3 साल में चाहिए 1 करोड़ रुपए? फिनफ्लुएंसर अंकूर वारिकू ने बताया- समझदार लोग भी करते हैं ये बड़ी गलती
क्या आप भी अगले 3-4 साल में 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना चाहते हैं. मशहूर आंत्रप्रेन्योर अंकुर वारिकू से जानिए क्यों समझदार लोग भी इस चक्कर में भारी नुकसान उठा बैठते हैं. जल्दी अमीर बनने की चाहत कैसे आपको कंगाल बना सकती है और निवेश में असली जादू कैसे काम करता है, खुद वारिकू ने इस पूरे गणित का खुलासा किया है.
कर्नाटक: मस्जिद की छत पर शराब पीने के आरोप में पुलिस कॉन्स्टेबल निलंबित
कर्नाटक के कलबुर्गी में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को मस्जिद की छत पर शराब पीने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। ड्यूटी के दौरान शराब पीने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
CJP प्रदर्शन और दिल्ली पुलिस की तैयारी पर दानिश का तंज
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने दिल्ली पुलिस की तैयारियों पर तंज कसा।
'ये मोदी VS मीर जाफर की लड़ाई', स्टारलिंक मामले पर BJP का राहुल गांधी पर वार
बीजेपी सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने स्टारलिंक के मुद्दे पर राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला किया है. उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाते हुए राहुल गांधी के बयान पर सवाल खड़े किए और कांग्रेस नेताओं के ट्वीट्स पर भी प्रतिक्रिया दी.
Group Insurance GST Credit: GST काउंसिल ने कर्मचारियों के ग्रुप हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर ITC की मंजूरी दी है. जानें कंपनियों की लागत कैसे घट सकती है और क्या आपका इंश्योरेंस कवर बढ़ सकता है.
मैं पूड़ी-भाजी खा रही थी तभी वो आ गए; कॉकरोच पार्टी की पॉलिसी लीड ने बताया उनके साथ क्या हुआ
मेहर उनसे कहती हैं, 'मैं समझ रही हूं, आप अपना काम कर रहे हैं, और मैं अपना काम कर रही हूं।' हालांकि इसके बाद भी पुलिसवाले नहीं मानते हैं और मेहर का फोन लेने की कोशिश करते हैं।
आज हम आपको 4 कमाल के हैक्स बताने जा रहे हैं जिसकी मदद से आप अखबार से होम डेकॉर की चीजें बना सकते हैं. ये आपकी घर की सुंदरता को और भी ज्यादा बढ़ा देंगे.
CO अंजू यादव की पुलिसगिरी! बीच सड़क वकील को जड़ा थप्पड़- VIDEO
राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में गाड़ी पार्किंग को लेकर ट्रैफिक सीओ अंजू यादव और अधिवक्ता बाबूलाल बागरिया के बीच विवाद हो गया. आरोप है कि महिला पुलिस अधिकारी ने वकील को थप्पड़ मार दिया.
क्या सरकारी नौकरी के साथ कर सकते हैं पार्ट टाइम जॉब? क्या कहते हैं नियम
क्या सरकारी नौकरी करने वाला व्यक्ति ऑफिस से लौटने के बाद किसी कंपनी के लिए काम कर सकता है, घर पर ट्यूशन पढ़ा सकता है या यूट्यूब से कमाई कर सकता है? एक्स्ट्रा इनकम के लिए ऐसे विकल्प कई कर्मचारियों को आकर्षित कर सकते हैं लेकिन सरकारी नौकरी में रहते हुए हर तरह का निजी काम करने की कितनी छूट होती है? चलिए जानते हैं.
पापा बनें सिंगर हंसराज, ब्राउन गाउन में पत्नी ने दिखाया बेबी बंप, Pics
हंसराज रघुवंशी और कोमल सकलानी के घर नवरात्रि से ठीक पहले नन्ही परी का जन्म हुआ है. कपल ने इंस्टाग्राम पर खुशखबरी शेयर की. वहीं, कोमल का डार्क ब्राउन गाउन में मैटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिन्हें फैंस खूब पसंद कर रहे हैं.
समुद्र से पहाड़ों तक, अक्टूबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 9 जगहें
Best Places to Visit in October: अक्टूबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो देश की इन 9 खूबसूरत जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. यहां आप सिर्फ 2 से 3 दिन की छुट्टी में समुद्र, पहाड़, झीलों और ऐतिहासिक जगहों का मजा ले सकते हैं.
एक दौर था जब दूरदर्शन के कार्यक्रमों के हिसाब से घर की दिनचर्या तय होती थी. सुबह के समाचार और पुराने गानों से लेकर रात के पसंदीदा सीरियल और फिल्मों तक, यह शेड्यूल 90s की वही पुरानी यादें फिर ताजा कर देगा.
एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर CM भगवंत मान सख्त, विश्वस्तरीय तैयारियों के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि टूर्नामेंट का उद्घाटन समारोह 27 अक्टूबर को जालंधर में होगा, जबकि मैच 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक खेले जाएंगे. उन्होंने सभी संबंधित विभागों को तैयारियां समय से पहले पूरी करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि चैंपियनशिप का आयोजन बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के नियमों और पेशेवर दृष्टिकोण के अनुरूप किया जाए.
कल कलश स्थापना के लिए मिलेगा बस इतना समय, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Navratri 2026: 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्र शुरू हो रही है. जानें कल कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त, कितने बजे तक रहेगा सही समय, पूजा विधि और जरूरी नियम.
दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, 600 से ज्यादा लोग हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में आज भारी राजनीतिक हलचल और प्रदर्शन देखने को मिला. जंतर-मंतर, जनपथ रोड और कनॉट प्लेस समेत दिल्ली के प्रमुख इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों का कड़ा पहरा रहा. सुरक्षा के सख्त इंतजामों के बावजूद सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और जमकर नारेबाजी करने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए बड़े पैमाने पर धरपकड़ शुरू की. अब तक 600 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है.
बल्लेबाजों के दबदबे से परेशान गंभीर, बोले- गेंदबाजों को भी मिले मौका
भारतीय टीम ने कुछ दिन पहले गुवाहाटी में कमाल कर दिया था. वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे मैच में 406 रनों का रिकॉर्ड लक्ष्य हासिल कर शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम इंडिया ने हाहाकार मचा दिया था.
जंतर-मंतर जा रहे अरविंद केजरीवाल हिरासत में, उठाकर ले गई पुलिस
दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को हिरासत में लिया है. यह कार्रवाई जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई, जहां कई वामपंथी दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.
उमर अब्दुल्ला की कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा, 3 मंत्री पद खाली
जम्मू-कश्मीर में सरकार के दो साल पूरे होने वाले हैं और इसी बीच मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है. तीन मंत्री पद खाली हैं. अब देखना यह होगा कि उमर अब्दुल्ला अपनी टीम में नए चेहरों को मौका देंगे या नहीं. क्या कांग्रेस भी सरकार में शामिल होगी?
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चार दिन का आंदोलन- क्या हासिल कर पाया INDIA गठबंधन?
इंडिया गठबंधन के नेताओं का ये मानना है कि इस तीन-चार दिनों के प्रदर्शन ने विपक्ष को एक नई धार दी है और तमाम मतभेदों के बाद भी एक साथ रहना सिखा दिया है.
अलीगढ़ के रिंग रोड के लिए 37 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होने के लिए दिल्ली से अधिसूचना जारी हो गई है. इससे छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे का संचालन किया जाएगा.
सबूत तो जेब में रखे होने चाहिए, राष्ट्रपति को क्यों नहीं दिए; राहुल गांधी पर खूब भड़की भाजपा
बीजेपी सांसद और प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति के पास गए, लेकिन बेसिक प्रोटोकॉल भूल गए हैं. इसके अलावा उन्होंने CJP के आंदोलन पर भी निशाना साधा.
हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार राज्य कैबिनेट की अहम बैठक में लाभार्थी परिवारों की वार्षिक आय सीमा को 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.00 लाख रुपये करने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किया है.
मसाज वाली सीट्स, 600KM रेंज और बहुत कुछ... धांसू SUV की एंट्री
फॉक्सवैगन ने आईडी टाइगुन को पेश कर दिया है. ये कंपनी ने इलेक्ट्रिक एसयूवी है जो 600 किलोमीटर की क्लेम्ड रेंज के साथ आती है. इसमें दो बैटरी पैक का विकल्प मिलता है. इस कार में ट्रिपल स्क्रीन का सेटअप दिया गया है. इसमें ADAS, मसाज, वेंटिलेशन और पावर्ड सीट्स मिलेंगी. आइए जानते हैं फॉक्सवैगन की इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की खास बातें.
'जंतर-मंतर पर आंदोलन फ्लॉप शो, दिल्ली को बंधक बनाने की कोशिश थी'; CJP प्रदर्शन पर भड़की बीजेपी
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शनों को अराजक तत्वों का फ्लॉप शो बताया। उन्होंने राहुल गांधी पर राष्ट्रपति पद को राजनीति में घसीटने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की जीत हुई है।
लखनऊ: बिल्डिंग से गिरकर कैफे ऑनर की मौत, लिव-इन पार्टनर पर आरोप
लखनऊ के हजरतगंज में स्थित अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 27 साल के कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई.परिजनों का आरोप है कि शिवा की हत्या उसकी लिव-इन पार्टनर और उसकी बहन ने बंधक बनाकर टॉर्चर करने के बाद की है.पुलिस ने केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है.
'कौन है दिपके, मैं उन्हें नहीं जानता', प्लेन में साथ आए यात्री का फूटा गुस्सा
मुंबई से दिल्ली आ रही फ्लाइट में मौजूद एक यात्री ने CJP नेताओं की नारेबाजी और हिरासत पर अपनी प्रतिक्रिया दी. यात्री ने कहा कि प्लेन लैंड होने के बाद भी यात्रियों को इंतजार करना पड़ा. इस तरह के विरोध से आम लोगों को परेशानी होती है.
इस एक्ट्रेस ने लड़ी थी आजादी की लड़ाई, बेटियां और दामाद हैं मशहूर एक्टर
हिंदी सिनेमा में जब भी यादगार मां और दादी के किरदारों की बात होती है, तो अभिनेत्री दीना पाठक का चेहरा आंखों के सामने आ जाता है.सफेद बाल, सहज अंदाज और संवाद बोलने का अनोखा तरीका उनकी पहचान बन गया था.
अभिजीत सावंत इंडियन आइडल के वो कंटेस्टेंट रहे हैं, जिन्होंने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई है. वहीं पिछले दिनों जब वह इंडियन आइडल के एक स्पेशल एपिसोड में आए तो फैंस उनकी सिंगिंग के दीवाने हो गए.
