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नोएडा में एम्बुलेंस के लिए पुलिस के खास इंतजाम, जाम में नहीं फंसेगे मरीज

नोएडा में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गंभीर मरीजों और सड़क हादसों के पीड़ितों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए ऑपरेशन फास्ट शुरू करने की पहल की है. जानें हेल्पलाइन, ट्रैफिक क्लियरेंस सिस्टम और ट्रायल रन की पूरी जानकारी.

आज तक 30 Oct 2026 4:16 pm

राहुूल गांधी का बड़ा आरोप: रामलीला मैदान की रैली में आने से रोके जा रहे लोग, बोले- देखिए 1 नवंबर को क्या होता है

राहुल गांधी ने रामलीला मैदान की 1 नवंबर की रैली से पहले आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को रोका जा रहा है। जानें वोट के अधिकार और विपक्षी आंदोलन पर क्या बोले कांग्रेस नेता।

देशबन्धु 30 Oct 2026 4:08 pm

सीएम थलपति विजय का बड़ा ऐलान, सरकारी नौकरी के लिए उम्र में पांच साल की छूट

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय जोसेफ ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों को उम्र में पांच साल की छूट देने की बात कही है।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 4:08 pm

खड़े हनुमानजी की प्रतिमा ज़मीन में कितनी गहराई तक?

उज्जैन के करीब 170 साल पुराने खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा का भोपाल से आई टीम ने आधी रात को मशीनों से सर्वे किया. जांच में प्रतिमा की गहराई और जमीन में उसकी पकड़ का पता लगाया गया. प्रशासन ने अभी प्रतिमा हटाने पर फैसला नहीं बताया है. वीडियो में जानें मामला.

आज तक 30 Oct 2026 4:08 pm

सैमसंग-ऐपल को टक्कर! Motorola का पावरफुल फोन इस दिन होगा लॉन्च

मोटोरोला का सबसे पावरफुल स्मार्टफोन जल्द ही दस्तक देने वाला है. भारत में इसे 5 नवंबर को लॉन्च किया जाएगा. पिछले कुछ समय से इसके डिजाइन को लेकर चर्चा चल रही है.

आज तक 30 Oct 2026 4:07 pm

मधुबाला की कब्र पर घंटों रोते थे पिता, इस्लाम के खिलाफ उठाया था ये कदम

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने एक्ट्रेस की कब्र से जुड़े कई भावुक किस्से सुनाए हैं. उन्होंने बताया कि पिता अताउल्लाह खान बेटी की कब्र पर इत्र डालते थे और सालों तक वहां बैठकर रोते थे. पिता की मौत के बाद संगमरमर से बना मकबरा भी तोड़ दिया गया था.

आज तक 30 Oct 2026 4:06 pm

पीएम मोदी की गुजरात को बड़ी सौगात, कहां पकड़े गए पशु तस्कर? देखें बड़ी खबरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की और 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया. पीएम मोदी ने दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई और 127 एकड़ में फैले बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ किया. अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के जरिए देसी नस्लों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.

आज तक 30 Oct 2026 4:03 pm

जब तक सांस, तब तक जनसेवा; PM मोदी की हुंकार, विपक्ष को करारा जवाब, किसानों पर कह दी बड़ी बात

अपने दिन की शुरुआत बनासकांठा में एक रोडशो के साथ करने वाले मोदी ने किसानों की एक सभा में कहा कि जब देश खाड़ी क्षेत्र में अनिश्चितताओं और तनाव का सामना कर रहा था, तब उनके विरोधियों ने अफवाहें फैलाईं।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 4:03 pm

अमित शाह का बड़ा ऐलान: 2029 में भी प्रधानमंत्री बनेंगे नरेंद्र मोदी, यूपी में भाजपा को दिया 2027 चुनाव जीतने का मंत्र

अमित शाह ने लखनऊ में ऐलान किया कि नरेंद्र मोदी 2029 में चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। यूपी में 2027 चुनाव, UCC लागू करने और योगी सरकार के कामकाज पर भी बड़ा बयान दिया।

देशबन्धु 30 Oct 2026 4:02 pm

क्रुणाल के ओवर ने पलट दिया गेम, पाकिस्तान से हारी भारतीय टीम

हांगकांग सिक्सेस 2026 में पाकिस्तान ने भारत को 4 विकेट से हराया. अब्बास आफरीदी और ख्वाजा नफाय की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में 89 रन का लक्ष्य हासिल किया.

आज तक 30 Oct 2026 4:01 pm

पीएम के गुजरात दौरे के दौरान लगे 'मोदी नहीं जाएंगे' के नारे, कांग्रेस ने कसा तंज

गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के दौरान मोदी नहीं जाएंगे के नारे लगे, जिस पर कांग्रेस ने तंज कसा।

जागरण 30 Oct 2026 4:01 pm

करवा चौथ पर छाईं कुमार विश्वास की बेटी, पति संग लाल साड़ी में आईं नजर

मशहूर कवि कुमार विश्वास की बड़ी बेटी अग्रता शर्मा ने अपने दूसरे करवा चौथ सेलिब्रेशन की खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं. लाल साड़ी, हैवी ज्वैलरी और हाथों में मेहंदी सजाए अग्रता बेहद सुंदर नजर आ रही हैं. उनके पति पवित्र खंडेलवाल ने प्यार से व्रत खुलवाया. दोनों का ट्रेडिशनल लुक सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.

आज तक 30 Oct 2026 4:00 pm

चक्रवात अर्नब: लखनऊ से चंदौली तक बारिश, धान की फसल खराब

चक्रवात 'अर्नब' के असर और लगातार बारिश के कारण उत्तर प्रदेश के 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली जिले में किसानों की पकी हुई फसलें खेतों में बिछ गई हैं. अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं, जबकि जिला प्रशासन ने नुकसान के आकलन और मुआवजे के निर्देश दिए हैं.

आज तक 30 Oct 2026 4:00 pm

'आरोपी के परिवार की नहीं की मदद', कोच्चि में मर्सिडीज क्रैश विवाद पर पूर्व कमिश्नर ने दी सफाई

पूर्व कोच्चि पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश कुमार ने मर्सिडीज दुर्घटना मामले में अपने तबादले को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।

जागरण 30 Oct 2026 3:59 pm

गुजरात के बांसकांठा में PM मोदी, किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त की जारी

गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने माँ अंबा के चरणों में प्रणाम करते हुए कहा कि हमारी सरकार लगातार किसानों, पशुपालकों, महिलाओं और बच्चों के विकास के लिए समर्पित है. इस दौरान उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त जारी की, जिसके तहत देश के लगभग 10 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी गई. इसमें गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों के खातों में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हुए हैं.

आज तक 30 Oct 2026 3:59 pm

चेक बाउंस केस में पूर्व IAS और फिल्म डायरेक्टर गिरफ्तार, जमानत मिली

मध्य प्रदेश में IAS अफसर रहे और 'द बैटल ऑफ भीमा कोरेगांव' फिल्म के डायरेक्टर रमेश थेटे को ₹11.5 लाख के चेक बाउंस मामले में जमानत मिल गई है. नागपुर से गिरफ्तारी के एक दिन बाद भोपाल कोर्ट ने 10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया.

आज तक 30 Oct 2026 3:58 pm

पहले 30% गिरा... अब मचा रहा गदर, केडिया के पास 10 लाख शेयर!

विजय केडिया के एक शेयर में इन दिनों शानदार तेजी देखी जा रही है. इस कंपनी का ज्‍यादातर रेवेन्‍यू चीन से आता है और अभी इसके एक शेयर की कीमत 130 रुपये है.

आज तक 30 Oct 2026 3:55 pm

'जनसेवा ही राष्ट्र सेवा', बनासकांठा में पीएम मोदी ने दोहराया किसान कल्याण का संकल्प

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात की जनता का आभार व्यक्त करते हुए जनसेवा से राष्ट्र सेवा का अपना संकल्प दोहराया. उन्होंने बनासकांठा के किसानों की सराहना की और बताया कि किस तरह नर्मदा के पानी तथा टपक सिंचाई तकनीक ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है. बनासकांठा के आलू और बनास डेयरी के सफल मॉडल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है. उन्होंने सरकार द्वारा दी जाने वाली यूरिया और डीएपी खाद सब्सिडी का भी जिक्र किया और बताया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारतीय किसानों पर इसका आर्थिक बोझ नहीं पड़ने दिया गया.

आज तक 30 Oct 2026 3:55 pm

बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस; SIS ग्रुप के थे संस्थापक

बीजेपी के पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक आरके सिन्हा का 75 वर्ष की उम्र में नोएडा में निधन। पटना में होगा अंतिम संस्कार, सम्राट चौधरी और रवि किशन ने जताया शोक।

देशबन्धु 30 Oct 2026 3:52 pm

LAC पर क्यों आमने-सामने आ जाते हैं भारत-चीन के सैनिक? अरुणाचल के CM ने बताई असली कहानी

विदेश मंत्रालय ने कहा था कि जब भी चीनी सेना तय गश्ती पैटर्न से हटती है तो एलएसी पर स्थिति कुछ समय के लिए प्रभावित होती है। वहीं, रक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि किसी भी तरह के तनाव को रोकने के लिए भारतीय सैनिक भारी संख्या में तैनात हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 3:51 pm

प्रतिबंधित संगठन ULFA की तारीफ करके फंसे असम के मंत्री, सीएम हिमंता सरमा ने दिया स्पष्टीकरण

असम के मंत्री बिस्वजीत दैमारी ने प्रतिबंधित संगठन ULFA की तारीफ की, जिस पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को स्पष्टीकरण देना पड़ा।

जागरण 30 Oct 2026 3:50 pm

बंगाल में राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वालों के परिवारों को नौकरी देंगे शुभेंदु अधिकारी!

सरकार की इस पहल में पिछले ढाई दशकों के दौरान हुए सभी प्रमुख चुनावों को कवर किया जाएगा। इसमें विशेष रूप से चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए लोगों के पीड़ित परिवार।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 3:46 pm

उत्तराखंड के जोशीमठ में हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोग थे सवार, मौके पर रेस्क्यू टीम

जोशीमठ में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।

दैनिक जागरण 30 Oct 2026 3:46 pm

बदरीनाथ धाम से लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत 6 लोग थे सवार; रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर जोशीमठ के चाई गांव के पास लापता। पायलट समेत छह लोग सवार, SDRF और सेना का सर्च ऑपरेशन जारी।

देशबन्धु 30 Oct 2026 3:45 pm

साइक्लोन से ओडिशा में कई गांव डूबे, लोगों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी

चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के गंजम और गजपति में भारी बारिश से गांव जलमग्न हो गए हैं. 2000 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं. हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट की तैयारी है. नदियां उफान पर हैं. ट्रेन सेवाएं ठप हैं.

आज तक 30 Oct 2026 3:45 pm

शूटिंग से एक रात पहले हार्ट अटैक, रघुबीर यादव बोले- 50 बार मरा

हुंकार के डायरेक्टर करण कपाड़िया ने बताया कि जिस रात उन्हें कोर्टरूम में गवाही वाला सीन शूट करना था, उससे एक रात पहले ही रघुबीर यादव को हार्ट अटैक आ गया था.

आज तक 30 Oct 2026 3:43 pm

'IDBI बैंक की हालत बहुत खराब थी', राहुल गांधी के आरोप पर निर्मला सीतारमण का पलटवार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में राहुल गांधी के IDBI बैंक निजीकरण और टाटा समूह पर लगाए गए आरोपों का तीखा जवाब दिया है।

जागरण 30 Oct 2026 3:43 pm

क्या हर समय खुश रहना जरूरी है? न्यूरोसाइंटिस्ट ने दिया जीवन का मंत्र

न्यूरोसाइंटिस्ट कुमार बागरोडिया ने बताया कि हमारी सोच, जीवन का मकसद और मानसिक मजबूती ही हमें मुश्किल समय में संभालती है. उन्होंने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार के साहस का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने गंभीर चोटों के बावजूद यात्रियों की जान बचाई.

आज तक 30 Oct 2026 3:40 pm

क्या भारत में कोरियन ग्लास स्किन पाना संभव है? डॉक्टर ने बताया सच

HealthWealth Summit 2026: सम‍िट में जानी-मानी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. जुश्या भाटिया सरीन ने स्किन हेल्थ, एंटी-एजिंग और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स पर खुलकर बात की. उन्होंने स्पष्ट किया कि महंगे सीरम और कोरियन रूटीन के बजाय अच्छी नींद, सही खानपान, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और सनस्क्रीन ही स्वस्थ और चमकदार त्वचा का असली आधार हैं.

आज तक 30 Oct 2026 3:38 pm

RJD और जन सुराज के बीच संभावित गठबंधन के फार्मूले में कितना दम

बिहार की सियासत में इन दिनों चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है और हर तरफ एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या राज्य के राजनीतिक समीकरण में कोई बहुत बड़ा उलटफेर होने वाला है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर यानी 'पीके' की जन सुराज पार्टी के बीच संभावित गठबंधन या किसी नए राजनीतिक फार्मूले को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो चुका है। राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या क्षेत्रीय और वैचारिक रूप से बिल्कुल अलग जमीन पर खड़े दल कभी साथ आ सकते हैं और यदि ऐसा कोई फार्मूला बनता है, तो उसकी जमीनी हकीकत और सफलता की संभावना कितनी होगी। राजनीतिक विश्लेषकों और जानकारों ने प्रशांत किशोर की अब तक की कार्यशैली, उनकी राजनीतिक यात्रा और उनके बयानों का आकलन करते हुए इस पूरे समीकरण की अंदरूनी परतों को खोलना शुरू कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस संभावित सियासी चर्चा के पीछे के मायने क्या हैं और क्या वाकई 'पीके' अपनी राह बदलकर किसी पारंपरिक दल के साथ हाथ मिला सकते हैं।क्या है चर्चाओं में चल रहा RJD और जन सुराज का यह नया राजनीतिक फॉर्मूला?बिहार के राजनीतिक क्षितिज पर हालिया बयानों और सुगबुगाहट के बाद से यह कयास लगाए जाने लगे कि क्या विपक्षी महाठबंधन और विशेष रूप से आरजेडी आने वाले चुनावी चक्रव्यूह को भेदने के लिए प्रशांत किशोर के साथ कोई अप्रत्याशित रणनीतिक तालमेल बिठा सकती है। इस तरह के कयासों को हवा तब मिली जब राजनीतिक मंचों पर विभिन्न दलों के नेताओं की रणनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं। हालांकि, सतह के नीचे की सच्चाई यह है कि जन सुराज पार्टी ने अपने गठन के समय से ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह राज्य में किसी भी पारंपरिक या परिवारवादी दल के साथ मिलकर समझौता करने के बजाय एक वैकल्पिक और व्यवस्था-परिवर्तन की राजनीति करने उतरी है। ऐसे में, आरजेडी और जन सुराज का यह कथित फॉर्मूला जमीन पर कितना टिक पाएगा, इसे लेकर राजनीतिक पंडितों के अलग-अलग और तीखे तर्क सामने आ रहे हैं।प्रशांत किशोर की मूल रणनीति: व्यवस्था परिवर्तन या पारंपरिक दलों से दूरी?प्रशांत किशोर ने पिछले कुछ वर्षों में बिहार के कोने-कोने में हजारों किलोमीटर की लंबी पदयात्राएं करके जनता के बीच अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाने का जो बीड़ा उठाया है, उसका मूल आधार ही पारंपरिक पार्टियों की कार्यशैली का विरोध करना रहा है। 'पीके' ने हमेशा से बिहार के पिछड़ेपन के लिए सीधे तौर पर पिछले तीन दशकों से सत्ता में रहे दलों और उनके क्षत्रपों को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में, यदि वे आरजेडी या किसी अन्य मुख्यधारा के दल के साथ किसी भी प्रकार के चुनावी गठबंधन में जाते हैं, तो उनके उस वैचारिक आधार को तगड़ा झटका लग सकता है जिसके दम पर वे जनता से 'नई व्यवस्था और सही सोच' का वादा कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर का मुख्य लक्ष्य किसी एक चुनाव में सीट शेयरिंग का गणित बिठाना नहीं, बल्कि बिहार में एक दीर्घकालिक तीसरी मजबूत राजनीतिक ताकत के रूप में खुद को स्थापित करना है।क्या प्रशांत किशोर इस प्रस्ताव या कयास पर होंगे कभी तैयार?राजनीति की दुनिया में 'संभावनाओं का खेल' इसे ही कहा जाता है जहां कोई भी चीज अंतिम रूप से असंभव नहीं मानी जाती, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशांत किशोर का आरजेडी के साथ जाना बेहद मुश्किल नजर आता है। 'पीके' ने अपने हर सार्वजनिक भाषण में यह दोहराया है कि वे बिहार की जनता को एक स्वतंत्र विकल्प देंगे और राज्य की सभी सीटों पर अपने दम पर सांगठनिक नेटवर्क मजबूत करेंगे। यदि वे किसी भी दल के साथ गठबंधन करते हैं, तो उनकी वह स्वतंत्र छवि धूमिल हो सकती है जिसके भरोसे वे युवाओं और समाज के प्रबुद्ध वर्ग को अपने साथ जोड़ रहे हैं। इसके अलावा, दोनों दलों की विचारधारा और सोशल इंजीनियरिंग का पैटर्न भी एक-दूसरे से काफी अलग है, जिसके कारण तात्कालिक चुनावी लाभ के लिए भी इस तरह का समझौता दोनों पक्षों के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकता है।विशेषज्ञ की नजर में: आगामी चुनावों पर इस चर्चा का क्या होगा असर?वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के कयास असल में चुनावी माहौल को गर्म रखने और मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने की रणनीतिक चालें होती हैं। जन सुराज के उभरने से बिहार के पारंपरिक वोट बैंक और समीकरणों में जो खलबली मची है, उसने हर दल को सोचने पर मजबूर कर दिया है। चाहे वह सत्ता पक्ष हो या मुख्य विपक्षी दल आरजेडी, हर कोई यह अच्छी तरह जानता है कि मैदान पर 'पीके' की सक्रियता से उनके पारंपरिक समीकरणों पर असर पड़ रहा है। यही वजह है कि कभी गठबंधन की चर्चा तो कभी तीखे बयानों के जरिए राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:37 pm

