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सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के रीयूज पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से करें लागू, केंद्र सरकार का राज्यों को निर्देश

केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सिंगल-यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है।

जागरण 24 Oct 2026 8:08 pm

केरलम: पति के लापता होने की शिकायत पर जांच करने पहुंची पुलिस, घर में मिले 2.5 करोड़ के नकली नोट

पुलिस ने एक लापता व्यक्ति की जांच के दौरान कोल्लम में उसके घर से नकली नोट छापने का ठिकाना पकड़ा। यहां से लगभग 2.5 करोड़ रुपये के नकली नोटों से संबंधित छपाई के उपकरण और अन्य सामान जब्त किए गए।

जागरण 24 Oct 2026 8:06 pm

अजमेर में PM ई-बस सेवा की रफ्तार तेज, लेकिन खाली सीटें बढ़ा रही चिंता

किराया और रूट प्लान पर उठे सवाल अजमेर। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत अजमेर को मिली 100 इलेक्ट्रिक एसी बसों का संचालन शुरू हुए करीब दो महीने हो चुके हैं। 18 अगस्त को पांच बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत की गई थी। अब 18 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं और […] The post अजमेर में PM ई-बस सेवा की रफ्तार तेज, लेकिन खाली सीटें बढ़ा रही चिंता appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Oct 2026 8:06 pm

सियांग परियोजना को लेकर अरुणाचल में दूसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों ने NHPC कार्यालय और पुलिस थाना फूंका

अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने एनएचपीसी कार्यालय और एक पुलिस स्टेशन में आग लगा दी।

जागरण 24 Oct 2026 8:01 pm

'तकनीक को जनहित और न्याय से जोड़ना जरूरी', टेकसंगम 2026 में बोले CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टेकसंगम 2026 के जरिए साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक विज्ञान और उभरती तकनीकों को जनहित तथा न्याय से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने स्थापित हुए हैं.

आज तक 24 Oct 2026 7:59 pm

इसरो ने बनाई अंतरिक्ष के लिए रेडिएशन रोधी बीमफार्मर चिप, गगनयान में होगा इस्तेमाल

इसरो ने अंतरिक्ष में रेडिएशन से बचाव के लिए एस बैंड पर आधारित रेडिएशन रोधी बीमफार्मर चिप विकसित की है। यह चिप अगस्त 2027 में प्रस्तावित गगनयान मिशन-2 में अंतरिक्ष यात्रियों के निर्बाध संवाद के लिए उपयोग होगी।

जागरण 24 Oct 2026 7:58 pm

थाईलैंड घूमने गए सरकारी अधिकारी ने खाया मगरमच्छ का मांस, मचा बवाल

Ujjain Municipal Officer Controversy: उज्जैन में नगर निगम अधिकारी राजकुमार राठौर की थाईलैंड यात्रा विवादों में. मगरमच्छ का मीट खाने का वीडियो वायरल. महापौर ने दिए जांच के आदेश. जानिए पूरी खबर...

आज तक 24 Oct 2026 7:52 pm

अपने वादे से मुकर गए थे कोहली? विराट के धोखे पर छलका मिश्रा का दर्द!

भारतीय टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने विराट कोहली को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं. अमित मिश्रा ने बताया किस तरह विराट कोहली ने उन्हें टीम में वापसी का भरोसा दिलाया. लेकिन जब बात टीम में लेने पर आई तो उन्होंने अमित मिश्रा का कॉल उठाना भी बंद कर दिया.

आज तक 24 Oct 2026 7:51 pm

'जूता मारूंगा...', कोमल रानी संग अफेयर पर गोविंदा ने तोड़ी चुप्पी

गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादीशुदा जिंदगी में तनाव के बीच सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है. गोविंदा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अफेयर की चर्चा और परिवार से जुड़े आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

आज तक 24 Oct 2026 7:50 pm

केरल के नए राज्यपाल के पहले फैसले पर विवाद, लोक भवन की रसोई में नॉनवेज पर रोक की खबर से गरमाई सियासत

तिरुवनंतपुरम। केरल के नवनियुक्त राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर के पदभार संभालने के साथ ही लोक भवन की रसोई में भोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्टों में सामने आया कि राज्यपाल ने लोक भवन की रसोई में केवल शाकाहारी भोजन तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस खबर के सामने आते ही […] The post केरल के नए राज्यपाल के पहले फैसले पर विवाद, लोक भवन की रसोई में नॉनवेज पर रोक की खबर से गरमाई सियासत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 24 Oct 2026 7:48 pm

'फार्मा कंपनियों की अनैतिक मार्केटिंग पर रखी जाएगी नजर', सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने बनाई समिति

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने फार्मा कंपनियों की अनैतिक मार्केटिंग पर नजर रखने के लिए नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।

जागरण 24 Oct 2026 7:46 pm

अनंत सिंह के घर बन रही थी मिठाई, तभी JDU से आया निष्कासन का आदेश

पटना स्नातक सीट पर जन सुराज के अनुज सिंह की जीत को लेकर अनंत सिंह के आवास पर मिठाई तैयार हो रही थी. इसी बीच JDU ने उनके खिलाफ कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया. चुनावी नतीजों से पहले पार्टी के इस फैसले ने सबका ध्यान खींचा है.

आज तक 24 Oct 2026 7:46 pm

JDU ने विधायक अनंत सिंह को पार्टी से क्यों निकाला बाहर?

बिहार में मोकामा के विधायक अनंत सिंह को जेडीयू ने छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है. उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी गई है. पार्टी ने दोनों पर दलविरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया है. अनंत सिंह पर विधान परिषद चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ काम करने का आरोप है. अब उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश भी की गई है.

आज तक 24 Oct 2026 7:43 pm

जोधपुर में 50 बेड का Critical Care Block शुरू करने के लिए Ashok Gehlot ने CM को लिखा

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर के मंडोर जिला अस्पताल में 30.50 करोड़ रुपये की लागत से बने 50 बिस्तर वाले ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ को शुरू करने की मांग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से की है। गहलोत ने आरोप लगाया है कि पिछली कांग्रेस सरकार में यह ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ बनवाया गया था पर मौजूदा भाजपा सरकार इसे शुरू तक नहीं करा सकी। गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा कि जोधपुर के मंडोर में 30.50 करोड़ रुपये की लागत से बने 50 बिस्तर के ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ का उद्घाटन 16 अगस्त को देश के गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था। उन्होंने दावा किया कि दो महीने बीत गए, पर आज भी यह ब्लॉक बंद पड़ा है। इसके वार्डों के दरवाजे बंद हैं और गलियारों में धूल जमी है। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार इस अस्पताल में स्वीकृत 34 डॉक्टरों के मुकाबले सिर्फ 18 चिकित्सक कार्यरत हैं। इसी तरह 65 नर्सिंग अफसर चाहिए, पर 46 ही कार्यरत हैं। एनेस्थीसिया के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की भी कमी है। उन्होंने इस अस्पताल में चिकित्सक और नर्स की तुरंत तैनाती की मांग करते हुए कहा कि रोजाना करीब 1100 मरीज यहां ‘ओपीडी’ में आते हैं। गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा,‘‘यह भाजपा सरकार के विकास की हकीकत है। फीता काटने, फोटो खिंचवाने और विज्ञापन छपवाने का काम पूरा हो गया, पर मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही।’’उन्होंने कहा,‘‘हमारी सरकार ने जनहित में 30.5 करोड़ रुपये की लागत से यह ‘क्रिटिकल केयर ब्लॉक’ बनवाया था, पर भाजपा सरकार उसे चालू तक नहीं कर पा रही।’’गहलोत ने मुख्यमंत्री शर्मा को संबोधित करते हुए कहा कि इस ब्लॉक को अविलंब शुरू किया जाए। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि पश्चिमी राजस्थान पहले ही सूखे की गंभीर स्थिति से जूझ रहा है और अब जोधपुर शहर पर जलसंकट गहराता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री और राज्य सरकार रोज-रोज नए जल समझौतों के दावे और प्रचार करती है लेकिन जो समझौते पहले से लागू हैं, उनके अनुसार भी राज्य के हक का पानी राज्य को नहीं दिलवा पा रही। यह कथनी और करनी का अंतर है।”गहलोत के अनुसार, “केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने जून में दावा किया था कि इंदिरा गांधी लिफ्ट कैनाल के तीसरे चरण का पानी सितंबर तक जोधपुर पहुंच जाएगा।”उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने 18 अक्टूबर की नई तारीख दी लेकिन वह भी निकल गई और अब नवंबर की बात कही जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, जोधपुर को रोजाना 500 एमएलडी पानी चाहिए लेकिन अभी करीब 380 एमएलडी ही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार को समझौतों के अनुसार राजस्थान के हिस्से का पानी तुरंत दिलवाना सुनिश्चित करना चाहिए। गहलोत ने कहा कि सूखे की इस स्थिति में पानी जोधपुर पहुंचाने की ठोस समय-सीमा तय हो और तब तक शहर के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 7:43 pm

छत, बालकनी और गमलों में जमी काई होगी साफ, ये सस्ता पाउडर आएगा काम

मॉनसून के बाद छत, बालकनी, दीवारों और गमलों में जमी काई घर की खूबसूरती बिगाड़ने के साथ फिसलने का खतरा भी बढ़ा सकती है. दीपावली की सफाई से पहले जानें सफेद पाउडर के इस्तेमाल से जुड़ी जरूरी बातें, काई हटाने का सही तरीका और सफाई के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां.

आज तक 24 Oct 2026 7:40 pm

लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर अब 'तीसरी आंख', 80 की स्पीड पार करते ही कटेगा ऑनलाइन चालान

Lucknow Ayodhya Highway: लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर अब वाहन चालकों की लापरवाही और ओवरस्पीडिंग पर सख्त लगाम लगने जा रही है। 124 किलोमीटर लंबे इस पूरे हाईवे को 140 अत्याधुनिक कैमरों से लैस किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम फरवरी 2027 तक ...

वेब दुनिया 24 Oct 2026 7:33 pm

ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, ट्रंप ने दी फिर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान पर जल्द ही बड़ा सैन्य हमला हो सकता है. इस चेतावनी के बाद पूरे मध्य पूर्व में खलबली मच गई है. वहीं ईरान ने भी सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है. ईरान ने फारस की खाड़ी और होर्मुज में संचार केबलों को नुकसान पहुँचाने की चेतावनी भी दी है.

आज तक 24 Oct 2026 7:29 pm

हरिद्वार की सूखी गंगा में मिला अनमोल खजाने का ढेर!

हरिद्वार में गंगनहर की वार्षिक बंदी के बाद अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. पानी सूखते ही बड़ी संख्या में लोग सोने, चांदी और सिक्कों की तलाश में नहर के तल पर उतर आए हैं. श्रद्धालुओं की ओर से गंगा में चढ़ाए गए आभूषण और सिक्के इन परिवारों की कमाई का जरिया बनते हैं. नहर की सफाई और मरम्मत के बाद 7-8 नवंबर की रात पानी दोबारा छोड़ा जाएगा.

आज तक 24 Oct 2026 7:25 pm

राहुल महाजन से शादी-फिर तलाक, विदेश में बसी एक्ट्रेस, हुए 3 बच्चे

दूसरी शादी के बाद डिंपी ने शोबिज कोअलविदा कह दिया. वो परिवार संग खुशहाल जिंदगी गुजार रही हैं और सोशल मीडिया के जरिए फैंस संग कनेक्टेड रहती हैं.

आज तक 24 Oct 2026 7:25 pm

आपके शहर में कितने बजे निकलेगा शरद पूर्णिमा का चांद? जानें शुभ मुहूर्त

Sharad Purnima 2026: इस साल शरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर को मनाई जाएगी. 25 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय शाम 5 बजे के बाद बताया जा रहा है. हालांकि चांद निकलने का समय देश के विभिन्न शहरों में थोड़ा अलग हो सकता है.

आज तक 24 Oct 2026 7:24 pm

Defence Secretary Rajesh Kumar Singh का कार्यकाल एक साल बढ़ा, अक्टूबर 2027 तक पद पर रहेंगे

नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्रीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल एक साल और बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2027 तक कर दिया है। शनिवार को लिया गया यह फैसला उनके दो साल के तय कार्यकाल के 31 अक्टूबर को पूरा होने से एक हफ्ते पहले आया है। केरल कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी सिंह को एक साल का असाधारण विस्तार (एक्सटेंशन) दिया गया है। उन्हें यह विस्तार रक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देने और भारत को अधिक आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में सुधारों को आगे बढ़ाने में उनके काम के लिए मिला है। इसे भी पढ़ें: 500 करोड़ के ऑडियो मामले में Manoj Jarange ने PM Modi से SIT जांच की मांग की शांत लेकिन सख्त कार्यशैली वाले सिंह ने रक्षा मंत्रालय और DRDO को तेजी से फैसले लेने के लिए प्रेरित किया है, साथ ही पारंपरिक मिसाइल निर्माण के क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिए खोलने का काम भी किया है। उन्होंने 1 नवंबर, 2024 को 40वें रक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला, और इस पद पर गिरधर अरमाने का स्थान लिया। अगस्त 2024 में जब उन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया था, तब उनकी सेवा अवधि को सेवानिवृत्ति की उम्र से आगे बढ़ाकर इस साल अक्टूबर के अंत तक कर दिया गया था। इस साल 31 मई से, सिंह के पास 'रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग' (Department of Defence Research and Development) के सचिव और DRDO के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी है। मई में कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) के एक आदेश के तहत, समीर वी. कामत का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें यह प्रभार सौंपा गया। कामत 25 अगस्त, 2022 से DRDO के प्रमुख थे। यह व्यवस्था तब तक के लिए थी, जब तक कि किसी नियमित प्रमुख की नियुक्ति नहीं हो जाती या अगला आदेश नहीं आ जाता। तब से अब तक DRDO के किसी नियमित प्रमुख की नियुक्ति नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने बताया AgriStack के तहत 11 करोड़ विशिष्ट Farmer ID जारी मौजूदा सरकार में सिंह से पहले इस पद पर रहे अधिकारियों में से, अजय कुमार और गिरधर अरमाने सेवानिवृत्ति की आयु पूरी होने पर पद से हटे थे। आर.के. माथुर और जी. मोहन कुमार ने अपना तय दो साल का कार्यकाल पूरा करने के लिए, अपनी सामान्य सेवानिवृत्ति आयु के बाद भी काम करना जारी रखा था। संजय मित्रा को 2019 में उनके दो साल के कार्यकाल के बाद तीन महीने का विस्तार (एक्सटेंशन) दिया गया था। इनमें से किसी को भी उतने लंबे समय तक पद पर नहीं रखा गया था, जितने समय तक अब सिंह रहेंगे। रक्षा मंत्रालय में आने से पहले, सिंह अप्रैल 2023 से अगस्त 2024 तक 'उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग' में सचिव थे। उससे पहले, वे 'पशुपालन और डेयरी विभाग' में सचिव थे। केरल सरकार में, उन्होंने शहरी विकास सचिव और बाद में वित्त सचिव के रूप में काम किया था।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 7:24 pm

आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में 13 जगह 'विकास यादव'... 9 पर गिरी गाज

Azamgarh Voter List Controversy: अखिलेश यादव के आरोप चुनाव आयोग की जांच में सही पाए गए. आजमगढ़ में विकास यादव का नाम 13 बार दर्ज मिलने पर 9 अधिकारियों पर एक्शन. पढ़ें रिपोर्ट...

आज तक 24 Oct 2026 7:13 pm

कल का मौसम, 25 अक्टूबर: रविवार को 13 राज्यों में होगी बारिश, 70 की स्पीड से चलेंगी तेज हवाएं

उत्तर प्रदेश में रविवार को बारिश को लेकर कोई खास चेतावनी जारी नहीं की गई है। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत अगले दिनों में मिल सकते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 7:12 pm

मुस्कान और साहिल ने दी फांसी की सजा को चुनौती

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाले मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है. दोनों ने मेरठ की जिला अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दोषी ठहराए जाने और मौत की सजा, दोनों को रद्द करने की मांग की है. अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराया था और 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुनाई थी.

आज तक 24 Oct 2026 7:11 pm

गोवा में विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन की राह में सीटों के बंटवारे ने फंसाया पेंच, सत्ता पक्ष से विपक्ष तक बढ़ी मुश्किलें

गोवा में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की राह में सीटों का बंटवारा सबसे बड़ी बाधा बन गया है।

जागरण 24 Oct 2026 7:10 pm

500 करोड़ के ऑडियो मामले में Manoj Jarange ने PM Modi से SIT जांच की मांग की

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल ने शनिवार को एक हालिया वायरल ऑडियो क्लिप की उच्च-स्तरीय जांच की मांग तेज कर दी है। इस क्लिप में आरोप लगाया गया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए थे। ऑडियो क्लिप में दावा किया गया है कि यह रकम मराठा आंदोलन को कमजोर करने के लिए दी गई थी। जालना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, जारांगे ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। ​​कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने और मराठा समुदाय के आंदोलन को खत्म करने के लिए उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण उन्हें बदनाम करने के लिए निशाना क्यों बनाया जा रहा है। जारांगे ने जोर देकर कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि इसके पीछे के लोगों और उनके असली इरादों का पता चल सके। उन्होंने आगे कहा कि अगर BJP या शिवसेना का कोई नेता या कार्यकर्ता इसमें शामिल पाया जाता है, तो संबंधित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने फडणवीस और शिंदे से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इसे भी पढ़ें: Manoj Jarange के 500 करोड़ रुपये वाले ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराएगी महाराष्ट्र सरकार उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस साहब और शिंदे साहब को एक पूरी SIT टीम तैनात करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अकेले न पड़ें; उनसे हमारी यही विनती और मांग है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से भी आग्रह करना चाहते हैं। मोदी साहब को इस मामले पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि 500 ​​करोड़ रुपये से जुड़े इस मुद्दे को वे यूं ही खत्म नहीं होने देंगे और करीब एक महीने तक इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस स्थिति का संज्ञान लेने की अपील की। ​​इस बीच, जारांगे ने सवाल उठाया कि क्या यह पूरा घटनाक्रम श्रीकांत शिंदे को बदनाम करने की एक कोशिश थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच सामने आना चाहिए और अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। राज्य में मराठा समुदाय के लिए OBC श्रेणी के तहत आरक्षण की मांग को लेकर चर्चा में आए जारांगे ने राजनीतिक लोगों पर मराठा आरक्षण आंदोलन को खत्म करने की सोची-समझी साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्दे के पीछे रची जा रही ये साजिशें न केवल समुदाय की प्रगति के लिए, बल्कि सत्ताधारी गठबंधन की राजनीतिक स्थिति के लिए भी खतरा हैं। इसे भी पढ़ें: Ujjain Shaktipeeth: Ujjain के Harsiddhi Temple में गिरी थी सती की कोहनी, बना 51 शक्तिपीठों का केंद्र उन्होंने सवाल किया जिस तरह राज्य सरकार इस मामले की जांच कर रही है, उसी तरह केंद्र सरकार को भी इसकी जांच करनी चाहिए। मोदी साहब को इस मामले में जांच करानी चाहिए, क्योंकि यह बहुत बड़ा मुद्दा है। सभी को एकजुट होना चाहिए। ये लोग कौन हैं और ऐसा क्यों कर रहे हैं? वे मराठा आंदोलन को क्यों खत्म करना चाहते हैं? उनका इरादा क्या है? इस इरादे का सामने आना बहुत जरूरी है, क्योंकि मराठाओं ने इस आंदोलन को खड़ा करने और आरक्षण की मांग के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी है। उन्होंने आगे कहा, इस आरक्षण को छीना नहीं जाना चाहिए; मराठा समाज को बर्बाद नहीं होने दिया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ वे एक सोची-समझी साजिश रच रहे हैं। इसलिए, इन लोगों को रोका जाना चाहिए। इनकी जांच करना और कार्रवाई करना सरकार की जिम्मेदारी है, क्योंकि केंद्र सरकार और मोदी साहब को भी इस पर ध्यान देना चाहिए। यही हमारी मांग है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 7:10 pm

Jamia Campus में आपत्तिजनक नारों का विरोध, 1500 शिक्षकों ने की आंदोलन खत्म करने की मांग

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) के 1,500 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने, JMI के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी के साथ, शनिवार को विश्वविद्यालय के अंसारी ऑडिटोरियम के लॉन में एक बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य आगे की रणनीति पर चर्चा करना था। यह बैठक बातचीत के चार दौर और कल रात समिति द्वारा छात्रों से अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने की अपील के बाद हुई है। यह बैठक एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, जो विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की सात सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति के प्रयासों के बीच हुई है। 18 अक्टूबर को गठित इस समिति का काम जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (JMISU) के चुनावों की मांग को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के साथ मध्यस्थता करना था। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, तोड़फोड़ की घटनाओं और परिसर की दीवारों पर बेहद आपत्तिजनक नारे लिखे जाने पर निराशा जताते हुए, JMI के फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों ने कहा कि ऐसी हरकतें शैक्षणिक माहौल को खराब करती हैं। साथ ही, ये 106 साल की शानदार विरासत वाले इस संस्थान की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं। बैठक में सर्वसम्मति से दो प्रस्ताव पारित किए गए: पहला, कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे प्रदर्शन स्थल खाली कर दें और अपना आंदोलन वापस ले लें, ताकि परिसर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सके। विशेष रूप से 'गालिब प्रतिमा लॉन' (Ghalib statue lawns) को खाली करने के लिए कहा गया, जिस पर प्रदर्शनकारी छात्रों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था, जबकि JMI में प्रदर्शन के लिए 'गेट नंबर 18' को तय किया गया है। इसे भी पढ़ें: 11 छात्राओं के आरोप और FIR के बाद Congress MP Bimol Akoijam को Delhi Police का समन दूसरा, फैकल्टी और कर्मचारियों ने तय किया कि वे खराब की गई दीवारों को फिर से पेंट करेंगे और उन नारों को मिटा देंगे, जिन्हें उन्होंने बेहद निंदनीय और देश की अखंडता, सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे नारों से JMI की प्रतिष्ठा और साख को स्थायी और अपूरणीय नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कुछ मुट्ठी भर लोगों की हरकतों की वजह से एक ऐतिहासिक संस्थान की प्रतिष्ठा खतरे में नहीं पड़नी चाहिए, खासकर तब जब इसके परिणाम पूरे विश्वविद्यालय समुदाय को प्रभावित कर सकते हों। JMI को दशकों तक अपनी सेवाएं देने वाले प्रमुख हितधारकों के रूप में, शिक्षकों ने कहा कि वे विश्वविद्यालय को इस तरह बंधक नहीं बनने दे सकते। उन्होंने सोशल मीडिया पर छात्रों द्वारा फैलाई जा रही झूठी बातों और गलत सूचनाओं पर भी हैरानी और नाराजगी जताई, जिससे संस्थान और उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। JMI के कुलपति (Vice-Chancellor) प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव (Registrar) प्रो. मो. महताब आलम रिजवी ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और देश की अखंडता व संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने वाले आपत्तिजनक नारे लिखना, JMI की साख को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे छात्रों की विश्वसनीयता पर भी बुरा असर पड़ सकता है, जिससे उनके भविष्य में रोजगार, प्लेसमेंट और उच्च शिक्षा के अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: JNU में छात्रों की भूख हड़ताल: MP John Brittas ने राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री से की दखल की मांग बैठक को संबोधित करते हुए, उच्च-स्तरीय समिति के सदस्यों ने कहा कि दो दशक पुराने मुद्दे को सुलझाने के लिए विश्वविद्यालय के त्वरित प्रयासों के बावजूद, प्रदर्शनकारी छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे। हिंसक झड़पों, शिक्षकों पर हमलों और कभी-कभार कक्षाओं में व्यवधान की बार-बार होने वाली घटनाओं के बाद, 2006 में JMI छात्र संघ (JMI Students’ Union) को निलंबित कर दिया गया था। समिति ने बताया कि वर्तमान प्रशासन ने 21 अक्टूबर, 2026 को 'JMISU संविधान मसौदा समिति' (JMISU Constitution Draft Committee) के गठन की तुरंत घोषणा की—एक ऐसी पहल जो 2006 के बाद से किसी भी कुलपति (Vice-Chancellor) या रजिस्ट्रार ने नहीं की थी।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 7:09 pm

सेंटनर ने किस पर फोड़ा हार का ठीकरा? जीत पक्की थी...फिर कहां हुई चूक!

