चिंतन शिविर में पहले दिन साढ़े चार घंटे मंथन, PM मोदी ने जाना हर मंत्रालय का प्लान
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू हुआ, जिसमें विकसित भारत@2047 के विजन और सरकार की दीर्घकालिक रणनीति पर चर्चा हुई.
एक करोड़ से अधिक छात्र, शिक्षक, अभिभावक और नागरिक 25 सितंबर को राष्ट्रगीत के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत देशभर में 25,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गाएंगे। विद्या भारती ने बुधवार को यह जानकारी दी। संगठन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा यह कार्यक्रम शुक्रवार को सुबह 11 बजे शुरू होगा और इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान और इसके राष्ट्रीय महत्व से जोड़ना है। उसने बताया कि अभियान के तहत, स्कूल ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में इसकी भूमिका पर केंद्रित चर्चाओं, प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं। बयान के मुताबिक, ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में राष्ट्रवादी भावना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता के बाद, इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया, जबकि ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया। संगठन ने कहा कि राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम “एक आवाज-एक संकल्प-एक भारत” की भावना को व्यक्त करेगा। बयान के मुताबिक, इस कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा रिकॉर्ड प्रमाणन के लिए छात्रों और आम जनता के सदस्यों द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के सबसे बड़े एक साथ सामूहिक गायन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। दिल्ली में, एक लाख से अधिक छात्रों, शिक्षकों, अभिभावकों और नागरिकों के लगभग 300 स्थानों पर भाग लेने की उम्मीद है।
रूस-ईरान दोनों पर दबाव बनाएगा नया कानून, रुबियो ने बताया ट्रंप का प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' पर हस्ताक्षर कर रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध कानून को लागू किया है.
जायद खान का न्यू लुक वायरल, क्यों याद आए हैरी पॉटर के प्रोफेसर स्नेप
जायद खान का एक वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं. वीडियो सामने आने के बाद लोग उनके न्यू लुक को देखकर चौंक गए हैं. उनकी तुलनाहैरी पॉटर के मशहूर किरदार प्रोफेसर स्नेप से हो रही है.
Varshini Venkat: चेन्नई में टीवी अभिनेत्री कारोबारी से 5.5 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार
एक टेलीविजन अभिनेत्री को अपने एक परिचित शेयर बाजार कारोबारी से मारपीट करने और लघु फिल्म के लिए धन जुटाने के बहाने उससे 5.5 लाख रुपये ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। अभिनेत्री वर्षिणी वेंकट ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर तरुण को उनकी बनाई जा रही लघु फिल्म में धन लगाने के लिए पेशकश की थी लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया। पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को तड़के जब तरुण बाहर से अपनी लॉज लौटे तो वहां मौजूद वेंकट ने अपने दोस्त संजय और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उनसे मारपीट की और उनसे 50,000 रुपये छीन लिये। बाद में संजय की ओर से धमकी भरे फोन आने पर तरुण ने वेंकट के बैंक खाते में तीन लाख रुपये और संजय के बैंक खाते में दो लाख रुपये अंतरित कर दिए। तरुण की शिकायत के आधार पर गिंडी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मंगलवार को मायलापुर निवासी आरोपी वर्षिणी वेंकट (28) को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से एक आईफोन बरामद किया। पूछताछ के बाद अभिनेत्री को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में शामिल अभिनेत्री के अन्य दोस्तों की तलाश जारी है।
बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लेते समय ग्राहकों के सामने सबसे बड़ी परेशानी 'जबरन इंश्योरेंस' (Forced Bundling of Insurance) की आती रही है। अक्सर बैंक अधिकारी लोन स्वीकृत करने की पूर्व-शर्त बनाकर ग्राहक को महंगी सिंगल-प्रीमियम टर्म लाइफ या क्रेडिट शील्ड इंश्योरेंस पॉलिसी लेने पर मजबूर कर देते हैं, जिसका लाखों रुपये का प्रीमियम लोन राशि में ही जोड़ दिया जाता है।भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने इस दशकों पुरानी अनैतिक प्रथा और मिस-सेलिंग पर पूर्ण विराम लगाने के लिए नया और कड़ा ड्राफ्ट रेगुलेशन (IRDAI Draft Norms on Bancassurance & Loan-Linked Insurance) जारी कर दिया है। बीमा नियामक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अब कोई भी ऋणदाता संस्थान या बीमा मध्यस्थ (Bancassurance Partner) किसी भी ग्राहक पर लोन जारी करने के बदले बीमा खरीदने का दबाव नहीं बना सकेगा।Key Highlights of IRDAI Draft: ड्राफ्ट नियमों की 5 बड़ी और अहम बातेंनियामक द्वारा सार्वजनिक किए गए मसौदे में ग्राहकों को वित्तीय राहत और चयन की पूरी स्वतंत्रता देने के लिए निम्नलिखित कड़े प्रावधान किए गए हैं:लोन के लिए बीमा अनिवार्य नहीं (Not Mandatory for Loan Sanction): बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां लोन की स्वीकृति (Loan Approval या Disbursement) को बीमा पॉलिसी खरीदने से नहीं जोड़ सकेंगी। यदि ग्राहक इंश्योरेंस लेने से इनकार करता है, तो भी बैंक उसका लोन आवेदन इस आधार पर खारिज नहीं कर सकता।ग्राहक को अपनी मर्जी की बीमा कंपनी चुनने की आजादी (Freedom of Choice): यदि कोई ग्राहक अपने लोन को सुरक्षित रखने के लिए स्वेच्छा से जीवन बीमा या संपत्ति बीमा लेना भी चाहता है, तो बैंक उसे केवल अपने टाइ-अप वाले बीमा पार्टनर की पॉलिसी लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। ग्राहक खुले बाजार से किसी भी बीमा कंपनी की सस्ती और बेहतर पॉलिसी लाकर बैंक को असाइन (Assign) कर सकता है।सिंगल प्रीमियम का बोझ खत्म, रेगुलर प्रीमियम का विकल्प: बैंकों द्वारा अक्सर 15-20 साल के होम लोन पर 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक का एकमुश्त सिंगल प्रीमियम (Single Premium) वसूला जाता है, जिस पर ग्राहक को वर्षों तक लोन का ब्याज भी भरना पड़ता है। नए नियमों के तहत बीमा कंपनियों और बैंकों को वार्षिक/नियमित प्रीमियम (Regular Annual Premium) का विकल्प अनिवार्य रूप से देना होगा।स्पष्ट और अलग सहमति (Explicit Written Consent): लोन एग्रीमेंट के ढेरों पन्नों के बीच छोटे-छोटे अक्षरों में इंश्योरेंस क्लॉज छिपाने पर रोक लगा दी गई है। इंश्योरेंस के लिए ग्राहक से अलग से स्पष्ट और लिखित/डिजिटल सहमति फॉर्म भरवाना होगा।सरल कैंसिलेशन और रिफंड (Easy Cancellation): यदि किसी ग्राहक को गुमराह करके पॉलिसी बेची गई है, तो फ्री-लुक पीरियड के तहत वह बिना किसी कटौती के पॉलिसी रद्द कराकर अपना पूरा प्रीमियम वापस पाने का हकदार होगा।How Banks Used to Trap Borrowers: समझिए कैसे काम करता था मिस-सेलिंग का गणितबैंकों और लोन एजेंटों के लिए लोन-लिंक्ड इंश्योरेंस भारी कमीशन और फी-बेस्ड इनकम का सबसे बड़ा जरिया रहा है। इसे एक सामान्य उदाहरण से समझा जा सकता है:पैमानापुरानी व्यवस्था (जबरन बंडलिंग)IRDAI के नए ड्राफ्ट नियमबीमा की अनिवार्यतालोन सैंक्शन के लिए अनिवार्य शर्त बना दी जाती थीपूरी तरह स्वैच्छिक (ग्राहक की मर्जी पर निर्भर)प्रीमियम भुगतान मॉडल₹1.5 लाख - ₹2.5 लाख का सिंगल प्रीमियम लोन में जोड़ा जाता थासामान्य टर्म प्लान की तरह सालाना प्रीमियम भरने की छूटअतिरिक्त ब्याज का बोझसिंगल प्रीमियम पर पूरे लोन कार्यकाल (20 वर्ष) तक 8.5%-9% ब्याज लगता थाकोई अतिरिक्त लोन ब्याज नहीं, केवल वास्तविक प्रीमियम देयकंपनी का चयनकेवल वही कंपनी जिससे बैंक का कमीशन अनुबंध थादेश की किसी भी 25+ बीमा कंपनियों में से चयन की खुली छूटलोन ट्रांसफर पर नुकसानलोन बैलेंस ट्रांसफर (BT) कराने पर पुराना इंश्योरेंस लैप्स या शून्य रिफंडपॉलिसी स्वतंत्र रहेगी, नए बैंक में ट्रांसफर पर कोई नुकसान नहींBenefits for Home and Personal Loan Borrowers: ग्राहकों को कैसे मिलेगी सीधी बचत?आईआरडीएआई के इस कड़े कदम से मध्यमवर्गीय होम लोन और पर्सनल लोन ग्राहकों को लाखों रुपये की सीधी बचत होगी:लोन की ईएमआई (EMI) में कमी: जब ₹2 लाख का सिंगल प्रीमियम लोन में नहीं जुड़ेगा, तो ग्राहक की मूल लोन राशि कम रहेगी और मासिक ईएमआई पर सीधा 1,500 से 2,500 रुपये तक का अंतर आएगा।सस्ते शुद्ध टर्म प्लान का विकल्प: बैंक जो ग्रुप क्रेडिट लाइफ पॉलिसी बेचते हैं, वह सामान्य प्योर टर्म इंश्योरेंस (Pure Term Plan) की तुलना में 30% से 50% तक महंगी होती है। अब ग्राहक बाजार से अपने बजट के अनुसार सस्ता और उच्च कवरेज वाला टर्म प्लान चुन सकेंगे।बैंककर्मियों पर मिस-सेलिंग के टारगेट का दबाव कम: बैंकों के ब्रांच मैनेजरों और रिलेशनशिप मैनेजरों (RMs) पर इंश्योरेंस बेचने का जो भारी आंतरिक दबाव रहता था, नियामक की इस गाइडलाइन के बाद उसमें जवाबदेही तय होगी।Legal Redressal and Compliance: जबरदस्ती करने पर कहां करें शिकायत?आईआरडीएआई ने स्टेकहोल्डर्स और आम जनता से इस ड्राफ्ट पर सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद इसे औपचारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा।यदि कोई बैंक या वित्तीय संस्थान नए नियमों के बावजूद किसी ग्राहक पर लोन के बदले बीमा लेने का दबाव बनाता है, तो उपभोक्ता निम्नलिखित माध्यमों से सीधी शिकायत दर्ज कर सकते हैं:बैंक के प्रधान नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) और आंतरिक लोकपाल को लिखित शिकायत।आरबीआई के एकीकृत लोकपाल पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर अनुचित बैंकिंग आचरण की शिकायत।आईआरडीएआई के Bima Bharosa Portal (bimabharosa.irdai.gov.in) या टोल-फ्री नंबर 155255 / 1800 4254 732 पर मिस-सेलिंग की रिपोर्ट।आईआरडीएआई का यह ऐतिहासिक फैसला देश के वित्तीय क्षेत्र में पारदर्शिता लाएगा और कर्ज लेने वाले आम नागरिकों को अनुचित वित्तीय बोझ से सुरक्षित रखेगा।
तीन बहनों के इकलौते भाई की सड़क हादसे में मौत, नवरात्रि में होनी थी शादी
मुजफ्फरनगर में सड़क निर्माण के दौरान पड़ा मलबा एक परिवार के लिए मातम की वजह बन गया. स्कूटी से होटल जा रहे 32 वर्षीय अर्जुन की गाड़ी मलबे पर चढ़कर उछली और वह करीब 10 फीट दूर ईंट-पत्थरों पर जा गिरे. हादसे में उनकी मौके पर मौत हो गई. CCTV में पूरी घटना कैद हुई है. नवरात्रों में उनकी शादी होनी थी.
सीएम योगी 24 सितंबर को करेंगे 12 हजार करोड़ की वरुण विहार और नैमिष नगर योजना का भूमि पूजन
लखनऊ, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 सितंबर को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की वरुण विहार एवं नैमिष नगर योजना का भूमि पूजन करेंगे। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इन योजनाओं के तहत भूखण्डों के पंजीकरण का भी शुभारंभ किया जाएगा।इस दौरान मुख्यमंत्री 2166 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पांच बहुमंजिला आवासीय अपार्टमेंट का शिलान्यास भी करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में होगा। इस मौके पर राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, राज्यसभा सांसद बृजलाल, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, सदस्य विधान परिषद डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, सदस्य विधान परिषद मुकेश शर्मा, सदस्य विधान परिषद डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, सदस्य विधान परिषद रामचंद्र प्रधान, सदस्य विधान परिषद पवन सिंह, सदस्य विधान परिषद सन्तोष सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक जया देवी, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक ओपी श्रीवास्तव, विधायक योगेश शुक्ला, विधायक अमरेश कुमार समेत अन्य नेतागण मौजूद रहेंगे।
राजधानी दिल्ली में दवाओं के काले कारोबार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली सरकार के ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने खुफिया सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए जानलेवा बीमारी रेबीज से बचाने वाली नकली वैक्सीन (Fake Anti-Rabies Vaccine) के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बाजार में लगभग ₹2 लाख की अनुमानित कीमत वाली 481 यूनिट (वायल) नकली रेबीज वैक्सीन बरामद कर जब्त की हैं। पागल कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद लगाया जाने वाला यह टीका सीधे इंसान की जिंदगी और मौत से जुड़ा होता है। यदि किसी संक्रमित मरीज को असली दवा के स्थान पर यह नकली इंजेक्शन लग जाता, तो रेबीज का संक्रमण फैलने से मरीज की जान बचाना असंभव हो जाता।Kanpur Connection Uncovered: उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े रैकेट के तारड्रग कंट्रोलर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन की शुरुआती जांच में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर के तार जुड़े पाए गए हैं:दवा मंडियों से अवैध सप्लाई: जांच में पता चला है कि इस नकली टीके की खेप थोक बाजार के समानांतर गैर-पंजीकृत डीलरों के जरिए कानपुर से राजधानी दिल्ली के प्रमुख मेडिकल स्टोरों और छोटे निजी क्लीनिकों में खपाने के लिए भेजी गई थी।संदेहास्पद बिलिंग नेटवर्क: पकड़े गए स्टॉक के पास न तो कोई वैध खरीद रसीद थी और न ही कंपनी की आधिकारिक डिस्ट्रीब्यूशन इनवॉइस। बिना लाइसेंस वाले बिचौलियों के जरिए कैश-ऑन-डिलीवरी मॉडल पर यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।विशेष जांच दल गठित: दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने उत्तर प्रदेश के ड्रग प्रशासन और स्थानीय पुलिस से संपर्क साधा है, ताकि कानपुर में उस गुप्त ठिकाने या अवैध फैक्ट्री तक पहुंचा जा सके जहां इन नकली टीकों की पैकेजिंग और बॉटलिंग की जा रही थी।Branded Label and Cold Chain Violation: नामी कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा और जानलेवा खतराछापेमारी के दौरान जो 481 वायल जब्त की गई हैं, उनकी प्राथमिक जांच में कई चौंकाने वाली और डरावनी बातें सामने आई हैं:प्रतिष्ठित ब्रांड की हूबहू नकल: जब्त किए गए टीकों पर देश की एक शीर्ष दवा निर्माता कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड का लेबल लगा था। शीशी की पैकेजिंग, फॉन्ट, बारकोड और बैच नंबर को इतनी सफाई से कॉपी किया गया था कि सामान्य केमिस्ट या डॉक्टर के लिए पहली नजर में असली और नकली का फर्क पहचानना बेहद मुश्किल था।सक्रिय तत्व की अनुपस्थिति (No Active Antigen): विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नकली टीकों में आमतौर पर रेबीज को निष्क्रिय करने वाला जरूरी एक्टिव एंटीजन या एंटीबॉडीज नहीं होते। इनमें केवल स्टेरलाइज्ड पानी, सलाइन सॉल्ट या अन्य सामान्य इनएक्टिव पाउडर भर दिया जाता है।कोल्ड चेन का पूरी तरह अभाव: रेबीज जैसी संवेदनशील जैविक दवाओं (Biologics) को 2C से 8C के नियंत्रित तापमान में रखना अनिवार्य होता है। यह अवैध रैकेट इन नकली वायल को बिना किसी कोल्ड चेन मेंटेनेंस के सामान्य डिब्बों और बैगों में ढो रहा था, जो अपने आप में फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन का बड़ा खतरा बन सकता था।Life-Threatening Risks: रेबीज में नकली टीका मतलब 100% मौत का खतराचिकित्सा विज्ञान के अनुसार, रेबीज दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है।एक बार जब रेबीज वायरस इंसान के सेंट्रल नर्वस सिस्टम (मस्तिष्क) तक पहुंच जाता है और हाइड्रोफोबिया (पानी से डर) जैसे लक्षण उभर आते हैं, तो इस बीमारी में मृत्यु दर 100 प्रतिशत होती है।कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने के बाद दिया जाने वाला 'एंटी-रेबीज वैक्सीन' (ARV) ही मरीज के शरीर में समय रहते एंटीबॉडी तैयार कर वायरस को दिमाग तक पहुंचने से रोकता है।यदि किसी पीड़ित व्यक्ति को नकली वैक्सीन की खुराक दे दी जाए, तो उसके शरीर में कोई सुरक्षा तंत्र विकसित नहीं होगा और वह व्यक्ति बिना किसी चेतावनी के मौत के मुंह में समा जाएगा।Delhi Health Department Crackdown: लैब जांच के लिए भेजे गए सैंपल, केमिस्टों को सख्त चेतावनीदिल्ली औषधि प्रशासन ने जब्त की गई सभी 481 वायल को तुरंत सील कर दिया है और उनके रैंडम नमूनों को फोरेंसिक व सरकारी ड्रग टेस्टिंग लैबोरेटरी में रासायनिक परीक्षण के लिए भेज दिया है।ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत केस: आरोपियों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (मिलावट, धोखाधड़ी और मानव जीवन को खतरे में डालने) के तहत सख्त एफआईआर दर्ज की जा रही है।केमिस्टों को सर्कुलर जारी: स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के सभी थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे किसी भी अनधिकृत डीलर से टीके न खरीदें। वैक्सीन केवल कंपनी के अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स से ही वैध जीएसटी बिल और कोल्ड-चेन लॉगबुक के साथ खरीदी जाए।मरीजों और तीमारदारों के लिए अलर्ट: नागरिकों को सलाह दी गई है कि कुत्ते या जानवर के काटने पर टीका हमेशा सरकारी अस्पतालों, अधिकृत डिस्पेंसरियों या बड़े मान्यता प्राप्त अस्पतालों से ही लगवाएं और निजी मेडिकल स्टोर से खरीदते समय बैच नंबर व क्यूआर कोड की प्रामाणिकता जरूर जांचें।
सांपों को बिलकुल नहीं पसंद घर से आ रही ये गंध, सूंघते ही भागते हैं दूर
Snake Safety Tips: बारिश के मौसम में घरों के अंदर कई तरह के कीड़ों-मकौड़े और सांपों के घुस आने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप सांपों को अपने घर से दूर रखना चाहते हैं तो यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपके काफी काम आ सकते हैं.
