अश्विनी वैष्णव और अर्जुन राम मेघवाल ने दिखाई बीकानेर-अमदाबाद विशेष ट्रेन को हरी झंडी
बीकानेर। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उत्तर पश्चिम रेलवे के बीकानेर रेलवे स्टेशन से बीकानेर (लालगढ)–अमदाबाद (साबरमती) विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वैष्णव ने कहा कि बीकानेर क्षेत्र की जनता को लंबे समय से बेहतर रेल संपर्क की आवश्यकता थी, जिसे […] The post अश्विनी वैष्णव और अर्जुन राम मेघवाल ने दिखाई बीकानेर-अमदाबाद विशेष ट्रेन को हरी झंडी appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री मोदी ने तीन स्वदेश निर्मित जहाज राष्ट्र को किए समर्पित
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के लिए तीन स्वदेश निर्मित युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने यहां के श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह पर भारतीय नौसेना के लिए स्वदेश निर्मित तीन युद्धपोतों को राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम […] The post प्रधानमंत्री मोदी ने तीन स्वदेश निर्मित जहाज राष्ट्र को किए समर्पित appeared first on Sabguru News .
योग बन चुका है विश्वव्यापी जन आंदोलन : भजनलाल शर्मा
आबू राज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि देश ने योग को कर्म योग से जोड़कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के तौर पर विकास की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है और आज योग विश्वव्यापी जन आंदोलन बन चुका है। शर्मा रविवार को बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सिरोही […] The post योग बन चुका है विश्वव्यापी जन आंदोलन : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर देश सहित मध्यप्रदेश की छटा योग के रंग में रंगी दिखाई दी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर के गैरीसन ग्राउंड पर आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास ...
BPSC 70th Result: कटिहार के लाल का कमाल, पूर्व मुखिया के बेटे सोमनाथ ने बीपीएससी में गाड़े झंडे
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम सामने आने के बाद कटिहार जिले के कदवा प्रखंड के सागरथ पंचायत में जश्न का माहौल है। इस परीक्षा में 22 वर्षीय सोमनाथ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1467वां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। सोमनाथ के पूर्व मुखिया पिता रामनाथ मंडल और आंगनबाड़ी सेविका माता जुली देवी के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।5-7 घंटे की सेल्फ-स्टडी और अनुशासन ही सफलता की कुंजीअपनी सफलता का श्रेय दादा स्वर्गीय द्वारिका प्रसाद मंडल के आशीर्वाद और माता-पिता के मार्गदर्शन को देने वाले सोमनाथ ने उन छात्रों के लिए एक मिसाल पेश की है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ा सपना देखते हैं। सोमनाथ के अनुसार, उन्होंने किसी भी कोचिंग के भरोसे बैठने के बजाय सेल्फ-स्टडी (स्वध्याय) पर जोर दिया। वे प्रतिदिन 5 से 7 घंटे की एकाग्रचित्त पढ़ाई करते थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कटिहार के कुम्हड़ी से हुई और 2023 में पूर्णिया कॉलेज से जूलॉजी विषय में स्नातक पूरा करने के बाद उन्होंने बीपीएससी के लक्ष्य को अपना जुनून बना लिया।बचपन से ही मेधावी थे सोमनाथसोमनाथ चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। पड़ोसियों और ग्रामीणों के अनुसार, सोमनाथ बचपन से ही पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर और मेधावी थे। उनकी इस उपलब्धि पर स्थानीय शिक्षक सुरेश यादव, समाजसेवी देवानंद सिंह, सच्चिदानंद सिंह और पंकज यादव सहित सैकड़ों गणमान्य लोगों ने खुशी जताई है। सोमनाथ की यह कहानी साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को फतह किया जा सकता है।BPSC 70वीं परीक्षा: टॉपर्स और महत्वपूर्ण आंकड़ेबीपीएससी द्वारा 20 जून 2026 को घोषित परिणाम में श्रद्धा पांडे ने 593 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि शशांक गौरव और आयुष बिजॉय संयुक्त रूप से दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इस बार आयोग ने 27 विभागों में कुल 2027 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया पूरी की है। परीक्षा के सफर की बात करें तो, प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को 37 जिलों के 911 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। बापू परीक्षा परिसर में हुई अनियमितता के चलते पुनर्परीक्षा का भी आयोजन हुआ, जिसमें लाखों अभ्यर्थी शामिल हुए थे। मुख्य परीक्षा में 21581 और साक्षात्कार के लिए 5449 उम्मीदवार सफल घोषित किए गए थे।
क्या आप सही टमाटर खरीद रहे हैं, पहचानें अंतर और जानें सेहत के लिए कौन है असली 'सुपरफूड'
भारतीय रसोई में टमाटर के बिना हर व्यंजन अधूरा है, चाहे वो दाल हो, सब्जी हो या फिर बिरयानी। लेकिन आजकल बाजार में टमाटर के दो प्रमुख प्रकार मिलते हैं—देसी और हाइब्रिड। अक्सर खरीदार इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि उनकी सेहत के लिए कौन सा टमाटर बेहतर है। क्या हाइब्रिड टमाटर हानिकारक होते हैं? क्या देसी टमाटर वाकई सेहत का खजाना हैं? आइए, आज इन दोनों के बीच का अंतर समझते हैं और जानते हैं कि आपकी थाली के लिए कौन सा टमाटर बेस्ट है।देसी और हाइब्रिड टमाटर की पहचान कैसे करें?देसी टमाटर और हाइब्रिड टमाटर की पहचान करना बहुत आसान है। हाइब्रिड टमाटर अक्सर आकार में थोड़े लंबे, अंडाकार और दिखने में बहुत आकर्षक व चिकने होते हैं। इनका छिलका काफी मोटा होता है और अंदर का गूदा (pulp) भी सख्त होता है, जिस कारण ये लंबे समय तक खराब नहीं होते। वहीं, देसी टमाटर आमतौर पर पूरी तरह गोल होते हैं। इनका छिलका बहुत पतला होता है, ये बेहद रसीले होते हैं और इनमें बीज की मात्रा भी अधिक होती है। देसी टमाटर अपनी तेज खटास और शानदार महक के लिए जाने जाते हैं।इस्तेमाल के लिहाज से कौन सा टमाटर चुनें?अगर आप सलाद (Salad) बना रहे हैं, तो हाइब्रिड टमाटर का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि ये काटने में आसान होते हैं और जल्दी गलते नहीं हैं। लेकिन अगर बात करी, दाल, चटनी या रसम जैसे पारंपरिक भारतीय व्यंजनों की हो, तो देसी टमाटर ही बेस्ट हैं। इनका पतला छिलका और भरपूर रस ग्रेवी में बहुत अच्छा स्वाद और गाढ़ापन लाता है। इनकी शेल्फ लाइफ कम होती है, इसलिए इन्हें लाने के कुछ दिनों के भीतर ही इस्तेमाल कर लेना चाहिए।क्या हाइब्रिड टमाटर सेहत के लिए हानिकारक हैं?हाइब्रिड टमाटरों को अक्सर एक खास उद्देश्य के लिए तैयार किया जाता है—ताकि वे जल्दी खराब न हों और कीड़ों से बचे रहें। इनमें भी विटामिन-सी, पोटैशियम और फोलेट जैसे पोषक तत्व होते हैं। साथ ही, इनमें 'लाइकोपिन' (Lycopene) नामक एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो कैंसर से लड़ने में सहायक है। हाइब्रिड टमाटर खुद में हानिकारक नहीं हैं, लेकिन इनकी खेती के दौरान पेस्टिसाइड्स और केमिकल फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल अधिक हो सकता है, जो सेहत के लिए चिंता का विषय बन सकता है।देसी टमाटर को क्यों माना जाता है हेल्थ के लिए बेहतर?सेहत की दृष्टि से विशेषज्ञ अक्सर देसी टमाटर को वरीयता देते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि देसी टमाटर में हाइब्रिड की तुलना में एंटीऑक्सीडेंट्स (खासकर लाइकोपिन) की मात्रा काफी अधिक होती है। इनमें विटामिन-ए और सी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आपकी आंखों और स्किन की हेल्थ के लिए वरदान हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देसी टमाटरों को अक्सर कम रसायनों या ऑर्गेनिक तरीके से उगाया जाता है, जिससे पेस्टिसाइड्स का खतरा न्यूनतम हो जाता है। यदि आप शुद्धता और स्वाद दोनों चाहते हैं, तो बाजार में देसी टमाटर ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
शाहरुख के डांस से लेकर राहुल गांधी की मौजूदगी तक, मुंबई में हुआ सितारों का मिलन
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) की कद्दावर सांसद सुप्रिया सुले के घर हाल ही में खुशियों की शहनाई गूंजी। सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले और सारंग लखानी विवाह के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में आयोजित इस दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में राजनीति, व्यापार और मनोरंजन जगत के दिग्गजों ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। यह शादी न केवल पारिवारिक मिलन का जरिया बनी, बल्कि विपक्षी एकता और दिग्गजों के मेल-मिलाप का एक मंच भी नजर आई।राजनीति के दिग्गजों का लगा तांताशादी समारोह में राजनीतिक गलियारों के तमाम बड़े चेहरे दिखाई दिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विशेष रूप से पहुंचकर दूल्हा-दुल्हन को शुभकामनाएं दीं। इनके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, पंजाब के सीएम भगवंत मान, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, रामदास अठावले, गुलाम नबी आजाद और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यहां तक कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी इस वैवाहिक आयोजन में शामिल हुए।बॉलीवुड और बिजनेस जगत का भी दिखा जलवासमारोह में फिल्मी सितारों और बिजनेस टाइकून की उपस्थिति ने चार चांद लगा दिए। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी पत्नी जया बच्चन और बेटी श्वेता बच्चन नंदा के साथ पहुंचे। वहीं, शाहरुख खान ने अपने शानदार डांस मूव्स से संगीत सेरेमनी में समां बांध दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। शाहरुख के अलावा जैकी श्रॉफ और रवि किशन भी इस जश्न का हिस्सा बने। वहीं बिजनेस वर्ल्ड से अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनकी पत्नी प्रीति अडानी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।कौन हैं रेवती और सारंग?शिक्षा और करियर की बात करें तो सुप्रिया सुले की बेटी रेवती सुले प्रतिष्ठित 'लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स' की पूर्व छात्रा हैं। उनके जीवनसाथी सारंग लखानी 'कोलंबिया बिजनेस स्कूल' से पढ़े हुए हैं और वह नागपुर के प्रमुख व्यवसायी व राजनेता अरुण लखानी के सुपुत्र हैं। रेवती और सारंग के इस मिलन को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा है।संगीत सेरेमनी में शाहरुख का 'मैजिक'शादी की रस्मों के बीच संगीत सेरेमनी का एक वीडियो इंटरनेट पर छा गया है। शाहरुख खान ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के आइकॉनिक गाने 'कोई मिल गया' पर थिरकते हुए सभी का दिल जीत लिया। शाहरुख का यह अंदाज समारोह के मुख्य आकर्षणों में से एक रहा, जिसने शादी की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया।
फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर से फीफा वर्ल्ड कप का 'सुपरस्टार', डेनिज़ उन्दाव ने कैसे बदली अपनी तकदीर
फीफा विश्व कप 2026 में डेनिज़ उन्दाव (Deniz Undav) का नाम अब हर फुटबॉल प्रेमी की जुबान पर है। टोरंटो में आइवरी कोस्ट के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में जब जर्मनी 0-1 से पिछड़ रही थी, तब इस स्ट्राइकर ने मैदान पर कदम रखते ही मैच का रुख बदल दिया। दूसरे हाफ में दो गोल दागकर जर्मनी को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले डेनिज़ उन्दाव आज भले ही स्टार हैं, लेकिन उनका यह सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक समय था जब वे अपनी जीविका चलाने के लिए दिन में आठ-आठ घंटे एक फैक्ट्री में 'लेजर मशीन ऑपरेटर' के तौर पर काम करते थे।'बहुत छोटे हो' कहकर क्लब ने नकारा, नहीं मानी हारडेनिज़ उन्दाव का फुटबॉल करियर शुरुआत से ही आसान नहीं था। बुंडेसलीगा क्लब 'वेर्डर ब्रेमेन' ने उन्हें यह कहकर टीम से बाहर कर दिया था कि वे एक पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए बहुत छोटे हैं। इस रिजेक्शन ने उन्दाव का दिल तोड़ दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। केवल 17 साल की उम्र में अपना घर छोड़ा और जर्मनी की क्षेत्रीय लीग में हावेलसे टीम के लिए खेलना शुरू किया। उस दौर को याद करते हुए उन्दाव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें फुटबॉल के साथ-साथ फैक्ट्री में मेहनत करनी पड़ती थी, क्योंकि सिर्फ फुटबॉल से मिलने वाले 120 पाउंड में उनका गुजारा नहीं हो सकता था।सुबह 4 बजे उठना और रात को 8 बजे घर लौटना— ऐसा था रूटीनउन्दाव ने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए बताया, मैं सुबह 4 बजे उठता था, सीधे फैक्ट्री जाता था, दिन भर लेजर मशीन चलाता था और फिर फुटबॉल की ट्रेनिंग के लिए निकलता था। रात को 8 बजे जब घर पहुँचता था, तो शरीर पूरी तरह थक चुका होता था, लेकिन अगले दिन फिर वही रूटीन दोहराता था। यही वह कड़ी मेहनत थी जिसने उन्हें मैदान पर कभी न हार मानने वाला जज्बा दिया। आज भी, करोड़ों की संपत्ति और शोहरत के बावजूद, उन्दाव का कहना है कि उन्हें डिजाइनर कपड़ों या लग्जरी कारों का कोई शौक नहीं है क्योंकि वे गरीबी और मेहनत का असली अर्थ अच्छी तरह समझते हैं।2014 के बाद जर्मनी को नॉकआउट में पहुँचाने का कारनामाजर्मन राष्ट्रीय टीम में देरी से प्रवेश पाने वाले डेनिज़ उन्दाव ने 2024 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। यूरो कप 2024 में उन्हें पर्याप्त मौके नहीं मिले और पूरे टूर्नामेंट में केवल छह मिनट ही खेलने को मिला। लेकिन फीफा विश्व कप 2026 आते-आते वे टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए। आइवरी कोस्ट के खिलाफ 60वें मिनट में स्थानापन्न (Substitute) खिलाड़ी के रूप में उतरे उन्दाव ने 68वें मिनट में शानदार वॉली शॉट के जरिए पहला गोल किया और फिर इंजरी टाइम के 94वें मिनट में विजयी गोल दागकर जर्मनी को 2014 के बाद पहली बार नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई करवाया।सादगी ही है डेनिज़ उन्दाव की असली पहचानफुटबॉल के बड़े सितारों के विपरीत, डेनिज़ उन्दाव आज भी खुद को 'साधारण व्यक्ति' मानते हैं। वे दिखावटी पीढ़ी (Show-off generation) का हिस्सा होने से साफ इनकार करते हैं। उनका मानना है कि संघर्ष के दिनों ने उन्हें जमीन से जुड़े रहना सिखाया है। कुराकाओ के खिलाफ टूर्नामेंट के पहले मैच में भी उन्होंने दो असिस्ट और एक गोल करके अपनी उपयोगिता साबित की थी। जर्मनी के लिए यह फॉरवर्ड खिलाड़ी अब भविष्य का बड़ा सितारा बनकर उभरा है।
जापान ने रचा इतिहास! ट्यूनीशिया को 4-0 से कुचलकर दर्ज की किसी भी एशियाई टीम की सबसे बड़ी जीत
फीफा विश्व कप 2026 के रोमांच के बीच जापान ने मॉन्टेरी के स्टेडियम में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। टूर्नामेंट के ऐतिहासिक 1000वें मैच में जापान ने 'ब्लू समुराई' के नाम से मशहूर अपनी टीम के साथ ट्यूनीशिया को 4-0 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही जापान ने न केवल नॉकआउट के करीब जगह बना ली है, बल्कि फीफा विश्व कप के पूरे इतिहास में किसी भी एशियाई टीम द्वारा दर्ज की गई सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।अयासे उएदा का जादू, ट्यूनीशियाई डिफेंस की उड़ी धज्जियांमैच की शुरुआत से ही जापान ने ट्यूनीशिया पर अपना दबदबा बनाए रखा। टीम की इस ऐतिहासिक जीत के नायक रहे अयासे उएदा, जिन्होंने दो शानदार गोल करके विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। खेल के चौथे मिनट में ही दाइची कामाडा ने गोल दागकर जापान को बढ़त दिलाई, जिससे ट्यूनीशियाई खिलाड़ी पूरे मैच में दबाव में दिखे। कामाडा के बाद उएदा ने ट्यूनीशिया की रक्षापंक्ति को छकाते हुए निचले कोने में दूसरा गोल दागा। मैच के 69वें और 83वें मिनट में उएदा के दो और गोल ने जीत को ऐतिहासिक बना दिया।एशियाई फुटबॉल का नया कीर्तिमानजापान की यह 4-0 की जीत फीफा विश्व कप के मंच पर किसी भी एशियाई देश के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इतना ही नहीं, एक विश्व कप मैच में चार गोल दागना भी एशिया की किसी भी टीम के लिए एक नया रिकॉर्ड है। स्वीडन से 1-5 की शर्मनाक हार के बाद ट्यूनीशिया ने अपने कोच सबरी लामौची को बर्खास्त कर दिया था और हरवे रेनार्ड को कमान सौंपी थी, लेकिन नए मैनेजर के कार्यकाल की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही।ग्रुप F का समीकरण: ट्यूनीशिया बाहर, जापान नॉकआउट की दहलीज परइस जीत के साथ जापान ग्रुप F में मजबूती से दूसरे स्थान पर काबिज हो गया है और अब राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की करने के बिल्कुल करीब है। नीदरलैंड्स इस ग्रुप में शीर्ष पर बना हुआ है, जिसने अपने मैच में स्वीडन को 5-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपना दबदबा दिखाया है। दूसरी ओर, इस हार के साथ ही ट्यूनीशिया का विश्व कप का सफर लगभग समाप्त हो गया है और उनके नॉकआउट में पहुंचने की सभी उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
कोहली-बुमराह की वापसी, शतक जड़ने वाले यशस्वी जायसवाल बाहर
