Bihar में 15 अगस्त से पहले पुलिस की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक!
स्वतंत्रता दिवस से पहले मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपराधियों और फरार आरोपितों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया. जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ हुई कार्रवाई में कुल 342 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, जिनमें 190 को न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पूर्वी-1 अनुमंडल में सबसे ज्यादा 72 गिरफ्तारियां हुईं. पुलिस ने कई जगह औचक निरीक्षण और जांच भी की. अधिकारियों ने साफ किया कि अपराध नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा.
ट्रंप को एक और झटका, डिप्टी NSA एंडी बेकर छोड़ेंगे पद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोर टीम में बड़ा बदलाव होने वाला है. डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर एंडी बेकर जल्द ही अपना पद छोड़ेंगे. वे पिछले 18 महीनों से अमेरिका की विदेश नीति और सुरक्षा के अहम फैसलों में योगदान दे रहे थे.
गांधी नाम वाला व्यक्ति… पीएम मोदी पर राहुल के तंज की राजनाथ सिंह ने निंदा की
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की आलोचना की है। पीएम मोदी और विदेश नीति को लेकर राहुल गांधी के तंज को राजनाथ सिंह ने ओछी राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिए पीड़ादायक है क्योंकि पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा नेता प्रतिपक्ष नहीं देखा।
झड़कर पूंछ जैसे पतले हो गए बाल? लगाएं ये देसी तेल, कम होगा झड़ना
Amla Methi Oil For Hairfall: झड़ते, पतले और बेजान बालों से परेशान हैं? ताजे आंवले, मेथी दाने और नारियल तेल से घर पर ही आसानी से पोषक तत्वों से भरपूर हर्बल हेयर ऑयल बना सकते हैं. आज हम आपको ये तेल बनाने का आसान तरीका, बालों में लगाने का तरीका और जरूरी सावधानियां बताने वाले हैं.
अब राजस्थान में धरने पर बैठ गई कॉकरोच जनता पार्टी की टीम, रांका ने सरकार से कर दी एक मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बार फिर से धरना शुरू कर दिया है। इस बार कॉकरोच पार्टी की टीम राजस्थान में धरने पर बैठ गई। इसके साथ ही पार्टी ने राजस्थान सरकार से एक मांग भी उठा दी है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इसको लेकर एक्स पर पोस्ट भी लिखी है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज और रोल्स-रॉयस ने भारत के AMCA कार्यक्रम के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजन के डिजाइन और विकास हेतु साझेदारी की घोषणा की है।
उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा मानसून सत्र
आखिर कब हम संसद के एक-एक मिनट का उपयोग करने की पात्रता विकसित करेंगे? आजादी की 80वीं वर्षगांठ की आयोजना से पूर्व भारत में संसद का मानसून सत्र जिस निराशाजनक स्थिति, The post उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा मानसून सत्र appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
कम मेहनत और हज़ार फायदे! पैसा दोगुना कर देता है यह प्लांट
Jade Plant Benefits in Hindi: घर या ऑफिस में जेड प्लांट रखने के वास्तु और फेंगशुई फायदे. जानिए इसे सही दिशा में रखने के नियम, जो किस्मत और आर्थिक स्थिति को बदल सकते हैं.
दंगल: CJI सूर्यकांत का विरोध करने वाले छात्रों पर पाबंदी जायज है?
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद की NALSAR यानी नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च लॉ यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जमकर फटकार लगाई. CJI सूर्यकांत ने कहा कि, भले ही छात्रों का फैसला गलत हो या उन्हें किसी ने गलत सलाह दी हो, फिर भी उन्हें अपनी बात रखने और विरोध करने का पूरा अधिकार है... जस्टिस सूर्यकांत ने BCI के उस सर्कुलर पर भी नाराजगी जताई जिसमें NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने को कहा गया था. देखें...
Techvviz 2026: देशभर के छात्रों ने दिखाई क्रिएटिविटी, वसंत वैली स्कूल बना ओवरऑल चैंपियन
वसंत वैली स्कूल में संपन्न हुआ 'Techvviz 2026' केवल एक तकनीकी प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भविष्य के इनोवेटर्स और एंटरप्रेन्योर्स को गढ़ने का एक सशक्त मंच साबित हुआ. देश भर के 20 स्कूलों के छात्रों ने रोबोटिक्स, इनोवेशन और मल्टीमीडिया के जरिए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. यह आयोजन साफ संदेश देता है कि जब युवा सोच को सही मार्गदर्शन और तकनीक का साथ मिलता है, तो वे नए भारत के सुनहरे कल की नींव रखते हैं.
कर्नाटक: भाजपा विधायक की बेटी ने पुलिस अधिकारी को मारा थप्पड़, केस दर्ज
कर्नाटक में भाजपा विधायक बी. सुरेश गौडा की बेटी ऐश्वर्या ने मांड्या के एक मंदिर में ड्यूटी पर तैनात महिला सब-इंस्पेक्टर सविता पाटिल को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया।
अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, बोले- सनातन और राम जन्मभूमि को बनाया जा रहा निशाना
अयोध्या में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन परंपराओं की रक्षा के लिए एकजुट रहना जरूरी है. सीएम योगी ने संभल में हुई हिंसा का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2024 में हुई हिंसा के बाद राज्य सरकार ने शांति बहाल करने और कथित अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की.
बीकानेर-कोटपुतली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद बीकानेर से कोटपुतली का सफर 6-7 घंटे से घटकर करीब 3 घंटे रह जाएगा और दिल्ली-NCR तक कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी.
देश आजाद होने वाला था... उन आखिरी 48 घंटों में महात्मा गांधी ने क्या लिखा, क्या कहा?
जब हिंदुस्तान स्वतंत्रता की दहलीज पर खड़ा था तो दूसरी तरफ गांधी लोगों को शांति, संयम और इंसानियत का संदेश दे रहे थे.
कांग्रेस के मेलोनी वाले मजाक पर बढ़ा बवाल, MEA की राहुल और संदीप दीक्षित को नसीहत!
कांग्रेस की मेलोनी पर टिप्पणी और राहुल गांधी के विदेश नीति वाले बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इटली के साथ भारत के मजबूत संबंध हैं और किसी भी बात को आदर के साथ रखा जाना चाहिए. राहुल गांधी ने पहले विदेश नीति को लेकर पीएम मोदी पर तंज कसा था.
'जो बात मैंने कही ही नहीं, उसे...'; कॉकरोच टिप्पणी पर CJI सूर्यकांत ने फिर दी सफाई, एक अपील भी
CJI ने कहा कि जो बात मैंने कही ही नहीं, उसे ऐसे दिखाया गया, जैसे मैंने वह कही हो। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खासकर, यह देश के युवाओं को गुमराह करने की एक बड़ी और दुर्भावनापूर्ण कोशिश है।
सीमा सुरक्षा बल के उप कमांडेंट देशराज गौतम को स्वतंत्रता दिवस 2026 पर सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने पंजाब, कश्मीर और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों सहित विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
लखनऊ में स्कूल के बाहर छात्रों ने किया चक्काजाम, टीचर्स की कमी को लेकर प्रदर्शन
Lucknow School Students Protest: स्कूली छात्रों का कहना है कि लंबे समय से वो टीचर्स की कमी का मुद्दा उठा रहे थे, लेकिन कुछ भी नहीं हुआ. यही वजह है कि उन्होंने स्कूल के बाहर वाली सड़क को जाम कर दिया.
रोबोट्स को ट्रेन कर रहे हैं भारतीय फिर वही छीन लेगा नौकरी
भारतीय वर्कर्स ह्यूमनॉइड रोबोट को ट्रेन कर रहे हैं. लेकिन AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से डर है कि आने वाले समय में यही रोबोट उनकी नौकरियों की जगह ले सकते हैं. आइए जानते हैं इसके बारे में.
15 अगस्त समारोह को लेकर लाल किले के पास सुरक्षा की व्यवस्था ऐसी की गई है कि परिंदा भी पर नहीं मार सके. नियमित गश्ती, वाहन जांच के साथ-साथ संवेदनशील स्थलों की ड्रोन से निगरानी की जा रही है.
आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर आजादी की उड़ान
स्वतंत्रता दिवस 2026 The post आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर आजादी की उड़ान appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की विदेश नीति को संभालने के तरीके पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति सिर्फ़ नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है और अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले भी लगाया। हालांकि, दीक्षित के यह पूछने पर कि क्या गांधी ने उन्हें मेलोनी (इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी) समझकर गले लगाया था, एक विवाद खड़ा हो गया; इस पर गांधी ने जवाब दिया, मैं अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा हूं। इसे भी पढ़ें: Vibhajan Vibhishika Smriti Diwas: Nitin Nabin बोले, Partition का दर्द आज भी गहरा है हालांकि, इसको लेकर प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल से सवाल पूछा। इसके जवाब में रणधीर जयसवाल ने कहा कि इटली के साथ हमारे बेहद मजबूत और गहरे संबंध है। हम इस रिश्ते को और मजबूत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक दो देशों के बीच रिश्ते और मित्रता की बात है, उसको एक आदरपूर्ण दायरे में रखना जरूरी होता है। रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि मोदी के मन में यह बात बैठ गई है कि विदेश नीति का मतलब नेताओं को गले लगाना है। इसे भी पढ़ें: PM Modi पर टिप्पणी Rahul Gandhi की हताशा! BJP बोली - वे चुने हुए नेता, आप वंशवादी राजनीति की देन इसके बाद गांधी ने रचनात्मक कांग्रेस के प्रमुख संदीप दीक्षित को गले लगाकर दिखाया कि मौजूदा सरकार के लिए विदेश नीति का क्या मतलब है। उन्होंने कहा, सोचिए कितनी अज्ञानता है... उन्हें यह ख्याल कहां से आया कि विदेश नीति का मतलब नेताओं को गले लगाना है? तब दीक्षित ने गांधी से पूछा, मेलोनी समझकर तो नहीं गले लगाया था? गांधी ने आगे BJP-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को जोकरों का झुंड बताया, जिन्हें भारत की कोई समझ नहीं है।
CJI ने 'कॉकरोच' पर तोड़ी चुप्पी, बोले- वो भी सुना जो मैंने कहा नहीं
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपनी 'कॉकरोच' टिप्पणी को गलत तरीके से पेश करने और युवाओं को गुमराह करने की 'बुरी नीयत' पर चिंता जताई।
खुद को दिखाते मजबूर और बेच देते नकली सोना... एक ही परिवार के पांच गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में इन आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उनके कब्जे से 3 लाख रुपए नगद, 5 किलो को पीली धातु की दो मोतियों की माला, 3 किलो पीली धातु के सिक्के, 10 कीपैड मोबाइल फोन और 6 स्मार्टफोन बरामद किए हैं.
पति के टॉर्चर से तंग महिला इंजीनियर ने लगाई फांसी, कॉल रिकॉर्ड से खुला राज
इंदौर में PWD की महिला इंजीनियर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति के खिलाफ केस दर्ज किया है. जांच में परिजनों के आरोप और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महिला को लंबे समय से कथित शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दिए जाने की बात सामने आई. पुलिस के मुताबिक, प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने आत्मघाती कदम उठाया.
DU Syllabus Change: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने PG History से हटाया Delhi Sultanate का पेपर, 22 कोर्स बाहर
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) हिस्ट्री के नए सिलेबस से दिल्ली सल्तनत पर आधारित एक अहम पेपर हटा दिया है। यह पेपर - दिल्ली सल्तनत: मध्यकालीन उत्तर भारत में सत्ता का ढांचा (13वीं-14वीं सदी) - तीसरे सेमेस्टर में पढ़ाया जाता था और कई दशकों से मध्यकालीन भारत के मुख्य पेपर्स में से एक रहा है। इसे भी पढ़ें: आकाशवाणी के रंगभवन में झलके स्वाधीनता के सारे रंग दिल्ली सल्तनत वाले पेपर में क्या पढ़ाया जाता था? इस पेपर में 13वीं और 14वीं सदी के दौरान उत्तर भारत का इतिहास शामिल था। इसमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल थीं: मध्यकालीन राज्य का गठन कैसे हुआ? सत्ता और प्रशासन की व्यवस्था कैसी थी? शासक अपनी राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल कैसे करते थे? उस दौर के राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में क्या बदलाव आए? यह पेपर एक सामान्य इतिहास कोर्स है, लेकिन इसमें मध्यकालीन भारत के इतिहास का खास अध्ययन किया जाता है। इसे भी पढ़ें: आराध्या बच्चन फेक न्यूज मामले में High Court ने पूछा क्या परिवार का सरनेम और साख ट्रेडमार्क है? एक्सपर्ट की राय दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक हिस्ट्री प्रोफेसर के अनुसार, पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) लेवल पर पढ़ाए जाने वाले 'दिल्ली सल्तनत' पेपर की तुलना अंडर-ग्रेजुएट (UG) लेवल पर पढ़ाए जाने वाले 'दिल्ली सल्तनत' पेपर से नहीं की जा सकती। PG पेपर में किसी खास विषय की गहराई से पढ़ाई होती है, जबकि UG पेपर में भारतीय इतिहास की व्यापक और सामान्य पढ़ाई कराई जाती है। इसी तरह, History of North India, c. 1400–1550 (उत्तरी भारत का इतिहास, लगभग 1400–1550) नाम का पोस्ट-ग्रेजुएट पेपर उस क्षेत्र के इतिहास की एक खास पढ़ाई थी, जबकि अंडर-ग्रेजुएट लेवल पर इसी विषय को ज़्यादा विस्तार से पढ़ाया जाता है। MA हिस्ट्री सिलेबस से कई और पेपर हटाए गए DSE पेपर क्या हैं? इतिहास विभाग ने तीसरे सेमेस्टर के लिए कुल 38 DSE (डिसिप्लिन स्पेसिफिक इलेक्टिव) पेपर का प्रस्ताव दिया था। हालाँकि, इनमें से केवल 16 पेपर ही फ़ाइनल नोटिफ़ाइड सिलेबस में शामिल किए गए। दूसरे शब्दों में, प्रस्तावित 38 पेपरों में से 22 पेपर फ़ाइनल सिलेबस में जगह नहीं बना पाए।
'ईरान की समुद्री डकैती...', होर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले से भड़का UAE
यूएई के विदेश मंत्रालय ने सीधे तौर पर इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया. मंत्रालय ने इसे समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता के संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया. ब्रिटेन की सेना ने भी बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय दो जहाजों पर ड्रोन से हमला किया गया.
जिलेटिन की 304 छड़ें, देसी बमों से भरी 4 बोरियां; 15 अगस्त से पहले बंगाल में ताबड़तोड़ बरामदगी
पुलिस ने मल्लारपुर इलाके के कोट गांव में मिट्टी के मकान से देसी बमों से भरी चार बोरियां बरामद कीं। नलहाटी थाना क्षेत्र के लोकनमारा गांव में सुनसान मकान से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में सामग्री मिली।
नाइट ड्यूटी पर निकला पति खाने लगा मोमोज, उसी ठेले पर BF संग दिखी पत्नी
भोपाल से सामने आए मामले से पता चला है कि पति नाइट ड्यूटी पर गया था, इसी दौरान पत्नी अपने कथित बॉयफ्रेंड के साथ मोमोज खाने ठेले पर पहुंच गई. संयोग ऐसा रहा कि पति भी अपने दोस्त के साथ उसी मोमोज के ठेले पर पहुंच गया...
अभय तिवारी ने काली कमाई से बनाई आलीशान कोठी? घरवाले छोड़कर भागे
आजतक की टीम झारखंड के JPSC और JSSC एग्जाम्स में धांधली के आरोपी अभय तिवारी के घर पहुंची. रांची में अभय का 300 गज में मकान बना हुआ है. घर पर टीम को ताला लगा मिला. आरोपी ने दो साल पहले जमीन 300 गज जमीन खरीदकर यह मकान बनवाया है.
नाश्ते में खाएं दही वाले पनीर के कुरकुरे कबाब, स्वाद लगेगा लाजवाब!
दही पनीर कबाब एक स्वादिष्ट और आसान स्नैक है, जिसे दही, पनीर और कुछ मसालों से घर पर बनाया जा सकता है. बाहर से कुरकुरे और अंदर से सॉफ्ट ये कबाब चाय, पार्टी या मेहमानों के लिए शानदार ऑप्शन हैं, जिसे आप हरी चटनी के साथ मजे से खा सकते हैं. इसे बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है, आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.
'मेरी बातों को गलत तरीके से...', कॉकरोच टिप्पणी पर CJI सूर्यकांत की सफाई
कॉकरोच विवाद पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने नया बयान दिया है कि मेरी बातों को गलत इरादे से गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा है कि उनकी कही बातों को गलत तरीके से पेश किया गया और देश के युवाओं को गुमराह करने के लिए गलत इरादे से उनका इस्तेमाल किया गया. देखें...
झारखंड भर्ती परीक्षा की धांधली के मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी ने अपने बयान में JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते, आयोग के सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमाल अहमद और डॉ. एनिमा हसदा के अलावा TDPL के निदेशक रामवीर सिंह, परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और पतंजलि कोचिंग के संचालक रवि कुमार समेत कई लोगों का नाम लिया है.
'कॉकरोच' टिप्पणी विवाद पर CJI सूर्य कांत की सफाई, बोले- मेरी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया
CJI सूर्यकांत ने 'कॉकरोच' टिप्पणी विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी बात को संदर्भ से हटाकर गलत तरीके से पेश किया गया.
