिप चलाएगा. निर्माण स्थलों पर धूल और प्रदूषण कम करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा. जानें पूरी कहानी.

आज तक 21 Oct 2026 10:43 pm

दुर्गा विसर्जन की खुशियां मातम में बदलीं, बांध में डूबे पांच दोस्त, दो की मौत

पन्ना जिले के देवेंद्र नगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बांध में पांच दोस्त डूब गए. हादसे में 18 वर्षीय आयुष अग्रवाल और 25 वर्षीय कृष्णा सोनी की मौत हो गई, जबकि साहिल तिवारी, हरिओम द्विवेदी और करण सोनी को बचा लिया गया. सूचना मिलते ही एसपी निवेदिता नायडू और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे.

आज तक 21 Oct 2026 10:38 pm

टाइगर श्रॉफ फायरिंग: पुलिस का ताबड़तोड़ ऐक्शन, अब तक 10 गिरफ्तार; पूरी लिस्ट

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन शूटर्स को 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है, जबकि बाकियों से धीरे-धीरे पूछताछ की जा रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 10:35 pm

भुवनेश्वर घटना के बाद AAIB की सिफारिश: Alliance Air पायलटों की सिम्युलेटर ट्रेनिंग सुधारे

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने सरकारी विमानन कंपनी एलायंस एयर से अपने पायलटों के लिए ‘सिम्युलेटर’ प्रशिक्षण की आवश्यकताओं को मजबूत करने की सिफारिश की है। एजेंसी ने 2024 में भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर विमान के रनवे से पहले उतर जाने की संभावित वजहों में कई खामियों को भी चिह्नित किया है। यह घटना आठ अक्टूबर, 2024 को हुई थी, जब राउरकेला से आ रहा एलायंस एयर का विमान वीटी-आरकेएफ भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर उतरते समय रनवे से पहले ही जमीन को छू गया था। एटीआर 72-212ए विमान में 43 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई थी। घटना पर अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी करते हुए, एएआईबी ने कहा कि यह घटना विमान को उतारने के दौरान प्रतिकूल मौसम से निपटने, परिस्थितियों के प्रति जागरूकता बनाए रखने और समय पर निर्णय लेने में खामियों को उजागर करती है। एजेंसी ने कहा कि खराब मौसम, कम दृश्यता और ‘गो-अराउंड’ की प्रक्रिया शुरू न करने के कारण यह घटना हुई। ‘गो-अराउंड’ वह प्रक्रिया है जब पायलट विमान को रनवे पर उतरने की कोशिश को बीच में ही रोक देते हैं और विमान को दोबारा हवा में ऊपर ले जाकर फिर से उतारने का प्रयास करते हैं। जांच एजेंसी ने अपनी सिफारिश में कहा कि एलायंस एयर को पायलटों के ‘सिम्युलेटर’ प्रशिक्षण की आवश्यकताओं को और मजबूत करना चाहिए। इसके तहत मूसलाधार बारिश, कम दृश्यता में विमान को उतारने की प्रक्रिया और मौसम बिगड़ने जैसी परिस्थितियों से जुड़े उन्नत अभ्यास शामिल किए जाने चाहिए।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 10:33 pm

गुरुग्राम में पान-गुटखा थूकने और च्यूइंग गम फेंकने पर कटेगा चालान

गुरुग्राम नगर निगम ने सार्वजनिक जगहों पर पान, गुटखा, तंबाकू थूकने और च्यूइंग गम फेंकने पर चालान काटने का आदेश जारी किया है. जानें किन जगहों पर लागू होंगे नियम. जानें क्या है पूरा मामला.

आज तक 21 Oct 2026 10:32 pm

पोल्ट्री फार्मिंग में अंडा या चिकन: कम लागत में किस बिजनेस से होगी बंपर कमाई? समझें पूरा गणित

खेती-किसानी के साथ जब एक स्थिर और सुरक्षित आमदनी की बात आती है, तो ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन हमेशा पहली पसंद बनकर उभरता है। आज के समय में जब पारंपरिक फसलों पर मौसम की अनिश्चितता का साया मंडराता रहता है, ऐसे में पशुपालन का यह मॉडल किसानों और नए युवाओं के लिए रेगुलर कैश फ्लो का एक मजबूत जरिया बन चुका है। लेकिन जब भी कोई नया पशुपालक या युवा उद्यमी इस बिजनेस में कदम रखने की सोचता है, तो उसके सामने सबसे बड़ा बुनियादी सवाल यही खड़ा होता है कि आखिर शुरुआत कहां से की जाए? ब्रायलर फार्मिंग यानी मीट के लिए मुर्गी बेचना ज्यादा फायदेमंद है या फिर लेयर फार्मिंग यानी रोजाना अंडे बेचकर कमाई करना? यह दुविधा सिर्फ मुर्गियों के चुनाव की नहीं, बल्कि आपकी जेब में मौजूद पूंजी, रिस्क उठाने की क्षमता और बाजार की समझ से जुड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में कई ऐसे युवा हैं जिन्होंने सही मॉडल चुनकर महीने के लाखों रुपये कमाए हैं, वहीं गलत आकलन की वजह से कुछ लोगों को नुकसान भी उठाना पड़ा है। इसलिए दोनों मॉडल्स की बारीकियों, लागत, समय और प्रॉफिट मार्जिन को पूरी गहराई से समझना बेहद जरूरी है।ब्रायलर और लेयर फार्मिंग का बुनियादी अंतर और बिजनेस मॉडलपोल्ट्री फार्मिंग को मुख्य रूप से दो धाराओं में बांटा जाता है, जिसमें पहली है ब्रायलर और दूसरी है लेयर फार्मिंग। ब्रायलर फार्मिंग का सीधा मकसद मुर्गियों को मांस यानी चिकन उत्पादन के लिए तैयार करना होता है। इसमें एक दिन के चूजे (Day Old Chicks) खरीदे जाते हैं और उन्हें पोषक आहार, पानी और सही तापमान देकर तेजी से बड़ा किया जाता है। ब्रायलर मुर्गी का जीवन चक्र काफी छोटा होता है, जो अमूमन 35 से 45 दिनों का रहता है। इस समयावधि में एक मुर्गी का वजन करीब 2 से 2.5 किलोग्राम तक पहुंच जाता है, जिसके बाद इसे सीधे लोकल मंडियों, कसाईखानों या थोक व्यापारियों को वजन के हिसाब से बेच दिया जाता है। दूसरी तरफ लेयर फार्मिंग का पूरा कॉन्सेप्ट रोजाना अंडा उत्पादन पर टिका होता है। इसमें मुर्गियों को मांस के लिए नहीं, बल्कि लगातार अंडों के उत्पादन के लिए पाला जाता है। लेयर बर्ड्स को तैयार होने में लगभग 18 से 20 हफ्ते यानी करीब 4.5 से 5 महीने का लंबा वक्त लगता है। 20 हफ्ते की उम्र के बाद ये मुर्गियां अंडे देना शुरू करती हैं और अगले 72 से 78 हफ्तों तक लगातार अंडे देती रहती हैं। जब इनका अंडा उत्पादन चक्र समाप्त हो जाता है, तब इन्हें 'कल्ल्ड बर्ड्स' के रूप में मीट मार्केट में कम दाम पर बेच दिया जाता है।लागत और शुरुआती निवेश: किसमें चाहिए ज्यादा पूंजी?किसी भी नए बिजनेस की नींव उसकी शुरुआती पूंजी पर टिकी होती है, और यही नियम पोल्ट्री फार्मिंग पर भी लागू होता है। अगर आपके पास सीमित बजट है और आप कम समय में पैसा घुमाना चाहते हैं, तो ब्रायलर फार्मिंग आपके लिए मुफीद साबित होती है। ब्रायलर फार्मिंग में शेड निर्माण, दाना, दवाइयां और चूजे खरीदने के लिए शुरुआती पूंजी की जरूरत सीमित दायरे में होती है। उदाहरण के तौर पर 1500 से 2000 ब्रायलर मुर्गियों का सेटअप 3 से 4 लाख रुपये में तैयार हो सकता है और सबसे बड़ी बात यह है कि 40 दिन बाद मुर्गियां बिकते ही आपकी लागत वापस आपके हाथ में आ जाती है। इसके ठीक उलट लेयर फार्मिंग एक कैपिटल-इंटेन्सिव यानी भारी पूंजी वाला बिजनेस है। इसमें आपको पक्षियों के लिए आधुनिक केज सिस्टम यानी पिंजरे लगवाने होते हैं, जिनमें ऑटोमैटिक फीडिंग और वॉटरिंग सिस्टम शामिल होता है। सबसे अहम बात यह है कि लेयर मुर्गियां पहले दिन से लेकर 20वें हफ्ते तक सिर्फ दाना खाती हैं और एक भी पैसा कमाकर नहीं देतीं। इसका मतलब है कि फार्मर को लगभग 5 महीने तक बिना किसी इनकम के सिर्फ फीड, दवा और रख-रखाव पर लगातार पैसा खर्च करना पड़ता है। 2000 लेयर मुर्गियों का कमर्शियल सेटअप लगाने के लिए कम से कम 10 से 15 लाख रुपये की आवश्यकता होती है।कमाई का चक्र: रोज की आमदनी बनाम हर महीने का एकमुश्त मुनाफामुनाफे के पैटर्न की बात करें तो दोनों ही मॉडल अपनी अलग-अलग वित्तीय खूबियों के साथ आते हैं। ब्रायलर फार्मिंग का सबसे बड़ा आकर्षण इसका टर्नओवर पीरियड है। एक साल में आप आसानी से 5 से 6 लॉट निकाल सकते हैं। यानी हर 40 से 45 दिन में आपको एकमुश्त मोटी रकम हाथ लगती है। अगर एक 2000 मुर्गियों के ब्रायलर बैच पर प्रति मुर्गी 25 से 35 रुपये का शुद्ध मुनाफा बचता है, तो किसान 40 दिनों में लगभग 50,000 से 70,000 रुपये आसानी से बचा लेता है। हालांकि, ब्रायलर में चिकन का बाजार भाव काफी उतार-चढ़ाव भरा रहता है, जिससे कभी-कभी मार्जिन घट भी जाता है। दूसरी ओर लेयर फार्मिंग आपको हर रोज नकदी देती है। एक बार जब मुर्गियां 20 हफ्ते की होकर अंडा देना शुरू करती हैं, तो वे अपनी पीक कैपेसिटी में 90 से 95 प्रतिशत तक प्रोडक्शन देती हैं। यानी 2000 मुर्गियों से रोजाना लगभग 1800 से 1900 अंडे मिलते हैं। इन अंडों को स्थानीय किराना दुकानों, बेकरी, ढाबों और थोक मंडियों में रोज बेचकर किसान के पास हर शाम कैश आ जाता है। रोजमर्रा का खर्चा चलाने और बिजनेस से स्थिर मंथली इनकम बनाने के लिहाज से लेयर फार्मिंग एक एटीएम मशीन की तरह काम करती है, जहां कैश फ्लो कभी नहीं रुकता।जोखिम और प्रबंधन: बीमारी, मौसम और बाजार की मारपोल्ट्री सेक्टर में जितना बड़ा मुनाफा दिखता है, उतना ही बड़ा रिस्क मैनेजमेंट भी जरूरी होता है। ब्रायलर मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद नाजुक होती है, और चूंकि इनका जीवन चक्र 40 दिनों का ही होता है, इसलिए बीमारी फैलने पर फार्मर को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। हल्की सी मौसमी लापरवाही या एवियन फ्लू जैसे संक्रमण से पूरी की पूरी लॉट 24 से 48 घंटे में तबाह हो सकती है। गर्मियों के मौसम में हीट स्ट्रोक से ब्रायलर की मृत्यु दर काफी बढ़ जाती है, जिसके लिए शेड में फॉगर और कूलिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा ब्रायलर का रेट त्योहारों, सावन और नवरात्र जैसे अवसरों पर अचानक धड़ाम हो जाता है। इसके विपरीत लेयर फार्मिंग में पक्षियों की इम्युनिटी अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत होती है और उनका टीकाकरण बेहद सख्त शेड्यूल के तहत 20 हफ्तों के दौरान पूरा कर लिया जाता है। अंडे की डिमांड साल भर एक समान बनी रहती है, और सर्दियों के महीनों में तो इसके दाम काफी बढ़ जाते हैं। लेयर में सबसे बड़ा जोखिम सिर्फ यह होता है कि अगर मुर्गियों के दाने में पोषण की कमी आई या कोई गंभीर बीमारी आई, तो उनका अंडा उत्पादन गिर जाता है, जिसे वापस सामान्य स्तर पर लाने में हफ्तों की मशक्कत करनी पड़ती है।सरकारी मदद, बैंक लोन और अंतिम फैसला: आपके लिए क्या है बेहतर?आज केंद्र और राज्य सरकारें पशुधन विकास मिशन और नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) के तहत पोल्ट्री फार्मिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही हैं। नाबार्ड और सरकारी बैंकों के जरिए फार्म शेड निर्माण, दाना चक्की और चूजों की खरीद पर 25% से लेकर 33% तक की सब्सिडी किसानों और महिला उद्यमियों को दी जा रही है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कुक्कुट विकास नीति के तहत कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। अब अगर आखिरी फैसले की बात करें, तो अगर आप इस फील्ड में बिल्कुल नए हैं, आपके पास जमीन कम है, पूंजी 3 से 5 लाख के बीच है और आप जल्दी-जल्दी मुनाफा देखना चाहते हैं, तो आपको निश्चित तौर पर 1000 या 1500 मुर्गियों से ब्रायलर फार्मिंग की शुरुआत करनी चाहिए। इससे आपको मुर्गियों के व्यवहार, दाने और बीमारियों को समझने का जमीनी अनुभव मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, यदि आपके पास 10 से 15 लाख रुपये का मजबूत बजट है, आप 5 महीने तक बिना कमाई के लागत लगाने का धैर्य रखते हैं और आप चाहते हैं कि अगले डेढ़-दो साल तक आपके बैंक खाते में रोजाना स्थिर और पक्की आमदनी आती रहे, तो लेयर फार्मिंग यानी अंडे का बिजनेस आपके लिए सबसे सटीक और भरोसेमंद विकल्प है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:31 pm

मिचेल स्टार्क ने बरपाया कहर! मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में 450 विकेट लेकर कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. ऐसा करने वाले वह ऑस्ट्रेलिया के चौथे गेंदबाज बन गए हैं, स्टार्क से पहले शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और नाथन लायन यह रिकॉर्ड बना चुके हैं.

आज तक 21 Oct 2026 10:30 pm

पोछा हो गया है चिकना और बदबूदार? इन 4 तरीकों से करें साफ

How To Clean Dirty-Greasy Mop: पोछा बार-बार धोने के बाद भी चिकना और बदबूदार रहता है? कई बार सिर्फ पानी से धोने पर पोछे में जमी गंदगी, तेल के दाग और चिपचिपाहट दूर नहीं होती. ऐसे में बेकिंग सोडा, डिशवॉश और सफेद सिरके जैसे ऑप्शंस पोछे की सफाई में मदद कर सकते हैं. चलिए जानते हैं पोछे को इस्तेमाल के बाद पोछे को कैसे धोएं और सुखाएं, ताकि वो साफ रहे और उसमें बार-बार बदबू न आए.

आज तक 21 Oct 2026 10:30 pm

सौरव और आशुतोष कोर्ट से रिहा हुए हैं बरी नहीं, जानें कानूनी दांव-पेच

सौरव दास और आशुतोष रांका जेल से रिहा हो गए हैं, लेकिन अभी बरी नहीं हुए हैं. कोर्ट के इस फैसले के पीछे क्या है कानूनी पेच, जानिए.

आज तक 21 Oct 2026 10:29 pm

EPFO Rules: पीएफ, पेंशन और ₹7 लाख के फ्री बीमा का नहीं रुकेगा पैसा; आज ही पूरे कर लें ये 4 जरूरी काम

निजी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले हर वेतनभोगी कर्मचारी की सैलरी से हर महीने भविष्य निधि यानी पीएफ (Provident Fund) का एक तय हिस्सा कटता है। अधिकांश कर्मचारी इसे सिर्फ रिटायरमेंट सेविंग्स या ब्याज कमाने का जरिया भर मानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि ईपीएफओ खाता अपने सदस्यों को केवल प्रोविडेंट फंड ही नहीं देता, बल्कि बुढ़ापे के लिए एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) और असमय मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने वाला एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम का ₹7 लाख तक का मुफ्त जीवन बीमा भी प्रदान करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बीमा सुरक्षा के लिए कर्मचारी की जेब से एक भी रुपया प्रीमियम के रूप में नहीं कटता, बल्कि इसका पूरा खर्च नियोक्ता यानी कंपनी वहन करती है। हालांकि, अक्सर सही समय पर जरूरी औपचारिकताएं और प्रोफाइल अपडेट न होने के कारण आपात स्थिति में कर्मचारी या उसके आश्रितों को इन योजनाओं का क्लेम हासिल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।पहला काम: ई-नॉमिनेशन तुरंत पूरा करें ताकि न फंसे बीमा का क्लेमकर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत मिलने वाले ₹7 लाख के ईडीएलआई बीमा और पेंशन का लाभ सीधे तौर पर नॉमिनी से जुड़ा होता है। यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो उसके परिवार या आश्रितों को पीएफ का संचित फंड, मासिक पेंशन और इंश्योरेंस की रकम तभी बिना कानूनी अड़चन के मिलती है जब खाते में डिजिटल ई-नॉमिनेशन दर्ज हो। ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के मुताबिक, ई-नॉमिनेशन न होने पर ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया अटक सकती है और परिवार को डेथ क्लेम के लिए कंपनियों व सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इसे पूरा करने के लिए कर्मचारी को ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर 'मैनेज' सेक्शन में 'ई-नॉमिनेशन' का विकल्प चुनना होता है, जहां परिवार के सदस्यों का आधार, फोटो और बैंक विवरण दर्ज कर आधार-ओटीपी के जरिए मिनटों में ई-साइन किया जा सकता है।दूसरा काम: यूएएन एक्टिवेट रखें और आधार-पैन का सही केवाईसी कराएंहर पीएफ खाताधारक को 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आवंटित किया जाता है, जो पूरी सेवा अवधि के दौरान उसकी वित्तीय पहचान बना रहता है। कई कर्मचारी नई नौकरी शुरू करने के बाद यूएएन एक्टिवेट करना भूल जाते हैं या उसमें पुराना मोबाइल नंबर ही दर्ज रहने देते हैं। बिना सक्रिय यूएएन और अपडेटेड मोबाइल नंबर के आप न तो अपनी पासबुक देख सकते हैं और न ही किसी तरह का विड्रॉल या क्लेम कर सकते हैं। इसके साथ ही ईपीएफओ नियमों के अनुसार, यूएएन का आधार कार्ड से लिंक और सत्यापित होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि आपके आधार, पैन और ईपीएफओ रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि या पिता के नाम में मामूली सा भी अंतर है, तो सिस्टम आपके ऑनलाइन क्लेम को तुरंत रिजेक्ट कर देता है। इसलिए पोर्टल पर जाकर प्रोफाइल सेक्शन में सभी व्यक्तिगत जानकारियों का अक्षरशः मिलान कर केवाईसी सत्यापन सुनिश्चित कर लें।तीसरा काम: बैंक खाता विवरण और आईएफएससी कोड करें अपडेटपीएफ विड्रॉल, एडवांस क्लेम या पेंशन का पैसा सीधे सदस्य के बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के माध्यम से भेजा जाता है। ऐसे में यदि आपका बैंक अकाउंट इनएक्टिव हो चुका है, बैंक के विलय (Merger) के कारण आईएफएससी कोड बदल गया है, या फिर खाता बंद हो चुका है, तो क्लेम पास होने के बावजूद भुगतान बैंक एंड पर फेल हो जाता है। ईपीएफओ पोर्टल पर हमेशा वही बचत खाता दर्ज रखें जो पूरी तरह सक्रिय हो, जिसमें आपका नाम ठीक वैसा ही लिखा हो जैसा आधार और पीएफ रिकॉर्ड में है। जब आप पोर्टल पर नया बैंक खाता जोड़ते हैं, तो नियोक्ता द्वारा डिजिटल सिग्नेचर के जरिए उसे अप्रूव किया जाता है और इसके बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के जरिए बैंक सत्यापन पूरा होता है, जिससे भविष्य में किसी भी निकासी के समय पैसे अटकने का कोई जोखिम नहीं रहता।चौथा काम: नौकरी बदलते ही पुरानी कंपनी से 'Date of Exit' दर्ज कराएं और फंड ट्रांसफर करेंअक्सर लोग करियर में आगे बढ़ने के लिए एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में चले जाते हैं, लेकिन पुरानी नौकरी छोड़ने के बाद उसका 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) दर्ज कराना भूल जाते हैं। जब तक पुरानी सर्विस का एग्जिट पोर्टल पर अपडेट नहीं होता, तब तक न तो आप पुराने पीएफ बैलेंस को नए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं और न ही आपकी सेवा अवधि लगातार मानी जाती है। लगातार 10 साल की योग्य सेवा पूरी होने पर ही ईपीएफओ सदस्य आजीवन मासिक पेंशन (EPS) का हकदार बनता है। यदि आप बीच में ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो आपकी सर्विस हिस्ट्री टूट सकती है जिसका सीधा नुकसान आपकी भावी पेंशन गणना और ईडीएलआई बीमा की निरंतरता पर पड़ता है। अब ईपीएफओ ने कर्मचारियों को खुद ही मेंबर पोर्टल पर जाकर 'मार्क एग्जिट' करने की सुविधा दे दी है, जिसके बाद फॉर्म-13 के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट सबमिट की जा सकती है।आपात स्थिति में परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवचईपीएफओ की ये तीनों योजनाएं—पीएफ, पेंशन और ग्रुप टर्म इंश्योरेंस—किसी भी कामकाजी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा तंत्र की तरह काम करती हैं। अगर कोई सदस्य सेवा में रहते हुए समय पर ये चारों औपचारिकताएं पूरी कर लेता है, तो किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के समय उसके परिजनों को किसी मध्यस्थ या लंबी कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती और सीधे डीबीटी के माध्यम से बीमा और फंड की राशि खाते में पहुंच जाती है। तकनीक के इस दौर में ईपीएफओ के सारे काम घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से कुछ ही मिनटों में पूरे किए जा सकते हैं, इसलिए समय रहते अपने पीएफ खाते की जांच करें और इन चारों प्राथमिकताओं को बिना किसी देरी के पूरा कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:28 pm

