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झारखंड छात्रों की हड़ताल खत्म होने पर राहुल गांधी बोले- ‘संयम से निकला समाधान, पूरे देश में बदलेगा सिस्टम’

झारखंड में छात्रों की हड़ताल खत्म होने के बाद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और छात्रों के संयम की सराहना की। कांग्रेस ने जाति जनगणना को लेकर केंद्र पर भी निशाना साधा।

देशबन्धु 18 Aug 2026 4:02 pm

कानपुर: कांवड़ियों से नोकझोंक के बाद महिला सिपाही की इंस्पेक्टर से तीखी बहस

कानपुर देहात में हाईवे पर ड्यूटी के लिए जा रही महिला सिपाही और कांवड़ियों के बीच हेलमेट को लेकर विवाद हो गया. विवाद के बाद मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर क्राइम और महिला सिपाही के बीच फोन पर तीखी बहस हुई. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

आज तक 18 Aug 2026 3:59 pm

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 का ऐलान, तेजस्विन शंकर-दिव्या देशमुख समेत 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा हो गई है। 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार, आई अरुमनायगम को लाइफटाइम अर्जुन और पांच कोच को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुना गया है।

देशबन्धु 18 Aug 2026 3:53 pm

CJP के अभिजीत दीपके ने बताया सरकारी स्कूल सुधारने का ‘मेजिकल फॉर्मूला’- जानें कितनी नई बात कही?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 'स्कूल ठीक करो' कैंपेन शुरू किया है। इसके तहत गांव-गांव जाकर स्कूलों में होने वाली समस्याओं को उठाया जा रहा है। सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने सरकारी स्कूल सुधारने का ‘मेजिकल फॉर्मूला’ भी बताया।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 3:42 pm

केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द हो सकता है फेरबदल, रामदास आठवले ने बताया प्लान, इस पार्टी को एनडीए में आने का न्योता

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल की संभावना जताई है। उन्होंने शरद पवार की पार्टी को एनडीए में शामिल होने और अभिजीत दीपके को आरपीआई में आने का न्योता दिया।

देशबन्धु 18 Aug 2026 3:41 pm

Supreme Court का बड़ा कदम: आरोपी की फोटो वायरल करने पर केंद्र, X और Meta को भेजा कड़ा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों और एक्स और मेटा जैसी सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस भेजा है। कोर्ट के सामने एक याचिका आई है जिसमें पुलिस विभागों की उस आदत को चुनौती दी गई है, जिसके तहत वे अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर आरोपियों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते हैं। मामले का मुख्य मुद्दा क्या है? याचिकाकर्ता चाहता है कि ऐसे साफ़ नियम बनें जो पुलिस को ऐसी कोई भी चीज़ शेयर करने से रोकें जिससे आरोपियों की पहचान ज़ाहिर हो या ऑनलाइन उनकी बेइज्जती हो। चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखा। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने खारिज की फांसी से मृत्युदंड देने की याचिका, केंद्र को समीक्षा की छूट याचिका में आरोपियों की तस्वीरें हटाने की मांग की गई यह कोई आम मांग नहीं है। याचिका में तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है। राज्यों को पुलिस के ऑफ़िशियल अकाउंट से ऐसी कोई भी पोस्ट हटानी चाहिए जिनमें आरोपियों के चेहरे या पहचान दिख रही हो, खासकर तब जब वे तस्वीरें अपमानजनक हों। जैसे हथकड़ी लगे संदिग्ध, रस्सियों से बंधे लोग, डंडों से पीटे जा रहे लोग, घुटनों के बल बैठने पर मजबूर किए गए लोग या सीढ़ियों से घसीटे जा रहे लोग। याचिका साफ़ कहती है: पुलिस को अपने ऑफ़िशियल चैनलों पर ऐसी तस्वीरें या वीडियो नहीं दिखाने चाहिए। पुलिस के सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गाइडलाइंस की मांग इसके अलावा, याचिका में पुलिस विभागों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर व्यापक गाइडलाइंस की मांग की गई है। इन नियमों से पुलिस को ऐसा कंटेंट अपलोड करने से रोका जाएगा जिससे या तो आरोपी की पहचान उजागर होती हो या उन्हें अपमानजनक या अमानवीय स्थिति में डाला जाता हो चाहे वह अभी हो या भविष्य में। इसे भी पढ़ें: Ram Mandir Trust: सूत्रों का दावा, Champat Rai को UP SIT की पहली रिपोर्ट में Clean Chit याचिका में मेटा के प्लेटफॉर्म्स से भी कार्रवाई की मांग मेटा के प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम और फेसबुक पर भी ध्यान दिया गया है। याचिकाकर्ता चाहता है कि वे आगे आएं और ऐसी ठोस पॉलिसी और यूज़र गाइडलाइंस लागू करें जो इस तरह के कंटेंट को फैलने से रोकें। साथ ही, एक सही रिपोर्टिंग सिस्टम की भी मांग की गई है ताकि लोग आपत्तिजनक कंटेंट की रिपोर्ट कर सकें और उसे जल्द से जल्द हटवाया जा सके। इससे पहले मार्च में याचिका का निपटारा किया गया था यह पूरा मामला नया नहीं है। इसी याचिकाकर्ता ने पहले भी ऐसी ही याचिका दायर की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मार्च में ही निपटा दिया था। उस समय कोर्ट ने कहा था कि मीडिया से बातचीत को लेकर पुलिस के लिए जारी उनके पुराने आदेशों में सोशल मीडिया भी शामिल होना चाहिए। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस ले ली थी, लेकिन बाद में व्यापक मामला दायर करने का विकल्प खुला रखा था—और इसी वजह से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड श्रुतांजय भारद्वाज ने यह मौजूदा याचिका दायर की है।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 3:40 pm

Imran Khan Health:

Pakistan Ex PM Imran Khan Health Update:

वन इंडिया 18 Aug 2026 3:33 pm

नितिन नवीन की नई टीम में नए नेताओं के पास कितना पैसा, जानें कौन कितना अमीर है

चुनावी हलफनामों और आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से इन नए पदाधिकारियों की नेट वर्थ और घोषित संपत्तियों का एक दिलचस्प ब्योरा सामने आया है।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 3:32 pm

फांसी की जगह मौत का इंजेक्शन देने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मौजूदा व्यवस्था रहेगी लागू

सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की जगह लीथल इंजेक्शन से मृत्युदंड देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। अदालत ने भविष्य में वैज्ञानिक प्रमाण मिलने पर समीक्षा की संभावना खुली रखी।

देशबन्धु 18 Aug 2026 3:31 pm

मंत्रियों के बच्चों का एडमिशन सरकारी स्कूल में हो, अभिजीत दीपके की मांग

अभिजीत दीपके ने सरकारी अधिकारियों पर तंज कसते हुए सवाल किया कि आखिर वे अपने बच्चों को निजी स्कूलों में ही क्यों पढ़ाते हैं? क्या उन्हें अपने ही काम पर भरोसा नहीं है? इस समय सरकारी स्कूलों में सुधार के लिए अभियान जारी है।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 3:30 pm

TDPL के जरिए आयोजित सभी परीक्षाएं और परिणाम निरस्त, चयन प्रक्रिया पर लगी रोक, देखें पूरी लिस्ट और आगे का अपडेट

उत्तर प्रदेश और देश भर के लाखों युवाओं के लिए आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से विवादों में घिरी रही परीक्षा एजेंसी 'TDPL' (टीडीपीएल) के माध्यम से आयोजित की गई सभी भर्ती परीक्षाओं, उनके परिणामों और संपूर्ण चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। सरकारी आदेश के बाद इस एजेंसी द्वारा कराए गए विभिन्न विभागों के इम्तिहानों पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद से ही उन हजारों अभ्यर्थियों में खलबली मची है, जो इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे। शासन के इस कठोर निर्णय के पीछे परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों को मुख्य आधार माना जा रहा है। अब छात्रों के मन में यह सवाल सबसे बड़ा है कि उनकी मेहनत का क्या होगा और आगे की प्रक्रिया अब किस तरह संचालित की जाएगी।क्या है पूरा मामला और क्यों लिया गया यह सख्त निर्णय?बीते कुछ महीनों से TDPL (टीडीपीएल) एजेंसी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक होने के गंभीर आरोप लग रहे थे। छात्रों के कई संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लगातार यह मांग उठाई जा रही थी कि संबंधित एजेंसी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार को कई स्रोतों से इनपुट मिल रहे थे कि परीक्षा आयोजित करने के तरीके में पारदर्शिता का अभाव है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का हक मारा जा रहा है। इसी के मद्देनजर सरकार ने एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में शुचिता को सुनिश्चित करने के लिए TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को निरस्त करना ही एकमात्र विकल्प है। सरकार का यह कदम साफ तौर पर संदेश देता है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।रद्द की गई परीक्षाओं की सूची और चयन प्रक्रिया का भविष्यशासन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस एजेंसी के माध्यम से पिछले एक वर्ष के भीतर आयोजित की गई सभी भर्ती परीक्षाओं को अमान्य घोषित कर दिया गया है। इनमें विभिन्न विभागों के लिपिकीय संवर्ग, तकनीकी पद, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं। सूची में प्रमुख रूप से वे परीक्षाएं शामिल हैं जिनके परिणाम हाल ही में जारी किए गए थे या जिनकी काउंसलिंग प्रक्रिया अभी चल रही थी। शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन पदों के लिए अब नई सिरे से विज्ञापन निकाले जाएंगे और परीक्षा का आयोजन पूरी तरह से नई और विश्वसनीय एजेंसी के माध्यम से किया जाएगा। उन अभ्यर्थियों के लिए जिन्होंने पूरी मेहनत से पढ़ाई की थी, यह समय धैर्य रखने का है। सरकार जल्द ही आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से उन परीक्षाओं की विस्तृत लिस्ट जारी करेगी जो इस निरस्तीकरण के दायरे में आई हैं, ताकि किसी को भी भ्रम की स्थिति न रहे।अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश और आगे की राहपरीक्षा रद्द होने के इस फैसले के बाद छात्रों में स्वाभाविक रूप से हताशा है, लेकिन इसे एक नए अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। विभाग द्वारा यह आश्वासन दिया गया है कि आगामी परीक्षाओं को बहुत जल्द आयोजित किया जाएगा और इसमें छात्रों की सुविधा के लिए पूरी सुरक्षा व गोपनीयता बरती जाएगी। जो छात्र इन परीक्षाओं में शामिल हुए थे, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे लगातार विभागीय वेबसाइट के संपर्क में रहें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी तैयारी जारी रखें। शासन जल्द ही इस पूरे मामले पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा जिसमें यह स्पष्ट होगा कि पुराने अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क में क्या राहत मिलेगी और नई प्रक्रिया का शेड्यूल क्या होगा। सरकारी महकमे का प्रयास है कि पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित कर युवाओं के भरोसे को फिर से बहाल किया जाए।पारदर्शिता के लिए सरकार का कड़ा रुख और प्रशासनिक सुधारयह निर्णय केवल एक एजेंसी को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक तंत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों का हिस्सा है। भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई गाइडलाइन्स तैयार की जा रही हैं। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्राइवेट एजेंसी को चुनने से पहले उसकी साख और तकनीकी दक्षता की कड़ी जांच की जाएगी। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण और पेपर को सुरक्षित ढंग से वितरित करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर और निगरानी तंत्र का उपयोग किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यह है कि अगली बार जब परीक्षा हो, तो उस पर किसी भी प्रकार का विवाद न हो। मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री ने उच्चाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि छात्रों के हित में इस नई प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि उनका करियर सुरक्षित रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 3:29 pm

यूपी की सियासत में 'भइया' का घमासान: चवन्नी बनाम रुपैया की जंग में जाटलैंड हुआ गरम, दोस्ती टूटी तो शुरू हुई जुबानी जंग

उत्तर प्रदेश की राजनीति, जिसे अक्सर समीकरणों का खेल कहा जाता है, इन दिनों पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 'जाटलैंड' में एक बेहद दिलचस्प और तीखे मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है। कभी एक ही मंच पर खड़े होकर सियासी नैया पार लगाने वाले दो दिग्गज 'भइया' अब एक-दूसरे के धुर विरोधी बन चुके हैं। चवन्नी और रुपैया की तुलना वाले तीखे बयानों ने इस राजनीतिक लड़ाई को एक नया और तीखा मोड़ दे दिया है। जब से इन दोनों के बीच की गहरी दोस्ती और राजनीतिक गठबंधन में दरार आई है, तब से जाटलैंड की हवाओं में जुबानी जंग का शोर सुनाई दे रहा है। आखिर क्यों चवन्नी और रुपैया का यह मुहावरा जाटलैंड की फिजाओं में गूंज रहा है और इसका आगामी चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आइए, इस रिपोर्ट में समझते हैं यूपी की सियासत के इस नए ड्रामे के हर एक पहलू को।दोस्ती का अंत और सियासी जंग की शुरुआतपश्चिमी उत्तर प्रदेश, जिसे जाट समुदाय का गढ़ माना जाता है, वहां की राजनीति हमेशा से ही स्थानीय प्रभावशाली नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही है। जो नेता कभी एक-दूसरे के पूरक माने जाते थे, जिन्होंने साथ मिलकर कई बड़े आंदोलनों और राजनीतिक क्रांतियों को अंजाम दिया था, उनके बीच की तल्खी ने अब खुले युद्ध का रूप ले लिया है। इस सियासी तलाक की सबसे बड़ी वजह आपसी महत्वाकांक्षाएं और सत्ता की साझेदारी में आई दरार को माना जा रहा है। जैसे-जैसे आने वाले विधानसभा चुनावों की आहट तेज हो रही है, इन नेताओं के बीच की खटास भी सार्वजनिक मंचों से झलकने लगी है। एक तरफ जहां पुराना साथ छूटने का गम है, तो वहीं दूसरी तरफ अपने वर्चस्व को बचाने की होड़ में दोनों तरफ से शब्दों के तीर चलाए जा रहे हैं।'चवन्नी VS रुपैया' का क्या है पूरा सियासी गणित?जाटलैंड में चल रही इस जुबानी जंग में 'चवन्नी और रुपैया' का शब्द इस्तेमाल कर एक-दूसरे की औकात और राजनीतिक कद को मापने की कोशिश की जा रही है। एक पक्ष ने दूसरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग खुद को रुपैया समझते हैं, जबकि वास्तव में उनकी सियासी कीमत चवन्नी से ज्यादा नहीं है। इस तरह के तंज का सीधा उद्देश्य अपने प्रतिद्वंद्वी को छोटा साबित करना और अपने वोट बैंक को यह जताना है कि असली नेता वही है जो जमीन से जुड़ा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि यह जुबानी जंग केवल शब्दों का हेरफेर नहीं है, बल्कि यह अपने समर्थकों के बीच अपनी श्रेष्ठता साबित करने का एक तरीका है। चवन्नी और रुपैया का यह मुहावरा न केवल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, बल्कि गली-मोहल्लों की चौपालों पर भी चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।जाटलैंड पर क्या होगा इस आपसी कलह का असरपश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाट वोट बैंक का प्रभाव इतना अधिक है कि किसी भी पार्टी की जीत-हार सीधे तौर पर इसी समुदाय पर निर्भर करती है। 'भइया' लोगों के बीच की इस आपसी कलह का सबसे बड़ा नुकसान उनके साझा वोट बैंक को उठाना पड़ सकता है। जब दो कद्दावर नेता आपस में भिड़ते हैं, तो उनका समर्थक वर्ग भी दो हिस्सों में बंट जाता है, जिसका सीधा फायदा अन्य बड़ी विपक्षी पार्टियों को मिल सकता है। जाटलैंड के किसान और युवा, जो अब तक इन नेताओं के पीछे मजबूती से खड़े थे, वे अब दुविधा की स्थिति में हैं। यदि समय रहते इस जुबानी जंग को विराम नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में जाटलैंड के समीकरण पूरी तरह से उलट-पुलट सकते हैं और किसी तीसरे दल के लिए रास्ते आसान हो सकते हैं।आने वाले चुनाव और गठबंधन की अनिश्चितताराजनीति में कभी भी कुछ भी स्थाई नहीं होता, लेकिन इस बार जिस तरह की व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी की जा रही है, उससे किसी भी तरह के दोबारा मेल-मिलाप की संभावना बहुत कम नजर आ रही है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ता अब इन दोनों नेताओं के बीच किसी एक को चुनने का दबाव महसूस कर रहे हैं। पश्चिमी यूपी के अलग-अलग जिलों में इन नेताओं के समर्थकों के बीच होने वाली झड़पें इस बात का संकेत हैं कि मामला केवल बयानों तक सीमित नहीं रहने वाला है। भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना साफ है कि रुपैया और चवन्नी की इस लड़ाई ने यूपी की राजनीति के 'भइया' लोगों के बीच के उस पुराने भरोसे को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है जो कभी उनके गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत हुआ करता था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 3:28 pm

सपा में हिम्मत है तो आजम खान को सीएम प्रत्याशी घोषित करे', बीजेपी नेता बासित अली ने अखिलेश यादव को दी खुली चुनौती

