इंदौर में आधी रात बुलेट पर निकली पोती, बैट से ताबड़तोड़ प्रहार कर सो रहे दादा की हत्या
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बुजुर्ग की हत्या के मामले ने सनसनी फैला दी। पुलिस के मुताबिक, 20 वर्षीय युवती ने शनिवार देर रात अपने दादा के घर पहुंचकर उन पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल 75 वर्षीय भगवत राव पाटिल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों […] The post इंदौर में आधी रात बुलेट पर निकली पोती, बैट से ताबड़तोड़ प्रहार कर सो रहे दादा की हत्या appeared first on Sabguru News .
पहलवान ने दिया ओपन चैलेंज, दारोगा ने कर दिया चारों खाने चित्त!
भदोही जिले में दंगल के दौरान एक पहलवान के खुले चैलेंज को ड्यूटी से लौट रहे यूपी पुलिस के दारोगा प्रमोद यादव ने स्वीकार कर लिया.अखाड़े में उतरकर दारोगा ने पहलवान को ऐसी पटखनी दी कि वह चित्त हो गया. इस कुश्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे का कहर, बाइक सवार युवक की कटी गर्दन
मेरठ शहर में चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगने के बावजूद भी इसकी बिक्रि अंधाधुंध हो रही है और इस का परिणाम आमजन भुगत रहे है. मामला नौचंदी थाना क्षेत्र के करीमनगर का है जहां एक बाइक सवार युवक चाइनीज मांझे के चपेट में आने से घायल हो गया. जिससे मौके पर ही उसकी गर्दन कट गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गया. .युवक को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.जहां उसका इलाज जारी है.
'भारत के हर गेंदबाज से नफरत है...', हसन नवाज का वीडियो आया सामने
पाकिस्तान को हराकर भारतीय टीम ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की. पाकिस्तान की तरफ से हसन नवाज ने 96 रनों की पारी खेली. लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके.
5 दिन से सड़क पर MPSC छात्र, अब मैदान में उतरे राज ठाकरे!
पुणे मे चल रहा MPSC छात्रों का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. आज आंदोलन का 5वें दिन है और आज MNS के अध्यक्ष राज ठाकरे एनसीपी (शरद पवार ) के सांसद अमोल कोल्हे के साथ कई विरोधी पार्टी के नेता अपना समर्थन देने के लिए हाजिरी लगाएंगे.
तीसरे वनडे में धीमी ओवर गति पर ICC का एक्शन, भारत पर 20 और वेस्टइंडीज पर 10 प्रतिशत जुर्माना
दुबई। भारत और वेस्टइंडीज के बीच न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने दोनों टीमों पर धीमी ओवर गति के लिए जुर्माना लगाया है। भारत के खिलाड़ियों की मैच फीस में 20 प्रतिशत, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों की मैच फीस में 10 प्रतिशत की कटौती की […] The post तीसरे वनडे में धीमी ओवर गति पर ICC का एक्शन, भारत पर 20 और वेस्टइंडीज पर 10 प्रतिशत जुर्माना appeared first on Sabguru News .
UP: राज्यसभा के लिए BJP की 8 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी, हरदीप पुरी-बीएल वर्मा का नाम नहीं
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए 8 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है. इनमें 3 OBC, 2 SC और 3 सामान्य वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 2 महिलाएं हैं. OBC उम्मीदवारों में एक-एक लोधी, पाल और कुर्मी हैं. धर्मपाल सिंह लोधी बिरादरी से आते हैं और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं.
राज्यसभा के लिए बीजेपी की 8 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी
राज्यसभा के लिए बीजेपी की लिस्ट जारी
अमेरिका ने 2 ईरानी राजनयिकों को देश से क्यों किया बाहर? देखें US टॉप-10
ईरान पर सैन्य कार्रवाई के संकेतों के बीच तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की. ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ लक्ष्य हासिल करने के लिए अमेरिका आसान या मुश्किल कोई भी रास्ता अपना सकता है. ट्रंप का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब ईरान ने अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई के जवाब में कड़े प्रतिकार की तैयारी की है. अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने आए ईरान के दो राजनायिकों को देश से बाहर कर दिया है. दोनों पर अमेरिका छोड़ने के आदेश न मानने का आरोप है. यूएस टॉप 10 में देखें यूएस की ऐसी ही टॉप 10 खबरें.
T20 लीग पहले, देश बाद में! इस क्रिकेटर ने छोड़ा सेंटल कॉन्ट्रैक्ट
माइकल ब्रेसवेल का फैसला ऐसे समय में आया है, जब न्यूजीलैंड को भारत के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज खेलनी है. कीवी टीम के लिए राहत की बात यह है कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट छोड़ने के बावजूद यह अनुभवी ऑलराउंडर चयन के लिए उपलब्ध रहेगा.
कूनो में फिर गूंजी किलकारी, KJP21 ने दिए 5 शावक, 60 हुआ चीता परिवार
कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के तहत बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है. भारत में जन्मी 32 माह की मादा चीता KJP21 ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. इसके साथ देश में चीतों की संख्या 60 हो गई है, जिनमें 41 भारतीय धरती पर जन्मे हैं. KJP21 तीसरी भारतीय जन्मी मादा चीता है. शावकों के पिता बोत्सवाना से लाए गए नर चीता हैं, जिससे भारत में बोत्सवाना वंशावली की शुरुआत हुई है.
आर्मी चीफ के लाउंज से हटाई गई 'कर्म क्षेत्र' पेंटिंग, अब उसकी जगह लगा सेना का चिह्न
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के पद संभालने के बाद सेना के लाउंज से 'कर्म क्षेत्र' नामक पेंटिंग हटा दी गई है और उसकी जगह भारतीय सेना का आधिकारिक प्रतीक चिह्न लगाया गया है. इस बदलाव की आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है और यह पेंटिंग अब कहां प्रदर्शित की जाएगी.
हवाई सफर होगा महंगा! इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, 6 अक्टूबर से नई दरें लागू
नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब सफर का खर्च बढ़ने वाला है। देश की प्रमुख विमानन कंपनी इंडिगो ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ईंधन शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 से […] The post हवाई सफर होगा महंगा! इंडिगो ने बढ़ाया फ्यूल चार्ज, 6 अक्टूबर से नई दरें लागू appeared first on Sabguru News .
भारत-वेस्टइंडीज पर तीसरे वनडे के बाद ICC का एक्शन
वेस्टइंडीज ने वनडे सीरीज के तीसरे मैच में भारत को 5 विकेट से हराया, लेकिन भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की। मैच के बाद धीमी ओवर गति के कारण ICC ने दोनों टीमों पर जुर्माना लगाया।
ज्ञानेश कुमार को 20 साल पुराने केस में क्यों घेर रहे? चेन्निथला ने दिया जवाब
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर केरल के केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) से जुड़ी भ्रष्टाचार जांच के आदेश दिए गए हैं. केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने 2006 में हुई मलेशियाई सिविल इंजीनियर लीसी बीन की आत्महत्या से जुड़े मामले की पुनः जांच कराने का निर्देश दिया है.
'मैं 17 साल का', कसाब का वो झूठ, जिसे उज्ज्वल निकम ने किया था बेनकाब
अप्रैल 2009 में मुकदमा शुरू होने के कुछ ही समय बाद कसाब के वकील अब्बास काजमी ने अदालत में उसकी उम्र को लेकर दावा किया. बचाव पक्ष का कहना था कि 26/11 के हमलों के वक्त कसाब नाबालिग था. इसके आधार पर उन्होंने मामले को जुवेनाइल जस्टिस कोर्ट में भेजने की मांग की.
एमएलसी चुनाव से पहले महायुति में खींचतान, एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे से बढ़ी सियासी हलचल
मुंबई। महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनावों की तैयारियों के बीच सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर सीटों को लेकर खींचतान सामने आने लगी है। सीट बंटवारे और कुछ अहम निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने को लेकर सहयोगी दलों के बीच मतभेद की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे ने राज्य […] The post एमएलसी चुनाव से पहले महायुति में खींचतान, एकनाथ शिंदे के दिल्ली दौरे से बढ़ी सियासी हलचल appeared first on Sabguru News .
ये है दुनिया का सबसे छोटा हिरण, डरते ही भौंकने लगता है 'पुदू'
कद सिर्फ कुछ सेंटीमीटर, शरीर नन्हा और सिर पर छोटे सींग... पुदू को देखकर यकीन करना मुश्किल होता है कि यह हिरण है. दक्षिण अमेरिका में मिलने वाला यह छोटा हिरण खतरा देखते ही कुत्ते की तरह भौंकने लगता है.
गोरखपुर थप्पड़ कांड पर सपा का एक्शन, अंशुमान सिंह निष्कासित
समाजवादी पार्टी ने अंशुमान सिंह को पार्टी से निष्कासित करते हुए गोरखपुर जिला महानगर और फ्रंटल को भंग कर दिया है. अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निष्कासित किया गया है.
SIR पर टिप्पणी से चर्चा में जस्टिस भुइयां... पुलिस से न्यायपालिका तक, जानें कब-कब क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने भारतीय नागरिकों के वोटिंग अधिकार को संविधान का अभिन्न हिस्सा बताया है और इसे छीनना दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने के समान बताया.
हूतियों पर टूट पड़े यमन-सऊदी के 100 फाइटर जेट्स... एयरपोर्ट पर कब्जा, बाब अल-मंदेब पर भी बढ़ा प्रेशर
यमन की सेना ने हूती ठिकानों पर 1,000 से ज्यादा हमलों का ऐलान किया, जबकि सरकार ने कब्जे वाले इलाके वापस लेने की नई मुहिम शुरू की है. लेकिन जमीन पर हूती बढ़त जारी है, ताइज पर दबाव बढ़ा है और बाब अल-मंदेब के पास टकराव से संकट गहरा सकता है.
'झोला उठाने का समय आ गया', दवा की कीमतों को लेकर केंद्र पर बरसी कांग्रेस; तीखे सवाल
कांग्रेस ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा है कि इंजेक्शन की कीमत की 67 गुना कीमत वसूली जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि कैंसर के इलाज में साल में कम से कम 10 लाख की दवाइयां लग जाती हैं।
रूसी ड्रोन में कीव के सदर्न ब्रिज को बनाया निशाना, देखें दुनिया आजतक
रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं. रविवार को राजधानी कीव पर भीषण हमला किया गया. जिसमें कीव का नॉदर्न ब्रिज तबाह हो गया है. रूसी ने ये हमला तक किया जब जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज राजधानी कीव में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दे रहे थे. उस वक्त मर्ज ने यूक्रेन को एक अरब यूरो की भारी भरकम मदद का भी ऐलान किया. देश-दुनिया की ऐसी ही ताजातरीन और अहम खबरों के लिए देखें दुनिया आजतक.
लौकी की सब्जी छोड़िए, इस बार ट्राई करें झटपट बनने वाली भुजिया
Lauki Bhujia Recipe: अगर आप रोज की लौकी की सब्जी से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो लौकी की भुजिया बना सकते हैं. इसे बनाना जितना आसान है, खाने में यह उतनी ही टेस्टी लगती है. आज हम आपको बिहारी स्टाइल में लौकी की भुजिया बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
रिटायर्ड जज जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के नाम हटाने की इस प्रक्रिया (SIR) ने नागरिकों के अधिकारों और चुनाव के नतीजों, दोनों पर असर डाला है।
महाराष्ट्र में एक युवक ने होटल के अंदर मचाया हुड़दंग
महाराष्ट्र के लातूर में नशे में धुत युवक ने बाइक होटल के अंदर घुसाकर कथित तौर पर जमकर तोड़फोड़ की. आरोप है कि युवक ने होटल मालिक और उसके बेटे को गालियां दीं और दो दिन में दुकान बंद नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी. ग्राहकों से भी अभद्रता का आरोप है. शिकायत के बाद विवेकानंद चौक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
ओडिशा के Jeypore में 40 लाख रुपये की Brown Sugar बरामद, 6 गिरफ्तार
कोरापुट, पांच अक्टूबर ओडिशा के जयपुर शहर में अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ कर 40 लाख रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर जब्त की गई और एक महिला समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। जयपुर की उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अर्चिता मित्तल ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार को एक चार पहिया वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। इस दौरान एक ग्राम से कम वजन वाले ब्राउन शुगर के 3,700 से अधिक छोटे पैकेट और 10-10 ग्राम ब्राउन शुगर वाले 11 पैकेट बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से 20,000 रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन, एक ‘भुजाली’ और एक चाकू भी जब्त किया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मादक पदार्थ खुर्दा और नयागढ़ जिलों से लाया गया था और क्षेत्र में वितरण के लिए जयपुर पहुंचाया गया था। एसडीपीओ ने बताया कि मादक पदार्थ कथित तौर पर 800 से 1,000 रुपये प्रति छोटे पैकेट की कीमत पर बेचा जाता था। मित्तल ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में जयपुर निवासी 35 वर्षीय रमा छत्रिया उर्फ रामू भी शामिल है, जो कथित तौर पर स्थानीय मादक पदार्थ आपूर्तिकर्ता है। उसे करीब दो महीने पहले जयपुर टाउन पुलिस ने कम मात्रा में ब्राउन शुगर से जुड़े एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उसे इस बार भी कथित तौर पर मादक पदार्थ खरीदते समय पकड़ा। इस बार बरामद मात्रा वाणिज्यिक है, जिस पर एनडीपीएस अधिनियम के कड़े प्रावधान लागू होते हैं।’’अन्य आरोपियों की पहचान खुर्दा निवासी 52 वर्षीय प्रकाश कुमार छुला सिंह, 26 वर्षीय शेख अली, 49 वर्षीय सत्य प्रिय पटनायक, कोरापुट निवासी 29 वर्षीय आलोक चेट्टी और नयागढ़ निवासी 36 वर्षीय सरोजिनी बराड़ा उर्फ रानू के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों में से कई का आपराधिक इतिहास है और उनके खिलाफ हत्या, डकैती तथा चोरी के मामले दर्ज हैं। मित्तल ने कहा, ‘‘प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि यह एक सुनियोजित गिरोह था और इससे आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य लोगों के बारे में भी सुराग मिले हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
12 दिन बाद बनेगा शुक्रादित्य योग, 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन!