Delhi NCR Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में लागू हुआ GRAP-1, हवा हुई 'खराब'; जानिए किन चीजों पर लगी कड़ी रोक और क्या हैं नए नियम?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का साया गहराने लगा है। जैसे ही हवा की गुणवत्ता गिरकर 'खराब' यानी पूअर श्रेणी में पहुंची, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम (CAQM) ने तुरंत एक्शन लेते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पहला चरण (GRAP-1) प्रभावी कर दिया है। दिल्ली समेत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अब प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश लागू हो चुके हैं। मौसम में ठंडक और धीमी हवाओं के चलते वातावरण में प्रदूषक तत्व जमने लगे हैं, जिससे सांस लेने में भारीपन और आंखों में हल्की जलन का अहसास शुरू हो चुका है। सरकारी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डालते हुए जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी चालान व दंडात्मक कार्रवाई के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।GRAP-1 क्या होता है और यह कब एक्शन में आता है?ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-एनसीआर में हवा के बिगड़ते मिजाज को संभालने के लिए तैयार किया गया एक चार-स्तरीय इमरजेंसी फ्रेमवर्क है। सीएक्यूएम की नियमावली के मुताबिक, जब एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 201 से 300 के बीच दर्ज होता है, तो इसे 'खराब' श्रेणी माना जाता है और तत्काल प्रभाव से ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया जाता है। इसके बाद जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ता है, अगले चरण यानी ग्रैप-2 (301-400 एक्यूआई पर), ग्रैप-3 (401-450 एक्यूआई पर) और बेहद गंभीर स्थिति में ग्रैप-4 (450 से अधिक एक्यूआई पर) लागू किए जाते हैं। ग्रैप-1 का मूल उद्देश्य प्रदूषण को अगले खतरनाक स्तर पर पहुंचने से पहले ही उस पर लगाम लगाना है, ताकि आम जनता और खासकर बुजुर्गों व बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर न पड़े।कंस्ट्रक्शन साइट्स और धूल नियंत्रण पर अब सख्त पाबंदियांग्रैप-1 के लागू होते ही निर्माण और विध्वंस (C&D) से जुड़ी गतिविधियों पर सबसे कड़ी पाबंदी लगाई गई है। 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले किसी भी निर्माण कार्य को बिना पोर्टल पंजीकरण और प्रमाणित डस्ट मैनेजमेंट प्लान के आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। बिल्डरों और ठेकेदारों के लिए निर्माण सामग्री जैसे बालू, सीमेंट और मलबे को पूरी तरह से तिरपाल से ढंकना अनिवार्य कर दिया गया है। सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को भी पूरी तरह कवर करना होगा ताकि सड़कों पर उड़ने वाली धूल हवा को जहरीली न बनाए। इसके साथ ही, स्थानीय नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रमुख सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन तैनात करें और मशीनीकृत सफाई (मैकेनाइज्ड स्वीपिंग) के साथ पानी का नियमित छिड़काव सुनिश्चित करें।गाड़ियों के धुएं और पुराने वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस का चाबुकसड़क यातायात से निकलने वाला धुआं सर्दियों में प्रदूषण का एक बड़ा कारक बनता है, जिस पर काबू पाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। ग्रैप-1 के तहत वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की सघन जांच शुरू हो चुकी है और धुआं छोड़ते वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर पूर्ण पाबंदी को सख्ती से लागू किया जा रहा है। जाम के मुख्य हॉटस्पॉट्स पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि गाड़ियों का रुकना कम से कम हो और रेड लाइट पर इंजन बंद रखने के लिए ड्राइवरों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, जिन कमर्शियल ट्रकों का गंतव्य दिल्ली नहीं है, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है।होटल-ढाबों के तंदूर, कचरा जलाने और जेनरेटरों पर बड़ी रोकसर्दियों में सड़क किनारे जलने वाले अलाव और कचरे से निकलने वाला धुआं स्थानीय वायुमंडल को बेहद जहरीला बना देता है। ग्रैप-1 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, खुले में कूड़ा-करकट, बायोमास, पत्तियां या प्लास्टिक जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है और ऐसा करने वालों पर एनजीटी के प्रावधानों के तहत पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना ठोका जाएगा। इसके अतिरिक्त, होटलों, रेस्तरांओं और सड़क किनारे ढाबों में कोयले या लकड़ी वाले पारंपरिक तंदूर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है; उन्हें सिर्फ गैस या बिजली आधारित उपकरणों के इस्तेमाल की अनुमति है। बिजली कटौती के दौरान उपयोग होने वाले अनियंत्रित डीजल जनरेटर सेटों के इस्तेमाल पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं, और केवल आवश्यक सेवाओं व आपातकालीन स्थितियों में ही निर्धारित मानकों वाले जेनरेटर चलाने की छूट दी गई है।आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी और दिनचर्या में बदलाव की अपीलप्रदूषण के खिलाफ इस साझा लड़ाई में प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की पुरजोर अपील की है। सीएक्यूएम के 'सिटिजन चार्टर' के मुताबिक, लोगों को निजी गाड़ियों की जगह ज्यादा से ज्यादा दिल्ली मेट्रो, आरआरटीएस और इलेक्ट्रिक बसों जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को कारपूलिंग अपनाने और संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा, नागरिकों को समीर (SAMEER) ऐप के जरिए अपने इलाके के रियल-टाइम एक्यूआई पर नजर रखने और कहीं भी कचरा जलने या निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की घटना दिखने पर संबंधित सरकारी पोर्टल पर उसकी तुरंत फोटो अपलोड कर रिपोर्ट करने का आग्रह किया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:26 pm

'बेटी ऐसी-वैसी नहीं, वो पैसों के लालच में नहीं आती', बोली राधा की मां

फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में हथियारों की आपूर्ति के आरोप में सीतापुर की राधा का नाम सामने आया है. पुलिस मिश्रिख थाना क्षेत्र के कमरसेपुर गांव पहुंची और पड़ोसियों से पूछताछ की. वहीं राधा की मां मैना ने बेटी को निर्दोष बताते हुए गलत तरीके से फंसाए जाने का आरोप लगाया है.

आज तक 21 Oct 2026 10:25 pm

SBI डेटा लीक मामले में बैंक की सफाई: डार्क वेब पर मिले 3,897 ग्राहकों के रिकॉर्ड्स, बैंक बोला- कोर सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने डार्क वेब पर ग्राहकों के संवेदनशील डेटा लीक होने की खबरों के बीच आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर स्थिति साफ की है। बैंक ने स्वीकार किया है कि इंटरनेट के भूमिगत फोरम (डार्क वेब) पर चल रहे लगभग 3.75 लाख रिकॉर्ड्स की प्रारंभिक जांच में 3,897 ग्राहकों से जुड़े रिकॉर्ड्स की पहचान की गई है। हालांकि, इस खुलासे के साथ ही बैंक प्रबंधन ने अपने करोड़ों खाताधारकों को आश्वस्त करते हुए साफ किया है कि बैंक के मुख्य बैंकिंग कोर सिस्टम (CBS) और आंतरिक सर्वर पूरी तरह सुरक्षित हैं। बैंक का कहना है कि उसके विशाल ग्राहक आधार की तुलना में प्रभावित होने वाले लोगों का दायरा बेहद सीमित है और बैंक के सभी नियमित कामकाज बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।क्या 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक हुआ है?मामले की गंभीरता को देखते हुए जब साइबर सुरक्षा निगरानी संस्थाओं और डिफेंस साइबर एजेंसी (DCA) से अलर्ट मिला, तो एसबीआई की तकनीकी टीम ने डार्क वेब पर मौजूद डेटा डंप का विश्लेषण शुरू किया। जांच में पाया गया कि डार्क वेब पर प्रसारित हो रही बड़ी फाइलों में से 3,897 प्रविष्टियों में व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी (Personally Identifiable Information - PII) दर्ज है। इन रिकॉर्ड्स में मुख्य रूप से ग्राहकों के नाम, जेंडर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल आईडी, पते के साथ-साथ ब्रांच कोड, सीआईएफ (CIF) नंबर और लोन लीड से जुड़े कुछ मेटाडेटा शामिल हैं। बैंक ने पुष्टि की है कि यह डेटा एक्सपोजर प्रथम दृष्टया सीमित संख्या में सामने आया है, लेकिन इसकी प्रामाणिकता और स्रोत की अंतिम पुष्टि के लिए गहराई से फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।क्या ग्राहकों के बैंक खाते, पासवर्ड और पैसे सुरक्षित हैं?डार्क वेब पर डेटा सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या खाताधारकों के पैसे या नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स पर कोई खतरा मंडरा रहा है। इस पर बैंक सूत्रों और साइबर विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी ग्राहक का लॉगिन पासवर्ड, यूपीआई पिन (PIN), डेबिट/क्रेडिट कार्ड सीवीवी (CVV) या कोर बैंकिंग क्रेडेंशियल्स लीक होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। यानी किसी भी खाते से सीधे तौर पर अनाधिकृत तरीके से पैसे की निकासी नहीं की जा सकती। इसके बावजूद, चूंकि नाम, फोन नंबर और ईमेल जैसी बुनियादी जानकारियां लीक डेटा में मौजूद हैं, इसलिए प्रभावित ग्राहकों पर सोशल इंजीनियरिंग और फिशिंग कॉल्स के जरिए ठगी का जोखिम बना रहता है। साइबर जालसाज बैंक अधिकारी बनकर लॉटरी, लोन अप्रूवल या केवाईसी अपडेट के नाम पर फर्जी कॉल कर सकते हैं, जिसको लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।CERT-In के पैनल वाली स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी गई जांचएसबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है और इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) द्वारा अधिकृत एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा फॉरेंसिक एजेंसी को पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है। यह स्वतंत्र एजेंसी यह पता लगाएगी कि क्या यह डेटा सीधे बैंक के किसी चैनल से लीक हुआ, किसी थर्ड-पार्टी वेंडर या मार्केटिंग एजेंसी के सिस्टम से बाहर गया, या फिर यह पुराना कलेक्टेड डेटा है जिसे नए सिरे से डार्क वेब पर पेश किया गया है। बैंक ने यह भी साफ किया है कि जांच पूरी होने के बाद नियामक दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक उपचारात्मक और निवारक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में सुरक्षा ढांचे में कोई कमी न रहे।सोशल मीडिया पर 3.75 लाख दावों की असलियत और बैंक का पक्षदरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) और साइबर मॉनिटरिंग हैंडल्स पर दावा किया जा रहा था कि हैकर्स ने एसबीआई के 3.75 लाख खातों और हजारों पीडीएफ दस्तावेजों में सेंध लगा दी है। इस भ्रामक स्थिति पर विराम लगाते हुए एसबीआई ने डेटा का पैमाना स्पष्ट किया। बैंक ने बताया कि जांचे गए 3.75 लाख रिकॉर्ड्स में से भारी संख्या में एंट्रीज केवल तकनीकी लॉग्स, डुप्लीकेट फाइल्स या गैर-संवेदनशील प्रविष्टियां थीं, जिनमें से केवल 3,897 फाइल्स में ही वास्तविक ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी पाई गई। बैंक के 50 करोड़ से अधिक खाताधारकों के विशाल आधार के सामने यह संख्या बहुत छोटी है, इसलिए इसे बड़े पैमाने का सिस्टम ब्रीच कहना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।लखनऊ और अन्य शहरों के खाताधारकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरीउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर सहित पूरे देश के एसबीआई खाताधारकों के लिए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने बुनियादी डिजिटल सावधानियों का पालन करने पर जोर दिया है। लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज और लालबाग जैसे प्रमुख व्यापारिक इलाकों में स्थित शाखाओं में भी अधिकारियों द्वारा ग्राहकों को डिजिटल फ्रॉड से बचने की सामान्य सलाह दी जा रही है। किसी भी ग्राहक को कभी भी अपने फोन पर आने वाला ओटीपी (OTP), नेट बैंकिंग यूजरनेम, पासवर्ड या डेबिट कार्ड का पिन किसी भी अज्ञात कॉलर के साथ साझा नहीं करना चाहिए। एसबीआई कभी भी फोन कॉल, एसएमएस या वॉट्सऐप पर लिंक भेजकर खाते की केवाईसी अपडेट करने या गोपनीय जानकारी मांगने का दबाव नहीं बनाता है। यदि किसी उपभोक्ता को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो वे तुरंत नजदीकी शाखा या बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।डिजिटल बैंकिंग युग में डेटा गवर्नेंस पर बढ़ता दबावयह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) लगातार वित्तीय संस्थानों को कस्टमर डेटा प्रोटेक्शन और थर्ड-पार्टी वेंडर रिस्क को लेकर सख्त चेतावनियां दे रहा है। डिजिटल लेंडिंग और ऑनलाइन सर्विसिंग के दौर में बैंकों को विभिन्न फिनटेक कंपनियों और कॉल सेंटर्स के साथ समन्वय करना पड़ता है। ऐसे में सिस्टम की किसी एक कमजोर कड़ी से भी डेटा लीक का खतरा बन जाता है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि एसबीआई द्वारा समय रहते मामले का खुलासा करना और स्वतंत्र जांच बिठाना कॉरपोरेट पारदर्शिता का एक अहम कदम है। आने वाले समय में बैंकिंग सेक्टर में डेटा सिक्योरिटी ऑडिट और प्राइवेसी नॉर्म्स को और अधिक कड़ा किए जाने की उम्मीद है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:24 pm

सूरजकुंड दिवाली मेला 23 से 26 अक्टूबर होगा आयोजित, कई रास्तों पर प्रतिबंध, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

सूरजकुंड दिवाली मेले का आयोजन 23 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा. मेले में यातायात व्यवस्था के लिए फरीदाबाद यातायात पुलिस ने एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.

NDTV इंडिया 21 Oct 2026 10:23 pm

RBI MPC मिनट्स जारी: महंगाई से जल्द राहत के आसार नहीं, ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश खत्म; GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हालिया द्विमासिक समीक्षा बैठक के विस्तृत मिनट्स जारी कर दिए गए हैं, जिसने आम उपभोक्ताओं, होम लोन धारकों और कॉरपोरेट जगत की उम्मीदों पर मिला-जुला असर डाला है। केंद्रीय बैंक के पॉलिसी मिनट्स से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि देश के आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर फिलहाल किसी त्वरित राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। खासकर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बने रहने वाले दबाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण खुदरा मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत के तय लक्ष्य पर टिकाऊ रूप से लाना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। मिनट्स में समिति के सदस्यों ने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया है कि जब तक महंगाई दर अपने लक्ष्य के दायरे में पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाती, तब तक नीतिगत रेपो रेट (Repo Rate) में किसी भी प्रकार की कटौती की गुंजाइश नहीं बनती है। हालांकि इस सख्त रुख के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान को बढ़ाया गया है, जो आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है।खाद्य महंगाई का जोखिम और रेपो रेट में कटौती पर ब्रेकआरबीआई गवर्नर और एमपीसी के सदस्यों की ओर से दर्ज की गई टिप्पणियों में सबसे बड़ा जोर इस बात पर रहा कि मुख्य मुद्रास्फीति (कोर इन्फ्लेशन) के नियंत्रित दायरे में रहने के बावजूद खाद्य महंगाई लगातार नीतिगत प्राथमिकताओं को प्रभावित कर रही है। सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में होने वाले मौसमी और आपूर्ति-आधारित उतार-चढ़ाव आम परिवार के घरेलू बजट को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। मिनट्स के अनुसार, समिति के अधिकांश सदस्यों का मानना है कि यदि इस मोड़ पर ब्याज दरों में कटौती की जाती है, तो बाजार में अतिरिक्त तरलता (लिक्विडिटी) आ सकती है, जिससे महंगाई की दर फिर से अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ जाएगा। यही कारण है कि समिति ने अपना ध्यान 'महंगाई को लक्ष्य के अनुरूप लाने' पर केंद्रित रखा है और स्पष्ट किया है कि दरों में ढील देने की जल्दबाजी अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिकूल साबित हो सकती है।आम उपभोक्ताओं की ईएमआई और होम लोन की स्थितिआरबीआई मिनट्स के इस रुख का सीधा असर आम नौकरीपेशा वर्ग और उन कर्जदारों पर पड़ेगा जो लंबे समय से अपनी महंगी होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में कटौती की आस लगाए बैठे थे। चूंकि केंद्रीय बैंक ने दरों में कमी की संभावना को निकट भविष्य के लिए टाल दिया है, इसलिए बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा ब्याज दरों को जस का तस बनाए रखने की संभावना है। इसका अर्थ यह है कि फ्लोटिंग रेट वाले रिटेल लोन पर ग्राहकों की मासिक किस्तें अभी कुछ और महीनों तक उच्च स्तर पर ही बनी रहेंगी। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खुदरा महंगाई दर अगली दो तिमाहियों तक 4.5 प्रतिशत से नीचे लगातार बनी रहती है, तभी केंद्रीय बैंक वर्ष के उत्तरार्ध में दरों को घटाने पर विचार करेगा, लिहाजा उपभोक्ताओं को अपने मौजूदा बजट के अनुसार ही वित्तीय नियोजन करना चाहिए।मजबूत घरेलू मांग के दम पर जीडीपी ग्रोथ का अनुमान सुधरामहंगाई की चिंता के विपरीत, भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक गतिशीलता और मांग को लेकर एमपीसी के सदस्यों ने खासा उत्साह दिखाया है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सरकारी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स), विनिर्माण क्षेत्र की मजबूत गतिविधियां और सेवा क्षेत्र (सर्विसेज सेक्टर) के शानदार प्रदर्शन के दम पर देश की विकास रफ्तार मजबूत बनी हुई है। इसी मजबूती को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया है। मिनट्स में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में सुधार और त्योहारी सीजन के बाद भी शहरी मांग का टिके रहना यह साबित करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी वैश्विक झटकों को झेलने में सक्षम है। निजी क्षेत्र के निवेश चक्र में भी धीरे-धीरे तेजी देखी जा रही है, जिससे रोजगार सृजन को बल मिल रहा है।वैश्विक कमोडिटी बाजार और भू-राजनीतिक तनाव का सायाएमपीसी सदस्यों ने अपने विश्लेषण में वैश्विक कारकों को भी महंगाई के लिए एक बड़ा संभावित जोखिम माना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, लाल सागर संकट के चलते वैश्विक शिपिंग लागत में बढ़ोतरी और कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) के दामों में अनिश्चितता ऐसे तत्व हैं जो कभी भी आयातित महंगाई (इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन) को हवा दे सकते हैं। मिनट्स में कहा गया है कि विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में होने वाले बदलावों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा और कमोडिटी आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक घरेलू स्तर पर रक्षात्मक मौद्रिक रुख अपनाना ही सबसे व्यावहारिक कदम है।लखनऊ सहित गैर-महानगरीय बाजारों में बाजार का मिजाजउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे तेजी से विकसित हो रहे टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट और रिटेल ऑटोमोबाइल सेक्टर ब्याज दरों के प्रति काफी संवेदनशील माने जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों और उद्योग मंडलों का मानना है कि दरों में कटौती न होने से मध्यम आय वर्ग के आवास खरीदार फिलहाल कुछ समय के लिए अपने फैसलों को होल्ड पर रख सकते हैं। हालांकि रियल एस्टेट डेवलपर्स त्योहारी ऑफर्स और सबवेंशन स्कीमों के जरिए मांग बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, लखनऊ के खुदरा बाजारों में खाद्य वस्तुओं के स्थिर दामों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बरकरार रहे और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलती रहे।मौद्रिक नीति का भविष्य का रास्ता और बाजार विश्लेषकों की रायआगामी महीनों में मौद्रिक नीति का स्वरूप कैसा रहेगा, इस पर वित्तीय बाजार के जानकारों का मत है कि आरबीआई डेटा-आधारित दृष्टिकोण (डेटा-डिपेंडेंट अप्रोच) पर ही कायम रहेगा। मिनट्स से साफ है कि गवर्नर और अधिकांश स्वतंत्र सदस्य इस बात पर एकमत हैं कि आर्थिक विकास की गति को नुकसान पहुंचाए बिना केवल महंगाई पर प्रहार करना प्राथमिकता होनी चाहिए। बॉन्ड यील्ड और शेयर बाजार ने भी इन मिनट्स पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है। जब तक मानसूनी फसलों की अंतिम आवक और खाद्य मुद्रास्फीति के पुख्ता आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक नीतिगत दरों में स्थिरता ही नई सामान्य स्थिति (न्यू नॉर्मल) बनी रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:23 pm