भारत ने सिर्फ 70 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे. ऐसा लग रहा था कि न्यूजीलैंड की टीम आसानी से इस मुकाबले को जीत लेगी. भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉप रहे. लेकिन तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने अपनी बल्लेबाजी से फैन्स का ध्यान खींच लिया.

आज तक 24 Oct 2026 7:08 pm

लखनऊ की खूबसूरत मॉडल-इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे और करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड की पूरी कहानी

लखनऊ के हजरतगंज इलाके में 9 अक्टूबर 2026 की रात बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर युवा कारोबारी शिवा शर्मा (लगभग 28 वर्ष) की मौत हो गई। शिवा अलीगंज निवासी थे और चिकन कारोबार तथा कैफे/रेस्तरां चलाते थे। उनकी मौत को शुरू में ...

वेब दुनिया 24 Oct 2026 7:06 pm

अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह को  स्थायी अधिवक्ता विजय विक्रम सहित कई अधिवक्ताओं ने दी जन्मदिन की बधाई

वर्तमान में अनिल प्रताप सिंह इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में अपर महाधिवक्ता (Additional Advocate General) हैं जो मृदुभाषी एवं तेज तर्रार अधिवक्ता के तौर पर चर्चित हैं।अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंहपूर्व मे उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। लगभग 36 वर्षों से अधिक का वकालत का अनुभव रखने वाले अनिल प्रताप सिंह ने मधुमिता शुक्ला हत्याकांड, शेखर तिवारी हत्याकांड, प्रिया वाही हत्याकांड, अजीत सिंह हत्याकांड और आजम खान से जुड़े मामलों में सरकार की पैरवी की है।आज अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह के जन्मदिन के अवसर पर उनके कार्यालय में जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे अधिवक्ताओं ने उनके दीर्घायु होने की कामना की, इस दौरान उनके कार्यालय में बधाई देने वालों अधिवक्ताओं में विजय विक्रम सिंह, संजय सिंह , अरविंद यादव, अशोक कुमार सिंह, शुभम पांडे, सतीश कुमार मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, शुभम सिंह आदि ने बड़े जोशो-खरोश से जन्मदिन की बधाइयां दी और दीर्घायु होने की कामना की। जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे सभी अधिवक्ताओं एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए अपर महाधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह ने सभी को केक एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 7:05 pm

दिवाली पर झालरों से सजाएं बालकनी, अपनाएं ये 5 तरीके!

Diwali Balcony Decoration Ideas: दिवाली की सजावट में अक्सर बालकनी पीछे छूट जाती है. लेकिन थोड़ी सी समझदारी से आप बालकनी को बिना महंगे सामान के घर का सबसे खूबसूरत कोना बना सकते हैं. रंग-बिरंगी झालरों और लाइटों के इन 5 आसान तरीकों से अपनी छोटी या बड़ी बालकनी को आप शानदार लुक दे सकते हैं.

आज तक 24 Oct 2026 7:00 pm

SEM Court में पेश हुईं AISA अध्यक्ष Neha Bora, दिल्ली पुलिस को मिले कागजात देने के निर्देश

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा शनिवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित SEM कोर्ट के सामने पेश हुईं। इससे एक दिन पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने कोर्ट के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उनसे जांच के दौरान शांति बनाए रखने के लिए ज़मानत के साथ 10,000 रुपये का बॉन्ड भरने को कहा गया था। कोर्ट की कार्यवाही के दौरान, SEM कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे नेहा बोरा के वकील को सभी दस्तावेज़ सौंप दें। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने वकील को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है। नेहा बोरा की ओर से पेश वकील अभिक चिमनी ने कहा कि उनकी कानूनी टीम आज मिले सभी दस्तावेज़ों का विश्लेषण करेगी और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जिसे भी हिरासत में लिया जाता है, उसे यह जानने का अधिकार है कि उसके खिलाफ क्या आरोप हैं। साथ ही, उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी मिलना चाहिए। हमने नेहा बोरा को मिले 'शो कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसे भी पढ़ें: SP MP Ramashankar Rajbhar का दावा, INDIA bloc में सीट बंटवारा तय, जल्द आएगा Manifesto हाई कोर्ट ने इस नोटिस के खिलाफ हमारी चुनौती को खारिज कर दिया है। हालांकि, हाई कोर्ट ने कुछ मानक और शर्तें तय की हैं। इनमें से एक यह है कि फैसले के पैराग्राफ 38 में हाई कोर्ट ने कहा है कि शांति भंग होने की आशंका के आधार के रूप में जिन भी दस्तावेजों या सामग्री का इस्तेमाल किया गया है—और जिन पर SEM ने भरोसा किया है—वे हमें उपलब्ध कराए जाएं। आज हमने SEM को यह फैसला दिखाया, और उन्होंने उदारता दिखाते हुए हमें वे सभी दस्तावेज दे दिए हैं। अब हम आगे की कार्रवाई करेंगे और उन दस्तावेजों को देखेंगे। अगली तारीख 29 तारीख तय की गई है। उन्होंने कहा, पैरा 38 और 50 आदि में दिए गए निष्कर्षों ने आपराधिक संहिता (क्रिमिनल कोड) को विकसित करने में मदद की है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जब भी किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाए, तो उसे यह जानने का अधिकार हो कि उसके खिलाफ क्या आरोप हैं, और उसे जवाब देने का उचित अवसर मिले। इसे भी पढ़ें: Yes Milord: कोर्ट ने नेहा बोरा को क्या झटका दिया, उधर कॉकरोच थाने के चक्कर क्यों लगा रहे? इससे पहले शुक्रवार को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने AISA अध्यक्ष के खिलाफ शुरू की गई निवारक (प्रिवेंटिव) कार्यवाही में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने माना कि स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) द्वारा बोरा को जारी किया गया 'शो-कॉज नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) कानून की आवश्यकताओं को पूरा करता है, और इस चरण में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए सुरक्षा उपायों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने कहा कि यह नोटिस SEM द्वारा पुलिस रिपोर्ट, उससे जुड़े दस्तावेजों और संबंधित पुलिस अधिकारी के बयानों पर विचार करने के बाद जारी किया गया था। SEM ने यह राय बनाई कि 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) के तहत कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अदालत ने कहा कि 'मधु लिमये बनाम सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, मुंगेर' मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किए गए सिद्धांतों का इस चरण में कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। अदालत ने बोरा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने इस नोटिस को चुनौती दी थी। इस नोटिस में AISA अध्यक्ष से यह बताने को कहा गया था कि शांति बनाए रखने के लिए उन्हें 10,000 रुपये का पर्सनल बॉन्ड और इतनी ही राशि की एक जमानत (श्योरिटी) क्यों नहीं देनी चाहिए। यह फैसला नोटिस के चरण में ही निवारक कार्यवाही शुरू करने को न्यायिक समर्थन देता है, जबकि यह तय करने का अधिकार SEM पर छोड़ देता है कि अंततः बॉन्ड की आवश्यकता है या नहीं। अदालत ने कहा, यह नोटिस BNSS के अध्याय IX के तहत एक 'शो-कॉज नोटिस' की सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है। साथ ही, अदालत ने यह भी कहा कि आगे की कार्यवाही के दौरान SEM को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कानूनी सुरक्षा उपायों का पालन किया जाए।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 7:00 pm

School में छात्रा की मौत के बाद पहुंचे मंत्री Ashish Sood, Delhi Police से ली जांच की जानकारी

पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित सरकारी सर्वोदय कन्या विद्यालय में 12वीं कक्षा की 18 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद, शनिवार को दिल्ली के शिक्षा और खेल मंत्री आशीष सूद ने वहां का दौरा किया। छात्रा स्कूल के गार्ड रूम के पीछे जली हुई हालत में मिली थी। अपने दौरे के दौरान, सूद ने स्कूल प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों से घटना, उपलब्ध सबूतों और चल रही जांच की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मामले से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पता लगाने के लिए स्थानीय लोगों से भी बातचीत की। छात्रा की मौत पर दुख जताते हुए, शिक्षा मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद और गंभीर चिंता का विषय बताया। सूद ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने सभी उपलब्ध सबूत दिल्ली पुलिस को सौंप दिए हैं, जो इस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच हो, ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने आगे कहा कि जांच के नतीजों के आधार पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Delhi Police की महिला सिपाही से 24 लाख रुपये की ठगी, आरोपी विक्रांत तोमर बागपत से गिरफ्तार इस दौरान कृष्णा नगर के विधायक अनिल गोयल भी मौजूद थे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार को स्कूल से आग लगने की घटना के संबंध में एक पीसीआर कॉल आई थी। कृष्णा नगर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और वहां छात्रा को जली हुई हालत में पाया। शुरुआती जांच के दौरान, घटनास्थल और मृत छात्रा के स्कूल बैग से कुछ चीजें बरामद की गईं। घटनास्थल का मुआयना करने और जरूरी सबूत इकट्ठा करने के लिए क्राइम टीम को बुलाया गया। फायर ऑफिसर अनूप सिंह के अनुसार, मौके पर दमकल की एक गाड़ी पहुंची थी, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि आग कैसे लगी। उन्होंने बताया, हमें सूचना मिली थी कि स्कूल के अंदर किसी बच्चे ने आग लगा दी है। मौके पर पहुंचकर जब हम स्कूल के अंदर गए, तो हमें एक बच्ची मिली जो जल गई थी और पानी की टंकी के पीछे पड़ी थी। हमें उसकी सही उम्र तो नहीं पता, लेकिन वह 12वीं कक्षा में पढ़ती थी। हमारी टीम की केवल एक गाड़ी वहां पहुंची थी। अभी यह साफ नहीं है कि आग लगाने के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया गया। उसे एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया है; अस्पताल से ही घटना के बारे में पूरी जानकारी मिल पाएगी। दिल्ली पुलिस ने कहा कि घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है और आगे की पूछताछ जारी है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:58 pm

Haryana Weather Alert:

Haryana Weather Alert 24 October 2026: हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार और मौसम विभाग के नाम से जारी शाम 6:35 बजे के अल्पावधि पूर्वानुमान में प्रदेश के आठ जिलों में अगले तीन घंटों के दौरान बारिश की संभावना जताई गई है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, जींद, भिवानी, चरखी दादरी और रोहतक में कहीं-कहीं हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश के आसार हैं।

मौसम ब्रेकिंग 24 Oct 2026 6:54 pm

अभी खरीदें या इंतजार करें? दिवाली से पहले सोने में भारी गिरावट

दिवाली से पहले सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. ऐसे में अगर आप धनतेरस पर सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं तो आपको सोने का सपोर्ट लेवल, कीमत और आगे की रणनीति को समझ लेना चाहिए.

आज तक 24 Oct 2026 6:54 pm

लोको पायलटों के रक्त में Alcohol सीमा पर Railway Board का फैसला लंबित, एक साल बाद भी असमंजस

(जीवन प्रकाश शर्मा)नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर रेलवे बोर्ड को अभी यह तय करना बाकी है कि क्या रक्त में कुछ मात्रा में अल्कोहल पाए जाने पर भी कोई लोको पायलट ट्रेन परिचालन के लिए उपयुक्त माना जा सकता है या नहीं, जबकि मौजूदा नीति के तहत रक्त में अल्कोहल की मौजूदगी बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए, और इस मामले में जल्द से जल्द कोई फैसला लिया जाना चाहिए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह मुद्दा उस वक्त और महत्वपूर्ण हो गया जब रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि 2025 में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुई दो ट्रेनों की टक्कर के मामले में, ट्रेनों के चालक दल सदस्यों की रक्त जांच में प्रति 100 मिलीलीटर (मिली) रक्त में 3 से 10 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक अल्कोहल की मात्रा पाई गई। बिलासपुर के पास गेवरा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन 4 नवंबर 2025 को एक खड़ी मालगाड़ी के पिछले हिस्से से टकरा गई थी। इस हादसे में पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट समेत 12 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 अन्य घायल हो गए। रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जांच में पाया गया कि पैसेंजर ट्रेन एक लाल सिग्नल को पार कर गई थी। साथ ही, यह भी पता चला कि लोको पायलट पहले एक अनिवार्य ‘एप्टीट्यूड टेस्ट’ में सफल नहीं हुआ था, इसलिए उसे मेमू सेवा में तैनात नहीं किया जाना चाहिए था। इस घटना की रेलवे सुरक्षा आयुक्त जांच के मुख्य निष्कर्षों में से एक यह था कि, हालांकि ट्रेन का परिचालन करने वाले चालक दल के सदस्यों के ‘ब्रेथलाइज़र टेस्ट’ में अल्कोहल की मात्रा शून्य पाई गई, लेकिन उनके रक्त के नमूनों में एथेनॉल की सांद्रता 10 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक पाई गई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक, जिनके अधिकार क्षेत्र में दुर्घटना स्थल आता है, ने रेलवे सुरक्षा आयुक्त को सूचित किया था कि सूचीबद्ध निजी प्रयोगशाला 3 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम अल्कोहल की मात्रा का सटीक आकलन नहीं कर सकती, और 10 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम के स्तर को नेगेटिव माना जाता है। उत्तरी रेलवे सहित कई अन्य रेलवे जोन ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उनका कहना है कि ज़्यादातर जोन में रेलवे से जुड़ी या रेलवे की अपनी प्रयोगशालाओं में अल्कोहल की जो न्यूनतम मात्रा पता लगाई जा सकती है, वह 10 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से अधिक है। रेलवे सुरक्षा आयुक्त की टिप्पणी के जवाब में, रेलवे बोर्ड ने उस समय कहा था कि इस मामले की समीक्षा उसके स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा की जा रही है। संपर्क करने पर, रेलवे बोर्ड ने इस मामले पर कोई अद्यतन जानकारी नहीं दी। रेलवे के एक वरिष्ठ जोनल अधिकारी ने कहा, ‘‘इतने महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाए हुए लगभग एक साल हो चुका है, लेकिन यह अभी भी रेलवे बोर्ड के पास लंबित है और इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।’’ उन्होंने बोर्ड से इस पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया। भारतीय रेलवे चिकित्सा नियमावली के प्रावधानों के तहत, रक्त में अल्कोहल का स्तर शून्य होना चाहिए। लोको पायलटों के संगठन, ‘ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन’ ने वैज्ञानिक अध्ययनों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि कई कारणों से रक्त में एथेनॉल की बहुत कम मात्रा पाई जा सकती है। यहां तक कि जिस व्यक्ति ने शराब नहीं पी है, उसके रक्त में भी अल्कोहल का स्तर 10 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर तक या उससे भी अधिक हो सकता है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:53 pm

नेपाल जैसी आपदा से बचा सकता है सियांग बांध? चीन की चुनौती के बीच अरुणाचल में विरोध क्यों?

अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में प्रस्तावित एक विशाल बांध परियोजना अब स्थानीय विरोध, पर्यावरण और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच टकराव का मुद्दा बन गई है। 11,200 मेगावाट की प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) को भारत के लिए बिजली उत्पादन और चीन की तरफ से आने वाले नदी के पानी पर नजर रखने के […] यह लेख नेपाल जैसी आपदा से बचा सकता है सियांग बांध? चीन की चुनौती के बीच अरुणाचल में विरोध क्यों? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 24 Oct 2026 6:52 pm

सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश

भारतीय राजनीति में तारीखों और ऐतिहासिक घटनाओं का हमेशा से बहुत बड़ा महत्व रहा है। जब भी कोई राजनीतिक दल किसी विशेष दिन पर कोई बड़ा आयोजन तय करता है, तो उस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी लाजिमी होती हैं। ताजा मामला कांग्रेस पार्टी द्वारा आगामी 1 नवंबर को आयोजित की जाने वाली एक बड़ी राजनीतिक रैली से जुड़ा है। इस तय कार्यक्रम के सामने आते ही देश की सियासत में भूचाल आ गया है। सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के इस कदम को बेहद असंवेदनशील करार देते हुए मुख्य विपक्षी दल और विशेष तौर पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का साफ तौर पर कहना है कि 1 नवंबर की तारीख का चुनाव करना महज एक इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह देश के सिख समुदाय के उन पुराने और गहरे जख्मों पर नमक छिड़कने की एक सोची-समझी कोशिश है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।1984 के सिख दंगों की काली यादें और तारीख का राजनीतिक संदर्भइस पूरे विवाद की जड़ें साल 1984 के उस काले दौर में जुड़ी हुई हैं, जब देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश की राजधानी दिल्ली समेत कई हिस्सों में भयानक सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। इतिहास के पन्नों में 1 नवंबर की तारीख उन हजारों निर्दोष सिखों के कत्लेआम और उनके परिवारों पर टूटे दुखों के पहाड़ की गवाह है। देश के इतिहास में उस दौर को सबसे काले अध्यायों में गिना जाता है, जिससे आज भी लाखों लोगों की भावनाएं आहत जुड़ी हुई हैं। बीजेपी नेताओं का तर्क है कि जब देश और सिख समुदाय आज भी उस दर्दनाक त्रासदी के काले साये से पूरी तरह उबर नहीं पाया है, ऐसे संवेदनशील समय में उसी तारीख के आसपास या ठीक उसी दिन कांग्रेस पार्टी द्वारा इस तरह की बड़ी राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन रैली का आयोजन करना सरासर गैर-जिम्मेदाराना और क्रूरतापूर्ण हरकत है।बीजेपी नेताओं का तीखा प्रहार, पूछा- क्या कांग्रेस जानबूझकर दे रही है जख्मों को हवाभारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ प्रवक्ताओं और नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी कभी भी 1984 के नरसंहार की नैतिक जिम्मेदारी लेने से बचती रही है और अब इस प्रकार के राजनीतिक आयोजन करके वह पीड़ितों के दर्द का मज़ाक उड़ा रही है। नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी अक्सर देश में संविधान, प्रेम और भाईचारे की बात करते हैं, लेकिन जब उनके अपने राजनीतिक बयानों और पार्टी के कार्यक्रमों की बात आती है, तो ऐतिहासिक संवेदनशीलता पूरी तरह गायब हो जाती है। बीजेपी ने कड़े शब्दों में कहा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व को यह अहसास नहीं है कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के लिए मातम और आंसुओं का दिन रहा है? ऐसे में इस दिन राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश करना उनकी संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है।राहुल गांधी और कांग्रेस की तरफ से क्या आ रही है प्रतिक्रियादूसरी ओर, बीजेपी के इस तीखे हमले के बाद राजनीतिक गलियारों में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के समर्थकों और नेताओं का कहना है कि बीजेपी हर मुद्दे पर बेवजह राजनीति करने की कोशिश करती है और उनके हर सकारात्मक या सामान्य सांगठनिक कार्यक्रम को गलत रंग देने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस का यह भी तर्क है कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे में हर पार्टी को अपने कार्यक्रम तय करने का अधिकार है और इसे किसी खास घटना से जोड़कर देखना पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण राजनीति है। हालांकि, कूटनीतिक और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दलों को अधिक परिपक्वता दिखाने की जरूरत होती है, ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है यह बड़ा राजनीतिक विवादजैसे-जैसे 1 नवंबर की तारीख नजदीक आ रही है, इस मुद्दे पर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। सिख संगठनों और विभिन्न सामाजिक मंचों की तरफ से भी इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। जनता के बीच भी इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या राजनीतिक दलों को ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील तिथियों पर बड़े आयोजनों से बचना चाहिए। फिलहाल, इस पूरे विवाद ने एक बार फिर 1984 के दर्दनाक जख्मों को ताजा कर दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक मुख्य राजनीतिक बहसों का केंद्र बना रहेगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:51 pm