कभी स्कूल का मुंह नहीं देखा, लेकिन पेड़-पौधों की अद्भुत समझ के आगे बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी नतमस्तक हैं. मिलिए 'जंगलों की एनसाइक्लोपीडिया' पद्मश्री तुलसी गौड़ा से
पाकिस्तान और भारत 79 साल पहले 1 दिन के अंतर पर अंग्रेजों से आजाद हुए थे लेकिन भारत जहां विकास के पथ पर बढ़ता गया तो पाकिस्तान कर्जे में डूब गया। जानिए पाकिस्तान, भारत जैसा विकास क्यों नहीं कर पाया।
Mumbai Local में गेट पर लटककर रील बनाना पड़ा भारी!
मुंबई की पश्चिम रेलवे लोकल ट्रेन में दो लड़कियों का खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. दोनों तिरंगे रंग की साड़ी पहनकर चलती ट्रेन के गेट पर खड़ी होकर रील बनाती दिखाई दे रही हैं. वीडियो स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति के अंदाज में शूट किया गया. हालांकि, ट्रेन के दरवाजे पर इस तरह स्टंट करना बेहद जोखिम भरा है और इससे गंभीर हादसा हो सकता है.
21 की उम्र में एक साथ पाईं 5 सरकारी नौकरियां, कांस्टेबल शुभांगी मिश्रा ने कैसे कर दिखाया यह कमाल?
मध्य प्रदेश की 21 वर्षीया शुभांगी मिश्रा ने बिना किसी महंगी कोचिंग के यूट्यूब और सेल्फ स्टडी के दम पर एक साथ 5 सरकारी नौकरियां हासिल की हैं. कभी NEET में असफल होने के बाद भी हार न मानने वाली शुभांगी की सक्सेस स्टोरी हर प्रतियोगी छात्र के लिए मिसाल है.
15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। लालकिले और उसके आसपास के इलाकों में दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा की कई परतें तैयार की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में ...
'ऐसी टिप्पणी ओछी और निंदनीय', राहुल गांधी के विदेश नीति वाले बयान पर भड़के राजनाथ सिंह
राहुल गांधी के विदेश नीति पर दिए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने राहुल की टिप्पणी को ओछी और निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का अपमान हुआ है।
पढ़ें 14 अगस्त 2026 की शाम की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
ईरान से जंग में अमेरिका के लिए सिर्फ मैदान पर लड़ाई मुश्किल नहीं हो रही, हथियारों का हिसाब भी बिगड़ रहा है. अमेरिका 45 रीपर ड्रोन खोने के साथ मिसाइलों का बड़ा स्टॉक भी खर्च हो चुका है.
इस मामले पर पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कानून अपना काम निष्पक्ष रूप से कर रहा है। इस पूरे मामले में राज्य के अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में छह एफआईआर दर्ज की गई हैं।
'आंखों में आंसू और जुबान पर...', उज्जैन में 800 छात्राओं ने किया प्रदर्शन
उज्जैन में सराफा कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल को शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर दाउदखेड़ी गांव में शिफ्ट किए जाने के प्रस्ताव का छात्राओं ने विरोध किया. शुक्रवार को करीब 800 छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया. उनका कहना है कि आने-जाने की सुविधा नहीं होने और रास्ता सुनसान होने के कारण परिजन उन्हें नए स्थान पर पढ़ने नहीं भेजेंगे.
सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही के अंश को पर्याप्त संदर्भ के बिना प्रसारित किए जाने पर चिंता जताते हुए भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा है कि उनकी मौखिक टिप्पणियों को ‘‘गलत तरीके से पेश’’ किया गया और ‘‘दुर्भावनापूर्ण इरादे’’ से उनका इस्तेमाल देश के युवाओं को गुमराह करने के लिए किया गया। प्रधान न्यायाधीश ने 15 मई, 2026 को उच्चतम न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान कथित फर्जी डिग्री रखने वाले कुछ लोगों की तुलना ‘‘कॉकरोच’’ से की थी, जो व्यवस्था पर हमला करने के लिए सोशल मीडिया या सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता बन जाते हैं। प्रधान न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद युवाओं में व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली और इसके चलते व्यंग्यात्मक ऑनलाइन मंच कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) शुरू हुआ। ‘डीडी न्यूज’ के साथ साक्षात्कार में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर अदालत की कार्यवाही के अंश को बिना पर्याप्त संदर्भ के प्रसारित किया जा रहा है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि जो कुछ भी हुआ वह वाकई दुर्भाग्यपूर्ण था और स्पष्ट किया कि इसमें शामिल लोगों के बारे में वह ऐसी चीज़ों की कल्पना भी नहीं कर सकते। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘‘मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उसका गलत इस्तेमाल किया गया। जो बात मैंने कही ही नहीं, उसे ऐसे दिखाया गया, जैसे मैंने वह कही हो। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। खासकर, यह देश के युवाओं को गुमराह करने की एक बड़ी और दुर्भावनापूर्ण कोशिश है।’’ मीडिया से न्यायिक कार्यवाही की जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करने को कहते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आप सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया या किसी भी अन्य मीडिया से जुड़े हों या केवल एक नागरिक हों, हम सभी के अधिकार हैं और हमारे कुछ संवैधानिक कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हम अधिकारों की बात करते हैं, तो हमें अपनी ज़िम्मेदारियां निभाने की क्षमता भी होनी चाहिए। इसलिए मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखें। हम सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए कि समाज में सौहार्द बना रहे।’’ नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर कॉजपा के नेतृत्व में एक महीने से ज़्यादा समय तक विरोध प्रदर्शनों के दौरान 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। इन प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रधान न्यायाधीश ने सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर न्यायिक कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को बिना इजाजत प्रसारित करने, रीपोस्ट करने, अपलोड करने और उनसे पैसे कमाने पर रोक लगाने वाले अपने हालिया आदेश का भी जिक्र किया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता जरूरी है, लेकिन इसका इस्तेमाल व्यावसायिक लाभ कमाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम न्यायपालिका में पारदर्शिता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पारदर्शिता होनी चाहिए। इसी दिशा में एक और कदम के रूप में हमने उच्चतम न्यायालय में कार्यवाही का सीधा प्रसारण शुरू किया।’’ प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘लेकिन सीधा प्रसारण का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। खासकर इसका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। लोग छोटे-छोटे अंश का इस्तेमाल अपने निजी लाभ और व्यावसायिक फायदे के लिए करते हैं। इसे रोका जाना चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर NSA अजित डोभाल का PAK को संदेश, बोले- खून की आखिरी बूंद तक…
NSA अजित डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया है। एक डॉक्यूमेंट्री में बात करते हुए NSA ने कहा कि भारत की सहनशीलता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।
President Droupadi Murmu Address Live 80th Independence Day Eve Speech 2026:
तेज म्यूजिक, सिलेंडर-रॉड से हमला, स्प्रे से बदबू छिपाई, तांत्रिक का कत्ल
वाराणसी में तंत्र-मंत्र के बहाने बुलाए गए तांत्रिक की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, परिवार गरीबी, बीमारी, ऊपरी साए, धन उगाही और मौत की धमकियों से परेशान था. तांत्रिक के एक महिला से कथित अवैध संबंध भी सामने आए. इसी से नाराज परिवार और रिश्तेदारों ने मिलकर हत्या की साजिश रची.
पश्चिम बंगाल में कूचबिहार जिले की पुलिस ने शुक्रवार को भाजपा के राज्यसभा सदस्य नागेंद्र रे उर्फ अनंत महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। उन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है।
भारतीय क्रिकेट टीम लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर लाल गेंद के क्रिकेट यानी टेस्ट फॉर्मेट में वापसी करने जा रही है। श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से ऐतिहासिक गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाना है। इस मुकाबले की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्लेइंग इलेवन को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। कप्तान गिल ने साफ कर दिया है कि तेज गेंदबाज औकिब नबी पहले टेस्ट की दौड़ से बाहर हो चुके हैं, और अब प्लेइंग इलेवन में अंतिम एकादश की एक जगह के लिए युवा गेंदबाज गुरनूर ब्रार और प्रसिद्ध कृष्णा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर ब्रार की गेंदबाजी शैलियों में अंतरकप्तान शुभमन गिल ने दोनों युवा तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए बताया कि गुरनूर ब्रार और प्रसिद्ध कृष्णा दोनों ही अलग-अलग खूबियों के साथ मैदान पर उतरते हैं। अभ्यास मैच के दौरान दोनों ने ही अपनी गेंदबाजी से काफी प्रभावित किया है। कप्तान ने कहा कि गुरनूर ब्रार पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने और मैच का पासा पलटने में माहिर हैं, खासकर तब जब पिच से कोई मदद नहीं मिल रही हो। दूसरी ओर, प्रसिद्ध कृष्णा के पास अतिरिक्त गति (एक्सट्रा पेस) और लंबाई का फायदा है, जिससे वे पिच से अतिरिक्त उछाल हासिल कर सकते हैं, जो टेस्ट क्रिकेट में बेहद अहम होता है। यही वजह है कि इनमें से किसी एक खिलाड़ी को चुनना टीम मैनेजमेंट के लिए एक बेहद कठिन फैसला होने वाला है।जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में अन्य गेंदबाजों के लिए खुद को साबित करने का सुनहरा मौकास्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस दो मैचों की सीरीज का हिस्सा नहीं हैं, और उनकी जगह औकिब नबी को 15 सदस्यीय स्क्वाड में शामिल किया गया था। बुमराह की अनुपस्थिति को लेकर बात करते हुए कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि हालांकि उनकी कमी खलेगी, लेकिन यह अन्य गेंदबाजों के लिए अपनी काबिलियत साबित करने और टेस्ट टीम में अपनी जगह पक्की करने का एक बेहतरीन अवसर है। यदि इस सीरीज में कोई भी गेंदबाज शानदार प्रदर्शन करने में सफल रहता है, तो वह आगामी कठिन और महत्वपूर्ण सीरीज जैसे कि न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरों के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है। इसके अलावा, गॉल की स्पिन-अनुकूल पिच को देखते हुए रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार की तिकड़ी पर भी सबकी खास नजर रहने वाली है।
'खड़गे राष्ट्रीय नेता, उनका अपमान...', शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी की सफाई
मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद मंच के शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी सफाई आई है.
पवन सिंह ने दिखाई पावर, भारती सिंह को पीठ पर बैठाकर मारे पुश-अप, VIDEO
भोजपुरी रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' में कलाकारों की निजी जिंदगी और विवादों ने दर्शकों का ध्यान खींचा है. इस बीच शो से एक मजेदार वीडियो वायरल हुआ है. जिसने सभी को हैरान कर दिया है.
खरगे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से उन खबरों पर जवाब मांगा, जिनमें कहा गया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भारतीय सैनिकों की पेट्रोलिंग पर रोक लगा दी है।
NALSAR विवाद में BCI पर क्यों भड़के CJI सूर्यकांत?
नालसार के 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर बीसीआई की कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कड़ा रुख अपनाया. अदालत ने शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने के छात्रों के अधिकार पर जोर दिया. विवाद बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के फैसले के बाद बढ़ा, जिस पर अब सवाल उठ रहे हैं. मामले में छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बनी है.
'गांधी सरनेम और ऐसा शर्मनाक बयान...', राहुल गांधी पर बरसे राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की पीएम मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी को निंदनीय बताते हुए कहा कि ऐसा व्यवहार लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और इससे प्रधानमंत्री, भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा व विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को ठेस पहुंची है.
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति यानी गुरु को ज्ञान, भाग्य, धन, शिक्षा और संतान का कारक माना जाता है। जीवन में गुरु की स्थिति व्यक्ति के मान-सम्मान और सफलता को तय करने में अहम भूमिका निभाती है। जब भी गुरु अपनी चाल बदलते हैं या नक्षत्र परिवर्तन करते हैं, तो इसका सीधा असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशि के जातकों के जीवन पर देखने को मिलता है। पंचांग के अनुसार, आने वाली 19 अगस्त 2026 को गुरु ग्रह अपनी स्थिति बदलते हुए आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिषीय जानकारों का मानना है कि गुरु के इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ खास राशियों को बंपर लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।आश्लेषा नक्षत्र में गुरु का प्रवेश और इसके प्रभावज्योतिषीय गणना के मुताबिक, आश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं, और जब ज्ञान के कारक गुरु बुध के नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका बुद्धि, व्यापार, संवाद और आर्थिक मामलों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ज्यों-ज्यों गुरु का यह गोचर नजदीक आ रहा है, ज्योतिष प्रेमियों और राशिफल में रुचि रखने वालों की निगाहें इस पर टिकी हैं। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, गुरु के इस विशेष नक्षत्र परिवर्तन से मुख्य रूप से मिथुन, कन्या और मीन राशि के जातकों के अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। इन तीन राशियों के करियर, बिजनेस, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।1. मिथुन राशि: आमदनी के नए रास्ते खुलेंगे और करियर में मिलेगी तरक्कीमिथुन राशि के जातकों के लिए गुरु का आश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत और तरक्की लेकर आ सकता है। इस दौरान आपके लिए आय के नए स्रोत बन सकते हैं। यदि आप नौकरी में बदलाव करने की सोच रहे थे, तो आपको कोई बेहतरीन अवसर प्राप्त हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार करने वाले जातकों को पुराने संपर्कों से बड़ा मुनाफा हो सकता है। हालांकि, पैसे के लेन-देन या बड़े निवेश के मामले में थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा और विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा।2. कन्या राशि: व्यापार का विस्तार और अटके हुए काम होंगे पूरेकन्या राशि के लोगों के लिए यह गोचर लाभ, मान-सम्मान और करियर में उन्नति के नए द्वार खोलेगा। लंबे समय से प्रमोशन या मनचाही ट्रांसफर का इंतजार कर रहे जातकों को खुशखबरी मिल सकती है। व्यापारिक दृष्टि से यह समय बेहद अनुकूल रहने वाला है, और यदि आप अपने बिजनेस का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको आगे बढ़ने के शानदार मौके मिलेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और संचय करने में सफलता मिलेगी। समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा और किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में आपके लिए फायदेमंद साबित होगी। परिवार की ओर से भी आपको पूरा सहयोग प्राप्त होगा।3. मीन राशि: शिक्षा, प्रेम और संतान पक्ष से मिलेगी बड़ी खुशखबरीमीन राशि वालों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रेम संबंधों और संतान से जुड़े मामलों में बेहद शुभ परिणाम लेकर आ रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को उनकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। प्रेम जीवन में चल रही गलतफहमियां दूर होंगी, और रिश्तों में मधुरता आएगी। अविवाहित लोगों के विवाह की बात आगे बढ़ सकती है। इसके अलावा, संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिलने से माता-पिता का मन प्रसन्न रहेगा। कला, मीडिया या रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
वैभव का ऐसा क्रेज, राजस्थान रॉयल्स का INSTA भी हुआ फेल
