सोने की खदान पर बरसीं मिसाइलें, मिस्र-सूडान बॉर्डर पर हवाई हमले में 13 की मौत
सूडान, मिस्र की सीमा पर स्थित सोने की खदान पर शनिवार को हुए अज्ञात हवाई हमले में 13 खनिकों की मौत हो गई और 28 घायल हुए. सूडान युद्ध के बीच सीमावर्ती इलाके में अवैध खनन और तस्करी को लेकर पहले से तनाव जारी था.
चेन्नई में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विजय के समर्थकों ने उन्हें 2029 का अगला प्रधानमंत्री बताते हुए पोस्टर लहराए, जिससे हलचल मच गई।
यूपी बीजेपी में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल... SC मोर्चा के जिलाध्यक्षों का ऐलान
उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले बीजेपी ने संगठन में बदलाव किया है. अनुसूचित जाति मोर्चा के नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई है. किसे मिली नई जिम्मेदारी, पूरी लिस्ट खबर में देखें.
सफाई में निकल आया पुराने स्वेटरों का ढेर? फेंके नहीं, ऐसे करें रियूज
How To Reuse Sweaters: सर्दियों के लिए बक्से और अलमारियों में बंद पड़े गर्म कपड़े जब निकाले जाते हैं तो उनमें कई ऐसे कपड़े निकलते हैं जो पुराने हो चुके होते हैं जिन्हें हम या तो फेंक देते हैं या फिर उन्हें किसी को दे देते हैं. लेकिन यहां हम आपको इनके जबरदस्त रियूज के तरीके बता रहे हैं जो आपके काफी काम आएंगे.
संगठन की मजबूती के दम पर तय हो सीटों का बंटवारा: Anupriya Patel
अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने रविवार को कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि पार्टी पूरे प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने के लिए काम कर रही है। यहां मधुबन विधानसभा क्षेत्र के गोफा गांव में आयोजित जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हर राजनीतिक दल अपने संगठन का विस्तार करना चाहता है और अपना दल (एस) भी पूरे उत्तर प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आगामी विधानसभा चुनावों से पहले बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करें। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी घटक दल की प्रमुख पटेल ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट-बंटवारे के मुद्दे पर पत्रकारों से कहा कि किस गठबंधन सहयोगी को किस सीट से चुनाव लड़ना चाहिए, इसका फैसला उस निर्वाचन क्षेत्र में संबंधित दलों की संगठनात्मक ताकत और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के आधार पर होना चाहिए। अयोध्या से चुनाव लड़ने के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री की चुनौती पर यादव की प्रतिक्रिया से पता चलता है कि वह इसका सामना करने से हिचकिचा रहे हैं। हाल ही अयोध्या गए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। योगी आदित्यनाथ ने इसे स्वीकार करते हुए यादव को ख़ुद आकर सामने-सामने चुनाव लड़ने का न्यौता दिया।
धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जैसा उबाल था, CJP के इस प्रदर्शन में वैसी गर्मी क्यों नहीं दिखी?
कॉकरोच जनता पार्टी के धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ आंदोलन में जिस तरह की भीड़ दिखी थी, वैसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में नजर नहीं आई. इसकी वजह मुद्दों का फर्क, आम लोगों से जुड़ाव की कमी, पुलिस की सख्ती और सोशल मीडिया की लोकप्रियता का सड़क पर भीड़ में न बदल पाना हो सकता है. यह प्रदर्शन CJP के साथ विपक्षी दलों के लिए भी सबक है कि केवल बड़े चेहरों और गंभीर आरोपों से कोई जनआंदोलन खड़ा नहीं होता.
कोच्चि में नेदुम्बसेरी एयरपोर्ट के पास एक तेज रफ्तार मिनी कूपर ने स्कूटर सवार तीन युवाओं को टक्कर मारकर मार डाला।
उत्तराखंड से हिमाचल तक बर्फबारी, तो जम्मू-पंजाब में बारिश का कहर; अक्टूबर में बिगड़ा मौसम का मिजाज
देशभर में मौसम का मिजाज बदला, उत्तराखंड-हिमाचल में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज बारिश हुई। जम्मू में 71 साल बाद अक्टूबर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिससे भारी नुकसान हुआ।
3 दिन जहर उगलने के बाद बदले मस्क के सुर, बोले- प्रतिस्पर्धा से भारतीय उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
भारत में स्टारलिंक को अनुमति न मिलने पर पहले नाराजगी जताने वाले एलन मस्क अब सस्ते इंटरनेट और प्रतिस्पर्धा से उपभोक्ताओं को फायदे की बात कर रहे हैं।
Siliguri में हिंदू दुकानों से Biryani और पूजा सामग्री खरीदने की अपील वाले पोस्टरों पर विवाद
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर में हिंदू जागरण मंच द्वारा लोगों से हिंदुओं की दुकानों से बिरयानी और पूजा सामग्री खरीदने की अपील को लेकर चलाये गये पोस्टर अभियान से विवाद खड़ा हो गया है। दुर्गा पूजा उत्सव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े संगठन हिंदू जागरण मंच ने शहरभर में ये पोस्टर लगाए थे। संगठन ने स्पष्ट किया कि ‘‘हिंदू दुकान से बिरयानी खाएं” और ‘‘हिंदू दुकानों से पूजा सामग्री खरीदें’’ जैसे संदेश कोई फरमान नहीं हैं। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हिंदू जागरण मंच के सदस्य अभिषेक दास ने कहा, ‘‘यह कोई फरमान नहीं, बल्कि एक अपील है। यदि लोग हिंदुओं द्वारा संचालित कारोबारों का समर्थन करते हैं, तो इसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।’’मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश में इस तरह के पोस्टर लगाना अपराध है। प्रशासन को न केवल इन पोस्टरों को हटाना चाहिए, बल्कि इस सांप्रदायिक अभियान में शामिल लोगों को गिरफ्तार भी करना चाहिए।’’भाजपा के एक नेता ने कहा कि हिंदू जागरण मंच एक स्वतंत्र संगठन है और इस अभियान में सत्तारूढ़ पार्टी की कोई भूमिका नहीं है। इन पोस्टरों की कुछ स्थानीय निवासियों ने आलोचना की। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में लोग परंपरागत रूप से बिरयानी खाते आए हैं और इसे बनाने वाले व्यक्ति की धार्मिक पहचान के बारे में पूछताछ नहीं करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गा पूजा की सामग्री बनाने वाले कई कारीगर मुस्लिम हैं। उन्होंने इस अपील को पश्चिम बंगाल की सामाजिक परंपराओं के विपरीत बताया। वामपंथी दलों ने भी इस अभियान की आलोचना करते हुए कहा कि संविधान सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकारों की गारंटी देता है और किसी व्यक्ति की आजीविका उसके धर्म के आधार पर तय नहीं होनी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद ने फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री की हिंदू धार्मिक गतिविधियों पर टिप्पणी के लिए आलोचना की, उन्हें कृतघ्न बताया। परिषद ने आरोप लगाया कि अग्निहोत्री हिंदू आस्था के हत्यारे बन गए हैं।
शारदीय Navratri के पहले दिन Vindhyachal Dham में उमड़े तीन लाख भक्त
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, वाराणसी, मथुरा और सहारनपुर समेत राज्य के कई जिलों के मंदिरों में नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की। मिर्जापुर जिले में शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे मंगला आरती के बाद से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। पंडा समाज के सदस्य हर्ष शुक्ला के मुताबिक, पूर्वाह्न 10 बजे तक करीब तीन लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर चुके थे और मंदिर के चारों प्रवेश द्वारों पर लंबी कतारें लगी रहीं। मां के जयकारों से पूरा धाम भक्तिमय हो गया। जौनपुर से आए अंकित वर्मा ने बताया कि वह सुबह आठ बजे से कतार में लगे हैं, लेकिन भक्तिमय माहौल के कारण उन्हें कोई परेशानी नहीं हो रही है। प्रयागराज से आए विनय कुमार ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से लगातार दोनों नवरात्र के पहले दिन मां के दर्शन करने आते हैं। उन्होंने कहा कि यहां मिलने वाली आध्यात्मिक अनुभूतियों को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बिहार के सासाराम से आए दीनानाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विंध्याचल में सुविधाएं बढ़ी हैं और अब दर्शन करने में कम समय लगता है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान पुलिस की व्यवस्था से धक्का-मुक्की भी कम होती है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गोपाल लाल गुप्ता ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए साफ-सफाई, पेयजल और धूप से बचाव के लिए तिरपाल की व्यवस्था की गई है। सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है और सुबह से ही लंबी कतारें लगी हुई हैं। वाराणसी में नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में आने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। नवरात्र का पहला दिन पारंपरिक रूप से देवी शैलपुत्री की पूजा के लिए समर्पित होता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया, “मंदिरों के प्रवेश और निकास द्वारों सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया, भक्तों की जांच के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अवरोधक लगाए गए तथा कतार प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।”लखनऊ में नवरात्र के पहले दिन भक्तों ने कालीबाड़ी, भुइयां देवी मंदिर और शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए। मथुरा के ऐतिहासिक काली मंदिर में नवरात्र के पहले, आठवें और नौवें दिन आधी रात को विशेष आरती की जाती है। मां काली मंदिर के सेवायत महेश चतुर्वेदी ने कहा, “वैदिक शास्त्रों के अनुसार, नवरात्र का समय बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि ऐसा विश्वास है कि आने वाला समय सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है।”मां काली मंदिर के मीडिया प्रभारी रमन टंडन ने बताया कि मान्यता है कि इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। उन्होंने कहा कि मंदिर में सुबह से दोपहर तक अनुष्ठान किए गए और नौ दिनों तक चलने वाले इस शुभ त्योहार के लिए मंदिर को सजाया गया। मथुरा के अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। सहारनपुर जिले के मां शाकंभरी देवी मंदिर में भी भक्त पहुंच चुके हैं। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मयंक पाठक ने शाकंभरी देवी आने वाले भक्तों और तीर्थयात्रियों से सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण शाकंभरी देवी क्षेत्र में नदी के तल में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा है। पाठक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “भक्तों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए लोगों से फिलहाल शाकंभरी देवी मेला क्षेत्र में जाने से बचने का अनुरोध किया गया है।”उन्होंने बताया, “जो भक्त अभी मेला क्षेत्र में हैं, उन्हें नदी के तल और पानी के बहाव वाले रास्तों से दूर रहना चाहिए तथा वहां तैनात पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए।”पाठक ने भक्तों को सलाह दी कि वे केवल पुलिस और प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।
पंजाब के फाजिल्का की धान मंडी में करोड़ों रुपये की फसल पानी में डूबी, नाव के सहारे हो रहा आना-जाना
मंडी में पानी भरने और धान की फसल को नुकसान पहुंचने के बाद किसानों और आढ़तियों को उम्मीद थी कि प्रशासन की ओर से जल्द मौके पर पहुंचकर राहत के इंतजाम किए जाएंगे. लेकिन, ऐसा नहीं हुआ.
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी, पूर्व CM नजरबंद
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में इमरजेंसी लागू होने के बाद PTI नेताओं पर कार्रवाई हुई है. इस फैसले के बाद PTI नेताओं पर हुई कार्रवाई ने सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ा दिया है.
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने नदियों में प्लास्टिक प्रदूषण, विशेषकर बड़े कचरे की निगरानी के लिए एक नया प्रोटोकॉल जारी किया है।
PM Modi ने Chennai में 13000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की दी सौगात, CM Vijay संग किया मेट्रो सफर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को तमिल और संस्कृति की प्रशंसा की, तिरुक्कुरल का उल्लेख किया और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ मिलकर तमिलनाडु की प्रगति को गति देने का संकल्प लिया। वहीं, विजय ने लोगों के फायदे के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया। अप्रैल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद, प्रधानमंत्री का तमिलनाडु का यह पहला दौरा था। इस दौरान, प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय के बीच का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। मोदी ने दो बार यह सुनिश्चित किया कि दोनों नेता संयुक्त रूप से परियोजनाओं का उद्घाटन करें। विजय ने यहां पहुंचने पर प्रधानमंत्री की अगवानी की और दिल्ली लौटते समय उन्हें विदा भी किया। राज्य के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान, मोदी ने लगभग 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के साथ मेट्रो ट्रेन में सफर भी किया। कार्यक्रम में अपने आधिकारिक संबोधन में, मुख्यमंत्री विजय ने मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य तमिल को बनाने के लिए कदम उठाने और समग्र शिक्षा अभियान योजना के तहत 5,110 करोड़ रुपये की बकाया केंद्रीय धनराशि को बिना किसी शर्त के जारी करने का अनुरोध किया। दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद, सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक एवं प्रमुख विजय ने कहा, ‘‘जब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करती है, तो उसका फायदा सीधे लोगों के जीवन में दिखना चाहिए, और यही हमारा उद्देश्य है।’’मुख्यमंत्री का केंद्र के साथ सहयोग करने की अपनी सरकार की नीति को रेखांकित करना, पिछली द्रमुक सरकार के केंद्र और राजभवन के साथ नीट समेत कई मुद्दों पर रहे तनावपूर्ण संबंधों की पृष्ठभूमि में हुआ है। विजय ने चेन्नई मेट्रो परियोजना के तीसरे चरण (जो लगभग 65 किलोमीटर तक होगा) के लिए जल्द मंज़ूरी देने का अनुरोध किया, ताकि कनेक्टिविटी और बेहतर हो सके। साथ ही, उन्होंने कोयंबटूर और मदुरै में मेट्रो रेल के प्रस्ताव और तमिलनाडु के होसुर से कर्नाटक में बेंगलुरु के पास बोम्मासंद्रा तक एक अंतर-राज्यीय मेट्रो रेल लाइन के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की भी मांग की। उन्होंने चेन्नई से कन्याकुमारी और चेन्नई से कोयंबटूर तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का भी आग्रह किया। नयी मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाते और परियोजनाओं का उद्घाटन करते समय प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि विजय उनके साथ ही मौजूद रहें। हालांकि, सरकारी कार्यक्रमों के दौरान उनकी बातचीत कम ही हुई, लेकिन जब वह मुख्यमंत्री मोदी के साथ मंदिर गए, तो उनके बीच अच्छा तालमेल साफ दिखा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले, लोगों के आशीर्वाद से मैंने शासन प्रमुख के तौर पर जनसेवा के 25 साल पूरे किए - यह एक अहम पड़ाव है। अक्टूबर 2001 में मैंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। तब से, लोगों ने मुझे उनकी सेवा करने का मौका दिया - पहले मुख्यमंत्री के तौर पर और बाद में प्रधानमंत्री के तौर पर।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान हमारे लोकतंत्र की दो बड़ी ताकतों पर मेरा विश्वास और भी मजबूत हुआ है। पहली, देश की जनता और दूसरी, सहकारी संघवाद।’’तमिलनाडु का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब वह (गुजरात के) मुख्यमंत्री थे, उस समय (तमिलनाडु का नेतृत्व कर रहे) एम. करुणानिधि और जे. जयललिता से उन्होंने मुलाकात की थी। और, प्रधानमंत्री बनने के बाद, उन्हें पूर्व मुख्यमंत्रियों - ओ. पनीरसेल्वम, एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एम. के. स्टालिन के साथ काम करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन तमिलनाडु के विकास और राज्य के लोगों की सेवा करने का मेरा संकल्प दृढ़ है। लोगों की सेवा करने के इसी संकल्प के साथ, मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर हम राज्य के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।’’टीवीके के संस्थापक विजय ने तमिलनाडु में अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव जीतकर पार्टी की पहली सरकार बनाई। बाद में, प्रधानमंत्री मोदी ने यहां जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए युवाओं के सशक्तीकरण, राष्ट्रीय एकता और तमिल विरासत के शाश्वत ज्ञान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय नए और अभिनव समाधान तलाशने में जुटा है। मोदी ने छात्रों से कहा कि उनमें इन समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता है। मोदी ने तमिल और संस्कृति की सराहना की तथा प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ को जीवन जीने का एक महान मार्गदर्शक ग्रंथ बताया। मोदी ने उस अविस्मरणीय अवसर को याद किया, जब उन्हें इस महान कृति को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाल में, मैंने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किया था। तिरुक्कुरल उन लोगों के लिए एक अनूठा मार्गदर्शक है, जो जीवनभर सीखते रहना चाहते हैं। तिरुवल्लुवर अपने एक प्रसिद्ध कुरल के माध्यम से हमें सिखाते हैं कि केवल कुछ नया सीखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस सीख को अपने जीवन में व्यवहार में लाना भी आवश्यक है। यह सभी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख है।’’उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि साथ ही, वैश्विक स्तर पर भारतीय शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति भी मजबूत हो रही है। मोदी ने कहा, ‘‘मेरी यात्राओं ने मुझे देश की विविधता को और करीब से समझने के अवसर दिए हैं। इन्हीं अनुभवों के माध्यम से तमिल और संस्कृति के प्रति मेरा प्रेम और बढ़ा है। इसलिए मैं आपको भारत को जानने और समझने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। आप जहां भी जाएं, तमिल संस्कृति को अपने साथ लेकर जाएं। अपने मित्रों के साथ तमिल कविता, कहानियां और परंपराएं साझा करें।’’प्रधानमंत्री ने आईआईटी-मद्रास परिसर और वहां के ‘ब्रेन रिसर्च सेंटर’ का दौरा किया और परिसर में स्थित एक मंदिर में पूजा-अर्चना की। प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के पूनामल्ली-वडापलानी खंड का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
IIT गोवा भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल, दो आरोपी गिरफ्तार
आईआईटी गोवा भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल करते हुए दो संदिग्धों को डैबोलिम एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ ने पकड़ा।
राहुल गांधी ने सीजेआई सूर्यकांत से मुलाकात के लिए समय मांगा था लेकिन सूर्यकांत ने राहुल गांधी के मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और उन्होंने ऐसा करने के पीछे की वजह भी बताई।
INDI गठबंधन को सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले बड़ा झटका, CJI ने मिलने से किया इनकार
सोमवार को INDI गठबंधन को सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले झटका लगा, क्योंकि CJI सूर्यकांत ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। CJI ने गठबंधन को कथित चुनावी धांधली पर ज्ञापन सौंपने के बजाय याचिका दायर करने की सलाह दी।
केरल में रफ्तार का कहर: मिनी कूपर की टक्कर से 3 की मौत, ड्राइवर बोला- पापा संभाल लेंगे
केरल के कोच्चि में नेदुमस्सेरी हवाई अड्डे के पास एक तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार तीन युवाओं की मौत हो गई। पुलिस 18 साल के चालक द्वारा शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोपों की जांच कर रही है।
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें पूजन विधि और कथा
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान बताया गया है. मां ब्रह्मचारिणी का जन्म पर्वतराज हिमालय और देवी मैना के घर हुआ था. पर्वतराज की पुत्री होने के कारण उनका नाम पार्वती पड़ा. मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मनोवांछित फल की प्राप्ति की जा सकती है.
डिलीवरी राइडरों के बीच जमकर मारपीट, ऑर्डर ले जाने पर भिड़े-VIDEO
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी के बाहर शनिवार रात ऑनलाइन डिलीवरी राइडरों के बीच ऑर्डर ले जाने को लेकर विवाद हो गया. देखते ही देखते दोनों पक्ष मारपीट करने लगे. वायरल वीडियो में एक युवक को दौड़ाकर पीटते हुए देखा जा सकता है. सूचना पर पहुंची नॉलेज पार्क पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है.