Ladakh हिंसा मामले में राहत, LG ने 10 और लोगों के खिलाफ केस वापस लेने की दी मंजूरी

लद्दाख के उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने वर्ष 2025 में लेह में हुई हिंसा के सिलसिले में 10 और लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस लिए जाने को मंजूरी दी है। एलजी ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट कर इस संबंध में जानकारी दी। इस नवीनतम फैसले के साथ ही पिछले तीन महीनों में 87 मामलों में आरोपी कुल 55 लोगों को राहत मिल चुकी है। ये मामले केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची का विस्तार करने की मांग को लेकर पिछले साल 24 सितंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा से जुड़े हैं। आपराधिक मामले वापस लेना नागरिक समाज संगठनों ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ (केडीए) की प्रमुख मांग रही है। ये संगठन केंद्रशासित प्रदेश के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर पिछले पांच वर्षों से केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। लेह में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘लद्दाख में एकता, आपसी सौहार्द और स्थायी शांति को बढ़ावा देने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत मैंने 10 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने को मंजूरी दे दी है, जो पिछले साल 24 सितंबर को लेह में भड़की दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा से जुड़े थे।’’उन्होंने कहा कि यह मंजूरी लद्दाख पुलिस की सिफारिश पर दी गई है। सक्सेना ने कहा, ‘‘इस फैसले से इन लोगों को अपने करियर और जीवन में आगे बढ़ने का सकारात्मक अवसर मिलेगा। यह लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय न्याय, उपचार और पुनर्वास को प्राथमिकता देता है, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना मजबूत होगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ितों और उनके परिवारों से जुड़े मामलों में सहानुभूतिपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए मैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।’’सितंबर में उपराज्यपाल ने 20 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने की घोषणा की थी। इससे पहले, अगस्त में प्रशासन ने 25 लोगों के खिलाफ मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की योजना की घोषणा की थी, जिनके खिलाफ हिंसा के सिलसिले में मामला दर्ज किए गए थे।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 10:23 pm

MP : दिवाली-त्योहारों पर कार्बाइड गन और लैम्प पर सख्ती, CM डॉ. मोहन यादव बोले- हादसा हुआ तो कलेक्टर-SP होंगे जिम्मेदार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी तीज-त्यौहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों के दौरान सभी कलेक्टर्स-एसपी विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करें कि त्यौहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प का उपयोग नहीं हों, क्योंकि ...

वेब दुनिया 21 Oct 2026 10:21 pm

आधी रात डबल मर्डर से दहला देवरिया! दो युवकों की चाकू से गोदकर हत्या

देवरिया के मईल थाना क्षेत्र में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई. रामजानकी मार्ग के पास सड़क किनारे वकील यादव और विनय यादव के शव मिले.

NDTV इंडिया 21 Oct 2026 10:19 pm

अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा

मंगलवार को मनोज जरांगे पाटिल ने एकनाथ शिंदे पर 500 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। जरांगे ने दावा किया था कि शिंदे ने उनका आंदोलन खत्म कराने के लिए BJP से 500 करोड़ रुपये लिए थे।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 10:19 pm

'भाषा अनेक, भाव एक' के मंत्र के साथ गूंजा ‘सनातनी शंखनाद’

ग्रेटर नोएडा, 21 अक्टूबर। नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय का प्रांगण बुधवार को सनातन संस्कृति और युवा ऊर्जा के संगम का साक्षी बना। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग द्वारा आयोजित युवा महोत्सव ‘सनातनी शंखनाद 2026’ के भव्य आयोजन में प्रदेश भर से आए आठ हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इन युवाओं ने एक स्वर में कहा- हमारी पूजा पद्धति भले अलग-अलग हो, हमारी भाषा भले भिन्न हो, लेकिन हमारे हृदय का भाव एक है, और यही भाव हमें एकजुट रखता है।संवाद, संस्कृति और साधना का अद्भुत समन्वययुवा महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और विरासत संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना रहा। ‘विविध भारत: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव’ थीम पर आधारित इस महोत्सव में संवाद, संस्कृति और साधना का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसमें युवाओं ने खुलकर अपने विचारों को अभिव्यक्त किया।युवाओं की भूमिका पर गहन मंथनकार्यक्रम के वैचारिक सत्रों में सनातन परंपरा का वैज्ञानिक आधार, भारतीय संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता, आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन मंथन हुआ। प्रख्यात संत बालकानंद गिरि जी महाराज, सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात अधिवक्ता विष्णु जैन, साध्वी डॉ. शिवानी भारती और काजल हिंदुस्तानी ने युवाओं से संवाद किया। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की तार्किकता, सांस्कृतिक पहचान, युवा शक्ति और वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धार्मिक पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व बदलावों पर अपने विचार रखे।नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कियासांस्कृतिक मंच पर लोक नृत्य, कथक, भरतनाट्यम, भक्ति संगीत, नाट्य मंचन और शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को समर्पित विशेष नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए सांस्कृतिक परिवर्तन पर आधारित विशेष गीत एवं दृश्य प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। महोत्सव का समापन केशवम बैंड की ग्रैंड म्यूजिकल नाइट और भजन के अद्भुत संगम के साथ हुआ, जहां आधुनिक संगीत के साथ भक्ति की ऊर्जा ने युवाओं में नया जोश भर दिया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:17 pm

RBI डिप्टी गवर्नर की बैंकों को दो टूक चेतावनी: कस्टमर डेटा के गलत इस्तेमाल से घट रहा भरोसा, डिजिटल सुरक्षा पर सख्त निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के डिप्टी गवर्नर ने देश के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र को लेकर एक बेहद गंभीर और विचारणीय बयान जारी करते हुए साफ शब्दों में चेतावनी दी है। मुंबई में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैंकिंग सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली की सबसे बड़ी पूंजी तकनीक या मुनाफा नहीं, बल्कि ग्राहकों का अटूट भरोसा है, और वर्तमान दौर में यही भरोसा धीरे-धीरे कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन के इस युग में वित्तीय संस्थान जिस तरह ग्राहकों के संवेदनशील निजी और वित्तीय डेटा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उस पर केंद्रीय बैंक ने गहरी नाराजगी जताई है। डिप्टी गवर्नर ने दो टूक कहा कि अगर बैंकों ने डेटा सुरक्षा, पारदर्शिता और नैतिक व्यावसायिक आचरण को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं दी, तो आने वाले समय में वित्तीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।ग्राहकों का डेटा कोई कमोडिटी नहीं, नैतिक सीमाओं का हो पालनडिप्टी गवर्नर ने अपने संबोधन में रेखांकित किया कि कई वाणिज्यिक बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) डिजिटल विस्तार की होड़ में बुनियादी बैंकिंग मर्यादाओं को भूल रही हैं। ग्राहकों की सहमति के बिना उनके डेटा को थर्ड-पार्टी फिनटेक कंपनियों, रिकवरी एजेंसियों या टेलीकॉलिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ साझा किया जा रहा है, जिससे अनचाही कॉल्स और अनधिकृत लोन ऑफर्स की बाढ़ आ गई है। केंद्रीय बैंक के शीर्ष अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ग्राहक का डेटा केवल बैंकिंग सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए है, न कि आक्रामक क्रॉस-सेलिंग या मुनाफाखोरी का जरिया। बैंकों को यह समझना होगा कि डेटा की गोपनीयता का उल्लंघन केवल नियमों की अवहेलना नहीं है, बल्कि यह उस बुनियादी सामाजिक अनुबंध पर सीधा हमला है जो एक खाताधारक और बैंक के बीच सदियों से कायम रहा है।बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और साइबर जोखिमों पर केंद्रीय बैंक की नजरकोरोना काल के बाद से देश में यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग का विस्तार अभूतपूर्व गति से हुआ है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध, एपीआई लीकेज और फिशिंग घोटालों का जाल भी तेजी से फैला है। डिप्टी गवर्नर ने इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की कि धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर यह देखने को मिलता है कि ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी सिस्टम से ही लीक हो जाती है। जब किसी आम आदमी के साथ फ्रॉड होता है, तो बैंक अक्सर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए पूरा दोष ग्राहक की असावधानी पर मढ़ने की कोशिश करते हैं। आरबीआई ने चेताया है कि यह रवैया कतई स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी बैंक का आंतरिक आईटी ढांचा या वेंडर मैनेजमेंट सिस्टम कमजोर पाया जाता है, तो बैंक प्रबंधन को व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा और कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।एल्गोरिदम और एआई मॉडल के मनमाने इस्तेमाल पर सख्ती की तैयारीआधुनिक बैंकिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग का दखल तेजी से बढ़ा है, जिसका उपयोग ग्राहकों की क्रेडिट प्रोफाइलिंग, लोन अप्रूवल और रिस्क असेसमेंट के लिए हो रहा है। डिप्टी गवर्नर ने इशारा किया कि कई एल्गोरिदम पक्षपातपूर्ण तरीके से डिजाइन किए जा रहे हैं, जिससे समाज के कमजोर वर्गों या दूरदराज के क्षेत्रों के ग्राहकों को बिना किसी ठोस आधार के वित्तीय सेवाओं से वंचित कर दिया जाता है। इस तरह के अपारदर्शी 'ब्लैक बॉक्स' मॉडल्स पर रोक लगाने के लिए आरबीआई जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने पर विचार कर रहा है। वित्तीय संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके एआई और ऑटोमेटेड टूल्स पूरी तरह निष्पक्ष, व्याख्या योग्य और नियामक दिशानिर्देशों के दायरे में हों, ताकि किसी भी उपभोक्ता के बुनियादी अधिकारों का हनन न हो।शिकायत निवारण तंत्र की विफलता पर मैनेजमेंट को खरी-खरीग्राहक सेवा और आंतरिक लोकपाल व्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर भी डिप्टी गवर्नर ने कड़ा असंतोष जाहिर किया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग ऑम्बड्समैन के पास पहुंचने वाली शिकायतों की भारी संख्या यह दर्शाती है कि बैंकों का आंतरिक शिकायत निवारण ढांचा या तो निष्क्रिय है या फिर ग्राहकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। जब किसी खाताधारक की समस्या का समाधान ब्रांच या बैंक के स्तर पर महीनों तक नहीं होता, तभी वह मजबूरन रेगुलेटर का दरवाजा खटखटाता है। डिप्टी गवर्नर ने बैंकों के निदेशक मंडलों (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) से सीधा सवाल किया कि वे कस्टमर सर्विस और डेटा गवर्नेंस को केवल औपचारिक एजेंडा आइटम क्यों मानते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक बैंक के बोर्ड को डेटा सुरक्षा और ग्राहक संतुष्टि की नियमित स्वतंत्र समीक्षा करनी चाहिए।लखनऊ से लेकर छोटे शहरों तक शाखाओं में मानवीय संपर्क बनाए रखने पर जोरडिजिटल बैंकिंग के प्रसार के बावजूद देश की एक बड़ी आबादी आज भी फिजिकल ब्रांच और बैंक कर्मचारियों के मानवीय व्यवहार पर भरोसा करती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर या अन्य गैर-महानगरीय क्षेत्रों में बुजुर्ग, पेंशनभोगी और छोटे व्यापारी डिजिटल जटिलताओं से अक्सर असहज महसूस करते हैं। डिप्टी गवर्नर ने बैंकों को सलाह दी कि वे केवल डिजिटल इंटरफेस के भरोसे न बैठें, बल्कि शाखाओं में ग्राहकों के साथ सहानुभूतिपूर्ण संवाद को बढ़ावा दें। जब तक बैंक का ग्राउंड स्टाफ संवेदनशील नहीं होगा, तब तक किसी भी तकनीक से खोया हुआ भरोसा दोबारा हासिल नहीं किया जा सकता। स्थानीय स्तर पर वित्तीय साक्षरता और डेटा जागरूकता अभियान चलाना अब बैंकों की वैकल्पिक गतिविधि नहीं बल्कि अनिवार्य कर्तव्य होना चाहिए।दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए विश्वास ही एकमात्र आधारभाषण के समापन सत्र में डिप्टी गवर्नर ने इस बात पर बल दिया कि बैंकिंग उद्योग का टिकाऊ विकास केवल बैलेंस शीट के आकार या त्रैमासिक मुनाफे से तय नहीं हो सकता। इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी वित्तीय संस्थान ने अपने ग्राहकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है, तब-तब उसका पतन तय हुआ है। बैंकों को अल्पकालिक लाभ की मानसिकता को छोड़कर दीर्घकालिक साख निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना होगा। केंद्रीय बैंक ने साफ संकेत दे दिया है कि वह आने वाले दिनों में डेटा ऑडिट, साइबर सिक्योरिटी रिव्यू और कस्टमर प्रोटेक्शन नॉर्म्स की निगरानी और अधिक सख्त करेगा, ताकि भारतीय बैंकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता पर कोई आंच न आने पाए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:16 pm

चीनी आयात पर केंद्र का बड़ा फैसला: TRQ के तहत ड्यूटी-फ्री नियमों में ढील, 31 दिसंबर तक बिना शुल्क कच्ची चीनी मंगा सकेंगी रिफाइनरियां

देश के चीनी उद्योग और खुदरा बाजार में मिठास बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम और दूरगामी फैसला लिया है। घरेलू बाजार में कीमतों को काबू में रखने और त्योहारी सीजन के बाद भी बाजार में आपूर्ति की कोई कमी न हो, इसके मद्देनजर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने टैरिफ रेट कोटा यानी टीआरक्यू के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नए आदेश के तहत देश की रिफाइनरियों को 31 दिसंबर तक बिना किसी कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) के कच्ची चीनी का आयात करने की सीधी मंजूरी मिल गई है। सरकार के इस रणनीतिक कदम से न केवल घरेलू स्तर पर चीनी की कीमतों में संभावित उछाल पर ब्रेक लगेगा, बल्कि बंदरगाहों के पास स्थित बड़ी रिफाइनिंग इकाइयों को भी अपनी उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग करने में मदद मिलेगी।TRQ नियमों में बदलाव और सरकार की नई अधिसूचनाडीजीएफटी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, टैरिफ रेट कोटा व्यवस्था के तहत तय मात्रा में कच्ची चीनी का ड्यूटी-फ्री आयात अब 31 दिसंबर तक पूरी तरह वैध रहेगा। पहले लागू प्रावधानों के तहत आयातकों और मिलर्स के सामने कई तरह की समयसीमा और प्रशासनिक शर्तें थीं, जिससे बंदरगाहों पर खेप फंसने का खतरा बना रहता था। अब नियमों को लचीला बनाकर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जिन इकाइयों को टीआरक्यू के तहत कोटा आवंटित किया गया है, वे साल के अंत तक बिना कोई बेसिक कस्टम ड्यूटी चुकाए कच्ची चीनी भारत ला सकती हैं। वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह कदम वैश्विक बाजार में कच्चे माल की उपलब्धता और भारत के घरेलू स्टॉक की समीक्षा के बाद उठाया गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित संकट से पहले ही पर्याप्त बफर तैयार रखा जा सके।घरेलू आपूर्ति और त्योहारी सीजन के बाद कीमतों पर असरभारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उपभोक्ताओं में से एक है और यहां हर साल त्योहारी सीजन के दौरान मिठास की मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है। हालांकि त्योहारी मांग के बाद भी शादी-ब्याह और शीतकालीन खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में चीनी की भारी खपत होती है। ऐसे में यदि खुले बाजार में आपूर्ति थोड़ी भी लड़खड़ाती है, तो इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ता है। सरकार के इस ताजा फैसले से बाजार में साफ संकेत गया है कि देश में चीनी का कोई संकट नहीं होने दिया जाएगा। थोक बाजारों में सट्टेबाजी और जमाखोरी की संभावनाओं पर भी इससे पूरी तरह लगाम लगेगी। जब रिफाइनरियां सस्ते में कच्चा माल आयात कर उसे प्रोसेस्ड चीनी में बदलेंगी, तो खुदरा बाजार में कीमतें 38 से 44 रुपये प्रति किलोग्राम के सामान्य दायरे में स्थिर बनी रहेंगी।कोस्टल रिफाइनरियों और प्रोसेसिंग प्लांट्स को मिली बड़ी संजीवनीगुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों में स्थित विशाल रिफाइनिंग प्लांट्स के लिए यह नीतिगत बदलाव एक बड़ी राहत बनकर आया है। ये रिफाइनरियां मुख्य रूप से ब्राजील और थाईलैंड जैसे प्रमुख उत्पादक देशों से आयातित कच्ची चीनी को प्रोसेस करके घरेलू बाजार में आपूर्ति करती हैं या फिर उसका मूल्य संवर्धन कर निर्यात करती हैं। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक लॉजिस्टिक्स लागत और शिपिंग फ्रेट में उतार-चढ़ाव के कारण इन इकाइयों पर परिचालन का दबाव बढ़ रहा था। अब 31 दिसंबर तक ड्यूटी-फ्री खिड़की खुली रहने से ये इकाइयां अपने आपूर्ति चक्र को बेहतर ढंग से प्लान कर सकेंगी। मिल संचालकों का कहना है कि ड्यूटी छूट मिलने से उनकी इनपुट लागत घटेगी और वे पूरी क्षमता से काम कर सकेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम और गन्ना किसानों का समीकरणइस फैसले का एक दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण पहलू देश का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (ईबीपी) है। भारत सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। घरेलू चीनी मिलों का एक बड़ा हिस्सा गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे को सीधे एथेनॉल उत्पादन में डाइवर्ट कर रहा है। जब देश की प्रमुख घरेलू मिलें ग्रीन एनर्जी की ओर अधिक गन्ना डायवर्ट करती हैं, तो खाद्य श्रेणी की चीनी का उत्पादन सीमित होने का जोखिम रहता है। टीआरक्यू के तहत कच्ची चीनी का आयात खोलकर सरकार ने एक संतुलन साधने की कोशिश की है। इससे एक तरफ ग्रीन फ्यूल के लिए गन्ने का उपयोग जारी रहेगा और दूसरी तरफ आम जनता की रसोई में चीनी की किल्लत नहीं होगी। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों को भी इसका फायदा यह होगा कि मिलों की वित्तीय तरलता बनी रहेगी, जिससे उनके गन्ने के बकाये का भुगतान समय पर हो सकेगा।अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और भारत का रणनीतिक रुखवैश्विक स्तर पर चीनी उत्पादन का परिदृश्य ब्राजील के मौसम और थाईलैंड की फसलों पर काफी हद तक निर्भर करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चीनी के वायदा भाव में हाल के दिनों में कई बार उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे समय में भारत द्वारा टीआरक्यू के तहत 31 दिसंबर तक की तय विंडो देना एक सोचा-समझा कूटनीतिक और आर्थिक कदम है। भारतीय आयातक अब अनुकूल वैश्विक कीमतों का लाभ उठाकर तुरंत अनुबंध कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आयात की जाने वाली खेप केवल उन्हीं मानकों पर आधारित हो जो घरेलू उद्योग के हितों को नुकसान न पहुंचाएं। आयातित कच्ची चीनी को रिफाइन करके घरेलू आपूर्ति चेन में जोड़ने की प्रक्रिया को अब कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर सिंगल-विंडो निगरानी में लाया गया है।आम उपभोक्ता और मिष्ठान्न उद्योग के लिए क्या हैं मायनेआने वाले महीनों में सर्दियों और शादियों के सीजन के चलते हलवाइयों, बेकरी, पैकेज्ड फूड कंपनियों और शीतल पेय निर्माताओं की ओर से भारी मांग निकलने वाली है। यदि चीनी के दाम बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर इन सभी क्षेत्रों की उत्पादन लागत पर पड़ता है, जिससे आम आदमी की जेब ढीली होती है। ड्यूटी-फ्री आयात से थोक सप्लायरों को राहत मिलेगी और थोक रेट नियंत्रित रहेंगे। जब थोक बाजार में दरें स्थिर रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा आम किराना दुकानों पर खरीदारी करने वाले मध्यम वर्ग को मिलता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति महंगाई दर (सीपीआई) को भी नियंत्रित रखने में भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के प्रयासों को मजबूत समर्थन प्रदान करेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 10:15 pm

