Pisces Tarot Card Rashifal: सेहत और खर्च दोनों पर नजर, सोच-समझकर बढ़ाएं कदम
Pisces Tarot Card Horoscope 04 October: Four of pentacles की ऊर्जा पैसों के सदुपयोग को लेकर सजगता, महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता और किसी पर भरोसा न होने की स्थिति में नए कार्य को लेकर संदेह होने की बात लेकर आ सकते हैं.आईए जानते हैं, मीन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Aquarius Tarot Card Rashifal: पुरानी सोच और आदतों से निकलने की कोशिश, नए काम में गलत रास्ते से बचें
Aquarius Tarot Card Horoscope 04 October: Seven of swords की ऊर्जा अतीत की जगह वर्तमान में जीवन व्यतीत करने पर जोर, अनैतिक तरीकों को या शॉर्टकट से कार्य को पूरा कर सफलता प्राप्त करने से नुकसान और अपनी छवि को बरकरार रखने के लिए सही रास्ते पर चलने की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं, कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Capricorn Tarot Card Rashifal: निजी जिंदगी में आगे बढ़ने की तैयारी, कामकाज में बदलाव से बढ़ेगी उलझन
Capricorn Tarot Card Horoscope 04 October: The Lovers की ऊर्जा प्रिय से विवाह की इच्छा पूरी होने की उम्मीद, कार्य को अनैतिक तरीके से पूरा न करने की कोशिश और व्यवहार में गंभीरता बनाए रखने की आवश्यकता की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, मकर राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Sagittarius Tarot Card Rashifal: घर की बहस से खुद को रखें दूर, तथ्यों को बनाएं आधार
Sagittarius Tarot Card Horoscope 04 October:-The Hanged Man की ऊर्जा विचारों और शब्दों में स्पष्टता बनाए रखने की आवश्यकता,व्यर्थ की बहसबाजी से दूरी और सही तथ्यों के आधार पर कार्य में अच्छी सफलता प्राप्त करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, धनु राशि वाले आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Scorpio Tarot Card Rashifal: परिवार से जुड़ी खुशखबरी के बीच करियर का अहम फैसला, सोचकर बढ़ाएं कदम
Scorpio Tarot Card Horoscope 04 October: Wheel of Fortune की सकारात्मक ऊर्जा जीवन में आ रहे बड़े बदलावों से भाग्य में परिवर्तन की प्रबल संभावना, किसी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पूर्व या नई नौकरी पर सहमति देने से पूर्व आवश्यक जानकारी लेने की कोशिश और बिना समझे किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं ,वृश्चिक राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Libra Tarot Card Rashifal: कार्यस्थल पर बदलेगा व्यवहार का असर, निजी मामलों में रहें सतर्क
Libra Tarot Card Horoscope 04 October: Six of pentacles की ऊर्जा व्यक्तिगत और पारिवारिक कार्यों को लेकर संतुलन बनाने की कोशिश, कार्यक्षेत्र में अपना व्यवहार बेहतर बनाए रखना के प्रयास और किसी को उसकी कमी को लेकर अपमानित न करने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Virgo Tarot Card Rashifal: उम्मीद से कम मिल सकते हैं मेहनत के नतीजे, हौसला कम न होने दें
Virgo Tarot Card Horoscope 04 October: Seven of pentacles की ऊर्जा कम पारिश्रमिक मिलने से व्यवहार में असंतुष्टि, नौकरी के साथ छोटे से व्यवसाय की शुरुआत करने पर परिजनों से बातचीत और अपने हौसले और साहस को बरकरार रखने की बात लेकर आ सकती हैं. आईए जानते हैं, कन्या राशि वाले जातकों के जीवन,रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
2021 में ममता के पैर में सच में फ्रैक्चर हुआ था?: शुभेंदु ने रिपोर्ट जारी की, टीएमसी का पलटवार; ऋतब्रत का तंज
Leo Tarot Card Rashifal: लक्ष्य पाने के लिए बढ़ाएं मेहनत, प्रोडक्ट की गुणवत्ता सुधारने पर दें ध्यान
Leo Tarot Card Horoscope 04 October: Two of pentacles की ऊर्जा व्यक्तिगत जीवन के साथ व्यावसायिक जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश, बेवकूफी भरी योजना में धन खर्च करने से बचाव और कुछ लोगों को प्रभावित करने के लिए अपने कार्यों में परिवर्तन लाने की बात लेकर आ सकती है.आईए जानते हैं, सिंह राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Cancer Tarot Card Rashifal: मंदिर निर्माण में लें हिस्सा, कार्यस्थल पर हो सकती है हलचल
Cancer Tarot Card Horoscope 04 October: The Hierophant की ऊर्जा मंदिर निर्माण को लेकर मन में उत्साह एवं उमंग,व्यवसाय में अन्य लोगों के साथ रिश्ते मजबूत बनाने की कोशिश और कुछ नए लोगों से मुलाकात से जीवन में लाभ प्राप्ति की उम्मीद की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, कर्क राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Gemini Tarot Card Horoscope 04 October: The Tower की ऊर्जा प्रतिकूल परिस्थितियों में अपनी हिम्मत और साहस को बनाए रखने की आवश्यकता, किसी के बारे में गलत धारणा ना बनाने का प्रयास और मित्रों के साथ किसी बंद पड़े कारखाने को लेकर योजना बनाने की बात लेकर रखी है जानते हैं.मिथुन राशि वालों के जीवन,रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Taurus Tarot Card Rashifal: क्षमता से अधिक वादे करने से बचें, पुराने राज से विवाह पर आ सकता है संकट
Taurus Tarot Card Horoscope 04 October: Five of pentacles की ऊर्जा अतीत से आए किसी व्यक्ति द्वारा खोले गए राज को लेकर परिवार में तनाव,सही कार्य शैली से बेहतर सफलता प्राप्त होने की उम्मीद और उच्च अधिकारियों की निगाहों में अपने कार्यों को में देकर कार्य को महत्व देने की स्थिति है.आईए जानते हैं,वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
मध्य प्रदेश: राजा रघुवंशी के जिगरी दोस्त ने किया सुसाइड, 30 सितंबर को मनाया था जन्मदिन
दिवंगत ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी के करीबी दोस्त अर्पित चौहान ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अर्पित का शव रिश्तेदार के घर में मिला। इंदौर पुलिस के अनुसार, 34 वर्षीय अर्पित, राजा के परिवार के साथ ट्रांसपोर्ट का काम करता था।
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो घुसपैठियों के मारे जाने की घटना को लेकर पाकिस्तान द्वारा भारतीय प्रभारी राजदूत को तलब किए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है।
राजस्थान के बाड़मेर में होमगार्ड भर्ती-2022 में नौकरी पाने और बोनस अंक हासिल करने के लिए फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले 17 अभ्यर्थियों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि गरबा धार्मिक आयोजन है, इसलिए इसमें शामिल होने वालों को आयोजन की परंपराओं और नियमों का सम्मान करना चाहिए।
एबीवीपी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में 2-3 अक्टूबर को हुई अपनी दो दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक में पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की सराहना की और उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग की।
जगदलपुर में जैन समाज के भवन पिछले दस दिनों से रसोई बने हुए हैं। दिगंबर जैन समाज रोज एक हजार से अधिक लोगों के लिए भोजन तैयार कर डोंगाघाट, धोबीगुड़ा और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा रहा है।
पाकिस्तान से सीमा पार घुसपैठ पर भारत ने जताया कड़ा विरोध: राजनयिक प्रभारी तलब, दोबारा ऐसी घटना रोकने को कहा
इंटरनेट बंद होने पर भी चलने वाला ऐप भारत में बैन, Apple का एक्शन
भारत में ऐप स्टोर से ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप बिटचैट को हटा दिया गया है. जैक डोर्सी ने एक्स पर बताया कि Apple ने यह कदम आईटी मंत्रालय की मांग पर उठाया, जो आईटी एक्ट की धारा 69(A) के तहत की गई थी. TestFlight वर्जन भी भारत में बंद होगा, जबकि बाकी देशों में ऐप मिलता रहेगा.
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'लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी से वायुसेना को नुकसान': एयर चीफ बोले- हर साल 36-40 जेट चाहिए; क्यों जरूरी?
कॉकपिट में उन डरावने मिनटों में क्या हुआ? कैप्टन मच्छार ने नेतन्याहू को बताया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार शाम को दुबई वाली फ्लाइट के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की. उन्होंने कैप्टन को इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए हीरो बताया और इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता दिया.
राहुल गांधी ने 'सत्याग्रह' नामक एक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य देशभर में विभिन्न मुद्दों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को एकजुट करना है।
हैदराबाद में सेना के ठिकाने से हथियार चोरी के आरोप में तीन जवानों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
तटीय निगरानी सख्त होने से टूट रही हाजी सलीम ड्रग्स सिंडिकेट की कमर, कई किलो अवैध नशीली दवाएं जब्त
लक्षद्वीप तट के पास भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने 3000 करोड़ रुपये के ड्रग्स का बड़ा भंडाफोड़ किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय तस्कर हाजी सलीम के नेटवर्क को भारी झटका लगा है।
'अब हथियार की तरह इस्तेमाल हो रहे टैरिफ', प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने जताई चिंता
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता और टैरिफ को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने पर चिंता व्यक्त की है।
कराची के एक सम्मेलन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो-ज़रदारी ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार ने खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी या गवर्नर शासन लागू करने का मन बना लिया है.
बिहार के समस्तीपुर में किसान रघुवीर सहनी की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके बेटे शिव शंकर सहनी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने फिल्म 'दृश्यम' की तर्ज पर मोबाइल बंद कर अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश की.
लोन का पेपर साइन करने से पहले KFS में जरूर देखें ये 4 बातें, तो नहीं चलेगी बैंक की चालाकी
बैंक या किसी लोन ऐप से लोन लेने से पहले दस्तावेज साइन करने की जल्दबाजी न करें. जानिए KFS क्या है और लोन लेने से पहले इसमें किन बातों को जांचना बेहद जरूरी है.
Train Cancelled List: दिल्ली-रेवाड़ी रूट पर रेलवे ने 7 अक्टूबर 2026 को 6 घंटे का विशेष ट्रैफिक ब्लॉक लिया है. इस वजह से 5 से 8 अक्टूबर 2026 के बीच वंदे भारत, गरीब रथ, डबल डेकर और जनशताब्दी जैसी 24 ट्रेनें रद्द रहेंगी, जबकि कई प्रमुख ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है. यात्रा पर निकलने से पहले देखें पूरी लिस्ट.
कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के एक नए अध्ययन से पता चला है कि पृथ्वी और मंगल, एक ही स्रोत से बनने के बावजूद, शुरुआती दौर में अलग-अलग पदार्थों को समेटकर विकसित हुए।
रांची के ICAR संस्थान में पीएचडी छात्र की संदिग्ध मौत, हॉस्टल में मिला था बेसुध
मृतक मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला था और संस्थान में पीएचडी की पढ़ाई कर रहा था. पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है.
विमान अपहरण की कोशिश विफल करने वाले Captain Smit Machhar को मिले अशोक चक्र: ABVP
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शनिवार को फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के लिए अशोक चक्र की मांग की, जिन्होंने ओमान के सह-पायलट द्वारा विमान अगवा करने की कथित कोशिश को अपनी बहादुरी से नाकाम कर दिया था। एबीवीपी ने यह मांग अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में शनिवार को समाप्त हुई अपनी दो-दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक के दौरान रखी। विद्यार्थी परिषद की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में देश के वर्तमान शैक्षणिक परिदृश्य, छात्रों से जुड़े प्रमुख मुद्दों, संगठनात्मक कार्यों और आगामी कार्यक्रमों की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बयान में कहा गया, बैठक में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना की गई और उनकी बहादुरी के लिए उन्हें अशोक चक्र दिए जाने की मांग की गई। बैठक के दौरान देशभर में हाल ही में संपन्न हुए छात्र संघ चुनावों और उनमें एबीवीपी के प्रदर्शन की समीक्षा भी की गई। छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर बल देते हुए बैठक में प्रत्येक राज्य में नियमित रूप से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
वंदे मातरम्: टैंक का रौब, 'मैकेनाइज्ड' की ताकत... बदलते युद्ध में कितनी बदली सेना?
भारतीय सेना आज तकनीकी और सामरिक रूप से बेहद आधुनिक और शक्तिशाली हो चुकी है. देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए थल सेना को आधुनिक टैंकों, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री और एडवांस ड्रोन तकनीक से लैस किया जा रहा है. आज के इस नए दौर में भारतीय सेना का मुख्य ध्यान 'मेक इन इंडिया' के तहत स्वदेशी हथियारों और उपकरणों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. भारतीय सेना की रीढ़ कहे जाने वाले टी-90 भीष्म टैंकों को अत्याधुनिक थर्मल इमेजिंग साइट्स, डिजिटल बैलिस्टिक कंप्यूटर और ऑटोमैटिक टारगेट ट्रैकिंग सिस्टम से काफी अपग्रेड किया गया है. इसके अलावा, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री को अब नए बीएमपी-2 लड़ाकू वाहनों, स्वाम ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों से और अधिक मजबूती दी जा रही है. देखें...
