LIVE: मानसून मेहरबान, भारी बारिश से कई शहर पानी-पानी
Latest News Today Live Updates in Hindi : देश में इन दिनों मानसून मेहरबान है। दिल्ली, मुंबई, सूरत समेत देश के कई इलाकों में भारी बारिश हुई। पल पल की जानकारी...
बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। 11 वर्षीय बच्ची केस का मुख्य संदिग्ध मुठभेड़ में ढेर, कई आरोपी पहले ही गिरफ्तार, पुलिस की भूमिका की भी जांच जारी।
FBI का लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ बड़ा एक्शन, कई देशों में 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी
एफबीआई ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ ऑपरेशन हार्ड बॉल शुरू किया है। एफबीआई ने गैंग के 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इंडोनेशिया के बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक आधिकारिक दौरे पर हैं। कूटनीतिक और सांस्कृतिक लिहाज से आज का दिन (8 जुलाई 2026) भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों के लिए एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखने जा रहा है। पीएम मोदी आज इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रोबोवो सुबियांतों (Prabowo Subianto) के साथ योग्याकार्ता में स्थित करीब 900 साल पुराने और दुनिया के सबसे भव्य हिंदू मंदिरों में शुमार 'प्रंबानन मंदिर' (Prambanan Temple) का दौरा करेंगे।यह दौरा इसलिए भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है क्योंकि इंडोनेशिया वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी (करीब 90 प्रतिशत) वाला मुल्क है। ऐसे में वहां के राष्ट्रपति का भारतीय प्रधानमंत्री के साथ एक प्राचीन हिंदू मंदिर के दर्शन के लिए जाना दुनिया के सामने 'सर्वधर्म समभाव' और धार्मिक सह-अस्तित्व (Religious Co-existence) का एक बेजोड़ उदाहरण पेश करता है।9वीं शताब्दी का दिव्य इतिहास: सनातन धर्म के 'त्रिदेवों' का प्रतीकइतिहासकारों और पुरातत्वविदों के मुताबिक, प्रंबानन मंदिर का निर्माण मध्य जावा में 9वीं शताब्दी (लगभग 850 ईस्वी) के आसपास प्राचीन मातरम साम्राज्य (Mataram Kingdom) के हिंदू राजाओं ने करवाया था। स्थापत्य कला (Architecture) का यह अद्भुत चमत्कार मुख्य रूप से भगवान शिव को समर्पित है।इस विशाल मंदिर परिसर के केंद्र में तीन मुख्य ऊंचे शिखर बने हैं, जिनमें भगवान शिव के साथ-साथ सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा और पालनहार भगवान विष्णु के भी भव्य मंदिर मौजूद हैं। यही वजह है कि इसे सनातन धर्म की 'त्रिमूर्ति' या त्रिदेवों का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। कई एकड़ में फैले इस ऐतिहासिक परिसर में कभी 200 से अधिक छोटे-बड़े मंदिर हुआ करते थे, जिनमें से कई समय के साथ आए विनाशकारी भूकंपों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन मुख्य मंदिरों की भव्यता आज भी जस की तस बनी हुई है।पत्थरों पर जीवंत है रामायण की गाथा और 'रामायण बैले' की परंपराप्रंबानन मंदिर की सबसे बड़ी और विस्मयकारी विशेषता इसकी दीवारों पर की गई बेहद बारीक और जीवंत नक्काशी है। मंदिर की पत्थरों से बनी दीवारों पर महान ग्रंथ रामायण और कृष्णलीला की पौराणिक कहानियों को दृश्यों के रूप में उकेरा गया है।इंडोनेशिया की सांस्कृतिक पहचान का सबसे खूबसूरत हिस्सा भी इसी मंदिर से जुड़ा हुआ है। इस मंदिर परिसर के ओपन-एयर थिएटर में आज भी सदियों पुरानी परंपरा के तहत प्रसिद्ध 'रामायण बैले' (Ramayana Ballet) का भव्य मंचन किया जाता है। स्थानीय मुस्लिम कलाकार बेहद श्रद्धा और कलात्मकता के साथ पारंपरिक इंडोनेशियाई नृत्य (जावानीस डांस) और संगीत के जरिए भगवान श्री राम, माता सीता और हनुमान जी की पावन कथा को जीवंत करते हैं, जिसे देखने देश-विदेश से लाखों पर्यटक यहां आते हैं।यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची और भूकंप की त्रासदीइस प्राचीन धरोहर के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनेस्को (UNESCO) ने वर्ष 1991 में प्रंबानन मंदिर को 'विश्व धरोहर स्थल' (World Heritage Site) घोषित किया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके संरक्षण और मूल स्वरूप को बनाए रखने के प्रयास तेज हुए। हालांकि, मई 2006 में जावा द्वीप पर आए एक अत्यंत तीव्र भूकंप के कारण इस मंदिर संरचना को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की देखरेख में कई वर्षों तक यहां कड़े पुनर्निर्माण और वैज्ञानिक संरक्षण का काम चलाया गया, जिसके बाद इसे दोबारा पूरी तरह पर्यटकों के लिए खोला जा सका।पीएम मोदी के इस दौरे का वैश्विक संदेश और 'सभ्यतागत कूटनीति'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा को केवल एक सामान्य धार्मिक स्थल का दौरा कहना गलत होगा। भू-राजनीतिक (Geopolitical) नजरिए से इसके पीछे गहरे मायने छिपे हैं:वसुधैव कुटुंबकम का संदेश: वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जहां दुनिया के कई हिस्सों में धार्मिक और नस्लीय पहचान को लेकर गंभीर संघर्ष चल रहे हैं, वहां एक सबसे बड़े मुस्लिम राष्ट्र में हिंदू मंदिर का यह दौरा पूरी दुनिया को 'वसुधैव कुटुंबकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) का मजबूत संदेश देता है।सभ्यतागत कूटनीति (Civilizational Diplomacy): यह दौरा भारत और इंडोनेशिया के बीच 'सभ्यतागत कूटनीति' को नई दिशा देगा। दोनों देशों के बीच व्यापारिक और समुद्री संबंधों के साथ-साथ हजारों साल पुराने गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं, जो भौगोलिक दूरियों के बाद भी दोनों मुल्कों को आपस में जोड़ते हैं।सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन: यह यात्रा दुनिया को यह भी दिखाएगी कि प्राचीन भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्य किस तरह वैश्विक स्तर पर आज भी बेहद सम्मानित और सुरक्षित हैं, और किस तरह दो अलग-अलग धार्मिक संस्कृतियां एक-दूसरे की विरोधी नहीं बल्कि पूरक बनकर रह सकती हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के लगभग सभी हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय और आक्रामक हो चुका है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई राज्यों में आम जनजीवन को बुरी तरह तहस-नहस कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 8 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, बिहार और दिल्ली-एनसीआर सहित देश के 23 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ भारी से अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। कई राज्यों में जलभराव, नदियों के बढ़ते जलस्तर और मुख्य सड़कों के टूटने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।महाराष्ट्र में आसमानी आफत: 2 की मौत, भीमा नदी उफान पर होने से अरवी द्वीप का संपर्क टूटामहाराष्ट्र में मानसून का सबसे विकराल रूप देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी विभिन्न दुर्घटनाओं में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।पालघर में सबसे ज्यादा बारिश: पालघर जिले में रिकॉर्ड 203.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। इसके अलावा ठाणे (116.4 मिमी), रायगढ़ (108.7 मिमी), मुंबई उपनगर (90.4 मिमी) और पुणे (70.9 मिमी) में भी भारी वर्षा दर्ज हुई है।तटीय इलाकों में हाई टाइड का खतरा: मुंबई, ठाणे और सिंधुदुर्ग समेत तटीय जिलों के लिए हाई टाइड का अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के कारण समुद्र में गए 10 मछुआरों की बहने से मौत हो चुकी है।अरवी द्वीप हुआ अलग-थलग: पुणे और अहिल्यानगर में भारी बारिश के चलते भीमा नदी पूरी क्षमता के साथ उफान पर बह रही है। इसके चलते श्रीगोंडा तालुका का 'अरवी द्वीप' चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है और मुख्य भूमि से उसका संपर्क पूरी तरह कट चुका है। प्रशासन वहां फंसे ग्रामीणों की मदद के लिए नावों का इस्तेमाल कर रहा है।मध्य प्रदेश: शिप्रा नदी के घाट डूबे; भोपाल, इंदौर सहित कई जिलों में अलर्टमध्य प्रदेश में भी लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं।उज्जैन में जलतांडव: उज्जैन में मूसलाधार बारिश के बाद पवित्र शिप्रा नदी का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि रामघाट पर बने कई छोटे और प्राचीन मंदिर पूरी तरह पानी में समा गए हैं।ऑरेंज और येलो अलर्ट: मौसम विभाग ने आज शिवपुरी, सागर, गुना, अशोकनगर, श्योपुरकलां और टीकमगढ़ जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, खंडवा और खरगोन जैसे बड़े शहरों में 'यलो अलर्ट' लागू कर लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।उत्तर प्रदेश: 60 से अधिक जिलों में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनीउत्तर प्रदेश में भी मानसून की रफ्तार बेहद तेज है। मंगलवार को लखनऊ, वाराणसी और मुरादाबाद समेत करीब 50 शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई। शामली की सड़कों पर पानी भरने से नदियों जैसा नजारा दिखा, वहीं अमरोहा में दिल्ली-लखनऊ हाईवे जलमग्न हो गया।आज के लिए चेतावनी: मौसम विभाग ने बुधवार को यूपी के 60 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें मुख्य रूप से गौतमबुद्धनगर (नोएडा), बुलंदशहर, संभल, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की भी गंभीर आशंका जताई है।डिप्रेशन का असर: दिल्ली, पंजाब और बिहार समेत इन राज्यों में भी होगी तेज बारिशमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड और ओडिशा के ऊपर बना मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इस मौसमी बदलाव के कारण उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। आने वाले घंटों में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार और छत्तीसगढ़ में तेज आंधी और भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।दूसरी ओर, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी मानसून मेहरबान रहेगा, जबकि दक्षिण भारत के केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। प्रशासन ने सभी प्रभावित राज्यों के नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी गाइडलाइंस का पालन करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।
सनातन परंपरा में मिट्टी को पंचतत्वों का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है, जिसकी ऊर्जा अत्यंत शुभ और कल्याणकारी होती है। वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में जहां मिट्टी का विशेष महत्व है, वहीं ज्योतिष शास्त्र में इसका सीधा संबंध पराक्रम और ऊर्जा के कारक 'मंगल ग्रह' (Planet Mars) से जोड़ा जाता है। प्राचीन काल से ही हमारे घरों में मिट्टी के बर्तनों का उपयोग स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए किया जाता रहा है। आज के आधुनिक दौर में भी यदि घर के वास्तु दोष और कुंडली के मंगल दोष को दूर करना हो, तो मिट्टी से बनी चीजों को घर में रखना एक अचूक उपाय माना जाता है। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर में मिट्टी से बनी ऐसी कौन सी 5 चीजें रखनी चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो और सौभाग्य की प्राप्ति हो।1. मिट्टी का घड़ा, सुराही या कलश (जल तत्व का संतुलन)वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मिट्टी का घड़ा या मटका जरूर रखना चाहिए। यह न केवल वास्तु दोषों को मिटाता है बल्कि घर के भीतर 'जल तत्व' को पूरी तरह संतुलित करता है।सही दिशा: मिट्टी के घड़े या सुराही को हमेशा पानी से भरकर घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना चाहिए।लाभ: इस दिशा में पानी से भरा घड़ा रखने से मानसिक शांति मिलती है, परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है और घर में हमेशा सकारात्मकता बनी रहती है।2. मिट्टी के दीये या दीपक (अग्नि तत्व की शुद्धि)आजकल लोग पूजा-पाठ में धातु के दीयों का इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन शास्त्रों में मिट्टी के दीये को सबसे उत्तम और सात्विक माना गया है।उपयोग: किसी भी पर्व-त्योहार, नियमित पूजा या व्रत के दौरान मिट्टी के दीपक का ही उपयोग करें।लाभ: नियमित रूप से मिट्टी का दीपक जलाने से घर का 'अग्नि तत्व' शुद्ध होता है। वातावरण का भारीपन दूर होता है और जिस घर का माहौल हल्का व पवित्र रहता है, वहां धन की देवी माता लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करती हैं।3. देवी-देवताओं की मिट्टी की मूर्तियां (आर्थिक स्थिति में सुधार)प्लास्टिक या अन्य केमिकल से बनी मूर्तियों के बजाय घर के मंदिर में मिट्टी से निर्मित मूर्तियों को स्थान देना बेहद फलदायी होता है।सही दिशा: भगवान गणेश, माता लक्ष्मी या अन्य पूजनीय देवी-देवताओं की मिट्टी की मूर्तियां घर की उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थापित करनी चाहिए। इसके अलावा मिट्टी से बनी गौमाता, हाथी या घोड़े की प्रतिमा रखना भी बेहद शुभ होता है।लाभ: इन मूर्तियों से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, फंसा हुआ धन वापस मिलता है और जीवन में स्थायित्व (Stability) आता है।4. मिट्टी के गमले में लगा तुलसी का पौधा (आध्यात्मिक शांति)तुलसी का पौधा साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है, लेकिन इसकी शुभता तब कई गुना बढ़ जाती है जब इसे सही पात्र में लगाया जाए।नियम: तुलसी के पौधे को कभी भी प्लास्टिक के गमले में न लगाएं। इसके लिए हमेशा मिट्टी के पारंपरिक गमले का ही चुनाव करें।लाभ: मिट्टी के गमले में लगी तुलसी घर के सभी बड़े वास्तु दोषों को सोख लेती है। इससे घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती और पूरे परिवार को उत्तम स्वास्थ्य व आध्यात्मिक शांति का आशीर्वाद मिलता है।5. मिट्टी के बर्तन (मन और सेहत का तालमेल)आज के समय में भी मिट्टी की कड़ाही, हांडी या बर्तनों में भोजन पकाना और खाना बेहद फायदेमंद माना गया है।लाभ: मिट्टी के बर्तनों में बना भोजन पूरी तरह सात्विक और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जिससे परिवार के सदस्यों का शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन दोनों बेहतर रहता है।ज्योतिषीय महत्व: रसोई में मिट्टी के बर्तनों के नियमित उपयोग से कुंडली का 'मंगल दोष' शांत होने लगता है, जिससे व्यक्ति का बेवजह का गुस्सा कम होता है और रिश्तों में मधुरता आती है।
रोज सुबह की शुरुआत न केवल सूरज की नई किरणों के साथ होती है, बल्कि वाहन चालकों के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी एक बड़ा अपडेट लेकर आती हैं। ईंधन के ये दाम आम आदमी के मासिक बजट और जेब पर सीधा असर डालते हैं। भारत में हर दिन सुबह 6 बजे देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर देती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर आधारित होते हैं। उत्तर प्रदेश में आज, 8 जुलाई 2026 को भी तेल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं।लखनऊ, कानपुर से लेकर नोएडा तक: यूपी के शहरों में आज का भावअगर आप आज घर से गाड़ी लेकर निकल रहे हैं या फ्यूल टैंक फुल कराने की सोच रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर दाम इस प्रकार हैं:शहर का नाम (UP Cities)पेट्रोल का रेट (₹/लीटर)डीजल का रेट (₹/लीटर)लखनऊ (Lucknow)₹101.86₹95.36कानपुर शहरी (Kanpur)₹101.59₹95.06प्रयागराज (Prayagraj)₹101.96₹95.46नोएडा (Noida)₹101.96₹95.44वाराणसी (Varanasi)₹102.23₹95.72गोरखपुर (Gorakhpur)₹102.13₹95.62मेरठ (Meerut)₹101.99₹95.46अलीगढ़ (Aligarh)₹101.92₹95.38आगरा (Agra)₹101.66₹95.14पिछले दिनों क्यों महंगी हुई तेल की कीमतें?घरेलू बाजार में पिछले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 15 मई 2026 को ईंधन की कीमतों में बड़ा संशोधन हुआ था, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था, और उसके बाद भी कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखी गई।केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे की वैश्विक वजहों को स्पष्ट करते हुए बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल के कारण तेल कंपनियों पर अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) का भारी दबाव है। इस स्थिति के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कुल अंडर-रिकवरी बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, कंपनियों का एक तिमाही घाटा ही करीब 1 लाख करोड़ रुपये के पास पहुंच गया था। दूसरी तरफ, क्रूड ऑयल के दाम भी पहले के $64-$65 प्रति बैरल के निचले स्तर से बढ़कर एक समय लगभग $115 प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। हालांकि भारत ने साल 2022 के बाद से एक लंबे समय तक ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोके रखा था और उपभोक्ताओं को राहत दी थी, लेकिन वैश्विक बाजार की इस भीषण मंदी और दबाव के चलते आखिरकार पिछले कुछ दिनों में कीमतों में आंशिक इजाफा करना जरूरी हो गया था।
उत्तर प्रदेश में मानसून ने अपनी पूरी रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को राजधानी लखनऊ, नोएडा, मुरादाबाद और प्रयागराज समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हुई झमाझम बारिश के बाद बुधवार यानी 8 जुलाई 2026 की सुबह से ही कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। इस मानसूनी बारिश से जहां तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए प्रदेश में बेहद संवेदनशील अलर्ट जारी किया है।आज कैसा रहेगा मौसम? इन जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्टआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आज बुधवार को उत्तर प्रदेश के 60 से अधिक जिलों में आंधी-तूफान के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने जिन प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं:गौतमबुद्धनगर (नोएडा), गाजियाबाद, बुलंदशहर, ज्योतिबा फुले नगर (अमरोहा), संभल और अलीगढ़।बदायूं, कांशीरामनगर (कासगंज), महामायानगर (हाथरस), एटा, मथुरा, आगरा और फिरोजाबाद।झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन और ललितपुर।लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, देवरिया, वाराणसी और प्रयागराज।80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, वज्रपात की चेतावनीमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बारिश के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की भी गंभीर चेतावनी जारी की है। राजधानी लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने का अनुमान है।मंगलवार को हुई बारिश से सड़कों पर दिखा 'नदियों' जैसा नजाराइससे पहले मंगलवार को लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली और मुरादाबाद समेत यूपी के 50 से अधिक शहरों में भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी यूपी के शामली में मूसलाधार बारिश के चलते सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और वहां नदियों जैसा नजारा देखने को मिला। वहीं, अमरोहा जिले में महज एक घंटे की तेज बारिश के कारण दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे पर कई फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। मथुरा और आगरा में भी जलभराव के कारण स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।क्यों अचानक सक्रिय हुआ मानसून? क्या बोले मौसम वैज्ञानिकआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत दबाव क्षेत्र (Depression) बना था। यह मौसमी सिस्टम उत्तरी ओडिशा तट को पार करते हुए वर्तमान में दक्षिणी झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसमान के पास केंद्रित है। इसी वेदर सिस्टम के असर से पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून अचानक बेहद सक्रिय और आक्रामक हो गया है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का यह भी अनुमान है कि इस शुरुआती तेजी के बावजूद इस साल यूपी सहित पूरे देश में कुल मानसूनी बारिश सामान्य से थोड़ी कम दर्ज की जा सकती है।12 जुलाई तक ऐसा ही रहेगा मौसम, किसानों को विशेष सलाहमौसम विभाग की नई भविष्यवाणी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आगामी 12 जुलाई 2026 तक मौसम का मिजाज इसी तरह की सक्रियता के साथ बना रहेगा। विशेषकर पश्चिमी यूपी में 8 से 10 जुलाई के बीच अधिकांश स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि पूर्वी यूपी के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ती रहेंगी। मौसम की इस गंभीरता और तेज आंधी-तूफान को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और विशेषकर किसानों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की विशेष सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख औद्योगिक शहरों नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और चिपचिपी उमस से बेहाल स्थानीय निवासियों को मंगलवार को हुई झमाझम बारिश से बड़ी राहत मिली है। दोपहर के समय अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज ठंडी हवाएं चलने लगीं। इसके बाद शुरू हुआ मूसलाधार बारिश का दौर शाम तक जारी रहा। इस बारिश से जहां एक ओर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहाना हो गया, वहीं दूसरी ओर जलभराव के कारण कामकाजी लोगों को सड़कों पर भीषण जाम और भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के दावों की खुली पोल, 130 मीटर रोड जलमग्ननोएडा और ग्रेटर नोएडा में मानसून से पहले जलभराव से निपटने की तैयारियों के बड़े-बड़े दावे करने वाले स्थानीय प्रशासन की इस पहली भारी बारिश ने ही पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद सड़कों और चौराहों पर पानी जमा होने से नगर निगम और प्राधिकरण के ड्रेनेज सिस्टम की नाकामी साफ नजर आई।सबसे बदतर स्थिति ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर, कुलेसरा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय के पास स्थित प्रसिद्ध 130 मीटर रोड पर देखने को मिली, जहां सड़क पूरी तरह से दरिया बन गई। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा के कई प्रमुख गोल चक्करों के पास भी कई फीट तक पानी जमा हो गया। यही हाल दादरी का भी रहा, जहां दादरी के मुख्य बाजार सहित कई प्रमुख रिहायशी और व्यापारिक इलाकों में पानी भर जाने से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।जलभराव के कारण लगा भीषण जाम, ट्रैफिक पुलिस को करनी पड़ी कड़ी मशक्कतलगातार हुई तेज बारिश और प्रमुख गोल चक्करों व मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने के कारण पूरे नोएडा-एनसीआर में वाहनों की रफ्तार थम गई। जलभराव की वजह से दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा था, जिससे देखते ही देखते सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो गई। शाम के समय दफ्तरों से घर लौट रहे लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। इस दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ट्रैफिक पुलिस को सड़क पर उतरकर जलभराव के बीच फंसे वाहनों को निकालने और जाम खुलवाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।मौसम विभाग का अलर्ट: यूपी के इन 25 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश का अनुमानभारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में नोएडा और उसके आस-पास के इलाकों के लिए आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मानसून की सक्रियता लगातार बनी रहेगी।मौसम विभाग ने गौतम बुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा और संभल जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन सभी इलाकों में आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं (30 से 40 किमी प्रति घंटा) के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। प्रशासन ने लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले हाई-टेक शहरों नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और वाहन चालकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) ने मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर दिन-प्रतिदिन बढ़ते गाड़ियों के भारी बोझ और ट्रैफिक जाम को हमेशा के लिए खत्म करने का एक नया और फुलप्रूफ मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत यमुना और हरनंदी (हिंडन) नदियों के बीच स्थित विशाल दोआब क्षेत्र में 29 किलोमीटर लंबा, चार लेन का एक बिल्कुल नया और वैकल्पिक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा।