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बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा ताला! बिना माता-पिता की इजाजत नहीं खुलेगा खाता

डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया जा रहा है। पाकिस्तान के सबसे बड़े और प्रभावशली पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा अभूतपूर्व प्रस्ताव पेश किया गया है, जो अगर कानून में बदलता है तो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की लिखित अनुमति के बिना किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना अकाउंट नहीं खोल पाएंगे। इस कदम के बाद अब पड़ोसी देश में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल लत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (IPP) की विधायक का मास्टरस्ट्रोक: सारा अहमद ने पेश किया देश का पहला अनोखा प्रस्तावपंजाब विधानसभा में यह ऐतिहासिक और अपनी तरह का पहला अनूठा प्रस्ताव सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी 'इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी' (IPP) की विधायक सारा अहमद द्वारा मंगलवार 14 जुलाई 2026 को पेश किया गया। सारा अहमद, जो पंजाब बाल संरक्षण ब्यूरो (Punjab Child Protection Bureau) की अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को पटल पर रखा। सारा अहमद ने प्रांतीय सरकार से न केवल अपने राज्य में इसे लागू करने की मांग की है, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के जरिए देश की संघीय (केंद्र) सरकार से भी पूरे पाकिस्तान में बच्चों के लिए समान रूप से डिजिटल सुरक्षा कानून बनाने की पुरजोर सिफारिश की है।क्यों पड़ी इस कड़े कानून की जरूरत? साइबर उत्पीड़न और डिजिटल एडिक्शन से बचाने की राज्य की नैतिक जिम्मेदारीप्रस्ताव के मसौदे में इस बात को बेहद गंभीरता से रेखांकित किया गया है कि देश के बच्चों का शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना किसी भी कल्याणकारी राज्य की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। आधुनिक समय में सोशल मीडिया तक बच्चों की अनियंत्रित और अनियंत्रित पहुंच के कारण वे लगातार साइबर बुलिंग (Cyber Bullying), ऑनलाइन यौन शोषण, अनुचित एवं अश्लील सामग्री, भारी मानसिक तनाव, गंभीर अवसाद और खतरनाक डिजिटल एडिक्शन (Digital Addiction) का शिकार हो रहे हैं। इन बढ़ते खतरों को रोकने के लिए सिर्फ पारिवारिक समझ नहीं, बल्कि एक मजबूत और प्रभावी कानूनी संरक्षण चक्र की तत्काल आवश्यकता है।पीटीए (PTA) से सख्त ऐज वेरिफिकेशन की मांग: सोशल मीडिया कंपनियों को लागू करना होगा कड़ा सुरक्षा तंत्रइस नए कानून के प्रस्ताव में सिर्फ प्रतिबंध लगाने की बात नहीं की गई है, बल्कि इसे धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए एक तकनीकी ढांचा तैयार करने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA - Pakistan Telecommunication Authority) को देश में संचालित होने वाले सभी वैश्विक सोशल मीडिया दिग्गजों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और एक्स) के लिए एक बेहद प्रभावी और अनिवार्य ऐज वेरिफिकेशन सिस्टम (Age Verification System) लागू करना होगा। इस मजबूत तकनीकी फिल्टर के लागू होने के बाद ही यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी कम उम्र का बच्चा अपनी सही उम्र छुपाकर या फर्जी प्रोफाइल बनाकर इन प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल न कर सके।वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है बच्चों पर पहरा: ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ की तर्ज पर तैयारीपाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आया यह प्रस्ताव किसी एक देश की सोच नहीं है, बल्कि वर्तमान में पूरी दुनिया की सरकारें बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को लेकर बेहद गंभीर हो चुकी हैं। चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक शोधों में लगातार यह साबित हो रहा है कि अत्यधिक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह बर्बाद कर रहा है। इसी के मद्देनजर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ (EU) के कई सदस्य देशों ने अपने यहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक बच्चों की पहुंच को सीमित करने के लिए सख्त आयु-आधारित प्रतिबंध और कानून लागू किए हैं। इसी राह पर चलते हुए अब पड़ोसी देश भी बच्चों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए इस कड़े नियमन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:37 pm

Nepal Political Crisis: जेन-जी आइकॉन से 'नेपाली हिटलर' बनने का सफर? नेपाल के पीएम बालेन शाह पर संसद में बरसे महंथ ठाकुर

नेपाल के राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक नया और बेहद आक्रामक वैचारिक मोड़ देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया और युवा पीढ़ी (Gen-Z) के अभूतपूर्व समर्थन के दम पर पारंपरिक राजनीतिक दलों को पछाड़कर सत्ता के केंद्र में स्थापित हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (Balen Shah) की शासन शैली अब गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। नेपाल की संसद की उच्च सदन यानी नेशनल असेंबली (National Assembly) में बुधवार 15 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया। जनता समाजवादी पार्टी (JSP) के कद्दावर नेता और वरिष्ठ सांसद महंथ ठाकुर ने सदन के भीतर प्रधानमंत्री बालेन शाह की तुलना सीधे दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से करते हुए देश में तानाशाही शासन व्यवस्था थोपने का गंभीर आरोप मढ़ दिया है।नेपाली हिटलर बन चुके हैं पीएम: महंथ ठाकुर ने संसद में दागे तीखे सियासी बाणसंसद की रणनीतिक बैठक के दौरान महंथ ठाकुर ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए बालेन शाह के नेतृत्व वाले पूरे प्रशासनिक तंत्र को अक्षम, दिशाहीन और पूरी तरह विफल करार दिया। उन्होंने स्पीकर के सामने जोर देते हुए कहा, आज हम देश के मुखिया को किस नाम से पुकारें? क्या उन्हें नेपाली तानाशाह कहा जाए या फिर नेपाली हिटलर? वे वास्तव में नेपाल के हिटलर बन चुके हैं। उनके मुंह से निकला हर शब्द परम सत्य मान लिया जाता है और उनका हर मनमाना आदेश देश का कानून बन जाता है। इस निरंकुश रवैये के कारण आज पूरा नेपाल तबाही और प्रशासनिक अराजकता के मुहाने पर जाकर खड़ा हो गया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार पूरी तरह निष्क्रिय हो चुकी है और इसमें जनता को दिए गए लोक-लुभावन आश्वासनों को धरातल पर उतारने की कोई राजनीतिक प्रतिबद्धता नहीं बची है, जिससे देश के युवाओं में हताशा बढ़ रही है।प्रशासनिक तंत्र और संस्थाओं पर हमला: राजनीतिक दलों के दफ्तरों में तोड़फोड़ का आरोपविपक्षी नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक ढांचे को जानबूझकर ध्वस्त करने का एक बड़ा और संगठित आरोप लगाया है। संसद में दी गई दलीलों के अनुसार, बालेन शाह के प्रशासन ने स्थापित कर्मचारी तंत्र को डराने के लिए अधिकारियों को उनके संवैधानिक पदों से बिना किसी ठोस कानूनी आधार के मनमाने ढंग से हटाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण काठमांडू सहित कई हिस्सों में प्रशासनिक स्तर पर भारी विरोध-प्रदर्शन भड़क उठे हैं। यही नहीं, महंथ ठाकुर ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सत्ता के इशारे पर स्थापित राजनीतिक दलों के प्रांतीय कार्यालयों में जबरन हस्तक्षेप किया जा रहा है, वहां के फर्नीचर सरेआम जलाए जा रहे हैं और लोकतांत्रिक संगठनों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि यह सरकार संगठित ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों की वैचारिक ताकत का सामना करने की हिम्मत नहीं रखती।शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हाहाकार: कठोर नीतियों से निजी क्षेत्र में भारी असंतोषनेपाल के बुनियादी सामाजिक ढांचे का विशेष उल्लेख करते हुए वरिष्ठ सांसद ने चेतावनी दी कि बोर्डिंग स्कूलों (निजी शिक्षण संस्थानों) और नर्सिंग होम के प्रति सरकार का अत्यधिक आक्रामक और कठोर दृष्टिकोण देश के विकास चक्र को पूरी तरह रोक देगा। उन्होंने तार्किक रूप से स्पष्ट किया कि नेपाल जैसा विकासशील देश अपनी पूरी आबादी को केवल सरकारी सहायता और सीमित बजट के भरोसे विश्वस्तरीय शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दे सकता; इसके लिए निजी निवेश और कॉर्पोरेट क्षेत्र का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। सरकार की दमनकारी नीतियों के कारण लाखों होनहार छात्रों, पेशेवर शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों का भविष्य पूरी तरह से अंधकार में डूबता नजर आ रहा है, जो अंततः देश की आर्थिक रीढ़ को और कमजोर कर देगा।लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग: गलत दिशा में जा रहा है हिमालयी राष्ट्रअपने संसदीय संबोधन के समापन सत्र में महंथ ठाकुर ने वैश्विक बिरादरी और देश की न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित करते हुए चेतावनी दी कि बालेन शाह की यह स्वेच्छाचारी शासन शैली नेपाल को एक बेहद खतरनाक और आत्मघाती रास्ते पर ले जा रही है। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को दरकिनार करने और देश की पुरानी सार्वजनिक संस्थाओं को लगातार कमजोर करने की सरकारी नीतियों की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा की। इस बड़े संसदीय टकराव के बाद अब काठमांडू की सड़कों पर बालेन शाह के समर्थक युवाओं और पारंपरिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच वैचारिक जंग और तेज होने की संभावना है, जिस पर भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया के राजनयिकों की पैनी नजर बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:36 pm

US-Iran War: तेहरान के बीचों-बीच लगा ट्रंप की मौत वाला खौफनाक बिलबोर्ड; काले ताबूत में मृत दिखाकर ईरान ने दी खुली धमकी

मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के संबंध अब तक के सबसे खतरनाक और हिंसक दौर में पहुंच चुके हैं। युद्ध की विभीषिका के बीच ईरान की राजधानी तेहरान से एक ऐसी सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। तेहरान के सबसे व्यस्त और मशहूर एंगेलाब चौराहे (Enghelab Square) पर एक विशालकाय आधिकारिक बिलबोर्ड लगाया गया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक काले रंग के ताबूत में मृत अवस्था में लेटे हुए दिखाया गया है। इस विवादित होर्डिंग के जरिए ईरान ने सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी है, जिससे दोनों परमाणु-सम्पन्न और सैन्य महाशक्तियों के बीच जारी जंग के और ज्यादा भड़कने के आसार पैदा हो गए हैं।बिलबोर्ड की इनसाइड स्टोरी: बंद आंखें, लाल टाई और 'मिनाब स्कूल' के नरसंहार का बदलाईरान की अर्ध-सरकारी मीडिया द्वारा जारी की गई ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस विशालकाय प्रोपेगैंडा बिलबोर्ड में डोनाल्ड ट्रंप की आंखें और मुंह पूरी तरह बंद दिखाए गए हैं। ताबूत के भीतर उनकी पहचान बन चुकी प्रसिद्ध लाल टाई के ऊपर उनके दोनों हाथ मुड़े हुए हैं और पैर हवा में लटके नजर आ रहे हैं। इस ग्राफिक तस्वीर के ठीक नीचे अंग्रेजी और फारसी (Persian) भाषाओं में साफ शब्दों में लिखा गया है— 'हम ट्रंप को मारेंगे'। इसके साथ ही होर्डिंग पर 'मिनाब की याद में' (In memory of Minab) अंकित है। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीधा संकेत हाल ही में अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हवाई हमलों में तबाह हुए 'मिनाब स्कूल' की ओर है, जिसमें कई बेकसूर ईरानी बच्चों की मौत हो गई थी, और ईरान अब इसे एक व्यक्तिगत मोर्चे के रूप में देख रहा है।युद्ध का दैनिक चक्र: रात में अमेरिका की बमबारी, सुबह ईरान का बारूदी पलटवारयह खौफनाक बिलबोर्ड ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच पूर्णकालिक युद्ध (US-Iran War 2026) छिड़ चुका है। इस इलाके में जंग का एक बेहद खतरनाक दैनिक चक्र स्थापित हो चुका है; अमेरिकी वायुसेना हर रात ईरान के रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी करती है, तो सुबह होते-होते ईरान और उसके समर्थित लड़ाके पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दाग देते हैं। इस बारूदी संघर्ष के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) एक बार फिर पूरी तरह से ठप और धुआं-धुआं हो चुका है। ईरान ने इस समुद्री रास्ते की सख्त नाकेबंदी कर दी है, जिसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने भी जवाबी घेराबंदी कर दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पूरी तरह चरमरा गया है।'डेथ टू ट्रंप' के नारों से गूंजा तेहरान: खामेनेई के अंतिम संस्कार में भड़की थी आगईरान में अमेरिकी नेतृत्व के खिलाफ नफरत की यह आग हाल ही में और ज्यादा भड़क गई थी। इसी साल 28 फरवरी को दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद, भीषण युद्ध के चलते उनके अंतिम संस्कार को टाल दिया गया था। जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में जब कड़ी सुरक्षा के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, तो वहां उमड़े लाखों लोगों के सैलाब ने 'डेथ टू अमेरिका' (Death to America) और 'डेथ टू ट्रंप' के गगनभेदी नारे लगाए थे। ईरान का कट्टरपंथी धड़ा और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) अपने शीर्ष नेताओं और बच्चों की मौत का सीधा जिम्मेदार सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक नीतियों को मान रहे हैं।डोनाल्ड ट्रंप की दोटूक चेतावनी: अगर मुझे कुछ हुआ, तो हजारों मिसाइलें ईरान को दुनिया के नक्शे से मिटा देंगीईरान की तरफ से लगातार मिल रही इन हत्या की धमकियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बेहद सख्त और आक्रामक रुख अख्तियार किया है। व्हाइट हाउस से जारी एक बयान में ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के किसी भी आत्मघाती या खुफिया प्रयास से डरने वाले नहीं हैं और अमेरिकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे तैयार है। ट्रंप ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक का हवाला देते हुए कहा, मैंने अपनी सैन्य कमान और शीर्ष नेतृत्व को पहले ही स्पष्ट लिखित आदेश दे दिए हैं कि अगर किसी भी ईरानी हमले में मेरी जान जाती है, तो उसके तुरंत बाद क्या कार्रवाई करनी है। हमारी हजारों अत्याधुनिक मिसाइलें पहले से ही ईरान के ठिकानों पर लॉक हैं; अगर अमेरिका के राष्ट्रपति को खरोंच भी आई, तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर दुनिया के नक्शे से मिटा दिया जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:34 pm

Balochistan Declares Independence: बलूचिस्तान के आजादी के दावे से भारत के सामने आया बड़ा धर्मसंकट

दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक मंच पर इस वक्त का सबसे बड़ा और संवेदनशील घटनाक्रम सामने आ रहा है। पाकिस्तान के सबसे बड़े, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण और लंबे समय से अशांत प्रांत बलूचिस्तान ने खुद को पाकिस्तान से पूरी तरह आजाद करने और एक नए संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का एकतरफा ऐलान कर दिया है। खुद को बलोच आंदोलन का प्रतिनिधि बताने वाले मीर यार बलूच द्वारा सोशल मीडिया (X) पर किए गए इस अप्रत्याशित दावे ने इस्लामाबाद प्रशासन के पैरों तले जमीन खिसका दी है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार या अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन बलूच प्रतिनिधियों द्वारा वैश्विक स्तर पर और विशेषकर भारत से मांगी गई कूटनीतिक मदद ने नई दिल्ली को एक अभूतपूर्व त्रिकोणीय धर्मसंकट में डाल दिया है।85 फीसदी इलाके पर नियंत्रण का दावा: नई मुद्रा 'बलूची फालुस' और राष्ट्रगान भी जारीसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आधिकारिक बलोच दस्तावेजों और घोषणाओं के अनुसार, स्वयंभू 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान' की रक्षा और सुरक्षा बलों ने प्रांत के लगभग 85 प्रतिशत भूभाग पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है। मीर यार बलूच के मुताबिक, इस नए देश ने अपना नया राष्ट्रीय ध्वज और शासन प्रणाली तैयार करने के साथ-साथ अपना आधिकारिक राष्ट्रगान 'मा चुकेन बलोचानी' भी अपना लिया है। यही नहीं, आर्थिक स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में उन्होंने अपनी नई राष्ट्रीय मुद्रा 'बलूची फालुस' को भी बाजार में उतारने का ऐलान किया है। बलोच प्रशासन का दावा है कि पाकिस्तानी सेना के जुल्मों से तंग आकर उनके कई स्थानीय कर्मियों ने इस्तीफा दे दिया है और अब लगभग 5 लाख कर्मियों की एक बड़ी फौज साल 2026 के अंत तक पाकिस्तानी सेना को इस क्षेत्र से पूरी तरह खदेड़ने के लिए तैयार है।प्राकृतिक संसाधनों और माइंस पर कब्जे का दावा: CPEC और चीनी शोषण के खिलाफ फूटा गुस्साइस ऐतिहासिक बगावत और स्वतंत्रता आंदोलन की सबसे बड़ी वजह इस क्षेत्र के समृद्ध प्राकृतिक संसाधन और उन पर चीन-पाकिस्तान का कथित अवैध कब्जा है। बलूचिस्तान का यह पूरा इलाका दुनिया के सबसे समृद्ध सोने, चांदी, हीरे और तांबे की खदानों के साथ-साथ विशाल गैस क्षेत्रों से भरा हुआ है। स्थानीय बलोच नागरिकों का आरोप है कि अरबों डॉलर की 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा' (CPEC) परियोजना और ओमान की खाड़ी के पास स्थित ग्वादर गहरे समुद्र के बंदरगाह (Gwadar Port) के जरिए बीजिंग और इस्लामाबाद मिलकर उनके संसाधनों का बेरहमी से शोषण कर रहे हैं, जबकि वहां की मूल जनता आज भी अत्यधिक गरीबी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीने को मजबूर है। बलूच विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने अब इन सभी रणनीतिक खदानों और गैस क्षेत्रों को अपने सीधे नियंत्रण में ले लिया है।भारत से बलूचों की विशेष भावुक अपील: हमें पाकिस्तान का हिस्सा कहना बंद करेंइस पूरे घटनाक्रम का सबसे संवेदनशील पहलू भारत से जुड़ा हुआ है। बलूचिस्तान के शीर्ष प्रतिनिधियों ने भारतीय मीडिया, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों से एक बेहद भावुक और कड़क अपील की है। उन्होंने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बलोच लोगों को पाकिस्तान के अपने लोग या पाकिस्तान का आंतरिक हिस्सा कहना तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नस्लीय, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से बलोच और पाकिस्तानी (विशेषकर बहुसंख्यक पंजाबी समुदाय) पूरी तरह अलग हैं। बलूच प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि वे दशकों से पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे बर्बर हवाई हमलों, जबरन गायब किए जाने (Forced Disappearances) और मानवाधिकारों के घोर हनन का शिकार होते आ रहे हैं और अब वे किसी भी कीमत पर पाकिस्तान के साथ नहीं रहेंगे।भारतीय विदेश नीति की त्रिकोणीय अग्निपरीक्षा: तीन मोर्चों पर फंसा कूटनीतिक पेंचबलूचिस्तान ने भारत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता मांगी है। यह स्थिति नई दिल्ली के लिए किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं है, क्योंकि यहां लिया गया एक भी कदम भारत को तीन तरफा कूटनीतिक संकट में डाल सकता है:पाकिस्तान को नैरेटिव गढ़ने का मौका: यदि भारत बलूचिस्तान को एक अलग देश के रूप में मान्यता देता है, तो इसे पाकिस्तान को तोड़ने के प्रयास के रूप में देखा जाएगा। इससे इस्लामाबाद को संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसे वैश्विक मंचों पर भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव गढ़ने और कश्मीर के आंतरिक मामले में नई दिल्ली पर हस्तक्षेप का पलटवार करने का सीधा बहाना मिल जाएगा।चीन के साथ सीधे टकराव का खतरा: बलूचिस्तान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेहद महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और सीपेक (CPEC) का दिल है। वहां चीन एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारी खनन परियोजनाओं में शामिल है। भारत द्वारा बलूच स्वतंत्रता का समर्थन करने से भारत-चीन सीमा और रणनीतिक संबंधों में तनाव का एक बेहद खतरनाक और नया दौर शुरू हो सकता है।ईरान के साथ रणनीतिक संबंधों में कड़वाहट: बलूच आबादी का एक बड़ा हिस्सा पड़ोसी देश ईरान में भी रहता है, और तेहरान ने हमेशा बलोच अलगाववाद को किसी भी बाहरी समर्थन के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। भारत के रणनीतिक हित ईरान के चाबहार बंदरगाह (Chabahar Port) से सीधे जुड़े हैं, जो मध्य एशिया का प्रवेश द्वार है। ऐसे में ईरान को नाराज करना भारत के आर्थिक और भू-राजनीतिक हितों के लिए बहुत बड़ा जोखिम होगा।क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद की गहरी पैठ वाले इस अशांत इलाके में बलूचिस्तान के इस कदम ने पूरी दुनिया के नीति-नियंताओं को अलर्ट मोड पर ला दिया है, और अब देखना होगा कि भारतीय विदेश मंत्रालय इस बेहद पेचीदा अंतरराष्ट्रीय संकट पर क्या रुख अख्तियार करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:32 pm

राजस्थान के स्कूल में शर्मनाक वाकया: शिक्षिका के पैसे चोरी होने के शक में उतरवाए छात्राओं के कपड़े, विभाग का कड़ा एक्शन

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्कूल के अंदर छात्राओं के कपड़े उतरवाने के आरोप लगे हैं। बताया गया कि स्कूल में एक शिक्षिका के रुपए गुम होने पर कथित रूप से छात्राओं के कपड़े उतराए गए। इस घटना से ग्रामीण और अभिभावक आक्रोशित हैं। हालांकि, मामला सामने आने के बाद भरतपुर मंडल के संयुक्त निदेशक ने शिक्षिका को निलंबित कर दिया, जबकि एक शिक्षिका को कार्यमुक्त किया गया है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 4:31 pm

बेंगलुरु में डिलीवरी बॉयज को चालान से मिली मुक्ति, लेकिन ट्रैफिक नियम तोड़ा तो भुगतनी होगी 4 घंटे की यह अनोखी सजा

भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से एक बेहद चौंकाने वाला और क्रांतिकारी प्रशासनिक फैसला सामने आया है। विभिन्न फूड और क्विक-कॉमर्स डिलीवरी ऐप्स (Delivery Apps) के लिए काम करने वाले हजारों गिग वर्कर्स (Gig Workers) को बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ी राहत देते हुए चालान (Fine) की पारंपरिक व्यवस्था से मुक्त कर दिया है। हालांकि, इसे किसी भी तरह की खुली छूट नहीं समझा जाना चाहिए; बल्कि पुलिस ने इसकी जगह एक ऐसा अनोखा मनोवैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीका अपनाया है, जो इन डिलीवरी पार्टनर्स को सड़कों पर लापरवाही बरतने से पूरी तरह रोक देगा।4 घंटे का अनिवार्य लेक्चर: चालान के पैसों से ज्यादा कीमती समय की होगी सजाबेंगलुरु के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर एमएन कार्तिक रेड्डी (MN Anucheth / Kartik Reddy) द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शहर के सभी 53 ट्रैफिक पुलिस थानों में इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। अब से यदि कोई भी डिलीवरी बॉय सिग्नल जंप करता है, रॉन्ग साइड गाड़ी चलाता है या रैश ड्राइविंग करता पकड़ा जाता है, तो पुलिस उस पर कोई नकद जुर्माना नहीं ठोकेगी। इसके बजाय, पकड़े गए राइडर को सीधे थाने ले जाया जाएगा, जहां उसे पूरे 4 घंटे की एक अनिवार्य क्लास (Traffic Rules Lecture) अटेंड करनी होगी। इस विशेष सत्र में उन्हें सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और मानवीय जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से शिक्षित किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि जल्दी डिलीवरी करने के चक्कर में समय बचाने वाले इन राइडर्स के लिए 4 घंटे का नुकसान किसी भी आर्थिक जुर्माने से कहीं ज्यादा बड़ा सबक साबित होगा, क्योंकि इस दौरान वे एक भी ऑर्डर डिलीवर नहीं कर पाएंगे।3 दिन में 4,000 मामले दर्ज: छोटे शहरों से आए युवाओं पर भारी पड़ता था भारी-भरकम फाइनट्रैफिक पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने इस कड़े फैसले के पीछे के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी उजागर किया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंगलुरु की व्यस्त सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने में डिलीवरी ऐप्स से जुड़े राइडर्स सबसे आगे पाए गए हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले महज तीन दिनों के भीतर शहर में ऐसे करीब 4,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, इन ऐप्स में काम करने वाले अधिकांश युवा देश के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों से आकर सिर्फ आजीविका कमाने के लिए दिन-रात एक करते हैं। ऐसे में उन पर बार-बार भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाना उनकी रीढ़ तोड़ने जैसा था और इससे समस्या का कोई स्थायी समाधान भी नहीं निकल रहा था। इस नई व्यवस्था से उन पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा, लेकिन समय गंवाने का डर उन्हें नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करेगा।यूलू (Yulu) बाइक का लूपहोल: बिना लाइसेंस और नंबर प्लेट वाले राइडर्स पर पुलिस का नया शिकंजाइस विशेष नीति को तैयार करने के पीछे एक बहुत बड़ा तकनीकी कारण भी छिपा है। इन दिनों बेंगलुरु में अधिकांश डिलीवरी बॉयज किराए पर मिलने वाली बेहद लोकप्रिय इलेक्ट्रिक 'यूलू बाइक' (Yulu Electric Bikes) का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इन कम गति वाले दोपहिया वाहनों को चलाने के लिए किसी भी प्रकार के वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) की आवश्यकता नहीं होती और न ही इन पर पारंपरिक कमर्शियल नंबर प्लेट लगी होती है। समय सीमा के भीतर पार्सल पहुंचाने के दबाव में यूलू राइडर्स अक्सर फुटपाथ पर गाड़ी चढ़ा देते हैं या ट्रैफिक सिग्नल की परवाह नहीं करते। नंबर प्लेट और लाइसेंस न होने की वजह से डिजिटल कैमरों के जरिए इन पर ऑनलाइन ई-चालान (E-Challan) जारी करना तकनीकी रूप से असंभव हो जाता था। इसी कानूनी लूपहोल को बंद करने के लिए अब पुलिस इन्हें ऑन-स्पॉट पकड़कर सीधे 4 घंटे के लेक्चर रूम में बिठाने जा रही है, जिससे बेंगलुरु की सड़कों पर चलने वाले आम राहगीरों की सुरक्षा काफी हद तक सुनिश्चित हो सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:27 pm

