AI से डरा इंजीनियर, 10 साल का अनुभव, फिर भी नौकरी चिंता, अब खेती पर विचार
कहीं AI की वजह से लोगों की नौकरी जा रही है, तो कहीं उन्हें अच्छे मौके भी मिल रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पोस्ट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पोस्ट में उसने बताया कि उसे डर लग रहा है जिसकी वजह है एआई.
कौशांबी: डंपर के पहिये में फंसा छात्र का सिर, 50 मीटर तक घसीटा!
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार सुबह तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला. ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहे 15 वर्षीय कृष्णा की डंपर से कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई. हादसे के बाद उग्र भीड़ ने सड़क जाम की, जिसके बाद पुलिस व प्रशासन ने परिजनों को समझाकर स्थिति को संभाला.
महान मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ रुपये...कुमारस्वामी ने CM डीके शिवकुमार पर गंभीर आरोप लगाए
कर्नाटक का राजनीतिक माहौल तब गरमा गया, जब केंद्रीय मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए 600 करोड़ रुपये की कथित 'सुपारी' (कॉन्ट्रैक्ट किलिंग) देने का आरोप लगाया। इन आरोपों ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है। कुमारस्वामी ने रविवार को आरोप लगाया कि देवेगौड़ा परिवार को निशाना बनाने वाली कई साजिशों के पीछे शिवकुमार का हाथ है। उन्होंने 600 करोड़ रुपये की कथित डील को इसी तरह की एक साजिश बताया, जिससे JDS नेता और कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। कुमारस्वामी ने पत्रकारों से कहा मौजूदा मुख्यमंत्री ने ही हमारे परिवार को खत्म करने का आदेश दिया था। इस CM ने हमारे परिवार को खत्म करने के लिए कई साजिशें रची हैं। इनमें से एक 600 करोड़ रुपये की सुपारी (साजिश) डील है। इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध किसी भी जांच रिपोर्ट में इस कथित डील के होने या इसमें शिवकुमार के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें: Goa में कन्नड़ बोलने से नहीं मिलेंगे वोट, CM Pramod Sawant ने कांग्रेस नेता पर साधा निशाना आखिर यह विवाद क्या है? कुमारस्वामी के ये नए आरोप सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित 'स्टिंग ऑपरेशन' को लेकर हुए विवाद से उपजे हैं। इस मामले में स्टिंग की रिकॉर्डिंग, उनके प्रसार और उनके संभावित राजनीतिक नतीजों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। JDS नेता ने पहले भी आरोप लगाया था कि शिवकुमार ने इस कथित स्टिंग ऑपरेशन की सामग्री का इस्तेमाल कांग्रेस नेतृत्व को प्रभावित करने और कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद में बदलाव की मांग करने के लिए किया था। कुमारस्वामी का दावा है कि इस ऑपरेशन की रिकॉर्डिंग कांग्रेस आलाकमान के सामने पेश की गई थी। कथित तौर पर, इसका इस्तेमाल सिद्धारमैया पर इस्तीफा देने का दबाव बनाने के लिए किया गया, ताकि शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सके। ये दावे भी अभी तक साबित नहीं हुए हैं और केवल आरोप ही हैं। ऐसी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह पुष्टि हो सके कि इन रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल वास्तव में इसी मकसद के लिए किया गया था। यह विवाद तब और चर्चा में आ गया, जब शिवकुमार ने कथित तौर पर अपने कैबिनेट सहयोगियों को राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाकर किए जा सकने वाले 'स्टिंग ऑपरेशन' के प्रति आगाह किया। इस चेतावनी के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया कि इन कथित रिकॉर्डिंग के पीछे कौन था और इससे किसका राजनीतिक हित सधने वाला था। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Siddaramaiah के बाद अब CM DK Shivakumar का हो गया Sting Operation! साजिशों के खेल में बुरी तरह उलझी Karnataka Politics कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया कांग्रेस ने कुमारस्वामी के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि शिवकुमार ने सिद्धारमैया को कमजोर करने के लिए स्टिंग ऑपरेशन करवाया था। कांग्रेस ने इन दावों को बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। शिवकुमार ने भी इस कथित ऑपरेशन को अंजाम देने की बात से इनकार किया है। सिद्धारमैया ने इस पूरे विवाद की जांच की मांग की है। हालांकि, अभी भी कई अहम सवाल अनुत्तरित हैं—जैसे कि ये विवादित रिकॉर्डिंग कहां से आईं, इन्हें कैसे फैलाया गया, और क्या कांग्रेस की आंतरिक चर्चाओं में इनकी कोई भूमिका थी?
चक्रवात अर्नब के कारण 28 अक्टूबर से बिहार में बारिश संभावना, ऑरेंज अलर्ट जारी
चक्रवात अर्नब: चक्रवात अर्नब, मौसम ब्रेकिंग (पटना): बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
तूफानी मौसम से पहले एन न्होन पावर कंपनी ने की बिजली लाइन व्यवस्थित
तूफानी मौसम: 2026 के बरसात और तूफानी मौसम के दौरान विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आन न्होन पावर कंपनी जागरूकता बढ़ाने, निरीक्षण करने और मीटर के बाद वायरिंग सिस्टम में असुरक्षित स्थानों को दूर करने में ग्राहकों की सहायता कर रही है।
पहले इंग्लैंड ने मनाया जीत का जश्न, फिर PAK ने पलटी बाजी, VIDEO
पाकिस्तान ने इंग्लैंड को रोमांचक वनडे मुकाबले में 1 विकेट से हराया. शादाब खान के नाबाद 113* रन, DRS विवाद और हारिस रऊफ के साथ रिकॉर्ड साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया. जानिए क्या है पूरा मामला.
तमिलनाडु भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से नीलगिरि के गांव का संपर्क टूटा
तमिलनाडु भारी बारिश: तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में थेनगुमाराहाडा गांव के निवासी सोमवार को उस समय फंस गए, जब भारी बारिश के कारण मोयार नदी में बाढ़ आ गई। इससे बाहरी दुनिया से उनका संपर्क टूट गया और भोजन तथा दवाओं जैसी जरूरी चीजों की आवाजाही भी बाधित हो गई। सत्यमंगलम और मुदुमलाई टाइगर रिजर्व के पास, कोटागिरी तालुक के.
बची हुई रोटी में आलू भरकर बनाएं क्रिस्पी पकौड़े, रेसिपी है आसान
Roti Pakoda Recipe: रात की बची रोटियों को फेंकने या दोबारा सादा खाने के बजाय उनसे कुछ नया और टेस्टी बना सकते हैं. आलू की मसालेदार स्टफिंग और बेसन के घोल से तैयार ये क्रिस्पी पकौड़े शाम की चाय के साथ खाने में लाजवाब लगते हैं.
हूतियों ने रियाद एयरपोर्ट और ठिकानों पर दागीं मिसाइलें!
यमन के हूती विद्रोहियों ने 25 अक्टूबर को सऊदी अरब में तीन सैन्य अभियान चलाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाया गया।
हूतियों के खौफ से कांप उठा सऊदी अरब? सिंगापुर में बनाएगा तेल का भंडार
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की भू-राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देशों में शुमार सऊदी अरब अब अपनी तेल सुरक्षा को लेकर गहरे संकट और दहशत में नजर आ रहा है। लाल सागर और यमन के समुद्री इलाकों में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लगातार किए जा रहे ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमलों से घबराकर सऊदी अरब ने अपनी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी 'अरामको' अब अपनी मुख्य भूमि से दूर दक्षिण-पूर्व एशिया के देश सिंगापुर में अपने कच्चे तेल का विशाल भंडार तैयार करने जा रही है। दुनिया भर के ऊर्जा बाजार में इस कदम को सऊदी अरब द्वारा अपने मुख्य तेल ठिकानों और समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरों से बचाव के रूप में देखा जा रहा है। इस सनसनीखेज फैसले के बाद से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों की रणनीतिक गणनाओं पर भी सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूती विद्रोहियों का बढ़ता खौफसऊदी अरब के लिए लाल सागर और उससे जुड़े समुद्री रास्ते उसकी अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी जीवन रेखा रहे हैं। दुनिया भर में तेल की सप्लाई करने वाले टैंकर इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में यमन के हूती विद्रोहियों ने जिस तरह से इस जलमार्ग को अपने हमलों का निशाना बनाया है, उसने खाड़ी देशों की नींद उड़ा दी है। हूतियों के पास मौजूद आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन जहाजों के लिए काल बनते जा रहे हैं। सऊदी अरब की अरामको जैसी दिग्गज कंपनियों के तेल प्रतिष्ठानों और रिफाइनरियों पर पहले भी कई बार ड्रोन हमले हो चुके हैं, जिससे उसकी उत्पादन क्षमता पर गंभीर संकट मंडराया है। अपनी घरेलू धरती पर इन हमलों की असुरक्षा और लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए ही सऊदी नेतृत्व ने अब देश के बाहर सुरक्षित ठिकानों पर अपने तेल के भंडार स्थापित करने का यह अभूतपूर्व और मजबूरन फैसला लिया है, ताकि किसी भी युद्ध या आपात स्थिति में उसकी तेल आपूर्ति पूरी तरह ठप न हो सके।सिंगापुर को वैकल्पिक रणनीतिक हब के रूप में चुनने के पीछे का बड़ा गणितसऊदी अरब द्वारा अपने तेल के विशाल भंडार के भंडारण के लिए सिंगापुर को चुने जाने के पीछे बहुत ही गहरा और सोची-समझा आर्थिक व सामरिक गणित काम कर रहा है। सिंगापुर एशिया का एक ऐसा प्रमुख वित्तीय और व्यापारिक केंद्र है जो सुदूर पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशियाई बाजारों के बिल्कुल केंद्र में स्थित है। इसके अलावा सिंगापुर की राजनीतिक स्थिरता, उन्नत समुद्री बुनियादी ढांचा और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था निवेशकों और ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के लिए सबसे सुरक्षित मानी जाती है। सऊदी अरामको इसके जरिए एशियाई देशों विशेषकर चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे विशाल बाजारों को बिना किसी बाधा के लगातार और तुरंत तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहती है। यदि मध्य पूर्व में हूतियों या ईरान के साथ किसी बड़े क्षेत्रीय युद्ध के कारण मुख्य समुद्री मार्ग बाधित होते हैं, तो सिंगापुर में पहले से जमा तेल का यह भंडार सऊदी अरब को अरबों डॉलर का नुकसान होने से बचा सकता है और उसकी बाजार में साख बनाए रख सकता है।भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल आयात पर इस रणनीतिक बदलाव का क्या असर होगाचूंकि भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और मुख्य रूप से सऊदी अरब से आयात करता है, इसलिए खाड़ी देशों की इस भू-राजनीतिक हलचल का सीधा असर नई दिल्ली पर भी पड़ना तय है। जब तेल उत्पादक देश अपनी ही सुरक्षा को लेकर इतने आशंकित हो जाते हैं और दूर-दराज के देशों में रिजर्व स्टॉक रखने लगते हैं, तो इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में लॉजिस्टिक्स लागत और शिपिंग खर्च में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। हूती हमलों के कारण पहले ही जहाजों को केप ऑफ गुड होप का लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है जिससे समय और पैसा दोनों अधिक लग रहे हैं। हालांकि, सिंगापुर में सऊदी तेल का भंडार उपलब्ध होने से एशियाई खरीदारों को कई बार फौरन शिपमेंट मिलने में आसानी भी हो सकती है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से मध्य पूर्व का यह अस्थिर माहौल भारत के लिए ऊर्जा मुद्रास्फीति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का बड़ा जोखिम पैदा कर रहा है, जिस पर भारतीय नीति निर्माता पैनी नजर बनाए हुए हैं।मध्य पूर्व के बदलते समीकरण और वैश्विक ऊर्जा बाजार का अनिश्चित भविष्यसऊदी अरब द्वारा सिंगापुर में तेल का भंडार बनाने की यह पहल इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि आधुनिक युग में पारंपरिक युद्ध के तरीके बदल चुके हैं और अब गैर-राज्यीय ताकतें जैसे कि हूती विद्रोही भी वैश्विक महाशक्तियों और तेल दिग्गजों को अपनी चाल बदलने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ईरान और उसके छद्म युद्ध समूहों की वजह से पश्चिम एशिया का पूरा सुरक्षा ढांचा चरमरा गया है। सऊदी अरब जैसे देश जो कभी अपनी सैन्य और आर्थिक ताकत के बल पर अजेय माने जाते थे, आज वे अपनी ऊर्जा संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सीमाओं से बाहर शरण ढूंढ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या यह रणनीति सऊदी अरब को हूतियों के आतंक से बचा पाती है या फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक नए और खतरनाक आर्थिक संघर्ष की शुरुआत होती है। एक बात पूरी तरह साफ है कि दुनिया की ऊर्जा धुरी अब धीरे-धीरे भौगोलिक सुरक्षा और वैकल्पिक मार्गों की तलाश में नए समीकरणों की ओर तेजी से बढ़ रही है।