विमान से ही अभिजीत दिपके समेत दो अन्य नेता हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके समेत सौरव दास और आशुतोष रांका को IGI एयरपोर्ट पर विमान के अंदर से हिरासत में लिया। पुलिस के विमान में पहुंचने पर नेताओं और जवानों के बीच बातचीत हुई।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जबरन किए जा रहे प्रदर्शन को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी, रास्तों की घेराबंदी और सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच सियासत का एक नया मोर्चा खुल गया है। राजधानी में उपजे हालात कश्मीर के उन नेताओं के लिए राजनीतिक हमला बोलने का मौका बन गए हैं, जो लंबे समय से केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हम आपको बता दें कि दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर पैदा हुई स्थिति की तुलना जम्मू-कश्मीर से करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी पर निशाना साधा है। दिलचस्प यह है कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मचे घमासान के बीच कश्मीरी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के मुताबिक सामने आ रही हैं। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को दिल्ली के हालात को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में लागू प्रतिबंधों की याद दिलाने वाला बताया। सोशल मीडिया मंच X पर उन्होंने लिखा कि दिल्ली की मौजूदा स्थिति उन्हें उस दौर की याद दिलाती है, जब लोगों को घरों में बंद कर दिया गया था, इंटरनेट बंद था और पूरा क्षेत्र घेरेबंदी में था। महबूबा ने आरोप लगाया कि पहले विरोध को कुचला जाता है और फिर यह दावा किया जाता है कि किसी ने प्रदर्शन ही नहीं किया। उनके मुताबिक, इस तरह जबरन थोपी गई खामोशी को जनता की सहमति के रूप में पेश किया जाता है। इसे भी पढ़ें: J&K के Kishtwar में PDP Leader Abdul Kabir गिरफ्तार, Burhan Wani को शहीद बता कर खड़ा किया था विवाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दिल्ली के हालात को लेकर तंज कसते हुए कहा, “कश्मीर मॉडल दिल्ली को निर्यात कर दिया गया है। नए जम्मू-कश्मीर के मॉडल पर बनी नई दिल्ली में आपका स्वागत है।” उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की और मतदाता सूची से जुड़े विवाद को लेकर चुनाव आयोग पर सत्तारुढ़ दल के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस विवाद को आगे बढ़ाते हुए आरोप लगाया कि जहां CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है, वहीं दक्षिणपंथी समूहों को वहां पहुंचने दिया जा रहा है। उन्होंने इसकी तुलना जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के विरोध से की। इल्तिजा का आरोप था कि कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों को रोका जाता रहा, जबकि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जश्न मनाने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं को पूरी व्यवस्था और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। उन्होंने चेतावनी दी कि कश्मीर में जो शुरू हुआ था, अब वह पूरे भारत को अपनी चपेट में ले रहा है।
ममता बनर्जी को हिरासत में लिया गया, दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन
दिल्ली में आज के प्रदर्शन के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उन्हें और उनके साथ मौजूद पांच अन्य लोगों को दिल्ली पुलिस और CRPF ने हिरासत में ले लिया है. ममता बनर्जी के आवास के बाहर से उन्हें हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है.
CJP के प्रोटेस्ट में फिर हिंसा; आकाशवाणी भवन के पास पत्थरबाजी, 2 पुलिसकर्मी घायल
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर पुलिस पर पथराव किया जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।
CJP नेता अभिजीत दीपके पर टूटा दुखों का पहाड़, पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद दादी का निधन
दिल्ली पहुंचते ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया। इस बीच, हिरासत में लिए गए दीपके पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
एलन मस्क ने फिर मुकेश अंबानी पर साधा निशाना, रिलायंस और भाजपा के लिंक बताने वाली रिपोर्ट शेयर की
एलन मस्क ने फिर से अंबानी पर निशाना साधा है. अब उन्होंने एक्स पर दो न्यूज रिपोर्ट की तस्वीर साझा की. जो रिलायंस और बीजेपी के बीच के लिंक को बताता है. इससे पहले भी उन्होंने अंबानी पर कई तीखे हमले किए थे.
'Gen-Z को अघोषित इमरजेंसी मंजूर नहीं', दिल्ली में पाबंदियों पर भड़के शशि थरूर
शशि थरूर ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में भारी सुरक्षा और प्रतिबंधों पर केंद्र सरकार की आलोचना की है।
जंतर-मंतर 2.0: 10 के दम पर 9 सवाल, शीर्ष नेतृत्व की गिरफ्तारी के बाद शिंदे नया चेहरा
एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्लीकिसी आंदोलन की सबसे बड़ी परीक्षा तब नहीं होती, जब उसके नेता मंच से भाषण दे रहे हों और समर्थकों की भीड़ उनके नारों का जवाब दे रही हो। असली परीक्षा तब शुरू होती है, जब नेतृत्व को मंच तक पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया जाए, प्रदर्शन स्थल […]
इस तस्वीर में छिपी हैं इतनी सारी बिल्लियां, क्या आप गिन पाएंगे?
Optical Illusion: इस मजेदार ऑप्टिकल इल्यूजन तस्वीर में एक बड़ी बिल्ली के अंदर कई छोटी-बड़ी बिल्लियां छिपी हुई नजर आती हैं. जैसे-जैसे तस्वीर को ऊपर से नीचे की तरफ देखते हैं, बिल्लियों का आकार छोटा होता जाता है. पहली नजर में तस्वीर आसान लगती है, लेकिन ध्यान से देखने पर इसमें कई चेहरे दिखाई देते हैं.
टॉप लीडरशिप, टॉप स्पॉट… CJP का एक्शन टाइम , पुलिस का रिएक्शन... पहले 7 घंटे की टाइमलाइन
10 अक्टूबर को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन की प्लानिंग से लेकर दिल्ली पुलिस के एक्शन तक, हर कदम पर नजर रही. टॉप लीडरशिप, अहम लोकेशन और मिनट-दर-मिनट बदलते घटनाक्रम ने इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम को खास बना दिया. पढ़ें कहां क्या हुआ और किस मोड़ पर पूरा घटनाक्रम बदल गया?
पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी, दिल्ली में फिर भी हो रहा प्रदर्शन; कहां से आए हजारों प्रदर्शनकारी?
दिल्ली में 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन को लेकर हाई अलर्ट, भारी पुलिस तैनाती, बैरिकेडिंग और हिरासत के बावजूद विरोध की कोशिशें जारी रहीं। आखिर कहां से पहुंचे प्रदर्शनकारी, दूसरे राज्यों से आने वालों पर क्या हुई कार्रवाई?
Delhi में कॉजपा के प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती, देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर की विभिन्न फाइल से शनिवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं:दि36 कॉजपा प्रदर्शन पुलिस कार्रवाईजंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे कॉजपा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने खदेड़ा, शीर्ष नेता हिरासत मेंनयी दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को शनिवार को खदेड़ दिया और जब कार्यकर्ताओं ने फिर से एकत्र होकर सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया। दि39 दिल्ली प्रदर्शन पथरावकॉजपा प्रदर्शन: आकाशवाणी भवन के निकट पुलिस पर पथराव, दो पुलिसकर्मी घायलनयी दिल्ली, दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को लांघने के बाद आकाशवाणी भवन के निकट इम्तियाज अली मार्ग पर सुरक्षाकर्मियों पर कथित तौर पर पथराव किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दि37 न्यायालय कॉजपा प्रदर्शन लीड अवमाननाकॉजपा प्रदर्शन: अदालती आदेश के उल्लंघन के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिकानयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय में शनिवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के मद्देनजर 10 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो और भारतीय रेलवे की ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी उसके आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है और अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू किये जाने का अनुरोध किया गया है। दि19 राहुल सीईसीज्ञानेश कुमार जाएंगे, यह सरकार जाएगी: राहुल गांधीनयी दिल्ली, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी जाएंगे तथा मोदी सरकार भी जाएगी और इसके बाद लोकतंत्र को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा। दि31 नवीन विपक्ष कॉजपा प्रदर्शनभाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी, केजरीवाल और कॉजपा को दी चेतावनीनयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। अर्थ1 अमेरिका मस्क रिलायंस लीड भाजपाएलन मस्क ने रिलायंस समर्थित कंपनियों की ओर से भाजपा को दिए चंदे की खबरों को साझा कियावाशिंगटन, अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने शनिवार को भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी पर अपने तीखे हमले जारी रखते हुए मीडिया खबरों के स्क्रीनशॉट साझा किए। इन खबरों में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा वित्तपोषित एक कंपनी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के अभियानों को बढ़ावा देने में मदद की और रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने सत्तारूढ़ दल को बड़ा राजनीतिक चंदा दिया। प्रादे17 मणिपुर हिंसामणिपुर के कामजोंग में महिला की गोली मारकर हत्या, निषेधाज्ञा लागूइंफाल, मणिपुर के हिंसा प्रभावित कामजोंग जिले में एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी, जिसके मद्देनजर अधिकारियों ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। दि32 ईडी गिरफ्तारीदिवाला प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़े मामले में साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता गिरफ्तारनयी दिल्ली, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन के एक मामले में दिल्ली स्थित मीडिया एवं प्रसारण कंपनी साधना ग्रुप के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। वि10 संरा भारत पाकिस्तानपरमाणु हथियारों को ‘शासन चलाने का सामान्य साधन’ न माना जाए: भारतसंयुक्त राष्ट्र, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि परमाणु हथियारों को शासन चलाने का ‘‘सामान्य साधन नहीं माना जाना’’ चाहिए। वि7 अमेरिका ट्रंप नोबेलमैंने जितने युद्ध रुकवाए, उस हिसाब से मुझे आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था: ट्रंपवाशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम पर विचार नहीं किए जाने को लेकर नॉर्वे पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि उन्होंने जितने युद्ध रुकवाए हैं, उसके हिसाब से उन्हें आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। अर्थ2 आरबीआई ओएमसी डॉलरआरबीआई तीन सरकारी तेल कंपनियों के लिए विशेष डॉलर सुविधा शुरू करेगामुंबई, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र की तीन तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) की संपूर्ण दैनिक डॉलर जरूरतों को पूरा करने के लिए सोमवार से एक विशेष सुविधा शुरू करेगा। खेल8 खेल भारत गावस्करगावस्कर ने महत्वपूर्ण मौके पर मयंक को गेंद नहीं सौंपने के फैसले पर सवाल उठाएनयी दिल्ली, 10/10/2026 2:03:46 PM दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ रांची में खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने तेज गेंदबाज मयंक यादव या बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के बजाय कुलदीप यादव को महत्वपूर्ण 17वां ओवर सौंपकर बड़ी गलती की। खेल3 खेल भारत गंभीरगंभीर ने दुबे को ऊपर भेजने का समर्थन किया, कहा, टी20 में केवल ओपनर की जगह पक्की होती हैरांची, भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने यहां वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में ऑलराउंडर शिवम दुबे को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजे जाने का बचाव करते हुए कहा कि टीम आगे भी खेल के सबसे छोटे प्रारूप में बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन बनाए रखेगी।
CJP प्रोटेस्ट: कनॉट प्लेस में लेफ्ट और किसान नेता डिटेन, देखें बवाल
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाकों में प्रदर्शनकारियों का विरोध जारी है. एसएफआई और वामपंथी दलों के कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. जंतर-मंतर के इनर सर्किल, आउटर सर्किल और आसपास के क्षेत्रों में कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है.
असफलता के डर और रिश्तों की उलझन को कैसे दूर करें? श्री श्री रविशंकर ने बताए आसान तरीके
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने असफलता के डर और रिश्तों से जुड़ी परेशानियों से निपटने के कुछ आसान तरीके बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
आज शुभांशु शुक्ला का 41वां जन्मदिन है. NDTV से बातचीत में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की और छात्रों को अपने सपनों का पीछा करने की सलाह दी. उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया.
शाई होप का तूफानी शतक...IPL ऑक्शन में मचेगी लूट! क्या बदलेगी किस्मत?
शाई होप और शेरफान रदरफोर्ड के तूफान की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ दूसरे टी20 में जीत हासिल की. इस जीत के साथ ही वेस्टइंडीज की टीम ने अब सीरीज को 1-1 से बराबरी पर लाकर खड़ा कर दिया है.
प्रोटेस्ट में जा रहे 60 वकील हिरासत में, CJI सूर्यकांत का निर्देश मिलते ही तुरंत छोड़े गए
दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए सुरक्षा सख्त की गई है. प्रदर्शन को लेकर हुई वकीलों की गिरफ्तारी का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने CJI से दखल देने और वकीलों की रिहाई की मांग की है.