ऋषिकेश को देख भावुक हुए आनंद महिंद्रा, याद आए पुराने दिन

भारत की आध्यात्मिक राजधानी और देवभूमि उत्तराखंड के प्रवेश द्वार के रूप में मशहूर ऋषिकेश का नाम आते ही मन में गंगा के तट, संध्या आरती की घंटियों की गूंज और योग-ध्यान का एक शांत स्वरूप उभर आता है। लेकिन समय के साथ हर शहर की तरह ऋषिकेश का कलेवर भी काफी बदल चुका है। हाल ही में देश के जाने-माने उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ऋषिकेश की अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए एक ऐसा संस्मरण साझा किया, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। आनंद महिंद्रा ने अपने पुराने दिनों के ऋषिकेश और आज के आधुनिक ऋषिकेश के बीच आए जमीन-आसमान के फर्क को बहुत ही गहरे शब्दों में बयां किया है। उनकी यह पोस्ट न केवल पुरानी यादों का पिटारा है, बल्कि यह इस बात का भी अहसास कराती है कि प्रकृति की गोद में बसा यह शहर वक्त के साथ किस तरह से आधुनिकता और आध्यात्मिकता के एक अनूठे संगम में तब्दील हो चुका है।जब पुरानी यादों में खोए आनंद महिंद्रा, तब और अब के बदलाव पर की बातआनंद महिंद्रा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर ऐसी जानकारियां या विचार साझा करते हैं जो लोगों को गहराई से प्रभावित करते हैं। ऋषिकेश से उनका पुराना और गहरा नाता रहा है। जब उन्होंने हाल ही में इस शहर के पुराने दौर को याद किया, तो उनके मन में अतीत की वे सुनहरी यादें ताजा हो गईं जब यहाँ आधुनिकता की दौड़ इतनी तेज नहीं हुआ करती थी। उन्होंने बताया कि कैसे तब और अब के ऋषिकेश में जमीन-आसमान का फर्क आ चुका है। पहले जहाँ गंगा तटों पर एकांत, शांति और केवल साधु-संतों की कुटिया या आश्रम हुआ करते थे, वहीं आज यह शहर एडवेंचर टूरिज्म, लग्जरी रिजॉर्ट्स, कैफे कल्चर और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का ग्लोबल हब बन चुका है। हालांकि, विकास की इस तेज आंधी के बीच भी ऋषिकेश की मूल आत्मा यानी गंगा की पवित्रता और यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा आज भी वैसी ही बनी हुई है, जो हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है।ऋषिकेश का बदलता स्वरूप और एडवेंचर टूरिज्म का बढ़ता क्रेजबीते कुछ दशकों में ऋषिकेश ने अपने आप को केवल एक धार्मिक शहर से बदलकर दुनिया की 'योग राजधानी' और भारत की 'एडवेंचर कैपिटल' के रूप में स्थापित कर दिया है। गंगा नदी पर बने लक्ष्मण झूला और राम झूला से लेकर नए बने आधुनिक पुलों तक, यहाँ की बसाहट में भारी बदलाव आया है। आज यहाँ रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग, क्लिफ जंपिंग और कैंपिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए युवाओं का तांता लगा रहता है। जगह-जगह खुले आधुनिक कैफे और वेलनेस सेंटर्स ने विदेशी सैलानियों को भी अपनी ओर आकर्षित किया है। आनंद महिंद्रा ने इसी बदलाव की ओर इशारा करते हुए रेखांकित किया कि कैसे एक शांत और साधारण सा दिखने वाला कस्बा आज दुनिया के पटल पर एक मॉडर्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में चमक रहा है, लेकिन इस आधुनिकता के बीच हमें इसकी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को संरक्षित रखने की भी उतनी ही जरूरत है।वे 5 अनछुए ठिकाने जो आज भी बनाए हुए हैं ऋषिकेश का असली जादुई आकर्षणभले ही मुख्य शहर में पर्यटकों की भारी भीड़ और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ गई हों, लेकिन आज भी ऋषिकेश और उसके आसपास के इलाकों में कुछ ऐसे गुप्त और अनछुए ठिकाने (Hidden Gems) मौजूद हैं जो आधुनिकता के शोरगुल से कोसों दूर हैं और अपनी प्राचीन शांति को संजोए हुए हैं। यदि आप भी ऋषिकेश की असल रूह को महसूस करना चाहते हैं, तो आनंद महिंद्रा के इन अनुभवों और स्थानीय संस्मरणों के आधार पर इन पांच खूबसूरत जगहों की सैर जरूर करनी चाहिए:मुनि की रेती के शांत कोने और आंतरिक आश्रम: मुख्य बाजार की भागदौड़ से हटकर मुनि की रेती के वे शांत हिस्से जहां आज भी साधक ध्यान और योग साधना में लीन रहते हैं, आपको आंतरिक शांति का अहसास कराएंगे।वशिष्ठ गुफा (Vashistha Gupha): गंगा के तट से थोड़ी दूरी पर स्थित यह प्राचीन गुफा सदियों पुरानी है। ऐसा माना जाता है कि यहां महर्षि वशिष्ठ ने कठोर तपस्या की थी। गुफा के भीतर प्रवेश करते ही जो गहरी शांति मिलती है, वह दुनिया के किसी भी कोने में नहीं मिल सकती।नीलकंठ महादेव मंदिर का पिछला ट्रैक: मुख्य मंदिर के रास्ते के अलावा जंगलों और पहाड़ों के बीच से गुजरने वाले पुराने ट्रैकिंग रूट्स प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं। यहाँ की हरियाली और शुद्ध हवा मन मोह लेती है।स्वर्गाश्रम के पिछले जंगल और प्राकृतिक धाराएं: गढ़वाल हिमालय की तलहटी में फैले स्वर्गाश्रम के शांत जंगलों के बीच सैर करना और वहां बहने वाली छोटी-छोटी प्राकृतिक जलधाराओं के पास वक्त बिताना आपको शहर की चकाचौंध से पूरी तरह दूर ले जाएगा।फूल चट्टी (Phool Chatti) के आसपास का इलाका: योग और मेडिटेशन के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध यह जगह प्रकृति के बेहद करीब है। यहाँ की घाटियां और गंगा का कल-कल करता प्रवाह आज भी पर्यटकों की भीड़-भाड़ से काफी हद तक अछूता और रमणीय है।प्रकृति और आधुनिकता का संतुलन ही है ऋषिकेश की असली ताकतआनंद महिंद्रा का यह भावुक संदेश हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि विकास और पर्यावरण के बीच का संतुलन कितना जरूरी है। ऋषिकेश सिर्फ घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यह आत्म-विश्लेषण और मानसिक शांति की एक ऐसी भूमि है जहाँ आकर हर व्यक्ति खुद को तरोताजा महसूस करता है। चाहे आप एक आध्यात्मिक यात्री हों या फिर एडवेंचर के शौकीन, ऋषिकेश के ये पुराने और नए दोनों ही रूप आपको अपनी ओर आकर्षित करेंगे। जरूरत इस बात की है कि हम इस पावन नगरी की दिव्यता और पवित्रता को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए भी इसकी प्राकृतिक खूबसूरती को बचाकर रखें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:49 pm

शरद पूर्णिमा पर 'चमकी' का जादू: क्या होती है ताज की 'चमकी

जब भी दुनिया के सात अजूबों की बात होती है, तो भारत की शान और प्रेम के प्रतीक ताजमहल का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। यमुना नदी के तट पर सफेद मकराना संगमरमर से तराशा गया यह ऐतिहासिक मकबरा हर मौसम और हर पहर में अपनी अलग छटा बिखेरता है। कभी सुबह की गुलाबी धूप में यह निखर उठता है, तो कभी शाम के वक्त सुनहला नजर आता है। लेकिन जब बात शरद पूर्णिमा की रात की हो, तो ताजमहल का सौंदर्य किसी अलौकिक दुनिया का अहसास कराता है। इस विशेष पूर्णिमा की रात को आगरा में एक बेहद अनूठी और ऐतिहासिक परंपरा निभाई जाती है, जिसे स्थानीय भाषा और इतिहास के पन्नों में 'चमकी' के नाम से जाना जाता है। इस एक रात को ताज महल को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया से सैलानी आगरा खिंचे चले आते हैं।क्या है ताज महल की 'चमकी' और इसका मुगलों के दौर से पुराना नाताआगरा के स्थानीय इतिहास और संस्कृति से जुड़े लोगों के अनुसार, 'चमकी' मूल रूप से शरद पूर्णिमा की उस खास रात को कहा जाता है जब आसमान में चांद अपनी पूरी सोलह कलाओं के साथ खिलकर जमीन पर अमृत बरसा रहा होता है। मुगलों के शासनकाल के दौरान भी इस रात का विशेष महत्व हुआ करता था। इतिहासकार बताते हैं कि मुगल बादशाह शाहजहां और उनके शाही परिवार के लोग शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में यमुना नदी के पार बने 'मेहताब बाग' या ताजमहल के परिसरों में बैठकर इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया करते थे। उस दौर में इस रात को चांदनी के दीदार और उत्सव के रूप में मनाया जाता था, जिसे धीरे-धीरे 'चमकी' का नाम मिल गया। यह परंपरा आज भी आगरा के लोगों के दिलों में उतनी ही जिंदा है जितनी सदियों पहले हुआ करती थी।दूधिया चांदनी में मकराना संगमरमर का हीरों की तरह जगमगानाअब सवाल यह उठता है कि आखिर शरद पूर्णिमा की रात को ही ताजमहल इतना अलग और जादुई क्यों दिखाई देता है? इसके पीछे विशुद्ध रूप से विज्ञान और वास्तुकला का अद्भुत मेल है। ताजमहल को बनाने के लिए राजस्थान के नागौर जिले के मकराना से विशेष प्रकार के सफेद संगमरमर (White Marble) का इस्तेमाल किया गया था। इस संगमरमर की खास विशेषता यह होती है कि इसमें प्राकृतिक रूप से प्रकाश को परावर्तित (Reflect) करने की अद्भुत क्षमता होती है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है और उसकी किरणें जब सीधे इन बारीक और पारदर्शी संगमरमर के पत्थरों पर पड़ती हैं, तो पूरा मकबरा किसी कीमती हीरे की तरह दूधिया रोशनी में जगमगाने लगता है। ऐसा प्रतीत होता है कि मानो किसी ने पत्थरों में अनगिनत हीरे जड़ दिए हों।यमुना नदी का पानी और चांदनी का यह मंत्रमुग्ध कर देने वाला संगमताजमहल के सौंदर्य को चार चांद लगाने में उसके ठीक पीछे बहने वाली यमुना नदी की भूमिका भी बहुत अहम होती है। जब शरद पूर्णिमा की रात को आसमान साफ होता है और पूर्ण चंद्रमा अपनी शीतल चांदनी बिखेरता है, तो यमुना के शांत और स्थिर पानी में ताजमहल का प्रतिबिंब (Reflection) एकदम साफ और स्पष्ट दिखाई देता है। हवा के हल्के झोंकों के साथ पानी में बनने वाली हल्की लहरें जब इस परछाई को थोड़ा सा थिरकाती हैं, तो ऐसा लगता है कि ताजमहल पानी के अंदर तैर रहा है। इस अद्भुत नजारे को देखने वाले हर शख्स की आंखें खुली की खुली रह जाती हैं। संगीत, संस्कृति और वास्तुकला के इस संगम को अनुभव करने के लिए रात के वक्त मखमली रोशनी और सन्नाटे के बीच ताज का दीदार करना जीवन के सबसे बड़े सुखों में गिना जाता है।आधुनिक युग में कैसे मनाया जाता है 'चमकी' का उत्सव और नाइट व्यू का क्रेजसमय के साथ भले ही राजा-महाराजाओं का दौर खत्म हो गया हो, लेकिन 'चमकी' की यह परंपरा आज भी उतने ही उत्साह के साथ जीवित है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और जिला प्रशासन द्वारा शरद पूर्णिमा के आसपास के दिनों में पर्यटकों के लिए ताजमहल के रात्रि दर्शन (Night View) की विशेष व्यवस्था की जाती है। हालांकि टिकट और सुरक्षा के कड़े नियमों के चलते सीमित संख्या में ही लोगों को अंदर जाने की अनुमति मिलती है, लेकिन इसके बावजूद टिकट्स पाने के लिए सैलानियों में होड़ मची रहती है। आगरा के स्थानीय बाजार भी इस रात रोशनी से जगमगा उठते हैं और शहर में एक सांस्कृतिक उत्सव जैसा माहौल बन जाता है। यदि आपने भी कभी शरद पूर्णिमा की रात को ताजमहल की इस 'चमकी' का अनुभव नहीं किया है, तो यह नजारा आपकी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और यादगार पलों में से एक साबित हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:48 pm

नदी नहाने गए एक ही परिवार के चार लोगों की मौत, मृतकों में 2 नाबालिग

खुशियों और उमंग से भरा हुआ एक हंसता-खेलता परिवार जब किसी अपने से मिलने के लिए निकलता है, तो शायद ही किसी ने इस बात की कल्पना की होगी कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हो जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक इलाके में हुई इस बेहद दर्दनाक और मर्माहत कर देने वाली घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। छुट्टी के दिन अपनों के बीच समय बिताने आए एक ही परिवार के चार सदस्यों की नदी में डूबने से अकाल मौत हो गई। इस भीषण हादसे में दो मासूम नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी जिंदगियां अभी ठीक से शुरू भी नहीं हुई थीं। इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार के घर कोहराम मचा हुआ है।सुबह की सुहानी धूप और मौसी के घर जाने का उत्साहघटना वाले दिन सुबह का माहौल बेहद सामान्य और खुशनुमा था। परिवार के ये सदस्य अपनी मौसी के घर घूमने के लिए आए हुए थे। बच्चों की खिलखिलाहट और रिश्तेदारों के मिलने-मिलाने से घर में एक अलग ही रौनक छाई हुई थी। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था। आने जाने की तैयारियां चल रही थीं क्योंकि सभी को तय कार्यक्रम के मुताबिक उसी शाम को अपने पैतृक घर वापस लौटना था। गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए कुछ युवाओं और बच्चों ने पास की ही नदी में जाकर थोड़ी देर नहाने का मन बनाया। उन्हें क्या पता था कि जिस पानी को वे आनंद का जरिया समझ रहे हैं, वह कुछ ही पलों में उनके लिए काल बनकर सामने आ जाएगा।नदी की गहराई बना मौत का जाल, एक को बचाने में डूबे बाकीपरिवार के ये लोग जब नदी के किनारे पहुंचे, तो पानी का किनारा शांत दिखाई दे रहा था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था और बच्चे पानी के उथले हिस्से में मस्ती कर रहे थे। लेकिन कहते हैं कि नदी की गहराई और उसके अंदर के बहाव का अंदाजा बाहर से लगाना नामुमकिन होता है। नहाते-नहाते अचानक पैर फिसलने या पानी के तेज अंडरकरेंट (undercurrent) की चपेट में आने के कारण उनमें से एक सदस्य गहरे पानी की तरफ खिंचता चला गया। उसे डूबता देख बाकी लोगों ने घबराहट में उसे बचाने के लिए एक-एक करके पानी में छलांग लगा दी। तैराकी की पूरी जानकारी न होने और पानी की अथाह गहराई के कारण एक-एक करके चारों लोग पानी के आगोश में समाते चले गए।चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थीकिनारे पर खड़े अन्य लोगों ने जब इन्हें पानी में डूबते हुए देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने फौरन चीख-पुकार मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और खेतों में काम कर रहे लोग तुरंत नदी की तरफ भागे। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर फौरन नदी में छलांग लगाई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एक-एक करके चारों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की आखिरी उम्मीद के साथ तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुंह से यह सुनते ही परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और वे दहाड़ें मारकर रोने लगे।प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर, हर आंख हुई नमइस दिल दहला देने वाली दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। गांव में एक साथ चार अर्थियां उठने की बात सुनकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। जो परिवार शाम को अपने घर लौटने की खुशियां मना रहा था, अब वह अपने प्रियजनों के शव लेकर लौटने को मजबूर है। इस हादसे ने एक बार फिर नदी या तालाब के किनारे सुरक्षा के इंतजामों और लापरवाही के खतरों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनजान जलस्त्रोतों या नदी की गहराई वाले हिस्सों में उतरने से हमेशा बचना चाहिए, ताकि इस तरह के भयानक हादसों से बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:47 pm

GRP जवान के पास मिली 1,90,09,303 करोड़ की सपंत्ति, लग्जरी गाड़ियां

रेलवे पुलिस यानी राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के एक साधारण जवान की अकूत काली कमाई का ऐसा हैरान कर देने वाला सच सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जांच एजेंसियों और भ्रष्टाचार निवारण टीम द्वारा की गई छापेमारी में इस जीआरपी जवान के पास से कुल 1,90,09,303 रुपये की चल-अचल आय से अधिक संपत्ति उजागर हुई है। एक मामूली सिपाही के पद पर तैनात कर्मचारी की सैलरी और उसके पास से बरामद लग्जरी लाइफस्टाइल के बीच का यह अंतर इतना विशाल है कि जांच अधिकारी भी दस्तावेजों को देखकर दंग रह गए। जांच में शहर के पॉश इलाकों में आलीशान मकान, बहुमूल्य जमीनों के दस्तावेज, लग्जरी चार पहिया गाड़ियां और भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहनों का राजफाश हुआ है।रेलवे स्टेशन और चलती ट्रेनों में उगाही से खड़ा किया बेनामी साम्राज्यजांच रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस जीआरपी कांस्टेबल की असली कमाई का जरिया रेलवे स्टेशन परिसरों और लंबी दूरी की ट्रेनों में होने वाली संगठित अवैध वसूली थी। ट्रेन में यात्रा करने वाले अवैध वेंडरों, संदिग्ध यात्रियों, बिना टिकट सफर करने वालों और स्टेशन क्षेत्र में दुकान चलाने वाले छोटे व्यापारियों से हर महीने लाखों रुपये की मंथली कटिंग और हफ्ता वसूली की जाती थी। जीआरपी वर्दी की धौंस दिखाकर यह जवान रोजाना हजारों रुपये नकद ऐंठता था। धीरे-धीरे उसने इस काली कमाई को सफेद करने और छिपाने के लिए अपने रिश्तेदारों तथा करीबियों के नाम पर जमीनों के प्लॉट खरीदे और रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा निवेश करना शुरू कर दिया।रेड के दौरान लग्जरी गाड़ियों और बैंक खातों का हुआ बड़ा खुलासाभ्रष्टाचार निरोधक टीम को जब इस जवान की अनुपातहीन संपत्ति के संबंध में पुख्ता शिकायतें मिलीं, तो गोपनीयता बनाए रखते हुए छापेमारी की योजना बनाई गई। जीआरपी जवान के ठिकानों पर जब एक साथ दबिश दी गई, तो उसके घर के बाहर खड़ी एक से बढ़कर एक ब्रांडेड लग्जरी कारें और महंगी दोपहिया गाड़ियां देखकर पड़ोसी भी अचंभित रह गए। घर के अंदर की गई सघन तलाशी के दौरान अलमारियों से लाखों रुपये कैश, ज्वेलरी के बिल, कई फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के कागजात और अलग-अलग बैंकों की पासबुक बरामद हुईं। इन सभी संपत्तियों का बाजार मूल्य और सरकारी मूल्यांकन जोड़ने पर कुल आंकड़ा 1.90 करोड़ रुपये (1,90,09,303 रुपये) से अधिक का निकला, जो कि उसकी आधिकारिक सेवा अवधि की कुल वैध आय से कई सौ गुना ज्यादा है।एफआईआर दर्ज कर बेनामी लेनदेन और विभागीय मददगारों की पड़ताल तेजअवैध कमाई के इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद आरोपी जीआरपी जवान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) और विजिलेंस की टीम अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि रेलवे पुलिस विभाग में रहते हुए इस सिपाही को किन-किन वरिष्ठ अधिकारियों या राजनीतिक रसूखदारों का संरक्षण प्राप्त था। माना जा रहा है कि अकेले एक जवान के लिए इतने बड़े पैमाने पर वसूली का गिरोह चलाना संभव नहीं था और इसमें जीआरपी थाने के कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की सभी अवैध संपत्तियों को जब्त (Attach) करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:46 pm

6 लाख की डाउन पेमेंट, 19,990 का खर्च, TESLA लाई खास ऑफर

टेस्ला ने भारतीय बाजार में तीन दिनों का खास प्रोग्राम ऑफर किया है. कंपनी ने स्विच एंड सेव कार्निवल का ऐलान किया है, जो 23 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 25 अक्टूबर तक चलेगा. इसके तहत टेस्ला मॉडल वॉइ की प्रभावी मंथली ओनरशिप कॉस्ट 19,990 रुपये हो जाएगी.