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानों का दौर तेज हो गया है। बीजेपी में मोर्चा संभालते ही बासित अली ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर करारा हमला बोला है। उन्होंने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा है कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे आजम खान को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित करें। अली के इस बयान ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है और सपा के भीतर नए समीकरणों को लेकर बहस छेड़ दी है।बीजेपी नेता बासित अली की सपा पर तीखी चोटबीजेपी में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद बासित अली ने आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है। बासित अली ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से तुष्टीकरण की राजनीति करती आई है और अब उन्हें अपनी कथनी और करनी को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा के अंदरूनी कलह और आजम खान के प्रति पार्टी के नरम रुख को देखते हुए यह जरूरी है कि जनता के सामने सच्चाई आए। अली की यह ललकार सपा के लिए एक बड़ी सियासी मुसीबत खड़ी कर सकती है, क्योंकि आजम खान के नाम पर पार्टी के भीतर पहले से ही मतभेद की खबरें आती रही हैं।आजम खान को सीएम प्रत्याशी बनाने के बहाने सपा को घेराबीजेपी नेता ने सपा की चुनावी रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर रहे हैं और केवल परिवारवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर सपा वास्तव में सबको साथ लेकर चलने का दावा करती है, तो उन्हें आजम खान जैसे बड़े नेता को आगे करके यह साबित करना चाहिए। सियासी गलियारों में चर्चा है कि बासित अली का यह बयान सपा के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाने की बीजेपी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। बासित अली ने अपनी ललकार में यह भी साफ कर दिया है कि बीजेपी किसी भी हाल में सपा के इस 'वोट बैंक की राजनीति' को सफल नहीं होने देगी और आगामी चुनावों में जनता उन्हें करारा जवाब देगी।राजनीतिक विश्लेषण: क्या आजम खान को आगे करना सपा के लिए आसान है?राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बासित अली का यह बयान केवल एक चुनौती नहीं, बल्कि एक गहरी सोची-समझी चाल है। आजम खान समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से रहे हैं, लेकिन उनके हालिया कानूनी विवादों और पार्टी नेतृत्व से बढ़ती दूरी के कारण सपा उनके नाम पर खुलकर कोई फैसला लेने से बचती रही है। बीजेपी का यह दांव सपा को दोहरे संकट में डाल सकता है। यदि सपा उन्हें प्रत्याशी घोषित करती है, तो विवादों के कारण पार्टी की छवि खराब होने का डर है और यदि नहीं करती है, तो मुस्लिम समाज में एक गलत संदेश जा सकता है कि सपा अपने पुराने दिग्गजों का सम्मान नहीं करती है। इस बयान के बाद अब अखिलेश यादव पर यह दबाव बढ़ गया है कि वे अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट करें।चुनावी माहौल में गरमाया पारा, जनता पर क्या होगा असर?बासित अली की इस जोरदार ललकार के बाद राज्य का चुनावी तापमान बढ़ने लगा है। बीजेपी अब जमीनी स्तर पर सपा की कमियों को उजागर करने के लिए ऐसे ही आक्रामक बयानों का सहारा ले रही है। हालांकि सपा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के भीतर इस बयान को लेकर मंथन तेज हो गया है। जनता के बीच इस तरह के मुद्दों का क्या प्रभाव पड़ेगा, यह तो आने वाले चुनाव ही बताएंगे, लेकिन इतना तय है कि बासित अली ने बीजेपी की तरफ से मोर्चा संभालते ही विपक्ष को बैकफुट पर धकेलने का काम बखूबी शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सपा इस चुनौती का सामना कैसे करती है और क्या बीजेपी का यह 'आजम कार्ड' सपा को कोई नुकसान पहुंचा पाता है या नहीं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 3:26 pm

जनता दर्शन में महिला की फरियाद सुनकर भड़के सीएम योगी आदित्यनाथ, अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करने का दिया कड़ा आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सख्त कार्यशैली, त्वरित न्याय और जनता के प्रति जवाबदेही के लिए देश भर में एक अलग पहचान रखते हैं। आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए उनके द्वारा नियमित रूप से 'जनता दर्शन' कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से लोग अपनी उम्मीदें लेकर पहुंचते हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ऐसे ही एक जनता दर्शन के दौरान एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। एक पीड़ित महिला की दर्द भरी दास्तान सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। महिला की शिकायत में प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की उदासीनता को देखकर सीएम योगी इतने अधिक नाराज हुए कि उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए तुरंत सबको सस्पेंड करने का बड़ा आदेश जारी कर दिया। इस घटना के बाद से प्रशासनिक गलियारों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।क्या था पूरा मामला और जनता दर्शन में क्यों छलके महिला के आंसूउत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से हर रोज सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याओं और शिकायतों का पुलिंदा लेकर मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचते हैं। इसी क्रम में एक जरूरतमंद महिला अपनी गंभीर समस्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई। महिला ने जब अपनी आपबीती सुनाई और यह बताया कि कैसे स्थानीय स्तर पर थाने और तहसील के चक्कर काटने के बावजूद उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई और अधिकारियों ने उसकी समस्या को लगातार नजरअंदाज किया, तो सीएम का पारा चढ़ गया। महिला ने रोते हुए यह भी बताया कि उसे न्याय पाने के लिए किस तरह दफ्तरों के धक्के खाने पड़े और किसी भी अधिकारी ने उसकी एक नहीं सुनी। जनता के प्रति इस प्रकार की संवेदनहीनता और लापरवाही को मुख्यमंत्री ने बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत मामले की तह तक जाने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा रुख और तुरंत निलंबन का आदेशपीड़ित महिला की बात को पूरी तन्मयता और गंभीरता से सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार जनता की सेवा के लिए है और यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतेगा या जनता को परेशान करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। महिला की शिकायत के आधार पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से संबंधित लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को सस्पेंड (Suspend) करने का कड़ा आदेश दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने उच्चाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी शख्स को बचाया न जाए। मुख्यमंत्री के इस सख्त और त्वरित एक्शन ने यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश में जनता के उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जनसुनवाई और पारदर्शिता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धतायोगी सरकार के कार्यकाल में जनसुनवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर हमेशा से जीरो टॉलरेंस (Zero Tolerance) की नीति अपनाई गई है। मुख्यमंत्री का यह स्पष्ट संदेश रहता है कि प्रदेश के हर नागरिक को समय पर न्याय मिलना चाहिए और सरकारी दफ्तरों में जनता के कामों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम इसी प्रतिबद्धता का एक हिस्सा हैं, जहां सीधे मुख्यमंत्री आम जनता से रूबरू होते हैं और जमीनी हकीकत का जायजा लेते हैं। जब भी इस तरह के मामलों में किसी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो मुख्यमंत्री बिना किसी देरी के सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाते हैं, ताकि प्रशासनिक तंत्र में डर और जवाबदेही दोनों बनी रहें। इस ताज़ा घटना ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि मुख्यमंत्री आम आदमी के दर्द के प्रति कितने संवेदनशील हैं और प्रशासनिक अमले में पारदर्शिता लाने के लिए कितने कड़े फैसले ले सकते हैं।जनता में जगी उम्मीद और अधिकारियों के बीच मचा हड़कंपमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस त्वरित और सख्त फैसले के बाद से एक तरफ जहां पीड़ित महिला को न्याय की उम्मीद बंध गई है, वहीं दूसरी तरफ पूरे प्रशासनिक महकमे में भारी खलबली मच गई है। इस तरह की घटनाओं से मैदानी स्तर पर काम करने वाले उन अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ा संदेश मिलता है जो अक्सर आम जनता की शिकायतों को फाइलों में दबाकर बैठ जाते हैं। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री के इस प्रकार के सख्त तेवर यह दर्शाते हैं कि सरकार जनता के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क है। भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए शासन स्तर पर भी कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि हर फरियादी को उसकी समस्या का सही और समय पर समाधान मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 3:25 pm

तनाव से राहत से लेकर एकाग्रता बढ़ाने तक, जानें रोज मेडिटेशन करने के फायदे

आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए समय काफी कम होता जा रहा है।

खास खबर 18 Aug 2026 3:23 pm

Vande Mataram विवाद पर Kharge का पलटवार: जो गांधी-नेहरू ने गाया, वही हमने गाया, केस करना है तो उन पर करो

'वंदे मातरम' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने वही गीत गाया जिसे कभी महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गाया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय 'इंदिरा भवन' में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' गायन में बाधा डाली। इसे भी पढ़ें: Shatrughan Sinha का बड़ा दावा- बेटी Sonakshi की ट्रोलिंग के पीछे BJP IT सेल का हाथ, कहा- 'सब प्रायोजित है' खड़गे ने कहा कि जो महात्मा गांधी ने वंदे मातरम गाया था, वही हमने गाया। जो अटल बिहारी बाजपेयी जी ने गाया, वही हमने गाया। उसने पूछा कि यह वंदे मातरम पिछले 18 वर्षों से गाया जा रहा है। क्या यह अपराध है? उन्होंने कहा कि मैंने वही 'वंदे मातरम' गाया जो महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू ने गाया था। अगर इसे गाना कोई अपराध है, तो वे पिछले 18 सालों से यह अपराध करते आ रहे हैं। अगर यह अपराध है, तो गांधी जी के खिलाफ केस दर्ज करें। अगर यह अपराध है, तो नेहरू जी के खिलाफ केस दर्ज करें। अगर यह अपराध है, तो वल्लभभाई पटेल के खिलाफ भी करें। उन्हें खड़गे ने कहा कि इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके जन्म से पहले ही कांग्रेस ने देश के लिए कौन से राष्ट्रीय गीत अपनाए जाएं, इस पर एक प्रस्ताव पास कर दिया था। ऐसा नहीं है कि आप जो कह दें, वही राष्ट्रीय मानक बन जाए। कल कोई दूसरी सरकार सत्ता में आ सकती है; अगर वे कुछ कहते हैं, तो वही नियम बन जाएगा। हमने बस उस परंपरा को जारी रखा है जो 90 सालों से चली आ रही है। इसे भी पढ़ें: BJP ने Sandeep Pathak को क्यों चुना? क्या पंजाब में ध्वस्त करेंगे AAP का किला? यह विवाद इस आरोप से शुरू हुआ है कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' गाए जाने के समय सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय गीत को जारी रखने पर अपनी आपत्ति जताई थी। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को सोनिया गांधी पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनका खून ज़्यादातर इटैलियन है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा: उनका खून ज़्यादातर इटैलियन है, है ना? आप सोनिया गांधी से क्या उम्मीद कर सकते हैं? क्या वह हमारे देश की हैं? देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 3:22 pm

मुंबई में नौसेना जवान समेत परिवार के चार लोगों की मौत

राजस्थान के झुंझुनूं के ककराना निवासी नौसेना जवान पूरणमल मेहरा, उनकी पत्नी और दो बच्चों की मुंबई में मौत हो गई। 18 अगस्त को चारों के शव पैतृक गांव पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार किया गया। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। मुंबई पुलिस हत्या, आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है।

आज तक 18 Aug 2026 3:22 pm

भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या का खुलासा, मास्टरमाइंड सहित हिरासत में 5 आरोपी

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में छोटे तालाब के धोबीघाट के पास 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 20 वर्षीय जोहेब खान, 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश करीब एक महीने पहले रची गई थी […] The post भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या का खुलासा, मास्टरमाइंड सहित हिरासत में 5 आरोपी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 Aug 2026 3:19 pm

‘वंदे मातरम्’ विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे बोले- मैंने वही गाया जो गांधी, नेहरू और वाजपेयी गाते थे

खरगे ने अपने बयान में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने वही ‘वंदे मातरम्’ गाया, जिसे ये नेता गाते थे। कांग्रेस अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस तरह ‘वंदे मातरम्’ गाना अपराध है तो गांधी, नेहरू और पटेल के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

देशबन्धु 18 Aug 2026 3:14 pm

तीस्ता नदी : भारत से दोस्ती दांव पर लगाएगा बांग्लादेश?

बांग्लादेश अब चीन के सहयोग से तीस्ता नदी के पुनरुद्धार की तैयारी कर रहा है, इसके साथ ही उसने भारत से संबंध खराब किए बिना उसके हितों को समझने की अपील की है. बांग्लादेश का कहना है कि वह भारत के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाए रखते हुए दशकों पुराने जल बंटवारे के विवाद का समाधान चाहता है.

आज तक 18 Aug 2026 3:13 pm

Mumbai में BRICS Soft Power Festival: भारत-चीन सहित 5 देशों की विरासत और संस्कृति पर होगा मंथन

ब्रिक्स समूह के पांच देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के 500 से अधिक राजदूत, राजनयिक, कारोबारी नेता, विद्वान, सांस्कृतिक हस्तियां, उद्यमी और निवेशक दो दिवसीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसमें इस बात पर चर्चा की जाएगी कि संस्कृति, ज्ञान प्रणालियां, विरासत और रचनात्मक अभिव्यक्ति किस तरह देशों के बीच सार्थक संबंध कायम कर सकती हैं। आयोजक एपी ग्लोबेल ने सोमवार शाम यहां एक कार्यक्रम में बताया कि ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम (जीआईएफ) का दूसरा संस्करण पांच और छह सितंबर को मुंबई के द ताज महल पैलेस में आयोजित किया जाएगा। ‘अंतरराष्ट्रीय सॉफ्ट पावर महोत्सव’ के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सत्र, संबोधन और कार्यशालाएं होंगी, जिनमें भाग लेने वाले देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव और साझा परंपराओं पर चर्चा की जाएगी। इस कार्यक्रम में आयुर्वेद और पारंपरिक चीनी चिकित्सा से लेकर कलयारीपट्टू और कुंग फू/ताई ची, शास्त्रीय नृत्य और कैपोएरा, टैगोर और टॉल्सटॉय, सिनेमा, संगीत, खेल और आदिवासी परंपराओं तक विभिन्न परंपराओं और विधाओं पर चर्चा होगी।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 3:13 pm

Kiren Rijiju का Congress पर निशाना, बोले- PM Modi के दिमागी नक्सल बयान से घबराई पार्टी

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को कांग्रेस पर माओवादी पार्टी में बदलने का आरोप लगाया। यह आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में दिमागी नक्सलियों के जिक्र को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच लगाया गया। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि हालांकि जंगलों में सक्रिय हथियारबंद नक्सलियों को काफी हद तक खत्म कर दिया गया है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में दिमागी नक्सली अभी भी मौजूद हैं और उन्हें पहचानकर अलग-थलग करने की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: Sanjay Raut का बड़ा तंज: बोले- दिल्ली को Devendra Fadnavis की जरूरत, PM कर रहे बात इन बयानों की विपक्ष के नेताओं ने आलोचना की; कांग्रेस सांसद पी चिदंबरम ने 'X' पर कहा कि उन्हें दिमागी नक्सल होने पर गर्व है। ANI से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि मोदी की टिप्पणी किसी खास विपक्षी पार्टी के लिए नहीं थी, लेकिन उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने मान लिया कि उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान नेशनल एडवाइजरी काउंसिल पर ऐसी विचारधारा वाले लोगों का कब्ज़ा था और दावा किया कि अब कांग्रेस माओवाद की ओर बढ़ती दिख रही है। उन्होंने वैचारिक नक्सलवाद को अलगाववादी सोच और अनुच्छेद 370 को बहाल करने या पूर्वोत्तर को भारत के बाकी हिस्सों से अलग करने जैसी मांगों का समर्थन करने वाला बताया। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी माओवादी और नक्सलवादी संगठन में बदल गई है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी पहले ही मुस्लिम लीग जैसी हो चुकी है और अब माओवादी पार्टी बनने की दिशा में बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि मोदी की बातें, भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद को एक बड़ा खतरा बताने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आकलन जैसी ही थीं। इसे भी पढ़ें: NEET प्रोटेस्ट से चर्चा में आए Abhijeet Dipke को NDA का न्योता, क्या छोड़ेंगे 'नो-पॉलिटिक्स' वाला स्टैंड? रिजिजू ने सिंह के 2006 के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने नक्सलवाद को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया था। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस को मोदी की बातों की आलोचना करने के लिए सिंह के परिवार से माफ़ी मांगनी चाहिए। रिजिजू ने आगे आरोप लगाया कि जिन्हें उन्होंने दिमागी नक्सली कहा, उन्होंने नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई, बल्कि उनकी मौत का जश्न मनाया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 3:12 pm

क्या फिर 1971 जैसे हालात की तरफ बढ़ रहा है पाकिस्तान? बलूचिस्तान, पख्तूनख्वा से लेकर PoK तक बगावत की आग

