टाटा एलेक्सी के Q2 नतीजे रहे शानदार, लेकिन ब्रोकरेज फर्म्स की 'सेल' रेटिंग से निवेशकों की बढ़ी चिंता
टाटा ग्रुप की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी टाटा एलेक्सी (Tata Elxsi) ने अपने सितंबर तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का प्रदर्शन बाजार के अनुमानों से बेहतर रहा है, लेकिन इसके बावजूद शेयर बाजार के दिग्गज विश्लेषक इस स्टॉक को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। कंपनी के तिमाही नतीजों और भविष्य के कारोबारी माहौल को देखते हुए कई प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने निवेशकों को इस शेयर से दूरी बनाने या 'बेचने' (Sell) की सलाह दी है, जिससे निवेशकों में असमंजस की स्थिति बन गई है।उम्मीद से बेहतर रही रेवेन्यू ग्रोथ और ऑपरेटिंग मार्जिनटाटा एलेक्सी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तिमाही में कंपनी की कॉन्सटेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ 2.3% दर्ज की गई, जबकि बाजार के विश्लेषक केवल 1.5% की वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे। इसके अलावा, कंपनी का EBIT मार्जिन 19.7% रहा, जो पिछले तिमाही में 19% था और CNBC-TV18 के पोल में जताए गए 19.2% के अनुमान से भी बेहतर साबित हुआ। नतीजों से ठीक पहले मंगलवार को कंपनी का शेयर 5.2% की तेजी के साथ ₹3,426.70 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, यह भी एक सच्चाई है कि इस साल अब तक यह शेयर लगभग 35% तक टूट चुका है।जेपी मॉर्गन की 'न्यूट्रल' रेटिंग और ₹3,200 का टारगेटप्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने टाटा एलेक्सी पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹3,200 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो मंगलवार के बंद भाव से करीब 6.6% नीचे है। ब्रोकरेज का मानना है कि अमेरिका और घरेलू बाजार (भारत) से मिले नए ऑटोमोबाइल ऑर्डर्स ने कंपनी के रेवेन्यू को सहारा दिया है, लेकिन यूरोपियन मार्केट में ऑटोमोबाइल सेक्टर की कमजोरी अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।मैनेजमेंट का मानना है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही पहली छमाही से बेहतर रह सकती है, लेकिन जेपी मॉर्गन का आकलन है कि यूरोप में अनिश्चितता और पिछले साल के ऊंचे आधार के कारण वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही की वृद्धि दर धीमी हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रोकरेज ने FY2028 और FY2029 के लिए कंपनी के अर्निंग्स अनुमानों में 10-11% की कटौती की है।मोतीलाल ओसवाल की 'सेल' रेटिंग, टारगेट प्राइस ₹2,970घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने इस स्टॉक पर अपनी 'सेल' (Sell) रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹2,970 कर दिया है, जो मौजूदा बाजार भाव से लगभग 13% नीचे है। ब्रोकरेज के अनुसार, हालांकि दूसरी छमाही में तीनों प्रमुख क्षेत्रों में सुधार दिख सकता है, लेकिन टिकाऊ तेजी नए ऑर्डर्स मिलने और उनसे रेवेन्यू जनरेट होने पर निर्भर करेगी, जिसमें आमतौर पर दो से तीन तिमाहियां लग जाती हैं। यूरोप में मांग की सुस्ती और ग्राहकों द्वारा खर्च करने में दिखाई जा रही सतर्कता कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।विश्लेषकों की मिली-जुली राय, स्टॉक में सीमित तेजी के संकेतटाटा एलेक्सी को कवर करने वाले कुल 19 विश्लेषकों में से 9 ने 'सेल' (बेचने), 7 ने 'खरीदने' (Buy) और 3 ने 'होल्ड' करने की सलाह दी है। साफ है कि लगभग आधे एनालिस्ट इस समय बिकوالी के पक्ष में हैं। विश्लेषकों के औसत टारगेट प्राइस के आधार पर भी शेयर में फिलहाल केवल 2% की ही संभावित तेजी का संकेत मिल रहा है। बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद यूरोपियन बाजारों की कमजोरी और महंगे मूल्यांकन (Valuation) के कारण जानकारों का यह सतर्क रुख निवेशकों के लिए सोचने पर मजबूर करने वाला है।
Bihar के वैशाली में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, President Murmu ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बिहार में नाव हादसे में बच्चों की मौत होने पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार के वैशाली जिले में मंगलवार देर शाम गंगा नदी में एक नाव पलटने से 15 वर्ष से कम उम्र के कम से कम 13 बच्चों की डूबने के कारण मौत हो गई। जिलाधिकारी वर्षा सिंह के अनुसार, हादसा रात करीब साढ़े आठ बजे राघोपुर थाना क्षेत्र में हुआ। यह स्थान जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों ने बताया कि रामपुर श्यामचंद गांव के निवासी नदी के दूसरी ओर स्थित एक गांव में भोज में शामिल होने जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर में एक पोस्ट में कहा, बिहार के वैशाली जिले में हुई नाव दुर्घटना में बच्चों की मौत होने का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। इस दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
एअर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट में बम का अलर्ट: जयपुर में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग, क्या है मामला?
कश्मीर की ट्राउट मछली अब देशभर में पहुंचेगी? तैयार हो रहा फिश फार्म
कश्मीर की ठंडी नदियों में पलने वाली रेनबो ट्राउट मछली अब घाटी में रोजगार और कारोबार का नया रास्ता खोल सकती है. मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के कंगन में सिंध नदी के किनारे एशिया का सबसे बड़ा ट्राउट फिश फार्म तैयार हुआ है. जानिए, ट्राउट फार्मिंग कश्मीर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए कैसे अहम साबित हो सकती है.
सऊदी-यमन जंग हुई तेज, मिसाइल हमले से मचा हड़कंप!
सऊदी अरब के धहरान शहर में दुनिया की प्रमुख तेल कंपनी सऊदी अरामको के प्रशासनिक परिसर पर मिसाइल हमले की खबर सामने आई है. सऊदी सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, हमले के बाद इमारत में आग लगी, लेकिन किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार, कार्यालय की ऊपरी तीन मंजिलों को नुकसान पहुंचा. इस बीच हूती विद्रोहियों के हमलों और ईरान की मध्यस्थता की पेशकश से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है.
Congress ने MP में कथित शराब घोटाले पर BJP को घेरा, PM Modi से निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा से जुड़े एक मामले को लेकर बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इसकी निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए। पार्टी नेता जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि मध्य प्रदेश में जमीन से जुड़े कथित घोटाले के बाद अब शराब से जुड़ा कथित घोटाला सामने आया है। उन्होंने जिस खबर और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के जिस पोस्ट का उल्लेख किया उसमें दावा किया गया कि देवड़ा के पूर्व ओएसडी के खिलाफ कथित शराब घोटाले की जांच में कई गड़बड़ियां सामने आईं हैं। रमेश ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा की प्रदेश सरकारें भी ‘हम दो, हमारे दो’ से प्रेरित होकर भ्रष्टाचार में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।’’कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस विषय पर प्रधानमंत्री से सात सवाल पूछे हैं। रमेश ने कहा, ‘‘अगर प्रधानमंत्री का इस भ्रष्टाचार को संरक्षण नहीं है तो उन्हें जरूर जांच करवानी चाहिए। सवाल यह है कि क्या वे निष्पक्ष जांच करवाएंगे?’’उन्होंने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी राज्य सरकार की आलोचना की है।
यूपी में चुनावी टिकट की खरीद-फरोख्त पर CBI जांच से SC का इनकार
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले टिकट खरीद-फरोख्त के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्वाचन आयोग का रुख करने की सलाह दी है.
MP Police हेड कांस्टेबल फिरोज खान के ठिकानों पर Lokayukta Raid, मिली 6.27 करोड़ की संपत्ति
मध्यप्रदेश के इंदौर और इसके पड़ोसी देवास जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर बुधवार को छापे मारे और उसकी वैध आय के मुकाबले तीन गुना से अधिक मूल्य की संपत्तियों का पता लगाया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुनील तालान ने बताया कि इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) में चालक के तौर पर पदस्थ प्रधान आरक्षक फिरोज खान (48) के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह लंबे समय से कर्तव्य से अनुपस्थित हैं और पुलिस विभाग में पदस्थ होने का कथित रौब झाड़कर देवास जिले में विवादित अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि शिकायत की जांच के बाद खान, उनके परिजनों और करीबी लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए। तालान ने बताया, ‘‘पुलिस विभाग में खान के 24 साल के सेवाकाल में वेतन से उनकी आय करीब 75 लाख रुपये आंकी गई है। अन्य स्रोतों से हुई कमाई जोड़ने पर उनकी कुल वैध आय लगभग 1.94 करोड़ रुपये है। इसके मुकाबले छापों में अब तक 6.27 करोड़ रुपये की संपत्तियों के बारे में पता चला है।’’उन्होंने बताया कि ये संपत्तियां प्रधान आरक्षक, उनके परिजनों और रोशनी वर्मा नाम की महिला के नाम पर खरीदी गई हैं और इनमें पांच मकान, तीन फ्लैट, पांच आवासीय भूखंड, एक व्यावसायिक भूखंड और अलग-अलग स्थानों पर कृषि भूमि शामिल हैं। डीएसपी ने बताया कि खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि अचल संपत्तियों की खरीद में प्रधान आरक्षक के साथ भूमिका के कारण उसकी सहयोगी महिला को भी मामले में आरोपी बनाया गया है। तालान ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
शेयर बाजार में बड़ी मंदी की आहट: दिग्गजों ने दी चेतावनी, निवेशकों के लिए साल 2027 रहेगा बेहद मुश्किल
दुनिया भर के शेयर बाजारों में इन दिनों जहां एक तरफ तेजी का दौर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ दिग्गज निवेशक आने वाले दिनों को लेकर गंभीर चिंता जताने लगे हैं। दुनिया के जाने-माने हेज फंड मैनेजर पॉल ट्यूडर जोन्स (Paul Tudor Jones) ने शेयर बाजार के निवेशकों को एक बड़ी चेतावनी दी है। उनके मुताबिक, आने वाला साल यानी 2027 शेयर बाजारों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और खतरनाक साबित हो सकता है। जोन्स का मानना है कि मौजूदा आर्थिक और वित्तीय हालात साल 2000 में आए 'डॉट कॉम बुलबुला' (Dot-Com Bubble) फूटने से ठीक पहले जैसी स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं।आईपीओ की बाढ़ और नई शेयर आपूर्ति से बढ़ सकता है दबावपॉल ट्यूडर जोन्स के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों के दौरान शेयर बाजारों में आई तेजी को मुख्य रूप से कंपनियों द्वारा किए गए शेयर बायबैक (Share Buyback) और विलय-अधिग्रहण (M&A) गतिविधियों ने समर्थन दिया था, जिससे बाजार में शेयरों की उपलब्धता कम होने में मदद मिली थी। लेकिन अब यह ट्रेंड तेजी से बदल रहा है।वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे OpenAI और Anthropic अपने बड़े आईपीओ लाने की तैयारी में जुटी हैं। इसके अलावा, हाल ही में स्पेसएक्स (SpaceX) का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ भी आ चुका है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर और अपने विस्तार के लिए भारी-भरकम पूंजी जुटाने वास्ते जब ये बड़ी कंपनियां बाजार में नए शेयर जारी करेंगी, तो इससे बाजार में शेयरों की आपूर्ति अत्यधिक बढ़ जाएगी। इस अतिरिक्त आपूर्ति के कारण शेयरों की कीमतों पर भारी दबाव पड़ सकता है।1999 जैसी खतरनाक परिस्थितियों की हो रही है पुनरावृत्तिजोन्स ने मौजूदा बाजार की तुलना साल 1999 से की है। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी कंपनियों के परफॉर्मेंस के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जो कंपनियां AI तकनीक का तेजी से लाभ उठा रही हैं, वे लगातार आगे निकल रही हैं, जबकि बाकी कंपनियां पिछड़ रही हैं। 26 साल पहले भी कुछ ऐसे ही हालात थे जब बाजार उस बड़े झटके को सहन नहीं कर सका था। बाजार में यह बढ़ता अंतर और नई शेयर आपूर्ति निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा जोखिम पैदा कर रही है।अमेरिका का बढ़ता कर्ज और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ाएंगी मुश्किलेंइसके अलावा, अमेरिका का बढ़ता राजकोषीय घाटा भी निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा सबब बना हुआ है। अमेरिकी कर्ज 40 लाख करोड़ डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। जोन्स का अनुमान है कि जैसे-जैसे बाजार पर दबाव बढ़ेगा, सरकार को घाटे पर नियंत्रण पाने के लिए कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।इसके साथ ही, उन्होंने कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को लेकर भी बड़ी चेतावनी जारी की है। उनका अनुमान है कि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 20 से 25 डॉलर प्रति बैरल तक की अतिरिक्त तेजी आ सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह महंगाई को बढ़ावा देगा और वैश्विक शेयर बाजारों पर अतिरिक्त दबाव का काम करेगा। इन्हीं सभी वजहों से उन्होंने आने वाले समय में सतर्क रहने और अपनी निवेश रणनीतियों को संभलकर तैयार करने की सलाह दी है।
शेयर बाजार में हलचल: IDBI बैंक सहित इन 3 शेयरों में तेज उछाल, क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में आज जबरदस्त एक्शन देखने को मिल रहा है। बुधवार 14 अक्टूबर के सत्र में निवेशकों का फोकस स्टॉक-स्पेसिफिक गतिविधियों पर बना हुआ है, जहां ऊंचे वॉल्यूम के साथ कई शेयर रॉकेट की तरह भाग रहे हैं। इस तेजी के दौर में आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank), क्विक हील्स टेक्नोलॉजीज (Quick Heal Technologies) और ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (Transformers & Rectifiers) के शेयरों में 15% से लेकर 17% तक की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। आइए जानते हैं कि इन दिग्गज शेयरों में अचानक आई इस तेजी के पीछे की असली वजह क्या है।Transformers & Rectifiers: शानदार तिमाही नतीजों से शेयरों में 17% की बंपर तेजीट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स के शेयरों में आज खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली है, जिसके चलते यह शेयर 304 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले उछलकर 355 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह स्टॉक में करीब 17% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है।कंपनी द्वारा हाल ही में जारी किए गए सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी ने जानकारी दी है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसकी कुल आय (Revenue) सालाना आधार पर लगभग 61% बढ़कर ₹739.44 करोड़ पर पहुंच गई है। इसके अलावा, कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) भी बढ़कर ₹79.8 करोड़ हो गया है। कंपनी के पास मौजूद मजबूत ऑर्डर बुक और बेहतर परिचालन प्रदर्शन (Operational Performance) ने इस शेयर में खरीदारी के जबरदस्त माहौल को सपोर्ट किया है।IDBI Bank: निजीकरण की खबरों के बीच शेयरों में 11% से अधिक का उछालबीएसई 200 इंडेक्स में शामिल आईडीबीआई बैंक के शेयरों में आज तगड़ी लिवाली के चलते करीब 13% की तेजी देखने को मिली है। शेयर 82.92 रुपये के पिछले बंद भाव से चढ़कर 93.62 रुपये के ऊपरी स्तर को छू गया। गौर करने वाली बात यह है कि बीते अगस्त महीने में यह स्टॉक 95 रुपये के स्तर पर गया था, जिसके बाद से इसमें सुस्ती और गिरावट का दौर चल रहा था।हालांकि, आज अचानक आए ऊंचे वॉल्यूम के साथ खरीदारी के पीछे बाजार में तेजी से तैर रही वे खबरें हैं, जिनके मुताबिक सरकार बैंक के निजीकरण और अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया को लेकर जल्द ही कोई बड़ा ऐलान कर सकती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक इन खबरों की कोई पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन निवेशकों का उत्साह इस स्टॉक पर साफ दिखाई दे रहा है।Quick Heal Technologies: भारी गिरावट के बाद स्टॉक में लौटी रौनकलगातार सुस्ती का सामना कर रहे क्विक हील्स टेक्नोलॉजीज के शेयरों में भी आज जोरदार एक्शन देखा गया है। शुरुआती कारोबार में ही यह शेयर 136 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले बढ़कर 157 रुपये के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया, जिससे इसमें 15% से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई।गौरतलब है कि यह स्टॉक पिछले कुछ समय से दबाव में था और साल 2026 में अब तक इसमें लगभग 42% तथा एक साल में 50% तक की गिरावट आ चुकी थी। स्टॉक अपने 30 मार्च को बने 125 रुपये के साल के निचले स्तर के आसपास ही कारोबार कर रहा था, जबकि एक साल पहले यह 371 के ऊपरी स्तर पर था। आज अचानक आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत की सांस दी है।
बॉक्स ऑफिस पर महाक्लैश! बड़े स्टार्स की फिल्मों की अग्निपरीक्षा
बॉक्स ऑफिस पर चार बड़ी फिल्मों का महाक्लैश होने जा रहा है. ये फिल्में साउथ, बॉलीवुड और हॉलीवुड की हैं. थलाइवा रजनीकांत का भी स्वैग देखने को मिलेगा. जानें कौन सी फिल्म किस पर भारी पड़ेगी.
