पहले आंखों में झोंकी मिर्च, फिर गला दबाया; सास ने नौकरानी को दी बहू की सुपारी; दर्दनाक मौत
मुंबई के घाटकोपर में 35 वर्षीय सपना घांजी की मौत को हादसा बताने की कोशिश की गई, लेकिन चोटों, CCTV और कॉल रिकॉर्ड से हत्या का शक गहराया। पुलिस ने सास समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
अभिजीत दीपके ने थपथपाई रांका की पीठ, पता चला भाजपा का ही पुराना फैसला था
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राजस्थान सरकार के एक फैसले के लिए अपनी टीम को शाबाशी दी, लेकिन यह घोषणा राज्य सरकार ने पिछले महीने ही कर दी थी। तब सीजेपी ने नहीं की थी मुहिम की घोषणा।
सज्जन कुमार का निधन, तिहाड़ जेल में थे बंद
कांग्रेस के पूर्व सांसद और नेता सज्जन कुमार का गुरुवार को निधन हो गया है. अस्पताल के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत लाया घोषित (ब्रॉट डेड) कर दिया. उनके निधन की खबर मिलते ही उनके बेटे जग प्रवेश कुमार सफदरजंग अस्पताल पहुंच गए.
'दक्षिण को हक दो, हम भारत का भविष्य देंगे', DK शिवकुमार की दो टूक
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में परिसीमन को लेकर बड़ा मुद्दा उठाया. कर्नाटक ने मांग की कि 1971 की जनगणना को आधार मानते हुए लोकसभा की 543 सीटें अगले 25 साल तक बरकरार रखी जाएं. साथ ही इन्हीं 543 सीटों के भीतर महिलाओं को आरक्षण देने की मांग की गई.
लखनऊ में ICICI बैंक के बाहर महिला कर्मचारी की गोली मारकर हत्या
लखनऊ के गोमतीनगर में ICICI बैंक के बाहर महिला कर्मचारी दिव्या मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड में महिला के पति मानस पर ही हत्या का आरोप लगा है. पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.
लद्दाख में Gen-Z कहकर जवानों से क्यों उलझी महिला पर्यटक?
लद्दाख के करगिल में मिनीमार्ग चेकपॉइंट पर सड़क बंद होने को लेकर एक महिला पर्यटक की सुरक्षा बलों से बहस का वीडियो वायरल हो गया है. महिला ने जवानों से तीखे सवाल किए और कहा कि सेना को सैलरी जनता के टैक्स से मिलती है. बताया गया कि रास्ता खराब मौसम और सैन्य आवाजाही के कारण बंद किया गया था. वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर महिला की जमकर आलोचना हुई.
मॉनसून क्या आया! अजगर, मगरमच्छ, तेंदुआ सब आ गए...हरिद्वार में हड़कंप
हरिद्वार में मॉनसून में तेंदुआ, मगरमच्छ और अजगर आबादी क्षेत्रों में घुस रहे हैं. वन विभाग रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ रहा है. राजाजी पार्क और गंगा के पास शहर बसने से दहशत चुनौती बढ़ गई है.
मिसाइल और बम बनाने में निजी कंपनियों को जोड़ेगा DRDO, लेकिन रखी गई हैं बेहद कड़ी और सख्त शर्तें
भारत की रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने देश के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता (Atmanirbhar Bharat) की दिशा में एक और बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। रक्षा तकनीक और स्वदेशी हथियारों के निर्माण को नई रफ्तार देने के लिए डीआरडीओ ने अब अत्याधुनिक मिसाइलें, बम और अन्य घातक सैन्य हथियार बनाने के लिए देश की निजी क्षेत्र की कंपनियों (Private Defense Companies) को अपने साथ जोड़ने का बड़ा फैसला किया है। हालांकि, देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ा मामला होने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में निजी कंपनियों के लिए बेहद कड़ी, पारदर्शी और सख्त शर्तें तय की गई हैं, ताकि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोई चूक न हो सके। इस कदम से भारत के डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है।रक्षा उत्पादन में निजी भागीदारी और आत्मनिर्भरता का लक्ष्यअब तक भारत में मिसाइल, रॉकेट और भारी बमों के निर्माण का मुख्य जिम्मा ज्यादातर सरकारी रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) और आयुध कारखानों के पास ही रहा है। लेकिन बदलते वक्त और आधुनिक युद्ध की जरूरतों को देखते हुए यह महसूस किया गया कि देश की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए प्राइवेट सेक्टर की तकनीकी दक्षता और तेज कार्यशैली का होना बेहद जरूरी है। डीआरडीओ के इस नए प्रावधान के तहत भारतीय निजी कंपनियां अब सरकार के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर अत्याधुनिक हथियारों का डिजाइन, विकास और कमर्शियल प्रोडक्शन कर सकेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य साल दर साल रक्षा उपकरणों के आयात को कम करना और भारत को दुनिया का एक प्रमुख डिफेंस एक्सपोर्टर देश बनाना है, जिसमें निजी कंपनियों की यह भागीदारी एक गेम-चाेंजर साबित हो सकती है।निजी कंपनियों के लिए डीआरडीओ द्वारा तय की गई कड़ी शर्तेंचूंकि मामला देश की राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक रहस्यों और बेहद संवेदनशील हथियारों के निर्माण से जुड़ा हुआ है, इसलिए डीआरडीओ ने निजी कंपनियों के चयन के लिए कड़े मापदंड और शर्तें निर्धारित की हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि भाग लेने वाली निजी कंपनी के पास अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत आरएंडडी (R&D) यूनिट और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानक होने अनिवार्य हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेश या विदेशी मालिकाना हक वाली कंपनियों के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं ताकि देश के सामरिक रहस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रत्येक कंपनी को यह साबित करना होगा कि उनके पास साइबर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और उनके बोर्ड में शामिल मुख्य लोगों की पृष्ठभूमि पूरी तरह से भरोसेमंद और पारदर्शी है।अत्याधुनिक मिसाइल और बम निर्माण तकनीक का होगा ट्रांसफरइस नए फ्रेमवर्क के तहत डीआरडीओ अपनी तरफ से रिसर्च किए गए डिजाइन और तकनीक को योग्य निजी कंपनियों को ट्रांसफर (Transfer of Technology - ToT) करेगा। इसके बाद ये कंपनियां तय मानकों के अनुसार भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइलें, टैक्टिकल बॉम्ब, और अन्य आधुनिक युद्धक उपकरण तैयार करेंगी। इस प्रक्रिया से न केवल रक्षा उपकरणों के उत्पादन में तेजी आएगी, बल्कि देश के भीतर ही हथियारों के निर्माण के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम भी विकसित होगा। डीआरडीओ के वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ इन निजी प्रोजेक्ट्स की हर चरण पर निगरानी रखेंगे ताकि गुणवत्ता और मारक क्षमता में किसी भी प्रकार की कमी न आए और हमारी सेना को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ हथियार मिल सकें।भारतीय रक्षा उद्योग और अर्थव्यवस्था पर इसका दूरगामी प्रभावडीआरडीओ के इस दूरदर्शी कदम का भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में डिफेंस से जुड़े शेयरों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। देश की कई बड़ी निजी रक्षा कंपनियां जैसे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), भारत फोर्ज और अडानी डिफेंस जैसी नामचीन कंपनियां इस मौके का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इससे देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और तकनीक के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और अधिक मजबूत होगी। आने वाले समय में भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि दुनिया के अन्य मित्र देशों को भी मेड इन इंडिया मिसाइलें और हथियार निर्यात करने की दिशा में एक ग्लोबल लीडर के रूप में उभरेगा।
ईरान ने विदेशी नागरिक को दी फांसी, सत्ता को चुनौती देने का खूनी हिसाब!