साल 1971 में जब तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान टूटकर स्वतंत्र राष्ट्र 'बांग्लादेश' बना था, तब दुनिया ने एक ऐसे देश का विभाजन देखा था जिसका निर्माण केवल धर्म के आधार पर हुआ था, लेकिन वह अपनी भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को संभाल नहीं सका। आज पांच दशक से अधिक समय बीतने के बाद इतिहास एक बार फिर उसी मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है। वर्तमान में पाकिस्तान अपने इतिहास के सबसे गंभीर बहु-आयामी संकट से जूझ रहा है। एक तरफ जहां देश दिवालिया होने की कगार पर है और आईएमएफ (IMF) व मित्र देशों के कर्ज के सहारे अपनी सांसें गिन रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के चारों कोनों में प्रांतीय स्वायत्तता, जातीय भेदभाव और सैन्य अत्याचारों के खिलाफ खुला सशस्त्र व जन-आंदोलन छिड़ चुका है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञों, कूटनीतिक विश्लेषकों और थिंक-टैंक्स के बीच यह चर्चा तेजी से जोर पकड़ रही है कि क्या आंतरिक अंतर्विरोधों के बोझ तले दबा पाकिस्तान आने वाले समय में 6 अलग-अलग टुकड़ों में बिखर सकता है।वो 6 प्रमुख क्षेत्र जहां सुलग रही है आजादी और विभाजन की आगसामरिक विश्लेषक पाकिस्तान के वर्तमान भूगोल को 6 मुख्य भू-भागों और जातीय सीमाओं में विभाजित होने की संभावना के रूप में देखते हैं:बलूचिस्तान (Balochistan - आजाद बलूचिस्तान का सपना): क्षेत्रफल के लिहाज से पाकिस्तान का सबसे बड़ा (लगभग 44%) लेकिन सबसे कम आबादी और सबसे उपेक्षित प्रांत। प्राकृतिक गैस, सोने (रेको डिक) और तेल के अकूत भंडार होने के बावजूद यहां की जनता अत्यधिक गरीबी में जी रही है। 'बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी' (BLA) और 'बलूच राजी अजोई संगर' (BRAS) जैसे विद्रोही संगठन पाकिस्तानी सेना और चीनी सीपीईसी (CPEC) प्रोजेक्ट्स के खिलाफ पूर्ण आजादी का युद्ध लड़ रहे हैं। महरंग बलूच के नेतृत्व में 'बलूच यकजेहती कमेटी' (BYC) के शांतिपूर्ण लेकिन विशाल नागरिक प्रदर्शनों ने बलूचिस्तान को इस्लामाबाद के नियंत्रण से व्यावहारिक रूप से अलग-थलग कर दिया है।खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa - पख्तूनिस्तान या ग्रेटर अफगानिस्तान): पश्तून बहुल इस प्रांत में 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ समानांतर युद्ध छेड़ रखा है। कबायली इलाकों में सेना के नियंत्रण को सीधी चुनौती मिल रही है। वहीं दूसरी ओर 'पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट' (PTM) सैन्य अभियानों, फर्जी एनकाउंटरों और पश्तूनों के उत्पीड़न के खिलाफ खुलकर 'लार ओ बर यू अफगान' (डूरंड लाइन के आर-पार एक पश्तून राष्ट्र) का नारा बुलंद कर रहा है।सिंध (Sindh - 'सिंधुदेश' की मांग): पाकिस्तान के आर्थिक इंजन कहे जाने वाले कराची और सिंध प्रांत में 'सिंधुदेश रिवोल्यूशनरी आर्मी' (SRA) और जीएम सैयद की विचारधारा से प्रेरित राष्ट्रवादी दल सक्रिय हैं। सिंध की जनता का आरोप है कि पंजाब उनकी सिंधु नदी का पानी, कृषि संपदा और टैक्स का 70% हिस्सा लूट लेता है, जबकि सिंध के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं।पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला कश्मीर (PoJK): पिछले दो वर्षों में पीओके की जनता ने पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ अभूतपूर्व नागरिक विद्रोह किया है। भारी बिजली बिलों, गेहूं पर सब्सिडी खत्म करने और प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ 'अवामी एक्शन कमेटी' के बैनर तले लाखों लोग सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनों में खुलेआम पाकिस्तान विरोधी और भारत के साथ व्यापारिक रास्ते खोलने के नारे लग रहे हैं।गिलगित-बाल्टिस्तान (Gilgit-Baltistan): सामरिक रूप से बेहद अहम इस शिया-बहुल क्षेत्र को पाकिस्तान ने दशकों से बिना किसी संवैधानिक दर्जे के गुलाम बनाकर रखा है। भूमि अधिग्रहण, धार्मिक जनसांख्यिकी बदलने की साजिश और नागरिक अधिकारों के हनन के चलते गिलगित-बाल्टिस्तान में लद्दाख और भारत के साथ विलय की मांग करने वाले स्वर लगातार मुखर हो रहे हैं।पंजाब और सरायकी क्षेत्र (Saraikistan / Residual Pakistan): देश की राजनीति, सेना और संसाधनों पर केवल 'मध्य और उत्तरी पंजाब' के अभिजात वर्ग का कब्जा है। इसके विरोध में दक्षिण पंजाब के सिंधी व सरायकी भाषी लोग लंबे समय से एक अलग 'सरायकी प्रांत' की मांग कर रहे हैं। यदि बाकी प्रांत अलग होते हैं, तो पाकिस्तान केवल एक सीमित 'पंजाबी गणराज्य' (Republic of Punjab) बनकर रह जाएगा।बलूचिस्तान से पख्तूनख्वा तक जलती बगावत की चिंगारी: 1971 की गलतियों से क्यों नहीं ले रहा सबक?1971 में पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) के अलग होने की सबसे बड़ी वजह यह थी कि पश्चिमी पाकिस्तान की पंजाबी-वर्चस्व वाली सेना ने बंगाली नागरिकों के लोकतांत्रिक जनादेश को कुचलने के लिए 'ऑपरेशन सर्चलाइट' जैसा बर्बर नरसंहार चलाया था। ठीक वही गलती आज रावलपिंडी का सैन्य मुख्यालय (GHQ) बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में दोहरा रहा है।बलूचिस्तान में हजारों युवाओं के जबरन गायब होने (Enforced Disappearances), एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स और महिलाओं पर लाठीचार्ज ने बलूच समाज के हर वर्ग को हथियार उठाने या पूर्ण अलगाव के लिए प्रेरित किया है। ठीक इसी तरह, अफगान सीमा पर बसे पश्तूनों को शक की निगाह से देखने और वहां लगातार ड्रोन व हवाई हमले करने से पाकिस्तानी सेना के प्रति स्थानीय अवाम में गहरी नफरत भर चुकी है। जब राज्य अपनी ही जनता पर टैंक, तोप और फाइटर जेट्स से हमला करने लगे, तो उस राष्ट्र की भौगोलिक अखंडता लंबे समय तक नहीं टिक सकती।आर्थिक दिवालियापन और सेना की अनियंत्रित लूट: ताबूत में आखिरी कीलकिसी भी देश को एकजुट रखने के लिए आर्थिक स्थिरता सबसे बड़ी रीढ़ होती है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था आज पूरी तरह वेंटिलेटर पर है:कर्ज का अंतहीन चक्र: पाकिस्तान का कुल सार्वजनिक कर्ज उसके सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 80% से अधिक हो चुका है। विदेशी मुद्रा भंडार इतना कम है कि देश केवल नए कर्ज लेकर पुराने कर्जों का ब्याज चुका पा रहा है।'फौजी फाउंडेशन' और जनरलों का व्यापारिक साम्राज्य: पाकिस्तानी सेना देश की रक्षा करने के बजाय रियल एस्टेट (DHA), खाद, सीमेंट, तेल, बैंकिंग और शॉपिंग मॉल चलाने में व्यस्त है। देश का रक्षा बजट लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।CPEC की नाकामी: चीन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा' (CPEC) स्थानीय लोगों के लिए रोजगार लाने के बजाय एक रणनीतिक औपनिवेशिक जाल साबित हुआ है, जिससे ग्वादर के स्थानीय मछुआरों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है।भू-राजनीतिक हकीकत: क्या पाकिस्तान का विघटन संभव है?सामरिक और रक्षा जानकारों के अनुसार, भले ही पाकिस्तान का 6 औपचारिक संप्रभु राष्ट्रों में तत्काल विभाजन अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के कारण जटिल दिखता हो, लेकिन आंतरिक रूप से पाकिस्तान पहले ही 'डी-फैक्टो' (व्यावहारिक रूप से) विखंडित हो चुका है। देश के 60% भूभाग (बलूचिस्तान और कबायली पख्तून क्षेत्र) पर पाकिस्तानी पुलिस या नागरिक प्रशासन का कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं बचा है; वहां केवल सेना की चौकियां हैं जिन पर रोजाना हमले हो रहे हैं।विश्व की महाशक्तियां (विशेष रूप से अमेरिका और चीन) पाकिस्तान के एक परमाणु संपन्न देश होने के कारण उसके अचानक और अनियंत्रित बिखराव को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि परमाणु हथियारों के आतंकी गुटों के हाथ में जाने का खतरा रहता है। यदि पाकिस्तानी सेना ने अपने राजनीतिक हस्तक्षेप, मानवाधिकार हनन और अन्य प्रांतों के आर्थिक शोषण को तुरंत नहीं रोका, तो सामाजिक विद्रोह और आंतरिक गृहयुद्ध (Civil War) की यह आग देश को अपरिहार्य विभाजन की ओर धकेलने से कोई नहीं रोक पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 3:12 pm

बाथरूम और वॉश बेसिन के शीशे पर पड़ गए सफेद धब्बे? सफाई के लिए अपनाएं 5 आसान हैक्स, आएगी नई जैसी चमक

पानी, साबुन और टूथपेस्ट के छींटों से शीशे पर सफेद दाग-धब्बे जमना काफी आम बात है. इन्हें साफ करने के लिए आप कुछ आसान क्लीनिंग हैक्स अपनाकर शीशे की नई जैसी चमक वापिस से पा सकते हैं.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 3:11 pm

TVK कोई नई DMK नहीं... BJP के बयान पर थलपति विजय के मंत्री का करारा जवाब, खींच दी साफ लकीर

तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने सत्ताधारी टीवीके को भाजपा द्वारा नई डीएमके करार दिए जाने वाले बयान को खारिज कर दिया है। उन्होंने पारिवारिक राजनीति को लेकर दोनों दलों के बीच साफ रेखा खींचते हुए कहा कि टीवीके डीएमके नहीं है।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 3:08 pm

सुबह 4 बजे MLA कुलदीप कुमार को घर से ले गई दिल्ली पुलिस? AAP का बड़ा दावा

आम आदमी पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस के 20 जवान सुबह 4 बजे आप विधायक कुलदीप कुमार को घर से उठा ले गए। तब से वे लापता है। पार्टी का दावा है कि पुलिस ने विधायक को उस वक्त हिरासत में लिया, जब वह मारे गए सफाई कर्मचारी के परिवार के लिए ...

वेब दुनिया 18 Aug 2026 3:08 pm

माधुरी दीक्षित की वो हिट फिल्म, जिसके एक सीन के लिए पूरी रात नवंबर की ठंड में पानी में किया था शूट

Delhi:मुझे दिव्या भारती से बिल्कुल भी डर नहीं था. उससे पहले मैंने सीमा विश्वास के साथ काम किया था और मैंने बैंडिट क्वीन में जिस तरीके से सीन किए थे, वो भी काफी असहज थे. मैंने और सीमा विश्वास ने पहले थिएटर साथ में किया है. लेकिन जब बैंडिट क्वीन के जो सीन शूट हो रहे थे, उसमें उनके साथ परफॉर्म करना मेरे लिए आसान था.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 3:07 pm

जिम जाने वालों का नया Favorite Snack, ऐसे बनाएं Protein Popcorn, देखें वीडियो

छोले से बने हेल्दी और क्रिस्पी प्रोटीन पॉपकॉर्न की आसान रेसिपी जानें. एयर फ्रायर में तैयार यह हाई-प्रोटीन स्नैक वजन घटाने और हेल्दी स्नैकिंग के लिए बेहतरीन विकल्प है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 3:04 pm

'इससे अच्छा सरकार हमें गोली मार दे'... JSSC CGL रद्द होने पर बोले पास होने वाले अभ्यर्थी

झारखंड सरकार द्वारा JSSC CGL भर्ती रद्द किए जाने के बाद चयनित अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है. कई उम्मीदवारों ने बताया कि उन्होंने रेलवे, शिक्षक समेत अन्य नौकरियां छोड़कर JSSC CGL जॉइन किया था. अब भर्ती रद्द होने से करीब 2000 लोगों की नौकरी पर संकट आ गया है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 3:04 pm

क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के राजनीतिक क्षितिज पर एक बड़ा कूटनीतिक भूचाल आया है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने मिलकर 'मक्का रक्षा समझौते' (Mecca Joint Defense Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। रक्षा विशेषज्ञों द्वारा इसे व्यापक रूप से 'इस्लामिक ...

वेब दुनिया 18 Aug 2026 3:00 pm

‘सोनिया गांधी की रगों में इटली का खून’, केंद्रीय मंत्री के तीखे बोल पर नई सियासी रार; Ex CM पर भड़की कांग्रेस

कुमारस्वामी ने कहा कि सोनिया गांधी से और क्या उम्मीद की जा सकती है? क्या सोनिया गांधी हमारे देश की हैं? वह शादी के बाद हमारे देश आईं। उनकी रगों में जो खून बह रहा है, वह इटैलियन खून है, है ना?

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 2:59 pm

Live Update: यूपी, उत्तराखंड पश्चिम बंगाल में भारी बारिश, राजस्थान, दिल्ली में भी अलर्ट जारी

Live Update News: झारखंड सरकार ने छात्र आंदोलन के चलते JSSC-CGL परीक्षा निरस्त करने का फैसला किया है. वहीं संभल की जामा मस्जिद पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:59 pm

पंजाब को मिलेंगी 1279 नई सरकारी बसें, मंत्री हरपाल सिंह चीमा बोले-20 सालों में सबसे बड़ा विस्तार

Punjab News: पंजाब के लिए एक बड़ी सौगात मिलने वाली है, राज्य में 1279 नई सरकारी बसों को मंजूरी मिलने वाली है, यह जानकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दी है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:57 pm

क्या आप भी डार्क सर्कल्स से हैं परेशान? जानिए आलू और खीरे में कौन सा नुस्खा देता है आंखों के नीचे की जिद्दी काले घेरे से सबसे जल्दी राहत

भागदौड़ भरी इस आधुनिक जीवनशैली, अत्यधिक स्क्रीन टाइम, तनाव और पूरी नींद न ले पाने के कारण आज के समय में डार्क सर्कल्स यानी आंखों के नीचे के काले घेरे एक बहुत आम समस्या बन चुके हैं। उम्र के किसी भी पड़ाव पर यह समस्या इंसान की खूबसूरती और चेहरे के ग्लो को फीका कर देती है। चेहरे की इस थकान को छिपाने के लिए लोग महंगे से महंगे आई क्रीम, केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स और कंसीलर का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी रहती है। ऐसे में हमारी रसोई में मौजूद प्राकृतिक चीजें इस परेशानी का सबसे बेहतरीन और सुरक्षित समाधान साबित हो सकती हैं। जब भी घरेलू उपायों की बात आती है, तो सबसे पहले आलू और खीरे का नाम जुबान पर आता है। हर घर में आसानी से मिलने वाली ये दोनों चीजें स्किन केयर में वरदान मानी जाती हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आलू और खीरे में से कौन सी चीज डार्क सर्कल्स से सबसे जल्दी और असरदार राहत दिलाती है? आइए आज इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि इन दोनों नेचुरल चीजों में क्या अंतर है और आपकी त्वचा के लिए कौन सा विकल्प सबसे बेस्ट रहेगा।आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स होने के मुख्य कारण और उनकी पहचानडार्क सर्कल्स होने के पीछे केवल नींद की कमी ही जिम्मेदार नहीं होती, बल्कि इसके कई अन्य आंतरिक और बाहरी कारण भी हो सकते हैं। आधुनिक विज्ञान और त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों के आसपास की त्वचा हमारे पूरे शरीर की त्वचा की तुलना में सबसे ज्यादा पतली और संवेदनशील होती है। जब हम लगातार लैपटॉप या मोबाइल स्क्रीन पर काम करते हैं, तो आंखों की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है और पिगमेंटेशन बढ़ने लगती है। इसके अलावा आयरन की कमी (एनीमिया), डिहाइड्रेशन, धूप के सीधे संपर्क में आना, जेनेटिक्स और अत्यधिक तनाव भी काले घेरों को बुलावा देते हैं। जब तक इन मूल कारणों को समझकर सही देखभाल नहीं की जाती, तब तक केवल बाहरी प्रोडक्ट्स लगाने से कोई खास फायदा नहीं मिलता। यही वजह है कि प्राकृतिक और घरेलू उपचारों को सबसे ज्यादा सुरक्षित और असरदार माना गया है, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के अंदर से त्वचा को पोषण देते हैं।खीरा (Cucumber): ठंडक, हाइड्रेशन और ताजगी का नेचुरल खजानात्वचा की देखभाल में खीरे का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। खीरे में पानी की मात्रा (Water Content) लगभग 95 प्रतिशत से अधिक होती है, जो इसे एक बेहतरीन हाइड्रेटिंग एजेंट बनाती है। जब आप खीरे के ठंडे स्लाइस को अपनी बंद आंखों पर रखते हैं, तो यह तुरंत आंखों को एक गहरी ठंडक और सुकून प्रदान करता है। खीरे में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स और सिलिका पाए जाते हैं जो त्वचा के लचीलेपन को बनाए रखते हैं और सूजन (Puffiness) को कम करते हैं। यदि आपकी आँखें कंप्यूटर के सामने बैठने से थक जाती हैं और उनमें जलन या सूजन की समस्या रहती है, तो खीरा आपके लिए एक जादुई इलाज साबित हो सकता है। हालांकि, यह डार्क सर्कल्स के पिगमेंटेशन को हल्का करने में थोड़ा समय जरूर लेता है, लेकिन यह आंखों की थकान को मिटाने और त्वचा को तरोताजा करने का सबसे तेज और प्राकृतिक तरीका है।आलू (Potato): जिद्दी काले घेरे मिटाने वाला ब्लीचिंग एजेंटअब बात करते हैं रसोई की दूसरी जादुई सब्जी यानी आलू की। आलू को प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट माना जाता है, क्योंकि इसमें 'कैटेकोलेज' (Catecholase) नामक एंजाइम और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा के गहरे पिगमेंटेशन, दाग-धब्बों और जिद्दी काले घेरे को तेजी से हल्का करने में मदद करते हैं। जब आप कच्चे आलू का रस निकालकर या उसके स्लाइस को आंखों के नीचे लगाते हैं, तो यह मेलेनिन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करता है और त्वचा के रंग को निखारने का काम करता है। यही कारण है कि डार्क सर्कल्स को बहुत कम समय में जड़ से मिटाने के मामले में आलू को खीरे की तुलना में थोड़ा ज्यादा असरदार और तेज माना जाता है। आलू के रस का नियमित उपयोग आंखों के आसपास की उस सांवली और बेजान त्वचा को फिर से चमकदार बना देता है, जो तमाम क्रीम लगाने के बाद भी ठीक नहीं हो रही होती है।आलू और खीरे में कौन है बेहतर: जानिए विशेषज्ञ की अंतिम रायजब दोनों प्राकृतिक विकल्पों की तुलना की जाती है, तो दोनों के अपने-अपने खास फायदे सामने आते हैं। यदि आपकी मुख्य समस्या आंखों की सूजन, थकान और केवल हल्की सी सुस्ती है, तो खीरा आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह तुरंत ठंडक देता है। लेकिन यदि आपकी समस्या बहुत पुरानी और जिद्दी है, और आंखों के नीचे गहरा कालापन छा चुका है जिसे आप जल्द से जल्द ठीक करना चाहते हैं, तो आलू का रस अधिक तेजी से और प्रभावी परिणाम देता है। सबसे अच्छा और स्मार्ट तरीका यह है कि आप चाहें तो इन दोनों का एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं—आलू के रस और खीरे के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर रुई की मदद से आंखों के नीचे लगाएं। यह 'सुपर मास्क' आपको ठंडक भी देगा और पिगमेंटेशन को तेजी से मिटाकर आपकी आंखों की खोई हुई चमक को वापस लौटा देगा।डार्क सर्कल्स से हमेशा के लिए बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यानकेवल घरेलू नुस्खे आजमाने से ही डार्क सर्कल्स हमेशा के लिए दूर नहीं हो सकते, जब तक कि आप अपनी दिनचर्या में कुछ जरूरी सुधार न करें। हर दिन कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना सबसे पहली शर्त है। इसके अलावा दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर और त्वचा हाइड्रेटेड रहे। धूप में निकलते समय हमेशा सनग्लासेस (Sunglasses) का इस्तेमाल करें और अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और विटामिन ई से भरपूर आहार शामिल करें। प्राकृतिक तरीकों के प्रति धैर्य और निरंतरता रखकर आप बहुत कम समय में अपनी आंखों के नीचे के काले घेरों से छुटकारा पा सकते हैं और एक फ्रेश, यंग तथा खूबसूरत लुक हासिल कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:56 pm