मुखर्जी नगर पहुंचीं CM रेखा गुप्ता, सुनी छात्रों की समस्याएं, क्या है पूरा मामला
UPSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के हब के रूप में जाने जाने वाले मुखर्जी नगर में केवल पढ़ाई के साथ रहने और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां भी हैं. इस बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इलाके का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं.
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और आदिवासियों के मकान तोड़े जाने के मामले में अब एक बड़ा और नया मोड़ आ गया है। इस संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आखिरकार राज्य शासन को सौंप दी गई है। सीहोर जिला प्रशासन द्वारा तैयार की गई यह विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को भेज दी गई है, जिसमें अतिक्रमण से जुड़े कई चौंकाने वाले और अहम खुलासे किए गए हैं।गूगल अर्थ की तस्वीरों से हुआ अवैध कब्जे का खुलासामुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजी गई इस आधिकारिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के लाड़कुई परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कोसमी बीट के रिजर्व फॉरेस्ट के कंपार्टमेंट 426 की 31.48 हेक्टेयर वन भूमि को पूरी तरह से अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि साल 2020 में 186.960 हेक्टेयर वन भूमि सामान्य वनमंडल से वन विकास निगम के सीहोर परियोजना मंडल को हस्तांतरित की गई थी। इसके बाद निगम द्वारा वर्ष 2021 में इसके 135 हेक्टेयर क्षेत्र में 3,37,500 सागौन के पौधे लगाए गए थे।जांच में सामने आया कि बाहर से आए लोगों ने इनमें से 78,700 सागौन के पौधे काटकर लगभग 31.48 हेक्टेयर जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। गूगल अर्थ (Google Earth) की टाइमलाइन तस्वीरों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2021 तक यह पूरा कंपार्टमेंट पूरी तरह खाली था, लेकिन वर्ष 2022 में कुछ लोगों ने पौधारोपण को नष्ट करके वहां अस्थायी झोपड़ियां तान लीं और खेती के उद्देश्य से इस वन भूमि पर कब्जा जमा लिया।कार्रवाई के दायरे में आए लोगों के पास पहले से मौजूद हैं पक्के मकानकलेक्टर की इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 11 अक्टूबर को प्रशासन द्वारा की गई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जिन नौ कब्जाधारियों की झोपड़ियां हटाई गईं, उनके पास अपने मूल निवास यानी सिंहपुर और हबीबनगर में पहले से ही पक्के मकान, वैध मकान नंबर और वोटर आईडी कार्ड मौजूद हैं। भैरूंदा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के हवाले से रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि खुद को भूमिहीन बताने वाले इन व्यक्तियों के पास अपने पैतृक गांवों में पक्का आशियाना है। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान वहां बने एक अवैध कुएं को भी मिट्टी और मुरम से भर दिया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ड्रोन के माध्यम से कराई गई।शिवराज सिंह चौहान के धरने के बाद दिए गए थे जांच के आदेशगौरतलब है कि इस पूरे मामले ने तूल तब पकड़ा जब बुधनी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के समर्थन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह धरने पर बैठ गए थे। वन विकास निगम के डिपो के बाहर लगातार तीन दिनों तक यह धरना-प्रदर्शन जारी रहा था। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्थानीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे और इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी फोन पर मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को दी थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। अब इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज होने की उम्मीद है।
श्रद्धा दुबे जिसके साथ खिंचवाती थी फोटो, वही होता था अगला शिकार
लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड के बीच श्रद्धा दुबे पर ब्लैकमेलिंग और गैंगस्टरों के नाम पर लोगों को धमकाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं. दावा है कि वह लोगों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल उन्हें डराने और पैसे वसूलने के लिए करती थी.
देश में मतदाता सूची (Voter List) के विशेष पुनरीक्षण और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलकों में घमासान मच गया है। विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित एक उच्चस्तरीय नागरिक सम्मेलन के दौरान देश के पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा (Ashok Lavasa) ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि नागरिकों के नाम सिर्फ 'शक' के आधार पर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है।पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने उठाए बड़े सवालऑनलाइन माध्यम से आयोजित इस नागरिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने प्रक्रिया पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि लोगों को सिर्फ इस अंदेशे या शक के आधार पर वोटर लिस्ट से बाहर किया जा रहा है कि वे देश के नागरिक नहीं हैं, जबकि ऐसा करने के लिए किसी भी प्रकार के पुख्ता सबूत या दस्तावेज को आधार नहीं बनाया जा रहा है।उन्होंने चुनाव आयोग (EC) की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो संस्था देश में अधिक से अधिक योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए बनाई गई थी, आज उसकी प्राथमिकता उन वोटरों को बाहर करने की हो गई है जिन्हें वह अयोग्य मानती है।ERO को सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से बाहर रखना गैर-कानूनीअशोक लवासा ने तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया पर बात करते हुए कहा कि कानूनन केवल निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) ही ऐसे अधिकृत प्राधिकारी होते हैं, जिन्हें मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने का अधिकार होता है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में ERO को उस सेंट्रलाइज्ड 'SIR सिस्टम' (ECINET) तक पहुंच ही नहीं दी गई, जिसे केंद्रीय रूप से नियंत्रित किया जा रहा था। उन्होंने इसे पूरी तरह गैर-कानूनी करार देते हुए कहा कि आम तौर पर ERO के फैसलों के खिलाफ जिला चुनाव अधिकारियों या मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष अपील करने का प्रावधान होता है, लेकिन इस प्रक्रिया ने जमीनी स्तर के अधिकारियों की भूमिका को ही सीमित कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में कभी भी मतदाता इतने अधिक परेशान और चिंतित नहीं रहे कि उनके नाम सूची में सुरक्षित रहेंगे भी या नहीं।अभिनेता प्रकाश राज का केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमलाइस सम्मेलन में मशहूर अभिनेता और फिल्म निर्माता प्रकाश राज (Prakash Raj) ने भी शिरकत की और केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ऑनलाइन पोस्ट और संबोधन के जरिए आरोप लगाया कि केंद्र की मौजूदा सरकार ने चुनाव आयोग का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में राजनीतिक दलों को तोड़ने और डेटा को सेंट्रलाइज्ड करने में किस तरह की नीतियां अपनाई गईं, यह किसी से छिपा नहीं है। प्रकाश राज ने कहा कि जिस तरह से सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है, उससे साफ पता चलता है कि चुनाव आयोग ने सत्ता पक्ष की किस प्रकार सहायता की है। उन्होंने देश के नागरिकों और सिविल सोसाइटी से एकजुट होने का आह्वान किया।सम्मेलन में कई दिग्गज हस्तियां रहीं मौजूदबता दें कि इस नागरिक सम्मेलन में केवल पूर्व चुनाव आयुक्त और अभिनेता ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रतिष्ठित और प्रशासनिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जवाहर सरकार, कोलकाता के पूर्व मेयर और राज्यसभा के पूर्व सांसद विकास रंजन भट्टाचार्य तथा पूर्व आईएएस अधिकारी अनीता अग्निहोत्री जैसे नाम शामिल रहे। इन सभी वक्ताओं ने भी चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की।
कौन है जुल्फिकार जिसकी गोद में नजर आई श्रद्धा? हिस्ट्रीशीटर संग भी दिखी
लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे के अंडरवर्ल्ड और हिस्ट्रीशीटरों से गहरे संबंध सामने आए हैं. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वह गैंगस्टर्स के रसूख का इस्तेमाल कर वसूली और ब्लैकमेलिंग का रैकेट चलाती थी. फरार चल रही श्रद्धा और उसके दो अन्य साथियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.
सरकारी नाव जर्जर, अस्पताल में ऑक्सीजन, डॉक्टर, एम्बुलेंस सब नदारद... वैशाली का डरावना सच
वैशाली के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हुई है. सभी एक ही गोतिया परिवार के थे और श्राद्ध भोज में जा रहे थे. प्रशासन ने 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया है.
भारतीय न्याय व्यवस्था में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कानून के समक्ष समानता को सर्वोपरि स्थान दिया गया है। इसी कड़ी में मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और सख्त टिप्पणी करते हुए तमिलनाडु पुलिस को बड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने एक धोखाधड़ी के मामले में आरोपी की जमानत का विरोध केवल इस आधार पर करने के रवैये को पूरी तरह खारिज कर दिया कि आरोपी 'उत्तर भारतीय' है और पुलिस को आशंका है कि वह राज्य से फरार हो सकता है। हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि किसी भी व्यक्ति का मूल निवास स्थान यह मान लेने का आधार नहीं हो सकता कि वह कानून से भागेगा।मद्रास हाईकोर्ट ने पुलिस के तर्क को नकारामामلا चेन्नई का है, जहां मद्रास हाईकोर्ट में एक धोखाधड़ी मामले से जुड़े जमानत आवेदन पर सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एन. रमेश ने पुलिस और अभियोजन पक्ष के उस तर्क पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें आरोपी के उत्तर भारत से होने के कारण उसके राज्य से भागने की आशंका जताई गई थी।अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा कोर्ट में दाखिल किए जाने वाले हलफनामों में इस तरह की क्षेत्रीय या पूर्वाग्रह से ग्रसित बातें बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। अदालत ने कानून के दायरे में निष्पक्ष जांच और व्यक्तिगत अधिकारों की महत्ता को रेखांकित करते हुए आरोपी अंकुर कुमार जानी को कुछ जरूरी शर्तों के साथ जमानत प्रदान कर दी और जरूरत पड़ने पर जांच अधिकारी के समक्ष सहयोग करने का निर्देश दिया।क्या है पूरा मामला और विवादयह पूरा कानूनी विवाद प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान FIITJEE लिमिटेड और कोयंबटूर स्थित सुगुना पीआईपी स्कूल के बीच छात्रों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की कोचिंग प्रदान करने के लिए हुए एक समझौते से जुड़ा हुआ है। इस समझौते के नियमों के अनुसार, कोर्स में दाखिला लेने वाले प्रत्येक छात्र के अभिभावक को 1 लाख रुपये का रिफंडेबल कॉशन डिपॉजिट जमा कराना था।शिकायत के मुताबिक, संबंधित संस्थानों ने वादा करने और कोर्स संचालित करने के बावजूद यह रिफंडेबल पैसा वापस नहीं लौटाया। इसके बाद एक अभिभावक की शिकायत पर FIITJEE के दिनेश कुमार गोयल और स्कूल के लक्ष्मी नारायणसामी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच के दौरान जमानत के लिए आवेदन करने वाले अंकुर कुमार जानी का नाम मूल शिकायत या शुरुआती एफआईआर में शामिल नहीं था।पुलिस ने क्यों बनाया था आरोपीपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अंकुर कुमार जानी को इस मामले में केवल इसलिए घसीटा गया और आरोपी बनाया गया क्योंकि उन्होंने 26 फरवरी 2011 को FIITJEE की ओर से स्कूल के साथ एक व्यावसायिक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पुलिस का आरोप था कि इन सभी ने मिलकर 262 अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी की और करीब 2.62 करोड़ रुपये हड़प लिए। हालांकि, इस मामले में मुख्य आरोपी को फरार बताया जा रहा है, जबकि अन्य आरोपी को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद पुलिस प्रशासन को अपनी कार्यशैली में सुधार करने और इस प्रकार के निराधार तर्कों से बचने की सख्त नसीहत मिली है।
महाराष्ट्र के पुणे जिले में कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के चुनाव में सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली (NCP) शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) पर भारी पड़ी है. अजित पवार के निधन के बाद कोऑपरेटिव का यह पहला चुनाव था, जिसमें सुनेत्रा पवार ने दम दिखाया है.
शनि का नक्षत्र गोचर, 8 फरवरी तक 5 राशियों पर बरसेगा पैसा!
Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि नक्षत्र गोचर 2026: शनि के नक्षत्र परिवर्तन से 118 दिन तक 5 राशियों को नौकरी, कारोबार और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं. जानें किन राशियों पर इसका संभावित प्रभाव पड़ेगा.