वैभव सूर्यवंशी का क्रेज अब सोशल मीडिया पर भी साफ तौर पर दिख रहा है, खास बात यह है कि इंस्टाग्राम के हालिया फॉलोअर्स में वो अपनी आईपीएल टीम राजस्थान रॉयल्स से भी आगे निकल गए हैं.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे किसानों के लिए दुनिया भर के देशों के साथ किए गए व्यापार समझौतों का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये समझौते राष्ट्रीय हित, किसानों के कल्याण और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए किए गए थे। चंडीगढ़ में बोलते हुए चौहान ने कहा कि मैं चंडीगढ़ की पवित्र धरती से यह कहना चाहता हूं कि किसानों के लिए दुनिया भर के देशों के साथ जो भी समझौते किए गए हैं, वे राष्ट्रीय हित, किसानों के हित और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए किए गए हैं। यह बहुत दुख की बात है कि विपक्ष को इससे भी समस्या है। इसे भी पढ़ें: Modi ने माहौल ही बदल डाला, Red Corridor से Red Carpet पर Ramp Walk करने लगीं पूर्व नक्सली महिलाएं विपक्ष के नेता के व्यवहार को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कल सभी ने विपक्ष के नेता का व्यवहार देखा। कांग्रेस ने एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के प्रधानमंत्री के लिए अनुचित भाषा का इस्तेमाल करके दुनिया भर की महिलाओं का अपमान किया है। इस बीच, एक्स पर एक पोस्ट में चौहान ने बताया कि चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सरकारी आवास पर उनकी सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि आज चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर (मुख्यमंत्री आवास) में हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP जी के साथ मेरी सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई। वहीं, 4 अगस्त को 'ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी' (AIKCC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इसे भी पढ़ें: Farmers के लिए हुए अहम समझौते, Shivraj Chouhan बोले: विपक्ष को इससे भी ऐतराज क्यों? कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इथेनॉल खेती के लिए एक बड़ा अवसर प्रदान करता है, बशर्ते नीति किसान-केंद्रित हो और फसलों का उचित मूल्य सीधे किसानों तक पहुँचे। कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने नेताओं के सुझावों को ध्यान से सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार इथेनॉल पर किसानों के विचारों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान हैं और कृषि भवन के दरवाज़े उनके लिए हमेशा खुले हैं।
Vibhajan Vibhishika Smriti Diwas: Nitin Nabin बोले, Partition का दर्द आज भी गहरा है
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1947 के बंटवारे के दौरान अपनी जान और घर गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन घटनाओं का दर्द हमारे दिलों में बसा हुआ है। गुरुग्राम में 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए, नवीन ने इस दिन को उन लाखों लोगों को याद करने का एक गंभीर क्षण बताया जो विस्थापित हुए और जो हिंसा में मारे गए। उन्होंने कहा कि आज उन लोगों की यादों को ताज़ा करने का दिन है जिन्होंने बलिदान दिया और जो बंटवारे की भयावहता के कारण विस्थापित हुए। मैं आज उन सभी परिवारों को नमन करता हूँ जिन्होंने अपनों को खोया और विस्थापन का दर्द सहा; मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। इसे भी पढ़ें: Haldwani शुद्धिकरण विवाद पर CM Dhami का पलटवार, Congress पर विक्टिम कार्ड खेलने का लगाया आरोप उन्होंने आगे कहा कि जिन परिवारों ने यह दर्द सहा और इस भयावहता को देखा, अगर हम उनकी यादों को ज़रा भी याद करें, तो मेरा मानना है कि शायद हममें से किसी के भी जीवन में ऐसा मुश्किल पल कभी नहीं आया होगा। नवीन ने बताया कि बंटवारे से प्रभावित कई परिवार भारत आ गए और देश के विकास में योगदान दिया। उन्होंने 1940 के लाहौर प्रस्ताव का ज़िक्र करते हुए कहा कि जब 1940 में लाहौर प्रस्ताव में 'दो-राष्ट्र सिद्धांत' (two-nation theory) पर चर्चा हुई, तो उसी समय - आज़ादी से पहले ही - हमारे लोगों को यह अंदाज़ा हो गया था कि जब देश को आज़ादी मिलेगी, तो उस आज़ादी की कीमत बंटवारे के रूप में चुकानी पड़ेगी... जिन लोगों की नज़र सत्ता पर थी, जिन्होंने अपने लिए सुनहरे सपने देखे थे, उन्हें तो सत्ता मिल गई; लेकिन जिन्होंने आज़ादी के सपने देखे थे, उन्हें खून की होली खेलनी पड़ी; उन्हें अपने अपनों को खोना पड़ा। इसे भी पढ़ें: MP के देवास में BJP की तिरंगा यात्रा पर मधुमक्खियों का हमला, 40 कार्यकर्ता घायल उन्होंने आगे कहा कि यह दर्द आज भी हम सबके दिलों में कहीं न कहीं मौजूद है। जिन लोगों ने सत्ता के इस हस्तांतरण में जल्दबाज़ी की और सोचा कि इस बंटवारे में उनका भविष्य है, उन्होंने अपना भविष्य तो सुरक्षित कर लिया, लेकिन लाखों भारतीयों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' 14 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विभाजन के पीड़ितों को याद करना और आज की पीढ़ी को उस दौरान झेली गई पीड़ा की याद दिलाना है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
आज के समय में जब भी 'मसल्स' (Muscles) या मांसपेशियों की मजबूती की बात आती है, तो अधिकांश लोगों को लगता है कि यह केवल जिम जाने वाले बॉडीबिल्डर्स, एथलीट्स या युवाओं के लिए जरूरी है। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार मांसपेशियां हमारे पूरे शरीर का बुनियादी ढांचा हैं। उठने-बैठने, चलने-फिरने, जोड़ों को सहारा देने, मेटाबॉलिज्म को तेज रखने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और बुढ़ापे में झुकने से बचाने के लिए मजबूत मांसपेशियों का होना हर इंसान के लिए अनिवार्य है। 30 वर्ष की आयु के बाद मानव शरीर में प्राकृतिक रूप से मांसपेशियों का क्षरण (Muscle Loss) शुरू हो जाता है, जिसे चिकित्सा भाषा में 'सार्कोपेनिया' (Sarcopenia) कहा जाता है। यदि सही समय पर अपनी दैनिक डाइट में आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल न किया जाए, तो मांसपेशियां समय से पहले कमजोर, ढीली और बेजान होने लगती हैं, जिसके कारण शरीर में जल्दी थकान, जोड़ों का दर्द और कमजोरी घर कर लेती है। मांसपेशियों को फौलादी, लचीला और ताकतवर बनाए रखने के लिए केवल भारी वजन उठाना ही काफी नहीं है, बल्कि सही पोषण से मसल्स को पोषण देना सबसे पहला कदम है।मसल्स की मजबूती के लिए केवल प्रोटीन ही नहीं, इन पोषक तत्वों की भी है जरूरतमांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत (Muscle Protein Synthesis) के लिए प्रोटीन को प्राथमिक बिल्डिंग ब्लॉक माना जाता है। लेकिन मांसपेशियां केवल प्रोटीन से नहीं बनतीं, बल्कि उनके सुचारू संचालन और ताकत के लिए कई अन्य विटामिन्स और मिनरल्स का तालमेल जरूरी होता है:एसेंशियल अमीनो एसिड्स (विशेषकर ल्यूसीन): यह प्रोटीन के वे छोटे घटक हैं जो शरीर खुद नहीं बना पाता और मसल्स की ग्रोथ को सीधे ट्रिगर करते हैं।मैग्नीशियम और पोटैशियम: ये दोनों मिनरल्स मांसपेशियों के संकुचन (Contraction), खिंचाव और ऐंठन (Cramps) को रोकने के लिए जिम्मेदार इलेक्ट्रोलाइट्स हैं।ओमेगा-3 फैटी एसिड्स: यह मांसपेशियों की अंदरूनी सूजन (Muscle Soreness) को घटाते हैं और प्रोटीन अवशोषण की गति को तेज करते हैं।विटामिन डी और कैल्शियम: हड्डियों के साथ-साथ मसल्स फाइबर्स के नर्व सिग्नल्स को मजबूत बनाए रखने के लिए इनका संतुलित होना अनिवार्य है।जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbs): मसल्स के भीतर 'ग्लाइकोजन' (ऊर्जा का भंडार) को सुरक्षित रखने के लिए अच्छे कार्ब्स जरूरी हैं ताकि शरीर ऊर्जा के लिए मसल्स प्रोटीन को न तोड़ने लगे।मांसपेशियों को मजबूत और ताकतवर बनाने वाले टॉप 8 सुपरफूड्सअपनी रोजाना की थाली में नीचे दिए गए पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करके आप अपनी मांसपेशियों को प्राकृतिक रूप से मजबूत और सुगठित बना सकते हैं:1. अंडे (Eggs - संपूर्ण प्रोटीन का खजाना): अंडे को मसल्स बिल्डिंग के लिए 'गोल्ड स्टैंडर्ड' माना जाता है। एक पूरे अंडे में लगभग 6 ग्राम हाई-क्वालिटी प्रोटीन होता है, जिसमें सभी 9 आवश्यक अमीनो एसिड्स मौजूद होते हैं। अंडे की जर्दी (Yolk) में कोलीन, विटामिन डी और हेल्दी फैट्स होते हैं जो टेस्टोस्टेरोन और मसल्स रिपेयर के लिए बेहद फायदेमंद हैं।2. पनीर और ग्रीक योगर्ट (Cottage Cheese & Greek Yogurt): डेयरी प्रोडक्ट्स में पनीर और गाढ़ा दही 'कैसिइन प्रोटीन' (Casein Protein) का सबसे बेहतरीन स्रोत हैं। कैसिइन एक स्लो-डाइजेस्टिंग प्रोटीन है, जो पेट में धीरे-धीरे पचता है और कई घंटों तक मांसपेशियों को अमीनो एसिड्स की लगातार सप्लाई देता रहता है। रात को सोने से पहले सीमित मात्रा में पनीर खाना रात भर मसल्स की रिकवरी में मदद करता है।3. सोयाबीन और टोफू (Soybeans & Tofu): शाकाहारी लोगों के लिए सोयाबीन किसी वरदान से कम नहीं है। 100 ग्राम सोया चंक्स या सोयाबीन में लगभग 36 से 50 ग्राम तक शुद्ध प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है। यह ल्यूसीन और आयरन से भरपूर होता है, जो खून में ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाकर मांसपेशियों की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा देता है।4. दालें, काले चने और राजमा (Legumes & Chickpeas): भारतीय पारंपरिक आहार में मूंग, मसूर, उड़द, राजमा और काबुली चना प्लांट प्रोटीन, फोलेट और फाइबर का पावरहाउस हैं। इनमें मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और धीमी गति से पचने वाले कार्बोहाइड्रेट दिनभर मांसपेशियों को स्थिर ऊर्जा प्रदान करते हैं।5. नट्स और सीड्स (बादाम, अखरोट, चिया और कद्दू के बीज): कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) मैग्नीशियम और जिंक का सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोत हैं, जो मसल्स के टिश्यूज की मरम्मत के लिए जरूरी हैं। बादाम में विटामिन ई होता है जो वर्कआउट या दिनभर की भागदौड़ के बाद मसल्स में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को रोकता है।6. चिकन ब्रेस्ट और फैटी फिश (Chicken Breast & Salmon/Fish): मांसाहारी भोजन करने वालों के लिए लीन चिकन ब्रेस्ट फैट-फ्री प्रोटीन का सर्वोत्तम स्रोत है। वहीं सैल्मन, टूना या रोहू जैसी मछलियों में प्रोटीन के साथ प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं, जो जोड़ों की चिकनाई बनाए रखने और मसल्स की सूजन को तेजी से ठीक करने में सहायक होते हैं।7. ओट्स और क्विनोआ (Oats & Quinoa): क्विनोआ उन गिने-चुने अनाजों में से है जो 'कम्प्लीट प्लांट प्रोटीन' माने जाते हैं। सुबह के नाश्ते में दूध के साथ ओट्स या क्विनोआ खाने से शरीर को बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन्स, मैग्नीशियम और फाइबर मिलता है जो मांसपेशियों में ग्लाइकोजन के स्तर को तेजी से रीस्टोर करता है।8. पालक और केला (Spinach & Bananas): हरी पत्तेदार सब्जियों, खासकर पालक में प्राकृतिक नाइट्रेट्स पाए जाते हैं, जो रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करके मांसपेशियों तक अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाते हैं। वहीं केला पोटैशियम का बेहतरीन स्रोत है, जो मांसपेशियों में अकड़न, दर्द और क्रैम्प्स को तुरंत खत्म करता है।शाकाहारियों (Vegetarians) के लिए मसल्स बिल्डिंग का स्मार्ट फॉर्मूलाशाकाहारी भोजन करने वाले लोगों के मन में अक्सर यह शंका रहती है कि क्या बिना मांस या सप्लीमेंट्स के मसल्स मजबूत हो सकती हैं? इसका जवाब है—बिल्कुल हां! अधिकांश पौधों से मिलने वाले प्रोटीन्स में एकाध अमीनो एसिड कम होता है, लेकिन जब आप दो अलग-अलग शाकाहारी स्रोतों को मिलाकर खाते हैं, तो वह एक 'कम्प्लीट प्रोटीन' बन जाता है:दाल और चावल का क्लासिक भारतीय कॉम्बिनेशन (चावल का मेथियोनीन और दाल का लाइसिन मिलकर पूरा प्रोटीन बनाते हैं)।पीनट बटर (मूंगफली का मक्खन) के साथ होल व्हीट मल्टीग्रेन ब्रेड।अंकुरित मूंग, चना और पनीर का मिक्स सलाद।सत्तू का शर्बत, जो प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर एक देसी और सस्ता सुपरड्रिंक है।वर्कआउट के बाद मसल रिकवरी: पोस्ट-वर्कआउट डाइट का क्या है नियम?जब भी आप कोई शारीरिक श्रम, तेज वॉक, योग या वेट ट्रेनिंग करते हैं, तो मांसपेशियों के सूक्ष्म रेशे (Muscle Fibres) टूटते हैं। इन्हें दोबारा मजबूत बनाने के लिए व्यायाम के 30 से 60 मिनट के भीतर सही डाइट लेना जरूरी है:पोस्ट-वर्कआउट मील में हमेशा 3:1 का अनुपात रखें यानी 3 भाग जटिल कार्बोहाइड्रेट और 1 भाग प्रोटीन। उदाहरण के लिए, 2 उबले अंडे के साथ एक केला, या एक कटोरी ओट्स के साथ मुट्ठी भर बादाम और ग्रीक योगर्ट।वर्कआउट के दौरान पसीने के साथ निकले इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए नारियल पानी या नींबू-सेंधा नमक का पानी पिएं।मांसपेशियों को कमजोर करने वाली ये 4 गलतियां तुरंत छोड़ेंकई बार अच्छी डाइट लेने के बावजूद लोगों की मसल्स कमजोर बनी रहती हैं, जिसके पीछे ये आम गलतियां होती हैं:पर्याप्त नींद न लेना: मांसपेशियों का 90 प्रतिशत निर्माण और रिपेयरिंग तब होती है जब आप रात में गहरी नींद में होते हैं। नींद के दौरान ही शरीर में ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (HGH) रिलीज होता है। रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद अनिवार्य है।क्रैश डाइटिंग और भूखे रहना: वजन घटाने के चक्कर में बहुत कम कैलोरी खाने से शरीर फैट के साथ-साथ अपनी मांसपेशियों को भी गलाने लगता है, जिससे शरीर कमजोर हो जाता है।पानी की कमी (Dehydration): मांसपेशियों का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी है। कम पानी पीने से मसल्स सिकुड़ने लगती हैं और उनमें दर्द व ऐंठन बढ़ जाती है।अत्यधिक तनाव और चीनी का सेवन: ज्यादा तनाव से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है जो मसल्स टिश्यूज को नष्ट करता है, वहीं रिफाइंड चीनी शरीर में अंदरूनी सूजन को बढ़ाती है।मांसपेशियों की मजबूती केवल दिखने की बात नहीं है, बल्कि यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और दीर्घायु की सबसे बड़ी पूंजी है। अपनी थाली में प्रोटीन, हरी सब्जियों, नट्स और साबुत अनाजों का सही संतुलन बनाएं, रोजाना थोड़ा शारीरिक व्यायाम करें और अपनी मांसपेशियों को उम्र भर मजबूत और ऊर्जावान बनाए रखें।
बारिश का मौसम तपती गर्मी से राहत और चारों ओर हरियाली की ताजगी लेकर आता है, लेकिन इसके साथ ही यह अपने संग भारी नमी (Humidity), सीलन, कीड़े-मकोड़े और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लाता है। मानसून के दौरान वातावरण में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है, जो बैक्टीरिया, वायरस और फंगस (मोल्ड) के पनपने के लिए सबसे अनुकूल माहौल तैयार करता है। इस मौसम में घर के बंद कोनों, गीले कपड़ों, किचन के सिंक, बाथरूम और यहां तक कि हवा में भी अदृश्य रोगाणु तेजी से फैलने लगते हैं। यदि समय रहते घर की स्वच्छता और सैनिटाइजेशन पर ध्यान न दिया जाए, तो परिवार के सदस्यों को सर्दी-जुकाम, फ्लू, डायरिया, फूड पॉइजनिंग, त्वचा संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याएं घेर सकती हैं। घर को केवल ऊपर से साफ रखना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे भीतर से रोगाणुमुक्त (Germ-Free) और हाइजीनिक बनाना बेहद जरूरी है। कुछ आसान और बेहद प्रभावी घरेलू उपायों को अपनाकर आप इस बारिश के मौसम में अपने आशियाने को बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।मानसून में घर में क्यों तेजी से पनपते हैं जर्म्स, फंगस और बैक्टीरिया?बरसात के दिनों में सूरज की धूप कम निकलने और लगातार बारिश होने के कारण घर के भीतर प्राकृतिक वेंटिलेशन और रोशनी की कमी हो जाती है। जब दीवारों, पर्दों, गद्दों और लकड़ी के फर्नीचर में नमी समा जाती है, तो वहां 'ब्लैक मोल्ड' और फंगस के बीजाणु (Spores) पैदा होते हैं। ये फंगस न केवल घर से एक अजीब सी सड़ी हुई दुर्गंध (Musty Smell) पैदा करते हैं, बल्कि सांस के जरिए फेफड़ों में जाकर अस्थमा और सांस की एलर्जी को भड़काते हैं। इसके साथ ही बाहर की गीली मिट्टी, नालियों का गंदा पानी और जूतों के जरिए लाखों हानिकारक रोगाणु घर के लिविंग रूम और बेडरूम तक पहुंच जाते हैं।घर के हर कोने को रोगाणुमुक्त रखने के 7 अचूक और आसान उपायमानसून के दौरान घर को पूरी तरह सैनिटाइज और सुरक्षित रखने के लिए ये 7 व्यावहारिक कदम बेहद मददगार साबित होते हैं:1. फर्श की पोंछा लगाने की विधि में बदलाव: केवल सादे पानी से पोछा लगाने के बजाय पानी में अच्छी गुणवत्ता वाला डिसइन्फेक्टेंट लिक्विड, नीम का अर्क या सफेद सिरका (White Vinegar) और थोड़ा सेंधा नमक जरूर मिलाएं। नमक और सिरका प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल एजेंट होते हैं जो फर्श पर मौजूद कीटाणुओं को नष्ट करते हैं और नमी को सोखने में मदद करते हैं। दिन में कम से कम दो बार पोछा लगाएं और फर्श को तुरंत पंखा चलाकर सुखाएं।