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Goa में 27 लाख देकर फर्जी अफसर बना शख्स, Excise Department की कुर्सी पर बैठते ही धराया

पणजी, नौ अक्टूबर गोवा में सरकारी नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर 27 लाख रुपये देने वाले एक व्यक्ति को उस समय हिरासत में ले लिया गया, जब वह नियुक्ति पत्र लेकर आबकारी विभाग के कार्यालय पहुंचा और कुछ देर के लिए अतिरिक्त आबकारी आयुक्त की कुर्सी पर बैठ गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मनोज तालेकर नामक व्यक्ति बृहस्पतिवार को आबकारी विभाग के कार्यालय पहुंचा और उसने दावा किया कि उसे अतिरिक्त आबकारी आयुक्त के पद पर नियुक्त किया गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी अश्विन चंद्रू के स्थानांतरण के बाद यह पद खाली हुआ था। विभाग के कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया तो पता चला कि तालेकर के नाम से कोई नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। पणजी के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तालेकर को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ किसी अन्य व्यक्ति का रूप धारण करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान तालेकर ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करने वाले अजीत शंखवलकर नामक व्यक्ति को 27 लाख रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि शंखवलकर ने बाद में तालेकर को एक नियुक्ति पत्र दिया और उसे गोवा के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त का पदभार संभालने के लिए कहा। अधिकारी के मुताबिक, तालेकर ने एक आदेश भी पेश किया, जिस पर कथित रूप से पूर्व आबकारी आयुक्त के हस्ताक्षर थे और उसमें उसे इस पद पर नियुक्त किए जाने की बात कही गई थी। अधिकारी ने बताया कि शंखवलकर का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 10:33 am

रतन टाटा की पुण्यतिथि: सीएम योगी-रेखा गुप्ता ने किया नमन; नमक से सेमीकंडक्टर तक कैसे बदली टाटा समूह की तस्वीर?

रतन टाटा की पुण्यतिथि: सीएम योगी-रेखा गुप्ता ने किया नमन,नमक से सेमीकंडक्टर तक कैसे बदली टाटा समूह की तस्वीर?

अमर उजाला 9 Oct 2026 10:26 am

काशी से जेवर तक: उत्तर प्रदेश की टेक्नोक्रांति

एक लाख करोड़ का निर्यात मंजिल नहीं, एक पड़ाव है जिसकी दिशा स्पष्ट है. जेवर की चिप इकाई, लखनऊ के आईटी पार्क, प्रस्तावित जापान सिटी और काशी के रुद्राक्ष में बसा आबे मेमोरियल कॉरिडोर, ये सब मिलकर एक नए उत्तर प्रदेश का नक्शा गढ़ रहे हैं, जिसकी पृष्ठभूमि में राज्य का आर्थिक भूगोल है.

आज तक 9 Oct 2026 10:25 am

‘बुलियों की खुशामद कभी काम नहीं आती’: भारतीय आईटी कंपनियों पर अमेरिकी शिकंजे से भड़की कांग्रेस, सरकार को घेरा

‘बुलियों की खुशामद कभी काम नहीं आती’: भारतीय आईटी कंपनियों पर अमेरिकी शिकंजे से भड़की कांग्रेस, सरकार को घेरा- Appeasing bullies never works Congress lashes out over US crackdown on Indian IT companies targets government

अमर उजाला 9 Oct 2026 10:20 am

एच-1बी वीजा के दुरुपयोग पर अमेरिका में गरमाई राजनीति, जेडी वेंस ने लगाए गंभीर आरोप, क्या है TCS का प्लान?

अमेरिका में राजनीतिक और कॉर्पोरेट हलकों में एच-1बी वीजा (H-1B Visa) और आईटी आउटसोर्सिंग को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट समेत कई बड़ी टेक कंपनियों पर एच-1बी वीजा व्यवस्था के दुरुपयोग का गंभीर ...

वेब दुनिया 9 Oct 2026 10:20 am

सेल की 4 बेस्ट डील, भूलकर भी ना करें मिस, कई हजार होंगे सेव

Flipkart और Amazon India पर सेल सभी के लिए शुरू हो चुकी है. दोनों सेल के दौरान कई कमाल की डील्स मिल रही हैं. आज दोनों प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली 4 कमाल की डील्स के बारे में बताने जा रहा है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

आज तक 9 Oct 2026 10:18 am

केरलम विधानसभा सत्र में सदन की वैधता का मुद्दा उठाएगी BJP, राजीव चंद्रशेखर ने दी चेतावनी

तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरलम इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा चुनावों की वैधता पर सवाल उठाए जाने के बीच उनकी पार्टी विधानसभा के आगामी सत्र में सदन की वैधता का मुद्दा उठाएगी। कांग्रेस समेत कई दल मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में यह मुद्दा उठाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे विधायक दल के नेता गोपकुमार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे।’’चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘इस विधानसभा की वैधता क्या है? क्या यह विधानसभा वैध है या अवैध?’’केरलम में एसआईआर के बाद इस साल अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में 140 सदस्यीय सदन में भाजपा के तीन विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा में सबसे पहले इस बात पर चर्चा होनी चाहिए कि क्या हम सभी अवैध रूप से निर्वाचित हुए हैं। यह मुद्दा मुझसे, वी. मुरलीधरन, गोपकुमार (तीनों भाजपा विधायक) और अन्य 137 विधायकों से जुड़ा है।’’चंद्रशेखर ने मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन से सदन में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अगर यह अवैध है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 10:13 am

यूपी: RSS वर्कर के हत्यारोपियों की धान की फसल पर चला बुलडोजर!

यूपी के देवरिया में RSS कार्यकर्ता की पीट-पीटकर हुई हत्या के मामले में प्रशासन ने आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई की है. तहसील प्रशासन ने सरकारी पोखरे की जमीन पर अवैध कब्जा कर बोई गई आरोपियों की धान की फसल पर बुलडोजर चलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया है.

आज तक 9 Oct 2026 10:08 am

केली कुंज आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज, दिए दर्शन... आश्रम ने क्या-क्या कहा?

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद कई तरह की अफवाहें थीं,जिनपर अब विराम लग गया है. महाराज गुरुवार की सुबह 6बजे राधा केली कुंज पहुंचे और भक्तों को दर्शन दिए. वहीं केली कुंज की संत महिमा फेसबुक पेज पर भी एक बयान शेयर किया गया.

आज तक 9 Oct 2026 10:07 am

शनि की राशि में राहु का गोचर, 58 दिन बाद 3 राशियों को लाभ

Rahu Gochar: 5 दिसंबर 2026 को शनि की राशि मकर में राहु का गोचर होगा. ज्योतिष के अनुसार 3 राशियों को बिजनेस, करियर और राजनीति में लाभ मिल सकता है.

आज तक 9 Oct 2026 10:06 am

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर

लखनऊ, 9 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश' की कहानी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के जरिए शुक्रवार को प्रदेशवासियों से साझा की। मुख्यमंत्री ने उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास को स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया।वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के साथ नए मानक स्थापित कर रहा यूपीसीएम ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश की डबल इंजन भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 से पहले की स्वास्थ्य क्षेत्र की लचर व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक गति से कार्य किया है। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया से होती थी, वही उत्तर प्रदेश आज वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है।उपचार की सुविधा का लगातार विस्तारमुख्यमंत्री ने बताया कि जहां प्रदेश में वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या मात्र 36 थी, वहीं आज यह बढ़कर 85 हो गई है। साथ ही, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं। इससे एक ओर युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर आमजन के लिए घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा का विस्तार हुआ है।उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त हैं प्रदेशवासीमुख्यमंत्री ने लिखा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी आज गंभीर बीमारी के उपचार के भारी खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 10:03 am

Kerala High Court का रेलवे को आदेश: Nilambur Nanjangud रेल लाइन की DPR 14 अक्टूबर तक करें तैयार