ईरान ने जनवरी में हुए देशव्यापी प्रदर्शनों से जुड़े मामले में एक व्यक्ति को फांसी दे दी है. काएम हुसैनी नाम के विदेशी नागरिक को सुरक्षा बलों के सदस्यों की मौत से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया गया था. हालांकि, उसकी राष्ट्रीयता और मामले से जुड़ी दूसरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
मध्य पूर्व और दुनिया भर के कूटनीतिक गलियारों में इस समय तनाव अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है, और इसका सबसे बड़ा कारण ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ता हुआ वाकयुद्ध है। एक तरफ जहां वैश्विक महाशक्तियों के बीच परमाणु हथियारों और सुरक्षा को लेकर खींचतान जारी है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान के तेवर और भी अधिक आक्रामक हो गए हैं। ईरानी सरकार के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य अधिकारियों की तरफ से एक बार फिर अमेरिका को खुली चेतावनी जारी की गई है। ईरान ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि अमेरिका या उसके किसी भी सहयोगी देश ने उसकी धरती पर कोई भी परमाणु या सैन्य हमला करने की हिमाकत की, तो उसका बेहद करारा और तबाही मचाने वाला जवाब दिया जाएगा। इस तीखी बयानबाजी के बीच ईरानी रणनीतिकारों की नजरें अब यूरोपीय देशों की चाल और उनकी प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है।तेहरान और वॉशिंगटन के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव?पिछले कुछ महीनों के दौरान अमेरिका और ईरान के आपसी संबंध किसी भी समय एक बड़े सैन्य टकराव में बदलने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रमों, उसके यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के बढ़ते स्तर और मध्य पूर्व में उसके प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियों को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देश लगातार तेहरान पर दबाव बना रहे हैं। अमेरिका और इजराइल जैसे देश यह कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते कि ईरान परमाणु हथियारों की दहलीज तक पहुंचे, जबकि ईरान का हमेशा से यह तर्क रहा है कि उसका पूरा परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों और ऊर्जा जरूरतों के लिए है। इसी बुनियादी वैचारिक और सामरिक मतभेद के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद लगभग ठप हो चुका है और सैन्य मोर्चे पर दोनों तरफ से लगातार धमकियों का दौर जारी है।ईरान की सैन्य चेतावनी और देश की रक्षा तैयारियांईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और सरकारी प्रवक्ताओं ने हाल ही में अपने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सेना किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल अपनी संप्रभुता और देश की भौगोलिक अखंडता की रक्षा करने के लिए पूरी क्षमता रखते हैं। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि वॉशिंगटन सरकार ने कोई भी दुस्साहसपूर्ण कदम उठाया, तो मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों और उनके हितों को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। ईरान की इस आक्रामक रणनीति का उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगियों को किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई करने से रोकना है, ताकि वे कूटनीतिक दबाव के आगे झुकने के बजाय अपनी शर्तों पर बात करने के लिए मजबूर हों।यूरोपीय देशों की संदिग्ध भूमिका और तेहरान की पैनी नजरइस पूरे भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच ईरान की कूटनीति का एक बहुत बड़ा फोकस यूरोप और यूरोपीय संघ (EU) के रुख पर है। तेहरान अच्छी तरह जानता है कि अमेरिका के साथ सीधे टकराव को टालने या नियंत्रित करने में यूरोपीय देश एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख यूरोपीय देश अभी तक अमेरिकी नीतियों के ही समर्थन में खड़े नजर आए हैं और ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों को बनाए रखने की वकालत करते रहे हैं। इसके बावजूद, ईरान लगातार यूरोपीय राजधानियों के साथ अपने राजनयिक चैनलों को खुला रखने की कोशिश कर रहा है ताकि यदि वॉशिंगटन के साथ कोई गंभीर संकट पैदा हो, तो यूरोपीय देशों के जरिए कुछ कूटनीतिक गुंजाइश बनाई जा सके। तेहरान की यह पैनी नजर इस बात का संकेत है कि वह केवल सैन्य ताकत के भरोसे नहीं, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी पूरी चालें चल रहा है।वैश्विक शांति के लिए मंडराते खतरे और आगे की राहईरान और अमेरिका के बीच चल रहा यह शीत युद्ध और इस तरह की परमाणु धमकियां पूरी दुनिया के लिए गहरी चिंता का विषय बन चुकी हैं। यदि इन दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष छिड़ जाता है, तो इसके परिणाम न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित हो सकते हैं। कच्चे तेल की आपूर्ति से लेकर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार तक सब कुछ भारी संकट में पड़ सकता है। दुनिया भर के शांतिप्रिय देश और संयुक्त राष्ट्र (UN) लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर जिस प्रकार की आक्रामक बयानबाजी और सैन्य तैयारियां चल रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिन वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद उथल-पुथल भरे और संवेदनशील रहने वाले हैं।
स्कूलों के लिए नहीं है पीएम केयर्स फंड, दीपके की मांग पर भाजपा का दो टूक जवाब
हाल ही में जारी वित्तीय वर्ष 2024-25 के ऑडिटेड स्टेटमेंट के अनुसार, पीएम केयर्स फंड का कुल कॉर्पस 17.8% बढ़कर 8,452.07 करोड़ हो गया है जो 2023-24 में 7,173.03 करोड़ था।
मध्य पूर्व (Middle East) के बेहद संवेदनशील और सामरिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक बहुत बड़ा और हैरान कर देने वाला भू-राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। रक्षा गलियारों से मिल रही खुफिया जानकारियों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना (US Navy) ने ईरान की नाक के नीचे से एक बेहद गुप्त और सुरक्षित सीक्रेट शिपिंग रूट का निर्माण कर लिया है। इस नए और वैकल्पिक मार्ग के जरिए दुनिया के सबसे व्यस्त तेल गलियारे से रोजाना लाखों बैरल कच्चे तेल और आवश्यक रसद के जहाजों को सुरक्षित रूप से निकाला जा रहा है, और सबसे बड़ी बात यह है कि इस बात की भनक ईरानी सेना या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को लगी तक नहीं है। अमेरिकी नौसेना की इस सामरिक और तकनीकी चाल ने ईरान के तमाम दावों और पहरेदारी को पूरी तरह से धता बता दिया है।होर्मुज जलडमरूमध्य का सामरिक महत्व और तनावहोर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर के कच्चे तेल के व्यापार की रीढ़ माना जाता है, क्योंकि खाड़ी देशों से निकलने वाले ऑयल टैंकरों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी तंग समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। पिछले कुछ वर्षों से अमेरिका और ईरान के बीच इस क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर लगातार तनाव बना हुआ है। ईरानी सेना अक्सर इस रास्ते को बंद करने या यहां से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को धमकाने की साजिशें रचती रहती है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ईरान लगातार एंटी-शिप मिसाइलें और नौसैनिक अभ्यास करता रहा है। ऐसे में, अमेरिकी सेना द्वारा इस इलाके में एक ऐसा खुफिया और सुरक्षित रास्ता ढूंढ निकालना या तैयार करना, जहां ईरान की रडार और सर्विलांस प्रणालियां पूरी तरह से फेल हो चुकी हैं, अमेरिकी सैन्य क्षमता का एक अद्भुत और अकल्पनीय उदाहरण माना जा रहा है।कैसे तैयार हुआ यह सीक्रेट रूट और क्या है इसकी खासियत?अमेरिकी नौसेना के रणनीतिकारों और आधुनिक तकनीक से लैस युद्धपोतों ने मिलकर इस जटिल अभियान को अंजाम दिया है। इस सीक्रेट शिपिंग रूट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग, स्टेल्थ टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट नेविगेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे ईरानी सेना की कोस्टल रडार प्रणालियां और ड्रोन पूरी तरह से 'अंधे' हो चुके हैं। वे यह भांप ही नहीं पा रहे हैं कि कब अमेरिकी सुरक्षा घेरे में तेल टैंकर चुपचाप इस क्षेत्र से पार निकल जाते हैं। इस गुप्त मार्ग के जरिए रोजाना लाखों बैरल तेल सुरक्षित रूप से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला (Global Energy Supply Chain) में किसी भी प्रकार का बड़ा व्यवधान आने से बच गया है। वाशिंगटन की इस मास्टरस्ट्रोक रणनीति से तेहरान के रणनीतिकार गहरे सदमे में हैं।ईरानी सेना और नेतृत्व की खुली नाकामी और खीझजब से ईरान को इस बात का अहसास हुआ है कि उसकी नौसैनिक नाकेबंदी और धमकियों के बावजूद अमेरिकी जहाज उसकी नजरों से बचकर लगातार तेल और हथियार निकाल रहे हैं, तब से ईरानी सैन्य मुख्यालय में हड़कंप मच गया है। ईरान के वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और रिवोल्यूशनरी गार्ड के लिए यह स्थिति बेहद शर्मनाक मानी जा रही है, क्योंकि वे अपनी सीमाओं के ठीक पास चल रही इस बड़ी अमेरिकी गतिविधि को रोकने में पूरी तरह असमर्थ साबित हुए हैं। ईरानी मीडिया और राजनीतिक हलकों में इसको लेकर काफी खलबली मची हुई है, और वे इसे अपनी संप्रभुता के खिलाफ एक बड़ा खतरा बता रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) की तरफ से इस सीक्रेट रूट के बारे में आधिकारिक तौर पर बहुत ज्यादा खुलासे नहीं किए गए हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह कदम खाड़ी देशों में अमेरिका के दबदबे को और अधिक मजबूत करेगा।वैश्विक ऊर्जा बाजारों और भारत जैसे देशों पर इसका क्या असर होगा?इस पूरे घटनाक्रम का सीधा और सकारात्मक असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर देखने को मिल रहा है। चूंकि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र है, इसलिए यहां किसी भी सैन्य टकराव या रुकावट से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। अमेरिका द्वारा इस सुरक्षित और गुप्त मार्ग को संचालित करने से तेल की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जिससे भारत सहित कई अन्य प्रमुख विकासशील देशों को बड़ी राहत मिली है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी क्षेत्र के आयात पर निर्भर हैं। बहरहाल, मध्य पूर्व के इस उबलते हुए समंदर में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा यह नया शीत युद्ध आने वाले दिनों में और अधिक रंग दिखा सकता है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।