दक्षिण भारत के प्रगतिशील राज्य केरलम में जनसांख्यिकी (Demographics) को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में लगातार बढ़ती बुजुर्ग आबादी और उनकी सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए केरल सरकार ने एक ठोस और दूरदर्शी कदम उठाया है। मंगलवार को केरल विधानसभा में 'केरलम सीनियर सिटीजन्स (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) बिल, 2026' पेश किया गया। इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य न केवल वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर जीवन और सुरक्षा प्रदान करना है, बल्कि 'सिल्वर इकोनॉमी' के जरिए उनके विशाल अनुभव का लाभ राज्य के विकास में उठाना भी है।केरलम में क्यों पड़ी इस विशेष विधेयक की जरूरतविधानसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक को पेश करते हुए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने राज्य की बदलती जनसांख्यिकी पर गहरी चिंता और विचार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि केरलम में पिछले कुछ वर्षों में घटती जन्म दर, शादियों में हो रही देरी और युवाओं तथा उच्च शिक्षा प्राप्त छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों में पलायन करने के कारण स्थानीय स्तर पर युवाओं की संख्या में लगातार कमी आ रही है।इसके विपरीत, स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर होने से लोगों की औसत आयु बढ़ रही है, जिसके परिणामस्वरूप समाज में वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) का अनुपात तेजी से ऊपर जा रहा है। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, वर्ष 2036 तक केरलम में बुजुर्गों की आबादी राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी हो जाएगी। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि राज्य की भविष्य की हर विकास योजना और नीति में इस जनसांख्यिकीय बदलाव को मुख्य आधार बनाना अब अनिवार्य हो चुका है।विधेयक की मुख्य बातें और 'सिल्वर इकोनॉमी' का कॉन्सेप्टकेरलम सरकार इस पूरे मामले को केवल एक पारंपरिक कल्याणकारी योजना के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसे एक आर्थिक और सामाजिक अवसर के रूप में विकसित करना चाहती है। इस नई नीति के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के अनुभवी और सेवानिवृत्त प्रोफेशनल्स की विशेषज्ञता का पूरा उपयोग किया जाएगा।युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन: जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लंबा अनुभव रख चुके ये वरिष्ठ नागरिक तकनीकी, मार्केटिंग या वित्तीय प्रबंधन की चुनौतियों से जूझ रहे युवा स्टार्टअप्स और उद्यमियों को मेंटरशिप (मार्गदर्शन) प्रदान करेंगे, जिसके बदले उन्हें उचित मानदेय भी दिया जाएगा।कुदुम्बश्री इकाइयों को मजबूती: इन अनुभवी और वरिष्ठ विशेषज्ञों की विशेषज्ञता का उपयोग ग्रामीण स्तर पर 'कुदुम्बश्री' महिला स्व-सहायता समूहों को सलाह देने, नए प्रोजेक्ट्स तैयार करने और राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने में किया जाएगा।अंतरराष्ट्रीय मॉडलों का अध्ययन: सरकार की इस अनूठी योजना के पीछे जापान, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों के सीनियर केयर और सिल्वर इकोनॉमी मॉडलों का गहन अध्ययन है, ताकि केरलम के बुजुर्गों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके।फिलहाल इस व्यापक विधेयक को आगे की गहन जांच और समीक्षा के लिए केरल विधानसभा की विषय समिति (Subject Committee) के पास भेज दिया गया है, जिस पर आने वाले दिनों में विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
फेस्टेसी फिल्मों के शौकीन दर्शकों के लिए एक बेहद रोमांचक और बड़ी खबर सामने आ रही है। नेटफ्लिक्स (Netflix) ने बहुप्रतीक्षित और लोकप्रिय फैंटेसी फ्रेंचाइजी फिल्म 'नार्निया: द मैजिशियंस नेफ्यू' (Narnia: The Magician’s Nephew) का पहला आधिकारिक ट्रेलर रिलीज कर दिया है। इस ट्रेलर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई है और दर्शक एक बार फिर C.S. लुईस की उस जादुई और काल्पनिक दुनिया में लौटने के लिए बेताब हो चुके हैं। नेटफ्लिक्स के इस भव्य प्रोजेक्ट से उम्मीद की जा रही है कि यह दर्शकों को एक अनोखे सिनेमैटिक सफर पर लेकर जाएगा।ग्रेटा गेरविग के निर्देशन में तैयार हो रही है फिल्मइस शानदार फैंटेसी फिल्म का निर्देशन ऑस्कर नामांकित और मशहूर निर्देशक ग्रेटा गेरविग (Greta Gerwig) कर रही हैं, जिन्हें इससे पहले 'बार्बी', 'लिटिल वुमेन' और 'लेडी बर्ड' जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई बेहतरीन फिल्मों के लिए जाना जाता है। यह फिल्म C.S. लुईस की बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय पुस्तक श्रृंखला 'द क्रॉनिकल्स ऑफ नार्निया' की मूल कहानी (ओरिजिन स्टोरी) पर आधारित है। फिल्म की कहानी मुख्य रूप से दो बच्चों, डिगोरी और पॉली के इर्द-गिर्द घूमती है, जो रोमांचक सफर के दौरान सबसे पहले 'वुड बिटवीन द वर्ल्ड्स' यानी नार्निया की जादुई दुनिया की खोज करते हैं।ट्रेलर में क्या है खास और कौन से कलाकार आएंगे नजरलेड जेपेलिन के प्रसिद्ध गाने 'स्टेयरवे टू हेवन' की धुन पर आधारित इस ट्रेलर की शुरुआत डैनियल क्रेग के किरदार (जादूगर एंड्रयू केटरली) के इस दमदार डायलॉग से होती है कि कभी-कभी एक कहानी ही बाकी सभी कहानियों की शुरुआत होती है। इसके बाद ट्रेलर में जादुई अंगूठियों, अद्भुत जीव-जंतुओं और उड़ने वाले घोड़ों (फ्लेड्ज) की झलक दिखाई देती है, जो दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देती है।फिल्म की स्टार कास्ट बेहद मजबूत है, जिसमें डैनियल क्रेग, मेरिल स्ट्रीप, एम्मा मैकी (जो भविष्य की व्हाइट विच जैडिस के रूप में दिखेंगी), कैरी मुलिगन, सियारान हिंड्स, डेविड मैककेना, बीट्राइस कैंपबेल और कोबना होल्डब्रुक-स्मिथ जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं। ट्रेलर लॉन्च से पहले नेटफ्लिक्स ने न्यूयॉर्क के एएमसी लिंकन स्क्वायर में एक विशेष प्रीव्यू इवेंट का भी आयोजन किया था।सिनेमाघरों में कब दस्तक देगी यह फिल्मअगर आप भी इस जादुई और काल्पनिक दुनिया के दीवाने हैं, तो अपनी डायरी में तारीख नोट कर लीजिए। नेटफ्लिक्स की यह मेगा-बजट फैंटेसी फिल्म आगामी 12 फरवरी, 2027 को सिनेमाघरों और IMAX फॉर्मेट में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
डेढ़ महीने में नशे से जुड़े तीन मामलों ने पंजाब में ड्रग्स की चुनौती को फिर उजागर कर दिया है. मोहंजित सिंह के साथ कथित मारपीट, गुलजार सिंह की मौत और परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं.
Share Market LTCG Tax: वित्त मंत्री ने कहा है कि सरकार LTCG टैक्स पर स्टेकहोल्डर्स के विचार सुनने के लिए तैयार है. SBI रिसर्च ने इसे खत्म करने और शेयरों की लॉन्ग टर्म होल्डिंग अवधि बढ़ाने का सुझाव दिया है. जानिए अभी कितना टैक्स लगता है और निवेशकों के कितने पैसे बचेंगे.
बॉलीवुड की स्वर कोकिला और भारत रत्न लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की सुरीली आवाज के बिना भारतीय संगीत जगत की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। उन्होंने अपने सात दशकों से अधिक लंबे करियर में एक से बढ़कर एक अनगिनत गीत गाए, जो आज भी करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहे हैं। लता दीदी ने अपने करियर में लगभग 30 हजार से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए, जिनमें हर मूड और हर भावना के गीत शामिल हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने ऐतिहासिक करियर के आखिरी दौर में उन्होंने एक ऐसा दर्दभरा और रूह कंपा देने वाला गाना गाया था, जिसे सुनकर आज भी लोगों की आंखें नम हो जाती हैं?मां और बेटे के रिश्ते की दास्तान बयां करता आखिरी फिल्मी गीतहम बात कर रहे हैं साल 2006 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'रंग दे बसंती' (Rang De Basanti) के उस बेहद भावुक गीत की, जिसका शीर्षक 'लुका छुपी' (Luka Chuppi) था। यह गाना एक मां और उसके जवान बेटे के बीच के अटूट प्रेम, उम्मीद और अचानक उपजे उस गहरे खालीपन की कहानी कहता है, जो किसी भी सुनने वाले का दिल चीर कर रख देता है। फिल्म में अभिनेता आर. माधवन ने फ्लाइट लेफ्टिनेंट अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया था, जिनकी एक विमान दुर्घटना (मिग-21 क्रैश) में असमय मौत हो जाती है। जब उनका पार्थिव शरीर घर पहुंचता है, तो पर्दे पर जो दृश्य उभरता है, वह हर दर्शक को अंदर से झकझोर देता है।वहीदा रहमान का अभिनय और प्रसून जोशी के रूहानी बोलफिल्म में अभिनेता आर. माधवन की मां की भूमिका दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने निभाई थी। जब उनके बेटे का शव घर आता है, तो एक मां के टूटने और इस सच को स्वीकार न कर पाने की तड़प को वहीदा रहमान ने अपनी आंखों और अभिनय के जरिए जिस शिद्दत से पर्दे पर उतारा, उसने इतिहास रच दिया। इस गीत के बोल जाने-माने गीतकार प्रसून जोशी ने लिखे थे, जो सीधे दिल पर वार करते हैं। लुका छुपी बहुत हुई, सामने आ जा ना... इन लाइनों में एक मां की वह बेचैनी साफ झलकती है जो अपने बच्चे को हर जगह ढूंढ रही है। इस सदाबहार गीत का संगीत जादूगर ए.आर. रहमान ने तैयार किया था, जबकि इसे स्वर कोकिला लता मंगेशकर और ए.आर. रहमान ने अपनी आवाज से अमर बना दिया।लता दीदी ने रिकॉर्डिंग के लिए की थी चार दिन रिहर्सलयह गाना लता मंगेशकर के फिल्मी करियर का आखिरी रिकॉर्ड किया गया हिंदी फिल्मी गीत माना जाता है। इस गाने से जुड़ी एक बेहद खास बात यह है कि अपनी उम्र के इस पड़ाव पर भी लता दीदी ने इस गाने के साथ पूरा न्याय करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस क्लासिक गीत को अपनी आवाज देने के लिए लता मंगेशकर ने लगातार चार दिनों तक रिहर्सल की थी और रिकॉर्डिंग के दौरान वह स्टूडियो में करीब 8 घंटे तक लगातार खड़ी रही थीं। उनकी इसी तपस्या और समर्पण का नतीजा था कि 'लुका छुपी' गाना आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे दर्दभरे और अमर गीतों में गिना जाता है, जो सुनने वाले की रूह को कंपा देता है।
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई, आजम खान के खिलाफ FIR
उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है. यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई है. मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं.
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में ED की कार्रवाई, आजम खान के खिलाफ रामपुर के अजीमनगर थाने में FIR दर्ज
उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई है. यह एफआईआर रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज हुई है. मामले में बड़े पैमाने पर आर्थिक गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं.
राशिफल 14 अक्टूबर 2026: वृषभ, सिंह, तुला और कुंभ को मिल सकते हैं सफलता के अवसर
साथी के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। कारोबार में उतार-चढ़ाव के बीच आर्थिक लाभ की संभावना.....
अब लागू होगा BS-VII, टायर्स से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर, बाइक-कार के लिए क्या बदलेगा?
BS-VII को देशभर में लागू किया जाएगा. इससे गाड़ियों से निकलने वाले पॉल्यूशन को लेकर कई नियम बदल जाएंगे. जानिए इसकी टाइमलाइन और बाकी डिटेल्स.
रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' (Ramayana Part 1) इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जब से फिल्म से कलाकारों के लुक्स सामने आए हैं, तब से फैंस के बीच इसको लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, फिल्म में 'लंकापति रावण' के रूप में नजर आने वाले सुपरस्टार यश के लुक को लेकर अब बॉलीवुड में बहस छिड़ गई है। दिग्गज अभिनेता राज बब्बर के बड़े बेटे और अभिनेता आर्या बब्बर (Arya Babbar) ने यश के इस रावण लुक पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे पुराना और दोहराव वाला करार दिया है। वहीं दूसरी ओर, उन्होंने ओम राउत की विवादित फिल्म 'आदिपुरुष' (Adipurush) में सैफ अली खान के रावण वाले किरदार का खुलकर बचाव किया है।आदिपुरुष में सैफ अली खान के काम को बताया शानदारएक आगामी पौराणिक नाटक 'महाबली' में खुद रावण का किरदार निभाने जा रहे आर्या बब्बर ने 'वैरायटी इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने आदिपुरुष में सैफ अली खान की आलोचनाओं पर बात करते हुए कहा कि एक अभिनेता हमेशा अपने निर्देशक की सोच और विजन के अनुसार ही परफॉर्म करता है। उन्होंने सैफ के अभिनय की सराहना करते हुए कहा, मुझे लगता है कि सैफ ने रावण के रूप में बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने उस किरदार में एक अलग इंटेंसिटी (गंभीरता) लाने की कोशिश की थी। उनकी परफॉर्मेंस और लुक पूरी तरह से डायरेक्टर का विजन था, इसलिए इसके लिए सिर्फ एक्टर को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।रामायण में यश के रावण लुक पर उठाया सवालएक तरफ जहां आर्या ने सैफ अली खान के अभिनय की तारीफ की, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने नितेश तिवारी की 'रामायण' में यश के 'लंकापति रावण' लुक की जमकर आलोचना की। आर्या ने सवाल उठाते हुए कहा कि यश के इस लुक में कॉस्ट्यूम के अलावा कुछ भी नयापन देखने को नहीं मिल रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, इस फिल्म में उनकी दाढ़ी (Beard) बिल्कुल वैसी ही लग रही है जैसी हमने 'केजीएफ' (KGF) में देखी थी। रामायण में उनका लुक पूरी तरह से पुराना लग रहा है। मुझे उनकी फिल्म 'टॉक्सिक' में एक अलग लुक देखने को मिला था, लेकिन यहां कुछ नया नजर नहीं आया। मैं उम्मीद करता हूं कि फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस शानदार हो, लेकिन फिलहाल उनका लुक बिल्कुल वैसा ही है जैसा हम पहले देख चुके हैं।कब रिलीज होगी बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायणबता दें कि लगभग 400 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बन रही नितेश तिवारी की यह भव्य फिल्म सिनेमाघरों में 5 नवंबर 2026 को दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस मेगा-बजट फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में नजर आएंगे, जबकि साउथ की लोकप्रिय अभिनेत्री साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभाएंगी। इसके अलावा, फिल्म में रवि दुबे लक्ष्मण और कन्नड़ सुपरस्टार यश शक्तिशाली 'रावण' के रूप में बड़े पर्दे पर तहलका मचाते हुए दिखाई देंगे।
Hyundai का भारत पर बड़ा दांव! PM मोदी से मुलाकात के बाद किया बड़ा ऐलान
हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईइसुन चुंग (Euisun Chung) ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई अपनी मुलाकात के बाद इस बड़े निवेश का ऐलान किया है. हुंडई भारत को एक बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में देख रही है. जहां सिर्फ कारों की बिक्री नहीं बल्कि उनकी मैन्युफैक्चरिंग कर उन्हें एक्सपोर्ट भी किया जाएगा.