₹500 करोड़ का बजट और वर्तमान जाम से मिलेगी मुक्तिवर्तमान में चल रहे आंकड़ों के मुताबिक, मौजूदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हर दिन करीब दस लाख से ज्यादा वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिसके कारण पीक आवर्स के दौरान दफ्तर आने-जाने वालों को घंटों रेंगना पड़ता है। इस समस्या के स्थायी और तकनीकी समाधान के लिए नोएडा प्राधिकरण ने इस नई समानांतर कनेक्टिविटी पर युद्धस्तर पर काम शुरू करने का फैसला लिया है। इस नए 29 किलोमीटर लंबे वैकल्पिक मार्ग के निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च किया जाएगा।किसानों से जमीन अधिग्रहण का झंझट खत्म, सिंचाई विभाग की भूमि पर बनेगा मार्गइस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और खास खूबी यह है कि इसके निर्माण के लिए स्थानीय किसानों की कीमती उपजाऊ जमीन के भारी अधिग्रहण की आवश्यकता नाममात्र के लिए ही होगी। दरअसल, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग (UP Irrigation Department) के पास इस नदी दोआब क्षेत्र में पहले से ही 22 से 28 मीटर चौड़ी सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिसका उपयोग इस 4-लेन रोड को बिछाने के लिए किया जाएगा। इससे जमीन विवाद और मुआवजे की लंबी कानूनी प्रक्रियाओं में समय बर्बाद नहीं होगा।समझें नए एक्सप्रेसवे का पूरा रूट मैप और कनेक्टिविटीप्राधिकरण द्वारा तैयार किए गए ब्लूप्रिंट के अनुसार, इस नए रूट को बेहद रणनीतिक तरीके से डिजाइन किया गया है:यमुना दोआब का विस्तार: यमुना नदी के दोआब क्षेत्र को वर्तमान स्थिति से आगे लगभग एक किलोमीटर और बढ़ाया जाएगा।हरनंदी (हिंडन) दोआब का विकास: हिंडन नदी के दोआब के करीब 17 किलोमीटर लंबे हिस्से को आधुनिक चार लेन की सड़क में तब्दील किया जाएगा।कोंडली बांगर से लिंक: यह नया वैकल्पिक मार्ग सीधे नोएडा के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-150 तक पहुंचेगा, जहां इसे कोंडली बांगर की प्रसिद्ध 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क से सीधे लिंक कर दिया जाएगा।तटबंध रोड का कायाकल्प: इसके अलावा, यमुना तटबंध पर पहले से मौजूद 11.2 किलोमीटर लंबे पुराने मार्ग का भी ₹34 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण और नवीनीकरण किया जा रहा है, जो इस प्रोजेक्ट को अतिरिक्त मजबूती देगा।ग्रेटर नोएडा के 25 सेक्टर्स, 20 गांवों और 75 सोसायटियों की चमकेगी किस्मतयह नया एक्सप्रेसवे नेटवर्क विशेष रूप से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बॉर्डर पर बसी नई रिहायशी बस्तियों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होने वाला है। इसके पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद अरावली और हिंडन के पास स्थित लगभग 25 प्राइम सेक्टर्स, 20 ग्रामीण इलाकों और 75 से अधिक आलीशान व बड़ी हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले करीब 5 लाख नागरिकों को सीधे तौर पर एक निर्बाध और सिग्नल-फ्री रास्ता मिल जाएगा। सेक्टर-150 स्थित मशहूर स्पोर्ट्स सिटी और जेपी विश टाउन जैसी हाई-प्रोफाइल टाउनशिप में तेजी से बढ़ रही रिहायशी आबादी की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर का ताना-बाना बुना गया है।अधिकारियों को सख्त डेडलाइन: तत्काल कार्ययोजना पेश करने के निर्देशनोएडा प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित इंजीनियरिंग विंग और कंसल्टेंट कंपनियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे इस परियोजना की अंतिम विस्तृत कार्ययोजना (DPR) तत्काल प्रभाव से बोर्ड के सामने प्रस्तुत करें। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि यदि डिजाइन के दौरान कहीं थोड़ी-बहुत अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता पड़ती भी है, तो संबंधित किसानों से आपसी सहमति के आधार पर तुरंत उचित बाजार दर का मुआवजा देकर जमीन अधिग्रहित की जाएगी ताकि काम में कोई रुकावट न आए। इस एक्सप्रेसवे के बनने से मुख्य एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों का दबाव 40% तक कम होने का अनुमान है, जिससे लोगों का कीमती समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को रफ्तार देने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हो गया है। अलीगढ़ और मुरादाबाद को सीधे जोड़ने वाला नया चार/छह लेन का 'ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे' (Greenfield Access Controlled Highway) संभल जिले की पूरी कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए संभल में भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) की आधिकारिक प्रक्रिया तेज कर दी है। इस नए हाईवे के बनने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के व्यापारिक गलियारे को भी एक नई मजबूती मिलेगी।क्यों संभल के लिए गेमचेंजर साबित होगी यह परियोजना?यह नया ग्रीनफील्ड हाईवे केवल अलीगढ़ और मुरादाबाद के बीच के सफर और समय को ही कम नहीं करेगा, बल्कि यह पहले से व्यस्त आगरा-मुरादाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग का एक सबसे बेहतरीन और आधुनिक विकल्प बनकर उभरेगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके निर्माण के बाद संभल जिला पहली बार सीधे देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इसके अलावा, इस कॉरिडोर को उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' से भी लिंक किया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों को सीधे एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे संभल में हस्तशिल्प, कृषि और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे।संभल और गुन्नौर तहसील के 69 गांव आएंगे हाईवे के दायरे मेंNHAI के सर्वे के मुताबिक, संभल जिले के कुल 69 गांवों की जमीन इस नए ग्रीनफील्ड हाईवे के दायरे में आ रही है। इनमें संभल तहसील के 40 और गुन्नौर तहसील के 29 प्रमुख गांव शामिल हैं। जिला प्रशासन ने इन प्रभावित गांवों के किसानों और भू-स्वामियों को दिए जाने वाले मुआवजे की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, डिजिटल और विवादमुक्त रखने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।भू-माफियाओं पर नकेल: अनधिकृत निर्माण और रजिस्ट्री पर लगी रोकप्रशासन ने प्रभावित घोषित किए जा चुके 69 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री), भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और हाईवे रूट के आस-पास होने वाले किसी भी प्रकार के नए या अनधिकृत निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और इस पर पैनी नजर रखी जा रही है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य सरकारी राजस्व को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाना है। इसके साथ ही, कई बार कुछ लोग मुआवजा राशि बढ़ाने के लिए हाईवे की जमीन पर रातों-रात अवैध निर्माण कर लेते हैं, जिसे रोकने के लिए प्रशासन ने पहले ही ड्रोन और सेटेलाइट मैपिंग की मदद से स्थिति स्पष्ट कर ली है ताकि भविष्य में मुआवजे के वितरण को लेकर कोई कानूनी अड़चन न आए।मुरादाबाद से अलीगढ़ तक: ये रहेगा हाईवे का पूरा रूट मैपप्रस्तावित ब्लूप्रिंट के अनुसार, यह आधुनिक हाईवे मुरादाबाद की दिशा से आगे बढ़ते हुए संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र के पोटा और धूरा गांवों से संभल की सीमा में प्रवेश करेगा। यहां से यह सीधे प्रसिद्ध कैलादेवी धार्मिक क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगा। इसके बाद गुन्नौर तहसील के रजपुरा इलाके से होते हुए बबराला के जिजोड़ा डांडा के पास यह विशाल गंगा नदी को पार करेगा। गंगा नदी पर एक नए आधुनिक पुल के जरिए यह आगे बुलंदशहर जिले की सीमाओं को छूते हुए सीधे अलीगढ़ तक पहुंचेगा।अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीनफील्ड हाईवे के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद संभल के नागरिकों के लिए दिल्ली, नोएडा, लखनऊ और अलीगढ़ जैसे बड़े शहरों तक की दूरी और सफर का समय आधा रह जाएगा। साथ ही, बेहतर बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के चलते क्षेत्र में नए लॉजिस्टिक हब और फैक्ट्रियां स्थापित होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए साधन विकसित होंगे।
'गाना परदेसी परदेसी जाना नहीं... मुझे छोड़के, मुझे छोड़के'— यह एक ऐसा सदाबहार गीत है जिसे हर संगीत प्रेमी ने कई बार सुना होगा। साल 1996 में रिलीज हुई आमिर खान और करिश्मा कपूर स्टारर ब्लॉकबस्टर फिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' का यह गाना अपने दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर बना था। लेकिन आज चर्चा इस फिल्म की नहीं, बल्कि इस गाने में बंजारन के भेष में थिरकती नजर आईं उस खूबसूरत एक्ट्रेस की है, जो इस पांच मिनट के वीडियो से रातों-रात देश भर में सनसनी बन गई थीं। वह एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि प्रतिभा सिन्हा थीं। सफलता के शिखर पर पहुँचने के बावजूद वे अचानक गुमनामी के अंधेरे में खो गईं। आइए जानते हैं कि आज प्रतिभा सिन्हा कहाँ हैं और क्या कर रही हैं।करिश्मा कपूर पर भारी पड़ी थीं दिग्गज अभिनेत्री माला सिन्हा की बेटीफिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' के इस गाने में प्रतिभा सिन्हा का अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस इतना दमदार था कि कुछ समय के लिए वे फिल्म की मुख्य अभिनेत्री करिश्मा कपूर पर भी भारी पड़ती नजर आईं। बहुत कम लोग जानते हैं कि प्रतिभा सिन्हा बॉलीवुड की दिग्गज और कल्ट एक्ट्रेस माला सिन्हा की बेटी हैं। अपनी मां के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रतिभा ने भी अभिनय की दुनिया को चुना और 90 के दशक में बतौर लीड एक्ट्रेस बॉलीवुड में कदम रखा था। इस गाने की बंपर सफलता के बाद उन्हें कई बड़ी फिल्मों के ऑफर मिले, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।अभिनय का सफर: पहली फिल्म से लेकर संन्यास तकप्रतिभा सिन्हा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1992 में आई फिल्म 'मेहबूब मेरे मेहबूब' से की थी, जिसमें उनके अपोजिट अभिनेता सुजॉय मुखर्जी नजर आए थे। हालांकि, शुरुआती कुछ फिल्मों से उन्हें वह खास पहचान नहीं मिल सकी जिसकी उन्हें तलाश थी। आखिरकार साल 1996 में 'परदेसी परदेसी' गाने ने उनकी किस्मत बदल दी। इसके बाद वे साल 1997 में अनुपम खेर के साथ फिल्म 'गुदगुदी' में दिखाई दीं। साल 2000 में आई फिल्म 'ले चल अपने संग' उनके करियर की अंतिम फिल्म साबित हुई, जिसके बाद उन्होंने महज 8 साल के भीतर फिल्म इंडस्ट्री से हमेशा के लिए संन्यास ले लिया।संगीतकार नदीम सैफी से प्यार और चेन्नई में 'नजरबंदी' का वो दौरप्रतिभा सिन्हा के अचानक करियर खत्म होने के पीछे उनकी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा उनकी पर्सनल लाइफ और विवाद जिम्मेदार रहे। 90 के दशक में प्रतिभा सिन्हा और मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण के नदीम सैफी के बीच अफेयर के चर्चे आम हो गए थे। नदीम पहले से शादीशुदा थे, इसलिए माला सिन्हा इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, माला सिन्हा ने अपनी बेटी को नदीम से पूरी तरह दूर करने के लिए उन्हें चेन्नई में एक तरह से नजरबंद कर दिया था और उनके फोन व बातचीत के माध्यमों पर कड़ी नजर रखी थी। इसके बावजूद दोनों ने संपर्क बनाए रखने के लिए खास 'कोड नेम' का सहारा लिया। जब दोनों के घर से भागने की अफवाहें उड़ीं, तो माला सिन्हा ने कथित तौर पर शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे से मदद मांगी, जिसके बाद प्रतिभा को वापस मुंबई लाया गया।वो विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस और गुलशन कुमार हत्याकांड का सायामुंबई लौटने के बाद प्रतिभा सिन्हा को एक बेहद विवादास्पद प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए मजबूर किया गया, जिसने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रतिभा ने नदीम सैफी पर अपहरण और यौन शोषण जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए। दूसरी तरफ, नदीम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पब्लिसिटी स्टंट और खुद का मानसिक उत्पीड़न करार दिया था।यह निजी विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अगस्त 1997 में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में नदीम सैफी का नाम सामने आने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री सन्न रह गई। हालांकि, नदीम ने लगातार इन आरोपों को खारिज किया और अपनी बेगुनाही का दावा करते हुए लंदन में शरण ले ली। बाद में अदालत ने नदीम के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की बात कही, लेकिन इस खौफनाक घटनाक्रम ने प्रतिभा सिन्हा के फिल्मी करियर पर हमेशा के लिए पूर्णविराम लगा दिया।दशकों बाद सार्वजनिक रूप से आईं नजर, अब जी रही हैं शांत जीवनगुलशन कुमार केस और नदीम से जुड़े विवादों के बाद प्रतिभा सिन्हा ने खुद को लाइमलाइट, मीडिया और फिल्मी दुनिया की बनावटी चकाचौंध से पूरी तरह दूर कर लिया। दशकों तक गुमनाम रहने के बाद, पिछले साल अगस्त 2025 में मुंबई में आयोजित एक साड़ी प्रदर्शनी (Saree Exhibition) के दौरान प्रतिभा सिन्हा को बेहद सादगी भरे अंदाज में सार्वजनिक रूप से देखा गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। अपने पुराने और कड़वे विवादों को पीछे छोड़कर, प्रतिभा सिन्हा अब मुंबई में अपनी बुजुर्ग मां माला सिन्हा के साथ एक बेहद शांत, निजी और संतुष्ट जीवन व्यतीत कर रही हैं।
सिनेमा की दुनिया में हॉरर और साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्मों का क्रेज हमेशा से दर्शकों के सिर चढ़कर बोलता रहा है। इन फिल्मों का गहरा सस्पेंस, पल-पल बदलते मोड़ और अनसुलझी मिस्ट्री लोगों को स्क्रीन से हटने नहीं देती। जब डर के साथ एक गहरी दिमागी पहेली जुड़ जाए, तो दर्शकों की धड़कनें बढ़ना लाजिमी है। यही वजह है कि ‘साइको’ और ‘द कॉन्जुरिंग’ जैसी कल्ट फिल्मों के दीवाने पूरी दुनिया में मौजूद हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली इंडोनेशियाई हॉरर फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अकेले में देखते हुए आपके मुंह से खुद-ब-खुद भगवान का नाम निकल पड़ेगा।इंटरनेट पर वायरल हुई सच्ची कहानी पर आधारित है फिल्मआजकल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने वैश्विक सिनेमा को हमारे बेहद करीब ला दिया है। अब दर्शकों को बेहतरीन और डरावनी फिल्मों के लिए सिनेमाघरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, बल्कि वे घर बैठे अपने स्मार्टफोन या टीवी पर इसका मजा ले रहे हैं। दर्शक अब पुरानी घिसी-पिटी भूतिया कहानियों के बजाय कुछ नया और अनोखा देखना पसंद कर रहे हैं। इसी कड़ी में साल 2025 की सबसे चर्चित और डरावनी फिल्म 'ए वुमन कॉल्ड मदर' (इंडोनेशियाई नाम: दिया बुकान इबू / Dia Bukan Ibu) सामने आई है। इस फिल्म का आइडिया इंटरनेट पर वायरल हुई एक बेहद खौफनाक सच्ची कहानी (Thread) से प्रेरित है। बड़े पर्दे पर आने से पहले 19 सितंबर 2025 को 'फैंटास्टिक फेस्ट' में इसका वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था, जहाँ इसके अनूठे टॉपिक ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।क्या है इस खौफनाक फिल्म की कहानी?रैंडॉल्फ जैनी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की कहानी एक सिंगल मदर (मां) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पति से अलग होने के बाद अपने दो मासूम बच्चों के साथ एक नए घर में रहने आती है। शुरुआत में सब कुछ बेहद सामान्य और खुशनुमा नजर आता है, लेकिन धीरे-धीरे बच्चों को अपनी ही मां के बर्ताव में अजीब, हिंसक और डरावने बदलाव दिखने लगते हैं। मां की हरकतें इतनी भयावह हो जाती हैं कि दोनों बच्चे अपनी जान बचाने और इस रहस्य का पता लगाने में जुट जाते हैं कि आखिर उनकी मां के शरीर और दिमाग पर किसका कब्जा है। फिल्म में आर्टिका सारी देवी, ऑरोरा रिबेरो, अली फिक्री, खिवा इस्काक और फारा शकीला ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।अवॉर्ड शो में मिला सम्मान और ऐसी है IMDb रेटिंगफिल्म का क्लाइमैक्स बेहद डार्क और रूह कंपा देने वाला है, जिसमें कई ऐसे 'जम्प स्केयर्स' हैं जो आपको अंदर तक डरा देंगे। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली लेकिन काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। फिल्म को प्रतिष्ठित 'इंडोनेशियन फिल्म फेस्टिवल' में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस और बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स (VFX) जैसी बड़ी श्रेणियों में नामांकन भी हासिल हुआ। लोकप्रिय रेटिंग वेबसाइट IMDb पर इसे 10 में से 6.0 की सम्मानजनक रेटिंग मिली है। मुख्य अभिनेत्री आर्टिका सारी देवी ने मां के डरावने रूप को स्क्रीन पर इतनी शिद्दत से जिया है कि लोग उनकी एक्टिंग के मुरीद हो गए हैं।बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और अब ओटीटी पर कहाँ देखें?कमाई के आंकड़ों की बात करें तो बॉक्स ऑफिस मोजो के मुताबिक, इंटरनेशनल मार्केट और घरेलू थिएटर्स को मिलाकर इंडोनेशिया में इसे देखने के लिए करीब 1,19,767 दर्शक सिनेमाघरों तक पहुंचे थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार से इस फिल्म ने लगभग 29,875 अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 25 से 26 लाख रुपये) का बिजनेस किया था। यदि आप भी इस मानसून के मौसम में बेहतरीन मिस्ट्री और सस्पेंस का आनंद लेना चाहते हैं, तो यह फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार (JioHotstar) पर शानदार हिंदी डबिंग के साथ स्ट्रीम हो रही है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की।
फास्ट ट्रैक अदालतों के लिए जज उपलब्ध कराने को हाईकोर्ट के संपर्क में सरकार: सीएम फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी दी कि महाराष्ट्र में स्वीकृत 138 फास्ट ट्रैक अदालतों में से फिलहाल केवल 58 ही कार्यरत हैं। बाकी अदालतों के लिए न्यायाधीश उपलब्ध कराने को लेकर राज्य सरकार लगातार हाईकोर्ट के साथ संपर्क में है।
इंग्लैंड ने भारत को शर्मिंदा करके तीसरा T20I जीता, 125 रन से ज़बरदस्त जीत दर्ज की
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की रोमांचक टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया को एक बेहद शर्मनाक और करारी हार का सामना करना पड़ा है। नॉटिंघम के ऐतिहासिक ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने खेल के हर क्षेत्र में भारत को पूरी तरह पस्त कर दिया। इस बड़ी जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है, जबकि भारतीय टीम के लिए यह हार एक बड़ा मानसिक झटका साबित हुई है।फिल साल्ट और सैम करन का प्रहार: इंग्लैंड ने खड़ा किया 201 रनों का विशाल स्कोरमैच की शुरुआत भारतीय कप्तान द्वारा टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले से हुई। शुरुआती ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने कुछ सफलताएं जरूर हासिल कीं, लेकिन इंग्लिश बल्लेबाजों ने जल्द ही मैच पर अपनी पकड़ बना ली। इंग्लैंड की ओर से फिल साल्ट ने शानदार 70 रनों की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान जोस बटलर ने 36 रनों का अहम योगदान दिया। इसके अलावा मध्यक्रम में हैरी ब्रूक ने 16 रन और जैकब बेथेल ने 13 रन जोड़े। पारी के अंतिम क्षणों में सैम करन ने महज 24 गेंदों में नाबाद 41 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर स्कोर को ऊंचाई दी, जिसके दम पर इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 201 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से गेंदबाजी करते हुए हर्षित राणा और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट अपने नाम किए, जबकि अक्षर पटेल को एक सफलता मिली।जोफ्रा आर्चर और जोश टंग का कहर: महज़ 76 रनों पर सिमटी पूरी भारतीय टीमविशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की, लेकिन इंग्लिश गेंदबाजों की रफ्तार और स्विंग के आगे भारतीय बल्लेबाज टिक नहीं सके। अभिषेक शर्मा 10 रन और वैभव सूर्यवंशी 13 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए ईशान किशन (13 रन), कप्तान श्रेयस अय्यर (5 रन) और अक्षर पटेल (10 रन) भी पूरी तरह असफल रहे। निचले क्रम में हर्षित राणा ने 9 रन बनाए, लेकिन पूरी टीम महज 76 के स्कोर पर सिमट गई। इंग्लैंड के लिए जोश टंग ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जोफ्रा आर्चर ने 3 शिकार किए, आदिल राशिद ने 2 और विल जैक्स ने 1 विकेट हासिल किया। इस 125 रनों की विशाल जीत के साथ इंग्लैंड अब सीरीज में पूरी तरह हावी नजर आ रहा है, और भारतीय टीम को सीरीज बचाने के लिए आगामी मुकाबलों में चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा।
टीम इंडिया ने नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में खराब प्रदर्शन के साथ अनचाहा रिकॉर्ड बनाया
इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को न केवल एक बड़ी शिकस्त झेलनी पड़ी, बल्कि टीम के नाम एक बेहद अनचाहा और शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है। नॉटिंघम के ऐतिहासिक ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड के गेंदबाजों ने ऐसी बेरहमी दिखाई कि 'मेन इन ब्लू' के बल्लेबाज पूरी तरह बेबस और लाचार नजर आए। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का भारतीय कप्तान का फैसला उस समय पूरी तरह बैकफायर कर गया, जब इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए बोर्ड पर एक विशाल स्कोर टांग दिया।फिल साल्ट और सैम करन का तूफान: इंग्लैंड ने खड़ा किया 201 रनों का विशाल पहाड़मैच की पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अख्तियार किया। सलामी बल्लेबाज फिल साल्ट के आतिशी अर्धशतक और कप्तान जोस बटलर के पावरप्ले में मिले छोटे लेकिन बेहद प्रभावी कैमियो ने मेजबान टीम को एक तूफानी शुरुआत दी। इसके बाद मध्यक्रम में सैम करन की सूझबूझ भरी और आक्रामक पारी की बदौलत इंग्लैंड की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 201 रनों का विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में पूरी तरह कामयाब रही। भारतीय गेंदबाज ट्रेंट ब्रिज की सपाट मानी जाने वाली पिच पर रनों की रफ्तार रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए।पावरप्ले में हुआ ऐतिहासिक पतन: इतिहास में पहली बार भारत ने गंवाए 5 विकेट202 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही। स्विंग और गति के सामने भारतीय टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन-लेंथ से भारतीय बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया। मैच के शुरुआती छह ओवरों यानी पावरप्ले के भीतर ही भारत ने अपने शीर्ष क्रम के पांच महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारतीय टीम ने पावरप्ले के दौरान ही अपने 5 विकेट खोए हों। इस ऐतिहासिक पतन के बाद भारतीय पारी कभी उबर नहीं सकी और टीम को 125 रनों के विशाल अंतर से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है।'कम्युनिकेशन और स्टंप लाइन रही हमारी ताकत': जीत के बाद इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक का खुलासाइस धमाकेदार और एकतरफा जीत के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में सेंटर स्टेज संभाला और अपनी टीम की रणनीति का खुलासा किया। ब्रूक ने बताया कि मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल (Communication) ही इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह रहा।हैरी ब्रूक ने कहा, मैच के दूसरे हाफ में हमारा आपसी कम्युनिकेशन और गेम प्लान एकदम सटीक था। हमने पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान ही पिच के मिजाज को बहुत अच्छे से भांप लिया था। हमें अंदाजा हो गया था कि अगर गेंदबाज गेंद को सीधे स्टंप्स की लाइन के ऊपर हिट करेंगे, तो इस सतह पर बल्लेबाजी करना बेहद ट्रिकी और मुश्किल होगा। हमारे गेंदबाजों ने ठीक उसी रणनीति को मैदान पर उतारा और पावरप्ले में ही मैच हमारी मुट्ठी में कर दिया। साल्टी (फिल साल्ट) की बड़ी पारी और जोस के कैमियो ने जो मोमेंटम दिया था, उसे हमारे गेंदबाजों ने बखूबी अंजाम तक पहुंचाया।
नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की शर्मनाक हार के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा, 'बहुत बुरा'
नॉटिंघम: इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के तीसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। नॉटिंघम के ऐतिहासिक ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में मेजबान इंग्लैंड ने मेहमान टीम इंडिया को खेल के हर विभाग में पूरी तरह पस्त कर दिया। इस करारी शिकस्त के बाद भारतीय टीम के नए टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर ने सेंटर स्टेज पर आकर हार की जिम्मेदारी ली और अपनी टीम के इस खराब प्रदर्शन पर गहरी निराशा व्यक्त की है।ट्रेंट ब्रिज में भारतीय बल्लेबाजी ध्वस्त: 201 रनों के जवाब में महज 76 पर सिमटी टीम इंडियाटॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान इंग्लैंड की टीम ने भारतीय गेंदबाजों की क्लास लेते हुए निर्धारित 20 की ओवरों में 201 रनों का विशाल और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में बड़े लक्ष्यों का पीछा करने के लिए मशहूर 'मेन इन ब्लू' का मजबूत बैटिंग ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। इंग्लैंड के तेज और स्पिन गेंदबाजों की घातक लाइन-लेंथ के सामने भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते नजर आए। पूरी भारतीय टीम महज 76 रनों के शर्मनाक स्कोर पर ऑलआउट हो गई, जिसके चलते इंग्लैंड ने 125 रनों के विशाल अंतर से इस मुकाबले को अपने नाम कर लिया।इस हार के साथ ही कप्तान के तौर पर श्रेयस अय्यर के आंकड़े भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। जब से अय्यर ने भारत की टी20 कमान संभाली है, तब से टीम इंडिया एक भी मुकाबला जीतने में कामयाब नहीं रही है। भारतीय टीम ने पहले आयरलैंड के खिलाफ अपने दोनों मैच गंवाए और अब इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों में से दो मुकाबले हार चुकी है, जबकि सीरीज का पहला मैच बेनतीजा रहा था।'यह प्रदर्शन बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं': मैच के बाद कप्तान अय्यर का फूटा दर्दतीसरे टी20 मैच की समाप्ति के बाद पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर का दर्द साफ छलक उठा। उन्होंने टीम के खेल को बेहद घटिया करार देते हुए कहा, मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन बहुत बुरा था। सच कहूं तो, अपनी टीम की इस हालत को बयां करने के लिए मैं इससे बेहतर या हल्का शब्द इस्तेमाल नहीं कर सकता। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इतने बड़े अंतर से मैच गंवाना किसी भी स्थिति में मंजूर नहीं किया जा सकता। हमें बिना किसी बहाने के इस कड़वी हार को स्वीकार करना होगा। अब समय आ गया है कि हम पूरी तरह से ड्राइंग बोर्ड पर वापस जाएं और गहराई से समीक्षा करें कि हमसे कहां और क्या बड़ी गलतियां हुईं।चौथे टी20 में दिखेंगे बड़े बदलाव: ब्रिस्टल में साख बचाने उतरेगी भारतीय सेनासीरीज में लगातार पिछड़ने के बाद कप्तान अय्यर ने आगामी मैच की रणनीति को लेकर भी बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि 9 जुलाई को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले जाने वाले चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में कुछ कड़े और बड़े बदलावों के साथ मैदान पर उतर सकता है।श्रेयस अय्यर ने टीम का हौसला बढ़ाते हुए आगे कहा, अगला मैच हमारे लिए मजबूती से सीरीज में वापसी करने का एक शानदार और आखिरी मौका है। मैदान पर पहले जो कुछ भी गलतियां हुईं, अब खिलाड़ियों को उसके बारे में ज्यादा सोचकर खुद पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। यह सच है कि हमने हाल के मैचों में बहुत ही खराब दर्जे की क्रिकेट खेली है, लेकिन इस नाकामी से हमें बहुत कुछ सीखने को भी मिला है। अब टीम के हर एक खिलाड़ी को मानसिक रूप से यह सोचना शुरू करना होगा कि वे कैसे मैदान पर उतरकर मैच का मोमेंटम बदल सकते हैं और टीम की जीत में अपना वास्तविक प्रभाव छोड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि ब्रिस्टल में भारतीय टीम इस शर्मनाक हार का बदला ले पाती है या सीरीज इंग्लैंड के नाम हो जाएगी।
अचानक क्यों बढ़ने लगे हैं मूवी टिकटों के दाम? समझिए मल्टीप्लेक्स मालिकों की यह नई तरकीब
भारतीय सिनेमाघरों में जाकर ब्लॉकबस्टर फिल्में देखने के शौकीन दर्शकों के लिए पिछले कुछ महीनों से टिकट बुक करना एक महंगा सौदा साबित हो रहा है। बहुत से चालाक दर्शक ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे 'बुकमायशो' (BookMyShow) पर लगने वाले अतिरिक्त इंटरनेट हैंडलिंग चार्ज से बचने के लिए सीधे PVR या INOX की आधिकारिक वेबसाइट का रुख करते हैं। कुछ लोग तो इससे भी एक कदम आगे बढ़कर सीधे सिनेमाघर के ऑफलाइन टिकट काउंटर पर जाकर लाइन में खड़े होते हैं, ताकि सबसे सस्ते दाम में फिल्म देखने का आनंद मिल सके। लेकिन क्या आपने भी हाल ही में यह गौर किया है कि अब सीधे थिएटर के काउंटर पर जाने के बावजूद आपको टिकटों के लिए बहुत ज्यादा पैसे चुकाने पड़ रहे हैं? अगर हां, तो आपको बता दें कि यह कोई इत्तेफाक या गलती नहीं है, बल्कि इसके पीछे मल्टीप्लेक्स नेटवर्क्स की एक बेहद सोची-समझी और एडवांस बिजनेस स्ट्रेटजी काम कर रही है।एयरलाइंस और होटलों वाली तरकीब अब सिनेमाघरों में: क्या है यह पूरा खेल?दरअसल, फिल्म देखने के शौकीनों के लिए नई हकीकत बनता जा रहा यह कड़वा अनुभव मल्टीप्लेक्स चेन द्वारा अपनाई गई एक नई तकनीक का नतीजा है। इस कमर्शियल मॉडल का इस्तेमाल विमानन कंपनियां (Airlines) और बड़े फाइव-स्टार होटल्स काफी लंबे समय से करते आ रहे हैं, जिसे अब भारतीय सिनेमा इंडस्ट्री ने भी पूरी तरह से अपना लिया है।इस तकनीक के तहत, जैसे-जैसे किसी खास शो के लिए ऑडिटोरियम (सिनेमा हॉल) की सीटें बुक होती जाती हैं और उसकी डिमांड बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे उस शो की बची हुई लिमिटेड सीटों के दाम रियल-टाइम में ऑटोमैटिकली बढ़ा दिए जाते हैं। इस एल्गोरिदम के जरिए थिएटर मालिक कम शोज चलाकर भी अपनी बची हुई सीटों से अधिकतम मुनाफा कमाने की क्षमता हासिल कर लेते हैं।पीवीआर के बिजनेस चीफ कमल ज्ञानचंदानी का बड़ा खुलासा: ग्लोबल मॉडल पर हो रहा है कामसिनेमा के इस बदलते और महंगे होते व्यापारिक ढांचे को आधिकारिक तौर पर 'डायनैमिक प्राइसिंग मॉडल' (Dynamic Pricing Model) कहा जाता है। यह एक ऐसी आधुनिक राजस्व प्रणाली है जो बाजार में चल रही तात्कालिक मांग (Demand and Supply) के आधार पर कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की अनुमति देती है। इस विषय पर देश की सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स चेन PVR INOX के बिजनेस प्लानिंग और स्ट्रैटजी चीफ कमल ज्ञानचंदानी ने एक बड़े मीडिया हाउस से बातचीत में इस छिपी हुई रणनीति को स्वीकार किया है।ज्ञानचंदानी ने बताया, “डायनैमिक प्राइसिंग वैश्विक स्तर पर पूरी तरह स्वीकार की जा चुकी एक प्रामाणिक रेवेन्यू मैनेजमेंट प्रोसेस है, जिसे आज के समय में फ्लाइट टिकटों, होटल बुकिंग, बड़े खेल आयोजनों और लाइव कॉन्सर्ट जैसे अलग-अलग मनोरंजन सेक्टरों में सफलतापूर्वक अपनाया जा रहा है। पीवीआर आइनॉक्स में हमने कुछ साल पहले ही अपनी आंतरिक रेवेन्यू मैनेजमेंट स्ट्रैटजी के तहत इस कस्टमाइज्ड मॉडल को लागू किया था, ताकि हम सिनेमाहॉल की ऑक्युपेंसी (सीटें भरने की दर) को बेहतर करते हुए दर्शकों को उनकी पसंद के हिसाब से टिकट की कीमतों के अलग-अलग विकल्प दे सकें।”थिएटर या दर्शक, किसका हो रहा है असली फायदा?मल्टीप्लेक्स प्रबंधन का दावा है कि इस तरकीब का मुख्य उद्देश्य हमारे पूरे थिएटर नेटवर्क में दर्शकों की भीड़ और डिमांड को संतुलित करना है, जिससे ग्राहकों को अपनी सुविधानुसार ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी (लचीलापन) मिल सके। इस मॉडल का एक पहलू यह है कि अत्यधिक डिमांड में चल रही सुपरहिट फिल्मों के शोज को पूरी तरह हाउसफुल होने से बचाया जा सकेगा, क्योंकि जो रईस दर्शक अपनी पसंदीदा सीट के लिए ज्यादा प्रीमियम दाम चुकाने को तैयार हैं, उन्हें आखिरी वक्त में भी सीट मिल जाएगी।इसके विपरीत, इस मॉडल का दूसरा पहलू यह भी है कि जिन सुस्त शोज या ऑफ-बीट फिल्मों की टिकटें बिल्कुल नहीं बिक रही हैं, उनकी कीमतें काफी कम कर दी जाएंगी ताकि वे बेहद सस्ते दामों में आम दर्शकों के लिए उपलब्ध हो सकें। हालांकि, इस पूरे समीकरण में दर्शकों की जेब ज्यादा कट रही है या मल्टीप्लेक्स मालिकों की तिजोरी ज्यादा भर रही है, इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं। अगली बार जब आप थिएटर के काउंटर पर जाएं और आपको सुबह के मुकाबले शाम की टिकट दोगुनी महंगी मिले, तो समझ जाइएगा कि आप इसी 'डायनैमिक प्राइसिंग' के जाल में फंस चुके हैं।
'एक्टर नहीं होता तो अंडरवर्ल्ड में होता', स्टार जिसका नवाजुद्दीन से भी टफ रहा स्ट्रगल
भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी अमिट पहचान बनाना और सफलता के शिखर पर पहुंचना कोई मामूली बात नहीं है। जब भी संघर्ष और जमीनी स्तर से उठकर स्टार बनने वाले कलाकारों की बात होती है, तो अक्सर नवाजुद्दीन सिद्दीकी, पंकज त्रिपाठी और मनोज बाजपेयी जैसे मंझे हुए अभिनेताओं के नाम हमारे जेहन में आते हैं। इन सितारों ने कई मंचों पर अपनी तंगहाली और शुरुआती दिनों के मुश्किल दौर की दास्तां बयां की है। लेकिन हिंदी सिनेमा में एक ऐसा भी लीजेंडरी सुपरस्टार है, जिसकी रोंगटे खड़े कर देने वाली जीवन यात्रा और बचपन का कड़ा संघर्ष इन सभी समकालीन अभिनेताओं से कहीं ज्यादा दर्दनाक और कठिन रहा है। इस बेबाक स्टार ने एक इंटरव्यू में कैमरे के सामने सरेआम यह चौंकाने वाला बयान दिया था कि यदि मैं आज एक एक्टर नहीं होता, तो निश्चित रूप से अंडरवर्ल्ड का हिस्सा होता। हम बात कर रहे हैं अपनी कड़क आवाज और लाजवाब अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले महान अभिनेता नाना पाटेकर की।महज 13 साल की उम्र में नौकरी और ₹35 की तनख्वाह: नाना पाटेकर के बचपन की वो कड़वी हकीकतनाना पाटेकर की स्क्रीन पर दिखने वाली आक्रामकता और उनके बात करने के अनूठे देसी लहजे पर भले ही फिल्म इंडस्ट्री के कुछ आलोचकों ने समय-समय पर सवाल उठाए हों, लेकिन उनकी अभिनय क्षमता का लोहा पूरी दुनिया मानती है। नाना पाटेकर के अभिनय की दुनिया में स्थापित होने से पहले का जीवन इतना त्रासद और चुनौतीपूर्ण था कि उसकी कल्पना करना भी आज के दौर में मुश्किल है।नाना पाटेकर ने अपने जीवन के काले दिनों को याद करते हुए एक बार बताया था कि घरेलू तंगहाली के कारण उन्हें महज 13 साल की छोटी सी उम्र में काम की तलाश में निकलना पड़ा और वे नौकरी करने लगे। नाना के शब्दों में, आर्थिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बोझ ने हमारी उम्र को बहुत जल्दी 13 से सीधे 30 वर्ष जैसा गंभीर बना दिया। उस दौर में हमें दिन भर में सिर्फ एक वक्त का खाना नसीब होता था और पूरे महीने की कड़ी मजदूरी के बदले सिर्फ 35 रुपये की तनख्वाह मिलती थी। इसके बाद हमें स्कूल भी जाना होता था। जब हम नौवीं कक्षा में पढ़ रहे थे, तब भी हम पढ़ाई के साथ-साथ कठिन नौकरी कर रहे थे। नाना पाटेकर का मानना है कि जीवन में आपके हालात और आपकी मजबूरियां ही आपकी मानसिक उम्र को तय करती हैं।दौलत के नाम पर घर में थे सिर्फ मां-बाप: पैसों को लेकर नाना के विचारअपने इसी भावुक साक्षात्कार में नाना पाटेकर ने पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा था कि जब उन्होंने होश संभाला, तो उनके पास माता-पिता का प्यार और आशीर्वाद तो पूरा था, लेकिन उनके पास भौतिक सुख-सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं था। पैसों की किल्लत से जूझने के बावजूद क्या नाना पाटेकर यह मानते हैं कि जीवन में बिना पैसों के सब कुछ व्यर्थ है? इसका जवाब नाना बिल्कुल अलग और दार्शनिक अंदाज में देते हैं।नाना पाटेकर के मुताबिक, जीवन की वास्तविक और सच्ची खुशी कभी भी पैसों की तिजोरियों से नहीं आती। उन्होंने पैसों की अहमियत पर तंज कसते हुए कहा था, आप जरूरत से ज्यादा पैसों का आख़िर करोगे भी क्या? इंसानी आंखों के कोई दांत तो होते नहीं हैं जो वह नोटों और पैसों को चबाकर खा सकें। जीवन के उस मोड़ पर जब पैसा आपकी बुनियादी तकलीफों और किसी भूखे की भूख को शांत करने के काम न आए, तो वह सिर्फ कागज के बेजान टुकड़े के समान है। पैसा केवल तभी सार्थक है जब वह किसी लाचार और जरूरतमंद के काम आ सके।'ताजी रोटी खानी है तो पैसे भी ताजे कमाओ यार': बासी पैसे बटोरने के खिलाफ हैं नानाफिल्म इंडस्ट्री में मिलने वाले अंधाधुंध पैसे और आलीशान लाइफस्टाइल पर बेबाकी से बात करते हुए नाना पाटेकर ने कहा कि आज सिनेमा जगत में कलाकारों को जितनी मोटी रकम और शोहरत मिलती है, वास्तव में एक आम इंसान को सम्मान से जीने के लिए उतनी अधिक जरूरत होती ही नहीं है। नाना पाटेकर ने एक बेहद खूबसूरत संदेश देते हुए कहा, जब आपको रोज खाने के लिए एकदम ताजी रोटी और हरी सब्जी चाहिए, तो फिर पैसे भी रोज मेहनत करके ताजे कमाओ यार। उसे बैंकों में बासा करके और जरूरत से ज्यादा ब्लॉक करके क्यों जमा रखे हुए हो?उन्होंने एक बेहद मार्मिक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक बार जब उनसे किसी शो में पूछा गया था कि दुनिया की तमाम महंगी परफ्यूम और इत्र में से आपको सबसे बेहतरीन खुशबू किस चीज की लगती है? तो नाना ने बिना एक पल गंवाए जवाब दिया था— तवे पर सिकती हुई ताजी रोटी की खुशबू। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में एक ऐसा भयावह दौर भी देखा है जब उनके पास खाने के लिए दो वक्त की सूखी रोटी तक मयस्सर नहीं होती थी।शहरी जीवन की कृत्रिमता और बहुमंजिला इमारतों के बंद कमरों पर कटाक्ष करते हुए नाना पाटेकर ने कहा कि आज के आधुनिक महानगरों में रहने वाले इंसानों का विशाल आसमान अब उनके घरों की छोटी सी खिड़की जितना सीमित होकर रह गया है। हमने खुद को चार दीवारों के भीतर कैद करके अपनी खुशियों, अपने रिश्तों और अपने पूरे वजूद को बेहद छोटा और संकीर्ण बना लिया है। नाना की यह कहानी हमें सिखाती है कि इंसान का हौसला अगर मजबूत हो, तो वह अंडरवर्ल्ड के अंधेरे रास्तों को छोड़कर कला के जरिए पूरी दुनिया को अपना मुरीद बना सकता है।
गौरव खन्ना से तलाक के बाद का प्लान आया सामने, बोलीं- 'अब दोबारा कभी शादी नहीं करूंगी, अकेले जीना है'
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर धूम मचा रहे चर्चित और विवादित रियलिटी शो 'लॉकअप सीजन 2' में हर बीतते दिन के साथ नए-नए ड्रामे और खुलासे देखने को मिल रहे हैं। शो की सबसे लोकप्रिय और लगातार चर्चा में रहने वाली कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला ने एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे सोशल मीडिया पर गॉसिप्स का बाजार गर्म हो गया है। लोकप्रिय अभिनेता और 'बिग बॉस सीजन 19' के विजेता रहे गौरव खन्ना से तलाक लेने की घोषणा के बाद आकांक्षा ने अब अपने भविष्य के इरादे साफ कर दिए हैं। को-कंटेस्टेंट पामेला के साथ बातचीत के दौरान आकांक्षा ने दोटूक शब्दों में कहा कि वह जिंदगी में अब दोबारा कभी भी शादी के बंधन में नहीं बंधेंगी।'24 साल की उम्र में हो गई थी शादी': आत्मनिर्भर बनने की ओर आकांक्षा के कदमशो के लेटेस्ट एपिसोड में आकांक्षा चमोला अपनी निजी जिंदगी के पन्नों को पलटती हुई नजर आईं। साथी खिलाड़ी पामेला से दिल की बात साझा करते हुए आकांक्षा ने बताया कि उनकी शादी बहुत ही कम उम्र में हो गई थी; जब वह महज 24 साल की थीं, तब उन्होंने गौरव खन्ना संग सात फेरे लिए थे। इस पर पामेला ने उन्हें दिलासा देते हुए कहा कि तुम अभी भी बेहद युवा और खूबसूरत हो, तुम्हें जिंदगी में आगे कोई न कोई नया लाइफ पार्टनर जरूर मिल जाएगा।इस बात का तुरंत जवाब देते हुए आकांक्षा ने शादी की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, मुझे जिंदगी में अब दोबारा कभी शादी नहीं करनी है। मुझे लगता है कि शादीशुदा जिंदगी को लेकर मेरा अनुभव पूरा हो चुका है। अब मैं अपनी जिंदगी में पहली बार पूरी तरह से आजाद और अकेली रहने वाली हूं। मैं अब न तो अपने मम्मी-पापा की छत्रछाया में रहूंगी और न ही पति के घर की छत के नीचे। मैं खुद की कमाई से अपना नया आशियाना खरीदूंगी और स्वाभिमान के साथ अपनी जिंदगी अकेले ही गुजारूंगी।बाइसेक्शुअल होने का कबूलनामा: सोशल मीडिया पर पहले ही मचा चुकी हैं हड़कंप'लॉकअप 2' के प्रीमियर एपिसोड से ही आकांक्षा चमोला लगातार सुर्खियों के केंद्र में बनी हुई हैं। इससे पहले उन्होंने नेशनल टेलीविजन पर यह कबूल करके सनसनी फैला दी थी कि वह 'बाइसेक्शुअल' (Bisexual) हैं और उन्हें लड़के व लड़कियां दोनों ही पसंद हैं।उन्होंने बिना किसी झिझक के यह भी साझा किया था कि अतीत में उनके लड़कियों के साथ भी बेहद क्लोज और इंटीमेट रिलेशंस रहे हैं। बाइसेक्शुअल होने के इस बेबाक एलान के बाद जहां एक तरफ रूढ़िवादी लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एलजीबीटीक्यू (LGBTQ) कम्युनिटी और कई आधुनिक फैन्स उनकी इस ईमानदारी और निडरता की जमकर सराहना कर रहे हैं।क्यों टूट रहा है गौरव-आकांक्षा का रिश्ता? वजह जानकर हैरान रह गए फैन्सआकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना टीवी इंडस्ट्री के सबसे प्यारे कपल्स में से एक माने जाते थे। गौरव खन्ना ने अपने पिछले शोज और इंटरव्यूज में हमेशा आकांक्षा के प्रति अपना गहरा प्यार और समर्पण जाहिर किया है। ऐसे में फैन्स लगातार यह जानने को बेताब थे कि आखिर दोनों के हंसते-खेलते रिश्ते में दरार क्यों आई। इस राज पर से पर्दा उठाते हुए आकांक्षा ने बताया कि इस अलगाव के पीछे कोई नफरत या कड़वाहट नहीं है।उन्होंने बताया कि गौरव खन्ना अपनी जिंदगी में बच्चे चाहते हैं और एक पिता बनना चाहते हैं, लेकिन मेरे अंदर से मां बनने की या बच्चा पैदा करने की कोई इच्छा नहीं आ रही है। आकांक्षा के मुताबिक, उन्होंने यह बात बहुत पहले ही गौरव को साफ कर दी थी, और अब दोनों ने आपसी सहमति से सम्मानजनक तरीके से अलग होने का यह ठोस फैसला लिया है। दिलचस्प बात यह है कि शो के भीतर आकांक्षा ने गौरव के खिलाफ एक भी नकारात्मक शब्द नहीं बोला है, और शो के बाहर गौरव खन्ना भी अपनी मशहूर ऑन-स्क्रीन 'अनुज कपाड़िया' वाली जेंटलमैन इमेज को बरकरार रखते हुए लगातार अपनी पत्नी का सपोर्ट करते नजर आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक मंचों पर अपने अप्रत्याशित और चौंकाने वाले बयानों के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर अचानक बदलते हुए दिखाई दिए हैं। तुर्किये की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के इतर तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान के साथ एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने ट्रंप से इटली के साथ जारी कड़वाहट पर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने बेहद सधे हुए अंदाज में मेलोनी की तारीफों के पुल बांध दिए। ट्रंप ने मेलोनी को एक 'शानदार महिला' (Wonderful Woman) बताते हुए सार्वजनिक रूप से कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर उन्हें बेहद पसंद करते हैं और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं।हालांकि, इस तारीफ के पीछे ट्रंप ने उस कूटनीतिक दर्द को भी बयां किया जिसने हाल ही में दोनों देशों के बीच एक बड़ी दीवार खड़ी कर दी थी। ट्रंप ने मीडिया के सामने स्वीकार किया कि दोनों के बीच हालिया समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि मेलोनी ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान में वाशिंगटन की मदद करने से साफ इनकार कर दिया था। गौरतलब है कि इससे ठीक पहले ट्रंप ने दावा किया था कि मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए गिड़गिड़ा रही थीं, जिसके बाद इटली ने इस पर बेहद आक्रामक और सख्त प्रतिक्रिया दी थी।'मैं खुश नहीं था पर वह बेहतरीन इंसान हैं': ईरान मुद्दे पर ट्रंप ने मेलोनी की गलती सुधारीप्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इटली सरकार पर कोई अनुचित या बड़ा दबाव नहीं डाला था, लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समय पर मेलोनी ने ईरान के मामले में अमेरिका का खुलकर साथ देने से मना कर दिया। ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि आप खुद सोच सकते हैं कि इटली के इस कदम से मैं बिल्कुल भी खुश नहीं हुआ था, और इसी असहयोग के चलते दोनों महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक संबंध थोड़े प्रभावित हुए।इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी तल्खी को थोड़ा कम करते हुए कहा कि भले ही मुझे लगता है कि उन्होंने ईरान नीति पर एक बड़ी रणनीतिक गलती की है, लेकिन इसके बाद भी मैं उनकी शानदार शख्सियत का सम्मान करता हूं और उन्हें एक मजबूत नेता मानता हूं।ट्रुथ सोशल पोस्ट से भड़की थी आग: जी-7 शिखर सम्मेलन की वो 'तस्वीर' और हवाई पट्टियों का विवादइस अभूतपूर्व अंतरराष्ट्रीय विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखी थी। ट्रंप ने दावा किया था कि फ्रांस में आयोजित जी-7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने कई बार सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके साथ एक आधिकारिक फ्रेम में तस्वीर खिंचवाने का विशेष अनुरोध किया था।बात सिर्फ फोटो तक सीमित नहीं रही; ट्रंप ने सुरक्षात्मक लहजे में इटली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब अमेरिकी वायुसेना ईरान के ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रही थी, तब इटली ने अपने सैन्य हवाई अड्डों और रनवे (Runways) का इस्तेमाल करने की अनुमति अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नहीं दी। ट्रंप के अनुसार, इस अप्रत्याशित इनकार के कारण अमेरिकी सेना को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि अमेरिका इटली सहित सभी नाटो सहयोगियों की हवाई सुरक्षा पर अरबों डॉलर खर्च करता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इटली ने पीठ दिखा दी। ट्रंप ने यह दावा भी कर दिया था कि अब ईरान पर अमेरिका की सैन्य बढ़त देखने के बाद सुश्री मेलोनी दोबारा वाशिंगटन के करीब आने की कोशिश कर रही हैं।भीख नहीं मांगता इटली: मेलोनी का वीडियो संदेश और विदेश मंत्री का अमेरिकी दौरा रद्दडोनाल्ड ट्रंप के इन तीखे आरोपों और 'गिड़गिड़ाने' वाले दावों पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद कड़ा और स्वाभिमानी रुख अख्तियार किया था। मेलोनी ने तुरंत एक आधिकारिक वीडियो संदेश जारी कर ट्रंप के दावों को पूरी तरह से काल्पनिक, मनगढ़ंत और सत्य से परे बताया था। मेलोनी ने बेहद कड़े लहजे में वैश्विक मंच से कहा था कि न तो वह व्यक्तिगत रूप से और न ही इटली की संप्रभु सरकार अपनी राष्ट्रीय नीतियों के लिए किसी के सामने भीख मांगती है।इस विवाद का असर तुरंत द्विपक्षीय संबंधों पर भी देखने को मिला, जब इटली के विदेश मंत्री एंतोनियो तजानी ने अमेरिका की अपनी बेहद महत्वपूर्ण और प्रस्तावित आधिकारिक यात्रा को ऐन वक्त पर रद्द कर दिया। तजानी ने रोम में मीडिया से बात करते हुए साफ कहा था कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणियां प्रधानमंत्री मेलोनी के व्यक्तिगत सम्मान और पूरे इटली राष्ट्र की संप्रभुता के लिए बेहद अपमानजनक हैं, इसलिए ऐसी परिस्थितियों में वाशिंगटन का दौरा करना उचित नहीं है। हालांकि, अब अंकारा में ट्रंप के बदले हुए नर्म सुरों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों नाटो सहयोगियों के बीच जमी बर्फ जल्द ही पिघल सकती है।
8 का रहस्य: PM मोदी ने इंडोनेशिया में अपने भाषण में इस नंबर का जिक्र क्यों किया?