कोच्चि, नौ अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने रेलवे को केरलम के नीलांबुर और कर्नाटक के नंजनगुड को जोड़ने वाली प्रस्तावित रेल लाइन के लिए 14 अक्टूबर तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी. एम. की पीठ ने रेलवे को 14 अक्टूबर को एक हलफनामा दाखिल कर यह बताने का भी निर्देश दिया कि क्या डीपीआर को मंजूरी और स्वीकृति के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है या नहीं। यह आदेश कोझिकोड स्थित ‘कैंसर एंड एलाइड एलमेंट रिसर्च (केयर) फाउंडेशन’ के अध्यक्ष की याचिका पर आया। यह फाउंडेशन ‘एमवीआर कैंसर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट’ का संचालन करता है। ‘केयर’ के अध्यक्ष सी. एन. विजयकृष्णन ने याचिका में दावा किया है कि मालाबार क्षेत्र में रेलवे संपर्क सुविधा होना बेहद जरूरी है, लेकिन उनके कई बार अनुरोध करने के बावजूद अधिकारी इस पर विचार नहीं कर रहे। इसके बाद, इस साल जुलाई में दक्षिण रेलवे ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि रेलवे बोर्ड ने नीलांबुर-नंजनगुड रेल परियोजना के लिए अंतिम स्थल सर्वेक्षण (एफएलएस) कराने की मंजूरी दे दी है। पीठ ने कहा, ‘‘हलफनामा 27 जुलाई 2026 को दायर किया गया था। हम उम्मीद करते हैं कि अब तक डीपीआर तैयार हो चुकी होगी और यदि नहीं हुई है तो इसे अगली सुनवाई की तारीख (14 अक्टूबर) तक तैयार कर लिया जाए और हलफनामे के रूप में इस अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। हलफनामे में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए कि क्या नीलांबुर-नंजनगुड रेलवे परियोजना की मंजूरी और स्वीकृति के लिए डीपीआर को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा गया है या नहीं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 10:03 am

बुकिंग शुरू होते ही इस EV पर टूटे लोग! 36 घंटे में बुक हुईं इतनी कारें

Mercedes Electric GLC की बुकिंग बीते 5 अक्टूबर को शुरू की गई थी. कंपनी इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को आगामी 4 नवंबर को भारतीय बाजार में लॉन्च करेगी. बाजार में आने से पहले ही इस लग्ज़री इलेक्ट्रिक एसयूवी को जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है.

आज तक 9 Oct 2026 10:02 am

ग्रीन कार्ड पर अमेरिकी रोक: टीसीएस बोली- 15 हजार नौकरियां और देंगे; पाबंदी के बीच इतना भरोसा क्यों?

ग्रीन कार्ड पर अमेरिकी रोक: टीसीएस बोली- 15 हजार नौकरियां और देंगे; पाबंदी के बीच इतना भरोसा क्यों?

अमर उजाला 9 Oct 2026 9:59 am

बहादुरी को सम्मान... कैप्टन स्मित मछार को इजरायल देगा वीरता पुरस्कार

इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग ने फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 के हाईजैक प्रयास को रोकने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को नागरिक वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की. छह इजरायली नागरिकों को भी सम्मानित किया गया. मछार अब अबू धाबी में स्वस्थ हो रहे हैं.

आज तक 9 Oct 2026 9:56 am

पंचतत्व में विलीन हुए नाना पाटेकर, किसने दी मुखाग्नि?

दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। गुरुवार 8 अक्टूबर की सुबह गोवा में उन्होंने आखिरी सांस ली। उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।

अमर उजाला 9 Oct 2026 9:53 am

सुप्रीम कोर्ट: जस्टिस दत्ता की सख्त टिप्पणी, कहा- शीर्ष अदालत की नरमी से देश में बढ़ रहे अपराध, क्या है मामला?

सुप्रीम कोर्ट: जस्टिस दत्ता की सख्त टिप्पणी, कहा- शीर्ष अदालत की नरमी से देश में बढ़ रहे अपराध, क्या है मामला?

अमर उजाला 9 Oct 2026 9:50 am

Imphal East में RAF चौकी पर ग्रेनेड हमला, हेड कांस्टेबल घायल

इंफाल, नौ अक्टूबर इंफाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक चौकी पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने से त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) का एक हेड कांस्टेबल मामूली रूप से घायल हो गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह घटना बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे हुई। उत्तर प्रदेश के रहने वाले हेड कांस्टेबल धनंजय राय इंफाल पूर्वी जिले में पोरोमपत थाना क्षेत्र के न्यू लांबुलाने स्थित आरएएफ चौकी के प्रवेश द्वार पर हुए विस्फोट में मामूली रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) अस्पताल ले जाया गया जहां से बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। किसी भी उग्रवादी संगठन ने अब तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 9:48 am

राजस्थान में कॉजपा नेता Deepak Baliyan को हिरासत में लेने का आरोप, देर रात रिहा

जयपुर, नौ अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने पार्टी के संगठनात्मक सह-प्रभारी दीपक बालियान को बृहस्पतिवार रात हिरासत में लिया और उनके साथ बदसलूकी की। हालांकि, देर रात उन्हें रिहा कर दिया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि बालियान के पैर की हड्डी टूटी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मी उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका के अनुसार, राजस्थान पुलिस के पुलिसकर्मी बृहस्पतिवार को बालियान को अलवर के कठूमर स्थित उनके घर से ले गए थे। रांका ने कहा कि उन्हें देर रात रिहा कर दिया गया। बालियान के परिवार के अनुसार, पुलिसकर्मी उनके घर आए और कहा कि स्थानीय थाना प्रभारी (एसएचओ) ने उन्हें बुलाया है। परिवार का दावा है कि बालियान ने सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई का सीधा प्रसारण किया, जिसके बाद पुलिसकर्मी वहां से चले गए। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी बाद में लौटे और बालियान से वीडियो हटाने को कहा तथा जब उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया तो पुलिसकर्मी उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। रांका ने आरोप लगाया कि बालियान के पैर की हड्डी टूटी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें घसीटा, जिससे उनके पैर में और चोटें आईं। रांका ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि पुलिस बालियान को करीब 100 किलोमीटर दूर ले गई और फिर उन्हें वापस घर छोड़ गई। उन्होंने लिखा, ‘‘कुछ सीमाएं ऐसी होती हैं जिन्हें पार नहीं किया जाना चाहिए। अच्छी बात है कि राजस्थान पुलिस को आखिरकार यह बात समझ आ गई।’’इससे पहले, रांका ने एक पोस्ट में राजस्थान पुलिस पर ‘‘गुंडों की तरह’’ व्यवहार करने का आरोप लगाया था और बालियान एवं उनके भाई के साथ कथित बदसलूकी की आलोचना की थी। कॉजपा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 9:48 am

नाना की याद में रोया जिगरी दोस्त, CM फडणवीस ने बेटे को लगाया गले

नाना पाटेकर के खास दोस्त मकरंद अनासपुरे भावुक हुए हैं. उनका रोते हुए एक वीडियो सामने आया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी.

आज तक 9 Oct 2026 9:48 am

ज्ञानेश कुमार से पहले वाले ने भी ऐसा किया, बाद में मिला बड़ा पद; प्रशांत किशोर ने लिया नाम

ज्ञानेश कुमार यानी भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब बिहार के बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने पूर्व सीईसी राजीव कुमार पर भी सवाल उठा दिए हैं। साथ ही कहा है कि उन्हें रिटायरमेंट पर बैंक चेयरमैन बना दिया था।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 9:47 am

बॉन्ड पर साइन करो, 10 अक्टूबर को दिल्ली मत जाना; लोगों से ये क्या करवा रही पुलिस?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले CJP प्रदर्शन से पहले महाराष्ट्र में पुलिस की कार्रवाई पर विवाद। कार्यकर्ताओं ने फोन कर पूछताछ, नोटिस जारी करने और प्रदर्शन में नहीं जाने का बॉन्ड भरवाने के आरोप लगाए।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 9:46 am

West Bengal Bypolls: डाक मतपत्रों में Nandigram और रेजीनगर से भाजपा उम्मीदवार आगे

