कोर्ट के बाहर पुलिस, राष्ट्रपति की अचानक वापसी, पोलैंड में आधी रात मचा बवाल
न्यायपालिका के नियंत्रण को लेकर पोलैंड में सरकार-विपक्ष के बीच विवाद बढ़ गया है. न्याय मंत्री वाल्डेमार जुरेक ने संवैधानिक अदालत के प्रमुख जज बार्तोमिएज स्विएचकोव्स्की और उपाध्यक्ष की कानूनी सुरक्षा खत्म कर उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की है. इसके बाद अदालत के बाहर प्रदर्शन हुए और पुलिस तैनात करनी पड़ी.
सरदार पटेल की जयंती पर दिल्ली में 'रन फॉर यूनिटी', अमित शाह हुए शामिल
सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर देशभर में एकता दिवस मनाया जा रहा है. इसी उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली सहित देश के कई अलग-अलग हिस्सों में 'रन फॉर यूनिटी' का भव्य आयोजन किया गया है. दिल्ली में आयोजित इस खास कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सांसद बांसुरी स्वराज और रेखा गुप्ता समेत भारतीय जनता पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत में सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इसके बाद रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.
सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स, फिर भी पत्नी को नहीं जिता पाए पवन साहू
राजस्थान के भीलवाड़ा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पवन साहू की लोकप्रियता सरपंच चुनाव में काम नहीं आई. यूट्यूब पर 2.77 करोड़ फॉलोअर्स वाले पवन ने अपनी पत्नी कोमल साहू को फूलिया खुर्द ग्राम पंचायत से चुनाव लड़वाया था. लेकिन कोमल को सिर्फ 277 वोट मिले और वह तीसरे नंबर पर रहीं. चुनाव में भगवती लाल सोनी ने 1,203 वोट हासिल कर जीत दर्ज की.
चार लिफ्ट होने के बाद भी सीढ़ियों से ईंटें ढोते रहा मजदूर? वीडियो वायरल
एक वायरल वीडियो में निर्माण मजदूर कंधे पर भारी ईंटें रखकर 21वीं मंजिल तक ले जाता दिखाई दे रहा है. हैरानी की बात है कि बिल्डिंग में चार लिफ्ट मौजूद होने के बावजूद उसे सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा. इस घटना ने बड़ी हाउसिंग सोसायटियों में मजदूरों के साथ होने वाले व्यवहार, लिफ्ट इस्तेमाल करने के नियमों और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दुनिया के टॉप 100 म्यूजियम में बिहार म्यूजियम को मिला 9वां स्थान, न्यूयॉर्क-पेरिस को भी पछाड़ा!
पटना के 'बिहार म्यूजियम' ने इतिहास रच दिया है. जर्मनी के प्रतिष्ठित ट्रैवल गाइड की 2026 की सूची में इसे दुनिया का 9वां सबसे बेहतरीन म्यूजियम चुना गया है. जानिए इसकी अनोखी कलाकृतियों की पूरी कहानी.
'ऐसे मामलों की पहचान करें, जिन्हें वापस लिया जा सकता है'; मंत्रालयों को सरकार का निर्देश
कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने मंत्रालयों और विभागों को ऐसे मामलों की पहचान कर उन्हें वापस लेने का निर्देश दिया है।
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है. 508 किलोमीटर की इस परियोजना में पहले सब स्टेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है.
मशहूर एस्ट्रोलॉजर अरुण पंडित ने बताया है कि घर में घड़ी किस दिशा में लगानी चाहिए और किन जगहों पर घड़ी लगाने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं-
महंगा फेशियल छोड़ें, त्योहारों पर बेसन में मिलाकर लगाएं शहद और हल्दी
How to get Instant Glow: अगर आप भी त्योहारों के दौरान सबसे सुंदर दिखना चाहती हैं तो पार्लर के महंगे फेशियल पर पैसे खर्च न करें. यहां हम आपको घर पर ही गोल्डन ग्लो पाने का आसान तरीका बता रहे हैं.
मद्रास उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि किसी मौजूदा न्यायाधीश के खिलाफ अपमानजनक या जाति-आधारित भाषा का प्रयोग अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है।
इंदिरा गांधी की गोद में राहुल, बगल में बैठीं छोटी सी प्रियंका; पुण्य तिथि पर यूं किया याद
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका गांधी ने शक्ति स्थल पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने उनके साथ बचपन की तस्वीर भी शेयर की।
पोलैंड की अदालत के आधिकारिक 'X' (सोशल मीडिया) अकाउंट पर चीफ जस्टिस के निलंबन को तख्तापलट बताया गया है. कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार की निंदा करते हुए टस्क गद्दार है के नारे लगाए.
गौरव खन्ना और श्रद्धा आर्या को बालाजी टेलीफिल्म्स के ऑफिस पहुंचते दिखाने वाले टीजर के बाद, स्टार प्लस ने अब उनके मोस्ट अवेटेड शो के नाम से भी पर्दा उठा दिया है. इस रोमांटिक पारिवारिक ड्रामा को एकता कपूर की बालाजी टेलीफिल्म्स प्रोड्यूस कर रही है.
Trump का ईरान पर बड़ा बयान, जंग रोकने की कोई जल्दी नहीं!
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की उन्हें कोई जल्दी नहीं है. ट्रंप ने इसे साधारण युद्ध से अलग बताते हुए कहा कि समय अमेरिका के पक्ष में है. उन्होंने दावा किया कि ईरान बातचीत जारी रखना चाहता है, लेकिन अपने सैनिकों और पुलिस को वेतन देने में भी मुश्किल झेल रहा है. हालांकि, ट्रंप ने इन दावों के समर्थन में कोई आंकड़े नहीं दिए.
जयशंकर ने इंटरनेशनल मंच पर तेल साजिश का सवाल उठा दिया, कहा- कुछ तो करना होगा
जयशंकर ने कहा कि दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, लेकिन यह संकट उत्पादन की कमी का नहीं बल्कि अनिश्चितता और आपूर्ति में बाधा का है.
इंडिया गठबंधन के सांसदों ने फिर से राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. सूत्रों के मुताबिक दीवाली के बाद INDIA अलायंस के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात करके ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सबूत देने की तैयारी में हैं.
दिल्ली-NCR में मकान बनाने से पहले ध्यान दें, 1 नवंबर तक इन कामों पर लग गई है रोक, 3 महीने की सख्ती
दिल्ली में 1 नवंबर से सर्दियों वाला सख्त प्रदूषण प्लान लागू होने जा रहा है. अब BS-VI से नीचे के बाहरी वाहन राजधानी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. निर्माण कार्यों पर रोक, पार्किंग शुल्क दोगुना और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं भी लागू होंगी. इन फैसलों का असर लाखों वाहन मालिकों, कर्मचारियों और कारोबारियों पर पड़ने वाला है.
यहूदी धर्मगुरू ने किया हिंदुओं का अपमान, इजरायली दूत ने मांगी माफी, बोले- मुझे घिन आ रही है
हिंदू धर्म और भारतीयों पर विवादित टिप्पणी करने वाले रब्बी योसी मिजराही पर इजरायल ने कड़ा रुख अपनाया है। महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी बातों से घिन आती है। उन्होंने भारत और हिंदुओं से माफी भी मांगी।
बिग बॉस 20 के इस वीकेंड का वार में सलमान खान की वापसी के साथ स्काउट ओपी और लव गिल की नजदीकियों को लेकर बहस का एक नया चैप्टर खुल गया है. नए प्रोमो में सलमान ने स्काउट की लॉयल्टी और उनके रिश्ते के दोहरे चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं,
जीत के जश्न में UAE से हार भूले शहबाज, पूर्व क्रिकेटर ने फैक्ट चेक कर दिया
भारत के खिलाफ जीत पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने किया ट्वीट. लेकिन ट्वीट में ऐसी चूक हुई कि पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने UAE के खिलाफ मिली हार याद दिला दी.
दोस्त बना 'कातिल': रायबरेली में 14 दिन बाद मिली लापता किशोरी की लाश
रायबरेली के लालगंज क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी की निर्मम हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 14 दिन से लापता किशोरी का सड़ा-गला शव आधुनिक रेल डिब्बा कारखाना के पास सूखी नहर की झाड़ियों से बरामद हुआ. पुलिस ने मुख्य आरोपी रौनक यादव को गिरफ्तार कर लिया है.
डॉक्टर बनने का आखिरी मौका, 2 हजार MBBS सीटों को भरने के लिए स्पेशल काउंसलिंग का ऐलान
NEET UG Special Stray Vacancy Round: स्पेशल राउंड उन योग्य नीट-यूजी उम्मीदवारों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित होगा जो काउंसलिंग के पिछले दौर में सीटें मिलने से चूक गए थे और एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहते हैं.
New Delhi-Varanasi Vande Bharat Sleeper Train Launch LIVE, Route, Stops, Timings, Fare and Facilities Updates: दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज बनारस से लॉन्च होगी. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस उद्घाटन समारोह में उपस्थित होंगे.