पाकिस्तानी सेना की गोली का अब गोली से जवाब देंगे', पीओके के नेता सरदार अमान कश्मीरी का बड़ा ऐलान
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच चुका है, और वहां की सरकार तथा पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बगावत के सुर तेज हो गए हैं। पिछले 70 दिनों से PoK के विभिन्न हिस्सों में बुनियादी अधिकारों, महंगाई, भारी बिजली बिलों और सरकारी दमन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन और धरने जारी हैं। इस बीच, PoK के एक प्रमुख स्थानीय नेता सरदार अमान कश्मीरी ने एक बेहद तीखा और आक्रामक बयान देकर इस आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने खुले तौर पर ऐलान किया है कि अब पाकिस्तानी सेना और पुलिस की ज्यादतियों का जवाब सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन से नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। उनके इस तेवर ने इस्लामाबाद में बैठे हुक्मरानों की नींद उड़ा दी है।पिछले 70 दिनों से सुलग रहा है पीओके का इलाकापाकिस्तान के कब्जे वाले इस क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। पिछले 70 दिनों से चल रहे इस ऐतिहासिक जन-आंदोलन में आम जनता, व्यापारी, युवा और महिलाएं सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उनके अपने ही संसाधनों से वंचित रखा जा रहा है और उन पर भारी-भरकम कर (Taxes) लादे जा रहे हैं। स्थानीय अवाम का यह भी कहना है कि पुलिस और पाकिस्तानी सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे जनता का रोष और अधिक भड़क उठा है।सरदार अमान कश्मीरी की खुली चेतावनी और तेवरपीओके के वरिष्ठ नेता सरदार अमान कश्मीरी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी सेना और प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब तक कश्मीर की जनता अमन और शांति के साथ अपने हक की मांग कर रही थी, लेकिन यदि राज्य की एजेंसियां अपनी हरकतों से बाज नहीं आईं और गोलियां चलाना बंद नहीं किया, तो जनता भी चुप नहीं बैठेगी। कश्मीरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पाकिस्तानी सेना की हर एक गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा और वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद इलाके में सुरक्षा बलों को और अधिक सतर्क कर दिया गया है।स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के फूले हाथ-पांवसरदार अमान कश्मीरी के इस आक्रामक ऐलान के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। हालात को नियंत्रण से बाहर होता देख प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी है तथा इंटरनेट सेवाओं पर भी अघोषित पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। हालांकि, इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कम होने का नाम नहीं ले रहा है और वे लगातार सरकार विरोधी रैलियां निकाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते पाकिस्तान सरकार ने जनता की जायज़ मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े सशस्त्र विद्रोह का रूप ले सकता है, जिससे वहां की सत्ता के लिए गंभीर संकट पैदा हो सकता है।भारत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ रही है हलचलPoK के भीतर सुलग रही इस चिंगारी और नेताओं के ऐसे बयानों ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में भी चर्चाएं तेज कर दी हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार लंबे समय से इस क्षेत्र के लोगों का दमन करती आई है, जिसके कारण अब वहां के नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय सुरक्षा और कूटनीतिक गलियारों में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है कि कैसे पाकिस्तान अपने ही नागरिकों पर अत्याचार कर रहा है और वहां का आंतरिक ढांचा ढहता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन PoK की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।
भाजपा में ‘कामराज प्लान’ की चर्चा, 2029 मिशन से पहले कैबिनेट फेरबदल में देरी क्यों?
भाजपा के मिशन 2029 को लेकर कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज हैं। पार्टी के भीतर ‘कामराज प्लान’ जैसी रणनीति पर चर्चा और संगठन-सरकार में बड़े बदलाव की संभावनाओं पर नजर है।
राम मंदिर में कब तक पूरे होंगे लंबित कार्य, नृपेंद्र मिश्रा ने बताया
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने समीक्षा बैठक कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की है. उन्होंने लंबित कार्यों के साथ ही भुगतान के संबंध में भी जानकारी ली है.
अमेरिका का कर्ज पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार, जानिए हर नागरिक पर कितना है भारी भरकम बोझ
दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर अर्थव्यवस्था कहे जाने वाले अमेरिका (United States) के सिर पर एक ऐसा वित्तीय संकट मंडराने लगा है, जिसने पूरी ग्लोबल इकोनॉमी के होश उड़ा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय से आए हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज (National Debt) इतिहास में पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक और चौंकाने वाले आंकड़े को पार कर गया है। इस बेकाबू होती वित्तीय स्थिति ने न केवल अमेरिकी नीति निर्माताओं और सांसदों को चिंता में डाल दिया है, बल्कि दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों के बीच भी इस बात की बहस छेड़ दी है कि क्या ग्लोबल सुपरपावर आने वाले समय में एक बड़े आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है। अमेरिका पर चढ़ा यह कर्ज इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि इसके आंकड़े देखकर हर कोई हैरान है।कैसे और क्यों बेकाबू हुआ अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज?विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के बजट घाटे (Budget Deficit) में लगातार रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते सरकार को अपने खर्चों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर उधार लेना पड़ा है। अमेरिकी सरकार के खर्च उसकी टैक्स से होने वाली कुल आमदनी से कहीं ज्यादा हो चुके हैं। रक्षा बजट, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं (Social Security), स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते खर्च और पिछले दशकों में दिए गए कई बड़े आर्थिक पैकेजों व राहत पैकेजों के कारण सरकार पर देनदारियों का बोझ तेजी से बढ़ता चला गया। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में लंबे समय तक उतार-चढ़ाव बनाए रखने के कारण सरकार को अपने पुराने कर्जों पर भारी-भरकम ब्याज भी चुकाना पड़ रहा है, जिससे यह लोन का पहाड़ और अधिक विकराल रूप लेता जा रहा है।देश के हर नागरिक और परिवार पर कितना है कर्ज का बोझ?जब 40 ट्रिलियन डॉलर के इस विशालकाय आंकड़े को अमेरिका की कुल आबादी के बीच बांटा जाता है, तो स्थिति और भी डरावनी नजर आती है। वर्तमान जनसांख्यिकीय आंकड़ों के हिसाब से अमेरिका के प्रत्येक नागरिक के सिर पर औसतन एक लाख डॉलर से भी ज्यादा का सरकारी कर्ज आ चुका है। अगर बात एक आम अमेरिकी परिवार की करें, तो उनके हिस्से आने वाला यह कर्ज कई लाख डॉलर बैठता है। देश के नवजात शिशुओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर व्यक्ति पर यह अदृश्य आर्थिक बोझ लटक रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि यह स्थिति दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ नहीं है और यदि इस पर समय रहते लगाम नहीं कसी गई, तो अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर भविष्य में टैक्स का बोझ और ज्यादा बढ़ सकता है, जिससे उनकी क्रय शक्ति पर गहरा असर पड़ेगा।वैश्विक अर्थव्यवस्था और डॉलर पर क्या होगा इसका असर?अमेरिका के इस बढ़ते कर्ज का असर केवल अमेरिकी सीमाओं तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अमेरिकी डॉलर दुनिया की मुख्य रिजर्व करेंसी होने के कारण, अमेरिका की वित्तीय सेहत में आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव से ग्लोबल मार्केट हिल जाता है। इस भारी-भरकम कर्ज के चलते अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई और मंदी (Stagflation) का जोखिम काफी बढ़ गया है। इसके अलावा, वैश्विक निवेशक अब अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाने लगे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यदि अमेरिकी सरकार ने फिस्कल डेफिसिट को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम नहीं उठाए, तो ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में अस्थिरता और अधिक गहरी हो सकती है।क्या है इस संकट का आगे का रास्ता और समाधान?इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए अमेरिकी कांग्रेस (Congress) और बाइडन प्रशासन के सामने आने वाले दिनों में कड़े और अलोकप्रिय वित्तीय फैसले लेने की बड़ी चुनौती होगी। सरकार के पास दो ही मुख्य विकल्प बचते हैं या तो अपने भारी-भरकम खर्चों में ऐतिहासिक कटौती की जाए या फिर देश में टैक्स की दरों को बढ़ाया जाए, हालांकि राजनीतिक रूप से ये दोनों ही रास्ते बेहद कठिन माने जाते हैं। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों ही दल इस बात पर बहस कर रहे हैं कि देश के राजकोषीय अनुशासन को कैसे वापस लाया जाए, लेकिन राजनीतिक सहमति न बन पाने के कारण कर्ज का यह ग्राफ लगातार ऊपर की ओर ही भाग रहा है। आने वाले समय में दुनिया भर की निगाहें अमेरिकी नीतियों और उसकी आर्थिक चाल पर टिकी रहेंगी, क्योंकि इस संकट का असर हर देश के व्यापार और बाजारों पर पड़ना तय है।
पहले 1, फिर 2, अब 13 मांगें! बिहार आंदोलन में पल-पल बदल रहे हालात
शुरुआत में छात्रों का एक ही मुख्य नारा था कि शिक्षा विभाग TRE 4.0 का नोटिफिकेशन तुरंत जारी करे. जब छात्र आमरण अनशन पर बैठे, तो दबाव में आकर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया. लेकिन नोटिफिकेशन आते ही विरोध का दायरा बढ़ गया. छात्र संगठनों ने 13 मांगें रखीं और उसमें 5 और जोड़ दीं.