कोलकाता, नौ अक्टूबर पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव की शुक्रवार को जारी मतगणना में डाक मतपत्रों की गिनती के बाद आए रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उम्मीदवार हासिरानी रथ नंदीग्राम सीट पर और शाखारव सरकार रेजीनगर सीट पर आगे हैं। टीवी समाचार चैनलों ने यह जानकारी दी। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरू हुई। इन केंद्रों में केवल निर्वाचन आयोग से अधिकृत पहचान-पत्र प्राप्त लोगों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए मंगलवार को मतदान हुआ था। इस साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद पश्चिम बंगाल के बदले राजनीतिक परिदृश्य में इन उपचुनावों को पहली चुनावी कसौटी के तौर पर देखा जा रहा है इसलिए इनके नतीजों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीट से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव मैदान में भाजपा के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष शाखारव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सैयद असद अली शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 9:43 am

बाजार की नमकीन छोड़ें, व्रत के लिए बनाएं साबूदाना-मूंगफली का मिक्चर

Navratri First Day 2026: रविवार से नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. ऐसे में हर किसी ने अपने घर में व्रत और फलाहार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. अगर आप भी नवरात्रि पर नौ दिन व्रत रखने की सोच रही हैं तो आपको बाजार से नमकीन खरीदने की जगह घर पर ही साबूदाना-मूंगफली मिक्स्चर की व्रत वाली नमकीन बनाकर स्टोर कर लेनी चाहिए.

आज तक 9 Oct 2026 9:41 am

अमेरिका के सख्त फैसले से TCS, इन्फोसिस समेत बड़ी भारतीय कंपनियों पर शिकंजा, क्यों बढ़ी IT प्रोफेशनल्स की चिंता?

अमेरिका ने गुरुवार को कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी जैसी आईटी कंपनियों को ‘परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम’ से सस्पेंड कर दिया। अमेरिका के इस फैसले का सीधा असर इन कंपनियों में काम करने वाले हजारों ...

वेब दुनिया 9 Oct 2026 9:39 am

17 करोड़ बच्चे मोटापे की चपेट में! WHO ने गाइडलाइन में बताया बचाव का पूरा फॉर्मूला

दुनिया भर में बच्चों की सेहत को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बेहद खौफनाक और चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। वैश्विक स्तर पर लगभग 17 करोड़ बच्चे और किशोर अब मोटापे (चाइल्डहुड ओबेसिटी) के गंभीर जाल में फंस चुके हैं। कभी अमीरों या विकसित देशों की समस्या माना जाने वाला यह विकार अब भारत जैसे विकासशील देशों के मध्यवर्गीय और निम्न-मध्यवर्गीय परिवारों में भी तेजी से पैर पसार रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताजा वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, यदि समय रहते खान-पान और जीवनशैली में व्यापक सुधार नहीं किए गए, तो साल 2030 तक दुनिया भर में करीब 25 करोड़ बच्चे अधिक वजन और मोटापे से ग्रसित हो जाएंगे। पहले जहां 40 या 50 की उम्र में होने वाली बीमारियां जैसे टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, स्लीप एप्निया और डिप्रेशन अब 10 से 15 साल के स्कूली बच्चों में आम होती जा रही हैं। इस भयावह स्थिति को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने सभी देशों, स्कूलों और अभिभावकों के लिए एक व्यापक प्रिवेंशन गाइडलाइन जारी की है, जिसमें बच्चों को इस 'साइलेंट किलर' से बचाने का पूरा वैज्ञानिक फॉर्मूला साझा किया गया है।अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड और स्क्रीन टाइम: बच्चों की सेहत के दो सबसे बड़े दुश्मनडब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बच्चों के तेजी से बढ़ते वजन के पीछे दो मुख्य कारणों को सबसे घातक बताया गया है—अल्ट्रा-प्रोसेस्ड जंक फूड की आसान पहुंच और घंटों तक मोबाइल-टीवी स्क्रीन से चिपके रहना। आज के दौर में बच्चों की डाइट से पारंपरिक पौष्टिक आहार, हरी सब्जियां, फल और मोटे अनाज गायब हो चुके हैं और उनकी जगह चिप्स, पैकेज्ड नूडल्स, बर्गर, पिज्जा, सॉफ्ट ड्रिंक्स और चीनी से भरे ब्रेकफास्ट सीरियल्स ने ले ली है। इन खाद्य पदार्थों में छिपी अतिरिक्त चीनी (Added Sugar), ट्रांस फैट और अत्यधिक नमक बच्चों के मेटाबॉलिज्म को बचपन में ही पूरी तरह बर्बाद कर देता है। इसके साथ ही, मैदानों में दौड़-भाग और आउटडोर खेलों की जगह अब मोबाइल गेमिंग, ऑनलाइन वीडियो और सोशल मीडिया रील्स ने ले ली है। रिपोर्ट के अनुसार, 80 फीसदी से अधिक किशोर दिनभर में जरूरी शारीरिक गतिविधि भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। इस सुस्त जीवनशैली और कैलोरी की भारी खपत के असंतुलन से बच्चों के शरीर में चर्बी तेजी से जम रही है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और जोड़ों के गंभीर विकारों का आधार तैयार कर रही है।WHO की नई गाइडलाइन: बच्चों को बचाने का पूरा एक्शन फॉर्मूलाविश्व स्वास्थ्य संगठन ने बच्चों को मोटापे से बचाने और उनके सुरक्षित भविष्य के लिए एक वैज्ञानिक और व्यावहारिक गाइडलाइन तय की है, जिसे हर परिवार और शिक्षण संस्थान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सख्त हिदायत दी गई है:'5-2-1-0' का जादुई हेल्थ नियम: बच्चों की दैनिक दिनचर्या में हर दिन कम से कम 5 सर्विंग्स ताजे मौसमी फल और सब्जियां शामिल करें; स्क्रीन टाइम (टीवी/मोबाइल) को अधिकतम 2 घंटे तक सीमित रखें; रोजाना कम से कम 1 घंटे का पसीना बहाने वाला आउटडोर खेलकूद या व्यायाम अनिवार्य करें; और डिब्बाबंद मीठे पेय पदार्थों (कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस) को शून्य (0) पर लाएं।शुगर और पैकेज्ड स्नैक्स पर पाबंदी: 2 साल से कम उम्र के बच्चों को किसी भी तरह की अतिरिक्त चीनी न दें। 2 साल से बड़े बच्चों के लिए पूरे दिन की कुल कैलोरी में फ्री शुगर की मात्रा 5 से 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। स्कूलों की कैंटीन में कोल्ड ड्रिंक्स और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।संपूर्ण नींद का चक्र: 5 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए 9 से 11 घंटे की निर्बाध नींद बेहद जरूरी है। नींद की कमी से बच्चों के शरीर में 'घ्रेलिन' (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) बढ़ता है और 'लेप्टिन' (संतुष्टि देने वाला हार्मोन) घटता है, जिससे बच्चे जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं।पैकेजिंग पर फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल: डब्ल्यूएचओ ने सभी सदस्य देशों की सरकारों से मांग की है कि जंक फूड पैकेटों के आगे बड़े अक्षरों में स्पष्ट 'हाई शुगर, हाई फैट और हाई सॉल्ट' की चेतावनी छापी जाए ताकि अभिभावक खरीदारी के समय जागरूक निर्णय ले सकें।भारत में हालात चिंताजनक: दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और पटना तक अलर्टभारत के संदर्भ में यह रिपोर्ट और भी ज्यादा डराने वाली है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में पिछले एक दशक में ओवरवेट बच्चों का प्रतिशत लगभग दोगुना हो चुका है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, मुंबई, बेंगलुरु और पटना जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में यह संकट सबसे ज्यादा विकराल है। लखनऊ के केजीएमयू बाल रोग विभाग, पीजीआई और दिल्ली एम्स के डॉक्टरों का कहना है कि उनकी ओपीडी में आने वाला हर चौथा बच्चा इंसुलिन रेजिस्टेंस, फैटी लिवर या हाइपरटेंशन के शुरुआती लक्षणों से जूझ रहा है। महानगरों में खेल के मैदानों की कमी, अपार्टमेंट कल्चर और स्कूलों में पढ़ाई के बढ़ते मानसिक तनाव के चलते बच्चे खेलकूद से पूरी तरह कट गए हैं। डॉक्टरों की साफ चेतावनी है कि यदि अभिभावकों ने बच्चों के टिफिन में पैकेज्ड फूड भेजना बंद नहीं किया और उन्हें रोजाना मैदान में खेलने नहीं भेजा, तो आने वाली पीढ़ी 30 की उम्र में ही गंभीर कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों का शिकार बन जाएगी।केवल सलाह नहीं, नीतियों में कड़े बदलाव की जरूरतडब्ल्यूएचओ ने स्पष्ट किया है कि चाइल्डहुड ओबेसिटी को केवल व्यक्तिगत या अभिभावकों की विफलता के रूप में नहीं देखा जा सकता, यह एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है। इसके समाधान के लिए सरकारों को सिगरेट और तंबाकू की तर्ज पर अनहेल्दी पैकेज्ड फूड और शुगरी ड्रिंक्स पर भारी 'सिन टैक्स' (Sin Tax) लगाना होगा। इसके अलावा, बच्चों के कार्टून चैनलों और प्राइम टाइम टीवी पर जंक फूड के विज्ञापनों पर सख्त कानूनी पाबंदी लगानी होगी। स्कूलों को अपने पाठ्यक्रम में कम से कम 45 मिनट का अनिवार्य खेल पीरियड और पोषण शिक्षा जोड़नी होगी। जब तक घर, स्कूल और सरकारी नीतियां एक साथ मिलकर इस दिशा में कदम नहीं उठाएंगी, तब तक करोड़ों मासूम बच्चों को इस जानलेवा बीमारी के चंगुल से बाहर निकालना असंभव होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:38 am