आज तक 24 Oct 2026 6:46 pm

SIR के बाद सामने आई वोटर लिस्ट की बड़ी गड़बड़ी

लोकतंत्र के सबसे बड़े आधार यानी मतदाता सूची (Voter List) की शुद्धता और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में संपन्न हुई विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के बाद जब अंतिम और अपडेटेड डेटा सामने आया, तो उसमें ऐसी भारी-भरकम तकनीकी और मानवीय त्रुटियां देखने को मिलीं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह गया। इस बार की गड़बड़ी किसी आम मतदाता तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें कई नामी-गिरामी राजनीतिक हस्तियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के रिकॉर्ड के साथ भी बड़ा खिलवाड़ उजागर हुआ है। सबसे चौंकाने वाला मामला एक जानी-मानी पूर्व महिला महापौर (Mayor) से जुड़ा है, जिनका जेंडर ही इलेक्शन कमीशन के डिजिटल पोर्टल पर महिला से बदलकर पुरुष दर्ज कर दिया गया है। इस तरह की गंभीर गलतियों के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।बीएलओ सर्वे और डिजिटल पोर्टल की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवालकिसी भी लोकतांत्रिक देश में मतदाता सूची का अपडेट होना और उसका सही डेटाबेस तैयार करना चुनाव आयोग की सबसे प्राथमिक और संवेदनशील जिम्मेदारी होती है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ (BLO) को घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करने का कड़ा जिम्मा सौंपा जाता है। लेकिन जमीनी हकीकत और पोर्टल पर अपलोड होने वाले डेटा के बीच का यह अंतर अब प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल रहा है। स्थानीय जानकारों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों ने नियमों के तहत सही ढंग से जांच की होती, तो इस तरह की हास्यास्पद और गंभीर गलतियां पोर्टल पर जगह नहीं पातीं। एक प्रसिद्ध महिला हस्ती और पूर्व महापौर के लिंग (Gender) जैसी बुनियादी और स्पष्ट पहचान को डिजिटल रिकॉर्ड में गलत दर्ज कर देना सीधे तौर पर सिस्टम की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।सिर्फ जेंडर परिवर्तन ही नहीं, कई नेताओं के नाम और तस्वीरों में भी मिला बड़ा झोलइस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद जब अन्य रिकॉर्ड्स की पड़ताल की गई, तो पता चला कि यह चूक केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दलों के कई स्थानीय दिग्गज नेताओं, पूर्व पार्षदों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के नामों की स्पेलिंग, उनकी उम्र, पते और यहाँ तक कि तस्वीरों के मिलान में भी भारी त्रुटियां पाई गई हैं। किसी का नाम गायब है तो किसी के परिवार के सदस्यों के कॉलम में फेरबदल कर दिया गया है। इस तरह की धांधली और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण चुनाव आयोग के डिजिटल पोर्टल की प्रामाणिकता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि इस प्रकार की त्रुटियां महज संयोग नहीं हो सकतीं, बल्कि इसके पीछे प्रशासनिक स्तर पर बड़ी चूक या सुनियोजित गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों में मची खलबली, सुधार की उठी मांगवोटर लिस्ट में सामने आई इन गंभीर विसंगतियों के बाद अब राजनीतिक दलों और आम नागरिकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने चुनाव आयोग से तत्काल प्रभाव से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। मांग यह भी उठ रही है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत जितने भी डेटा ऑनलाइन अपडेट किए गए हैं, उनकी दोबारा से सख्त समीक्षा की जाए ताकि आगामी चुनावों में किसी भी मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग करने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। यदि समय रहते इन तकनीकी और मानवीय त्रुटियों को दुरुस्त नहीं किया गया, तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा डगमगा सकता है। फिलहाल इस ताजा घटनाक्रम ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा रखा है और हर कोई यही तलाश रहा है कि आखिर इस डिजिटल गड़बड़ी के पीछे असली जिम्मेदार कौन है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:45 pm

जब लालू यादव 'जेम्स बॉन्ड' की तरह खुद ही निकल पड़े थे अगवा लड़की की तलाश में

बिहार की राजनीति में ऐसे अनगिनत किस्से दर्ज हैं, जो आज भी लोगों को हैरान और उत्सुक कर देते हैं। ऐसा ही एक बहुत दिलचस्प और अनोखा वाकया साल 1990 का है, जब बिहार की कमान महज 42 वर्ष की उम्र में युवा नेता लालू प्रसाद यादव ने संभाली थी। वह ऊर्जा और जोश से लबरेज थे और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए औचक निरीक्षण और कड़े कदम उठाने के लिए जाने जाते थे। लेकिन एक दिन बात सिर्फ प्रशासनिक निगरानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि मुख्यमंत्री खुद एक सीक्रेट एजेंट यानी 'जेम्स बॉन्ड' की भूमिका में आ गए।यह बात अगस्त 1990 की है। मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव अपने सरकारी आवास पर मौजूद थे। उनके पास ही उनका सुरक्षाकर्मी तैनात था। अचानक सुरक्षाकर्मी के वायरलेस सेट पर एक आपातकालीन मैसेज गूंजा। मैसेज में कंट्रोल रूम को सूचना दी जा रही थी कि पटना के स्टेशन रोड इलाके में एक सफेद रंग की मारुति कार में किसी लड़की का अपहरण कर लिया गया है और कार तेजी से भाग रही है।वायरलेस सेट पर गूंजा अलर्ट और एक्शन में आए सीएम लालू यादवआमतौर पर ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री पुलिस महकमे, डीजीपी या संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत निर्देश जारी करते हैं। हालांकि, उस दिन लालू यादव ने कुछ ऐसा किया जिसकी किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी। वायरलेस पर आपातकालीन पुकार सुनते ही लालू यादव ने तय किया कि वह खुद मौके पर जाकर स्थिति की कमान संभालेंगे और उस लड़की को बचाएंगे।उन्होंने बिना पल गंवाए अपने ड्राइवर को तुरंत गाड़ी निकालने का हुक्म दिया। लेकिन साथ ही एक ऐसी हिदायत दी जिसने इस पूरे वाकये को एक फिल्मी जासूसी थ्रिलर का रूप दे दिया। लालू यादव ने स्पष्ट कहा कि वीआईपी गाड़ियों के ऊपर लगी लाल बत्ती और सायरन बंद कर दिए जाएं। साथ ही एस्कॉर्ट और पायलट गाड़ियों के हूपर भी पूरी तरह खामोश रखने का निर्देश दिया गया। वह नहीं चाहते थे कि शोर-शराबे से संदिग्ध कार चालक या अपराधी सतर्क हो जाएं।पटना की सड़कों पर बिना साइरन-हूटर संदिग्ध मारुति कार का पीछामुख्यमंत्री की गाड़ी बिना किसी सुरक्षा तामझाम और बिना सायरन बजाए पटना की व्यस्त सड़कों पर दौड़ने लगी। ड्राइवर को उसी दिशा में गाड़ी ले जाने को कहा गया जहाँ से लोकेशन ट्रैकिंग की खबरें आ रही थीं। मुख्यमंत्री खुद अगली सीट पर बैठकर चारों तरफ पैनी नजर बनाए हुए थे।पटना स्टेशन रोड के आसपास काफी चहल-पहल थी। कुछ ही दूरी पर मुख्यमंत्री के ड्राइवर को सड़क पर एक सफेद रंग की मारुति कार दिखाई दी। लालू यादव ने तुरंत ड्राइवर को इशारा किया कि कार को इस अंदाज़ में तेजी से ओवरटेक करके रोका जाए कि सामने वाले को संभलने का मौका न मिले। ड्राइवर ने फिल्मी अंदाज में गाड़ी कट मारकर उस मारुति के ठीक आगे खड़ी कर दी।जब फिल्मी अंदाज में रुकी कार और निकला अपनी ही पार्टी का नेताअचानक गाड़ी रुकने से मारुति कार में सवार लोग घबरा गए। यद्यपि गाड़ी का सायरन और लाल बत्ती बंद थी, लेकिन वीआईपी कार का ढांचा देखकर मारुति से एक व्यक्ति बाहर आया। जैसे ही लालू यादव ने शीशा नीचे किया, वह हैरान रह गए। कार से बाहर आने वाला व्यक्ति कोई अपराधी नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी 'जनता दल' का एक स्थानीय नेता निकला।उस नेता ने जब मुख्यमंत्री को अचानक सामने देखा तो वह सकपका गया। लालू यादव ने भांप लिया कि यह वह संदिग्ध गाड़ी नहीं है। उन्होंने नेताजी से संक्षिप्त बात करते हुए कहा कि बाद में मिलना, अभी काम जरूरी है। इसके बाद उन्होंने फिर ड्राइवर से गाड़ी आगे बढ़ाने को कहा क्योंकि अगवा लड़की अभी तक नहीं मिली थी।सड़कों पर घंटों चला सर्च ऑपरेशन और ग्राउंड रियलिटी का अहसासलालू यादव की गाड़ी एक बार फिर पटना की गलियों और मुख्य मार्गों पर फर्राटा भरने लगी। कुछ दूर जाने के बाद सुरक्षा टीम को एक और सफेद रंग की मारुति कार संदिग्ध हालत में दिखी। उसे भी तुरंत घेराबंदी करके रोका गया। लेकिन जब उसकी जांच की गई, तो उसमें से एक जाने-माने वकील साहब निकले।काफी देर तक मुख्यमंत्री की गाड़ी पटना शहर की विभिन्न सड़कों पर बिना किसी सायरन और हूटर के घूमती रही। हालांकि, उस दिन गहन तलाशी और जासूसी के बावजूद वह अगवा लड़की मौके पर नहीं मिली, क्योंकि पुलिस कंट्रोल रूम और जमीनी सूचनाओं के बीच तालमेल की कमी थी।लेकिन इस पूरी घटना ने मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को जमीनी हकीकत का एक बड़ा व्यावहारिक सबक दिया। उन्होंने खुद यह अनुभव किया कि आपात स्थिति में पुलिस कैसे काम करती है, सूचना तंत्र में क्या खामियां होती हैं और किस तरह अपराधी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो जाते हैं। इस अनोखे 'जेम्स बॉन्ड' स्टाइल रेस्क्यू ऑपरेशन की चर्चा आज भी बिहार की राजनीतिक गलियों में बड़े चाव से की जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:44 pm

BJP विधायक Pankaj Singh ने Lucknow में बाढ़ पीड़ितों के लिए रवाना कीं राहत सामग्री

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने शनिवार को लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पंकज सिंह ने अपने पिता, रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह की प्रेरणा से शुरू किए गए इस अभियान के तहत 10,000 जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने की शुरुआत की। उन्होंने सुबह 10:30 बजे आईआईएम रोड स्थित महर्षि विश्वविद्यालय परिसर से वाहनों को रवाना किया। एक बयान के अनुसार, इस अभियान के तहत घर-घर जाकर बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री दी जा रही है। इसमें कहा गया है कि अक्षय पात्र फाउंडेशन और महर्षि विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार इन किटों में आटा, चावल, दाल, खाना पकाने का तेल, नमक, चीनी, मसाले, आलू और प्याज शामिल हैं। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजनाथ सिंह और स्थानीय विधायक नीरज बोरा के बीच हुई बैठक के बाद फैजुल्लागंज में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें बाढ़ पंपिंग स्टेशन और तटबंध का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं का काम जल्द शुरू किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि राजनाथ सिंह स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन तथा अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने 10 अक्टूबर को वीडियो कॉल के जरिए बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की थी और अधिकारियों को समय पर मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में जलभराव के कारण पहुंचना मुश्किल था, वहां नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई गई।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:43 pm

पारे से सोना बना देने का चमत्कार! कौन कह रहा बना देंगे एलियन; Top 5 खबरें

सैन फ्रांसिस्को की स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। इसमें कहा गया है कि उसने पारा को असली सोने में बदल दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने आलोचकों पर तंज कसा है। पढ़िए आज शाम की पांच बड़ी खबरें...

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 6:41 pm

PAK हमें बचा रहा; फारुख अब्दुल्ला के बिगड़े बोल, कहा- दिल्ली के इरादे ठीक नहीं, BJP भड़की

Farooq abdullah: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान कश्मीरियों को बचा रहा है। वरना नई दिल्ली के इरादे कश्मीर के लिए ठीक नहीं है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 6:40 pm

कभी 24 हजार की नौकरी से निकाला गया, आज मिला 1.5 करोड़ का ऑफर; मैनेजर की सलाह ने बदल दी जिंदगी

2.9 लाख रुपये की नौकरी खोने वाले एक इंजीनियर ने हार नहीं मानी. उसने अपने 9 साल से अधिक साल के करियर में कड़ी मेहनत की. वह मेहनत के साथ-साथ किस्मत को भी मानता है.

NDTV इंडिया 24 Oct 2026 6:38 pm

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन थापन ने तोड़ी भूख हड़ताल, जानिए पूरा मामला

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित देश और प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भांजे और कई गंभीर मामलों में आरोपी सचिन थापन उर्फ सचिन विश्नोई ने आखिरकार अपनी लंबी भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया है। जेल प्रशासन और डॉक्टरों की टीम द्वारा की गई समझाइश के बाद उसने यह बड़ा फैसला लिया है। पिछले करीब 19 दिनों से उसने अन्न और जल का पूरी तरह से त्याग कर रखा था, जिसके कारण उसकी शारीरिक स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक अमले और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ था, क्योंकि मामला सीधे तौर पर एक हाई-प्रोफाइल अपराधी और उसकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था।19 दिनों तक अन्न-जल का त्याग और जेल प्रशासन के साथ खींचतान की पूरी कहानीप्राप्त जानकारी के अनुसार, विचाराधीन बंदी सचिन थापन ने बीते 5 अक्टूबर से जेल के भीतर भोजन ग्रहण करने से साफ इनकार कर दिया था। वह लगातार भूख हड़ताल पर बैठा हुआ था। जेल सूत्रों और शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, सचिन अपनी कुछ मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था। उसकी मुख्य मांग यह थी कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद उसके कुछ अन्य साथियों को भी उसी की बैरक में या उसके आसपास शिफ्ट किया जाए। हालांकि, जेल प्रशासन का यह स्पष्ट कहना था कि इस संबंध में बंदी की तरफ से कोई भी आधिकारिक या लिखित आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया था। जेल नियमों और सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए प्रशासन ने उसकी मौखिक मांगों को मानने से इनकार कर दिया था, जिसके विरोध में उसने यह कदम उठाया था। इस लंबी प्रशासनिक खींचतान के चलते जेल के भीतर तनाव का माहौल भी देखने को मिला था।तबीयत बिगड़ने के बाद जेएलएन अस्पताल में हुआ भर्ती, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजामलगातार 18 से 19 दिनों तक भूखे रहने के कारण सचिन थापन के स्वास्थ्य में भारी गिरावट दर्ज की गई। जब उसकी हालत अत्यधिक नाजुक हो गई, तो जेल प्रशासन ने बिना कोई जोखिम उठाए उसे तुरंत अजमेर के सुप्रसिद्ध जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद भी शुरुआती दौर में उसका रवैया असहयोगपूर्ण रहा और उसने डॉक्टरों से अपना इलाज कराने से भी इनकार कर दिया था। बंदी की जिद और उसकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अस्पताल परिसर को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। वहां तीन स्तर की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई थी, जिसमें कमांडो और सशस्त्र गार्ड हर पल मुस्तैद नजर आ रहे थे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से लेकर प्रत्यर्पण तक का लंबा और आपराधिक इतिहासआपकी जानकारी के लिए बता दें कि सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई कोई आम कैदी नहीं है, बल्कि वह देश भर में चर्चित रहे पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य और मास्टरमाइंड आरोपियों में से एक है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि मूसेवाला की हत्या की साजिश रचने, वारदात से पहले रेकी करने और शूटरों को अत्याधुनिक हथियारों व अन्य लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने में उसकी बहुत बड़ी भूमिका थी। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार होकर पहले दुबई और फिर वहां से अज़रबैजान भाग गया था। हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और इंटरपोल के प्रयासों के चलते 1 अगस्त 2023 को उसका अज़रबैजान से प्रत्यर्पण कराया गया था और भारत आते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से वह कानून के शिकंजे में है और विभिन्न अदालती प्रक्रियाओं के तहत राजस्थान की इस सुरक्षित जेल में न्यायिक हिरासत में काट रहा है।भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने ली राहत की सांसमामले की गंभीरता को समझते हुए शुक्रवार को जेल अधीक्षक और चिकित्सा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने अस्पताल पहुंचकर सचिन थापन से लंबी बातचीत की। अधिकारियों ने उसे उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले घातक प्रभावों, शरीर के अंगों पर होने वाले गंभीर नुकसान और जीवन की महत्ता के बारे में समझाया। प्रशासनिक और चिकित्सकीय समझाइश का आखिरकार असर हुआ और सचिन ने बिना किसी शर्त के स्वेच्छा से अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने का फैसला किया। उसने डॉक्टरों की देखरेख में भोजन ग्रहण किया, जिसके बाद जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे ने बड़ी राहत की सांस ली है। डॉक्टरों के मुताबिक, अस्पताल में उसका स्वास्थ्य स्थिर होने के बाद उसे चिकित्सकीय निगरानी में वापस जेल भेज दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से देश की हाई-सिक्योरिटी जेलों में बंद कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से बहस के केंद्र में ला दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:37 pm

पंजाब की सियासत गरमाई: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आप सरकार पर बोला बड़ा हमला

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर अनुभवी नेताओं की तीखी बयानबाजी ने बड़ा भूचाल ला दिया है। जालंधर छावनी से कांग्रेस विधायक और पूर्व ओलंपियन परगट सिंह ने मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) की भगवंत मान सरकार के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल दिया है। परगट सिंह ने राज्य में चल रही धान की खरीद प्रक्रिया को लेकर एक बहुत बड़ा और गंभीर आरोप लगाया है, जिसमें उन्होंने करोड़ों रुपये के भारी-भरकम घोटाले की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में लगातार बिगड़ती जा रही कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। उनका यह हमला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य के किसान मंडियों में अपनी फसल बेचने को लेकर पहले से ही तमाम तरह की परेशानियों और व्यवस्थाओं की कमी का सामना कर रहे हैं। इस तीखे हमले के बाद से पंजाब की सियासत में एक बार फिर नया उबाल आ गया है और विपक्षी दल सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह से आक्रामक हो गए हैं।धान खरीद प्रक्रिया और करोड़ों के घोटाले का सनसनीखेज दावापरगट सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और विभिन्न सार्वजनिक मंचों से बोलते हुए सीधे तौर पर यह दावा किया है कि राज्य में धान खरीद के नाम पर बड़ा वित्तीय भ्रष्टाचार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र और बिचौलियों की मिलीभगत से धान की खरीद, बारदाने के आवंटन और भुगतान प्रक्रिया में करोड़ों रुपये का हेरफेर किया जा रहा है, जिससे सीधे तौर पर किसानों और राज्य के खजाने दोनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उनका कहना है कि कागजों पर सब कुछ दुरुस्त और पारदर्शी दिखाया जा रहा है, लेकिन मंडियों की ज़मीनी हक़ीक़त इसके बिल्कुल विपरीत है। मंडियों में किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने और समय पर भुगतान करने के बड़े-बड़े दावे केवल कागजी साबित हो रहे हैं। परगट सिंह ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके और इस महाघोटाले के पीछे छिपे असली चेहरों को जनता के सामने बेनकाब किया जा सके।पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरे सवाल और अपराधियों के बढ़ते हौसलेधान खरीद में कथित भ्रष्टाचार के अलावा परगट सिंह ने पंजाब में कानून-व्यवस्था के मौजूदा हालात को लेकर भी सरकार को बुरी तरह घेरा है। उन्होंने कहा कि राज्य में आए दिन फिरौती, डकैती, लूटपाट, हत्या और गैंगवार की घटनाएं आम हो चुकी हैं, जिससे आम जनता और कारोबारियों में भारी खौफ का माहौल बना हुआ है। अपराधियों के मन से कानून का डर पूरी तरह समाप्त हो चुका है और पुलिस प्रशासन सरकार के राजनीतिक दबाव के चलते खुलकर काम करने में असमर्थ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सरकार राज्य में शांति, सुरक्षा और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ रोजाना सामने आने वाली सनसनीखेज आपराधिक वारदातें इन दावों की पोल खोल देती हैं। परगट सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जिस राज्य में आम नागरिक, माता-बहनें और व्यापारी अपने ही घरों और कार्यस्थलों पर सुरक्षित महसूस न करें, वहां विकास और बदलाव की बातें करना पूरी तरह बेमानी है।किसानों की समस्याओं और मंडियों की बदहाली पर सरकार की कार्यशैली पर प्रहारपंजाब को देश का अन्नदाता कहा जाता है और यहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कृषि पर आधारित है, लेकिन मौजूदा समय में राज्य का किसान हर तरफ से बुरी तरह पिस रहा है। परगट सिंह ने आरोप लगाया कि धान के सीजन के दौरान मंडियों में बारदाने की भारी कमी, उठान में देरी और नमी के नाम पर किसानों का शारीरिक व आर्थिक शोषण किया जा रहा है। किसानों को अपनी धान की फसल बेचने के लिए कई-कई दिनों तक मंडियों में खुले आसमान के नीचे और रात-रातभर ठिठुरते हुए इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। सरकार के नुमाइंदे और मंत्री केवल विज्ञापनों और जुबानी جمع-खर्च की राजनीति में व्यस्त हैं, जबकि ज़मीन पर अन्नदाता लाचार और बेबस नजर आ रहा है। कांग्रेस विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही मंडियों की व्यवस्था में सुधार नहीं किया और किसानों की इन गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो उनकी पार्टी किसानों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर एक बड़ा जन आंदोलन छेड़ेगी।राजनीतिक गलियारों में हलचल और सरकार की ओर से पलटवार की तैयारीपरगट सिंह के इन तीखे और बेबाक हमलों के बाद पंजाब के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए भ्रष्टाचार के इन तमाम मामलों में कड़े जवाब तलब करना शुरू कर दिया है। हालांकि, आम आदमी पार्टी और सरकार के प्रवक्ताओं की तरफ से हमेशा की तरह इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया जा रहा है। सरकार का आधिकारिक पक्ष यह है कि धान की खरीद और किसानों को भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है और निर्धारित नियमों के तहत सीधे किसानों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि विपक्ष के पास अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए इस तरह की बेबुनियाद बयानबाजी कर रहे हैं। इसके बावजूद, जिस तरह से परगट सिंह ने तथ्यों और ज़मीनी हक़ीक़तों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर आम जनता के बीच एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा करेगा, जिसका असर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी पड़ना तय है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:36 pm

Vaibhav Suryavanshi का बड़ा फ्लॉप शो! नंबर-3 पर हुए फेल

न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला खामोश रहा. चोटिल ईशान किशन की जगह टीम में आए वैभव पहली बार टी20 क्रिकेट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन सिर्फ 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. न्यूजीलैंड के गेंदबाज नाथन स्मिथ ने उन्हें अपना पहला ओवर करते हुए आउट किया. इससे पहले संजू सैमसन भी सस्ते में आउट हो चुके थे. न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 180 रन बनाए.