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर अपने अनूठे और दिल जीतने वाले अंदाज के लिए मशहूर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए एक नया और बेहद दिलचस्प भू-सांस्कृतिक संवाद स्थापित किया है। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 'नंबर 8' (अंक 8) के एक रहस्यमयी और सुखद संयोग का जिक्र कर पूरे सभागार को तालियों से गूंजने पर मजबूर कर दिया। प्रधानमंत्री ने इस खास अंक का सहारा लेकर न केवल इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ अपनी गहरी व्यक्तिगत केमिस्ट्री को प्रदर्शित किया, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने और मजबूत होते द्विपक्षीय व सांस्कृतिक रिश्तों को भी एक नई परिभाषा दी।क्या है नंबर 8 का गणित? पीएम मोदी ने समझाया तारीखों का अनोखा संयोगसभागार में मौजूद हजारों भारतवंशियों और इंडोनेशियाई मेहमानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंक ज्योतिष के दो बेहद खास पहलुओं को आपस में जोड़कर दिखाया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले साल 26 जनवरी को बेहद ऐतिहासिक और भव्य अंदाज में अपना गणतंत्र दिवस मनाया था; यदि हम इस तारीख के अंक 2 और 6 को आपस में जोड़ते हैं ($2 + 6$), तो परिणाम 8 आता है।उन्होंने आगे कहा कि भारत के सच्चे दोस्त और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का जन्मदिन 17 तारीख को आता है; यदि हम 1 और 7 को भी आपस में जोड़ते हैं ($1 + 7$), तो भी योग 8 ही आता है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति प्रबोवो भारत के उसी ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में शामिल हुए थे, जिसके चलते यह अंक दोनों देशों के संबंधों के लिए एक शुभ मील का पत्थर बन चुका है।'मुझमें भारत का DNA है': राष्ट्रपति प्रबोवो के इस बयान ने जीता करोड़ों भारतीयों का दिलअपनी पिछली भारत यात्रा की यादों को साझा करते हुए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के एक बेहद भावुक बयान का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा, मिस्टर प्रेसिडेंट, दिल्ली की उस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान आपने जो कहा था, उसे आज आपने फिर से दोहराया है कि आपके भीतर भारत का DNA समाया हुआ है। आपके इस एक वाक्य ने दुनिया भर में रहने वाले करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया है।पीएम मोदी के इस बयान पर जकार्ता के सभागार में काफी देर तक तालियां बजती रहीं। उन्होंने कहा कि यह बात केवल राजनीतिक शिष्टाचार नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच की उस गहरी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जड़ों को दर्शाती है जो सदियों पुरानी हैं।फेंग शुई और मंदारिन से जुड़ाव: एशियाई समाजों में क्यों चमत्कारी माना जाता है अंक 8इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'नंबर 8' पर इतना जोर दिया जाना कूटनीतिक रूप से एक बेहद मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, क्योंकि दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों और चीनी सांस्कृतिक परंपराओं में अंक 8 का बेहद पवित्र व खास महत्व है। फेंग शुई (Feng Shui) और प्राचीन एशियाई मान्यताओं के अनुसार, नंबर 8 को समृद्धि, अपार सफलता, प्रचुर धन और अच्छे भाग्य का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है।भाषाई तौर पर देखें तो मंदारिन (Mandarin) भाषा में आठ नंबर का उच्चारण 'बा' (ba) किया जाता है, जो समृद्धि और धन के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द 'फा' (fa) से बेहद मिलता-जुलता है। यही कारण है कि व्यापार और नए काम की शुरुआत के लिए इस नंबर को एशिया में सबसे शुभ माना जाता है, और पीएम मोदी ने इसी सांस्कृतिक कड़ी को छूकर स्थानीय लोगों से सीधा भावनात्मक जुड़ाव कायम किया।सिर्फ जन्मदिन नहीं, इंडोनेशिया के स्वतंत्रता दिवस में भी छिपा है यही अंकप्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस अंक के प्रभाव को सिर्फ जन्मदिन और गणतंत्र दिवस तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे इंडोनेशिया के राष्ट्रीय गौरव से भी जोड़ दिया। इंडोनेशिया हर साल 17 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है, जो साल 1945 में डच शासन से देश की आजादी की ऐतिहासिक घोषणा की याद दिलाता है।एक बार फिर, इस स्वतंत्रता दिवस की तारीख 17 के अंकों ($1 + 7$) को जोड़ने पर अंक 8 ही सामने आता है। तारीखों का यह लगातार दिखने वाला संयोग यह साबित करता है कि दोनों लोकतांत्रिक देशों के इतिहास और वर्तमान में यह अंक कितनी गहराई से जुड़ा हुआ है।'कुछ कुछ' से आगे बढ़कर अब 'बहुत कुछ' है भारत-इंडोनेशिया का रिश्ताअपने भाषण के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों देशों के लोगों के बीच की दूरी को मिटाने के लिए भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड का सहारा लिया। उन्होंने बेहद हल्के-फुल्के और रोचक अंदाज में कहा, मैंने देखा है कि भारत की तरह ही इंडोनेशिया में भी बॉलीवुड फिल्म का सदाबहार गाना 'कुछ कुछ होता है' बच्चे-बच्चे की जुबान पर है और बेहद लोकप्रिय है।पीएम मोदी ने आगे कहा, आज मैंने राष्ट्रपति प्रबोवो से आमने-सामने की बातचीत में विशेष रूप से कहा है कि जब भारत और इंडोनेशिया जैसे दो विशाल वैश्विक आर्थिक मंच एक साथ मिलकर आगे कदम बढ़ाते हैं, तो हमारे रिश्ते सिर्फ 'कुछ कुछ' तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे बहुत आगे बढ़कर वैश्विक विकास के लिए 'बहुत कुछ' बन जाते हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि वर्तमान में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक आर्थिक विकास को रफ्तार देने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं और दोनों का अंतिम लक्ष्य अपने नागरिकों का समान विकास व कल्याण सुनिश्चित करना है।
होर्मुज में जहाजों पर फिर हमला: कतर से गुजरात आ रहे रहे LNG टैंकर पर ड्रोन अटैक
पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति और कूटनीतिक सुलह की कोशिशों को मंगलवार तड़के उस समय बहुत बड़ा झटका लगा, जब दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में तीन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाकर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए। इस हमले की सबसे डरावनी बात यह है कि निशाना बने जहाजों में से एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से लदा कतर का विशाल टैंकर 'अल रेकयात' है, जो सीधे भारत के गुजरात तट की ओर आ रहा था। इस हाई-रिस्क एलएनजी टैंकर पर चार भारतीय चालक दल (Crew Members) के सदस्य भी सवार थे, जिनकी जान इस हमले के दौरान बाल-बाल बची है।अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंटेलिजेंस और ब्रिटिश नौसेना के सूत्रों के अनुसार, कतर का यह गैस टैंकर हमले के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। गैस रिसाव और मलबे के कारण जहाज के भीतर भारी विस्फोट होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी क्षेत्र में सऊदी अरब का एक कच्चे तेल से लदा सुपर टैंकर 'वेडयान' भी इस जलप्रलय की चपेट में आकर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।ओमान के तट पर कतर के 'अल रेकयात' ने मांगी मदद: इंजन रूम में लगी भीषण आगरॉयटर्स (Reuters) की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, यह समुद्री हमला ओमान के रणनीतिक तटीय इलाके लिमाह के समीप मंगलवार तड़के अंजाम दिया गया। गैस से लदे 'अल रेकयात' टैंकर पर जब आसमान से एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल या आत्मघाती ड्रोन आकर गिरा, तो जोरदार धमाके के साथ जहाज के मुख्य इंजन रूम में भीषण आग लग गई।खतरे की भयावहता को देखते हुए कैप्टन ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुद्र में आपातकालीन डिस्ट्रेस सिग्नल भेजकर मदद की गुहार लगाई। राहत की बात यह रही कि आपातकालीन दस्तों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे जहाज पर मौजूद चारों भारतीय नागरिकों सहित पूरा चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, जहाज की तकनीकी प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचने की पुष्टि हुई है।कतर और अमेरिका का ईरान पर सीधा शक: रिवोल्यूशनरी गार्ड की मिसाइल एक्टिविटी पर उठे सवालइस अप्रत्याशित और हिंसक हमले के तुरंत बाद कतर सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसके लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर अभी तक किसी भी विद्रोही संगठन या देश ने आधिकारिक रूप से इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच के तार सीधे तेहरान से जुड़ रहे हैं।अमेरिकी रक्षा विभाग के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने दावा किया है कि कल देर रात ईरान की कुख्यात 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) कोर ने होर्मुज जलमार्ग के बेहद करीब कई गुप्त बैलिस्टिक मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागे थे। भू-राजनीतिक विश्लेषक इस बात से हैरान हैं कि यह इतिहास में पहली बार हुआ है जब ईरान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु व कूटनीतिक वार्ताओं में मुख्य मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाने वाले देश कतर के ही वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया है।यूकेएमटीओ की पुष्टि: तीन जहाजों पर एक साथ हुआ प्रोजेक्टाइल हमलाब्रिटिश सेना के नियंत्रण वाले 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स' (UKMTO) सेंटर ने इस समुद्री आतंकी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कुल तीन वाणिज्यिक जहाजों पर एक सोची-समझी रणनीति के तहत हमला किया गया था।पहले जहाज को ओमान के लिमाह के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से उड़ाने की कोशिश की गई, जबकि बाकी के दो जहाजों पर अत्याधुनिक लड़ाकू ड्रोनों के जरिए क्लस्टर बम गिराए गए। यूकेएमटीओ ने स्पष्ट किया है कि इन हमलों में वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन (Global Energy Supply Chain) को अस्थिर करने का बड़ा प्रयास किया गया है, लेकिन किसी भी नाविक के हताहत होने या बंदी बनाए जाने की खबर नहीं है।खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब: कोम की सड़कों पर लगे 'किल ट्रंप' के नारेयह भीषण समुद्री हमला ठीक उसी समय हुआ है जब पूरे ईरान में देश के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा निकाली जा रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की रिपोर्ट के अनुसार, शिया धार्मिक शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र कोम (Qom) शहर में मंगलवार को लाखों की तादाद में काले कपड़ों में लिपटे शोक संतप्त लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।खामेनेई के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे ताबूत को एक विशेष सैन्य वाहन पर रखकर निकाला गया। इस दौरान पूरे शहर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बेहद आक्रामक और हिंसक नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर अंग्रेजी और फारसी भाषा में सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को लक्षित करते हुए 'किल ट्रंप' (Kill Trump) के नारे लिखे हुए थे।आपको बता दें कि पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक बेहद गोपनीय और विनाशकारी हवाई हमले में हो गई थी। सुरक्षा कारणों और देश के आंतरिक हालातों के चलते उनकी मृत्यु के ठीक चार महीने बाद अब जाकर उनके अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जा रही हैं। शुक्रवार से शुरू हुआ यह शोक कार्यक्रम आगामी 9 जुलाई को मशहद शहर में स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) करने के साथ संपन्न होगा, जिसने पूरे मध्य पूर्व में युद्ध की चिंगारी को एक बार फिर भड़का दिया है।
क्या है ऑपरेशन हार्ड बॉल? लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग पर US-कनाडा का शिकंजा, 24 गिरफ्तार
अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और सीमा पार हिंसा के खिलाफ एक बेहद बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल करते हुए अमेरिका, कनाडा और यूरोप की शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' (Operation Hard Ball) को अंजाम दिया है। इस वैश्विक महा-अभियान के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारत के सबसे कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, उसके उत्तरी अमेरिकी कमांडर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ और उनके कट्टर प्रतिद्वंद्वी जग्गू भगवानपुरिया के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की रीढ़ पूरी तरह से तोड़ दी है। तीन अलग-अलग देशों में एक साथ की गई इस छापेमारी में अब तक 24 खतरनाक शूटरों और ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे वैश्विक अंडरवर्ल्ड में हड़कंप मच गया है।कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस बहुराष्ट्रीय जांच के तहत कुल 37 हाई-प्रोफाइल आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अब तक दबोचे गए 24 अपराधियों में से 13 को अमेरिका (11 कैलिफोर्निया, 1 इंडियाना और 1 जॉर्जिया), 3 को कनाडा और 1 को यूरोपीय देश स्पेन से गिरफ्तार किया गया है, जबकि 7 मुख्य साजिशकर्ता पहले से ही अन्य मामलों में जेल में बंद थे। इस समय अमेरिका की एफबीआई (FBI), डीईए (DEA) और कनाडाई खुफिया पुलिस भारत समेत पूरे यूरोप में छिपे 10 अन्य फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तकनीकी और जमीनी तलाश अभियान चला रही हैं।महा-जब्ती का रिकॉर्ड: सैक्रमेंटो और लॉस एंजिल्स में एक टन कोकीन बरामदइस विशाल अंतरराष्ट्रीय सैन्य और पुलिस ऑपरेशनों के दौरान खोजी दस्तों ने अलग-अलग ठिकानों से लगभग एक मीट्रिक टन (1000 किलोग्राम) शुद्ध कोकीन, एक किलोग्राम उच्च श्रेणी की हेरोइन, 40,000 अमेरिकी डॉलर की बेहिसाबी नकदी और एक दर्जन से अधिक सैन्य-ग्रेड अत्याधुनिक घातक हथियार जब्त किए हैं।सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर कैलिफोर्निया के सैक्रमेंटो में 23 और लॉस एंजिल्स (Los Angeles) में 11 अत्यधिक सुरक्षित ठिकानों सहित दर्जनों बेनामी संपत्तियों पर एक साथ धावा बोला, जिससे अपराधियों को संभलने या अपने डिजिटल सबूत नष्ट करने का रत्ती भर भी मौका नहीं मिला।भारतीय जेल से ऑपरेट हो रहा था अंतरराष्ट्रीय साम्राज्य: कनाडा में मर्डर से जुड़े तारअमेरिकी और कनाडाई खुफिया अधिकारियों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे वैश्विक नेटवर्क का सबसे मुख्य केंद्र भारत की हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद 33 वर्षीय कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई था। बिश्नोई जेल की सलाखों के पीछे से ही प्रतिबंधित स्मार्टफोन और अत्यधिक उन्नत एन्क्रिप्टेड इंटरनेट संचार उपकरणों का उपयोग करके उत्तरी अमेरिका और यूरोप में अपने सिंडिकेट को सीधे निर्देशित कर रहा था।इस गिरोह पर सबसे संगीन और अंतरराष्ट्रीय मामला 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे (Surrey) शहर में एक सिख मंदिर के बाहर भारतीय मूल के धार्मिक नेता 'H.S.N.' की टारगेट किलिंग से जुड़ा है। कनाडाई जांचकर्ताओं का दावा है कि इस जघन्य हत्याकांड का पूरा ताना-बाना लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने मिलकर बुना था। इसी बढ़ते हिंसक आचरण के चलते कनाडा सरकार ने साल 2025 में आधिकारिक तौर पर बिश्नोई संगठन को एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था। इसके अलावा, कैलिफोर्निया के लॉस एंजिल्स और थाउजेंड ओक्स में स्थानीय कारोबारियों और धार्मिक नेताओं को जान से मारने की धमकी देकर लाखों डॉलर की रंगदारी वसूलने और प्रतिद्वंद्वी मैक्सिकन कार्टेल से 520 किलोग्राम से अधिक कोकीन लूटने के पीछे भी इसी गिरोह का हाथ था।जग्गू भगवानपुरिया सिंडिकेट: 7 देशों में फैला 1000 शूटरों का खूनी संजाल'ऑपरेशन हार्ड बॉल' का दूसरा सबसे बड़ा प्रहार लॉरेंस बिश्नोई के पुराने साथी और अब उसके सबसे बड़े जानी दुश्मन बन चुके गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क पर हुआ है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के डिजिटल फोरेंसिक डेटा से पता चला है कि भगवानपुरिया सिंडिकेट का खूनी जाल भारत, अमेरिका, कनाडा, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन सहित सात देशों में फैल चुका है, जिसमें 1,000 से अधिक सक्रिय स्लीपर सेल और शूटर शामिल हैं।यह खतरनाक गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कॉन्ट्रैक्ट किलिंग (सुपारी लेकर हत्या), अवैध स्वचालित हथियारों की तस्करी और फिरौती के लिए अपहरण जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देता है। यह सिंडिकेट भारत में कुछ भ्रष्ट तत्वों को प्रभावित करके अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ झूठी पुलिस शिकायतें दर्ज कराने और गवाहों को डराकर पूरी न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए कुख्यात है।रविंदर सिंह ढांडा नेटवर्क: लंबी दूरी के ट्रकों से होती थी सीमा पार ड्रग्स की तस्करीइस संयुक्त कार्रवाई में तीसरा मुकदमा कनाडा के वैंकूवर में सक्रिय रविंदर सिंह ढांडा के अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी संगठन के खिलाफ दर्ज किया गया है। यह नेटवर्क दक्षिणी कैलिफोर्निया से लंबी दूरी के ट्रकों (Long-Haul Trucks) और बड़े कृषि वाहनों के गुप्त तहखानों व केबिनों में नशीले पदार्थों को छिपाकर हर हफ्ते सैकड़ों किलोग्राम कोकीन और खतरनाक 'मेथामफेटामाइन' ड्रग्स को सीमा पार कराकर कनाडा के बाजारों में खपा रहा था। अमेरिकी और कनाडाई बॉर्डर सिक्योरिटी ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए इस गिरोह को 2023 और 2024 के बीच 430 किलोग्राम से अधिक कोकीन की वास्तविक तस्करी से सीधे तौर पर जोड़ा है।लॉस एंजिल्स के पुलिस प्रमुख जिम मैकडॉनेल और रॉयल कनाडाई माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक दुहेमे ने इस विशाल ऑपरेशन की सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि 'ऑपरेशन हार्ड बॉल' दुनिया भर के संगठित अपराध और ड्रग कार्टेल्स को जड़ से मिटाने के लिए विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच हुए अभूतपूर्व, आधुनिक और सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक ज्वलंत उदाहरण है।
लोहागढ़ किला मर्डर केस में नया मोड़: सिया और चेतन की शादी की खबरों पर वकील का बड़ा बयान
पुणे: महाराष्ट्र के लोनावला क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुए हाई-प्रोफाइल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला कानूनी और डिजिटल मोड़ सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल के बचाव पक्ष के वकील विपुल दुशिंग ने उन तमाम मीडिया दावों और स्थानीय खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें यह कहा जा रहा था कि सिया ने मंगेतर की हत्या से पहले ही अपने प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी (22) के साथ गुप्त रूप से विवाह रचा लिया था। एडवर्टाइजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रही इन खबरों को वकील ने 'पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत' करार देते हुए एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।इससे पहले जांच के शुरुआती दौर में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि दोनों आरोपियों ने करीब चार महीने पहले अपने-अपने परिवारों से बगावत कर गुपचुप तरीके से शादी कर ली थी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि बचाव पक्ष इस समय कोर्ट में आरोपियों की छवि को और बिगड़ने से बचाने के लिए इन वैवाहिक दावों का खंडन कर रहा है, क्योंकि शादी की बात साबित होने पर हत्या की साजिश (Criminal Conspiracy) का मोटिव और ज्यादा मजबूत हो जाता है।क्या है लोहागढ़ किले की वो खूनी दास्तान? मंगेतर को ही धकेल दिया था खाई मेंइस रोंगटे खड़े कर देने वाले आपराधिक घटनाक्रम की शुरुआत इसी साल 18 जून को हुई थी, जब पुणे जिले के प्रसिद्ध ट्रेकिंग और पर्यटन स्थल लोहागढ़ किले की एक गहरी खाई से 25 वर्षीय सफल रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल का शव बरामद किया गया था। शुरुआत में इसे एक दर्दनाक ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, लेकिन जब स्थानीय पुलिस और साइबर सेल ने गहराई से जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं।फॉरेंसिक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी क्रूर हत्या थी। पुलिस चार्जशीट के अनुसार, सिया गोयल और उसके गुप्त प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को किले की सबसे ऊंची चोटी पर बुलाया और वहां से उसे सीधे नीचे गहरी खाई में धकेल दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि मृतक केतन और आरोपी सिया की इसी साल नवंबर के महीने में शाही अंदाज में शादी होने वाली थी और दोनों परिवारों में जश्न का माहौल था।स्नैपचैट चैट से खुला सबसे बड़ा राज: 'शादी तो वैसे भी नहीं होने वाली...'इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुणे पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ अब एक ऐसा अकाट्य डिजिटल सबूत लगा है, जिसने पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया है। तकनीकी विश्लेषकों ने सिया गोयल के स्मार्टफोन से एक डिलीट हो चुका स्नैपचैट (Snapchat) मैसेज रिकवर किया है, जो उसने मर्डर से ठीक एक महीने पहले यानी मई में अपनी एक बेहद करीबी सहेली को भेजा था।इस चैट में सिया ने अपनी सहेली से नवंबर में उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए ट्रैवल और होटल टिकट बुकिंग का बहाना बनाया था। सिया ने सहेली से उसके पहचान दस्तावेज की तस्वीरें मांगते हुए आगे जो लिखा, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। सिया का वह कथित स्नैपचैट मैसेज कुछ इस तरह था—शादी के टिकटों के लिए अपने पहचान दस्तावेज के आगे और पीछे की फोटो भेज दो, जो कि वैसे भी नहीं होने वाली है, लेकिन फिर भी फॉर्मेलिटी के लिए भेज दो। इस मैसेज से साफ जाहिर होता है कि सिया को मई के महीने में ही मालूम था कि नवंबर में होने वाली यह शादी कभी नहीं होगी, क्योंकि वह केतन को रास्ते से हटाने का प्लान बना चुकी थी।सहेली की बढ़ेगी मुश्किलें: तकनीकी फॉरेंसिक जांच में जुटा साइबर सेलपुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, केतन का परिवार उस समय शादी की तैयारियों में पूरी शिद्दत से लगा हुआ था और देश-विदेश से आने वाले मेहमानों व रिश्तेदारों के लिए फ्लाइट और ट्रेन टिकटिंग की एडवांस बुकिंग कर रहा था। इसी प्रक्रिया के तहत अग्रवाल परिवार ने सिया के जरिए उसके दोस्तों की सूची और जरूरी दस्तावेज मंगवाए थे, जिसका फायदा उठाकर सिया ने इस खूनी खेल को अंजाम दिया।लोकल पुलिस अब सिया की उस सहेली को समन भेजकर कड़ी पूछताछ करने की तैयारी में है, जिसके अकाउंट पर यह मैसेज भेजा गया था। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या उस सहेली को केतन की हत्या की इस खौफनाक प्लानिंग की भनक पहले से थी या वह भी केवल अनजाने में इस पूरी साजिश का हिस्सा बन गई। फिलहाल इस स्नैपचैट डेटा की तकनीकी और सर्वर-स्तरीय प्रामाणिकता की जांच के लिए इसे सरकारी फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेजा गया है।अग्रवाल परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: पोते के गम में दादा ने तोड़ा दमइस भीषण और अकल्पनीय आपराधिक त्रासदी ने हंसते-खेलते अग्रवाल परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। जवान बेटे के मर्डर के गहरे सदमे से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि शनिवार की शाम को केतन के 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से एक निजी अस्पताल में दुखद निधन हो गया।पारिवारिक मित्रों और करीबियों ने बताया कि जब से पोते केतन की निर्मम हत्या की खबर सामने आई थी, तब से बुजुर्ग दादा की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी और वे गहरे मानसिक आघात में चले गए थे। पिछले कुछ दिनों से उन्हें आईसीयू में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन आखिरकार वे जिंदगी की जंग हार गए। इस दोहरी मौत के बाद पूरे इलाके में सिया और चेतन के खिलाफ भारी जन-आक्रोश देखा जा रहा है और लोग फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोनों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।