मेरे प्रिय मित्र', पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति को दी जीत बधाई
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पटल पर इन दिनों ब्राजील की राजनीति और वैश्विक नेताओं के बीच के समीकरण चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बने हुए हैं। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का लोहा मनवाते हुए बड़ी जीत हासिल की है, जिसके बाद दुनिया भर के दिग्गज नेता उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। इसी कड़ी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने खास अंदाज में ब्राजील के राष्ट्रपति को बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया और कूटनीतिक संदेशों के जरिए लूला डा सिल्वा को अपना 'प्रिय मित्र' बताते हुए भारत और ब्राजील के बीच अटूट दोस्ती को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब कुछ समय पहले ही ब्राजील के राष्ट्रपति की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कूटनीतिक और वैचारिक मोर्चे पर एक तीखी भिड़ंत देखने को मिली थी, जिसने वैश्विक राजनीति का पारा चढ़ा दिया था।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की मजबूत व्यक्तिगत और कूटनीतिक बॉन्डिंगभारत और ब्राजील के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा के बीच आपसी तालमेल और व्यक्तिगत सौहार्द जगजाहिर है। जब भी दोनों नेता वैश्विक मंचों जैसे कि जी-20, ब्रिक्स या संयुक्त राष्ट्र की बैठकों में मिलते हैं, तो ग्लोबल साउथ (Global South) के मुद्दों पर उनकी आवाज हमेशा बुलंद होती नजर आती है। पीएम मोदी द्वारा लूला डा सिल्वा को 'मेरे प्रिय मित्र' कहकर संबोधित करना इस बात का प्रतीक है कि भारत लैटिन अमेरिका के इस सबसे बड़े देश के साथ अपने रिश्तों को कितनी प्राथमिकता देता है। प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि दोनों देश आपसी सहयोग, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी विकास के नए आयामों को छूने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे, जिससे दोनों देशों की जनता को सीधा लाभ मिल सके।ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई थी सीधी भिड़ंतइस जीत और बधाई संदेश के पीछे एक बेहद दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि भी जुड़ी हुई है। कुछ ही समय पहले ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अंतरराष्ट्रीय मंचों और नीतियों को लेकर एक तीखी और खुली भिड़ंत देखने को मिली थी। ट्रंप प्रशासन की संरक्षणवादी आर्थिक नीतियों, पर्यावरण संबंधी समझौतों से पीछे हटने और लाट्रिन अमेरिकी देशों पर दबाव बनाने वाले रवैये के खिलाफ लूला डा सिल्वा ने हमेशा मुखर होकर विरोध दर्ज कराया है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया था कि उनका देश किसी भी महाशक्ति के दबाव में झुकने वाला नहीं है और वह अपनी संप्रभुता तथा स्वतंत्र आर्थिक नीतियों के तहत ही फैसले लेगा। ट्रंप के साथ हुई इस वैचारिक और राजनीतिक तनातनी के बाद लूला की यह जीत उनके घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कद को और अधिक मजबूत करती है।ग्लोबल साउथ की आवाज और ब्रिक्स देशों में बढ़ती ब्राजील की प्रासंगिकतावर्तमान समय में जब दुनिया दो ध्रुवीय या बहु-ध्रुवीय संघर्षों के दौर से गुजर रही है, तब ब्राजील और भारत जैसे विकासशील देशों की भूमिका वैश्विक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। लूला डा सिल्वा के नेतृत्व में ब्राजील ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, पश्चिमी देशों के एकाधिकार और जलवायु न्याय के मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी है। भारत भी वैश्विक दक्षिण के देशों का नेतृत्व करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा सुधारों और निष्पक्ष व्यापारिक नियमों की वकालत करता रहा है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला की यह दोस्ती इस बात का संकेत देती है कि ग्लोबल साउथ के ये दो प्रमुख देश मिलकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित कर रहे हैं। पश्चिमी दबावों और महाशक्तियों की खींचतान के बीच दोनों नेताओं का यह आपसी सहयोग विकासशील देशों के अधिकारों की रक्षा करने में मील का पत्थर साबित हो रहा है।भारत-ब्राजील भविष्य के कूटनीतिक संबंध और वैश्विक स्थिरता का नया संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजी गई यह आत्मीय बधाई केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में भारत और ब्राजील की रणनीतिक साझेदारी के और अधिक प्रगाढ़ होने का स्पष्ट संदेश है। कृषि, रक्षा विनिर्माण, जैव-ईंधन, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देश पहले से ही एक-दूसरे के पूरक बने हुए हैं। अमेरिकी नेतृत्व के साथ तल्खियों के बीच ब्राजील के राष्ट्रपति की यह राजनीतिक जीत यह साबित करती है कि जनता के बीच उनकी पकड़ अभी भी बेहद मजबूत है। भारत और ब्राजील की यह दोस्ती आने वाले दिनों में वैश्विक कूटनीति की हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, और दोनों देश मिलकर दुनिया को यह बता रहे हैं कि आपसी सम्मान और संप्रभुता के आधार पर ही एक स्थाई और शांतिपूर्ण वैश्विक व्यवस्था का निर्माण किया जा सकता है।
कुरुक्षेत्र अनाज मंडी में तेज बारिश और तूफान से खुले में रखा धान भीगा
कुरुक्षेत्र अनाज मंडी: हरियाणा में अचानक बदले मौसम और तेज बारिश के कारण कुरुक्षेत्र की अनाज मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है और करीब ढाई लाख क्विंटल धान उठान के इंतजार में है।
अमित शाह पर विवादित टिप्पणी, कोर्ट ने राहुल गांधी पर दिया बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एक विशेष MP/MLA अदालत ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2018 के आपराधिक मानहानि मामले से बरी कर दिया। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़ा था, और अदालत ने सबूतों की कमी का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया। फैसला सुनाए जाने के दौरान राहुल गांधी अदालत में मौजूद थे। उनके समर्थकों ने इस फैसले का स्वागत किया और खुशी व आभार व्यक्त किया। यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा ने दर्ज कराया है, जो सुल्तानपुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत हनुमानगंज के निवासी हैं और सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को यह शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायत 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले बेंगलुरु में एक चुनावी रैली के दौरान गांधी द्वारा शाह के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर थी। कांग्रेस ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा सत्य की ही जीत होती है। इसे भी पढ़ें: Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तुरंत बिना शर्त माफी मांगें, BJP ने PM Modi के अपमान पर घेरा दोनों पक्षों ने क्या दलीलें दीं? अंतिम सुनवाई के दौरान, गांधी के वकील ने माना कि कांग्रेस नेता ने ये टिप्पणियां की थीं, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि ये टिप्पणियां नेक नीयत से की गई थीं और इनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि इन टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर और संदर्भ से हटकर पेश किया गया था। वहीं, शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत से गांधी को दोषी ठहराने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि गांधी का यह स्वीकार कर लेना कि उन्होंने ये टिप्पणियां की थीं, उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त आधार है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सोमवार को विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने गांधी को बरी कर दिया, जिससे लंबे समय से चल रहे इस मामले में कांग्रेस नेता को राहत मिली। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Convoy में टक्कर पर एक्शन, Purvanchal Expressway हादसे की जांच करेगी SIT 8 साल तक चला मामला यह मामला कई सालों तक अलग-अलग चरणों से होकर गुजरा। फरवरी 2024 में गांधी ने अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया और उन्हें जमानत मिल गई। जुलाई 2024 में उनका बयान दर्ज किया गया, जबकि इस दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों से भी पूछताछ की। इस मामले में बहस 6 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई और 12 अक्टूबर को पूरी हुई। अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 26 अक्टूबर की तारीख तय की थी। अतिरिक्त सिविल जज शुभम वर्मा ने पहले फैसला सुनाने के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की थी, जिसे बाद में बदलकर 26 अक्टूबर कर दिया गया। यह मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी द्वारा तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बारे में की गई टिप्पणियों से जुड़ा है। सुल्तानपुर जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को गांधी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत के सामने आत्मसमर्पण किया और उन्हें जमानत मिल गई। 26 जुलाई 2024 को उनका बयान दर्ज किया गया, जिसके बाद शिकायतकर्ता और अन्य गवाहों से पूछताछ की गई। मार्च 2026 में गांधी के वॉयस सैंपल (आवाज के नमूने) का मिलान करने के लिए एक आवेदन दायर किया गया था। ट्रायल कोर्ट ने मई में इसे खारिज कर दिया, और बाद में जिला अदालत ने जुलाई में तथा इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सितंबर में इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।
कौन हैं ये हनुमान अंश फेम सिंगर? जिसके भजन पर झूमे विराट-अनुष्का
Who is Krishna Das: विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का भक्ति में झूमते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. जानिए कृष्ण दास कौन हैं, जिनका भजन सुन वो झूमते दिखे. कैसे वह अमेरिकी रॉक म्यूजिक से भक्ति संगीत तक पहुंचे और नीम करोली बाबा से उनका क्या रिश्ता है.
हरिद्वार में लोटा लेकर पानी ढूंढ रहे लोग, कार्तिक पूर्णिमा स्नान कैसे होगा?
कार्तिक पूर्णिमा का स्नान हिंदू धर्म में बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन गंगा में आस्था की डुबकी लगाने दूर-दूर से लोग घाटों पर पहुंचते हैं. चूंकि अब हर की पौड़ी में पानी नहीं है. इसलिए लोग असमंजस में हैं कि कार्तिक पूर्णिमा पर वह स्नान कैसे करेंगे.