नीतीश कुमार बिहार का चुनावी चेहरा, JDU की 2 सीटों पर निर्दलीय से हार

बिहार की सियासत हमेशा से अपने अनूठे समीकरणों, उतार-चढ़ाव और चौंकाने वाले चुनावी परिणामों के लिए देश भर में जानी जाती है। हाल ही में संपन्न हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और विधानसभा उप-चुनावों या स्थानीय चुनावों के जो नतीजे सामने आए हैं, उन्होंने एक बार फिर राजनीतिक विश्लेषकों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और उनके राजनीतिक चेहरे पर एक बार फिर मुहर तो लग गई है, लेकिन इन परिणामों के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अंदरखाने की जमीनी हकीकत ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पार्टी को कुछ चुनिंदा सीटों पर जहां बागी या निर्दलीय प्रत्याशियों के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वहीं एक सीट पर पार्टी चौथे पायदान तक फिसलती नजर आई। इसके बावजूद, राजनीतिक गलियारों में इन हार से ज्यादा एक खास और रणनीतिक जीत की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, जिसने तमाम विरोधियों के समीकरणों को धड़ाम कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार के इस सियासी दंगल में जेडीयू के प्रदर्शन के क्या रहे हैं असली मायने और क्यों हो रही है इस एक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक कद और एनडीए गठबंधन में उनकी अनिवार्यताबिहार की राजनीति का जब भी जिक्र होता है, तो सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश कुमार का नाम सबसे पहले लिया जाता है। विपक्षी दलों द्वारा समय-समय पर उनके स्वास्थ्य, उनकी कार्यशैली और उनके नेतृत्व क्षमता को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं, लेकिन हर चुनाव यह साबित कर देता है कि बिहार के चुनावी मैदान में आज भी एनडीए का सबसे प्रमुख और भरोसेमंद चेहरा नीतीश कुमार ही हैं। हालिया परिणामों के बाद पार्टी के भीतर और बाहर यह साफ हो गया है कि आगामी बड़े विधानसभा चुनावों में भी जेडीयू पूरी तरह से नीतीश कुमार के नाम और उनके विकास कार्यों के एजेंडे पर ही चुनाव लड़ेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर जनता का भरोसा कायम रहने के बावजूद जमीनी स्तर पर संगठन को लेकर कुछ ऐसी कमजोरियां सामने आई हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब पार्टी को अपने ही गढ़ में स्थानीय स्तर पर असंतोष का सामना करना पड़ा हो।दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों से हार और एक सीट पर चौथी पोजीशन का हैरान करने वाला सचराजनीतिक विश्लेषक भले ही बड़ी जीत का जश्न मना रहे हों, लेकिन जेडीयू के लिए आत्ममंथन करने वाले बिंदु भी इन नतीजों में साफ छिपे हैं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को दो महत्वपूर्ण सीटों पर बागी या मजबूत निर्दलीय उम्मीदवारों के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। स्थानीय मतदाताओं की नाराजगी और भीतरघात के चलते पार्टी का वो वोट बैंक खिसका जो पारंपरिक रूप से जेडीयू के पक्ष में मतदान करता रहा है। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि एक अन्य सीट पर तमाम दावों के बावजूद जेडीयू का उम्मीदवार चौथे पायदान पर सिमट गया, जहां मुकाबला मुख्य विपक्षी दलों के साथ था। इन परिणामों ने पार्टी के जिला स्तरीय नेतृत्व और बूथ मैनेजमेंट की पोल खोलकर रख दी है, जिससे यह संदेश गया है कि यदि समय रहते कार्यकर्ताओं के असंतोष को दूर नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह पार्टी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।इन तमाम झटकों के बावजूद क्यों हो रही है सिर्फ और सिर्फ उस एक धमाकेदार जीत की चर्चा?राजनीति की अपनी एक अलग विडंबना और रणनीति होती है, जहां कई कमजोरियों के बीच एक बड़ी सफलता सारे गम भुला देती है। जेडीयू को भले ही कुछ सीटों पर अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन जिस एक सीट पर पार्टी ने बेहद नाटकीय अंदाज में शानदार जीत दर्ज की है, उसने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है। इस एक सीट पर जीत हासिल करने के लिए जेडीयू ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साख दांव पर लगी थी। इस मुकाबले में न केवल विपक्षी दलों के चक्रव्यूह को भेदा गया, बल्कि जातिगत समीकरणों और तमाम अंदरूनी विरोध को दरकिनार करते हुए पार्टी ने भगवा और अपने गठबंधन के समन्वय से एक मजबूत संदेश दिया। यही वजह है कि मीडिया से लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक चौपालों पर हार के छोटे आंकड़ों की बजाय इसी एक भव्य और रणनीतिक जीत की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।आगामी चुनावों के लिए जेडीयू का नया रोडमैप और संगठन को मजबूत करने की चुनौतीइन चुनावी परिणामों से सबक लेते हुए जनता दल यूनाइटेड (JDU) अब पूरी तरह से अपनी कमियों को दूर करने में जुट गई है। पार्टी आलाकमान ने उन तमाम विधानसभा क्षेत्रों की विशेष समीक्षा रिपोर्ट तलब की है जहां पार्टी को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा या जहां पार्टी चौथे स्थान पर पहुंच गई। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करने, युवाओं और महिलाओं को पार्टी से जोड़ने तथा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को हर घर तक पहुंचाने के लिए एक नया सांगठनिक अभियान शुरू करने की तैयारी है। पार्टी जानती है कि आगामी चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए केवल बड़े चेहरो के सहारे नहीं बल्कि मजबूत बूथ कमेटियों के साथ उतरना होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:36 pm

मंगलसूत्र छीनने वालों पर लट्ठ लेकर टूट पड़ी महिला, गिरा-गिराकर मारा

तेलंगाना के संगारेड्डी में खेत में काम कर रही एक महिला से दो बदमाशों ने रास्ता पूछने के बहाने करीब 35 ग्राम सोने का मंगलसूत्र छीन लिया. दोनों बाइक से भागने लगे तो महिला ने शोर मचा दिया. आसपास काम कर रहे किसानों ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया. इसके बाद महिला ने लाठी उठाकर दोनों की पिटाई कर दी. इस घटना का वीडियो भी सामने आया है.

आज तक 30 Oct 2026 3:36 pm

UP Voter List में धांधली का Ram Gopal Yadav ने लगाया आरोप, CEO ने जांच का दिया भरोसा

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख राष्‍ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता बूथ-स्तरीय पुनरीक्षण समन्वयक (बीआरसी) के साथ बैठकर सपा के वोट काटने और भाजपा के वोट जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुख्‍य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने अपने आधिकारिक ‘एक्‍स’ हैंडल से यादव के पोस्ट को साझा करते हुए कहा है कि यदि राज्य की किसी एक भी विधानसभा के बारे में ऐसी शिकायत अथवा संदेह है तो अवगत कराएं, तत्परतापूर्वक जांच कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। राज्य की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर सपा महासचिव ने ‘एक्‍स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में अब वैसे अधिकारी ही एसडीएम (उपजिलाधिकारी) तैनात किए जा रहे हैं, जो अपना ‘आईडी-पासवर्ड’ भाजपा द्वारा नियुक्‍त किसी कार्यकर्ता को दे देते हैं।’’प्रोफेसर यादव ने निर्वाचन आयोग को इससे अवगत कराते हुए पोस्‍ट में कहा, ‘‘ये भाजपा कार्यकर्ता बीआरसी के साथ बैठकर सपा के वोट हटाते हैं और भाजपा के वोट जोड़ते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि ‘वन टाइम पासवर्ड’ (ओटीपी) संबंधित भाजपा कार्यकर्ता के पास मौजूद आईडी और पासवर्ड पर आता है। वही लोग इसे मंजूरी देते हैं।’’सपा महासचिव ने पोस्‍ट में यह भी आरोप लगाया कि इस साजिश के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सपा समर्थकों के कम से कम 10 हजार वोट काटने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने मांग की है कि निर्वाचन आयोग इसका संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही करे। सीईओ के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर सपा महासचिव के इस पोस्ट को साझा करते हुए कहा गया है, ‘‘उद्धृत पोस्ट के संबंध में अनुरोध है कि यदि उत्तर प्रदेश की किसी एक भी विधानसभा के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के बारे में ऐसी कोई शिकायत अथवा संदेह है तो कृपया अवगत कराने का कष्ट करें। तत्परतापूर्वक जांच कराकर प्रभावी करवाई की जाएगी।’’विपक्षी दल लगातार मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि निर्वाचन आयोग भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष की शुरुआत में राज्‍य की 403 विधानसभा सीट पर चुनाव होने हैं।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:33 pm

'क्या पुरुष को ब्रेकअप करने का अधिकार नहीं? आपसी सहमति से बने संबंध रेप नहीं', SC की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपसी सहमति से बने यौन संबंध रिश्ते टूटने पर बलात्कार नहीं माने जा सकते, क्योंकि इससे आपराधिक न्याय प्रणाली का दुरुपयोग होता है।

जागरण 30 Oct 2026 3:32 pm

निर्मला सीतारमण का राहुल गांधी पर पलटवार, कांग्रेस राज के बैंक घोटालों की खोली पोल

IDBI Bank Privatization Row: केंद्र की मोदी सरकार और कांग्रेस के बीच बैंकिंग सेक्टर के अतीत और वर्तमान को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा आईडीबीआई बैंक के निजीकरण और उसकी बिक्री पर उठाए गए सवालों का ...

वेब दुनिया 30 Oct 2026 3:32 pm

Manoj Jarange ने BJP पर साधा निशाना, 500 करोड़ की ऑडियो क्लिप पर IAS से जांच की मांग

मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे ने सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना पर आरोप लगाया है कि वे एक ऑडियो क्लिप से जुड़े सच को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। इस क्लिप में उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए जाने का जिक्र है। जारांगे ने दावा किया कि यह रिकॉर्डिंग असली है और उन्होंने वरिष्ठ IAS अधिकारियों या किसी जज से इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जारांगे का आरोप है कि इस क्लिप को फर्जी बताने की कोशिश की जा रही है, ताकि इसमें शामिल लोगों को बचाया जा सके और मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर किया जा सके। इस रिकॉर्डिंग की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इसे भी पढ़ें: Election Commission का आदेश, Maharashtra और Delhi में बदला SIR शेड्यूल पिछले हफ्ते जारांगे ने एक ऑडियो क्लिप जारी की थी, जिसमें कथित तौर पर बीजेपी पदाधिकारियों के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। इस बातचीत में जिक्र है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जारांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जालना जिले के अंकुशनगर में पत्रकारों से बात करते हुए जारांगे ने कहा कुछ दिनों बाद, वे इस क्लिप को झूठा साबित करने की कोशिश करेंगे। वे सच को पचा नहीं पा रहे हैं और मेरे खिलाफ एक झूठा नैरेटिव फैला रहे हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़े लोग मेरा पीछा कर रहे हैं और मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। जरांगे ने सवाल उठाया कि शिवसेना नेता रामदास कदम को वह मूल और पूरी रिकॉर्डिंग कैसे मिली। उन्होंने पूछा कि कदम को यह क्लिप किसने दी और इसका केवल एक हिस्सा ही जनता के सामने क्यों जारी किया गया। इसे भी पढ़ें: सूखे के बीच Maharashtra Government ने पौधारोपण देखरेख के लिए 90.72 लाख रुपये मंजूर किए उन्होंने कहा अगर इस मामले में बीजेपी और शिवसेना की कोई भूमिका नहीं है, तो उन्हें आगे आना चाहिए और सच सामने लाना चाहिए। जरांगे ने कहा कि सुरक्षा कारणों से वह उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं करेंगे जिसने उन्हें यह रिकॉर्डिंग दी है। उन्होंने शिंदे और फडणवीस से उस व्यक्ति की सुरक्षा की गारंटी देने की मांग की। कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने और मराठा आरक्षण आंदोलन को नुकसान पहुंचाने के लिए सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा अगर ये लोग फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जानकारी के बिना साजिश रच रहे हैं, तो इससे बीजेपी को ही नुकसान होगा। अगर सच सामने नहीं आया, तो लोगों को लगेगा कि इसमें उनका भी हाथ है। जरांगे ने 'मराठा सेवकों' का एक समूह बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि ये निस्वार्थ और समर्पित स्वयंसेवक होंगे, जो मराठा समुदाय के हितों के खिलाफ काम करने वालों की पहचान करेंगे और उनका मुकाबला करेंगे।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:32 pm

Delhi में INDIA गठबंधन के प्रदर्शन से दूर रहेंगे DK Shivakumar, जानें क्या है इसका कारण

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाले 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें राज्य में 'कन्नड़ राज्योत्सव' समारोहों से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेना है। हालांकि, उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। शिवकुमार ने विरोध प्रदर्शन और कन्नड़ राज्योत्सव, दोनों के लिए की गई तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि जिला मंत्रियों और विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित करने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश दिया गया है। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ Ramlila Maidan में INDIA bloc रैली में शामिल होंगे Akhilesh Yadav उन्होंने कहा कि कल (1 नवंबर) हमारी पार्टी का एक विरोध प्रदर्शन है। हम अपने राज्य में कन्नड़ राज्योत्सव को एक विशेष तरीके से मनाते हैं। हर जिला मंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहिए। मैंने विधायकों से कहा है कि वे जहां भी समारोह आयोजित कर रहे हैं, वहां कार्यक्रम भी रखें। जिला मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में जाना चाहिए, झंडा फहराना चाहिए और लोगों को सरकार की पहलों के बारे में बताना चाहिए। मैं दिल्ली नहीं जा रहा हूं। हालांकि, मैंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के अध्यक्ष ने बताया है कि ट्रेन यात्रा में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। फिर भी, हमारे सभी जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष वहां जा रहे हैं। मैं और बाकी मंत्री इसमें शामिल नहीं हो पाएंगे। परमेश्वर की तबीयत भी ठीक नहीं है। उनकी जगह कृष्णा बायरे गौड़ा जाएंगे और झंडा फहराएंगे। इसलिए, हम सभी को यहीं रहना होगा। कर्नाटक में हाल ही में दूध की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर बात करते हुए, शिवकुमार ने इस फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ था और अब जो बढ़ोतरी की गई है, उससे किसानों को फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा कि अन्य कई राज्यों की तुलना में कर्नाटक में दूध की कीमतें अभी भी कम हैं। इसे भी पढ़ें: Congress की 1 नवंबर की रैली दिवाली बाद टालें, CTI ने Sonia Gandhi से की अपील उन्होंने बताया कि हमने कीमतों में 6-7 रुपये की बढ़ोतरी की है। अब यह उन पर निर्भर है कि वे इसे स्वीकार करते हैं या नहीं। यह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी जैसा नहीं है। दूध की कीमतों में काफी लंबे समय से कोई बदलाव नहीं किया गया था। अन्य राज्यों के मुकाबले, कर्नाटक में दूध की कीमतें अभी भी कम हैं। हमारा दूध राज्य के बाहर, जैसे तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश भेजा जा रहा था। किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया था और विधायक भी इस मुद्दे को उठा रहे थे। उन्होंने 12 रुपये की बढ़ोतरी की मांग की थी। हमने इसमें 7 रुपये की बढ़ोतरी की है, साथ ही 1 रुपये और जोड़े हैं। इसमें से 1 रुपये को प्रबंधन खर्च (मैनेजमेंट खर्च) के लिए रखा जाएगा, जबकि बाकी पूरी रकम किसानों को मिलेगी।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:31 pm

Mercedes Case: नाबालिग की Bail अर्जी में प्रक्रियागत खामियां, Special Court ने शनिवार तक टाली सुनवाई

केरल में एक जानलेवा कार दुर्घटना के मामले में, एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के 17 वर्षीय बेटे को मिली जमानत रद्द करने की मांग वाली अभियोजन पक्ष की अपील पर सुनवाई शनिवार तक के लिए टाल दी गई है, क्योंकि अदालत को इसे दाखिल करने की प्रक्रिया में कुछ कमियां मिलीं। महिलाओं और बच्चों के लिए बनी विशेष अदालत ने अभियोजन पक्ष को इन गलतियों को सुधारने और सही की गई अपील फिर से दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने आवेदन को अपील के बजाय याचिका के रूप में दायर किया था। अदालत ने यह भी गौर किया कि इस आवेदन में नाबालिग का नाम उजागर कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें: दुलारचंद मर्डर केस में जेल जाएंगे अनंत सिंह! Supreme Court ने 1 दिसंबर तक दिया Surrender का समय आवेदन जमा करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए, अदालत ने अभियोजन पक्ष से पूछा कि क्या इस तरह की याचिका इसी प्रकार दायर की जानी चाहिए, और उन्हें जरूरी सुधार करने का निर्देश दिया। अब इस मामले की सुनवाई शनिवार को होगी। यह नया घटनाक्रम तब सामने आया है जब पुलिस की जांच और उस नाबालिग को मिली जमानत पर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला एक मर्सिडीज-बेंज कार से हुए जानलेवा हादसे से जुड़ा है, जो उसके पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। यह हादसा इस हफ्ते की शुरुआत में हुआ था। जज के बेटे द्वारा चलाई जा रही कार ने पीछे से एक स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे स्कूटर सवार 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौत हो गई। जयबालकृष्णन सड़क किनारे खाने-पीने की दुकान चलाते थे। इसे भी पढ़ें: अदालत का सम्मान, लेकिन Neeraj Kumar ने रचा कानूनी चक्रव्यूह, सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद अनंत सिंह का पहला रिएक्शन जज ने अग्रिम जमानत मांगी इस मामले ने जज को भी जांच के दायरे में ला दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केरल उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है। उनका कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज-बेंज कार बाहर निकाली है। अपनी अर्जी में जज ने बताया कि उन्हें दुर्घटना के बाद आए एक फोन कॉल से ही इस हादसे के बारे में पता चला। पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत जज को आरोपी बनाया है। यह धारा किसी नाबालिग द्वारा किए गए अपराधों के लिए उसके अभिभावक या वाहन के मालिक की जिम्मेदारी तय करती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच जिला अपराध शाखा (डिस्ट्रिक्ट क्राइम ब्रांच) को सौंप दी गई थी। इससे पहले केरल उच्च न्यायालय ने पुलिस को जज को आरोपी बनाने की अनुमति दे दी थी।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:28 pm

Gen Z ने निकाला सोशल मीडिया डिटॉक्स का तरीका... ऐसे बना रहे फोन से दूरी!

