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हादसा या कुछ और?: पुणे में कांस्टेबल ने कमिश्नर के बंगले के गेट में मारी टक्कर, हादसे की पुलिस कर रही जांच

हादसा या कुछ और?: पुणे में कांस्टेबल ने कमिश्नर के बंगले के गेट में मारी टक्कर, हादसे की पुलिस कर रही जांच pune cop drunk car crashes police commissioner amitesh kumar bungalow gate

अमर उजाला 4 Nov 2026 11:37 am

ईडी की बड़ी कार्रवाई: केरल-तमिलनाडु के 11 ठिकानों पर रेड, सहकारी समिति के प्रमोटर पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

ईडी की बड़ी कार्रवाई: केरल-तमिलनाडु के 11 ठिकानों पर रेड, सहकारी समिति के प्रमोटर पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप Raid conducted 11 locations across Kerala and Tamil Nadu promoter cooperative society accused money laundering

अमर उजाला 4 Nov 2026 11:34 am

Derek O Brien ने Amit Shah की बहस की चुनौती पर पुराना वीडियो साझा कर साधा निशाना

नयी दिल्ली, चार नवंबर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डेरेक ओ ब्रायन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उस चुनौती पर बुधवार को पलटवार किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष को संसद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर बहस करने की चुनौती दी थी। ओ ब्रायन ने याद दिलाया कि कैसे पिछले साल राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की मांग को स्वीकार नहीं किया गया था। राज्यसभा में तृणमूल के संसदीय दल के नेता ओ ब्रायन ने एक दिसंबर 2025 की सदन की कार्यवाही का दो मिनट का एक वीडियो साझा किया, जब उन्होंने और अन्य विपक्षी सदस्यों ने सभापति से एसआईआर सहित चुनावी सुधारों पर चर्चा कराने का आग्रह किया था। ओ ब्रायन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘(नरेन्द्र) मोदी-शाह और उनके सहयोगियों के लिए एक विशेष वीडियो। संसद में उन्होंने जो उपहास उड़ाया था ये वीडियो उसी की याद दिलाता है। एक दिसंबर 2025 की राज्यसभा की कार्यवाही का यह दो मिनट वीडियो पूरी कहानी बयां करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने एसआईआर पर चर्चा की मांग की थी। भाजपा ने इसे रोक दिया। और आज, बहस करने की बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं!’’इससे पहले मंगलवार को शाह ने कहा था कि सरकार एसआईआर पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है और उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बहस में शामिल होने की चुनौती दी थी। रायपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कांग्रेस पर संसदीय कार्यवाही को बाधित करने और सदन में चर्चा करने के बजाय राजनीतिक विवादों को सड़कों पर ले जाने का आरोप लगाया था।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 11:33 am

Bengaluru में तेज रफ्तार SUV का खौफनाक तांडव!

कर्नाटक के बेंगलुरु में तेज रफ्तार एसयूवी का कहर देखने को मिला. बन्नेरघट्टा इलाके में बेकाबू कार पहले सड़क किनारे खड़ी बाइकों से टकराई और फिर सीधे एक कबाब सेंटर में जा घुसी. टक्कर के कारण अंदर रखा खौलता तेल लोगों पर गिर गया. हादसे में बसवराज, मुनिकृष्णा और मंजेश गंभीर रूप से झुलस गए. तीनों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है.

आज तक 4 Nov 2026 11:32 am

नासा का 1.5 टन वजनी अंतरिक्ष यान आज पृथ्वी पर गिरेगा: मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद पर मलबा गिरने का अलर्ट

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) द्वारा दो दशक से भी अधिक समय पहले अंतरिक्ष में स्थापित की गई ऐतिहासिक 'नील गेहरेल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी' (Neil Gehrels Swift Observatory) आज 4 नवंबर को अपने 22 साल लंबे गौरवशाली सफर को समाप्त करते हुए पृथ्वी के वायुमंडल में अनियंत्रित रूप से प्रवेश करने जा रही है। लगभग 1.5 टन यानी करीब 1500 किलोग्राम वजनी इस विशालकाय वैज्ञानिक सैटेलाइट के पृथ्वी की निचली कक्षा से तेजी से नीचे गिरने की प्रक्रिया ने पूरी दुनिया के खगोलविदों और अंतरिक्ष निगरानी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला खड़ा किया है। वायुमंडलीय घर्षण के कारण अंतरिक्ष यान का अधिकांश हिस्सा जलकर राख होने की संभावना के बावजूद वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इसके कई अत्यधिक मजबूत धातु से बने घटक, जैसे टाइटेनियम और बेरिलियम के भारी टुकड़े, वायुमंडल की भीषण गर्मी को झेलकर ठोस मलबे के रूप में जमीन या समुद्र तक पहुंच सकते हैं। इस घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि नासा और अमेरिकी स्पेस फोर्स द्वारा जारी किए गए संभावित ग्राउंड ट्रैक में भारत के कई घनी आबादी वाले महानगर शामिल हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, जब कोई 1.5 टन वजनी ऑब्जेक्ट 27,000 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की प्रचंड गति से पृथ्वी के घने वायुमंडल में दाखिल होता है, तो अत्यधिक तापमान के कारण उसमें भयानक विस्फोट होते हैं और वह सैकड़ों टुकड़ों में बंट जाता है। हालांकि अधिकांश आधुनिक उपग्रहों को मिशन खत्म होने के बाद नियंत्रित रूप से प्रशांत महासागर के दूरदराज 'पॉइंट निमो' (अंतरिक्ष यान का कब्रिस्तान) पर गिराया जाता है, लेकिन 2004 में डिजाइन किए गए इस उपग्रह में अब ईंधन न होने की वजह से इसे नियंत्रित करना संभव नहीं रहा है। इस कारण यह प्राकृतिक रूप से नीचे आ रहा है, जिसके चलते इसके मलबे के अंतिम री-एंट्री बिंदु को लेकर सटीक समय और स्थान तय करना वैश्विक अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए एक बेहद जटिल गणितीय चुनौती बन गया है।अमेरिकी स्पेस फोर्स (US Space Force) और अंतरराष्ट्रीय ऑर्बिटल ट्रैकिंग नेटवर्क के नवीनतम सिमुलेशन के अनुसार, स्विफ्ट अंतरिक्ष यान के अंतिम चक्करों का रास्ता पृथ्वी के कई प्रमुख भू-भागों के ऊपर से होकर गुजर रहा है। इन संभावित जोखिम क्षेत्रों में भारत के प्रमुख राज्य, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, और मध्य व दक्षिण अमेरिका के कुछ बड़े हिस्से शामिल हैं। विशेष रूप से भारत के संदर्भ में बात की जाए तो इसका अनुमानित प्रक्षेपवक्र (Trajectory) देश के दक्षिणी और मध्य हिस्से को सीधे कवर कर रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा जारी किए गए कोऑर्डिनेट्स के मुताबिक मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, भुवनेश्वर और कोच्चि जैसे बड़े औद्योगिक और आवासीय महानगर इस उपग्रह के संभावित पाथवे (मार्ग) के दायरे में आ रहे हैं। इस खबर के सामने आते ही स्थानीय आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और आम नागरिकों के बीच कौतूहल और चिंता दोनों का माहौल देखा जा रहा है।हालांकि, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) की तरफ से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक आपातकालीन बयान जारी नहीं किया गया है। इसरो का टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (ISTRAC) और 'नेत्रा' (NETRA) प्रोजेक्ट लगातार भारतीय उपग्रहों और भारतीय वायुसीमा के ऊपर से गुजरने वाले अंतरिक्षीय मलबे की वास्तविक समय में निगरानी करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि किसी व्यक्ति या शहरी इमारत पर अंतरिक्षीय मलबे के टुकड़े गिरने की सांख्यिकीय संभावना कई अरबों में एक होती है, लेकिन चूंकि यह 1.5 टन का सैटेलाइट है और इसके रास्ते में भारत के सबसे बड़े महानगर आ रहे हैं, इसलिए नागरिक सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस घटनाक्रम की उपेक्षा करना बिल्कुल संभव नहीं है।नील गेहरेल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी का इतिहास आधुनिक खगोल विज्ञान के सबसे सुनहरे पन्नों में दर्ज है। नासा ने इस बहुउद्देश्यीय वेधशाला को नवंबर 2004 में फ्लोरिडा के केप कैनावेरल एयर फोर्स स्टेशन से डेल्टा II रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया था। इस महत्वाकांक्षी मिशन का मूल उद्देश्य सुदूर ब्रह्मांड में होने वाले सबसे भीषण और शक्तिशाली ऊर्जा विस्फोटों, जिन्हें 'गामा-रे बर्स्ट' (GRBs) कहा जाता है, का वास्तविक समय में पता लगाना और उनका विस्तृत अध्ययन करना था। जब यह वेधशाला लॉन्च की गई थी, तब यह अपनी तरह की दुनिया की पहली 'मल्टीवेवलेंथ' अंतरिक्ष वेधशाला थी। इसमें तीन अत्याधुनिक वैज्ञानिक टेलीस्कोप एक साथ लगाए गए थे—बर्स्ट अलर्ट टेलीस्कोप (BAT), एक्स-रे टेलीस्कोप (XRT), और अल्ट्रावॉयलेट/ऑप्टिकल टेलीस्कोप (UVOT)। इन तीनों उपकरणों के अद्भुत समन्वय ने खगोलविदों को गामा किरणों, एक्स-रे और दृश्य प्रकाश में एक ही खगोलीय घटना को एक साथ रिकॉर्ड करने की अभूतपूर्व क्षमता दी थी।अपने 22 वर्षों के शानदार और ऐतिहासिक कार्यकाल के दौरान इस वेधशाला ने विज्ञान जगत को ऐसी जानकारियां प्रदान कीं जिन्होंने ब्रह्मांडीय भौतिकी की कई पुरानी धारणाओं को पूरी तरह बदलकर रख दिया। नासा के खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, स्विफ्ट ने सुपरमैसिव ब्लैक होल से ऊर्जा प्राप्त करने वाली सक्रिय आकाशगंगाओं के केंद्र, एक्स-रे फ्लेयर्स उत्सर्जित करने वाले रहस्यमयी न्यूट्रॉन तारों, महाविशाल तारों के जीवन के अंतिम क्षणों में होने वाले सुपरनोवा विस्फोटों और हमारे अपने सौर मंडल के भीतर चक्कर काटने वाले बर्फीले धूमकेतुओं व क्षुद्रग्रहों की संरचना को समझने में दुनिया भर के शोधकर्ताओं की अमूल्य मदद की। स्विफ्ट ने हजारों ऐसे क्षणिक प्रकाश स्रोतों को रिकॉर्ड किया जो ब्रह्मांड की उत्पत्ति और बिग बैंग के बाद के शुरुआती तारों के निर्माण की गुत्थियों को सुलझाने में आज भी मील का पत्थर माने जाते हैं।नासा के वैज्ञानिकों द्वारा जारी किए गए तकनीकी बुलेटिन के अनुसार, जब यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी के घने वायुमंडल के संपर्क में आएगा, तो अत्यधिक घर्षण और थर्मोडायनामिक दबाव के कारण उत्पन्न होने वाली हजारों डिग्री सेल्सियस की गर्मी इसके लगभग 80 प्रतिशत ढांचे को जलाकर भस्म कर देगी। अंतरिक्ष यान के सोलर पैनल्स, हल्के एल्यूमीनियम के फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट आसमान में ही पिघल जाएंगे। हालांकि, वेधशाला के भारी ऑप्टिकल लेंस, एक्स-रे शील्डिंग में इस्तेमाल किए गए भारी धातु घटक और मजबूत प्रोपल्शन टैंक वायुमंडलीय प्रवेश को आंशिक रूप से सहन करने की क्षमता रखते हैं। वैज्ञानिकों का आकलन है कि लगभग 10 से 20 प्रतिशत ठोस मलबा, जो दर्जनों अलग-अलग टुकड़ों में बंट चुका होगा, जमीन या समुद्र की सतह से टकरा सकता है।अमेरिकी अंतरिक्ष कमान और नासा का प्राथमिक अनुमान यही है कि इस बचे हुए मलबे का अधिकांश भाग खुले समुद्र में गिरे, क्योंकि पृथ्वी की सतह का सत्तर प्रतिशत से अधिक हिस्सा पानी से ढका हुआ है। स्पेस फोर्स के वैज्ञानिकों ने गणना की थी कि यह अंतरिक्ष यान चार नवंबर को सुबह लगभग 3:30 बजे के आसपास वातावरण में प्रवेश करेगा, हालांकि वायुमंडलीय खिंचाव और सौर हवाओं की अनियमितता के कारण इसमें 11 घंटे तक की समयावधि का अंतर आ सकता है। विश्वभर की सभी प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियां, जिनमें यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) और जापानी अंतरिक्ष एजेंसी (JAXA) शामिल हैं, अपने ग्राउंड स्टेशनों से इस स्पेसक्राफ्ट के लगातार गिरते ऑर्बिटल पैरामीटर्स को ट्रैक कर रही हैं ताकि यदि कोई बड़ा मलबा घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके की ओर बढ़ता दिखे, तो स्थानीय विमानन और आपदा नियंत्रण प्राधिकरणों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:29 am

चांदी 2000 रुपये और सस्ती, अभी नहीं तो कब खरीदेंगे? जानें नए रेट

Gold-Silver Rate Update Today: दिवाली-धनतेरस से पहले सोना सुस्त चाल चल रहा है, तो चांदी की कीमत में लगातार तेज गिरावट का सिलसिला जारी है. एमसीएक्स पर 1 किलो चांदी अब अपने हाई लेवल से 2.42 लाख रुपये से ज्यादा कम दाम पर मिल रही है.

आज तक 4 Nov 2026 11:27 am

अमेरिकी संसद में भारतवंशियों का ऐतिहासिक डंका, पिया डांडिया और सुहास सुब्रमण्यम की शानदार जीत

संयुक्त राज्य अमेरिका में संपन्न हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनाव (US Midterm Elections 2026) के परिणाम सामने आने के साथ ही अमेरिकी राजनीति में भारतीय प्रवासियों का डंका एक बार फिर जोरदार तरीके से बजा है। इस चुनाव के रुझान और नतीजे न केवल अमेरिकी संसद के दोनों सदनों का शक्ति संतुलन तय कर रहे हैं, बल्कि इनका सीधा कूटनीतिक और रणनीतिक प्रभाव भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों पर भी देखने को मिलने वाला है। मतों की गिनती के बीच भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर निर्णायक जीत दर्ज करके अमेरिकी लोकतंत्र में अपनी बढ़ती ताकत का अहसास कराया है। इस चुनावी समर में सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत फ्लोरिडा राज्य से सामने आई है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की भारतीय मूल की उम्मीदवार पिया डांडिया ने जबर्दस्त उलटफेर करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) में अपनी जगह पक्की कर ली है। प्रमुख चुनाव ट्रैकर 'डिसीजन डेस्क एचक्यू' और अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने पिया डांडिया को फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से आधिकारिक तौर पर विजेता घोषित किया है। पिया ने लगभग 52.2 प्रतिशत वोट हासिल कर रिपब्लिकन उम्मीदवार को शिकस्त दी और इस नवगठित सीट पर जीत हासिल करने वाली पहली भारतवंशी बनकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।फ्लोरिडा में मिली इस ऐतिहासिक जीत के अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख भारतीय-अमेरिकी चेहरे सुहास सुब्रमण्यम ने भी संसद के निचले सदन में अपनी दूसरी पारी सुनिश्चित कर ली है। वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से मैदान में उतरे सुहास सुब्रमण्यम को जनता का जबर्दस्त समर्थन मिला और उन्होंने रिकॉर्ड 63 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करके अपने प्रतिद्वंद्वी को एकतरफा मुकाबले में धूल चटा दी। सुहास का प्रतिनिधि सभा में यह दूसरा लगातार कार्यकाल होगा। इससे पहले वर्ष 2024 के आम चुनावों में वे वर्जीनिया से अमेरिकी कांग्रेस पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी सांसद बने थे। इसके साथ ही मैरीलैंड राज्य की राजनीति में मजबूत पहचान बना चुकीं भारतीय मूल की वरिष्ठ नेता अरुणा मिलर ने भी अपनी ऐतिहासिक जीत का परचम लहराया है। अरुणा मिलर ने राज्यव्यापी चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर मैरीलैंड के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) का प्रतिष्ठित पद अपने नाम कर लिया है।जहां एक ओर डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े कई भारतीय-अमेरिकी चेहरों ने शानदार जीत का स्वाद चखा, वहीं रिपब्लिकन पार्टी के सबसे चर्चित और मुखर भारतवंशी नेता विवेक रामास्वामी को मध्यावधि चुनाव में एक अप्रत्याशित और करारी हार का सामना करना पड़ा है। राष्ट्रपति चुनाव की प्राथमिकताओं में कभी डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे विवेक रामास्वामी ओहियो राज्य के गवर्नर पद की हाई-प्रोफाइल चुनावी दौड़ में शामिल थे। इस बेहद कड़े मुकाबले में डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत उम्मीदवार डॉ. एमी एक्टन ने विवेक रामास्वामी को पराजित कर रिपब्लिकन खेमे को बड़ा झटका दिया है। रामास्वामी की इस हार को रिपब्लिकन पार्टी के लिए राज्य स्तर पर एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि वे पार्टी के भावी नेतृत्व का एक प्रमुख चेहरा माने जा रहे थे।अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में लंबे समय से सेवा दे रहे प्रमुख भारतीय-अमेरिकी सांसदों—रो खन्ना (कैलिफोर्निया), डॉ. अमी बेरा (कैलिफोर्निया) और प्रमिला जयपाल (वाशिंगटन)—ने भी अपने-अपने गढ़ों में दोबारा चुने जाने के लिए ताल ठोकी है। इनके अलावा डेमोक्रेटिक पार्टी के डॉ. अमीश शाह भी कांटे की टक्कर वाली सीटों पर अपनी बढ़त बनाए हुए हैं। इस बार के मध्यावधि चुनावों में स्थानीय निकायों, राज्य विधानसभाओं और कांग्रेस की सीटों पर रिकॉर्ड संख्या में भारतवंशी मैदान में उतरे हैं, जिनमें रितेश टंडन, नीरव सेठ, महेश गनोरकर, संदीप दीक्षित और अनिल कुमार जैसे नाम शामिल हैं। इन चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की व्यापक भागीदारी और शानदार सफलता यह साबित करती है कि अमेरिकी नीति-निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और विधायी प्रक्रियाओं में भारतीय प्रवासियों का प्रभाव अब पहले से कहीं अधिक मजबूत और निर्णायक हो चुका है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:25 am

नॉर्थ कोरिया ने मिसाइलें दागीं या रॉकेट, टेंशन में जापान-साउथ कोरिया

नॉर्थ कोरिया ने 4 नवंबर को जापान सागर की ओर कई प्रोजेक्टाइल दागे. साउथ कोरियाई सैन्य ने सोनडोक से लॉन्च की पुष्टि की. हाल में ही हुए इस चौथे परीक्षण से कोरियाई द्वीप पर तनाव बढ़ा रहा है.