विझिंजम पोर्ट ने शुरू किया एक्‍सपोर्ट-इम्‍पोर्ट ऑपरेशन, अदाणी पोर्ट्स ने देश के वैश्विक व्यापार के लिए खोला नया द्वार

केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट ने पूर्ण रूप से आयात-निर्यात (EXIM) ऑपरेशंस की शुरुआत कर दी है. जानिए इससे भारत के समुद्री व्यापार और दक्षिण भारत को क्या फायदे मिलेंगे.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:55 pm

स्कूलों में सुविधाओं के मामले में कौन सा राज्य सबसे पिछड़ा? छापेमारी के बीच देख लें सरकारी रिपोर्ट के आंकड़े

UDISE+ 2025-26 रिपोर्ट में स्कूलों की सुविधाओं की वास्तविक तस्वीर सामने आई है. कंप्यूटर, इंटरनेट और CWSN सुविधाओं के मामले में मेघालय सबसे कमजोर राज्यों में दिखाई देता है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:55 pm

शुगर नाशक है गुड़मार की जादुई जड़ी-बूटी, मीठे की लत छुड़ाने और डायबिटीज कंट्रोल करने के अचूक आयुर्वेदिक फायदे जानकर चौंक जाएंगे

आज के आधुनिक खानपान और भागदौड़ भरी जीवनशैली के इस दौर में डायबिटीज यानी मधुमेह की बीमारी एक दीमक की तरह घर-घर में फैल चुकी है। हर उम्र के लोग इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या की चपेट में आ रहे हैं, जिससे बचने के लिए लोग तरह-तरह की दवाइयों और परहेज का सहारा लेते हैं। ऐसे में आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों में कई ऐसी चमत्कारिक जड़ी-बूटियों का जिक्र मिलता है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के हमारे शरीर की कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखती हैं। ऐसी ही एक अनमोल और असरदार जड़ी-बूटी का नाम 'गुड़मार' है, जिसे पारंपरिक रूप से 'शुगर नाशक' यानी डायबिटीज को खत्म करने वाली बूटी के रूप में जाना जाता है। इस पौधे की पत्तियों का स्वाद भले ही आपको अजीब लगे, लेकिन इसके औषधीय गुण इतने हैरान करने वाले हैं कि आज आधुनिक वैज्ञानिक और डॉक्टर भी इसके फायदों का लोहा मान रहे हैं। आइए आज के इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि गुड़मार हमारी सेहत के लिए किस तरह वरदान साबित हो सकता है और आयुर्वेद के विशेषज्ञ मीठे की लत को लेकर इसके बारे में क्या खास बातें बताते हैं।क्या है गुड़मार और क्यों कहा जाता है इसे 'शुगर नाशक' पौधा?गुड़मार (Gymnema Sylvestre) मुख्य रूप से एक औषधीय लता है जो भारत के जंगलों, मध्य और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। इसका वानस्पतिक नाम 'जिम्नेमा सिल्वेस्ट्र्रे' है, और हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं में इसे 'गुड़मार' या 'मधुनाशक' के नाम से पुकारा जाता है। इस नाम के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प और वैज्ञानिक कारण छिपा हुआ है। जब कोई व्यक्ति गुड़मार की हरी पत्तियों को चबाता है, तो इसकी पत्तियों में मौजूद खास रासायनिक तत्व कुछ समय के लिए हमारी जीभ पर मौजूद मीठे के स्वाद को पहचानने वाली स्वाद ग्रंथियों (Taste Buds) को सुस्त या निष्क्रिय कर देते हैं। इसके बाद यदि आप कोई भी मीठी चीज खाते हैं, तो आपको उसका मीठा स्वाद बिल्कुल भी महसूस नहीं होता, बल्कि वह पानी या फीकी लगने लगती है। इसी अनोखे गुण के कारण इसे प्राचीन काल से ही 'शुगर को मारने वाली' यानी गुड़मार जड़ी-बूटी के रूप में पहचाना जाता रहा है।डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है गुड़मारआयुर्वेद और आधुनिक शोधों के अनुसार, गुड़मार के पत्ते टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बेहद प्रभावी प्राकृतिक औषधि के रूप में काम करते हैं। इसमें मौजूद 'जिम्नेमिक एसिड' (Gymnemic Acid) हमारे शरीर के भीतर जाकर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है। यह तत्व आंतों में ग्लूकोज के अवशोषण (Absorption) को धीमा कर देता है, जिससे भोजन करने के बाद खून में अचानक शुगर की मात्रा तेजी से नहीं बढ़ती है। इसके अलावा, यह पैंक्रियास यानी अग्न्याशय की कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने और इंसुलिन के प्राकृतिक उत्पादन को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। जो लोग नियमित रूप से आयुर्वेदिक विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार गुड़मार का काढ़ा या चूर्ण का सेवन करते हैं, उन्हें अपने बढ़े हुए ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए बहुत ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती।मीठे की लत (Sugar Cravings) को चुटकियों में कैसे दूर करती है यह जड़ी-बूटी?आज के समय में बहुत से लोगों के साथ यह बड़ी समस्या होती है कि वे चाहकर भी चॉकलेट, मिठाइयों, कोल्ड ड्रिंक्स और चीनी से बनी अन्य चीजों के प्रति अपने आकर्षण को छोड़ नहीं पाते हैं। मीठे की यह लत (Sugar Cravings) न केवल मोटापे का कारण बनती है, बल्कि डायबिटीज को भी तेजी से न्योता देती है। आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि गुड़मार इस मामले में एक अचूक उपाय है। जब आप गुड़मार का सेवन करते हैं, तो इसकी पत्तियों के यौगिक आपकी जीभ पर मीठे के स्वाद के अहसास को कुछ समय के लिए खत्म कर देते हैं, जिससे दिमाग को मीठा खाने की इच्छा का सिग्नल मिलना बंद हो जाता है। जब आपको मुंह में मीठे का स्वाद ही नहीं आएगा, तो धीरे-धीरे आपकी क्रेविंग अपने आप कम होने लगेगी। यह उन लोगों के लिए एक क्रांतिकारी प्राकृतिक तरीका है जो अपने वजन को नियंत्रित करना चाहते हैं और चीनी के अत्यधिक सेवन से होने वाले नुकसान से बचना चाहते हैं।शरीर के वजन को घटाने और कोलेस्ट्रॉल कम करने में भी है बेहद मददगारकेवल डायबिटीज और मीठे की लत ही नहीं, बल्कि गुड़मार के अन्य कई स्वास्थ्यवर्धक लाभ भी हैं जो हमारे पूरे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। आधुनिक रिसर्च से यह बात सामने आई है कि यह जड़ी-बूटी हमारे शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने में काफी असरदार होती है, जिससे हमारा दिल (Heart) स्वस्थ रहता है और दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा टल जाता है। इसके साथ ही, यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करती है और फैट बर्न करने की प्रक्रिया को बढ़ावा देती है, जिससे वजन घटाने (Weight Loss) की यात्रा में लगे लोगों को बहुत मदद मिलती है। शरीर से विषैले तत्वों (Toxins) को बाहर निकालकर यह त्वचा की चमक को भी बरकरार रखती है।गुड़मार का सेवन करने के सही तरीके और जरूरी सावधानियांकिसी भी जड़ी-बूटी या औषधीय पौधे का सेवन करने से पहले उसके सही तरीके और उसकी मात्रा को जानना बेहद जरूरी होता है। आयुर्वेद के जानकारों के मुताबिक, गुड़मार का इस्तेमाल इसके चूर्ण (Powder), काढ़े, कैप्सूल या इसकी सूखी पत्तियों की चाय के रूप में किया जा सकता है। आमतौर पर सुबह खाली पेट या डॉक्टर द्वारा सुझाई गई मात्रा में इसका सेवन करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पहले से ही इंसुलिन या शुगर की बहुत तेज अंग्रेजी दवाइयां ले रहे मरीजों को इसका सेवन करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर करना चाहिए, क्योंकि इसके अत्यधिक सेवन से ब्लड शुगर का स्तर जरूरत से ज्यादा नीचे (Hypoglycemia) भी गिर सकता है। सही मात्रा और संयम के साथ यदि इस 'शुगर नाशक' बूटी को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जाए, तो आप एक स्वस्थ, ऊर्जावान और शुगर-मुक्त जीवन जी सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:54 pm

सेहत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर: रोजाना 10 हजार कदम चलना या सिर्फ 30 मिनट की वर्कआउट? जानिए एक्सपर्ट्स की ये हैरान करने वाली राय

भागदौड़ भरी इस आधुनिक जीवनशैली में हर कोई अपनी सेहत को लेकर बहुत ज्यादा जागरूक हो चुका है। खुद को चुस्त-दुरस्त रखने और गंभीर बीमारियों से दूर रहने के लिए लोग तरह-तरह के फिटनेस फॉर्मूलों को अपनाते हैं। जब भी फिटनेस की बात आती है, तो आमतौर पर दो सबसे बड़े और लोकप्रिय तरीके सामने आते हैं—पहला है पूरे दिन में कम से कम 10 हजार कदम चलना और दूसरा है जिम या घर पर मात्र 30 मिनट की इंटेंस एक्सरसाइज करना। अक्सर लोगों के मन में यह बहुत बड़ा असमंजस रहता है कि इन दोनों में से कौन सा विकल्प हमारी सेहत, वजन घटाने और दिल की सेहत के लिए सबसे ज्यादा असरदार और फायदेमंद है। क्या दिन भर पैदल चलना जिम के पसीने से बेहतर है या फिर आधे घंटे की वर्कआउट ही काफी है? इस लेख में हम फिटनेस और मेडिकल विशेषज्ञों की राय के आधार पर इन दोनों विकल्पों के फायदों और उनकी असल सच्चाई का पूरा विश्लेषण करने जा रहे हैं, ताकि आप अपनी जीवनशैली के हिसाब से सही फैसला ले सकें।फिटनेस की दुनिया में 10 हजार कदमों का ट्रेंड और इसके पीछे का सचदैनिक जीवन में 10 हजार कदम चलने का यह जादुई आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में पूरी दुनिया में फिटनेस का एक वैश्विक मानक बन गया है। स्मार्टफोन और फिटनेस स्मार्टवॉच के आने के बाद से हर कोई अपने दिनभर के कदमों की गिनती करने लगा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का यह मानना है कि रोजाना 10 हजार कदम (जो कि लगभग 7 से 8 किलोमीटर की दूरी के बराबर होता है) चलने से शरीर की कैलोरी तेजी से बर्न होती है, मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है और सुस्त जीवनशैली से होने वाली बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। यह एक ऐसा तरीका है जिसे किसी भी उम्र का व्यक्ति बिना किसी विशेष जिम ट्रेनिंग या महंगे उपकरणों के आसानी से अपनी डेली रूटीन में शामिल कर सकता है। सुबह की सैर हो या शाम को टहलना, चलना हमारे शरीर की प्राकृतिक गति को बनाए रखता है और हमारे जोड़ों को लचीला व स्वस्थ रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है।30 मिनट की इंटेंस एक्सरसाइज या वर्कआउट के चमत्कारी और त्वरित फायदेदूसरी तरफ, जो लोग समय के अभाव के कारण पूरे दिन टहल नहीं पाते हैं, वे 30 मिनट की हाई-इंटेन्सिटी वर्कआउट या जिम सेशन को अपनी प्राथमिकता बनाते हैं। फिटनेस साइंस के अनुसार, यदि आप पूरी ईमानदारी और सही तकनीक के साथ दिन के सिर्फ 30 मिनट कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, रनिंग या योगा में बिताते हैं, तो वह आधे घंटे की मेहनत पूरे दिन के कई घंटों के चलने के बराबर असर दिखा सकती है। कम समय में दिल की धड़कन को तेजी से बढ़ाना (Heart Rate Elevation), मांसपेशियों को मजबूत करना और शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ाना इस छोटे और असरदार सेशन का मुख्य फायदा होता है। जो लोग अपना वजन तेजी से घटाना चाहते हैं या अपनी बॉडी को टोन करना चाहते हैं, उनके लिए यह 30 मिनट की पसीना बहाने वाली एक्सरसाइज सबसे बेहतरीन और सटीक विकल्प मानी जाती है, क्योंकि यह शरीर की ऊर्जा की खपत को लंबे समय तक चालू रखती है।दोनों में से कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर: मेडिकल साइंस का नजरियाजब बात यह तुलना करने की आती है कि इन दोनों में से कौन सा विकल्प आपकी ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहतर है, तो विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों के अपने-अपने अलग और अनूठे फायदे हैं और दोनों की तुलना सीधे तौर पर नहीं की जा सकती। 10 हजार कदम चलना एक तरह की 'नॉन-एक्सरसाइज एक्टिविटी थर्मोजेनेसिस' है, जो पूरे दिन आपके शरीर को सक्रिय रखती है और ब्लड शुगर तथा कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करती है। इसके विपरीत, 30 मिनट की एक्सरसाइज कार्डियोवस्कुलर फिटनेस और मसल्स मास को बढ़ाने का काम करती है। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं और स्टैमिना मजबूत करना चाहते हैं, तो 30 मिनट की एक्सरसाइज भारी पड़ सकती है, लेकिन यदि आप एक लंबी उम्र और जोड़ों के स्वास्थ्य की कामना करते हैं, तो पूरे दिन की शारीरिक सक्रियता यानी चलना बहुत जरूरी है।अपनी जीवनशैली के अनुसार कैसे बनाएं सही फिटनेस प्लानअगर आप एक संतुलित और स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो किसी एक विकल्प को चुनने के बजाय दोनों का एक बेहतरीन संतुलन बनाना आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे उत्तम परिणाम दे सकता है। यदि आप दिन भर डेस्क जॉब करते हैं और आठ घंटे कुर्सी पर बैठते हैं, तो केवल 30 मिनट की एक्सरसाइज काफी नहीं होगी, ऐसे में आपको बीच-बीच में उठकर चलना और अपने 10 हजार कदमों के लक्ष्य को पूरा करना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, अगर आप बहुत ज्यादा पैदल चलते हैं लेकिन शरीर की ताकत बढ़ाने या स्ट्रेंथ के लिए कुछ नहीं करते, तो थोड़ा बहुत स्ट्रेंथ ट्रेनिंग या योगा भी अपनी दिनचर्या में जोड़ना चाहिए। कुल मिलाकर, सबसे बेहतर फिटनेस वही है जिसे आप बिना किसी दबाव के लंबे समय तक लगातार अपनी आदत बना सकें और अपनी सेहत को हमेशा प्राथमिकता दे सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:53 pm

नई फूल झाड़ू से निकल रहा है भूसा? तुरंत कर लें ये 2 काम, बिना गंदगी फैलाए करेगी घर की सफाई

अगर आप भी नई झाड़ू से बार-बार निकलने वाले भूसे से परेशान हैं, तो ये आर्टिकल आपके बड़े काम आ सकता है. आइए जानते हैं इसके लिए आसान ट्रिक-

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:52 pm

16 साल के लड़के का वजन 275 किलो, मैटाडोर से लाया गया अस्पताल, सर्जरी से 50 किलो वजन हुआ कम

डॉ. दक्ष सेठी ने आगे कहा, 'इतनी कम उम्र के मरीज में बैरिएट्रिक सर्जरी का निर्णय कभी भी हल्के में नहीं लिया जाता. इसका उद्देश्य केवल वजन कम करना नहीं है, बल्कि मरीज को स्वस्थ जीवन जीने में मदद करना है.'