VHP नेता पंकज भारतीय ने Bilaspur में सामाजिक भेदभाव मिटाने की अपील की

हिमाचल प्रदेश में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त प्रांत सचिव पंकज भारतीय ने बुधवार को जाति आधारित भेदभाव, सामाजिक ऊंच-नीच को खत्म करने तथा परिवारों में अच्छे संस्कारों व खुलकर बातचीत को बढ़ावा देने की अपील की। बिलासपुर जिले के कंदरौर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह के अंतिम चरण के अवसर पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन के बाद भारतीय ने यह बात कही। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को पूरी लगन से निभाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शस्त्र यानी हथियार या शक्ति का उद्देश्य अच्छे लोगों की ताकत को संगठित करना, बुरी शक्तियों का सामना करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बुरी ताकत सिर न उठा सके। विहिप नेता ने कहा, “शक्ति शांति की रक्षक है, जबकि कमजोरी शांति के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है।”भारतीय ने भारत के युवाओं को ‘जेन-जी’ कहते हुए उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करने और देश के विकास में योगदान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को ऐसा बनना चाहिए कि दुनिया यह देखकर हैरान रह जाए कि वे दूसरे देशों के युवाओं से अलग हैं। उन्होंने कहा, “युवाओं को भड़काने और उकसाने की कोशिशों के बावजूद वे समझदारी से काम लेते हैं। वे समझते हैं कि केवल तमाशा करने के लिए कोई अपने ही घर में आग नहीं लगाता।”विजयादशमी के साथ पड़ने वाले अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आरएसएस ने मंगलवार और बुधवार को बिलासपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में पथ संचलन निकाले। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने गणवेश में मार्च किया। इसके जरिए समाज में अनुशासन, संगठन और एकता का संदेश दिया गया।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 10:13 pm

इन 3 मुस्लिम देशों के साथ PAK का एक और डिफेंस पैक्ट, मक्का के इतिहास से जुड़ा है नाम

पाकिस्तान ने तीन मुस्लिम देशों के साथ एक और रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किया है. खास बात यह है कि इस समझौते का नाम इस्लाम के इतिहास से जुड़ा है. समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले कतर ने ने कहा कि इससे हर देश की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाया जा सकेगा.

आज तक 21 Oct 2026 10:06 pm

समझौता करीब लेकिन होगी सबसे अलग; भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं। ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता अब तक हुए अन्य समझौतों से काफी अलग तरह का हो सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 10:03 pm

उत्तराखंड Assembly: गैरसैंण के बजाय देहरादून में कार्य मंत्रणा बैठक पर Congress ने उठाए सवाल

उत्तराखंड विधानसभा के आगामी सत्र से पहले कामकाज और कार्यसूची तय करने वाली कार्य मंत्रणा समिति की बैठक गैरसैंण के बजाए देहरादून में बुलाए जाने पर कांग्रेस ने बुधवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। विधानसभा सत्र 27 अक्टूबर से शुरू होना है। दो दिवसीय विधानसभा सत्र से पहले 24 अक्टूबर को समिति की यह बैठक होनी है। चकराता से कांग्रेस विधायक और समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने यहां जारी एक बयान में इसे ‘सरकार की कथनी और करनी में अंतर का जीता-जागता उदाहरण’ बताया। उन्होंने कहा, “यह फैसला विरोधाभासी और औचित्यहीन है। जब विधानसभा का सत्र गैरसैंण में होना है, तो कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं होनी चाहिए। इस फैसले से लगता है कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना महज औपचारिकता बनकर रह गया है और राज्य सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने के प्रति गंभीर नहीं है।”सिंह ने कहा कि जहां एक ओर भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय ले रही है, वहीं दूसरी ओर वह वहां नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने और राज्य की राजधानी के अनुरूप बुनियादी ढांचा विकसित करने के प्रति उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा, “सरकार का यह दोहरा रवैया अब राज्य की जनता के सामने उजागर हो गया है।” विधायक ने विधानसभा सत्र केवल दो दिन के लिए बुलाए जाने पर भी सवाल उठाया। विधायक ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतियों और विकास से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर केवल दो दिन में सार्थक एवं विस्तृत चर्चा कैसे हो सकती है। सिंह ने राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण से कार्य मंत्रणा समिति की बैठक गैरसैंण में आयोजित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की भी मांग की ताकि राज्य की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की जा सके।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 10:03 pm

17 दिनों से भुखा है लॉरेंस बिश्नोई का भांजा सचिन थापन

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, वे 17-18 दिनों से अन्न-जल त्यागने की बात कह रहा है और इलाज से भी इनकार कर रहा है. वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि सचिन ने कोई लिखित मांग नहीं दी. उसने नवरात्रों का हवाला देकर मौन व्रत की बात कही थी.

आज तक 21 Oct 2026 10:02 pm

गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आए 11 लोग, 3 की मौत

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार शाम डीजे पर लगी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से छू गई। इससे डीजे और उसके आसपास […] The post गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आए 11 लोग, 3 की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Oct 2026 10:01 pm

दीवाली से पहले प्रदूषण पर लगाम की तैयारी, ईंट भट्ठों का ईंधन बनेगी पराली, इन राज्यों को मिले निर्देश

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय हैं।

जागरण 21 Oct 2026 10:00 pm

मार्को रुबियो पहुंचे जामनगर रिफाइनरी, न्यू एनर्जी गीगा-फैक्ट्री और डेटा सेंटर में अमेरिकी कंपनियों से सहयोग पर चर्चा

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का गुजरात के जामनगर में स्वागत किया। जामनगर में दुनिया ...

वेब दुनिया 21 Oct 2026 9:59 pm

बच्चों के पोषण उत्पादों पर FSSAI सख्त, नेस्ले-एबॉट-कॉम्प्लान समेत कई कंपनियों को नोटिस

बच्चों के दूध और पोषण उत्पादों पर किए गए दावों को लेकर FSSAI ने कई बड़ी कंपनियों को नोटिस जारी किया है.

NDTV इंडिया 21 Oct 2026 9:58 pm

हल्ला बोल: विरोध के नाम पर रिजीम चेंज कहना देश के हितों के खिलाफ नहीं है?

रिजीम चेंज के बयानों पर घमासान बढ़ गया है. आज बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ऐसा चाहने वाले देश के दुश्मन हैं. गौरतलब है कि विजयादशमी पर कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को चोट पहुंचाने वाले और समाज को बांटने वाली ताकतों को देश का दुश्मन कहा था. बीजेपी का आरोप है कि विदेश में राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस के परिवार से जुड़ते हैं. बीजेपी अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल चुकी है, जिसके आधार पर बीजेपी समर्थकों का दावा है कि राहुल गांधी वियतनाम में हैं. देखें...

आज तक 21 Oct 2026 9:57 pm

कौशांबी में दलित महिला के अपहरण और हत्या मामले में चार दोषियों को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की एक अदालत ने वर्ष 2009 में एक दलित महिला की अपहरण के बाद हत्या के मामले में बुधवार को चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1.31 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) पंकज सोनकर ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम) अमित मालवीय की अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों, गवाहों के बयानों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। उन्होंने बताया कि दोषियों की पहचान अर्वेश तिवारी, सर्वेश तिवारी, रामकांत दुबे और शिवकांत दुबे के रूप में हुई है। अदालत ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 1.31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। सोनकर के मुताबिक, सात अक्टूबर 2009 को कुंती देवी नाम की एक महिला के पिता ने सराय अकिल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी और आरोप लगाया गया था कि चारों आरोपी उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए और बाद में उसकी हत्या कर दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की तत्कालीन धाराओं 363 (अपहरण), 364 (हत्या के उद्देश्य से अपहरण), 368 (अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से छिपाना या बंधक बनाकर रखना), 302 (हत्या), 120बी (आपराधिक साजिश) और 34 (साझा मंशा से किया गया कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(5) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने बताया कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 9:53 pm

शराब पकड़ने वालों पर ही लगा छिपाने का आरोप, CCTV ने खोला राज

बिहार के हाजीपुर जंक्शन पर गरीब रथ एक्सप्रेस से बरामद 27 लीटर अंग्रेजी शराब छिपाने के आरोप में जीआरपी हवलदार नरेंद्र कुमार सिंह और महिला होमगार्ड अर्चना कुमारी को गिरफ्तार किया गया है. सीसीटीवी फुटेज में दोनों बैग लेकर ट्रेन से उतरते दिखे. पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ बिहार मद्य निषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया.

आज तक 21 Oct 2026 9:49 pm

जमानत के बाद जेल से बाहर आए सौरव और आशुतोष, अगली सुनवाई 23 को

सौरव दास और आशुतोष रांका तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं. जमानत के बाद दोनों ने कोर्ट में शांति बनाए रखने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर लिखित आश्वासन दिया. मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को होगी.

आज तक 21 Oct 2026 9:47 pm

4000 करोड़ी रामायण की OTT रिलीज, रणबीर-यश की फिल्म देखने के लिए करना होगा ये काम, मेकर्स का बड़ा दांव

4000 करोड़ की ‘रामायण’ को लेकर मेकर्स ने बड़ा प्लान बनाया है. रणबीर कपूर और यश की यह फिल्म थिएटर रिलीज के बाद OTT पर आएगी, लेकिन इसे देखने का तरीका आम फिल्मों से अलग होगा

NDTV इंडिया 21 Oct 2026 9:39 pm

SBI Senior Citizen FD: स्टेट बैंक में ₹10 लाख जमा करने पर हर महीने कितना मिलेगा ब्याज? जानिए 1 से 10 साल की अवधियों में मंथली पेंशन जैसी कमाई का पूरा कैलकुलेशन

सेवानिवृत्ति के बाद नियमित मासिक खर्चों को पूरा करने के लिए अधिकांश वरिष्ठ नागरिक देश के सबसे बड़े और सबसे सुरक्षित बैंक—भारतीय स्टेट बैंक (SBI)—पर सबसे अधिक भरोसा करते हैं। रिटायरमेंट पर प्रोविडेंट फंड (PF) या ग्रेच्युटी से मिलने वाली एकमुश्त पूंजी को सुरक्षित रखते हुए यदि कोई बुजुर्ग हर महीने एक तय आय चाहता है, तो इसके लिए एसबीआई का नॉन-क्युमुलेटिव फिक्स्ड डिपॉजिट (Monthly Interest Payout Scheme / SBI Special Term Deposit) एक लोकप्रिय विकल्प है। जब आप एफडी में क्युमुलेटिव (Cumulative) विकल्प चुनते हैं, तो ब्याज मैच्योरिटी पर एक साथ मिलता है; लेकिन 'मंथली पेआउट' (Monthly Payout) विकल्प चुनने पर बैंक आपके मूलधन को सुरक्षित रखते हुए हर महीने की एक निश्चित तारीख पर तय ब्याज सीधे आपके बचत या पेंशन खाते में ट्रांसफर कर देता है।वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) को एसबीआई सभी कार्यकालों पर सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50% (50 बेसिस पॉइंट्स) से लेकर 1.00% (100 बेसिस पॉइंट्स) तक का अतिरिक्त ब्याज प्रदान करता है। 5 वर्ष से 10 वर्ष तक की अवधि के लिए संचालित 'एसबीआई वी-केयर' (SBI We-Care) योजना में वरिष्ठ नागरिकों को सर्वाधिक 7.05% वार्षिक ब्याज दर दी जाती है। यदि कोई वरिष्ठ नागरिक एसबीआई में ₹10,00,000 (दस लाख रुपये) जमा करता है, तो विभिन्न अवधियों में उसे हर महीने कितना ब्याज मिलेगा, इसका पूरा हिसाब-किताब समझना जरूरी है।बैंक कैसे करता है 'मंथली पेआउट' की गणना?मंथली इंटरेस्ट पेआउट के मामले में एक तकनीकी नियम ध्यान में रखना आवश्यक है। बैंक की आधिकारिक ब्याज दरें हमेशा त्रैमासिक चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) के आधार पर वार्षिक उद्धृत (Quote) की जाती हैं। जब कोई ग्राहक ब्याज को 3 महीने के बजाय हर महीने लेना चाहता है, तो बैंक डिस्काउंटेड मंथली फैक्टर के आधार पर गणना करता है ताकि वार्षिक प्रतिफल बराबर रहे। सरल और व्यावहारिक स्तर पर, ₹10 लाख के मूलधन पर मासिक ब्याज का निर्धारण लागू वार्षिक दर के आधार पर इस प्रकार होता है:₹10 लाख की FD पर अलग-अलग अवधि में कितना मिलेगा मासिक ब्याज?एसबीआई द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली वर्तमान ब्याज दरों के आधार पर ₹10 लाख के डिपॉजिट पर मासिक और वार्षिक आय का ब्योरा इस प्रकार है:कार्यकाल (Tenure)वरिष्ठ नागरिक ब्याज दर (p.a.)हर महीने अनुमानित ब्याजसाल भर में कुल ब्याज आय1 वर्ष से 2 वर्ष से कम6.75%लगभग ₹5,600₹67,5002 वर्ष से 3 वर्ष से कम6.90%लगभग ₹5,720₹69,000444 दिन (अमृत वृष्टि स्कीम)6.95%लगभग ₹5,760₹69,5003 वर्ष से 5 वर्ष से कम6.80%लगभग ₹5,640₹68,0005 वर्ष से 10 वर्ष तक (SBI We-Care)7.05% (उच्चतम)लगभग ₹5,835 से ₹5,875₹70,500नोट: मासिक भुगतान डिस्काउंटेड रेट पर तय होता है। यदि आप ब्याज हर महीने न लेकर हर तिमाही (हर 3 महीने) पर लेते हैं, तो 7.05% की दर पर हर 3 महीने में सीधे ₹17,625 का भुगतान खाते में मिलता है।सबसे ज्यादा मासिक आय: 5 से 10 साल की 'SBI We-Care' योजनायदि आपका लक्ष्य अगले 5 या 10 वर्षों के लिए एक स्थायी और अधिकतम मासिक पेंशन जैसी आय सुनिश्चित करना है, तो 'SBI We-Care' डिपॉजिट सबसे मुफीद साबित होती है।इसमें ₹10 लाख जमा करने पर 7.05% की दर से सालाना ₹70,500 का शुद्ध ब्याज बनता है।इसे मासिक आधार पर विभाजित करने पर आपको हर महीने लगभग ₹5,850 की नियमित कमाई होगी।सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरी 5 या 10 साल की अवधि में आपका ₹10 लाख का मूलधन ज्यों का त्यों बना रहेगा और मैच्योरिटी पूरी होने पर यह ₹10 लाख आपको सुरक्षित वापस मिल जाएगा।सुपर सीनियर सिटीजन्स (80 वर्ष से अधिक) को और ज्यादा फायदा80 वर्ष या उससे अधिक आयु के 'सुपर सीनियर सिटीजन्स' के लिए एसबीआई 'एसबीआई पैट्रन्स' (SBI Patrons) जैसी व्यवस्था के तहत वरिष्ठ नागरिकों की सामान्य दर से भी 0.10% (10 बेसिस पॉइंट्स) का अतिरिक्त प्रीमियम ऑफर करता है। ऐसे बुजुर्गों के लिए ब्याज दर 7.15% तक पहुंच जाती है, जिससे मासिक आय में प्रति माह ₹80 से ₹100 की और वृद्धि हो जाती है।टीडीएस (TDS) और टैक्स के नियम: क्या ब्याज पर टैक्स कटेगा?मासिक ब्याज पेआउट विकल्प चुनते समय आयकर के नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है:धारा 80TTB के तहत ₹50,000 की छूट: आयकर नियमों के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी और बचत खाते से मिलने वाले ₹50,000 तक के ब्याज पर शून्य टैक्स देना होता है।₹10 लाख की FD पर TDS: चूंकि ₹10 लाख की एफडी पर सालाना ब्याज ₹67,000 से ₹70,500 के बीच बनेगा (जो ₹50,000 की छूट सीमा से अधिक है), इसलिए बैंक 10% की दर से स्रोत पर कर कटौती (TDS) करेगा।टीडीएस से बचने के लिए Form 15H: यदि वरिष्ठ नागरिक की कुल वार्षिक आय (पेंशन, किराया और एफडी ब्याज मिलाकर) बेसिक एग्जेंशन लिमिट (छूट सीमा) से कम है, तो वे वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल) में बैंक शाखा या योनो ऐप के जरिए फॉर्म 15H (Form 15H) भरकर जमा कर सकते हैं। फॉर्म 15H सबमिट करने पर बैंक ब्याज से कोई टीडीएस नहीं काटेगा और पूरी राशि खाते में क्रेडिट होगी।आपात स्थिति में लोन और समय-पूर्व निकासी (Liquidity)लोन की सुविधा: यदि मासिक आय शुरू होने के बाद कभी अचानक अस्पताल या आपात स्थिति के लिए पैसों की दरकार हो जाए, तो एफडी को तुड़वाने की आवश्यकता नहीं होती। एसबीआई एफडी के एवज में 90% तक का ओवरड्राफ्ट या लोन (Loan Against FD) प्रदान करता है।प्री-मैच्योर निकासी: यदि एफडी को समय से पहले बंद करना पड़े, तो बैंक लागू ब्याज दर में से 0.50% से 1% तक की मामूली पेनाल्टी काटकर शेष मूलधन वापस कर देता है।मंथली इंटरेस्ट पेआउट एफडी कैसे शुरू करें?एसबीआई के खाताधारक अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाकर 'SBI Term Deposit (Monthly Payout)' फॉर्म भरकर चेक दे सकते हैं। इसके अलावा, एसबीआई इंटरनेट बैंकिंग या YONO SBI ऐप के जरिए ग्राहक घर बैठे 2 मिनट में ई-टीडीआर (e-TDR - Non-Cumulative) चुनकर 'Monthly' इंटरेस्ट पेआउट फ्रीक्वेंसी सेट कर सकते हैं। इस प्रकार बिना किसी शेयर बाजार के जोखिम के हर महीने एक निश्चित दिन पर सम्मानजनक वित्तीय आय प्राप्त की जा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:38 pm