आज तक 4 Nov 2026 11:24 am

अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का परचम, बैकफुट पर आई रिपब्लिकन पार्टी

संयुक्त राज्य अमेरिका के बहुचर्चित और राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections) के नतीजे सामने आने के साथ ही अमेरिकी राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी को दोनों सदनों में कड़े मुकाबले के बीच करारा झटका लगा है। संसद के दोनों महत्वपूर्ण सदनों—प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) और सीनेट (Senate)—में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत और नियंत्रण हासिल करने की दिशा में ऐतिहासिक बढ़त बना ली है। इस अप्रत्याशित और एकतरफा जनादेश के शुरुआती रुझान सामने आते ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पार्टी की पराजय को स्वीकार करने के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। इस हार के बाद जहां विपक्षी खेमे में भारी उत्साह का माहौल है, वहीं व्हाइट हाउस के लिए अगले दो वर्षों में विधायी कामकाज चलाना और अपनी नीतियों को लागू कराना एक अत्यंत कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य बनने जा रहा है।CBS News+ 1चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी मध्यावधि चुनाव हमेशा मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज और नीतियों पर जनता के जनमत संग्रह (रेफरेंडम) के रूप में देखे जाते रहे हैं। इस बार के मतदान में देश के भीतर बढ़ती महंगाई, विदेश नीति और सामाजिक मुद्दों को लेकर मतदाताओं का गुस्सा साफ तौर पर मतपेटियों में झलका है। रिपब्लिकन पार्टी संसद के निचले सदन में अपना मामूली बहुमत बचाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। देश भर से आ रहे आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि अमेरिकी जनता ने शक्ति के संतुलन (Check and Balance) को प्राथमिकता देते हुए संसद की चाबी विपक्षी डेमोक्रेट्स के हाथों में सौंपने का ऐतिहासिक फैसला किया है।'अगर मैं मैदान में होता तो बंपर जीत दर्ज करते', ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर तोड़ी चुप्पीचुनावी नतीजों में पार्टी के पिछड़ने के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी पहली विस्तृत और आक्रामक प्रतिक्रिया दर्ज कराई। ट्रंप ने चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन से पल्ला झाड़ते हुए सीधे तौर पर कहा कि इस पूरे चुनाव में वे व्यक्तिगत रूप से उम्मीदवार के तौर पर मैदान में नहीं थे। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, इस चुनाव में मैं उम्मीदवार नहीं था! अगर मैं खुद चुनावी दौड़ में शामिल होता और मेरा नाम मतपत्र पर होता, तो हम बहुत बड़े अंतर और भारी बहुमत के साथ जीत दर्ज करते! हालांकि राजनीतिक समीक्षकों ने तुरंत यह याद दिलाया कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने देश भर की जनसभाओं में जनता से यह भावुक अपील की थी कि वे वोट डालते समय यह मानकर चलें कि हर सीट पर वे खुद उम्मीदवार हैं और रिपब्लिकन उम्मीदवारों को दिया गया हर वोट सीधे उनके नाम पर जा रहा है।इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक विशेष साक्षात्कार में बेहद गंभीर और यथार्थवादी रुख अपनाते हुए अपनी पार्टी की पराजय को खुले तौर पर स्वीकार किया। उन्होंने कहा, मैं इन चुनावी नतीजों को पूरी तरह से स्वीकार करने के लिए तैयार हूं। हम परिणाम से मुंह नहीं मोड़ सकते। डेमोक्रेट्स अब हाउस और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल करने की बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच चुके हैं। हम भविष्य में डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं और उनके साथ बातचीत करने को लेकर हम उत्साहित हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि देशहित में हम दोनों पक्ष बातचीत के जरिए कोई न कोई सकारात्मक रास्ता जरूर निकाल लेंगे। ट्रंप का यह बदला हुआ सुलहवादी लहजा यह दर्शाता है कि विभाजित कांग्रेस के सामने उन्हें अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए समझौते करने ही होंगे।प्रतिनिधि सभा और सीनेट के चुनावी आंकड़ों की स्थिति: डेमोक्रेट्स ने बनाई निर्णायक बढ़तमंगलवार को संपन्न हुए इस महा-मुकाबले में अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की सभी 435 सीटों पर एक साथ मतदान कराया गया था। चुनाव से ठीक पहले तक हाउस में रिपब्लिकन पार्टी के पास बेहद संकीर्ण बहुमत था, जहां पार्टी के पास 218 सीटें और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं। शुरुआती मतगणना के रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 147 से अधिक प्रमुख सीटों पर भारी बढ़त बनाते हुए कई अहम बैटलग्राउंड जिलों में रिपब्लिकन सांसदों को पराजित करने में सफल रही है। वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी केवल 88 सीटों पर ही आगे चल पाई, जिससे यह साफ हो गया कि निचले सदन का स्पीकर पद अब डेमोक्रेट्स की झोली में जाने वाला है।Indiatimesउच्च सदन यानी सीनेट की बात करें तो कुल 100 सदस्यों वाली सीनेट में से 35 सीटों पर इस बार मतदान हुआ था। सीनेट में बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 51 सीटों का होता है। मतदान से पहले सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटें थीं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सीटें और 2 निर्दलीय सांसद थे जो हमेशा डेमोक्रेट्स के साथ गठबंधन में रहते हैं, जिससे प्रभावी अनुपात 53-47 का था। इस बार हुए सीनेट चुनावों में भी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने कई कांटे की टक्कर वाली सीटों पर बढ़त बना ली है। इससे अमेरिकी संसद की विधायी शक्ति पूरी तरह से डेमोक्रेटिक पार्टी के पाले में खिसकती हुई दिखाई दे रही है, जो राष्ट्रपति के लिए नई नीतियां लागू करने और बजट पास कराने में सबसे बड़ा संवैधानिक अवरोध बनेगी।Indiatimesफ्लोरिडा में गवर्नर पद पर बायरन डोनाल्ड्स का कब्जा, भारतवंशी पिया डांडिया ने संसद में रचा इतिहासइस राष्ट्रीय उलटफेर के बीच कुछ राज्यों से बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक व्यक्तिगत परिणाम भी सामने आए हैं। फ्लोरिडा के अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल गवर्नर चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के तेजतर्रार नेता बायरन डोनाल्ड्स ने शानदार जीत दर्ज की और राज्य की कमान अपने नाम कर ली। बायरन डोनाल्ड्स की यह जीत रिपब्लिकन पार्टी के लिए उस तटीय राज्य में एक बड़ी राहत लेकर आई, जहां पार्टी ने अपनी पुरानी पकड़ को मजबूत बनाए रखा।Ballotpediaवहीं दूसरी तरफ, भारतीय प्रवासियों और दक्षिण एशियाई समुदाय के लिए फ्लोरिडा से ही एक अत्यंत गौरवमयी और ऐतिहासिक खबर सामने आई। फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से प्रतिनिधि सभा की प्रतिष्ठित सीट पर भारतीय मूल की प्रतिभाशाली नेता पिया डांडिया ने शानदार जीत हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। रीड्रॉ किए गए कठिन चुनावी क्षेत्र में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद पिया डांडिया ने अपने जमीनी प्रचार, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और शिक्षा सुधार के मुद्दों के दम पर मतदाताओं का दिल जीत लिया। उनकी इस ऐतिहासिक विजय ने अमेरिकी संसद के भीतर भारतवंशियों के लगातार बढ़ते प्रभाव, विविधता और लोकतांत्रिक ताकत को एक बार फिर वैश्विक पटल पर प्रमाणित कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:23 am

Mumbai Airport पर Customs ने पकड़ा 2.09 करोड़ रुपये का Gold, दो यात्री हिरासत में

मुंबई, चार नवंबर बहरीन से मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचे दो यात्रियों के पास से करीब 2.09 करोड़ रुपये मूल्य का 1.68 किलोग्राम सोना (सोने का बुरादा) बरामद किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने सोना अपने अंतःवस्त्रों में छिपा रखा था। उन्होंने बताया कि सीमा शुल्क हवाई खुफिया इकाई (एआईयू) के अधिकारियों ने मंगलवार को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे दोनों यात्रियों को रोका। एक अधिकारी ने बताया कि तलाशी के दौरान एआईयू कर्मियों ने इन यात्रियों के अंतःवस्त्रों के अंदर बड़ी चालाकी से छिपाकर मोम के रूप में रखा गया सोने का बुरादा बरामद किया। अधिकारी ने बताया कि प्रतिबंधित सामग्री को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त मूल्यांकनकर्ता द्वारा प्रमाणित कराया गया और सीमा शुल्क अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया। उन्होंने कहा कि तस्करी के इस मामले में जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 11:23 am

दिल्ली-NCR में इस दीवाली पटाखे जलाने से पहले जान लें नए नियम: सिर्फ 2 दिन मिलेगी छूट

रोशनी और उमंग का महापर्व दीपावली जैसे-जैसे करीब आ रहा है, वैसे-वैसे देश की राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI), प्रदूषण स्तर और अदालती पाबंदियों को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। हर साल की तरह इस बार भी जाड़े की दस्तक के साथ ही दिल्ली की हवा में धुंध और जहरीले स्मॉग का खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने के बीच संतुलन साधते हुए सुप्रीम कोर्ट और स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ा और संतुलित फैसला लिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पारंपरिक, रासायनिक और तेज आवाज वाले भारी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध पहले की तरह ही सख्ती से बरकरार रहेगा। हालांकि आम जनता को राहत देते हुए केवल वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित ग्रीन पटाखों के सीमित और नियंत्रित इस्तेमाल की सशर्त मंजूरी प्रदान की गई है। इस अनुमति के साथ प्रशासन ने यह भी कड़ा संदेश दिया है कि नियमों की रत्ती भर भी अनदेखी करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के इलाकों में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह कदम बेहद आवश्यक माना जा रहा है। त्योहार की खुशियों के बीच बुजुर्गों, नवजात शिशुओं और सांस के पुराने मरीजों के स्वास्थ्य की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन चुका है। पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में निगरानी के लिए विशेष उड़नदस्ते तैनात करें। यदि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति वाले पटाखों का भंडारण, बिक्री या उपयोग करता पाया गया, तो उसका स्टॉक जब्त करने के साथ-साथ भारी जुर्माना और कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ऐसे में इस त्योहारी सीजन में दीयों की रोशनी के साथ खुशियां बांटने की योजना बना रहे हर नागरिक के लिए यह जानना अनिवार्य हो गया है कि वे कब, कहां और कैसे पटाखे जला सकते हैं।प्रशासन ने दिल्ली-एनसीआर में आतिशबाजी के लिए अत्यंत सीमित और सख्त टाइम टेबल तय किया है ताकि हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर को खतरनाक स्तर तक पहुंचने से रोका जा सके। तय नियमों के तहत पूरे एनसीआर क्षेत्र में केवल 7 नवंबर और 8 नवंबर 2026 को ही ग्रीन पटाखे जलाने की वैधानिक अनुमति होगी। इन दो निर्धारित तारीखों से पहले या इनके बाद किसी भी दिन किसी भी प्रकार की आतिशबाजी करना पूरी तरह से गैरकानूनी और दंडनीय अपराध माना जाएगा। जो लोग त्योहार से कई दिन पहले ही पटाखे फोड़ना शुरू कर देते हैं, उन पर ड्रोन और गश्ती दलों के जरिए नजर रखी जा रही है।इतना ही नहीं, दिनभर या अपनी मर्जी से कभी भी पटाखे चलाने की खुली छूट नहीं दी गई है। इसके लिए 24 घंटे में केवल दो सीमित टाइम स्लॉट निर्धारित किए गए हैं। पहला स्लॉट सुबह के समय केवल एक घंटे के लिए रखा गया है, जो सुबह 6:00 बजे से 7:00 बजे तक रहेगा। दूसरा स्लॉट रात के समय तय किया गया है, जिसके तहत रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक यानी केवल दो घंटे के लिए ग्रीन पटाखे फोड़ने की अनुमति होगी। इस प्रकार पूरे दिन में कुल मिलाकर केवल तीन घंटे ही आतिशबाजी की जा सकेगी। दीपावली संपन्न होते ही 9 नवंबर 2026 की सुबह से पटाखों की खरीद, बिक्री, परिवहन और उनके इस्तेमाल पर एक बार फिर से पूर्ण और कठोर प्रतिबंध लागू कर दिया जाएगा।त्योहारी सीजन में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कई दुकानदार और कालाबाजारी करने वाले सामान्य रासायनिक पटाखों को ही नकली पैकिंग में ग्रीन पटाखा बताकर ग्राहकों को बेच देते हैं। आम नागरिकों को इस धोखे से बचाने के लिए सरकार और वैज्ञानिक संस्थानों ने बेहद पारदर्शी सुरक्षा मानक तय किए हैं। असली ग्रीन पटाखे वे होते हैं जिन्हें वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान यानी नीरी (CSIR-NEERI) द्वारा विकसित फॉर्मूलेशन पर तैयार किया गया हो और जिन्हें पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन यानी पेसो (PESO) द्वारा विधिवत परीक्षण के बाद निर्माण का लाइसेंस जारी किया गया हो। असली ग्रीन पटाखे के हर अधिकृत डिब्बे पर नीरी और पेसो का आधिकारिक सुरक्षा होलोग्राम और लोगो स्पष्ट रूप से मुद्रित रहता है।सबसे महत्वपूर्ण पहचान डिब्बे पर मौजूद यूनिक और नॉन-ट्रांसफरेबल क्यूआर कोड (QR Code) है। उपभोक्ता बाजार में खरीदारी करते समय अपने स्मार्टफोन के कैमरे या किसी भी क्यूआर स्कैनर ऐप से उस कोड को तुरंत स्कैन कर सकते हैं। कोड स्कैन होते ही मोबाइल स्क्रीन पर उस उत्पाद के निर्माता का नाम, नीरी का वैध पंजीकरण क्रमांक, पेसो का लाइसेंस नंबर, पटाखों की रासायनिक संरचना और संबंधित बैच का आधिकारिक टेस्ट सर्टिफिकेट खुलकर सामने आ जाएगा। यदि किसी पैकेट पर क्यूआर कोड नहीं है या कोड स्कैन करने पर विवरण मेल नहीं खाता है, तो समझ लें कि वह उत्पाद अवैध और नकली है। असली ग्रीन पटाखों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इनमें बेरियम साल्ट, बेरियम नाइट्रेट, पारा, सीसा और आर्सेनिक जैसे जानलेवा रसायनों का इस्तेमाल नहीं होता। इनके जलने से सामान्य पटाखों की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक कम धुआं और हानिकारक गैसें निकलती हैं। इसके अतिरिक्त बाजार में मिलने वाली लंबी लड़ियां या घिन्नी (जुड़ी हुई आतिशबाजी) पूरी तरह प्रतिबंधित हैं क्योंकि इनसे अत्यधिक वायु और ध्वनि प्रदूषण फैलता है।समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों की सेहत को खतरे से बचाने के लिए प्रशासन ने सख्त 'नो-क्रैकर जोन' की सीमाएं तय कर दी हैं। दिल्ली-एनसीआर के सभी सरकारी व निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, मैटरनिटी सेंटर्स और स्वास्थ्य केंद्रों के चारों ओर 300 मीटर के दायरे को पूर्ण रूप से साइलेंस और नो-क्रैकर जोन घोषित किया गया है। इन सीमाओं के भीतर किसी भी प्रकार का पटाखा जलाना सख्त गैरकानूनी होगा ताकि भर्ती मरीजों को तेज आवाज और धुएं से कोई परेशानी न हो। यही प्रतिबंध सभी प्राथमिक विद्यालयों, हाई स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी परिसरों, कोचिंग सेंटरों, ओल्ड-एज होम (वृद्धाश्रम) और अनाथालयों के आसपास 300 मीटर के दायरे में भी पूरी कड़ाई से लागू रहेगा।इसके अलावा घर बैठे आसानी से पटाखे मंगाने की चाह रखने वाले लोगों को भी बड़ा झटका लगा है। प्रशासन ने स्पष्ट आदेश जारी किया है कि दिल्ली-एनसीआर के भौगोलिक क्षेत्र में किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज या ऑनलाइन डिलीवरी ऐप के माध्यम से पटाखों की बिक्री और होम डिलीवरी पूरी तरह गैरकानूनी है। कोई भी कूरियर एजेंसी या डिलीवरी बॉय यदि पटाखों का पार्सल ले जाता पाया गया तो कंपनी का लाइसेंस रद्द करने के साथ संबंधित व्यक्ति पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। पटाखे केवल और केवल जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी किए गए अस्थायी लाइसेंस वाले अधिकृत खुदरा विक्रेताओं की दुकानों से ही व्यक्तिगत रूप से खरीदे जा सकते हैं। इस त्योहारी सीजन में प्रशासन ने सभी नागरिकों से एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की है ताकि परंपरा का उल्लास भी बना रहे और दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा भी सांस लेने योग्य बनी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:21 am

हर महीने 1500 रुपये, 300 यूनिट मुफ्त बिजली ... CM सुक्खू का बड़ा ऐलान

हिमाचल प्रदेश में अगले महीने से मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू होगी. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा के चुवाड़ी में इसकी घोषणा की. योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये, जबकि चयनित परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी. करीब 2.50 लाख महिलाओं और 1.80 लाख परिवारों को इसका लाभ देने की तैयारी है.