CJI सूर्यकांत ने 97 वर्षीय पूर्व CJI वेंकटचलैया को दी बधाई
भारतीय न्यायपालिका के स्वर्णिम इतिहास और उसकी समृद्ध परंपराओं में एक और भावुक तथा सम्मानजनक अध्याय जुड़ गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी व्यस्त दिनचर्या और संवैधानिक दायित्वों से समय निकालकर देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया के 97वें जन्मदिन के शुभ अवसर पर उनके निजी आवास पर पहुंचकर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। न्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर आसीन CJI द्वारा अपने वरिष्ठ पूर्ववर्ती न्यायविद के प्रति व्यक्त किए गए इस अभूतपूर्व आदर, श्रद्धा और शिष्टाचार की देश भर के कानूनी गलियारों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। इस आत्मीय मुलाकात ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय न्यायिक प्रणाली में वरिष्ठता, मूल्यों और नैतिक विरासत का स्थान आज भी सर्वोपरि है।वरिष्ठता और न्यायिक मूल्यों का सम्मान: सर्वोच्च न्यायालय की गौरवशाली परंपरा की मिसालभारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का यह कदम केवल एक औपचारिक मुलाकात भर नहीं है, बल्कि यह देश की सर्वोच्च अदालत की उस महान संस्कृति का प्रतीक है जहाँ ज्ञान और अनुभव को शीर्ष सम्मान दिया जाता है। जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया भारतीय न्यायपालिका के उन गिने-चुने दिग्गजों में से एक हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक निर्णयों और नैतिक सिद्धांतों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। CJI सूर्यकांत ने उनके घर जाकर न केवल एक वरिष्ठ नागरिक का आदर किया, बल्कि न्यायपालिका की भावी पीढ़ियों के सामने यह संदेश भी दिया कि हमारी संस्थाएं अपने पुरोधाओं के योगदान को कभी नहीं भूलती हैं। इस मुलाकात के दौरान दोनों दिग्गजों के बीच कानून, संस्थागत गरिमा और न्यायिक सुधारों से जुड़े कई अनुभव साझा किए गए।जस्टिस एम. एन. वेंकटचलैया: भारतीय न्यायपालिका के स्तंभ और एक महान संविधानविद की यात्राजस्टिस एमएन वेंकटचलैया का नाम भारतीय कानून व्यवस्था के इतिहास में बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता है। 1990 के दशक में देश के 25वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने न्यायिक जवाबदेही, मानवाधिकारों की रक्षा और जनहित याचिकाओं के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष रहे और संविधान के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित राष्ट्रीय आयोग की अगुवाई भी की। 97 वर्ष की आयु में भी उनका ओजस्वी व्यक्तित्व और कानून के प्रति समर्पण देश भर के वकीलों, जजों और कानून के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। CJI सूर्यकांत का उनसे आशीर्वाद लेना इस महान न्यायिक यात्रा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम बना।कानूनी गलियारों और सोशल मीडिया पर CJI सूर्यकांत के इस सहृदय कदम की चौतरफा सराहनाजैसे ही मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा पूर्व CJI वेंकटचलैया के घर जाकर शुभकामनाएं देने की तस्वीरें और जानकारी सार्वजनिक हुई, देश के लीगल कम्युनिटी में खुशी की लहर दौड़ गई। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं, उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों और कानूनी विश्लेषकों ने CJI के इस मानवीय और विनम्र व्यवहार की प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि आज के तेजी से बदलते दौर में जहाँ औपचारिकताएं हावी होती जा रही हैं, वहीं देश के मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्वयं चलकर एक बुजुर्ग पूर्व न्यायाधीश के द्वार पर जाना संस्थागत एकजुटता और आपसी सम्मान का एक बड़ा उदाहरण पेश करता है। यह मुलाकात यह दर्शाती है कि भारतीय न्यायपालिका का शीर्ष नेतृत्व अपने बुजुर्गों के मार्गदर्शन और उनके पदचिन्हों पर चलने के लिए सदैव तत्पर है।न्यायपालिका की नई दिशा: कनिष्ठों और वरिष्ठों के बीच संवाद की परंपरा होगी और मजबूतCJI सूर्यकांत द्वारा स्थापित यह नई मिसाल आने वाले समय में न्यायपालिका की कार्यसंस्कृति को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगी। देश में न्याय प्रणाली को त्वरित, पारदर्शी और सुलभ बनाने के प्रयासों के बीच पूर्व न्यायाधीशों के अनुभवों का लाभ उठाना संस्था को मजबूती प्रदान करता है। इस तरह के व्यक्तिगत और पेशेवर संवाद से न केवल न्यायिक संस्थाओं का मनोबल बढ़ता है, बल्कि आम नागरिकों के मन में भी न्यायपालिका के प्रति विश्वास और अधिक सुदृढ़ होता है। 97 वर्षीय जस्टिस वेंकटचलैया को दी गई यह जन्मदिन की बधाई वास्तव में भारतीय न्यायपालिका की उसी अविच्छिन्न परंपरा का उत्सव है, जो सत्य, निष्ठा और परस्पर आदर की मजबूत नींव पर टिकी हुई है।
Rahul Gandhi के Convoy में टक्कर पर एक्शन, Purvanchal Expressway हादसे की जांच करेगी SIT
उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम सुल्तानपुर दौरे के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की दुर्घटना की जांच करेगी। जांच में उन परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा जिनकी वजह से यह टक्कर हुई। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि क्या सुरक्षा इंतजामों, एस्कॉर्ट प्रबंधन या ट्रैफिक समन्वय में कोई लापरवाही या चूक हुई थी। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के काफिले में वाहनों की टक्कर मामले में UP Police ने SIT गठित की उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर SIT का गठन किया गया है। एक बयान के अनुसार, इस टीम को घटना के सभी पहलुओं की व्यापक जांच करने और जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का काम सौंपा गया है। यह टीम भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के उपाय भी सुझाएगी। लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक किरण एस, SIT की प्रमुख होंगी। सुल्तानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और सुल्तानपुर के पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) राम कृष्ण चतुर्वेदी, जांच टीम के अन्य सदस्य हैं। जांच में सुरक्षा व्यवस्था में संभावित कमियों, काफिले के साथ चल रहे वाहनों के प्रबंधन और काफिले की आवाजाही के दौरान ट्रैफिक समन्वय की भी पड़ताल की जाएगी। टीम को निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द अपनी जांच के नतीजे पुलिस मुख्यालय को सौंपे। उनकी सिफारिशों में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी ध्यान दिया जाएगा। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 10.15 बजे हुआ, जब राहुल गांधी अपने खिलाफ चल रहे मानहानि के एक मामले की अदालती सुनवाई के लिए सुल्तानपुर जा रहे थे। इसे भी पढ़ें: Sultanpur कोर्ट जा रहे Rahul Gandhi के काफिले का एक्सीडेंट, Congress नेता पूरी तरह सुरक्षित एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, काफिले के सबसे आगे चल रही एक निजी गाड़ी - जो स्थानीय कांग्रेस नेताओं की थी - में किसी अज्ञात कारण से अचानक ब्रेक लगा दिए गए। इसके चलते, उसके पीछे चल रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं। पुलिस ने बताया कि इस सिलसिलेवार टक्कर में शामिल गाड़ियाँ रास्ते में ही काफिले से जुड़ गई थीं। इन गाड़ियों में यात्री सवार थे, जिनमें पड़ोसी अमेठी जिले के कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल थे।
28 सीटों के परिणाम देखने के तरीके और लाइव अपडेट्स, जानें क्या है पूरा हाल
देश के चार प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की कुल 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए हुए चुनावों के बाद अब सभी की निगाहें परिणामों पर टिकी हुई हैं। इन सभी सीटों पर स्नातक (ग्रेजुएट) और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुका है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो चुका है, जिसे लेकर समर्थकों में भारी उत्साह और उत्सुकता का माहौल है। चूंकि यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं, इसलिए हर कोई यह जानना चाहता है कि इन 28 सीटों पर जीत का ताज किसके सिर पर सजेगा और वोटों की गिनती कब व कहाँ लाइव देखी जा सकेगी।चार राज्यों की 28 एमएलसी सीटों पर मतदान और चुनावी समीकरण का पूरा गणितउत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की कुल 28 स्नातक और शिक्षक सीटों पर मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अकेले उत्तर प्रदेश में 11 सीटें (5 स्नातक और 6 शिक्षक) दांव पर हैं, जहाँ सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। इसके अलावा बिहार में 8, महाराष्ट्र में 5 और कर्नाटक में 4 सीटों पर मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। इन चुनावों में मुख्य मुकाबला विभिन्न दलों के साथ-साथ कई निर्दलीय और स्थानीय दिग्गजों के बीच भी है। मतदान के दौरान कुछ जगहों पर छिटपुट नोकझोंक को छोड़ दिया जाए तो कुल मिलाकर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और भारी संख्या में पढ़े-लिखे मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कब और कहाँ देख सकेंगे MLC Election 2026 के लाइव नतीजे और अपडेट्समतदाताओं और उम्मीदवारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे इन 28 सीटों के सटीक और तेज परिणाम कहाँ देख सकते हैं। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, वोटों की गिनती निर्धारित तिथि पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की जाएगी। यदि आप घर बैठे इन चुनावों के पल-पल के अपडेट्स और लाइव रिजल्ट देखना चाहते हैं, तो आप संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की आधिकारिक वेबसाइटों पर विजिट कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश के लिए 'CEO Uttar Pradesh' और बिहार के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल के माध्यम से जिलावार और निर्वाचन क्षेत्रवार विजेता उम्मीदवारों की सूची आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल पोर्टल्स पर भी मतगणना के रुझान और लाइव कवरेज लगातार दिखाई जाती है।वोटों की गिनती और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के साथ प्रशासनिक तैयारियांमतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्ट्रॉन्ग रूम में मतपेटियों को पूरी सुरक्षा के साथ सील करके रखा गया है, जहाँ त्रि-स्तरीय सुरक्षा पहरा बैठाया गया है। मतगणना के दिन सुबह से ही प्रेक्षकों और अधिकारियों की मौजूदगी में वोटों की छंटनी और गिनती का काम शुरू होगा। चूंकि एमएलसी चुनाव में प्राथमिकता के आधार पर वोटिंग (प्रिफरेंशियल वोटिंग) होती है, इसलिए परिणाम आने में थोड़ा वक्त लग सकता है। प्रशासनिक अमले ने स्पष्ट किया है कि पूरी पारदर्शिता के साथ काउंटिंग प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा और हर राउंड के बाद आधिकारिक आंकड़े मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर साझा किए जाएंगे।राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा और भविष्य की सियासी दिशा पर असरइन 28 विधान परिषद सीटों के नतीजे केवल कुछ चेहरों की जीत-हार तय नहीं करेंगे, बल्कि यह आने वाले समय की राजनीतिक दिशा तय करने में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में इन चुनावों को विधानसभा चुनावों या बड़े राजनीतिक बदलावों से पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हमेशा से बुद्धिजीवियों का गढ़ माने जाते हैं, इसलिए यहाँ जीत दर्ज करने वाले दल को वैचारिक रूप से भी बढ़त मिलती हुई महसूस होती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है और बाजी किसके हाथ लगती है, जिसके लिए बस कुछ ही घंटों का इंतजार और बाकी है।
हादसा या चूक? राहुल गांधी के काफिले की गाड़ियों की टक्कर की जांच करेगी SIT
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले की पीछे चल रही गाड़ियों की टक्कर हुई. पुलिस महानिदेशक ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया है जो दुर्घटना के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी लापरवाही की जांच करेगी.