Sukanya Samriddhi Yojana: क्या हर महीने ₹10,000 जमा करने से बेटी के लिए तैयार होगा ₹1 करोड़ का फंड? जानिए 8.2% ब्याज दर पर 21 साल का सटीक कैलकुलेशन

केंद्र सरकार की 'सुकन्या समृद्धि योजना' (Sukanya Samriddhi Yojana - SSY) बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सबसे पसंदीदा और सुरक्षित बचत योजना है। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अक्सर यह दावा देखने को मिलता है कि सुकन्या समृद्धि खाते में हर महीने ₹10,000 जमा करके 21 साल बाद पूरे ₹1 करोड़ का फंड तैयार किया जा सकता है। माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी है कि इस दावे में कितना सच है और गणितीय आधार पर 21 वर्ष बाद वास्तव में कितना रिटर्न हाथ में आता है। सरकार वर्तमान में इस योजना पर 8.2 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर ऑफर कर रही है, जिसकी कंपाउंडिंग वार्षिक आधार पर की जाती है। आइए नियमों और चक्रवृद्धि ब्याज के फॉर्मूले से समझते हैं कि हर महीने ₹10,000 का निवेश करने पर मैच्योरिटी पर कुल कितना फंड बनता है।क्या हर महीने ₹10,000 से बन जाएगा ₹1 करोड़? समझें गणितसीधे वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो ₹10,000 मासिक निवेश पर 21 साल बाद ₹1 करोड़ का फंड नहीं बनता है। वास्तविक गणना के अनुसार यह फंड लगभग ₹55.5 लाख से ₹56 लाख के करीब पहुंचता है।सुकन्या समृद्धि योजना का नियम यह है कि खाता खुलने की तारीख से केवल शुरुआती 15 वर्षों तक ही पैसा जमा करना होता है, जबकि खाता 21 वर्षों में परिपक्व (Mature) होता है। अंतिम 6 वर्षों में कोई नया अंशदान नहीं करना होता, बल्कि संचित पूंजी पर 8.2% की दर से ब्याज जुड़ता रहता है।8.2% की वर्तमान वार्षिक ब्याज दर पर 15 साल के निवेश और 21 साल की मैच्योरिटी का वास्तविक हिसाब इस प्रकार है:मासिक निवेश: ₹10,000वार्षिक कुल निवेश: ₹1,20,000 (₹10,000 12)निवेश की कुल अवधि: 15 वर्ष15 वर्षों में कुल जमा मूलधन (Total Principal): ₹18,00,000 (₹18 लाख)अंतिम 6 वर्षों में जमा राशि: ₹0 (कोई अतिरिक्त निवेश नहीं)खाते की कुल मैच्योरिटी अवधि: 21 वर्ष21 वर्षों में अर्जित कुल अनुमानित ब्याज (Interest Earned): लगभग ₹37,57,00021 साल बाद मिलने वाली कुल मैच्योरिटी राशि (Maturity Amount): लगभग ₹55,57,000 (करीब ₹55.57 लाख)यानी ₹18 लाख के कुल निवेश पर ब्याज के रूप में ₹37.5 लाख से अधिक की अतिरिक्त कमाई होती है और कुल फंड ₹55.57 लाख बनता है। यह एक बेहतरीन और सुरक्षित रिटर्न है, लेकिन यह ₹1 करोड़ के आंकड़े से काफी दूर है।₹1 करोड़ का फंड बनाने के लिए क्या है वास्तविक नियम?यदि आप सुकन्या समृद्धि योजना से ₹1 करोड़ या उसके आसपास का फंड तैयार करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक खाते में निवेश पर्याप्त नहीं है:सालाना ₹1.5 लाख की अधिकतम सीमा: योजना के नियमों के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में एक खाते में अधिकतम ₹1,50,000 (प्रति माह ₹12,500) ही जमा किए जा सकते हैं।अधिकतम निवेश पर रिटर्न: यदि आप एक खाते में हर साल पूरी सीमा यानी ₹1.50 लाख (15 साल में कुल ₹22.5 लाख) जमा करते हैं, तो 21 साल बाद 8.2% की दर से कुल मैच्योरिटी राशि लगभग ₹69.46 लाख बनेगी। एक अकेले खाते में नियमतः ₹1 करोड़ का फंड नहीं बन सकता।दो बेटियों के नाम पर ₹1 करोड़ का लक्ष्य: यदि आपके परिवार में दो बेटियां हैं और आप दोनों के नाम अलग-अलग सुकन्या खाते खोलकर प्रत्येक में ₹1-₹1 लाख या ₹1.20 लाख सालाना जमा करते हैं, तो दोनों खातों की सम्मिलित मैच्योरिटी राशि मिलकर ₹1.10 करोड़ से अधिक का विशाल फंड आसानी से तैयार कर सकती है।21 साल में कैसे काम करती है कंपाउंडिंग?सुकन्या समृद्धि योजना में पूंजी की वृद्धि दो चरणों में होती है:1 से 15वां वर्ष (अंशदान और मूलधन निर्माण): हर साल ₹1.20 लाख जमा करने पर 15वें वर्ष के अंत तक आपका जमा मूलधन ₹18 लाख होता है और ब्याज मिलाकर खाते का बैलेंस करीब ₹32.5 लाख से ₹33 लाख के आसपास पहुंच जाता है।16वें से 21वां वर्ष (कंपाउंडिंग की ताकत): इस 6 साल की लॉक-इन अवधि में आप अपनी जेब से एक भी रुपया नहीं डालते। लेकिन ₹33 लाख के मजबूत बेस पर 8.2% की दर से हर साल केवल ब्याज का हिस्सा ही ₹2.7 लाख से ₹4.2 लाख तक जुड़ता जाता है, जिससे अंतिम कॉर्पस बढ़कर ₹55.57 लाख हो जाता है।'EEE' टैक्स छूट का पूरा फायदासुकन्या समृद्धि योजना आयकर अधिनियम के तहत पूरी तरह Exempt-Exempt-Exempt (EEE) श्रेणी में आती है:निवेश पर छूट: सालाना जमा किए जाने वाले ₹1,20,000 पर धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख की सीमा में टैक्स डिडक्शन मिलता है।ब्याज पर टैक्स फ्री: खाते में सालाना क्रेडिट होने वाले 8.2% ब्याज पर कोई टैक्स नहीं कटता।मैच्योरिटी पर शून्य टैक्स: 21 वर्ष पूरे होने पर मिलने वाला पूरा ₹55.57 लाख का कॉर्पस 100% टैक्स-फ्री होता है।खाता खोलने और निकासी से जुड़े मुख्य नियमपात्रता: बेटी की उम्र 10 वर्ष से कम होनी चाहिए। एक परिवार में अधिकतम 2 बेटियों के लिए खाता खोला जा सकता है।18 वर्ष पर आंशिक निकासी: बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरी होने या 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च शिक्षा (कॉलेज फीस) के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के बैलेंस का अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा निकाला जा सकता है।विवाह पर बंद करने का नियम: यदि 18 वर्ष की आयु के बाद बेटी का विवाह तय होता है, तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करके खाते को परिपक्वता से पहले बंद कराया जा सकता है।प्रति माह ₹10,000 का निवेश बेटी की उच्च शिक्षा और करियर के शुरुआती लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बिना किसी बाजार जोखिम के ₹55.5 लाख से अधिक की मजबूत वित्तीय ढाल तैयार कर देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:36 pm

मोदी कैबिनेट विस्तार से पहले सभी मंत्रालयों की सचिवों के साथ बैठक, प्रधानमंत्री के पास पहुंचेगा रिपोर्ट कार्ड

कैबिनेट सचिव ने 27 अक्टूबर को सभी मंत्रालयों की कार्यप्रणाली समीक्षा बैठक बुलाई है। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जाएगी, जिससे ईज ऑफ डूइंग और ईज ऑफ लिविंग पर अहम निर्णय होंगे।

जागरण 21 Oct 2026 9:35 pm

Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को रखा जाएगा करवा चौथ का अखंड निर्जला व्रत, 13 घंटे 46 मिनट की कठिन साधना; जानें शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त

सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य, दांपत्य प्रेम और पति की दीर्घायु की कामना का महापर्व 'करवा चौथ' (Karwa Chauth) सनातन संस्कृति में आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और विश्वास का पावन संकल्प है। इस दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से पूर्व सरगी ग्रहण कर पूरे दिन अन्न और जल की एक बूंद भी ग्रहण किए बिना कठोर निर्जला व्रत रखती हैं और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने व छलनी से पति का मुख देखने के बाद ही व्रत का पारण करती हैं। साल 2026 में करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। खगोलीय और पंचांग गणना के अनुसार इस वर्ष करवा चौथ का निर्जला व्रत लगभग 13 घंटे 46 मिनट तक चलेगा, जो सुबह सूर्योदय के साथ शुरू होकर रात में चंद्र दर्शन और अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। आइए वैदिक पंचांग के आधार पर चतुर्थी तिथि, शाम की पूजा का सटीक मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और व्रत खोलने के आवश्यक नियम विस्तार से जानते हैं।29 अक्टूबर 2026: चतुर्थी तिथि का प्रारंभ और समापन कालहिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का व्रत उस दिन रखा जाता है जब शाम को प्रदोष काल और चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि विद्यमान हो। साल 2026 में चतुर्थी तिथि का समय इस प्रकार रहेगा:कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मध्यरात्रि 01:06 बजे से।कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि का समापन: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को रात 10:09 बजे पर।उदया तिथि और चंद्र दर्शन: चूंकि 29 अक्टूबर को पूरे दिन उदया तिथि रहेगी और रात में चंद्रोदय के समय भी चतुर्थी तिथि प्रभावी रहेगी, इसलिए देश भर में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर (गुरुवार) को ही सर्वमान्य रूप से मनाया जाएगा।13 घंटे 46 मिनट का उपवास काल: सुबह से रात तक का समयकरवा चौथ का व्रत सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला रखा जाता है:व्रत (उपवास) प्रारंभ समय: सुबह 06:31 बजे (सूर्योदय)।व्रत समाप्ति (चंद्रोदय) समय: रात 08:17 बजे (दिल्ली पंचांग अनुसार)।कुल व्रत अवधि: लगभग 13 घंटे 46 मिनट।व्रत रखने वाली महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे 29 अक्टूबर की सुबह सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 04:48 बजे से 05:39 बजे के मध्य अपनी सास द्वारा दी गई सरगी (फल, मेवे, मीठी सेवइयां आदि) ग्रहण कर लें, क्योंकि सूर्योदय के बाद जल का एक घूंट लेना भी शास्त्र सम्मत नहीं माना जाता।करवा चौथ 2026 शाम की पूजा का शुभ मुहूर्त (Puja Muhurat)करवा चौथ पर शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान श्री गणेश, कार्तिकेय और करवा माता की विधिवत पूजा की जाती है। 29 अक्टूबर को पूजा का सबसे पावन और अभीष्ट समय इस प्रकार है:करवा चौथ पूजा मुहूर्त: शाम 05:38 बजे से शाम 06:56 बजे तक।पूजा की कुल अवधि: 1 घंटा 18 मिनट।अमृत/शुभ चौघड़िया: शाम 05:38 बजे से लेकर शाम 07:15 बजे तक का समय पूजा, करवा चौथ की पावन कथा श्रवण और थाली फेरने की रस्म के लिए सर्वोत्तम रहेगा।इस मुहूर्त में महिलाएं सोलह श्रृंगार कर एक साथ एकत्रित होकर मिट्टी के करवे की पूजा करती हैं, माता गौरी को सुहाग की सामग्री (सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, चुनरी) अर्पित करती हैं और करवा चौथ व्रत कथा का पाठ करती हैं।चंद्रोदय और अर्घ्य देने का समय: शहरवार टाइमिंगरात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दिए बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को देश के विभिन्न शहरों में चंद्रमा के निकलने (Moonrise) का संभावित समय इस प्रकार है:नई दिल्ली / एनसीआर: रात लगभग 08:17 बजेलखनऊ / उत्तर प्रदेश: रात लगभग 08:05 से 08:08 बजेनोएडा / गाजियाबाद: रात लगभग 08:16 बजेजयपुर / राजस्थान: रात लगभग 08:24 बजेमुंबई / महाराष्ट्र: रात लगभग 08:48 बजेकोलकाता / पश्चिम बंगाल: रात लगभग 07:40 बजेपटना / बिहार: रात लगभग 07:49 बजेबेंगलुरु / कर्नाटक: रात लगभग 08:40 बजे(नोट: स्थानीय मौसम, बादल या भौगोलिक स्थिति के आधार पर अलग-अलग शहरों में चांद दिखने के समय में 5 से 10 मिनट का अंतर हो सकता है।)चंद्रमा की पूजा, अर्घ्य और पारण की सही विधिरात में चंद्रमा के आकाश में उदित होने के बाद सुहागिन महिलाओं को इन पारंपारिक चरणों का पालन करते हुए व्रत पूर्ण करना चाहिए:पूजा की थाली तैयार करें: थाली में जल से भरा तांबे या पीतल का लोटा, घी का दीपक, कुमकुम, अक्षत, धूपबत्ती, सफेद मिठाई और छलनी रखें।चंद्रमा को अर्घ्य: जल के लोटे में थोड़ा कच्चा दूध, अक्षत और रोली मिलाकर चंद्रमा को 'ॐ सों सोमाय नमः' मंत्र का उच्चारण करते हुए अर्घ्य दें।छलनी से दर्शन की रस्म: प्रज्वलित दीपक को छलनी पर रखकर पहले छलनी की ओट से चंद्रमा के दर्शन करें, इसके बाद उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखें और उनके उत्तम स्वास्थ्य व लंबी उम्र की प्रार्थना करें।पति के हाथों पारण: दर्शन के बाद पति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। इसके बाद पति अपने हाथों से पत्नी को जल पिलाकर और मिठाई खिलाकर इस 13 घंटे 46 मिनट के निर्जला व्रत का पारण करवाते हैं।घर के बड़ों का आशीर्वाद और बायना: पारण के उपरांत पूजा में चढ़ाया गया करवा, फल, मिठाई और सुहाग सामग्री (बायना/बाया) अपनी सास या घर की जेठानी को सादर भेंट कर उनके पैर छूकर सदा सुहागिन रहने का आशीर्वाद प्राप्त करें।करवा चौथ का यह व्रत पति-पत्नी के रिश्ते में प्रगाढ़ता, आपसी सामंजस्य और प्रेम को नई ऊर्जा प्रदान करता है। शुभ मुहूर्त और नियमों का पालन करते हुए की गई यह साधना जीवन में सौभाग्य और खुशहाली का संचार करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:34 pm

Delhi High Court का फैसला, PM की विदेश यात्राओं की जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते

भाषा की विभिन्न फाइल से बुधवार रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: दि52: दिल्ली अदालत आरटीआईप्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का ब्योरा सार्वजनिक नहीं कर सकते: उच्च न्यायालयनयी दिल्ली, दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय वायु सेना के विमान से प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से संबंधित सूचना का खुलासा करने के केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा तथा प्रधानमंत्री के जीवन और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। दि86: कांग्रेस लीड पुरीकिस गद्दार को ब्लैकमेल कर रहे हैं अमेरिकी: राहुल गांधीनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन की कथित तस्वीर को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अमेरिकी “किस गद्दार को ब्लैकमेल कर रहे हैं”। दिल्ली/देहरादून प्रादे174 संपूर्ण लीड दलेर मेहंदीदलेर मेहंदी विवाद ने पकड़ा तूल; कांग्रेस की मंत्री से माफी की मांग, गायक के समर्थन में उतरे कलाकार नयी दिल्ली/देहरादून, उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान अपेक्षा के अनुरूप प्रस्तुति नहीं देने पर राज्य के मंत्री सुबोध उनियाल की ओर से दिग्गज गायक दलेर मेहंदी की तीखी आलोचना किए जाने के बाद उपजे विवाद ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। प्रदेश कांग्रेस ने भी इस घटना की आलोचना करते हुए मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की। वि1: अमेरिका ट्रंप भारत व्यापार समझौताभारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता पहले के समझौतों से काफी अलग होगा : ट्रंपवाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौता करने के काफी करीब हैं और यह समझौता पहले किए गए समझौतों से काफी अलग होगा। अर्थ57:: आईपीओ पांचवीं लीड जियो प्लेफॉर्म्सजियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले दिन तीन गुना बोलियां मिलींनयी दिल्ली, रिलायंस इंडस्ट्रीज की अनुषंगी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लि. के निर्गम के लिए निवेशकों से जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है। कुल 30,213 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को बोली के पहले ही दिन करीब 74,610 करोड़ रुपये की कुल मांग मिली। अर्थ80:अमेरिका रिलायंसजामनगर के जरिये भारत के कच्चे तेल के खरीद स्रोत को प्रभावित कर सकता है अमेरिका : विशेषज्ञनयी दिल्ली, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की जामनगर रिफाइनरी परिसर में हुई बैठक ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल प्रसंस्करण केंद्रों में से एक को वैश्विक ऊर्जा व्यापार को नया रूप देने की अमेरिका की कोशिशों के केंद्र में ला दिया है। दि63: दिल्ली कॉजपा नेता रिहाकॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेशनयी दिल्ली, दिल्ली में एक विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) ने जंतर-मंतर पर 14 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के सिलसिले में बुधवार को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया। दि43: भाजपा नवीन लीड युवाभाजपा प्रमुख नवीन ने युवाओं को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दियानयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को भारत की युवा पीढ़ी को ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की जड़ों से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। प्रादे143: महाराष्ट्र टाइगर श्रॉफ दूसरीलीड आरोपीटाइगर श्रॉफ गोलीबारी: तीन प्रमुख आरोपी 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजे गएमुंबई, मुंबई की एक अदालत ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार तीन प्रमुख आरोपियों को बुधवार को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। प्रादे148: दूसरीलीड एतिराजऐतिहासिक ‘सेंगोल’ तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले वुम्मिडी एतिराज का निधनचेन्नई, ऐतिहासिक ‘सेंगोल’ बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख जौहरी वुम्मिडी एतिराज का बुधवार को यहां निधन हो गया। वह 99 वर्ष के थे। प्रादे157: बंगाल विसर्जन तीसरी लीड व्यवस्थासिर्फ ‘सनातन धर्म’ को मानने वाले ही विसर्जन के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं को छुएंगे: शुभेंदुकोलकाता, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि सिर्फ ‘सनातन धर्म’ को मानने वालों को ही हुगली नदी में विसर्जन के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं को छूने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं का पालन किया जाना चाहिए। खेल44:खेल एशियाड पैरा दूसरी लीड भारतएशियाई पैरा खेलों में पैरा एथलेटिक्स में सोने की बौछार, भारत पांचवें स्थान परनागोया, फर्राटा धाविका सिमरन, ऊंची कूद में प्रवीण कुमार और शॉटपुट में सचिन खिलाड़ी ने नये रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीते और ट्रैक और फील्ड खिलाड़ियों ने बुधवार को पांच स्वर्ण समेत 22 पदक भारत की झोली में डालकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा दिया। खेल42: खेल बैडमिंटन भारतसिंधू उलटफेर से बाल बाल बची, फ्रेंच ओपन के अगले दौर मेंपेरिस, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में उलटफेर का शिकार होने से बाल बाल बची और दुनिया की 26वें नंबर की खिलाड़ी थाइलैंड की सुपनिदा केतेथोंग को हराकर अगले दौर में पहुंच गई।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 9:33 pm

बालों के लिए विटामिन E कैप्सूल: उपयोग का सही तरीका, बेजोड़ फायदे और हेयर ग्रोथ का पूरा सच; लगाने से पहले जान लें जरूरी सावधानियां