2. मेन गेट पर बनाएं 'ड्राय एंड सेफ जोन': बारिश में बाहर से आने वाले जूते-चप्पल और भीगे छाते घर के अंदर जर्म्स लाने का सबसे बड़ा जरिया होते हैं। घर के मुख्य दरवाजे पर ही एक अलग रबर मैट या शू-रैक रखें। गीले जूतों को तुरंत घर के भीतर न ले जाएं, उन्हें पहले बाहर ही सूखने दें। इसके साथ ही दरवाजे पर रखे पायदान (Doormats) को नियमित रूप से धूप में सुखाएं और धोएं।3. अलमारियों और वॉर्डरोब को सीलन से बचाएं: कपड़ों की अलमारी में नमी के कारण फफूंद लगना और कपड़ों से बदबू आना आम बात है। अलमारी के कोनों में कपूर की गोलियां (Camphor), लौंग, नीम की सूखी पत्तियां या सिलिका जेल (Silica Gel Pouches) के पाउच रखें। कपूर और लौंग की महक से कीड़े और दीमक दूर रहते हैं तथा नमी नियंत्रित रहती है। जब भी बारिश थमे, अलमारी के दरवाजे कुछ देर के लिए खोल दें ताकि ताजी हवा अंदर जा सके।4. किचन को बनाएं बैक्टीरिया-फ्री जोन: किचन में नमी के कारण बर्तनों, कटिंग बोर्ड और डस्टबिन के आसपास बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं। बर्तन धोने वाले स्पंज और कपड़े (Kitchen Cloth) को रोज रात को गर्म पानी और नमक में 10 मिनट के लिए उबालें, क्योंकि रसोई का गीला स्पंज बैक्टीरिया का सबसे बड़ा घर होता है। कटिंग बोर्ड को नींबू और बेकिंग सोडा से साफ करें। किचन के कूड़ेदान को हमेशा ढक कर रखें और उसे रोजाना खाली कर डिसइन्फेक्ट करें।5. बाथरूम और ड्रेनेज पाइप्स की डीप क्लीनिंग: बाथरूम में लगातार पानी रहने से टाइल्स के जोड़ों में काली फफूंद जमने लगती है। हफ्ते में दो बार ब्लीचिंग पाउडर या एंटी-फंगल क्लीनर से बाथरूम की दीवारों और फर्श को अच्छी तरह रगड़कर साफ करें। नालियों में रात के समय गर्म पानी के साथ बेकिंग सोडा और विनेगर डालें ताकि ड्रेन पाइप्स में कीड़े, कॉकरोच और बदबू पैदा न हो।6. क्रॉस-वेंटिलेशन और डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल: जब भी बारिश रुके और बाहर हल्की धूप या ताजी हवा चले, घर की सभी खिड़कियां और बालकनी के दरवाजे खोल दें। घर के भीतर हवा का संचरण (Air Circulation) बना रहना बहुत जरूरी है। अत्यधिक नमी वाले कमरों में एग्जॉस्ट फैन चलाएं या कमरे के कोने में एक कटोरी में बेकिंग सोडा या कच्चा कोयला (Charcoal) रख दें, जो प्राकृतिक रूप से कमरे की अतिरिक्त नमी को सोख लेता है।7. इनडोर प्लांट्स और गमलों में पानी का जमाव रोकें: घर के अंदर रखे पौधों की ट्रे, एयर कूलर की टंकी और गमलों के नीचे प्लेट्स में पानी बिल्कुल जमा न होने दें। रुका हुआ पानी डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले एडीज और एनोफिलीस मच्छरों की ब्रीडिंग ग्राउंड बन जाता है। पौधों की मिट्टी में सप्ताह में एक बार हल्की गुड़ाई करें ताकि मिट्टी में फंगस न पनपे।कपड़ों और सोफे से सीलन व बदबू हटाने के प्राकृतिक नुस्खेमानसून में धूप न निकलने के कारण कपड़े कई दिनों तक पूरी तरह सूख नहीं पाते और उनमें से खट्टी बदबू आने लगती है। गीले कपड़ों को कभी भी कमरे के अंदर एक के ऊपर एक ढेर लगाकर न छोड़ें। कपड़ों को धोते समय अंतिम रिंस में आधा कप सफेद सिरका या कुछ बूंदें टी-ट्री ऑयल (Tea Tree Oil) की मिलाएं। टी-ट्री ऑयल एक शक्तिशाली प्राकृतिक एंटी-फंगल तत्व है जो कपड़ों से फंगस और बैक्टीरिया को पूरी तरह खत्म करता है। कपड़ों को धोने के बाद तुरंत हैंगर पर फैलाकर पंखे के नीचे सुखाएं और पहनने से पहले गर्म प्रेस (Iron) जरूर करें ताकि बचा हुआ सूक्ष्म मॉइस्चर भी खत्म हो जाए।घर के भीतर की हवा को शुद्ध और सुगंधित कैसे रखें?घर की हवा को शुद्ध और ताजगी भरा बनाए रखने के लिए केमिकल युक्त रूम फ्रेशनर के बजाय प्राकृतिक धूपन का सहारा लें। शाम के समय घर में नीम की सूखी पत्तियां, गूगल, लोबान और थोड़ा सा कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर में घुमाएं। यह प्राचीन भारतीय आयुर्वेदिक पद्धति घर के वातावरण से हानिकारक सूक्ष्मजीवों, मच्छरों और नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह बाहर निकालने में अचूक मानी जाती है। इसके अलावा घर में स्नेक प्लांट, मनी प्लांट और एलोवेरा जैसे एयर-प्यूरिफाइंग पौधे रखें जो इनडोर टॉक्सिन्स को फिल्टर करने में मदद करते हैं।मानसून के सुहावने मौसम का भरपूर आनंद तभी लिया जा सकता है जब आपका परिवार पूरी तरह सेहतमंद और निरोगी रहे। अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता के इन छोटे-छोटे और असरदार नियमों को शामिल करें और अपने घर को मानसून के हर तरह के बैक्टीरिया, वायरस और बीमारियों से एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करें।
Chamoli Tunnel Rescue: चमोली हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, CM Dhami ने किया मुआवजे का ऐलान
एनडीआरएफ के DIG मोहसिन शहीदी ने शुक्रवार को बताया कि चमोली टनल हादसे में 12 लोगों को बचाया गया है, सात शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। THDC टनल के अंदर फंसे बाकी तीन लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चल रहा है। NDRF, SDRF, राज्य पुलिस, CISF, ITBP और ज़िला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। हालांकि, लगातार हो रही बारिश की वजह से बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है और टनल के अंदर पानी का स्तर भी बढ़ रहा है। ANI से बात करते हुए DIG मोहसिन शहीदी ने कहा कि यह हादसा कल शाम हुआ था, जिसके बाद NDRF समेत कई एजेंसियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। इसमें शामिल 22 लोगों में से 12 को बचा लिया गया है और सात शव बरामद किए गए हैं, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। इसे भी पढ़ें: Haldwani शुद्धिकरण विवाद पर CM Dhami का पलटवार, Congress पर विक्टिम कार्ड खेलने का लगाया आरोप उन्होंने कहा कि 2.5 किलोमीटर लंबी सुरंग के अंदर 5-6 फीट पानी भरा होने, लगातार पानी आने, ऑक्सीजन का लेवल कम होने और भूस्खलन के खतरे के कारण बचाव कार्य में रुकावट आ रही है। एनडीआरएफ के अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा सावधानियों के साथ ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और कोशिशें जारी हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली में सुरंग हादसे की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं और हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इसे भी पढ़ें: Chamoli में जलविद्युत परियोजना सुरंग से 7 शव बरामद, 3 लापता लोगों की तलाश जारी हादसे के बारे में बात करते हुए धामी ने कहा कि बचाव कार्य जारी है और सुरंग के अंदर फंसे 22 लोगों में से 19 लोगों को बचा लिया गया है। घायल मजदूरों का इलाज चल रहा है, जबकि जो लोग अभी भी फंसे हुए हैं, उन्हें बचाने की कोशिशें जारी हैं। बचाव कार्य में नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (DDRF) और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) मिलकर काम कर रहे हैं।
7000mAh बैटरी के साथ Realme का सस्ता फोन! जानिए फीचर्स
Realme 16x 5G भारत में लॉन्च हो चुका है, जिसमें 7000mAh की बैटरी, 144Hz का रिफ्रेश रेट्स डिस्प्ले, वर्चुअल रैम के साथ मैक्सिमम 18GB तक रैम का एक्सेस मिलेगा. आइए इसकी कीमत और अन्य फीचर्स के बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Giriraj Singh का Rahul Gandhi पर तीखा हमला, विदेश नीति पर LoP के बयान को बताया ‘सड़क छाप’ व्यवहार
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी पर विदेश नीति को लेकर सरकार पर टिप्पणी करने, कूटनीति की समझ न होने और विदेश दौरों के दौरान भारत पर हमला करने का आरोप लगाया। उनकी यह टिप्पणी राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी सरकार के कूटनीतिक नज़रिए की आलोचना के बाद आई है। राहुल गांधी का तर्क था कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सिर्फ़ दोस्ती और गर्मजोशी के दिखावे पर निर्भर रहने के बजाय राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना ज़रूरी है। रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान, गांधी ने कहा कि सरकार का काम नेताओं को गले लगाने के बजाय देश के हितों की रक्षा करना है। इसे भी पढ़ें: स्वतंत्रता के 79 वर्ष: उपलब्धियों का उत्सव, आत्ममंथन का अवसर एएनआई से बात करते हुए सिंह ने कहा कि शर्मनाक! शर्मनाक! कल विपक्ष के नेता राहुल गांधी का व्यवहार किसी 'सड़क छाप' व्यक्ति जैसा था। यह गहरी निराशा का नतीजा है। उनके दादा प्रधानमंत्री थे, दादी प्रधानमंत्री थीं और पिता भी प्रधानमंत्री थे। अगर वे तब विदेश नीति नहीं समझ पाए, तो अब भी नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने कहा अब उनकी विदेश नीति का मतलब है देश से बाहर जाना, (जॉर्ज) सोरोस जैसे लोगों से मिलना और भारत की बुराई करना। मैं मीडिया के लोगों से कहूंगा कि वे पिछले 12 सालों में उनके रिकॉर्ड को देखें; जब भी वे विदेश जाते हैं, तो उनकी 'विदेश नीति' बस देश का अपमान करना ही होती है। इसे भी पढ़ें: भारत स्वतंत्रता दिवस: रक्षा-उत्पादन विकास की राह पर तेज़ दौड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में उनकी टिप्पणियों और हरकतों का ज़िक्र करते हुए सिंह ने उन पर सम्मान और बुनियादी शिष्टाचार की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा जहां तक गले मिलने की बात है, पूरे देश ने उन्हें लोकसभा में एक जोकर की तरह हरकतें करते देखा। मुझे लगता है कि राहुल गांधी को अपनी मौजूदा मानसिक स्थिति को देखते हुए एक थिएटर ग्रुप शुरू कर लेना चाहिए। वे मानसिक रूप से बीमार और निराश हैं। उनमें प्रधानमंत्री, और वह भी एक महिला प्रधानमंत्री, के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसका बुनियादी शिष्टाचार भी नहीं है। प्रधानमंत्री होने की बात तो छोड़िए - यह आपकी मां का देश (इटली) है; आपको कम से कम उसके प्रति तो सम्मान दिखाना चाहिए था। लेकिन जब संस्कार ही न हों, तो कोई सम्मान कैसे दिखा सकता है?
Rahul Gandhi पर भड़के Rajnath Singh, बोले- गांधी उपनाम वाला ऐसी शर्मनाक बात कैसे कह सकता है?
पीएम नरेंद्र मोदी को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पलटवार किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि कल विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति पर जो बातें कहीं, वे बहुत छोटी सोच वाली और निंदनीय हैं। यह मेरे लिए भी व्यक्तिगत रूप से दुखद है। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में, मैंने विपक्ष के किसी भी नेता का ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार कभी नहीं देखा। ऐसा व्यवहार एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए खतरे का गंभीर संकेत है। राहुल गांधी के मन में पीएम के प्रति निराशा हो सकती है, लेकिन ऐसी अभद्र बातें स्वीकार्य नहीं हैं, खासकर तब जब पीएम मोदी ने देश और विदेश में भारत का मान बढ़ाया हो और 'विकसित भारत' का रास्ता तैयार किया हो। इसे भी पढ़ें: Haldwani शुद्धिकरण विवाद पर CM Dhami का पलटवार, Congress पर विक्टिम कार्ड खेलने का लगाया आरोप रक्षा मंत्री ने कहा कि 12 वर्षों तक पूरी लगन से काम करते हुए उन्होंने एक भी छुट्टी नहीं ली। ऐसे पीएम के खिलाफ ऐसी अभद्र बातें हर भारतीय को दुख पहुंचाती हैं। मैं कांग्रेस पार्टी से विनम्रतापूर्वक यह भी कहना चाहता हूं कि ऐसी भाषा और व्यवहार के बाद, क्या वे लाल-बाल-पाल और गांधी, पटेल और नेहरू, सुभाष बाबू से लेकर राजेंद्र बाबू और शास्त्री जी और नरसिम्हा राव जी से लेकर प्रणब मुखर्जी तक की विरासत पर कोई दावा कर सकते हैं? इस व्यवहार से राहुल गांधी ने न केवल पीएम नरेंद्र मोदी का अपमान किया है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को तार-तार कर दिया है। मैं सोच भी नहीं सकता कि गांधी उपनाम वाला कोई व्यक्ति इतनी शर्मनाक बात कह सकता है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और भारत की विदेश नीति पर राहुल गांधी की टिप्पणियां ओछी और निंदनीय हैं। मैंने किसी भी विपक्ष के नेता (LoP) का ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार कभी नहीं देखा। राहुल गांधी ने न केवल पीएम का, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी अपमान किया है। मैं सोच भी नहीं सकता कि गांधी उपनाम वाला कोई व्यक्ति इतनी शर्मनाक टिप्पणी कर सकता है। बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद सत्र में सड़क से लेकर सदन के अंदर तक पूरी तरह से बाधा डालने के बाद, सत्र के ठीक बाद कांग्रेस के आधिकारिक मंच पर राहुल गांधी ने जो असभ्य, अशोभनीय और निंदनीय भाषा इस्तेमाल की, उससे लगता है कि शायद हताशा में आकर वे मर्यादा की सारी हदें पार कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: MP के देवास में BJP की तिरंगा यात्रा पर मधुमक्खियों का हमला, 40 कार्यकर्ता घायल उन्होंने कहा कि संसद सत्र की घटनाओं और उसके बाद कांग्रेस के मंच पर दिखाई देने के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल किए गए शब्द यह दिखाते हैं कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी देश के लोकतंत्र और स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक चुनौती बनकर उभरे हैं; इस संदर्भ में कल की घटनाएं महत्वपूर्ण हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
FSSAI ने इंफ्लुएंसर्स को भेजा नोटिस, झूठ को प्रमोट करने वाले सेलिब्रिटीज की अब खैर नहीं
FSSAI ने सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को खाने-पीने की चीजों के भ्रामक प्रचार पर चेतावनी दी है।
8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट, मई 2027 तक बनेगी नई नीति!
8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का इंतजार अभी जारी है. सरकार ने आयोग को सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया है. आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था, इसलिए आधिकारिक समयसीमा मई 2027 तक है. फिलहाल आयोग कर्मचारी संगठनों, ट्रेड यूनियनों और पेंशनर्स निकायों से सुझाव ले रहा है. फिटमेंट फैक्टर, वेतन और पेंशन में बदलाव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
आकाशवाणी के रंगभवन में झलके स्वाधीनता के सारे रंग
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 12 अगस्त 2026 को आकाशवाणी के रंग भवन सभागार में विशेष कार्यक्रम ‘विजय यात्रा—तस्वीर भारत की’ का आयोजन किया गया। भारत के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा को समर्पित यह कार्यक्रम आकाशवाणी और केंद्रीय संचार ब्यूरो, गीत एवं नाटक प्रभाग की संयुक्त प्रस्तुति थी। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया के प्रधान महानिदेशक योगेश कुमार बावेजा, केंद्रीय संचार ब्यूरो की महानिदेशक कंचन प्रसाद, आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन, आकाशवाणी दिल्ली के उपमहानिदेशक जितेंद्र पुरुथी, गीत और नाटक प्रभाग की उप-निदेशक डॉ संतोष आशीष, आकाशवाणी दिल्ली की कार्यक्रम प्रमुख मनीषा जैन एवं सहायक निदेशक प्रमोद कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस समारोह में केंद्रीय संचार ब्यूरो के कलाकारों ने कई विशेष प्रस्तुतियां दीं- ‘अमन के हम रखवाले हैं’ समूह गीत, तिरंगे को समर्पित समूह गान, ‘हमारी शान, हमारी जान, एक वरदान, एक अभिमान’ जैसे देशभक्ति गीत की प्रस्तुतियों ने सभागार में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति का जोश भर दिया। कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति ध्वनि और प्रकाश पर आधारित थी। इसके माध्यम से त्रेता युग से लेकर आज के भारत तक की गौरवगाथा को अत्यंत प्रभावशाली और जीवंत रूप में दर्शाया गया। भारत की सांस्कृतिक विरासत, स्वतंत्रता संग्राम, वीरों के बलिदान और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को ध्वनि, प्रकाश, संगीत एवं दृश्य प्रस्तुतियों के सुंदर समन्वय से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आधुनिक भारत की विकास यात्रा की जीवंत तस्वीर में वीर सेनानी मंगल पांडे , झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के अभिनय को दर्शकों से खूब सराहना मिली। खचाखच भरे रंगभवन सभागार में आकाशवाणी, दूरदर्शन और केन्द्रीय संचार ब्यूरो के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, कलाकार एवं आमंत्रित अतिथि उपस्थित रहे। ध्वनि, प्रकाश, संगीत और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के सुंदर समन्वय ने दर्शकों को भारत की गौरवशाली परंपरा से लेकर आधुनिक राष्ट्र निर्माण तक की प्रेरक यात्रा से भावनात्मक रूप से जोड़ा। कार्यक्रम अत्यंत रोचक और सराहनीय रहा।
आपको भी नहीं मिलता था तत्काल का कन्फर्म टिकट? CBI टेकी और IRCTC के सर्वर में सेंधमारी की पूरी कहानी!