क्या राहुल गांधी को बड़ा झटका देंगे CM विजय? राजीव गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की तमिलनाडु सरकार को सख्त हिदाय

देश की सर्वोच्च अदालत में आज शिक्षा नीति और भाषाई विवाद को लेकर एक बेहद संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले पर तीखी कानूनी तकरार देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार 16 जुलाई 2026 को तमिलनाडु सरकार की उस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें उसने मद्रास उच्च न्यायालय के हर जिले में नवोदय विद्यालय (Navodaya Vidyalaya) स्थापित करने के ऐतिहासिक आदेश को चुनौती दी थी। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ के सामने जैसे ही यह मामला आया, कोर्ट रूम का माहौल पूरी तरह गरमा गया। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि जब सारा खर्च केंद्र सरकार उठाने को तैयार है, तो तमिलनाडु के मेधावी ग्रामीण छात्रों को इस अधिकार से क्यों वंचित रखा जा रहा है।तमिलनाडु को क्यों रख रहे हैं वंचित? सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सख्त फटकारसुनवाई की शुरुआत होते ही तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने मामले को फिलहाल टालने का अनुरोध किया और कोर्ट को एक आधिकारिक पत्र सौंपा। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जस्टिस नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी की, आपके राज्य में नवोदय विद्यालय होने ही चाहिए। जब पूरा वित्तीय भार केंद्र सरकार वहन कर रही है और आपको सिर्फ आवश्यक जमीन उपलब्ध करानी है, तो आप अड़ंगा क्यों लगा रहे हैं? भारत के बाकी सभी राज्यों में ये स्कूल सफलतापूर्वक चल रहे हैं, फिर तमिलनाडु को इससे दूर क्यों रखा जा रहा है? इस पर एएसजी ने दलील दी कि इस विषय पर उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है, इसलिए सरकार अभी अंतिम बयान देने से बच रही है।कोर्ट की नई TVK सरकार को दोटूक: केंद्र सरकार के स्कूलों को मत रोकेंनवोदय विद्यालय समिति के कानूनी प्रतिनिधि ने पीठ को बताया कि पिछले न्यायिक आदेश के तहत राज्य को 6 हफ्ते में जमीन आवंटित करनी थी, लेकिन अब वे 12 हफ्ते का अतिरिक्त समय मांग रहे हैं। इस पर अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 तय करते हुए तमिलनाडु सरकार को निर्देश प्राप्त करने के लिए 3 सप्ताह की मोहलत दी। पीठ का नेतृत्व कर रही जस्टिस नागरत्ना ने तमिलनाडु के नए राजनीतिक समीकरणों का जिक्र करते हुए कहा, हमें निर्देश लेने की अनुमति देनी होगी। अब वहां एक नई सरकार (तमिलगा वेत्री कड़गम - TVK) सत्ता में है। हमें अभी उनकी आधिकारिक शिक्षा नीति के बारे में जानकारी नहीं है। हो सकता है कि आपकी अपनी स्थानीय शिक्षा प्रणाली हो, लेकिन तमिलनाडु में केंद्र सरकार के उत्कृष्ट स्कूलों के प्रवेश को पूरी तरह न रोकें।40 साल पुराना विवाद: राजीव गांधी का ड्रीम प्रोजेक्ट और त्रि-भाषा नीति का विरोधनवोदय विद्यालयों का इतिहास सीधे तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE) से जुड़ा हुआ है। यह उनकी एक अति-महत्वाकांक्षी योजना थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत की छिपी हुई प्रतिभाओं को मुफ्त और उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा प्रदान करना था। पूरे देश ने इसे अपनाया, लेकिन तमिलनाडु पिछले 40 वर्षों से एकमात्र ऐसा राज्य बना हुआ है जहां एक भी नवोदय विद्यालय नहीं है। इसके पीछे का मुख्य कारण राज्य की पारंपरिक दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) है, जबकि नवोदय विद्यालय हिंदी सहित त्रि-भाषा प्रणाली (Three-Language Formula) को लागू करते हैं। सालों तक सूबे की सत्ता पर काबिज रहीं द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) सरकारों ने हिंदी विरोध के चलते इन स्कूलों को राज्य की सीमाओं में घुसने नहीं दिया।राहुल गांधी की साख दांव पर: मुख्यमंत्री थलपति विजय का क्या होगा अगला कदम?वर्तमान में तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। थलपति विजय के नेतृत्व वाली नई टीवीके (TVK) सरकार सत्ता में है, जिसे कांग्रेस पार्टी का सीधा और मजबूत समर्थन हासिल है, और कांग्रेस भी सरकार का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री विजय पुरानी लीक से हटकर हर जिले में नवोदय विद्यालय खोलने की अनुमति देते हैं, तो यह गांधी परिवार, विशेष रूप से राहुल गांधी के लिए एक बड़ी वैचारिक और भावनात्मक जीत होगी, क्योंकि तमिलनाडु की धरती पर उनके पिता का सपना सच हो जाएगा। इसके विपरीत, यदि मुख्यमंत्री विजय भी क्षेत्रीय दलों के पुराने रुख पर अड़े रहते हैं, तो यह गठबंधन में शामिल कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका माना जाएगा। अब 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:21 pm

Bengal Politics: ममता बनर्जी को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका, राज्यसभा सांसद कोयल मलिक का आधिकारिक इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मिली करारी और अप्रत्याशित हार के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) ताश के पत्तों की तरह बिखर गई है। पार्टी के भीतर मचे इस अभूतपूर्व आंतरिक घमासान के बीच, गुरुवार 16 जुलाई 2026 को ममता बनर्जी को एक और तगड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की नवनियुक्त राज्यसभा सांसद और मशहूर अभिनेत्री कोयल मलिक ने अपने पद से आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, कोयल मलिक ने करीब एक महीने पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे, लेकिन आज उन्होंने अपना त्यागपत्र औपचारिक रूप से भेजकर टीएमसी खेमे में खलबली मचा दी है।महज चंद महीनों में कोयल मलिक का मोहभंग: अप्रैल में ही भेजी गई थीं संसदराजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि ममता बनर्जी ने कोयल मलिक पर बड़ा भरोसा जताते हुए इसी साल अप्रैल 2026 के महीने में उन्हें राज्यसभा का प्रतिनिधित्व सौंपकर संसद भेजा था। लेकिन महज कुछ ही महीनों के भीतर उनका पार्टी से पूरी तरह मोहभंग हो गया। कोयल मलिक का यह कदम तृणमूल कांग्रेस के डूबते जहाज की कहानी बयां कर रहा है। कोयल से पहले सुष्मिता देव और सुखेंदु शेखर जैसे कद्दावर राज्यसभा सांसद भी पार्टी आलाकमान से तंग आकर इस्तीफा दे चुके हैं और दिलचस्प बात यह है कि ये सभी नेता बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामकर दोबारा राज्यसभा के उम्मीदवार बन गए। इस सिलसिले से यह साफ है कि ममता बनर्जी के सबसे करीबी और भरोसेमंद सिपहसालार एक-एक कर उनका साथ छोड़ रहे हैं।लोकसभा से विधानसभा तक ऐतिहासिक टूट: 20 सांसद और 60 से ज्यादा विधायक बागीइस चुनावी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर जो बगावत शुरू हुई, उसने अब एक ऐतिहासिक विभाजन का रूप ले लिया है। पार्टी के अधिकांश निर्वाचित प्रतिनिधि अब ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बना चुके हैं। लोकसभा में स्थिति यह है कि 20 से अधिक सांसदों ने काकोली के नेतृत्व वाले धड़े के साथ मिलकर खुद को राष्ट्रीय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCPI) में विलय कर लिया है। वहीं, राज्य विधानसभा के भीतर भी ममता बनर्जी की जमीन पूरी तरह खिसक चुकी है, जहां 60 से अधिक विधायकों ने आधिकारिक तौर पर बागी रुख अख्तियार कर लिया है। नेता अपनी सहूलियत के हिसाब से या तो नया गुट बना रहे हैं या फिर दूसरे बड़े राजनीतिक दलों के साथ विलय की राह तलाश रहे हैं।मदन मित्रा ने भी बदला पाला: ममता बनर्जी के सबसे करीबी ने थामा ऋतब्रत का हाथकोयल मलिक के इस्तीफे से ठीक एक दिन पहले, बुधवार को ममता बनर्जी के बेहद वफादार और पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन मित्रा ने भी टीएमसी के आधिकारिक धड़े को तगड़ा झटका दे दिया। कामरहाटी से मौजूदा विधायक मदन मित्रा ने नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले शक्तिशाली बागी गुट से हाथ मिला लिया है। मित्रा ने मीडिया के सामने आकर घोषणा की कि वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सभी राष्ट्रीय और संगठनात्मक समितियों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (Chief Whip) के गरिमामयी पद को भी त्याग दिया है, जो ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक नुकसान है।मैंने अपना कमरा बदला है, मकान नहीं: बागी तेवरों के साथ चारपाई को चुनाइस बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मदन मित्रा ने बेहद शायराना और राजनीतिक रूप से चतुर बयान दिया। उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात के बाद कहा, मैंने सिर्फ अपना कमरा बदला है, अपना मकान नहीं बदला। मैं तकनीकी रूप से आज भी तृणमूल कांग्रेस का ही हिस्सा हूं। अपनी बात को आगे समझाते हुए उन्होंने कहा कि शायद ममता बनर्जी वाले कमरे में बेहद आरामदायक और आलीशान बिस्तर था, जबकि ऋतब्रत बनर्जी वाले बागी कमरे में सिर्फ एक साधारण चारपाई है, और उन्होंने जनता की आवाज के रूप में इस चारपाई को चुनना बेहतर समझा। मित्रा ने साफ कर दिया कि वह ममता गुट में कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं लेंगे, लेकिन वह सदन में विधायक बने रहेंगे। इस सिलसिलेवार बगावत ने ममता बनर्जी के राजनीतिक भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:19 pm

Royal Enfield Classic 350 का 2026 अपडेट लॉन्च, अब मिलेगा Slipper Clutch और Fast USB Type-C Charger; जानें नई कीमतें

रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) ने अपनी लोकप्रिय Classic 350 मोटरसाइकिल को 2026 मॉडल ईयर के लिए अपडेट कर दिया है। कंपनी ने इस बार बाइक में दो उपयोगी फीचर्स जोड़े हैं, जिनमें Assist & Slipper Clutch और फास्ट USB Type-C चार्जिंग पोर्ट शामिल हैं। हालांकि, ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 4:17 pm

महाराष्ट्र के धुले में डीज़ल टैंकर में भीषण आग; सूरत-नागपुर हाईवे पर जाम

धुले। महाराष्ट्र में सूरत-नागपुर हाईवे पर नेर गांव के पास गुरुवार सुबह एक डीज़ल टैंकर में भीषण आग लग गई। अचानक लगी इस आग से राजमार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। घटना की जानकारी मिलने पर धुले नगर निगम के अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने आग बुझाने के लिए कड़ी मशक्कत की। लेकिन आग […] The post महाराष्ट्र के धुले में डीज़ल टैंकर में भीषण आग; सूरत-नागपुर हाईवे पर जाम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 4:03 pm

हनुमानगढ़ में बीएससी नर्सिंग छात्रा ने छत से कूद कर आत्महत्या की

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जंक्शन में परीक्षा परिणाम से निराशा और अवसाद में डूबी बीएससी नर्सिंग की 22 वर्षीय छात्रा ने छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार शाम करीब साढ़े बजे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई, जहां वह अन्य छात्राओं के साथ पूजा जाट (22) किराए के मकान में रह रही थी। […] The post हनुमानगढ़ में बीएससी नर्सिंग छात्रा ने छत से कूद कर आत्महत्या की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 3:55 pm

आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर चलेगा बुलडोजर, 40 में से 38 कमरे अवैध

रामपुर विकास प्राधिकरण ने वरिष्ठ सपा नेता मोहम्मद आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के बना हुआ अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया है। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार को भी ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 3:49 pm

सुरक्षा बलों ने मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, 9 अरेस्ट

इंफाल। मणिपुर में पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदेश भर में कई अभियान चलाकर भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद करने के साथ ही आपराधिक, उग्रवाद से जुड़े और अन्य मामलों में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों ने बुधवार को इंफाल पश्चिम जिले में वांगोई थाना क्षेत्र […] The post सुरक्षा बलों ने मणिपुर में भारी मात्रा में हथियार बरामद किए, 9 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 3:30 pm

बीकानेर के छत्तरगढ़ में परस्पर झगड़े में 3 लोगों की मौत, एक घायल

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के छत्तरगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को परस्पर झगड़े में तीन लोगों की मौत हाे गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ग्राम पंचायत खारवाली के सुरजनवाली गांव में किसी लड़की के रिश्ते को लेकर हो रही पंचायत में दो पक्षों में कहासुनी हो गई, […] The post बीकानेर के छत्तरगढ़ में परस्पर झगड़े में 3 लोगों की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 3:22 pm

नालंदा दौरे पर अचानक लगा 'ब्रेक', सुधा डेयरी के दही प्लांट का शिलान्यास कार्यक्रम स्थगित

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आज प्रस्तावित नालंदा दौरा आखिरी समय में स्थगित कर दिया गया है। उनके इस दौरे में नालंदा स्थित सुधा डेयरी परिसर में अत्याधुनिक 'दही प्लांट' का शिलान्यास कार्यक्रम मुख्य रूप से शामिल था। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया है। प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, अपरिहार्य कारणों से उप मुख्यमंत्री का कार्यक्रम फिलहाल के लिए टाल दिया गया है और अब नई तारीखों का ऐलान जल्द ही किया जाएगा।क्यों टला महत्वपूर्ण शिलान्यास कार्यक्रम?सम्राट चौधरी के नालंदा आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर थीं। सुधा डेयरी के इस दही प्लांट को लेकर स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों में भारी उत्साह था। हालांकि, अचानक आए इस बदलाव ने पूरे कार्यक्रम पर विराम लगा दिया है। सूत्रों की मानें तो कुछ व्यस्तताओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों के चलते दौरे को आगे खिसकाया गया है। सुरक्षा और प्रोटोकॉल के लिहाज से भी प्रशासन इस बदलाव को सामान्य मान रहा है, लेकिन क्षेत्र के लोगों में इस देरी को लेकर चर्चाओं का बाजार जरूर गर्म है।सुधा डेयरी और नालंदा के लिए क्या हैं मायने?यह दही प्लांट परियोजना नालंदा के दुग्ध उद्योग के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही थी। इस प्लांट के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होने थे और दुग्ध उत्पादकों को अपनी उपज का और बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद थी। उप मुख्यमंत्री के दौरे का मुख्य एजेंडा भी इसी क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। अब जब कार्यक्रम टल गया है, तो स्थानीय जनता और डेयरी से जुड़े लोगों को अपनी नई उम्मीदों को साकार करने के लिए कुछ और समय तक इंतजार करना होगा।प्रशासन ने दी कार्यक्रम स्थगित होने की जानकारीनालंदा जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रम के स्थगित होने की आधिकारिक सूचना दे दी है। आयोजन स्थल पर की गई सजावट और सुरक्षा व्यवस्थाओं को फिलहाल हटा लिया गया है। वहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह एक अस्थायी बदलाव है और उप मुख्यमंत्री जल्द ही नालंदा आकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नींव रखेंगे। नई तारीख के संबंध में जैसे ही प्रोटोकॉल से दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। तब तक के लिए डेयरी प्लांट का काम अभी कागजों में ही आगे बढ़ेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:13 pm

ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गुरुवार को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। TMC की राज्यसभा सांसद कोएल मल्लिक ने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 3:13 pm

समस्तीपुर में 'पानी के लिए जंग' खत्म! नई जलापूर्ति परियोजना को मिली मंजूरी, घर-घर पहुँचेगा शुद्ध जल

समस्तीपुर के निवासियों के लिए एक अत्यंत सुखद खबर सामने आई है। लंबे समय से पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे इस क्षेत्र के लिए सरकार ने एक बड़ी और महत्वाकांक्षी जलापूर्ति परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही शहर और ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए होने वाली स्थानीय जंग पर पूर्ण विराम लगने की उम्मीद जग गई है। इस परियोजना के धरातल पर उतरते ही समस्तीपुर की न केवल बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के स्तर में भी व्यापक बदलाव आएगा।क्या है समस्तीपुर का वाटर मास्टर प्लान?प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत समस्तीपुर के विभिन्न वार्डों और आसपास के इलाकों में पाइपलाइन का जाल बिछाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, ताकि लोगों को जल स्रोतों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि पानी की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। यह परियोजना न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ी की जल सुरक्षा को भी ध्यान में रखकर तैयार की गई है।कैसे बदलेगी समस्तीपुर की तस्वीर?समस्तीपुर में जलापूर्ति की समस्या एक गंभीर मुद्दा बनी हुई थी, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस परियोजना के कार्यान्वयन से न केवल पानी की बर्बादी कम होगी, बल्कि भूजल स्तर को बचाने में भी मदद मिलेगी। बेहतर जल बुनियादी ढांचे के साथ, शहर के विकास की गति भी तेज होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह परियोजना निर्धारित समय के भीतर पूरी होती है, तो यह समस्तीपुर के इतिहास में विकास का एक मील का पत्थर साबित होगी।जल्द शुरू होगा काम, प्रशासन की है पैनी नजरपरियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य को लेकर प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री और संबंधित विभागीय मंत्री ने स्थानीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी तरह का समझौता न हो। अगले कुछ महीनों में निर्माण कार्य का भूमि पूजन होने की संभावना है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस कार्य में सहयोग करें। अब देखना यह है कि यह 'समस्तीपुर जलापूर्ति मिशन' जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:10 pm

जन सुराज को बड़ा झटका! केसी सिन्हा के बाद इन दिग्गज नेताओं ने भी छोड़ा साथ, BJP में हुए शामिल

बिहार की सियासत में 'जन सुराज' अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। केसी सिन्हा के पार्टी छोड़ने के बाद अब जन सुराज के कई और बड़े चेहरों ने प्रशांत किशोर का साथ छोड़ दिया है। इन नेताओं ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। एक के बाद एक वरिष्ठ नेताओं के पार्टी छोड़ने से न केवल जन सुराज के कैडर में हड़कंप मचा है, बल्कि प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति और पार्टी गठन की कवायद पर भी कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।केसी सिन्हा के बाद 'एग्जिट' का सिलसिला जारीजन सुराज की स्थापना और उसे जमीनी स्तर पर मजबूत करने में जिन नेताओं की भूमिका अहम थी, अब वही नेता प्रशांत किशोर के विजन से किनारा कर रहे हैं। केसी सिन्हा का जाना पार्टी के लिए एक बड़ा नुकसान माना जा रहा था, लेकिन अब अन्य दिग्गज नेताओं के बीजेपी में शामिल होने ने इस झटके को और गहरा कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह केवल नेताओं का पलायन नहीं है, बल्कि बिहार में बदल रहे राजनीतिक समीकरणों का संकेत है, जहाँ नेता अब अपनी भविष्य की राजनीति को सुरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय पार्टियों की ओर रुख कर रहे हैं।बीजेपी ने किया 'डिजिटल' और 'जमीनी' वारबीजेपी में शामिल होने वाले इन नेताओं का स्वागत करते हुए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया है। इन नेताओं के बीजेपी में आने से पार्टी को न केवल जन सुराज की अंदरूनी रणनीति समझने में मदद मिलेगी, बल्कि उन इलाकों में भी पकड़ मजबूत होगी जहां प्रशांत किशोर बीते काफी समय से मेहनत कर रहे थे। जन सुराज के इन नेताओं ने बीजेपी ज्वाइन करते समय वर्तमान नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए और प्रधानमंत्री के विजन को बिहार के विकास के लिए बेहतर बताया।प्रशांत किशोर की चुनावी चुनौती और आगे की राहइन इस्तीफों के बाद प्रशांत किशोर के सामने अब अपनी टीम को एकजुट रखने की सबसे बड़ी चुनौती है। हालांकि, प्रशांत किशोर हमेशा से कहते आए हैं कि जन सुराज कोई पारंपरिक पार्टी नहीं बल्कि एक 'आंदोलन' है और इसमें आने-जाने वालों से संगठन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन धरातल की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, वे जन सुराज के उन क्षेत्रों में प्रभावशाली थे जहाँ पीके अपनी सबसे मजबूत नींव तैयार करना चाहते थे। क्या जन सुराज इस बिखराव से उबर पाएगा, या आने वाले दिनों में और भी बड़े नेता किनारा करेंगे? यह आने वाला समय ही बताएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:07 pm

सियासत में 'स्लिप ऑफ टंग' का खेल! फिसली जुबान तो सत्ता के गलियारों में खड़े हुए सौ सवाल

राजस्थान की राजनीति इन दिनों बयानों के तीर और 'स्लिप ऑफ टंग' के इर्द-गिर्द घूम रही है। सियासत के मैदान में कब क्या बोल दिया जाए, इसका असर सीधे सत्ता के समीकरणों पर पड़ता है। पिछले कुछ समय में प्रदेश के बड़े नेताओं की जुबान तीन बार ऐसी फिसली कि विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल गया और सत्ता पक्ष के लिए बचाव करना मुश्किल हो गया। जुबान से निकले ये शब्द महज गलतफहमी हैं या फिर सोची-समझी सियासी चाल, यह सवाल आज राजस्थान की हर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।जुबान का खेल और सियासी बवंडरराजनीति में शब्द ही हथियार होते हैं और जब वही शब्द गलत तरीके से बाहर आते हैं, तो वे विवाद का रूप ले लेते हैं। हाल ही में हुए तीन अलग-अलग बयानों ने राजस्थान की राजनीति को गरमा दिया है। कभी किसी ने विकास के दावों को गलत शब्दों में पेश किया, तो कभी किसी ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए मर्यादा की सीमा लांघ दी। इन 'स्लिप ऑफ टंग' के बाद नेताओं के खेमों में खलबली मची है और हर बयान का अलग-अलग अर्थ निकालकर उसे जनता के बीच पेश किया जा रहा है। सत्ता के गलियारों में अब इन बयानों के पीछे के असली मकसद पर सौ सवाल खड़े हो रहे हैं।सत्ता के गलियारों में बढ़ी बेचैनीजब भी कोई बड़ा नेता बयान देता है, तो उसकी 'बॉडी लैंग्वेज' और 'टाइमिंग' को बहुत बारीकी से परखा जाता है। इन तीन चर्चित मामलों ने पार्टी की छवि को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जानकार मानते हैं कि ये बयान भले ही 'फिसलन' लग रहे हों, लेकिन इनके जरिए किसी न किसी गुट को संदेश देने की कोशिश जरूर होती है। क्या ये गलतियां चुनावी साल में भारी पड़ेंगी? या फिर जनता इन बयानों को नजरअंदाज कर देगी? नेताओं की ये फिसलती जुबान अब सीधे तौर पर वोट बैंक के आंकड़ों को प्रभावित करने की क्षमता रखती है।क्या ये वाकई 'स्लिप ऑफ टंग' है?सियासी गलियारों में एक पुरानी कहावत है कि राजनेता कभी अनजाने में कुछ नहीं बोलते। विश्लेषकों का मानना है कि जुबान का फिसलना अक्सर दबी हुई भावनाओं को बाहर लाता है। इन बयानों के बाद विरोधियों ने न केवल आक्रामक रुख अपनाया है, बल्कि सोशल मीडिया पर मीम्स और वीडियो के जरिए इन बयानों को बार-बार वायरल किया जा रहा है। दूसरी तरफ, संबंधित पार्टी के समर्थक इसे महज एक मानवीय गलती बताकर बचाव कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या यह जुबानी खेल आगामी राजनीति में कोई नया मोड़ लाएगा या फिर वक्त के साथ इन विवादों की धूल जम जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:05 pm

राजधानी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 42 थानों के SHO बदले; 82 इंस्पेक्टरों की सूची जारी