जानिए कैसे BA पास 'Devil' बन गया ऑनलाइन परीक्षाओं का 'मास्टर हैकर'
SSC GD Exam Hacking Case: नोएडा में SSC GD परीक्षा हैक करने वाला 'Devil' उर्फ अरुण कुमार दिल्ली से गिरफ्तार. STF ने बरामद किए 11 रास्पबेरी पाई और मॉडिफाइड TFT डिवाइस. पढ़ें हैकिंग गिरोह की पूरी रिपोर्ट.
जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR के लिए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका, अर्जेंट लिस्टिंग की मांग
इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आवास से नकदी मिलने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है।
Amazon, Swiggy और Blinkit समेत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर FSSAI का एक्शन, नियम उल्लंघन का आरोप
FSSAI ने एमेजोन, स्विगी इंस्टामार्ट, बिगबास्केट सहित प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर नियमों के उल्लंघन और भ्रामक दावों के लिए दंडात्मक कार्रवाई शुरू की है।
राजस्थान: जयपुर में मर्सिडीज की वर्कशाप में लगी आग, आठ कारें जलीं
जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में मंगलवार देर रात मर्सिडीज कंपनी की वर्कशाप में भीषण आग लग गई। आग से वर्कशाप में मौजूद आठ कारें, महंगे पार्ट्स सहित अन्य सामान पूरी तरह जल गया।
उत्तर प्रदेश 1,16,667 लाभार्थियों के मुख्यमंत्री आवास निर्माण के लिए द्वितीय किश्त के रूप में ₹816.6690 करोड़ (₹81,666.90 लाख) की धनराशि जारी की जिसमें अनुसूचित जनजाति/अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग को उनके पक्के आवास निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रदान की गई है। केशव प्रसाद मौर्यउप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनका निरंतर प्रयास रहा है कि गांवों का विकास तेज होगा तो उत्तर प्रदेश का विकास होगा और उत्तर प्रदेश के विकास से देश के विकसित भारत के संकल्प को गति मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवास निर्माण में पात्र लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और शासन द्वारा निर्धारित धनराशि समय से उनके खातों में पहुंचाई जाए।श्री मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन की मजबूत आधारशिला प्रदान करना है। प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गांवों में सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को भी गति मिल रही है।
राहुल गांधी ने सीएम मोहन को लिखी चिट्ठी, OBC आरक्षण पर पूछा सवाल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण के तहत रुकी नियुक्तियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से जल्द कार्रवाई करने की अपील की है.
ओमान तट के पास जहाज पर हमला, UP के सूरज यादव की मौत; 19 भारतीयों को बचाया गया
ओमान के तट के पास एक और कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ है. इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की प्रक्रिया को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर विपक्ष के तीखे हमलों के बीच देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह सनसनीखेज दावा सामने आने के बाद कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में एसआईआर से जुड़े कई फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं, विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है।तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने बेहद आक्रामक तेवर अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने की मांग कर दी है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकजुट होकर इसे भारतीय संविधान, चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया है।Mamata Banerjee Demands CEC Arrest: 'ज्ञानेश कुमार के पास पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं'कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और वीडियो संदेश जारी करते हुए ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग के अंदर दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा बार-बार आपत्ति जताए जाने के बावजूद एकतरफा फैसले लेना यह साबित करता है कि निष्पक्ष संस्था को 'एकतरफा' तरीके से चलाया जा रहा है।ममता बनर्जी ने तीखे शब्दों में कहा:यह इतिहास का सबसे चौंकाने वाला और अभूतपूर्व घोटाला है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उनके पास इस संवैधानिक पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के एसआईआर के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में चुनाव के दौरान वोटरों को मताधिकार से वंचित किया गया, इसलिए उन सभी राज्यों में पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराए जाने चाहिए।ममता ने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर रहेंगे, विपक्ष का 'इंडिया' गठबंधन देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगा और इस मुद्दे को लेकर सड़क से संसद तक बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।Omar Abdullah Reaction: 'यह संविधान पर हमला नहीं तो और क्या है?'जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग के भीतर उपजे मतभेदों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक बताया। श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:यदि यह संविधान पर खुला हमला नहीं है, तो फिर क्या है? राहुल गांधी बिल्कुल सही कह रहे थे। हमने तो पहले भी परिसीमन (Delimitation) के समय आयोग की अपारदर्शी कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए थे।उमर अब्दुल्ला ने आगे कहा कि जब संवैधानिक संस्था के शीर्ष तीन आयुक्तों में से दो वरिष्ठ सदस्य ही फैसलों पर 14 बार लिखित असहमति जता रहे हों, तो यह साफ हो जाता है कि सब कुछ ठीक नहीं है।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश की जनता का निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया से ही भरोसा उठ जाएगा, तो फिर भारतीय लोकतंत्र में बचेगा ही क्या?Opposition Unity: राहुल, केजरीवाल और उद्धव का एक सुर में वारकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि संस्थागत स्तर पर नागरिकों के मतों की चोरी संविधान पर गंभीर आघात है। उन्होंने कहा कि चुनावी मशीनरी को मनमाने ढंग से चलाने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पूरे एसआईआर प्रोसेस को तत्काल रद्द करने और पिछले वर्षों की मूल वोटर लिस्ट को बहाल करने की मांग की। उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्था को किसी राजनीतिक दल की शाखा की तरह काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।Election Commission Stance: चुनाव आयोग ने मतभेद की खबरों पर क्या दी सफाई?विपक्षी दलों के इन तीखे हमलों और मीडिया रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने भी अपना आधिकारिक पक्ष रखा है:संस्थागत विचार-विमर्श का हिस्सा: चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि फाइलों पर लिखित आपत्तियां, कानूनी सुझाव, तकनीकी आपत्तियां और आंतरिक जांच-पड़ताल किसी भी बहु-सदस्यीय संवैधानिक आयोग की सामान्य और पारदर्शी कार्यप्रणाली का हिस्सा हैं।सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय: आयोग ने कहा कि एसआईआर सहित सभी अंतिम नीतिगत निर्णय तय नियमों, कानूनी प्रावधानों और आयोग के सभी सदस्यों की सामूहिक सहमति से ही लागू किए गए हैं। सुझावों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को त्रुटिहीन और मतदाताओं के अधिकारों को सुरक्षित बनाना था, जिसे अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया जा रहा है।इस पूरे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया और एसआईआर नोटिसों पर सख्त रुख अपनाए जाने के बाद, अब चुनाव आयोग की अंदरूनी कार्यप्रणाली का मुद्दा देश के सबसे बड़े सियासी टकराव का केंद्र बन चुका है।
Kalkaji घटना के बाद DDA ने अपने सभी पार्कों के लिए जारी किए नए सुरक्षा दिशानिर्देश
कालकाजी क्षेत्र के एक पार्क में तीन लोगों द्वारा 17 वर्षीय एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की घटना के बाद सुरक्षा के मुद्दे पर हुई आलोचनाओं के बीच दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुधवार को अपने सभी पार्कों के लिए सुरक्षा उपाय जारी किए। दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) तरणजीत सिंह संधू ने डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और एक सप्ताह के भीतर सभी पार्कों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा, इस अंतरिम अवधि के दौरान डीडीए ने दिल्ली के अपने सभी पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक निर्देश जारी किए। डीडीए ने मामले का संज्ञान लेते हुए अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पार्कों में सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई निवारक और नागरिक-केंद्रित उपाय शुरू किए। सुरक्षा उपायों में शाम के समय सुरक्षाकर्मियों द्वारा सतर्कता बढ़ाना, सूर्यास्त के बाद प्रवेश पर प्रतिबंध, प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने सहित अन्य कदम शामिल हैं।
सनातन धर्म परंपरा में पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष की 16 दिनों की अवधि पूर्वजों, कुलदेवताओं और पितरों के प्रति श्रद्धा, तर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पावन कालखंड मानी जाती है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष 26 सितंबर से पितृ पक्ष का शुभारंभ हो रहा है, जो आश्विन माह की सर्वपितृ अमावस्या तक चलेगा। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों में पितर सूक्ष्म रूप में अपने वंशजों के घरों में पधारते हैं और उनकी निष्ठा, सेवा भाव व सात्विकता को देखकर तृप्त होते हैं।शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि जिस घर में गंदगी, नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोष का वास होता है, वहां पितर देव अप्रसन्न होकर बिना आशीर्वाद दिए लौट जाते हैं, जिससे जीवन में 'पितृ दोष' (Pitru Dosh) की स्थिति उत्पन्न होती है। अतः 26 सितंबर को पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर की गहन साफ-सफाई के साथ-साथ इन 4 अशुभ और नकारात्मक वस्तुओं को तुरंत बाहर कर देना चाहिए ताकि पूर्वजों की असीम कृपा प्राप्त हो सके।1. Broken Mirrors and Cracked Glassware: टूटे शीशे और दरके कांच के बर्तनघर में किसी भी कोने में रखा चटका या टूटा हुआ दर्पण (Mirror), खिड़की का टूटा कांच या दरार पड़े हुए क्रॉकरी/कांच के बर्तन भारी वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं।दोष का कारण: वास्तु शास्त्र में दर्पण और कांच को राहु और ऊर्जा के परावर्तन (Reflection) का कारक माना गया है। टूटे हुए दर्पण से निकलने वाली नकारात्मक तरंगे घर के मानसिक वातावरण को दूषित करती हैं।पितृ पक्ष पर असर: मान्यता है कि खंडित वस्तुओं की उपस्थिति से घर में 'शोक ऊर्जा' का संचार होता है। जब पितर घर में प्रवेश करते हैं, तो ऐसी नकारात्मक ऊर्जा उन्हें अशांत करती है। इसलिए घर में पड़े किसी भी टूटे हुए शीशे या चटके बर्तनों को आज ही बाहर का रास्ता दिखाएं।2. Broken Idols and Torn Religious Pictures: खंडित मूर्तियां और फटी तस्वीरेंअक्सर पूजा घर या घर के किसी कोने में भगवान की टूटी हुई मूर्तियां, दरके हुए शिवलिंग या पुरानी व फटी हुई धार्मिक तस्वीरें रखी रह जाती हैं।शास्त्रसम्मत नियम: किसी भी खंडित मूर्ति की पूजा करना या उसे घर में सहेज कर रखना शास्त्रों में निषेध माना गया है। खंडित मूर्ति से प्राण-ऊर्जा समाप्त हो जाती है और वह वास्तु दोष का केंद्र बन जाती है।विसर्जन विधि: पितृ पक्ष शुरू होने से पहले पूजा स्थल की संपूर्ण शुद्धि करें। यदि कोई प्रतिमा खंडित हो गई है या तस्वीर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, तो उसे आदरपूर्वक किसी पवित्र नदी, बहते जल में प्रवाहित कर दें या किसी पीपल के वृक्ष की जड़ के समीप साफ कपड़े में लपेटकर विसर्जित कर दें।3. Stopped Clocks and Non-Working Electronics: बंद पड़ी घड़ियां और कबाड़ इलेक्ट्रॉनिक्सदीवार पर टंगी बंद घड़ी, टेबल पर रखा रुका हुआ टाइमपीस या बरसों से ड्रॉर में पड़ा खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में समय की प्रगति को अवरुद्ध करता है।ऊर्जा अवरोध: ज्योतिष और वास्तु में घड़ी को कालचक्र और जीवन की प्रगति का प्रतीक माना गया है। बंद घड़ी घर में दुर्भाग्य, अकर्मण्यता और आर्थिक गतिरोध लाती है।कबाड़ का निस्तारण: यदि घड़ी की बैटरी खत्म हो गई है, तो तुरंत नया सेल लगाएं और उसे चालू करें। यदि वह पूरी तरह खराब हो चुकी है या कोई पुराना इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केवल जगह घेर रहा है, तो उसे कबाड़ में निकाल दें। पितृ पक्ष में घर का हर कोना गतिशील और स्वच्छ ऊर्जा से युक्त होना चाहिए।4. Old Footwear, Torn Mattresses and Dirty Clutter: फटे-पुराने जूते-चप्पल और फटे गद्देघर के मुख्य द्वार पर या सीढ़ियों के नीचे बिखरे हुए पुराने घिसे जूते-चप्पल, टूटी चप्पलें, फटे-पुराने कंबल और गद्दे शनि और दरिद्रता की नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं।मुख्य द्वार की शुद्धि: पितरों का आगमन घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) से माना जाता है। यदि मुख्य द्वार पर टूटे जूते-चप्पल या कूड़े-कबाड़ का अंबार लगा रहेगा, तो यह पितरों का अनादर माना जाता है।संस्कार और नियम: अनुपयोगी, फटे जूते-चप्पलों को तुरंत फेंकें और मुख्य द्वार को गंगाजल मिले पानी से पोंछकर स्वच्छ बनाएं। फटे-पुराने और बदबूदार बिस्तरों को हटाकर घर में साफ, धुले और सुगंधित वस्त्रों का ही उपयोग करें।Pitru Paksha Shuddhi Rules: 26 सितंबर से पहले इन बातों का भी रखें ध्याननकारात्मक वस्तुओं को हटाने के साथ-साथ पितृ पक्ष के स्वागत के लिए घर में कुछ सात्विक परंपराओं का पालन अवश्य करना चाहिए:गंगाजल और गोमूत्र का छिड़काव: पूरे घर में, विशेषकर रसोई, पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर गंगाजल और थोड़ा गोमूत्र मिलाकर छिड़कें। इससे वातावरण पूर्णतः कीटाणु-मुक्त और आध्यात्मिक रूप से शुद्ध होता है।कपूर और गूगल की धूप: घर में प्रतिदिन संध्या समय कपूर, लौंग और शुद्ध गूगल की धूप दिखाएं। इसकी सुगंध से नकारात्मक जीवाणु और सूक्ष्म दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं।ईशान और दक्षिण दिशा का संतुलन: घर की दक्षिण दिशा यम और पितरों की मानी जाती है। इस दिशा को हमेशा भारी और साफ रखें, जबकि उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को पूरी तरह हल्का और स्वच्छ रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहे।समय रहते इन अवांछित वस्तुओं को घर से बाहर कर आप अपने घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं, जिससे 26 सितंबर से शुरू हो रहे पितृ पक्ष में पितरों का आशीर्वाद पूरे परिवार पर सुख-शांति और समृद्धि बनकर बरसेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से 20 बागी तृणमूल कांग्रेस सांसदों की अयोग्यता याचिका पर त्वरित निर्णय लेने की उम्मीद जताई है। पीठ ने कहा कि वह स्पीकर को निर्देश नहीं दे सकती, लेकिन त्वरित समाधान की याद दिलाना चाहती है, जिस पर स्पीकर के वकील ने कहा कि अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी जानते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और अन्य चुनाव आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति से जुड़े चयन पैनल के विवाद ने एक बार फिर बड़ा कानूनी और संवैधानिक मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा पारित 'मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को 5 सदस्यीय संविधान पीठ (Constitution Bench) के पास भेजने का निर्णय लिया है।शीर्ष अदालत की दो जजों की खंडपीठ ने याचिकाओं पर विचार करते हुए पाया कि इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक मुद्दे पर जजों की कानूनी राय बंटी हुई है और इसमें संविधान के मूलभूत ढांचे (Basic Structure) तथा निष्पक्ष चुनाव से जुड़े गहरे संवैधानिक सवाल निहित हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक एक बड़ी संवैधानिक पीठ इस कानून की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं सुना देती, तब तक इस चयन प्रक्रिया की संवैधानिकता का प्रश्न खुला रहेगा।Why Judges Had Divergent Views: जजों के बीच राय बंटने के मुख्य आधारसुनवाई के दौरान खंडपीठ के जजों के बीच विधायी शक्ति और न्यायपालिका के पिछले फैसलों की व्याख्या को लेकर मतभेद उभरे:एक दृष्टिकोण (संसद की विधायी सर्वोच्चता): इस विचार के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 324(2) में स्पष्ट लिखा गया है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संसद द्वारा बनाए जाने वाले कानून के अधीन होगी। जब संसद ने विधिवत कानून पारित कर दिया है, तो चयन पैनल की संरचना तय करना विधायिका का अधिकार क्षेत्र है और इसमें न्यायपालिका को दखल देने से बचना चाहिए।