अरुणाचल पर जमीन हड़पने की नापाक साजिश और ग्लोबल टाइम्स का झूठा प्रोपेगैंडा
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर तनाव के बीच ड्रैगन का एक बेहद शातिर और दोहरा चरित्र एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है। एक तरफ जहां चीनी पीपुल्स लिबरनेशन आर्मी यानी पीएलए अरुणाचल प्रदेश से सटी भारतीय सीमा के पास चुपचाप अवैध बस्तियां बसाने, फॉरवर्ड मिलिट्री बेस तैयार करने और सामरिक बुनियादी ढांचे का जाल बिछाकर जमीन हड़पने के नापाक खेल में जुटी है, वहीं दूसरी ओर चीन का सरकारी और प्रोपेगैंडा अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' दुनिया के सामने शांति का मसीहा बनने का ढोंग रच रहा है। चीनी मीडिया के इन पाखंडी लेखों और संपादकीय का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों में धूल झोंकना और अपनी विस्तारवादी आक्रामकता पर पर्दा डालना है। लेकिन भारतीय रक्षा मंत्रालय, सुरक्षा एजेंसियों और कूटनीतिक विशेषज्ञों के लिए चीन की यह चाल अब कोई नई बात नहीं है, क्योंकि वे ड्रैगन की कथनी और करनी के इस बड़े अंतर को भली-भांति समझते हैं और हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।अरुणाचल सीमा पर चीन की 'सलामी स्लाइसिंग' नीति और गांवों को बसाने का खौफनाक खेलचीन की हमेशा से यह फितरत रही है कि वह बिना कोई बड़ा युद्ध लड़े धीरे-धीरे पड़ोसी देशों की जमीन पर अतिक्रमण करता है, जिसे कूटनीति की भाषा में 'सलामी स्लाइसिंग' कहा जाता है। अरुणाचल प्रदेश के सीमाई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान चीन ने जिस बड़े पैमाने पर तिब्बत की तरफ से 628 सामरिक गांवों का निर्माण किया है और उनमें नागरिकों को लाकर बसाया है, वह सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है। इन तथाकथित 'वेल-ऑफ विलेजेस' का इस्तेमाल भविष्य में फॉरवर्ड मिलिट्री शेल्टर और रसद डिपो के रूप में किए जाने की पूरी आशंका है। एक तरफ चीन सरहद के बिल्कुल मुहाने पर अपनी जनसांख्यिकी और भौगोलिक स्थिति को बदलने के लिए इस प्रकार के अवैध निर्माण कर रहा है, और दूसरी तरफ उसके सरकारी अखबारों में यह राग अलापा जा रहा है कि बीजिंग पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आर्थिक सहयोग चाहता है। ड्रैगन का यह पाखंड उसकी दोहरी मानसिकता का सबसे बड़ा प्रमाण है।ग्लोबल टाइम्स के जरिए वैश्विक बिरादरी को गुमराह करने का मनोवैज्ञानिक प्रोपेगैंडाचीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुख्य पत्र ग्लोबल टाइम्स का यह नया ढोंग वास्तव में एक सोची-समझी मनोवैज्ञानिक युद्ध नीति का हिस्सा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की आक्रामक नीतियों, ताइवान के मुद्दे या भारत के साथ सीमा विवाद पर चौतरफा थू-थू होती है, तब चीनी प्रोपेगैंडा मशीनरी सक्रिय हो जाती है। अखबारों में ऐसे आलेख छापे जाते हैं जिनमें यह साबित करने की कोशिश की जाती है कि चीन क्षेत्रीय स्थिरता का सबसे बड़ा समर्थक है और एशिया में शांति बनाए रखना चाहता है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। एलएसी के करीब राडार स्टेशन, उन्नत संचार नेटवर्क, सैनिक ठिकाने और पक्की सड़कें बनाने वाला देश अचानक शांतिदूत होने का नाटक करे, तो दुनिया का कोई भी समझदार देश इस पर भरोसा नहीं कर सकता। भारत ने हमेशा दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पर पूरी तरह से शांति और यथास्थिति बहाल नहीं होती, तब तक इस तरह के झूठे मीडिया स्टंट और प्रोपेगैंडा का कोई मतलब नहीं है।भारत की अटूट सामरिक तैयारी और पूर्वोत्तर सीमा पर अभेद्य सुरक्षा का चक्रव्यूहआज का आधुनिक और सशक्त भारत चीन के इस मनोवैज्ञानिक और मीडिया छलावे में आने वाला नहीं है। नई दिल्ली ने अरुणाचल प्रदेश और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमताओं, बुनियादी ढांचे और रणनीतिक तैयारियों को इतना मजबूत कर लिया है कि किसी भी चीनी दुस्साहस का तुरंत और मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके। बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन यानी बीआरओ ने दुर्गम पहाड़ियों, घाटियों और अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में ऑल-वेदर रोड्स, सामरिक पुलों और सुरंगों का जाल बिछा दिया है। अब भारतीय सेना के जवान और टैंक किसी भी आपात स्थिति में बहुत कम समय में फॉरवर्ड लोकेशंस पर पहुंच सकते हैं। भारत की इस आक्रामक और सतर्क रक्षा नीति ने चीन के उन तमाम सपनों पर पानी फेर दिया है जिनके सहारे वह प्रोपेगैंडा के बल पर भारतीय जमीन पर दबाव बनाने की फिराक में रहता है। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि देश की एक इंच जमीन पर भी किसी बाहरी ताक़त को कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की कूटनीतिक चुनौतियों का कड़ा यथार्थअरुणाचल सीमा पर चीन का यह दोहरा खेल आने वाले समय में दक्षिण एशिया की भू-राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर दुनियाभर के विश्लेषकों की पैनी नजर बनी हुई है। एक तरफ चीनी अधिकारी और मीडिया शांति की झूठी कसमें खाते हैं, और दूसरी तरफ उनके सैन्य कमांडर सीमा पर नए मोर्चे खोलने की साजिश रचते हैं। भारत ने अपनी स्वतंत्र और मजबूत विदेश नीति के दम पर यह साबित कर दिया है कि वह कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर ड्रैगन को हर कदम पर कड़ी टक्कर देने में पूरी तरह सक्षम है। ग्लोबल टाइम्स के इस बड़े दिल दिखाने के ढोंग को भारत के जागरूक नागरिकों और नीति निर्माताओं ने सिरे से खारिज कर दिया है। यह स्पष्ट हो चुका है कि जब तक चीन अपनी विस्तारवादी मानसिकता और जमीन हड़पने की पुरानी आदतों को नहीं छोड़ता, तब तक उसके किसी भी प्रोपेगैंडा नाटक पर कोई विश्वास नहीं करेगा और भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता से अडिग रहेगा।
सिद्धार्थनगर में 28 अक्टूबर से बदलेगा मौसम, 30 को तेज बारिश की संभावना
सिद्धार्थनगर मौसम: बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान का असर सिद्धार्थनगर में भी साफ तौर पर दिखाई दे सकता है। आगामी 28 अक्टूबर से मौसम में बदलाव होने और बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। सिद्धार्थनगर मौसम: क्षेत्र में आगामी 30 अक्टूबर को तेज बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस बदलाव से तापमान में.
अक्टूबर के अंत में वर्षा ऋतु समाप्त होते ही जिया लाई में खिले जंगली सूरजमुखी
जंगली सूरजमुखी: जंगली सूरजमुखी, मौसम ब्रेकिंग (जिया लाई): मध्य उच्चभूमि में वर्षा ऋतु के अंत और शुष्क ऋतु की शुरुआत के साथ ही जिया लाई में जंगली सूरजमुखी बहुतायत से खिलने लगे हैं, जिससे प्रसिद्ध चू डांग या में उत्सव का मौसम शुरू हो गया है।
आईडीएफ चीफ ने नेतन्याहू का ईरान पर हमले का आदेश मानने से साफ किया इनकार
पश्चिम एशिया के सबसे शक्तिशाली और सामरिक रूप से संवेदनशील देश इजरायल से इस वक्त एक बहुत बड़ी, चौंकाने वाली और भूचाल ला देने वाली खबर सामने आ रही है। इजरायली राजनीतिक गलियारों और सैन्य मुख्यालय के बीच इन दिनों एक ऐसा 'अभूतपूर्व टकराव' देखने को मिल रहा है, जिसने देश के आंतरिक और बाहरी सुरक्षा ढांचे को हिलाकर रख दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली सेना यानी आईडीएफ (IDF) के प्रमुख ने देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा ईरान पर एक और बड़े सैन्य हमले के लिए दिए गए सीधे आदेश को मानने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। दशकों के इजरायली इतिहास में यह पहला ऐसा मौका है जब देश की राजनीतिक कार्यपालिका और सैन्य नेतृत्व के बीच इतना गहरा मतभेद खुलकर सतह पर आया है। इस हाई-प्रोफाइल गतिरोध ने न केवल इजरायली रक्षा तंत्र की पोल खोल दी है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में युद्ध के मोर्चे पर एक नए और बड़े राजनीतिक संकट को भी जन्म दे दिया है।प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सैन्य कमान के बीच बढ़ता तनावइजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पिछले काफी समय से अपनी आक्रामक और आवरणहीन सैन्य रणनीतियों के लिए जाने जाते रहे हैं। गाजा और लेबनान के बाद अब उनका मुख्य फोकस क्षेत्रीय स्तर पर ईरान के खिलाफ एक निर्णायक और बड़े पैमाने पर सैन्य प्रहार करने का है। लेकिन इस बार बेंजामिन नेतन्याहू के इन आक्रामक इरादों को देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और खुद सेना प्रमुख का कड़ा प्रतिरोध झेलना पड़ रहा है। आईडीएफ चीफ और अन्य वरिष्ठ कमांडरों का स्पष्ट मानना है कि लगातार कई मोर्चों पर महीनों से चल रहे भीषण युद्ध के कारण इजरायली सेना के संसाधन, गोला-बारूद और सैनिकों की मानसिक व शारीरिक क्षमता अपनी सीमा तक पहुंच चुकी है। ऐसे समय में ईरान जैसे भारी-भरकम और रणनीतिक रूप से सुसज्जित देश के खिलाफ बिना सोचे-समझे कोई भी नया सैन्य अभियान छेड़ना देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और आत्मघाती जुआ साबित हो सकता है।आईडीएफ चीफ का कड़ा रुख और ईरान पर हमले को लेकर जमीनी यथार्थइजरायली सेना के शीर्ष नेतृत्व का यह मानना है कि देश को इस वक्त लगातार चल रहे युद्धों से उबारने और अपनी आंतरिक रक्षा प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है, न कि क्षेत्रीय तनाव को और अधिक बढ़ावा देने की। ईरान के पास जिस प्रकार की उन्नत मिसाइलें, ड्रोन नेटवर्क और परमाणु कार्यक्रम की क्षमताएं हैं, उसके खिलाफ अकारण युद्ध मोल लेना इजरायल की अर्थव्यवस्था और जनजीवन के लिए भारी आपदा ला सकता है। सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री के आदेश को दरकिनार करते हुए यह तर्क दिया है कि सैन्य ताकत का इस्तेमाल केवल देश की तात्कालिक रक्षा के लिए होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को साधने के लिए। सेना के इस साहसी और कड़े रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इजरायली सैनिक और कमांडर केवल राजनीतिक दबाव के आगे झुककर देश को खतरे में डालने को तैयार नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय हित और जमीनी हकीकत को सर्वोपरि मान रहे हैं।क्षेत्रीय भू-राजनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं पर इस टकराव का असरइजरायल के भीतर चल रहे इस अभूतपूर्व राजनीतिक और सैन्य संघर्ष का असर केवल तेल अवीव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी गूंज वाशिंगटन से लेकर तेहरान तक सुनाई दे रही है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश जो लगातार इजरायल की सैन्य रणनीतियों के साझीदार रहे हैं, वे भी इस बात से चिंतित हैं कि यदि इजरायल के भीतर ही सरकार और सेना आमने-सामने आ गईं, तो पश्चिम एशिया का संतुलन पूरी तरह से चरमरा जाएगा। ईरान और उसके समर्थक गुट भी इजरायल के इस आंतरिक मतभेद पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस टकराव से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है, क्योंकि यदि देश की सेना ही उनके फैसलों पर सवाल उठाने लगे, तो उनका भविष्य अधर में लटक सकता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि युद्ध की आग में झुलस रहे देश में भी लोकतंत्र और संस्थागत संतुलन की अपनी एक अलग ताकत होती है।इजरायली लोकतंत्र और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर मंडराते बादलइस बड़े आंतरिक संकट के बाद अब इजरायल की राजनीति में एक नए भूचाल के आने की पूरी संभावना बन गई है। जनता और विपक्ष के बीच पहले से ही नेतन्याहू सरकार की नीतियों को लेकर भारी असंतोष व्याप्त था, और अब सेना के साथ सीधा टकराव सामने आने के बाद सरकार पर इस्तीफे का दबाव और अधिक बढ़ गया है। इजरायली नागरिक अब यह सवाल पूछने लगे हैं कि क्या व्यक्तिगत राजनीतिक हितों के लिए देश के सैनिकों और सुरक्षा को दांव पर लगाया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बेंजामिन नेतन्याहू इस अभूतपूर्व सैन्य विद्रोह और राजनीतिक संकट से कैसे पार पाते हैं। एक बात बिल्कुल स्पष्ट है कि इस घटना ने इजरायल के रक्षा इतिहास में एक ऐसा काला अध्याय जोड़ दिया है, जो आने वाले लंबे समय तक देश की राजनीति और सामरिक नीतियों को गहराई से प्रभावित करता रहेगा।