जब वृद्धाश्रम में पूर्णिया DM से बोली वृद्धा-चाट-फुचका खिलाइए, IAS अंशुल कुमार का VIDEO वायरल
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर पूर्णिया के वृद्धाश्रम पहुंचे डीएम अंशुल कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. निरीक्षण के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने उनसे चाट और फुचका खिलाने की मांग की, जिस पर डीएम की प्रतिक्रिया ने लोगों का दिल जीत लिया.
'सभी चुनाव अवैध, लोकसभा और विधानसभाएं भंग की जाएं', बोले खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं को भंग कर बैलेट पेपर से नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है।
हूतियों का 'कब्जा' छुड़ाने को सऊदी का मिलिट्री प्लान तैयार
लाल सागर के अहम समुद्री रास्ते बाब-अल-मंदेब पर हूतियों के नियंत्रण के बाद सऊदी अरब सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. इस अभियान में एक लाख से ज्यादा यमनी सैनिकों को जुटाया जा सकता है. सऊदी अरब दो सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है.
बिजनौर में दिखा खतरनाक कोबरा! पेट्रोल पंप पर मचा हड़कंप!
बिजनौर के नहटौर स्थित पेट्रोल पंप पर अचानक कोबरा सांप दिखाई देने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई. पेट्रोल भरवाने आए ग्राहक सांप से दूरी बनाकर खड़े हो गए और कई लोग वीडियो बनाने लगे. सूचना मिलने पर सर्प मित्र बी भास्कर मौके पर पहुंचे. उन्हें देखते ही कोबरा फन फैलाकर आक्रामक हो गया. काफी सावधानी के बाद सर्प मित्र ने सांप को सुरक्षित पकड़कर पेट्रोल पंप से बाहर निकाल दिया.
फिरोजपुर बॉर्डर पर क्या हुआ? भारत ने PAK अधिकारी को किया तलब
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग के चार्ज द अफेयर्स को बुलाकर सीमा पार घुसपैठ में मदद पर कड़ा विरोध जताया. भारत ने 2 अक्टूबर को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में हुई घटना पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज किया. भारत के मुताबिक तीन लोग सीमा में घुसे, बीएसएफ की कई चेतावनियों के बाद भी बाड़ की ओर बढ़ते रहे और खतरा बनने पर बीएसएफ को कार्रवाई करनी पड़ी.
'हथियार रखें, 5 बच्चे पैदा करें...', BJP सांसद ने की हिंदू युवाओं से अपील
बीजेपी नेता और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने हिंदू युवाओं से शादी करने और पांच बच्चे पैदा करने की अपील की. उन्होंने जन्म दर का हवाला देते हुए कहा कि 'सनातनियों' की जन्म दर 1.9 है. पटेल ने युवाओं में बढ़ते नशे और दिखावे पर चिंता जताते हुए DJ, ड्रग्स और दहेज को लेकर अपने '3D' अभियान का भी जिक्र किया.
चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवालों के जवाब देगी बीजेपी, ये है पूरी रणनीति
ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के हमलों का जवाब देगी बीजेपी, SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर शुरू करेगी बड़ा अभियान
अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या, ताबड़तोड़ फायरिंग से मचा हड़कंप
पंजाब के अमृतसर से दिलदहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां फेमस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात शहर के लोहारका रोड इलाके में हुई। बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। ...
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर अड़े 150 AISA कार्यकर्ता हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को पटेल चौक से जंतर मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास करने वाले करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया, जिनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल हैं। एक अधिकारी के अनुसार सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के लिए अवरोधक लगाए थे और उन्हें निर्धारित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया था। आईसा के सदस्यों ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों कपिल सिब्बल, नित्या रामकृष्णन और पल्लव सिसोदिया के साथ प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव भी नेहा बोरा और अन्य छात्रों के साथ मार्च में शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी जब प्रदर्शन स्थल के पास जमा होने लगे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कई लोगों को पुलिस थानों में ले जाया गया। आईसा ने एक बयान में कहा, “महिला प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों और वकीलों से पुरुष पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की। कई महिलाओं ने शिकायत की है कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने उन्हें गलत तरीके से छुआ।”बयान में कहा गया है, “जो पुलिस बल महिलाओं को न्याय दिलाने का दावा करता है, वह भीड़ को संभालने के बुनियादी नियमों का पालन नहीं कर पा रहा। पुरुष पुलिस अधिकारियों ने खुले तौर पर महिला प्रदर्शनकारियों से दुर्व्यवहार किया और बेहद गैर-पेशेवर तरीके से व्यवहार किया।”आईसा ने दावा किया कि नेहा को 10 अन्य लोगों के साथ कोतवाली थाने जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय की आईसा सचिव अंजलि, सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को बदरपुर थाने ले जाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि शनिवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च करने वाले 500 से ज्यादा लोगों पर दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग किया। संगठन ने कहा कि ये लोग चुनाव प्रक्रिया में ईमानदारी और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। नेहा बोरा ने शुक्रवार को आईसा कार्यकर्ताओं से जंतर-मंतर वापस लौटने और प्रदर्शन जारी रखने की अपील थी, जिसके बाद शनिवार को फिर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चिंता जताते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस घटनाक्रम से एक दिन पहले पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोक दिया था, जिसके बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। बाद में हिरासत में लिए गए कई लोगों को रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के सिलसिले में कम से कम तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें से दो संसद मार्ग थाने और एक कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है। ये प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 के तहत दर्ज की गई हैं, जो लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की कथित अवज्ञा से संबंधित है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी नहीं बनाया गया है, हालांकि उनमें प्रदर्शन का प्रस्ताव देने वाले या उसमें शामिल आयोजकों और संगठनों का विवरण दिया गया है। ये प्राथमिकी नयी दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों के कथित उल्लंघन से जुड़ी हैं। इन आदेशों के तहत पहले से लिखित अनुमति के बिना पांच या उससे ज्यादा लोगों का एक जगह इकट्ठा होना, जुलूस निकालना, प्रदर्शन करना, धरना देना और नारे लगाना प्रतिबंधित है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। शुक्रवार के प्रदर्शन के दौरान कई सड़कों पर अवरोधक लगाए गए थे और जंतर-मंतर के आसपास कई मेट्रो स्टेशनों में प्रवेश व निकास को अस्थायी रूप से सीमित कर दिया गया था। हाल ही में अंग्रेजी समाचार पत्र ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर में बताया गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीने में कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर एसआईआर से जुड़े फैसलों व आदेशों पर आपत्ति जताई थी। खबर के अनुसार, उनका कहना था कि ये फैसले और आदेश उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी किए गए थे। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपने दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे निर्वाचन आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना सामान्य बात है। आयोग ने यह भी कहा कि उसके सभी आदेशों को पूरी कानूनी मंजूरी मिली हुई है और ये आदेश तय कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार जारी किए जाते हैं।
महाराष्ट्र: पालघर में 70 साल के बुजुर्ग दो दीवारों के बीच फंसे, फायरफाइटर्स ने दीवार तोड़कर बचाया
महाराष्ट्र के पालघर जिले के भीमई नगर में शनिवार तड़के एक अनोखी और रोमांचक घटना घटी। 70 वर्षीय विनोद विष्णु जाधव दो पड़ोसी घरों की दीवारों के बीच महज एक फुट से भी कम चौड़ी जगह में फंस गए।
भारत के स्वदेशी डिजिटल पेमेंट नेटवर्क यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर) में सफलता का एक नया ऐतिहासिक अध्याय लिखा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस 6 महीने की अवधि के दौरान कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में 27 प्रतिशत की जबर्दस्त वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। देश भर में किराना दुकानों, सुपरमार्केट्स, ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) पैसों के ट्रांसफर तक यूपीआई अब भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।145 अरब ट्रांजेक्शन और ₹177 लाख करोड़ की विशाल वैल्यूएनपीसीआई के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में यूपीआई नेटवर्क के जरिए कुल 145 अरब (14,500 करोड़) से अधिक लेनदेन संसाधित किए गए, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 114 अरब दर्ज किए गए थे।ट्रांजेक्शन वैल्यू में 20% का उछाल: लेनदेन की कुल वैल्यू (Processed Value) की बात करें तो अप्रैल-सितंबर के दौरान यह आंकड़ा ₹177 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज ₹148 लाख करोड़ के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।दैनिक औसत 80 करोड़ के पार: देश में प्रतिदिन औसतन 80.2 करोड़ (802 मिलियन) से अधिक सफल यूपीआई लेनदेन दर्ज किए जा रहे हैं, जो दुनिया के किसी भी रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम से कहीं अधिक विशाल है।सितंबर महीने में मामूली उतार-चढ़ाव, लेकिन ट्रेंड बेहद मजबूतहालांकि, मासिक आधार पर सितंबर महीने में यूपीआई वॉल्यूम और वैल्यू में बहुत मामूली सा सुधार या तकनीकी करेक्शन देखा गया है:सितंबर में कुल लेनदेन की संख्या करीब 2,407 करोड़ दर्ज हुई, जो अगस्त के मुकाबले लगभग 1.8 प्रतिशत कम रही।इसी तरह सितंबर में कुल लेनदेन मूल्य 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 29.37 लाख करोड़ रुपये रहा।बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह मामूली गिरावट केवल मौसमी उतार-चढ़ाव है, क्योंकि आगामी अक्टूबर और नवंबर के त्योहारी सीजन (दशहरा, दिवाली और छठ) के दौरान ई-कॉमर्स और रिटेल बाजारों में खरीदारी बढ़ने से लेनदेन के नए सर्वकालिक रिकॉर्ड बनना तय है।15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए मर्चेंट नियमों पर भी नजरयह ऐतिहासिक रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में मर्चेंट नियमों को लेकर अहम अपडेट्स चर्चा में हैं:मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR): 15 अक्टूबर से लागू होने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।आम ग्राहकों पर कोई असर नहीं: एनपीसीआई और सरकार ने साफ किया है कि यह शुल्क पूरी तरह व्यापारियों और मर्चेंट्स के खाते से संबंधित है। आम उपभोक्ताओं के लिए व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) अथवा सामान्य दुकानदारों को किया जाने वाला क्यूआर कोड पेमेंट पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त और शून्य शुल्क वाला रहेगा।कैशलेस इकोनॉमी और वैश्विक पटल पर भारत की धाकदेश के 400 से अधिक बैंक और 200 से ज्यादा फिनटेक ऐप्स आज यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े हुए हैं। फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, मॉरीशस और श्रीलंका जैसे देशों में भारतीय यूपीआई का विस्तार यह साबित करता है कि भारत का यह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) अब एक वैश्विक बेंचमार्क बन चुका है। छोटे कस्बों और ग्रामीण अंचलों तक क्यूआर कोड की पहुंच ने भारतीय अर्थव्यवस्था को औपचारिक, पारदर्शी और कैशलेस बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
भारत-वेस्टइंडीज मैच के दौरान दिखा हाईवोल्टेज ड्रामा
भारत और वेस्टइंडीज के बीच न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे वनडे में शेरफेन रदरफोर्ड के आउट होने पर विवाद हो गया. नमन धीर की गेंद पर रदरफोर्ड का बल्ले से हल्का संपर्क हुआ और केएल राहुल ने कैच पकड़ लिया. मैदानी अंपायर के फैसले के बाद रिव्यू लिया गया, लेकिन अल्ट्राएज ने संपर्क की पुष्टि कर दी. इसके बाद रदरफोर्ड अंपायरों से बहस करते नजर आए.