15 अक्टूबर से UPI पर 0.40% MDR का झटका! व्यापारियों की चेतावनी, लगाएंगे 'Cash Only' के बोर्ड, वित्त मंत्री को लिखा लेटर

देश के डिजिटल भुगतान तंत्र की रीढ़ बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर एक बड़े विवाद की चिंगारी सुलग उठी है। बैंकों, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और बड़े पेमेंट गेटवे ऑपरेटरों की ओर से डिजिटल लेनदेन के बुनियादी ढांचे और सर्वर लागत का हवाला देते हुए 15 अक्टूबर से चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस प्रस्तावित कदम की भनक लगते ही देशभर के खुदरा व्यापारी, उद्योग मंडल और एमएसएमई संगठन खुलकर विरोध में उतर आए हैं। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि छोटे और मझोले स्तर के डिजिटल लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क थोपा गया, तो वे अपनी दुकानों के बाहर से क्यूआर कोड हटाकर 'ओनली कैश' (केवल नकद स्वीकार्य) के बोर्ड टांग देंगे। अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) समेत कई प्रमुख व्यावसायिक संस्थाओं ने इस मामले में सीधे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को औपचारिक पत्र लिखकर आपात हस्तक्षेप की मांग की है।क्या है 0.40% MDR का पूरा गणित और क्यों उबल रहे हैं देश भर के दुकानदारमर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर वह शुल्क होता है जो बैंक या डिजिटल पेमेंट कंपनियां किसी व्यापारी से डिजिटल माध्यम से पैसे स्वीकार करने की सुविधा के बदले वसूलती हैं। साल 2020 में केंद्र सरकार ने रूपे डेबिट कार्ड और यूपीआई को पूरी तरह जीरो एमडीआर (शून्य शुल्क) के दायरे में लाकर देश में डिजिटल क्रांति को ऐतिहासिक रफ्तार दी थी। अब बैंकिंग जगत का तर्क है कि देश में प्रतिदिन करोड़ों छोटे-बड़े सौदे प्रोसेस करने के लिए डेटा सेंटर, साइबर सुरक्षा, नेटवर्क बैंडविड्थ और सर्वर कैपेसिटी पर हजारों करोड़ रुपये का सालाना खर्च आ रहा है, जिसे बिना किसी चार्ज के वहन करना मुमकिन नहीं है। इसी घाटे की भरपाई के लिए 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के व्यापारिक यूपीआई ट्रांजैक्शंस पर 0.40% एमडीआर लागू करने की रूपरेखा प्रस्तावित की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि कोई ग्राहक किसी रिटेल स्टोर पर ₹5,000 का सामान खरीदकर क्यूआर कोड से भुगतान करता है, तो दुकानदार के खाते में ₹20 कटकर मात्र ₹4,980 ही जमा होंगे। किराना, मेडिकल, कपड़ा और रोजमर्रा की वस्तुओं के कारोबार में मार्जिन पहले से ही 1.5 से 2 फीसदी के बीच सिमटा हुआ है, ऐसे में 0.40% का यह कट व्यापारियों के शुद्ध मुनाफे का 20 से 25 फीसदी हिस्सा सीधे छीन लेगा।वित्त मंत्री को लिखे पत्र में क्या उठी मांगें, व्यापारियों ने चेतायाव्यापारी संगठनों ने वित्त मंत्रालय को भेजे अपने विस्तृत ज्ञापन में आगाह किया है कि 0.40% एमडीआर लगाने का फैसला प्रधानमंत्री के 'डिजिटल इंडिया' और 'कैशलेस इकोनॉमी' के विजन को गहरा झटका देगा। व्यापारियों का कहना है कि उन्होंने सरकार की अपील पर ही वर्षों पुराने नकदी के लेन-देन को छोड़कर हर काउंटर पर क्यूआर कोड और साउंडबॉक्स लगाए थे। सरकार यदि बैंकों और फिनटेक कंपनियों की परिचालन लागत की भरपाई करना ही चाहती है, तो इसके लिए बजट में डिजिटल इंसेंटिव फंड का आवंटन बढ़ाया जाना चाहिए, न कि इसका बोझ छोटे दुकानदारों के मत्थे मढ़ा जाना चाहिए। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर इस प्रस्तावित व्यवस्था को 15 अक्टूबर से जबरन लागू किया गया, तो देश के करोड़ों रिटेलर्स सामूहिक रूप से क्यूआर कोड स्टैंड हटाकर दोबारा नकद लेन-देन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल बैंकों में फिर से नकदी का भारी दबाव बढ़ेगा, बल्कि टैक्स चोरी पर लगाम लगाने की सरकारी कोशिशों को भी बड़ा नुकसान पहुंचेगा।आम ग्राहकों की जेब पर क्या होगा असर, क्या आपको भी चुकाना पड़ेगा अतिरिक्त शुल्कइस पूरे घटनाक्रम में आम जनता के लिए सबसे राहत की बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी आम लोगों के बीच होने वाले आपसी फंड ट्रांसफर पर किसी प्रकार का कोई चार्ज नहीं लगेगा। यदि आप अपने किसी रिश्तेदार, दोस्त या परिचित को यूपीआई के जरिए कोई भी धनराशि भेजते हैं, तो वह पहले की तरह ही सौ फीसदी मुफ्त रहेगी। हालांकि, इसका अप्रत्यक्ष असर आम खरीदार पर जरूर पड़ सकता है। व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दुकानदारों पर 0.40% एमडीआर का आर्थिक बोझ थोपा गया, तो वे इस नुकसान को अपनी जेब से सहने के बजाय सामान के खुदरा दाम बढ़ा देंगे या फिर डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए ग्राहक से अतिरिक्त 'सुविधा शुल्क' (कन्वीनियंस चार्ज) की मांग करेंगे। इससे रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल और गारमेंट्स की खरीदारी सीधे तौर पर महंगी हो जाएगी।दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और पटना तक: स्थानीय बाजारों में हलचलउत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर इस फैसले के खिलाफ गहरा असंतोष देखा जा रहा है। दिल्ली के चांदनी चौक, सदर बाजार और करोल बाग से लेकर लखनऊ के अमीनाबाद, हजरतगंज, आलमबाग और कानपुर के नयागंज तक के व्यापारी संगठनों ने आपात बैठकें बुला ली हैं। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई और जीएसटी की जटिलताओं से जूझ रहे खुदरा बाजार पर इस तरह का चार्ज लगाना कुठाराघात जैसा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में जहां छोटे कारोबारी अभी-अभी डिजिटल भुगतान के अभ्यस्त हुए हैं, वहां बैंक चार्ज के डर से दुकानदार ग्राहकों से सीधे कैश मांगने की तैयारी में हैं। स्थानीय व्यापार मंडलों ने दो टूक कह दिया है कि यदि सरकार ने 15 अक्टूबर से पहले इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से खारिज नहीं किया, तो वे चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन और 'नो क्यूआर डे' जैसे आंदोलनों की शुरुआत करेंगे। अब सबकी निगाहें वित्त मंत्रालय और एनपीसीआई की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:37 am