दुनिया भर से पढ़ाई, रोजगार और स्थायी निवास (PR) के सपने लेकर कनाडा जाने वाले लाखों छात्रों और विदेशियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। कनाडा सरकार (Canadian Government) ने इमिग्रेशन और नागरिकता के नाम पर भोले-भाले आवेदकों के साथ धोखाधड़ी करने वाले फर्जी एजेंटों, वकीलों और सलाहकारों के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अक्सर यह देखा जाता था कि मासूम लोगों को सुनहरे भविष्य का झांसा देकर कुछ गैर-कानूनी और फर्जी कंसल्टेंट्स मोटी रकम ऐंठ लेते थे और उनकी जिंदगी दांव पर लगा देते थे। इस तरह के अवैध धंधों पर लगाम कसने के लिए कनाडा के इमिग्रेशन विभाग ने कड़े प्रशासनिक और वित्तीय दंड के नए नियमों को लागू कर दिया है। यदि अब कोई भी कंसलटेंट या प्रतिनिधि इमिग्रेशन नियमों के तहत धोखाधड़ी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर 1.5 मिलियन कनाडाई डॉलर (यानी करीब 15 लाख डॉलर) तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कनाडा सरकार के इन नए नियमों की मुख्य बातें क्या हैं और इससे विदेशी नागरिकों व भारतीय छात्रों को किस तरह की सुरक्षा मिलने जा रही है।28 अक्टूबर से लागू हो गए हैं नए कड़े नियम, IRCC ने जारी की चेतावनीकनाडा के आधिकारिक इमिग्रेशन विभाग 'इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा' (IRCC) की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति के मुताबिक, ये नए और सख्त प्रशासनिक मौद्रिक दंड (Administrative Monetary Penalties) गत 28 अक्टूबर से आधिकारिक तौर पर पूरे देश में लागू कर दिए गए हैं। सरकार का यह कदम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि कनाडा की आव्रजन प्रणाली में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, शोषण और नियमों की अनदेखी के लिए कोई जगह न बचे।इन नए नियमों के दायरे में केवल फर्जी एजेंट ही नहीं, बल्कि लाइसेंस प्राप्त इमिग्रेशन सलाहकार, कानूनी वकील और अन्य अधिकृत प्रतिनिधि भी पूरी तरह से शामिल किए गए हैं। इसके अलावा, उन लोगों पर भी शिकंजा कसा गया है जो बिना किसी आधिकारिक अनुमति या लाइसेंस के अवैध रूप से पैसे लेकर लोगों को इमिग्रेशन या नागरिकता से जुड़ी सलाह देते हैं या उनका प्रतिनिधित्व करते हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति सिस्टम के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा और उसे भारी-भरकम वित्तीय दंड का सामना करना पड़ेगा।नियमों के उल्लंघन पर किस तरह तय किया गया है जुर्माने का प्रावधानकनाडा सरकार द्वारा तय किए गए इन नए प्रावधानों के तहत जुर्माने की राशि अपराध की गंभीरता और उसके स्वरूप के आधार पर अलग-अलग तय की गई है:बिना अनुमति के सलाह देना: यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के पैसे लेकर इमिग्रेशन या वीजा से जुड़ी सलाह देती है या आवेदकों का प्रतिनिधित्व करती है, तो उस पर 5,000 कनाडाई डॉलर (C$) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।भ्रामक या झूठी जानकारी देना: जो लोग जानबूझकर किसी आवेदक की ओर से कनाडा सरकार के समक्ष कोई गलत, झूठी या भ्रामक जानकारी पेश करते हैं, या ऐसी दस्तावेज तैयार करने में आवेदक की मदद करते हैं, उन्हें 15,000 कनाडाई डॉलर (C$) तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।मंजूरी मिलने पर अतिरिक्त दंड: यदि कोई वीजा या आवेदन किसी गलत या फर्जी जानकारी के आधार पर धोखे से मंजूर भी हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में सरकार की तरफ से अतिरिक्त और कड़ा जुर्माना वसूला जा सकता है।बार-बार गलती करने पर बड़ा शिकंजा: यदि कोई व्यक्ति या सलाहकार बार-बार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके सभी उल्लंघनों को मिलाकर कुल जुर्माना राशि बढ़ाकर 1.5 मिलियन कनाडाई डॉलर (C$) तक पहुंच सकती है।धोखाधड़ी करने वाले सलाहकारों के नाम होंगे सार्वजनिक, बनेगी ऑनलाइन रजिस्ट्रीइस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए IRCC ने एक और बहुत बड़ा ऐलान किया है। विभाग ने कहा है कि नए नियमों के तहत जिन-जिन सलाहकारों, वकीलों या एजेंटों को दंडित किया जाएगा, उनके नाम और उनके द्वारा किए गए उल्लंघनों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा।सरकार की इस योजना के तहत साल 2027 में एक विशेष ऑनलाइन पब्लिक रजिस्ट्री (Public Registry) शुरू की जाएगी, जिसका पहला जुर्माना लगने के बाद आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया जाएगा। इस ऑनलाइन रजिस्ट्री का सबसे बड़ा फायदा उन विदेशी नागरिकों और छात्रों को मिलेगा जो कनाडा में बसने या पढ़ाई के लिए आवेदन करना चाहते हैं। किसी भी प्रतिनिधि को अपनी फाइल सौंपने और उसे अपनी मेहनत की कमाई देने से पहले आवेदक इस रजिस्ट्री पर जाकर आसानी से यह जांच सकेंगे कि कहीं उस एजेंट या कंसलटेंट ने पहले कभी नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया है या उस पर कोई धोखाधड़ी का मामला दर्ज तो नहीं है।आवेदकों के लिए कनाडा सरकार की अहम सलाह: सावधानी ही बचाव हैफर्जी एजेंटों के जाल से विदेशियों और छात्रों को बचाने के लिए कनाडाई प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। सरकार ने स्पष्ट रूप से अपील की है कि जो भी व्यक्ति कनाडा के लिए वीजा, वर्क परमिट, स्टडी वीजा या नागरिकता के लिए आवेदन करना चाहता है, वह किसी भी प्रतिनिधि को काम पर रखने या उसे पैसे देने से पहले यह अच्छी तरह जांच ले कि वह व्यक्ति या एजेंसी वास्तव में अधिकृत (Authorized) है या नहीं।आवेदक इस बात की पुष्टि करने के लिए IRCC के आधिकारिक दिशा-निर्देशों और वेबसाइट की मदद ले सकते हैं। कनाडा सरकार के इस ऐतिहासिक और कड़े कदम से न केवल देश की इमिग्रेशन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी, बल्कि उन हजारों-लाखों मासूम छात्रों और प्रोफेशनल्स का शोषण भी रुकेगा जो हर साल अपने उज्जवल भविष्य की उम्मीद लेकर कनाडा की ओर रुख करते हैं।
सरकारी नौकरी के साथ मिलेगी 14.09 लाख CTC, आवेदन शुरू
IBPS ने सर्वर एडमिनिस्ट्रेटर ग्रेड डी, असिस्टेंट ग्रेड बी और प्रोग्रामिंग असिस्टेंट ग्रेड बी पोस्ट के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इच्छुक उम्मीदवार इन पदों पर 12 नवंबर, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. लेकिन इससे पहले चलिए जान लेते हैं कि इन पदों पर आवेदन करने की क्या योग्यता होनी चाहिए और चयनित उम्मीदवारों को हर महीने कितनी सैलरी मिलेगी?
पढ़ें 31 अक्टूबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
भारत ने G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में ऊर्जा संकट और तेल आपूर्ति में आ रही रुकावटों को लेकर कड़ा रुख अपनाया. विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रतिबंधों और समुद्री रास्तों पर बाधाओं की आलोचना करते हुए वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता और सुरक्षा पर जोर दिया.
कहीं आगजनी तो कहीं पुलिस से झड़प, अब इटली में सड़कों पर प्रदर्शन
ज्यादा वेतन, बेहतर सरकारी सेवाओं और महंगाई से राहत की मांग को लेकर इटली में हजारों लोग सड़कों पर उतर आएं है. प्रदर्शनकारियों ने सैन्य खर्च बढ़ाने का भी विरोध किया. मिलान में प्रदर्शन के दौरान कुछ सामान में आग लगाई गई, जबकि तूरिन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई.
बाढ़ के बीच Odisha Civil Service मुख्य परीक्षा तय समय पर, परीक्षार्थियों को मुफ्त परिवहन देगी सरकार
ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुई भारी बारिश से आई बाढ़ के बावजूद ओडिशा सिविल सेवा (ओसीएस) की मुख्य परीक्षा स्थगित नहीं की जाएगी और राज्य सरकार प्रभावित इलाकों के अभ्यर्थियों के लिए परिवहन की व्यवस्था करेगी। कांग्रेस ने चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए दक्षिणी जिलों में 31 अक्टूबर से सात नवंबर तक निर्धारित इस परीक्षा को स्थगित करने की मांग की थी। इस मांग को खारिज करते हुए पुजारी ने शुक्रवार को कहा, ‘‘यदि ओडिशा लोक सेवा आयोग (ओपीएससी) की ओर से आयोजित ओसीएस परीक्षा स्थगित की जाती है, तो इसे दोबारा आयोजित करने में कम से कम छह महीने का समय लगेगा। जो अभ्यर्थी पहले ही परीक्षा की तैयारी कर चुके हैं, उन्हें इससे निराशा होगी।”मंत्री ने कहा, ‘‘हमने पाया है कि गंजाम जिले के 325 और गजपति जिले के करीब 100 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है इसलिए हमने बाढ़ या बारिश से प्रभावित जिलों के सभी प्रखंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को निर्देश दिया है कि वे अभ्यर्थियों के घर से परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए निर्बाध और निशुल्क परिवहन सुनिश्चित करें।”इस बीच, विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजद) ने सरकार के इस फैसले को “अन्यायपूर्ण” और “अमानवीय” करार दिया। बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने कहा कि बाढ़ के कारण सैकड़ों अभ्यर्थियों के फंसे होने के बावजूद ओसीएस की मुख्य परीक्षा आयोजित करने का राज्य सरकार का फैसला “अस्वीकार्य” है। उन्होंने कहा कि गंजाम जिले में ऋषिकुल्या नदी में बाढ़ आने के कारण गंजाम और गजपति जिलों के बड़े इलाके जलमग्न हो गए हैं। इससे लाखों अन्य लोगों के साथ-साथ सैकड़ों अभ्यर्थी भी फंसे हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से स्थिति से निपटने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया। इससे पहले, कांग्रेस सांसद सप्तगिरि शंकर उलाका ने चक्रवात के कारण उत्पन्न बाधाओं को देखते हुए कोरापुट जिले के जयपुर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तारीखें फिर से निर्धारित करने का ओपीएससी से आग्रह किया था।
तमिलनाडु: जेल से 17 कैदी फरार होने पर सीएम विजय का बड़ा एक्शन, जेल अफसरों पर गिरी गाज; 17 कर्मचारी निलंबित- Tamilnadu CM Vijay takes major action following escape of 17 prisoners from jail prison officials suspended
चक्रवात अर्नब 48 घंटे बाद भी यूपी में ताकतवर, फसलों को भारी नुकसान, 24 जिलों में आज भी RAIN ALERT
चक्रवात अर्नब: 48 घंटे बाद भी बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब का असर कमजोर नहीं पड़ा है। बीते 48 घंटों में यूपी के कई जिलों में भारी बारिश हुई है। वहीं, मौसम विभाग ने यूपी के 21 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, बेमौसम बारिश से यूपी के कई जिलों में फसलों को.
खतरे में उमर अब्दुल्ला की कुर्सी? 24 विधायकों ने कर दी बगावत, गुप्त बैठक कर प्लान तैयार
आपको बता दें कि शुक्रवार की शाम श्रीनगर में एनसी के 18 विधायकों ने बैठक की। इस बैठक में छह विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। इन्होंने भी नाराज गुट को अपना समर्थन दिया।
दिल्ली के बाजारों पर 4 संकट, 10 लाख लोगों की संभावित भीड़ से सहमे व्यवसाई, राहत के लिए ये 2 ऑप्शन
1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित 10 लाख लोगों की महारैली को लेकर व्यापारियों की चिंता बढ़ी. CTI ने अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और उद्धव ठाकरे समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं को पत्र लिखकर रैली दिवाली के बाद कराने की मांग की है.
बिग बॉस ओटीटी सीजन 3 की कंटेस्टेंट रह चुकीं सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर शिवानी कुमार एक बार फिर विवादों में आ गई हैं. दरअसल, हाल ही में अमेरिकी इन्फ्लूएंसर मारविन आची ने उनपर भारतीय संस्कृति को बिगाड़ने का आरोप लगाया
चक्रवाती तूफान अर्णब का असर: लखनऊ सहित 20 जिलों में आज बारिश की चेतावनी
चक्रवाती तूफान अर्णब: चक्रवाती तूफान अर्णब, मौसम ब्रेकिंग लखनऊ: चक्रवाती तूफान अर्णब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लखनऊ सहित 20 से अधिक जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि उरई 16.2 डिग्री तापमान के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे नए वायुसेना प्रमुख: आज संभालेंगे कमान, अमर प्रीत सिंह होंगे सेवानिवृत्त air-marshal-ashutosh-dixit-next-chief-of-air-staff-october-31-today-ap-singh-updates
Sardar Patel ने मजबूत भारत की नींव रखी: National Unity Day पर अमित शाह का नमन
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत की नींव रखी, साथ ही, अखिल भारतीय सेवाओं की आधारशिला रखकर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ आधार दिया। सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर शाह ने देश के पहले गृह मंत्री को आधुनिक भारत का शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का प्रतीक बताया। सरदार पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। शाह ने कहा, हम सरदार साहब को कोटि-कोटि नमन करते हैं और राष्ट्रीय एकता दिवस पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने कहा, अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से सरदार साहब ने रियासतों में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत की नींव रखी। साथ ही, अखिल भारतीय सेवाओं की आधारशिला रखकर देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। शाह ने कहा कि खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से किसानों के अधिकारों के लिए सरदार पटेल का संघर्ष जनसेवा और नेतृत्व का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले सरदार साहब का त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम हर एक देशवासी को एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरित करता रहेगा।’’
प्रयागराज का घर उगल रहा नोट ही नोट, 10 करोड़ मिलने के बाद खजाने के लिए खुदाई जारी, VIDEO वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि मकान के अंदर मजदूरों की एक टोली फावड़े, हल और अन्य उपकरणों के साथ फर्श की खुदाई में जुटी हुई है. वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि कार्रवाई शुक्रवार सुबह से लेकर देर रात तक चली.
पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi के बलिदान दिवस पर Sonia Gandhi, खरगे और Rahul ने दी श्रद्धांजलि
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। कांग्रेस नेताओं ने शक्ति स्थल पहुंचकर इंदिरा गांधी की समाधि ओर पुष्प अर्पित किए। खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘अदम्य साहस, अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व की प्रतीक, भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री एवं हमारी प्रेरणास्रोत श्रीमती इंदिरा गांधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।’’उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनका समर्पण तथा आधुनिक भारत के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान सदैव हमारी राष्ट्रीय चेतना में जीवंत रहेगा।’’कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उनका साहस हमारी प्रेरणा है, उनका बलिदान हमारी अमिट स्मृति।’’इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उनके दो अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह जनवरी, 1966 से मार्च, 1977 और फिर जनवरी, 1980 से अक्टूबर 1984 तक देश की प्रधानमंत्री रहीं।
जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) विश्वविद्यालय में पिछले कई दिनों से जारी अनिश्चितता और शैक्षणिक गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस को पूरी तरह खोलने और ऑनलाइन कक्षाओं के दौर को समाप्त करते हुए 2 नवंबर से सभी कक्षाओं को ऑफलाइन मोड में पुनः शुरू करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। छात्र संघ चुनाव और बहाली को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के समाप्त होने के बाद यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन के इस फैसले से स्नातक (UG), परास्नातक (PG) और शोध कार्यक्रमों के हजारों विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि अब उनकी पढ़ाई और सेमेस्टर परीक्षाएं सीधे कैंपस में फिजिकल रूप से आयोजित की जाएंगी।छात्र आंदोलन खत्म होने के बाद प्रशासन ने वापस लिया ऑनलाइन का फैसलाविश्वविद्यालय परिसर में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर करीब 18 दिनों से छात्र संगठनों का धरना और भूख हड़ताल चल रही थी। सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर प्रशासन ने पहले सभी कक्षाओं को वर्चुअल माध्यम में स्थानांतरित कर दिया था और इसे आगे बढ़ाने का नोटिस जारी किया था। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच हुई बातचीत और सहमति बनने के बाद छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल और धरना समाप्त करने की घोषणा की। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने तुरंत नया कार्यालय आदेश (Office Order) जारी कर कैंपस के सभी संकायों और विभागों को नियमित रूप से खोलने का निर्देश दिया।यूजी और पीजी की सभी कक्षाएं व परीक्षाएं होंगी ऑफलाइनजारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 2 नवंबर से शैक्षणिक व्यवस्था में निम्नलिखित प्रमुख नियम प्रभावी होंगे:सभी पाठ्यक्रमों की ऑफलाइन कक्षाएं: विश्वविद्यालय के सभी विभागों, केंद्रों और संकायों में स्नातक (Undergraduate) और स्नातकोत्तर (Postgraduate) के सभी विषयों की पढ़ाई निर्धारित टाइम-टेबल के अनुसार फिजिकल कक्षाओं में ही होगी।ऑफलाइन मोड में ही होंगी परीक्षाएं: विषम सेमेस्टर (Odd Semester) की सभी मिड-टर्म, एंड-टर्म और प्रैक्टिकल परीक्षाएं अब ऑनलाइन के बजाय कैंपस में ऑफलाइन व्यवस्था के तहत ही ली जाएंगी।नियमित उपस्थिति (Attendance) अनिवार्य: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के लिए विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कक्षाओं में नियमित उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य होगा।पुस्तकालय और अन्य सुविधाएं पुनः चालू: कैंपस खुलने के साथ ही केंद्रीय पुस्तकालय (Dr. Zakir Husain Library), रीडिंग रूम और विभागीय लैब्स को भी छात्रों के लिए पूरी तरह क्रियाशील कर दिया गया है।विभागों और फैकल्टी को दिए गए विशेष दिशा-निर्देशविश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों (HODs) और डीन को निर्देश दिया है कि वे 2 नवंबर से पहले कक्षाओं की साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों की तैयारियों को सुचारू कर लें। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित विभाग के नोटिस बोर्ड या आधिकारिक पोर्टल पर जारी नए संशोधित टाइम-टेबल और परीक्षा तिथियों की पुष्टि अवश्य कर लें।अधिक जानकारी और घटनाक्रम को वीडियो रिपोर्ट के माध्यम से समझने के लिए Jamia Millia Islamia Reopening Report देखें।यह वीडियो जामिया मिलिया इस्लामिया प्रशासन द्वारा कैंपस को दोबारा ऑफलाइन खोलने और कक्षाओं को फिर से शुरू करने के फैसले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
अहोई अष्टमी पर पूजा के लिए मिलेगा इतना ही समय, जानें शुभ मुहूर्त
Ahoi Ashtami 2026 Puja Shubh Muhurat: अहोई अष्टमी का व्रत संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और सुखी जीवन की कामना के लिए रखा जाता है. जानें अहोई अष्टमी की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, तारों को अर्घ्य देने का समय, व्रत कथा और इस दिन किए जाने वाले खास उपाय.
Swasthya Sathi योजना में 30 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी, Bengal मंत्री का दावा
पश्चिम बंगाल में पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य बीमा योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने कहा कि भाजपा सरकार ने “25-30 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार” का पता लगाया है और लाखों लाभार्थी कार्ड “फर्जी’’ पाए गए हैं। मुखर्जी ने कहा कि ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना में ये “अनियमितताएं” तब सामने आईं, जब सरकार आयुष्मान भारत और राज्य की ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत पात्र लाभार्थियों को कवरेज उपलब्ध कराने की तैयारी के बीच इसके डेटाबेस की जांच कर रही थी। मुखर्जी ने दावा किया कि पिछली सरकार ऐसे कार्डों से जुड़े बीमा प्रीमियम पर हर साल करीब 30 करोड़ रुपये खर्च कर रही थी, जिनके लाभार्थियों का सत्यापन नहीं किया जा सकता था। मंत्री ने शुक्रवार को कहा, “हम पहले ही 25-30 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार देख रहे हैं। यह टी20 क्रिकेट मैच नहीं है, इसलिए इसमें समय लगेगा। धीरे-धीरे आपको पता चलेगा कि और कितनी जानकारी सामने आती है।”मंत्री ने आरोप लगाया, “फर्जी कार्ड, लाभार्थी, मरीज, डॉक्टर, अस्पताल थे... और अलग-अलग स्तरों पर फर्जी जानकारी दी गई थी।”मुखर्जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने “वित्तीय अनियमितताओं” का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक ऑडिट शुरू कर दिया है और योजना के डेटाबेस की भी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली तृणमूल सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के लाभार्थियों के सत्यापन के दौरान भी “अनियमितताएं” सामने आई हैं।
कुछ कांच ट्रांसपेरेंट होते हैं, कुछ हरे और कुछ नीले क्यों?
घरों की खिड़कियों से लेकर बोतलों और इमारतों तक, कांच कई रंगों में दिखाई देता है. कुछ कांच बिल्कुल ट्रांसपेरेंट होते हैं, तो कुछ हरे, नीले और भूरे रंग के. आखिर एक ही रेत से बनने वाले कांच के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं?
बाजार जैसी खस्ता लिट्टी खाने का है मन? कुकर में ऐसे करें तैयार
Litti Chokha Recipe: आज हम आपको घर पर प्रेशर कुकर में बाजार जैसी लिट्टी-चोखा बनाने का आसान तरीका बताएंगे. इस तरीके से आप बिना चूल्हे या तंदूर के भी स्वादिष्ट लिट्टी तैयार कर सकते हैं. कुकर में बनी लिट्टी बाहर से खस्ता और अंदर से सत्तू की मसालेदार स्टफिंग से भरपूर होती है.
ऑफिस से घर तक महिलाओं की डबल ड्यूटी, पुरुष कब बांटेंगे जिम्मेदारी?
महिलाओं की कामकाजी भागीदारी तो बढ़ रही है लेकिन नौकरी के साथ घर की जिम्मेदारियों का बोझ अब भी उनके कंधों पर है. इसका असर उनकी कमाई, करियर और खुद के लिए समय निकालने पर पड़ रहा है. एक नई रिपोर्ट में महिलाओं के कामकाज और उनके रोजाना समय के इस्तेमाल को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं.
PM मोदी ने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पर अर्पित की पुष्पांजलि, 'राष्ट्रीय एकता दिवस' पर 'लौह पुरुष' को नमन
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता और अखंडता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पटेल के साहस और दूरदर्शिता ने देश की नींव को मजबूत किया।
4000 करोड़ी रामायणम् पार्ट 1 से दीवाली के मौके पर टकराने 32 साल पुरानी फिल्म दस्तक देने वाली है, जिसमें एक से बढ़कर एक गाने हैं. इसमें अक्षय कुमार, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी अहम किरदार में नजर आए थे.
राहुल से दिल्ली मार्च स्थगित करने की अपील: व्यापारी बोले- राजनीति के बाजार में मोहब्बत की दुकानें बंद न करें delhi-traders-cti-appeal-rahul-gandhi-postpone-congress-rally-diwali-business-loss-ramlila-maidan
इसरो ने लॉन्च किया NVS-03, पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एनवीएस-03 उपग्रह को लेकर जीएसएलवी-एफ18 के सफल प्रक्षेपण पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी। मोदी ने कहा कि यह मिशन देश की स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली ‘नाविक’ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मोदी ने कहा कि उन्नत क्षमताओं से लैस एनवीएस-03 महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाएगा और लोगों के लिए उपयोगी नौवहन सेवाओं को समर्थन प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, एनवीएस-03 को लेकर जीएसएलवी-एफ18 के सफल प्रक्षेपण पर इसरो के हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। यह मिशन हमारी स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली ‘नाविक’ को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का समर्पण और उनकी नवोन्मेषी प्रतिभा लगातार देश को गौरवान्वित कर रही है। भारत की स्वतंत्र क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली ‘नाविक’ को शुक्रवार को चार उपग्रहों की न्यूनतम परिचालन क्षमता के साथ बहाल कर दिया गया। इसरो ने अपने नौवहन उपग्रह एनवीएस-03 का सफल प्रक्षेपण किया, जिसे जीएसएलवी रॉकेट ने निर्धारित कक्षा में स्थापित किया। दूसरी पीढ़ी के नौवहन उपग्रह एनवीएस-03 में स्वदेशी और खरीदी गई परमाणु घड़ियां लगाई गई हैं। इसके कई तरह के उपयोग हैं, जिनमें ट्रेन, वाहनों और समुद्री जहाजों की वास्तविक समय में निगरानी जैसी नागरिक सेवाएं भी शामिल हैं।
कल से सभी मोबाइल पर मिलेगी CNAP सर्विस, करोड़ों लोगों को फायदा
What is CNAP: 1 नवंबर से Jio, Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए नया नियम लागू होने जा रहा है. अनजान नंबर्स से आने वाले कॉलर का असली नाम पता चलेगा. साइबर ठग अक्सर भोले-भाले लोगों को शिकार बनाते हैं. सरकार की नई पहले से साइबर ठगों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.
Hormuz में 4 तेल टैंकरों में धमाके के बाद मचा हड़कंप!
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों से जुड़ी घटनाओं के बाद तनाव बढ़ गया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी ने दावा किया है कि चार तेल टैंकरों में आग लगी और धमाके हुए. इनमें से कुछ टैंकरों के समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने की बात कही गई है. ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया, लेकिन अमेरिकी सैन्य कमान ने इसे खारिज कर दिया है.
VIDEO: KG की बच्ची पर खूनी हमला, बेहोश होने पर भी पत्थरों से हमला
पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित संस्कृति मॉडल स्कूल में तीसरी कक्षा के छात्र ने KG में पढ़ने वाली बच्ची पर कथित तौर पर पत्थरों और गमले से हमला कर दिया. आरोप है कि बच्ची के बेहोश होने के बाद भी छात्र उसे घसीटता रहा और पत्थरों से मारता रहा. गंभीर रूप से घायल बच्ची को सेक्टर-6 अस्पताल से PGI चंडीगढ़ रेफर किया गया है.
कारगिल में अमेरिका ने दिया था धोखा, इसरो ने कैसे पलट दी बाजी? अजूबा है NVS-03 सैटेलाइट
ISRO ने GSLV-F18 रॉकेट से NVS-03 सैटेलाइट का सफल प्रक्षेपण किया। स्वदेशी परमाणु घड़ी से लैस यह सैटेलाइट भारत के NavIC नेविगेशन सिस्टम को मजबूत करेगा। जानिए कैसे भारत ने कारगिल में अमेरिकी धोखे से लिया सबक।
Sardar Patel Jayanti: BJP नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान को किया याद
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश की एकता एवं अखंडता में उनके योगदान को याद किया। पार्टी ने इस अवसर पर लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पटेल के साहस और दूरदर्शिता ने देश की नींव को मजबूत किया। शाह ने कहा, अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से सरदार साहब ने रियासतों में बंटे देश को एकजुट किया और एक मजबूत भारत की नींव रखी। अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना करके उन्होंने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से किसानों के अधिकारों के लिए पटेल के संघर्ष को भी याद किया और इसे जनसेवा एवं नेतृत्व का अद्वितीय उदाहरण बताया। शाह ने कहा कि पटेल का त्याग, समर्पण और देशभक्ति प्रत्येक नागरिक को एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश के लिए उनके कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। गडकरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भारत रत्न से सम्मानित और देश की एकता एवं अखंडता के प्रतीक पटेल ने आधुनिक भारत के शिल्पकार के रूप में दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का परिचय दिया। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कहा कि पटेल ने सैकड़ों रियासतों का एकीकरण करके अखंड भारत की नींव मजबूत की थी। उन्होंने कहा, भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने देश के बिखरे हुए क्षेत्रों को एक अखंड राष्ट्र में एकजुट किया और सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की नींव को मजबूत किया। ईरानी ने कहा कि उनके दृढ़ संकल्प ने भारत को एकता का सूत्र दिया, उनकी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता ने राष्ट्र की नींव मजबूत की और उनका जीवन पीढ़ियों के लिए राष्ट्र के प्रति समर्पण की मिसाल बन गया। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष उषा अग्रवाल ने कहा कि पटेल का राष्ट्र के प्रति समर्पण, अदम्य साहस और अखंड भारत के निर्माण में उनका ऐतिहासिक योगदान सभी को प्रेरित करता रहेगा। लौह पुरुष के नाम से विख्यात पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था। देश की आजादी के बाद 1947 में पटेल भारत के पहले गृहमंत्री बने थे। उन्हें 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने का श्रेय दिया जाता है। मोदी सरकार वर्ष 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने एवं मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करना है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए अमेरिका की ओर से 500 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे 'मजबूत फैसला' बताया, लेकिन अमेरिका से इन मिसाइलों की ...