बदलते मौसम, प्रदूषण, खान-पान में पोषक तत्वों की कमी और अत्यधिक हीटिंग टूल्स के इस्तेमाल से बालों का झड़ना, रूखापन, दोमुंहे बाल और समय से पहले पतला होना एक आम समस्या बन चुका है। हेयर केयर रूटीन में महंगे सीरम और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के मुकाबले घरेलू व किफायती नुस्खों में 'विटामिन ई कैप्सूल' (Vitamin E Capsule, जैसे Evion) सबसे ज्यादा लोकप्रिय और परखा हुआ विकल्प माना जाता है। सोशल मीडिया और ब्यूटी व्लॉग्स में इसे अक्सर बालों के लिए 'जादुई तेल' बताया जाता है। वास्तव में विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो स्कैल्प की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। हालांकि, इसका सही फायदा तभी मिलता है जब इसे सही विधि, सही अनुपात और सही कैरियर ऑयल के साथ इस्तेमाल किया जाए। आइए जानते हैं कि बालों के लिए विटामिन ई कैप्सूल के क्या फायदे हैं, इसका उपयोग कैसे करना चाहिए और क्या यह सचमुच नए बाल उगाने में मददगार है।बालों के लिए विटामिन E कैप्सूल के 5 बड़े फायदेविटामिन ई में मौजूद अल्फा-टोकोफेरोल (Alpha-Tocopherol) बालों की संरचना और स्कैल्प के स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर डालता है:स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन और फॉलिकल्स की मजबूती: विटामिन ई स्कैल्प में रक्त संचार को बेहतर बनाने का काम करता है। जब हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़ों) तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण पहुंचता है, तो बाल जड़ों से मजबूत होते हैं और मौसमी हेयर फॉल में कमी आती है।नेचुरल कंडीशनर और प्राकृतिक चमक: बालों की बाहरी परत (क्यूटिकल) धूप, धूल और ब्लो-ड्रायर की गर्मी से क्षतिग्रस्त हो जाती है। विटामिन ई का तैलीय अर्क क्यूटिकल्स को सील करके नमी को लॉक करता है, जिससे फ्रिजी और बेजान बालों में तुरंत नेचुरल शाइन और सॉफ्टनेस लौट आती है।दोमुंहे बालों (Split Ends) से बचाव: बाल जब अत्यधिक रूखे हो जाते हैं, तो नीचे से फटने लगते हैं। विटामिन ई तेल को बालों के अंतिम सिरों पर लगाने से वे गहराई से हाइड्रेटेड रहते हैं, जिससे स्प्लिट एंड्स की समस्या नियंत्रित होती है।स्कैल्प के सीबम को संतुलित करना: स्कैल्प पर ज्यादा तेल बनना या अत्यधिक सूखापन दोनों ही डैंड्रफ और इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। विटामिन ई स्कैल्प के प्राकृतिक पीएच और ऑयल प्रोडक्शन को बैलेंस करने में मदद करता है।ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और प्रदूषण से सुरक्षा: वातावरण में मौजूद टॉक्सिन्स और सूरज की यूवी किरणें बालों के प्रोटीन (केराटिन) को नुकसान पहुंचाती हैं। विटामिन ई के एंटीऑक्सीडेंट तत्व बालों के चारों तरफ एक सुरक्षात्मक ढाल तैयार करते हैं।क्या विटामिन E कैप्सूल से नए बाल तेजी से उगते हैं?हेयर ग्रोथ (Hair Growth) को लेकर अक्सर यह दावा किया जाता है कि विटामिन ई लगाने से रातों-रात नए बाल उग आते हैं। इसका वैज्ञानिक पक्ष समझना जरूरी है:विटामिन ई कोई जादू नहीं है जो गंजेपन को तुरंत खत्म कर दे। यदि बालों का झड़ना जेनेटिक (जैसे एंड्रोजेनिक एलोपेसिया) या गंभीर हार्मोनल असंतुलन (थायरॉइड, पीसीओडी) के कारण है, तो केवल विटामिन ई लगाने से बाल दोबारा नहीं उगेंगे।हालांकि, यदि बाल पोषण की कमी, तनाव या स्कैल्प में सूजन/कमजोरी के कारण झड़ रहे हैं, तो विटामिन ई स्कैल्प की सेहत सुधारकर बालों के टूटने की दर को काफी कम कर देता है। इससे बालों की मोटाई और डेंसिटी बेहतर दिखती है और फॉलिकल्स सक्रिय होकर सामान्य विकास चक्र में लौट आते हैं।विटामिन E कैप्सूल लगाने के 3 सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीकेविटामिन ई का तेल बहुत गाढ़ा और चिपचिपा होता है, इसलिए इसे कभी भी सीधा और कच्चा (Undiluted) पूरे सिर पर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेशा किसी कैरियर ऑयल या नेचुरल बेस के साथ मिलाकर लगाएं:नारियल और कैस्टर ऑयल के साथ (हेयर फॉल और मजबूती के लिए):सामग्री: 2 बड़े चम्मच शुद्ध नारियल तेल, आधा चम्मच अरंडी का तेल (Castor Oil) और 2 विटामिन ई कैप्सूल।विधि: नारियल और अरंडी के तेल को हल्का गुनगुना करें, फिर उसमें कैप्सूल को पिन से छेदकर उसका तेल निचोड़ लें। इस मिश्रण से उंगलियों के पोरों से स्कैल्प पर 10 मिनट तक हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में मसाज करें। इसे 1 से 2 घंटे लगा रहने दें और फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें।एलोवेरा जेल हेयर मास्क (डैंड्रफ और फ्रिजी बालों के लिए):सामग्री: 2 चम्मच ताजा एलोवेरा जेल और 1 से 2 विटामिन ई कैप्सूल।विधि: दोनों को अच्छी तरह फेंटकर एक क्रीमी पेस्ट बनाएं। इसे स्कैल्प से लेकर बालों के सिरों तक लगाएं। 30 से 40 मिनट बाद सादे पानी और सौम्य शैम्पू से धोएं। यह स्कैल्प को ठंडक और बालों को सिल्की फिनिश देता है।कंडीशनर या सीरम में मिलाकर (इंस्टेंट शाइन के लिए):बाल धोने के बाद जब आप कंडीशनर लगाते हैं, तो हथेली में लिए गए कंडीशनर में 3-4 बूंदें विटामिन ई ऑयल की मिला लें। इसे बालों की लंबाई (लेंथ) पर लगाएं (स्कैल्प छोड़कर) और 2 मिनट बाद रिंस कर लें।उपयोग के दौरान इन गलतियों और साइड इफेक्ट्स से बचेंविटामिन ई सुरक्षित है, लेकिन इसका गलत उपयोग नुकसान भी पहुंचा सकता है:सीधे स्कैल्प पर न लगाएं: बिना किसी तेल में मिलाए सीधे गाढ़ा विटामिन ई लगाने से रोमछिद्र (Pores) बंद हो सकते हैं, जिससे स्कैल्प पर खुजली, फुंसियां या एलर्जी हो सकती है।ओवरनाइट (रातभर) छोड़ने से बचें: बहुत तैलीय स्कैल्प वाले लोगों को इसे रातभर लगाकर नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि यह अतिरिक्त धूल-मिट्टी को आकर्षित कर सकता है। हफ्ते में 1 से 2 बार, धोने से 1-2 घंटे पहले लगाना पर्याप्त है।बिना डॉक्टर की सलाह के गोलियां न निगलें: अक्सर लोग जल्दी रिजल्ट पाने के चक्कर में रोजाना विटामिन ई कैप्सूल खाने लगते हैं। विटामिन ई एक 'फैट-सॉल्युबल' विटामिन है, जिसका अनियंत्रित सेवन शरीर में टॉक्सिसिटी, उल्टी, सिरदर्द, थायरॉइड असंतुलन या ब्लीडिंग डिसऑर्डर जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसे सप्लीमेंट के रूप में केवल डॉक्टर या डर्मेटोलॉजिस्ट के परामर्श पर ही खाएं।आहार से प्राकृतिक विटामिन E कैसे प्राप्त करें?बालों की स्थायी मजबूती के लिए केवल बाहर से तेल लगाना काफी नहीं है, शरीर को अंदर से भी पोषण मिलना चाहिए। अपनी दैनिक डाइट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करके आप प्राकृतिक रूप से विटामिन ई प्राप्त कर सकते हैं:बादाम (Almonds), अखरोट और मूंगफलीसूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds) और कद्दू के बीजहरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और ब्रोकलीएवोकाडो और कोल्ड-प्रेस्ड ऑलिव ऑयल या सरसों का तेलसंतुलित खान-पान, पर्याप्त पानी और हफ्ते में एक या दो बार नारियल तेल के साथ विटामिन ई कैप्सूल का नियमित मसाज आपके बालों को बिना किसी महंगे सैलून ट्रीटमेंट के मजबूत, घना और चमकदार बनाए रखने का सबसे किफायती और कारगर उपाय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:32 pm

'बिग बॉस 20' से बाहर आते ही अमन गांधी को हुआ इस बात का अफसोस, शो के लिए कह डाली ये बात

हाल ही में रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' से बाहर हुए टेलीविजन अभिनेता अमन गांधी ने शो में अपने सफर को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने स्वीकार किया कि वह शो के दौरान खुद को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाए.

NDTV इंडिया 21 Oct 2026 9:31 pm

पंजाब में पहली बार होगी एशियन हॉकी चैंपियनशिप ट्रॉफी, 4 और 5 नवंबर को मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल

पंजाब 2026 एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा, जिसमें मुफ्त स्टेडियम प्रवेश, 25 करोड़ रुपये का उन्नयन बजट और 40,000 खि

वन इंडिया 21 Oct 2026 9:31 pm

Bajaj Pulsar N250 SS Launched: बजाज ने लॉन्च की नई पल्सर N250 SS, 6-स्पीड गियरबॉक्स, 4-वाल्व इंजन और TFT डिस्प्ले जैसे धांसू फीचर्स से लैस; जानें कीमत

भारतीय दोपहिया बाजार में परफॉर्मेंस और नेकेड स्पोर्ट्स सेगमेंट पर अपनी धाक जमाने वाली प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो (Bajaj Auto) ने क्वार्टर-लीटर सेगमेंट में बड़ा धमाका किया है। कंपनी ने अपनी लोकप्रिय पल्सर सीरीज का नया फ्लैगशिप वेरिएंट Bajaj Pulsar N250 SS आधिकारिक तौर पर भारतीय बाजार में लॉन्च कर दिया है। युवाओं और लंबी दूरी के राइडर्स की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए कंपनी ने इस नई मोटरसाइकिल में कई बड़े मैकेनिकल और तकनीकी बदलाव किए हैं। नई पल्सर N250 SS में अब 5-स्पीड के बजाय बिल्कुल नया 6-स्पीड गियरबॉक्स, अधिक पावरफुल 4-वाल्व इंजन सेटअप, इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल बॉडी (राइड-बाय-वायर), और गूगल मैप्स मिररिंग सपोर्ट वाला फुल-कलर 5-इंच TFT डिस्प्ले जैसे प्रीमियम फीचर्स शामिल किए गए हैं। बाजार में यह बाइक स्टैंडर्ड पल्सर N250 के ऊपर स्थित होगी और इसका सीधा मुकाबला यामाहा एमटी-15, सुजुकी जिक्सर 250 और होंडा हॉर्नेट 2.0 जैसी बाइक्स से होगा।₹1.59 लाख की शुरुआती कीमत: अपने सेगमेंट में सबसे किफायती 250cc बाइकबजाज ऑटो ने नई Pulsar N250 SS को ₹1.59 लाख (एक्स-शोरूम, दिल्ली) की बेहद प्रतिस्पर्धी कीमत पर पेश किया है। यह अपने पिछले स्टैंडर्ड मॉडल की तुलना में लगभग ₹14,000 प्रीमियम है, लेकिन बाइक में जोड़े गए बड़े अपग्रेड्स—जैसे 6-स्पीड ट्रांसमिशन, टीएफटी स्क्रीन और 4-वाल्व टेक्नोलॉजी—को देखते हुए यह कीमत बेहद आक्रामक मानी जा रही है। इस प्राइस पॉइंट पर 250cc सेगमेंट में इतने आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स और राइडिंग मोड्स देने वाली यह देश की सबसे वैल्यू-फॉर-मनी स्पोर्ट्स बाइक बनकर उभरी है।4-वाल्व टेक्नोलॉजी और 6-स्पीड ट्रांसमिशन: हाइवे पर मिलेगा स्मूथ परफॉर्मेंसकंपनी ने नई पल्सर N250 SS के इंजन में सबसे बड़ा बदलाव इसके सिलेंडर हेड में किया है। इसमें 249cc का ऑयल-कूल्ड, फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन दिया गया है, जो अब 4-वाल्व आर्किटेक्चर के साथ आता है। इस बदलाव के चलते इंजन की पावर बढ़कर 25 bhp (हॉर्सपावर) और पीक टॉर्क 22 Nm पर पहुंच गया है।इसके साथ ही, पुराने 5-स्पीड गियरबॉक्स को हटाकर अब नया 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है, जिसमें असिस्ट व स्लिपर क्लच और स्पोर्ट्स शिफ्टर (क्विकशिफ्टर सपोर्ट) मौजूद है। छठवां गियर जुड़ने से हाइवे पर 100 से 120 किमी/घंटे की रफ्तार से क्रूज़िंग करते समय इंजन पर दबाव नहीं पड़ेगा और वाइब्रेशंस में भारी कमी आएगी, जिससे बाइक का माइलेज और राइडिंग कम्फर्ट दोनों बेहतर होंगे।5-इंच का कलर TFT डिस्प्ले और गूगल मैप्स नेविगेशनतकनीकी मोर्चे पर नई पल्सर N250 SS में पुराने एलसीडी इंस्ट्रूमेंट कंसोल की जगह बिल्कुल नया 5-इंच का फुल-कलर TFT डिजिटल डिस्प्ले लगाया गया है।स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और मैप मिररिंग: यह डिस्प्ले ब्लूटूथ के जरिए राइडर के स्मार्टफोन से कनेक्ट होता है और स्क्रीन पर टर्न-बाय-टर्न दिशाओं के साथ फुल मैप नेविगेशन (Google Maps Mirroring) की सुविधा देता है।कॉल/एसएमएस और म्यूजिक अलर्ट: स्क्रीन पर इनकमिंग कॉल्स, मैसेज नोटिफिकेशन, रियल-टाइम माइलेज, डिस्टेंस-टू-एम्प्टी, गियर पोजिशन और सर्विस रिमाइंडर की पूरी जानकारी मिलती है।USB टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट: लंबी यात्राओं के दौरान मोबाइल चार्ज करने के लिए हैंडल के पास फास्ट-चार्जिंग यूएसबी टाइप-सी पोर्ट दिया गया है।इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल बॉडी और मल्टीपल राइडिंग मोड्सनई बाइक में 'राइड-बाय-वायर' यानी इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल बॉडी (ETB) सिस्टम दिया गया है। इसके माध्यम से राइडर को मौसम और सड़क की स्थिति के अनुसार अलग-अलग राइडिंग मोड्स (Road, Rain, Sport और Off-Road) चुनने की सुविधा मिलती है। थ्रॉटल रिस्पॉन्स और डुअल-चैनल एबीएस की सेंसिटिविटी इन मोड्स के हिसाब से खुद को ढाल लेती है, जिससे बारिश या गीली सड़कों पर पहिया फिसलने का खतरा न के बराबर रह जाता है। साथ ही, अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में पीछे वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए 'पैनिक ब्रेक अलर्ट' (Hazard Flashing) का सेफ्टी फीचर भी शामिल किया गया है।स्पोर्टी स्टाइलिंग और दमदार हार्डवेयर सेटअपडिजाइन की बात करें तो Pulsar N250 SS को और अधिक मस्कुलर और एग्रेसिव लुक दिया गया है। फ्यूल टैंक एक्सटेंशन और बॉडी पैनल्स पर नया 'SS' ग्राफिक्स और नए रंग विकल्प जोड़े गए हैं। हार्डवेयर के मोर्चे पर बाइक में:सस्पेंशन: फ्रंट में 37mm के अपसाइड-डाउन (USD) फोर्क्स और रियर में नाइट्रॉक्स मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है, जो तेज मोड़ों पर बेहतरीन स्टेबिलिटी प्रदान करता है।ब्रेकिंग: आगे 300mm और पीछे 230mm के डिस्क ब्रेक्स दिए गए हैं, जो स्विचेबल डुअल-चैनल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ आते हैं।टायर्स: इसमें 17-इंच के अलॉय व्हील्स के साथ चौड़े रेडियल ट्यूबलेस टायर्स दिए गए हैं, जो सड़क पर मजबूत ग्रिप सुनिश्चित करते हैं।बुकिंग और डिलीवरी की जानकारीबजाज ऑटो ने देश भर में अपने अधिकृत शोरूम्स पर Pulsar N250 SS की आधिकारिक बुकिंग शुरू कर दी है। इच्छुक ग्राहक ₹2,000 से ₹5,000 की टोकन राशि देकर अपने नजदीकी डीलरशिप या बजाज की आधिकारिक वेबसाइट पर इसे बुक कर सकते हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए कंपनी ने इसकी डिलीवरी अगले कुछ दिनों में तेज करने की योजना बनाई है। जो राइडर्स रोजमर्रा के ऑफिस कम्यूट के साथ-साथ वीकेंड्स पर हाइवे टूरिंग का शौक रखते हैं, उनके लिए यह नया 'SS' अवतार 250cc सेगमेंट में सबसे संतुलित और आधुनिक पैकेज बनकर सामने आया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:30 pm

‘दलेर पाजी शराब नहीं पीते’: सिंगर दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे राजपाल यादव, उत्तराखंड के मंत्री को दी सोच-समझकर बोलने की नसीहत

मशहूर पंजाबी पॉप गायक दलेर मेहंदी को लेकर उपजे हालिया राजनीतिक और सार्वजनिक विवाद के बीच बॉलीवुड के दिग्गज हास्य अभिनेता राजपाल यादव उनके समर्थन में मजबूती से खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड सरकार के एक मंत्री द्वारा दलेर मेहंदी के नाम को शराब या नशे से जोड़कर दिए गए कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजपाल यादव ने स्पष्ट किया कि दलेर पाजी एक बेहद सात्विक, अनुशासित और धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान हैं, जो शराब को हाथ तक नहीं लगाते। सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार और संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को किसी भी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कलाकार की छवि पर अनर्गल टिप्पणी करने से पहले तथ्यों की पूरी जानकारी रखनी चाहिए। राजपाल यादव के इस खुलकर सामने आने के बाद कला, संगीत और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर नई बहस छिड़ गई है।क्या था पूरा मामला जिसने पकड़ा तूल?विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब उत्तराखंड में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम या प्रेस वार्ता के दौरान राज्य के एक कैबिनेट मंत्री ने शराब और सामाजिक आचरण पर टिप्पणी करते हुए उदाहरण के तौर पर पॉप सिंगर दलेर मेहंदी के नाम का अनुचित संदर्भ में उल्लेख कर दिया था। मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही दलेर मेहंदी के प्रशंसकों, सिख समुदाय और संगीत जगत से जुड़े कलाकारों ने गहरी नाराजगी जाहिर की थी। लोगों का कहना था कि बिना किसी आधार के एक ऐसे लीजेंड्री सिंगर पर लांछन लगाना गलत है, जिन्होंने भारतीय संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई है और जो पर्यावरण संरक्षण से लेकर पौधरोपण अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।‘दलेर पाजी सात्विक हैं, उन्हें बदनाम न करें’: राजपाल यादव की दो-टूकइस पूरे घटनाक्रम पर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए अपनी दो-टूक राय रखते हुए राजपाल यादव ने कहा कि वे दलेर मेहंदी को पिछले कई दशकों से बेहद करीब से जानते हैं। राजपाल ने कहा, दलेर पाजी का पूरा जीवन अनुशासन और संगीत की साधना को समर्पित रहा है। वे शराब को कभी छूते तक नहीं हैं। जो व्यक्ति मंच पर केवल अपनी सकारात्मक ऊर्जा और सुरों से करोड़ों लोगों को झूमने पर मजबूर कर देता है, उसके बारे में इस तरह की हल्की और बेबुनियाद बातें करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।राजपाल यादव ने उत्तराखंड के संबंधित मंत्री का सीधे तौर पर नाम लिए बिना उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति सरकार में मंत्री या किसी उच्च पद पर होता है, तो उसकी वाणी और शब्दों का समाज में बड़ा असर होता है। ऐसे में नेताओं को सस्ती लोकप्रियता या भाषणों में तालियां बटोरने के लिए किसी भी प्रतिष्ठित कलाकार के मान-सम्मान को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कलाकारों की कोई राजनीतिक सीमा नहीं होती, वे देश की सांस्कृतिक धरोहर होते हैं, इसलिए उनका सम्मान किया जाना चाहिए।संगीत और कला जगत से भी उठी माफी की मांगदलेर मेहंदी के पक्ष में राजपाल यादव के इस बयान का अन्य कलाकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी पुरजोर समर्थन किया है। कई जाने-माने संगीतकारों और गायकों ने कहा कि दलेर मेहंदी ने हमेशा नशामुक्ति और सात्विक जीवन शैली का संदेश दिया है। उनके ऊर्जावान गानों का मतलब यह कतई नहीं है कि उनकी व्यक्तिगत जीवनशैली को गलत संदर्भ में पेश किया जाए। विवाद बढ़ने के बाद अब विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने भी उत्तराखंड के मंत्री से अपने गैर-जिम्मेदाराना बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करने और माफी मांगने की मांग तेज कर दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:28 pm

