बानसूर में कपड़ा व्यापारी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में 3 आरोपी अरेस्ट
कोटपूतली-बहरोड़। राजस्थान में कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर कस्बे में उधार के रुपये मांगने पर एक कपड़ा व्यापारी को पिस्तौल दिखाकर धमकाने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करके उनसे एक अवैध देशी पिस्तौल बरामद की है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि कपड़ा व्यापारी प्रमोद महाजन ने पुलिस को शिकायत की […] The post बानसूर में कपड़ा व्यापारी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में 3 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट से 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म को राहत, 28 जुलाई के बाद होगी देशभर में रिलीज
सुप्रीम कोर्ट ने एनिमेटेड फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज को 28 जुलाई के बाद शर्त के साथ मंजूरी दी। जानिए पूरा विवाद, हाईकोर्ट की रोक और शीर्ष अदालत का फैसला।
बड़ौदामेव में मोबाइल शोरूम में भीषण आग से लाखों का सामान खाक
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बड़ौदामेव थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात मुख्य बाजार में स्थित एक मोबाइल शोरूम में अचानक आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान के अंदर रखा लाखों रुपए […] The post बड़ौदामेव में मोबाइल शोरूम में भीषण आग से लाखों का सामान खाक appeared first on Sabguru News .
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब अमेरिका से लेकर एशिया तक के प्रमुख सूचकांकों में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस वैश्विक बिकवाली की सबसे बड़ी वजह पिछले काफी समय से बाजार के डार्लिंग रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर (चिप) सेक्टर के शेयरों में आई तेज मुनाफावसूली है। अमेरिकी बाजार के नियमित कारोबार की शुरुआत से पहले ही डाओ फ्यूचर्स (Dow Futures) 400 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स (Nasdaq Futures) में 450 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार से शुरू हुई इस गिरावट की लहर ने एशियाई बाजारों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे टेक और चिप से जुड़ी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दौर शुरू हो गया।अमेरिकी वॉल स्ट्रीट से शुरू हुआ तहलका: नैस्डैक में दर्ज हुई बड़ी गिरावटग्लोबल मार्केट में इस मंदी की शुरुआत अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट (Wall Street) से हुई, जहां गुरुवार को चिप और टेक्नोलॉजी सेक्टर के शेयरों पर भारी दबाव देखा गया था। इस चौतरफा बिकवाली के कारण टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq Composite) इंडेक्स 1.5% गिरकर बंद हुआ। इसके अलावा, एसएंडपी 500 (S&P 500) इंडेक्स में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाओ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज 105.67 अंक यानी करीब 0.2% नीचे आकर बंद हुआ। अमेरिकी बाजारों के इसी निराशाजनक प्रदर्शन ने शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों के खुलते ही निवेशकों के सेंटीमेंट्स को पूरी तरह बिगाड़ दिया।जापानी बाजार में सॉफ्टबैंक और टोक्यो इलेक्ट्रॉन धड़ाम: 9% तक टूटे शेयरअमेरिकी बाजार में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा और तत्काल असर जापानी शेयर बाजार पर देखने को मिला। जापान के टेक्नोलॉजी और चिप सेक्टर से जुड़े दिग्गज शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई। एआई और टेक इन्वेस्टमेंट के सबसे बड़े नाम सॉफ्टबैंक (SoftBank) के शेयरों में 9.2% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, चिप बनाने वाली मशीनों की प्रमुख कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) का शेयर करीब 9% और चिप टेस्टिंग इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी एडवांटेस्ट (Advantest) का शेयर 9.4% तक टूट गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 225 (Nikkei 225) करीब 0.6% और टॉपिक्स (Topix) 0.3% नीचे कारोबार कर रहे थे, लेकिन चुनिंदा टेक और एआई शेयरों में गिरावट का यह स्तर कहीं अधिक गंभीर था।आखिर क्यों अचानक एआई और चिप शेयरों से दूर भागने लगे निवेशक?बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे निवेशकों की बढ़ती चिंताएं और एआई ट्रेड (AI Trade) को लेकर उठता संदेह है। पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर्स और सेमीकंडक्टर कंपनियों में भारी निवेश किया था, जिससे इन कंपनियों के मूल्यांकन (Valuations) काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गए थे। अब निवेशकों के मन में यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर टेक दिग्गज कंपनियों द्वारा किया जा रहा अरबों डॉलर का यह भारी-भरकम खर्च आखिर कब और कितनी जल्दी वास्तविक मुनाफे में तब्दील होगा। इसी संदेह और अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली (Profit Booking) करना शुरू कर दिया है।वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ (SMH) में बड़ी गिरावट: पूरे चिप सेक्टर पर बढ़ा दबावसेमीकंडक्टर सेक्टर में चल रही इस कमजोरी की गंभीरता को दुनिया के सबसे बड़े चिप ईटीएफ, वैनएक सेमीकंडक्टर ईटीएफ (SMH) की चाल से समझा जा सकता है। यह ईटीएफ शुक्रवार को करीब 4% तक गिर गया, जबकि इस पूरे हफ्ते में इसमें 6.9% की बड़ी गिरावट दर्ज की जा चुकी है। यदि गिरावट का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रहता है, तो यह पिछले चार हफ्तों में इस ईटीएफ की तीसरी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट होगी। इसके अलावा, दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) द्वारा उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने के बावजूद उसके शेयरों पर दबाव रहा, क्योंकि कंपनी ने भविष्य में एआई की मांग को पूरा करने के लिए अपने खर्च के अनुमान (Capital Expenditure Guidance) को बढ़ा दिया है।जापानी चिप कंपनी किओक्सिया को कोर्ट से लगा झटका: शेयर 14% से ज्यादा फिसलाजापानी मेमोरी चिप निर्माता कंपनी किओक्सिया (Kioxia) के शेयरों के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खराब साबित हुआ और इसका शेयर 14% से अधिक टूट गया। दरअसल, अमेरिका के टेक्सास में एक फेडरल जूरी ने कंपनी को कंप्यूटर मेमोरी टेक्नोलॉजी से जुड़े पेटेंट उल्लंघन के एक मामले में वायासैट (Viasat) को 22.9 करोड़ डॉलर का भारी जुर्माना यानी हर्जाना देने का आदेश दिया है। इस न्यायिक फैसले के बाद कंपनी के ऊपर आए कानूनी और वित्तीय संकट को देखते हुए निवेशकों ने इस शेयर में भारी बिकवाली की। दूसरी ओर, दक्षिण कोरियाई बाजार शुक्रवार को छुट्टी के कारण बंद था, लेकिन इससे पहले गुरुवार को वहां की प्रमुख एआई मेमोरी चिप निर्माता कंपनी एसके हाइनिक्स (SK Hynix) का शेयर भी 11% से ज्यादा टूटकर बंद हुआ था।नेटफ्लिक्स के नतीजों ने भी बिगाड़ा मूड: अच्छे परफॉर्मेंस के बाद भी शेयर 8% टूटाकेवल चिप सेक्टर ही नहीं, बल्कि अमेरिका के एंटरटेनमेंट और स्ट्रीमिंग जाइंट नेटफ्लिक्स (Netflix) के तिमाही नतीजों ने भी टेक सेक्टर के सेंटीमेंट को कमजोर करने का काम किया। नेटफ्लिक्स ने दूसरी तिमाही के लिए जो वित्तीय परिणाम घोषित किए, वे हालांकि बाजार के अनुमान के बिल्कुल अनुरूप थे, लेकिन इसमें निवेशकों के लिए कोई नया या धमाकेदार सरप्राइज नहीं था। इसके तुरंत बाद नेटफ्लिक्स का शेयर 8% से अधिक लुढ़क गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब किसी बड़े टेक स्टॉक से बहुत ऊंची उम्मीदें जुड़ी होती हैं, तो केवल अनुमान के मुताबिक नतीजे आना भी शेयर को गिरावट से बचाने के लिए नाकाफी साबित होता है।क्या यह बड़ी मंदी की शुरुआत है? नेड डेविस रिसर्च के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट का अहम विश्लेषणवैश्विक बाजारों में मची इस उथल-पुथल के बीच राहत की बात यह है कि एसएंडपी 500 इंडेक्स अभी भी जून में बनाए गए अपने ऑल-टाइम हाई (रिकॉर्ड स्तर) से केवल 1% ही नीचे ट्रेड कर रहा है। नेड डेविस रिसर्च के चीफ यूएस स्ट्रैटेजिस्ट एड क्लिसोल्ड का मानना है कि बाजार का पूरी तरह से न बिखरना यह दर्शाता है कि यह स्थिति किसी बड़ी गिरावट या मंदी (Recession) का संकेत नहीं है। क्लिसोल्ड के अनुसार, निकट अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है, लेकिन बड़े आर्थिक संकट की कोई आशंका नहीं है। यह गिरावट वास्तव में कुछ ओवरवैल्यूड (जरूरत से ज्यादा बढ़े हुए) सेक्टरों में एक स्वस्थ कंसॉलिडेशन (ठहराव) और मुनाफावसूली का दौर है, जो अंततः बाजार को अधिक संतुलित और मजबूत बनाएगा।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज स्मॉलकैप कंपनी सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम (Servotech Renewable Power System) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में कंपनी का शेयर 5% से अधिक की तेजी के साथ 102.50 रुपये के स्तर पर जा पहुंचा। शेयर बाजार में आई इस शानदार तेजी के पीछे उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिला एक बेहद बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का ऑर्डर है। इस सरकारी ऑर्डर की खबर आते ही निवेशकों में शेयर खरीदने की होड़ मच गई और कंपनी के स्टॉक ने 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया।उत्तर प्रदेश सरकार से मिला बड़ा टेंडर: यूपी के गांवों में रोशन होंगे हाइब्रिड सोलर रूफटॉपसर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम को उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अधीन आने वाले 'उत्तर प्रदेश स्टेट रूरल लाइव्लीहुड मिशन' (UPSRLM) की ओर से यह बड़ा प्रोजेक्ट हासिल हुआ है। इस सरकारी टेंडर के तहत कंपनी को उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में विभिन्न स्थानों पर अत्याधुनिक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) से लैस हाइब्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम्स इंस्टॉल करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।12 महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थापित होगी 900 kW की कुल क्षमताइस सरकारी परियोजना के तहत सर्वोटेक रिन्यूएबल को उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर कुल 12 महत्वपूर्ण लोकेशंस आवंटित की गई हैं। कंपनी प्रत्येक लोकेशन पर 75 kW क्षमता का हाइब्रिड सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करेगी, जिससे इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 900 kW हो जाएगी। सर्वोटेक इस प्रोजेक्ट के तहत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स (BESS) के साथ एकीकृत हाइब्रिड सोलर सिस्टम के डिजाइन, सप्लाई, इंस्टॉलेशन, कमिशनिंग और भविष्य में रखरखाव (मेंटीनेंस) की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी।4 साल में दिया 1400% से अधिक का छप्परफाड़ रिटर्न: 2.52 रुपये से शुरू हुआ सफरसर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम का शेयर इतिहास गवाह है कि इसने अपने दीर्घकालिक निवेशकों को मालामाल कर दिया है। 3 सितंबर 2021 को कंपनी के एक शेयर की कीमत महज 2.52 रुपये थी, जो 17 जुलाई 2026 को 102.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। इस तरह पिछले करीब 5 वर्षों में इस स्टॉक ने 3850% से अधिक का ऐतिहासिक रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले 4 सालों के प्रदर्शन को देखें तो यह शेयर 6.65 रुपये से बढ़कर 102 रुपये के पार पहुंच गया है, जो 1400% से अधिक की भारी बढ़त को दर्शाता है। पिछले 6 महीनों के भीतर भी कंपनी के शेयर में 43% की अच्छी मजबूती दर्ज की गई है। इस शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 152.97 रुपये और न्यूनतम स्तर 57.51 रुपये है।दो बार शेयर स्प्लिट कर चुकी है कंपनी: निवेशकों को मिला है दोहरा फायदाअपने निवेशकों को बेहतर लिक्विडिटी और वैल्यू प्रदान करने के लिए सर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम ने साल 2023 के दौरान दो बार अपने शेयरों का विभाजन (Share Split) किया था। पहली बार फरवरी 2023 में कंपनी ने 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले अपने शेयरों को 2-2 रुपये की फेस वैल्यू के साथ 5 टुकड़ों में विभाजित किया था। इसके तुरंत बाद, जुलाई 2023 में कंपनी ने पुनः 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों को 1-1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 2 शेयरों में स्प्लिट कर दिया था, जिससे निवेशकों के पास शेयरों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई थी।ईवी फास्ट चार्जर और लिथियम-ऑयन बैटरी बनाती है कंपनी: डायवर्सिफाइड है बिजनेससर्वोटेक रिन्यूएबल पावर सिस्टम देश में हाई-एफिशिएंसी वाले सोलर पैनल्स, ग्रिड-टाइड तथा हाइब्रिड इनवर्टर और सोलर चार्ज कंट्रोलर्स की प्रमुख निर्माता है। इसके अतिरिक्त, कंपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में भी तेजी से पैर पसार रही है और 120 kW से लेकर 360 kW क्षमता की रेंज में प्रीमियम एसी (AC) और डीसी (DC) फास्ट चार्जर्स का निर्माण करती है। कंपनी कमर्शियल, रेजिडेंशियल और ई-रिक्शा के उपयोग के लिए एडवांस बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स और कस्टमाइज्ड लिथियम-ऑयन बैटरी पैक्स की मैन्युफैक्चरिंग भी बड़े पैमाने पर कर रही है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनकी दृष्टि का सभी 12 राशियों के जीवन पर गहरा और निर्णायक प्रभाव पड़ता है। इस समय अंतरिक्ष में न्याय के देवता शनि देव और साहस व पराक्रम के कारक मंगल देव मिलकर एक बेहद शक्तिशाली और उग्र योग का निर्माण कर रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्तमान में कर्मफल दाता शनि मीन राशि में विराजमान हैं, जबकि ग्रहों के सेनापति मंगल वृषभ राशि में गोचर कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण शनि देव की तीसरी दृष्टि सीधे मंगल देव पर पड़ रही है। ज्योतिष में शनि को वायु तत्व यानी शीतलता और मंगल को अग्नि तत्व यानी उष्णता का प्रतीक माना जाता है। अग्नि और वायु के इस अद्भुत मिलन से बना यह खास संयोग 3 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि में करियर, व्यापार और धन के मामले में कुछ विशेष राशियों को अप्रत्याशित और चमत्कारी लाभ मिलने के प्रबल संकेत हैं।वृषभ राशि वालों के लिए स्वर्णिम काल: नेतृत्व क्षमता से मिलेगी करियर में बड़ी सफलताशनि और मंगल के इस विशेष दृष्टि संबंध के कारण वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत ही अनुकूल समय शुरू हो चुका है। इस अवधि में आपकी वित्तीय स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा और धन संचय से जुड़ी आपकी सभी योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी होंगी। यदि आप नया व्यवसाय शुरू करने या किसी नई योजना में निवेश करने का मन बना रहे हैं, तो 3 अगस्त तक का समय आपके लिए बेहद भाग्यशाली रहने वाला है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अपनी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता दिखाने का पूरा अवसर मिलेगा, जिससे आपकी साख बढ़ेगी। पारिवारिक मोर्चे पर जीवनसाथी का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा और संतान पक्ष की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है, जिससे घर का माहौल खुशनुमा रहेगा।कन्या राशि को मिलेगा भाग्य का साथ: आय में वृद्धि और विदेशी व्यापार से बंपर मुनाफाकन्या राशि के जातकों के लिए शनि-मंगल का यह उग्र संयोग ढेर सारी खुशियां और शुभ समाचार लेकर आया है। नौकरीपेशा लोगों को इस समय पदोन्नति (प्रमोशन) के साथ-साथ सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी का तोहफा मिल सकता है। जो जातक आईटी, इंजीनियरिंग या किसी भी तकनीकी क्षेत्र से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। इस अवधि में आपके फिजूलखर्चों पर लगाम लगेगी, जिससे आपकी बैंक बैलेंस और बचत में वृद्धि होगी। विदेशी कंपनियों या आयात-निर्यात के कारोबार से जुड़े व्यापारियों को इस दौरान उम्मीद से कहीं अधिक मुनाफा होने के योग बन रहे हैं। हालांकि, ज्योतिषियों की सलाह है कि इस समय उत्साह में आकर जल्दबाजी में कोई भी बड़ा वित्तीय फैसला लेने से बचें।मकर राशि की बढ़ेगी प्रतिष्ठा: मेहनत का मिलेगा पूरा फल और अटके काम होंगे पूरेमकर राशि के जातकों के लिए शनि और मंगल का यह संबंध बेहद शुभ और फलदायी साबित होने वाला है। पिछले काफी समय से आप जो कठिन परिश्रम कर रहे थे, उसका उचित और पूरा फल मिलने का समय आ गया है। इस दौरान आपके आत्मविश्वास में अभूतपूर्व बढ़ोतरी होगी, जिससे आप कठिन से कठिन चुनौतियों का डटकर सामना कर पाएंगे। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों (बॉस) का पूरा समर्थन और सराहना आपको मिलेगी, जिससे पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। व्यापारिक क्षेत्र में उन्नति के साथ-साथ अचानक धन लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। हालांकि, इस समय आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ पैसों का लेन-देन करने से पूरी तरह बचें। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी।कुंभ राशि के जातकों का चमकेगा करियर: आय के नए स्रोत बनेंगे और मिलेगा फंसा हुआ पैसाकुंभ राशि के जातकों के लिए यह गोचरीय स्थिति उनके करियर को एक नई और ऊंचाई भरी दिशा देने वाली साबित होगी। शनि-मंगल के शुभ प्रभाव से आपकी आय के नए और मजबूत स्रोत विकसित होंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहद सुदृढ़ हो जाएगी। यदि आपका धन कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह इस अवधि में वापस मिल सकता है। आपके साहस, पराक्रम और कार्यकुशलता में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिलेगी। ऑफिस में आपके काम करने के नए तरीके और अनूठे विचारों से उच्चाधिकारी बेहद प्रभावित होंगे, जिसका सीधा लाभ आपको आने वाले अप्रेजल में देखने को मिल सकता है। आप अपने पारिवारिक दायित्वों को भी पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ निभाने में सफल रहेंगे।
न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) के खेमे से एक बेहद चौंकाने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्लैक कैप्स (Black Caps) के बल्लेबाजी कोच ल्यूक रोंची ने अपने पद से हटने का बड़ा फैसला कर लिया है। वह इस साल के अंत में भारत के खिलाफ होने वाली आगामी घरेलू मल्टी-फॉर्मेट सीरीज की समाप्ति के बाद न्यूजीलैंड पुरुष क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच का पद छोड़ देंगे। ल्यूक रोंची के इस अचानक इस्तीफे के पीछे ऑस्ट्रेलियाई टी20 लीग, बिग बैश लीग (BBL) से मिला एक बड़ा ऑफर है। रोंची ने मेलबर्न रेनेगेड्स (Melbourne Renegades) फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच (Head Coach) का प्रतिष्ठित पद स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद वह अपनी नई भूमिका में दिखाई देंगे।साल 2020 से कीवी टीम के बल्लेबाजी स्तंभ रहे हैं रोंची: पीटर फुल्टन की ली थी जगहपूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज ल्यूक रोंची साल 2020 से लगातार न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के साथ बतौर बल्लेबाजी कोच जुड़े हुए थे। उन्होंने पूर्व कीवी क्रिकेटर पीटर फुल्टन के इस्तीफे के बाद इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभाला था। रोंची का कोचिंग कार्यकाल न्यूजीलैंड क्रिकेट के स्वर्णिम इतिहास का गवाह रहा है। उनके मार्गदर्शन में कीवी बल्लेबाजों ने दुनिया के हर कोने में रन बनाए। रोंची के रहते हुए ही कीवी टीम ने साल 2021 में पहली आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा न्यूजीलैंड टीम ने साल 2021 और 2026 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल तक का सफर तय किया और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में भी अपनी जगह सुनिश्चित की थी।टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने जताया दुख: रोंची को बताया टीम का बेहद कीमती सदस्यल्यूक रोंची के पद छोड़ने की आधिकारिक घोषणा होने के बाद न्यूजीलैंड के टेस्ट कप्तान टॉम लैथम ने रोंची के योगदान की जमकर तारीफ की और उन्हें विदा करने पर निराशा व्यक्त की। कप्तान लैथम ने मीडिया से बातचीत में कहा, ल्यूक रोंची हमारे इस पूरे ग्रुप के बेहद कीमती और अहम सदस्य रहे हैं। पहले जब वे एक खिलाड़ी के तौर पर मैदान में उतरते थे और बाद में जब उन्होंने कोचिंग की भूमिका संभाली, दोनों ही रूपों में उनका योगदान बेजोड़ रहा। रोंची जैसे शानदार कोच और इंसान को खोना हमारे लिए निश्चित रूप से एक बड़ा झटका और निराशाजनक है। वह एक ऐसे व्यक्ति हैं जो टीम के ड्रेसिंग रूम के माहौल, संस्कृति और मूल्यों को बहुत गहराई से समझते हैं और हमेशा सकारात्मकता बनाए रखते हैं।'मेरे करियर का सबसे यादगार पल': विदाई की घोषणा पर भावुक हुए ल्यूक रोंचीन्यूजीलैंड क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा पर ल्यूक रोंची खुद भी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने अपने कार्यकाल को करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। रोंची ने कहा, मेरा हमेशा से यही एक मुख्य लक्ष्य रहा है कि मैं अपने बल्लेबाजों और इस टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद कर सकूं। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं, तो कई बेहद खूबसूरत और यादगार पल दिखाई देते हैं जिनका हिस्सा होने पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा। मैं भविष्य में भी न्यूजीलैंड क्रिकेट को बहुत करीब से फॉलो करता रहूंगा और आने वाले सफर के लिए टीम से जुड़े सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को दिल से शुभकामनाएं देता हूं। इस बीच न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने साफ किया है कि वे जल्द ही सही समय पर रोंची के विकल्प की घोषणा करेंगे।
Rohit Sharma Retirement Rumors: रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों के बीच बैटिंग कोच का बड़ा बयान
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का रोमांच इस समय अपने चरम पर है। कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में खेले गए दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। इस हार के बाद जहां टीम की रणनीतियों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं सबसे ज्यादा चर्चा का विषय अनुभवी बल्लेबाज और कप्तान रोहित शर्मा का फॉर्म बना हुआ है। सोशल मीडिया और मीडिया गलियारों में तेजी से यह अफवाह उड़ रही है कि 19 जुलाई 2026 को ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला तीसरा वनडे मैच रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर का आखिरी मुकाबला हो सकता है। इन तमाम कयासों और आलोचनाओं के बीच भारतीय टीम के बैटिंग कोच सीतांशु कोटक ने फ्रंटफुट पर आकर रोहित शर्मा का जोरदार समर्थन किया है।बैटिंग कोच सीतांशु कोटक का दोटूक जवाब: रोहित जैसे बड़े खिलाड़ी पर कोई दबाव नहींदूसरे वनडे मैच में मिली हार के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने रोहित शर्मा की बल्लेबाजी और उनके भविष्य को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। कोटक ने रोहित का बचाव करते हुए कहा, मुझे नहीं लगता कि रोहित शर्मा जितना महान और अनुभवी खिलाड़ी किसी भी तरह का मानसिक दबाव महसूस कर सकता है। वह एक विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं और दबाव से निपटना बखूबी जानते हैं। हां, यह सच है कि सीरीज के शुरुआती दो मैचों में उनके बल्ले से बड़ी पारी नहीं निकली है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि इससे उनके कद या क्षमता पर कोई फर्क पड़ता है। दूसरे वनडे में भी वह काफी अच्छी लय में दिख रहे थे और लग रहा था कि एक बड़ी पारी खेलेंगे, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आउट हो गए। क्रिकेट में ऐसा होना बेहद सामान्य है।दूसरे वनडे में अच्छी शुरुआत के बाद लौटे पवेलियन: तीसरे मैच में बड़ी पारी की उम्मीदकार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में रोहित शर्मा क्रीज पर काफी सहज नजर आ रहे थे। उन्होंने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों का सामना किया और 26 रन बनाए, लेकिन अपनी इस शुरुआत को वह बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे। इससे पहले सीरीज के पहले मुकाबले में, जहां भारतीय टीम 259 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही थी, वहां भी रोहित का बल्ला शांत रहा था और वह 21 गेंदों में केवल 11 रन बनाकर आउट हो गए थे। लगातार दो मैचों में सस्ते में आउट होने के बाद अब रोहित शर्मा के फैंस और टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वह सीरीज के सबसे महत्वपूर्ण मैच में अपने पुराने रंग में लौटेंगे।लॉर्ड्स में खेला जाएगा फाइनल मुकाबला: क्या होगा रोहित शर्मा का आखिरी वनडे?अपनी पीढ़ी के सबसे विध्वंसक और महानतम सीमित ओवरों के बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा इस समय निश्चित रूप से रन बनाने के लिए बेताब होंगे। संन्यास की लगातार उड़ रही खबरों के बीच उनके पास लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खुद को साबित करने का यह बेहतरीन मौका होगा। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज का तीसरा और निर्णायक मैच रविवार, 19 जुलाई 2026 को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाना है। चूंकि इस मैच के साथ ही सीरीज की ट्रॉफी का फैसला भी होना है, इसलिए रोहित शर्मा भारतीय टीम के लिए एक कप्तानी पारी खेलकर इस दौरे का सुखद अंत करना चाहेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस महामुकाबले में दोनों टीमें किस रणनीति के साथ मैदान पर उतरती हैं।
Pele Jersey Auction 2026: फुटबॉल लेजेंड पेले की 10 नंबर जर्सी ₹47 करोड़ में नीलाम
खेल इतिहास के सबसे महानतम फुटबॉल खिलाड़ियों में शुमार ब्राजील के दिवंगत लेजेंड पेले (Pel) की एक ऐतिहासिक जर्सी ने नीलामी के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए एक नया विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। साल 1958 के फीफा वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले में पेले द्वारा पहनी गई मशहूर नंबर 10 की जर्सी प्रतिष्ठित ऑक्शन हाउस 'सोथबी' (Sotheby's) की नीलामी में कुल 4.9 मिलियन यूएस डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 47 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय कीमत पर बिकी है। इस ऐतिहासिक बिक्री के साथ ही यह प्रतिष्ठित शर्ट फुटबॉल जगत के महानतम आइकन पेले के जीवन और करियर से जुड़ी अब तक की सबसे कीमती और महंगी यादगार चीज (Sports Memorabilia) बन गई है।17 साल के पेले का वो जादुई फाइनल: स्वीडन के खिलाफ दागे थे दो ऐतिहासिक गोलरॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ऑक्शन हाउस सोथबी ने बताया कि इस ऐतिहासिक पीली जर्सी के लिए दुनिया भर के पांच से अधिक बड़े खरीदारों के बीच बेहद कड़ी टक्कर देखने को मिली, जिन्होंने कुल 10 बड़ी बोलियां लगाईं। यह वही ऐतिहासिक नंबर 10 की जर्सी है जिसे पहनकर मात्र 17 साल के युवा पेले ने स्टॉकहोम में खेले गए 1958 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में मेजबान स्वीडन के खिलाफ दो शानदार गोल दागे थे। इस मैच में ब्राजील ने स्वीडन को 5-2 से करारी शिकस्त देकर अपना पहला फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता था। पेले आज भी फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में गोल करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने हुए हैं।इतिहास की दूसरी सबसे महंगी फुटबॉल शर्ट बनी: डिएगो माराडोना की जर्सी अब भी पहले नंबर परइस ऐतिहासिक नीलामी के बाद पेले की यह जर्सी दुनिया की दूसरी सबसे महंगी फुटबॉल शर्ट बन गई है। खेल इतिहास में अब तक की सबसे महंगी बिकने वाली जर्सी का रिकॉर्ड अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना के नाम दर्ज है। साल 2022 में माराडोना की वह अर्जेंटीना जर्सी रिकॉर्ड 9.3 मिलियन डॉलर (करीब 77 करोड़ रुपये से अधिक) में नीलाम हुई थी, जिसे पहनकर उन्होंने 1986 के वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ अपना मशहूर और ऐतिहासिक हैंड ऑफ गॉड (Hand of God) गोल दागा था। गौरतलब है कि पेले की इस नंबर 10 शर्ट को साल 2004 में भी नीलाम किया गया था, तब यह केवल 70,505 ब्रिटिश पाउंड में बिकी थी, जिसके मुकाबले इस बार इसकी कीमत में कई सौ गुना का उछाल आया है।इकलौते खिलाड़ी जिसने जीते 3 वर्ल्ड कप: पेले के करियर का बेमिसाल सफरदिसंबर 2022 में 82 वर्ष की उम्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जंग हारने वाले किंग पेले के नाम फुटबॉल इतिहास के कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जिन्हें तोड़ पाना नामुमकिन नजर आता है। पेले दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने ब्राजील के लिए खेलते हुए तीन अलग-अलग संस्करणों—1958, 1962 और 1970 में फीफा वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। 1958 के ऐतिहासिक डेब्यू वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में उन्होंने कुल 6 गोल दागे थे। इसके बाद 1962 के एडिशन में चोटिल होने के बावजूद उन्होंने एक गोल किया और ब्राजील ने चेकोस्लोवाकिया को हराकर लगातार दूसरी बार कप जीता। वहीं, अपने आखिरी 1970 के विश्व कप फाइनल में पेले ने इटली के खिलाफ ऐतिहासिक 4-1 की जीत में पहला गोल दागकर ब्राजील को तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनाया था।
बॉलीवुड की दो दमदार अभिनेत्रियों—आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की मुख्य भूमिकाओं से सजी मोस्ट अवेटेड स्पाई थ्रिलर फिल्म 'अल्फा' (Alpha) को लेकर दर्शकों और समीक्षकों में भारी उत्साह था। यशराज फिल्म्स (YRF) के बहुचर्चित स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा होने के कारण इस मेगा-बजट फिल्म से ट्रेड पंडितों को ब्लॉकबस्टर प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि, 3 जुलाई 2026 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक खरा उतरने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। बॉक्स ऑफिस पर चल रही लगातार कड़ी प्रतिस्पर्धा और अन्य बड़ी फिल्मों के धमाकेदार प्रदर्शन ने 'अल्फा' की कमाई की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है, जिससे मेकर्स के चेहरे पर साफ मायूसी दिखाई दे रही है।दो हफ्तों में फुस्स हुई 'अल्फा' की दहाड़: दूसरे हफ्ते में दर्ज हुई भारी गिरावटबेहतरीन स्टार कास्ट और शानदार एक्शन सीक्वेंस होने के बावजूद 'अल्फा' दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आ रही है। फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर 9.25 करोड़ रुपये के साथ संतोषजनक शुरुआत की थी और पहले हफ्ते में 47.45 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। लेकिन दूसरे हफ्ते में फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बेहद तेजी से नीचे गिरा है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क (Sacnilk) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, रिलीज के 14वें दिन (गुरुवार) फिल्म ने देश भर में महज 0.60 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। दूसरे हफ्ते में फिल्म कुल मिलाकर केवल 8.95 करोड़ रुपये ही जोड़ सकी, जिसके चलते भारत में 'अल्फा' का कुल नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दो हफ्तों के बाद 56.40 करोड़ रुपये के निराशाजनक आंकड़े पर सिमट गया है।यहाँ देखें 'अल्फा' का वीक-वाइज पूरा कलेक्शन रिपोर्टफिल्म की दिन-प्रतिदिन और सप्ताह-दर-सप्ताह गिरती कमाई के मुख्य आंकड़े इस प्रकार हैं:पहला हफ्ता (Week 1): 47.45 करोड़ रुपयेदूसरा हफ्ता (Week 2): 8.95 करोड़ रुपये13वां दिन (बुधवार): 0.60 करोड़ रुपये14वां दिन (गुरुवार): 0.60 करोड़ रुपयेकुल नेट कलेक्शन (Total Net Collection): 56.40 करोड़ रुपयेअजय देवगन की 'धमाल 4' और अक्षय की 'वेलकम 2' ने बिगाड़ा सारा खेल'अल्फा' की इस धीमी रफ्तार के पीछे बॉक्स ऑफिस पर एक साथ कई बड़ी फिल्मों की रिलीज को माना जा रहा है। सिनेमाघरों में पहले से ही अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' अच्छी पकड़ बनाए हुए थी, वहीं हाल ही में रिलीज हुई अजय देवगन की कल्ट कॉमेडी फिल्म 'धमाल 4' ने बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाते हुए अधिकांश दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। इन दोनों ही फिल्मों के शानदार प्रदर्शन ने आलिया भट्ट की 'अल्फा' के स्क्रीन काउंट्स और फुटफॉल को काफी हद तक प्रभावित किया है, जिससे फिल्म का पूरा गणित बिगड़ गया।स्टार्स की लंबी फौज भी नहीं आई काम: ऋतिक रोशन का कैमियो भी रहा बेअसरस्पाई थ्रिलर 'अल्फा' का निर्देशन नेटफ्लिक्स की बेहद लोकप्रिय वेब सीरीज 'द रेलवे मैन' फेम डायरेक्टर शिव रवैल ने किया है। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ के जबरदस्त एक्शन पैक्ड किरदारों के अलावा बॉलीवुड के एवरग्रीन सुपरस्टार अनिल कपूर और डार्क शेड में बॉबी देओल भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। इतना ही नहीं, फैंस को सरप्राइज देने के लिए फिल्म में सुपरस्टार ऋतिक रोशन का एक कल्ट कैमियो भी रखा गया था। इसके बावजूद, कमजोर कहानी और धीमी स्क्रिप्ट के कारण यह भारी-भरकम स्टारकास्ट भी दर्शकों को बांधे रखने में असफल साबित हुई।इन 5 बड़ी फिल्मों के कड़े मुकाबले से थमा पहियायशराज फिल्म्स की 'अल्फा' को बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि आधा दर्जन फिल्मों से एक साथ मुकाबला करना पड़ा है। थिएटर्स में चल रही फिल्मों की लिस्ट में शाहिद कपूर की 'कॉकटेल 2', कंगना रनौत की पॉलिटिकल ड्रामा 'भारत भाग्य विधाता', दिलजीत दोसांझ की 'मैं वापस आऊंगा' और डरावनी थ्रिलर 'हॉन्टेड 3डी इकोज ऑफ द पास्ट' जैसी अलग-अलग जॉनर की फिल्में शामिल हैं। इस तगड़े बहुकोणीय मुकाबले के कारण 'अल्फा' को मनमाफिक दर्शक वर्ग नहीं मिल सका और फिल्म बड़ी हिट बनने की रेस से बाहर हो गई।
लद्दाख को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने और पर्यावरण संरक्षण की मांगों को लेकर पर्यावरणविद और सुधारक सोनम वांगचुक का ऐतिहासिक अनिश्चितकालीन अनशन लगातार जारी है। आज उनके इस शांतिपूर्ण आंदोलन और भूख हड़ताल का 20वां दिन है। लद्दाख की कड़ाके की ठंड और गिरते स्वास्थ्य के बीच जारी इस आंदोलन को अब देश के प्रबुद्ध नागरिकों और बॉलीवुड हस्तियों का भी खुलकर समर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में मशहूर फिल्ममेकर और सुपरस्टार आमिर खान की एक्स-वाइफ किरण राव ने खुलकर सोनम वांगचुक का समर्थन किया है। किरण राव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार की तीखी आलोचना करते हुए इस पूरे संवेदनशील मामले पर केंद्र की चुप्पी को बेहद निराशाजनक और अमानवीय करार दिया है।सोशल मीडिया डीपी बदलकर जताया विरोध: किरण राव ने लिखा 'आई सपोर्ट सोनम'आंदोलन के प्रति एकजुटता और मजबूत समर्थन दिखाने के लिए फिल्ममेकर किरण राव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल की प्रोफाइल पिक्चर (DP) को बदल दिया है। उन्होंने अपनी नई डीपी पर सोनम वांगचुक की तस्वीर लगाई है, जिस पर बड़े अक्षरों में 'आई सपोर्ट सोनम' (I Support Sonam) लिखा हुआ है। किरण राव का यह कदम सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लद्दाख आंदोलन को डिजिटल स्पेस में एक नई ताकत दे रहा है।'देश आपका एहसानमंद है': आंदोलनकारियों को किरण राव का सलामडीपी बदलने के साथ ही किरण राव ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश भी साझा किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत दिपके, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और इस देश के उन सभी जागरूक नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी हूं, जो हमारे छात्रों और लद्दाख के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और इस मुहिम से जुड़े बाकी सभी साथियों को मेरा दिल से सलाम है। इन सभी ने देश और आने वाली पीढ़ियों के हक में न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल जैसा कठिन रास्ता चुना है। हमारा पूरा देश आपका सदैव एहसानमंद रहेगा कि आपने हमें हमारी गहरी बेरुखी और नींद से जगाया और यह याद दिलाया कि लोकतंत्र में हर एक नागरिक की आवाज मायने रखती है।सरकार पर साधा निशाना: 19 दिनों की चुप्पी को बताया अमानवीयअपने पोस्ट के दूसरे हिस्से में किरण राव ने केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैए और चुप्पी पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए लिखा, इतने दिन बीत जाने के बाद भी इस गंभीर भूख हड़ताल पर सरकार की ओर से लगातार चुप्पी बनी हुई है, जो बेहद दुखद और निराशाजनक है। आखिर सत्ता में बैठे राजनेताओं तक अपनी वाजिब मांगें और आवाज पहुंचाने के लिए हमारे देश के नागरिकों को और क्या करना होगा? लद्दाख के लोगों की अनदेखी करना पूरी तरह से चौंकाने वाला और अमानवीय है। मैं भारत सरकार से पुरजोर गुजारिश करती हूं कि वे तुरंत आगे आएं, प्रदर्शनकारियों से सम्मानपूर्वक बातचीत की शुरुआत करें, हमारे देश के छात्रों और युवाओं का दर्द समझें और इस गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म करें। अपनी आवाज उठाना और हक मांगना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है।आमिर खान का बड़ा खुलासा: '3 इडियट्स' का रैंचो सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था!किरण राव के इस कड़े रुख के बीच, उनके पूर्व पति और बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान का भी सोनम वांगचुक को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान सामने आया है। आमिर खान ने हाल ही में मीडिया के सामने यह पूरी तरह साफ किया है कि उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 इडियट्स’ (3 Idiots) में निभाया गया उनका आइकॉनिक किरदार 'रैंचो' (फुंसुख वांगडू) सोनम वांगचुक के जीवन पर आधारित नहीं था। आमिर ने स्पष्ट करते हुए कहा, जब इस फिल्म की पटकथा लिखी जा रही थी और फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब मुझे दूर-दूर तक अंदाजा भी नहीं था कि सोनम वांगचुक कौन हैं और वे क्या काम करते हैं। हालांकि, आमिर खान ने इस स्पष्टीकरण के साथ ही एक सार्वजनिक मंच पर सोनम वांगचुक द्वारा शिक्षा और पर्यावरण के क्षेत्र में किए गए अभूतपूर्व और क्रांतिकारी कार्यों की जमकर सराहना भी की।
पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में ट्रेन से टकराई स्कूल वैन, 2 बच्चों समेत 3 की मौत
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन को लोकल ट्रेन ने टक्कर मार दी। हादसे में 2 बच्चों समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे घायल हुए हैं। गेटमैन को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
आम आदमी पार्टी और सपा के बाद कांग्रेस ने भी दिया वांगचुक को समर्थन
नई दिल्ली। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को विपक्षी दलों के समर्थन के बीच शुक्रवार को कांग्रेस की तरफ से संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा भी उनसे मिलने पहुंचे। खेड़ा ने आज सुबह धरना स्थल पर पहुंचकर वांगचुक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और उनसे विचार विमर्श कर […] The post आम आदमी पार्टी और सपा के बाद कांग्रेस ने भी दिया वांगचुक को समर्थन appeared first on Sabguru News .