फोन और सोशल मीडिया पर घंटों बिताने के बाद अब जेन जी अपनी इस आदत को बदलने की कोशिश कर रही है. कोई ऐप्स ब्लॉक करने वाले टूल अपना रहा है, तो कोई स्मार्टफोन छोड़कर नॉर्मल फोन यूज कर रहा है. डिजिटल डिटॉक्स का ये ट्रेंड युवाओं के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है.

आज तक 30 Oct 2026 3:27 pm

पश्चिम बंगाल और असम हाई अलर्ट पर: अचानक क्यों दी गई बाढ़ की भयानक चेतावनी? जानिए किन इलाकों पर मंडरा रहा खतरा?

भूटान के ऊंचाई वाले हिमालयी इलाके में ग्लेशियर झील से अचानक पानी निकलने की घटना ने भारत के पूर्वोत्तर और उत्तर बंग

वन इंडिया 30 Oct 2026 3:23 pm

CEC के खिलाफ महाभियोग पर संसद सत्र बुलाएं, MP Pappu Yadav ने केंद्र से की मांग

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्र सरकार पर जनमत को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा करने के लिए तत्काल संसदीय सत्र बुलाने की मांग की है। 30 अक्टूबर को बोलते हुए, यादव ने इस बात पर जोर दिया कि एक चुनावी लोकतंत्र वह है जिसे जनता चुनती है। साथ ही, उन्होंने संस्थागत जवाबदेही और संसदीय प्रक्रियाओं को लेकर विपक्ष की बढ़ती चिंताओं को भी रेखांकित किया। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ Ramlila Maidan में INDIA bloc रैली में शामिल होंगे Akhilesh Yadav उन्होंने लोकसभा से 100 सांसदों को बाहर निकालने के बाद कानून लाने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने सांसदों की गैर-मौजूदगी में तानाशाही तरीके से कानून पेश किए, और सदन के भीतर लोकतंत्र के सभी नियमों और मर्यादाओं को पूरी तरह से ताक पर रख दिया। यादव ने सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शनों के प्रति प्रशासन के रवैये की निंदा की और कहा कि व्यापक असंतोष को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष और देश भर के लोग ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की मांग कर रहे हैं। देश की जनता सड़कों पर उतरी हुई है, लेकिन यह सरकार किसी तानाशाह की तरह बर्ताव कर रही है। वे हमारे संस्थानों की पवित्रता को गलत तरीके से नष्ट कर रहे हैं। उन्हें तुरंत सदन बुलाना चाहिए और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग पर चर्चा करनी चाहिए। रांची से, झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता मनोज पांडे ने भी इन चिंताओं को दोहराते हुए चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवादों पर एकजुट होकर और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जवाब देने की अपील की। ​​ इसे भी पढ़ें: Varanasi और Nagpur MLC चुनाव में BJP की हार, Congress सांसद Mallu Ravi ने गिनाई जीत उन्होंने कहा कि यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है। यह उन 15 करोड़ मतदाताओं की ओर से लड़ी जा रही लड़ाई है, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं या हटाए जा रहे हैं। SIR प्रक्रिया में भारी खामियां हैं। चुनाव आयोग का एक व्यक्ति अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है और ऐसा बर्ताव कर रहा है मानो वह संसद से भी ऊपर हो—और उसे अपने राजनीतिक आकाओं का संरक्षण प्राप्त है।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:23 pm

हार और जीत भाषणों से तय नहीं होती, अमित शाह के बयान पर अखिलेश का पलटवार, जीते हुए MLC के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानें क्या कहा?

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। राजधानी लखनऊ में नवनिर्वाचित पार्टी प्रत्याशियों के साथ आयोजित एक संयुक्त प्रेसवार्ता में उन्होंने यह बात कही। इस दौरान सपा नेतृत्व ने एकजुटता का संदेश देते हुए चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों को भी मंच पर स्थान दिया। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि इन चुनाव नतीजों ने भाजपा के तमाम राजनीतिक समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन के दायरे और प्रभाव को अब और अधिक विस्तार देगी। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को जनसमर्थन से विजय मिली है, जबकि भाजपा ने छह सीटों पर छल-कपट के सहारे जीत दर्ज की है। इसे भी पढ़ें: विप चुनाव नतीजे 2027 की जीत की नींव: Akhilesh Yadav बोले, BJP का प्रदर्शन डबल हार सपा प्रमुख ने विजयी उम्मीदवारों के साथ-साथ ज़मीनी स्तर पर डटे रहने वाले कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मतदान और मतगणना के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने जिस साहस का परिचय दिया, वह महज़ एक शुरुआत है; आने वाले दिनों में यह संघर्ष और तेज़ होगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस चुनाव में पासी, कायस्थ और व्यापारी वर्ग सहित समाज के विभिन्न तबकों ने एकजुट होकर समाजवादी पार्टी पर अपना भरोसा जताया है। अमित शाह के बयान पर भी अखिलेश ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हार और जीत भाषणों से तय नहीं होती, बल्कि जनता तय करती है। उन्होंने कहा कि आगे की लड़ाई सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए होगी। इसे भी पढ़ें: UP में 30 साल तक नहीं बनेगी Samajwadi Party की सरकार: Amit Shah सपा एमएलसी लाल बिहारी यादव ने कहा कि जब तक आप माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे तो आपकी समस्या का समाधान कैसे होगा। इस चुनाव की बहुमत के आधार पर 2/3 बहुमत की सरकार उत्तर प्रदेश में बनेगी। वहीं आकाश अग्रवाल ने कहा कि ये जो चुनाव थे उसमें प्रशासन का दुरुपयोग किया गया, लोकतंत्र का काला अध्याय लिखा गया, ये न होता तो समाजवादी पार्टी कम से कम 8 सीटें जीतती। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि वाराणसी, लखनऊ और अब बदलाव चाहती है। गुरुवार को जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों और नेतृत्व की समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश सरकार बनाएगी।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:22 pm

यूपी: करवा चौथ पर पुलिस ने मिटाई पति-पत्नी की दूरियां, खुशी-खुशी लौटे घर

यूपी के बरेली में करवा चौथ के मौके पर पुलिस का एक अनोखा और मानवीय चेहरा सामने आया है. लंबे समय से आपसी विवाद के कारण अलग रह रहे पति-पत्नी को पुलिस ने थाने बुलाकर समझाया. दोनों के बीच सुलह करवाकर एक-दूसरे को गुलाब का फूल भेंट कराया गया और टूटने से बचा लिया.

आज तक 30 Oct 2026 3:19 pm

मिलावटी मावा छोड़ें, घर में दूध से बनाएं शुद्ध और ताजा खोया

Make Khoya at Home: अगर आप भी दिवाली पर घर में मिठाई बनाने का सोच रहे हैं तो खोया बाजार से लाने की क्या जरूरत है. बाजार का खोया महंगा और मिलावटी होता है इसलिए यहां हम आपको घर पर आसानी से खोया बनाने का तरीका बता रहे हैं.

आज तक 30 Oct 2026 3:19 pm

CEC Gyanesh Kumar के खिलाफ Ramlila Maidan में INDIA bloc रैली में शामिल होंगे Akhilesh Yadav

समाजवादी पार्टी ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की रैली को अपना समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) का विरोध करेंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। 30 अक्टूबर को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हम सभी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाली रैली में हिस्सा लेंगे। इसे भी पढ़ें: UP MLC Election: 11 सीटों के नतीजे घोषित, BJP ने 6 और SP ने 5 पर दर्ज की जीत उन्होंने MLC चुनावों में अपनी पार्टी की हालिया जीत की भी तारीफ की और नतीजों को बीजेपी की सांप्रदायिक राजनीति को खारिज किए जाने के रूप में बताया। उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी यह चुनाव हार गई है—यह उन लोगों की हार है जो खुद को 'दूरदर्शी' होने का दावा करते थे। हमने शिक्षकों से जुड़े कुछ वादे किए हैं, और इन सभी को हमारे घोषणापत्र (आगामी विधानसभा चुनावों के लिए) में शामिल किया जाएगा। दक्षिणी राज्यों सहित कई राजनीतिक दलों ने 1 नवंबर की रैली को अपना समर्थन दिया है। इसमें विभिन्न राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों और कांग्रेस नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए रांची से दिल्ली रवाना हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने भी अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के प्रमुख थिरुमावलवन ने अपना समर्थन देते हुए कहा कि कम से कम पांच दक्षिणी राज्यों से उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इसमें शामिल होंगे। रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली में कम से कम 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना है। इसे भी पढ़ें: RSS के किले Nagpur और Modi के गढ़ Varanasi में BJP की करार हार से सत्ता पक्ष की नींद उड़ी हालांकि, 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' को लेकर व्यापारियों के बीच चिंताएं बढ़ गई हैं। 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' ने चेतावनी दी है कि त्योहारों की खरीदारी के इस अहम समय में इससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि लगभग 10 लाख लोगों और 15,000 से 20,000 वाहनों के आने से मध्य दिल्ली के 20 ऐतिहासिक बाजारों में ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो सकता है।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:19 pm

कल 7 राशियों के हाथ लगेगा पैसा, जानें मेष से मीन तक का हाल

Kal Ka Rashifal 31 October 2026: आर्थिक खर्च पर नियंत्रण बढ़ाएं. वाणिज्यिक पक्ष सामान्य रहेगा. बजट की अनदेखी न करें. मेहनत से लक्ष्य पाएंगे. निवेश व विस्तार के कार्यों से जुड़ें. कोर्ट के मामले उभरने की आशंका है.

आज तक 30 Oct 2026 3:18 pm

200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से ग्लेन फिलिप्स ने भारत के खिलाफ ठोका तूफानी शतक

क्रिकेट के मैदान पर जब कोई बल्लेबाज अपने प्रचंड फॉर्म में होता है, तो अच्छे से अच्छे गेंदबाजों के तरकश के सभी तीर और रणनीतियां ध धरी रह जाती हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे इस रोमांचक और सांस रोक देने वाले मुकाबले में कुछ ऐसा ही अद्भुत और अविश्वसनीय नजारा देखने को मिला, जब कीवी टीम के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की बखिया उधेड़ कर रख दी। मैदान के चारों तरफ शॉट खेलने की अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन करते हुए फिलिप्स ने एक ही ओवर में 32 रन बटोर डाले और अपनी पारी के दौरान कुल 9 गगनचुंबी छक्के तथा 6 बेहतरीन चौके जड़े। दो सौ से भी ज्यादा के खतरनाक स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने भारतीय गेंदबाजों को पानी पिला दिया और एक ऐसा ऐतिहासिक और तूफानी शतक ठोका, जिसे क्रिकेट प्रेमी और भारतीय बॉलर लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।पारी की धीमी शुरुआत के बाद ग्लेन फिलिप्स ने कैसे बदला मैच का पूरा रुख?जब ग्लेन फिलिप्स क्रीज पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे थे, उस समय भारतीय गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया था। शुरुआती कुछ ओवरों में फिलिप्स ने बेहद सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए पिच के मिजाज को समझा और सिंगल-डबल लेकर अपनी पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन एक बार जब उन्होंने क्रीज पर अपनी नजरें जमा लीं, तो उन्होंने अपने गियर बदले और मैदान पर रनों की सुनामी ला दी। भारतीय स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों—दोनों के खिलाफ फिलिप्स ने कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और लॉन्ग ऑन, डीप मिड विकेट तथा कवर के ऊपर से ऐसे लंबे छक्के लगाए कि दर्शक दीर्घा में बैठे लोग दंग रह गए। उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक क्रिकेट में दबाव की स्थिति से कैसे उबरा जाता है।एक ही ओवर में 32 रन और ताबड़तोड़ चौके-छक्कों की बरसात से दहल उठा स्टेडियमइस पारी का सबसे रोमांचक और खौफनाक पल वह आया जब विपक्षी गेंदबाज के एक ही ओवर में ग्लेन फिलिप्स ने कहर बरपाते हुए कुल 32 रन कूट डाले। गेंदबाज की हर एक गेंद को बाउंड्री लाइन के पार भेजने का संकल्प लेकर खेल रहे फिलिप्स ने लगातार गेंदों पर छक्कों और चौकों की ऐसी झड़ी लगाई कि पूरा स्टेडियम तालियों और शोर से गूंज उठा। इस एक ही ओवर ने मैच का पूरा मनोवैज्ञानिक दबाव भारत के खेमे में ट्रांसफर कर दिया। मैदान पर तैनात भारतीय फील्डर केवल दर्शक बनकर रह गए और गेंद को बाउंड्री पार जाते हुए देखने के अलावा उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। इस ओवर के बाद भारतीय कप्तान को अपने गेंदबाजों के रोटेशन और फील्डिंग सजावट में तुरंत बड़े बदलाव करने पड़े।200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर कीवी टीम को पहुंचाया विशाल स्कोर तकटी-20 और वनडे प्रारूप के इस आधुनिक युग में स्ट्राइक रेट का बहुत बड़ा महत्व होता है, और ग्लेन फिलिप्स ने इस मुकाबले में 200 से भी ऊपर के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर यह दिखा दिया कि उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक फिनिशर्स और मैच विनर खिलाड़ियों में क्यों गिना जाता है। उन्होंने मैदान के हर कोने का बखूबी इस्तेमाल किया—चाहे वह स्वीप शॉट हो, स्कूप शॉट हो या स्ट्रेट डाउन द ग्राउंड का लंबा छक्का हो। फिलिप्स ने न केवल अपना व्यक्तिगत शतक पूरा किया, बल्कि अपनी इस सनसनीखेज शतकीय पारी के दम पर न्यूजीलैंड के कुल स्कोर को एक ऐसे पहाड़ जैसे लक्ष्य तक पहुंचा दिया, जिससे पार पाना भारतीय बल्लेबाजों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होने वाला था।भारतीय गेंदबाजी क्रम पर बड़ा सवालिया निशान, रणनीतिक भूलों से मिली सीखमैच के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व दिग्गजों ने भारतीय गेंदबाजों की इस लचर प्रदर्शन की जमकर आलोचना की है। डेथ ओवर्स में स्पेशलिस्ट गेंदबाजों का इस तरह से पिट जाना और एक ही बल्लेबाज के सामने पूरी तरह लाचार नजर आना टीम प्रबंधन के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। भारतीय गेंदबाजों ने लेंथ बॉल डालने की जो गलती बार-बार दोहराई, उसका पूरा फायदा ग्लेन फिलिप्स ने अपनी बेहतरीन टाइमिंग के जरिए उठाया। इस मुकाबले ने भारतीय टीम को यह कड़ा सबक दे दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यदि आप लय में चल रहे बल्लेबाज को जल्दी आउट नहीं करते हैं, तो वह अकेले दम पर मैच का पासा पूरी तरह पलट सकता है। अब देखना यह होगा कि भारतीय टीम इस बड़े झटके से उबरकर बल्लेबाजी में कैसा प्रदर्शन करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:14 pm