Shukraditya Yog 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, 17 अक्टूबर को सूर्य देव तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही शुक्र विराजमान हैं. इन दोनों ग्रहों की युति से बनने वाला 'शुक्रादित्य राजयोग कई राशियों के लिए बेहद शानदार रहने वाला है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
Pargat Singh ने AAP सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, CBI जांच को लेकर दी चेतावनी
पंजाब कांग्रेस प्रमुख परगट सिंह ने सोमवार को राज्य प्रशासन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और अधिकारियों को सरकार का साथ देने के खिलाफ चेतावनी दी। यह चेतावनी पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद आई है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखे गए पत्रों से जुड़े मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने को कहा गया था। इसे भी पढ़ें: Koyel Mallick BJP में शामिल, राज्यसभा के लिए आज ही दाखिल करेंगी पर्चा ANI से बात करते हुए, सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा और पार्टी व उसके सदस्यों को ढोंग करार दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कार्यालय भी जांच के दायरे में है। उन्होंने कहा कि यह पार्टी BJP ने अपनी 'B-टीम' के तौर पर बनाई थी, लेकिन मकसद ऐसे कड़े कानून बनाना था कि चाहे कोई मंत्री हो या वरिष्ठ अधिकारी, भ्रष्टाचार में शामिल कोई भी व्यक्ति अपने आप जेल पहुंच जाए। आज स्थिति यही है। अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों से जुड़ा पूरा मामला एक ढोंग है। मुख्यमंत्री कार्यालय का नाम भी भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है, जिन्हें पहले प्रवर्तन निदेशालय ने भी उठाया था। उन्होंने AAP विधायकों और पंजाब के DGP, मुख्य सचिव और दूसरे मंत्रियों समेत संबंधित अधिकारियों को आगाह किया कि उनकी नाव डूबने वाली है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी हालत में सत्ता में बैठे अधिकारियों को राज्य की जनता को नतीजों का सामना करने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं विधायकों और सभी अधिकारियों को चेतावनी दे रहा हूँ कि यह नाव डूबने वाली है। दिल्ली के ये लोग सब कुछ लूट लेंगे। मैं DGP, मुख्य सचिव और उनके सभी विधायकों और मंत्रियों को चेतावनी दे रहा हूँ। जब सरकार दबाव में आएगी तो वे खुद को दूर करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन उन्हें पंजाब की जनता को नतीजों का सामना करने के लिए अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पुलिस की मनमानी और बड़े पैमाने पर हो रही वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने राज्य प्रशासन पर आरोप लगाया कि जब लोग सवाल उठाते हैं, तो उनके साथ थर्ड-डिग्री जैसा बर्ताव किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को पुलिस की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है। इसे भी पढ़ें: Bengal By-Election: Nandigram और Rejinagar सीट पर 6 अक्टूबर को वोटिंग, BJP की पहली परीक्षा उन्होंने कहा कि पंजाब के खजाने की भारी लूट का पर्दाफाश होने वाला है। चाहे कानून-व्यवस्था की स्थिति हो, जिसमें गोलियां चल रही हैं, या फिर ड्रग्स का मुद्दा, लोग गंभीर सवाल उठा रहे हैं। लोगों को पंजाब सरकार से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब लोग सरकार से सवाल पूछते हैं, तो कथित तौर पर उनके साथ थर्ड-डिग्री जैसा बर्ताव किया जाता है। पुलिस उन्हें पीटती है और फिर उनकी हालत और खराब कर देती है। यह एक नाकाम और बेकार सरकार है। इस सरकार को जाना होगा।
आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कौन सा तुरुप का इक्का चल चुके हैं सीएम
पंजाब की राजनीतिक बिसात पर इन दिनों सियासी दांव-पेंच और रणनीति का एक ऐसा खेल चल रहा है, जो आने वाले समय में देश के सबसे दिलचस्प चुनावी मुकाबलों में से एक साबित होने वाला है. राज्य में जैसे-जैसे विधानसभा चुनावों की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे तमाम राजनीतिक दलों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की होड़ मच गई है. विपक्षी दल लगातार आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को घेरने की कोशिश में जुटे हैं और कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक मुद्दों को लेकर लगातार हमले बोल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को सत्ता से उखाड़ फेंकना किसी भी विरोधी दल के लिए आसान खेल नहीं होने वाला है. अपनी खास कार्यशैली, जनता से सीधे जुड़ाव और चुनावी माहौल भांपने की अद्भुत क्षमता के चलते भगवंत मान ने चुनाव से ठीक पहले एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक यानी तुरुप का इक्का चल दिया है, जिसने विपक्षी पार्टियों के सारे समीकरणों को उलझा कर रख दिया है. राज्य के कोने-कोने में इस बात की चर्चा है कि 'आप' सरकार ने इस बार जमीनी स्तर पर जनता को साधने के लिए जो नीति अपनाई है, वह चुनावी वैतरणी पार कराने में बेहद कारगर साबित हो सकती है.मुफ्त बिजली और ग्रामीण विकास के जरिए भगवंत मान ने मजबूत किया अपना सियासी किलाजब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता में आई है, तब से मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के आम और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखते हुए कई ऐसे बड़े फैसले लिए हैं जो सीधे तौर पर उनकी जेब को राहत पहुंचाते हैं. पंजाब में घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली मुफ्त और रियादती बिजली की योजना ने ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में पार्टी की जड़ें बहुत मजबूत कर दी हैं, जिससे पारंपरिक दलों के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगी है. इसके अलावा, राज्यभर में सरकारी स्कूलों के कायाकल्प, 'मोहल्ला क्लीनिक' की तर्ज पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और युवाओं को रोजगार देने के लिए पारदर्शिता के साथ उठाये गए कदमों ने आम जनता के बीच सरकार की छवि को काफी ऊंचा उठाया है. विपक्षी पार्टियां भले ही भ्रष्टाचार और अन्य प्रशासनिक मामलों को लेकर सरकार पर लगातार आरोप लगा रही हों, लेकिन मैदानी हकीकत यह है कि जमीनी स्तर पर इन लोकलुभावन और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाने वाला एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो अभी भी भगवंत मान के नेतृत्व पर अटूट विश्वास बनाए बैठा है.ग्रामीण मतदाताओं और किसानों के बीच गहरी पैט बनाने का अचूक राजनीतिक दांवपंजाब की राजनीति में बिना किसानों और ग्रामीण मतदाताओं को साधे कोई भी पार्टी सत्ता के सिंहासन तक नहीं पहुंच सकती है, और इस बात को मुख्यमंत्री भगवंत मान बहुत अच्छी तरह समझते हैं. चुनाव से ठीक पहले सरकार ने कृषि क्षेत्र, सिंचाई सुविधाओं और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जिस बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया है और नई योजनाओं की शुरुआत की है, उसने किसानों के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है. जब भी विपक्षी दल कृषि से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं, तो मुख्यमंत्री खुद सामने आकर सीधा संवाद स्थापित करते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित प्रशासनिक कदम उठाते हैं. इसके अलावा, ग्रामीण अंचलों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए जिस तरह की योजनाएं धरातल पर उतारी गई हैं, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी की पकड़ को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है. यही वजह है कि राजनीतिक पंडित अब यह कहने लगे हैं कि भगवंत मान को केवल बयानों के दम पर सत्ता से बेदखल कर पाना विपक्ष के लिए लोहे के चने चबाने जैसा साबित होगा.विपक्षी दलों के तमाम हमलों और घेराबंदी के बीच 'आप' की नई चुनावी रणनीतिआगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस, अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तीनों ही दल अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं और सरकार की कमियों को उजागर करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. हालांकि, इन तमाम राजनीतिक हमलों के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जिस संयम और आक्रामक जनसंपर्क अभियान के साथ अपनी नीतियों का बचाव किया है, उससे यह साफ हो गया है कि वे चुनावी दंगल में मात खाने वाले राजनेताओं में से नहीं हैं. उन्होंने चुनाव से ठीक पहले अपने प्रशासनिक फैसलों और जनहितैषी योजनाओं के जरिए एक ऐसा सुरक्षा चक्र तैयार कर लिया है, जिसे भेदना विपक्षी दलों के लिए एक टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि विपक्ष इस मजबूत राजनीतिक किलेबंदी को तोड़ने के लिए कौन सी नई काट ढूंढता है, लेकिन फिलहाल पंजाब के राजनीतिक आसमान पर भगवंत मान का यह तुरुप का इक्का पूरी तरह छाया हुआ है और मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है.
CBI को सौंपी गई कैश फॉर ट्रांसफर रैकेट की जांच, बढ़ी सीएम की मुश्किलें
पंजाब की सियासत में इन दिनों भूचाल आया हुआ है, और राज्य की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में उस समय सनसनी फैल गई जब पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से जुड़े 'कैश फॉर ट्रांसफर' (Cash for Transfer) रैकेट की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई (CBI) को सौंप दी है. अदालत ने अपने इस कड़े आदेश में सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह इस पूरे संवेदनशील मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच करके महज दो महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करे. हाई कोर्ट के इस सख्त रुख से मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के प्रशासनिक तंत्र पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि ठीक चुनावों से पहले इस तरह के बड़े प्रशासनिक घोटाले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी के हाथों में जाना सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर कैसे सरकारी पदों पर तबादलों के एवज में रुपयों का लेन-देन किया जा रहा था, जिससे आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठने लगा है.हाईकोर्ट ने दिए सीबीआई जांच के आदेश, दो महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने की सख्त निर्देशपंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा लिया गया यह फैसला राज्य में चल रहे कथित प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी न्यायिक कार्रवाई मानी जा रही है. अदालत में सुनवाई के दौरान जब ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर मोटी रकम वसूले जाने के पुख्ता सबूत और ऑडियो-वीडियो क्लिप्स सामने आए, तो न्यायपालिका ने इस पर गहरी नाराजगी जाहिर की. बेंच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जा सकती है, और इसी वजह से मामले की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी जांच किसी स्थानीय पुलिस या राज्य एजेंसी के बजाय सीधे देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई को सौंपी जा रही है. अदालत ने सीबीआई को यह भी पाबंद किया है कि वह अगले दो महीनों के भीतर इस पूरे रैकेट की तह तक पहुंचकर अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपे, ताकि दोषी अधिकारियों और उनके पीछे छिपे राजनीतिक संरक्षकों के चेहरों से नकाब उतारा जा सके. इस आदेश के बाद से ही पंजाब के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और कई बड़े अधिकारियों की नींद उड़ गई है, क्योंकि उन्हें डर है कि इस जांच की आंच उन तक भी पहुंच सकती है.चुनाव से ठीक पहले भगवंत मान सरकार के लिए खड़ी हुई विकट राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौतीमुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए यह न्यायिक झटका ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है और विपक्षी दल लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमला बोल रहे हैं. जब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करते हुए सत्ता संभाली थी, तब इस तरह का कैश फॉर ट्रांसफर रैकेट सामने आना सरकार के उन दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जाने वाली इस दो महीने की जांच का असर सीधे तौर पर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहा है. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि पंजाब में तबादलों का खेल बिना राजनीतिक सह के संभव ही नहीं है, इसलिए इस मामले की आंच सीधे तौर पर राजनीतिक गलियारों के शीर्ष तक जानी चाहिए. सरकार के सामने अब यह सबसे बड़ी चुनौती है कि वह इन गंभीर आरोपों के बीच अपनी छवि को कैसे बचाए और जनता के बीच अपनी साफ-सुथरी होने की साख को कैसे कायम रखे.प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता के भरोसे को बहाल करने की उठी मांगइस पूरे घटनाक्रम के बाद पंजाब की आम जनता और प्रबुद्ध नागरिकों के बीच भी यह चर्चा आम हो गई है कि आखिर कैसे कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और बिचौलियों ने शासन प्रणाली को अपनी दुकान बना लिया था. ट्रांसफर और पोस्टिंग जैसे बुनियादी प्रशासनिक कार्यों में पैसों का खेल चलना इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम के भीतर कुछ बड़े सुधारों की सख्त जरूरत है. न्याय विशेषज्ञों का कहना है कि सीबीआई की इस जांच से यदि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता है, तो यह पंजाब की प्रशासनिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा. जनता भी यही उम्मीद कर रही है कि जांच एजेंसी निष्पक्षता के साथ उन सभी चेहरों को बेनकाब करे जो इस रैकेट के जरिए अवैध कमाई कर रहे थे. आने वाले दो महीनों में सीबीआई की यह रिपोर्ट क्या खुलासे करती है और इससे पंजाब की राजनीति में क्या भूचाल आता है, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं.