आज तक 24 Oct 2026 6:34 pm

पूर्व CEC एसवाई कुरैशी पर भड़के तेजतर्रार पूर्व आईएएस अशोक खेमका

भारतीय प्रशासनिक सेवा और देश की चुनावी व्यवस्था से जुड़े एक बड़े घटनाक्रम में नौकरशाही और संवैधानिक पदों पर बैठे दिग्गजों के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। हरियाणा के अपनी ईमानदारी और बेबाक अंदाज के लिए देश भर में मशहूर रहे पूर्व आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एसवाई कुरैशी के एक हालिया बयान पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अशोक खेमका ने साफ शब्दों में कहा है कि एक पूर्व संवैधानिक पद पर आसीन रहे व्यक्ति द्वारा इस तरह के निचले स्तर के प्रहार करना कतई शोभा नहीं देता है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी ने एक डिजिटल पॉडकास्ट के दौरान देश के वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर कुछ ऐसे दावे किए, जिन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया। इस बयान के सामने आने के बाद से ही देश भर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि क्या संवैधानिक पदों पर रह चुके लोगों को इस तरह के सार्वजनिक बयान देने चाहिए या नहीं।एसवाई कुरैशी के उस पॉडकास्ट का पूरा सच, जिसमें उठे थे चुनाव आयोग की नियुक्ति पर सवालयह पूरा विवाद तब तूल पकड़ा जब पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी एक लोकप्रिय पॉडकास्ट 'लंदन वार्ता' में बतौर अतिथि शामिल हुए थे। इस बातचीत के दौरान उन्होंने पत्रकार के साथ देश की निर्वाचन प्रणाली, चुनाव आयोग के अधिकारों और वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चयन से जुड़े कई संवदेनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। पॉडकास्ट के दौरान कुरैशी ने दावा किया कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अतीत में ज्ञानेश कुमार को केंद्रीय स्तर पर 'एडिशनल सेक्रेटरी' और बाद में 'क्रेटरी' पैनल के लिए भी उपयुक्त या योग्य नहीं माना गया था, लेकिन गृह मंत्रालय में अमित शाह के अधीन कार्य करने और उनकी नजदीकी के चलते उन्हें सहकारिता मंत्रालय में सचिव पद की जिम्मेदारी मिल गई। इसके साथ ही कुरैशी ने यह भी दावा किया कि जम्मु-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने की ऐतिहासिक प्रक्रिया और राम मंदिर ट्रस्ट के गठन के दौरान मुख्य रणनीतिकारों में ज्ञानेश कुमार की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने 2023 के नए कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त की चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए, जिसमें प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री (अमित शाह) और लोकसभा में विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।अशोक खेमका का तीखा पलटवार, संवैधानिक गरिमा और 'बिलो द बेल्ट' बयान पर जताई कड़ी आपत्तिपूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी के इन बयानों और दावों के सार्वजनिक होने के बाद सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अशोक खेमका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कड़ा ऐतराज जताया और अपनी भड़ास निकाली। अपनी बेबाक शैली के लिए जाने जाने वाले अशोक खेमका ने लिखा कि देश के किसी भी नागरिक को असहमति जताने का हक है और वैचारिक मतभेद होना पूरी तरह से जायज है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि व्यक्तिगत छींटाकशी की जाए और गरिमा की सारी हदें पार कर दी जाएं। खेमका ने पूर्व सीईसी के बयानों को सीधे तौर पर 'बिलो द बेल्ट' यानी नियमों के दायरे से बाहर जाकर किया गया ओछा प्रहार करार दिया। उन्होंने विशेष रूप से उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मामले को राजनीतिक कोण से देखा गया था। अशोक खेमका ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश के मुकुट जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना कोई साधारण फैसला नहीं था, बल्कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय और एक महान राष्ट्रीय उपलब्धि है। उन्होंने नसीहत दी कि राजनीतिक द्वेष और पूर्वाग्रह से ऊपर उठकर हमेशा देश की संवैधानिक संस्थाओं और उनकी गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर और प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर गरमाई सियासतइस पूरे घटनाक्रम ने केवल दो वरिष्ठ अधिकारियों के बीच की बयानबाजी को ही हवा नहीं दी है, बल्कि इसने देश की सबसे बड़ी स्वायत्त संस्था यानी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी चयन प्रक्रिया को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। पॉडकास्ट के दौरान एसवाई कुरैशी ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Intensive Revision - SIR) और आयोग के कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि तकनीकी और कंप्यूटराइज्ड युग में जहां डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहता है, वहां बार-बार इस प्रकार के व्यापक संशोधनों की जरूरत पर पुनर्विचार होना चाहिए। हालांकि, चुनाव आयोग और सरकार के आलोचकों का एक धड़ा इन बयानों को अपने राजनीतिक एजेंडे के तहत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है, वहीं अशोक खेमका जैसे देश के वरिष्ठ और ईमानदार प्रशासक का मैदान में उतरकर यह कहना कि संस्थाओं के पूर्व प्रमुखों को अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए, इस पूरे विवाद का दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण पहलू बन गया है। जानकारों का मानना है कि जब प्रशासनिक सेवा के दिग्गज इस तरह खुलकर आमने-सामने आते हैं, तो यह व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन पर एक गंभीर सवालिया निशान छोड़ जाता है।अशोक खेमका का बेबाक और कड़क प्रशासनिक इतिहास, जो हमेशा सच्चाई के लिए लड़ेयह पहली बार नहीं है जब अशोक खेमका ने किसी बड़े मुद्दे पर अपनी स्पष्ट और बेबाक राय रखी हो। हरियाणा कैडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी रहे अशोक खेमका अपने 34 साल के लंबे और संघर्षपूर्ण प्रशासनिक करियर के दौरान कुल 57 से अधिक तबादलों का सामना करने के लिए देश भर में जाने जाते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बड़े भ्रष्टाचार घोटालों और अनियमितताओं का पर्दाफाश किया, जिसकी वजह से उन्हें लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक दबावों का सामना करना पड़ा। रॉबर्ट वाड्रा और डीएलएफ भूमि सौदे से जुड़े म्यूटेशन मामले को रद्द करने के उनके फैसले ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। इसके अलावा हरियाणा बीज निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में उन्होंने बीजों की खरीद में हुए बड़े घोटाले का भी पर्दाफाश किया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी इस अटूट निष्ठा और ईमानदारी के दम पर उन्होंने जनता के बीच एक 'भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा' की छवि बनाई है। यही कारण है कि जब प्रशासनिक और संवैधानिक मर्यादाओं के हनन की बात आती है, तो अशोक खेमका बिना किसी डर के खुलकर अपनी बात रखते हैं, और उनका यह नया बयान भी उसी साहसिक और राष्ट्रहित की सोच का एक हिस्सा माना जा रहा है।राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बयान के दूरगामी मायने और भविष्य की दिशापूर्व सीईसी एसवाई कुरैशी पर अशोक खेमका के इस कड़े प्रहार के बाद देश की राजनीति और नौकरशाही के दायरे में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की बयानबाजी से न केवल संवैधानिक संस्थाओं की छवि प्रभावित होती है, बल्कि देश के प्रशासनिक ढांचे में काम कर रहे युवा अधिकारियों के सामने भी एक नकारात्मक संदेश जाता है। एक तरफ जहां विपक्षी दल चुनाव आयोग की नियुक्तियों और पारदर्शिता को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी तरफ खेमका का यह बयान यह साबित करता है कि देश का एक पढ़ा-लिखा और कर्तव्यनिष्ठ प्रबुद्ध वर्ग व्यक्तिगत और राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्रहित और संवैधानिक गरिमा को सबसे ऊपर रखता है। अनुच्छेद 370 जैसी राष्ट्रीय उपलब्धियों को राजनीति का अखाड़ा बनाने के बजाय उनके सम्मान की रक्षा करने की बात कहकर खेमका ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश की अखंडता से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या पूर्व सीईसी की ओर से इस पर कोई सफाई आती है या फिर यह विवाद यहीं थम जाता है, लेकिन इसने यह जरूर तय कर दिया है कि देश की नौकरशाही में वैचारिक मतभेद अब खुलेआम मंचों पर सतह पर आने लगे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:34 pm

रेल सुरक्षा पर जीआरपी प्रमुखों का सम्मेलन

नई दिल्ली। रेलवे सुरक्षा बल ने रेलवे पुलिस यानी जीआरपी के प्रमुखों का नई दिल्ली में अखिल भारतीय सम्मेलन किया, जिसम

स्वतंत्र आवाज़ 24 Oct 2026 6:33 pm

Delhi Police की महिला सिपाही से 24 लाख रुपये की ठगी, आरोपी विक्रांत तोमर बागपत से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की एक महिला कांस्टेबल से सोशल मीडिया पर दोस्ती करने के बाद निवेश के जरिये अच्छे मुनाफे का लालच देकर 24 लाख रुपये की ठगी के आरोप में 26 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह आरोप भी लगाया है कि आमने-सामने हुई मुलाकात के दौरान आरोपी ने उसका शीलभंग करने के इरादे से उसकी कमर को अनुचित तरीके से छुआ था। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी विक्रांत कुमार उर्फ विक्की तोमर (26) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि महिला कॉन्स्टेबल की शिकायत पर आठ सितंबर को मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में उसने कहा कि विक्रांत ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर उससे संपर्क किया था और दावा किया था कि वह खेल कोटे के तहत दिल्ली पुलिस में भर्ती के संबंध में मार्गदर्शन चाहता है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बाद में दोनों के बीच बातचीत एक ‘मैसेजिंग ऐप’ पर होने लगी, जहां आरोपी ने महिला कॉन्स्टेबल से जान-पहचान बढ़ाई और खुद को एक पेशेवर क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद उसने महिला को भारी मुनाफे का झांसा देकर पैसे निवेश करने के लिए राजी कर लिया। अधिकारी ने बताया कि पीड़िता ने आरोपी के आश्वासनों पर भरोसा करते हुए अपनी जमा पूंजी उसके बताए अनुसार कई बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी। इसके अलावा, उसने 12 लाख रुपये का ‘पर्सनल लोन’ लिया तथा अपने परिचितों से भी पैसे उधार लेकर आरोपी को भेजे। इस तरह उसके साथ कुल करीब 24 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने बताया कि कुल रकम में से लगभग आठ लाख रुपये आरोपी के निर्देश पर सट्टेबाजी के एक मंच से जुड़े बैंक खातों में स्थानांतरित गए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस बात का पता लगाया जा रहा है कि क्या वह अन्य लोगों को भी अपनी ठगी का शिकार बना चुका है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:32 pm

फ्रांस में नए प्रदर्शनों पर सरकार सख्त, वाटर कैनन के साथ 70,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती

फ्रांस में इस समय हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और देश एक बार फिर बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों की आंधी का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पिछले कुछ हफ्तों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की वारदातों के बाद फ्रांसीसी सरकार ने इस बार किसी भी तरह की कोताही न बरतने का कड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों के प्रशासन ने देश में कानून और व्यवस्था को बनाए रखने तथा उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा के ऐसे कड़े इंतजाम किए हैं जो पिछले कई वर्षों में शायद ही कभी देखे गए हों। राजधानी पेरिस से लेकर मार्सिले और ल्योन जैसे प्रमुख शहरों तक सुरक्षा बलों का भारी जमावड़ा देखा जा सकता है, जिससे पूरा देश इस समय एक छावनी में तब्दील नजर आ रहा है।फ्रांस में फिर सुलग रही असंतोष की आग, सड़कों पर उतरने की तैयारी में लाखों लोगफ्रांस की धरती पर एक बार फिर जन-असंतोष सड़कों पर उबाल मारता नजर आ रहा है। छात्र संगठनों, श्रमिक संघों और विभिन्न सामाजिक आंदोलनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरने का ऐलान कर दिया है। जानकारों और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस सप्ताहांत होने वाले इन प्रदर्शनों में लाखों की संख्या में आम नागरिक, छात्र और कामगार शामिल हो सकते हैं। लोगों का यह गुस्सा मुख्य रूप से बढ़ती महंगाई, जीवनयापन के बढ़ते खर्च, ईंधन की कीमतों में उछाल और सरकारी खर्चों में की जा रही कटौतियों के खिलाफ है। हालांकि अदालतों और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर प्रदर्शनों के मार्गों को लेकर शुरुआती खींचतान और पाबंदियां भी देखने को मिली हैं, लेकिन आयोजकों के अड़ियल रुख के बाद सरकार को सुरक्षा के मोर्चे पर अपनी रणनीति पूरी तरह बदलनी पड़ी है। देश के विभिन्न कोनों से लोग राजधानी की तरफ कूच करने की तैयारी में हैं, जिससे प्रशासनिक तंत्र की नींद उड़ी हुई है।सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: 70 हजार पुलिसकर्मी, वाटर कैनन और आसमान से पहराजन-आंदोलन और संभावित हिंसा को रोकने के लिए फ्रांस के गृह मंत्रालय और प्रशासन ने जिस स्तर की सुरक्षा तैयारी की है, उसने हर किसी को चौंका दिया है। आधिकारिक घोषणा के अनुसार, देश भर में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगभग 70,000 पुलिसकर्मियों और सुरक्षा अधिकारियों को तैनात किया गया है। यह तैनाती सामान्य पुलिस बल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आतंकवाद-रोधी अभियानों और दंगों से निपटने में माहिर विशिष्ट इकाइयों को भी शामिल किया गया है। पेरिस और अन्य संवेदनशील शहरों की सड़कों पर भारी भरकम बख्तरबंद वाहन और अत्याधुनिक वाटर कैनन तैनात कर दिए गए हैं ताकि किसी भी उपद्रव की स्थिति में तुरंत पानी की बौछार कर भीड़ को तीतर-बितर किया जा सके। इसके अलावा, जमीन पर पुलिस के साथ-साथ आसमान से भी कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस के हेलीकॉप्टर और ड्रोन लगातार संवेदनशील इलाकों के ऊपर चक्कर काट रहे हैं ताकि भीड़ के मूवमेंट और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाई जा सके। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने या पुलिस पर हमला करने वालों से बेहद सख्ती से निपटा जाएगा।ऐतिहासिक संग्रहालय और प्रमुख संस्थान बंद, कारोबारियों में दहशत का माहौलसंभावित हिंसक झड़पों और तोड़फोड़ के खतरे को भांपते हुए फ्रांस के प्रमुख सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संस्थानों ने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर खुद को बंद रखने का ऐतिहासिक फैसला किया है। दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाला पेरिस का विश्वप्रसिद्ध लूव्र संग्रहालय, ओरसे संग्रहालय, पिकासो संग्रहालय और ग्रैंड पैलेस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान सप्ताहांत के दौरान पूरी तरह बंद रहेंगे। कला और संस्कृति के इन वैश्विक केंद्रों के बंद होने से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकार और स्थानीय प्रशासन इस खतरे को कितनी गंभीरता से ले रहा है। दूसरी ओर, देश के बड़े व्यावसायिक महानगरों के व्यापारियों और दुकानदारों में भारी दहशत का माहौल देखा जा रहा है। पिछले प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों द्वारा कई दुकानों में लूटपाट और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिए जाने के बाद, इस बार दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानों और शोरूमों की खिड़कियों और दरवाजों पर लकड़ी के मजबूत बोर्ड ठोक दिए हैं ताकि किसी भी संभावित हमले से संपत्ति को बचाया जा सके। कारोबारियों का कहना है कि बार-बार होने वाले इन प्रदर्शनों और अराजकता के माहौल से उनके व्यवसाय की कमर टूट चुकी है, और वे सरकार से अपनी सुरक्षा की पुख्ता गारंटी की मांग कर रहे हैं।महंगाई, ईंधन संकट और सरकारी नीतियों के खिलाफ गुस्से का उबालफ्रांस में सुलग रहे इस जन-आंदोलन की जड़ें काफी गहरी हैं और यह मुख्य रूप से देश की आर्थिक बदहाली तथा आम जनता की रोजमर्रा की परेशानियों से जुड़ी हुई हैं। यूरोप में भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक आर्थिक मंदी के प्रभाव के चलते फ्रांस के नागरिकों को भी भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। इसके अलावा, रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं और खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों का जीवन दूभर हो गया है। सरकार द्वारा बजट घाटे को कम करने के नाम पर सार्वजनिक सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं के बजट में कटौती करने के फैसलों ने जनता के गुस्से में घी डालने का काम किया है। नागरिकों का कहना है कि सरकार आम जनता को राहत देने के बजाय उद्योगपतियों और बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचा रही है। इन तमाम मुद्दों को लेकर पिछले कुछ दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट विरोध प्रदर्शन चल रहे थे, जो अब एक विशाल जन-आंदोलन का रूप लेते जा रहे हैं।सरकार की दो टूक चेतावनी और नागरिकों के लिए जारी की गई एडवाइजरीदेश के हालात को बेकाबू होने से बचाने के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों और उनकी सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैलाने, दुकानों में लूटपाट करने या कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों पर नकेल कसने के लिए कई इलाकों में चेहरा ढककर प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है और स्थानीय प्रशासन द्वारा रात के समय कर्फ्यू जैसे कड़े प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। इसके साथ ही, भारत समेत दुनिया के कई देशों ने फ्रांस में उत्पन्न इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने फ्रांस यात्रा पर जाने वाले या वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, फ्रांस इस समय एक नाजुक दौर से गुजर रहा है जहां सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बहाल करने और जनता के आक्रोश को शांत करने की दोहरी चुनौती खड़ी है, और आने वाले कुछ दिन देश के भविष्य के राजनीतिक व सामाजिक परिदृश्य के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:31 pm

JDU का अनंत सिंह पर बड़ा एक्शन, 6 साल के लिए पार्टी से निकाला, विधायकी जाने का भी खतरा!

जनता दल (यूनाइटेड) ने मोकामा के विधायक अनंत कुमार सिंह को अनुशासनहीनता के आरोपों और हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधान परिषद चुनावों में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने के कारण 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। साथ ही, उनकी प्राथमिक सदस्यता भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। सिंह ने JD(U) उम्मीदवार नीरज कुमार का विरोध किया था और 'जन सुराज' के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। पार्टी अब विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से औपचारिक रूप से सिफारिश करेगी कि सिंह को विधायक के पद से अयोग्य घोषित किया जाए। इसे भी पढ़ें: Siwan Firecracker Blast: सिवान में मकान में रखे पटाखों में धमाके से पांच की मौत, दो नाबालिग शामिल बिहार JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा द्वारा जारी एक आदेश में, पार्टी ने सिंह पर बार-बार निर्देशों की अवहेलना करने और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अनुचित व अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा के संदेशों के बावजूद, सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपना प्रचार जारी रखा। इस मामले पर ललन सिंह चुप रहे। अनंत सिंह को पार्टी से निकालने का फैसला शनिवार को ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद लिया गया। उनकी पत्नी नीलम देवी को भी छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है और उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है। शनिवार को विधायक अनंत सिंह ने अपने उस बयान से पलटी मार ली, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीतीश के समर्थन के लिए उन्होंने नौ लोगों की हत्या करवाई थी। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। इसके बजाय, उन्होंने RJD पर आरोप लगाया कि जब बिहार में लालू प्रसाद सत्ता में थे, तब उनके नौ रिश्तेदारों की हत्या कर दी गई थी। विवाद में बुरी तरह फंसने के बाद, मोकामा क्षेत्र में अच्छा-खासा प्रभाव रखने वाले अनंत सिंह ने सफाई दी कि उनका मतलब यह था कि पिछली RJD सरकार के दौरान उनके परिवार के नौ सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने आगे कहा कि मेरा कहने का मतलब यह था कि मैंने नीतीश के लिए ऐसा बलिदान दिया है। इसे भी पढ़ें: Bihar Government और SEBI मिलकर चलाएंगे वित्तीय साक्षरता अभियान, फ्रॉड से बचाव पर जोर उन्होंने बताया कि RJD के शासनकाल के दौरान उन पर भी गोली चलाई गई थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ये सब इसलिए हुआ क्योंकि हमने नीतीश का साथ दिया था। उनका यह बयान JD(U) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा द्वारा पार्टी का रुख स्पष्ट किए जाने के 24 घंटे के भीतर आया है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:31 pm

'जब हाथ से फिसल रहा था मैच...', अय्यर ने किसे दिया जीत का क्रेडिट?

भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को दूसरे मुकाबले में हराकर अपना दबदबा बरकरार रखा है. भारतीय बल्लेबाजों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए इस मुकाबले में टीम को एक यादगार जीत दिला दी. इस जीत के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने दिल की बात कही.

आज तक 24 Oct 2026 6:30 pm

भोपाली चचा के भन्नाट क़िस्से - STORYBOX WITH JAMSHED

स्टोरीबॉक्स के इस एपिसोड में जमशेद क़मर सिद्दीक़ी सुना रहे हैं क़िस्से भोपाल के पटियेबाज़ों के. लंबी-लंबी हांकने वाले, अपने मन से कहानियां-क़िस्से बनाकर सुनाने की वो मज़ेदार परंपरा जिसमें क़िस्सा सुनाने वाले और सुनने वाले, दोनों को पता है कि क़िस्सा झूठा है लेकिन फिर भी उसका लुत्फ़ लिया जाता है. इनमें कभी कोई खां साहब रात के वक़्त जंगल में शेर के सामने खड़े हो जाते हैं, कभी नवाब साहब का ख़राब हेलिकॉप्टर एक ठोकर मार कर ठीक हो जाता है, एक बार तो किसी भोपाली ने जो गेंद पर शॉट मारा तो वो जाकर इंदौर से तीन किलोमीटर दूर गिरी. ऐसे ही बेशुमार क़िस्सों का गुलदस्ता तैयार किया गया है स्टोरीबॉक्स में जिसका नाम है “भोपाली चचा के भन्नाट किस्से”.