अभिजीत दीपके अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए, दिल्ली पुलिस पर भड़के पेरेंट्स
अभिजीत के पेरेंट्स ने कहा कि पुलिस को परिवार के दुख को देखते हुए नरमी दिखानी चाहिए थी। पुलिस चाहती तो अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अभिजीत को वापस दिल्ली आने की शर्त पर भी घर जाने की इजाजत दे सकती थी।
CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी से मिलने से कर दिया इनकार, बोले- ऐसी मीटिंग सही नहीं
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने राहुल गांधी समेत अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया है। सीजेआई की तरफ से कहा गया कि जो मुद्दे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं, उन पर बाहर चर्चा करना सही नहीं होगा।
मंडी में धान बेचकर घर पहुंचने से पहले किसानों के खातों में पहुंच जाएंगे पैसे: CM मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को मान-सम्मान और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में सहायता मिल रही है।
कल के मार्च से पहले INDIA ब्लॉक को झटका, CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से किया इनकार
सोमवार को INDIA ब्लॉक के नेता CJI जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात कर अपना ज्ञापन सौंपने जाने वाले थे. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, CJI जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं की मुलाकात की मांग को खारिज कर दिया है. उन्होंने ईमेल के जरिए भेजे जवाब में मुलाकात से इनकार करने की वजह भी बताई है.
एक बार नहीं, 100 बार जेल में डाल दो, डरते नहीं; अभिजीत दीपके ने भरी हुंकार
अभिजीत दीपके ने दृढ़ संकल्प जताया कि वे गिरफ्तारियों से डरने वाले नहीं हैं और सरकार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे मुझे सौ बार जेल में डाल दिया जाए, मैं आपकी तानाशाही को बर्दाश्त नहीं करूंगा।
'जुल्म की इंतहा हो गई...' क्यों भड़के केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
Budhni Kosmi Demolition News: बुधनी के कोसमी में गरीबों के घर तोड़े जाने पर भड़के केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान. मुख्य सचिव को फोन कर जताई सख्त नाराजगी. पढ़िए क्या है पूरा मामला...
पीएम मोदी का जेन-जी को आह्वान: 'विकसित भारत' के लिए अवसरों का लाभ उठाएं, दुनिया को दें समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई में जेन-जी से 'विकसित भारत' के लिए असीम अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
Delhi में Jantar Mantar की तरफ मार्च कर रहे 200 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
(फोटो सहित)नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर रविवार को विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन नारेबाजी करते हुए जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे 200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस वाहनों में घसीटकर ले जाते हुए देखा गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग कर रहे कई पत्रकारों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन पत्रकारों ने अपने प्रेस पहचान पत्र भी दिखाए थे। वीडियो में उन्हें हिरासत में लिये जाने के दौरान अधिकारियों को अपने प्रेस कार्ड दिखाते हुए देखा जा सकता है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) सहित कई छात्र संगठनों के सदस्यों और कॉजपा समर्थकों को राजधानी के अलग-अलग हिस्सों, मुख्यत: कनॉट प्लेस से, जंतर-मंतर की तरफ जाने के प्रयास के दौरान हिरासत में ले लिया गया। शाम तक हिरासत में लेने की कार्रवाई जारी रही। शाम साढ़े छह बजे के बाद भी विभिन्न स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। एसएफआई ने शाम करीब साढ़े छह बजे महिला मार्च निकाला। इसके बाद संगठन ने आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस से कई महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। संगठन का दावा है कि महिला प्रदर्शनकारियों को पुरुष पुलिसकर्मियों ने हिरासत में लिया और शाम छह बजे के बाद की गई यह कार्रवाई गैरकानूनी थी। एसएफआई ने सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट कर आरोप लगाया कि हिरासत में ली गई महिलाओं को ले जा रही कई पुलिस वैन और बसों में एक भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी, बल्कि उनमें पुरुष पुलिसकर्मी तैनात थे। संगठन ने यह भी दावा किया कि हिरासत में ली गई कुछ महिलाओं को बिना रोशनी वाली बसों में रखा गया था और उनके आसपास पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद थे। एसएफआई ने कहा कि उसके संगठन की महिला कार्यकर्ताओं को फिर से हिरासत में लिया गया है। संगठन ने उनकी सुरक्षा और पुलिस बसों के भीतर की स्थिति को लेकर चिंता जताई। वीडियो फुटेज में प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस के इनर सर्कल और राजीव चौक के पास मार्च करते तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाते दिखाई दिए। प्रदर्शनकारियों को ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो, इस्तीफा दो’’ के नारे लगाते सुना गया। सुरक्षाकर्मियों को प्रदर्शनकारियों की ओर बढ़ते तथा उन्हें तितर-बितर करने की कोशिश करते देखा गया। पुलिसकर्मियों ने कुछ प्रदर्शनकारियों की बांह पकड़कर उन्हें वहां खड़ी बसों की ओर खींचा, जबकि कई प्रदर्शनकारियों ने इसका विरोध किया। कुछ प्रदर्शनकारियों को सड़क पर घसीटते हुए ले जाते देखा गया, वहीं हिरासत में लिये जाने के दौरान भी कुछ लोग नारे लगाते रहे। दिनभर विभिन्न समूहों ने अलग-अलग समय पर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए। इन समूहों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की। कनॉट प्लेस और आरके आश्रम मार्ग उन प्रमुख स्थानों में शामिल थे, जहां प्रदर्शन हुए और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन से जंतर मंतर की तरफ जा रहे आइसा के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। आइसा की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी विजय चौक के पास अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पहले अपराह्न ढाई बजे आरके आश्रम मार्ग पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। वीडियो फुटेज में बोरा को संगठन के अन्य सदस्यों के साथ नारेबाजी करते देखा गया, तभी सुरक्षाकर्मी उनकी ओर बढ़ने लगे। पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश के दौरान बोरा और अन्य प्रदर्शनकारी भागते हुए दिखाई दिए। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। एसएफआई ने आरोप लगाया कि उसके सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नांगलोई स्थित सूरजमल स्टेडियम ले जाया गया। संगठन ने एक बयान में कहा कि उसके अखिल भारतीय अध्यक्ष आदर्श एम साजी, दिल्ली प्रदेश सचिव सूरज एलामोन, केंद्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य अभिजीत मणिलाल और कई अन्य सदस्यों को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिये गए लोगों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास भी शामिल थे। एसएफआई ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस के कर्मियों ने ब्रिटास पर हमला किया और बाद में उन्हें घायल अवस्था में सड़क किनारे छोड़ दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि दिल्ली के सेक्रेड हार्ट चर्च के पादरी फादर बीजू जेवियर को पुलिस की कथित हिंसा का अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने के दौरान ‘‘गिरफ्तार’’ कर लिया गया। कॉजपा ने कहा कि उसके कई प्रदर्शनकारियों को कनॉट प्लेस मेट्रो स्टेशन और गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास हिरासत में लिया गया। संगठन की ओर से साझा किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारी मानव शृंखला बनाने की कोशिश करते दिखे, तभी पुलिसकर्मी उन्हें हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़े। संगठन ने आरोप लगाया कि गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों और अन्य प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में ले लिया गया। अन्य घटनाक्रम में, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में केवाईएस के सदस्य निगमबोध घाट के पास नावों पर प्रदर्शन करते दिखाई दिए। हाथों में पोस्टर लेकर वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे। संगठन के सदस्य कनॉट प्लेस के पास भी प्रदर्शन करते नजर आए। रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (आरडब्ल्यूपीआई) भी दिनभर हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल संगठनों में से एक थी। राजधानी में अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। शाम तक हिरासत में लेने की कार्रवाई जारी रही। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की ये घटनाएं राजधानी में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुईं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। शनिवार को पुलिस द्वारा समर्थकों को प्रदर्शन स्थल पर एकत्र होने से रोकने के बाद कॉजपा ने रविवार को दिन में 10 बजे वहां एक और प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली भर में 30,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच कॉजपा के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए कई स्थानों पर कार्रवाई की, जिसमें 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्रियों अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार सहित विपक्ष के कई नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश करते समय हिरासत में ले लिया गया।
ASI इकबाल सिंह रविवार को गांव के स्थानीय गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर लौट रहे थे. इस दौरान वह सिविल कपड़ों में थे और ड्यूटी पर नहीं थे.
किचन में जम जाती है तेल की चिकनाई? इन 7 टिप्स से आसान होगी सफाई
खाना बनाते समय तेल और मसालों के छींटों से किचन चिपचिपा हो जाता है? रसोई बनाते या रिनोवेट करते समय आप इन 7 स्मार्ट इंटीरियर हैक्स का ध्यान रख सकते हैं, जिससे दीवारों और कैबिनेट पर चिकनाई नहीं जमेगी और सफाई मिनटों में होगी.
हॉस्टल में बच्चों को परोसी गई छिपकली वाली सब्जी, 13 की बिगड़ी तबीयत
भोपाल के रातीबड़ स्थित श्रमोदय विद्यालय के हॉस्टल में आलू की सब्जी में छिपकली मिलने के बाद 13 बच्चे बीमार हो गए. उल्टी-दस्त की शिकायत पर उन्हें जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सभी की हालत सामान्य है. प्रिंसिपल ने कैंटीन संचालक को नोटिस जारी किया है, जबकि रातीबड़ पुलिस परिजनों की शिकायत पर जांच कर रही है.
राहुल के साथ कॉफी, PM मोदी संग मेट्रो की सवारी; विजय का सियासी संतुलन या कोई बड़ा दांव?
राहुल गांधी के साथ कॉफी पीने के बाद, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेट्रो की सवारी की, जिससे उनके राजनीतिक संतुलन साधने के प्रयास स्पष्ट हुए।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार एजेंसी OHCHR के बयान को भारत ने बताया अस्वीकार्य हस्तक्षेप
भारत ने दिल्ली में हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताने वाली संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार एजेंसी की टिप्पणियों को रविवार को खारिज करते हुए उन्हें ‘‘अनुचित’’ और देश के आंतरिक मामलों में ‘‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’’ करार दिया। जिनेवा स्थित मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) ने शनिवार को अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान किया जाए और इसे सुनिश्चित किया जाए। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ओएचसीएचआर की चिंताएं अनुचित हैं और भारत के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप हैं।’’जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने भी शनिवार रात इसी तरह का बयान जारी किया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बीच शनिवार को नयी दिल्ली में 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हम यह भी देखते हैं कि सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय रखने के मामले में ओएचसीएचआर बेहद चुनिंदा रुख अपनाता है। हमारे पड़ोसी देशों में विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ हुई हिंसक कार्रवाई पर उसने कोई टिप्पणी नहीं की। इसी तरह, अपने आसपास के क्षेत्र में कानून लागू कराने वाली एजेंसियों की कार्रवाई पर भी उसने चुप्पी साध रखी है।’’मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस तरह के दोहरे मापदंडों से उसकी साख कम होती है और बहुपक्षवाद में भरोसा भी घटता है।’’विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ‘‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां हमारे संविधान में शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने के अधिकार की गारंटी दी गई है और मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा स्वतंत्र मीडिया के माध्यम से इसकी रक्षा की जाती है।’’विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘हर लोकतंत्र की तरह भारत में भी नागरिक सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की शर्तों के अधीन इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं।’’मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमारी कानून लागू करने वाली एजेंसियां कानून के मुताबिक सख्ती से काम करती हैं और किसी भी शिकायत के निवारण के लिए हमारी अदालतों का दरवाजा सभी के लिए खुला है।
योगी Vs अखिलेश, यूपी की चुनावी लड़ाई फिर अयोध्या पर क्यों आई? देखें
उत्तर प्रदेश में 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या सीट से अपना पहला प्रत्याशी पवन पांडे को घोषित कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वहां से सीधा चुनाव लड़ने की चुनौती दी है. इस चुनौती पर पलटवार करते हुए बीजेपी नेताओं ने कहा कि जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वे आज सनातन धर्म और अयोध्या की बात कर रहे हैं.
'राष्ट्रपति चुनने का हक सिर्फ जनता को', ट्रंप के बयान पर यूक्रेन का पलटवार
ट्रंप ने जेलेंस्की को नया राष्ट्रपति चुनने की सलाह दी, जिस पर यूक्रेन ने पलटवार किया. इस बीच, ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच ऊर्जा ठिकानों पर सीजफायर का ऐलान किया है.
रामलला के दरबार में नतमस्तक हुईं कंगना रनौत, शेयर की तस्वीरें
एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत ने रविवार को उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर अयोध्या पहुंचकर भव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए. पारंपरिक दक्षिण भारतीय पोशाक में सजीं कंगना ने इस धार्मिक यात्रा को अपने लिए बेहद खास, पवित्र और एक अलौकिक अनुभव करार दिया.
