ROKO की वापसी से मचेगा धमाल! पहले ODI में ऐसी होगी प्लेइंग-11
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर (गुरुवार) को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. इस मुकाबले में रोहित शर्मा और विराट कोहली पर खास नजरें रहेंगी. जानिए भारत और वेस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग-11 और दोनों टीमों के पूरे स्क्वॉड के बारे में.
घाट पर मंत्र और ऑनलाइन तर्पण! प्रयागराज में श्राद्ध परंपरा की कहानी
प्रयागराज का संगम इन दिनों सिर्फ नदियों का मिलन नहीं, बल्कि यादों का भी संगम बना हुआ है. घाट पर कोई हाथ जोड़कर बैठा है, कोई पानी में खड़े होकर तर्पण कर रहा है और कोई अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान कर रहा है. दूर-दूर से लोग यहां पहुंचे हैं. जिन लोगों के लिए प्रयागराज पहुंचना मुश्किल है, उनमें से कुछ लोग अब ऑनलाइन भी पिंडदान और तर्पण करा रहे हैं.
रामायण इवेंट से क्यों गायब रहे यश? प्रोड्यूसर ने किया याद
रामायण मूवी को लेकर बीते दिन एक खास इवेंट रखा गया था जहां यूट्यूब की दुनिया के 'राजा' मिस्टर बीस्ट आए थे. पूरी स्टारकास्ट इसमें शामिल थी, लेकिन यश वहां नहीं पहुंचे थे. उनकी गैरमौजूदगी पर प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने कुछ बात की.
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और गति क्रांति के इस दौर में यात्रियों के पास यात्रा के कई प्रीमियम विकल्प उपलब्ध हैं। जब भी आरामदायक, सुरक्षित और समयबद्ध रेल यात्रा की बात आती है, तो तीन प्रमुख नाम सबसे आगे रहते हैं—वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express), राजधानी एक्सप्रेस (Rajdhani Express) और शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express)। ये तीनों ही ट्रेनें भारतीय रेलवे की 'प्रीमियम लीग' का हिस्सा हैं, जिन्हें ट्रैक पर सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Operational Priority) दी जाती है।लेकिन अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल उठता है कि इन तीनों में से 'असली बॉस' कौन है? कौन सी ट्रेन किस प्रकार के सफर के लिए सबसे मुफीद है और तकनीक व सुविधाओं के मामले में किसका पलड़ा भारी है? आइए गति, सीटिंग, भोजन, किराया और आधुनिक सुरक्षा मानकों के आधार पर तीनों का बिंदुवार विश्लेषण समझते हैं।1. यात्रा का प्रारूप और उद्देश्य: किसका क्या रोल है?राजधानी एक्सप्रेस (दूरी का राजा): राजधानी एक्सप्रेस देश की राजधानी नई दिल्ली को विभिन्न राज्यों की राजधानियों और प्रमुख व्यापारिक शहरों से जोड़ती है। यह पूरी तरह से एक लंबी दूरी की ओवरनाइट (रात की) स्लीपर ट्रेन है, जिसमें यात्री सोकर 1,000 से 2,500 किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं।शताब्दी एक्सप्रेस (पारंपरिक डे-ट्रेन): 1988 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म शताब्दी वर्ष पर शुरू की गई यह ट्रेन दो प्रमुख औद्योगिक या सांस्कृतिक शहरों के बीच उसी दिन आने-जाने (Same-day Return) के लिए डिजाइन की गई एक पूरी तरह वातानुकूलित चेयर कार ट्रेन है। इसकी अधिकतम दूरी आमतौर पर 400 से 800 किमी होती है।वंदे भारत एक्सप्रेस (आधुनिक सेमी-हाई स्पीड गेमचेंजर): मेक इन इंडिया के तहत विकसित वंदे भारत सेमी-हाई स्पीड डे-ट्रेन (और अब विकसित हो रहे स्लीपर वेरिएंट) के रूप में काम करती है। यह इंटरसिटी कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट और हाई-टेक बनाने के लिए लाई गई है, जिसने धीरे-धीरे कई रूटों पर पारंपरिक शताब्दी की जगह ली है।2. स्पीड और एक्सलरेशन: ट्रैक पर किसका दबदबा?पैमानावंदे भारत एक्सप्रेसराजधानी एक्सप्रेसशताब्दी एक्सप्रेसअधिकतम परीक्षण गति (Trial Speed)180 किमी/घंटा160 किमी/घंटा150 किमी/घंटाऑपरेशनल स्पीड (रूट अनुसार)130 - 160 किमी/घंटा120 - 130 किमी/घंटा110 - 130 किमी/घंटाट्रेन तकनीकट्रेनसेट (सेल्फ-प्रोपेल्ड, बिना अलग इंजन)लोकोमोटिव आधारित (इंजन खींचता है)लोकोमोटिव आधारित (इंजन खींचता है)0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तारमात्र 52 सेकंड2 से 3 मिनट2 से 3 मिनटवंदे भारत की बढ़त: वंदे भारत एक 'डिस्ट्रीब्यूटेड ट्रैक्शन पावर' ट्रेनसेट है, जिसमें हर दूसरे कोच में मोटर लगी होती है। इसका पिक-अप (Acceleration) और ब्रेक लगाने की क्षमता (Deceleration) बुलेट ट्रेन के स्तर की है। किसी स्टेशन या सिग्नल पर रुकने के बाद यह तुरंत अपनी अधिकतम गति पकड़ लेती है, जिससे कुल यात्रा समय में 15 से 20 प्रतिशत की सीधी बचत होती है।3. कोच, सीटिंग और कम्फर्ट: अंदर का अनुभव कैसा है?वंदे भारत एक्सप्रेस:सीटिंग फॉर्मेट: एसी चेयर कार (CC) और एग्जीक्यूटिव क्लास (EC)।खासियत: 180 डिग्री घूमने वाली कुर्सियां (एग्जीक्यूटिव क्लास में), स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजे, विमान जैसे बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, सीलिंग डिफ्यूज्ड एलईडी लाइटिंग, आधुनिक इंफोटेनमेंट स्क्रीन, और पूरी तरह सील किए गए वेस्टिब्यूल (जिससे आवाज और झटके न के बराबर होते हैं)।राजधानी एक्सप्रेस:सीटिंग/स्लीपर फॉर्मेट: फर्स्ट एसी (1A - कूपे व केबिन), सेकंड एसी (2A - 2-टियर स्लीपर), और थर्ड एसी (3A - 3-टियर स्लीपर)।खासियत: एलएचबी (LHB) कोच, साफ-सुथरा बेडिंग (चादर, कंबल, तकिया), रात के समय सोने के लिए आरामदायक बर्थ, और लंबी दूरी की यात्रा के लिए आदर्श प्राइवेसी।शताब्दी एक्सप्रेस:सीटिंग फॉर्मेट: एसी चेयर कार (CC) और एग्जीक्यूटिव चेयर कार (EC)।खासियत: आरामदायक पुश-बैक सीटें, बड़ी खिड़कियां, और अखबार/पत्रिकाएं। हालांकि, वंदे भारत की तुलना में इसका इंटीरियर और सस्पेंशन थोड़ा पुराना महसूस होता है।4. खान-पान और कैटरिंग सर्विस: किसका भोजन सबसे बेहतर?राजधानी एक्सप्रेस: लंबी यात्रा होने के कारण इसमें भोजन के कई कोर्स दिए जाते हैं—वेलकम ड्रिंक, शाम का स्नैक्स, गरमा-गरम रात का खाना (सूप, रोटी, दाल, पनीर/चिकन, चावल और आइसक्रीम/मिठाई) और अगली सुबह की चाय व नाश्ता। गुणवत्ता काफी स्थिर और संतोषजनक रहती है।शताब्दी एक्सप्रेस: इसमें भी यात्रा समय के अनुसार सुबह का नाश्ता या शाम का नाश्ता और डिनर परोसा जाता है। खान-पान राजधानी के स्तर का ही होता है।वंदे भारत एक्सप्रेस: इसका कैटरिंग मेन्यू आधुनिक है। इसमें क्षेत्रीय स्वाद (Regional Cuisine), बाजरा/मिलेट्स आधारित स्वस्थ स्नैक्स और प्रीमियम पैकेज्ड फूड परोसा जाता है। ट्रेनों में लगे मिनी पैंट्री उपकरण अधिक आधुनिक हैं, जिससे खाना बेहतर तापमान पर सर्व होता है।5. किराया और वैल्यू फॉर मनीकिराया संरचना: तीनों ही ट्रेनों में डायनेमिक फेयर (Dynamic Pricing) सिस्टम लागू है (मांग बढ़ने पर किराया बढ़ता है)।तुलना: समान दूरी के डे-ट्रैवल के लिए वंदे भारत का किराया शताब्दी से लगभग 10 से 15 प्रतिशत अधिक होता है, लेकिन समय की बचत और आधुनिक सुविधाओं के चलते इसे वाजिब माना जाता है। वहीं राजधानी का किराया अपनी स्लीपर सुविधाओं और मल्टी-कोर्स मील के कारण अपने सेगमेंट के अनुसार उचित है।फैसला: कौन है 'असली बॉस'?दिन के सफर (400-800 किमी) का निर्विवाद बॉस: वंदे भारत एक्सप्रेस। अपनी तेज रफ्तार, जबर्दस्त पिक-अप, आधुनिक सुरक्षा तकनीक (कवच सिस्टम) और विश्वस्तरीय इंटीरियर के दम पर यह शताब्दी से कहीं आगे निकल चुकी है।रात के सफर और लंबी दूरी (1,000+ किमी) का बॉस: राजधानी एक्सप्रेस। जब बात पूरी रात सफर करके अगली सुबह तरोताजा होकर गंतव्य पर पहुंचने की हो, तो राजधानी के स्लीपर कोचों और हॉस्पिटैलिटी का मुकाबला कोई डे-ट्रेन नहीं कर सकती।
यूपी में बारिश बनी आफत, 48 घंटे में 15 लोगों की मौत, कई जिलों में अलर्ट जारी
लगातार हो रही भारी बारिश से यूपी के कई जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है. IMD ने दक्षिण-पूर्वी यूपी में बने डिप्रेशन के चलते अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. बारिश से 48 घंटे में 15 लोगों की मौत हो गई है.