'गारंटीड इलाज' और 'नंबर-1 डॉक्टर' जैसे दावों पर रोक! अब ऐसे भ्रामक विज्ञापनों पर जुर्माना लगाने की तैयारी

देशभर में अखबारों, टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और चौराहों के होर्डिंग्स पर '100% गारंटीड इलाज', 'जड़ से बीमारी खत्म' और 'शहर का नंबर-1 डॉक्टर' जैसे भ्रामक दावे करने वाले अस्पतालों, क्लीनिकों और चिकित्सकों पर अब सरकार का कड़ा चाबुक चलने जा रहा है। केंद्र सरकार और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मरीजों की जान और गाढ़ी कमाई से खिलवाड़ करने वाले ऐसे फर्जी प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और भारी जुर्माना ठोकने के लिए नए दिशा-निर्देशों का मसौदा तैयार किया है। अक्सर गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, डायबिटीज, गंजापन, किडनी रोग या जोड़ों के दर्द से जूझ रहे मरीज इन विज्ञापनों के बहकावे में आकर अपनी जरूरी दवाएं छोड़ देते हैं और नीम-हकीमों के चक्कर में अपनी सेहत को और जोखिम में डाल लेते हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त समन्वय से तैयार किए जा रहे इन कड़े नियमों के तहत अब किसी भी चिकित्सक या अस्पताल के लिए खुद को श्रेष्ठ बताना या बीमारी पूरी तरह ठीक करने की लिखित गारंटी देना गैर-कानूनी घोषित किया जा रहा है।'गारंटीड क्योर' और 'बेस्ट डॉक्टर' पर क्यों लगा प्रतिबंधचिकित्सा विज्ञान (Medical Science) का बुनियादी सिद्धांत यह मानता है कि हर इंसान का शरीर, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और दवा पर प्रतिक्रिया अलग होती है। ऐसे में दुनिया का कोई भी प्रमाणित डॉक्टर किसी भी बीमारी के सौ फीसदी ठीक होने की गारंटी नहीं दे सकता। इसके बावजूद कई निजी क्लीनिक, आईवीएफ सेंटर, हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के संस्थान 'गारंटीड रिजल्ट' के नाम पर मरीजों से लाखों रुपये ऐंठते हैं। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी डॉक्टर अपने पर्चे, बोर्ड, वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल पर 'नंबर-1 स्पेशलिस्ट', 'शहर का सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर' या 'सर्वाधिक सफल सर्जन' जैसे शब्दों का उपयोग नहीं कर सकेगा। डॉक्टरों को केवल अपनी डिग्री, मान्यता प्राप्त मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत रजिस्ट्रेशन नंबर, क्लिनिक का समय और परामर्श शुल्क जैसी तथ्यात्मक जानकारियां ही सार्वजनिक करने की छूट होगी।10 लाख से 50 लाख तक का जुर्माना और लाइसेंस निलंबन की तैयारीउपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act) और मेडिकल एथिक्स कोड के तहत प्रस्तावित प्रावधानों में भ्रामक विज्ञापनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई का खाका खींचा गया है। पहली बार नियम का उल्लंघन करने वाले अस्पताल या चिकित्सक पर ₹10 लाख तक का नकद जुर्माना लगाया जाएगा। यदि कोई संस्थान दोबारा इसी तरह के झूठे दावे करते हुए पाया जाता है, तो यह जुर्माना बढ़कर ₹50 लाख तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की राज्य शाखाओं को यह अधिकार दिया जा रहा है कि वे बार-बार भ्रामक प्रचार करने वाले डॉक्टरों का मेडिकल प्रैक्टिस लाइसेंस 3 महीने से लेकर 1 साल तक के लिए निलंबित कर दें। गंभीर मामलों में क्लीनिक को सील करने और आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश भी की गई है।सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट पर भी नकेलडिजिटल युग में इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर मेडिकल उत्पादों, जादुई भस्मों और चमत्कारी तेलों का प्रचार करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी गाज गिरने वाली है। नए नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई इन्फ्लुएंसर या सेलिब्रिटी किसी मेडिकल थेरेपी, स्किन ट्रीटमेंट या डाइट सप्लीमेंट का प्रचार करता है, तो उसे उस उत्पाद के वैज्ञानिक साक्ष्य और क्लिनिकल ट्रायल की पुष्टि करनी होगी। बिना किसी प्रमाणित लैब रिपोर्ट के किसी उपचार को 'जादुई' या 'अचूक' बताकर प्रमोट करने वाले डिजिटल क्रिएटर्स पर भी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा सीधे भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अस्पतालों द्वारा जारी किए जाने वाले 'मरीज के फर्जी वीडियो टेस्टिमोनियल' (Fake Patient Reviews) पर भी पूरी तरह पाबंदी लगाई जाएगी।दिल्ली से लेकर लखनऊ और पटना तक: मरीजों को मिलेगा सीधा फायदाउत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में छोटे कस्बों से बड़े शहरों में इलाज के लिए आने वाले भोले-भाले ग्रामीण अक्सर इन भ्रामक विज्ञापनों का पहला शिकार बनते हैं। लखनऊ के चारबाग, कैसरबाग और मेडिकल कॉलेज के आसपास लगे भ्रामक होर्डिंग्स से लेकर दिल्ली, कानपुर और पटना के बस अड्डों पर चिपकाए जाने वाले 'शर्तिया इलाज' के पर्चों पर अब स्थानीय नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की विजिलेंस टीम सीधे कार्रवाई करेगी। लखनऊ के केजीएमयू, पीजीआई और दिल्ली एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे मरीजों का आधुनिक और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति पर भरोसा और मजबूत होगा और वे गलत हाथों में फंसकर अपनी जान गंवाने से बच सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:35 am

नाना को अंतिम विदाई देते वक्त भावुक हुए CM फडणवीस

नाना पाटेकर का गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट से 75 साल की उम्र में उनके निधन के बाद पुणे के डोंजे में अंतिम संस्कार किया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस तक पहुंचाने में मदद की।

आज तक 9 Oct 2026 9:35 am

विदेश यात्रा में अपनों से जोड़े रखेगी ये फ्री SIM! रोमिंग पैक ₹241 से शुरू, 30 देशों में मिलेगी कनेक्टिविटी