दूसरा दृष्टिकोण (संस्थान की स्वायत्तता और अनूप बरनवाल फैसला): दूसरे विचार का मानना है कि मार्च 2023 में 5 जजों की संविधान पीठ (अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ) ने निष्पक्ष चुनाव को लोकतंत्र का आधार स्तंभ मानते हुए ही सीजेआई को पैनल में शामिल किया था। सरकार द्वारा सीजेआई को हटाकर अपने ही एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल करने से 2:1 के बहुमत से कार्यपालिका का ही पूर्ण वर्चस्व स्थापित हो जाता है, जो चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।राय में एकरूपता न होने और अनूप बरनवाल मामले के 5 जजों के पूर्व फैसले की नजीर के चलते मामले को औपचारिक रूप से चीफ जस्टिस को रेफर किया गया ताकि वे 5 जजों की नई संविधान पीठ का गठन कर सकें।How 2023 Law Replaced CJI: जानिए 2023 के कानून से क्या हुआ बदलावमार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट की तत्कालीन 5 जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया था कि जब तक संसद कोई नया कानून नहीं बनाती, तब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक त्रिसदस्यीय समिति की सिफारिश पर होगी, जिसमें शामिल थे:भारत के प्रधानमंत्री (अध्यक्ष)लोकसभा में विपक्ष के नेता (या सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता)भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)हालांकि, दिसंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों ने नया कानून पारित किया। इस नए कानून में चयन समिति का स्वरूप बदल दिया गया:भारत के प्रधानमंत्री (अध्यक्ष)लोकसभा में विपक्ष के नेताप्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्रीइस फेरबदल से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को समिति से पूरी तरह बाहर कर दिया गया और उनकी जगह एक केंद्रीय मंत्री को बिठा दिया गया। इसी प्रावधान को एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR), डॉ. जया ठाकुर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।Petitioners Argument vs Governments Stance: अदालत में दोनों पक्षों की दलीलेंइस ऐतिहासिक मामले में दोनों पक्षों के बीच तीखी कानूनी बहस देखने को मिली है:याचिकाकर्ताओं की दलीलें:समिति में प्रधानमंत्री और उनके द्वारा मनोनीत कैबिनेट मंत्री के होने से सरकार के पास हमेशा 2:1 का पूर्ण बहुमत रहेगा।विपक्ष के नेता की भूमिका केवल प्रतीकात्मक (फॉर्मल) रह जाएगी।निर्वाचन आयोग जैसी स्वतंत्र संवैधानिक संस्था की नियुक्ति में कार्यपालिका की ऐसी एकतरफा शक्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव (Free and Fair Elections) के सिद्धांत पर आघात करती है।केंद्र सरकार का पक्ष:संविधान निर्माताओं ने अनुच्छेद 324(2) के तहत कानून बनाने की संपूर्ण शक्ति केवल और केवल संसद को सौंपी थी।सुप्रीम कोर्ट का मार्च 2023 का फैसला सिर्फ एक 'स्टॉप-गैप अरेंजमेंट' (अंतरिम व्यवस्था) था, जो कानून बनने तक के लिए ही लागू था।न्यायपालिका कार्यपालिका के प्रशासनिक चयन पैनलों में अनिवार्य रूप से शामिल नहीं हो सकती, क्योंकि यह शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत का उल्लंघन होगा।What Happens Next: संविधान पीठ के सामने क्या होंगे मुख्य कानूनी सवाल?अब देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) इस मामले की सुनवाई के लिए 5 वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक विशेष संविधान पीठ अधिसूचित करेंगे। संविधान पीठ मुख्य रूप से इन तीन बड़े संवैधानिक सवालों की समीक्षा करेगी:क्या संसद द्वारा बनाया गया 2023 का कानून संविधान के मूल ढांचे और चुनाव आयोग की स्वायत्तता का उल्लंघन करता है?क्या चयन समिति से मुख्य न्यायाधीश को बाहर कर कार्यपालिका के बहुमत वाला पैनल बनाना मनमाना (Arbitrary) और अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है?क्या पूर्व में 5 जजों की संविधान पीठ द्वारा दिए गए निर्देशों को विधायी प्रक्रिया द्वारा इस तरह बदला जा सकता है?जब तक संविधान पीठ का अंतिम निर्णय नहीं आता, तब तक चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और उसकी चयन प्रक्रिया को लेकर देश की विधिक और राजनीतिक बिरादरी में यह बहस पूरी तीव्रता से जारी रहेगी।
अंबानी नहीं तो भारत का सबसे अमीर व्यक्ति कौन? अदाणी, मित्तल-बिरला किस नंबर पर? देखें लिस्ट
गौतम अदाणी और उनका परिवार मुकेश अंबानी को पछाड़कर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं।
भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और चर्चित सस्पेंस-थ्रिलर फ्रैंचाइजी 'दृश्यम' के बहुप्रतीक्षित तीसरे व अंतिम भाग 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' (Drishyam: The Conclusion) का पहला ट्रैक 'मुस्कुरा दो' (Muskura Do) आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया गया है। गाने के आउट होते ही सोशल मीडिया और म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस गाने की सबसे बड़ी यूएसपी 90 के दशक के इंडी-पॉप लीजेंड लकी अली (Lucky Ali) की आवाज है, जिन्होंने अपनी विशिष्ट, सुकून देने वाली और मखमली गायकी से इस ट्रैक में जान फूंक दी है।जहां दृश्यम फ्रेंचाइजी अपनी तीखी मिस्ट्री, कोर्ट-कचहरी, पुलिस जांच और दिमाग घुमा देने वाले ट्विस्ट्स के लिए जानी जाती है, वहीं इस नए गाने में विजय साल्गांवकर के परिवार के भावनात्मक बंधन, उनकी आपसी एकजुटता और तूफानों के बीच शांति तलाशने की कोशिश को बेहद खूबसूरती से पिरोया गया है।Soulful Melody and Lyrics: तनाव के बीच साल्गांवकर परिवार का सुकून'मुस्कुरा दो' गाने का मिजाज पूरी तरह सॉफ्ट-एकॉस्टिक और मेलोडियस है। गाने के विजुअल्स में दिखाया गया है कि कैसे वर्षों के डर, कानूनी जांच और मानसिक दबाव के बावजूद परिवार एक-दूसरे का संबल बना हुआ है।संगीत और संयोजन: गाने का म्यूजिक अरेंजमेंट बेहद सादा और दिल को छू लेने वाला है। एकॉस्टिक गिटार, हल्की बांसुरी और वॉयलिन के बैकग्राउंड नोट्स लकी अली की आवाज के साथ एक सम्मोहक माहौल तैयार करते हैं।अर्थपूर्ण बोल: गाने के बोल उन पलों को बयां करते हैं जहां बाहरी दुनिया चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हो, अपनों की एक मुस्कान इंसान को हर जंग लड़ने का हौसला दे जाती है।लकी अली का जादुई अंदाज: लंबे समय बाद किसी बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट में लकी अली का ऐसा शुद्ध, अनप्लग्ड और सुकून देने वाला गाना सुनने को मिला है, जिसने उनके प्रशंसकों को उनके क्लासिक गानों 'ओ सनम' और 'सफरनामा' के दौर की याद दिला दी है।Drishyam Saga The Climax: क्या साल्गांवकर परिवार को मिलेगा न्याय या राजफाश?'दृश्यम' (2015) और 'दृश्यम 2' (2022) की ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस सफलता के बाद 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' इस कहानी का अंतिम अध्याय माना जा रहा है। 2 और 3 अक्टूबर की स्वामी चिन्मयानंद जी के आश्रम वाली वो कहानी, जिसने पूरे देश के दर्शकों को सिनेमाघरों में अपनी कुर्सियों से बांधे रखा था, अब अपने अंतिम और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।पहले दो भागों में जहां विजय साल्गांवकर (अजय देवगन) ने अपने परिवार को बचाने के लिए पुलिस तंत्र की आंखों में धूल झोंक दी थी, वहीं इस कन्क्लूजन पार्ट में जांच एजेंसियों का शिकंजा और अधिक कसता दिखाई देगा। मेकर्स ने इस गाने के जरिए यह संकेत दिया है कि थ्रिलर के पीछे की असली ताकत उस परिवार का आपस में अटूट प्यार और भरोसा है।Audience and Social Media Reactions: रिलीज होते ही यूट्यूब पर छाया गानागाने के म्यूजिक वीडियो के रिलीज होते ही यूट्यूब, इंस्टाग्राम रील्स और एक्स (ट्विटर) पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है:फैंस का कहना है कि थ्रिलर फिल्म में एक ऐसा मेलोडियस गाना कहानी की गति को ब्रेक नहीं देता, बल्कि किरदारों के साथ दर्शकों का भावनात्मक जुड़ाव और गहरा कर देता है।लकी अली की गायकी की तारीफ करते हुए एक यूजर ने लिखा, लकी अली की आवाज किसी बाम की तरह है, जो आज के शोर-शराबे वाले संगीत के बीच रूह को सुकून देती है।म्यूजिक चार्ट्स पर यह ट्रैक रिलीज के चंद घंटों में ही टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल हो गया है।
झारखंड की लौहनगरी जमशेदपुर की सुरम्य दलमा की पहाड़ियों की तलहटी (बोड़ाम/पटमदा प्रखंड) में स्थित हाथीखेड़ा बाबा मंदिर (Hathikheda Mandir) आस्था, लोक-विश्वास और अनूठी मान्यताओं का एक ऐसा केंद्र है, जिसके नियम सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। लगभग 300 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान शिव और गजराज (हाथी) के स्वरूप में 'हाथीखेड़ा बाबा' की पूजा-अर्चना की जाती है।झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। लेकिन जितनी गहरी इस मंदिर की मान्यता है, उतने ही कठोर और विस्मयकारी यहां के नियम हैं। इस मंदिर में चढ़ाए गए प्रसाद को लेकर दो ऐसे नियम सदियों से चले आ रहे हैं, जिनका उल्लंघन करने की हिम्मत कोई नहीं करता—पहला, मंदिर का प्रसाद किसी भी सूरत में मंदिर की सीमा से बाहर या घर नहीं ले जाया जा सकता, और दूसरा, इस मुख्य भोग/प्रसाद को महिलाएं ग्रहण नहीं कर सकतीं।Temple Prasad Strict Rules: न घर ले जाने की अनुमति, न महिलाओं को भोगहाथीखेड़ा बाबा मंदिर परिसर में प्रसाद वितरण और उपभोग को लेकर बेहद कड़े रीति-रिवाज बनाए गए हैं:मंदिर सीमा से बाहर प्रसाद ले जाना पूर्णतः वर्जित: श्रद्धालु बाबा के दरबार में जो भी भोग (चाहे वह खीर, खिचड़ी हो या मन्नत पूरी होने पर दी गई बलि का प्रसाद) तैयार करते हैं, उसे मंदिर के तय परिक्षेत्र के भीतर ही पकाना और खाना होता है। इस प्रसाद का एक भी कण मंदिर की परिधि से बाहर ले जाना वर्जित माना गया है। यदि कोई भूलवश या जानबूझकर प्रसाद घर ले जाने का प्रयास करता है, तो लोक-मान्यता के अनुसार उसके साथ अनहोनी की आशंका बनी रहती है।प्रसाद बचा तो परिसर में ही विसर्जित: यदि भोजन या प्रसाद बच जाता है, तो उसे फेंकने या बाहर ले जाने के बजाय मंदिर परिसर की मिट्टी में ही विधि-विधान से गड्ढा खोदकर समाहित (दफन) कर दिया जाता है, ताकि किसी जीव-जंतु द्वारा उसे सीमा के बाहर न ले जाया जा सके।महिलाओं के लिए प्रसाद निषेध: मंदिर के मुख्य अनुष्ठानिक प्रसाद को महिलाओं को देने या उनके द्वारा ग्रहण करने की सख्त मनाही है। महिलाएं मंदिर में आकर दर्शन-पूजन कर सकती हैं, माथा टेक सकती हैं और सामान्य पूजा सामग्री अर्पित कर सकती हैं, लेकिन मुख्य बलि या तर्पण से जुड़े महाप्रसाद को वे न तो छू सकती हैं और न ही खा सकती हैं।The Legend Behind the Rituals: क्या है इन अनोखे नियमों के पीछे का रहस्य?स्थानीय लोक कथाओं और ग्रामीणों के अनुसार, इस परंपरा के पीछे सदियों पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं:ग्रामीण मान्यता और तांत्रिक विधि: मंदिर के पुजारी और बुजुर्ग बताते हैं कि हाथीखेड़ा बाबा ग्राम देवता और वन रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। यहां के अनुष्ठान प्राचीन जनजातीय एवं तांत्रिक पद्धति से जुड़े हुए हैं। ऊर्जा के तीव्र प्रवाह और कठिन साधना के नियमों के कारण महिलाओं को इस विशेष भोग के सेवन से दूर रखा जाता है, ताकि उन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।मन्नत पूरी होने पर मिट्टी के हाथी अर्पित करने की परंपरा: मंदिर का नाम 'हाथीखेड़ा' इसलिए पड़ा क्योंकि दलमा के जंगलों में जंगली हाथियों का निवास है और उन्हें बाबा का दूत माना जाता है। श्रद्धालु जब यहां मन्नत मांगते हैं, तो मनोकामना पूरी होने पर वे मंदिर परिसर में मिट्टी या टेराकोटा से बने छोटे-बड़े हाथी बाबा को भेंट स्वरूप चढ़ाते हैं। आज पूरे मंदिर प्रांगण में हजारों रंग-बिरंगे मिट्टी के हाथी देखे जा सकते हैं।Devotees and Daily Life: दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु, खुद बनाते हैं भोगहाथीखेड़ा मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु अपनी मन्नत के अनुसार भोजन सामग्री (चावल, दाल, आटा, मसाले) साथ लेकर पहुंचते हैं। मंदिर के चारों ओर बने खुले शेड्स और पेड़ों के नीचे परिवार के पुरुष सदस्य स्वयं अपने हाथों से भोजन व भोग तैयार करते हैं।बाबा को भोग लगाने के बाद वहीं बैठकर सभी पुरुष व बच्चे एक साथ पंगत में प्रसाद ग्रहण करते हैं। दर्शन के लिए आने वाली महिला श्रद्धालु बाबा का आशीर्वाद लेकर सामान्य सूखे मेवे या फल आदि ही ग्रहण करती हैं और मुख्य महाप्रसाद केवल पुरुषों द्वारा ही वहीं समाप्त किया जाता है।प्रशासन और स्थानीय मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिसर में स्वच्छता, पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी सदियों पुरानी इन परंपराओं का अटूट पालन इस धाम को देश के अन्य मंदिरों से बिल्कुल अलग और रहस्यमयी बनाता है।
सावधान! इन राज्यों में बारिश के साथ आ सकती है तबाही, IMD ने जारी किया 'फ्लैश फ्लड' का अलर्ट
मौसम विभाग ने चार राज्यों के 33 जिलों के लिए फ्लैश फ्लड का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले कुछ समय में यहां तेजी के साथ बारिश हो सकती है, जिससे नदियां और नाले उफान पर आने की आशंका है।
Delhi Monsoon: राष्ट्रीय राजधानी से 83 दिन बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा, 14 साल में सबसे छोटा दौर
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 83 दिन की अवधि पूरी करने के बाद बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी से विदा ली जो पिछले 14 वर्षों में दिल्ली में मानसून का सबसे छोटा दौर रहा। हालांकि देर से दस्तक देने के बावजूद, इस बार मानसून के दौरान सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दो जुलाई को दिल्ली में दस्तक दी थी और इसने 23 सितंबर को विदाई ली। यानी मानसून राष्ट्रीय राजधानी में 83 दिन रहा। इसके मुकाबले 2025 में यह 87 दिन, 2024 में 96 दिन और 2023 में 97 दिन रहा था। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इससे कम अवधि तक मानसून आखिरी बार 2012 में रहा था। उस साल मानसून ने सात जुलाई को दस्तक देने के बाद 25 सितंबर को विदाई ली थी। इस तरह 2012 में मानसून 80 दिन ही रहा था। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार भी दिल्ली में देर से दस्तक दी। वह दो जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा, जबकि इसके पहुंचने की सामान्य तारीख 27 जून है। पांच साल बाद ऐसा हुआ है, जब मानसून ने जुलाई में दिल्ली में दस्तक दी। इससे पहले 2021 में उसने 13 जुलाई को दस्तक दी थी। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो गया है। इस बार मानसून की विदाई सामान्य तारीख 25 सितंबर से दो दिन पहले हुई। पिछले साल मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से लौटा था। वर्ष 1961 के बाद दिल्ली से मानसून की सबसे जल्दी विदाई 1982 में हुई थी, जब वह तीन सितंबर को ही लौट गया। इसके विपरीत 2013 में मानसून 17 अक्टूबर तक डेरा डाले रहा था। मानसून भले ही इस बार कम समय के लिए दिल्ली में ठहरा, लेकिन बारिश के मामले में उसने कोई कमी नहीं छोड़ी। पूरे मौसम में राजधानी में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। शहर की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग में एक जून से 23 सितंबर तक 728.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 629.7 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार बारिश सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक रही। आईएमडी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सामान्य से अधिक बारिश के बावजूद इस साल बारिश का कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बना। इसकी वजह यह है कि पिछले दो वर्षों में दिल्ली में 900 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, पूरी दिल्ली में बारिश का दौर एक जैसा नहीं रहा। जुलाई में रिज क्षेत्र में 285.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 188.5 मिलीमीटर है। यानी यहां बारिश सामान्य से 51 प्रतिशत अधिक रही। लोधी रोड में 274.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 201.9 मिलीमीटर की सामान्य बारिश से 36 प्रतिशत अधिक है। आयानगर में जुलाई के दौरान 210.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 178.5 मिलीमीटर है। यहां बारिश सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक रही। दूसरी ओर, पालम एकमात्र प्रमुख वेधशाला रहा, जहां सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई। यहां 179.1 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य आंकड़ा 198.2 मिलीमीटर है। अगस्त मानसून का सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा। सफदरजंग में इस माह सामान्य 222.9 मिलीमीटर की तुलना में 354.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई यानी सामान्य से 59 प्रतिशत अधिक।
एक चिता पर हत्यारा पति, पत्नी और बेटा... आजमगढ़ में भतीजी ने दी मुखाग्नि
Azamgarh Encounter Case: आजमगढ़ में पत्नी, बेटे और दो पुजारियों की हत्या करने वाले अरविंद सिंह का एनकाउंटर. राजघाट पर कोई पुरुष नहीं बचा तो भतीजी ने दी आरोपी चाचा, चाची और भाई को मुखाग्नि. पुलिस रेस्क्यू में बचाई गईं दो बेटियां. पढ़ें खौफनाक वारदात की इनसाइड स्टोरी.