Democracy बचाने का संघर्ष: Mallikarjun Kharge ने RTI खुलासों के बाद Mega Rally का किया बड़ा आह्वान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को भाजपा पर अपना हमला और तेज कर दिया। उन्होंने देश भर के नागरिकों से एक भावपूर्ण सार्वजनिक अपील की और उनसे 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ-देश बचाओ' रैली में शामिल होने का आग्रह किया, जिसका आयोजन 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन द्वारा किया जा रहा है। X पर अपनी अपील पोस्ट करते हुए, खड़गे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा रही है, जबकि उन पर मतदाताओं को व्यवस्थित रूप से रोकने और डिजिटल गड़बड़ियां करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इसे भी पढ़ें: गिरता ही जा रहा है कांग्रेस की राजनीति का स्तर, खड़गे के बयान पर भड़के राजनाथ सिंह, कहा- मर्यादा न लांघें हाल ही में सामने आए खुलासों और सूचना के अधिकार (RTI) आवेदनों पर मिले जवाबों का हवाला देते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) दोनों पर कड़े आरोप लगाए। खड़गे ने कहा कि वोट चोरी के अनगिनत खुलासों के बाद भी, मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए हर संभव हथकंडा अपना रही है! उन्होंने आगे कहा कि जब RTI के जरिए SIR में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'व्यापारिक गोपनीयता' (ट्रेड सीक्रेट्स) का हवाला देकर जवाब देने से इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश में, फॉर्म-6 के 16.18 लाख आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। पीलीभीत में, 10,470 मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं। अब, उन्हें पूरे राज्य में फॉर्म 6, 7 और 8 की जांच का आदेश देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। विपक्ष के गठबंधन ने बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के खिलाफ अपनी मांगों का चार्टर पेश किया है। खड़गे ने तीन मुख्य मांगें दोहराईं: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें और 2023 का वह नियुक्ति कानून पूरी तरह रद्द किया जाए जो उन्हें कानूनी सुरक्षा देता है; SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सॉफ्टवेयर/प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए, मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम वापस जोड़े जाएं, और भविष्य के सभी चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जगह पेपर बैलेट का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने लिखा कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत के खिलाफ INDIA गठबंधन की तीन मुख्य मांगें स्पष्ट हैं: 1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और उन्हें सुरक्षा देने वाला 2023 का कानून रद्द किया जाए। 2. SIR को तुरंत रोका जाए। मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए लोगों के नाम वापस जोड़े जाएं। 3. सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएं। कांग्रेस अध्यक्ष ने 1 नवंबर के प्रदर्शन को केवल चुनावी विवाद नहीं, बल्कि संविधान को बचाने की एक बड़ी लड़ाई बताते हुए लोगों से इसमें बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। खड़गे ने कहा कि यह सिर्फ वोट बचाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता का संघर्ष है। मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करता हूं - 1 नवंबर को दिल्ली आएं! रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ-देश बचाओ' जन मार्च और विशाल रैली में शामिल हों। जय हिंद! जय संविधान! इसे भी पढ़ें: Mallikarjun Kharge के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान से भड़की BJP, NDA नेताओं ने साधा निशाना यह रैली का आह्वान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेतृत्व के भीतर इस बात पर आंतरिक चर्चा चल रही है कि दिल्ली के स्थानीय व्यापार संगठनों की उस अपील को माना जाए या नहीं, जिसमें उन्होंने त्योहारों के दौरान खरीदारी के सीजन के खत्म होने तक इस कार्यक्रम को टालने का अनुरोध किया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर अपनी बात रखी गई थी।
ईरान बॉर्डर बंद करने पर प्रोफेसर ने खोली असीम मुनीर की पोल
दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में इन दिनों एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला घटनाक्रम तेजी से उभरकर सामने आ रहा है। पाकिस्तान और उसके पड़ोसी इस्लामिक देश ईरान के बीच सीमाई इलाकों में लगातार बढ़ते तनाव और बॉर्डर सील करने की नीतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी बहस छिड़ गई है। इस बीच, एक जाने-माने भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर ने पाकिस्तान के मौजूदा सैन्य तानाशाह और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की पोल खोलते हुए उनकी नीतियों का पर्दाफाश किया है। प्रोफेसर का साफ तौर पर कहना है कि पाकिस्तान द्वारा ईरान के साथ अपनी सीमाओं को बंद करने और वहां सुरक्षा दीवारें खड़ी करने के पीछे कोई आतंकवाद विरोधी नीति नहीं, बल्कि एक गहरी भू-राजनीतिक और आंतरिक मजबूरी छिपी हुई है। वाशिंगटन और पश्चिमी कूटनीतिक गलियारों में इस खुलासे के बाद पाकिस्तानी सेना की कार्यप्रणाली और उसकी दोहरी कसरतों पर फिर से बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं, जिससे इस्लामाबाद के हुक्मरानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।ईरान-पाकिस्तान सीमा सील होने के पीछे का असली और छिपा हुआ सचपिछले कुछ महीनों से ईरान और पाकिस्तान की साझा सीमा पर तनाव लगातार चरम पर पहुंच चुका है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक आवाजाही, प्रवासन और सुरक्षा मुद्दों को लेकर कई तरह के गतिरोध देखने को मिले हैं। पाकिस्तान सरकार और वहां के सैन्य तंत्र द्वारा यह दलील दी जा रही है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध तस्करी और सुरक्षा कारणों से बॉर्डर को नियंत्रित करना जरूरी हो गया है। लेकिन भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर ने इस झूठे नैरेटिव की हवा निकालते हुए दुनिया के सामने यह साबित कर दिया है कि असल वजह कुछ और ही है। पाकिस्तान के भीतर लगातार सुलग रही आंतरिक अशांति, बलूचिस्तान के सुदूर इलाकों में सुलग रही सुलगती बगावत और अपनी ही जनता के आक्रोश से घबराई पाकिस्तानी सेना अब खुद को बचाने के लिए इन सीमाओं को बंद कर रही है। जनरल असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी फौज अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है ताकि पड़ोसी मुल्कों के साथ चल रहे तनाव को बहाना बनाकर देश की जनता का ध्यान भटकाया जा सके।जनरल असीम मुनीर की दमनकारी रणनीतियाँ और बलूचिस्तान का सुलगता संकटपाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के शासनकाल में देश के भीतर मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे प्रांतों में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों और दमनकारी अभियानों के कारण स्थानीय आबादी का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बलूच विद्रोही लगातार पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, और सीमा पार ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के साथ उनके सांस्कृतिक व पारिवारिक रिश्ते इस संघर्ष को और अधिक व्यापक बनाते हैं। पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व को इस बात का हमेशा डर सताता रहता है कि कहीं सीमा के दोनों तरफ रहने वाले बलूच समुदाय एकजुट होकर उनके खिलाफ कोई बड़ा सशस्त्र आंदोलन न छेड़ दें। इसी खौफ के चलते जनरल मुनीर ने ईरान के साथ लगने वाली सीमा पर अवरोध पैदा करने और उसे बंद करने की यह सोची-समझी रणनीति अपनाई है, ताकि बलूचिस्तान के भीतर चल रहे स्वतंत्रता संग्राम की आवाज़ों को बाहरी दुनिया तक पहुँचने से रोका जा सके।वैश्विक कूटनीति पर इस सीमा विवाद और भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर के खुलासे का प्रभावएक भारतीय-अमेरिकी रणनीतिकार द्वारा जनरल असीम मुनीर की इस चालाकी को दुनिया के सामने उजागर किए जाने से अमेरिका और पश्चिमी देशों के थिंक-टैंक में भी बड़ी हलचल पैदा हो गई है। पश्चिमी देश हमेशा से पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक सहयोगी के रूप में देखते आए हैं, लेकिन अब अकादमिक और कूटनीतिक स्तर पर यह बात पूरी तरह साफ होने लगी है कि पाकिस्तानी सेना केवल अपने निजी और संस्थागत हितों को सुरक्षित रखने के लिए क्षेत्रीय स्थिरता को दांव पर लगा रही है। ईरान जैसी क्षेत्रीय ताकत के साथ सीमा बंद करने के इस फैसले से न केवल पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि मध्य एशिया और पश्चिम एशिया के बीच होने वाले व्यापारिक गलियारे भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। जनरल मुनीर की इस अदूरदर्शिता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तानी हुक्मरान अपनी कुर्सी बचाने के लिए पूरे देश को गर्त में धकेलने से भी गुरेज नहीं करते हैं।कूटनीतिक मोर्चे पर मात खाता पाकिस्तान और उसके भविष्य के संकटयह पूरा वाकया इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि पाकिस्तान अब अंदरूनी और बाहरी दोनों मोर्चों पर पूरी तरह से घिर चुका है। एक तरफ जहाँ उसकी अर्थव्यस्था वेंटिलेटर पर है और देश के भीतर जनता महंगाई व भुखमरी से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ जनरल असीम मुनीर अपनी तानाशाहीक प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए झूठे सुरक्षा दावों की आड़ ले रहे हैं। भारतीय-अमेरिकी प्रोफेसर द्वारा खोली गई इस पोल ने पाकिस्तानी सेना के उस नकाब को भी खींच लिया है जिसके पीछे वे अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश करते थे। आने वाले दिनों में यदि पाकिस्तान ने अपनी इन दमनकारी और संकीर्ण नीतियों में सुधार नहीं किया, तो बलूचिस्तान और अन्य सीमावर्ती प्रांतों का यह सुलगता असंतोष देश के विघटन का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी अब पाकिस्तान के इन हथकंडों को भली-भांति समझ चुका है, और वह दिन दूर नहीं जब जनरल मुनीर की इन चालबाजियों का हिसाब पूरी दुनिया के सामने कड़े शब्दों में लिया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर बारिश: AQI में सुधार, फिर बढ़ सकता है प्रदूषण
दिल्ली-एनसीआर बारिश: दिल्ली-एनसीआर में शनिवार रात और रविवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई है। बारिश ने हवा में मौजूद कणों को साफ किया, जिससे तापमान में कमी आई और हवा की गुणवत्ता में अस्थायी सुधार हुआ है। शनिवार, 24 अक्टूबर की देर रात से रविवार, 25 अक्टूबर तक दिल्ली, नोएडा.
Rahul Gandhi के काफिले में वाहनों की टक्कर मामले में UP Police ने SIT गठित की
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की टक्कर की घटना की जांच के लिए विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) गठित किया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करेगी। यह हादसा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सुलतानपुर में मानहानि के एक मामले में अदालत में पेश होने जा रहे थे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, एसआईटी की अध्यक्षता लखनऊ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. करेंगे जबकि सुलतानपुर के अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह और सुलतानपुर के यातायात पुलिस उपाधीक्षक राम कृष्ण चतुर्वेदी इसके सदस्य होंगे। बयान के अनुसार, एसआईटी को दुर्घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच करने के साथ यह भी पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि सुरक्षा व्यवस्था या यातायात नियंत्रण में कोई लापरवाही या चूक तो नहीं हुई। बयान के मुताबिक, जांच दल को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुझाने का भी निर्देश दिया गया है। एसआईटी सभी पहलुओं की जांच कर जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार सुबह राहुल गांधी के काफिले में शामिल कुछ वाहन पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आपस में टकरा गए। यह घटना सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर हुई जब राहुल गांधी सुलतानपुर जा रहे थे। अधिकारी के मुताबिक, काफिले में सबसे आगे चल रही स्थानीय कांग्रेस नेताओं की एक निजी गाड़ी ने किसी अज्ञात कारण से अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रहे वाहन एक-दूसरे से टकरा गए। पुलिस ने बताया कि टक्कर में शामिल कुछ वाहन रास्ते में काफिले से जुड़े थे, जिनमें पड़ोसी अमेठी जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित अन्य लोग सवार थे। अधिकारी ने बताया कि हादसे में राहुल गांधी सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि घटना गंभीर नहीं थी और इसमें किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
गोलियों से गूंजता पंजाब! मोगा से अमृतसर तक, एक महीने में फायरिंग की 10 वारदात
मोगा में एसयूवी से आए हमलावरों ने घर के बाहर बैठे युवाओं पर गोलियां चलाईं, जिसमें 2 लोगों की मौत हुई और 1 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. यह घटना पंजाब में हाल के दिनों में सामने आए कई गोलीबारी मामलों में शामिल है, जिनका पुलिस के पास कोई एक साथ जुटाया गया आंकड़ा उपलब्ध नहीं है.
ओडिशा में चक्रवात के मद्देनजर छह जिलों में मछली पकड़ने और पर्यटन पर रोक
ओडिशा में चक्रवात: ओडिशा में चक्रवात के कारण राज्य सरकार ने छह संवेदनशील जिलों में समुद्र में मछली पकड़ने और पर्यटन गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
IPL में चमके, टीम इंडिया में तरसे... भुवी को क्यों देनी पड़ी नसीहत?
IPL में RCB को लगातार दो खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले भुवनेश्वर कुमार न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अब तक महंगे साबित हुए हैं. दो मैचों में 99 रन देने के बाद गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्केल ने उन्हें बाहरी उम्मीदों को नजरअंदाज कर अपने खेल पर ध्यान देने की सलाह दी है.