विदेश जाने की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों, छात्रों और बिजनेस प्रोफेशनल्स के लिए अंतरराष्ट्रीय मोबाइल कनेक्टिविटी अब न केवल बेहद आसान हो गई है बल्कि जेब के लिए भी काफी किफायती साबित होने जा रही है। विदेश की धरती पर कदम रखते ही सबसे पहली चिंता अपने परिवार से संपर्क साधने, होटल बुकिंग की पुष्टि करने और ऑनलाइन कैब बुक करने के लिए इंटरनेट डेटा की होती है। अब तक यात्रियों को विदेशी एयरपोर्ट पर उतरकर महंगे लोकल सिम कार्ड खरीदने की लंबी कतारों में लगना पड़ता था या फिर भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटरों के हजारों रुपये के महंगे इंटरनेशनल रोमिंग प्लान लेने पड़ते थे। इस समस्या का समाधान करते हुए टेलीकॉम और फिनटेक प्लेटफॉर्म्स ने यात्रियों के लिए फ्री इंटरनेशनल सिम और ई-सिम (eSIM) की सुविधा पेश की है। इसके तहत सिम कार्ड के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा और अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पैक की शुरुआती कीमत महज ₹241 प्रतिदिन से शुरू हो रही है, जिसमें दुनिया के 30 से अधिक प्रमुख देशों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और निर्बाध कॉलिंग की सुविधा मिल रही है।फ्री इंटरनेशनल सिम और ई-सिम: झंझट-मुक्त एक्टिवेशन का नया तरीकाअब विदेश यात्रा से पहले किसी दुकान या स्टोर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आधुनिक स्मार्टफोन्स में मौजूद डिजिटल ई-सिम तकनीक के जरिए यात्री भारत में बैठे-बैठे ही अपनी यात्रा से 24 घंटे पहले वर्चुअल सिम डाउनलोड और एक्टिवेट कर सकते हैं। जो यात्री फिजिकल सिम कार्ड का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके लिए भी प्लेटफॉर्म्स घर बैठे मुफ्त सिम डिलीवरी का विकल्प दे रहे हैं, जिसमें केवल चुने गए डेटा और कॉलिंग पैक का ही भुगतान करना होता है। एयरपोर्ट पर लैंड करते ही जैसे ही फोन का डेटा रोमिंग ऑन किया जाता है, विदेशी पार्टनर नेटवर्क से फोन तुरंत कनेक्ट हो जाता है। इससे न केवल एयरपोर्ट पर लोकल सिम खरीदने के लिए पासपोर्ट की फोटोकॉपी जमा करने और लंबी कागजी औपचारिकताओं से आजादी मिलती है, बल्कि भारतीय बैंक खातों से जुड़े यूपीआई पेमेंट्स, व्हाट्सएप और जरूरी बैंकिंग ओटीपी (OTP) भी बिना किसी रुकावट के काम करते रहते हैं।मात्र ₹241 से रोमिंग पैक शुरू: जानिए क्या मिलेंगी सुविधाएंअंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए पेश किए गए नए टैरिफ प्लान्स को बजट के अनुकूल और अत्यधिक लचीला बनाया गया है। अक्सर छोटी यात्राओं पर जाने वाले यात्रियों को पूरे महीने का भारी-भरकम प्लान लेने की मजबूरी होती थी, लेकिन अब केवल ₹241 के शुरुआती बेस पैक से सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इन पैक्स में यात्रियों को हाई-स्पीड 4G और 5G डेटा, भारत में परिवार को बात करने के लिए लोकल कॉलिंग मिनट्स और इमरजेंसी इनकमिंग कॉल्स की सुविधा मिलती है। इसके अलावा 7 दिन, 14 दिन और 28 दिन की लंबी छुट्टियों या टूर पैकेज के लिए अनलिमिटेड डेटा और एसएमएस वाले कॉम्बो पैक भी उपलब्ध कराए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि डेटा लिमिट खत्म होने के बाद भी व्हाट्सएप जैसे जरूरी मैसेजिंग ऐप्स धीमी स्पीड पर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के काम करते रहते हैं, जिससे यात्री कभी भी अपनों के संपर्क से बाहर नहीं होता।30 देशों में मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी: देखें प्रमुख देशों की सूचीयह अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा भारतीयों के सबसे पसंदीदा 30 से अधिक पर्यटन और व्यापारिक डेस्टिनेशन्स को पूरी तरह कवर करती है। यूरोप, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अमेरिका जाने वाले मुसाफिर एक ही सिम कार्ड से कई देशों की यात्रा के दौरान भी कनेक्टेड रह सकते हैं:एशिया और खाड़ी देश: संयुक्त अरब अमीरात (दुबई, अबू धाबी), थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम, इंडोनेशिया (बाली), मालदीव, कतर, ओमान और सऊदी अरब।यूरोप (शेंगेन क्षेत्र): यूनाइटेड किंगडम (लंदन), फ्रांस, स्विट्जरलैंड, इटली, जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रिया और ग्रीस।अमेरिका और अन्य प्रमुख देश: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मॉरीशस और तुर्किए (तुर्की)।दिल्ली, मुंबई से लखनऊ के यात्रियों के लिए बड़ा वरदानदिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, वाराणसी, जयपुर और चंडीगढ़ जैसे शहरों से विदेश जाने वाले पर्यटकों और कामगारों की संख्या में भारी उछाल आया है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दुबई, बैंकॉक, सिंगापुर और यूरोप की सीधी उड़ानों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा बजट के लिहाज से बेहद मुफीद है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर विदेशी सिम वेंडर्स अक्सर पर्यटकों से 30 से 50 डॉलर (करीब 2,500 से 4,000 रुपये) वसूलते हैं। उसकी तुलना में भारत से ही ₹241 के शुरुआती प्लान के साथ एक्टिवेटेड सिम लेकर निकलना यात्रा खर्च को आधा कर देता है और किसी भी अप्रत्याशित वित्तीय बोझ से सुरक्षित रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:34 am

Senior Citizen FD पर 8.75% तक ब्याज: प्राइवेट, सरकारी और स्मॉल फाइनेंस बैंकों की नई ब्याज दरें