नई दिल्ली। नौकरीपेशा कर्मचारियों की सामाजिक और वित्तीय सुरक्षा के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित भविष्य निधि (PF) खाता एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। अक्सर देखा जाता है कि कर्मचारी नौकरी की शुरुआत में कुंवारे रहने के दौरान अपने माता-पिता या भाई-बहन को पीएफ खाते में नॉमिनी (Nominee) बना देते हैं। इसके बाद विवाह होने या बच्चे के जन्म के बाद वे अपने पारिवारिक विवरण और नॉमिनेशन में बदलाव करना भूल जाते हैं। ईपीएफओ के वैधानिक नियमों के अनुसार, वैवाहिक स्थिति बदलने या परिवार में नए सदस्य (बच्चे) के आगमन के तुरंत बाद पीएफ खाते में ई-नॉमिनेशन (E-Nomination) को संशोधित करना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा न करने पर किसी अनहोनी की स्थिति में आपके जीवनसाथी और बच्चों के लिए जमा पीएफ राशि, मासिक पेंशन और लाखों रुपये का मुफ्त जीवन बीमा क्लेम करना बेहद जटिल और कानूनी झंझटों से भरा हो सकता है।शादी के बाद पुराना नॉमिनेशन हो जाता है अमान्य: ईपीएफओ का स्पष्ट नियमकर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के पैरा 61 के तहत बनाए गए नियमों के अनुसार:विवाह से पहले का नॉमिनेशन स्वतः अमान्य: यदि किसी सदस्य ने अविवाहित रहते हुए किसी अन्य रिश्तेदार के नाम पर नॉमिनेशन किया था, तो विवाह होते ही वह पुराना नामांकन कानूनन निष्प्रभावी (Invalid) हो जाता है।परिवार की वैधानिक परिभाषा: ईपीएफओ नियमों में पुरुष सदस्य के लिए परिवार का अर्थ 'पत्नी, बच्चे, आश्रित माता-पिता और दिवंगत बेटे की विधवा व बच्चे' है। वहीं महिला सदस्य के लिए इसका अर्थ 'पति, बच्चे, आश्रित सास-ससुर/माता-पिता' है।बाहरी व्यक्ति का नामांकन अवैध: यदि किसी सदस्य का वैधानिक परिवार मौजूद है, तो वह परिवार से बाहर किसी तीसरे व्यक्ति को कानूनी रूप से नामांकित नहीं कर सकता। यदि ऐसा किया भी जाता है, तो वह अमान्य माना जाता है।नॉमिनेशन अपडेट न होने पर क्या-क्या रुक सकता है?यदि खाते में सही और अद्यतन नॉमिनेशन दर्ज नहीं है, तो परिवार को इन तीन बड़े वित्तीय लाभों से वंचित होना पड़ सकता है:₹7 लाख तक का मुफ्त जीवन बीमा (EDLI Scheme): ईपीएफओ के प्रत्येक सक्रिय अंशधारक को 'कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना' (EDLI) के तहत स्वतः ₹2.5 लाख से लेकर अधिकतम ₹7 लाख तक का जीवन बीमा कवर बिना किसी प्रीमियम के मिलता है। यदि नॉमिनी अपडेट नहीं है, तो परिवार को कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफिकेट (उत्तराधिकार प्रमाण पत्र) लाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।ईपीएस-95 के तहत विधवा/अनाथ पेंशन (Widow & Children Pension): कर्मचारी पेंशन योजना के तहत आश्रित जीवनसाथी को आजीवन मासिक विधवा/विधुर पेंशन और 25 वर्ष की आयु तक दो बच्चों को नियमित बाल पेंशन (Children Pension) मिलती है। रिकॉर्ड अपडेट न होने पर यह प्रक्रिया महीनों तक अटक जाती है।पीएफ फंड की त्वरित निकासी: वैध ई-नॉमिनेशन होने पर आश्रित व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन क्लेम फॉर्म 10D/20 सबमिट कर सकते हैं, जिसके तहत राशि कुछ ही कार्यदिवसों में सीधे बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।घर बैठे ई-नॉमिनेशन अपडेट करने की आसान ऑनलाइन प्रक्रियाईपीएफओ ने अपने मेंबर सेवा पोर्टल पर डिजिटल हस्ताक्षर आधारित ई-नॉमिनेशन की सुविधा दी हुई है। इसे इन आसान चरणों में पूरा किया जा सकता है:ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं।अपना 12 अंकों का यूएएन (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।मुख्य मेन्यू में 'Manage' टैब पर क्लिक करें और ड्रॉप-डाउन सूची से 'E-Nomination' चुनें।स्क्रीन पर 'Family Declaration' का विकल्प आएगा; यदि परिवार है तो 'Yes' पर क्लिक करें।इसके बाद अपने जीवनसाथी और बच्चों का विवरण जोड़ें (उनका नाम, जन्म तिथि, लिंग, संबंध, वर्तमान पता, बैंक खाता विवरण और पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करें)।'Nomination Details' में जाकर तय करें कि आप कुल फंड का कितना प्रतिशत हिस्सा (जैसे पत्नी को 50%, बच्चे को 50% या पत्नी को 100%) देना चाहते हैं।'Save EPF Nomination' पर क्लिक करें।अंत में 'e-Sign' विकल्प पर क्लिक करें और आधार वर्चुअल आईडी (VID) दर्ज करके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) के जरिए डिजिटल हस्ताक्षर सत्यापित करें।ओटीपी सत्यापन पूरा होते ही आपका नया ई-नॉमिनेशन आधिकारिक रूप से पंजीकृत हो जाता है। इसमें किसी भी तरह के भौतिक दस्तावेज अपने नियोक्ता (कंपनी) को भेजने की आवश्यकता नहीं होती है।
एसआईआर विवाद: असदुद्दीन ओवैसी ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल, कहा- चुनाव आयोग बताए फैसले किस बहुमत से लिए गए asaduddin-owaisi-raise-questions-sir-election-commission-dissent-notes-poor-documents-hyderabad
नई दिल्ली। वजन कम करने (Weight Loss) और शरीर को सुडौल बनाने के लिए अक्सर लोग भारी वजन उठाने (Weight Lifting) या घंटों ट्रेडमिल पर दौड़ने को ही एकमात्र उपाय मानते हैं। लेकिन अगर आप जोड़ों पर अत्यधिक दबाव डाले बिना शरीर की गहरी मांसपेशियों (Deep Core Muscles) को मजबूत करना चाहते हैं, तो पिलेट्स (Pilates) एक अत्यंत प्रभावी वर्कआउट पद्धति है। पिलेट्स शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, लचीलापन (Flexibility) बढ़ाता है और पूरे शरीर की मांसपेशियों को लीन (Lean Muscle Mass) बनाकर फैट बर्निंग प्रक्रिया को गति देता है।वजन घटाने और कोर को मजबूत करने के लिए 5 सबसे बेहतरीन और लोकप्रिय पिलेट्स व्यायाम:1. द हंड्रेड (The Hundred)'द हंड्रेड' पिलेट्स का क्लासिक और सबसे बुनियादी वार्म-अप व फैट-बर्निंग व्यायाम है। यह कोर को एक्टिवेट करता है और फेफड़ों की क्षमता तथा रक्त संचार को तेजी से बढ़ाता है।करने का तरीका:मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।पैरों को मोड़कर हवा में टेबलटॉप पोजीशन (घुटने 90 डिग्री के कोण पर) में लाएं, या अधिक तीव्रता के लिए 45 डिग्री के कोण पर सीधा फैलाएं।सिर, गर्दन और कंधों को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं और दोनों हाथों को कूल्हों के समानांतर जमीन से 2-3 इंच ऊपर रखें।अब हाथों को हल्का-हल्का ऊपर-नीचे पंप करें। 5 गिनती तक गहरी सांस अंदर लें (Inhale) और 5 गिनती तक सांस बाहर छोड़ें (Exhale)।इस चक्र को 10 बार दोहराएं (कुल 100 पंप)।फायदा: यह पेट की मांसपेशियों (Rectus Abdominis) को गहराई से लक्षित करता है और तेजी से कैलोरी बर्न करता है।2. क्रिस्क्रॉस (Criss-Cross / Bicycle Pilates)यह व्यायाम पेट के साइड्स (Love Handles) और ऑब्लिक्स (Obliques) की चर्बी को घटाने के लिए सबसे प्रभावी माना जाता है।करने का तरीका:पीठ के बल लेटें और दोनों हाथों की उंगलियों को सिर के पीछे हल्के से रखें (गर्दन पर दबाव न डालें)।दोनों पैरों को टेबलटॉप पोजीशन में उठाएं।सांस छोड़ते हुए धड़ को दाईं ओर घुमाएं और बाएं कंधे को दाएं घुटने की ओर ले जाएं, साथ ही बाएं पैर को सीधा आगे फैलाएं।सांस लेते हुए केंद्र में आएं और फिर दूसरी तरफ इसी प्रक्रिया को दोहराएं (दायां कंधा बाएं घुटने की ओर)।दोनों तरफ 12 से 15 बार नियंत्रित गति से करें।फायदा: कमर के घेरे (Waistline) को कम करने और पेट की साइड मसल्स को टोन करने में मदद करता है।3. रोल-अप (The Roll-Up)रोल-अप सामान्य सिट-अप्स की तुलना में कई गुना अधिक प्रभावी है क्योंकि इसमें गति (Momentum) के बजाय मांसपेशियों के पूर्ण नियंत्रण और ताकत का उपयोग होता है।करने का तरीका:पैरों को सीधा फैलाकर जमीन पर लेट जाएं और हाथों को सिर के पीछे सीधा रखें।सांस लेते हुए हाथों को छत की ओर उठाएं।सांस छोड़ते हुए पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए रीढ़ की हड्डी को एक-एक वर्टिब्रा (Vertebra) करके धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।पूरी तरह बैठकर आगे झुकें और पैरों की उंगलियों को छूने का प्रयास करें (पीठ का आकार C-curve जैसा होना चाहिए)।सांस लेते हुए उसी नियंत्रित गति से धीरे-धीरे वापस लेटने की मुद्रा में आएं।इसे 6 से 8 बार दोहराएं।फायदा: यह पेट की ऊपरी और निचली चर्बी को कम करता है तथा रीढ़ के लचीलेपन में सुधार करता है।4. प्लैंक लेग लिफ्ट्स (Plank with Leg Lifts)प्लैंक पूरे शरीर की ताकत का परीक्षण करता है। जब इसमें लेग लिफ्ट को जोड़ा जाता है, तो यह लोअर बॉडी और कोर दोनों को एक साथ चुनौती देता है।करने का तरीका:फोरआर्म या हथेलियों के बल एक मजबूत प्लैंक पोजीशन में आएं (कंधे कलाई के सीध में और शरीर सिर से पैर तक एक सीधी रेखा में हो)।कोर को कसकर रखें। अब सांस छोड़ते हुए अपने दाएं पैर को जमीन से 6-8 इंच ऊपर उठाएं।पैर उठाते समय कूल्हों को स्थिर रखें और उन्हें ऊपर न उठने दें।2 सेकंड रुकें और पैर नीचे लाएं। फिर बाएं पैर से यही दोहराएं।प्रत्येक पैर से 10-12 बार करें।फायदा: कोर के साथ-साथ ग्लूट्स (Hips) और हैमस्ट्रिंग्स की चर्बी घटाने और उन्हें टाइट करने में बेहद मददगार है।5. स्विमिंग (Pilates Swimming)यह व्यायाम शरीर के पिछले हिस्से (Posterior Chain) यानी पीठ, हिप्स और जांघों को लक्षित करता है और रीढ़ के संतुलन को दुरुस्त करता है।करने का तरीका:पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों व पैरों को सीधा फैलाएं।सांस छोड़ते हुए सिर, छाती, हाथ और पैरों को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं।अब दाएं हाथ और बाएं पैर को एक साथ थोड़ा और ऊपर उठाएं।तुरंत विपरीत दिशा में बदलें—बायां हाथ और दायां पैर ऊपर उठाएं (जैसे पानी में तैर रहे हों)।लयबद्ध तरीके से सांस लेते हुए इस गति को 30 से 45 सेकंड तक जारी रखें।फायदा: पीठ की चर्बी (Back Fat) को घटाता है, पोस्चर में सुधार करता है और कमर दर्द से राहत दिलाता है।पिलेट्स करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी सुझावसांस लेने की तकनीक (Pilates Breathing): पिलेट्स में सांस का नियंत्रण बेहद जरूरी है। हमेशा नाक से गहरी सांस लें और मुंह से सांस को नियंत्रित गति से छोड़ें।क्वालिटी बनाम क्वांटिटी: पिलेट्स में दोहराव (Reps) की संख्या से ज्यादा महत्व इस बात का है कि मूवमेंट कितना सटीक और नियंत्रित है। झटके से कोई भी व्यायाम न करें।आहार का संतुलन: पिलेट्स के साथ प्रोटीन, फाइबर और संतुलित पोषक तत्वों से भरपूर कैलोरी डेफिसिट (Calorie Deficit) डाइट अपनाएं, जिससे फैट बर्न होने की गति दोगुनी हो सके।सप्ताह में 3 से 4 दिन इन 5 पिलेट्स व्यायामों का अभ्यास करने से न केवल अतिरिक्त वजन कम होगा, बल्कि शरीर मजबूत, लचीला और सुडौल बनेगा।
आईआरसीटीसी (IRCTC Tourism) ने नए यात्रा सीजन के लिए दो बेहद आकर्षक और ऑल-इंक्लूसिव टूर पैकेज लॉन्च किए हैं. जानिए इन टूर पैकेजों के मुख्य आकर्षण, यात्रा मार्ग, पैकेज कोड और ऑनलाइन बुकिंग की पूरी प्रक्रिया.
ओव्यूलेशन के दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द: कब है यह सामान्य और कब डॉक्टर से मिलना जरूरी?