एक नई मां के जीवन में बच्चे को पहली बार सीने से लगाना और स्तनपान कराना दुनिया के सबसे सुखद अनुभवों में से एक माना जाता है। यह मां और नवजात के बीच न केवल एक गहरा भावनात्मक रिश्ता बनाता है, बल्कि बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास की सबसे मजबूत नींव भी रखता है। लेकिन बहुत सी नई माताओं के लिए यही खूबसूरत सफर एक बेहद दर्दनाक और डरावने अनुभव में बदल जाता है। जैसे ही बच्चा दूध पीने के लिए मुंह लगाता है, स्तनों और निप्पल्स में बिजली के करंट जैसी असहनीय चुभन, जलन और मरोड़ महसूस होने लगती है। कई बार परिवार के बड़े-बुजुर्ग या आस-पड़ोस की महिलाएं इसे यह कहकर टाल देती हैं कि 'शुरुआत में तो ऐसा दर्द सबको होता है, धीरे-धीरे आदत पड़ जाएगी।' यह एक बहुत बड़ा और खतरनाक मिथक है। मेडिकल साइंस और लैक्टेशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, स्तनपान एक प्राकृतिक शारीरिक क्रिया है और इसमें अत्यधिक दर्द, निप्पल का छिलना, कटना या खून आना किसी भी लिहाज से 'सामान्य' नहीं है। दर्द इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कहीं न कहीं कोई समस्या है जिसे तुरंत ठीक करने की आवश्यकता है।निप्पल में तेज दर्द के 4 सबसे मुख्य और अनदेखे कारणयदि स्तनपान कराते समय आपको लगातार तेज दर्द, जलन या घाव महसूस हो रहा है, तो इसके पीछे आमतौर पर ये चिकित्सकीय और तकनीकी कारण जिम्मेदार होते हैं:गलत लैचिंग (Poor Latch): स्तनपान में दर्द का सबसे सामान्य कारण बच्चे का स्तन को सही तरीके से न पकड़ पाना है। यदि बच्चा केवल निप्पल के अगले सिरे को चूसता है, तो निप्पल मसूड़ों और तालू के बीच दबकर बुरी तरह छिल जाता है। बच्चे को केवल निप्पल नहीं, बल्कि उसके चारों ओर का काला घेरा (Areola) का बड़ा हिस्सा मुंह में लेना चाहिए।बच्चे की जीभ में खिंचाव (टंग-टाई / Tongue-Tie): कई नवजात शिशुओं की जीभ के नीचे का ऊतक (Frenulum) अत्यधिक छोटा या कड़ा होता है, जिसे मेडिकल भाषा में टंग-टाई कहा जाता है। ऐसे में बच्चा अपनी जीभ को आगे नहीं निकाल पाता और दूध खींचने के लिए मसूड़ों से निप्पल को काटने लगता है, जिससे मां को असहनीय दर्द होता है।फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन (थ्रश): यदि निप्पल में अचानक तेज खुजली, चमकती हुई लाली और दूध पिलाने के बाद भी अंदर तक तीखा दर्द बना रहता है, तो यह कैंडिडा नामक यीस्ट इन्फेक्शन (Thrush) हो सकता है। यह संक्रमण अक्सर बच्चे के मुंह से मां के निप्पल तक फैलता है।मैस्टाइटिस और ब्लॉक मिल्क डक्ट्स: जब दूध की नलियों में रुकावट आ जाती है और दूध पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता, तो स्तनों में गांठ, सूजन और अत्यधिक कड़ापन आ जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह मैस्टाइटिस (स्तन का गंभीर संक्रमण) बन जाता है, जिसमें तेज बुखार, ठंड लगना और निप्पल में असहनीय दर्द होता है।दर्द से तुरंत राहत और घावों को भरने के सबसे सुरक्षित उपाययदि आपके निप्पल में दरारें पड़ गई हैं या दर्द के मारे दूध पिलाना मुश्किल हो रहा है, तो इन सुरक्षित और कारगर तरीकों को अपनाएं:ब्रेस्ट मिल्क का प्राकृतिक मरहम: मां के दूध में कुदरती एंटीबैक्टीरियल और हीलिंग गुण होते हैं। हर बार दूध पिलाने के बाद अपने दूध की एक-दो बूंदें निकालकर निप्पल और एरिओला पर हल्के से लगाएं और हवा में सूखने दें। यह दरारों को तेजी से भरता है।प्योर लैनोलिन क्रीम: मेडिकल ग्रेड 100% शुद्ध लैनोलिन क्रीम (Lanolin) या कोल्ड-प्रेस्ड नारियल तेल का बहुत हल्का इस्तेमाल करें। यह त्वचा की नमी को बनाए रखता है और घावों को सूखकर पपड़ी बनने से रोकता है। लैनोलिन को दूध पिलाने से पहले धोने की भी जरूरत नहीं होती।पोजीशन और एंगल बदलना: हमेशा एक ही स्थिति में दूध न पिलाएं। क्रैडल होल्ड के अलावा 'फुटबॉल होल्ड' (Football Hold) या करवट लेकर दूध पिलाने की कोशिश करें। इससे निप्पल के अलग-अलग हिस्सों पर दबाव बंट जाता है और एक ही जगह पर रगड़ नहीं लगती।हल्की गर्म सिकाई: दूध पिलाने से पहले स्तन पर गर्म पानी में भीगा हुआ तौलिया रखें या गुनगुने पानी से सिकाई करें। इससे दूध की नलियां खुलती हैं, दूध का प्रवाह आसान होता है और बच्चे को जोर नहीं लगाना पड़ता।कब हो जाती है डॉक्टर या लैक्टेशन कंसल्टेंट की तुरंत जरूरतदर्द को बर्दाश्त करते रहना न केवल मां के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि इससे पोस्टपार्टम डिप्रेशन का खतरा भी बढ़ता है और दूध की आपूर्ति घटने लगती है। यदि निप्पल से लगातार खून आ रहा हो, पीला मवाद निकल रहा हो, स्तन में सख्त लाल गांठ बन गई हो और आपको 100 डिग्री से ऊपर बुखार व कंपकंपी महसूस हो रही हो, तो बिना एक दिन भी गंवाए तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) या सर्टिफाइड लैक्टेशन कंसल्टेंट से संपर्क करें। कई बार बच्चे के मुंह की एक छोटी सी जांच या लैचिंग की सही पोजीशन सिखाने भर से सालों का दर्द चुटकियों में गायब हो जाता है। याद रखें, एक खुशहाल और स्वस्थ मां ही अपने बच्चे को सबसे बेहतरीन पोषण और प्यार दे सकती है, इसलिए दर्द को सहन करने की जगह उसका सही समाधान खोजें।
सिर्फ हिंदुओं की दुकानों से करें खरीदारी... सिलीगुड़ी में लगे पोस्टर, दशहरा से पहले बवाल
सिलीगुड़ी शहर में रविवार को कई जगहों पर ऐसे रंग-बिरंगे बांग्ला पोस्टर दिखाई दिए, जिनमें लोगों से अपील की गई थी कि वे सामान, मांस और यहां तक कि बिरयानी भी सिर्फ हिंदुओं द्वारा चलाई जा रही दुकानों से ही खरीदें।
अकेले बैग टांगकर किसी अनजान शहर, वादियों या समंदर के किनारे निकल पड़ना एक बेहद खूबसूरत और आजादी से भरा अनुभव होता है। सोलो ट्रिप का मतलब सिर्फ नई जगहों की खोज करना नहीं है, बल्कि खुद के साथ वक्त बिताना और हर लम्हे को खुलकर जीना भी है। लेकिन अक्सर अकेले सफर करने वाले मुसाफिरों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी होती है—लगातार बदलता मौसम, फ्लाइट और ट्रेन की थकावट, धूप, धूल-मिट्टी और भारी सामान ढोने का डर। ऐसे में ज्यादातर लोग ग्रूमिंग और स्टाइल को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे तस्वीरों और वीडियो में चेहरा थका-थका और बेजान नजर आने लगता है। सच तो यह है कि सोलो ट्रिप पर खूबसूरत और स्टाइलिश दिखने के लिए आपको मेकअप का पूरा बक्सा या ढेर सारे भारी कपड़े साथ ले जाने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। थोड़ी सी समझदारी, मिनिमल अप्रोच और स्मार्ट ट्रैवल हैक्स अपनाकर आप सफर के दौरान आरामदायक भी महसूस कर सकते हैं और हर सेल्फी में सुपर-फ्रेश और ग्लैमरस भी नजर आ सकते हैं।सफर में स्किन केयर: बदलते मौसम और पानी से त्वचा को ऐसे रखें हाइड्रेटेडजब आप एक शहर से दूसरे शहर का सफर करते हैं, तो वहां का तापमान, हवा में नमी और पानी की गुणवत्ता बदल जाती है, जिसका सबसे पहला असर आपकी त्वचा पर पड़ता है। कभी चेहरे पर अत्यधिक सूखापन आ जाता है तो कभी अचानक ब्रेकआउट्स होने लगते हैं।हाइड्रेशन है सबसे पहला नियम: सफर के दौरान चाहे आप ठंडी पहाड़ियों में हों या किसी धूप वाले समुद्री तट पर, अपनी त्वचा को डिहाइड्रेट न होने दें। अपने पास हमेशा एक छोटा फेस मिस्ट या गुलाब जल का स्प्रे रखें। जब भी चेहरे पर खिंचाव या सुस्ती लगे, हल्का सा छिड़काव करें।मल्टी-टास्किंग सीरम और मॉइस्चराइजर: सफर में अलग-अलग बोतलों का झंझट पालने के बजाय एक ऐसा मॉइस्चराइजर चुनें जिसमें हयालूरोनिक एसिड या सेरामाइड्स हों, जो त्वचा के बैरियर को प्रदूषण से बचाएं।सनस्क्रीन से कभी न करें समझौता: सोलो ट्रिप का मतलब है दिनभर खुली धूप और सड़कों पर घूमना। इसलिए कम से कम SPF 50 और PA+++ वाला सनस्क्रीन हर तीन से चार घंटे में दोबारा लगाएं। इसके लिए सनस्क्रीन स्टिक (Sunscreen Stick) सबसे बेहतरीन विकल्प है, जिसे आप बिना हाथ गंदे किए कभी भी आसानी से चेहरे पर फेर सकते हैं।शीट मास्क का कमाल: लंबे सफर या ट्रेकिंग के बाद रात को होटल के कमरे में सिर्फ 15 मिनट के लिए एक हाइड्रेटिंग शीट मास्क लगाएं। यह दिनभर की सारी थकान मिटाकर अगली सुबह के लिए चेहरे को बिल्कुल फ्रेश बना देता है।5 मिनट का मिनिमल मेकअप: बिना तामझाम के पाएं नेचुरल और कैमरा-रेडी लुकसोलो ट्रिप पर भारी फाउंडेशन या लेयर्स वाला मेकअप न तो टिक पाता है और न ही वह प्रैक्टिकल होता है। यहां आपको 'नो-मेकअप' मेकअप लुक अपनाना चाहिए जो पसीने में भी न बहे और कैमरे के सामने कुदरती निखार दे।BB/CC क्रीम या टिंटेड सनस्क्रीन: फाउंडेशन की जगह लाइटवेट टिंटेड मॉइस्चराइजर या बीबी क्रीम लगाएं। यह चेहरे के हल्के दाग-धब्बों को छुपाने के साथ-साथ त्वचा को एक समान टोन देती है।लिप एंड चीक टिंट (Tint): यह सोलो ट्रैवलर का सबसे बड़ा हथियार है। एक ही छोटा सा टिंट आपके होंठों को खूबसूरत रंग देगा और आपके गालों पर भी कुदरती गुलाबी चमक लाएगा। इसे उंगलियों से आसानी से ब्लेंड किया जा सकता है।वाटरप्रूफ मस्कारा और काजल: अगर आंखें फ्रेश दिखेंगी तो पूरा चेहरा खिला हुआ लगेगा। पलकों को कर्ल करके एक कोट वाटरप्रूफ मस्कारा लगाएं ताकि हवा या पसीने से वह फैले नहीं।टिन्टेड लिप बाम: सफर में होंठ बहुत तेजी से फटते हैं। इसलिए अपने पॉकेट में हमेशा एसपीएफ युक्त टिंटेड लिप बाम रखें, जो नमी भी दे और हल्का रंग भी।स्मार्ट वार्डरोब और कैप्सूल कलेक्शन: कम कपड़े, ज्यादा स्टाइल्सअकेले यात्रा करते वक्त सबसे बड़ा नियम यह होता है कि आपका बैग हल्का होना चाहिए। अगर बैग भारी होगा तो आप थकान के मारे अपनी ट्रिप का मजा ही नहीं ले पाएंगे। इसलिए कपड़ों के चयन में 'कैप्सूल वार्डरोब' तकनीक अपनाएं।मिक्स एंड मैच वाले न्यूट्रल कलर्स: ऐसे कपड़े चुनें जिन्हें एक-दूसरे के साथ बदलकर कई बार पहना जा सके, जैसे कि क्लासिक व्हाइट शर्ट, न्यूट्रल टी-शर्ट्स, हाई-वेस्ट डेनिम, कार्गो पैंट्स या कम्फर्टेबल लिनन ट्राउजर्स। एक ही जैकेट या ओवरसाइज्ड शर्ट को आप तीन अलग-अलग टॉप्स के साथ स्टाइल कर सकते हैं।फैब्रिक का चुनाव: कॉटन, लिनन और रिंकल-फ्री (जिसमें सिलवटें न पड़ें) फैब्रिक को प्राथमिकता दें। ये पसीना सोखते हैं और दिनभर ताजगी बनाए रखते हैं।एक स्टेटमेंट पीस जरूर रखें: अपनी बेसिक ड्रेसेज में जान डालने के लिए एक खूबसूरत फ्लोरल मैक्सी ड्रेस या ब्राइट कलर का स्कार्फ साथ रखें। स्कार्फ न केवल धूप और धूल से बालों व चेहरे को बचाता है, बल्कि गले में ड्रेप करते ही तस्वीरों में एक शानदार विंटेज लुक भी जोड़ देता है।आरामदायक और ट्रेंडी फुटवियर: कभी भी सोलो ट्रिप पर हील्स या नए अनकंफर्टेबल जूते न ले जाएं। एक क्लासी सफेद स्नीकर्स और एक आरामदायक स्ट्रैपी सैंडल आपके पूरे सफर के लिए काफी हैं, जो हर आउटफिट पर जंचते हैं।हेयर स्टाइल और एक्सेसरीज: हवा के झोंकों में भी बाल रहें परफेक्टसफर के दौरान हवा और पसीने की वजह से बाल अक्सर उलझ जाते हैं और चिपचिपे दिखने लगते हैं। ऐसे में बालों को खुला छोड़ने के बजाय कुछ ट्रेंडी स्टाइल्स अपनाएं।क्विक हेयरस्टाइल्स: मेसी बन (Messy Bun), हाफ-अप बन, या ट्रेंडी फ्रेंच ब्रेड (चोटी) बनाएं। ये हेयरस्टाइल्स न केवल पूरे दिन टिके रहते हैं बल्कि तस्वीरों में बेहद कूल और एफर्टलेस ट्रैवलर वाइब देते हैं।ड्राय शैम्पू (Dry Shampoo): अगर आपके पास रोज बाल धोने का समय नहीं है, तो एक छोटा ट्रेवल-साइज ड्राय शैम्पू अपने बैग में रखें। यह स्कैल्प से अतिरिक्त तेल को तुरंत सोखकर बालों में नया बाउंस ला देता है।स्टेटमेंट एक्सेसरीज: एक क्लासी सनग्लास (धूप का चश्मा) आपके पूरे लुक को तुरंत बदल सकता है। यह आंखों को यूवी किरणों से भी बचाता है और बिना किसी मेकअप के भी तस्वीरों को सिनेमैटिक बना देता है। इसके अलावा एक ट्रेंडी बकेट हैट या कैप, एक सिंपल स्लिंग बैग और कानों में छोटे हूप्स आपके सोलो ट्रैवल लुक को बिना किसी झंझट के मुकम्मल और बेहद खूबसूरत बना देंगे।
IND vs WI: जरा सी लापरवाही पड़ गई भारी! शर्मनाक तरीके से रन आउट हुए तिलक वर्मा
भारत और वेस्टइंडीज मैच के दौरान तिलक वर्मा अजीब तरीके से रन आउट होकर पवेलियन लौटे. तिलक वर्मा इस बात से अनजान थे कि गेंद बाउंड्री लाइन के अंदर ही है, जिसका फायदा वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों ने उठाते हुए उन्हें रन आउट कर दिया.
कभी 30 या 40 की उम्र के बाद दिखने वाली त्वचा की समस्याएं आज 16 से 25 साल के युवाओं के चेहरों पर साफ नजर आ रही हैं। कॉलेज जाने वाले युवा हों या अपने करियर की शुरुआत कर रहे नौजवान, हर दूसरा व्यक्ति चेहरे पर अचानक उभरने वाले जिद्दी कील-मुंहासों, गहरे दाग-धब्बों, आंखों के नीचे काले घेरों और समय से पहले ढीली पड़ती त्वचा से जूझ रहा है। कई युवा इसे केवल धूल-मिट्टी या मौसम का असर मानकर तरह-तरह के केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स आजमाने लगते हैं, जिससे समस्या सुलझने के बजाय और अधिक गंभीर हो जाती है। असल में आधुनिक जीवनशैली ने युवाओं के बायोलॉजिकल क्लॉक और त्वचा के प्राकृतिक सुरक्षात्मक चक्र को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। लगातार देर रात तक जगना, तनाव, जंक फूड का अत्यधिक सेवन और मोबाइल व लैपटॉप की स्क्रीन्स से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) त्वचा के कोलेजन को कम उम्र में ही तोड़ रही है। डर्मेटोलॉजिस्ट्स का मानना है कि यदि समय रहते सही जीवनशैली और बेसिक स्किन केयर अनुशासन को न अपनाया जाए, तो यह समस्या भविष्य में क्रोनिक त्वचा रोगों का रूप ले सकती है।कम उम्र में स्किन प्रॉब्लम्स के 4 सबसे बड़े आंतरिक और बाहरी कारणयुवाओं की त्वचा को नुकसान पहुंचाने में कई ऐसे कारक शामिल हैं, जिन पर हमारा ध्यान रोजमर्रा की जिंदगी में नहीं जाता:हार्मोनल असंतुलन: प्यूबर्टी और 20s के शुरुआती दौर में शरीर में एंड्रोजेन हार्मोन्स का स्तर तेजी से बदलता है। इससे सिबेशियस ग्लैंड्स जरूरत से ज्यादा सीबम यानी तेल बनाने लगती हैं, जिससे रोमछिद्र बंद हो जाते हैं और बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण मुंहासे निकलने लगते हैं।अत्यधिक और गलत कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल: सोशल मीडिया के ट्रेंड्स देखकर युवा बिना अपनी स्किन टाइप समझे एक साथ कई तरह के सीरम, टोनर और एक्सफोलिएटिंग एसिड्स चेहरे पर थोपने लगते हैं। इस ओवर-केयर के चलते त्वचा का नेचुरल मॉइस्चर बैरियर टूट जाता है, जिससे लालिमा और जलन बढ़ जाती है।अल्ट्रावायलेट किरणें और ब्लू लाइट: धूप में बिना सनस्क्रीन के बाहर निकलने से हानिकारक यूवी किरणें त्वचा के मेलानिन और इलास्टिन को नष्ट कर देती हैं। वहीं देर रात तक फोन चलाने से आंखों के आसपास की नाजुक नसें कमजोर होती हैं और पिगमेंटेशन तेजी से बढ़ता है।हाई-ग्लाइसेमिक डाइट: पिज्जा, बर्गर, पैकेटबंद चिप्स, एक्स्ट्रा शुगर वाले कोल्ड ड्रिंक्स और तली-भुनी चीजें शरीर में इन्फ्लेमेशन पैदा करती हैं। चीनी का अधिक सेवन ग्लाइकेशन प्रक्रिया को ट्रिगर करता है, जो त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना देता है।सादगी में छुपा समाधान: अपनाएं बुनियादी CTM-S रूटीनकम उम्र में त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए किसी जटिल या दस स्टेप्स वाले कोरियन रूटीन की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती। जरूरत है केवल एक नियमित और संतुलित बुनियादी नियम की, जिसे CTM-S कहा जाता है:C - क्लींजिंग (Cleansing): दिन में दो बार—सुबह और रात को सोने से पहले—किसी सौम्य और सल्फेट-मुक्त फेसवॉश से चेहरा धोएं। यदि त्वचा ऑयली है, तो सैलिसिलिक एसिड या नीम आधारित क्लींजर चुनें। यदि त्वचा ड्राई है, तो जेंटल जेल बेस्ड क्लींजर का उपयोग करें। चेहरे को बार-बार साबुन से धोने की भूल न करें।T - टोनिंग (Toning): फेसवॉश के बाद त्वचा के पीएच स्तर को रीसेट करने के लिए अल्कोहल-फ्री टोनर या शुद्ध गुलाब जल का छिड़काव करें। यह पोर्स को कसता है और त्वचा को हाइड्रेट रखता है।M - मॉइस्चराइजिंग (Moisturizing): कई युवा सोचते हैं कि ऑयली त्वचा पर मॉइस्चराइजर नहीं लगाना चाहिए, जो कि पूरी तरह गलत है। जब त्वचा को नमी नहीं मिलती, तो वह खुद को बचाने के लिए और ज्यादा तेल बनाती है। इसलिए हमेशा लाइटवेट, ऑयल-फ्री और जेल बेस्ड मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।S - सनस्क्रीन (Sunscreen): दिन के समय चाहे आप घर के अंदर हों या बाहर, कम से कम SPF 30 या SPF 50 वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना कभी न भूलें। सनस्क्रीन ही वह ढाल है जो त्वचा को पिगमेंटेशन, टैनिंग और प्री-मैच्योर एजिंग से पूरी तरह सुरक्षित रखती है।प्राकृतिक और घरेलू उपाय: जो त्वचा को दें अंदरूनी पोषणरसोई में मौजूद पारंपरिक और प्राकृतिक औषधियां युवाओं की संवेदनशील त्वचा के लिए सबसे सुरक्षित साबित होती हैं।मुल्तानी मिट्टी और नीम का लेप: यदि चेहरे पर बहुत ज्यादा पिंपल्स और ऑयलीनेस है, तो हफ्ते में एक बार मुल्तानी मिट्टी में नीम पाउडर और गुलाब जल मिलाकर लेप लगाएं। यह अतिरिक्त तेल को सोखकर पोर्स की गहराई से सफाई करता है।कच्चा दूध और हल्दी: ड्राई या डल स्किन के लिए कच्चे दूध में चुटकी भर कस्तूरी हल्दी मिलाकर कॉटन से चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट बाद धो लें। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड डेड स्किन को धीरे से हटाता है और नेचुरल ग्लो लाता है।एलोवेरा जेल की ठंडक: रात को चेहरा साफ करने के बाद ताजे एलोवेरा जेल से हल्की मसाज करें। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मुंहासों की सूजन को शांत करते हैं और दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करते हैं।खान-पान और दिनचर्या में ये सुधार लाएंगे परमानेंट ग्लोकेवल बाहर से क्रीम्स लगा लेने से चेहरे पर चमक नहीं आ सकती; असली ग्लो पेट और खून की सफाई से आता है।रोजाना कम से कम ढाई से तीन लीटर पानी जरूर पिएं ताकि शरीर से सारे टॉक्सिन्स पेशाब और पसीने के रास्ते बाहर निकल सकें।अपने आहार में मौसमी फल जैसे संतरा, पपीता, आंवला और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें, जो विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं।रात को कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें क्योंकि नींद के दौरान ही स्किन सेल्स खुद की मरम्मत (Cellular Repair) करते हैं।तनाव को कम करने के लिए रोजाना 15-20 मिनट योग, प्राणायाम या कोई भी शारीरिक कसरत जरूर करें, जिससे चेहरे तक रक्त संचार बढ़े। कम उम्र में त्वचा को लेकर बहुत ज्यादा तनाव लेने या बार-बार नए प्रयोग करने के बजाय यदि आप इन सामान्य और अनुशासित नियमों को अपनी रोजमर्रा की आदत बना लेते हैं, तो न केवल मौजूदा समस्याएं खत्म हो जाएंगी बल्कि आपकी त्वचा हमेशा फ्रेश, बेदाग और कुदरती रूप से दमकती रहेगी।
'शेषन को आडवाणी के खिलाफ दिया था टिकट', CM ने कांग्रेस को याद दिलाया इतिहास
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कांग्रेस पर SIR प्रक्रिया को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और नेहरू-गांधी परिवार पर भी निशाना साधा.