'शुक्र है राम ने अल्पसंख्यक को नहीं मारा...' UP चुनाव आयोग CEO ट्वीट वायरल
उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में वोटरों के नाम के साथ अजीबोगरीब गड़बड़ियां हो रही है. इस पर यूपी के मुख्य निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर सफाई भी दे रहे हैं. इस बीच लोग मतदाता सूची के ट्रांसलेशन में हो रही गड़बड़ी को लेकर आयोग पर जातिवादी होने का आरोप लगाना शुरू कर दिया.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और ओलावृष्टि से सुधरा एक्यूआई
दिल्ली-एनसीआर में बारिश: दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार देखा गया है, जिससे तापमान में कमी आई है और हवा साफ हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने आगे शुष्क मौसम की संभावना जताई है।
सलमान के नाम पर बनेंगे लग्जरी घर, 2,500 करोड़ के प्रोजेक्ट में क्या खास
सलमान खान पंजाब में एक लग्जरी आवासीय परियोजना से जुड़े हैं, जिसमें छह टावर होंगे. यह पंजाब का पहला 'ब्रांडेड-रेजिडेंस' प्रोजेक्ट होगा और देश के किसी टियर-2 शहर में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट होगा.
बम धमकी के बावजूद संडे को फैंस से मिले अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन की झलक हर संडे हमें उनके घर जलसाके बाहर दिखाई देती है. कुछ ही दिनों पहले उनके घर सेजुड़ी बम की धमकी भरामेल आयाथा, जिसके बाद जलसा के बाहर सिक्योरिटी बढ़ाई गई.
102 में बने दूल्हा, 70 लोगों का परिवार... अब दुनिया छोड़ गए दुलीचंद
हरियाणा में ‘थारा फूफा जिंदा है’ का नारा देकर सरकारी व्यवस्था की खामियों को उजागर करने वाले दुलीचंद का 106 साल की उम्र में निधन हो गया. रोहतक के गांधरा गांव निवासी दुलीचंद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के बाद बुढ़ापा पेंशन बंद हो गई थी.
चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना
चक्रवाती तूफान: बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रही चक्रवाती स्थिति के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में 28 और 29 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है, जिसे लेकर कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
इश्क में 'बेपरवाह' अहान, शरवरी संग प्यार में करेंगे सारी हदें पार!
सैयारा से हिट हुए अहान पांडे ने अपनी नई फिल्म बेपरवाह अनाउंस कर दी है. इसका एक मोशन पोस्टर रिलीज किया गया है, जिसमें उन्हें शरवरी वाघ के साथ देखा जा सकता है. फिल्म की रिलीज डेट भी सामने आई है.
चीन में हो क्या रहा? सोना खरीदने को रिकॉर्ड भीड़, सब्जी मंडी जैसा नजारा!
China Gold Buying Record Crowd: जैसे किसी सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने वालों की भीड़ देखने को मिलती है, ठीक ऐसा ही नजारा चीन में देखने को मिला है, फर्क इतना है कि ये सब्जी मार्केट नहीं, बल्कि गोल्ड मार्केट है, जहां रिकॉर्ड भीड़ खरीदारी के लिए पहुंची है.
'अखिलेश को घुसपैठियों से प्यार', कानपुर में गरजे CM योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने विपक्ष को घुसपैठियों से प्यार करने वाला बताते हुए किसानों, युवाओं और दलितों का अपमान करने का आरोप लगाया.
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र, चक्रवाती तूफान की आशंका
24 अक्टूबर 2026 का मौसम पूर्वानुमान: 24 अक्टूबर 2026 का मौसम पूर्वानुमान, मौसम ब्रेकिंग (संपूर्ण भारत): बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण चक्रवाती तूफान की आशंका जताई गई है, जबकि दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
यूपी: राहुल गांधी के काफिले में हुए हादसे की होगी एसआइटी जांच, तीन सदस्यीय टीम गठित
राहुल गांधी के सुल्तानपुर दौरे के दौरान काफिले के पीछे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना की जांच के लिए यूपी पुलिस ने तीन सदस्यीय SIT गठित की है।
सैटेलाइट की नजर में कैद तूफान अर्नब, घूमते बादलों में छिपा बड़ा खतरा
सैटेलाइट तस्वीरों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात अर्नब का खतरनाक रूप दिखाई दिया है. तूफान तेजी से ताकतवर हो रहा है और 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है. तेज हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी है.
छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक बारिश के आसार, धान कटाई रोकने की सलाह
छत्तीसगढ़ मौसम: बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में 29 अक्टूबर तक बारिश की संभावना है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को धान की कटाई रोकने और फसल सुरक्षित करने की सलाह दी है।
Jamia Millia Islamia में Students Union बहाली तक चलेगा आंदोलन, छात्रों ने खारिज किया नोटिस
जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के एक नोटिस को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनका 14 दिनों से चल रहा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। इन मांगों में छात्र संघ की बहाली और चुनावों के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा तय करना शामिल है। छात्रों ने उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उन्होंने प्रशासन के आश्वासनों को मान लिया है और अपना विरोध-प्रदर्शन खत्म कर दिया है। छात्रों का कहना है कि ये दावे पूरी तरह से प्रशासन के पक्ष पर आधारित हैं और इनमें प्रदर्शनकारियों का नजरिया शामिल नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वे अपनी मांगें पूरी होने तक इसे जारी रखेंगे। इसे भी पढ़ें: Jamia Millia में 14 दिनों की Hunger Strike के बाद बड़ा फैसला, Student Union Election को मिली मंजूरी प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इस नोटिस में छात्र संघ को बहाल करने को लेकर कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं थी, जो कि उनके आंदोलन का मुख्य मुद्दा है। उन्होंने नोटिस पर असंतोष जताया क्योंकि इसमें केवल अस्पष्ट आश्वासन दिए गए थे; साथ ही, इसमें छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने या चुनाव कराने के लिए कोई समय-सीमा नहीं बताई गई थी। इसके अलावा, प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग पर भी नोटिस में कोई बात नहीं कही गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि हमारा दृढ़ मानना है कि सामान्य आश्वासनों और अस्पष्ट बयानों को हमारी मांगों का पूरा होना नहीं माना जा सकता। प्रशासन को सभी लंबित मुद्दों—खासकर छात्र संघ की बहाली और चुनाव प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समय-सीमा—पर एक स्पष्ट, लिखित प्रतिबद्धता जारी करनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि ठोस और समयबद्ध फैसलों की जरूरत है, और केवल एक नोटिस से यह विरोध प्रदर्शन खत्म नहीं हो सकता। इसे भी पढ़ें: Jamia Millia Islamia में छात्रसंघ चुनाव की मांग पर विवाद, ऑनलाइन कक्षाएं शुरू छात्रों ने फिर दोहराया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक प्रशासन छात्र संघ की बहाली के बारे में लिखित आश्वासन नहीं देता, चुनाव के लिए एक निश्चित समय-सीमा की घोषणा नहीं करता और उनकी अन्य मांगों को पूरा नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम ऐसे अस्पष्ट आश्वासनों या किसी ऐसे नोटिस को स्वीकार नहीं करेंगे, जिससे मुख्य मुद्दा अनसुलझा ही रह जाए। उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया है; उनका कहना था कि प्रशासन के नोटिस में उनकी चिंताओं का उचित समाधान नहीं दिया गया है। इससे पहले 26 अक्टूबर को, जामिया मिलिया इस्लामिया ने घोषणा की कि लगभग दो दशकों में पहली बार छात्र संघ चुनाव कराए जाएंगे। यह फैसला परिसर में एक निर्वाचित छात्र निकाय की बहाली की मांग को लेकर कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बाद लिया गया है।
थिरुवरूर में भारी बारिश के बावजूद स्कूल खुले, अभिभावकों ने की छुट्टी की मांग
थिरुवरूर में भारी बारिश: तमिलनाडु के थिरुवरूर जिले में भारी बारिश के बीच स्कूल खुले रहने से अभिभावकों ने चिंता जताई है, जबकि पूर्वोत्तर मानसून के तेज होने और बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के खतरे को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
चक्रवात की आहट: Odisha के 6 जिलों में पर्यटन स्थलों पर लगा प्रतिबंध
ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान के मद्देनजर समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है और छह जिलों में पहाड़ियों, झरनों तथा बांधों पर पर्यटकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान के अगले 48 घंटों में पड़ोसी आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने दक्षिणी क्षेत्र के संवेदनशील जिलों गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में संसाधनों को सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात से पहले की तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं तथा पुलिस के बचाव दलों को संवेदनशील इलाकों में पहले से तैनात किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार सुबह जारी बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पिछले छह घंटों में 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग पश्चिम की ओर बढ़ा और चक्रवाती तूफान में बदल गया। इसके 26 अक्टूबर की मध्यरात्रि तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर को अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। विभाग के अनुसार, तूफान के बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट पर आने की संभावना है। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि भले ही तूफान के आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने का अनुमान है, लेकिन ओडिशा सरकार किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती और हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि तट से टकराने के बाद मौसम प्रणाली के ओडिशा के कुछ इलाकों की ओर बढ़ने का अनुमान है। मंत्री ने बताया कि खराब मौसम की आशंका के कारण छह संवेदनशील जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। इन जिलों में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय के लिए नियंत्रण कक्ष खोले गए हैं। कृषि विभाग ने किसानों को 80 से 85 प्रतिशत तक पक चुकी फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित रखने की सलाह दी है। किसानों की सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं।
एक ही दिन में 4 मौतें...नई शादी और प्यार की दो दर्दनाक कहानियां
झारखंड के लोहरदगा में नवविवाहित दंपति की जलने से मौत हुई, जबकि जामताड़ा में अलग धर्मों के प्रेमी जोड़े के शव रेलवे पटरी पर मिले. पुलिस दोनों घटनाओं की जांच कर रही है और शुरुआती तौर पर आत्महत्या का शक जता रही है.
मीशापुलिमाला में नीलकुरिंजी का दुर्लभ ऊंचाई वाला पुष्पन
नीलकुरिंजी का पुष्पन: केरल के मुन्नार क्षेत्र में स्थित मीशापुलिमाला की ढलानों पर नीलकुरिंजी के फूल खिल रहे हैं। यह पुष्पन रोडो मेंशन के पास लगभग 2,470 मीटर की ऊंचाई पर देखा गया है। नीलकुरिंजी आम तौर पर 2,500 मीटर से अधिक ऊंचाई पर नहीं खिलती, इसलिए यहां का दृश्य इसके ऊंचाई वाले आवास और स्थानीय पुष्पन चक्र के लिहाज.
चोर बाजार की चीजों से शक्ति ने सजाया घर, दिखाया कोना-कोना!
डांसर शक्ति मोहन ने मुंबई के बांद्रा में अपने खूबसूरत घर की झलक दिखाई है. सफेद इंटीरियर, चोर बाजार से खरीदी एंटीक कॉफी टेबल और आईना, खास कांच का झूमर, बालकनी में लगे पौधे और सुकून भरे बेडरूम तक, जानें उन्होंने अपने ड्रीम होम को कैसे सजाया है.
खत्म हुआ इंतजार! नई Hyundai Bayon लॉन्च, कीमत है इतनी
Hyundai Bayon उन बायर्स के लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकती है, जिन्हें क्रेटा महंगी लगती है या वेन्यू साइज में छोटी लगती है. फेस्टीव सीजन में दिवाली के पहले हुंडई की ये दूसरी मिड-साइज एसयूवी है. बाजार में इसका सीधा मुकाबला Maruti Victoris से है. तो आइये देखें कैसी है ये एसयूवी-
राम-मीराबाई के जिक्र पर विवाद, VHP की आपत्ति के बाद हटाई कविता
गुजरात सरकार ने विहिप की शिकायत के बाद गुजरात दीपोत्सवी अंक के ऑनलाइन संस्करण से अजीज टंकारवी की कविता हटाकर प्रकाश जलाल की कविता शामिल किया गया है. संगठन ने राम और मीराबाई पर आपत्तिजनक बातें लिखे जाने का आरोप लगाते हुए लेखक और मंजूरी देने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
चक्रवाती तूफान अरनब: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
चक्रवाती तूफान अरनब: चक्रवाती तूफान अरनब, मौसम ब्रेकिंग: देश के कई राज्यों में चक्रवाती तूफान अरनब के खतरे के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है, जिससे फसलों और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी-बिहार से लेकर पंजाब तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी
आंधी-बारिश का अलर्ट: देश के हिस्सों में आज मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में बारिश हो सकती है और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है। हवा की रफ्तार कहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तो कहीं 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच.