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस टीम चयन में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं, जो क्रिकेट फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गए हैं। युवा स्टार शुभमन गिल (Shubman Gill) को टीम की कमान सौंपी गई है। वहीं, टीम में दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) और यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) की बहुप्रतीक्षित वापसी हुई है। हालांकि, सबसे ज्यादा चौंकाने वाला फैसला युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) को टीम से बाहर रखने का रहा है।विराट कोहली की वापसी, लेकिन देनी होगी फिटनेस की अग्निपरीक्षालंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे विराट कोहली का इंग्लैंड के खिलाफ खेलना पूरी तरह से उनके 'फिटनेस क्लीयरेंस' पर निर्भर करेगा। दरअसल, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान कोहली को हैमस्ट्रिंग की चोट लग गई थी, जिसके कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे। बीसीसीआई ने एक मीडिया विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि स्टार बल्लेबाज अभी चोट से उबर रहे हैं। मैदान पर उतरने से पहले उन्हें बीसीसीआई की मेडिकल टीम और 'टीम ऑफ इंजीनियर्स' की जांच प्रक्रिया से गुजरकर खुद को पूरी तरह फिट साबित करना होगा।शतक जड़ने के बावजूद यशस्वी जायसवाल को नहीं मिली जगहइस 15 सदस्यीय टीम चयन में सबसे बड़ा झटका यशस्वी जायसवाल को लगा है। जायसवाल को अफगानिस्तान सीरीज में विराट कोहली के चोटिल होने के बाद बतौर रिप्लेसमेंट शामिल किया गया था। उन्होंने चेन्नई में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे में मात्र 86 गेंदों पर 14 चौकों और 3 शानदार छक्कों की मदद से 110 रनों की नाबाद मैच विनिंग पारी खेली थी। जायसवाल और रोहित शर्मा की मजबूत साझेदारी के दम पर ही भारत ने 219 रनों का लक्ष्य हासिल कर अफगानिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। हालिया सीरीज में इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें इंग्लैंड सीरीज के लिए नजरअंदाज कर दिया है।जसप्रीत बुमराह की करीब 3 साल बाद वनडे टीम में एंट्रीलंबे समय तक वनडे फॉर्मेट से दूर रहने के बाद जसप्रीत बुमराह अब एक नए और आक्रामक तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते नजर आएंगे। 2023 विश्व कप फाइनल के बाद से बुमराह का यह पहला वनडे मैच होगा। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत बीसीसीआई ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के साथ-साथ आयरलैंड और इंग्लैंड के टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरों से भी आराम दिया था। बुमराह को आखिरी बार 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के लिए वनडे टीम में चुना गया था, लेकिन पीठ की तकलीफ के कारण वह बाहर हो गए थे। बोर्ड का मुख्य फोकस बुमराह को आगामी 2027 वनडे विश्व कप के लिए पूरी तरह से फिट रखना है।इंग्लैंड के खिलाफ भारत की 15 सदस्यीय वनडे टीम (Indian ODI Squad)शुभमन गिल (कप्तान)रोहित शर्माविराट कोहली* (फिटनेस पर निर्भर)श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान)केएल राहुल (विकेटकीपर)ईशान किशन (विकेटकीपर)वाशिंगटन सुंदरअक्षर पटेलनितीश कुमार रेड्डीकुलदीप यादवजसप्रीत बुमराहप्रसिद्ध कृष्णाहर्षित राणाअर्शदीप सिंहगुरनूर बराड़
'नंबर 8' के जादुई प्रभाव से इन मूलांक वालों की चमकेगी किस्मत, जानें अपना भाग्य
अंकों का हमारे जीवन और भाग्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। 21 से 27 जून 2026 का यह नया सप्ताह अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार बेहद खास रहने वाला है। इस पूरे हफ्ते पर 'नंबर 8' की शक्तिशाली ऊर्जा का गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा। अंक शास्त्र में 8 नंबर को शनि का अंक माना जाता है, जो मेहनत, कड़े अनुशासन और भविष्य की ठोस योजनाएं बनाने के लिए प्रेरित करता है। यह सप्ताह हमें सिखाएगा कि धैर्य और ईमानदारी से बोए गए बीज ही भविष्य में सफलता के बड़े पेड़ बनते हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के करियर, आर्थिक स्थिति, प्रेम संबंध और स्वास्थ्य के लिए यह सप्ताह कैसा परिणाम लेकर आया है।मूलांक 1 (जन्म तिथि: 1, 10, 19 या 28): लीडरशिप और नई जिम्मेदारियों का सप्ताहइस सप्ताह आपके भीतर एक बेहतरीन प्रबंधक (Manager) और लीडर की ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ नई और बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें सफलतापूर्वक पूरा करने से आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा। आर्थिक मामलों में कोई भी फैसला जल्दबाजी में लेने से बचें और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लंबी अवधि के निवेश (Long-term Investment) पर ध्यान केंद्रित करें। काम के भारी दबाव के बीच अपने परिवार और प्रियजनों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करने के लिए यह समय बेहद शुभ है।मूलांक 2 (जन्म तिथि: 2, 11, 20 या 29): टीम वर्क और समझदारी से मिलेगी सफलतामूलांक 2 वालों के लिए यह सप्ताह टीम वर्क और आपसी सहयोग का है। अपने अंतर्ज्ञान (Intuition) पर पूरा भरोसा रखें, क्योंकि यह आपको सही दिशा दिखाएगा। आर्थिक मोर्चे पर बजट बनाकर चलना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने से आप भविष्य के प्रति सुरक्षित महसूस करेंगे। व्यक्तिगत रिश्तों में पूरी ईमानदारी रखें और स्पष्ट बातचीत से आपसी विश्वास को और गहरा बनाएं। साझेदारी (Partnership) में कोई नया काम शुरू करने के लिए यह समय पूरी तरह से आपके अनुकूल है। छोटी-छोटी बातों को तूल देने से बचें और भावनाओं पर नियंत्रण रखें।मूलांक 3 (जन्म तिथि: 3, 12, 21 या 30): नए विचारों और रचनात्मकता का मिलेगा लाभयह सप्ताह आपके नए और इनोवेटिव विचारों को एक ठोस आकार देने का है। आप जिस भी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, उसे पूरे अनुशासन के साथ करें। नेटवर्किंग और नए संपर्कों के जरिए आपको अप्रत्याशित आर्थिक लाभ होने के प्रबल योग हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल रहेगा। हर किसी की बात को ध्यान से सुनें और अपनी राय भी स्पष्टता से रखें। अपने काम में रचनात्मकता (Creativity) का तड़का लगाएं, लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। सफलता के लिए काम और आराम के बीच सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।मूलांक 4 (जन्म तिथि: 4, 13, 22 या 31): मेहनत लाएगी रंग, धैर्य की होगी परीक्षाआपकी पिछली कड़ी मेहनत का फल अब मिलने का समय आ गया है। हालांकि परिणाम थोड़े धीमे मिल सकते हैं, लेकिन वे बहुत पक्के और स्थायी होंगे। अपने पुराने निवेशों की समीक्षा करें और आवश्यकता पड़ने पर पोर्टफोलियो में बदलाव करने से न हिचकिचाएं। परिवार के सदस्यों को इस समय आपके भावनात्मक सहयोग (Emotional Support) की सख्त जरूरत है। स्वभाव में जरूरत से ज्यादा सख्ती न बरतें, थोड़ा लचीलापन अपनाने से आप तनावमुक्त रहेंगे। काम की बारीकियों पर नजर रखें और डटे रहें, अंतिम जीत आपकी ही होगी।मूलांक 5 (जन्म तिथि: 5, 14 या 23): नए अवसर और सामाजिक मेलजोल बढ़ाएंगे कदमूलांक 5 वाले जातकों के सामने इस सप्ताह काम के अनपेक्षित और शानदार मौके आ सकते हैं। हालांकि, किसी भी नए कॉन्ट्रैक्ट या समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले दस्तावेजों को अच्छी तरह से पढ़ लें। मानसिक शांति और ऊर्जा को सही दिशा में लगाने के लिए योग, ध्यान और प्रकृति के बीच समय बिताना आपके लिए असरदार रहेगा। सामाजिक मेलजोल (Social Networking) आपके करियर के लिए तरक्की के नए दरवाजे खोल सकता है। नई चीजें सीखने की अपनी ललक को बनाए रखें और भावनाओं में बहकर कोई भी बड़ा फैसला न लें।मूलांक 6 (जन्म तिथि: 6, 15 या 24): काम की होगी सराहना, अपनों के साथ बीतेगा समयकार्यस्थल पर आपकी विश्वसनीयता और काम के प्रति आपके पूर्ण समर्पण की खूब तारीफ होगी। टीम प्रोजेक्ट्स में आपकी भूमिका बेहद प्रभावशाली रहेगी और वरिष्ठ अधिकारी आपकी सलाह को महत्व देंगे। आपकी आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूती की ओर बढ़ रही है, बस बेवजह के खर्चों पर लगाम कसें। परिवार और जीवनसाथी के साथ बिताया गया क्वालिटी टाइम आपको मानसिक सुकून देगा। लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट्स अब रफ्तार पकड़ेंगे। दूसरों की मदद करने के साथ-साथ अपनी सेहत का भी पूरा ख्याल रखें।मूलांक 7 (जन्म तिथि: 7, 16 या 25): रिसर्च, पढ़ाई और गहरी सोच के लिए उत्तम समयआपकी गहरी सोच और चीजों को विश्लेषणात्मक नजरिए (Analytical View) से देखने की क्षमता इस हफ्ते बहुत काम आएगी। जो लोग पढ़ाई, रिसर्च या योजना बनाने के कार्यों से जुड़े हैं, उन्हें शानदार परिणाम मिलेंगे। कोई भी बड़ा फैसला लेते समय मन को पूरी तरह शांत रखें। रिश्तों में अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करें, अन्यथा बेवजह की गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। मन की शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह सप्ताह खुद को गहराई से समझने का बेहतरीन अवसर है।मूलांक 8 (जन्म तिथि: 8, 17 या 26): पावर वीक! अनुशासन दिलाएगा बड़ी उपलब्धियांमूलांक 8 वालों के लिए यह एक 'पावर वीक' (Power Week) साबित होने जा रहा है! मेहनत, लगन और कड़े अनुशासन के दम पर आपको करियर में जबरदस्त उन्नति के मौके मिलेंगे। धन संबंधी लेन-देन में थोड़ी सावधानी बरतें और कोई भी जोखिम भरा निवेश न करें। अपनी सफलता और खुशियों को परिवार के साथ साझा करें और उन्हें अपना भावनात्मक संबल दें। काम की भागदौड़ के बीच अपनी सेहत के लिए आराम का समय भी जरूर निकालें। यह सप्ताह आपको एक सफल नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करेगा।मूलांक 9 (जन्म तिथि: 9, 18 या 27): नेतृत्व क्षमता चमकेगी, पुरानी नाराजगी को भूलेंइस सप्ताह आपकी करुणा, दया और नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) निखर कर दुनिया के सामने आएगी। लंबे समय से अटके पड़े पुराने काम अब तेजी से पूरे होंगे और जीवन में कुछ नई और सकारात्मक शुरुआत होने की संभावना है। रिश्तों में आई पुरानी कड़वाहट और नाराजगी को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का समय है। अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और दिनचर्या में नियमित व्यायाम को शामिल करें। सकारात्मक ऊर्जा और निरंतर प्रयास आपको इस सप्ताह सफलता के नए शिखर पर ले जाएंगे।
'मुगल-ए-आजम' की 'अनारकली' को हराने वाली वो हसीना, कपूर खानदान से था खास रिश्ता
भारतीय सिनेमा के सुनहरे पन्नों में 1960 का दशक बेहद खास और ऐतिहासिक माना जाता है। इसी दौर में 'मुगल-ए-आजम', 'चौदहवीं का चांद' और 'बरसात की रात' जैसी क्लासिक फिल्में रिलीज हुई थीं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए आयाम गढ़े। इन सबमें के. आसिफ की मास्टरपीस 'मुगल-ए-आजम' सबसे भारी पड़ी। फिल्म में सलीम और अनारकली के किरदार ने पूरी दुनिया में अपनी एक अलग ही छाप छोड़ी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब इस आइकॉनिक रोल के लिए मधुबाला को सम्मानित करने की बारी आई, तो उनके हाथ निराशा लगी थी? 'अनारकली' का ये अमर किरदार एक दूसरी मशहूर हीरोइन के आगे बेस्ट एक्ट्रेस की रेस में हार गया था, जिसका सीधा नाता बॉलीवुड के सबसे बड़े 'कपूर खानदान' से था।1961 का फिल्मफेयर अवॉर्ड: जब 'सलीम' जीते, लेकिन हार गईं 'अनारकली'साल 1961 में आयोजित हुए 8वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में हर तरफ 'मुगल-ए-आजम' की ही चर्चा थी। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म ने बेस्ट फिल्म का खिताब जीता और सलीम का किरदार निभाने वाले लेजेंड्री एक्टर दिलीप कुमार को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। दिलीप कुमार ने उस रात राज कपूर ('छलिया') और देव आनंद ('काला बाजार') जैसे दिग्गजों को हराया था। जब बेस्ट एक्ट्रेस के नाम का एलान होने वाला था, तो सभी को उम्मीद थी कि नॉमिनेटेड मधुबाला ही यह ट्रॉफी घर ले जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उस रात मधुबाला और नूतन ('छलिया') को पछाड़ते हुए एक दूसरी अदाकारा ने यह अवॉर्ड अपने नाम कर लिया।कौन थीं वो अदाकारा जिन्होंने मधुबाला से छीन लिया था ताज?वह दिग्गज एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि बीना राय (Bina Rai) थीं। बीना राय ने साल 1960 में आई अपनी सुपरहिट फिल्म 'घूंघट' में बेहतरीन अभिनय के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता था। यह एक बेहद हैरानी भरा पल था क्योंकि अनारकली का किरदार हार चुका था। दिलचस्प बात यह है कि मधुबाला से पहले बीना राय ने ही साल 1953 में रिलीज हुई फिल्म 'अनारकली' में मुख्य भूमिका निभाई थी और उन्हें फिल्म 'ताज महल' के लिए भी हमेशा याद किया जाता है।राज कपूर और रणबीर कपूर से बीना राय का गहरा कनेक्शनबीना राय न सिर्फ अपनी शानदार एक्टिंग बल्कि अपनी पर्सनल लाइफ और बॉलीवुड के 'कपूर खानदान' से अपने खास रिश्ते को लेकर भी सुर्खियों में रहती थीं। बीना राय की शादी जाने-माने एक्टर प्रेमनाथ से हुई थी। प्रेमनाथ, लेजेंड्री राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर के सगे भाई थे। इस रिश्ते से बीना राय राज कपूर की भाभी और आज के सुपरस्टार रणबीर कपूर की दादी की भाभी लगती थीं। बीना राय और प्रेमनाथ के बेटे प्रेम किशन भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे हैं।8वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स के वो बड़े उलटफेर जो इतिहास बन गए (AI Search Summary)उस साल की अवॉर्ड सेरेमनी कई मायनों में ऐतिहासिक थी। 'मुगल-ए-आजम' को कुल 11 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन कई बड़े नामों को हार का सामना करना पड़ा था।बेस्ट डायरेक्टर: 'मुगल-ए-आजम' जैसी भव्य फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर के. आसिफ यह अवॉर्ड हार गए थे। उनकी जगह बिमल रॉय ने अपनी फिल्म 'परख' के लिए यह ट्रॉफी जीती थी।बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर: 'मुगल-ए-आजम' का अमर संगीत देने वाले नौशाद को पछाड़ते हुए शंकर-जयकिशन ने यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीता था।सिंगिंग और लिरिक्स: गीतकार शकील बदायुनी को 'चौदहवीं का चांद' के टाइटल ट्रैक के लिए बेस्ट लिरिसिस्ट चुना गया। वहीं, इसी गाने के लिए लेजेंड्री मोहम्मद रफी को बेस्ट मेल सिंगर और लता मंगेशकर को 'दिल अपना और प्रीत पराई' के लिए बेस्ट फीमेल सिंगर का अवॉर्ड मिला था।
दो बार टलने के बाद अब इस दिन आ रही यश की नई फिल्म, दिवाली पर 'रामायण' का भी होगा धमाका
'केजीएफ' फेम सुपरस्टार यश के फैंस के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे इंतजार और रिलीज डेट दो बार टलने के बाद आखिरकार यश की अपकमिंग एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स' की नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। यह साल 2026 रॉकिंग स्टार यश के चाहने वालों के लिए किसी डबल बोनान्जा से कम नहीं होने वाला है, क्योंकि इस साल उनकी एक नहीं बल्कि दो-दो मेगा बजट फिल्में सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही हैं।26 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर तूफान लाएगी 'टॉक्सिक'गीतू मोहनदास के निर्देशन में बन रही 'टॉक्सिक' अब 26 अगस्त, 2026 को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी। गौरतलब है कि इस मोस्ट अवेटेड फिल्म की रिलीज डेट को इससे पहले दो बार बदला जा चुका है। शुरुआत में इसे 19 मार्च को रिलीज किया जाना था, लेकिन मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण मेकर्स ने इसे 4 जून तक खिसका दिया था। अब सारी अड़चनों को दूर करते हुए अगस्त की नई और फाइनल डेट लॉक कर दी गई है। ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, टॉक्सिक इस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित होगी।नयनतारा और कियारा आडवाणी के साथ दिखेगी दमदार स्टार कास्ट'टॉक्सिक' पूरी तरह से एक हाई-ऑक्टेन क्राइम एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें दर्शकों को जबरदस्त एक्शन और सस्पेंस का डोज मिलेगा। इस पैन इंडिया फिल्म में यश के साथ बॉलीवुड और साउथ की कई बड़ी अभिनेत्रियां स्क्रीन शेयर करती नजर आएंगी। स्टार कास्ट में साउथ की लेडी सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड एक्ट्रेस कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यश के साथ इन दमदार अभिनेत्रियों की जुगलबंदी देखने के लिए दर्शक बेहद बेताब हैं।दिवाली 2026 पर 'रामायण' में खूंखार 'रावण' बनेंगे यश'टॉक्सिक' के अलावा इस साल यश एक और ऐतिहासिक व बहुचर्चित प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा हैं। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' का पहला पार्ट भी इसी साल दिवाली के खास मौके पर रिलीज होने जा रहा है। इस मेगा बजट फिल्म में यश 'रावण' के दमदार और खूंखार अवतार में नजर आएंगे। हाल ही में फिल्म का एक टीजर सामने आया था, जिसमें रावण के 'पुष्पक विमान' की एक शानदार झलक देखने को मिली थी। यश के रावण लुक को लेकर सोशल मीडिया पर अभी से भारी बज बना हुआ है। वहीं, इस फिल्म का दूसरा पार्ट अगले साल यानी 2027 में रिलीज किया जाएगा।'रामायण' की स्टार कास्ट भी है बेहद शानदारनितेश तिवारी की 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर और माता सीता के रोल में साउथ की बेहतरीन अदाकारा साई पल्लवी नजर आएंगी। रणबीर कपूर का श्रीराम अवतार वाला पहला लुक पहले ही लीक होकर इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। इसके अलावा फिल्म में कई दिग्गज सितारे अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरेंगे। रामायण की विस्तृत स्टार कास्ट में रवि दुबे (लक्ष्मण), अरुण गोविल (राजा दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी), इंदिरा कृष्णन (कौशल्या), शीबा चड्ढा (मंथरा), कुणाल कपूर (इंद्र देव) और सनी देओल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं, फिजिशियन सैंपल्स की अवैध बिक्री, सरकारी आपूर्ति की औषधियों की कालाबाजारी और एक्सपायर्ड दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की ...