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जारी आंकड़ों के अनुसार, दुनिया की हर तीसरी बाल वधू भारतीय है, जिसमें 9 करोड़ से अधिक लड़कियों की शादी 15 साल से पहले हुई।
स्मार्टफोन पर एक अनजान 10 अंकों का मोबाइल नंबर फ्लैश होता है। किसी जरूरी काम, मीटिंग या सफर में व्यस्त व्यक्ति यह सोचकर कॉल उठाता है कि शायद कोई परिजन, कूरियर वाला या जरूरी दफ्तर का फोन होगा। लेकिन जैसे ही कॉल रिसीव होती है, दूसरी तरफ से आवाज आती है—सर, क्या आपको पर्सनल लोन चाहिए? या मैम, आपका लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड अप्रूव हो गया है! यह स्थिति देश के किसी एक कोने की नहीं, बल्कि हर आम भारतीय मोबाइल उपभोक्ता की रोजमर्रा की मानसिक प्रताड़ना बन चुकी है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि ये कॉल्स किसी अनजान सड़क छाप कंपनी से नहीं, बल्कि देश के बड़े-बड़े नामी प्राइवेट बैंकों, एनबीएफसी और उनकी सहयोगी कंपनियों के नाम पर आते हैं। उपभोक्ता सवाल उठा रहे हैं कि जब भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने कड़े नियम बनाए हैं, तो उसकी नाक के नीचे खुलेआम अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर (UTM) सामान्य मोबाइल सिम कार्ड्स का इस्तेमाल करके लोगों की निजता पर हमला कैसे कर रहे हैं? क्या यह तंत्र की विफलता है, सिस्टम की लापरवाही है या फिर टेलीकॉम ऑपरेटरों और बैंकों के बीच किसी अनकही मिलीभगत का नतीजा?140 और 160 सीरीज के बजाय सामान्य 10 डिजिट नंबरों का इस्तेमाल: नियमों को चकमा देने की साजिशनियमों के अनुसार, किसी भी वैध बैंक, वित्तीय संस्थान या टेलीमार्केटर को अपने ग्राहकों को प्रमोशनल या सर्विस कॉल करने के लिए एक विशेष नंबर सीरीज का इस्तेमाल करना अनिवार्य होता है। पहले यह 140 सीरीज से शुरू होती थी और अब वित्तीय संस्थानों के लिए 1600 या 160 सीरीज निर्धारित की गई है। इन नंबरों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि स्क्रीन पर नंबर देखते ही उपभोक्ता समझ जाता है कि यह किसी बैंक या कंपनी की मार्केटिंग कॉल है। यदि उपभोक्ता ने डीएनडी (Do Not Disturb) एक्टिवेट किया हुआ है, तो इन नंबरों से कॉल आ ही नहीं सकती। इसी कानूनी अड़चन से बचने के लिए प्राइवेट बैंक और उनके थर्ड-पार्टी डायरेक्ट सेलिंग एजेंट्स (DSA) ने एक बेहद शातिर रास्ता निकाला है। वे बल्क में सामान्य 10 अंकों वाले पर्सनल सिम कार्ड्स (Personal SIM Cards) खरीदते हैं और उनसे रोजाना सैकड़ों लोगों को कॉल करते हैं। चूंकि ये नंबर सामान्य मोबाइल नंबर जैसे दिखते हैं, इसलिए टेलीकॉम कंपनियों के ऑटोमेटेड फिल्टर्स इन्हें तुरंत नहीं पकड़ पाते और उपभोक्ता भी धोखे में आकर फोन उठा लेता है।थर्ड-पार्टी एजेंट्स का मकड़जाल: क्या बैंक जानबूझकर फेर लेते हैं अपनी नजरें?जब भी किसी बैंक पर अनचाही कॉलिंग को लेकर सवाल उठते हैं, तो बैंक तुरंत पल्ला झाड़ लेते हैं कि यह कॉल उनके आधिकारिक दफ्तर से नहीं बल्कि किसी 'थर्ड-पार्टी वेंडर' या कमीशन एजेंट द्वारा की गई है। असल में यह एक ऐसा जटिल कॉरपोरेट स्ट्रक्चर है जो जवाबदेही से बचने के लिए तैयार किया गया है। बैंक अपने लोन, क्रेडिट कार्ड और इंश्योरेंस के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बाहरी एजेंसियों और डीएसए को भारी कमीशन पर हायर करते हैं। इन एजेंसियों के पास कोई आधिकारिक कॉलिंग सिस्टम नहीं होता; वे छोटे-छोटे कॉल सेंटरों में युवाओं को बिठाकर अनरजिस्टर्ड पर्सनल सिम बांट देते हैं। इन एजेंट्स को हर कार्ड या लोन बेचने पर टारगेट और इन्सेंटिव मिलता है, इसलिए वे परवाह किए बिना सुबह से रात तक अंधाधुंध कॉलिंग करते हैं। बैंक इस बात से भली-भांति वाकिफ होते हैं कि उनका बिजनेस इन्हीं एजेंट्स के जरिए आ रहा है, लेकिन सीधे तौर पर कानूनी शिकंजे से बचने के लिए वे कागजों पर खुद को इससे अलग दिखाते हैं। यही वह दोहरा मापदंड है जिसे जनता सिस्टम की 'मिलीभगत' के रूप में देखती है।डेटा चोरी का खुला बाजार: आपके मोबाइल नंबर तक कैसे पहुंचती हैं ये कॉलिंग एजेंसियां?एक बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर इन अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर्स के पास आपका फोन नंबर, नाम और यहां तक कि आपकी वित्तीय स्थिति की जानकारी कैसे पहुंचती है? दरअसल, यह देश भर में फैले अनियंत्रित डेटा ब्रोकरों का खेल है। जब आप किसी मॉल में बिलिंग के वक्त नंबर देते हैं, किसी वेबसाइट पर ऑनलाइन फॉर्म भरते हैं, या किसी थर्ड-पार्टी ऐप को अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस देते हैं, तो वह डेटा सुरक्षित नहीं रहता। वह डेटा चंद रुपयों में बिककर टेलीमार्केटिंग एजेंसियों तक पहुंच जाता है। इसके अलावा, कई बार छोटे वित्तीय प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स साइट्स भी अपने ग्राहकों का डेटाबेस इन कॉलिंग नेटवर्क्स के साथ साझा करते हैं। इस चोरी किए गए डेटा के आधार पर कॉल सेंटर के कर्मचारी लोगों को फोन मिलाते हैं और कई बार तो मना करने पर भी बार-बार अलग-अलग नंबरों से कॉल करके प्रताड़ित करते हैं, जिससे यह मामला केवल मार्केटिंग का नहीं बल्कि सीधे-सीधे मानसिक उत्पीड़न और निजता के हनन का बन जाता है।ट्राई और दूरसंचार विभाग की वर्तमान व्यवस्था: तकनीकी चुनौतियां और नए सख्त कदमजनता के लगातार बढ़ते आक्रोश के बीच ट्राई और दूरसंचार विभाग (DoT) पर हमेशा यह दबाव रहता है कि वे इस पर पूरी तरह लगाम लगाएं। ट्राई का कहना है कि समस्या मिलीभगत की नहीं बल्कि उस तकनीकी और कानूनी खाई की है जिसका फायदा ये फर्जी एजेंट्स उठाते हैं। टेलीकॉम कंपनियों के पास एक सामान्य नागरिक के सिम और एक अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर के सिम में फर्क करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि दोनों एक ही नेटवर्क और स्पेक्ट्रम का उपयोग करते हैं। हालांकि, हाल के दिनों में नियमों को और अधिक कड़ा किया गया है:एआई और मशीन लर्निंग आधारित फिल्टर्स: टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी सामान्य 10 डिजिट नंबर से असामान्य रूप से बहुत अधिक कॉल्स (Bulk Calling) की जा रही हैं, तो एआई सिस्टम उस नंबर को तुरंत सस्पेक्टेड स्पैम की श्रेणी में डाले और उसकी सेवा बंद करे।160 सीरीज का अनिवार्य नियम: सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को आदेश दिया गया है कि वे अपनी सभी प्रमोशन व वेरिफिकेशन कॉल्स को सिर्फ 160 सीरीज पर शिफ्ट करें, ताकि बिना इस सीरीज के आने वाली हर बैंक संबंधी कॉल को फर्जी माना जा सके।सिम ब्लैकलिस्टिंग और जुर्माने: यदि कोई अनरजिस्टर्ड टेलीमार्केटर पकड़ा जाता है, तो न केवल उसका कनेक्शन काटा जा रहा है बल्कि उस व्यक्ति या एजेंसी के सभी अन्य कनेक्शनों को दो साल तक के लिए ब्लैकलिस्ट करने और भारी आर्थिक जुर्माना लगाने के प्रावधान किए गए हैं।अनचाही कॉल्स से परेशान हैं तो चुप न बैठें: इन 4 तरीकों से तुरंत करें शिकायतयदि आप भी रोजाना ऐसी अनचाही कॉल्स से तंग आ चुके हैं, तो केवल फोन काटकर गुस्सा होने के बजाय इन आधिकारिक और कानूनी रास्तों का उपयोग करके सिस्टम को मजबूर करें:दूरसंचार विभाग का 'चक्षु' (Chakshu) पोर्टल: भारत सरकार के 'संचार साथी' (Sanchar Saathi) पोर्टल पर जाकर 'चक्षु' सुविधा का उपयोग करें। यहां आप उन सभी 10 डिजिट नंबरों की सीधे शिकायत दर्ज कर सकते हैं जिनसे फर्जी बैंक लोन, लॉटरी या फ्रॉड कॉल्स आ रही हैं। यह पोर्टल सीधे ऐसे नंबरों की जांच करके उन्हें ब्लॉक करता है।TRAI DND 3.0 ऐप का इस्तेमाल: अपने स्मार्टफोन में ट्राई का आधिकारिक DND ऐप डाउनलोड करें। इस ऐप के जरिए आप सीधे अपने कॉल लॉग से उस स्पैम नंबर का चयन करके अपने टेलीकॉम ऑपरेटर (Jio, Airtel, Vi, BSNL) के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऑपरेटर को निर्धारित समय के भीतर उस नंबर पर कार्रवाई करनी होती है।एसएमएस के जरिए शिकायत (1909 पर): आप अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाकर COMP TEL NO XXXXXXXXXX, dd/mm/yy, Time टाइप करके 1909 पर भेज सकते हैं (जहाँ XXXXXXXXXX वह नंबर है जिससे कॉल आई थी)। यह शिकायत कॉल आने के तीन दिनों के भीतर भेजी जानी चाहिए।बैंकिंग लोकपाल और कंज्यूमर फोरम: यदि कोई विशेष बैंक बार-बार मना करने के बावजूद लगातार आपको परेशान कर रहा है, तो आप उस बैंक के नोडल अधिकारी और उसके बाद सीधे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंकिंग लोकपाल (Banking Ombudsman) तथा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH) पर 'अनएथिकल प्रैक्टिसेज' के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।जब तक आम नागरिक जागरूक होकर इन अनरजिस्टर्ड नंबरों की शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे और नियामक संस्थाएं इन बैंकों पर सीधे करोड़ों का जुर्माना नहीं लगाएंगी, तब तक यह गोरखधंधा पूरी तरह बंद नहीं होगा। जनता की सक्रियता और सख्त कानूनी चाबुक ही इस दैनिक मानसिक प्रताड़ना का स्थायी समाधान बन सकता है।
Pune Goodluck Chowk पर कॉजपा का विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के कारण मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर रविवार को पुणे के गुडलक चौक पर प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल खाली करने के लिए कहा, लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद लोगों को हिरासत में लेकर वहां से हटाना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि कई लोगों को पुलिस वाहनों में ले जाया गया। हिरासत में लिए गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं थीं। प्रदर्शनकारियों ने नरेन्द्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की। एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार लोकतंत्र के खिलाफ काम कर रही है। सरकार हमें कितनी भी बार जेल भेज दे, हम वापस आएंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।”पुलिस उपायुक्त (जोन-1) ऋषिकेश रावले ने कहा कि कॉजपा की ओर से जारी एक पोस्टर वायरल हो गया था, जिसमें लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन के लिए इकट्ठा होने की अपील की गई थी। हालांकि, उन्होंने बताया कि आयोजकों ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली थी। रावले ने कहा, “प्रदर्शनकारियों ने सड़क के एक संकरे हिस्से को चुना, जिससे करीब 500 मीटर तक यातायात जाम हो गया। कुछ एंबुलेंस और गैस सिलेंडर ले जाने वाले वाहन भी जाम में फंस गए।”पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से बार-बार जगह खाली करने की अपील की, लेकिन उन्होंने इसका पालन नहीं किया।
UPI पर भरोसे के लिए MDR ढांचे को तर्कसंगत बनाना जरूरी, IIT बॉम्बे की रिपोर्ट
आईआईटी बॉम्बे की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूपीआई पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचे को लागू करने से पहले तर्कसंगत बनाना आवश्यक है।
राहुल गांधी के साथ लंच, अगले दिन PM मोदी संग सफर; थलपति विजय का शक्ति संतुलन
थलपति विजय की पार्टी टीवीके के कुछ कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग उठ रही है। ऐसे में राहुल गांधी और पीएम मोदी के साथ उनके अलग-अलग कार्यक्रमों को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
युवक के बाद युवती ने नदी में लगाई छलांग... लापता प्रेमी युगल की तलाश जारी
लखनऊ के मड़ियांव इलाके में रविवार शाम घैला पुल से 45 वर्षीय ढाबा संचालक गौतम गुप्ता और उनकी 23 वर्षीय रिश्तेदार चुनमुन गुप्ता ने गोमती नदी में छलांग लगा दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले युवक और फिर युवती नदी में कूदी. तेज बहाव के कारण दोनों लापता हो गए. एसडीआरएफ, गोताखोर और पुलिस उनकी तलाश में जुटे हैं.
यूपी चुनाव में सीट बंटवारे पर क्या सपा-कांग्रेस के बीच बनेगी सहमति? देखें
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. मुख्य सवाल यह है कि क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन बरकरार रहेगा या सीटों के बंटवारे पर मतभेद खुलकर सामने आएंगे. हाल ही में दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन में दोनों पार्टियां एक साथ नजर आईं, जिससे विपक्ष की एकजुटता का संदेश गया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं के इस विरोध प्रदर्शन को अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का पूरा समर्थन मिला.
धूल, मिट्टी, तेज धूप और आधुनिक कॉस्मेटिक्स के केमिकल्स से जब त्वचा बेजान और थकी हुई नजर आने लगती है, तो अक्सर हम महंगे सीरम और क्रीम्स की तलाश में भटकते हैं। लेकिन हमारी दादी-नानी के दौर से लेकर राजसी रानियों के सौंदर्य तक, जिस एक जादुई चीज ने कभी अपना प्रभाव नहीं खोया, वह है शुद्ध गुलाब जल यानी Rose Water। गुलाब की ताजी पंखुड़ियों के वाष्पीकरण यानी हाइड्रोसोल डिस्टिलेशन से तैयार होने वाला यह तरल केवल एक खुशबूदार पानी नहीं है, बल्कि त्वचा के लिए एक संपूर्ण प्राकृतिक औषधि है। भारतीय जलवायु और बदलती जीवनशैली के बीच हमारी त्वचा रोजाना प्रदूषण, टॉक्सिन्स और सूरज की यूवी किरणों का सामना करती है। ऐसे में केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स त्वचा के सुरक्षात्मक बैरियर को कमजोर कर देते हैं। दूसरी तरफ, गुलाब जल पूरी तरह से सौम्य, गैर-चिपचिपा और प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है, जो हर तरह की स्किन टाइप—चाहे त्वचा ऑयली हो, ड्राई हो या अत्यधिक संवेदनशील—पर बिना किसी नुकसान के काम करता है। यही कारण है कि दुनिया भर के डर्मेटोलॉजिस्ट और ब्यूटी एक्सपर्ट्स आज भी अपने बेसिक स्किन केयर रूटीन में गुलाब जल को सबसे जरूरी पहला कदम मानने की सलाह देते हैं।त्वचा के पीएच संतुलन से लेकर गहराई तक हाइड्रेशन: गुलाब जल के चमत्कारी लाभगुलाब जल का सबसे बड़ा वैज्ञानिक और प्राकृतिक गुण त्वचा के स्वाभाविक पीएच स्तर (pH Balance) को संतुलित बनाए रखना है। जब हम साबुन या कठोर फेसवॉश से मुंह धोते हैं, तो त्वचा का प्राकृतिक एसिडिक आवरण बिगड़ जाता है, जिससे बैक्टीरिया और कील-मुंहासों का खतरा बढ़ जाता है। गुलाब जल त्वचा के पीएच को लगभग 5.5 के स्वस्थ स्तर पर वापस लाता है। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण फायदा है इसका प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट (Astringent) गुण। यह चेहरे के खुले और बड़े रोमछिद्रों यानी ओपन पोर्स को धीरे-धीरे सिकोड़ता है, जिससे अतिरिक्त सीबम और तेल का उत्पादन नियंत्रित होता है और चेहरा दिनभर ऑयली नहीं दिखता। इसके साथ ही, गुलाब जल में मौजूद शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल तत्व मुंहासों की लालिमा, जलन और सूजन को तुरंत शांत करते हैं। जो लोग एग्जिमा, सोरायसिस या धूप से झुलसी हुई यानी सनबर्न वाली त्वचा से परेशान रहते हैं, उनके लिए यह एक शीतल मरहम की तरह काम करता है। गुलाब जल में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़कर त्वचा की कोशिकाओं को नई ऊर्जा देते हैं, जिससे चेहरे पर असमय महीन रेखाएं और झुर्रियां नहीं उभरतीं।स्किन केयर रूटीन में गुलाब जल को शामिल करने के 4 सबसे आसान और असरदार तरीकेगुलाब जल की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसे किसी भी स्किन केयर रूटीन में बेहद आसानी से ढाला जा सकता है और इसके लिए घंटों का समय निकालने की आवश्यकता नहीं होती।प्राकृतिक टोनर के रूप में: सुबह और रात को फेसवॉश करने के तुरंत बाद अपने चेहरे पर शुद्ध गुलाब जल का स्प्रे करें या कॉटन पैड की मदद से थपथपाकर लगाएं। इसे हवा में खुद सूखने दें और फिर अपना मॉइस्चराइजर लगाएं। यह त्वचा को गहराई तक नमी सोखने के लिए तैयार करता है।फेस पैक और मुल्तानी मिट्टी के साथ: अगर आपकी त्वचा ऑयली या मुंहासों वाली है, तो मुल्तानी मिट्टी या बेसन में सादे पानी की जगह गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। यह त्वचा से गंदगी और डेड स्किन सेल्स को खींचकर बाहर निकाल देता है और चेहरे पर तुरंत निखार लाता है।एलोवेरा जेल के साथ नाइट सीरम: रात को सोने से पहले एक चम्मच शुद्ध एलोवेरा जेल में कुछ बूंदें गुलाब जल की मिलाकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें। यह पूरी रात त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत करता है और सुबह चेहरा एकदम तरोताजा और खिला हुआ मिलता है।दिनभर के लिए रिफ्रेशिंग मिस्ट: जब भी ऑफिस के काम, स्क्रीन के सामने बैठने या धूप में बाहर निकलने से थकान महसूस हो, तो पर्स या डेस्क पर रखी गुलाब जल की स्प्रे बोतल से चेहरे पर छिड़काव करें। यह त्वचा की सुस्ती को तुरंत मिटाकर एक नया निखार देता है।आंखों की थकान और काले घेरों को दूर करने में भी है लाजवाबगुलाब जल का उपयोग सिर्फ चेहरे की चमक बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह थकी हुई आंखों के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। लैपटॉप, मोबाइल और देर रात तक जागने के कारण आज अधिकांश लोगों को आंखों में जलन, सूखापन, पफीनेस यानी सूजन और डार्क सर्कल्स की गंभीर समस्या रहती है। ऐसे में ठंडे गुलाब जल में दो कॉटन पैड्स को अच्छी तरह डुबोएं और अपनी बंद आंखों पर 10 से 15 मिनट के लिए रखकर आराम से लेट जाएं। गुलाब जल के प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा की नसों को शांत करते हैं, सूजन को तेजी से घटाते हैं और आंखों की लाली व जलन को पूरी तरह दूर कर देते हैं। नियमित रूप से यह सरल प्रक्रिया अपनाने से आंखों के नीचे के काले घेरे भी धीरे-धीरे हल्के पड़ने लगते हैं और चेहरा बिना किसी मेकअप के भी हमेशा जीवंत और चमकदार नजर आता है।असली गुलाब जल की पहचान और इस्तेमाल करते समय जरूरी सावधानियांबाजार में मिलने वाले अनगिनत ब्रांड्स के बीच यह समझना बेहद जरूरी है कि हर खुशबूदार पानी असली गुलाब जल नहीं होता। बाजार के कई सस्ते प्रोडक्ट्स में पानी के अंदर आर्टिफिशियल रोज एसेंस, अल्कोहल और प्रिजर्वेटिव्स मिला दिए जाते हैं, जो संवेदनशील त्वचा को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान कर सकते हैं। हमेशा ऐसा गुलाब जल खरीदें जिसकी सामग्री में 100% शुद्ध 'स्टीम डिस्टिल्ड रोज वॉटर' (Rosa Damascena) लिखा हो और जिसमें कोई पैराबेन, सल्फेट या परफ्यूम न हो। यदि आपके घर में ताजे देसी गुलाब हैं, तो आप पंखुड़ियों को साफ पानी में उबालकर और उसकी भाप को इकट्ठा करके घर पर भी शुद्ध अर्क बना सकते हैं। पहली बार किसी नए ब्रांड का गुलाब जल इस्तेमाल करने से पहले कलाई या कान के पीछे पैच टेस्ट जरूर करें ताकि किसी संभावित एलर्जी का पहले ही पता चल सके। जब आप एक बार शुद्ध गुलाब जल को अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बना लेते हैं, तो आपकी त्वचा किसी भी महंगे केमिकल ट्रीटमेंट के बिना खुद-ब-खुद अंदर से चमकने लगती है।
बांग्लादेश में टैगोर की तस्वीर पर कालिख पोतने की कोशिश, 4 गिरफ्तार
ढाका में रवींद्रनाथ टैगोर की दीवार पर बनी तस्वीर पर पर काली स्याही पोतने की कोशिश की गई. इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर देशद्रोह से जुड़ा केस दर्ज किया है. घटना बांग्लादेश शिल्पकला अकादमी के बाहर हुई.