आज तक 4 Nov 2026 11:20 am

Ballia Court ने छात्रा की आपत्तिजनक तस्वीर मामले में बस चालक को सुनाई 25 साल जेल

बलिया (उप्र), चार नवंबर बलिया की एक स्थानीय अदालत ने आठवीं कक्षा की छात्रा की कृत्रिम मेधा (एआई) से अश्लील तस्वीर बनाकर व्हाट्सऐप पर भेजने के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में स्कूल बस के चालक को दोषी करार देते हुए 25 साल के कारावास की सजा सुनाई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, भीमपुरा थाने में पिछले साल सात मई को क्षेत्र के एक गांव के निवासी व्यक्ति की शिकायत पर देवलवीर गांव के संजीत कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और लैंगिक अपराध से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी आठवीं कक्षा में पढ़ती है और संजीत कुमार स्कूल में अनुबंध पर वाहन चलाता है। छात्रा के स्कूल आने-जाने के दौरान आरोपी ने उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल कर एआई की मदद से अश्लील तस्वीरें बनाईं और उन्हें व्हाट्सऐप पर भेजा। उसके कुछ दोस्तों ने भी उनसे जुड़े लोगों को ये तस्वीरें भेजीं। शिकायतकर्ता के मुताबिक छात्रा ने जब ऐसा करने से मना किया तो आरोपी ने उसे धमकी भी दी थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद संजीत कुमार के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। पुलिस ने बुधवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश प्रथमकांत की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संजीत को दोषी करार देते हुए 25 साल के कारावास की सजा सुनाई और 55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 11:20 am

ट्रंप के खिलाफ गुस्सा, मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन की करारी शिकस्त

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. जॉर्जिया, टेक्सास, ओहायो और नॉर्थ कैरोलाइना समेत कई राज्यों में डेमोक्रेट्स ने जीत दर्ज की. चुनावी नतीजे ट्रंप की गिरती लोकप्रियता, महंगाई और उनकी नीतियों से लोगों की नाराजगी का संकेत दे रहे हैं.

आज तक 4 Nov 2026 11:19 am

आंध्र प्रदेश शराब घोटाला: ईडी के निशाने पर पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू, हैदराबाद दफ्तर में पूछताछ के लिए भेजा समन

आंध्र प्रदेश के कथित शराब घोटाले की वित्तीय जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू को औपचारिक समन जारी किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें 4 नवंबर को हैदराबाद स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने और पूछताछ के दौरान अपना बयान दर्ज कराने का स्पष्ट निर्देश दिया है। अधिकारियों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्रकरण वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के पिछले शासनकाल के दौरान शराब ढुलाई (Liquor Transportation) से जुड़े भारी-भरकम ठेके देने, निविदा शर्तों में मनमाने बदलाव करने और चहेती कंपनियों को अवैध वित्तीय लाभ पहुंचाने से संबंधित है। पूर्व मंत्री को भेजा गया यह समन इस बात का पुख्ता संकेत है कि जांच एजेंसी अब नौकरशाहों और बिचौलियों की कड़ियों को जोड़ते हुए तत्कालीन सरकार के शीर्ष राजनीतिक चेहरों तक पहुंच रही है, जिससे राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में भारी उबाल आ गया है।ईडी की यह सख्त कार्रवाई अचानक नहीं हुई है, बल्कि इससे पहले भी एजेंसी इस मामले से जुड़े कई रसूखदार लोगों पर शिकंजा कस चुकी है। करीब नौ महीने पहले शराब परिवहन घोटाले में पूर्व मंत्री करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव के बेटे करुमुरी सुनील कुमार को धन शोधन निवारण अधिनियम यानी पीएमएलए (PMLA) के तहत 18 जून को गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी ने हैदराबाद और विजयवाड़ा के अलग-अलग ठिकानों से मिले वित्तीय सुरागों के आधार पर अपनी जांच का दायरा विस्तृत किया था। अंबाती रामबाबू की पेशी के दौरान शराब आपूर्ति नीति, ट्रांसपोर्टेशन के ठेकों के आवंटन में कथित राजनीतिक दखल और फंड के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों की एक लंबी सूची तैयार की गई है, जिसके जरिए वित्तीय गड़बड़ी के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।इस वित्तीय घोटाले की जड़ों तक पहुंचने के लिए ईडी के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने 11 जून को पीएमएलए के कड़े प्रावधानों के तहत एक साथ पांच प्रमुख ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। इस रेड के दौरान करुमुरी सुनील कुमार, उनके पिता, आंध्र प्रदेश सरकार के पूर्व आईटी सलाहकार और इस कथित शराब सिंडिकेट के मुख्य षड्यंत्रकारी माने जा रहे केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, आंध्र प्रदेश राज्य पेय पदार्थ निगम लिमिटेड यानी एपीएसबीसीएल (APSBCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी, विजया नरसिम्हा रेड्डी और वल्लू संदीप से संबंधित आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की गहन तलाशी ली गई थी। इस छापेमारी में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने करोड़ों की चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेजी सबूत अपने कब्जे में लिए थे।तलाशी की इस कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कई विलासिता पूर्ण सामान, एक हाई-एंड लग्जरी कार, 94.5 लाख रुपये मूल्य की दुर्लभ ब्रांडेड घड़ियां और भारी मात्रा में बेहिसाब नकदी जब्त की थी। इसके अतिरिक्त संदिग्ध संयुक्त उद्यम समझौतों (Joint Venture Agreements), फर्जी नकद लेनदेन की कच्ची डायरियां और बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए थे। इन आपत्तिजनक साक्ष्यों के मिलने के बाद उसी दिन ईडी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी और पूर्व एमडी डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी को गिरफ्तार कर लिया था, जिनसे मिली रिमांड डायरी की जानकारियों ने पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू के दरवाजे तक जांच का रुख मोड़ दिया।प्रवर्तन निदेशालय ने इस धन शोधन मामले की औपचारिक शुरुआत आंध्र प्रदेश अपराध जांच विभाग यानी सीआईडी (CID) द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की थी। यह मूल एफआईआर राज्य सरकार के सतर्कता विभाग के अतिरिक्त सचिव द्वारा सौंपी गई आधिकारिक शिकायत पर दर्ज की गई थी। सतर्कता जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि शराब परिवहन के ठेकों में जानबूझकर की गई सुनियोजित अनियमितताओं के चलते राज्य के सरकारी खजाने को सीधे तौर पर 195.33 करोड़ रुपये के भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा। इस पूरी लूट को अंजाम देने के लिए प्रशासनिक नियमों और टेंडर की पूर्व-निर्धारित शर्तों को ताक पर रख दिया गया था।जांच में ईडी ने यह दावा किया कि एपीएसबीसीएल की शराब ढुलाई निविदा की आवश्यक शर्तों में शीर्ष स्तर से जानबूझकर बदलाव किए गए ताकि बाजार की अन्य योग्य और सक्षम लॉजिस्टिक्स कंपनियों को होड़ से बाहर किया जा सके। यह नीतिगत हेरफेर केवल चुनिंदा निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था। इनमें 'सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' (SSCSPL) और बाद में 'प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स' को आगे लाया गया। वित्तीय जांच एजेंसी के अनुसार, ये कंपनियां केवल कागजों पर टेंडर हथियाने वाली मुखौटा इकाइयां थीं, जबकि इन कंपनियों की वित्तीय डोर और वास्तविक नियंत्रण पर्दे के पीछे बैठे कुछ बेहद प्रभावशाली राजनेताओं और उनके करीबी सहयोगियों के हाथों में था।ईडी की विस्तृत चार्जशीट और जांच रिपोर्ट के अनुसार, शराब परिवहन के माध्यम से सरकारी धन को निजी जेबों में ट्रांसफर करने के लिए एक बहुस्तरीय गुप्त नेटवर्क तैयार किया गया था। इस गठजोड़ में केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी और अंजनी कुमार ने निगम के तत्कालीन प्रबंध निदेशक डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। इन लोगों ने आपस में सांठगांठ करके शराब ढुलाई के ठेके बाजार की वास्तविक दरों से लगभग दोगुनी ऊंची कीमत पर आवंटित करा लिए। कागजों पर एसएससीएसपीएल का इस्तेमाल केवल एक वैध निविदाकर्ता का चेहरा दिखाने के लिए किया गया, जबकि सड़क पर वास्तविक ट्रांसपोर्टेशन का काम तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी उर्फ किरण कुमार और उनकी टीम संभालती थी।जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि शराब के कार्टन बॉक्स की ढुलाई दरों में कृत्रिम रूप से भारी बढ़ोतरी की गई थी। पूर्ववर्ती व्यवस्था में जिला स्तर पर प्रति कार्टन बॉक्स परिवहन की औसत दर करीब 19.68 रुपये थी, जिसे बिना किसी तार्किक या बाजार विश्लेषण के सीधे बढ़ाकर 35.57 रुपये प्रति बॉक्स कर दिया गया। इस भारी अंतर से शराब सिंडिकेट ने करोड़ों रुपये का अवैध मुनाफा कमाया। इतना ही नहीं, एजेंसी की पड़ताल में यह भी स्पष्ट हुआ है कि इस सिंडिकेट ने ढुलाई के छोटे-छोटे उप-ठेके (Sub-contracts) विभिन्न जिलों के स्थानीय राजनीतिक नेताओं, उनके रिश्तेदारों और शैल कंपनियों को बांट दिए थे ताकि किसी भी स्तर पर विरोध न हो और सरकारी धन की बंदरबांट निर्बाध रूप से जारी रहे।जांच एजेंसी ने आंध्र प्रदेश सरकार के पूर्व आईटी सलाहकार केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड और रणनीतिकार करार दिया है। उन्होंने अपने राजनीतिक रसूख और पद की धौंस दिखाकर निगम के पूर्व एमडी डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी के साथ मिलकर यह खेल रचा। वासुदेव रेड्डी पर यह गंभीर आरोप है कि उन्होंने एपीएसबीसीएल की पहले से सफलतापूर्वक चल रही विकेंद्रीकृत परिवहन व्यवस्था को एक झटके में समाप्त कर दिया। पहले शराब ढुलाई का प्रबंधन जिला स्तरीय कमेटियों के जरिए पारदर्शी तरीके से होता था, लेकिन उसे बदलकर पूरे राज्य के लिए एक केंद्रीकृत नीति थोप दी गई। इसके लिए सरकार को गुमराह करने वाली भ्रामक रिपोर्टें भेजी गईं और काल्पनिक तकनीकी अड़चनों का बहाना बनाया गया।इतना ही नहीं, डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी ने राज्य मंत्रिमंडल या सक्षम सरकारी प्राधिकारी की अनिवार्य वैधानिक मंजूरी लिए बिना ही इस केंद्रीकृत नीति को लागू कर दिया। इसके बाद एसएससीएसपीएल को दिए गए परिवहन ठेके की समय सीमा को बिना किसी नए टेंडर के बार-बार गैरकानूनी रूप से बढ़ाया गया। मूल अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बाद भी यह विस्तार जारी रहा। इस प्रशासनिक मनमानी, निविदा हेरफेर और दरों में कृत्रिम उछाल के कारण सरकारी राजस्व को 195.33 करोड़ रुपये की सीधी चपत लगी। अब जब ईडी ने पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू को तलब किया है, तो पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जाएगी कि इस परिवहन नीति के बदलाव और ठेकों के विस्तार में उनकी क्या प्रत्यक्ष या परोक्ष भूमिका थी और क्या इस अवैध कमीशन का कोई हिस्सा चुनावी फंडिंग या निजी संपत्तियों के निर्माण में इस्तेमाल किया गया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:19 am

भारतीय राजनीतिक ऑपरेटर व‍िदेशों में चुनावों को कर रहे प्रभाव‍ित? देखें कूटनीत‍ि

क्या हो जब अमेरिका या दुनिया के किसी भी देश में चुनाव कोई और लड़े, और लोगों के दिमाग में हवा कोई और भर रहा हो? सोचिए, अगर किसी राजनीतिक कैंपेन में रैलियों या भाषणों से ज्यादा खेल फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, झूठे वीडियो और गुप्त विज्ञापनों से खेला जा रहा हो और इसे अंजाम देने वाले लोग वहाँ से हजारों किलोमीटर दूर भारत में बैठकर ऑपरेट कर रहे हों? अमेरिका के मिडटर्म चुनाव सिर पर हैं और इस बीच भारतीय राजनीतिक कंसल्टेंट्स (Consultants) पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया की कड़ी नज़र टिक गई है. इनका धंधा क्या है? जानते हैं, इस ग्लोबल शैडो इलेक्शन के खेल का पूरा सच.