योग दिवस पर नितिन नबीन का बड़ा सियासी धमाका: पंजाब में बदलाव तय, बोले- जल्द बनेगी बीजेपी सरकार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा देश योग के रंग में रंगा नजर आया, वहीं राजनीतिक गलियारों से एक बहुत बड़ा और तीखा सियासी संदेश भी सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री नितिन नबीन ने योग दिवस के मंच से पंजाब की राजनीति को लेकर एक बड़ा दावा कर हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात इस बात की गवाही दे रहे हैं कि वहां की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और वह समय अब ज्यादा दूर नहीं है जब पंजाब में पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी।योग की शक्ति के बीच पंजाब की राजनीति पर तीखा प्रहारनितिन नबीन ने योग सत्र के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान पंजाब सरकार और वहां की कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती गुरुओं और वीरों की भूमि रही है, लेकिन मौजूदा शासनकाल में राज्य का विकास पूरी तरह से ठप हो चुका है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग अब पारंपरिक और क्षेत्रीय दलों की विभाजनकारी और सुस्त राजनीति से पूरी तरह से ऊब चुके हैं।पंजाब में भाजपा का बढ़ता ग्राफ और कार्यकर्ताओं में नया जोशलोकल और जियोग्राफिकल स्तर पर पंजाब में संगठन विस्तार का जिक्र करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लगातार पंजाब के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अपनी जड़ें मजबूत कर रही है। सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब की सुरक्षा और तरक्की सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही सुरक्षित हाथों में रह सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता दिन-रात जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं, जिसका सीधा असर आने वाले विधानसभा चुनावों में देखने को मिलेगा।एआई और सोशल मीडिया पर छाया नितिन नबीन का यह बड़ा दावागूगल डिस्कवर और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के डिजिटल ट्रेंड्स की मानें तो योग दिवस के इस मौके पर इस राजनीतिक बयान ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल जहां इसे केवल एक चुनावी शिगूफा बता रहे हैं, वहीं राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पंजाब में अकाली दल से अलग होने के बाद से बीजेपी अब स्वतंत्र रूप से राज्य में पैर जमाने के लिए बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि बिंग एईओ (AEO) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नितिन नबीन का यह संदेश तेजी से वायरल हो रहा है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के विवादों के बाद अब राजस्थान में नीट री-एग्जाम 2026 को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए राज्य सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जमीन पर सबसे कड़ा पहरा लगा दिया है। राजस्थान के सभी प्रमुख शहरों में आज आयोजित हो रही इस पुनर्परीक्षा के लिए कुल 577 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पेपर लीक माफिया और नकल गिरोहों के मंसूबों को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था का ऐसा खाका खींचा गया है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख का पहरा और हाई-टेक जैमर्स एक्टिवलोकल एडमिनिस्ट्रेशन और शिक्षा विभाग ने इस बार परीक्षा केंद्रों के भीतर आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। सभी 577 केंद्रों के हर एक कमरे में लाइव सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जा रही है। इसके साथ ही, किसी भी तरह के ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या इंटरनेट आधारित गैजेट्स के इस्तेमाल को रोकने के लिए हाई-टेक सिग्नल जैमर्स एक्टिवेट कर दिए गए हैं। बायोमेट्रिक अटेंडेंस और एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन (AI Face Recognition) के जरिए ही अभ्यर्थियों को हॉल में प्रवेश दिया जा रहा है ताकि डमी कैंडिडेट की एंट्री की संभावना शून्य हो सके।परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में सख्त पाबंदी और धारा 144भौगोलिक (लोकल) सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कप्तानों और पुलिस कप्तानों ने सभी सेंटर्स के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे को पूरी तरह से 'नो-एंट्री जोन' घोषित कर दिया गया है। इस दायरे के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति के खड़े होने, फोटोकॉपी की दुकानें खुली रखने या भीड़ लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। कई संवेदनशील इलाकों में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। केंद्र के मुख्य द्वार पर पुलिस बल के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वॉड की टीमें तैनात हैं जो हर एक परीक्षार्थी की गहन चेकिंग कर रही हैं।जेनरेटिव एआई और सर्च इंजन पर ट्रेंड कर रहे हैं नीट री-एग्जाम के कड़े नियमगूगल डिस्कवर, बिंग एईओ (AEO) और आधुनिक एआई सर्च इंजनों पर इस समय राजस्थान नीट री-एग्जाम के ड्रेस कोड और नियमों को लेकर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। एनटीए की गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्रों को केवल आधी आस्तीन के कपड़े, साधारण चप्पल या सैंडल पहनने की अनुमति दी गई है। जूते, भारी गहने या ताबीज जैसी चीजें पूरी तरह वर्जित हैं। प्रशासन की इस मुस्तैदी को देखकर साफ है कि इस बार नीट री-एग्जाम की शुचिता और गरिमा को बनाए रखने के लिए सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है।
बिहार में कुख्यात अपराधी भारत तिवारी के पुलिस मुठभेड़ (Encounter) में मारे जाने के बाद सूबे की सियासत का पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस एनकाउंटर को लेकर जहां एक तरफ पुलिस प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक पुराना वीडियो बयान जंगल की आग की तरह फैल गया है। इस वीडियो में नीतीश कुमार बेहद तल्ख लहजे में यह कहते नजर आ रहे हैं कि 'अपराधियों को सजा देने का काम अदालत का है, पुलिस का नहीं।' इस पुराने बयान के दोबारा सतह पर आने के बाद अब बिहार की एनकाउंटर नीति और कानून व्यवस्था पर तीखे सवाल उठने शुरू हो गए हैं।क्या है नीतीश कुमार का वो पुराना बयान जो अब बना जी का जंजालवायरल हो रहा यह वीडियो कुछ साल पुराना बताया जा रहा है, जब बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उस समय नीतीश कुमार ने मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रिया की वकालत करते हुए साफ कहा था कि हमारी सरकार 'रूल ऑफ लॉ' (कानून का राज) पर चलती है। पुलिस का काम अपराधियों को पकड़कर अदालत के सामने पेश करना और पुख्ता सबूत जुटाना है, न कि खुद जज बनकर मौके पर ही उनका फैसला करना। आज जब भारत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं, तो विपक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता इसी वीडियो को ढाल बनाकर नीतीश सरकार को घेर रहे हैं।भारत तिवारी एनकाउंटर और पुलिस की कहानी पर उठते सवालजियोग्राफिकल और लोकल क्राइम इन्वेस्टिगेशन के मुताबिक, पुलिस ने दावा किया था कि भारत तिवारी को पकड़ने गई टीम पर उसने पहले फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षार्थ पुलिस को भी गोलियां चलानी पड़ीं और वह मारा गया। लेकिन इस एनकाउंटर के तुरंत बाद स्थानीय स्तर पर और सोशल मीडिया के जरिए इस थ्योरी को 'फर्जी एनकाउंटर' का नाम दिया जाने लगा। एआई (AI) और आधुनिक सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के ट्रेंड्स को देखें तो इंटरनेट पर लोग इस समय बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली और मुख्यमंत्री के स्टैंड के बीच के विरोधाभास को सबसे ज्यादा सर्च कर रहे हैं।'सुशासन बाबू' की छवि और एनकाउंटर कल्चर के बीच फंसी सरकारनीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में हमेशा 'सुशासन बाबू' के रूप में जाना जाता रहा है, जो न्याय के साथ विकास की बात करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में अपराधियों के खिलाफ पुलिस के सख्त और आक्रामक रुख को देखकर लोग इसकी तुलना उत्तर प्रदेश के 'बुलडोजर और एनकाउंटर' मॉडल से करने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि सुशासन की बात करने वाले मुख्यमंत्री के राज में पुलिस का इस तरह बेकाबू होना उनके अपने ही सिद्धांतों के खिलाफ है। यही वजह है कि यह वीडियो इस समय गूगल डिस्कवर और बिंग एईओ (AEO) पर सबसे बड़ा ट्रेंडिंग टॉपिक बन चुका है, जिसने सरकार को बैकफुट पर धकेल दिया है।
छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीतियों को धार देने के लिए अभनपुर में कांग्रेस पार्टी एक बहुत बड़ा मंथन करने जा रही है। जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित किए जा रहे इस विशेष तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी खुद शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल शिविर को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, जहां राहुल गांधी जमीनी स्तर के नेताओं को सीधे संबोधित करेंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे।जमीन पर संगठन को मजबूत करने की बड़ी कवायदअभनपुर में आयोजित हो रहा यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सभी जिलों के अध्यक्षों को पार्टी की नीतियों, केंद्र सरकार की विफलताओं को जनता तक पहुंचाने के तरीकों और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की ट्रेनिंग देना है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी इस बात पर विशेष जोर देंगे कि कैसे सोशल मीडिया के इस दौर में जनरेटिव इंजन (AI) और डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग करके जनता के बीच पैठ बनाई जाए। वे नेताओं को यह भी सिखाएंगे कि स्थानीय और भौगोलिक मुद्दों को उठाकर जनता का भरोसा कैसे जीता जाता है।राहुल गांधी का सीधा संवाद और वन-टू-वन फीडबैकइस शिविर की सबसे खास बात यह होगी कि राहुल गांधी केवल मंच से भाषण नहीं देंगे, बल्कि वे विभिन्न जिलों से आए अध्यक्षों के साथ वन-टू-वन बातचीत भी कर सकते हैं। वे हर जिले की जमीनी रिपोर्ट, आपसी गुटबाजी और स्थानीय समस्याओं का सीधा फीडबैक लेंगे। राहुल गांधी का यह अंदाज हमेशा से कार्यकर्ताओं में एक नया जोश भरने का काम करता है। वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस सीधे संवाद से जिला अध्यक्षों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच जाएगा, जिसका सीधा फायदा आने वाले समय में संगठन को मिलेगा।अभनपुर बना छत्तीसगढ़ की राजनीति का नया केंद्र बिंदुजियोग्राफिकल और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के लिहाज से देखें तो इस बड़े आयोजन के लिए अभनपुर को चुनना बेहद रणनीतिक फैसला है। रायपुर ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए जा रहे हैं। राज्य के तमाम बड़े कांग्रेस नेता, पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रभारी पहले से ही अभनपुर में डेरा डाले हुए हैं। इस महाशिविर पर न सिर्फ कांग्रेसियों की बल्कि विपक्षी दलों की भी पैनी नजरें टिकी हुई हैं कि राहुल गांधी यहां से छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए क्या नया नैरेटिव सेट करते हैं।
क्रिकेट के मैदान पर रोज रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं, लेकिन युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जो कर दिखाया है, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। क्रिकेट पिच को रणभूमि में बदलते हुए इस युवा खिलाड़ी ने विपक्षी गेंदबाजों के खिलाफ ऐसी आक्रामक बल्लेबाजी की, जिसने सबको हैरान कर दिया। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 64 रनों की ऐसी बाउंड्री-फर्स्ट पारी खेली, जिसमें सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उन्होंने अपनी पूरी पारी में एक भी सिंगल रन नहीं लिया। उन्होंने बैट को तलवार की तरह भांजते हुए श्रीलंका के गेंदबाजों की लाइन-लेंथ पूरी तरह बिगाड़ दी।सिर्फ चौके-छक्कों से बात: श्रीलंकाई गेंदबाजों की बेरहमी से कुटाईइस ऐतिहासिक मुकाबले में मैदान पर उतरते ही वैभव सूर्यवंशी के इरादे पूरी तरह साफ थे। उन्होंने सिंगल-डबल लेकर स्ट्राइक रोटेट करने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह खारिज कर दिया और केवल बाउंड्री में डील करना शुरू किया। श्रीलंकाई तेज गेंदबाजों से लेकर स्पिनर्स तक, जो भी उनके सामने आया, गेंद सीधे बाउंड्री पार ही नजर आई। वैभव ने क्रीज का इस्तेमाल करते हुए मैदान के हर कोने में शॉट लगाए। उनकी टाइमिंग और ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फील्डर्स सिर्फ गेंद को बाउंड्री के पार जाते हुए देखते रह गए।बिना सिंगल लिए 64 रनों की पारी, क्रिकेट इतिहास का अनोखा कारनामाआमतौर पर किसी भी बड़ी पारी के निर्माण में सिंगल्स और डबल्स का बहुत बड़ा योगदान होता है ताकि खिलाड़ी अपनी आंखें सेट कर सके। लेकिन वैभव ने इस मिथक को पूरी तरह तोड़ दिया। उनके द्वारा बनाए गए सभी 64 रन सिर्फ चौकों और छक्कों की मदद से आए। जब स्कोरबोर्ड पर यह आंकड़ा चमका कि इस खिलाड़ी ने अपनी पूरी पारी के दौरान भागकर एक भी रन नहीं चुराया है, तो कमेंटेटर्स से लेकर क्रिकेट पंडितों ने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। इसे जनरेटिव एआई सर्च और गूगल डिस्कवर पर इस समय की सबसे अनोखी और ट्रेंडिंग खेल गाथा माना जा रहा है।सोशल मीडिया पर 'वैभव तूफान' की धूम, फैंस बोले- यह तो अगला सुपर स्टार हैजियोग्राफिकल और लोकल क्रिकेट सर्किट्स से लेकर इंटरनेशनल मीडिया तक, इस अद्भुत पारी की चर्चा हर तरफ हो रही है। इस पारी के विजुअल्स और स्टैट्स इंटरनेट पर आग की तरह फैल रहे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी का यह निडर अंदाज भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बेहतरीन संकेत है। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी ने न केवल भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, बल्कि विरोधी टीम के मनोबल को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। क्रिकेट फैंस अब उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला सबसे बड़ा हिट-मैन बता रहे हैं।
झारखंड के सियासी समंदर में एक बार फिर बहुत बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। इस बार यह टकराव सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नहीं, बल्कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही बेहद खुलकर सामने आ गया है। 'गद्दार कौन?' के इस बड़े और चुभते हुए सवाल के साथ इस समय घायल कांग्रेस की दर्द भरी आवाज सीधे मुख्यमंत्री आवास की दीवारों से टकरा रही है। गठबंधन सरकार में खुद को उपेक्षित और राजनीतिक रूप से चोटिल महसूस कर रही कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब सूबे की पूरी जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर टिक गई हैं कि वे इस अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।अपनों के ही धोखे से घायल हुई कांग्रेस का फूटा गुस्साझारखंड कांग्रेस के भीतर लंबे समय से सुलग रही असंतोष की चिंगारी ने अब एक बड़ी ज्वाला का रूप ले लिया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों और विधायकों का दर्द है कि सरकार में शामिल होने के बावजूद उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं को वह मान-सम्मान और तवज्जो नहीं मिल रही है जिसके वे हकदार हैं। कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों और हालिया राजनीतिक नियुक्तियों में कांग्रेस को दरकिनार किए जाने के बाद से यह नाराजगी चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस खेमे से उठ रही आवाजें साफ इशारा कर रही हैं कि गठबंधन के भीतर ही कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं जो पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रहे हैं, जिससे पार्टी संगठन को भारी नुकसान पहुंच रहा है।मुख्यमंत्री आवास के इर्द-गिर्द सिमटी सूबे की सियासतइस समय रांची का कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास झारखंड की राजनीति का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बना हुआ है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और नाराज विधायकों की बैठकों का दौर जारी है और उनकी मांगें बेहद स्पष्ट हैं। कांग्रेस अब केवल वादों से संतुष्ट होने के मूड में बिल्कुल नहीं है। उनकी यह दर्द भरी आवाज और तीखे सवाल सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कानों तक पहुंच रहे हैं। जेएमएम (JMM) के रणनीतिकारों के लिए भी यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं कि कांग्रेस के समर्थन के बिना सरकार को सुचारू रूप से चलाना आसान नहीं होगा।क्या हेमंत सोरेन बचा पाएंगे गठबंधन की नैया?अब गेंद पूरी तरह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पाले में है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि क्या सीएम सोरेन कांग्रेस की इन जायज-नाजायज मांगों के आगे झुकेंगे या फिर कोई नया बीच का रास्ता निकालेंगे। एआई (AI) और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के ट्रेंड्स को देखें तो झारखंड में 'गठबंधन की स्थिरता' को लेकर इंटरनेट पर सर्च वॉल्यूम अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अगर हेमंत सोरेन ने समय रहते इस असंतोष को दूर नहीं किया, तो आने वाले समय में झारखंड की जेएमएम-कांग्रेस सरकार के लिए मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं।
पंजाब की सियासत से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ एक बेहद गहरी और सुनियोजित साजिश रची जा रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को लेकर जो भ्रामक और विवादित वीडियो फैलाए जा रहे थे, उनकी बारीकी से जांच की गई है। इस जांच के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस साजिश के पीछे शामिल चेहरों को बेनकाब कर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं।वीडियो की बारीकी से हुई जांच और सामने आया सचआम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की छवि को धूमिल करने और पंजाब की कानून व्यवस्था को चुनौती देने के मकसद से कुछ शरारती तत्वों और विपक्षी गुटों द्वारा एक एडिटेड (छेड़छाड़ किया गया) वीडियो वायरल किया जा रहा था। जब इस वीडियो की तकनीकी और फोरेंसिक जांच करवाई गई, तो यह साफ हो गया कि वीडियो के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ (डॉक्टरड वीडियो) की गई है। पार्टी का आरोप है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक हमला नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा और राज्य की शांति को भंग करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।डीजीपी को मिले आदेश, साइबर सेल ने संभाला मोर्चासाजिश का पर्दाफाश होने के बाद पंजाब के गृह मंत्रालय ने तुरंत संज्ञान लिया है। डीजीपी को दिए गए कड़े निर्देशों में कहा गया है कि इस वीडियो को सबसे पहले कहां से अपलोड किया गया और इसे किन-किन व्हाट्सएप ग्रुप्स, ट्विटर (X) हैंडल्स और फेसबुक पेजों के जरिए सुनियोजित तरीके से फैलाया गया, उनकी पहचान की जाए। पंजाब पुलिस की साइबर विंग ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आईटी एक्ट और मानहानि की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस डिजिटल साजिश के तार कुछ बाहरी राज्यों और विदेशी नेटवर्क्स से भी जुड़े हो सकते हैं।पंजाब की राजनीति में आया भूचाल, सुरक्षा व्यवस्था और सख्तलोकल और जियोग्राफिकल स्तर पर इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री आवास और उनके काफिले की सुरक्षा की समीक्षा नए सिरे से की जा रही है। आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि पंजाब में हो रहे विकास कार्यों और जनहित के फैसलों से बौखलाए लोग अब इस तरह के गंदे हथकंडों पर उतर आए हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि पंजाब की जनता के चुने हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
बलराम दांगी के दफ्तर पर गोलियां बरसाने वाला शूटर मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली, PGI भर्ती
हरियाणा के रोहतक से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। कांग्रेस नेता बलराम दांगी के कार्यालय पर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले शातिर बदमाश को रोहतक पुलिस की सीआईए (CIA) टीम ने एक कड़क मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस आमने-सामने की गोलीबारी में मुख्य शूटर के पैर में गोली लगी है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत इलाज के लिए रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) में भर्ती कराया है, जहां भारी सुरक्षा के बीच उसका इलाज चल रहा है।गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की घेराबंदी, बदमाश ने खोल दिया फायरस्थानीय पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीआईए टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि बलराम दांगी के दफ्तर पर हमला करने वाला शूटर रोहतक के बाहरी इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या शहर से भागने की फिराक में छुपा हुआ है। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को पुलिस से घिरा हुआ देख शातिर बदमाश ने बिना सोचे-समझे पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन जब उसने गोलियां चलाना बंद नहीं किया, तो पुलिस को भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।पैर में गोली लगते ही जमीन पर गिरा शूटर, हथियार बरामदपुलिस की तरफ से चलाई गई जवाबी गोली सीधे बदमाश के पैर में जाकर लगी, जिसके बाद वह लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत आगे बढ़कर उसे दबोच लिया और उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस मुठभेड़ की खबर मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस शूटर के पीछे किस गैंग का हाथ है और बलराम दांगी के कार्यालय को निशाना बनाने के पीछे असली मकसद क्या था।स्थानीय स्तर पर फैली सनसनी, पीजीआई रोहतक छावनी में तब्दीलभौगोलिक और लोकल स्तर पर इस बड़ी घटना के बाद से रोहतक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। कांग्रेस नेता के दफ्तर पर हमले के बाद से ही स्थानीय व्यापारियों और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश और डर का माहौल था। इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है। वहीं दूसरी ओर, घायल बदमाश के इलाज को देखते हुए रोहतक पीजीआई परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि अस्पताल में सुरक्षा की कोई चूक न हो। पुलिस जल्द ही कोर्ट से रिमांड लेकर इस मामले में बड़े खुलासे कर सकती है।
उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों और सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के प्रतिनिधि एक पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) से सीधे उलझते नजर आ रहे हैं। गरमागरमी इतनी बढ़ गई कि प्रतिनिधि ने पुलिस अधिकारी को सरेआम कानून का पाठ पढ़ा डाला और चुनौती भरे लहजे में कहा कि 'आपकी ये तमन्ना भी पूरी कर दूंगा'। इस तीखी बहस का वीडियो सामने आने के बाद से ही इलाके की राजनीति और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।पीड़ित पक्ष की पैरवी के दौरान अचानक भड़क उठे दोनों पक्षमिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा वाकया उस समय हुआ जब सांसद चंद्रशेखर आजाद के आधिकारिक प्रतिनिधि स्थानीय क्षेत्र की किसी समस्या या पीड़ित पक्ष की पैरवी करने के लिए पुलिस दफ्तर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) और सांसद प्रतिनिधि के बीच असहमति बन गई। देखते ही देखते दोनों ओर से आवाजें तेज हो गईं। प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय सत्ता के दबाव में काम कर रही है और आम जनता को परेशान किया जा रहा है।कानून की धाराओं का दिया हवाला, वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरलबहस के दौरान जब सीओ ने सख्त रुख अपनाने की कोशिश की, तो सांसद प्रतिनिधि ने बिल्कुल भी कदम पीछे नहीं खींचे। उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज में अधिकारी से कहा कि वे कानून और अपनी सीमाओं को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने सीओ को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ कैसा बर्ताव किया जाना चाहिए, यह कानून में साफ लिखा है। इसी दौरान उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, 'अगर आपको लगता है कि आप डरा देंगे, तो आपकी ये तमन्ना भी मैं पूरी कर दूंगा।' वहां मौजूद किसी शख्स ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।स्थानीय पुलिस और आजाद समाज पार्टी के बीच तनाव बढ़ाइस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति देखी जा रही है। समर्थकों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर उनके नेताओं और प्रतिनिधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि पुलिस सूत्रों का दावा है कि सरकारी काम में बाधा डालने और अधिकारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने के मामले में कानूनी राय ली जा रही है। फिलहाल इस मामले पर सांसद चंद्रशेखर आजाद की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय राजनीति पूरी तरह गर्मा गई है।
देश की सबसे प्रतिष्ठित और संवेदनशील मानी जाने वाली मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के आयोजन को लेकर इस बार अब तक का सबसे ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। बार-बार लगने वाले पेपर लीक के आरोपों और धांधली की कोशिशों को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार सुरक्षा का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इतिहास में पहली बार नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, ट्रांसपोर्टेशन और उनकी कमान सीधे भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को सौंप दी गई है। इसके साथ ही, लीक के मुख्य गढ़ बन चुके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर भी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है।वायुसेना के सुरक्षित ठिकानों और विमानों से होगी पेपर की सप्लाईअब तक नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को आम तौर पर निजी लॉजिस्टिक्स, बैंकों के स्ट्रॉन्ग रूम या सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता था, जिससे लीक होने का खतरा बना रहता था। लेकिन इस बार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा रिस्क न लेते हुए भारतीय वायुसेना की मदद ली है। सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा के गोपनीय दस्तावेजों और प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विशेष विमानों और हेलीकॉप्टरों के जरिए देश के कोने-कोने में स्थित एयरबेस और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाया जाएगा। वहां से कड़ी मिलिट्री और पुलिस सुरक्षा के बीच सीधे एग्जाम सेंटर्स तक पेपर डिलीवर किए जाएंगे, जिससे जमीनी स्तर पर छेड़छाड़ की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी।लीक का डिजिटल अड्डा बना टेलीग्राम, सरकार ने कसी नकेलनीट परीक्षा में होने वाली धांधली का एक बड़ा जरिया सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स, खासकर टेलीग्राम (Telegram) रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले टेलीग्राम के गुप्त चैनलों और ग्रुप्स पर फर्जी या असली प्रश्नपत्रों की सौदेबाजी होती थी। इस बार जनरेटिव इंजन (AI) और साइबर सेल की मदद से सरकार ने परीक्षा से पहले ही ऐसे हजारों संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप्स और चैनलों को पूरी तरह से ब्लॉक और बंद करवा दिया है। इतना ही नहीं, पेपर लीक माफियाओं के डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक करने के लिए टेलीग्राम के डेटा पर भी सुरक्षा एजेंसियां पैनी नजर रख रही हैं ताकि कोई भी डिजिटल माध्यम से पेपर इधर से उधर न कर सके।AI तकनीक और बायोमेट्रिक से लैस हुए देश भर के परीक्षा केंद्रलोकल और जियोग्राफिकल लेवल पर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा को भी पूरी तरह अपग्रेड कर दिया गया है। देश के सभी छोटे-बड़े शहरों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर्स की संख्या बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी ब्लूटूथ या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस काम न कर सके। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए मल्टी-लेवल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और एआई-बेस्ड फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने वाली तकनीक) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे किसी दूसरे छात्र के स्थान पर परीक्षा देने वाले सॉल्वर गैंग के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर जाएगा। सरकार के इस चौतरफा कड़े एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में नीट की शुचिता से कोई समझौता नहीं होगा।
जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने जमीन पर कड़ा मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) खुद भारी पुलिस बल के साथ माता वैष्णो देवी के मुख्य यात्रा मार्ग पर पैदल गश्त (पेट्रोलिंग) करने उतर गए। बाणगंगा से लेकर भवन तक के संकरे और चुनौतीपूर्ण रास्तों पर अधिकारियों को इस तरह पैदल चलते देख हर कोई हैरान रह गया, लेकिन इस औचक कदम का श्रद्धालुओं की सुरक्षा से बेहद सीधा और गहरा कनेक्शन है।सुरक्षा व्यवस्था का लाइव रियल्टी चेक और खुफिया इनपुटएसएसपी की इस पैदल पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी स्तर पर जायजा लेना था। पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट और आगामी त्योहारों व छुट्टियों के सीजन में बढ़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती। एसएसपी ने कटरा, अर्धकुंवारी, सांझीछत और मुख्य भवन के आसपास तैनात सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता को खुद परखा और उन्हें 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।श्रद्धालुओं से सीधा संवाद और फीडबैक की अनोखी पहलइस पैदल मार्च के दौरान सबसे खास बात यह रही कि एसएसपी केवल सुरक्षा नहीं जांच रहे थे, बल्कि वे रास्ते में रुक-रुककर देशभर से आए श्रद्धालुओं से सीधा संवाद भी कर रहे थे। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि उन्हें यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी, असुविधा या किसी संदिग्ध गतिविधि का सामना तो नहीं करना पड़ा। पुलिस के इस दोस्ताना और सुरक्षात्मक रवैये से श्रद्धालुओं का हौसला बढ़ा और उन्होंने इस पहल की जमकर तारीफ की।संदिग्धों पर पैनी नजर और चप्पे-चप्पे पर आधुनिक निगरानीवैष्णो देवी यात्रा मार्ग और कटरा के आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पैदल गश्त के दौरान एसएसपी ने यात्रा मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों, आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग सिस्टम और एंट्री पॉइंट्स पर चेकिंग की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों, टट्टू-पालकियों वालों और गाइडों को भी सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति को देखते ही तुरंत पुलिस को सूचित करें।
केरल में अंग तस्करी रैकेट पर ED का महाएक्शन, 9 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी से मचा हड़कंप
केरल में अवैध रूप से चल रहे मानव अंग तस्करी (Organ Trafficking) के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने राज्य के विभिन्न जिलों में फैले इस रैकेट के वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क को खंगालने के लिए एक साथ 9 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद से ही राज्य के रसूखदारों और इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।कोच्चि और त्रिशूर समेत कई जिलों में ED की रेडसूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ED की अलग-अलग टीमों ने केरल के कोच्चि, त्रिशूर, मलप्पुरम और पलक्कड़ जैसे प्रमुख शहरों में तड़के सुबह ही दस्तक दे दी। जांच एजेंसी मुख्य रूप से उन संदिग्धों के आवासों और दफ्तरों को निशाना बना रही है, जिनके तार हाल ही में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह से जुड़े होने का अंदेशा है। पुलिस की शुरुआती जांच के बाद ED ने इस मामले में वित्तीय अनियमितताओं (Money Laundering) को लेकर अपना शिकंजा कसा है।बेसहारा लोग बनते थे शिकार, विदेशों तक फैले हैं तारहाल ही में केरल पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया था जो गरीब, कर्ज में डूबे और मजबूर लोगों को पैसों का लालच देकर उनके अंग (विशेषकर किडनी) निकालने का धंधा कर रहा था। इस रैकेट के तार न केवल भारत के अन्य राज्यों बल्कि खाड़ी देशों (Gulf Countries) जैसे ईरान और कुवैत तक फैले होने की बात सामने आई है। पीड़ितों को बहला-फुसलाकर विदेश ले जाया जाता था और वहां मोटी रकम के बदले उनके अंग निकाल लिए जाते थे, जबकि पीड़ितों को बेहद मामूली रकम दी जाती थी।करोड़ों के बेहिसाब वित्तीय लेन-देन का शकED को संदेह है कि इस अवैध व्यापार के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। हवाला नेटवर्क और फर्जी बैंक खातों के माध्यम से विदेशों से पैसा भारत भेजा जा रहा था। आज की इस बड़ी छापेमारी का मुख्य उद्देश्य इसी अवैध कमाई, बैंक खातों के दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और बेनामी संपत्तियों का पता लगाना है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन ठिकानों से मिले दस्तावेजों के आधार पर इस गिरोह के मुख्य सरगनाओं और इसमें शामिल कुछ निजी अस्पतालों के डॉक्टरों व बिचौलियों के चेहरों से भी नकाब हटेगा।
शिकागो में खूनी संडे: SUV से आए हमलावरों ने भीड़ पर बरसाईं अंधाधुंध गोलियां, 12 लोग लहूलुहान
अमेरिका के इलिनोइस प्रांत के शिकागो (Chicago) शहर से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। वीकेंड की छुट्टियों के दौरान शिकागो की एक व्यस्त सड़क पर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार एसयूवी (SUV) कार में सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने सड़क किनारे मौजूद भीड़ को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए अंधाधुंध हमले में कम से कम 12 लोगों को गोलियां लगी हैं, जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर हमलावरों की तलाश तेज कर दी है।तड़के सुबह गोलियों की गूंज से कांपा शिकागो का रिहायशी इलाकाचश्मदीदों और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह खूनी वारदात रविवार तड़के शिकागो के एक रिहायशी और कमर्शियल मिक्स इलाके में घटित हुई। वहां लोग वीकेंड एंजॉय करने के बाद सड़कों पर मौजूद थे, तभी अचानक एक काले रंग की एसयूवी वहां आकर रुकी। गाड़ी के शीशे नीचे हुए और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ऑटोमैटिक हथियारों से लैस हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।12 लोग अस्पताल में भर्ती, कई की हालत बेहद नाजुकशिकागो पुलिस विभाग (CPD) के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इस गोलीबारी की घटना में कुल 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और युवा भी शामिल हैं। एम्बुलेंस और स्थानीय नागरिकों की मदद से सभी पीड़ितों को तुरंत ट्रॉमा सेंटरों में पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों में से कम से कम तीन से चार लोगों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने अस्पताल के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस और जांच एजेंसियांशिकागो में हुई इस मास शूटिंग (Mass Shooting) के बाद पूरे अमेरिका में एक बार फिर गन कल्चर (Gun Culture in US) को लेकर बहस छिड़ गई है। हमलावर वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद उसी एसयूवी गाड़ी से मौके से फरार हो गए। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक गोलीबारी के पीछे की असली वजह या किसी गैंगवार के कनेक्शन का खुलासा नहीं हो पाया है। इस घटना के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
होर्मुज की नाकेबंदी खत्म, ईरान के खर्ग द्वीप से करोड़ों बैरल कच्चे तेल की धुआंधार सप्लाई शुरू
वैश्विक ऊर्जा बाजार और मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से नाकेबंदी पूरी तरह से हट गई है। इस प्रतिबंध के हटते ही वैश्विक तेल बाजार ने राहत की सांस ली है और समुद्र में ठप पड़ी तेल की सप्लाई अचानक से तेज हो गई है। सबसे बड़ा बदलाव ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल 'खर्ग द्वीप' (Kharg Island) पर देखने को मिल रहा है, जहां से कच्चे तेल की भारी खेप दुनिया के बाजारों के लिए रवाना होने लगी है।समंदर में बढ़ी हलचल, महाकाय टैंकरों में लोड हुआ तेलसूत्रों और सैटेलाइट तस्वीरों से मिली जानकारी के अनुसार, नाकेबंदी हटते ही ईरान के खर्ग द्वीप पर हलचल कई गुना बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और तनाव के कारण जो सुपरटैंकर (VLCCs) दिनों से समंदर में लंगर डाले खड़े थे, उनमें अब तेजी से कच्चा तेल लोड किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ ही घंटों के भीतर करोड़ों बैरल कच्चा तेल इन जहाजों में भरा जा चुका है, जो अब एशिया और यूरोप के प्रमुख बाजारों की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं।दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?दुनिया का लगभग 20 से 30 प्रतिशत कच्चा तेल इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां नाकेबंदी हटने से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पर लगाम लगेगी। भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों के लिए यह खबर राहत देने वाली है, क्योंकि सप्लाई चेन बहाल होने से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ गई है।खर्ग द्वीप से सप्लाई शुरू होने के वैश्विक मायनेईरान का खर्ग द्वीप उसका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण ऑयल एक्सपोर्ट हब है। यहां से सप्लाई शुरू होने का सीधा मतलब है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ेगी। हालांकि, इस अचानक आई तेजी पर ओपेक (OPEC) और अन्य पश्चिमी देशों की नजरें टिकी हुई हैं। भू-राजनीतिक (Geopolitical) रणनीतिकारों का मानना है कि इस कदम से आने वाले दिनों में खाड़ी देशों के समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल, समंदर के रास्ते कच्चे तेल की यह 'ब्लैक गोल्ड' सुनामी दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को नई दिशा देने के लिए निकल चुकी है।
1250% का छप्परफाड़ डिविडेंड! प्लास्टिक बनाने वाली कंपनी का बड़ा तोहफा, रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए इस हफ्ते कमाई का एक बेहद शानदार मौका आया है। प्लास्टिक और पैकेजिंग सेक्टर की एक दिग्गज कंपनी ने अपने शेयरधारकों की किस्मत चमकाते हुए 1250% के बंपर डिविडेंड (लाभांश) का ऐलान किया है। इस बड़ी घोषणा के बाद से ही बाजार के पंडितों और खुदरा निवेशकों की नजरें इस शेयर पर टिक गई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस मोटे मुनाफे को अपने बैंक खाते में क्रेडिट करवाने के लिए रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते तय की गई है, जिससे बाजार में इस शेयर को खरीदने की होड़ मचने की उम्मीद है।निवेशकों की लगी लॉटरी, कंपनी ने खोला मुनाफे का पिटाराभारतीय शेयर बाजार में जब भी कोई कंपनी अपने फेस वैल्यू पर इतना बड़ा लाभांश देती है, तो उसे निवेशकों के लिए जैकपॉट माना जाता है। इस प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने अपने मजबूत तिमाही नतीजों और बेहतरीन कैश फ्लो के दम पर इस डिविडेंड को मंजूरी दी है। बाजार के जानकारों का कहना है कि कंपनी का यह कदम यह साबित करता है कि वह अपने प्रॉफिट को सिर्फ अपने पास रखने के बजाय अपने शेयरधारकों के साथ साझा करने में विश्वास रखती है। इस ऐलान के बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर मुंबई, दिल्ली, गुजरात और बेंगलुरु जैसे बड़े फाइनेंशियल हब के निवेशकों में इस स्टॉक को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।इसी हफ्ते है रिकॉर्ड डेट, चूक गए तो हाथ मलिएगाअगर आप भी इस 1250% के तगड़े डिविडेंड का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको इस हफ्ते की समयसीमा का खास ख्याल रखना होगा। कंपनी द्वारा तय की गई रिकॉर्ड डेट इसी हफ्ते समाप्त हो रही है। शेयर बाजार के नियमों (T+1 सेटलमेंट) के अनुसार, इस लाभांश के योग्य बनने के लिए निवेशकों को रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक दिन पहले इस शेयर को अपने डीमैट अकाउंट में डिलीवर कराना होगा। यदि आप रिकॉर्ड डेट के बाद खरीदारी करते हैं, तो आप इस बड़े पेआउट से हाथ धो बैठेंगे। यही वजह है कि देश भर के ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म्स पर इस शेयर के वॉल्यूम में अचानक तेजी देखी जा रही है।मजबूत फंडामेंटल्स वाली प्लास्टिक कंपनी पर टिकी नजरेंयह कंपनी केवल डिविडेंड के मामले में ही नहीं, बल्कि अपने बिजनेस मॉडल और फंडामेंटल्स के लिहाज से भी काफी मजबूत मानी जाती है। प्लास्टिक और इंडस्ट्रियल पैकेजिंग मटीरियल बनाने वाली इस कंपनी की मांग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में लगातार बढ़ रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एआई-संचालित मार्केट एनालिसिस (GEO/AI Search) और वित्तीय डेटा यह संकेत देते हैं कि कंपनी का कर्ज मुक्त होना और लगातार रेवेन्यू ग्रोथ करना इसके भविष्य को सुरक्षित बनाता है। लोकल और ग्लोबल सप्लाई चेन में इसकी मजबूत पकड़ के कारण लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स भी इस पर भरोसा जता रहे हैं।क्या आपको इस स्टॉक में पैसा लगाना चाहिए?बाजार विश्लेषकों (Market Analysts) का मानना है कि केवल डिविडेंड को देखकर किसी भी शेयर में जल्दबाजी में बड़ा निवेश नहीं करना चाहिए। लेकिन जब कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और परफॉर्मेंस दोनों ही शानदार हों, तो जोखिम काफी कम हो जाता है। इस समय यह शेयर शॉर्ट-टर्म गेन (डिविडेंड यील्ड) और लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन दोनों के लिहाज से रडार पर आ गया है। अगर आप अपने पोर्टफोलियो में एक मजबूत पैसिव इनकम सोर्स जोड़ना चाहते हैं, तो इस हफ्ते इस प्लास्टिक शेयर की हर हलचल पर पैनी नजर बनाए रखें।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन, योग और संगीत से स्वास्थ्य का दिया संदेश
अजमेर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को भारत विकास परिषद् महाराणा प्रताप शाखा अजमेर, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन अजमेर इकाई, मणिपुंज सेवा संस्थान तथा मोंटूस वर्कआउट योगा स्टूडियो के संयुक्त तत्वावधान में मणिपुंज सेवा संस्थान बीके कौल नगर में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग शिविर का आयोजन, योग और संगीत से स्वास्थ्य का दिया संदेश appeared first on Sabguru News .
Monsoon Update: 23 जून से फिर रफ्तार पकड़ेगा मानसून, जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंचने के संकेत
देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। 8 जून से दक्षिण महाराष्ट्र में रुका हुआ मानसून ...
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने अजमेर में किया योगाभ्यास
अजमेर। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने रविवार को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में सहभागिता कर योगाभ्यास किया। चौधरी ने अजमेर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित संभाग स्तरीय कार्यक्रम में योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में आमजन के साथ योग के महत्व पर […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : केन्द्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने अजमेर में किया योगाभ्यास appeared first on Sabguru News .
तेलंगाना के करीमनगर में बस में अचानक आग लगी, 41 यात्री बाल-बाल बचे
हैदराबाद। तेलंगाना के करीमनगर जिले में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) की एक बस में रविवार को अचानक आग लग गई, जिसके बाद चालक और कंडक्टर की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया और 41 यात्री बाल-बाल बच गए। राज्य परिवहन निगम की यह इलेक्ट्रिक बस करीमनगर से हैदराबाद की ओर जा रही […] The post तेलंगाना के करीमनगर में बस में अचानक आग लगी, 41 यात्री बाल-बाल बचे appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने माउंट आबू में किया रात्रि भ्रमण
आबूराज। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार रात सिरोही जिले के आबूराज में नक्की झील एवं आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर पर्यटकों एवं आम लोगों से सवांद किया। शर्मा ने मॉल रोड स्थित बाजार में पैदल भ्रमण कर स्थानीय व्यापारियों, खरीदारी कर रहे लोगों, पर्यटकों तथा स्थानीय नागरिकों से संवाद किया और उनका […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने माउंट आबू में किया रात्रि भ्रमण appeared first on Sabguru News .
रिया कपूर की मेकअप आर्टिस्ट ने दर्ज कराई 1.35 करोड़ रुपए के हीरे के झुमके चोरी होने की शिकायत
मुंबई। फिल्म निर्माता रिया कपूर की न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान 1.35 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़े हुए दो जोड़ी झुमके गायब होने के मामले में मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार रिया कपूर की टीम 27 अप्रैल को मुंबई से दुबई होते हुए न्यूयॉर्क के लिए रवाना हुई थी। […] The post रिया कपूर की मेकअप आर्टिस्ट ने दर्ज कराई 1.35 करोड़ रुपए के हीरे के झुमके चोरी होने की शिकायत appeared first on Sabguru News .
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मोदी के अंगवस्त्र ने खींचा लोगों का ध्यान
नई दिल्ली। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित मुख्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परिधान ने सबसे ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मोदी ने रविवार को यहां लोगों के साथ योगाभ्यास किया। योग के साथ-साथ उनका पहनावा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया […] The post अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मोदी के अंगवस्त्र ने खींचा लोगों का ध्यान appeared first on Sabguru News .
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग को शांत और तनाव-मुक्त जीवन जीने में सहायक बताते हुए कहा है कि हमारा लक्ष्य 50 की उम्र में 30 साल से ज्यादा ऊर्जावान होने का होना चाहिए। बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मुख्य समारोह का आयोजन रविवार को यहां के रेड रोड पर आयोजित किया गया, […] The post योग शांत-तनाव मुक्त जीवन जीने में सहायक, लक्ष्य 50 की उम्र में 30 साल से ज्यादा ऊर्जावान होने का हो : मोदी appeared first on Sabguru News .
भारत की समुद्री शक्ति को नई उड़ान, PM मोदी ने INS Dunagiri, Agray और Sanshodhak किए कमीशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी रूप से निर्मित युद्धपोतों को औपचारिक रूप से कमीशन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रक्षा क्षेत्र में ...
राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच में SIT को अहम सुराग मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज और पदाधिकारियों की भूमिका की जांच के बीच ट्रस्ट के पुनर्गठन और कार्यपालक अधिकारी नियुक्ति की सिफारिश संभव।
देश में बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले 5 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट; कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के असर से उत्तर भारत समेत कई राज्यों में अगले 5 दिनों तक बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं का अलर्ट जारी। जानें IMD का ताजा मौसम पूर्वानुमान।
हिंदू धर्म में वट (बरगद) के वृक्ष को बेहद पवित्र और पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस विशाल पेड़ में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का साक्षात वास होता है। पेड़ की शाखाओं में ब्रह्मा, मुख्य तने में भगवान विष्णु और इसकी गहरी जड़ों में महादेव शिव विराजते हैं। यही वजह है कि ज्येष्ठ मास में इस वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है, जो विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का वरदान देता है।इस साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला 'बड़ साते' या 'वट सप्तमी' का व्रत आज यानी रविवार, 21 जून 2026 को पूरे देश में श्रद्धा के साथ रखा जा रहा है।अधिक मास की वजह से हुआ भ्रम, जानिए क्यों खास है इस बार का व्रतइस साल वट सप्तमी व्रत की सही तारीख को लेकर सुहागिन महिलाओं के बीच काफी असमंजस (कंफ्यूजन) की स्थिति बनी हुई थी। इसकी मुख्य वजह यह है कि इस साल ज्येष्ठ माह के दौरान 'अधिक मास' (मलमल मास) लगा था, जिससे ज्येष्ठ महीने की अवधि सामान्य से अधिक लंबी हो गई। पंचांग के अनुसार, 15 जून को ज्येष्ठ अधिक मास की अमावस्या समाप्त होने के बाद ही शुद्ध ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की शुरुआत हुई है। इसी वजह से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी आज 21 जून को पड़ रही है, जो कि व्रत के लिए पूर्ण रूप से शास्त्रसम्मत और शुद्ध तारीख है।वट सप्तमी पूजा के आज के शुभ मुहूर्तआज के दिन वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने के लिए शास्त्रों में विशेष फलदायी मुहूर्त बताए गए हैं। सुहागिनें अपनी सुविधा के अनुसार इन शुभ समय में पूजा संपन्न कर सकती हैं:प्रातः काल (सुबह का) मुहूर्त: सुबह 05:30 बजे से लेकर 09:45 बजे तक (यह समय सुबह की मुख्य पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है)।अभिजीत मुहूर्त (दुपहर का श्रेष्ठ समय): सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक।अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक है 'बड़ साते'सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से वट वृक्ष को दीर्घायु (लंबी उम्र), स्थिरता और सुख-समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। मान्यता है कि वट सप्तमी के दिन जो भी विवाहित महिला पूरी श्रद्धा से उपवास रखकर बरगद के पेड़ की उपासना करती है, उसके पति को लंबी आयु प्राप्त होती है और उसका वैवाहिक जीवन खुशियों से भर जाता है। इसके साथ ही यह पूजा घर-परिवार की कलह और आर्थिक परेशानियों को दूर कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।इस सरल विधि से करें वट वृक्ष की पूजावट सप्तमी की पूजा को पूरी विधि-विधान से करने पर ही इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। महिलाएं आज के दिन इस आसान पूजा विधि का पालन कर सकती हैं:सुबह जल्दी सोकर उठें, स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ या नए वस्त्र (संभव हो तो लाल या पीले रंग के) धारण करें।व्रत और पूजा का मन में संकल्प लेकर अपने घर के पास मौजूद किसी पवित्र वट वृक्ष (बरगद के पेड़) के पास जाएं।सबसे पहले तांबे के लोटे से पेड़ की जड़ में जल अर्पित कर उन्हें सींचें।इसके बाद वृक्ष को रोली, कुमकुम, अक्षत (चावल), फूल, भोग और धूप-दीपक दिखाकर पंचोपचार पूजा करें।अब हाथ में सूत का कच्चा धागा लेकर वट वृक्ष के चारों ओर लपेटते हुए परिक्रमा करें (परिक्रमा अपनी श्रद्धानुसार 7, 11 या 108 बार की जा सकती है)।परिक्रमा के दौरान मन ही मन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और महादेव का ध्यान करते रहें।पूजा संपन्न होने के बाद अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।अंत में उपस्थित लोगों में प्रसाद वितरित करें और सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सरकारी नौकरी (Govt Jobs) की तलाश कर रहे अनुभवी प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। भारत सरकार की प्रमुख नवरत्न प्रौद्योगिकी कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) ने एसोसिएट इंजीनियर (Associate Engineer) के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस वैकेंसी की सबसे खास बात यह है कि उम्मीदवारों को चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। यह भर्ती पूरी तरह से एक निश्चित समय अवधि (Fixed-Term) के लिए की जा रही है, जिसमें योग्य उम्मीदवारों का चयन सीधे इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक, इंटरव्यू के लिए तैयार रहेंइंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड द्वारा निकाली गई इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों के पास फॉर्म भरने के लिए 30 जून 2026 तक का समय है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के इंटरव्यू 13 जुलाई 2026 से आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं।कार्यक्रममहत्वपूर्ण तिथिऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख16 जून 2026आवेदन करने की अंतिम तिथि30 जून 2026इंटरव्यू आयोजित होने की संभावित तिथि13 जुलाई 2026 से शुरूकुल 41 पदों पर होगी बहाली, जानिए वैकेंसी डिटेल्सEIL ने इस भर्ती अभियान के तहत एसोसिएट इंजीनियर के कुल 41 रिक्त पदों को भरने का फैसला किया है। इन्हें दो अलग-अलग श्रेणियों (ग्रेड-II और ग्रेड-III) में विभाजित किया गया है, जिनमें अलग-अलग इंजीनियरिंग ब्रांच के लिए नियुक्तियां की जाएंगी:एसोसिएट इंजीनियर ग्रेड-II (15 पद): इस ग्रेड के तहत प्रोसेस, मैकेनिकल (रोटेटिंग/पैकेज), मैकेनिकल (स्टैटिक इक्विपमेंट) और एनवायरनमेंट/वॉटर/सेफ्टी जैसे विशेष विभागों में नियुक्तियां होंगी।एसोसिएट इंजीनियर ग्रेड-III (26 पद): इस ग्रेड के अंतर्गत प्रोसेस, इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, पाइपिंग, मैटेरियल्स/कोरोजन और स्ट्रक्चरल/सिविल इंजीनियरिंग विषयों के लिए भर्ती की जाएगी।कौन कर सकता है अप्लाई? योग्यता और आयु सीमा की पूरी जानकारीइस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए ईआईएल ने कड़े शैक्षणिक और अनुभव के मानक तय किए हैं:शैक्षणिक योग्यता: आवेदकों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित इंजीनियरिंग विषय में बीई (BE), बीटेक (B.Tech) या बीएससी इंजीनियरिंग की डिग्री होनी अनिवार्य है। डिग्री में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या उसके समकक्ष सीजीपीए (CGPA) होना आवश्यक है।कार्य अनुभव: एसोसिएट इंजीनियर ग्रेड-II के पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में कम से कम 5 वर्ष का पोस्ट-क्वालिफिकेशन अनुभव मांगा गया है। वहीं, ग्रेड-III के पदों के लिए उम्मीदवारों के पास न्यूनतम 9 वर्ष का कार्यानुभव होना जरूरी है।आयु सीमा: उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा की गणना 31 मई 2026 को आधार मानकर की जाएगी। ग्रेड-II के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष और ग्रेड-III के लिए अधिकतम आयु 41 वर्ष निर्धारित की गई है।बिना परीक्षा सीधे वॉक-इन इंटरव्यू से चयन, मिलेगा बंपर वेतनचयनित होने वाले उम्मीदवारों को फिक्स्ड टर्म बेसिस पर नियुक्त किया जाएगा। इस दौरान उन्हें पदानुसार ₹72,000 से लेकर ₹96,000 प्रति माह तक का समेकित (Consolidated) वेतन दिया जाएगा। इस सैलरी पैकेज में हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और प्रोविडेंट फंड (PF) के घटक भी शामिल रहेंगे।चयन प्रक्रिया पूरी तरह से वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से संपन्न होगी। साक्षात्कार के दौरान चयन समिति द्वारा उम्मीदवारों के तकनीकी ज्ञान, पुराने कार्यानुभव, समस्या सुलझाने की क्षमता और पेशेवर दक्षता का बारीकी से मूल्यांकन किया जाएगा। यह इंटरव्यू देश के विभिन्न प्रमुख शहरों जैसे गुरुग्राम, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे।वेबसाइट पर जाकर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन (Step-by-Step)आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरा नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़ लें। आवेदन करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें:सबसे पहले इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।होमपेज पर दिए गए ‘Careers’ (करियर) सेक्शन में प्रवेश करें।वहाँ इस भर्ती से संबंधित विज्ञापन संख्या HRD/Rectt./Advt./2026-27/05 को खोजें और उस पर क्लिक करें।अपनी पात्रता (Eligibility) की अच्छी तरह जांच करने के बाद ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियां सही-सही भरें।सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद फॉर्म को सबमिट कर दें और भविष्य के संदर्भ के लिए भरे हुए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।
सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: एक हफ्ते में ₹3,000 सस्ता हुआ सोना, चांदी ₹10,000 तक लुढ़की
भारतीय सर्राफा बाजार से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सोने और चांदी की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर (Weekly Basis) जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आभूषण खरीदारों और निवेशकों को बड़ी राहत मिली है। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹3,000 प्रति 10 ग्राम तक की भारी कटौती देखी गई है, जबकि चांदी के दाम भी ₹10,000 प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गए हैं। इस गिरावट के बाद देश के अलग-अलग शहरों में कीमती धातुओं के भाव काफी आकर्षक स्तर पर पहुंच गए हैं।मजबूत डॉलर के दबाव में टूटे सोने के दाम, रिकॉर्ड स्तर से आया नीचेवैश्विक और घरेलू बाजारों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय कारक (Global Factors) हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के लगातार मजबूत होने से कीमती धातुओं पर भारी दबाव देखा जा रहा है। डॉलर सूचकांक (Dollar Index) इस समय अपने एक साल के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot Gold) फिसलकर 4,148.45 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है।इस वैश्विक हलचल का सीधा असर शुक्रवार, 19 जून को दिल्ली के सर्राफा बाजार में भी देखने को मिला, जहां 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत एक ही दिन में ₹2,840 की भारी गिरावट के साथ ₹1,50,600 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। आज यानी रविवार 21 जून की सुबह तक कीमतों में यह कमजोरी बरकरार है।दिल्ली, मुंबई और लखनऊ सहित देश के बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेटदेश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में आज सुबह 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के ताजा भाव (प्रति 10 ग्राम) इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:दिल्ली, जयपुर और लखनऊ: देश की राजधानी दिल्ली, गुलाबी नगरी जयपुर और नवाबों के शहर लखनऊ में आज 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,46,230 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि गहने बनाने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,34,050 प्रति 10 ग्राम है।मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई, कोलकाता, पुणे और बेंगलुरु में आज 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹1,46,080 प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेंड कर रहा है। वहीं, इन चारों शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,33,900 प्रति 100 ग्राम दर्ज की गई है।चेन्नई: दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में सोने के दाम अन्य शहरों की तुलना में थोड़े ऊंचे हैं। यहाँ आज 24 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,48,370 और 22 कैरेट गोल्ड का रेट ₹1,36,000 प्रति 10 ग्राम है।अहमदाबाद और भोपाल: गुजरात के अहमदाबाद और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज 24 कैरेट सोना ₹1,46,130 और 22 कैरेट सोना ₹1,33,950 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है।एक नज़र में देखें अपने शहर का ताजा भाव (Table)शहर22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹)दिल्ली1,34,0501,46,230मुंबई1,33,9001,46,080अहमदाबाद1,33,9501,46,130चेन्नई1,36,0001,48,370कोलकाता1,33,9001,46,080हैदराबाद1,33,9001,46,080जयपुर1,34,0501,46,230भोपाल1,33,9501,46,130लखनऊ1,34,0501,46,230चंडीगढ़1,34,0501,46,230चांदी की चमक भी पड़ी फीकी, एक किलो पर ₹10,000 की बड़ी बचतसोने की राह पर चलते हुए चांदी के बाजार में भी इस हफ्ते बड़ा क्रैश देखने को मिला है। चांदी की कीमतों में साप्ताहिक आधार पर ₹10,000 प्रति किलोग्राम तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आज 21 जून की सुबह सर्राफा बाजार खुलते समय चांदी की कीमत ₹2,50,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें, तो वहां भी मांग कमजोर होने से हाजिर चांदी का भाव फिसलकर 64.73 डॉलर प्रति औंस पर आ चुका है। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि डोमेस्टिक और ग्लोबल सेंटिमेंट्स को देखते हुए बाजार में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव का यह सिलसिला जारी रह सकता है।
271 करोड़ की मेगा डील: इनोवीकेयर को खरीदने जा रही सन फार्मा, सोमवार को फोकस में रहेगा दिग्गज स्टॉक
फार्मा सेक्टर (दवा उद्योग) से इस वीकेंड एक बेहद बड़ी कॉर्पोरेट डील की खबर सामने आई है, जिसका सीधा असर सोमवार, 22 जून को शेयर बाजार खुलते ही देखने को मिलेगा। देश की सबसे बड़ी फार्मा कंपनियों में शुमार सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharma) ने एक रणनीतिक कदम उठाते हुए करीब 12 साल पुरानी कंपनी इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज (Innovcare Lifesciences) में 100% हिस्सेदारी खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है। सन फार्मा ने 20 जून की शाम को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इस समझौते की विस्तृत जानकारी साझा की है। यह पूरा सौदा ₹271.2 करोड़ (लगभग $2.873 करोड़) में तय हुआ है, जिसके बाद बाजार एक्सपर्ट्स सोमवार को सन फार्मा के शेयरों में तेज हलचल की उम्मीद जता रहे हैं।प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मजबूत करेगी कंपनी, 31 जुलाई तक पूरा होगा कैश सौदास्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, सन फार्मा इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज के सभी आउटस्टैंडिंग शेयर्स (बाजार में मौजूद कुल शेयर) का अधिग्रहण करने जा रही है। कंपनी को पूरा भरोसा है कि टेकओवर की यह पूरी प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 या उससे पहले ही मुकम्मल कर ली जाएगी। खास बात यह है कि यह पूरा सौदा पूरी तरह से 'कैश डील' के रूप में निपटाया जाएगा।सन फार्मा ने इस अधिग्रहण को अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को और अधिक डाइवर्सिफाइड और मजबूत बनाने की दिशा में एक बेहद अहम और रणनीतिक कदम बताया है। अगर इनोवीकेयर लाइफसाइंसेज की बात करें, तो इस कंपनी की शुरुआत 21 जुलाई 2014 को हुई थी। यह कंपनी भारतीय बाजार में फार्मास्युटिकल दवाओं के साथ-साथ तेजी से बढ़ते न्यूट्रास्यूटिकल (पोषण संबंधी उत्पाद) और कॉस्मेस्यूटिकल (कॉस्मेटिक और औषधीय गुण वाले उत्पाद) सेक्टर्स में एक्टिव है। इसका पूरा बिजनेस नेटवर्क भारत में मजबूती से फैला हुआ है। वित्तीय मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन सुधरा है; वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर ₹86.09 करोड़ से बढ़कर ₹94.06 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।रिकॉर्ड हाई से 4% नीचे है भाव, पिछले 8 महीने में दिया शानदार रिटर्नइस डील के एलान से ठीक पहले, यानी शुक्रवार 19 जून को सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सन फार्मा का शेयर बीएसई (BSE) पर 0.72% की हल्की बढ़त के साथ ₹1837.15 के भाव पर बंद हुआ था।निवेशकों के लिए सन फार्मा के पिछले एक साल के परफॉर्मेंस का विश्लेषण करें तो:एक साल का निचला स्तर (52-Week Low): पिछले साल 26 सितंबर 2025 को शेयर ₹1547.25 के अपने सबसे निचले स्तर पर था।एक साल का उच्च स्तर (52-Week High): इस निचले स्तर से शानदार रिकवरी दिखाते हुए स्टॉक महज 8 महीनों में 23.91% की रफ्तार से भागा और 19 मई 2026 को ₹1917.15 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया।वर्तमान स्थिति: हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद शेयरों में थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) देखी गई है और मौजूदा भाव अपने लाइफ-टाइम हाई से करीब 4% नीचे ट्रेड कर रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाली हलचल इस शेयर को दोबारा नए रिकॉर्ड की तरफ ले जा सकती है।
देश के तकरीबन 22.79 लाख मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए आज रविवार, 21 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पेपर लीक के विवादों को झेलने के बाद, डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये छात्र आज एक बार फिर नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के रण में उतर रहे हैं। यह परीक्षा न केवल छात्रों के भविष्य के लिए, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और देश के सुरक्षा तंत्र के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए एनटीए ने उम्मीदवारों के लिए सख्त एडवाइजरी और गाइडलाइंस जारी की हैं।परीक्षा केंद्र जाने से पहले जरूर जांच लें ये 3 चीजें, एनटीए ने दी सलाहएनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षार्थियों के लिए आखिरी समय की गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज ले जाना अनिवार्य है:एडमिट कार्ड: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का आधिकारिक एडमिट कार्ड।वैलिड फोटो आईडी प्रूफ: आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य कोई सरकारी पहचान पत्र।पासपोर्ट साइज फोटो: उम्मीदवारों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज तस्वीरें भी रखनी होंगी।एनटीए ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बिना किसी हड़बड़ी के पूरी हो सके और वे शांत मन से परीक्षा दे सकें।देश-विदेश के 565 शहरों में दोपहर 2 बजे से शुरू होगा महामुकाबलानीट यूजी 2026 की यह दोबारा परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में एक साथ आयोजित की जा रही है। परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो पूरी तरह से पेन-एंड-पेपर (ऑफलाइन) मोड में होगी। वहीं, दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के योग्य उम्मीदवारों को नियमानुसार अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिससे वे शाम 6:20 बजे तक अपनी परीक्षा पूरी कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए देश भर में 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है।थ्री-लेयर सिक्योरिटी और रियल-टाइम सीसीटीवी सर्विलांस से लैस परीक्षा केंद्रइस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए एनटीए ने केंद्रों पर अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार किया है। सभी परीक्षा केंद्रों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया है, जहां तीन-स्तरीय (Three-Level) सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी:बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: परीक्षा केंद्रों पर नकल और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने के लिए सख्त बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।जीपीएस और पैरामिलिट्री फोर्स: प्रश्न पत्रों और आंसर बुकलेट के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए जीपीएस-इनेबल्ड वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स के पास है।कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग: 5,000 से अधिक केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे एनटीए के हाई-लेवल मॉनिटरिंग सेंटर को मिलती रहेगी। यह सेंटर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर भी पैनी नजर रख रहा है।प्रशासनिक अमला और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, हजारों अधिकारी तैनातपरीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के बीच एक मजबूत तालमेल बनाया गया है। जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए एक बड़ी टीम तैनात की गई है, जिसमें शहर-स्तरीय व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही, केंद्रों पर स्वतंत्र रूप से पैनी नजर रखने के लिए 6,669 ऑब्जर्वर भेजे गए हैं। हर सेंटर पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर की मुस्तैदी के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस की विशेष एस्कॉर्ट टीमें गोपनीय परीक्षा सामग्री की सुरक्षा में तैनात हैं।
8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की मौज, DA बढ़ोतरी और न्यूनतम वेतन पर आया सबसे बड़ा अपडेट
केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही देश के करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स की नजरें इसके हर एक अपडेट पर टिकी हुई हैं। अक्टूबर 2025 में भारत सरकार द्वारा 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को मंजूरी दिए जाने के बाद से यह आयोग पिछले करीब आठ महीनों से लगातार काम कर रहा है। अब 15 जून की डेडलाइन खत्म होने के साथ ही आयोग के काम में काफी तेजी आ गई है, वहीं दूसरी तरफ अगले महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी स्थिति साफ होने लगी है।सितंबर में हो सकता है अगले महंगाई भत्ते (DA) का बड़ा ऐलानकेंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स की महंगाई राहत (DR) में साल में दो बार बढ़ोतरी का फैसला करती है। इससे पहले साल की शुरुआती छमाही यानी जनवरी 2026 से लागू होने वाले डीए में 2 फीसदी का इजाफा किया गया था, जिसके बाद कर्मचारियों का कुल डीए बढ़कर 60 फीसदी के स्तर पर पहुंच चुका है। इस बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान 18 अप्रैल 2026 को किया गया था।'ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन' के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल के मुताबिक, साल की दूसरी छमाही (जुलाई से दिसंबर 2026) के लिए डीए में होने वाली बढ़ोतरी का ऐलान आमतौर पर सितंबर के महीने में किया जाता है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में इसमें अक्टूबर तक की भी देरी देखी गई है।कैसे तय होती है आपकी सैलरी? समझिए डीए का पूरा गणितकर्मचारियों का महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार को कम से कम दो से तीन महीनों के पुख्ता आर्थिक आंकड़ों की जरूरत होती है। केवल जुलाई महीने के शुरुआती रुझान के आधार पर अगले छह महीनों का डीए तय नहीं किया जा सकता। डीए की गणना पूरी तरह से श्रम ब्यूरो द्वारा जारी 'ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स' (AICPI-IW) के आंकड़ों पर निर्भर करती है।अप्रैल 2026 का AICPI-IW का आंकड़ा 0.8 अंक की बढ़त के साथ 149.9 पर पहुंच गया था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जुलाई 2026 से लागू होने वाला अगला डीए मुख्य रूप से मई और जून 2026 के महंगाई आंकड़ों पर निर्भर करेगा, जिससे तय होगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी रकम बढ़ेगी।मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन खत्म, अब शुरू होगा समीक्षा का दौर8वें वेतन आयोग के सामने अपनी मांगें और प्रस्ताव (मेमोरेंडम) जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 थी, जो अब समाप्त हो चुकी है। आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन, भत्ते और पेंशन ढांचे को लेकर सिफारिशें तैयार करने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर मेमोरेंडम सबमिशन की विंडो खोली थी।कर्मचारी यूनियनों ने इस दौरान आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों में मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें सामने रखी हैं:न्यूनतम बेसिक पे और फिटमेंट फैक्टर: यूनियनों की सबसे बड़ी मांग है कि कर्मचारियों के न्यूनतम बेसिक वेतन में इस बार बंपर बढ़ोतरी की जाए और फिटमेंट फैक्टर के फॉर्मूले को बदला जाए ताकि शुरुआती सैलरी सम्मानजनक हो सके।पेंशन पर सख्त रुख: कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पूरी तरह बहाल करने या फिर वर्तमान एनपीएस (NPS) और यूपीएस (UPS) के ढांचे की गहराई से समीक्षा कर पेंशन सुरक्षित करने की मांग की है।भत्तों में बड़ा सुधार: इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (HRA), रिस्क पे, सालाना बोनस, लीव बेनिफिट्स और सर्विस से जुड़े अन्य आर्थिक फायदों में बड़े बदलाव की वकालत की गई है।मंजीत सिंह पटेल ने बताया कि 15 जून को मेमोरेंडम जमा होने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही आयोग ने हितधारकों से चर्चा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया है। अब आयोग सभी सुझावों का गहराई से अध्ययन करेगा और अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।लखनऊ से होगी शुरुआत, राज्यों के दौरे पर निकल रहा है वेतन आयोगविभिन्न राज्यों के सरकारी कर्मचारियों से सीधे संवाद करने और उनकी स्थानीय समस्याओं को समझने के लिए 8वां वेतन आयोग अब अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा करने जा रहा है। आयोग ने अपने अगले दौर के दौरों का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है:लखनऊ (उत्तर प्रदेश): 22-23 जून 2026भुवनेश्वर (ओडिशा): 6-7 जुलाई 2026कोलकाता (पश्चिम बंगाल): 9-10 जुलाई 2026आपको बता दें कि इससे पहले आयोग दिल्ली, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हैदराबाद (तेलंगाना) और महाराष्ट्र में हितधारकों के साथ अहम बैठकें पूरी कर चुका है। वहीं, 26 अप्रैल 2026 को आयोग ने उत्तराखंड के कर्मचारी संघों के साथ अपनी पहली औपचारिक बातचीत की शुरुआत की थी।
देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू झेल रहे लोगों के लिए आखिरकार राहत की खबर आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम में एक बहुत बड़े और अहम बदलाव का संकेत दिया है। मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 15 घंटों के भीतर इन इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की उम्मीद है। बारिश के साथ-साथ अधिकारियों ने आंधी-तूफान और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी हवाओं की भी चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज बदला, पहाड़ों पर ओलावृष्टि की आशंकामैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 22 जून के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि (ओले गिरना) का भी अलर्ट है।मैदानी इलाकों की बात करें तो 21 से 26 जून के बीच दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट या मध्यम बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।यूपी, बिहार और राजस्थान में अंधड़ का अलर्ट, चलने वाली हैं तेज हवाएंउत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों, जैसे नोएडा, मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पड़ोसी राज्य बिहार में भी आंधी-पानी का संकट मंडरा रहा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका है।रेगिस्तानी राज्य राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर, अजमेर और अलवर जैसे शहरों में भी मौसम खराब रहेगा। यहाँ 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया गया है।मध्य और दक्षिण भारत का हाल: कई राज्यों में लगातार बरसेंगे बादलमध्य भारत के राज्यों में भी मानसून की हलचल तेज हो गई है। 21 से 26 जून के बीच छत्तीसगढ़, पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में अच्छी बौछारें पड़ने का अनुमान है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 34C के आसपास रहने से लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।वहीं, दक्षिण भारत में पूरे सप्ताह केरल, माहे, लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बड़े पैमाने पर मानसून सक्रिय रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ खतरनाक तूफान आने की भी आशंका जताई गई है।हिमाचल, उत्तराखंड और असम में आफत की बारिश, टूरिस्ट्स को सलाहपर्यटन स्थलों पर घूमने गए लोगों के लिए अगले कुछ दिन संभलकर रहने वाले हैं। उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार और नैनीताल जैसे पहाड़ी इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ भारी बारिश और तूफान का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के मनाली में बारिश शुरू होने की उम्मीद है, जबकि शिमला, कुल्लू, सोलन और कांगड़ा में 24 जून तक भारी बारिश और आंधी-तूफान के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्य असम के गुवाहाटी और आस-पास के जिलों में अगले 2-3 दिनों में बिजली कड़कने और मूसलाधार बारिश की संभावना है, जिससे असम के पश्चिमी हिस्सों में हालात बिगड़ सकते हैं। दक्षिण में तमिलनाडु के नीलगिरि, कोयंबटूर, कन्याकुमारी और सलेम में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि चेन्नई में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
NEET Exam 2026: क्या लेकर जाएं, क्या पहनें? परीक्षा केंद्र जाने से पहले जान लें सभी जरूरी नियम
NEET Exam 2026 में शामिल होने वाले 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए जरूरी गाइड। जानें एडमिट कार्ड, ड्रेस कोड, रिपोर्टिंग टाइम, जरूरी दस्तावेज, प्रतिबंधित वस्तुएं और परीक्षा केंद्र के सभी नियम।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पूरे गुजरात में उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर जिले के मानसा में योगाभ्यास कर विश्व योग दिवस समारोह में भाग लिया। मानसा स्थित ...