बिहार के नवादा निवासी आयुष भालोटिया ने नीट-यूजी 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। इस पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। जानिए हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक, रूट, किराया, रफ्तार, सुरक्षा व्यवस्था, लागत और इसकी खासियत।
Project Meghalaya Controversy: थलपति विजय की सरकार गिराने की बड़ी साजिश? कैसे फंस गई DMK
चेन्नई: तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक ऐसा सनसनीखेज और अभूतपूर्व मोड़ आ गया है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार को गिराने और उनके विधायकों को खरीदने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी राजनीतिक साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। इस पूरे कथित ऑपरेशन को 'प्रोजेक्ट मेघालय' (Project Meghalaya) का कोडनेम दिया गया है। चेन्नई पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और मीडिया जगत के कुछ बड़े चेहरों पर शिकंजा कसता जा रहा है, जिससे सूबे की राजनीति में भारी उबाल आ गया है।35-35 करोड़ का ऑफर और 15 विधायकों पर नजर: ऐसे खुला 'प्रोजेक्ट मेघालय' का खौफनाक राजइस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब टीवीके (TVK) के उथंगरई विधानसभा क्षेत्र से विधायक एन. इलैयाराजा ने जून के आखिर में पुलिस में एक आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी। विधायक इलैयाराजा ने आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी थिरुनावुक्कारासु और उसके सहयोगियों ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने विधानसभा की महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान पार्टी व्हिप और मुख्यमंत्री विजय के रुख के खिलाफ जाकर मतदान करने के लिए 35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत की पेशकश की थी। विधायक ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने इस अनैतिक ऑफर को ठुकरा दिया, तो उन्हें और उनके पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। पुलिस की हालिया जांच के मुताबिक, इस साजिश के तहत टीवीके के करीब 15 विधायकों को इसी तरह मोटी रकम का लालच देकर सरकार गिराने की पूरी प्लानिंग थी, जिसे सिंडिकेट ने 'प्रोजेक्ट मेघालय' नाम दिया था।एनडीटीवी की रिपोर्ट से खुलासा: वरिष्ठ पत्रकार विजयन हिरासत में, पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी को समनएनडीटीवी (NDTV) की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई पुलिस ने इस मामले में एक बेहद चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए राज्य के प्रसिद्ध क्षेत्रीय समाचार चैनल 'पुथिया थलैमुरई' के वरिष्ठ टेलीविजन पत्रकार विजयन को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने 15 और 16 जुलाई 2026 को थाने में उनसे मैराथन पूछताछ की। यही नहीं, पुलिस ने पत्रकार का मोबाइल फोन भी आधिकारिक रूप से जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेज दिया है ताकि उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाले जा सकें। इस मामले में पुलिस अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और जांच की आंच अब सीधे डीएमके के बड़े राजनीतिक चेहरों तक पहुंच गई है। चेन्नई पुलिस ने इस कथित साजिश के सिलसिले में डीएमके (DMK) के पूर्व कद्दावर मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक को भी पूछताछ के लिए कड़ा समन जारी किया है।यूट्यूबर थिरुनावुक्कारासु का कनेक्शन: ओपिनियन पोल की आड़ में चल रहा था पूरा खेलचेन्नई पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे हॉर्स-ट्रेडिंग नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार और आरोपी थिरुनावुक्कारासु नाम का एक यूट्यूबर है। थिरुनावुक्कारासु यूट्यूब पर 'IPDS' के नाम से एक बेहद लोकप्रिय ओपिनियन पोलिंग ग्रुप चलाता है, जिसकी आड़ में वह राजनीतिक दलों के भीतर पैठ बनाता था। तकनीकी और साइबर सेल की जांच में थिरुनावुक्कारासु और पत्रकार विजयन के बीच कई संदिग्ध और सीधे बातचीत के पुख्ता डिजिटल सबूत मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस ओपिनियन पोलिंग ग्रुप और मीडिया का इस्तेमाल विधायकों को मानसिक रूप से प्रभावित करने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाकर तख्तापलट करने की बड़ी साजिश के हिस्से के रूप में किया जा रहा था।कनिमोझी का पलटवार: प्रेस की आजादी पर हमला या राजनीतिक फायदे के लिए रची गई मनगढ़ंत कहानी?इस बीच, वरिष्ठ पत्रकार विजयन से देर रात तक हुई पुलिसिया पूछताछ और उनका मोबाइल फोन जब्त किए जाने के बाद डीएमके (DMK) ने विजय सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीएमके की फायरब्रांड सांसद कनिमोझी ने टीवीके सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, जांच के बहाने एक स्वतंत्र पत्रकार का मोबाइल फोन मनमाने ढंग से जब्त करना और उन्हें पुलिस स्टेशन में घंटों अवैध हिरासत में रखना टीवीके सरकार की पुलिस फोर्स का बेहद निंदनीय और अलोकतांत्रिक कृत्य है। कनिमोझी ने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा हमला करार देते हुए पत्रकार की तत्काल रिहाई की मांग की। दूसरी तरफ, चेन्नई प्रेस क्लब ने भी आरोप लगाया कि 15 जुलाई की देर रात बिना किसी कानूनी तय प्रक्रिया का पालन किए पत्रकार को परेशान किया गया। वहीं, डीएमके नेतृत्व ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि थलपति विजय की सरकार अपनी विफलताएं छिपाने और राजनीतिक फायदा लेने के लिए विपक्ष के खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रही है।
ईडी ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच राज्यों में 13 ठिकानों पर छापेमारी की। विदेशी फंडिंग, फर्जी दस्तावेज और संदिग्ध बैंक लेन-देन की जांच तेज।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में जमीन विवाद से जुड़े गोलीकांड में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। शालिग्राम पर जमीन कब्जाने के विवाद से जुड़े आरोप में ...
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) इस समय एक बड़े कानूनी और तकनीकी विवाद के घेरे में आ गई है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह रायपुर (छत्तीसगढ़) के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी किए गए एक आदेश को उच्च अदालत में चुनौती देगी।उपभोक्ता अदालत ने मारुति सुजुकी को आदेश दिया था कि वह शिकायतकर्ता ग्राहक की गाड़ी को नए E20-कम्पैटिबल (E20-Compatible) मॉडल से बदले या फिर भारी-भरकम रिफंड दे। यह मामला देश में तेजी से बढ़ रहे इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol) और गाड़ियों की तकनीकी क्षमता को लेकर एक नई बहस छेड़ चुका है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा विवाद, कंज्यूमर कोर्ट का फैसला और इस पर मारुति सुजुकी का क्या तर्क है:क्या है पूरा मामला? (The Grand Vitara E20 Issue)यह पूरा विवाद छत्तीसगढ़ के एक ग्राहक से जुड़ा है, जिन्होंने मारुति सुजुकी की प्रीमियम एसयूवी 'ग्रैंड विटारा हाइब्रिड' (Grand Vitara Hybrid) खरीदी थी।ग्राहक की शिकायत: गाड़ी के मालिक ने जिला कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकार के नए नियमों के तहत जैसे ही उन्होंने अपनी कार में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिला हुआ ईंधन) भरवाया, गाड़ी के इंजन और मैकेनिकल सिस्टम में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई।मैन्युफैक्चरिंग डेट का पेंच: खबरों के मुताबिक, यह कार ग्राहक को जून 2024 में बेची गई थी, लेकिन कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार इस गाड़ी का निर्माण (Manufacturing) जनवरी 2023 में हुआ था। ग्राहक का आरोप था कि गाड़ी नए फ्यूल स्टैंडर्ड के अनुकूल नहीं थी।कंज्यूमर कोर्ट का सख्त आदेश: ₹20.5 लाख का रिफंडरायपुर के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम ने ग्राहक की शिकायत और गाड़ी की तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर मारुति सुजुकी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया:कार बदलने का निर्देश: कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर ग्राहक को पुरानी गाड़ी के बदले बिल्कुल नई E20-कम्पैटिबल कार डिलीवर करे।पूरा पैसा वापस करने का विकल्प: यदि कंपनी गाड़ी नहीं बदलती है, तो उसे ग्राहक को गाड़ी की पूरी कीमत, आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन चार्ज और कार इंश्योरेंस के खर्च समेत कुल ₹20.5 लाख का पूरा रिफंड चुकाना होगा।मारुति सुजुकी का पलटवार: 'फ्यूल में मिलावट के मिले हैं पक्के सबूत'कंज्यूमर कोर्ट के इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वे इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएंगे और इसे ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। कंपनी ने अपनी सफाई में दो बेहद महत्वपूर्ण दलीलें पेश की हैं:1. कार पहले से ही थी E20 सर्टिफाइड: मारुति सुजुकी ने स्पष्ट किया कि मामले में शामिल ग्रैंड विटारा कार पूरी तरह से E20-कम्पैटिबल थी और ओनर मैनुअल (Owner Manual) में दिए गए निर्देशों के अनुसार 20% इथेनॉल वाले ईंधन पर चलने में 100% सक्षम थी। कार के निर्माण या उसकी तकनीक में कोई कमी नहीं थी।2. मिलावटी पेट्रोल के कारण आई खराबी: दिग्गज कार निर्माता कंपनी का सबसे बड़ा दावा यह है कि जब प्रभावित गाड़ी के टैंक से ईंधन (Fuel Sample) की जांच की गई, तो उसमें फ्यूल मिलावट (Fuel Adulteration) के पक्के सबूत पाए गए। कंपनी का कहना है कि उपभोक्ता अदालत ने अपने फैसले में मिलावटी ईंधन और कई अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक तथ्यों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया है।एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल (E20) और ऑटो इंडस्ट्री का गणितभारत सरकार प्रदूषण कम करने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए देश भर में E20 पेट्रोल (80% पेट्रोल + 20% इथेनॉल) को अनिवार्य रूप से लागू कर रही है।ऑटोमोबाइल्स विशेषज्ञों और कार कंपनियों का कहना है कि E20 सर्टिफाइड गाड़ियां इस ईंधन पर पूरी तरह सुरक्षित चल सकती हैं, बशर्ते कि पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले ईंधन की क्वालिटी सरकारी स्टैंडर्ड के अनुरूप हो। यदि पेट्रोल में पानी या अन्य रसायनों की मिलावट होती है, तो यह एथेनॉल के साथ मिलकर इंजन के कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंचा सकती है। फिलहाल, इस अदालती लड़ाई के नतीजे पर देश के लाखों कार मालिकों और ऑटो इंडस्ट्री की नजरें टिकी हुई हैं।
अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हर इंसान की जन्मतिथि का एक विशेष महत्व होता है। यह न केवल व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व का आईना होती है, बल्कि उसके आने वाले कल और वित्तीय स्थिति का भी संकेत देती है। आज 17 जुलाई 2026 का दिन आर्थिक मामलों में हर मूलांक (Moolank) के जातकों के लिए बेहद खास और अलग-अलग परिणाम लेकर आया है।आज जहां कुछ मूलांक के लोगों को अप्रत्याशित धन लाभ और करियर में नए सुनहरे अवसर मिलेंगे, वहीं कुछ मूलांक वालों को अपने बढ़ते खर्चों और नए निवेशों को लेकर अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए आज का दिन पैसों के मामले में कैसा रहने वाला है:मूलांक 1: जल्दबाजी में बड़े फैसलों से बचेंजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपको वित्तीय मामलों में थोड़ा संभलकर कदम आगे बढ़ाने की जरूरत है। दिन की शुरुआत कुछ अनचाहे और अचानक होने वाले खर्चों से हो सकती है, जो आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकते हैं।बिजनेस व निवेश: व्यापार जगत से जुड़े लोगों को आज किसी भी बड़ी या नई डील पर जल्दबाजी में हस्ताक्षर या फैसला नहीं करना चाहिए। दिन के उत्तरार्ध (दूसरे हिस्से) में फंसा हुआ पैसा या पुराना उधार वापस मिलने की उम्मीद है। फिलहाल नया लोन (कर्ज) लेने से बचें।मूलांक 2: तरक्की और बड़े मुनाफे के संकेतजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आपके लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद शानदार और भाग्यशाली रहने वाला है। अतीत में किए गए निवेशों (Past Investments) से अब आपको बेहतरीन रिटर्न मिलना शुरू हो सकता है।करियर: नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर प्रमोशन, इंसेंटिव या बोनस से जुड़ी कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आज आप परिवार के लिए वाहन या कोई अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की ठोस योजना बना सकते हैं।मूलांक 3: आय और व्यय में बनी रहेगी होड़जन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपकी आमदनी और खर्च दोनों समानांतर रूप से चलेंगे। एक तरफ से धन का आगमन होगा, तो दूसरी तरफ से अनावश्यक खर्चे भी सामने आ खड़े होंगे।उधार का दबाव: यदि आपने पूर्व में किसी से कर्ज लिया था, तो आज उसे चुकाने का मानसिक दबाव बढ़ सकता है। व्यापार में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन पार्टनरशिप (साझेदारी) से जुड़े बड़े फैसलों को कुछ दिनों के लिए टाल देना ही समझदारी होगी।मूलांक 4 से 6 तक का वित्तीय लेखा-जोखामूलांक (Moolank)किनके लिए है? (Dates)कैसा रहेगा आज का आर्थिक दिन? (Financial Predictions)मूलांक 44, 13, 22 या 31 तारीखगोल्डन टाइम: आर्थिक मोर्चे पर आज आपकी बेहतरीन प्रगति होगी। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। सोना (Gold), फिक्स्ड डिपॉजिट या लंबी अवधि की सरकारी योजनाओं में निवेश के लिए आज का दिन सर्वोत्तम है।मूलांक 55, 14 या 23 तारीखनए अवसर: आज आपको व्यापार या नौकरी में कमाई के नए और आकर्षक अवसर हाथ लग सकते हैं। किसी पुरानी कंपनी या पुराने क्लाइंट से दोबारा बड़ा काम मिलने के संकेत हैं। हालांकि, भावनाओं में बहकर कोई बड़ा खर्च न करें।मूलांक 66, 15 या 24 तारीखसतर्क रहें: अचानक घरेलू खर्च बढ़ने से आज थोड़ी मानसिक चिंता हो सकती है। पैसों की तंगी को दूर करने के लिए किसी मित्र या करीबी रिश्तेदार से मदद लेनी पड़ सकती है। शेयर बाजार (Share Market) या किसी भी प्रकार के जोखिम भरे निवेश से आज पूरी तरह दूरी बना लें।मूलांक 7: संतुलित सोच से पूरे होंगे बड़े कामजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज आपको पैसों के लेन-देन में एक संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। सुबह के समय कार्यों की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन दोपहर बाद स्थितियों में तेजी से सुधार होगा।धन लाभ: डूबा हुआ या अटका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। नौकरी और कारोबार में कुछ ऐसे नए रास्ते खुलेंगे जो भविष्य में आपकी आय को दोगुना करने में मददगार साबित होंगे। परिवार के सहयोग से बड़े खर्च भी आसानी से मैनेज हो जाएंगे।मूलांक 8: पुराने लेन-देन बढ़ा सकते हैं सिरदर्दजन्मतिथि:防护 यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: आज पैसों के मामलों में आपको 'अति-सावधानी' बरतने की सलाह दी जाती है। पुराने लेन-देन या किसी पुराने विवाद के उभरने से मानसिक परेशानी हो सकती है।निवेश से बचें: क्रेडिटर्स (लेनदारों) का दबाव आज बढ़ सकता है, इसलिए जोखिम भरे सट्टे या शॉर्ट-टर्म निवेश से बिल्कुल दूर रहें। कामकाजी लोगों को साइड इनकम के नए मौके मिलेंगे, लेकिन उनका वास्तविक वित्तीय लाभ आपको धीरे-धीरे और रुक-रुक कर ही प्राप्त होगा।मूलांक 9: पुराने निवेश से बंपर रिटर्न की उम्मीदजन्मतिथि: यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को हुआ है।आर्थिक स्थिति: मूलांक 9 वाले जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का साथ दिलाने वाला है। आपके द्वारा पहले किए गए म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी के निवेश से आज बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।नया स्टार्टअप: यदि आप कोई नया बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके पक्ष में रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को सैलरी हाइक (Salary Hike) की खबर मिल सकती है। आज अपनी बचत और खर्चों के बीच एक सही संतुलन बनाकर चलें ताकि भविष्य का वित्तीय लक्ष्य सुरक्षित हो सके।
हिंदू धर्म और वैदिक संस्कृति में गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima) का स्थान सर्वोपरि माना गया है। यह पावन दिन गुरुओं के प्रति आदर, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ अपनी कुंडली में देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन ही महाभारत, 18 पुराणों और चारों वेदों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। इसी कारण इस पावन पर्व को 'व्यास पूर्णिमा' (Vyas Purnima) भी कहा जाता है। इस दिन गुरु की वंदना करने से जीवन का अज्ञान रूपी अंधकार दूर होता है और बुद्धि, ज्ञान तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साल 2026 में गुरु पूर्णिमा के दिन प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का एक बेहद अद्भुत संयोग बन रहा है, जो गुरु दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष फलदायी है। आइए जानते हैं तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन का विशेष महत्व:प्रीति योग और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का खास संयोगइस साल की गुरु पूर्णिमा धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष रूप से शुभ फल देने वाली है:प्रीति योग (Preeti Yog): 29 जुलाई को सुबह से लेकर रात 11 बजकर 58 मिनट तक प्रीति योग रहेगा, जिसके बाद आयुष्मान योग की शुरुआत होगी। ज्योतिष शास्त्र में प्रीति योग के स्वामी ग्रह बुध और देवता भगवान विष्णु माने गए हैं। इस योग में नए रिश्तों की शुरुआत करना, पुराने विवादों को सुलझाना या कोई नई बिजनेस डील फाइनल करना बेहद भाग्यशाली और मान-सम्मान बढ़ाने वाला माना जाता है।नक्षत्रों का प्रभाव: गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह से लेकर दोपहर 03 बजकर 37 मिनट तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू हो जाएगा। ये दोनों ही नक्षत्र शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उत्तम माने गए हैं।गुरु पूर्णिमा 2026: तिथि और समय (Tithi & Timings)पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि दो दिनों में व्याप्त रहेगी, लेकिन उदयातिथि के नियमों के तहत पर्व 29 जुलाई 2026, बुधवार को मनाया जाएगा।पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 28 जुलाई 2026 को शाम 06 बजकर 18 मिनट से।पूर्णिमा तिथि का समापन: 29 जुलाई 2026 को रात 08 बजकर 05 मिनट पर।पूजन, पवित्र स्नान और दान के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्तगुरु पूर्णिमा के दिन सुबह के समय पवित्र नदियों में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है। यदि आप इस दिन गुरु पूजा या दान करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurat) का लाभ उठा सकते हैं:मुहूर्त का प्रकार (Shubh Muhurat)समय अवधि (Time Slots)महत्व (Significance)ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat)सुबह 04:17 से 04:59 तकध्यान, मंत्र जप और गुरु स्मरण के लिए सर्वश्रेष्ठ।लाभ - उन्नति मुहूर्त (Labh)सुबह 05:41 से 07:22 तकनए काम की शुरुआत, पठन-पाठन और पूजन के लिए शुभ।अमृत मुहूर्त (Amrit)सुबह 07:22 से 09:04 तकपवित्र स्नान, महादान और गुरु दीक्षा के लिए सर्वोत्तम।शुभ मुहूर्त (Shubh)सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तकगुरु वंदना, आरती और गुरुजनों का आशीर्वाद लेने के लिए श्रेष्ठ।गुरु पूर्णिमा का पौराणिक महत्व और परंपराएंभारतीय सनातन संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है, क्योंकि गुरु ही हमें सही और गलत का भेद समझाकर ईश्वर तक पहुँचने का मार्ग दिखाते हैं।वेद व्यास जयंती उत्सव: महर्षि वेदव्यास जी ने बिखरे हुए वैदिक मंत्रों का संकलन करके उन्हें चार वेदों में विभाजित किया था। इसी आभार में हर साल उनके जन्मोत्सव पर व्यास जी के चित्र या प्रतिमा का पूजन किया जाता है।कृतज्ञता का पर्व: इस दिन शिष्य अपने-अपने गुरुओं के आश्रम या घर जाकर उनके चरणों में शीश नवाते हैं, उन्हें सामर्थ्य अनुसार उपहार भेंट करते हैं और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार जताते हैं।गुरु दोष निवारण: जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) कमजोर स्थिति में है या गुरु दोष के कारण विवाह, शिक्षा व करियर में रुकावटें आ रही हैं, उन्हें इस दिन किसी विद्वान गुरु या भगवान विष्णु की विशेष पूजा करनी चाहिए। इस दिन किया गया दान जीवन के कष्टों को शांत करता है।
विंध्य के लिए ‘भगीरथ’ बने सीएम डॉ. मोहन यादव, जानें कैसे धरातल पर उतारा इंजीनियरिंग का चमत्कार?
मध्यप्रदेश के सिंचाई इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग अब पूर्णता के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आजकटनी जिले में देश की सबसे लंबी और तकनीकी रूप से सबसे जटिल जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। ...