किशनगंज में अलर्ट: गरज-चमक संग बारिश, वज्रपात का खतरा
किशनगंज मौसम: किशनगंज मौसम, मौसम ब्रेकिंग (किशनगंज): जिले में शनिवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने की संभावना है। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा वज्रपात का खतरा है।
दीपोत्सव से पहले चमकी रामनगरी, 90% होटल-होमस्टे फुल, श्रद्धालुओं के स्वागत को अयोध्या तैयार
Ayodhya Deepotsav 2026: दीपोत्सव के भव्य और दिव्य आयोजन से पहले ही प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में पर्यटन कारोबार को पंख लग गए हैं। 7 नवंबर को होने वाले मुख्य दीपोत्सव कार्यक्रम और नवनिर्मित मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से भारी ...
यूपी MLC चुनाव से BJP के लिए सबक, कट सकते हैं 50% से ज्यादा विधायकों के टिकट
BJP Strategy UP Assembly Elections: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के नतीजों ने आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भाजपा (BJP) के शीर्ष नेतृत्व को आत्ममंथन पर मजबूर कर दिया है। हालांकि बीजेपी ने 11 में से 6 सीटें जीतकर तकनीकी बढ़त ...
कोई बना रहा डोसा, कोई पहुंच रहा मंदिर, US में भारतीय वोटरों को साधने की होड़
मिडटर्म चुनाव से पहले USA में उम्मीदवार भारतीय-अमेरिकी वोटर्स को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए वे भारतीय रेस्तरां में डोसा बना रहे हैं, मंदिरों में जा रहे हैं और दिवाली समारोहों में हिस्सा ले रहे हैं. टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने भारतीय रेस्तरां में डोसा बनाया.
आपसी सहमति से लंबे समय तक चले प्रेम संबंधों के खत्म होने और शादी का वादा पूरा न हो पाने के मामलों में दर्ज होने वाली बलात्कार की प्राथमिकियों (FIR) पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हर टूटे हुए रिश्ते को 'धोखा' नहीं कहा जा सकता और न ही दो बालिग (वयस्क) व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से बने शारीरिक संबंधों को ब्रेकअप के बाद 'रेप' की श्रेणी में डाला जा सकता है। अदालत ने दोहराया कि 'शादी का झूठा वादा' (False Promise to Marry) और 'शादी का वादा पूरा न कर पाना' (Breach of Promise to Marry)—इन दोनों कानूनी और व्यावहारिक स्थितियों के बीच एक बहुत बारीक लेकिन बेहद गहरा फर्क होता है, जिसे आपराधिक कानून लागू करते समय नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट की दो-टूक टिप्पणी: रिश्ते टूटने की कई मानवीय वजहें होती हैंसर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि दो वयस्क व्यक्ति जब अपनी मर्जी, समझ और सहमति से एक रिश्ते में बंधते हैं और शारीरिक संबंध बनाते हैं, तो वे इसके सामाजिक व व्यक्तिगत परिणामों से पूरी तरह वाकिफ होते हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं; परिवारों की असहमति, आपसी तालमेल की कमी, करियर की प्राथमिकताओं या अन्य सामाजिक कारणों से कई बार रिश्ते शादी की मंजिल तक नहीं पहुंच पाते।अदालत ने कहा, यह समझना होगा कि किसी वादे का बाद में न निभ पाना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह वादा शुरुआत से ही कपटपूर्ण या धोखा देने की नीयत से किया गया था। हर रिश्ते के अंत को आपराधिक साजिश का रूप नहीं दिया जा सकता।'शादी का झूठा वादा' बनाम 'वादा न निभा पाना': कानूनी अंतर को समझना जरूरीन्यायालय ने अपने फैसले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 375 और धारा 90 (तथ्य की गलतफहमी / Misconception of Fact) के दायरे को रेखांकित करते हुए दोनों स्थितियों के बीच के स्पष्ट अंतर को दोहराया:शादी का झूठा वादा (False Promise to Marry): यह वह स्थिति है जहां पुरुष का शुरू से ही शादी करने का कोई इरादा नहीं था। उसने केवल और केवल महिला को भ्रम में रखकर शारीरिक संबंध स्थापित करने के एकमात्र उद्देश्य से शादी का झांसा दिया। कानून की नजर में यह 'तथ्य की गलतफहमी' है और सहमति को अमान्य बनाकर इसे बलात्कार का अपराध माना जा सकता है।वादा पूरा न कर पाना (Breach of Promise): इस स्थिति में दोनों पक्षों ने ईमानदारी से शादी का विचार किया था, लेकिन समय के साथ आए मतभेदों, पारिवारिक विरोध या अप्रत्याशित परिस्थितियों के चलते वे शादी नहीं कर पाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसे किसी भी सूरत में आपराधिक दुराचार या बलात्कार नहीं ठहराया जा सकता, यह केवल एक सिविल स्तर पर वादे का टूटना हो सकता है।कानून के दुरुपयोग पर चिंता: आपराधिक न्याय प्रणाली पर पड़ता है बोझअदालत ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि हाल के वर्षों में संबंध विच्छेद (ब्रेकअप) के बाद प्रतिशोध की भावना या समझौते का दबाव बनाने के लिए गंभीर आपराधिक धाराओं का सहारा लेने की प्रवृत्ति बढ़ी है। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार जैसी संगीन धाराओं में मामला दर्ज होना उसके सामाजिक सम्मान, करियर और मानसिक स्वास्थ्य को अपूरणीय क्षति पहुंचाता है। जब अदालत के सामने यह स्पष्ट हो कि दोनों पक्ष बालिग थे, रिश्ता लंबे समय तक आपसी रजामंदी से चला और संबंध केवल किसी प्रलोभन या दबाव में नहीं बने थे, तो पुलिस और निचली अदालतों को ऐसे मामलों को आपराधिक रंग देने से बचना चाहिए।दर्ज आपराधिक मामला रद्द, पूर्व फैसलों की नजीर का हवालासंबंधित मामले में याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कानूनी कार्रवाई को खारिज (Quash) करते हुए अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि दोनों पक्षों के बीच रिश्ता पूरी तरह सहमति पर आधारित था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्ववर्ती ऐतिहासिक निर्णयों—जैसे 'ध्रुव नारायण गौतम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य' और 'अनुराग सोनी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य'—का हवाला देते हुए कहा कि जब तक यह साबित न हो जाए कि महिला की सहमति शुरुआत से ही धोखे पर आधारित थी, तब तक आपराधिक मुकदमा चलाना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।यह फैसला स्पष्ट करता है कि कानून उन मामलों में पूरी सख्ती से महिलाओं के साथ खड़ा है जहां छल-कपट और षड्यंत्र से शोषण किया गया हो, लेकिन निजी भावनात्मक रिश्तों की असफलताओं को आपराधिक न्याय प्रणाली का विषय बनाकर किसी निर्दोष को जेल की सलाखों के पीछे नहीं धकेला जा सकता।
राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), कथित 'वोट चोरी' और चुनावी निष्पक्षता को लेकर केंद्र सरकार व चुनाव आयोग के खिलाफ छेड़े गए इस आंदोलन को एक बड़े जनांदोलन में तब्दील करने की तैयारी है। चूंकि यह विशाल शक्ति प्रदर्शन दिल्ली में हो रहा है, इसलिए इसके सुचारू संचालन और व्यवस्थाओं का मुख्य जिम्मा दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) को सौंपा गया है। प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने रामलीला मैदान का व्यापक स्थलीय मुआयना करने के बाद रैली की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 20 अलग-अलग समितियों का गठन किया है।20 विशेष कमेटियों को सौंपी गई जिम्मेदारी: रामलीला मैदान का हुआ निरीक्षणतैयारियों का जायजा लेने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के साथ दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन, प्रदेश महासचिव (संगठन) एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, सीडब्ल्यूसी सदस्य एन. रघुवीर रेड्डी, पूर्व मंत्री हारून यूसुफ, पूर्व मेयर फरहाद सूरी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल और जिला अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता रामलीला मैदान पहुंचे।देवेंद्र यादव ने जानकारी दी कि देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लाखों कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के स्वागत, बैठने, मंच प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, पेयजल आपूर्ति, मीडिया समन्वय, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए 20 अलग-अलग कमेटियों का गठन किया गया है। इन कमेटियों में दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी पदाधिकारियों तक को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि आयोजन स्थल पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।10 लाख से अधिक लोगों के पहुंचने का दावा: की गई व्यापक व्यवस्थाएंकांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि इस रैली में दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और पंजाब सहित देश भर से भारी तादाद में लोग शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं।दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, रामलीला मैदान और उसके आसपास 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने की संभावना को ध्यान में रखते हुए विशाल वाटरप्रूफ पंडाल, बैठने की कुर्सियां, अत्याधुनिक साउंड सिस्टम और जगह-जगह बड़ी एलईडी स्क्रीनें लगाई जा रही हैं।दूर-दराज से आने वाले वाहनों के लिए नई दिल्ली और मध्य दिल्ली के निकट विशेष पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है।दिल्ली कांग्रेस के स्वयंसेवकों की टीमें नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन और प्रमुख अंतर्राज्यीय बस अड्डों (ISBT) पर तैनात रहेंगी, जो बाहर से आने वाले आगंतुकों का मार्गदर्शन करेंगी।राहुल गांधी के अभियान को मिला छात्र व जनसंगठनों का समर्थनदेवेंद्र यादव ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए 'संविधान और लोकतंत्र बचाओ' अभियान से आज देश का हर गरीब, मजदूर, किसान और पेशेवर वर्ग जुड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आइसा (AISA) सहित कई प्रमुख छात्र संगठनों ने भी रामलीला मैदान की इस रैली में शामिल होने की औपचारिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं का सड़कों पर उतरना इस बात का प्रमाण है कि देश का नौजवान आज अभिव्यक्ति की आजादी और निष्पक्ष मताधिकार पर मंडरा रहे खतरे को लेकर पूरी तरह सजग है।'वोट चोरी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई'कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि 1 नवंबर की यह महारैली मात्र एक दिन का विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा का निर्णायक संकल्प है। पार्टी का आरोप है कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और वैध मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया ने चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने दोहराया कि जब तक देश में पारदर्शी चुनाव प्रणाली सुनिश्चित नहीं होती और मुख्य चुनाव आयुक्त के स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक संसद, सड़क और अदालत के हर मोर्चे पर यह जनसंघर्ष पूरी ताकत से जारी रहेगा।
Italy में महंगाई केे खिलाफ सड़कों पर उतरा जनसैलाब!
इटली में बढ़ती महंगाई, कम वेतन और सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली के खिलाफ हजारों छात्र और मजदूर सड़कों पर उतर आए. ट्रेड यूनियन की 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल के तहत 40 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने सैन्य खर्च बढ़ाने और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हथियार भेजने के लिए बंदरगाहों के इस्तेमाल का भी विरोध किया. कई जगह तनाव बढ़ने पर पुलिस ने वॉटर कैनन चलाए और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
आबूरोड: नशे के खिलाफ एक्शन में एसपी, अवैध मनी लेंडिंग पर कलेक्टर के एक्शन का इंतजार !