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगभग 22 लाख छात्र-छात्राओं के राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पुनर्परीक्षा में शामिल होने की तैयारी के बीच रविवार को अभ्यर्थियों से बिना किसी भय और चिंता के आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल ...
CM धामी का योग दिवस संदेश, ‘युवा स्वस्थ होंगे तभी विकसित भारत का सपना होगा साकार’
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत के बनबसा में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जबकि राजधानी Dehradun के परेड ग्राउंड में भी भव्य सामूहिक योग सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ...
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में 'ब्लू डॉट्सएआई' (Blue DotsAI) पहल का शुभारंभ ...
Re-NEET 2026 आज : 22 लाख छात्रों की परीक्षा, 1.38 लाख CCTV कैमरे और AI निगरानी के बीच होगा एग्जाम
नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की दोबारा परीक्षा, जिसे कई लोग री-नीट (Re-NEET) भी कह रहे हैं, रविवार 21 जून को आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दावा किया है कि परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने के लिए व्यापक ...
International Yoga Day 2026 : कोलकाता में PM मोदी ने किया योग, गुजरात में अमित शाह भी हुए शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योग कार्यक्रम के दौरान योगाभ्यास किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 'स्वस्थ आयु के लिए योग' की थीम के साथ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय ...
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जेल जाएंगे, भारी जुर्माना भी भरना पड़ेगा : दिनेश शर्मा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद दिनेश शर्मा ने री-नीट मामले पर कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश की है
भगवंत मान पर तरुण चुघ का आरोप, 'जनता के मुद्दों से ध्यान भटका रही 'आप' सरकार'
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में किया गया धरना केवल एक 'हताश राजनीतिक नाटक' है
तमिलनाडु: विधानसभा चुनाव में जीत के बाद टीवीके के सदस्यों की संख्या दो करोड़ के पार
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) के सदस्यों की संख्या दो करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है
महाराजा रणजीत सिंह के सपनों का पंजाब बनाएंगे: नितिन नवीन
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को अपने तीन दिवसीय पंजाब प्रवास की शुरुआत की
नीट री-एग्जाम पर बोले तेजस्वी यादव- इस सरकार में युवा सबसे ज्यादा पीड़ित
21 जून को नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसको लेकर बिहार सरकार ने छात्रों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है
भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने लद्दाख दौरे के दौरान उपशी स्थित पश्मीना बकरी फार्म और सिंधु नदी पर बने पहले रॉक चेक डैम का निरीक्षण किया
प्रधानमंत्री मोदी किसानों को सशक्त, समर्थ स्वावलंबी बनाने के लिए संकल्पबद्ध है: राजकुमार चाहर
भाजपा किसान मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद राजकुमार चाहर ने शनिवार पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा किसान मोर्चा व संपूर्ण देश के किसानों की तरफ से धन्यवाद व साधुवाद दिया।
फेक एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री माफी मांगें : तेजस्वी यादव
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की है
आज प्रयागराज के संगम सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' के तहत पात्र किसान लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। मंच से स्वयं कई किसान भाइयों को 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना' के आधिकारिक स्वीकृति पत्र सौंपे और उन्हें बधाई दी।यह कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देश के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में योजना की 23वीं किस्त के सीधे हस्तांतरण (DBT) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।श्री मौर्य ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा देश के 9.44 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई।कहा कि देश के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की योगी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पीएम-किसान सम्मान निधि योजना आज देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक बड़ा संबल बन चुकी है, जिससे उन्हें खेती-किसानी की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने में सीधी मदद मिल रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बिना किसी बिचौलिए या भ्रष्टाचार के, पूरी पारदर्शिता के साथ डिजिटल माध्यम से सीधे किसानों के खातों में पैसा पहुंचना सुशासन का सबसे बड़ा उदाहरण है।इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के साथ ही प्रयागराज के संगम सभागार में कृषि विभाग द्वारा विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ईरान युद्ध, जी7 को लेकर डोनाल्ड ट्रंप-जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनातनी बढ़ी
नई दिल्ली। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच ईरान युद्ध और जी-7 शिखर सम्मेलन से जुड़े मुद्दों को लेकर सार्वजनिक विवाद गहरा गया है। दोनों नेताओं को कभी करीबी राजनीतिक सहयोगी माना जाता था। विवाद की शुरुआत तब हुई जब ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर […] The post ईरान युद्ध, जी7 को लेकर डोनाल्ड ट्रंप-जॉर्जिया मेलोनी के बीच तनातनी बढ़ी appeared first on Sabguru News .
महाराष्ट्र के परभणी में मंदिर का हॉल गिरने से 6 लोगों की मौत, 30 घायल
परभणी। महाराष्ट्र के परभणी जिले श्री त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर में शनिवार एक नवनिर्मित हॉल के अचानक गिर जाने से कम से कम छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। शुरुआती खबरों के अनुसार यह दुर्घटना के जिले के मानवथ तालुका के यशवाड़ी गांव में स्थित प्रसिद्ध मंदिर में […] The post महाराष्ट्र के परभणी में मंदिर का हॉल गिरने से 6 लोगों की मौत, 30 घायल appeared first on Sabguru News .
अलवर में दंपती ने रेलवे स्टेशन पर जहरीली दवा का किया सेवन, पत्नी की मौत
अलवर। राजस्थान के अलवर जिले में अलवर जंक्शन पर एक दंपती के जहरीली दवा सेलफॉस का सेवन करने का मामला सामने आया है जिसमें पत्नी की उपचार के दौरान मौत हो गई, जबकि पति की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के […] The post अलवर में दंपती ने रेलवे स्टेशन पर जहरीली दवा का किया सेवन, पत्नी की मौत appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : खेत में एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, 4 आरोपी अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के असरजाना गांव के एक खेत में पुलिस ने नशीले पदार्थ एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करके चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीणा ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि असरजाना के खेत में बनी एक ढाणी के कमरे में आरोपियों ने विभिन्न रसायनों […] The post हनुमानगढ़ : खेत में एमडी ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़, 4 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल : फाल्टा थाने पर हमले की साजिश मामले में जहांगीर खान की पत्नी अरेस्ट
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के पास फाल्टा थाने पर कथित हमले और पूर्व विधायक जहांगीर खान को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की साजिश के मामले में उसकी पत्नी रेजिना बीबी को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस कई दिन से रेजिना की तलाश में थी। पुलिस के अनुसार रेजिना पर विरोध प्रदर्शन का […] The post पश्चिम बंगाल : फाल्टा थाने पर हमले की साजिश मामले में जहांगीर खान की पत्नी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पुणे में ढोंगी बाबा राधामोहन मिश्रा, छह महिला अनुयायी अरेस्ट
पुणे। महाराष्ट्र की पुणे पुलिस ने यौन शोषण के एक मामले में स्वयंभू धर्मगुरु राधामोहन मिश्रा, उसके एक सहयोगी और छह महिला अनुयायियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में उबाले नगर स्थित आश्रम में रहने के दौरान उसके साथ […] The post पुणे में ढोंगी बाबा राधामोहन मिश्रा, छह महिला अनुयायी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : खेत में बोरिंग करते किसान और मशीन संचालक की करंट लगने से मौत
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पल्लू थाना क्षेत्र में शुक्रवार को खेत में ट्यूबवेल के लिए बोरिंग करवा रहे एक किसान और मशीन संचालक की करंट लगने से मौत हो गई जबकि एक युवक घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मृतकों की पहचान हजारीराम बिजारणियां (45) और पवनकुमार मेघवाल (25) […] The post हनुमानगढ़ : खेत में बोरिंग करते किसान और मशीन संचालक की करंट लगने से मौत appeared first on Sabguru News .
ग्रामीण अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीण सेवा शिविरों का उठाएं लाभ : भजनलाल शर्मा
पाली। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पाली के सुमेरपुर में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नेतरा में ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया और शिविर में लगी विभिन्न विभागों की स्टॉल्स का अवलोकन कर लाभार्थियों से संवाद किया तथा शिविर का फीडबैक लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को राहत […] The post ग्रामीण अधिक से अधिक संख्या में ग्रामीण सेवा शिविरों का उठाएं लाभ : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु में मुस्लिम लीग ने द्रमुक गठबंधन से किनारा कर लिया
चेन्नई। तमिलनाडु में तमिल वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार में शामिल होने के कुछ सप्ताह बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने शनिवार को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन से किनारा कर लिया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम खादर मोहिदीन ने आईयूएमएल की सामान्य परिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि […] The post तमिलनाडु में मुस्लिम लीग ने द्रमुक गठबंधन से किनारा कर लिया appeared first on Sabguru News .
भजनलाल शर्मा ने जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत शनिवार को यहां 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को रवाना कर प्रदेश में पहली बार इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की। शर्मा ने अमर जवान ज्योति से जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) की 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झण्डी दिखाकर […] The post भजनलाल शर्मा ने जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना appeared first on Sabguru News .
नॉर्वे की युवराज्ञी अस्पताल में और बेटा जेल में
Norway-Crown Princes: विधि का विधान भी कई बार कितना विचित्र होता है! नॉर्वे की 52 वर्षीय युवराज्ञी (क्राउन प्रिंसेस) मेत्ते-मारित, 2018 से ही फेफड़ों की एक असाध्य बीमारी से जूझ रही थीं। एक लंबी प्रतीक्षा के बाद, 17 जून को प्रतिरोपित एक नए फेफड़े के ...
यस बैंक से आई बड़ी खबर: कर्मचारियों को बांटे 6,58,070 शेयर, खाते में आए ₹92 लाख से अधिक
प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज यस बैंक (YES BANK) के निवेशकों और शेयर बाजार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। बैंक ने शेयर बाजार को दी गई अपनी नवीनतम रेगुलेटरी फाइलिंग में एक बड़ा अपडेट साझा किया है। यस बैंक ने अपनी विशेष स्टॉक ऑप्शन स्कीम के तहत लाखों नए इक्विटी शेयर आवंटित (Allot) किए हैं। इस बड़े फैसले के बाद बैंक की चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) में भी सीधे तौर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस नई कॉरपोरेट अपडेट के बाद सोमवार को बाजार खुलते ही यस बैंक के शेयरों में अच्छी हलचल देखने को मिल सकती है। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को यस बैंक का शेयर 0.27% की मामूली गिरावट के साथ 25.4 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी ने दी मंजूरी, ₹2 की फेस वैल्यू पर जारी हुए शेयरयस बैंक द्वारा देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज— बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) को दी गई आधिकारिक सूचना के अनुसार, बैंक की 'नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी' (Nomination & Remuneration Committee) ने 19 जून, 2026 को हुई बैठक में 6,58,070 इक्विटी शेयरों के नए आवंटन को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। ये सभी नए शेयर बैंक की विभिन्न कर्मचारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे 'YBL ESOS 2020 Scheme' और 'YBL RSU Plan 2024' के तहत योग्य कर्मचारियों को जारी किए गए हैं। इन आवंटित किए गए नए शेयरों की फेस वैल्यू (Face Value) 2 रुपये प्रति शेयर तय की गई है।शेयरों के बदले बैंक के पास आए ₹92 लाख से अधिक, मजबूत हुई वित्तीय स्थितिइस बड़े शेयर आवंटन के माध्यम से यस बैंक ने कुल 92,18,221.30 रुपये (बानवे लाख अठारह हजार दो सौ इक्कीस रुपये और तीस पैसे) की अतिरिक्त पूंजी प्राप्त की है। यह पूरी राशि बैंक के कर्मचारियों द्वारा उनके स्टॉक ऑप्शंस (ESOP) का उपयोग करने के परिणामस्वरूप बैंक के खजाने में आई है। इस राशि के आने से बैंक की लिक्विडिटी और तात्कालिक वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलेगी।बैंक की पेड-अप कैपिटल में इजाफा, जानिए अब कितनी हुई कुल पूंजीनए शेयरों के सफल आवंटन के तुरंत बाद यस बैंक की कुल चुकता शेयर पूंजी (Paid-up Share Capital) का ग्राफ भी बढ़ गया है। इस आवंटन प्रक्रिया से पहले बैंक की कुल चुकता पूंजी 62,77,22,08,318 रुपये थी, जो कि अब नए शेयरों के जुड़ने के बाद बढ़कर कुल 62,77,35,24,458 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। चुकता पूंजी में यह बढ़ोतरी बैंक के लॉन्ग-टर्म इक्विटी बेस को और अधिक पारदर्शी बनाती है।आम निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने? एक्सपर्ट्स ने दी अपनी रायशेयर बाजार के जानकारों के अनुसार, आमतौर पर जब भी कोई बैंक या लिस्टेड कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए ईशॉप (ESOP - Employee Stock Option Plan) के तहत नए शेयर जारी करती है, तो इससे ओपन मार्केट में शेयरों की कुल संख्या में थोड़ी बढ़ोतरी (Equity Dilution) होती है। हालांकि, यस बैंक के मौजूदा मामले में अगर देखा जाए तो बैंक के शेयरों की कुल विशाल संख्या (3,138 करोड़ से अधिक) के मुकाबले यह 6.58 लाख शेयरों का नया आवंटन बेहद छोटा और नगण्य हिस्सा है। यही वजह है कि इसका यस बैंक के शेयर की कीमत पर कोई बड़ा नकारात्मक या तात्कालिक दबाव पड़ने की संभावना बेहद कम है, बल्कि यह बैंक के आंतरिक प्रबंधन और कर्मचारियों के भरोसे को सकारात्मक रूप से दर्शाता है।
भारत की अर्थव्यवस्था और सर्राफा बाजार के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक और पासा पलटने वाली बड़ी खबर सामने आई है, जो देश को सोने के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर ले जा सकती है। आंध्र प्रदेश में करीब 50,000 किलोग्राम (50 टन) सोने के विशाल भंडार होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। राज्य सरकार के एक बेहद वरिष्ठ अधिकारी ने इस मेगा डिस्कवरी की आधिकारिक पुष्टि की है। अगर यह अनुमान पूरी तरह सटीक बैठता है, तो भारत को विदेशों से होने वाले सोने के भारी-भरकम आयात (Gold Import) पर अपनी निर्भरता को बेहद कम करने में मदद मिलेगी और आंध्र प्रदेश देश का सबसे बड़ा स्वर्ण आपूर्तिकर्ता हब बनकर उभरेगा।कुर्नूल के जोन्नागिरी सहित 5 प्रमुख इलाकों में छिपी है सोने की अटूट खदानखनन विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार मीणा ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस बात की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अकेले कुर्नूल जिले के जोन्नागिरी गांव में ही लगभग 50 टन सोने का भंडार होने का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा भूवैज्ञानिकों और खनन विभाग की टीम ने राज्य के चार अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों— रामागिरी, जाव्वाकुला, चिगुरुकुंटा और बिस्नातम को भी संभावित स्वर्ण खनन क्षेत्र (Gold Mining Zone) के रूप में चिन्हित किया है। प्रधान सचिव के मुताबिक, यदि आगामी खोज पूरी तरह सफल रहती है, तो अगले कुछ ही वर्षों में आंध्र प्रदेश देश के भीतर सबसे अधिक सोना पैदा करने वाला नंबर-वन राज्य बन जाएगा।1,500 एकड़ का महा-प्रोजेक्ट: जोन्नागिरी में व्यावसायिक स्तर पर खनन शुरूमुकेश कुमार मीणा ने बताया कि जोन्नागिरी में प्रायोगिक और व्यावसायिक स्तर पर सोने का उत्पादन पहले ही शुरू किया जा चुका है। गौरतलब है कि करीब एक दशक पहले इस क्षेत्र में लगभग 1,500 एकड़ भूमि को विशेष रूप से सोने के खनन के लिए आवंटित किया गया था। प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से अब तक केवल 500 एकड़ क्षेत्र में ही सघन खोज और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का काम पूरा किया जा सका है।इस 500 एकड़ के सीमित दायरे में ही अब तक करीब 13 टन शुद्ध सोने के भंडार का आकलन किया जा चुका है। अभी बाकी बची 1,000 एकड़ की विशाल भूमि पर विस्तृत खोज कार्य शुरू होना बाकी है। अधिकारियों का दृढ़ विश्वास है कि जैसे ही पूरे आवंटित क्षेत्र की जांच और खुदाई का काम पूरा होगा, जोन्नागिरी में कुल सोने का आंकड़ा आसानी से 50 टन (50,000 किलो) के स्तर को पार कर जाएगा।पहली बार निजी कंपनियों को निविदा से मौका, बेहद जटिल है माइनिंग की तकनीकइस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार इसमें पहली बार बड़े पैमाने पर निजी क्षेत्र की भागीदारी को आमंत्रित कर रही है। वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सोने का खनन (Gold Mining) एक अत्यधिक पूंजी-प्रधान और तकनीकी रूप से बेहद जटिल उद्योग है। इसके लिए आधुनिकतम वैश्विक मशीनों की आवश्यकता होती है, इसी वजह से सरकार ने पारदर्शी वैश्विक निविदा (Global Tender) प्रक्रिया के जरिए दिग्गज निजी कंपनियों को इस काम में शामिल करने का फैसला किया है।इसके साथ ही उन्होंने एक तकनीकी चुनौती का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि समय के साथ खदानों से मिलने वाले कच्चे अयस्क में सोने की रिकवरी दर (Recovery Rate) में काफी गिरावट आई है। पहले जहां एक टन खनिज सामग्री को प्रोसेस करने से लगभग 3 ग्राम सोना आसानी से निकल जाता था, वहीं अब यह मात्रा घटकर करीब 1 ग्राम प्रति टन रह गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह रिकवरी दर 0.8 ग्राम प्रति टन से नीचे चली जाए, तो माइनिंग प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बन जाते हैं, लेकिन जोन्नागिरी की खदानें अभी पूरी तरह मुनाफे योग्य हैं।मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इसी महीने करेंगे स्वर्ण परियोजना का भव्य शुभारंभआंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू इस ऐतिहासिक परियोजना को लेकर बेहद गंभीर हैं और इसे राज्य के विकास के लिए एक टर्निंग पॉइंट मान रहे हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री इसी महीने के अंत में जोन्नागिरी स्वर्ण खनन परियोजना (Jonnagiri Gold Mining Project) का औपचारिक और भव्य शुभारंभ कर सकते हैं। इस परियोजना के शुरू होने से न केवल भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए द्वार भी खुलेंगे।
भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला चेन्नई के प्रतिष्ठित एमए चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय टीम शुरुआती दोनों मैच जीतकर सीरीज पर पहले ही 2-0 से कब्जा जमा चुकी है। हालांकि यह मैच सीरीज के लिहाज से महज एक औपचारिकता है, लेकिन आगामी वनडे विश्व कप 2027 की तैयारियों और सही टीम संयोजन को खोजने के नजरिए से टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बीच सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि लखनऊ में खेले गए दूसरे वनडे मैच में 154 रनों की जादुई पारी खेलने वाले स्टार ओपनर शुभमन गिल को इस मैच की प्लेइंग इलेवन से आराम दिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर शानदार फॉर्म में होने के बावजूद गिल को बाहर बैठाने के पीछे की असली तकनीकी वजह क्या है।कोच रयान टेन डोएस्केट ने दिए बदलाव के संकेत, हर्षित राणा और नीतीश रेड्डी की वापसी तयमैच की पूर्व संध्या पर भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएस्केट ने मीडिया से बात करते हुए साफ कर दिया था कि सीरीज जीतने के बाद बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के लिए प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव किए जाएंगे। कोच ने संकेत दिए कि तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया जा रहा है। उनकी जगह घुटने की गंभीर चोट से पूरी तरह उबर चुके रफ्तार के सौदागर हर्षित राणा को शामिल किया गया है। हर्षित राणा अपनी इस चोट के कारण टी20 विश्व कप और आईपीएल से भी बाहर रहे थे। इसके अलावा, मांसपेशियों में खिंचाव के कारण दूसरा मैच मिस करने वाले ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को पूरी तरह फिट घोषित कर दिया गया है और उनकी टीम में वापसी हो रही है।शुभमन गिल को ही क्यों बैठना पड़ेगा बाहर? यह है असली समीकरणनीतीश कुमार रेड्डी की बतौर ऑलराउंडर टीम में वापसी कराने के लिए किसी एक स्थापित बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करना बेहद जरूरी था। इस समीकरण में शुभमन गिल का नाम सबसे आगे आता है। दरअसल, गिल ने लखनऊ वनडे में ईशान किशन के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 224 रनों की विशाल साझेदारी की थी, जिसमें ईशान ने भी 125 रन ठोके थे। गिल पहले ही खुद को साबित कर चुके हैं, ऐसे में बैकअप ओपनर यशस्वी जायसवाल को एक और मौका देना बेहद जरूरी है। जायसवाल पिछले मैच में सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए थे, इसलिए सिर्फ एक मैच के आधार पर उन्हें बाहर करना नाइंसाफी होगी।कप्तान रोहित शर्मा और उप-कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए फॉर्म में लौटने का आखिरी मौकागिल को आराम देने की दूसरी बड़ी वजह कप्तान रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर का मौजूदा फॉर्म भी है। रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया सीरीज और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो अर्धशतक लगाए थे, लेकिन पिछले कुछ मैचों से उनका बल्ला शांत है। इंग्लैंड के खिलाफ आगामी बड़ी वनडे सीरीज से पहले रोहित के लिए क्रीज पर वक्त बिताना जरूरी है। वहीं दूसरी तरफ, टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर ने इस कैलेंडर ईयर में वनडे फॉर्मेट में कोई बड़ी पारी नहीं खेली है, जिससे उनकी जगह पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में श्रेयस अय्यर को ड्रॉप नहीं किया जा सकता था। केएल राहुल की शानदार फॉर्म और ईशान किशन की दमदार विकेटकीपिंग के बीच टीम में प्रतिस्पर्धा चरम पर है, जिसके कारण शुभमन गिल को आराम देकर नीतीश रेड्डी को खिलाना सबसे सटीक फैसला माना गया।