1 ओवर 39 रन और 6 छक्के... जब T20I में आई आंधी, बना महारिकॉर्ड
Most runs off one over in T20I: ठीक 2 साल पहले टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड बना था, जो आज भी कायम है. तब टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में समोआ के बल्लेबाज ने ऐसी बैटिंग की कि दुनिया में कीर्तिमान की कहानी सामने आ गई.
Gen-Z का एक आंदोलन और सियासत का रुख अचानक कैसे मुड़ गया?
जंतर-मंतर से रांची तक हुए छात्र आंदोलन में युवाओं की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक दलों को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है. परीक्षा में धांधली और रोजगार जैसे मुद्दों पर मुखर 'Gen-Z' को साधने के लिए अब भाजपा और कांग्रेस दोनों एक नई राजनीति के साथ मैदान में उतर रहे हैं.
घर पर बनाएं बाजार जैसे चटपटे चिली पोटैटो, मिनटों में होंगे तैयार
Chilli Potato Recipe: शाम की चाय के साथ कुछ चटपटा और क्रिस्पी खाने का मन हो तो चिली पोटैटो एक बेहतरीन ऑप्शन है. आज हम आपको घर पर रेस्टोरेंट स्टाइल चिली पोटैटो बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
भारतीय अर्थव्यवस्था और वित्तीय गलियारों में इस समय हलचल मचा देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। देश के आयकर विभाग (Income Tax Department) ने विदेशी मुद्रा भेजने (Overseas Remittance) के एक बहुत बड़े और सुनियोजित फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। हाल ही में सामने आई जांच रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत से चुपचाप लगभग 1.29 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम विदेशों में भेज दी गई है। इस अवैध या संदिग्ध वित्तीय हेराफेरी में देश की कई ऐसी नई और संदिग्ध संस्थाओं के नाम शामिल हैं जिनका कारोबार या तो शून्य था या फिर बेहद मामूली था, लेकिन उनके जरिए देश का भारी पैसा विदेश ट्रांसफर कर दिया गया। इस खुलासे के बाद से केंद्रीय एजेंसियां और वित्त मंत्रालय पूरी तरह सतर्क हो गया है और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है।किन देशों में गया सबसे ज्यादा पैसा?जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत से बाहर भेजे गए इस कुल 1.29 लाख करोड़ रुपये के फंड का एक बहुत बड़ा हिस्सा यानी करीब 72.3 प्रतिशत हिस्सा दुनिया के चुनिंदा देशों में डंप किया गया है। इस सूची में सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), हांगकांग, मॉरीशस और चीन जैसे देश प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन देशों में भी सबसे ज्यादा पैसा सिंगापुर भेजा गया है, जहाँ अकेले लगभग 41,885 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसके अलावा, यूएई (UAE) में 18,331 करोड़ रुपये और हांगकांग में 18,064 करोड़ रुपये से अधिक की रकम भेजी गई है। मॉरीशस और चीन जैसे देशों के रास्ते भी बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन किए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं, जिसने टैक्स अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।6,422 नई और संदिग्ध संस्थाएं रडार परआयकर विभाग की शुरुआती और गहन छानबीन में यह बात सामने आई है कि इस पूरे खेल को अंजाम देने के लिए कुल 6,422 नई संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया है। इनमें से शुरुआती तौर पर 394 प्रमुख फर्मों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अलावा, लगभग 83 ऐसी विदेशी पतों वाली संस्थाओं की पहचान की गई है जिनके जरिए अकेले ही 36,175 करोड़ रुपये देश से बाहर भेज दिए गए। इन सभी कंपनियों की ओनरशिप, उनके बिजनेस मॉडल, उनकी वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन के पैटर्न की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इस पैसे का असली मालिक कौन था और इसे किस मकसद से बाहर भेजा गया।फंड ट्रांसफर की रफ्तार और अजीब बहानेटैक्स और रेवेन्यू विभाग के अधिकारियों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय पैसे भेजने की यह रफ्तार है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान ही लगभग 43,048 करोड़ रुपये विदेश भेजे जा चुके हैं, जो कि पिछले पूरे वित्त वर्ष के कुल आंकड़ों का करीब 78 प्रतिशत है। जब इन कंपनियों से विदेश पैसे भेजने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही अजीब और कागजी बहाने बनाए। जांच में पता चला कि लगभग 44,474 करोड़ रुपये को 'लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन' (LTCG) के रूप में दिखाया गया, जबकि 27,128 करोड़ रुपये को अन्य आय यानी 'अदर इनकम' और करीब 16,423 करोड़ रुपये को माल भाड़े यानी 'फ्रेट चार्जेस' के नाम पर विदेश ट्रांसफर किया गया था।रुपये पर दबाव और भारतीय रिजर्व बैंक की चिंताएंयह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय रुपया विदेशी मुद्रा बाजार में लगातार दबाव का सामना कर रहा है। रुपये की इस कमजोरी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार हो रही गिरावट को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को लगातार बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ रहा है और डॉलर बेचने पड़ रहे हैं। ऐसे नाज़ुक दौर में देश के भीतर से चुपचाप इतने बड़े पैमाने पर पूंजी का बाहर निकल जाना भारतीय अर्थव्यवस्था के मैक्रो-इकोनॉमिक संतुलन के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। बहरहाल, वित्त मंत्रालय, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग की संयुक्त टीमें इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह टैक्स चोरी का मामला है या फिर मनी लॉन्ड्रिंग का कोई बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है।
कंगना रनौत के 'गटर' वाले बयान पर फूटा चिराग पासवान का गुस्सा, कहा- मैं खुद परेशान हूं
इससे पहले कंगना रनौत के एक बयान पर खूब हंगामा मचा था। रनौत ने एक बयान में जंतर मंतरपर हुए CJP प्रोटेस्ट के बारे में कहा था कि जेन जी के प्रदर्शनों से जुड़े रील्स घृणा पैदा करने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वो इस पीढ़ी को ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं।
शेयर बाजार का बुल रन: सेंसेक्स 550 अंक उछला, निफ्टी 24200 के पार और इन्फोसिस में 2% की शानदार तेजी
भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, जिससे पिछले कई सत्रों से चली आ रही मंदी और गिरावट के सिलसिले पर आखिरकार विराम लग गया है। बाजार की इस शानदार वापसी से निवेशकों के चेहरे पर खुशी लौट आई है और चारों तरफ बुल रन का माहौल बन गया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 550 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर हरे निशान में कारोबार कर रहा है, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 24200 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। दिग्गज आईटी शेयरों में शुमार इन्फोसिस (Infosys) में करीब 2% की मजबूत तेजी दर्ज की गई है, जिससे पूरे टेक्नोलॉजी सेक्टर में जोश देखने को मिल रहा है।शेयर बाजार में सुस्ती के बाद जोरदार वापसीपिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार दबाव का सामना कर रहे घरेलू शेयर बाजार ने आज जोरदार वापसी करते हुए एक नया पॉजिटिव मोमेंटम पकड़ा है। शुरुआती घंटियों के कारोबार में ही प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स मजबूत बढ़त के साथ खुले और देखते ही देखते बाजार में जोरदार खरीदारी शुरू हो गई। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने घरेलू निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने का काम किया है। सेंसेक्स के सभी तीस शेयर शुरुआती दौर में हरे निशान पर ट्रेड करते नजर आए, जो इस बात का गवाह है कि यह तेजी किसी एक सेक्टर तक सीमित न होकर व्यापक आधार वाली है।