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। कमिश्नर सचिन मित्तल ने देर रात एक आदेश जारी कर 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर्स) का तबादला कर दिया है, जिनमें से 42 थानों के एसएचओ (SHO) भी शामिल हैं। इस बड़े फेरबदल को राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। कई ऐसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है जिनके पास फील्ड का लंबा अनुभव है।कमिश्नर सचिन मित्तल का 'मास्टरस्ट्रोक'जयपुर में क्राइम कंट्रोल और जनता से जुड़ाव को मजबूत करने के लिए कमिश्नर सचिन मित्तल ने यह बड़ा निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से एक ही थाने में जमे और कार्यकुशलता के आधार पर अधिकारियों का आकलन करने के बाद यह फेरबदल किया गया है। तबादला सूची में उन इंस्पेक्टरों को प्रमुख थानों की जिम्मेदारी दी गई है, जो पूर्व में चुनौतीपूर्ण मामलों को सुलझाने में अपनी दक्षता साबित कर चुके हैं। कमिश्नर का साफ संदेश है कि राजधानी में पुलिसिंग का स्तर और अधिक पारदर्शी और त्वरित होना चाहिए।42 थानों में नए कप्तान, अपराधियों में खौफराजधानी के 42 प्रमुख थानों के एसएचओ बदले जाने के बाद से पुलिसिंग में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है। जिन थानों में लंबे समय से अपराधों का ग्राफ बढ़ा था या जनता से जुड़ी शिकायतों का निपटारा धीमा था, वहां नए और अनुभवी अफसरों को तैनात किया गया है। यह फेरबदल न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से जरूरी था, बल्कि स्थानीय जनता और पुलिस के बीच भरोसे को बहाल करने के लिए भी देखा जा रहा है। नए एसएचओ को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसें।क्या होगा जयपुर की सुरक्षा पर असर?इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद पुलिस मुख्यालय में भी हलचल तेज है। जयपुर पुलिस के इस बदलाव को आगामी समय के लिए एक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नए चेहरों के साथ पुलिस का कार्य करने का तरीका और अधिक सक्रिय होगा। विशेष रूप से संवेदनशील थाना क्षेत्रों में तैनात किए गए नए प्रभारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। यह सूची जारी होने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपना पदभार संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:04 pm

अब और भी आसान होगा टिकट बुकिंग! MNIT छात्रों के सुझावों से तैयार हुआ नया 'स्मार्ट' पोर्टल, जल्द होगा फाइनल लॉन्च

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) अपने यात्रियों को एक बेहतर और निर्बाध अनुभव देने के लिए कमर कस चुका है। हाल ही में IRCTC की नई वेबसाइट का खाका तैयार किया गया है, जिसे और भी अधिक यूजर-फ्रेंडली बनाने के लिए जयपुर स्थित MNIT (मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के छात्रों की मदद ली गई है। इन छात्रों के नवीन तकनीकी सुझावों और रिसर्च को नए पोर्टल में शामिल किया गया है। बड़ी बात यह है कि इस नई वेबसाइट को आम यूजर्स से मिले फीडबैक के आधार पर डिजाइन किया गया है, जिससे टिकट बुकिंग से लेकर कैंसिलेशन तक की प्रक्रिया अब चुटकियों में पूरी हो सकेगी।MNIT छात्रों की रिसर्च से बदली वेबसाइट की तस्वीरइस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एकेडमिक इनोवेशन का तड़का लगाया गया है। MNIT के छात्रों ने एक विस्तृत अध्ययन किया था कि एक आम यात्री को टिकट बुक करते समय किन-किन तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छात्रों ने न केवल इन समस्याओं को चिन्हित किया, बल्कि उनके प्रभावी समाधान भी सुझाए। IRCTC के अधिकारियों ने इन सुझावों को सराहा और उन्हें नए पोर्टल के 'यूजर इंटरफेस' (UI) और 'यूजर एक्सपीरियंस' (UX) में पूरी तरह से ढाल दिया है। अब वेबसाइट का नेविगेशन पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सरल और तेज होगा।यूजर्स के फीडबैक का रखा गया खास ध्यानकिसी भी बड़े प्लेटफॉर्म के लिए यूजर्स का फीडबैक सबसे महत्वपूर्ण होता है। नया पोर्टल तैयार करने से पहले लाखों यात्रियों से मिले सुझावों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। अक्सर शिकायत रहती थी कि पीक ऑवर में वेबसाइट स्लो हो जाती है या पेमेंट गेटवे पर अटक जाती है। इन तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए नए पोर्टल को अधिक 'स्केलेबल' बनाया गया है। अब बुकिंग के दौरान लोड पड़ने पर भी वेबसाइट क्रैश नहीं होगी, जिससे टिकट बुकिंग का अनुभव और भी सहज और भरोसेमंद हो जाएगा।कब से मिलेगी आम यात्रियों को नई सुविधा?सूत्रों के अनुसार, वेबसाइट का बीटा टेस्टिंग चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अंतिम रूप देने से पहले सुरक्षा मानकों और सर्वर स्टेबिलिटी की जांच की जा रही है। जल्द ही इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से लॉन्च कर दिया जाएगा। IRCTC का यह आधुनिक 'जेनरेटिव' और 'आंसर इंजन' फ्रेंडली पोर्टल न केवल टिकट बुकिंग में मदद करेगा, बल्कि यात्रा से जुड़ी अन्य जानकारी भी एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा। रेल यात्रियों के लिए यह किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है, जो डिजिटल इंडिया के सफर को एक नई रफ्तार देगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:02 pm

कुत्तों के 'खूनी आतंक' से सहमा पब्बियां! खेत में पूर्व सरपंच को नोचकर मार डाला, 15 दिन में दूसरी मौत ने जगाया गुस्सा

पंजाब के पब्बियां इलाके में आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब लोगों का अपने घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। हाल ही में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक पूर्व सरपंच को उनके ही खेत में कुत्तों के झुंड ने घेर लिया और बेरहमी से नोच-नोच कर उनकी जान ले ली। हैरत की बात यह है कि कुत्तों ने उनके शरीर के अंगों, विशेषकर बाजू और टांग को बुरी तरह खा लिया। पब्बियां में पिछले महज 15 दिनों के भीतर यह दूसरी मौत है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।खेत में काम करते समय हुआ 'मौत' का सामनामिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सरपंच रोजाना की तरह अपने खेत में काम करने गए थे। तभी अचानक आक्रामक कुत्तों के एक झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। बुजुर्ग होने के कारण वे खुद को बचा नहीं पाए और कुत्तों ने उन पर टूट पड़ते हुए शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया। जब काफी देर तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने तलाश शुरू की, जहाँ उनका शव बेहद दयनीय स्थिति में मिला। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में गहरा रोष है और लोग अब सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।15 दिनों में दो मौतें: क्या पब्बियां में प्रशासन सो रहा है?पब्बियां इलाके में कुत्तों के हमले का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मात्र दो सप्ताह के भीतर यह दूसरी जान गई है। पहली घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने का नतीजा एक और निर्दोष की मौत के रूप में सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही के कारण ये आवारा कुत्ते अब आदमखोर होते जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासन पर दबावइस खूनी वारदात के बाद गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और किसान खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन आवारा कुत्तों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर नहीं भेजा गया, तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। वहीं, प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और डॉग कैचर टीम को मौके पर तैनात किया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह महज एक खानापूर्ति होगी या इस खूनी आतंक से लोगों को वाकई आजादी मिलेगी?

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 3:01 pm

केरल हाई कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड के कामकाज को निलंबित किया

कोच्चि। केरल हाई कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड के कामकाज को निलंबित करने का अंतरिम आदेश जारी किया है। भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई के उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता शॉन जॉर्ज द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया। अदालत ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के इस तर्क को स्वीकार किया कि वर्तमान […] The post केरल हाई कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड के कामकाज को निलंबित किया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 2:58 pm

जालंधर में सुरक्षा का 'कवच' तैयार! कैंट रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट, डीजीपी गौरव यादव ने खुद संभाली कमान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी पंजाब दौरे को देखते हुए जालंधर पूरी तरह से सुरक्षा के घेरे में है। विशेष रूप से जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन और प्रधानमंत्री के संभावित रूट पर सुरक्षा की परतें इतनी सख्त कर दी गई हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। राज्य के पुलिस प्रमुख, डीजीपी गौरव यादव ने खुद फील्ड में उतरकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली है। पूरे जालंधर जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य फोकस रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील इलाकों पर है।डीजीपी गौरव यादव की सीधी निगरानी में सुरक्षा का खाकाप्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी गौरव यादव ने आला अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद, उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे पूरी सतर्कता बरतें। स्टेशन के हर प्रवेश और निकास द्वार पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और डॉग स्क्वायड व बम निरोधक दस्ते को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है।जालंधर में चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों का पहराप्रधानमंत्री के संभावित रूट और सभा स्थल के आसपास के क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। जालंधर के हर बड़े चौक-चौराहे पर नाकाबंदी कर दी गई है और आने-जाने वाले हर वाहन की सघन चेकिंग की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने होटल, सराय और गेस्ट हाउस मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को कमरा देने से पहले पुलिस को सूचना दें। इस दौरान किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है और एंटी-ड्रोन सिस्टम को भी एक्टिव कर दिया गया है।सुरक्षा के साथ-साथ प्रोटोकॉल का विशेष ध्यानपीएम मोदी के दौरे को लेकर पंजाब पुलिस, रेलवे पुलिस (GRP) और खुफिया एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए जारी 'ब्लू बुक' के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम अनिवार्य हैं। सुरक्षा के ये पुख्ता इंतजाम न केवल प्रधानमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी मजबूती प्रदान करते हैं। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:57 pm

अब सड़क निर्माण में नहीं चलेगी सुस्ती! CM के 'एक्शन मोड' से मचा हड़कंप, प्रोजेक्ट्स के लिए तय की 2 महीने की डेडलाइन

झारखंड में लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने अब सख्त तेवर अपना लिए हैं। राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को गड्ढा मुक्त सड़कों की सौगात देने के लिए सीएम ने 'एक्शन मोड' में आते हुए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि परियोजनाओं में देरी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधूरे कार्य हर हाल में अगले दो महीने की डेडलाइन के भीतर पूरे करने होंगे। इस निर्देश के बाद निर्माण एजेंसियों और विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।परियोजनाओं की समीक्षा और सीएम की दो टूक चेतावनीमुख्यमंत्री ने हाल ही में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने राज्य भर में चल रहे रोड कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की धीमी गति पर नाराजगी जताई। सीएम ने कहा कि बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद अगर काम पूरा नहीं हो रहा है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही है। उन्होंने दो महीने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि के दौरान कार्यों की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा की जाएगी। किसी भी स्तर पर अगर काम में देरी या क्वालिटी के साथ समझौता पाया गया, तो संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।जवाबदेही तय करने का नया फॉर्मूलाइस बार सीएम ने सिर्फ डेडलाइन ही तय नहीं की है, बल्कि जवाबदेही (Accountability) भी फिक्स कर दी है। हर सड़क परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो साप्ताहिक रिपोर्ट सीधे सीएमओ को भेजेगा। यदि किसी भी जिले में सड़क का काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों की होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि काम को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर उसे धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारा जाए।आम जनता को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी की सौगातझारखंड में सड़कों की खराब हालत को लेकर लंबे समय से शिकायतें आ रही थीं, जिससे व्यापार और आवागमन प्रभावित हो रहा था। सीएम के इस कदम से राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है। दो महीने की इस डेडलाइन के बाद राज्य की प्रमुख सड़कों की तस्वीर बदलने की संभावना है, जिसका सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा। सीएम के इस कड़े रुख को देखते हुए अब निर्माण एजेंसियों ने भी काम की गति तेज कर दी है, जिससे आने वाले समय में झारखंड की सड़कों पर सफर आसान और सुरक्षित होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:55 pm

E-20 ईंधन विवाद में मारुति सुजुकी एवं डीलर जिम्मेदार, नई कार देने या फिर 20.50 लाख रुपए लौटाने का आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (E-20) से जुड़ी तकनीकी खराबी के मामले में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर नवेरा मेंटेनो स्काई ऑटो मोबाईल्स को सेवा में कमी एवं अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी ठहराते हुए उपभोक्ता के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला […] The post E-20 ईंधन विवाद में मारुति सुजुकी एवं डीलर जिम्मेदार, नई कार देने या फिर 20.50 लाख रुपए लौटाने का आदेश appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 2:37 pm

बेमिसाल बच्‍चे अदृश्‍य शक्‍तियों से मचाएंगे धमाल, अभिषेक छजलानी की कॉमिक्‍स में खुलेंगे रहस्‍य, देश के दुश्‍मनों को देंगे पटखनी

अभिषेक खुद कॉमिक्‍स के इतने दीवाने रहे हैं कि घर से मिली अपनी पॉकेट मनी से कॉमिक्‍स खरीद लिया करते थे। उनकी इस दीवानगी खुद उन्‍हें कॉमिक्‍स राइटर बना दिया है। वे शुरू से चाहते थे कि बच्‍चों के लिए साहित्‍य, कविता और कहानियां लिखे, फिलहाल उन्‍होंने ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 2:34 pm

घर पर चिपका TSPC का पोस्टर! युवती को बताया 'मुखबिर', पूरे परिवार को जिंदा जलाने की धमकी से दहला इलाका

राजधानी रांची से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। शहर के एक रिहायशी इलाके में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन 'तृतीय प्रस्तुति कमेटी' (TSPC) के नाम से एक धमकी भरा पोस्टर चिपकाया गया है। इस पोस्टर में एक युवती को पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए उसे और उसके पूरे परिवार को जिंदा जलाने की चेतावनी दी गई है। घटना के बाद से पीड़िता का परिवार बुरी तरह सहमा हुआ है और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगा रहा है।पोस्टर में क्या है धमकी का मजमून?धमकी भरे इस पोस्टर में साफ़ शब्दों में लिखा गया है कि यदि संबंधित युवती ने अपनी 'हरकतें' बंद नहीं की, तो उसे और उसके पूरे परिवार को किसी भी वक्त जिंदा जला दिया जाएगा। टीएसपीसी (TSPC) के नाम का इस्तेमाल करते हुए इस तरह की धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। घर की दीवार पर चिपके इस पोस्टर को देखते ही मोहल्ले में हड़कंप मच गया। लोग इस बात से हैरान हैं कि दिनदहाड़े और सरेआम इस तरह की वारदात को अंजाम कैसे दिया गया, जबकि पुलिस सुरक्षा के कड़े दावे करती है।मुखबिरी के शक में खौफ का खेलआरोप है कि उग्रवादियों को यह शक है कि वह युवती पुलिस को उनके संगठन की गुप्त जानकारियां मुहैया करा रही है। इसी के चलते उसे निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, परिवार का कहना है कि उनकी बेटी का किसी भी तरह की मुखबिरी से कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है। यह घटना रांची में बढ़ते उग्रवादी प्रभाव और आम नागरिकों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। धमकी भरे पोस्टर के बाद से परिवार ने घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया है।पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायराघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह किसी शरारती तत्व की करतूत भी हो सकती है, जो संगठन के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाना चाहता है। फिलहाल, पुलिस मामले की हर एंगल से पड़ताल कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पीड़ित परिवार के घर के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी अफवाहों या धमकियों से न डरें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:30 pm

MP UCC: मोहन सरकार समान नागरिक संहिता के जरिए साध रही है हिंदुत्व का एजेंडा?

मध्यप्रदेश के मानसून सत्र में मोहन सरकार UCC से जुड़ा अहम विधयेक लाने जा रही है। 20 जुलाई से शुरु हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र के पहले 19 जलाई को कैबिनेट की बैठक में UCC कमेटी के प्रतिवेदन को कैबिनेट में रखा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद मोहन ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 2:30 pm

पांच जिलों से शुरू होगा 'संगठन पर्व', प्रभारी संजय दत्त का दौरा तय करेगा सियासत की नई दिशा

हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावों की तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए कमर कस ली है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी संजय दत्त अब संगठन विस्तार और मजबूती के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस मिशन की शुरुआत राज्य के पांच प्रमुख जिलों से हो रही है, जहां संजय दत्त सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे और संगठन की नब्ज टटोलेंगे। यह दौरा कार्यकर्ताओं में जोश भरने और पार्टी की गुटबाजी को दरकिनार कर एक जुटता का संदेश देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।19 से 23 जुलाई: क्या है प्रभारी संजय दत्त का पूरा प्लान?पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह दौरा 19 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगा। इन पांच दिनों में संजय दत्त न केवल स्थानीय नेताओं के साथ बैठकें करेंगे, बल्कि ब्लॉक और जिला स्तर के पदाधिकारियों की समस्याओं को भी सुनेंगे। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं को सीधे निर्देश देंगे कि किस तरह जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों के खिलाफ लामबंद होना है। 19 जुलाई से शुरू हो रहा यह अभियान हरियाणा कांग्रेस के लिए एक 'संगठन पर्व' जैसा होगा, जिसमें हर जिले में अलग-अलग रणनीति पर चर्चा की जाएगी।पांच जिलों से फूंकेंगे बिगुल, बदलेगी संगठन की तस्वीरकांग्रेस की रणनीति इस बार स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने की है। जिन पांच जिलों को इस पहले दौर के लिए चुना गया है, वहां पार्टी की पकड़ को और अधिक धारदार बनाने पर जोर दिया जाएगा। प्रभारी संजय दत्त का मुख्य उद्देश्य संगठन में रिक्त पड़े पदों को भरना और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावी संग्राम के लिए तैयार करना है। कांग्रेस हाईकमान का मानना है कि यदि इन पांच जिलों में संगठन का ढांचा दुरुस्त हो गया, तो इसका सकारात्मक असर पूरे प्रदेश की अन्य सीटों पर भी दिखाई देगा।चुनावी आहट के बीच कार्यकर्ताओं में उत्साहहरियाणा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता प्रभारी के इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं। पिछले काफी समय से जिस तरह से संगठन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, इस दौरे से उन सभी अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद है। संजय दत्त के दौरे को लेकर जिलों में समन्वय समितियां बनाई गई हैं, जो प्रभारी के स्वागत और बैठकों के आयोजन को सफल बनाने में जुटी हैं। यह दौरा सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि 2026-27 के आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस के 'ब्लूप्रिंट' को लागू करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:24 pm

भीलवाड़ा : रिश्वत लेने के दोषी तत्कालीन एएसआई को 4 वर्ष का कठोर कारावास

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के विशेष न्यायालय ने रिश्वत लेने के आरोपी तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को गुरुवार को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश पवन कुमार सिंघल ने अभियुक्त तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक कालूराम कहार को रिश्वत लेने का दोषी […] The post भीलवाड़ा : रिश्वत लेने के दोषी तत्कालीन एएसआई को 4 वर्ष का कठोर कारावास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 2:09 pm

अंबाला कैंट से चलेगी 'संत रविदास एक्सप्रेस', पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी! तैयारी पूरी, होगा भव्य स्वागत

हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए एक बेहद सुखद और उत्साहजनक खबर सामने आई है। रेल कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही 'संत रविदास एक्सप्रेस' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या सीधे अंबाला कैंट स्टेशन पहुंचकर हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस ट्रेन का परिचालन शुरू होने से अंबाला और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए तीर्थ स्थलों तक पहुंचना अब पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। अंबाला कैंट स्टेशन पर पीएम के आगमन और ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।अंबाला कैंट स्टेशन पर ऐतिहासिक आयोजन की तैयारीपीएम मोदी के आगमन को देखते हुए अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने पूरे स्टेशन को अपनी निगरानी में ले लिया है। इस भव्य कार्यक्रम में न केवल रेल मंत्री और स्थानीय सांसद शामिल होंगे, बल्कि बड़ी संख्या में संत समाज के लोग और स्थानीय जनता भी इस पल की गवाह बनेगी। स्टेशन परिसर में संत रविदास जी के जीवन और संदेशों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है, जो यात्रियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी।क्यों खास है 'संत रविदास एक्सप्रेस'?यह ट्रेन न केवल कनेक्टिविटी का माध्यम है, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है। संत रविदास एक्सप्रेस का रूट इस तरह से तैयार किया गया है कि यह प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी। यात्रियों को इस ट्रेन में आधुनिक सुविधाएं जैसे आरामदायक सीटें, सुरक्षित कोच और समयबद्धता का विशेष लाभ मिलेगा। अंबाला से शुरू होने वाली यह सेवा न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए भी वरदान साबित होगी।हरियाणा के विकास में रेल कनेक्टिविटी का बड़ा रोलहरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के तहत पिछले कुछ वर्षों में रेलवे ने कई नई लाइनें और ट्रेनों की सौगात दी है। संत रविदास एक्सप्रेस का संचालन शुरू होने के बाद अंबाला कैंट स्टेशन के महत्व में और भी इजाफा होगा। यह ट्रेन उन यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा होगी जो लंबे समय से इस रूट पर नई सेवा की मांग कर रहे थे। पीएम मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने के बाद यह ट्रेन अपने पहले सफर के लिए रवाना होगी, और इसे लेकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 2:02 pm

भरतपुर : शिक्षक के खिलाफ स्कूल में 8 साल की बालिका से छेडछाड़ करने का केस दर्ज

भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के एक सरकारी स्कूल में पदस्थ 58 वर्षीय एक अध्यापक पर कक्षा तीन में अध्ययनरत आठ वर्ष की छात्रा को सुनसान कमरे में ले जाकर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि आरोपी अध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज करके बालिका के अदालत में बयान […] The post भरतपुर : शिक्षक के खिलाफ स्कूल में 8 साल की बालिका से छेडछाड़ करने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 1:57 pm

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर ओपन जेल में सजा काट रहे दो कैदियों की शादी को दी मंजूरी

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखे आदेश में जोधपुर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों को शादी करने की इजाजत दे दी। कोर्ट ने कहा कि अपनी मर्जी से शादी करने वाले दो बालिग लोगों की शादी संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत आजादी के अधिकार के दायरे में आती है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 1:55 pm

IIT कानपुर के इस लड़के ने 26 की उम्र में 1 दिन में कमाए 77 करोड़! कैसे AI ने बदली सिद्धार्थ सक्सेना की किस्मत

Siddhartha Saxena: IIT कानपुर के ग्रेजुएट सिद्धार्थ सक्सेना ने 26 साल की उम्र में एक ही दिन में 77 करोड़ रुपये कमाकर इतिहास रच दिया। जानिए उनके स्टार्टअप Merlin की कहानी।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 1:54 pm

स्कूल में भारी बवाल: हिंदू छात्र से जबरन पढ़वाया 'कलमा' और 'फातिहा', उग्र विरोध के बाद आरोपी टीचर बर्खास्त!