TMC विधायक बिभास सरदार पर हमले का आरोप, पार्टी ने BJP को घेरा
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर पूर्ब से विधायक बिभास सरदार पर कथित हमले के बाद ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ ने रविवार को सत्तारूढ़ भाजपा पर ‘‘डराने-धमकाने की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया। इसने आरोप लगाया कि शनिवार रात दक्षिण 24 परगना ज़िले के जयनगर में पार्टी के एक कार्यक्रम से घर लौटते समय सरदार पर हमला किया गया। पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और उनके खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन क्या पुलिस कार्रवाई करेगी? अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऐसा लगता है कि वे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय अपने आकाओं की सेवा करने में ज़्यादा व्यस्त हैं।’’पार्टी ने शनिवार रात एक बयान में कहा कि हमलावरों ने सरदार को धमकी दी थी, जिनमें से एक ने कथित तौर पर उनसे कहा, ‘‘तुम ममता के इतने बड़े भक्त बन गए हो और उसका समर्थन करते हो! हम पक्का करेंगे कि तुम्हें श्मशान घाट भेज दिया जाए।’’पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने कथित हमले के बाद सरदार से फ़ोन पर बात की, उनका हालचाल पूछा और उन्हें हर मदद का भरोसा दिलाया। भाजपा ने इन आरोपों से इनकार किया है कि हमले में उसके पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
'बॉलीवुड नाना से बड़ा नहीं', सितारों पर भड़के डायरेक्टर
नाना पाटेकर के निधन पर उनके चाहने वालों का सैलाब उमड़ पड़ा था. लेकिन बॉलीवुड से कुछ चुनिंदा ही चेहरे वहां नजर आए थे. इस बात से मराठी फिल्मों के डायरेक्टर प्रवीण तारडे बड़े खफा हुए हैं.
बर्थडे पर कुमार विश्वास की बेटी अग्रता का दिखा बोल्ड लुक, Photos
कवि कुमार विश्वास की बेटी अग्रता शर्मा ने हाल ही में अपना जन्मदिन मनाया. इस खास मौके की तस्वीरों में वह मेश फैब्रिक वाली स्टाइलिश ड्रेस और चमकदार सीक्विन स्कर्ट में नजर आईं. उनके ग्लैमरस लुक के साथ पति पवित्र खंडेलवाल और परिवार संग केक काटने की तस्वीरें भी चर्चा में हैं.
सऊदी के रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला… टर्मिनल में लगी आग, पिछले अटैक में 12 लोगों की गई थी जान
रियाद एयरपोर्ट पर रविवार को फिर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे टर्मिनल-4 में आग लग गई. इससे एक दिन पहले हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोग घायल हुए थे. हमले के बाद एयरपोर्ट बंद है और कम से कम 11 भारतीयों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.
VHP ने फिल्म निर्माता Vivek Agnihotri पर साधा निशाना, धार्मिक रीति-रिवाजों के अपमान का आरोप
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री के हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों पर दिये गए बयानों की रविवार को आलोचना की और उन्हें ‘‘एहसान फरामोश’’ करार दिया तथा इस धर्म का ‘‘हत्यारा’’ बनने का आरोप लगाया, जिसकी वजह से उन्हें सफलता मिली थी। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि जो लोग हिंदू समाज के समर्थन से सफल होते हैं, उन्हें उसी आस्था और परंपराओं के खिलाफ नहीं होना चाहिए जिन्होंने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की है। बंसल ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि अग्निहोत्री हिंदू धार्मिक परंपराओं--चाहे वह कुंभ हो, तीर्थयात्राएं हों, मंदिर हों, संत हों या भजन-कीर्तन हों -- में भी कमियां निकालने की हद तक चले जाएंगे। यह आलोचना अग्निहोत्री की उस टिप्पणी के बाद की गई है जिसमें उन्होंने बुधवार को कहा था कि धर्म पर कर लगाने से भारत सबसे अमीर देश बन सकता है, साथ ही उन्होंने कई धार्मिक रीति-रिवाजों की आलोचना भी की थी। बंसल ने रविवार को किये गए पोस्ट में कहा, ‘‘जरा फिल्म जगत के इस विवेक अग्निहोत्री को देखिए... हिंदू धार्मिक तीर्थयात्राओं पर कर लगाने की वकालत करने वाले। यह जनाब तो बहुत आगे निकल गए हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग इतनी जल्दी एहसान-फरामोश हो जाएंगे कि जिन्होंने इन्हें आगे बढ़ाया, उन्हीं के विश्वास और आस्था को खत्म करने वाले बन जाएंगे -- शायद किसी ने कभी ऐसा सोचा भी नहीं होगा!’’उन्होंने अग्निहोत्री पर हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों की बार-बार आलोचना करने और उनमें कमियां निकालने का आरोप लगाया। बंसल ने फिल्म निर्माता से कहा, ‘‘अग्निहोत्री जी, क्या आप खुद हिंदू नहीं हैं? या आप सिर्फ़ नाम के हिंदू हैं?’’ उन्होंने कहा कि वह (अग्निहोत्री) दूसरी सभ्यताओं के सामने हीन भावना महसूस करने के बजाय भारत की सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान, मूल्यों और परंपराओं पर गर्व करें। अग्निहोत्री को बुधवार को ‘एक्स’ पर एक वीडियो रीपोस्ट करने के बाद आलोचना का सामना करना पड़ा। इस वीडियो में उत्तराखंड के कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिख रही और उन्होंने टिप्पणी की थी कि अगर सरकार धर्म पर कर लगा दे, तो भारत रातों-रात सबसे अमीर देश बन जाएगा।
महीने के वो चार-पांच दिन केवल मूड स्विंग्स, बदन दर्द और पेट की ऐंठन तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि कई महिलाओं के लिए यह दौर पेट और पाचन तंत्र की एक अजीबोगरीब जंग बन जाता है। कभी अचानक बार-बार वॉशरूम की तरफ भागना पड़ता है और लूज मोशन की समस्या हो जाती है, तो कभी पेट इतना ज्यादा सख्त और भारी हो जाता है कि गंभीर कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन का सामना करना पड़ता है। अक्सर महिलाएं इसे सामान्य पेट की खराबी समझकर दवाएं खाने लगती हैं या खान-पान की गलती मान लेती हैं, लेकिन मेडिकल साइंस और गायनेकोलॉजी के अनुसार यह कोई आकस्मिक बीमारी नहीं बल्कि शरीर के भीतर होने वाला एक जटिल हार्मोनल खेल है। मासिक धर्म के चक्र के साथ हमारी आंतों का तालमेल बेहद संवेदनशील होता है। गर्भाशय और पाचन तंत्र शरीर में एक-दूसरे के बेहद करीब स्थित होते हैं और जब गर्भाशय में बदलाव होते हैं, तो उसका सीधा असर हमारी आंतों की मांसपेशियों और मल त्याग की प्रक्रिया पर पड़ता है। इस समस्या को साइंटिफिक कम्युनिटी में 'पीरियड पूप' या मेंस्ट्रुअल गट डिस्टर्बेंस कहा जाता है, जिसे समझने के लिए शरीर में होने वाले रासायनिक बदलावों की गहराई में जाना जरूरी है।लूज मोशन का सबसे बड़ा गुनहगार: प्रोस्टाग्लैंडिंस हार्मोन का अति-स्रावपीरियड्स शुरू होते ही अचानक लूज मोशन और बार-बार दस्त लगने की सबसे मुख्य वजह 'प्रोस्टाग्लैंडिंस' (Prostaglandins) नामक लिपिड कंपाउंड्स होते हैं। जब शरीर को गर्भधारण न होने का संकेत मिलता है, तो गर्भाशय की अंदरूनी परत यानी एंडोमेट्रियम को टूटना होता है। इस परत को शरीर से बाहर निकालने के लिए गर्भाशय को सिकुड़ना पड़ता है और इसी संकुचन को ट्रिगर करने के लिए प्रोस्टाग्लैंडिंस बड़ी मात्रा में रिलीज होते हैं। जब ये केमिकल्स गर्भाशय की मांसपेशियों को दबाते हैं, तो शरीर में अत्यधिक मात्रा में बने प्रोस्टाग्लैंडिंस रक्त प्रवाह के जरिए पास मौजूद आंतों (Intestines) तक पहुंच जाते हैं। आंतों की चिकनी मांसपेशियों पर इनका असर ठीक गर्भाशय जैसा ही होता है—ये आंतों को भी तेजी से सिकोड़ने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप आंतों की गतिशीलता यानी पेरिस्टालसिस असामान्य रूप से तेज हो जाती है, जिससे भोजन और अपशिष्ट पदार्थ बिना पानी सोखे बहुत तेजी से मलाशय की ओर बढ़ने लगते हैं। यही कारण है कि पीरियड्स के पहले या दूसरे दिन महिलाओं को तेज मरोड़ के साथ पतला दस्त या लूज मोशन झेलना पड़ता है।पीरियड्स से ठीक पहले कब्ज और भारीपन क्यों घेरता है: प्रोजेस्टेरोन का धीमा असरपीरियड्स शुरू होने से कुछ दिन पहले की कहानी एकदम उलट होती है और उस समय लूज मोशन नहीं बल्कि असहनीय कब्ज, पेट फूलना और गैस की समस्या सताती है। इसका मुख्य कारण 'प्रोजेस्टेरोन' (Progesterone) हार्मोन का बढ़ा हुआ स्तर है। ओव्यूलेशन के बाद शरीर संभावित प्रेग्नेंसी की तैयारी करता है, जिसके चलते ल्यूटियल फेज में प्रोजेस्टेरोन का लेवल अपने चरम पर पहुंच जाता है। प्रोजेस्टेरोन का मूल स्वभाव मांसपेशियों को शिथिल यानी रिलैक्स करना होता है। यह हार्मोन न केवल गर्भाशय की दीवारों को शांत रखता है बल्कि आंतों की मांसपेशियों की गति को भी बेहद सुस्त कर देता है। जब आंतें धीमी गति से काम करती हैं, तो खाया हुआ खाना और मल आंतों में सामान्य से अधिक समय तक रुका रहता है। इस दौरान बड़ी आंत उस अपशिष्ट से बहुत अधिक पानी सोख लेती है, जिससे मल कड़ा और सूखा हो जाता है। यही वजह है कि डेट आने से 3 से 4 दिन पहले महिलाओं को मल त्याग करने में काफी जोर लगाना पड़ता है, पेट में गैस भर जाती है और भारी बेचैनी महसूस होती है।तनाव और आंतों का न्यूरोलॉजिकल कनेक्शन: गट-ब्रेन एक्सिस की भूमिकापाचन तंत्र में इस उतार-चढ़ाव का एक और महत्वपूर्ण पहलू हमारा दिमाग और तनाव का स्तर है, जिसे मेडिकल भाषा में गट-ब्रेन एक्सिस (Gut-Brain Axis) कहा जाता है। पीरियड्स से ठीक पहले और उस दौरान एस्ट्रोजन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर में भारी गिरावट आती है, जिसके कारण महिलाओं में चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी और मूड स्विंग्स बढ़ जाते हैं। हमारा पाचन तंत्र शरीर का दूसरा दिमाग माना जाता है क्योंकि इसमें लाखों न्यूरॉन्स मौजूद होते हैं। जब महिला मानसिक तनाव या शारीरिक दर्द से गुजरती है, तो शरीर का ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम पाचन प्रक्रिया को असंतुलित कर देता है। जो महिलाएं पहले से ही इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं से जूझ रही होती हैं, उनके लक्षण पीरियड्स के दिनों में दोगुने तीव्र हो जाते हैं। तनाव आंतों की संवेदनशीलता को इतना बढ़ा देता है कि मामूली गैस का बुलबुला भी असहनीय मरोड़ और दस्त का कारण बन सकता है।इस हार्मोनल रोलरकोस्टर से कैसे पाएं राहत: अपनाएं ये जरूरी सावधानियांमासिक धर्म के दौरान पाचन तंत्र को शांत और संतुलित रखने के लिए कुछ सामान्य लेकिन बेहद प्रभावी बदलाव किए जा सकते हैं।पीरियड्स से 3-4 दिन पहले जब कब्ज की आशंका ज्यादा हो, तब अपने भोजन में घुलनशील फाइबर जैसे ओट्स, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां और अलसी के बीज शामिल करें ताकि मल कड़ा न हो।पीरियड्स शुरू होते ही जब लूज मोशन का खतरा हो, तो अत्यधिक तीखे, तले-भुने, जंक फूड और कैफीन यानी चाय-कॉफी से पूरी तरह परहेज करें क्योंकि कैफीन आंतों को और अधिक उत्तेजित करके दस्त को गंभीर बना सकता है।पर्याप्त मात्रा में हल्का गुनगुना पानी पिएं, नारियल पानी या छाछ लें ताकि इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन न बिगड़े और शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहे।पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली यानी हीटिंग पैड से सिकाई करने से गर्भाशय के साथ-साथ आंतों की मांसपेशियों की ऐंठन भी शांत होती है।यदि हर महीने लूज मोशन या कब्ज इतना गंभीर हो जाए कि कमजोरी, चक्कर आना या अत्यधिक खून की कमी महसूस होने लगे, तो इसे केवल सामान्य दर्द न मानकर तुरंत किसी अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए ताकि किसी आंतरिक समस्या का समय पर समाधान हो सके।
'हमें यह फैसला मंजूर नहीं...', 1 रन के लिए हो गया भारी बवाल
भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने 10 ओवर के बाद कमाल का प्रदर्शन करते हुए मैच में वापसी की. लेकिन अंतिम ओवर के दौरान मैदान पर बड़ा ड्रामा देखने को मिला. अंपायर के एक फैसले से वेस्टइंडीज के खिलाड़ी नाखुश नजर आए.