यदि आप आज यानी 17 जुलाई 2026 को घर की रसोई के लिए घरेलू गैस सिलेंडर बुक करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। आज भी सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर (LPG Gas Cylinder) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देशभर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें पूरी तरह से स्थिर बनी हुई हैं।हालांकि, वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव ने आने वाले दिनों के लिए भारतीय उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं। आइए जानते हैं आज आपके शहर में गैस सिलेंडर के प्रमुख रेट क्या हैं और अंतरराष्ट्रीय हालात का आपकी जेब पर क्या असर पड़ सकता है:आज के प्रमुख शहरों के रेट (LPG Cylinder Rates Today)देश की राजधानी और उससे सटे दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के इलाकों में आज एलपीजी गैस सिलेंडर पुराने दामों पर ही उपलब्ध हैं:दिल्ली (Delhi): राष्ट्रीय राजधानी में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹942 पर स्थिर है। वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,930 बनी हुई है।नोएडा (Noida): उत्तर प्रदेश के नोएडा में घरेलू गैस सिलेंडर ₹939.50 में मिल रहा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर का रेट ₹2,930 है।गाजियाबाद (Ghaziabad): नोएडा की तरह गाजियाबाद में भी घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹939.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹2,930 की कीमत पर बिक रहा है।अमेरिका-ईरान तनाव: भारत की एलपीजी सप्लाई पर मंडराया खतरा?अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से गहराते राजनयिक और सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में खलबली मचा दी है। भारत के नजरिए से यह स्थिति बेहद संवेदनशील है:स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का संकट:भारत अपनी घरेलू एलपीजी (LPG) जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात (Import) करता है। खाड़ी देशों से आने वाले इस गैस आयात का अधिकांश हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के समुद्री मार्ग से होकर भारत पहुंचता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा आती है, तो भारत में एलपीजी की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। सप्लाई रुकने या कम होने की स्थिति में घरेलू बाजार में कीमतों पर भारी दबाव बढ़ना तय है।क्या फिर महंगी हो सकती है रसोई गैस? (Expert Analysis)ऑटो और एनर्जी सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) और एलपीजी की कीमतें लगातार ऊंची बनी रहती हैं, तो सरकार और तेल कंपनियों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा:कंपनियों का बढ़ता घाटा: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को प्रत्येक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर लगभग ₹500 से ₹700 तक का भारी नुकसान (Under-recovery) उठाना पड़ रहा था।सरकार के पास दो विकल्प: इस बढ़ते घाटे को पाटने के लिए सरकार के पास या तो एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी (Subsidy) का बोझ बढ़ाने का विकल्प होगा, या फिर सीधे तौर पर घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी करके इसका बोझ आम उपभोक्ताओं की जेब पर डालना होगा। लंबे समय तक वैश्विक कीमतें ऊंची रहने की स्थिति में दूसरी संभावना ज्यादा प्रबल हो जाती है।उपभोक्ताओं के लिए सलाह: फिलहाल 17 जुलाई को कीमतें न बढ़ने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए आने वाले हफ्तों में एलपीजी की कीमतों में संशोधन की आशंका से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बजट को संतुलित रखने के लिए उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में ईंधन की सप्लाई और कीमतों के अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।
अगर आप भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें आइलैंड (Islands) की प्राकृतिक खूबसूरती, नीले समंदर और शांत माहौल से प्यार है, लेकिन फ्लाइट (Flight) में सफर करना पसंद नहीं है, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। दुनिया में कई ऐसे बेहद खूबसूरत और मशहूर आइलैंड हैं, जहां पहुंचने के लिए आपको हवाई जहाज की टिकट बुक करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।स्कॉटलैंड की रहस्यमयी पहाड़ियों से लेकर जापान के तैरते हुए मंदिरों तक, इन द्वीपों तक आप शानदार रोड ट्रिप, ऐतिहासिक पुलों या रोमांचक फेरी (Ferry) के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के इन 9 आलीशान आइलैंड्स के बारे में, जहां बिना हवाई सफर के भी एक यादगार और एडवेंचरस वेकेशन बिताया जा सकता है:1. आइल ऑफ स्काई, स्कॉटलैंड (Isle of Skye, Scotland)स्कॉटलैंड के उत्तर-पश्चिम में बसा यह आइलैंड अपनी जादुई खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की ऊंची हरी-भरी पहाड़ियां, 'फेयरी पूल्स' और 'ओल्ड मैन ऑफ स्टोर' के नजारे दिल जीत लेते हैं।कैसे पहुंचें: आप ग्लासगो (Glasgow) या इनवरनेस शहर से कार किराए पर लेकर एक बेहतरीन रोड ट्रिप का आनंद लेते हुए 'स्काई ब्रिज' (Skye Bridge) पार करके सीधे यहां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा मैलेग से फेरी का विकल्प भी मौजूद है।खर्च/टोल: स्काई ब्रिज पार करने का कोई भी टोल टैक्स या शुल्क नहीं लगता है।2. मोंट सेंट मिशेल, फ्रांस (Mont Saint-Michel, France)फ्रांस के नॉरमैंडी (Normandy) तट पर स्थित यह एक चट्टानी द्वीप है, जिसके ऊपर बना मध्यकालीन मठ (Monastery) किसी परियों की कहानी जैसा दिखता है। ज्वार-भाटे (Tides) के दौरान इसका नजारा देखने लायक होता है।कैसे पहुंचें: पेरिस से ट्रेन या कार के जरिए आप सीधे इस द्वीप के मुहाने तक पहुंच सकते हैं। मुख्य मुख्य भूमि से द्वीप को जोड़ने वाली एक सड़क (कॉजवे) बनी हुई है। अपनी गाड़ी पार्किंग में खड़ी करने के बाद आप पैदल या मुफ्त शटल बस से द्वीप के भीतर जा सकते हैं।खर्च/टोल: शटल बस पूरी तरह मुफ्त है, लेकिन आपको कार पार्किंग का चार्ज देना होगा।3. प्रिंस एडवर्ड आइलैंड, कनाडा (Prince Edward Island, Canada)यह द्वीप अपनी लाल रेत वाले खूबसूरत बीच, ऐतिहासिक लाइटहाउस (Lighthouses), शांत गांवों और बेहतरीन समुद्री भोजन के लिए जाना जाता है।कैसे पहुंचें: यह आइलैंड दुनिया के सबसे लंबे पुलों में से एक 'कॉन्फेडरेशन ब्रिज' (Confederation Bridge) के जरिए मुख्य भूमि से जुड़ा है। आप खुद कार ड्राइव करके यहां पहुंच सकते हैं।खर्च/टोल: आइलैंड में प्रवेश करते समय कोई चार्ज नहीं देना होता, लेकिन वापस लौटते समय आपको पुल का टोल टैक्स चुकाना पड़ता है।फेरी और नाव के जरिए पहुंचने वाले शानदार आइलैंडआइलैंड और देशमुख्य आकर्षण (Key Attractions)कैसे पहुंचें? (Route)अनुमानित किराया/खर्चमियाजिमा, जापान (Miyajima, Japan)पानी में तैरता हुआ ऐतिहासिक 'टोरी गेट' (Torii Gate), प्राचीन मंदिर और इंसानों के बीच शांति से घूमते हुए हिरण।हिरोशिमा के पास स्थित 'मियाजिमागुची' स्टेशन से महज 10 मिनट की एक छोटी सी फेरी राइड लेकर।लगभग 200 से 300 जापानी येनमैकिनाक आइलैंड, अमेरिका (Mackinac Island, USA)प्रदूषण मुक्त शांत माहौल और 19वीं सदी की पुरानी ऐतिहासिक इमारतें। यहाँ कार चलाना पूरी तरह बैन है।मिशिगन राज्य के मैकिना सिटी या सेंट इग्नेस से नियमित रूप से चलने वाली पैसेंजर फेरी के जरिए।लगभग 35 से 45 अमेरिकी डॉलर (राउंड ट्रिप)वैंकूवर आइलैंड, कनाडा (Vancouver Island, Canada)घने प्राचीन वर्षावन (Rainforests), प्रशांत महासागर का खूबसूरत किनारा और समुद्र में व्हेल मछली देखने का रोमांच।वैंकूवर शहर के मुख्य तट से 'बीसी फेरीज' (BC Ferries) की बड़ी जहाजों के जरिए, जिसमें आप अपनी कार भी ले जा सकते हैं।लगभग 20 से 70 कनाडाई डॉलरआइल ऑफ वाइट, इंग्लैंड (Isle of Wight, England)खूबसूरत रेतीले समुद्र तट, समंदर के बीच खड़ी सफेद रंग की विशाल चट्टानें (The Needles) और ब्रिटिश कस्बे।इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित पोर्ट्समाउथ, साउथेम्प्टन या लाइमिंगटन शहरों से सीधे कार-फेरी लेकर।लगभग 20 से 35 ब्रिटिश पाउंड से शुरू5. मोजाम्बिक आइलैंड, मोजाम्बिक (Mozambique Island)मोजाम्बिक के उत्तरी तट पर हिंद महासागर के बीच बसा यह एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक द्वीप है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल है। यहां पुर्तगाली वास्तुकला, पुराने किले और प्राचीन चर्च देखने को मिलते हैं।कैसे पहुंचें: सबसे पहले मोजाम्बिक के 'नामपुला' (Nampula) शहर पहुंचें। वहां से सड़क मार्ग के जरिए आगे बढ़ते हुए आप समुद्र के ऊपर बने मोजाम्बिक आइलैंड ब्रिज को पार करके सीधे आइलैंड में दाखिल हो सकते हैं।खर्च/टोल: इस विशाल समुद्री पुल को पार करने का अलग से कोई भी अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाता।टैवल टिप 2026: इन जगहों पर जाने से पहले फेरी और टोल टैक्स की लाइव बुकिंग और समय-सारणी (Timetable) को उनके आधिकारिक पोर्टल्स पर जरूर चेक कर लें, क्योंकि मौसम के मिजाज या पीक टूरिस्ट सीजन के अनुसार फेरी के फेरों में बदलाव होता रहता है। कार के शौकीनों के लिए इन आइलैंड्स की यात्रा एक लाइफटाइम रोड ट्रिप का अनुभव देती है।
डिजिटल युग में ऑनलाइन बैंकिंग, शॉपिंग या किसी भी ऐप पर रजिस्ट्रेशन, लॉगिन, अकाउंट रिकवरी और ट्रांजैक्शन कंफर्मेशन के लिए सबसे ज्यादा मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में वन-टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी (OTP) सुरक्षा का सबसे बड़ा जरिया माना जाता रहा है। लेकिन अब टेलीकॉम दिग्गज वोडाफोन (Vodafone) वेरिफिकेशन के इस पारंपरिक तरीके को बदलने के लिए तकनीक को एक कदम आगे ले गई है।वोडाफोन ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर 'नंबर वेरिफाई 2.0' (Number Verify 2.0) तकनीक को लॉन्च किया है। इस अत्याधुनिक तकनीक के आने के बाद अब यूज़र्स को बार-बार आने वाले ओटीपी के झंझट और एसएमएस के इंतजार से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नई तकनीक क्या है, कैसे काम करती है और एसएमएस ओटीपी की तुलना में यह कितनी सुरक्षित है:कैसे काम करती है 'नंबर वेरिफाई 2.0' तकनीक? (The Tech Behind It)नंबर वेरिफाई 2.0 तकनीक बिना किसी वन-टाइम पासकोड (OTP) के यूज़र के मोबाइल फोन नंबर को वेरिफाई करने का एक बेहद आसान, तेज और अत्यधिक सुरक्षित विकल्प प्रदान करती है:सिम और डिवाइस का सीधा मिलान: यह तकनीक मोबाइल नेटवर्क (Mobile Network) की आंतरिक क्षमता का सीधा इस्तेमाल करती है। यह बिना किसी बाहरी कोड के बैकएंड पर ही तुरंत वेरिफाई कर लेती है कि ऐप या वेबसाइट पर जिस फोन नंबर से लॉगिन करने का प्रयास किया जा रहा है, वह उस समय डिवाइस में मौजूद सक्रिय सिम (SIM Card) से जुड़ा है या नहीं।क्विक यूजर एक्सपीरियंस: इस प्रक्रिया में यूज़र को कोई भी कोड टाइप नहीं करना पड़ता। बस स्क्रीन पर एक बार अपनी सहमति (Consent) देनी होती है और मोबाइल नेटवर्क तुरंत आपका फोन नंबर संबंधित सर्विस प्रोवाइडर (जैसे बैंक, फिनटेक ऐप या ऑनलाइन रिटेलर) के साथ सुरक्षित रूप से साझा कर देता है।एसएमएस ओटीपी (SMS OTP) क्यों बन चुका है आज के दौर में असुरक्षित?वर्तमान समय में मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के लिए पूरी दुनिया में एसएमएस ओटीपी को ही डिफॉल्ट तरीका माना जाता है। लेकिन वोडाफोन के अनुसार, यह मॉडर्न साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के खतरों और यूज़र्स की उम्मीदों के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है:असली ग्राहक की पहचान नहीं: एसएमएस ओटीपी केवल इस बात की पुष्टि करता है कि किसी व्यक्ति ने मोबाइल नंबर पर भेजा गया कोड ऐप में दर्ज कर दिया है। यह कभी साबित नहीं कर पाता कि ओटीपी दर्ज करने वाला व्यक्ति ही उस सिम या नंबर का असली मालिक है।साइबर हमलों का खतरा: इसके कारण व्यवसायों और आम उपभोक्ताओं को फिशिंग (Phishing) और सोशल इंजीनियरिंग जैसे गंभीर साइबर फ्रॉड का सामना करना पड़ता है। आज के दौर में हैकर्स और ऑटोमैटेड बॉट्स बड़ी मात्रा में फर्जी ओटीपी रिक्वेस्ट ट्रिगर करके लोगों के बैंक खाते तक साफ कर देते हैं।आज के खतरों के लिए नहीं बना था OTP — जोहाना वुड (API Director)वोडाफोन में नेटवर्क APIs की डायरेक्टर जोहाना वुड ने इस नई तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि, एसएमएस पर आधारित ओटीपी सिस्टम पिछले एक दशक से अधिक समय से पूरी दुनिया में डिफ़ॉल्ट रहा है, लेकिन इसे आज के आधुनिक और जटिल साइबर खतरों वाले माहौल से निपटने के लिए कभी डिज़ाइन नहीं किया गया था। नंबर वेरिफाई 2.0 इस पूरी व्यवस्था को बदल देता है। यह डेवलपर्स को फोन नंबर वेरिफाई करने का एक ऐसा जरिया देता है जो न सिर्फ यूज़र के लिए बेहद तेज और आसान है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी अभेद्य है।किन देशों में सबसे पहले लॉन्च हुई यह तकनीक?वोडाफोन की इस अत्याधुनिक नंबर वेरिफाई 2.0 तकनीक को वैश्विक शुरुआत के तहत अभी यूरोपीय देशों में रोल आउट किया गया है:शुरुआती देश: यह तकनीक वर्तमान में जर्मनी (Germany), नीदरलैंड्स (Netherlands) और यूनाइटेड किंगडम (UK) में आधिकारिक तौर पर लाइव कर दी गई है।प्लेटफॉर्म सपोर्ट: नंबर वेरिफाई 2.0 की यह सेवा सबसे पहले एंड्रॉयड (Android) ऑपरेटिंग सिस्टम वाले डिवाइसेज पर रोल आउट हो रही है, जिसे भविष्य में अन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए भी विस्तारित किया जाएगा।इस तकनीक के व्यापक प्रसार के बाद आने वाले समय में पूरी दुनिया में डिजिटल ट्रांजैक्शन और ऐप लॉगिन का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है।
इस समय इनकम टैक्स रिटर्न (ITR - Income Tax Return) दाखिल करने का सीजन पूरे शबाब पर है और देश भर के लाखों नौकरीपेशा (Salaried) लोग अपना रिटर्न भर रहे हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि आईटीआर फाइल करना एक बेहद जिम्मेदारी भरा काम है, जिसमें की गई एक छोटी-सी लापरवाही भी आपके लिए बाद में बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।अक्सर लोग अंतिम तारीखों की आपाधापी में गलत जानकारी दे देते हैं, अपनी किसी अतिरिक्त आय को छिपा लेते हैं या फिर दस्तावेजों का सही मिलान नहीं करते। ऐसा करने पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से भारी-भरकम टैक्स नोटिस आ सकता है, साथ ही आपको अतिरिक्त टैक्स, भारी ब्याज और पेनल्टी (जुर्माना) भी भरनी पड़ सकती है। आइए टैक्स विशेषज्ञों के हवाले से समझते हैं उन 5 आम गलतियों के बारे में जिनसे आपको हर हाल में बचना चाहिए:1. सिर्फ Form-16 पर निर्भर रहने की भूल (The Form-16 Myth)ज्यादातर सैलरीड कर्मचारी यह सोचते हैं कि कंपनी से मिले Form-16 में उनकी टैक्स से जुड़ी सारी जानकारियां मौजूद हैं, इसलिए वे केवल इसी के आधार पर तुरंत आईटीआर फाइल कर देते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सबसे आम और बड़ी गलतियों में से एक है।क्या करें: रिटर्न सबमिट करने से पहले अपने इनकम टैक्स पोर्टल से Annual Information Statement (AIS) और Form 26AS को डाउनलोड करके उसका मिलान जरूर करें।क्यों है जरूरी: कई बार बैंक से मिलने वाला ब्याज, शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के ट्रांजैक्शन और आपका कटा हुआ टीडीएस (TDS) इन फॉर्म्स में दर्ज होता है, जो आपके Form-16 में शामिल नहीं हो पाता।2. कमाई के अन्य स्रोतों (Extra Income) को छिपानाआईटीआर भरते समय केवल अपनी मुख्य सैलरी (वेतन) की जानकारी देना काफी नहीं है। आयकर विभाग के पास आपके हर बड़े वित्तीय लेनदेन का पूरा डेटा होता है। रिटर्न दाखिल करते समय नीचे दी गई आय को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें:बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और सेविंग अकाउंट से मिलने वाला सालाना ब्याज।शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स को बेचने से हुआ कैपिटल गेन (Capital Gain)।मकान या दुकान से आने वाली किराये की आय (Rental Income)।पार्ट-टाइम काम, कंसल्टेंसी या फ्रीलांसिंग के जरिए हुई कमाई।याद रखें, किसी भी वैध आय को छिपाने का सीधा मतलब है टैक्स चोरी की श्रेणी में आना, जिस पर विभाग तुरंत एक्शन लेता है।3. बिना सोचे-समझे गलत टैक्स रिजीम चुननाआज के समय में टैक्सपेयर्स के पास दो विकल्प मौजूद हैं— पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime)।तुलना है जरूरी: कई कर्मचारी बिना अपनी कटौतियों और निवेश की गणना किए ही किसी भी एक रिजीम का चुनाव कर लेते हैं। इससे वे टैक्स छूट का लाभ लेने से चूक जाते हैं और उन्हें ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ता है।एक्सपर्ट टिप: आईटीआर फॉर्म सबमिट करने से पहले टैक्स कैलकुलेटर के जरिए दोनों व्यवस्थाओं में अपनी टैक्स देनदारी (Tax Liability) की तुलना जरूर कर लें।4. बिना सबूतों के झूठी कटौतियों (Deductions) का दावा करनाकुछ लोग अपने टैक्स को गैर-कानूनी तरीके से बचाने के लिए बिना किसी निवेश के भी मनगढ़ंत कटौतियों का क्लेम कर देते हैं।दस्तावेज होना अनिवार्य: धारा 80C (PPF, LIC, ट्यूशन फीस), धारा 80D (मेडिक्लेम), या होम लोन के ब्याज पर छूट का दावा केवल तभी करें, जब आपके पास उसके वैध और पक्के प्रमाण (Receipts) मौजूद हों।अस्वीकार होने का खतरा: यदि स्क्रूटनी के दौरान आपके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलता, तो विभाग आपके दावों को खारिज कर देगा और आपको पेनल्टी व ब्याज सहित टैक्स चुकाना होगा।5. गलत बैंक डिटेल भरना और ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) भूल जानारिफंड अटकने का डर: आईटीआर भरते समय अपने एक्टिव बैंक खाते का नंबर और IFSC कोड बेहद सावधानी से दर्ज करें। यदि बैंक डिटेल्स में एक भी अंक गलत हुआ, तो आपका टैक्स रिफंड (Tax Refund) अधर में लटक सकता है। साथ ही अपने खाते का 'प्री-वैलिडेट' होना भी सुनिश्चित करें।ई-वेरिफिकेशन है सबसे जरूरी: कई लोग समझते हैं कि आईटीआर फॉर्म सबमिट होते ही काम पूरा हो गया। लेकिन नियम के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने के बाद तय समय सीमा (प्रचलित नियमों के तहत 30 दिन) के भीतर उसका ई-वेरिफिकेशन (E-Verification) करना अनिवार्य है। यदि आप इसे सत्यापित नहीं करते हैं, तो आपके आईटीआर को अमान्य (Invalid) मान लिया जाएगा।
ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो ‘लॉकअप 2’ (Lock Upp 2) में हर बीतते दिन के साथ ड्रामे का स्तर दोगुना होता जा रहा है। शो के भीतर कंटेस्टेंट्स के बीच के समीकरण इतनी तेजी से बदल रहे हैं कि दर्शकों के लिए भी अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है।पिछले हफ्ते घर से माधुरी के बेघर होने के बाद, वरुण के अलावा पूरे घर में किसी को भनक तक नहीं है कि आकांक्षा चौधरी सीक्रेट रूम (Secret Room) में बैठकर हर किसी के गेम पर नजर रख रही हैं। वहीं, इस हफ्ते के एलिमिनेशन (Lock Upp 2 Elimination) को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है। आइए जानते हैं इस हफ्ते शो में कौन से कंटेस्टेंट सेफ हुए हैं और अर्जुन कपूर के सामने धीरज धूपर ने ऐसा क्या कह दिया कि सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है:सूफी मोतीवाला और योगेश रावत पर लटकी एलिमिनेशन की तलवारइस हफ्ते लॉकअप से बेघर होने के लिए कई कंटेस्टेंट्स के नाम रेस में चल रहे हैं। ताजा अपडेट्स के मुताबिक, सूफी मोतीवाला और योगेश रावत का नाम इस हफ्ते के बॉटम में सामने आ रहा है और इन दोनों पर ही एविक्शन का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, मेकर्स की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी फाइनल कन्फर्मेशन आना बाकी है।श्रेया कालरा की जीत, राम कपूर हुए सेफ:दूसरी ओर, शो में हुए हालिया कैप्टेंसी या वीआईपी टास्क में एक बार फिर श्रेया कालरा (Shreya Kalra) ने बाजी मार ली है। श्रेया की इस धमाकेदार परफॉर्मेंस का सीधा फायदा राम कपूर (Ram Kapoor) को मिला और वे इस हफ्ते पूरी तरह से सेफ हो गए हैं।जब 'जज' बनकर पहुंचे अर्जुन कपूर, धीरज धूपर ने खोला मोर्चाशो के लेटेस्ट एपिसोड में बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor) एक खास टास्क के लिए लॉकअप के भीतर एंट्री करते हैं। अर्जुन अपने साथ बाहर की जनता (ऑडियंस) के कुछ तीखे आरोप लेकर आए थे, जिनका सामना घरवालों को करना था। इसी दौरान अर्जुन ने कंटेस्टेंट्स को एक मजेदार टास्क दिया, जिसमें उन्हें एक-दूसरे को अलग-अलग 'टैग' देने थे।शांत धीरज का एग्रेसिव अवतार: अब तक शो में धीरज धूपर (Dheeraj Dhoopar) बेहद शांत और बिना किसी मजबूत गेम प्लान के दिख रहे थे। लेकिन इस हफ्ते के टास्क के दौरान वे अचानक बेहद आक्रामक हो गए और दोस्ती की मर्यादा भूल गए।3 मजबूत कंटेस्टेंट्स का गेम बिगाड़ा: धीरज ने गुस्से में आकर शो के सबसे मजबूत खिलाड़ी राम कपूर, हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी (Shivangi Joshi) के खेल को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। धीरज के इस बदले हुए रूप को देखकर घर का हर सदस्य हैरान और परेशान रह गया।आकांक्षा चमोला को कहा 'रेड फ्लैग', प्रोमो हुआ वायरलशो के नए प्रोमो में जब अर्जुन कपूर ने धीरज धूपर से अपनी को-कंटेस्टेंट आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) को एक टैग देने के लिए कहा, तो धीरज ने बिना पलक झपकाए सीधा कह दिया— रेड फ्लैग (Red Flag)।धीरज ने इसके पीछे की वजह बताते हुए अर्जुन के सामने कहा, जिस तरह से आकांक्षा की थोड़ी सी हरकतें हैं, मैं उनके साथ काफी अनकम्फर्टेबल (असहज) महसूस करता हूँ। धीरज का यह तीखा जवाब सुनते ही वहां मौजूद श्रेया कालरा जहां हंसती हुई नजर आईं, वहीं आकांक्षा चमोला का चेहरा पूरी तरह उतर गया। आकांक्षा ने पलटवार करते हुए बेहद नाराजगी भरे लहजे में कहा, तुम्हारे इस बयान से ऐसा लग रहा है जैसे मैं तुम्हें फिजिकली (शारीरिक रूप से) अनकम्फर्टेबल फील करा रही हूँ। दोनों के बीच हुई इस बहस का यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।आकांक्षा चमोला के वो 2 सीक्रेट्स, जिन्होंने उड़ाए सबके होशटेलीविजन अभिनेता गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा चमोला जब से इस शो में आई हैं, वे अपने पर्सनल लाइफ के खुलासों को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं:शादी टूटने का खुलासा: शो के पहले ही हफ्ते में आकांक्षा ने नेशनल टेलीविजन पर यह कबूल कर हर किसी को हिला दिया था कि वे और गौरव खन्ना अब अपनी शादी खत्म करने जा रहे हैं और पिछले 18 महीनों से पूरी तरह अलग रह रहे हैं।बायसेक्सुअल होने की बात: शो के भीतर उनका दूसरा सबसे बड़ा सीक्रेट यह सामने आया कि वे शादी से पहले बायसेक्सुअल (Bisexual) थीं और लड़कियों के साथ भी गंभीर रिलेशनशिप में रह चुकी हैं। शो के भीतर भी सह-कंटेस्टेंट पामेला सेरेना के साथ उनकी बढ़ती नजदीकियों और बॉन्डिंग को लेकर घर के भीतर और बाहर लगातार कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।अब देखना दिलचस्प होगा कि धीरज धूपर का यह नया एग्रेसिव गेम उन्हें शो में कितनी आगे तक ले जाता है और इस हफ्ते कौन सा कंटेस्टेंट लॉकअप से हमेशा के लिए बाहर होता है।
मई में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत और राज्य में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पश्चिम बंगाल के अपने पहले विस्तृत दौरे पर आ रहे हैं। गृह मंत्री 17 से 19 जुलाई 2026 तक राज्य के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे।इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस सीमा सुरक्षा (Border Security), सुशासन, राज्य की कानून-व्यवस्था (Law and Order) और बुनियादी विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर रहेगा। राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण से अमित शाह के इस दौरे को बेहद खास माना जा रहा है। आइए जानते हैं गृह मंत्री के इस 3 दिवसीय दौरे का पूरा शेड्यूल और मुख्य कार्यक्रम:18 जुलाई (शनिवार): सिलीगुड़ी में BSF जवानों से संवाद और सीमा मामलों पर बैठकदौरे के दूसरे दिन गृह मंत्री उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी में रहेंगे, जहां वे सुरक्षा बलों का हौसला बढ़ाएंगे और सीमा प्रबंधन की समीक्षा करेंगे:सीमा चौकी का दौरा: 18 जुलाई की सुबह अमित शाह सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की जुमागाछ सीमा चौकी का दौरा करेंगे। यहां वे 18वीं बटालियन बॉर्डर आउटपोस्ट पर तैनात BSF के जवानों से सीधा संवाद (Interaction) करेंगे।विकास कार्यों की सौगात: इस दौरान वे सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए BSF के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे।बॉर्डर मामलों पर महा-बैठक: दोपहर के समय गृह मंत्री एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसका मुख्य विषय ‘पश्चिम बंगाल में बॉर्डर से जुड़े मामले’ होगा। इसमें घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने पर रणनीति तैयार होगी।नए कानूनों और रजिस्ट्रेशन पर समीक्षा: इसके बाद वे राज्य में लागू किए गए तीन नए कानूनों के पूर्ण कार्यान्वयन (Implementation) की समीक्षा करेंगे। शाम के वक्त वे बंगाल में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (Birth and Death Registration) से जुड़े मामलों की प्रगति पर भी अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।19 जुलाई (रविवार): कोलकाता में कानून-व्यवस्था की समीक्षा और अमूल प्लांट की सौगातदौरे के अंतिम दिन गृह मंत्री पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचेंगे, जहां कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होना है:कानून-व्यवस्था पर हाई-लेवल मीटिंग: कोलकाता पहुंचते ही अमित शाह सबसे पहले पश्चिम बंगाल की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक चुस्ती-दुरुस्ती जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।‘म्यूजियम ऑफ वर्ड्स’ का उद्घाटन: प्रशासनिक बैठकों के बाद गृह मंत्री अलीपुर स्थित नेशनल लाइब्रेरी (National Library, Alipore) जाएंगे। वहां वे भारतीय भाषाओं, समृद्ध साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड्स’ (Museum of Words) के पहले चरण का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे।अमूल डेयरी के दही प्लांट का शिलान्यास: अपने दौरे के समापन पर अमित शाह न्यू टाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर (Biswa Bangla Convention Center) पहुंचेंगे। यहाँ वे अमूल डेयरी (Amul Dairy) के नए दही प्लांट का शिलान्यास करेंगे। इस बड़ी परियोजना से राज्य के डेयरी उद्योग को एक नई दिशा मिलने, दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार (Employment) के सैकड़ों नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र और राज्य के बीच विकास और सुरक्षा के तालमेल को मजबूत करने के लिहाज से गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे को बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े दो बेहद महत्वपूर्ण मामलों पर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने एक तरफ जहां तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) समेत कुल 13 याचिकाओं पर कार्यवाही को पूरी तरह बंद कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से संबंधित याचिकाओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष पीठ गठित करने वाली जनहित याचिका (PIL) पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया है।प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष पीठ ने इन मामलों की सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणियां की हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और शीर्ष अदालत का अंतिम रुख:1. मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी 13 याचिकाएं बंदतमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) कराने के निर्वाचन आयोग (Election Commission) के फैसले के खिलाफ डीएमके (DMK) ने पिछले साल 3 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में आयोग के इस कदम को असंवैधानिक, मनमाना और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बताया गया था।वकील की दलील: सुनवाई के दौरान डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विवेक सिंह ने पीठ के समक्ष दलील दी कि अब इन याचिकाओं पर आगे सुनवाई या किसी नए फैसले की आवश्यकता नहीं रह गई है।बिहार फैसले का हवाला: वकील ने स्पष्ट किया कि हाल ही में 27 मई को सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना विस्तृत फैसला सुना दिया है। उस फैसले में शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग के इस विशेष अधिकार को पूरी तरह से वैध और बरकरार रखा था।कोर्ट का आदेश: बिहार मामले में आए नजीर (Precedent) को स्वीकार करते हुए, सीजेआई की अगुवाई वाली पीठ ने इस मुद्दे से संबंधित सभी 13 याचिकाओं को आधिकारिक तौर पर निस्तारित (डिस्पोज) करते हुए कार्यवाही बंद कर दी।2. चुनाव याचिकाओं के जल्द निपटारे वाली PIL पर सुनवाई से इनकारसुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक अन्य जनहित याचिका भी पेश हुई, जिसमें अनुरोध किया गया था कि मद्रास हाईकोर्ट को निर्देश दिया जाए कि वह 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से संबंधित लंबित 54 चुनाव याचिकाओं (Election Petitions) का शीघ्र और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करे।क्या था मामला: याचिकाकर्ता के. वेंकटचलपति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू और अधिवक्ता समीर मलिक ने दलील दी कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (RPA) की धारा 86(7) के तहत चुनाव से जुड़े विवादों का छह महीने के भीतर निपटारा हो जाना चाहिए।चुनाव परिणाम: याचिका के अनुसार, इस साल 23 अप्रैल 2026 को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) ने बड़ी जीत हासिल की थी। इसके बाद 4 मई को घोषित परिणामों की वैधता को चुनौती देते हुए 3 जून से 18 जून के बीच विभिन्न क्षेत्रों से 54 चुनाव याचिकाएं दायर की गईं, जो लंबे समय से लंबित हैं।गलत नजीर स्थापित होगी - सीजेआई सूर्यकांत:जब याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट को एक विशेष पीठ (Special Bench) गठित करने का निर्देश देने की मांग की, तो प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। सीजेआई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, अगर सुप्रीम कोर्ट हर हाईकोर्ट को इस तरह के प्रशासनिक निर्देश देने लगेगा, तो इससे न्यायिक व्यवस्था में एक गलत नजीर (Wrong Precedent) स्थापित होगी।मद्रास हाईकोर्ट जाने की मिली छूटसर्वोच्च अदालत ने भले ही इस जनहित याचिका पर सीधे विचार करने से इनकार कर दिया, लेकिन पीठ ने याचिकाकर्ता के कानूनी अधिकारों को सुरक्षित रखा है। अदालत ने याचिकाकर्ता को यह पूरी छूट (Liberty) प्रदान की है कि वे अपनी इस मांग और आवश्यक राहत के लिए सीधे मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) के मुख्य न्यायाधीश का रुख कर सकते हैं।इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग के पास मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने का पूर्ण संवैधानिक अधिकार है और उच्च न्यायालयों के आंतरिक प्रशासनिक मामलों में शीर्ष अदालत सीधे हस्तक्षेप कर कोई गलत परंपरा शुरू नहीं करना चाहती।
जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम पर हमला करने और सर्विस राइफल छीनने के प्रयास के दौरान गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना डोडा जिले के भद्रवाह (Bhaderwah) इलाके की है। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद स्पष्ट कर दिया है कि इस पूरी घटना में कोई भी आतंकी एंगल (No Terror Angle) शामिल नहीं है। आइए जानते हैं क्या है पूरी घटना और इसके पीछे की मुख्य वजह:संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर नाकेबंदी के दौरान हुआ हमलापुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, डोडा जिले के ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसी इनपुट के आधार पर एसओजी (SOG) की एक विशेष टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी और गश्त कर रही थी।कहाँ हुई घटना: शुक्रवार को भद्रवाह कस्बे से लगभग 35 किलोमीटर दूर जाई-गांडोह सड़क (Jai-Gandoh Road) पर पुलिस ने एक नाका लगाया हुआ था।देर रात की मुठभेड़: रात करीब 11:30 बजे SOG की टीम ने दो संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम द्वारा रोके जाने पर दोनों युवकों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला बोल दिया।राइफल छीनने की कोशिश और हाथापाई में चली गोलीपुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब टीम ने दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए रोका, तो उनमें से एक युवक ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और ऑन-ड्यूटी जवान की सर्विस राइफल (Service Rifle) छीनने की कोशिश की।हाथापाई में चली गोली: राइफल छीनने की कोशिश के दौरान एसओजी जवानों और युवकों के बीच काफी देर तक हिंसक हाथापाई हुई। इसी छीनाझपटी के दौरान आत्मरक्षा और हथियार को बचाने के लिए एसओजी के एक जवान की बंदूक से गोली चल गई, जो सीधे तौर पर राइफल छीनने का प्रयास कर रहे युवक को जा लगी।इस गंभीर हाथापाई में 3 पुलिसकर्मी भी बुरी तरह घायल हो गए, जिनमें से एक जवान के सिर में काफी गंभीर चोटें आई हैं। घटना का फायदा उठाकर दूसरा संदिग्ध युवक अंधेरे का लाभ उठाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।अस्पताल में इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दमघटना के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने सभी घायल पुलिसकर्मियों और गोली लगने से जख्मी हुए युवक को नजदीकी भद्रवाह उप-जिला अस्पताल (Sub-District Hospital) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों पक्षों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत डोडा सरकारी मेडिकल कॉलेज (Doda GMC) रेफर कर दिया गया।हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान गोली लगने वाले युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक की पहचान 30 वर्षीय आरिफ हुसैन के रूप में की है, जो चीका गांव का निवासी बताया जा रहा है। घटना स्थल मृतक के मूल घर से लगभग 25 किलोमीटर दूर है।शुरुआती जांच में मवेशी तस्करी का अंदेशा (Cattle Smuggling Link)डोडा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, मामले में किसी भी तरह के आतंकी संगठन या उग्रवाद का हाथ नहीं है। शुरुआती तफ्तीश और साक्ष्यों से यह संकेत मिलते हैं कि मृतक और उसका फरार साथी क्षेत्र में मवेशियों की अवैध तस्करी (Cattle Smuggling) के धंधे में शामिल थे और रात के अंधेरे में इसी इरादे से जा रहे थे। पुलिस फरार दूसरे युवक की तलाश के साथ-साथ मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में कोई भी मांगलिक कार्य, विशेषकर विवाह संस्कार करने से पहले ग्रहों की स्थिति और शुभ समय (मुहूर्त) का आकलन करना अनिवार्य माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्तमान में शादियों और शुभ कार्यों पर पूरी तरह से ब्रेक लग चुका है।देवताओं के गुरु बृहस्पति (Jupiter) का उदित रहना किसी भी मांगलिक कार्य की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब गुरु ग्रह अस्त होते हैं, तो विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत और नामकरण जैसे संस्कारों के शुभ फल प्राप्त नहीं होते हैं। द्रिक पंचांग (Drik Panchang) के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को शाम 07 बजकर 59 मिनट पर गुरु ग्रह अस्त हो चुके हैं, जो अब 12 अगस्त 2026 को सुबह 05 बजकर 03 मिनट पर दोबारा उदय होंगे।हालांकि, अगस्त में गुरु के उदय होने के बाद भी शादियों का सीजन तुरंत शुरू नहीं हो पाएगा, क्योंकि इसी दौरान चातुर्मास (Chaturmas) का प्रारंभ होने जा रहा है। आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे का पौराणिक गणित और साल 2026 के आखिरी महीनों में विवाह के कौन-कौन से शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं:चातुर्मास में क्यों नहीं होंगी शादियां? (Devshayani Ekadashi Rule)हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होती है, जिसका समापन कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की देवउठनी एकादशी के दिन होता है।भगवान विष्णु की योगनिद्रा: इस साल 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों में सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। इसे देवताओं का शयनकाल कहा जाता है।शुभ कार्यों पर रोक क्यों?: देवताओं के शयनकाल में होने के कारण इस अवधि में किए गए किसी भी मांगलिक कार्य को दैवीय आशीर्वाद प्राप्त नहीं होता, जिससे उनके फल निष्फल हो जाते हैं।साधना का समय: चातुर्मास के इस समय को भौतिक सुखों या उत्सवों के बजाय आध्यात्मिक उन्नति, स्नान-दान, कथा-श्रवण, व्रत, जप और तप साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।20 नवंबर से फिर शुरू होगा शादियों का सीजन (Devutthana Ekadashi)द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह की देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी।देवताओं का जागरण: इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु चार महीने की लंबी योगनिद्रा से जागृत होंगे और पुनः संसार का कार्यभार संभालेंगे।शहनाइयों की गूंज: चूंकि देवउठनी एकादशी को 'अबूझ मुहूर्त' भी माना जाता है, इसलिए 20 नवंबर 2026 से ही देश भर में विवाह और अन्य सभी रुके हुए मांगलिक कार्य पूरी भव्यता के साथ फिर से शुरू हो जाएंगे। यानी शहनाइयों की गूंज सुनने के लिए अब सीधे नवंबर महीने का इंतजार करना होगा।नवंबर और दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त की पूरी लिस्ट (Shubh Muhurat Dates)यदि आप या आपके परिवार में कोई इस साल के अंत में विवाह के बंधन में बंधने की योजना बना रहा है, तो पंचांग के अनुसार नवंबर और दिसंबर 2026 में केवल यही तिथियां विवाह के लिए शुद्ध और शुभ मानी गई हैं:नवंबर 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त:नवंबर के महीने में देवउठनी एकादशी के बाद शादियों के लिए केवल 4 शुभ दिन मिल रहे हैं:21 नवंबर (शनिवार)24 नवंबर (मंगलवार)25 नवंबर (बुधवार)26 नवंबर (गुरुवार)दिसंबर 2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त:साल के आखिरी महीने दिसंबर में कड़ाके की ठंड के बीच शादियों के लिए कुल 7 शुभ दिन उपलब्ध हैं:2 दिसंबर (बुधवार)3 दिसंबर (गुरुवार)4 दिसंबर (शुक्रवार)5 दिसंबर (शनिवार)6 दिसंबर (रविवार)11 दिसंबर (शुक्रवार)12 दिसंबर (शनिवार)ज्योतिषीय सलाह: हालांकि ये तिथियां पंचांग के अनुसार सामान्य रूप से शुद्ध हैं, लेकिन विवाह तय करने से पहले वर और वधू की जन्म कुंडली के आधार पर उनके व्यक्तिगत नक्षत्रों और चंद्रमा की स्थिति का मिलान किसी योग्य ज्योतिषी से अवश्य करवा लेना चाहिए।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों (MBBS, BDS, AYUSH) में प्रवेश के लिए आयोजित देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित हुई परीक्षा के बाद एनटीए ने रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी कर काउंसलिंग और एडमिशन का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।इस साल देश भर के लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं ने इस कठिन परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से 11.21 लाख कैंडिडेट्स ने सफलता हासिल की है। इस बार के नतीजों में उत्तर और मध्य भारत के राज्यों का दबदबा रहा है, जिसमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत 8 राज्यों के होनहारों ने टॉप 17 रैंक में बाजी मारी है।पंजाब-हरियाणा नंबर-1: इन दो सूरमाओं ने हासिल की AIR 1NEET UG 2026 की परीक्षा में पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान प्राप्त किया है:संयुक्त टॉपर: पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है।स्कोर: दोनों ही मेधावी छात्रों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया।टॉप 17 रैंकर्स: 705 से अधिक अंक पाने वाले टॉप 17 रैंकर्स देश के 8 प्रमुख राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना) से आते हैं।नीट यूजी 2026: टॉप-10 अभ्यर्थियों की सूची और स्कोरएनटीए द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के टॉप 10 स्टूडेंट्स की सूची उनके अंक और पर्सेंटाइल के साथ नीचे दी गई है:रैंक (Rank)छात्र का नाम (Name)राज्य (State)श्रेणी (Category)प्राप्त अंक (Score)पर्सेंटाइल (%)1आर्यन गुप्तापंजाबसामान्य (पुरुष)71599.9999%1पंशुल बंसलहरियाणासामान्य (पुरुष)71599.9999%3उपलक्ष्य गोयलराजस्थानसामान्य (पुरुष)71499.99985%4आयुष भालोटियाबिहारसामान्य (पुरुष)71399.99965%4कुडाले श्रावणी कृष्णामहाराष्ट्रओबीसी-एनसीएल (महिला)71399.99965%4रिया रंजनबिहारओबीसी-एनसीएल (महिला)71399.99965%4आर्यन दुबेउत्तर प्रदेशसामान्य (पुरुष)71399.99965%8गीतांश सरीनपंजाबसामान्य (पुरुष)71299.99915%8गौरव सिंहराजस्थानओबीसी-एनसीएल (पुरुष)71299.99915%8मोहनीश मारुति भोसलेमहाराष्ट्रसामान्य (पुरुष)71299.99915%स्कोर ब्रेकडाउन: किस स्कोर पर कितने छात्र?इस साल 600 से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या काफी अच्छी रही है, जो कट-ऑफ और तगड़े कॉम्पिटिशन को दर्शाती है:700 से ज्यादा नंबर: देश भर में कुल 19 उम्मीदवारों ने 700 या उससे ज्यादा का स्कोर खड़ा किया है।690 से ज्यादा नंबर: कुल 138 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक बटोरे हैं।650 से ज्यादा नंबर: कुल 1,492 स्टूडेंट्स ने 650 से अधिक अंक अर्जित किए।600 से ज्यादा नंबर: कुल 10,160 छात्र 600+ क्लब में शामिल होने में सफल रहे हैं।केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के टॉपर्स:दुर्गम क्षेत्रों से भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लद्दाख से जिग्मेत यांगचन लामो (530 अंक), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ध्रुव त्रिपाठी (606 अंक) और लक्षद्वीप से फहमिदा अनीस (573 अंक) अपने-अपने क्षेत्र में टॉपर रहे हैं।छात्राओं ने फिर गाड़े सफलता के झंडे (58% से ज्यादा हिस्सेदारी)इस साल की परीक्षा में भी बेटियों का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। एनटीए के अनुसार, इस साल कुल क्वालिफाई हुए 11.21 लाख अभ्यर्थियों में से 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। इसके अलावा, सबसे बेहतरीन रैंक हासिल करने वाले ज्यादातर छात्र और छात्राओं की उम्र 17 से 19 साल के बीच दर्ज की गई है।पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को दोबारा हुई थी परीक्षायाद दिला दें कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहले यह परीक्षा 9 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक होने के गंभीर आरोपों के बीच एनटीए ने 12 मई को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया था। इस पूरे मामले की जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) कर रही है। इसके बाद पूरी पारदर्शिता बरतते हुए 21 जून 2026 को भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में फैले 5,440 केंद्रों पर परीक्षा का दोबारा शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। यह परीक्षा कुल 13 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, असमिया और उर्दू) में आयोजित हुई थी।काउंसलिंग के लिए देश में कुल MBBS सीटों का गणितरिजल्ट समय पर जारी होने से अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभाग तय समय पर काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। देश भर में मेडिकल की कुल सीटों का विवरण इस प्रकार है:कुल उपलब्ध MBBS सीटें: लगभग 1,08,000 सीटेंसरकारी मेडिकल कॉलेज (Government Colleges): लगभग 56,000 सीटें (कम फीस और उच्च प्राथमिकता)निजी मेडिकल कॉलेज (Private Colleges): लगभग 52,000 सीटेंएनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम प्रक्रिया में कुछ बड़े तकनीकी और प्रशासनिक बदलाव (जैसे विभिन्न चरणों को समानांतर चलाना और ओएमआर आपत्तियों को आंसर की से अलग रखना) करके नतीजे समय पर घोषित किए गए हैं ताकि छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
अपने जीवनभर की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर एक तय व नियमित आय (Regular Income) पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी देश के बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के बीच सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, जो लोग जोखिम मुक्त निवेश (Risk-Free Investment) की तलाश में हैं, उनके लिए यह समय बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।जुलाई 2026 में देश के कई प्रमुख बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% तक की उच्चतम ब्याज दर (Interest Rate) की पेशकश कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले बैंकों में स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) सबसे आगे चल रहे हैं, जबकि देश के कई बड़े प्राइवेट (निजी) बैंक भी 7.75% से लेकर 8.00% तक का शानदार रिटर्न दे रहे हैं। आइए जानते हैं किस बैंक में मिल रहा है कितना ब्याज और निवेश करते समय आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए:स्मॉल फाइनेंस बैंकों में मिल रहा है सबसे ज्यादा ब्याज (8.50% तक)यदि आप अपनी जमा राशि पर अधिकतम मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो इस समय स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बेस्ट रिटर्न दे रहे हैं:इक्विटास और शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक: ये दोनों बैंक इस समय सीनियर सिटीजंस को उनकी एफडी पर 8.50% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं।जन और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक: यहाँ वरिष्ठ नागरिकों को अधिकतम 8.30% तक की ब्याज दर मिल रही है।ESAF और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक: इन दोनों बैंकों में जमा राशि पर अधिकतम 8.25% तक का रिटर्न उपलब्ध है।निजी (प्राइवेट) बैंकों की ब्याज दरें भी हैं आकर्षक (7.75% से 8.00%)जो निवेशक निजी बैंकों के नेटवर्क और उनकी सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए भी कई बैंकों ने अपनी दरें बेहद मजबूत रखी हैं:निजी बैंक का नाम (Private Banks)वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दरDCB बैंक (DCB Bank)8.00%बंधन बैंक (Bandhan Bank)7.95%जम्मू एंड कश्मीर बैंक (J&K Bank)7.80%SBM बैंक इंडिया (SBM Bank India)7.80%इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank)7.75%यस बैंक (Yes Bank)7.75%ध्यान दें: ये सभी ब्याज दरें एक निश्चित समयावधि (Tenure) की एफडी के लिए लागू हैं। अलग-अलग अवधि (जैसे 1 वर्ष, 2 वर्ष या 5 वर्ष) के लिए दरों में बदलाव हो सकता है, इसलिए निवेश से पहले बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर लेटेस्ट दरों को जरूर क्रॉस-चेक कर लें।सुरक्षा का पक्का इंतजाम: क्या है ₹5 लाख का DICGC इंश्योरेंस नियम?अक्सर स्मॉल फाइनेंस या छोटे निजी बैंकों में पैसा लगाने से पहले निवेशकों के मन में सुरक्षा को लेकर थोड़ा डर रहता है। ऐसे में आपको डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के नियम को समझना बेहद जरूरी है:₹5 लाख तक का सरकारी कवर: आरबीआई (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था DICGC के नियमों के तहत, भारत के प्रत्येक शेड्यूल्ड बैंक में हर एक ग्राहक की ₹5 लाख तक की जमा राशि (मूलधन + ब्याज मिलाकर) पूरी तरह से बीमित (Insured) और सुरक्षित रहती है। किसी भी विषम परिस्थिति में बैंक के डूबने या दिवालिया होने पर सरकार यह राशि ग्राहक को लौटाने की गारंटी देती है।जोखिम कम करने की एक्सपर्ट ट्रिक (Multi-Bank Strategy):यदि आपके पास निवेश करने के लिए ₹15 या ₹20 लाख जैसी बड़ी रकम है, तो उसे किसी एक ही बैंक में फिक्स करने के बजाय ₹5-5 लाख के टुकड़ों में अलग-अलग 3 से 4 बैंकों में निवेश करें। ऐसा करने से आपकी पूरी की पूरी रकम 100% सरकारी बीमा कवर के दायरे में सुरक्षित रहेगी और आपको ऊंचे ब्याज का पूरा फायदा भी मिल जाएगा।FD में निवेश करने से पहले इन 4 बातों का हमेशा रखें ध्यानबैंकिंग और टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, केवल ऊंचे ब्याज के लालच में आकर जल्दबाजी में फैसला न लें। निवेश करने से पहले इन बातों की समीक्षा अवश्य करें:प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी (Premature Penalty): यदि आपको अवधि पूरी होने से पहले अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए और आप एफडी तोड़ते हैं, तो बैंक आपसे कितना जुर्माना (Penल्टी) वसूल करेगा, इसकी जानकारी पहले ही ले लें।नियमित आय का विकल्प (Payout Options): यदि आपको घर खर्च चलाने के लिए हर महीने या हर तिमाही (Quarterly) निश्चित पैसों की जरूरत है, तो एफडी फॉर्म भरते समय 'मंथली या क्वार्टरली पेआउट' का विकल्प ही चुनें।विश्वसनीयता और ट्रैक रिकॉर्ड: बैंक का चुनाव करते समय उसकी वित्तीय स्थिति, मार्केट में उसकी साख और ग्राहकों के प्रति उसके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को जरूर देखें।टैक्स लायबिलिटी (TDS): याद रखें कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में एफडी से होने वाली ₹50,000 तक की ब्याज आय टैक्स-फ्री होती है। इससे अधिक आय होने पर बैंक टीडीएस (TDS) काटता है। टीडीएस से बचने के लिए समय पर Form 15H जमा करना न भूलें।निश्चित और सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा ब्याज दरों का यह दौर लंबी अवधि (Long Term) के लिए पैसा लॉक करने का एक बेहतरीन और सुनहरा अवसर माना जा सकता है।
Hydrogen Train : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जींद-सोनीपत के बीच हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। 82 करोड़ में बनी 10 कोच वाली इस ट्रेन में जींद से सोनीपत के बीच 89 किमी का किराया 25 रुपए होगा। इस ट्रेन का न्यूनतम किराया मात्र 5 रुपए ...
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 2020 के चुनाव के दौरान 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का डाटा चुराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। ट्रंप इन आरोपों से जुड़े खुफिया दस्तावेज जल्द सार्वजनिक करने वाले हैं। उन्होंने इसे इतिहास की सबसे बड़ी चुनावी डाटा ...
आधुनिक जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता और प्रोसेस्ड फूड्स पर अत्यधिक निर्भरता के कारण हाई कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) की समस्या आज एक गंभीर वैश्विक महामारी का रूप ले चुकी है। कोलेस्ट्रॉल मूल रूप से हमारे खून में पाया जाने वाला मोम (Wax) जैसा एक वसायुक्त (Fat) पदार्थ है, जो नई कोशिकाओं (Cells) के निर्माण, आवश्यक हार्मोन और विटामिन डी बनाने में शरीर की मदद करता है।लेकिन जब शरीर में इसकी मात्रा आवश्यकता से अधिक बढ़ जाती है, तो यह एक साइलेंट किलर (Silent Killer) साबित हो सकता है। खून में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) का स्तर बढ़ने पर यह नसों की दीवारों पर जमा (Plague) होने लगता है। इससे नसें संकरी हो जाती हैं और हृदय (Heart) तक होने वाला रक्त का प्रवाह (Blood Flow) बुरी तरह बाधित होता है, जिससे हार्ट अटैक (Heart Attack), कोरोनरी आर्टरी डिजीज और ब्रेन स्ट्रोक (Stroke) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि हमारी कौन सी रोजमर्रा की आदतें नसों में इस गंदगी को बढ़ा रही हैं और इससे बचाव के क्या वैज्ञानिक उपाय हैं:बैड कोलेस्ट्रॉल को रॉकेट की रफ्तार से बढ़ाती हैं ये 4 आदतें (Major Causes)नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट (NHLBI) की रिपोर्ट्स के अनुसार, हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या के लिए काफी हद तक हमारी दैनिक दिनचर्या और खानपान जिम्मेदार होता है:सेचुरेटेड और ट्रांस फैट का अत्यधिक सेवन: समोसे, कचौरी, पिज्जा, बर्गर, पैकेट बंद चिप्स, बेकरी प्रोडक्ट्स (केक, पेस्ट्री) और बार-बार गर्म किए गए तेल में बनी चीजों में ट्रांस फैट (Trans Fat) प्रचुर मात्रा में होता है। यह सीधे तौर पर नसों में एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ाता है।शारीरिक निष्क्रियता (Sedentary Lifestyle): घंटों तक एक ही जगह बैठकर काम करना, वॉक न करना और किसी भी तरह की एक्सरसाइज से दूरी बनाने के कारण शरीर में फैट का दहन (Burn) नहीं हो पाता, जिससे वजन बढ़ने लगता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बिगड़ जाता है।धूम्रपान और नशा (Smoking): सिगरेट या तंबाकू का सेवन करने से हमारे शरीर में मौजूद गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL Cholesterol) का स्तर तेजी से घटने लगता है। एचडीएल का काम नसों में जमा अतिरिक्त बैड कोलेस्ट्रॉल को साफ करके लिवर तक पहुंचाना होता है, इसके कम होने से नसों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है।अन्य स्वास्थ्य स्थितियां व जेनेटिक्स: बढ़ती उम्र, मोटापा, अनियंत्रित डायबिटीज (High Sugar) और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा, यदि परिवार में पहले से ही किसी को दिल की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास (Family History) रहा है, तो यह जेनेटिक कारणों से भी आपको प्रभावित कर सकता है।नसों की सफाई और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के 5 अचूक उपाय (Lifestyle Changes)यदि आप बिना दवाओं के या दवाओं के साथ प्राकृतिक रूप से अपने लिपिड प्रोफाइल (Lipid Profile) को सामान्य रखना चाहते हैं, तो लाइफस्टाइल में ये 5 बड़े बदलाव तुरंत लागू करें:हफ्ते में 150 मिनट की एक्सरसाइज: शारीरिक रूप से एक्टिव होना सबसे जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट या हफ्ते में 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला व्यायाम जैसे—तेज चलना (Brisk Walking), साइकिल चलाना, स्विमिंग या योग जरूर करें। इससे गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।हार्ट-फ्रेंडली डाइट अपनाएं: अपने दैनिक भोजन में फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज (ओट्स, दलिया), दालें और बीन्स शामिल करें। भोजन पकाने के लिए रिफाइंड तेल की जगह सीमित मात्रा में हेल्दी फैट (जैसे जैतून का तेल या सरसों का तेल) और मुट्ठी भर मेवे (बादाम, अखरोट) का सेवन करें।वजन और शुगर को रखें नियंत्रित: यदि आपका वजन सामान्य से अधिक है, तो उसे कैलोरी डेफिसिट डाइट और कसरत के जरिए कम करने का प्रयास करें। वजन में 5 से 10% की कमी भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को आश्चर्यजनक रूप से सुधार देती है। साथ ही ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को नियमित मॉनिटर करें।धूम्रपान से पूरी तरह दूरी: यदि आप स्मोकिंग करते हैं, तो इसे आज ही छोड़ दें। धूम्रपान छोड़ने के कुछ ही हफ्तों के भीतर शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) का स्तर वापस सुधरने लगता है और हार्ट अटैक का खतरा आधा हो जाता है।लक्षणों को न करें नजरअंदाज: कब सीधे भागें डॉक्टर के पास?हाई कोलेस्ट्रॉल को चिकित्सा विज्ञान में 'साइलेंट समस्या' कहा जाता है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके कोई भी बाहरी या स्पष्ट लक्षण शरीर पर दिखाई नहीं देते। लाखों लोगों को इसका पता तब चलता है जब वे किसी अन्य बीमारी के लिए रूटीन ब्लड टेस्ट (लिपिड प्रोफाइल) करवाते हैं।हालांकि, यदि नसों में ब्लॉकेज गंभीर स्तर पर पहुंच जाए, तो शरीर में नीचे दिए गए लक्षण दिखने लगते हैं, जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:सीने में भारीपन, जकड़न या अचानक तेज दर्द होना (एंजाइना)।थोड़ा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांस फूलने लगना।अचानक शरीर के किसी एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नता महसूस होना।बिना किसी कारण के अत्यधिक पसीना आना और चक्कर आना।विशेषज्ञों की सलाह: यदि आपकी उम्र 30 वर्ष से अधिक है और आप मोटापा, डायबिटीज, या हाई बीपी से पीड़ित हैं, अथवा आपके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, तो हर 6 महीने या 1 साल में अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट (Lipid Profile Test) जरूर करवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनी डाइट व उपचार का निर्धारण करें।
RO Water Purifier Myths & Facts: क्या वाकई सेहत के लिए नुकसानदेह है आरओ का पानी?