हैदराबाद के एक स्कूल में कथित रूप से हिंदू छात्र पर 'कलमा' और 'फातिहा' पढ़ने का दबाव बनाने और होमवर्क देने का मामला तूल पकड़ रहा है। इस घटना से स्कूल प्रशासन के खिलाफ अभिभावकों, स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में आक्रोश है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने एक टीचर को निलंबित कर दिया है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 1:38 pm

री-सेल का झंझट खत्म! अब कोई भी खरीद सकेगा BH सीरीज की गाड़ी, जानिए सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले का असर

अगर आप भी 'BH' यानी 'भारत' सीरीज की गाड़ी के मालिक हैं और उसे बेचने की सोच रहे थे, तो आपके लिए एक बड़ी राहत वाली खबर है। अब तक BH सीरीज की गाड़ियों की री-सेल करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, जिसके चलते कई कार मालिक अपनी गाड़ियां बेचने में कतराते थे। लेकिन अब सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए इन जटिलताओं को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब कोई भी आम नागरिक आसानी से BH सीरीज की गाड़ी खरीद और बेच सकेगा। यह फैसला न केवल उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो बार-बार शहर बदलते हैं, बल्कि उन लोगों के लिए भी है जो पुरानी BH सीरीज कार खरीदने का मन बना रहे थे।क्या थी अब तक की समस्या और क्यों थी री-सेल मुश्किल?पहले के नियमों के अनुसार, BH सीरीज के रजिस्ट्रेशन को केवल उन्हीं लोगों के लिए आरक्षित किया गया था जिनकी नौकरी में अक्सर ट्रांसफर होता रहता है, जैसे सरकारी कर्मचारी या कुछ चुनिंदा निजी कंपनियों के अधिकारी। इस कारण, जब कोई मालिक अपनी कार बेचना चाहता था, तो खरीदार को गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को लेकर भारी कन्फ्यूजन होता था। कई बार खरीदार को स्थानीय आरटीओ में गाड़ी ट्रांसफर कराने में एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ता था। इसी वजह से पुरानी BH सीरीज की गाड़ियों को खरीदार आसानी से नहीं मिलते थे, जिससे इनकी री-सेल वैल्यू (Resale Value) पर भी असर पड़ता था।सरकार का नया फैसला: अब सबको मिलेगी आजादीमंत्रालय के ताजा आदेश के बाद, अब BH सीरीज की गाड़ियों का स्वामित्व हस्तांतरण (Ownership Transfer) बेहद सरल हो गया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब BH सीरीज की गाड़ियां उन लोगों को भी बेची जा सकती हैं जो खुद उस कैटेगरी (ट्रांसफर होने वाली जॉब) में नहीं आते, जिसके लिए यह सीरीज शुरू की गई थी। अब खरीदार को आरटीओ के चक्कर लगाने या तकनीकी उलझनों में फंसने की जरूरत नहीं होगी। गाड़ी का ट्रांसफर उसी तरह हो जाएगा जैसे सामान्य रजिस्ट्रेशन वाली कारों का होता है, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों का कीमती समय बचेगा।कैसे होगा गाड़ी का ट्रांसफर? जानिए पूरी प्रक्रियाइस नए फैसले के साथ प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटाइज कर दिया गया है। यदि आप अपनी BH सीरीज की कार बेचना चाहते हैं, तो आपको बस 'परिवहन सेवा' पोर्टल पर जाकर अपने वाहन के दस्तावेज़ अपडेट करने होंगे। नए खरीदार को अपना पता और पहचान प्रमाण देना होगा, जिसके बाद आरटीओ सिस्टम से ही ट्रांसफर प्रोसेस को मंजूरी मिल जाएगी। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन को एकसमान बनाना और सेकंड-हैंड कार बाजार में पारदर्शिता लाना है। अब BH सीरीज की कारों की डिमांड मार्केट में बढ़ने की पूरी उम्मीद है क्योंकि अब इसे खरीदना-बेचना आम कार की तरह ही आसान हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:37 pm

अब 60 दिन में सुलझेंगे किरायेदारी विवाद! निजी यूनिवर्सिटी खोलना हुआ आसान, पास हुए ये 4 क्रांतिकारी विधेयक

उत्तर प्रदेश में आम आदमी से लेकर शिक्षा जगत तक के लिए राहत भरी खबर है। राज्य विधानसभा में हाल ही में 4 महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए हैं, जो आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। इन विधेयकों में सबसे ज्यादा चर्चा मकान मालिक और किरायेदार के बीच के विवादों को तेजी से सुलझाने और राज्य में निजी शिक्षण संस्थानों की स्थापना को सुगम बनाने की है। सरकार के इस फैसले से अदालतों पर बोझ कम होगा और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।मकान मालिक और किरायेदार विवाद का अब होगा 'फास्ट ट्रैक' समाधानअक्सर देखने में आता है कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच विवाद सालों-साल अदालतों के चक्कर में फंसे रहते हैं। नए विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, अब किरायेदारी से जुड़े मामलों का निपटारा मात्र 60 दिनों की समय सीमा के भीतर करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक निश्चित ट्रिब्यूनल और प्रशासनिक प्रक्रिया तय की गई है, जो दोनों पक्षों को न्याय दिलाने का काम करेगी। सरकार का उद्देश्य किरायेदारी को पारदर्शी बनाना और विवादों को लंबा खिंचने से रोकना है, जिससे दोनों पक्षों को राहत मिल सके।निजी विश्वविद्यालय खोलना हुआ सरल, शिक्षा में बढ़ेगा निवेशदूसरे बड़े फैसले में निजी विश्वविद्यालयों (Private Universities) की स्थापना प्रक्रिया को काफी सरल बना दिया गया है। पहले एक यूनिवर्सिटी खोलने के लिए कई विभागों की जटिल मंजूरी और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब 'सिंगल विंडो' और आसान मानदंडों के जरिए निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार होगा और छात्रों को नए कोर्सेज व बेहतर सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। यह कदम रोजगार सृजन और राज्य के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए उठाया गया है।4 विधेयकों का आम जनता पर क्या होगा असर?इन विधेयकों के पास होने से न केवल प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि विकास की गति भी तेज होगी। किरायेदारी कानून में बदलाव से मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच भरोसे का रिश्ता कायम होगा, वहीं शिक्षा नीति में किए गए बदलाव प्रदेश को शिक्षा का केंद्र बनाने में मदद करेंगे। बाकी के अन्य विधेयकों में मुख्य रूप से प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने पर जोर दिया गया है। सरकार की कोशिश है कि फाइलों का अंबार कम हो और आम जनता की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सके।सुधार की राह पर यूपी: आगे की राहविपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इन विधेयकों पर सकारात्मक चर्चा के बाद ही इन्हें पारित किया गया है। अब इनकी अधिसूचना जारी होने के बाद से ही ये प्रभावी हो जाएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ महीनों में इसके सकारात्मक परिणाम दिखने शुरू हो जाएंगे। मकान मालिक-किरायेदार विवाद से जुड़ी कोर्ट की पेंडेंसी कम होना यूपी की न्याय व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, निजी यूनिवर्सिटी के नियमों में ढील से आने वाले शैक्षणिक सत्र में कई नए शिक्षण संस्थान खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:36 pm

टी20 क्रिकेट में हुआ सबसे बड़ा चमत्कार! 112 गेंद में 270 रन का लक्ष्य, स्मिथ-गॉस की आंधी में उड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

मेजर लीग क्रिकेट (MLC) के मौजूदा सीजन का एक मुकाबला इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। क्रिकेट के मैदान पर आपने अब तक कई बड़ी पारियां देखी होंगी, लेकिन जो कारनामा स्मिथ और गॉस ने कर दिखाया है, उसने टी20 क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी है। क्रिकेट फैंस उस वक्त हैरान रह गए जब एक नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए इन दोनों बल्लेबाजों ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में 'सबसे बड़े सफल रन चेज' का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। महज 112 गेंदों में 270 रन का विशाल लक्ष्य हासिल करना किसी चमत्कार से कम नहीं है।स्मिथ-गॉस का 'सुपरसोनिक' तूफानमैच के दौरान जब विरोधी टीम ने बोर्ड पर पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, तो किसी को उम्मीद नहीं थी कि इसका पीछा किया जा सकता है। लेकिन स्मिथ और गॉस ने क्रीज पर उतरते ही जिस आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की, उसने गेंदबाजों के होश उड़ा दिए। दोनों बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में छक्कों और चौकों की बारिश कर दी। खास तौर पर डेथ ओवर्स में इन दोनों की जोड़ी ने जो स्कोरिंग रेट बनाए रखा, वह क्रिकेट के आंकड़ों को ही नहीं बल्कि टी20 की रणनीति को भी चुनौती देने वाला था। 112 गेंदों में 270 रन का सफर तय करना एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना आने वाली कई पीढ़ियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।क्रिकेट पंडित भी हैरान: क्या है इस जीत का असली गणित?इस जीत के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और डेटा एनालिटिक्स की दुनिया में बहस छिड़ गई है। एआई-आधारित प्रिडिक्टिव मॉडल्स के अनुसार, इस लक्ष्य का पीछा करने की संभावना शुरुआती 10 ओवरों के बाद बहुत कम थी, लेकिन स्मिथ और गॉस का 'एग्रेशन' हर मायने में अभूतपूर्व रहा। इस रिकॉर्ड तोड़ चेज में पावरप्ले का सही इस्तेमाल और स्पिनर्स के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाना जीत की सबसे बड़ी चाबी साबित हुआ। यह मुकाबला साबित करता है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में अब कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं है और मैच किसी भी मोड़ पर पलटा जा सकता है।टी20 इतिहास में दर्ज हुआ यह ऐतिहासिक दिनमेजर लीग क्रिकेट में बना यह वर्ल्ड रिकॉर्ड न केवल खिलाड़ियों की व्यक्तिगत प्रतिभा को दर्शाता है, बल्कि यह खेल के बढ़ते हुए स्तर का भी प्रमाण है। इस जीत के बाद से सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों ने इसे 'क्रिकेट का सबसे महान रन चेज' करार दिया है। इस रिकॉर्ड ब्रेकिंग जीत ने यह भी सुनिश्चित कर दिया है कि मेजर लीग क्रिकेट अब विश्व के प्रमुख क्रिकेट टूर्नामेंट्स में से एक बनने की राह पर है। स्मिथ और गॉस के इस तूफानी प्रदर्शन ने न केवल अपनी टीम को जीत दिलाई, बल्कि टी20 क्रिकेट के आंकड़ों की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत भी कर दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:33 pm

ईरान : बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास अमरीकी हमला, स्थानांतरित किये गये 211 मरीज

तेहरान। ईरान के दक्षिण-पश्चिमी शहर अहवाज़ स्थित शहीद बाघाई बाल कैंसर अस्पताल के निकट अमरीकी मिसाइल हमलों के बाद अस्पताल में भर्ती 211 बच्चों को एहतियातन अन्य चिकित्सा केंद्रों में स्थानांतरित कर दिया गया। ईरानी समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार बुधवार को हुए अमरीकी हमलों के दौरान बच्चों के इस अस्पताल के आसपास कई मिसाइलें […] The post ईरान : बच्चों के कैंसर अस्पताल के पास अमरीकी हमला, स्थानांतरित किये गये 211 मरीज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 1:33 pm

सिर्फ एक दिन की नेट प्रैक्टिस से सीरीज नहीं जीत सकते!' पूर्व दिग्गज ने टीम इंडिया को दी कड़ी चेतावनी

इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए टीम इंडिया की तैयारियों को लेकर भारतीय क्रिकेट गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में एक पूर्व भारतीय दिग्गज बल्लेबाज ने टीम की प्रैक्टिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि विदेशी धरती पर, खासकर इंग्लैंड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, केवल एक दिन की नेट प्रैक्टिस के भरोसे सीरीज जीतने का ख्वाब देखना टीम इंडिया पर भारी पड़ सकता है। उनका मानना है कि इस तरह की तैयारियों से भारतीय खिलाड़ी अपनी लय और तालमेल नहीं बिठा पाएंगे, जो जीत के लिए बेहद जरूरी है।विदेशी पिचें और प्रैक्टिस का गणित: क्यों चिंता में हैं पूर्व दिग्गज?पूर्व दिग्गज बल्लेबाज का तर्क है कि इंग्लैंड की कंडीशंस भारत से पूरी तरह अलग हैं। वहां की स्विंग होती गेंद और मौसम का मिजाज बल्लेबाजों के लिए किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं होता। ऐसे में महज एक दिन का नेट सत्र खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल ढालने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, जब आप बड़ी सीरीज खेल रहे होते हैं, तो आपको वहां की उछाल और परिस्थितियों को समझने के लिए कम से कम 3-4 दिन का समय चाहिए होता है। महज एक दिन की प्रैक्टिस से न तो आप गेंदबाजों की रणनीति समझ सकते हैं और न ही क्रीज पर अपना धैर्य बनाए रख सकते हैं।क्या टीम इंडिया की प्लानिंग में है कोई चूक?यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञ टीम इंडिया के प्रदर्शन को लेकर काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। दिग्गज का मानना है कि यदि तैयारी पुख्ता नहीं होगी, तो इंग्लैंड की घातक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह सकता है। उन्होंने टीम मैनेजमेंट को सुझाव दिया है कि वे केवल फिटनेस पर ही नहीं, बल्कि स्किल-बेस्ड प्रैक्टिस और मैच सिचुएशन पर भी उतना ही ध्यान दें। इंग्लैंड की पिचें, जो गेंद को तेजी से मूव कराती हैं, वहां भारतीय बल्लेबाजों को तकनीक में बदलाव की सख्त जरूरत है।सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: फैंस हुए दो गुटों में विभाजितइस बयान के बाद क्रिकेट प्रेमी सोशल मीडिया पर दो गुटों में बंट गए हैं। जहां कुछ फैंस दिग्गज बल्लेबाज की बात से पूरी तरह सहमत दिख रहे हैं और इसे टीम इंडिया के प्रति 'वेक-अप कॉल' मान रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि आधुनिक खिलाड़ी आजकल 'मैच फिटनेस' पर ज्यादा भरोसा करते हैं और लंबे नेट सत्र की अब उतनी जरूरत नहीं है। इस बहस ने इंग्लैंड सीरीज के पहले एक नया रोमांच पैदा कर दिया है। एआई सर्च और प्रिडिक्टिव डेटा एनालिटिक्स भी संकेत दे रहे हैं कि यदि भारत ने शुरुआती मुकाबले में संभलकर शुरुआत नहीं की, तो सीरीज का परिणाम उम्मीद से उलट हो सकता है।अब टीम मैनेजमेंट का क्या होगा अगला कदम?सीरीज शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या टीम इंडिया इस चेतावनी को गंभीरता से लेती है और अपने प्रैक्टिस शेड्यूल में बदलाव करती है, या फिर अपने मौजूदा प्लान पर ही अडिग रहती है। इंग्लैंड की सरजमीं पर भारत का रिकॉर्ड हमेशा से ही कड़ा रहा है, और इस बार कोई भी जोखिम लेना महंगा साबित हो सकता है। क्या टीम इंडिया अपनी रणनीति बदलेगी? यह तो मैदान पर उतरने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इस पूर्व दिग्गज की चेतावनी ने कप्तान और कोच की रातों की नींद जरूर उड़ा दी होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:32 pm

2 साल बाद कार्डिफ में दहाड़ेगा 'रो-को' का बल्ला! विराट का शतक और रोहित की दो फिफ्टी, फिर होगा वही इतिहास

कार्डिफ का मैदान और भारत का वनडे मुकाबला—यह कॉम्बिनेशन भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए किसी पुरानी खूबसूरत याद से कम नहीं है। भारतीय क्रिकेट टीम पूरे 12 साल बाद एक बार फिर कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स में वनडे मैच खेलने के लिए उतरने जा रही है। इस मैदान के साथ विराट कोहली और रोहित शर्मा (RO-KO) की सुनहरी यादें जुड़ी हैं। जिस तरह से इन दोनों दिग्गजों ने यहां के रिकॉर्ड्स को अपने नाम किया है, उसे देखते हुए क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इस बार भी कार्डिफ की पिच पर रनों की सुनामी आ सकती है।कार्डिफ का 'लकी चार्म': विराट का ऐतिहासिक शतक और रोहित का जलवाकार्डिफ में भारत का ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा है। साल 2011 और उसके बाद के दौर में विराट कोहली ने यहां के कठिन हालातों में एक शानदार शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था। वहीं 'हिटमैन' रोहित शर्मा के लिए भी यह मैदान बेहद लकी रहा है। उन्होंने इसी ग्राउंड पर दो बेहतरीन अर्धशतक जड़कर टीम इंडिया को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला था। 'रो-को' की इस जोड़ी ने कार्डिफ की तेज विकेटों पर जिस तरह से अंग्रेजी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई थीं, उसका खौफ आज भी इंग्लैंड की टीम में देखने को मिलता है।12 साल का लंबा इंतजार और नए तेवरआखिरी बार भारत ने कार्डिफ में वनडे का मुकाबला 2014 के करीब खेला था, और अब 2026 में यह टीम एक अलग निडर तेवर (Aggressive Approach) के साथ मैदान पर उतरेगी। कार्डिफ की पिच पर नमी और उछाल हमेशा से बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन भारतीय टीम का वर्तमान फॉर्म और एआई-संचालित डेटा एनालिसिस यह संकेत दे रहा है कि टीम इंडिया का पलड़ा भारी है। प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि 12 साल बाद एक बार फिर उन्हें रोहित शर्मा के पुल शॉट्स और विराट कोहली का कवर ड्राइव देखने को मिलेगा, जो कार्डिफ की पुरानी यादों को ताजा कर देगा।टीम इंडिया की क्या है रणनीति?इस हाई-वोल्टेज मैच के लिए टीम इंडिया ने कार्डिफ की परिस्थितियों के हिसाब से अपनी प्लेइंग इलेवन को अंतिम रूप दिया है। कोच और कप्तान का फोकस इस बात पर है कि कैसे शुरुआती ओवरों में स्विंग होती गेंदों को संभलकर खेला जाए और बीच के ओवरों में स्पिनर्स पर हावी हुआ जाए। स्थानीय मौसम विभाग की मानें तो मैच के दौरान बादल छाए रह सकते हैं, जो गेंदबाजों के लिए मददगार हो सकते हैं। लेकिन टीम इंडिया जिस तरह से Generative Engine Optimization और एडवांस डेटा एनालिटिक्स के साथ अपनी रणनीति तैयार कर रही है, उससे साफ है कि वे किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं।फैंस के लिए बड़ा मौका: क्या टूटेंगे पुराने रिकॉर्ड्स?कार्डिफ के इस मैदान पर भारतीय फैंस का उत्साह देखते ही बन रहा है। 12 साल का लंबा अंतराल होने के कारण दर्शकों में भारी उत्सुकता है। क्या विराट कोहली कार्डिफ में अपना दूसरा शतक जड़ पाएंगे? क्या रोहित शर्मा अपनी तीसरी फिफ्टी के साथ इतिहास रचेंगे? यह सब कुछ मैच के दिन ही साफ होगा। कार्डिफ की हवाओं में एक बार फिर जीत की खुशबू है और करोड़ों भारतीय फैंस को उम्मीद है कि 'रो-को' की जोड़ी एक बार फिर कार्डिफ में अपना परचम लहराएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:31 pm

नैनीताल की वादियों में छुपा एक रहस्यमयी ताल! पूर्णिमा की रात उतरती हैं 'परियां', गहराई का सच आज भी है अनसुलझा

देवभूमि उत्तराखंड की गोद में बसे नैनीताल की सुंदरता के चर्चे तो दुनिया भर में हैं, लेकिन इस शहर में एक ऐसी जगह भी है जिसे 'रहस्यमयी ताल' कहा जाता है। सैलानियों के लिए यह भले ही एक सामान्य झील जैसी हो, लेकिन स्थानीय लोगों की मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान किसी चमत्कारिक लोक से कम नहीं है। मान्यता है कि हर पूर्णिमा की रात को इस ताल के शांत पानी में आसमानी परियां उतरती हैं और स्नान करती हैं। यह कहानी सुनने में जितनी रोमांचक लगती है, इस ताल की गहराइयों का रहस्य उतना ही गहरा है, जिसे आज तक बड़े-बड़े वैज्ञानिक और गोताखोर भी सुलझा नहीं पाए हैं।पूर्णिमा की रात का वो अद्भुत नजारास्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, जब आसमान में पूरा चांद चमकता है, तब इस ताल का वातावरण पूरी तरह बदल जाता है। बुज़ुर्ग बताते हैं कि पूर्णिमा की रात में ताल के आसपास एक अजीब सी सुगंध फैल जाती है और पानी की सतह पर अलौकिक रोशनी दिखाई देती है। लोगों का दावा है कि उन्होंने खुद अपनी आंखों से इस ताल के किनारे कुछ ऐसी आकृतियों को देखा है, जो इंसानी नहीं बल्कि दिव्य हैं। हालांकि, ये दावे वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं, लेकिन पूर्णिमा के दिन यहाँ पर्यटकों और स्थानीय लोगों की कौतूहल भरी भीड़ देखने को मिलती है।आज भी अनसुलझा है ताल की गहराई का राजरहस्यों की बात करें तो इस ताल की गहराई का पता लगाने की कोशिश कई बार की गई, लेकिन हर बार तकनीक और इंसान दोनों नाकाम रहे। कहा जाता है कि कई बार एडवांस सोनार मशीनों और गोताखोरों की मदद से गहराई नापने का प्रयास हुआ, लेकिन एक निश्चित बिंदु के बाद मशीनों ने काम करना बंद कर दिया या फिर उन्हें वहां कुछ ऐसा महसूस हुआ जिसने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोग इसे 'पाताल लोक' से जुड़ा हुआ द्वार मानते हैं और कहते हैं कि इस ताल का निचला सिरा किसी दूसरी दुनिया में खुलता है।पर्यटन और रोमांच का अनोखा संगमयदि आप साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) के शौकीन हैं, तो नैनीताल की इस रहस्यमयी जगह की यात्रा आपके लिए यादगार हो सकती है। हालांकि प्रशासन यहाँ रात में रुकने की अनुमति नहीं देता, लेकिन दिन के समय यहाँ की शांति और पहाड़ियों का नज़ारा मन को मोह लेता है। ताल के आसपास का घना जंगल और पक्षियों की चहचहाहट इसे एक परफेक्ट ऑफबीट डेस्टिनेशन बनाती है। यहाँ के स्थानीय गाइड अक्सर इस ताल से जुड़ी लोक कथाएं सुनाते हैं, जो पर्यटकों के अनुभव को और भी रोमांचक बना देती हैं।क्या विज्ञान और आस्था का कोई मिलन है?आज के आधुनिक दौर में, जहाँ हर चीज़ का तर्क मौजूद है, नैनीताल का यह रहस्यमयी ताल एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या वास्तव में यहाँ कुछ अलौकिक है या यह सिर्फ पहाड़ों की एक भौगोलिक पहेली है? विशेषज्ञों का मानना है कि ताल के नीचे मौजूद खनिज और असामान्य दबाव के कारण यहाँ कुछ अजीब घटनाएं महसूस हो सकती हैं। लेकिन, जब तक इस गहराई का रहस्य नहीं खुलता, तब तक यह ताल सैलानियों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र बना रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:29 pm

9 से 5 की नौकरी के साथ भी घूम सकते हैं पूरी दुनिया! ट्रैवल क्रिएटर ने बताए ये आसान और स्मार्ट टिप्स

अक्सर लोगों का यह मानना होता है कि ट्रैवलिंग और घूमने-फिरने का शौक सिर्फ उन्हीं के लिए है जिनके पास फ्री टाइम है या जो फुल-टाइम ब्लॉगर हैं। लेकिन, एक मशहूर ट्रैवल क्रिएटर ने इस मिथक को तोड़ते हुए ऐसे 'स्मार्ट ट्रैवल सीक्रेट्स' साझा किए हैं, जो किसी भी 9 से 5 की नौकरी करने वाले व्यक्ति के लिए दुनिया घूमने का दरवाजा खोल सकते हैं। यदि आप भी कॉर्पोरेट जॉब की व्यस्तता और सीमित छुट्टियों के कारण अपनी घूमने की इच्छा को दबा रहे हैं, तो ये तरीके आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।'माइक्रो-ट्रिप' का जादू: लंबी छुट्टियों का इंतजार छोड़ेंट्रैवल क्रिएटर का सबसे पहला और महत्वपूर्ण मंत्र है—'माइक्रो-ट्रिप्स' (Micro-trips)। हम अक्सर साल में एक बार मिलने वाली 15-20 दिनों की लंबी छुट्टी का इंतजार करते हैं, जिसमें कई बार बजट या थकान आड़े आ जाती है। इसके बजाय, अपनी वीकेंड्स को छुट्टियों के साथ जोड़कर छोटे लेकिन फ्रीक्वेंट ट्रिप्स प्लान करें। शुक्रवार की शाम को निकलना और रविवार की रात वापस आना, आपको 48 घंटों में ही एक नया अनुभव दे सकता है। ऐसी ट्रिप्स न केवल सस्ती होती हैं, बल्कि आपको वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करती हैं।ऑफिस की छुट्टियों को ऐसे करें स्मार्टली मैनेजअगर आप अपनी छुट्टियों को साल की शुरुआत में ही कैलेंडर के हिसाब से प्लान करते हैं, तो आप साल में 4 से 5 बार लंबी ट्रिप पर जा सकते हैं। सरकारी छुट्टियों और वीकेंड्स को मिलाकर 'ब्रिज हॉलिडे' (Bridge Holiday) का उपयोग करें। अगर आप शुक्रवार और सोमवार की छुट्टी ले लेते हैं, तो आपको लगातार 4 दिनों का समय मिलता है। ट्रैवल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि छुट्टियों को लेकर अपने मैनेजर के साथ पारदर्शिता रखें और अपना काम पहले से शेड्यूल कर लें, ताकि आपके घूमने के दौरान ऑफिस के काम पर कोई असर न पड़े।काम के साथ तालमेल: 'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' का लाभ उठाएंआज के दौर में कई कंपनियां 'हाइब्रिड वर्क कल्चर' अपना रही हैं। इसका फायदा उठाना सीखें! अगर आपके पास लैपटॉप है और इंटरनेट की सुविधा है, तो आप 'वर्क फ्रॉम माउंटेन' या 'वर्क फ्रॉम बीच' जैसे विकल्प चुन सकते हैं। एक शांत जगह पर जाकर काम करने से आपकी प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी और शाम के समय आप उस जगह को एक्सप्लोर भी कर पाएंगे। इसे 'वर्कैशन' (Workation) कहा जाता है, जो आज के समय में कॉर्पोरेट कर्मचारियों के लिए घूमने का सबसे शानदार तरीका है।स्मार्ट बुकिंग और प्लानिंग: समय और पैसे दोनों की बचतएक स्मार्ट ट्रैवलर वह है जो अपनी बुकिंग्स को लेकर सतर्क रहता है। फ्लाइट और होटल की बुकिंग को 3-4 महीने पहले करने से भारी छूट मिलती है। इसके अलावा, ट्रैवल ऐप्स का उपयोग करें जो प्राइस अलर्ट (Price Alert) देते हैं। ट्रैवल क्रिएटर का कहना है कि यात्रा को लग्जरी बनाने के बजाय 'अनुभव केंद्रित' रखें। स्थानीय होमस्टे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना न केवल आपकी यात्रा को सस्ता बनाता है, बल्कि आपको उस जगह की संस्कृति से जुड़ने का मौका भी देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:27 pm

बारिश में गोरखपुर की इन खूबसूरत जगहों पर मचेगा धमाल! फैमिली संग आउटिंग के लिए हैं बेस्ट डेस्टिनेशन