नेटफ्लिक्स की इस सुपरहिट हॉरर सीरीज में भूतिया घर का खौफ, इमोशनल फैमिली ड्रामा और रोंगटे खड़े कर देने वाले ट्विस्ट देखने को मिलते हैं. 10 एपिसोड की इस सीरीज को IMDb पर 8.5 रेटिंग मिली है, जिसे देखने के बाद अकेले घर में रहने से भी डर लग सकता है.
'डायरेक्टर संग सोना होगा', काम के बदले एक्ट्रेस से हुई डिमांड
सुरवीन को अपने एक्टिंग करियर में कई खौफनाक पलों से गुजरना पड़ा है, लेकिन उन्होंने हमेशा बेबाकी से हर मुश्किल का सामना किया.
अभिजीत दीपके के गुरु छूटे, आशुतोष रांका और सौरभ दास को क्यों भेजा तिहाड़
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ बुधवार को बड़ा एक्शन हुआ है। उन्हें पांच दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, संस्थापक सदस्य अभिजीत दीपके अपने गृह नगर में हैं। जबकि, अजिंक्य शिंदे को बेल बॉन्ड साइन करने के बाद छोड़ दिया गया।
छठ-दिवाली पर 16 कोच की स्पेशल वंदे भारत, दिल्ली टू पटना ये है किराया!
Delhi-Patna Special Vande Bharat: त्योहारों पर भीड़ को कंट्रोल करने के लिए भारतीय रेलवे दिल्ली से पटना के बीच स्पेशल वंदे भारत ट्रेन चलाने जा रहा है. 16 कोच वाली ये ट्रेल 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली है.
63 साल में पास किया 10वीं, मिले 79.6 प्रतिशत, बेटे ने दिया मां का साथ
इस उम्र में ये नहीं करना चाहिए, ऐसे नहीं करना चाहिए लेकिन सुशीला देवी ने वो करके दिखाया है, जो शायद कम उम्र के बच्चे भी नहीं कर सकते हैं. सरपंच बनने के लिए उनके जुनून ने उन्हें 63 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास करने का जब्बा दिया. उनकी ये कहानी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है. लेकिन उन्होंने केवल एग्जाम ही पास नहीं किया बल्कि 79.6 प्रतिशत के साथ परीक्षा पास की.
Assam में स्कूटी सवार बदमाशों का खौफनाक तांडव
असम के गुवाहाटी में बैग छीनने की कोशिश के दौरान एक महिला को स्कूटी के साथ करीब 50 मीटर तक घसीटे जाने का मामला सामने आया है. घटना काहिलीपाड़ा इलाके में 5 अक्टूबर को हुई थी. सीसीटीवी फुटेज में दो स्कूटी सवार महिला का बैग छीनने की कोशिश करते दिख रहे हैं. महिला ने बैग नहीं छोड़ा, तो वे उसे घसीटते हुए आगे बढ़ गए. आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है.
छत्तीसगढ़ के बस्तर में 35 लाख के इनामी 6 नक्सलियों ने डाले हथियार
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के बीच छह माओवादियों ने हथियार छोड़ दिए हैं. बीजापुर पुलिस के मुताबिक, सरेंडर करने वाले इन छह लोगों पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इनमें चार कैडर ओडिशा में एक्टिव माओवादी नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं. बाकी दो का संबंध पश्चिम बस्तर डिवीजन और गंगालूर एरिया कमेटी से बताया गया है.
भगवंत मान के पूर्व OSD मंजीत सिंह सिद्धू कांग्रेस में गए, बोले- AAP को जान से भी ज्यादा प्यार किया
वह आम आदमी पार्टी के शुरुआती दिनों से ही जुड़े थे। अब पंजाब के हितों को प्राथमिकता देते हुए कांग्रेस में शामिल हुए हैं। आपको बता दें कि अगले साल की शुरुआत में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने इस्तीफा दिया है।
कुकर से दाल या पानी बाहर आने से परेशान हैं? ये 1 देसी जुगाड़ आएगा काम
दाल बनाते समय कुकर से पानी बाहर निकल आता है? अगर हां, तो अब ज्यादा सोचना नहीं पड़ेगा. नीचे बताए गई टिप्स आपकी इस समस्या का समाधान कर सकती हैं. जानें क्या करना होगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली समेत कई शहरों में प्रोटेस्ट हो रहा है. जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट के रूप में डीनोटिफाई करने के बाद सीजेपी लीडर्स में वहां पर प्रदर्शन करने की कोशिश की.
प्रिवेंटिव अरेस्ट क्या होता है, जानें CJP नेताओं को क्यों नहीं किया गया गिरफ्तार
Preventive Arrest Meaning In Hindi: कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को पुलिस ने प्रिवेंटिव अरेस्ट पर रखा है, इन सभी ने जंतर-मंतर पहुंचकर तिरंगा फहराने का काम किया था.
Ladli Behna Yojana 41st Kist Today Update: लाडली बहना योजना की 41वीं किस्त आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव जारी करेंगे. उमरिया जिले में एक क्लिक के जरिये ये धनराशि ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर की जाएगी. करीब सवा करोड़ महिलाओं को नवरात्रि में इसका लाभ मिलेगा.
त्योहारों के सीजन में परदेश में रहने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती घर जाने का कंफर्म रेल टिकट पाना होता है. दुर्गा पूजा के बाद अब दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सुगम और सुरक्षित सफर के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं. जानिए अपने राज्य के लिए प्रस्तावित ट्रेनों और सुविधाओं की पूरी जानकारी.
बेटी के लापता होने की रिपोर्ट लिखाने पहुंचा पिता, छोटी बहन ने खोला हत्या का राज
बिहार के मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना क्षेत्र के गोरराहा गांव में नाबालिग बेटी की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पिता दिनेश यादव को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, बेटी के प्रेम संबंध से नाराज होकर आरोपी ने कथित तौर पर दबिया से उसका गला काट दिया और शव बोरे में बंद कर नदी में बहा दिया.
इसमें कोई शक नहीं कि रजनीकांत ने दशकों तक बड़े पर्दे पर राज किया है. हालांकि, अपनी आने वाली फिल्म 'जेलर 2' से पहले एक्टर ने बताया कि शानदार एक्टिंग करियर के बावजूद, वे दिल से खुद को आज भी बस कंडक्टर ही मानते हैं.
सरकार की वॉर्निंग, सेफ्टी के लिए ऑन कर लें MFA फीचर, जानें कितना जरूरी
सरकारी एजेंसी CERT-In ने एक जरूरी जानकारी शेयर की है, जहां सभी लोगों टू स्टेप ऑथेंटिकेशन या फिर मल्टी स्टेप ऑथेंटिकेशन फैक्टर का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. जहां ये फीचर उपलब्ध है, वहां इसको इनेबल कर लेना चाहिए.
हलवा बनता है चिपचिपा या सूखा? ऐसे बनाएं दानेदार और रसीला सूजी हलवा
अगर आप भी नवरात्रि पर माता के भोग और कंजक पूजन के लिए सूजी का हलवा बना रहे हैं लेकिन आपको डर है कि ये चिपचिपा या सूखा न हो जाए. तो इसके लिए यहां हम आपको हलवे की सही ट्रिक बता रहे हैं.
लोलो यानी करिश्मा कपूर 90 के दशक की सुपरस्टार रही हैं, जिनकी फिल्मों से लेकर गानों की चर्चा हुई. लेकिन क्या आप करिश्मा कपूर के उस शो के बारे में जानते हैं, जिसमें बूढ़ी करिश्मा कपूर की झलक देखने को मिली थी. सीरियल काफी चर्चा में रहा था.
अतीक अहमद की जमीन पर बनेंगे 602 फ्लैट, कल शिलान्यास करेंगे CM योगी
प्रयागराज के चकिया इलाके में अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर 602 फ्लैट बनाएं जाएंगे है. पद्म लोक आवास योजना के तहत करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से 14 मंजिला इमारत बनाई जाएगी. सभी फ्लैट 2BHK होंगे और इनकी कीमत रजिस्ट्री के बाद करीब 30 लाख रुपये रखने की योजना है. CM योगी आदित्यनाथ कल परियोजना का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे.
दिल्ली में लगेंगे 50 हजार नए CCTV कैमरे, महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
दिल्ली में खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी निगरानी, बेहतर स्ट्रीट लाइट और पुलिस गश्त पर जोर दिया जा रहा है.
ब्रिक्स समिट से बांग्लादेश ने बनाई दूरी: शेख हसीना बोलीं- देश को हो सकता था आर्थिक और सामाजिक फायदा
ब्रिक्स समिट से बांग्लादेश ने बनाई दूरी: शेख हसीना बोलीं- देश को हो सकता था आर्थिक और सामाजिक फायदाsheikh hasina bangladesh brics summit india foreign policy
दिवाली से पहले चीनी की कीमतों में जबरदस्त उछाल, 6 दिन में 17% तक बढ़े दाम; मिठाई होगी महंगी?
दिवाली से पहले चीनी की कीमतों में बड़ा उछाल आया है। महज 6 दिनों में यूपी में चीनी के दाम 13% और महाराष्ट्र में 17% तक बढ़ गए। सप्लाई की कमी, गन्ने की पेराई में देरी और त्योहारों की बढ़ती मांग के बीच जानिए चीनी महंगी होने की वजह और सरकार के कदम।
Delhi के मौजपुर में रेस्टोरेंट के किचन में लगी भीषण आग
दिल्ली के मौजपुर इलाके में मंगलवार रात उधम रेस्टोरेंट की रसोई में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. जान बचाने के लिए कुछ लोग पहली मंजिल से कूद गए. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची. रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने आग पर काबू पा लिया. राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. आग लगने की वजह का पता लगाया जा रहा है.
Maharashtra: many dead after fire breaks out in multi-storey Palghar building, News in hindi Updates - महाराष्ट्र: पालघर में 14 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, दम घुटने से दो महिलाओं की मौत; छह अस्पताल में भर्ती
धारावी में काम शुरू... अब अडानी का ये बड़ा कदम, इस कंपनी से 50:50 डील
Adani-Jabil JV Deal: अमेरिकी कंपनी जैबिल इंक के साथ प्रस्तावित 50:50 संयुक्त उद्यम के जरिए अडानी ग्रुप भारत में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े उपकरण बनाएगा. इस साझेदारी का मकसद भारत में ही ऐसे उपकरणों का निर्माण करना है, ताकि देश की बढ़ती मांग पूरी करने के साथ दूसरे बाजारों में भी आपूर्ति की जा सके.
अटैक का सायरन बजते ही बहन से 10 साल का भाई बोला- डरो मत, हम सऊदी अरब में हैं
सऊदी अरब का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वारयल है जिसमें 10 साल का भाई मिसाइल अटैक का सायरन बजते ही अपनी छोटी बहन से कहता है कि हम फैसल के बच्चे हैं, डरो मत, हम सऊदी अरब में हैं, डरो मत.अब सऊदी अरब की बड़ी कंपनियां दोनों को गिफ्ट दे रही हैं.