पर्सनल लोन (Personal Loan) आपातकालीन वित्तीय जरूरतों, शादी-ब्याह, मेडिकल इमरजेंसी या होम रेनोवेशन के लिए तुरंत फंड जुटाने का सबसे आसान जरिया माना जाता है। हालांकि, अनसिक्योर्ड लोन होने के कारण बैंक और वित्तीय संस्थान इस पर 11% से 18% तक का भारी-भरकम वार्षिक ब्याज वसूलते हैं। लंबी अवधि (3 से 5 साल) तक केवल न्यूनतम मासिक ईएमआई भरते रहने से आपकी जेब से मूलधन से भी कहीं ज्यादा रकम ब्याज के रूप में निकल जाती है। यदि आप सुनियोजित वित्तीय रणनीति अपनाएं, तो अपने लोन को तय समय से एक से दो साल पहले पूरी तरह चुका सकते हैं और ₹30,000 से लेकर ₹45,000 या उससे भी अधिक का ब्याज बचा सकते हैं।₹45,000 ब्याज बचत का वास्तविक गणित (Case Study)मान लीजिए आपने 14% वार्षिक ब्याज दर पर 4 साल (48 महीने) के लिए ₹3,00,000 का पर्सनल लोन लिया है:सामान्य ईएमआई: लगभग ₹8,203 प्रति माह।कुल देय ब्याज (Total Interest): ₹93,744।कुल भुगतान: ₹3,93,744।यदि आप हर साल दिवाली बोनस या टैक्स रिफंड से केवल ₹25,000 का पार्ट-प्रीपेमेंट करते हैं या अपनी मासिक ईएमआई में महज ₹1,000 की बढ़ोतरी कर देते हैं, तो आपका लोन 48 महीने के बजाय लगभग 33 से 35 महीनों में खत्म हो जाएगा और आप सीधे तौर पर ₹40,000 से ₹45,000 तक का शुद्ध ब्याज बचा लेंगे।1. आंशिक पूर्व-भुगतान (Part-Prepayment): जब भी मिले अतिरिक्त पैसा, लोन में डालेंपर्सनल लोन को तेजी से घटाने का सबसे सीधा तरीका पार्ट-प्रीपेमेंट है। जब भी आपको कंपनी से वार्षिक बोनस, परफॉर्मेंस इंसेंटिव, इनकम टैक्स रिफंड या किसी पुरानी पॉलिसी की मैच्योरिटी रकम मिले, तो उसे फिजूलखर्ची में उड़ाने के बजाय सीधे लोन खाते में जमा कराएं।पार्ट-पेमेंट की गई पूरी राशि सीधे आपके मूलधन (Principal Amount) से घटाई जाती है।जैसे ही मूलधन घटता है, आने वाले महीनों में उस पर लगने वाला चक्रवृद्धि ब्याज अपने आप कम हो जाता है। साल में केवल एक या दो बार किया गया छोटा प्री-पेमेंट भी लोन की अवधि को कई महीने घटा देता है।2. ईएमआई स्टेप-अप फॉर्मूला: हर साल ईएमआई में 5% से 10% की बढ़ोतरी करेंवेतनभोगी प्रोफेशनल्स को हर साल वार्षिक वेतन वृद्धि (Appraisal / Increment) मिलती है। जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, वैसे-वैसे अपनी ईएमआई को भी आनुपातिक रूप से बढ़ाएं।यदि आपकी वर्तमान ईएमआई ₹8,000 है, तो अगले साल बैंक से संपर्क करके इसे ₹8,800 करवा लें।हर महीने दिया गया अतिरिक्त ₹800 से ₹1,000 सीधे मूलधन को काटता है। इससे आपके दैनिक खर्चों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता, लेकिन 3 से 4 साल की लोन अवधि में कई महीनों की ईएमआई अपने आप खत्म हो जाती है।3. पर्सनल लोन बैलेंस ट्रांसफर (Balance Transfer): कम ब्याज दर का लाभ उठाएंयदि आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) पिछले कुछ महीनों में सुधरकर 750 या 800 से ऊपर पहुंच चुका है, तो आप अपने मौजूदा लोन को किसी अन्य बैंक में ट्रांसफर करवा सकते हैं।यदि आपका मौजूदा बैंक आपसे 15% या 16% ब्याज ले रहा है और कोई दूसरा प्रतिष्ठित बैंक आपको 11% से 12% की पेशकश कर रहा है, तो बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प चुनें।3% से 4% ब्याज दर का अंतर भी शेष बची अवधि में हजारों रुपये की बचत करा देता है। ध्यान रहे कि नया बैंक जो प्रोसेसिंग फीस ले रहा है, वह कुल ब्याज बचत से कम होनी चाहिए।4. 'स्नोबॉल' या 'एवलांच' विधि: उच्च ब्याज वाले लोन को पहले खत्म करेंयदि आपके पास पर्सनल लोन के साथ-साथ क्रेडिट कार्ड का बकाया या कोई अन्य छोटा लोन भी चल रहा है, तो व्यवस्थित प्राथमिकता तय करें:एवलांच मेथड (Avalanche Method): सबसे पहले उस लोन पर अतिरिक्त भुगतान करें जिसकी ब्याज दर सबसे ज्यादा (जैसे क्रेडिट कार्ड पर 36-40% या पर्सनल लोन पर 15-18%) है।जैसे ही सबसे महंगा लोन समाप्त हो, उस ईएमआई की पूरी राशि को अगले लोन के प्री-पेमेंट में मोड़ दें। इससे ब्याज का संचयी प्रभाव (Compound Effect) आपके पक्ष में काम करने लगता है।5. प्री-क्लोजर और फोरक्लोजर चार्ज के नियमों की समीक्षा करेंलोन को समय से पहले बंद करने से पहले अपने बैंक के एग्रीमेंट और आरबीआई के नियमों की पड़ताल जरूर कर लें:फ्लोटिंग रेट लोन: आरबीआई के नियमों के अनुसार, व्यक्तिगत फ्लोटिंग रेट लोन पर बैंक किसी भी प्रकार का फोरक्लोजर या प्री-पेमेंट पेनाल्टी नहीं लगा सकते।फिक्स्ड रेट लोन: फिक्स्ड रेट पर्सनल लोन में बैंक 2% से 4% तक प्री-क्लोजर चार्ज ले सकते हैं। हालांकि, बची हुई अवधि के दौरान लगने वाले भारी ब्याज के मुकाबले यह 2% शुल्क नगण्य होता है। हमेशा गणना करें कि पेनल्टी देने के बाद भी आपकी शुद्ध बचत कितनी हो रही है।
फ्लाईदुबई केस: इजरायली यात्रियों का दावा- आरोपी को-पायलट को बचाने में लगे थे क्रू मेंबर
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट पर हमले के बाद इजरायली यात्रियों ने ओमानी को-पायलट को पकड़कर बांध दिया था. यात्रियों का दावा है कि इसी दौरान क्रू के कुछ सदस्यों ने हमलावर को खोलने के लिए कहा. इस मांग के बाद विमान में बहस शुरू हो गई.
आलू समोसा छोड़ें, हरी मिर्च और मटर मिलाकर बनाएं खट्टी-मीठी समोसा चाट
Samosa Chaat: अगर आपको भी चटपटी चीजें खाना पसंद है तो हर बार बाजार से क्यों समोसे-पकौड़े खरीदना. वीकेंड पर आप घर पर ही टेस्टी समोसा चाट बनाकर खा सकते हैं. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
BJP MP Gajendra Singh Patel ने हिंदू युवाओं से की पांच बच्चे पैदा करने की अपील
बड़वानी (मध्यप्रदेश), तीन अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन-बड़वानी लोकसभा क्षेत्र से सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने हिंदू युवाओं से शादी कर पांच बच्चे पैदा करने का आग्रह किया है। पटेल ने दावा किया कि अब चार बच्चों में से एक हिंदू समुदाय का और तीन ‘‘दूसरे समुदाय’’ के होते हैं। दूसरे समुदाय से उनका इशारा मुस्लिम समुदाय की ओर था। पटेल ने शुक्रवार देर रात एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह इस तरह की बातें कहने से नहीं डरते क्योंकि वह ‘‘सनातनी’’ हैं। उन्होंने जन्म दर का जिक्र करते हुए दावा किया कि एक समुदाय की जन्म दर 1.9 प्रतिशत है, जबकि दूसरे समुदाय की 2.9 प्रतिशत है। पटेल ने कहा, ‘‘अब चार बच्चों में से एक हिंदू समुदाय का और तीन दूसरे समुदाय के होते हैं। 1947 से 1967 के बीच स्थिति अलग थी लेकिन आजादी और 2011 की जनगणना के बाद एक समुदाय का जनसंख्या ग्राफ नीचे गया, जबकि दूसरे का बढ़ा है।’’उन्होंने युवाओं से मौजूदा परिस्थितियों को समझने का आग्रह करते हुए कहा कि 1947 से 1967 के बीच जन्मी पीढ़ी में आमतौर पर परिवार बड़े होते थे। उन्होंने कहा, ‘‘पहले लोगों के चार, पांच, छह या सात बच्चे भी होते थे। लोग 20, 21 या 22 साल की उम्र में शादी कर लेते थे। आज लोग 30, 35 या 37 साल की उम्र में शादी करते हैं और केवल एक बच्चा पैदा करते हैं। यही वजह है कि सनातनियों की जन्म दर 1.9 है। युवाओं को शादी करनी चाहिए और पांच-पांच बच्चे पैदा करने चाहिए।’’पटेल ने समाज और परिवार को मजबूत बनाने के लिए जिम और पारंपरिक कुश्ती अखाड़ों को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। कांग्रेस नेता राजन मंडलोई के क्षेत्र से विधायक होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश में विपरीत परिस्थितियों में ‘‘सनातनी’’ ही एक-दूसरे की मदद करेंगे, न कि कांग्रेस या भाजपा। देवी मां की भक्ति के साथ शक्ति की जरूरत पर जोर देते हुए पटेल ने हथियार रखने की बात भी कही। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे और दिखावे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। अपने ‘‘3डी’’ अभियान का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि समाज को ‘डीजे (ध्वनि विस्तारक यंत्र), ड्रग्स और दहेज’ से जुड़ी समस्याओं की गंभीरता को समझना चाहिए। उन्होंने दावा किया, ‘‘ ‘डीजे साउंड सिस्टम’ पर नाचने वाले करीब 100 प्रतिशत युवा सनातनी हैं और उनमें से 60 प्रतिशत नशे की हालत में नाचते हैं।’’उन्होंने लोगों से इन प्रवृत्तियों को समझने और समाज को मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
देश भर में मौसमी गतिविधियों में बड़ा फेरबदल दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों से औपचारिक रूप से विदा हो चुका है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में अब शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं स्थापित हो चुकी हैं। हालांकि, मानसून की इस वापसी के बीच देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर सक्रिय मौसमी प्रणालियों (Weather Systems) के चलते मौसम वैज्ञानिकों ने 4 से 6 अक्टूबर के दौरान कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी से बहुत भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है।पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा: असम, मेघालय और त्रिपुरा में चेतावनीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अगले 72 घंटों के दौरान इन राज्यों में मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकता है:असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 4 से 6 अक्टूबर के बीच मूसलाधार बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने यहां आकाशीय बिजली चमकने और अचानक जलभराव को लेकर चेतावनी जारी की है।अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा: पहाड़ी ढलानों पर लगातार हो रही नमी के जमावड़े के कारण भूस्खलन (Landslides) और नदी-नालों में उफान की संभावना जताई गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को संवेदनशील रास्तों पर आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है।उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: तीस्ता और जलढाका जैसी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने का खतरा है।दक्षिण भारत में सक्रिय ट्रफ लाइन: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अलर्टदक्षिणी प्रायद्वीप में चक्रवाती परिसंचरण और तटीय ट्रफ के चलते मौसमी हलचल तेज हो गई है। 4 से 6 अक्टूबर तक दक्षिणी राज्यों में व्यापक रूप से बारिश का पूर्वानुमान है:केरल और माहे: पश्चिमी घाट से सटे जिलों में तेज गर्जना के साथ भारी वर्षा का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक: बेंगलुरु, मैसूरु समेत तटीय जिलों जैसे दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: कई अंदरूनी और तटीय इलाकों में शाम के वक्त बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने (Thunderstorm Activity) के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।उत्तर और मध्य भारत में खिली धूप, रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरूएक तरफ जहां देश के कुछ हिस्से भारी बारिश का सामना कर रहे हैं, वहीं उत्तर और पश्चिमी राज्यों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क हो चुका है:दिल्ली, यूपी और बिहार: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।गुलाबी ठंड की आहट: मानसून की विदाई के बाद हवा में नमी का स्तर घट गया है। इसके चलते राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है।मध्य प्रदेश और गुजरात: इन राज्यों से भी मानसूनी बादल पूरी तरह छंट चुके हैं और आगामी दिनों में कोई सक्रिय बारिश का अलर्ट नहीं है।किसानों और यात्रियों के लिए मौसम विभाग की अहम सलाहमौसम विभाग ने जिन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया है, वहां के किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है:फसल कटाई और भंडारण: खरीफ फसलों (धान, तिलहन) की कटाई कर चुके किसान कटी हुई उपज को खुले खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखें ताकि नमी से फसल खराब न हो।आकाशीय बिजली से बचाव: बारिश और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के समय खेतों में काम करने वाले किसान और आम लोग खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।सड़क सुरक्षा: पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाने वाले लोग फिसलन और लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए रात के समय लंबी यात्राओं से परहेज करें।
मानसून की विदाई और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अक्टूबर यानी रविवार के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिणी राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बादलों का डेरा: असम, मेघालय और बंगाल में भारी बारिश के आसारमौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी नमी और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा।असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: इन तीनों राज्यों के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच कोलकाता समेत दक्षिणी बंगाल के जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।बिहार और झारखंड: बिहार के सीमांचल और उत्तरी हिस्सों के साथ-साथ झारखंड के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) का येलो अलर्ट जारी किया गया है।दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिशदक्षिणी प्रायद्वीप में मौसमी गतिविधियों के चलते तटीय और अंदरूनी हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी:तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक: केरल और तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में स्थानीय बादलों के बनने से रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।मछुआरों को चेतावनी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 40 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई तेज: दिल्ली-यूपी में शुष्क रहेगा मौसमउत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसके चलते यहां मौसम लगभग साफ और शुष्क बना रहेगा।दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दिन में हल्की धूप और उमस रह सकती है, जबकि रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी। अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।उत्तर प्रदेश और राजस्थान: पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। राजस्थान के अधिकांश हिस्सों से मानसून पहले ही विदा हो चुका है, जिससे दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत में भी बादलों की आवाजाही कम होगी, हालांकि छत्तीसगढ़ के दक्षिणी बस्तर संभाग में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।किसानों और आम नागरिकों के लिए IMD की सलाहमौसम विभाग ने आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के दौरान आम लोगों और किसानों को खुले मैदानों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन संभावित मार्गों से बचने और स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है। जिन राज्यों में फसलों की कटाई का समय चल रहा है, वहां किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित शेड में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान न हो।
शिवाजी पार्क में अनधिकृत प्रदर्शन पर FIR, CJP आयोजकों समेत 400-500 अज्ञात लोगों पर केस
मुंबई। मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने आयोजकों और 400 से 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग शिवाजी पार्क में एकत्र […] The post शिवाजी पार्क में अनधिकृत प्रदर्शन पर FIR, CJP आयोजकों समेत 400-500 अज्ञात लोगों पर केस appeared first on Sabguru News .