'बार काउंसिल कैसे कर सकती है लॉ कॉलेजों का नियमन', सुप्रीम कोर्ट का सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की लॉ कॉलेजों को विनियमित करने की शक्ति पर सवाल उठाया है।
सहारनपुर में मंदिर पर प्रसाद चढ़ाने गया था 12 साल का बच्चा, कुत्तों के झुंड ने नोच-नोचकर ले ली जान
सहारनपुर में 12 साल के मन्नू की आवारा कुत्तों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई. गोगा म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाने पहुंचे बच्चे को कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और हमला कर दिया.
बॉलीवुड गीत पहेली: 1997 में शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित, करिश्मा कपूृर और अक्षय कुमार की एक फिल्म आई थी. जिसमें 'कोई लड़की है' गाना आया था. अब मजेदार यह है कि क्या आप जानते हैं इस गाने में उदित नारायण और लता मंगेशकर ने कितनी बार चक धूम धूम शब्दों का इस्तेमाल किया था?
IIT दिल्ली से पढ़कर IPS बनीं Gen Z जया शर्मा, हरियाणा पुलिस की DSP ने कर दिखाया कमाल
जया शर्मा Gen Z की IPS अधिकारी हैं. HPSC में 8वीं रैंक लाकर DSP बनने से लेकर IIT दिल्ली, ISRO रिसर्च और UPSC में 248वीं रैंक हासिल करने तक, जानिए उनकी संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.
'विनिंग कैप्टन का चुना अंपायर संदेह के घेरे में', CEC की नियुक्ति पर SC की अहम टिप्पणी
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के जज दीपांकर दत्ता ने अहम टिप्पणी की. उन्होंने क्रिकेट मैच का उदाहरण दिया और कहा कि अगर क्रिकेट मैच में अंपायर को एक टीम का कप्तान चुनता है और उसकी टीम जीत जाती है, तो भले ही उस अंपायर के फ़ैसले सही हों, उन पर शक की गुंजाइश बनी रहती है.
चुनाव आयोग में बढ़ी खींचतान: दो आयुक्तों ने 14 बार उठाए सवाल, मचा सियासी बवाल
चुनाव आयोग में अंदरूनी खींचतान बढ़ गई है, जहां दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर 14 से अधिक बार आपत्तियां उठाई हैं, जिससे राजनीतिक बवाल मच गया है। आयोग ने हालांकि सफाई दी है कि सभी महत्वपूर्ण फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और अंदरूनी मतभेद सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
जमीन विवाद में 8-10 राउंड चली गोलियां, एक शख्स DMCH में भर्ती
दरभंगा के पंचोभ में जमीन की घेराबंदी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. पहले लाठी-डंडों से हमला हुआ और फिर 8 से 10 राउंड फायरिंग की गई. गोली लगने से विजय भगत घायल हो गए. घटना का CCTV फुटेज सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, एक ही जमीन की दो लोगों को रजिस्ट्री विवाद की वजह है. दोनों पक्षों ने अभी शिकायत नहीं दी है.
गणेश विसर्जन के दौरान बेतवा में बहने लगा युवक, गोताखोरों ने नदी में छलांग लगाकर बचाया
निवाड़ी के ओरछा में गणेश विसर्जन के दौरान झांसी से आया युवक बेतवा नदी के तेज बहाव में बहने लगा. पानी में डूबते युवक को देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई. ओरछा पर्यटक चौकी प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और युवक को पानी से बाहर निकाल लिया. समय रहते रेस्क्यू होने से बड़ा हादसा टल गया.
West Bengal में बुनियादी ढांचे और छात्रों की कमी वाले 250 निजी मदरसे होंगे बंद
पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को 250 सरकारी मान्यता प्राप्त निजी मदरसों को धीरे-धीरे बंद करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला किया। इनमें से ज्यादातर में छात्रों की संख्या बहुत कम या नगण्य है और बुनियादी ढांचा भी पर्याप्त नहीं है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राज्यभर के इन मदरसों को वर्तमान में नामांकित कुछ छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दिसंबर तक कक्षाएं संचालित करने की अनुमति दी जाएगी, जिसके बाद इन्हें बंद कर दिया जाएगा। मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 1.51 लाख कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। अधिकारी ने कहा, “मंत्रिमंडल ने ऐसे 250 निजी मदरसों को बंद करने का सैद्धांतिक रूप से फैसला किया है, जहां पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं है और छात्रों की संख्या बहुत कम है। इन्हें दिसंबर तक संचालन की अनुमति दी जाएगी।”उन्होंने बताया कि इन संस्थानों से संबंधित रिपोर्ट दुर्गा पूजा उत्सव से पहले मिलने की उम्मीद है, जिसके बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राज्य सरकार की ओर से 252 गैर-अधिकृत मदरसों को बंद करने और करीब 100 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। राज्यव्यापी सर्वेक्षण में पाया गया था कि इनमें से कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं। अधिकारी ने कहा कि भविष्य में बिना सरकारी पंजीकरण के संचालित करीब 2,500 मदरसों को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने कथित अनियमितताओं को लेकर 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। अधिकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल ने विभिन्न सरकारी विभागों में करीब 1.51 लाख कर्मियों की भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस में 16,000 पद शामिल हैं। इनमें से 12,000 कर्मियों की भर्ती पश्चिम बंगाल पुलिस में और 4,000 की कोलकाता पुलिस में की जाएगी। वरिष्ठ नौकरशाह ने कहा, “सरकार चाहती है कि सभी विभागों में भर्ती प्रक्रिया तेज की जाए और रिक्त पदों को भरा जाए, ताकि सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित न हों। संबंधित विभागों से भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करने को कहा गया है।”उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी विभागों को भर्ती से जुड़े मुद्दों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और बजट आवंटन का उपयोग निर्धारित योजनाओं के अनुसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मंत्रिमंडल ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के निमतौड़ी में नया सुधार गृह स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी और आयुष को अलग विभाग का दर्जा दिया। सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पुस्तकालय अनुदान योजना के तहत आश्रम छात्रावासों के लिए अनुदान राशि 1,800 रुपये से बढ़ाकर 3,300 रुपये करने का फैसला किया।
जयशंकर-रुबियो की मुलाकात: भारत ने प्रतिबंधों का उठाया मुद्दा, अमेरिका ने दोस्ती का बढ़ाया हाथ
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात कर रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी प्रतिबंध कानून (SRAI) का मुद्दा उठाया।
बिहार कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़ी आठ परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की है. इन योजनाओं के तहत 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा.
11वें आयुर्वेद दिवस समारोह का मुख्य अतिथि के रूप में केशव प्रसाद मौर्य ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार के पोर्टल पर नव-विकसित 'आयुष क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम एप' को विधिवत लॉन्च किया।समारोह से पूर्व उप मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित आयुष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत निर्मित अत्याधुनिक स्वास्थ्य चेकअप मशीन के माध्यम से अपने स्वास्थ्य के 150 पैरामीटरों की जांच कराई। इसके पश्चात उन्होंने भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलित कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्री मौर्य ने योगासन, स्लोगन लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता शिक्षकों, छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए तथा संवाद कर उनका मार्गदर्शन किया।उप मुख्यमंत्री ने संतुलित आहार, योग और नियमित व्यायाम को स्वस्थ जीवन का मुख्य आधार बताते हुए संदेश दिया—स्वस्थ शरीर निरोगी काया, इससे बढ़कर ना कोई दूजी माया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से इस संकल्प को जीवन में उतारने का आह्वान किया।समारोह में आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर सिंह 'दयालु', पद्मश्री श्री के.के. ठकराल, श्री चंद्रशेखर, श्री मनोरंजन साहू, प्रमुख सचिव (आयुष) श्री रंजन कुमार, महानिदेशक (आयुष) श्री जी.एस. प्रियदर्शी, विशेष सचिव, निदेशक, आयुर्वेद कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
4 मर्डर और टेरर... आजमगढ़ में खौफनाक वारदात, देखें वारदात
आजमगढ़ में मंगलवार की शाम ऐसी वारदात हुई, जिसका अंत बेहद दुखद हुआ. एक शख्स ने अपने घर के भीतर 4 हत्याएं कर दी. बच्चों को घंटों तक बंधक बनाए रखा. स्थिति ऐसी हो गई कि पुलिस को इस संकट को खत्म करने के लिए बड़ा ऑपरेशन चलाना पड़ा. स्पेशल कमांडो लगाने पड़े. भारी संख्या में यूपी पुलिस की टीम मोर्चे पर डटी रही...और अंत में 4 हत्याओं का आरोपी एनकाउंटर में ढेर हो गया. देखें...
यूपीराइज में छाया आर्गेनिक फार्मिंग का आइडिया, शुभावरी ने जीता 25 हजार का पुरस्कार
सहारनपुर: योगी सरकार की पहल पर मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में बुधवार को यूपी राइज युवा शक्ति थिंक टैंक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं को अपने स्टार्टअप और नई सोच को विशेषज्ञों और उद्यमियों के सामने रखने का अवसर मिला। इसमें आर्गेनिक फार्मिंग से जुड़े स्टार्टअप फार्म टू फैमिली को सर्वश्रेष्ठ नवाचार चुना गया। इसके लिए नवाचार करने वाली शुभावरी चौहान को 25 हजार रुपये पुरस्कार दिया गया।--विद्यार्थियों का सरकार से मिले टैबलेट-स्मार्टफोन का सदपयोग करने का आह्वानविश्वविद्यालय में कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर डा. अजय सिंह और कुलपति प्रो. वाई विमला ने किया। कुलपति ने विद्यार्थियों से सरकार की ओर दिए गए टैबलेट व स्मार्टफोन का सदुपयोग नवाचार, अनुसंधान व कौशल विकास के क्षेत्र में करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। महापौर डा. अजय कुमार ने विद्यार्थियों व युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।युवा बोले-सरकार बनी सहायक तो सामने आई प्रतिभाआयोजन के दौरान शुभावरी चौहान, अक्षत शर्मा, नंदिनी, कृष्ण त्यागी, मरियम, सावन कुमार, आशीष सिंह, बुलबुल, विशाल गर्ग, प्रियांश कुमार शर्मा, जगत राम और काजल राठौर ने अपने नवाचार पर प्रेजेंटेशन दिया। युवाओं ने एक सुर में सरकार का आभार जताते हुए कहा कि योगी सरकार ने सुरक्षा देने के साथ हुनर को जाना पहचाना है। सरकार से सहायता मिली तो प्रतिभा खुद-ब-खुद सामने आ गई।शुभावरी का स्टार्टअप फार्म टू फैमिली को सर्वश्रेष्ठ नवाचारविश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन सेंटर अंबिका एकेडमिक फाउंडेशन के सीईओ अभिनव पुंडीर ने बताया कि इनमें से शुभावरी चौहान के स्टार्टअप फार्म टू फैमिली को सर्वश्रेष्ठ नवाचार चुना गया। उन्होंने बताया कि शुभावरी चौहान ने आर्गेनिक फार्मिंग के क्षेत्र में नवाचार किया। उन्होंने शुभावरी आर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड फर्म बनाकर न सिर्फ अपने कृषि उत्पादों की लेबलिंग और पैकेजिंग की बल्कि उनकी बिक्री के लिए नोएडा में सप्लाई की चेन बना डाली।सत्तू से बने प्राकृतिक पाउडर को मिली सराहनावहीं कार्यक्रम के दौरान सत्तू से प्राकृतिक प्रोटीन पाउडर बनाने वाले आशीष सिंह के स्टार्टअप प्योर पल्स न्यूट्रिशन को रनरअप चुना गया। सत्तू से बने प्राकृतिक पाउडर को हर किसी की सराहना मिली।कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थितिकार्यक्रम में कुलसचिव कमल कृष्ण, उपकुलसचिव अनूप कुमार, प्रो. विनोद कुमार, डा. मितिका, डा. अपूर्वा, डा. संदीप कुमार, मानव आदि रहे।
Sukhbir Badal ने Mann Sarkar की कल्याणकारी योजनाओं को पुरानी नीतियों की रीपैकेजिंग बताया
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के ‘मान दा मुनाफा’ दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा पंजाबियों को दिए गए सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभों को दोबारा पेश करने के अलावा कुछ नहीं है। बादल ने कहा कि जिन सभी योजनाओं का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत मान ले रहे हैं, वे पूर्ववर्ती शिअद सरकार ने शुरू की थीं। इनमें ‘आटा-दाल’, ‘शगुन’, वृद्धावस्था पेंशन और तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं शामिल हैं। बादल ने जंडियाला गुरु में ‘पंजाब बचाओ’ रैली को संबोधित करने के बाद संवाददाताओं से यह बात कही। कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार की ‘मान दा मुनाफा’ पहल का जिक्र करते हुए दावा किया था कि मुफ्त बिजली जैसी कल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रत्येक परिवार को सालाना 1.82 लाख रुपये का लाभ मिल रहा है। बादल ने कहा कि यह ‘‘शर्म की बात’’ है कि जिन योजनाओं का आम आदमी पार्टी (आप) सरकार प्रचार कर रही है, उन्हें भी मान सरकार के कार्यकाल में ‘कमजोर’ कर दिया गया है। शिअद अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकार ‘आटा-दाल’ योजना के तहत 30 किलोग्राम गेहूं देती थी, जबकि अब इसे घटाकर पांच किलोग्राम कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के साथ-साथ वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या भी कम कर दी गई है। बादल ने कहा कि यह सब कुछ नहीं है। उन्होंने दावा किया कि आप सरकार ने 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना भी बंद कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘मुफ्त दवा दुकानों को भी बंद कर दिया गया है। गांवों में अब खेल किट वितरित नहीं की जातीं।’’उन्होंने दावा किया, ‘‘शिअद सरकार द्वारा स्थापित जिम बंद कर दिए गए हैं। यहां तक कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने वाले आरओ संयंत्र और सुविधा केंद्र तथा सांझ केंद्र भी बंद कर दिये गये हैं।’’बादल ने कहा कि लोग ‘‘मान दा मुनाफा’’ नहीं बल्कि ‘‘मान दे कारनामे’’ की चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था की स्थिति ‘पूरी तरह चरमरा गई’ है। उन्होंने कहा कि एक महीने में दो सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) की हत्या हुई है और 20 पुलिस थानों में बम विस्फोट हुए हैं। शिअद अध्यक्ष ने ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ पर भी निशाना साधते हुए दावा किया कि वह आप की ‘‘बी टीम’’ के रूप में काम कर रही है। बादल ने आरोप लगाया कि आप शासन में मादक पदार्थों की समस्या बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि आप नेताओं ने मादक पदार्थ तस्करों को संरक्षण दिया है और पुलिस को उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने देते, क्योंकि वे तस्करों से ‘मासिक भुगतान’ ले रहे हैं।
क्या सैंडविच मेकर पड़ा है बेकार? मास्टरशेफ से सीखें 5 इस्तेमाल
Sandwich Maker Uses: सैंडविच मेकर का इस्तेमाल सिर्फ सैंडविच बनाने तक सीमित नहीं है. मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने इसके 5 ऐसे स्मार्ट हैक्स बताए हैं, जिनसे आप कई दूसरी डिशेज भी आसानी से तैयार कर सकते हैं. जानिए कैसे रसोई में पड़ी ये छोटी सी मशीन आपके कई काम आसान कर सकती है.