IRCTC Tatkal Ticket Scam:
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एसयूवी (SUV) गाड़ियों के बढ़ते दबदबे के बीच यदि किसी सेडान ने ड्राइविंग के दीवानों और प्रीमियम खरीदारों के दिलों पर राज किया है, तो वह स्कोडा स्लाविया (Skoda Slavia) है। मजबूत यूरोपीय बिल्ड क्वालिटी, शानदार राइड हैंडलिंग और पावरफुल टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल इंजनों के दम पर सेडान सेगमेंट में क्रांति लाने वाली स्कोडा अब अपनी इस लोकप्रिय कार को नए और अत्याधुनिक अवतार में पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है। चेक गणराज्य की वाहन निर्माता कंपनी स्कोडा ऑटो इंडिया ने आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि नई 2026 Skoda Slavia Facelift को आगामी 18 अगस्त को भारतीय बाजार में आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा। कंपनी द्वारा जारी नए टीजर और टेस्टिंग के दौरान सामने आई तस्वीरों से यह साफ हो गया है कि यह मिड-लाइफ अपडेट केवल मामूली कॉस्मेटिक बदलावों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसमें नए डिजाइन, लग्जरी केबिन टेक और 1.0-लीटर इंजन के लिए एक नए ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का बड़ा अपग्रेड मिलने जा रहा है।नए और आक्रामक एक्सटीरियर डिजाइन से बढ़ेगा स्लाविया का रौबस्कोडा स्लाविया फेसलिफ्ट के बाहरी डिजाइन में कंपनी के आधुनिक 'मॉडर्न सॉलिड' डिजाइन लैंग्वेज की स्पष्ट झलक देखने को मिलेगी। लंबे समय से भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान नजर आ रहे प्रोटोटाइप्स और आधिकारिक टीजर से पता चलता है कि सेडान के फ्रंट और रियर प्रोफाइल में कई प्रमुख बदलाव किए गए हैं:रीडिजाइन्ड फ्रंट बटरफ्लाई ग्रिल: कार के आगे के हिस्से में स्कोडा की सिग्नेचर बटरफ्लाई ग्रिल को पहले से अधिक चौड़ा, बोल्ड और एंगुलर बनाया गया है। इसमें स्कोडा कुशाक फेसलिफ्ट और कोडियाक की तरह इंटीग्रेटेड एलईडी लाइटिंग एलिमेंट्स देखने को मिल सकते हैं, जो रात के समय कार को एक अल्ट्रा-प्रीमियम लुक प्रदान करेंगे।शार्प एलईडी हेडलैंप्स और डेटाइम रनिंग लाइट्स (DRLs): हेडलैंप क्लस्टर के आंतरिक लेआउट को नया रूप दिया गया है। नई क्रिस्टलाइन एलईडी हेडलाइट्स और स्लीक एल-शेप्ड डीआरएल (DRLs) इसके फ्रंट लुक को और अधिक स्पोर्टी और आक्रामक बनाते हैं।स्कल्पटेड बंपर और नए एयर डैम्स: फ्रंट और रियर बंपर को नए सिरे से तराशा गया है। निचले हिस्से में बड़ा हनीकॉम्ब एयर डैम और नए फॉग लैंप हाउसिंग्स दिए गए हैं, जो कार के एयरोडायनामिक्स और रोड प्रेजेंस को निखारते हैं।नए डुअल-टोन डायमंड-कट अलॉय व्हील्स: कार के साइड प्रोफाइल में ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं, लेकिन टॉप वेरिएंट्स में नए डिजाइन वाले 16-इंच और 17-इंच के डायमंड-कट अलॉय व्हील्स दिए जाएंगे, जो सेडान के साइड स्टांस को काफी फ्रेश लुक देते हैं।कनेक्टेड एलईडी टेल-लैंप्स और इल्यूमिनेटेड स्कोडा बैजिंग: रियर में स्लाविया फेसलिफ्ट को नए स्प्लिट एलईडी टेल-लैंप्स और बूट लिड पर कनेक्टेड एलईडी लाइट स्ट्रिप से लैस किया जा सकता है। इसके साथ ही बूट पर पीछे की तरफ चमकने वाला 'इल्यूमिनेटेड SKODA' वर्डमार्क भी मिल सकता है।प्रीमियम केबिन और लग्जरी फीचर्स: मसाज सीट्स और 10.25-इंच स्क्रीनगाड़ी के केबिन में कदम रखते ही आपको यूरोपीय लग्जरी और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन संगम महसूस होगा। स्कोडा ने डैशबोर्ड के बुनियादी लेआउट को स्थिर रखते हुए उसमें इस्तेमाल किए गए प्लास्टिक, ट्रिम्स और अपहोल्स्ट्री की क्वालिटी को और ज्यादा अपग्रेड किया है:बड़ा 10.25-इंच फुली डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले: मौजूदा 8-इंच के ड्राइवर क्लस्टर की जगह अब इसमें 10.25-इंच का बड़ा और कस्टमाइजेबल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर (Virtual Cockpit) मिलेगा, जिसमें नेविगेशन, स्पीडोमीटर और ड्राइविंग डेटा हाई-रेजोल्यूशन में दिखेगा।10.25-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम: वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले को सपोर्ट करने वाला 10.25-इंच का फ्लोटिंग टचस्क्रीन सिस्टम बरकरार रहेगा, जिसमें नए सॉफ्टवेयर इंटरफेस, एआई वॉयस असिस्टेंट और ओटीए (OTA) अपडेट्स की सुविधा जोड़ी गई है।रियर-सीट मसाज फंक्शन और वेंटिलेटेड सीट्स: सेडान खरीदारों के लिए सबसे बड़ा आराम फीचर इसकी पिछली सीटों पर मसाज फंक्शन के रूप में मिलने की संभावना है, जिसे हाल ही में कुशाक फेसलिफ्ट में भी देखा गया था। इसके साथ ही आगे की दोनों सीटों में वेंटिलेशन (कूलिंग) और ड्राइवर सीट के लिए इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट की सुविधा उपलब्ध रहेगी।प्रीमियम साउंड और एंबिएंट लाइटिंग: केबिन में सबवूफर के साथ 8-स्पीकर वाला हाई-एंड ऑडियो सिस्टम, मल्टी-कलर कस्टमाइजेबल एंबिएंट लाइटिंग, सिंगल-पेन इलेक्ट्रिक सनरूफ, वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर और ऑटोमैटिक टच क्लाइमेट कंट्रोल जैसे लग्जरी फीचर्स सफर को आरामदायक बनाएंगे।नया 8-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स: 1.0L TSI इंजन में बड़ा मैकेनिकल बदलाव2026 स्कोडा स्लाविया फेसलिफ्ट का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण तकनीकी अपग्रेड इसके पावरट्रेन और ट्रांसमिशन में किया गया है। कंपनी ने अपने जाने-माने 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ गियरबॉक्स को अपग्रेड करने का फैसला लिया है:1.0-लीटर TSI टर्बो-पेट्रोल इंजन: यह 3-सिलेंडर इंजन 115 PS की अधिकतम पावर और 178 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। अब तक इसमें 6-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक मिलता था, लेकिन फेसलिफ्ट मॉडल में इसे बदलकर बिल्कुल नया 8-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स (AQ300) दिया जाएगा। इस नए 8-स्पीड गियरबॉक्स के आने से गियर शिफ्ट्स पहले से काफी ज्यादा स्मूथ होंगे, सिटी ट्रैफिक में बंपर-टू-बंपर ड्राइव आसान होगी और हाईवे पर क्रूज़िंग के दौरान कार का माइलेज भी बेहतर होगा। इसके साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स का विकल्प भी जारी रहेगा।1.5-लीटर EVO TSI टर्बो-पेट्रोल इंजन: उत्साही ड्राइवर्स (Enthusiasts) के लिए कंपनी का पावरफुल 1.5-लीटर 4-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन पहले की तरह जारी रहेगा। यह इंजन 150 PS की प्रचंड पावर और 250 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें एक्टिव सिलेंडर डीएक्टिवेशन टेक्नोलॉजी (ACT) मिलती है, जो कम लोड पर दो सिलेंडरों को बंद करके फ्यूल बचाती है। इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड डीएसजी (DSG) डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प मिलेगा।5-स्टार सेफ्टी रेटिंग और सुरक्षा का अभेद्य कवचस्कोडा स्लाविया भारत की सबसे सुरक्षित कारों में से एक है, जिसने ग्लोबल एनकैप (Global NCAP) क्रैश टेस्ट में एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी दोनों में पूर्ण 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल की हुई है। फेसलिफ्ट मॉडल में सुरक्षा के इस मजबूत कवच को और अधिक उन्नत किया गया है:मानक 6 एयरबैग्स: कार के सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स (फ्रंट, साइड और कर्टन) स्टैंडर्ड के रूप में दिए जाएंगे।उन्नत सुरक्षा तकनीक: इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), ट्रैक्शन कंट्रोल (TCS), हिल-होल्ड कंट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक (EDL), मल्टी-कोलिजन ब्रेकिंग और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे सेफ्टी फीचर्स हर मोड़ पर गाड़ी को संतुलित रखते हैं।फ्रंट पार्किंग सेंसर्स और 360-डिग्री कैमरा: तंग गलियों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर आसानी से गाड़ी पार्क करने के लिए नए मॉडल के हायर वेरिएंट्स में रियर कैमरा के साथ फ्रंट पार्किंग सेंसर्स भी जोड़े गए हैं।भारत में संभावित कीमत और किन सेडान कारों से होगी सीधी टक्कर?नए फीचर्स, कॉस्मेटिक बदलावों और नए 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के कारण नई स्कोडा स्लाविया फेसलिफ्ट की कीमतों में मौजूदा मॉडल के मुकाबले थोड़ी सी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऑटो विशेषज्ञों के अनुसार, नई स्लाविया फेसलिफ्ट की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹11.20 लाख से ₹11.50 लाख के बीच शुरू हो सकती है, जबकि इसके टॉप-एंड 1.5 TSI DSG वेरिएंट की कीमत ₹18.80 लाख (एक्स-शोरूम) तक जा सकती है।लॉन्च के बाद भारतीय मिड-साइज प्रीमियम सेडान सेगमेंट में स्लाविया फेसलिफ्ट का सीधा मुकाबला हुंडई वरना (Hyundai Verna), होंडा सिटी (Honda City) और अपने ही प्लेटफॉर्म पर बनी सिबलिंग फॉक्सवैगन वर्टस (Volkswagen Virtus) से देखने को मिलेगा।त्योहारी सीजन से पहले सेडान प्रेमियों के लिए क्यों है यह बेस्ट चॉइस?आगामी गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दिवाली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले स्कोडा द्वारा स्लाविया फेसलिफ्ट को बाजार में उतारना एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। जो लोग एक ऐसी पारिवारिक कार की तलाश में हैं जिसमें 521 लीटर का विशाल बूट स्पेस, सुरक्षित और मजबूत ढांचा, यूरोपीय ड्राइविंग कम्फर्ट और आधुनिक टेक फीचर्स का पूरा पैकेज मिले, उनके लिए 18 अगस्त को लॉन्च होने जा रही नई स्कोडा स्लाविया फेसलिफ्ट सबसे बेहतरीन और वैल्यू-फॉर-मनी सेडान विकल्प बनकर उभरेगी।
नौकरीपेशा वर्ग के लिए एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) अकाउंट भविष्य की सुरक्षा का एक बहुत बड़ा जरिया होता है। हालांकि, देश में लाखों ऐसे पीएफ खाते हैं जो पिछले कई सालों से पूरी तरह से निष्क्रिय (Inoperative) पड़े हैं। हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार की तरफ से इन निष्क्रिय खातों को लेकर बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, देश में बिना क्लेम किए गए और ठप पड़े ईपीएफ खातों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद से नौकरीपेशा लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।चार सालों में 84% बढ़े निष्क्रिय ईपीएफ खातेराज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में श्रम और रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर 2023-24 के बीच देश में इनऑपरेटिव (निष्क्रिय) ईपीएफ अकाउंट्स की संख्या में 84 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020-21 में ऐसे निष्क्रिय खातों की कुल संख्या 11,72,923 थी, जो वित्तीय वर्ष 2023-24 में बढ़कर सीधे 21,55,387 पर पहुंच गई है। इसके साथ ही, इन खातों में जमा ऐसी रकम जिसका सेटलमेंट नहीं हुआ है, उसके आंकड़ों में भी लगातार बदलाव देखा गया है। खास बात यह है कि इन चार वर्षों के दौरान हर एक निष्क्रिय खाते में औसत जमा रकम में भी 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो 2020-21 में 33,513 रुपये थी और 2023-24 में बढ़कर 39,460 रुपये हो गई है।खाते निष्क्रिय होने के पीछे की मुख्य वजह क्या है?सरकार की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि पीएफ खाते निष्क्रिय होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि नौकरी बदलने या छोड़ने के बाद कर्मचारी अपने फंड को ट्रांसफर करने या निकालने के लिए समय पर क्लेम नहीं करते हैं। इसके अलावा, हाल के दिनों में चलाए गए केवाईसी (KYC) और आधार सीडिंग अभियानों के दौरान ऐसे कई खातों की पहचान हुई है, जिन्हें पहले जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां पूरी न होने के कारण निष्क्रिय श्रेणी में नहीं रखा गया था, लेकिन अब वे इस दायरे में आ गए हैं।सरकार और EPFO द्वारा उठाए जा रहे कदमइन निष्क्रिय खातों और बिना क्लेम किए गए फंड की समस्या से निपटने के लिए सरकार और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने संशोधित ईपीएफ योजनाओं में ऐसे प्रावधान शामिल किए हैं जिनके जरिए पीएफ क्लेम को ऑटो-इनिशिएट किया जा सके, ताकि फंड सीधे कर्मचारी के आधार-सीडेड बैंक खाते में ट्रांसफर हो सके। इसके अलावा, ईपीएफओ द्वारा 'निधि आपके निकट 2.0' जैसे जागरूकता अभियानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से नियोक्ताओं और कर्मचारियों को इनएक्टिव अकाउंट्स और सेवाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि लोग समय पर अपने पैसे का क्लेम कर सकें।
पुरी में पटरी से उतर गया ट्रेन का इंजन, स्टेशन से 300 मीटर दूर की घटना, मौके पर जुटे अधिकारी
ओडिशा में पुरी रेलवे स्टेशन के पास एक MEMU ट्रेन का इंजन पटरी से उतर गया है। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी और रेलवे सुरक्षा बल के लोग मौके पर पहुंच गए हैं।
'भारत रिस्क लेकर कड़ा प्रहार करता है', ऑपरेशन सिंदूर के बाद NSA डोभाल का दुनिया को संदेश
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है कि भारत अपने दुश्मनों पर कार्रवाई करने में नतीजों की परवाह नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनका यह बयान भारत की बदलती नीति को दर्शाता है, जिसमें भारत जोखिम उठाकर कड़ा प्रहार कर सकता है।
मौजूदा समय में शेयर बाजार में चल रही उठापटक और अनिश्चितता के माहौल के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए फिक्सड डिपॉजिट (FD) हमेशा से ही सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय विकल्प रहा है। यदि आप भी बिना किसी जोखिम के अपनी गाढ़ी कमाई पर शानदार रिटर्न पाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। देश के प्रमुख बैंकों—यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, डीसीबी बैंक और इंडियन बैंक ने अपनी फिक्सड डिपॉजिट ब्याज दरों में संशोधन किया है। इन बैंकों में निवेश करने पर आम नागरिकों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक को जबरदस्त लाभ मिल रहा है, जिसमें डीसीबी बैंक की तरफ से सबसे अधिक 7.50 प्रतिशत तक का ब्याज ऑफर किया जा रहा है।यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की नई एफडी ब्याज दरेंसार्वजनिक क्षेत्र का प्रमुख बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों को 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि की एफडी पर 2.70 प्रतिशत से लेकर 6.55 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है। बैंक की ये संशोधित दरें इसी महीने यानी 4 अगस्त 2026 से प्रभावी हो चुकी हैं। यूनियन बैंक खास अवधियों पर विशेष ब्याज दे रहा है, जिसके तहत 555 दिनों की एफडी पर 6.55 प्रतिशत और 444 दिनों की फिक्सड डिपॉजिट पर 6.50 प्रतिशत का आकर्षक ब्याज दिया जा रहा है, जो निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।डीसीबी बैंक (DCB Bank) दे रहा है सबसे तगड़ा रिटर्ननिजी क्षेत्र के डीसीबी बैंक ने भी 4 अगस्त 2026 से अपनी एफडी दरों में बदलाव कर दिया है। यह बैंक सामान्य ग्राहकों को एफडी पर 3.75 प्रतिशत से लेकर 7.50 प्रतिशत तक का शानदार ब्याज दे रहा है। बैंक की तरफ से सबसे अधिक ब्याज 24 महीने की अवधि वाली एफडी पर 7.50 प्रतिशत की दर से दिया जा रहा है। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों (60 से 70 वर्ष की आयु) के लिए यह ब्याज दर बढ़कर 8 प्रतिशत हो जाती है, जबकि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन को डीसीबी बैंक द्वारा 8.05 प्रतिशत तक का भारी-भरकम ब्याज दिया जा रहा है।इंडियन बैंक (Indian Bank) की ब्याज दरें और खास ऑफर्सइंडियन बैंक की तरफ से सामान्य ग्राहकों को 2.80 प्रतिशत से 6.60 प्रतिशत तक का ब्याज मुहैया कराया जा रहा है। बैंक की विशेष 555 दिनों की एफडी स्कीम पर निवेशकों को 6.65 प्रतिशत का ब्याज मिल रहा है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को इस बैंक में एफडी कराने पर 7.15 प्रतिशत तक का ब्याज दिया जा रहा है, जबकि सुपर सीनियर सिटीजन के लिए यह रिटर्न और भी बढ़कर 7.40 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। यदि आप भी अपने पैसों को सुरक्षित रखकर उसपर निश्चित और बेहतरीन मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो इन बैंकों की इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।
15अगस्तकादिनकहताआजादीअभीअधूरीहै सपनेसचहोनेबाकीहैरावीकीशपथनापूरीहै भारतकेपूर्वप्रधानमंत्रीभारतरत्नअटलबिहारीवाजपेई द्वारा15अगस्त1947केदिन लिखी गई यह कविता है जिसमें बताया गया है कि31दिसंबर1929कोरावीनदीकेतटपरभारतीयराष्ट्रीयकांग्रेसनेभारतीयतिरंगा झंडा फहरा कर पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था। एवंआगामी26जनवरीकोदेशभरमेशपथकेकार्यक्रमकाआयोजनकानिर्णयकियाथा। उससमयअध्यक्षजवाहरलालनेहरूऔरइसप्रस्तावकासमर्थनमहात्मागांधी,नेताजीसुभाषचंद्रबोसनेकिया, लेकिन 15 अगस्त 1947 को देश दो टुकड़ों में विभाजित हो गया- हिंदुस्तान और पाकिस्तान विभाजनकेवलधरतीकानहींहोताविभाजनवहाँरहनेवालोंकी संवेदनाओं काभीहोताहै धर्मकेआधारपरहुएइसविभाजनकेकारणलाखों लोगों को अपनाघरछोड़करअपनीसंपत्तिछोड़करअपनीमातृभूमिजिसकेलिए वे वर्षों लड़ते रहे,जिसकीभावनाउसभूमिपरबरसोंसेथीभूमिभलेहीगुलामरहीहोलेकिनउसकागुजर बसरउसीभूमिपरहोताथाऔरआजादीकेबादउसभूमिकोउसेछोड़नापड़ा। विश्व इतिहास में […] यह लेख विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिकस्वराज,व्यक्तिगतस्वराजमेंपरिवर्तितहोजाताहैतोपाकिस्तानकानिर्माणहोताहै सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
बारिश में हरी प्याज डालकर बनाएं क्रीमी आलू सूप, बेहद आसान है बनाना
बारिश में कुछ टेस्टी और क्रीमी पीने के दिल कर रहा हो तो आप घर पर मिनटों में आलू का सूप बना सकते हैं. यह टमाटर और कॉर्न सूप से थोड़ा अलग होता और इसे बनाने में बिल्कुल टाइम भी नहीं लगेगा. शेफ कुणाल ने क्रीमी आलू सूप की एक आसान और लाजवाब रेसिपी शेयर की है, जिसे आप फॉलो करके यह सूप मिनटों में तैयार कर लेंगे.