क्या पंजाब कांग्रेस में होगा कोई बदलाव? पार्टी में टूट के खतरे के बीच भूपेश बघेल का बयान
पंजाब कांग्रेस के भीतरी गलियारों में मची राजनीतिक हलचल और गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है, जिससे पार्टी के भीतर एक और बड़ी टूट का खतरा मंडराने लगा है। राज्य में जारी इस भीषण सियासी कलह को शांत करने के लिए पांच दिवसीय चंडीगढ़ दौरे पर पहुंचे पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ एक आपातकालीन मैराथन बैठक की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद बघेल ने पंजाब कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे में किसी भी तरह के बड़े फेरबदल की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से नेताओं को भरोसा दिलाया कि मौजूदा नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है, जिसने असंतुष्ट धड़े की उम्मीदों को करारा झटका दिया है।प्रभारी द्वारा बुलाई गई इस रणनीतिक समीक्षा बैठक में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, हाल ही में नियुक्त किए गए तीन कार्यकारी अध्यक्षों में से दो—राजकुमार वेरका और सुखविंदर सिंह डैनी—पार्टी के संगठन महासचिव, कोषाध्यक्ष और कई जिला अध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के जमीनी संगठन को एकजुट और मजबूत करना था।चन्नी और रंधावा गुट ने बनाई दूरी: बैठक से नदारद रहे कई दिग्गज नेताभूपेश बघेल के कड़े बयानों के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेहद करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता संगत सिंह गिलजियां ने इस पूरी बैठक से दूरी बनाए रखी। इसके अतिरिक्त, दो प्रमुख जिला अध्यक्ष भी इस सांगठनिक चर्चा में शामिल नहीं हुए। पूर्व सीएम चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के इस बैठक में न पहुंचने से कांग्रेस आलाकमान की चिंताएं बढ़ गई हैं।हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस सामूहिक अनुपस्थिति को ज्यादा तूल देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने मीडिया को सफाई देते हुए कहा कि कुछ वरिष्ठ नेता अपने पहले से तय कार्यक्रमों और अनिवार्य निजी कारणों की वजह से हाजिर नहीं हो सके हैं। वडिंग ने दावा किया कि पंजाब कांग्रेस का पूरा कुनबा पूरी तरह एकजुट है और उनका एकमात्र लक्ष्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।प्रभारी पर लगे हाईकमान को गुमराह करने के आरोप: राजा वडिंग को हटाने की मांग पर अड़े विद्रोहीपंजाब कांग्रेस का असंतुष्ट चन्नी गुट वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को उनके पद से तत्काल हटाने की मांग पर अड़ा हुआ है। चन्नी समर्थकों का सीधा और गंभीर आरोप है कि राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने धरातल की वास्तविक राजनीतिक परिस्थितियों का सही फीडबैक न देकर दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान को पूरी तरह गुमराह किया है।विद्रोही धड़े का मानना है कि पिछले बुधवार को आलाकमान द्वारा पंजाब प्रमुख के तौर पर वडिंग के नाम को बरकरार रखना और आगामी 2027 के चुनावों के लिए बनाई गई विभिन्न समितियों की घोषणा एकतरफा थी। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने के बजाय कांग्रेस के इन शीर्ष नेताओं के बीच सड़क पर आई इस सीधी बगावत ने विपक्षी दलों को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है।मोहाली में चन्नी की गुप्त बैठक: सुलह की कोशिशों में जुटे बघेल के अगले कदम पर टिकी नजरेंपार्टी के भीतर बगावत की आग कितनी गहरी है, इसका अंदाजा सोमवार को मोहाली में हुई एक समानांतर बैठक से लगाया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की मौजूदगी में कई मौजूदा और पूर्व कांग्रेसी विधायकों ने एक गुप्त बैठक की थी। इस बैठक में खुलकर मांग उठाई गई कि पंजाब कांग्रेस की कमान राजा वडिंग के बजाय दोबारा चन्नी को सौंपी जानी चाहिए।दूसरी ओर, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल अपनी तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में दिन-रात जुटे हुए हैं। उन्होंने असंतोष को दबाने के लिए खुद कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा और वरिष्ठ नेता राजकुमार वेरका के आवास पर जाकर उनसे व्यक्तिगत रूप से लंबी मुलाकात की। सोमवार को जब चंडीगढ़ आगमन पर पत्रकारों ने बघेल से चन्नी गुट की नाराजगी और प्रदेश अध्यक्ष के बदलाव पर सवाल दागा था, तो उन्होंने दो-तीन दिन का समय मांगते हुए जल्द ही स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। अब देखना यह होगा कि क्या बघेल चन्नी और रंधावा को मनाने में कामयाब होते हैं, या पंजाब कांग्रेस एक बार फिर पुराने 'कैप्टन बनाम सिद्धू' वाले आत्मघाती इतिहास को दोहराने की राह पर चल पड़ी है।
आंध्र प्रदेश ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी
आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने 9,076 करोड़ रुपए के निवेश वाली 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी।
तेलंगाना: भाजपा ने हैदराबाद की मतदाता सूची से उत्तर भारतीयों के नाम हटाने का आरोप लगाया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई ने हैदराबाद में उत्तर भारत के मतदाताओं के नाम व्यवस्थित रूप से हटाने का आरोप लगाया है। भाजपा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य आज (बुधवार) प्रयागराज के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे जनपद में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में प्रतिभाग करेंगे और पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा जनप्रतिनिधियों से संवाद कर विकास कार्यों एवं संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उप मुख्यमंत्री जी सर्वप्रथम सर्किट हाउस, प्रयागराज पहुंचेंगे। यहाँ वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, ऊर्जावान कार्यकर्ताओं तथा मा० जनप्रतिनिधियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस बैठक में वे कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुनेंगे और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।इसके पश्चात, उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी जिला पंचायत सभागार, प्रयागराज में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे। इस समारोह में वे शिक्षा जगत और शिक्षकों के हित में राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी पहल 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का विधि-विधान से शुभारंभ करेंगे।इस योजना के शुरू होने से प्रयागराज सहित प्रदेश के हजारों शिक्षकों और उनके परिवारों को कैशलेस एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकेगा, जो स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार का एक ऐतिहासिक कदम है। कार्यक्रम में जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक गण उपस्थित रहेंगे।
हर ब्लॉक में प्रदर्शनी लगाकर युवाओं और महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण योजनाओं से जोड़ें अधिकारी: श्री केशव प्रसाद मौर्य लखनऊ, 7 जुलाई 2026 उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, सप्रू मार्ग, लखनऊ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान माननीय उप मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हर ब्लॉक में प्रदर्शनी का आयोजन किया जाए, ताकि ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर युवाओं और महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा जा सके। मुख्य बिंदु: - वृहद स्तर पर अभियान: उप मुख्यमंत्री जी ने इस अभियान को व्यापक और बड़े स्तर पर चलाने का आह्वान किया। - हर हाथ रोजगार: उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य 'हर हाथ को रोजगार' प्रदान करना है। - प्रधानमंत्री के सपने को साकार करना: श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हमें माननीय प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत और स्वरोजगार के सपने को हर हाल में साकार करना है। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में युवा व महिलाएं उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि प्रत्येक हाथ को रोजगार और प्रत्येक परिवार को आत्मनिर्भरता का अवसर मिले। इसी संकल्प को साकार करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, महिलाओं की सहभागिता और किसानों की मेहनत को आधुनिक तकनीक तथा सरकारी योजनाओं से जोड़कर उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा लाभार्थियों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता एवं विपणन की सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही योजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनकी प्रगति का मूल्यांकन भी किया जाए। श्री मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता, पारदर्शिता और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र प्रदेश में आर्थिक विकास का नया अध्याय लिखेगा तथा युवाओं, महिलाओं और किसानों के जीवन में समृद्धि का नया द्वार खोलेगा।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, सप्रू मार्ग, लखनऊ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में संस्थान की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में स्थापित नवीन मशीनों का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान का निरीक्षण कर खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित आधुनिक तकनीकों एवं नवीन उपकरणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे वे आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन सकेंगे।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही छात्राओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों, प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कौशल विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने छात्राओं से प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का उपयोग स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में करने का आह्वान किया तथा कहा कि सरकार युवाओं, विशेषकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।श्री मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में रोजगार एवं उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के युवा एवं महिलाएं न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं।इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास का संदेश देते हुए एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण भी किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, प्रशिक्षकों, छात्राओं एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही।
इंदौर में तेंदुए का आतंक, बाइक सवार पर अचानक झपटा, CCTV में कैद हुई घटना
बिचौली मर्दाना गांव में मंगलवार को तेंदुए की मौजूदगी से इलाके में दहशत फैल गई। एक बाइक सवार पर तेंदुए के अचानक हमले का वीडियो सामने आया है, जो पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
केशव मौर्य ने अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए बांटे लेटर ऑफ कम्फर्ट, अनुदान चेक और प्रशस्ति पत्र
राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान मेंखाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में प्रोत्साहित किये जाने के लिए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बांटे लेटर ऑफ कम्फर्ट, अनुदान चेक एवं प्रशस्ति पत्र.मैसर्स ए.के. फ्लोर मिल्स, बाराबंकी को मल्टीग्रेन फ्लोर मिल एवं वैल्यू एडेड पास्ता एवं मैकरोनी निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹3.77 करोड़ का स्वीकृत अनुदान।मैसर्स अशोक कैटल एवं पोल्ट्री फीड्स लिमिटेड, वाराणसी को कैटल फीड निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹2.38 करोड़ का स्वीकृत अनुदान। मैसर्स पट्टन सॉल्वेन्ट, कुशीनगर को सॉल्वेन्ट एक्सट्रैक्शन इकाई की स्थापना हेतु ₹2.07 करोड़ का स्वीकृत अनुदान, मैसर्स राज इंटरप्राइजेज, लखीमपुर खीरी को पास्ता एवं मैकरोनी निर्माण इकाई की स्थापना हेतु ₹1.78 करोड़ का स्वीकृत अनुदान,मैसर्स दृष्टि प्योर्स, लखनऊ को मस्टर्ड ऑयल इकाई के विस्तारीकरण हेतु ₹77 लाख का स्वीकृत अनुदान।उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को किया सम्मानितमैसर्स डियर फूड्स, गोरखपुर — पास्ता एवं सॉस निर्माण इकाई,मैसर्स सोना गोल्ड एग्रोकेम प्रा. लि., बाराबंकी — फीड निर्माण इकाई,मैसर्स अविराम क्रीमरीज प्रा. लि., बुलंदशहर — दुग्ध आधारित उत्पाद निर्माण इकाई,मैसर्स सुंदरी फूड इंडस्ट्रीज, बाराबंकी — सीरियल्स, पल्सेस एवं ऑयल सीड प्रसंस्करण इकाई।लाभार्थियों को वितरित किए गए अनुदान राशि के डेमो चेकमैसर्स पालीवाल एग्रो प्रोडक्ट्स, आजमगढ़ — मल्टीग्रेन फ्लोर मिल इकाई हेतु ₹250.00 लाख,मैसर्स शारदा फ्रोजन एग्रो प्रोसेसिंग प्रा. लि., जालौन — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹500.00 लाख,मैसर्स फैविना प्रोडक्ट्स प्रा. लि., कौशाम्बी (प्रयागराज) — सोलर पावर प्लांट स्थापना हेतु ₹7.149 लाख,मैसर्स वी.एस.ए.जी. सॉल्यूशन प्रा. लि., जालौन — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹457.260 लाख,मैसर्स तराई फोस्ट प्रा. लि., रामपुर — फ्रोजन फ्रूट एवं वेजिटेबल प्रसंस्करण इकाई हेतु ₹498.409 लाख।
श्री मौर्य ने आजराजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान में महिला छात्रावास का किया शिलान्यास करते हुएकहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए आधुनिक शिक्षण संस्थानों एवं आवश्यक सुविधाओं का विकास समय की आवश्यकता है। महिला छात्रावास का निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा और वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने, तकनीकी संस्थानों का आधुनिकीकरण करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में शिक्षा, कौशल विकास एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच रहा है।कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाने पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह छात्रावास प्रदेश की छात्राओं के लिए एक सुरक्षित, आधुनिक एवं प्रेरणादायक आवासीय परिसर के रूप में विकसित होगा। इस अवसर पर संस्थान के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएँ तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपना लिखित बयान सौंप दिया है
अल नीनो के संभावित असर को लेकर पीएमओ की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, तैयारियों का लिया गया जायजा
खरीफ सीजन की प्रगति और अल नीनो के विभिन्न क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में मंगलवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच Hormuz में फिर टेंशन, 24 घंटे में 3 टैंकरों पर अटैक
पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच ईरान ने मंगलवार को होर्मुज में फिर हमले शुरू कर दिए हैं। दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में पिछले 24 घंटे के भीतर तीसरे वाणिज्यिक ...
हनुमानगढ़ : कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के नोहर थाना क्षेत्र में भादरा मार्ग पर मंगलवार को कार की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार दो महिलाओं सहित तीन लाेगों की मौत हो गई। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक अजय गिरधर ने बताया कि मृतकों की पहचान विद्यादेवी (50), उसके पोते अनिल (18) और सुमित्रा देवी (65) […] The post हनुमानगढ़ : कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार 3 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा गणना में चोरी और गबन के साक्ष्य मिले
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की गणना के दौरान चोरी और गबन के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के साक्ष्य मिले हैं। एसआईटी के अनुसार उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में गणना कर्मियों को नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाते हुए देखा गया […] The post एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा गणना में चोरी और गबन के साक्ष्य मिले appeared first on Sabguru News .
सूरत में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरथाणा इलाके में स्थित आदर्श निर्वासित स्कूल में पानी भर जाने के कारण वहां ३७ बच्चे और स्कूल का स्टाफ फंस गया था, जिन्हें सूरत पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सुरक्षित ...
नितिन नवीन की विधान सभा सीट पर भाजपा ने अभिषेक कुमार को बनाया उम्मीदवार
पटना। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए अभिषेक कुमार को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्य सभा के लिए निर्वाचित होने पर विधान सभा से त्यागपत्र देने के कारण रिक्त है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने बुधवार […] The post नितिन नवीन की विधान सभा सीट पर भाजपा ने अभिषेक कुमार को बनाया उम्मीदवार appeared first on Sabguru News .
ओडिशा में नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने वाले व्यक्ति को उम्रकैद
भुवनेश्वर। ओडिशा के कालाहांडी जिले में 2017 में एक 15 वर्षीय लड़की को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में दोषी एक व्यक्ति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। राज्य अपराध शाखा ने मंगलवार को बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले के संबंध में दोषी ठहराए गए तुमेश्वर दास […] The post ओडिशा में नाबालिग लड़की को जिंदा जलाने वाले व्यक्ति को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
योगी सरकार का मेगा ग्रीन मिशन, गंगा-यमुना समेत 13 नदियों के किनारे लगेंगे 3.83 करोड़ से अधिक पौधे
योगी सरकार पौधरोपण महायज्ञ-2026 के तहत उत्तर प्रदेश में 13 प्रमुख नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण करेगी। गंगा, यमुना, गोमती, सरयू, समेत कई प्रमुख नदियों के किनारे पौधरोपण होगा। गंगा के किनारे 4495.72 हेक्टेयर में 79.86 लाख से अधिक पौधरोपण ...
दानपात्र विवाद पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- एसआईटी रिपोर्ट के बाद सामने आएगा पूरा सच
लखनऊ/अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महामंत्री चंपत राय ने राम मंदिर दानपात्र में कथित चोरी के मामले को लेकर पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है। राय ने छह जुलाई को अयोध्या से रामभक्तों के नाम लिखे अपने हस्तलिखित पत्र में कहा है कि 10 जून से दानपात्र की गणना […] The post दानपात्र विवाद पर चंपत राय ने तोड़ी चुप्पी, बोले- एसआईटी रिपोर्ट के बाद सामने आएगा पूरा सच appeared first on Sabguru News .
रीट की तैयारी का झांसा देकर रेप करने के आरोपी शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश
जयपुर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने डीग जिले में रीट की तैयारी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी शिक्षक रणधीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार दिलावर ने यह मामला सामने आने के बाद आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से […] The post रीट की तैयारी का झांसा देकर रेप करने के आरोपी शिक्षक को निलंबित करने के निर्देश appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को E20 पेट्रोल (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर उठ रहे सवालों पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने आलोचकों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि E20 पेट्रोल से किसी वाहन को नुकसान हुआ है तो ...
धौलपुर : दो पक्षों के बीच संघर्ष में गाेलीबारी से तनाव व्याप्त
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कोटला मोहल्ले में मंगलवार को दो पक्षों के बीच हुई पत्थरबाजी के साथ हुई गोलीबारी से क्षेत्र में तनाव फैल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में छिप गये। घटना का एक वीडियो भी […] The post धौलपुर : दो पक्षों के बीच संघर्ष में गाेलीबारी से तनाव व्याप्त appeared first on Sabguru News .
बीकानेर : लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे अधेड की हत्या
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। लूणकरणसर के थाना प्रभारी गणेश बिश्नोई ने मंगलवार को बताया कि हंसेरा गांव में मूलाराम जाट (50) को सोमवार देर रात विद्यादेवी और उसके परिवार वाले घायल हालत में सरकारी अस्पताल […] The post बीकानेर : लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे अधेड की हत्या appeared first on Sabguru News .