नई दिल्ली। कई महिलाओं को मासिक धर्म (Periods) शुरू होने से करीब 14 दिन पहले यानी मेंस्ट्रुअल साइकिल के ठीक बीच में पेट के निचले हिस्से में हल्की ऐंठन या एकतरफा चुभन भरा दर्द महसूस होता है। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को 'मिटेलश्मर्ज' (Mittelschmerz) कहा जाता है, जो एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ होता है मध्य का दर्द (Middle Pain)। लगभग 20 से 40 प्रतिशत महिलाएं अपने प्रजनन वर्षों में इस तरह के दर्द का अनुभव करती हैं। अधिकांश मामलों में यह एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है जो यह दर्शाती है कि अंडाशय (Ovary) से अंडा सफलतापूर्वक रिलीज हो रहा है। हालांकि, यदि यह दर्द असहनीय हो, कई दिनों तक बना रहे या इसके साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखें, तो यह किसी अंतर्निहित स्त्री रोग संबंधी समस्या (Gynecological Issue) का संकेत हो सकता है।ओव्यूलेशन के दौरान दर्द क्यों होता है?ओव्यूलेशन वह प्रक्रिया है जब अंडाशय परिपक्व अंडे को फैलोपियन ट्यूब में छोड़ता है। इसके दौरान दर्द होने के दो मुख्य जैविक कारण होते हैं:फॉलिकल का खिंचाव: अंडा रिलीज होने से ठीक पहले अंडाशय की सतह पर मौजूद तरल से भरा फॉलिकल बड़ा होता है, जिससे अंडाशय की दीवार पर खिंचाव पड़ता है और हल्का दर्द होता है।अंडे का फूटना और तरल का रिसाव: जब फॉलिकल फटकर अंडा छोड़ता है, तो अंडे के साथ-साथ थोड़ा सा तरल या हल्का रक्त भी पेट की आंतरिक परत (Peritoneum) में रिस जाता है। यह तरल पेल्विक लाइनिंग में हल्की जलन और ऐंठन पैदा करता है, जो कुछ घंटों में शरीर द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है।सामान्य दर्द की पहचान: क्या महसूस होना सामान्य है?यदि दर्द सामान्य ओव्यूलेशन का हिस्सा है, तो उसके लक्षण आमतौर पर इस प्रकार होते हैं:समय: यह 28 दिनों के सामान्य चक्र में 12वें से 16वें दिन के बीच (माहवारी शुरू होने से लगभग दो सप्ताह पहले) होता है।एकतरफा दर्द: यह पेट के निचले हिस्से या पेल्विस में केवल एक तरफ (दाएं या बाएं) महसूस होता है। चूंकि दोनों अंडाशय हर महीने बारी-बारी से अंडा रिलीज करते हैं, इसलिए यह दर्द हर महीने साइड बदल सकता है।अवधि: सामान्य मिटेलश्मर्ज कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रहता है। बहुत दुर्लभ मामलों में यह 24 से 48 घंटे तक हल्का बना रह सकता है।तीव्रता: यह दर्द हल्का मरोड़ जैसा या सुई चुभने जैसा होता है, जिसे हीटिंग पैड या सामान्य आराम से नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ कभी-कभी हल्का पारदर्शी योनि स्राव (Egg-white discharge) भी हो सकता है।कब हो जाएं सतर्क: असामान्य दर्द और चेतावनी के संकेतयदि ओव्यूलेशन के समय होने वाला दर्द सामान्य सीमाओं को पार कर जाए, तो इसे सामान्य मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। निम्नलिखित स्थितियां चिंता का विषय हो सकती हैं:असहनीय और गंभीर दर्द: ऐसा दर्द जो आपको रोजमर्रा के काम करने, उठने-बैठने या चलने से रोक दे।48 घंटे से अधिक समय तक बने रहना: यदि दर्द दो दिनों से ज्यादा लगातार बना रहे।संभोग के दौरान दर्द (Dyspareunia): शारीरिक संबंध बनाते समय तेज पेल्विक दर्द होना।पेशाब या मल त्याग के समय तेज चुभन: आंतों या मूत्राशय पर अत्यधिक दबाव महसूस होना।अन्य गंभीर लक्षण: तेज बुखार, ठंड लगना, उल्टी या मतली, चक्कर आना, बेहोशी या भारी योनि रक्तस्राव (Heavy Bleeding)।किन गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है ओव्यूलेशन का तेज दर्द?यदि चक्र के मध्य में बार-बार तेज दर्द हो रहा है, तो इसके पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis): गर्भाशय के अंदर बनने वाले टिशू जब अंडाशय, आंतों या फैलोपियन ट्यूब के बाहर उगने लगते हैं। यह स्थिति ओव्यूलेशन और पीरियड्स दोनों के समय असहनीय दर्द का कारण बनती है।ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst): अंडाशय में गांठ या सिस्ट का होना। कभी-कभी सिस्ट के फटने या मुड़ जाने (Ovarian Torsion) से अचानक तीव्र और असहनीय दर्द उठता है, जो एक मेडिकल इमरजेंसी है।पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID): प्रजनन अंगों में बैक्टीरियल संक्रमण के कारण गंभीर सूजन और दर्द होना।एडेनोमायोसिस या फाइब्रॉएड (Fibroids): गर्भाशय की मांसपेशियों में गैर-कैंसरयुक्त रसौली (गांठें) होना।अपेंडिसाइटिस या आंतों की समस्या: कई बार दाहिनी ओर होने वाला तेज दर्द ओव्यूलेशन नहीं, बल्कि अपेंडिक्स की सूजन का संकेत होता है।सामान्य दर्द से राहत पाने के घरेलू और प्राथमिक उपाययदि डॉक्टर की जांच में किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है और दर्द सामान्य मिटेलश्मर्ज है, तो इन उपायों से राहत पाई जा सकती है:हीट थेरेपी: पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की थैली (Hot Water Bag) या हीटिंग पैड का उपयोग करने से मांसपेशियों का तनाव कम होता है।हाइड्रेशन और विश्राम: पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और दर्द के समय भारी शारीरिक व्यायाम के बजाय आराम करें।ओटीसी दर्द निवारक: डॉक्टर की सलाह से पैरासिटामोल या इबुप्रोफेन जैसी हल्की सूजनरोधी दवाएं ली जा सकती हैं।ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (यदि अनुशंसित हो): जिन महिलाओं को हर महीने बहुत अधिक परेशानी होती है, उन्हें स्त्री रोग विशेषज्ञ अक्सर कुछ समय के लिए गर्भनिरोधक गोलियां लेने की सलाह देते हैं, जिससे ओव्यूलेशन रुक जाता है और दर्द से पूरी तरह मुक्ति मिलती है।मासिक चक्र के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों और सिग्नल्स पर ध्यान देना जरूरी है। यदि ओव्यूलेशन का दर्द आपकी जीवनशैली को बाधित कर रहा है, तो बिना संकोच अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से अल्ट्रासाउंड या पेल्विक जांच अवश्य कराएं।
पितृ पक्ष 2026: 16 दिनों तक रखें इन जरूरी नियमों का ध्यान
पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या पर इसका समापन होगा. इस दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में दान-पुण्य और सात्विक जीवन का विशेष महत्व है. तर्पण के समय दिशा, मुहूर्त और पूजा सामग्री से जुड़े नियमों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है.
जिस बद्रीधाम में शंख बजाना वर्जित है, वहां भारी मशीनें और हेलिपैड शोर मचा रहे हैं. इसके साथ ही, पर्यटक गंदगी भी फैला रहे हैं, जो धर्म के खिलाफ है.
शोध में खुलासा: घरेलू सफाई उत्पाद व एयर फ्रेशनर्स पैदा कर रहे नैनोपार्टिकल, फेफड़ों को हो रहा गंभीर नुकसान
दिल्ली के इन स्कूलों में लॉटरी से मिलता है एडमिशन, आसान हैं नियम
दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में बच्चों का एडमिशन करवाना आसान नहीं होता है. एडमिशन को लेकर अभिभावकों के बीच अक्सर यह सवाल रहता है कि किन बच्चों का दाखिला लॉटरी के जरिए होता है. दरअसल, दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की ओर से EWS, DG और CWSN कैटेगरी के बच्चों के लिए निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में आरक्षित सीटों पर कंप्यूटरीकृत ड्रॉ ऑफ लॉट्स के जरिए सीट आवंटित की जाती है.
गर्भावस्था में दुर्लभ संक्रमण और ऑटिज्म का खतरा: स्वीडन के बड़े अध्ययन में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
स्टॉकहोम। गर्भावस्था के दौरान मां का स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) गर्भ में पल रहे शिशु के न्यूरोलॉजिकल और शारीरिक विकास में निर्णायक भूमिका निभाता है। स्वीडन के प्रतिष्ठित कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट (Karolinska Institutet) के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक व्यापक और दीर्घकालिक अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि गर्भावस्था के दौरान गंभीर और दुर्लभ संक्रमणों की चपेट में आने वाली माताओं के बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder - ASD) विकसित होने का जोखिम लगभग तीन गुना (Three-Fold Risk) तक बढ़ सकता है।लाखों बच्चों और माताओं के राष्ट्रीय स्वास्थ्य रजिस्टरों पर आधारित इस शोध ने चिकित्सा जगत का ध्यान उस ओर खींचा है कि गर्भावस्था के दौरान होने वाली गंभीर सूजन (Systemic Inflammation) और इम्यून एक्टिवेशन किस तरह गर्भस्थ शिशु के नाजुक न्यूरोडेवलपमेंटल पथ को प्रभावित कर सकते हैं। यह अध्ययन विशेष रूप से उन दुर्लभ संक्रमणों पर केंद्रित था जिनके चलते गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती (Hospitalization) होने या गहन चिकित्सीय देखरेख की आवश्यकता पड़ी।क्या कहता है स्वीडन का अध्ययन: मुख्य निष्कर्षस्वीडिश शोधकर्ताओं ने कई दशकों के व्यापक डेटा का विश्लेषण करने के बाद पाया कि सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम की तुलना में गंभीर, अनियंत्रित या दुर्लभ संक्रामक स्थितियां अधिक संवेदनशील प्रभाव डालती हैं:तीन गुना जोखिम: जिन गर्भवती महिलाओं ने गर्भावस्था के दौरान गंभीर जीवाणु (Bacterial) या विषाणुजनित (Viral) दुर्लभ संक्रमणों का सामना किया, उनके बच्चों में सामान्य आबादी की तुलना में ऑटिज्म का नैदानिक निदान (Clinical Diagnosis) मिलने की संभावना लगभग तीन गुना दर्ज की गई।अस्पताल में भर्ती होने वाले मामले: अध्ययन में पाया गया कि जोखिम विशेष रूप से तब सबसे अधिक था जब संक्रमण इतना गंभीर था कि महिला को अस्पताल में अंतःशिरा (IV) एंटीबायोटिक्स, एंटीवायरल दवाओं या विशेष निगरानी में रखना पड़ा।संक्रमण का समय (Trimester Sensitivity): पहली और दूसरी तिमाही (First and Second Trimesters) के दौरान संक्रमण का प्रभाव सबसे संवेदनशील देखा गया, क्योंकि इसी समयावधि में भ्रूण के मस्तिष्क की न्यूरोनल संरचनाएं, सिनैप्टिक कनेक्शन और कॉर्टिकल लेयर्स का प्राथमिक गठन हो रहा होता है।क्या रोगजनक सीधे मस्तिष्क पर हमला करता है?शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि ज्यादातर मामलों में यह जरूरी नहीं कि कोई वायरस या बैक्टीरिया प्लेसेंटा (Placenta) को पार कर सीधे शिशु के मस्तिष्क तक पहुंचे। इसके पीछे मुख्य भूमिका मां के अपने इम्यून सिस्टम की होती है:मैटर्नल इम्यून एक्टिवेशन (MIA): जब मां का शरीर किसी गंभीर या असामान्य संक्रमण से लड़ता है, तो भारी मात्रा में प्रदाहकारी रसायन (Pro-inflammatory Cytokines जैसे IL-6, IL-17a और TNF-alpha) रक्तप्रवाह में छोड़े जाते हैं।प्लेसेंटल बैरियर और भ्रूण का दिमाग: अत्यधिक साइटोकाइन तूफान (Cytokine Storm) कभी-कभी प्लेसेंटा के माध्यम से भ्रूण के संचलन तंत्र तक पहुंच सकता है। यह भ्रूण के मस्तिष्क में माइक्रोग्लिया (Microglia - मस्तिष्क की प्रतिरक्षा कोशिकाएं) को सक्रिय कर देता है, जिससे न्यूरॉन्स के प्राकृतिक विकास और संचार पैटर्न में सूक्ष्म बदलाव आ सकते हैं।दुर्लभ संक्रमणों की संवेदनशीलता: दुर्लभ या असामान्य रोगजनक शरीर में अधिक आक्रामक और अनियंत्रित प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं, जो लंबे समय तक उच्च सूजन का कारण बनती है।अध्ययन का व्यापक संदर्भ: दहशत नहीं, सतर्कता की आवश्यकताचिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने गर्भवती महिलाओं को आगाह करते हुए यह भी समझाया है कि इस अध्ययन के परिणामों को भय या घबराहट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए:सापेक्ष जोखिम बनाम निरपेक्ष जोखिम: शोधकर्ताओं का कहना है कि तीन गुना जोखिम एक 'सापेक्षिक आंकड़ा' (Relative Risk) है। इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि गर्भावस्था में गंभीर संक्रमण से पीड़ित प्रत्येक महिला का बच्चा ऑटिज्म का शिकार होगा। ऑटिज्म एक बहु-कारकीय (Multifactorial) स्थिति है जिसमें आनुवंशिक प्रवृत्तियां (Genetics) 60 से 80 प्रतिशत तक मुख्य भूमिका निभाती हैं।सामान्य संक्रमणों से अलग: सामान्य फ्लू, हल्का यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) या मौसमी जुकाम जिसका समय पर इलाज हो जाता है, आमतौर पर इस श्रेणी में नहीं आते। अध्ययन का जोर बिना इलाज के छोड़े गए, जटिल या दुर्लभ सिस्टेमिक इन्फेक्शन्स पर था।रोकथाम और समय पर इलाज: यदि किसी गर्भवती महिला को तेज बुखार, लगातार ठंड लगना, या कोई असामान्य संक्रमण महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर एंटीबायोटिक या एंटीवायरल उपचार लेना चाहिए। बुखार और संक्रमण को नियंत्रित करने से साइटोकाइन के स्तर में तेजी से कमी आती है, जिससे भ्रूण पर पड़ने वाला जोखिम काफी हद तक टल जाता है।गर्भावस्था के दौरान नियमित प्रसवपूर्व जांच (Antenatal Care), समय पर टीकाकरण और संक्रमण के किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सीय सलाह लेना ही मां और आने वाले शिशु दोनों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य की सबसे मजबूत ढाल है।