फीफा विश्व कप 2026 (FIFA World Cup 2026) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में खेले गए ग्रुप डी के एक बेहद रोमांचक और करो या मरो के मुकाबले में पैराग्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए तुर्की को 1-0 से शिकस्त दे दी है। इस करारी हार के साथ ही टूर्नामेंट की 'डार्क हॉर्स' (अप्रत्याशित दावेदार) मानी जा रही तुर्की की टीम आधिकारिक तौर पर विश्व कप की दौड़ से बाहर हो गई है। तुर्की के इस शर्मनाक प्रदर्शन और इतनी जल्दी बाहर होने से दुनिया भर के फुटबॉल फैंस को गहरा सदमा लगा है।दूसरे ही मिनट में हुआ मैच का एकमात्र गोल, शुरुआती झटके से नहीं उबर पाया तुर्कीमैच की शुरुआत से ही पैराग्वे की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। खेल के दूसरे ही मिनट में पैराग्वे के स्टार खिलाड़ी मटियास गलार्ज़ा (Matias Galarza) ने तुर्की के डिफेंस को भेदते हुए एक शानदार मैदानी गोल दाग दिया। इस शुरुआती बढ़त ने पैराग्वे को मैच में मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मैच 2-0 से हारने के बाद तुर्की को इस मैच में वापसी की पूरी उम्मीद थी, लेकिन मैच के आखिरी मिनट तक कड़े संघर्ष के बाद भी टीम बराबरी का गोल नहीं दाग सकी और पैराग्वे ने रक्षात्मक खेल दिखाते हुए मुकाबला 1-0 से अपने नाम कर लिया।ग्रुप डी का ताजा समीकरण: शून्य अंकों के साथ सबसे नीचे फिसला तुर्कीइस जीत के साथ ही पैराग्वे ने टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज कर 3 अंक हासिल कर लिए हैं और खुद को नॉकआउट की रेस में बनाए रखा है। अगर ग्रुप डी की अंक तालिका (Points Table) पर नजर डालें तो मेजबान अमेरिका 6 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 3 अंकों के साथ दूसरे और पैराग्वे 3 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। लगातार दो मैच हारने के बाद तुर्की शून्य अंकों के साथ सबसे निचले पायदान पर है, जिसके चलते उसका अगले दौर में पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है।रियल मैड्रिड के वंडरकिड अर्दा गुलेर रहे फ्लॉप, कोच की तारीफ भी नहीं आई कामइस पूरे टूर्नामेंट में फैंस और फुटबॉल पंडितों की निगाहें तुर्की के युवा सनसनी और स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी अर्दा गुलेर (Arda Guler) पर टिकी थीं। उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। मैच से पहले तुर्की के मुख्य कोच विन्सेन्ज़ो मोंटेला ने गुलेर की तारीफ करते हुए कहा था, उसमें कमाल की प्रतिभा और खेल की गहरी समझ है। वह जानता है कि खेल को कब धीमा करना है और कब तेज। उसका चेहरा मासूम है, लेकिन वह मैदान पर बहुत चालाक है। मगर पैराग्वे के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मैच में गुलेर का जादू नहीं चल पाया और वे टीम को ऐतिहासिक हार से बचा नहीं सके।अब अपराजित अमेरिका से होगी तुर्की की प्रतिष्ठा की जंगविश्व कप से बाहर होने के बाद अब तुर्की के पास खोने के लिए कुछ नहीं है। टीम को ग्रुप स्टेज का अपना आखिरी औपचारिक मैच 26 जून को इंग्लेवुड के लॉस एंजिल्स स्टेडियम में मजबूत मेजबान टीम अमेरिका के खिलाफ खेलना है। अमेरिका इस समय शानदार फॉर्म में है और उसने अपने शुरुआती दोनों मैचों में पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दी है। तुर्की के मौजूदा खराब फॉर्म को देखते हुए अपराजित अमेरिका के खिलाफ अपनी साख बचाना उसके लिए एक बेहद कठिन चुनौती होने वाला है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में एक ऐसा चमत्कार देखने को मिला, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में आज तक पहले कभी नहीं हुआ था। टीम इंडिया के धाकड़ कप्तान रोहित शर्मा और लंबे कद के घातक तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की जोड़ी ने मैदान पर उतरते ही तहलका मचा दिया। पिछले मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर रहने के बाद इस मुकाबले में वापसी करने वाले प्रसिद्ध कृष्णा ने अपनी धारदार गेंदबाजी और कप्तान रोहित शर्मा ने स्लिप में अपनी चीते जैसी फील्डिंग के दम पर अफगानिस्तान के टॉप ऑर्डर को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। इसके साथ ही इन दोनों दिग्गजों ने वनडे क्रिकेट का एक बेहद दुर्लभ और अनूठा वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।चेपॉक की पिच पर प्रसिद्ध का 'टेस्ट मैच' अवतार, लगातार झटके विकेटटॉस हारकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने कमान संभाली। चेन्नई की लाल मिट्टी वाली पिच से मिलने वाली अतिरिक्त उछाल और जबरदस्त सीम मूवमेंट का फायदा उठाते हुए प्रसिद्ध ने अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा कर दिया। उन्होंने मैच की अपनी पहली ही गेंद पर खेल के दूसरे ओवर में खतरनाक ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज को आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया। गुरबाज ने ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ाया और विकेट के पीछे मुस्तैद फील्डर रोहित शर्मा ने बिना कोई गलती किए शानदार कैच लपका।इसके बाद तो जैसे विकेटों का पतझड़ ही शुरू हो गया। अपने अगले ओवरों में प्रसिद्ध कृष्णा ने ठीक इसी अंदाज में रहमत शाह और फिर सेट बल्लेबाज इब्राहिम जादरान को भी अपनी घातक आउटस्विंगर और इनस्विंगर गेंदों के जाल में फंसाया। इन दोनों बल्लेबाजों के शॉट भी हूबहू गुरबाज की तरह स्लिप की तरफ गए, जहां रोहित शर्मा पहले से ही शिकार के लिए तैयार बैठे थे। रोहित ने स्लिप में लगातार दो और बेहतरीन कैच लपककर अफगानिस्तान की कमर तोड़ दी।वनडे इतिहास में पहली बार! रोहित-प्रसिद्ध की जोड़ी ने बनाया अनोखा महा-रिकॉर्डशुरुआती तीन बल्लेबाजों को एक ही गेंदबाज द्वारा आउट किए जाने और उन तीनों के कैच एक ही फील्डर (रोहित शर्मा) द्वारा पकड़े जाने के साथ ही क्रिकेट इतिहास का एक बड़ा रिकॉर्ड बन गया। वनडे क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी भारतीय गेंदबाज और फील्डर की जोड़ी ने विपक्षी टीम के पहले तीनों विकेट आपस में मिलकर चटकाए हों। विश्व क्रिकेट में इससे पहले केवल तीन जोड़ियां ही ऐसा कारनामा कर सकी हैं और अब प्रसिद्ध-रोहित की जोड़ी इस एलीट क्लब में शामिल होने वाली भारत की पहली और दुनिया की चौथी जोड़ी बन गई है।वनडे मैच की एक पारी में पहले तीन विकेट लेने वाली दुनिया की टॉप जोड़ियां:डगलस होंडो (गेंदबाज) / एलिसटेयर कैंपबेल (fielder) — बनाम भारत, 2002अल्जारी जोसेफ (गेंदबाज) / शाई होप (विकेटकीपर) — बनाम इंग्लैंड, 2017सौरभ नेत्रवलकर (गेंदबाज) / स्मिट पटेल (विकेटकीपर) — बनाम यूएई, 2024प्रसिद्ध कृष्णा (गेंदबाज) / रोहित शर्मा (fielder) — बनाम अफगानिस्तान, 2026 (आज)प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाजी का खौफ इस कदर था कि उन्होंने अपने स्पेल के पहले दो ओवर मेडन फेंके। अफगानिस्तान के बल्लेबाज रहमत शाह ने उनकी 16वीं गेंद पर फाइन लेग की तरफ चौका मारकर प्रसिद्ध के खिलाफ टीम का खाता खोला था।सीरीज में क्लीन स्वीप पर भारत की नजर, टीमों में हुए बड़े बदलावसीरीज में पहले ही 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस आखिरी मुकाबले को जीतकर अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ (क्लीन स्वीप) करने के इरादे से मैदान पर उतरी है। इस औपचारिकता के मैच के लिए भारतीय टीम प्रबंधन ने वर्कलोड मैनेजमेंट और रोटेशन पॉलिसी के तहत केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव को आराम दिया है, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्ष दुबे की टीम में वापसी हुई है। वहीं, मेहमान टीम अफगानिस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और अपनी टीम में कुल चार बड़े बदलाव किए हैं।दोनों देशों की फाइनल प्लेइंग इलेवन इस प्रकार है:भारत: यशस्वी जयसवाल, रोहित शर्मा, शुबमन गिल (कप्तान), श्रेयस अय्यर, ईशान किशन (विकेटकीपर), नितीश कुमार रेड्डी, वाशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव।अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज़ (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, राशिद खान, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी, फरीद अहमद मलिक।
बॉलीवुड के सबसे बेबाक और लीक से हटकर फिल्में बनाने वाले मशहूर डायरेक्टर अनुराग कश्यप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई नई फिल्म नहीं, बल्कि करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस (Dharma Productions) के एक बड़े अधिकारी द्वारा लगाया गया एक बेहद हैरान करने वाला आरोप है। धर्मा प्रोडक्शंस के हेड ऑफ डेवलपमेंट और एग्जीक्यूटिव सोमेन मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि अनुराग कश्यप एक बार गुस्से में सीधे उनके घर पहुंच गए थे और उन्हें उनका सिर दीवार पर मारकर फोड़ देने की गंभीर धमकी दी थी। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर कश्यप के फैंस और सिनेमा प्रेमी इस पूरी घटना के पीछे की असली वजह जानने के लिए बेहद उत्सुक हो गए हैं।अनुराग कश्यप की नई किताब की घोषणा के बाद सामने आया यह मजेदार किस्सादरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब मशहूर पब्लिशिंग हाउस 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' ने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप की जिंदगी और उनके फिल्मी सफर पर आधारित एक नई किताब (Biography Book) के राइट्स खरीदने की आधिकारिक घोषणा की। इस किताब को जाने-माने पत्रकार नमन रामचंद्रन और खुद अनुराग कश्यप मिलकर लिख रहे हैं। पेंगुइन इंडिया के अनुसार, यह किताब अनुराग के शुरुआती संघर्षों, कल्ट फिल्मों और भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप की कई अनसुनी परतों को दुनिया के सामने लाएगी। इसी बड़ी घोषणा पर रिएक्ट करते हुए सोमेन मिश्रा ने सालों पुराना यह दिलचस्प किस्सा सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।सोमेन मिश्रा ने ट्विटर पर लिखा— 'अगर किताब में मेरा सिर फोड़ने का जिक्र नहीं, तो यह बेकार है'धर्मा प्रोडक्शंस के सोमेन मिश्रा ने कश्यप की इस बायोग्राफी पर चुटकी लेते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा— अगर इस आने वाली किताब में उस खास घटना का जिक्र नहीं है, जब एके (AK - अनुराग कश्यप) ने खुद मेरे घर आकर मेरा सिर दीवार पर दे मारने की धमकी दी थी, तो यह किताब किसी काम की नहीं है। सोमेन मिश्रा का यह मजाकिया और थोड़ा शॉकिंग कमेंट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया और इसने सोशल मीडिया यूजर्स के बीच एक नई बहस और जिज्ञासा छेड़ दी है कि आखिर इन दोनों फिल्ममेकर्स के बीच ऐसा क्या विवाद हुआ था।फैंस ने पूछे सवाल, सोमेन ने अभी तक सस्पेंस से नहीं उठाया पर्दासोमेन के इस ट्वीट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। एक सोशल मीडिया यूजर ने हैरानी जताते हुए कमेंट किया— आखिर अनुराग कश्यप ने आपके साथ ऐसा क्यों किया? प्लीज पूरी बात बताओ। वहीं दूसरे यूजर ने हंसते हुए लिखा— हाहाहा, यह तो बेहद जबरदस्त इनसाइड स्टोरी है। एक अन्य यूजर ने इसे 'स्पॉइलर अलर्ट' करार दिया। हालांकि, सोशल मीडिया पर इतनी भारी उत्सुकता और डिमांड होने के बावजूद सोमेन मिश्रा ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि यह घटना किस साल की है और अनुराग कश्यप के इतना भड़कने की असली वजह क्या थी। फैंस अब उम्मीद जता रहे हैं कि जब यह किताब रिलीज होगी, तो इसमें अनुराग कश्यप के इस आक्रामक और मजेदार अंदाज की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर फिल्म 'कॉकटेल 2' (Cocktail 2) को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। यह फिल्म सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, लेकिन इसकी रिलीज के साथ ही दर्शकों को साल 2012 में आई ओरिजिनल 'कॉकटेल' की याद आ गई है। दीपिका पादुकोण, सैफ अली खान और डायना पेंटी के अभिनय से सजी उस क्लासिक कल्ट रॉम-कॉम फिल्म ने आधुनिक रिश्तों की परिभाषा बदल दी थी। इस बीच, फिल्म के मुख्य अभिनेता सैफ अली खान का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने एक ऐसा शॉकिंग खुलासा किया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। सैफ ने बताया कि वह इस सुपरहिट फिल्म के लिए मेकर्स की पहली च्वाइस नहीं थे।दीपिका और डायना तो फाइनल थीं, पर हीरो ढूंढने में मेकर्स के छूट गए थे पसीनेसैफ अली खान ने वैरायटी इंडिया को दिए अपने एक हालिया इंटरव्यू में गुजरे जमाने की यादों को ताजा करते हुए बताया कि साल 2012 में जब फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार हुई, तो फीमेल लीड्स के तौर पर दीपिका पादुकोण (वेरोनिका) और डायना पेंटी (मीरा) का नाम पहले से ही लॉक कर दिया गया था। लेकिन परेशानी तब शुरू हुई जब फिल्म के डायरेक्टर होमी अदजानिया और कास्टिंग टीम को फिल्म के लिए कोई मुख्य अभिनेता नहीं मिल रहा था। स्क्रीन पर दो देवियों के बीच फंसने वाले 'गौतम' के किरदार को निभाने के लिए कई बड़े स्टार्स हिचकिचा रहे थे।रणबीर कपूर और इमरान खान ने ठुकरा दिया था ऑफर, सैफ बोले— 'सब मेरे आभारी होंगे'इंटरव्यू के दौरान सैफ अली खान ने बॉलीवुड के उन बड़े नामों का खुलासा किया जिन्होंने दीपिका पादुकोण के साथ इस फिल्म को करने से साफ मना कर दिया था। सैफ ने हंसते हुए कहा— मुझे अच्छी तरह याद है कि मेरे पास आने से पहले मेकर्स ने यह रोल इमरान खान और रणबीर कपूर को ऑफर किया था। इन दोनों के अलावा भी टीम ने इंडस्ट्री के कुछ और एक्टर्स से संपर्क किया था, लेकिन बात नहीं बनी। अंत में थक-हारकर वे मेरे पास आए और मैंने स्क्रिप्ट सुनते ही कहा कि चलो ठीक है, मैं यह रोल करता हूं। मुझे लगता है कि वे सभी आज मेरे बहुत आभारी (Greatful) होंगे कि मैंने यह फिल्म स्वीकार की।डायरेक्टर होमी अदजानिया संग काम करने का अनुभव रहा बेहतरीनसैफ अली खान ने आगे बताया कि उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनकर बेहद खुशी हुई थी। उन्होंने कहा— मुझे यह फिल्म करते हुए बहुत मजा आया क्योंकि मैं फिल्म के निर्देशक होमी अदजानिया से बेहद प्यार करता हूं और उनके काम का सम्मान करता हूं। हम सभी ने लंदन में इस मूवी की शूटिंग के दौरान जमकर मस्ती की थी। आपको बता दें कि साल 2012 में रिलीज हुई 'कॉकटेल' सैफ अली खान के करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई थी और इसके गानों तथा सैफ-दीपिका की केमिस्ट्री ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था। अब सालों बाद 'कॉकटेल 2' की रिलीज के मौके पर सैफ का यह बयान फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
'सदी के महानायक' और बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन की दमदार अदाकारी और स्क्रीन प्रेजेंस के आज दुनिया भर में करोड़ों दीवाने हैं। बिग बी की प्रोफेशनल लाइफ जितनी शानदार रही है, उतनी ही चर्चा उनकी पर्सनल लाइफ की भी होती रही है। जया बच्चन के साथ आदर्श शादीशुदा जिंदगी से लेकर गुजरे जमाने में रेखा के साथ उनके अफेयर की खबरों तक, बिग बी की लव स्टोरीज पर फैंस की दिलचस्पी हमेशा से रही है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जया बच्चन के जीवन में आने से पहले अमिताभ बच्चन किसी और के प्यार में पूरी तरह गिरफ्तार थे और वह महिला बच्चन परिवार की बहू बनने के बेहद करीब पहुंच चुकी थीं।शंहशाह बनने से पहले कोलकाता में परवान चढ़ा था 'माया' संग रोमांसबॉलीवुड के 'एंग्री यंग मैन' और 'शहंशाह' बनने से बहुत पहले, जब अमिताभ बच्चन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे थे, तब उनकी जिंदगी में 'माया' नाम की एक बेहद खूबसूरत महिला की एंट्री हुई थी। माया उस समय मशहूर एयरलाइंस 'ब्रिटिश एयरवेज' में एक सम्मानित कर्मचारी के रूप में काम कर रही थीं। अमिताभ बच्चन और माया का यह सीक्रेट रोमांस कोलकाता (तब कलकत्ता) और मुंबई में उनके स्ट्रगल के दिनों के दौरान काफी परवान चढ़ा था। दोनों एक-दूसरे के साथ बेहद गंभीर रिश्ते में थे।मां तेजी बच्चन के डर से अमिताभ ने छोड़ दिया था जुहू का बंगलामशहूर लेखक हनीफ जावेरी के अनुसार, माया और अमिताभ बच्चन का रिश्ता कोई आम अफेयर नहीं था। माया भविष्य के इस होने वाले सुपरस्टार से बेहद गहराई से जुड़ी हुई थीं और उनके हर मुश्किल वक्त में साथ खड़ी थीं। जब अमिताभ काम की तलाश में कोलकाता से मुंबई शिफ्ट हुए, तो वे शुरुआत में जुहू स्थित एक आलीशान बंगले में ठहरे थे। यह बंगला उनकी मां तेजी बच्चन की एक बेहद करीबी दोस्त का था। स्ट्रगल के उन दिनों में माया अक्सर अमिताभ से मिलने उस बंगले पर आया करती थीं। ऐसे में बिग बी को हमेशा यह डर सताता था कि कहीं उनकी मां तेजी बच्चन को इस रिश्ते की भनक न लग जाए। इसी डर और प्राइवेसी की वजह से अमिताभ ने वह बंगला छोड़ने का बड़ा फैसला ले लिया था।पिता हरिवंश राय बच्चन को भी पसंद थीं माया, किताब में हुआ बड़ा खुलासाहनीफ जावेरी ने अमिताभ बच्चन की जीवनी पर आधारित अपनी चर्चित किताब 'AB: द लेजेंड' में इस अधूरी प्रेम कहानी को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। रिपोर्ट्स और इस किताब के मुताबिक, अमिताभ के पिता और देश के महान कवि हरिवंश राय बच्चन भी माया को बेहद पसंद करते थे। बच्चन परिवार ने माया को मानसिक रूप से अपने घर की होने वाली बहू के रूप में स्वीकार कर लिया था। परिवार के करीबी लोगों को पूरा यकीन था कि आगे चलकर माया ही अमिताभ बच्चन की पत्नी और बच्चन परिवार की बड़ी बहू बनेंगी।सफलता के कदम चूमते ही बदल गए हालात और टूट गया माया का दिलसाल 1970 के दशक की शुरुआत में जब अमिताभ बच्चन की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर चलने लगीं और उनका करियर तेजी से ग्राफ छूने लगा, तो धीरे-धीरे उनके निजी समीकरण भी बदलने लगे। हनीफ जावेरी के अनुसार, आपसी मतभेदों, काम की व्यस्तता और बदलती प्राथमिकताओं की वजह से इस गंभीर रिश्ते में दरार आ गई और अंततः दोनों का ब्रेकअप हो गया। कहा जाता है कि इस अचानक हुए ब्रेकअप से माया का दिल पूरी तरह टूट गया था। इसके बावजूद उन्होंने कभी मीडिया में आकर बयानबाजी नहीं की और हमेशा के लिए लाइमलाइट की चकाचौंध से दूर रहना ही बेहतर समझा।इस तरह हुई जया बच्चन की एंट्री और रच गया इतिहासमाया से हमेशा के लिए राहें जुदा होने के बाद, अमिताभ बच्चन की जिंदगी में एक्ट्रेस जया भादुड़ी (अब जया बच्चन) की एंट्री हुई। फिल्मों में एक साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया। इसके बाद इस मशहूर कपल ने साल 1973 में बेहद सादगी से शादी कर ली। शादी के बाद अमिताभ और जया बच्चन की जोड़ी ने भारतीय सिनेमा को 'जंजीर', 'शोले', 'अभिमान', 'मिली', 'एक नजर' और 'सिलसिला' जैसी कई कालजयी और ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। आज इस सफल शादी से उनके दो बच्चे— अभिषेक बच्चन और श्वेता बच्चन हैं और उनका पूरा परिवार भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित परिवार माना जाता है।
बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा चुकीं ग्लोबल आइकन प्रियंका चोपड़ा इन दिनों सफलता के नए आसमान छू रही हैं। हाल ही में दिग्गज डायरेक्टर एसएस राजामौली की मेगा-बजट फिल्म 'वाराणसी' (Varanasi) से अपने ग्रैंड बॉलीवुड कमबैक की घोषणा करने के बाद, अब देसी गर्ल के हाथ अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक और बहुत बड़ा प्रोजेक्ट लगा है। प्रियंका ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वह जल्द ही हॉलीवुड की सबसे बड़ी और मशहूर सुपरस्टार एंजेलिना जॉली (Angelina Jolie) के साथ एक स्क्रीन शेयर करने जा रही हैं। इस खबर के सामने आते ही दुनिया भर में मौजूद उनके फैंस के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।फॉर्च्यून इंडिया को दिए इंटरव्यू में प्रियंका ने किया बड़ा खुलासाप्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक विशेष इंटरव्यू के दौरान इस बात की आधिकारिक पुष्टि की है कि वे एंजेलिना जॉली के साथ एक नए प्रोजेक्ट पर काम करने वाली हैं। हालांकि, प्रियंका ने हमेशा की तरह इस सीक्रेट प्रोजेक्ट को लेकर ज्यादा डिटेल्स साझा नहीं की हैं। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह अपकमिंग प्रोजेक्ट कोई हॉलीवुड फिल्म होगी, कोई हाई-बजट वेब सीरीज, किसी इंटरनेशनल ब्रांड का मेगा प्रमोशन या फिर दोनों अभिनेत्रियां मिलकर मानवता और सोशल कॉज से जुड़े किसी बड़े वैश्विक अभियान का हिस्सा बनने जा रही हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि मेकर्स जल्द ही इस बात से पर्दा उठाएंगे।राजामौली की फिल्म 'वाराणसी' से होगा बॉलीवुड में ग्रैंड कमबैक, शूटिंग जारीपिछले कुछ सालों से मुख्य रूप से हॉलीवुड फिल्मों और अमेरिकी शोज पर फोकस कर रहीं प्रियंका चोपड़ा अब भारतीय सिनेमा में भी एक बड़ा धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वह एसएस राजामौली के निर्देशन में बन रही मोस्ट एंटीसिपेटेड एक्शन-एडवेंचर फिल्म 'वाराणसी' के जरिए भारतीय सिल्वर स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं। इस फिल्म की स्टार कास्ट बेहद तगड़ी है, जिसमें प्रियंका के साथ साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फिलहाल इस फिल्म की शूटिंग हैदराबाद में जोर-शोर से चल रही है और यह फिल्म 7 अप्रैल, 2027 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है।प्रियंका चोपड़ा का वर्कफ्रंट: 'द ब्लफ' के बाद पाइपलाइन में हैं कई बड़े प्रोजेक्ट्सअगर प्रियंका चोपड़ा के मौजूदा वर्कफ्रंट की बात करें, तो उनके पास इस समय कई और बड़े प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। 'वाराणसी' के अलावा, वह मशहूर निर्देशक मीरा नायर के निर्देशन में बनने जा रही बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म 'अमरी' (Amri) में नजर आएंगी, जो उनकी बेहतरीन एक्टिंग रेंज को दिखाएगी। इसके साथ ही वह निकोलस स्टोलर की आगामी फिल्म 'जजमेंट डे' (Judgment Day) का भी अहम हिस्सा हैं। हाल ही में प्रियंका चोपड़ा को उनकी धमाकेदार एक्शन-ओरिएंटेड फिल्म 'द ब्लफ' (The Bluff) में देखा गया था, जो ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है और जिसमें उनके खतरनाक स्टंट्स की काफी तारीफ हुई थी।
RE-NEET पर कड़ी नजर, अहमदाबाद के 23 केंद्रों पर 10000 से अधिक छात्र देंगे परीक्षा
RE-NEET Exam Ahmedabad: पेपर लीक होने के बाद 21 जून को देशभर में नीट की री-एग्जाम (RE-NEET) आयोजित होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में देशभर से करीब 22 लाख छात्र और गुजरात से 79 हजार के आसपास छात्र भाग लेने वाले हैं। इस बार की परीक्षा बिना ...