आंदोलनजीवी शब्द आखिर आया कहाँ से और यह किसी आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ में कैसे दर्ज हो गया? यह तीखा सवाल किसी राजनीतिक मंच पर नहीं, बल्कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की उस पीठ ने उठाया है जो पत्रकार सत्यम वर्मा पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की वैधता परख रही है। मामला अप्रैल 2026 में नोएडा के मज़दूर आंदोलन से जुड़ा है, जहाँ न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर 8 अप्रैल से शुरू हुआ प्रदर्शन 13 अप्रैल तक आते-आते पथराव और हिंसा में बदल गया। इसके चार दिन बाद 17 अप्रैल को यूपी पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में पत्रकार सत्यम वर्मा को गिरफ्तार किया और फिर 12 मई को गौतमबुद्ध नगर की ज़िलाधिकारी मेधा रूपम ने उन पर रासुका (NSA) तामील कर दिया। डीएम मेधा रूपम खुद चर्चा के केंद्र में हैं। एक तरफ पत्रकार पर सख्त कार्रवाई को लेकर, तो दूसरी तरफ उनकी पहचान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी के रूप में भी है, जो पहले से ही चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं। जब सत्यम की हिरासत को जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ में चुनौती दी गई, तो 8 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रखते हुए अदालत ने सीधे प्रशासन की मंशा और शब्दावली पर ही सवाल दाग दिए। इसे भी पढ़ें: Delhi Metro बंद करने पर Supreme Court में अवमानना याचिका, गृह सचिव पक्षकार यह दूसरी बार है जब इलाहाबाद हाईकोर्ट एक ही मामले में मेधा रूपम को जबरदस्त फटकार लगा चुका है। इससे पहले 2 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट की जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने अकृति चौधरी की हिरासत को रद्द कर दिया था और उन्हें 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया था। हालांकि मुआवजा राशी को लेकर मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से राहत भी मिल गई थी। लेकिन वर्तमान मामले में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। आपको बता दें यह मामला अप्रैल 2026 में नोएडा में मजदूर के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा के बाद पत्रकार सत्यम वर्मा को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में ले जाने से संबंधित है। जहां गौतम बुद्ध नगर की जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने 12 मई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धारा 3 2 और 33 के तहत वर्मा की निवारक हिरासत का आदेश जारी किया था। आकृति चौधरी को रिहाई दिए जाने के बाद सत्यम वर्मा ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। अपनी याचिका में उन्होंने हिरासत आदेश के अलावा राज्य सरकार के 20 मई के अनुमोदन आदेश और 10 जून के पुष्टि आदेश को भी चुनौती दी है। उन्होंने इन आदेशों को रद्द करने और तत्काल रिहाई और कथित अवैध हिरासत के लिए मुआवजे की भी मांग की है। सत्यम वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कोलिन गोंजालविस ने दलील दी कि हिरासत के आधार पर उनकी राजनीतिक विचारधारा आरडब्ल्यूपीआई से कथित संबंधों और साहित्य पढ़ने लिखने, अनुवाद करने और प्रकाशित करने जैसी गतिविधियों को अपराध की तरह पेश करते हैं। जिसको लेकर सत्यम वर्मा ने भी गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने खुद कहा कि किसी व्यक्ति का राजनीतिक विचार रखना, अकादमिक साहित्य पढ़ना, पत्रकारिता करना या किसी संगठन से वैचारिक जुड़ाव होना अपने आप में निवारक हिरासत का पर्याप्त आधार नहीं है और ना यह हो सकता है। इधर सत्यम वर्मा की याचिका में एक गंभीर आरोप यह भी लगाया गया है कि 12 मई को जारी हिरासत के आधार 14 अप्रैल 2026 को द क्रोनोलॉजी नाम के सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रकाशित एक पोस्ट का सीधा बिना सत्यापन के पेश किया गया था। वर्मा की याचिका के मुताबिक इस पोस्ट का शीर्षक था रेवोलशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया यानी कि आरडब्ल्यूपीआई ए मल्टीफ्रंट एजिटेशन सिंडिकेट इनसाइड स्टोरी ऑफ़ नोएडा वायलेंस। इसे भी पढ़ें: दुनियाभर में दोहरेपन और खोखलेपन की सबसे बड़ी मिसाल हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्यम की तत्काल रिहाई की मांग याचिका में हिरासत आदेश और उसके परिणामस्वरूप पारित आदेशों को रद्द करने के साथ-साथ सत्यम वर्मा की तत्काल रिहाई तथा कथित अवैध हिरासत के लिए मुआवजे की मांग की गई है। याचिका का मुख्य आधार यह है कि हिरासत आदेश इस तथ्यात्मक रूप से असंभव धारणा पर आधारित था कि सत्यम वर्मा 13 अप्रैल 2026 को नोएडा में हिंसा में शामिल थे। याचिका के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से पता चलता है कि वर्मा उस दिन लगभग 500 किलोमीटर दूर लखनऊ में थे, जहां उन्हें उसी दिन दोपहर 2:14 बजे हसनगंज पुलिस ने कथित तौर पर हिरासत में लिया था। पीठ ने पूछा सवाल पीठ ने सवाल किया कि इस प्रकार की शब्दावली आधिकारिक सरकारी हिरातस दस्तवेज में कैसे आई। साथ ही, एनएसए के तहत हिरासत के आधारों को लेकर अलग से उल्लेख किया गया। बेंच ने सवाल किया कि केवल एक विशेष विचारधारा को धारण करना या साहित्य रखना निवारक हिरासत का आधार कैसे बन सकता है। आंदोलनजीवि शब्द आया कहां से? 8 फरवरी 2021 की बात है। देश के पीएम नरेंद्र मोदी राज्यसभा में खड़े थे। राष्ट्रपति के अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए। पीएम मोदी ने उस दिन कहा हम लोग कुछ शब्दों से परिचित हैं। श्रमजीवी, बुद्धिजीवी यह सारे शब्द से हम सब परिचित हैं। लेकिन मैं देख रहा हूं कि पिछले कुछ समय से देश में एक नई जमात पैदा हुई है। एक नई बिरादरी सामने आई है और वो है आंदोलनजीवी। ये जमात आप देखेंगे। वकीलों का आंदोलन है। वहां नजर आएंगे। स्टूडेंट्स का आंदोलन है। वहां नजर आएंगे। मजदूरों का आंदोलन है। वो वहां नजर आएंगे। कभी पर्दे के पीछे तो कभी पर्दे के आगे। यह पूरी टोली है जो आंदोलनजीवी है। यह आंदोलन के बिना जी नहीं सकते हैं और आंदोलन से जीने के लिए जीने के रास्ते ढूंढते रहते हैं। नरेंद्र मोदी देश की संसद में जब यह बयान दे रहे थे तब दिल्ली की सीमाओं पर किसान बैठे हुए थे। केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ धरना चल रहा था। पीएम ने इस बयान के करीब 8 महीने बाद खुद ही तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान किया था और किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की थी। इस संदर्भ के साथ पहली बार देश की संसद में नरेंद्र मोदी ने आंदोलनजीवी शब्द उछाला।
पितृ विसर्जनी अमावस्या और पितरों का मोक्ष... नारायणी शिला मंदिर की कहानी
हरिद्वार के नारायणी शिला मंदिर में पितृ विसर्जनी अमावस्या के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. सुबह से ही मंदिर में पूजा करने वालों की भीड़ लगी है और दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं. श्रद्धालु अपने पितरों की शांति और उनकी मुक्ति की कामना के साथ पूजा-पाठ और तर्पण कर रहे हैं.
यूरोप के इस देश में रात में नहीं बिकेगी शराब: संसद के निचले सदन ने कानून को दी मंजूरी
यूरोपीय महाद्वीप के देश पोलैंड (Poland) से इस वक्त स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद बड़ा और कड़ा फैसला सामने आ रहा है। पोलैंड की संसद के निचले सदन 'सेजम' (Sejm) ने देशव्यापी स्तर पर रात के समय शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने वाले एक ऐतिहासिक विधेयक (Bill) को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। सरकार और सांसदों का मानना है कि इस कड़े कानून के लागू होने से न केवल देश में रात के समय होने वाले अपराधों, हिंसा और सड़क हादसों में बड़ी कमी आएगी, बल्कि अत्यधिक शराब के सेवन से पैदा होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और सामाजिक दुष्प्रभावों से भी नागरिकों को बचाया जा सकेगा। इस ऐतिहासिक विधेयक के पारित होने के बाद से पूरे यूरोप के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मच गई है।जानिए क्या हैं इस नए कानून के कड़े नियम और कब से लागू होगी रात में शराब बिक्री पर पाबंदी?संसद के निचले सदन द्वारा पारित किए गए इस नए कानून के प्रावधानों के अनुसार, पोलैंड में रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक खुदरा दुकानों, स्टोरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शराब की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा, इस विधेयक में शराब के सभी प्रकार के विज्ञापनों और प्रचार-प्रसार पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। शराब बेचने के लाइसेंस और परमिट शुल्क को दोगुना करने के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने तथा उनके लाइसेंस रद्द करने जैसे सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। यह नया कानून आगामी 1 जनवरी से पूरे देश में आधिकारिक रूप से लागू होने जा रहा है, जिसकी तैयारी प्रशासनिक स्तर पर शुरू कर दी गई है।संसद में भारी बहुमत से पास हुआ विधेयक, जनता और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने फैसले का किया स्वागतसंसद के निचले सदन में हुए मतदान के दौरान इस विधेयक को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला, जहां 400 से अधिक सांसदों ने इस बिल के पक्ष में अपना वोट डाला। पोलैंड के स्वास्थ्य विशेषज्ञों, समाजशास्त्रियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के कई देशों में देर रात शराब की आसान उपलब्धता के कारण न केवल युवा पीढ़ी में नशे की लत बढ़ रही थी, बल्कि देर रात होने वाले झगड़ों और हादसों से पुलिस-प्रशासन पर भी भारी दबाव रहता था। इस प्रतिबंध से आपातकालीन सेवाओं और अस्पतालों पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप, जानिए क्या बोले अन्य यूरोपीय देश?एक तरफ जहां देश की आम जनता और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले को स्वस्थ समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है, वहीं दूसरी तरफ शराब निर्माताओं, रिटेल स्टोर मालिकों और नाइटलाइफ़ से जुड़े कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। व्यापारिक संगठनों का तर्क है कि इस फैसले से उनके राजस्व को भारी नुकसान पहुंचेगा और पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, पोलैंड सरकार ने साफ कर दिया है कि नागरिकों का स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा किसी भी व्यावसायिक लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। पोलैंड के इस कड़े फैसले के बाद अब फ्रांस, जर्मनी और अन्य पड़ोसी यूरोपीय देशों में भी रात में शराब बिक्री को नियंत्रित करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
चेन्नई में अपना बिजनेस करने वाले सुभाष ने कहा, 'मेरे विदेश जाने की सारी तैयारी हो चुकी थी. लेकिन मैंने पापा को नाराज करके इंडिया को चुना. पढ़ाई के बाद मैंने यहीं बिजनेस किया, क्योंकि भारत ही ऐसा देश है जो मुझसे कभी वीजा नहीं मांगेगा.