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:52 pm

मराठी नहीं आती तो टैक्सी-रिक्शा चलाने वालों पर होगा एक्शन? मोहलत खत्म

महाराष्ट्र में टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी भाषा का मुद्दा एक बार फिर गरमा सकता है. सरकार की ओर से मराठी सीखने के लिए दी गई 100 दिन की मोहलत खत्म हो चुकी है. अब ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बैठक में तय होगा कि भाषा की शर्त पूरी नहीं करने वाले ड्राइवरों पर लाइसेंस या परमिट सस्पेंड करने जैसी कार्रवाई होगी या उन्हें एक और मौका दिया जाएगा.

आज तक 18 Aug 2026 2:52 pm

केंद्रीय मंत्री JP Nadda की AIIMS में सफल Angioplasty, डॉक्टरों ने बताया Stable

अस्पताल ने पुष्टि की है कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त को नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एंजियोप्लास्टी हुई और अभी उनकी हालत स्थिर है। एम्स की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, माननीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा की 17 अगस्त 2026 को एंजियोप्लास्टी हुई और वे कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी में हैं तथा उनकी स्थिति स्थिर है। इसे भी पढ़ें: Sanjay Raut का बड़ा तंज: बोले- दिल्ली को Devendra Fadnavis की जरूरत, PM कर रहे बात बेचैनी महसूस होने के बाद, 14 अगस्त को नड्डा को AIIMS के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में ऑब्जर्वेशन के लिए भर्ती कराया गया था। 13 अगस्त की शाम को कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित कई टेस्ट करके उनकी जांच की गई थी। AIIMS ने कहा, माननीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा की 13 अगस्त 2026 की शाम को बेचैनी के कारण कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित कई टेस्ट करके जांच की गई थी। वे अभी ठीक हैं और ऑब्जर्वेशन के लिए कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में भर्ती हैं। इसे भी पढ़ें: BJP ने UP, Punjab और गुजरात के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए, विनोद तावड़े को यूपी की कमान गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने नड्डा के जल्द ठीक होने की कामना करते हुए X पर लिखा कि केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा जी के जल्द ठीक होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। गुजरात के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री ऋषिकेश पटेल ने भी शुभकामनाएं देते हुए X पर पोस्ट किया कि श्री जेपी नड्डा जी के जल्द ठीक होने और हमेशा अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:52 pm

UPSC प्रील‍िम्स के 8 'डिफेक्ट‍िव' सवालों पर घिरा आयोग!

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 विवादों में घिर गई है. GS Paper-1 के 8 'गलत और त्रुटिपूर्ण' सवालों को चुनौती देते हुए अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की है. याचिका पर सुनवाई करते हुए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) ने UPSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. छात्रों का दावा है कि इन 8 विवादित सवालों और नेगेटिव मार्किंग से 16 से अधिक नंबरों का फेरबदल हो रहा है, जिससे कई योग्य अभ्यर्थी मेन्स की रेस से बाहर हो गए हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:51 pm

उत्तराखंड में बारिश का तांडव: 218 सड़कें बंद, मकान ढहने से तीन लोगों के दबे होने की आशंका; ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम व‍िभाग ने राज्य में देहरादून-टिहरी बॉर्डर, उधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. साथ ही 19 अगस्त से 22 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:51 pm

महाराष्ट्र: वोटर लिस्ट से नाम कटने पर बवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

हाराष्ट्र में वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम कटने को लेकर विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरे है. कांग्रेस, NCP-SCP ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है.

आज तक 18 Aug 2026 2:51 pm

गॉल टेस्ट में दर्दनाक हादसा, मैच के बीच ये क्रिकेटर पहुंचा अस्पताल

भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट के चौथे दिन श्रीलंका को बड़ा झटका लगा. अनुभवी बल्लेबाज दिनेश चांदीमल बाउंड्री बचाने की कोशिश में गहरे मिडविकेट पर बुरी तरह गिर गए. उनके दाएं कंधे और गर्दन में चोट लगी. मैदान पर प्राथमिक जांच के बाद उन्हें एहतियाती स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया.

आज तक 18 Aug 2026 2:48 pm

मेडिकल कॉलेज में छेड़छाड़ के बाद MBBS छात्राओं का धरना, आरोपी अरेस्ट

सोनीपत के भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज में दो MBBS इंटर्न छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद बवाल हो गया. अब छात्राएं सुरक्षा की मांग को लेकर निदेशक ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गईं. जानें क्या है ये पूरा मामला?

आज तक 18 Aug 2026 2:48 pm

इन 4 लोगों को क्यों करना चाहिए चुकंदर का सेवन, एक्सपर्ट से जानें फायदे और सेवन का तरीका

Beetroot Ke Fayde: क्या आप भी खुद को सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट से जानें चुकंदर को डाइट में शामिल करने आसान तरीके.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:47 pm

राहु के प्रकोप से हैं परेशान? अपनाएं ये अचूक ज्योतिषीय उपाय, इन शुभ रंगों का इस्तेमाल करते ही दूर होंगे सारे दोष और बदल जाएगी किस्मत

भागदौड़ भरी इस आधुनिक जिंदगी में कई बार ऐसा देखने को मिलता है कि तमाम कोशिशों के बावजूद इंसान के जीवन में अचानक असफलताएं, मानसिक तनाव और बिना किसी वजह की रुकावटें आने लगती हैं। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का ऐसा मानना है कि इन सभी समस्याओं के पीछे अक्सर कुंडली में ग्रहों की चाल और विशेष तौर पर मायावी ग्रह 'राहु' की अशुभ स्थिति जिम्मेदार होती है। जब किसी जातक की कुंडली में राहु कमजोर या कुपित होता है, तो उसके जीवन में भ्रम, डर, आर्थिक तंगी और गलत निर्णयों का दौर शुरू हो जाता है। हालांकि, ज्योतिष और वैदिक विज्ञान में हर समस्या का समाधान मौजूद है। यदि राहु ग्रह से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा पाना है, तो रंगों का सही चयन और उनका अपने दैनिक जीवन में संतुलन बनाना एक बेहद असरदार उपाय साबित हो सकता है। राहु के अशुभ प्रभावों को शांत करने और उसके सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कुछ खास रंगों को अपनाना बहुत फायदेमंद माना गया है, तो वहीं कुछ ऐसे रंग भी हैं जिनसे पूरी तरह परहेज करना चाहिए। आइए आज इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि राहु के दोषों को दूर करने के लिए कौन से रंग शुभ होते हैं और किन रंगों से दूरी बनानी चाहिए।ज्योतिष शास्त्र में राहु ग्रह का महत्व और जीवन पर इसका गहरा प्रभाववैदिक ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, जिनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होने के बावजूद इनका प्रभाव मनुष्य के जीवन पर सबसे तीव्र और गहरा होता है। राहु को अचानक मिलने वाली सफलता, राजनीति, तकनीक, विदेश यात्रा और भ्रम का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में हो, तो वह किसी भी साधारण व्यक्ति को रातों-रात फर्श से अर्श तक पहुंचा सकता है, लेकिन यदि यही राहु कमजोर या पीड़ित हो जाए, तो वह व्यक्ति को भयंकर मानसिक अवसाद, नशे की लत, गुप्त शत्रुओं और अचानक आने वाली बड़ी दुर्घटनाओं के जाल में फंसा देता है। ज्योतिषीय उपायों में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान के साथ-साथ रंगों के विज्ञान यानी कलर थेरेपी (Color Therapy) का सहारा लेना भी बहुत कारगार माना गया है। कपड़े पहनने से लेकर घर के पर्दों, चादरों और कार्यस्थल की दीवारों के रंगों में बदलाव करके ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।राहु के दोष दूर करने वाले चमत्कारी और शुभ रंगयदि आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपका जीवन लगातार बाधाओं से घिरता जा रहा है और राहु के कारण आपके बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं, तो आपको अपने जीवन में कुछ खास रंगों को अपनाना चाहिए। ज्योतिष के अनुसार, राहु ग्रह को नीले, स्मोकी ग्रे, खाकी और हल्के भूरे रंग (Brown) बेहद प्रिय हैं। ये रंग राहु की ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करते हैं। अपने दैनिक पहनावे में यदि आप हल्के नीले रंग के वस्त्रों या स्मोकी शेड्स का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके मन को शांत रखता है और भ्रम की स्थिति को दूर करता है। इसके अलावा, जिन लोगों की कुंडली में राहु भारी चल रहा हो, वे यदि स्लेटी या मटमैले रंग की चीजों का संतुलित उपयोग करें, तो उन्हें मानसिक स्पष्टता और कार्यों में सफलता मिलने लगती है। हालांकि, इन रंगों का प्रयोग भी बहुत अधिक भड़कीले रूप में नहीं, बल्कि शालीनता और संतुलन के साथ किया जाना चाहिए ताकि सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकें।इन रंगों से बनाएं सख्त दूरी वरना और बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलेंजिस तरह कुछ रंग राहु की ऊर्जा को शांत करने का काम करते हैं, ठीक उसी तरह कुछ ऐसे रंग भी हैं जो राहु के नकारात्मक प्रभावों को और अधिक तीव्र कर सकते हैं, इसलिए उन रंगों से हमेशा परहेज करना चाहिए। ज्योतिषीय नियमों के मुताबिक, अत्यधिक चमकदार और गहरे लाल रंग, चमकीले नारंगी और बहुत अधिक भड़कीले कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल उन लोगों को बिल्कुल नहीं करना चाहिए जो राहु के दोष से पीड़ित हैं। ये रंग राहु और मंगल के नकारात्मक मेल को बढ़ावा देते हैं, जिससे व्यक्ति के स्वभाव में गुस्सा, जिद, उतावलापन और आक्रामकता बढ़ने लगती है। इसके अलावा, बहुत अधिक गहरे काले रंग का बिना सोचे-समझे अंधाधुंध प्रयोग भी कई बार राहु की अशुभता को आमंत्रित कर सकता है। इसलिए जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप रंगों के इस वैज्ञानिक और ज्योतिषीय गणित को समझें और उसी के अनुसार अपने आस-पास के वातावरण को ढालें।जीवनशैली में छोटे बदलावों से कैसे बदल सकते हैं ग्रहों के अशुभ प्रभावज्योतिष केवल भविष्य बताने का विज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन को सही ढंग से जीने की कला भी सिखाता है। राहु जैसे मायावी ग्रह के दोषों से मुक्ति पाने के लिए केवल रंगों का इस्तेमाल ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ-साथ अपनी दिनचर्या और आदतों में भी सुधार करना बहुत आवश्यक है। शराब, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाना, घर में साफ-सफाई रखना, बुजुर्गों का सम्मान करना और अनावश्यक झूठ या छलावा करने से बचना राहु को स्वतः ही शांत कर देता है। जब आपकी नीयत साफ होती है और आप अनुशासित जीवन जीते हैं, तो ग्रहों के बुरे प्रभाव अपने आप कमजोर पड़ने लगते हैं। रंगों के सही प्रयोग और सकारात्मक सोच के साथ आप अपने जीवन की हर बड़ी से बड़ी बाधा को पार कर सकते हैं और एक शांत, सफल व समृद्ध जीवन की ओर आगे बढ़ सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:46 pm

क्या मोदी सरकार समझ पा रही है Gen Z की परेशानी? कांग्रेस हो या BJP, हर पार्टी को परेशान करेगा ये नया सर्वे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अगुआई में जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों ने साबित कर दिया कि भारत की युवा आबादी (Gen Z) को नज

वन इंडिया 18 Aug 2026 2:46 pm

हापुड़ में शादी के अगले दिन जेवर-नकदी लेकर दुल्हन फरार

यूपी के हापुड़ में शादी के अगले ही दिन दुल्हन कथित तौर पर सोने-चांदी के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई। पीड़ित विनोद के मुताबिक, रामपुर के एक मंदिर के पंडित के जरिए शादी तय हुई थी और लड़की की मां को एक लाख रुपये दिए गए थे।

आज तक 18 Aug 2026 2:45 pm

कॉकरोच प्रोटेस्ट: जांच को सुप्रीम कोर्ट बनाएगा हाई-लेवल पैनल, जानें कौन-कौन होंगे शामिल

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि वह पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मुद्दों और गंभीर आरोपों की जांच के लिए एक हाई लेवल पैनल बनाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 18 Aug 2026 2:45 pm

बुधवार को 2 राशियों के हाथ लगेगी कामयाबी, मिलेगा पैसा ही पैसा

Kal Ka Rashifal 19 August 2026: करियर और व्यापार अपेक्षित दिशा में आगे बढ़ेगा. परिचितों से मुलाकात होगी और रचनात्मक गतिविधियों में तेजी आएगी. रक्त संबंध मजबूत होंगे

आज तक 18 Aug 2026 2:44 pm

PM Modi जी, हमारे MLA Kuldeep Kumar कहाँ हैं? Kejriwal ने पूछा - यह कैसी गुंडागर्दी है Delhi में?

पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी में एक सफाई कर्मचारी की चाकू मारकर हत्या किए जाने के बाद हुए बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शनों के मद्देनजर, NH-24 पर खिचड़ीपुर बस स्टैंड के पास दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए। इस घटना के बाद स्थानीय सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किए और न्याय, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की। इसे भी पढ़ें: Sanjay Raut का बड़ा तंज: बोले- दिल्ली को Devendra Fadnavis की जरूरत, PM कर रहे बात मामला तब राजनीतिक टकराव में बदल गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक कुलदीप कुमार को पुलिस ने तब हिरासत में ले लिया, जब वे पीड़ित परिवार का पक्ष रख रहे थे। ANI से बात करते हुए, AAP विधायक संजीव झा ने राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति की आलोचना की और कहा कि खुलेआम हत्याएं हो रही हैं, फिर भी पुलिस कुछ नहीं करती, जबकि जो लोग आवाज़ उठाते हैं, उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है? दिल्ली देश की राजधानी है... जब तक हमें कुलदीप कुमार के बारे में पता नहीं चल जाता, हम यहां से नहीं हटेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि हिरासत में लिए जाने के बाद अधिकारी विधायक के ठिकाने के बारे में जानकारी क्यों नहीं दे रहे हैं। झा ने आगे कहा कि हमारे विधायक कुलदीप कुमार एक सफाई कर्मचारी की हत्या के बारे में बात कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस यह नहीं बता रही है कि कुलदीप कुमार कहाँ हैं। वे क्या छिपा रहे हैं? AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। यह आलोचना उन आरोपों के जवाब में की गई कि पुलिस कुलदीप कुमार को सुबह-सुबह उनके घर से ले गई थी। केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी, हमारे विधायक कुलदीप कुमार कहाँ हैं? आज सुबह 4 बजे आपकी दिल्ली पुलिस कुलदीप कुमार को उनके घर से उठा ले गई, CCTV कैमरे तोड़ दिए और DVR भी साथ ले गई। आपकी पुलिस हमें कुछ नहीं बता रही है। अगर पुलिस बिना किसी जानकारी या वजह के किसी विधायक को उनके घर से इस तरह उठा सकती है, तो इस देश का आम आदमी मदद के लिए कहाँ जाएगा? यह देश आपकी ऐसी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेगा। इसे भी पढ़ें: NEET प्रोटेस्ट से चर्चा में आए Abhijeet Dipke को NDA का न्योता, क्या छोड़ेंगे 'नो-पॉलिटिक्स' वाला स्टैंड? सफाई कर्मचारी अनिल कुमार पर ड्यूटी के दौरान चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने निहाल नाम के आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया है और कहा है कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि यह अपराध निजी दुश्मनी की वजह से किया गया था। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि सुबह करीब 4 बजे सादे कपड़ों में लगभग 20 लोग कुलदीप कुमार के घर पहुंचे और उन्हें किसी अज्ञात जगह ले गए। भारद्वाज ने यह भी बताया कि संजीव झा, पूर्वी दिल्ली के DCP (डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस) के ऑफ़िस में कुमार के बारे में जानकारी लेने गए थे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:44 pm

नवतेज सरना ने दर्ज की राष्ट्रीय ध्वज की असाधारण कहानी

पूर्व राजनयिक व लेखक नवतेज सरना की पुस्तक A Flag to Live and Die For: A Short History of India’s Tricolour में राष्ट्रीय ध्वज की कहानी इस एहसास के साथ आगे बढ़ती है कि स्वतंत्रता आंदोलन का अपना एक अलग प्रतीक होना चाहिए.

आज तक 18 Aug 2026 2:44 pm

ट्विशा शर्मा ने खुदकुशी की थी, हत्या नहीं हुई: CBI की चार्जशीट ने बदल दिया केस का रुख

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मामले में CBI की चार्जशीट से बड़ा खुलासा हुआ है. फॉरेंसिक जांच और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर CBI ने साफ किया है कि ट्विशा की हत्या नहीं हुई थी, बल्कि मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर उसने खुदकुशी की थी.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:43 pm

रेप का आरोपी पुलिसवाला मुंबई से अरेस्ट, गेस्ट हाउस में महिला से रेप का आरोप

पश्चिम बंगाल के सॉल्ट लेक में एक महिला से रेप के आरोप में बीरभूम के नलहाटी थाने के सब-इंस्पेक्टर अजमल हक को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है. बिधाननगर ईस्ट पुलिस ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता लाया है. आरोपी को आज बिधाननगर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी कस्टडी की मांग करेगी.