गुवाहाटी के एक नाइटक्लब में महिला से मारपीट और कपड़े उतारने के आरोप में प्रबंधक सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान लेने पर की गई।
पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े और भव्य त्योहार दुर्गा पूजा के उपलक्ष्य में राज्य सरकार ने आम जनता और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को त्योहार की बड़ी सौगात दी है। त्योहारी सीजन के दौरान बढ़ती महंगाई और खाद्य पदार्थों के दामों के दबाव को कम करने के लिए ममता बनर्जी सरकार ने राज्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के माध्यम से एक विशेष 'पूजा राशन पैकेज' शुरू करने की घोषणा की है। इस कल्याणकारी योजना के तहत प्रदेश के लगभग 2 करोड़ से अधिक राशन कार्डधारक परिवारों को उनकी रोजमर्रा और त्योहारी पकवानों में इस्तेमाल होने वाली अनिवार्य वस्तुएं—विशेष रूप से आटा, चीनी और सूजी—बाजार भाव के मुकाबले लगभग आधी कीमत (Subsidized Rates) पर उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार के इस कदम से राज्य के करीब 8 से 9 करोड़ नागरिकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ पहुंचेगा।पीडीएस दुकानों से मिलेगा स्पेशल पैकेज: क्या-क्या है रियायती दरों में शामिल?राज्य खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह विशेष वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) यानी राशन की दुकानों के माध्यम से किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमित मासिक राशन कोटे के अतिरिक्त यह 'फेस्टिवल कोटा' कार्डधारकों को दिया जाएगा:आटा (फोर्टिफाइड आटा): बाजार में 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गेहूं का आटा राशन कार्डधारकों को भारी सब्सिडी के साथ लगभग 15 से 18 रुपये प्रति किलो की दर पर दिया जाएगा।सफेद दानेदार चीनी (Sugar): त्योहारों में मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए खुले बाजार में 44 से 46 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चीनी को पीडीएस दुकानों पर करीब 25 से 28 रुपये प्रति किलो के रियायती मूल्य पर उपलब्ध कराया जाएगा।सूजी (Semolina): पूजा के भोग और घर में बनने वाले हलवे-मिष्ठान्न के लिए सूजी पर भी विशेष छूट दी जाएगी, ताकि गरीब से गरीब परिवार भी बिना किसी आर्थिक तंगी के दुर्गा उत्सव मना सके।अंत्योदय और खाद्य साथी के सभी लाभार्थियों को मिलेगा लाभइस विशेष राहत योजना का दायरा काफी विस्तृत रखा गया है ताकि समाज का कोई भी वंचित तबका त्योहार की खुशियों से अछूता न रहे:राशन कार्ड श्रेणियां: अंत्योदय अन्न योजना (AAY), प्राथमिकता वाले परिवार (SPHH/PHH) और राज्य सरकार की विशेष 'खाद्य साथी' योजना के अंतर्गत आने वाले सभी वैध राशन कार्डधारक इस सुविधा के पात्र होंगे।निश्चित कोटा प्रति परिवार: प्रत्येक राशन कार्डधारक परिवार को निर्धारित मात्रा में आटा, चीनी और सूजी का प्री-पैक्ड या तौला हुआ बंडल उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे वे अपने नजदीकी राशन डीलर से बायोमेट्रिक (e-POS) प्रमाणीकरण के जरिए प्राप्त कर सकेंगे।कालाबाजारी रोकने के लिए खाद्य विभाग की सख्त निगरानीत्योहारी सीजन में राशन सामग्री की कालाबाजारी, घटतौली या बाजार में डायवर्जन को रोकने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग ने कड़े प्रशासनिक उपाय लागू किए हैं:स्पेशल टास्क फोर्स का गठन: प्रत्येक ब्लॉक और नगर पालिका क्षेत्र में फूड इंस्पेक्टर्स की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो राशन दुकानों पर औचक निरीक्षण करेंगी।स्टॉक और रेट बोर्ड अनिवार्य: सभी उचित मूल्य की दुकानों (FPS) के बाहर इस विशेष पूजा पैकेज की निर्धारित दरें और स्टॉक की उपलब्धता का बोर्ड बांग्ला और अंग्रेजी में प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है।डिजिटल ट्रैकिंग: खाद्यान्न के गोदामों से राशन दुकानों तक पहुंचने वाली गाड़ियों की जीपीएस ट्रैकिंग और पीओएस मशीनों के माध्यम से रीयल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है ताकि वितरण में कोई गड़बड़ी न हो।दुर्गा पूजा की खुशियों को दोगुना करेगा यह कदमपश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक विशाल सामाजिक और सांस्कृतिक महाकुंभ है, जिसमें हर वर्ग और समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। पूजा से पूर्व बाजार में खाद्य तेल, मसाले और अन्य किराना सामान महंगे हो जाते हैं, जिससे आम परिवारों का घरेलू बजट बिगड़ जाता है। ऐसे समय में सरकार द्वारा बुनियादी खाद्य सामग्री आधी दर पर मुहैया कराने का यह फैसला न केवल आम जनता की जेब पर पड़ने वाले बोझ को हल्का करेगा, बल्कि राज्य के लाखों परिवारों के घरों में पूजा के उल्लास को मिठास और खुशियों से भर देगा।
देवोलीना ने बताई हनुमान चालीसा की ताकत, बोलीं- एक बार ये करके देखो
अपना पर्सनल अनुभव शेयर करते हुए एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने लिखा, 'हनुमान चालीसा, बिना किसी पर यकीन किए एक बार खुद करके देखो. तब तुम इसकी ताकत समझ पाओगे.'
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल, वरिष्ठ और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार रानी चटर्जी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपने दो दशक से अधिक के करियर में सैकड़ों सुपरहिट फिल्में देकर दर्शकों के दिलों पर राज किया है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पर्दे पर हिंदू पारंपरिक बहुओं और ग्रामीण महिलाओं का किरदार निभाने वाली रानी चटर्जी असल जिंदगी में एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उनका असली नाम सबीहा शेख है। सबीहा से 'रानी चटर्जी' बनने का किस्सा बेहद फिल्मी और नाटकीय है, जिसका संबंध एक शिव मंदिर में हो रही शूटिंग और निर्देशक के तुरंत लिए गए एक फैसले से जुड़ा हुआ है।पहली ही फिल्म 'ससुरा बड़ा पईसावाला' के सेट पर घटा था यह अनोखा वाकयासाल 2003-2004 की बात है, जब भोजपुरी सिनेमा में एक नया इतिहास रचने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'ससुरा बड़ा पईसावाला' की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म में भोजपुरी सुपरस्टार और वर्तमान में सांसद मनोज तिवारी के अपोजिट एक नई लड़की को कास्ट किया गया था, जिसका नाम सबीहा शेख था। उस समय सबीहा महज 14-15 साल की थीं और स्कूल में पढ़ाई कर रही थीं। फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य की शूटिंग एक प्रसिद्ध शिव मंदिर में होनी थी, जहां अभिनेत्री को शिवलिंग के सामने सिर झुकाकर पूजा-अर्चना और प्रार्थना का सीन फिल्माना था।मंदिर परिसर में विवाद के डर से डायरेक्टर ने दिया नया नाम 'रानी'मंदिर में शूटिंग देखने के लिए आसपास के सैकड़ों स्थानीय लोगों और मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। शूटिंग के बीच कुछ पत्रकारों और लोगों ने फिल्म के डायरेक्टर अजय सिन्हा से नए चेहरे का नाम पूछना शुरू कर दिया।डायरेक्टर का डर: निर्देशक को यह चिंता सताने लगी कि अगर उन्होंने भीड़ को बताया कि मंदिर के गर्भगृह में पूजा का सीन कर रही लड़की एक मुस्लिम है और उसका नाम सबीहा शेख है, तो कहीं कोई धार्मिक विवाद, विरोध या हंगामा न खड़ा हो जाए और शूटिंग न रुक जाए।तुरंत लिया फैसला: बिना किसी पूर्व योजना के, डायरेक्टर ने आनन-फानन में मीडिया और लोगों से कह दिया कि इनका नाम 'रानी' है। वहां मौजूद लोगों ने जब उनका पूरा नाम यानी सरनेम पूछा, तो निर्देशक के दिमाग में उस दौर की दिग्गज बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी का नाम कौंध गया। उन्होंने बिना सोचे तुरंत जोड़ दिया—'रानी चटर्जी'।घर में हुआ था भारी विरोध, लेकिन पर्दे पर छा गया यह नामजब शूटिंग पूरी हुई और फिल्म के पोस्टर्स व अखबारों में 'रानी चटर्जी' नाम छपकर सामने आया, तो सबीहा शेख के परिवार में भारी नाराजगी देखने को मिली। मुस्लिम परिवार होने के नाते उनके माता-पिता और रिश्तेदारों को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई कि उनकी बेटी का नाम एक बंगाली ब्राह्मण उपनाम (चटर्जी) के साथ सार्वजनिक किया गया है। खुद सबीहा भी इस नाम को लेकर सहज नहीं थीं और उन्हें लगा था कि यह सिर्फ एक फिल्म तक सीमित रहेगा। लेकिन 2004 में जब 'ससुरा बड़ा पईसावाला' रिलीज हुई, तो उसने भोजपुरी सिनेमा के इतिहास के सारे बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ दिए और फिल्म ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस अप्रत्याशित सफलता के बाद वितरकों और निर्माताओं ने कहा कि 'रानी चटर्जी' नाम उनके लिए लेडी लक बन चुका है, जिसके बाद उन्होंने इसी नाम के साथ अपने फिल्मी सफर को आगे जारी रखने का फैसला किया।450 से ज्यादा फिल्में और दो दशक का बेमिसाल सफररानी चटर्जी ने अपनी मेहनत, दमदार अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर भोजपुरी सिनेमा में वह मुकाम हासिल किया जो बहुत कम अभिनेत्रियों को नसीब होता है। उन्हें अक्सर भोजपुरी इंडस्ट्री की 'दबंग क्वीन' या 'माधुरी दीक्षित' कहा जाता है। उन्होंने कभी भी अपनी धार्मिक पृष्ठभूमि को छुपाया नहीं और कई साक्षात्कारों में पूरी बेबाकी के साथ स्वीकार किया कि वे दिल से एक गर्वित भारतीय और मुस्लिम हैं, लेकिन फिल्मी पर्दे पर वे सिर्फ एक कलाकार हैं जिसका कोई धर्म नहीं होता। आज भी सरकारी दस्तावेजों और पासपोर्ट पर उनका नाम सबीहा शेख ही दर्ज है, जबकि पूरी दुनिया उन्हें रानी चटर्जी के रूप में जानती और सम्मान देती है।
रूस, इटली से यूक्रेन, जर्मनी! विदेशी श्रद्धालुओं ने गया में किया श्राद्ध
पितृपक्ष मेले के दौरान विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में स्थित देवघाट पर कई विदेशी श्रद्धालु पहुंचे. फल्गु नदी के तट पर उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार, पिंडदान और तर्पण किया. विदेशी श्रद्धालुओं के लिए पिंडदान वाले स्थान पर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं.
प्रधानी चुनाव की रंजिश में दो मासूम भाइयों का कत्ल, 5 आरोपी गिरफ्तार
बांदा के नंदवारा गांव में 6 और 4 साल के दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. दोनों बच्चे 30 सितंबर को खेलते समय लापता हुए थे और रात में पड़ोसी के घर के पास नींव के गड्ढे में उनके शव मिले थे. परिजनों ने प्रधानी चुनाव की रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है.