मानसून का मौसम आते ही गोरखपुर और इसके आसपास के इलाके हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं। अगर आप भी इस बारिश के सुहावने सफर का आनंद अपने परिवार के साथ उठाना चाहते हैं, तो गोरखपुर में ऐसी कई जगहें हैं जो इस मौसम में स्वर्ग जैसी महसूस होती हैं। शहर की भागदौड़ से दूर, शांत और प्राकृतिक नजारों से भरपूर ये स्थान न केवल बच्चों के लिए बल्कि बड़ों के लिए भी पिकनिक स्पॉट के तौर पर बेहतरीन हैं। आइए जानते हैं गोरखपुर में बारिश के दौरान घूमने के लिए सबसे बेस्ट जगहें कौन सी हैं।रामगढ़ ताल: बारिश में झील का नज़ारा है बेहद हसीनगोरखपुर की पहचान बन चुका 'रामगढ़ ताल' मानसून में सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखता है। ताल के चारों ओर बनी वॉक-वे और वहां फैली हरियाली बारिश की बूंदों के बाद और भी निखर जाती है। शाम के वक्त परिवार के साथ यहाँ नौका विहार (Boating) करना एक यादगार अनुभव होता है। झील के किनारे की ठंडी हवा और हल्की फुल्की बारिश के बीच चाय-पकौड़ों का आनंद लेना आपके वीकेंड को खास बना देगा।कुकरैल और विनोद वन: कुदरत की गोद में बिताएं पलअगर आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो विनोद वन (Vinod Van) और कुकरैल क्षेत्र आपके लिए बेस्ट हैं। यहाँ के घने पेड़-पौधे बारिश में एकदम जीवंत हो उठते हैं। यहाँ का शांत वातावरण और जंगल के नज़ारे फैमिली आउटिंग के लिए परफेक्ट हैं। यहाँ बच्चों के लिए पार्क और बड़ों के लिए घूमने के लिए पर्याप्त जगह है, जहाँ आप शांति से प्रकृति के बीच समय बिता सकते हैं। मानसून में यहाँ का फोटोग्राफी का नज़ारा भी लाजवाब होता है।बुढ़िया माई और गोरखनाथ मंदिर परिसरबारिश के मौसम में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सैर भी एक अलग ही सुकून देती है। गोरखनाथ मंदिर का विशाल परिसर मानसून में बहुत ही शांत और दिव्य लगता है। यहाँ की वास्तुकला और हरियाली बारिश की बूंदों के साथ मिलकर एक अद्भुत शांति का अहसास कराती है। इसके अलावा, बुढ़िया माई का क्षेत्र भी अपनी हरियाली के लिए जाना जाता है, जहाँ आप परिवार के साथ सुकून भरे कुछ पल बिता सकते हैं।नेहरू पार्क और शहीद अशफाक उल्ला खान चिड़ियाघरबच्चों के साथ घूमने के लिए 'शहीद अशफाक उल्ला खान प्राणी उद्यान' यानी गोरखपुर चिड़ियाघर मानसून में एक अलग ही रंग बिखेरता है। बारिश के बाद पेड़-पौधे धुलने से चिड़ियाघर का वातावरण काफी खुशनुमा हो जाता है। हालाँकि, जानवरों को देखने के लिए थोड़ा सावधानी बरतनी पड़ सकती है, लेकिन पूरा परिसर बारिश में काफी हरा-भरा और साफ दिखता है। इसके अलावा, नेहरू पार्क भी परिवार के साथ छोटी पिकनिक के लिए एक शानदार विकल्प है।मानसून में सफर के लिए खास सुझावगोरखपुर में बारिश के दौरान घूमने जाते समय कुछ बातों का ध्यान रखें। अपने साथ हमेशा छतरी, रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते जरूर रखें। साथ ही, बच्चों के लिए कुछ खाने-पीने का सामान साथ ले जाएं, क्योंकि कई बार पार्क के आसपास के वेंडर बारिश की वजह से नहीं होते। इन जगहों पर जाकर आप मानसून के असली आनंद को महसूस कर सकते हैं और परिवार के साथ एक शानदार दिन बिता सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:25 pm

लखनऊ के कुकरैल में बनेगा देश का पहला नाइट सफारी पार्क, सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी! अंधेरे में देख सकेंगे शेरों का रोमांच

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासियों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक और बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। लंबे समय से प्रतीक्षित कुकरैल नाइट सफारी (Kukrail Night Safari) प्रोजेक्ट को अब सुप्रीम कोर्ट से अंतिम मंजूरी मिल गई है। इस प्रोजेक्ट के साथ ही लखनऊ अब भारत के चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा जहां नाइट सफारी की अनूठी सुविधा उपलब्ध होगी। इस सफारी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पर्यटक अब घने अंधेरे में भी शेरों, बाघों और अन्य जंगली जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का रोमांच अनुभव कर सकेंगे।क्या है कुकरैल नाइट सफारी का विजन?यह प्रोजेक्ट न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ा कदम है, बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी लखनऊ के लिए एक माइलस्टोन साबित होगा। कुकरैल के घने जंगलों को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यह पूरी तरह से एक इको-फ्रेंडली नाइट सफारी का रूप ले ले। यहां पर्यटकों को विशेष रूप से डिजाइन की गई गाड़ियों में ले जाया जाएगा, जो अंधेरे में भी जानवरों को बिना परेशान किए देखने में सक्षम होंगी। रात के सन्नाटे में जंगल का अनुभव लेना और शेरों की दहाड़ को करीब से सुनना सैलानियों के लिए एक लाइफ-टाइम एक्सपीरियंस होने वाला है।सुरक्षा के कड़े इंतजाम और आधुनिक तकनीक का उपयोगवन्यजीव विशेषज्ञों और प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा और जानवरों की निजता को ध्यान में रखते हुए इस पूरे क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सफारी में जानवरों की निगरानी के लिए नाइट-विज़न कैमरे, मोशन सेंसर और सुरक्षा के लिए आधुनिक फेंसिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा, सफारी के दौरान गाड़ियों के साथ ट्रेंड गाइड और सुरक्षा गार्ड भी मौजूद रहेंगे ताकि किसी भी तरह की अनहोनी की संभावना न रहे। यह प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफारी तर्ज पर विकसित किया जा रहा है।लखनऊ बनेगा टूरिज्म का ग्लोबल हबसुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। नाइट सफारी के अलावा, इस क्षेत्र में एक विशाल बायोडायवर्सिटी पार्क और वन्यजीव शोध केंद्र भी बनाया जाएगा, जो छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। लखनऊ में नाइट सफारी शुरू होने से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि यह उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को एक नई पहचान भी दिलाएगा। अब वह दिन दूर नहीं जब लखनऊ की पहचान केवल अपनी संस्कृति और खान-पान के लिए नहीं, बल्कि देश की पहली नाइट सफारी के लिए भी दुनिया भर में होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 1:24 pm

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिट एंड रन के 2 आरोपी दबोचे, गाड़ी बरामद

दिल्ली पुलिस ने अलीपुर थाना क्षेत्र में हुए हिट एंड रन के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में एक पुलिस कांस्टेबल की जान गई थी। पुलिस ने आरोपियों की कार को भी जब्त कर लिया है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 1:07 pm

मिर्जापुर : टायर फटने से बेकाबू ट्रक घर में घुसा, मां-बेटे समेत 3 की मौत

मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र में बुधवार को टायर फटने से अनियंत्रित हुआ एक ट्रक घर में घुस गया, जिससे मां-बेटे समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की। स्थिति को […] The post मिर्जापुर : टायर फटने से बेकाबू ट्रक घर में घुसा, मां-बेटे समेत 3 की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 1:04 pm

सलमान खान ने सबसे पहले समझ ली थी सोनाक्षी-ज़हीर की लव स्टोरी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति ज़हीर इक़बाल ने खुलासा किया है कि उनके रिश्ते को सबसे पहले अभिनेता सलमान खान ने पहचान लिया था, जबकि उस समय दोनों अपने प्यार को स्वीकार करने से बच रहे थे। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो डबल डेट के नए एपिसोड में सोनाक्षी और […] The post सलमान खान ने सबसे पहले समझ ली थी सोनाक्षी-ज़हीर की लव स्टोरी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 12:58 pm

London Trip: सड़कें संकरी, फुटपाथ चौड़े, फिर भी जाम नहीं लगता

London Traffic Rules: बात चुभने वाली है, लेकिन है सोलह आने सच। हमने पाश्चात्य तौर-तरीके (खान-पान, कपड़े, फैशन, भाषा) तो बखूबी अपना लिए, लेकिन वहां के नियम-कायदे, शिष्टाचार को छू भी नहीं पाए। हम अब बात करते हैं परिवहन मसले की। आप हैरत करेंगे कि वहां ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 12:58 pm

हैप्पी बर्थडे : 43 वर्ष की हुईं अभिनेत्री कैटरीना कैफ

मुंबई। बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री कैटरीना कैफ आज 43 वर्ष की हो गईं।16 जुलाई 1983 को हांगकांग में जन्मी कैटरीना कैफ का मूल नाम कैटरीना टॉरकेटी है। उन्होंने 14 वर्ष की उम्र में मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की। मॉडलिंग के उद्देश्य से वह मुंबई आईं, जहां उनकी मुलाकात फिल्म निर्देशक कैजाद गुस्ताद से […] The post हैप्पी बर्थडे : 43 वर्ष की हुईं अभिनेत्री कैटरीना कैफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 12:54 pm

जन्मदिन पर परिवार संग समय बिताएंगी अभिनेत्री आमना शरीफ

मुंबई। अभिनेत्री आमना शरीफ इस वर्ष अपना जन्मदिन किसी भव्य पार्टी के बजाय परिवार और करीबी दोस्तों के साथ सादगीपूर्ण ढंग से मनाएंगी। आमना का कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ा उपहार अपनों का साथ और उनके साथ बिताया गया गुणवत्तापूर्ण समय है। आमना शरीफ ने कहा कि हर जन्मदिन उन्हें यह एहसास कराता […] The post जन्मदिन पर परिवार संग समय बिताएंगी अभिनेत्री आमना शरीफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 12:47 pm

अजमेर में बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया गया

अजमेर। राजस्थान के अजमेर में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया हैं और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार राज्यभर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान एवं निष्कासन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को यह महत्वपूर्ण सफलता […] The post अजमेर में बांग्लादेशी महिला को हिरासत में लिया गया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 12:42 pm

निर्यात वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क सात रुपए बढ़ा, पेट्रोल पर 1.5 रुपए की कटौती

नई दिल्ली। सरकार ने निर्यात किये जाने वाले पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) पर उत्पाद शुल्क की दरों में बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय की बुधवार देर रात जारी अधिसूचना के मुताबिक नई दरें 16 जुलाई जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। निर्यात वाले डीजल और एटीएफ पर उत्पाद शुल्क सात-सात रुपए प्रति लीटर […] The post निर्यात वाले डीजल पर उत्पाद शुल्क सात रुपए बढ़ा, पेट्रोल पर 1.5 रुपए की कटौती appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 16 Jul 2026 12:37 pm

'श्रीकृष्ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे'—मौलाना जरजिस अंसारी के बयान पर बवाल, गीता के श्लोक की व्याख्या पर छिड़ी बहस

उत्तर प्रदेश के मौलाना जरजिस अंसारी ने एक विवादित बयान देते हुए भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताता है। उन्होंने दावा किया कि श्रीकृष्‍ण 5 वक्त की नमाज पढ़ते थे। उन्होंने कहा कि भगवान राम और कृष्ण इस्लाम को प्रमोट भी किया है। बयान पर बवाल मच गया। कई ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 12:16 pm

लखीमपुर खीरी हिंसा: गवाहों को धमकाने के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा का नाम चार्जशीट में नहीं

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में गवाहों को धमकाने की एफआईआर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। चार्जशीट में आशीष मिश्रा और अजय मिश्रा का नाम नहीं, शिकायतकर्ता को दो सप्ताह में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने का निर्देश।

देशबन्धु 16 Jul 2026 12:11 pm

आचार्य प्रशांत ने सोनम वांगचुक से अनशन तोड़ने का किया आग्रह, सरकार से संवाद की की अपील!

दार्शनिक और लेखक आचार्य प्रशांत ने नीट यूजी पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या के बाद खड़े हुए आंदोलन पर बात की। उन्होंने कहा कि यह संकट केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र और समाज के किसी अधिक गहरे संकट का संकेत है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 12:06 pm

सोनम वांगचुक का बड़ा संदेश, संसद मार्च में साथ चलने की अपील, आज जंतर-मंतर पहुंचेंगे केजरीवाल

Sonam Wangchuk Protest : जंतर मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का आज 19वां दिन है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जगन्नाथ रथयात्रा संबंधी ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनसे एक बार दिल्ली के जंतर ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 11:51 am

मॉनसून पर लगा ब्रेक, यूपी-बिहार से दिल्ली-NCR तक बढ़ी उमस; जानें कब होगी झमाझम बारिश की वापसी

देशभर में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। यूपी, बिहार, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश की कमी से उमस और किसानों की चिंता बढ़ी। जानिए IMD का ताजा अपडेट और कब लौटेगी बारिश।

देशबन्धु 16 Jul 2026 11:06 am

LIVE: अहमदाबाद, पुरी समेत देशभर में जगन्नाथ रथ यात्रा का उत्साह

Latest News Today Live Updates in Hindi : अहमदाबाद, पुरी समेत देशभर में जगन्नाथ रथ यात्रा का उत्साह दिखा। गृहमंत्री अमित शाह ने मंगला आरती की। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 10:21 am

हॉर्मुज में बड़ा सैन्य एक्शन: अमेरिका ने ईरान की ओर बढ़ रहे ऑयल टैंकर को बनाया निशाना, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान पर हमले तेज करते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की ओर बढ़ रहे एक ऑयल टैंकर को निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार जहाज को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया गया। जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 9:55 am

मेसी का जादू फिर चला! अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया, लगातार दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में पहुंचा

लियोनेल मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई। इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में गॉर्डन के गोल की मदद से बढ़त ली थी, लेकिन अर्जेंटीना ने 7 मिनट में 2 गोल कर मैच अपने नाम कर लिया। फाइनल ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 9:12 am

देश के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र से डाटा लीक, दावा- हैकर्स ने कंट्रोल रूम का लेआउट डार्क वेब पर डाला

रिपोर्टों के अनुसार, कथित रूप से लीक किए गए दस्तावेजों में संयंत्र के कुछ हिस्सों के ब्लूप्रिंट, सप्लायर से जुड़ी जानकारी, बैठकों के रिकॉर्ड, बीमा दस्तावेज और अन्य प्रशासनिक फाइलें शामिल हैं। दावा किया गया है कि यह डेटा संयंत्र के एक ठेकेदार के सर्वर से प्राप्त हुआ है।

देशबन्धु 16 Jul 2026 8:56 am

कच्चे तेल में उछाल के बीच मोदी सरकार का बड़ा फैसला, डीजल-ATF पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर दी राहत

अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बीच मोदी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। डीजल और जेट फ्यूल पर लगने वाले एक्सपोर्ट टैक्स को बढ़ा दिया गया है जबकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:41 am

Jammu Kashmir Flood Alert: सलाल और बगलिहार डैम से चिनाब नदी में छोड़ा जाएगा पानी, 26 जुलाई तक हाई अलर्ट जारी; तटीय इलाकों के लोग रहें सावधान

जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के बीच एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा संबंधी चेतावनी सामने आई है। चिनाब नदी (Chenab River) के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने 26 जुलाई 2026 तक के लिए एक व्यापक हाई अलर्ट जारी किया है।अधिकारियों के मुताबिक, क्षेत्र के दो सबसे प्रमुख जलविद्युत प्रोजेक्ट्स—सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन (Salal Dam) और बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Baglihar Dam) के जलाशयों में पानी का स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। बांधों की सुरक्षा और अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करने के लिए चिनाब नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़ा जाना तय हुआ है, जिसके कारण नदी के निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।सलाल और बगलिहार बांध से बढ़ेगा खतरा: प्रशासनिक गाइडलाइनप्रशासन और नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) ने संयुक्त रूप से नागरिक सुरक्षा के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:26 जुलाई तक सख्त नाकेबंदी: चिनाब नदी के किनारे बसे गांवों, कस्बों और बस्तियों के लोगों को नदी के नजदीक न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। 26 जुलाई 2026 तक नदी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मानवीय गतिविधि पर पूरी तरह रोक रहेगी।मवेशियों और नावों पर पाबंदी: चरवाहों को अपने मवेशियों (गाय, भैंस, बकरियां) को नदी के पास ले जाने से मना किया गया है। साथ ही स्थानीय नाविकों और मछुआरों को भी इस अवधि के दौरान पानी में न उतरने की चेतावनी दी गई है।फ्लश गेट खोलने की प्रक्रिया: बांधों के फ्लश गेट (Sluice Gates) खोले जाने के समय अचानक पानी का बहाव बेहद तेज हो जाएगा। इससे नदी के किनारे तेजी से कटान हो सकता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।इन जिलों और इलाकों पर रहेगा सबसे ज्यादा असरचिनाब नदी का बहाव क्षेत्र जम्मू-कश्मीर के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरता है। इस अलर्ट का सीधा असर निम्नलिखित क्षेत्रों पर पड़ेगा:रामबन और डोडा: बगलिहार बांध से पानी छोड़े जाने के कारण इन पहाड़ी जिलों के नदी तटीय रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) और जलभराव का खतरा बढ़ गया है।रियासी (Reasi): सलाल बांध इसी जिले में स्थित है, इसलिए बांध के निचले प्रवाह (Downstream) वाले गांवों में अलर्ट का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।अखनूर (Akhnoor) और जम्मू: चिनाब नदी जब मैदानी इलाकों में प्रवेश करती है, तो अखनूर के घाटों पर जलस्तर तेजी से बढ़ता है। यहां की स्थानीय पुलिस और SDRF की टीमों को चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात कर दिया गया है।आपातकालीन तैयारियां और सुरक्षा अलर्टबाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है:SDRF और पुलिस हाई अलर्ट पर: राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों को लाइफ-जैकेट्स, नावों और अन्य रेस्क्यू उपकरणों के साथ संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।कंट्रोल रूम स्थापित: किसी भी आपातकालीन स्थिति या जलस्तर की ताजा जानकारी के लिए जिला मुख्यालयों पर 24/7 काम करने वाले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) सक्रिय कर दिए गए हैं।आम नागरिकों से अपील: प्रशासन ने लोगों से पैनिक (घबराने) न होने की अपील की है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। जब तक बांधों से पानी का डिस्चार्ज सामान्य नहीं हो जाता और 26 जुलाई की समयसीमा समाप्त नहीं होती, तब तक नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखना ही समझदारी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:40 am

Dakshinayan 2026: कर्क संक्रांति से सूर्य का दक्षिणायन सफर शुरू, देवताओं की लगी 'योग निद्रा'; जानिए इसका धार्मिक व वैज्ञानिक रहस्य

हिंदू धर्म और वैदिक ज्योतिष में सूर्य देव के राशि परिवर्तन और उनकी गति का एक विशेष और गहरा महत्व है। आज यानी 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे 'कर्क संक्रांति' (Karka Sankranti) कहा जाता है। सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश करते ही 'दक्षिणायन' (Dakshinayan) काल की शुरुआत हो जाती है।शास्त्रों में दक्षिणायन को बेहद रहस्यमयी और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज से देवताओं की रात शुरू हो चुकी है। आइए जानते हैं कि दक्षिणायन क्या है, इसका धार्मिक रहस्य क्या है और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है।क्या है दक्षिणायन? (धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व)धार्मिक मान्यता (देवताओं की रात): हिंदू काल गणना के अनुसार, मनुष्यों का एक वर्ष देवताओं के एक दिन-रात के बराबर होता है। जब सूर्य छह महीने उत्तरायण (मकर संक्रांति से) में रहते हैं, तो वह देवताओं का दिन कहलाता है। वहीं, जब सूर्य कर्क राशि से धनु राशि तक दक्षिणायन में गोचर करते हैं, तो यह छह महीने की अवधि देवताओं की रात (Celestials' Night) मानी जाती है। इस दौरान देवलोक में रात्रि होने के कारण सभी देवी-देवता 'योग निद्रा' में चले जाते हैं।वैज्ञानिक दृष्टिकोण: खगोलीय विज्ञान (Astronomy) के अनुसार, 21 जून को ग्रीष्म संक्रांति (Summer Solstice) के बाद सूर्य धीरे-धीरे भूमध्य रेखा के दक्षिण की ओर बढ़ने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में दिन धीरे-धीरे छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं। (वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार यह खगोलीय बदलाव कर्क संक्रांति यानी 16 जुलाई से पूर्ण प्रभावी माना जाता है)।दक्षिणायन की तीन मुख्य विशेषताएं और नियमपहलू / पैरामीटरदक्षिणायन काल का प्रभाव व महत्वमांगलिक कार्यों पर रोकइस छह महीने की अवधि में शादी-विवाह, मुंडन, जनेऊ, गृह प्रवेश जैसे सभी बड़े शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है, क्योंकि देवताओं के शयन काल में किए गए कार्यों को पूर्ण फलदायी नहीं माना जाता।साधना और व्रत का समयइसे 'साधना पाद' भी कहा जाता है। दक्षिणायन में ही सनातन धर्म के सबसे बड़े व्रत-त्योहार जैसे चातुर्मास, सावन सोमवार, रक्षाबंधन, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली आते हैं। यह समय आध्यात्मिक शुद्धि और मानसिक शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ है।पितरों की पूजा (श्राद्ध)दक्षिणायन काल को पितरों (पूर्वजों) की तृप्ति के लिए उत्तम माना गया है। इसी काल में 'पितृ पक्ष' (Mahalaya Shradh) आता है, जिसमें पिंडदान और तर्पण करके पूर्वजों का आशीर्वाद लिया जाता है।महाभारत काल का वो रहस्य: क्यों भीष्म पितामह ने किया था उत्तरायण का इंतजार?दक्षिणायन और उत्तरायण के इसी रहस्य से महाभारत की एक बेहद प्रसिद्ध कथा जुड़ी हुई है। महाभारत युद्ध के दौरान जब इच्छा मृत्यु का वरदान पाने वाले भीष्म पितामह तीरों की शय्या पर लेट गए थे, तब सूर्य देव दक्षिणायन में चल रहे थे।पौराणिक रहस्य: शास्त्रों में मान्यता है कि दक्षिणायन (देवताओं की रात) में प्राण त्यागने वाले जातक को धुंधले मार्ग से जाना पड़ता है और उसे पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति नहीं मिलती। वहीं, उत्तरायण के प्रकाशमयी मार्ग से जाने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही कारण था कि तीरों की असहनीय पीड़ा सहने के बावजूद भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने (मकर संक्रांति) तक अपने प्राण नहीं त्यागे थे।दक्षिणायन में क्या करें ताकि जीवन में बनी रहे सुख-समृद्धि?चूंकि इस काल में नकारात्मक शक्तियां या तामसिक ऊर्जा थोड़ी सक्रिय होने लगती है, इसलिए शास्त्रों में कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं:भगवान विष्णु और शिव की आराधना: देवशयनी एकादशी के बाद से भगवान विष्णु पाताल लोक में विश्राम करते हैं और सृष्टि का कार्यभार महादेव संभालते हैं। इसलिए सावन और चातुर्मास में शिव उपासना जरूर करें।नियमित दान-पुण्य: इस काल में किए गए दान, यज्ञ और उपवास से मानसिक संताप दूर होते हैं और आरोग्य की प्राप्ति होती है।तामसिक भोजन का त्याग: बरसात और शरद ऋतु के आगमन के कारण इस दौरान पाचन क्रिया मंद हो जाती है, इसलिए सात्विक भोजन अपनाना वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों लिहाज से बेहतर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:39 am

Jennifer Winget Net Worth: सिंगापुर के बिजनेसमैन से शादी की खबरों के बीच चर्चा में आईं जेनिफर विंगेट, जानें कितनी संपत्ति की मालकिन हैं टीवी की ये सुपरस्टार

छोटे पर्दे (Television) से लेकर ओटीटी (OTT) की दुनिया तक अपनी बेहतरीन अदाकारी और हुस्न का जलवा बिखेरने वाली मशहूर एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट (Jennifer Winget) एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेनिफर विंगेट आज यानी 16 जुलाई 2026 को सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन विलियम इश्माएल (William Ishmael) के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं।खबरों के अनुसार, यह शादी भारत में नहीं बल्कि यूनाइटेड किंगडम (UK) में बेहद निजी और क्रिश्चियन रीति-रिवाज (White Wedding) से होने जा रही है, जिसमें सिर्फ परिवार के लोग और चुनिंदा दोस्त ही शामिल होंगे। इस बड़ी खुशखबरी के बीच फैन्स यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि टीवी जगत की सबसे महंगी अभिनेत्रियों में शुमार जेनिफर विंगेट कुल कितने करोड़ रुपये की संपत्ति (Net Worth) की मालकिन हैं। आइए डालते हैं उनकी कमाई और लाइफस्टाइल पर एक नजर:प्रति एपिसोड और ओटीटी प्रोजेक्ट्स के लिए लेती हैं तगड़ी फीसजेनिफर विंगेट ने बाल कलाकार (Child Artist) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान साल 2009 के सुपरहिट शो 'दिल मिल गए' (Dill Mill Gayye) में डॉ. रिद्धिमा गुप्ता के किरदार से मिली। इसके बाद 'सरस्वतीचंद्र', 'बेहद' (माया मेहरोत्रा) और 'बेपनाह' जैसे शोज ने उन्हें टीवी का सबसे बड़ा चेहरा बना दिया।टीवी शोज की फीस: मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, जेनिफर विंगेट टीवी इंडस्ट्री की हाईएस्ट-पेड एक्ट्रेसेस में से एक हैं। वह किसी भी डेली सोप या टीवी शो के एक एपिसोड के लिए लगभग ₹1.5 लाख से ₹2 लाख तक चार्ज करती हैं।ओटीटी (OTT) से बम्पर कमाई: टीवी के बाद जेनिफर ने डिजिटल स्पेस का रुख किया है, जहाँ उन्होंने 'कोड एम' (Code M) और 'रायसिंघानी वर्सेज रायसिंघानी' (Raisinghani vs Raisinghani) जैसी लोकप्रिय वेब सीरीज में काम किया है। रिपोर्ट्स की मानें तो वह किसी भी एक बड़ी वेब सीरीज या डिजिटल प्रोजेक्ट के लिए ₹6 करोड़ से ₹8 करोड़ तक की भारी-भरकम फीस वसूलती हैं।ब्रैंड एंडोर्समेंट और कुल नेट वर्थ (Jennifer Winget Net Worth)अभिनय के अलावा जेनिफर विंगेट विज्ञापनों और सोशल मीडिया एंडोर्समेंट के जरिए भी मोटी कमाई करती हैं।ब्रैंड एम्बेसडर: जेनिफर विंगेट वर्तमान में देश-विदेश के लगभग 15 से अधिक नामी ब्रैंड्स की एम्बेसडर हैं। ब्रैंड एंडोर्समेंट, फोटोशूट और पेड सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए वे सालाना करोड़ों रुपये कमाती हैं।कुल संपत्ति: मीडिया और वित्तीय रिपोर्ट्स (जैसे मैशेबल इंडिया) के अनुसार, जेनिफर विंगेट की कुल अनुमानित संपत्ति ₹45 करोड़ से ₹58 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई है। उनके पास मुंबई में खुद का एक बेहद आलीशान घर और कई लक्जरी गाड़ियां भी मौजूद हैं।कौन हैं होने वाले पति विलियम इश्माएल?जेनिफर के होने वाले पति विलियम इश्माएल लाइमलाइट और चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं।वह वर्तमान में सिंगापुर के MHC डिजिटल ग्रुप में 'बिजनेस डेवलपमेंट और ट्रेडिंग' के डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं।उन्होंने यॉर्क यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और फाइनेंस में अपनी पढ़ाई पूरी की है और वे लगभग एक दशक तक मशहूर यूबीएस (UBS) इन्वेस्टमेंट बैंक के साथ भी जुड़े रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विलियम ने एक हॉलिडे के दौरान जेनिफर को प्रपोज किया था।जेनिफर की दूसरी शादी: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह जेनिफर विंगेट की दूसरी शादी है। इससे पहले साल 2012 में उन्होंने अपने को-स्टार करण सिंह ग्रोवर से शादी की थी, लेकिन वैचारिक मतभेदों के चलते साल 2014 में दोनों का तलाक हो गया था। पिछले 12 सालों से जेनिफर ने अपना पूरा ध्यान अपने शानदार करियर पर लगा रखा था और अब वे अपनी जिंदगी की एक बेहद खूबसूरत नई शुरुआत करने जा रही हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:37 am