आज तक 18 Aug 2026 2:43 pm

'मां, यह पारी तुम्हारे नाम...',भावुक हुए नीतीश राणा

नीतीश राणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है. अर्धशतक जड़ने के बाद राणा मैदान पर बेहद भावुक नजर आए. राणा की हालत देखकर साथी खिलाड़ियों ने आकर उन्हें संभालने का काम किया.

आज तक 18 Aug 2026 2:43 pm

Himachal Pradesh सरकार 58 IAS और IFS अधिकारियों की संख्या में कटौती करेगी

नौकरशाही संबंधी खर्च कम करने की कोशिश में हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय वन सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की संख्या कम करने की योजना बना रही है। आईएएस अधिकारियों की संख्या 153 से घटाकर 130 (यानी 23 अधिकारियों की कमी) और आईएफएस अधिकारियों की संख्या 118 से घटाकर 83 (यानी 35 अधिकारियों की कमी) करने का प्रस्ताव है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि लेकिन आईपीएस अधिकारियों की संख्या कितनी कम की जायेगी, यह अभी तय नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, ‘‘असल में आईएएस अधिकारियों की जरूरी संख्या 100 से 110 के बीच होनी चाहिए, लेकिन हम सिर्फ 23 अधिकारियों की संख्या कम करने की मांग कर रहे हैं क्योंकि हमें अधिकारियों की फौज नहीं चाहिए, बल्कि ऐसे अधिकारी चाहिए जो सरकार की नीतियों और योजनाओं को असरदार ढंग से लागू कर सकें।’’उन्होंने कहा कि सरकार अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनने की इजाज़त देती रहेगी और उन्हें तुरंत जाने की मंजूरी भी देगी। अधिकारियों के मुताबिक अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों की संख्या कम करने का एक औपचारिक प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अभी, 20 से ज्यादा आईएएस अधिकारी और 12 से ज्यादा आईपीएस और आईएफएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिनमें से कुछ राज्य में गैर संवर्ग पदों पर हैं। सरकार के यह भी अनुरोध करने की उम्मीद है कि केंद्र सरकार राज्य को और ज्यादा केंद्रीय सेवा अधिकारी आवंटित न करे, क्योंकि अनुमान है कि हर अधिकारी पर सालाना खर्च 40 से 50 लाख रुपये के बीच होता है जिसमें वेतन, महंगाई भत्ता, उनसे जुड़े कर्मी और दूसरी सुविधाएं शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:43 pm

Supreme Court ने खारिज की फांसी से मृत्युदंड देने की याचिका, केंद्र को समीक्षा की छूट

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मृत्युदंड के मामलों में दोषी को फांसी पर लटकाकर मौत देने की मौजूदा व्यवस्था को समाप्त करने और उसकी जगह कम पीड़ादायक तरीकों, जैसे नस के जरिए घातक इंजेक्शन देने को अपनाने का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि उसका फैसला केंद्र सरकार को इस बात की व्यापक समीक्षा करने से नहीं रोकता कि वर्तमान में मृत्युदंड देने की जो व्यवस्था है, उसके स्थान पर कोई वैकल्पिक तरीका अपनाया जा सकता है या नहीं। इसके लिए केंद्र किसी विशेषज्ञ समिति का गठन कर सकता है। इसका उद्देश्य यह देखना होगा कि दोषी को अनावश्यक पीड़ा से बचाने और उसकी गरिमा बनाए रखने के संवैधानिक उद्देश्य को कौन-सा वैकल्पिक तरीका बेहतर तरीके से पूरा कर सकता है। पीठ ने यह फैसला वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि मल्होत्रा की ओर से 2017 में दायर याचिका पर सुनाया। याचिका में कानून से मृत्युदंड पाए दोषियों को फांसी से मौत देने की मौजूदा व्यवस्था को हटाने का अनुरोध किया गया था। याचिका में फांसी की जगह ‘‘नस के जरिए घातक इंजेक्शन देकर, गोली मारकर, बिजली का झटका देकर या गैस चैंबर के जरिए’’ अपेक्षाकृत कम पीड़ादायक तरीकों से मृत्युदंड देने का अनुरोध किया गया था। सुनवाई के दौरान मल्होत्रा ने कहा था कि मृत्युदंड पाए दोषी को कम से कम यह विकल्प दिया जाना चाहिए कि वह फांसी या घातक इंजेक्शन में से किस तरीके से मौत की सजा चाहता है। मार्च 2023 में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि वह इस बात की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने पर विचार कर सकता है कि मृत्युदंड के दोषी को फांसी देना उचित और कम पीड़ादायक तरीका है या नहीं। न्यायालय ने इस संबंध में केंद्र से ‘‘बेहतर आंकड़े’’ भी मांगे थे। हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि वह विधायिका को मृत्युदंड देने का कोई विशेष तरीका अपनाने का निर्देश नहीं दे सकता। केंद्र सरकार ने 2018 में इस कानूनी प्रावधान का पुरजोर समर्थन किया था कि मृत्युदंड के मामले में दोषी को केवल फांसी देकर ही मौत दी जाए। केंद्र ने पीठ से कहा था कि घातक इंजेक्शन और गोली मारने जैसे अन्य तरीके कम पीड़ादायक नहीं हैं। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में कहा गया था कि फांसी देकर मौत देना ‘‘त्वरित और सरल’’ है तथा इसमें ऐसी कोई चीज नहीं है जो कैदी की पीड़ा को ‘‘अनावश्यक रूप से बढ़ाए’’। यह हलफनामा जनहित याचिका के जवाब में दायर किया गया था। याचिका में विधि आयोग की 187वीं रिपोर्ट का हवाला दिया गया था, जिसमें मृत्युदंड देने की मौजूदा व्यवस्था को हटाने की सिफारिश की गई थी।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:43 pm

NEET protest में 240 जवान घायल हुए, Delhi Police ने Supreme Court में हलफनामा दिया

दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को यहां हुए ‘‘चलो संसद’’ प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का पुरजोर बचाव करते हुए उच्चतम न्यायालय को बताया कि इस आंदोलन में ‘‘समाज-विरोधी तत्व’’ और ‘‘आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति’’ थे, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ गई और 240 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों वाली कई याचिकाओं पर नयी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा की ओर से दायर दिल्ली पुलिस के हलफनामे में कहा गया है कि पुलिस अपनी कार्रवाई के संबंध में अदालत द्वारा नियुक्त समिति से जांच करवाने के लिए तैयार है। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘पुलिस द्वारा बल प्रयोग के मामले की जांच माननीय न्यायालय द्वारा नियुक्त एक समिति कर सकती है और दिल्ली पुलिस ऐसी समिति का पूरा सहयोग करेगी तथा सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएगी।’’पुलिस ने कहा, ‘‘चूंकि माननीय न्यायालय एक समिति नियुक्त कर सकता है जो पुलिस अधिकारियों द्वारा बल प्रयोग से जुड़े सभी मुद्दों की जांच करेगी।’’प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने तीन अगस्त को इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया था कि छात्र प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के अपने आदेश में ‘‘आपराधिक इतिहास’’ शब्द का जिक्र किया गया है जिसका मतलब सिर्फ उन लोगों से था जो गंभीर और जघन्य अपराधों में शामिल थे। पीठ ने यह भी कहा था कि राज्य कानून के मुताबिक शेष छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को बंद कर सकते हैं या वापस ले सकते हैं। हलफ़नामे में कहा गया है कि 20 जुलाई को विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और उसके आस-पास 30,000 से ज़्यादा लोग जमा हुए थे, जिनमें कथित उपद्रवी और असामाजिक तत्व भी शामिल थे; बाद में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया। इसमें कहा गया है कि पुलिस ने बल का इस्तेमाल तभी किया जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बार-बार दी गई चेतावनियों और कोशिशों को नजरअंदाज कर दिया। हलफनामे के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों की जानकारी का मिलान पुलिस के आधिकारिक डेटाबेस में मौजूद पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से किया गया। इसमें कहा गया है कि प्रदर्शन में मौजूद लोगों में से 92 लोग 10 से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल थे, जिनमें से 47 ‘‘आपराधिक पृष्ठभूमि’’ वाले थे। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, जिसमें युवा छात्र और युवा लोग भी शामिल हैं। यह अधिकार बहुत अहम है और इसकी हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए। समस्या तब पैदा होती है जब शुरुआती शांतिपूर्ण विरोध हिंसक हो जाता है, जिससे अन्य नागरिकों और पुलिसकर्मियों को शारीरिक चोट पहुंचती है और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है।’’इसमें यह भी कहा गया, ‘‘भीड़ में असामाजिक तत्वों का शामिल हो जाना और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का ऐसे प्रदर्शनों में घुसपैठ करना हमेशा चिंता का विषय होता है। इसका मकसद प्रदर्शनकारियों या पुलिस को बदनाम करना हो सकता है। यह केवल भारत में ही नहीं, बल्कि हर जगह चिंता का विषय है।’’पुलिस ने कहा कि अगर हिंसा नहीं रुकती है या तेजी से फैलती दिखती है तो हालात के मुताबिक फैसले लिए जाते हैं और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाती है जिसमें कम से कम बल प्रयोग से शुरुआत की जाती है। इसमें कहा गया, ‘‘240 से अधिक पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। जांच में प्रदर्शनकारियों की शिकायतों के साथ-साथ ड्यूटी पर तैनात उन पुलिस अधिकारियों की शिकायतों को भी विचार किया जाएगा, जो घायल हुए हैं।’’हलफनामे में कहा गया, ‘‘दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यहां बताए गए तथ्य वे हैं जो अभी उपलब्ध हैं और जिनकी जांच की जरूरत है।’’हलफनामे के अनुसार, प्रदर्शन के लिए दी गई मंजूरी 20 जुलाई को ही समाप्त हो गई थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने धरने के बाद भी प्रदर्शन स्थल खाली नहीं किया और न ही वहां से हटे।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:43 pm

Dehradun Rain: उत्तराखंड के 4 जिलों में Orange Alert जारी, 12वीं तक स्कूल बंद

उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन से अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गईं और नदी-नाले उफान पर आ गए जबकि मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी व उधमसिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किए जाने के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह चौकस है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मुख्य रूप से नरेंद्रनगर में 265 मिमी, काशीपुर में 170, यमकेश्वर में 174, कोटद्वार में 141, रामनगर में 131, सहस्रधारा में 120.5 मिमी, हाथीबड़कला में 119.5, मालदेवता में 114, काशीपुर में 111.5, जसपुर में 100 मिमी, कालाढूंगी में 83.5, बाजपुर में 71, देहरादून में 70.6, मसूरी में 65.5 और रामनगर में 53 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से भूस्खलन के कारण प्रदेश में अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गईं जिन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में दुर्बिल एवं जंगलचट्टी के पास मलबा आने से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके अलावा, भारी बारिश के दौरान चमोली जिले में स्थित कल्पेश्वर मंदिर परिसर में मलबा घुस गया। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उधर, लगातार बारिश से प्रदेश में नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए खतरा बन रहा है जहां देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में दो घटनाओं में छह छात्रों समेत आठ लोग फंस गए। हालांकि, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ से मिली सूचना के अनुसार, ऋषिकेश में सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे बारिश से उफनाई बीन नदी में एक मैक्स वाहन के पलटने की सूचना मिली जिसके बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया गया। इसने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन दूसरा व्यक्ति वाहन के भीतर फंसा रहा और नदी के तेज बहाव के साथ कुछ दूरी तक बह गया जिससे बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बाद एसडीआरएफ की एक और टीम मौके पर बुलाई गई जिसके समन्वित प्रयास से उस व्यक्ति को भी बाहर निकाला गया। दोनों व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। एसडीआरएफ के मुताबिक, दूसरी घटना देहरादून के थान गांव में हुई जहां जंगल में ‘ट्रेकिंग’ के लिए गए एक निजी विश्वविद्यालय के आधा दर्जन छात्र वापसी में तेज बारिश से स्वारना नदी के बढ़े जलस्तर के कारण वहीं फंस गए। सूचना मिलते ही डाकपत्थर से एसडीआरएफ की एक टीम ने करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर छात्रों तक पहुंच बनाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए पर्यटक और छात्र बारिश के दौरान नदी किनारे जाने से बचें तथा मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही ‘ट्रेकिंग’ या अन्य गतिविधियों की योजना बनाएं। उधर, मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा शेष जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इसे देखते हुए संबंधित जिलों के अधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। तेज बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए देहरादून में कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:42 pm

BPSC TRE 4 की अधिसूचना 24 घंटे में जारी करने की मांग पर पटना में धरना

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 (टीआरई-4) का विज्ञापन 24 घंटे के भीतर जारी करने की मांग करते हुए यहां गर्दनीबाग में विद्यार्थियों ने धरना दिया और मांग पूरी नहीं होने पर शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने ‘टीआरई-4’ में एकल स्तरीय परीक्षा कराने, कथित भ्रष्टाचार के जरिए पद हासिल करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, बीएसएससी की भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा आवास नीति के साथ एसटीईटी परीक्षा आयोजित करने की मांग की। उन्होंने परीक्षा माफिया के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “सरकार को बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा का विज्ञापन 24 घंटे के भीतर जारी करना चाहिए, अन्यथा हम शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर उनके आवास का घेराव कर सकते हैं।”धरने में शामिल टीआरई-4के सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें “अक्षम” बताया। कुमार ने कहा, “अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आज से तीन दिन बाद मैं इसी स्थान पर आमरण अनशन शुरू करूंगा।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:42 pm

CM Yogi Adityanath ने Gorakhpur में PRD जवानों का भत्ता बढ़ाकर 600 रुपये किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तंज करते हुए मंगलवार को कहा कि इन दलों के नेताओं ने प्रदेश का धन लूटकर दुबई में छिपाया था और यही वजह है कि अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान अपनी अवैध कमाई पर मिसाइल गिरने से वे चिल्ला रहे थे। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के सम्मेलन व ‘कैशलेस’ चिकित्सा योजना के उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये लोग लुटवाते थे, लूटते थे, प्रदेश का पैसा विदेशों में जमा करवाते थे। अपने बाल-बच्चों के लिए, आने वाली कई पीढ़ियों के लिए, इतना पैसा इन्होंने संचित करके रखा हुआ है, इनको लगता है कोई खतरा आएगा ये भाग जाएंगे।’’उन्होंने दावा किया कि इन लोगों ने दुबई में धन छिपाया था, और अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान मिसाइल भी ठीक वहीं पर गिर रही थीं। योगी ने कहा, ‘‘‘यानी मौतें दुबई में हो रही थीं, मिसाइल वहां गिर रही थीं और चिल्लाहट इन नेताओं के घर में हो रही थी क्योंकि उनका अवैध कमाई का पैसा जा रहा था। वे मिसाइल उनकी अवैध कमाई पर भी गिर रही थीं, और लूट करने वालों के साथ ऐसे ही होता है।’’मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रांतीय रक्षक दल के जवानों को परिजनों सहित प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही उनके दैनिक ड्यूटी भत्ते को 500 से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन के सहयोग में पीआरडी के स्वयंसेवक अपनी भूमिका समर्पण भाव से निभाते हैं, मगर इसके बावजूद 2017 के पहले तक उन्हें ड्यूटी नहीं मिलती थी।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:42 pm

Jharkhand के गुमला से 5 लाख के इनामी समेत 4 Maoists गिरफ्तार, हथियार जब्त

झारखंड के गुमला जिले में चार माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक पर पांच लाख रुपये का इनाम था। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस दल ने डुमरी थानाक्षेत्र के औरापट वन में छापा मारा और चारों को गिरफ्तार किया। झारखंड के पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) नरेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने रामदेव लोहरा, क्षेत्रीय स्वयंभू कमांडर अरविंद नायक और संगठन के दो अन्य सदस्यों को गिरफ़्तार किया है। सिंह ने बताया कि लोहरा प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से अलग हुए गुट जेजेएमपी का उपसंभागीय स्वयंभू कमांडर है तथा उसपर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने बताया कि लोहरा और नायक लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं। गुमला के पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमान ने बताया कि दो अन्य माओवादियों की पहचान लोहरदगा जिले के मुनेश्वर सिंह और गुमला के जितेंद्र लोहरा के तौर पर की गई है। पुलिस के अनुसार इन माओवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 2:42 pm

क्लिनिक में लटकी मिली महिला डॉक्टर की लाश, मेरठ में 7 महीने पहले शादी, 10 लाख के 'चक्कर' की जांच कर रही पुलिस

मेरठ के पल्लवपुरम स्थित एक क्लिनिक में 26 वर्षीय महिला डॉक्टर खुशहाली का शव फंदे से लटका मिला. परिजनों ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है. पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:42 pm

50-50 रुपये वाली राखी सदर बाजार में कितने की मिलती है?