बिहार के Piyush Jha का नवाचार: अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली को UNDP से मिली मान्यता
(अपर्णा बोस)नयी दिल्ली, 27 सितंबर बिहार के मधुबनी स्थित अपने गृह नगर से बेहतर जीवन की तलाश में मुंबई की झुग्गियों में आने के बाद 20 वर्षीय पीयूष झा ने अपनी बस्ती के सामने एक नई चुनौती देखी जो थी-घरों के आसपास जमा हो रहा गंदा पानी और डेंगू, मलेरिया तथा टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों का बढ़ता खतरा। इन हालात ने उसे इस समस्या के समाधान के लिए एक नवाचार तलाशने के लिए प्रेरित किया। झा ने एक विकेंद्रीकृत, मॉड्यूलर अपशिष्ट जल शोधन प्रणाली विकसित की , जिसका उद्देश्य पानी को साफ करने की प्रक्रिया को व्यावहारिक और किफायती बनाना है। इस नवाचार को भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के उद्यमिता कार्यक्रम ‘यूथ को:लैब नेशनल इनोवेशन चैलेंज’ के तहत मान्यता मिली है। विश्व नदी दिवस के अवसर पर झा ने पीटीआई-को बताया कि उनका नवाचार गैर शोधित औद्योगिक अपशिष्ट जल के बहाव की समस्या से निपटने का प्रयास है, जो भारत के जल स्रोतों में प्रदूषण के प्रमुख कारणों में से एक है। झा के अनुसार हर दिन करीब 1800 करोड़ लीटर अपशिष्ट जल निकलता है, जिसमें से केवल 20 से 30 प्रतिशत ही शोधित होता है। उन्होंने कहा, “अपशिष्ट जल के शोधन के लिए हमें किसी रासायनिक पदार्थ की जरूरत नहीं है और न ही भारी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पड़ती है। मौजूदा जल शोधन संयंत्रों को शुरू करने के लिए ही बड़े आधारभूत ढांचे की जरूरत होती है, जो भारत में विनिर्माण और प्रसंस्करण इकाइयों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।”परियोजना के दायरे के बारे में पूछे जाने पर झा ने कहा कि यह उद्योगों को किफायती जल शोधन समाधान उपलब्ध कराकर आम लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि इसका लक्ष्य कपड़ा, चमड़ा, खाद्य एवं पेय पदार्थ, डिस्टिलरी, कागज एवं लुगदी तथा चीनी जैसे क्षेत्र हैं। ये ऐसे उद्योग हैं, जहां बड़ी मात्रा में जैविक रूप से विघटित होने वाला कचरा उत्पन्न होता है। झा ने कहा कि यह तकनीक सूक्ष्मजीवों की मदद से कचरे को विघटित करती है और इस प्रक्रिया में बिजली भी उत्पन्न करती है। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अगर छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को किफायती जल शोधन समाधान मिल जाए, तो उनके जल निकायों में जहरीला अपशिष्ट जल छोड़ने की संभावना कम है। इससे उन्हें आर्थिक रूप से भी मदद मिलेगी। पहले जहां किसी उद्योग को पानी साफ करने के लिए 20 लाख रुपये खर्च करने पड़ते थे, वहीं हमारा प्री-ट्रीटमेंट समाधान इस खर्च को घटाकर पांच से सात लाख रुपये कर देता है।’’झा ने बताया कि कोविड-19 के दौरान सेकेंड हैंड लैपटॉप मिलने के बाद उन्होंने इस दिशा में काम शुरू किया। झा ने कहा कि जल उपचार इंजीनियरिंग में उनके पास कोई औपचारिक डिग्री नहीं है। उन्होंने एमएचटी-सीईटी में 98 प्रतिशत हासिल करने के बावजूद मुंबई के डीजी सांघवी कॉलेज से अपनी पढ़ाई छोड़कर स्टार्टअप पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, “यह केवल एक व्यक्ति का प्रयास नहीं है। कई संगठनों, गैर-सरकारी संगठनों और इनक्यूबेटरों ने हमारा समर्थन किया है, जिनमें यूएनडीपी, इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय और मर्सिडीज-बेंज फेलोशिप कार्यक्रम शामिल है।”यूएनडीपी इंडिया के साथ अपने जुड़ाव के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम ‘यूथ को:लैब’ ने उन्हें विभिन्न उद्योगों के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन, निवेशकों से संपर्क और तीन महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम तक पहुंच मुहैया कराई। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में विजेता नहीं रहने वाले प्रतिभागियों को भी उद्योग जगत के पेशेवरों से मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हैदराबाद में आयोजित चार दिवसीय बूटकैंप के लिए भी आमंत्रित किया गया था, जहां मुझे दो प्रमुख साझेदार मिले। इनमें से एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के साथ साझेदारी भी शामिल है।
नई दिल्ली। महज 29 वर्ष की आयु में युवा प्रोफेशनल दिव्यांका सिरोही के अचानक और असामयिक निधन की खबर ने समाज, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और युवाओं को गहरे सदमे में डाल दिया है। इतनी कम उम्र में जीवन की डोर टूटने की इस स्तब्धकारी घटना ने एक बार फिर उस गंभीर खतरे की ओर ध्यान खींचा है, जिसे अक्सर युवा पीढ़ी 'उम्र का तकाजा नहीं' समझकर नजरअंदाज कर देती है—युवाओं में तेजी से बढ़ती गंभीर हृदय संबंधी समस्याएं (Cardiovascular Diseases)।हाल के वर्षों में 20 से 35 वर्ष के युवाओं में अचानक कार्डियक अरेस्ट (Sudden Cardiac Arrest), साइलेंट हार्ट अटैक और गंभीर अतालता (Arrhythmia) के मामलों में खतरनाक बढ़ोतरी देखी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा अब पूरी तरह गलत साबित हो चुकी है कि दिल की बीमारियां केवल 50 या 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को ही प्रभावित करती हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, कॉर्पोरेट दबाव और अनियंत्रित दिनचर्या के चलते 20-30 की उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।युवाओं के दिल पर क्यों गहरा रहा है संकट: प्रमुख चिकित्सीय कारणवरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) के अनुसार, युवाओं में अचानक होने वाली गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं और मृत्यु के पीछे कई जैविक, आनुवंशिक और जीवनशैली से जुड़े कारण होते हैं:हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (HCM): यह एक आनुवंशिक स्थिति है जिसमें हृदय की मांसपेशियां असामान्य रूप से मोटी हो जाती हैं, जिससे दिल के लिए रक्त पंप करना कठिन हो जाता है। अक्सर इसके कोई स्पष्ट बाहरी लक्षण नहीं दिखते और यह अत्यधिक शारीरिक तनाव या खेलकूद के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकती है।कोरोनरी आर्टरी विसंगतियां और समय पूर्व एथेरोस्क्लेरोसिस: धमनियों की बनावट में जन्मजात असामान्यताएं या अत्यधिक तनाव और खराब आहार के कारण रक्त नलिकाओं में वसा (Plaque) का तेजी से जमना। कई बार यह प्लाक अचानक फट जाता है, जिससे तुरंत बड़ा रक्त का थक्का (Blood Clot) बनता है और धमनियां पूरी तरह ब्लॉक हो जाती हैं।संक्रमण के बाद मायोकार्डिटिस (हृदय की सूजन): वायरल या रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के बाद कई मामलों में हृदय की मांसपेशियों में सूजन (Myocarditis) आ जाती है। यदि इसका समय पर निदान न हो, तो यह दिल की धड़कन के संतुलन (Electrical Conduction) को बिगाड़ देती है, जिससे अचानक बेहोशी या मृत्यु हो सकती है।लंबा क्यूटी सिंड्रोम और एरिथमिया: दिल की विद्युत प्रणाली (Electrical System) में गड़बड़ी, जिसके कारण दिल अचानक बहुत तेज या अनियमित रूप से धड़कने लगता है और सेकंडों में रक्त संचार रुक जाता है।आधुनिक जीवनशैली के वो छिपे हुए खतरे जो दिल को कर रहे कमजोरचिकित्सकों का मानना है कि जेनेटिक कारणों के अलावा, आज के युवा अनजाने में अपनी दैनिक आदतों से अपने दिल को खतरे में डाल रहे हैं:क्रोनिक तनाव और लगातार उच्च कोर्टिसोल: करियर, आर्थिक दबाव और कॉर्पोरेट लक्ष्यों के कारण शरीर में 'तनाव हार्मोन' (Cortisol और Adrenaline) लगातार उच्च स्तर पर बने रहते हैं। यह स्थिति रक्तचाप को बढ़ाती है और धमनियों में सूजन पैदा करती है।नींद की गंभीर कमी (Sleep Deprivation): रात में 7-8 घंटे की निर्बाध नींद न लेना और देर रात तक जागना दिल की प्राकृतिक मरम्मत (Repair Mechanism) को बाधित करता है। नियमित रूप से 5-6 घंटे से कम सोने वालों में हार्ट अटैक का जोखिम काफी अधिक पाया गया है।अति-व्यायाम और बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स: जिम में क्षमता से अधिक भारी वजन उठाना (Over-exertion), डिहाइड्रेशन की स्थिति में इंटेंस वर्कआउट करना, और अनाधिकृत प्रोटीन पाउडर या एनर्जी बूस्टर्स का अत्यधिक सेवन भी दिल पर जानलेवा दबाव डाल सकता है।धूम्रपान, वेपिंग और जंक फूड: स्मोकिंग और वेपिंग से धमनियों की अंदरूनी परत क्षतिग्रस्त होती है, जिससे खून में थक्के बनने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। वहीं ट्रांस फैट और अत्यधिक रिफाइंड चीनी वाला भोजन कम उम्र में ही बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ा देता है।इन चेतावनी संकेतों को कभी न करें 'गैस या थकान' समझकर नजरअंदाजअक्सर युवा सीने में होने वाली बेचैनी को सामान्य 'एसिडिटी' या 'मांसपेशियों का खिंचाव' मानकर टाल देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार निम्नलिखित लक्षणों को तुरंत गंभीरता से लेना चाहिए:बिना किसी भारी मेहनत के अचानक अत्यधिक पसीना आना और चक्कर आना।सीने के बीच में भारीपन, दबाव, जलन या निचोड़ने जैसा दर्द महसूस होना।दर्द का जबड़े, गर्दन, पीठ या बाएं हाथ की ओर फैलना।सीढ़ियां चढ़ते या सामान्य चलते समय भी सांस का अत्यधिक फूलना।अचानक दिल की धड़कनें बहुत तेज (धड़कन असामान्य होना) महसूस होना या बेहोशी छाना।युवाओं के लिए डॉक्टरों की सलाह: सुरक्षा के 4 सुनहरे नियमदिव्यांका सिरोही जैसी होनहार और युवा प्रतिभाओं का असामयिक जाना इस बात की सख्त चेतावनी है कि स्वास्थ्य को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता:25 की उम्र के बाद वार्षिक स्वास्थ्य जांच: लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल), ईसीजी (ECG), ब्लड शुगर और रक्तचाप की सालाना जांच अवश्य कराएं। यदि परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक का इतिहास रहा हो, तो ट्रेडमिल टेस्ट (TMT) और इकोकार्डियोग्राम (Echo) भी करवाएं।सक्रिय रहें, लेकिन संतुलन के साथ: रोजाना 30-40 मिनट की मध्यम गति की सैर, योग या हल्का व्यायाम करें। अपनी शारीरिक क्षमता की सीमा को पहचानें।नींद और मानसिक स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता: रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें और तनाव प्रबंधन के लिए ध्यान व हॉबीज का सहारा लें।व्यसनों से दूरी: तंबाकू, सिगरेट और वेपिंग को तुरंत अलविदा कहें और प्रसंस्कृत (Processed) खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।युवावस्था असीम ऊर्जा का समय है, लेकिन यह अमरता की गारंटी नहीं है। अपने शरीर और दिल की आवाज को सुनना, समय रहते स्वास्थ्य संकेतों को पहचानना और संतुलित जीवनशैली अपनाना ही इस गंभीर खतरे से बचाव का एकमात्र उपाय है।
पितृ पक्ष को अशुभ मानना जरूरी नहीं; हिंदू परंपरा में यह पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का समय है। प्रतिपदा श्राद्ध 27 सितंबर 2026 से शुरू होकर 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या पर समाप्त होगा। पूर्णिमा श्राद्ध 26 सितंबर को था।
CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया: महाभियोग के नियम, शर्तें और संख्या बल का विश्लेषण
नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), आंतरिक असहमति और हालिया राजनीतिक विवादों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने (Removal) की मांगों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी खेमे में संसदीय महाभियोग जैसी कठोर प्रक्रिया अपनाने की वकालत की जा रही है, लेकिन भारतीय संविधान के सुरक्षात्मक प्रावधानों के कारण किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना देश की सबसे जटिल और कठिन कानूनी प्रक्रियाओं में से एक है।भारतीय संविधान के निर्माताओं ने चुनाव आयोग को कार्यपालिका (सरकार) के किसी भी दबाव, राजनीतिक पूर्वाग्रह या सत्ता परिवर्तन के झटकों से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को असाधारण संवैधानिक सुरक्षा प्रदान की है।संवैधानिक सुरक्षा: अनुच्छेद 324(5) की ढालसंविधान का अनुच्छेद 324(5) स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करता है कि:मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर ही हटाया जाएगा, जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को हटाया जाता है; अन्यथा नहीं।इसका अर्थ यह है कि:मंत्रिमंडल या राष्ट्रपति का सीधा दखल असंभव: राष्ट्रपति या केंद्र सरकार किसी भी प्रशासनिक या कार्यकारी आदेश (Executive Order) से मुख्य चुनाव आयुक्त को नहीं हटा सकते।अन्य आयुक्तों से अलग दर्जा: जहां चुनाव आयुक्तों (EC) को मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है, वहीं मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का वैधानिक अधिकार केवल और केवल संसद के दोनों सदनों के पास है।हटाने के एकमात्र दो आधार: उन्हें केवल दो आधारों पर हटाया जा सकता है—'सिद्ध कदाचार' (Proved Misbehaviour) यानी भ्रष्टाचार व संविधान की अवहेलना, या 'असमर्थता' (Incapacity) यानी कार्य निर्वहन में मानसिक/शारीरिक अक्षमता।न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968: महाभियोग के 3 प्रमुख चरणमुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की विधिक प्रक्रिया संसद के 'न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968' (Judges Inquiry Act, 1968) के तहत संचालित होती है, जो तीन कड़े चरणों में बंटी है:चरण 1: संसदीय नोटिस और पीठासीन अधिकारी की मंजूरीप्रक्रिया शुरू करने के लिए सांसदों द्वारा एक औपचारिक निष्कासन प्रस्ताव (Removal Motion) पेश करना होता है:संख्या बल की शर्त: इस नोटिस पर लोकसभा में न्यूनतम 100 सांसदों के हस्ताक्षर या राज्यसभा में न्यूनतम 50 सांसदों के हस्ताक्षर होने अनिवार्य हैं।पीठासीन अधिकारी का विशेषाधिकार: नोटिस मिलने के बाद लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) या राज्यसभा के सभापति (Chairman) आरोपों की प्रारंभिक वैधता की जांच करते हैं। यदि आरोप निराधार या राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होते हैं, तो वे इसे पहली ही नजर में खारिज करने का पूर्ण अधिकार रखते हैं।चरण 2: 3-सदस्यीय उच्चस्तरीय न्यायिक जांच समितियदि पीठासीन अधिकारी प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं, तो आरोपों की तथ्यपरक और निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक पैनल का गठन किया जाता है:भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) या सुप्रीम कोर्ट के कोई मौजूदा वरिष्ठ न्यायाधीश।देश के किसी भी उच्च न्यायालय (High Court) के मुख्य न्यायाधीश।एक प्रतिष्ठित कानूनविद्/विधिवेत्ता (Distinguished Jurist)।यह समिति आरोपों पर गवाहों और दस्तावेजों की जांच करती है तथा संबंधित मुख्य चुनाव आयुक्त को अपना पक्ष और बचाव रखने का पूरा अवसर देती है। यदि समिति मुख्य चुनाव आयुक्त को कदाचार या अक्षमता का दोषी नहीं पाती, तो प्रक्रिया वहीं समाप्त हो जाती है। यदि समिति उन्हें दोषी ठहराती है, तभी रिपोर्ट संसद में चर्चा और मतदान के लिए भेजी जाती है।चरण 3: संसद में विशेष बहुमत (Special Majority) और राष्ट्रपति की मंजूरीजांच समिति की रिपोर्ट संसद में पेश होने के बाद दोनों सदनों में प्रस्ताव पर व्यापक बहस होती है:दोहरा विशेष बहुमत अनिवार्य: प्रस्ताव को पारित करने के लिए संसद के प्रत्येक सदन में दोहरी शर्त पूरी करनी होती है:सदन की कुल सदस्य संख्या का स्पष्ट बहुमत (50% से अधिक)।उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत।समान सत्र में पारित होना: यह प्रस्ताव एक ही संसदीय सत्र के भीतर लोकसभा और राज्यसभा दोनों द्वारा अलग-अलग पारित होना चाहिए।राष्ट्रपति का हस्ताक्षर: दोनों सदनों से विशेष बहुमत से पारित होने के बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेजा जाता है, जिसके बाद राष्ट्रपति के औपचारिक आदेश से पदमुक्ति प्रभावी होती है।इतिहास और व्यावहारिक राजनीति का यथार्थसंवैधानिक प्रावधानों की मजबूती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आजाद भारत के इतिहास में आज तक किसी भी मुख्य चुनाव आयुक्त को इस प्रक्रिया के माध्यम से हटाया नहीं जा सका है:इतिहास की नजीर: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन के कार्यकाल के दौरान भी राजनीतिक असंतोष के चलते महाभियोग के प्रयास की चर्चाएं उठी थीं, लेकिन वे कभी निर्णायक स्तर तक नहीं पहुंच सकीं।मौजूदा संख्या बल की चुनौती: संसद में किसी भी प्रस्ताव को दो-तिहाई विशेष बहुमत से पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के व्यापक समर्थन की आवश्यकता होती है। वर्तमान संसदीय गणित में सरकार की सहमति के बिना विपक्ष के पास दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत जुटाना व्यावहारिक रूप से असंभव है।इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की राजनीतिक मांगें और बयानबाजी भले ही सुर्खियों में रहें, लेकिन इस प्रक्रिया की संवैधानिक कठोरता और वर्तमान संसदीय संख्या बल इसे व्यावहारिक धरातल पर लगभग असंभव बना देते हैं।
संयुक्त राष्ट्र (न्यूयॉर्क)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें उच्चस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच से दुनिया के मौजूदा संकटों और युद्धों पर गहरी चिंता व्यक्त की। जयशंकर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि युद्ध और भू-राजनीतिक टकरावों से कोसों दूर रहने वाले विकासशील और गरीब देशों को उन लड़ाइयों की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है, जिन्हें शुरू करने या खत्म करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को जमीनी वास्तविकताओं का सामना करने की नसीहत देते हुए कहा कि आज की दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों की आवाज ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सबसे कम सुनी जाती है।जयशंकर ने अपने संबोधन में रूस-यूक्रेन युद्ध, खाड़ी और पश्चिम एशिया के तनाव, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों और उससे वैश्विक खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहे घातक प्रभावों का विस्तार से उल्लेख किया।'जिनका युद्ध से वास्ता नहीं, वे भुगत रहे हर्जाना'संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विश्व भर के नेताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा:आज जो देश संघर्षों के भौगोलिक क्षेत्रों से बहुत दूर हैं, उन्हें बिना किसी गलती के दंडित किया जा रहा है। जो देश इन युद्धों के कारण सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अक्सर उन्हीं की राय को सबसे कम तवज्जो दी जाती है। इस महासभा को दुनिया की इस सच्ची और कड़वी स्थिति का सामना करना ही होगा।उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था (Globalised Economy) में जब युद्ध छिड़ता है, तो उसकी तरंगें पूरी दुनिया में फैलती हैं। विकासशील देशों (Global South) के लिए महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतें, उर्वरक संकट और खाद्यान्न असुरक्षा जीवन-मरण का प्रश्न बन चुकी हैं।यूक्रेन युद्ध और खाड़ी संकट: 'अंतहीन युद्ध अब खत्म होने चाहिए'विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए दोहराया कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकते:यूक्रेन संघर्ष: जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने दोहराया कि अंतहीन युद्धों का दौर अब समाप्त होना चाहिए और शांति के लिए कूटनीति व बातचीत का रास्ता अपनाना अनिवार्य है।व्यापारिक जहाजों और नाविकों पर हमले अस्वीकार्य: खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) और लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) और नाविकों पर हो रहे हमलों को जयशंकर ने पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा और व्यापार के निर्बाध प्रवाह को बाधित करना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है। भारत ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय नाविकों की सुरक्षा के लिए 'ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स' पहल की भी शुरुआत की है।पश्चिम एशिया और द्वि-राष्ट्र समाधान: पश्चिम एशिया में जारी हिंसा पर बोलते हुए उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा की अपील की और दोहराया कि इस क्षेत्र में स्थायी शांति केवल एक व्यावहारिक 'द्वि-राष्ट्र समाधान' (Two-State Solution) के माध्यम से ही संभव हो सकती है।'कगार पर खड़ी है दुनिया, शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं'जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र को आगाह करते हुए कहा कि यदि दुनिया लगातार धमकियों, प्रतिबंधों और दबावों के साए में जीती रहेगी, तो हम सचमुच एक गहरे गर्त (Abyss) के मुहाने पर खड़े हैं।उन्होंने कहा कि वास्तविक शांति केवल युद्ध न होने का नाम नहीं है, बल्कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में स्थिरता, सुरक्षा और पूर्वानुमान (Predictability) होना जरूरी है। भारत खाद्य, अनाज और ऊर्जा सुरक्षा को बहाल करने के लिए हर संभव मानवीय और कूटनीतिक सहायता देने को तैयार है।
नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर आंतरिक कार्यप्रणाली, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) और केंद्रीय आईटी पोर्टल 'ECINet' को लेकर सामने आई खबरों के बाद चुनाव आयोग ने आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है। चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लिखे गए पत्रों और नोटिंग्स के सार्वजनिक होने के बाद आयोग ने एक विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्णय प्रक्रिया के दौरान विभिन्न दृष्टिकोण और असहमति किसी भी बहु-सदस्यीय संस्था की स्वस्थ एवं जीवंत कार्यशैली का प्रमाण हैं, न कि कोई संवैधानिक गतिरोध। इसके साथ ही आयोग ने विवादों के केंद्र में रहे 'ECINet' सिस्टम और आईटी बुनियादी ढांचे की कानूनी व तकनीकी समीक्षा के लिए आईआईटी (IIT) और ट्रिपल आईटी (IIIT) के शीर्ष विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया है।हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले कुछ महीनों में कम से कम 14 अलग-अलग अवसरों पर मतदाता सूची संशोधन (SIR), मतदाता पहचान पत्र प्रबंधन और आईटी निर्णयों की केंद्रीकृत प्रक्रिया पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता पर तीखे सवाल खड़े कर दिए थे।पत्रों और आंतरिक असहमति पर आयोग का स्पष्टीकरण: 'यह गतिरोध नहीं, स्वस्थ विमर्श'चुनाव आयोग द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि आयोग के आंतरिक विचार-विमर्श और अंतिम निर्णयों के बीच के अंतर को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है:बहु-सदस्यीय आयोग की परंपरा: आयोग ने कहा कि भारत का निर्वाचन आयोग एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय है, जहां तीनों आयुक्त—मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्त—समान वैधानिक अधिकार रखते हैं। फाइलों पर विभिन्न पहलुओं पर प्रश्न उठाना, विस्तृत जानकारी मांगना और वैकल्पिक विचार रखना लोकतांत्रिक विचार-विमर्श का स्वाभाविक हिस्सा है।SIR पर सर्वसम्मत फैसला: आयोग ने जोर देकर स्पष्ट किया कि 24 जून 2025 को पूरे देश में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) कराने का फैसला पूर्ण पीठ की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था। बाद में इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने भी 27 मई 2026 के अपने ऐतिहासिक फैसले में संवैधानिक रूप से वैध और त्रुटिहीन माना था।कैबिनेट सचिव से जुड़े पत्राचार पर सफाई: आयोग ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट सचिव को लिखा गया पत्र आयोग की किसी आईटी नीति या सामान्य कामकाज से संबंधित नहीं था, बल्कि वह केवल प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर तैनात एक विशेष अधिकारी के प्रशासनिक दायित्वों से जुड़ा एक व्यक्तिगत संदर्भ था।ECINet की तकनीकी समीक्षा: IIT और IIIT के विशेषज्ञ करेंगे ऑडिटविवादों की जड़ रहे चुनाव आयोग के मुख्य तकनीकी प्लेटफॉर्म 'ECINet' की कार्यप्रणाली, डाटा सुरक्षा और चुनावी नियमों के सख्त अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने ठोस कदम उठाए हैं:वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता में समिति: एक वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त (DEC) की अगुवाई में एक विशेष स्वतंत्र तकनीकी मूल्यांकन समिति का गठन किया गया है।प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल: इस समिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) के जाने-माने कंप्यूटर साइंस व साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।ऑडिट का मुख्य दायरा: यह समिति परीक्षण करेगी कि क्या ECINet पर मतदाताओं के नाम जोड़ने, हटाने और ट्रांसफर करने की प्रक्रिया जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के कड़े कानूनी प्रावधानों के अनुरूप काम कर रही है।नए आईटी प्रोजेक्ट्स पर सख्त प्रक्रिया: आयोग ने तय किया है कि भविष्य में कोई भी नया तकनीकी मॉड्यूल या सॉफ्टवेयर अपडेट सीधे लागू नहीं होगा। पहले उसे अधिकारियों की समिति (Committee of Officers - COO) में तकनीकी रूप से परखा जाएगा और उसके बाद आयोग की पूर्ण पीठ की औपचारिक मंजूरी मिलने पर ही सक्रिय किया जाएगा।प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए 5 अहम बदलावआयोग ने आंतरिक कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए व्यवस्थागत सुधारों की भी घोषणा की है:बैठकों का एजेंडा पहले से तय: आयोग की किसी भी बैठक से पहले उसका लिखित एजेंडा अग्रिम रूप से प्रसारित किया जाएगा ताकि सभी सदस्य पूरी तैयारी के साथ विमर्श में शामिल हो सकें।बैठकों के कार्यवृत्त (Minutes) जारी होंगे: बैठकों में हुई चर्चाओं और निर्णयों के आधिकारिक मिनट्स तैयार कर रिकॉर्ड पर रखे जाएंगे।विदेश यात्रा पर पूर्व मंजूरी: चुनाव आयोग के किसी भी स्तर के अधिकारी को आधिकारिक विदेश दौरे पर जाने से पहले आयोग से अनिवार्य रूप से पूर्व अनुमति लेनी होगी।आयुक्तों के निर्देशों की निगरानी: आयुक्तों द्वारा जारी प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी।प्रदर्शन मूल्यांकन की समय-सीमा: अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (APAR) को हर साल 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करने की अंतिम तिथि तय कर दी गई है।चुनाव आयोग का मानना है कि इन स्वतंत्र समीक्षाओं और प्रशासनिक सुधारों से जहां तकनीकी प्रणालियों की दक्षता कई गुना बढ़ जाएगी, वहीं चुनावी प्रक्रिया की शुचिता, निष्पक्षता और पारदर्शिता पर देश के नागरिकों का अटूट विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।
Upcoming Dividend Stocks: सरकारी कंपनियां SAIL, IGL और NMDC सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत में अपने निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा देने जा रही हैं. जानिए किस कंपनी की रिकॉर्ड डेट कब है और प्रति शेयर कितना मुनाफा मिलेगा.
बचेगी लोगों की जान: कार्डियक अरेस्ट में ड्रोन से पहुंचेगा डिफाइब्रिलेटर... पारंपरिक एंबुलेंस से कितना अलग?
आधी रात को एयरपोर्ट पहुंचीं ऐश्वर्या राय, स्वैग पर दिल हारे फैंस
ऐश्वर्या कोबीती देर रात मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. एक्ट्रेस को देखकर हर किसी की नजरें उन्हीं पर टिकी रह गईं.
माता-पिता को ओडिशा भेजने की तैयारी में थे पश्चिम बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी, बोले- जनता ने बचा लिया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह अपने माता-पिता को ओडिशा भेजने की तैयारी में थे। उन्होंने कहा कि इस बार जनता जनार्दन ने बचा लिया। नहीं तो, जिस तरीके से माहौल पश्चिम बंगाल में बन रहा था, पता नहीं था क्या हालात होने वाली है।
बाजार की नमकीन नहीं, व्रत के लिए बनाएं साबूदाना-मूंगफली मिक्स्चर
Vrat Ki Namkeen: दो हफ्ते बाद नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. कई घरों में नवरात्रि से पहले ही सफाई और व्रत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. ऐसे में यहां हम आपको साबूदाना-मूंगफली मिक्स्चर की रेसिपी बता रहे हैं जो आप अभी से नोट कर लें ताकि नवरात्रि के व्रत के लिए आपको बाजार की नमकीन न खरीदनी पड़े.
महाभारत के अनसुलझे रहस्य, जिनके बारे में जानकर दंग रह जाएंगे आप!
Mahabharat Facts: महाभारत का युद्ध केवल दो परिवारों की लड़ाई नहीं, बल्कि अधर्म और अहंकार पर धर्म की विजय की गाथा है. जानें कैसे दुर्योधन की एक हठ और शकुनि की कूटनीति ने महान योद्धाओं को कुरुक्षेत्र में आमने-सामने खड़ा कर दिया.
मौसम का बदला मिजाज, कई राज्यों में बाढ़ का खतरा!
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है. उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ और जलभराव जैसे हालात बने हैं. उत्तर प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत और 17 लोगों के घायल होने की खबर है. वहीं कई जिलों में मकान, फसलें, सड़कें और बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है. अन्य राज्यों में भी नदियां उफान पर हैं.
घर कितना भी साफ हो... ये 5 जीव बना लेते हैं अपना ठिकाना, जानें क्यों आते हैं और घर से कैसे रखें दूर
Household Pests: चींटियां, छिपकलियां, तिलचट्टे, मच्छर और मक्खियां ऐसे जीव हैं जो साफ-सुथरे घर में भी आसानी से पहुंच जाते हैं. खाने की गंध, नमी, कचरा और खुली खिड़कियां इन्हें आकर्षित करती हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक सफाई और सावधानी से इनका प्रवेश रोका जा सकता है.
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर एक नया और बहुत बड़ा सियासी बवंडर खड़ा हो गया है। केरल के पूर्व मुख
घर के नल में पानी का प्रेशर अचानक कम हो जाए तो ये 5 चीजें चेक करें
घर में नल से अचानक कम पानी आने लगे तो हर बार प्लंबर को बुलाने की जरूरत नहीं होती. नल की जाली, पानी की टंकी, वाल्व, पाइप और बाहर की सप्लाई जैसी 5 चीजें चेक करके समस्या की वजह का पता लगाया जा सकता है.
'क्या बर्लिन ने सेकंड वर्ल्ड वॉर से सबक नहीं सीखा?', जर्मनी की सलाह पर भड़का रूस
संयुक्त राष्ट्र महासभा में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मनी पर यूक्रेन का प्रायोजक होने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि जर्मनी यूरोप में एक सैन्य शक्ति बनने की कोशिश कर रहा है. जबकि जर्मन विदेश मंत्री ने रूस से युद्ध खत्म करने की अपील की.
देश के अलग-अलग राज्यों में सूखे और बाढ़ की स्थिति के बीच केंद्र सरकार ने प्रभावित किसानों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव अब देश में दिखाई दे रहे हैं और सरकार ...
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज खतरनाक बना हुआ है, एक तरफ उत्तर भारत में बर्फबारी तो मैदानी और तटीय राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं।
450% बढ़ा एक्सपोर्ट... देसी कंपनियों का स्कूटर मार्केट में दबदबा
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियां सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अच्छा परफॉर्म कर रही है. जहां घरेलू मार्केट में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की सेल्स में 114 परसेंट की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ हुई है. वहीं इनके एक्सपोर्ट में 450 परसेंट का इजाफा हुआ है. ये डेटा वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती 5 महीनों का है. आइए जानते हैं इनकी डिटेल्स.
उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है. इससे जगह-जगह जलभराव हो गया है. अलग-अलग जनपदों से सामने आई जानकारी के अनुसार कई लोगों की मौत भी हुई है. इधर प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं.
चुनाव में जमानत जब्त, फिर भी मिला 1870 करोड़ चंदा..! गुजरात में 3 पार्टियों का ‘फर्जी डोनेशन’ खेल
आरोप है कि इन राजनीतिक पार्टियों ने लगभग 1,870 करोड़ रुपए का बोगस चंदा दिखाया और फर्जी कंपनियों, फर्जी बिलों और CA की मिलीभगत से 4 से 10 फीसदी कमीशन काटकर दानदाताओं को उनका पैसा नकद वापस लौटा दिया।
पृथ्वी से 63 प्रकाश वर्ष दूर अंतरिक्ष की गहराइयों से लगातार कुछ रहस्यमयी रेडियो संकेत आ रहे हैं. वैज्ञानिकों ने जब इस आवाज का पीछा किया, तो जो सच सामने आया उसने ब्रह्मांड के सबसे बड़े राज से पर्दा उठा दिया है.
स्लीपर बस सेफ्टी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, परमिट, जांच का मांगा हिसाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के अधिकारियों से बसों की सुरक्षा जांच, परमिट प्रक्रिया, ड्राइवर और कंडक्टर की ट्रेनिंग, और बसों में बदलाव की जानकारी मांगी है. कोर्ट ने 13 अक्टूबर 2026 तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.
नेपाल के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच ने घर से पकड़ा
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस चोलेन्द्र शमशेर जंग बहादुर राणा को काठमांडू क्राइम ब्रांच ने उनके आवास से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने गिरफ्तारी के पीछे की वजह और शिकायत में लगाए गए आरोपों का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया है.
तोड़ा जाएगा CM मोहन यादव के घर का हिस्सा, चौड़ीकरण में है बाधा
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिसमें करीब 270 मकान प्रभावित होंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान का लगभग 2.90 मीटर हिस्सा भी इस परियोजना के तहत तोड़ा जाएगा.
VIDEO: थार ने ई-रिक्शा में मारी टक्कर, 3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-आगरा स्टेट हाईवे पर तेज रफ्तार थार ने सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा को पीछे से टक्कर मार दी. हादसे में ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया. थार सवार लोग उसे CHC बिलारी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
बच्ची से रेप करने वाले का एनकाउंटर, पुलिस पर करने लगा था फायरिंग!
श्रावस्ती में 10 साल की बच्ची से रेप के मामले में आरोपी शंकर को पुलिस ने गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, आरोपी को उसकी निशानदेही पर घटनास्थल ले जाया गया था. वहां से लौटते वक्त उसने सब-इंस्पेक्टर अनुराग सिंह की टीम पर चार राउंड फायरिंग की. जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी. पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है.