RO Water Purifier Myths & Facts: आजकल आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश घरों में पीने के पानी को साफ करने के लिए RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) वॉटर प्यूरीफायर का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका प्राथमिक उद्देश्य पानी में मौजूद अशुद्धियों, भारी धातुओं और हानिकारक बैक्टीरिया को छानकर उसे पीने योग्य बनाना है।लेकिन पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और इंटरनेट पर आरओ के पानी को लेकर कई तरह के दावे और भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, जिसने आम लोगों को गहरे भ्रम में डाल दिया है। कुछ लोग इसे सेहत के लिए अमृत मानते हैं, तो कुछ इसे गंभीर बीमारियों की वजह बताने लगे हैं। ऐसे में यह समझना बेहद जरूरी है कि विज्ञान इस बारे में क्या कहता है। आइए जानते हैं आरओ के पानी से जुड़े 4 सबसे बड़े मिथक (Myths), उनकी ग्राउंड रियलिटी और इसके सही इस्तेमाल के तरीके:RO के पानी से जुड़े 4 बड़े मिथक और उनका वैज्ञानिक सचमिथक 1: आरओ का पानी पीने से शरीर में मिनरल्स की भारी कमी हो जाती हैसच्चाई (WHO का पक्ष): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, यह सच है कि रिवर्स ऑस्मोसिस की प्रक्रिया के दौरान पानी में मौजूद कुछ प्राकृतिक मिनरल्स (जैसे कैल्शियम और मैग्नीशियम) छनकर कम हो जाते हैं। लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि इसे पीने से आपके शरीर में इन मिनरल्स की पूरी कमी हो जाएगी। मानव शरीर को आवश्यक मिनरल्स का 90% से अधिक हिस्सा एक संतुलित और पौष्टिक आहार (Diet) से मिलता है, न कि केवल पीने के पानी से। यदि आपकी डाइट अच्छी है, तो आपको डरने की जरूरत नहीं है।मिथक 2: हर घर और हर इलाके में RO लगाना अनिवार्य हैसच्चाई: यह पूरी तरह गलत धारणा है। हर घर में आरओ प्यूरीफायर की जरूरत नहीं होती। यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आपके क्षेत्र में आने वाले पानी का टीडीएस (TDS - Total Dissolved Solids) कितना है और उसमें किस तरह के केमिकल मौजूद हैं। यदि आपके घर में आने वाला नल का पानी पहले से ही साफ, मीठा और सुरक्षित है, तो वहां साधारण यूवी (UV) या यूएफ (UF) फिल्टर से भी काम चल सकता है। हमेशा पानी की जांच कराने के बाद ही प्यूरीफायर चुनें।मिथक 3: आरओ का पानी 100% शुद्ध होता है, इसलिए इसे कैसे भी स्टोर कर सकते हैंसच्चाई (CDC की गाइडलाइन): अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, पानी चाहे कितना भी शुद्ध क्यों न हो, यदि उसे स्टोर करने का तरीका गलत है, तो वह दोबारा दूषित हो सकता है। आरओ से निकले पानी को हमेशा पूरी तरह से साफ, सूखे और ढक्कन बंद कंटेनर (जैसे कांच या अच्छी क्वालिटी के स्टील/मिट्टी के बर्तन) में ही रखना चाहिए। पानी को लंबे समय तक खुला छोड़ने या गंदे हाथों से निकालने पर उसमें दोबारा बैक्टीरिया पनप सकते हैं।मिथक 4: आरओ का पानी पीने से पेट की आंतें (Gut Health) कमजोर हो जाती हैंसच्चाई: इंटरनेट पर चल रहे इस दावे का समर्थन करने के लिए वर्तमान में कोई भी आधिकारिक वैश्विक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइंस में भी ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति की गट हेल्थ (पाचन तंत्र की मजबूती) मुख्य रूप से उसकी पूरी लाइफस्टाइल, भोजन में फाइबर की मात्रा, शारीरिक सक्रियता, संक्रमण और दवाओं के इस्तेमाल पर निर्भर करती है, केवल आरओ के पानी पर नहीं।किन परिस्थितियों में आपके घर के लिए जरूरी है RO प्यूरीफायर?आरओएस सिस्टम मुख्य रूप से तब सबसे ज्यादा उपयोगी और अनिवार्य माना जाता है जब:आपके घर के पानी का TDS लेवल 500 mg/L से अधिक हो और पानी का स्वाद खारा या भारी हो।आपके इलाके के भूजल (Groundwater) में आर्सेनिक, फ्लोराइड, सीसा (Lead), या क्रोमियम जैसी खतरनाक और जहरीली भारी धातुएं घुली हुई हों, जिन्हें साधारण फिल्टर नहीं हटा पाते।इसके विपरीत, यदि पानी का टीडीएस सामान्य है और पानी सुरक्षित है, तो बिना वजह हाई-एंड आरओ लगाने से पानी की बर्बादी (Water Wastage) भी ज्यादा होती है।RO का पानी इस्तेमाल करते समय इन 4 बातों का रखें विशेष ख्यालयदि आप अपने घर में आरओ का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसकी शुद्धता और अपनी सेहत बनाए रखने के लिए इन टिप्स को जरूर फॉलो करें:नियमित सर्विसिंग और फिल्टर चेंज: आरओ प्यूरीफायर की समय-समय पर अधिकृत मैकेनिक से सर्विसिंग जरूर कराएं। इसके भीतर लगी मेम्ब्रेन (Membrane) और कार्बन फिल्टर को तय समय सीमा के भीतर बदलवाएं, ताकि पानी की गुणवत्ता खराब न हो।टीडीएस (TDS) को सही सेट करें: आरओ लगवाते समय टेक्नीशियन से कहकर उसके TDS को 100 से 300 के बीच ही सेट करवाएं। बहुत कम टीडीएस (जैसे 50 से कम) का पानी पीने में पूरी तरह बेस्वाद और मिनरल-विहीन हो जाता है।संतुलित आहार लें: चूंकि पानी से मिनरल्स कम होते हैं, इसलिए अपने दैनिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, दही, सूखे मेवे और ताजे फलों को शामिल करें ताकि शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की प्रचुर मात्रा बनी रहे।कांच या तांबे के बर्तन का विकल्प: आरओ के पानी को रिस्टोर करने के लिए प्लास्टिक की बोतलों या कंटेनरों के बजाय कांच के जग या तांबे/मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभकारी माना जाता है।
बरसात का सुहावना मौसम अपने साथ जितनी राहत लेकर आता है, उतनी ही स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी खड़ी करता है। मानसून के इस दौर में होने वाली एक बेहद सामान्य समस्या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी यूटीआई (UTI - Urine Infection) को कई बार लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर बहुत भारी पड़ सकता है।शुरुआत में यह समस्या पेशाब करते समय हल्की जलन, बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा होना या पेट के निचले हिस्से में दर्द तक ही सीमित लगती है। लेकिन यदि समय रहते इसका सही डॉक्टरी इलाज न कराया जाए, तो यह साधारण सा दिखने वाला संक्रमण ब्लैडर से ऊपर उठकर सीधे आपकी किडनी (Kidney Infection) को गंभीर रूप से डैमेज कर सकता है। खासकर कम उम्र की बच्चियों और महिलाओं के मामले में इस बीमारी को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए देश के बड़े डॉक्टरों और विशेषज्ञों से समझते हैं कि मानसून में यूटीआई क्यों बढ़ जाता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है:बरसात के मौसम में क्यों बढ़ जाते हैं UTI के मामले? (Key Causes)अक्सर लोग मानते हैं कि बारिश के पानी में भीगने से यूरिन इंफेक्शन होता है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण की असली वजह इस मौसम में पनपने वाली कुछ आदतें और परिस्थितियां हैं:लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना: डॉ. मनीषा अरोड़ा (डायरेक्टर इंटरनल मेडिसिन, सीके बिरला हॉस्पिटल) के मुताबिक, मानसून के दौरान बारिश में भीगने के बाद या पसीने की वजह से लंबे समय तक गीले कपड़ों या अंडरगारमेंट्स में रहना बैक्टीरिया के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल (नमी और गर्माहट) बनाता है।कम पानी पीने की आदत: डॉ. सी. एस. मिथ्रयी (सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) का कहना है कि बारिश के मौसम में तापमान थोड़ा कम होने से लोगों को प्यास कम लगती है। पानी कम पीने के कारण शरीर में पेशाब (Urine) कम बनता है। नतीजतन, यूरिनरी ट्रैक्ट में मौजूद बैक्टीरिया फ्लश आउट नहीं हो पाते और वहीं टिककर अपनी संख्या बढ़ाने लगते हैं।मुख्य जिम्मेदार बैक्टीरिया: डॉ. विक्रम कालरा (प्रिंसिपल डायरेक्टर, नेफ्रोलॉजी एवं किडनी ट्रांसप्लांट, आकाश हेल्थकेयर) के अनुसार, अधिकांश यूटीआई मामलों के लिए ई. कोलाई (E. coli) नामक बैक्टीरिया मुख्य रूप से जिम्मेदार होता है, जो गंदगी और नमी के कारण तेजी से शरीर में प्रवेश कर जाता है।शुरुआती लक्षणों से लेकर किडनी इंफेक्शन तक का सफर (UTI Symptoms)यूटीआई के लक्षणों को दो चरणों में समझा जा सकता है। पहला शुरुआती संक्रमण और दूसरा गंभीर स्थिति जब इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है:शुरुआती सामान्य लक्षण:पेशाब करते समय तेज जलन या दर्द होना।बार-बार पेशाब आने का अहसास होना, लेकिन खुलकर न आना।यूरिन से अत्यधिक तीखी बदबू आना।यूरिन का रंग धुंधला (Cloudy) होना या कभी-कभी उसमें खून के अंश (Hematuria) दिखना।पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार हल्का दर्द रहना।किडनी में संक्रमण फैलने के गंभीर लक्षण:यदि लापरवाही के कारण इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाता है, तो शरीर ये अलार्म बजाने लगता है:अचानक तेज बुखार आना और शरीर का कांपना (ठंड लगना)।पीठ के निचले हिस्से या कमर में एक तरफ असहनीय तेज दर्द होना।लगातार मतली (जी मिचलाना) या उल्टियां होना।अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना और थकान महसूस होना।इन्हें है सबसे ज्यादा खतरा:गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women), डायबिटीज के मरीजों, बुजुर्गों और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) कमजोर है, उन्हें यूरिन इंफेक्शन के लक्षण दिखते ही तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि इनमें जटिलताएं बहुत तेजी से बढ़ती हैं।सही समय पर जांच और इलाज है जरूरीडॉक्टरों के अनुसार, अच्छी बात यह है कि शुरुआती अवस्था में अधिकांश यूटीआई का इलाज बेहद आसान और सटीक होता है।लैब टेस्ट: संक्रमण की पुष्टि के लिए डॉक्टर सबसे पहले यूरिन रूटीन टेस्ट (Urine Routine) और यूरिन कल्चर (Urine Culture) टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। कल्चर टेस्ट से यह पता चलता है कि इंफेक्शन किस विशिष्ट बैक्टीरिया की वजह से हुआ है।एंटीबायोटिक्स: टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर कुछ दिनों का एंटीबायोटिक (Antibiotics) कोर्स प्रिसक्राइब करते हैं। ध्यान रहे कि खुद से कोई भी दवा या पेनकिलर लेने की गलती बिल्कुल न करें और डॉक्टर द्वारा दिए गए एंटीबायोटिक के कोर्स को बीच में अधूरा न छोड़ें।मानसून में यूटीआई से सुरक्षित रहने के 5 अचूक उपाय (Prevention Tips)यदि आप बरसात के इस मौसम में यूरिन इंफेक्शन की परेशानी से कोसों दूर रहना चाहते हैं, तो इन 5 बातों का कड़ाई से पालन करें:भरपूर पानी पिएं (Hydration): प्यास न लगने पर भी दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास (2-3 लीटर) पानी जरूर पिएं। जितना ज्यादा यूरिन पास होगा, बैक्टीरिया उतनी ही आसानी से शरीर से बाहर निकल जाएंगे।गीले कपड़ों को तुरंत बदलें: यदि आप बारिश में भीग गए हैं या वर्कआउट के कारण कपड़े पसीने से गीले हो गए हैं, तो बिना देर किए तुरंत नहाकर सूखे और साफ सूती (Cotton) कपड़े पहनें।पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें: वॉशरुम का इस्तेमाल करने के बाद हमेशा आगे से पीछे की ओर (Front to Back) सफाई करें, ताकि मल मार्ग के बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट तक न पहुंच सकें। सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें।पेशाब को रोककर न रखें: जब भी टॉयलेट जाने की इच्छा हो, उसे दबाएं नहीं। लंबे समय तक यूरिन को ब्लैडर में रोककर रखने से बैक्टीरिया को बढ़ने का पूरा समय मिल जाता है।क्रैनबेरी जूस का सेवन: डॉक्टरों की सलाह पर आप क्रैनबेरी जूस (Cranberry Juice) या इसके सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। क्रैनबेरी में मौजूद तत्व बैक्टीरिया को ब्लैडर की दीवारों पर चिपकने से रोकते हैं।
मौसम में बदलाव आते ही हमारी त्वचा का मिजाज भी बदलने लगता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि मानसून (Monsoon) के दिनों में चेहरे पर निकलने वाले कील-मुंहासे और पिंपल्स (Pimple & Acne) का एकमात्र कारण हवा में मौजूद उमस (Humidity) है। लेकिन स्किन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बारिश के मौसम में उमस और पॉल्यूशन (प्रदूषण) का खतरनाक कॉम्बिनेशन हमारी स्किन की सेहत को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।उत्तर भारत में अप्रैल से लेकर सितंबर तक के महीनों में भीषण गर्मी और उमस पड़ती है। इस दौरान पसीना, धूल-मिट्टी और हवा में मौजूद प्रदूषण के महीन कण मिलकर त्वचा के रोमछिद्रों (Skin Pores) को ब्लॉक कर देते हैं। त्वचा की देखरेख में जरा सी भी लापरवाही पिंपल्स को तेजी से बढ़ा देती है। आइए जानते हैं कि इस मौसम में एक्ने निकलने के पीछे क्या वैज्ञानिक कारण (Scientific Reasons) हैं और इससे बचने के लिए आप किन आसान व असरदार तरीकों को अपना सकते हैं:क्यों निकलते हैं बारिश में ज्यादा पिंपल्स? जानिए इसके 4 वैज्ञानिक कारण1. मॉइस्चर (नमी) और स्वेट ग्लैंड्स का कनेक्शनएक सामान्य इंसान के शरीर में लगभग 20 से 40 लाख स्वेट ग्लैंड्स (पसीने की ग्रंथियां) होती हैं। गर्मी और अत्यधिक उमस के कारण ये ग्रंथियां सामान्य से कहीं ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं। हालांकि, पसीने में मुख्य रूप से केवल पानी और नमक होता है, जो सीधे तौर पर स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाता; लेकिन जब हवा में नमी ज्यादा होने के कारण यह पसीना जल्दी सूख नहीं पाता, तब समस्या शुरू होती है। पसीने के त्वचा पर लंबे समय तक टिके रहने से त्वचा की बाहरी परत (Stratum Corneum) कमजोर होने लगती है और पोर्स बंद हो जाते हैं।2. डेड सेल्स और पोर्स का ब्लॉक होनाएक्सपर्ट्स के अनुसार, जब त्वचा के रोमछिद्र (Pores) बंद हो जाते हैं, तो त्वचा के भीतर बनने वाले डेड सेल्स (मृत कोशिकाएं) बाहर नहीं निकल पाते। ये डेड सेल्स और गंदगी पोर्स के अंदर ही फंस जाते हैं, जिससे वे इन्फेक्टेड हो जाते हैं। यही प्रक्रिया आगे चलकर ब्लैकहेड्स (Blackheads), वाइटहेड्स (Whiteheads) और लाल दर्दनाक पिंपल्स का रूप ले लेती है।3. हवा में मौजूद प्रदूषण (PM 2.5 कण) का हमलाबारिश के दिनों में हवा में मौजूद पीएम 2.5 (PM 2.5 Particles) जैसे सूक्ष्म कण, धूल और धुआं हमारी त्वचा की सतह पर चिपक जाते हैं। ये विषैले कण त्वचा के प्राकृतिक तेल (सीबम) के साथ मिलकर पोर्स के अंदर गहराई तक चले जाते हैं। इन कणों के साथ पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAH) और हानिकारक धातुएं भी त्वचा में प्रवेश कर जाती हैं, जिससे स्किन बैरियर तेजी से डैमेज होता है।4. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और 'कटीबैक्टीरियम एक्नीस' बैक्टीरियाजब प्रदूषण के कण त्वचा में जाते हैं, तो वे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (Oxidative Stress) और इन्फ्लेमेशन (सूजन) को बढ़ा देते हैं। मानसून की उमस और सीबम (ऑयल) के बढ़े हुए प्रोडक्शन के कारण त्वचा पर 'कटीबैक्टीरियम एक्नीस' (Cutibacterium Acnes) नामक बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपने लगते हैं। यही बैक्टीरिया मुख्य रूप से चेहरे पर मवाद वाले दानों और एक्ने को जन्म देते हैं।मानसून में बेदाग और निखरी त्वचा पाने के 5 अचूक उपाय (Skin Care Tips)यदि आप इस उमस और गर्मी वाले मौसम में अपनी त्वचा को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और एक्ने-फ्री रखना चाहते हैं, तो अपने डेली रूटीन में इन आदतों को जरूर शामिल करें:सैलिसिलिक एसिड क्लींजर का उपयोग करें: दिन में दो बार सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) युक्त फेस वॉश या क्लींजर से चेहरा साफ करें। यह एसिड पोर्स के भीतर जमी गंदगी, प्रदूषण और अतिरिक्त ऑयल को गहराई से बाहर निकालता है और सीबम प्रोडक्शन को कंट्रोल करता है।नॉन-कॉमेडोजेनिक सनस्क्रीन चुनें: बारिश के बाद बादलों के बीच भी यूवी (UV) किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए हमेशा लाइटवेट और नॉन-कॉमेडोजेनिक (Non-Comedogenic) सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। ये सनस्क्रीन बेहद हल्के होते हैं और त्वचा के रोमछिद्रों को ब्लॉक नहीं करते।बाहर से आते ही करें 'डबल क्लींजिंग': जब भी आप धूप, धूल या प्रदूषण वाले माहौल से घर वापस आएं, तो सबसे पहले अपनी त्वचा को अच्छी तरह साफ करें। ऐसा करने से पॉल्यूशन के हानिकारक कण त्वचा पर लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगे और डैमेज का खतरा टल जाएगा।हफ्ते में एक बार माइल्ड स्क्रबिंग: त्वचा के भीतर फंसे डेड सेल्स और ब्लैकहेड्स को हटाने के लिए हफ्ते में कम से कम एक बार हल्के हाथों से स्क्रबिंग (Scrubbing) जरूर करें। ध्यान रहे कि यदि चेहरे पर एक्टिव (बड़े और लाल) पिंपल्स हैं, तो कठोर स्क्रब का इस्तेमाल करने से बचें।विटामिन सी और नियासिनामाइड का इस्तेमाल: त्वचा पर विटामिन सी (Vitamin C) और नियासिनामाइड (Niacinamide) युक्त सीरम लगाना बेस्ट रिजल्ट देता है। विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है और सूजन कम करता है। साथ ही, अपनी डाइट में खट्टे फलों (जैसे नींबू, संतरा, आंवला) को शामिल करें।
Top News 17 July: PM मोदी की हाइड्रोजन ट्रेन, ट्रंप का चीन पर बड़ा आरोप
Top News 17 July : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हाईड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर 22 करोड़ अमेरिकी वोटर्स का डाटा चुराने का आरोप लगाया। ट्रंप प्रशासन ने वीजा नियम बदले। ईरान में बच्चों के कैंसर अस्पताल पर ...
बजट में बराक घाटी के विकास को प्राथमिकता दी गई: हिमंता बिस्वा सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले एक दशक से बराक घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं को पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह क्षेत्र अब असम के विकास पथ में पीछे नहीं रहेगा।
भाजपा की बैठक में शामिल होने पर असम विधानसभा अध्यक्ष पर कांग्रेस का निशाना
असम विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता और कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास पर निशाना साधा
बिहार: एआई आधारित सुशासन को बढ़ावा, सीएम ने 'सर्वम एआई-भारत जीपीटी' के साथ समझौते की घोषणा की
बिहार सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन, नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और सर्वम एआई-भारत जीपीटी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के जरिए राज्य में एआई आधारित तकनीकों के विकास, अनुसंधान और जनसेवाओं को नई दिशा मिलेगी।
भारत-श्रीलंका रक्षा अधिकारियों की अहम बैठक, रक्षा साझेदारी को मजबूत करने पर दिया जोर
भारत और श्रीलंका के रक्षा अधिकारियों ने नई दिल्ली में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम बैठक की। इस दौरान आपसी सहयोग से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।
भारतीय भोजन में चटनी (Chutney) का स्थान बेहद खास और अपरिहार्य माना जाता है। यह न केवल खाने का स्वाद और तीखापन बढ़ाती है, बल्कि साधारण से साधारण भोजन की थाली को भी पूरी तरह से कंप्लीट और जायकेदार बना देती है। चाहे दोपहर का दाल-चावल हो, सुबह के गरमा-गरम पराठे, या फिर दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे इडली-डोसा—हर डिश का असली मजा सही चटनी के बिना अधूरा है।स्वाद के अलावा चटनियां स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद गुणकारी होती हैं। इनमें इस्तेमाल होने वाली कच्ची सामग्रियों जैसे हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, लहसुन और नींबू में प्रचुर मात्रा में विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया (Digestion) को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं भारतीय रसोई की ऐसी ही 4 सदाबहार और टेस्टी चटनियों के बारे में, जिन्हें आप मिनटों में घर पर तैयार कर सकते हैं:हर खाने की जान हैं ये 4 बेहतरीन चटनियां (Easy Chutney Recipes)1. पुदीना-धनिया चटनी (The Perfect All-Rounder)बनाने की विधि: ताजी पुदीने की पत्तियां, हरा धनिया, हरी मिर्च, लहसुन की कलियां, स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा ताजा नींबू का रस मिलाकर ब्लेंडर में अच्छी तरह पीस लें।फायदे और पेयरिंग: पुदीना और धनिया में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर पेट को ठंडक देते हैं। यह हरी चटनी समोसे, कचोरी, सैंडविच, ढोकला और हर तरह के स्टफ्ड पराठों के साथ लाजवाब स्वाद देती है।2. टमाटर-लहसुन की तीखी चटनी (Fiery Tomato-Garlic)बनाने की विधि: पके हुए टमाटर, लहसुन की कलियां और सूखी लाल मिर्च को थोड़े से तेल में हल्का सा भून लें। जब यह मिश्रण ठंडा हो जाए, तो इसमें नमक डालकर मिक्सी में पीस लें।फायदे और पेयरिंग: टमाटर में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और लाइकोपीन पाया जाता है, जबकि लहसुन रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाता है। यह चटनी सादे दाल-चावल, पूरी, लच्छा पराठा और मैसूर मसाला डोसा के साथ खूब पसंद की जाती है।3. नारियल की क्लासिक चटनी (South Indian Coconut Chutney)बनाने की विधि: ताजा कद्दूकस किया हुआ नारियल, भुनी हुई चना दाल (दलिया), हरी मिर्च, थोड़ा सा अदरक और नमक डालकर एक महीन पेस्ट बना लें। स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से तेल में राई (सरसों के दाने), सूखी लाल मिर्च और ताजे करी पत्ते का कड़क तड़का लगाएं।फायदे और पेयरिंग: नारियल में मौजूद हेल्दी फैट्स और डाइटरी फाइबर शरीर को ऊर्जा देते हैं। यह चटनी इडली, डोसा, उत्तपम, वड़ा और अप्पम के लिए सबसे उत्तम कॉम्बिनेशन है।4. कच्चे आम की खट्टी-मीठी चटनी (Raw Mango Chutney)बनाने की विधि: कच्चे आम (कैरी) के छोटे टुकड़ों में पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च, जीरा और नमक डालकर पीस लें। यदि आप खट्टा-मीठा स्वाद पसंद करते हैं, तो पीसते समय इसमें थोड़ा सा गुड़ (Jaggery) भी मिला सकते हैं।फायदे और पेयरिंग: कच्चा आम विटामिन सी का एक बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत है जो गर्मियों में लू से बचाता है। यह चटनी पूरी, पराठे, और समर-स्पेशल लंच के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है।चटनी को लंबे समय तक ताजा रखने और स्टोर करने के 5 जरूरी टिप्सअक्सर घर पर बनाई गई चटनियां सही रखरखाव न होने के कारण बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं या अपना मूल रंग खो देती हैं। इसकी ताजगी बनाए रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:साफ-सफाई सबसे जरूरी: चटनी बनाने के लिए हमेशा फ्रेश और अच्छी क्वालिटी की हरी सब्जियों का ही चुनाव करें। पीसने से पहले धनिया, पुदीना और मिर्च को पानी से 2-3 बार अच्छी तरह जरूर धो लें।एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल: तैयार चटनी को हमेशा कांच या प्लास्टिक के साफ और पूरी तरह से सूखे एयरटाइट कंटेनर (Air-Tight Container) में ही भरकर फ्रिज में रखें। खुला छोड़ने पर इसका रंग काला पड़ सकता है।गीले चम्मच से बचें: फ्रिज से चटनी निकालते समय कभी भी गीले या पहले से इस्तेमाल किए गए चम्मच का प्रयोग न करें। नमी के संपर्क में आते ही चटनी में फंगस लगने या उसके खराब होने का खतरा दोगुना हो जाता है।नींबू या सिरका: हरी धनिया-पुदीने की चटनी को पीसते समय नींबू का रस या थोड़ा सा सिरका (Vinegar) मिलाने से उसका हरा रंग बरकरार रहता है और वह एक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव का काम करता है।उपयोग की समय-सीमा: यद्यपि फ्रिज में चटनी कुछ दिनों तक सुरक्षित रह सकती है, लेकिन इसके असली स्वाद, पोषक तत्वों और ताजगी का आनंद लेने के लिए इसे 2 से 3 दिनों के भीतर ही बनाकर कंज्यूम (इस्तेमाल) कर लेना चाहिए।
मानव जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां या परेशानियां आकर खड़ी हो जाती हैं, जब इंसान बेबस होकर कह उठता है— पता नहीं किस जन्म के पापों या कर्मों की सजा मिल रही है। हिंदू धर्म और दर्शन में पुनर्जन्म (Reincarnation) पर गहरा विश्वास व्यक्त किया गया है। सनातन धर्म के प्रमुख ग्रंथों, विशेषकर गरुड़ पुराण (Garuda Purana) में मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, उसके कर्मों के हिसाब और पुनर्जन्म के सिद्धांतों का अत्यंत विस्तार से वर्णन मिलता है।धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, आत्मा कभी नहीं मरती, वह केवल शरीर बदलती है। अक्सर पिछले जन्म की कुछ स्मृतियां और अधूरी भावनाएं हमारी आत्मा के साथ नए जन्म में भी यात्रा करती हैं। आज हम आपको 5 ऐसे रहस्यमयी और मानसिक लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें यदि आप अपने व्यावहारिक जीवन में महसूस करते हैं, तो यह इस बात का साफ इशारा हो सकता है कि आपकी आत्मा का कोई न कोई पिछला जन्म जरूर रहा है:पिछले जन्म का संकेत देने वाले 5 मुख्य लक्षण (Signs of Past Life)1. एक ही स्वप्न का बार-बार दिखाई देना (Recurring Dreams)यदि आपको सोते समय एक ही सपना बार-बार आता है, जिसमें आप खुद को किसी खास कालखंड (Ancient Time), अनजान ऐतिहासिक जगहों या अजीब वेशभूषा वाले लोगों के बीच देखते हैं। सबसे दिलचस्प बात यह कि सपने में आप उन चेहरों और जगहों से पूरी तरह परिचित महसूस करते हैं, लेकिन जागने के बाद लाख कोशिशों के बावजूद यह याद नहीं कर पाते कि इस वर्तमान जीवन में आपने उन्हें कहां देखा है। गरुड़ पुराण के नजरिए से यह आत्मा के अवचेतन मन में दबी पिछले जन्म की कोई गहरी स्मृति हो सकती है।2. पहली ही मुलाकात में अजनबी से गहरा अपनापन (Instant Connection)कई बार हमारे जीवन में किसी ऐसे व्यक्ति की एंट्री होती है, जिससे हम पहले कभी नहीं मिले होते (वह पूरी तरह अजनबी होता है)। लेकिन पहली ही नजर या चंद मिनटों की बातचीत में ही हमें ऐसा महसूस होने लगता है जैसे हम उस व्यक्ति को सदियों या कई वर्षों से जानते हैं। उसके साथ एक अटूट और गहरा मानसिक व भावनात्मक जुड़ाव (Soul Connection) स्थापित हो जाता है। आध्यात्मिक विद्वानों के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि वह व्यक्ति आपके पिछले जन्म के किसी करीबी रिश्ते या परिवार से जुड़ा रहा है।3. बिना कारण किसी वस्तु, स्थान या व्यक्ति से गहरा लगावअक्सर देखा जाता है कि कुछ लोगों को बिना किसी तार्किक कारण के किसी खास शहर, ऐतिहासिक इमारत, पुरानी वस्तुओं या किसी अजनबी व्यक्ति से बहुत ज्यादा लगाव या खिंचाव महसूस होने लगता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति का भारत के किसी ऐसे शहर के प्रति आकर्षित होना जहां वह कभी गया ही न हो। शास्त्रों के अनुसार, इस तरह का अकारण लगाव सीधे तौर पर आत्मा के पिछले जीवन के निवास स्थान या उसकी प्रिय वस्तुओं से संबंधित होता है।4. भविष्य की घटनाओं का पहले से आभास होना (Dj Vu / Intuition)क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि कोई घटना आपके सामने घट रही हो और आपको अचानक लगे कि यह सब आपके साथ पहले भी हो चुका है? या फिर कुछ लोगों के पास एक गजब की छठी इंद्री (Sixth Sense) होती है, जिससे उन्हें भविष्य में होने वाली घटनाओं का पूर्वाभास हो जाता है और उनकी कही बातें सच हो जाती हैं। माना जाता है कि ऐसी स्थिति में वह आत्मा पिछले जन्मों के अनुभवों से इतनी परिपक्व (Mature Soul) हो चुकी होती है कि उसे आने वाले समय के इशारे पहले ही मिलने लगते हैं।5. अनजाना डर या अकारण उदासी (Unexplained Phobias)कुछ लोगों के भीतर बचपन से ही किसी खास चीज को लेकर एक गहरा और अनजाना डर (Phobia) होता है, जैसे पानी से डर, ऊंचाई से डर, अंधेरे या आग से डर। भले ही वर्तमान जीवन में उनके साथ ऐसी कोई दुर्घटना न हुई हो, फिर भी वे भयभीत रहते हैं। इसके अलावा कई बार व्यक्ति बिना किसी बाहरी कारण के गहरी उदासी या ऐसा व्यवहार करने लगता है जो उसके वर्तमान जीवन की परिस्थितियों से मेल नहीं खाता। इसे भी पिछले जन्म की किसी अधूरी इच्छा, आघात या मृत्यु के समय के डर का साया माना जाता है।गरुड़ पुराण क्या संदेश देता है?गरुड़ पुराण के अनुसार, हमारी आत्मा एक शरीर से दूसरे शरीर में जाते समय अपने साथ संचित कर्मों (अच्छे और बुरे कार्य) का एक सूक्ष्म ब्योरा लेकर चलती है। यही वजह है कि हर मनुष्य का स्वभाव, उसकी रुचियां और उसका भाग्य एक-दूसरे से पूरी तरह अलग होता है। इन संकेतों को समझकर मनुष्य को अपने वर्तमान जीवन में केवल अच्छे और धर्मसम्मत कार्य करने चाहिए ताकि उसकी आत्मा की आगामी यात्रा सुखद और मोक्ष की ओर अग्रसर हो सके।