आखिर क्यों आसमान छू रहा है AI का बजट? डेटा सेंटर्स और चिप निर्माताओं की चांदी
आधुनिक तकनीक की दुनिया से इस वक्त एक ऐसी चौंकाने वाली और क्रांतिकारी रिपोर्ट सामने आ रही है जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थालयों के होश उड़ाने के लिए काफी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का भूत अब इंसानी दिमाग पर ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी सेक्टर पर इस कदर हावी होने लगा है कि इसके आंकड़े देखकर बड़े-बड़े अर्थशास्त्री भी हैरान रह गए हैं। हाल ही में ग्लोबल मार्केट रिसर्च और वित्तीय संस्थाओं के हवाले से जो ताजा अनुमान सामने आए हैं, उनके मुताबिक आने वाले कुछ ही सालों यानी वर्ष 2032 तक केवल अमेरिका जैसे महाशक्ति देश में एआई (AI) पर होने वाला कुल खर्च या निवेश सीधे तौर पर वहां के लोगों के खाने-पीने की चीजों (ग्रॉसरी और फूड प्रोडक्ट्स) पर खर्च होने वाली कुल रकम के बराबर जा पहुंचेगा। तकनीकी क्रांति के इस नए दौर में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स, चिप्स और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर सालाना 3.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 3.5 लाख करोड़ डॉलर) से अधिक की भारी-भरकम कमाई और खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है, जो यह साबित करता है कि आने वाला कल पूरी तरह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता का ही होने वाला है।बीते कुछ वर्षों में चैटजीपीटी, गूगल जेमिनी और अन्य आधुनिक जेनरेटिव एआई टूल्स के बाजार में आने के बाद से दुनिया भर की बड़ी तकनीकी कंपनियों के बीच एआई की दौड़ में सबसे आगे निकलने की होड़ सी मच गई है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अल्फाबेट, मेटा, अमेजन और एनवीडिया जैसी दिग्गज टेक कंपनियां अपने करोड़ों-अरबों डॉलर सिर्फ इसलिए झोंक रही हैं ताकि वे दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर और एआई मॉडल तैयार कर सकें। इन बड़े मॉडल्स को चलाने, उनकी ट्रेनिंग करने और उन्हें मेंटेन रखने के लिए दुनिया भर में विशालकाय डेटा सेंटर्स का जाल बिछाया जा रहा है, जिन्हें चलाने में भारी मात्रा में बिजली और उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स की आवश्यकता होती है। यही वजह है कि एआई सेक्टर का यह विशालकाय बुनियादी ढांचा अब दुनिया के सबसे महंगे उद्योगों की सूची में सबसे ऊपर पहुंचता जा रहा है, जिसके वित्तीय आंकड़े किसी भी पारंपरिक उद्योग को पीछे छोड़ रहे हैं।अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर एआई का बढ़ता शिकंजा: खाने की थाली से लेकर तकनीक की दौड़ तकयह अपने आप में एक बेहद दिलचस्प और डराने वाला तुलनात्मक आंकड़ा है कि एक देश जहां नागरिक अपनी बुनियादी जरूरतों जैसे पेट भरने के लिए खाने-पीने की वस्तुओं पर अपनी गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं, वहीं अब उतनी ही विशाल रकम केवल डिजिटल कोड, एल्गोरिदम और मशीन लर्निंग के पीछे झोंकी जा रही है। वर्ष 2032 तक अमेरिका में ग्रॉसरी मार्केट के बराबर एआई का यह खर्च यह बयां करने के लिए काफी है कि तकनीक अब हमारे जीवन का एक ऐसा अनिवार्य और खर्चीला हिस्सा बन चुकी है जिसके बिना वैश्विक व्यापार का पहिया एक पल के लिए भी आगे नहीं बढ़ सकता। कॉर्पोरेट जगत से लेकर हेल्थकेयर, वित्त, शिक्षा और रक्षा क्षेत्रों तक में एआई की बढ़ती घुसपैठ ने इस तकनीकी क्रांति को एक ऐसा आर्थिक दानव बना दिया है जिसकी भूख हर साल और अधिक तीव्र होती जा रही है।क्या एआई का यह अंधाधुंध खर्च अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है या मंडरा रहा है कोई बड़ा बुलबुला?जहाँ एक तरफ तकनीकी शेयर बाजार में इस बूम के चलते निवेशकों की चांदी कट रही है और सिलिकॉन वैली से लेकर दुनिया भर के टेक हब मालामाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के कई वित्तीय विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री इसे एक संभावित 'एआई बबल' (AI Bubble) के रूप में भी देख रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इस खरबों डॉलर के भारी-भरकम निवेश के मुकाबले आम जनता या उद्योगों को उस अनुपात में व्यावसायिक लाभ (ROI) या उत्पादकता में वृद्धि देखने को नहीं मिली, तो यह बुलबुला किसी दिन फूट भी सकता है, जिसके परिणाम वैश्विक मंदी के रूप में सामने आ सकते हैं। हालांकि, वर्तमान रुझान और भविष्य के कयासों को देखें तो फिलहाल एआई की इस तेज रफ्तार रथ को रोकने वाला कोई नजर नहीं आता। आने वाले 2032 तक का यह सफर यह तय कर देगा कि क्या कृत्रिम बुद्धिमत्ता वास्तव में मानव सभ्यता की तकदीर बदलती है या यह केवल पूंजीपतियों की एक खर्चीली दौड़ बनकर रह जाती है।
Congress अध्यक्ष Mallikarjun Kharge का आरोप, मोदी सरकार में आवाज उठाने वालों को बनाया जा रहा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने ‘लोकतंत्र की जननी’ का गला घोंट दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ सवाल उठाने वाले युवाओं, छात्रों, वकीलों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान यूनियन के नेताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ‘कायरता’ आज खुलकर सामने आ गई है। उन्होंने कहा कि हिरासत, गिरफ्तारी, जेल, लाठीचार्ज और पैलेट गन भी देश के लोगों को उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने से नहीं रोक सकते। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दिनों से ही युवा देश का भविष्य तय करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं। खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट विपक्ष के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा, “हमने भारत की आजादी हासिल करने के लिए अपना खून बहाया है। हम अपने लोकतंत्र, संविधान और हर भारतीय के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत से लड़ते रहेंगे।”कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को ‘युद्ध जैसी तैनाती’ बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी (जेन जी) अघोषित आपातकाल से बेहतर स्थिति का हकदार है। थरूर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से रोकने के लिए राजधानी में बैरिकेडिंग, इंटरनेट बंद करने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
यूक्रेन के जापोरिज्जिया पर रूस का भीषण हमला, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन में रूस के हमले लगातार जारी हैं. जापोरिज्जिया पर ताजा हमले में एक शख्स की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. सर्दियों से पहले यूक्रेन में पेट्रोल पंपों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है. वहीं, शांति वार्ता की कोशिशों के बीच अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध इसी तरह जारी रहा, तो ये और बड़े और खतरनाक संघर्ष में बदल सकता है. देखें दुनिया आजतक.
राजधानी के सबसे बड़े चौक का नाम बदलने की चर्चा पर लगा विराम
देश के किसी भी बड़े महानगर या राजधानी शहर में जब भी किसी ऐतिहासिक चौक, चौराहे या सड़क के नाम बदलने की सुगबुगाहट शुरू होती है, तो सियासी गलियारों से लेकर आम जनता के बीच बहस छिड़ जाना बेहद आम बात है। इन दिनों राजधानी के सबसे बड़े और सबसे पुराने व्यस्ततम चौक का नाम बदले जाने को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय बाजार में तमाम तरह की अटकलें और चर्चाएं बहुत तेजी से तैर रही थीं। शहर के व्यापारी वर्ग, इतिहास प्रेमियों और आम नागरिकों के बीच इस बात को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि क्या सचमुच इस ऐतिहासिक चौराहे का नाम बदला जा रहा है या इसके पीछे कोई राजनीतिक साजिश है। इन तमाम अफवाहों और कयासों पर विराम लगाते हुए आखिरकार राज्य के उपमुख्यमंत्री ने खुद सामने आकर इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। डेप्युटी सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा है कि राजधानी के इस सबसे बड़े चौक का नाम बदलने जैसी कोई बात सरकार के विचाराधीन नहीं है और यह केवल एक निराधार भ्रम है जिसे कुछ लोगों द्वारा हवा दी जा रही है।क्या थी चौक का नाम बदलने की अफवाह और क्यों गरमाया हुआ था स्थानीय सियासी पारा?पिछले कुछ दिनों से राजधानी के इस प्रमुख चौक के नाम परिवर्तन को लेकर अचानक से स्थानीय समाचार पत्रों के कुछ हिस्सों और इंटरनेट मीडिया पर खबरें वायरल होने लगी थीं। दावा किया जा रहा था कि प्रशासन जल्द ही किसी महापुरुष या ऐतिहासिक धरोहर के नाम पर इस मुख्य चौराहे का नामकरण करने वाला है। इस खबर के सामने आते ही शहर के कई संगठनों, व्यापार मंडलों और राजनीतिक दलों के स्थानीय नेताओं ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी थीं। कुछ लोग जहां इस संभावित बदलाव के समर्थन में अपनी दलीलें दे रहे थे, वहीं एक बड़ा तबका इसके विरोध में खड़ा नजर आ रहा था, क्योंकि उस चौक के नाम के साथ शहर की पुरानी संस्कृति और व्यापारिक पहचान गहराई से जुड़ी हुई है। देखते ही देखते यह मुद्दा शहर की चाय की प्यालियों से लेकर राजनीतिक मंचों तक की सबसे बड़ी बहस बन गया था।डेप्युटी सीएम का स्पष्टीकरण: 'सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, लोग भ्रम में न आएं'मामले की गंभीरता को बढ़ते देख और जनता के बीच फैल रही गलतफहमी को दूर करने के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए इन सभी चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है। डेप्युटी सीएम ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की ऐसी कोई भी योजना नहीं है और न ही नगर निगम या शासन स्तर पर इस चौक का नाम बदलने से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव या फाइल तैयार की गई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह से एक अफवाह है जिसे कुछ शरारती तत्वों या बिना पुष्ट तथ्यों के सोशल मीडिया पर फैलाया गया है। सरकार का पूरा ध्यान इस समय राजधानी के बुनियादी विकास, सड़कों के चौड़ीकरण, स्वच्छता और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने पर केंद्रित है, न कि बिना वजह के नामों को बदलने जैसी बहसों में उलझने पर।व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ली राहत की सांस, राजनीतिक विश्लेषकों ने की इस बयान की सराहनाउपमुख्यमंत्री द्वारा दिए गए इस स्पष्ट और दो टूक बयान के बाद राजधानी के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने ने राहत की सांस ली है। चौक के आसपास के दुकानदारों का कहना था कि नाम बदलने से व्यापारिक दस्तावेजों, जीएसटी नंबर, पतों और पोस्टल ट्रांजैक्शन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता था, इसलिए सरकार का यह रुख उनके लिए बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि समय रहते शीर्ष नेतृत्व द्वारा इस प्रकार की अफवाहों पर आधिकारिक विराम लगा देना एक बुद्धिमत्ता भरा कदम है, जिससे अनावश्यक सामाजिक तनाव या राजनीतिक टकराव टल गया है। बहरहाल, इस स्पष्टीकरण के बाद अब राजधानी के इस प्रमुख चौक के नाम बदलने की तमाम अटकलें हमेशा के लिए शांत हो चुकी हैं और शहर का जनजीवन सामान्य रूप से पटरी पर लौट आया है।
8वें आयोग में बढ़ी सैलरी कब? फिटमेंट फैक्टर से एरियर तक जानें हर जवाब
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में हजारों रुपये की बढ़ोतरी होगी या नई सैलरी के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा? आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में ऐसे कई सवाल हैं. आयोग को मई 2027 तक अपनी सिफारिशें देनी हैं. ऐसे में जानिए नई सैलरी, एरियर और 1 जनवरी 2026 की तारीख से जुड़े हर सवाल का जवाब.