बारिश के बीच नुसरत भरूचा का वर्कआउट पोस्ट वायरल
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा का वर्क फ्रॉम होम और मानसून से जुड़ा एक मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हो रहा है।इस पोस्ट में नुसरत ने घर पर वर्कआउट करते हुए और बारिश के खूबसूरत मौसम का आनंद लेते हुए अपनी तस्वीरें साझा की हैं। तस्वीरों में नुसरत व्हाइट स्पोर्ट्स टॉप, रेड शॉर्ट्स और मैचिंग […] The post बारिश के बीच नुसरत भरूचा का वर्कआउट पोस्ट वायरल appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कार्मिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देने जा रही है। मुख्यमंत्री बुधवार को वाराणसी से 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना' का शुभारंभ ...
बलूचिस्तान में बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर हमला, नौ की मौत
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अरबों रुपए की लागत से बन रही बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर मंगलवार को बंदूकधारियों के हमले में कम से कम नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गयी, जबकि कई अन्य लापता हैं। बीबीसी उर्दू ने अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी। जियारत जिले के […] The post बलूचिस्तान में बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर हमला, नौ की मौत appeared first on Sabguru News .
योगी सरकार का हाईटेक मिशन : साइबर अपराध पर लगाम के लिए उन्नत तकनीक और अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक क्षमता को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में रक्षा लेखा विभाग, क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ के 40 ...
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को कहा कि राम मंदिर के दानपात्रों से कथित दान चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही वह अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब देंगे।
राजनीति से संन्यास की ओर दिग्विजय सिंह, दशहरे से शुरु करेंगे उज्जैन से अयोध्या तक की यात्रा
मध्यप्रदेश कांग्रेस में क्या सब कुछ ठीक नहीं है? उज्जैन में वीर भारत न्यास को जमीन आवंटन विवाद मामले पर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाने वाले प्रदेश अध्यक्ष सवाल उठाने वाले दिग्विजय सिंह क्या अब राजनीति से संन्यास लेने जा रहे है? क्या दिग्विजय सिंह अब ...
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान अंतिम समय में जुलूस का मार्ग बदल दिए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कई दिनों तक सरकारी प्रचार और आधिकारिक घोषणाओं के बाद अंतिम यात्रा के तय रूट में अचानक बदलाव होने ...
वैश्विक रक्षा बाजार (Global Defence Market) में भारत की स्वदेशी मिसाइल तकनीक का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। ब्रह्मोस (BrahMos) और आकाश (Akash) मिसाइल सिस्टम के सफल निर्यात के बाद अब भारत की एक और घातक मिसाइल दुनिया में तहलका मचाने को तैयार है। दक्षिण-पूर्व एशियाई देश इंडोनेशिया ने भारत में पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित 'अस्त्र मार्क-1' (Astra Mk1) मिसाइल को अपने लड़ाकू विमानों के बेड़े में शामिल करने के लिए बड़ी दिलचस्पी दिखाई है। यह मिसाइल आधुनिक युग की सबसे खतरनाक तकनीकों में से एक 'बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल' (BVRAAM) से लैस है, जो दुश्मन को बिना देखे ही मलबे में तब्दील करने की क्षमता रखती है।क्या होती है बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVRAAM) तकनीक?रक्षा विज्ञान की भाषा में बियॉन्ड विजुअल रेंज (Beyond Visual Range) का सीधा मतलब है 'आंखों की नजर से बिल्कुल दूर'। पारंपरिक हवाई लड़ाइयों में पायलटों को दुश्मन के विमान को देखकर निशाना लगाना पड़ता था, लेकिन BVRAAM तकनीक आ जाने के बाद अब लड़ाकू विमान 37 किलोमीटर से लेकर 100 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी पर मौजूद दुश्मन के फाइटर जेट को आसानी से मलबे में तब्दील कर सकते हैं। यह तकनीक अत्याधुनिक रडार ट्रैकिंग, कंप्यूटर गाइडेंस और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (Inertial Navigation System) पर काम करती है, जिससे दागी गई मिसाइल हवा में अपना रास्ता बदलते हुए भाग रहे दुश्मन के विमान का पीछा करके उसे नेस्तनाबूत कर देती है।DRDO की अस्त्र मार्क-1 की खौफनाक ताकत और खूबियांअस्त्र मार्क-1 मिसाइल को भारत की शीर्ष रक्षा अनुसंधान संस्था डीआरडीओ (DRDO) ने विकसित किया है। यह भारत की पहली पूरी तरह से स्वदेशी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इस मिसाइल की मारक क्षमता 110 किलोमीटर से भी अधिक है, और यह आवाज की रफ्तार से चार गुना ज्यादा यानी करीब 4.5 मैक (Mach) की सुपरसोनिक स्पीड से उड़ान भरती है। इसका सीधा मतलब यह है कि दुश्मन के विमान को संभलने या चकमा देने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिलता। यह मिसाइल हर मौसम में, दिन हो या रात, दुश्मन के सुपर-मैन्यूवरेबल (तेजी से मुड़ने वाले) लड़ाकू विमानों और ड्रोनों को मार गिराने में पूरी तरह सक्षम है।इंडोनेशिया क्यों खरीदना चाहता है भारत की अस्त्र मिसाइल?इंडोनेशियाई वायुसेना (TNI-AU) के पास इस समय रूस के सुखोई (Sukhoi) और अमेरिका के F-16 जैसे बेहतरीन लड़ाकू विमान मौजूद हैं। इंडोनेशिया अपने बेड़े की मारक क्षमता को आधुनिक और पश्चिमी प्रतिबंधों से मुक्त बनाने के लिए एक ऐसी मिसाइल की तलाश में था जो बेहतरीन होने के साथ-साथ किफायती भी हो। भारत की अस्त्र मार्क-1 मिसाइल तकनीकी रूप से दुनिया की सबसे महंगी मिसाइलों जैसे कि अमेरिका की 'एमराम' (AMRAAM) और यूरोप की 'मीटियर' (Meteor) को कड़ी टक्कर देती है, लेकिन इसकी कीमत उनकी तुलना में काफी कम है। इंडोनेशिया इस मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल कर दक्षिण चीन सागर (South China Sea) के भौगोलिक समीकरणों में अपनी रणनीतिक स्थिति को बेहद मजबूत करना चाहता है।भारत के 'मेक इन इंडिया' और डिफेंस एक्सपोर्ट के लिए बड़ा बूस्टर डोज़इंडोनेशिया के साथ होने जा रही इस संभावित अस्त्र मिसाइल डील को भारत के रक्षा निर्यात (Defence Export) के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह सौदा न केवल भारत की 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' नीति की सफलता को दर्शाता है, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश भी देता है कि भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं बल्कि दुनिया को अत्याधुनिक तकनीक बेचने वाला ग्लोबल डिफेंस हब बन चुका है। भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत होते ये भौगोलिक और कूटनीतिक संबंध आने वाले दिनों में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की नई दिशा तय करेंगे।
AI नहीं असली वीडियो, वायनाड में भूस्खलन का खौफनाक वीडियो, खिलौनों की तरह मलबे में बहे बस और ट्रक
केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक भयावह भूस्खलन का वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कोझिकोड और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली निर्माणाधीन टनल रोड परियोजना के तहत कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास जमा मिट्टी ...
पंजाब की सियासत में आगामी विधानसभा चुनावों (Punjab Assembly Elections) की आहट के साथ ही शह-मात का खेल बेहद आक्रामक हो गया है। हमेशा से गुटबाजी और अंदरूनी कलह से जूझती आ रही पंजाब कांग्रेस का घरेलू विवाद एक बार फिर पूरी तरह से चौराहे पर आ चुका है। केंद्रीय आलाकमान द्वारा भेजे गए प्रभारी भूपेश बघेल के सामने ही पार्टी दो फाड़ नजर आ रही है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे दिग्गजों ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने के लिए खुली बगावत कर दी है, वहीं इस कलह ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सूबे की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित मौका दे दिया है।राजा वड़िंग बनाम चन्नी गुट: क्यों आर-पार की जंग पर आमादा हैं कांग्रेसी दिग्गजविवाद की मुख्य जड़ हाल ही में कांग्रेस आलाकमान द्वारा किए गए सांगठनिक फेरबदल और राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला है। चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं का मानना है कि राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनाव नहीं जीत सकती। इसी नाराजगी के चलते चन्नी और रंधावा के गुट ने प्रभारी भूपेश बघेल की महत्वपूर्ण बैठकों का खुला बहिष्कार कर दिया और अलग से समानांतर बैठकें कर अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया। वरिष्ठ सांसद मनीष तिवारी को भी इन समितियों से बाहर रखा गया है, जिससे पार्टी का एक बड़ा हिंदू चेहरा और उनका समर्थक वर्ग भी नेतृत्व से बुरी तरह नाराज चल रहा है।बीजेपी के लिए क्यों 'गोल्डन चांस' साबित हो रहा है कांग्रेस का यह कलहपंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के कमजोर होने और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ बढ़ते सत्ता विरोधी रुझान (Anti-Incumbency) के बीच, बीजेपी खुद को सूबे में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का इस तरह बिखरना बीजेपी के लिए संजीवनी बूटी जैसा काम कर रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने तुरंत फ्रंटफुट पर आकर राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की सांगठनिक स्थिरता पर करारे हमले शुरू कर दिए हैं। बीजेपी जनता के बीच यह नैरेटिव सेट करने में सफल हो रही है कि जो पार्टी खुद को और अपने नेताओं को नहीं संभाल सकती, वह पंजाब को स्थिर और सुरक्षित सरकार कैसे देगी।सुखजिंदर रंधावा और अमित शाह की मुलाकात ने बढ़ाई कांग्रेस की धड़कनेंइस पूरे ड्रामे के बीच सबसे बड़ा सियासी झटका तब लगा जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर ली। हालांकि, रंधावा ने इस मुलाकात को पंजाब की कानून व्यवस्था और सीमावर्ती सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया, लेकिन राजनीति के चतुर खिलाड़ी भली-भांति जानते हैं कि चुनाव से ठीक पहले ऐसी मुलाकातों के क्या मायने होते हैं। इस मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि कांग्रेस आलाकमान ने बागियों को नहीं मनाया, तो कांग्रेस के कई बड़े और कद्दावर चेहरे पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।दलित और हिंदू वोट बैंक खिसकने का बीजेपी को मिलेगा सीधा फायदाभौगोलिक और सामाजिक समीकरणों (Geographical & Social Equations) की बात करें तो पंजाब में दलित और हिंदू मतदाता बेहद निर्णायक भूमिका निभाते हैं। चरणजीत सिंह चन्नी को दरकिनार किए जाने से सूबे का एक बड़ा दलित वर्ग कांग्रेस से छिटक सकता है, जिसका झुकाव हाल के दिनों में बीजेपी की तरफ बढ़ता देखा गया है। वहीं मनीष तिवारी जैसे कद्दावर हिंदू नेता की अनदेखी से पंजाब के शहरी इलाकों का करीब 38 फीसदी हिंदू वोट बैंक भी कांग्रेस के हाथ से निकलकर सीधे तौर पर बीजेपी के पाले में जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो मालवा, मांझा और दोआबा तीनों ही क्षेत्रों में बीजेपी को अभूतपूर्व राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।2022 का इतिहास दोहराने की राह पर कांग्रेस, बीजेपी की राह हुई आसानराजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि कांग्रेस बिल्कुल उसी आत्मघाती रास्ते पर आगे बढ़ रही है, जिस पर वह 2022 के विधानसभा चुनावों के वक्त चली थी। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की लड़ाई ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था और अब राजा वड़िंग बनाम चन्नी-रंधावा की यह जंग बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर रही है। विपक्षी खेमे, विशेष रूप से बीजेपी के लिए यह स्थिति बेहद मुफीद है, क्योंकि मजबूत और एकजुट विपक्ष की अनुपस्थिति में बीजेपी के लिए पंजाब की सत्ता के शिखर तक पहुंचने का रास्ता बहुत हद तक आसान होता दिखाई दे रहा है।
पंजाब में लगातार बढ़ती जा रही स्नैचिंग और वाहन चोरी की वारदातों पर लगाम कसते हुए स्थानीय पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। काफी समय से राहगीरों के नाक में दम करने वाले और पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे एक बेहद सक्रिय और शातिर बाइक चोर व मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने जाल बिछाकर इस गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इलाके में चोरी और छिनैती की घटनाओं में भारी कमी आएगी।लंबे समय से सक्रिय था गिरोह, पुलिस के लिए बना था सिरदर्दस्थानीय पुलिस प्रशासन के मुताबिक, यह गिरोह पिछले काफी समय से पंजाब के अलग-अलग जिलों और शहरी इलाकों में बेहद सुनियोजित तरीके से सक्रिय था। गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से सूने रास्तों पर चलने वाले राहगीर, महिलाएं और बाजारों के बाहर खड़ी मोटरसाइकिलें होती थीं। आरोपी पलक झपकते ही लोगों के हाथों से महंगे स्मार्टफोन झपट लेते थे और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर रफूचक्कर हो जाते थे। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस कप्तान ने इन अपराधियों को दबोचने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया था।गुप्त सूचना और नाकेबंदी के जरिए पुलिस के जाल में फंसे आरोपीइस गिरोह के खात्मे के लिए पुलिस की खुफिया विंग (Local Intelligence Channel) को लगातार काम पर लगाया गया था। पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि इस गिरोह के सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से इलाके से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास्तों पर भारी नाकेबंदी कर दी। चेकिंग के दौरान जब संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी करके चारों आरोपियों को धर दबोचा।तलाशी में बरामद हुआ भारी सामान, कई बड़े मामलों के सुराग मिलेगिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की जब मौके पर और उनके ठिकानों पर सघन तलाशी ली गई, तो पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की कई मोटरसाइकिलें और स्नैच किए गए भारी मात्रा में महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती पूछताछ में ही आरोपियों ने कबूल किया है कि वे इन चोरी के वाहनों और मोबाइलों को फर्जी कागजात तैयार कर या बेहद कम दामों में भोले-भाले लोगों और कबाड़ियों को बेच दिया करते थे। इस खुलासे से क्षेत्र की कई पुरानी अनसुलझी चोरियों के मामले भी एक झटके में हल हो गए हैं।सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज, रिमांड पर लेकर पूछताछ जारीपुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में चोरी, झपटमारी और धोखाधड़ी सहित विभिन्न सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान इनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह में इनके साथ और कौन-कौन से सफेदपोश लोग या कबाड़ी शामिल हैं और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का इनका पूरा नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर सुलग रही अंदरूनी सियासत की आग एक बार फिर पूरी तरह भड़क उठी है। पार्टी आलाकमान की तमाम कोशिशों के बावजूद राज्य के शीर्ष नेताओं के बीच की कड़वाहट और गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा विवाद कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान सामने आया है। पंजाब में पार्टी की कमान और समन्वय को मजबूत करने पहुंचे भूपेश बघेल के स्वागत के लिए आयोजित बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम से सूबे के दो सबसे बड़े कांग्रेसी चेहरों—पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा—ने पूरी तरह दूरी बना ली। इन दोनों दिग्गजों की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर मचे घमासान को एक बार फिर सरेआम उजागर कर दिया है।बघेल का स्वागत और बड़े चेहरों की रहस्यमयी अनुपस्थितिपार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा पंजाब में गुटबाजी खत्म करने के लिए भेजे गए भूपेश बघेल का स्वागत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, वहां मौजूद नेताओं और मीडिया की नजरें उन खाली कुर्सियों पर टिक गईं जो चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के लिए सुरक्षित रखी गई थीं। इन दोनों कद्दावर नेताओं का ऐन वक्त पर स्वागत समारोह से नदारद रहना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों के खिलाफ एक बड़ा और सीधा सियासी संदेश माना जा रहा है।चन्नी और रंधावा की इस नाराजगी के पीछे की असली वजहराजनीतिक गलियारों और अंदरूनी सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के भीतर टिकट बंटवारे, संगठनात्मक नियुक्तियों और हालिया सांगठनिक फेरबदल को लेकर पुराने दिग्गजों में भारी असंतोष पनप रहा है। चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा का धड़ा पिछले काफी समय से महसूस कर रहा है कि राज्य के महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों में उनकी राय को तवज्जो नहीं दी जा रही है। भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम से दूरी बनाकर इन दोनों नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे दिल्ली दरबार या केंद्रीय पर्यवेक्षकों के एकतरफा फैसलों को आसानी से स्वीकार करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।केंद्रीय आलाकमान की सुलह की कोशिशों को लगा करारा झटकाकांग्रेस आलाकमान ने भूपेश बघेल जैसे सुलझे हुए और अनुभवी नेता को पंजाब की गुटबाजी पर काबू पाने और आगामी स्थानीय व आम चुनावों के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन चन्नी और रंधावा के इस खुले 'बायकॉट' ने केंद्रीय नेतृत्व की इन कोशिशों को बहुत बड़ा झटका दिया है। पार्टी के भीतर चल रही यह खींचतान तब और गंभीर हो जाती है, जब सामने आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल जैसे मजबूत सियासी प्रतिद्वंद्वी खड़े हों। नेताओं के इस रवैये से साफ है कि कांग्रेस को बाहर से ज्यादा अपने ही घर के भीतर छिड़े 'अपनों के युद्ध' से निपटना होगा।विपक्षी दलों को मिला बैठे-बिठाए बड़ा राजनीतिक मुद्दापंजाब कांग्रेस के इस ताजा घटनाक्रम ने राज्य की विपक्षी पार्टियों को हमला करने का एक और सुनहरा मौका दे दिया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और भाजपा ने तंज कसते हुए कहा है कि जो पार्टी अपने शीर्ष नेताओं को एक मंच पर नहीं ला सकती, वह पंजाब की जनता का भला क्या करेगी। बहरहाल, भूपेश बघेल अब पंजाब के इस सियासी हालात की पूरी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंपने की तैयारी में हैं, जिसके बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान इन नाराज दिग्गजों को मनाने के लिए क्या कदम उठाता है।
पंजाब कांग्रेस में फिर मंचा भीषण घमासान, दिग्गज नेता भूपेश बघेल की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल
भारतीय राजनीति में हमेशा चर्चा का केंद्र रहने वाली पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बार फिर से गंभीर अंदरूनी घमासान (Internal Conflict) शुरू हो गया है। पार्टी आलाकमान द्वारा राज्य की स्थिति को संभालने और गुटबाजी को खत्म करने के लिए तैनात किए गए वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल की कार्यशैली अब खुद बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। पंजाब कांग्रेस के स्थानीय और जमीनी नेताओं के एक बड़े धड़े ने बघेल के फैसलों और उनके काम करने के तौर-तरीकों पर खुलकर असंतोष जताना शुरू कर दिया है, जिससे सूबे की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है।क्यों उठ रहे हैं भूपेश बघेल की कार्यशैली पर गंभीर सवालपंजाब के स्थानीय नेताओं का आरोप है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक और वरिष्ठ रणनीतिकार के रूप में भूपेश बघेल राज्य के जमीनी फीडबैक को समझने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। असंतुष्ट गुट का कहना है कि पार्टी के भीतर फैसले लेते समय वरिष्ठ और वफादार नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और कुछ चुनिंदा चेहरों को ही जरूरत से ज्यादा तरजीह दी जा रही है। इस असंतोष ने तब और तूल पकड़ लिया जब हालिया बैठकों में स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय समीकरणों को दरकिनार कर दिया गया, जिससे पंजाब कांग्रेस के भीतर एक बार फिर पुरानी दरारें चौड़ी होने लगी हैं।क्या अतीत की बड़ी और आत्मघाती गलतियां दोहराएगी कांग्रेसइस ताजा विवाद ने राजनीतिक पंडितों और कांग्रेस के शुभचिंतकों को पुराने दौर की याद दिला दी है। इतिहास गवाह है कि पंजाब में कांग्रेस ने जब-जब अपनी अंदरूनी कलह को समय रहते नहीं सुलझाया, तब-तब उसे सत्ता से हाथ धोना पड़ा है। नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच का पुराना विवाद इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने पार्टी को अर्श से फर्श पर ला खड़ा किया था। अब वर्तमान हालात को देखकर यह बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या कांग्रेस आलाकमान अपने पुराने जख्मों से सबक लेने के बजाय एक बार फिर उसी आत्मघाती राह पर चल पड़ा है?स्थानीय नेताओं की बगावत और दिल्ली दरबार की खामोशीपंजाब कांग्रेस के कई विधायकों और पूर्व मंत्रियों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दिल्ली में डेरा डालना शुरू कर दिया है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट नेता इस मुद्दे को सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने उठाने की तैयारी में हैं। वे राज्य में नेतृत्व और सांगठनिक स्तर पर तत्काल फेरबदल की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली दरबार यानी कांग्रेस आलाकमान की ओर से इस पूरे मामले पर फिलहाल रहस्यमयी खामोशी अख्तियार की गई है, जिससे राज्य इकाई में भ्रम और आक्रोश का माहौल और ज्यादा गहराता जा रहा है।आगामी चुनावों और आम आदमी पार्टी के खिलाफ रणनीति पर असरपंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी (AAP) सत्ता में है और कांग्रेस वहां मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रही है। ऐसे में जब पार्टी को एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरना चाहिए था, तब नेता आपस में ही कुर्सी की जंग लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अगर इस अंदरूनी कलह को तुरंत नहीं दबाया गया, तो आगामी स्थानीय और लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है, जिसका सीधा राजनीतिक फायदा सत्ताधारी दल को मिलेगा।
1 अगस्त से बदलने जा रहे हैं शेयर बायबैक के नियम, छोटे निवेशकों की जेब पर क्या होगा सीधा असर
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में दांव लगाने वाले आम निवेशकों और लिस्टेड कंपनियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। आगामी 1 अगस्त से शेयर बायबैक के नियमों में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) और सरकार द्वारा लागू किए जा रहे इन नए नियमों का सीधा असर निवेशकों के मुनाफे और कंपनियों की बायबैक स्ट्रेटेजी पर पड़ने वाला है। अगर आप भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग या लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट करते हैं, तो इस बदलाव को बारीकी से समझना आपके पोर्टफोलियो के लिए बेहद जरूरी है।क्या होते हैं शेयर बायबैक और क्यों बदल रही है इसकी व्यवस्थाजब कोई लिस्टेड कंपनी अपने ही मौजूदा शेयरधारकों से अपने शेयरों को वापस खरीदती है, तो उसे शेयर बायबैक कहा जाता है। कंपनियां अक्सर अपने शेयर की वैल्यू बढ़ाने या निवेशकों को रिवॉर्ड देने के लिए ऐसा करती हैं। अब तक कंपनियां बायबैक पर खुद टैक्स चुकाती थीं, जिससे निवेशकों को मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री होती थी। लेकिन 1 अगस्त से लागू होने वाले नए नियमों के तहत इस पूरी कर व्यवस्था (Taxation System) को और अधिक पारदर्शी और तर्कसंगत बनाने के लिए बदला जा रहा है, जिससे शेयर बाजार के इस बड़े कॉरपोरेट एक्शन का पूरा ढांचा ही बदल जाएगा।1 अगस्त से क्या बदलेगा: निवेशकों के लिए टैक्स का नया गणितनए नियम के लागू होने के बाद अब शेयर बायबैक से होने वाली कमाई को पूरी तरह से 'डिविडेंड' (लाभांश) की तरह माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि 1 अगस्त के बाद यदि कोई कंपनी बायबैक लाती है, तो उस पर मिलने वाली अतिरिक्त रकम पर सीधे निवेशक के टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में आते हैं, तो बायबैक से होने वाले मुनाफे पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना होगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन बड़े और खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को प्रभावित करेगा जो बायबैक के जरिए टैक्स-फ्री मुनाफा कमाते थे।कंपनियों की बायबैक योजनाओं पर पड़ेगा यह बड़ा असरइस नए नियम का असर सिर्फ निवेशकों पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की सोच पर भी दिखेगा। अब तक कंपनियां डिविडेंड देने के बजाय बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि इसमें टैक्स का बोझ कम बैठता था। लेकिन अब दोनों पर एक जैसा टैक्स नियम लागू होने के कारण कंपनियां शेयर बायबैक लाने से पहले कई बार सोचेंगी। बाजार विश्लेषकों (Market Experts) का मानना है कि इस बदलाव के बाद आने वाले दिनों में शेयर बाजार में कंपनियों द्वारा बायबैक लाने की संख्या में थोड़ी कमी देखी जा सकती है या फिर कंपनियां इसके लिए नई रणनीतियां तैयार करेंगी।छोटे और रिटेल निवेशकों को अब क्या रणनीति अपनानी चाहिएनियमों में होने वाले इस बदलाव को देखते हुए मार्केट एक्सपर्ट्स ने रिटेल इनवेस्टर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है। अब किसी भी कंपनी के बायबैक ऑफर में सिर्फ प्रीमियम (ज्यादा कीमत) देखकर आंख मूंदकर निवेश न करें। निवेश करने से पहले अपने व्यक्तिगत टैक्स स्लैब (Tax Slab) की गणना जरूर कर लें, क्योंकि टैक्स कटने के बाद आपका वास्तविक मुनाफा उम्मीद से कम हो सकता है। यह नया नियम पूरी तरह से पारदर्शी है और लॉन्ग टर्म निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में टिके रहने के लिए प्रेरित करता है।
दुनिया में कुछ समुदाय ऐसे हैं जो सदियों पहले अपनी जमीन से बिखर गए, लेकिन आज भी उनका डीएनए उन्हें एक सूत्र में बांधे हुए है। यहूदी समुदाय इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। पूरी दुनिया में फैले यहूदी आज भी अपने प्राचीन डीएनए को पहचानते हैं। ठीक ऐसी ही कहानी ...