भारतीय क्रूजर बाइक सेगमेंट की बेताज बादशाह रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने अपनी सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा बाइक क्लासिक 350 (Classic 350) को साल 2026 के लिए कुछ बेहद उपयोगी और शानदार अपडेट्स के साथ पेश किया है। कंपनी ने राइडर्स की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस बाइक में दो नए आधुनिक फीचर्स जोड़े हैं, जो आपके राइडिंग एक्सपीरियंस को कई गुना बेहतर बना देंगे।हालांकि, इन बदलावों को लेकर कंपनी ने एक शर्त रखी है। ये दोनों नए फीचर्स केवल डुअल-चैनल ABS (Dual-Channel ABS) वाले मॉडल्स में ही देखने को मिलेंगे। बेस सिंगल-चैनल ABS वेरिएंट खरीदने वाले ग्राहकों को इन नई सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा। आइए जानते हैं क्या हैं ये नए बदलाव और अब कितनी है इस बाइक की नई कीमत:कीमत और वेरिएंट्स का पूरा विवरण (Ex-Showroom Prices)2026 रॉयल एनफील्ड क्लासिक 350 के नए अपग्रेड्स के बाद अलग-अलग वेरिएंट्स की एक्स-शोरूम कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:वेरिएंट और मॉडल (Classic 350 Variants)चैनल टाइप (ABS)नए फीचर्स (Clutch & USB-C)संभावित एक्स-शोरूम कीमतRedditch Red (बेस मॉडल)सिंगल-चैनल ABSउपलब्ध नहीं₹1.87 लाखस्टार्टिंग डुअल-चैनल मॉडलडुअल-चैनल ABSउपलब्ध है₹1.95 लाख से शुरूEmerald Green (टॉप मॉडल)डुअल-चैनल ABSउपलब्ध है₹2.24 लाख तकये 2 नए फीचर्स कैसे बदल देंगे आपकी राइडिंग?असिस्ट और स्लिपर क्लच (Assist & Slipper Clutch):यह फीचर खासकर भारी शहरी ट्रैफिक (City Traffic) में रोजाना सफर करने वाले राइडर्स के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। असिस्ट क्लच मिलने से क्लच लीवर बेहद हल्का हो जाता है, जिससे बार-बार गियर बदलने पर भी हाथों में थकावट नहीं होती। वहीं, स्लिपर क्लच तेज रफ्तार के दौरान अचानक गियर डाउन करने पर (Downshifting) पिछले पहिए को लॉक होने या झटका खाने से बचाता है। इससे राइडर को बाइक पर बेहतरीन कंट्रोल और एक बेहद स्मूद राइड मिलती है।फास्ट USB Type-C चार्जिंग पोर्ट:कंपनी ने पुराने और धीमे USB पोर्ट को हटाकर अब आधुनिक USB Type-C पोर्ट दे दिया है। यह फीचर उन राइडर्स के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो लंबी दूरी की यात्रा (Touring) करते समय या रोजाना ऑफिस जाते वक्त मोबाइल नेविगेशन का इस्तेमाल करते हैं। इससे आपका स्मार्टफोन बाइक चलते-चलते बेहद तेजी से चार्ज हो जाएगा।इंजन और मैकेनिकल पार्ट में कोई बदलाव नहींइन दो नए फीचर्स के अलावा रॉयल एनफील्ड ने क्लासिक 350 के ओरिजिनल मैकेनिकल स्ट्रक्चर या लुक से कोई छेड़छाड़ नहीं की है। बाइक का वो आइकॉनिक और विंटेज लुक पहले की तरह ही बरकरार रहेगा:दमदार J-Series इंजन: बाइक में पहले की तरह ही भरोसेमंद 349cc का J-Series सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल कूल्ड इंजन मिलता रहेगा। यह इंजन 20.2 bhp की अधिकतम पावर और 27 Nm का टॉर्क जनरेट करता है।सस्पेंशन और व्हील्स: आरामदेह राइडिंग पोजीशन के साथ इसमें आगे की तरफ टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर सस्पेंशन सेटअप दिया गया है। बाइक में पुराने क्लासिक स्टाइल वाले 19-18 इंच के स्पोक व्हील्स (Spoke Wheels) का कॉम्बिनेशन जारी रहेगा।छोटे लेकिन बेहद सटीक अपडेट्स के साथ आई 2026 Royal Enfield Classic 350 अब रोजाना के इस्तेमाल और लंबी टूरिंग दोनों के लिए पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक, आधुनिक और आरामदायक बाइक बन चुकी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वारा E20 पेट्रोल मामले में मारुति सुजुकी पर लगाए गए भारी जुर्माने के बाद देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नई बहस छिड़ गई है। आयोग ने एक उपभोक्ता की शिकायत पर कंपनी को नई E20 कार देने या ₹20.50 लाख से अधिक की राशि लौटाने का ऐतिहासिक आदेश दिया है।इस विवाद के बीच केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय लगातार यह साफ कर रहे हैं कि देश में E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित ईंधन) पूरी तरह से वैज्ञानिक परीक्षणों और कड़े मूल्यांकन के बाद ही चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया है और इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं। ऐसे में देश के करोड़ों वाहन मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी कार E10 है या E20 कंप्लाइंट, इसे कैसे पहचानें? साथ ही BS4 और BS6 नियम भारत में कब आए और देश इथेनॉल ब्लेंडिंग के इस मुकाम तक कैसे पहुंचा? आइए इस पूरे मामले को बेहद आसान भाषा में समझते हैं।E20 विवाद की पूरी कहानी और रायपुर आयोग का फैसलायह पूरा मामला रायपुर के निवासी डॉ. प्रेमराज देब्ता की शिकायत से शुरू हुआ। उन्होंने जून 2024 में मारुति ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (Maruti Grand Vitara Strong Hybrid) कार खरीदी थी, लेकिन कुछ ही समय बाद वाहन के इंजन में बार-बार गंभीर तकनीकी दिक्कतें आने लगीं।दही जैसा पदार्थ: कार के अधिकृत सर्विस सेंटर ने खराबी का कारण पेट्रोल में मिलावट को बताया, जबकि सरकारी लैब की जांच में फ्यूल टैंक के अंदर सफेद दही जैसा पदार्थ पाया गया, जिसे 'इथेनॉल' (Ethanol) बताया गया।फोरम का कड़ा फैसला: जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए मारुति सुजुकी को 45 दिनों के भीतर नई E20 फ्यूल पावर्ड कार देने का आदेश दिया। आदेश का पालन न करने पर कंपनी को वाहन की पूरी कीमत सहित ₹20,50,494, मानसिक प्रताड़ना के लिए ₹1 लाख और मुकदमे के खर्च के रूप में ₹10,000 ग्राहक को लौटाने होंगे।डीलरशिप का पक्ष: दूसरी तरफ, कार डीलरशिप का कहना है कि वाहन की खराबी E20 फ्यूल की वजह से नहीं बल्कि बाहरी मिलावट या कचरे के कारण हुई थी, जो कंपनी की वारंटी नीति के दायरे में नहीं आती।कैसे पहचानें कि आपकी कार E10 है या E20 कंप्लाइंट?अपनी कार की फ्यूल कंपैटिबिलिटी (ईंधन अनुकूलता) की जांच करने के लिए आप नीचे दिए गए 4 आसान तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं:खरीदने की तारीख और वर्ष: यदि आपकी कार 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद की मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) की है, तो वह शत-प्रतिशत नियमों के अनुसार E20 कंप्लाइंट है। केंद्र सरकार ने इस तारीख से सभी नए पेट्रोल वाहनों को E20 अनुकूल बनाना अनिवार्य कर दिया था। इसके विपरीत, साल 2010 से मार्च 2023 तक बिकने वाली ज्यादातर गाड़ियां E10 के हिसाब से डिजाइन की गई थीं।फ्यूल फिलर कैप (Fuel Lid Sticker): कार में पेट्रोल डलवाने वाले ढक्कन (Fuel Cap) के पास या उसके स्टिकर पर ध्यान से देखें। नए वाहनों पर कंपनियों द्वारा स्पष्ट रूप से E10 या E20 का स्टिकर लगाया जाता है।वाहन का ओनर मैनुअल (Owner's Manual): कार के साथ मिलने वाली गाइड बुक या ओनर मैनुअल के 'फ्यूल एंड रिफ्यूलिंग' (Fuel Requirements) सेक्शन में साफ लिखा होता है कि आपकी गाड़ी अधिकतम कितने प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण को झेल सकती है।अधिकृत सर्विस सेंटर: आप अपनी कार का मॉडल नंबर और चेसिस नंबर (Chassis Number) बताकर नजदीकी अधिकृत डीलर या सर्विस सेंटर से इसकी आधिकारिक पुष्टि कर सकते हैं।पुरानी या BS4 गाड़ियों में E20 पेट्रोल के नुकसान को कैसे कम करें? (Experts Guide)मशहूर ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन के अनुसार, E20 पेट्रोल को लेकर सबसे ज्यादा चिंता और ध्यान देने की जरूरत BS4 (April 2017 से पहले/बाद के मॉडल) और उससे पुराने वाहनों के मालिकों को है। पुरानी गाड़ियों के इंजन को सुरक्षित रखने के लिए एक्सपर्ट्स ने निम्नलिखित 3 टिप्स दिए हैं:फ्यूल सिस्टम एडिटिव्स का उपयोग: पुरानी गाड़ियों के इंजन और पाइपलाइनों को इथेनॉल के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए बाजार में मिलने वाले बेहतरीन फ्यूल सिस्टम एडिटिव्स (Fuel Additives) का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह फ्यूल इंजेक्टर्स की सफाई और सुरक्षा बनाए रखने में मदद करता है।गाड़ी को लंबे समय तक खड़ा न रखें: इथेनॉल की एक प्राकृतिक प्रवृत्ति होती है कि वह हवा से नमी (Water Moisture) को बहुत तेजी से सोखता है। अगर आपकी पुरानी गाड़ी 6 महीने, 1 साल या उससे अधिक समय तक बिना चले एक ही जगह खड़ी रहती है, तो फ्यूल टैंक में पानी और जंग लगने की समस्या बढ़ सकती है।नियमित सर्विसिंग और रनिंग: गाड़ी को नियमित अंतराल पर चलाते रहने और समय पर फ्यूल फिल्टर (Fuel Filter) व इंजन ऑयल बदलवाने से इथेनॉल से होने वाले नुकसान का खतरा लगभग न के बराबर हो जाता है।E10 और E20 पेट्रोल में क्या अंतर है और इसके क्या फायदे हैं?मिश्रण का अनुपात: E10 का सीधा मतलब है कि ईंधन में 90% शुद्ध पेट्रोल और 10% इथेनॉल मिलाया गया है। वहीं, E20 में 80% पेट्रोल के साथ 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है। भारत ने साल 2022 में ही E10 का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया था।क्या माइलेज कम होता है?: प्रेस इनफॉरमेशन ब्यूरो (PIB) के अनुसार, E20 ईंधन के इस्तेमाल से कुछ पुराने वाहनों में 3 से 5 प्रतिशत तक माइलेज (Mileage) कम हो सकता है।पर्यावरण को फायदा: माइलेज में मामूली कमी के बदले यह ईंधन बेहतर ऑक्टेन रेटिंग (Octane Rating) प्रदान करता है, जिससे इंजन के भीतर साफ दहन (Clean Combustion) होता है। इसके कारण वाहनों से निकलने वाला खतरनाक नाइट्रोजन ऑक्साइड, जहरीला धुआं और कार्बन उत्सर्जन काफी हद तक घट जाता है।BS4 और BS6 उत्सर्जन मानक क्या हैं और ये कब लागू हुए?भारत सरकार ने देश में वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए भारत स्टेज (Bharat Stage - BS) मानक लागू किए हैं:उत्सर्जन मानक (Emission Standard)पूरे देश में लागू होने की तिथिमुख्य विशेषताएं और तकनीकी बदलावBS4 (Bharat Stage 4)1 अप्रैल 2017इसके तहत पहली बार वाहनों से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर (PM) को कम करने के लिए कड़े नियम बनाए गए।BS6 (Bharat Stage 6)1 अप्रैल 2020भारत ने पर्यावरण संकट को देखते हुए सीधे BS5 को छोड़ते हुए BS6 को लागू किया। इसमें इंजन की बनावट, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और फ्यूल क्वालिटी में क्रांतिकारी बदलाव किए गए, जिससे नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन बेहद न्यूनतम स्तर पर आ गया।क्या सभी BS6 वाहनों में E20 पेट्रोल डाल सकते हैं?हाँ, बिल्कुल डाल सकते हैं, लेकिन यह आपकी गाड़ी के निर्माण वर्ष पर निर्भर करता है। साल 2020 के बाद (BS6 दौर) बनी अधिकांश गाड़ियों के इंजनों को इस तरह अपग्रेड किया गया था कि वे इथेनॉल को आसानी से स्वीकार कर सकें। यदि आपकी BS6 कार अप्रैल 2023 के बाद की है, तो आप बिना किसी संकोच के E20 पेट्रोल का उपयोग कर सकते हैं। शुरुआती (2020-2022) के BS6 मॉडल्स के लिए ओनर मैनुअल देखना सबसे सुरक्षित विकल्प है।भारत का इथेनॉल सफर: 1.5% से 20% तक पहुंचने की पूरी टाइमलाइनभारत का इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blending Programme) पिछले दो दशकों में अविश्वसनीय रूप से आगे बढ़ा है:2001-2006 (शुरुआती दौर): साल 2001 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरुआत हुई और 2006 में देश के कुछ चुनिंदा राज्यों में E5 (5% मिश्रण) को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।2013 की मंदी: जनवरी 2013 में सरकार ने 5% ब्लेंडिंग का लक्ष्य रखा, लेकिन देश में इथेनॉल का उत्पादन बहुत सीमित होने के कारण यह आंकड़ा केवल 1.5 प्रतिशत के आसपास ही अटका रहा।2018 (टर्निंग पॉइंट): साल 2018 में आई 'राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति' (National Policy on Biofuels) ने पूरे खेल को बदल दिया। सरकार ने गन्ने के रस के अलावा मक्का (Corn), सड़े हुए चावल और अतिरिक्त खराब अनाजों से भी इथेनॉल बनाने की कानूनी अनुमति दे दी।2021 से 2026 तक का ऐतिहासिक सफर (PIB के आंकड़े): नीति आयोग द्वारा जारी E20 रोडमैप के बाद देश में इथेनॉल मिश्रण की रफ्तार कुछ इस तरह रही:सरकार E20 पेट्रोल पर इतना जोर क्यों दे रही है और वैश्विक स्थिति क्या है?पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, E20 नीति के पीछे तीन सबसे बड़े आर्थिक और राष्ट्रीय कारण हैं:विदेशी मुद्रा की भारी बचत: भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। पेट्रोल में 20% घरेलू इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल के आयात बिल में अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा की सीधी बचत हो रही है।किसानों की आय में वृद्धि: इथेनॉल का निर्माण मुख्य रूप से गन्ने और मक्के से होता है। डिस्टिलरीज द्वारा सीधे किसानों से फसल खरीदने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा: भारत इथेनॉल का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला देश नहीं है। अमेरिका में E10 सबसे सामान्य ईंधन है और वहां तेजी से E15 को बढ़ावा दिया जा रहा है। ब्राजील दुनिया में इथेनॉल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, जहां E27 (27% मिश्रण) मानक ईंधन है और सरकार इसे 35% तक ले जाने की तैयारी में है। इसके अलावा जापान, कनाडा और कई यूरोपीय देश स्वच्छ ऊर्जा नीति के तहत दशकों से इसका सफल इस्तेमाल कर रहे हैं।
यदि आप कॉलेज स्टूडेंट हैं, पैरेंट्स हैं या फिर एजुकेटर (शिक्षक) हैं, और अपने लिए एक नया मैकबुक या आईपैड खरीदने का मन बना रहे हैं, तो एपल (Apple) आपके लिए एक बेहद शानदार मौका लेकर आया है। एपल की ऑफिशियल वेबसाइट और आधिकारिक रिटेल स्टोर्स पर 'बैक टू स्कूल' (Back to School Sale 2026) सेल लाइव हो चुकी है।यह सेल 16 जुलाई से शुरू होकर 27 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस धमाकेदार ऑफर के तहत पात्र ग्राहकों को न केवल डिवाइस पर भारी डिस्काउंट मिल रहा है, बल्कि कंपनी ₹12,900 तक की कीमत वाली प्रीमियम एक्सेसरी बिल्कुल फ्री में दे रही है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह सेल Apple द्वारा भारत में मैकबुक और आईपैड की कीमतें बढ़ाए जाने के कुछ ही हफ्तों बाद आई है, जिससे स्टूडेंट्स को बढ़ी हुई कीमतों से बड़ी राहत मिलेगी।Apple MacBook Air और Pro पर मिल रही हैं ये टॉप डील्सयदि आप पढ़ाई या प्रोफेशनल काम के लिए मैकबुक (MacBook) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो एजुकेशन सेविंग्स के तहत आपको डिवाइस के डिस्काउंट के साथ AirPods 4 या AirTag 4-Pack बिल्कुल फ्री चुनने का मौका मिलेगा।यदि आप फ्री वाले नॉर्मल एयरपोड्स के बजाय अपग्रेड करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विकल्पों के अनुसार एक्स्ट्रा चार्ज देकर ऐसा कर सकते हैं:AirPods 4 (Active Noise Cancellation - ANC): इसके लिए आपको ₹5,000 अतिरिक्त चुकाने होंगे।AirPods Pro 3: इस प्रीमियम मॉडल के लिए आपको ₹13,000 अतिरिक्त देने होंगे।कीमतों में बम्पर कटौती (MacBook Price Comparison):मैकबुक मॉडल (MacBook Models)सामान्य भारतीय कीमत (Standard Price)एजुकेशन ऑफर कीमत (Education Price)सीधी बचत (Net Savings)13-इंच MacBook Air M5₹1,49,900₹1,37,900₹12,00014-इंच MacBook Pro M5₹2,39,900₹2,27,900₹12,000iPad Air और iPad Pro पर पाएं Apple Pencil Pro बिल्कुल मुफ्त!टैबलेट लवर्स और डिजाइनर्स के लिए भी यह सेल किसी वरदान से कम नहीं है। यदि आप इस सेल के दौरान नया आईपैड (iPad) खरीदते हैं, तो आपको ₹12,900 की कीमत वाली Apple Pencil Pro बिल्कुल फ्री मिल सकती है।इसके अलावा, ग्राहक पेंसिल के बदले दूसरे विकल्प भी चुन सकते हैं, जिसके लिए उन्हें मामूली एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा:AirTag 4-Pack या नॉर्मल AirPods: इसके लिए केवल ₹2,000 अतिरिक्त देने होंगे।AirPods 4 (ANC वेरिएंट): इसके लिए ₹7,000 अतिरिक्त चुकाने होंगे।AirPods Pro 3: इस टॉप-एंड मॉडल के लिए ₹15,000 अतिरिक्त देने होंगे।आईपैड पर मिल रहा डिस्काउंट (iPad Price Comparison):आईपैड मॉडल और वेरिएंट (iPad Variant)सामान्य भारतीय कीमत (Standard Price)एजुकेशन ऑफर कीमत (Education Price)सीधी बचत (Net Savings)11-इंच iPad Air M4 (128GB)₹89,900₹83,900₹6,00011-इंच iPad Pro M5 (256GB)₹1,39,900₹1,27,900₹12,000कैसे उठाएं इस ऑफर का लाभ और कहां चेक करें एलिजिबिलिटी?चूंकि यह एक विशेष एजुकेशन ऑफर है, इसलिए इसका लाभ केवल कॉलेज में पढ़ रहे छात्र, उनके माता-पिता और किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थान के टीचर्स व स्टाफ ही उठा सकते हैं।एलिजिबिलिटी चेक: इस ऑफर का फायदा लेने के लिए आपको एपल की आधिकारिक वेबसाइट (Apple India Official Website) पर जाकर UNiDAYS के जरिए अपनी स्टूडेंट या एजुकेटर आईडी को वेरिफाई करना होगा।रिटेल स्टोर्स: इसके अलावा आप दिल्ली या मुंबई स्थित एपल के ऑफिशियल रिटेल स्टोर्स (Apple BKC / Apple Saket) पर जाकर भी अपने जरूरी दस्तावेज दिखाकर इस छूट और फ्री गिफ्ट्स का सीधे लाभ उठा सकते हैं।
टेक दिग्गज गूगल (Google) ने अपने आगामी स्मार्टफोन लवर्स के लिए उत्साह को दोगुना कर दिया है। 12 अगस्त को आयोजित होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित 'मेड बाय गूगल' (Made by Google) इवेंट से ठीक पहले कंपनी ने अपनी नेक्स्ट जेनरेशन स्मार्टफोन सीरीज का पहला ऑफिशियल टीज़र वीडियो जारी कर दिया है।इस शॉर्ट टीज़र में गूगल पिक्सल 11 प्रो (Google Pixel 11 Pro) की शुरुआती झलक दिखाई गई है, जो एक बेहद खूबसूरत और नए गोल्ड फिनिश (Gold Finish) कलर में नजर आ रहा है। इसके साथ ही गूगल स्टोर पर एक डेडिकेटेड लैंडिंग पेज लाइव करके लॉन्चिंग डेट पर भी मुहर लगा दी गई है। इस बार कंपनी का मुख्य फोकस हार्डवेयर अपग्रेड के साथ-साथ Gemini Intelligence पर रहने वाला है, यानी AI एक बार फिर पिक्सल इकोसिस्टम के केंद्र में होगा।क्या है 'Pixel Glow' तकनीक जो LED फ्लैश की लेगी जगह?इस बार पिक्सल 11 सीरीज के डिजाइन में सबसे बड़ा और अनोखा बदलाव इसके रियर कैमरा बार में देखने को मिला है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है:सर्कुलर लाइट रिंग: टीज़र के मुताबिक, कैमरा सेंसर्स के ठीक बगल में एक चमकदार गोल लाइट रिंग (Circular Light Ring) को इंटीग्रेटेड किया गया है, जिसे कंपनी ने 'Pixel Glow' नाम दिया है।मल्टी-पर्पज फीचर: टेक एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स का मानना है कि यह नया हार्डवेयर एलिमेंट स्मार्टफोन में मिलने वाले पारंपरिक LED फ्लैश को पूरी तरह रिप्लेस कर सकता है।विजुअल नोटिफिकेशन: फ्लैश के अलावा यह एक एडवांस विजुअल नोटिफिकेशन सिस्टम की तरह भी काम करेगा। दिलचस्प बात यह है कि इस रिंग का कलरफुल लाइटिंग इफेक्ट हूबहू Google के Gemini AI इंटरफ़ेस में इस्तेमाल होने वाले एनिमेटेड रंगों से मेल खाता है, जो फोन को एक बेहद प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक लुक देता है।पिक्सल 11 सीरीज में शामिल हो सकते हैं ये 4 धांसू मॉडल्सलीक्स और रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार गूगल अपनी फ्लैगशिप सीरीज के तहत एक साथ चार अलग-अलग वेरिएंट्स बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है:Google Pixel 11 (वैनिला मॉडल)Google Pixel 11 Pro (प्रो फीचर्स के साथ)Google Pixel 11 Pro XL (बड़ी स्क्रीन के साथ)Google Pixel 11 Pro Fold (नेक्स्ट जेनरेशन फोल्डेबल फोन)पहली बार दिखेगा 2nm चिपसेट का दम (संभावित स्पेसिफिकेशन)गूगल पिक्सल 11 सीरीज सिर्फ लुक के मामले में ही नहीं, बल्कि परफॉर्मेंस के मामले में भी एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने वाली है।हार्डवेयर / फीचर्ससंभावित डिटेल्स और अपग्रेडप्रोसेसर / चिपसेटइन सभी स्मार्टफोन्स में गूगल का नेक्स्ट-जेन Tensor G6 चिपसेट देखने को मिलेगा, जो अत्याधुनिक 2nm फैब्रिकेशन प्रोसेस पर तैयार किया गया है। यह फोन की स्पीड और बैटरी एफिशिएंसी को बेमिसाल बनाएगा।नेटवर्क मॉडेमबेहतर कनेक्टिविटी, फास्ट इंटरनेट स्पीड और कॉलिंग के लिए इसमें MediaTek M90 5G मॉडेम दिए जाने की पूरी उम्मीद है।एआई (AI) क्षमताएंGemini Intelligence के जरिए फोन में कई ऐसे ऑन-डिवाइस एआई फीचर्स मिलेंगे जो फोटोग्राफी, वॉयस असिस्टेंस और रोजमर्रा के टास्क को बेहद आसान बना देंगे।भारतीय समय के अनुसार कब और कहां देखें लाइव इवेंट?गूगल ने वैश्विक मीडिया को Gemini Intelligence की ब्रांडिंग के साथ इनविटेशन भेजना शुरू कर दिया है। इस बड़े कीनोट इवेंट की ग्लोबल लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।भारतीय दर्शकों (Indian Audience) के लिए यह इवेंट 13 अगस्त 2026 को सुबह 3:30 बजे लाइव देखा जा सकेगा। यदि आप भी एआई और प्रीमियम स्मार्टफोन के शौकीन हैं, तो इस तारीख को अपने कैलेंडर में जरूर मार्क कर लें।
देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के पोस्टपेड ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर सामने आ रही है। एयरटेल ने अपने रीटेल पोर्टफोलियो से ₹549 वाला लोकप्रिय इंडिविजुअल पोस्टपेड प्लान (Individual Postpaid Plan) पूरी तरह से डिस्कंटीन्यू (बंद) कर दिया है।कंपनी की तरफ से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा (Official Announcement) नहीं की गई है, लेकिन एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट और 'एयरटेल थैंक्स ऐप' (Airtel Thanks App) से इस प्लान को चुपचाप हटा दिया गया है। कंपनी के इस कदम को सीधे तौर पर एक 'हिडन टैरिफ हाइक' (Tariff Hike) यानी कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे उन मध्यम वर्गीय ग्राहकों का बजट बिगड़ना तय है जिनका काम एंट्री-लेवल प्लान से नहीं चल पाता था।अब ग्राहकों के पास बचे केवल ये 2 मुख्य विकल्प (Airtel New Postpaid Portfolio)₹549 वाले प्लान के बंद होने के बाद, अब एयरटेल के पोस्टपेड पोर्टफोलियो में ग्राहकों के लिए विकल्प काफी सीमित हो गए हैं:₹449 का प्लान (अब एकमात्र इंडिविजुअल एंट्री-लेवल ऑप्शन): जो ग्राहक केवल अपने अकेले के लिए नया एयरटेल पोस्टपेड कनेक्शन लेना चाहते हैं, उनके लिए अब सबसे सस्ता विकल्प ₹449 प्रति महीना (प्लस जीएसटी) का रह गया है।₹699 का प्लान (अगला सीधा विकल्प): जिन ग्राहकों की डेटा जरूरतें ₹449 वाले प्लान से पूरी नहीं हो पाती थीं और वे ₹549 वाला प्लान चुनते थे, उन्हें अब मजबूरी में सीधे ₹699 प्रति महीना (प्लस जीएसटी) वाले प्लान पर शिफ्ट होना पड़ेगा।जानिए अब पोर्टफोलियो में बचे इन दोनों प्लान्स के फायदे (Benefits Comparison)यदि आप एयरटेल का नया पोस्टपेड कनेक्शन लेने की सोच रहे हैं, तो वर्तमान में उपलब्ध दोनों प्लान्स के बेनेफिट्स की तुलना नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:फीचर्स और बेनिफिट्सएयरटेल ₹449 प्लान (इंडिविजुअल)एयरटेल ₹699 प्लान (फैमिली प्लान)मासिक शुल्क (Rent)₹449/महीना (+ GST)₹699/महीना (+ GST)कनेक्शन / SIM संख्याकेवल 1 (प्राइमरी यूजर)2 SIM (1 प्राइमरी + 1 फ्री ऐड-ऑन)कॉलिंग और SMSअनलिमिटेड (लोकल, STD, रोमिंग) + 100 SMS/दिनअनलिमिटेड (दोनों मेंबर्स के लिए) + 100 SMS/दिनडेटा बेनिफिट्सअनलिमिटेड 4G और 5G डेटाअनलिमिटेड 4G और 5G डेटा (सभी मेंबर्स के लिए)नेटवर्क टेक्नोलॉजी5G स्लाइसिंग के साथ फास्ट लेन एक्सेस5G स्लाइसिंग के साथ फास्ट लेन एक्सेसक्लाउड व डिजिटल ऐप्सGoogle One (100GB) - 6 महीने, Airtel Xstream Play Premium - 3 महीनेGoogle One (100GB) - 6 महीने, Airtel Xstream Play Premium - 3 महीनेक्रिएटिव बेनिफिट्सAdobe Express Premium - 12 महीनेAdobe Express Premium - 12 महीनेअतिरिक्त OTT ऐप्सउपलब्ध नहींAmazon Prime Mobile (6 महीने) + JioHotstar Mobile (1 साल)सुरक्षा और अन्य फीचर्सफ्रॉड लिंक ब्लॉकिंग, स्पैम प्रोटेक्शन, OTP अलर्ट, हेलो ट्यून्स, ब्लू रिबन बैग ट्रैकिंगफ्रॉड लिंक ब्लॉकिंग, स्पैम प्रोटेक्शन, OTP अलर्ट, हेलो ट्यून्स, ब्लू रिबन बैग ट्रैकिंग₹699 वाला फैमिली प्लान क्यों साबित हो सकता है फायदे का सौदा?भले ही ₹549 वाला इंडिविजुअल प्लान बंद होने से सिंगल यूजर्स को झटका लगा हो, लेकिन दो लोगों के इस्तेमाल के लिए ₹699 वाला फैमिली प्लान काफी किफायती बैठता है।प्रति मेंबर खर्च: चूंकि इस प्लान में 2 सिम कार्ड (1 प्राइमरी और 1 ऐड-ऑन) मिलते हैं, इसलिए प्रति व्यक्ति का मासिक खर्च लगभग ₹350 के करीब आता है, जो एंट्री-लेवल इंडिविजुअल प्लान से भी सस्ता है।अतिरिक्त प्राइम सब्सक्रिप्शन: इस प्लान में ₹449 वाले प्लान के मुकाबले अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime) और जियोहॉटस्टार (JioHotstar) का बंडल सब्सक्रिप्शन अतिरिक्त मिलता है, जो मनोरंजन के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी डील साबित हो सकता है।
NEET UG 2026 Result : 11.21 लाख अभ्यर्थी सफल, 58% से ज्यादा बेटियां पास, NTA ने जारी किया रिजल्ट
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी NEET UG 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। एजेंसी ने तय समय के भीतर रिजल्ट जारी किया है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित शेड्यूल के ...