मोदी सरकार की मंत्रिपरिषद का दो-दिवसीय चिंतन शिविर शुरू, पहले दिन क्या हुई चर्चा?
सूत्रों के अनुसार, चिंतन शिविर के पहले दिन 'विकसित भारत-2047' के लिए सुधारों और प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। चिंतन शिविर में बेहतर समन्वय और सरकार के भविष्य के एजेंडे पर भी चर्चा की गई।
दिल्ली में DDA पार्कों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है. नेहरू प्लेस के पास आस्था कुंज में हाल ही में हुई घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में ये बदलाव किए जा रहे हैं.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के हित में बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। ट्राई ने 'टेलीकॉम उपभोक्ता संरक्षण (तेरहवां संशोधन) विनियमन, 2026' आधिकारिक रूप से अधिसूचित करते हुए सभी प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटरों—रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vi)—को निर्देश दिया है कि वे केवल कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STVs) बाजार में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।लंबे समय से टेलीकॉम कंपनियां अपने अधिकतर रिचार्ज प्लान्स में वॉयस कॉलिंग और एसएमएस के साथ अनिवार्य रूप से 1GB, 1.5GB या 2GB प्रतिदिन डेटा बंडल कर रही थीं। इसके चलते वे उपभोक्ता जो इंटरनेट का उपयोग बिल्कुल नहीं करते—विशेष रूप से बेसिक कीपैड/फीचर फोन रखने वाले बुजुर्ग, ग्रामीण नागरिक और कम आय वर्ग के लोग—उन्हें भी न चाहते हुए महंगे डेटा बंडल प्लान्स खरीदने पड़ रहे थे। ट्राई के इस नए आदेश के बाद अब केवल कॉलिंग और मैसेजिंग की जरूरत रखने वाले ग्राहकों को बिना डेटा के सस्ते दामों पर रिचार्ज विकल्प मिलेंगे।Mandatory Validity and Pricing Rules: 30 दिन और कम वैधता वाले सस्ते पैक अनिवार्यट्राई ने पाया कि टेलीकॉम ऑपरेटर पहले जो इक्का-दुक्का बिना डेटा वाले प्लान देते भी थे, वे केवल लंबी अवधि (84 दिन या 365 दिन) के भारी-भरकम प्लान्स तक सीमित थे, जिससे कम बजट वाले उपभोक्ताओं को परेशानी होती थी। नए नियमों के तहत नियामक ने सख्त रूपरेखा तय की है:30 दिन और उससे कम अवधि वाले पैक: कंपनियों को 30 दिन तथा 30 दिन से कम (जैसे 14 दिन, 21 दिन, 28 दिन) की हर उस वैधता के लिए सिर्फ Voice-and-SMS वाउचर पेश करना होगा, जिस वैधता के लिए वे डेटा बंडल प्लान ऑफर करती हैं।समान तारीख पर मासिक रिन्यूअल: ऑपरेटरों को कम से कम एक ऐसा वॉयस-एसएमएस प्लान देना होगा जो हर महीने की एक ही तारीख को स्वतः रिन्यू हो सके (यदि उस महीने वह तारीख नहीं है, तो महीने के आखिरी दिन), ताकि ग्राहकों को 28 दिन के चक्र से मुक्ति मिले।लंबी अवधि का न्यूनतम एक विकल्प: 30 दिन से अधिक की वैधता वाला कम से कम एक लंबी अवधि का केवल वॉयस-एसएमएस प्लान भी पोर्टफोलियो में रखना अनिवार्य होगा।कीमतों में ठोस कटौती (Proportional Tariff Reduction): ट्राई ने स्पष्ट किया है कि बिना डेटा वाले प्लान की कीमतें डेटा-बंडल प्लान के लगभग बराबर नहीं रखी जा सकतीं। डेटा कॉम्पोनेंट हटने के अनुपात में प्लान की कीमतों में वास्तविक और व्यावहारिक कटौती दिखनी चाहिए।Telcos Opposition vs Consumer Protection: कंपनियों के तर्कों को ट्राई ने किया खारिजइस संशोधन को अंतिम रूप देने से पहले ट्राई ने व्यापक विचार-विमर्श प्रक्रिया संचालित की थी, जिसमें 1,132 से अधिक हितधारकों की प्रतिक्रियाएं दर्ज की गईं। रिलायंस जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था:कंपनियों का तर्क: ऑपरेटरों की दलील थी कि 4G और 5G नेटवर्क इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoLTE/VoNR) पर काम करते हैं, जहां वॉयस खुद एक डेटा एप्लिकेशन की तरह चलती है। इसके अलावा कंपनियों ने कहा कि सस्ते वॉयस पैक से स्पैम कॉल्स और फ्रॉड बढ़ सकते हैं और बैकग्राउंड डेटा यूज होने पर ग्राहकों पर अनपेक्षित शुल्क लग सकते हैं।उपभोक्ता मंचों का पक्ष: उपभोक्ता संगठनों ने तथ्य प्रस्तुत किए कि देश में लगभग 30 से 35 करोड़ फीचर फोन यूजर हैं, जिनमें से 10 से 15 करोड़ लोग इंटरनेट का कोई उपयोग नहीं करते। ये उपभोक्ता सालाना ₹15,000 से ₹20,000 करोड़ उन डेटा सेवाओं पर बेवजह खर्च कर रहे हैं, जिनकी उन्हें कोई दरकार नहीं है। पहाड़ी व दूरदराज के क्षेत्रों में जहां नेटवर्क कनेक्टिविटी कमजोर है, वहां भी डेटा के पैसे वसूले जा रहे थे।ट्राई ने कंपनियों की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए उपभोक्ता के चयन के अधिकार (Consumer Choice) को सर्वोपरि माना और फैसला सुनाया कि किसी भी ग्राहक को अनचाही सेवा खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।Impact on 20 Crore Non-Data Users: किसे और कैसे मिलेगा सीधा लाभ?इस फैसले का सबसे सकारात्मक असर भारतीय मोबाइल बाजार के पिरामिड के निचले हिस्से पर देखने को मिलेगा:बुजुर्ग और पेंशनर्स: जो केवल अपनों से फोन पर बात करने या बैंक के ओटीपी (SMS) प्राप्त करने के लिए सिम चालू रखते हैं, उनका मासिक मोबाइल खर्च काफी कम हो जाएगा।सेकेंडरी सिम धारक: वे यूजर्स जो डुअल-सिम फोन में दूसरा सिम केवल इनकमिंग कॉल्स या बैंकिंग वेरिफिकेशन के लिए रखते हैं, वे बिना महंगे डेटा रिचार्ज के अपना नंबर एक्टिव रख सकेंगे।पारदर्शिता और प्रचार: ट्राई ने निर्देश दिया है कि टेलीकॉम कंपनियां इन सस्ते वॉयस-एसएमएस प्लान्स को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप्स और रिटेल बिक्री केंद्रों पर प्रमुखता से प्रदर्शित करेंगी, ताकि कोई भी ऑपरेटर इन प्लान्स को छिपा न सके।ट्राई के इस फैसले से जहां टेलीकॉम कंपनियों के प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) पर हल्का दबाव पड़ सकता है, वहीं आम नागरिकों को अपनी जेब और जरूरत के अनुसार प्लान चुनने की वास्तविक आजादी हासिल होगी।
'बाहरी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं', भारत ने OIC के कश्मीर से जुड़े बयानों को किया खारिज
भारत ने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी द्वारा जम्मू-कश्मीर का जिक्र किए जाने पर कड़ा जवाब दिया है, उनके बयान को अनुचित और तथ्यात्मक रूप से गलत बताया।
पटना में पूर्व पार्षद अनिल यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग, ऑफिस में घुसकर 4-5 राउंड गोलियां चलाईं
पटना में वार्ड पार्षद पति अनिल यादव पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. घटना के बाद हमलावर फरार हो गए, जबकि पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर उनकी तलाश में जुटी है.
MP में नो UPI डे: QR कोड पर डाला काला कपड़ा, बारकोड बॉक्स रख प्रदर्शन
मध्य प्रदेश में व्यापारियों ने NO UPI Day मनाकर 2000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4% MDR के विरोध में प्रदर्शन किया. भोपाल में QR कोड ढके गए, जबकि इंदौर, ग्वालियर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने ग्राहकों से कैश पेमेंट की अपील की.
विसर्जन से पहले बप्पा को 1101 किलो का महालड्डू अर्पित
नागपुर के गणेश टेकड़ी मंदिर में भगवान गणेश को 1101 किलो का महालड्डू अर्पित किया गया. इसे 22 कारीगरों ने 6 दिनों में तैयार किया. महालड्डू में 320 किलो बेसन, 260 किलो शक्कर, 320 किलो देसी घी और 61 किलो सूखे मेवों का इस्तेमाल हुआ. वीडियो में जानें ये लड्डू क्यों है स्पेशल.
हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी टोल प्लाजा पर खूनी वारदात, चाकू से हमला कर कर्मचारी की हत्या
मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों पर हमला करने का आरोप हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में टोल प्लाजा पर मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गोगामेड़ी थाना क्षेत्र में नोहर-भादरा मार्ग स्थित टोल प्लाजा पर बुधवार तड़के मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने कथित तौर पर टोल कर्मचारियों पर चाकू से हमला कर दिया। वारदात में […] The post हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी टोल प्लाजा पर खूनी वारदात, चाकू से हमला कर कर्मचारी की हत्या appeared first on Sabguru News .
हार्वे वेनस्टीन मीटू मामले में दोबारा दोषी करार, न्यूयॉर्क कोर्ट ने सुनाई 15 साल की सजा
न्यूयॉर्क अदालत ने पूर्व फिल्म निर्माता हार्वे वेनस्टीन को 2006 के यौन अपराध मामले में 15 साल की सजा सुनाई. ये फैसला पिछले साल हुए रीट्रायल में दोषी ठहराए जाने के बाद आया है. वाइन्स्टीन ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन अदालत ने उन्हें फर्स्ट-डिग्री क्रिमिनल यौन एक्ट के तहत दोषी पाया.
12 महीने डिमांड... पपीते की खेती में तगड़ी कमाई, समझ लें पूरा तरीका
Papaya Farming Benefits: पपीते की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है और ये फल न सिर्फ मंडियों के जरिए बल्कि और भी तरीकों से कमाई कराता है.
नशे के लिए मां से मांगे 60 रुपये, नहीं मिले तो कुल्हाड़ी से काट डाला
महोबा में नशे की लत ने मां-बेटे के रिश्ते को खून से रंग दिया. गांजा खरीदने के लिए 60 रुपये नहीं मिलने पर 28 वर्षीय युवक ने अपनी 51 साल की मां पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया. पांच से अधिक वार से महिला की मौत हो गई. आरोपी वारदात के बाद करीब दो घंटे तक शव के पास बैठा रहा, फिर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया.
आंध्र प्रदेश में ट्रेन की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत, एक गंभीर घायल
टेक्कली (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में बुधवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रविवालसा क्षेत्र में बर्मा कॉलोनी के पास हुआ, जहां छात्र राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। रेलवे पुलिस के अनुसार […] The post आंध्र प्रदेश में ट्रेन की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत, एक गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेकर UNGA को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान कभी झुकेगा नहीं.
थार हिट एंड रन मामला: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, कौन है आशीष पॉल?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में थार से हुए दर्दनाक हिट एंड रन हादसे के आरोपी चालक आशीष पॉल को बिसरख पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हादसे में सुप्रीम कोर्ट के वकील नीरज कुमार सिन्हा की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं. पुलिस ने FIR में BNS की धारा 106(2) जोड़ दी है.
मादा जिराफ सुजाता को अपर्णा यादव ने लिया गोद, दिया ₹5.51 लाख का चेक
Aparna Yadav Adopts Giraffe Sujata: अपर्णा यादव ने बेटी पद्मजा के 8वें जन्मदिन पर लखनऊ जू की मादा जिराफ सुजाता को गोद लिया. पति स्व. प्रतीक यादव की स्मृति में दिया ₹5.51 लाख का चेक...
करवा चौथ से अहोई तक, जल्द आने वाले हैं महिलाओं के 4 सबसे बड़े व्रत
दशहरा, दिवाली, धनतेरस और भाई दूज जैसे कई प्रमुख त्योहार दस्तक देने वाले हैं. त्योहारों के इस मौसम में सुहागन महिलाओं के लिए भी कई खास व्रत आने वाले हैं. शादीशुदा महिलाओं को पूरे साल इन त्योहारों को बेसब्री से इंतजार रहता है.
पतंजलि के घी और औषधियों पर उठे सवालों पर बोले रामदेव, मिलावट के आरोप खारिज
आयुर्वेद से जुड़े 1954 के कानून में संशोधन की मांग नई दिल्ली। योग गुरु और पतंजलि समूह के प्रमुख स्वामी रामदेव ने पतंजलि के घी और आयुर्वेदिक औषधियों में मिलावट तथा गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज किया है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने पतंजलि के गाय के […] The post पतंजलि के घी और औषधियों पर उठे सवालों पर बोले रामदेव, मिलावट के आरोप खारिज appeared first on Sabguru News .
Odisha Assembly में पाठ्यपुस्तक त्रुटियों और खनन कानून पर भारी हंगामा, 11 मिनट में कार्यवाही स्थगित
ओडिशा विधानसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने स्कूली बच्चों की नयी पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर विद्यालय एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे और संशोधित खनन कानून को वापस लेने की मांग करते हुए जोरदार हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और कुल मिलाकर महज 11 मिनट ही कामकाज हो सका। विपक्षी विधायकों की इन्हीं मांगों के कारण मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्षी विधायकों के आसन के निकट आकर हंगामा किए जाने के बीच बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और पूर्वाह्न सत्र में पांच मिनट एवं अपराह्न सत्र में छह मिनट यानी कुल 11 मिनट ही सदन का कामकाज हो सका। शोर-शराबे के कारण न तो प्रश्नकाल और न ही शून्यकाल हो सका। कार्यस्थगन प्रस्ताव पर भी चर्चा नहीं हो पाई। हालांकि, अपराह्न सत्र में सरकार कुछ दस्तावेज सदन के पटल पर रखने में सफल रही। सुबह साढ़े 10 बजे प्रश्नकाल के लिए जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर मंत्री के इस्तीफे और नए खनन कानून को रद्द करने की मांग करते हुए आसन के निकट आ गए और हंगामा करने लगे। बीजद सदस्यों ने पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों का मुद्दा उठाया, जबकि कांग्रेस विधायकों ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम (एमएमडीआर अधिनियम) को निरस्त करने की मांग की। हंगामा कर रहे सदस्यों के एक समूह ने मेज पर चढ़कर विरोध किया, जबकि दूसरे समूह के सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन पर चढ़ने का प्रयास किया। पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों में महान वैज्ञानिक आइजक न्यूटन को ‘‘महानतम पायलट’’ बताया जाना, ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियों को झारखंड में दर्शाया जाना और कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर छापकर उसके नीचे ओडिशा विधानसभा लिखा जाना शामिल हैं। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 राज्य सरकारों को खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर अतिरिक्त कर या उपकर लगाने से रोकता है। विपक्षी सदस्यों द्वारा सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बावजूद सत्ता पक्ष के सदस्य अपनी सीट पर शांत बैठे रहे। हालांकि, हंगामा उस समय और बढ़ गया जब कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा के उपाध्यक्ष भवानी शंकर भोई ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के.सी. पात्रा को विपक्षी सदस्यों के सवालों का जवाब देने की अनुमति दी। भोई के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा कर रहे विधायक अपनी सीट पर नहीं लौटे। इसके बाद विधानसभा उपाध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज पांच मिनट के भीतर शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। हंगामा जारी रहने के कारण विधानसभा उपाध्यक्ष को सदन की कार्यवाही बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद विधायक महात्मा गांधी मार्ग की ओर बढ़ गए, जहां पार्टी की युवा और छात्र इकाइयां गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। बीजद विधायक शारदा प्रसन्न जेना ने कहा कि राज्य सरकार जनता की आवाज नहीं सुन रही है और इसलिए उनके पास विधानसभा में हंगामा करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। हालांकि, भाजपा विधायक इराशीष आचार्य ने विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने छात्रों को संशोधित पुस्तकें उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है और इन अनियमितताओं के सिलसिले में कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। विपक्ष अप्रासंगिक मांगें कर रहा है।
बिप्लब देब MP BJP के नए प्रभारी... जानिए क्यों हाईकमान ने जताया भरोसा
Biplab Kumar Deb MP BJP Incharge: बिप्लब कुमार देब बने MP बीजेपी के नए प्रभारी! त्रिपुरा और हरियाणा में कमाल करने वाले बिप्लब के सामने मोहन, शिवराज और सिंधिया के बीच संतुलन बनाने की चुनौती. आगे पढ़ें पूरा विश्लेषण...