एक्टर ने गिफ्ट में दिया चांदी का कमल, राजनीति में एंट्री की अटकलें तेज़
एक निजी कॉलेज में फैेंस से मिलने के बाद धनुष के राजनीती में आने की अटकलें तेज हो गई हैं. प्रशंसकों के साथ फोटो खिंचवाकर धनुष ने एक खास गिफ्ट दिया. कमल के आकार को उनके राजनीतिक झुकाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
शादी कर लो वरना लगा लूंगी फांसी, ब्वॉयफ्रेंड को वीडियो कॉल पर दिखाया फंदा; 2 घंटे बाद मिली लाश
जानकारी के मुताबिक दोनों करीब 4 साल से रिलेशनशिप में थे। दोनों एक कंपनी में ही काम करते थे। रविवार रात मृतका ने अपने ब्वॉयफ्रेंड को वीडियो कॉल लगाया। फिर…
क्या वैभव के साथ हो रही है जल्दबाजी? बैटिंग के लिए मिलेगी नई पोजिशन!
वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में ईशान किशन की जगह प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका मिला. लेकिन नंबर तीन पर वह बल्ले से फ्लॉप साबित रहे. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले मुकाबलों में क्या वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग पोजिशन में बदलाव किया जाएगा.
चौथी बार ब्राजील के राष्ट्रपति बनेंगे लूला, पीएम मोदी ने दी बधाई; भारत के लिए क्यों अहम है उनकी जीत?
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर चौथी बार जीत दर्ज की है। पीएम मोदी ने बधाई दी। जानें भारत-ब्राजील व्यापार, रणनीतिक साझेदारी और अहम खनिजों पर इसका असर।
राजस्थान की 80 तहसीलों में अकाल घोषित, 14 जिलों में फसलें बर्बाद
राजस्थान सूखाग्रस्त घोषित: मानसून की बेरुखी के कारण राजस्थान सरकार ने 14 जिलों की 80 तहसीलों को गंभीर एवं मध्यम सूखाग्रस्त घोषित किया है। कम बारिश से फसलें बर्बाद होने और पानी का संकट गहराने के बाद यह फैसला लिया गया है जिससे प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का रास्ता साफ हुआ है।
उत्तर प्रदेश मौसम: 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट
उत्तर प्रदेश मौसम: उत्तर प्रदेश मौसम, मौसम ब्रेकिंग (उत्तर प्रदेश): अक्टूबर के आखिरी दिनों में उत्तर प्रदेश का मौसम खतरनाक करवट लेने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय साइक्लोन सिस्टम के प्रभाव से 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
'पाक सेना की PRO बन गई है कांग्रेस', भाजपा नेता तरुण चुग ने राहुल-खरगे पर साधा निशाना
भाजपा नेता तरुण चुग ने कांग्रेस पर पाकिस्तान सेना की जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) की भूमिका निभाने का आरोप लगाया है।
मानहानि केस में सुल्तानपुर कोर्ट में राहुल गांधी की पेशी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए आज का दिन कानूनी लिहाज से काफी अहम रहा. साल 2018 में बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में सोमवार राहुल पेश हुए..
यूपी में अगले सात दिन नहीं होगी बारिश: दिन में बढ़ेगा तापमान और रात में बढ़ेगी ठंडक
यूपी मौसम अपडेट: यूपी के मौसम में लगातार बदलाव जारी है और लखनऊ समेत आसपास के जिलों में सोमवार सुबह से ही तेज धूप खिली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन में धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की.
करवा चौथ पर शुक्र अस्त, भद्रा का भी साया! बस इतनी देर रहेगा मुहूर्त
इस बार करवा चौथ पर शुक्र अस्त होने वाला है और इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा. ऐसे में बहुत सारे लोग पूजा के शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय के समय को लेकर असमंजस में हैं. हालांकि ज्योतिषविदों ने पंचांग देखकर इसका तोड़ निकाल लिया है. उनका कहना है कि भद्रा और अस्त शुक्र का करवा चौथ की पूजा पर कोई असर नहीं होगा.
हरियाणा में मौसम का यू-टर्न: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से बदला मिजाज, 5 जिलों में अलर्ट
हरियाणा मौसम अपडेट: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार को हिसार, जींद, फतेहाबाद, भिवानी में बूंदाबांदी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हुई। वहीं, भिवानी में तेज आंधी चली और मौसम विभाग ने रविवार को भी बारिश व तेज हवा चलने की संभावना जताई है। मौसम में आए बदलाव की वजह से प्रदेश में रात के तापमान में सामान्य के मुकाबले.
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी मामले की जांच के बीच आमिर खान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी मिली है। मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कई बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी की थी।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले में हादसा
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर राहुल गांधी के काफिले के पीछे चल रही गाड़ियां आपस में टकरा गईं। हादसा हलियापुर थाना क्षेत्र में 89.5 किलोमीटर के माइलस्टोन के पास हुआ।
लखीमपुर हिंसा केस: आशीष मिश्रा को मिली दिवाली पर घर जाने की अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के आरोपी आशीष मिश्रा को दिवाली के दौरान अपने घर जाने की अनुमति दी है. आशीष मिश्रा फिलहाल जमानत पर बाहर है, लेकिन पहले मिश्रा को अपने गृहनगर जाने की अनुमति नहीं थी.
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने FIR पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वह छात्रों से मिलने विश्वविद्यालय जरूर जाएंगे। जानें पूरा मामला।
मौसम विभाग का बड़ा अपडेट: हरियाणा के 14 जिलों में 29 अक्टूबर को येलो अलर्ट
हरियाणा मौसम अपडेट: हरियाणा में मौसम का मिजाज बदलने से गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जना की संभावना जताई है, साथ ही 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
Kerala High Court ने सड़क हादसे में जज पर केस दर्ज करने की पुलिस को दी मंजूरी
केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को पुलिस को उस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति दे दी, जिसके 17 वर्षीय बेटे द्वारा कथित तौर पर चलाई जा रही कार की टक्कर से 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी। यह सड़क दुर्घटना एक दिन पहले यहां चेरानेल्लूर के पास हुई थी। सूत्रों ने बताया कि पुलिस द्वारा न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति मांगे जाने के बाद न्यायालय ने प्रशासनिक स्तर पर यह आदेश जारी किया। मामले में मृतक जयबालकृष्णन (55) के परिजनों द्वारा चेरानेल्लूर थाने के बाहर विरोध-प्रदर्शन किए जाने के बाद नाबालिग आरोपी को दोबारा हिरासत में ले लिया गया। उसे रविवार को ही जमानत पर रिहा किया गया था। इस लड़के के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जिसने उसे जमानत पर रिहा कर दिया। यह हादसा रविवार रात दो से तीन बजे के बीच उस समय हुआ जब जयबालकृष्णन अपनी खानपान की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम पर पंजीकृत मर्सिडीज-बेंज कार को उनका नाबालिग बेटा तेज गति से चला रहा था। आरोप है कि तेज रफ्तार कार ने जयबालकृष्णन के दोपहिया वाहन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआत में नाबालिग लड़के के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत जमानत पर रिहा कर दिया गया। जयबालकृष्णन की बेटी ने सोमवार सुबह पत्रकारों से कहा कि वह अपने पिता को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगी और न्यायाधीश या उसके नाबालिग बेटे को जिम्मेदारी से बचने नहीं देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि न्यायाधीश का बेटा होने के कारण पुलिस ने उसके साथ नरमी बरती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नाबालिगों से जुड़े ऐसे मामलों को सामान्य माना जाने लगा है और नाबालिग होने के कारण उन्हें गंभीर अपराधों में भी कानून के दायरे से बच निकलने दिया जाता है।
देश के 10 राज्यों में चक्रवात अर्नब के असर से भारी बारिश और ठंड का अलर्ट
चक्रवात अर्नब: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब बेहद खतरनाक रूप लेते हुए तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक तट के पास पहुंच सकता है। इस दौरान इसके भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है, जिसमें हवा की रफ्तार 115 से 125.
दुबई से iPhone 18 Pro लाया, कस्टम्स ने जब्त किया तो कोच्चि एयरपोर्ट पर धरने पर बैठा शख्स
यात्री की पहचान केरल के मशहूर एजुकेशनल प्लेटफॉर्म 'एडुपोर्ट' के संस्थापक अजस मोहम्मद के रूप में हुई है। अजस मोहम्मद का दावा है कि वे यह आईफोन अपने निजी इस्तेमाल के लिए दुबई से खरीदकर लाए थे।
छत्तीसगढ़ के धर्मांतरण कानून को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को राजी
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के धर्मांतरण विरोधी कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है. मामले में धार्मिक आजादी, कानून की सख्त शर्तों और चर्चों में रविवार की प्रार्थना सभाओं पर कार्रवाई के आरोप अदालत के सामने उठाए गए हैं.
Congress अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तुरंत बिना शर्त माफी मांगें, BJP ने PM Modi के अपमान पर घेरा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर उन पर तीखा हमला बोला। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने कांग्रेस नेतृत्व पर सार्वजनिक चर्चा के स्तर को गिराने का आरोप लगाया और बिना शर्त माफी की मांग की। खड़गे की विवादित टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, केसवन ने कहा कि यह राहुल गांधी की असभ्य, संस्कारहीन और जहरीली नफरत वाली राजनीति को दर्शाती है। उन्होंने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के खिलाफ बार-बार व्यक्तिगत हमले करने का भी आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: EVM की जगह Paper Ballot से हों चुनाव, खरगे ने 1 नवंबर को बुलाई वोट बचाओ रैली केशवन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत हमला करने वाली शर्मनाक टिप्पणियां, राहुल गांधी की असभ्य और अभद्र, नफरत से भरी राजनीति को ही दर्शाती हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सार्वजनिक विमर्श (public discourse) के स्तर को अभूतपूर्व रूप से गिरा दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी पर किए गए व्यक्तिगत हमले कोई इकलौती घटना नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नैतिक और राजनीतिक रूप से दिवालिया हो चुकी कांग्रेस पार्टी ने हमारे देश में सार्वजनिक विमर्श के स्तर को सबसे निचले पायदान पर पहुंचा दिया है। और ऐसा पहली बार नहीं है जब कांग्रेस नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया हो। प्रधानमंत्री के परिवार के बारे में की गई टिप्पणियों से जुड़े पिछले विवादों का जिक्र करते हुए, केसवन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने बार-बार पीएम मोदी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया है, जिसमें उनकी दिवंगत मां पर की गई टिप्पणियां भी शामिल हैं। उन्होंने खड़गे की टिप्पणियों को चुनावी जनादेश का अपमान बताया और कहा कि ये बातें सार्वजनिक पद पर बैठे राजनीतिक नेताओं से अपेक्षित मानकों का उल्लंघन करती हैं। केसवन ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की अक्षम्य और अनुचित टिप्पणियां 140 करोड़ भारतीयों द्वारा दिए गए जनादेश का भी गंभीर अपमान हैं। खड़गे ने सार्वजनिक आचरण के सभी मानकों का उल्लंघन किया है। इसे भी पढ़ें: Mallikarjun Kharge ने मतपत्रों से चुनाव कराने और दो साल के विधानसभा परिणाम रद्द करने की मांग उठाई बीजेपी प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व से माफी मांगने को कहा और जोर देकर कहा कि पार्टी अध्यक्ष की टिप्पणियों को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि पूरे कांग्रेस नेतृत्व और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तुरंत बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। केशवन ने आगे कहा कि कांग्रेस के पूरे नेतृत्व और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तुरंत बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
रबी सीजन पर संकट: कम बारिश के कारण गेहूं की बुवाई में 50 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका
रबी सीजन पर संकट: रबी सीजन पर संकट, मौसम ब्रेकिंग उदयपुर: कमजोर मानसून और कम बारिश के कारण रबी सीजन की खेती पर गहरा संकट मंडरा रहा है। कृषि विभाग ने संभावित नुकसान से निपटने के लिए मिटिगेशन ड्राफ्ट प्लान तैयार किया है, जिसके तहत किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने और आधुनिक सिंचाई अपनाने की सलाह दी जा रही है।
मैसूर दशहरा: धार्मिक रस्मों में बाधा, पुलिस पर बदसलूकी के आरोप; सरकार से क्यों नाराज हुईं प्रमोदा देवी?- Disruption religious and police misconduct rituals during Mysore Dasara Pramoda Devi upset Government system
नीतीश से अनंत की बगावत... जानिए अब 'छोटे सरकार' के सामने आगे क्या ऑप्शन हैं?