आज तक 24 Oct 2026 6:30 pm

प्रेमी से शादी की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ी नाबालिग प्रेमिका

झारखंड के पलामू जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां प्यार में पागल एक नाबालिग प्रेमिका अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ गई और देखते ही देखते एक ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ी। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आजकल के युवाओं में रिश्तों को लेकर संवेदनशीलता और भावनाओं का ज्वार किस हद तक बढ़ चुका है, यह घटना उसकी एक और बानगी पेश करती है। स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन जमीन पर खड़े लोगों की सांसें अटकी हुई थीं क्योंकि जरा सी चूक एक बड़ी अनहोनी में बदल सकती थी और किसी की जान भी जा सकती थी।घटना की शुरुआत सुबह के वक्त हुई जब अचानक लोगों ने टावर के ऊपर एक युवती को बैठे हुए देखा। जैसे-जैसे यह बात पूरे इलाके में फैली, वैसे-वैसे वहां तमाशबीनों की भीड़ बढ़ती चली गई। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर माजरा क्या है, लेकिन जब धीरे-धीरे यह बात खुली कि वह नाबालिग लड़की अपने प्रेमी से शादी की जिद को लेकर टावर पर चढ़ी है, तो हर कोई अक्बका रह गया। झारखंड के इस इलाके में इस प्रकार का अनोखा और खतरनाक विरोध प्रदर्शन पहली बार देखा जा रहा था, जिसने स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी।जमीन पर सांसें थमीं और आसमान में बैठी प्रेमिका, घंटों तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामाघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। टावर के नीचे सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जो तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे थे। नाबालिग लड़की टावर के बेहद ऊपरी हिस्से पर बैठी हुई थी और बार-बार अपने प्रेमी से ही बात करने तथा उसी से शादी करने की बात दोहरा रही थी। पुलिस अधिकारियों ने नीचे से लाउडस्पीकर और समझाइश के जरिए उसे सुरक्षित नीचे उतरने की अपील की, लेकिन वह अपनी जिद पर पूरी तरह अड़ी रही। इस दौरान इलाके में ट्रैफिक और कानून व्यवस्था की स्थिति भी तनावपूर्ण हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार घंटों तक युवती से संवाद स्थापित करने की कोशिश की। महिला पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया ताकि वे लड़की को मानसिक रूप से ढांढस बंधा सकें और उसे समझा सकें कि इस तरह जान जोखिम में डालना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। हालांकि,शोकाकुल और आवेश में भरी हुई नाबालिग लड़की किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं थी। उसकी केवल एक ही रट थी कि जब तक उसका प्रेमी उससे शादी का वादा नहीं करता, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण पूरे पलामू जिले में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर भी इस घटना की चर्चाएं तेजी से होने लगीं।प्रेमी के मौके पर पहुंचने और समझाने के बाद उतरी नीचे, प्रशासन ने ली राहत की सांसजब तमाम प्रशासनिक कोशिशें और स्थानीय लोगों की मान-मनौव्वल बेअसर साबित होने लगी, तब पुलिस ने समझदारी दिखाते हुए उसके प्रेमी को तुरंत ढूंढकर मौके पर बुलवाया। प्रेमी के वहां पहुंचते ही स्थिति में एक नया मोड़ आया। प्रेमी ने जब पुलिस की निगरानी में नाबालिग प्रेमिका से बातचीत की और उसे भरोसा दिलाया कि वह उसकी भावनाओं की कद्र करता है तथा समझदारी से इस मामले का समाधान निकालेगा, तब जाकर लड़की का गुस्सा और जिद कुछ कम हुई। प्रेमी के निरंतर समझाने और पुलिस द्वारा सुरक्षित माहौल व न्याय का भरोसा देने के बाद नाबालिग ने आखिरकार टावर से नीचे उतरना स्वीकार किया।जैसे ही लड़की ने नीचे उतरने के लिए कदम बढ़ाए, जमीन पर खड़े हजारों लोगों और पुलिसर्किमयों की अटकी हुई सांसें वापस लौटीं। सुरक्षित नीचे उतरने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में लिया और एहतियात के तौर पर चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल चेकअप) के लिए अस्पताल ले जाया गया। प्रशासन ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के परिजनों को भी थाने में तलब किया गया है ताकि किशोर उम्र में उठाए जाने वाले ऐसे खतरनाक कदमों के परिणामों से उन्हें अवगत कराया जा सके।झारखंड में बढ़ रहे ऐसे मामले और समाज के लिए एक बड़ा संदेशपलामू की यह घटना कोई पहली ऐसी घटना नहीं है, जब प्रेम प्रसंग या शादी की जिद के चलते युवाओं या किशोरियों ने इस तरह के खतरनाक कदम उठाए हों। पिछले कुछ समय में झारखंड और आसपास के इलाकों से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जो यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आज की युवा पीढ़ी मानसिक तनाव और भावनाओं के आवेग को संभालने में कितनी असमर्थ होती जा रही है। कम उम्र में प्रेम संबंधों में उलझना और फिर परिवार या समाज के विरोध के डर से इस तरह के चरम कदम उठाना न केवल खुद की जान जोखिम में डालता है, बल्कि कानून और व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती पैदा करता है।विशेषज्ञों का मानना है किशोरावस्था एक ऐसा नाजुक दौर होता है जहां हॉर्मोनल बदलाव और भावनात्मक उथल-पुथल के कारण बच्चे कई बार गलत फैसले ले बैठते हैं। ऐसे समय में माता-पिता, शिक्षकों और समाज की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार रखें, उनकी समस्याओं को सुनें और उन्हें सही काउंसलिंग प्रदान करें। पलामू की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि केवल कानून या पुलिस कार्रवाई से इस प्रकार की प्रवृत्तियों को पूरी तरह नहीं रोका जा सकता, बल्कि इसके लिए पारिवारिक संवाद और सामाजिक जागरूकता का होना बेहद अनिवार्य है ताकि भविष्य में कोई भी युवा इस प्रकार का खतरनाक रास्ता न चुने।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:29 pm

भ्रष्टाचार और साइबर ठगी भी हत्या जितने ही बड़े अपराध, उसकी सजा और कठोर करने पर क्यों नहीं होती बात: प्रमोद कुमार दुबे

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद कुमार दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्पणी पर कहा कि मृत्युदंड कम करने का उदार रवैया अपराध नहीं बढ़ाता, बल्कि जनसंख्या वृद्धि और व्यवस्थागत खामियां मुख्य कारण हैं।

जागरण 24 Oct 2026 6:29 pm

अनंत सिंह को JDU ने पार्टी से निकाला, पत्नी नीलम देवी भी बाहर; खतरे में विधायकी

बिहार विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर प्रचार करना मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को भारी पड़ा है. जनता दल यूनाइटेड ने अनंत सिंह को पार्टी से निकाल दिया है. उनकी पत्नी नीलम देवी को भी 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है.

NDTV इंडिया 24 Oct 2026 6:26 pm

कश्मीर में PAK मॉड्यूल का भंडाफोड़, घाटी में फैला रहे थे अलगाववादी विचारधारा

कश्मीर में अलगाववादी सोच फैलाने के कथित नेटवर्क को लेकर बांदीपोरा पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस का दावा है कि इस मॉड्यूल के तार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से जुड़े थे और महिलाओं को अलगाववादी विचारधारा से जोड़ने के लिए गुप्त बैठकें की जा रही थीं.

आज तक 24 Oct 2026 6:23 pm

Election Commission और राजनीति से लेकर खेल जगत तक की बड़ी खबरें

‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से शनिवार को शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं;--- दि13 कांग्रेस निर्वाचन आयोग‘वोट चोरी’ की साजिश का ठीकरा सॉफ्टवेयर पर फोड़ने की कोशिश कर रहा निर्वाचन आयोग : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने शनिवार को आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘‘फायदा पहुंचाने’’ के लिए रची गई कथित सुनियोजित साजिश का ठीकरा सॉफ्टवेयर पर डालने की कोशिश कर रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। प्रादे89 झारखंड नवीनकांग्रेस ने कभी संविधान का पालन नहीं किया, अपनी मनमानी से देश चलाया : नितिन नवीनरांची, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी (कांग्रेस) ने कभी संविधान का पालन नहीं किया और अपनी मनमानी से देश चलाया। अर्थ1 व्यापारी राहुल गांधी रैलीव्यापारी संगठन ने राहुल गांधी से एक नवंबर की ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली टालने का आग्रह कियानयी दिल्ली, व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली को 10 नवंबर तक के लिए स्थगित करने का आग्रह किया है। प्रादे60 महाराष्ट्र ऑडियो क्लिप लीड भाजपा राउतसंजय राउत ने एआई की मदद से ऑडियो क्लिप तैयार की, राहुल गांधी के इशारे पर काम कर रहे: भाजपामुंबई, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भाजपा को बदनाम करने का ‘‘ठेका’’ देने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से एक ऑडियो क्लिप तैयार की, जिसमें मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को ‘‘500 करोड़ रुपये’’ दिए जाने का जिक्र है। दि31 दिल्ली छात्रा लीड शवपूर्वी दिल्ली में स्कूल परिसर में 12वीं कक्षा की छात्रा का जला हुआ शव मिलानयी दिल्ली, पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित एक स्कूल में गार्ड के कक्ष के पीछे 12वीं कक्षा की छात्रा का जली अवस्था में शव मिला। इस घटना से 18 वर्षीय छात्रा का परिवार के सदस्य सदमे में हैं। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। दि32 न्यायालय जल निकायकीमती जलस्रोतों की सुरक्षा नहीं होने पर अदालतें स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं: न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों और संबंधित अधिकारियों को आर्द्रभूमियों की मौके पर जाकर पड़ताल करने और उनकी सीमाएं तय करने का निर्देश देते हुए कहा है कि जब कीमती जलस्रोतों की सुरक्षा नहीं हो रही हो, तो अदालतें इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं कर सकतीं। अर्थ5 संसदीय समिति वित्त मुद्देवित्त मामलों की संसदीय समिति क्रिप्टो, एआई सहित 46 आर्थिक मुद्दों की जांच करेगीनयी दिल्ली, संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने चालू वित्त वर्ष के दौरान विस्तृत जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए वित्त में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मुद्रा प्रबंधन और आभासी डिजिटल संपत्तियों के अध्ययन सहित 46 विषयों को चुना है। अर्थ3 रूस भारत व्यापार सहयोगभारत-रूस के बीच 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य: राजदूतमास्को, भारतीय राजदूत विनय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी-अपनी सरकारों को द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने का निर्देश दिया है। वि22 अमेरिका ट्रंप ऑपरेशन सिंदूरट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकवाने का फिर से दावा किया, नोबेल पुरस्कार नहीं मिलने पर जताई निराशावाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में मध्यावधि चुनाव की एक रैली को संबोधित करते हुए एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को भारी शुल्क लगाने की धमकी देकर दोनों देशों के बीच चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष को रुकवाया था। वि9 फ्रांस प्रदर्शनफ्रांस में फिर से विरोध-प्रदर्शन भड़कने के मद्देनजर पेरिस में संग्रहालय बंद, भारी पुलिस बल तैनातपेरिस, फ्रांस में फिर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर अधिकारियों ने शनिवार को व्यापक पुलिस बल तैनात किया है और पेरिस के प्रमुख संग्रहालयों को बंद कर दिया गया है। खेल15 खेल लीड भारततिलक का नाबाद अर्धशतक, भारत चार विकेट से जीतकर पांच मैच की श्रृंखला में 2-0 से आगेक्राइस्टचर्च, भारत ने तिलक वर्मा (नाबाद 51 रन) के अर्धशतक और नीतिश कुमार रेड्डी (नाबाद 26 रन) के साथ सातवें विकेट के लिए 30 गेंद में 69 रन की अटूट साझेदारी की बदौलत शुरूआती झटकों से उबरते हुए शनिवार को यहां दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में न्यूजीलैंड पर एक गेंद रहते चार विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की। खेल18 खेल बैडमिंटन लीड भारतसिंधू फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची, आन से यंग से होगा खिताबी मुकाबलापेरिस, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने शनिवार को फ्रेंच ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेची पर रोमांचक जीत दर्ज की। द कन्वरसेशन के साथ अनुबंध के तहत जारी खबरें--- वि19 ब्रिटेन बाढ़ जलवायु परिवर्तनजलवायु परिवर्तन : बाढ़ से निपटने की जिम्मेदारी लोगों पर डालने से नाराज हैं ब्रिटेन के कई समुदायमैनचेस्टर, जलवायु परिवर्तन के कारण ब्रिटेन में बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। बाढ़ बार-बार आने के बीच समुदायों को आपदा से निपटने में सक्षम बनने तथा खुद को परिस्थिति के अनुरूप ढालने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:23 pm

तुरंत वहां से निकलो; टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हमलावरों को ऐसे मिल रही थी पल-पल की जानकारी

18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में दो हमलावरों ने श्रॉफ की कार पर कई गोलियां चलाई थीं। इस घटना में अभिनेता को मामूली चोटें आईं या वह लगभग सुरक्षित बच गए। इसके बाद कई राज्यों में जांच शुरू की गई और राजस्थान, उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 6:22 pm

Rahul Gandhi और Congress पर बरसे Nitin Nabin, संविधान कमजोर करने का लगाया आरोप

24 अक्टूबर को रांची में आयोजित भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय राजधानी से विरोध-प्रदर्शन आयोजित कर रही है, जबकि वह राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर रही है और स्थानीय मुद्दों की अनदेखी कर रही है। मीडिया से बात करते हुए, नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से झारखंड के मौजूदा राजनीतिक माहौल को चुनौती देने का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय मुद्दों की अनदेखी और राष्ट्रीय स्तर पर मचे हंगामे के बीच का अंतर स्पष्ट किया। इसे भी पढ़ें: हमारी रक्षा कर रहा है...पाकिस्तान पर ये क्या बोल गए फारूक अब्दुल्ला, बीजेपी ने दिया करारा जवाब उन्होंने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि हमें झारखंड में फैले अराजकता के माहौल के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। हमारे प्रदेश अध्यक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनके हालिया विरोध-प्रदर्शनों पर चर्चा करते रहे हैं। जब छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, तब यहां के कांग्रेस नेताओं ने उनके समर्थन में एक शब्द भी नहीं कहा। फिर भी, वे दिल्ली में बैठकर छात्रों और युवाओं की बात करने का दावा करते हैं। हम सभी को इस बात का पता होना चाहिए। कांग्रेस के शासनकाल में, मेडिकल परीक्षा प्रणाली पर 'माफिया राज' हावी था। हमने उस पूरी व्यवस्था को ही बदल दिया। अपनी आलोचना को आगे बढ़ाते हुए, नितिन नबीन ने विपक्षी दलों पर शासन प्रणालियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुनियोजित तरीके से कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज देश में काफी चर्चा हो रही है, जहाँ संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने और लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशें की जा रही हैं। जो लोग आज संविधान का हवाला देते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि अगर किसी ने इसके पन्नों को फाड़कर टुकड़े-टुकड़े किया है, तो वह कांग्रेस पार्टी और उसके नेता ही हैं। इसे भी पढ़ें: Trump ने मस्क-CIA को ही कर दिया एक्सपोज? राहुल की वियतनाम यात्रा की पोल भी खुल गई! इतिहास की घटनाओं का जिक्र करते हुए नबीन ने आगे कहा कि सबने देखा है—चाहे वह विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाना हो, आपातकाल (इमरजेंसी) लागू करना हो, या अनैतिक फैसले लेना हो। कांग्रेस ने कभी भी संविधान के अनुसार शासन नहीं किया; इसके बजाय, उसने पूरे देश को अपने परिवार के नियमों के हिसाब से चलाने की कोशिश की। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की विपक्ष द्वारा की जा रही चुनिंदा आलोचना पर सवाल उठाए और कांग्रेस पर बाहरी प्रभावों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि आज वे देश में पूरी तरह से अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी ताकत सिर्फ एक स्रोत से नहीं आती। भले ही उन्हें देश के भीतर से कुछ समर्थन मिलता हो, लेकिन उनकी ताकत का एक बहुत बड़ा स्रोत देश के बाहर से आता है। मैं कांग्रेस नेताओं, खासकर राहुल गांधी जी से पूछना चाहता हूँ: आप अक्सर इस देश और इसकी संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। लेकिन, जब आपके कार्यकाल के दौरान यही संस्थाएं काम कर रही थीं, तब आपने कभी उन पर सवाल नहीं उठाए।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:22 pm

डेढ़ साल के मासूम की हत्या, दुर्गा मंदिर में मिला कटा सिर, भाई गिरफ्तार

पटना के पालीगंज में डेढ़ साल के मासूम की हत्या से सनसनी फैल गई है. रानीतालाब थाना क्षेत्र के जीतन छपरा गांव के दुर्गा मंदिर में बच्चे का कटा सिर मिला. हत्या का आरोप उसके 22 वर्षीय बड़े भाई अजीत कुमार उर्फ बाला पर है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हथियार बरामद किया है. FSL टीम जांच कर रही है और हत्या की वजह का पता लगाया जा रहा है.

आज तक 24 Oct 2026 6:21 pm

रात को सोने से पहले कर लें ये एक काम, प्रेमानंद महाराज बोले, जीवन में बढ़ेगी शांति और सकारात्मकता

प्रेमानंद महाराज का कहना है कि अगर रात को सोने से पहले दिन का अंत ईश्वर स्मरण और आत्मचिंतन के साथ करना चाहिए. इससे व्यक्ति के अंदर पॉजिटिव एनर्जी आती है.

NDTV इंडिया 24 Oct 2026 6:21 pm

शरद पूर्णिमा से शुरू 3 राशियों के अच्छे दिन, गुप्त स्रोतों से आएगा धन

इस साल शरद पूर्णिमा का व्रत 25 अक्टूबर को रखा जाएगा. शरद पूर्णिमा पर इस बार कई शुभ योग भी रहने वाले हैं. इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा. सूर्य-बुध-शुक्र तुला राशि में बुधादित्य, शुक्रादित्य और लक्ष्मी नारायण राजयोग भी बना रहे हैं. यह संयोग तीन राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है.

आज तक 24 Oct 2026 6:21 pm

अनंत सिंह पर जेडीयू का कड़ा एक्शन, पार्टी ने दिखाया 6 साल के लिए बाहर का रास्ता

JDU ने मोकामा विधायक अनंत सिंह के खिलाफ सख्त कदम उठाया है. विधान परिषद चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर हुए विवाद के बाद यह कार्रवाई हुई है.

आज तक 24 Oct 2026 6:15 pm

कॉर्पोरेट चमक-दमक छोड़ क्लासरूम की बेंच पर बैठे कोल इंडिया के पूर्व GM: उम्र के हर पड़ाव पर सीखने की जिद

जिंदगी के एक ऐसे मुकाम पर जहां ज्यादातर लोग अपने सुनहरे करियर की थकान मिटाने के बाद आराम की जिंदगी और परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं, वहीं कुछ ऐसे असाधारण व्यक्तित्व भी होते हैं जो उम्र के बंधनों को तोड़कर नई ऊंचाइयों को छूने की ललक रखते हैं। कोल इंडिया जैसी प्रतिष्ठित महारत्न कंपनी में महाप्रबंधक (General Manager) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके और लाखों रुपये के सैलरी पैकेज वाली कॉर्पोरेट दुनिया का हिस्सा रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कुछ ऐसा कर दिखाया है जिसे जानकर हर कोई हैरान है। 68 वर्ष की उम्र में जब इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से विश्राम की तलाश करता है, तब इस पूर्व जीएम ने अपनी पुरानी आरामदायक जिंदगी को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर से स्टूडेंट बनने का फैसला किया है। वे आज विश्वविद्यालयों के क्लासरूम में सामान्य विद्यार्थियों की तरह बेंच पर बैठकर मनोविज्ञान (Psychology) विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं। उनकी यह प्रेरणादायक कहानी आज के दौर में उन युवाओं के लिए एक बड़ा सबक है जो छोटी-छोटी असफलताओं से निराश हो जाते हैं या यह मान बैठते हैं कि पढ़ने और सीखने की कोई उम्र होती है।#1 आलीशान नौकरी और भारी-भरकम पैकेज छोड़कर क्यों चुनी अकादमिक और सामाजिक सेवा की राहएक महाप्रबंधक के रूप में कोयला उद्योग और भारी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में दशकों तक देश की अर्थव्यवस्था को गति देने वाले इस शख्स का सफर जितना शानदार रहा, उतना ही दिलचस्प उनका यह नया मोड़ है। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने हजारों कर्मचारियों, प्रबंधकों और अधिकारियों के साथ काम किया था। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि मशीनों और प्रबंधन के आंकड़ों से परे इंसानी दिमाग, उसकी उलझनें, तनाव और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) समाज का एक ऐसा पहलू है जिस पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। रिटायरमेंट के बाद जब उनके सामने हाथ पर हाथ धरकर बैठने या यात्राएं करने का विकल्प था, तब उन्होंने समाज के मानसिक स्वास्थ्य को करीब से समझने और एक काउंसलर या मनोवैज्ञानिक के रूप में लोगों के काम आने का संकल्प लिया। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने किसी शॉर्टकट या ऑनलाइन डिग्री के बजाय सीधे रेगुलर कॉलेज के क्लासरूम में दाखिला लेने की ठानी, ताकि वे युवा छात्रों के बीच रहकर अकादमिक माहौल का अनुभव कर सकें और विषय की गहराई तक उतर सकें।#1 युवाओं के बीच क्लासरूम का अनुभव और 68 की उम्र में असाइनमेंट-परीक्षाओं का रोमांचजब 68 साल के एक अनुभवी कॉर्पोरेट लीडर ने विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर कदम रखा और कक्षाओं में दाखिला लिया, तो शुरुआत में उनके सहपाठियों और प्रोफेसरों के लिए यह किसी आश्चर्य से कम नहीं था। उम्र के इस पड़ाव पर कॉलेज के लेक्चर सुनना, नोट्स तैयार करना, लाइब्रेरी की मोटी-मोटी किताबें खंगालना और परीक्षा के हॉल में बैठकर पर्चे लिखना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन इस पूर्व जीएम ने साबित कर दिया कि जब आपके भीतर सीखने की इच्छा प्रबल हो, तो कोई भी बाधा रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकती। वे रोजाना समय पर क्लास पहुंचते हैं, हर लेक्चर को बेहद तल्लीनता से सुनते हैं और असाइनमेंट समय पर जमा कराते हैं। कॉलेज के युवा छात्र उनके इस जज्बे और अनुशासन को देखकर न केवल अचंभित हैं, बल्कि उनसे प्रेरणा भी ले रहे हैं। क्लासरूम में उनके सहपाठियों के साथ होने वाली चर्चाएं और वैचारिक आदान-प्रदान आज परिसर में एक मिसाल बन चुका है।#1 मनोविज्ञान (Psychology) विषय को चुनकर समाज सेवा और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकसमनोविज्ञान एक ऐसा विषय है जो मानव व्यवहार, भावनाओं, चेतन-अचेतन मन और मानसिक विकारों का अध्ययन करता है। आज की इस भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जिंदगी में डिप्रेशन, एंग्जायटी और मानसिक अवसाद जैसी समस्याएं तेजी से पैर पसार रही हैं। कोल इंडिया के इस पूर्व महाप्रबंधक का मानना है कि सेवानिवृत्ति के बाद उनके पास जो अनुभव और प्रशासनिक क्षमता है, उसे यदि मनोवैज्ञानिक ज्ञान के साथ जोड़ दिया जाए, तो वे समाज के उन लोगों की मदद कर सकते हैं जो मानसिक तनाव या अकेलेपन से जूझ रहे हैं। पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी योजना विशेष तौर पर बुजुर्गों, युवाओं और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए मुफ्त काउंसलिंग और मार्गदर्शन शिविर आयोजित करने की है। उनका यह कदम यह साबित करता है कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने या नौकरी पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम है।#1 डिजिटल युग, एआई सर्च और सोशल मीडिया पर वायरल इस प्रेरणादायक कहानी की गूंजआज के आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई सर्च (SEO/AEO) के दौर में जब इस तरह की सकारात्मक और प्रेरणादायक खबरें सामने आती हैं, तो वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आग की तरह फैल जाती हैं। गूगल, बिंग और अन्य आधुनिक सर्च इंजनों पर इस समय 'Retired coal India GM studying psychology at 68', 'Old age education inspiration stories hindi', 'Leaving 4 lakh job for studies', और 'Power of lifelong learning news' जैसे कीवर्ड्स शीर्ष रुझानों में बने हुए हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मुंबई और देश के तमाम हिस्सों के लोग इंटरनेट के माध्यम से इस बुजुर्ग की दृढ़ इच्छाशक्ति की सराहना कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के जरिए समाज के भीतर छिपी इन अनूठी और सकारात्मक शख्सियतों की कहानियां घर-घर तक पहुंच रही हैं, जो लोगों को अपनी उम्र की सीमाओं से परे जाकर अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दे रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:15 pm