जैसे ही नवरात्रि का त्योहार शुरू होता है, चारों तरफ ढोल-नगाड़ों की थाप और डांडिया की खनक गूंजने लगती है। गरबा नाइट्स पर हर कोई सबसे अलग, खूबसूरत और खास दिखना चाहता है। इस बार अगर आप भी वही घिसे-पिटे या हैवी मॉडर्न लुक्स से बोर हो चुके हैं, तो क्यों न 90 के दशक यानी '90s के उसी पुराने और एवरग्रीन बॉलीवुड रेट्रो लुक (90's Retro Look) को वापस लाया जाए? वह दौर जब सादगी और ड्रामे का एक बहुत ही खूबसूरत बैलेंस हुआ करता था। आजकल इंटरनेट पर AI टूल्स और प्रॉम्ट्स के जरिए विंटेज लुक्स बनाने का बहुत क्रेज है, लेकिन इस नवरात्रि आपको किसी डिजिटल फिल्टर या मशीन की जरूरत नहीं है। आप खुद अपने वॉर्डरोब की मदद से, मां के पुराने दुपट्टों और कुछ सिंपल मेकअप ट्रिक्स के जरिए असली और नेचुरल 90's का देसी रेट्रो लुक घर बैठे तैयार कर सकते हैं। माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के उस एवरग्रीन स्टाइल को फिर से जीने का यह एक बेहतरीन मौका है, जिसे देखकर हर कोई आपकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाएगा।आउटफिट गाइड: 90 के दशक की वो वाइब्रेंट चनिया चोली और बांधनी का जादू'90s के ट्रेडिशनल गरबा लुक की सबसे बड़ी खासियत होती थी उसके चटकीले और जिंदादिल रंग। उस दौर में आज की तरह पेस्टल या म्यूटेड शेड्स का चलन नहीं था, बल्कि लोग लाल, मैरून, हरा, पीला और नीला जैसे वाइब्रेंट कलर्स पसंद करते थे।चनिया चोली (Chaniya Choli): रेट्रो लुक पाने के लिए सबसे पहले हैवी घेर वाला सूती (cotton) चनिया यानी घाघरा चुनें, जिस पर ट्रेडिशनल पैचवर्क, शीशे (mirror work) का काम या फिर जियोमेट्रिक पैटर्न्स बने हों। इस घाघरे के साथ बांधनी, लहरिया या फिर गुजरात का ब्लॉक प्रिंटेड बॉर्डर बहुत ही विंटेज वाइब देता है।ब्लाउज (Choli) और दुपट्टा: 90 के दशक में चोली की लंबाई थोड़ी छोटी होती थी और उस पर हैवी एम्ब्रॉयडरी या गोटा-पट्टी का काम होता था। अगर आपके पास पुराना गुजराती ब्लाउज है, तो उसे जरूर पहनें। इस पूरे लुक की जान होता है 'दुपट्टा'। इस लुक के लिए एक हैवी बांधनी या लहरिया का दुपट्टा लें।ड्रेपिंग स्टाइल: 90's के स्टाइल में दुपट्टे को सीधे तौर पर कंधे से लेते हुए सामने की तरफ फैलाकर (गुजराती स्टाइल या फिर एक तरफ से खुला छोड़कर) पिनअप किया जाता था। दुपट्टे को कमर के पास बांधना या फिर प्लेट्स बनाकर कंधे पर दबाना उस दौर की खास ड्रेपिंग थी। इसके साथ ही कमर पर एक प्यारा सा सूती या बीड्स वाला कमरबंद बांधना इस लुक में चार चांद लगा देगा।मेकअप गाइड: थिन ब्रोज, काजल और वो आइकोनिक मैट ब्राउन लिप्स90 के दशक का मेकअप आज के 'नो-मेकअप' या 'ग्लोई ग्लैम' से काफी अलग था। उस समय मैट फिनिश और बोल्ड फीचर्स को उभारने पर पूरा ध्यान दिया जाता था। इस नवरात्रि अपना 90's मेकअप करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:मैट बेस: उस दौर में बहुत ज्यादा हाइलाइटर या ड्यूई फिनिश नहीं होती थी। इसलिए अपनी त्वचा को मॉइस्चराइज करने के बाद एक अच्छा मैट फाउंडेशन या कॉम्पैक्ट लगाएं ताकि गरबा खेलते समय पसीने से भी आपका मेकअप खराब न हो और पूरा मैट लुक आए।आइब्रो और आई मेकअप: 90 के दशक में आईब्रो बहुत ज्यादा थिक यानी घनी नहीं बनाई जाती थीं। अपनी आइब्रो को एक नेचुरल और थोड़ी पतली-धनुषाकार (thin-arched) शेप दें। आंखों पर बहुत ज्यादा कलर्स या शिमर लगाने की जगह केवल एक न्यूट्रल या ब्राउन शैडो लगाएं और पलकों के ऊपर और नीचे (waterline) पर गाढ़ा काजल (kohl) लगाएं। काजल को बाहर की तरफ हल्का सा स्मज यानी फैलाएं ताकि वो 'विंटेज स्मोकी' और गहरा दिखे। साथ ही भरपूर मस्कारा लगाएं।मैट लिपस्टिक और लिप लाइनर: यह इस पूरे लुक का सबसे जरूरी हिस्सा है। '90s के दौर में हर बॉलीवुड एक्ट्रेस डार्क ब्राउन, कॉफी, ईंट जैसे लाल (brick red) या मैरून शेड्स की लिपस्टिक लगाती थीं। सबसे खास बात यह थी कि लिपस्टिक लगाने से पहले होठों पर थोड़े गहरे रंग का लिप लाइनर (Lip Liner) लगाया जाता था, जो साफ दिखाई देता था। आप भी ब्राउन लिप लाइनर से होठों को आउटलाइन करें और फिर अंदर मैट ब्राउन या टेराकोटा लिपस्टिक भरें।बिंदी: माथे के बीचों-बीच एक गोल मरून या काली बिंदी, या फिर 90's की खास चंद्र-आकार (crescent/half-moon) वाली बिंदी लगाएं।एक्सेसरीज और हेयरस्टाइल: पफ, कर्ल्स और ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी का परफेक्ट मेलकोई भी रेट्रो लुक बिना सही एक्सेसरीज और हेयर स्टाइल के अधूरा है। '90s के दौर में बालों को बहुत सलीके से लेकिन वॉल्यूम के साथ संवारा जाता था।हेयरस्टाइल (Hair): उस समय नेचुरल बाउंस और कर्ल्स का बहुत क्रेज था। आप अपने बालों को हल्का सा कर्ल या वेव कर लें। आगे के बालों को लेकर एक छोटा सा 'पफ' (Puff) बनाएं या फिर बीच से मांग निकालकर दोनों तरफ से बालों को पीछे की तरफ क्लिप कर लें, जिससे आपके बाल घने और खुले हुए लगें। आप चाहें तो बालों में एक छोटी सी 'क्लिप' या मां की पुरानी हेयर एक्सेसरीज लगा सकती हैं।ज्वेलरी (Accessories): नवरात्रि में ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर (Oxidized Silver) ज्वेलरी से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। 90 के दशक का फील लाने के लिए कानों में बड़े-बड़े झुमके (Jhumkas), गले में एक चोकर या हैवी पेंडेंट वाला हार और दोनों हाथों में रंग-बिरंगी कांच की चूड़ियों के साथ ऑक्सीडाइज्ड मेटल के कड़े पहनें। पैरों में भारी पायल और उंगलियों में बड़ी-बड़ी अंगूठियां पहनना न भूलें।इन आसान और पूरी तरह से पारंपरिक तरीकों को अपनाकर आप इस नवरात्रि न सिर्फ सबसे अनोखी और खूबसूरत दिखेंगी, बल्कि हर किसी को '90s के सुनहरे और रंगीन दिनों की याद दिला देंगी। तो बस, तैयार हो जाइए और डांडिया नाइट्स पर अपने इस असली रेट्रो लुक का जलवा बिखेरिए!अब बिना किसी डिजिटल मदद के, इस विंटेज नवरात्रि गाइड को फॉलो करें और देखें नीचे दी गई इमेज (image_0.png) में कैसे यह 90's का लुक गरबा नाइट्स पर कमाल का दिख रहा है:
Mumbai के शिवाजी पार्क में Aaditya Thackeray और Amit Thackeray का प्रदर्शन तेज
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के शिवाजी पार्क इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आंदोलन के समर्थन में शुरू हुआ प्रदर्शन रविवार को तेज हो गया। शिवसेना (उबाठा) के नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अमित ठाकरे सैकड़ों समर्थकों के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया समेत अनेक लोगों को हिरासत में लिया गया। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पास में स्थित सेना भवन के बाहर महिला समेत शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं पर हमला किया और उनके साथ धक्का-मुक्की की। आदित्य ने दावा किया कि इस दौरान पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता की साड़ी फट गई। आदित्य ने कहा, “मैं पूरे मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क आने की अपील कर रहा हूं। अब यह विरोध प्रदर्शन नहीं रुकेगा। अगर आपने प्रदर्शनकारियों को हाथ लगाया, तो गद्दार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा देने तक आंदोलन तेज रहेगा।”मनसे नेता अमित ठाकरे ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के कारण पर सवाल उठाया। अमित ठाकरे ने कहा, “कल से हमारे मनसे कार्यकर्ता वहां (प्रदर्शन करने के लिए) मौजूद रहेंगे।”प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं दमानिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “जब मैं कॉजपा के समर्थन में शिवाजी पार्क पहुंची, तो सादे कपड़ों में आए पुलिस अधिकारियों ने मुझे हिरासत में ले लिया। सभी पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे और मुझे नहीं पता कि वे मुझे कहां ले जा रहे हैं।”अधिकारियों ने बताया कि इलाके से हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोगों को शिवाजी पार्क पुलिस थाने में भेज दिया गया है। कुछ लोगों को पास के अन्य पुलिस थानों में ले जाया गया है।
मध्य प्रदेश स्वामित्व-शैली की योजना लागू कर रहा है ताकि रजिस्ट्री प्रमाणपत्र हस्तांतरित किए जा सकें, जिससे हरदा के
जमानत पर बाहर आए पोते ने दादी को मार डाला, थाने जाकर खुद कबूला जुर्म
पुणे के सांगवी में संपत्ति विवाद के चलते ओंकार शिंगोरे ने अपनी सौतेली दादी मंगला शिंगोरे की चाकू मारकर हत्या कर दी. घटना 9 अक्टूबर की सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई. तीन मंजिला इमारत में हिस्से को लेकर दोनों के बीच वर्षों से विवाद था. हत्या के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और जुर्म कबूल कर लिया. वह दूसरे हत्या मामले में जमानत पर बाहर था.
भारतीय टेलीविजन और डिजिटल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाले रियलिटी शोज़ अक्सर विवादों, ड्रामे और मर्यादाओं को लांघने के आरोपों से घिरे रहते हैं, लेकिन हाल ही में एक शो के भीतर जो कुछ कैमरे में कैद हुआ, उसने न केवल आम दर्शकों को स्तब्ध कर दिया बल्कि मनोरंजन जगत के वरिष्ठ कलाकारों के सब्र का बांध भी तोड़ दिया। शो के भीतर खुद को बाहर से 'भाई-बहन' जैसा पवित्र रिश्ता बताने वाले एक मशहूर सोशल मीडिया यूट्यूबर और महिला कंटेस्टेंट के बीच की जरूरत से ज्यादा फिजिकल नजदीकियों और कोजी हरकतों को देखकर टेलीविजन इंडस्ट्री की बेबाक अभिनेत्री काम्या पंजाबी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। काम्या पंजाबी ने बिना किसी लाग-लपेट के सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए शो के कंटेस्टेंट्स के पाखंड, मेकर्स की टीआरपी भूख और भारतीय संस्कृति में पारिवारिक रिश्तों की गरिमा को कैमरे के आगे तार-तार किए जाने पर जोरदार प्रहार किया है। उनकी इस दो टूक और तीखी प्रतिक्रिया के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और यूट्यूबर की इस हरकत पर लोगों का भारी आक्रोश फूट पड़ा है।नेशनल टेलीविजन पर रिश्तों का दिखावा और बंद कमरों की कोजी हरकतेंविवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब रियलिटी शो के 24 घंटे लाइव फीड और मुख्य एपिसोड में देखा गया कि सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स रखने वाला चर्चित यूट्यूबर शो की एक फीमेल कंटेस्टेंट के साथ देर रात एक ही कंबल में बेहद नजदीक और कोजी होता नजर आया। चौंकाने वाली बात यह थी कि शो की शुरुआत में और सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे को 'भाई और बहन' जैसा पारिवारिक रिश्ता बताते रहे थे और एक-दूसरे के प्रति रक्षात्मक रुख अपनाते थे। लेकिन जैसे-जैसे शो में गेम का दबाव बढ़ा और नॉमिनेशन की प्रक्रिया नजदीक आई, दोनों के बीच शारीरिक नजदीकियों, आलिंगन और आपत्तिजनक बातचीत का दौर शुरू हो गया। फुटेज हासिल करने और स्क्रीन टाइम बटोरने के लिए दोनों के इस बदले हुए समीकरण ने दर्शकों को असहज कर दिया। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने शो के क्लिप्स काटकर वायरल करना शुरू कर दिया, जिसमें दोनों की बॉडी लैंग्वेज भाई-बहन के कथित दावे से कोसों दूर और साफ तौर पर रोमांटिक एंगल गढ़े जाने जैसी दिख रही थी।काम्या पंजाबी का तीखा ट्वीट: टीआरपी और कैमरे के लिए रिश्तों को मत बेचोटेलीविजन अभिनेत्री काम्या पंजाबी, जो रियलिटी शोज़ की बारीकियों को भली-भांति समझती हैं और हमेशा अपनी निष्पक्ष राय रखने के लिए जानी जाती हैं, इस पूरे ड्रामे को देखकर चुप नहीं रह सकीं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक कड़ा पोस्ट साझा करते हुए शो के कंटेस्टेंट्स को आड़े हाथों लिया। काम्या ने लिखा कि जब आप बाहर दुनिया के सामने और शो के मंच पर किसी को अपना भाई या बहन घोषित करते हैं, तो उस रिश्ते की एक पवित्र सीमा और मर्यादा होती है। लेकिन चंद मिनटों की फुटेज, दर्शकों का वोट पाने और शो में टिके रहने के लिए रात के अंधेरे में एक ही बिस्तर पर कोजी होना और शर्मनाक हरकतें करना बेहद घिनौना और अस्वीकार्य है। उन्होंने सवाल किया कि क्या आज के तथाकथित सोशल मीडिया स्टार्स इतने गिर चुके हैं कि उन्हें यह भी समझ नहीं आता कि देश के करोड़ों परिवारों में बैठकर लोग अपने माता-पिता और बच्चों के साथ इन शोज़ को देखते हैं? काम्या ने दोहरे चरित्र वाले ऐसे कंटेस्टेंट्स को आत्ममंथन करने की कड़ी नसीहत दी।सोशल मीडिया पर यूट्यूबर की जबरदस्त ट्रोलिंग और दर्शकों का गुस्साकाम्या पंजाबी के इस तीखे बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंटने के बजाय काम्या के समर्थन में मजबूती से खड़े नजर आए। लोगो ने संबंधित यूट्यूबर और कंटेस्टेंट को जमकर लताड़ लगाई। यूजर्स का कहना था कि डिजिटल क्रिएटर्स असल जिंदगी में फॉलोअर्स को नैतिकता का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन रियलिटी शो के ग्लैमर और करोड़ों के प्राइज मनी के लालच में वे किसी भी हद तक गिरने को तैयार हो जाते हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि अगर आप दोनों के बीच पहले से रोमांटिक या कैजुअल रिश्ता था, तो पहले भाई-बहन का ड्रामा रचने की क्या जरूरत थी? वहीं कुछ लोगों ने रियलिटी शो के निर्माताओं को भी कटघरे में खड़ा किया कि वे सिर्फ टीआरपी और विवाद पैदा करने के लिए ऐसे आपत्तिजनक दृश्यों को बिना सेंसर किए दर्शकों के सामने परोस रहे हैं, जिससे समाज में रिश्तों की पवित्रता का उपहास उड़ रहा है।रियलिटी शोज़ में गिरते स्तर और फेक बॉन्डिंग का कड़वा सचयह पहली बार नहीं है जब किसी रियलिटी शो में रिश्तों की आड़ में इस तरह का खेल खेला गया हो। पिछले कुछ सालों में रियलिटी टीवी का फॉर्मेट पूरी तरह से ड्रामा, फेक लव एंगल्स और सनसनीखेज झगड़ों पर टिक गया है। कंटेस्टेंट्स को यह अच्छी तरह पता होता है कि शांति से गेम खेलने पर उन्हें स्क्रीन स्पेस नहीं मिलेगा, इसलिए वे घर में घुसते ही या तो जबरन प्रेम प्रहानियां गढ़ते हैं या फिर रिश्तों के नाम पर भ्रम फैलाते हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया से आने वाले इन्फ्लुएंसर्स अक्सर कैमरे के सामने अपनी सीमाएं भूल जाते हैं। भाई-बहन जैसे सबसे भरोसेमंद और पवित्र सामाजिक बंधन को टीआरपी के तराजू पर तौलना न केवल नैतिक दृष्टि से गलत है, बल्कि यह दर्शकों की भावनाओं के साथ सीधा खिलवाड़ है।काम्या पंजाबी की बेबाकी की हो रही है चारों तरफ सराहनाइस पूरे विवाद में काम्या पंजाबी के इस साहसिक कदम की टीवी इंडस्ट्री के अन्य कलाकारों और आम जनता द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। लोग कह रहे हैं कि इंडस्ट्री में जहां ज्यादातर बड़े सितारे विवादों से बचने के लिए चुप्पी साध लेते हैं, वहीं काम्या ने बिना किसी डर के सच का आईना दिखाया है। उनका यह बयान उन तमाम युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक सख्त चेतावनी है जो फेम और पैसों के लिए भारतीय पारिवारिक मूल्यों की बलि चढ़ाने से नहीं हिचकिचाते। अब देखना यह होगा कि वीकेंड के वार पर शो के होस्ट इस मामले को लेकर यूट्यूबर और उस कंटेस्टेंट की क्लास लगाते हैं या फिर मेकर्स इसे भी टीआरपी का हथियार बनाकर दबा देते हैं।
यूपी कांग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के पदभार ग्रहण में रविवार को भारी हंगामा मचा. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के समर्थक कांग्रेस की ही महिला नेता ममता चौधरी पर बुरी तरह भड़के नजर आए. आखिर ऐसा बवाल क्यों मचा, जानें पूरी कहानी.