महीनों से बंद है घर, फिर भी आ रहा बिजली बिल? ये हो सकती हैं वजहें
घर बंद होने और बिजली इस्तेमाल न करने पर भी बिल क्यों आता है? जानिए इसकी 5 वजहें, जिनमें हर महीने लगने वाला चार्ज, पुराना बकाया और मीटर की रीडिंग में गलती शामिल हैं.
6 किमी पैदल चलकर स्कूल जाता, लौटकर खेतों में करता था काम
सफलता का कोई शार्टकट नहीं होता और न ही गरीबी कभी किसी की प्रतिभा की राह में रोड़ा बन सकती है, इस बात को साबित कर दिखाया है देश के एक अग्रणी राज्य के मुख्यमंत्री ने. राजधानी में आयोजित एक राज्य स्तरीय छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के दिनों से जुड़े एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक संस्मरण का खुलासा किया. उन्होंने मंच से छात्र-छात्राओं को अपने जीवन के उस दौर के बारे में बताया जब वे रोज 6 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पढ़ाई करने जाया करते थे और शाम को वापस लौटकर अपने परिवार के साथ खेतों में पसीना बहाते थे. मुख्यमंत्री के इस प्रेरक संबोधन और संघर्ष की दास्तान सुनकर हॉल में मौजूद सैकड़ों मेधावी छात्र, शिक्षक और अभिभावक तालियों से गड़गड़ा उठे और हर किसी की आंखें गर्व से नम हो गईं.अभावों में बीता बचपन और शिक्षा के प्रति अटूट निष्ठा, जब अभाव ही बन गया सबसे बड़ी ताकतमुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के दौर में बच्चों के पास आधुनिक सुविधाएं, गाड़ियां, इंटरनेट और पढ़ाई के तमाम डिजिटल संसाधन उपलब्ध हैं, जो एक बहुत अच्छी बात है. लेकिन उनके बचपन के समय स्थितियां इसके बिल्कुल उलट थीं. गांव में न तो पक्की सड़कें थीं और न ही परिवहन के कोई समुचित साधन मौजूद थे. इसके बावजूद उनके मन में शिक्षा हासिल करने का एक ऐसा जूनून था जिसने उन्हें कभी रुकने या थकने नहीं दिया. वे रोजाना सुबह-सुबह नंगे पैर या घिसे हुए चप्पलों में ही 6 किलोमीटर का लंबा और पथरीला पैदल रास्ता तय करके अपने सरकारी स्कूल पहुंचते थे. स्कूल की घंटी बजने से लेकर छुट्टी होने तक वे पूरी लगन से पढ़ाई करते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि यही एकमात्र ऐसा माध्यम है जो उनके परिवार की गरीबी को दूर कर सकता है.खेतों में कड़ी मेहनत के बाद लालटेन की रोशनी में पढ़ाई, मुख्यमंत्री ने दिए सफलता के मूल मंत्रस्कूल से घर लौटने के बाद मुख्यमंत्री का दिन खत्म नहीं होता था, बल्कि एक नए संघर्ष की शुरुआत होती थी. अपने माता-पिता के कृषि कार्यों में मदद करने के लिए वे तुरंत खेतों में निकल जाते थे और देर शाम तक जुताई, सिंचाई और फसलों की देखभाल का काम करते थे. रात को जब पूरा गांव सो जाता था, तब वे लालटेन या डिबरी की धीमी रोशनी में अपनी किताबें खोलकर बैठ जाते थे और देर रात तक पढ़ाई करते थे. मुख्यमंत्री ने छात्रों को सीख देते हुए कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां ही इंसान को मजबूत बनाती हैं. यदि आप किसी चीज को पूरी शिद्दत से पाना चाहते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती.मेधावी विद्यार्थियों को दिए गए लैपटॉप और स्कॉलरशिप, युवाओं को राज्य के विकास से जुड़ने का आह्वानकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं और विभिन्न खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों छात्रों को सम्मानित किया. उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, लैपटॉप और उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप के चेक सौंपे. अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद राज्य और देश की सेवा में अपना योगदान दें. उन्होंने कहा कि आज के युवा ही कल का भारत हैं और उनके मजबूत कंधों पर ही देश को विश्वगुरु बनाने की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री की इस जीवन गाथा ने वहां मौजूद हर एक युवा के दिल में एक नई उम्मीद और प्रेरणा की अलख जगा दी है.
कुमार सानू मुंबई के एक स्टूडियो में किशोर कुमार के गाने रिकॉर्ड कर रहे थे. पास के ही स्टूडियो में गजल गायक जगजीत सिंह अपनी रिकॉर्डिंग कर रहे थे. उन्होंने सानू की आवाज सुनी और वह आवाज से बेहद प्रभावित हुए.
भारत और दुनिया के लिए मंडरा रहा जल संकट का बड़ा साया, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
उत्तराखंड की खूबसूरत, सर्द और गगनचुंबी हिमालयी चोटियों को फतह करने का सपना देखने वाले एडवेंचर प्रेमियों के लिए एक बेहद जरूरी और जीवन बचाने वाली चेतावनी सामने आ रही है। पहाड़ों की ऊंचाइयों तक पहुंचना और ग्लेशियरों के बीच से गुजरना जितना रोमांचक और साहस से भरा अनुभव होता है, उतनी ही उसमें जिंदगी दांव पर लगने की संभावना भी बनी रहती है। अक्सर सैलानी या नए ट्रेकर्स जोश में आकर पहाड़ों की बुनियादी सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे एक छोटी सी लापरवाही उनके लिए जानलेवा साबित हो जाती है। इस गंभीर विषय पर 'लोकल 18' ने उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के जाने-माने और अनुभवी पर्वतारोही भुवन चौबे से विशेष बातचीत की है। भुवन चौबे ने हिमालयी ट्रेकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में ऐसे अहम खुलासे किए हैं, जिन्हें हर पर्वतारोही को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले गांठ बांध लेना चाहिए।ट्रेक पर जाने से पहले शारीरिक क्षमता और मौसम का आकलन है सबसे जरूरी, भुवन चौबे की सलाहपर्वतारोही भुवन चौबे का कहना है कि हिमालय की कठिन चढ़ाई पर निकलने से पहले हर ट्रेकर को अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमता (Physical Fitness) का सही आकलन कर लेना चाहिए। कई बार लोग बिना तैयारी के ऊंचे ग्लेशियर ट्रेक्स पर निकल जाते हैं और बीच रास्ते में हांफने लगते हैं। इसके अलावा ट्रेक की कठिनाई का स्तर, समुद्र तल से उसकी ऊंचाई और वहां के वर्तमान मौसम के मिजाज की पूरी जानकारी जुटाना अनिवार्य है। उत्तराखंड के मौसम का कोई भरोसा नहीं होता, पल भर में धूप खिलने के बाद अचानक घना कोहरा और बर्फबारी शुरू हो सकती है। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग के पूर्वानुमान और स्थानीय गाइडों से पूरी रिपोर्ट जरूर लेनी चाहिए ताकि रास्ते में किसी अनचाही मुसीबत का सामना न करना पड़े।दिन की रोशनी में आगे बढ़ना और सुरक्षित रास्तों का चयन बचा सकता है आपकी जानपहाड़ों पर सफर करते वक्त समय का प्रबंधन सबसे बड़ी खूबी होती है। भुवन चौबे के अनुसार, ट्रेकर्स को हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि वे दिन की रोशनी (Daylight) रहते ही अपने तय गंतव्य या सुरक्षित बेस कैंप तक पहुंच जाएं। सूरज ढलने के बाद पहाड़ों का तापमान अचानक बहुत तेजी से गिरता है और रास्ते भटकने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। केवल कुछ समय या दूरी बचाने के लिए शॉर्टकट अपनाना या किसी जोखिम भरे और अनजान रास्ते से आगे बढ़ना आपके लिए घातक साबित हो सकता है। मौसम बिगड़ने के संकेत मिलते ही तुरंत यात्रा रोक देनी चाहिए और किसी सुरक्षित चट्टान या कैंप की शरण लेनी चाहिए ताकि तेज हवाओं, भारी बर्फबारी या जानलेवा ठंड से बचा जा सके।हिमस्खलन और खराब मौसम के संकेतों को न करें नजरअंदाज, जान है तो जहान हैपर्वतारोहण के दौरान कई बार ट्रेकर्स उत्साह में आकर चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो उनकी सबसे बड़ी भूल साबित होती है। यदि रास्ते में अचानक तेज हवाएं चलने लगें, मूसलाधार बारिश या बर्फबारी शुरू हो जाए, घना कोहरा छा जाए या किसी इलाके में हिमस्खलन (Avalanche) का खतरा दिखाई दे, तो अपनी जिद छोड़कर तुरंत यात्रा को टाल देना या वापस लौट जाना ही समझदारी है। पहाड़ों में रोमांच अपनी जगह है, लेकिन इंसान की सुरक्षा से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता। अनुभवी पर्वतारोही भुवन चौबे की ये सीख उन तमाम युवाओं के लिए एक आईना है जो सोशल मीडिया पर रील्स या ग्लैमर के चक्कर में अपनी सुरक्षा से खिलवाड़ करते हैं। अगली बार जब भी आप हिमालय के आंचल में ट्रेकिंग के लिए निकलें, तो इन जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करें ताकि आपका सफर रोमांचक भी हो और पूरी तरह सुरक्षित भी।
ब्रह्मपुरी से कौड़ियाला तक ऋषिकेश में राफ्टिंग के 4 प्रमुख रूट
देवभूमि उत्तराखंड और योग नगरी ऋषिकेश का नाम आते ही सबसे पहला रोमांचक ख्याल रिवर राफ्टिंग (River Rafting) का ही आता है। गंगा की तेज कलकल करती धाराओं और ऊंचे-नीचे चट्टानी रैपिड्स के बीच राफ्टिंग करने का जो रोमांच है, वह देश-दुनिया के एडवेंचर प्रेमियों को अपनी ओर खींच लाता है। यदि आप भी इन दिनों ऋषिकेश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको गंगा नदी पर बने विभिन्न राफ्टिंग रूट्स, उनकी दूरियों और प्रति व्यक्ति किराए के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। स्थानीय प्रशासनिक दिशा-निर्देशों और राफ्टिंग एसोसिएशन के नियमों के अनुसार, ऋषिकेश में कुल 4 प्रमुख और लोकप्रिय राफ्टिंग रूट संचालित किए जाते हैं, जो शुरुआती पर्यटकों से लेकर खतरनाक लहरों से खेलने वाले प्रोफेशनल्स तक के लिए अलग-अलग अनुभव प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं इन सभी चारों रूट्स की पूरी जानकारी और उनके शुल्कों के बारे में।1. ब्रह्मपुरी से नीम बीच रूट (9 किलोमीटर): शुरुआती और परिवारों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्पऋषिकेश आने वाले वे सैलानी जो पहली बार राफ्टिंग का अनुभव लेना चाहते हैं या जिनके साथ परिवार और बच्चे हैं, उनके लिए ब्रह्मपुरी से शुरू होने वाला 9 किलोमीटर का यह रूट सबसे बेहतरीन माना जाता है। इस रूट पर गंगा नदी का पानी अपेक्षाकृत शांत होता है और यहां ग्रेड-1 और ग्रेड-2 स्तर के छोटे रैपिड्स का सामना करना पड़ता है। इस पूरी यात्रा को पूरा करने में लगभग 1 से 1.5 घंटे का समय लगता है। इस रूट का आधिकारिक किराया लगभग 600 रुपये प्रति व्यक्ति है। इस छोटे और रोमांचक सफर के दौरान पर्यटकों को क्लिफ जंपिंग (Cliff Jumping) और बॉडी सर्फिंग का भरपूर आनंद उठाने का मौका मिलता है, जिससे यह बच्चों और कम तैराकी जानने वालों के लिए भी पूरी तरह सुरक्षित और मनोरंजक बन जाता है।2. शिवपुरी से नीम बीच रूट (16 किलोमीटर): सबसे ज्यादा लोकप्रिय और रोमांचक मध्यम श्रेणी का सफरअगर आप राफ्टिंग का असली और संतुलित रोमांच अनुभव करना चाहते हैं, तो 80% से अधिक पर्यटक शिवपुरी से नीम बीच वाले 16 किलोमीटर के रूट को चुनते हैं। इस रूट पर 'रोलर कोस्टर' (Roller Coaster) और 'गोल्फ कोर्स' (Golf Course) जैसे मशहूर ग्रेड-3 और ग्रेड-3+ के खतरनाक रैपिड्स आते हैं, जो राफ्ट को हवा में उछाल देते हैं। इस पूरे ट्रैक को तय करने में लगभग ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। इस लोकप्रिय रूट का सरकारी और आधिकारिक किराया लगभग 1,000 से 1,500 रुपये प्रति व्यक्ति के आसपास तय किया गया है। इस रास्ते में पानी की तेज लहरों के बीच पैडल चलाने का अनुभव पर्यटकों के रोंगटे खड़े कर देता है और यह एडवेंचर लवर्स की पहली पसंद है।