कहीं मूसलाधार आफत तो कहीं धूलभरी आंधी, IMD ने जारी किया 20 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के लिए एक बहुत बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण वेदर अपडेट जारी किया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते प्रदेश के वायुमंडल में एक मजबूत सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसके प्रभाव से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो बेहद चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कई जिलों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश: IMD का ऑरेंज अलर्टजयपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहने वाला है। कोटा, बारां, झालावाड़, उदयपुर, बांसवाड़ा, और डूंगरपुर जैसे जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के चलते नदी-नालों में उफान आने और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली का खतरापूर्वी हिस्से के विपरीत, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहने वाला है। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही इन रेतीले इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छिटपुट बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम केंद्र ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली (Lightning Strike) को लेकर चेतावनी जारी की है और लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों के भीतर ही रहें।तापमान में आएगी भारी गिरावट, उमस से मिलेगी राहतलगातार होने वाली इस मानसूनी एक्टिविटी के कारण पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण उमस और गर्मी से राजस्थान वासियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो जाएगा, जिससे आम जनजीवन को भीषण गर्मी के टॉर्चर से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।किसानों और आम जनता के लिए प्रशासन की जरूरी गाइडलाइनमौसम में अचानक आए इस बड़े बदलाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में नावों और रेस्क्यू टीमों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें ताकि वे भीगने से बच सकें। इसके अलावा आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।
राजस्थान कांग्रेस का डिजिटल चक्रव्यूह: क्या करेगी 15 लाख की फौज, युद्ध या मौज
राजस्थान की राजनीति में एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ आ गया है। कांग्रेस ने राज्य में आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक अभूतपूर्व डिजिटल सेना तैयार की है। इसे पार्टी के अंदर और बाहर 15 लाख की फौज कहा जा रहा है। अब सवाल यह उठ रहा है कि सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर सक्रिय होने वाली यह विशाल वाहिनी विपक्षी दलों के खिलाफ चुनावी 'युद्ध' लड़ेगी या सिर्फ संगठन के भीतर ही 'मौज' करेगी?सोशल मीडिया पर 'चक्रव्यूह' तैयारकांग्रेस आलाकमान ने बूथ स्तर तक मजबूत पकड़ बनाने के लिए एक ऐसा डिजिटल चक्रव्यूह रचा है, जिसे भेदना विरोधियों के लिए आसान नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, इस रणनीति के तहत लाखों कार्यकर्ताओं को सीधे व्हाट्सएप ग्रुप, रील्स, और लोकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए जोड़ा गया है।बड़ी रणनीति: यह पहली बार है जब राजस्थान में किसी क्षेत्रीय राजनीतिक दल ने इतने बड़े पैमाने पर माइक्रो-लेवल (लोकल) डिजिटल मैनेजमेंट को अंजाम दिया है।लोकल ऑप्टिमाइजेशन और जमीनी असरजयपुर से लेकर जोधपुर और बीकानेर के सुदूर गांवों तक, इस डिजिटल फौज का मुख्य काम सरकार की नीतियों और पार्टी के नैरेटिव को हर घर तक पहुंचाना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक ऑनलाइन कैंपेन नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर लेवल पर वोटर्स को प्रभावित करने की एक सोची-समझी योजना है। अब देखना यह है कि यह 15 लाख की डिजिटल सेना जमीन पर कितना बड़ा चमत्कार दिखा पाती है।
सलवार-सूट पहनकर बिहार में घूम रही थी यूक्रेन की यह रहस्यमयी हसीना, SSB ने जब रोका तो उड़ गए होश
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बेहद ही चौंकाने वाले और रहस्यमयी मामले का खुलासा किया है। बिहार के सीमावर्ती इलाके में भारतीय परिधान यानी सलवार-सूट पहनकर घूम रही यूक्रेन की एक महिला को सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने संदिग्ध स्थिति में हिरासत में लिया है। महिला की अजीबोगरीब हरकतों को देखकर जब जवानों ने उससे पूछताछ की, तो जो सच्चाई सामने आई उसे सुनकर सुरक्षा अधिकारी भी दंग रह गए, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।भारतीय वेशभूषा में सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने की कोशिशसुरक्षा सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार विदेशी महिला की पहचान यूक्रेन की नागरिक के रूप में हुई है। वह पूरी तरह से भारतीय रंग-ढंग और सलवार-सूट पहने हुई थी ताकि सुरक्षा बलों या स्थानीय लोगों को उस पर कोई शक न हो। वह बेहद शातिर तरीके से भारत-नेपाल सीमा को पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। एसएसबी की महिला विंग और खुफिया इकाई को उसकी चाल-ढाल पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे बैरिकेडिंग के पास रोककर सघन पूछताछ शुरू की गई।न पासपोर्ट, न वैलिड वीजा; पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासाजब एसएसबी के अधिकारियों ने महिला से भारत में रहने के वैध दस्तावेज, पासपोर्ट और वीजा की मांग की, तो वह कोई भी संतोषजनक कागज नहीं दिखा सकी। जांच में पता चला कि वह बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी। उसके पास से कुछ संदिग्ध सामान और डिजिटल दस्तावेज भी बरामद होने की खबर है। सुरक्षा बलों के कड़े सवालों के सामने वह बार-बार अपना बयान बदल रही थी, जिससे मामला और गहरा गया है।स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां जांच में जुटींएसएसबी ने प्रारंभिक पूछताछ और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद यूक्रेनी महिला को स्थानीय पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है। महिला के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट (विदेशी अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। देश की आंतरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में एक्टिव हो गई हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस रहस्यमयी महिला के तार कहीं किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या जासूसी सिंडिकेट से तो नहीं जुड़े हैं।
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 8 जुलाई के लिए सूबे के कई हिस्सों में बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों में बिहार के कई जिलों में सामान्य बारिश नहीं, बल्कि तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का तांडव देखने को मिल सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।इन जिलों के लिए मौसम विभाग की गंभीर चेतावनीपटना मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, 8 जुलाई को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के जिलों में मौसम सबसे ज्यादा खतरनाक रहेगा। विशेष रूप से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया और सहरसा जिलों में मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दक्षिण बिहार के गया, भागलपुर, बांका, कैमूर और रोहतास में भी मूसलाधार बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।50 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बारिश के साथ-साथ इन प्रभावित इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। कुछ जगहों पर हवा की गति और भी अधिक हो सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। उमस भरी गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन आंधी और पानी का यह गठजोड़ राहगीरों और किसानों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है।आपदा प्रबंधन और IMD की आम जनता को सलाहआकाशीय बिजली (वज्रपात) के बढ़ते खतरों को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और आईएमडी ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें। खेतों में काम कर रहे किसान भाई पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें और बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखें। अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य भर में मौसम का यह अस्थिर रूप जारी रहने का अनुमान है।
बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। बिहार भाजपा के अध्यक्ष और सूबे के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए (NDA) गठबंधन के सभी प्रमुख घटक दलों की एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस महामंथन को लेकर कयासों का बाजार इसलिए गर्म है क्योंकि आगामी 10 जुलाई को होने वाली इस मेगा मीटिंग में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विशेष रूप से मौजूद रहने वाले हैं।सम्राट चौधरी की अगुवाई में एनडीए का महामंथनराजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, पटना में आयोजित होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक का एजेंडा बेहद खास है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस बैठक की कमान संभाल रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद और आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। बैठक में भाजपा और जेडीयू के अलावा एनडीए के अन्य सहयोगी दलों जैसे लोजपा (रामविलास), हम (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के शीर्ष नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।10 जुलाई की मीटिंग में नीतीश कुमार की मौजूदगी के मायनेइस पूरी बैठक में सबसे ज्यादा ध्यान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी पर टिका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 10 जुलाई की यह मेगा मीटिंग केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि इसके जरिए बिहार सरकार के कामकाज, आगामी कैबिनेट विस्तार और गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग व को-ऑर्डिनेशन (समन्वय) को लेकर कोई बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी यह साफ करती है कि एनडीए के भीतर सब कुछ ऑल इज वेल रखने और विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए एक ठोस चक्रव्यूह तैयार किया जा रहा है।क्या बिहार कैबिनेट में होगा बड़ा बदलाव?पटना के सियासी हलकों में यह भी चर्चा तेज है कि इस बैठक के तुरंत बाद बिहार सरकार में कुछ बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। मंत्रियों के विभागों में बदलाव से लेकर संगठन स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपने का खाका इस मीटिंग में खींचा जाएगा। आरजेडी और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष की रणनीतियों को नाकाम करने के लिए एनडीए का यह साझा कदम बिहार की राजनीति को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा।
किशनगढ़बास में नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़, 6510 लीटर ज्वलनशील रसायन जब्त
अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र में पुलिस और जिला विशेष दल (डीएसटी) ने कार्रवाई करते हुए कांकरा गांव में संचालित कथित नकली पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि एक गोदाम से 6510 लीटर ज्वलनशील तरल पदार्थ, एक स्कॉर्पियो वाहन, फर्जी नंबर प्लेट, […] The post किशनगढ़बास में नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़, 6510 लीटर ज्वलनशील रसायन जब्त appeared first on Sabguru News .
छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा का बदलेगा चेहरा: 5वीं, 7वीं और 8वीं का सिलेबस बदलने की तैयारी
छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आने वाले दिनों में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलने वाला है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में प्रदेश की सरकारी और संबद्ध स्कूलों में कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं के सिलेबस (पाठ्यक्रम) को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया गया है। नए सत्र और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।3 महीने का अल्टीमेटम और युद्ध स्तर पर तैयारीशिक्षा विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, नई किताबों को तैयार करने और पुराने पाठ्यक्रम में जरूरी संशोधन करने के लिए केवल 3 महीने का समय तय किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम इस काम में जुट गई है। इस सीमित समय में नई पाठ्यपुस्तकों का लेखन, संपादन और छपाई का काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और उन पर कोई अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े।आखिर नए सिलेबस में क्या कुछ बदलेगा?अभिभावकों और शिक्षकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नए सिलेबस में क्या बदलाव होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि नए पाठ्यक्रम में रटने की प्रवृत्ति को खत्म करके व्यावहारिक ज्ञान, नैतिक शिक्षा, और छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति व गौरवशाली इतिहास को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही, आधुनिक दौर की जरूरत को देखते हुए गणित, विज्ञान और पर्यावरण के विषयों में नए और रोचक व्यावहारिक अध्यायों को जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों का मानसिक और तार्किक विकास तेजी से हो सके।राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप होगा बदलावविशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मापदंडों के अनुकूल है। नई किताबों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे बच्चों के लिए बोझिल न हों, बल्कि चित्रों और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और गतिविधि-आधारित बनाया जा सके। इस बदलाव से छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में निजी स्कूलों के छात्रों को कड़ी टक्कर दे सकेंगे।
Electric scooter : मेटल बॉडी वाले सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर, दाम सुनेंगे तो चौंक जाएंगे
भारत में किफायती इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Komaki Electric Vehicles ने 2 नए इलेक्ट्रिक स्कूटर MG Pro V और MG Pro+ लॉन्च किए हैं। इनकी एक्स-शोरूम कीमत क्रमशः ₹73,999 और ₹79,999 रखी गई है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने राज्य के कैंसर पीड़ितों को विश्वस्तरीय और किफायती इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से रायपुर में एक भव्य 7 मंजिला कैंसर संस्थान (Cancer Institute) के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। कुल 103 करोड़ रुपये के बजट वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी इलाज के लिए बड़े महानगरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।हर फ्लोर पर 64 बेड और हाई-टेक सुविधाएंइस अत्याधुनिक कैंसर संस्थान की रूपरेखा को बेहद वैज्ञानिक और मरीज-अनुकूल तरीके से तैयार किया गया है। सात मंजिला इस भव्य अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर पर 64 बेड की व्यवस्था होगी, जिससे एक ही समय पर सैकड़ों गंभीर मरीजों का सुचारू रूप से इलाज किया जा सकेगा। अस्पताल में कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, और कैंसर सर्जरी के लिए आधुनिकतम मशीनें और सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर (OT) बनाए जाएंगे, ताकि डॉक्टरों को जटिल से जटिल सर्जरी करने में कोई परेशानी न हो।सीएम की बड़ी सौगात से मरीजों को मिलेगी राहतमुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बेहद कम खर्च में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का सटीक इलाज मिल सके। इस संस्थान के शुरू होने से निजी अस्पतालों की महंगी चिकित्सा से त्रस्त आम जनता को बहुत बड़ी आर्थिक और मानसिक राहत मिलने वाली है।मध्य भारत का प्रमुख कैंसर केयर हब बनेगा रायपुरचिकित्सा विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि 103 करोड़ रुपये की यह स्वास्थ्य परियोजना छत्तीसगढ़ के चिकित्सा ढांचे को एक पायदान ऊपर ले जाएगी। एडवांस डायग्नोस्टिक लैब और रिसर्च सेंटर से लैस होने के कारण यह संस्थान आने वाले समय में पूरे मध्य भारत का एक प्रमुख कैंसर केयर और रिसर्च हब बनकर उभरेगा, जहां मरीजों को चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं भी मिलेंगी।
टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट पूरी तरह से युवा जोश के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर एक बिल्कुल नई और युवा टीम का एलान किया है। इस दौरे की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी चमक बिखेरने वाले 4 प्रतिभावान खिलाड़ियों को पहली बार टीम इंडिया की ब्लू जर्सी पहनने का सुनहरा मौका मिला है।डोमेस्टिक और आईपीएल के स्टार्स को मिला इनामचयनकर्ताओं ने भविष्य की मजबूत टी20 टीम तैयार करने के इरादे से इन चार नए चेहरों पर बड़ा दांव खेला है। लंबे समय से घरेलू सर्किट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में रनों का अंबार लगाने और अपनी रफ्तार व फिरकी से बल्लेबाजों को छकाने वाले इन युवाओं की मेहनत आखिरकार रंग लाई है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इन खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने और टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की करने का यह सबसे बेहतरीन अवसर है।जिम्बाब्वे की पिचों पर दिखेगा युवाओं का दमशुभमन गिल की कप्तानी में युवा ब्रिगेड जिम्बाब्वे के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम इंडिया के इन नए सूरमाओं पर न केवल सीरीज जीतने की जिम्मेदारी होगी, बल्कि रोहित-विराट जैसे दिग्गजों के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद पैदा हुए खालीपन को भरने की चुनौती भी होगी। फैंस भी यह देखने के लिए काफी उत्सुक हैं कि ये नए खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव को कैसे संभालते हैं।भविष्य का रोडमैप तैयार कर रहा है बीसीसीआईबीसीसीआई के इस फैसले से साफ संदेश मिलता है कि बोर्ड अब 2026 और उसके बाद होने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए बैकअप खिलाड़ियों का एक मजबूत पूल तैयार करना चाहता है। जिम्बाब्वे का यह दौरा इन चारों नवागंतुकों के करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में कैरेबियाई टीम ने अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। स्टार बल्लेबाज जस्टिन ग्रीव्स की शानदार और जुझारू 180 रनों की शतकीय पारी के दम पर वेस्टइंडीज इतिहास रचने के करीब पहुंच गया है। घरेलू मैदान पर खेल रही वेस्टइंडीज की टीम के पास अब पूरे 4 साल बाद कोई बड़ी टेस्ट सीरीज अपने नाम करने का एक बेहद सुनहरा और ऐतिहासिक मौका है।जस्टिन ग्रीव्स का ऐतिहासिक मैराथन शतकइस मुकाबले में वेस्टइंडीज की पारी के असली हीरो जस्टिन ग्रीव्स रहे, जिन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए 180 रनों की यादगार पारी खेली। ग्रीव्स ने न केवल एक छोर संभाले रखा, बल्कि निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर उपयोगी साझेदारियां कीं और टीम को एक विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। उनकी इस क्लासिक टेस्ट पारी की बदौलत श्रीलंका के स्पिन और तेज गेंदबाजों का आक्रमण पूरी तरह बेअसर साबित हुआ।4 साल का सूखा खत्म करने की दहलीज पर वेस्टइंडीजकैरेबियाई क्रिकेट फैंस के लिए यह मुकाबला बेहद भावुक और बड़ा बन चुका है। वेस्टइंडीज ने पिछले 4 सालों से अपनी धरती पर कोई बड़ी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है। जस्टिन ग्रीव्स की इस बड़ी पारी के बाद गेंदबाजों ने भी अपनी कमान संभाल ली है, जिससे श्रीलंकाई टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अगर विंडीज के गेंदबाज अपनी मौजूदा लय बरकरार रखते हैं, तो श्रीलंका की हार तय है।श्रीलंकाई टीम के सामने बड़ी चुनौतीविशाल लक्ष्य और पिच पर आ रहे बदलावों के बीच श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए मैच के अंतिम दिनों में टिक पाना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। कैरेबियाई तेज गेंदबाजों की कमान और घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वेस्टइंडीज इस मैच को जीतकर सीरीज पर कब्जा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।
अयोध्या में आस्था बरकरार, रामलला दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
Uttar Pradesh news : योगी सरकार के नेतृत्व में विकसित हो रही रामनगरी अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। हाल में सामने आए चोरी प्रकरण के बावजूद राम मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। ...
संजू सैमसन के बाद अब गौतम गंभीर भी नहीं जाएंगे जिम्बाब्वे दौरा; अचानक बदला पूरा सपोर्ट स्टाफ
टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक खिताबी जीत के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलावों का दौर शुरू हो चुका है। जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली आगामी टी20 सीरीज से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के खेमे से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सीनियर खिलाड़ी संजू सैमसन के शुरुआती मैचों से बाहर होने के बाद, अब नवनियुक्त मुख्य कोच गौतम गंभीर भी इस जिम्बाब्वे दौरे पर टीम इंडिया के साथ उड़ान नहीं भरेंगे। इस अचानक हुए फैसले के बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारत का पूरा सपोर्ट स्टाफ बदल दिया गया है।क्यों बदला जिम्बाब्वे दौरे का पूरा कोचिंग स्टाफ?क्रिकेट गलियारों में चल रही चर्चाओं और बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, गौतम गंभीर को हाल ही में भारतीय टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है, लेकिन वे जिम्बाब्वे दौरे के बजाय श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी सीमित ओवरों की सीरीज से टीम इंडिया के साथ अपने कार्यकाल की पूर्ण रूप से शुरुआत करेंगे। गंभीर की अनुपस्थिति में बीसीसीआई ने बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के प्रमुख और पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया का स्टैंड-इन हेड कोच नियुक्त किया है। लक्ष्मण के साथ एनसीए का सपोर्ट स्टाफ ही इस दौरे पर कोच की भूमिका निभाएगा।कब मैदान पर दिखेगी 'गौतम की टीम'?फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर भारतीय क्रिकेट में 'गौतम गंभीर युग' की शुरुआत कब से होगी? रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर जिम्बाब्वे दौरे के दौरान मुंबई में रहकर भारतीय क्रिकेट के भविष्य का पूरा रोडमैप तैयार करेंगे और नए सहयोगी स्टाफ (सपोर्टिंग कोचों) के चयन पर अंतिम मुहर लगाएंगे। जिम्बाब्वे सीरीज खत्म होने के तुरंत बाद भारतीय टीम को श्रीलंका का दौरा करना है, जहां होने वाली वनडे और टी20 सीरीज में पहली बार गौतम गंभीर मुख्य कोच के रूप में भारतीय ड्रेसिंग रूम में रणनीतियां बनाते नजर आएंगे।युवा ब्रिगेड के कंधों पर होगी जिम्बाब्वे फतह की जिम्मेदारीशुभमन गिल की कप्तानी में जिम्बाब्वे रवाना हो रही युवा भारतीय टीम के लिए यह दौरा बेहद अहम है। रोहित शर्मा, विराट कोहली और रवींद्र जडेजा के टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इस नई टीम इंडिया पर खुद को साबित करने का बड़ा दबाव होगा। हालांकि संजू सैमसन, शिवम दुबे और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी चक्रवाती तूफान की वजह से बारबाडोस में फंसे होने के कारण पहले दो मैचों का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं, जिनकी जगह बोर्ड ने साई सुदर्शन, जितेश शर्मा और हर्षित राणा को बैकअप के तौर पर टीम में शामिल किया है।
उज़्बेकिस्तान में केरल के मेडिकल छात्र की हत्या
तिरुवनंतपुरम। उज़्बेकिस्तान में केरल के एक मेडिकल छात्र की कथित रूप से हत्या कर दी गयी है। आरोप है कि उसके एक साथी छात्र ने उसके सिर पर लैपटॉप से वार किया था। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि पीड़ित की पहचान केरल के हरिपाद निवासी सावरिया (22) के रूप में हुई है। यह घटना […] The post उज़्बेकिस्तान में केरल के मेडिकल छात्र की हत्या appeared first on Sabguru News .