आज तक 4 Nov 2026 11:18 am

रोज 5 मिनट करें अर्ध उष्ट्रासन, गर्दन-कमर दर्द और कब्ज से मिलेगा छुटकारा

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम घंटों लैपटॉप और मोबाइल पर काम करते हैं, जिससे हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर काफी दुष्प्रभाव पड़ता है। ऐसे में योग ही एक ऐसा उपाय है जो शरीर को स्ट्रेच करने के साथ-साथ मन को भी शांत करता है। कई योगासनों में एक बेहद असरदार और आसान आसन है- अर्ध उष्ट्रासन।

खास खबर 4 Nov 2026 11:18 am

हिमालय के कौन से शहर बचेंगे और कौन से डूबेंगे, जोशीमठ से शिमला तक मंडराया बड़ा खतरा

उत्तर भारत के सुरक्षा कवच और प्राकृतिक संपदा के केंद्र हिमालय की गोद में बसे पर्वतीय शहरों को सुरक्षित बचाए रखने की चुनौती अब केवल पर्यावरण कार्यकर्ताओं या शोधकर्ताओं की परिचर्चाओं तक सीमित नहीं रह गई है। यह गंभीर मुद्दा आज भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर योजनाकारों और शीर्ष न्यायपालिका के सामने जीवन और अस्तित्व की सबसे जटिल और कठिन अग्निपरीक्षा का रूप ले चुका है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो (ISRO) द्वारा जारी किए गए बहुचर्चित 'लैंडस्लाइड एटलस ऑफ इंडिया' के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 1998 से 2022 के बीच भारतीय हिमालय और पश्चिमी घाट की पहाड़ियों में करीब 80 हजार भूस्खलन की गंभीर घटनाएं आधिकारिक तौर पर दर्ज की गईं। इनमें से 66.5 प्रतिशत भीषण भूस्खलन अकेले उत्तर-पश्चिमी हिमालयी राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में घटित हुए। साल 2023 के शुरुआती दिनों में जब उत्तराखंड के ऐतिहासिक शहर जोशीमठ की जमीन धंसी और घरों की दीवारों पर चौड़ी दरारें उभरीं, तब 678 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक ढांचों को तत्काल प्रभाव से असुरक्षित और खतरनाक घोषित कर दिया गया था। उस दर्दनाक घटना के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी विस्थापन और सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया आज तक अधूरी और विवादों में घिरी पड़ी है। यह भयावह जमीनी हकीकत नीति-निर्माताओं को उस सबसे कड़वे सवाल का सीधा सामना करने पर विवश कर रही है कि क्या हिमालय के हर एक छोटे-बड़े शहर को बचाया जा सकता है, या फिर कुछ शहरों को खाली कराने के अलावा कोई दूसरा वैज्ञानिक विकल्प बाकी नहीं बचा है।पर्यावरण वैज्ञानिकों और भू-गर्भशास्त्रियों के अनुसार हिमालय के संवेदनशील शहरों के अस्तित्व पर तीन भयानक खतरे एक साथ त्रिशूल की तरह प्रहार कर रहे हैं। पहला और सबसे तात्कालिक खतरा भूस्खलन और लगातार हो रहे भू-धंसाव का है। जोशीमठ जैसे महत्वपूर्ण रणनीतिक और धार्मिक नगर का मूल भूगोल ही यह है कि वह किसी ठोस आधारभूत चट्टान पर नहीं, बल्कि युगों पुराने प्राचीन भूस्खलन के कमजोर मलबे और ढीली मिट्टी के ढेर पर बसा हुआ है। इसके अतिरिक्त यह पूरा इलाका उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाले सीस्मिक जोन-V में आता है जहां लगातार टेक्टोनिक हलचलें जारी रहती हैं। आधुनिक सैटेलाइट इमेजिंग और रडार इंटरफेरोमेट्री डेटा से यह प्रमाणित हो चुका है कि जोशीमठ शहर के कई प्रमुख हिस्से सालाना 94 मिलीमीटर की अत्यंत खतरनाक दर से पाताल की ओर धंस रहे हैं। दूसरा बड़ा वैज्ञानिक खतरा ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी जीएलओएफ (GLOF) के रूप में लगातार विस्तार ले रहा है। इसरो के उपग्रह विश्लेषण के अनुसार, 1984 से 2023 के दशकों में हिमालयी क्षेत्रों की 2,431 ग्लेशियल झीलों में से 676 झीलों का क्षेत्रफल ग्लोबल वार्मिंग और तेजी से पिघलते ग्लेशियरों के कारण अप्रत्याशित रूप से बढ़ चुका है। ये विशालकाय प्राकृतिक बर्फीले जलाशय कभी भी प्राकृतिक बांध टूटने पर नीचे बसे शहरों को तिनके की तरह बहा ले जाने की विनाशकारी क्षमता रखते हैं। तीसरा और पूरी तरह मानव-निर्मित खतरा अनियंत्रित शहरीकरण, मानकों की अनदेखी और भारी-भरकम पर्यटन का बेकाबू बोझ है। नैनीताल, मसूरी, मनाली और शिमला जैसे ऐतिहासिक हिल स्टेशनों पर जलापूर्ति, सीवेज निस्तारण, ठोस कचरा प्रबंधन और ट्रैफिक व्यवस्था अपनी चरम वहन सीमा पार कर चुकी है। पर्यटकों की अनियंत्रित भीड़ और विशाल बहुमंजिला होटलों के निर्माण ने पहाड़ों की ढलानों को भीतर से खोखला कर दिया है, जिसके चलते अब चर्चा 'क्या बचा सकते हैं' से आगे बढ़कर 'किन शहरों को तत्काल छोड़ देना चाहिए' तक पहुंच चुकी है।इस गहरे पर्यावरणीय संकट से पार पाने और पहाड़ों पर जीवन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार, नीति आयोग और सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकृत समिति (CEC) ने मिलकर त्रि-स्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी एनडीएमए (NDMA) ने पहाड़ी बस्तियों के लिए कठोर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन सख्त नियमों के तहत सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों के 250 मीटर के दायरे में और जानी-मानी भूकंपीय फॉल्ट लाइनों के दोनों किनारों पर 50 मीटर की दूरी तक किसी भी प्रकार के नए पक्के निर्माण कार्य पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही पहाड़ी ढलानों पर बनने वाले भवनों की अधिकतम ऊंचाई 7.5 मीटर तक सीमित रखने और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को किसी भी हालत में 1.7 से अधिक न होने देने का नियम तय किया गया है ताकि ढलान पर अतिरिक्त भार न पड़े। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकृत समिति ने अक्टूबर 2026 में हिमाचल प्रदेश और अन्य पहाड़ी राज्यों के लिए ऐतिहासिक दिशा-निर्देश जारी किए। अदालत की समिति ने आदेश दिया है कि प्रत्येक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की वैज्ञानिक 'कैरिंग कैपेसिटी' यानी वहन क्षमता का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाए और सभी प्रमुख सड़कों व फोर-लेन प्रोजेक्ट्स के लिए अनिवार्य पर्यावरणीय मंजूरी ली जाए। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि पर्यटन के नाम पर मिलने वाली 'अनुमति-आधारित' पुरानी ढुलमुल व्यवस्था को तुरंत समाप्त करके 'वैज्ञानिक और जोखिम-संवेदनशील योजना' को कानूनी रूप से लागू करना होगा। इसी कड़ी में केंद्र सरकार वर्ष 2026 में 'स्वच्छ हिमालयी पर्वतीय शहर' रूपरेखा के साथ 'हिमालयन अर्बन बायो-शेड्स' यानी हब्स (HUBS) परियोजना को धरातल पर उतारने जा रही है। हब्स परियोजना के अंतर्गत पहाड़ी शहरों को कंक्रीट के जंगलों के बजाय एक आत्मनिर्भर प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में देखा जाएगा, जहां स्थानीय जल स्रोतों, प्राकृतिक नालों और ठोस कचरा निस्तारण का एकीकृत वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शिमला के हर एक नागरिक वार्ड के लिए धर्मशाला और मंडी की तर्ज पर सूक्ष्म स्तरीय वार्ड आपदा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है ताकि आपातकाल के समय स्थानीय स्तर पर बचाव कार्य तुरंत शुरू हो सके।कड़े नियमों और राहत पैकेजों की घोषणाओं के बावजूद जमीन पर वास्तविक बदलाव की रफ्तार बेहद निराशाजनक बनी हुई है। इसका सबसे दर्दनाक उदाहरण जोशीमठ का विस्थापन मॉडल है। केंद्र सरकार ने नवंबर 2023 में जोशीमठ के पुनर्वास और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 1,658.17 करोड़ रुपये के भारी-भरकम विशेष पैकेज को मंजूरी दी थी, जिसमें से 91.82 करोड़ रुपये केवल प्रभावित परिवारों की भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के लिए निर्धारित थे। इसके बाद मई 2025 में भू-धंसाव की गति को धीमा करने के लिए 291 करोड़ रुपये की एक और योजना स्वीकृत की गई, जिसका मकसद अलकनंदा नदी के कटाव को रोकने के लिए नदी किनारे 'टो प्रोटेक्शन' वॉल का निर्माण करना, कमजोर ढलानों का वैज्ञानिक ग्राउटिंग व स्थिरीकरण करना और पूरे नगर के ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाना था। परंतु वर्ष 2026 की ताजा जमीनी रिपोर्टें यह खुलासा करती हैं कि पैकेज मंजूर होने के तीन साल बाद भी जोशीमठ का पूर्ण विस्थापन अधूरा पड़ा है और सैकड़ों प्रभावित नागरिक असुरक्षित और जर्जर घरों में डर के साए में रहने को मजबूर हैं। भू-वैज्ञानिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि अलकनंदा की तलहटी पर जारी भू-धंसाव पूरी तरह थमा नहीं है और आने वाले मानसून में ढलानों की दरारें फिर से चौड़ी हो सकती हैं। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी शहरों को बचाने में तीन सबसे बड़ी बाधाएं हैं। पहली बाधा राजनीतिक इच्छाशक्ति की घोर कमी है, जहां स्थानीय वोटों और रियल एस्टेट लॉबी के दबाव में कड़े बिल्डिंग बाइलॉज को लागू करने से परहेज किया जाता है। दूसरी बड़ी समस्या पुनर्वास का 'सर्कुलर ट्रैप' है, जो नेपाल के 2015 के महाभूकंप के बाद भी देखा गया था। लोग अपनी पैतृक आजीविका, खेती और भावनात्मक जुड़ाव के कारण सुरक्षित दूरदराज के पुनर्वास स्थलों में स्थायी रूप से बसने के बजाय बार-बार अपने असुरक्षित पुराने गांवों में लौट आते हैं। तीसरी अड़चन वहन क्षमता के वैज्ञानिक निर्धारण में स्थानीय जनता के भरोसे का अभाव है, जिसे नौकरशाही केवल प्रतिबंध लगाने का जरिया बना देती है। इन तमाम विसंगतियों के बीच विशेषज्ञों का निष्कर्ष बिल्कुल स्पष्ट है कि हिमालय के हर शहर को उसकी पुरानी स्थिति में बचाना भू-वैज्ञानिक रूप से असंभव है। कुछ बेहद नाजुक क्षेत्रों को मानवीय बस्तियों से मुक्त करके उन्हें सुरक्षित बफर जोन बनाना ही होगा, जबकि शेष शहरों को कड़े वैज्ञानिक नियमों, स्थानीय जनसहभागिता और आधुनिक ढलान संरक्षण तकनीक के साथ ही टिकाऊ बनाया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:17 am

ताजमहल के शहर में विदेशी जोड़े ने रचाई अनूठी शादी

मोहब्बत की नगरी आगरा में इटली के एक प्रेमी जोड़े ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी रचाई है. लिगुरिया के रहने वाले मैटियो और कैटरीना भारत घूमने आए थे. हरिद्वार और काशी की यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति से प्रभावित होकर दोनों ने यहीं विवाह करने का फैसला किया. ताजमहल के शहर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लिए और सिंदूरदान तथा मंगलसूत्र की रस्म निभाई.

आज तक 4 Nov 2026 11:10 am

सीएम धामी का बड़ा ऐलान, महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30% और सहकारिता में 33% आरक्षण

उत्तराखंड के गठन में अहम भूमिका निभाने वाली मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में धामी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि महिलाओं ...

वेब दुनिया 4 Nov 2026 11:08 am

12 प्लॉट, 2 फ्लैट, फॉर्च्यूनर... अफसर के पास मिली 4.75 करोड़ की संपत्ति

तेलंगाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने MEPMA के एडिशनल डायरेक्टर सैयद यदागिरी राव नल्लागुंटा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है. ACB ने अफसर के 10 ठिकानों पर छापेमारी की, जहां करीब 4.75 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला. इसमें 1.8 किलो सोना, 3 किलो चांदी, हैदराबाद में प्लॉट और फ्लैट, 2 करोड़ रुपये का G+3 मकान और करीब 73 लाख रुपये की दो कारें शामिल हैं.

आज तक 4 Nov 2026 11:06 am

बच्चों का सैनिक स्कूल में जाने का सपना होगा पूरा, कक्षा 6 और 9 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

AISSEE 2027 Registration: सैनिक स्कूलों में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट का रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है. आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद 31 जनवरी 2027 को परीक्षा होगी.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 11:05 am

कपड़े धोने का टब कैसे साफ करें? प्लास्टिक की बाल्टी कैसे साफ करें

प्लास्टिक के पीलेपन को कैसे हटाएं? कपड़े धोने के प्‍लास्‍ट‍िक टब पर खारे पानी के न‍िशान छूटने का नाम नहीं ले रहे हैं, तो आप इस तरह से करें म‍िनटों में साफ.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 11:05 am

रमा एकादशी पर शाम को जरूर करें मां लक्ष्मी के इन 5 नामों का जाप, एस्ट्रोलॉजर ने बताया आर्थिक परेशानियां दूर करने का महाउपाय

मशहूर एस्ट्रोलॉजर साक्षी ठाकुर ने रमा एकादशी का एक महाउपाय बताया है. साक्षी ठाकुर कहती हैं कि इस एक उपाय को करने से आप पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा बरस सकती है और आपकी आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में-

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 11:05 am

1979

भारत के आंतरिक सुरक्षा मोर्चे पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने करीब 47 साल बाद एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बल ने लगातार 12 महीने तक किसी भी ऑपरेशन में अपना एक भी जवान या अधिकारी नहीं खोया। CRPF के महानिदेशक (DG) जीपी सिंह के मुताबिक, आखिरी ऑपरेशनल मौत 30 अक्टूबर 2025 […] यह लेख 1979 के बाद पहली बार CRPF में 12 महीने तक जीरो ऑपरेशनल मौतें, जानिए क्यों है यह बड़ी उपलब्धि सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 4 Nov 2026 11:04 am

पंजाब में राहुल गांधी का चुनावी शंखनाद: संगरूर से ही क्यों शुरू हुई कांग्रेस की इंसाफ रैली

पंजाब की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज 4 नवंबर को पंजाब की धरती पर कदम रखकर पार्टी के चुनावी अभियान का औपचारिक बिगुल फूंक दिया है। राहुल गांधी ने अपने इस अभियान का आगाज किसी साधारण जनसभा से नहीं बल्कि एक आक्रामक 'इंसाफ रैली' के जरिए किया है। राजनीतिक जानकारों के लिए सबसे दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस आलाकमान ने अपने इस विशाल अभियान की शुरुआत के लिए मालवा क्षेत्र के केंद्र बिंदु संगरूर जिले को चुना है। संगरूर को चुनने का निर्णय केवल एक सामान्य रणनीतिक कदम नहीं है बल्कि इसके पीछे राज्य के गहरे क्षेत्रीय चुनावी समीकरण और मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ उपजे तीखे स्थानीय विवाद सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। संगरूर की यह रैली पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भीतर नए जोश का संचार करने और सत्ताधारी दल को उसके ही सबसे मजबूत गढ़ में घेरने की सुनियोजित योजना का हिस्सा नजर आ रही है।पंजाब की सत्ता का रास्ता हमेशा से मालवा के विशाल मैदानों से होकर गुजरता है और कांग्रेस नेतृत्व इस जमीनी हकीकत से पूरी तरह वाकिफ है। साल 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से जमीन तैयार करने के मकसद से राहुल गांधी ने मालवा से यह शुरुआत की है। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य मालवा को कांग्रेस के 'मिशन 2027' के केंद्र में स्थापित करना है। इसके साथ ही पिछले विधानसभा चुनावों में बिखर चुके पार्टी संगठन को फिर से एकजुट करना और स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को उठाकर सरकार पर चौतरफा दबाव बनाना है। संगरूर में जुटी भारी भीड़ और पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि कांग्रेस इस बार किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और चुनाव से काफी पहले ही जनता के बीच अपनी पैठ को पुख्ता कर लेना चाहती है।संगरूर को इस चुनावी शंखनाद के लिए चुने जाने की सबसे बड़ी वजह हालिया दिनों में यहां भड़का भारी जनाक्रोश है। संगरूर जिला पिछले कुछ हफ्तों से पंजाब में नशे के बेकाबू होते जाल और कथित पुलिस ज्यादतियों के खिलाफ उठ रही आवाजों का मुख्य केंद्र बन चुका है। इस पूरे घटनाक्रम में दिरबा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तूर बंजारा गांव के निवासी गुलजार सिंह की संदिग्ध मौत ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। गुलजार सिंह ने कुछ ही समय पहले पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा से एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सीधा और तीखा सवाल पूछा था कि उनके गांव में खुलेआम नशा कैसे बिक रहा है और प्रशासन की नाक के नीचे उनका अपना बेटा नशे का आदी कैसे बन गया। इस तीखे सवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अचानक गुलजार सिंह की मौत की खबर सामने आई जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।गुलजार सिंह की मौत के बाद उपजे हालात ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों का सीधा आरोप है कि सत्ताधारी दल के नेताओं से सवाल पूछने और नशा तस्करों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने वाले आम नागरिकों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे ने पंजाब के समूचे विपक्ष को एक मंच पर ला खड़ा किया है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी और विभिन्न किसान व सामाजिक संगठनों ने मिलकर इस घटना के विरोध में बड़े पैमाने पर धरने-प्रदर्शन किए हैं। राहुल गांधी ने इसी सुलगते हुए मुद्दे की नब्ज पर हाथ रखते हुए संगरूर में इंसाफ रैली का मंच तैयार किया ताकि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर राज्यभर में नशा मुक्ति और प्रशासनिक जवाबदेही को सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकें।चुनावी आंकड़ों की कसौटी पर परखें तो पंजाब का मालवा क्षेत्र राज्य का सबसे बड़ा और निर्णायक राजनीतिक इलाका है। पंजाब विधानसभा की कुल 117 सीटों में से अकेले मालवा क्षेत्र के हिस्से में 69 सीटें आती हैं, जो कि कुल सीटों का लगभग 59 प्रतिशत हिस्सा बनता है। पंजाब के भौगोलिक और राजनीतिक ढांचे को यदि समझा जाए तो राज्य मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में बंटा हुआ है। मालवा में 69 विधानसभा सीटें हैं, जबकि माझा क्षेत्र में 25 सीटें और दोआबा क्षेत्र में 23 सीटें आती हैं। यह सीधा सा अंकगणित स्पष्ट कर देता है कि जिस भी राजनीतिक दल को पंजाब में अपनी सरकार बनानी है, उसे मालवा के इस विशाल दुर्ग को फतह करना ही होगा। बिना मालवा में निर्णायक बढ़त बनाए कोई भी पार्टी चंडीगढ़ की सत्ता तक नहीं पहुंच सकती।यही प्रमुख कारण है कि कांग्रेस पार्टी ने अपने अभियान की शुरुआत माझा या दोआबा के बजाय सीधे मालवा से करने का फैसला किया। साल 2022 के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने इसी मालवा बेल्ट में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस और अकाली दल के पुराने किलों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था। संगरूर खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला और राजनीतिक कर्मभूमि रहा है जहां से वे दो बार सांसद भी रहे। ऐसे में मुख्यमंत्री के गृह जिले में खड़े होकर सरकार की नीतियों पर हमला बोलना एक मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने की कोशिश है। कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह विरोधी दल के सबसे मजबूत प्रभाव वाले क्षेत्र में सीधे आमने-सामने की राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।पंजाब के राजनीतिक इतिहास का पन्ना पलटकर देखें तो मालवा को हमेशा से सत्ता की चाबी माना गया है। पिछले तीन दशकों से अधिक समय में पंजाब की बागडोर संभालने वाले अधिकांश मुख्यमंत्री इसी मालवा की मिट्टी से निकले हैं। प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी से लेकर मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान तक, सभी का राजनीतिक आधार मालवा क्षेत्र ही रहा है। मालवा केवल सीटों की संख्या के लिहाज से ही बड़ा नहीं है बल्कि यह राज्य के सबसे बड़े किसान आंदोलनों, राजनीतिक क्रांतियों और सामाजिक बदलावों की जन्मस्थली भी रहा है। संगरूर के अलावा बठिंडा, पटियाला, लुधियाना, मानसा, फरीदकोट, मोगा और फिरोजपुर जैसे बड़े जिले इसी क्षेत्र का हिस्सा हैं जो पूरे पंजाब की आर्थिक और सामाजिक दिशा तय करते हैं।राहुल गांधी की इस रैली ने 2027 के चुनावी समर का बिगुल बहुत पहले ही बजा दिया है। कांग्रेस पार्टी यह भली-भांति जानती है कि ग्रामीण इलाकों में किसानों, मजदूरों और युवाओं के बीच फैली नाराजगी को यदि समय रहते राजनीतिक समर्थन में नहीं बदला गया तो बाद में वापसी करना मुश्किल होगा। संगरूर की इंसाफ रैली के जरिए कांग्रेस ने न केवल स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय फलक पर रखने की कोशिश की है बल्कि यह भी साबित करने का प्रयास किया है कि वह आम जनता के हक और इंसाफ की लड़ाई में सबसे आगे खड़ी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राहुल गांधी का यह मालवा दांव पंजाब की सियासत में कांग्रेस के लिए कितनी नई संजीवनी लेकर आता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 11:04 am