नमन धीर की एक कैच ड्रॉप की गलती टीम इंडिया को पड़ी भारी

मैदान पर छूटा एक कैच किस तरह पूरे मैच का नक्शा बदल सकता है और एक मजबूत स्थिति में दिख रही टीम को बैकफुट पर धकेल सकता है, इसका बेहद दर्दनाक और जीवंत नजारा भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे इस सांरास भरे मुकाबले में देखने को मिला। भारतीय क्रिकेट टीम के पास न्यूजीलैंड के आक्रामक मध्यक्रम के बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स को एक बड़े और मैच विनिंग स्कोर तक पहुंचने से पहले ही पवेलियन भेजने का बेहद शानदार मौका था। लेकिन भारतीय फील्डर नमन धीर से मैदान पर हुई एक छोटी सी चूक और कैच ड्रॉप की गलती टीम इंडिया पर बहुत भारी पड़ गई। इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए ग्लेन फिलिप्स ने न केवल भारतीय गेंदबाजों के हौसले पस्त किए, बल्कि महज 107 रनों की एक बेहद विस्फोटक और यादगारी शतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को एक विशाल और सुरक्षित स्कोर तक पहुंचा दिया।नमन धीर की वह एक गलती जिसने पूरे मैच का पासा भारत के खिलाफ पलट दियामैच के उस बेहद नाजुक मोड़ पर जब भारतीय गेंदबाज दबाव बना रहे थे और न्यूजीलैंड की रन गति को रोकने की पूरी कोशिश में जुटे थे, तभी ग्लेन फिलिप्स ने बाउंड्री पार करने के इरादे से एक जोखिम भरा हवाई शॉट खेला। गेंद हवा में काफी ऊंची उठी और बाउंड्री लाइन के पास तैनात नमन धीर के पास एक सीधा और आसान सा कैच लपकने का बेहतरीन मौका आया। हालांकि, मैदान पर गलत जजमेंट या आखिरी क्षणों में एकाग्रता टूटने की वजह से गेंद नमन धीर के हाथों से छटककर नीचे गिर गई। उस समय ग्लेन फिलिप्स अपने व्यक्तिगत स्कोर में बेहद कम रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे और यदि वह कैच ले लिया जाता तो कीवी टीम का मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह ढह सकता था। लेकिन इस एक छूटे हुए कैच ने पूरे मैच का रुख न्यूजीलैंड के पक्ष में मोड़ दिया।जीवनदान मिलते ही रुद्राक्ष की तरह चमके ग्लेन फिलिप्स, ठोका 107 रनों का आक्रामक शतकमिले जीवनदान का ग्लेन फिलिप्स ने जिस अंदाज में फायदा उठाया, उसने भारतीय खेमे में निराशा की लहर दौड़ा दी। कैच छूटने के बाद फिलिप्स ने अपने तेवर पूरी तरह से बदल लिए और भारतीय स्पिनरों तथा तेज गेंदबाजों पर चौकों और छक्कों की बरसात शुरू कर दी। उन्होंने मैदान के हर कोने में आकर्षक और पॉवरफुल शॉट्स खेले और केवल बाउंड्रीज के दम पर भारतीय गेंदबाजों के लाइन और लेंथ को पूरी तरह से बिगाड़ दिया। देखते ही देखते उन्होंने अपना शतक पूरा किया और 107 रनों की एक ऐतिहासिक पारी खेल डाली। उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शीर्ष स्तर के बल्लेबाजों को जीवनदान देना कितना घातक और आत्मघाती साबित हो सकता है।भारतीय गेंदबाजों की मेहनत पर फिरा पानी, डैथ ओवर्स में बुरी तरह लुटाए रनग्लेन फिलिप्स के क्रीज पर टिक जाने के कारण डैथ ओवर्स में भारतीय गेंदबाजों की सारी रणनीतियां और यॉर्कर फेंकने के प्लान पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। जो भारतीय गेंदबाज शुरुआती स्पेल में बेहद किफायती नजर आ रहे थे, वे अंतिम ओवरों में रन रोकने के लिए जूझते हुए दिखे। फिलिप्स ने दूसरे छोर के बल्लेबाजों के साथ मिलकर एक मजबूत साझेदारी निभाई और टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचा दिया। मैच के बाद क्रिकेट दिग्गजों का भी यही मानना था कि अगर नमन धीर से वह शुरुआती कैच न छूटा होता, तो न्यूजीलैंड की टीम कम से कम 50 से 60 रन कम बनाती और भारत के सामने एक बेहद आसान लक्ष्य होता।फील्डिंग में कैच ड्रॉप और दबाव: टीम इंडिया के लिए आगे के मैचों का बड़ा सबकक्रिकेट के खेल में यह पुरानी और मशहूर कहावत है कि 'कैच विन मैचेस' यानी कैच पकड़ो और मैच जीतो। नमन धीर की इस एक मानवीय भूल ने भारतीय टीम प्रबंधन को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बड़े और हाई-प्रेशर मुकाबलों में फील्डिंग का स्तर कितना मानक होना चाहिए। कैच छूटने के बाद न केवल अतिरिक्त रन बनते हैं बल्कि टीम के मुख्य गेंदबाजों का मनोबल भी गिरता है। अब भारतीय टीम के सामने इस विशाल लक्ष्य का पीछा करने की बहुत बड़ी चुनौती है, जिसके लिए शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को असाधारण प्रदर्शन करना होगा। यह मुकाबला इस बात की सीख देता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक भी ढिलाई पूरे मैच का परिणाम बदल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:13 pm

देश-विदेश के प्रमुख घटनाक्रम: चक्रवात Arnab, PM Modi का संबोधन और बड़ी खबरें

शुक्रवार को अपराह्न ढाई बजे तक ‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं:-प्रादे52 : गुजरात मोदीजीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा में ही जुटा रहूंगा : प्रधानमंत्री मोदीभीलड़ी (गुजरात), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। मोदी का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उस टिप्पणी के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था, ‘‘मोदी का बाप भी जाएगा।’’ दि18 : कांग्रेस इंडिया लीड जनमहाभियोगसीईसी के खिलाफ विपक्ष का ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम शनिवार तक के लिए स्थगितनयी दिल्ली, चक्रवात ‘अर्नब’ और इसके कारण बने प्रतिकूल मौसम के हालात के मद्देनजर विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को प्रस्तावित सांकेतिक ‘‘जन महाभियोग’’ कार्यक्रम शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रादे58 : उप्र अमित शाह लीड भाजपाउप्र में 30 साल तक सपा की सरकार नहीं बनेगी : अमित शाहलखनऊ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि उप्र में 30 साल तक सपा की सरकार नहीं बनेगी। दि11 : कांग्रेस चक्रवातचक्रवात प्रभावित राज्यों की पीएम केयर से सहायता सुनिश्चित की जाए: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने चक्रवात अर्नब से हुई तबाही पर चिंता जताते हुए शुक्रवार को केंद्र से आग्रह किया कि वह राज्य सरकारों के साथ समन्वय कर राहत एवं पुनर्वास प्रयासों का नेतृत्व करे और सभी प्रभावित परिवारों को पीएम केयर कोष के जरिये समय पर सहायता सुनिश्चित करे। प्रादे2 : आंध्र बिजली ढांचेचक्रवात अर्नब से आंध्र के बिजली ढांचे को 500 करोड़ रुपये का नुकसान: मंत्रीभीमावरमद: आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार ने पश्चिम गोदावरी जिले में कहा कि चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण राज्य के बिजली ढांचे को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वि7 : संरा भारत समुद्री एआईसंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 2028-29 की सदस्यता के लिए एआई और समुद्री सुरक्षा पर भारत का जोरसंयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि 2028-29 के कार्यकाल के लिए सुरक्षा परिषद में अस्थायी सदस्यता की उम्मीदवारी के दौरान समुद्री सुरक्षा और कृत्रिम मेधा (एआई) भारत की प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी। वि6 : अमेरिका जयशंकरजी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने अमेरिका पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकरवाशिंगटन, विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को अटलांटा में आयोजित होने वाली जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। अर्थ12 सीतारमण आईडीबीआईकांग्रेस, संप्रग सरकार ने बैंकों का निजी इकाई की तरह किया इस्तेमाल: सीतारमण का राहुल को जवाबनयी दिल्ली: आईडीबीआई बैंक के विनिवेश को लेकर जारी विवाद के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कांग्रेस तथा पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर निशाना साधा। अर्थ7 : गिग कर्मचारी बोर्डसरकार ने ‘गिग’ एवं ‘प्लेटफॉर्म’ कामगारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड किया अधिसूचितनयी दिल्ली, सरकार ने असंगठित कर्मचारियों तथा ‘गिग’ एवं ‘प्लेटफॉर्म’ कामगारों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड को अधिसूचित किया है। यह बोर्ड सामाजिक सुरक्षा के अंतर को पाटने के लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाएं तैयार करेगा, उनकी निगरानी करेगा और अन्य सिफारिश करेगा। खेल13 : खेल ओलंपिक युवा भारतओम प्रकाश करहाना युवा ओलंपिक में भारत के दल नेता होंगेनयी दिल्ली, एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पूर्व गोला फेंक खिलाड़ी ओम प्रकाश करहाना को सेनेगल के डकार में शनिवार से शुरू होने वाले युवा ओलंपिक खेलों के लिए 17 खिलाड़ियों सहित 35 सदस्यीय भारतीय दल का प्रमुख नियुक्त किया गया है। खेल8 : खेल कप हॉकी इंडिया सचिवपंजाब, तमिलनाडु और ओडिशा 2030 में पुरुष और महिला विश्व कप की मेजबानी की दौड़ मेंजालंधर, हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने पीटीआई को बताया कि पंजाब, ओडिशा और तमिलनाडु 2030 में होने वाले पुरुष और महिला एफआईएच विश्व कप की मेजबानी की दौड़ में सबसे आगे हैं।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:13 pm

एशिया कप के लिए भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम का ऐलान

क्रिकेट के गलियारों में इस वक्त युवा प्रतिभाओं को लेकर एक बहुत बड़ी और रोमांचित कर देने वाली खबर सामने आ रही है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर चयन समिति ने आगामी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अंडर-19 एशिया कप के लिए आधिकारिक तौर पर भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम के चयन ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, क्योंकि इस बार चुनी गई 15 सदस्यीय स्क्वाड में भारतीय क्रिकेट के दो सबसे महान और दिग्गज खिलाड़ियों—राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग—के होनहार बेटों को एक साथ शामिल किया गया है। अपने जमाने में गेंदबाजों के दिलों में खौफ पैदा करने वाले सहवाग और दीवार के नाम से मशहूर द्रविड़ के खून में क्रिकेट की कला कूट-कूट कर भरी है, और अब उनके बेटे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा लहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चयनकर्ताओं ने घरेलू सर्किट और चैलेंजर ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करने वाले एक युवा और प्रतिभाशाली बल्लेबाज को टीम की कमान सौंपी है, जिससे टीम का संतुलन बेहद मजबूत नजर आ रहा है।अंडर-19 एशिया कप के लिए चुनी गई टीम में किन-किन धुरंधर युवा खिलाड़ियों को मिली जगह?बीसीसीआई द्वारा घोषित की गई इस युवा राष्ट्रीय टीम में देश के कोने-कोने से चुनकर आए उन चुनिंदा उदीयमान क्रिकेटर्स को जगह दी गई है जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में अपनी तूफानी बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी से घरेलू क्रिकेट में तहलका मचाया था। चयन समिति ने टीम में चार शुद्ध बल्लेबाजों, दो विकेटकीपर-बल्लेबाजों, ऑलराउंडर्स और विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों तथा स्पिनर्स का बेहतरीन संयोजन तैयार किया है। टीम के चयन के दौरान खिलाड़ियों के हालिया फॉर्म, फिटनेस और दबाव की परिस्थितियों में मैच जिताने की क्षमता को मुख्य आधार बनाया गया है। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के कोचों की देखरेख में इन युवाओं ने पिछले कुछ हफ्तों से कड़ा पसीना बहाया है, और इस एशिया कप के जरिए वे दुनिया के सामने अपनी अद्भुत प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह बेताब नजर आ रहे हैं।राहुल द्रविड़ के बेटे समित द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग की टीम में ऐतिहासिक एंट्रीइस पूरी चयन सूची में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने हैं दो खास नाम—समित द्रविड़ और आर्यवीर सहवाग। भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ के बड़े बेटे समित द्रविड़ पहले से ही अपनी बेहतरीन ऑलराउंड क्षमता और कर्नाटक की ओर से खेलते हुए घरेलू क्रिकेट में सुर्खियों में रहे हैं। समित मुख्य रूप से एक भरोसेमंद मध्य क्रम के बल्लेबाज और उपयोगी मध्यम गति के गेंदबाज हैं, जो क्रीज पर टिककर लंबी पारियां खेलने के लिए जाने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, विस्फोटक ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने दिल्ली की जूनियर क्रिकेट लीग और कूच बिहार ट्रॉफी में अपनी ताबड़तोड़ और आक्रामक बल्लेबाजी शैली से चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया है। पिता की तरह ही आर्यवीर भी क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर हावी होने और बड़े शॉट लगाने के लिए पहचाने जाते हैं। इन दोनों दिग्गजों के बेटों के एक साथ राष्ट्रीय अंडर-19 टीम में आने से मीडिया और क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह चरम पर है।कौन है वह युवा स्टार खिलाड़ी जिसे सौंपी गई है एशिया कप के लिए टीम इंडिया की कप्तानी?भारतीय अंडर-19 टीम के नेतृत्व की जिम्मेदारी एक ऐसे मेधावी और शांत स्वभाव के खिलाड़ी को सौंपी गई है जो अपनी शानदार कप्तानी शैली और लगातार रन बनाने की काबिलियत के लिए जाना जाता है। चयनकर्ताओं ने हाल ही में संपन्न हुई त्रिकोणीय सीरीज और घरेलू मुकाबलों में अपनी कप्तानी का लोहा मनवाने वाले युवा बल्लेबाज को कप्तान नियुक्त किया है। कप्तान के रूप में इस युवा खिलाड़ी पर न केवल अपनी व्यक्तिगत बल्लेबाजी से टीम को मजबूती देने का दबाव होगा, बल्कि पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी मजबूत टीमों से मुकाबला करते हुए भारत को एशिया कप का खिताब जिताने की भी बड़ी चुनौती होगी। टीम के उपकप्तान के रूप में भी एक बेहद अनुशासित और आक्रामक युवा ऑलराउंडर को चुना गया है, जो जरूरत पड़ने पर मैदान पर रणनीतिक फैसले लेने में कप्तान की पूरी मदद करेगा।एशिया कप में भारत का शेड्यूल और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबलाएशियाई क्रिकेट परिषद के तय शेड्यूल के अनुसार, आगामी अंडर-19 एशिया कप के मुकाबले रोमांचक होने वाले हैं। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज ग्रुप मुकाबले पर टिकी हुई हैं, क्योंकि जूनियर स्तर पर भी इन दोनों देशों के बीच की जंग हमेशा से बेहद रोमांचक और तनावपूर्ण रही है। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत एक मजबूत रणनीतिक योजना के साथ मैदान पर उतरेगी। कोच और सपोर्ट स्टाफ ने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेष सेशन आयोजित किए हैं, ताकि विदेशी परिस्थितियों और विपक्षी टीमों की रणनीति का सामना डटकर किया जा सके।भविष्य के सुपरस्टार्स के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का सुनहरा अवसरक्रिकेट पंडितों का मानना है कि अंडर-19 एशिया कप का यह मंच इन युवा खिलाड़ियों के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। अतीत में विराट कोहली, रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और शुभमन गिल जैसे कई महान खिलाड़ी अंडर-19 स्तर से ही निकलकर भारतीय सीनियर टीम की रीढ़ बने हैं। राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के बेटों सहित पूरी 15 सदस्यीय स्क्वाड के पास यह दिखाने का मौका है कि वे भारतीय क्रिकेट के भविष्य के असली सुपरस्टार हैं। पूरा देश और करोड़ों क्रिकेट फैंस इन युवा शेरों से एशिया कप की ट्रॉफी जीतकर स्वदेश लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:12 pm

मोदी जी 3 बार PM बने और चौथी बार भी बनेंगे, लखनऊ में बोले शाह- गंगोत्री से गंगा सागर तक भगवा ही भगवा दिखाई देता है