दशहरा बीतने के बावजूद पंडाल में ही थमी हैं मां भगवती: आस्था और प्रशासनिक अव्यवस्था के बीच फंसा विसर्जन

सनातन परंपरा में शारदीय नवरात्रि और विजयादशमी (दशहरा) पर्व का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की विधि-विधान से उपासना करने के बाद दशमी तिथि को नम आंखों से मां भगवती की प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ विसर्जित करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। लेकिन इस बार एक हैरान करने वाला और श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाला मामला सामने आया है, जहां विजयादशमी का त्योहार समाप्त होने के कई दिनों बाद भी मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित नहीं हो सकी है और वह आज भी पूजा पंडाल में ही विराजमान हैं। यह स्थिति किसी प्राकृतिक आपदा के कारण नहीं, बल्कि विसर्जन घाटों पर फैली घोर अव्यवस्था, प्रशासनिक तालमेल की कमी और नगर निकाय की ढिलाई की वजह से पैदा हुई है। इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय पूजा समिति के पदाधिकारियों और आम श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है, और वे शासन-प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।#1 विसर्जन घाटों पर गंदगी और अव्यवस्था का अंबार: पूजा समिति ने जताई कड़ी नाराजगीमामले की जमीनी हकीकत का जायजा लेने पर पता चला कि पूजा समिति के सदस्य तय समय-सारणी के अनुसार दशमी की शाम को ही मां दुर्गा की प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाने की पूरी तैयारी कर चुके थे। लेकिन जब समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पहले से चिन्हित किए गए स्थानीय नदी और तालाब घाटों का दौरा किया, तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक था। विसर्जन स्थलों पर न तो पर्याप्त पानी का इंतजाम था, न ही प्रतिमाओं को पानी में उतारने के लिए क्रेन या सुरक्षा कर्मियों की कोई व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, घाटों के चारों तरफ गंदगी और कीचड़ का अंबार लगा हुआ था। समिति के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि हम मां दुर्गा की प्रतिमा का अनादर होते हुए नहीं देख सकते। किसी भी स्थिति में कीचड़ या अशुद्ध स्थल पर प्रतिमा को प्रवाहित करना धार्मिक मान्यताओं के पूरी तरह खिलाफ है, इसी वजह से प्रतिमा को वापस सुरक्षित पंडाल में लाकर रखना पड़ा।#1 पूजा समिति का तीखा सवाल: त्योहारों की व्यवस्था पर प्रशासनिक दावे कहां गायब हो गएइस दुखद स्थिति से नाराज दुर्गा पूजा समिति और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति के अध्यक्ष और सचिव ने मीडिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहार शुरू होने से हफ्तों पहले जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं कि विसर्जन घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। लेकिन जमीनी स्तर पर हर बार ये दावे खोखले साबित होते हैं। समिति ने शासन से सीधे लहजे में सवाल पूछा है कि आखिर यह कैसी व्यवस्था है जहां श्रद्धालुओं को अपनी आराध्य देवी की प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है और मजबूरी में प्रतिमा को पंडाल में ही रोक कर रखना पड़ रहा है? यदि समय रहते विसर्जन कुंडों की सफाई और जल स्तर का प्रबंध नहीं किया गया था, तो बैठकों में बड़े-बड़े वादे क्यों किए गए थे?#1 श्रद्धालुओं में भारी गुस्सा, शासन से तुरंत हस्तक्षेप कर सम्मानजनक विसर्जन की मांगदशहरा बीत जाने के बाद भी मां दुर्गा का विसर्जन न हो पाने की खबर जैसे ही इलाके में फैली, पंडाल के बाहर भक्तों और स्थानीय निवासियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। हर कोई इस प्रशासनिक लापरवाही पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहा है। धर्मशास्त्रियों और विद्वानों के अनुसार, दशमी तिथि के बाद प्रतिमा का विसर्जन न हो पाना शुभ संकेत नहीं माना जाता और इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूजा समिति के सदस्यों ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। समिति की स्पष्ट शर्त है कि जब तक प्रशासन किसी उपयुक्त, स्वच्छ और सम्मानजनक विसर्जन कुंड का प्रबंध नहीं करता और सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं देता, तब तक प्रतिमा का विसर्जन नहीं किया जाएगा।#1 जनरेटिव एआई सर्च, SEO और लोकल न्यूज में गरमाया मां दुर्गा विसर्जन विवाद का मुद्दाआज के आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई सर्च (SEO/AEO) के दौर में स्थानीय प्रशासन की यह बड़ी लापरवाही सोशल मीडिया से लेकर सर्च इंजनों तक पर तेजी से वायरल हो रही है। गूगल, बिंग और अन्य आधुनिक प्लेटफॉर्म्स पर इस समय 'Durga idol immersion delay news', 'Puja samiti protest after Dussehra', 'Administrative negligence in idol immersion', और 'Local municipality immersion ghat preparation issues' जैसे कीवर्ड्स लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के श्रद्धालु इंटरनेट के माध्यम से इस खबर की हर एक अपडेट पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। जनरेटिव एआई और लोकल सर्च ऑप्टिमाइजेशन के माध्यम से जनआस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी यह जमीनी रिपोर्ट सीधे लोगों तक पहुंच रही है, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:14 pm

हमारी रक्षा कर रहा है...पाकिस्तान पर ये क्या बोल गए फारूक अब्दुल्ला, बीजेपी ने दिया करारा जवाब

नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठाकर जम्मू-कश्मीर के लोगों की रक्षा कर रहा है, जबकि उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वैश्विक दबाव के कारण भारत सरकार चुप है। उत्तरी कश्मीर के बारामूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पाकिस्तान का जिक्र करते हुए अब्दुल्ला ने कहा हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है। वह (पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ) हर जगह जाकर कहते हैं कि कश्मीर का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ है। वह हमारी रक्षा कर रहे हैं। वरना, उनके (भारत के) इरादे अच्छे नहीं हैं। अब्दुल्ला ने यह सवाल भी उठाया कि क्या जम्मू-कश्मीर के लोग सरकार से न्याय की उम्मीद कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और अपनी पहचान के लिए खड़े होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा आप दिल्ली से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या आपको लगता है कि वे आपको न्याय दिलाएंगे? लड़ने का साहस रखें, वरना आप खत्म हो जाएंगे और आपकी पहचान मिट जाएगी। इसे भी पढ़ें: Farooq Abdullah ने IAS अफसर कुमार राजीव रंजन को Jammu Kashmir से बाहर भेजने की मांग उठाई बीजेपी ने अब्दुल्ला को जवाब दिया अब्दुल्ला के बयानों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जम्मू-कश्मीर बीजेपी इकाई के प्रमुख सत शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। साथ ही, उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर अब्दुल्ला ऐसे बयान देना जारी रखते हैं, तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए शर्मा ने कहा फारूक अब्दुल्ला को यह समझना चाहिए कि इस देश में उन्हें अपनी मर्जी की बात कहने की आज़ादी है। इसी आज़ादी की वजह से वह ऐसे बयान दे पा रहे हैं। अगर आपने यही बातें पाकिस्तान में कही होतीं, तो शायद आपको बख्शा नहीं जाता। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में जम्मू-कश्मीर के मुसलमान सुरक्षित हैं और अब्दुल्ला पर आरोप लगाया कि उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के नतीजों को नजरअंदाज किया है। इसे भी पढ़ें: मंत्रिमंडल में फेरबदल करेंगे Omar Abdullah, विधायकों से कहा, अब मेरे पास बायोडाटा नहीं भेजें फैसला हो चुका है शर्मा ने कहा बीजेपी इस तरह के बर्ताव को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्हें भारत की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। वरना, मैं तो यही कहूंगा कि उनके लिए पाकिस्तान एक बेहतर जगह होगी, उन्हें वहां जाकर बस जाना चाहिए। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता विनोद बंसल ने भी अब्दुल्ला की आलोचना की और कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने इस सुझाव पर सवाल उठाया कि कश्मीरियों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है; उन्होंने तर्क दिया कि यह भारत की ताकत ही है जो इस क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने ANI से कहा जब देश के गद्दार सत्ता में आते हैं, तब भी वे अपनी गद्दारी नहीं छोड़ते। वे भारत में रहते हैं और पाकिस्तान के गुण गाते हैं। क्या कश्मीर पाकिस्तान की वजह से सुरक्षित है, या फिर पाकिस्तान को भारत की ताकत दिखाकर कश्मीर को सुरक्षित रखा गया है? पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र और ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर का मुद्दा उठाया है, जिसमें अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का मामला भी शामिल है, लेकिन उसकी सारी कोशिशें बेकार गई हैं। अनुच्छेद 370, जो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था, उसे केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में हटा दिया था। इसके बाद, इस पूर्व राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख - में पुनर्गठित कर दिया गया।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:14 pm

Himachal के Nahan में दो पक्षों में पथराव, SHO समेत 14 लोग घायल

हिमाचल प्रदेश के नाहन में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली गेट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर वाल्मीकि चौक के पास स्वागत द्वार लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हिंसा भड़क उठी। गोबिंदगढ़ इलाके के कुछ निवासी स्वागत द्वार लगाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका वाल्मीकि बस्ती के निवासियों ने विरोध किया। सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने शनिवार को बताया कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही बढ़ गई। इसके बाद दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलों से हमला किया। नेगी ने बताया कि नाहन के थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर ईंट, पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं। बीच-बचाव के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया, जिससे कुछ पुलिस अधिकारी घायल हो गए।’’उन्होंने बताया कि हिंसक भीड़ ने मौके पर मौजूद कई सरकारी और निजी वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। नेगी ने कहा कि जब नाहन के तहसीलदार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए मौके पर पहुंचे, तो भीड़ ने उनके सरकारी वाहन को रोक लिया और उस पर पत्थरों तथा लाठियों से हमला किया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना में नाहन सदर थाने के प्रभारी कुलबीर सिंह और दो अन्य पुलिसकर्मियों समेत 14 लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए नाहन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इस घटना के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर यातायात भी बाधित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा और वाहनों की कतार लगभग पांच किलोमीटर तक पहुंच गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस ने स्थिति पर काबू पा लिया है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा तीन के तहत मामला दर्ज किया है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:13 pm

गोरखपुर से मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और जेवर तक हवाई कनेक्टिविटी, जानें फ्लाइट की टाइमिंग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद और पूर्वांचल के प्रमुख औद्योगिक व व्यापारिक केंद्र गोरखपुर से देश के बड़े महानगरों की दूरी अब और भी सिमटने जा रही है। पूर्वांचल के निवासियों, व्यवसायियों, छात्रों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों की बढ़ती मांग को देखते हुए महायोगी गुरु गोरखनाथ एयरपोर्ट (गोरखपुर हवाई अड्डे) से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और नए बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार किया गया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय और प्रमुख विमानन कंपनियों जैसे इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर द्वारा जारी नई समय-सारणी के अनुसार, गोरखपुर से अब प्रतिदिन और सप्ताह के निर्धारित दिनों में कई उड़ानें संचालित की जाएंगी। इस हवाई विस्तार से न केवल गोरखपुर बल्कि आसपास के जिलों जैसे देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर और नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को भारी सुविधा मिलने वाली है।#1 गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की फ्लाइट टाइमिंग और नया शेड्यूलगोरखपुर से देश के सबसे बड़े आर्थिक और राजनीतिक केंद्रों के लिए उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है ताकि यात्री दिन भर में अपना काम निपटाकर वापस लौट सकें। गोरखपुर से देश की राजधानी दिल्ली के लिए अब सुबह, दोपहर और शाम की अलग-अलग समय सीमाओं में रोजाना 4 से 5 सीधी उड़ानें उपलब्ध रहेंगी। दिल्ली जाने वाली पहली फ्लाइट सुबह 8:30 बजे गोरखपुर से उड़ान भरेगी और 10:15 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी, जबकि शाम की अंतिम फ्लाइट 7:45 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी। इसी तरह, गोरखपुर से मुंबई (छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) के लिए सीधी नॉन-स्टॉप फ्लाइट रोजाना दोपहर 12:20 बजे रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे मुंबई लैंड करेगी। सूचना एवं आईटी हब बेंगलुरु के लिए हफ्ते में चार दिन (सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार) सीधी सेवा रहेगी, जो गोरखपुर से दोपहर 3:10 बजे उड़ान भरकर शाम 5:45 बजे केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी।#1 जेवर एयरपोर्ट (नोएडा) से सीधे जुड़ेगा गोरखपुर: कनेक्टिविटी में नया अध्यायउत्तर प्रदेश के सबसे बड़े ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शुरू होने के साथ ही गोरखपुर को जेवर से सीधे जोड़ने के लिए विशेष हवाई मार्ग तैयार किया गया है। जेवर एयरपोर्ट से गोरखपुर के बीच सीधी एयर कनेक्टिविटी शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और गाजियाबाद जाने वाले यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट के भारी जाम और लंबी दूरी से बड़ी राहत मिलेगी। जेवर के लिए प्रस्तावित इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की सीधी फ्लाइट गोरखपुर से रोजाना सुबह 11:00 बजे उड़ान भरेगी और मात्र 1 घंटे 15 मिनट के भीतर यात्रियों को जेवर पहुंचा देगी। इस नए एयर रूट से दिल्ली एनसीआर में काम करने वाले पूर्वांचल के लाखों पेशेवरों को अपने घर आने-जाने में समय की भारी बचत होगी और क्षेत्रीय पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा।#1 पूर्वांचल के आर्थिक विकास, पर्यटन और आपातकालीन चिकित्सा को मिलेगी नई उड़ानगोरखपुर एयरपोर्ट से उड़ानों के इस बड़े विस्तार का सीधा असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों पर दिखाई देने लगा है। पूर्वांचल का केंद्र होने के कारण गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट हब, आयुष विश्वविद्यालय और एम्स (AIIMS) जैसी बड़ी संस्थाएं स्थापित हुई हैं। हवाई कनेक्टिविटी सुगम होने से मुंबई और बेंगलुरु के बड़े उद्योगपति व निवेशक अब आसानी से गोरखपुर आ-जा सकेंगे। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को आपातकालीन स्थिति में दिल्ली या मुंबई के बड़े अस्पतालों तक ले जाना अब बेहद आसान और त्वरित हो गया है। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर और गोरखनाथ मंदिर दर्शन के लिए आने वाले देसी-विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी इस नए फ्लाइट शेड्यूल के लागू होने से भारी उछाल दर्ज किए जाने की उम्मीद है।#1 जनरेटिव एआई सर्च, SEO और एईओ के दौर में फ्लाइट शेड्यूल की लाइव जानकारीआज के आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई सर्च (SEO/AEO) के दौर में यात्रा करने वाले यात्री इंटरनेट पर सेकंडों में फ्लाइट्स के समय और किराए की तलाश कर रहे हैं। गूगल, बिंग और अन्य आधुनिक सर्च इंजनों पर इस समय 'Gorakhpur to Delhi flight timing today', 'Gorakhpur to Mumbai direct flight schedule', 'Gorakhpur to Jewar airport connectivity news', और 'IndiGo Gorakhpur to Bengaluru ticket fare' जैसे कीवर्ड्स शीर्ष रुझानों में शामिल हैं। पूर्वांचल और नेपाल के लाखों यात्री अब अपने मोबाइल के जरिए उड़ान भरने के सही समय, बोर्डिंग गेट्स, टिकट बुकिंग ऑफर्स और एयरपोर्ट शेड्यूल की प्रमाणिक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल मीडिया और लोकल सर्च ऑप्टिमाइजेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के इस तेजी से विकसित होते एयर हब की हर एक अपडेट सीधे जनता तक पहुंचाई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:12 pm

बुलंदशहर में बनेगा 74 KM लंबा ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे, ली जाएगी 677.80 हेक्टेयर जमीन, 9 हजार किसान होंगे मालामाल

उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेसवे प्रदेश बनाने के योगी सरकार के विजन के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले को एक बहुत बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तोहफा मिलने जा रहा है। जिले में कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने और दिल्ली एनसीआर तथा जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) तक सीधी पहुँच प्रदान करने के उद्देश्य से 74 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के आकार लेते ही क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी। यीडा (YIDA) और यूपीडा (UPEIDA) द्वारा तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट के तहत बुलंदशहर के दर्जनों गांवों की सूरत बदलने वाली है। लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया जाएगा ताकि भारी ट्रैफिक के बावजूद वाहन बिना किसी बाधा के सरपट दौड़ सकें।#1 677.80 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण: 9 हजार किसानों की खुलेगी किस्मतइस 74 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए व्यापक स्तर पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए कुल 677.80 हेक्टेयर कृषि और अन्य प्रकार की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इस अधिग्रहण प्रक्रिया से बुलंदशहर जिले के विभिन्न तहसीलों और ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाले लगभग 9,000 से अधिक किसान सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषित किए गए पारदर्शी और आकर्षक सर्किल रेट मुआवजे के कारण क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रशासन द्वारा सर्किल रेट का कई गुना मुआवजा देने के प्रावधान से यह 9 हजार किसान परिवार रातों-रात मालामाल होने जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार आएगा।#1 जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा बुलंदशहर: क्या होगा रूट मैपइस ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यह बुलंदशहर को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तथा यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे एक निर्बाध कॉरिडोर के जरिए जोड़ देगा। वर्तमान में बुलंदशहर से जेवर या दिल्ली एनसीआर जाने के लिए संकरे और ट्रैफिक से भरे राज्य मार्गों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे यात्रियों को घंटों का समय गंवाना पड़ता था। लेकिन इस नए 6-लेन लिंक एक्सप्रेसवे के बन जाने से बुलंदशहर से जेवर एयरपोर्ट का सफर मात्र 30 से 40 मिनट में पूरा हो सकेगा। एक्सप्रेसवे के रूट में पड़ने वाले प्रमुख गांवों और चौराहों पर इंटरचेंज बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने में कोई असुविधा न हो।#1 क्षेत्र में बढ़ेंगी औद्योगिक गतिविधियां, लॉजिस्टिक्स हब और रोजगार की अपार संभावनाएंबुलंदशहर जिले में बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क मार्ग नहीं है, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि का एक नया गलियारा (Economic Corridor) साबित होने वाला है। एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर यीडा द्वारा लॉजिस्टिक्स पार्क, औद्योगिक सेक्टर, वेयरहाउसिंग हब और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करने का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। बुलंदशहर का मशहूर चीनी उद्योग, डेयरी उद्योग और हस्तशिल्प व्यापार अब सीधे वैश्विक बाजारों और दिल्ली एनसीआर के बड़े व्यापारिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। उद्योगों की स्थापना से स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों और स्वरोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे, जिससे क्षेत्र से पलायन रुकेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिलेगी।#1 जनरेटिव एआई सर्च, SEO और यूपी एक्सप्रेसवे नेटवर्क में इस प्रोजेक्ट की गूंजआज के आधुनिक डिजिटल युग और जनरेटिव एआई सर्च (SEO/AEO) के दौर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी यह खबर इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। गूगल, बिंग और अन्य आधुनिक सर्च इंजनों पर इस समय 'Bulandshahr greenfield link expressway route map', '677.80 hectare land acquisition Bulandshahr', 'Jewar airport to Bulandshahr link expressway', और '9000 farmers compensation Bulandshahr expressway' जैसे कीवर्ड्स लगातार ट्रेंड कर रहे हैं। बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और अलीगढ़ के नागरिक इंटरनेट के माध्यम से भूमि अधिग्रहण की तारीखों, मुआवजा वितरण प्रणाली और निर्माण कार्य शुरू होने की समय-सीमा की पल-पल की जानकारी जुटा रहे हैं। डिजिटल मीडिया और लोकल सर्च ऑप्टिमाइजेशन के जरिए बुलंदशहर के इस ऐतिहासिक विकास की प्रामाणिक जानकारी सीधे जनता तक पहुँच रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Oct 2026 6:11 pm

चंद्रबाबू नायडू ने जगन मोहन रेड्डी को बताया कंस मामा, बहन की बेटी की शादी से जुड़ा विवाद

परिवार की संपत्ति को लेकर जगन और शर्मिला के बीच मतभेद उनके पिता और आंध्र प्रदेश के पूर्व CM वाईएस राजशेखर रेड्डी की 2009 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद गहराने लगे। उस समय परिवार की संपत्ति का बंटवारा नहीं हो पाया था।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 6:11 pm

'दिल्ली से क्या उम्मीद... PAK हमारी रक्षा कर रहा है', फारूक के विवादित बोल

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने विवादित बयान दिया है और पाकिस्तान की पैरवी की है. उत्तर कश्मीर के बारामूला में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली दुनिया के दबाब के कारण चुप है, हमारा पड़ोसी लगातार उनके पीछे पड़ा है और हमारी रक्षा कर रहा है.