मिलावटी मिठाई छोड़ें! घर में बनाएं हलवाई जैसी केसरिया काजू कतली

How to Make Kaju Katli: अगर आप भी दिवाली के लिए मार्केट की काजू कतली खरीदने की सोच रहे हैं तो रुक जाएं. इस बार क्यों न आप घर पर ही बिलकुल बाजार जैसी काजू कतली तैयार करें और इसकी आसान रेसिपी यहां हम आपको बता रहे हैं.

आज तक 4 Nov 2026 11:03 am

4 नवंबर के दिन Harry Potter फिल्म का हुआ था लंदन में वर्ल्ड प्रीमियर

नयी दिल्ली, चार नवंबर गोल मटोल चेहरे पर गोल फ्रेम वाला चश्मा पहने भोले भाले हैरी पॉटर से दुनिया का बच्चा-बच्चा वाकिफ़ है। जे. के. रोलिंग ने अपनी किताबों में हैरी पॉटर के किरदार और एक जादुई दुनिया की रचना की, जिसमें जादू का विद्यालय, झाड़ू की सवारी और अजीब-अजीब से जानवर बहुत सी कहानियों में गढ़े गए थे। इन किताबों पर बनी पहली फिल्म ‘हैरी पॉटर एंड द सारसर्स स्टोन’ का वर्ल्ड प्रीमियर चार नवंबर 2001 को लंदन में हुआ था। अब तक हैरी पॉटर श्रृंखला की ढेरों हॉलीवुड फिल्म बन चुकी हैं और सफलता की एक अलग ही कहानी लिख चुकी हैं। इक्कीसवीं सदी के इस सबसे मशहूर उपन्यास से 21वीं सदी की सबसे मशहूर फिल्म बनाई गई हैं। फिल्म का मुख्य किरदार हैरी पॉटर है। देश-दुनिया के इतिहास में चार नवंबर की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:1889 : स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, उद्योगपति और मानवशास्त्री जमनालाल बजाज का जन्म हुआ। 1956 : हंगरी में बगावत को कुचलने के लिए सोवियत सेनाएं वहां पहुंची। 1979 : ईरान में बंधक संकट की शुरुआत। तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान के उग्रवादियों ने हमला कर वहां मौजूद लोगों को बंधक बनाया। बहुत से लोगों को एक वर्ष से अधिक समय तक बंधक रखा गया। 1980 : हॉलीवुड के पूर्व अभिनेता और कैलिफोर्निया के गवर्नर रोनाल्ड रीगन ने जिमी कार्टर को बड़े अंतर से हराकर अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव जीता। 1995 : शिमोन पेरेज और यासिर अराफात के साथ 1994 में नोबेल शांति पुरस्कार साझा करने वाले इजराइल के प्रधानमंत्री यित्जक राबिन की एक शांति रैली के दौरान यहूदी उग्रवादियों ने हत्या कर दी। 2001 : जे के रोलिंग्स की मशहूर हैरी पॉटर श्रृंखला पर बनी पहली फिल्म ‘हैरी पॉटर एंड द सारसर्स स्टोन’ का लंदन में प्रीमियर। 2008 : डेमोक्रेटिक पार्टी के बराक ओबामा अमेरिका के राष्ट्रपति बने। वह इस पद पर पहुंचे अफ्रीकी मूल के पहले अमेरिकी नागरिक थे। 2010 : एयरो कैरेबियन फ्लाइट 883 क्यूबा में दुर्घटनाग्रस्त हुई, विमान में सवार सभी 68 लोगों की मौत हो गई। 2015 : दक्षिण सूडान में जुबा हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ समय बाद एएन-12 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें सवार 37 लोगों की मौत हो गई। इसी दिन पाकिस्तान के लाहौर में एक फैक्ट्री की इमारत ढह गई जिससे 45 लोगों की मौत हुई और 100 से अधिक लोग घायल हुए। 2018 : भारत में यमुना नदी पर बने विशाल सिग्नेचर ब्रिज का उद्घाटन। लोहे के मजबूत तारों से बने 154 मीटर ऊंचे इस सुंदर ढांचे को दिल्ली का नया हस्ताक्षर कहा गया। 2019 : नेपाल में एक बस के सड़क से फिसलकर नदी में गिर जाने से तीन माह के शिशु समेत 17 लोगों की मौत। 2020 : बॉलीवुड में नब्बे के दशक की “फरेब” और “मेहंदी” जैसी फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता फराज खान की 46 वर्ष की आयु में बेंगलुरु में मृत्यु। 2022 : चीन ने शिनजियांग और तिब्बत प्रांतों को जोड़ने वाले राजमार्ग से लगे पुलों और गांवों का नाम अपने उन चार सैन्य कर्मियों के नाम पर रखा, जो 2020 में गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ संघर्ष में मारे गए थे। 2023 : नेपाल के पर्वतीय क्षेत्र में आए भूकंप के कारण 157 लोगों की मौत, 160 से अधिक लोग घायल। 2024 : भारत के उत्तराखंड राज्य के अल्मोड़ा जिले में बस खाई में गिरी, 10 महिलाओं समेत 36 यात्रियों की मौत। 2025 : फिलीपीन में चक्रवात ‘कालमेगी’ के कारण 26 लोगों की मौत।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 11:03 am

EPFO का बड़ा फैसला, बिना क्लेम खाते में आएगा PF का पैसा!

EPFO Auto Settlement Rules: अगर आपका पुराना पीएफ (PF) खाता लंबे समय से निष्क्रिय है और उसमें 1,000 रुपये या इससे कम रकम जमा है, तो अब आपको अपना पैसा पाने के लिए अलग से क्लेम करने की जरूरत नहीं होगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ऐसे योग्य खातों का ऑटोमैटिक सेटलमेंट करेगा.

आज तक 4 Nov 2026 11:02 am

कभी गौर किया है? कीबोर्ड के F और J बटन पर क्यों बना होता है ये निशान?

कंप्यूटर और लैपटॉप के कीबोर्ड में F और J बटन पर छोटी सी उभरी हुई लाइन क्यों होती है? क्या यह सिर्फ डिजाइन का हिस्सा है या इसके पीछे कोई खास वजह है? जानिए इन निशानों का काम और कैसे इनकी मदद से बिना कीबोर्ड देखे तेजी से टाइपिंग की जा सकती है.

आज तक 4 Nov 2026 11:00 am

कौन हैं IPS राजेश कुमार? चीन से सटे इस राज्य का बन सकते हैं DGP, आतंकियों के लिए हैं काल

राजेश कुमार को आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा अभियानों को संभालने का गहरा अनुभव है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 10:59 am

इलेक्ट्रिक बाइक से अपराधियों को पकड़ेगी बिहार पुलिस, दिया तगड़ा ऑर्डर

Revolt RV BlazeX में कंपनी ने 3.24 kWh क्षमता का निकल मैग्नीज कोबॉल्ट (NMC) लिथियम-आयन बैटरी पैक दिया है. यह बैटरी IP67 रेटिंग के साथ आती है. कंपनी का दावा है कि, ये बाइक सिंगल चार्ज में 150 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज दे सकती है.

आज तक 4 Nov 2026 10:58 am

वाह कोहली! जमीन से उठा ल‍िया नामुमकिन कैच, फिर छोड़ा 'धनुष से तीर'

ऑकलैंड में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में विराट कोहली की फील्डिंग ने खूब सुर्खियां बटोरीं. उन्होंने नाथन स्मिथ का जमीन से इंच भर ऊपर शानदार कैच लपका. इसके बाद उनका बो एंड एरो सेलिब्रेशन भी देखने को मिला. कोहली ने काइल जेमीसन का कैच भी पकड़ा. इससे पहले रोहित शर्मा ने डेरिल मिचेल को रन आउट कराया था.

आज तक 4 Nov 2026 10:54 am

शोध-अनुसंधान में बढ़ा रुझान: देश में फार्मा, दुलर्भ खनिज व एआई पर सर्वाधिक शोध, यूपी तीसरे नंबर पर

शोध-अनुसंधान में बढ़ा रुझान: देश में फार्मा, दुलर्भ खनिज व एआई पर सर्वाधिक शोध, यूपी तीसरे नंबर पर

अमर उजाला 4 Nov 2026 10:54 am

चाकू की धार तेज कैसे करें? जानिए चाकू की धार को घर पर बनाने के आसान तरीके

चाकू में धार कैसे करें? लगातार कई साल इस्तेमाल होने के कारण चाकू की धार समय के साथ खराब हो जाती है. इसी कड़ी में आज हम आपको घर पर ही चाकू की धार तेज करने के 3 आसान तरीके बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं...

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:53 am

भोपाल से गोरखपुर और दानापुर के बीच चलेगी दो स्पेशल ट्रेन, दिवाली पर पहुंचाएगी घर, देंखे रूट और टाइम टेबल

रेलवे ने भोपाल के रानी कमलापति (RKMP) रेलवे स्टेशन से गोरखपुर और दानापुर के लिए 2 नई विशेष फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है. इस ट्रेन से यात्री दिवाली में आखिरी वक्त में घर पहुंच सकते हैं.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:53 am

गुरुग्राम के होटल में UK से लौटे इंजीनियर की मौत, जकूजी में मिला शव, हादसा या हार्ट अटैक?

जांच अधिकारी के मुताबिक, शुरुआती सीसीटीवी जांच में सामने आया है कि प्रांजिल के कमरे में जाने के बाद कोई बाहरी व्यक्ति वहां जाता हुआ दिखाई नहीं दिया. इसके अलावा कमरे का दरवाजा भी अंदर से लॉक था.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:51 am

NCP में बगावत के सुर, पार्थ से कई वरिष्ठ नेता नाराज; अमित शाह से मुलाकात के बाद सुनेत्रा के घर बैठकों का दौर

एनसीपी अजित पवार गुट में बगावत की चर्चा तेज हो गई है. पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात की. जिसके बाद यह चर्चा और अधिक बढ़ी. अब डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार डैमेज कंट्रोल में जुटीं हैं. उनके देवगिरी बंगले पर विधायकों-मंत्रियों के साथ लगातार तीसरी बैठक हो रही है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:51 am

सम्राट के बिहार में क्यों लग रहे बीजेपी को बड़े झटके?

बिहार में सत्ता और संगठन की कमान होने के बावजूद बीजेपी को एक के बाद एक मिल रहे चुनावी झटकों ने पार्टी के भीतर गहरी चिंता बढ़ा दी है. बांकीपुर उपचुनाव से लेकर एमएलसी चुनावों तक शहरी और पारंपरिक गढ़ों के खिसकने से सम्राट चौधरी के नेतृत्व और पार्टी की चुनावी रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

आज तक 4 Nov 2026 10:49 am

आंध्र प्रदेश में तबाही मचाने वाला चक्रवात हुआ शांत, भारी आर्थिक नुकसान और हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद करने के बाद स

राघवेंद्र द्विवेदी चक्रवात की तीव्रता में लगातार कमी आई है। IMD के नवीनतम उपलब्ध बुलेटिन और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 4 नवंबर तड़के के अपडेट के अनुसार, मुरासु अब ‘डीप डिप्रेशन’ में बदल चुका है। राहत यह है कि मुरासु की तीव्रता काफी कम हो चुकी है। हालांकि, भारी बारिश और जलभराव […]

तहलका 4 Nov 2026 10:44 am

Exclusive: एआर रहमान की ट्रोलिंग पर कुमार विश्वास का जवाब, 'कव्वाली नहीं, शुद्ध भारतीय राग'

NDTV से खास बातचीत में कुमार विश्वास ने ए आर रहमान को सपोर्ट किया. दरअसल ये गाना रिलीज होते ही विवादों में आ गया. नेटिजन्स इस गाने को कव्वाली और कॉपी कहकर ट्रोल कर रहे थे. इसके अलावा रहमान के काम पर भी निराशा जाहिर कर रहे थे.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:42 am

वंदे भारत स्लीपर ने खत्म कर दी सबसे बड़ी प्रॉब्लम, सोते पैसेंजर को आता था बहुत गुस्सा, लोग बोले- दिल जीत लिया

अक्सर ट्रेनों में गेट के पास वाली बर्थ पर सोने वाले लोग रातभर की हलचल से परेशान रहते थे. लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर ने मजबूत स्लाइडिंग डोर और एक्स्ट्रा स्पेस के जरिए इस समस्या का शानदार तोड़ निकाल लिया है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:42 am

बेटी के लिए अश्लील कमेंट सुन भड़कीं लव की मां, माही को डांटा

लव गिल की मां ने माही विज पर गंभीर आरोप लगाए, जिससे माही भावुक हो गईं और उन्होंने शो छोड़ने की बात कही. माही ने कहा कि मेकर्स उन्हें टारगेट कर रहे हैं. वो अपनी इमेज खराब नहीं होने देंगी.

आज तक 4 Nov 2026 10:41 am

Canva में छंटनी, नौकरी जाने वालों को फ्री मिलेगा MacBook और बहुत कुछ

Canva Layoffs: कैनवा पहली बार इतने बडे़ लेवल की छंटनी कर रहा है. कंपनी ने करीब 22 परसेंट कर्मचारियों को बाहर निकालने का फैसला लिया है. लेकिन चर्चा में कंपनी की छंटनी नहीं बल्कि उसके बाद दिए जाने वाले बेनेफिट्स हैं, जिसमें मुफ्त MacBook का नाम शामिल है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

आज तक 4 Nov 2026 10:40 am

'ग्रह-दोष, अकाल मृत्यु और अनहोनी...' डराकर दुकानदार से ऐंठे रुपये!

बिजनौर के नगीना बाजार में अकाल मृत्यु और ग्रह-दोष का खौफ दिखाकर दुकानदार से हजारों रुपये ऐंठने वाले दो कथित साधुओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़े गए पंजाब निवासी आरोपियों के पास से ठगी के रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं.

आज तक 4 Nov 2026 10:40 am

कमजोर हुआ चक्रवाती तूफान मुरासु, 12 घंटे में हो जाएगा खत्म

मुरासु चक्रवाती तूफान का अवशेष अब डिप्रेशन बनकर पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर केंद्रित है. यह उत्तर की ओर बढ़ते हुए अगले 12 घंटों में और कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा. स्थानीय बारिश जारी रह सकती है.