राजनीतिक डेस्क: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले को लेकर देश में सियासी पारा पहले से ही गरमाया हुआ है, लेकिन इसी बीच आंदोलन की अगुवाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को लेकर एक ऐसा विवादित बयान दे दिया है, जिसने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी बहस छिड़ गई है।60-70 के लोग रिटायर होकर आश्रम में बैठें - अभिजीत दीपकेदिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 18 दिनों से प्रदर्शन कर रहे अभिजीत दीपके अपने गृह जिले छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के एक प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या वे इस आंदोलन को लेकर अन्ना हजारे से मुलाकात करेंगे, तो उन्होंने दो टूक मना कर दिया।दीपके ने तल्ख लहजे में कहा, बिल्कुल नहीं! मुझे लगता है कि युवाओं को अब चीजें अपने हाथ में लेनी चाहिए। जो लोग 60-70 के हो गए हैं, उन्हें रिटायर हो जाना चाहिए—चाहें राजनीति हो या एक्टिविज्म। वे आश्रम में जाकर बैठें। यह हमारे भविष्य का सवाल है, छात्रों का भविष्य है, हमें फैसला करने दो। आखिर कब तक बूढ़े लोग हमारे फैसले करते रहेंगे?बयान पर भड़के लोग, सोनम वांगचुक को लेकर दीपके को घेराअभिजीत दीपके के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। यूजर्स उनके इस 'एज शेमिंग' वाले बयान पर उन्हें पाखंडी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक तरफ दीपके बुजुर्गों और अन्ना हजारे को किनारे करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अपने आंदोलन के लिए 59-60 साल के सोनम वांगचुक को आगे कर भूख हड़ताल करवा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया, अगर बूढ़ों से प्रेरणा नहीं लेनी तो खुद अनशन पर क्यों नहीं बैठते, वांगचुक को आगे क्यों धकेल रखा है?जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन, तेजी से गिर रहा वजनआपको बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन मंगलवार (7 जुलाई 2026) को 18वें दिन में पहुंच चुका है। आंदोलन के समर्थन में दिग्गज पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पिछले 10 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है और अब तक उनका वजन 6.9 किलोग्राम कम हो चुका है, जिससे समर्थकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
फिल्म Mimi के लिए तेजी से वजन बढ़ा रही थीं कृति सैनन, शरीर में होने लगी थी गंभीर समस्या
बॉलीवुड की सुपरस्टार और नेशनल अवॉर्ड विनर एक्ट्रेस कृति सैनन अपनी बेहतरीन एक्टिंग और फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। लेकिन अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मिमी' (Mimi) के लिए एक सरोगेट मदर का किरदार निभाने के लिए उन्होंने जो कड़ा शारीरिक ट्रांसफॉर्मेशन किया था, उसके पीछे की एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली हकीकत अब सामने आई है। कृति सैनन ने खुलासा किया है कि फिल्म के लिए अचानक 15 किलो से ज्यादा वजन बढ़ाने के दौरान उनके शरीर में कई गंभीर बायोलॉजिकल समस्याएं पैदा होने लगी थीं, जिसके बाद उन्होंने भविष्य की सुरक्षा के लिए अपने एग्स फ्रीज (Egg Freezing) करवाने का एक बेहद समझदारी भरा और साहसिक फैसला लिया।वजन बढ़ाने के सनकी सफर ने बिगाड़ा हार्मोनल बैलेंस: कृति सैनन का संघर्षफिल्म 'मिमी' में गर्भवती महिला के लुक को वास्तविक दिखाने के लिए कृति सैनन ने बिना किसी प्रोस्थेटिक्स के प्राकृतिक तरीके से वजन बढ़ाने की ठानी थी। इसके लिए उन्होंने जमकर हाई-कैलोरी फूड, पिज्जा और बर्गर खाए। लेकिन महज कुछ ही महीनों में अचानक इतना ज्यादा वजन बढ़ाने के कारण उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। कृति ने बताया कि इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें भारी शारीरिक थकावट, पीरियड्स साइकल में गड़बड़ी और स्वास्थ्य से जुड़ी कई अन्य अंदरूनी दिक्कतों (हार्मोनल इम्बैलेंस) का सामना करना पड़ रहा था, जिसने उन्हें अंदर से डरा दिया था।करियर की ऊंचाइयों के बीच एग फ्रीजिंग का फैसला: समाज की रूढ़ियों को तोड़ाअपने स्वास्थ्य और भविष्य में मां बनने की संभावनाओं को सुरक्षित रखने के लिए कृति सैनन ने डॉक्टरों की सलाह पर एग फ्रीजिंग (Egg Freezing Process) की तकनीक को अपनाने का मन बनाया। आज के समय में जब बॉलीवुड अभिनेत्रियां अपने करियर के पीक पर फैमिली प्लानिंग को लेकर असमंजस में रहती हैं, कृति का यह फैसला बेहद आधुनिक और आत्मनिर्भर सोच को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि एक महिला के तौर पर अपने करियर और बायोलॉजिकल क्लॉक के बीच संतुलन बिठाने के लिए विज्ञान की इस आधुनिक तकनीक का सहारा लेना बेहद सामान्य और सुरक्षित विकल्प है।महिलाओं की सेहत और एग फ्रीजिंग पर बॉलीवुड में बदलती सोचकृति सैनन से पहले भी प्रियंका चोपड़ा, एकता कपूर और तनीषा मुखर्जी जैसी कई नामी हस्तियां अपने एग्स फ्रीज करवाने की बात खुलकर स्वीकार कर चुकी हैं। कृति के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और मेडिकल जगत में महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Fertility) और करियर गोल्स को लेकर एक नई सकारात्मक बहस शुरू हो गई है। कृति सैनन का यह सफर साबित करता है कि परदे पर किसी किरदार को जीवंत करने के लिए कलाकार किस हद तक जाते हैं, और साथ ही अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना कितना ज्यादा जरूरी है।
अपनी सादगी और बेहतरीन फिटनेस लाइफस्टाइल के लिए जानी जाने वाली बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि सोशल मीडिया ट्रोलर्स को दिया गया उनका मुंहतोड़ जवाब है। अपने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स पर भारतीय पारंपरिक और स्थानीय व्यंजनों (लोकल फूड) को बढ़ावा देने के लिए ट्रोल किए जाने पर भाग्यश्री का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को सीधे शब्दों में फटकार लगाते हुए उनके रवैए को निराशाजनक बताया है।ट्रोलर्स की बकवास पर भाग्यश्री का फूटा गुस्सा, सरेआम लगाई लताड़दरअसल, भाग्यश्री अक्सर अपने फैंस के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों और देसी डाइट के फायदे शेयर करती रहती हैं। हाल ही में जब उन्होंने जमीनी स्तर से जुड़े स्थानीय खाने की तारीफ की, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें आधुनिक न होने और 'ओल्ड फैशन' खाना प्रमोट करने की बात कहकर निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस पर पलटवार करते हुए भाग्यश्री ने कहा कि अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े भोजन को कमतर आंकना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने साफ किया कि विदेशी खान-पान के पीछे अंधाधुंध भागने से बेहतर अपनी मिट्टी का पौष्टिक खाना है।भारतीय पारंपरिक भोजन की ताकत: फिटनेस क्वीन ने सिखाया सबक50 की उम्र पार करने के बाद भी बेहद फिट नजर आने वाली भाग्यश्री ने ट्रोलर्स को पोषण का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने अपनी पोस्ट और वीडियो में बताया कि कैसे भारत का लोकल फूड पश्चिमी देशों के प्रोसेस्ड फूड से कहीं ज्यादा सेहतमंद है। उन्होंने फैंस से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने स्थानीय किसानों, जैविक खेती तथा घरेलू खान-पान पर गर्व करें। भाग्यश्री के इस बेबाक अंदाज का सोशल मीडिया पर उनके लाखों फैंस और कई सेलिब्रिटीज जमकर समर्थन कर रहे हैं।सेलिब्रिटीज बनाम सोशल मीडिया ट्रोलिंग: बढ़ता जा रहा है विवादआजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सेलेब्स को उनकी पसंद, पहनावे और यहां तक कि खान-पान के लिए भी बेवजह निशाना बनाना एक ट्रेंड सा बन गया है। भाग्यश्री से पहले भी कई बड़े सितारे इस तरह की मानसिक संकीर्णता के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं। भाग्यश्री का यह करारा जवाब उन लोगों के लिए एक बड़ा सबक है जो इंटरनेट पर बैठकर बिना सोचे-समझे किसी की भी लाइफस्टाइल और सकारात्मक पहलों पर उंगली उठाने का काम करते हैं।
खेल डेस्क: क्रिकेट गलियारों से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अफगानिस्तान क्रिकेट को फर्श से अर्श तक पहुंचाने वाले दिग्गज तेज गेंदबाज शापूर जादरान (Shapoor Zadran) अब हमारे बीच नहीं रहे। मात्र 38 वर्ष की आयु में उन्होंने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को अंतिम सांस ली। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने सोशल मीडिया पर इस दुखद समाचार की पुष्टि करते हुए गहरे शोक का इजहार किया है। बोर्ड ने कहा कि शापूर अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले स्तंभ थे, जिनका योगदान हमेशा अमर रहेगा।गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे शापूर, ग्रेटर नोएडा में ली आखिरी सांसमिली जानकारी के मुताबिक, शापूर जादरान पिछले काफी समय से 'हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस' (HLH) नाम की एक बेहद दुर्लभ और गंभीर इम्यून सिस्टम की बीमारी से पीड़ित थे। उनके भाई घमई जादरान के अनुसार, पिछले साल अक्टूबर से ही उनका इलाज चल रहा था। बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें भारत लाया गया था, जहां दिल्ली-NCR के ग्रेटर नोएडा स्थित एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था और यहीं उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली।राशिद खान और नबी भी पहुंचे थे अस्पतालशापूर की हालत बिगड़ने पर करीब दो महीने पहले (मई में) अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान और मोहम्मद नबी भी उनसे मिलने भारत के अस्पताल पहुंचे थे। शापूर का जाना न सिर्फ अफगान क्रिकेट बल्कि वैश्विक क्रिकेट बिरादरी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।ऐसा रहा शापूर जादरान का इंटरनेशनल करियरशापूर जादरान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अफगानिस्तान को पहचान दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। उन्होंने अपने करियर में:वनडे क्रिकेट: 44 मैचों में कुल 43 विकेट चटकाए।टी20 इंटरनेशनल: 36 मुकाबलों में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए 37 विकेट अपने नाम किए।
बिना NCET परीक्षा पास किए नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा मंत्रालय की सख्त एडवाइजरी जारी
देशभर के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संचालित होने वाले 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश को लेकर एक नई और बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस नए आदेश के तहत साफ कर दिया गया है कि अब किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में बिना नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET 2026) मेरिट के सीधे या किसी अन्य माध्यम से एडमिशन नहीं दिया जाएगा।नियमों की अनदेखी पर रद्द होगी मान्यता: NCTE का कड़ा रुखएनसीटीई ने अपनी ताजा गाइडलाइन में सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड्स, केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को चेताया है कि वे मैरिट और तय नियमों का पूरी तरह पालन करें। अगर कोई भी संस्थान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NCET 2026 के स्कोरकार्ड और काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर पिछले दरवाजे से या डोनेशन बेसिस पर आईटीईपी कोर्स में दाखिला देता है, तो उस छात्र का रजिस्ट्रेशन तो अमान्य होगा ही, साथ ही उस कॉलेज की मान्यता भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। सरकार का यह कदम शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।क्या है 4-वर्षीय ITEP कोर्स और क्यों है यह जरूरी?राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किया गया आईटीईपी (ITEP) एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह कोर्स इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद सीधे बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड की कंबाइंड डिग्री देता है, जिससे छात्रों का एक साल बचता है। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार आने वाले समय में स्कूलों में परमानेंट शिक्षक बनने के लिए इस 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को अनिवार्य योग्यता बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इस कोर्स में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पास उम्मीदवारों को ही शॉर्टलिस्ट करने का सख्त फैसला लिया गया है।एडमिशन प्रोसेस और काउंसलिंग को लेकर छात्रों के लिए जरूरी सलाहइस सख्त एडवाइजरी के बाद अब छात्रों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और संबंधित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें। किसी भी निजी संस्थान या कंसलटेंट के झांसे में आकर डायरेक्ट एडमिशन का रिस्क न लें, क्योंकि काउंसिलिंग डेटा का सीधा मिलान एनटीए (NTA) के आधिकारिक परीक्षा परिणामों से किया जाएगा। योग्य उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर ही कॉलेजों के विकल्पों का चयन करें ताकि भविष्य में उनकी डिग्री पर कोई कानूनी संकट न आए।
सिंगापुर एयरलाइंस की स्कूट का थीमैटिक सेल, किराया 10,500 रुपए से शुरू
नई दिल्ली। सिंगापुर एयरलाइंस की कम लागत वाली इकाई स्कूट ने मंगलवार को जुलाई थीमैटिक सेल की घोषणा की जिसके तहत किराया 10,500 रुपए से शुरू है। कंपनी बताया कि टिकटों की बुकिंग 07 जुलाई से 12 जुलाई के बीच करायी जा सकती है। इस दौरान ग्राहक भारत से सिंगापुर होते हुए फुकेट के लिए […] The post सिंगापुर एयरलाइंस की स्कूट का थीमैटिक सेल, किराया 10,500 रुपए से शुरू appeared first on Sabguru News .
26 की उम्र में 1.7 करोड़ का पैकेज छोड़ा: हाई-प्रोफाइल नौकरी को लात मार शुरू किया नया सफर
आज के दौर में जहां युवा एक अदद अच्छी नौकरी और बड़े पैकेज के लिए दिन-रात एक कर देते हैं, वहीं एक 26 साल के नौजवान ने इसके बिल्कुल उलट फैसला लेकर पूरी दुनिया को चौंका दिया। इस युवा ने अपनी मेहनत के दम पर महज 26 साल की उम्र में 1.7 करोड़ रुपये सालाना (करीब $200,000+ USD) की ड्रीम सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी हासिल की थी। लेकिन सुख-सुविधाओं और मोटी तनख्वाह वाली इस जिंदगी को छोड़कर उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस बड़े फैसले के बाद उनके जीवन में जो मोड़ आया और उन्हें जो सबसे बड़ा सबक मिला, वह आज के हर उस कामकाजी पेशेवर के लिए आंखें खोलने वाला है जो सफलता की अंधी दौड़ में भाग रहा है।मोटी सैलरी और आलीशान जिंदगी के पीछे का कड़वा सच: क्यों लिया यह फैसला?बाहर से देखने पर जिस कॉर्पोरेट लाइफ को बेहद ग्लैमरस और आरामदायक माना जाता है, उसकी अंदरूनी हकीकत अक्सर मानसिक तनाव और खालीपन से भरी होती है। इस युवा ने बताया कि 1.7 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम पैकेज अपने साथ 14 से 16 घंटे का कड़ा वर्क प्रेशर, बर्नआउट और व्यक्तिगत जीवन की पूरी तबाही लेकर आया था। बैंक अकाउंट में लाखों रुपये जमा होने के बावजूद मानसिक शांति और खुद के लिए वक्त पूरी तरह खत्म हो चुका था। इसी मानसिक तनाव और अपनी असल जिंदगी के मकसद (Life Purpose) को तलाशने के लिए उन्होंने इस चमचमाती दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहने का साहसिक कदम उठाया।नौकरी छोड़ने के बाद का संघर्ष और मिला सबसे बड़ा जीवन मंत्रजब उन्होंने इस मोटी नौकरी से इस्तीफा दिया, तो शुरुआती कुछ महीने बेहद अनिश्चितता और सामाजिक दबाव से भरे रहे। लोग उनके इस फैसले को बेवकूफी कह रहे थे, लेकिन इसी दौरान उन्हें अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा और अनमोल सबक मिला। इस युवा ने महसूस किया कि सच्ची खुशी, मानसिक सुकून और आत्म-संतुष्टि को कभी भी किसी बड़े सैलरी पैकेज या महंगे गैजेट्स से नहीं खरीदा जा सकता। पैसा केवल एक साधन हो सकता है, लेकिन वह आपकी मानसिक सेहत और खुशियों की कीमत पर नहीं आना चाहिए। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी हॉबीज को समय दिया, परिवार के साथ वक्त बिताया और खुद के छोटे स्टार्टअप पर काम करना शुरू किया, जिसने उन्हें असल मायनों में अमीर बनाया।आज के युवाओं और कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सीखयह इंस्पिरेशनल स्टोरी आज की उस युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ा संदेश है जो केवल पैकेज और ब्रांड नेम के पीछे भाग रही है। भारत समेत दुनियाभर के टेक और कॉर्पोरेट सेक्टर्स में बढ़ रहे वर्क प्रेशर के बीच यह कहानी हमें याद दिलाती है कि 'वर्क-लाइफ बैलेंस' और मेंटल हेल्थ कितनी ज्यादा जरूरी है। यदि आप भी अपनी वर्तमान नौकरी से खुश नहीं हैं और केवल पैसों के लिए खुद को घिस रहे हैं, तो यह कहानी आपको रुककर अपनी प्राथमिकताओं को दोबारा तय करने और जीवन में एक नया सकारात्मक बदलाव लाने की हिम्मत देती है।
इतिहास पढ़कर IPS बने इस जांबाज अफसर को मिली देश के सबसे बड़े पुलिस ट्रेनिंग संस्थान की कमान
भारतीय प्रशासनिक और पुलिस सेवा के गलियारों से एक बेहद प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। एक ऐसे जांबाज आईपीएस (IPS) अधिकारी को देश के सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़े पुलिस ट्रेनिंग संस्थान की कमान सौंपी गई है, जिनके रगों में प्रशासनिक सेवा का हुनर बचपन से ही दौड़ रहा है। उनके पिता खुद एक सम्मानित आईएएस (IAS) अधिकारी रहे हैं, और पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए इस होनहार बेटे ने इतिहास (History) विषय को अपना हथियार बनाकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक की थी। अब यह शीर्ष अधिकारी देश के होने वाले कप्तानों और पुलिस कप्तानों को कानून-व्यवस्था का पाठ पढ़ाएंगे।पिता की विरासत को बढ़ाया आगे: इतिहास से आईपीएस बनने का सफरइस होनहार अफसर की सफलता की कहानी देश के लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है। एक आईएएस अधिकारी के घर में जन्म लेने के बाद प्रशासनिक माहौल में पले-बढ़े इस युवा ने कभी शॉर्टकट का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने ह्यूमैनिटीज (मानविकी) बैकग्राउंड और इतिहास विषय को अपनी ताकत बनाया, जिसे अक्सर लोग सिविल सेवा के लिए एक कठिन विषय मानते हैं। अपनी कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति के दम पर उन्होंने न सिर्फ यूपीएससी की परीक्षा पास की, बल्कि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का गौरवशाली खाकी पहनावा चुनकर अपने पिता की विरासत को एक नए मुकाम पर पहुंचाया।देश के सबसे बड़े पुलिस ट्रेनिंग सेंटर को अब मिलेगा नया नेतृत्वकेंद्र सरकार और गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेशों के तहत इस अनुभवी आईपीएस अधिकारी को देश के सर्वोच्च पुलिस प्रशिक्षण अकादमी (जैसे सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी या प्रमुख केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान) का नया निदेशक (Director) नियुक्त किया गया है। यह संस्थान पूरे देश के युवा आईपीएस अधिकारियों और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को फील्ड की चुनौतियों, आतंकवाद, साइबर क्राइम और कानून-व्यवस्था से निपटने की अत्याधुनिक ट्रेनिंग देता है। इस शीर्ष पद पर उनकी नियुक्ति उनके शानदार ट्रैक रिकॉर्ड, ईमानदारी और प्रशासनिक पकड़ को देखकर की गई है।देश की आंतरिक सुरक्षा और नए कप्तानों को तैयार करने की बड़ी चुनौतीनए डायरेक्टर के रूप में इस आईपीएस अधिकारी के सामने देश के भावी पुलिस बल को आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की एक बड़ी और संवेदनशील जिम्मेदारी होगी। खासकर बदलते दौर में जब एआई (AI) और डिजिटल अपराध बढ़ रहे हैं, तब पुलिस कप्तानों को जमीनी स्तर पर मजबूत करना सबसे बड़ा काम है। अपनी बेदाग सर्विस और प्रशासनिक सूझबूझ के लिए पहचाने जाने वाले इस जांबाज अफसर के नेतृत्व में अब देश की सबसे बड़ी पुलिस अकादमी नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ब्रह्मोस, अस्त्र मिसाइल और EVM समेत 20 समझौ
पाला बदलते ही सायोनी घोष के बदले सुर:
Sayoni Ghosh changes her tune after switching sides: Comes to CM's defense over the Baruipur incident.
मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद
इंफाल। मणिपुर में सोमवार को उखरुल जिले के नुंगशांगकोंग के पास अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने असम राइफल्स की 40वीं बटालियन के काफिले पर घात लगाकर हमला किया जिससे दो जवान शहीद हो गए। राज्य के गृह मंत्री के गोविंदस सिंह ने इस घटना को बेहद दुखद और राज्य में शांति प्रयासों में बाधा डालने वाला […] The post मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद appeared first on Sabguru News .
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर फ्रीडम ऑफ स्पीच और अकाउंट सस्पेंशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके को राहत देते हुए उनके प्रतिबंधित अकाउंट को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया है। यह पूरा मामला एक विवादित राजनीतिक पोस्ट से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के आदेश पर उनके हैंडल को ब्लॉक कर दिया गया था।जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत से मिली हरी झंडीइस संवेदनशील मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच की माननीय जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की अदालत में हुई। याचिकाकर्ता अभिजीत दिपके की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि सरकार द्वारा अकाउंट को पूरी तरह ब्लॉक करना उनके अभिव्यक्ति की आजादी के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ता को बड़ी राहत दी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे दिपके के एक्स हैंडल को बिना किसी देरी के अनब्लॉक करें।क्या था 'कॉकरोच जनता पार्टी' से जुड़ा पूरा विवाद?यह पूरा कानूनी विवाद तब शुरू हुआ था जब अभिजीत दिपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से 'कॉकरोच जनता पार्टी' शब्द का इस्तेमाल करते हुए एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट को लेकर काफी हंगामा हुआ और इसे कथित तौर पर मानहानिकारक और आईटी नियमों के खिलाफ मानते हुए केंद्र सरकार ने एक्स (ट्विटर) को इस अकाउंट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी कर दिया था। इस सरकारी कार्रवाई के खिलाफ दिपके ने सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाया था।सोशल मीडिया सेंसरशिप और आईटी एक्ट पर कोर्ट का रुखइस फैसले के बाद कानूनी और डिजिटल राइट्स के जानकारों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। अदालत का यह रुख साफ करता है कि केवल राजनीतिक व्यंग्य या आलोचना के आधार पर किसी भी नागरिक का सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह से ब्लॉक नहीं किया जा सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश भविष्य में आईटी एक्ट की धारा 69ए (Section 69A) के तहत होने वाली अकाउंट ब्लॉकिंग की कार्रवाइयों के लिए एक नजीर साबित हो सकता है।

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