3. मरीन ड्राइव से नीम बीच रूट (24 से 26 किलोमीटर): रोमांच प्रेमियों के लिए एक कड़ा इम्तिहानजो सैलानी सामान्य राफ्टिंग से आगे बढ़कर कुछ और अधिक थ्रिल चाहते हैं, वे मरीन ड्राइव से शुरू होने वाले 24 से 26 किलोमीटर लंबे रूट का चुनाव करते हैं। इस रूट पर 'थ्री ब्लाइंड माइंड्स', 'क्रॉस फायर' और 'रिटर्न टू संडे' जैसे कठिन ग्रेड-3 और ग्रेड-4 के रैपिड्स पर्यटकों की परीक्षा लेते हैं। संकीर्ण घाटियों और तेज बहाव वाली इस जलधारा में राफ्ट को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होता। इस लंबी यात्रा को पूरा करने में करीब 4 से 5 घंटे का समय लग जाता है। इस रूट के लिए प्रति व्यक्ति किराया लगभग 1,500 से 2,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान गंगा की विशाल गॉर्ज और प्राकृतिक सुंदरता का जो नजारा देखने को मिलता है, वह जिंदगी भर के लिए यादगार बन जाता है।4. कौड़ियाला से नीम बीच रूट (32 से 35 किलोमीटर): सबसे खतरनाक और साहसिक महा-अभियानऋषिकेश राफ्टिंग का सबसे अंतिम, सबसे लंबा और सबसे खतरनाक मार्ग कौड़ियाला से शुरू होता है, जिसकी कुल दूरी लगभग 32 से 35 किलोमीटर है। इस रूट पर दुनिया भर में चर्चित 'द वॉल' (The Wall) नामक ग्रेड-4 और ग्रेड-5 का सबसे खूंखार रैपिड आता है, जहां अनुभवी राफ्टर्स के भी पसीने छूट जाते हैं और अक्सर नावें तक पलट जाती हैं। यही वजह है कि इस रूट पर केवल उन्ही पर्यटकों को जाने की अनुमति दी जाती है जो शारीरिक रूप से बेहद फिट हों और जिन्हें राफ्टिंग का पुराना अनुभव हो। इस महा-अभियान को पूरा करने में 5 से 6 घंटे का समय लगता है। इस कौड़ियाला एक्सपेडिशन का किराया लगभग 2,500 रुपये प्रति व्यक्ति होता है। सफर पर निकलने से पहले सुरक्षा के सभी मानकों और गाइड के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होता है ताकि आपकी यह जल यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और मंगलमय हो सके।
नवरात्रि में पूजा घर नहीं दिखेगा बिखरा-बिखरा, काम आएंगे 7 आसान तरीके
नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित करना चाहते हैं? कलश, जौ, दीपक, फूल और पूजा की थाली रखने के लिए अपनाएं ये 7 आसान तरीके. इनसे पूजा का सामान सही जगह पर रहेगा और ज्यादा सामान होने के बावजूद आपका मंदिर सुंदर और व्यवस्थित नजर आएगा.
अभिजीत दिपके की दादी का निधन, CJP प्रोटेस्ट के बीच टूटा दुखों का पहाड़
अभिजीत दिपके की दादी सावित्रीबाई शंकर दिपके का लंबी बीमारी के कारण शनिवार को निधन हो गया. उनकी उम्र लगभग 80 वर्ष थी. उन्होंने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव में अंतिम सांस ली. अभिजीत दिपके फिलहाल दिल्ली पुलिस हिरासत में है.
CJP का प्रदर्शन, पुलिस का एक्शन... तस्वीरों में देखें दिल्ली और देशभर का हाल
10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके समेत पार्टी के कुछ नेताओं को दिल्ली पहुंचने के बाद विमान के अंदर से हिरासत में लिया गया. दिपके ने हिरासत से पहले फ्लाइट के अंदर का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया.
रणनीति या...! दिपके को फ्लाइट में हिरासत में लेने महिला पुलिसकर्मियों को ही क्यों भेजा गया?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से CJP के नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पुलिस ने महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया. तीनों नेता जिस फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे थे, उसके उतरते ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
EC के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन बेअसर साबित होगा, Himanta Biswa Sarma ने साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन का कोई असर नहीं होगा; उन्होंने इसे विपक्ष की हताशा का नतीजा बताया। उत्तराखंड के हरिद्वार में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब विपक्ष हताश होता है, तो वे इस तरह के तमाशे करते हैं... इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। लोगों के लिए काम करते रहिए, और लोग आपको आशीर्वाद देते रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Abhijeet Dipke, Saurav Das, Ashutosh Ranka और Dhruv Rathee की खुद को Safe रखने वाली रणनीति सफल रही बीजेपी नेता मृत्युंजय तिवारी ने माना कि संविधान विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रदर्शनों से अव्यवस्था नहीं फैलनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने और लोकतंत्र व संविधान को कमज़ोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष विदेशी ताकतों के प्रभाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस देश में संविधान हर किसी को विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन किसी को भी अराजकता फैलाने का अधिकार नहीं है। विरोध का मतलब अराजकता नहीं हो सकता... छात्रों को किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए और न ही किसी के बहकावे में आना चाहिए। तिवारी ने विपक्ष के उस दावे की आलोचना की जिसमें उन्होंने प्रश्न-पत्र लीक होने और छात्रों के भविष्य के लिए विरोध करने की बात कही थी, और साथ ही पुलिस व आम जनता के खिलाफ हुई हिंसा का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि अब आप चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगे हैं... यह लोकतंत्र और खुद संविधान को कुचलने और बदनाम करने की कोशिश है... वे विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: 'लगातार आशीर्वाद के लिए लोगों का आभार', प्रधानमंत्री मोदी ने उपचुनावों में BJP की जीत के लिए वोटरों का किया धन्यवाद ये टिप्पणियां CJP द्वारा शनिवार को किए जाने वाले उस विरोध-प्रदर्शन के आह्वान के साथ आईं, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और 'स्पेशल समरी रिविज़न' (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) प्रक्रिया का विरोध किया गया है। यह प्रस्तावित प्रदर्शन, 'वोट चोरी' के आरोपों और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष और भारत के चुनाव आयोग के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव के माहौल में हो रहा है।
नीरज चोपड़ा का भाला बना रोहित यादव की ताकत: एशियन गेम्स के मेडलिस्ट ने किया बड़ा खुलासा
भारतीय एथलेटिक्स जगत से इस वक्त एक बेहद प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आ रही है। देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने वाले ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा का प्रभाव सिर्फ उनके खुद के पदकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनका बड़प्पन और खेल के प्रति समर्पण अब देश के अन्य उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए भी बहुत बड़ी ताकत बनता जा रहा है। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और एशियन गेम्स के पदक विजेता रोहित यादव ने हाल ही में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। रोहित ने बताया है कि कैसे कठिन समय और प्रैक्टिस के दौरान नीरज चोपड़ा का अपना व्यक्तिगत भाला (Javelin) उनकी सबसे बड़ी ताकत बना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। इस खुलासे के बाद से खेल प्रेमियों के बीच नीरज चोपड़ा की खेल भावना और सहकर्मियों के प्रति उनके दोस्ताना रवैये की चारों तरफ जमकर तारीफ हो रही है।जब प्रैक्टिस के दौरान नीरज चोपड़ा ने अपने खास भाले से रोहित यादव को मैदान पर उताराखेल के मैदान पर अक्सर खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखा जाता है, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स में सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच का यह आपसी भाईचारा और सहयोग इस खेल को एक अलग ही ऊंचाई पर ले जाता है। रोहित यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान साझा किया कि जब वे अपने खेल के एक बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे थे और उन्हें बेहतरीन तकनीकी क्वालिटी वाले जैवलिन की सख्त जरूरत थी, तब देश के सबसे बड़े स्टार नीरज चोपड़ा ने बिना किसी झिझक के अपना पर्सनल जैवलिन उन्हें इस्तेमाल करने के लिए दे दिया था। एक चैंपियन खिलाड़ी का अपना सबसे कीमती उपकरण किसी अन्य साथी खिलाड़ी को सौंप देना यह साबित करता है कि नीरज चोपड़ा सिर्फ मेडल जीतने की मशीन नहीं हैं, बल्कि वे देश में जैवलिन थ्रो का पूरा इकोसिस्टम मजबूत करना चाहते हैं ताकि भारत के अधिक से अधिक युवा वैश्विक मंच पर तिरंगा फहरा सकें।एशियन गेम्स मेडलिस्ट रोहित यादव ने बताए नीरज भाई के साथ बिताए गए वे अनमोल पलरोहित यादव ने आगे बताया कि नीरज चोपड़ा के साथ ट्रेनिंग करना और उनसे तकनीकी बारीकियां सीखना उनके करियर का सबसे टर्निंग पॉइंट रहा है। जब भी रोहित किसी थ्रो के दौरान तकनीक या रन-अप में फंस जाते थे, तो नीरज खुद आगे बढ़कर उन्हें सही एंगल, ग्रिप और शरीर के बैलेंस को सुधारने की सलाह देते थे। नीरज का वह भाला सिर्फ एक खेल उपकरण नहीं था, बल्कि वह रोहित के लिए एक ऐसा प्रेरणास्त्रोत बन गया जिसे हाथ में लेते ही उनके भीतर एक अलग ही आत्मविश्वास और ऊर्जा का संचार हो जाता था। रोहित ने गर्व के साथ कहा कि नीरज भाई का वह सहयोग उनके जीवन भर याद रहने वाला अनुभव है, जिसने उन्हें एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए मेडल जीतने का मार्ग दिखाया।भारतीय एथलेटिक्स में बदल रही है तस्वीर: आपसी सहयोग और आधुनिक तकनीक से बुलंद हो रहा देश का भविष्यखेल विश्लेषकों का मानना है कि नीरज चोपड़ा द्वारा अपने साथी खिलाड़ियों को इस तरह से मेंटॉर करना और अपने संसाधनों को साझा करना भारतीय एथलेटिक्स के सुनहरे दौर की सबसे बड़ी खूबी है। कुछ साल पहले तक भारत में ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स के लिए विश्व स्तरीय उपकरणों की कमी हुआ करती थी, लेकिन आज नीरज चोपड़ा जैसे वैश्विक आइकॉन के आने से न सिर्फ खेल संस्कृति बदली है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों का मानसिक मनोबल भी आसमान छू रहा है। रोहित यादव जैसे प्रतिभावान एथलीट जब इस प्रकार खुले दिल से अपने सीनियर के सहयोग की सराहना करते हैं, तो इससे यह साफ जाहिर होता है कि भारत में जैवलिन थ्रो का भविष्य बेहद सुरक्षित और उज्जवल हाथों में है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में देश के ये जांबाज खिलाड़ी एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
'भारत लोकतंत्र है, कोई कॉलोनी नहीं'; कमल हासन का एलन मस्क को करारा जवाब
कमल हासन ने एलन मस्क को भारत की सैटेलाइट इंटरनेट नीति पर करारा जवाब दिया, कहा कोई भी अरबपति देश की नीति तय नहीं कर सकता।
'राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश फ्लॉप हुई', CJP प्रोटेस्ट पर बीजेपी का वार
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने जंतर-मंतर पर कोकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर विपक्ष और प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भारत शांत है और राजधानी को बंधक बनाने की कोशिश असफल रही.