आज तक 4 Nov 2026 10:39 am

दिवाली के बाद 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 14 नवंबर से बरसेगा पैसा!

Shukra Margi 2026: 14 नवंबर 2026 को शुक्र मार्गी होने जा रहे हैं. ज्योतिष के अनुसार, शुक्र की सीधी चाल से मेष समेत 5 राशियों को धन लाभ, करियर में तरक्की और आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकती है.

आज तक 4 Nov 2026 10:37 am

कहीं भी जाम लगते ही Google Maps को कैसे चल जाता है पता?

गूगल मैप्स को कैसे पता चलता है कि किस सड़क पर जाम लगा है? जानिए स्मार्टफोन की लोकेशन, जीपीएस, गाड़ियों की रफ्तार और एआई की मदद से गूगल कैसे ट्रैफिक की जानकारी जुटाता है और लोगों को जाम से बचने के लिए दूसरा रास्ता दिखाता है.

आज तक 4 Nov 2026 10:36 am

Indian Youth Congress की बड़ी कार्रवाई, महारैली से नदारद 83 पदाधिकारी सस्पेंड

नयी दिल्ली, चार नवंबर भारतीय युवा कांग्रेस ने बीते एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित हुई इंडिया गठबंधन की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ महारैली’ में शामिल नहीं होने पर तीन राज्यों के अपने 83 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। संगठन की ओर से की गई कार्रवाई के तहत मध्य प्रदेश के 60, हरियाणा के 10 और हिमाचल प्रदेश के 13 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए पदाधिकारियों में प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर के नेता शामिल हैं। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। बयान के अनुसार, एक नवंबर, 2026 को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोरी विरोधी रैली’ से अनुपस्थित रहने के कारण संगठनात्मक अनुशासनहीनता का मामला सामने आया था। बयान में कहा गया है कि इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक निलंबित किया गया है। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने कहा कि यह कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 10:33 am

Kanika Kapoor Divorce:

Kanika Kapoor Divorce:

वन इंडिया 4 Nov 2026 10:31 am

'चलड़े छलड़े वाल' से लेकर रेशमा और नुसरत तक, सरहदों के पार Gen Z भारत-पाकिस्तान की सांस्कृतिक विरासत को कर रहे हैं पसंद  

पाकिस्तानी टीवी ड्रामा भारतीय युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है. राजनीतिक तनाव के बावजूद, पंजाबी गाने और पाकिस्तानी संगीत को सीमा के पार भी खूब सुना जाता है. भारतीय युवा जिस तरह से पाकिस्तानी पॉप कल्चर को खोज रहे हैं, वह काफी दिलचस्प है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:31 am

लक्ष्मण ने छुए हनुमान के पैर, 'रामायण' की स्क्रीनिंग से सनी देओल और रवि दुबे का वीडियो वायरल

'रामायण' के मेकर्स ने मुंबई में फिल्म की कास्ट और क्रू के लिए एक शानदार स्क्रीनिंग रखी. इस प्रीमियर में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, नीतू कपूर, विवेक ओबेरॉय अपने परिवार के साथ, कुणाल कपूर, सनी देओल, रवि दुबे अपनी पत्नी सरगुन मेहता के साथ और रकुल प्रीत सिंह अपने पति जैकी भगनानी के साथ शामिल हुए.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:31 am

ट्रंप पर ऐसा गुस्सा कि न सहानुभूति वोट काम आया न 28 साल का रिकॉर्ड, भाई की मौत के बाद उम्मीदवार बनी बहन हारी

अमेरिका की दक्षिण कैरोलिना सीट से रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार डार्लीन ग्राहम अपने दिवंगत भाई लिंडसे ग्राहम की जगह लेने की कोशिश कर रही थीं. पिछले 28 साल से यह सीनेट सीट ट्रंप की पार्टी के साथ था लेकिन अब यहां खेला हो गया है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:29 am

बिहार शिक्षक भर्ती में रिकॉर्डतोड़ आवेदन, TRE-4 में करीब 10 लाख रजिस्ट्रेशन

BPSC TRE 4 Registration: बिहार में बड़ी शिक्षक भर्ती निकाली गई है, जिसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख खत्म हो चुकी है. इस बार भर्ती में करीब 10 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:27 am

आलू-पापड़ से बनाएं क्रिस्पी चूड़ा फ्राई, शाम के नाश्ते के लिए है बेस्ट

Chura Fry Recipe: शाम की चाय के साथ कुछ चटपटा खाने का मन है तो बिहार का फेमस चूड़ा फ्राई ट्राई करें. चूड़ा, आलू की कुरकुरी भुजिया, पापड़, बादाम और मसालों से तैयार यह स्नैक्स खाने में बेहद टेस्टी होता है. इसे घर पर कम समय में आसानी से बना सकते हैं.

आज तक 4 Nov 2026 10:24 am

एक दिन में कितने गोंद के लड्डू खाने चाहिए? रोज खाएं, मिलेंगे ये 5 जबरदस्त फायदे

सर्दियों में अगर आप नियमित रूप से गोंद के लड्डू का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर को कई फायदे हो सकते हैं. यहां जानते हैं गोंद के लड्डू का सेवन करने से शरीर को होने वाले फायदे क्या हैं?

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:21 am

पहली बार: एक लॉन्चर से दो मिसाइलें, शत्रु के ठिकाने होंगे तबाह; महज 8 मिनट में  500 किमी की दूरी

पहली बार: एक लॉन्चर से दो मिसाइलें, शत्रु के ठिकाने होंगे तबाह;महज 8 मिनट में500 किमी की दूरी

अमर उजाला 4 Nov 2026 10:21 am

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ट्रंप के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी की हार, ओहियो के गवर्नर पद की दौड़ में एमी एक्टन से हारे

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन और भारी चुनाव प्रचार के बावजूद भी रिपब्लिकन ओहियो सीट हार गई. एमी एक्टन ने यह सीट डेमोक्रेट्स के नाम कर ली. एमी और विवेक , दोनों ही गवर्नर माइक डीवाइन की जगह लेने की होड़ में थे.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:21 am

कर्ज में डूबे थे अमिताभ, पति का सहारा बनीं जया, बचाया सम्मान

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में आर्थिक तंगी का सामना किया था, जब उनकी कंपनी ABCL दिवालियापन के दौर से गुजर रही थी. मुश्किल

आज तक 4 Nov 2026 10:20 am

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त अब भी अकाउंट में नहीं आई? किसान तुरंत करें यह काम

पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त अब भी किसानों के अकाउंट में नहीं पहुंची है तो इसके उपाय क्या हैं. इस बार किस्त नहीं मिली तो क्या अगली किस्त में जुटकर आएगी राशि.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:19 am

Diwali Rangoli Designs: मां लक्ष्मी के चरणों से लेकर दीपक और कलश तक, इस दिवाली घर पर बनाएं ये खूबसूरत रंगोली डिजाइन, देखें Photos

अगर आप भी दिवाली पर रंगोली बनाते हैं, तो यहां हम आपके लिए कुछ चुनिंदा डिजाइन्स की तस्वीरें लेकर आए हैं. आप इन डिजाइन्स में से एक को चुनकर अपने आंगन को खूबसूरत सजा सकते हैं. आइए एक नजर डालते हैं इनपर-

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:19 am

वहीदा रहमान ने जान की परवाह किए बगैर शूट किया था 61 साल पुराना गाना, लता दीदी की आवाज में आज भी है लड़कियों का आजादी एंथम

हिंदी सिनेमा के कुछ गीत ऐसे हैं, जो सिर्फ सुकून नहीं देते बल्कि जिंदगी को नए सिरे से जीने का नजरिया भी देते हैं. ऐसा ही 61 साल पुराना एक गाना वहीदा रहमान का है. इसकी शूटिंग काफी रिस्की थी. लता दीदी की आवाज में ये आजादी एंथम बन चुका है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:18 am

हाईकोर्ट की तमिलनाडु सरकार को दो टूक: खाली पड़े सभी बोरवेल बंद करने का निर्देश, छह सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

हाईकोर्ट की तमिलनाडु सरकार को दोटूक: खाली पड़े सभी बोरवेल बंद करने का निर्देश, छह सप्ताह में मांगी रिपोर्ट madras high court madurai bench orders Tamil Nadu government to close abandoned borewells thoothukudi

अमर उजाला 4 Nov 2026 10:15 am

Punjab Elections 2027 | टिकट का ऐलान होते ही AAP विधायक Amandeep Kaur Arora के ठिकानों पर ED की छापेमारी

2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के कुछ ही दिनों बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोगा से आम आदमी पार्टी की विधायक और पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के समय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा अपने मोगा स्थित आवास पर ही मौजूद थीं, जहां केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की और दस्तावेज खंगाले। अरोड़ा मोगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और AAP की पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब AAP ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की इस पहली सूची में अरोड़ा को फिर से मोगा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। इसे भी पढ़ें: IDBI Bank के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल खत्म मोगा में AAP विधायक के दो आवासों पर ED की तलाशी मिली जानकारी के अनुसार, ED के अधिकारी दो आवासीय परिसरों में पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने विधायक से पूछताछ भी की। खबरों के मुताबिक, ED की टीम इस ऑपरेशन के लिए शिमला से मोगा पहुंची थी। तलाशी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों जगहों के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। हालांकि, ED ने अभी तक इस छापेमारी के दायरे या इसमें मिली चीजों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: 13 साल से क्यों सिंगल हैं CID फेम Ansha Sayed? शादी और रिश्तों पर किया बड़ा खुलासा अमनदीप कौर अरोड़ा के आवासों पर ED ने छापेमारी क्यों की? छापेमारी का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि किस मामले की जांच चल रही है या किन आरोपों के चलते यह कार्रवाई की गई है। इसे भी पढ़ें: Azam Khan को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, Ghaziabad की डासना जेल भेजे गए दोनों जगहों से कुछ जब्त किए जाने या बरामद होने के बारे में भी कोई पक्की जानकारी नहीं है। खबर लिखे जाने तक तलाशी अभियान जारी था और आगे की जानकारी का इंतजार है। कौन हैं AAP विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा? डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा मोगा से AAP की मौजूदा विधायक हैं और पंजाब में पार्टी की महिला विंग की प्रमुख भी हैं। एक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के साथ-साथ, वह पार्टी में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद पर भी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली सूची में मोगा से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की है, जिससे उन्हें इस निर्वाचन क्षेत्र से एक और चुनाव लड़ने के लिए समर्थन मिला है। पार्टी द्वारा उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा के कुछ ही समय बाद ED की छापेमारी हुई है।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 10:15 am

दिल्ली की कंपनी ने दिवाली गिफ्ट में कर्मचारियों को बांटे आईफोन 16, बोले- 'हमारा कोई मुकाबला नहीं'

कंपनी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से जो वीडियो शेयर किया है, उसमें कुल 11 आईफोन एम्प्लॉइज की डेस्क पर रखे आ रहे हैं. यह वीडियो तेजी ये वायरल हो रहा है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:14 am

सीतामढ़ी-अयोध्या के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी, 435 किमी का रूट 6 घंटे में, रेल मंत्री ने दी हरी झंडी

Sitamarhi-Ayodhya Vande Bharat Express: बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच नई वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है. ये सीतामढ़ी को अयोध्या से जोड़ेगी.रेल मंत्री ने इसे सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है और अब इस पर रेल मंत्रालय आगे अध्ययन करा रहा है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:13 am

शोले फिल्म से हटा दिए गए थे ये तीन सीन, इनमें से एक कट की वजह से नाराज हो गए अहमद और सांभा

शोले फिल्म करीब करीब सभी ने देखी होगी. हम आपको इस फिल्म के ऐसे तीन दिखाने और इनके बारे में बताने वाले हैं जो शूट तो हुए लेकिन सेंसर की कैंची के शिकार होकर फिल्म से बाहर हो गए.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 10:13 am

पत्नी की हत्या कर काटा सिर, फिर हाथ में लेकर घूमता रहा पति

पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर में रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है. आरोप है कि रिंटू घोष ने अपनी पत्नी सीमा सरकार घोष की धारदार हथियार से हत्या कर दी. इसके बाद वह पत्नी का कटा सिर हाथ में लेकर इलाके में घूमता रहा और मंदिर पहुंचकर हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगा.

आज तक 4 Nov 2026 10:12 am

धनतेरस की शॉपिंग से पहले पढ़ें ये लिस्ट, ये 9 चीजें खरीदना है शुभ!

Dhanteras 2026: धनतेरस 2026 पर क्या खरीदना माना जाता है शुभ? जानें सोना-चांदी समेत 9 शुभ चीजें, खरीदारी के नियम और घर में सुख-समृद्धि के लिए खास वास्तु टिप्स.

आज तक 4 Nov 2026 10:07 am

फ्लोरिडा में पिया डांडिया ने मारी बाजी, अमेरिकी संसद पहुंचकर रचा इतिहास; क्या है भारत कनेक्शन?

भारतीय मूल की पिया डांडिया ने फ्लोरिडा की 22वीं कांग्रेसनल सीट जीतकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जगह बनाई है। डेमोक्रेटिक पार्टी से चुनाव लड़ीं डांडिया ने रिपब्लिकन केसी असकर को हराया। उनके माता-पिता मूल रूप से राजस्‍थान के जयपुर के रहने वाले हैं। वे ...

वेब दुनिया 4 Nov 2026 10:06 am

प्रशांत भूषण पर FIR, रूसी मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर करने का आरोप

वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, उनके सोशल मीडिया हैंडल से रूस के विदेश मंत्री का फर्जी वीडियो शेयर किया गया था. पुलिस अब वीडियो के सोर्स और उसे शेयर किए जाने से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.

आज तक 4 Nov 2026 10:03 am

हर परेशानी पर मीम! आखिर Gen Z के ह्यूमर की ताकत क्या है?

नौकरी का स्ट्रेस हो, ब्रेकअप या अकेलापन, जेन जी हर परेशानी पर मीम बनाकर अपनी फीलिंग्स जाहिर कर रही है. आखिर कैसे उनका ह्यूमर और मीम कल्चर मुश्किल वक्त में तनाव से निपटने और दूसरों से जुड़ने का तरीका बन गया है?

आज तक 4 Nov 2026 10:00 am

इमरान खान के बाद अब चचेरी बहन की बढ़ीं मुश्किलें: OCI स्टेटस जांच के घेरे में, पुलिस ने FRRO को लिखा पत्र

एक्टर इमरान खान के बाद अब चचेरी बहन की बढ़ीं मुश्किलें: OCI स्टेटस जांच के घेरे में, मुंबई पुलिस ने FRRO को लिखा खत

अमर उजाला 4 Nov 2026 10:00 am

आलीशान है फराह का बेडरूम, गणपति की मूर्ति-एंटीक लाइट से सजाया

बॉलीवुड की पॉपुलर कोरियोग्राफर और डायरेक्टर फराह खान आमतौर पर सेलिब्रिटीज के घरों का टूर देती हैं. लेकिन इस बार फराह ने फैंस को अपने आलीशान बेडरूम की झलक दिखाई है.