रात की गहरी नींद में जब इंसान अचेतन अवस्था में होता है, तो उसका अवचेतन मन कई प्रकार के रहस्यमयी दृश्यों का ताना-बाना बुनता है। सपनों की इस दुनिया में कई बार हम बेहद सुखद और मनमोहक अनुभव करते हैं, तो कई बार ऐसे खौफनाक और विचलित करने वाले दृश्य सामने आ जाते हैं जो नींद से जगाकर पसीने से तर-बतर कर देते हैं। ऐसा ही एक डरावना सपना होता है अपने ही माता-पिता, जीवनसाथी (पत्नी या पति), संतान अथवा किसी प्रिय मित्र की मृत्यु (Death in Dreams) देखना। ऐसे सपने देखने के बाद व्यक्ति का मन दिन भर अनिष्ट की आशंका, भारी घबराहट और चिंता से घिर जाता है। लोग सोचते हैं कि क्या वास्तव में उनके किसी प्रियजन के साथ कोई अप्रिय घटना घटने वाली है? लेकिन भारतीय स्वप्न शास्त्र (Swapna Shastra) और आधुनिक मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार सपनों का सच हमारी प्रत्यक्ष सोच से बिल्कुल अलग और कई मायनों में चौंकाने वाला होता है।स्वप्न शास्त्र का रहस्य: सपने में मृत्यु देखना क्यों माना जाता है अत्यंत शुभ?प्राचीन भारतीय स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपनों की दुनिया का एक आधारभूत नियम है—'विपरीत फल सिद्धांत'। इसका अर्थ यह है कि जो दृश्य सपने में जितना दुखद, भयावह या कष्टकारी दिखाई देता है, वास्तविक जीवन में उसका परिणाम अक्सर उतना ही सकारात्मक, कल्याणकारी और शुभ होता है।स्वप्न शास्त्र में मृत्यु को जीवन के अंत के रूप में नहीं, बल्कि एक पुराने चक्र के समाप्त होने और नए शुभ अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा गया है। यदि आप सपने में किसी जीवित व्यक्ति की मृत्यु देखते हैं, तो शास्त्रों के अनुसार इसका सीधा अर्थ यह होता है कि उस व्यक्ति के जीवन पर मंडरा रहा कोई बड़ा संकट, गंभीर बीमारी या अनहोनी टल गई है और उसकी आयु में कई वर्षों की वृद्धि (दीर्घायु) हो गई है।माता-पिता की मृत्यु का सपना: दीर्घायु, आशीर्वाद और संकट से मुक्ति का संकेतमाता-पिता हमारे जीवन का सबसे मजबूत आधार और सुरक्षा कवच होते हैं। यदि सपने में इनमें से किसी की मृत्यु दिखाई दे, तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार इसके अलग-अलग गहरे अर्थ निकलते हैं:सपने में मां की मृत्यु देखना: ज्योतिष और स्वप्न शास्त्र में माता को चंद्रमा और मन की शांति का कारक माना गया है। यदि आप अपनी जीवित माता की मृत्यु का सपना देखते हैं, तो इसका अर्थ है कि आपकी माता की उम्र और सेहत में सुधार होगा। यदि वे लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रही हैं, तो उन्हें जल्द ही स्वास्थ्य लाभ मिलेगा। इसके अलावा, यह सपना संकेत देता है कि आपके जीवन से मानसिक तनाव समाप्त होने वाला है और आपको कोई नया भावनात्मक संबल मिलने वाला है।सपने में पिता की मृत्यु देखना: पिता को सूर्य, मान-सम्मान, स्थिरता और निर्णय क्षमता का प्रतीक माना जाता है। सपने में पिता का निधन देखना इस बात का संकेत है कि आपके जीवन में अटका हुआ कोई महत्वपूर्ण काम पूरा होने वाला है। आपको अपने करियर या संपत्ति से जुड़े मामलों में अप्रत्याशित सफलता मिलने वाली है। साथ ही, यह सपना पिता की लंबी उम्र और उनके भरपूर आशीर्वाद का प्रतीक है।पत्नी या जीवनसाथी की मौत देखने का क्या निकलता है फल?वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के खोने का डर हर इंसान के दिल में होता है। यदि कोई व्यक्ति सपने में अपनी पत्नी या जीवनसाथी की मृत्यु देखता है, तो घबराने के बजाय राहत महसूस करनी चाहिए। स्वप्न शास्त्र के अनुसार:यह सपना इस बात का संकेत है कि आपकी पत्नी की सेहत मजबूत होगी और उनका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।यदि आपके वैवाहिक जीवन में पिछले कुछ समय से तनाव, मनमुटाव या कलह चल रही थी, तो यह सपना उन तमाम नकारात्मकताओं के खत्म होने और रिश्ते में नए सिरे से प्रेम और सामंजस्य स्थापित होने का सूचक है।इसे आर्थिक दृष्टि से भी शुभ माना जाता है। यह परिवार में सुख-समृद्धि, भौतिक सुखों की वृद्धि और किसी शुभ मांगलिक कार्य के संपन्न होने का पूर्व संकेत होता है।करीबी मित्र या रिश्तेदार की मृत्यु का सपना: अटूट विश्वास और सफलता की शुरुआतयदि आप सपने में अपने किसी जिगरी दोस्त या प्रिय रिश्तेदार को मरते हुए देखते हैं, तो इसका अर्थ उनके साथ आपके गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार इसका फल मित्र के लिए बेहद मंगलकारी होता है:आपके उस मित्र को अपने कार्यक्षेत्र, नौकरी या व्यापार में कोई बड़ी सफलता मिलने वाली है।मित्र के जीवन में जो भी बाधाएं या आर्थिक परेशानियां चल रही थीं, उनका अंत निकट है।यह सपना यह भी दर्शाता है कि आपके और आपके मित्र के बीच का विश्वास और संबंध समय की हर कसौटी पर खरा उतरेगा और पहले से ज्यादा मजबूत होगा।सपने में अपनी खुद की मृत्यु या शव यात्रा (अर्थी) देखनास्वप्न शास्त्र में खुद की मौत देखना या अपनी ही अर्थी को श्मशान जाते देखना सबसे अधिक शुभ और फलदायी सपनों में गिना जाता है:खुद को मरते देखना: यह संकेत देता है कि आपके जीवन का एक कष्टकारी दौर समाप्त हो चुका है। यदि आप किसी पुराने कर्ज, कानूनी विवाद या गंभीर बीमारी से घिरे थे, तो आपको बहुत जल्द उससे मुक्ति मिलने वाली है। यह आपकी अपनी आयु के बढ़ने और आध्यात्मिक जागृति का संकेत है।शव यात्रा या अर्थी देखना: यदि आप सपने में किसी की शव यात्रा या जलती हुई चिता देखते हैं, तो इसका अर्थ है कि आपको अचानक रुका हुआ धन प्राप्त होने वाला है। व्यापार में भारी मुनाफा, नौकरी में पदोन्नति और सामाजिक प्रतिष्ठा में भारी उछाल आने का यह स्पष्ट संकेत माना जाता है।मनोविज्ञान (Psychology) क्या कहता है? अवचेतन मन और सिगमंड फ्रायड की थ्योरीप्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) और कार्ल जुंग (Carl Jung) के अनुसार, सपने हमारे अवचेतन मन (Subconscious Mind) की दबी हुई भावनाओं, डर और इच्छाओं का प्रतिबिंब होते हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के नजरिए से मृत्यु के सपनों के पीछे ये प्रमुख मानसिक कारण होते हैं:खोने का गहरा डर (Fear of Loss): जब हम किसी से अत्यधिक प्रेम करते हैं और अपने जीवन में उसके बिना रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते, तो हमारा मस्तिष्क उस व्यक्ति को खोने के गहरे डर को सपने के रूप में प्रोसेस करता है।जीवन में बड़ा बदलाव (Transition): मनोविज्ञान में मृत्यु को 'रूपांतरण' (Transformation) का प्रतीक माना जाता है। जब आप अपनी नौकरी, घर, आदतें या जीवनशैली में किसी बड़े बदलाव से गुजर रहे होते हैं, तो पुराना रूप खत्म होकर नया रूप जन्म लेता है, जिसे दिमाग मौत के प्रतीक के जरिए दिखाता है।दबा हुआ तनाव और चिंता: अत्यधिक मानसिक दबाव, एंग्जायटी या किसी रिश्ते को लेकर मन में चल रही असुरक्षा की भावना भी कई बार भयानक सपनों का कारण बनती है।डरावना सपना आने पर क्या करें? स्वप्न दोष निवारण के आसान उपाययदि कोई डरावना या मृत्यु से जुड़ा सपना देखने के बाद आपका मन बहुत ज्यादा अशांत और भयभीत हो रहा है, तो सनातन परंपरा में बताए गए इन सरल उपायों को अपनाकर मन को शांति प्रदान की जा सकती है:महामृत्युंजय मंत्र का जाप: सुबह उठकर स्नानादि के बाद भगवान शिव की पूजा करें और 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥' मंत्र का 11 या 21 बार शांत मन से जाप करें।सूर्य देव और तुलसी को जल: तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें और तुलसी के पौधे में जल चढ़ाकर अपने व परिजनों के आरोग्य की प्रार्थना करें।दान-पुण्य: अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद या मंदिर में सफेद वस्तु (दूध, चावल, चीनी) अथवा अनाज का दान करें।सपने को बहुत ज्यादा दोहराने से बचें: किसी भी बुरे सपने को बार-बार याद करके डरने के बजाय उसे सकारात्मक नजरिए से देखें और अपने दैनिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करें।सपने में किसी प्रियजन की मृत्यु देखना प्रथम दृष्टया चाहे जितना भी डरावना लगे, लेकिन वास्तव में यह किसी अशुभ घटना का पैगाम नहीं, बल्कि जीवन की नई ऊर्जा, परिजनों की लंबी उम्र और जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों का एक मंगलकारी संदेश होता है।
एयरपोर्ट के विस्थापित किसानों की वर्षों पुरानी मांग पूरी, आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री शुरू
जेवर, 14 अगस्त 2026। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी भूमि देने वाले तथा परियोजना के कारण विस्थापित हुए किसानों की वर्षों से लंबित एक महत्वपूर्ण मांग का आज समाधान प्रारंभ हो गया। पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन योजना के अंतर्गत जेवर बांगर में विस्थापित परिवारों को आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई। जेवर विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह की उपस्थिति में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, जेवर में आज प्रथम चरण में पांच विस्थापित किसानों के भूखंडों की रजिस्ट्री कराई गई। जिन किसानों की आज रजिस्ट्री हुई, उनमें— 1. उमर मोहम्मद पुत्र हाशियार खान — ग्राम नगला शरीफ खां 2. हंसराज पुत्र चतर सिंह — ग्राम दयानतपुर खेड़ा 3. ओमप्रकाश पुत्र पन्नालाल — ग्राम दयानतपुर खेड़ा 4. जयवीर सिंह पुत्र नाहर सिंह — ग्राम रोही 5. प्रेमवती पत्नी प्रेम — ग्राम रोही शामिल हैं। वर्ष 2020-21 में विस्थापित परिवारों के लिए कुल 3065 भूखंडों के आरक्षण/आवंटन पत्र जारी किए गए थे। किसान लंबे समय से इन भूखंडों की रजिस्ट्री कराकर विधिवत मालिकाना हक दिए जाने की मांग कर रहे थे। वर्ष 2022 से यह मामला लंबित होने के कारण आवंटन के बावजूद किसानों को अपने भूखंडों का पूर्ण मालिकाना अधिकार प्राप्त नहीं हो पा रहा था। आज पांच किसानों की रजिस्ट्री के साथ इस लंबे समय से प्रतीक्षित प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। अब शेष प्रभावित एवं पात्र किसानों की रजिस्ट्री भी क्रमबद्ध तरीके से कराई जाएगी। इस अवसर पर जेवर विधायक श्री धीरेन्द्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा- “जेवर के किसानों ने नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन देकर उत्तर प्रदेश और देश के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है। विस्थापन के पश्चात उन्हें आवंटित भूखंडों का मालिकाना हक मिलना उनका अधिकार था। वर्ष 2022 से लंबित इस समस्या का आज समाधान प्रारंभ हुआ है। आज मैंने स्वयं सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, जेवर में उपस्थित रहकर पांच विस्थापित किसानों की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को प्रारंभ कराया है। अब शेष सभी पात्र किसानों की रजिस्ट्री भी क्रमबद्ध रूप से कराई जाएगी।” धीरेन्द्र सिंह ने आगे कहा- “मैं माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने सदैव जेवर के किसानों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी है। एयरपोर्ट के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान केवल भूमि दाता नहीं हैं, बल्कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा के वास्तविक भागीदार हैं। उनके अधिकार, सम्मान और पुनर्वास की जिम्मेदारी हमारी है।” जेवर विधायक ने संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा की कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया को अब अभियान के रूप में तेजी से आगे बढ़ाया जाए और शेष सभी प्रभावित किसानों की रजिस्ट्री अतिशीघ्र पूर्ण कराई जाए, जिससे किसी भी किसान को अपने आवंटित भूखंड के मालिकाना हक के लिए और प्रतीक्षा न करनी पड़े। आज की शुरुआत के साथ वर्षों से अपने आवंटित भूखंडों के मालिकाना हक की प्रतीक्षा कर रहे विस्थापित किसानों की एक बड़ी समस्या के स्थायी समाधान का रास्ता साफ हो गया है।
एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या अंतर, डॉक्टर ने बताया
एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी को लेकर अकसर लोग कन्फ्यूजन में रहते हैं. इन दोनों को कुछ लोग एक ही चीज मानते हैं, लेकिन दोनों में बड़ा अंतर है. इसके बारे में डॉक्टर ने बताया है.