भारत में लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) को हमेशा से भविष्य की वित्तीय सुरक्षा का सबसे भरोसेमंद और सुरक्षित साधन माना जाता रहा है। लेकिन हाल के दिनों में देश के इंश्योरेंस सेक्टर में एक बेहद हैरान करने वाला और चिंताजनक ट्रेंड सामने आया है। बड़ी संख्या में लोग अपनी बीमा पॉलिसी को उसकी मैच्योरिटी (अवधि पूरी होने) से पहले ही बंद यानी सरेंडर कर रहे हैं।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट 2026 (FSR 2026) के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में बीमा कंपनियों ने मैच्योरिटी पर जितना कुल भुगतान किया, उससे कहीं अधिक रकम लोगों ने पॉलिसी को बीच में ही सरेंडर करके और आंशिक निकासी (Withdrawal) के रूप में कंपनियों से वापस निकाल ली। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति ग्राहकों के असंतोष, गलत तरीके से पॉलिसी बेचने (Mis-selling) और अवास्तविक उम्मीदों का सीधा परिणाम है।RBI की रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े (FY 2025-26)केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा किए गए कुल क्लेम सेटलमेंट और भुगतानों का गणित पूरी तरह बदल गया है:भुगतान का प्रकार (Payout Type)कुल भुगतान में हिस्सेदारी (Share %)पॉलिसी सरेंडर और निकासी (Surrender & Withdrawal)38.3%मैच्योरिटी बेनिफिट (Maturity Benefit)36.9%आरबीआई ने इस ट्रेंड पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि लगातार बढ़ती सरेंडर दर (Surrender Rate) इस बात का साफ इशारा है कि या तो ग्राहक अपने इंश्योरेंस प्रॉडक्ट से संतुष्ट नहीं हैं, या उन्हें पॉलिसी बेचते समय सही और पारदर्शी जानकारी नहीं दी गई, अथवा वे बाजार में मौजूद अन्य आकर्षक निवेश विकल्पों (जैसे म्यूचुअल फंड या इक्विटी) की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं।हर दो में से एक ग्राहक 5 साल से पहले तोड़ देता है दम; IRDAI की रिपोर्टबीमा नियामक आईआरडीएआई (IRDAI) के आंकड़े इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में केवल करीब आधी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियां ही अपने 5 साल (60 महीने) का सफर पूरा कर पाती हैं। इसका मतलब है कि देश का हर दूसरा पॉलिसीधारक अपनी पॉलिसी की पांचवीं वर्षगांठ आने से पहले ही या तो प्रीमियम भरना बंद कर देता है या भारी नुकसान उठाकर पॉलिसी सरेंडर कर देता है।वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में देश की प्रमुख निजी बीमा कंपनियों के 61वें महीने के पर्सिस्टेंसी रेशियो (Persistency Ratio - ग्राहकों के टिके रहने की दर) के आंकड़े कुछ इस प्रकार रहे:ICICI Prudential Life: 58.8% (बाजार में सबसे आगे)Bandhan Life: 57.6%Canara HSBC Life: 57.1%Tata AIA Life: 56.7%Kotak Mahindra Life: 55.3%आखिर मैच्योरिटी से पहले क्यों दम तोड़ रही हैं पॉलिसियां? (मुख्य कारण)सुरक्षा के बदले 'रिटर्न' का लालच (Mis-selling): 'इंश्योरेंस समाधान' की सीओओ शिल्पा अरोड़ा के अनुसार, लाइफ इंश्योरेंस को अक्सर सुरक्षा (Protection) के बजाय एक शुद्ध निवेश उत्पाद (Investment Product) की तरह आक्रामक रूप से बेचा जाता है। ग्राहकों को मैच्योरिटी पर मिलने वाले भारी रिटर्न का सपना दिखाया जाता है, जबकि उन्हें यह नहीं समझाया जाता कि यह मूल रूप से लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा के लिए बनाया गया साधन है।ग्राहकों के भरोसे में भारी कमी: '1 फाइनेंस' की पार्टनर मंजू ढाके का मानना है कि इतनी ऊंची सरेंडर दर सीधे तौर पर ग्राहकों के भरोसे में कमी को दर्शाती है। जब लोग शुरुआती 2-3 वर्षों में ही पॉलिसी छोड़ते हैं, तो साफ है कि उन्हें वह उत्पाद नहीं मिला जिसकी एजेंट द्वारा उम्मीद जगाई गई थी।बदलती आर्थिक प्राथमिकताएं और इमरजेंसी: कोटक लाइफ इंश्योरेंस के चीफ डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिसर पीयूष त्रिवेदी के मुताबिक, हर मामले में मिस-सेलिंग ही जिम्मेदार नहीं होती। कई बार जीवन में अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी छूटना, बच्चों की उच्च शिक्षा, अचानक नकदी की जरूरत या भारी कर्ज चुकाने जैसी बदलती परिस्थितियों के कारण भी लोग विवश होकर पॉलिसी बंद कर देते हैं।कंपनियों को भी दोहरा झटका: जल्दी पॉलिसी बंद होने से सिर्फ ग्राहकों का ही पैसा नहीं डूबता, बल्कि बीमा कंपनियों को भी भारी वित्तीय नुकसान होता है। नए नियामक नियमों के तहत कंपनियों को एजेंटों और बैंकों को शुरुआती कमीशन ज्यादा देना पड़ता है। ऐसे में अगर ग्राहक कुछ ही वर्षों में पॉलिसी छोड़ देता है, तो कंपनियों की ऑपरेशनल लागत (Cost) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।नई पॉलिसी खरीदने से पहले इन 4 बातों का रखें विशेष ध्यानयदि आप भी अपने या परिवार के लिए नई लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेने का विचार कर रहे हैं, तो विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई इन बातों को गांठ बांध लें:उद्देश्य साफ रखें: सबसे पहले यह समझें कि इंश्योरेंस निवेश नहीं, बल्कि जोखिम से सुरक्षा का माध्यम है। निवेश के लिए म्यूचुअल फंड या पीपीएफ (PPF) जैसे विकल्प बेहतर हैं।पर्सिस्टेंसी रेशियो जरूर जांचें: पॉलिसी लेने से पहले उस कंपनी का पर्सिस्टेंसी रेशियो जरूर देखें। यह रेशियो जितना अधिक होगा, इसका मतलब है कि उस कंपनी के ग्राहक उतने ही लंबे समय तक जुड़े रहते हैं और संतुष्ट हैं।नियम और शर्तें पढ़ें: प्रीमियम भरने की कुल अवधि, लॉक-इन पीरियड और बीच में पॉलिसी छोड़ने पर मिलने वाली 'सरेंडर वैल्यू' के नियमों को एजेंट के भरोसे छोड़ने के बजाय खुद दस्तावेज में अच्छी तरह पढ़ें।अवास्तविक रिटर्न से बचें: यदि कोई एजेंट आपको 3 से 4 साल में पैसा दोगुना करने या गारंटीड असाधारण रिटर्न का दावा करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।बीमा उद्योग के जानकारों का मानना है कि अब समय आ गया है जब इंश्योरेंस कंपनियों को सिर्फ नए टारगेट और पॉलिसियां बेचने के पीछे भागने के बजाय, ग्राहकों को उनकी वास्तविक जरूरत के हिसाब से सही सलाह देने और पूरी पारदर्शिता बरतने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
केंद्र सरकार के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और 69 लाख से अधिक पेंशनर्स के लिए आने वाला समय बड़ी आर्थिक सौगात लेकर आ सकता है। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से ही सरकारी गलियारों में सैलरी (Salary) और भत्तों में होने वाले इजाफे को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हैं।इस बीच, सबसे ज्यादा उत्सुकता हाउस रेंट अलाउंस (HRA - मकान किराया भत्ता) को लेकर देखी जा रही है। ताजा वित्तीय अनुमानों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि सरकार नए वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने के फॉर्मूले को हरी झंडी दे देती है, तो पे-मैट्रिक्स के लेवल-1 से लेकर लेवल-5 तक के कर्मचारियों के HRA में बंपर उछाल देखने को मिल सकता है। अलग-अलग शहरों के आधार पर यह भत्ता अधिकतम ₹10,800 से लेकर ₹17,520 प्रति माह तक पहुंच सकता है।आखिर कैसे तय होता है केंद्रीय कर्मचारियों का HRA?हाउस रेंट अलाउंस (HRA) केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (मूल वेतन) का वह महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो उन्हें किराए के मकान का खर्च उठाने के लिए सरकार द्वारा दिया जाता है। इसका एक बड़ा फायदा यह भी है कि किराए के घर में रहने वाले कर्मचारी इनकम टैक्स एक्ट के नियमों के तहत इस भत्ते पर टैक्स छूट (Tax Exemption) का दावा भी कर सकते हैं।सरकार ने देश के सभी शहरों को वहां की जनसंख्या (Population) के आधार पर तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है, जिसके आधार पर HRA की दरें तय होती हैं:X श्रेणी (Metros): दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे 50 लाख से अधिक की आबादी वाले बड़े महानगर।Y श्रेणी (Tier-2 Cities): 5 लाख से लेकर 50 लाख तक की आबादी वाले बड़े और विकसित शहर।Z श्रेणी (Tier-3/Rural): 5 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहर, कस्बे या ग्रामीण इलाके।लेवल 1 से 5 के कर्मचारियों को कितना मिलेगा HRA? (संभावित कैलकुलेशन)यदि आगामी 8वें वेतन आयोग में 2.0 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो निचले और मध्यम स्तर (लेवल 1 से 5) के कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। संभावित सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शहरों की श्रेणी के मुताबिक मिलने वाला मासिक HRA इस प्रकार हो सकता है:पे-मैट्रिक्स लेवल (Pay Level)X श्रेणी के महानगर (अधिकतम)Y श्रेणी के शहर (मध्यम)Z श्रेणी के छोटे शहर (न्यूनतम)लेवल-1 (शुरुआती स्तर)₹10,800 / महीना₹7,200 / महीना₹3,600 / महीनालेवल-5 (मध्यम स्तर)₹17,520 / महीना₹11,680 / महीना₹5,840 / महीनानोट: यह इजाफा फिटमेंट फैक्टर 2.0 के आधार पर अनुमानित है, जो कर्मचारियों के मासिक बजट को बड़ी राहत देगा।कर्मचारी संगठनों की क्या हैं सरकार से बड़ी मांगें?देश के विभिन्न शहरों में लगातार बढ़ती कमरतोड़ महंगाई को देखते हुए केंद्रीय कर्मचारी संगठन सरकार पर अपनी मांगों को लेकर लगातार दबाव बना रहे हैं। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लाइज फेडरेशन (AINPSEF) ने सरकार को सौंपे अपने सुझावों में कहा है कि वर्तमान में मिलने वाले भत्ते बढ़ती महंगाई के सामने नाकाफी हैं।संगठन की मुख्य मांगें:HRA की प्रतिशत दर में वृद्धि: संगठन की सीधी मांग है कि HRA की दरों को संशोधित कर X श्रेणी के शहरों में 36 प्रतिशत, Y श्रेणी में 24 प्रतिशत और Z श्रेणी में 12 प्रतिशत कर दिया जाए।महंगाई भत्ते (DA) से जुड़ाव: संगठनों की यह भी मजबूत दलील है कि जैसे ही सरकार द्वारा महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की जाए, ठीक उसी अनुपात और समय पर HRA भी अपने आप (Automatically) रिवाइज हो जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों की जेब पर महंगाई का कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े।कब तक धरातल पर लागू होंगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?आपको बता दें कि 8वें वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक कार्यप्रणाली और समीक्षा का काम 3 नवंबर 2025 से शुरू कर दिया है। हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के इतिहास और काम करने के जटिल तरीके को देखें तो सभी विभागों से डेटा जुटाने और अंतिम मसौदा (Draft Report) तैयार करने में काफी लंबा वक्त लगता है।आर्थिक और बाजार के जानकारों का मानना है कि आठवां वेतन आयोग अपनी अंतिम और विस्तृत रिपोर्ट फरवरी से अप्रैल 2027 के बीच केंद्र सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद इस रिपोर्ट को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद ही नई बढ़ी हुई दरें और एरियर कर्मचारियों के खातों में आना शुरू होंगे।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। यदि आप भी किसी निजी या सरकारी संस्थान में काम करते हैं और 10 साल की सेवा पूरी करने से पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं या बदलने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर सीधे तौर पर आपकी जेब और वित्तीय भविष्य से जुड़ी है।श्रम और रोजगार मंत्रालय ने पुरानी पेंशन योजना (EPS 1995) के स्थान पर अब पूरी तरह से नई ‘कर्मचारी पेंशन योजना, 2026’ (EPS 2026) को मंजूरी देकर लागू कर दिया है। 29 जून 2026 से प्रभावी हो चुके इस नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने के बाद अपनी पेंशन का एकमुश्त पैसा (Lump-sum Amount) तुरंत नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए एक अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि (Waiting Period) तय कर दी गई है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया नियम क्या है और आपकी जमा-पूंजी पर इसका क्या असर पड़ने वाला है।मासिक पेंशन का बुनियादी नियम: 10 साल की नौकरी आज भी जरूरीईपीएफओ के मूल ढांचे के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद जीवनभर मासिक पेंशन (Monthly Pension) का लाभ उठाने के लिए किसी भी कर्मचारी की कुल सेवा अवधि (Service Period) कम से कम 10 वर्ष होनी अनिवार्य है। जो लोग 10 साल से पहले नौकरी छोड़ देते हैं, वे हर महीने मिलने वाली रेगुलर पेंशन के हकदार नहीं होते। नई ईपीएस 2026 योजना में भी इस बुनियादी नियम को यथावत रखा गया है।हालांकि, 10 साल से कम काम करने वाले कर्मचारियों का पैसा डूबता नहीं है, सरकार उन्हें दो मजबूत विकल्प देती है:विड्रॉल बेनिफिट (Withdrawal Benefit): कर्मचारी अपनी पेंशन फंड में जमा राशि को एकमुश्त ब्याज सहित निकाल सकता है।स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate): यदि कर्मचारी कुछ समय बाद दोबारा किसी ईपीएफओ कवर वाली कंपनी में नई नौकरी शुरू करता है, तो इस सर्टिफिकेट की मदद से उसकी पुरानी नौकरी का कार्यकाल नई नौकरी में जोड़ दिया जाता है। इससे भविष्य में 10 साल की कुल सर्विस पूरी करना और मासिक पेंशन का हकदार बनना बेहद आसान हो जाता है।क्या है नया 36 महीने (3 साल) का नियम? (New Waiting Period)नई कर्मचारी पेंशन योजना 2026 का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव इसके विड्रॉल नियम में है। अब कोई भी कर्मचारी रिटायरमेंट की उम्र से पहले नौकरी छोड़ने पर तत्काल अपनी पेंशन राशि की निकासी के लिए क्लेम नहीं कर सकेगा।3 साल का लंबा इंतजार: नए नियम के मुताबिक, कर्मचारी के ईपीएफ खाते में जिस तारीख को आखिरी पेंशन योगदान (Last Contribution) जमा हुआ था, उस तिथि से लेकर पूरे 36 महीने (3 वर्ष) बीत जाने के बाद ही वह विड्रॉल बेनिफिट के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकेगा।नियम में एक विशेष छूट: इस 36 महीने के कड़े नियम में सरकार ने एक मानवीय छूट भी शामिल की है। यदि इन 36 महीनों के वेटिंग पीरियड के दौरान ही कर्मचारी की आधिकारिक रिटायरमेंट (Superannuation) की उम्र पूरी हो जाती है, तो उसे 3 साल का समय पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में वह अपनी उम्र पूरी होते ही तुरंत पूरी राशि की निकासी कर सकता है।विड्रॉल बेनिफिट का पूरा गणित: जानिए कितना मिलेगा पैसा (Table IV Factor Calculation)जब आप 36 महीनों का अनिवार्य इंतजार पूरा कर लेंगे, तो आपको मिलने वाली एकमुश्त रकम की गणना नई योजना के तहत जारी की गई 'टेबल IV' (Table IV Factor) के आधार पर की जाएगी। आपकी अंतिम विड्रॉल राशि तय करने के लिए आपकी ‘पेंशन योग्य सैलरी’ (Pensionable Salary) को आपके कार्यकाल के अनुसार तय ‘टेबल IV फैक्टर’ से गुणा (Multiply) किया जाता है।आइए इसे दो अलग-अलग उदाहरणों से बेहद आसान तरीके से समझते हैं:उदाहरण 1 (2 साल की नौकरी पर):मान लीजिए आपकी पेंशन योग्य सैलरी ₹15,000 है और आपने केवल 24 महीने (2 साल) काम करने के बाद नौकरी छोड़ दी।टेबल IV के अनुसार 24 महीने की सर्विस का फैक्टर 1.99 तय किया गया है।गणना: ₹15,000 1.99 = ₹29,850 (आपको ₹29,850 का एकमुश्त भुगतान मिलेगा)।उदाहरण 2 (5 साल की नौकरी पर):मान लीजिए आपकी पेंशन योग्य सैलरी वही ₹15,000 है, लेकिन आपने कुल 60 महीने (5 साल) तक कंपनी में काम किया है।60 महीने की लंबी सर्विस होने के कारण टेबल का फैक्टर बढ़कर 5.02 हो जाता है।गणना: ₹15,000 5.02 = ₹75,300 (आपको ₹75,300 का एकमुश्त भुगतान मिलेगा)।इस फॉर्मूले से साफ स्पष्ट है कि कर्मचारी जितने अधिक महीनों तक ईपीएफओ के दायरे में रहकर नौकरी करेगा, उसका टेबल IV फैक्टर उतना ही बड़ा होगा और अंत में मिलने वाला एकमुश्त आर्थिक लाभ भी उतना ही ज्यादा बढ़ जाएगा।
देश के बड़े और प्रमुख महानगरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोगों और छात्रों के लिए किराए पर मकान ढूंढना अब जेब पर भारी पड़ने लगा है। शहरों में न केवल मासिक किराया (Monthly Rent) आसमान छू रहा है, बल्कि मकान मालिकों द्वारा मांगा जाने वाला भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) भी किरायेदारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है।प्रॉपटेक यूनिकॉर्न कंपनी नोब्रोकर (NoBroker) की एक ताजा और बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 6 सबसे बड़े महानगरों—मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR), बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे में रहने वाले किरायेदारों की कुल ₹1.26 लाख करोड़ की विशाल राशि मकान मालिकों के पास सिर्फ सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में फंसी हुई है। यह भारी-भरकम रकम शहरी भारत के हाउसिंग मार्केट में आ रहे बड़े संकट की ओर इशारा करती है।बेंगलुरु और मुंबई में डिपॉजिट का सबसे तगड़ा झटकानोब्रोकर की रिपोर्ट के अनुसार, सिक्योरिटी डिपॉजिट के मामले में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और आईटी हब बेंगलुरु सबसे आगे हैं। इन शहरों में घर किराए पर लेने के लिए किरायेदारों को अपनी जमा-पूंजी का एक बड़ा हिस्सा एडवांस के तौर पर देना पड़ रहा है:महानगर / शहर (Metros)मकान मालिकों के पास फंसा कुल सिक्योरिटी डिपॉजिटमुंबई महानगर क्षेत्र (MMR)₹41,156 करोड़बेंगलुरु (Bengaluru)₹31,628 करोड़पसंदीदा घर चुनने में किराया नहीं, डिपॉजिट बन रहा सबसे बड़ी बाधाबेंगलुरु शहर में हालात इस कदर चुनौतीपूर्ण हो चुके हैं कि वहां के 75% किरायेदारों ने यह स्वीकार किया कि अत्यधिक सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगे जाने के कारण वे कई बार अपनी पसंद का घर चाहकर भी किराए पर नहीं ले पाए। यानी अब मिडिल क्लास परिवारों के लिए घर का चुनाव करते समय मासिक किराया उतना बड़ा मुद्दा नहीं रहा, जितना कि शुरुआत में एकमुश्त जमा की जाने वाली एडवांस रकम बन गई है।दूसरी तरफ, देश की राजधानी दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में किरायेदारों के लिए स्थिति थोड़ी राहत जनक रही। यहां 58% किरायेदारों को उनकी लीज अवधि (Lease Period) खत्म होने के बाद पूरा डिपॉजिट सुरक्षित वापस मिल गया। हालांकि, करीब 30% लोगों के डिपॉजिट से मेंटेनेंस या टूट-फूट के नाम पर कुछ राशि काटी गई, जबकि 12% किरायेदारों को मकान मालिकों के साथ डिपॉजिट वापसी को लेकर गंभीर कानूनी व आपसी विवादों का सामना करना पड़ा।कमाई का 30 से 50 फीसदी हिस्सा सिर्फ किराए में हो रहा स्वाहाशहरी भारत में रहने वाले अधिकांश परिवारों के मासिक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा अब सिर्फ मकान किराया चुकाने में खर्च हो रहा है। रिपोर्ट के आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं:आय का 30% हिस्सा: मेट्रो शहरों में रहने वाले लगभग आधे (50%) किरायेदार अपनी कुल मासिक इनकम का 30% से अधिक हिस्सा सिर्फ किराए के रूप में दे रहे हैं।मुंबई के बदतर हालात: मुंबई में महंगाई और किराए का स्तर सबसे डरावना है। यहां 25% किरायेदार अपनी कुल सैलरी का 50% से ज्यादा हिस्सा सीधे मकान मालिक की जेब में डाल रहे हैं। वहीं, 15% लोग अपनी आय का 41% से 50% तक हिस्सा किराए में गंवा रहे हैं। आसान शब्दों में कहें तो मुंबई में हर 10 में से लगभग 4 किरायेदार अपनी कमाई का 40% से अधिक हिस्सा सिर्फ रहने पर खर्च करने को मजबूर हैं।'फोर्स्ड टेनेंसी' (Forced Tenancy): होम लोन की ईएमआई से सस्ता है किराया!रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है कि आज के समय में बड़े शहरों में अपना खुद का घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा नामुमकिन हो गया है। लगभग सभी टियर-1 शहरों में यदि कोई व्यक्ति 30 साल की अवधि के लिए होम लोन (Home Loan) लेता है, तो उसकी मासिक ईएमआई (EMI) उसी घर के वर्तमान मासिक किराए से काफी ज्यादा बैठती है।रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी की तेजी से बढ़ती कीमतों और महंगे होम लोन की ब्याज दरों के कारण शहरी भारत में फोर्स्ड टेनेंसी (मजबूरी में किराए पर रहना) की प्रवृत्ति बहुत तेजी से बढ़ रही है। लोग चाहकर भी भारी ईएमआई के डर से अपना आशियाना नहीं खरीद पा रहे हैं और ताउम्र किराएदार बने रहने को मजबूर हैं।छोटे फ्लैट और स्टूडियो अपार्टमेंट्स दे रहे हैं सबसे तगड़ा रिटर्न (Investors Guide)यदि आप रियल एस्टेट में निवेश (Investment) करने की सोच रहे हैं, तो बड़े फ्लैटों की तुलना में छोटे फ्लैट मकान मालिकों के लिए ज्यादा मुनाफे का सौदा साबित हो रहे हैं:1BHK और स्टूडियो अपार्टमेंट का जलवा: नोब्रोकर की रिपोर्ट के अनुसार, निवेश के लिहाज से 1BHK और कॉम्पैक्ट स्टूडियो अपार्टमेंट्स सबसे बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं, क्योंकि इनसे मिलने वाली रेंटल यील्ड (Rental Yield) बड़े फ्लैटों के मुकाबले काफी ज्यादा है।बेंगलुरु-हैदराबाद नंबर 1: देश के प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा रेंटल यील्ड बेंगलुरु में 4.8% और हैदराबाद में 4.6% दर्ज की गई है। इसके विपरीत, 4BHK जैसे बड़े और आलीशान फ्लैटों में सालाना रेंटल यील्ड सिमटकर 3% से भी कम रह जाती है।बढ़ते किराए, सुरक्षा जमा की ऊंची दरों और महंगी संपत्तियों के कारण शहरी भारत का रियल एस्टेट मार्केट एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में किरायेदारों और निवेशकों, दोनों के लिए कोई भी नया एग्रीमेंट करने से पहले गहन रिसर्च करना बेहद जरूरी हो गया है।
रेलवे में नौकरी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी आर्थिक राहत देने वाली खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ‘हाउस बिल्डिंग एडवांस’ (House Building Advance - HBA) की नई ब्याज दरों की आधिकारिक घोषणा कर दी है।हाल ही में जारी किए गए नए सरकारी आदेश के तहत रेलवे कर्मियों को अब अपना आशियाना बनाने के लिए महज 7.1 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर एडवांस पैसा मिल जाएगा। बाजार में मौजूद अन्य कमर्शियल बैंकों के होम लोन की तुलना में यह दर बेहद कम है, जिससे सीधे तौर पर कर्मचारियों की हर महीने जाने वाली ईएमआई (EMI) का बोझ काफी घट जाएगा।1 अप्रैल 2026 से लागू हुईं नई दरें; पिछली बार से इतनी आई कमीरेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के मुताबिक, यह नई ब्याज दर 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी और 31 मार्च 2027 तक मंजूर होने वाले सभी HBA लोन पर लागू रहेगी।ब्याज दरों में कटौती: इससे पिछले वित्तीय वर्ष (FY 2025-26) में हाउस बिल्डिंग एडवांस पर ब्याज दर 7.44% वार्षिक थी, जिसमें अब 0.34% की बड़ी कटौती कर इसे 7.1% कर दिया गया है।मंत्रालय का आदेश: दरअसल, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने 13 मई 2026 को इस संबंध में एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया था। रेलवे बोर्ड ने उसी सरकारी गाइडलाइन को अपनाते हुए इसे अपने रेल कर्मचारियों के लिए भी तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है।आखिर क्या है ‘हाउस बिल्डिंग एडवांस’ (HBA) योजना?सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 'हाउस बिल्डिंग एडवांस' (HBA) केंद्र सरकार और रेलवे द्वारा दी जाने वाली एक विशेष कल्याणकारी वित्तीय सुविधा है।आज के दौर में जहां प्राइवेट और सरकारी बैंक होम लोन (Home Loan) पर 8.5% से लेकर 9.5% तक का भारी-भरकम ब्याज वसूल रहे हैं, वहीं सरकार अपने स्टाफ को बाजार से कहीं ज्यादा रियायती और सस्ती दर पर यह एडवांस उपलब्ध कराती है। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि रेल कर्मचारी बिना किसी बड़े मानसिक और आर्थिक तनाव के पूरी सुरक्षा के साथ अपने और अपने परिवार के लिए एक पक्के मकान का सपना पूरा कर सकें।इन 4 प्रमुख कामों के लिए निकाल सकते हैं एडवांस का पैसारेलवे कर्मचारी अपनी आवश्यकता के अनुसार इस एडवांस राशि का उपयोग केवल एक जगह नहीं, बल्कि कई अलग-अलग विकल्पों के लिए कर सकते हैं:प्लॉट और कंस्ट्रक्शन: यदि आप कोई खाली प्लॉट (जमीन) खरीदकर उस पर अपनी मर्जी से नया मकान बनवाना चाहते हैं।रेडी-टू-मूव फ्लैट: किसी प्राइवेट बिल्डर या डेवलपर से सीधे तैयार फ्लैट या घर खरीदने के लिए।सरकारी योजनाएं: केंद्र सरकार, राज्य सरकार या किसी भी रजिस्टर्ड कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की आवासीय योजनाओं में घर आवंटित होने पर।मकान का विस्तार (Extension): यदि आपके पास पहले से ही अपना एक मकान है और परिवार बड़ा होने पर आप उसमें नए कमरे, एक और मंजिल या घर का कोई अन्य हिस्सा जुड़वाना (Extending Space) चाहते हैं।बाकी नियमों और पात्रता में क्या हुआ बदलाव?रेलवे बोर्ड ने अपने इस नए सर्कुलर में स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि बदलाव केवल और केवल सालाना ब्याज दर (7.1%) में किया गया है। इसके अलावा योजना से जुड़े अन्य किसी भी पुराने नियम, कानून या शर्तों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।शर्तें यथावत: लोन के लिए जरूरी न्यूनतम सर्विस पीरियड (नौकरी का समय), रीपेमेंट की अवधि (पैसा चुकाने का समय) और पात्रता की सभी शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी।कितना मिलेगा लोन: किसी भी रेल कर्मचारी को अधिकतम कितना एडवांस पैसा स्वीकृत किया जाएगा, यह पूरी तरह से उसकी वर्तमान बेसिक सैलरी, उसके सर्विस रिकॉर्ड और खरीदी या बनाई जा रही प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू के आधार पर तय किया जाएगा।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता हुआ भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और तेल सप्लाई के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है। समाचार एजेंसी 'रॉयटर्स' की एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) को एक बेहद आक्रामक और गुप्त संदेश भेजा है।ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका ने उसके बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर (Power Infrastructure) या तेल ठिकानों पर किसी भी तरह का सैन्य हमला किया, तो हूती विद्रोही अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले लाल सागर (Red Sea) के समुद्री रास्ते को पूरी तरह से ब्लॉक करने के लिए तैयार रहें। यदि ऐसा होता है, तो इतिहास में पहली बार दुनिया के दो सबसे बड़े तेल रूट एक साथ बंद हो जाएंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।तेहरान में बनी खुफिया रणनीति, बाब-अल-मंदेब पर मिसाइलें तैनातरॉयटर्स ने ईरान और मध्य-पूर्व (Middle East) के तीन उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस खतरनाक योजना पर तेहरान में एक उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा हो चुकी है और इसका अंतिम संदेश हूती नेतृत्व तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया है।अंतिम आदेश का इंतजार: इस संदेश के मिलते ही हूती विद्रोहियों ने बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-al-Mandeb Strait) के पास अपने सबसे आधुनिक ड्रोन और घातक एंटी-शिप मिसाइलें तैनात कर दी हैं। यह वही संकरा समुद्री रास्ता है जो लाल सागर को अरब सागर और स्वेज नहर से जोड़ता है। विद्रोही अब केवल ईरान के अंतिम सिग्नल का इंतजार कर रहे हैं।सन्नाटे में अधिकारी: हालांकि, इस संवेदनशील रिपोर्ट के सामने आने के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय और हूती प्रवक्ताओं ने अभी तक कोई भी आधिकारिक (Official) प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया है।दो सबसे बड़े लाइफलाइन रूट एक साथ होंगे ठप (The Supply Chain Threat)अगर लाल सागर में हूती विद्रोही जहाजों को निशाना बनाते हैं या रास्ता रोकते हैं, तो दुनिया के दो सबसे प्रमुख मैरीटाइम चेकपॉइंट्स (Maritime Checkpoints) एक साथ ब्लॉक हो जाएंगे:समुद्री रास्ता (Strait)इसका महत्व और प्रभावहोर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)यह पहले से ही ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। दुनिया का 20% से अधिक कच्चा तेल (Crude Oil) इसी संकरे रास्ते से गुजरता है।बाब-अल-मंदेब (Red Sea Route)यह यूरोप, एशिया और अमेरिका को जोड़ने वाला सबसे छोटा समुद्री व्यापार मार्ग है। इसके बंद होने से जहाजों को अफ्रीका का चक्कर लगाकर जाना होगा, जिससे किराया और समय दोगुना हो जाएगा।यमन में मौजूद IRGC के प्रतिनिधि लेंगे अंतिम फैसलारिपोर्ट के अनुसार, बाब-अल-मंदेब को किस दिन और किस समय पूरी तरह बंद करना है, इसका रिमोट कंट्रोल यमन में मौजूद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों और प्रतिनिधियों के हाथ में होगा।इसी बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब (Saudi Arabia) पर भी ताबड़तोड़ मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। हूतियों का आरोप है कि सऊदी सेना ने उनके नियंत्रण वाले एयरपोर्ट पर बमबारी की है। इस ताजा गोलाबारी के कारण दोनों पक्षों के बीच पिछले चार साल से चला आ रहा शांतिपूर्ण युद्धविराम (Ceasefire) भी पूरी तरह टूट गया है, जिसने मिडिल ईस्ट को एक भीषण युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।अमेरिका पर आर्थिक दबाव बनाने की नीति; भारत समेत दुनिया पर क्या होगा असर?अंतरराष्ट्रीय मामलों के एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान इस आत्मघाती रणनीति के जरिए सीधे तौर पर अमेरिका और उसके मित्र देशों पर चौतरफा आर्थिक दबाव (Economic Pressure) बनाना चाहता है।सऊदी अरब का तेल ब्लॉक होगा: सऊदी अरब अपने कच्चे तेल के एक्सपोर्ट का एक बहुत बड़ा हिस्सा रेड सी में स्थित यानबू बंदरगाह (Yanbu Port) के जरिए करता है। इस रास्ते में बाधा आने का मतलब है कि कच्चे तेल की कीमतें रातों-रात $100 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं, जिससे भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी।अमेरिका का पुराना आरोप: अमेरिका हमेशा से यह दावा करता रहा है कि ईरान हूतियों को घातक हथियार, भारी-भरकम फंड और मिलिट्री ट्रेनिंग प्रदान करता है। हालांकि, तेहरान इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। आने वाले दिन दुनिया के समुद्री व्यापार और ग्लोबल एनर्जी मार्केट के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं।
नेटफ्लिक्स (Netflix) पर प्रसारित हो रहा रियलिटी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ (Lock Upp Season 2) इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त तहलका मचा रहा है। 27 जून से शुरू हुए इस शो को फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। शो में शामिल कई नामी हस्तियों में से सबसे ज्यादा सुर्खियां टीवी के दिग्गज अभिनेता राम कपूर (Ram Kapoor) बटोर रहे हैं।शो के भीतर राम कपूर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार कई हैरान करने वाले खुलासे कर रहे हैं। इसी बीच, उनकी पत्नी और मशहूर एक्ट्रेस गौतमी कपूर (Gautami Kapoor) ने राम कपूर के बयानों और शो में अपनी वाइल्ड कार्ड एंट्री की खबरों पर पहली बार खुलकर बात की है।क्या 'लॉकअप 2' में एंट्री करेंगी गौतमी कपूर? (वाइल्ड कार्ड पर बड़ा बयान)हाल ही में मुंबई में एक रेस्टोरेंट के बाहर पैपराजी (Paparazzi) ने गौतमी कपूर को स्पॉट किया। जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या वे शो में राम कपूर को जॉइन करेंगी या वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर एंट्री लेंगी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा:नहीं, नहीं... वाइल्ड कार्ड एंट्री बिल्कुल नहीं! अगर मैं भी शो के अंदर चली जाऊंगी, तो बाहर मेरे बच्चों की देखभाल कौन करेगा? वैसे मैं राम को पूरा सपोर्ट कर रही हूं। वह शो के अंदर बहुत मजे कर रहे हैं और उन्हें इस अंदाज में देखना बेहद मजेदार है।जब पैपराजी ने उनसे दोबारा पूछा कि क्या वे भविष्य में कभी इस शो का हिस्सा बनेंगी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए सारा फैसला पति पर छोड़ते हुए कहा— राम की मर्जी।राम कपूर का चौंकाने वाला खुलासा: 'शादी से पहले प्लेबॉय था मैं'दरअसल, ‘लॉकअप 2’ के हालिया एपिसोड में राम कपूर ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक बड़ा कबूलनामा किया था, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया। शो की को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने जब राम कपूर से उनकी पुरानी लव-लाइफ और अफेयर्स को लेकर सवाल पूछा, तो राम ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया:प्लेबॉय इमेज: राम कपूर ने स्वीकार किया कि गौतमी से शादी करने से पहले इंडस्ट्री और समाज में उनकी छवि एक 'प्लेबॉय' (Playboy) की तरह थी।एकता कपूर की वो चेतावनी: राम ने आगे बताया कि जब उन्होंने और गौतमी ने साल 2003 में शादी करने का फैसला किया, तो उनकी इस इमेज की वजह से करीबी लोग काफी चिंतित थे। यहां तक कि मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर (Ekta Kapoor) ने खुद गौतमी को फोन किया था और पूछा था कि वह राम से शादी क्यों कर रही हैं? एकता ने गौतमी को सलाह दी थी कि शादी का कदम उठाने से पहले कम से कम दो बार जरूर सोच लें। हालांकि, गौतमी ने राम पर भरोसा किया और आज दोनों एक खुशहाल शादीशुदा जिंदगी बिता रहे हैं।लॉकअप सीजन 2 का पूरा समीकरण (Host & Show Details)शो का नामरिलीज प्लेटफॉर्म और डेटशो के होस्ट (Hosts)मुख्य चर्चित कंटेस्टेंटलॉकअप सीजन 2नेटफ्लिक्स (Netflix) - 27 जून से जारीफराह खान और रितेश देशमुखराम कपूर, श्रेया कालरा व अन्य
कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के बीच 9 अगस्त को प्रस्तावित कारसेवा के ऐलान के बाद मथुरा पुलिस-प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज को गुरुवार को उनके आश्रम में नजरबंद कर दिया। पुलिस ने उन्हें नोटिस भी सौंपा है। इस बीच स्वामी सच्चिदानंद ने 9 अगस्त को प्रस्तावित […] The post कारसेवा के ऐलान के बीच स्वामी सच्चिदानंद नजरबंद, 9 अगस्त का कार्यक्रम स्थगित appeared first on Sabguru News .
गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित
50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना नसीराबाद। राजगढ़ स्थित श्री मसाणिया भैरव धाम में आगामी 29 जुलाई को आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक बैठक आयोजित की गई। बैठक चम्पालाल महाराज (मुख्य उपासक, भैरव धाम) के सान्निध्य तथा उपखंड अधिकारी नसीराबाद कल्पित शिवरान की अध्यक्षता […] The post गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, राजगढ़ धाम पर प्रशासनिक बैठक आयोजित appeared first on Sabguru News .
धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को जंतर-मंतर पहुंचकर शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन किया और केंद्र सरकार से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे कथित […] The post धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .
भिवाड़ी में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपी अरेस्ट
खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि यह गिरोह भिवाड़ी की पॉश आशियाना टाउन सोसायटी में गुमनाम तरीके से रहकर भारत ही नहीं, बल्कि अमरीका, कनाडा और अफ्रीका के […] The post भिवाड़ी में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
'हमारे मध्यप्रदेश में लेबर की कोई प्रॉब्लम नहीं होती। अगर कोई उद्योगपति यहां उद्योग लगाकर 10-20 साल कहीं और कुछ करना चाहे तो उसके उद्योग को कुछ नहीं होगा। प्रदेश की जनता अपने काम को अच्छे से करना और निभाना जानती है।' यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ...
जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने गुरुवार को उन नेताओं को कड़ा संदेश दिया जो पार्टी छोड़ने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वे पार्टी छोड़ना चाहते हैं, तो 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली से पहले ही ऐसा कर […] The post जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे 21 जुलाई से पहले छोड़ दें : ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .
नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया
श्रीगंगानगर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने श्रीगंगानगर जिले में नई मंडी घड़साना के सरकारी अस्पताल में गुरुवार को एक स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को 3500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की गंगानगर इकाई में शिकायत की थी कि उसकी गर्भवती पत्नी को पेट […] The post नई मंडी घड़साना में स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक रिश्वत लेते पकड़ा गया appeared first on Sabguru News .