आबूरोड। रेलवे स्टेशन के पास एक युवक फोन पर किसी से गर्ममिजाज में बात करता सुनाई दिया। बात में मूल और ब्याज की बात निकली। दूसरे दिन शाम को भी कुछ ऐसा ही नजारा और माहौल देखने को मिला। इसके पीछे के तथ्य खंगाले तो आबूरोड में ब्याज के उस अवैध व्यापार की जानकारी सामने […] The post आबूरोड: नशे के खिलाफ एक्शन में एसपी, अवैध मनी लेंडिंग पर कलेक्टर के एक्शन का इंतजार ! appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक Congress ने पूर्व महासचिव Kripa Alva को छह साल के लिए निकाला
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने राज्य में कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाकर किए गए स्टिंग ऑपरेशन में कथित संलिप्तता को लेकर पार्टी की पूर्व महासचिव कृपा अल्वा को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। केपीसीसी के उपाध्यक्ष एम. नारायणस्वामी की ओर से जारी निष्कासन आदेश में कहा गया है कि इस विवाद के कारण मीडिया में नकारात्मक प्रचार और प्रतिक्रियाओं से पार्टी को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। इसमें कहा गया है, ‘‘इस स्टिंग ऑपरेशन मामले में आपका नाम सामने आया है और इस मामले में आपका आचरण पार्टी विरोधी गतिविधियों के समान है इसलिए, केपीसीसी अध्यक्ष के निर्देश पर आपको तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है।’’इसमें कहा गया है कि घटना में कथित संलिप्तता को लेकर स्पष्टीकरण मांगते हुए अल्वा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने अब तक कोई जवाब या स्पष्टीकरण नहीं दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस अपमानजनक वीडियो के पीछे अल्वा का हाथ होने का आरोप लगाया था। उन्होंने मीडिया संस्थानों द्वारा वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगाने के लिए अदालत से निषेधाज्ञा भी प्राप्त की है। सिद्धरमैया के खिलाफ अपमानजनक सामग्री वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच करने वाली बेंगलुरु पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि यौन शोषण का आरोप एक मनगढ़ंत और जानबूझकर तैयार की गई कहानी का हिस्सा है। पुलिस ने कहा कि एकत्र किए गए बयानों और साक्ष्यों से वीडियो में बताए गए ऐसे किसी भी घटनाक्रम की पुष्टि नहीं होती है।
अंतरराष्ट्रीय अपराध जगत और न्याय प्रणाली से अमेरिका के टेनेसी राज्य से एक बेहद सनसनीखेज, दुर्लभ और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आ रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका के टेनेसी (Tennessee) में हत्या के जुर्म में डेथ रो (Death Row) पर बैठी 50 वर्षीय महिला क्रिस्टा पाइक (Christa Pike) को मौत की सजा देने के लिए जानलेवा जहरीला इंजेक्शन (Lethal Injection) दिया गया था। कानून और मेडिकल साइंस के नियमों के मुताबिक, उस जहरीले इंजेक्शन के दो भारी डोज किसी भी स्वस्थ इंसान की जान लेने के लिए पूरी तरह से काफी होते हैं, लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि तमाम कोशिशों के बावजूद क्रिस्टा पाइक की जान नहीं बच सकी और वह उस जानलेवा प्रक्रिया के बाद भी जीवित बच गई। हालांकि, मौत तो उसे नहीं मिली, लेकिन इस दर्दनाक प्रक्रिया के बाद अब उसका शरीर और मन एक ऐसे असहनीय दर्द से जूझ रहा है जिसे शब्दों में बयां करना भी मुश्किल है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस सनसनीखेज मामले के पीछे की पूरी दास्तान क्या है और 1995 के उस खौफनाक अपराध से इसका क्या संबंध है जिसने अमेरिका को हिलाकर रख दिया था।जहरीले इंजेक्शन के दो भारी डोज भी नहीं ले पाए जान, अस्पताल के बिस्तर पर होश में आई क्रिस्टा पाइकसामने आई आधिकारिक और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स के टेनेसी राज्य में हत्या की सजा भुगत रही क्रिस्टा पाइक को तय कानूनी प्रक्रिया के तहत मौत की सजा देने की कोशिश की गई थी। इस सजा को अमलीजामा पहनाने के लिए अधिकारियों ने उसे पेंटोबार्बिटल (Pentobarbital) नामक एक बेहद ताकतवर और घातक जहरीली दवा या इंजेक्शन के दो डोज दिए थे। आमतौर पर मेडिकल साइंस में इस दवा का यह डोज बड़े से बड़े अपराधी की जान चंद मिनटों के भीतर लेने के लिए पर्याप्त माना जाता है।लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जहरीला इंजेक्शन दिए जाने के बावजूद क्रिस्टा पाइक की सांसें चलती रहीं और उसकी मौत नहीं हुई। इस प्रक्रिया के असफल होने के बाद जब उसे होश आया, तो उसने खुद को अस्पताल के एक बिस्तर पर बिल्कुल अकेला और गहरे भ्रम की स्थिति में पाया। मृत्युदंड की इस भयावह प्रक्रिया के बाद अपने पहले सार्वजनिक और मीडिया बयानों में क्रिस्टा पाइक ने अपनी इस आपबीती का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें अपनी तय मृत्यु की तारीख के बाद भी इस दुनिया में जीवित रहना पड़ेगा। उन्होंने साफ कहा कि वह उस रात पूरी शांति के साथ मरने के लिए मानसिक रूप से तैयार थीं, लेकिन जब उनकी आंखें खुलीं तो मौत के बजाय उन्हें एक ऐसी दुनिया मिली जहां केवल दर्द और प्रताड़ना बची थी।मौत की जगह मिला असहनीय दर्द: शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से जूझ रही है पाइकजानलेवा इंजेक्शन (Lethal Injection) दिए जाने और उसके विफल होने के लगभग एक महीने बाद, क्रिस्टा पाइक ने शुक्रवार को मीडिया के सामने अपनी दर्द भरी दास्तान साझा की। उन्होंने बताया कि उस रात के बाद से उनकी जिंदगी नर्क से भी बदतर हो चुकी है। पाइक ने इस पूरी प्रक्रिया की नाकामी के लिए जेल प्रशासन और व्यवस्था की 'अक्षमता' (Incompetence) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है।अपने दर्द का बयां करते हुए क्रिस्टा पाइक ने कहा, उस रात के बाद से मेरी जिंदगी में एक भी पल ऐसा नहीं बीता है जब मेरे शरीर में दर्द न हुआ हो। यह दर्द केवल शारीरिक नहीं है, बल्कि मेरे मन और मेरी आत्मा को भीतर तक चीर रहा है। मेरे पूरे शरीर में लगातार चुभन और पीड़ा बनी रहती है। मेरी बांहों में भयानक दर्द है, मेरे हाथों की नसें दुखती हैं और मेरे गले में हमेशा एक भारीपन व असहनीय पीड़ा रहती है। स्थिति यह है कि मुझे आज भी सामान्य तरीके से बोलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ता है। अमेरिका की न्याय प्रणाली में इस तरह की तकनीकी और चिकित्सीय चूक का यह अपने आप में एक बेहद दुर्लभ और अनूठा मामला माना जा रहा है, जहां मौत की सजा पाने वाला शख्स सजा के बाद जीवित बच गया हो और कानूनी दांव-पेचों के बीच भयानक यातना झेल रहा हो।क्या था वह खौफनाक जुर्म जिसके लिए क्रिस्टा पाइक को सुनाई गई थी मौत की सजाआखिर वह कौन सा अपराध था जिसके चलते क्रिस्टा पाइक को अमेरिका की अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी? इस कहानी की जड़े साल 1995 में जाकर मिलती हैं। आज से लगभग तीन दशक पहले, जब क्रिस्टा पाइक की उम्र महज 18 वर्ष थी, तब उसने एक ऐसा जघन्य अपराध किया था जिसने पूरे अमेरिका को सकते में डाल दिया था।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 30 सितंबर को जब पाइक को मृत्युदंड देने की कोशिश की गई थी, तो इसके पीछे वर्ष 1995 में अंजाम दी गई एक निर्मम हत्या थी। क्रिस्टा पाइक ने अपने एक सहपाठी और मात्र 19 साल की छात्रा कोलीन स्लेमर (Colleen Slemmer) की अत्यंत क्रूरता के साथ चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। पाइक ने अपने ब्वॉयफ्रेंड और एक अन्य साथी के साथ मिलकर कोलीन स्लेमर को पहले शारीरिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के समय क्रिस्टा पाइक की उम्र बहुत कम थी, और इसी जुर्म के साबित होने पर अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी, जिसके बाद वह अमेरिका में मौत की सजा पाने वाली सबसे कम उम्र की महिला कैदियों में शुमार हो गई थी।कानूनी और मानवाधिकारों के गलियारों में छिड़ी नई बहसक्रिस्टा पाइक के इस मामले के सामने आने के बाद से संयुक्त राज्य अमेरिका में एक बार फिर से 'डेथ पेनल्टी' (Death Penalty) और उसके तौर-तरीकों को लेकर एक तीखी और व्यापक बहस छिड़ गई है। मानवाधिकार संगठन और वकीलों का एक धड़ा इस बात पर सवाल उठा रहा है कि क्या इस तरह से जानलेवा इंजेक्शन के जरिए सजा देने की प्रक्रिया मानवीय है या नहीं, खासकर तब जब मेडिकल या प्रशासनिक चूक के कारण कैदी को मौत के बजाय लंबे समय तक असहनीय शारीरिक और मानसिक दर्द झेलना पड़े।दूसरी ओर, मृतका कोलीन स्लेमर के परिजनों और न्याय की मांग करने वाले समूहों का यह मानना है कि पाइक ने जिस बेरहमी से एक मासूम छात्रा की जिंदगी छीनी थी, उसे उसके किए की सजा मिलनी ही चाहिए। वर्तमान में इस कानूनी उलझन और असफल निष्पादन (Failed Execution) के बाद क्रिस्टा पाइक की सजा के भविष्य को लेकर टेनेसी के न्यायालयों में पेंच फंस गया है। अमेरिकी न्याय व्यवस्था अब इस बात पर माथापच्ची कर रही है कि क्या इस तरह की त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया के बाद उसे दोबारा सजा देने की कोशिश की जाएगी या फिर उसके कानूनी विकल्पों पर नए सिरे से विचार किया जाएगा। जो भी हो, क्रिस्टा पाइक की यह कहानी इस समय पूरी दुनिया के मीडिया गलियारों में सबसे बड़ी और चौंकाने वाली चर्चा का विषय बनी हुई है।
एनपीपीए ने 2019 में कैंसर दवाओं पर 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन कैप लगाया था, लेकिन हालिया आंकड़ों से पता चला है कि कई दवाओं पर मार्क-अप 700 प्रतिशत तक बढ़ गया।
सीजेपी आंदोलन से बनाई थी दूरी: अब दिलजीत दोसांझ ने आलोचकों को दिया जवाब: कहा- पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ- Don't try to teach Punjabis to how fight Diljit Dosanjh responds CJP Abhijeet Dipke distanced himself movement
देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को लेकर छिड़ी सियासी तकरार के बीच कांग्रेस महासचिव और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर कड़ा प्रहार किया है। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और स्वायत्तता पर तीखे सवाल उठाते हुए सचिन पायलट ने खेल के अंपायर का उदाहरण दिया और कहा कि जब अंपायर ही पहले से पक्षपाती हो जाए, तो फिर मैच खेलने का क्या औचित्य रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता आज गंभीर सवालों के घेरे में है और सीईसी ज्ञानेश कुमार के मनमाने फैसलों तथा कथित अनियमिताओं के खिलाफ पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं।अगर अंपायर ही पक्षपाती हो तो मैच का क्या मतलब: पायलट का सीधा तंजसचिन पायलट ने चुनावी लोकतंत्र की तुलना क्रिकेट के खेल से करते हुए कहा कि किसी भी स्वस्थ प्रतियोगिता की पहली और बुनियादी शर्त निष्पक्ष नियम और तटस्थ निर्णायक होते हैं। उन्होंने कहा, जब यह साफ दिखने लगे कि मैच फिक्स है और मैदान पर खड़ा अंपायर ही किसी एक खास टीम की तरफ से खेल रहा हो, तो फिर सामने वाली टीम के लिए खेलने का क्या मतलब रह जाता है? पायलट ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का शीर्ष नेतृत्व केंद्र में सत्तारूढ़ व्यवस्था के एक विशिष्ट राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप फैसले ले रहा है, जिससे जनता और विपक्षी दलों का इस संवैधानिक संस्था से भरोसा लगातार कम हुआ है।मतदाता सूचियों से नाम हटाने और दोनों आयुक्तों को दरकिनार करने का आरोपपायलट ने आरोप लगाया कि देश कानून और संविधान के तय नियमों से चलता है। निर्वाचन आयोग एक त्रिसदस्यीय निकाय है, जिसमें कोई भी बड़ा नीतिगत फैसला सर्वसम्मति या बहुमत के आधार पर लिया जाना चाहिए। लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण (Revision of Electoral Rolls) और विशेष जांच से जुड़े संवेदनशील फैसलों में आयोग के अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया।उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) के वैधानिक अधिकारों को छीनकर प्रक्रिया का केंद्रीकरण किया गया। पायलट ने दावा किया कि देशभर में मतदाता सूचियों से करोड़ों वैध मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर हटाए या अस्थायी रूप से बाहर किए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि देश में पहले 'नोटबंदी' हुई थी और अब सुनियोजित तरीके से 'वोटबंदी' की जा रही है।उपराष्ट्रपति का इस्तीफा हो सकता है तो CEC का क्यों नहीं?ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कानूनी जांच की मांग दोहराते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या पद संविधान और कानून से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में उपराष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का इस्तीफा हो सकता है, तो फिर मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही क्यों नहीं मांगी जा सकती और उनका त्यागपत्र क्यों नहीं हो सकता? पायलट का कहना था कि जब लगभग 300 निर्वाचित सांसद और विपक्षी प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के समक्ष मतदाता सूची में गड़बड़ियों के सबूत लेकर बात रखने गए, तो उनसे मिलने तक का समय नहीं दिया गया।पुलिसिया लाठीचार्ज से नहीं दबेगी विपक्ष और युवाओं की आवाजकांग्रेस नेता ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान विपक्ष के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना, धरना देना और पदयात्रा निकालना लोकतंत्र में नागरिकों का मौलिक अधिकार है। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय पुलिस बल, लाठियों और मुकदमों के दम पर असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश के नौजवान और जागरूक मतदाता अब इस पूरी प्रक्रिया को समझ चुके हैं और दमनकारी नीतियों से सच को छिपाया नहीं जा सकता।सुप्रीम कोर्ट पर जताया भरोसा, निष्पक्ष जांच की मांगचुनाव बहिष्कार से जुड़े सवालों को सिरे से खारिज करते हुए पायलट ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मैदान छोड़ने के पक्ष में नहीं है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी व जमीनी दोनों मोर्चों पर लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी को देश की सर्वोच्च अदालत और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। विपक्ष ने चुनाव आयोग से जुड़ी कथित अनियमितताओं, एकतरफा फैसलों और मतदाता सूची में हेरफेर के पर्याप्त दस्तावेजी सबूत जुटाए हैं, जिन्हें अदालत के समक्ष रखा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया की शुचिता को बहाल करने के लिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे पर आम जनता का विश्वास बना रहे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए अपने अत्याधुनिक नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 को उसकी निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस महत्वपूर्ण प्रक्षेपण के साथ ही भारत के क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम 'NavIC' (Navigation with Indian Constellation) को चार उपग्रहों के न्यूनतम ऑपरेशनल कॉन्फ़िगरेशन (संचालन ढांचे) में पूरी तरह से वापस ला दिया गया है। यह उपग्रह देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल रक्षा और रणनीतिक मामलों में बल्कि आम नागरिकों के दैनिक जीवन से जुड़े नेविगेशन कार्यों को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान करेगा। दूसरी पीढ़ी का यह नेविगेशन सैटेलाइट, NVS-03, स्वदेशी और बाहर से हासिल की गई एटॉमिक घड़ियों से लैस है। इसे कई तरह के कार्यों में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसमें ट्रेनों, वाहनों और जहाजों की रियल-टाइम ट्रैकिंग शामिल है। सफल लॉन्च के बाद ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि NavIC सैटेलाइट सिस्टम एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है और सरकार की 'वन नेशन, वन टाइम' (एक राष्ट्र, एक समय) पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। GPS का भारतीय विकल्प: NVS-03 क्यों मायने रखता है? NVS-03 पहले से काम कर रहे तीन अन्य नेविगेशन सैटेलाइट्स (जिनमें NVS-01 भी शामिल है) के साथ मिलकर काम करेगा। इससे भारत के स्वतंत्र 'पोजीशन, नेविगेशन और टाइमिंग' (PNT) इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार ने हाल ही में 'लीगल मेट्रोलॉजी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) रूल्स, 2026' को अधिसूचित किया है। 'NavIC' (नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन) GPS का एक स्वदेशी भारतीय विकल्प है। यह पूरे देश में और भारत की सीमाओं से 1,500 किलोमीटर दूर तक नेविगेशन सेवाएं प्रदान करता है। शुक्रवार को 24 घंटे के काउंटडाउन के बाद, 50 मीटर ऊंचे GSLV रॉकेट ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरी। इस रॉकेट में 2,232 किलोग्राम वजनी NVS-03 सैटेलाइट मौजूद था। भारत का NavIC सिस्टम क्या है? उड़ान के लगभग 18 मिनट बाद, लॉन्च व्हीकल के तीनों चरणों (स्टेजों) ने - जिसमें इसका जटिल क्रायोजेनिक ऊपरी चरण भी शामिल है - सफलतापूर्वक काम किया। इसके बाद सैटेलाइट रॉकेट से अलग हो गया और उसे जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित कर दिया गया। लॉन्च के बाद टीम को संबोधित करते हुए, नारायणन ने बताया कि NVS-01 सहित तीन उपग्रह पहले से ही काम कर रहे हैं, और NVS-03 के सफल प्रक्षेपण से NavIC की 'पोजीशन, नेविगेशन और टाइमिंग' सेवाएं फिर से बहाल हो गई हैं। उन्होंने इस प्रणाली के रणनीतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह भारत को नेविगेशन और टाइमिंग सेवाओं तक स्वतंत्र पहुंच प्रदान करती है। साथ ही, यह नागरिक कार्यों में भी मदद करती है, जैसे कि ट्रेनों, वाहनों और समुद्री जहाजों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। ISRO प्रमुख ने यह भी पुष्टि की कि स्वदेशी परमाणु घड़ियों (atomic clocks) में से एक को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि सितंबर में लॉन्च किया गया EOS-05 जियो-इमेजिंग उपग्रह ठीक से काम कर रहा है और बेहतरीन डेटा दे रहा है। नारायणन ने कहा कि GSLV के सभी सिस्टम उम्मीद के मुताबिक काम कर रहे हैं, और रॉकेट ने NVS-03 को बिल्कुल सही कक्षा में स्थापित किया है। इस मिशन ने दो लगातार GSLV मिशनों के बीच सबसे कम समय (टर्नअराउंड टाइम) का रिकॉर्ड भी बनाया है—इन दोनों मिशनों के बीच केवल 56 दिनों का अंतर था। ISRO के वैज्ञानिकों, उद्योग भागीदारों और शैक्षणिक संस्थानों को बधाई देते हुए, उन्होंने घरेलू उद्योगों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस मिशन के बजट का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा भारतीय उद्योगों को दिया गया था। इस उपग्रह को एक ऐसी कक्षा में स्थापित किया गया है, जिसका पेरिगी (पृथ्वी के सबसे करीब का बिंदु) 170 किमी और एपोजी (पृथ्वी से सबसे दूर का बिंदु) 37,023 किमी है। यह अपने ऑनबोर्ड प्रोपल्शन सिस्टम का उपयोग करके 32.5 डिग्री पूर्व (East) में स्थित अपने अंतिम जियोसिंक्रोनस ऑर्बिटल स्लॉट तक पहुंचेगा। इस मिशन के लिए एक विशेष सुरक्षा उपाय के तहत, ISRO ने प्रोपल्शन सिस्टम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उपग्रह को इस तरह लॉन्च किया कि इसके पाइरोटेक्निक वाल्व पहले से ही खुले हुए थे। स्वदेशी रुबिडियम परमाणु घड़ी से लैस, NVS-03 उपग्रह L1, L5 और S बैंड में नेविगेशन सिग्नल भेजेगा, जिससे भारत की क्षेत्रीय नेविगेशन क्षमताएं और मजबूत होंगी।
चक्रवात अर्णब के प्रभाव से बाराबंकी में बेमौसम बारिश और किसानों को भारी नुकसान
चक्रवात अर्णब: मौसम ब्रेकिंग (बाराबंकी): चक्रवात अर्णब के कारण बाराबंकी में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान, आलू और सरसों की फसलों को तिहरा नुकसान हुआ है, जिससे किसान बड़े आर्थिक घाटे की आशंका से चिंतित हैं और मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा में गेहूं बिजाई का सीजन शुरू, इन 6 किस्मों से बढ़ेगी पैदावार
हरियाणा में गेहूं बिजाई: हरियाणा में गेहूं बिजाई का सीजन शुरू हो चुका है और कुरुक्षेत्र के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर डॉ. शशि पाल शर्मा ने किसानों को बेहतर पैदावार के लिए वैज्ञानिक तरीकों, उन्नत बीजों और मौसम के अनुकूल प्रबंधन की सलाह दी है।
Eetha movie trailer review : बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने अपनी सुपरहिट हॉरर-कॉमेडी छवि से एकदम अलग हटकर एक ऐसा रूप धारण किया है जिसने पूरे सिनेमा जगत और दर्शकों को स्तब्ध कर दिया है। निर्देशक लक्ष्मण उतेकर की बहुप्रतीक्षित बायोपिक फिल्म 'ईठा' (Eetha) का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज हो चुका है और रिलीज होते ही यह सोशल मीडिया पर छा गया है। महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला, लावणी और तमाशा परंपरा की बेताज मलिका यानी 'तमाशा सम्राज्ञी' विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित यह फिल्म न केवल एक असाधारण कलाकार की गाथा कहती है, बल्कि तमाशा कलाकारों को लेकर समाज के संकीर्ण नजरिए को भी सीधी चुनौती देती है। 3 मिनट से अधिक लंबे इस रोंगटे खड़े कर देने वाले ट्रेलर में श्रद्धा कपूर नौवारी साड़ी, नाक में नथ, पैरों में भारी घुंघरू और आंखों में गजब का स्वाभिमान लिए मंच पर आग लगाती नजर आ रही हैं।विठाबाई नारायणगांवकर की अनकही दास्तान: कला जिसके लिए मंच ही जीवन थाफिल्म 'ईठा' सिर्फ एक पारंपरिक डांस ड्रामा या म्यूजिकल फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी महिला कलाकार की सच्ची दास्तान है जिसने गरीबी, सामाजिक तिरस्कार और व्यक्तिगत त्रासदियों के बीच अपनी लोककला को अमर बना दिया। विठाबाई नारायणगांवकर का जीवन इतना समर्पित था कि नौ महीने के गर्भ के दौरान मंच पर प्रस्तुति देते समय उन्हें प्रसव पीड़ा हुई, उन्होंने स्टेज के पीछे बच्चे को जन्म दिया और तुरंत अपनी कला के प्रति समर्पण दिखाते हुए दोबारा मंच पर लौटने को तैयार हो गईं। समाज ने भले ही तमाशा कलाकारों को लंबे समय तक केवल मनोरंजन की वस्तु समझा हो, लेकिन विठाबाई ने अपनी कला के दम पर राष्ट्रपति भवन तक अपनी पहचान बनाई और 1962 के युद्ध में भारतीय जवानों का हौसला बढ़ाने सीमा तक भी पहुंचीं। ट्रेलर इस बात की साफ गवाही देता है कि फिल्म विठाबाई की प्रसिद्धि से ज्यादा उनके भीतर के अटूट आत्मसम्मान और विद्रोह को सामने लाती है।संवाद जो सीने में उतर जाएं: नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगीट्रेलर का सबसे प्रभावशाली और झकझोर देने वाला पहलू इसके चुटीले, गंभीर और धारदार संवाद हैं। श्रद्धा कपूर का एक संवाद हर किसी की जुबान पर चढ़ गया है:“पड़े-पड़े मरी तो बेचारी कहलाऊंगी, पर नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी।”यह एक पंक्ति विठाबाई के पूरे जीवनदर्शन और अपनी कला के प्रति दीवानगी को बयां करने के लिए काफी है। इसी तरह जब एक दृश्य में कोई उनकी वेशभूषा पर तंज कसता है, तो ईठाबाई गरजकर जवाब देती हैं कि “यह सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, यह हमारी नौवारी है… यह अभिमान है, मराठी संस्कृति का सम्मान और हमारी पहचान है।” वहीं किरदार के व्यक्तिगत दर्द और धोखे को उजागर करता एक और संवाद दर्शकों को भावुक कर देता है—“मेरा भरोसा ही मेरा घमंड था रे, जब वो टूट गया ना, सब टूट गया।” ये डायलॉग्स साबित करते हैं कि फिल्म में केवल बाहरी तड़क-भड़क नहीं, बल्कि गहरी भावनात्मक परतें हैं।