ची में कोढ़ा गैंग के सरगना रंगीला और पुलिस के बीच खूनी मुठभेड़
झारखंड की राजधानी रांची में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे पुलिस हिरासत से भागने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं. देश भर में अपनी शातिर चोरी और छिनतई की वारदातों के लिए कुख्यात माने जाने वाले 'कोढ़ा गैंग' (Kodha Gang) के खिलाफ रांची पुलिस ने एक बहुत बड़ा और निर्णायक ऑपरेशन चलाया है. इस हाई-वोल्टेज कार्रवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया जब कोढ़ा गैंग का मुख्य सरगना पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए एक सनसनीखेज साजिश के तहत पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीनकर मौके से फरार होने की कोशिश करने लगा. स्थिति की गंभीरता और अपनी तथा जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रांची पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें पुलिस की गोली लगने से कुख्यात सरगना रंगीला गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा. इस दुस्साहसिक एनकाउंटर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि झारखंड पुलिस अपराधियों के किसी भी नापाक मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी और कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों को इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा.पुलिस हिरासत से भागने के लिए रंगीला ने रची थी खतरनाक साजिशघटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब रांची पुलिस की विशेष इन्वेस्टिगेशन टीम कुख्यात कोढ़ा गैंग के सरगना रंगीला और उसके अन्य गुर्गों को शहर के विभिन्न इलाकों में लूटे गए सामान और हथियारों की बरामदगी के लिए लेकर गई थी. पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि इस गैंग ने चोरी और छिनतई के माल को शहर के ही एक गुप्त ठिकाने पर छिपा रखा है, जिसकी निशानदेही के लिए पुलिस बल उन्हें मौके पर लेकर पहुंचा था. शातिर किस्म के अपराधी रंगीला के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था, और उसने पुलिस की नजरों से बचकर भागने की एक खौफनाक साजिश पहले से ही रच रखी थी. जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी, वैसे ही रंगीला ने अचानक पूरी ताकत के साथ मौके पर तैनात एक पुलिसकर्मी पर हमला बोल दिया और उनकी सर्विस पिस्टल झटक ली. पिस्टल हाथ आते ही उसने वहां से दौड़ लगा दी और पुलिस दल पर फायरिंग करने की कोशिश की, जिससे पल भर के लिए वहां अफरातफरी और भारी तनाव का माहौल पैदा हो गया.पुलिस की आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई, पैर में गोली लगने से धराशायी हुआ सरगनाएक अपराधी द्वारा पुलिस की हिरासत से भागने की कोशिश करना और पुलिस पर ही हथियार तान देना बेहद गंभीर मामला था, और ऐसी स्थिति में पुलिस के पास तुरंत फैसला लेने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था. रांची पुलिस के जवानों ने बिना घबराए और अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और भाग रहे कुख्यात सरगना रंगीला को चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं रुका और पुलिस दल पर हमलावर होने की कोशिश करता रहा, तो पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस द्वारा चलाई गई गोली सीधे रंगीला के पैर में जाकर लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही चित हो गया और भागने की उसकी सारी योजना धरी की धरी रह गई. उसके घायल होते ही पुलिस ने तुरंत बिना कोई समय गंवाए उसे अपने कब्जे में ले लिया और उसके पास से छीनी गई पिस्टल भी सुरक्षित बरामद कर ली. इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई से पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वर्दी पर हाथ उठाने या कानून को चुनौती देने वाले अपराधियों का अंजाम अब यही होगा.कोढ़ा गैंग के आपराधिक नेटवर्क पर रांची पुलिस का कड़ा प्रहार, शहरवासियों ने ली राहत की सांसबिहार के कटिहार जिले के कोढ़ा इलाके से ताल्लुक रखने वाला यह कुख्यात 'कोढ़ा गैंग' देश के कई राज्यों में बैंक ग्राहकों, ज्वेलरी शॉप्स और सड़क चलते लोगों को निशाना बनाकर पलक झपकते ही चेन और कैश लूटकर फरार होने के लिए पूरे देश में कुख्यात रहा है. रांची में भी इस गैंग ने पिछले कुछ महीनों में कई बड़ी वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा रखी थी, और इस सरगना रंगीला की गिरफ्तारी को पुलिस की एक बहुत बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है. एनकाउंटर में घायल होने के बाद सरगना रंगीला को तुरंत भारी पुलिस सुरक्षा के बीच रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इस सनसनीखेज मुठभेड़ की खबर जैसे ही पूरे शहर में फैली, आम नागरिकों और व्यापारियों ने राहत की सांस ली और रांची पुलिस की इस बहादुरी व तत्परता की जमकर सराहना की. पुलिस अब इस गिरोह के बाकी बचे अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है ताकि इस पूरे आपराधिक नेटवर्क का पूरी तरह से सफाया किया जा सके.
रांची में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कुख्यात सरगना के पैर में लगी गोली
झारखंड की राजधानी रांची में अपराधियों और बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसका एक बेहद डरावना और सनसनीखेज उदाहरण हाल ही में देखने को मिला है, जहां चेन स्नैचिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधी अब आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस पर भी गोली चलाने से नहीं कतरा रहे हैं. रांची पुलिस और शहर के कुख्यात चेन स्नैचिंग गिरोह के सरगना के बीच हुई एक रोमांचक मुठभेड़ (Encounter) के दौरान हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी. इस हाई-वोल्टेज एनकाउंटर में मुख्य सरगना के पैर में पुलिस की गोली जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद पुलिस ने मौके से उसे और उसके दो अन्य सहयोगियों को धर दबोचा. दिनदहाड़े हुई इस पुलिस कार्रवाई से पूरे रांची शहर में हड़कंप मच गया है और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि झारखंड पुलिस अब अपराधियों के खिलाफ कितनी सख्त और आक्रामक रुख अपना रही है, ताकि शहर की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सके और आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा किया जा सके.रांची के पॉश इलाके में पुलिस को मिली थी अपराधियों के मूवमेंट की गुप्त सूचनाघटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब रांची पुलिस के विशेष दस्ते और एंटी-क्राइम पेट्रोलिंग टीम को यह गुप्त सूचना मिली कि शहर के एक व्यस्त और पॉश इलाके में पिछले कुछ दिनों से चेन स्नैचिंग और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाला एक खतरनाक गिरोह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और सादे कपड़ों के साथ-साथ पुलिस बलों ने उस इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी. पुलिस को देखकर जब इन बदमाशों को अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा हुआ, तो उन्होंने पुलिस टीम से बचने के लिए वहां से भागने की कोशिश की और जब पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर सरेंडर करने के लिए कहा, तो इन शातिर अपराधियों ने कानून के डर से भागने के बजाय पुलिस दल पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. अपराधियों द्वारा अचानक की गई इस गोलीबारी से एक पल के लिए वहां अफरातफरी का माहौल बन गया, लेकिन रांची पुलिस के जवानों ने बिना घबराए अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी.जवाबी कार्रवाई में सरगना के पैर में लगी गोली, तीन शातिर अपराधी हुए गिरफ्तारपुलिस पर फायरिंग करने वाले बदमाशों को जब यह अहसास हुआ कि कानून का शिकंजा उन पर कस चुका है, तो वे बचने के लिए हरसंभव हथकंडे अपनाने लगे, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई उनके नापाक इरादों पर भारी पड़ गई. पुलिस द्वारा की गई लक्षित और आत्मरक्षार्थ फायरिंग के दौरान गिरोह का मुख्य सरगना गोली लगने से घायल हो गया, जो उसके पैर में जा धंसी और वह मौके पर ही गिर पड़ा. सरगना के घायल होते ही उसके बाकी साथियों के हौसले पस्त हो गए और पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिना किसी जानमाल के नुकसान के मुख्य सरगना समेत कुल तीन शातिर अपराधियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया. घायल सरगना को तुरंत इलाज के लिए रांची के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है. पुलिस ने पकड़े गए अपराधियों के पास से अवैध हथियार, कारतूस, लूटी गई सोने की चेन और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली तेज रफ्तार मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है, जिससे उनकी कई पुरानी वारदातों का भी खुलासा होने की उम्मीद है.चेन स्नैचिंग के बढ़ते मामलों पर रांची पुलिस का कड़ा प्रहार, जनता ने ली राहत की सांसपिछले कुछ समय से रांची के विभिन्न इलाकों में महिलाओं के गले से चेन खींचने और राह चलते लोगों से लूटपाट करने की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा था, जिससे आम नागरिकों और विशेषकर महिलाओं के मन में डर का माहौल बना हुआ था. पुलिस प्रशासन पर इन वारदातों को रोकने और अपराधियों की धरपकड़ करने का भारी दबाव था, और इस सफल एनकाउंटर के बाद यह साफ हो गया है कि रांची पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. इस सनसनीखेज मुठभेड़ की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना कर रहे हैं. पुलिस अधिकारियों ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इन गिरफ्तार अपराधियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इन्होंने शहर में अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. इस कार्रवाई के बाद से रांची के आपराधिक तत्वों में खौफ का माहौल है और यह संदेश साफ चला गया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों का अंजाम अब बेहद बुरा होगा.
भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के टिकट के लिए मची लूट, लग गई लंबी कतारें
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का खुमार जब सिर चढ़कर बोलता है, तो फैंस का पागलपन किसी भी हद को पार कर जाता है, और इसका ताजा उदाहरण भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले आगामी रोमांचक टी-20 मुकाबले के दौरान देखने को मिला है. जब भी देश में भारत का कोई बड़ा मैच होता है, तो स्टेडियम के टिकट काउंटर पर फैंस की दीवानगी देखने लायक होती है, लेकिन इस बार तो हद ही तब पार हो गई जब मैच के टिकट हासिल करने के लिए क्रिकेट प्रेमियों ने स्टेडियम के बाहर एक रात पहले ही यानी देर रात से ही अपनी डेरा डाल लिया और लंबी-लंबी कतारों में खड़े हो गए. भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस धमाकेदार टी-20 मैच को अपनी आंखों से देखने की बेताबी लोगों के सिर पर इस कदर सवार थी कि ठंड और रात की परवाह किए बिना हजारों की संख्या में युवा और बुजुर्ग टिकट खिड़की के बाहर अपनी बारी का इंतजार करने लगे. स्थिति इतनी बेकाबू होने लगी कि सुबह होने तक वहां भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भगदड़ जैसी किसी अनहोनी को टालने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन को दखल देना पड़ा और बल प्रयोग करके उस बेकाबू भीड़ को वहां से खदेड़ना पड़ा.देर रात से ही टिकट खिड़की के बाहर उमड़ी भीड़, फैंस के बीच मची टिकट पाने की होड़भारत और वेस्टइंडीज के बीच होने वाले इस मुकाबले को लेकर खेलप्रेमियों के बीच उत्साह का यह आलम था कि आधिकारिक तौर पर टिकट काउंटर खुलने के कई घंटे पहले से ही स्टेडियम के बाहर लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था. कुछ उत्साही क्रिकेट फैंस तो ऐसे थे जो रात के दो-तीन बजे ही बिस्तर छोड़कर कड़ाके की ठंड या मौसम की परवाह किए बिना स्टेडियम के बाहर पहुंच गए और अपनी जगह पक्की करने के लिए कतार में खड़े हो गए. जैसे-जैसे सुबह का सूरज निकला, वैसे-वैसे कतारें मीलों लंबी होती चली गईं और देखते ही देखते वहां हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम इकट्ठा हो गया. ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स पर टिकटों की मारामारी और कुछ ही मिनटों में सभी पास बिक जाने के कारण लोगों के पास ऑफलाइन काउंटर ही एकमात्र विकल्प बचा था, जिसके चलते हर कोई किसी भी कीमत पर टिकट अपने हाथ में लेना चाहता था. इस आपाधापी और धक्का-मुक्की के माहौल के बीच फैंस के चेहरों पर जहां एक तरफ मैच देखने का गजब का उत्साह साफ झलक रहा था, वहीं दूसरी तरफ काउंटर पर कम टिकट उपलब्ध होने की आशंका को लेकर तनाव का माहौल भी बनता जा रहा था.स्टेडियम के बाहर बेकाबू हुई भीड़, कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेपसुबह होते-होते जब टिकट काउंटर के बाहर भीड़ इतनी ज्यादा बढ़ गई कि लोगों ने बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी और आपस में धक्का-मुक्की होने लगी, तो वहां तैनात सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूल गए. हालात को नियंत्रण से बाहर होते देख स्थानीय पुलिस प्रशासन को तुरंत कड़ा रुख अपनाना पड़ा, क्योंकि किसी भी प्रकार की भगदड़ से बड़ा हादसा हो सकता था. पुलिस अधिकारियों ने पहले तो लाउडस्पीकर के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने और कतार में अनुशासन से खड़े रहने की अपील की, लेकिन जब भीड़ मानने को तैयार नहीं हुई और व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाइन को व्यवस्थित किया और अनावश्यक रूप से वहां खड़े भीड़ के हुजूम को तितर-बितर कर दिया. पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कुछ देर के लिए वहां अफरातफरी का माहौल जरूर बन गया, लेकिन अधिकारियों का यह सख्त कदम समय रहते एक बड़े हादसे को टालने के लिए बेहद जरूरी साबित हुआ. पुलिस ने साफ कर दिया कि स्टेडियम परिसर के आसपास कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा, ताकि सभी लोग सुचारू रूप से अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकें.क्रिकेट दीवानगी का ऐसा क्रेज, फैंस बोले- 'लाठी खानी पड़ी तो क्या, मैच तो स्टेडियम से ही देखेंगे'पुलिस की सख्ती और लाठीचार्ज के बाद भी क्रिकेट प्रेमियों के सिर से मैच का भूत उतरने का नाम नहीं ले रहा था, और पुलिस द्वारा खदेड़े जाने के बाद भी लोग थोड़ी दूर पर जाकर फिर से जमा हो गए. कई फैंस ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे पिछले कई घंटों से लाइन में खड़े थे और उनके लिए टीम इंडिया का लाइव मैच देखना हर मुश्किल से बढ़कर है, इसलिए वे थोड़ी बहुत पुलिस की सख्ती झेलने के बावजूद अपनी कोशिश छोड़ने वाले नहीं हैं. भारत और वेस्टइंडीज के बीच की यह टी-20 सीरीज युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें चौकों-छक्कों की बरसात देखने को मिलती है और स्टार खिलाड़ियों को करीब से देखने का मौका मिलता है. इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत में क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक ऐसा धर्म है जिसके लिए लोग अपनी रातों की नींद और आराम कुर्बान करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं, भले ही इसके लिए उन्हें टिकट खिड़की पर घंटों संघर्ष क्यों न करना पड़े.