IPS कुहू गर्ग बैडमिंटन में दर्जनों मेडल जीतने वाली अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं. खेलते हुए चोट लगने के बाद UPSC की तैयारी की. पहले ही प्रयास में 178वीं रैंक हासिल कर वह IPS अफसर बनीं. पिता उत्तराखंड के पूर्व DGP रहे हैं. जानिए उनकी पूरी सफलता की कहानी.
बाब अल मंदेब में क्या है ताजा स्थिति, खुला है या बंद, हूती हमलों से सऊदी अरब का तेल कारोबार ठप
अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर गहराते बादलों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब लाल सागर का दक्षिणी प्रवेश द्वार 'स्ट्रेट ऑफ बाब अल मंदेब' (Bab al-Mandab Strait) दुनिया के सबसे बड़े फ्लैशपॉइंट के रूप में उभरकर सामने आया है। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ आक्रामक समुद्री मोर्चा खोलने के बाद से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अभूतपूर्व तनाव देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक हलकों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या बाब अल मंदेब कानूनी तौर पर खुला है या पूरी तरह बंद हो चुका है। वास्तविक धरातल पर देखा जाए तो यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के तहत औपचारिक रूप से बंद घोषित नहीं किया गया है, लेकिन हूती लड़ाकों के प्रत्यक्ष सैन्य नियंत्रण, मिसाइल हमलों, समुद्री ड्रोन और प्रभावी नाकेबंदी (Blockade) के चलते यह मार्ग व्यावसायिक नौवहन के लिए अघोषित रूप से एक 'नो-गो जोन' बन चुका है।प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी अलजजीरा की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, बाब अल मंदेब से गुजरने वाले सऊदी अरब से संबंधित कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के विशालकाय शिपमेंट पर इस संकट का सीधा और विनाशकारी असर पड़ा है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट के मुहाने पर हूतियों की मजबूत तोपखाने की तैनाती और तटीय निगरानी के चलते सऊदी अरब का तेल निर्यात इस रास्ते से लगभग ठप पड़ गया है। दर्जनों विशालकाय तेल टैंकरों (VLCCs) को बीच समुद्र में ही अपने लंगर डालने पड़े हैं या फिर उन्हें अफ्रीका के चक्कर काटकर केप ऑफ गुड होप के बेहद लंबे और खर्चीले रास्ते से अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति ने न केवल सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल का नया जोखिम भी पैदा कर दिया है।क्या है बाब अल मंदेब का भौगोलिक रहस्य: 'दुख के द्वार' से लाल सागर और अदन की खाड़ी का संगमसामरिक और भौगोलिक दृष्टि से स्ट्रेट ऑफ बाब अल मंदेब दुनिया के सबसे नाजुक और महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट्स में गिना जाता है। यह संकीर्ण जलडमरूमध्य अरब प्रायद्वीप (यमन) और अफ्रीकी महाद्वीप के हॉर्न ऑफ अफ्रीका (जिबूती और इरिट्रिया) के बीच स्थित है। यह वही समुद्री जलमार्ग है जो उत्तर में लाल सागर (Red Sea) को दक्षिण-पूर्व में अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) और सीधे हिंद महासागर (Indian Ocean) से जोड़ता है। भूमध्य सागर से स्वेज नहर होते हुए एशिया और यूरोप के बीच होने वाले संपूर्ण समुद्री व्यापार का यह इकलौता अनिवार्य गलियारा है। यदि कोई जहाज स्वेज नहर से गुजरना चाहता है, तो उसे बाब अल मंदेब से होकर निकलना ही पड़ता है, इसके अलावा दूसरा कोई वैकल्पिक प्राकृतिक जलमार्ग मौजूद नहीं है।'बाब अल मंदेब' नाम का शाब्दिक अर्थ अरबी भाषा में 'दुख का द्वार' या 'आंसुओं का प्रवेश द्वार' (Gate of Tears) होता है। इतिहासकार और भाषाविद बताते हैं कि इसका यह नामकरण इस समुद्री संकरे रास्ते में चलने वाली तेज हवाओं, छिपी हुई चट्टानों और प्राचीन काल में जहाजों के डूबने से हुए भारी जान-माल के नुकसान के चलते पड़ा था। अरबों के बीच एक पौराणिक मान्यता यह भी है कि सुदूर अतीत में आए एक अत्यंत विनाशकारी भूकंप और भीषण सुनामी के कारण यहां हजारों लोगों की जान चली गई थी, और उसी भीषण प्राकृतिक आपदा ने अरब प्रायद्वीप को हॉर्न ऑफ अफ्रीका की मुख्य भूमि से काटकर अलग-अलग कर दिया था। आज के आधुनिक दौर में यह पौराणिक 'दुख का द्वार' एक बार फिर युद्ध, मिसाइलों और भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण दुनिया भर के नाविकों और वैश्विक व्यापार के लिए वास्तविक आतंक का पर्याय बन चुका है।पश्चिमी तट और मायुन द्वीप पर हूतियों का कब्जा: सऊदी नाकेबंदी के बदले में रोका तेल का पहियायमन के पश्चिमी समुद्री तट पर हाल के दिनों में जमीनी और सैन्य नियंत्रण का संतुलन पूरी तरह बदल चुका है। हूती विद्रोही पश्चिमी तटरेखा पर तेजी से आगे बढ़े हैं और उन्होंने बाब अल मंदेब के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित रणनीतिक 'मायुन द्वीप' (Mayun Island - Perim Island) सहित लाल सागर के कई अन्य प्रमुख टापुओं पर अपना प्रभावी सैन्य अड्डा स्थापित कर लिया है। यमन के पश्चिमी तट, लाल सागर और अदन की खाड़ी के इस पूरे त्रिकोण में 20 जुलाई के बाद से तनाव अपने चरम पर पहुंच गया। हूतियों ने यमन में अपने नियंत्रण वाले प्रमुख बंदरगाहों और क्षेत्रों पर सऊदी अरब द्वारा लगाई गई आर्थिक पाबंदियों और नाकेबंदी के सीधे जवाब में सऊदी अरब से जुड़े सभी जहाजों, तेल टैंकरों और व्यापारिक नौकाओं पर पूर्ण समुद्री नाकेबंदी लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी।इस जवाबी नाकेबंदी का सीधा नतीजा यह हुआ कि सऊदी अरब की लाल सागर मार्ग से जाने वाली दैनिक कच्चा तेल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। हालांकि, सऊदी अरब के सैन्य नेतृत्व का यह दावा है कि उसकी आधुनिक वायुसेना और नौसेना एक ही बड़े सैन्य ऑपरेशन में हूतियों के इन तटीय ठिकानों को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है, लेकिन रियाद का कहना है कि वे यमन के निर्दोष नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और मानवीय संकट को देखते हुए सीधे भारी सैन्य हमले से परहेज कर रहे हैं। दूसरी ओर, हूतियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक यमन की घेराबंदी पूरी तरह समाप्त नहीं की जाती, तब तक लाल सागर से एक भी सऊदी तेल टैंकर को सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।नागरिक हवाई अड्डों और रिफाइनरियों पर हूती हमले, 2014 से सना पर काबिज हैं विद्रोहीहूती विद्रोहियों की यह आक्रामकता केवल खुले समुद्र में जहाजों को निशाना बनाने तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए सऊदी अरब की सीमा के भीतर स्थित नागरिक हवाई अड्डों, प्रमुख बंदरगाहों और सऊदी अरामको की प्रमुख तेल उत्पादन व शोधन सुविधाओं (Refineries) पर भी घातक हमले किए हैं। इन हमलों के कारण तेल रिफाइनरियों को बुनियादी नुकसान पहुंचा है और कई आम नागरिकों की जान भी गई है। गौरतलब है कि यमन का यह गृहयुद्ध 2014 से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। साल 2015 से सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन कर रहा है, जबकि ईरान खुलकर हूतियों को हथियारों, मिसाइल तकनीक और वित्तीय संसाधनों से सशक्त बनाता रहा है।इस गहराते समुद्री संकट के बीच हाल ही में मिस्र की राजधानी काहिरा में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आपातकालीन द्विपक्षीय शिखर वार्ता आयोजित हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं ने एक सुर में हॉर्मुज, बाब अल मंदेब और लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को हर हाल में बहाल करने पर जोर दिया। दोनों देशों ने चेतावनी दी कि यदि इन अंतरराष्ट्रीय चोकपॉइंट्स पर किसी एक विद्रोही गुट का मनमाना कब्जा जारी रहा, तो यह समूचे मध्य पूर्व की संप्रभुता और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अपूरणीय क्षति साबित होगा।मिस्र की स्वेज नहर को $11 बिलियन का झटका, स्वेज का गेटवे बंद होने से त्राहि-त्राहिबाब अल मंदेब पर हूतियों के नियंत्रण और हमलों का सबसे बड़ा खामियाजा मिस्र (Egypt) को भुगतना पड़ रहा है। बाब अल मंदेब सीधे तौर पर लाल सागर से मिस्र की स्वेज नहर और आगे भूमध्य सागर तक जाने का मुख्य प्रवेश द्वार है। जब लगभग तीन साल पहले हूती समूह ने पहली बार इस जलमार्ग पर व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाकर वैश्विक नेविगेशन को ठप करने की धमकी दी थी, तब दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के सुदूर मार्ग पर मोड़ दिया था। मिस्र के सरकारी अधिकारियों के अनुसार, उस दौरान लाल सागर संकट के चलते स्वेज नहर से मिलने वाले टोल राजस्व में मिस्र को लगभग 11 बिलियन डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रुपये) का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा था, जो मिस्र की अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा का सबसे बड़ा और प्राथमिक स्रोत है।बीते दो महीनों के दौरान हूतियों ने लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों को फिर से ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस नई आक्रामकता से मिस्र की सरकार बेहद चिंतित है और उसने एशिया तथा यूरोप को जोड़ने वाले इस प्रमुख व्यापारिक मार्ग को तुरंत सुरक्षित करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाब अल मंदेब की यह नाकेबंदी आने वाले हफ्तों में भी नहीं टूटी, तो वैश्विक माल ढुलाई (Freight Rates) और बीमा प्रीमियम में बेतहाशा बढ़ोतरी होगी, जिससे भारत, यूरोप और एशियाई देशों में आयातित सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और ईंधन के दामों में अचानक भारी महंगाई देखने को मिल सकती है।
एक बाइक, तीन दोस्त और खौफनाक हादसा... ट्रक की टक्कर से तीनों की मौत
बिहार के बेतिया में सब्जी बेचकर घर लौट रहे तीन दोस्तों की सड़क हादसे में मौत हो गई. तीनों एक ही बाइक पर सवार थे और एनएच-727 पर जिरिया बंगाली माई मंदिर के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी. हादसे के बाद चालक फरार हो गया, जबकि पुलिस ने ट्रक को पकड़कर जांच शुरू कर दी है.
UP-बिहार, MP-राजस्थान के पुरुषों को नहीं देंगे नौकरी, CEO के फरमान से भड़के लोग
कंपनी के CEO द्वारा UP, बिहार, राजस्थान और MP के पुरुष उम्मीदवारों की हायरिंग पर रोक लगाने के फैसले पर सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला है.
पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर भीषण टकराव और आंतरिक अस्थिरता के मुहाने पर आकर खड़ी हो गई है। जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर पार्टी ने आगामी 27 सितंबर 2026 को देश की राजधानी इस्लामाबाद की ओर एक विशाल और निर्णायक 'लॉन्ग मार्च' निकालने का खुला ऐलान किया है। इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली संघीय सरकार और पंजाब प्रांत के प्रशासन की नींद पूरी तरह उड़ा दी है। राजधानी इस्लामाबाद पर पीटीआई कार्यकर्ताओं के संभावित घेराव और शक्ति प्रदर्शन को कुचलने के लिए सरकारी मशीनरी ने व्यापक दमनकारी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पंजाब की प्रांतीय सरकार ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का हवाला देते हुए समूचे पंजाब प्रांत में आगामी 6 अक्टूबर 2026 तक धारा 144 लागू करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।इस प्रतिबंधात्मक आदेश के प्रभावी होते ही पूरे पंजाब प्रांत में अगले 13 दिनों के लिए किसी भी सार्वजनिक स्थल पर पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्र होने, रैलियां निकालने, जुलूस आयोजित करने, धरना देने और किसी भी प्रकार के सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर आग्नेयास्त्रों, लाठी-डंडों या किसी भी प्रकार के घातक हथियारों को लेकर चलने पर भी सख्त रोक लगा दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने मार्च से कई दिन पहले ही पीटीआई के शीर्ष नेताओं, पूर्व मंत्रियों, जमीनी पदाधिकारियों और यहां तक कि इमरान खान के करीबी परिजनों के आवासों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है और सैकड़ों लोगों को एहतियातन हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर भेज दिया है।खुफिया एजेंसियों ने जारी किया फिदायीन हमले का अलर्ट, वीबीआईईडी और आत्मघाती हमलों का मंडराया सायापंजाब सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए कड़े आदेशों के पीछे केवल राजनीतिक टकराव ही नहीं, बल्कि एक बेहद गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा संकट का भी हवाला दिया गया है। पाकिस्तान की शीर्ष खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को कई संवेदनशील इनपुट्स और थ्रेट अलर्ट्स भेजे हैं, जिनमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि इस बड़े राजनीतिक जमावड़े का फायदा उठाकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन विनाशकारी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, राजनीतिक रैलियों, मार्च के मुख्य मार्गों और नेताओं के काफिलों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलावरों (Suicide Bombers) और विस्फोटकों से लदी गाड़ियों के जरिए वाहन जनित आईईडी (VBIED) हमलों की गहरी साजिश रची जा चुकी है।इन खौफनाक आतंकी चेतावनियों के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने यह दावा किया है कि धारा 144 का क्रियान्वयन केवल राजनीतिक कारणों से नहीं बल्कि आम नागरिकों और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए अनिवार्य हो गया था। खुफिया सूत्रों का कहना है कि खैबर पख्तूनख्वा से चलने वाले काफिलों में उपद्रवी और हथियारबंद तत्व शामिल हो सकते हैं, जो सुरक्षा बलों के साथ हिंसक झड़पें भड़काकर देश में व्यापक अशांति पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं। यही वजह है कि पूरे पंजाब में पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों, दंगा नियंत्रण दस्तों और रेंजर्स को हाई अलर्ट पर तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।अटॉक और रावलपिंडी में मोबाइल-इंटरनेट सेवा बंद करने की तैयारी, मार्च के प्रवेश द्वारों की होगी नाकेबंदीपीटीआई के आंदोलन को डिजिटल और तकनीकी रूप से पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए पंजाब के गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान की संघीय सरकार के आंतरिक मंत्रालय (गृह मंत्रालय) को एक गोपनीय पत्र लिखा है। इस पत्र में 27 सितंबर को सुबह 9 बजे से ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अटॉक जिले में सभी मोबाइल नेटवर्क, सेल्यूलर कॉलिंग और हाई-स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद (Blackout) करने की सीधी सिफारिश की गई है। इसके अलावा, रावलपिंडी के उन सभी संवेदनशील और प्रमुख शहरी इलाकों में भी मोबाइल इंटरनेट और संचार सेवाओं को निलंबित करने का औपचारिक आग्रह किया गया है जो इस्लामाबाद की सीमा से सीधे जुड़ते हैं।संचार सेवाओं को बंद करने के पीछे की रणनीतिक मंशा यह है कि पीटीआई के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच वास्तविक समय में संपर्क टूट जाए और भीड़ को एक जगह संगठित होने से रोका जा सके। असल में खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय सरकार और स्थानीय समर्थकों के दम पर निकलने वाला यह लॉन्ग मार्च अटॉक जिले की सीमा से पंजाब में प्रवेश करेगा और फिर जीटी रोड होते हुए रावलपिंडी के रास्ते इस्लामाबाद की राजधानी सीमा में दाखिल होगा। सरकार की पूरी योजना इस बात पर टिकी है कि अटॉक और रावलपिंडी के मुख्य प्रवेश द्वारों पर ही बड़े-बड़े शिपिंग कंटेनर्स रखकर, सड़कों को खोदकर और भारी पुलिस बल की तैनाती करके इस मार्च को राजधानी की सीमा से मीलों पहले ही रोक दिया जाए।शहबाज सरकार और पीटीआई में आर-पार की जंग: इमरान खान की रिहाई पर टिका पाकिस्तान का भविष्यपाकिस्तान में इस समय जो राजनीतिक संकट गहरा रहा है, वह पिछले कई दशकों के सबसे तनावपूर्ण दौर में पहुंच चुका है। अदियाला जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अपने समर्थकों को लगातार अंतिम और निर्णायक आंदोलन का संदेश भेज रहे हैं। पीटीआई का स्पष्ट रुख है कि वर्तमान सत्ताधारी गठबंधन सरकार अलोकतांत्रिक हथकंडे अपनाकर विपक्षी आवाजों को दबा रही है और फर्जी मुकदमों के जरिए उनके नेतृत्व को सलाखों के पीछे रखा गया है। पीटीआई प्रवक्ताओं ने धारा 144 और पुलिसिया धरपकड़ को सरकार की घबराहट और कायरता करार दिया है और दावा किया है कि जनता के आक्रोश को अब किसी सरकारी पाबंदी या इंटरनेट बैन से रोका नहीं जा सकता।वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी गठबंधन सरकार का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने या राजधानी को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को साफ निर्देश दिए हैं कि अगर कोई भी समूह कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उससे पूरी कड़ाई से निपटा जाए। अब पूरी दुनिया की नजरें 27 सितंबर के उस दिन पर टिक गई हैं जब हजारों की तादाद में पीटीआई समर्थक सुरक्षा घेरों को तोड़कर इस्लामाबाद की ओर बढ़ने की कोशिश करेंगे, जिसने पाकिस्तान को एक अभूतपूर्व आंतरिक टकराव और हिंसा के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
₹3.85 करोड़ की योजना पर FIR, जांच में कई काम अधूरे
मध्य प्रदेश के मऊगंज में जल जीवन मिशन के काम में कथित अनियमितताओं को लेकर EOW रीवा ने तीन PHE इंजीनियरों और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है. खटखरी में पहली बार पानी भरते ही 30 फीट की टंकी ढह गई थी. वीडियो में जानें क्या है पूरा मामला.