श्रद्धा कपूर का हैरतअंगेज ट्रांसफॉर्मेशन और दमदार स्टारकास्टइस फिल्म के जरिए श्रद्धा कपूर ने अपने करियर का अब तक का सबसे कठिन और जोखिम भरा किरदार निभाया है। महाराष्ट्रियन संस्कृति और लावणी के तेज बोल, जटिल फुटवर्क और भाव-भंगिमाओं को जिस सहजता और गरिमा के साथ श्रद्धा ने पकड़ा है, वह काबिले-तारीफ है। मंच पर उतरते समय उनका आत्मविश्वास और निजी जीवन में उनका अकेलापन दोनों ही उनके चेहरे के भावों में साफ झलकता है। श्रद्धा के साथ-साथ ट्रेलर में रणदीप हुड्डा का सख्त और प्रभावशाली अंदाज देखने को मिलता है, जो कहानी के तनाव को और बढ़ाते हैं। इसके अलावा मोहम्मद जीशान अय्यूब, सिद्धार्थ जाधव और अनंत जोशी जैसे मंझे हुए कलाकारों की मौजूदगी यह सुनिश्चित करती है कि कहानी का हर दृश्य अभिनय के स्तर पर बेहद सधा हुआ रहेगा।अजय-अतुल का रूह कंपा देने वाला संगीत और लक्ष्मण उतेकर का निर्देशनजब बात महाराष्ट्र की लोककला और लावणी की हो, तो संगीत उसकी आत्मा बन जाता है। इंडस्ट्री की दिग्गज संगीतकार जोड़ी अजय-अतुल ने 'ईठा' के बैकग्राउंड स्कोर और गानों में ढोलकी, तुतारी और घुंघरुओं की ऐसी थाप पिरोई है जो सीधे रोंगटे खड़े कर देती है। वहीं कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट ने लावणी के पारंपरिक और जोशीले स्वरूप को बड़े पर्दे के लायक भव्य बनाया है। निर्देशक लक्ष्मण उतेकर—जो 'मिमी', 'लुका छुपी' और ऐतिहासिक कहानी 'छावा' के लिए जाने जाते हैं—ने एक बार फिर जमीनी और भावनात्मक कहानी को बड़े कैनवास पर उकेरा है। गांव के तंबुओं, खुले मैदानों की खचाखच भीड़ और उस दौर के तमाशा मंडलों के माहौल को सिनेमैटोग्राफी के जरिए बेहद प्रामाणिक ढंग से पर्दे पर जीवित किया गया है।4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी 'ईठा'दिनेश विजन (Maddock Films) और लक्ष्मण उतेकर के संयुक्त निर्माण में बनी फिल्म 'ईठा' आगामी 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रेलर को देखकर यह साफ है कि यह सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म नहीं है, बल्कि यह उन हजारों तमाशा व लोक कलाकारों के आत्मसम्मान की लड़ाई है, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाने में गुजार दी, लेकिन समाज ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। यदि पूरी फिल्म में ट्रेलर जैसी ही ऊर्जा और भावनात्मक गहराई बरकरार रही, तो यह फिल्म श्रद्धा कपूर के करियर की मील का पत्थर साबित हो सकती है और राष्ट्रीय पुरस्कारों की दौड़ में भी मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है।
15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हुआ, तो देश के सामने केवल 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरोने की चुनौती नहीं थी, बल्कि सांप्रदायिक दंगों, विभाजन की विभीषिका, लाखों शरणार्थियों के पुनर्वास और प्रशासनिक शून्यता से जूझते एक नवजात राष्ट्र को बिखरने से बचाने की भी विकट परिस्थिति थी। उस नाजुक मोड़ पर यदि भारत का प्रशासनिक ढांचा टूट जाता, तो देश की एकता और अखंडता ताश के पत्तों की तरह ढह सकती थी। ऐसे ऐतिहासिक संकट के समय देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल ने एक दूरदर्शी प्रशासक की भूमिका निभाई। उन्होंने ब्रिटिश राज की औपनिवेशिक व्यवस्था को समाप्त कर उसके स्थान पर एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा (All India Services - IAS और IPS) की सुदृढ़ नींव रखी। सरदार पटेल के इस दृढ़ संकल्प ने भारतीय नौकरशाही को 'स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया' (Steel Frame of India) में तब्दील कर दिया, जिसने आजादी से लेकर आज तक देश को एकजुट रखने में सबसे निर्णायक भूमिका निभाई है।ब्रिटिश 'ICS' की समाप्ति और अखिल भारतीय सेवाओं के निर्माण का विरोधब्रिटिश शासनकाल में भारतीय प्रशासन की रीढ़ 'इंडियन सिविल सर्विस' (ICS) और पुलिस व्यवस्था 'इंडियन पुलिस' (IP) हुआ करती थी। अंग्रेज इसे ब्रिटिश साम्राज्य का स्टील फ्रेम मानते थे, लेकिन इसका मूल चरित्र औपनिवेशिक हितों की रक्षा करना, राजस्व वसूलना और स्वतंत्रता संग्राम के आंदोलनों को कुचलना था। आजादी के समय संविधान सभा और कांग्रेस पार्टी के भीतर कई प्रमुख नेता और मुख्यमंत्री इस पुरानी नौकरशाही के पूरी तरह खिलाफ थे। उनका तर्क था कि जिन अफसरों ने आजादी के मतवालों पर लाठियां बरसाईं और अंग्रेजों के हुक्म बजाए, वे स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और समाजवादी विकास की आकांक्षाओं को कभी पूरा नहीं कर सकते। कई प्रांतीय नेता चाहते थे कि केंद्र के अधीन कोई अखिल भारतीय सेवा न हो और हर राज्य की अपनी अलग प्रशासनिक व्यवस्था हो। यदि यह मांग मान ली जाती, तो भारत अनगिनत क्षेत्रीय प्रशासनिक खेमों में बंट जाता और देश में एक साझा राष्ट्रीय नीति को लागू करना असंभव हो जाता।संविधान सभा में सरदार पटेल का ऐतिहासिक भाषण और 'स्टील फ्रेम' की वकालतसरदार पटेल अकेले ऐसे राष्ट्रीय नेता थे, जिन्होंने दूरगामी दृष्टि से देखा कि बिना एक सक्षम, प्रशिक्षित और अखिल भारतीय चरित्र वाली स्थाई नौकरशाही (Permanent Bureaucracy) के यह विशाल और विविधताओं से भरा देश एक दिन भी ठीक से नहीं चल सकता। 10 अक्टूबर 1949 को संविधान सभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस के दौरान सरदार पटेल ने अपने ऐतिहासिक भाषण में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा:यदि आपके पास एक सक्षम और संतुष्ट अखिल भारतीय सेवा नहीं है, जो खुलकर अपने विचार रख सके और जिस पर राजनीतिक दबाव न हो, तो आपके पास एक संगठित भारत नहीं बचेगा। आप इस संविधान का पालन नहीं कर पाएंगे। नौकरशाही को राजनीतिक हस्तक्षेप से सुरक्षित रखना होगा, क्योंकि वही देश की वास्तविक जीवनरेखा है।सरदार पटेल की इस अडिग प्रतिबद्धता के आगे विरोधियों को झुकना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 और 312 के तहत अखिल भारतीय सेवाओं—भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS)—को संवैधानिक सुरक्षा और मान्यता प्रदान की गई। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि कोई भी सिविल सेवक बिना निष्पक्ष जांच और राष्ट्रपति या राज्यपाल की अनुमति के मनमाने ढंग से पद से न हटाया जा सके।मेटकाफ हाउस में पहला संबोधन: जन-कल्याणकारी सेवक बनने का मंत्र21 अप्रैल 1947 को सरदार पटेल ने दिल्ली के ऐतिहासिक मेटकाफ हाउस में स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक सेवा (IAS) के पहले बैच के प्रोबेशनर्स को संबोधित किया था। यही कारण है कि भारत सरकार हर साल 21 अप्रैल को 'राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस' (National Civil Services Day) के रूप में मनाती है। इस संबोधन में पटेल ने अफसरों को अंग्रेजों की मानसिकता से बाहर निकलकर 'शासक' नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत का 'जनसेवक' बनने का पाठ पढ़ाया था। उन्होंने युवा अधिकारियों को तीन बुनियादी सिद्धांत दिए:राजनीतिक तटस्थता (Political Neutrality): सरकारें बदलती रहेंगी, अलग-अलग विचारधाराओं के दल सत्ता में आएंगे, लेकिन सिविल सेवा को किसी भी राजनीतिक दल के प्रति निष्ठा रखने के बजाय पूरी निष्पक्षता से संविधान और कानूनों के दायरे में काम करना होगा।भयमुक्त और स्पष्ट सलाह: एक सच्चे सिविल सेवक को अपने राजनीतिक मंत्रियों के सामने बिना किसी डर या पक्षपात के कड़वे तथ्य और नीतिगत सच रखने का साहस होना चाहिए।राष्ट्रीय एकता की भावना: एक अखिल भारतीय सेवा का अधिकारी होने के नाते उनकी पहली वफादारी किसी संकीर्ण जाति, धर्म या प्रांत के प्रति नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत राष्ट्र के प्रति होनी चाहिए।रियासतों के एकीकरण में सिविल सेवकों की भूमिका: वी.पी. मेनन और प्रशासनिक समन्वयसरदार पटेल का यह अटूट विश्वास केवल भाषणों तक सीमित नहीं था; उन्होंने प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग देश के राजनीतिक नक्शे को दोबारा खींचने में किया। उनके सबसे विश्वस्त सहयोगी और वरिष्ठ सिविल सेवक वी.पी. मेनन (V.P. Menon) ने 560 से अधिक रजवाड़ों के विलय पत्र (Instrument of Accession) का मसौदा तैयार करने और राजा-महाराजाओं के साथ गोपनीय व जटिल वार्ताओं को अंजाम तक पहुंचाने में सरदार पटेल के कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। पटेल ने दिखाया कि अगर राजनीतिक नेतृत्व के पास इच्छाशक्ति हो और प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्ण विश्वास व स्वतंत्रता दी जाए, तो बिना खून की एक बूंद बहाए भी दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक एकीकरण संभव किया जा सकता है।कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा का राष्ट्रीय ढांचा: IPS का आधुनिकीकरणप्रशासनिक सेवा के साथ-साथ सरदार पटेल ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का ढांचा भी पूरी तरह नए सिरे से तैयार किया। ब्रिटिश दौर की पुलिस व्यवस्था का उद्देश्य जनता में भय पैदा करना था, जबकि पटेल ने इसे स्वतंत्र भारत में नागरिकों के बुनियादी अधिकारों की रक्षक और आंतरिक शांति की प्रहरी संस्था के रूप में पुनर्गठित किया। विभाजन के दंगों को शांत करने, शरणार्थियों के कैंपों में व्यवस्था बनाने और सीमावर्ती राज्यों में कानून-व्यवस्था कायम करने में नवगठित पुलिस तंत्र ने अभूतपूर्व भूमिका निभाई। देश के पुलिस अधिकारियों को पेशेवर, आधुनिक और संवैधानिक मूल्यों से लैस प्रशिक्षण देने के लिए हैदराबाद में स्थापित देश की सर्वोच्च पुलिस प्रशिक्षण संस्था का नामकरण सरदार पटेल के योगदान के सम्मान में 'सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी' (SVPNPA) किया गया।विकासशील भारत की प्रशासनिक रीढ़: सरदार पटेल की दूरदर्शिता की प्रासंगिकताआज आजादी के कई दशकों बाद भी यदि भारत एक जीवंत लोकतंत्र के रूप में स्थिर खड़ा है, निष्पक्ष चुनाव आयोजित होते हैं, प्राकृतिक आपदाओं (बाढ़, चक्रवात, भूकंप) के समय राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलते हैं और विभिन्न राज्यों के बीच टकराव के बावजूद पूरे देश में साझा नीतियां (जैसे जीएसटी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और खाद्यान्न योजनाएं) लागू हो पाती हैं, तो इसका श्रेय सरदार पटेल द्वारा रचे गए इसी अखिल भारतीय प्रशासनिक ढांचे को जाता है। उन्होंने सुनिश्चित किया कि भारत की नौकरशाही किसी एक क्षेत्र या राज्य की सीमाओं में बंधने के बजाय पूरे देश को कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक प्रशासनिक सूत्र में बांधकर रखे। यही कारण है कि सरदार वल्लभभाई पटेल को आधुनिक भारतीय सिविल सेवाओं का पितामह (Father of Modern Indian Civil Services) कहा जाता है।
माता-पिता को लगता रहा बेटी लंदन में है, पुणे के फ्लैट में मिली लाश
महाराष्ट्र के पुणे में 34 साल की मुग्धा देशमुख का शव एक फ्लैट में सड़ी-गली हालत में मिला है. परिवार को लग रहा था कि मुग्धा लंदन में MBA की पढ़ाई कर रही है, लेकिन अब सामने आया है कि वह अगस्त से ही पुणे की लोढ़ा सोसायटी में रह रही थी. 23 अक्टूबर को माता-पिता से आखिरी बार बात करने के बाद मुग्धा का फोन बंद हो गया था. फिलहाल मुग्धा की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है.