Gujarat New EV Policy: ग्राहकों को मिलेगी डबल सब्सिडी, RTO टैक्स होगा जीरो
Gujarat New EV Policy: पश्चिम एशिया के संकट के बाद ईंधन पर निर्भरता कम करने और राज्य में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार एक नई और व्यापक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार द्वारा विभिन्न हितधारकों ...
क्या सच में खतरा है? अमरनाथ यात्रा के इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा
Amarnath Yatra 2026 Security: हालांकि अधिकारी इस पर खामोशी अख्तियार किए हुए हैं, पर मिलने वाली सूचनाएं कहती हैं कि आपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान अपने प्रशिक्षित आतंकियों के जरिए इस बार अमरनाथ यात्रा में खलल डाल सकता है। यही कारण था कि पहली बार ...
कहीं 'अंतरात्मा की आवाज' तो कहीं 'गद्दार'... झारखंड और कर्नाटक की क्रॉस वोटिंग ने कैसे पलटा पूरा खेल
भारतीय राजनीति में शुचिता और सिद्धांतों के दावों के बीच एक बार फिर 'क्रॉस वोटिंग' (पालाबदल) का जिन्न बाहर आ गया है। झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक के विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजों ने न सिर्फ देश का सियासी गणित बिगाड़ दिया है, बल्कि देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों— भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के राजनीतिक दोहरे मापदंडों को भी पूरी तरह जनता के सामने उजागर कर दिया है।इस चुनावी समर में सबसे दिलचस्प नजारा यह देखने को मिला कि जब विपक्षी दल का कोई विधायक पाला बदलता है, तो उसे 'अंतरात्मा की आवाज' बताकर उसका भव्य स्वागत किया जाता है, लेकिन जब अपनी ही पार्टी का कोई विधायक बगावत करता है, तो उसे तुरंत 'गद्दार' और धन-बल का शिकार घोषित कर दिया जाता है।झारखंड में इंडी गठबंधन को बड़ा झटका: कांग्रेस के वोट कटे, एनडीए का निर्दलीय प्रत्याशी जीताझारखंड के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन को अपने ही विधायकों की भीतरघात और क्रॉस-वोटिंग के कारण एक जीती-जिताई अतिरिक्त सीट गंवानी पड़ गई। इस चुनाव के गणित को समझें तो झारखंड में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) के पास अपने केवल 24 विधायक थे, लेकिन उन्होंने पर्दे के पीछे ऐसी गोटियां फिट कीं कि वे निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के पक्ष में कुल 30 विधायकों का समर्थन जुटाने में कामयाब रहे।दूसरी ओर, संख्या बल के हिसाब से इंडी गठबंधन के पास कुल 56 सीटें थीं, जो आसानी से दो सीटें जीतने के लिए काफी थीं। इसके बावजूद, अंदरूनी कलह के कारण कांग्रेस उम्मीदवार की झोली में मात्र 20 वोट ही गिरे और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे राज्य में एनडीए के विकास एजेंडे पर विधायकों के भरोसे का प्रतीक बताया है।कर्नाटक में उल्टा पड़ा दांव: बीजेपी-जेडीएस गठबंधन के 8 विधायक टूटे, कांग्रेस की बल्ले-बल्लेझारखंड से बिल्कुल उलट कहानी कर्नाटक के विधान परिषद (MLC) चुनाव में देखने को मिली, जहां बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को अपने ही विधायकों की बगावत के कारण करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के पास 135 विधायक हैं, लेकिन जब एमएलसी चुनाव के नतीजे आए तो हर कोई दंग रह गया क्योंकि कांग्रेस उम्मीदवारों को कुल 151 वोट मिले।दूसरी तरफ, 64 विधायकों वाली बीजेपी के दो उम्मीदवारों को सिर्फ 56 वोट ही मिल सके, जो उनकी मूल संख्या से 8 वोट कम थे। यही नहीं, बीजेपी की सहयोगी पार्टी जेडीएस (JDS) के पास 18 विधायक थे, लेकिन उनके उम्मीदवार को सिर्फ 14 वोट मिले। इस तरह विपक्ष के कुल 8 विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर बीजेपी-जेडीएस गठबंधन का खेल पूरी तरह बिगाड़ दिया।राजनीतिक दोगलापन: एक राज्य में जो 'गद्दारी' है, दूसरे राज्य में वो 'अंतरात्मा की आवाज' हैइन दोनों राज्यों के नतीजों के बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों का दोहरा चरित्र साफ दिखाई दे रहा है। झारखंड में जिन विधायकों ने पाला बदला, बीजेपी ने उनका बाहें फैलाकर स्वागत किया, लेकिन कर्नाटक में जैसे ही अपने 8 विधायकों ने धोखा दिया, तो बीजेपी ने तुरंत इसे गद्दारी करार देते हुए बागी विधायकों की पहचान के लिए आंतरिक जांच कमेटी बैठा दी है।ठीक ऐसा ही रुख कांग्रेस का भी है; कांग्रेस ने झारखंड में क्रॉस-वोटिंग करने वाले अपने विधायकों को तोड़ने के लिए बीजेपी द्वारा धन-बल और केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए, लेकिन कर्नाटक में विपक्षी विधायकों द्वारा अपनी पार्टी को वोट दिए जाने पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इसे 'अंतरात्मा की आवाज पर दिया गया वोट' बताते हुए बगावत करने वाले विधायकों का खुलकर आभार जताया और कहा कि यह नतीजे कांग्रेस सरकार में जनता और जनप्रतिनिधियों के अटूट विश्वास को दर्शाते हैं।
6 सांसदों की बगावत की अटकलों के बीच भिड़े एकनाथ शिंदे और संजय राउत, 'ऑपरेशन टाइगर' से हड़कंप
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। शिवसेना (UBT) और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के बीच सियासी तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। उद्धव ठाकरे खेमे के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के शिंदे गुट में शामिल होने की तेज होती अटकलों और चर्चाओं में आए 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच अब दोनों पक्षों में 'शेर और कुत्ते' को लेकर एक बेहद तल्ख जुबानी जंग छिड़ गई है। शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के एक विवादित बयान पर पलटवार करते हुए सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर महाराष्ट्र की सियासत का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।संजय राउत का पलटवार: 'कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं'दरअसल, यह पूरा नया विवाद तब और गरमा गया जब संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक तीखा इन्फोग्राफिक पोस्ट किया। इस इन्फोग्राफिक में साफ तौर पर लिखा था— कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं होते। राउत ने इस पोस्ट को 'जय महाराष्ट्र!' के कैप्शन के साथ साझा किया। राउत का यह सीधा हमला मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान पर था, जिसमें उन्होंने उद्धव ठाकरे खेमे पर तंज कसते हुए खुद को शेर और विरोधियों को कुत्ता बताया था।मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्या कहा था? जानिए वो विवादित बयानइससे पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे गुट पर सीधा निशाना साधा था। शिंदे ने अपने गुट को बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत का असली और एकमात्र उत्तराधिकारी बताते हुए कहा था कि कुछ कुत्ते लगातार भौंकते रहते हैं, वे कल भी भौंक रहे थे और आगे भी भौंकते रहेंगे। मैं आपको एक बात बता दूं कि कुत्ते हमेशा झुंड में भौंकते हैं, लेकिन शेर हमेशा अकेला आता है। जब शेर शिकार करता है या दहाड़ता है, तो कुत्ते सिर्फ भौंकते रह जाते हैं। यही असली शिवसेना है जो आज महाराष्ट्र में पूरी मजबूती के साथ खड़ी है।उद्धव गुट की बैठक से 6 सांसद नदारद, फिर गहराया टूट का संकटदोनों गुटों के बीच इस बेहद निचले स्तर की बयानबाजी के पीछे महाराष्ट्र की संसदीय राजनीति में होने वाला एक बहुत बड़ा फेरबदल माना जा रहा है। नई दिल्ली में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) की एक बेहद महत्वपूर्ण संसदीय दल की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसद शामिल नहीं हुए। सांसदों की इस सामूहिक अनुपस्थिति ने महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में यह अफवाहें तेज कर दी हैं कि ये सभी 6 सांसद बहुत जल्द एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली आधिकारिक शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं।एक्शन में संजय राउत: बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की प्रक्रिया शुरूशिवसेना (यूबीटी) के भीतर मंडराते इस नए विभाजन के खतरे को देखते हुए पार्टी नेतृत्व तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है। संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि बैठक से गायब रहने वाले सभी छह सांसदों के खिलाफ पार्टी ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया गया है। राउत ने जोर देकर कहा कि हम इन सांसदों को अयोग्य घोषित कराने के लिए हर कानूनी रास्ता अपनाएंगे। अगर लोकसभा अध्यक्ष नियमों, संविधान और देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) के निर्देशों के अनुसार निष्पक्ष कार्य करते हैं, तो इन सभी का अयोग्य होना पूरी तरह तय है।'ऑपरेशन टाइगर' का दावा: क्या दोबारा दोहराया जाएगा साल 2022 का इतिहास?महाराष्ट्र की राजनीति में इस नए संकट को 'ऑपरेशन टाइगर' का नाम दिया जा रहा है। शिंदे गुट के नेता और शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उद्धव खेमे के ये छह सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कार्यशैली और उनके नेतृत्व में अपना पूरा विश्वास जता चुके हैं और वे किसी भी वक्त आधिकारिक शिवसेना का दामन थामने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर यह दावा सच साबित होता है, तो उद्धव ठाकरे को ठीक चार साल बाद एक और बड़े विभाजन का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले साल 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक विद्रोह के कारण महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिर गई थी और बाद में चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को ही असली शिवसेना और तीर-कमान का चुनाव चिन्ह सौंप दिया था।Google & Bing Keyword Tags (Hindi & English):महाराष्ट्र राजनीतिक संकट, एकनाथ शिंदे संजय राउत विवाद, शिवसेना यूबीटी सांसद बगावत, ऑपरेशन टाइगर महाराष्ट्र, उद्धव ठाकरे शिवसेना संकट, एकनाथ शिंदे शेर वाला बयान, संजय राउत एक्स पोस्ट, मुंबई क्राइम और राजनीति समाचार, दलबदल कानून लोकसभा अध्यक्ष, महा विकास अघाड़ी महाराष्ट्र,
स्मार्टफोन निर्माता कंपनी शाओमी (Xiaomi) जल्द ही टेक मार्केट में तहलका मचाने के लिए अपने नए फ्लैगशिप हैंडसेट Redmi K90 Ultra को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इसकी लॉन्चिंग डेट या स्पेसिफिकेशन्स को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन टेक गलियारों में इसके लीक्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। लीक्स की मानें तो यह नया स्मार्टफोन पूरी तरह से गेमिंग लवर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें 8,000mAh या उससे भी बड़ी मॉन्स्टर बैटरी देखने को मिल सकती है। यह फोन पिछले साल लॉन्च हुए Redmi K80 Ultra का अपग्रेड वर्जन होगा, जिसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9400+ प्रोसेसर और 144Hz रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन दी गई थी।Redmi K90 Ultra: भारत में क्या हो सकती है संभावित कीमत?कीमत की बात करें तो शाओमी ने अभी तक Redmi K90 Ultra के प्राइस टैग से पर्दा नहीं उठाया है। इसके बावजूद, शाओमी के प्रेसिडेंट लू वेइबिंग ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हिंट दिया है कि यह नया फोन कंपनी की लाइनअप में Redmi K90 Max से ठीक नीचे की कैटेगरी में जगह बनाएगा। चीनी मार्केट में इसकी शुरुआती कीमत लगभग CNY 3,000 (भारतीय मुद्रा में करीब ₹41,000) के आसपास रखी जा सकती है।तुलना के लिए बताते चलें कि 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वाले Redmi K90 Max की कीमत CNY 2,999 (लगभग ₹40,000) है। वहीं, पिछले साल आए Redmi K80 Ultra के बेस मॉडल (12GB + 256GB) को CNY 2,599 (करीब ₹31,000) की शुरुआती कीमत पर पेश किया गया था। ऐसे में नए अपग्रेड्स के साथ इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होना स्वाभाविक है।कैसा होगा डिस्प्ले और डिजाइन? (Expected Display)हालिया लीक्स के अनुसार, Redmi K90 Ultra में यूजर्स को विजुअल का एक बेहतरीन एक्सपीरियंस मिलने वाला है। इस हैंडसेट में 1.5K रिजॉल्यूशन और 165Hz के जबर्दस्त रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करने वाला 6.89 इंच का बड़ा LTPS OLED डिस्प्ले दिया जा सकता है, जो गेमिंग के दौरान स्मूथ परफॉर्मेंस देगा। इसके अलावा, बेहतर ऑडियो के लिए इसमें कस्टम डुअल-स्पीकर सिस्टम, सुरक्षा के लिए एडवांस अल्ट्रासोनिक इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर और फोन को मजबूत व आकर्षक लुक देने के लिए प्रीमियम मेटल फ्रेम का इस्तेमाल किया जा सकता है।प्रोसेसर और ऑपरेटिंग सिस्टम: गेमर्स के लिए होगी खास तकनीक (Performance & OS)चर्चा है कि भारी-भरकम गेम्स को बिना किसी लैग के चलाने के लिए इस फोन में क्वालकॉम का लेटेस्ट और सबसे पावरफुल Snapdragon 8 Elite चिपसेट दिया जा सकता है। चूंकि यह एक गेमिंग ओरिएंटेड फोन होने वाला है, इसलिए लंबे समय तक गेम खेलने के दौरान फोन को गर्म होने से बचाने के लिए इसमें एक इंटीग्रेटेड एक्टिव कूलिंग सिस्टम और एक छोटा एक्टिव कूलिंग फैन भी इन-बिल्ट मिल सकता है। पानी और धूल से सुरक्षा के लिए इसे IP68 की मजबूत रेटिंग दी जाएगी। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह स्मार्टफोन लेटेस्ट Android 16 पर आधारित शाओमी के नए HyperOS 3 पर रन करेगा।कैमरा सेटअप और 8,000mAh की मॉन्स्टर बैटरीRedmi K90 Ultra के कैमरा फीचर्स को लेकर अभी ज्यादा जानकारियां लीक नहीं हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें पुराने मॉडल Redmi K80 Ultra की तरह ही डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। इसका मेन सेंसर 50 मेगापिक्सल का और सेकेंडरी सेंसर 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस हो सकता है। वहीं, रील्स और सेल्फी के शौकीनों के लिए इसके फ्रंट में 20 मेगापिक्सल का शानदार कैमरा मिलने की उम्मीद है।इस फोन का सबसे बड़ा यूएसपी इसकी बैटरी होने वाली है। लीक्स का दावा है कि इसमें 8,000mAh या उससे भी ज्यादा क्षमता वाली बेहद पावरफुल बैटरी मिलेगी, जो सिंगल चार्ज में दिनों-दिन चलेगी। हाल ही में सामने आई चीन की 3C सर्टिफिकेशन लिस्टिंग से यह भी साफ हो चुका है कि यह बड़ी बैटरी 100W की सुपरफास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। इसके मुकाबले पुराने Redmi K80 Ultra में 7,410mAh की बैटरी और 100W चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया था।
जॉर्जिया मेलोनी से जुड़ी 10 बड़ी बातें, जिन्हें बहुत ही कम लोग जानते हैं...
Giorgia Meloni Unknown Facts: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया के जीवन, राजनीति और उनके हाव-भाव से जुड़े ऐसे कई किस्से हैं जो उन्हें दुनिया के सबसे दिलचस्प और अनोखे राजनेताओं में से एक बनाते हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ तो उनके फोटो ...

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