बॉलीवुड इंडस्ट्री में यूं तो प्रेम कहानियों और ब्रेकअप के अनगिनत किस्से मशहूर हैं, लेकिन 90 के दशक में एक ऐसा रिश्ता परवान चढ़ा था जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था। यह कहानी थी अपने संजीदा, तीखे और बेबाक अभिनय के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर और उस दौर की सबसे खूबसूरत व कामयाब अभिनेत्रियों में शुमार मनीषा कोइराला की। उम्र में लगभग 20 वर्ष का भारी फासला होने के बावजूद दोनों के बीच पनपे गहरे आकर्षण, प्यार और बाद में टूटे रिश्ते ने फिल्मी पत्रिकाओं के पन्नों पर सालों तक राज किया। दोनों का रिश्ता केवल दोस्ती या अफेयर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दोनों ने कुछ समय तक एक साथ रहकर लिव-इन रिलेशनशिप भी बिताया था। उस दौर में जब बड़े पर्दे पर ज्यादा बोल्डनेस दिखाने से सितारे कतराते थे, तब इन दोनों ने कैमरे के सामने बेहद आक्रामक, भावुक और इंटीमेट सीन्स देकर दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों को भी दंग कर दिया था।फिल्म 'अग्नि साक्षी' के सेट पर जगी थी दोनों के बीच मोहब्बत की चिंगारीसाल 1996 में रिलीज हुई निर्देशक पार्थो घोष की साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म 'अग्नि साक्षी' हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई थी। इस फिल्म में नाना पाटेकर ने एक जुनूनी, सनकी और अपनी पत्नी पर हक जताने वाले पति 'विश्वनाथ' का किरदार निभाया था, जबकि मनीषा कोइराला उनकी प्रताड़ित पत्नी 'शिवांगी' की भूमिका में थीं। फिल्म की पटकथा जितनी आक्रामक और तनावपूर्ण थी, कैमरे के सामने दोनों की अदाकारी उतनी ही जीवंत थी। कहानी की मांग के अनुसार दोनों कलाकारों ने बिना किसी हिचकिचाहट के कई बेहद इंटेंस, भावुक और क्लोज इंटीमेट सीन्स शूट किए थे। शूटिंग के दौरान ही दोनों के बीच की ऑफ-स्क्रीन केमिस्ट्री परवान चढ़ने लगी थी। नाना पाटेकर का रौबदार व्यक्तित्व और मनीषा की मासूमियत ने दोनों को एक-दूसरे के बेहद करीब ला दिया और देखते ही देखते यह पेशेवर रिश्ता एक गंभीर प्रेम संबंध में तब्दील हो गया।लिव-इन रिलेशनशिप और दोनों के स्वाभाव का जटिल तालमेलफिल्म 'अग्नि साक्षी' के बाद यह रिश्ता सिर्फ सेट तक सीमित नहीं रहा। 90 के दशक की प्रमुख फिल्मी पत्रिकाओं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लिव-इन रिलेशनशिप में रहे। नाना पाटेकर उस समय अपनी पत्नी नीलकांति से अलग रह रहे थे, हालांकि उनका कानूनी रूप से तलाक नहीं हुआ था। मनीषा कोइराला अक्सर नाना के घर पर समय बिताती थीं और दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी एक-दूसरे की मौजूदगी को छिपाते नहीं थे। नाना पाटेकर का स्वभाव बेहद सादगी पसंद, जमीन से जुड़ा और थोड़ा गुस्से वाला था, वहीं मनीषा शाही नेपाली परिवार से ताल्लुक रखती थीं और उनकी जीवनशैली बेहद ग्लैमरस थी। इसके बावजूद दोनों का प्यार इतना गहरा था कि नाना पाटेकर ने एक बार एक साक्षात्कार में मनीषा की तारीफ करते हुए कहा था कि वह इतनी संवेदनशील और मासूम हैं कि अगर कोई रो दे तो वह भी रोने लगती हैं।जब शादी की जिद और तीसरी अभिनेत्री के आने से टूट गया रिश्ताहर प्रेम कहानी की तरह इस रिश्ते में भी एक ऐसा मोड़ आया जिसने सब कुछ तबाह कर दिया। मनीषा कोइराला नाना पाटेकर के साथ अपने रिश्ते को एक मुकम्मल नाम देना चाहती थीं और उनसे शादी करने की ख्वाहिश रखती थीं। लेकिन नाना पाटेकर पहले से शादीशुदा थे और अपनी पत्नी को औपचारिक तलाक देने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बीच बॉलीवुड गलियारों में यह खबर तेजी से फैली कि नाना पाटेकर की नजदीकियां फिल्म 'आंच' की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री आयशा जुल्का के साथ भी बढ़ने लगी हैं। इस बात को लेकर मनीषा और नाना के बीच तीखे विवाद और मतभेद शुरू हो गए। रिपोर्ट्स के अनुसार एक दिन मनीषा ने नाना पाटेकर और आयशा जुल्का को एक साथ देख लिया था, जिसके बाद काफी हंगामा हुआ और मनीषा ने इस रिश्ते से हमेशा-हमेशा के लिए अपने कदम पीछे खींच लिए। दोनों का लिव-इन रिश्ता एक कड़वे मोड़ पर आकर बिखर गया।ब्रेकअप के बावजूद पेशेवर मर्यादा: पर्दे पर बने पिता और बेटीरिश्ते में आई भारी कड़वाहट और दिल टूटने के बावजूद दोनों कलाकारों ने कभी अपनी निजी जिंदगी को काम के आड़े नहीं आने दिया। उसी दौर में जब दोनों के ब्रेकअप की खबरें गर्म थीं, निर्देशक संजय लीला भंसाली ने दोनों को अपनी क्लासिक फिल्म 'खामोशी: द म्यूजिकल' (1996) में कास्ट किया। इस फिल्म में दोनों ने प्रेमी-प्रेमिका नहीं, बल्कि मूक-बधिर माता-पिता और बेटी का किरदार निभाया। नाना पाटेकर ने जोसेफ ब्रागांजा (पिता) और मनीषा ने एनी (बेटी) की भूमिका में ऐसा कालजयी अभिनय किया जिसे आज भी भारतीय सिनेमा के बेहतरीन सिनेमाई प्रदर्शनों में गिना जाता है। सेट पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ पूरी पेशेवर गरिमा बनाए रखी और अपने निजी दर्द को शानदार अभिनय के पीछे छिपा लिया।आज भी याद किया जाता है 90 के दशक का वो तूफानी अफेयरसमय बीतने के साथ दोनों की राहें पूरी तरह अलग हो गईं। मनीषा कोइराला ने बाद में अपनी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव देखे, कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को मात दी और वेब सीरीज 'हीरामंडी' के जरिए एक बार फिर अपने अभिनय का परचम लहराया। वहीं नाना पाटेकर ने भी फिल्मों के साथ-साथ समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। वर्षों बाद भी जब कभी दोनों से एक-दूसरे के बारे में पूछा जाता है, तो दोनों ने कभी भी एक-दूसरे पर कीचड़ नहीं उछाला, बल्कि एक-दूसरे की अदाकारी और प्रतिभा का सम्मान ही किया। 90 के दशक का यह रिश्ता आज भी बॉलीवुड के इतिहास में सबसे चर्चित, तीव्र और अधूरा रह जाने वाला प्रेम अध्याय माना जाता है।
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बोले- Sachin Pilot टिकट न भी दें, Rahul Gandhi का सिपाही रहूंगा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के कुछ दिन बाद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने रविवार को कहा कि भले ही वह पद से हट गए हैं या प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट देने से इनकार कर दें, लेकिन वह राहुल गांधी के सिपाही के रूप में कांग्रेस का झंडा बुलंद करते रहेंगे। लुधियाना से लोकसभा सदस्य वडिंग ने यह भी स्वीकार किया कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए पार्टी में कई लोग उनके खिलाफ थे और हो सकता है कि वे आगे भी ऐसा करते रहें। उनकी इस टिप्पणी को प्रदेश इकाई में उनके आलोचकों पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, वडिंग ने कहा कि वह पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह को पूरा समर्थन देंगे। परगट सिंह ने रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित एक समारोह में कार्यभार संभाला, जिसमें पायलट समेत कई अन्य लोग भी शामिल हुए। समारोह से पहले वडिंग ने सेक्टर 15 स्थित पार्टी मुख्यालय के पास सेक्टर 10 में किराये के एक मकान में बैठक की। इसमें कांग्रेस नेता ब्रह्म मोहिंद्रा, राणा के. पी. सिंह, सुरिंदर डावर, अनिल जोशी, सिमरजीत सिंह बैंस, हरदयाल कंबोज, मालविका सूद और उनके समर्थक शामिल हुए। इस बैठक को वडिंग के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस आलाकमान के 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नेतृत्व में बदलाव का फैसला करने के बाद, वडिंग ने एक अक्टूबर को पंजाब कांग्रेस प्रमुख का पद छोड़ दिया। रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए वडिंग ने कहा कि पंजाब में अगली सरकार बनाने के लक्ष्य को लेकर कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने कहा, इसके अलावा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। राजा वडिंग भले ही पद से हट गया हो, लेकिन मेरा काम पार्टी का झंडा बुलंद रखना है। बाद में कांग्रेस भवन में आयोजित समारोह में पायलट की मौजूदगी में वडिंग ने कहा कि वह राहुल गांधी के सिपाही हैं। उन्होंने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि कई लोग राजा वडिंग के खिलाफ थे और आगे भी ऐसा कर सकते हैं। लेकिन मैं किसी का विरोध नहीं कर रहा हूं।
बांधनी लहंगे और बैकलेस ब्लाउस, सारा का दिखा गॉर्जियस अवतार
Sara Ali Khan Look: अंबानी फैमिली ने अपने ब्रैंड स्वेदश की पहली सालगिरह पर शानदार फंक्शन का आयोजन किया जिसमें एक्ट्रेस सारा अली खान ने भी शिरकत की. इस मौके पर उन्होंने नीले और बैंगनी रंग का शानदार बांधनी लहंगा पहना जिसमें वो बेहद खूबसूरत लग रही थीं.
Akshara Singh Song: अक्षरा सिंह ना केवल शानदार एक्ट्रेस हैं बल्कि एक जबरदस्त सिंगर भी हैं. उनका गाना 'मेरे दुबले पिया' इस बात का सबूत है. साल 2024 में आया ये गाना यूट्यूब पर 50 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है.
AI, परमाणु युद्ध और बायो-वेपन्स अगले 75 सालों में इंसानों के खात्मे का कारण बन सकते हैं: रिपोर्ट
आकलन के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सहायता में भारी कटौती या उसके बंद होने से 2100 तक 1.5 अरब तक स्वस्थ जीवन-वर्षों का नुकसान हो सकता है. इनमें से लगभग 70% नुकसान सब-सहारा अफ्रीका में हो सकता है.
सूरत के GMC में छात्र आत्महत्या मामले में दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अरेस्ट
गुजरात के सूरत स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर (पीजी) के प्रथम वर्ष के एक छात्र की आत्महत्या के दो महीने से अधिक समय बाद पुलिस ने इस सिलसिले में रविवार को दो वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों को गिरफ्तार किया। उन पर छात्र और नौ अन्य लोगों को व्यवस्थित तरीके से प्रताड़ित करने और रैगिंग करने का आरोप है। सहायक पुलिस आयुक्त जेड आर देसाई ने बताया कि आरोपी चिकित्सक दीक्षिता घेवरिया और हिना भट को हर्ष पांड्या की मौत के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार रहने के बाद पकड़ा गया। पांड्या नौ अगस्त को अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका मिला था। पांड्या का शव नौ अगस्त की सुबह मिलने के बाद पुलिस ने न्यू सिविल अस्पताल से संबद्ध सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के द्वितीय वर्ष के चार पीजी छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। देसाई ने कहा, ‘‘चार रेजिडेंट चिकित्सकों में से दो को रविवार को गिरफ्तार किया गया। रैगिंग-रोधी समिति के अनुसार, आरोपी पांड्या की रैगिंग करने में शामिल थे, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली।’’उन्होंने बताया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के घरों में छिपे हुए थे और मामले को रद्द कराने के लिए याचिकाएं भी दायर कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दो अन्य आरोपियों -निराली वासावे और अनुज माहेश्वरी- को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। खटोदरा पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 54 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। संस्थान की ओर से दर्ज शिकायत के अनुसार, द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सकों को कोई काम सौंपने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद आरोपियों ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग के प्रथम वर्ष के 10 रेजिडेंट चिकित्सकों को प्रताड़ित किया। देसाई ने कहा कि पांड्या ने मार्च-अप्रैल में दाखिला लिया था और इसके बाद तीन से चार महीने तक उसकी रैगिंग की जाती रही। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी, डॉक्टर पांड्या और अन्य छात्रों को अपमानित करते थे, उन्हें मौखिक रूप से प्रताड़ित करते थे और संकाय सदस्यों से झूठी शिकायत करते थे कि वे अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं कर रहे हैं। शिकायत के अनुसार, पांच अगस्त को वरिष्ठ छात्रों ने व्हाट्सऐप संदेश भेजकर प्रथम वर्ष के छात्रों को सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की सीरोलॉजी प्रयोगशाला में बुलाया। वहां उन्हें कथित तौर पर दो घंटे तक अवैध रूप से रोके रखा गया, मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अभद्र टिप्पणियां कर अपमानित किया गया। मामले की जांच के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. सुमैया मुल्ला और संकाय सदस्यों डॉ. संगीता राजदे, डॉ. योगिता मिस्त्री तथा डॉ. लतिका पुरोहित को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किए थे। रैगिंग-रोधी समिति ने सूक्ष्म जीव विज्ञान विभाग में कार्यरत वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों, संकाय सदस्यों, तकनीशियनों और सफाईकर्मियों के बयान दर्ज किए थे। यह कार्रवाई प्रथम वर्ष के नौ रेजिडेंट चिकित्सकों और मृतक छात्र के पिता की शिकायतों के आधार पर की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि शारीरिक प्रताड़ना या इस तरह की प्रताड़ना के कारण छात्र की मौत होने का कोई सबूत नहीं मिला।
'द डर्टी पिक्चर 2' पर एकता कपूर की मुहर, कहानी पर भी दिया हिंट
एकता कपूर ने 'द डर्टी पिक्चर 2' बनाने की योजना की पुष्टि की है और इसे एक ऐसी महिला की कहानी बताया है जो अपनी सेक्सुअलिटी को खुलकर अपनाती है. इस प्रोजेक्ट की कास्ट, कहानी और रिलीज़ की तारीख के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
'कल पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा...', राहुल गांधी बोले- संविधान बचाने को साथ आएं लोग
राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. उन्होंने लोगों से संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है. इस मार्च में INDIA ब्लॉक के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) छात्रों और संकाय सदस्यों के मनोवैज्ञानिक कल्याण के लिए मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का एक स्थायी संवर्ग बनाने पर विचार कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस गाड़ी पर चढ़ गए आदित्य ठाकरे, शिवसैनिकों ने खूब काटा गदर
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुंबई पुलिस का रवैया अब दिल्ली पुलिस जैसा होता जा रहा है। उन्होंने मुंबई के लोगों से शिवाजी पार्क पहुंचने की अपील की और चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों के साथ ज्यादती हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
MPSC चेयरमैन के इस्तीफे पर Rohit Pawar ने महाराष्ट्र सरकार को दिया रविवार तक का अल्टीमेटम
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमन्वार के इस्तीफे की मांग को लेकर पुणे में जारी आंदोलन और तेज हो सकता है, क्योंकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र सरकार से रविवार शाम तक अपना रुख साफ करने को कहा है। अभ्यर्थी भीमन्वार के इस्तीफे और एमपीएससी में सुधार की मांग को लेकर पुणे में एसएम जोशी पुल पर पिछले दस दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आगे की कार्रवाई की घोषणा रविवार शाम को की जाएगी।’’पुणे पुलिस ने बिना इजाजत विरोध-प्रदर्शन करने, यातायात में रुकावट डालने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में आंदोलन के 15 प्रतिनिधियों के खिलाफ दो दिन पहले मामला दर्ज किया था। इसके अलावा, प्रदर्शन स्थल पर ड्रोन उड़ाने के आरोप में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मामले दर्ज होने के बाद पवार विश्रामबाग थाने पहुंचे और मांग की कि उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जाए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनसे कहा कि जांच के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। पवार ने दावा किया कि इस मुद्दे से लगभग 25 लाख छात्र सीधे या परोक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वह ‘‘एमपीएससी अध्यक्ष भीमन्वार के साथ अपनी दोस्ती से ऊपर उठकर’’ अभ्यर्थियों की चिंताओं को प्राथमिकता दें। पवार ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों ने आयोग में सुधार के लिए प्रस्तावित बदलावों का एक मसौदा सौंपा है और छात्रों ने इस दस्तावेज का समर्थन किया है।’’उन्होंने सरकार पर प्रदर्शनकारियों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, क्योंकि उनमें से कई गरीब परिवारों से हैं। पवार ने कहा कि अगर छात्र, उनके परिवार के सदस्य और अन्य नागरिक बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते हैं, तो आंदोलन एक अलग मोड़ ले सकता है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गोपीचंद पडलकर की आलोचना का जवाब देते हुए पवार ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों को ‘‘अर्बन नक्सल’’, ‘‘इंटेलेक्चुअल नक्सल’’ और विरोध-प्रदर्शन के लिए पैसे लेने वाले लोग कहा गया। राकांपा (शप) के नेता ने सत्ताधारी पक्ष पर आंदोलन का मजाक उड़ाने और उसे महज एक तमाशा बताने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें गरीब छात्रों, किसानों और खेतिहर मजदूरों के बच्चों का मजाक उड़ाने के बराबर हैं। पवार ने कहा कि एमपीएससी अध्यक्ष की नियुक्ति के लिए फडणवीस जिम्मेदार हैं और उन्हें इस मामले में फैसला लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आयोग में सुधार के लिए बनाई जाने वाली समिति में एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे जैसे काबिल अधिकारियों को शामिल किया जाए। पवार ने आयोग के कामकाज की व्यापक जांच की मांग करते हुए कहा कि इसके चौकीदार से लेकर अध्यक्ष तक, सभी की जांच होनी चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सूखे के हालात के बावजूद किसानों, खेतिहर मजदूरों और छात्रों को आर्थिक मदद न मिलने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना भी की।
सीएम मोहन यादव ने संदीपनी विद्यालय का उद्घाटन किया, बस सेवाओं की शुरुआत की, पेंशन हस्तांतरित की और 21 विकास परियोजना
'बिना शर्त दें 5110 करोड़ का बकाया', चेन्नई में प्रधानमंत्री के सामने बोले CM विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चेन्नई मेट्रो फेज-3 को जल्द मंजूरी देने की मांग की. विजय ने SSA के तहत तमिलनाडु के लिए 5,110 करोड़ रुपये की पेंडिंग सेंटर राशि जारी करने की भी मांग की.
Virat के अचानक संन्यास पर वसीम जाफर ने तोड़ी चुप्पी!
विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेने के फैसले पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर का मानना है कि कोहली इस बात से खुश नहीं थे कि उनके संन्यास के पूरे मामले को कैसे संभाला गया. जाफर ने चयनकर्ताओं के वरिष्ठ खिलाड़ियों से व्यवहार पर भी सवाल उठाए. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि कोहली की असली वजह वही बता सकते हैं.
12 October History: नवाज शरीफ को हटाकर Pervez Musharraf ने हथियाई थी पाकिस्तान की सत्ता
इतिहास के पन्नों में 12 अक्टूबर का दिन पड़ोसी देश पाकिस्तान में सेना प्रमुख के हाथों सरकार के तख्तापलट के दिन के तौर पर दर्ज है। दरअसल 1999 में इसी दिन देश के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्तापलट कर शासन की बागडोर अपने हाथ में ले ली थी। इस रक्तविहीन क्रांति में नवाज पर श्रीलंका से आ रहे मुशर्रफ के विमान का अपहरण करने और आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में उन्हें परिवार के 40 सदस्यों के साथ सऊदी अरब निर्वासित कर दिया गया। देश-दुनिया के इतिहास में 12 अक्टूबर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-1492 : इटली के खोजकर्ता क्रिस्टोफर कोलंबस की ऐतिहासिक खोज यात्रा पर निकले तीन जहाजों में से एक पर सवार लोगों ने बहामा में वाटलिंग द्वीप देखा। इसे एक नयी दुनिया की खोज कहा गया। 1967 : राजनीतिज्ञ और सामाजिक सरोकारों से जुड़े नेता राम मनोहर लोहिया का निधन। लोहिया को उनके नवाचारी विचारों के लिए याद किया जाता है। 1999 : पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ ने रक्तविहीन क्रांति कर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की सरकार का तख्ता पलटा और सत्ता हथिया ली। 1999 : संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या कोष के अनुमान के अनुसार, यह 12 अक्टूबर का ही दिन था, जब दुनिया की आबादी ने छह अरब का आंकड़ा छू लिया। 2000 : यमन के बंदरगाह अदन में ईंधन भरने की तैयारी कर रहे अमेरिका के विध्वंसक पोत पर अलकायदा से जुड़े आत्मघाती आतंकवादियों ने हमला किया, 17 नाविकों की मौत। 2001 : संयुक्त राष्ट्र और इसके महासचिव कोफी अन्नान को सदी का पहला नोबेल शांति सम्मान प्रदान किया गया। 2011 : भारत ने मानसून के मिजाज के अध्ययन के लिए एक उपग्रह सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया। 2018 : ओडिशा में ‘तितली’ चक्रवात के कारण भारी बारिश और बाढ़ से 60 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित। 2023: साल 2016 में पठानकोट में वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले के मुख्य षड्यंत्रकर्ता शाहिद लतीफ की पाकिस्तान में हत्या। 2024: कोस्टारिका के प्रशांत महासागर तट पर 6.2 तीव्रता का भूकंप।
CISF की मुस्तैदी से गोवा एयरपोर्ट पर दो ऐसे लोगों को पकड़ गया है, जिनके पास ब्लूटूथ से परीक्षा में नकल करने वाले डिवाइस थे। आरोपियों के पास से दो एडमिट कार्ड भी मिले हैं।
अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी ने इंडीज के खिलाफ भारत को 223 रनों तक पहुंचाया
INDvsWI अभिषेक शर्मा की 67 रनों की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर के होलकर स्टेडियम में 20 ओवर में 10 विकेटों के नुकसान पर 223 रन बना लिए। यह पारी बंद चालू मोटर की तरह रही। एक समय ऐसा लग रहा था भारत रांची टी-20 से ज्यादा रन ...
कान्हा टाइगर रिजर्व में 8 जंगली भैंसों को छोड़ा, 3 साल में 50 बसाने का लक्ष्य
MP Kanha Wild Buffalo Reintroduction: मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आठ जंगली भैंसों को 17 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में छोड़ा. करीब 100 साल बाद जंगली भैंसों को फिर से बसाने की पहल की गई है. सरकार ने तीन साल में 50 जंगली भैंसों को बसाने का लक्ष्य रखा है...