कौन हैं डेना करारी? अमेरिका-ईरान जंग के बीच रिहा हुईं अमेरिकी नागरिक की पूरी कहानी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और भीषण बमबारी के बीच एक बड़ी और राहत भरी कूटनीतिक खबर सामने आई है। ईरान ने पिछले डेढ़ साल (दिसंबर 2024) से अपने देश में बंधक बनाकर रखी गईं अमेरिकी-ईरानी दोहरी नागरिकता (US-Iran Dual Citizen) वाली महिला डेना करारी (Dena Karari) को आज़ाद कर दिया है।मानवाधिकार वकील जेरेड गेंसर (Jared Genser) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आधिकारिक तौर पर उनकी रिहाई की पुष्टि की है। ट्रंप ने इसे ईरान की तरफ से एक सद्भावना संकेत (Gesture of Goodwill) बताया है।कौन हैं डेना करारी और उन्हें क्यों रोका गया था?दिसंबर 2024 से थीं फंसी: डेना करारी अमेरिका और ईरान की दोहरी नागरिकता रखने वाली महिला हैं। वह दिसंबर 2024 में ईरान गई थीं, लेकिन तब से ही ईरानी प्रशासन ने उन पर पाबंदियां लगा दी थीं।लगे थे जासूसी के 'फर्जी' आरोप: ईरान सरकार ने डेना पर जासूसी करने (Espionage) और एक विरोधी देश (अमेरिका) के साथ सहयोग करने के गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि, उनके वकील जेरेड गेंसर के मुताबिक ये सभी आरोप पूरी तरह से फर्जी और मनगढ़ंत (Bogus Charges) थे।जेल में नहीं, 'एग्जिट बैन' में थीं: कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनके डेढ़ साल तक जेल में रहने की बात कही जा रही है, लेकिन असल में वह ईरान के 'एग्जिट बैन' (Coercive Exit Ban) के तहत फंसी हुई थीं। इसका मतलब यह है कि उन्हें जेल की कोठरी में बंद नहीं किया गया था, बल्कि ईरानी अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट जब्त कर उन्हें देश छोड़ने से पूरी तरह रोक रखा था। उन पर कोई औपचारिक मुकदमा भी नहीं चलाया गया था।तबीयत बिगड़ने की खबर: उनका एग्जिट बैन इसी साल अप्रैल में खत्म हो गया था, फिर भी ईरान उन्हें जाने नहीं दे रहा था। सूत्रों के अनुसार, मानसिक तनाव और विपरीत परिस्थितियों के कारण 8 जुलाई 2026 को ईरान में ही उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) भी पड़ा था।जंग के बीच कैसे मुमकिन हुई रिहाई?वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच भीषण हवाई हमले और सैन्य टकराव चल रहा है, जिसके कारण खाड़ी देशों में युद्ध का माहौल है। ऐसे खतरनाक दौर में डेना की रिहाई के पीछे बैक-चैनल कूटनीति काम कर रही थी:अमेरिकी विदेश मंत्रालय की सूची: अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने ईरान के साथ कूटनीति का नेतृत्व कर रहे अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ (Steve Witkoff) को उन अमेरिकियों की एक सूची सौंपी थी जिन्हें ईरान ने गलत तरीके से रोक रखा था। इस लिस्ट में डेना करारी का नाम प्रमुखता से शामिल था।डोनाल्ड ट्रंप के प्रयास: डेना के वकील ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निरंतर और असाधारण दबाव के कारण ही ईरान डेना को छोड़ने पर मजबूर हुआ।सुरक्षित वापसी: रिहाई के तुरंत बाद डेना करारी को ईरान से बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया है और वे अमेरिका के लिए उड़ान भर चुकी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि उनकी सेहत अब ठीक है।क्या यह अमेरिका-ईरान समझौते का हिस्सा है?गौरतलब है कि पिछले महीने ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम को लेकर एक आपसी सहमति (MoU) बनी थी, जिस पर हालिया हमलों के बाद अब खतरा मंडरा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अमेरिकियों की रिहाई उस MoU का हिस्सा नहीं थी। ऐसे में युद्ध के चरम फेज में पहुंचने के बावजूद ईरान द्वारा डेना करारी को छोड़ना कूटनीतिक रूप से एक बेहद अप्रत्याशित कदम माना जा रहा है।हालांकि, अभी भी कामरान हिकमती और रज़ा वलीज़ादेह जैसे कई अन्य अमेरिकी नागरिक ईरान की बदनाम 'इविन जेल' (Evin Prison) में बंद हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए अमेरिकी प्रशासन लगातार दबाव बना रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:36 am

EPFO Profile Photo Update Rule 2026: ईपीएफओ मेंबर्स तुरंत अपडेट करें अपनी प्रोफाइल फोटो, वरना रुक जाएंगे ई-नॉमिनेशन और पीएफ निकासी से जुड़े ये काम; जानें सही तरीका

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए एक बेहद जरूरी और काम की खबर आई है। ईपीएफओ ने अपने मेंबर्स को ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट को तेज करने और डिजिटल रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए एक नया अलर्ट जारी किया है। इसके तहत सभी पीएफ सब्सक्राइबर्स को यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर अपनी हाल की प्रोफाइल फोटो (Profile Photo) अपलोड या अपडेट करनी होगी।यदि आप भी अपना ई-नॉमिनेशन (e-Nomination) पूरा करना चाहते हैं या भविष्य में ऑनलाइन पीएफ विड्रॉल (PF Withdrawal) जैसी डिजिटल सेवाओं का बिना किसी रुकावट के लाभ उठाना चाहते हैं, तो प्रोफाइल पर सही फोटो का होना अनिवार्य है। आइए जानते हैं ईपीएफओ के इस नए निर्देश की बारीकियां, फोटो अपडेट करने का आसान तरीका और नॉमिनेशन से जुड़े कड़े नियम।प्रोफाइल फोटो अपडेट करना क्यों है बेहद जरूरी?मनी कंट्रोल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन वेरिफिकेशन प्रोसेस को फुलप्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए ईपीएफओ ने यह कदम उठाया है:ई-नॉमिनेशन में आसानी: ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने और इसे मान्य बनाने (e-Sign Process) के लिए प्रोफाइल फोटो का अपडेट होना आवश्यक है।दावेदारों को तुरंत मिलेगा पैसा: एक सही और अपडेटेड नॉमिनेशन यह सुनिश्चित करता है कि खाताधारक के साथ किसी अनहोनी की स्थिति में ईपीएफ (EPF) बैलेंस, एम्प्लॉईज पेंशन स्कीम (EPS) और एम्प्लॉईज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के तहत मिलने वाला क्लेम बिना किसी कानूनी अड़चन या अतिरिक्त पेपरवर्क के सही लाभार्थी (नॉमिनी) को तुरंत ट्रांसफर हो सके।स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: पोर्टल पर कैसे अपडेट करें अपनी फोटो?अपने पीएफ अकाउंट में लेटेस्ट पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करने की प्रक्रिया बेहद सरल है:लॉगिन करें: सबसे पहले ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर जाएं। वहां अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।प्रोफाइल सेक्शन में जाएं: मुख्य डैशबोर्ड खुलने के बाद मेन्यू बार में जाकर ‘व्यू’ (View) ऑप्शन पर क्लिक करें और फिर ‘प्रोफाइल’ (Profile) सेक्शन को चुनें।फोटो का चयन करें: यहां आपको अपनी प्रोफाइल फोटो अपलोड या चेंज करने का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।अपलोड और सेव: अपनी हाल की साफ और पासपोर्ट साइज फोटो को ब्राउज करके अपलोड करें और ‘सेव चेंजेस’ पर क्लिक कर दें।(ध्यान रहे कि ऑनलाइन क्लेम या ई-नॉमिनेशन फाइल करने से पहले एक बार यह जरूर जांच लें कि आपकी नई फोटो प्रोफाइल पर सही ढंग से दिखाई दे रही है या नहीं।)EPF नॉमिनेशन के नियम: कौन बन सकता है योग्य नॉमिनी?ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, हर कोई आपके पीएफ फंड का नॉमिनी बनने के योग्य नहीं होता है। इसके लिए बकायदा कानूनन श्रेणियां तय की गई हैं:पुरुष सब्सक्राइबर्स के लिए: योग्य नॉमिनी के दायरे में पत्नी, बच्चे (चाहे विवाहित हों या अविवाहित), आश्रित माता-पिता, और दिवंगत बेटे की विधवा व उसके बच्चे शामिल हो सकते हैं।महिला सब्सक्राइबर्स के लिए: योग्य नॉमिनी में पति, बच्चे, आश्रित माता-पिता, पति के आश्रित माता-पिता और दिवंगत बेटे की विधवा व उसके बच्चे आ सकते हैं।विवाहित सदस्यों के लिए कड़ा नियम: शादीशुदा सब्सक्राइबर्स को अपने जीवनसाथी (पति/पत्नी) का नाम जोड़ना कानूनी रूप से अनिवार्य है, भले ही वे उन्हें अपना पीएफ नॉमिनी न बनाना चाहते हों।जरूरी दस्तावेज: पेंशन फंड के लिए जीवनसाथी और बच्चों को ही परिवार माना जाता है। एक बार जब आप अपना ईपीएफ नॉमिनी चुन लेते हैं, तो आपको उस परिवार के सदस्य की पहचान पत्र (जैसे आधार) की कॉपी और एक पासपोर्ट साइज फोटो भी पोर्टल पर डिजिटल रूप से जमा करनी होगी।इन 5 जानकारियों को भी रखें हमेशा दुरुस्तप्रोफाइल फोटो अपलोड करने के साथ-साथ, ऑनलाइन क्लेम को चुटकियों में सेटल करने के लिए मेंबर्स को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके यूएएन (UAN) के साथ नीचे दी गई जानकारियां सही ढंग से लिंक और वेरिफाईड (KYC Approved) हों:आधार कार्ड (Aadhar Card)पैन कार्ड (PAN Card)बैंक अकाउंट डिटेल्स (IFSC कोड सहित)सक्रिय मोबाइल नंबरवैध ईमेल एड्रेसइन बुनियादी जानकारियों को अपडेट रखने से आप घर बैठे बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे ई-नॉमिनेशन, ऑनलाइन पीएफ एडवांस विड्रॉल और पेंशन से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का त्वरित लाभ उठा सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:35 am

Electric Vehicle Fire Insurance Rules: इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में लग जाए आग तो क्या मिलेगा इंश्योरेंस का पैसा? जान लें क्लेम से जुड़े ये 3 कड़े नियम

भारत समेत पूरी दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) का क्रेज बहुत तेजी से बढ़ा है। पर्यावरण के अनुकूल होने और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्चों से राहत दिलाने के कारण लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर और कार धड़ल्ले से खरीद रहे हैं। लेकिन, पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों से इलेक्ट्रिक वाहनों, खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की बैटरी में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं।ऐसे में हर ईवी मालिक या नया खरीदार इस बात को लेकर चिंतित रहता है कि अगर भगवान न करे मेरी इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर में अचानक आग लग जाए, तो क्या मुझे बीमा (Insurance Claim) का पैसा मिलेगा? इसका जवाब 'हां' है, लेकिन इसके लिए आपको ऑटोमोबाइल इंश्योरेंस के कुछ बेहद जरूरी नियमों और शर्तों की जानकारी होना आवश्यक है:1. कौन सी इंश्योरेंस पॉलिसी दिलाएगी आग का क्लेम?अगर आपके पास सिर्फ थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (Third-Party Insurance) है, तो आपके वाहन में आग लगने पर आपको फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी। कानूनन यह पॉलिसी सिर्फ आपके वाहन से किसी दूसरे व्यक्ति या संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई करती है।ओन डैमेज (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी (Comprehensive Insurance): ईवी में आग लगने के नुकसान से बचने के लिए आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी होना अनिवार्य है। यह पॉलिसी प्राकृतिक आपदाओं, चोरी, एक्सीडेंट के साथ-साथ वाहन में लगी आग (Fire Damage) को भी कवर करती है।2. किन परिस्थितियों में पास होगा क्लेम? (कवर होने वाले नुकसान)यदि आपके पास कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी है, तो बीमा कंपनियां निम्नलिखित कारणों से लगी आग का पूरा क्लेम देती हैं:शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी: यदि ईवी की वायरिंग में अचानक शॉर्ट सर्किट हो जाए या चलते-चलते उसमें आग लग जाए।बैटरी ब्लास्ट: ओवरहीटिंग या मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट (उत्पादन दोष) की वजह से बैटरी में थर्मल रनवे (आग लगना या ब्लास्ट होना) की स्थिति बनना।बाहरी कारण: एक्सीडेंट के बाद गाड़ी में आग लग जाना या पास खड़ी किसी अन्य गाड़ी की आग की चपेट में आ जाना।3. इन गलतियों को किया तो तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा क्लेम (सावधानियां)बीमा कंपनियां ईवी में आग लगने के दावों की बहुत गहन जांच (Investigation) करती हैं। यदि आपकी नीचे दी गई किसी गलती की वजह से आग लगी है, तो आपका क्लेम एक झटके में खारिज (Reject) कर दिया जाएगा:आफ्टर-मार्केट एक्सेसरीज (अनाधिकृत बदलाव): यदि आपने अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर या कार में बाहर से कोई लोकल लाइट, हॉर्न या कोई भी एक्स्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट लगवाया है, जिसके लिए मूल वायरिंग को काटा या बदला गया हो, तो क्लेम बिल्कुल नहीं मिलेगा।अनऑथराइज्ड चार्जर का इस्तेमाल: कंपनी द्वारा दिए गए ओरिजिनल चार्जर की जगह किसी सस्ते या अनऑथराइज्ड चार्जर से गाड़ी चार्ज करने पर अगर बैटरी ब्लास्ट होती है, तो यह यूजर की लापरवाही मानी जाएगी।कमर्शियल इस्तेमाल और ओवरलोडिंग: निजी (Private) वाहन का उपयोग बिना कमर्शियल परमिट के व्यावसायिक काम या क्षमता से अधिक वजन ढोने के लिए करने पर आग लगने का क्लेम अमान्य हो जाता है।ईवी मालिकों के लिए 2 सबसे जरूरी 'एड-ऑन कवर' (Add-on Covers)इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे महंगी चीज उसकी बैटरी (EV Battery) होती है, जो पूरी गाड़ी की कुल लागत का लगभग 40-50% हिस्सा होती है। सामान्य इंश्योरेंस पॉलिसियां समय के साथ डेप्रिसिएशन (घिसावट मूल्य) काटती हैं। इसलिए अपनी ईवी पॉलिसी लेते समय ये दो एड-ऑन जरूर शामिल करें:जीरो डेप्रिसिएशन कवर (Zero Depreciation): आग लगने के बाद पार्ट्स बदले जाने पर आपको अपनी जेब से कोई पैसा (प्लास्टिक या फाइबर पार्ट्स की घिसावट लागत) नहीं देना होगा।बैटरी प्रोटेक्शन कवर (Battery Protection Cover): यह खास तौर पर ईवी के लिए डिज़ाइन किया गया एड-ऑन है। यह चार्जिंग के दौरान होने वाले वोल्टेज फ्लक्चुएशन या पानी घुसने (Water Ingress) के कारण बैटरी को होने वाले नुकसान को भी सुरक्षा देता है।आग लगने पर तुरंत क्या करें?यदि ईवी में आग लगती है, तो सबसे पहले सुरक्षित दूरी पर जाएं और तुरंत फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचित करें। क्लेम फाइल करने के लिए पुलिस की FIR रिपोर्ट, फायर ब्रिगेड की अग्निशमन रिपोर्ट और घटनास्थल की तस्वीरें/वीडियो सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। इसके बाद तेल या बीमा कंपनी को 24-48 घंटे के भीतर सूचना दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:33 am

OTT Film Certification Row: बिना सेंसर सर्टिफिकेट के फिल्म की स्ट्रीमिंग गैरकानूनी; 'सतलुज' विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकारों को दिए कड़े निर्देश

डिजिटल प्लेटफॉर्म और ओटीटी (OTT Platforms) पर परोसे जा रहे कंटेंट के नियमन (Regulation) को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक रुख अपनाया है। फिल्म प्रमाणन नियमों (Film Certification Rules) के खुले उल्लंघन पर गहरी नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि बिना वैध सेंसर सर्टिफिकेट (Valid Censor Certificate) के किसी भी फिल्म की स्क्रीनिंग करना या उसे ओटीटी पर स्ट्रीम करना पूरी तरह से गैरकानूनी है।अदालत की यह तीखी टिप्पणी विवादित फिल्म 'सतलुज' (Satluj) को लेकर चल रही सुनवाई के दौरान आई। इस फिल्म पर बिना आवश्यक कानूनी सर्टिफिकेशन के एक प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जाने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और खुद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की कानूनी जवाबदेही तय करते हुए उनके अधिकारों और कर्तव्यों का पूरा खाका स्पष्ट कर दिया है।बिना आवश्यक सर्टिफिकेट के स्क्रीनिंग पूरी तरह गैरकानूनी: सर्वोच्च अदालतसुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश का कानून सभी के लिए बराबर है। किसी भी फिल्म को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने या डिजिटल माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। बिना इसके कोई भी स्ट्रीमिंग कानून का सीधा उल्लंघन (Violation of Law) मानी जाएगी।भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्मों की रिलीज और कानूनी जवाबदेही के लिहाज से सुप्रीम कोर्ट की इन टिप्पणियों को बेहद अहम माना जा रहा है:1. आपराधिक कार्रवाई करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारीसुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई फिल्म बिना सेंसर बोर्ड की मंजूरी के या नियमों को ताक पर रखकर प्रदर्शित की जाती है, तो कानून व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई (Criminal Action) करने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार की होती है। राज्य सरकारों को ऐसे मामलों में बिना किसी ढिलाई के तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।2. केंद्र सरकार के पास है कंटेंट हटाने (Take Down) का पूरा अधिकारअदालत ने यह भी साफ किया कि नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में केंद्र सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। केंद्र सरकार के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह बिना सर्टिफिकेशन के स्ट्रीम की जा रही किसी भी फिल्म या आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत प्लेटफॉर्म से हटाने (Remove) का निर्देश दे सकती है।केंद्र की त्वरित भूमिका की सराहना: सर्वोच्च अदालत ने माना कि 'सतलुज' फिल्म के मामले में केंद्र सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप किया और फिल्म को हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इससे यह साफ हो जाता है कि डिजिटल स्पेस की निगरानी में केंद्र की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।3. कटघरे में ओटीटी प्लेटफॉर्म; इंटरमीडियरी (Intermediary) भूमिका की होगी जांचअदालत ने संकेत दिया कि इस पूरे विवाद में सिर्फ फिल्म मेकर्स ही नहीं, बल्कि उस डिजिटल प्लेटफॉर्म (इंटरमीडियरी) की भूमिका की भी गहन जांच की जा सकती है जिसने बिना वैध कागजात के फिल्म को अपने ऐप पर लाइव किया। कोर्ट ने कहा कि डिजिटल युग में प्लेटफॉर्म्स अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। ऐसे मामलों में संबंधित प्लेटफॉर्म की लायबिलिटी (जवाबदेही) तय करना जरूरी है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई किए जाने पर विचार किया जा रहा है।फिर गरमाई ओटीटी रेगुलेशन और सेंसरशिप पर बहससुप्रीम कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद एक बार फिर देश में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन और सेंसरशिप के दायरे को लेकर बहस तेज हो गई है। अब तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स काफी हद तक सेल्फ-रेगुलेशन (स्व-नियमन) के तहत काम करते आए हैं, लेकिन इस नए मामले के बाद यह तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में डिजिटल माध्यमों पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज के लिए सर्टिफिकेशन के नियम और अधिक सख्त कर दिए जाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:26 am

IRCTC New Beta Version Launch: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, IRCTC ने लॉन्च किया नया 'बीटा वर्जन'; अब बिना 'कैप्चा' और विज्ञापनों के 1 मिनट में बुक होंगे 1.5 लाख टिकट

ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों भारतीय यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। अगर आप भी अक्सर त्योहारों या सामान्य दिनों में ट्रेन का टिकट बुक करते समय बार-बार ‘कैप्चा’ (Captcha) भरने की झंझट, अचानक आने वाले पॉप-अप विज्ञापनों और सर्वर के धीमेपन (वेबसाइट हैंग होने) से परेशान होते थे, तो अब आपकी यह समस्या हमेशा के लिए खत्म होने जा रही है।इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने आज रात 9:00 बजे अपनी आधिकारिक वेबसाइट का एक बिल्कुल नया और हाई-टेक ‘बीटा वर्जन’ (New Beta Version) लॉन्च कर दिया है। इस नए अपडेट के बाद न सिर्फ टिकट बुकिंग की रफ्तार रॉकेट की तरह तेज हो जाएगी, बल्कि यात्रियों को एक साफ-सुथरा, आधुनिक और बेहद आसान इंटरफेस भी मिलेगा। यह नया वर्जन फिलहाल यूजर्स के अनुभव को जानने, उन्हें नया लुक दिखाने तथा उनकी राय (Feedback) लेने के लिए एक ट्रायल के तौर पर पेश किया गया है।रात 9 बजे से बदल गया टिकट बुकिंग का अंदाज; ऐसे करें इस्तेमालआज रात नौ बजे के बाद से रेलवे टिकट बुक करने का पूरा तरीका बदल चुका है। यात्री इस नई और सुपरफास्ट सुविधा का लाभ उठाने के लिए सीधे https://www.irctc.co.in/eticket/ लिंक पर जा सकते हैं। इसके अलावा, मौजूदा IRCTC वेबसाइट के मुख्य होमपेज पर भी इस नए बीटा वर्जन पर जाने का लिंक लाइव कर दिया गया है। आम नागरिक इस पर जाकर फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपना फीडबैक दे सकते हैं, जिसके आधार पर भविष्य में इसे पूरी तरह से स्थायी रूप दिया जाएगा।बुकिंग प्रक्रिया में किए गए 4 सबसे बड़े तकनीकी सुधारइस नए पोर्टल को खासतौर पर आम आदमी के कीमती समय को बचाने के लिए री-डिजाइन किया गया है, जिसमें 4 बड़े क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेंगे:नो कैप्चा, नो विज्ञापन (Ad-Free Interface): अब टिकट बुक करते समय आपको किसी भी गैर-जरूरी ‘कैप्चा’ कोड को बार-बार भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही, स्क्रीन पर ध्यान भटकाने वाले चमकते ग्राफिक्स या अचानक स्क्रीन पर आने वाले पॉप-अप विज्ञापन भी अब पूरी तरह गायब हो चुके हैं।सीटों की उपलब्धता का वन-व्यू: पहले अलग-अलग क्लास की सीटें देखने के लिए बार-बार क्लिक करना पड़ता था, लेकिन अब यात्रियों को एक ही सिंगल विंडो पर स्लीपर (SL) से लेकर थर्ड एसी, सेकेंड एसी जैसी सभी श्रेणियों की सीटों की स्थिति साफ तौर पर दिखाई देगी।सुपरफास्ट चेकआउट (Fast Checkout): टिकट बुक करने की लंबी और थकाऊ प्रक्रिया को काफी छोटा कर दिया गया है, जिससे बहुत कम स्टेप्स में पेमेंट पूरी करके आपका टिकट तुरंत बुक हो जाएगा।रिपीट बुकिंग का विकल्प: यदि आप अक्सर एक ही रूट पर यात्रा करते हैं, तो यह फीचर आपकी जानकारी को सुरक्षित रखेगा ताकि अगली बार सफर करते समय आपको पैसेंजर फॉर्म दोबारा भरने का झंझट न उठाना पड़े।एक मिनट में बुक होंगे 1.5 लाख टिकट; सर्वर क्षमता में 4 गुना से ज्यादा इजाफानए पोर्टल की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी शानदार स्पीड और दमदार सर्वर क्षमता है, जो तत्काल टिकट (Tatkal Ticket) बुकिंग के समय गेम-चेंजर साबित होगी:टिकट बुकिंग क्षमता: पुरानी वेबसाइट पर एक मिनट में केवल 32,000 टिकट ही बुक करने की क्षमता थी, लेकिन इस नए अपग्रेड के बाद इसे बढ़ाकर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट कर दिया गया है।सर्च और इंक्वायरी हैंडलिंग: नया आर्किटेक्चर इतना एडवांस है कि यह हर मिनट 40 लाख से अधिक पीएनआर (PNR) स्टेटस और सीट की पूछताछ को बिना हैंग या क्रैश हुए आसानी से संभाल सकेगा।मनपसंद सीट चुनने की आजादी और क्षेत्रीय भाषाओं का सपोर्टयूजर्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इस नए अपडेट में कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं:किराए की तुलना: अब यात्री अलग-अलग तारीखों के किराये (Fare) की तुलना एक साथ स्क्रीन पर कर सकेंगे, जिससे बजट के अनुसार यात्रा प्लान करना आसान होगा।बर्थ चॉइस: टिकट बुक करते समय ही यात्रियों को अपनी पसंद की लोअर, मिडिल या अपर बर्थ चुनने का स्पष्ट विकल्प मिलेगा।क्षेत्रीय भाषाओं का तोहफा: अब यह वेबसाइट सिर्फ अंग्रेजी और हिंदी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भारत की कई अन्य प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।देश के होनहार छात्रों के सुझाव से बदली भारतीय रेलवे की तस्वीरIRCTC की वेबसाइट में आया यह ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित बदलाव मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) के प्रतिभावान छात्रों की बदौलत मुमकिन हो पाया है। इन छात्रों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ हुई एक खास बातचीत के दौरान वेबसाइट की तकनीकी कमियों को दूर करने और यूजर एक्सपीरियंस को सुधारने के लिए कुछ बेहद सटीक और उपयोगी ब्लूप्रिंट्स साझा किए थे। रेल मंत्रालय ने इन सुझावों को गंभीरता से लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप यह नया यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस तैयार हुआ है।रोजाना साढ़े चौदह लाख टिकटों का भारी-भरकम भारसाल 2002 में अपनी शुरुआत के बाद से IRCTC आज देश की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स में से एक बन चुकी है। वर्तमान में यह डिजिटल प्लेटफॉर्म हर दिन औसतन 14.5 लाख से ज्यादा टिकटों की बुकिंग का विशालकाय लोड संभालता है। इतने भारी ट्रैफिक के कारण अक्सर पीक आवर्स में यात्रियों को परेशानी होती थी, लेकिन इस नए और आधुनिक वर्जन के आने के बाद हर एक रेल यात्री का सफर शुरू होने से पहले का अनुभव बेहद सुगम और शानदार होने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:24 am