रक्षाबंधन से पहले दिल्ली के सदर बाजार में राखियों की खरीदारी जोरों पर है. बाजार में 1 रुपये से भी कम प्राइस वाली राखियों से लेकर 40, 50, 60, 100 और 150 रुपये तक के राखी पैकेट और बॉक्स मिल रहे हैं. बच्चों के लिए लाइट और कार्टून वाली राखियां, वहीं भगवान शिव, राधा-कृष्ण, खाटू श्याम और ओम जैसे डिजाइन वाली राखियां भी मिल रही हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:40 pm

जेल से बाहर लाए जाएंगे इमरान खान, पाकिस्तान के पूर्व PM को अस्पताल ले जाने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश

इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. उन्हें कई मामलों में दोषी ठहराया गया है लेकिन पाकिस्तान के पूर्व पीएम का कहना है कि 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद ये मामले राजनीतिक कारणों से दर्ज किए गए थे.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:40 pm

24 घंटे का अल्टीमेटम; पटना के गर्दनीबाग में छात्रों का सत्याग्रह, TRE-4 नोटिफिकेशन नहीं तो उग्र होगा आंदोलन

झारखंड और दिल्ली के बाद अब बिहार में छात्र आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली है. पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर BPSC TRE-4, BSSC, BSO भर्ती, पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर छात्रों ने छात्र न्याय सत्याग्रह शुरू कर दिया है. छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों अभ्यर्थी तीन दिवसीय आमरण अनशन पर बैठ गए हैं.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:39 pm

कौन है भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी शहजाद भट्टी, कैसे चलाता है पूरा नेटवर्क? TTH से कनेक्शन

Shahzad Bhatti: पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को फंसाता है. उसका कनेक्शन TTH से भी है. उसका पूरा नेटवर्क कैसे काम करता है, इसकी भी जानकारी सामने आई है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:36 pm

लंच बैग पर लग गए हैं जिद्दी दाग? अपनाएं ये क्लीनिंग टिप्स, बदबू से भी मिलेगा छुटकारा

आज हम आपको 4 ऐसी क्लीनिंग टिप्स बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप फैब्रिक को नुकसान पहुंचाए बिना लंच बैग को पूरी तरह साफ, बैक्टीरिया-मुक्त और एकदम नए जैसा फ्रेश बना सकते हैं.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:36 pm

ईरान का अमेरिकी सैनिकों को मारने-पकड़ने पर इनाम का ऐलान, भड़के ट्रंप

ईरानी आर्मी ने अमेरिकी सैनिकों को मारने और पकड़ने पर इनाम का ऐलान किया है. ये एलान किया है ईरान के कमांडर-इन चीफ अमिर हातमी ने. उन्होंने कहा है कि जो भी अमेरिकी सैनिक को मारेगा या पकड़कर हमारी सेना के हवाले करेगा, उसे 30,000 डॉलर के बराबर का तोहफा दिया जाएगा. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक आर्मी कमांडर ने कहा है कि अमेरिकी सैनिकों पर इनाम घोषित करने की ये योजना वित्तीय सहायता के लिए आए ढेर सारे अनुरोधों के बाद तैयार की गई है.

आज तक 18 Aug 2026 2:36 pm

AP ढिल्लों संग नजदीकियों की चर्चा या करियर की प्राथमिकताएं? 6 साल बाद फिर सुर्खियों में आया तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया का ब्रेकअप

बॉलीवुड अभिनेत्री तारा सुतारिया अपनी फिल्मों और ग्लैमरस लुक्स के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया और गॉसिप गलियारों में उनके पास्ट रिलेशनशिप्स, खासकर बिजनेसमैन और एक्टर वीर पहाड़िया (Veer Pahariya) के साथ उनके पुराने रिश्ते की खूब चर्चा हो रही है। मशहूर पंजाबी-ग्लोबल सिंगर एपी ढिल्लों (AP Dhillon) के साथ तारा की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री, म्यूजिक वीडियो और कथित किसिंग सीन्स को लेकर उठे विवादों के बीच कई फैंस यह कयास लगाने लगे कि क्या इनके बीच कोई नया समीकरण बना था जिसके चलते रिश्ते में दरार आई। हालांकि, बॉलीवुड इनसाइडर्स और दोनों के नजदीकी सूत्रों की मानें तो इस रिश्ते के बनने और टूटने की कहानी इन अटकलों से बिल्कुल अलग और काफी पुरानी है।शुरुआती दिनों का प्यार, अलग रास्ते और करियर की प्राथमिकताएं: क्यों टूटा था दोनों का रिश्ता?तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया का रिश्ता उनके बॉलीवुड डेब्यू 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2' (SOTY 2) से काफी पहले का है। उस समय दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे और मुंबई के सोशल सर्कल्स में उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था। दोनों के अलग होने की मुख्य वजह कोई विवाद, धोखा या थर्ड पार्टी इन्वॉल्वमेंट नहीं, बल्कि दोनों की बदलती व्यक्तिगत और पेशेवर प्राथमिकताएं थीं। तारा उस समय अपने एक्टिंग और सिंगिंग करियर पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहती थीं, जबकि वीर पहाड़िया अपने बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप वेंचर्स को स्थापित करने में जुटे थे। उम्र के उस पड़ाव पर करियर की व्यस्तताओं और प्राथमिकताओं के टकराव के कारण दोनों ने आपसी सहमति और पूरी परिपक्वता के साथ अलग होने का फैसला किया था।जहां तक सिंगर एपी ढिल्लों के साथ नाम जुड़ने या किसिंग कंट्रोवर्सी की बात है, तो यह अटकलें काफी बाद में उनके एक म्यूजिक प्रोजेक्ट और इवेंट्स में साथ दिखने के बाद सामने आईं। तारा और एपी ढिल्लों का जुड़ाव पूरी तरह से पेशेवर और वर्क-फ्रंट तक सीमित रहा है। तारा ने हमेशा से अपने निजी जीवन को लेकर एक गरिमापूर्ण चुप्पी बनाए रखी है और कभी भी अपने पुराने रिश्तों को लेकर किसी पर कोई सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाया। आज दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके हैं। जहां तारा सुतारिया लगातार चुनौतीपूर्ण किरदारों और वेब प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी अलग पहचान बना रही हैं, वहीं वीर पहाड़िया भी बॉलीवुड में अपने बड़े डेब्यू के साथ एक नई शुरुआत कर रहे हैं। दोनों के बीच आज भी एक-दूसरे के प्रति पेशेवर सम्मान और सकारात्मकता बनी हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:32 pm

मिडिल क्लास को मिलता क्या है? BJP से अलग होते ही पूनावाला के तीखे सवाल

BJP छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने जनहित के कुछ ज्वलंत मुद्दे उठाए हैं और कहा है कि आखिर मिडिल क्लास को टैक्स देकर क्या मिलता है. उन्होंने कहा है कि हम अगर ग्लोबल दरों पर टैक्स देते हैं तो हमें ग्लोबल लेवल की सुविधाएं भी मिलनी चाहिए.

आज तक 18 Aug 2026 2:31 pm

जंतर-मंतर पर पुलिसिया कर्रवाई पर बनेगी हाई पावर्ड कमेटी, SC का बड़ा कदम

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी गठित करने की घोषणा की है. CJI ने शांतिपूर्ण छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को रद्द करने के संकेत दिए हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:31 pm

SIR: इस राज्य में वोटर लिस्ट से कट सकता है 1.08 करोड़ वोटरों का नाम

कर्नाटक में पहली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 1.08 करोड़ वोटरों के नाम हटने की संभावना है. राज्य में 5.54 करोड़ ज्यादा फॉर्म राज्य में बांटे गए थे, जिसमें से लगभग 4.46 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:31 pm

लंच में ट्राई करें खट्टी-तीखी मारवाड़ी कढ़ी, रेसिपी है बेहद आसान

Marwari Kadhi Recipe: आपने अब तक कई तरह की कढ़ी का स्वाद चखा होगा लेकिन क्या कभी मारवाड़ी स्टाइल मसालेदार कढ़ी ट्राई की है. अगर नहीं तो आज हम आपको इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिससे आप इसे आसानी से बना सकते हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:31 pm

कितने पढ़े-लिखे हैं विनोद तावड़े? BJP ने दी बड़ी जिम्मेदारी 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को यूपी का प्रभारी नियुक्त कर दिया गया है. यह फैसला अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखकर पार्टी ने लिया है. विनोद तावड़े का रिकॉर्ड काफी बेहतर रहा है. पार्टी ने उन्हें जिन राज्यों का प्रभारी बनाया है, वहां पार्टी ने अधिकांश तौर पर जीत हासिल की है.

आज तक 18 Aug 2026 2:27 pm

छात्रों पर लाठियां क्यों चली? सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने दिया ये जवाब

जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है. पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी कई स्तरों की बैरिकेडिंग तोड़कर संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. हालात बिगड़ने के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से बल का इस्तेमाल किया गया.

आज तक 18 Aug 2026 2:25 pm

Smriti Irani Caste:

Smriti Irani Caste-Religion:

वन इंडिया 18 Aug 2026 2:24 pm

लंच बॉक्स के लिए बेस्ट ऑप्शन, बच्चों के लिए आटे से बनाएं ये हेल्दी रेसिपी, देखें वीडियो

बच्चों के लिए बनाएं हेल्दी और टेस्टी आटे के चिली चीज़ कॉर्न रोल्स. बिना मैदे के तैयार होने वाली यह आसान स्नैक रेसिपी बारिश के मौसम के लिए परफेक्ट है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:23 pm

सिर्फ बालों पर हर महीने 25 हजार खर्च, महिला ने बताई वजह

दुनिया के सुपर रिच लोगों के लिए समय की कीमत कितनी ज्यादा होती है, अमेरिका की इस अटॉर्नी की कहानी इसका दिलचस्प उदाहरण है. वह हर महीने बालों पर 25 हजार रुपये से ज्यादा खर्च करती हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:23 pm

Drishyam 3 के साथ बड़े पर्दे पर मचेगा अजय देवगन का तहलका: संजय दत्त के साथ जबरदस्त आमना-सामना और थ्रिलर का डबल धमाका

बॉलीवुड के 'सिंघम' कहे जाने वाले सुपरस्टार अजय देवगन एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने की तैयारी में जुट चुके हैं। भारतीय सिनेमा की सबसे कामयाब और माइंड-बेंडिंग सस्पेंस थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'दृश्यम' की तीसरी किस्त यानी 'दृश्यम 3' (Drishyam 3) को लेकर सिनेप्रेमियों का उत्साह सातवें आसमान पर है। चार साल के लंबे इंतजार के बाद अजय देवगन अपने सबसे चर्चित किरदार 'विजय सालगांवकर' के रूप में पुलिसिया जांच और कानून के शिकंजे से अपने परिवार को बचाने के लिए अंतिम और सबसे बड़ा चक्रव्यूह रचते नजर आएंगे। इस थ्रिलर के साथ-साथ अजय देवगन और बॉलीवुड के 'संजू बाबा' यानी संजय दत्त के बीच पर्दे पर होने वाली हाई-वोल्टेज टक्कर और ऑन-स्क्रीन रीयूनियन को लेकर भी सिनेमाई गलियारों में जबरदस्त चर्चा छिड़ गई है। जहां एक तरफ दर्शक 'दृश्यम 3' की रहस्यमयी दुनिया में गोते लगाने को बेताब हैं, वहीं दूसरी तरफ अजय देवगन और संजय दत्त की बहुप्रतीक्षित जोड़ी का यह 'डबल धमाका' इस साल टिकट खिड़की पर कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने का दम रखता है।2 अक्टूबर का वो ऐतिहासिक दिन: 'दृश्यम 3' में विजय सालगांवकर की आखिरी चाल और नया चक्रव्यूह'दृश्यम' फ्रेंचाइजी में 2 और 3 अक्टूबर की तारीख महज एक कैलेंडर डेट नहीं, बल्कि कहानी की आत्मा और विजय सालगांवकर की सबसे बड़ी ढाल रही है। मेकर्स ने इस सिलसिले को जारी रखते हुए आधिकारिक ऐलान किया है कि 'दृश्यम 3' को 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के मौके पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। निर्देशक अभिषेक पाठक के निर्देशन में तैयार हो रही इस तीसरी किस्त की शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिल्म इस समय अपने एडवांस पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में है।इस बार की 'दृश्यम 3' में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि यह मलयालम संस्करण का सीधा रीमेक नहीं होगी। डायरेक्टर अभिषेक पाठक ने खुलासा किया है कि हिंदी दर्शकों की नब्ज और टेस्ट को ध्यान में रखते हुए इस बार एक बिल्कुल नया और स्वतंत्र ट्रैक लिखा गया है, जो पारिवारिक ड्रामा के बजाय विशुद्ध 'इन्वेस्टिगेटिव फैमिली थ्रिलर' पर केंद्रित होगा। फिल्म में तब्बू (आईजी मीरा देशमुख), श्रिया सरन (नंदिनी), रजत कपूर और इशिता दत्ता की पुरानी स्टारकास्ट तो वापसी कर ही रही है, साथ ही साउथ के दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज और ओटीटी के बेताज बादशाह जयदीप अहलावत की नई एंट्री ने इस थ्रिलर को और अधिक धारदार बना दिया है। पुलिस की नई टीम और विजय सालगांवकर के बीच का यह अंतिम दिमागी मुकाबला दर्शकों के रोंगटे खड़े करने वाला होगा।संजय दत्त के साथ पर्दे पर महा-मुकाबला: दोस्ती, दुश्मनी और एक्शन का हाई-वोल्टेज टकरावथ्रिलर के इस सस्पेंस के बीच अजय देवगन का दूसरा सबसे बड़ा धमाका अभिनेता संजय दत्त के साथ उनकी आगामी फिल्मों और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर है। अजय देवगन और संजय दत्त की जोड़ी ने 90 के दशक से लेकर अब तक 'ऑल द बेस्ट', 'सन ऑफ सरदार', 'एलओसी कारगिल' और 'कच्चे धागे' जैसी कई यादगार फिल्मों में अपनी बेमिसाल केमिस्ट्री से दर्शकों का दिल जीता है।इंडस्ट्री इनसाइडर्स और ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजय देवगन और संजय दत्त आने वाले महीनों में एक बार फिर बड़े पर्दे पर आमने-सामने टकराते नजर आएंगे। चाहे वह 'सन ऑफ सरदार 2' (Son of Sardaar 2) में जस्सी और बिलू पाजी का नया मजेदार क्लैश हो, या फिर अपकमिंग बिग-बजट एक्शन-थ्रिलर प्रोजेक्ट्स में दोनों दिग्गजों का ग्रे-शेड मुकाबला—दर्शकों को संजू बाबा का खूंखार अंदाज और अजय देवगन का गंभीर तेवर एक साथ देखने को मिलेगा। संजय दत्त का भारी-भरकम स्क्रीन प्रेजेंस और अजय देवगन की आंखों से बात करने की अदा जब भी एक ही फ्रेम में टकराती है, तो सिनेमाघरों में तालियों और सीटियों का तूफान खड़ा हो जाता है।सस्पेंस थ्रिलर और मास एंटरटेनमेंट का कॉकटेल: फैंस के लिए क्या है सबसे बड़ा सरप्राइज?अजय देवगन के सिने करियर का यह दौर उनके बहुमुखी अभिनय का सबसे स्वर्णिम काल माना जा रहा है। जहां वे एक तरफ 'दृश्यम 3' जैसी गंभीर और दिमाग की कसरत कराने वाली थ्रिलर से दर्शकों को चौंकाएंगे, वहीं दूसरी तरफ वे संजय दत्त और अन्य बड़े सितारों के साथ मास एक्शन व कॉमेडी फिल्मों के जरिए फैमिली ऑडियंस को थिएटर्स तक खींचने का पूरा ताना-बाना बुन चुके हैं।ट्रेड पंडितों का मानना है कि 'दृश्यम 3' का बॉक्स ऑफिस पोटेंशियल ₹350 करोड़ से ₹400 करोड़ से भी अधिक का है, क्योंकि 'दृश्यम 2' ने बॉक्स ऑफिस पर ₹345 करोड़ से ज्यादा की ऐतिहासिक कमाई की थी। इस बार क्लाइमैक्स में क्या विजय सालगांवकर हमेशा के लिए कानून की पकड़ से बच निकलेगा या अतीत का दफन राज उसके पूरे परिवार को निगल जाएगा, यही वह सस्पेंस है जिसके जवाब का इंतजार पूरा देश कर रहा है। इसके साथ ही संजय दत्त के साथ आने वाले प्रोजेक्ट्स का टीजर और सरप्राइज भी 'दृश्यम 3' के रिलीज विंडो के आसपास ही रिवील किए जाने की योजना है, जो सिनेप्रेमियों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:22 pm

Jio Prime फिर से लॉन्च, 300 में 1 साल चलेगा सिम? जानें हर सवाल का जवाब

Jio ने एक बार फिर से प्राइम प्लान लॉन्च किया है. प्लान से रिचार्ज करने के बाद 1 साल तक के लिए लोगों को टैरिफ हाइक से छुटकारा मिलेगा. हालांकि लोग इस प्लान को लेकर कन्फ्यूज हो रहे हैं. आइए इसे समझते हैं.