आज तक 4 Nov 2026 9:59 am

मैं खुद एक ब्राह्मण महिला हूं, नेहा बोरा को INDIA अलायंस की नेता ने ही सुना दिया

ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन यानी AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह आरोप लगा रही हैं कि ब्राह्मण महिलाएं असुरक्षित हैं और उनके साथ दुष्कर्म होते हैं। अब इसपर INDIA गठबंधन की नेता ने प्रतिक्रिया दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Nov 2026 9:56 am

इंडी गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का अभाव: मुख्यमंत्री

लखनऊ, 4 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कांग्रेस व इंडी गठबंधन पर करारा प्रहार किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है।हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस व इंडी गठबंधनमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के नए रिकॉर्ड बना रही कांग्रेस और इंडी गठबंधन की हताशा अब अराजकता की राजनीति में बदल गई है। इनके नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का पूरा अभाव है। जनादेश का अनादर इसी सोच का परिणाम है।गोरखपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ आज पदयात्रा करेंगे मुख्यमंत्रीमुख्यमंत्री ने बताया कि इस अराजकता के विरुद्ध जनजागरण और लोकतंत्र की गरिमा की रक्षा का संकल्प लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन जी के साथ गोरखपुर में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में सहभागिता करूंगा।लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भाजपामुख्यमंत्री ने एक तरफ कांग्रेस व इंडी गठबंधन की अराजकता पर सवालिया निशान उठाया तो दूसरी तरफ देशवासियों को आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी नेतृत्व में हम भारत के महान लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 9:53 am

CEC Gyanesh Kumar पर रिश्वतखोरी के आरोपों की Kerala में विजिलेंस जांच के आदेश

तिरुवनंतपुरम, चार नवंबर केरलम के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने करीब दो दशक पहले राज्य में सड़क निर्माण परियोजना के दौरान रिश्वत मांगने के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर एक पूर्व ठेकेदार द्वारा लगाए गए नए आरोपों की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) से जांच कराने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक सूत्र ने बुधवार को यह जानकारी दी। यह घटनाक्रम देशभर में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। कोल्लम जिले के चदयामंगलम निवासी ठेकेदार साजन ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) के निदेशक को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उस समय लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव रहे कुमार ने केरल राज्य परिवहन परियोजना (केएसटीपी) के तहत पूरे किए गए कार्यों का भुगतान जारी करने के लिए दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। साजन ने आरोप लगाया कि कुमार ने इंजीनियरों द्वारा पहले ही मंजूर किए जा चुके करीब 17 करोड़ रुपये के बिल के चेक जानबूझकर रोक रखे थे। उसने आरोप लगाया कि इससे मलेशियाई कंपनी पीएटीआई-बीईएल और उसके ठेकेदारों एवं कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। शिकायत के अनुसार, कंपनी के परियोजना इंजीनियर और मलेशियाई नागरिक ली सी बीन ने उन्हें बताया था कि कुमार रिश्वत की मांग पूरी होने तक चेक जारी करने से इनकार कर रहे थे। साजन ने शिकायत में आरोप लगाया, जब मैंने उन्हें सुझाव दिया कि वे कुछ रकम देकर मामले को सुलझा लें, तो उन्होंने बताया कि पीएटीआई-बीईएल के अधिकारी रिश्वत देकर चेक लेने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। साजन ने दावा किया कि ली ने ठेकेदारों और कर्मचारियों का बकाया भुगतान करने के लिए बेंगलुरु में कंपनी की एक अन्य परियोजना से मिली धनराशि का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंजूर बिल का भुगतान जारी करने में देरी और रिश्वत की कथित मांग को लेकर ली ने वर्ष 2006 में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि ली ने अपने सुसाइड नोट में कुमार की भूमिका का उल्लेख किया था और मलेशिया में उनके परिवार के सदस्यों ने कंपनी के कर्मचारियों को इस बारे में जानकारी दी थी। साजन ने कहा कि इस घटना की पहले हुई सतर्कता जांच के दौरान उनसे और रिश्वत की कथित मांग की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले अन्य लोगों से पूछताछ नहीं की गई थी। उन्होंने ली के परिवार के सदस्यों, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों और अन्य गवाहों को साक्ष्य के लिए पेश करने की पेशकश भी की। शिकायत के आधार पर सतर्कता विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज करने के लिए गृह विभाग से अनुमति मांगी थी। सूत्रों के अनुसार, चेन्निथला ने कानूनी राय मिलने के बाद इस मामले में प्रारंभिक जांच का आदेश दिया। नयी शिकायत की जांच सतर्कता टीम द्वारा किए जाने की संभावना है, जो चेन्निथला के निर्देश पर केएसटीपी से जुड़े आरोपों की पहले से ही प्रारंभिक जांच कर रही है। इससे पहले मंत्री ने चार अक्टूबर को केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल की शिकायत के बाद सतर्कता जांच के आदेश दिए थे। यह मामला केएसटीपी के तहत एमसी रोड के उन्नयन कार्य में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। यह काम पीएटीआई-बीईएल समूह को सौंपा गया था। उस दौरान कुमार राज्य के लोक निर्माण विभाग के सचिव थे। ली की मौत के बाद वर्ष 2006 में सतर्कता जांच शुरू की गई थी। हालांकि, खबरों के अनुसार, आरोपों की पुष्टि नहीं होने के कारण बाद में आगे की कार्रवाई किए बिना जांच बंद कर दी गई थी। नयी जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या पिछली जांच में आरोपों के महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल नहीं की गई थी। कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और सतर्कता जांच में इन दावों की पड़ताल की जाएगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार ने अब तक इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

प्रभासाक्षी 4 Nov 2026 9:53 am

₹5,000 की Step-up SIP या ₹10,000 की Fixed SIP: किसमें बनेगा ज्यादा बड़ा फंड? देखें चौंकाने वाला पूरा कैलकुलेशन

म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले अधिकांश निवेशकों के सामने यह बड़ा सवाल रहता है कि क्या उन्हें एकमुश्त भारी बचत के साथ फिक्स्ड एसआईपी (Fixed SIP) शुरू करनी चाहिए या कम रकम से शुरू करके हर साल निवेश बढ़ाने वाली स्टेप-अप एसआईपी (Step-up / Top-up SIP) चुननी चाहिए। फिक्स्ड एसआईपी में निवेश की मासिक राशि पूरे कार्यकाल में एक समान (जैसे हर महीने ₹10,000) रहती है, जबकि स्टेप-अप एसआईपी में निवेशक अपनी आय में होने वाली सालाना वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) के अनुरूप एसआईपी की किस्त में हर साल एक निश्चित प्रतिशत (जैसे 10%) की बढ़ोतरी करता है। उदाहरण के लिए, यदि आप ₹5,000 से शुरुआत करते हैं और 10% सालाना स्टेप-अप जोड़ते हैं, तो पहले वर्ष हर महीने ₹5,000, दूसरे वर्ष ₹5,500, तीसरे वर्ष ₹6,050 और इसी तरह आगे किस्त बढ़ती जाएगी। पहली नजर में ऐसा लग सकता है कि शुरुआत से ही दोगुनी राशि यानी ₹10,000 प्रति माह जमा करने वाली फिक्स्ड एसआईपी आगे रहेगी, लेकिन कंपाउंडिंग और समय का तालमेल लंबे समय में चौंकाने वाले नतीजे देता है।15 साल का कैलकुलेशन: दोनों विकल्पों में कितना बनेगा फंड?यदि औसतन 12% वार्षिक सीएजीआर (CAGR) का अनुमान लगाया जाए, तो 15 वर्षों में दोनों रणनीतियों के परिणाम काफी दिलचस्प होते हैं।₹10,000 की फिक्स्ड एसआईपी (15 वर्ष):कुल जमा पूंजी: ₹18,00,000 (15 साल में हर महीने ₹10,000)अनुमानित ब्याज/मुनाफा: लगभग ₹32,45,760कुल मैच्योरिटी फंड: लगभग ₹50,45,760₹5,000 की 10% स्टेप-अप एसआईपी (15 वर्ष):कुल जमा पूंजी: लगभग ₹19,06,346अनुमानित ब्याज/मुनाफा: लगभग ₹33,83,310कुल मैच्योरिटी फंड: लगभग ₹52,89,65615 साल के पड़ाव पर ₹5,000 की शुरुआती एसआईपी 10% सालाना बढ़त के दम पर ₹10,000 की फिक्स्ड एसआईपी को पीछे छोड़ देती है और लगभग ₹2.44 लाख का अधिक कॉर्पस तैयार करती है।20 साल का महा-मुकाबला: कंपाउंडिंग का असली जादू और विशाल अंतरअसली आश्चर्यजनक अंतर 20 वर्षों के लंबे निवेश क्षितिज में देखने को मिलता है, जहां स्टेप-अप एसआईपी फिक्स्ड एसआईपी को बहुत बड़े अंतर से पछाड़ देती है।₹10,000 की फिक्स्ड एसआईपी (20 वर्ष):कुल जमा पूंजी: ₹24,00,000अनुमानित ब्याज/मुनाफा: लगभग ₹75,91,480कुल मैच्योरिटी फंड: लगभग ₹99,91,480 (करीब ₹1 करोड़)₹5,000 की 10% स्टेप-अप एसआईपी (20 वर्ष):कुल जमा पूंजी: लगभग ₹34,36,500अनुमानित ब्याज/मुनाफा: लगभग ₹1,03,50,000कुल मैच्योरिटी फंड: लगभग ₹1,37,86,500 (करीब ₹1.38 करोड़)20 वर्षों में स्टेप-अप एसआईपी के जरिए लगभग ₹38 लाख का अतिरिक्त फंड तैयार होता है। हालांकि इसमें कुल जमा पूंजी भी फिक्स्ड एसआईपी से करीब ₹10.36 लाख अधिक होती है, लेकिन उस अतिरिक्त पूंजी पर मिलने वाला चक्रवृद्धिकरण (कंपाउंडिंग) रिटर्न अंतिम कॉर्पस को लगभग 38% अधिक बड़ा बना देता है।बजट और करियर के हिसाब से कौन-सा विकल्प आपके लिए बेहतर है?करियर के शुरुआती दौर में जब वेतन सीमित होता है और खर्च अधिक होते हैं, तब शुरुआत में ही ₹10,000 की बड़ी फिक्स्ड एसआईपी शुरू करना हर किसी के बजट में संभव नहीं होता। ऐसे निवेशकों के लिए ₹5,000 की स्टेप-अप एसआईपी सबसे व्यावहारिक और तनाव-मुक्त विकल्प है, क्योंकि जैसे-जैसे करियर आगे बढ़ता है और आय बढ़ती है, एसआईपी की किस्त भी उसी अनुपात में स्वाभाविक रूप से बढ़ती जाती है। वहीं जिन निवेशकों की आय स्थिर है या जो अपने खर्चों को लंबे समय तक एक सीमा में बांधकर निवेश को ऑटो-पायलट मोड पर रखना चाहते हैं, उनके लिए फिक्स्ड एसआईपी एक अनुशासित माध्यम है। दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों जैसे रिटायरमेंट प्लानिंग या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए स्टेप-अप एसआईपी मुद्रास्फीति (महंगाई) को मात देने का सबसे प्रभावी हथियार साबित होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 9:52 am

कौन हैं IPS अधिकारी अनुराग? हुआ तबादला तो, दे दिया इस्तीफा 

मध्य प्रदेश के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने इस्तीफा दे दिया है. उनके इस इस्तीफे पर इसलिए भी हड़कंप मचा है क्योंकि सागर एसपी पद से हटाए जाने के केवल चार दिन बाद ही राज्य सरकार को अपनी त्यागपत्र सौंप दिया है. ऐसे में अब लोग उनके बारे में जानने के लिए और भी ज्यादा उत्सुक हो गए हैं, चलिए जानते हैं उनके बारे में.

आज तक 4 Nov 2026 9:50 am

भाई ने PUBG खेलने से किया मना तो नहर में कूदा 9वीं का छात्र, तलाश जारी

करनाल में घर में हुई कहासुनी और पबजी (PUBG) खेलने से रोकने के बाद 9वीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र प्रिंस ने पश्चिमी यमुना नहर में छलांग लगा दी. बड़े भाई सोनू ने उसे पकड़कर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर पानी में कूद गया. पुलिस और गोताखोरों ने रातभर तलाश की, लेकिन अब तक छात्र का कोई सुराग नहीं मिला है.

आज तक 4 Nov 2026 9:49 am

टीम इंडिया में आएगा नया फील्डिंग कोच! कैच टपकाने से BCCI नाराज

भारतीय क्रिकेट टीम की खराब फील्डिंग और लगातार कैच छोड़ने की समस्या के बीच BCCI ने नए फील्डिंग कोच की तलाश शुरू कर दी है. बोर्ड ने इस पद के लिए 16 नवंबर तक आवेदन मांगे हैं. महिला टीम की फील्डिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.

आज तक 4 Nov 2026 9:46 am

पेट फूलना और गैस से रहते हैं परेशान? डॉक्टर सरीन ने बताए ये तरीके

पेट में गैस बनना, बार-बार डकार आना और पेट फूलना आम लेकिन परेशान करने वाली समस्याएं हैं, जो खानपान, मानसिक तनाव और खराब लाइफस्टाइल से जुड़ी हो सकती हैं. डॉ. एस.के. सरीन ने अच्छी गट हेल्थ के कुछ टिप्स दिए हैं.

आज तक 4 Nov 2026 9:46 am

US Midterm Election Result 2026:

US Midterm Election Result 2026:

वन इंडिया 4 Nov 2026 9:43 am

नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ निकासी: ईपीएफओ के 75% और 100% निकासी के नियम

नौकरी बदलने या नौकरी छोड़ने के बाद भविष्य निधि (EPF) का पैसा निकालने को लेकर कर्मचारियों में अक्सर असमंजस रहता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार नौकरी छूटने के तुरंत बाद पूरा पैसा नहीं निकाला जा सकता, बल्कि इसके लिए बेरोजगारी की अवधि तय की गई है। जब कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है और नई नौकरी जॉइन नहीं करता, तो उसे दो चरणों में फंड निकालने की अनुमति मिलती है। पहले चरण में लगातार एक महीने (30 दिन) तक बेरोजगार रहने पर कर्मचारी अपने कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 फीसदी हिस्सा एडवांस के रूप में निकाल सकता है। इस नियम का मकसद यह है कि आपात स्थिति में कर्मचारी को तुरंत आर्थिक सहायता भी मिल जाए और उसका पीएफ खाता भी पूरी तरह बंद न हो। शेष 25 फीसदी बैलेंस खाते में जमा रहता है, जिस पर ईपीएफओ द्वारा घोषित वार्षिक ब्याज लगातार मिलता रहता है। यदि बेरोजगारी की अवधि लगातार दो महीने (60 दिन) पूरी हो जाती है, तो कर्मचारी शेष 25 फीसदी राशि भी निकाल सकता है, यानी तब पूरे 100 फीसदी फंड का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट हो जाता है।₹1 लाख, ₹3 लाख और ₹5 लाख बैलेंस पर कितना पैसा हाथ में आएगा?यदि आपके ईपीएफ खाते (कर्मचारी शेयर + कंपनी शेयर + अर्जित ब्याज) में ₹1 लाख, ₹3 लाख या ₹5 लाख का फंड जमा है, तो 1 महीने और 2 महीने की बेरोजगारी के बाद मिलने वाली राशि का गणित इस प्रकार रहेगा। मान लीजिए किसी कर्मचारी के खाते में कुल ₹1,00,000 जमा हैं। 1 महीने की बेरोजगारी के बाद वह 75 फीसदी नियम के तहत ₹75,000 की निकासी कर सकता है, जबकि ₹25,000 खाते में सुरक्षित रहेगा। 2 महीने पूरे होने पर वह बचे हुए ₹25,000 भी निकाल सकेगा। इसी प्रकार यदि कुल बैलेंस ₹3,00,000 है, तो 1 महीने बाद 75 फीसदी के हिसाब से ₹2,25,000 की निकासी संभव होगी और ₹75,000 बैलेंस रहेगा, जिसे 2 महीने बाद निकाला जा सकता है। वहीं ₹5,00,000 का फंड होने पर 1 महीने बाद ₹3,75,000 तुरंत निकाले जा सकते हैं और ₹1,25,000 खाते में बरकरार रहेगा, जो 60 दिन की अवधि पूरी होने पर फुल सेटलमेंट में मिल जाएगा।पेंशन (EPS) का पैसा कब और कितना निकाला जा सकता है?कर्मचारियों के पीएफ में दो मुख्य हिस्से होते हैं—पहला ईपीएफ (भविष्य निधि) और दूसरा ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना)। कंपनी के 12 फीसदी योगदान में से 8.33 फीसदी हिस्सा पेंशन फंड में जाता है। पेंशन का पैसा निकालने के नियम पीएफ निकासी से बिल्कुल अलग हैं। यदि कर्मचारी की कुल सेवा अवधि (Service Tenure) 10 वर्ष से कम है, तो वह नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का पैसा एकमुश्त (Lump sum) निकाल सकता है। इसके लिए ईपीएफओ का टेबल-डी (Table D) लागू होता है, जिसमें सेवा के वर्षों और अंतिम वेतन के आधार पर एक निर्धारित फॉर्मूले से पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है। यदि कर्मचारी की कुल नौकरी 10 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, तो नियमों के मुताबिक पेंशन का पैसा बीच में किसी भी हाल में एकमुश्त नहीं निकाला जा सकता। ऐसी स्थिति में कर्मचारी को 'स्कीम सर्टिफिकेट' (Scheme Certificate) जारी किया जाता है और 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसे आजीवन मासिक पेंशन (EPS-95) का लाभ मिलता है।टीडीएस और टैक्स के नियम: 5 साल से पहले निकासी पर क्या कटेगा?पीएफ का पैसा निकालते समय आयकर और टीडीएस (TDS) के नियमों को समझना बेहद जरूरी है ताकि हाथ में आने वाली रकम में अनावश्यक कटौती न हो। यदि किसी कर्मचारी ने लगातार 5 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूरी कर ली है, तो पीएफ और ब्याज की पूरी निकासी पूर्णतः कर-मुक्त (Tax-Free) होती है और इस पर कोई टीडीएस नहीं कटता। विभिन्न कंपनियों में किए गए कार्यकाल को यदि यूएएन (UAN) के जरिए ट्रांसफर किया गया है, तो वह भी कुल सेवा में जुड़ता है। यदि कुल सेवा 5 साल से कम है और निकासी राशि ₹50,000 से अधिक है, तो पैन कार्ड लिंक होने की स्थिति में 10 फीसदी टीडीएस काटा जाता है। यदि पीएफ खाते में पैन कार्ड अपडेट नहीं है, तो अधिकतम दर यानी 34.6 फीसदी तक का भारी टीडीएस कट सकता है। हालांकि, यदि कर्मचारी की उस वित्तीय वर्ष में कुल वार्षिक आय कर योग्य सीमा से कम है, तो वह टीडीएस से छूट पाने के लिए फॉर्म 15G (वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉर्म 15H) ऑनलाइन सबमिट कर सकता है।ऑनलाइन क्लेम कैसे करें? फॉर्म 19, फॉर्म 10C और फॉर्म 31 की प्रक्रियानौकरी छोड़ने के बाद पीएफ निकासी की पूरी प्रक्रिया अब ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (Unified Member Portal) पर पूरी तरह डिजिटल है। सबसे पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पिछली कंपनी द्वारा पोर्टल पर नौकरी छोड़ने की तारीख यानी 'Date of Exit' दर्ज कर दी गई हो। कर्मचारी खुद भी पोर्टल के 'Manage' सेक्शन में जाकर 'Mark Exit' विकल्प से अपनी एग्जिट डेट दर्ज कर सकता है। इसके बाद 'Online Services' टैब में जाकर 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करना होता है। बैंक खाते के अंतिम 4 अंक डालकर सत्यापन करने के बाद क्लेम फॉर्म का चयन करना होता है। 1 महीने की बेरोजगारी पर 75% एडवांस निकालने के लिए फॉर्म 31 (Non-refundable Advance) चुना जाता है। 2 महीने बाद पूरा पीएफ निकालने के लिए फॉर्म 19 (Only PF Withdrawal) भरा जाता है और 10 साल से कम नौकरी होने पर पेंशन निकालने के लिए फॉर्म 10C (Only Pension Withdrawal) भरना अनिवार्य होता है। सभी विवरण दर्ज करने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करते ही क्लेम सबमिट हो जाता है और सामान्यतः 7 से 15 कार्यदिवसों के भीतर राशि सीधे बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 9:43 am