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि नरेंद्र मोदी लगातार तीन बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और वे चौथी बार भी देश की कमान संभालेंगे। वे लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि आज देश की राजनीतिक स्थिति ऐसी है कि गंगोत्री से लेकर गंगा सागर तक हर ओर केवल भगवा ही दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि यदि वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो उन्हें ज़मीनी स्तर पर उतरकर जनता के बीच काम करना होगा। इसे भी पढ़ें: अखिलेश बाबू, यूपी में BJP अंगद का पैर, कोई हिला नहीं सकता, अमित शाह ने सपा को दिलाई रामभक्तों पर गोलीकांड की याद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ में यूपी भाजपा की कार्यकारी समिति की बैठक का उद्घाटन करने पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, शाह ने उन्हें भाजपा का मालिक बताया और सम्मानपूर्वक राम-राम कहकर उनका अभिवादन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनावी जीत का श्रेय कार्यकर्ताओं को दिया और 2017 तथा 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को याद किया। समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अयोध्या गोलीकांड का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में कारसेवकों पर गोलीबारी हुई थी, जिससे सरयू नदी रक्त-रंजित हो गई थी। अखिलेश यादव को घेरते हुए उन्होंने प्रश्न किया कि वे किस आधार पर प्रदेश में सत्ता में वापसी का दावा कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: UP में 30 साल तक नहीं बनेगी Samajwadi Party की सरकार: Amit Shah भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उ़दघाटन किया। शाह ने यहां डाक्‍टर राम मनोहर लोहिया विधि विश्‍वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की शुरुआत की। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने को बताया कि मुख्‍य अतिथि अमित शाह ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर कार्यसमिति की बैठक का उद़घाटन किया। उन्‍होंने बताया कि प्रदेश अध्‍यक्ष व केन्‍द्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी की अध्‍यक्षता में हो रही इस कार्यसमिति की बैठक में उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, प मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख नेता मौजूद हैं। शाह ने श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्‍याय के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे गूंज रहे थे। कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के प्रदेश प्रभारी व भाजपा के राष्‍ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, भाजपा की राष्‍ट्रीय महासचिव स्‍मृति ईरानी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हैं। कार्यसमिति की बैठक का संचालन भाजपा के विधान परिषद सदस्य व पूर्व महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ल कर रहे हैं। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ व भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष पंकज चौधरी ने अमित शाह का स्‍वागत किया।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:12 pm

Ministry of Corporate Affairs ने NCLT और NCLAT को पूरी तरह Hijack कर लिया है, CJI Surya Kant ने Modi सरकार पर की बेहद कड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) और उसकी अपीलीय संस्था नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) की स्वायत्तता को लेकर केंद्र सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने दोनों संस्थाओं को पूरी तरह हाईजैक कर लिया है। उन्होंने इसे संस्थागत स्वायत्तता के लिए गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि मंत्रालय का इन संस्थाओं पर पूरी पकड़ बनाए रखने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। अदालत की यह टिप्पणी केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसके केंद्र में न्यायिक और तकनीकी सदस्यों की स्वतंत्रता, प्रशासनिक नियंत्रण तथा ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली का व्यापक सवाल भी रहा। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पास ही कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय भी है। हम आपको बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ NCLT और NCLAT में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान पीठ ने स्पष्ट संकेत दिया कि इन दोनों संस्थाओं के अध्यक्षों को नियुक्तियों के मामले में पर्याप्त स्वायत्तता मिलनी चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि नियुक्तियों का अधिकार संस्थाओं के अध्यक्षों के पास होना चाहिए और वे इसके लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अथवा कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की सहायता ले सकते हैं। इसे भी पढ़ें: I-PAC Raid मामले में CBI जांच सौंपने को स्वतंत्र है बंगाल सरकार, Supreme Court में बोलीं Mamata Banerjee संविदा नियुक्तियों और निजी कंपनी की भूमिका पर भी सवाल सुनवाई के दौरान अदालत ने संविदा के आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की व्यवस्था पर भी असहमति जताई। मुख्य न्यायाधीश ने अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि ठेकेदार न्यायिक और तकनीकी सदस्यों की जरूरतों तथा संस्थागत मर्यादाओं की परवाह नहीं करते। उन्होंने मुंबई में एक मामले का जिक्र किया, जहां संविदा कर्मचारियों द्वारा मूल रिपोर्ट ले जाने के बाद एफआईआर दर्ज करानी पड़ी थी। CJI ने यह भी कहा कि कुछ संविदा कर्मचारी न्यायिक सदस्यों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने यहां तक टिप्पणी की कि पुराने संविदा कर्मचारियों के साथ-साथ निजी ठेका कंपनी की व्यवस्था भी समाप्त होनी चाहिए। दरअसल, इस विवाद की जड़ NCLT में कर्मचारियों की नियुक्ति को निजी कंपनी के माध्यम से आउटसोर्स किए जाने के फैसले में है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत को बताया कि मंत्रालय ने नई व्यवस्था के तहत एक निजी कंपनी को कर्मचारियों की नियुक्ति का ठेका दिया है। इसके लागू होने पर एक और दो नवंबर से पहले से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इनमें से कई कर्मचारी छह वर्षों से अधिक समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मीनाक्षी अरोड़ा ने दलील दी कि इन कर्मचारियों ने लंबे समय तक संस्थान में काम किया है और उन्हें अचानक हटाना मनमाना होगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का हवाला देते हुए कहा कि NCLT के भर्ती नियमों और संबंधित विज्ञापन में नियमितीकरण का प्रावधान होने के बावजूद कर्मचारियों को एक झटके में बाहर करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह मकान किराया भत्ता (HRA) और महंगाई भत्ता (DA) भी नहीं मिलता। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारियों की लंबी सेवा के आधार पर उन्हें पद पर बनाए रखने की मांग को स्वीकार नहीं किया। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि अदालत संविदा नियुक्तियों की मौजूदा व्यवस्था का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में निजी ठेकेदारों की भूमिका संस्थागत कामकाज और न्यायिक सदस्यों की स्वतंत्रता के लिए समस्या पैदा कर सकती है। इस तरह अदालत ने कर्मचारियों के सेवा संबंधी दावों और ट्रिब्यूनल की संस्थागत स्वायत्तता के सवाल को अलग-अलग देखने का संकेत दिया। UPSC-SSC से भर्ती और प्रतिनियुक्ति का रास्ता सुझाया साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल और दीर्घकालिक, दोनों स्तरों पर व्यवस्था बनाने की जरूरत बताई। मुख्य न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि फिलहाल सरकारी विभागों के अनुभवी अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर NCLT और NCLAT में तैनात किया जाए, ताकि संस्थाओं का कामकाज प्रभावित न हो। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से नियमित भर्तियां कराई जाएं। इन नियुक्तियों के लिए UPSC अथवा कर्मचारी चयन आयोग की सहायता लेने का सुझाव भी दिया गया। देखा जाये तो अदालत की चिंता का एक बड़ा आधार ट्रिब्यूनल में कर्मचारियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी भी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, NCLT में स्वीकृत 320 नियमित प्रशासनिक पदों में से केवल 67 पद भरे हुए हैं, जबकि 253 पद खाली पड़े हैं। न्यायिक और तकनीकी सदस्यों के 16 पद भी रिक्त बताए गए हैं। अदालत ने NCLT और NCLAT के अध्यक्षों से संस्थानों की आधारभूत सुविधाओं, भवनों, कर्मचारियों और प्रशासनिक जरूरतों पर विस्तृत प्रस्ताव मांगे हैं। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणियों से यह साफ हुआ कि अदालत के सामने सवाल केवल कुछ संविदा कर्मचारियों की नौकरी बचाने का नहीं है, बल्कि देश की महत्वपूर्ण अर्ध-न्यायिक संस्थाओं के प्रशासनिक नियंत्रण और स्वतंत्र कामकाज का है। हम आपको बता दें कि NCLT और NCLAT कॉरपोरेट विवादों, दिवालियापन और कंपनियों से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा करते हैं। ऐसे संस्थानों में नियुक्तियों से लेकर न्यायिक रिकॉर्ड के रखरखाव तक की जिम्मेदारी यदि स्पष्ट और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था के तहत नहीं होगी, तो इसका असर न्यायिक प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्तियों का अधिकार ट्रिब्यूनल के अध्यक्षों के हाथ में रखने और निजी ठेकेदारी की व्यवस्था से बाहर निकलने पर जोर दिया है। बहरहाल, सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी ने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय की प्रशासनिक भूमिका को कठघरे में खड़ा कर दिया है। वैसे अदालत की मौखिक टिप्पणी अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं है, लेकिन इससे यह स्पष्ट है कि NCLT और NCLAT की स्वायत्तता, नियुक्तियों की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा अब व्यापक न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:12 pm

6,6,6,6,6... फिलिप्स- ब्रेसवेल का ऑकलैंड में तूफान, छक्कों की लगी झड़ी

ऑकलैंड में भारत के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले में ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल ने तूफानी बल्लेबाजी की. फिलिप्स ने 49 गेंदों में 107 रन बनाए, जबकि ब्रेसवेल ने 25 गेंदों में 65 रन ठोक दिए. फिलिप्स ने इस दौरान नीतीश रेड्डी के ओवर में लगातार चार छक्के जड़े.

आज तक 30 Oct 2026 3:11 pm

हत्या के मामले में उम्रकैद, फिर हाईकोर्ट में अंग्रेजी में हुई पूछताछ तो पलट गया पूरा फैसला

झारखंड उच्च न्यायालय (Jharkhand High Court) से एक बेहद अनोखा, ऐतिहासिक और कानूनी नजीरों से भरा न्यायशास्त्र का मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश के विधि जगत और न्यायिक प्रक्रिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। वर्षो पुराने एक सनसनीखेज हत्या के मामले में निचली अदालत से उम्रकैद (Life Imprisonment) की सख्त सजा पा चुके एक आरोपी को हाईकोर्ट ने पूरी तरह से दोषमुक्त करार देते हुए बरी कर दिया है। इस पूरे फैसले के पलटने के पीछे सबसे मुख्य और टर्निंग पॉइंट बना अदालत द्वारा आरोपी से अंग्रेजी भाषा में की गई कानूनी पूछताछ और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने में हुई गंभीर प्रक्रियात्मक चूक। उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यदि कोई ग्रामीण या कम पढ़ा-लिखा आरोपी उस भाषा को समझ ही नहीं सकता जिसमें उससे सवाल पूछे जा रहे हैं, तो इसे न्याय के नैसर्गिक सिद्धांतों (Principles of Natural Justice) का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।हत्या का आरोप, निचली अदालत की उम्रकैद और न्याय की गुहार लेकर हाईकोर्ट पहुंचा मामलाइस कानूनी लड़ाई की शुरुआत झारखंड के एक ग्रामीण इलाके में हुई एक खूनी वारदात के बाद हुई थी, जहां आरोपी पर जानलेवा हमला कर हत्या करने का संगीन आरोप लगा था। स्थानीय पुलिस द्वारा प्रस्तुत चार्जशीट और गवाहों के बयानों के आधार पर ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। आरोपी पिछले कई वर्षों से जेल की सलाखों के पीछे अपनी सजा काट रहा था। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ आरोपी के अधिवक्ता ने झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक अपील याचिका (Criminal Appeal) दायर की। याचिका में यह दलील दी गई कि निचली अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी को अपनी सफाई पेश करने का निष्पक्ष और उचित अवसर ही नहीं दिया गया, जिससे पूरे ट्रायल की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।धारा 313 का बयान और अंग्रेजी भाषा की बड़ी चूक: कैसे पलटी पूरी बाजी?झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जब मामले की केस फाइल और ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड्स का गहराई से अवलोकन किया, तो एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई। भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 313 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत) का प्रावधान बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके तहत अदालत का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह आरोपी के खिलाफ आए सभी अभियोजन साक्ष्यों (Prosecution Evidence) को उसकी अपनी समझ में आने वाली भाषा में उसके सामने रखे और उससे उसका पक्ष पूछे। हाईकोर्ट ने पाया कि ट्रायल कोर्ट में धारा 313 के तहत जब आरोपी का बयान दर्ज किया जा रहा था, तो उससे पूछे गए सभी जटिल सवाल पूरी तरह से अंग्रेजी भाषा (English Language) में तैयार किए गए थे। आरोपी एक ठेठ ग्रामीण पृष्ठभूमि से आता था और वह अंग्रेजी भाषा का एक शब्द भी पढ़ने या समझने में पूरी तरह से असमर्थ था।भाषा की अनभिज्ञता निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का हनन: हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणीअपील पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत की इस कार्यप्रणाली पर बेहद सख्त और तल्ख टिप्पणी की। उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी आरोपी से ऐसी भाषा में सवाल पूछना जिसे वह जानता ही नहीं है, केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं है, बल्कि यह निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) के मौलिक अधिकार का सीधा हनन है। जब आरोपी अपने खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों और आरोपों के मर्म को समझ ही नहीं पाएगा, तो वह अपने बचाव में सही उत्तर कैसे दे पाएगा? हाईकोर्ट ने अपने आदेश में रेखांकित किया कि आपराधिक मुकदमों में निष्पक्षता और आरोपी को अपनी बात कहने का पूरा मौका देना हमारी न्याय प्रणाली की आत्मा है। यदि प्रक्रिया ही दूषित हो जाए, तो उसके आधार पर दी गई उम्रकैद की सजा को न्यायसंगत और वैध नहीं ठहराया जा सकता।साक्ष्यों के अभाव और प्रक्रियात्मक खामियों के आधार पर दोषी को किया गया बरीमामले में केवल भाषा की ही चूक नहीं थी, बल्कि हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों में भी कई परस्पर विरोधी बातें (Contradictions) पाईं। अदालत ने माना कि जब धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने में बुनियादी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और मुख्य साक्ष्यों में भी कड़ियों का अभाव था, तो ऐसे में निचली अदालत द्वारा सुनाया गया उम्रकैद का फैसला कानून की नजर में टिकने योग्य नहीं है। अदालत ने संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए निचली अदालत के सजा के आदेश को पूरी तरह से रद्द (Set Aside) कर दिया और जेल में बंद आरोपी को तुरंत रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। इस फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय न्यायपालिका में प्रक्रियात्मक न्याय कितना मायने रखता है।न्यायिक प्रक्रिया और स्थानीय भाषाओं के महत्व पर देशव्यापी कानूनी मिसालझारखंड उच्च न्यायालय का यह ऐतिहासिक निर्णय देश की सभी निचली अदालतों के लिए एक बड़ा नजीर और सबक बनकर सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट और देश के विभिन्न उच्च न्यायालय लंबे समय से इस बात पर जोर देते रहे हैं कि अदालती कार्यवाही और विशेष रूप से अभियुक्तों के बयान उनकी स्थानीय या मातृभाषा में ही दर्ज किए जाने चाहिए ताकि न्याय की मंशा पूरी हो सके। आज के डिजिटल और जनरेटिव एआई (Generative AI) के युग में जहां कानूनी दस्तावेजों का त्वरित अनुवाद संभव है, वहां इस प्रकार की भाषाई और प्रक्रियात्मक भूलों के कारण किसी निर्दोष या आरोपी के मौलिक अधिकारों का हनन होना चिंताजनक है। हाईकोर्ट का यह फैसला न केवल उस आरोपी के लिए स्वतंत्रता का पैगाम लेकर आया, बल्कि इसने पूरे देश में न्याय वितरण प्रणाली में भाषा की सुगमता और पारदर्शिता की अनिवार्यता पर एक मोहर लगा दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:09 pm

झारखंड में अपराधियों का दुस्साहस: हजारीबाग के लग्जरी होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग

झारखंड में बेखौफ अपराधियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पूरा राज्य दहल उठा है। बीती रात राज्य के दो अलग-अलग जिलों हजारीबाग और राजधानी रांची से अपराध की दिल दहला देने वाली वारदातें सामने आई हैं। पहली घटना हजारीबाग शहर के व्यस्त मटवारी इलाके में घटी, जहां एक नामी होटल को निशाना बनाते हुए हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुंध ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में भारी दहशत फैला दी। वहीं दूसरी ओर, रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र में घात लगाए बदमाशों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इन दोनों घटनाओं ने न केवल कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है, बल्कि आम नागरिकों और व्यापारियों के दिल में खौफ का माहौल बना दिया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस विभाग की उच्चस्तरीय टीमें दोनों मामलों की जांच में पूरी ताकत के साथ जुट गई हैं।हजारीबाग के ए.के. इंटरनेशनल होटल पर चार राउंड फायरिंग से मची भगदड़हजारीबाग जिले के मटवारी क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध 'होटल ए.के. इंटरनेशनल' में गुरुवार की देर रात करीब 10:10 बजे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से सनसनी फैल गई। चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, करीब तीन से चार की संख्या में आए अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने होटल के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Gate) को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस गोलीबारी में होटल के मेन गेट पर लगा शीशा चकनाचूर होकर बिखर गया। गनीमत यह रही कि मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फायरिंग के तुरंत बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिसके बाद घटना की जानकारी तुरंत कोर्रा थाना पुलिस को दी गई।गैंगस्टर राहुल दुबे ने ली फायरिंग की जिम्मेदारी, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिसहजारीबाग में होटल पर हुई अंधाधुंध फायरिंग की इस वारदात के बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर कुख्यात गैंगस्टर राहुल दुबे गिरोह ने इस हमले की सीधी जिम्मेदारी ली। घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अमित कुमार, सदर एसडीपीओ रूपक कुमार और थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने पूरे होटल परिसर की बारीकी से जांच की और साक्ष्य जुटाए। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि होटल परिसर और आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की शिनाख्त कर उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके।रांची के मांडर में खूनी खेल: दूध देने जा रहे व्यक्ति को गोलियों से भूना, मौके पर मौतहजारीबाग की घटना से पुलिस निपट ही रही थी कि राजधानी रांची के ग्रामीण इलाके मांडर थाना क्षेत्र के टिको गांव से एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आ गई। यहां सेवाडीह गांव के रहने वाले 55 वर्षीय राम उरांव रोज की तरह अपने घर से टिको चौक स्थित डेरी सेंटर पर दूध देने जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे नकाबपोश अपराधियों ने उन पर नजदीक से अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली सीधे राम उरांव के शरीर के संवेदनशील हिस्सों में लगी, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।जमीन विवाद में रची गई हत्या की साजिश, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 को दबोचामांडर में हुई हत्या की खबर मिलते ही खलारी के डीएसपी राम नारायण चौधरी और स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। परिजनों के बयानों और प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने बताया कि इस खूनी वारदात के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पुराना जमीन विवाद (Land Dispute) मुख्य वजह है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने अडरा गांव के निवासी कारू सिंह समेत तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं से व्यापारियों और ग्रामीणों में गुस्साझारखंड के अलग-अलग जिलों में एक ही रात में हुई रंगदारी, फायरिंग और हत्या की इन वारदातों ने सूबे में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर खुलेआम गोलियां चलने से शहर का कारोबारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में जमीन विवाद के चलते हो रही हत्याओं से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि दोनों मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द सभी अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजकर स्थिति को नियंत्रण में लिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:07 pm