बिहार विधान परिषद चुनाव: Tejashwi Yadav ने INDIA गठबंधन में दरार से किया इनकार
पटना, तीन अक्टूबर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने विधान परिषद चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन में किसी विवाद से शनिवार को इनकार किया और कहा कि गठबंधन में शामिल दल पहले भी ये चुनाव अलग-अलग लड़ चुके हैं। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने 23 अक्टूबर को विधान परिषद की आठ सीट पर होने वाले चुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। यादव ने कहा, चाहे वह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव हों, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के या स्थानीय निकायों में जनप्रतिनिधियों के चुनाव हों, वाम दल, कांग्रेस और राजग हमेशा अलग-अलग लड़ते रहे हैं। उन्होंने यह बात दिल्ली से पटना लौटने के बाद पत्रकारों से कही। वह दिल्ली में आईआरसीटीसी होटल कथित घोटाला मामले में राउज एवेन्यू अदालत में हुई सुनवाई में शामिल होने गए थे। राजद नेता ने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी आगामी विधान परिषद चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी। एक दिन पहले कांग्रेस ने भी विपक्षी गठबंधन के अंदर किसी विवाद की अटकलों को खारिज किया था। कांग्रेस के बिहार अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि पार्टी का फैसला हमारे कार्यकर्ताओं की भावनाओं और जनता की इस धारणा के अनुसार लिया गया है कि कांग्रेस भाजपा के समक्ष मुख्य चुनौती बनकर उभर रही है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस संबंध में एक कार्ययोजना तैयार की है। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने विस्तार से जानकारी दिए बिना कहा, “विपक्षी सांसद छह अक्टूबर को विरोध मार्च निकालेंगे।”उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन सीईसी ज्ञानेश कुमार और “उन्हें सत्ता के उस पद पर पहुंचाने वालों” द्वारा किए गए “पापों” के लिए सजा सुनिश्चित करेगा। दिल्ली में हुई अदालत की सुनवाई के बारे में राजद नेता ने कहा कि उनका परिवार नियमित रूप से अदालती कार्यवाही पर नजर रख रहा है और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने लालू प्रसाद के परिवार को झूठे मामले में फंसाया है।
कन्हैया लाल हत्याकांड में 5 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज
जयपुर/उदयपुर। उदयपुर के चर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड से जुड़े मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने पांच आरोपियों को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने वसीम अली, मुस्लिम खान, मोहसिन खान, मोहम्मद मोहसिन और आसिफ हुसैन की ओर से दायर अलग-अलग जमानत याचिकाएं […] The post कन्हैया लाल हत्याकांड में 5 आरोपियों को राजस्थान हाईकोर्ट से झटका, जमानत याचिकाएं खारिज appeared first on Sabguru News .
पूर्व एडल्ट स्टार से सोशल मीडिया सेलिब्रिटी और फैशन इन्फ्लुएंसर बनीं मिया खलीफा एक बार फिर अपने नए और बोल्ड अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर छा गई हैं। अपनी बेबाक पर्सनैलिटी और अलग फैशन सेंस के लिए पहचानी जाने वाली मिया ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ बेहद ग्लैमरस तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों में वे कैजुअल स्पोर्ट्स वियर को बोल्ड और कंटेम्पररी अंदाज में पेश करती नजर आ रही हैं। फुटबॉल जर्सी और स्टाइलिश बूट्स के इस अनूठे कॉम्बिनेशन में उन्होंने अपने टोंड लेग्स और कर्वी फिगर को फ्लॉन्ट किया है, जिसे देखकर फैंस पूरी तरह से मदहोश हो गए हैं।फुटबॉल टॉप और लेदर बूट्स का फ्यूजन: स्पोर्ट्सवियर को दिया सुपर-बोल्ड ट्विस्टमिया खलीफा ने अपने इस फोटोशूट के लिए खेल और स्ट्रीट फैशन का ऐसा अनोखा तालमेल चुना है जो सीधे ट्रेंड बन गया है:स्पोर्ट्स जर्सी लुक: मिया ने एक ढीली (Oversized) फुटबॉल क्लब थीम वाली जर्सी पहनी है, जिसे उन्होंने ड्रेस की तरह स्टाइल किया है। इस आउटफिट में उनका स्पोर्टी और बेपरवाह अंदाज साफ नजर आ रहा है।हाई बूट्स का स्वैग: अपने इस लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने क्लासिक फुटवियर के बजाय घुटनों तक ऊंचे स्टाइलिश लेदर बूट्स कैरी किए हैं। इस संयोजन ने उनके पैरों की टोंड बनावट को खूबसूरती से उभारा है और पूरे लुक को सिजलिंग टच दिया है।मिनिमल मेकअप और सिग्नेचर स्टाइल: बालों को कैजुअल खुले अंदाज में रखते हुए उन्होंने न्यूड-सटल मेकअप और अपने सिग्नेचर चश्मे (Glasses) के साथ इस लुक को कंप्लीट किया, जो उनकी पहचान माना जाता है।तस्वीरों पर फैंस का रिएक्शन: कमेंट सेक्शन में आई तारीफों की बाढ़मिया की ये तस्वीरें पोस्ट होते ही इंस्टाग्राम और ट्विटर (एक्स) पर वायरल हो गईं और कुछ ही घंटों में लाखों लाइक्स व हजारों कमेंट्स आ चुके हैं। उनके चाहने वाले कमेंट बॉक्स में हार्ट और फायर इमोजीस की बारिश कर रहे हैं:एक फैन ने कमेंट किया, मिया हर परिधान में जान फूंक देती हैं, इस स्पोर्टी लुक में उनका ग्लैमर नेक्स्ट लेवल है।वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, फुटबॉल जर्सी को इतना हॉट और सिजलिंग पहले कभी किसी ने नहीं बनाया।कई स्पोर्ट्स लवर्स और फैशन फॉलोअर्स ने उनके इस फ्यूजन फैशन को आने वाले दिनों के लिए एक नया यूथ ट्रेंड करार दिया है।फुटबॉल के प्रति मिया खलीफा का पुराना लगावयह पहला मौका नहीं है जब मिया खलीफा का नाम फुटबॉल जगत से जुड़ा हो। वे लंबे समय से यूरोपीय फुटबॉल और इंग्लिश प्रीमियर लीग की बड़ी प्रशंसक रही हैं। मिया कई बार प्रीमियर लीग के क्लब वेस्ट हैम यूनाइटेड (West Ham United) का खुलकर समर्थन करती नजर आ चुकी हैं और मैच के दौरान स्टेडियम में भी दिखाई दी हैं। बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के दौरान वे सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा टीमों और खिलाड़ियों को लेकर नियमित पोस्ट साझा करती रहती हैं। खेल के प्रति उनकी इसी दिलचस्पी के चलते फैंस उनके स्पोर्ट्स-थीम वाले लुक्स को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।सोशल मीडिया और फैशन वर्ल्ड में लगातार बढ़ रहा है मिया का दबदबाएडल्ट एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को कई साल पहले अलविदा कहने के बाद मिया खलीफा ने खुद को एक ग्लोबल फैशन आइकन, मॉडल और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी के रूप में स्थापित किया है। वे पेरिस और मिलान जैसे बड़े फैशन वीक्स में प्रतिष्ठित लग्जरी ब्रांड्स के फ्रंट रो में नजर आती हैं। अपने करोड़ों फॉलोअर्स के साथ वे अक्सर ऐसे फोटोशूट्स साझा करती हैं जो बोल्डनेस, कॉन्फिडेंस और मॉडर्न लाइफस्टाइल का अनूठा मिश्रण पेश करते हैं। उनका यह हालिया फुटबॉल बूट्स लुक भी साबित करता है कि वे सोशल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने का हुनर बखूबी जानती हैं।
तिरुअनंतपुरम निगम में भाजपा को झटका, पूर्व डीजीपी श्रीलेखा पार्षद पद से ने दिया इस्तीफा
पूर्व डीजीपी आर. श्रीलेखा ने तिरुअनंतपुरम नगर निगम के पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे भाजपा के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।
ओडिशा तट पर ओलिव रिडले कछुओं के तीन वर्षीय अध्ययन के पहले साल में एक मादा कछुए ने 271 दिनों में 6,719 किमी यात्रा कर श्रीलंका के पूर्वी समुद्री क्षेत्र तक पहुंचने का रिकॉर्ड दर्ज किया। WII के नेतृत्व वाली स्टडी में 10 कछुओं की 1,748 दिनों तक सैटेलाइट ट्रैकिंग और 2025-26 नेस्टिंग सीजन में 1,390 कछुओं व 67 मेटिंग जोड़ों का सर्वे शामिल है।
चेन्नई से अजमेर पहुंचे 80 श्रावक-श्राविकाएं, जैन श्री संघ ने किया आत्मीय स्वागत
अजमेर। चेन्नई से अजमेर पहुंचे जैन समाज के 80 श्रावक-श्राविकाओं का शनिवार को बीके कौल नगर स्थित मणीपुंज सेवा संस्थान में अजमेर जैन श्री संघ की ओर से आत्मीय स्वागत किया गया। दो बसों में अजमेर पहुंचे श्रद्धालु महासती श्री विनय प्रज्ञा जी म.सा. एवं श्री विधि प्रज्ञा जी म.सा. आदि ठाणा-2 के दर्शन-वंदन के […] The post चेन्नई से अजमेर पहुंचे 80 श्रावक-श्राविकाएं, जैन श्री संघ ने किया आत्मीय स्वागत appeared first on Sabguru News .
जंतर-मंतर घटना पर महिला पत्रकार के आरोपों को लेकर गरमाई राजनीति, राहुल गांधी ने उठाए सवाल
जंतर-मंतर पर एक महिला पत्रकार द्वारा पुलिस के एक अधिकारी पर कथित बदसलूकी का आरोप लगाए जाने के बाद मामला राजनीतिक रंग पकड़ता नजर आ रहा है
SIR प्रक्रिया पर भड़के Prakash Raj, बोले अब CEC ज्ञानेश कुमार के विसर्जन की बारी
(फोटो के साथ)हैदराबाद, तीन अक्टूबर अभिनेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आलोचना करते हुए शनिवार को कहा कि गणेश चतुर्थी के उत्सव के तहत गणेश प्रतिमाओं का ‘विसर्जन’ हो चुका है और अब मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का ‘विसर्जन’ होना बाकी है। मीडिया में आई उन खबरों का हवाला देते हुए कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं द्वारा नाम शामिल किए जाने के लिए दायर 38 लाख अपीलें न्यायाधिकरणों के समक्ष लंबित हैं और इनके निपटारे में 10-12 साल लग सकते हैं, उन्होंने सवाल किया कि क्या इतनी बड़ी संख्या में आवेदकों को इतने लंबे समय तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूरे देश में गणेश विसर्जन हो चुका है। अब ज्ञानेश कुमार के विसर्जन की बारी है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि जब एसआईआर की शुरुआत हुई थी, तब इसे मतदाता सूची के शुद्धीकरण की प्रक्रिया बताया गया था, लेकिन अब यह सामने आया है कि यह समावेशी प्रक्रिया के बजाय नाम हटाने की प्रक्रिया बन गई है। प्रकाश राज ने कहा कि उन्होंने विभिन्न जिलों का 10-दिवसीय दौरा कर लोगों से मुलाकात की और उन्हें बताया गया कि केवल इसलिए उनके नाम मतदाता सूची से ‘‘हटा दिए गए’’, क्योंकि जब बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) उनके घर पहुंचे, तब वे घर में मौजूद नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के सिलसिले में दूसरे स्थानों पर गये दिहाड़ी मजदूरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या ‘मन की बात’ करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले से ही एसआईआर की प्रक्रिया के बारे में लोगों को समझाया था। प्रकाश राज ने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि एसआईआर की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और इसे पूरी तरह रद्द किया जाये।’’इस बीच, भाजपा की तेलंगाना इकाई के मुख्य प्रवक्ता एन. वी. सुभाष ने सीईसी के खिलाफ की गई प्रकाश राज की “अपमानजनक” टिप्पणी की कड़ी आलोचना की। सुभाष ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रकाश राज को निर्वाचन आयोग की आलोचना करने का अधिकार हो सकता है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त की तुलना प्रतिमा विसर्जन से करना राजनीतिक आलोचना की सीमा से आगे बढ़कर एक संवैधानिक संस्था के प्रति अनादर है। लोकतंत्र में उपहास नहीं, बल्कि सार्थक बहस की आवश्यकता होती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रकाश राज को एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है, तो उन्हें ‘भड़काऊ बयानबाजी’ करने के बजाय उचित मंच के समक्ष तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत करने चाहिए।
'कोई डेडलाइन नहीं', शेख हसीना पर भारत का बांग्लादेश को जवाब
शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहा है और इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बने हालात के बीच हसीना को भारत आने से रोकने का भारत के पास ज्यादा विकल्प नहीं था.
गोवर्धन पूजा से पहले 3 बड़े संकल्प, 168 नई गौ-एंबुलेंस और ₹1 लाख का पुरस्कार
MP News: भोपाल में गौपालक सम्मेलन में CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान. 168 नई गौ-एंबुलेंस , गौशाला अनुदान 40 रुपये प्रति गाय और उत्कृष्ट गौपालकों को 1 लाख रुपये तक का पुरस्कार. जानिए मध्यप्रदेश की नई श्वेत क्रांति 2.0 की पूरी योजना.
पंचायतीराज आम चुनाव : अजमेर जिले में आदर्श आचार संहिता की पालना होगी सुनिश्चित
अजमेर। पंचायतीराज आम चुनाव 2026 के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही अजमेर जिले के संबंधित पंचायतीराज क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो गई है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहने वाली आचार संहिता के तहत सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों से राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाने के साथ ही सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग पर […] The post पंचायतीराज आम चुनाव : अजमेर जिले में आदर्श आचार संहिता की पालना होगी सुनिश्चित appeared first on Sabguru News .