'बेबी डॉल' फेम कनिका कपूर की टूटी दूसरी शादी, 4 साल बाद पति गौतम हाथीरमानी से हुईं अलग

बेबी डॉल फेम सिंगर कनिका कपूर ने अपने दूसरे पति व्यवसायी गौतम हाथीरमानी से अलग होने का ऐलान किया है. उन्होंने किसी तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की बात को खारिज किया और अपने दूसरे तलाक के दौरान प्राइवेसी की अपील की है.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 9:41 am

फोन कॉल का बदलेगा पूरा सिस्टम! TRAI ने जारी किए नए इंटरकनेक्शन नियम, 1 जनवरी से होंगे लागू

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक और हाई-स्पीड संचार आवश्यकताओं के अनुकूल बनाने के लिए 'दूरसंचार इंटरकनेक्शन (तीसरा संशोधन) विनियम' जारी किए हैं। यह नया ढांचा 1 जनवरी 2027 से औपचारिक रूप से प्रभावी होगा। जब आप एक नेटवर्क (जैसे जियो) से किसी दूसरे नेटवर्क (जैसे एयरटेल या वोडाफोन-आइडिया) पर कॉल करते हैं, तो दोनों कंपनियों के नेटवर्क जिस तकनीकी बिंदु पर आपस में जुड़ते हैं, उसे 'प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्शन' (POI) कहा जाता है। वर्षों से चला आ रहा पुराना सिस्टम लिगेसी सर्किट और पुराने लोकल एक्सचेंजों पर निर्भर था, जिससे कॉल कनेक्ट होने में समय लगता था और तकनीकी रुकावटें आती थीं। ट्राई के नए नियमों का सीधा मकसद इस पुराने ढर्रे को खत्म कर पूरे देश के कॉलिंग सिस्टम को अत्याधुनिक इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP-बेस्ड) पर शिफ्ट करना है।पूरी तरह IP-बेस्ड नेटवर्क और 3 साल की समयसीमा का रोडमैपनए नियमों के अनुसार 1 जनवरी 2027 के बाद स्थापित होने वाले सभी नए प्वाइंट ऑफ इंटरकनेक्शन (POI) केवल आधुनिक IP-आधारित तकनीक पर ही बनाए जाएंगे। वर्तमान में मौजूद पुराने E1/TDM-आधारित पारंपरिक इंटरकनेक्शन को भी चरणबद्ध तरीके से हटाने का आदेश दिया गया है। सभी टेलीकॉम ऑपरेटरों को 1 जनवरी 2027 से अगले 3 वर्षों के भीतर अपने मौजूदा पुराने वॉइस और एसएमएस ट्रैफिक को पूरी तरह से IP नेटवर्क में माइग्रेट करना अनिवार्य होगा। IP नेटवर्क पर शिफ्ट होने से बैंडविड्थ की खपत में सुधार होगा, नेटवर्क दक्षता बढ़ेगी और दोनों सिरों के बीच डेटा ट्रांसमिशन की गति में कई गुना बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।लोकल एक्सचेंज से LSA स्तर पर ट्रैफिक शिफ्ट और कड़े जुर्माने का प्रावधानट्राई ने कॉलिंग ट्रैफिक के रूटिंग स्ट्रक्चर को भी पूरी तरह से बदल दिया है। पहले कॉल ट्रैफिक छोटे स्थानीय क्षेत्रों (LDCA/SDCA स्तर) के जटिल नोड्स से होकर गुजरता था, जिससे नेटवर्क में क्लटर बढ़ता था। अब इसे सीधे व्यापक 'लाइसेंस्ड सर्विस एरिया' (LSA यानी सर्कल स्तर) पर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे अनावश्यक तकनीकी जंक्शन खत्म हो जाएंगे। इसके अलावा, नियमों के सख्त पालन के लिए ट्राई ने एक 'ग्रेडेड फाइनेंशियल डिसइंसेंटिव' फ्रेमवर्क भी लागू किया है। अगर कोई टेलीकॉम कंपनी इंटरकनेक्शन देने में देरी करती है, कनेक्टिविटी में बाधा डालती है या निर्धारित सर्विस क्वालिटी मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो उसके खिलाफ गंभीर वित्तीय जुर्माना लगाने का कड़ा प्रावधान किया गया है। साथ ही कंपनियों को ऑपरेशनल वजहों से सरेंडर की सुविधा भी दी गई है ताकि नेटवर्क सुचारू रहे।आम यूज़र्स को क्या मिलेगा फायदा? कॉल ड्रॉप घटेगी और एचडी वॉयस मिलेगीइस तकनीकी बदलाव का सबसे सीधा और बड़ा फायदा आम स्मार्टफोन यूज़र्स को मिलेगा। पुराने रूटिंग नोड्स हटने और सर्कल-स्तरीय IP इंटरकनेक्शन लागू होने से जब आप किसी दूसरे ऑपरेटर के नंबर पर डायल करेंगे, तो कॉल सेटअप टाइम में भारी कमी आएगी, यानी नंबर डायल करते ही कॉल पलक झपकते कनेक्ट हो जाएगी। इसके अलावा, नेटवर्क के बीच डेटा आसानी से फ्लो होने के चलते कॉल ड्रॉप की समस्या लगभग खत्म होने की कगार पर होगी। लेटेंसी घटने से क्रॉस-नेटवर्क कॉलिंग में भी असली एचडी (HD) वॉयस क्लैरिटी मिलेगी, जिससे आवाज बिल्कुल साफ और बिना किसी रुकावट के सुनाई देगी। त्योहारी सीजन या पीक आवर्स के दौरान जब नेटवर्क पर अचानक भारी ट्रैफिक लोड आता है, तब अक्सर नेटवर्क बिजी या कॉल फेल होने की समस्या होती थी; उच्च क्षमता वाले आधुनिक IP नेटवर्क से इस तरह के नेटवर्क कंजेशन से भी स्थायी राहत मिलेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 9:41 am

एक तरफ सात फेरे, दूसरी तरफ निकाह... 7218 जोड़ों की हुई शादी

यूपी के गोंडा में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहारा बनी है. रानी और रंजीत की शादी पैसों की कमी के चलते अटकी हुई थी, लेकिन योजना के तहत उनका विवाह हो गया. जिला समाज कल्याण अधिकारी के मुताबिक, जिले में अब तक 7218 जोड़ों की शादी इस योजना के तहत कराई जा चुकी है.

आज तक 4 Nov 2026 9:41 am

Trump के खिलाफ ईरान का गुस्सा, दी जान से मारने की धमकी!

अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव के बीच ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ तीखा संदेश दिया है. तेहरान के एंगहेलाब स्क्वायर पर लगे एक बड़े होर्डिंग में लिखा है, 'हम ट्रंप को मार डालेंगे.' दूसरे पोस्टर में ट्रंप के साथ जेडी वेंस और बेंजामिन नेतन्याहू को भी निशाना बनाया गया है. अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में बदले की मांग तेज हुई है.

आज तक 4 Nov 2026 9:40 am

EPFO Pension: पेंशनर के निधन के बाद परिवार को कैसे मिलती है वित्तीय सुरक्षा?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के तहत आने वाले निजी और संगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए ईपीएस-95 (Employees' Pension Scheme 1995) एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवच है। नौकरी के दौरान कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते से जो अंशदान पीएफ और पेंशन खाते में जाता है, वह सेवानिवृत्ति के बाद मासिक आय का जरिया बनता है। अकसर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर किसी पेंशनधारक का आकस्मिक निधन हो जाता है, तो उस पेंशन का क्या होता है? क्या यह राशि रुक जाती है या फिर परिवार को इसका लाभ मिलता रहता है? ईपीएफओ के स्पष्ट नियम हैं कि पेंशनर की मृत्यु के बाद यह पेंशन बंद नहीं होती, बल्कि यह अधिकार के रूप में 'फैमिली पेंशन' यानी पारिवारिक पेंशन में बदल जाती है। इसके तहत मृतक की पत्नी (या पति) और 25 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को हर महीने आर्थिक सहारा दिया जाता है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परिवार के मुखिया के न रहने पर भी आश्रितों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।विधवा/विधुर को कितना पैसा मिलता है और इसके नियम क्या हैं?ईपीएस-95 के नियमों के अनुसार पेंशनधारक की मृत्यु के तुरंत बाद उसकी पत्नी (या महिला पेंशनर होने की स्थिति में पति) को 'विधवा/विधुर पेंशन' (Widow/Widower Pension) मिलना शुरू हो जाती है। यह राशि पेंशनर को मिल रही कुल मासिक पेंशन का लगभग 50 फीसदी होती है। न्यूनतम विधवा पेंशन के लिए भी ईपीएफओ ने सीमा निर्धारित की है ताकि महंगाई के दौर में आश्रित को पर्याप्त सहायता मिल सके। यह पेंशन पत्नी को उसके पूरे जीवनकाल तक मिलती रहती है। हालांकि इसमें एक मुख्य शर्त यह है कि यदि मृतक की पत्नी पुनर्विवाह (दूसरा विवाह) कर लेती है, तो उसी दिन से उसकी विधवा पेंशन बंद हो जाती है। यदि पेंशनर ने अपने सेवाकाल के दौरान एक से अधिक शादियां की हों और वे वैध हों, तो नियमों के तहत पारिवारिक पेंशन का वितरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। यदि पेंशनर के कोई संतान नहीं है और पत्नी अकेले ही आश्रित है, तब भी यह आजीवन आर्थिक संबल के रूप में काम करती है।बच्चों और अनाथ संतानों के लिए पेंशन के कड़े नियम व हिस्सेदारीपेंशनधारक के निधन के बाद न केवल पत्नी, बल्कि उसके बच्चों को भी मासिक वित्तीय सहायता का प्रावधान है, जिसे 'चिल्ड्रन पेंशन' (Children Pension) कहा जाता है। नियम के मुताबिक परिवार के अधिकतम दो बच्चों को एक साथ यह पेंशन मिल सकती है। प्रत्येक बच्चे को मिलने वाली राशि विधवा को मिलने वाली पेंशन का 25 फीसदी होती है। यह पेंशन बच्चे की उम्र 25 वर्ष पूरी होने तक ही मिलती है, जिसके बाद इसे समाप्त कर दिया जाता है। यदि परिवार में दो से अधिक बच्चे हैं, तो पहले बड़े दो बच्चों को 25 वर्ष की उम्र तक लाभ मिलेगा और उनके 25 वर्ष पूरे होने के बाद यह क्रम छोटे बच्चों की ओर स्वतः हस्तांतरित हो जाता है। यदि दुर्भाग्यवश माता और पिता दोनों का निधन हो चुका हो या विधवा माता का भी बाद में देहांत हो जाए, तो बच्चों को 'ऑर्फन पेंशन' (Orphan Pension) दी जाती है। अनाथ पेंशन की दर विधवा पेंशन की 75 फीसदी तक होती है और यह भी अधिकतम दो बच्चों को एक समय में 25 वर्ष की आयु तक दी जाती है। इसके अलावा यदि परिवार में कोई बच्चा शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग (Locomotor/Intellectual Disability) है, तो उसे उम्र की सीमा (25 वर्ष) से बाहर रखा गया है। सक्षम चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र जमा करने पर दिव्यांग बच्चे को जीवनभर पारिवारिक पेंशन का लाभ मिलता रहता है।अगर परिवार में पत्नी और बच्चे न हों तो किसे मिलेगा पेंशन का लाभ?कई मामलों में पेंशनर अविवाहित होते हैं या उनके निधन के समय न तो पत्नी जीवित होती है और न ही कोई आश्रित बच्चा होता है। ऐसी स्थिति में ईपीएफओ के नियमों के तहत पेंशन राशि व्यर्थ नहीं जाती। यदि पेंशनर ने अपनी नौकरी के दौरान ईपीएफओ रिकॉर्ड में किसी अन्य आश्रित का वैध नामांकन (Nomination) किया हुआ है, तो उस नामित व्यक्ति (Nominee) को जीवनभर पेंशन दी जाती है। यदि कोई नामांकन भी दर्ज नहीं है, तो पेंशनर पर पूरी तरह से निर्भर रहे माता-पिता (माता और उनके बाद पिता) को पारिवारिक पेंशन पाने का कानूनी अधिकार होता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर आश्रित प्रमाण पत्र और परिवार की स्थिति का विवरण ईपीएफओ को देना अनिवार्य होता है।पेंशन क्लेम करने के लिए कौन-से दस्तावेज हैं अनिवार्य?पेंशनर की मृत्यु के बाद आश्रितों को क्लेम फॉर्म भरते समय जरूरी कागजात पहले से तैयार रखने चाहिए ताकि आवेदन निरस्त न हो। सबसे प्रमुख दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी (नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत) द्वारा जारी मूल 'मृत्यु प्रमाण पत्र' (Death Certificate) है। इसके अलावा मृतक पेंशनर का पीपीओ नंबर (Pension Payment Order) और यूएएन (UAN) नंबर होना जरूरी है। दावेदार यानी पत्नी और बच्चों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। इसके साथ ही बैंक खाते का विवरण (बैंक पासबुक की सत्यापित प्रति या कैंसिल्ड चेक), जिसमें दावेदार का नाम, खाता संख्या और आईएफएससी कोड स्पष्ट दर्ज हो। बच्चों के मामले में उनकी जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का सर्टिफिकेट और दिव्यांग बच्चे के मामले में सरकारी अस्पताल से जारी मेडिकल दिव्यांगता प्रमाण पत्र संलग्न करना होता है।कैसे करें पेंशन का क्लेम? जानें फॉर्म 10D भरने की पूरी ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रियापेंशनर के निधन के बाद परिवार को पेंशन प्राप्त करने के लिए ईपीएफओ का 'फॉर्म 10D' (Form 10D) भरना होता है। यदि मृतक सदस्य का ई-नॉमिनेशन पहले से ईपीएफओ पोर्टल पर सक्रिय और आधार से लिंक है, तो नॉमिनी ईपीएफओ के 'यूनिफाइड मेंबर पोर्टल' पर ऑनलाइन लॉगिन करके सीधे क्लेम फाइल कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन सर्विसेज में क्लेम सेक्शन चुनना होता है और फॉर्म 10D का चयन कर सभी जरूरी दस्तावेज पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करने होते हैं। यदि ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई तकनीकी दिक्कत आए या ई-नॉमिनेशन दर्ज न हो, तो फॉर्म 10D को ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करके ऑफलाइन भी भरा जा सकता है। इस फॉर्म में मृतक पेंशनर का विवरण, आश्रितों की पूरी जानकारी, बैंक खाता विवरण भरकर और सभी जरूरी दस्तावेजों को स्व-प्रमाणित (Self-attested) कर उस क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय (Regional Office) में जमा कराना होता है, जहां से पेंशनर का पीपीओ जारी हुआ था। दस्तावेज सत्यापित होने के बाद 20 से 30 कार्यदिवसों के भीतर क्लेम स्वीकृत कर दिया जाता है और हर महीने की निर्धारित तारीख को पेंशन राशि सीधे आश्रित के बैंक खाते में ट्रांसफर होने लगती है। परिवार को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि पेंशन जारी रखने के लिए प्रतिवर्ष डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificate) जमा करना अनिवार्य होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Nov 2026 9:40 am

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अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का नीला लहर आ गया है. डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को झटका देते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों सदनों में आगे चल रही है, कंट्रोल लेती दिख रही है. डोनाल्ड ट्रंप अब पार्टी के प्रदर्शन से पल्ला झाड़ रहे हैं.

NDTV इंडिया 4 Nov 2026 9:39 am