ड्यूटी फर्स्ट की मिसाल बनी IPS अंशिका वर्मा और आईपीएस केके बिश्नोई की जोड़ी, कर्तव्य के साथ मनाया करवा चौथ का त्योहार

आईपीएस अंशिका वर्मा और केके बिश्नोई ने ड्यूटी को प्राथमिकता देते हुए करवा चौथ का त्योहार वीडियो कॉल पर मनाया।

जागरण 30 Oct 2026 3:07 pm

Joshimath में 6 लोगों को ले जा रहा Helicopter Crash, खोज में जुटी SDRF टीम

शुक्रवार को उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ कस्बे में 'ट्रांस भारत' कंपनी का एक हेलीकॉप्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि यह हेलीकॉप्टर फाटा से बद्रीनाथ मंदिर जा रहा था, तभी यह दुर्घटना हो गई। यात्रियों और पायलट की हालत के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, माना जा रहा है कि हेलीकॉप्टर जोशीमठ इलाके में हाथी पहाड़ के पीछे, चायी गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। लापता हेलीकॉप्टर को खोजने और उसके मलबे का पता लगाने के लिए दो अन्य हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमें जोशीमठ के पास, चायी गांव के निकट एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना की दुखद खबर मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF द्वारा मिलकर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं खुद इस पूरी घटना पर लगातार नजर रख रहा हूँ। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए तुरंत एयरलिफ्ट करके बड़े अस्पतालों में पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। चमोली के जिला सूचना अधिकारी धीरज कार्की ने बताया कि बद्रीनाथ धाम से पाँच तीर्थयात्रियों को लेकर लौट रहे हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इलाके में मौसम खराब हो रहा है।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 3:07 pm

यूपी चुनाव की तैयारियों को लेकर अमित शाह पहुंचे लखनऊ

उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों का बिगुल आधिकारिक रूप से बज चुका है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सूबे में सत्ता की हैट्रिक लगाने और अपने अभेद्य गढ़ को और मजबूत करने के लिए अपनी सांगठनिक मशीनरी को पूरी गति से सक्रिय कर दिया है। इसी कड़ी में देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री और भारतीय राजनीति के कुशल रणनीतिकार अमित शाह राजधानी लखनऊ पहुंचे। अमित शाह ने लखनऊ के आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित उत्तर प्रदेश बीजेपी की नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की पहली महत्वपूर्ण बैठक का भव्य उद्घाटन किया। गृह मंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे के साथ ही बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में अपने व्यापक चुनावी अभियान और विस्तृत माइक्रो-बूथ मैनेजमेंट का रणनीतिक शंखनाद कर दिया है।दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुआ महामंथनलखनऊ में आयोजित बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति के इस पहले भव्य सत्र का शुभारंभ पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस ऐतिहासिक बैठक के मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बीजेपी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, यूपी प्रभारी विनोद तावड़े, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत केंद्रीय मंत्री व पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एक साथ मौजूद रहे। इस विशाल महामंथन कार्यक्रम में राज्य भर से आए लगभग 3,000 से अधिक कार्यसमिति सदस्य, सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और मोर्चों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए, जिससे पूरा परिसर चुनावी ऊर्जा और कार्यकर्ताओं के भारी उत्साह से सराबोर दिखाई दिया।'यूपी में बीजेपी अंगद का पांव है': अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को दिए 5 बड़े लक्ष्यकार्यसमिति के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आक्रामक अंदाज में विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला और पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी 'अंगद के पांव' की तरह मजबूती से स्थापित है, जिसे कोई भी राजनीतिक विरोधी या गठबंधन हिला नहीं सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए निर्देश दिया कि वे महाभारत के अर्जुन की भांति केवल 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखें। इसके साथ ही गृह मंत्री ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के नैरेटिव पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें संसद के पटल पर खुली बहस की चुनौती दी और कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक सुशासन व डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने के लिए पांच प्रमुख कार्य-लक्ष्य सौंपे।विपक्ष के नैरेटिव की काट और बूथ स्तर पर 'पन्ना प्रमुख' रणनीति का नया चक्रव्यूहइस दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का प्राथमिक एजेंडा केवल राजनीतिक प्रस्ताव पारित करना ही नहीं है, बल्कि विपक्षी दलों—विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बीएसपी द्वारा बनाए जा रहे राजनीतिक माहौल और 'पीडीए' (PDA) जैसे नैरेटिव का करारा जवाब देना भी है। बैठक में अमित शाह की प्रसिद्ध 'पन्ना प्रमुख' रणनीति, माइक्रो-कास्ट मैनेजमेंट और 60-40 के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को 2027 के नए परिदृश्य के अनुसार रीसेट करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन ही हर चुनाव में जीत की असली कुंजी होता है, इसलिए प्रदेश के सभी छह सांगठनिक क्षेत्रों (पश्चिम, ब्रज, कानपुर-बुंदेलखंड, अवध, काशी और गोरखपुर) के लिए अलग-अलग विस्तृत समीक्षा बैठकों का खाका भी तैयार कर लिया गया है।विकसित भारत और समृद्ध यूपी का संकल्प: समापन सत्र को संबोधित करेंगे सीएम योगीकार्यसमिति की यह पहली आधिकारिक बैठक केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, मजबूत कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने की ठोस कार्ययोजना को अंतिम रूप दे रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने स्वागत भाषण में कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली पूंजी बताया और कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद से अपराध और भ्रष्टाचार के खात्मे से जो नया भरोसा पैदा हुआ है, उसे निरंतर बनाए रखना है। बैठक का औपचारिक समापन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ओजस्वी भाषण और मार्गदर्शन के साथ होगा। मुख्यमंत्री कार्यसमिति के समक्ष राज्य के विकास के अगले रोडमैप और 'विकसित उत्तर प्रदेश' के विजन को रखेंगे, ताकि पूरी पार्टी एकजुट होकर प्रदेश में लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत से बीजेपी की सरकार बनाने के ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:06 pm

एक गरीब अंधे विलेन के कारण कैसे करोड़ों कमा गई 'मोहरा'!

अक्षय कुमार, रवीना टंडन और नसीरुद्दीन शाह की 1994 की एक्शन थ्रिलर फिल्म 'मोहरा' 32 साल बाद सिनेमाघरों में वापसी करने के लिए तैयार है. यह फिल्म 6 नवंबर 2026 को फिर से रिलीज होगी.

आज तक 30 Oct 2026 3:05 pm

चेहरे हटाओ, सिर्फ काम दिखाओ', अमित शाह की एंट्री से पहले नेताओं का पोस्टर वॉर बंद

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में इन दिनों एक बड़ा और अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के स्थानीय नेताओं और टिकट के दावेदारों की नींद उड़ा दी है। राज्य में होने वाले आगामी राजनीतिक आयोजनों और विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्री एवं बीजेपी के मुख्य रणनीतिकार अमित शाह के बहुप्रतीक्षित यूपी दौरे से ठीक पहले, पार्टी आलाकमान ने एक बेहद सख्त फरमान जारी किया है। इस नए आदेश का मूल मंत्र है- 'चेहरे हटाओ, सिर्फ काम दिखाओ'। यानी अब सड़कों, चौराहों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर स्थानीय नेताओं के बड़े-बड़े चेहरों वाले होर्डिंग्स और पोस्टर नजर नहीं आएंगे, बल्कि उनकी जगह केवल डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का ब्योरा होगा। इस कड़े निर्देश के बाद से पूरे उत्तर प्रदेश में रातों-रात पोस्टर और बैनर उतारे जा रहे हैं, जिससे दशकों से चली आ रही 'पोस्टर वाली नेतागिरी' पर अचानक ब्रेक लग गया है और गुटबाजी को खत्म करने की दिशा में इसे एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।'चेहरे हटाओ, सिर्फ काम दिखाओ': जानिए क्या है बीजेपी का यह नया और सख्त निर्देशभारतीय राजनीति में, विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और politically active राज्य में, अपना दबदबा दिखाने के लिए स्थानीय नेता और छुटभैये कार्यकर्ता त्योहारों, महापुरुषों की जयंतियों या किसी बड़े नेता के दौरे पर पूरे शहर को अपने चेहरों वाले पोस्टरों से पाट देते थे। लेकिन अब यूपी बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व ने दिल्ली दरबार के स्पष्ट निर्देशों के बाद यह साफ कर दिया है कि किसी भी होर्डिंग या पोस्टर पर स्थानीय नेताओं की फौज की तस्वीरें नहीं होंगी। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, आधिकारिक पोस्टरों में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष की ही अनुमत तस्वीरें होंगी, और बाकी पूरा फोकस सरकार द्वारा किए गए 'काम' पर होगा। पार्टी का मानना है कि जनता नेताओं के चेहरों से नहीं, बल्कि जमीन पर हुए विकास कार्यों और सुशासन से वोट देती है। इसलिए, व्यक्ति पूजा या व्यक्तिगत ब्रांडिंग के बजाय 'कमल' के निशान और पार्टी की विचारधारा को ही सर्वोपरि रखा जाएगा।अमित शाह के दौरे से पहले टिकट के दावेदारों और स्थानीय क्षत्रपों में मची भारी खलबलीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भारतीय जनता पार्टी का 'चाणक्य' माना जाता है और चुनाव प्रबंधन में उनकी महारत से हर कोई वाकिफ है। उनके यूपी दौरे का मुख्य उद्देश्य राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करना, कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलना और आगामी मिशन 2027 (यूपी विधानसभा चुनाव) के लिए एक अचूक रणनीति तैयार करना है। शाह की कार्यशैली बेहद सख्त और अनुशासन प्रिय रही है। यही कारण है कि उनके आगमन से पहले प्रदेश संगठन ने यह सुनिश्चित करने का फैसला किया कि कोई भी नेता अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को पार्टी हित से ऊपर न दिखाए। दरअसल, चुनाव से पहले कई नेता खुद को संभावित उम्मीदवार के रूप में पेश करने के लिए लाखों रुपये पोस्टरों पर खर्च कर रहे थे, जिससे जनता के बीच यह गलत संदेश जा रहा था कि पार्टी के अंदर गुटबाजी और पद की लालसा हावी है। आलाकमान के इस 'पोस्टर बैन' के फरमान ने उन तमाम नेताओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया है जो केवल होर्डिंग्स के दम पर अपना राजनीतिक कद बड़ा दिखाना चाहते थे।गुटबाजी और भितरघात पर लगाम लगाने की मास्टर रणनीति, अनुशासनहीनता पर होगी कड़ी कार्रवाईराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यूपी बीजेपी का यह कदम केवल शहरों को बदरंग होने से बचाने के लिए नहीं उठाया गया है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत गहरी राजनीतिक सोच और डैमेज कंट्रोल की रणनीति छिपी है। जब एक ही विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के चार अलग-अलग नेता अपने-अपने पोस्टर लगाते हैं, तो इससे स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में विभाजन होता है और विरोधी दलों को बीजेपी के अंदर की कलह पर निशाना साधने का मौका मिल जाता है। 'सिर्फ काम दिखाओ' की नीति लागू करके पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी नेता पार्टी से बड़ा नहीं है। इसके साथ ही, स्थानीय इकाइयों को सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि कोई नेता या पदाधिकारी इस आदेश का उल्लंघन करता है और अपनी मनमर्जी से शहर में होर्डिंग लगाता है, तो इसे सीधे तौर पर अनुशासनहीनता माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे जमीन पर काम करने वाले उन असली और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का भी मनोबल बढ़ेगा जो बिना किसी दिखावे के पार्टी के लिए पसीना बहाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 3:05 pm

ऑपरेशन सिंदूर और तेजस विवाद... एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के 10 अहम मोमेंट

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का कार्यकाल ऑपरेशन सिंदूर, तेजस विवाद और स्क्वॉड्रन कमी की चेतावनी से याद रखा जाएगा. उन्होंने तेज खरीद, स्वदेशी क्षमता और जॉइंटनेस पर जोर दिया. 31 अक्टूबर को रिटायर होंगे.

आज तक 30 Oct 2026 3:04 pm

'यूपी में तीसरी बार खिलेगा कमल, 30 साल कहीं नहीं जाएगी BJP', शाह का टारगेट

लखनऊ में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यूपी की जनता बीजेपी के साथ है और राज्य में तीसरी बार कमल खिलेगा. उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव को चुनाव आयोग के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाकर चर्चा करने की चुनौती भी दी.

आज तक 30 Oct 2026 3:03 pm

बदरीनाथ से लौट रहा 6 यात्रियों से भरा हेलीकॉप्टर क्रैश, जोशीमठ के पास रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड में एक बार फिर बड़ा विमान हादसा हो गया। बदरीनाथ धाम से 6 यात्रियों को लेकर देहरादून के सहस्रधारा लौट रहा यूकाडा का एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास क्रैश हो गया है। खराब मौसम के बीच प्रशासन, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में ...

वेब दुनिया 30 Oct 2026 3:01 pm

आतंकियों तक कैसे पहुंच रहा था पैसा? शोपियां में 10 मददगार गिरफ्तार, लश्कर-TRF से जुड़े तार

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकी फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में 10 ओवरग्राउंड वर्कर्स गिरफ्तार किए गए। पुलिस डिजिटल लेनदेन, आतंकियों को आर्थिक मदद और लश्कर-ए-तैयबा व TRF से कथित संपर्कों की जांच कर रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 2:59 pm

'BJP का गणित गड़बड़ाया, हम PDA की ताकत बढ़ाएंगे,' अखिलेश ने साधा निशाना

MLC चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा जनता के समर्थन से जीती है, जबकि बीजेपी ने 6 सीटें छल से जीती हैं. अखिलेश ने चुनाव में धांधली और अनियमितताओं के आरोप भी लगाए.

आज तक 30 Oct 2026 2:58 pm

महिलाओं का अनोखा बाजार, जहां पुरुष नहीं लगा सकते दुकान

मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक ऐसा बाजार है, जहां हजारों महिलाएं दुकान चलाती हैं. इमा कैथल नाम के इस बाजार में पुरुष दुकानदार नहीं बन सकते. जानिए इस अनोखे बाजार का इतिहास और इसकी खासियत.

आज तक 30 Oct 2026 2:56 pm

बेंगलुरु: जयनगर में चलती सड़क पर बाइक से खतरनाक व्हीली स्टंट, सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

बेंगलुरु के जयनगर में कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर लाइक्स के लिए चलती सड़क पर खतरनाक बाइक स्टंट व्हीली किए। इस वायरल वीडियो ने सड़क सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

जागरण 30 Oct 2026 2:53 pm

कालीकट विश्वविद्यालय में SFI कार्यकर्ताओं पर हमले के विरोध में CPM, IUML और पुलिस पर साधा निशाना

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को कालीकट विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ चुनाव के सिलसिले में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं पर कथित हमले की कड़ी निंदा की और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) तथा पुलिस पर हिंसा रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। माकपा ने चेतावनी दी कि यदि आईयूएमएल नेतृत्व ने आरोपियों पर लगाम नहीं लगाई तो उसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा। संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए माकपा की केरल इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने आरोप लगाया कि आईयूएमएल के छात्र संगठन मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) और कांग्रेस के छात्र संगठन केरल स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव नतीजे के बाद एसएफआई नेताओं और छात्रों पर उनकी हत्या के इरादे से हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यह हमला किया गया, लेकिन वे मूकदर्शक बने रहे। गोविंदन ने दावा किया कि छात्र संघ चुनाव में एसएफआई के सभी प्रमुख सीटें जीतने से नाराज होकर यह हिंसा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर कक्षाओं और पुस्तकालयों में घुस गए तथा छात्राओं सहित कई विद्यार्थियों के साथ मारपीट की। गोविंदन ने यह भी आरोप लगाया कि एमएसएफ कार्यकर्ताओं ने पास के एक अस्पताल में भी हमला जारी रखा। उन्होंने पुलिस और राज्य सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में अमीरों और वरिष्ठ अधिकारियों के बच्चे बेखौफ होकर हिंसा कर रहे हैं, जबकि आम लोगों को हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। गोविंदन ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कथित विफलता को लेकर पुलिस और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की भी घोषणा की। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कथित हमले का वीडियो भी दिखाया। गोविंदन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पुलिस ने बृहस्पतिवार तड़के मलप्पुरम जिले के तेन्हिपलम स्थित एक अस्पताल में एसएफआई नेताओं पर कथित हमले के मामले में 15 एमएसएफ कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 2:53 pm

भारतीय टीम का ऐलान, सहवाग और द्रविड़ के बेटे भी स्क्वॉड में

भारतीय टीम को इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान का भी सामना करना है. भारतीय टीम की कप्तानी लक्ष्य रायचंदानी करेंगे. टीम में आर्यवीर सहवाग और अन्वय द्रविड़ भी शामिल हैं. आर्यवीर और अन्वय पर भारतीय फैन्स की निगाहें रहेंगी.