NZ के खिलाफ पहले 3 वनडे के लिए बड़ा बदलाव, इस तेज गेंदबाज की एंट्री
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले भारतीय टीम में बदलाव किया गया है. तेज गेंदबाज आकिब नबी को पहले तीन वनडे के लिए भी टीम में शामिल कर लिया गया है. इससे पहले वह सिर्फ चौथे और पांचवें वनडे के लिए चुने गए थे.
Strait of Hormuz में तेल टैंकर पर हुआ भीषण हमला!
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमलों का खतरा बढ़ गया है. 30 अक्टूबर को 27 भारतीय नाविकों को लेकर जा रहे पनामा के झंडे वाले टैंकर एमटी लुईस 1 पर चुंबक से चिपकाए जाने वाले विस्फोटकों से हमला हुआ. धमाके के बाद इंजन रूम में आग लग गई, लेकिन चालक दल ने आग पर काबू पा लिया. केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के मुताबिक, सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अंतरिक्ष की दुनिया में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए एक नई उपलब्धि हासिल की है। इसरो ने अपने जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (GSLV-F18) के जरिए अगली पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रह NVS-03 को उसकी निर्धारित कक्षा (ऑर्बिट) में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस शानदार सफलता के बाद देश भर से वैज्ञानिकों को बधाइयां मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के समर्पण और सूझबूझ से पूरा देश गौरवान्वित है। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर सुबह-सुबह किए गए एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि को भारत के स्वदेशी सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम 'NavIC' को मजबूत करने की दिशा में एक 'महत्वपूर्ण कदम' बताया। साथ ही, उन्होंने देश को 'आत्मनिर्भर' बनाने के अपने संकल्प को भी दोहराया। PM मोदी ने कहा, NVS-03 को ले जाने वाले GSLV-F18 के सफल लॉन्च पर ISRO के हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। उन्होंने आगे कहा, बेहतर क्षमताओं से लैस, NVS-03 महत्वपूर्ण तकनीकों में आत्मनिर्भर बनने की हमारी कोशिशों को आगे बढ़ाएगा और ऐसी नेविगेशन सेवाओं में मदद करेगा, जिनसे हमारे लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा, हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का समर्पण और उनकी सूझबूझ लगातार हमारे देश को गौरवान्वित कर रही है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी ISRO को बधाई दी। उन्होंने PM मोदी द्वारा किए गए सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुधारों ने भारत की अंतरिक्ष सफलताओं की नींव रखी है, जो विक्रम साराभाई और सतीश धवन के सपनों को सच साबित करती हैं। उन्होंने 'X' पर लिखा, GSLV-F18/NVS-03 मिशन के सफल लॉन्च के लिए #ISRO टीम को बधाई! यह शानदार उपलब्धि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में भारत की बढ़ती ताकत और अपनी स्वदेशी नेविगेशन क्षमताओं को मजबूत करने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। इस बीच, NVS-03 के अपनी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित होने से, NavIC सिस्टम फिर से चार उपग्रहों के अपने न्यूनतम परिचालन स्तर (ऑपरेशनल कॉन्फ़िगरेशन) पर आ गया है। ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने NavIC को 'वन नेशन, वन टाइम' (एक राष्ट्र, एक समय) परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उन्होंने बताया कि NVS-01 सहित तीन उपग्रह पहले से ही सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं, और अब NVS-03 के जुड़ने से 'पोजीशन, नेविगेशन और टाइमिंग' (PNT) सेवाएं फिर से बहाल हो गई हैं। टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, NavIC (नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन) एक रणनीतिक राष्ट्रीय संपत्ति है, जो स्थिति (position), नेविगेशन और समय (timing) संबंधी सेवाओं तक स्वतंत्र पहुंच प्रदान करती है। इसका उपयोग नागरिक कार्यों के लिए भी किया जाता है, जैसे कि ट्रेनों, वाहनों और समुद्री जहाजों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। 56 दिनों में दो GSLV मिशन: इसरो का नया रिकॉर्ड इस मिशन की एक और बड़ी विशेषता इसरो का तेजी से काम करने का रिकॉर्ड रहा। इसरो प्रमुख ने बताया कि NVS-03 सैटेलाइट मिशन को लगातार दो GSLV मिशनों के बीच अब तक के सबसे कम समय-मात्र 56 दिनों के टर्नअराउंड टाइम-में पूरा किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि इसरो न केवल जटिल उपग्रह प्रौद्योगिकियों का निर्माण कर रहा है, बल्कि अपने प्रक्षेपण तंत्र को भी अत्यधिक तीव्र और कुशल बना चुका है। NVS-03 के सफल प्रक्षेपण से भारत की नेविगेशन प्रणाली और अधिक सटीक, सुरक्षित तथा आत्मनिर्भर बन गई है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi Congratulations to our scientists and engineers at ISRO on the successful launch of GSLV-F18 carrying NVS-03. This mission marks an important step in strengthening NavIC, our indigenous satellite navigation system. Equipped with enhanced capabilities, NVS-03 will further our pursuit of self-reliance in critical technologies and support navigation services that benefit our people. The dedication and ingenuity of our space scientists continue to make our nation proud. @isro — Narendra Modi (@narendramodi) October 31, 2026
बिहार पुलिस भर्ती पेपर लीक: ED ने अटैच कीं 2.01 करोड़ की 5 संपत्तियां
सरकारी नौकरी पाने की उम्मीद में लाखों युवाओं ने बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 में हिस्सा लिया था, लेकिन परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के चलते विवादों में घिर गई. अब करीब 3 साल के बाद इस मामले में ED ने कार्रवाई की है. ED ने आरोपी से जुड़ी करीब 2.01 करोड़ रुपये की पांच संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की है. आखिर परीक्षा का पेपर कैसे लीक हुआ था और इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है, आइए जानते हैं.
Mallikarjun Kharge ने SIR विरोध रैली में COJP की मौजूदगी पर साधी चुप्पी
(29 अक्टूबर को जारी प्रादे84 में कॉजपा के संदर्भ वाले हिस्से में सुधार करते हुए)बेंगलुरु, 30 अक्टूबर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विपक्ष द्वारा दिल्ली में एक नवंबर को आयोजित की जाने वाली रैली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं के शामिल होने या न होने पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। ‘पीटीआई-भाषा’ ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी खबर में खरगे के हाव-भाव के आधार पर भूलवश यह लिखा था कि उन्होंने इस पर नकारात्मक जवाब दिया। हालांकि, उनके कार्यालय ने स्पष्ट किया कि वह इस सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते थे। कॉजपा ने एक नवंबर की इस रैली को अपना समर्थन दिया है। अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित इस संगठन ने कहा है कि वह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए संघर्ष कर रहे संगठनों का समर्थन करेगा और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग को एक बार फिर दोहराया। यह रैली कथित चुनावी अनियमितताओं और एसआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग के वास्ते विपक्षी गठबंधन के अभियान का हिस्सा है। इस रैली में कांग्रेस, वामदल और अन्य दलों के शामिल होने का कार्यक्रम है। यह रैली पूर्वाह्न करीब 11 बजे शुरू होगी।
छत्तीसगढ़ में अर्नब का असर हुआ कम, अब बढ़ेगा पारा और धान पर मंडराया संकट
छत्तीसगढ़ मौसम: छत्तीसगढ़ में तूफान अर्नब का असर अब धीरे-धीरे कम हो गया है और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य का तापमान 3 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
फरीदाबाद में बारिश और ठंडी हवाओं से बदला मौसम का मिजाज
फरीदाबाद मौसम: फरीदाबाद शहर में देर रात से रुक-रुककर हो रही बारिश और ठंडी हवाओं के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तापमान में आई गिरावट से सुबह और शाम के समय ठंड का अहसास काफी बढ़ गया है। इसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को.
चक्रवात अर्नब के बाद फिर बदल रहा मौसम, भारी बारिश की चेतावनी; यूपी-बिहार तक अलर्ट
चक्रवात अर्नब: देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। हालिया बारिश के बाद दिल्ली-NCR में तापमान में गिरावट आई है, जबकि उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, 31 अक्टूबर को कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल.
भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शिल्पकार और देश को अखंडता के सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर पूरे देश में भारी उत्साह के साथ जश्न मनाया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर संस्कारी नगरी वडोदरा के ऐतिहासिक ...
दिलजीत दोसांझ के 'पंजाबियों...' वाले बयान से मचा बवाल, फिर अभिजीत दिपके ने लिखा इमोशनल लेटर
दिल्ली में Aura India Tour 2026 के दौरान दिलजीत दोसांझ ने अपने आलोचकों को जवाब दिया. इसके बाद CJP नेता अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर खुला पत्र लिखकर कहा कि मतभेद के बावजूद उनके मन में दिलजीत के लिए सम्मान बरकरार है.
कूनों में चीते की गोली मारकर हत्या के मामले में तगड़ा एक्शन
कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले 19 महीने के चीते केएनजी-22 की गोली लगने से मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. चीते के शरीर से बंदूक के पांच छर्रे मिले थे. इमरजेंसी सर्जरी के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी.
विजय माल्या को 'भगोड़ा' कहने से संजय राउत नाराज, बोले- फ्रॉड नहीं, देशभक्त हैं किंगफिशर के मालिक
संजय राउत अपनी इस नई किताब में लिखते हैं कि वे विजय माल्या को काफी करीब से जानते हैं। शिवसेना सांसद ने माल्या को खुशमिजाज, उदार और कई नेताओं से कहीं ज्यादा देशभक्त बताया।
PM Narendra Modi ने Sardar Vallabhbhai Patel को जयंती पर नमन किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन एक मजबूत, समृद्ध और सक्षम भारत के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मां भारती की सेवा में पटेल का त्याग और समर्पण विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा, ‘‘अखंड भारत’ के प्रणेता और देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।’’पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उनका निधन 15 दिसंबर, 1950 को हुआ था। वर्ष 1947 में भारत की आजादी के बाद पटेल देश के पहले गृह मंत्री बने और उन्हें 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने का श्रेय दिया जाता है। मोदी सरकार 2014 से 31 अक्टूबर को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने तथा मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना और उसे सुदृढ़ करना है।
राष्ट्रीय एकता दिवस: शाह बोले- सिर्फ 1218 दिनों में सरदार पटेल ने देश को किया एकजुट; कांग्रेस पर साधा निशाना amit-shah-slams-congress-on-national-unity-day-run-for-unity-sardar-patel-151st-birth-anniversary
चक्रवाती तूफान का असर दिल्ली तक, बारिश के बाद तापमान गिरा और हवा साफ हुई
चक्रवाती तूफान का असर: चक्रवाती तूफान का असर, मौसम ब्रेकिंग (नई दिल्ली): चक्रवाती तूफान का प्रभाव दिल्ली तक देखने को मिला है, जहां हालिया बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
हरियाणा में ठंड और बढ़ेगी, 13°C पहुंचा रात का पारा
हरियाणा मौसम अपडेट: राज्य में बारिश के बाद मौसम साफ होने लगा है और नमी बढ़ने से सुबह-रात की ठंड बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान नारनौल में 13C दर्ज किया गया है, जबकि कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को रबी फसलों की बुवाई शुरू करने की सलाह दी है।
'राजनीति के बाजार में मोहब्बत की दुकानें बंद...', महारैली पर कारोबारियों की हाथ जोड़कर राहुल से अपील
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में हमारी 300 साल पुरानी मोहब्बत की दुकानें रैली के कारण बंद करवा रहे हैं.

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