फडणवीस के तिरंगा यात्रा वाले बैनर देख भड़क गए अभिजीत दीपके, बोले- ये पैसा स्कूल में लगाओ
तिरंगा यात्रा को लेकर छत्रपति संभाजीनगर में लगे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के तमाम पोस्टर्स देखकर कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके भड़क गए। उन्होंने कहा कि इस पैसे को स्कूलों में लगाना चाहिए।
केंद्र सरकार के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद से अब तक कितना काम पूरा हो चुका है। आपको बता दें कि 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय मिला था, जिसमें से ठीक 9 महीने का वक्त बीत चुका है और अब आयोग के पास रिपोर्ट तैयार करने के लिए केवल 9 महीने का समय शेष बचा है। कर्मचारियों की नजरें लगातार इस बात पर टिकी हैं कि बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता (DA) और हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर आयोग किन प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।सरकार ने संसद में क्या दी है समय-सीमा की जानकारी?पिछले साल नवंबर में गठित किए गए 8वें वेतन आयोग के पास अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपने के लिए मई 2027 तक का समय है। हाल ही में संसद में वित्त मंत्रालय की तरफ से दिए गए एक लिखित जवाब में यह स्पष्ट किया गया था कि आयोग तय समय-सीमा के भीतर ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि अभी तक आयोग की तरफ से सरकार को कोई अंतरिम सलाह या रिपोर्ट नहीं दी गई है, और न ही सरकार ने 18 महीने का कार्यकाल पूरा होने से पहले रिपोर्ट सौंपने को लेकर कोई जल्दबाजी दिखाई है। तय समय सीमा के भीतर ही सभी पहलुओं पर व्यापक अध्ययन के बाद रिपोर्ट पेश की जाएगी।कर्मचारियों की निगाहें फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी पर8वें वेतन आयोग की पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा जिस एक बात की हो रही है, वह है 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor)। यदि इतिहास पर नजर डालें तो छठे वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर 1.86 था, जिसे बढ़ाकर 7वें वेतन आयोग में 2.57 कर दिया गया था। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की तरफ से अलग-अलग और बड़ी मांगें सामने आ रही हैं। कुछ यूनियनों ने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है, यदि ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से छलांग लगाकर सीधे 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इसी फिटमेंट फैक्टर के गुणांक (Multiplier) पर कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन की फाइनल कैलकुलेशन तय होनी है।देश के अलग-अलग हिस्सों में संगठनों के साथ हो रही हैं बैठकेंफिलहाल 8वां वेतन आयोग देश भर के विभिन्न राज्यों और शहरों में जाकर सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों तथा पेंशनर्स से जुड़े विभिन्न यूनियनों और संगठनों के साथ मैराथन बैठकें कर रहा है। हाल ही में 7 और 10 अगस्त को आयोग की महत्वपूर्ण बैठकें राजधानी दिल्ली में संपन्न हुई हैं। इससे पहले आयोग ने जम्मू-कश्मीर, लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों का दौरा कर वहां के कर्मचारियों की राय जानी है। आने वाले दिनों में आयोग की तरफ से चंडीगढ़, चेन्नई और पुडुचेरी में भी बैठकें प्रस्तावित हैं, जहां विभिन्न पक्षों के सुझावों को दर्ज किया जाएगा।
88 घंटे के ऑपरेशन सिंदूर पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, खोले रणनीति के राज
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की रणनीति और फैसले लेने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। ऑपरेशन के बाद अपने पहले इंटरव्यू में डोभाल ने कहा कि भारत के धैर्य और उदारता को उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। ...
सावन के रिमझिम फुहारों के बीच उत्तर भारत से लेकर देश के कोने-कोने में सुहाग और आस्था के महापर्व हरियाली तीज (Hariyali Teej 2026) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में हरियाली तीज को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखद दांपत्य जीवन का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। इस वर्ष 2026 में हरियाली तीज का त्योहार ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास और फलदायी माना जा रहा है। पंचांगीय गणनाओं के अनुसार, इस दिन ग्रहों और नक्षत्रों का ऐसा महासंयोग बन रहा है जो पिछले कई दशकों में नहीं देखा गया। तीन अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली शुभ योगों के बनने से इस दिन की गई शिव-पार्वती की पूजा का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होगा।हरियाली तीज 2026 की सही तारीख और तृतीया तिथि का समयपंचांग के अनुसार, हरियाली तीज की तिथि को लेकर लोगों के मन में संशय रहता है। वैदिक पंचांग के अनुसार श्रावण शुक्ल तृतीया तिथि का आरंभ 14 अगस्त 2026 को शाम 06 बजकर 46 मिनट पर हो रहा है। यह तृतीया तिथि अगले दिन यानी 15 अगस्त 2026 को शाम 05 बजकर 28 मिनट पर समाप्त होगी। सनातन धर्म में सूर्योदय व्यापिनी यानी 'उदया तिथि' का सर्वाधिक महत्व होता है। चूंकि 15 अगस्त के सूर्योदय के समय तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए देश भर में हरियाली तीज का पावन व्रत और उत्सव 15 अगस्त 2026, शनिवार को ही पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस और हरियाली तीज का यह अद्भुत मेल इस दिन के उत्साह को दोगुना कर रहा है।इस साल बन रहा 3 महायोगों का दुर्लभ संयोग: शिव, सिद्ध और रवि योगज्योतिष शास्त्र के जानकारों के अनुसार, वर्ष 2026 की हरियाली तीज पर तीन प्रमुख और कल्याणकारी योगों का निर्माण हो रहा है, जो इसे महिलाओं के लिए वरदान समान बना रहे हैं:शिव योग: 15 अगस्त की सुबह 07 बजकर 09 मिनट तक 'शिव योग' रहेगा। भगवान शिव के नाम पर आधारित यह योग आध्यात्मिक साधना, व्रत संकल्प और दांपत्य बाधाओं को दूर करने के लिए अचूक माना जाता है।सिद्ध योग: शिव योग के तुरंत बाद 'सिद्ध योग' शुरू होगा, जो 16 अगस्त की सुबह 05 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इस योग में किए गए सभी धार्मिक अनुष्ठान, पूजन और मंत्र जाप स्वतः सिद्ध और सफल माने जाते हैं।रवि योग: 15 अगस्त को सूर्योदय के साथ ही पूरे दिन 'रवि योग' का प्रभाव रहेगा। रवि योग समस्त प्रकार के अनिष्टों और अशुभ प्रभावों को भस्म करने वाला माना जाता है।इसके अलावा ग्रहों की स्थिति की बात करें तो सूर्य, बुध और गुरु के अनुकूल गोचर से बुधादित्य और त्रिग्रही योग का शुभ प्रभाव भी इस दिन पूजा करने वाली महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाएगा।महिलाओं के लिए क्यों है यह व्रत इतना खास? अखंड सौभाग्य और शिव-पार्वती का मिलनशिव पुराण और स्कंद पुराण की कथाओं के अनुसार, हरियाली तीज का दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के पुनर्मिलन का पावन स्मृति दिवस है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए 107 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। अंततः उनके 108वें जन्म में श्रावण शुक्ल तृतीया के दिन भगवान शिव ने उनकी अनन्य भक्ति और निष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था।इसी कारण सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में प्रेम व सामंजस्य बनाए रखने के लिए यह निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं सुयोग्य, संस्कारवान और मनचाहा जीवनसाथी पाने की कामना से माता पार्वती और भगवान शिव का पूजन करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से आराधना करने पर दांपत्य जीवन के हर प्रकार के क्लेश समाप्त हो जाते हैं।16 श्रृंगार, हरे रंग का महत्व और 'सिंधारा' की पावन परंपराहरियाली तीज का त्योहार प्रकृति के सौंदर्य और नारीत्व के उत्सव का संगम है। सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली छाई रहती है, जो नवजीवन, सकारात्मक ऊर्जा और उर्वरता का प्रतीक है। यही कारण है कि इस दिन महिलाएं हरे रंग की साड़ियां, हरी चूड़ियां, बिंदी और पारंपरिक परिधान धारण करती हैं।हाथों में मेहंदी का गहरा रंग: हरियाली तीज पर महिलाओं के हाथों और पैरों में मेहंदी लगाने की सदियों पुरानी परंपरा है। माना जाता है कि मेहंदी का रंग जितना गहरा चढ़ता है, पति और ससुराल का स्नेह उतना ही अधिक मिलता है।मायके से सिंधारा आने की रीत: उत्तर भारत, विशेष रूप से राजस्थान और पश्चिमी यूपी में हरियाली तीज पर नवविवाहिताओं के लिए मायके से 'सिंधारा' (Sindhara) भेजा जाता है। सिंधारे में घेवर, फल, मेवे, हरी साड़ियां, चूड़ियां, सुहाग का सामान और आभूषण शामिल होते हैं।झूला झूलना और लोकगीत: गांवों से लेकर शहरों के पार्कों और आंगनों में पेड़ों पर झूले डाले जाते हैं। महिलाएं और युवतियां मिलकर सावन के कजरी, मल्हार और तीज के पारंपरिक लोकगीत गाते हुए झूला झूलती हैं।हरियाली तीज 2026 पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त और चौघड़िया15 अगस्त 2026 को दिन भर में पूजन और व्रत अनुष्ठान के लिए कई अत्यंत शुभ चौघड़िया और मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे:ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:50 बजे से 05:35 बजे तक (संकल्प और ध्यान के लिए सर्वोत्तम)प्रातः सन्ध्या मुहूर्त: प्रातः 05:12 बजे से 06:19 बजे तकशुभ चौघड़िया (उत्तम समय): प्रातः 07:29 बजे से 09:08 बजे तकअभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 बजे से 01:08 बजे तक (विजय और मनोकामना पूर्ति के लिए)लाभ व अमृत चौघड़िया: दोपहर 02:04 बजे से शाम 05:22 बजे तकगोधूलि व प्रदोष काल: शाम 07:06 बजे से 07:29 बजे तक (सायंकालीन विशेष आरती के लिए)अमृत काल: रात्रि 08:18 बजे से 09:53 बजे तकघर पर कैसे करें विधि-विधान से शिव-पार्वती पूजन?हरियाली तीज की पूजा अत्यंत सात्विक और भक्तिभाव से की जाती है। यदि आप घर पर पूजन कर रही हैं, तो इस विधि का पालन करें:प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और हरे या लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। हाथ में जल और पुष्प लेकर भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष व्रत का संकल्प लें। घर के ईशान कोण में एक स्वच्छ चौकी स्थापित करें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।शुद्ध काली मिट्टी या बालू रेत से भगवान शिव, माता पार्वती और प्रथम पूज्य श्री गणेश की प्रतिमा तैयार करें। यदि प्रतिमा बनाना संभव न हो, तो शिव-पार्वती के चित्र या शिवलिंग का पूजन कर सकते हैं।माता पार्वती को 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें, जिसमें लाल चुनरी, सिंदूर, हरी चूड़ियां, बिंदी, मेंहदी, काजल, पायल और इत्र शामिल हों। भगवान शिव को पंचामृत, गंगाजल से अभिषेक कराएं और बेलपत्र, धतूरा, मदार के पुष्प, भांग और सफेद चंदन अर्पित करें।भोग में ऋतु फल, मालपुआ और विशेष रूप से सावन का घेवर अर्पित करें। घी का दीपक प्रज्वलित कर हरियाली तीज की पावन व्रत कथा का श्रवण करें। कथा पूर्ण होने के बाद माता पार्वती और भगवान शिव की आरती करें और परिवार के सुख-सौभाग्य की प्रार्थना करें।मनोकामना पूर्ति के लिए इन शक्तिशाली मंत्रों का करें जापपूजा के समय इन सिद्ध मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करने से वैवाहिक जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं:माता पार्वती का सौभाग्य मंत्र: ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः अथवा हे गौरि शंकरार्धाङ्गि यथा त्वं शंकरप्रिया। तथा मां कुरु कल्याणि कान्तकान्तां सुदुर्लभाम्॥भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र: ॐ नमः शिवायहरियाली तीज का यह पावन पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, दांपत्य प्रेम के समर्पण और नारी शक्ति के अटूट विश्वास का उत्सव है। 15 अगस्त 2026 को बन रहे दुर्लभ योगों में की गई आराधना हर महिला के जीवन में खुशियों, समृद्धि और अखंड सौभाग्य का उजाला भरेगी।
सरिये से भी स्ट्रॉन्ग होते हैं मकड़ी के जाले! जानिए कितनी होती है मजबूती
मकड़ी का जाले स्टील के सरिये से भी मजबूत माना जाता है. आखिर इसमें ऐसा क्या होता है जो इसे इतना ज्यादा मजबूत बनाता है. चलिए जानते हैं कितनी मजबूत होते हैं.
देश और दुनिया भर में करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) पर साइबर अपराधियों और स्कैमर्स की सक्रियता पिछले कुछ वर्षों में एक गंभीर राष्ट्रीय और वैश्विक चिंता का विषय बन गई है। पार्ट-टाइम वर्क फ्रॉम होम जॉब के नाम पर ठगी, फर्जी क्रिप्टोकरेंसी निवेश, लॉटरी के झांसे और हाल के दिनों में तेजी से बढ़े 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे परिष्कृत घोटालों के जरिए आम नागरिकों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है। इन संगठित साइबर हमलों से यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए मेटा (Meta) के स्वामित्व वाला व्हाट्सएप अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा अपडेट लाने जा रहा है। कंपनी एक अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित 'Scam Alert' (स्कैम अलर्ट) सिस्टम विकसित कर रही है, जो किसी भी संदिग्ध चैट के शुरू होने या आगे बढ़ने से पहले ही यूजर की स्क्रीन पर खतरे की चेतावनी फ्लैश कर देगा। इस नए टूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह यूजर की प्राइवेसी और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन से कोई समझौता किए बिना ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग तकनीक पर काम करेगा।कैसे काम करेगा व्हाट्सएप का नया ऑन-डिवाइस AI 'Scam Alert' फीचर?व्हाट्सएप का यह नया सुरक्षा तंत्र एक एडवांस ऑन-डिवाइस मशीन लर्निंग (Machine Learning) मॉडल पर आधारित है। जब भी किसी यूजर को किसी ऐसे अनजान नंबर (Non-Contact) से कोई मैसेज प्राप्त होगा जो उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं है, तो फोन के भीतर मौजूद एआई मॉडल उस संदेश की संरचना, भाषाई बनावट और बात करने के पैटर्न का तुरंत सूक्ष्म विश्लेषण करेगा।यह एआई सिस्टम उन हजारों स्कैम चैट्स के डेटा पैटर्न पर ट्रेंड किया गया है जिन्हें दुनिया भर के यूजर्स द्वारा पहले व्हाट्सएप पर 'स्पैम' या 'फ्रॉड' के रूप में रिपोर्ट किया गया था। जैसे ही सिस्टम को यह अहसास होगा कि सामने वाला व्यक्ति जानबूझकर विश्वास जीतने की कोशिश कर रहा है, बातचीत में अचानक जल्दबाजी (Urgency) पैदा कर रहा है, बैंक विवरण या ओटीपी मांग रहा है अथवा वित्तीय लालच दे रहा है, तो व्हाट्सएप तुरंत चैट विंडो के भीतर एक स्पष्ट चेतावनी प्रदर्शित कर देगा। इसमें लिखा होगा: This may be a scam (यह एक संभावित धोखाधड़ी हो सकती है)।एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन रहेगा पूरी तरह सुरक्षित: फोन के अंदर ही होगा पूरा एनालिसिसअक्सर जब भी किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर एआई डिटेक्शन या कंटेंट स्कैनिंग की बात आती है, तो आम यूजर्स के मन में यह सवाल उठता है कि क्या कंपनी उनके निजी मैसेज पढ़ रही है? व्हाट्सएप ने इस चिंता का पूरी तरह से तकनीकी समाधान निकाला है। मेटा ने स्पष्ट किया है कि यह स्कैम अलर्ट सिस्टम पूरी तरह से 'ऑन-डिवाइस' (On-Device Processing) काम करेगा।इसका सीधा अर्थ यह है कि आपके मैसेज को स्कैन करने के लिए डेटा कभी भी मेटा या व्हाट्सएप के किसी बाहरी सर्वर या क्लाउड पर नहीं भेजा जाएगा। आपके फोन में डाउनलोड हुआ छोटा सा एआई मॉडल डिवाइस के भीतर ही सुरक्षित माहौल में मैसेज का विश्लेषण करेगा। व्हाट्सएप का विश्व प्रसिद्ध एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) प्रोटोकॉल शत-प्रतिशत बरकरार रहेगा। न तो मेटा, न कोई थर्ड पार्टी और न ही कोई सरकारी एजेंसी आपकी व्यक्तिगत बातचीत को पढ़ सकेगी। यह पूरी प्रक्रिया बैकग्राउंड में शांतिपूर्वक काम करेगी और सामने वाले सेंडर को इसकी भनक तक नहीं लगेगी।