सेवानिवृत्त कर्मचारियों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से नियमित और सुरक्षित आमदनी का सबसे भरोसेमंद जरिया रहा है। त्योहारी तिमाही में सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले बुजुर्गों के लिए स्मॉल फाइनेंस बैंकों (SFBs) से लेकर बड़े निजी व सरकारी बैंकों ने अपनी ब्याज दरों को काफी आकर्षक बना दिया है। चुनिंदा स्मॉल फाइनेंस बैंक विशेष अवधियों (Special Tenures) पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% से लेकर 8.75% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं, जबकि बड़े सरकारी व निजी बैंक 7.00% से 8.15% तक ब्याज दे रहे हैं। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50% से 0.75% तक का अतिरिक्त ब्याज (Premium Interest) प्रदान करते हैं। यदि आप भी अपनी गाढ़ी कमाई को फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बैंक में पैसा लगाने से पहले स्मॉल फाइनेंस, प्राइवेट और सरकारी बैंकों की ताजा ब्याज दरों की पूरी तुलना जरूर देख लें।स्मॉल फाइनेंस बैंक: यहां मिल रहा 8.75% तक का सबसे तगड़ा रिटर्नब्याज दरों के मामले में स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे आगे चल रहे हैं। ये बैंक जमा पूंजी आकर्षित करने के लिए लंबी व मध्यम अवधि पर सबसे ज्यादा ब्याज दरें दे रहे हैं। ईएसएएफ (ESAF) स्मॉल फाइनेंस बैंक और सूर्योदय (Suryoday) स्मॉल फाइनेंस बैंक चुनिंदा अवधियों में वरिष्ठ नागरिकों को 8.50% से 8.75% तक की उच्चतम दर दे रहे हैं। इसी प्रकार जना स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 साल की एफडी पर 8.30%, यूनिटी बैंक 8.00% से अधिक और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक 8.30% तक ब्याज दे रहा है। वरिष्ठ नागरिकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये शीर्ष दरें सभी टेन्योर पर नहीं मिलतीं, बल्कि 2 साल से 5 साल की विशेष अवधियों पर ही लागू होती हैं।बैंक का नामवरिष्ठ नागरिकों के लिए उच्चतम ब्याज दर (%)सबसे अधिक ब्याज वाली अवधिईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक (ESAF SFB)8.50% - 8.75%विशेष अवधि / 2-3 वर्षसूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday SFB)8.50%5 वर्षजना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana SFB)8.30%3 वर्षउज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan SFB)8.30%15 महीने से 3 वर्षयूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (Unity SFB)8.00% - 8.50%1001 दिन / विशेष अवधिप्राइवेट बैंक: सुरक्षा और अच्छे रिटर्न का बेहतरीन संतुलनदेश के बड़े और मझोले प्राइवेट बैंक भी वरिष्ठ नागरिकों को आकर्षक ब्याज दे रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर में एसबीएम बैंक इंडिया (SBM Bank) 8.15% की उच्चतम दर की पेशकश कर रहा है। इसके अलावा डीसीबी बैंक (DCB Bank) 5 साल की अवधि पर 8.00%, बंधन बैंक 7.95%, इंडसइंड बैंक और यस बैंक 3 साल की एफडी पर 7.75% ब्याज दे रहे हैं। यदि देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर्स—एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक की बात करें, तो यहां वरिष्ठ नागरिकों को 1 वर्ष से 5 वर्ष की एफडी पर 6.75% से 7.15% तक की सुरक्षित ब्याज दरें मिल रही हैं।प्राइवेट बैंक का नामवरिष्ठ नागरिकों के लिए उच्चतम दर (%)प्रमुख अवधिएसबीएम बैंक इंडिया (SBM Bank)8.15%3 वर्ष से अधिकडीसीबी बैंक (DCB Bank)8.00%5 वर्षबंधन बैंक (Bandhan Bank)7.95%1 से 3 वर्षइंडसइंड बैंक (IndusInd Bank)7.75%2 वर्ष 9 महीने से 3 वर्षएचडीएफसी / आईसीआईसीआई बैंक6.95% - 7.10%15 महीने से 5 वर्षसरकारी बैंक: सौ फीसदी सुरक्षा और भरोसेमंद ब्याज दरेंजो वरिष्ठ नागरिक अपने मूलधन की पूरी सुरक्षा और सरकारी गारंटी को प्राथमिकता देते हैं, उनके लिए पब्लिक सेक्टर बैंक (PSU Banks) सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) 3 साल की अवधि पर 7.45% की दर के साथ सबसे आगे है। पंजाब एंड सिंध बैंक 7.35% और बैंक ऑफ बड़ौदा 7.25% तक का ब्याज दे रहे हैं। देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की एफडी पर 7.05% और 'एसबीआई वी-केयर' (SBI We-Care) व सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से अधिक) स्कीम में 7.15% तक ब्याज प्रदान करता है। वहीं पंजाब नेशनल बैंक (PNB) 444 दिनों की विशेष स्कीम पर 7.10% से 7.25% तक रिटर्न दे रहा है।सरकारी बैंक का नामवरिष्ठ नागरिकों के लिए उच्चतम दर (%)सबसे बेहतर अवधिबैंक ऑफ इंडिया (Bank of India)7.45%3 वर्षपंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank)7.35%400 से 500 दिनस्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)7.05% - 7.15%5 वर्ष (वी-केयर / सुपर सीनियर)बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)7.15% - 7.25%विशेष अवधि / 3 वर्षपंजाब नेशनल बैंक (PNB)7.10% - 7.25%444 दिनक्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा आपका पैसा सुरक्षित है? जानिए डीआईसीजीसी का नियमअक्सर बुजुर्गों के मन में यह सवाल उठता है कि ज्यादा ब्याज के लालच में स्मॉल फाइनेंस बैंक में पैसा लगाना सुरक्षित है या नहीं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, देश के सभी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक, प्राइवेट बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक आरबीआई की पूर्ण अनुषंगी संस्था डीआईसीजीसी (DICGC - Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation) के बीमा सुरक्षा कवच के दायरे में आते हैं। इसका मतलब यह है कि किसी भी एक बैंक में प्रति खाताधारक ₹5 लाख तक की कुल जमा पूंजी (मूलधन + ब्याज दोनों मिलाकर) कानूनी तौर पर 100% सुरक्षित और बीमित होती है। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के पास ₹15 लाख या ₹20 लाख की रिटायरमेंट पूंजी है, तो वे एक ही बैंक में पूरा पैसा डालने के बजाय 3 से 4 अलग-अलग बैंकों में ₹4.5 से ₹5 लाख तक की एफडी बनाकर अधिकतम ब्याज और पूरी सुरक्षा एक साथ हासिल कर सकते हैं।टैक्स के नियम और फॉर्म 15H का रखें पूरा ध्यानवरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर मिलने वाले ब्याज को लेकर आयकर नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। आयकर कानून की धारा 80TTB के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में बैंक और डाकघर की एफडी या सेविंग्स अकाउंट से मिले ₹50,000 तक के कुल ब्याज पर सीधी टैक्स छूट मिलती है। यदि किसी वित्त वर्ष में आपका कुल ब्याज ₹50,000 से अधिक होता है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस (TDS) काटते हैं। यदि आपकी कुल सालाना आय टैक्स छूट सीमा से कम है और कोई कर देनदारी नहीं बनती, तो आप वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बैंक में फॉर्म 15H (Form 15H) जमा कर सकते हैं, जिससे बैंक ब्याज भुगतान पर टीडीएस नहीं काटेगा। इसके अलावा जो बुजुर्ग मासिक खर्च के लिए ब्याज चाहते हैं, वे मंथली पे-आउट विकल्प चुन सकते हैं, जबकि चक्रवृद्धि लाभ के लिए मैच्योरिटी (Cumulative) विकल्प सबसे बेहतरीन साबित होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:32 am

कैंसर की महंगी दवाएं होंगी सस्ती! 30% मार्जिन कैप की तैयारी, मरीजों को भारी राहत की उम्मीद

देशभर में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ रहे लाखों मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने जीवनरक्षक एंटी-कैंसर दवाओं की आसमान छूती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाया है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने सभी गैर-अनुसूचित (Non-Scheduled) कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन को अधिकतम 30 फीसदी तक सीमित (Trade Margin Capping) करने का निर्णय लिया है। दवा कंपनियों, थोक वितरकों और निजी अस्पतालों द्वारा कैंसर के इंजेक्शन और गोलियों पर वसूले जाने वाले बेतहाशा मुनाफे पर अंकुश लगाने के लिए यह पहल की गई है। सरकार के इस कदम से बाजार में मिलने वाली महंगी कैंसर दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में 50 से 70 फीसदी तक की भारी गिरावट आने की संभावना है, जिससे हर साल मरीजों की जेब से खर्च होने वाले करीब 2,500 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी।सुप्रीम कोर्ट की फटकार और बेतहाशा मुनाफे पर सरकार का बड़ा एक्शनकैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के दाम लंबे समय से चर्चा और विवाद का विषय रहे हैं। हाल ही में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने एक मामले की सुनवाई के दौरान इस बात पर सख्त नाराजगी जताई थी कि जिस कैंसर की दवा की लागत थोक विक्रेता के लिए मात्र 2,700 रुपये होती है, उस पर 27,000 रुपये तक की एमआरपी छापकर गरीब और बेबस मरीजों को बेचा जा रहा है। अस्पतालों और वितरकों द्वारा 800 से 1000 फीसदी तक का मुनाफा कमाए जाने के तथ्य सामने आने के बाद शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को तुरंत प्रभावी नीति बनाने का निर्देश दिया था। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) और स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के समन्वय से अब ऐसी सभी दवाओं की एक व्यापक सूची तैयार की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत गठित एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति को 14 अक्टूबर तक एंटी-कैंसर दवाओं की विस्तृत सूची सौंपने को कहा गया है, जिसे ड्रग्स प्राइसेज कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के विशेष प्रावधानों के तहत लागू किया जाएगा।30% ट्रेड मार्जिन कैप क्या है और इससे कैसे गिरेंगी दवाओं की कीमतेंट्रेड मार्जिन वह अंतर होता है जिस कीमत पर कोई दवा निर्माता कंपनी उस दवा को पहले वितरक (स्टॉकिस्ट या डिस्ट्रीब्यूटर) को बेचती है और जिस कीमत पर वह अंतिम उपभोक्ता यानी मरीज को बेची जाती है। अब तक गैर-अनुसूचित दवाओं पर कंपनियों को अपनी मर्जी से एमआरपी तय करने की खुली छूट थी, जिसका फायदा उठाकर बड़े निजी अस्पताल और डीलर मोटा कमीशन काटते थे। नए फॉर्मूले के तहत, निर्माता की बिक्री कीमत (Price to Retailer/Distributor) के ऊपर अधिकतम केवल 30 प्रतिशत का मार्जिन जोड़ा जा सकेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कीमोथेरेपी इंजेक्शन की मूल उत्पादन और डिस्ट्रीब्यूटर आपूर्ति लागत ₹10,000 है, तो पहले उस पर ₹35,000 से ₹40,000 तक एमआरपी लिख दी जाती थी। लेकिन 30 फीसदी मार्जिन कैप लागू होने के बाद उस दवा का खुदरा मूल्य ₹13,000 से अधिक नहीं हो सकेगा। इस व्यवस्था में ब्रांडेड, जेनेरिक, घरेलू और आयातित सभी प्रकार की कैंसर दवाएं शामिल की गई हैं, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर पड़ने वाला वित्तीय दबाव काफी कम हो जाएगा।आम परिवारों को इलाज के भारी कर्ज से मिलेगी मुक्तिभारत में कैंसर का इलाज किसी भी सामान्य परिवार के लिए आर्थिक तबाही जैसा साबित होता है। अधिकांश स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में ओपीडी की दवाएं और लंबी चलने वाली टारगेटेड थेरेपी पूरी तरह कवर नहीं होतीं, जिसके चलते परिवारों को अपनी जमा-पूंजी, गहने या जमीन तक बेचनी पड़ती है। लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, कोलोन और ब्लड कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाले मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज और इम्यूनोथेरेपी इंजेक्शन हर महीने लाखों रुपये के खर्च का कारण बनते हैं। जब इन जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में 70 प्रतिशत तक की कटौती होगी, तो लाखों मरीज बीच में ही अपना इलाज छोड़ने को मजबूर नहीं होंगे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सस्ती दवाएं उपलब्ध होने से देश में कैंसर सर्वाइवल रेट में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और पटना तक: कैंसर केंद्रों में पहुंचेगा सीधा फायदाउत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान समेत उत्तर भारत के प्रमुख सरकारी व निजी कैंसर संस्थानों में इस फैसले का व्यापक और दूरगामी असर देखने को मिलेगा। लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई (SGPGIMS) व कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान, दिल्ली के एम्स (AIIMS) और पटना के महावीर कैंसर संस्थान जैसे बड़े केंद्रों पर यूपी और बिहार के दूरदराज गांवों से हर दिन हजारों मरीज पहुंचते हैं। इन बड़े चिकित्सा केंद्रों के आसपास चलने वाली निजी फार्मेसियों और इन-हाउस मेडिकल स्टोर्स पर जब नया प्राइस कैप लागू होगा, तो स्थानीय मरीजों को अपनी जेब से होने वाले भारी खर्च (Out-of-Pocket Expenditure) से तुरंत मुक्ति मिलेगी। उत्तर प्रदेश और बिहार के छोटे शहरों के मरीज जो आर्थिक तंगी के कारण दिल्ली या मुंबई के बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते थे, वे भी अब अपने गृह जिलों में ही इन रियायती दवाओं के जरिए सही समय पर पूरा इलाज करा सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:30 am