'सेंगोल' बनाने वाले जौहरी वुम्मिडी एथिराज का निधन, 99 साल की उम्र में ली आखिरी सांस; PM मोदी ने जताया शोक

ऐतिहासिक 'सेंगोल' के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रमुख जौहरी वुम्मिडी एथिराज का 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

जागरण 21 Oct 2026 9:28 pm

विदेश में बस चुकी बेटी को क्या भारत में पिता की खेती की जमीन में मिलेगा हिस्सा? जानिए हिंदू उत्तराधिकार कानून

वैश्वीकरण के इस दौर में बड़ी संख्या में भारतीय युवा पढ़ाई या करियर के सिलसिले में विदेश जा रहे हैं और वहीं स्थायी रूप से बसकर अनिवासी भारतीय (NRI) या विदेशी नागरिक (OCI/विदेशी पासपोर्ट धारक) बन रहे हैं। जब बात पैतृक संपत्ति, विशेषकर ग्रामीण भारत में स्थित खेती की जमीन (Agricultural Land) के बंटवारे की आती है, तो परिवारों में अक्सर यह विवाद या असमंजस खड़ा हो जाता है कि जो बेटी विदेश में बस चुकी है, क्या उसका भी भारत में पिता की पुश्तैनी खेती की जमीन में कानूनी अधिकार बचता है या नहीं। कई बार परिवार के अन्य सदस्य यह दलील देकर बेटी का हक नकारने की कोशिश करते हैं कि वह अब दूसरे देश की नागरिक है, उसकी शादी हो चुकी है और भारत के विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (FEMA) के तहत विदेशी नागरिकों को खेती की जमीन खरीदने की मनाही है। लेकिन भारतीय न्यायशास्त्र, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसलों के तहत यह कानूनी स्थिति बिल्कुल साफ और बेटियों के पक्ष में है।क्या विदेश में रहने या विदेशी नागरिकता से संपत्ति का हक छिन जाता है?भारतीय कानून के तहत इसका सीधा और स्पष्ट उत्तर है—बिल्कुल नहीं। किसी बेटी का विदेश में बस जाना, अनिवासी भारतीय (NRI) बन जाना या यहां तक कि किसी दूसरे देश (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन या कनाडा) की नागरिकता लेकर विदेशी पासपोर्ट धारक (OCI कार्डधारक) बन जाना भी उसे उसके जन्मजात उत्तराधिकार से वंचित नहीं कर सकता।भारतीय उत्तराधिकार कानून उत्तराधिकारी की नागरिकता या उसके निवास स्थान के आधार पर काम नहीं करते, बल्कि वे इस बात पर तय होते हैं कि संपत्ति किस प्रकार की है और व्यक्ति का संपत्ति धारक के साथ क्या पारिवारिक रिश्ता है। जब तक कोई व्यक्ति स्वेच्छा से अपने हिस्से का त्याग (Relinquishment Deed के जरिए) नहीं करता, तब तक कोई भी कानूनी प्रावधान उसके पैतृक उत्तराधिकार को केवल विदेश में रहने के आधार पर समाप्त नहीं कर सकता।हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 और सुप्रीम कोर्ट की ऐतिहासिक नजीरवर्ष 2005 से पहले हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 की धारा 4(2) के तहत कृषि भूमि को राज्य के काश्तकारी कानूनों (Tenancy Laws) के दायरे में रखा गया था, जिसके चलते कई राज्यों (विशेषकर उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा) में कृषि भूमि पर बेटों का ही एकाधिकार माना जाता था। लेकिन 9 सितंबर 2005 को लागू हुए हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम, 2005 ने इस विसंगति को पूरी तरह समाप्त कर दिया:जन्म से समान सह-दायिकी अधिकार (Coparcener Rights): संशोधित कानून की धारा 6 के तहत बेटी को जन्म से ही बेटे के बराबर पैतृक संपत्ति में 'कोपार्सनर' का दर्जा दिया गया। चाहे बेटी विवाहित हो, अविवाहित हो या सात समंदर पार रह रही हो, उसका अधिकार बेटे के 100% बराबर है।विनीता शर्मा बनाम राकेश शर्मा (2020) केस का मील का पत्थर: सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की खंडपीठ ने अपने ऐतिहासिक फैसले में व्यवस्था दी कि 2005 के संशोधन के बाद बेटी का पैतृक संपत्ति में अधिकार एक जन्मजात अधिकार (Inherent Right) है। पिता 2005 से पहले जीवित थे या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता; यदि संपत्ति पैतृक है, तो बेटी को बेटे के बराबर हिस्सा मिलेगा ही।कृषि भूमि पर केंद्रीय कानून का वर्चस्व: सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न निर्णयों में यह भी दोहराया है कि हिंदू उत्तराधिकार कानून का 2005 का संशोधन कृषि भूमि पर भी समान रूप से लागू होता है और इस मामले में लैंगिक समानता को किसी भी राज्य स्तरीय पुरानी प्रथा के आधार पर दबाया नहीं जा सकता।पैतृक संपत्ति बनाम स्व-अर्जित संपत्ति: दोनों में क्या है अंतर?बेटी के कानूनी दावे को समझने के लिए जमीन की प्रकृति को दो श्रेणियों में देखना जरूरी है:पैतृक कृषि भूमि (Ancestral Land): जो जमीन पिता को उनके दादा, परदादा से विरासत में मिली है और बिना किसी बंटवारे के चली आ रही है। इस भूमि में बेटी का जन्म से ही बेटे के समान हिस्सा तय होता है। पिता चाहकर भी वसीयत के जरिए बेटी को इस पैतृक जमीन के हक से बेदखल नहीं कर सकते।पिता की स्व-अर्जित भूमि (Self-Acquired Land): यदि पिता ने खेती की जमीन अपनी खुद की कमाई से खरीदी है, तो वे उसके पूर्ण स्वामी हैं। यदि पिता जीवनकाल में किसी अन्य के नाम वैध वसीयत (Will) लिख जाते हैं, तो जमीन वसीयत के अनुसार जाएगी। लेकिन यदि पिता बिना कोई वसीयत लिखे (Intestate) दिवंगत हो जाते हैं, तो वह जमीन 'क्लास-1 लीगल हेयर्स' (Class-I Legal Heirs) यानी मां, बेटे और बेटी में बराबर-बराबर बांटी जाएगी। विदेश में रहने वाली बेटी को भी भाइयों के बराबर ही हिस्सा मिलेगा।FEMA और RBI के नियम: क्या विदेशी नागरिक खेती की जमीन रख सकते हैं?अक्सर पारिवारिक विवादों में 'फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट' (FEMA) का हवाला देकर बेटियों को डराया जाता है। फेमा के वास्तविक नियम इस प्रकार हैं:खरीदने पर रोक, विरासत में मिलने पर नहीं: फेमा नियमों और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के स्पष्ट दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी एनआरआई (NRI) या ओसीआई (OCI) कार्डधारक को भारत में कृषि भूमि, फार्महाउस या बागान (Plantation Property) सीधे खरीदने (Purchase) की अनुमति नहीं है।उत्तराधिकार की पूरी छूट (Inheritance Allowed): फेमा के तहत यह स्पष्ट अपवाद है कि कोई भी एनआरआई या विदेशी नागरिक अपने माता-पिता या पूर्वजों से भारत में स्थित खेती की जमीन को विरासत/उत्तराधिकार (Inheritance) के माध्यम से वैध रूप से हासिल कर सकता है। इसके लिए आरबीआई से किसी पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।जमीन की बिक्री के नियम: हालांकि, यदि वह विदेशी नागरिक बेटी भविष्य में उस खेती की जमीन को बेचना चाहती है, तो वह उसे केवल भारत में रहने वाले भारतीय नागरिक (Resident Indian) को ही बेच सकती है। बिक्री से प्राप्त राशि को आरबीआई के नियमों के अनुसार निर्धारित वार्षिक सीमा (LRS - 1 मिलियन डॉलर प्रति वित्तीय वर्ष) के भीतर विदेश ले जाया (Repatriate) जा सकता है।राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने और अधिकार पाने की कानूनी प्रक्रियायदि किसी एनआरआई या विदेश में रहने वाली बेटी को परिवार के लोग खेती की जमीन में हिस्सा देने से इनकार करते हैं या राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज नहीं करा रहे हैं, तो वह निम्नलिखित कानूनी कदम उठा सकती है:वरासत / म्यूटेशन (दाखिल-खारिज): पिता के निधन के बाद स्थानीय तहसील/राजस्व विभाग में वरासत दर्ज कराते समय सभी जीवित वारिसों के साथ बेटी का नाम भी खतौनी में दर्ज कराना अनिवार्य होता है। इसके लिए ऑनलाइन राजस्व पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA): यदि बेटी खुद भारत आने में असमर्थ है, तो वह भारतीय दूतावास (Indian Embassy/Consulate) में जाकर किसी विश्वसनीय व्यक्ति या वकील के नाम 'स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी' (SPA) पंजीकृत करवा सकती है, जिसे भारत में एसडीएम/तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।बंटवारे का वाद (Partition Suit): यदि भाई या अन्य रिश्तेदार आपसी सहमति से हिस्सा देने से मना करते हैं, तो बेटी संबंधित क्षेत्र की सक्षम दीवानी अदालत (Civil Court) या राजस्व न्यायालय (SDM Court) में जमीन के सीमांकन और अपने वैध हिस्से के लिए 'पार्टिशन सूट' दाखिल कर सकती है। भारतीय कानून और अदालतें ऐसे मामलों में बेटियों के अधिकारों की पूरी रक्षा करती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:27 pm

'जान हाजिर है', सौरव-आशुतोष की रिहाई पर बोले दिपके, ध्रव राठी ने बताया 'फाइटर्स'

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दे दिया है. अदालत के इस फैसले से अभिजीत दिपके खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं. वहीं, ध्रुव राठी ने भी सौरव दास और आशुतोष रांका का स्वागत किया है.

आज तक 21 Oct 2026 9:25 pm

दलेर मेहंदी के अपमान पर भड़के मीका, CM से की मंत्री पर एक्शन लेने की मांग

दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है. मीका सिंह ने मंत्री से 35 लाख रुपये के भुगतान के बारे में सवाल किए और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उचित कार्रवाई करने की मांग की है.

आज तक 21 Oct 2026 9:25 pm

बदल रहा है केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख: पहले मेडिकल कॉलेज से लेकर हाईकोर्ट बेंच तक, 7 वर्षों में विकास के ऐतिहासिक माइलस्टोन किए पार

अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के बाद केंद्र शासित प्रदेश के रूप में अस्तित्व में आए लद्दाख ने पिछले सात वर्षों में विकास, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक स्वायत्तता के मोर्चे पर ऐतिहासिक छलांग लगाई है। कभी सर्दियों के छह महीनों तक देश के बाकी हिस्सों से कटे रहने और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझने वाला यह रणनीतिक सीमावर्ती भूभाग आज आधुनिक कनेक्टिविटी, उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं, न्यायिक पहुंच और सौर ऊर्जा क्रांति का नया केंद्र बन चुका है। केंद्र सरकार के प्रत्यक्ष समन्वय और उपराज्यपाल प्रशासन के नेतृत्व में लद्दाख के दोनों जिलों—लेह और करगिल—में शुरू की गई बहुआयामी योजनाओं ने स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है। लेह में स्थापित हो रहे क्षेत्र के पहले मेडिकल कॉलेज से लेकर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय की वर्चुअल बेंच और रणनीतिक जोजिला टनल तक, लद्दाख ने विकास के वे मील के पत्थर हासिल किए हैं जिनकी दशकों से प्रतीक्षा थी।लेह को मिला पहला सरकारी मेडिकल कॉलेज: स्वास्थ्य सेवाओं में ऐतिहासिक क्रांतिलद्दाख के दूरदराज और विषम भौगोलिक क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए गंभीर बीमारियों का इलाज हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा था। किसी भी जटिल सर्जरी, कैंसर उपचार या हृदय रोग के लिए स्थानीय लोगों को हवाई मार्ग से चंडीगढ़, श्रीनगर या दिल्ली का रुख करना पड़ता था, जो आर्थिक रूप से बेहद महंगा साबित होता था।केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद केंद्र सरकार ने लेह के एसएनएम अस्पताल (SNM Hospital Leh) को अपग्रेड करते हुए लद्दाख के पहले 'सरकारी मेडिकल कॉलेज' की स्थापना को मंजूरी दी। सैकड़ों करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक, क्रिटिकल केयर यूनिट्स (CCU), उन्नत डायग्नोस्टिक लैब और 100 एमबीबीएस सीटों वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण तेजी से पूरा किया गया है। इसके साथ ही टेली-मेडिसिन सेवाओं के माध्यम से सुदूरवर्ती चांगथांग और जांस्कर घाटी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) को सीधे बड़े अस्पतालों से जोड़ दिया गया है, जिससे आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ उपचार संभव हो सका है।घर के दरवाजे पर न्याय: हाईकोर्ट की वर्चुअल बेंच और प्रशासनिक सुगमतापहले लद्दाख के नागरिकों और अधिवक्ताओं को न्यायिक मामलों की सुनवाई के लिए श्रीनगर या जम्मू स्थित उच्च न्यायालय जाना पड़ता था, जिससे भारी समय और धन का अपव्यय होता था। न्यायिक प्रणाली को सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय की विशेष वर्चुअल बेंच और सर्किट बेंच की व्यवस्था लेह और करगिल में सक्रिय की गई।अब हाई-स्पीड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ई-कोर्ट प्रणाली के जरिए लद्दाख के वकील और वादी सीधे अपने गृह जिले से ही मामलों की पैरवी कर रहे हैं। इसके अलावा, दोनों स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों (LAHDC Leh और LAHDC Kargil) को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से अधिक सशक्त बनाया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर बजट आवंटन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में नौकरशाही की देरी खत्म हुई है।हर मौसम में कनेक्टिविटी: जोजिला टनल और सीमांत सड़कों का जाललद्दाख के सामरिक और आर्थिक विकास की सबसे बड़ी रीढ़ उसकी ऑल-वेदर कनेक्टिविटी है। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के चलते श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग महीनों तक बंद रहता था, जिससे रसद और आवश्यक वस्तुओं की किल्लत हो जाती थी।जोजिला सुरंग परियोजना: एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक (Bi-directional) टनल में शामिल 14.15 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। इस टनल के चालू होने से श्रीनगर से लद्दाख के बीच साल के 365 दिन निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा और यात्रा का समय 3 से 4 घंटे घट जाएगा।बीआरओ का रिकॉर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर: सीमा सड़क संगठन (BRO) ने शिंकुन ला टनल, उमलिंग ला (दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क) और कई नए रणनीतिक कॉरिडोर विकसित कर सीमावर्ती सुरक्षा और नागरिक आवाजाही को अभूतपूर्व मजबूती दी है।लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल: लेह के कुशोक बकुला रिम्पोचे (KBR) हवाई अड्डे पर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और अधिक यात्री क्षमता वाले नए एकीकृत टर्मिनल भवन का निर्माण पूरा किया गया है, जिससे लद्दाख में सालभर पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिल रहा है।सौर ऊर्जा का महाहब: कार्बन-न्यूट्रल लद्दाख का विजनप्रधानमंत्री के 'कार्बन न्यूट्रल लद्दाख' के संकल्प के तहत पंग (Pang) और आसपास के ऊंचे रेगिस्तानी पठारों पर 13 गीगावाट (GW) की विशाल अक्षय ऊर्जा परियोजना पर काम चल रहा है। लद्दाख में सौर विकिरण (Solar Irradiance) देश में सबसे अधिक है, जिसका उपयोग करके न केवल स्थानीय बिजली जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, बल्कि 5 गीगावाट की ट्रांसमिशन लाइन के जरिए अधिशेष हरित बिजली को देश के उत्तरी ग्रिड में भेजने का खाका तैयार है। इसके साथ ही, सर्दियों में पानी जमने की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक इन्सुलेटेड पाइपलाइन और 'जल जीवन मिशन' के तहत शून्य से 30 डिग्री नीचे तापमान में भी घरों तक नल से जल पहुंचाने का जटिल कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।शिक्षा, रोजगार और स्थानीय संस्कृति का संरक्षणउच्च शिक्षा के क्षेत्र में 'सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय' (Sindhu Central University) की स्थापना ने स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में उच्च व तकनीकी शिक्षा हासिल करने का अवसर दिया है। पश्मीना ऊन, खुबानी (लद्दाखी रकतसे कारपो एप्रिकॉट जिसे जीआई टैग मिला है) और सी-बकथॉर्न जैसे स्थानीय उत्पादों के लिए प्रोसेसिंग यूनिट्स और वैल्यू चेन बनाकर स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।लद्दाख का यह सात वर्षों का सफर दर्शाता है कि सही नीति, प्रत्यक्ष बजट आवंटन और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के दम पर भौगोलिक चुनौतियों से घिरे सबसे दुर्गम क्षेत्र को भी विकास की मुख्यधारा का नेतृत्वकर्ता बनाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में पूर्ण कनेक्टिविटी और औद्योगिक ईको-सिस्टम के साथ लद्दाख आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के नए शिखर छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 21 Oct 2026 9:23 pm

Haridwar में मरम्मत के लिए गंग नहर 18 दिन बंद, Bhimgoda Barrage से रोका गया पानी

उत्तराखंड के हरिद्वार में हर की पौड़ी में गंग नहर को वार्षिक रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए अगले 18 दिनों तक बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नहर मंगलवार व बुधवार की मध्यरात्रि से बंद की गई और इसमें दीपावली से ठीक पहले सात और आठ नवंबर की मध्यरात्रि के आसपास जलप्रवाह फिर से शुरू होने की संभावना है। हरिद्वार के पास भीमगोड़ा बैराज पर पानी का प्रवाह रोक दिया गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के कानपुर तक फैली गंग नहर सूख गई है। हालांकि, हर की पौड़ी उत्तराखंड में है लेकिन गंग नहर नेटवर्क का प्रबंधन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग करता है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी (हेडवर्क्स) भारत भूषण ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नहर को हर साल बंद करने से उसकी सफाई करने के साथ ही कानपुर तक के मार्ग में जरूरी मरम्मत और रखरखाव के कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगले साल की शुरुआत में हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ मेले के मद्देनजर विभिन्न विभाग स्थायी और अस्थायी बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि नहर बंद रहने की अवधि में इन कार्यों में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि नहर बंद रहने के दौरान हर की पौड़ी में गंगा आरती के लिए लगभग 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। उत्तराखंड सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि नहर को हर साल बंद करना जरूरी है, ताकि उसमें छिपी ऐसी क्षति का पता लगाया जा सके, जो पानी का प्रवाह जारी रहने के दौरान नजर नहीं आती। उन्होंने बताया, “ऊपरी गंग नहर को हर साल रखरखाव के लिए अस्थायी रूप से बंद किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नहर प्रणाली में ऐसी खामियों या क्षति का पता लगाना है, जो सालभर पानी का प्रवाह जारी रहने के दौरान नजर नहीं आतीं। इसलिए हर साल पूरी प्रणाली का निरीक्षण किया जाता है और क्षति या समस्याओं की पहचान कर जरूरी काम पूरे किए जाते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि नहर प्रणाली अगले साल भी सुचारू रूप से काम करती रहे।”नहर बंद होने से दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले लोगों को जलापूर्ति की कमी का सामना करना पड़ सकता है। नहर बंद किये जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में खेती पर भी काफी असर पड़ने की आशंका है। इन क्षेत्रों के किसानों के लिए गंगा नहर को जीवनरेखा माना जाता है। नहर सूखी होने के कारण हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं को भी निराशा हुई।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 9:23 pm

पति को मरवाकर प्रेमी को WhatsApp में किया ब्लॉक

उत्तर प्रदेश के बागपत में एक शख्स की हत्या के मामले में उसकी पत्नी और पत्नी के प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने कथित तौर पर मिलकर हत्या की साज़िश रची थी. जांच में व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत, CCTV से बचने की कथित योजना और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की अहम भूमिका रही. हत्या के बाद पत्नी ने प्रेमी का नंबर ब्लॉक कर दिया था.