नया फॉर्म-6 हमने अप्रूव नहीं किया, CEC विवाद के बीच CJI सूर्यकांत की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसने नए वोटरों को रजिस्टर करने के लिए चुनाव आयोग (EC) द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी बदले हुए फॉर्म 6 को मंज़ूरी नहीं दी है। कोर्ट की यह टिप्पणी उस विवाद के संदर्भ में आई है जो 2025 में इस फ़ॉर्म में जोड़े गए एक एनेक्ज़र (अतिरिक्त दस्तावेज़) को लेकर खड़ा हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि इस विवाद पर 28 सितंबर को दिए गए एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा था कि 'फॉर्म 6' के साथ लगे घोषणा-पत्र को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था। हालांकि, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट रिकॉर्ड की जांच करके यह पता लगाना चाहता है कि बदलाव किसने किए हैं। उन्होंने कहा संशोधित फॉर्म 6 को हमने मंज़ूरी नहीं दी है, यह बात बिल्कुल साफ़ होनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आदेश पारित नहीं कर सकते, CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग SC में खारिज उन्होंने कहा जब रिकॉर्ड पेश किया जाएगा, तो हम देखना चाहेंगे कि फॉर्म 6 में बदलाव किसने किया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने के लिए कोई अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। उन पर आरोप था कि उन्होंने बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना एकतरफा फैसले लिए। बेंच ने कहा कि जब तक जवाब नहीं मिल जाता, तब तक वह यही मानकर चलेगी कि चुनाव आयोग के फैसले कानून के मुताबिक थे। CJI कांत ने कहा रिपोर्ट सही हो सकती है या गलत, लेकिन हम उसके आधार पर कोई आदेश जारी नहीं कर सकते... हमें उनके जवाब का इंतज़ार करना होगा। इसे भी पढ़ें: Ballot Paper और CEC के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं, Congress प्रमुख Kharge का बयान फॉर्म 6 से जुड़ा विवाद क्या है इस विवाद की मुख्य वजह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में एक अतिरिक्त घोषणा (डिक्लेरेशन) है। इसके तहत नए वोटर्स को SIR प्रक्रिया के दौरान खुद को, या अपने माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी को पिछली वोटर लिस्ट से जोड़ने वाली जानकारी देनी होती है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस अतिरिक्त ज़रूरत पर आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी चिंता यह थी कि फॉर्म 6, 'रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत तय किया गया एक कानूनी फॉर्म है और नियमों में औपचारिक बदलाव किए बिना इसमें कोई प्रभावी बदलाव नहीं किया जा सकता। इस विवाद की शुरुआत EC के जून 2025 के SIR आदेश से हुई, जिसमें रिविज़न प्रक्रिया के दौरान नए रजिस्ट्रेशन के लिए फॉर्म 6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा (जिसे एनेक्शर D कहा जाता है) की ज़रूरत बताई गई थी। हालांकि, जिस ज़रूरत की अब जांच हो रही है, वह बाद में ऑनलाइन 'फॉर्म 6' की प्रक्रिया में शामिल की गई थी। जुलाई 2026 में शुरू की गई इस प्रक्रिया में आवेदकों से कहा गया था कि वे खुद को, या अपने माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी को पिछली SIR वोटर लिस्ट से जोड़ने वाली जानकारी दें। यह समय इसलिए अहम हो गया है क्योंकि यह ऑनलाइन ज़रूरत, सुप्रीम कोर्ट के बिहार SIR पर 27 मई को आए फैसले के कुछ हफ़्ते बाद लागू की गई थी। चुनाव आयोग का कहना है कि 'फॉर्म 6' में कोई बदलाव नहीं किया गया था और SIR से जुड़ा डिक्लेरेशन (घोषणा-पत्र) एक अतिरिक्त ज़रूरत थी। सितंबर में दिए अपने बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस डिक्लेरेशन को सही ठहराया था और 'रजिस्ट्रेशन ऑफ़ इलेक्टर्स रूल्स, 1960' के तहत तय किए गए फ़ॉर्म नॉन-SIR समय के दौरान भी लागू रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? 27 मई के अपने फ़ैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में SIR (विशेष पुनरीक्षण अभ्यास) कराने के चुनाव आयोग के अधिकार को सही ठहराया और इस प्रक्रिया के लिए तय किए गए डॉक्यूमेंटेशन फ़्रेमवर्क की समीक्षा की। कोर्ट ने कहा कि SIR के लिए 'फ़ॉर्म 6' को ज़रूरी तौर पर शब्दशः (जैसा लिखा है, वैसा ही) लागू नहीं किया जा सकता और कहा कि चुनाव आयोग के पास ऐसी प्रक्रिया के लिए सही डॉक्यूमेंटेशन फ़्रेमवर्क बनाने का कुछ हद तक बचा हुआ अधिकार है। हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि यह अधिकार असीमित नहीं है और कहा कि कानूनी फ़्रेमवर्क से किसी भी तरह के बदलाव का SIR के मकसद से तार्किक संबंध होना चाहिए।
पुलिस ने सिलेंडर खोला तो निकली 127 पीस शराब, देखकर रह गए दंग
बिहार के गोपालगंज में शराब तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. तस्करों ने गैस सिलेंडर के अंदर शराब छिपाने की जगह बना रखी थी, लेकिन पुलिस की जांच में उनकी यह तरकीब पकड़ी गई. सिलेंडर से 127 पीस देसी शराब बरामद की गई और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
बरसात का मौसम थमने की वजह से भारी तादाद में पर्यटक हिमाचल पहुंच रहे हैं। 2 से 4 अक्टूबर तक लॉन्ग वीकेंड के चलते इस दौरान हजारों सैलानियों ने शिमला का रुख किया। शहर में वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण यातायात दबाव बढ़ गया।
फ्रांस में हिंसक छात्र प्रदर्शन, हर तीन में से एक स्कूल प्रभावित
France student protests: भारत में छात्रों की तिलचट्टा (कॉक्रोच) पार्टी के उग्र प्रदर्शनों पर यूरोप में जो लोग तालियां पीट रहे थे, मोदी सरकार को बुरा-भला कह रहे थे, वे अब फ्रांस के स्कूली छात्रों के हिंसक प्रदर्शनों से सन्नाटे में आ गए हैं। वहां लगभग ...
अक्टूबर में लगाएं ये 5 सब्जियां, पूरी सर्दी किचन गार्डन से मिलेंगी हरी और फ्रेश Vegetables
अक्टूबर के महीने में किचन गार्डन में लगाएं ये 5 सब्जियां, सर्दियों में बाजार से नहीं लानी पड़ेगी हरी और फ्रेश सब्जी.
नीदरलैंड के यूट्यूबर पेड्रो मोटा का मुंबई से अमृतसर के 26 घंटे के सफर में हमेशा के लिए यादगार बन गया. जब ट्रेन में एक देसी परिवार ने उन्हें मां के हाथ का स्वाद चखाया, तो विदेशी मेहमान की आंखें नम हो गईं.
अग्निवीर भर्ती रैली रुड़की में शुरू हो गई है. यूपी और उत्तराखंड के अभ्यर्थियों के लिए जिलेवार शेड्यूल जारी कर दिया गया है. जानिए किस दिन किस जिले के उम्मीदवारों को पहुंचना है और कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे.
4600 करोड़ बजट वाली फिल्म से विलेन डूम का खतरनाक लुक रिलीज हुआ है. लेकिन इस बार वो तीन चुड़ैलों के साथ आया है ताकि 23 सुपरहीरो की नींद उड़ा सके. फिल्म 18 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी.
न्यूजीलैंड दौरे के लिए अगले हफ्ते होगा टीम इंडिया का ऐलान
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के गलियारों से एक बेहद बड़ी और दिलचस्प खबर सामने आ रही है, जो आगामी अंतरराष्ट्रीय दौरों और टीम के चयन से जुड़ी हुई है. भारतीय क्रिकेट टीम को आने वाले दिनों में एक लंबे और चुनौतीपूर्ण दौरे पर न्यूजीलैंड जाना है, जिसके लिए टीम चयन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आगामी हफ्ते में बीसीसीआई की राष्ट्रीय चयन समिति न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टेस्ट, वनडे और टी20 स्कवॉड का आधिकारिक ऐलान करने वाली है. इस बार का चयन कई मायनों में बेहद खास रहने वाला है क्योंकि पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अब चयन समिति की कमान एक नए चेहरे के हाथों में सौंपी गई है. भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज और शानदार बाएं हाथ के स्पिनर रहे प्रज्ञान ओझा को अंतरिम मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है, और उनके नेतृत्व वाली चार सदस्यीय चयन समिति ही न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली इस आगामी सीरीज के लिए खिलाड़ियों के भाग्य का फैसला करेगी.अजित आगरकर का कार्यकाल समाप्त, प्रज्ञान ओझा बने चयन समिति के अंतरिम प्रमुखभारतीय क्रिकेट में चयनकर्ताओं की समिति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है जब मुख्य चयनकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे अजित आगरकर का कार्यकाल आधिकारिक रूप से पूरा हो चुका है. उनके हटने के बाद बीसीसीआई ने तत्काल प्रभाव से व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पूर्व भारतीय स्पिनर प्रज्ञान ओझा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. प्रज्ञान ओझा अब मौजूदा चार सदस्यीय चयन समिति के अंतरिम प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं और उनके सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक संतुलित, मजबूत और विजेता भारतीय टीम का चयन करने की है. अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान अपनी जादुई फिरकी से विपक्षी बल्लेबाजों के छक्के छुड़ाने वाले ओझा के लिए यह प्रशासनिक भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि आने वाले समय में उन्हें इस पद पर पूर्णकालिक रूप से भी प्रमोट किए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं. उनके इस नए कार्यकाल की शुरुआत न्यूजीलैंड के इस कड़े दौरे से होने जा रही है, जिस पर देश भर के तमाम क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की पैनी नजर टिकी हुई है.अक्टूबर के अंत में शुरू होगा न्यूजीलैंड का दौरा, कई फॉर्मेट में खेले जाएंगे रोमांचक मुकाबलेभारतीय टीम के इस आगामी न्यूजीलैंड दौरे का कार्यक्रम काफी लंबा और व्यस्त रहने वाला है, जिसकी शुरुआत इसी महीने के आखिर यानी 22 अक्टूबर से होने जा रही है और यह दौरा लगभग 27 नवंबर तक चलेगा. इस महीने भर चलने वाले लंबे दौरे पर भारतीय टीम मेजबानी कर रही कीवी टीम के खिलाफ कुल पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज, पांच मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज और दो महत्वपूर्ण टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलेगी. चूंकि आने वाले समय में विश्व कप और आईसीसी की अन्य बड़ी ट्रॉफियों को ध्यान में रखते हुए टीम का कॉम्बिनेशन तैयार किया जा रहा है, इसलिए चयन समिति के लिए यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खासकर वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में उन खिलाड़ियों को मौका मिलने की पूरी संभावना है जो लंबे समय से घरेलू क्रिकेट और ईरानी कप जैसे टूर्नामेंट्स में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं. चयन समिति यह सुनिश्चित करना चाहती है कि टीम में अनुभव और युवा ऊर्जा का एक बेहतरीन संतुलन हो ताकि विदेशी सरजमीं पर भारतीय टीम अपना दबदबा कायम रख सके.सीनियर खिलाड़ियों की उपलब्धता और नए चेहरों को मिलने वाले अवसरों पर टिकी निगाहेंप्रज्ञान ओझा और उनकी चयन समिति के सामने इस बार सबसे बड़ा टास्क टीम में सही खिलाड़ियों का संतुलन बिठाना होगा, क्योंकि कप्तान और टीम प्रबंधन की यह मंशा साफ रही है कि महत्वपूर्ण दौरों पर सभी प्रमुख और वरिष्ठ खिलाड़ियों की सेवाएं उपलब्ध रहें. इसके साथ ही घरेलू सर्किट में अपनी गेंदबाजी से तहलका मचाने वाले तेज गेंदबाजों जैसे मुकेश Kumar और आकाश दीप जैसे खिलाड़ियों को भी इस बार विदेशी दौरों के लिए टेस्ट या सीमित ओवरों के स्क्वॉड में शामिल किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है. चयन समिति की बैठक अगले कुछ दिनों में होने वाली है, जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर और अंतरिम प्रमुख प्रज्ञान ओझा के बीच खिलाड़ियों के नामों पर लंबी मंत्रणा होगी. क्रिकेट फैंस यह देखने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि नए अंतरिम चीफ सिलेक्टर के रूप में प्रज्ञान ओझा अपने पहले ही बड़े फैसले में किन युवा खिलाड़ियों को किस्मत चमकाते हैं और किसे टीम से बाहर का रास्ता देखना पड़ता है. आगामी हफ्ते में होने वाला यह ऐलान भारतीय क्रिकेट की आगामी दिशा और दशा तय करने में एक अहम मील का पत्थर साबित होगा.