बिहार के वैशाली ज़िले में मंगलवार शाम को लगभग 20 बच्चों को ले जा रही एक नाव के पलट जाने से 15 साल या उससे कम उम्र के 13 बच्चों की मौत हो गई। ज़िला मजिस्ट्रेट वर्षा सिंह ने यह जानकारी दी। ज़िला मजिस्ट्रेट के अनुसार, यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई, जब बच्चे पास के एक गाँव में दावत में शामिल होने जा रहे थे। यात्रा के दौरान नाव पलट गई, जिसके बाद आपदा प्रतिक्रिया टीमों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया गया। पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने इस घटना को दुखद बताया और कहा कि सात लोगों को बचाकर NMCH ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है। ज़िला मजिस्ट्रेट ने कहा, यह बहुत दुखद घटना है; यह रात करीब 8:30 बजे हुई। हमें सूचना मिली कि 15-20 बच्चों को ले जा रही एक नाव पलट गई है, जो पास के गाँव में दावत में जा रहे थे। अब तक सात लोगों को बचाया गया है और NMCH भेजा गया है; उनकी हालत स्थिर है। सिंह ने आगे कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की एक टीम मौके पर मौजूद थी और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान चला रही थी। उन्होंने कहा, यहाँ SDRF की टीम मौजूद है और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कुल 13 बच्चे मृत पाए गए हैं; मृत घोषित किए गए सभी बच्चे 15 साल या उससे कम उम्र के हैं। घटना के बाद बचाव अभियान जारी रहा क्योंकि अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि क्या कोई और लापता है। नाव पलटने के कारणों के बारे में और जानकारी का इंतज़ार था। पीएम मोदी ने मौतों पर दुख जताया, मुआवज़े की घोषणा की इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और घटना में मारे गए लोगों और घायलों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। इस घटना में घायल लोगों को ₹50,000 की आर्थिक मदद दी जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। पोस्ट में कहा गया, बिहार के वैशाली में नाव पलटने की घटना में लोगों की मौत बहुत दुखद है। इस मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है। PMO ने आगे बताया कि PMNRF से हर मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये मिलेंगे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस त्रासदी से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मोहन सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए कई जिलों के कलेक्टर बदले. मंत्रालय में भी अहम नियुक्तियां की गईं. पन्ना, भिंड, नर्मदापुरम, रायसेन, सिंगरौली, शाजापुर और बुरहानपुर समेत कई जिलों में नई तैनातियां हुई हैं.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में वे एकमात्र ऐसे गायक हैं जिन्होंने पुरुष और महिला दोनों आवाजों में गाना गाया. किशोर कुमार ने जिस गाने को दोनों आवाजों में गाया. वह फिल्म 'हाफ टिकट' (1962) का है, जिसमें किशोर कुमार, मधुबाला और प्राण ने काम किया है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को बुधवार को दिल्ली की एक अदालत ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर के प्रतिबंधित परिसर में प्रवेश करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है। दास और रंका को मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना के समय उनके साथ मौजूद अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का बॉन्ड भरने और एक साल तक सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डालने वाली गतिविधियों में शामिल न होने की शर्त पर जमानत पर रिहा कर दिया गया। सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर के बंद गेट पर चढ़ने के बाद हिरासत में लिया गया था। यह घटना उस जगह को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटाए जाने के एक दिन बाद हुई थी। इसे भी पढ़ें: 'फ़ोन ज़ब्त, वकील से मिलने की इजाज़त नहीं': दास और रांका को हिरासत में लिए जाने के बाद दिल्ली पुलिस पर CJP के आरोप बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट (एहतियातन गिरफ्तारी) में ले लिया, जबकि CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि नेताओं को मंगलवार देर रात तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। CJP नेताओं को जेल क्यों भेजा गया? सुनवाई के दौरान, दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि आरोपियों ने सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा डाली और अपने बॉन्ड में तय शर्तों का उल्लंघन किया। इसे भी पढ़ें: तिरंगा फहराना कब से कानून का उल्लंघन हो गया? रांका-सौरव दास की हिरासत पर बोले अभिजीत दिपके पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोगों से विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की औपचारिक अपील की थी। इन आरोपों का हवाला देते हुए पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद अदालत ने आरोपियों को पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। जंतर-मंतर पर क्या हुआ? मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने दास और रंका को हिरासत में ले लिया था। वे 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) विवाद को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। यह कार्रवाई तब हुई जब दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए राजनीतिक दलों और संगठनों को वहां प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया। खबरों के मुताबिक, ये दोनों और कई अन्य लोग JDU के नेशनल ऑफिस के पास एक गेट फांदकर उस इलाके में घुसने में कामयाब रहे, जबकि वहां भारी सुरक्षा तैनात थी। इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को तिरंगा लिए कॉकरोच कहा और बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले वे सुबह-सुबह जंतर-मंतर में घुस गए थे। वीडियो में CJP के नेता रंका और दास, कुछ वॉलंटियर्स के साथ, हाथों में तिरंगा लिए गेट फांदकर परिसर में घुसते और प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। जब वहां तैनात पुलिसकर्मी उन्हें रोकने के लिए आगे बढ़े, तो प्रदर्शनकारियों ने भारत माता की जय और ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें जैसे नारे लगाए। इसे भी पढ़ें: Delhi Police को अल्टीमेटम: Jantar Mantar पर Peaceful Protest के लिए CJP ने दी 24 घंटे की डेडलाइन खबरों के अनुसार, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की तो थोड़ी झड़प हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया और वहां से ले जाया गया। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने लिखा, विरोध को डीनोटिफाई नहीं किया जा सकता, और जंतर-मंतर का प्रदर्शन स्थल का दर्जा खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी।
गंदी टाइल्स कैसे साफ करें? टाइल्स पर चमक कैसे लाएं, जानिए यहां
टाइल्स साफ करने वाला केमिकल कौन सा है? अगर आप ढूंए रहे हैं, तो आपको बता दें कि आप घर पर ही टाइल्स साफ करने वाला केमिकल तैयार कर सकते हैं. वह भी मात्र 20 रुपये में. चलिए जानते हैं कि टाइल्स से रंग कैसे साफ करें, ताकि घर दीवाली से पहले एकदम चमक जाए.
नीला ड्रम हत्याकांड में आज सजा का ऐलान, मुस्कान और साहिल को फांसी या उम्रकैद?
मेरठ के नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर आज फैसला। जानिए सौरभ राजपूत हत्याकांड, जेल में दोनों की स्थिति और पीड़ित परिवार की मांग।
होने वाला है सबसे बड़ा मंगल गोचर, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
Mangal Gochar 2026: 12 नवंबर को मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका क्या असर होगा और किन राशियों को करियर, नौकरी और धन के मामले में मिल सकते हैं नए अवसर.
'हौसला बरकरार': सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर दिपके हमलावर, वकील रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप- Morale Remains High Dipak lashes out arrest of CJP leaders lawyer Ratna Singh serious allegations Delhi Police
Haryana Weather Alert 14 October 2026: हरियाणा में 14 और 15 अक्टूबर को मौसम फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र में ओलावृष्टि की आशंका जताई है। प्रदेश के कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जानें तिरंगा प्रदर्शन और SIR विवाद से जुड़ी पूरी खबर।
नौकरियों के मौके घटे, नए करियर की शुरुआत मुश्किल?
बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में जॉब पोस्टिंग सालाना आधार पर 5% घटी है, लेकिन यह गिरावट कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से कम रही. रिपोर्ट यह भी बताती है कि एंट्री लेवल नौकरियों पर दबाव बढ़ा है, जबकि एआई और कुछ खास स्किल वाले सेक्टर में मांग लगातार तेज हो रही है.
अवमानना की नियति... कहां गया अदालतों का वो खौफ?
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हालिया प्रोटेस्ट के दौरान सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सुरक्षा के नाम पर मेट्रो स्टेशनों की तालाबंदी और प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां देखने को मिलीं. लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर अदालती आदेशों को ठेंगा दिखाने का यह ट्रेंड नया नहीं है. सवाल उठता है कि क्या अवमानना का खौफ अब सिर्फ कागजी रिप्लाई तक सीमित रह गया है?
'काम की भीख मांगती हो', पृथ्वी शॉ की मंगेतर पर गुस्साए एजाज
हाल ही में म्यूजिक वीडियो का ग्रैंड प्रीमियर रखा गया था. यहां गाने की कास्ट के अलावा इंडस्ट्री के सितारे भी नजर आए. लेकिन हीरोइन ही नहीं आईं. इससे एजाज खान गुस्सा हुए हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी की चुनावी हार के लिए किसी भी नई नीति या 'SIR' को दोष देना बेमानी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'SIR' तो 2024 के बाद लागू हुआ है, जबकि कांग्रेस पार्टी तो उस समय से लगातार चुनाव हार रही है जब से राहुल गांधी ने राजनीति में कदम रखा है। शाह ने विश्वास जताया कि आगामी 2029 के आम चुनावों में एनडीए (NDA) भारी बहुमत के साथ एक बार फिर सरकार बनाएगी और कांग्रेस को अपनी लगातार चौथी हार का सामना करना पड़ेगा। अमित शाह का कहना है कि NDA 2029 के आम चुनावों में भारी बहुमत हासिल करेगा अमित शाह ने कहा, NDA 2029 के आम चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने जा रहा है, और कांग्रेस एक और हार की ओर बढ़ रही है-यह उसकी लगातार चौथी हार होगी... मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि इस देश की जनता SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की आपकी रणनीति को पूरी तरह समझ चुकी है, और वे अब आपकी चालों में नहीं फंसेंगे। मैं श्री राहुल और उनके सहयोगियों से यह भी कहना चाहता हूं कि वे 2029 में करारी हार के लिए तैयार रहें। NDA 2029 के आम चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने जा रहा है, और कांग्रेस एक और हार की ओर बढ़ रही है-यह उसकी लगातार चौथी हार होगी। इस देश की जनता नरेंद्र मोदी, BJP और NDA के साथ खड़ी है। आप इस सच्चाई से इनकार नहीं कर सकते। आज, भारतीय जनता पार्टी की ओर से, मैं त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, बंगाल और असम की जनता का एक बार फिर दिल से आभार व्यक्त करना चाहता हूं, दुर्भावनापूर्ण प्रचार के तूफ़ान के बीच, उन्होंने नरेंद्र मोदी, BJP के 'कमल' चिह्न और NDA पर अपनी सहमति की मुहर लगाई है-अपनी पसंद की मुहर लगाई है-और इस तरह सभी राष्ट्रवादी ताकतों को मजबूत किया है। मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से उन्हें ईमानदारी से धन्यवाद देता हूं। अमित शाह ने उन लोगों से कहा जो नतीजों के लिए बैलेट मशीनों को वजह बताते हैं, मैं बताना चाहता हूँ कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे और यह बात उस तर्क को पूरी तरह गलत साबित करती है कि बैलेट मशीनें ही बीजेपी को चुनाव जिताने में मदद करती हैं। त्रिपुरा में 33 सालों से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं जीता है: अमित शाह उन्होंने कहा, त्रिपुरा में 33 सालों से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं जीता है। बंगाल में कांग्रेस पार्टी को 54 सालों से जीत नहीं मिली है। बंगाल, त्रिपुरा और गुजरात जैसे राज्यों में कांग्रेस पार्टी को तीन, चार या पाँच दशकों तक हार का सामना करना पड़ा है। मैं सीधे राहुल गांधी से पूछना चाहता हूँ: क्या यह SIR का नतीजा है? SIR तो 2024 के बाद लागू हुआ। जब से आप कांग्रेस के मुख्य नेता बने—और बाद में इसके अध्यक्ष और विपक्ष के नेता बने—तब से पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भी शानदार जीत हासिल की और बीजेपी ने 90% नगर निगमों, 66% नगर परिषदों और 65% नगर पालिकाओं पर कब्ज़ा किया। उन्होंने कहा, ये चुनाव राहुल गांधी के लिए एक सबक हैं; खास बात यह है कि राजस्थान में 85% से ज़्यादा वार्डों में आम आदमी पार्टी की ज़मानत ज़ब्त हो गई। मैं राहुल गांधी को यह भी बताना चाहता हूँ कि त्रिपुरा में हुए ग्राम समिति चुनावों में NDA लगभग 4,000 सीटें जीतने में सफल रहा—3,248 सीटें और 900 सीटें हासिल कीं—और कुल वोट शेयर 77.5% रहा, जबकि कांग्रेस पार्टी 4,600 सीटों में से सिर्फ़ 14 सीटें ही जीत पाई। बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई: अमित शाह। अमित शाह ने कहा कि वह देश की जनता को बताना चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए चुनावों में कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। उन्होंने कहा मैं राहुल जी से यह भी पूछना चाहता हूं: क्या यह 'SIR' का नतीजा है? आप BJP और मोदी जी की लोकप्रियता को 'SIR' का नाम देकर खारिज कर देते हैं। आपको आत्म-मंथन करने की ज़रूरत है। एक बड़े राज्य में, जहां कभी आपकी सत्ता थी, वहां आप 41 सालों में एक भी चुनाव नहीं जीत पाए हैं। यह एक ऐसा मामला है जिस पर उन्हें गंभीरता से आत्म-मंथन करना चाहिए। हाल ही में, देश के तीन राज्यों - पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी - में उपचुनाव हुए। मैं आज देश की जनता को बताना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए चुनावों में कांग्रेस पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। नौगांव में, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने 1,42,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की, BJP ने यह सीट कांग्रेस पार्टी से छीन ली। नंदीग्राम में, BJP उम्मीदवार ने 76% वोट हासिल किए और 1,22,000 वोटों की भारी बढ़त बनाई। पश्चिम बंगाल के रेजीनगर में, BJP 75,000 से ज़्यादा वोटों से जीती - तृणमूल से यह सीट छीन ली - जबकि पुडुचेरी में, सहयोगी पार्टी AINRC के NDA उम्मीदवार ने 8,482 वोटों से जीत हासिल की; कांग्रेस को केवल 22% वोट मिले। गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव परिणामों पर अमित शाह ने कहा कि आज गुजरात में तीन नगर पालिकाओं और नगर निगमों के लिए चुनाव हुए। उन्होंने कहा “भारतीय जनता पार्टी ने इन दो नगर पालिकाओं और एक नगर निगम की कुल 104 सीटों में से 90 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की। गांधीनगर नगर निगम में-जो मेरे चुनाव क्षेत्र में आता है-बीजेपी ने 44 में से 38 सीटें जीतीं। आम आदमी पार्टी ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन हर सीट पर उनकी ज़मानत ज़ब्त हो गई। गुजरात में मिली यह बड़ी जीत राज्य के मतदाताओं का मूड दिखाती है और यह साबित करती है कि गुजरात के मतदाता नरेंद्र मोदी जी के साथ मज़बूती से खड़े हैं। पिछले चुनाव की तुलना में, बीजेपी ने गांधीनगर नगर निगम में अपना वोट शेयर 10% बढ़ाया है। मैं यह बात साफ़ करना चाहता हूँ-और ख़ासकर राहुल जी तक यह बात पहुँचाना चाहता हूँ—कि कांग्रेस पार्टी ने 41 सालों में एक भी चुनाव नहीं जीता है। उन्होंने आखिरी चुनाव 1985 में जीता था; तब से उन्हें गुजरात में लगातार हार का सामना करना पड़ा है।
हंसराज रघुवंशी बने पिता, घर आई नन्ही परी; खुशी से झूमी दादी
‘मेरा भोला है भंडारी’ फेम सिंगर हंसराज रघुवंशी पत्नी कोमल के साथ अपनी नवजात बेटी को घर लेकर पहुंचे. ढोल-नगाड़ों के बीच नन्ही परी का भव्य स्वागत हुआ. दादी ने पोती के लिए डांस किया और प्यार से उसकी नजर उतारी. इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.
आशुतोष रांका और सौरभ दास 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए, जंतर-मंतर मामले में ऐक्शन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर मामले में यह कार्रवाई हुई है।
अनोखा गरबा! सिर पर आग लेकर नाचती हैं लड़कियां- VIDEO
गुजरात के राजकोट में नवरात्रि के दौरान बजरंग गरबी मंडल का अनोखा रास लोगों के आकर्षण का केंद्र बनता है. यहां बालिकाएं सिर पर आग से लिपटा गरबा रखकर और दोनों हाथों में मशाल लेकर मां दुर्गा की आराधना करती हैं. पिछले 19 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का आयोजन नवरात्रि के तीसरे, छठे और नौवें दिन होता है.
पढ़ें 14 अक्टूबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्राइम मिनिस्टर मार्क कार्नी ने फोन पर बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य पर जोर दिया.
मुजफ्फरनगर में शिव मंदिर के पुजारी की गोली मारकर हत्या!