Delhi में CEC के खिलाफ प्रदर्शन से पहले SFI सदस्य और वकील हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली पुलिस ने ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) और अन्य छात्र संगठनों के कई सदस्यों के साथ-साथ उच्चतम न्यायालय से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे वकीलों को हिरासत में ले लिया। कॉजपा ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में हेरफेर और मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 से जुड़ी गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था। पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं और जरूरी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। एसएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श एम. साजी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि संगठन के 400 से अधिक सदस्यों को पूर्वाह्न करीब 10 बजे मार्च शुरू करने के बाद हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पूर्वाह्न करीब 11 बजे हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस की बस के अंदर से एक प्रदर्शनकारी को यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। हम लोकतंत्र बचाने के लिए यहां आए हैं। यह तानाशाही और लोकतंत्र के बीच की लड़ाई है। यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। ज्ञानेश कुमार को उनकी कुर्सी से हटाया जाएगा।’’एसएफआई और ‘डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (डीवाईएफआई) के नेताओं ने गोल मार्केट स्थित एके गोपालन भवन से जंतर-मंतर तक रैली निकालने की योजना बनाई थी। उच्चतम न्यायालय के पास भगवान दास रोड पर कई वकीलों को भी हिरासत में लिया गया। वे जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने अवरोधक लगाकर उन्हें रोक दिया। इससे पहले वकीलों ने नारे लगाए और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लहराए। एक वकील ने कहा, ‘‘हमें उच्चतम न्यायालय के गेट सी के ठीक पास हिरासत में लिया गया है। हमें कुछ दूरी तक मार्च करने दिया गया, फिर रोक दिया गया। मेरे कई साथी आगे निकल गए।
हिरासत के बाद सामने आया अभिजीत दिपके का प्री-रिकॉर्डेड Video, किया ये ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के तीन मुख्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. हिरासत में लिए गए नेताओं में अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव जास शामिल हैं. इस कार्रवाई से ठीक पहले अभिजीत दिपके का एक पूर्व-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश सार्वजनिक हुआ, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी गिरफ्तारी के बाद इस आंदोलन की पूरी कमान अजिंक्य शिंदे संभालेंगे. उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे अजिंक्य शिंदे का साथ दें और आंदोलन को आगे बढ़ाएं.
मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़ा था ओमानी को-पायलट, UAE की जांच में नया खुलासा
यूएई के जांच में ओमानी को-पायलट की ऑस्ट्रेलिया में मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े केंद्र से जुड़े होने का खुलासा किया है. उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर सुसाइड अटैक की योजना बनाई थी, जो यात्रियों ने विफल कर दी.
अभिजीत दीपके हिरासत में, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़; दादी का निधन
CJP संयोजक अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं। इसी बीच महाराष्ट्र के हिंगोली स्थित उनके पैतृक गांव में उनकी दादी के निधन की खबर सामने आई है।
बीमा, पैकेज और 50% का आरक्षण, पूर्व अग्निवीरों को मिलेगी कई सुविधाएं
अग्निवीर के रूप में चार साल सेवा करने के बाद आगे क्या? यह सवाल उन युवाओं के लिए अहम है, जो अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होते हैं. सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीर नियमित सैनिक के तौर पर सेवा जारी नहीं रखते लेकिन उनके लिए आर्थिक सहायता और दूसरी नौकरियों में अवसरों से जुड़े कुछ प्रावधान हैं.
अभिजीत दीपके ने अजिंक्य शिंदे को सौंपी CJP आंदोलन की कमान, प्री-रिकॉर्डेड वीडियो में किया एलान
हिरासत में लिए जाने के बाद अभिजीत दीपके ने एक प्री-रिकॉर्डेड वीडियो के जरिए अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की कमान सौंपने का एलान किया।
दीपके ने मां को मोबाइल देखने से क्यों किया मना? बोलीं- राहुल गांधी को क्यों नहीं करते गिरफ्तार
अभिजीत दीपके के पिता ने अपने बेटे का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस सिर्फ आम आदमी को गिरफ्तार कर सकती है न कि बलात्कारियों और आतंकवादियों जैसे अपराधियों को।
कर्नाटक में SIR की 2.9 लाख सुनवाई लंबित, अकेले बेंगलुरु में 66 प्रतिशत मामले
कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के तहत लगभग 2.9 लाख सुनवाई लंबित हैं, जिनमें से 1.8 लाख अकेले बेंगलुरु से हैं।
‘मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो सरकार को देख लेंगे’, अभिजीत दीपके की हिरासत पर भड़के माता-पिता
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान के अंदर हिरासत में लिए जाने पर उनके माता-पिता नाराज हो गए। पिता भगवानराव और मां अनीता ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
CJP प्रदर्शन को लेकर लखनऊ में हाई अलर्ट, हर गतिविधि पर पैनी नजर
लखनऊ में CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है. जॉइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) बबलू कुमार के मुताबिक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है.
Thane के आश्रम स्कूल में छात्र की मौत पर कार्रवाई, Principal समेत तीन निलंबित
(छठे पैरा में नाम ठीक करते हुए)ठाणे, 10 अक्टूबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक सरकारी आश्रम स्कूल के 11 वर्षीय आदिवासी छात्र की कथित तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई मौत के बाद स्कूल के प्रधानाचार्य और दो अन्य अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि छात्र विवेक सुभाष भोये भिवंडी तालुका के पिसे स्थित सरकारी आश्रम स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था। उसे चार दिन से कथित तौर पर तेज बुखार था। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने शुक्रवार को छात्र की मां को उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। पुलिस के अनुसार, छात्र की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि शुक्रवार सुबह छात्रावास के वार्डन राहुल जांजल ने उन्हें फोन कर विवेक की तबीयत खराब होने और उसे शाहपुर के सरकारी अस्पताल ले जाने की जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि इसके बाद मां स्कूल पहुंचीं, जहां उन्होंने देखा कि विवेक को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जब उन्होंने स्कूल के प्रधानाचार्य जयवंत सपले, वार्डन जांजल और कक्षा शिक्षक अशोक साल्वे से समय पर सूचना नहीं देने तथा उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराने के बारे में सवाल किया, तो उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, स्कूल के कर्मचारी और छात्र की मां उसे शाहपुर के सरकारी अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन स्कूल के कर्मचारियों ने कथित तौर पर परिवार के सदस्यों को बाहर इंतजार करने के लिए कहा। करीब आधे घंटे के बाद छात्र ने दम तोड़ दिया जिसके बाद कर्मचारी अस्पताल परिसर से कथित तौर पर भाग गए। जनजातीय विकास विभाग की परियोजना अधिकारी तेजस्विनी गलांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना की तत्काल जांच के बाद लापरवाही के आरोप में स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षक और छात्रावास के वार्डन को निलंबित कर दिया गया। छात्र की मां की शिकायत के आधार पर शाहपुर पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों और आदिवासी संगठनों ने शाहपुर स्थित जनजातीय विकास विभाग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और छात्र का शव लेने से इनकार कर दिया। आरोपियों को निलंबित किए जाने और उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद मामला शांत हुआ।
नवरात्र में घटस्थापना के बाद न करें 3 गलतियां, जानें पूजा के जरूरी नियम
Navratri 2026: शारदीय नवरात्र में घटस्थापना के बाद घर को खाली छोड़ने, तामसिक भोजन और लड़ाई-झगड़े से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं जानें. पूजा के जरूरी नियम भी पढ़ें.
Jantar-Mantra 2.0 LIVE UPDATE:
An AI-generated representative image जंतर-मंतर 2.0 प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में पुलिस कार्रवाई अब सुप्रीम कोर्ट परिसर तक पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वकीलों, खासकर महिला वकीलों, […]
Burhan Wani को शहीद बताने पर भड़की VHP, पीडीपी नेता अब्दुल कबीर के निष्कासन की मांग
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को ‘‘शहीद’’ बताने को लेकर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता अब्दुल कबीर खान को पार्टी से निष्कासित किए जाने की शनिवार को मांग की। विहिप ने कहा कि खान की ‘‘आतंकवादी मानसिकता’’ है और उन्होंने निर्दोष लोगों का खून बहाने वाले मानवता के दुश्मनों का महिमामंडन किया है। खान को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणी के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। खान ने बुरहान वानी को ‘‘शहीद’’ कहकर विवाद खड़ा कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ नेताओं के मारे गए आतंकवादी के घर जाने और उसके परिवार को कथित तौर पर मुआवजा दिए जाने पर भी सवाल उठाए थे। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वानी को ‘‘शहीद’’ बताना ‘‘न केवल हमारे वीर सैनिकों का, बल्कि पूरी मानवता का अपमान है।’’बंसल ने कहा, ‘‘जिस आतंकवादी ने कश्मीर घाटी को शर्मसार किया और अनेक निर्दोष लोगों की जान ली, उस चरमपंथी दरिंदे को शहीद बताकर उसका महिमामंडन देश का कोई गद्दार ही कर सकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और उनके शीर्ष नेतृत्व को न केवल अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए, बल्कि पूरे देश से माफी भी मांगनी चाहिए। साथ ही, ऐसे नेता को पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए जो निर्दोष लोगों का खून बहाने वाले मानवता के दुश्मनों का महिमामंडन करने वाली आतंकवादी मानसिकता रखता हो।
CEC के खिलाफ श्रीनगर में भी प्रदर्शन, सड़कों पर उतरी कांग्रेस और NC
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में भी कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है. श्रीनगर में हुए इस प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. इलाके में भारी पुलिस बल और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे.
दिल्ली की किलेबंदी... मथुरा रोड पर सन्नाटा, सरिता विहार में घंटों से खड़े लोग
दिल्ली में सुबह से ही गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है. कई सड़कों पर रोक भी लगाई गई है. जिसके चलते आवाजाही करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. वाहनों की कमी से लोग लंबा इंतजार करने को मजबूर हैं.
नाना पर आया था मनीषा का दिल फिर क्यों टूटा रिश्ता?