संजय दत्त इन दिनों चर्चा में हैं. हालांकि यह पहली बार नहीं है जब वह अपनी पर्सनल लाइफ में किसी बयान को लेकर सुर्खियों में रहे हों. लेकिन हम संजू बाबा की किसी बयान की बात आज नहीं कर रहे हैं.
वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में जगह क्यों नहीं?
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज से पहले गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के टीम चयन पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वैभव प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें मौके के लिए इंतजार करना होगा।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर गौतम गंभीर ने दिया बड़ा बयान
भारतीय क्रिकेट का गलियारा इन दिनों एक ऐसे युवा नाम की गूंज से सराबोर है जिसने अपनी प्रतिभा के दम पर कम उम्र में ही पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. हम बात कर रहे हैं कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सनसनी मचाने वाले युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की, जिनकी प्रतिभा और खेल शैली को लेकर इन दिनों खेल जगत में बड़ी चर्चाएं चल रही हैं. क्रिकेट के मैदान पर अपनी ताबड़तोड़ पारियों से चयनकर्ताओं और दिग्गजों को हैरान करने वाले वैभव सूर्यवंशी के भविष्य और टीम में उनकी भूमिका को लेकर फैंस के मन में तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं. इसी बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक बहुत ही अहम, स्पष्ट और सारगर्भित बयान दिया है, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. गौतम गंभीर का यह बयान न केवल इस युवा खिलाड़ी के लिए एक स्पष्ट संदेश है, बल्कि यह यह भी बताता है कि भारतीय टीम प्रबंधन युवा प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें संभालने के लिए किस तरह की पेशेवर सोच और अनुशासन पर काम कर रहा है.मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के टैलेंट और टीम मैनेजमेंट की सोच पर की खुलकर बातभारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर अपनी बेबाक और दो टूक बयानों के लिए जाने जाते हैं, और इस बार भी उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के भविष्य को लेकर किसी भी तरह के कयासों को विराम देते हुए बिल्कुल साफ शब्दों में अपनी बात रखी है. जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गौतम गंभीर से यह सवाल पूछा गया कि वैभव सूर्यवंशी जैसे बेहद कम उम्र के और आक्रामक खिलाड़ी को लेकर टीम मैनेजमेंट की क्या योजना है और क्या उन्हें अचानक किसी बड़े मंच से बाहर किया जा सकता है, तो गंभीर ने बेहद परिपक्व जवाब दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट में किसी भी खिलाड़ी का चयन या उसे बाहर करना कोई रातों-रात लिया गया फैसला नहीं होता है, बल्कि इसके पीछे एक लंबी प्रक्रिया होती है. गंभीर ने कहा कि हम किसी भी खिलाड़ी को अचानक से बाहर नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, काबिलियत और घरेलू क्रिकेट में लगातार किए जा रहे प्रदर्शन के आधार पर ही टीम में जगह मिलती है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वैभव सूर्यवंशी के पास अपार प्रतिभा है, लेकिन आधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत होना सबसे ज्यादा जरूरी होता है.खिलाड़ी को खुद मैदान पर अपना दम साबित करना होगा: गौतम गंभीर की दो टूक सलाहयुवा खिलाड़ियों को अपने करियर की शुरुआत में ही आसमान पर चढ़ने की मानसिकता से दूर रखने के लिए गौतम गंभीर ने एक बेहद जरूरी सलाह दी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कुछ अच्छी पारियां खेल लेने से कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह सुरक्षित नहीं मान सकता है, बल्कि उसे हर मैच और हर सीरीज में अपने खेल का स्तर लगातार ऊंचा रखना होगा. गंभीर ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारों को यह समझना होगा कि टैलेंट सिर्फ एक शुरुआत है, असली परीक्षा मैदान के भीतर आने वाली कठिन परिस्थितियों और दबाव के पलों में होती है. कोच ने कहा कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ता हमेशा युवा खिलाड़ियों का समर्थन करने के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन अंत में मैदान पर रन बनाकर अपना दम खुद खिलाड़ी को ही साबित करना पड़ता है. उनके इस बयान से यह साफ हो गया है कि वैभव सूर्यवंशी को अगर टीम इंडिया में अपनी स्थायी जगह बनानी है, तो उन्हें अपनी तकनीक में निरंतरता लानी होगी और घरेलू तथा जूनियर सर्किट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखना होगा, ताकि वे दबाव भरी परिस्थितियों में भी खुद को साबित कर सकें.भविष्य के सुपरवाइजर और भारतीय क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ को मजबूत करने का मास्टरप्लानगौतम गंभीर के कार्यकाल के दौरान हमेशा से इस बात पर जोर दिया गया है कि भारतीय क्रिकेट टीम में ट्रांसमिशन और यंग टैलेंट को ग्रूम करने का तरीका बेहद अनुशासित होना चाहिए. वैभव सूर्यवंशी का नाम जिस तेजी से भारतीय क्रिकेट के नक्शे पर उभरा है, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में वे टीम के एक बड़े एसेट बन सकते हैं. हालांकि, गंभीर का यह बयान यह भी रेखांकित करता है कि प्रबंधन किसी भी युवा खिलाड़ी पर शुरुआती सफलता का अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहता है, ताकि उसका स्वाभाविक खेल प्रभावित न हो. कोचिंग स्टाफ और नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के सहयोग से ऐसे खिलाड़ियों की फिटनेस, मानसिक दृढ़ता और मैच अवेयरनेस पर बारीकी से काम किया जा रहा है. गौतम गंभीर की यह सोच न केवल वैभव सूर्यवंशी के लिए एक अमूल्य मार्गदर्शन है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट के उस सुनहरे भविष्य की नींव भी रखती है जहां हर युवा खिलाड़ी को उसकी योग्यता के आधार पर उचित अवसर और पारदर्शी रास्ता मिलता है, बशर्ते वे अपनी मेहनत और लगन से खुद को साबित करने का माद्दा रखते हों.
रेलवे ने दशकों बाद टिकट में किया बड़ा बदलाव, PNR सीरीज बदली, अब सभी ट्रेन में होगा लागू
दिसंबर महीने से देश की सभी ट्रेनों के टिकट बुक करने पर मिलने वाले PNR नंबर की शुरुआत 1, 3, 5 या 7 अंकों से होगी. दिसंबर 2026 के तीसरे सप्ताह तक देश की सभी ट्रेनों में नई PNR व्यवस्था लागू कर दी जाएगी.
अक्टूबर में भारत के इन 5 ऐतिहासिक और रंगीन फेस्टिवल्स का जरूर उठाएं लुफ्त
अक्टूबर का महीना भारत में फेस्टिव सीजन की एक खूबसूरत और सुहानी शुरुआत लेकर आता है, जब चिलचिलाती गर्मी विदा ले चुकी होती है और हल्की-हल्की गुलाबी ठंडक हवा में घुलने लगती है. देश के अलग-अलग कोनों में इस महीने संस्कृति, परंपरा, संगीत, कला और आध्यात्मिकता के ऐसे अनूठे उत्सव मनाए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि सात समंदर पार से भी विदेशी सैलानी भारत की धरती पर खींचे चले आते हैं. यदि आप भी इस अक्टूबर के महीने में कुछ नया, रोमांचक और यादगार अनुभव तलाश रहे हैं, तो आम छुट्टियों की जगह भारत के इन प्रसिद्ध सांस्कृतिक और पारंपरिक त्योहारों का हिस्सा बनकर अपनी यात्रा को खास बना सकते हैं. अक्टूबर 2026 के इस सुहाने मौसम में भारत के ये पांच बड़े फेस्टिवल्स आपको देश की मिट्टी की खुशबू, प्राचीन कलाओं और जीवंत परंपराओं से सीधे रूबरू कराएंगे, जो आपकी जिंदगी के सबसे बेहतरीन पलों में से एक साबित होंगे. आइए जानते हैं कि इस अक्टूबर महीने में देश के किस हिस्से में कौन सा भव्य मेला और फेस्टिवल आयोजित होने जा रहा है, और आप वहां कैसे पहुंच सकते हैं.जोधपुर का मशहूर मारवाड़ फेस्टिवल और मेहरानगढ़ किले की शाही रौनकराजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले जोधपुर में हर साल अक्टूबर के महीने में शरद पूर्णिमा के आसपास दो दिवसीय प्रसिद्ध 'मारवाड़ फेस्टिवल' (Marwar Festival) का आयोजन बड़े ही भव्य तरीके से किया जाता है. इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य मारवाड़ के उन महान नायकों, राजाओं और लोक कलाकारों की वीरता व संस्कृति को याद करना और प्रदर्शित करना है, जिन्होंने यहां के इतिहास को स्वर्णिम बनाया है. जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले, उम्मेद भवन पैलेस और जसवंत थड़ा जैसे भव्य स्मारकों की पृष्ठभूमि में होने वाले इस फेस्टिवल में लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य जैसे घूमर और कालबेलिया, पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता और ऊंटों के शानदार करतब देखने को मिलते हैं. इस दौरान पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठता है और रेगिस्तानी संस्कृति का ऐसा जीवंत रूप देखने को मिलता है जो सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर देता है. यदि आप राजस्थान की असली शाही रीत-रिवाजों और लोक कलाओं को करीब से अनुभव करना चाहते हैं, तो अक्टूबर में जोधपुर की यह यात्रा आपके लिए एक परफेक्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन साबित होगी.मैसूर दशहरा फेस्टिवल और कर्नाटक की ऐतिहासिक परंपरा का महाकुंभकर्नाटक का मैसूर शहर दुनिया भर में अपने ऐतिहासिक 'मैसूर दशहरा' (Mysore Dasahara) फेस्टिवल के लिए जाना जाता है, जिसे भारत के सबसे भव्य और ऐतिहासिक त्योहारों में गिना जाता है. इस साल अक्टूबर में मनाए जाने वाले इस दस दिवसीय उत्सव की शुरुआत विजयादशमी के पावन पर्व पर होती है, जिसका इतिहास 400 साल से भी ज्यादा पुराना है. इस दौरान पूरे मैसूर पैलेस को लगभग एक लाख से अधिक बिजली के बल्बों से दुल्हन की तरह सजाया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इस फेस्टिवल का सबसे मुख्य आकर्षण 'जम्बो सवारी' होती है, जिसमें सजे-धजे हाथियों के साथ शाही पालकी निकाली जाती है और शहर की सड़कों पर लोक कलाकारों का अद्भुत मार्च निकलता है. इसके अलावा, मैसूर पैलेस के अंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम, शास्त्रीय संगीत और नृत्य के बड़े आयोजन होते हैं, जो दक्षिण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं. अगर आप भारतीय संस्कृति के इस विशालकाय और रंगीन स्वरूप को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो अक्टूबर के महीने में मैसूर का रुख अवश्य करें.दुर्गा पूजा का पावन पर्व और कोलकाता की सड़कों पर सजने वाली अलौकिक पंडाल संस्कृतिपश्चिम बंगाल और खासकर कोलकाता शहर में अक्टूबर के महीने में मनाए जाने वाला 'दुर्गा पूजा' (Durga Puja) फेस्टिवल किसी साधारण त्योहार से बढ़कर एक विशाल ग्लोबल कल्चरल कार्निवल का रूप ले लेता है. यूनेस्को (UNESCO) की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल हो चुका यह महाउत्सव अक्टूबर में अपने पूरे परवान पर होता है, जब शहर के हर कोने में भव्य, थीम-आधारित और कलात्मक पंडाल बनाए जाते हैं. कोलकाता की सड़कों पर रात-दिन लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है जो इन विशाल पंडालों में विराजी मां दुर्गा की मूर्तियों और उनकी नायाब कलाकारी को निहारने के लिए घूमती है. ढाक की थाप, बंगाली धुनुची नृत्य, सिंदूर खेला और बंगाली पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद इस उत्सव को और भी ज्यादा खास बना देता है. इस दौरान पूरा कोलकाता शहर एक ऐसी खुली आर्ट गैलरी में बदल जाता है जहाँ कला, भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिलता है जो दुनिया में कहीं और नजर नहीं आता है.जोधपुर और जैसलमेर के रेगिस्तानों में गूंजने वाला राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल (RIFF)अगर आपको संगीत से प्यार है और आप खुले आसमान के नीचे रेगिस्तान की ठंडी हवाओं के बीच दुनिया के बेहतरीन कलाकारों की धुनें सुनना चाहते हैं, तो जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में हर साल अक्टूबर के आखिर में आयोजित होने वाला 'राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल' (RIFF) आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. इस प्रतिष्ठित संगीत उत्सव को यूनेस्को का भी समर्थन प्राप्त है, जिसमें भारत के साथ-साथ दुनिया भर के प्रसिद्ध लोक संगीतकार, सूफी गायक और वादक अपनी कला का जादू बिखेरने आते हैं. किले की प्राचीन प्राचीरों और विशाल आंगनों के बीच जब रात के समय लोक संगीत और समकालीन धुनों का फ्यूजन गूंजता है, तो वहां मौजूद हर शख्स उस संगीत के नशे में डूब जाता है. सूर्योदय के समय किले की चोटी से सूरज निकलते देखना और पारंपरिक संगीत का आनंद लेना एक ऐसा जादुई अनुभव है जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. संगीतप्रेमियों और ग्लोबल ट्रैवलर्स के लिए यह फेस्टिवल अक्टूबर महीने में घूमने के लिए सबसे बेहतरीन जगहों में से एक माना जाता है.गोवा का लोकप्रिय मैंगोर्ज फेस्टिवल और बीच संस्कृति से हटकर सांस्कृतिक उत्सवआमतौर पर गोवा को केवल समुद्र तटों, नाइटलाइफ और पार्टियों के लिए जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि अक्टूबर का महीना गोवा में स्थानीय संस्कृति, कला और त्योहारों का भी गवाह बनता है. इस दौरान गोवा में कई स्थानीय सांस्कृतिक उत्सव और कैथोलिक पर्व आयोजित किए जाते हैं जो पुर्तगाली और कोंकणी संस्कृति के अनूठे मेल को दर्शाते हैं. अक्टूबर में गोवा का मौसम बेहद सुहाना हो जाता है, मानसून की विदाई के बाद चारों तरफ हरियाली छा जाती है और समुद्र का पानी भी शांत रहता है, जिससे यह समय बीच टूरिज्म के साथ-साथ बर्ड वॉचिंग और हेरिटेज वॉक के लिए एकदम परफेक्ट होता है. पणजी की पुरानी गलियों में घूमना, प्राचीन चर्चों का दौरा करना और गोवा के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाना इस महीने की यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचक बना देता है. भारत के इन पांचों प्रसिद्ध फेस्टिवल्स में से किसी एक का भी हिस्सा बनकर आप इस अक्टूबर अपनी छुट्टियों को यादगार बना सकते हैं.