मुजफ्फरनगर के भौराकलां थाना क्षेत्र स्थित आईटीआई कॉलेज प्रांगण के शिव मंदिर में देर शाम 81 वर्षीय पुजारी स्वामी देवानंद भारती की गोली मारकर हत्या कर दी गई. बाइक सवार दो हमलावरों ने आवाज देकर उन्हें बाहर बुलाया और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
एक ने जिताया वर्ल्ड कप, दूसरे ने उड़ाए होश, तीसरे ने गढ़ा अनोखा शॉट
क्रिकेट के इतिहास में 14 अक्टूबर की तारीख हमेशा खास है. इस दिन गौतम गंभीर, ग्लेन मैक्सवेल और तिलकरत्ने दिलशान का जन्म हुआ था. जानिए तीनों खिलाड़ियों के करियर की यादगार उपलब्धियां.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पड़ा भारी: रांका- दास को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत, तिरंगा लेकर पहुंचे थे सीजेपी नेताRanka and Sourav Das Sent to Judicial Custody in Jantar Mantar Protest Case
पंजाब पुलिस ने ड्रग्स-विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार कर लिया है। यह दुखद घटना मंगलवार, 13 अक्टूबर को मानसा जिले में एक मेडिकल स्टोर पर हुई थी, जहां कथित तौर पर 'चिट्टा' (हेरोइन) की बिक्री का पर्दाफाश करते समय झोटा पर गोली चलाई गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद से पूरे राज्य में राजनीतिक भूचाल आ गया है। वह उस समय 'चिट्टा' (हेरोइन) की कथित बिक्री की लाइव-स्ट्रीमिंग कर रहे थे। बाद में मानसा सिविल अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है; विपक्षी नेताओं ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर ड्रग्स की समस्या से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। झोटा लंबे समय से मानसा में ड्रग्स के खिलाफ़ अभियान चला रहे थे और नशीले पदार्थों की कथित खुली बिक्री को उजागर करने के लिए नियमित रूप से सोशल मीडिया पर लाइव-स्ट्रीमिंग करते थे। बताया जाता है कि यह झड़प तब शुरू हुई जब उन्होंने एक मेडिकल स्टोर के मालिक से ड्रग्स की कथित बिक्री के बारे में सवाल किया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है, जबकि झोटा की मां ने बताया कि उनके बेटे को अपनी जान का खतरा महसूस होता था। इसे भी पढ़ें: Delhi Capitals ने Yuvraj Singh को बनाया बैटिंग कोच, Sourav Ganguly के साथ करेंगे काम क्या हुआ था? मंगलवार सुबह झोटा मानसा के एक मेडिकल स्टोर से लाइव-स्ट्रीमिंग कर रहे थे, तभी 'चिट्टा' की बिक्री को लेकर दुकान के मालिक से उनकी कथित बहस हुई। ब्रॉडकास्ट के दौरान, उन्होंने कथित लेन-देन के बारे में मालिक से सवाल किया और CCTV फुटेज की मांग की। झड़प के दौरान झोटा के दावों के मुताबिक, उनके साथ आए एक बुजुर्ग व्यक्ति ने दुकान से ड्रग्स खरीदी थी। बहस तीखी हो गई और रिपोर्ट के अनुसार, दुकान के मालिक अश्वनी कुमार ने कथित तौर पर पिस्तौल निकाली और गोली चला दी। लाइव-स्ट्रीम में झड़प और गोली चलने की आवाज़ रिकॉर्ड हो गई। झोटा को कई गोलियां लगीं और उन्हें मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। खबरों के मुताबिक, उनके चार साथियों को भी गोली लगी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इसे भी पढ़ें: L Murugan ने मंत्री पद और Rajya Sabha से दिया इस्तीफा, पीएम को पत्र लिख बताई 'मन की बात' गोलीबारी के बाद मेडिकल स्टोर का मालिक फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गोलीबारी की वजह और ड्रग्स की कथित बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। झोटा ने बार-बार आरोप लगाया था कि इलाके में खुलेआम 'चिट्टा' और नशे की दवाएं बेची जा रही हैं। मौत से कुछ दिन पहले, उन्होंने मनसा में कथित ड्रग्स के कारोबार की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराने की भी मांग की थी। झोटा की मां का कहना है कि उन्हें डर था कि उनकी हत्या कर दी जाएगी बेटे की मौत के बाद भावुक होते हुए झोटा की मां ने बताया कि उन्होंने कई बार उन्हें चेतावनी दी थी कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा, मेरा बेटा मुझसे कहता था, 'मां, वे मुझे मार डालेंगे।' घर से निकलने से पहले उसने मेरे पैर छुए और कहा, 'मां, मेरा खाना तैयार रखना।' इसे भी पढ़ें: ग्राम प्रहरियों के मानदेय में 1,000 प्रतिमाह की वृद्धि पर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभार उन्होंने अपने बेटे को खोने पर दुख जताते हुए कहा, उन्होंने मेरे प्यारे बेटे को छीन लिया। सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। उनकी बातों ने झोटा की मौत से जुड़े दुख को और बढ़ा दिया है, क्योंकि गोलीबारी के हालात और पंजाब में कथित ड्रग्स के कारोबार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi Mansa, Punjab: Anti-drug activist Parvinder Singh was shot at by a man from a medical store and later succumbed to his injuries at Mansa Civil Hospital https://t.co/3w43pazFyw — IANS (@ians_india) October 13, 2026
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और होनहार छात्रों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए संचालित सफल 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' की तर्ज पर अब राज्य सरकार देश की दो सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रवेश परीक्षाओं—जेईई (JEE - इंजीनियरिंग) और नीट (NEET - मेडिकल) के लिए भी बड़े पैमाने पर मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।अक्सर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के मेधावी छात्र कोटा, दिल्ली या प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के निजी कोचिंग संस्थानों की ₹1 लाख से ₹2.5 लाख तक की भारी-भरकम फीस वहन नहीं कर पाते। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे का डॉक्टर या आईआईटीयन बनने का सपना अधूरा न रहे।10वीं (हाईस्कूल) के प्राप्तांक बनेंगे चयन की मेरिट का मुख्य आधारइस नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू चयन प्रक्रिया (Selection Process) को बेहद पारदर्शी और सरल बनाना है। समाज कल्याण विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार रूपरेखा के अनुसार:सीधे अंकों पर मेरिट: कोचिंग में प्रवेश के लिए अलग से कोई जटिल लिखित प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बजाय छात्रों के कक्षा 10वीं (हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा) के प्राप्तांकों को ही चयन का प्राथमिक आधार बनाया जाएगा।विज्ञान और गणित पर विशेष वेटेज: जेईई (इंजीनियरिंग) के लिए 10वीं के गणित और विज्ञान के अंकों को आधार बनाकर मेरिट तैयार की जाएगी, जबकि नीट (मेडिकल) के लिए विज्ञान और समग्र प्राप्तांकों की वेटेज सूची तैयार होगी।बोर्ड समानता: यूपी बोर्ड (UP Board), सीबीएसई (CBSE) और सीआईएससीई (ICSE) के छात्रों के अंकों के लिए एक विशेष नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू किया जाएगा ताकि किसी भी बोर्ड के छात्र के साथ भेदभाव न हो।जिला स्तर पर स्थापित होंगे आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लैबयोजना के तहत छात्रों को अपने जिले या घर से दूर भटकने की जरूरत नहीं होगी। सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला मुख्यालय स्तर पर विशेष शिक्षण केंद्र स्थापित कर रही है:स्मार्ट क्लासरूम और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: चयनित राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) और जिला पुस्तकालयों में डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर और हाई-स्पीड इंटरनेट युक्त स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा रहे हैं।हाइब्रिड लर्निंग मॉडल: योजना में ऑफलाइन क्लासरूम टीचिंग के साथ-साथ ऑनलाइन लाइव लेक्चर्स का हाइब्रिड मॉडल लागू किया जाएगा। प्रदेश के शीर्ष विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Experts) और आईआईटी/एम्स के पूर्व छात्र केंद्रीय स्टूडियो से सीधे लाइव क्लास लेंगे, जिसे राज्य के सभी जिलों में एक साथ प्रसारित किया जाएगा।निःशुल्क डिजिटल स्टडी मटेरियल और टैबलेट: चयनित छात्रों को न केवल विशेषज्ञ फैकल्टी से मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उन्हें उच्च स्तरीय अध्ययन सामग्री (Study Material), प्रश्न बैंक और मॉक टेस्ट सीरीज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र मेधावियों को डिजिटल अध्ययन के लिए सरकार की टैबलेट योजना से भी प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा।नियमित डाउट-क्लियरिंग सेशंस और टेस्ट सीरीज का होगा आयोजनजेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सबसे बड़ा सूत्र निरंतर अभ्यास और संदेह निवारण (Doubt Solving) होता है। इसके लिए कोचिंग केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है:नियमित मॉक टेस्ट: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पैटर्न पर हर 15 दिन में ऑनलाइन और ऑफलाइन मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।मेंटरशिप प्रोग्राम: जिले में तैनात युवा आईएएस, आईपीएस, पीसीएस अधिकारियों के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेजों और इंजीनियरिंग संस्थानों के फैकल्टी मेंबर्स सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) को छात्रों के साथ व्यक्तिगत मेंटरशिप सेशंस करेंगे ताकि बच्चों का मानसिक तनाव दूर हो सके और उनका आत्मविश्वास बढ़े।कौन कर सकेगा आवेदन और क्या हैं पात्रता की शर्तेंमूल निवास: आवेदक छात्र उत्तर प्रदेश का स्थायी/मूल निवासी होना अनिवार्य है।शैक्षणिक योग्यता: छात्र ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम निर्धारित अंकों के साथ 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो और वर्तमान में 11वीं या 12वीं (विज्ञान वर्ग - पीसीएम/पीसीबी) में नियमित अध्ययनरत हो।पारिवारिक आय सीमा: प्राथमिकता उन परिवारों के बच्चों को दी जाएगी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹6 लाख से कम है, ताकि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक योजना का लाभ पहुंच सके।आरक्षण नियम: राज्य सरकार की मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी।ऑनलाइन पोर्टल पर जल्द शुरू होगी पंजीकरण की प्रक्रियासमाज कल्याण विभाग बहुत जल्द मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के आधिकारिक पोर्टल (abhyuday.up.gov.in) पर जेईई और नीट फ्री कोचिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो खोलने जा रहा है।छात्रों को अपने 10वीं के अंकपत्र (Marksheet), स्कूल का पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र के साथ ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद जिला स्तर पर गठित समिति मेरिट सूची जारी करेगी और चयनित छात्रों को सीधे बैच आवंटित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षा चक्र को ध्यान में रखते हुए समय पर कक्षाएं शुरू करना है ताकि विद्यार्थियों को तैयारी के लिए पूरा समय मिल सके।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और सरकार द्वारा ₹2,000 से अधिक के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगने वाले 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के फैसले को दिवाली तक टालने से बाजार में असमंजस खत्म हो गया है। अब न तो व्यापारियों की जेब से कोई कटौती होगी और न ही दुकानदारों द्वारा ग्राहकों पर अतिरिक्त शुल्क थोपने या नकद मांगने का कोई जोखिम है।लेकिन जब बात त्योहारी सेल में इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, ज्वेलरी, स्मार्टफोन और होम अप्लायंसेज पर अधिकतम बचत (Maximum Savings) की आती है, तो सवाल उठता है कि काउंटर या ऑनलाइन चेकआउट पर किसे स्वाइप या स्कैन करना चाहिए? विशुद्ध वित्तीय दृष्टिकोण से, अनुशासित उपभोक्ता के लिए क्रेडिट कार्ड हमेशा से सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाला साधन रहा है, जबकि डेबिट कार्ड और यूपीआई बजट नियंत्रण के लिए सबसे सुरक्षित हैं।तीनों पेमेंट विकल्पों का आमने-सामने तुलनात्मक विश्लेषणमूल्यांकन मापदंडक्रेडिट कार्ड (Credit Card)डेबिट कार्ड (Debit Card)सामान्य बैंक UPIRuPay क्रेडिट कार्ड ऑन UPIफेस्टिव डिस्काउंट / ऑफर्स10% तक इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट (अमेज़न, फ्लिपकार्ट, क्रोमा आदि पर)सीमित (आमतौर पर 5% या केवल चुनिंदा प्रीमियम कार्ड्स पर)बहुत कम (अधिकांशतः स्क्रैच कार्ड या कूपन तक सीमित)1% से 3% तक रिवॉर्ड/कैशबैक मर्चेंट क्यूआर परकैशबैक / रिवॉर्ड रेट1.5% से 5% शुद्ध वैल्यूबैक (जैसे SBI Cashback, HDFC Millennia)0.25% से 0.50% (नाममात्र रिवॉर्ड पॉइंट्स)शून्य या नाममात्र कूपन1% से 2% तक के पॉइंट्सब्याज-मुक्त क्रेडिट अवधि45 से 50 दिनों की ग्रेस अवधिशून्य (खाते से तुरंत पैसा कटता है)शून्य (खाते से तुरंत पैसा कटता है)45 से 50 दिन का क्रेडिटनो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI)व्यापक स्तर पर उपलब्ध (3, 6, 9 महीने)चुनिंदा बैंकों में प्री-एप्रूव्ड ग्राहकों के लिए हीउपलब्ध नहींउपलब्ध नहींधोखाधड़ी पर सुरक्षा (Fraud Protection)सर्वोच्च (चार्ज-बैक और जीरो लायबिलिटी सुरक्षा)मध्यम (रिफंड मिलने में 7-15 दिन)कम (गलत ट्रांसफर होने पर वसूली कठिन)क्रेडिट कार्ड जैसी सुरक्षाओवरस्पेंडिंग का जोखिमउच्च (यदि बजट पर नियंत्रण न हो)शून्य (खाते में जितना पैसा है, उतना ही खर्च)शून्य (खाते के बैलेंस तक सीमित)मध्यम से उच्च1. बड़ी खरीदारी (₹5,000 से ऊपर): क्रेडिट कार्ड क्यों है अपराजेय?