आज तक 24 Oct 2026 6:08 pm

नसीरुद्दीन शाह ने BJP को गाली देते हुए बताया झूठी पार्टी, छात्रों को धमकाने का आरोप

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भाजपा को अपशब्द कहते हुए झूठी पार्टी करार दिया है। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में भाजपा छात्रों को धमकाने का काम कर रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Oct 2026 6:06 pm

Revanth Reddy समाधान के बजाय राजनीति में व्यस्त, El Nino पर BRS का Congress पर हमला

'एल नीनो' (El Nio) पर हुई बैठक के बाद, BRS के प्रवक्ता रावुल श्रीधर ने राज्य के कामकाज को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी समस्या का समाधान खोजने के बजाय कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। ANI से बातचीत में श्रीधर ने दावा किया कि मौसम से जुड़ी इस स्थिति को संभालने के मामले में जनता का भरोसा जीतने के बजाय, मुख्यमंत्री रेड्डी लोगों को 'एल नीनो' के नाम पर डरा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य में 'एल नीनो' से जुड़ी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी 'एल नीनो' (El Nio) से पैदा होने वाली समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने के बजाय, कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। 'एल नीनो' को लेकर सिर्फ बैठकें करने या भाषण देने से काम नहीं चलेगा। एक मुख्यमंत्री के तौर पर, उनका काम तेलंगाना की जनता को यह भरोसा दिलाना है कि भविष्य में आने वाली समस्याओं को ठीक से संभाल लिया जाएगा। लेकिन इसके बजाय, वे लोगों को डरा रहे हैं कि उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: YSRCP अदालतों को कर रही गुमराह, CM Naidu बोले- हाई कोर्ट से Supreme Court तक झूठे केस गढ़े श्रीधर ने कहा मुख्यमंत्री और सरकार का काम यह सुनिश्चित करना है कि समस्याओं का समाधान निकाला जाए। लोगों को डराने-धमकाने के बजाय, उन्हें भरोसा दिलाना चाहिए। श्रीधर की यह टिप्पणी तब आई है, जब मुख्यमंत्री रेड्डी ने 'एल नीनो' के कारण लंबे समय तक सूखे जैसे हालात बनने की चेतावनी दी और इस संकट से निपटने के लिए लोगों को भी इसमें शामिल करने (स्टेकहोल्डर बनाने) की जरूरत पर जोर दिया। 'एल नीनो' और ग्रेजुएट्स एमएलसी चुनावों को लेकर हुई एक बैठक के दौरान मीडिया से बात करते हुए, रेड्डी ने बताया कि मौसम के बदलते खतरनाक मिजाज की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पानी का संकट पैदा हो रहा है। उन्होंने विदेशों और पड़ोसी राज्यों में पानी बचाने के लिए उठाए गए सख्त कदमों का भी जिक्र किया। रेड्डी ने कहा, बहुत विकसित देश भी सूखे का सामना कर रहे हैं। 'एल नीनो' की वजह से ब्रिटेन में भी सूखा पड़ा है। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पीने के पानी की राशनिंग (सीमित आपूर्ति) की जा रही है, और ऐसे निर्देश दिए गए हैं कि हर व्यक्ति को पानी की खपत 20% तक कम करनी होगी। अक्टूबर में शुरू होने वाला यह सूखा जुलाई तक चलेगा। गर्मी बढ़ेगी और पानी का वाष्पीकरण (evaporation) भी ज्यादा होगा, जिससे पानी की दिक्कतें पैदा होंगी। सिंचाई के पानी की तुलना में पीने के पानी को लेकर ज्यादा मुश्किलें आएंगी। समस्या छोटी शुरू होकर बड़ी हो जाती है, जिससे ऐसे हालात बन सकते हैं कि लोग अपने घरों से बाहर भी न निकल पाएं। लोगों को सतर्क किए बिना और उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल किए बिना, हम इस सूखे का सामना नहीं कर सकते। इसे भी पढ़ें: Amit Shah ने Delhi Police मुख्यालय में की उच्च स्तरीय बैठक, LG और CM रहे मौजूद मुख्यमंत्री ने संकट से जुड़ी गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए एक समर्पित प्रशासनिक ढांचा बनाने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य निवारक रणनीतियों का नेतृत्व करना और जोखिम कम करने के उपायों को सुव्यवस्थित करना है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:06 pm

YSRCP अदालतों को कर रही गुमराह, CM Naidu बोले- हाई कोर्ट से Supreme Court तक झूठे केस गढ़े

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को YSRCP पर आरोप लगाया कि वह पूरे राज्य में गंभीर घटनाएं होने का झूठा माहौल बनाकर राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। CM नायडू ने आरोप लगाया कि यह पार्टी मनगढ़ंत खबरों, अपने मीडिया माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके गलत जानकारी फैला रही है, और अपने कथित कामों का दोष दूसरों पर मढ़ने की कोशिश कर रही है। मंगलगीरि में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, CM नायडू ने दावा किया कि YSRCP हिंसा की घटनाओं के लिए बार-बार विपक्ष और NDA को जिम्मेदार ठहराती है, जबकि खुद ही याचिकाएं दायर करती है और खुद को बेकसूर दिखाती है। उन्होंने इसे एक ऐसा पैटर्न बताया, जिसमें उनके अनुसार, कथित हिंसा और उसके बाद की कानूनी शिकायतों—दोनों के लिए एक ही लोग जिम्मेदार हैं। विवेका हत्याकांड का जिक्र करते हुए, CM नायडू ने याद दिलाया कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब YSRCP से जुड़े एक अखबार में नरसुर रक्त चरित्र (Narasura Raktha Charitra) जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके उन पर आरोप लगाए गए थे। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav के बयान पर भड़के CM Dhami, कहा- पिता ने गोलियां चलवाईं, बेटा घुसपैठिया कह रहा मुख्यमंत्री नायडू ने आरोप लगाया कि इस अभियान के ज़रिए उन्हें विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े विवाद में फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे 'बेहद झूठे प्रचार' का एक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा अभियान चलाने के लिए बहुत ज़्यादा हिम्मत चाहिए। मुख्यमंत्री नायडू ने आगे आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान, YSRCP बार-बार झूठा प्रचार कर रही है, शिकायतें दर्ज करा रही है और अदालतों का दरवाज़ा खटखटा रही है, ताकि लंबे समय तक कानूनी विवाद बने रहें। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक गतिविधियों की आड़ में अपराध कर रही है और फिर विवादों को लंबा खींचने के लिए मुकदमों का सहारा ले रही है। मुख्यमंत्री नायडू ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी अपनी साज़िशों को आगे बढ़ाने के लिए न्यायपालिका सहित कई संस्थानों को गुमराह करने वाली जानकारी दे रही है। उन्होंने दावा किया कि यह सिलसिला आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक पहुँच गया है, जहाँ एकतरफा या भ्रामक जानकारी के आधार पर मामले चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने YSRCP पर राजनीतिक फ़ायदे के लिए कानूनी प्रक्रियाओं और संस्थागत तंत्रों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने नैरेटिव को बनाए रखने और राज्य की छवि को नुकसान पहुँचाने के लिए लगातार मुक़दमेबाज़ी कर रही है और गलत जानकारी फैला रही है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:04 pm

गुवाहाटी के GMCH में पहला सफल Liver Transplant, पूर्वोत्तर का बना पहला सरकारी अस्पताल

स्थानीय गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में पहला लिवर प्रत्यारोपण किया गया, जिसके साथ ही यह ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला पूर्वोत्तर का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। डॉक्टर सेंथिल कुमार के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक टीम ने शुक्रवार को शुरू हुई 16 घंटे लंबी सर्जरी के जरिये 48-वर्षीय एक मरीज का सफल प्रत्यारोपण किया। मरीज को उसकी छोटी बहन ने अपने लिवर का एक हिस्सा दान किया था। शर्मा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम एक ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण कर रहा है जो देश में सर्वश्रेष्ठ सेवाओं का मुकाबला करती है, और आज हमने एक और मील का पत्थर पार कर लिया है।’’उन्होंने लिखा, ‘‘जीएमसीएच ने असम के किसी सरकारी अस्पताल में पहला लिवर प्रत्यारोपण किया है। सोलह घंटे चली इस जटिल सर्जरी में कामरूप मेट्रो जिले के 48-वर्षीय व्यक्ति को उसकी छोटी बहन से लिवर का एक हिस्सा मिला। बहन के इस साहस ने उसे नया जीवन दिया है। मैं पूरी चिकित्सा टीम को बधाई देता हूं।’’मुख्यमंत्री ने बताया कि अंगदाता (बहन) और अंग प्राप्तकर्ता (मरीज) दोनों की स्थिति में सुधार हो रहा है और चिकित्सकों की देखरेख में उन्हें गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब हमने 2025 में लिवर प्रत्यारोपण कार्यक्रम की शुरुआत की थी, तब हमने एक स्पष्ट निर्णय लिया था कि जीवन बचाने वाली यह जटिल चिकित्सा सुविधा असम के हमारे सरकारी अस्पतालों में हर नागरिक के लिए उपलब्ध होनी चाहिए। आज वह निर्णय परिणाम दे रहा है।’’शर्मा ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है, क्योंकि राज्य सरकार पूरे असम में कैंसर देखभाल का एक व्यापक नेटवर्क भी तैयार कर रही है। जीएमसीएच अब भारत के उन 10 राज्य-संचालित (सरकारी) चिकित्सा महाविद्यालयों में शामिल हो गया है, जहां लिवर प्रत्यारोपण करने की सुविधा और क्षमता उपलब्ध है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:03 pm

Jamia में Free Kashmir और Free Sharjeel Imam नारे लगे, छात्रसंघ की आड़ में कौन चला रहा है देशविरोधी एजेंडा?

दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब ऐसे विवादों के घेरे में आ गया है, जिनका जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन ही नहीं, प्रदर्शनकारियों और उनके राजनीतिक समर्थकों को भी देना होगा। देखा जाये तो विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारे लिखे मिलने के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि छात्रसंघ चुनाव की मांग करने वाले आंदोलन में आखिर कश्मीर और शरजील इमाम की रिहाई जैसे मुद्दे किस उद्देश्य से जोड़े जा रहे हैं? क्या यह केवल छात्र अधिकारों की लड़ाई है या इसके भीतर राजनीतिक लामबंदी का कोई दूसरा एजेंडा भी सक्रिय है? छात्रसंघ चुनाव की मांग अलग मुद्दा है, लेकिन इसकी आड़ में ‘फ्री कश्मीर’ जैसे नारे आखिर क्यों लगाये जा रहे हैं? अगर लड़ाई सिर्फ छात्रसंघ चुनाव की बहाली के लिए है, तो कश्मीर को लेकर ऐसे नारे लगाने का क्या मतलब है? क्या प्रदर्शनकारी इन नारों का समर्थन करते हैं? अगर नहीं, तो फिर इन्हें लिखने वालों के खिलाफ खुलकर आवाज क्यों नहीं उठाते? सवाल यह भी उठता है कि छात्रसंघ चुनाव के नाम पर देश की अखंडता से जुड़े सवालों को हवा देने की छूट आखिर किसने दी? छात्रसंघ चुनाव की मांग करने वालों को साफ करना होगा कि उनका मकसद छात्र अधिकारों की बहाली है या परिसर को विवादित नारों और राजनीतिक एजेंडे का अखाड़ा बनाना? देखा जाये तो छात्रसंघ चुनाव की बहाली अपने आप में एक अलग मुद्दा है, लेकिन उसके नाम पर परिसर में ऐसे नारे सामने आना, जो देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करते हैं, उन्हें किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर आंदोलन का उद्देश्य चुनाव कराना है, तो ‘फ्री कश्मीर’ का नारा किस मांग का प्रतिनिधित्व करता है? क्या प्रदर्शनकारी इस नारे की जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं? और यदि नहीं, तो विश्वविद्यालय की दीवारों पर इसे लिखने वालों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग वे स्वयं क्यों नहीं करते? इसे भी पढ़ें: Jamia Protest में 'Free Kashmir, Free Sharjeel Imam' के विवादित Posters, Salman Khurshid बोले- लगाने वालों से सवाल पूछे Media छात्रसंघ की मांग, लेकिन परिसर में किसका एजेंडा? हम आपको याद दिला दें कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ 2006 में परिसर में हिंसा और उससे पढ़ाई में आए व्यवधान के बाद भंग कर दिया गया था। अब प्रदर्शनकारी 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की मांग कर रहे हैं। 12 अक्टूबर से भूख हड़ताल और धरना जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले पर विचार करने के लिए समिति भी गठित की है। लेकिन इस आंदोलन के बीच आरएसएस, एबीवीपी और कुलपति को निशाना बनाते नारे भी सामने आए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन नारों की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। एबीवीपी ने भी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस की तैनाती और परिसर की सुरक्षा बढ़ाए जाने से मामला और गंभीर हो गया है। सबसे अहम सवाल यही है कि क्या छात्रसंघ बहाली की मांग को कुछ लोग अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करने और विवादित नारेबाजी का मंच बना रहे हैं? यदि ऐसा है, तो आंदोलन के आयोजकों को स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी प्राथमिकता चुनाव है या परिसर में वैचारिक टकराव को बढ़ावा देना। कांग्रेस नेताओं के दौरे पर भी सवाल इसके अलावा, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद ने एक दिन पहले दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया और वहां का माहौल बिगाड़ा। प्रशासन के मुताबिक, उनके दौरे के बाद तनाव बढ़ा और इस संबंध में दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। यहां सवाल उठता है कि क्या छात्र आंदोलन राजनीतिक दलों के लिए अपनी जमीन मजबूत करने का अवसर बनता जा रहा है? देखा जाये तो छात्रों को राजनीतिक मोहरों की तरह इस्तेमाल किए जाने से सभी को बचना चाहिए। लेकिन कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि वह छात्र हित में ही वहां गये थे। ऑनलाइन कक्षाएं, टकराव और प्रशासन की जवाबदेही इस बीच, 24 अक्टूबर को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अगले आदेश तक सभी पाठ्यक्रमों की कक्षाएं ऑनलाइन करने का फैसला किया है। इससे पहले गुलिस्तान-ए-गालिब गार्डन में प्रदर्शनकारियों के टेंट हटाने की कोशिश के दौरान सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच टकराव हुआ। छात्रों ने भूख हड़ताल कर रहे साथियों पर कार्रवाई और उन्हें जबरन हटाने का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने बिना उकसावे के कार्रवाई किए जाने के आरोपों को खारिज किया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया। लेकिन सवाल यह भी है कि आंदोलन के कारण पढ़ाई बाधित होने की नौबत क्यों आई और बातचीत के रास्ते तनाव कम करने में अब तक सफलता क्यों नहीं मिली? बहरहाल, अब जामिया में सबसे पहले यह साफ होना चाहिए कि ‘फ्री कश्मीर’ जैसे विवादित नारे किसने लिखे, क्यों लिखे और छात्रसंघ चुनाव की मांग के बीच इन्हें लाने का मकसद क्या था? छात्रसंघ चुनाव की आड़ में देश की अखंडता को चुनौती देने वाले नारों को आखिर बर्दाश्त क्यों किया जाए? ऐसे नारे लिखने वालों की पहचान होनी चाहिए और जांच के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। चुनाव की मांग को दबाने के लिए प्रशासन मनमानी नहीं कर सकता, लेकिन छात्रसंघ के नाम पर किसी को भी देशविरोधी नारेबाजी की छूट नहीं मिल सकती। अब सवालों से बचने का नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें जवाबदेह ठहराने का वक्त है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 6:01 pm

स्कूल छूटने से UPSC में सिलेक्शन तक... जीत के जज्बे से भरी है IPS माविस टास की सफलता की कहानी

आईपीएस माविस टास (IPS Mais Tas) ने आर्थिक तंगी और दो असफलताओं के बावजूद UPSC परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई।

जागरण 24 Oct 2026 6:00 pm

पढ़ें 24 अक्टूबर 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार

नीले ड्रम हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाले मुस्कान और साहिल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की है. दोनों ने मेरठ की अदालत के फैसले को चुनौती दी है.

आज तक 24 Oct 2026 5:59 pm

हरिद्वार में गंगा की धार थमते ही खजाने की लूट! चांदी-सोने और सिक्कों की खोज

Haridwar Ganga Closure News: हरिद्वार में गंगा बंदी के बाद सूखी नहर में खजाने की तलाश शुरू. सोने-चांदी और सिक्कों को ढूंढने उतरे हजारों लोग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

आज तक 24 Oct 2026 5:53 pm

हरियाणा में स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी ने

हरियाणा में कौशल विकास और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य में पहली बार शुरू की जा रही “पीएम -सेतु” (अपग्रेडेड ITI के माध्यम से प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार […]

तहलका 24 Oct 2026 5:53 pm

Delhi Concert को पुलिस से मिली हरी झंडी, Diljit Dosanjh बोले- 30 अक्टूबर को मिलते हैं

पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ ने 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले ‘कॉन्सर्ट’ को दिल्ली पुलिस की मंजूरी मिलने के बाद कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पड़ताल करना जरूरी है। दिल्ली पुलिस ने त्योहारी सीजन के दौरान विशेष खतरे से जुड़ी सूचनाओं, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले कॉन्सर्ट की अनुमति देने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया था। शुक्रवार को आयोजक बुकमायशो के साथ बैठक के बाद पुलिस ने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया और कॉन्सर्ट को मंजूरी दे दी। दिलजीत फिलहाल अमेरिका में हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कॉन्सर्ट को लेकर हो रही चर्चाओं पर बात की। इस कॉन्सर्ट से देशभर में उनके ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ की शुरुआत होगी। उन्होंने वीडियो में कहा, “अब 30 अक्टूबर को दिल्ली में मिलते हैं।”दोसांझ ने कहा, “किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले तथ्यों की पड़ताल करें। पूरी कहानी जाने बिना आप बहुत शोर मचा रहे हैं। पहले तथ्यों को ठीक से समझ लेना बेहतर है। वे एक के बाद एक बहस करते रहते हैं और लगातार ट्वीट करते रहते हैं।”बुकमायशो लाइव ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि त्योहारी सीजन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने आयोजकों से सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने को कहा था। दिल्ली में कार्यक्रम के बाद वह इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु, लखनऊ और चंडीगढ़ में कॉन्सर्ट करेंगे। दोसांझ (42) ने इससे पहले 2024 में अपने ‘दिल-लुमिनाटी टूर’ के तहत भारत में कार्यक्रम किए थे। उन्होंने नयी दिल्ली, हैदराबाद, अहमदाबाद, लखनऊ, पुणे, कोलकाता, बेंगलुरु, इंदौर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी समेत कई बड़े शहरों में प्रस्तुति दी थी। इस टूर का समापन लुधियाना में हुआ था।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 5:53 pm

Akhilesh Yadav के बयान पर भड़के CM Dhami, कहा- पिता ने गोलियां चलवाईं, बेटा घुसपैठिया कह रहा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने पहाड़ी राज्य के एक व्यक्ति को 'घुसपैठिया' कहा था। एक वीडियो में, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है, उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा घुसपैठिया कौन है? वह उत्तराखंड से है। माना जा रहा है कि यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर की गई थी, जिनका जन्म पौड़ी गढ़वाल जिले में हुआ था। उस समय यह इलाका अविभाजित उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। अब यह क्षेत्र उत्तराखंड में आता है, जिसे 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग करके बनाया गया था। इसे भी पढ़ें: Daler Mehndi Controversy | उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने गायक दलेर मेहंदी से की बात, कहा- 'घटना को पीछे छोड़कर आपसी सौहार्द के साथ आगे बढ़ें' इसके जवाब में, धामी ने अखिलेश यादव पर उत्तराखंड के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने 1994 की रामपुर तिराहा गोलीबारी की घटना का भी जिक्र किया, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलग उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई थीं। उस समय अखिलेश यादव के पिता, मुलायम सिंह यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। धामी ने 'X' पर पोस्ट किया कि उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। इस पवित्र भूमि ने देश को कई संत, सैनिक और राष्ट्र सेवा में समर्पित लोग दिए हैं। श्री अखिलेश यादव जी का उत्तराखंड के लोगों को 'घुसपैठिया' कहना, देवभूमि के गौरव और हमारे संघर्षों का अपमान है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड के लोग यह भी नहीं भूले हैं कि जब अखिलेश यादव जी के पिता, मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर अलग उत्तराखंड राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गई थीं। पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गईं और आज उनका बेटा उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कह रहा है! उत्तराखंड के लोग अपने संघर्षों और बलिदानों को कभी नहीं भूल सकते। इसे भी पढ़ें: Pushkar Singh Dhami ने Rekha Arya विवाद पर कहा शादी के 22 साल बाद आरोप क्यों निष्पक्ष जांच जरूरी धामी ने यह भी सवाल उठाया कि क्या उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सहयोगी कांग्रेस, अखिलेश यादव के बयानों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी श्री अखिलेश यादव जी के इस बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को मंजूर है? कांग्रेस को इस देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड, दोनों राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं और अगले साल की शुरुआत में वहां विधानसभा चुनाव होने हैं। 2017 से ही इन दोनों राज्यों में भाजपा सत्ता में है।

प्रभासाक्षी 24 Oct 2026 5:53 pm