नीतीश कुमार की पार्टी से बगावत के बाद मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है, जिससे अब उनके सामने नई पार्टी बनाने, दूसरे दलों से हाथ मिलाने या कानूनी लड़ाई के जरिए अपनी विधायकी बचाने के सियासी विकल्प बचे हैं.
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा को बड़ी राहत, SC से मिली दीवाली पर घर जाने की मंजूरी
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उन्हें अपने गृह नगर लखीमपुर खीरी जाकर परिवार के साथ दीवाली मनाने की अनुमति दी गई है।
PM Modi ने Congress पर साधा निशाना, बोले- Phone Banking से चुनिंदा अमीरों को बांटे गए थे लोन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 2014 से पहले देश में एक अलग तरह की 'फोन बैंकिंग' व्यवस्था चल रही थी, जिसका फायदा केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलता था - या तो वे कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे या फिर सत्ता में बैठे ताकतवर लोगों के करीबी थे। जटनी के इन्फोवैली-II में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करते हुए, मोदी ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं और उनके करीबी लोगों को 'फोन बैंकिंग' के जरिए हजारों करोड़ रुपये के बैंक लोन दिए गए। इसे भी पढ़ें: माई डियर फ्रेंड...ग्लोबल साउथ पर मिलकर करेंगे काम, लूला की जीत से भारत-ब्राजील रिश्तों को मिलेगी नई धार, PM मोदी ने दी बधाई मोदी ने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बैंक खाता खोलने के लिए भी एक गारंटर की जरूरत पड़ती थी, लेकिन कांग्रेस की इस 'फोन बैंकिंग' व्यवस्था में अमीरों के लिए हजारों करोड़ रुपये कभी भी उपलब्ध हो जाते थे। इस कुप्रबंधन के कारण भारत की बैंकिंग व्यवस्था NPA (फंसे हुए कर्ज) की चपेट में आ गई और पूरी बैंकिंग प्रणाली बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि 1960 और 1970 के दशक में गरीबों की मदद करने के नाम पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। फिर भी, 2014 तक देश की आधी से ज़्यादा आबादी बैंकिंग व्यवस्था से बाहर थी। मध्यम वर्ग के लिए भी बैंक लोन जैसी सुविधाएँ एक दूर का सपना थीं। उन्होंने कहा कि गरीब लोग, छोटे किसान और ज़मीन न रखने वाली महिलाएँ तो ऐसी सुविधाओं तक पहुँचने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की इस टिप्पणी का जिक्र करते हुए कि दिल्ली से भेजे गए हर एक रुपये में से केवल 15 पैसे ही लाभार्थियों तक पहुंचते थे, मोदी ने कहा कि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) की मदद से पूरी रकम सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। 59 करोड़ से अधिक जन धन खातों के जरिए सरकारी लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में होने वाली लीकेज (गड़बड़ी) खत्म हो गई है। मुद्रा (MUDRA), पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) और पीएम विश्वकर्मा (PM Vishwakarma) जैसी योजनाओं ने छोटे उद्यमियों, रेहड़ी-पटरी वालों और पारंपरिक कारीगरों तक औपचारिक ऋण (formal credit) पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि आज भारत में डिजिटल बैंकिंग ने हर किसी को 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली बैंकिंग सेवाओं से जोड़ दिया है। इसे भी पढ़ें: EVM की जगह Paper Ballot से हों चुनाव, खरगे ने 1 नवंबर को बुलाई वोट बचाओ रैली मोदी ने कहा कि NDA सरकार ने जन-हितैषी, सक्रिय और सुशासन (good governance) का मॉडल अपनाया है। हमारे लिए विकास का अर्थ है भारत का संतुलित विकास, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि गांवों और छोटे शहरों को भी समान अवसर मिलें। हमारा लक्ष्य दूर-दराज के इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाना है और यह सुनिश्चित करना है कि गरीब परिवारों को ऐसी सुविधाएं मिलें, जिससे वे सम्मान के साथ जी सकें। हमारे ईमानदार और निरंतर प्रयासों से हर नागरिक को यह भरोसा मिलता है कि विकास की इस यात्रा में वे पीछे नहीं छूटेंगे।
वैभव से भिड़ने वाले PAK क्रिकेटर की टीम से छुट्टी, PCB का बड़ा फैसला
सैम अयूब को खराब फॉर्म का खामियाजा भुगतना पड़ा है. पाकिस्तानी क्रिकेटर की वनडे टीम से छुट्टी हो गई है. सैम अयूब ने एशियन गेम्स में वैभव सूर्यवंशी का विकेट लेने के बाद 'बेबी सेलिब्रेशन' किया था, जिसके चलते उनकी जमकर आलोचना हुई थी.
जामिया प्रशासन की शिकायत पर विपक्षी सांसदों पर FIR, जानें क्या है आरोप
दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में हंगामा और विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. जामिया प्रशासन की शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने तीन विपक्षी नेताओं के खिलाफ अनाधिकृत प्रवेश यानी ट्रेसपासिंग की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है. आरोप है कि ये नेता बिना किसी पूर्व अनुमति या निमंत्रण के जबरन कैंपस के अंदर दाखिल हुए.
दो अफसरों की प्रेम कहानी: PCS राहुल और आकांक्षा ने की सगाई
महोबा जिले में तैनात दो पीसीएस अधिकारी जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा और जिला सेवायोजन अधिकारी आकांक्षा बाजपेयी ने चित्रकूट में सादगी से सगाई की. महज 200 मीटर दूर स्थित दफ्तरों से शुरू हुआ यह रिश्ता 30 नवंबर को खजुराहो में विवाह में बदलेगा.
चौथी बार राष्ट्रपति बनेंगे लूला: पीएम मोदी ने दी बधाई, भारत-ब्राजील साझेदारी के लिए क्यों अहम है जीत? brazil-election-Lula-da-Silva-President-fourth-time-PM-Modi-congratulates-significant-India-Brazil-partnership
Jamia Millia में 14 दिनों की Hunger Strike के बाद बड़ा फैसला, Student Union Election को मिली मंजूरी
14 दिनों की भूख हड़ताल, विरोध-प्रदर्शनों, गिरफ्तारियों और यूनिवर्सिटी कैंपस में बढ़ते दबाव के बाद, जामिया मिलिया इस्लामिया ने सोमवार को आखिरकार घोषणा की कि छात्र संघ के चुनाव, संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद कराए जाएंगे। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 26 अक्टूबर को जारी किया गया यह आदेश ठीक उस समय आया, जब यह आंदोलन अपने 15वें दिन में प्रवेश कर रहा था। इससे पहले रात भर मार्च निकाले गए, सुरक्षा कड़ी कर दी गई और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की सेहत को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई थीं। इसे भी पढ़ें: Jamia Millia Islamia में अनधिकृत प्रवेश पर Congress सांसदों इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर FIR दर्ज इसकी शुरुआत एक छात्र, जासिम खान से हुई—जो मास्टर्स का छात्र है और जिसने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। धीरे-धीरे यह एक सामूहिक आंदोलन बन गया, जिसमें पांच छात्र शामिल हो गए, जिनमें एक छात्रा भी थी। यह विरोध प्रदर्शन बार-बार लगाई गई पाबंदियों, झड़पों और गिरफ्तारियों के बीच हुआ। साथ ही, इसमें छात्रों, पूर्व छात्रों और कैंपस के बाहर के समर्थकों की ओर से एकजुटता का एक अभूतपूर्व प्रदर्शन भी देखने को मिला। इस बीच, तनाव बढ़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया, लाइब्रेरी पर ताले लगा दिए और कक्षाओं को ऑनलाइन कर दिया। भारी संख्या में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती के कारण कैंपस किसी किले में तब्दील हो गया था; कई जगहों पर तो प्रदर्शनकारी छात्रों की तुलना में सुरक्षाकर्मियों की संख्या कहीं अधिक नज़र आ रही थी। यह आंदोलन तब एक नया मोड़ ले गया जब बड़ी संख्या में छात्राएं इसमें शामिल हो गईं। इस दौरान कुछ हॉस्टल निवासियों को हॉस्टल खाली करने के निर्देश दिए जाने और लगाई गई पाबंदियों को लेकर भी चिंताएं थीं। 14 तारीख की रात को जासिम की तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा, जिससे प्रदर्शनकारियों के बीच चिंता और बढ़ गई। रविवार आधी रात को भी छात्र गुलिस्तान-ए-ग़ालिब में अपना जुलूस निकालते रहे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कैंपस के अंदर खाना-पानी नहीं जाने दिया जा रहा था। जब जासिम सुबह करीब 3:30 बजे अस्पताल से लौटा, तो पता चला कि प्रशासन का फैसला प्रदर्शनकारी छात्रों तक पहुँचा दिया गया था, क्योंकि कैंपस में जश्न शुरू हो चुका था। सोमवार को जारी आदेश में छात्रों के निलंबन और उन्हें दिए गए 'शो-कॉज़' नोटिस को भी रद्द कर दिया गया, और सुरक्षाकर्मियों के बर्ताव की जाँच कराने का वादा किया गया। इसे भी पढ़ें: Jamia में Free Kashmir और Free Sharjeel Imam नारे लगे, छात्रसंघ की आड़ में कौन चला रहा है देशविरोधी एजेंडा? हालाँकि, इसके बदले में प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा गया कि वे प्रशासन के खिलाफ दिए गए कथित अपमानजनक बयानों के लिए सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगें और सोशल मीडिया से उनसे जुड़ी पोस्ट हटा दें। विश्वविद्यालय ने निर्देश दिया कि प्रदर्शन को तुरंत खत्म कर दिया जाए।
क्या आप भी योग करते समय शरीर पर डालते हैं जरूरत से ज्यादा जोर? आयुष मंत्रालय ने दी चेतावनी
योग को स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जाता है। यह न केवल शरीर को लचीला और मजबूत बनाता है,
बेंगलुरु में तो कैट को भी लेकर जाती थी ऑफिस, गुरुग्राम में ड्रेस कोड ने चौंकाया
दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में अलग-अलग राज्यों से लोग अच्छी नौकरी के लिए आते हैं. लेकिन जगह और ऑफिस बदलने के साथ ही काम करने का माहौल, तरीका और आदतें भी बदल जाती हैं. कभी जल्दी उठने की आदत खत्म हो जाती है, तो कभी खाने का टेस्ट बदल जाता है. सोशल मीडिया पर एक महिला ने इससे जुड़ा अपना अनुभव शेयर किया है. उसने बेंगलुरु और गुरुग्राम में काम के तरीकों के साथ ड्रेस कोड के बारे में भी बताया है.
उत्तरी वियतनाम में अक्टूबर के अंत में आ सकती है एक और कमजोर शीत लहर
उत्तरी वियतनाम में शीत लहर: पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि 29-30 अक्टूबर को उत्तरी क्षेत्र में एक कमजोर शीत मोर्चा आएगा, जिससे छिटपुट बारिश और गरज के साथ तूफान आएगा। उत्तरी वियतनाम में अक्टूबर के अंत में एक बार फिर शीत लहर आने की आशंका जताई जा रही है। अक्टूबर का महीना खत्म होने वाला है, लेकिन उत्तरी वियतनाम.
कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज: कहा- मन की बात छोड़ें, लोगों की चिंताओं पर दें ध्यान; साझा की आरबीआई की रिपोर्ट congress attacks pm modi inflation diwali prices jairam ramesh
पीएम मोदी के पिता पर खड़गे के बयान पर हंगामा, BJP का देशव्यापी प्रदर्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पटना के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्गीय पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान पर देश की राजनीति गरमा गई है. खड़गे के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उनके खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. बीजेपी आज इस बयान के विरोध में पूरे देश में व्यापक प्रदर्शन कर रही है और विभिन्न राज्यों की राजधानियों तथा जिला मुख्यालयों पर पुतला दहन का आयोजन किया जा रहा है.
मुंबई से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले महीनों में बड़ा बदलाव होने वाला है। IndiGo और Air India Group अपनी कुछ उड़ान

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