ब्लड टेस्ट से पहले भूखा रहना जरूरी है या नहीं? रिसर्च में चला पता
कुछडॉक्टर जब भी रूटीन हेल्थ चेकअप का कोई टेस्ट लिखते, तो कई मामलों में मरीज को 10-12 घंटे भूखा रहने की सलाह देते है. ऐसे में सुबह की भूख के कारण कुछ लोगों कोसिरदर्द याचक्कर की परेशानी हो जाती है.
बिहार MLC चुनाव: अब NDA में कलह, उपेंद्र कुशवाहा के 3 विधायकों का निर्दलीय को समर्थन
बिहार विधान परिषद चुनाव में महागठबंधन के बाद अब एनडीए में कलह की बात सामने आ रही है. कुशवाहा की पार्टी के तीन विधायक ने निर्दलीय कैंडिडेट को समर्थन का ऐलान किया है.
प्राइवेट पार्ट काटकर जाते दिखा प्रेमानंद का शिष्य, सामने आया नया CCTV
मथुरा के वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज आश्रम में रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के मामले में नया CCTV सामने आया है. फुटेज में वह कथित तौर पर प्राइवेट पार्ट काटने के बाद सीढ़ियों से चौथी मंजिल की ओर जाता दिख रहा है. दावा है कि इसके तुरंत बाद उसने छलांग लगा दी.
प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर नया विवाद सामने आया है. संतों ने दावा किया है कि विराट कोहली की पहली आश्रम यात्रा के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और अब उसी रकम की वसूली का खेल चल रहा है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. जानिए पूरा मामला.
मध्य प्रदेश के इन चमत्कारी और प्राचीन देवी मंदिरों में दर्शन करने से पूरी होती है हर मनोकामना
भक्ति, शक्ति और आराधना का महापर्व शारदीय नवरात्रि का पावन अवसर शुरू हो चुका है और पूरे देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कोने-कोने में भी देवी दुर्गा के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है. इस पवित्र नौ दिवसीय उत्सव के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है, और देश भर से श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट करने के लिए प्रमुख शक्तिपीठों और सिद्ध मंदिरों की यात्रा करते हैं. मध्य प्रदेश की धरती को प्राचीन काल से ही धार्मिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध माना गया है, जहां कई ऐसे चमत्कारी और पौराणिक देवी मंदिर स्थित हैं जिनके दर्शन मात्र से इंसान के सारे दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं. यदि आप भी शारदीय नवरात्रि 2026 के इस खास मौके पर मां भगवती के दर्शन के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हैं जहाँ अलौकिक शांति और ऊर्जा का अनुभव हो, तो मध्य प्रदेश के ये प्रसिद्ध देवी मंदिर आपके लिए सबसे उत्तम विकल्प साबित हो सकते हैं. इन मंदिरों की बनावट, इनका इतिहास और इनसे जुड़ी मान्यताएं देश-विदेश के पर्यटकों और भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं, जहाँ नवरात्रि के दिनों में विशेष मेलों और अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है.मैहर की त्रिकूट पर्वत पर विराजी मां शारदा का दरबार और उसका अद्भुत रहस्यमध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित मैहर का मां शारदा मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण शक्तिपीठों में शुमार किया जाता है, जहाँ नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. त्रिकूट पर्वत की ऊंची पहाड़ी पर स्थित इस पावन धाम तक पहुंचने के लिए भक्तों को एक हजार से अधिक सीढ़ियों का सफर तय करना पड़ता है, हालांकि अब बुजुर्गों और विकलांगों के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मैहर की मां शारदा के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मन को असीम शांति मिलती है. इस मंदिर से जुड़ी सबसे बड़ी और हैरान करने वाली रहस्यमयी बात यह है कि ऐसा माना जाता है कि अमर योद्धा आल्हा और उदल ने पृथ्वीराज चौहान के साथ युद्ध के बाद मां शारदा की सबसे पहले पूजा की थी और आज भी हर दिन मंदिर के कपाट खुलने से पहले यहां किसी अज्ञात शक्ति द्वारा सबसे पहले पूजा और आरती की जाती है. नवरात्रि के इन नौ दिनों में मैहर धाम का नजारा देखने लायक होता है, जहाँ दूर-दूर से माता के भक्त आकर अपनी हाजिरी लगाते हैं और ढोल-नगाड़ों तथा माता के जयकारों से पूरा त्रिकूट पर्वत गूंज उठता है.सलकनपुर का विजयासन देवी धाम और सीहोर जिले की पवित्र पहाड़ियों का रोमांचमध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुदनी के पास स्थित सलकनपुर का विजयासन देवी मंदिर मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में माता के भक्तों के बीच अपार आस्था का केंद्र है. लगभग एक हजार फीट ऊंची पहाड़ी पर विराजी मां विजयासन (महामाया) को समर्पित यह मंदिर भक्तों की हर मुराद पूरी करने वाला माना जाता है, और नवरात्रि के दिनों में यहां भक्तों का विशाल सैलाब उमड़ पड़ता है. इस मंदिर की यह विशेषता है कि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को प्रकृति के बेहद खूबसूरत और मनोरम दृश्यों के साथ-साथ गहरी आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है. नवरात्रि के विशेष पावन अवसर पर मंदिर समिति और जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पेयजल, रोशनी और ठहरने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाते हैं ताकि देश के कोने-कोने से आने वाले यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. पहाड़ियों की तलटी से लेकर मंदिर के मुख्य शिखर तक भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं, जो माता के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और विश्वास को बयां करती हैं.दतिया का पीतांबरा पीठ और तंत्र-मंत्र साधना का यह अद्वितीय केंद्रजब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की बात होती है, तो दतिया जिले में स्थित मां पीतांबरा पीठ का नाम अत्यंत आदर और श्रद्धा के साथ लिया जाता है, क्योंकि यह स्थान केवल सामान्य पूजा-पाठ ही नहीं बल्कि तंत्र साधना और विशेष अनुष्ठानों के लिए दुनिया भर में विख्यात है. यहाँ मां बगलामुखी का अत्यंत जादुई और शक्तिशाली स्वरूप विराजमान है, जिन्हें युद्ध, विजय और शत्रुओं पर नियंत्रण पाने की देवी माना जाता है. देश के बड़े-बड़े राजनेता, उद्योगपति, संत और गणमान्य लोग अपने जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने और सफलता हासिल करने के लिए गुप्त रूप से इसी दरबार में माता का आशीर्वाद लेने आते हैं. शारदीय नवरात्रि के दौरान पीतांबरा पीठ में विशेष हवन, यज्ञ और अनुष्ठानों का दौर चलता है, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह से ऊर्जावान और भक्तिमय हो जाता है. हालांकि मंदिर परिसर के भीतर फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने पर सख्त प्रतिबंध रहता है, लेकिन यहां मिलने वाली मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा हर आगंतुक के जीवन में एक नया सकारात्मक बदलाव लेकर आती है.उज्जैन के हरसिद्धि मंदिर का सम्राट विक्रमादित्य से जुड़ा इतिहास और दीपों की भव्य रोशनीभगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में स्थित माता हरसिद्धि का मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जहाँ देवी सती की कोहनी गिरी थी ऐसा शास्त्रों में वर्णित है. इस प्राचीन मंदिर का इतिहास महान राजा विक्रमादित्य के शासनकाल से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने अपनी आराध्य देवी को प्रसन्न करने के लिए यहां कठोर तपस्या की थी और अपने अंगों की आहुति तक दी थी, जिससे माता प्रसन्न होकर 'हरसिद्धि' के रूप में प्रकट हुई थीं. इस मंदिर की सबसे बड़ी और खास पहचान इसके परिसर में खड़े दो विशाल प्राचीन दीप स्तंभ हैं, जिन पर नवरात्रि के हर दिन सैकड़ों दीये एक साथ जलाए जाते हैं और उस समय का दृश्य बेहद मनमोहक और अलौकिक होता है. शारदीय नवरात्रि के इन नौ दिनों में उज्जैन के इस पावन मंदिर में विशेष महाआरती, चंडिका पाठ और सांस्कृतिक तथा धार्मिक आयोजनों की धूम रहती है, जिसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु खींचे चले आते हैं. मध्य प्रदेश के इन सभी प्रमुख देवी मंदिरों की यात्रा आपके जीवन को आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध और आनंदित कर देगी, इसलिए इस नवरात्रि इन पावन धामों के दर्शन का लाभ जरूर उठाएं.
Guru Banane ke Niyam: गुरु दीक्षा लेने से पहले गुरु के विचार, जीवनशैली और परंपरा को समझना जरूरी है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, जल्दबाजी में गुरु नहीं बनाना चाहिए. दीक्षा के बाद गुरु मंत्र का जाप, सत्य बोलना और गुरु के प्रति सम्मान जरूरी है.
'मिलकर AI को बनाएंगे जिम्मेदार', भारत-स्विट्जरलैंड प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले पीएम मोदी
भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय मुलाकात के बाद आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि इस वर्ष फरवरी में भारत ने दुनिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) समिट का सफल आयोजन किया था. अब अगले वर्ष स्विट्जरलैंड जेनेवा एआई समिट के जरिए इस महत्वपूर्ण पहल को आगे बढ़ाएगा. प्रधानमंत्री ने जेनेवा एआई समिट की सफलता के लिए स्विट्जरलैंड को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देश मिलकर एआई को जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने की दिशा में काम करते रहेंगे.
नंदीग्राम में ममता का पैर नहीं टूटा था, मेडिकल रिपोर्ट लीक, अस्पताल को कानूनी नोटिस!
पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मेडिकल रिकॉर्ड कथित तौर पर लीक होने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री के निजी मेडिकल रिकॉर्ड और उनके इलाज से जुड़े गोपनीय दस्तावेज़ों के कथित तौर पर बिना इजाज़त सार्वजनिक किए जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है; उनके वकील ने SSKM अस्पताल प्रबंधन और राज्य स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों को सीधे कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी के इलाज से जुड़ी संवेदनशील जानकारी और मेडिकल रिपोर्ट बिना इजाज़त सार्वजनिक की गईं। नोटिस के अनुसार, इस तरह का खुलासा मेडिकल गोपनीयता कानूनों और डॉक्टरों पर लागू पेशेवर आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है। ममता की पैर की चोट पर सुवेंदु ने क्या कहा? यह कानूनी नोटिस तब आया है जब राज्य के नेता सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में मेडिकल दस्तावेज़ दिखाए और आरोप लगाया कि मार्च 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी के पैर में कोई फ्रैक्चर नहीं हुआ था। बनर्जी ने कानूनी नोटिस के ज़रिए इन दावों का विरोध किया है। अधिकारी ने 2021 के नंदीग्राम चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी को लगी चोट से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट का ज़िक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के रिकॉर्ड में उनके पैर में फ्रैक्चर या डिसलोकेशन का कोई सबूत नहीं मिला। नेता ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। इसे भी पढ़ें: ममता बनर्जी की 2021 की चोट फर्जी थी, साबित करने के लिए मेडिकल सबूत मौजूद: Suvendu Adhikari TMC ने क्या कहा? तृणमूल कांग्रेस ने सुवेंदु अधिकारी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पार्टी ने इन आरोपों को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और बेबुनियाद बताया और आरोप लगाया कि ये उपचुनावों को प्रभावित करने की कोशिश थी। पूरा विवाद क्या है? पश्चिम बंगाल की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी 10 मार्च, 2021 को नंदीग्राम के बिरुलिया के रेयापारा इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अपने बाएं पैर में चोटिल हो गईं। शुरू में, उन्होंने दावा किया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें धक्का दिया था, जिससे वह अपनी कार के खुले दरवाजे से टकरा गईं और उनके बाएं पैर में चोट लग गई। बाद में उन्होंने एक वीडियो जारी किया और कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भारी भीड़ ने उन्हें धक्का दिया था। इसके बाद ममता बनर्जी को SSKM अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि उनके बाएं टखने और पैर की हड्डियों और लिगामेंट्स में गंभीर चोटें आई थीं। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari का दावा, Bengal से TMC का नाम और निशान मिट चुका चोट के बाद ममता ने व्हीलचेयर पर प्रचार किया इस घटना के बाद, ममता बनर्जी को 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान व्हीलचेयर से प्रचार करते देखा गया। इसके बाद TMC ने राज्य विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की और 210 से ज़्यादा सीटें जीतीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 77 सीटें जीतीं।
सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम, 'रिश्वतखोरी-भ्रष्टाचार' के आरोप! 20 साल पुराना वो केस फिर खुला
केरल सरकार के गृह विभाग ने 2006 के PWD भ्रष्टाचार मामले की फाइलें दोबारा तलब कर विजिलेंस जांच तेज कर दी है। यह मामला 1988 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार के केरल में PWD सचिव रहने के दौरान का है।
हवाई सफर होगा महंगा, इस एयरलाइंस ने किया बड़ा ऐलान
IndiGo Increase Fuel Surcharges: एयरलाइंस ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है और मंगलवार के सभी तरह की फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाए जाने का ऐलान कर दिया है.