आज तक 30 Oct 2026 2:51 pm

असम में 36 बांग्लादेशी नागरिक हिरासत में, छापेमारी में पुलिस ने कसा शिकंजा; क्या था इरादा?

असम में 36 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। इन लोगों को धुबरी जिले से पुलिस की छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई जोगमाया फेरी घाट पर हुई।

लाइव हिन्दुस्तान 30 Oct 2026 2:50 pm

इजरायल में चुनाव नतीजों के बाद भी प्रधानमंत्री का नाम तय नहीं, अब क्या विकल्प?

इजरायल के चुनाव नतीजों में किसी भी खेमे को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. 120 सदस्यीय नेसेट में सरकार बनाने के लिए 61 सीटें जरूरी हैं. अरब नेतृत्व वाली पार्टियों की 19 सीटें अहम हो गई हैं. गठबंधन की कोशिशें नाकाम रहीं तो अगले साल फिर चुनाव हो सकते हैं.

आज तक 30 Oct 2026 2:49 pm

'RAW एजेंट होने का आरोप', बांग्लादेश के पूर्व ऑफिसर की मौत पर रहस्य!

बांग्लादेश वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी की मौत ने पूर्व पीएम शेख हसीना से जुड़े एक वीडियो को चर्चा में ला दिया है. लेकिन इससे भी ज्यादा अहम है एयरफोर्स ऑफिसर केएम तहसीफ सौरी के खिलाफ चल रहे प्रोपगैंडा का. जहां उन्हें भारत की खुफिया एजेंसी RAW का एजेंट बताया जा रहा है. इस प्रोपगैंडा का जमात समर्थित एक अखबार हवा दे रहा है.

आज तक 30 Oct 2026 2:48 pm

बिहार के छपरा में पुजारी की गोली मारकर हत्या, ईंटों के ढेर के पास मिला शव

बिहार के सारण जिले के मशरक क्षेत्र में 37 साल के पुजारी रवि प्रकाश की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. गुरुवार सुबह खेत जा रही महिलाओं ने उनका शव देखा. रवि गांव में घर-घर जाकर शिवचर्चा करते थे और पूजा-पाठ कराते थे. सूचना मिलने पर पुलिस और FSL की टीम मौके पर पहुंची. घटनास्थल से गोली का खोखा समेत अन्य सबूत जुटाए हैं. फिलहाल हत्या की वजह और आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है.

आज तक 30 Oct 2026 2:47 pm

गोरखपुर और देवरिया में बेमौसम बारिश से धान की फसल बर्बाद

बेमौसम बारिश: बेमौसम बारिश, मौसम ब्रेकिंग (देवरिया): अर्नब तूफान के कारण हुई बेमौसम बरसात से देवरिया और गोरखपुर क्षेत्र में धान की पककर तैयार फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है और रबी फसलों की बुवाई पिछड़ने की आशंका है।

मौसम ब्रेकिंग 30 Oct 2026 2:46 pm

झारखंड: चक्रवाती तूफान के बाद बदला प्रदेश का मौसम

झारखंड मौसम: चक्रवाती तूफान के प्रभाव से झारखंड में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले तीन दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के बाद राज्य में ठंड ने दस्तक दे दी है और पारे में गिरावट दर्ज की गई है।

मौसम ब्रेकिंग 30 Oct 2026 2:45 pm

नोएडा के 13000 किसानों को राहत! 5% आबादी प्लॉट का रास्ता खुला

Noida Master Plan 2031: नोएडा में जमीन देने के बाद भी अपने 5 फीसदी विकसित आवासीय प्लॉट का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगी है. नोएडा प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2031 में बदलाव कर गांवों की मौजूदा आबादी से सटी जमीन पर किसानों के प्लॉट प्लान करने का रास्ता खोला है.

आज तक 30 Oct 2026 2:41 pm

उत्तराखंड के जोशीमठ में बड़ा हादसा, हेलीकॉप्टर क्रैश होने से उसमें सवार सभी 6 यात्रियों की मौत

उत्तराखंड के जोशीमठ से सामने आ रही है। यहां जोशीमठ में एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। इसमें सवार सभी लोगों के मरने की सूचना है।

खबर इंडिया टीवी 30 Oct 2026 2:40 pm

कांग्रेस के समय बैंक बनते थे, मोदी के समय बिकते हैं... IDBI बैंक निजीकरण पर राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला

Rahul Gandhi IDBI Bank Privatisation: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के समय बैंक बनते थे, जबकि मोदी के समय में बिकते हैं। उन्होंने कहा कि 7 साल पहले IDBI बैंक घाटे में था, ...

वेब दुनिया 30 Oct 2026 2:40 pm

Rajat Sharma's Blog | MLC चुनाव का संदेश: बंटोगे, तो हारोगे

आजकल राजनीति में एक तरफा नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है। जहां BJP जीतती है, वहां हेराफेरी का आरोप लगाया जाता है और जहां विपक्षी दल जीतते हैं, वहां उसे जनसमर्थन का प्रमाण बताया जाता है। सवाल ये है कि ये बात जनता के गले कैसे उतरेगी?

खबर इंडिया टीवी 30 Oct 2026 2:39 pm

जिस दिन कंपनी ने लिया रिजाइन उसी दिन सुसाइड! COO की जमानत याचिका खारिज

बॉम्बे HC ने विराज प्रोफाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के COO की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. मामला कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी की आत्महत्या से जुड़ा है. आरोप है कि जाधव को मौत वाले दिन कंपनी के MD के बंगले पर बुलाया गया था. उनसे हाथ से लिखा इस्तीफा लिया गया था.

आज तक 30 Oct 2026 2:39 pm

Gujarat के Banaskantha में बोले PM Narendra Modi, आखिरी सांस तक देश की सेवा करता रहूंगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गुजरात और देश के लोगों की सेवा करना ही उनके सफर का मुख्य केंद्र रहा है। उन्होंने नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपने के लिए नागरिकों का आभार जताया और अपनी उपलब्धियों को उन्हें समर्पित किया। बनासकांठा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति—जिसके परिवार की पीढ़ियों ने कभी गांव का मुखिया बनने की भी कल्पना नहीं की थी—उसे गुजरात और बाद में पूरे देश की सेवा करने का अवसर मिला। इसे भी पढ़ें: PM Modi Banaskantha visit: 'मोदी कहीं नहीं जाएगा' के नारों से विपक्ष को बड़ा सियासी संदेश पीएम ने कहा कि एक साधारण परिवार का व्यक्ति—जिसके परिवार की पीढ़ियों ने कभी गांव का मुखिया बनने का सपना तक नहीं देखा था—उसे आपने इस योग्य समझा। आपने मुझे पहले गुजरात और फिर पूरे देश की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि जनसेवा ही राष्ट्र सेवा है, और गुजरात का विकास देश के विकास में योगदान देता है। राष्ट्र के लिए मैंने जो कुछ भी हासिल किया है, उसका श्रेय मेरे सभी देशवासियों को जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए मैं जीवन भर आपका ऋणी रहूंगा। और अपने जीवन के अंतिम क्षण तक, मैं आपकी सेवा में समर्पित रहूंगा। कृषि और सहकारी क्षेत्र में बनासकांठा के योगदान का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में पैदा होने वाले आलू को वैश्विक पहचान मिली है। साथ ही, उन्होंने गुजरात के बाहर सहकारी आंदोलन का विस्तार करने के लिए बनास डेयरी की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज बनासकांठा के आलू दुनिया भर में मशहूर हैं। और कोई भी व्यक्ति बनासकांठा के लोगों के पास आकर यह दावा करने की हिम्मत नहीं करेगा कि वह आलू को सोने में बदल सकता है—क्योंकि वे खुद ही ऐसा कर रहे हैं! यहाँ 'बनास डेयरी' जैसा एक सहकारी ब्रांड है, जो सहकारी आंदोलन को न केवल यहाँ, बल्कि काशी सहित देश के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ा रहा है। मैं बनास डेयरी का विशेष रूप से आभारी हूँ, क्योंकि आपके अनुभव और आपकी सेवाओं से मेरी काशी को भी लाभ मिल रहा है। इसे भी पढ़ें: PM-Kisan Installment जारी कर Opposition पर बरसे PM Modi: संकट में फैलाई जा रही अफवाहें उन्होंने आलू प्रसंस्करण संयंत्र (potato processing plant) की क्षमता बढ़ाए जाने का भी जिक्र किया और कहा कि इससे आलू की अधिक मात्रा में खरीद हो सकेगी, जिससे किसानों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री ने फल और सब्जी उत्पादकों के लिए 'क्लस्टर विकास कार्यक्रम' के बारे में भी बात की। इसके तहत टमाटर, आलू, मिर्च, अंगूर, केला, प्याज, संतरा, अनार और कोको जैसी विभिन्न फसलों के लिए 12 क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों को नए बाग लगाने और मौजूदा बागों को फिर से बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, और पूरी परियोजना के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि उत्तरी गुजरात के लिए मंजूर किए गए दो क्लस्टरों से बनासकांठा और साबरकांठा के आलू किसानों को फायदा होगा।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 2:39 pm

'मेरा कोई रोल नहीं...', अनंत सिंह के सरेंडर वाले आदेश पर बोले नीरज कुमार

सुप्रीम कोर्ट ने मोकामा विधायक अनंत सिंह की जमानत बढ़ाने से इनकार कर दिया है. इस मामले में एमएलसी नीरज कुमार ने कहा है कि मेरी कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में न्याय मिलता है.

आज तक 30 Oct 2026 2:38 pm

माउंट आबू का यह प्रसिद्ध बाजार सर्दियों की खरीदारी के लिए है बेहद खास

राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झीलों और शांत वादियों के लिए जाना जाता है, बल्कि सर्दियों के मौसम में खरीदारी यानी वूलन शॉपिंग के शौकीनों के लिए भी एक स्वर्ग माना जाता है। जैसे ही सिरोही जिले की अरावली पहाड़ियों में गुलाबी ठंड की दस्तक होती है, वैसे ही माउंट आबू का मशहूर नकी लेक मार्केट और तिब्बती मार्केट सैलानियों से गुलजार हो उठता है। देश के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक यहां की खूबसूरत वादियों का आनंद लेने के साथ-साथ गर्म कपड़ों, ट्रेंडी जैकेट्स, हिमाचली और कश्मीरी शॉल तथा स्थानीय हस्तशिल्प की जमकर खरीदारी करते हैं। अगर आप भी इस विंटर सीजन में माउंट आबू घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां के इस स्पेशल शॉपिंग डेस्टिनेशन के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी और फायदेमंद साबित होगा।माउंट आबू के तिब्बती और नकी लेक मार्केट की खासियत जो पर्यटकों को बनाती है दीवानामाउंट आबू का नकी लेक मार्केट और उससे सटा तिब्बती मार्केट सर्दियों की खरीदारी के लिए सिरोही ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान और गुजरात में मशहूर है। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आपको बेहद किफायती दामों में एक से बढ़कर एक लेटेस्ट फैशन वाले गर्म कपड़े मिल जाते हैं। तिब्बती शरणार्थियों और स्थानीय कारीगरों द्वारा लगाए जाने वाले इन स्टॉल्स पर आपको शुद्ध ऊन से बने स्वेटर, कश्मीरी कढ़ाई वाले ओवरकोट, लेदर जैकेट्स, मफलर, वूलन कैप्स और पारंपरिक रजाई-कंबल की विशाल वैरायटी देखने को मिलती है। गुजरात और दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटक खासतौर पर यहां से विंटर वियर की थोक खरीदारी करना पसंद करते हैं, क्योंकि यहां की क्वालिटी और डिजाइन बड़े-बड़े ब्रांड्स को सीधे टक्कर देते हैं।हस्तशिल्प, राजस्थानी मोजरी और लेदर आइटम्स का अनूठा और शानदार कलेक्शनकेवल गर्म कपड़े ही नहीं, बल्कि माउंट आबू का यह मुख्य बाजार अपनी पारंपरिक राजस्थानी कलाकृतियों और हस्तशिल्प के लिए भी जाना जाता है। बाजार की रंग-बिरंगी गलियों में घूमते हुए आपको हाथ से बने लकड़ी के शो-पीस, मारवाड़ी नक्काशी वाले सजावटी सामान, राजस्थानी बंधेज की साड़ियां, दुपट्टे और खादी के कपड़े प्रचुर मात्रा में मिल जाएंगे। इसके अलावा, यहां मिलने वाली शुद्ध लेदर की जैकेट्स, बेल्ट, पर्स और मारवाड़ी शैली की मोजरियां (जूतियां) पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। इन दुकानों पर मिलने वाले सामान की फिनिशिंग इतनी बारीक और खूबसूरत होती है कि यहां आने वाला कोई भी पर्यटक बिना खरीदारी किए वापस नहीं लौटता।गुजराती और देशी पर्यटकों का फेवरेट शॉपिंग हब: सौदेबाजी का मिलता है भरपूर मौकागुजरात की सीमा से बेहद करीब होने के कारण माउंट आबू में पूरे साल गुजराती सैलानियों का तांता लगा रहता है। वीकेंड और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान नकी लेक के आसपास का पूरा बाजार पर्यटकों की चहल-पहल से पूरी तरह सराबोर रहता है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, तिब्बती बाजार में मिलने वाले सामानों पर थोड़ी-बहुत बारगेनिंग (सौदेबाजी) करके पर्यटक बेहद जायज कीमत पर खरीदारी कर लेते हैं। शाम के समय जब नकी झील पर रंग-बिरंगी लाइटें जलती हैं और सर्द हवाएं चलती हैं, उस वक्त बाजार में घूमते हुए गर्मा-गरम चाय, कुल्हड़ दूध और राजस्थानी पकौड़ों का स्वाद लेते हुए शॉपिंग करने का अपना एक अलग ही अलौकिक अनुभव होता है।कैसे पहुंचे सिरोही जिले के इस खूबसूरत हिल स्टेशन माउंट आबू तक?यदि आप माउंट आबू के इस प्रसिद्ध विंटर मार्केट से खरीदारी का मन बना रहे हैं, तो यहां पहुंचना बेहद आसान है। माउंट आबू का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन आबू रोड (Abu Road) है, जो मुख्य शहर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आबू रोड रेलवे स्टेशन देश के सभी प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, जयपुर और अहमदाबाद से सीधी रेल सेवा द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन से आपको माउंट आबू के लिए चौबीसों घंटे टैक्सी, प्राइवेट बसें और राजस्थान रोडवेज की बसें आसानी से मिल जाती हैं। इसके अलावा यदि आप हवाई मार्ग से आना चाहते हैं, तो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट उदयपुर (डबोक एयरपोर्ट) है, जो यहां से लगभग 165 किलोमीटर दूर स्थित है।सर्दियों में माउंट आबू की ट्रिप को ऐसे बनाएं और भी ज्यादा यादगारअगर आप सिर्फ शॉपिंग के लिए ही नहीं, बल्कि माउंट आबू की सैर का पूरा आनंद लेना चाहते हैं, तो बाजार के साथ-साथ प्रसिद्ध दिलवाड़ा जैन मंदिर, सनसेट प्वाइंट, गुरु शिखर, अचलगढ़ किला और नकी झील में नौकायन (Boating) का मजा लेना बिल्कुल न भूलें। सर्दियों के मौसम में गुरु शिखर पर तापमान अक्सर जमाव बिंदु के करीब पहुंच जाता है, जिससे यहां का नजारा किसी मिनी कश्मीर जैसा प्रतीत होता है। यही वजह है कि सिरोही का यह छोटा सा पर्वतीय क्षेत्र सर्दियों में न केवल राजस्थान की शान बढ़ाता है, बल्कि देश भर के पर्यटकों को वूलन शॉपिंग और प्राकृतिक सुंदरता का एक परफेक्ट कॉम्बो ऑफर करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 2:35 pm

राष्ट्रीय एकता का अर्थ एकरूपता नहीं, विविधता में विश्वास है

राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष The post राष्ट्रीय एकता का अर्थ एकरूपता नहीं, विविधता में विश्वास है appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 30 Oct 2026 2:34 pm