नीरज कुमार को MLC का टिकट, JDU ने उतारे चार उम्मीदवार
बिहार विधान परिषद के आगामी शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया है. जेडीयू ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि तिरहुत स्नातक क्षेत्र से अभिषेक झा को मैदान में उतारा था.
सावधान! क्रांति आ रही, हर कोई सड़क पर... CJP के नए ऐलान पर महुआ मोइत्रा का नहले पर दहला
मोइत्रा ने सड़कों पर उतरने का आह्वान ऐसे समय में किया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने अपने स्कूल ठीक करो अभियान को रोककर दिल्ली वापस लौटने का फैसला किया है और कल यानी गुरुवार को चुनाव आयोग के मुद्दे पर प्रेस कॉन्प्रेन्स का ऐलान किया है।
पाकिस्तान में मेडिकल लापरवाही का महापाप: सामान्य इलाज के बाद दर्जनों मासूम बच्चे हुए HIV पॉजिटिव
पाकिस्तान के स्वास्थ्य ढांचे की बदहाली और आपराधिक लापरवाही ने दर्जनों मासूम बच्चों और उनके परिवारों की जिंदगी को हमेशा-हमेशा के लिए अंधकार में धकेल दिया है। देश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में मौसमी बुखार, खांसी या सामान्य बाल रोगों का इलाज कराने गए दर्जनों बच्चे कुछ ही हफ्तों और महीनों के भीतर ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी (HIV) पॉजिटिव पाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान एनपीआर (NPR) की एक सनसनीखेज खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, नियमित मेडिकल चेकअप और सामान्य क्लिनिकल प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद बच्चों के शरीर में इस जानलेवा वायरस की पुष्टि होने से पूरे देश में भारी आक्रोश और खलबली मच गई है।पीड़ित बच्चों के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि जिस मासूम बच्चे को उन्होंने साधारण बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास भेजा था, वह इस लाइलाज बीमारी का शिकार कैसे हो गया। प्रभावित माता-पिता का स्पष्ट कहना है कि उनके परिवारों में किसी को भी यह संक्रमण नहीं था और न ही बच्चों को किसी अन्य बाहरी स्रोत से इस वायरस के संपर्क में आने की कोई गुंजाइश थी। पीड़ित परिवारों ने स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों, नर्सिंग होम्स और सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल (Infection Control Protocol) के पूरी तरह ध्वस्त होने पर सीधे सवाल खड़े किए हैं।इस्तेमाल की गई सिरिंज और सुइयों का दोबारा उपयोग: लालच और अनदेखी ने ली 6 मासूमों की जानइस खौफनाक त्रासदी के पीछे सबसे बड़ी और डरावनी वजह स्वास्थ्य केंद्रों में अपनाए जाने वाले असुरक्षित मेडिकल तौर-तरीके बनकर सामने आ रहे हैं। एनपीआर से बातचीत करते हुए कई पीड़ित माता-पिता ने रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि कई क्लीनिकों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ग्लूकोज चढ़ाने (IV Treatment) और सामान्य इंजेक्शन लगाने के दौरान एक ही डिस्पोजेबल सिरिंज और सुई का कई-कई मरीजों पर बार-बार इस्तेमाल किया जाता रहा है। मेडिकल कचरे के प्रबंधन और सिंगल-यूज सिरिंज के कड़े नियमों को ताक पर रखकर चंद पैसों के लालच या आपराधिक लापरवाही में इस्तेमाल की गई सुइयों से बच्चों को दवाएं दी गईं।यद्यपि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर एक मामले में संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाने के लिए गहन एपिडेमियोलॉजिकल जांच की आवश्यकता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह बयां करती है कि सुइयों का पुन: उपयोग ही इस व्यापक संक्रमण की सबसे प्रत्यक्ष कड़ी प्रतीत होता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस खौफनाक लापरवाही के चलते अब तक कम से कम छह मासूम बच्चों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया है। जिन बच्चों में एचआईवी की पुष्टि हुई है, उनकी पूरी जिंदगी अब जीवनरक्षक दवाओं और अस्पतालों के फेरों में बंध गई है। एचआईवी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System) को पूरी तरह तबाह कर देता है, जिससे सामान्य संक्रमण भी जानलेवा बन जाते हैं। हालांकि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से वायरस को नियंत्रित रखा जा सकता है, लेकिन इस बीमारी का जड़ से कोई इलाज उपलब्ध नहीं है।परिवारों पर टूटा मुसीबतों का पहाड़: इलाज का भारी खर्च और सामाजिक बहिष्कार का दोहरा दंशपाकिस्तान जैसे आर्थिक रूप से बदहाल देश में किसी बच्चे का एचआईवी पॉजिटिव होना केवल एक चिकित्सीय संकट नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार के लिए एक अंतहीन सामाजिक और आर्थिक प्रताड़ना बन जाता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए लगातार होने वाले महंगे ब्लड टेस्ट, वायरल लोड की निगरानी, महंगी एंटीरेट्रोवायरल दवाइयों की व्यवस्था और बड़े शहरों के अस्पतालों के बार-बार चक्कर लगाना आर्थिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर देने वाला साबित हो रहा है। अधिकांश पीड़ित परिवार पहले से ही बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब उन पर इस गंभीर बीमारी के इलाज का असहनीय बोझ आ पड़ा है।इसके अलावा, पाकिस्तानी समाज में एचआईवी और एड्स को लेकर व्याप्त गहरे अंधविश्वास, अशिक्षा और सामाजिक कलंक (Stigma) ने इन परिवारों का जीना दूभर कर दिया है। बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कई परिवारों को अपने ही रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों द्वारा सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों और खेल के मैदानों से इन बच्चों को अलग-थलग किए जाने का डर माता-पिता को अंदर से खाए जा रहा है। बदनामी और उपेक्षा के इसी दोहरे खौफ के बीच अब आक्रोशित माता-पिता एकजुट होकर सरकारी तंत्र से न्याय, पारदर्शी जांच और जिम्मेदार डॉक्टरों व स्टाफ के खिलाफ हत्या के समान सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।स्वास्थ्य केंद्रों की सघन जांच और सख्त मेडिकल प्रोटोकॉल लागू करने की चौतरफा मांगइस मानवीय त्रासदी के सार्वजनिक होने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, बाल अधिकार संगठनों और नागरिक समाज ने पाकिस्तान सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि देश भर के सभी निजी क्लीनिकों, नर्सिंग होम्स और सरकारी अस्पतालों में उपयोग किए जाने वाले मेडिकल उपकरणों की सघन फॉरेंसिक और सुरक्षा ऑडिट कराई जाए। विशेष रूप से डिस्पोजेबल सिरिंज, आईवी कैनुला, ब्लड ट्रांसफ्यूजन किट और सर्जिकल औजारों के एक बार इस्तेमाल के बाद अनिवार्य रूप से नष्ट करने के नियमों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।पाकिस्तान में स्वास्थ्य क्षेत्र में नियमन की कमी और झोलाछाप डॉक्टरों (Quacks) के अनियंत्रित जाल ने पहले भी इस तरह के बड़े एचआईवी आउटब्रेक को जन्म दिया है, लेकिन पुरानी गलतियों से कोई सबक नहीं सीखा गया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थू-थू होने के बाद क्या पाकिस्तानी हुकूमत दोषी स्वास्थ्य केंद्रों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाती है या फिर हमेशा की तरह गरीब और असहाय मासूमों की यह चीखें भी फाइलों में दबा दी जाएंगी।
Veeramany POCSO Case: मंत्री राजमोहन ने पूर्व मंत्री रेगुपति की टिप्पणी पर उठाए सवाल
तमिलनाडु के मंत्री ए. राजमोहन ने जेम ग्रेनाइट्स के अध्यक्ष आर. वीरामणि से जुड़े पॉक्सो मामले को लेकर पूर्व मंत्री एस. रेगुपति की टिप्पणियों की बुधवार को आलोचना की। राजमोहन ने सवाल किया कि क्या पुलिस को उचित जांच के लिए एचडी गुणवत्ता वाले वीडियो की जरूरत होती है। स्कूली शिक्षा मंत्री राजमोहन ने व्यंग्यात्मक लहजे में पूछा कि क्या पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के मंत्री यह उम्मीद कर रहे थे कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों को कार्रवाई के लिए उच्च गुणवत्ता वाली फुटेज चाहिए। राजमोहन ने नाबालिगों के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो को लेकर तकनीकी खामियां निकालने के बजाय रेगुपति को संवेदनशीलता दिखाने की सलाह दी। वीरामणि, उनके दो सहयोगियों और पूर्व कर्मचारी गणेशन को गिरफ्तार किए जाने तथा यहां पुझाल केंद्रीय जेल में बंद किए जाने के बाद पॉक्सो मामले को लेकर जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच राजमोहन ने रेगुपति की हालिया टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की पिछली सरकार ने जांच को रोकने का प्रयास किया था। राजमोहन ने संवाददाताओं से कहा कि रेगुपति की टिप्पणियां बाल यौन शोषण पीड़ितों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती हैं। उन्होंने विपक्ष से यह बताने को कहा कि उसके कार्यकाल में इस संवेदनशील मामले की जांच कथित रूप से एक साल से अधिक समय तक क्यों लंबित रही। उन्होंने जांच को कमजोर करने या उसका रुख बदलने का प्रयास करने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग भी की। मंत्री ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की सख्त प्रकृति का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के तहत पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रखना अनिवार्य है। उन्होंने पीड़ितों और गवाहों से बिना किसी डर के आगे आने की अपील की और भरोसा दिलाया कि उनकी निजता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीवीके सरकार कानूनी कार्रवाई के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है। जांच में देरी के आरोपों को खारिज करते हुए राजमोहन ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सीधी निगरानी में जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव या पद की परवाह किए बिना किसी भी व्यक्ति को न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाएगी। राजमोहन ने कहा, ‘‘जेम वीरामणि पॉक्सो मामले में द्रमुक से मेरे कुछ सवाल हैं।
यूपी के देवरिया निवासी भारतीय नाविक की मौत, क्रू में शामिल थे 20 भारतीय
पश्चिम एशिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद दिल दहला देने वाली और चिंताजनक खबर सामने आई है। ओमान के तटवर्ती समुद्री क्षेत्र में भारत की ओर आ रहे एक बड़े वाणिज्यिक मालवाहक जहाज 'एमवी केप डाओ' (MV Cape Dao) पर बुधवार को अचानक विध्वंसक टॉरपीडो से हमला कर दिया गया। इस भीषण हमले में जहाज पर वाइपर के पद पर तैनात उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले युवा भारतीय नाविक सूरज यादव की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना के वक्त इस जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें से 20 सदस्य भारतीय नागरिक थे।इस हमले की पुष्टि होने के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारे में हड़कंप मच गया है। वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह के घातक हथियारों के इस्तेमाल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खाड़ी क्षेत्र और हॉर्मुज का समुद्री इलाका आम नागरिक नाविकों के लिए कितना जानलेवा साबित हो रहा है। एंटिगुआ और बारबुडा के ध्वज तले संचालित यह जहाज जब अपने गंतव्य भारत की ओर आगे बढ़ रहा था, उसी दौरान बिना किसी पूर्व चेतावनी के इसे निशाना बनाया गया, जिससे समुद्री व्यापारिक हलकों में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है।दो टॉरपीडो से दहल उठा एमवी केप डाओ, इंजन रूम और रिहायशी हिस्से में लगी भीषण आगसमुद्री रक्षा और तकनीकी विशेषज्ञों से प्राप्त प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, हमलावरों ने जहाज को पूरी तरह पंगु बनाने की नीयत से उस पर दो शक्तिशाली टॉरपीडो दागे। पहला टॉरपीडो सीधे जहाज के बाईं ओर स्थित आवासीय क्वार्टर (Accommodation Area) से टकराया, जहां चालक दल के सदस्य विश्राम करते हैं। वहीं दूसरा टॉरपीडो ठीक उसी समय जहाज के बाईं ओर स्थित मुख्य इंजन कक्ष (Engine Room) में जाकर फटा। इन दोहरे धमाकों के कारण जहाज में तुरंत भीषण आग लग गई और चारों तरफ घना धुआं फैल गया।टॉरपीडो के इस जबरदस्त प्रभाव से जहाज का मुख्य पावर ग्रिड पूरी तरह ठप हो गया, जिससे जहाज की बिजली आपूर्ति पूरी तरह कट गई। इसके साथ ही जहाज की स्टेयरिंग और दिशा नियंत्रण प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया, जिससे अनियंत्रित होकर जहाज समुद्र की लहरों पर डोलने लगा। आपातकालीन सूचना मिलते ही ओमान के तटरक्षक बल (Oman Coast Guard) ने तत्परता दिखाते हुए समुद्र में तत्काल बड़ा राहत और बचाव अभियान शुरू किया। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच तटरक्षक बल ने जलते हुए जहाज से चालक दल के जीवित सदस्यों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।सिर पर लगी थी जानलेवा चोट, देवरिया में पसरा मातम और परिजनों को दी गई सूचनादुर्भाग्यवश हमले के वक्त आवासीय और कार्य क्षेत्र के करीब मौजूद भारतीय नाविक सूरज यादव धमाके के तीव्र झटके की चपेट में आ गए। विस्फोट के कारण उनके सिर के पिछले हिस्से में अत्यंत गंभीर और जानलेवा चोटें आईं, जिसके चलते अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। समुद्री प्रशासन और संबंधित शिपिंग एजेंसी ने औपचारिक कानूनी औपचारिकताओं के बाद उत्तर प्रदेश के देवरिया में रहने वाले उनके परिजनों को इस अप्रत्याशित हादसे की सूचना दे दी है। होनहार बेटे की शहादत और असामयिक मौत की खबर मिलते ही गांव और परिवार में कोहराम मच गया है।बचाव दल ने जहाज पर मौजूद अन्य सभी 19 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है और उन्हें ओमान के एक सुरक्षित आश्रय स्थल पर पहुंचाया गया है। जानकारी के अनुसार, जहाज पर तैनात एक अन्य भारतीय 'चौथे अभियंता' (Fourth Engineer) को भी इस हमले के दौरान मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। जहाज के मालिक, तकनीकी प्रबंधन और समुद्री बीमा कंपनियां वर्तमान में ओमान के सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रही हैं।मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने की हमले की आधिकारिक पुष्टि, राहत कार्यों पर पैनी नजरओमान की राजधानी मस्कट में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस त्रासद घटना की पुष्टि की है। भारतीय दूतावास ने लिखा कि वे भारत की ओर आ रहे वाणिज्यिक जहाज एमवी केप डाओ पर हुए हमले की स्थिति पर लगातार अत्यंत बारीक नजर बनाए हुए हैं। दूतावास के अधिकारी जहाज पर सवार सभी क्रू मेंबर्स, विशेषकर शेष 19 भारतीय नागरिकों की सलामती, भोजन, चिकित्सा और वतन वापसी को लेकर ओमान के शीर्ष नौसैनिक व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चौबीसों घंटे सीधे संपर्क में हैं।दूतावास ने अपने आधिकारिक संदेश में देवरिया के वीर नाविक की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। भारतीय मिशन ने स्पष्ट किया है कि वे रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस (RPSL) एजेंसी और जहाजरानी मंत्रालय के साथ मिलकर मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत में उनके गृह जनपद भेजने और शोकाकुल परिवार को हरसंभव प्रशासनिक व कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया का फूटा गुस्सा: 25 सितंबर को काली पट्टी बांधकर विरोध का ऐलानइस नृशंस और कायरतापूर्ण हमले के बाद नाविकों के प्रमुख राष्ट्रीय संगठन 'फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया' (FSUI) ने अपनी तीखी और गंभीर प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। यूनियन ने नागरिक व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते सैन्य हमलों पर गहरी चिंता जताते हुए केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से भारतीय नाविकों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। संगठन ने दो टूक कहा कि नागरिक नाविक किसी युद्ध या भू-राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा नहीं होते, वे केवल अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए वैश्विक आपूर्ति शृंखला को चालू रखते हैं, ऐसे में उन पर मिसाइल और टॉरपीडो से हमला होना सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन है।यूनियन ने इस हमले की उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय जांच कराने, इसके पीछे के जिम्मेदार तत्वों की जवाबदेही तय करने और दिवंगत सूरज यादव के आश्रितों को उचित मुआवजा व न्याय दिलाने की मांग उठाई है। यूनियन ने रेखांकित किया कि हॉर्मुज, लाल सागर और अदन की खाड़ी में काम करने वाले हजारों नाविक रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। इस दर्दनाक घटना के प्रति एकजुटता और विरोध प्रदर्शित करने के लिए फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया ने घोषणा की है कि आगामी 25 सितंबर को देश और दुनिया भर के भारतीय नाविक अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे।
आर्कटिक में बनेंगे नए अमेरिकी सैन्य बेस, ड्रैगन और रूस की घेराबंदी तेज