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं, लेकिन नाना पाटेकर सिर्फ अपने किरदारों के लिए नहीं किए जाएंगे, बल्कि बॉलीवुड एक्ट्रेस संग उनके रिश्तों का भी जिक्र होता रहेगा. नाना पाटेकर और मनीषा कोइराला का रोमांटिक रिलेशनशिप किसी से छिपा नहीं है
जंतर-मंतर पर सन्नाटा, चारों ओर प्रोटेस्टर्स की धर-पकड़, 400 हिरासत में
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका समेत लगभग 400 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और अन्य इलाकों में पुलिस ने बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन किया गया.
आम्रपाली दुबे की बहन आंचल ने लगाई गुल्लू और माही विज की क्लास
भोजपुरी सिनेमा के गलियारों और सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक बहुत ही मजेदार और हाई-वोल्टेज विवाद खड़ा हो गया है, जिसने फैंस के बीच खलबली मचा दी है। भोजपुरी इंडस्ट्री की क्वीन कही जाने वाली जानी-मानी अभिनेत्री आम्रपाली दुबे की बहन आंचल दुबे ने हाल ही में एक तीखा रुख अपनाते हुए टीवी और फिल्म जगत के चर्चित चेहरों यानी गुल्लू और माही विज की जमकर क्लास लगा दी है। मामला तब गरमाया जब एक रियलिटी शो या सोशल मीडिया चर्चा के दौरान गुल्लू और माही विज ने कथित तौर पर कुछ ऐसा कह दिया जिससे आंचल दुबे का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने दोनों सितारों द्वारा उन्हें 'मोटू पतलू' और 'फुटबॉल' जैसे शारीरिक रूप से तंज कसने वाले शब्दों से संबोधित किए जाने पर खुली आपत्ति जताई और सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए दोनों को खरी-खोटी सुनाई।क्या है पूरा मामला और क्यों छिड़ा यह नया विवाद?भोजपुरी और टेलीविज़न इंडस्ट्री के बीच अक्सर आपसी मेल-जोल और मस्ती भरी बातचीत देखने को मिलती है, लेकिन कई बार यह हंसी-मजाक कब निजी हमलों और बॉडी शेमिंग में बदल जाता है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। हाल ही में एक सार्वजनिक मंच या डिजिटल बातचीत के दौरान गुल्लू और माही विज ने आपस में बातचीत करते हुए या किसी संदर्भ में आंचल दुबे के शरीर और वजन को लेकर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दीं। उन्होंने कथित तौर पर आंचल की तुलना 'मोटू पतलू' कार्टून किरदारों और 'फुटबॉल' से कर डाली। जैसे ही यह बात आंचल दुबे तक पहुँची, उन्होंने इसे सिर्फ एक मजाक मानने से साफ इंकार कर दिया और इसे सीधे तौर पर उनकी गरिमा और व्यक्तित्व पर किया गया भद्दा हमला करार दिया।आंचल दुबे का फूटा गुस्सा: सोशल मीडिया पर दिया कड़ा जवाबगुल्लू और माही विज की इस टिप्पणी से आहत और गुस्से में लाल आंचल दुबे ने बिना किसी झिझक के सोशल मीडिया और इंटरव्यू के माध्यम से अपनी भड़ास निकाली। आंचल ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी व्यक्ति के शारीरिक बनावट, वजन या रूप-रंग का मजाक उड़ाना मनोरंजन नहीं बल्कि घटिया मानसिकता की निशानी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले बड़े चेहरे खुद को कुछ भी बोलने और किसी का भी अपमान करने का लाइसेंस प्राप्त समझते हैं? आंचल ने कहा कि वह इस तरह के बचकाने और अपमानजनक बयानों से डरने वाली नहीं हैं और अपनी आत्म-सम्मान की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगी। उनके इस दो टूक और बेबाक जवाब ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है।फैंस का मिला भरपूर समर्थन, गुल्लू और माही विज की बढ़ी मुश्किलेंजैसे ही आंचल दुबे का यह वीडियो और बयान इंटरनेट पर वायरल हुआ, उनके फैंस और भोजपुरी सिनेमा के चाहने वाले उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गए। ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फैंस ने गुल्लू और माही विज के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनसे माफी मांगने की मांग शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जब हर मंच पर बॉडी शेमिंग (Body Shaming) और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा रही है, तब सेलिब्रिटीज द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद शर्मनाक और गैर-जिम्मेदाराना है। फैंस ने आंचल के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि हर किसी को अपने आत्म-सम्मान के लिए खुलकर आवाज उठानी चाहिए, चाहे सामने वाला कितना भी बड़ा स्टार क्यों न हो।मनोरंजन जगत में बॉडी शेमिंग और सेलिब्रेटी संस्कृति पर छिड़ी नई बहसइस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से मनोरंजन और ग्लैमर इंडस्ट्री के उस स्याह पहलू को उजागर कर दिया है जहां अक्सर कलाकारों को उनके लुक्स और वजन को लेकर निशाना बनाया जाता है। हंसी-मजाक की आड़ में किसी पर भद्दे कमेंट करना और बाद में उसे सिर्फ एक जोक बताकर पल्ला झाड़ लेना अब इंडस्ट्री में आम होता जा रहा है, जिस पर अब रोक लगनी चाहिए। आंचल दुबे द्वारा उठाई गई इस आवाज ने यह साबित कर दिया है कि कलाकार अब चुप बैठने वाले नहीं हैं। आने वाले दिनों में देखना यह होगा कि क्या गुल्लू और माही विज इस मामले पर अपनी सफाई पेश करते हैं या फिर यह विवाद तूल पकड़कर और आगे बढ़ता है।
लाड़ली बहना योजना का फॉर्म भरवाने का झांसा देकर 80 वर्षीय महिला से सोने-चांदी के जेवर, नकदी और दस्तावेज ठग लिए गए. झांसी रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित हाल ही में क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' में पहुंचीं, जहां उन्होंने शो के होस्ट और अभिनेता अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत के दौरान अपनी मां को याद किया.
CJP प्रदर्शनों के बीच 'रामायण' के लक्ष्मण सुनील लहरी की युवाओं को बड़ी नसीहत
देश भर में चल रहे 'सीजेपी' (Citizens for Justice and Peace) आंदोलन, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों और युवा संगठनों की बढ़ती सक्रियता के बीच टीवी जगत से एक बेहद चौंकाने वाला और संजीदा बयान सामने आया है। रामानंद सागर की पौराणिक और ऐतिहासिक धारावाहिक 'रामायण' में अमर किरदार 'लक्ष्मण' की भूमिका निभाकर घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाले मशहूर अभिनेता सुनील लहरी ने मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालातों को देखते हुए देश के युवाओं के लिए एक तीखी और विचारणीय नसीहत जारी की है। सुनील लहरी ने अपने सोशल मीडिया संदेश के माध्यम से युवाओं को चेताया है कि आज का समय बहुत ज्यादा संवेदनशील और खराब दौर से गुजर रहा है, इसलिए जोश में आकर ऐसा कोई कदम न उठाएं जिसके लिए उन्हें अपनी पूरी जिंदगी भर पछताना पड़े। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।CJP प्रदर्शन और युवाओं की भागीदारी पर सुनील लहरी का तीखा और चिंताजनक बयानपिछले कुछ हफ्तों से देश की राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में मतदाता सूचियों, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों के मुद्दों को लेकर सीजेपी के बैनर तले युवा और छात्र सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन आंदोलनों में युवाओं की भारी भीड़ को देखकर वरिष्ठ अभिनेता सुनील लहरी ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि आज की युवा पीढ़ी अक्सर राजनीतिक बहकावे या तात्कालिक जोश में आकर विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा बन जाती है, लेकिन वे इसके दूरगामी परिणामों से अनजान रहते हैं। सुनील लहरी ने साफ शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करना, पुलिस कार्रवाई की चपेट में आना या किसी आपराधिक रिकॉर्ड का हिस्सा बनना उनके उज्ज्वल भविष्य और करियर को हमेशा के लिए तबाह कर सकता है।'जिंदगी बहुत अनमोल है, इसे राजनीतिक मोहरा बनने से बचाएं'अपने इस संदेश में अभिनेता ने युवाओं को माता-पिता, परिवार और उनके भविष्य के सपनों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि हर युवा का जीवन उनके परिवार के लिए बेहद अनमोल होता है, और किसी भी राजनीतिक एजेंडे या आंदोलन की आड़ में अपने करियर को दांव पर लगाना बुद्धिमानी नहीं है। सुनील लहरी ने तंज कसते हुए कहा कि आज के दौर में कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ को साधने के लिए युवा ऊर्जा का इस्तेमाल मोहरे की तरह कर रहे हैं, लेकिन जब प्रशासनिक कार्रवाई या कानूनी शिकंजा कसता है, तो वे नेता पीछे हट जाते हैं और खामियाजा सिर्फ उस युवा और उसके परिवार को भुगतना पड़ता है। उन्होंने अपील की कि युवा अपनी ऊर्जा का उपयोग देश निर्माण, शिक्षा और सकारात्मक कार्यों में करें न कि अराजकता फैलाने में।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान: मिली-जुली प्रतिक्रियाओं का दौर शुरूसुनील लहरी का यह वीडियो और बयान सामने आते ही इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके इस बयान को लेकर लोगों की दो अलग-अलग धाराएं देखने को मिल रही हैं। एक तरफ जहां बड़ी संख्या में समझदार नागरिकों, अभिभावकों और सरकार समर्थकों ने उनके इस बयान की सराहना करते हुए कहा कि एक सेलिब्रिटी के तौर पर उन्होंने युवाओं को सही दिशा दिखाने का सराहनीय काम किया है, वहीं दूसरी तरफ कुछ छात्र संगठनों और विपक्षी समर्थकों ने नाराजगी जताई है। उनका तर्क है कि लोकतांत्रिक देश में अपनी आवाज उठाना और विरोध करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, और इस तरह के बयानों से युवाओं के लोकतांत्रिक संघर्ष को हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।वैचारिक संघर्ष और युवा पीढ़ी के सामने खड़े भविष्य के बड़े सवालयह पूरा घटनाक्रम इस बात का प्रतीक है कि मौजूदा समय में देश की युवा शक्ति किस कदर वैचारिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण के दौर से गुजर रही है। एक तरफ जहां लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर बड़े पैमाने पर सड़क पर आंदोलन हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ समाज के प्रबुद्ध वर्ग और जाने-माने कलाकार युवाओं को संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं। सुनील लहरी की यह नसीहत इस बात की याद दिलाती है कि विरोध के अधिकार के साथ-साथ व्यक्तिगत जिम्मेदारी और कानूनी दायरे का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। आने वाले समय में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या युवा इन चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए अपने कदम आगे बढ़ाते हैं या फिर यह सियासी और वैचारिक संघर्ष यूं ही और तेज होता रहता है।
CJP प्रदर्शन: दिल्ली के कई इलाकों से प्रदर्शनकारियों की धरपकड़, देखें पुलिस का एक्शन
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर पुलिस का बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है. राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया गया है और अलग-अलग इलाकों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा रहा है. प्रदर्शन की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि दिल्ली पहुंचते ही CJP के कई प्रमुख चेहरों को हवाई अड्डे से ही डिटेन कर लिया गया. इसके अलावा दिल्ली के प्रमुख चौराहों और इलाकों में पुलिस बल तैनात है. प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है ताकि किसी भी स्थान पर एकत्र हो रही भीड़ की तुरंत पहचान की जा सके. सुरक्षाकर्मियों को बॉडी कैम भी दिए गए हैं ताकि अप्रिय घटनाओं और बदसलूकी से बचा जा सके.

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