Bahraich में भारी बारिश और तूफान से 3 लोगों की गई जान, नदियां उफान पर
बहराइच जिले में लगातार हो रही बारिश और आंधी-तूफान के कारण अलग-अलग तहसीलों में तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। नेपाल एवं उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों और जिले में हो रही भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, महसी तहसील में पांच वर्षीय बच्चे, कैसरगंज में 42 वर्षीय महिला और नानपारा में 62 वर्षीय एक व्यक्ति की प्रतिकूल मौसम के कारण मौत हो गई। जिलाधिकारी (डीएम) राजेश कुमार पाण्डेय ने उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) को 48 घंटे के भीतर नियमानुसार कार्रवाई कर मृतकों के परिजन को अनुमन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार दौरा करने और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जलभराव या बाढ़ की स्थिति में प्रभावित होने वाले लोगों की हरसंभव मदद करने तथा लोगों को अनावश्यक रूप से पानी में न उतरने और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के लिए जागरूक करने को भी कहा है। भारी बारिश से जहां पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां टैंकरों से पानी पहुंचाने के निर्देश नगर निकायों के अधिकारियों को दिए गए हैं। इससे पूर्व जिला प्रशासन के एहतियाती निर्देशों के तहत नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों में शनिवार को छुट्टी घोषित की गई थी।
पितृ पक्ष में 10 कामों से रहें दूर, श्राद्ध पक्ष में न करें ये गलतियां
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष 2026 में 27 सितंबर से 10 अक्टूबर तक रहेगा. जानें श्राद्ध पक्ष में किन 10 कामों से बचना चाहिए और क्या हैं जरूरी नियम.
जलभराव पर रवि किशन और पार्षद में क्यों हुई तीखी नोकझोंक?
गोरखपुर में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या के बीच सांसद रवि किशन और पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी की कथित फोन बातचीत चर्चा में है. जलनिकासी की समस्या को लेकर हुई बातचीत में दोनों के बीच सपा और बसपा को लेकर टिप्पणियां सुनाई देने का दावा किया गया. वायरल वीडियो में बातचीत का हिस्सा सामने आया है. वहीं रवि किशन ने जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जलनिकासी के निर्देश भी दिए
ग्रीस में बड़ा हादसा! एक्रोपोलिस के पास इमारत ढही, 4 अमेरिकी समेत 6 की मौत
ग्रीस की राजधानी एथेंस के प्लाका इलाके में एक दो मंजिला इमारत गैस रिसाव के कारण हुए जोरदार धमाके से ढह गई. इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई है, जिनमें चार अमेरिकी नागरिक शामिल हैं. धमाके के कारण आसपास की कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन में दमकल कर्मियों और डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई.
पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में रविवार तड़के एक छात्रा के साथ कथित रेप की अपुष्ट खबर को लेकर छात्रों का गुस्सा भड़क गया। करीब रात 2 बजे शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर ...
रोहित-गिल के आगे यशस्वी का रास्ता बंद! कोच ने साफ कर दी तस्वीर
वनडे टीम में रोहित शर्मा की मौजूदगी बनी हुई है और वो कप्तान शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत कर रहे हैं. ऐसे में यशस्वी जायसवाल को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है. उनके लिए सबसे बड़ा मौका तब बन सकता है, जब ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव हो या टीम मैनेजमेंट किसी खिलाड़ी को आराम देने का फैसला करे.
Maharashtra: सूखा राहत पैकेज को नाकाफी बता Congress ने Latur और Nanded में किया विरोध
महाराष्ट्र के लातूर और नांदेड जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदर्शन किया और सरकार पर सूखा राहत पैकेज अपर्याप्त होने और कुछ तालुकों को प्रभावित क्षेत्रों की सूची से बाहर रखने का आरोप लगाया। इससे पहले दिन में राज्य सरकार ने बारिश की कमी के बीच महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों (राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से) को सूखाग्रस्त घोषित किया और फसल ऋण पुनर्गठन, भूमि राजस्व में छूट तथा बिजली बिल में सब्सिडी समेत राहत उपायों की घोषणा की। लातूर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों, मजदूरों और छात्रों के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी है। लातूर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अभय सालुंखे ने कहा, ‘‘सरकार ने 12 उपायों की घोषणा की है, लेकिन इनमें से एक भी किसानों को पर्याप्त राहत देने वाला नहीं है।’’पड़ोसी नांदेड जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुदखेड़ में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि दो तालुकों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची से बाहर रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कम बारिश और फसल नुकसान के बावजूद सरकार जिले के सभी सूखा प्रभावित क्षेत्रों को सूची में शामिल करने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि बाहर रखे गए दोनों तालुकों को तत्काल सूखा राहत उपायों के दायरे में लाया जाए।
10 KG चांदी, 33 ग्राम सोना... चोरों का खेल देख पुलिस भी चौंक गई
बिहार के बांका में पुलिस ने चोरी के सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद-बिक्री से जुड़े एक आरोपी को पकड़ा है. उसके पास से करीब 10.37 किलो चांदी और 33.515 ग्राम सोने के गहने मिले हैं. चांदी के लॉकेट, मोतियों की माला, चांदी जैसा सामान और एक मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया है. अब उससे पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं.
अक्टूबर में बना रहे हैं घूमने का प्लान? ये 10 हिल स्टेशन हैं बेस्ट
Best Hill stations to Visit in October: अक्टूबर का महीना भारत के पहाड़ी इलाकों में घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. बारिश के बाद हरियाली और बढ़ जाती है, मौसम ठंडा और सुहाना हो जाता है और भीड़ भी कम देखने को मिलती है. आज हम आपको अक्टूबर में घूमने के लिए पहाड़ों की कुछ शानदार जगहों के बारे में बताएंगे, जहां आप परिवार या दोस्तों के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं.
'कूटनीति से निकलेगा रास्ता', पीस प्लान ठुकराने पर ईरान का ट्रंप को जवाब
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और अमेरिका के साथ जारी तनाव को कूटनीति से हल करने पर ईरान ने जोर दिया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि इस संकट का समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है. कुछ शर्तों के पूरा होने पर ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने पर कदम उठाए जाएंगे.
चामुंडा मंदिर को शख्स ने दान किया 3 KG सोना और 6 क्विंटल चांदी
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित करीब 400 साल पुराने श्री चामुंडा नंदकेश्वर धाम का भव्य नवीनीकरण किया जा रहा है. पंजाब के एक गुमनाम दानदाता ने देवी के सिंहासन के लिए 3 किलो सोना और गर्भगृह की सजावट के लिए 6 क्विंटल चांदी देने का फैसला किया है.
64Kmph की रफ्तार से टकराई XUV 7XO, ऐसा हुआ हाल, देखें VIDEO
महिंद्रा एक्सयूवी 7एक्सओ की औसतन 7 से 8 हजार यूनिट्स हर महीने बिकती हैं. हाल में ही इस कार की क्रैश टेस्ट का वीडियो सामने आया है. भारत एनकैप ने कार की क्रैश टेस्टिंग का ये वीडियो जारी किया गया है. इसमें कार को अलग-अलग परिस्थितयों में टेस्ट करके देखा गया है. इस कार को क्रैश टेस्ट में 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है. आइए जानते हैं डिटेल्स.
ज्ञानेश कुमार मामले में EC की सफाई पर कांग्रेस का तंज, बोगस बताकर 6 मुद्दों पर फिर घेरा
कांग्रेस पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार विवाद मामले में चुनाव आयोग की तरफ से आई सफाई को बोगस बताया है। पार्टी की तरफ से कहा गया कि यह सफाई केवल एक डैमेज कंट्रोल है। आयोग ने कई सवालों को अधूरा छोड़ दिया है।
उत्तराखंड सपा में बड़ा फेरबदल, मतीन सिद्दीकी बने नए प्रदेश अध्यक्ष
2027 उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपनी उत्तराखंड यूनिट में बड़ा फेरबदल करते हुए मतीन सिद्दीकी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है. पार्टी ने सोनम बगवाड़ी और आभा बड़थ्वाल को चुनाव के लिए प्रभारी भी नियुक्त किया है.
CNG सिलेंडर से भरे ट्रक पर गिरा विशाल पेड़... ड्राइवर-खलासी कूदकर भागे
यूपी के बांदा में भारी बारिश के बीच बांदा-फतेहपुर टांडा NH पर एक विशाल पेड़ अचानक भरभराकर CNG सिलेंडर से भरे ट्रक के ऊपर जा गिरा. पेड़ गिरते ही ड्राइवर और खलासी ने कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि आसपास मौजूद लोगों में CNG सिलेंडर में ब्लास्ट की आशंका से हड़कंप मच गया. गनीमत रही कि कोई विस्फोट नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया.
रेप के बाद छात्रा की खुदकुशी की अफवाह पर LPU में बवाल, तोड़फोड़-आगजनी
जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार देर रात करीब 2,000 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया पर छात्रा के कथित रेप और आत्महत्या के दावे सामने आए, लेकिन पुलिस के मुताबिक इनकी पुष्टि करने वाला कोई सबूत या शिकायत नहीं मिली है.
LPU में बवाल! रेप के बाद छात्रा की खुदकुशी की अफवाह पर भड़के छात्र, तोड़फोड़ और आगजनी
जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में शनिवार देर रात करीब 2,000 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया. सोशल मीडिया पर छात्रा के कथित रेप और आत्महत्या के दावे सामने आए, लेकिन पुलिस के मुताबिक इनकी पुष्टि करने वाला कोई सबूत या शिकायत नहीं मिली है.
कच्ची फसल नहीं, तैयार माल बेचकर कमाई बढ़ा रहे किसान... हापुड़ FPO बना सहारा
हापुड़ की ग्राम विकास फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPO) ने किसानों को संगठित कर उनके कृषि उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने का प्रभावी मॉडल विकसित किया है. 450 से ज्यादा किसान इस संगठन से जुड़े हैं जो फसल की प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन, पैकेजिंग और विपणन में मदद करते हैं. FPO से तैयार गुड़, आटा, मसाले और दालें बाजार में बेची जा रही हैं, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं.
'बहुत हो चुके पश्चिम देश'… भारत के वीटो के लिए UN में खुलकर उतरा रूस
रूस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत दुनिया के कई अन्य मंचों (जैसे BRICS और G4) के जरिए लंबे समय से यूएन में सुधारों की मांग उठाता आ रहा है।
भारत को LPG देने वाला सबसे बड़ा देश बना अमेरिका, US ने जताई खुशी
भारत और अमेरिका के बीच पिछले एक साल में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और कूटनीति के क्षेत्र में सहयोग में बढ़ोतरी हुई है. अमेरिका अब भारत को LPG सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है.
मृत दारोगा की फोटो, फर्जी नाम और... महिला को परेशान करने वाला गिरफ्तार
मृत दारोगा आकाश यादव की वर्दी वाली तस्वीर लगाकर इंस्टाग्राम पर फर्जी प्रोफाइल बनाई गई. आरोपी ने खुद को बरेली में तैनात पुलिसकर्मी बताया और महिला को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट कर दी. मामला सामने आने पर साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. मोबाइल, सिम और डिवाइस से मिले सुरागों के आधार पर आरोपी दीपक कौशिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.
तेज प्रताप ने स्वरा को कहा 'मोटी', एक्ट्रेस बोलीं- लालू यादव...
राइज एंड फॉल के पहले एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने मोटी ब्लाउज पहनकर बॉडी शेमिंग और ट्रोलिंग पर खुलकर बात की. तेज प्रताप और शहजादा पूनवाला के साथ उनकी नोकझोक और मस्ती ने शो के प्रीमियर को मजेदार बना दिया.
CEC ज्ञानेश कुमार के दिल्ली आवास के बाहर Youth Congress का लाठियों के साथ प्रदर्शन
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ताओं ने शनिवार रात मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास के बाहर प्रदर्शन किया। न्यू मोती बाग इलाके में स्थित कुमार के आवास के निकट हुए इस प्रदर्शन के दौरान चिब और कई अन्य कार्यकर्ताओं ने हाथों में लाठी ले रखी थी। चिब ने कहा कि वह और उनके कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार के घर का बाहर पहरा दे रहे हैं ताकि वह देश छोड़कर भाग नहीं सकें। युवा कांग्रेस की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, चिब ने आरोप लगाया, ‘‘हम उन्हें न तो देश छोड़कर भागने देंगे और न ही दोबारा वोट की डकैती को अंजाम देने देंगे।’’उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखेगी और ‘‘जब तक लोकतंत्र की डकैती का हिसाब नहीं होता, तब तक हम उन्हें देखते रहेंगे।’’इससे पहले शुक्रवार को युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की ओर मार्च करने का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया था।
गोर्की की 'मदर' से कितना अलग है टेक्सास का यह 'कंपनी टाउन'?
दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में अधिकांश लोग कॉरपोरेट दफ्तरों और कई किलोमीटर दूर बने अपने घरों या किराए के मकानों के बीच ट्रैफिक से जूझते हुए जिंदगी बिता देते हैं. कामगारों के लिए जिंदगी एक लूप की तरह हो जाती है. रोज वहीं भागदौड़, वही ट्रैफिक जाम, वही घंटों का संघर्ष और फिर घर से दफ्तर और दफ्तर से घर की दौड़. लेकिन दुनिया के कई इलाकों में हालात में बदलावों की कोशिशें भी हो रही हैं. दुनिया की कई कंपनियां अब कॉरपोरेट टाउन बसाने का प्रयोग कर रही हैं ताकि कामगारों के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस बनाया जा सके. इसमें एलॉन मस्क का 'स्नेलब्रुक' एक अनोखा प्रयोग है.
किराए का घर खाली कर रहे हैं? चाबी देने से पहले जरूर करें ये काम
किराए का घर खाली करते समय फोटो और वीडियो बनाना क्यों जरूरी है? घर की हालत, मीटर रीडिंग और सामान का रिकॉर्ड रखने से बाद में होने वाले विवाद से बचने में मदद मिल सकती है.
कांग्रेस MP राकेश राठौर को दुष्कर्म के मामले में राहत, HC ने किया बरी
सीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को दुष्कर्म मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है. जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की सिंगल बेंच ने उन्हें मामले में बरी करते हुए निचली अदालत के आरोप तय करने संबंधी आदेश को रद्द कर दिया है.
लौकी और ओट्स से बनाएं क्रिस्पी चीला, हेल्दी नाश्ते का है बेस्ट ऑप्शन
Lauki Oats Chilla Recipe: अगर आप नाश्ते में कुछ हल्का, हेल्दी और टेस्टी खाना चाहते हैं तो लौकी ओट्स चीला ट्राई कर सकते हैं. इसे बनाने के लिए ओट्स, लौकी और बेसन जैसी आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. यह झटपट तैयार हो जाता है और इसे चटनी या अचार के साथ खाया जा सकता है.
UP से हिमाचल तक बारिश का तांडव! कई राज्यों में फसलें-मकान बर्बाद
उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड से लेकर हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश हो रही है. इसकी वजह से कई जगहों पर बाढ़ और जलभराव जैसे हालात पैदा हो गए हैं. उत्तर प्रदेश में बारिश की वजह से अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत हो गई है. कई जिलों में नदियां उफान पर हैं जिसके चलते फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
उदयपुर में 2 करोड़ की घूस लेते दलाल अरेस्ट, Rajasthan ACB ने SOG के एडिशनल एसपी को भी पकड़ा
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को उदयपुर में एक बिचौलिये को दो करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एसीबी ने इस मामले में विशेष अभियान समूह (एसओजी) उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी को भी हिरासत में लिया। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने शनिवार देर रात जारी एक बयान में बताया कि आरोपी बिचौलिये की पहचान सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सिंह एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी के लिए यह रिश्वत राशि ले रहा था। बयान के अनुसार, शिकायतकर्ता ने शिकायत दी थी कि उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े चर्चित मामले में पहले गिरफ्तार आरोपियों को दर्ज मुकदमों में राहत दिलाने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और गिरफ्तारी के दौरान उनके घरों से मिले ऐसे दस्तावेज लौटाने के बदले दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यह मांग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार सोनी द्वारा आरोपी बिचौलिये सज्जन सिंह के माध्यम से की जा रही थी। बयान में बताया गया कि एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई और ब्यूरो की एक टीम ने शनिवार को जाल बिछाकर कार्रवाई की। बयान के मुताबिक, इस दौरान सज्जन सिंह को शिकायतकर्ता की फैक्टरी से दो करोड़ रुपये की कथित रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी महानिदेशक ने बताया कि मामले में मुकेश कुमार सोनी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें बालोतरा जिले स्थित उनके निवास से हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।
'AI में चीन से बहुत आगे हैं...', शी जिनपिंग से बातचीत के बाद बोले ट्रंप
AI को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका और चीन के रुख में अंतर सामने आया है. ट्रंप ने शी जिनपिंग के साथ बातचीत के बाद इस मुद्दे पर अपनी स्थिति साफ की है. वहीं, चीन की ओर से भी ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी गई है.
30 सितंबर को इंडी गठबंधन की बड़ी बैठक, ज्ञानेश कुमार को हटाने की रणनीति पर मंथन
विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की 30 सितंबर को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में अहम बैठक होगी। बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की रणनीति तय करना और इसके लिए विपक्षी दलों के सांसदों के हस्ताक्षर जुटाना होगा।
लगातार बारिश से झारखंड में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है. रांची के जोन्हा में ग्रामीण मोबाइल चार्ज करने के लिए रेलवे स्टेशन का सहारा ले रहे हैं. नामकुम में चार मुख्य फीडर तीसरे दिन भी बंद हैं.
स्क्वैश मेें आएगा डबल गोल्ड, एथेलिटक्स में भी बड़ी उम्मीदें
Asian Games 2026 Day 8 Live Updates: आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 का आज (27 सितंबर) आठवां दिन है. आज भारतीय खिलाड़ी स्क्वैश, बैडमिंटन, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, शूटिंग, हॉकी, फेंसिंग, बॉक्सिंग, कुराश, वॉलीबॉल, सेपक टकरा, वेटलिफ्टिंग, घुड़सवारी, सेलिंग और सर्फिंग की स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखा रहे हैं. आठवें दिन के एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए इस पेज को रिफ्रेश करते रहिए.
पैरासिटामोल की जगह दे दी डायबिटीज की गोली, 5 बच्चे ICU में भर्ती
सूरत में टीकाकरण के बाद पांच बच्चों को पैरासिटामोल की जगह गलती से डायबिटीज की दवा दे दी गई. दवा के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी और उन्हें ICU/PICU में भर्ती कराना पड़ा. मामले में महिला हेल्थ वर्कर को निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है.
किचन के कपड़ों में लगे जिद्दी दाग को हटाने के लिए आप कुछ हैक्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. यहां जानते हैं उन हैक्स के बारे में-
कमीशन के लिए बनाई पार्टी: चंदा लिया और टैक्स बचाया; 314 करोड़ के घोटाले में तीन दलों पर केस, एफआईआर दर्ज- Party formed for kickbacks Accepted donations evaded taxes case filed against three parties in 314 crore scam
Weather Update Today: भारतीय मौसम विभाग(IMD) ने आज यूपी, उत्तराखंड से लेकर झारखंड पश्चिम बंगाल तक झमाझम बारिश का अलर्ट जारी किया है. दिल्ली-NCR में भी रिमझिम बारिश होगी, जिससे यहां हल्की ठंड का असर होगा.
पंजाब में अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद बदली भाजपा की नीति, कांग्रेस-AAP के वोट पर नजर
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी AAP सरकार पर जमकर हमला बोला है। नशा मुक्त पंजाब यात्रा कर रही पार्टी ने कहा कि राज्य सरकार हर मोर्च पर फेल रही है। अकाली दल के साथ गठबंधन की खबरों को खारिज करते हुए पार्टी ने कहा कि उनकी अलायंस पंजाब की जनता के साथ है।
बिना चोट पैरों पर नीले निशान पड़ने के क्या कारण हैं? किन बीमारियों की ओर करता है इशारा
बिना चोट लगे पैरों पर अगर नीले निशान दिख रहे हैं, तो इसके पीछे कई अन्य वजह हो सकती है. यहां जानते हैं इन कारणों के बारे में-
जब भी हिंदी सिनेमा की बात होती है, तब एक डायरेक्टर और प्रोड्यूसर का नाम जरूर याद आता है, जिन्होंने अपनी रोमांटिक फिल्मों के जरिए बॉलीवुड को एक नया आयाम और पहचान दी और कई कलाकारों को स्टार बनाया.
भारत के ये 10 किले हैं बेहद खास, कहीं शाही महल तो कहीं शानदार नजारे
Famous Forts in India: भारत के ऐतिहासिक किले अपने शाही इतिहास, शानदार वास्तुकला और खूबसूरत नजारों के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. अगर आपको इतिहास और घूमने का शौक है तो देश में कई ऐसे खूबसूरत किले हैं, जिन्हें आप अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकते हैं.
Sharda Sinha chhath geet : पंचायत सीरीज के डायरेक्टर की द वन सिनेमाघरों में 25 सितंबर को रिलीज हो गई है, जिसमें तमन्ना भाटिया के साथ सिद्धार्थ मल्होत्रा मुख्य किरदार में नजर आ रहे हैं. इस फिल्म को फर्स्ट डे फर्स्ट शो पर पॉजीटिव रिव्यू मिले.
सूखे और Flood से जूझ रहे किसानों को केंद्र देगा पूरी मदद, Shivraj Singh Chouhan ने बनाई योजना
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि केंद्र सरकार सूखे और बाढ़ से प्रभावित राज्यों के किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। चौहान ने यहां ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि उनका मंत्रालय सूखे की स्थिति को लेकर महाराष्ट्र सरकार के लगातार संपर्क में है। महाराष्ट्र सरकार ने इससे पहले दिन में राज्य के 74 प्रतिशत हिस्से को सूखाग्रस्त घोषित किया था। चौहान ने कहा कि प्रभावित जिलों के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम राज्य सरकार के साथ समन्वय करके किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएंगे।’’केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि देश के कुछ राज्य बाढ़ से जूझ रहे हैं, जबकि कुछ अन्य राज्य सूखे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को देख रहे हैं और हमें इनसे निपटना होगा।’’चौहान ने कहा, ‘‘हम दो तरह के काम कर रहे हैं। पहला, सूखे की स्थिति वाले क्षेत्रों के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और अन्य संबंधित संस्थानों ने प्रत्येक जिले के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार की हैं। हमने इन्हें राज्य सरकारों के साथ साझा किया है और जिलों को भी इसकी जानकारी दी है। अगर बारिश कम होती है तो इन योजनाओं में किसानों को बताया गया है कि कम समय में कौन सी फसलें उगाई जा सकती हैं, किन फसलों में कम पानी की जरूरत होती है और क्या उपाय किए जाने चाहिए।’’उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने बीज बैंक भी स्थापित किए हैं। चौहान ने कहा, ‘‘अगर कोई फसल खराब हो जाती है तो हमने अगली फसल के लिए विकल्प तैयार किए हैं और अंतरिम व्यवस्था की है। हमने राज्य सरकारों को परामर्श भी जारी किए हैं।’’बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बारे में उन्होंने कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति गंभीर है, लेकिन हम इससे बाहर निकल जाएंगे।
वैभव की धुआंधार बल्लेबाजी के मुरीद हुए ध्रुव जुरेल
टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की ध्रुव जुरेल ने जमकर तारीफ की। आकाश चोपड़ा के पॉडकास्ट में जुरेल ने कहा कि वैभव से तुलना या प्रतिस्पर्धा का सवाल ही नहीं है, क्योंकि उनका खेलने का अंदाज बिल्कुल अलग है।
गाजियाबाद में बनेगी हरनंदीपुरम ग्रीन टाउनशिप, 8 गांवों में 2000 आवासीय प्लॉट, दिवाली पर लॉन्च
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की बैठक में अहम फैसला लिया गया है.'हरनंदीपुरम' ग्रीन टाउनशिप के पहले चरण के लेआउट प्लान को मंजूरी मिल गई है. ऐसे में गाजियाबाद में घर बनाने का सपना देख रहे लोगों को अच्छी खबर है.
Dil Chaahta Hai Song: संगीतकार शंकर महादेवन ने मशहूर फिल्म 'दिल चाहता है' के टाइटल ट्रैक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने साथी संगीतकार एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा और साउंड इंजीनियर विजय बेनेगल (बेनी) के साथ मिलकर इस गाने के 21 वर्जन तैयार किए थे.
Himesh Reshammiya Returns on Indian Idol: सिंगिंग रियलिटी शो इंडियन आइडल के नए सीजन में लेजेंड्स की वापसी होने वाली है, जिसकी झलक हाल ही में मेकर्स ने प्रोमो के साथ शेयर की है. दरअसल, 'इंडियन आइडल: लेजेंड्स रिटर्न' जल्द आने वाला है

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