गजब का UP चुनाव; कांग्रेस कहे सीट बढ़ाओ, अखिलेश यादव बोले गठबंधन बचाओ
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसका मतलब है कि 403 सीटों पर फिर रण होगा। दिलचस्प है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस साथ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर पेच फंस रहा है।
फ्लाईदुबई के को-पायलट को लेकर बड़ा खुलासा, ओमान से इजरायल तक कहां-कहां हुई सुरक्षा चूक?
फ्लाईदुबई के को-पायलट हमम अल-हम्मामी को लेकर जांच में ओमान, यूएई और इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जांच से पता चला है कि ओमान, यूएई और इजरायल के अंदर सुरक्षा में कई कमियों की वजह से फ्लाईदुबई ...
418 Hindi Trailer: रूम नंबर 418 का रहस्य क्या है? देविका कौन है? कुछ ऐसे ही सवालों को लेकर आई है प्रशांत नील की हॉरर मूवी 428. देखें इसका ट्रेलर और बताएं क्या आपको लगा डरावना?
व्हाइटहेड्स स्किन पर बनने वाले छोटे-छोटे दाने होते हैं जिनमें डेड स्किन सेल्स, तेल और धूल-मिट्टी फंस जाती है. खूबसूरती बरकरार रखने के लिए इन्हें हटाना काफी ज्यादा जरूरी होता है. आइए जानते हैं ऐसे 3 तरीके जिनके जरिए आप व्हाइटहेड्स को घर पर हटा सकते हैं.
भारत में बैठी मां के 'करीब' 24 घंटे रहता है US में नौकरी कर रहा बेटा, बोला- दूर रहना मुश्किल था
भारत में बैठी मां से दूर रहना मुश्किल हुआ तो अमेरिका में नौकरी कर रहे बेटे ने टेक्नोलॉजी की मदद से अनोखा जुगाड़ निकाला. अब भारतीय युवक यह कहानी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है.
दिग्विजय सिंह करेंगे उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा, बताया असली कारण
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने 80 वर्ष की उम्र में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने का निर्णय लिया है. इस यात्रा का नाम 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' रखा गया है, जो 20 अक्टूबर को दशहरा के पावन अवसर पर उज्जैन से शुरू होगी. दिग्विजय सिंह का कहना है कि उम्र केवल एक संख्या है और वे खुद को बेहद ऊर्जावान महसूस करते हैं. इस पदयात्रा को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य देश में सच्चे सनातन धर्म की रक्षा करना और लोगों को इसके वास्तविक अर्थ से परिचित कराना है.
IPL स्टार्स तैयार... हॉन्गकॉन्ग में छक्कों की बरसात करेगी टीम इंडिया
भुवनेश्वर कुमार की कप्तानी में आईपीएल सितारों से सजी टीम इंडिया हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस 2026 में उतरेगी. टीम में क्रुणाल पंड्या, शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नीतीश राणा, राहुल त्रिपाठी और टी. नटराजन शामिल हैं. 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत पिछले साल के प्रदर्शन से बेहतर करने के इरादे से उतरेगा.
खाना पहुंचाने में देरी पर डिलीवरी बॉय की हुई पिटाई
तेलंगाना के सिकंदराबाद में खाना पहुंचाने में देरी को लेकर एक जोमैटो डिलीवरी एजेंट की कपल ने कथित तौर पर पिटाई कर दी. घटना वासावी नगर की बताई जा रही है, जहां आशीष नाम का डिलीवरी एजेंट गलत स्थान की जानकारी के चलते देर से पहुंचा था. विवाद बढ़ने के बाद हुई मारपीट सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. पीड़ित की शिकायत पर कारखाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
पेरिस से शुरू हुई आग पूरे देश में फैल रही... फ्रांस में छात्र गुस्से में क्यों हैं?
फ्रांस की राजधानी पेरिस में छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ नजर आ रहा है. खराब स्कूल व्यवस्था, शिक्षकों की कमी और बजट कटौती के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन तेजी से फैल रहा है. सैकड़ों स्कूल बंद हैं और कई जगह पुलिस से झड़प हुई है. अब सरकार के सामने बढ़ते विरोध को शांत करने की बड़ी चुनौती है.
HR करते हैं सबकी हायरिंग, तो कौन देता है उन्हें नौकरी?
किसी भी ऑफिस में हायरिंग के लिए HR सबसे जरूरी होता है. कैंडिडेट को खोजना हो, इंटरव्यू शेड्यूल करना हो या सैलरी से जुड़े काम HR के बिना नहीं हो सकते हैं लेकिन एक सवाल जो लोगों के मन में आता है, वह ये है कि जिन कर्मचारियों को HR हायर करता है, उसकी हायरिंग कौन करता है?
पड़ोसी के घर से लाकर लगा दें गुलाब की 1 डंठल, खिलेंगे ढेर सारे फूल
How To Grow Rose Plant:सितंबर से नवंबर का महीना घर में गुलाब का पौधा लगाने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है. इसके लिए नर्सरी से नया पौधा खरीदने के बजाय आप सिर्फ एक टहनी (कटिंग) से ही नया पौधा तैयार कर सकते हैं. जानिए सही कटिंग चुनने से लेकर मिट्टी तैयार करने और देखभाल का सबसे आसान तरीका.
लोहे के TMT बार हुए पुराने... अब ट्रेंड में है कई साल जंग ना लगने वाला ये सरिया!
आजकल बाजार में नॉर्मल TMT सरिया की जगह कई साल तक जंग न लगने वाले और किफायती विकल्पों में एक सीआरएस यानी कॉरिजन रेसिस्टेंट ग्रेड वाले छड़ आ गए हैं. इनमें से ही एक है एपॉक्सी कोटेड सरिया. चलिए जानते हैं ये किस तरह का सरिया है और साधारण छड़ से कैसे अलग है?
कैंची धाम में बढ़ती भीड़ पर ‘हनुमान अंश’ के लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की भक्तों से अपील
मुंबई। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लेखक-निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने कैंची धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए भक्तों से यात्रा की योजना सोच-समझकर बनाने की अपील की है। नीम करोली बाबा और उनकी शिक्षाओं पर आधारित फिल्म के बाद कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया […] The post कैंची धाम में बढ़ती भीड़ पर ‘हनुमान अंश’ के लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की भक्तों से अपील appeared first on Sabguru News .
सिंह राशि वाले कल खर्चों पर लगाएं लगाम, जानें अन्य राशियों का हाल
Kal Ka Rashifal 6 October 2026: सिंह राशि वालों के लिए कल का दिन बहुत ही अनुकूल रहने वाला है. किसी भी अनुबंध में जल्दबाजी न दिखाएं. निवेश और संसाधनों में वृद्धि पर फोकस रहेगा.
J-K: बारूदी सुरंग में जोरदार धमाका, पुंछ में दो आर्मी जवान घायल
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में बुधवार शाम LoC के पास बारूदी सुरंग में धमाका हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, मेंढर सेक्टर के कांगा गली इलाके में सेना के जवान बारूदी सुरंग को डिफ्यूज करने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया. इसमें सेना के दो जवान घायल हुए हैं.
ओडिशा के बौद्ध जिले में महानदी में एक व्यक्ति को बचाने के लिए उसके दो भाई जान की परवाह किए बिना नदी में कूद पड़े। दोनों भाइयों के साहस के आगे मगरमच्छ को हार माननी पड़ी। करीब डेढ़ घंटे तक चले संघर्ष के बाद वे दोनों मगरमच्छ के चंगुल से अपने भाई को जीवित निकालने में सफल रहे।
UP में कांग्रेस कैसे आगे बढ़ेगी? नई प्रदेश अध्यक्ष अराधना ने बताया प्लान
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अराधना मिश्रा ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रायबरेली और अमेठी में पार्टी की स्थिति पर चर्चा की. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि जनता धर्म, जाति से ऊपर उठकर असल मुद्दों पर वोट करेगी.
SIR की प्रक्रिया के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है. अदालत ने कहा है कि उसने फॉर्म-6 में बदलाव को मंजूरी नहीं दी थी. बता दें SIR प्रक्रिया के लिए फॉर्म-6 में बदलाव कर उसके साथ एक घोषणापत्र को जोड़ा गया है और मतदाताओं से दो अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है.
संवैधानिक अधिकारों के हनन पर Congress आक्रामक, Sapkal ने उठाया सवाल
नागपुर, पांच अक्टूबर वोट देने के अधिकार पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की टिप्पणी का हवाला देते हुए, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को दावा किया कि देश में संवैधानिक अधिकारों को “कुचला जा रहा है और उनका अनादर किया जा रहा है”। उनकी यह टिप्पणी जस्टिस भुइयां के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी ऐसी प्रक्रिया जो लाखों भारतीय नागरिकों को मताधिकार से वंचित करती है, वह “मूल रूप से मनमानी” है और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है, जिसे किसी भी तरह की “दलीलों” से सही नहीं ठहराया जा सकता। हैदराबाद स्थित ‘नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ’ में आयोजित एक कार्यक्रम में न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा कि भारत का संविधान नागरिकों को दो वर्गों में नहीं बांटता, जिनमें से एक वर्ग मताधिकार प्राप्त हो और दूसरा मताधिकार से वंचित हो। इस पर उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, सपकाल ने कहा, “अब यह व्यापक रूप से ज्ञात है कि हमारे अधिकारों को कुचला जा रहा है, संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का अनादर किया जा रहा है और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश ने जो कहा है वह वास्तव में एक तथ्य है।”कांग्रेस नेता ने नागपुर हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस देश का मालिक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि आम आदमी है, जिसके बारे में संविधान स्पष्ट रूप से बताता है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर (मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण) रूपी जो “बुलडोजर” चल रहा है, उसका इस्तेमाल निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान के अधिकारों, शक्तियों और दलों को बाधित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। समाचारपत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस खबर के बाद कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साध रही है, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों पर बीते 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी। अपने दो आयुक्तों द्वारा उठायी गई आपत्तियों को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आए निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां किसी भी संस्था में विचार-विमर्श का हिस्सा होती हैं और उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है तथा वे स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। सपकाल ने दावा किया कि दोनों निर्वाचन आयुक्तों द्वारा उठाई गई चिंताएं सही हैं और महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा उठाई गई आपत्तियां भी वैध हैं। उन्होंने कहा, “अब यह देखना होगा कि (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह और प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) में कोई नैतिकता बची है या नहीं।”केरलम सरकार द्वारा 2006 की एक सड़क निर्माण परियोजना में सतर्कता जांच के आदेश दिए जाने पर, जब ज्ञानेश कुमार राज्य में पीडब्ल्यूडी सचिव थे, सपकाल ने दावा किया कि यह साबित हो गया है कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वोट चोर हैं”। कांग्रेस नेता ने कहा कि जैसे धर्मेंद्र प्रधान ने (छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से) इस्तीफा दिया, ज्ञानेश कुमार को भी इस्तीफा देना होगा।
चलती कार पर अटैक, उड़ा दी पूरी फ्लीट... PAK आर्मी पर BLA के कहर का VIDEO
बीएलए ने नया वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसने सितंबर में बलूचिस्तान भर में 94 सशस्त्र अभियान चलाए, जिनमें 105 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए और 52 घायल हुए. इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और जवाबी अभियानों के बीच तनाव की तस्वीर फिर सामने आई है.
क्या बीजेपी ने 'शुद्धीकरण यज्ञ' के डैमेज कंट्रोल का चला दांव?
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए 'शुद्धीकरण विवाद' के डैमेज कंट्रोल और कांग्रेस के दलित कार्ड को काउंटर करने के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव चला है. पार्टी ने आरएसएस पृष्ठभूमि के वरिष्ठ दलित नेता दिनेश आर्य को राज्यसभा प्रत्याशी बनाकर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का सियासी माहौल गर्मा दिया है.
गोमती का बढ़ा जलस्तर, लेटे हुए हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचा पानी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसकी वजह से नदी का पानी प्रसिद्ध पातालपुरी लेटे हुए हनुमान जी के मंदिर तक पहुंच गया है. मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह में पानी भर जाने से बाबा के चरणों तक जल पहुंच चुका है. स्थानीय लोगों और पुजारियों के अनुसार, करीब 2019-20 के बाद ऐसी स्थिति दोबारा देखने को मिल रही है. मंदिर के पुजारी ने बताया कि जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और पानी बाबा को पूरी तरह कवर कर सकता है.