यदि आप टीवी, फ्रिज, मोबाइल फोन, लैपटॉप या त्योहारी कपड़े खरीद रहे हैं, तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने पर आपको सीधे 3 बड़े वित्तीय लाभ मिलते हैं:इंस्टेंट बैंक डिस्काउंट: त्योहारी सेल में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और बड़े रिटेल स्टोर्स (रिलायंस डिजिटल, विजय सेल्स) विभिन्न बैंकों (HDFC, ICICI, SBI, Axis) के क्रेडिट कार्ड पर ₹1,500 से ₹7,500 तक का फ्लैट इंस्टेंट डिस्काउंट देते हैं। यह छूट यूपीआई या सामान्य डेबिट कार्ड पर या तो उपलब्ध नहीं होती या उसकी सीमा बहुत कम होती है।अतिरिक्त रिवॉर्ड्स: डिस्काउंट के अलावा कार्ड के बेस रिवॉर्ड पॉइंट्स या 5% का ऑनलाइन कैशबैक अलग से जमा होता है।कैशफ्लो का प्रबंधन: यदि आप ₹50,000 का सामान खरीदते हैं, तो वह पैसा अगले 40-45 दिनों तक आपके बैंक खाते में रहकर ब्याज कमाता रहता है।2. स्थानीय बाजार और छोटे व्यापारी (₹100 से ₹2,000): UPI सबसे बेहतरीनत्योहारी सीजन में स्थानीय मिठाई की दुकानों, पूजा सामग्री, दीयों, फूलों और पड़ोस की किराना दुकानों पर क्रेडिट कार्ड स्वाइप मशीन (POS) उपलब्ध नहीं होती। ऐसे लेनदेनों के लिए सामान्य बैंक यूपीआई सबसे तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित माध्यम है:शून्य रुकावट: किसी कार्ड या पिन मशीन की आवश्यकता नहीं, केवल क्यूआर कोड स्कैन किया और भुगतान हो गया।बैंक सुरक्षा: छोटे लेनदेनों के लिए कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट या सीवीवी शेयर करने का कोई जोखिम नहीं रहता।3. नया गेमचेंजर: RuPay Credit Card on UPIयदि आप स्थानीय बाजार में खरीदारी कर रहे हैं लेकिन बैंक खाते का पैसा खर्च किए बिना क्रेडिट कार्ड का रिवॉर्ड और क्रेडिट पीरियड भी चाहते हैं, तो RuPay क्रेडिट कार्ड को UPI से लिंक करके पेमेंट करना सबसे आधुनिक फॉर्मूला है:आप किसी भी मर्चेंट के क्यूआर कोड को अपने यूपीआई ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm, CRED) से स्कैन करें और भुगतान स्रोत में बैंक खाते के बजाय अपना RuPay क्रेडिट कार्ड चुनें।इससे आपको क्यूआर कोड की सुगमता भी मिलती है और 1% से 2% तक का रिवॉर्ड बैक और 45 दिनों की उधारी भी मिल जाती है।4. डेबिट कार्ड का उपयोग कब करना चाहिए?डेबिट कार्ड उन खरीदारों के लिए सबसे उपयुक्त है जो:क्रेडिट कार्ड के कर्ज या बिलिंग चक्र के तनाव से पूरी तरह दूर रहना चाहते हैं।जिन पर खरीदारी के उत्साह में बजट से ज्यादा खर्च कर देने (Impulsive Buying) की प्रवृत्ति हावी रहती है।हालांकि, बचत के नजरिए से डेबिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स नगण्य होते हैं, इसलिए केवल वहीं इसका प्रयोग करें जहां बैंक विशिष्ट 'डेबिट कार्ड फेस्टिव डिस्काउंट' दे रहा हो।फेस्टिव शॉपिंग का 'स्मार्ट विनर फॉर्मूला': क्या करें और क्या न करें₹5,000 से ऊपर की हर खरीदारी पर: पहले ई-कॉमर्स या स्टोर पर चल रहे 'कार्ड डिस्काउंट' की जांच करें। पात्र क्रेडिट कार्ड से भुगतान करके तुरंत 10% की बचत हासिल करें।गोल्डन रूल (पूरा बिल समय पर भरें): क्रेडिट कार्ड का फायदा केवल तभी तक फायदा है जब तक आप नियत तारीख (Due Date) पर उसका 100% बिल एकमुश्त चुकाते हैं। यदि आपने 'मिनिमम अमाउंट ड्यू' (MAD) भरा, तो बैंक 42% का सालाना चक्रवृद्धि ब्याज वसूल कर आपकी पूरी बचत को घाटे में बदल देगा।स्थानीय व रोजमर्रा की खरीदारी पर: बिना किसी झिझक के यूपीआई का उपयोग करें क्योंकि एमडीआर टलने के बाद अब किसी भी व्यापारी द्वारा अतिरिक्त चार्ज लगाने का कोई डर नहीं है।नो-कॉस्ट ईएमआई में प्रोसेसिंग फीस जांचें: यदि क्रेडिट कार्ड पर 'नो-कॉस्ट ईएमआई' ले रहे हैं, तो ध्यान रखें कि बैंक ₹199 से ₹299 की प्रोसेसिंग फीस और उस पर 18% जीएसटी लगाते हैं। इसे घटाने के बाद ही वास्तविक बचत का आकलन करें।
पारंपरिक रूप से भारत में रियल एस्टेट में निवेश का मतलब होता था—कम से कम ₹30 लाख से ₹1 करोड़ की भारी-भरकम पूंजी, बैंक से भारी ब्याज पर 20 साल का होम लोन, रजिस्ट्री और स्टांप ड्यूटी के चक्कर, और फिर किराएदार खोजने व रखरखाव (Maintenance) का अंतहीन झंझट। जो लोग मध्यमवर्गीय हैं या जिनके पास एकमुश्त लाखों रुपये नहीं हैं, उनके लिए प्रॉपर्टी बाजार हमेशा पहुंच से बाहर रहा।लेकिन अब भारतीय वित्तीय बाजार में सेबी (SEBI) द्वारा विनियमित नए वित्तीय साधनों ने रियल एस्टेट निवेश का लोकतंत्रीकरण कर दिया है। अब आपको न तो कोई प्लॉट खरीदना है, न किसी बिल्डर के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक करना है और न ही किराएदार के पीछे भागना है। आप मात्र ₹300 से ₹500 की मामूली रकम से देश के सबसे बड़े ग्रेड-ए आईटी पार्क्स, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और प्रीमियम शॉपिंग मॉल्स में हिस्सेदारी खरीद सकते हैं और हर तिमाही नियमित डिविडेंड व रेंटल इनकम अपने बैंक खाते में पा सकते हैं।क्या है REITs (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) और यह कैसे काम करता है?आरईआईटी (REITs) ठीक उसी तरह काम करता है जैसे म्यूचुअल फंड शेयरों में निवेश करते हैं। एक आरईआईटी कंपनी निवेशकों से छोटी-छोटी पूंजी जुटाकर देश के बड़े शहरों (जैसे बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद, नोएडा, गुरुग्राम) में पूरी तरह तैयार और प्रीमियम कॉर्पोरेट कंपनियों (जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, अमेज़न) को किराए पर दिए गए कमर्शियल ऑफिस स्पेस और रिटेल मॉल्स खरीदती है:सेबी का 90% कैशफ्लो नियम: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के कड़े नियमों के अनुसार, किसी भी आरईआईटी को अपनी कुल किराये की शुद्ध कमाई (Net Distributable Cash Flow - NDCF) का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा अपने यूनिटधारकों को लाभांश (Dividend), ब्याज या पूंजी वापसी के रूप में अनिवार्य रूप से बांटना होता है।शेयर बाजार में लिस्टेड: आरईआईटी के यूनिट्स नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर सामान्य शेयरों की तरह लिस्टेड होते हैं। आप अपने मौजूदा डीमैट अकाउंट से किसी भी ट्रेडिंग दिन एक या दो यूनिट्स भी खरीद-बेच सकते हैं।भारत में प्रमुख लिस्टेड REITs: मात्र ₹350 से ₹400 में एक यूनिटवर्तमान में भारतीय शेयर बाजारों पर चार प्रमुख सेबी-रजिस्टर्ड आरईआईटी सक्रिय रूप से ट्रेड कर रहे हैं:एंबेसी ऑफिस पार्क्स आरईआईटी (Embassy Office Parks REIT): देश का पहला और सबसे बड़ा आरईआईटी, जिसके पास बेंगलुरु, मुंबई और पुणे में फॉर्च्यून 500 कंपनियों को लीज पर दिए गए ग्रेड-ए टेक पार्क्स हैं। (यूनिट भाव: लगभग ₹380 - ₹410)माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स आरईआईटी (Mindspace Business Parks REIT): के. रहेजा कॉर्प द्वारा प्रवर्तित, जिसके पास मुंबई एमएमआर, हैदराबाद और चेन्नई में प्रीमियम कमर्शियल हब्स हैं। (यूनिट भाव: लगभग ₹340 - ₹370)ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट (Brookfield India Real Estate Trust): वैश्विक दिग्गज ब्रुकफील्ड समर्थित, जिसके पास एनसीआर, मुंबई और कोलकाता में बड़े कैंपस एसेट्स हैं। (यूनिट भाव: लगभग ₹260 - ₹280)नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट (Nexus Select Trust): देश का पहला प्योर-प्ले रिटेल (मॉल) आरईआईटी, जिसके पास देश के 14 प्रमुख शहरों में 17 विश्वस्तरीय शॉपिंग मॉल्स हैं। (यूनिट भाव: लगभग ₹135 - ₹145)यानी यदि आपके पास केवल ₹500 का बजट है, तो भी आप नेक्सस के 3 यूनिट या एंबेसी/माइंडस्पेस का 1 यूनिट खरीदकर देश के सबसे आधुनिक कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर के सह-मालिक बन सकते हैं।आरईआईटी बनाम पारंपरिक मकान खरीद: फायदे और नुकसानमापदंडपारंपरिक आवासीय मकान/फ्लैटरियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs)न्यूनतम आवश्यक पूंजी₹40 लाख से ₹1.5 करोड़मात्र ₹300 से ₹500 (1 यूनिट)रेंटल यील्ड (वार्षिक किराया)2.5% से 3.5% (आवासीय)6.5% से 8.0% (कमर्शियल ग्रेड-ए)लिक्विडिटी (पैसे की तुरंत निकासी)बहुत कम (मकान बेचने में महीनों लगते हैं)अत्यधिक लिक्विड (Demat से मिनटों में बिक्री)किराएदार और रखरखाव का तनावस्वयं मकान मालिक को झेलना पड़ता हैप्रोफेशनल मैनेजमेंट टीम संभालती हैविविधीकरण (Diversification)केवल एक ही लोकेशन/कमरे में सारा पैसा ब्लॉकदर्जनों शहरों और सैकड़ों ब्लूचिप किरायेदारों में बंटाकपट और कानूनी विवाद का जोखिमरजिस्ट्री, कब्जा, म्यूटेशन का भारी रिस्कसेबी (SEBI) के कड़े नियमों के तहत सुरक्षितदोहरी कमाई का फॉर्मूला: रेंटल डिविडेंड + कैपिटल ग्रोथआरईआईटी में निवेश करने पर निवेशक को दो अलग-अलग स्रोतों से मुनाफा मिलता है:नियमित तिमाही वितरण (Regular Quarterly Payouts): साल भर में लगभग 6.5% से 7.5% का शुद्ध कैशफ्लो डिविडेंड, ब्याज और कैपिटल रिपेमेंट के रूप में सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट होता है।पूंजीगत वृद्धि (Capital Appreciation): जैसे-जैसे जमीन और कमर्शियल बिल्डिंग्स का बाजार भाव बढ़ता है और हर 3 साल में लीज रेंट 10% से 15% बढ़ता है, वैसे-वैसे आरईआईटी के यूनिट्स का एक्सचेंज प्राइस भी ऊपर चढ़ता है (ऐतिहासिक रूप से 4% से 6% सालाना)।दोनों को मिला दिया जाए तो निवेशक को बिना किसी झंझट के लंबी अवधि में 11% से 13% का कुल वार्षिक रिटर्न (Total Return) मिल जाता है, जो किसी भी आवासीय किराये से तीन गुना अधिक है।सेबी का नया हथियार: SM REITs (स्मॉल एंड मीडियम आरईआईटी)हाल ही में सेबी ने रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए SM REITs (Small and Medium REITs) के नियमों को अधिसूचित किया है। इसके तहत ₹50 करोड़ से ₹500 करोड़ के मूल्य वाली व्यक्तिगत कमर्शियल संपत्तियों, वेयरहाउसों या अस्पतालों के लिए फ्रैक्शनल ओनरशिप प्लेटफॉर्म्स को सेबी के दायरे में लाया गया है।पहले जहां अनरेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स पर फ्रैक्शनल प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ₹25 लाख की न्यूनतम जरूरत होती थी, वहीं सेबी के नए एसएम-आरईआईटी फ्रेमवर्क के तहत न्यूनतम टिकट साइज घटाकर मात्र ₹10 लाख कर दिया गया है। जो निवेशक किसी एक विशिष्ट प्राइम वेयरहाउस या डाटा सेंटर में सीधी आंशिक हिस्सेदारी चाहते हैं, उनके लिए यह दूसरा पारदर्शी विकल्प बन चुका है।500 रुपये से निवेश शुरू करने का 4-चरणीय सरल प्रोसेसडीमैट खाता खोलें: यदि आपके पास पहले से जेरोधा (Zerodha), ग्रो (Groww), अपस्टॉक्स (Upstox) या किसी बैंक का डीमैट ट्रेडिंग अकाउंट है, तो आपको किसी नए खाते की जरूरत नहीं है।सर्च बार में खोजें: अपने ब्रोकर ऐप के सर्च बार में जाएं और किसी भी लिस्टेड आरईआईटी का नाम टाइप करें (उदा. EMBASSY, MINDSPACE, BIRET या NXST).यूनिट्स की संख्या चुनें: सामान्य शेयर की तरह 'Buy' पर क्लिक करें। यदि आपके पास ₹1,000 हैं, तो आप अपनी पसंद के अनुसार 2 से 3 यूनिट्स खरीद सकते हैं।मासिक एसआईपी सेट करें: सबसे बेहतर तरीका यह है कि जैसे आप म्यूचुअल फंड में एसआईपी करते हैं, वैसे ही हर महीने की पहली तारीख को ₹1,000 से ₹2,000 के आरईआईटी यूनिट्स खरीदते जाएं। कुछ ही वर्षों में आपके पास एक बड़ा कमर्शियल रियल एस्टेट पोर्टफोलियो तैयार हो जाएगा जिससे हर तीन महीने पर हैंडसम पैसिव इनकम आती रहेगी।टैक्स के नियम और जोखिम से जुड़ी जरूरी सावधानियांआरईआईटी में मिलने वाले पेआउट्स तीन हिस्सों में बंटे होते हैं: डिविडेंड, ब्याज और कैपिटल रिपेमेंट (SPV डेट अमोर्टीजेशन)।डिविडेंड: अधिकांश मामलों में यदि संबंधित एसपीवी ने नई टैक्स व्यवस्था (Section 115BAA) नहीं चुनी है, तो डिविडेंड निवेशक के हाथ में टैक्स-फ्री होता है।ब्याज (Interest): निवेशक के सामान्य इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार कर योग्य होता है।पूंजीगत लाभ (Capital Gains): यदि आप 12 महीने से अधिक समय तक यूनिट्स होल्ड करके बेचते हैं, तो ₹1.25 लाख से अधिक के लॉन्ग-टर्म मुनाफे पर 12.5% की दर से टैक्स लगता है।जोखिम क्या है? चूंकि यह कमर्शियल रियल एस्टेट पर निर्भर है, इसलिए यदि देश में आईटी सेक्टर या अर्थव्यवस्था में भारी मंदी आती है और ऑक्यूपेंसी दर (Occupancy Rate) घटती है, तो रेंटल इनकम में मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि, अधिकांश लीज एग्रीमेंट्स 5 से 9 साल के लंबे लॉक-इन पीरियड के साथ होते हैं, जिससे आय में अचानक कोई बड़ा झटका नहीं लगता।
LIVE: सौरव दास, आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में
Latest News Today Live Updates in Hindi : दिल्ली पुलिस ने बुधवार को सौरव दास, आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा दिया। पुलिस ने अजिंग्य शिंदे को भी किया गिरफ्तार। पल पल की जानकारी...