महिला कॉन्स्टेबल महिलाओं की ब्रा खींच रही, नेहा बोरा ने किस पर लगाए गंभीर आरोप
नेहा बोरा ने बस में हिरासत में लिए जाने के दौरान कैमरों से बातचीत में कहा कि प्रीति नाम है महिला कॉन्स्टेबल का। कोहनी, नाखून मार रही है, ब्रा खींच रही है। नेहा ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही हैं।
लूडो खेलते-खेलते हुआ विवाद, ड्राइवर ने कैंची से गोदकर दोस्त को मार डाला
लखनऊ में पुरनिया फ्लाईओवर के नीचे शनिवार शाम दोस्तों के बीच मामूली विवाद खूनी वारदात में बदल गया. लूडो खेलने और शराब पीने के दौरान हुई कहासुनी के बाद प्रदीप ने मालिश की दुकान से कैंची उठाकर राहुल अवस्थी पर कई वार कर दिए. गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे राहुल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. आरोपी पुलिस हिरासत में है.
CEC ज्ञानेश कुमार के Agra आवास पर प्रदर्शन मामले में छह Congress कार्यकर्ताओं को मिली जमानत
आगरा/लखनऊ (उप्र), तीन अक्टूबर आगरा की एक अदालत ने शनिवार को उन छह कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी, जिन्हें पिछले सप्ताह एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहरी गेट और दीवार पर कथित तौर पर नारे लिखने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों के एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। इस बीच कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई की अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जमानत मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए इसे ‘‘न्याय की जीत’’ बताया। अधिवक्ता संतोष दीक्षित ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शारिब अली की अदालत ने आगरा जिला जेल में बंद सभी छह आरोपियों को जमानत दे दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में अन्य धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) भी लगाई थी, लेकिन अदालत के समक्ष पुलिस इस धारा को लगाए जाने के समर्थन में पर्याप्त आधार पेश नहीं कर सकी। दीक्षित के अनुसार, पिछली सुनवाई में अदालत ने पुलिस को धारा 109 के संबंध में आवश्यक जांच करने और यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि यह धारा किन तथ्यों, चोटों, चिकित्सकीय साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान या अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर लगाई गई है। अदालत ने जांच अधिकारी को तीन अक्टूबर तक जांच पूरी करने और हत्या के प्रयास का मामला नहीं बनने की स्थिति में संबंधित धारा हटाकर इसका उल्लेख केस डायरी में करने का भी निर्देश दिया था। दीक्षित ने बताया कि पुलिस हत्या के प्रयास का मामला साबित करने के लिए पर्याप्त आधार पेश नहीं कर सकी, जिसके बाद अदालत ने सभी छह आरोपियों को जमानत दे दी। उन्होंने कहा कि अदालत ने मामले से निपटने के पुलिस के तरीके पर भी नाराजगी जताई। दीक्षित ने बताया कि अदालत के आदेश के बाद छह आरोपियों-कांग्रेस नेता मुकेश धनगर, अनिल यादव, राजेश कुमार, मनोज गौर, राजेश गौतम और पंकज चौधरी- ने 20-20 हजार रुपये के जमानती मुचलके भरे। कांग्रेस के आगरा शहर अध्यक्ष अमित सिंह ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पार्टी की लड़ाई ‘‘लोकतंत्र और संविधान को बचाने’’ की है। सिंह ने कहा, ‘‘पुलिस द्वारा लगाई गई गंभीर धारा को अदालत ने हटा दिया है। यह लोकतंत्र की जीत है।’’उन्होंने कहा कि कुमार के मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से इस्तीफा देने तक कांग्रेस अपना आंदोलन जारी रखेगी। यह मामला 28 सितंबर की एक घटना से जुड़ा है, जब कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान विजय नगर इलाके में कुमार के आवास के बाहरी गेट और दीवार पर काले रंग से कथित तौर पर नारे लिखे थे। पुलिस ने एक उप निरीक्षक की शिकायत पर आठ नामजद और 15-20 अज्ञात कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ हरीपर्वत थाने में मामला दर्ज किया था। आरोपियों के खिलाफ शुरुआत में बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इनमें धारा 109 (हत्या का प्रयास), धारा 121 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना), धारा 126 (गलत तरीके से रोकना), धारा 132 (लोक सेवक पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) तथा दंगा, घर में अनधिकृत प्रवेश, आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान करने से संबंधित धाराएं शामिल थीं। छह आरोपियों को 29 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जेल भेज दिया गया। यह घटना कुमार के खिलाफ ‘‘वोट चोरी’’ के आरोप को लेकर कांग्रेस के देशव्यापी आंदोलन के बीच हुई। आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जमानत को ‘‘न्याय की जीत’’ बताया और जमानत दिलाने के प्रयासों के लिए पार्टी के विधि विभाग, स्थानीय संगठन तथा पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का आभार जताया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अंशू अवस्थी के अनुसार, मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा ‘‘वोट चोरी’’ किए जाने की बात उजागर हो चुकी है और राहुल गांधी पहले ही इस मुद्दे को उठा चुके हैं। उन्होंने भाजपा पर लोगों के वोट ‘‘चोरी’’ कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया और दावा किया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने संवैधानिक पद पर रहते हुए लोगों के साथ धोखा किया है। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी।
शेख हसीना का 2024 में स्वागत करने के अलावा भारत के पास शायद ही कोई विकल्प था: दिनेश त्रिवेदी
बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने दोनों देशों के बीच व्यापक रिश्तों पर भी जोर दिया और कहा कि ये रिश्ते सिर्फ लेन-देन के हितों से कहीं आगे हैं. उन्होंने शेख हसीना को शरण देने के भारत के फैसले पर भी खुलकर बात की.
एशियन गेम्स 2026: भारतीय मेंस हॉकी टीम ने जीता गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 के पुरुष हॉकी फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया. कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल दागे, जबकि जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने एक-एक गोल किया. इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालिफाई कर लिया.
पंचायतीराज चुनाव की घोषणा के साथ अजमेर में निषेधाज्ञा लागू, रैली-जुलूस पर रोक
अजमेर। पंचायतीराज आम चुनाव-2026 की घोषणा के साथ अजमेर जिले में कानून-व्यवस्था और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट लोक बंधु ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के तहत बिना अनुमति सभा, जुलूस, रैली और सार्वजनिक […] The post पंचायतीराज चुनाव की घोषणा के साथ अजमेर में निषेधाज्ञा लागू, रैली-जुलूस पर रोक appeared first on Sabguru News .
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार से बातचीत की अपील की, SIR और इबादतगाहों से जुड़े मामलों पर उठाए सवाल
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार से सार्वजनिक मुद्दों पर टकराव के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। संगठन ने SIR में कथित अनियमितताओं, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंधों और इबादतगाहों के खिलाफ कार्रवाई पर चिंता जताई। ये संगठन के आरोप और मांगें हैं; स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष के तौर पर इन्हें पेश नहीं किया गया है।
देश के सबसे समृद्ध राज्यों में गिने जाने वाले महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों से अन्नदाताओं की बेबसी और बदहाली की दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है। राज्य के विदर्भ अंचल अंतर्गत आने वाले अकोला जिले में पिछले महज 7 दिनों के भीतर 4 कर्जदार किसानों ने मौत को गले लगा लिया है। मॉनसून की भारी बेरुखी, बारिश के अभाव में खेतों में खड़ी फसलों के सूखने और बैंकों व साहूकारों के बढ़ते कर्ज के दबाव ने किसानों को इस चरम और आत्मघाती कदम की ओर धकेल दिया है। लगातार हो रही इन मौतों ने राज्य प्रशासन, कृषि नीतियों और आपदा राहत तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अकोला में एक के बाद एक 4 मौतें: सूख चुके कुएं में कूदकर दी जानविदर्भ के अकोला जिले में बीते एक सप्ताह के दौरान जिन चार किसानों की जान गई है, उनकी व्यथा लगभग एक जैसी है—कर्ज का बोझ और बर्बाद होती फसल।सुकोडा गांव की त्रासदी: सुकोडा निवासी संतोष नेमाडे ने गांव के ही एक पूरी तरह सूख चुके कुएं में छलांग लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजनों के मुताबिक संतोष ने कर्ज उठाकर करीब दो एकड़ जमीन में सोयाबीन की बुवाई की थी। लंबे समय से बारिश न होने के कारण पूरी फसल जलकर खाक हो गई। पिछले तीन-चार दिनों से वे कर्ज चुकाने की भारी चिंता में थे और इसी मानसिक तनाव ने उनकी जान ले ली।अन्य किसानों ने भी गंवाई जान: इसी जिले के गाजीपुर गांव के सतीश पटोंड, सिंदखेड़-मोरेश्वर के देवीदास डाबेराव और खापरखेड़ के गणेश भोकरे ने भी कर्ज और फसल नुकसान के चलते आत्महत्या कर ली। एक ही हफ्ते में चार घरों के चिराग बुझने से पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है।सोयाबीन झुलसी और कपास में नहीं आए फूल, चारे का भी संकटइस वर्ष महाराष्ट्र के कई हिस्सों, विशेषकर विदर्भ और मराठवाड़ा में मॉनसून ने किसानों को बड़ा झटका दिया है। समय पर और पर्याप्त बारिश न होने के कारण अकोला सहित आसपास के जिलों में सोयाबीन की फसल खेतों में ही सूख चुकी है।वहीं नकदी फसल कपास की बात करें तो पानी की कमी के चलते पौधों में उम्मीद के मुताबिक फूल और गूलर नहीं आए हैं।किसानों का कहना है कि उन्होंने महंगे दामों पर बीज, खाद और कीटनाशक खरीदे थे, जिसके लिए सहकारी बैंकों और स्थानीय साहूकारों से ऊंचा ब्याज देकर कर्ज लिया था।हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि मवेशियों के लिए पीने का पानी और हरा चारा तक मिलना मुश्किल हो गया है।एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं विदर्भ-मराठवाड़ा का पुराना दर्दमहाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का संकट कोई नया नहीं है, बल्कि यह दशकों से चली आ रही एक अनसुलझी त्रासदी है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वार्षिक रिपोर्टों के मुताबिक, देश भर में कृषि और किसानी से जुड़े लोगों की आत्महत्या के मामलों में महाराष्ट्र लगातार पहले पायदान पर बना रहता है। देश में होने वाली किसानों की कुल आत्महत्याओं में से लगभग हर दूसरी या तीसरी मौत अकेले महाराष्ट्र में दर्ज होती है। प्राकृतिक आपदाओं की अनिश्चितता, भूजल स्तर का पाताल में जाना, सिंचाई परियोजनाओं का अधूरा रहना और कृषि उपजों के उचित व लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का अभाव किसानों को स्थायी कर्ज के जाल में फंसाए रखता है।केवल कागजी घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, तत्काल राहत पैकेज की मांगअकोला और विदर्भ के किसान संगठनों व स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दो टूक कहा है कि सरकार को केवल आश्वासनों और औपचारिक बयानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। किसानों की मांग है कि:प्रभावित जिलों में तत्काल सूखा घोषित किया जाए और फसलों के नुकसान का युद्धस्तर पर पंचनामा कराया जाए।बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा कर्ज वसूली के लिए भेजे जा रहे नोटिसों और दबाव पर तुरंत रोक लगाई जाए।पीड़ित परिवारों को विशेष आर्थिक मुआवजा देने के साथ-साथ अगली फसल की बुवाई और मवेशियों के चारे के लिए सीधी नकद सहायता उपलब्ध कराई जाए।