Medanta Doctor Negligence Case: चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां मेदंता अस्पताल के डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण एक महिला मरीज की जान आफत में पड़ गई है। डॉक्टरों द्वारा समय पर सही निर्णय न लिए जाने के कारण अस्पताल से लौटते वक्त रास्ते में ही महिला का सर्जिकल घाव अचानक जोर से फट गया। इस खौफनाक मंजर के बाद पीड़ित परिवार ने मेदंता अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (Medical Superintendent) से लिखित में जवाब तलब करते हुए दोषी मेडिकल टीम पर तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।जानिए कैसे शुरू हुआ यह पूरा मामला और लापरवाही का सफरयह दर्दनाक मामला पीड़ित महिला मरीज (UHID: ML10526989) से जुड़ा है, जो पिछले एक महीने से अधिक समय से मेदंता के सर्जन डॉ. रोमा प्रधान और डॉ. अमित अग्रवाल की देखरेख में अपना इलाज करवा रही थीं। हाल ही में हुए एक बड़े ऑपरेशन के बाद मरीज को हैवी एंटीबायोटिक्स पर रखा गया था और संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से ड्रेसिंग की जा रही थी। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को शाम लगभग 6:00 बजे जब मरीज अपनी तय ड्रेसिंग के लिए मेदंता अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने उनके घाव की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान डॉक्टरों ने खुद यह नोट किया कि घाव के अंदर भारी मात्रा में तरल पदार्थ और मवाद (Pus) जमा हो रहा है, जिसे बिना वक्त गंवाए तुरंत चीरा (Incision) लगाकर बाहर निकालना बेहद जरूरी था।इमरजेंसी को किया नजरअंदाज, रास्ते में लहूलुहान हुई मरीजघाव में तेजी से बढ़ रहे एक्टिव इन्फेक्शन और गंभीर आपातकालीन स्थिति को पूरी तरह समझने में डॉक्टरों की सूझबूझ फेल साबित हुई। मेदंता की मेडिकल टीम ने इस अत्यंत संवेदनशील और तत्काल किए जाने वाले प्रोसीजर को उसी वक्त करने के बजाय बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए दो दिन बाद यानी सोमवार, 13 जुलाई 2026 तक के लिए टाल दिया। डॉक्टरों के इस लापरवाह फैसले का खामियाजा मरीज को कुछ ही मिनटों में भुगतना पड़ा। अस्पताल परिसर से निकलकर घर वापस लौटते समय रास्ते में ही महिला का सर्जिकल घाव अचानक फट गया। देखते ही देखते पूरी गॉज ड्रेसिंग खून और मवाद से लथपथ हो गई। अगले दिन रविवार होने की वजह से पीड़ित को समय पर इमरजेंसी ट्रीटमेंट मिलना दूभर हो गया, जिससे अब मरीज के पूरे शरीर में जानलेवा सिस्टेमिक इन्फेक्शन फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।नौकरी छूटी और पैसा भी डूबा, परिजनों ने मांगा जवाबदेही का हिसाबपीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने अस्पताल के सभी प्रोटोकॉल का पूरी ईमानदारी से पालन किया और महंगे इलाज के लिए मेदंता द्वारा मांगे गए एक-एक पैसे का समय पर भुगतान किया। इसके बावजूद डॉक्टरों की संवेदनहीनता ने मरीज को शारीरिक और मानसिक रूप से अपंगता की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। लगातार बिगड़ती तबीयत के कारण महिला को अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा है। पीड़ित परिवार ने मेदंता अस्पताल प्रशासन को एक कड़ा औपचारिक शिकायत पत्र भेजकर सीधे सवाल किया है कि इस गंभीर शारीरिक शोषण, समय की बर्बादी, भारी-भरकम आर्थिक नुकसान और मानसिक आघात की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल ने तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए और दोषी डॉक्टरों पर एक्शन नहीं लिया, तो वे इस मामले को उपभोक्ता अदालत और मेडिकल काउंसिल तक लेकर जाएंगे।
वाराणसी मेंइस सम्मेलन का उद्देश्य 'वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025' के प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना तथा जमीनी स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित एवं जागरूक करना था। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड एवं उत्तराखंड के लगभग 500 ग्राम पंचायत प्रधानों ने भाग लिया। इनमें उत्तर प्रदेश से 350, बिहार से 75, झारखंड से 50 तथा उत्तराखंड से 25 ग्राम पंचायत प्रधान सम्मिलित हुए।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वयं सहायता समूहों की सफलताओं को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। पीएम गति शक्ति पोर्टल पर गांवों की सड़कें, तालाब, सार्वजनिक परिसंपत्तियां और विकास कार्यों का पूरा विवरण उपलब्ध रहेगा। इससे किसी भी विकास कार्य में दोबारा भुगतान या अनियमितता की संभावना समाप्त होगी और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा।महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से समूह की दीदियों को सीधे 20 हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपने स्वरोजगार और लघु उद्योगों का विस्तार कर सकेंगी। डबल इंजन सरकार प्रत्येक गांव में उपलब्ध सरकारी भूमि पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए लघु उत्पादन इकाइयों एवं फैक्टरियों की स्थापना का प्रस्ताव भी ला रही है,उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना गरीब, मजदूर एवं ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। इस योजना के माध्यम से श्रमिकों की मजदूरी पूर्ण पारदर्शिता के साथ डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में समयबद्ध रूप से पहुंचेगी, जिससे किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था अथवा भ्रष्टाचार की संभावना समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबों के सम्मान, आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगी। ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के वैतनिक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आय एवं आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी। रोजगार की मांग के लिए आवेदन करने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित पात्र व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने का कानूनी अधिकार होगा। मजदूरी का भुगतान निर्धारित समयसीमा में न होने की स्थिति में श्रमिकों को विलंबित भुगतान पर 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा प्रदान किया जाएगा, जिससे समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित हो सके। यदि श्रमिकों को अपने गांव से 5 किलोमीटर से अधिक दूरी पर कार्य करना पड़ता है, तो उन्हें निर्धारित मजदूरी के अतिरिक्त 10 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जल संसाधनों का संरक्षण एवं सतत उपयोग सुनिश्चित हो सके। ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास से संबंधित कार्यों, जैसे ग्रामीण सड़कें, सार्वजनिक परिसंपत्तियां एवं सामुदायिक सुविधाओं का पक्के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि एवं स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। चरम मौसम एवं जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए आवश्यक संरचनाओं एवं संरक्षण कार्यों को भी योजना में शामिल किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की आपदा सहनशीलता एवं पर्यावरणीय सुरक्षा को सुदृढ़ बनाया जा सके।
प्रधानमंत्री को 35 देशों सर्वोच्च सम्मान दिया यह 140 करोड भारतीयों का सम्मान है, केशव मौर्य
वाराणसी में उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के विकास के लिए बिना अवकाश लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं, आज विश्व के लगभग 35 देशों ने उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट संदेश है— न खाऊँगा, न खाने दूँगा। भ्रष्टाचारियों को उल्टा लटका देंगे, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकारें गांव, गरीब, किसान, महिला एवं युवा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। आज ग्राम पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास के सबसे मजबूत स्तंभ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि वे नई व्यवस्था को पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं जनभागीदारी के साथ लागू करें तथा प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें।अपने अध्यक्षीय संबोधन में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों तक गरीबों की मेहनत की कमाई पर सेंध लगाने वाली व्यवस्थाओं को समाप्त कर गरीबों के हितों की रक्षा करने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।सम्मेलन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान श्री हंसराज विश्वकर्मा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार उ0प्र0, सदस्य विधान परिषद श्री धर्मेन्द्र सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, श्री त्रिभुवन राम, डा सुनील पटेल, ग्राम्य विकास आयुक्त श्री जीएस प्रियदर्शी तथा ग्रामीण विकास विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री रोहिणी आर. भाजीभाकरे सहित पार्टी पदाधिकारी, भारी संख्या ग्राम प्रधान एवं अधिकारीगण सम्मिलित हुए।
पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
पाली। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को पाली जिले में नगरपालिका सोजत रोड में दलाल परमानन्द शर्मा को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि एसीबी चौकी पाली द्वितीय को शिकायत मिली कि परिवादी के बडे पिताजी के नाम का […] The post पाली : नगरपालिका सोजत रोड में दलाल 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करे। न्यायालय ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को सुधारने के लिए आवश्यक कोई भी चिकित्सकीय हस्तक्षेप सरकार […] The post दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक की रोजाना चिकित्सकीय निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया appeared first on Sabguru News .
जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचीं डॉ. तजीन फातिमा, 38 इमारतों के ध्वस्तीकरण आदेश के बीच तेज हुई हलचल
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को अवैध घोषित कर इन्हें ...
भारतीय रसोई में नींबू का एक बेहद महत्वपूर्ण स्थान है। दाल-सब्जी का स्वाद बढ़ाना हो, सलाद को चटपटा बनाना हो या गर्मियों में ताज़ा शिकंजी तैयार करनी हो—नींबू हमेशा काम आता है। विटामिन सी, साइट्रिक एसिड, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर नींबू हमारी इम्यूनिटी को भी मजबूत बनाता है। यही वजह है कि अधिकांश घरों में नींबू को थोक में खरीदकर स्टॉक कर लिया जाता है।लेकिन, कई बार देखने में आता है कि फ्रिज में रखने के बावजूद नींबू बहुत जल्दी सूखने, सिकुड़ने या पत्थर जैसे सख्त होने लगते हैं। ऐसा फ्रिज के अत्यधिक ठंडे तापमान, हवा में नमी की कमी, या उन्हें गलत तरीके से स्टोर करने की वजह से होता है। सूखे हुए नींबू में रस बेहद कम निकलता है और उनका स्वाद भी कड़वा हो जाता है। आइए जानते हैं नींबू को 3 से 4 हफ़्तों तक बिल्कुल रसीला और ताजा रखने के कुछ जादुई स्टोरेज टिप्स:नींबू को फ्रेश रखने के 5 सबसे असरदार तरीके (Lemon Storage Hacks)पूरी तरह सुखाकर ही करें स्टोर: बाजार से नींबू लाने के बाद यदि आप उन्हें धोते हैं, तो स्टोर करने से पहले किसी सूती कपड़े से पोंछकर उन्हें अच्छी तरह सुखा लें। यदि नींबू की सतह पर थोड़ी भी नमी (Moisture) रह गई, तो फ्रिज में उन पर फफूंदी (Fungus) लग सकती है और वे सड़ सकते हैं।जिप-लॉक बैग या एयरटाइट कंटेनर का जादू: नींबू को कभी भी फ्रिज की शेल्फ पर खुला न छोड़ें। इन्हें किसी एयरटाइट डिब्बे (Air-tight Container) या जिप-लॉक पॉलीबैग में बंद करके रखें। ऐसा करने से नींबू के अंदर की प्राकृतिक नमी बरकरार रहती है, जिससे वे सिकुड़ते नहीं हैं। साथ ही फ्रिज में रखी अन्य चीजों की महक भी नींबू में नहीं जाती।सब्जी वाले ड्रॉअर (Crisper Drawer) का करें इस्तेमाल: नींबू को हमेशा फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से में रखने के बजाय नीचे दिए गए 'क्रिस्पर ड्रॉअर' (सब्जी रखने वाले कंपार्टमेंट) में रखें। इस हिस्से का तापमान और मॉइस्चर लेवल खट्टे फलों की ताजगी बनाए रखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।कटे हुए नींबू को स्टोर करने का सही नियम: यदि आपने आधा नींबू इस्तेमाल कर लिया है और आधा बच गया है, तो उसे खुला छोड़ने की गलती कतई न करें। कटे हुए हिस्से को एल्युमिनियम फॉयल या प्लास्टिक रैप से अच्छी तरह लपेटकर (Wrap) या किसी छोटे एयरटाइट डिब्बे में बंद करके रखें, जिससे उसका रस सूखेगा नहीं।अतिरिक्त नमी को साफ करते रहें: यदि आपने नींबू को जिप-लॉक बैग में रखा है, तो 3-4 दिनों में एक बार खोलकर जांच लें। अगर बैग के अंदर पानी की बूंदें (इवेपोरेशन के कारण) जमी दिखें, तो उन्हें साफ कपड़े से पोंछ दें। जरूरत से ज्यादा नमी भी नींबू को समय से पहले खराब कर देती है।कितने दिनों तक सुरक्षित रहते हैं नींबू?अगर आप सही स्टोरेज तकनीकों का पालन करते हैं, तो नींबू की शेल्फ-लाइफ काफी बढ़ जाती है:साबुत नींबू (Whole Lemons): फ्रिज में सही तरीके से पैक करके रखने पर ये 3 से 4 सप्ताह (लगभग एक महीना) तक पूरी तरह ताजे और रसीले बने रह सकते हैं।कटे हुए नींबू (Cut Lemons): कटे हुए नींबू को रैप करके रखने पर भी उसका इस्तेमाल 3 से 4 दिनों के भीतर ही कर लेना सेहत और स्वाद दोनों के लिहाज से बेहतर होता है।भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां (Common Mistakes to Avoid)गीले नींबू फ्रिज में रखना: ऐसा करने से फंगस बहुत तेजी से पनपती है।खराब और अच्छे नींबू एक साथ रखना: यदि स्टॉक में कोई एक नींबू भी सड़ने लगा है या उस पर दाग आ गया है, तो उसे तुरंत बाकी नींबुओं से अलग कर दें। वरना, उसका संक्रमण दूसरे अच्छे नींबुओं को भी एक-दो दिन में खराब कर देगा।कटे नींबू को खुला छोड़ना: फ्रिज की ठंडी हवा कटे हुए नींबू के सारे रस को सोख लेती है और वह काला पड़ने लगता है।बिना छँटाई के लंबे समय तक छोड़ना: हर 4-5 दिन में अपने नींबू के स्टॉक को एक बार पलटकर जरूर देखें ताकि खराब हो रहे पीस को समय रहते निकाला जा सके।
बच्चों को मफिन, कपकेक और पेस्ट्री जैसी बेक्ड चीजें बेहद पसंद आती हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर मफिन में रिफाइंड मैदा, प्रिजर्वेटिव्स और चीनी (Sugar) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में अगर आप बच्चों को कुछ टेस्टी और हेल्दी खिलाना चाहते हैं, तो रागी और सेब से बना मफिन केक (Ragi Apple Muffin) एक बेहतरीन विकल्प है।रागी को पोषण का पावरहाउस माना जाता है, जिसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है। वहीं सेब विटामिन सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा सोर्स है। इन दोनों का कॉम्बिनेशन बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र (Digestion) को दुरुस्त रखने और उन्हें दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान विधि और कुछ जरूरी टिप्स:रागी और सेब का मफिन केक बनाने की सामग्री (Ingredients)रागी का आटागेहूं का आटा (थोड़ी मात्रा में)बेकिंग पाउडरदालचीनी पाउडर (एक चुटकी)कद्दूकस किया हुआ ताजा सेबमैश किया हुआ पका केला या शहद (प्राकृतिक मिठास के लिए)दूधघी या रिफाइंड तेलबारीक कटे बादाम और अखरोट (वैकल्पिक)बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)सूखी सामग्री को मिलाएं: सबसे पहले एक साफ बाउल में रागी का आटा, थोड़ा सा गेहूं का आटा, बेकिंग पाउडर और एक चुटकी दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें।गीली सामग्री तैयार करें: अब एक दूसरे बाउल में मैश किया हुआ पका केला या शहद, कद्दूकस किया हुआ सेब, दूध और आवश्यकतानुसार थोड़ा सा घी या तेल डालकर अच्छी तरह फेंट लें।घोल (Batter) बनाएं: इसके बाद सूखी सामग्री वाले बाउल में गीली सामग्री का मिश्रण धीरे-धीरे डालें और दोनों को कट-एंड-फोल्ड मेथड से मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें। अगर आप चाहें तो इसी स्टेज पर बारीक कटे बादाम या अखरोट भी मिला सकते हैं।बेकिंग प्रक्रिया: ओवन को पहले से प्री-हीट (Pre-heat) कर लें। अब तैयार गाढ़े घोल को मफिन मोल्ड्स (Muffin Moulds) में डालें। इसे ओवन में लगभग 20 से 25 मिनट तक बेक करें।चेक और सर्व करें: एक टूथपिक डालकर चेक करें, अगर टूथपिक साफ बाहर आती है तो मफिन तैयार है। इसे ओवन से निकालकर पूरी तरह ठंडा होने दें। तैयार मफिन बेहद नरम, स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।बच्चों के लिए मफिन बनाते समय ध्यान रखने योग्य 5 जरूरी बातें (Expert Tips)प्राकृतिक मिठास को दें प्राथमिकता: बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मफिन में रिफाइंड सफेद चीनी डालने से बचें। इसकी जगह सेब की अपनी मिठास, मैश किए हुए पके केले या ऑर्गेनिक शहद का इस्तेमाल करना सबसे बेस्ट रहता है।सामग्री की गुणवत्ता: बच्चों के लिए बेकिंग करते समय हमेशा ताजी और अच्छी क्वालिटी की रागी और सेब का ही चुनाव करें।उम्र के हिसाब से नट्स का इस्तेमाल: यदि बच्चे बहुत छोटे हैं, तो मफिन में ड्राई फ्रूट्स के बड़े टुकड़े डालने की बजाय उन्हें मिक्सी में पीसकर पाउडर के रूप में मिलाएं, ताकि गले में फंसने (Choking Hazard) का खतरा न रहे। बड़े बच्चों के लिए इन्हें बारीक काटकर डाला जा सकता है।ओवर-बेकिंग से बचें: मफिन को ओवन में सिर्फ तब तक ही पकाएं जब तक वह अंदर से अच्छी तरह पक न जाए। जरूरत से ज्यादा बेक करने (Over-bake) से मफिन सख्त और सूखा हो सकता है, जिससे बच्चे इसे खाना पसंद नहीं करेंगे।स्टोरेज का सही तरीका: तैयार मफिन को पूरी तरह से ठंडा होने के बाद ही बच्चों को खाने के लिए दें। अगर मफिन बच जाते हैं, तो उन्हें किसी साफ एयरटाइट कंटेनर (Air-tight Box) में बंद करके रखें और 1 से 2 दिन के भीतर ही इस्तेमाल कर लें।
Monsoon Car Driving Tips: मानसून का मौसम जहां एक तरफ तपती गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ कार चालकों के लिए कई बड़ी चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। मूसलाधार बारिश, सड़कों पर पानी का जमाव, कीचड़ की वजह से होने वाली फिसलन और विंडशील्ड पर धुंध जमने के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) का कम होना—ये सभी कारक सड़क दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ा देते हैं।ऐसी कठिन परिस्थितियों में आपकी कार में दिए गए कुछ आधुनिक और सेफ्टी फीचर्स आपके सफर को न सिर्फ सुगम बनाते हैं, बल्कि आपकी और आपके परिवार की जान की रक्षा भी करते हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इन फीचर्स के सही उपयोग से अनजान रहते हैं। आइए जानते हैं कार के उन 6 सबसे जरूरी फीचर्स के बारे में, जो बारिश के दिनों में आपके बेहद काम आ सकते हैं:1. ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) - फिसलन में गाड़ी को रखे कंट्रोलबारिश के दौरान सड़कों पर पानी की एक पतली परत बन जाती है, जिसे हाइड्रोप्लेनिंग (Hydroplaning) कहते हैं। इस स्थिति में यदि आप अचानक तेज ब्रेक लगाते हैं, तो गाड़ी के पहिए जाम (Lock) हो जाते हैं और कार बेकाबू होकर फिसलने लगती है।कैसे करता है काम: एबीएस (ABS) अचानक ब्रेक लगने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है और उन्हें रुक-रुक कर ब्रेक लगाता है।सही इस्तेमाल: बारिश में पैनिक ब्रेकिंग (घबराकर जोर से ब्रेक दबाना) के समय पैडल से पैर न हटाएं। एबीएस को अपना काम करने दें और इस दौरान केवल गाड़ी के स्टीयरिंग व्हील को सही दिशा में मोड़कर कंट्रोल बनाए रखने पर ध्यान दें।2. ESC या ESP (इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल) - मोड़ों पर पलटने से बचाएगीली सड़कों पर जब आप किसी तीखे मोड़ (Sharp Turn) पर गाड़ी को घुमाते हैं, तो कार के ओवरस्टीयर या अंडरस्टीयर होने यानी संतुलन खोकर पलटने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।कैसे करता है काम: ईएससी (ESC) कंप्यूटर सेंसर की मदद से यह भांप लेता है कि गाड़ी आपकी तय दिशा से भटक रही है। यह तुरंत एक्टिव होकर व्यक्तिगत रूप से किसी एक या दो पहियों पर अपने आप ब्रेक लगा देता है, जिससे कार वापस सही ट्रैक पर आ जाती है।महत्व: यह फीचर विशेष रूप से एक्सप्रेसवे या हाईवे पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते समय जानलेवा हादसों को टालने में मदद करता है।3. रेन-सेंसिंग वाइपर्स (Rain-Sensing Wipers) - सड़क से नहीं भटकेगा ध्यानतेज बारिश में बार-बार वाइपर की स्पीड को मैनुअली (हाथ से) कम या ज्यादा करना ड्राइवर का ध्यान भटका सकता है, जो कि हाईवे पर खतरनाक हो सकता है।कैसे करता है काम: विंडशील्ड पर लगे सेंसर बारिश की बूंदों की तीव्रता को भांप लेते हैं। जैसे ही बारिश शुरू होती है, वाइपर अपने आप ऑन हो जाते हैं और बारिश तेज या धीमी होने पर अपनी गति को स्वतः एडजस्ट कर लेते हैं। इससे ड्राइवर का पूरा ध्यान केवल ड्राइविंग पर केंद्रित रहता है।4. रियर डिफॉगर और ORVM डिफॉगर - धुंध को मिनटों में करे साफबारिश के मौसम में कार के अंदर और बाहर के तापमान में अंतर होने के कारण अंदरूनी शीशों और बाहर के साइड मिरर्स (ORVM) पर नमी यानी धुंध जम जाती है।सही इस्तेमाल: डैशबोर्ड पर दिए गए 'डिफॉगर' बटन को दबाएं। रियर डिफॉगर पीछे के शीशे पर लगी पतली तारों को गर्म करके धुंध हटाता है, जबकि ओआरवीएम डिफॉगर साइड मिरर्स को साफ रखता है, ताकि आपको पीछे से आ रहे वाहन साफ दिखाई दे सकें।5. ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम (TCS) - कीचड़ और पानी में पहियों को घूमने से रोकेजब आप कार को किसी कीचड़ वाले रास्ते, चढ़ाई या अत्यधिक पानी से भरी सड़क पर आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो इंजन की ज्यादा पावर के कारण पहिए एक ही जगह पर तेजी से गोल-गोल घूमने (Wheel Spin) लगते हैं, जिससे गाड़ी फंस जाती है।कैसे करता है काम: टीसीएस (TCS) पहियों के अत्यधिक स्पिन को पहचानकर उस विशेष पहिये को मिलने वाली इंजन पावर को कम कर देता है या वहां आंशिक ब्रेक लगाता है। इससे टायर को सड़क पर बेहतर ग्रिप मिलती है और कार आसानी से आगे बढ़ जाती है।6. रियर पार्किंग कैमरा और 360-डिग्री कैमरा - संकरी जगहों में मददगारभारी बारिश और धुंध के चलते जब पीछे का शीशा पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है, तब कार को पार्क करना या किसी तंग गली से रिवर्स करना नामुमकिन हो जाता है।जरूरी सलाह: ऐसे समय में इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर दिखने वाला 360-डिग्री व्यू या रियर कैमरा आपका सबसे बड़ा मददगार बनता है। हालांकि, यात्रा शुरू करने से पहले एक बार बाहर निकलकर कैमरे के लेंस को साफ कपड़े से जरूर पोंछ लें, क्योंकि उस पर जमा कीचड़ या पानी की बूंदें आपको स्क्रीन पर गलत या धुंधली तस्वीर दिखा सकती हैं।
Income Tax Return (ITR) Filing Tips: यदि आपने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान 10 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत की कोई नई कार (Car) खरीदी है, तो टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय आपके पास मोटी बचत करने का एक शानदार मौका है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय आप कम से कम ₹10,000 या अपनी कार की कीमत के अनुसार उससे भी ज्यादा का टैक्स रिफंड (Tax Refund) हासिल कर सकते हैं।अक्सर जानकारी के अभाव में कई लोग कार खरीदते समय कटे 1% TCS (Tax Collected at Source) का दावा करना भूल जाते हैं, जिससे उनका यह पैसा सरकार के पास ही ब्लॉक रह जाता है। आइए जानते हैं कि यह 1% TCS क्या होता है और आईटीआर भरते समय आप इसे कैसे वापस पा सकते हैं।क्या होता है गाड़ियों पर कटने वाला 1% TCS?आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के नियमों के अनुसार, जब भी कोई ग्राहक ₹10 लाख से अधिक मूल्य की नई पैसेंजर कार खरीदता है, तो कार डीलर (Automobile Dealer) के लिए वाहन की कुल एक्स-शोरूम कीमत का 1% TCS वसूलना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।यह कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं है: ध्यान रहे कि यह कोई अतिरिक्त जेबखर्च या जुर्माना नहीं है। यह अग्रिम टैक्स (Advance Tax) की तरह ही होता है, जिसे डीलर आपके पैन कार्ड (PAN Card) के अगेंस्ट सरकार के खाते में जमा करता है।गणित समझिए: यदि आपने ₹10 लाख की कार खरीदी है, तो आपका ₹10,000 का TCS कटेगा। ठीक इसी तरह, यदि कार की कीमत ₹20 लाख है, तो ₹20,000 और ₹50 लाख की लक्जरी कार होने पर ₹50,000 का TCS जमा होगा। इस पूरी रकम को आप ITR दाखिल करते समय अपनी अंतिम टैक्स देनदारी (Tax Liability) के साथ एडजस्ट या रिफंड करा सकते हैं।ITR दाखिल करते समय कैसे करें TCS का दावा? (Step-by-Step Claim Process)अपने इस पैसे को वापस पाने या टैक्स में छूट लेने के लिए आपको नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करना होगा:Form 26AS और AIS की जांच: ITR फॉर्म भरने से पहले अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। वहाँ अपने Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) को डाउनलोड करके चेक करें कि कार डीलर ने आपके PAN पर वह 1% TCS रिफ्लेक्ट (अपडेट) किया है या नहीं। यदि एंट्री नहीं दिख रही है, तो तुरंत कार डीलर से संपर्क कर इसे अपडेट करवाएं।ITR में सही सेक्शन चुनें: जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भर रहे हों, तब ‘Taxes Paid’ या ‘TCS Credit’ वाले कॉलम में जाएं। वहां कार खरीद पर कटे इस टैक्स क्रेडिट की सटीक जानकारी दर्ज करें।रिफंड या एडजस्टमेंट: यदि वित्त वर्ष के अंत में आपकी कुल टैक्स देनदारी आपके कटे हुए कुल टीडीएस/टीसीएस से कम बनती है, तो यह ₹10,000 या इससे अधिक की अतिरिक्त राशि सीधे रिफंड के रूप में आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि आपकी टैक्स देनदारी बनती है, तो यह राशि उतने रुपये से आपका टैक्स कम (Adjust) कर देगी।क्लेम करते समय अपने पास रखें ये 4 जरूरी दस्तावेजआयकर विभाग (Income Tax Department) से रिफंड क्लेम करते समय किसी भी प्रकार के नोटिस या अड़चन से बचने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:कार खरीद का इनवॉइस (Purchase Invoice): जिसमें कार की मूल कीमत और कटे हुए 1% TCS का स्पष्ट जिक्र हो।Form 27D (TCS Certificate): यह सर्टिफिकेट कार डीलर द्वारा ग्राहक को जारी किया जाता है, जो टैक्स जमा होने का पुख्ता प्रमाण है।Form 26AS और AIS कॉपी: ऑनलाइन मिलान और रिकॉर्ड के लिए।टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह:रिटर्न फाइल करने की जल्दबाजी में कभी भी अपने टैक्स क्रेडिट (TDS/TCS) को नजरअंदाज न करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले हमेशा AIS और Form 26AS का डेटा अपने इनवॉइस से मैच कर लें। एक छोटी सी चूक के कारण आपकी मेहनत की कमाई का रिफंड रुक सकता है।
तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस से नेताओं का मोह भंग होने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा और इनमें नया नाम बंगला फिल्मों की अभिनेत्री और सांसद रुक्मिणी मल्लिक का जुड़ गया है जिन्होंने गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। तृणमूल कांग्रेस ने मल्लिक को करीब तीन महीने पहले ही सांसद […] The post तृणमूल कांग्रेस की रुक्मिणी मल्लिक का राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव कराने में हो रही देरी पर गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पांच दिन के भीतर चुनाव कार्यक्रम और संभावित तिथि बताने के निर्देश दिये। साथ ही राज्य चुनाव आयुक्त से पूछा कि आखिर वह क्यों चाहते हैं कि […] The post राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर जताई नाराजगी appeared first on Sabguru News .
अलवर में 12वीं कक्षा के छात्र तुषार की गोली मारकर हत्या
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के रामगढ़ के नौगांवा थाना क्षेत्र में बारहवीं कक्षा के छात्र की हत्या का मामला सामने आया है। दो दिन से लापता छात्र तुषार कुमार का शव बुधवार सुबह रामगढ़ क्षेत्र के नौगांवा थाना क्षेत्र में नेवाड़ी गांव के पास पहाड़ी की तलहटी में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक […] The post अलवर में 12वीं कक्षा के छात्र तुषार की गोली मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .
रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक का अग्रणी केंद्र बनेगा यूपी : योगी
Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
वाराणसी प्रवास पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वाराणसी के लिए कुल ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो महत्त्वपूर्ण मेगा हाईवे एवं एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर हृदय से आभार एवं अभिनंदन व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने काशी के सर्वांगीण विकास को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके नेतृत्व में वाराणसी विश्वस्तरीय धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन एवं आर्थिक केंद्र के रूप में निरंतर विकसित हो रही है। अब इन दोनों महत्त्वपूर्ण एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं के निर्माण से वाराणसी की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा तथा शहर को जाम की गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं में पहली परियोजना ₹10,998.32 करोड़ की लागत से वरुणा नदी कॉरिडोर का निर्माण है, जिसके अंतर्गत वरुणा नदी के किनारे-किनारे राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के भीतर यातायात के दबाव को कम करेगा तथा तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करेगा। दूसरी महत्त्वपूर्ण परियोजना ₹14,447.64 करोड़ की लागत से गंगा नदी कॉरिडोर के रूप में विकसित की जाएगी। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) तथा वाराणसी रिंग रोड के मध्य गंगा नदी के किनारे छह लेन का आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें एक अत्याधुनिक केबल-स्टे ब्रिज का भी निर्माण शामिल है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का उत्कृष्ट उदाहरण होगी तथा वाराणसी की परिवहन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
पौधरोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत वन विभाग कई विशिष्ट वन स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में आषाढ़ मास यानी गुरुपूर्णिमा (29 जुलाई) से पहले कई विशिष्ट वन स्थापित करेगा। 18 जुलाई से 27 जुलाई के मध्य पूरे प्रदेश में कई विशिष्ट वन स्थापित किए जाएंगे। 18 ...
नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान
अजमेर। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान का नया रिकार्ड बन गया। गत वर्ष 1068 यूनिट रक्तदान हुआ था। यूनियन के जोनल कार्यकारी अध्यक्ष मोहन चेलानी ने बताया कि लायन्स क्लब अजमेर प्रिमियम एवं सतगुरु स्कूल के सहयोग से रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित रक्तदान शिविर का उद्घाटन […] The post नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉईज यूनियन के 22वें रक्तदान शिविर में 1192 यूनिट रक्तदान appeared first on Sabguru News .
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि देवाधिदेव महादेव की नगरी वाराणसी में बनकटी हनुमान मंदिर में प्रभु हनुमंत लाल जी महाराज के दिव्य दर्शन व पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। संकटमोचन प्रभु श्री हनुमान जी के श्रीचरणों में प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य और मंगलमयता की प्रार्थना करता हूं।दर्शन-पूजन के उपरांत उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने कहा कि आज वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ धाम में देवाधिदेव महादेव भगवान शिव के पावन ज्योतिर्लिंग के दर्शन व पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ। काशीपति बाबा विश्वनाथ जी से प्रदेशवासियों के सर्वकल्याण की प्रार्थना करता हूं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव एवं प्रभु श्री हनुमान की असीम कृपा से उत्तर प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर रहे, समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो तथा प्रत्येक परिवार सुख, शांति और समृद्धि के साथ जीवनयापन करे, यही उनकी हार्दिक कामना है।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स
जयपुर। अधिवक्ता परिषद राजस्थान जयपुर प्रांत एवं आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) जयपुर बैंच इकाई के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को ‘साइबर अपराध एवं जागरूकता’ विषय पर विशेष स्टडी सर्किल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं और विधि विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की […] The post साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, अधिवक्ताओं को दिए सुरक्षा के टिप्स appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च ...
मिलिट्री इंटेलिजेंस और GRP की संयुक्त कार्रवाई में अयोध्या में सेना का फर्जी हवलदार गिरफ्तार
Fake Army Soldier Arrested from Ayodhya: अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से सेना की वर्दी पहनकर घूम रहे एक शातिर जालसाज को गिरफ्तार किया गया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की इस संयुक्त कार्रवाई में आरोपी के पास से सेना की वर्दी, ...
MSP पर रिकॉर्ड खरीद से UP के किसानों को मिल रहा बड़ा लाभ, अनाज की खरीद में बना कीर्तिमान
Chief Minister Yogi Adityanath : उत्तर प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में योगी सरकार की सरकारी खरीद नीति ने पिछले नौ वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पारदर्शी खरीद व्यवस्था, ...
Meerut Cyber Cell : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक अपराध के कुशल नेतृत्व में जनपदीय साइबर सेल तथा सभी थाना स्तर पर संचालित साइबर हेल्प डेस्क ने वर्ष 2026 में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, पीड़ितों की धनराशि वापस ...
क्या E20 पेट्रोल से इंजन को नुकसान हो सकता है, आयोग के फैसले से शुरू हुई नई बहस
देशभर में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दिए जाने के बीच छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। इसने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दावे, कार कंपनियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस E20 पेट्रोल को लेकर वायरल हो रहे वीडियो के बीच नई बहस शुरू कर दी है।

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