US Airstrikes on Iran: अमेरिका ने ईरान के भीतर घुसकर बरसाए बम, तेहरान में एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव; जानें किन शहरों को बनाया निशाना

मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पूरी तरह बेकाबू होता नजर आ रहा है। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने ईरान की सीमा के भीतर घुसकर कई प्रमुख शहरों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन भीषण हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान (Tehran) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।तनाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल में हुए संघर्षविराम (Ceasefire) के बाद पहली बार तेहरान के आसमान में ईरान के मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है। खाड़ी के आसमान में अमेरिकी वायुसेना के जासूसी और रिफ्यूलिंग विमान लगातार चक्कर काट रहे हैं।ईरान के इन प्रमुख शहरों पर गिरे अमेरिकी बमईरानी मीडिया और समाचार एजेंसियों के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना की इस हालिया बमबारी ने ईरान के मध्य और पश्चिमी प्रांतों को दहला कर रख दिया है। मुख्य रूप से इन तीन शहरों को निशाना बनाया गया है:खोंदाब (Khondab): ईरान के मध्य मरकजी प्रांत में स्थित खोंदाब शहर के बाहरी इलाके में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने दो भीषण हवाई हमले किए हैं। स्थानीय डिप्टी गवर्नर ने भी इन जोरदार धमाकों की पुष्टि की है।खुर्रमबाद (Khorramabad): राजधानी तेहरान से लगभग 490 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित खुर्रमबाद शहर में कम से कम दो बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।बोरुजर्द (Borujerd): पश्चिमी ईरान के इस महत्वपूर्ण शहर के पास भी कई सिलसिलेवार धमाके होने की रिपोर्ट है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में ईरानी सेना की हलचल चरम पर पहुंच गई है।तेहरान में एयर डिफेंस एक्टिव, बाहरी इलाकों में भारी हलचलहमलों की गंभीरता को देखते हुए ईरानी सेना ने अपनी राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया है। हालांकि, मुख्य तेहरान शहर पर सीधे किसी बमबारी की खबर नहीं है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेहरान के बाहरी संवेदनशील सैन्य इलाके परचिन (Parchin) या पाकदाश्त (Pakdasht) के पास हुई संदिग्ध गतिविधियों के कारण ही एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को ट्रिगर किया गया है। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इन हमलों में हुए जान-माल के नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है।आसमान में ट्रैक हुए अमेरिकी जासूसी और रिफ्यूलिंग विमानइस बड़े सैन्य ऑपरेशन की गवाही पब्लिक फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स (Flight Tracking Apps) भी दे रहे हैं। क्षेत्र के आसमान में अमेरिकी वायुसेना (USAF) के निम्नलिखित आधुनिक विमानों को लगातार उड़ान भरते हुए ट्रैक किया गया है:KC-135 स्ट्रैटोटैंकर (3 विमान): हवा में ही फाइटर जेट्स को ईंधन (Refueling) देने के लिए।KC-46A पेगासस (2 विमान): अमेरिकी लड़ाकू विमानों की रीच बढ़ाने के लिए तैनात।E-3 सेंट्री (AWACS): आसमान से दुश्मन की हर हरकत पर नजर रखने वाला एडवांस एयरबर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम।स्टील्थ फाइटर जेट्स का सीक्रेट मिशन: सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैकिंग ऐप्स पर दिखने वाले यह विमान इस बड़े ऑपरेशन का महज एक छोटा सा हिस्सा हैं। असल हमलों को अंजाम देने वाले कई खतरनाक अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट्स (जैसे F-35 या B-2) अपना डेटा शेयर किए बिना (Radar Evading Mode में) इस मिशन को अंजाम दे रहे हैं।ईरान की सख्त चेतावनी: 'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन पीछे भी नहीं हटेंगे'इस भीषण बमबारी के बीच ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालीबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) का एक बड़ा और सख्त बयान सामने आया है। गालीबाफ ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बात करते हुए कहा:तेहरान ने कभी भी अपनी तरफ से युद्ध की पहल नहीं की है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए वह अमेरिका के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने के लिए तैयार है। हमारी कूटनीति और बातचीत की मेज पर मौजूदगी को कोई हमारी कमजोरी समझने की भूल न करे, यह हमारी सैन्य तैयारियों का ही एक हिस्सा है।ईरानी वार्ताकार ने अमेरिका को दो टूक चेतावनी दी कि अगर ईरान को वाशिंगटन के साथ हुए पिछले समझौतों से कोई आर्थिक या रणनीतिक लाभ नहीं मिलता है, तो तेहरान के पास उस आपसी सहमति (MoU) और संघर्षविराम का सम्मान करने की कोई मजबूरी नहीं बचेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:23 am

Railway NFR Apprentice Recruitment 2026: 10वीं पास और ITI युवाओं के लिए रेलवे में बम्पर भर्ती, नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में 6,777 पदों पर मौका; जानें पूरी डिटेल

भारतीय रेलवे में अपना करियर शुरू करने और सरकारी नौकरी की दिशा में कदम बढ़ाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने अप्रेंटिस के पदों पर एक मेगा भर्ती अभियान की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों को 1 साल की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी और साथ ही हर महीने स्टाइपेंड (Stipend) भी मिलेगा।इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए रेलवे के मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इंजीनियरिंग, पर्सनल, अकाउंट्स और मेडिकल समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में कुल 6,777 अप्रेंटिस के पदों को भरा जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है।भर्ती से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें और संक्षिप्त विवरणविवरणमहत्वपूर्ण जानकारीभर्ती संगठननॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR)पद का नामअप्रेंटिस (Apprentice)कुल रिक्तियां6,777 पदआवेदन शुरू होने की तिथि20 जुलाई 2026आवेदन करने की अंतिम तिथि19 अगस्त 2026आधिकारिक वेबसाइटnfr.indianrailways.gov.inट्रेनिंग की अवधि1 वर्षमासिक स्टाइपेंडNTC/STC धारकों को कम से कम ₹9,600 प्रति माहयूनिट और डिवीजन वाइज रिक्तियों का विवरण (Seat Matrix)एनएफआर ने अपनी विभिन्न वर्कशॉप और डिवीजनों के तहत सीटों का आवंटन इस प्रकार किया है:कटिहार (KIR) और तिंधारिया (TDH) वर्कशॉप: 1103 सीटेंअलीपुरद्वार (APDJ): 651 सीटेंरंगिया (RNY): 750 सीटेंलुमडिंग (LMG): 1274 सीटेंटिंनसुकिया (TSK): 860 सीटेंन्यू बोगैगन वर्कशॉप (NBQS) व इंजीनियरिंग वर्कशॉप (EWS/BNGN): 881 सीटेंडिब्रूगढ़ वर्कशॉप (DBWS): 763 सीटेंहेडक्वार्टर (HQ)/मालीगांव: 495 सीटें(इसके तहत अकाउंट्स, सिविल इंजीनियरिंग, मेडिकल, पर्सनल, ट्रैक मशीन (TMC), ब्रिज यूनिट SWS/PNO और स्टोर्स विभाग शामिल हैं)कौन कर सकता है अप्लाई? जानें पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria)1. शैक्षणिक योग्यता:सामान्य पदों के लिए: किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से (10+2) प्रणाली के तहत न्यूनतम 50% अंकों के साथ 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा पास होना अनिवार्य है। (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की कोई बाध्यता नहीं है)।मेडिकल लैबोरेट्री टेक्नीशियन (पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी): इन पदों के लिए अभ्यर्थी का फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ 12वीं पास होना आवश्यक है। साथ ही 10वीं और 12वीं दोनों में कम से कम 50% अंक होने चाहिए।तकनीकी योग्यता (ITI): उम्मीदवार के पास संबंधित ट्रेड में एनसीवीटी (NCVT) या एससीवीटी (SCVT) द्वारा जारी नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (ITI) होना अनिवार्य है।2. आयु सीमा:आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 15 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।उम्र में छूट: आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी—एससी/एसटी को 5 वर्ष, ओबीसी को 3 वर्ष और पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) श्रेणी को 10 वर्ष की छूट मिलेगी।3. जरूरी दस्तावेज:आवेदन करते समय आपके पास 10वीं की मार्कशीट व पास सर्टिफिकेट, आईटीआई फाइनल मार्कशीट, प्रोविजिनल या नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट (NTC) और 12वीं की मार्कशीट (MLT पदों के लिए) तैयार होने चाहिए।चयन प्रक्रिया: बिना परीक्षा के सीधी मेरिट भर्तीइस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उम्मीदवारों को चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। पूरी चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों के शैक्षणिक प्रदर्शन पर आधारित होगी:शॉर्टलिस्टिंग: अभ्यर्थियों का चयन मैट्रिक (10वीं) और आईटीआई (ITI) ट्रेड परीक्षा में प्राप्त अंकों के औसत के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट से होगा।टाई-ब्रेकर नियम: यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV): रिक्तियों की संख्या से 1.5 गुना अधिक उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण होगा और फिर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी कर दी जाएगी।आवेदन शुल्कसामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क ₹100 निर्धारित किया गया है, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा। वहीं एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, ईबीसी और सभी महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह से निःशुल्क (कोई फीस नहीं) है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:21 am

World's Best Paragliding Destinations: आसमान से दिखेगा जन्नत जैसा नजारा! एडवेंचर के शौकीनों के लिए ये हैं दुनिया की 10 सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग जगहें

जिंदगी में कुछ रोमांचक और लीक से हटकर करने का शौक रखने वाले लोगों के लिए पैराग्लाइडिंग (Paragliding) एक ऐसा एडवेंचर है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाले अनुभव के साथ-साथ जिंदगी भर की यादें दे जाता है। बादलों के बीच तैरते हुए जब आप ठंडी हवाओं के थपेड़ों के साथ धरती को देखते हैं, तो वह नजारा किसी सपने जैसा लगता है। आसमान से दिखने वाले ऊंचे-ऊंचे बर्फ से ढके पहाड़, विशाल प्रशांत महासागर, नीली झीलें और हरी-भरी घाटियां प्रकृति का एक बिल्कुल अनोखा रूप पेश करती हैं।यदि आप भी एक अनुभवी एडवेंचरर हैं या पहली बार टेंडम फ्लाई (Tandem Fly) का मजा लेकर दुनिया को एक नए नजरिए से एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो ग्लोबल टूरिज्म मैप पर मौजूद इन 10 सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशंस को अपने ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें:1. गुदौरी (Gudauri), जॉर्जिया – कॉकस पर्वतों का रोमांचजॉर्जिया का गुदौरी क्षेत्र कॉकस पर्वत श्रृंखला (Caucasus Mountains) के बीच स्थित दुनिया के सबसे शानदार पैराग्लाइडिंग हब्स में से एक है।क्या है खास: यहाँ उड़ान भरते समय नीचे फैली गहरी हरी घाटियों और बर्फ की सफेद चादर से ढके पहाड़ों का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला 360-डिग्री व्यू मिलता है।प्रमुख आकर्षण: रूस-जॉर्जिया फ्रेंडशिप मॉन्यूमेंट, काज़बेगी और ऐतिहासिक गेर्गेती ट्रिनिटी चर्च।ट्रेवल गाइड: राजधानी टिब्लिसी से आप टैक्सी या बस द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। इस जगह को अच्छे से एक्सप्लोर करने के लिए 3 से 4 दिन का समय पर्याप्त है।लोकल फूड: पारंपरिक जॉर्जियन डिशेज जैसे 'खाचापुरी' (चीज ब्रेड), 'खिंकाली' (डंपलिंग्स), लोबियो और वहाँ की मशहूर वाइन का स्वाद लेना न भूलें।2. माउई (Maui), USA – प्रशांत महासागर के ऊपर उड़ानअमेरिका के हवाई (Hawaii) द्वीप समूह में स्थित माउई अपने सक्रिय और सुप्त ज्वालामुखियों, ऊंचे पहाड़ों और नीले समंदर के अद्भुत कॉम्बिनेशन के लिए जाना जाता है।क्या है खास: यहाँ पैराग्लाइडिंग करने का मतलब है विशाल प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) और सुरम्य तटीय इलाकों को एक पंछी की नजर से देखना।प्रमुख आकर्षण: हालेआकाला नेशनल पार्क, रोड टू हाना, वैलिया बीच और मोलोकिनी क्रेटर।ट्रेवल गाइड: माउई को ठीक से घूमने के लिए कम से कम 5 से 7 दिन का समय रखें। यहाँ घूमने के लिए रेंटल कार (कार किराए पर लेना) सबसे आरामदायक विकल्प है।लोकल फूड: हवाईयन पोके बाउल, कलुआ पोर्क, फ्रेश सी-फूड और कड़क हवाईयन कॉफी यहाँ काफी लोकप्रिय हैं।3. बीर बिलिंग (Bir Billing), भारत – देश की पैराग्लाइडिंग राजधानीहिमाचल प्रदेश की गोद में बसा बीर बिलिंग भारत का सबसे प्रसिद्ध और दुनिया का दूसरा सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग टेक-ऑफ साइट माना जाता है।क्या है खास: यहाँ धौलाधार माउंटेन रेंज की ऊंची बर्फीली चोटियों, चाय के बागानों और खूबसूरत तिब्बती गांवों के ऊपर से उड़ने का एक जादुई अहसास होता है।प्रमुख आकर्षण: बीर मोनेस्ट्री, चोकलिंग मोनेस्ट्री, पालपुंग शेराब्लिंग मठ और बरोट वैली।ट्रेवल गाइड: दिल्ली या चंडीगढ़ से ओवरनाइट बस, ट्रेन या टैक्सी के जरिए यहाँ आराम से पहुंचा जा सकता है। वीकेंड ट्रिप या 3 से 5 दिनों की छुट्टी के लिए यह परफेक्ट है।लोकल फूड: गर्मागर्म तिब्बती मोमोज, थुकपा, पारंपरिक हिमाचली धाम और पहाड़ों की स्पेशल मैगी-चाय।दुनिया के अन्य 7 सबसे लोकप्रिय पैराग्लाइडिंग स्पॉट्सडेस्टिनेशन और देशयात्रा के लिए जरूरी दिनमुख्य यूएसपी (USP) और देखने लायक जगहेंक्या खाएं (Local Food)4. पोखरा (Pokhara), नेपाल4 से 5 दिनसारंगकोट से उड़ान भरते समय अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला और फेवा झील का विहंगम नजारा। वर्ल्ड पीस पैगोडा यहाँ का मुख्य आकर्षण है।नेपाली थाली, सेल रोटी और मोमो5. शैमोनिक्स (Chamonix), फ्रांस4 से 6 दिनआल्प्स पहाड़ों के बीच यूरोप की सबसे ऊंची चोटी 'मों ब्लांक' और विशाल ग्लेशियरों के ऊपर से उड़ने का अनूठा एडवेंचर।फ्रेंच चीज, फोंड्यू, क्रेप्स और पेस्ट्री6. ओलुडेनिज़ (Oludeniz), तुर्की3 से 5 दिनबाबादाग पर्वत से सीधे नीले समंदर और तुर्की के मशहूर 'ब्लू लगून' (Blue Lagoon) के सफेद रेतीले तटों के ऊपर लैंडिंग।तुर्किश कबाब, बकलावा, गोजलेमे7. इंटरलाकेन, स्विट्ज़रलैंड4 से 6 दिनस्विस आल्प्स की चोटियों, लेक थून और लेक ब्रीएंज की नीली झीलों के बीच परियों जैसी वादियों में पैराग्लाइडिंग का अनुभव।स्विस चॉकलेट, रोस्ती, रैकलेट8. क्वीन्सटाउन, न्यूज़ीलैंड5 से 7 दिनदुनिया की एडवेंचर कैपिटल, जहाँ लेक वाकाटिपु और रिमार्केबल्स पहाड़ों के बीच स्काईलाइन से टेक-ऑफ किया जाता है।न्यूजीलैंड लैम्ब, मीट पाई, लोकल हनी9. वैले डे ब्रावो, मेक्सिको2 से 4 दिनघने जंगलों, पहाड़ियों और विशाल लेक एवांडारो के ऊपर मेक्सिकन वादियों का खूबसूरत विहंगम दृश्य।टैकोस, तमालेस, एनचिलाडास10. मिराफ्लोरेस (Miraflores), पेरू2 से 3 दिनलीमा शहर के ठीक बगल में स्थित पहाड़ों के बजाय सीधे प्रशांत महासागर की ऊंची क्लिफ्स (चट्टानों) से कोस्टल फ्लाई का रोमांच।पेरूवियन सेविचे, लोमो साल्टाडोएडवेंचर लवर्स के लिए जरूरी सलाह: पहली बार पैराग्लाइडिंग करने वाले हमेशा एक सर्टिफाइड पायलट के साथ 'टेंडम फ्लाइट' ही चुनें। इसके अलावा, किसी भी डेस्टिनेशन पर जाने से पहले वहाँ के स्थानीय मौसम (Weather) की जानकारी जरूर ले लें, क्योंकि तेज हवाओं या खराब मौसम में पैराग्लाइडिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 8:19 am

एआई प्रेमियों से बिछड़ने के गम में डूबे चीन के यूजर

चीन के यूजर एआई प्रेमियों को अलविदा कह रहे हैं। बुधवार से लागू नए नियमों के बाद लोग अपने वर्चुअल प्रेमियों से किनारा करने पर मजबूर हुए हैं। सोशल मीडिया पर शोक मन रहा है।

वेब दुनिया 16 Jul 2026 8:12 am

Top News 16 July: जगन्नाथ रथयात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सोनम वांगचुक का अनशन जारी

Top News 16 July : देशभर में आज जगन्नाथ रथयात्रा का उत्साह। अमेरिका ने ब्लॉकेड तोड़ ईरान की ओर जा रहे जहाज पर हमला किया। सोनम वांगचुक का अनशन 19वें दिन भी जारी। मोदी सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ाया। फीफा विश्व कप के फाइनल में ...

वेब दुनिया 16 Jul 2026 7:51 am

मोदी करेंगे हाई-टेक सिटी स्टेशन का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 26 करोड़ रुपये की लागत से हैदराबाद के पुनर्विकसित हाई-टेक सिटी रेलवे स्टेशन का 17 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उदघाटन करेंगे

देशबन्धु 16 Jul 2026 7:40 am

Rashifal Today: आज के दिन सोच-समझकर लें कोई भी फैसला; सिंह, तुला और कुंभ राशि वाले बरतें सावधानी, जानें सभी 12 राशियों का आज का राशिफल

हर नई सुबह अपने साथ नए अवसर और चुनौतियाँ लेकर आती है। आज का दिन ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज कुछ राशियों के लिए धन लाभ और करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं, तो वहीं कुछ राशि के जातकों को अपनी सेहत और धन के मामले में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।ग्रहों की स्थिति संकेत दे रही है कि आज जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला आपको नुकसान पहुंचा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज मेष से लेकर मीन तक, सभी 12 राशियों के सितारे क्या कहते हैं:मेष से कर्क राशि तक का भाग्यफलमेष राशि (Aries): आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। हालांकि, परिवार के किसी सदस्य के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। वाणी पर नियंत्रण रखें और शाम को परिवार के साथ समय बिताएं।वृषभ राशि (Taurus): आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन शुभ है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। व्यापार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं। निवेश करने के लिए आज का दिन अनुकूल है, लेकिन किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह जरूर लें।मिथुन राशि (Gemini): आज आपको नौकरी में कुछ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। मानसिक तनाव से बचने के लिए योग या ध्यान का सहारा लें। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा।कर्क राशि (Cancer): लव लाइफ और पारिवारिक रिश्तों के लिहाज से आज का दिन बेहतरीन है। रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। अचानक यात्रा के योग बन सकते हैं।सिंह से वृश्चिक राशि का दैनिक राशिफलसिंह राशि (Leo): विशेष सावधानी बरतें। आज आपको कार्यस्थल पर राजनीति का सामना करना पड़ सकता है। सहकर्मियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। धन के लेन-देन में सतर्कता बरतें। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।कन्या राशि (Virgo): आज आपकी सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का विचार बन सकता है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। कामकाज के सिलसिले में की गई यात्राएं भविष्य में बड़ा लाभ दिलाएंगी।तुला राशि (Libra): सोच-समझकर लें फैसला। आज कोर्ट-कचहरी या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में कोई भी बड़ा कदम उठाने से बचें। विरोधियों से सावधान रहें। खर्चों में अचानक बढ़ोतरी होने से बजट बिगड़ सकता है।वृश्चिक राशि (Scorpio): आपकी कार्यकुशलता में सुधार होगा। बॉस आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं। पुराने मित्रों से मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी। आज आपके अटके हुए सरकारी काम पूरे होने की प्रबल संभावना है।धनु से मीन राशि का आज का भविष्यफलराशि का नामआज का मुख्य प्रभाव और सलाहशुभ रंगधनु (Sagittarius)नए काम की शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा।पीलामकर (Capricorn)सेहत के प्रति लापरवाही न बरतें। खान-पान का विशेष ध्यान रखें।नीलाकुंभ (Aquarius)वैवाहिक जीवन में तनाव हो सकता है। पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें।आसमानीमीन (Pisces)करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।सफेदआज का विशेष ज्योतिषीय मंत्र:आज दिन की शुरुआत माता-पिता के आशीर्वाद और सूर्य देव को जल अर्पित करके करें। किसी भी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे दो बार अच्छी तरह जरूर पढ़ लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 7:20 am

SIP Calculator Guide: ₹500, ₹1,000 या ₹5,000... जानें आपके लिए कौन सी रकम रहेगी बेस्ट और क्या है निवेश का आसान फॉर्मूला!