आज तक 21 Oct 2026 9:22 pm

अजमेर में धर्म कांटों और टोल प्लाजा का औचक निरीक्षण, दो धर्म कांटों पर 24 हजार रुपए जुर्माना

अजमेर। त्योहारी सीजन के बीच माप-तौल में गड़बड़ी रोकने के लिए विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ ने अजमेर जिले में धर्म कांटों और टोल प्लाजा की जांच तेज कर दी है। बुधवार को की गई औचक कार्रवाई में परबतसर के दो धर्म कांटे असत्यापित पाए गए। इनके अलावा वहां इस्तेमाल किए जा रहे एक-एक टन के […] The post अजमेर में धर्म कांटों और टोल प्लाजा का औचक निरीक्षण, दो धर्म कांटों पर 24 हजार रुपए जुर्माना appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Oct 2026 9:20 pm

सस्ते फोन नहीं मिलेंगे? तेजी से गिर रही भारत में स्मार्टफोन की बिक्री

भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट में जुलाई से सितंबर 2026 के बीच 26% की गिरावट आई है. करीब 10 साल में इस दौरान सबसे कम फोन की सप्लाई हुई. Samsung बाजार में नंबर-1 पर रहा, जबकि Vivo, OPPO और Xiaomi की शिपमेंट में भी गिरावट दर्ज की गई.

आज तक 21 Oct 2026 9:20 pm

क्रिकेट में ट‍िकटॉक की एंट्री, भारत-NZ सीरीज के 6 ओवर होंगे LIVE

भारत और न्यूजीलैंड के बीच T20 सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में क्रिकेट फैन्स को नया अनुभव मिलेगा. न्यूजीलैंड क्रिकेट और ब्रॉडकास्टर Sky ने पहले T20I से चुनिंदा मैचों के शुरुआती 6 ओवर ट‍िकटॉक पर लाइव दिखाने की तैयारी की है. जानें पूरा मामला...

आज तक 21 Oct 2026 9:19 pm

ओडिशा में Bauxite Mining विरोध पर Congress का BJP पर हमला, पेसा और वनाधिकार उल्लंघन का आरोप

कांग्रेस ने ओडिशा में खनन परियोजनाओं का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर बुधवार को भाजपा की केंद्र एवं राज्य सरकारों पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि आदिवासी समुदायों को उनके अधिकारों से वंचित करना ‘‘डबल इंजन मॉडल’’ का उदाहरण है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि 16 अक्टूबर को ओडिशा पुलिस ने चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रैंडल सेक्वेरा और दलित कार्यकर्ता लक्ष्मण नाइक को हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि दोनों कार्यकर्ता बॉक्साइट खनन परियोजनाओं के खिलाफ दलित और आदिवासी समुदायों के प्रदर्शनों का समर्थन करते रहे हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई ओडिशा में जारी ‘‘दमन’’ का हिस्सा है, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों में 43 पुलिस मामले दर्ज किए गए हैं और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा कांग्रेस और कोरापुट से कांग्रेस सांसद सप्तगिरि उलाका गिरफ्तार कार्यकर्ताओं को सहायता मुहैया करा रहे हैं। रमेश ने आरोप लगाया कि सिजीमाली, कुटरुमाली और नियामगिरि में बॉक्साइट खनन परियोजनाओं को पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996 और वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का ‘‘खुला उल्लंघन’’ करते हुए आगे बढ़ाया जा रहा है, जबकि ये इलाके संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह नियामगिरि से संबंधित उच्चतम न्यायालय के 2013 के फैसले के भी विपरीत है, जिसमें खनन गतिविधियों के लिए सहमति नहीं देने के ग्राम सभाओं के अधिकार को बरकरार रखा गया था। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि सिजीमाली में ग्राम सभा की सहमति से जुड़े दस्तावेजों में जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्यों में ऐसे कथित मामलों को ‘‘अंगूठा चोरी’’ (अंगूठे का निशान लेने में फर्जीवाड़ा) के रूप में दस्तावेजबद्ध किया है। रमेश ने एक प्रस्तावित खदान को ‘‘मोदानी परियोजना’’ करार देते हुए केंद्र और उद्योगपति गौतम अदाणी के बीच कथित निकटता की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मई 2026 में सिजीमाली परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी दी थी। रमेश के मुताबिक, पिछले महीने ओडिशा के मुख्यमंत्री ने ऐसी परियोजनाओं को ‘‘हर संभव सहयोग’’ देने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आदिवासी समुदायों को उनके अधिकारों से वंचित करने वाला डबल इंजन मॉडल इसी तरह काम करता है।’’

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 9:13 pm

धनतेरस से पहले सोना धड़ाम, एक महीने में ₹10000 गिर गए दाम; क्या अब सोना खरीदने का सही वक्त आ गया?

सोने की कीमतों में गिरावट के बावजूद त्योहारी सीजन और शादियों के चलते बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञ इसे निवेश का सही समय बता रहे हैं, वहीं युवा निवेशक डिजिटल गोल्ड और ईटीएफ को प्राथमिकता दे रहे हैं।

जागरण 21 Oct 2026 9:08 pm

शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण योग, इन 3 राशियों के लोग जल्द होंगे अमीर

शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर को है. पंचांग के अनुसार, इस बार शरद पूर्णिमा पर सर्वार्थसिद्धि योग बन रहा है. इस दिन तुला राशि में बुध और शुक्र एकसाथ रहकर लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण भी करने वाले हैं. यह दुर्लभ संयोग तीन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है.

आज तक 21 Oct 2026 9:03 pm

ठाणे में Shiv Sena UBT नेता हत्याकांड: आरोपी के फायरिंग अभ्यास का वीडियो सामने आया

शिवसेना (उबाठा) के नेता प्रदीप पूर्णेकर के बेटे ने बुधवार को कुछ वीडियो क्लिप जारी किए जिनमें कथित तौर पर मुख्य आरोपी निखिल यादव को पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे के पति राजेंद्र शिंदे की मौजूदगी में बंदूक चलाने का अभ्यास करते हुए देखा जा सकता है। पूर्णेकर की 29 सितंबर को शहर के मानपाड़ा इलाके में स्थित उनके कार्यालय के अंदर गोली मारकर और धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे राम पूर्णेकर ने वीडियो क्लिप साझा किए, जिनमें कथित तौर पर गिरफ्तार आरोपी निखिल यादव को राजेंद्र शिंदे की मौजूदगी में बंदूक के साथ देखा जा सकता है। इससे पहले, राम पूर्णेकर ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली प्रतिद्वंद्वी शिवसेना से जुड़ी मीनाक्षी शिंदे और उनके पति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था। मीनाक्षी शिंदे ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए सख्ती से खारिज कर दिया था। इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने राजेंद्र शिंदे से भी पूछताछ की है। इस बीच, राम पूर्णेकर ने ठाणे के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर अपने आवास के बाहर तत्काल पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने पत्र में कहा कि हत्या के पीछे के मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार हैं और उनके परिवार के लिए खतरा बने हुए हैं।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 9:03 pm

तुर्किये-पाकिस्तान समेत 4 देशों ने किया 'बद्र' रक्षा समझौता, भारत के लिए क्या मायने?

तुर्किये, पाकिस्तान, कतर और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग को मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी विकसित करने के लिए ‘बद्र मेमोरेंडम’ पर हस्ताक्षर किए हैं। तुर्किये के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। समझौते पर कतर की राजधानी दोहा में ...

वेब दुनिया 21 Oct 2026 9:02 pm

दिल्ली-NCR में ग्रैप 1 लागू, मेट्रो को छोड़कर पार्किंग फीस हुई दोगुनी

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के चलते ग्रैप-1 लागू कर दिया गया है. इसके तहत मेट्रो को छोड़कर अन्य सभी स्थानों पर पार्किंग फीस दोगुनी कर दी गई है. धूल पर नियंत्रण के लिए 30 नवंबर तक आउटडोर डेमोलिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. वहीं सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस वाहनों की पीसीसी की सघन जांच कर रही है ताकि प्रदूषण पर रोक लगाई जा सके.

आज तक 21 Oct 2026 9:01 pm

एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: आजादी के बाद पहली बार जालंधर में होंगे अंतरराष्ट्रीय हॉकी मुकाबले, मीत हेयर ने की स्टेडिय

पंजाब 2026 की एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा जिसमें भारत सहित छह राष्ट्र शामिल होंगे; प्रशंसकों से जालंधर औ

वन इंडिया 21 Oct 2026 9:01 pm

31 की उम्र में दूल्हा बनेगा एक्टर, घर लाएगा इंजीनियर बीवी?

तेलुगु अभिनेता तेजा सज्जा रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स तेलुगु' के होस्ट हैं और दिसंबर 2026 में शादी करने की खबरें हैं. उनकी सगाई नवंबर में हो सकती है. तेजा ने अभी तक शादी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.

आज तक 21 Oct 2026 9:00 pm

चैट में Gen Z की तरह कैसे करें बात? इन शॉर्ट फॉर्म्स का मतलब जान लें

जेन जी की ऑनलाइन दुनिया में चैटिंग का अंदाज भी अलग है. दोस्तों को मैसेज करने से लेकर इंस्टाग्राम पर रील और मीम शेयर करने तक, कई शॉर्ट फॉर्म्स का इस्तेमाल आम हो गया है. IYKYK, POV, IMO, TBH, FR, NGL और BTW जैसे शब्दों का क्या मतलब है और इन्हें बातचीत में कब यूज किया जाता है?

आज तक 21 Oct 2026 9:00 pm

आम-नींबू छोड़ें, घर में बनाकर खाएं कमल ककड़ी का चटपटा अचार

Kamal Kakdi Achar Recipe: अगर आप भी अचार खाने के शौकीन हैं लेकिन आपने अभी तक आम, नींबू या मिर्ची के अलावा और कोई अचार नहीं खाया है तो अब आप कमल ककड़ी का अचार ट्राई कीजिए. इसे घर में बहुत आसानी से बनता है और खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है.

आज तक 21 Oct 2026 9:00 pm

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजे गए शूटर्स

मुंबई में हुए फायरिंग मामले में गिरफ्तार शूटरों को कोर्ट ने 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. पुलिस अब आरोपियों से जिगाना पिस्तौल, कारतूस की आपूर्ति और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तारों के बारे में पूछताछ करेगी. आरोपियों के फोन नष्ट करने की बात भी सामने आई है.

आज तक 21 Oct 2026 9:00 pm

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी जांच की अनुमति मिल गई है। मुंबई की एस्प्लेनेड अदालत ने बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन प्रमुख आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। क्राइम ब्रांच ने अदालत से आरोपियों […] The post टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Oct 2026 9:00 pm

टाइगर श्रॉफ पर हमला: मुंबई पुलिस ने कोर्ट में बिश्नोई गैंग का नाम लिया, अनिल पंडित का भी जिक्र

राजस्थान के कोटा से ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाए गए तीनों मुख्य आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से मैजिस्ट्रेट ने तीनों को 31 अक्टूबर 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 8:58 pm

दिल्ली-NCR में हवा हुई खराब, प्रदूषण बढ़ने से ग्रैप-1 लागू

दिल्ली-एनसीआर में हवा की रफ्तार थमने से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है. 21 अक्टूबर को एक्यूआई 244 दर्ज होने के बाद पूरे क्षेत्र में ग्रैप-1 लागू कर दिया गया है. बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए निर्माण कार्यों और धूल नियंत्रण पर कई पाबंदियां लगाई गई हैं.

आज तक 21 Oct 2026 8:58 pm

चेन्नई में फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर ने की आत्महत्या, साइबर उत्पीड़न में यूट्यूबर पर केस दर्ज

चेन्नई में एक 27 वर्षीय फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर ने आत्महत्या कर ली, जिसके बाद उनके पिता ने एक यूट्यूबर के खिलाफ साइबर उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है।

जागरण 21 Oct 2026 8:57 pm

लखनऊ कारोबारी शिवा शर्मा मौत मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे गिरफ्तार, देखें

लखनऊ के चर्चित व्यापारी शिवा शर्मा मौत मामले में फरार मॉडल श्रद्धा दुबे को यूपी एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है. 11 दिनों से फरार श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है. मामले में श्रद्धा के बॉयफ्रेंड आमिर को भी हिरासत में लिया गया है, जिसने उसे भागने में मदद की थी.

आज तक 21 Oct 2026 8:56 pm

'आंतरिक सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति पुलिस', अमित शाह बोले- 2029 तक देश को होगा नशे से मुक्त

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस पर आंतरिक सुरक्षा में पुलिस जवानों की भूमिका की सराहना की, उन्हें सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति बताया।

जागरण 21 Oct 2026 8:56 pm

क्या सलमान खान थे शूटर्स का असली टारगेट? देखें विशेष

विशेष में आज बात मुंबई में टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की...जिसमें जैसे जैसे जांच आगे बढ़ती जा रही है नए किरदार सामने आ रहे हैं...इस बीच आज कोर्ट में तीन आरोपियों को पेश किया गया जहां से उन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है...अब तक मामले में 10 गिरफ्तारी हो चुकी हैं......जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं...जहां टाइगर से पहले सलमान खान को निशाना बनाने की बात सामने आ रही है. देखें...

आज तक 21 Oct 2026 8:55 pm

सूर्या से तुलना का बोझ उतार पाएंगे अय्यर? NZ दौरा बनेगा बड़ा इम्तिहान

श्रेयस अय्यर के सामने न्यूजीलैंड दौरे पर सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि उन्हें सूर्यकुमार यादव से अपनी कप्तानी की तुलना के बीच अलग पहचान भी बनानी है. भारत के पूर्व बैटिंग कोच अभिषेक नायर का मानना है कि न्यूजीलैंड में जीत अय्यर को कप्तान के तौर पर टीम के भीतर ज्यादा सम्मान दिला सकती है.

आज तक 21 Oct 2026 8:55 pm

रूस-यूक्रेन जंग पर ब्रेक? यूक्रेन वॉर पर शांति वार्ता के लिए राजी हुए पुतिन

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए त्रिपक्षीय वार्ताएं फिर से शुरू होने वाली हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ सेंट पीटर्सबर्ग में बैठक की. इसके बाद उन्होंने अमेरिका और यूक्रेन के साथ बातचीत शुरू करने की सहमति दे दी है.

आज तक 21 Oct 2026 8:52 pm

विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के रिहाई का दिया आदेश

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को बड़ी राहत मिली। विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) ने दोनों को रिहा करने का आदेश दिया। दोनों नेता करीब एक सप्ताह से तिहाड़ जेल में बंद थे। दोनों को […] The post विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ने CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका के रिहाई का दिया आदेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 21 Oct 2026 8:50 pm

अखिलेश का BJP पर हमला.. बोले, बेईमानी के बिना जीत नहीं!

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर चुनाव में बेईमानी और हेराफेरी के आरोप लगाए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम मतदाताओं को वोटर लिस्ट आसानी से नहीं मिल रही, तो बीजेपी के नेताओं और मंत्रियों तक मतदाताओं के मोबाइल नंबर और दूसरी जानकारियां कैसे पहुंच रही हैं? अखिलेश ने मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर भी तंज कसा. वहीं, SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. क्या यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बनने जा रही है? समझिए पूरा मामला.

आज तक 21 Oct 2026 8:50 pm

प्रियंका गांधी के बेटे को बड़ा झटका, प्रदर्शनी जो गए थे दिखाने, उसे ही कर दिया बाहर: थमाया अल्टीमेटम

बीकानेर हाउस प्रशासन ने रेहान वाड्रा की कई तस्वीरों को प्रदर्शनी से पहले ही हटा दिया है। नो आइडिया इज़ फाइनल (No Idea is Final) नाम की इस प्रदर्शनी का प्रीव्यू बुधवार को हुआ और यह गुरुवार से आम लोगों के लिए खुलेगी।

लाइव हिन्दुस्तान 21 Oct 2026 8:49 pm

मणिपुर हिंसा पर मल्लिकार्जुन खरगे का केंद्र पर हमला, पूछा- कहां गई शांति की पहल

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार को घेरा, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा में भाजपा की नाकामी बताई।

जागरण 21 Oct 2026 8:49 pm

सालों बाद वापसी करेगा ये स्वदेशी ब्रांड, ला रहा है धांसू सस्ता 5G फोन

Karbonn एक स्वदेशी ब्रांड है और ये जल्द ही मार्केट में वापसी करने वाला है. कंपनी ने हिंट दिया है कि इस फोन की कीमत लोगों के लिए चौंकाने वाली हो सकती है.

आज तक 21 Oct 2026 8:46 pm

'हाई कोर्ट की टिप्पणी से बेनकाब हो गई AAP और कांग्रेस', BJP ने सीजेपी को बताया B-टीम

दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणियों के बाद भाजपा ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। BJP ने CJP को AAP और कांग्रेस की 'बी-टीम' बताते हुए देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

जागरण 21 Oct 2026 8:43 pm

कोर्ट में दिया माफीनामा, पीस बॉन्ड भी भरेंगे.. इन शर्तों पर सौरव-रांका को मिली जमानत

कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 8 दिन बाद तिहाड़ जेल से रिहाई मिल गई है. जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में दिल्ली की SEM कोर्ट ने दोनों को राहत दी है. हालांकि, उनकी रिहाई के साथ कुछ शर्तें भी रखी गई हैं.

आज तक 21 Oct 2026 8:43 pm

Rajasthan के Kota में विसर्जन के दौरान नाव पलटने से 4 युवकों की मौत, 18 घंटे बाद मिले शव

राजस्थान के कोटा में स्टील पुल के निकट दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान नाव पलटने से डूबे चार लोगों के शव 18 घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद बुधवार सुबह बरामद कर लिए गए। यह हादसा मंगलवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में हुआ था, जब सात लोगों को लेकर जा रही एक नाव पलट गई थी। एक महिला समेत तीन लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे थे, जबकि चार अन्य लोग पानी के बहाव में बह गये थे। जीवित बचे लोगों में मानकंवर, दीपक और नाविक सुरेश शामिल हैं। वहीं, मृतकों की पहचान खेड़ा रसूलपुरा निवासी विकास वर्मा उर्फ सुमन (22), बगोनिया गांव के सूरज सिंह (22) तथा संजय नगर निवासी यश जोशी उर्फ येशु (19) और राहुल जोशी (18) के रूप में हुई है। यश और राहुल चचेरे भाई थे। अधिकारियों के अनुसार, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और नागरिक सुरक्षा की टीम ने संयुक्त रूप से तलाशी एवं बचाव अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत मंगलवार रात 11:30 बजे अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था और अगले दिन सुबह 5:30 बजे इसे फिर से शुरू किया गया। कोटा शहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि सबसे पहले विकास और सूरज के शव बरामद किए गए, जबकि स्थानीय गोताखोरों ने एक घंटे के भीतर अन्य दो युवकों के शव भी ढूंढ़ निकाले। एएसपी ने बताया कि चारों शव दुर्घटनास्थल से लगभग 100 से 200 मीटर की दूरी पर मिले। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए गए। शव मिलने के बाद परिजनों ने मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने हालांकि बताया कि चंबल के घाटों और नहरों के किनारे मूर्ति विसर्जन के लिए कई निर्धारित और सुरक्षित स्थान बनाए गए थे, लेकिन मंगलवार को यह हादसा उस क्षेत्र में हुआ, जहां विसर्जन पर प्रतिबंध था। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि सरकारी नियमों के अनुसार सहायता और मुआवजा प्रदान किया जायेगा।

प्रभासाक्षी 21 Oct 2026 8:43 pm