दुनिया के सबसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक क्षेत्र में चल रहे लंबे भू-राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक अत्यंत युगांतरकारी घटनाक्रम सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्चस्तरीय सत्र के इतर न्यूयॉर्क में आयोजित एक औपचारिक समारोह में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क और उसके स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड के साथ एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का प्राथमिक उद्देश्य आर्कटिक वृत्त में तेजी से बढ़ते सैन्यीकरण, चीनी जहाजों की आवाजाही और रूसी रणनीतिक दबाव को निष्प्रभावी करना है। न्यूज एजेंसी एएफपी (AFP) के अनुसार, इस समझौते पर मुहर लगाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद आत्मविश्वास भरे लहजे में कहा कि यह अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच दशकों तक चलने वाली एक अत्यंत मजबूत, ऐतिहासिक और शानदार सुरक्षा साझेदारी की शुरुआत है।इस समझौते का सीधा अर्थ यह है कि अमेरिका को अब रणनीतिक रूप से बेहद अहम और प्राकृतिक रूप से बेहद संवेदनशील ग्रीनलैंड द्वीप की सुरक्षा और रक्षा मामलों में निर्णायक और प्रत्यक्ष भूमिका प्राप्त हो गई है। राष्ट्रपति ट्रंप पूर्व में भी सार्वजनिक मंचों से यह रेखांकित करते रहे हैं कि पश्चिमी गोलार्ध की संपूर्ण सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर अमेरिका का रणनीतिक नियंत्रण होना बेहद आवश्यक है। इस त्रिपक्षीय समझौते के जरिए अमेरिका ने बिना किसी औपचारिक संप्रभुता विवाद के उस स्थायी रक्षा उपस्थिति को सुनिश्चित कर लिया है, जिसकी रूपरेखा को लेकर पिछले कई वर्षों से नाटो (NATO) सहयोगियों के बीच मतभेद सुलग रहे थे।'विरोधियों को करीब नहीं आने देंगे': डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने दिया ट्रंप की नीति को खुला समर्थनन्यूयॉर्क में हस्ताक्षर समारोह से ठीक पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने बेहद स्पष्ट और मुखर शब्दों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संदेश दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सामरिक प्राथमिकताओं को दुनिया के सामने पूरी पारदर्शिता से रखा है कि वे किसी भी सूरत में पश्चिमी विरोधियों को अपनी सुरक्षा परिधि के करीब फटकने नहीं देना चाहते। डेनिश प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ट्रंप की इस चिंता से पूरी तरह सहमत हैं और यह नया त्रिपक्षीय समझौता ठीक वही काम करेगा जिसकी इस नाजुक वक्त में जरूरत थी।फ्रेडरिकसेन ने वैश्विक मंच से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह समझौता इस बात की पक्की गारंटी देता है कि किसी भी प्रतिकूल शक्ति या प्रतिद्वंद्वी देश को आर्कटिक के विशाल खनिज संपदा वाले भूभाग पर नियंत्रण करने या अपना रणनीतिक प्रभुत्व स्थापित करने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। यह बयान सीधे तौर पर रूस की आर्कटिक में बढ़ती सबमरीन गश्त और चीन द्वारा शुरू किए गए 'पोलर सिल्क रोड' के मंसूबों पर करारा राजनयिक प्रहार माना जा रहा है। डेनमार्क के इस कड़े रुख से यह साबित हो गया है कि लंबे मतभेदों के बाद अब कोपेनहेगन और वाशिंगटन डीसी की सुरक्षा प्राथमिकताओं में पूर्ण सामंजस्य स्थापित हो चुका है।नारसारसुआक और मेस्टर्सविग में बनेंगे नए अमेरिकी सैन्य बेस: 10 पन्नों के समझौते में खुले बड़े राजसमाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा हासिल किए गए 10 पन्नों के विस्तृत गोपनीय समझौते के आधिकारिक दस्तावेजों से कई चौंकाने वाले रणनीतिक खुलासे हुए हैं। इस ऐतिहासिक रक्षा समझौते के तहत ग्रीनलैंड सरकार और डेनमार्क ने अमेरिकी सेना को द्वीप के दो सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील भौगोलिक बिंदुओं पर नए अत्याधुनिक मिलिट्री बेस स्थापित करने की औपचारिक अनुमति दे दी है। इसके तहत दक्षिण में रणनीतिक एयरफील्ड वाले नारसारसुआक (Narsarsuaq) और आर्कटिक द्वीप के सुदूर पूर्वी तट पर स्थित मेस्टर्सविग (Mestersvig) में अमेरिकी नौसेना और वायुसेना अपने उन्नत निगरानी केंद्र, रडार सिस्टम और फॉरवर्ड मिलिट्री बेस विकसित करेंगी।ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक निल्सन ने समझौते के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड केवल एक बर्फ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह उत्तरी अमेरिका महाद्वीप की सुरक्षा और ट्रांस-अटलांटिक रक्षा संरचना का केंद्रीय स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यह समझौता यह साबित करता है कि ग्रीनलैंड अपनी भू-राजनीतिक जिम्मेदारियों को पूरी परिपक्वता के साथ समझता है और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर वैश्विक स्थिरता के लिए काम कर रहा है। इन नए सैन्य अड्डों के सक्रिय होने से अमेरिका न केवल नॉर्थ अटलांटिक और जीआईयूके (GIUK) गैप पर पूरी तरह हावी हो सकेगा, बल्कि उत्तर ध्रुवीय मार्ग से गुजरने वाले हर विदेशी जलपोत और परमाणु पनडुब्बी की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे रियल-टाइम नजर रखने में सक्षम हो जाएगा।नाटो के भीतर पैदा हुए तनाव और ग्रीनलैंड के 56 हजार नागरिकों की चिंताओं का हुआ समाधानउल्लेखनीय है कि इस समझौते तक पहुंचने का सफर कूटनीतिक रूप से बेहद कांटेदार और तनावपूर्ण रहा है। अपने पिछले कार्यकालों और बयानों में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की अप्रत्याशित इच्छा जाहिर किए जाने के बाद नाटो गठबंधन के भीतर भीषण भूचाल आ गया था। उस समय डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दो टूक शब्दों में चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका किसी संप्रभु क्षेत्र पर कब्जा करने की मानसिकता से आगे बढ़ता है, तो इससे ट्रांस-अटलांटिक सैन्य गठबंधन हमेशा के लिए बिखर सकता है। इस कूटनीतिक तल्खी के कारण ग्रीनलैंड में रहने वाले करीब 56,000 स्थानीय निवासियों में भी अपनी सांस्कृतिक पहचान, संप्रभुता और पर्यावरण को लेकर गहरी बेचैनी और असंतोष फैल गया था।अमेरिका, डेनमार्क और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती इस दरार का फायदा उठाने के लिए विरोधी ताकतों ने उस क्षेत्र में आर्थिक निवेश बढ़ाने की कोशिशें शुरू कर दी थीं, जिसके जवाब में यूरोपीय सहयोगियों ने द्वीप पर संयुक्त सुरक्षा अभ्यास और वित्तीय अनुदान तेज कर दिए थे। महीनों तक चली उच्चस्तरीय राजनयिक वार्ताओं के बाद आखिरकार तीनों पक्षों ने एक ऐसा संतुलित रास्ता खोज निकाला जिसमें ग्रीनलैंड की स्वायत्तता, डेनमार्क की संप्रभुता और अमेरिका की सुरक्षा चिंताओं—तीनों का सम्मान सुरक्षित रखा गया है। नए समझौते के साथ अब न केवल नाटो के उत्तरी मोर्चे पर छाई अनिश्चितता पूरी तरह छंट गई है, बल्कि यह भी तय हो गया है कि भविष्य के आर्कटिक संसाधन युद्ध में पश्चिमी गठबंधन पूरी तरह एकजुट होकर अपनी जमीन पर डटा रहेगा।
थार की टक्कर से वकील की मौत, पत्नी गंभीर, हिट एंड रन का आरोपी अरेस्ट
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेज रफ्तार थार से स्कूटी सवार दंपति को टक्कर मारने और मौके से फरार होने के मामले में पुलिस ने आरोपी चालक आशीष पॉल को गिरफ्तार कर लिया है. हादसे में सुप्रीम कोर्ट के वकील नीरज कुमार सिन्हा की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी निशी श्रीवास्तव गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस ने कार्रवाई की.
कभी खिलाड़ियों को बॉल उठाकर देते थे जय मीना, आज जीता गोल्ड मेडल
Jay Meena Asian Games Bronze Medal: MP के देवास निवासी जय मीना ने सॉफ्ट टेनिस में भारत को एशियन गेम्स का पहला मेडल दिलाकर रचा इतिहास. कभी बॉल बॉय थे जय मीना, पढ़ें उनकी पूरी इंस्पायरिंग स्टोरी...
शराब तस्करी: जनरेटर के अंदर मिली 5688 लीटर शराब
बिहार के बांका में मद्य निषेध टीम ने DCM जनरेटर ट्रक से 637 कार्टन विदेशी शराब बरामद की. जनरेटर के केबिन में छिपाकर रखी गई इंपीरियल ब्लू व्हिस्की की कुल मात्रा 5688 लीटर बताई गई है. मामले में एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ है और तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है.
हीरोइन बनेगी विवेक ओबेरॉय की गोद ली बेटी, कैंसर से जीती जंग
विवेक ओबेरॉय ने बताया कि उन्होंने सहरा शाह को 2 साल की उम्र में गोद लिया था. अब सहरा जल्द एक्टिंग डेब्यू करने वाली हैं. बेटी की इस नई शुरुआत को लेकर विवेक बेहद भावुक और गर्व महसूस कर रहे हैं.
अजमेर में पटाखों की बिक्री के आवेदन पत्र 29 सितम्बर तक जमा होंगे
अजमेर। दीपावली त्यौहार 2026 के अवसर पर जिले में विस्फोटक नियम-2008 के अन्तर्गत केवल ग्रीन आतिशबाजी (पटाखों) की बिक्री के लिए विस्फोटक नियम 2008 के नियम-84 के तहत जारी किए जाने वाले अस्थाई अनुज्ञा पत्र के लिए इच्छुक व्यक्तियों के आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में 29 सितम्बर तक आमंत्रित किए जाएंगे। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट प्रवीण […] The post अजमेर में पटाखों की बिक्री के आवेदन पत्र 29 सितम्बर तक जमा होंगे appeared first on Sabguru News .
ICU में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं 'भाभी जी घर पर हैं' के एक्टर ईश्वर ठाकुर, परिवार ने मांगी मदद
टीवी सीरियल ‘भाभी जी घर पर हैं’ और ‘एफआईआर’ में काम कर चुके एक्टर ईश्वर ठाकुर की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है. 54 साल के एक्टर इस समय आईसीयू में भर्ती हैं.
Bihar Cabinet: गांधी जयंती पर रिहा होंगे पात्र कैदी, विशेष सजा माफी को मिली मंजूरी
बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को पात्र सजायाफ्ता कैदियों को एकमुश्त विशेष सजा माफी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके तहत चयनित कैदियों को गांधी जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर को रिहा किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विधि विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, बिहार जेल मैनुअल, 2012 के नियम 430 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत चिन्हित श्रेणियों के पात्र दोषी कैदियों को निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर विशेष सजा माफी का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार गांधी जयंती (2 अक्टूबर, 2026) के अवसर पर कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सजा को पूर्ण या आंशिक रूप से माफ कर सकेगी। अब संबंधित प्राधिकार पात्र कैदियों की अंतिम सूची तैयार करेंगे। मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। इसके लिए बिहार विशेष विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 की धारा 3(1) के तहत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य व्ययों के लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार, बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती पर विश्वविद्यालय की स्थापना तथा उसके लिए 15 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। मंत्रिमंडल ने पुलिस आधुनिकीकरण सहायता योजना (एएसयूएमपी) के तहत 24.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 50 ड्रोन खरीदने की मंजूरी दी। इनका उपयोग भीड़ नियंत्रण, नक्सल विरोधी अभियान तथा आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में किया जाएगा। चौधरी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास ऋण योजना को भी स्वीकृति दी। योजना के तहत पशुपालकों को बैंक ऋण पर 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा और उन्हें केवल मूलधन चुकाना होगा। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक तीन वर्षों की अवधि के लिए 160 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
पेट्रोल-डीजल के बढ़ेंगे दाम, LPG पर भी लगेगा झटका? आ गया बड़ा अपडेट
सरकारी तेल विपणन कंपनियां पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारी नुकसान झेल रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर प्रति लीटर/सिलिंडर बड़ा घाटा हो रहा है।
'मुझसे गलती हो गई', सुसाइड से पहले साहिल ने किसे किया था फोन; क्या-क्या हुई बात
आईआईटी मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे ने आत्महत्या से पहले अपनी महिला मित्र से बात की थी, जिसमें उसने परीक्षा में खराब प्रदर्शन का जिक्र किया था।
चारपाई पर सो रहे बेटे के सिर पर पिता ने मारी ईंट... इलाज के दौरान मौत
कानपुर देहात में पैसों और नशे को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. आरोप है कि पिता ने रात में लौटकर चारपाई पर सो रहे 23 वर्षीय बेटे के सिर पर ईंट से हमला कर दिया. गंभीर घायल युवक का कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां बुधवार को उसकी मौत हो गई. आरोपी पिता फरार है.
पटना में जन सुराज नेता के पति को मारी पांच गोलियां मारी, अस्पताल पहुंचे PK
पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में बुधवार को वार्ड नंबर 24 की पार्षद ज्ञानवती देवी के पति अनिल यादव पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. हमले में उन्हें करीब पांच गोलियां लगने की बात सामने आई. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.
Trump का 'Tough Cookie', भारत के आगे हो गया नतमस्तक?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन को टफ कुकी यानी बेहद सख्त शख्स बताया. इसी बीच तुर्की ने अगस्त 2026 में भारत से रिकॉर्ड मात्रा में डीजल खरीदा. कुप्लर के आंकड़ों के मुताबिक खरीद 1.2 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा रही. रूस से सप्लाई घटने और मध्य पूर्व के रास्तों पर दबाव के बीच भारत तुर्की के लिए अहम ईंधन आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है.
होर्मुज के पास जहाज पर टॉरपीडो हमला, एक भारतीय नाविक की मौत; 19 को बचाया गया - jagran.com
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जजों की नियुक्ति में सरकार की अहम भूमिका', कॉलेजियम सिस्टम पर बोला सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता ने जजों की नियुक्ति में न्यायपालिका की भूमिका को कार्यपालिका के मुकाबले दूसरे नंबर पर बताया। उन्होंने कहा कि जजों की नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार की अहम भूमिका होती है और कॉलेजियम को दोष देना एक फैशन बन गया है।
Ayodhya Ram Mandir चढ़ावा चोरी केस: चार्जशीट के बाद दो आरोपियों की जमानत पर सुनवाई टली
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में बाकी बचे दो आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई बुधवार को टाल दी गई। यह सुनवाई अब बृहस्पतिवार को होगी। कथित चढ़ावा चोरी मामले में बाकी बचे दो आरोपियों - सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई होनी थी। वकील कुल शेखर सिंह ने बताया कि यह सुनवाई भ्रष्टाचार-रोधी अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा के सामने होनी थी लेकिन पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद स्थानीय बार एसोसिएशन ने आपत्ति जताई जिसकी वजह से सुनवाई नहीं हो सकी। सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘अब बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।’’उन्होंने कहा कि आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और अदालत ने उसका संज्ञान भी ले लिया है लेकिन बचाव पक्ष को अभी तक उस दस्तावेज की प्रति नहीं मिली है। सिंह ने कहा, ‘‘जब हमें आरोप पत्र की प्रति मिल जाएगी तब हमारी ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई या जवाब के बारे में फैसला किया जाएगा।’’उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय बार एसोसिएशन को मिली जानकारी के मुताबिक आरोप पत्र में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के नाम शामिल नहीं थे और उन पर कोई आरोप भी नहीं लगाया गया था। इस मामले में जब सुनवाई शुरू हुई थी तो स्थानीय बार एसोसिएशन ने पुलिस को एक अर्जी देकर मांग की थी कि ट्रस्ट के अधिकारियों को भी जांच के दायरे में लाया जाए। अदालत ने सोमवार को तीन आरोपियों - अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव और रमाशंकर मिश्रा की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी और मंगलवार को अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे की अर्जी भी नामंजूर कर दी थी। सिंह ने बताया कि इसके बाद उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। इस मामले में गिरफ्तार किये गये कर्मचारियों में से ज्यादातर वे लोग हैं जिन्हें मंदिर में नकद दान की गिनती के लिए तैनात किया गया था। अयोध्या स्थित राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिये गत 13 जून को राज्य सरकार द्वारा बनाई गई विशेष अन्वेषण टीम (एसआईटी) की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक जांचकर्ताओं ने इस मामले में अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं। एसआईटी ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि वह 25 सितंबर तक आरोप पत्र दाखिल कर देगी।

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