सेंसेक्स और निफ्टी के आंकड़ों पर एक नजरगुरुवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स लगभग 550 अंकों की छलांग के साथ 77,460 के आसपास ट्रेड करता हुआ दिखाई दिया, जबकि पिछले सत्र में यह गिरावट के साथ 76,909 पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी ने भी अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ते हुए 24,200 के स्तर को पार कर लिया और 24,209 के ऊपर मजबूत पकड़ बना ली। बाजार के इस उछाल से निवेशकों की संपत्ति में कुछ ही घंटों में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। जानकारों का कहना है कि यदि वैश्विक मोर्चे पर स्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो यह बुल रन आगे भी जारी रह सकता है और बाजार नए शिखरों को छू सकता है।इन्फोसिस और आईटी शेयरों का शानदार प्रदर्शनआज के इस कारोबार में दिग्गज तकनीकी कंपनी इन्फोसिस (Infosys) के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है, जिसके चलते यह निवेशकों के बीच प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है। इन्फोसिस के अलावा टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में भी ताबड़तोड़ खरीदारी का दौर देखा गया। ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों ने भी बाजार को ऊपर उठाने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। इस चौतरफा लिवाली के कारण मार्केट ब्रेड्थ पूरी तरह से पॉजिटिव बनी हुई है।बाजार में तेजी के पीछे की मुख्य वजहेंभारतीय शेयर बाजार में अचानक आई इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण छिपे हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आने से ग्लोबल इक्विटी मार्केट का सेंटिमेंट सुधरा है, जिसका सीधा फायदा भारतीय बाजारों को मिला है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से फ्रेश फंड इनफ्लो और निचले स्तरों पर शॉर्ट कवरिंग होने की वजह से बाजार को यह जबरदस्त बूस्ट मिला है। कच्चे तेल के दाम शुरुआती कारोबार में स्थिर बने हुए हैं, जिससे मैक्रो-इकोनॉमिक मोर्चे पर भी राहत महसूस की जा रही है। हालांकि, जानकारों का यह भी सुझाव है कि निवेशकों को भू-राजनीतिक तनावों को ध्यान में रखते हुए अपने पोर्टफोलियो में चुनिंदा और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस करना चाहिए।
6 माह की जेल, ₹2000 का जुर्माना... ट्रेन टिकट पर ये गलती पड़ेगी भारी
भारतीय रेवले की ओर से जानकारी दी गई है कि अगर आप दूसरे के नाम पर जारी टिकट पर सफर करते हैं तो आपको भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है. या फिर आपको जेल भी जाना पड़ सकता है.
Shillong KSU Bike Rally Violence: मेघालय की राजधानी शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा आयोजित एक 'काले झंडे वाली बाइक रैली' के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों ने शहर के कई इलाकों में जमकर उत्पात मचाया, जिससे ...
सांप के जहर से यूं निकला था हाई बीपी की दवा का फार्मूला!
ब्राजील के जहरीले सांप Bothrops jararaca के जहर पर हुई रिसर्च की मदद से एक दवा बनाने की राह बनी. वैज्ञानिकों ने सांप के जहर में मौजूद ब्रैडीकिनिन-पोटेंशियेटिंग पेप्टाइड्स के बारे मे रिसर्च की और उससे प्रेरणा लेकर Captopril दवा विकसित हुई.
बच्चों को सोशल मीडिया की लत के लिए मेटा पर आरोप, $200 अरब का मुकदमा!
'मेटा' यानी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अमेरिका के चार राज्यों ने आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर अपने ऐप्स को इस तरह डिजाइन किया, जिससे बच्चों को इसकी लत लग जाए. आरोप है कि मेटा को अच्छी तरह पता था कि कम उम्र के बच्चे मानसिक रूप से संवेदनशील होते हैं. इसके बावजूद, कंपनी ने 'इनफिनिट स्क्रॉल', 'ऑटोप्ले' और 'लाइक' बटन जैसे फीचर्स बनाए ताकि बच्चे दिन-रात ऑनलाइन बने रहें. अगर मेटा यह केस हारती है, तो उसे 200 अरब डॉलर जुर्माने के रूप में देना पड़ सकता है.
प्रयागराज महाकुंभ से चर्चा में आए थे मौनी बाबा, प्रतापगढ़ में हुआ निधन
मूल रूप से महोबा के रहने वाले मौनी बाबा पिछले 44 वर्षों से मौन व्रत धारण किए हुए थे. चित्रकूट में लंबे समय तक साधना करने के बाद वह प्रतापगढ़ के चिलबिला क्षेत्र में रहने लगे थे.
टीबी से जंग में भारत की रणनीति: समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी
भारत में टीबी उन्मूलन की अगली रणनीति अब केवल मरीजों की पहचान तक सीमित नहीं रहेगी। नीति आयोग की बैठक में समय पर जांच, पूरा इलाज, रोकथाम, पोषण, सामाजिक सुरक्षा और तकनीक को एक साथ मजबूत करने पर जोर दिया गया।
NRC नहीं तो जनगणना नहीं! मणिपुर में भारी बवाल, प्रदर्शनकारियों ने फूंके सीएम और गृह मंत्री के पुतले
Manipur NRC Demand Protest: मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर बुलाया गया 48 घंटे का राज्यव्यापी बंद बुधवार को समाप्त हो गया। हालांकि, बंद खत्म होते ही घाटी वाले जिलों के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और ...
SC को चुनौती देकर बैकफुट पर शहबाज सरकार, इमरान अस्पताल में होंगे शिफ्ट
पाकिस्तान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अस्पताल शिफ्ट करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस ले ली है. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्रार कार्यालय की आपत्तियों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया. अब आपत्तियों को दूर करके याचिका दोबारा दाखिल की जा सकती है. इस बीच इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का रास्ता साफ हो गया है.
चेक बाउंस विवाद पर बोले राजपाल, आलोचकों को दिया जवाब
चेक बाउंस मामले और आर्थिक परेशानियों के बीच अभिनेता राजपाल यादव ने अपने करियर और संघर्ष को लेकर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि कानूनी और आर्थिक मुश्किलें उनकी पहचान या सम्मान को खत्म नहीं कर सकतीं. राजपाल ने खुद को भारतीय सिनेमा का छात्र बताते हुए कहा कि वह कला के प्रति समर्पित हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि वह आने वाले समय में अपने काम से एक बार फिर लोगों को प्रभावित करेंगे.
बोल्ड रोल करके मशहूर हुई हसीना, परिवार को लगा सदमा
बहुत कम लोग जानते हैं कि हंटर में बोल्ड रोल सई ने जिद करके हासिल किया था. पहले उन्हें इस रोल के लिए रिजेक्ट कर दिया कर दिया गया था. लेकिन उन्होंने किसी तरह इसे हासिल कर लिया.
AI चलाए कोई और, पैसे आप भरेंगे Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने चेताया
टेक इंडस्ट्री में AI लेकर चिंता पहले से थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, AI डेटा सेंटर्स की बढ़ती मांग ने RAM और स्टोरेज चिप्स की सप्लाई पर दबाव बनाया है. इसका असर स्मार्टफोन, PC और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज की कीमतों पर पड़ रहा है.
गॉल टेस्ट के असली विनर तो ग्रांउड्समैन हैं! ऋषभ भी हुए मुरीद
गॉल टेस्ट के स्कोरकार्ड में खिलाड़ियों के रन, विकेट और रिकॉर्ड दर्ज रहेंगे. लेकिन बारिश के बीच मुकाबले को आगे बढ़ाने में पर्दे के पीछे काम करने वाले इन 130 लोगों की भूमिका भी कम अहम नहीं रही. ऋषभ पंत की इंस्टा स्टोरी ने मैदान के इन खास किरदारों की मेहनत को सामने ला दिया.
Psychology Facts: किस्मत पर ज्यादा भरोसा करने वाले लोग कैसे होते हैं?
कुछ लोग अपनी जिंदगी में होने वाली घटनाओं को किस्मत से जोड़कर देखते हैं. साइकोलॉजी के अनुसार, भाग्य पर विश्वास करने से लोगों की सोच, उम्मीद और फैसलों पर असर पड़ सकता है. जानिए किस्मत पर भरोसा करने वाले लोगों की सोच कैसी होती है और कब यही विश्वास उनके लिए फायदेमंद या नुकसानदायक बन सकता है.