अनजान नंबर से बातचीत शुरू करने से पहले ही दिखेगा 'ट्रस्ट वॉर्निंग' स्क्रीनइस एआई स्कैम अलर्ट के साथ-साथ व्हाट्सएप एक और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा जोड़ रहा है जिसे 'Trust Warning' कहा जा रहा है। जब भी कोई यूजर किसी ऐसे अनजान फोन नंबर के साथ चैट बॉक्स खोलने की कोशिश करेगा, जिससे उसने पहले कभी बात नहीं की है, तो ऐप चैट विंडो खुलने से ठीक पहले एक पॉज (रुकने का स्क्रीन) देगा।इस स्क्रीन पर यूजर को महत्वपूर्ण जानकारियां दिखाई जाएंगी:वह फोन नंबर किस देश के कंट्री कोड (Country Code) पर रजिस्टर्ड है।क्या आपका और उस सेंडर का कोई कॉमन व्हाट्सएप ग्रुप (Mutual Groups) है या नहीं।क्या यह नंबर किसी वेरिफाइड बिजनेस अकाउंट से जुड़ा है।अक्सर स्कैमर्स वियतनाम (+84), इंडोनेशिया (+62), पाकिस्तान (+92) या अफ्रीकी देशों के वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर भारतीय यूजर्स को निशाना बनाते हैं। जैसे ही यूजर को स्क्रीन पर विदेशी कंट्री कोड और शून्य कॉमन ग्रुप दिखेगा, वह तुरंत सतर्क हो सकेगा और चैट शुरू किए बिना ही उस नंबर को एग्जिट या ब्लॉक कर सकेगा।फर्जी जॉब, डिजिटल अरेस्ट और इनवेस्टमेंट फ्रॉड पर लगेगा सीधा तालाभारत में साइबर अपराध के मामलों में व्हाट्सएप एक प्रमुख जरिया बन गया है। यह नया एआई फीचर मुख्य रूप से निम्नलिखित घातक घोटालों को समय रहते नाकाम करने में सक्षम होगा:पार्ट-टाइम यूट्यूब/गूगल रिव्यू जॉब स्कैम: रोजाना 2 घंटे काम करके ₹5,000 कमाएं जैसे लुभावने मैसेज भेजने वाले बॉट्स को एआई उनकी भाषा पहचानते ही फ्लैग कर देगा।डिजिटल अरेस्ट और पुलिस अधिकारी बनकर ठगी: सीबीआई, कस्टम्स, ईडी या मुंबई क्राइम ब्रांच का फर्जी अधिकारी बनकर धमकाने और पैसे ट्रांसफर कराने वाले संदेशों की पहचान होगी।फर्जी क्रिप्टो व स्टॉक मार्केट टिप्स: गारंटीड 200% रिटर्न का वादा करने वाले और टेलीग्राम ग्रुप्स में ले जाने वाले लिंक्स पर रोक लगेगी।लॉटरी और बिजली बिल कटने का झांसा: फर्जी एपीके (APK) फाइल डाउनलोड कराने या तत्काल बिल भुगतान के लिए भेजे गए संदिग्ध यूआरएल को यूजर द्वारा खोलने से पहले चेतावनी मिल जाएगी।रोमांस और इमोशनल एक्सटॉर्शन: अनजान लोगों द्वारा पहचान बनाकर भावनात्मक संबंध स्थापित करने और फिर आपातकालीन लोन मांगने की चालाकियों पर लगाम कसी जाएगी।यूजर्स के हाथ में होगा पूरा कंट्रोल: ब्लॉक, रिपोर्ट या ट्रस्ट करने का विकल्पव्हाट्सएप का यह सुरक्षा मॉडल पूरी तरह से यूजर-सेंट्रिक बनाया गया है। इसका मतलब यह है कि एआई सिस्टम अपनी मर्जी से किसी चैट को अपने आप डिलीट या ब्लॉक नहीं करेगा। जब स्क्रीन पर स्कैम अलर्ट की चेतावनी आएगी, तो यूजर को तीन स्पष्ट विकल्प दिए जाएंगे:Block and Report (ब्लॉक और रिपोर्ट करें): यदि यूजर को लगता है कि मैसेज सच में फ्रॉड है, तो वह एक क्लिक में नंबर को हमेशा के लिए ब्लॉक कर सकेगा और व्हाट्सएप को रिपोर्ट भेज सकेगा।Trust the Chat (चैट पर भरोसा करें): यदि मैसेज किसी ऐसे परिचित या नए सहकर्मी का है जिसने नया नंबर लिया है, तो यूजर 'Trust' विकल्प चुन सकता है। इसके बाद एआई उस चैट से वॉर्निंग हटा देगा और भविष्य में उस नंबर पर दोबारा अलर्ट नहीं दिखाएगा।Continue with Caution: यूजर चाहे तो बिना कोई एक्शन लिए सतर्कता के साथ बातचीत जारी रख सकता है।कब तक सभी यूजर्स के फोन में पहुंचेगा यह नया फीचर?वर्तमान में व्हाट्सएप ने इस एआई स्कैम अलर्ट फीचर का तकनीकी विवरण साझा किया है और एंड्रॉइड व आईओएस (iOS) के चुनिंदा बीटा टेस्टर्स (Beta Users) के लिए इसका सीमित परीक्षण शुरू किया है। यह फीचर ऐप सेटिंग्स के 'प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी' (Privacy & Security) सेक्शन में एक वैकल्पिक (Optional) टॉगल के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे यूजर अपनी इच्छानुसार ऑन या ऑफ कर सकेंगे।बीटा टेस्टिंग पूरी होने और एआई मॉडल की सटीकता का परीक्षण हो जाने के बाद आगामी कुछ महीनों में इसे दुनिया भर के सभी सामान्य यूजर्स के लिए स्टेबल अपडेट के रूप में रोलआउट कर दिया जाएगा।साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की राय: एआई के साथ अपनी सावधानी भी है जरूरीसाइबर सुरक्षा जानकारों का मानना है कि व्हाट्सएप का यह ऑन-डिवाइस एआई मॉडल मैसेजिंग सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने यह सलाह भी दी है कि किसी भी तकनीकी सुरक्षा कवच के साथ यूजर की व्यक्तिगत सतर्कता सबसे ज्यादा मायने रखती है:किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ कभी भी बैंक ओटीपी, पासवर्ड या पिन साझा न करें।व्हाट्सएप चैट में आए किसी भी अज्ञात एपीके (.apk) फाइल या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।यदि कोई खुद को सरकारी अधिकारी या बैंक मैनेजर बताकर डराए, तो घबराने के बजाय फोन काटकर आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क करें।अपने व्हाट्सएप अकाउंट पर 'टू-स्टेप वेरिफिकेशन' (Two-Step Verification) हमेशा ऑन रखें।व्हाट्सएप का यह नया कदम यह साबित करता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल बातचीत करने का साधन नहीं, बल्कि आम नागरिकों को डिजिटल दुनिया के खतरों से सुरक्षित रखने की सबसे मजबूत ढाल भी बन सकता है।
Review: बंटवारा 1947 नफरत नहीं इंसानियत की कहानी, होगा दिल भारी
भारत देश को आजाद हुए 79 साल बीत गए हैं. लेकिन एक दर्द आज भी लोगों के मन में जिंदा है- बंटवारा. आज ही के दिन 14 अगस्त को देश के दो हिस्से हुए, भारत-पाकिस्तान. नफरत की आग में कई लोग जले, लेकिन कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने धर्म भुलाकर इंसानियत दिखाई. उसी इंसानियत से जुड़ी एक कहानी 'बंटवारा 1947' फिल्म के रूप में आई है. कैसी है ये फिल्म? पढ़िए हमारा रिव्यू...
Samay Raina को इंडियाज गॉट लेटेंट केस में SC से बड़ी राहत
इंडियाज गॉट लेटेंट से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना समेत पांच कॉमेडियन को बड़ी राहत दी है. अदालत ने दिव्यांग लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मामले रद्द कर दिए. कोर्ट ने दिव्यांगों के लिए जागरूकता और धन जुटाने की उनकी कोशिशों की सराहना भी की. हालांकि, ऑनलाइन और मनोरंजन सामग्री में दिव्यांग लोगों की गरिमा की रक्षा के लिए दिशानिर्देश बनाने का मुद्दा अभी खुला रखा गया है.
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर CM धामी का राहुल गांधी पर हमला, बोले- 'देश सब देख रहा है'
हरिद्वार में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा, कांग्रेस की राजनीति और हल्द्वानी विवाद को लेकर सवाल उठाए।
पत्रकार वार्ता में बोले ओटाराम देवासी, रामझरोखा मंदिर प्रकरण से उनका कोई संबंध नहीं
सबगुरु न्यूज -सिरोही। पंचायतीराज व ग्रामीण विकास राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने रामझरोखा मंदिर के पीछे की जमीन के पट्टो को लेकर प्रेस वार्ता कर बताया कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा रामझरोखा मंदिर जमीन को लेकर अनर्गल बयानबाजी कर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दे रहे है। मुझ पर जनता को विश्वास व भरोसा है कि […] The post पत्रकार वार्ता में बोले ओटाराम देवासी, रामझरोखा मंदिर प्रकरण से उनका कोई संबंध नहीं appeared first on Sabguru News .
सावन सोमवार और नाग पंचमी पर महासंयोग, जरूर करें ये अचूक उपाय
Dhan Labh Upay 2026: सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के महासंयोग पर 17 अगस्त 2026 को करें ये अचूक उपाय. जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और धन लाभ के खास ज्योतिषीय नियम.
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बजट और मिड-रेंज 5G सेगमेंट के भीतर लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच टेक दिग्गज पोको (POCO) एक बार फिर बड़ा धमाका करने की तैयारी में है। युवाओं और बजट खरीदारों के बीच अपने दमदार परफॉर्मेंस व किफायती दामों के लिए मशहूर पोको ने भारत में अपनी लोकप्रिय 'एम-सीरीज' (M-Series) के विस्तार का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी बहुत जल्द देश में अपना नया 5G स्मार्टफोन Poco M8x 5G लॉन्च करने जा रही है। लंबे समय से इस डिवाइस के लॉन्च को लेकर टेक जगत में कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब कंपनी द्वारा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर लाइव की गई आधिकारिक माइक्रोसाइट ने न केवल इसके भारत आगमन पर मुहर लगा दी है, बल्कि फोन के आकर्षक रियर डिजाइन से भी पर्दा उठा दिया है। टीजर में सामने आया इसका प्रीमियम डुअल-टोन लुक पहली ही नजर में यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।फ्लैट बैक पैनल और गोल्डन कैमरा मॉड्यूल: Poco M8x 5G का फर्स्ट लुकपोको द्वारा जारी आधिकारिक टीजर इमेज के अनुसार, Poco M8x 5G का रियर लुक बेहद प्रीमियम, स्लीक और मॉडर्न नजर आता है। कंपनी ने इस बार डिजाइन के मामले में एक नया प्रयोग किया है जो इसे अपनी सीरीज के पिछले स्मार्टफोन्स से काफी अलग और ट्रेंडी बनाता है:टेक्सचर्ड फ्लैट रियर पैनल: फोन में एक फ्लैट बैक पैनल दिया गया है, जिस पर महीन टेक्सचर्ड मैट फिनिश देखने को मिलती है। यह टेक्सचर न केवल फोन को हाथ में पकड़ने पर एक मजबूत और आरामदायक ग्रिप देता है, बल्कि इस पर उंगलियों के निशान (Fingerprint Smudges) और खरोंच भी नहीं पड़ते।गोल्डन एक्सेंट वाला स्क्वायर कैमरा आइलैंड: फोन के बैक पैनल पर ऊपर बाईं ओर एक चौकोर (Square-shaped) कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इस कैमरा आइलैंड के बॉर्डर और लेंस के किनारों पर चमकदार गोल्डन (Gold) फिनिश दी गई है, जो हरे रंग के बैक पैनल के साथ मिलकर एक लग्जरी लुक तैयार करती है।ड्यूल रियर कैमरा और एलईडी फ्लैश: कैमरा आइलैंड के भीतर दो बड़े कैमरा कटआउट और एक पिल-शेप्ड एलईडी फ्लैश मॉड्यूल को जगह दी गई है, जो इसके फोटोग्राफी सेटअप को आकर्षक बनाता है।मिनिमल ब्रांडिंग और बटन प्लेसमेंट: फोन के पिछले हिस्से के निचले हिस्से में बीचों-बीच पोको की सिग्नेचर ब्रांडिंग की गई है। डिवाइस के दाईं तरफ वॉल्यूम कंट्रोल बटन और पावर-की मौजूद है, जिसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर इंटीग्रेटेड रहने की पूरी उम्मीद है।फ्लिपकार्ट पर लाइव हुई माइक्रोसाइट, भारत में जल्द होगी धमाकेदार एंट्रीपोको इंडिया ने स्पष्ट कर दिया है कि Poco M8x 5G को भारतीय बाजार में विशेष रूप से ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट (Flipkart) के माध्यम से पेश किया जाएगा। फ्लिपकार्ट पर फोन की 'कमिंग सून' (Coming Soon) माइक्रोसाइट एक्टिव कर दी गई है।भारतीय त्योहारों, स्वतंत्रता दिवस के बाद के ऑनलाइन शॉपिंग सीजन और छात्रों के नए कॉलेज सत्र को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी इसी महीने के भीतर इस फोन की आधिकारिक लॉन्च तारीख और कीमत से पर्दा उठा सकती है। फ्लिपकार्ट के अलावा यह स्मार्टफोन पोको की आधिकारिक वेबसाइट (Mi.com/Poco) और चुनिंदा ऑथराइज्ड रिटेल स्टोर्स पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।संभावित स्पेसिफिकेशन्स और परफॉर्मेंस: क्या कुछ मिल सकता है खास?यद्यपि कंपनी ने अभी तक फोन के सभी हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन्स का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंडस्ट्री सोर्सेज, सर्टिफिकेशन लिस्टिंग्स और लीक्स के मुताबिक Poco M8x 5G को बजट 5G खरीदारों के लिए एक ऑल-राउंडर पैकेज के रूप में तैयार किया गया है:स्मूथ 120Hz डिस्प्ले: इस डिवाइस में 6.7 इंच से 6.79 इंच का बड़ा Full-HD+ डिस्प्ले मिलने की उम्मीद है, जो 120Hz हाई रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। इससे रोजमर्रा के इस्तेमाल में स्क्रॉलिंग, सोशल मीडिया ब्राउजिंग, यूट्यूब वीडियो स्ट्रीमिंग और कैजुअल गेमिंग का अनुभव बेहद स्मूथ और लैग-फ्री रहेगा।पावरफुल 5G प्रोसेसर: मल्टीटास्किंग और हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन या मीडियाटेक डाइमेंसिटी का आधुनिक ऑक्टा-कोर 5G चिपसेट दिया जा सकता है। यह प्रोसेसर ऊर्जा-कुशल आर्किटेक्चर पर काम करेगा जिससे बैटरी की खपत कम होगी और हीटिंग की समस्या नहीं आएगी।मल्टीपल 5G बैंड्स का सपोर्ट: भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर्स जियो (Reliance Jio) और एयरटेल (Airtel) के ट्रू 5G नेटवर्क के साथ बेहतर कम्पैटिबिलिटी के लिए इसमें सभी जरूरी सब-6GHz 5G बैंड्स का सपोर्ट दिया जाएगा।रैम, स्टोरेज और सॉफ्टवेयर: फोन को 4GB, 6GB और 8GB रैम ऑप्शंस के साथ 128GB व 256GB स्टोरेज वेरिएंट्स में पेश किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें वर्चुअल रैम एक्सपेंशन और माइक्रोएसडी कार्ड सपोर्ट भी मिलेगा। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह शाओमी के नवीनतम HyperOS इंटरफेस पर बूट करेगा जो एंड्रॉयड के लेटेस्ट वर्जन पर आधारित होगा।कैमरा सेटअप: 50MP AI लेंस के साथ शानदार फोटोग्राफी की उम्मीदPoco M8x 5G के टीजर में नजर आ रहे डुअल कैमरा सेटअप को देखते हुए यह साफ है कि कंपनी ने इस फोन में कैमरा क्वालिटी पर खास ध्यान दिया है।50 मेगापिक्सल प्राइमरी कैमरा: मुख्य कैमरे के रूप में 50MP का हाई-रेजोल्यूशन AI प्राइमरी सेंसर मिलने की संभावना है। यह सेंसर दिन की रोशनी में क्रिस्प और शार्प तस्वीरें खींचने के साथ-साथ नाइट मोड (Night Mode) और पोर्ट्रेट मोड (Portrait Mode) में भी बेहतर रिजल्ट देगा।सेकेंडरी कैमरा व सेल्फी शूटर: मुख्य कैमरे की सहायता के लिए 2 मेगापिक्सल का डेप्थ या मैक्रो लेंस दिया जा सकता है। वहीं वीडियो कॉलिंग, रील्स और सेल्फी के लिए फ्रंट में 8MP या 16MP का पंच-होल कैमरा मिलने की उम्मीद है।दमदार बैटरी और फास्ट चार्जिंग का सपोर्टपोको की एम-सीरीज को हमेशा से उसकी लंबी बैटरी लाइफ के लिए जाना जाता है। Poco M8x 5G में 5,000mAh से 5,500mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो सामान्य उपयोग में आसानी से एक से डेढ़ दिन तक चल सकेगी। इसके साथ ही फोन को तेजी से चार्ज करने के लिए बॉक्स में 33W या 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। यूएसबी टाइप-सी पोर्ट के साथ आने वाला यह फोन मॉडर्न चार्जिंग सेफ्टी फीचर्स से लैस होगा।Poco M8 Power 5G के बाद एम-सीरीज में नया विकल्पहाल ही में पोको ने भारतीय बाजार में अपनी पावर-सीरीज का फोन 'Poco M8 Power 5G' पेश किया था, जो मुख्य रूप से 8,000mAh की विशालकाय बैटरी और भारी इस्तेमाल वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया गया था। अब Poco M8x 5G के जरिए कंपनी उन यूजर्स को टारगेट कर रही है जो एक स्लिम, हल्का, हाथ में पकड़ने में आसान और ट्रेंडी प्रीमियम लुक वाला 5G फोन चाहते हैं।भारत में संभावित कीमत और किन स्मार्टफोन्स से होगा सीधा मुकाबला?भारतीय बाजार में पोको की सबसे बड़ी यूएसपी उसकी आक्रामक प्राइसिंग (Aggressive Pricing) रही है। टेक विश्लेषकों के मुताबिक, Poco M8x 5G की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹11,999 से ₹13,999 के बीच रखी जा सकती है। लॉन्च ऑफर्स, बैंक डिस्काउंट्स और एक्सचेंज बोनस के साथ शुरुआती दिनों में यह फोन ₹10,999 के बेहद आकर्षक प्रभावी बजट में भी उपलब्ध हो सकता है।लॉन्च के बाद भारतीय बाजार में Poco M8x 5G की सीधी टक्कर Realme 13 5G, Redmi 13C 5G, Moto G34 5G, Samsung Galaxy M15 5G और Vivo T3x 5G जैसे लोकप्रिय बजट 5G स्मार्टफोन्स से होगी।यदि आप भी आने वाले दिनों में ₹15,000 से कम के बजट में एक स्टाइलिश डिजाइन, 120Hz डिस्प्ले, 50MP कैमरा और भरोसेमंद 5G परफॉर्मेंस वाला नया फोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो Poco M8x 5G के आधिकारिक लॉन्च का इंतजार करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

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