अमरीका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से सभी बमवर्षक विमान हटाए
लंदन। ब्रिटेन में स्थित आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से अमरीका ने अपने सभी रणनीतिक बमवर्षक विमानों को वापस हटा लिया है। अमरीकी रक्षा विभाग ने रविवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विमानों की वापसी नियमित सुरक्षा प्रक्रिया और वैश्विक स्तर पर सैन्य संसाधनों की पुनर्तैनाती का हिस्सा है। हालांकि, यह कदम ऐसे समय उठाया […] The post अमरीका ने ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस से सभी बमवर्षक विमान हटाए appeared first on Sabguru News .
CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र सरकार और आयोग को नोटिस
Supreme Court on ECI: उच्चतम न्यायालय ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाले निर्वाचन आयोग के फैसले लेने के तरीके को चुनौती देने वाली याचिका और सीईसी के निलंबन की मांग पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस ...
पत्नी सोफी के साथ तिरुपति पहुंचे धवन, माथा टेक लिया आशीर्वाद
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर शिखऱ धवन इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ के कारण सुर्खियों में हैं. शिखर धवन ने 24 अगस्त 2024 को इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी.
औरंगाबाद में एसटी बस और मोटरसाइकिल की टक्कर में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत
मुंबई। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पैठन के पास संकरे मार्ग पर एक एसटी बस और मोटरसाइकिल के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में मोटरसाइकिल सवार तीनों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस […] The post औरंगाबाद में एसटी बस और मोटरसाइकिल की टक्कर में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
अब तो अटक गया भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिए संकेत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता वार्ता एक 'प्लेटो' पर पहुंच गई है, जहां दोनों पक्ष और रियायतें देने को तैयार नहीं हैं।
सिर्फ नाम-गोत्र बताइए और घर बैठे पाइए मां दुर्गा की पूजा का आशीर्वाद
सनातन संस्कृति और शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर देश के कोने-कोने में मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं। यदि आप किन्हीं कारणों से इस बार अपने घर पर अनुष्ठान करने में असमर्थ हैं या किसी बड़े मंदिर में जाकर पूजा-पाठ नहीं कर पा रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद अद्भुत और राहत भरी खबर सामने आई है। बिहार की राजधानी पटना के विश्व प्रसिद्ध और अति-श्रद्धा का केंद्र माने जाने वाले महावीर मंदिर ने इस बार नवरात्र के अवसर पर एक बेहद अनूठी और अभिनव पहल की शुरुआत की है। मंदिर प्रशासन की ओर से की गई इस व्यवस्था के तहत अब देश या दुनिया के किसी भी कोने में बैठा कोई भी श्रद्धालु सिर्फ अपना नाम और गोत्र बताकर घर बैठे मां दुर्गा की विशेष पूजा और अनुष्ठान संपन्न करवा सकता है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, डिजिटल एसईओ, ज्योग्राफिकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक डिजिटल मंदिर सेवाओं के इस दौर में महावीर मंदिर की यह अनूठी पहल सोशल मीडिया और आस्थावान भक्तों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है।महावीर मंदिर की इस अनोखी डिजिटल और पारदर्शी सेवा की रूपरेखापटना का महावीर मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ अपनी पारदर्शी व्यवस्था, सामाजिक कार्यों और जरूरतमंदों की सेवा के लिए हमेशा से पूरे देश में अग्रणी रहा है। आधुनिक समय की मांग और दूर-दराज रहने वाले उन लाखों भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जो शारीरिक रूप से मंदिर तक आने में असमर्थ हैं, मंदिर समिति ने इस विशेष ऑनलाइन और कूरियर आधारित पूजा सेवा को और अधिक सुलभ बना दिया है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर सनातन धर्म के अनुयायी को मां भगवती की नौ दिनों की आराधना का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। आधुनिक डिजिटल एसईओ और सर्च इंजन ट्रेंड्स में इस तरह की धार्मिक और सुविधाजनक सेवाओं को लोग बहुत अधिक खोज रहे हैं, ताकि वे व्यस्त जीवनशैली के बीच भी अपनी आस्था को अटूट रख सकें।घर बैठे कैसे होगी पूजा और क्या है पूरी प्रक्रिया?इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है ताकि किसी भी उम्र के व्यक्ति को इसे समझने में कोई कठिनाई न हो। भक्तजन महावीर मंदिर के आधिकारिक माध्यमों या निर्धारित डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के जरिए अपना और अपने परिवार के सदस्यों का पूरा नाम तथा अपना प्राचीन गोत्र दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद मंदिर के विद्वान और कर्मकांडी पंडितों द्वारा पूरी विधि-विधान, मंत्रोच्चार और वैदिक परंपरा के अनुसार आपके नाम और गोत्र से मां दुर्गा के चरणों में संकल्प लेकर विशेष अनुष्ठान संपन्न कराया जाता है। पूजा पूर्ण होने के बाद मंदिर की तरफ से प्रसाद और माता का आशीर्वाद आपके द्वारा दिए गए पते पर सुरक्षित रूप से कूरियर के जरिए भेज दिया जाता है, जिससे आपको घर बैठे ही दिव्य अनुभूति प्राप्त होती है।जानिए पूरा खर्च और बुकिंग से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारियांआम जनता के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि इस प्रकार की विशेष पूजा और कूरियर सेवा का खर्च कितना होगा? मंदिर प्रशासन ने इसे पूरी तरह से सेवा भाव से जोड़ते हुए इसका शुल्क बहुत ही न्यूनतम और सामान्य रखा है ताकि समाज का हर वर्ग आसानी से इसका लाभ उठा सके। पूजा की श्रेणियों के आधार पर इसका खर्च कुछ सौ रुपयों से शुरू होता है, जिसमें पंडितों की दक्षिण, पूजा सामग्री, हवन और प्रसाद के कूरियर भेजने का सारा शुल्क शामिल होता है। इस पारदर्शी वित्तीय व्यवस्था के कारण ही आज देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में बैठे भारतीय भी महावीर मंदिर की इस सेवा का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं। आधुनिक एआई और सर्च एल्गोरिदम भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि धार्मिक संस्थाएं जब तकनीक का सकारात्मक उपयोग करती हैं, तो उनकी पहुंच लाखों गुना बढ़ जाती है।आधुनिक युग में आस्था और परंपरा का अद्भुत समन्वयनिष्कर्ष के तौर पर यह कहा जा सकता है कि पटना के महावीर मंदिर द्वारा शुरू की गई यह पहल आधुनिकता और परंपरा का एक बेहतरीन और सराहनीय समन्वय है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग अपनी पारिवारिक व्यस्तताओं के कारण लंबे अनुष्ठानों के लिए समय नहीं निकाल पाते, तब ऐसे संस्थान उनके लिए एक मजबूत आध्यात्मिक सहारा बनते हैं। 'सिर्फ नाम-गोत्र बताइए और घर बैठे पूजा करवाइए' का यह संदेश हर उस भक्त के लिए उम्मीद की किरण है जो मां दुर्गा के दरबार में अपनी हाजिरी लगाना चाहता है। बहरहाल, इस शारदीय नवरात्र यदि आप भी मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो महावीर मंदिर की इस अनूठी व्यवस्था का हिस्सा बनकर अपने जीवन को धन्य बना सकते हैं।
'मुसलमानों से सिर्फ दरी बिछवाई...', ओवैसी के बयान से राजभर भी सहमत
ओम प्रकाश राजभर ने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयानों का समर्थन करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने मुस्लिम समुदाय का राजनीतिक इस्तेमाल केवल रैलियों में किया है और उन्हें मुख्यमंत्री पद देने से हमेशा इनकार किया है.
साप्ताहिक आर्थिक राशिफल : कर्क और कन्या राशि की प्रोफेशनल लाइफ होगी बेहद मजबूत
नया हफ्ता अपने साथ करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में नए अवसर और नई चुनौतियां लेकर आ चुका है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 5 से 11 अक्टूबर 2026 का यह सप्ताह कई राशियों के लिए वित्तीय मामलों में बेहद शुभ और लाभदायक साबित होने वाला है, जबकि कुछ जातकों को अपने व्यावसायिक जीवन में सूझबूझ से काम लेने की सलाह दी जाती है। इस हफ्ते ग्रहों की चाल विशेष रूप से कर्क और कन्या राशि के जातकों की प्रोफेशनल लाइफ को मजबूती देने का काम कर रही है, जिससे नौकरीपेशा और कारोबारियों दोनों को ही जबरदस्त लाभ मिलने के संकेत मिल रहे हैं। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, डिजिटल एसईओ, ज्योग्राफिकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक ज्योतिषीय ट्रेंड्स के इस दौर में यह साप्ताहिक आर्थिक राशिफल आपके वित्तीय भविष्य की सही तस्वीर पेश करने के लिए तैयार है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि: वित्तीय योजना और करियर के नए रास्तेमेष राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता आर्थिक मामलों में मिलाजुला रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी मेहनत का पूरा फल मिलेगा, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाना बेहद जरूरी होगा। वृषभ राशि के लोगों के लिए व्यवसाय में नए समझौते करने का यह सही समय है, हालांकि किसी भी बड़े निवेश से पहले कागजी दस्तावेजों की जांच अच्छी तरह कर लें। मिथुन राशि के जातकों को अपनी बुद्धिमत्ता और संवाद कौशल के दम पर नौकरी या व्यापार में कोई बड़ी सफलता हासिल हो सकती है। आधुनिक डिजिटल एसईओ और सर्च इंजन ट्रेंड्स में लोग अपनी राशि के अनुसार साप्ताहिक राशिफल और वित्तीय सलाह को सबसे ज्यादा खोजते हैं, ताकि वे सप्ताह की शुरुआत में ही अपने खर्चों और निवेश की सही योजना बना सकें।कर्क और कन्या राशि: प्रोफेशनल लाइफ होगी सबसे मजबूत, मिलेंगे तरक्की के योगइस साप्ताहिक आर्थिक राशिफल का सबसे बड़ा आकर्षण कर्क और कन्या राशि के जातक रहने वाले हैं, जिनकी प्रोफेशनल लाइफ इस हफ्ते आसमान छूने वाली है। कर्क राशि के जातकों को कार्यस्थल पर उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे लंबे समय से अटके हुए प्रमोशन या इंक्रीमेंट की राह आसान होगी। वहीं, कन्या राशि के जातकों के लिए कारोबार में भारी मुनाफा कमाने और नए व्यावसायिक अनुबंध साइन करने के योग बन रहे हैं। यदि आप नौकरी बदलने की सोच रहे थे, तो इस हफ्ते आपको कोई बेहतरीन कॉरपोरेट ऑफर मिल सकता है। आधुनिक एआई सर्च और आधुनिक करियर ट्रेंड्स यह बताते हैं कि जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल होती है, तो सही समय पर उठाया गया कदम इंसान की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदलकर रख देता है।सिंह, तुला और वृश्चिक राशि: धन लाभ के अवसर और सावधानी की जरूरतसिंह राशि के जातकों को इस सप्ताह पैतृक संपत्ति या शेयर बाजार से अचानक बड़ा धन लाभ होने की संभावना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। तुला राशि के लोगों को सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर चलने की सलाह दी जाती है, क्योंकि दफ्तर की राजनीति आपके काम को प्रभावित कर सकती है। वृश्चिक राशि के जातकों को अपने विरोधियों से सावधान रहने की जरूरत है, हालांकि वित्तीय मामलों में स्थिति नियंत्रण में रहेगी और रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। ज्योग्राफिकल और लोकल मार्केट एनालिसिस के अनुसार, इस हफ्ते व्यापारियों को अपने ग्राहकों की पसंद के अनुसार अपनी मार्केटिंग रणनीतियों में बदलाव करने से अच्छा रिटर्न मिल सकता है।धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि: निवेश के मामले में सतर्कता और भविष्य की योजनाएंधनु राशि के जातकों को इस हफ्ते किसी भी प्रकार के कर्ज लेन-देन से बचना चाहिए और अपने बजट को संतुलित रखना होगा। मकर राशि के मेहनती जातकों को उनके कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं, जो भविष्य में उनके आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगी। कुंभ राशि के लोगों के लिए विदेशी संपर्कों या ऑनलाइन बिजनेस से लाभ कमाने के योग बन रहे हैं, जिससे आय के नए स्रोत खुलेंगे। मीन राशि के जातकों को अपनी रचनात्मकता का पूरा लाभ अपने करियर में देखने को मिलेगा, बस उन्हें अपने खर्चों और बचत के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। आधुनिक डिजिटल युग में वित्तीय अनुशासन ही किसी भी व्यक्ति को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सुरक्षित बनाता है।निष्कर्ष और इस हफ्ते का महामंत्रकुल मिलाकर, 5 से 11 अक्टूबर 2026 का यह सप्ताह सभी राशियों के लिए करियर और वित्त के लिहाज से नए अवसर लेकर आया है। कर्क और कन्या जैसी राशियों के लिए यह समय स्वर्णिम है, वहीं अन्य राशियों के जातकों को भी अपनी मेहनत और सूझबूझ से अपने आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने का पूरा मौका मिलेगा। ज्योतिषीय सलाह यही कहती है कि कड़ी मेहनत के साथ-साथ सही वित्तीय योजना ही आपकी असली पूंजी है। बहरहाल, इस पूरे सप्ताह सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और अपने करियर को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करें।

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