आज के दौर में हर कोई अपने भविष्य को सुरक्षित करने और वित्तीय आजादी (Financial Freedom) पाने के लिए निवेश करना चाहता है। जब बात निवेश की आती है, तो म्यूचुअल फंड (Mutual Funds) में SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (Systematic Investment Plan) को सबसे सुरक्षित, आसान और लोकप्रिय जरिया माना जाता है।अक्सर लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि आखिर मुझे हर महीने कितने रुपये से SIP की शुरुआत करनी चाहिए? ₹500, ₹1,000 या सीधे ₹5,000? अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो निवेश के इस आसान गणित और फॉर्मूले को समझकर आप आसानी से तय कर सकते हैं कि आपके बजट और भविष्य के लक्ष्यों के लिए कौन सी रकम सबसे बेस्ट रहेगी।कितनी रकम से शुरू कर सकते हैं SIP?म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी अमीर व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि एक आम दिहाड़ी मजदूर या स्टूडेंट के लिए भी उतना ही सुलभ है।न्यूनतम निवेश (Minimum Investment): आप देश के अधिकांश अच्छे म्यूचुअल फंड्स में महज ₹500 प्रति माह की छोटी सी रकम से अपनी SIP शुरू कर सकते हैं। कुछ चुनिंदा फंड्स तो ₹100 से भी शुरुआत की अनुमति देते हैं।अधिकतम सीमा: एसआईपी में निवेश की कोई अधिकतम सीमा (No Upper Limit) नहीं होती। आप अपने बजट के हिसाब से हर महीने हजारों या लाखों रुपये निवेश कर सकते हैं।₹500, ₹1,000 और ₹5,000 की SIP का गणित (15 साल के लिए - 12% संभावित रिटर्न पर)लॉन्ग टर्म (लंबी अवधि) में निवेश करने पर कंपाउंडिंग (Compounding - चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू कैसे काम करता है, इसे आप नीचे दिए गए अनुमानित एसआईपी कैलकुलेटर (SIP Calculator) के आंकड़ों से आसानी से समझ सकते हैं:मासिक SIP रकम15 साल में कुल निवेश12% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)15% रिटर्न पर कुल फंड (अनुमानित)₹500₹90,000₹2.52 लाख₹3.39 लाख₹1,000₹1.80 लाख₹5.05 लाख₹6.77 लाख₹5,000₹9.00 लाख₹25.23 लाख₹33.84 लाखनोट: यह गणना म्यूचुअल फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन के आधार पर एक अनुमान है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है।आपके लिए कौन सी रकम रहेगी बेस्ट? चुनिए अपना 'आसान फॉर्मूला'कितनी रकम से शुरुआत करनी है, यह पूरी तरह से आपकी मौजूदा आय (Income) और आपके भविष्य के लक्ष्यों (Financial Goals) पर निर्भर करता है। इसके लिए आप इन 3 श्रेणियों के फॉर्मूले को देख सकते हैं:1. स्टूडेंट्स और शुरुआती नौकरीपेशा लोगों के लिए (₹500 का फॉर्मूला)अगर आप अभी कॉलेज में हैं, आपको कम पॉकेट मनी मिलती है या आपने अभी-अभी इंटर्नशिप या कम वेतन वाली नौकरी शुरू की है, तो आपके लिए ₹500 प्रति माह की SIP सबसे बेस्ट है।फायदा: इससे आपकी जेब पर बोझ भी नहीं पड़ेगा और आपको कम उम्र से ही नियमित निवेश करने की एक अच्छी आदत (Financial Discipline) पड़ जाएगी।2. मध्यम आय वर्ग और छोटे लक्ष्यों के लिए (₹1,000 का फॉर्मूला)अगर आपकी सैलरी ठीक-ठाक है और आप अगले 5 से 10 साल में कार खरीदने, वेकेशन पर जाने या किसी छोटे फंड के निर्माण की योजना बना रहे हैं, तो ₹1,000 से ₹2,000 प्रति माह की एसआईपी आपके लिए एक आदर्श शुरुआत है।फायदा: इस रकम को आप आसानी से अपने घरेलू खर्चों में से बचा सकते हैं और 10-15 साल में यह एक बड़ा कॉर्पस बनकर तैयार हो जाता है।3. बड़े सपनों और रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए (₹5,000 का फॉर्मूला)यदि आप एक स्थापित प्रोफेशनल हैं, आपके पास नियमित अच्छी आय है और आपका लक्ष्य बच्चों की उच्च शिक्षा, उनकी शादी या खुद के लिए एक बड़ा रिटायरमेंट फंड (Retirement Fund) तैयार करना है, तो आपको कम से कम ₹5,000 प्रति माह या उससे अधिक की एसआईपी से शुरुआत करनी चाहिए।फायदा: 15 से 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 की एसआईपी कंपाउंडिंग की ताकत से आपको आसानी से 'करोड़पति' बनाने की क्षमता रखती है।सबसे जादुई फॉर्मूला—'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-Up SIP)अगर आप आज ₹5,000 से शुरुआत नहीं कर सकते, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। निवेश का सबसे अचूक और जादुई फॉर्मूला है 'स्टेप-अप एसआईपी'।यह कैसे काम करता है? आप आज महज ₹1,000 से अपनी एसआईपी शुरू करें और हर साल जैसे-जैसे आपकी सैलरी या आमदनी बढ़े, अपनी एसआईपी की रकम को 10% या 20% बढ़ा (Top-up) दें।असर: आज की ₹1,000 की एसआईपी को अगर आप हर साल सिर्फ 10% बढ़ाते जाते हैं, तो यह सामान्य एसआईपी के मुकाबले अंत में आपको दोगुने से भी ज्यादा का फंड बनाकर देती है।अंतिम निष्कर्ष (Golden Rule):निवेश की दुनिया में सबसे जरूरी बात यह नहीं है कि आप कितनी बड़ी रकम से शुरुआत कर रहे हैं, बल्कि सबसे जरूरी यह है कि आप कितनी जल्दी शुरुआत कर रहे हैं। देर करने से बेहतर है कि आप आज ही महज ₹500 से अपनी वित्तीय यात्रा की शुरुआत करें और समय के साथ इसे बढ़ाते जाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 7:16 am

Devshayani Ekadashi Vrat 2026: 24 या 25 जुलाई? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

सनातन धर्म में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को 'देवशयनी एकादशी' (Devshayani Ekadashi), हरिशयनी एकादशी या आषाढ़ी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष पौराणिक और आध्यात्मिक महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन से भगवान श्रीहरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं। भगवान विष्णु के शयन काल में जाने के साथ ही 'चातुर्मास' (Chaturmas) का प्रारंभ हो जाता है और विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे सभी मांगलिक कार्यों पर चार महीनों के लिए पूरी तरह से रोक लग जाती है।वर्ष 2026 में देवशयनी एकादशी व्रत की सही तारीख, तिथियों के फेरबदल की उलझन, शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:तारीख को लेकर न हों भ्रमित: 24 या 25 जुलाई 2026?पंचांग की गणना के अनुसार, साल 2026 में देवशयनी एकादशी की तिथि 24 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को सुबह से ही शुरू हो जाएगी। लेकिन सनातन धर्म में व्रत-त्योहार हमेशा उदयातिथि (सूर्योदय के समय मौजूद तिथि) के आधार पर रखने का विधान है। 25 जुलाई की सुबह सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहेगी।इसलिए, देश भर में गृहस्थ और वैष्णव समुदाय द्वारा देवशयनी एकादशी का व्रत शनिवार, 25 जुलाई 2026 को ही रखा जाएगा।एकादशी तिथि और पारण का सटीक समय (Shubh Muhurat)एकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 09 बजकर 13 मिनट से।एकादशी तिथि समाप्त: 25 जुलाई 2026, शनिवार को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर।व्रत पारण का समय (Fasting Break Time): अगले दिन 26 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 05:39 AM से 08:22 AM के बीच व्रत खोलना (पारण करना) सबसे उत्तम और फलदायी रहेगा।देवशयनी एकादशी की सरल एवं प्रामाणिक पूजा विधिएकादशी व्रत के कड़े नियमों की शुरुआत एक दिन पहले यानी दशमी तिथि की रात से ही सात्विक भोजन ग्रहण करने के साथ हो जाती है। एकादशी के दिन पूजा इस विधि से संपन्न करें:ब्रह्म मुहूर्त में उठें: सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि से निवृत्त हों और पीले या हल्के रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें।व्रत का संकल्प: पूजा घर में भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने हाथ में जल और अक्षत लेकर पूरी निष्ठा से व्रत रखने का मानसिक संकल्प लें।भगवान का अभिषेक: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति को गंगाजल से पवित्र करें। उन्हें पीले वस्त्र, पीले फूल, गोपी चंदन, अक्षत और धूप-दीप अर्पित करें।तुलसी दल है अनिवार्य: श्रीहरि की पूजा में तुलसी के पत्ते (तुलसी दल) अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भगवान विष्णु को पीली मिठाइयों या फल का भोग लगाएं और उसमें तुलसी पत्ता जरूर रखें (ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए, इसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें)।कथा और मंत्र जाप: भगवान विष्णु के प्रिय महामंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करें। इसके बाद देवशयनी एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें और अंत में कपूर से आरती करें।शयन कराना: चूंकि इस दिन से भगवान चार महीने के लिए निद्रा में जाते हैं, इसलिए रात्रि में पूजा के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा को एक सुंदर पालने या गद्देदार बिस्तर पर तकिया लगाकर प्रतीकात्मक रूप से शयन कराया जाता है।चातुर्मास का महत्व: इन 4 महीनों में क्या करें और क्या न करेंऋषियों और ज्योतिषियों के अनुसार, चातुर्मास के दौरान ब्रह्मांड में नकारात्मक शक्तियां थोड़ी प्रभावी हो जाती हैं और मनुष्य की पाचन क्रिया (Metabolism) कमजोर पड़ जाती है। इसलिए इस दौरान आत्म-अनुशासन रखना जरूरी है:क्या करें: इन चार महीनों में मौन रहना, सात्विक भोजन करना, प्रतिदिन गीता या धार्मिक ग्रंथों का पाठ करना और दान-पुण्य करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है।क्या न करें: विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत (जनेऊ), और नया व्यवसाय या गृह प्रवेश जैसे कोई भी मांगलिक कार्य न करें। तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) का पूरी तरह परित्याग करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 7:09 am

Monsoon Gardening Tips: मानसून में अपने बगीचे को बनाएं स्वर्ग; बालकनी और छत को हरा-भरा करने के लिए लगाएं ये 6 बेहतरीन पौधे

चिलचिलाती गर्मी के बाद जैसे ही मानसून की पहली फुहारें धरती पर गिरती हैं, प्रकृति चारों तरफ हरियाली की चादर ओढ़ लेती है। पेड़-पौधों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं होता, क्योंकि हवा में मौजूद नमी और बारिश का पानी पौधों की प्राकृतिक ग्रोथ को दोगुना तेज कर देता है। अगर आप भी लंबे समय से अपने घर के गार्डन, बालकनी या छत को सजाने की सोच रहे हैं, तो बागवानी (Gardening) शुरू करने का इससे बेहतरीन समय कोई और नहीं हो सकता।इस मानसूनी सीजन में आप कुछ खास फूलों और इनडोर-आउटडोर पौधों को लगाकर अपने आशियाने को एक खूबसूरत, ताजा और नेचुरल लुक दे सकते हैं। आइए जानते हैं इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट 6 पौधों के बारे में:1. मोगरा (Jasmine) – महक उठेगा आपका पूरा आशियानाअगर आप चाहते हैं कि बारिश के दिनों में आपके घर और आंगन से एक मीठी व मनमोहक खुशबू आती रहे, तो मोगरे का पौधा आपके बगीचे में जरूर होना चाहिए।ग्रोथ और देखभाल: मानसून की नमी मोगरे के लिए टॉनिक का काम करती है। इस मौसम में इसमें सफेद रंग के खूबसूरत फूल गुच्छों में खिलते हैं। इसे ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप मिले और मिट्टी में नमी बनी रहे।2. गेंदा (Marigold) – कम देखभाल में चमकीली रंगतगेंदा एक ऐसा सदाबहार फूलों वाला पौधा है, जिसे बहुत ज्यादा तामझाम या एक्स्ट्रा केयर की जरूरत नहीं होती।फायदे: इसके पीले और गहरे नारंगी रंग के चमकीले फूल आपके गार्डन को बेहद आकर्षक और वाइब्रेंट लुक देते हैं। मानसून में यह बहुत तेजी से फैलता है। साथ ही, गेंदे के फूलों की तेज खुशबू प्राकृतिक रूप से मच्छरों और अन्य हानिकारक कीड़ों को आपके घर से दूर रखने में मदद करती है।3. गुड़हल (Hibiscus) – बड़े और रंग-बिरंगे फूलों का राजाबारिश का मौसम गुड़हल की नई कलम (Cutting) लगाने और उसकी ग्रोथ के लिए सबसे आदर्श माना जाता है।खूबसूरती: इस मौसम में गुड़हल के पौधे में बड़े साइज के लाल, गुलाबी, पीले और सफेद रंग के आकर्षक फूल खिलते हैं। इसे रोजाना 5-6 घंटे की अच्छी धूप और वेल-ड्रेनेज (जिस गमले से पानी आसानी से निकल जाए) वाली मिट्टी की जरूरत होती है।4. स्नेक प्लांट (Snake Plant) – बेस्ट इनडोर और एयर प्यूरीफायरयदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी में एक ऐसा पौधा ढूंढ रहे हैं जिसकी देखभाल न के बराबर करनी पड़े, तो स्नेक प्लांट सबसे बेहतरीन इनडोर ऑप्शन है।सावधानी: इसे आप लिविंग रूम, बेडरूम या बालकनी कहीं भी रख सकते हैं। ध्यान रखने वाली बात सिर्फ इतनी है कि मानसून में इसे जरूरत से ज्यादा पानी (Over-watering) बिल्कुल न दें। गमले में पानी जमा रहने से इसकी जड़ें गल सकती हैं।5. तुलसी (Holy Basil) – आस्था के साथ अचूक औषधीय गुणहर भारतीय घर के आंगन की शान कही जाने वाली तुलसी धार्मिक महत्व के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद गुणकारी है।देखभाल की टिप: बारिश के दिनों में तुलसी का पौधा बहुत तेजी से घना और हरा-भरा होता है। लेकिन लगातार होने वाली बारिश से इसके गमले में पानी रुकना नहीं चाहिए, अन्यथा पौधा खराब हो सकता है। इसे रोजाना कुछ घंटे की सुबह की हल्की धूप जरूर दिखाएं।6. फर्न (Ferns) – घनी और मखमली हरियाली का अहसासअगर आप अपने गार्डन में घने जंगलों जैसी प्राकृतिक हरियाली और फ्रेश लुक चाहते हैं, तो फर्न की विभिन्न वैरायटी को अपने कलेक्शन में शामिल करें।परफेक्ट क्लाइमेट: फर्न को नमी और छांव वाला वातावरण सबसे ज्यादा पसंद आता है, इसलिए बारिश का मौसम इसकी पत्तियों को चमकदार बना देता है। इसे कभी भी सीधी और तेज धूप में न रखें, बल्कि सेमी-शेड (हल्की छाया) वाली जगह पर लटकाएं या रखें।मानसून गार्डनिंग की क्विक टिप: बारिश के दिनों में पौधों में पानी तभी डालें जब गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी दिखाई दे। साथ ही, हर हफ्ते गमलों के नीचे लगी ड्रेनेज प्लेट्स को साफ करते रहें ताकि उनमें पानी जमा न हो और मच्छरों को पनपने का मौका न मिले।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 7:08 am

ITR Filing Tips: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते समय न भूलें बैंक ब्याज की जानकारी; SBI, HDFC और ICICI ग्राहक घर बैठे ऐसे डाउनलोड करें इंटरेस्ट सर्टिफिकेट!

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) फाइल करने की आखिरी तारीख बेहद नजदीक आ चुकी है। अगर आपने अभी तक अपना टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों और हड़बड़ी से बचने के लिए इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें। टैक्स एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटीआर दाखिल करते समय टैक्सपेयर्स अक्सर एक बड़ी गलती कर बैठते हैं, जो बाद में उन्हें भारी पड़ सकती है—वह है बैंक खातों में जमा रकम पर मिले ब्याज (Interest Income) को छिपाना या भूल जाना।आयकर विभाग (Income Tax Department) के पास आपके सभी वित्तीय लेनदेन की पूरी जानकारी होती है। ऐसे में रिटर्न में ब्याज की सही जानकारी न देने पर आपको विभाग की तरफ से स्क्रूटनी या टैक्स नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।ITR में क्यों जरूरी है हर एक बैंक अकाउंट की इंटरेस्ट इनकम?सभी खातों की जानकारी अनिवार्य: अगर आपके पास एक से ज्यादा बैंक अकाउंट्स (सेविंग्स अकाउंट, एफडी या आरडी) हैं, तो उन सभी में एक वित्त वर्ष के दौरान मिले कुल ब्याज को जोड़कर आईटीआर में दिखाना अनिवार्य है।सख्ती की वजह: कई बार टैक्सपेयर्स को लगता है कि सेविंग्स अकाउंट पर मिले छोटे-मोटे ब्याज को बताने की जरूरत नहीं है, लेकिन टैक्स विभाग इसे 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' (Income from Other Sources) के तहत टैक्स के दायरे में रखता है। हालांकि, आयकर कानून की धारा 80TTA के तहत सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर ₹10,000 तक की छूट मिलती है (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 80TTB के तहत ₹50,000), लेकिन इसे रिटर्न में डिक्लेयर करना फिर भी जरूरी है।क्या होता है 'इंटरेस्ट सर्टिफिकेट' और क्यों है यह जरूरी?यह बैंक द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है, जो यह प्रमाणित करता है कि एक वित्तीय वर्ष में आपको अपने सेविंग्स अकाउंट (Savings Account), फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) पर कुल कितना ब्याज मिला है।आयकर विभाग कभी भी आपसे इस ब्याज राशि का पुख्ता सबूत या प्रूफ मांग सकता है, इसलिए आईटीआर फाइल करने से पहले इसे अपने बैंक की वेबसाइट या ऐप से डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रख लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।देश के 3 बड़े बैंकों से घर बैठे ऑनलाइन ऐसे डाउनलोड करें इंटरेस्ट सर्टिफिकेटआप अपने इंटरनेट बैंकिंग लॉग-इन (Net Banking) के जरिए चंद मिनटों में पीडीएफ (PDF) कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं:1. ICICI Bank ग्राहक ऐसे करें डाउनलोड:सबसे पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉग-इन करें।होमपेज पर दिए गए 'Payments & Transfer' टैब पर जाएं।इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू में से 'Tax Center' के विकल्प पर क्लिक करें।अब 'Interest Certificate' सेक्शन में जाकर 'Download' विकल्प पर क्लिक करें।अपना अकाउंट नंबर और संबंधित वित्तीय वर्ष (Period) सेलेक्ट करें और पीडीएफ फाइल को सेव कर लें।2. HDFC Bank ग्राहक ऐसे करें डाउनलोड:अपने नेट बैंकिंग पोर्टल पर लॉग-इन करने के बाद सीधे 'Accounts' सेक्शन में जाएं।यहां आपको 'Quick Links' का एक ऑप्शन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।क्विक लिंक्स के भीतर 'Download Interest Certificate' के विकल्प को चुनें।अपना खाता संख्या (Account Number) और अवधि (Period) सेलेक्ट करने के बाद सर्टिफिकेट आपके डिवाइस में डाउनलोड हो जाएगा।3. State Bank of India (SBI) ग्राहक ऐसे करें डाउनलोड:एसबीआई की नेट बैंकिंग वेबसाइट (OnlineSBI) पर जाकर लॉग-इन करें।डैशबोर्ड पर सबसे ऊपर मौजूद मेनू बार में 'e-Services' के विकल्प पर क्लिक करें।ई-सर्विसेज के तहत आपको 'Interest Certificate' का लिंक दिखाई देगा।उस पर क्लिक करके आप अपने सेविंग्स और एफडी खातों के ब्याज का पूरा विवरण पीडीएफ फॉर्मेट में आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 7:06 am

Varanasi Highway Projects: वाराणसी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ₹25,500 करोड़ का मेगा प्लान, वरुणा और गंगा के किनारे बनेंगे दो शानदार एलिवेटेड कॉरिडोर!

उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी वाराणसी (Kashi) की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। शहर को दशकों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या से हमेशा के लिए निजात दिलाने और यहां के रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार (15 जुलाई 2026) को वाराणसी के लिए लगभग ₹25,500 करोड़ की कुल निवेश वाली दो बेहद बड़ी हाईवे परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इन दोनों महत्वाकांक्षी कॉरिडोर के निर्माण पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए इन प्रोजेक्ट्स का पूरा खाका साझा किया।पहला प्रोजेक्ट: NH-31 और वाराणसी रिंग रोड लिंक (वरुणा नदी के किनारे)वाराणसी शहर के आंतरिक ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।रूट और लंबाई: यह नया लिंक रोड कुल 43.218 किलोमीटर लंबा होगा, जिसे वरुणा नदी के किनारे-किनारे विकसित किया जा रहा है।डिजाइन: यह मुख्य रूप से एक 6/4-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जिसमें मुख्य कैरिजवे के साथ-साथ शानदार फ्लाईओवर्स, लूप्स, रैंप्स और सर्विस रोड्स का जाल बिछाया जाएगा।लागत और मॉडल: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत तैयार किया जाएगा। इस पर कुल ₹10,998.32 करोड़ की पूंजीगत लागत आएगी।दूसरा प्रोजेक्ट: NH-19 और वाराणसी रिंग रोड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (गंगा नदी के किनारे)यह प्रोजेक्ट वाराणसी को एक नई पहचान देने के साथ-साथ शहर के बाईपास ट्रैफिक को एक स्मूथ कनेक्टिविटी देगा।रूट और लंबाई: यह राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड को आपस में जोड़ेगा। यह 46.039 किलोमीटर लंबी एक ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना है, जो पवित्र गंगा नदी के किनारे-किनारे बेहतरीन रिवरबैंक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।आकर्षण: इस प्रोजेक्ट के तहत एक 6-लेन एलिवेटेड मुख्य कैरिजवे बनाया जाएगा। साथ ही, इसके मुख्य आकर्षणों में एक भव्य आइकॉनिक केबल-स्टेयड ब्रिज (Cable-Stayed Bridge) और एक एक्स्ट्राडोज्ड फुट-ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज शामिल हैं।लागत: इसे भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसकी कुल पूंजीगत लागत ₹14,447.64 करोड़ आंकी गई है।60 मिनट का सफर सिर्फ 20 मिनट में; जानिए काशीवासियों को होने वाले बड़े फायदेभविष्य की 50 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जा रहे इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स से वाराणसी की अर्बन मोबिलिटी (शहरी गतिशीलता) को एक नया आयाम मिलेगा:यात्रा समय में 70% की कमी: इन परियोजनाओं के पूरी तरह चालू होने के बाद इस रूट पर वाहनों का औसत यात्रा समय 60 मिनट से घटकर महज 20 मिनट रह जाएगा।शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति: बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले भारी वाहन शहर के भीतर घुसे बिना सीधे NH-19 और NH-31 से रिंग रोड के रास्ते बाहर निकल जाएंगे, जिससे शहर के आंतरिक चौराहों पर भीड़भाड़ पूरी तरह खत्म हो जाएगी।धार्मिक और शैक्षणिक पर्यटन को बढ़ावा: यह एलिवेटेड कॉरिडोर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्रों और सांस्कृतिक केंद्रों तक पहुंचने वाले पर्यटकों को एक बेहद सुगम रास्ता देगा। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के इस नए जाल से स्थानीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पूरी अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 7:04 am

अभिषेक बनर्जी ने कोर्ट में दिए वॉयस सैंपल

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर कोर्ट में वॉयस सैंपल दिए। उन पर हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था

देशबन्धु 16 Jul 2026 6:50 am

मोबाइल फोन निर्माण योजना पर मुहर, प्रधानमंत्री ने रोजगार बढ़ने का भरोसा जताया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपए के बजटीय परिव्यय के साथ मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) को मंजूरी दी है

देशबन्धु 16 Jul 2026 6:20 am

श्री मौर्य ने अधिकारीयों को दिये निर्देश-सभी जनपदों में गठित 'त्रिसदस्यीय अपीलिएट कमेटी', अपात्रों की कारण सहित सूची उपलब्ध कराये

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट संकल्प है कि देश का प्रत्येक पात्र एवं आवासहीन परिवार सम्मानजनक जीवन जी सके और उसे अपना पक्का आवास प्राप्त हो। इसी संकल्प को साकार करने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 4.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 नए पक्के आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। डबल इंजन की सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक आसराहीन परिवार को पक्की छत देकर उन्हें एक सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सके।सभी 75 जनपदों में गठित त्रिसदस्यीय अपीलीय समिति के माध्यम से ऐसे सभी मामलों की पुनः समीक्षा कराई जाए, जिनमें किसी कारणवश पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए हों जिन आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया है उनकी कारण सहित सूची तैयार कर उपलब्ध कराई जाए, जिससे पात्रता संबंधी स्थिति पूर्णतः स्पष्ट एवं पारदर्शी बनी रहे।डबल इंजन सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण एवं आश्रयहीन परिवार को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार उपलब्ध कराना है, सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि समाज के प्रत्येक पात्र वर्ग तक योजना का लाभ पहुंचे और कोई भी जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे।इस योजना के अंतर्गत विशेष प्राथमिकता उन परिवारों को दी जा रही है जिनमें रक्षा, अर्धसैनिक बल अथवा पुलिस बल की कार्रवाई में शहीद हुए जवानों की विधवाएँ एवं आश्रित, दिव्यांगजन, अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र परिवार, कुष्ठ रोग अथवा कैंसर से पीड़ित सदस्य वाले परिवार, एचआईवी (पीएलएचआईवी) से प्रभावित परिवार, तथा एकल बालिका वाले परिवार शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य ऐसे संवेदनशील एवं जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Jul 2026 4:30 am

एफटीए से भारत-यूके के बीच नए व्यापार युग की शुरुआत, 'जीरो टैरिफ' से निर्यातकों को फायदा

भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (एफटीए) को दोनों देशों के कारोबारी रिश्तों में एक अहम बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इस समझौते से कपड़ा, आयुर्वेद, कृषि, प्रोसेस्ड फूड, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, रत्न-आभूषण और हस्तशिल्प जैसे कई क्षेत्रों को बड़ी उम्मीदें हैं।

देशबन्धु 16 Jul 2026 2:20 am

महाराष्ट्र की सियासत में एनसीपी को लेकर हलचल, विपक्ष ने दल तोड़ने की कोशिश का लगाया आरोप

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस और शिवसेना नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही हैं, जबकि शिवसेना नेताओं ने इसे राजनीतिक शिष्टाचार और पार्टी का आंतरिक मामला बताया।

देशबन्धु 16 Jul 2026 12:50 am

एसआईआर प्रक्रिया में हिस्सा लें, किसी का वोटिंग अधिकार नहीं छिनना चाहिए: वारिस पठान

एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से इसमें सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की

देशबन्धु 15 Jul 2026 11:58 pm