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद और नार्को-टेरर सिंडिकेट के खिलाफ सुरक्षा बलों ने निर्णायक प्रहार किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा जारी ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी और उससे होने वाली आतंकी फंडिंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत अब तक ₹138 करोड़ से अधिक मूल्य की 288 अवैध संपत्तियां कुर्क (Attach) की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने तस्करों और आतंकियों के मददगारों से 80 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि भी जब्त की है। संपत्ति जब्ती और वित्तीय चोट पहुंचाने के मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस पूरे भारत में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है।सितंबर महीने में 4 बड़े एनकाउंटर, 5 विदेशी आतंकी ढेर और हथियारों का जखीरा बरामदघाटी से लेकर पीर पंजाल और जम्मू संभाग के घने जंगलों तक चले आतंकवाद विरोधी अभियानों में सितंबर का महीना सुरक्षा बलों के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत सफल रहा। डीजीपी के अनुसार, सितंबर के दौरान आतंकवाद विरोधी चार बड़े संयुक्त ऑपरेशनों में 5 खूंखार आतंकवादी मार गिराए गए।बरामद विदेशी हथियार: मुठभेड़ स्थलों से सुरक्षा बलों ने अमेरिकी मूल की घातक M4 कार्बाइन, एके-47 असॉल्ट राइफलें, ऑटोमैटिक साइडआर्म्स, भारी मात्रा में जिंदा गोला-बारूद, हैंड ग्रेनेड और आधुनिक विदेशी कम्युनिकेशन सेट्स बरामद किए।उद्देश्य: इन सफल मुठभेड़ों का सीधा उद्देश्य नियंत्रण रेखा (LoC) पार से घुसपैठ करने वाले विदेशी आतंकवादियों का पूरी तरह सफाया करना और उन्हें स्थानीय स्तर पर मिलने वाली लॉजिस्टिक व पनाह की व्यवस्था को नेस्तनाबूद करना था।नशा तस्करी के 3,257 मामले दर्ज, 4 हजार तस्कर सलाखों के पीछेजम्मू-कश्मीर पुलिस ने राज्य की युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने और ड्रग्स के पैसों से चलने वाले आतंकी तंत्र को रोकने के लिए बहुआयामी कार्रवाई की है।रिकॉर्ड गिरफ्तारियां: राज्य भर में अब तक एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 3,257 से अधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 2,500 से अधिक मामलों का त्वरित निस्तारण किया जा चुका है।दोषसिद्धि में तेजी: इस सघन अभियान के दौरान करीब 4,000 नशा तस्करों और तस्कर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि मजबूत चार्जशीट और प्रभावी पैरवी के चलते 170 अपराधियों को अदालतों से सजा (Conviction) भी दिलाई जा चुकी है।PIT-NDPS का कठोर उपयोग: नार्को-सिंडिकेट के शीर्ष सरगनाओं को बिना जमानत जेल में रखने के लिए निवारक हिरासत कानून (PIT-NDPS Act) के तहत 144 कुख्यात तस्करों को निरुद्ध किया गया है, जो देश भर में सर्वाधिक है।टेरर हैंडलर्स और OGWs की संपत्तियों पर UAPA के तहत शिकंजाआतंकवादियों के मददगारों (ओवर-ग्राउंड वर्कर्स यानी OGWs) और पाकिस्तान में बैठकर घाटी में दहशत फैलाने वाले टेरर हैंडलर्स के खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत संपत्तियों की कुर्की की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाना देने, गाड़ियां उपलब्ध कराने या उनके लिए भोजन और हथियार पहुंचाने वाले मकानों व जमीनों को जब्त कर राज्य के नियंत्रण में लिया जा रहा है। श्रीनगर और जम्मू के पुलिस कप्तानों के अनुसार, पूरी सप्लाई चेन की कड़ियों—ड्रग्स के मूल स्रोत, भंडारण केंद्र, वितरण गिरोह और उससे मिलने वाले मुनाफे के अंतिम लाभार्थियों—की पहचान कर उन्हें अदालत के कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।युवाओं को जोड़ने के लिए खेल और सामुदायिक पुलिसिंग पर जोरडीजीपी ने रेखांकित किया कि आतंकवाद और नशे के नेटवर्क पर सख्त कानून प्रवर्तन के साथ-साथ पुलिस युवाओं को रचनात्मक और मुख्यधारा की गतिविधियों से जोड़ने में जुटी है। डल झील में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन और खेल आयोजनों में हजारों बच्चों और युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि घाटी की जनता अब हिंसा और विनाश के बजाय शांति, खेल और विकास को गले लगा रही है। पुलिस का यह दोहरा मॉडल—एक तरफ आतंक व नशे पर जीरो टॉलरेंस और दूसरी तरफ स्थानीय आबादी के साथ गहरा जनसंवाद—जम्मू-कश्मीर में स्थायी शांति की मजबूत नींव रख रहा है।
'भारत के पास नया हीरो है, कभी नहीं भूलेंगे', कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ में बोला इजरायल
बिलबोर्ड पर लिखा है, 'जिंदगियां बचाने के लिए धन्यवाद कैप्टन स्मित। हम आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं।' यानिव रेवाच ने पोस्ट में भी कैप्टन मच्छार का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि इजरायल उनके इस काम को याद रखेगा।
राख से बनाएं बर्तन धोने का साबुन, जिद्दी से जिद्दी चिकनाई होगी साफ
Homemade Dishwashing Soap: बर्तनों की जिद्दी चिकनाई और जले हुए दागों से मुक्ति पाने के लिए घर पर बनाएं लकड़ी की राख, नींबू और सिरके से बना केमिकल-फ्री साबुन बनाई जा सकती है. इसे बनाना बहुत ही आसान है.
बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल और शेख हसीना सरकार के पतन के बाद देश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही है। मानवाधिकार संस्थाओं और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से सामने आए ताजा आंकड़ों ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते 8 महीनों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में उग्र भीड़ द्वारा पीट-पीटकर कम से कम 154 लोगों की बेरहमी से हत्या (Mob Lynching) कर दी गई है। सड़क से लेकर कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों तक हालात ऐसे हो चुके हैं मानो भीड़ ने खुद को अदालत घोषित कर दिया हो—जहां किसी पर भी महज शक के आधार पर आरोप तय होता है, बिना किसी पुलिस जांच के फैसला सुनाया जाता है और मौके पर ही मौत की सजा दे दी जाती है।न सबूत, न निष्पक्ष जांच: महज अफवाहों और आरोपों पर बर्बरतारिपोर्ट्स के अनुसार, इन मॉब लिंचिंग की अधिकांश घटनाओं में पीड़ितों को अपनी बेगुनाही साबित करने या पुलिस से सुरक्षा मांगने का कोई मौका तक नहीं दिया गया।चोरी और डकैती के झूठे शक: कई मामलों में मामूली चोरी, मवेशी चुराने या आपसी रंजिश के मामलों को भीड़ ने मौके पर ही 'कंगारू कोर्ट' (Kangaroo Court) में बदल दिया।कथित ईशनिंदा और धार्मिक आरोप: धार्मिक भावनाओं को आहत करने या ईशनिंदा के मनगढ़ंत आरोपों के नाम पर अल्पसंख्यकों और असहाय नागरिकों को निशाना बनाया गया। हालिया महीनों में मयमनसिंह, रंगपुर और चटगांव जैसे इलाकों में कई ऐसे मामले दर्ज हुए जहां बिना किसी प्राथमिक जांच के लोगों को पीट-पीटकर मार डाला गया और उनके शवों तक को जला दिया गया।सहकर्मियों और परिचितों का विश्वासघात: जांच एजेंसियों की रिपोर्टों से यह भी खुलासा हुआ है कि कई मामलों में फैक्ट्रियों और दफ्तरों के प्रबंधकों ने उग्र भीड़ के दबाव में आकर खुद अपने ही कर्मचारियों को भीड़ के हवाले कर दिया ताकि संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।पुलिस व्यवस्था पस्त, वर्दी का खौफ खत्म होने से मनमानीविशेषज्ञों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं (Human Rights Activists) का मानना है कि बांग्लादेश में पुलिसिंग व्यवस्था पूरी तरह निष्क्रिय और भयभीत हो चुकी है। जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन और हिंसक विद्रोह के बाद से पुलिसकर्मियों के मनोबल में भारी गिरावट आई है।कई घटनाओं के दौरान जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उग्र और हिंसक भीड़ को देखकर वह या तो पीछे हट गई या केवल मूकदर्शक बनी रही।थानों और सुरक्षा बलों की असमर्थता का फायदा उठाकर चरमपंथी तत्व, असामाजिक गिरोह और कट्टरपंथी संगठन कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं।न्यायपालिका और कानूनी प्रक्रिया पर अविश्वास का ऐसा माहौल खड़ा किया जा रहा है जिससे आम जनता का संवैधानिक संस्थाओं से भरोसा उठ रहा है।अल्पसंख्यकों और राजनीतिक विरोधियों पर बढ़ा खतरा8 महीने में 154 लोगों की लिंचिंग का यह आंकड़ा केवल सामान्य अपराधों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने देश के अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय, अन्य धार्मिक समूहों और पूर्ववर्ती सत्ता से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार आयोगों का कहना है कि जब समाज में भीड़ को सजा देने की खुली छूट मिल जाती है, तो इसका सबसे पहला शिकार समाज के कमजोर और अल्पसंख्यक वर्ग बनते हैं। विश्व स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने भी अंतरिम प्रशासन से तुरंत सख्त कदम उठाने और कानून का राज बहाल करने की अपील की है।अंतरिम सरकार की निष्क्रियता पर उठ रहे सवालमोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तमाम दावों और सख्त बयानों के बावजूद जमीनी स्तर पर भीड़ हिंसा की घटनाओं में कोई कमी नहीं आ रही है। यद्यपि कुछ चुनिंदा हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारियां की गई हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर त्वरित सजा और कानून के प्रति खौफ न होने के कारण ऐसी बर्बरता बार-बार दोहराई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि अंतरिम सरकार ने त्वरित न्याय, पुलिस सुधार और मॉब लिंचिंग में शामिल तत्वों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा सुनिश्चित नहीं की, तो बांग्लादेश पूरी तरह एक अराजक और कानूनविहीन 'भीड़तंत्र' में तब्दील हो जाएगा।
यूपी होमगार्ड भर्ती 2026 का रिजल्ट जारी, 41 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का चयन
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती 2026 में अब चयनित उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया जाएगा जबकि 7,600 नए पदों पर भर्ती की तैयारी भी शुरू होगी.
दुबई के क्राउन प्रिंस ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा
दुबई। फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और जिम्मेदारी की दुबई के क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद ने सराहना की है। क्राउन प्रिंस ने कैप्टन मच्छार से मुलाकात कर मानव जीवन की रक्षा के प्रति उनके समर्पण को लेकर प्रशंसा व्यक्त की। मुलाकात के दौरान हमदान बिन मोहम्मद ने कहा कि कैप्टन […] The post दुबई के क्राउन प्रिंस ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा appeared first on Sabguru News .