महाराष्ट्र में मराठी वाले आदेश पर हड़कम्प, आंदोलन की वॉर्निंग दे रहे ऑटो चालक
महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शॉ, टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखना अनिवार्य करने के आदेश जारी हुए हैं। अब इस आदेश के बाद चालकों में हड़कम्प है। एक ओर जहां सरकार इसे सख्ती से लागू कर रही है। वहीं, ट्रांसपोर्ट यूनियन आंदोलन की धमकी दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के महोबा में सड़कों पर आए जेन अल्फा के छात्र, की ये मांग
यूपी के स्कूलों में जेनरेशन अल्फा का आंदोलन चल रहा है. कभी लखनऊ, कभी आजमगढ़ तो कभी कन्नौज में छात्रों ने मूलभूत सुविधाओं के लिए आवाज बुलंद की. अब महोबा में जेन अल्फा के छात्र क्लासरूम छोड़कर चक्काजाम और नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतरे. छात्रों की मांग है कि स्कूल आने जाने का रास्ता बनवा दो. देखें वीडियो. .
PCPNDT एक्ट से जुड़े अपराधों में पुलिस नहीं दर्ज कर सकती FIR, जांच में भी दायरा: सुप्रीम कोर्ट
यह मामला उत्तर प्रदेश के एक डॉक्टर से जुड़ा है, जिसके खिलाफ 2017 में पुलिस ने PCPNDT एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी. कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों पुलिस जांच भी नहीं कर सकती.
छात्र के साथ भयानक हादसा, पेट चीरकर आर-पार हो गई 3 फीट लंबी लाठी
कन्नौज में गुल्ली-डंडा खेलते समय 10वीं का छात्र विशाल दीवार से गिरकर जमीन में गड़ी लाठी पर जा गिरा. 3 फीट लाठी पेट में घुसकर कंधे तक फंस गई. कानपुर में सर्जन डॉ. बृजेश यादव की टीम ने ग्राइंडर से लाठी काटकर 4 घंटे के जटिल ऑपरेशन के जरिए उसकी जान बचा ली.
27 या 28 अगस्त, कब मनेगा रक्षाबंधन? पंडित ने दूर किया कंफ्यूजन
Raksha Bandhan 2026 : इस साल रक्षाबंधन की तारीख को लेकर काफी भ्रम है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी. पंचांग के अनुसार, भारत में रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इसी दिन चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में रक्षाबंधन के पर्व और राखी बांधने के समय पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं माना जा रहा है.
60 रुपये में 212KM, इस स्कूटर की बंपर बिक्री, 158% बढ़ी सेल
जुलाई का महीना कई कंपनियों के लिए बेहतरीन रहा है. कुछ मॉडल्स ऐसे हैं, जिनकी सेल में जबरदस्त उछाल आया है. ऐसे ही एक स्कूटर की बात हम कर रहे हैं, जिसकी सेल इस साल जुलाई में 158 फीसदी बढ़ी है. ये स्कूटर मल्टीपल बैटरी कॉन्फिग्रेशन में आता है. आइए जानते हैं टीवीएस आईक्यूब की खास बातें.
वन्यजीव तस्करों के गिरोह का भंडाफोड़
लखनऊ। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने एक बड़े अभियान के तहत वन्यजीव तस्करों के एक गिरोह का भंडाफोड़ करके उसके पा
काशी की गलियों से एक्ट्रेस भाग्यश्री के किचन तक पहुंचा निमोना, देखें रेसिपी वीडियो
अभिनेत्री भाग्यश्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यूपी की पारंपरिक डिश मटर का निमोना बनाने की आसान रेसिपी शेयर की है. जानें इसे कैसे बनाएं?
फोन करने वाले ने युवक को सुरक्षित छोड़ने के बदले यूपीआई के जरिए पैसों की मांग की. पुलिस ने मामले की जांच की और कॉलर कर पता लगाया, जिसके बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ. यह कॉल 616 किलोमीटर दूर अरुण प्रदेश से आया था.
सिर्फ इंडियन, अमेरिकन की एंट्री... UAE में पाकिस्तानियों को नहीं मिला होटल, दर-दर भटके
पाकिस्तान के पूर्व नेशनल असेंबली स्पीकर और PTI नेता असद कैसर ने UAE में पाकिस्तानी यात्रियों के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया है. उनका दावा है कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद होटल में सिर्फ भारतीय और अमेरिकी पासपोर्ट धारकों को ठहरने की अनुमति दी गई. कैसर ने पाकिस्तान सरकार से UAE के सामने यह मुद्दा उठाने की मांग की है.
3 बच्चों की मां को मिला 6 बच्चों के पिता का साथ,एक ही घर में रहेंगे 11 लोग
मुरादाबाद के रानीनागल गांव में तीन बच्चों की मां तबस्सुम ने छह बच्चों के पिता मोहम्मद उमर के साथ नई जिंदगी शुरू की है. तबस्सुम के पति की करीब पांच साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जबकि उमर की पहली पत्नी दूसरी शादी कर चुकी हैं. दोनों की मुलाकात के बाद रिश्ता आगे बढ़ा और निकाह किया.
कारगिल के द्रास इलाके में एक चेकपोस्ट पर टूरिस्ट और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला टूरिस्ट कई घंटे तक रोके जाने से नाराज नजर आती है और इसी दौरान वह बार-बार कहती सुनाई देती है—“We are Gen ...
वंदे मातरम विवाद: 'कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति', गृह मंत्री शाह का कांग्रेस पर बड़ा हमला; VHP ने क्या कहा?
जौहर यूनिवर्सिटी में ED की बड़ी कार्रवाई,10 ठिकानों पर करीब 13 घंटे तक छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर लगभग 13 घंटे तक छापेमारी की. सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई सरकारी ठेकों के फंड को ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर किए जाने की जांच के सिलसिले में की गई है.
1971 का ये गाना आज भी भाई-बहन के रिश्ते की पहचान है. लेकिन इसकी सबसे दिलचस्प बात शायद कम लोग जानते हैं, जहां एक ही किरदार के लिए लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज चुनी गई थी.
सिर्फ 1 गिलास दूध से बनाएं हलवाई वाली मिल्क कोकोनट बर्फी
Coconut Burfi: अगर आप भी सावन और जन्माष्टमी व्रत के लिए मिठाई बनाना चाहते हैं तो यहां हम आपको नारियल की बर्फी की आसान रेसिपी बता रहे हैं. इसे बनाना आसान है और ये खाने में बहुत टेस्टी लगती है.
छात्रों के गुस्से से हिली बिहार सरकार! TRE-4 पर बुलाई बड़ी बैठक
बिहार में BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी है. गर्दनीबाग में डटे अभ्यर्थी एकल परीक्षा और नेगेटिव मार्किंग हटाने की मांग कर रहे हैं. इस बीच सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग और आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक बुलाई है. बैठक में सीटों की संख्या बढ़ाने और अन्य मांगों पर चर्चा होगी.
RAC टिकट WL में बदला, यात्री ने 14 साल लड़ा केस, अब मिलेगा मुआवजा
ट्रेन यात्रा से ठीक पहले रेलवे की वजह से टिकट का स्टेटस बदल जाए और यात्री को इसकी जानकारी समय पर न मिले, तो इसे सेवा में कमी माना जा सकता है. दिल्ली राज्य उपभोक्ता आयोग ने एक पुराने मामले में रेलवे को यात्री को मुआवजा देने का आदेश बरकरार रखा है. यात्री का RAC-43 टिकट यात्रा के दिन WL-44 हो गया था. रेलवे ने बताया कि कोच हटने के कारण ऐसा हुआ. सूचना न मिलने से यात्री को पूरी यात्रा खड़े होकर करनी पड़ी.
Pital ki Moortiyon ko Kaise Saaf Karen: जन्माष्टमी पर हर कोई अपने मंदिर की सफाई करता है. आप घर पर दही और अमचूर से आसान उबटन तैयार कर लड्डू गोपाल की मूर्ति साफ कर सकते हैं. हल्के हाथों से सफाई के बाद गंगाजल मिले पानी से स्नान कराएं.
क्या BJP ने लिया यू-टर्न, 'जाति' के सवाल पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला करते हुए आरोप लगाया है कि वह OBC आबादी की संख्या को कम करके दिखाने की कोशिश कर रही है. पार्टी, 2011 की जाति आधारित जनगणना की वैधता पर NDA सरकार के ही तर्क का इस्तेमाल करके उसे घेरने की कोशिश कर रही है.
Portugal enacted Burqa Law: पुर्तगाल के राष्ट्रपति अंतोनियो जोसे सेगुरो ने कानून मुहर लगाया. उन्होंने कहा कि चेहरे को इंसान की पहचान और एक-दूसरे से बातचीत का एक अहम हिस्सा माना जाना चाहिए.