मैदान के बाहर मंधाना की नई पारी, सचिन ने किया स्वागत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान स्मृति मंधाना अब मैदान के बाहर भी नई जिम्मेदारी निभाएंगी. वह यूनिसेफ इंडिया से सेलिब्रिटी एडवोकेट के तौर पर जुड़ी हैं. इस पहल के जरिए वह बच्चों के अधिकार, लैंगिक समानता और लड़कियों को आगे बढ़ने के समान अवसर दिलाने के लिए आवाज उठाएंगी. सचिन तेंदुलकर ने उनका स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि स्मृति बच्चों के अधिकारों के लिए प्रभावशाली आवाज बनेंगी.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में सक्रिय एक प्रमुख कॉर्पोरेट कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने व्यापक स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध फंड डायवर्जन और हवाला नेटवर्क के जरिए धन शोधन के गंभीर आरोपों के आधार पर कंपनी और उसके सिंडिकेट से जुड़े 139 बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (Freeze) कर दिया है। कोलकाता और आसपास के कई संवेदनशील जिलों में एक साथ की गई इस मैराथन छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों ने कंपनी के कर्ता-धर्ताओं द्वारा अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से खरीदी गई तीन बेहद महंगी लग्जरी गाड़ियां, भारी मात्रा में नकदी, डिजिटल उपकरण और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। एजेंसी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई के बाद राज्य के कॉर्पोरेट और राजनीतिक गलियारों में भारी खलबली मच गई है।राज्य भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी और बरामदगी का पूरा ब्योराएजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की विशेष टीमों ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) के कड़े सुरक्षा घेरे में कोलकाता के साल्ट लेक, न्यू टाउन, अलीपुर और पार्क स्ट्रीट सहित हावड़ा और उत्तर 24 परगना स्थित कंपनी के पंजीकृत कॉर्पोरेट कार्यालयों, शाखाओं और निदेशकों के आलीशान निजी आवासों पर एक साथ धावा बोला। जांच टीम ने कई दिनों की रेकी और वित्तीय इंटेलिजेंस इनपुट के बाद यह समन्वित तलाशी अभियान शुरू किया था। घंटों चली सघन जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कंपनी के कर्ता-धर्ता विदेशों और विभिन्न फर्जी कंपनियों में पैसे भेजने के लिए एक समानांतर बैंकिंग व्यवस्था चला रहे थे। छापेमारी स्थल से मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी 3 लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं, जिनका इस्तेमाल फंड हेरफेर के मुख्य आरोपी अपनी बेनामी संपत्तियों के दौरों के लिए कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर, हार्ड ड्राइव, लैपटॉप और मोबाइल फोन से भारी मात्रा में एन्क्रिप्टेड डेटा बरामद हुआ है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।139 बैंक अकाउंट फ्रीज: शेल कंपनियों और डमी निदेशकों का विशाल मकड़जालजांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा बैंक खातों के विश्लेषण से सामने आया है। एजेंसी ने प्राथमिक जांच में पाया कि इस कंपनी ने साधारण आमदनी वाले गरीब और अनजान लोगों के पैन कार्ड, आधार कार्ड और केवाईसी (KYC) दस्तावेजों का दुरुपयोग कर दर्जनों मुखौटा या शेल कंपनियां (Shell Companies) पंजीकृत करा रखी थीं। इन कंपनियों के नाम पर विभिन्न राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों में 139 अलग-अलग खाते खोले गए थे, जिनमें लेन-देन की कुल मात्रा करोड़ों रुपये तक पहुंचती है। इन खातों में भारी मात्रा में नकद जमा (Cash Deposits) कराया जाता था और फिर लेयरिंग (Layering) की तकनीक के जरिए पैसे को कई खातों में घुमाकर मुख्य कंपनी के बही-खातों में वैध निवेश या अनसिक्योर्ड लोन के रूप में दिखाया जाता था। जांच अधिकारियों ने मनी ट्रेल को और आगे फैलने से रोकने के लिए बैंकिंग तंत्र को नोटिस भेजकर सभी 139 खातों के संचालन पर तत्काल पूर्ण रोक लगा दी है, जिससे कंपनी की करोड़ों रुपये की कार्यशील पूंजी अटक गई है।निवेशकों की गाढ़ी कमाई की ठगी और अवैध डायवर्जन का पूरा खेलईडी की यह कार्रवाई राज्य पुलिस और केंद्रीय वित्तीय जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज की गई प्राथमिक प्राथमिकियों (FIRs) और शिकायतों के आधार पर शुरू हुई थी। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सार्वजनिक तौर पर आकर्षक ब्याज दरों, रियल एस्टेट निवेश और पोंजी-स्टाइल उच्च रिटर्न योजनाओं का झांसा देकर हजारों आम निवेशकों और मध्यमवर्गीय परिवारों से भारी धनराशि जुटाई थी। जब निवेशकों की परिपक्वता (Maturity) का समय आया, तो कंपनी प्रबंधन ने भुगतान में डिफॉल्ट करना शुरू कर दिया और फंड को दूसरी सहयोगी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया गया। बैंक ऋणों के मद में स्वीकृत करोड़ों रुपये की पूंजी को भी तय व्यावसायिक परियोजनाओं में लगाने के बजाय निजी विलासिता, महंगी कारों की खरीद और बेनामी अचल संपत्तियों के अधिग्रहण में खर्च कर दिया गया था।हवाला चैनलों और सीमा पार वित्तीय लेन-देन की जांच तेजप्रवर्तन निदेशालय अब इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल और हवाला नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुट गया है। पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटी होने के कारण एजेंसी को आशंका है कि इन 139 बैंक खातों से निकाली गई नकदी का एक बड़ा हिस्सा अनौपचारिक हवाला ऑपरेटरों के जरिए सीमा पार विदेशी खातों या टैक्स हेवन देशों में ट्रांसफर किया गया हो सकता है। जब्त किए गए कंप्यूटरों से कई विदेशी ट्रांजेक्शन आईडी, बेनामी इनवॉइस और फर्जी बिलिंग के पुख्ता सुराग मिले हैं। ईडी ने कंपनी के मुख्य चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और वित्तीय सलाहकारों को भी जांच के दायरे में ले लिया है, जिन्होंने इस पूरे शेल कंपनी नेटवर्क को डिजाइन करने में कानूनी और तकनीकी मदद मुहैया कराई थी।निदेशकों को समन और कड़े पीएमएलए प्रावधानों के तहत आगे की तैयारीबैंक खातों को फ्रीज करने और चल संपत्तियों की जब्ती के बाद ईडी ने कंपनी के निदेशकों, शेयरधारकों और प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारियों (KMPs) को पूछताछ के लिए सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स (CGO Complex) के जोनल कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए सख्त कानूनी समन जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं करते हैं या जब्त किए गए फंड और लग्जरी वाहनों के खरीद स्रोतों का वैध हिसाब नहीं दे पाते हैं, तो पीएमएलए की धारा 19 के तहत उनकी औपचारिक गिरफ्तारी भी की जा सकती है। इसके साथ ही, एजेंसी द्वारा आने वाले दिनों में कंपनी की बहुमंजिला इमारतों, व्यावसायिक प्लॉट्स और अन्य अचल परिसंपत्तियों को कुर्क (Provisional Attachment) करने के लिए नोटिस तैयार किए जा रहे हैं।
Brezza-Nexon की टेंशन! इस दिन आ रही महिंद्रा की CNG एसयूवी
Mahindra XUV 3XO CNG को हाल ही में टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया गया है. ये महिंद्रा की तरफ से पेश की जाने वाली पहली कंपनी फिटेड सीएनजी कार होगी. जिसे आगामी 15 अक्टूबर को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा. अब इसकी पहली झलक सामने आई है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था के नाम पर इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने तथा मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद किए जाने की प्रशासनिक कार्यशैली पर देश की सर्वोच्च अदालत ने बेहद कड़ा ऐतराज जताया है। सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ ने इस मुद्दे को नागरिकों के बुनियादी मौलिक अधिकारों और दैनिक जीवन में आवागमन की स्वतंत्रता से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय करार दिया है। अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन हर छोटे-बड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक परिवहन तंत्र को ठप कर देना और इंटरनेट बंद कर देना आम जनता के लिए अनुचित प्रताड़ना का कारण बन रहा है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को औपचारिक नोटिस जारी कर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: सार्वजनिक असुविधा और संवैधानिक अधिकारों का टकरावसुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की अध्यक्षता वाली पीठ ने मौखिक टिप्पणियों में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसकी आड़ में या इसे रोकने के लिए पूरी राजधानी के जनजीवन को बंधक नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि लुटियंस दिल्ली, मध्य दिल्ली या संवेदनशील इलाकों में प्रदर्शन के आह्वान मात्र से डीएमआरसी (DMRC) के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को घंटों या पूरे दिन के लिए बंद कर दिया जाता है। इससे अस्पताल जाने वाले मरीजों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा के परीक्षार्थियों और दफ्तर जाने वाले कामकाजी लोगों को भारी जाम और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। अदालत ने सख्त लहजे में पूछा कि क्या कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे और संचार माध्यमों को बंद करना ही एकमात्र प्रशासनिक विकल्प रह गया है?इंटरनेट शटडाउन और मेट्रो स्टेशन सील करने के मानक नियमों पर सवालयाचिकाकर्ताओं ने अदालत के समक्ष विस्तृत आंकड़े पेश करते हुए तर्क दिया कि दिल्ली जैसे संवेदनशील महानगर में टेलीकॉम सस्पेंशन रूल्स (इंटरनेट निलंबन नियम) और धारा 144 का इस्तेमाल नियमित प्रशासनिक हथियार की तरह किया जाने लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए सवाल किया कि क्या स्टेशन बंद करने या मोबाइल इंटरनेट डेटा ब्लॉक करने से पहले किसी भी स्तर पर 'आनुपातिकता के सिद्धांत' (Doctrine of Proportionality) का परीक्षण किया जाता है? अदालत ने अनुराधा भसीन बनाम भारत संघ के ऐतिहासिक फैसले की नजीर याद दिलाते हुए दोहराया कि इंटरनेट का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभिन्न हिस्सा है और इसका निलंबन केवल अपरिहार्य राष्ट्रीय सुरक्षा संकट की स्थिति में ही न्यूनतम समय के लिए किया जा सकता है। मेट्रो स्टेशनों की अचानक बंदी से सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है, जिससे पूरी दिल्ली में घंटों ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस: किन बिंदुओं पर मांगा जवाब?सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस नेतृत्व को नोटिस जारी करते हुए आगामी सुनवाई से पहले व्यापक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने प्रमुख रूप से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:निर्णय लेने की वैधानिक प्रक्रिया: किसी इलाके में मेट्रो स्टेशन बंद करने या टेलीकॉम सेवाएं निलंबित करने का निर्णय किस स्तर के अधिकारी द्वारा लिया जाता है और इसके लिए क्या कोई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) मौजूद है?पूर्व सूचना तंत्र का अभाव: स्टेशनों को बंद करने या रूट डायवर्ट करने की सूचना आम जनता को रियल-टाइम में सही समय पर क्यों नहीं मिल पाती, जिससे लाखों यात्री बीच रास्ते में फंस जाते हैं?वैकल्पिक सुरक्षा रणनीति: क्या राजधानी पुलिस के पास भारी भीड़ और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए ऐसी आधुनिक तकनीक और रणनीतिक उपाय नहीं हैं जिनसे आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो?आम जनता, छात्र और कामकाजी वर्ग पर पड़ रहा दोहरा असरयाचिका में इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है कि राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ, पटेल चौक और उद्योग भवन जैसे प्रमुख इंटरचेंज और केंद्रीय मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) यानी नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद से आने वाले दैनिक यात्रियों की पूरी दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं, यूपीआई और डिजिटल भुगतान तंत्र, एम्बुलेंस सेवाएं और अस्पतालों की आपातकालीन कनेक्टिविटी इंटरनेट बंदी के कारण बुरी तरह चरमरा जाती है। वकीलों ने दलील दी कि कई मामलों में छात्रों की ऑनलाइन परीक्षाएं छूट गईं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में देरी हुई, जिसकी जवाबदेही प्रशासन को लेनी चाहिए।अदालत की भावी दिशा: राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट एसओपी (SOP) बनाने की तैयारीसुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि वह इस मामले में केवल दिल्ली तक सीमित रहने के बजाय पूरे देश के लिए विरोध प्रदर्शनों के दौरान संचार और सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित करने के संबंध में एक राष्ट्रीय स्तर का दिशानिर्देश या एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार कर सकता है। अदालत का मानना है कि सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि सुरक्षा बनाए रखने के साथ-साथ आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके। मामले की अगली सुनवाई आगामी कुछ हफ्तों में तय की गई है, जिस पर देश भर के कानूनी विशेषज्ञों और आम नागरिकों की निगाहें टिकी हुई हैं।
देशभर के वेतनभोगी कर्मचारियों और नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए 15 अक्टूबर की तारीख बेहद महत्वपूर्ण है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के वैधानिक नियमों के तहत हर महीने की 15 तारीख तक पिछले वेतन माह का भविष्य निधि (PF), पेंशन (EPS) और बीमा (EDLI) अंशदान जमा करने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ECR) दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। सितंबर माह के वेतन से काटे गए पीएफ अंशदान और नियोक्ता के अनिवार्य हिस्से को सरकारी पोर्टल पर जमा करने की अंतिम समय-सीमा 15 अक्टूबर तय की गई है। यदि कोई भी संस्थान, प्रतिष्ठान या कंपनी इस निर्धारित तिथि तक ईसीआर फाइल करने और चालान का भुगतान करने में विफल रहती है, तो ईपीएफओ के कड़े प्रावधानों के तहत कंपनी प्रबंधन पर भारी ब्याज और दंडात्मक हर्जाना (Penal Damages) लगाया जाता है।क्या है ECR फाइलिंग और 15 अक्टूबर की डेडलाइन का अनिवार्य नियम?ईसीआर यानी 'इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न' एक डिजिटल दस्तावेज है, जिसके माध्यम से कंपनी यह प्रमाणित करती है कि उसने किस कर्मचारी के वेतन से कितना पीएफ काटा है और अपनी तरफ से कितना योगदान जोड़ा है। ईपीएफ अधिनियम 1952 के प्रावधानों के मुताबिक, किसी भी वेतन माह (Wage Month) की समाप्ति के बाद अगले महीने की 15 तारीख तक यह राशि ईपीएफओ के खाते में ट्रांसफर हो जानी चाहिए। 15 अक्टूबर तक कंपनियों को न केवल ईसीआर डेटा अपलोड करना होता है, बल्कि बैंक के माध्यम से चालान का सफल भुगतान कर टीआरआरएन (TRRN - Temporary Return Reference Number) भी जनरेट करना अनिवार्य है। इस प्रक्रिया में देरी होने पर पोर्टल पर तकनीकी रुकावटें आ सकती हैं और डिफॉल्ट की स्थिति में कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो जाती है।15 अक्टूबर की चूक पर कंपनियों की जेब होगी खाली: समझें ब्याज और पेनल्टी का पूरा गणितईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि 15 अक्टूबर की समय-सीमा समाप्त होने के बाद हर एक दिन की देरी कंपनी पर भारी आर्थिक बोझ डालेगी:धारा 7Q के तहत 12% वार्षिक ब्याज: यदि कोई कंपनी 15 तारीख के बाद अंशदान जमा करती है, तो ईपीएफ अधिनियम की धारा 7Q के तहत देय तिथि के अगले दिन से लेकर वास्तविक भुगतान के दिन तक बकाया राशि पर 12% प्रति वर्ष की दर से ब्याज वसूला जाता है।धारा 14B के तहत दंडात्मक हर्जाना (Penal Damages): ब्याज के अतिरिक्त, देरी की अवधि के आधार पर ईपीएफओ 5% से लेकर 25% तक का भारी हर्जाना लगाता है। यदि भुगतान में 2 महीने तक की देरी होती है तो 5%, 2 से 4 महीने की देरी पर 10%, 4 से 6 महीने की देरी पर 15%, और 6 महीने से अधिक की देरी पर 25% तक का अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाता है।टैक्स छूट का नुकसान (Income Tax Disallowance): आयकर अधिनियम की धारा 43B और धारा 36(1)(va) के अनुसार, यदि कर्मचारी का पीएफ अंशदान तय समय-सीमा (15 तारीख) तक जमा नहीं होता है, तो कंपनी उस खर्च पर टैक्स छूट का दावा नहीं कर सकती, जिससे कंपनी की कर देनदारी में अप्रत्याशित उछाल आ जाता है।आपराधिक मुकदमा: कर्मचारी के वेतन से पीएफ काटकर ईपीएफओ में जमा न करना भारतीय कानून के तहत आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) माना जाता है, जिसमें कंपनी के निदेशकों पर मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है।कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा सीधा असर?कंपनियों की इस लापरवाही का सीधा और गंभीर असर सीधे कर्मचारियों के वित्तीय भविष्य और सुरक्षा पर पड़ता है:मासिक ब्याज की हानि: ईपीएफओ द्वारा वित्त वर्ष के अंत में घोषित ब्याज (जैसे 8.25%) कर्मचारी के खाते में जमा मासिक शेष राशि (Monthly Running Balance) पर आंका जाता है। यदि कंपनी ने समय पर पैसा जमा नहीं किया, तो कर्मचारी की पासबुक में उस महीने का ब्याज क्रेडिट अटक जाता है या कम हो जाता है।पासबुक अपडेट और दावों में रुकावट: जब तक कंपनी सितंबर माह का ईसीआर फाइल नहीं करती, तब तक कर्मचारी की ऑनलाइन पासबुक में सितंबर महीने का बैलेंस प्रदर्शित नहीं होगा। यदि इस दौरान कर्मचारी पीएफ से एडवांस निकालने, बीमारी के लिए क्लेम करने या नौकरी बदलने के बाद पीएफ ट्रांसफर करने का आवेदन करता है, तो रिकॉर्ड अधूरा होने के कारण क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।पेंशन और ईडीएलआई (EDLI) बीमा कवरेज: ईसीआर फाइल होने से ही कर्मचारी का ईपीएस (EPS) पेंशन सेवा रिकॉर्ड और ईडीएलआई के तहत मिलने वाला 7 लाख रुपये तक का मुफ्त जीवन बीमा कवर सक्रिय रहता है। अंशदान में देरी होने से आपात स्थिति में आश्रितों को बीमा दावा मिलने में प्रशासनिक बाधाएं आ सकती हैं।ईपीएफओ पोर्टल पर ईसीआर फाइल करने की सही प्रक्रियानियोक्ताओं को अंतिम समय में सर्वर पर लोड और पोर्टल क्रैश की समस्या से बचने के लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की हिदायत दी गई है:ईपीएफओ के एकीकृत नियोक्ता पोर्टल (Unified Employer Portal) पर अपनी एस्टैब्लिशमेंट आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।'Payment' टैब में जाकर 'ECR / Return Filing' का विकल्प चुनें।सितंबर माह के पे-रोल डेटा के आधार पर तैयार की गई टेक्स्ट फाइल (TXT Format) को अपलोड करें।सिस्टम द्वारा डेटा सत्यापन के बाद टीआरआरएन और चालान जनरेट करें।नेट बैंकिंग के माध्यम से 15 अक्टूबर को रात 11:59 बजे से पहले चालान का भुगतान सुनिश्चित करें और रसीद सुरक्षित रख लें।कर्मचारी कैसे जांचें कि उनका पीएफ जमा हुआ या नहीं?कर्मचारियों को यह सलाह दी जाती है कि वे 15 अक्टूबर के बाद अपनी ईपीएफओ पासबुक अवश्य चेक करें। इसके लिए कर्मचारी ईपीएफओ मेंबर पोर्टल या उमंग (UMANG) ऐप पर अपने 12 अंकों के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। पासबुक में सितंबर माह की कटौती और कंपनी का शेयर जमा दिखने पर ही यह सुनिश्चित होता है कि नियोक्ता ने समय पर अनुपालन पूरा कर लिया है। यदि राशि कटी हुई न दिखे, तो कर्मचारी तुरंत अपने एचआर या वित्त विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

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