आज तक 18 Aug 2026 2:21 pm

कमर्शियल EV, CNG और हाइड्रोजन वाहनों के मालिकों को सरकार का बड़ा तोहफा, नेशनल परमिट के तहत 5 साल बढ़ सकती है उम्र सीमा

देश में पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण मुक्त हरित परिवहन (Green Mobility) को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और दूरगामी नीतिगत कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने नेशनल परमिट प्रणाली के अंतर्गत संचालित होने वाले बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों और प्राकृतिक गैस (CNG) से चलने वाले कमर्शियल वाहनों की निर्धारित परिचालन आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त बढ़ोतरी का आधिकारिक प्रस्ताव रखा है। मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 में संशोधन का मसौदा जारी कर दिया है। सरकार के इस क्रांतिकारी फैसले से देश भर के लाखों ट्रांसपोर्टर्स, ट्रक-बस फ्लीट ऑपरेटर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को भारी आर्थिक राहत मिलेगी, क्योंकि इससे स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों की परिचालन लागत (TCO) घटेगी और उनके शुरुआती भारी निवेश की भरपाई लंबे समय तक हो सकेगी।12 से बढ़कर 17 और 15 से 20 साल: जानिए नए ड्राफ्ट में क्या है उम्र सीमा का फॉर्मूला?केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के रूल 88 (Rule 88) में मुख्य बदलाव प्रस्तावित किया गया है, जो राष्ट्रीय परमिट प्रणाली के अंतर्गत आने वाले भारी और मध्यम वाणिज्यिक वाहनों की अधिकतम परिचालन आयु तय करता है। मौजूदा नियमों के तहत पारंपरिक डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए नेशनल परमिट प्राप्त करने की आयु सीमा श्रेणियों के आधार पर 12 वर्ष और 15 वर्ष निर्धारित है।मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए मसौदे के अनुसार, केवल ग्रीन और क्लीन फ्यूल से चलने वाले वाहनों के लिए इस सीमा को 5 साल तक विस्तारित किया जा रहा है:12 साल की सीमा वाले वाहन: जिन श्रेणियों में वाहनों की अधिकतम परिचालन आयु 12 वर्ष थी, उसे अब पर्यावरण अनुकूल ईंधन (EV, Hydrogen, CNG) के लिए बढ़ाकर 17 साल करने का प्रस्ताव है।15 साल की सीमा वाले वाहन: जिन बहु-धुरी (Multi-axle) या विशिष्ट कमर्शियल वाहनों के लिए वर्तमान में 15 वर्ष की समय-सीमा लागू है, उन्हें अब 20 साल तक नेशनल परमिट पर चलाने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है।मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह 5 साल का अतिरिक्त लाभ केवल और केवल प्रदूषण मुक्त और वैकल्पिक ईंधन आधारित वाहनों को ही मिलेगा, जबकि पारंपरिक जीवाश्म ईंधन (डीजल/पेट्रोल) से चलने वाले पुराने वाहनों पर पूर्ववत सख्त समय-सीमा और व्हीकल स्क्रैपेज नियम लागू रहेंगे।हर साल रिन्यूअल का झंझट खत्म: एक बार में मिलेगा 5 साल का नेशनल परमिट, VAHAN से जुड़ेगा डिजिटल सिस्टमट्रांसपोर्ट सेक्टर में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को मजबूती देने के लिए सरकार ने नेशनल परमिट जारी करने की व्यवस्था में भी एक बड़ा सुधार प्रस्तावित किया है। वर्तमान में वाहन मालिकों को हर साल नेशनल परमिट का नवीनीकरण (Annual Renewal) कराना पड़ता था, जिससे भारी कागजी कार्रवाई, दफ्तरों के चक्कर और समय की बर्बादी होती थी।5 साल का एकमुश्त परमिट: अब ट्रांसपोर्टर्स और वाहन मालिक अपनी सुविधा के अनुसार एक बार में सीधे 5 साल तक की अवधि के लिए नेशनल परमिट ऑथराइजेशन हासिल करने का विकल्प चुन सकेंगे।फीस का ढांचा: वार्षिक नेशनल परमिट शुल्क पूर्ववत ₹16,500 प्रति वर्ष ही रहेगा। यदि कोई आवेदक 5 साल के लिए एकमुश्त परमिट चुनता है, तो उसे कुल ₹82,500 का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करना होगा।कागजी कार्रवाई खत्म, डिजिटल इंटीग्रेशन: परमिट आवेदन (Form 46) और ऑथराइजेशन (Form 47) की पूरी प्रक्रिया को शत-प्रतिशत डिजिटल कर दिया जाएगा। केंद्रीय 'वाहन' (VAHAN) डेटाबेस के जरिए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालते ही रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा (Insurance), पीयूसी और टैक्स का डेटा स्वतः फेच हो जाएगा, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।अस्थायी रजिस्ट्रेशन और चेसिस नियमों में भी बड़ा फेरबदल: ट्रांसपोर्टर्स को क्या होगा फायदा?मंत्रालय ने नए भारी वाहनों के बॉडी निर्माण और डिलीवरी प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अस्थायी पंजीकरण (Temporary Registration) के नियमों में भी व्यावहारिक बदलाव किए हैं:बिना बॉडी वाली चेसिस के लिए 6 महीने की वैधता: यदि कोई ट्रांसपोर्टर केवल चेसिस (Chassis without body) खरीदता है और बॉडी निर्माण के लिए वर्कशॉप में भेजता है, तो उसका अस्थायी रजिस्ट्रेशन जारी होने की तिथि से 6 महीने तक मान्य रहेगा। यदि किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण निर्माण में देरी होती है, तो संबंधित आरटीओ आवेदन और शुल्क लेकर इसकी वैधता को 30-30 दिनों के लिए आगे बढ़ा सकेगा।कस्टमाइज्ड और अन्य राज्यों में पंजीकृत होने वाले वाहन: पूरी तरह से निर्मित ऐसे वाहन, जिन्हें विशेष कस्टमाइजेशन की जरूरत है या जिनका स्थायी पंजीकरण किसी दूसरे राज्य में कराया जाना है, उनके अस्थायी पंजीकरण की वैधता को 45 दिन किया जा रहा है।फॉर्म-20 में आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर अनिवार्य: वाहन मालिकों और डीलरों की सुरक्षा के लिए पंजीकरण फॉर्म में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और हाइपोथिकेशन (लोन/फाइनेंस) समझौते का खाता नंबर दर्ज करना अनिवार्य किया जाएगा।ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक ट्रकों को रफ्तार देने की रणनीतिनीति आयोग और उद्योग विशेषज्ञों की रिपोर्टों के अनुसार, भारी वाणिज्यिक वाहनों (Heavy Commercial Vehicles) के क्षेत्र में इलेक्ट्रिक और वैकल्पिक ईंधन की स्वीकार्यता अभी भी काफी धीमी रही है। इलेक्ट्रिक ट्रकों और बसों की शुरुआती खरीद लागत (Upfront Cost) पारंपरिक डीजल वाहनों की तुलना में दोगुनी से तीन गुनी तक अधिक होती है।ऐसे में 12 या 15 साल की सीमित उम्र में ऑपरेटरों के लिए कर्ज चुकाना और मुनाफा कमाना चुनौतीपूर्ण था। उम्र सीमा को 5 साल बढ़ाकर 17 से 20 साल करने से फ्लीट मालिकों को अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न (ROI) मिलेगा और बैंकों के लिए इन ग्रीन वाहनों को लंबी अवधि का आसान कर्ज देना अधिक सुरक्षित हो जाएगा।30 दिनों में मांगे गए सुझाव: जल्द जारी होगा अंतिम गजट नोटिफिकेशनसड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सीएमवीआर संशोधन के इस मसौदे को सार्वजनिक डोमेन में रखकर सभी हितधारकों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों, ऑटोमोबाइल निर्माताओं (SIAM) और आम नागरिकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां (Objections & Suggestions) आमंत्रित की हैं। प्राप्त सुझावों की समीक्षा के उपरांत मंत्रालय अंतिम नियमों को आधिकारिक भारत के राजपत्र (The Gazette of India) में प्रकाशित करेगा, जिसके बाद यह ऐतिहासिक व्यवस्था देश भर में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:21 pm

सफेद बालों को करना है काला? आजमाएं चाय पत्ती से बनी Natural Dye, जान लें बनाने का तरीका

आज हम आपको सफेद बालों को काला करने के लिए नेचुरल हेयर डाई बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं. इसको बनाने के लिए घर में मौजूद नेचुरल चीजों का इस्तेमाल किया गया है.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:21 pm

अब आएगा रांची आंदोलन का चैप्टर-2... देवेंद्र महतो का ऐलान

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने रांची में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जुलाई से शुरू हुई लड़ाई के पहले चरण की जीत का ऐलान किया है. उन्होंने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर मुख्यमंत्री और जनता का धन्यवाद करते हुए सरकार से भविष्य में पेपर लीक न होने की गारंटी मांगी है.

आज तक 18 Aug 2026 2:20 pm

बांके बिहारी के दरबार पहुंचीं भोजपुरी स्टार अंजना सिंह, बताया आखिर क्यों साल में सिर्फ एक दिन होती है मंगला आरती

भोजपुरी स्टार अंजना सिंह इस वक्त कृष्ण भक्ति में लीन है. इसी के लिए वह मथुरा बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने पहुंची. जहां उन्होंने बताया कि आखिर यहां मंगला आरती क्यों नहीं होती.

NDTV इंडिया 18 Aug 2026 2:20 pm

UGC-NET Re-Exam 2026: 9 और 10 सितंबर को होगी 3 विषयों की दोबारा परीक्षा; NTA का बड़ा फैसला, अभ्यर्थियों को नहीं भरना होगा नया फॉर्म, जारी होंगे नए एडमिट कार्ड

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानी यूजीसी-नेट (UGC NET) की तैयारी में जुटे लाखों अभ्यर्थियों के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण आधिकारिक फैसला लिया है। जून 2026 सत्र की परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्रों में सामने आई गंभीर तथ्यात्मक, अनुवाद और मुद्रण संबंधी गलतियों की जांच के बाद एनटीए ने तीन सबसे बड़े विषयों—अंग्रेजी (English), वाणिज्य (Commerce) और समाजशास्त्र (Sociology) की परीक्षा को दोबारा (Re-Exam) आयोजित कराने का ऐलान किया है। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को देश भर के निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT Mode) में आयोजित किया जाएगा। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को न तो कोई नया आवेदन फॉर्म भरना होगा और न ही किसी प्रकार की अतिरिक्त परीक्षा फीस चुकानी होगी।यूजीसी-नेट री-एग्जाम का विषयवार और शिफ्ट-वार संपूर्ण शेड्यूलनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक टाइम-टेबल के अनुसार, तीनों विषयों की पुनर्रचित परीक्षाएं दो दिनों में तीन अलग-अलग शिफ्टों में संपन्न कराई जाएंगी:अंग्रेजी (English - Subject Code 30): 9 सितंबर 2026 को पहली पाली (Shift 1) में सुबह 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।कॉमर्स (Commerce - Subject Code 08): 9 सितंबर 2026 को दूसरी पाली (Shift 2) में दोपहर 03:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक।सोशियोलॉजी (Sociology - Subject Code 05): 10 सितंबर 2026 को पहली पाली (Shift 1) में सुबह 09:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।प्रत्येक परीक्षा सत्र 3 घंटे (180 मिनट) का होगा, जिसमें बिना किसी ब्रेक के पेपर-1 (जनरल टीचिंग एंड रिसर्च एप्टीट्यूड) और पेपर-2 (संबंधित विषय) के कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) हल करने होंगे।67 सवाल हूबहू रिपीट और विचारकों के गलत नाम: क्यों लेना पड़ा री-एग्जाम का फैसला?यूजीसी नेट जैसी देश की प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता को लेकर पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद छात्रों और शिक्षक संघों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक कड़ा विरोध जताया था। विवाद गहराने के बाद एनटीए ने विषय विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति गठित की थी।जांच समिति की रिपोर्ट में जो चौंकाने वाले खुलासे हुए, उन्होंने परीक्षा प्रणाली की लापरवाही को उजागर कर दिया:अंग्रेजी के पेपर में 67 सवाल रिपीट: जांच में पाया गया कि अंग्रेजी विषय के पेपर-2 में कुल 100 विषय-विशिष्ट सवालों में से 67 सवाल वर्ष 2024 के पुराने प्रश्नपत्र से हूबहू बिना किसी बदलाव के उतार दिए गए थे। यहां तक कि चार विकल्पों (A, B, C, D) का क्रम तक नहीं बदला गया था।समाजशास्त्र में विचारकों के नामों की हास्यास्पद गलतियां: सोशियोलॉजी के पेपर में स्थापित वैश्विक और भारतीय समाजशास्त्रियों के नामों की भयानक स्पेलिंग मिस्टेक की गई थी। प्रसिद्ध समाजशास्त्री जॉर्ज रिट्जर (George Ritzer) का नाम 'Putzer' छाप दिया गया था। भारतीय समाजशास्त्र के जनक कहे जाने वाले जी.एस. घुरिये (G.S. Ghurye) का नाम 'Ghunye' और ए.आर. देसाई (A.R. Desai) का नाम 'A.K. Desai' लिखा गया था। इसके अलावा दार्शनिक मार्था नुसबाम का नाम 'Nusbaut' और टैल्कोट पार्सन्स का नाम 'Parsow' कर दिया गया था।अनुवाद और व्याकरण की भारी त्रुटियां: हिंदी अनुवाद में गूगल ट्रांसलेटर की तरह 'Social' शब्द का अनुवाद 'Oval' जैसा निरर्थक शब्द कर दिया गया था।जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में दो टूक कहा कि केवल आपत्ति दर्ज कराकर कुछ सवालों को ड्रॉप (Drop) करने से निष्पक्ष मेरिट तय नहीं हो सकती, क्योंकि इससे मेधावी छात्रों के साथ घोर अन्याय होगा। इसलिए परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तीनों विषयों की परीक्षा पूरी तरह रद्द कर नए सिरे से कराना ही एकमात्र न्यायसंगत विकल्प था।अभ्यर्थियों को नहीं भरना होगा नया फॉर्म: जानिए कौन हो सकेगा शामिल?एनटीए ने इस संबंध में अभ्यर्थियों के सभी संशयों को दूर करते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:पुराना रजिस्ट्रेशन ही रहेगा मान्य: जिन अभ्यर्थियों ने जून 2026 सत्र के लिए पूर्व में सफलतापूर्वक ऑनलाइन आवेदन किया था और परीक्षा शुल्क जमा किया था, उनका वही पुराना एप्लीकेशन नंबर (Application Number) मान्य रहेगा। उन्हें किसी भी नए पोर्टल पर जाकर री-रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं है।शून्य अतिरिक्त शुल्क: री-एग्जाम में बैठने वाले किसी भी छात्र से कोई अलग या अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।उपस्थिति को लेकर नियम: वे सभी अभ्यर्थी जिन्होंने पहले जारी किए गए एडमिट कार्ड के आधार पर परीक्षा दी थी, वे स्वतः इस री-एग्जाम के लिए पात्र होंगे।पुराना एडमिट कार्ड नहीं चलेगा: एनटीए जारी करेगा नए हॉल टिकटपरीक्षार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जून में आयोजित मूल परीक्षा का पुराना एडमिट कार्ड इस री-एग्जाम के लिए वैध नहीं होगा। परीक्षा की नई तारीख, नए परीक्षा केंद्र और संशोधित शिफ्ट टाइमिंग के साथ एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी तरह नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा।एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप (Exam City Slip): परीक्षा से लगभग 7 से 10 दिन पहले (अगस्त के अंतिम सप्ताह में) अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा शहर की अग्रिम सूचना पर्ची जारी की जाएगी, ताकि दूर-दराज के छात्र समय पर अपना यात्रा और ट्रेन आरक्षण करा सकें।एडमिट कार्ड रिलीज डेट: नए एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से 4 दिन पूर्व आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दिए जाएंगे।डाउनलोड करने का तरीका: अभ्यर्थी एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.nic.in पर जाकर अपने पुराने एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि (Date of Birth) तथा सिक्योरिटी पिन दर्ज करके अपना नया एडमिट कार्ड पीडीएफ डाउनलोड कर सकेंगे।परीक्षा केंद्र पर ले जाने के लिए 4 अनिवार्य दस्तावेज और कड़े सुरक्षा नियम9 और 10 सितंबर को परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होते समय अभ्यर्थियों को इन बातों का विशेष ध्यान रखना होगा:नए एडमिट कार्ड का स्पष्ट प्रिंटआउट: ए4 साइज के सफेद पेपर पर डाउनलोड किए गए नए एडमिट कार्ड का रंगीन या स्पष्ट ब्लैक एंड व्हाइट प्रिंटआउट।मूल और वैध फोटो पहचान पत्र: आधार कार्ड (मूल प्रति / ई-आधार), पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक ओरिजिनल आईडी अनिवार्य है (फोटोकॉपी या मोबाइल फोटो स्वीकार नहीं की जाएगी)।पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ: वही रंगीन फोटो जो ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय अपलोड की गई थी, उसे उपस्थिति पत्रक (Attendance Sheet) पर चिपकाने के लिए साथ ले जाना होगा।पारदर्शी पेन और वॉटर बॉटल: एक साधारण पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति होगी। किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, बैग या नोट्स परीक्षा हॉल के अंदर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।जेआरएफ और असिस्टेंट प्रोफेसर की दौड़ में दोबारा मिलेगा बराबरी का मौकाइस री-एग्जाम के फैसले का देश भर के अकादमिक जगत और शोधार्थियों ने स्वागत किया है। प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए एक-एक अंक की प्रतिस्पर्धा होती है। गलत अनुवाद और आउट-ऑफ-सिलेबस या रिपीटेड सवालों की वजह से जिन गंभीर और मेहनती छात्रों का मनोबल टूट गया था, उन्हें अब अपनी वास्तविक योग्यता साबित करने का एक निष्पक्ष और पारदर्शी मंच मिलेगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अभ्यर्थी अब किसी भी भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दें और 9-10 सितंबर के री-एग्जाम के लिए अपने रिवीजन को तेज कर दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 18 Aug 2026 2:19 pm