नागौर के ये प्रसिद्ध धार्मिक धाम क्यों हैं इतने खास, जानें महत्व

राजस्थान की वीरधरा पर स्थित नागौर जिला केवल अपने गौरवशाली इतिहास, शौर्य और किलों के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह स्थान अपनी अनूठी आध्यात्मिक चेतना और प्राचीन धार्मिक स्थलों के लिए भी पूरी दुनिया में एक विशेष पहचान रखता है। नागौर की पावन माटी में एक ऐसा अद्भुत आकर्षण है जहां कदम रखते ही श्रद्धालुओं को अलौकिक शांति और आस्था की एक नई ऊर्जा का अहसास होता है। यहां स्थित प्रमुख मंदिरों और धार्मिक धामों का अपना एक अलग और पौराणिक इतिहास है, जो सदियों से देश-विदेश के लाखों भक्तों को अपनी ओर खींचता आ रहा है। नागौर के इन शक्तिपीठों और सिद्ध धामों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हर एक मंदिर के साथ कोई न कोई अनोखी मान्यता, चमत्कार और अटूट जन-आस्था की लोककथा जुड़ी हुई है। आइए विस्तार से जानते हैं नागौर के इन प्रमुख धार्मिक धामों के अलौकिक महत्व और उनके पीछे छिपे पौराणिक रहस्यों के बारे में।लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की जन्मस्थली खरनाल का अलौकिक आध्यात्मिक महत्वनागौर जिले का नाम आते ही सबसे पहला ध्यान लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की पावन जन्मस्थली खरनाल की ओर जाता है। नागौर शहर से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित खरनाल धाम राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत के श्रद्धालुओं के लिए परम आस्था का केंद्र है। लोक मान्यताओं के अनुसार, सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज ने गोवंश की रक्षा और अपने वचनों का पालन करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। यही वजह है कि आज भी इन्हें सर्पदंश से मुक्ति दिलाने वाले और किसानों के रक्षक लोक देवता के रूप में पूजा जाता है। भद्रपद माह में आयोजित होने वाले विशाल तेजा मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु खरनाल पहुंचकर तेजाजी के दर्शन करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की मन्नतें मांगते हैं। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से अर्जी लगाता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है और उसे विषैले जीवों के भय से सदैव मुक्ति मिलती है।शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम: दधिमती माता मंदिर गोठ-मांगलोद का पौराणिक रहस्यनागौर के जायल तहसील के गोठ-मांगलोद गांव में स्थित दधिमती माता का मंदिर राजस्थान के सबसे प्राचीन और सिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह दिव्य मंदिर दधीच (दाधीच) ब्राह्मण समाज की कुलदेवी के रूप में देश भर में विख्यात है। पुरातात्विक दृष्टि से भी इस मंदिर का बहुत बड़ा ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि मंदिर के शिलालेखों और वास्तुकला से इसके गुप्तकालीन यानी छठी से सातवीं शताब्दी के होने के प्रमाण मिलते हैं। दधिमती माता के बारे में पौराणिक कथा है कि देवी का प्रादुर्भाव विकट दैत्य विकटासुर का संहार करने के लिए हुआ था। मंदिर के गर्भ गृह में मां दधिमती की स्वयंभू प्रतिमा स्थापित है। इस मंदिर की वास्तुकला, दीवारों पर उकेरी गई बारीक नक्काशी और शांत वातावरण श्रद्धालुओं को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति कराता है। यहां नवरात्रि के दौरान विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें माता के दर्शन के लिए अपार जनसैलाब उमड़ पड़ता है।केवाय माता मंदिर किनसरिया: 108 सीढ़ियों की चढ़ाई और चामुंडा स्वरूप का अद्भुत चमत्कारनागौर जिले की पर्वतसर तहसील के पास किनसरिया गांव में एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित केवाय माता का मंदिर अपनी भव्यता और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। अरावली की पर्वत शृंखलाओं के बीच स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को लगभग 108 पक्की सीढ़ियों की चढ़ाई पूरी करनी पड़ती है। इतिहासकार बताते हैं कि इस मंदिर का निर्माण चोलुक्य और चौहान काल के राजाओं द्वारा करवाया गया था, जिसका उल्लेख मंदिर में लगे प्राचीन शिलालेखों में भी मिलता है। केवाय माता को मां चामुंडा का ही एक अत्यंत उग्र और कल्याणकारी स्वरूप माना जाता है। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि प्राचीन काल में जब भी इस क्षेत्र पर कोई विपत्ति या संकट आया, माता ने अपने गुप्त रूप से भक्तों की रक्षा की। पहाड़ की ऊंचाई से आसपास के प्राकृतिक नजारों का सुंदर दृश्य दिखाई देता है, जो इस स्थान को आध्यात्मिक के साथ-साथ प्राकृतिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास बनाता है।संत शिरोमणि लिखमीदास जी महाराज धाम और नागौर की महान संत परंपरा का गौरवनागौर की भूमि को केवल योद्धाओं की ही नहीं, बल्कि महान संतों की तपोभूमि होने का भी गौरव प्राप्त है। नागौर जिले के अमरपुरा में स्थित संत शिरोमणि लिखमीदास जी महाराज का धाम समरसता और मानव सेवा का एक बड़ा प्रतीक है। संत लिखमीदास जी ने अपने जीवनकाल में समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, छुआछूत और कुरीतियों को समाप्त करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उन्होंने अपनी भक्ति और भजनों के माध्यम से समाज को सत्य, अहिंसा और प्रेम का मार्ग दिखाया। अमरपुरा धाम में बने उनके भव्य मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं। विशेषकर माली समाज और सर्वसमाज के लोग उन्हें अपना पूज्य गुरु मानते हैं। यहां लगने वाले वार्षिक मेले में राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब से भी श्रद्धालु आकर अपने जीवन को धन्य बनाते हैं।बंशीवाला मंदिर और नागौर का ऐतिहासिक धार्मिक ताना-बानानागौर शहर के मध्य में स्थित प्राचीन बंशीवाला (भगवान श्रीकृष्ण) का मंदिर स्थानीय नागरिकों के लिए अगाध श्रद्धा का केंद्र है। इसके अलावा, नागौर में सूफी संत हजरत ख्वाजा हमीदुद्दीन नागौरी की दरगाह भी स्थित है, जो कौमी एकता और धार्मिक सौहार्द की एक बेमिसाल मिसाल पेश करती है। एक ही जिले में हिंदू शक्तिपीठों, लोक देवताओं के धामों और सूफी संतों के आस्तानों का होना यह साबित करता है कि नागौर की पावन धरा हमेशा से हर धर्म और आस्था का सम्मान करती आई है। यदि आप भी राजस्थान की वास्तविक लोक संस्कृति, प्राचीन स्थापत्य कला और अटूट जन-आस्था को करीब से देखना और महसूस करना चाहते हैं, तो नागौर के इन ऐतिहासिक धार्मिक धामों की यात्रा आपके लिए एक अविस्मरणणीय और आध्यात्मिक अनुभव साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 2:34 pm

छत्तीसगढ़ पर चक्रवात 'अर्नब' का खतरा, अमित शाह ने CM से की बात

देश के कई राज्यों के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ के ऊपर भी चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का साया गहराता जा रहा है। मौसम में आए इस अचानक और खतरनाक बदलाव के चलते राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ अन्नदाताओं की चिंताएं भी काफी बढ़ गई हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से टेलीफोन पर लंबी बातचीत की और प्रदेश में चक्रवात से उत्पन्न हुए ताजा हालातों की पूरी जानकारी ली। इस दौरान गृह मंत्री ने राज्य को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद और सुरक्षा मुहैया कराने का पूरा भरोसा दिलाया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी राज्य के मौजूदा हालातों की विस्तृत जानकारीकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई फोन पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में मौसम के प्रभाव और प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों से अवगत कराया। सीएम साय ने स्पष्ट किया कि चक्रवात 'अर्नब' के असर के कारण राज्य के कई मैदानी और वनों से घिरे इलाकों में झमाझम बारिश और तेज हवाएं रिकॉर्ड की जा रही हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक राज्य के किसी भी कोने से बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति या किसी भी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।धान की कटाई के मुहाने पर खड़े किसानों की बढ़ी धड़कनें और फसल पर संकटछत्तीसगढ़ को 'धान का कटोरा' कहा जाता है और मौजूदा समय में खेतों में किसानों की सालभर की मेहनत यानी धान की फसल पककर पूरी तरह तैयार खड़ी है तथा कई जगहों पर कटाई का दौर भी चल रहा है। ऐसे में चक्रवात 'अर्नब' के कारण हो रही बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें खींच दी हैं। कृषि विशेषज्ञों और किसानों का मानना है कि यदि यह बारिश और खराब मौसम लंबे समय तक जारी रहा, तो खेतों में खड़ी और कटाई के बाद खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। दीपावली के ठीक पहले मौसम की इस दोहरी मार से अन्नदाता काफी आहत नजर आ रहे हैं और उन्हें अपनी मेहनत के बर्बाद होने का डर सता रहा है।केंद्र और राज्य प्रशासन का साझा हाई-अर्ट, जिला मुख्यालयों पर निर्देश जारीचक्रवात के संभावित खतरे को भांपते हुए छत्तीसगढ़ शासन के तमाम संबंधित विभाग और जिला प्रशासनों को पहले ही हाई अलर्ट मोड पर रख दिया गया है। खासकर बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, कोरबा और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की ओर से निचले और जलभराव वाले इलाकों के लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय प्रशासनिक अमले को किसी भी अनहोनी या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ तैयार रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।केंद्रीय गृह मंत्री के आश्वासन पर सीएम साय ने जताया आभारकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा संकट की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। सीएम साय ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतरीन तालमेल के चलते किसी भी आपदा से मुकाबला करने में आसानी होगी। सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करें, ताकि इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम से कम किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 2:33 pm

UP में 30 साल तक नहीं बनेगी Samajwadi Party की सरकार: Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि उप्र में 30 साल तक सपा की सरकार नहीं बनेगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि अगर भाजपा तीसरी बार उप्र में सत्ता में आई तो यूसीसी लागू करेगी। शाह ने शुक्रवार को यहां डॉक्टर राम मनोहर लोहिया विधि विश्‍वविद्यालय के सभागार में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक की शुरुआत करने के बाद अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। भाजपा सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने 30 अक्टूबर 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उप्र में 30 अक्टूबर का बड़ा योगदान है। इसी दिन 1990 में अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाकर सरकार ने सरयू नदी को खून से लाल कर दिया था। उन्होंने सपा प्रमुख से सवाल करते हुए कहा कि मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं। आपने (सपा सरकार) राम भक्तों पर गोलियां चलाई और हमने (भाजपा) राम मंदिर बना दिया। उन्होंने आगे कहा , अखिलेश बाबू, आप नोट कर लीजिए कि उप्र में 30 साल तक आपकी सरकार नहीं बनेगी। आपकी तीसरी पीढ़ी को भी जनता माफ नहीं करेगी। शाह ने कहा कि कल्याण सिंह ने सरकार की चिंता किए बिना विवादित ढांचे को ध्वस्त कराया। उन्‍होंने यह भी कहा कि उप्र में भाजपा सरकार अंगद का पैर है और उसे कोई नहीं हटा सकता है, फिर से भाजपा की सरकार बनने जा रही है कोई दुविधा नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा, मैच हारने के बाद अंपायर पर आरोप लगा है कि वोट चोरी हुई। भाजपा संसद में चर्चा के लिए तैयार है, एक बार आइए विशेष सत्र बुलाते हैं, हम एक-एक बात का जवाब देने को तैयार है, संसद में चर्चा कीजिए। इसके पहले, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रदेश अध्‍यक्ष व केन्‍द्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हो रही कार्यसमिति की इस बैठक में उप्र के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा की राष्‍ट्रीय महासचिव स्‍मृति ईरानी ,भाजपा के प्रदेश प्रभारी और राष्‍ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े और ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 2:33 pm

पंजाब चुनाव के लिए AAP PAC की बैठक, Arvind Kejriwal के घर उम्मीदवारों पर हुआ मंथन

आम आदमी पार्टी की 'पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी' (PAC) - जो पार्टी की सबसे बड़ी निर्णय लेने वाली संस्था है - ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों पर चर्चा करने के लिए 30 अक्टूबर को राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आवास पर एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, पंजाब में पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया, 'आप' नेता सत्येंद्र जैन और जैस्मीन शाह शामिल हुए। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा और राज्य 'आप' अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया और अपने सुझाव दिए। इसे भी पढ़ें: Union Minister Kiren Rijiju ने BJP MP Manoj Tiwari को दे डाली बड़ी चुनौती, Delhi Politics अचानक गर्माई विचार-विमर्श के बाद, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज विधानसभा उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। मान ने आगे कहा कि कल, 31 अक्टूबर को PAC की बैठक में इन नामों पर फिर से चर्चा होगी। उम्मीदवारों की पहली सूची कल जारी की जाएगी। 28 अक्टूबर को, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के एक प्रतिनिधिमंडल ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जिला-वार जायजा लिया। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त पवन कुमार शर्मा, उप निर्वाचन आयुक्त भानु प्रकाश येतुरु, महानिदेशक (IT) सीमा खन्ना और महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सभी 23 जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ बातचीत की, जिन्होंने अपने-अपने जिलों में चुनाव तैयारियों पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की। अधिकारियों ने ECI (चुनाव आयोग) के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता रखने, चुनाव से पहले की गतिविधियों को समय पर पूरा करने और पूरे पंजाब में कड़े प्रवर्तन उपाय लागू करने पर जोर दिया। इसे भी पढ़ें: Punjab Assembly में Congress विधायकों के हंगामे पर भड़के Bhagwant Mann, कहा- कोई मुद्दा नहीं पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए, चुनाव से जुड़े सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरी निष्ठा से पूरा किया जाएगा, ताकि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी हों। इसके अलावा, पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता हरदेव सिंह उभा ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के कार्यालय में, आयोग के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब और मोहाली से जुड़ी आम जनता की चिंताओं को उनके सामने रखा।

प्रभासाक्षी 30 Oct 2026 2:32 pm

बिलासपुर में रिश्वतखोर पटवारी पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन

छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए राजस्व कार्य के एवज में रिश्वत मांगने वाले एक मनबढ़ पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शासकीय काम निपटाने के बदले 25 हजार रुपये की घूस मांगने और लेने के गंभीर आरोप में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी के खिलाफ यह बड़ा एक्शन लिया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर रिश्वत कांड का वीडियो वायरल होने के बाद हुई जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्रशासन ने बिना किसी रियायत के यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की। इस कड़े कदम से रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों व अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई है।जानिए क्या है 25 हजार रुपये रिश्वतकांड का पूरा मामला और वायरल वीडियो का सचपूरा मामला बिलासपुर जिले के पचपेड़ी तहसील के अंतर्गत आने वाले राजस्व क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी वर्तमान में तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में पदस्थ था। पीड़ित किसान ने जमीन का बटांकन और राजस्व संबंधी अन्य शासकीय दस्तावेज दुरुस्त कराने के लिए पटवारी से संपर्क किया था। आरोप है कि पटवारी ने नियमानुसार शासकीय काम करने के बजाय पीड़ित से 50 हजार रुपये की भारी-भरकम घूस की मांग की और बाद में सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ। पीड़ित ने पैसे देते वक्त इसका एक सीक्रेट वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो में पटवारी पैसे मांगते और लेते हुए साफ देखा गया, जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हो गया और जिला प्रशासन के संज्ञान में आ पहुंचा।तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में आरोप सही मिलने के बाद कलेक्टर ने थमाया सस्पेंशन ऑर्डरसोशल मीडिया और न्यूज पोर्टलों पर वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल तहसीलदार पचपेड़ी को जांच के निर्देश दिए थे। पचपेड़ी तहसीलदार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की और पीड़ित के बयान तथा डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को सौंपी। रिपोर्ट में पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी द्वारा शासकीय काम के बदले 25 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपों को प्रथम दृष्टया पूरी तरह सत्य और प्रमाणित पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलते ही कलेक्टर ने तुरंत आदेश जारी कर पटवारी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का खुला उल्लंघन करने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर अपराध में निलंबित कर दिया।निलंबन अवधि में कोटा एसडीएम दफ्तर रहेगा अटैच, 7 दिनों के भीतर मांगी गई चार्जशीटकलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि पटवारी का यह आचरण शासकीय सेवा की गरिमा और राजस्व विभाग की साख को धूमिल करने वाला है। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोटा का कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा। इसके साथ ही कलेक्टर ने पचपेड़ी तहसीलदार को सख्त हिदायत दी है कि आरोपी पटवारी के खिलाफ पूरा विभागीय जांच ढांचा तैयार कर 7 दिनों के भीतर औपचारिक आरोप पत्र (Charge-sheet) प्रस्तुत करें ताकि आगे की कड़ी विभागीय कानूनी कार्रवाई की जा सके।छत्तीसगढ़ प्रशासन का सख्त संदेश: भ्रष्टाचार के खिलाफ लागू होगी 'जीरो टॉलरेंस' नीतिकलेक्टर संजय अग्रवाल का यह एक्शन बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन लगातार यह दावा करते आ रहे हैं कि आम जनता को राजस्व संबंधी कार्यों जैसे नामांतरण, बटांकन, फौती और सीमांकन के लिए किसी भी कीमत पर परेशान नहीं होने दिया जाएगा। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी जनता से पैसों की मांग करता है या रिश्वतखोरी में पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सीधी निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। इस घटना के बाद से बिलासपुर जिले के तमाम पटवारियों और मैदानी कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है। आम जनता ने कलेक्टर के इस त्वरित फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे दफ्तरों में फैला भ्रष्टाचार खत्म होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 30 Oct 2026 2:31 pm