कानपुर में भाजपा नेताओं की भिड़ंत, जमकर चले लात-घूंसे!
कानपुर के भाजपा कार्यालय में प्रदेश महामंत्री शंकर लाल लोधी के स्वागत समारोह के दौरान मंच पर बैठने को लेकर दो पदाधिकारियों में विवाद हो गया. कहासुनी के बाद दोनों के बीच मारपीट हुई और कपड़े तक फट गए. कार्यालय से बाहर भेजे जाने के बाद भी झड़प जारी रही, जिसमें एक पदाधिकारी के कान में चोट लगी. मामले को गंभीर मानते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है.
नीतीश कुमार से जब मिले JDU विधायक अनंत सिंह, VIDEO
बिहार के मोकामा से जेडीयू के विधायक अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है. पूर्व सीएम खुद अनंत सिंह को छोड़ने अपने घर से बाहर तक आए.
दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर सुरक्षा घेरा हटाया गया, JCB से हटाए गए बैरिकेड्स और ढांचे
नई दिल्ली: दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर गुरुवार को अधिकारियों ने बाहरी सुरक्षा घेरा और कुछ अन्य ढांचों को हटा दिया। कार्रवाई के दौरान JCB मशीन का इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों के अनुसार, हटाए गए ढांचे और बैरिकेड्स मिशन की स्वीकृत सीमा से बाहर थे। कार्रवाई में पाकिस्तान हाई कमीशन के […]
बिहार के गोपालगंज में घूसखोर पुलिसकर्मियों पर जिले के एसपी ने गिराई गाज. एक महिला से दलाल के माध्यम से पुलिसवाले मांग रहे थे रिश्वत.
Thalapathy Vijay और Amit Shah को मुलाकात Viral, बैठक में Kaveri Jal Vivad पर चर्चा? Tamil Nadu |Meeting
क्या बेटी पिता को राखी बांध सकती है? राखी बांधने की सही विधि क्या है? राखी को कलाई पर कब तक बांधें रखें और बाद में क्या करें? आइए ज्योतिषाचार्य डॉक्टर गौरव कुमार दीक्षित से जानते हैं इन सवालों का जवाब-
Assam Police ने 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोका, CM Himanta Biswa Sarma ने दी जानकारी
असम पुलिस ने बृहस्पतिवार को 17 कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घुसपैठियों से निपटने का एक ही तरीका है कि उन्हें वापस भेज दिया जाए। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, कागज नहीं, तो प्रवेश नहीं! असम पुलिस की सतर्कता और सक्रियता की वजह से बृहस्पतिवार तड़के 17 घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि वैध तरीके से आने वाले लोगों के लिए राज्य के दरवाजे खुले हैं जबकि अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को वापस भेजा जाएगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि इन लोगों को किस क्षेत्र में रोककर वापस भेजा गया। असम के श्रीभूमि में एकीकृत जांच चौकी और मानकाचर में भूमि सीमा शुल्क केंद्र है। शर्मा पहले भी कह चुके हैं कि राज्य सरकार घुसपैठ मुक्त असम के लिए प्रतिबद्ध है। पड़ोसी देश में पिछले साल अशांति शुरू होने के बाद से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूर्वोत्तर में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। एक अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर पूरी तरह सतर्क है, ताकि कोई व्यक्ति अवैध रूप से राज्य में प्रवेश न कर सके और बिना वैध दस्तावेजों के पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को वापस भेजा जा सके।
Bhubaneswar में चालकों के प्रदर्शन में उपद्रव पर Odisha Police का एक्शन, 113 गिरफ्तार
ओडिशा पुलिस ने भुवनेश्वर में ऐप आधारित कैब एवं ऑटो-रिक्शा चालकों तथा मोटरसाइकिल सवारों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में अब तक 113 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय के एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 113 लोगों को अदालत में पेश किया गया है, जबकि हिरासत में लिए गए 60 अन्य लोगों को अच्छे आचरण के मुचलके पर रिहा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर 354 वाहनों को भी जब्त किया गया है। अधिकारी ने कहा कि हिंसा के सिलसिले में अब तक खारवेल नगर थाने में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वाहन बुक करने से जुड़े विभिन्न ऑनलाइन मंचों पर पंजीकृत कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों ने किराया बढ़ाने, एप्लिकेशन शुल्क में कटौती, सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभों सहित अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर 17 अगस्त से काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इन कैब चालकों और मोटरसाइकिल सवारों में से सैकड़ों लोगों ने बुधवार को राजमहल चौक से एक रैली निकाली और महात्मा गांधी मार्ग पर अपने वाहन खड़े कर दिए। इससे सड़क पर जाम लग गया और मास्टर कैंटीन तथा रेलवे स्टेशन इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की तो उन्होंने कथित तौर पर हिंसक रुख अपना लिया और अचानक पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिस वाहनों और कई बसों में भी कथित तौर पर तोड़फोड़ की। भुवनेश्वर-कटक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नरसिंह भोल ने बताया कि झड़प में कैपिटल थाने के प्रभारी निरीक्षक समेत कम से कम 13 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस बीच, राज्य परिवहन प्राधिकरण ने मुख्य सड़क को बाधित करने के लिए इस्तेमाल किए गए ऑटो-रिक्शा के परमिट निलंबित करने और रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में भुवनेश्वर-1 के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने संबंधित सभी पंजीकृत वाहन के मालिकों और परमिट धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में वाहन मालिकों से यह जानकारी देने को कहा गया है कि घटना के समय वाहन कौन चला रहा था और क्या उसका इस्तेमाल मालिक की अनुमति, निर्देश या जानकारी में किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस पाने वाले वाहन मालिकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ लिखित जवाब दाखिल करने और निर्धारित तारीख एवं समय पर व्यक्तिगत सुनवाई के लिए आरटीओ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय के भीतर जवाब नहीं मिलने या संबंधित व्यक्ति के सुनवाई में उपस्थित नहीं होने पर परिवहन अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उसका परमिट रद्द करने या निलंबित करने के संबंध में एकतरफा निर्णय ले सकते हैं। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि उसकी यह कार्रवाई घटना के संबंध में चल रही किसी अन्य आपराधिक या कानूनी कार्यवाही को प्रभावित नहीं करेगी।
शरीर में क्या लगाने से मच्छर नहीं काटते हैं? कौन सी गंध मच्छरों को दूर रखती है
World Mosquito Day 2026: वर्ल्ड मॉस्किटो डे पर जानिए तुरंत मच्छर भगाने के लिए क्या करें या क्या लगाने से मच्छर नहीं कटेगा. बारिश के मौसम में बहुत ज्यादा मच्छर हो गए हैं. चलिए जानते हैं कि मच्छर भगाने की दवा आप कैसे तैयार कर सकते हैं.
BJP
दाहोद के सरकारी स्कूलों के क्या हैं असल हालात, देखें गुजरात आजतक
देशभर में जेन और अल्फा स्कूलों की बदहाली को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इस बीच गुजरात के सरकारी स्कूलों के क्या है जमीनी हालात. ये जानने आजतक की टीम दाहोद के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी स्कूलों का जायजा लिया. गुजरात आजतक के इस बुलेटिन में आपको दिखाएंगे सूबे से जुड़ी तमाम खबरें, लेकिन सबसे पहले हेडलाइंस.
1 लाख रुपये जीतने का मौका! MP के 102 छात्रों को मिलेगी भगवान श्रीकृष्ण स्कॉलरशिप
क्या आप भी 1 लाख रुपये की स्कॉलरशिप पाना चाहते हैं? भगवान श्रीकृष्ण मेधावी स्टूडेंट स्कॉलरशिप में 102 स्टूडेंट्स को बड़ा इनाम मिलेगा. जानिए कौन आवेदन कर सकता है और फॉर्म भरने का तरीका क्या है.
Kangana Ranaut on Baba Ramdev: कंगना ने भड़क कर नीले ड्रम की फोटो क्यों डाल दी?
बाबा रामदेव को कंगना रनौत ने खरी-खरी सुनाई जिसके बाद उनका बयान खूब वायरल हो रहा है लेकिन इसी बीच उन्होंने नीले ड्रम की फोटो भी शेयर कर दी। आखिर क्यों जानिए
'कांग्रेस ने वंदे मातरम के दो टुकड़े किए'... अमित शाह बोले- 1937 में एक फैसले से बना पाकिस्तान
गृह मंत्री ने कहा कि वह पूरे देश को याद कराना चाहते हैं कि 1937 में कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम एपिसमेंट के लिए वंदे मातरम के दो टुकड़े करके देश के विभाजन की नींव डाली थी.