आपराधिक मामले में वांछित चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश में पुलिस और जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिले थे कि कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रद्धा दुबे देश छोड़कर विदेश भागने की फिराक में है। इस आशंका को देखते हुए जांच दल ने देश के सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डों के आव्रजन (Immigration) काउंटरों को अलर्ट जारी करते हुए उनकी तस्वीरें और पहचान विवरण भेज दिए हैं। संबंधित प्राधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि श्रद्धा दुबे किसी भी हवाई अड्डे से उड़ान भरने का प्रयास करती हैं, तो उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस को सूचित किया जाए।कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल डेटा से मिले अहम साक्ष्यजांच एजेंसियों द्वारा श्रद्धा दुबे और उनके करीबी संपर्कों के मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का गहन तकनीकी विश्लेषण किया गया है। साइबर और फॉरेंसिक टीमों को इस डेटा से कई चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं:संदिग्ध संपर्कों की सूची: घटना से ठीक पहले और उसके बाद श्रद्धा दुबे लगातार कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों, हवाला ऑपरेटरों और संदिग्ध बिचौलियों के संपर्क में थीं।अंतिम लोकेशन और रूट: मोबाइल टावर लोकेशन डेटा से पुलिस को यह समझने में मदद मिली है कि वह किन रास्तों और सुरक्षित ठिकानों का इस्तेमाल करते हुए फरार होने में सफल हुईं।सहयोगियों की पहचान: सीडीआर और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के डेटा से उन लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं जिन्होंने वित्तीय मदद, फर्जी सिम कार्ड या वाहन मुहैया कराकर उन्हें पनाह दी। पुलिस अब इन सभी मददगारों को सह-अभियुक्त बनाने की तैयारी कर रही है।संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारीश्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है। राजधानी के अलावा सीमावर्ती जिलों, अन्य राज्यों के पॉश इलाकों, फार्महाउसों और उनके पूर्व परिचितों के ठिकानों पर देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने उनके बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स के लेन-देन पर भी नजर रखनी शुरू कर दी है, ताकि पैसे निकालने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले किसी भी एटीएम या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की लोकेशन तुरंत ट्रेस की जा सके।लुकआउट सर्कुलर (LOC) और कानूनी प्रक्रियापुलिस अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकताएं पूरी होते ही संबंधित एजेंसी के जरिए औपचारिक लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कराया जा रहा है, ताकि समुद्री और हवाई दोनों रास्तों से उनके बाहर जाने के सभी विकल्प पूरी तरह बंद हो जाएं। यदि आरोपी मॉडल जल्द जांच में शामिल नहीं होती हैं या आत्मसमर्पण नहीं करती हैं, तो पुलिस अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) प्राप्त कर उनकी अचल संपत्तियों की कुर्की (धारा 82/83) की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का आवेदन दाखिल करेगी।वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जुटाए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और सीडीआर इनपुट्स के आधार पर पुलिस के पास ठोस आधार मौजूद है और बहुत जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।
कश्मीर में मस्जिदों के लिए निकला ऐसा आदेश की भड़क गए उलेमा, वक्फ बोर्ड का होने लगा विरोध
वक्फ बोर्ड हजरतबल सहित घाटी की कई प्रमुख दरगाहों और मस्जिदों का संचालन करता है, जबकि श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद जैसी कई अन्य मस्जिदें इसके दायरे से बाहर हैं।
तिहाड़ जेल भेजे गए सौरव और रांका, पीस बॉन्ड भरकर अंजिक्य शिंदे रिहा
Anti CEC ProtestLive Updates: दिल्ली में जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके खिलाफ FIR दर्ज की है और उन्हें SEM कोर्ट में पेश किया गया. जंतर-मंतर को हाल ही में प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई.
मुस्कान से 13 महीने में नहीं आया कोई मिलने, ब्लू ड्रम केस में आज सुनाई जाएगी सजा
नीला ड्रम मर्डर केस में दोषी ठहराए गए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आज 14 अक्टूबर को सजा सुनाई जानी है. मामले में 17 सितंबर को अंतिम बहस पूरी हुई थी. अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और 22 गवाहों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी.
सुप्रीम कोर्ट से राहुल गांधी को मिली बड़ी राहत, ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को सर्वोच्च अदालत से एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित विवादास्पद टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र में दर्ज एक आपराधिक मानहानि (Criminal Defamation) मामले में निचली अदालत (Trial Court) की कार्यवाही और चल रहे ट्रायल पर फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की दो-सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार और मूल शिकायतकर्ता को औपचारिक नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका पर अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक निचली अदालत में आगे की कोई भी कानूनी प्रक्रिया या गवाही नहीं होगी।क्या है पूरा मामला और क्या थे आरोप?यह मानहानि विवाद वर्ष 2018-19 का है, जब देश में राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी चरम पर थी।भाषण और आरोप: शिकायतकर्ता एम.एच. श्रीश्रीमल ने महाराष्ट्र के गिरगांव स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने सितंबर 2018 में राजस्थान के डूंगरपुर में आयोजित एक सार्वजनिक रैली में भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से कमांडर-इन-थीफ और अन्य अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।शिकायतकर्ता का तर्क: शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि राहुल गांधी के इस बयान से न केवल प्रधानमंत्री बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों की मानहानि हुई है, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।समन जारी होना: इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की धाराओं के तहत समन जारी किया था।बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ पहुंचे थे सुप्रीम कोर्टनिचली अदालत द्वारा जारी समन को रद्द कराने के लिए राहुल गांधी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट की एकल पीठ ने राहुल गांधी की याचिका को खारिज करते हुए उनके खिलाफ जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने माना था कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की सच्चाई और संदर्भ का निर्धारण ट्रायल के दौरान ही किया जा सकता है।बॉम्बे हाई कोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए राहुल गांधी की लीगल टीम ने वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी के जरिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की।सुप्रीम कोर्ट में क्या रहीं राहुल गांधी के वकीलों की दलीलेंसर्वोच्च अदालत में सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कई अहम कानूनी पहलुओं को रेखांकित किया:'व्यथित व्यक्ति' (Aggrieved Person) का कानूनी सिद्धांत: दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 199 के तहत मानहानि की शिकायत केवल उसी व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई जा सकती है, जिसके खिलाफ प्रत्यक्ष रूप से कथित टिप्पणी की गई हो (यानी व्यथित व्यक्ति)।तीसरे पक्ष द्वारा शिकायत का अधिकार नहीं: बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यदि कोई राजनीतिक बयान किसी नेता या सरकार की नीतियों की आलोचना के रूप में दिया गया है, तो किसी तीसरे पक्ष या पार्टी के कार्यकर्ता को मानहानि का मुकदमा करने का विधिक अधिकार (Locus Standi) नहीं मिलता।अदालत के पूर्व फैसलों का हवाला: सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के कई नजीरों का हवाला दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि सामान्य राजनीतिक बयानों के आधार पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई मानहानि की याचिकाओं को स्वीकार नहीं किया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट ने इन प्रारंभिक दलीलों को सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश पारित किया।इस आदेश का क्या होगा असर और आगे की राहसुप्रीम कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के कई बड़े कानूनी और राजनीतिक निहितार्थ हैं:समन और व्यक्तिगत पेशी से राहत: इस स्टे ऑर्डर के बाद राहुल गांधी को महाराष्ट्र की ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने या मुकदमे की रोजाना सुनवाई का सामना करने से पूरी राहत मिल गई है।चार सप्ताह बाद दोबारा सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिवादियों को 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा है। नोटिस का जवाब आने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस बात पर अंतिम निर्णय लेगा कि क्या बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट में चल रहे पूरे मानहानि केस को ही पूरी तरह से निरस्त (Quash) कर दिया जाए।शीर्ष अदालत का यह रुख विपक्षी नेताओं के खिलाफ दर्ज होने वाले मानहानि के मुकदमों में 'व्यथित पक्ष' के दायरे को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी नजीर स्थापित कर सकता है।
एसआईआर विवाद: सीईसी के इस्तीफे को लेकर घमासान तेज, मजिस्ट्रेट के सामने आज पेश किए जाएंगे सीजेपी नेता
एसआईआर विवाद: सीईसी के इस्तीफे को लेकर घमासान तेज, मजिस्ट्रेट के सामने आज पेश किए जाएंगे सीजेपी नेता- SIR Controversy Uproar intensifies over CEC resignation CJP leaders to be produced before magistrate today
वैश्विक वित्तीय अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के चलते विदेशी मुद्रा बाजार में मची उथल-पुथल के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार और केंद्रीय बैंक का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) घरेलू मुद्रा में अत्यधिक और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को थामने के लिए पूरी तरह सतर्क है और आगे भी बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार आवश्यक विनियामक कदम उठाता रहेगा।वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय रिजर्व बैंक की प्राथमिकता रुपये के किसी एक निश्चित स्तर (Fixed Level) का कृत्रिम रूप से बचाव करना नहीं है। केंद्रीय बैंक का मूल उद्देश्य मुद्रा बाजार में एक व्यवस्थित, संतुलित और पारदर्शी माहौल सुनिश्चित करना है ताकि अचानक आने वाले बाहरी झटकों से देश के आयातकों, निर्यातकों और आम वित्तीय तंत्र को नुकसान न पहुंचे।रुपये पर दबाव के पीछे घरेलू नहीं, बाहरी वैश्विक कारण जिम्मेदारवित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले एक से डेढ़ साल के दौरान भारतीय रुपये की विनिमय दर में जो गिरावट या दबाव देखने को मिला है, उसके पीछे घरेलू अर्थव्यवस्था की कोई कमजोरी नहीं है। इसके पीछे के अधिकांश कारक देश की सीमाओं के बाहर वैश्विक स्तर पर उपजे हैं। अमेरिका में ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आए उछाल और मिडिल ईस्ट में लाल सागर संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक लागत बढ़ी है, जिससे दुनिया भर की प्रमुख मुद्राओं पर डॉलर के मुकाबले दबाव बना हुआ है।सीतारमण ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारत के व्यापक आर्थिक बुनियादी ढांचे (Macroeconomic Fundamentals) पूरी तरह मजबूत हैं। देश में राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) का सख्ती से पालन हो रहा है, चालू खाता घाटा नियंत्रण में है और विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त स्तर पर मौजूद है।सट्टेबाजी रोकने और डॉलर की मांग घटाने के लिए RBI के कड़े कदमरुपये को स्थिरता देने और मुद्रा बाजार में डॉलर की तात्कालिक मांग को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले कुछ दिनों में कई बड़े नीतिगत फैसले लिए हैं:फॉरेक्स डेरिवेटिव्स नियमों में सख्ती: आरबीआई ने नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) और करेंसी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग के नियमों को कड़ा कर दिया है, ताकि रुपये के खिलाफ सट्टेबाजी (Speculative Bets) करने वालों पर लगाम लगाई जा सके। गिफ्ट सिटी (IFSC) में सक्रिय बैंकों और प्राथमिक डीलरों को केवल वास्तविक हेजिंग (Hedging) के लिए ही डेरिवेटिव्स की अनुमति दी गई है।बैंकों के लिए आरक्षित प्रावधान: केंद्रीय बैंक ने बैंकों को $2 लाख से अधिक की डॉलर खरीद पर 20 प्रतिशत का अतिरिक्त आरक्षित प्रावधान करने का निर्देश दिया है, जिससे बिना जरूरत के डॉलर जमाखोरी पर रोक लगे।ओएमसी के लिए विशेष डॉलर विंडो: सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को कच्चे तेल के आयात के लिए भारी मात्रा में डॉलर की आवश्यकता होती है। जब ये कंपनियां हाजिर बाजार (Spot Market) से अचानक डॉलर खरीदने उतरती हैं, तो रुपये पर भारी दबाव बनता है। आरबीआई ने इनके लिए एक अलग तंत्र तैयार किया है ताकि हाजिर बाजार पर एकमुश्त दबाव न आए।डॉलर का इनफ्लो बढ़ाने के उपाय: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) को आकर्षित करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के रास्ते आसान किए गए हैं और बैंकों के जरिए विदेशी मुद्रा अनिवासी जमाराशियों (FCNR-B Deposits) को बढ़ावा दिया गया है।आरबीआई के एक्शन का बाजार में दिखा तत्काल असरआरबीआई द्वारा सप्ताहांत में उठाए गए इन कड़े नियामक कदमों और वित्त मंत्री के स्पष्ट बयान का सकारात्मक असर मुद्रा बाजार पर तुरंत दिखाई दिया। हफ्ते के शुरुआती कारोबारी सत्रों में रुपया तेजी से संभला और मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 77 पैसे मजबूत होकर 95.05 और 94.96 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि डेरिवेटिव्स बाजार से सटोरियों के बाहर होने से रुपये में अस्वाभाविक तेज गिरावट पर ब्रेक लगा है और डॉलर की आपूर्ति सामान्य हो रही है।शेयर बाजार में LTCG और STT पर भी दिया सकारात्मक संकेतइसी कार्यक्रम के दौरान जब वित्त मंत्री से शेयर बाजार में निवेशकों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स में बदलाव की मांग पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत सकारात्मक रुख दिखाया। सीतारमण ने कहा कि इन टैक्स संरचनाओं पर बाजार सहभागियों और घरेलू व विदेशी निवेशकों से कई सुझाव मिल रहे हैं और वे इन सुझावों पर पूरी गंभीरता से विचार कर रही हैं। चूंकि आगामी बजट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, ऐसे में सरकार वित्तीय बाजारों के हित और निवेश को प्रोत्साहित करने वाले सभी तार्किक विकल्पों पर खुली चर्चा के लिए तैयार है।उद्योग और निर्यातकों के लिए आगे का दृष्टिकोणवित्त मंत्री ने दोहराया कि सरकार और आरबीआई का संयुक्त प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी वैश्विक झटकों से अप्रभावित रहे। एक स्थिर और व्यवस्थित विनिमय दर व्यवस्था से भारतीय निर्यातकों को अपने विदेशी ऑर्डर्स की अग्रिम योजना बनाने में आसानी होगी, वहीं आयातकों को मुद्रा अवमूल्यन के कारण होने वाली अतिरिक्त लागत से सुरक्षा मिलेगी। केंद्रीय बैंक की सतत निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि सट्टेबाजी के कारण मुद्रा बाजार में कोई कृत्रिम उथल-पुथल न पैदा हो सके।

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