नौकरीपेशा युवाओं और मध्यम वर्गीय वेतनभोगियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि महीने की आवश्यक जरूरतों और जीवनशैली के खर्चों को पूरा करने के बाद भविष्य के लिए कितनी रकम बचाकर निवेश करनी चाहिए। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CAs) और सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर्स के अनुसार, वेल्थ क्रिएशन (धन सृजन) में यह मायने नहीं रखता कि आपकी सैलरी कितनी बड़ी है, बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आप अपनी आय का कितना प्रतिशत अनुशासित तरीके से हर महीने निवेश करते हैं। यदि आपका टेक-होम वेतन ₹40,000 से ₹50,000 के दायरे में है, तो सही समय पर शुरू की गई एक संतुलित म्यूचुअल फंड एसआईपी (Systematic Investment Plan) आने वाले 15 से 20 वर्षों में आपको वित्तीय स्वतंत्रता दिला सकती है।50-30-20 का गोल्डन रूल: सैलरी का सही बंटवारा कैसे करें?वित्तीय योजना का सबसे लोकप्रिय और वैज्ञानिक नियम '50-30-20' बजटिंग मॉडल है। इसके तहत आपकी इन-हैंड सैलरी को तीन अनिवार्य हिस्सों में विभाजित किया जाता है:50% अनिवार्य जरूरतें (Needs): इसमें घर का किराया या होम लोन ईएमआई, राशन, बच्चों की फीस, बिजली-पानी का बिल और मेडिकल खर्च शामिल होते हैं।30% व्यक्तिगत इच्छाएं (Wants): वीकेंड आउटिंग, गैजेट्स, शॉपिंग, सिनेमा और छुट्टियों पर यात्रा का खर्च।20% भविष्य की बचत और निवेश (Savings/Investments): यह हिस्सा आपातकालीन फंड और दीर्घकालिक म्यूचुअल फंड एसआईपी के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए।सैलरी स्लैब के आधार पर न्यूनतम और आक्रामक एसआईपी लक्ष्यमासिक सैलरी (In-hand)20% स्टैंडर्ड SIP (न्यूनतम लक्ष्य)30% आक्रामक SIP (यदि खर्चे सीमित हों)₹40,000₹8,000 प्रति माह₹12,000 प्रति माह₹45,000₹9,000 प्रति माह₹13,500 प्रति माह₹50,000₹10,000 प्रति माह₹15,000 प्रति माहयदि आपके ऊपर कोई बड़ी ईएमआई या पारिवारिक देनदारी नहीं है, तो सीए सलाह देते हैं कि 'इच्छाओं' के बजट को 30% से घटाकर 20% करें और अपनी एसआईपी को 30% तक ले जाएं।₹10,000 की मासिक SIP से 15 से 20 साल में कितना फंड बनेगा?म्यूचुअल फंड इक्विटी योजनाओं में लंबी अवधि में ऐतिहासिक रूप से औसतन 12% का सीएजीआर (CAGR) रिटर्न देखने को मिलता है। यदि ₹50,000 की सैलरी में से आप ₹10,000 प्रति माह की एसआईपी निरंतर जारी रखते हैं, तो कंपाउंडिंग की शक्ति से बनने वाला कॉर्पस इस प्रकार होगा:समयावधि (Tenure)कुल निवेशित पूंजी (Invested Amount)अनुमानित संपत्ति (@12% वार्षिक रिटर्न)10 वर्ष₹12,00,000₹23,23,39115 वर्ष₹18,00,000₹50,45,76020 वर्ष₹24,00,000₹99,91,479 (~₹1 करोड़)25 वर्ष₹30,00,000₹1,89,76,351 (~₹1.9 करोड़)मात्र ₹10,000 प्रति माह की अनुशासित बचत 20 साल में लगभग 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर देती है, जिसमें मूल निवेश केवल ₹24 लाख होता है और अर्जित वेल्थ गेन ₹75 लाख से अधिक रहता है।पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: किन फंड्स में बांटें अपनी SIP?पूरी एसआईपी राशि को किसी एक फंड में लगाने के बजाय उसे जोखिम और विकास के आधार पर विभाजित करना समझदारी है:लार्ज कैप या निफ्टी 50 इंडेक्स फंड (40% - ₹4,000): पोर्टफोलियो को स्थिरता देने के लिए देश की शीर्ष 50 ब्लूचिप कंपनियों में निवेश।फ्लेक्सी कैप या मल्टी कैप फंड (30% - ₹3,000): फंड मैनेजर को बाजार की परिस्थितियों के अनुसार लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में स्विच करने की छूट।मिड कैप फंड (20% - ₹2,000): मध्यम आकार की तेजी से बढ़ती कंपनियों के जरिए औसत रिटर्न को बूस्ट करने के लिए।स्मॉल कैप फंड (10% - ₹1,000): उच्च जोखिम और लंबी अवधि में असाधारण अल्फा जनरेट करने के लिए।10% स्टेप-अप SIP का जादुई फॉर्मूलाकरियर बढ़ने के साथ सैलरी में वार्षिक इन्क्रीमेंट भी होता है। सीए की सबसे महत्वपूर्ण सलाह होती है कि हर साल अपनी एसआईपी राशि में कम से कम 10% का इजाफा (Step-up) करें।उदाहरण के लिए, पहले साल ₹10,000 प्रति माह, दूसरे साल ₹11,000 और तीसरे साल ₹12,100।10% वार्षिक स्टेप-अप के साथ वही ₹10,000 की शुरुआती एसआईपी 20 साल में 1 करोड़ के बजाय सीधे ₹1.85 करोड़ से अधिक का कॉर्पस बना सकती है।एसआईपी शुरू करने से पहले 3 जरूरी वित्तीय कदमआपातकालीन फंड (Emergency Fund): एसआईपी शुरू करने के साथ-साथ अपने कम से कम 6 महीने के अनिवार्य खर्चों (लगभग ₹1.5 से ₹2 लाख) को लिक्विड फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट में रखें, ताकि आपातकाल में म्यूचुअल फंड न बेचना पड़े।टर्म इंश्योरेंस: परिवार की सुरक्षा के लिए अपनी वार्षिक आय का कम से कम 15 से 20 गुना का प्योर टर्म लाइफ कवर अवश्य लें।हेल्थ इंश्योरेंस: अपनी कंपनी के कवर के अलावा कम से कम ₹10 लाख का पर्सनल फैमिली फ्लोटर हेल्थ कवर लें ताकि अस्पताल के बिल आपकी निवेश पूंजी को न छू सकें।
त्योहारी सीजन के शुरू होते ही आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों की जेब पर महंगाई का तगड़ा असर पड़ा है। 1 अक्टूबर से देश में कई बड़े वित्तीय और कमर्शियल बदलाव लागू हुए हैं, जिसके तहत रसोई गैस से लेकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और प्रशासनिक सेवाओं की लागत में इजाफा दर्ज किया गया है। जहां एक तरफ तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, वहीं कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के चलते होम एप्लायंसेज ब्रांड्स ने भी टीवी, फ्रिज और एसी की कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत दे दिए हैं। इसके अलावा, पासपोर्ट बनवाने से जुड़े संशोधित नियम और शुल्क भी प्रभाव में आ चुके हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि अक्टूबर में क्या-क्या महंगा हो चुका है।1. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा, बाहर खाना-पीना हो सकता है जेब पर भारीऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने महीने की पहली तारीख को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है।शहरों के नए रेट्स: देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹62.50 महंगा होकर अब ₹2,810 पर पहुंच गया है। वहीं पटना में इसमें ₹71.50 की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹3,100 के पार निकल चुका है। मुंबई में नया भाव ₹2,764.50 और चेन्नई में ₹2,983 प्रति सिलेंडर दर्ज किया गया है।घरेलू सिलेंडर को राहत: राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, कमर्शियल गैस महंगी होने से रेस्टोरेंट, होटल, कैफे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर त्योहारी सीजन में बाहर खाने-पीने के बिल पर पड़ सकता है।2. एसी, टीवी और फ्रिज के दाम में उछाल: फेस्टिव खरीदारी से पहले झटकात्योहारों में होम अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह खबर चिंता बढ़ा सकती है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माता कंपनियों (CEAMA) के अनुसार, आवश्यक कच्चे माल की वैश्विक कीमतों में उछाल के चलते कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की कीमतें बढ़ाई जा रही हैं:लागत में वृद्धि की वजह: तांबा (Copper), स्टील, एल्यूमीनियम और क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स के अंतरराष्ट्रीय दामों में तेज बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही समुद्री माल ढुलाई (Ocean Freight) शुल्क बढ़ने से कंपनियों की उत्पादन लागत में 6% से 8% का इजाफा हुआ है।उत्पादों पर असर: इसका सीधा प्रभाव स्प्लिट और विंडो एसी, स्मार्ट एलईडी टीवी, बड़े रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की रिटेल कीमतों पर देखने को मिल रहा है, जहां कंपनियों ने मॉडल के आधार पर ₹1,000 से लेकर ₹3,500 तक की बढ़ोतरी लागू करना शुरू कर दिया है।3. पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा, बच्चों के नियमों और फीस में संशोधनविदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा अधिसूचित पासपोर्ट संशोधन नियमों के तहत पासपोर्ट बनवाने और रिन्यू कराने की प्रक्रिया की संशोधित दरें पूरी तरह से लागू हो चुकी हैं। अब नया पासपोर्ट बनवाना पहले के मुकाबले काफी महंगा हो गया है:वयस्कों के लिए शुल्क: सामान्य श्रेणी में 36 पेज के नए पासपोर्ट की फीस को ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,500 कर दिया गया है। वहीं, 60 पेज की जंबो बुकलेट के लिए अब ₹2,000 की जगह ₹3,500 चुकाने होंगे।तत्काल पासपोर्ट सेवाएं: तत्काल कोटे में 36 पेज के पासपोर्ट की फीस ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000 और 60 पेज के लिए ₹6,000 कर दी गई है।बच्चों (नाबालिगों) का पासपोर्ट: 15 साल से कम उम्र के बच्चों के 36 पेज के पासपोर्ट की फीस ₹1,000 से बढ़कर ₹1,750 हो गई है। साथ ही, बच्चों के पासपोर्ट की अधिकतम वैधता अब केवल 5 साल या उनके 18 वर्ष का होने तक (जो भी पहले हो) ही सीमित कर दी गई है।4. बैंकिंग और यूपीआई से जुड़े शुल्कों का दबावइलेक्ट्रॉनिक्स और गैस के साथ-साथ आम बैंकिंग उपभोक्ताओं की जेब पर भी कुछ अतिरिक्त भार पड़ा है:SBI फ्री एटीएम निकासी सीमा: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम से मुफ्त लेन-देन की मासिक सीमा को 10 से घटाकर 5 कर दिया है। लिमिट खत्म होने के बाद नकद निकासी पर अतिरिक्त शुल्क और जीएसटी का भुगतान करना होगा।एनपीएस ऑनबोर्डिंग चार्ज: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में नए रजिस्ट्रेशन के समय प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (POP) के जरिए अब प्रति प्रान (PRAN) ₹200 का एकमुश्त ऑनबोर्डिंग शुल्क निर्धारित किया गया है।
पेट्रोल पंप परिसर में फन फैलाए था कोबरा... लोगों में मची अफरा-तफरी-VIDEO
बिजनौर के नेहटौर में इंडियन पेट्रोल पंप पर कोबरा सांप निकलने से हड़कंप मच गया. तेल भरवाने पहुंचे लोगों ने सांप को देखते ही दूरी बना ली. सूचना पर पहुंचे सर्प मित्र बी भास्कर ने रेस्क्यू शुरू किया तो कोबरा फन फैलाकर आक्रामक हो गया. काफी सावधानी के बाद उसे सुरक्षित पकड़कर पेट्रोल पंप से बाहर ले जाया गया.
लाखों फॉलोअर्स, पंजाबी फिल्मों में काम और अब मर्डर...कौन थे मैड संधू
पंजाब के अमृतसर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
अपने बच्चे की उच्च शिक्षा, स्कूल फीस या भविष्य के जरूरी लक्ष्यों को सुरक्षित करने के लिए भारतीय डाकघर (India Post) की 5 वर्षीय रेकरिंग डिपॉजिट (National Savings Recurring Deposit Account) योजना देश भर में सबसे भरोसेमंद माध्यम मानी जाती है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर इस सरकारी बचत योजना में भारत सरकार द्वारा संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है, जिससे जमा की गई पाई-पाई पूरी तरह सुरक्षित रहती है। यदि आप एक अनुशासित बचत के तहत हर महीने ₹3,000 अपने बच्चे के नाम पर पोस्ट ऑफिस आरडी में जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो 5 साल बाद मैच्योरिटी पर आपको आकर्षक ब्याज के साथ एकमुश्त बड़ा फंड हासिल होगा।6.7% वार्षिक ब्याज और तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) का गणितवर्तमान में पोस्ट ऑफिस 5 वर्षीय आरडी खाते पर 6.7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जाता है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें ब्याज की गणना हर तिमाही पर चक्रवृद्धि (Compounded Quarterly) आधार पर की जाती है। इसका मतलब यह है कि हर तीन महीने में आपका अर्जित ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है और अगली तिमाही में उस बढ़े हुए पैसे पर ब्याज मिलता है, जिससे रिटर्न तेजी से बढ़ता है।₹3,000 प्रति माह के निवेश का 5 वर्ष (60 महीने) का विस्तृत ब्योरा इस प्रकार है:मद (Component)विवरण / राशिमासिक किस्त (Monthly Installment)₹3,000योजना की कुल अवधि (Tenure)5 वर्ष (60 महीने)लागू ब्याज दर (Interest Rate)6.7% वार्षिक (तिमाही चक्रवृद्धि)5 वर्षों में कुल जमा पूंजी (Total Investment)₹1,80,000 ($3,000 imes 60$)अर्जित कुल ब्याज (Total Interest Earned)₹34,097मैच्योरिटी पर मिलने वाली कुल रकम (Maturity Amount)₹2,14,097इस प्रकार, 5 साल तक निरंतर ₹3,000 की छोटी बचत करने पर आपको ₹1.80 लाख की मूल जमा पर ₹34,000 से अधिक का सुरक्षित ब्याज मिलेगा और कुल फंड ₹2.14 लाख से ज्यादा हो जाएगा।बच्चे (नाबालिग) के नाम पर खाता खोलने के क्या हैं नियम?डाकघर के नियमों के अनुसार बच्चों के नाम पर आरडी खाता खोलना बेहद आसान है:10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे: यदि बच्चे की आयु 10 वर्ष से कम है, तो खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक (Guardian) की देखरेख में बच्चे के नाम पर खोला जाता है। इस खाते का संचालन अभिभावक ही करते हैं।10 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चे: 10 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नाबालिग अपने नाम पर स्वयं का आरडी खाता संचालित कर सकते हैं और फॉर्म पर अपने हस्ताक्षर भी कर सकते हैं।18 वर्ष की आयु पूरी होने पर: जब बच्चा वयस्क (Major) हो जाता है, तो उसे अपनी नई केवाईसी (KYC) दस्तावेज और हस्ताक्षर डाकघर में जमा कराने होते हैं, जिसके बाद खाता पूरी तरह उसके अधिकार में आ जाता है।खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेजपोस्ट ऑफिस में बच्चे का आरडी खाता शुरू करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या आधार कार्ड।माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड और पैन कार्ड (PAN Card)।अभिभावक के दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।डाकघर का आरडी खाता खोलने का निर्धारित आवेदन फॉर्म।पोस्ट ऑफिस RD के अतिरिक्त फायदे: लोन और एक्सटेंशन की सुविधाडाकघर की 5 साल की आरडी केवल मैच्योरिटी फंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आवश्यकता पड़ने पर कई अन्य सुविधाएं भी देती है:लोन की सुविधा: यदि खाता 1 वर्ष तक निरंतर संचालित रहता है और उसमें कम से कम 12 किस्तें जमा हो चुकी हैं, तो आप अपने खाते में जमा कुल रकम का 50 फीसदी तक लोन के रूप में ले सकते हैं।अकाउंट एक्सटेंशन (5 साल और बढ़ाने की छूट): 5 साल की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद यदि आपको तत्काल पैसों की जरूरत नहीं है, तो आप संबंधित डाकघर में आवेदन देकर इसे अगले 5 वर्षों के लिए उसी ब्याज दर पर आगे बढ़ा सकते हैं।प्री-मैच्योर क्लोजर (समय से पहले बंदी): विशेष परिस्थितियों में 3 साल पूरे होने के बाद खाते को बंद कराने की अनुमति होती है, हालांकि उस स्थिति में केवल डाकघर बचत खाते (4%) के बराबर ब्याज मिलता है।

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