साउथ कोरिया के साथ खेला, किम को 'दोस्त' बनाकर क्या हासिल करना चाहते हैं ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच एक बार फिर नजदीकी की चर्चा है. ट्रंप ने किम से दोबारा मुलाकात के संकेत दिए हैं और दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिकी सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया है. ऐसे में सवाल है कि ट्रंप की इस रणनीति से अमेरिका को क्या फायदा होगा और सियोल पर इसका क्या असर पड़ेगा?
वंदे मातरम पूरा गाने से कांग्रेस को क्यों है परहेज, क्या है 1937 का प्रस्ताव?
Congress on Vande Mataram: 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के एक वीडियो में सोनिया गांधी राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण बजने के दौरान एक कार्यकर्ता से बातचीत करती दिखी थीं।
बर्थडे पार्टी से लौट रहे युवक की गोली मारकर हत्या, दोस्त घायल
लुधियाना में दोस्त की बर्थडे पार्टी से लौट रहे युवक की हत्या कर दी गई. वहीं उसका दोस्त घायल हो गया. कार में आए हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी थी. इस दौरान एक गोली युवक की गर्दन में लगी, जिसके बाद वह सड़क पर गिर पड़ा और मौत हो गई. वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गए.
मिर्जापुर मूवी 4 सितंबर को रिलीज होने जा रही है. सीरीज की गोलू गुप्ता मूवी में भी नजर आएंगी. गोलू ने खुद ही बताया कि कैसे उन्हें इसके लिए गालियों से लेकर गोलियों तक में हाथ साफ करना पड़ा.
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को लेकर छिड़ा सियासी घमासान अब और तीव्र हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकारी आयोजनों और पार्टी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण न गाने के कांग्रेस के फैसले पर करारा हमला बोला है। गृह मंत्री ने कांग्रेस पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के खातिर भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों और राष्ट्रभक्तों के बलिदान का अपमान कर रही है। शाह ने कहा कि 1937 में कांग्रेस ने मुसलमानों को खुश करने के लिए 'वंदे मातरम' को दो हिस्सों में बांट दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी से भारत के बंटवारे की नींव पड़ी। इसे भी पढ़ें: India vs Sri Lanka Galle Test | गाले टेस्ट में मानव सुथार का जलवा... 10 विकेट चटकाकर भारत को याद दिलाई 'क्लासिकल' स्पिन की असली कला शाह ने कहा, मैं पूरे देश को याद दिलाना चाहता हूं कि 1937 में मुसलमानों को खुश करने के लिए 'वंदे मातरम' को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। इससे देश के बंटवारे की नींव पड़ी और 'दो-राष्ट्र सिद्धांत' को मज़बूती मिली, जिसके कारण आखिरकार देश का बंटवारा हुआ और पाकिस्तान बना। शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ पर पूरा गीत गाकर और राष्ट्रीय एकता को मज़बूत करके उस ऐतिहासिक गलती को सुधारने की कोशिश की है। विवाद की पृष्ठभूमि और सियासी जंग यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मैराथन बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस अपने मंचों पर केवल 'वंदे मातरम' के शुरुआती दो पद (stanzas) ही गाएगी। केंद्र सरकार द्वारा पूरे गीत को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले को कांग्रेस ने राजनीतिक एजेंडा करार दिया है। इसे भी पढ़ें: तुर्किए सेना के निकलते ही इजरायली जेट्स से हिला सीरिया, इस NATO देश संग जंग को क्यों उतावले हो रहे नेतन्याहू? भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस के इस कदम को सीधे तौर पर स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से खिलवाड़ और तुष्टिकरण का चरम रूप बताया है। अमित शाह से पहले बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी कांग्रेस को नई मुस्लिम लीग की संज्ञा दी थी। दूसरी ओर, कांग्रेस अपने इस रुख पर अडिग है कि वह राष्ट्रीय गीत के शुरुआती दो पदों को ही गाती रहेगी, जिसे 1937 में कांग्रेस अधिवेशन के दौरान अपनाया गया था। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
इस पूरे मामले में ED को कथित हवाला लेनदेन से जुड़े सबूत भी मिलने की बात कही गई है. तलाशी के दौरान कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए
झूठी निकली बाथरूम में गिरने की कहानी, ये था कत्ल, सास समेत 5 गिरफ्तार
मुंबई के घाटकोपर में 35 वर्षीय सपना घांजी की संदिग्ध मौत का खुलासा आखिरकार पुलिस ने कर दिया है. इस मामले में बहू की हत्या की साजिश रचने और 3 लाख रुपये की सुपारी देने का इल्जाम सास पर लगा है. पढ़ें इस पूरी खूनी साजिश की कहानी.
शहजाद पूनावाला राहुल गांधी के PM बनने की बात पर क्या बोले, बताया मकसद
शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। खास बात है कि पूनावाल लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता रहे हैं, लेकिन हाल ही में उन्होंने आर्थिक और व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था।
पटना के गर्दनीबाग का नाम कैसे पड़ा? जहां BPSC के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं बिहार के छात्र
Patna Gardani Bagh Name History: BPSC TRE-4 परीक्षा में बदलाव की मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का धरना जारी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस इलाके का नाम गर्दनीबाग कैसे पड़ा. जानिए इसके खौफनाक इतिहास और आज के हालात की पूरी कहानी.
रणदीप हुड्डा के बर्थडे पर लिन लैशराम ने लुटाया प्यार, बोलीं- आपकी मासूमियत हमेशा बनी रहे
अभिनेता रणदीप हुड्डा गुरुवार को 50वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 20 साल से ज्यादा लंबे फिल्मी सफर में रणदीप ने कई तरह के किरदार निभाए हैं
अमिताभ बच्चन का 75% लिवर हेपेटाइटिस-B से डैमेज हो चुका है, फिर भी 83 की उम्र में फिट हैं. जानिए लिवर मरीजों के लिए कौन-सी एक्सरसाइज सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती है.
ऐसा पहली बार? 5-5 विकेट लेकर आधी-आधी काट ली मैच की गेंद
लीड्स टेस्ट के पहले दिन पाकिस्तान को 171 रनों पर समेटने में ओली रॉबिन्सन और जोश टंग ने 5-5 विकेट लेकर खास कमाल किया. दोनों ने इस यादगार प्रदर्शन की निशानी के तौर पर मैच की गेंद को आधा-आधा बांटने का फैसला किया.
कांग्रेस ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो छंद ही गाए जाएंगे. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् के सभी 6 अंतरे को अनिवार्य किया है.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के इन तीन कॉलेजों में भी अब सीधे 12वीं के नंबरों से एडमिशन, ये हैं कोर्स
DU के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला CUET स्कोर के आधार पर दिया जाता है. यूनिवर्सिटी के कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए सीट अलॉटमेंट होता है. लेकिन DU के कई ऐसे कॉलेज हैं, जहां पर सीटें खाली रह गई हैं.
'कांग्रेस ने वंदे मातरम् के दो टुकड़े किए', बोले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के वंदे मातरम् के दो छंद गाने पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही विभाजन की नींव डाली. कांग्रेस ने दो छंद गाने का फैसला लेकर देश विरोधी फैसला लिया है.
हमें चाइनीज मत बोलो, हम इंडियन हैं… अरुणाचल की बच्ची का ये वीडियो वायरल
अरुणाचल प्रदेश की एक छोटी बच्ची का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में जब उससे पूछा गया कि क्या वह चीनी है, तो बच्ची ने बेहद मासूम लेकिन आत्मविश्वास भरे अंदाज में कहा कि वह भारतीय है और उसे ‘इंडियन’ कहा जाए.
थाने जाने की जरूरत नहीं! घर बैठे मिनटों में ऐसे करें ऑनलाइन FIR
UP में FIR घर बैठे ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है. वेबसाइट के अलावा UPCOP ऐप से भी आसानी से शिकायत कर सकते हैं. जानिए E-FIR दर्ज करने का पूरा तरीका.
जादवपुर यूनिवर्सिटी में SFI-ABVP समर्थकों के बीच झड़प से बढ़ा तनाव, कई घायल
कोलकाता की जादवपुर यूनिवर्सिटी में SFI और ABVP समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद तनाव फैल गया है. घटना में दोनों पक्षों के समर्थकों के घायल होने की खबर है. घायलों का जादवपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.
LIVE: रेस केस में बॉम्बे HC के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे तरुण तेजपाल
दिल्ली एनसीआर में एक हफ्ते तक सूखे के बाद बारिश लौट आई है. अगले चार दिनों तक दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम के इलाकों में बारिश होती रहेगी.

34 C