वैभव IN, संजू या अभ‍िषेक आउट... रांची में प्लेइंग-11 में होगा बदलाव

भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रांची में खेला जाएगा. लखनऊ में 8 विकेट से जीत दर्ज कर टीम इंडिया ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. अब सबसे बड़ा सवाल प्लेइंग-11 को लेकर है. क्या वैभव सूर्यवंशी को रांची में मौका मिलेगा या टीम इंडिया लखनऊ वाला फॉर्मूला ही बरकरार रखेगी?

आज तक 9 Oct 2026 9:29 am

GST 2.0: 'पहले दरों में राहत, अब प्रक्रियाओं में आसानी'; वित्त मंत्री से पूछे गए कई सवाल, जानिए क्या दिए जवाब

देश की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और कारोबारी-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 'जीएसटी 2.0' (GST 2.0) के तहत बड़े नीतिगत और प्रक्रियागत सुधारों का ऐलान कर दिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और मीडिया के तीखे सवालों का सामना करते हुए सरकार की भावी रूपरेखा साफ की। वित्त मंत्री ने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया कि सुधारों के पहले चरण में कर दरों के युक्तिकरण (Rate Rationalisation) के जरिए आम जनता और विनिर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत दी गई थी। अब दूसरे चरण का मूल मंत्र 'प्रक्रियाओं में आसानी' (Ease of Compliance) है, ताकि देश के करोड़ों व्यापारियों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को इंस्पेक्टर राज और कानूनी मुकदमों के डर से पूरी तरह मुक्ति मिल सके।वित्त मंत्री से पूछे गए तीखे सवाल और उनके स्पष्ट जवाबबैठक के उपरांत हुई विस्तृत वार्ता में करदाताओं, व्यापारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने जीएसटी की जटिलताओं को लेकर कई बुनियादी सवाल उठाए, जिन पर वित्त मंत्री ने सिलसिलेवार आधिकारिक जवाब दिए:सवाल: क्या जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स दरों में कोई नया बदलाव किया गया है?वित्त मंत्री का जवाब: इस बैठक में दरों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। टैक्स स्लैब का ढांचा अब पूरी तरह स्थिर हो चुका है। दर निर्धारण के मामले अब हर बैठक में नहीं उठाए जाएंगे, बल्कि इसके लिए साल में केवल एक विशेष बैठक तय की जाएगी। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तनावमुक्त बनाने पर केंद्रित है।सवाल: छोटे कारोबारियों को जीएसटी अधिकारियों के उत्पीड़न और नोटिस के डर से कब मुक्ति मिलेगी?वित्त मंत्री का जवाब: सरकार ने व्यवस्था पर विश्वास आधारित दृष्टिकोण (Trust-Based Taxation) लागू किया है। अब अधिकारियों से मनमाने ढंग से गिरफ्तारी की शक्तियां पूरी तरह समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही ₹10,000 से कम के बकाए पर कारण बताओ नोटिस (SCN) जारी करने पर पूर्ण रोक लगा दी गई है, क्योंकि पिछले वर्षों में जारी 11 लाख से अधिक नोटिस ₹10,000 से कम के तुच्छ मामलों से जुड़े थे।सवाल: जीएसटी रिफंड और अटका हुआ इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) व्यापारियों की पूंजी क्यों फंसाता है?वित्त मंत्री का जवाब: रिफंड स्वीकृति की समय-सीमा को 15 दिनों से घटाकर 10 दिन कर दिया गया है। इसके अलावा बिना इंसानी हस्तक्षेप के सिस्टम आधारित ऑटोमेटेड रिफंड 3 कार्यदिवसों के भीतर जारी होंगे। निर्दोष खरीदार द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट न मिलने की समस्या पर एक विशेष समिति गठित की गई है जो 3 महीने में समाधान देगी।सवाल: एमएसएमई और टियर-2, टियर-3 शहरों के दुकानदारों के लिए रिटर्न फाइलिंग कैसे आसान होगी?वित्त मंत्री का जवाब: ₹5 करोड़ तक का सालाना टर्नओवर रखने वाले बी2सी (उपभोक्ता केंद्रित) व्यापारियों को अब हर महीने रिटर्न दाखिल करने के झंझट से मुक्ति दी जा रही है। वे तिमाही आधार पर टैक्स जमा करके साल में केवल एक बार वार्षिक रिटर्न फाइल कर सकेंगे।गिरफ्तारी की शक्तियां खत्म, जुर्मानों में भारी कटौतीजीएसटी 2.0 का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाना है। नई व्यवस्था के तहत सामान्य चूक, रिटर्न में अनजानी गलतियों या तकनीकी देरी के लिए व्यापारियों पर आपराधिक मुकदमे नहीं चलाए जाएंगे। जिन मामलों में पहले धारा के तहत अधिकारियों को गिरफ्तारी का अधिकार था, उसे खत्म कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सामान्य जुर्माने की राशि ₹25,000 से घटाकर सीधे ₹10,000 कर दी गई है। आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इनवॉइस मैचिंग टूल्स के जरिए फर्जी बिलिंग को स्रोत पर ही पकड़ लिया जाएगा, इसलिए वास्तविक ईमानदार व्यापारियों को किसी भी दंडात्मक कार्रवाई का भय पालने की आवश्यकता नहीं है।रिफंड अब 10 दिन में, इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर से स्वतः वापसीव्यापारियों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) ब्लॉक न हो, इसके लिए रिफंड व्यवस्था को पूरी तरह फेसलेस और ऑटोमेटेड कर दिया गया है। अब 90 फीसदी रिफंड दावों को बिना किसी अधिकारी के हस्तक्षेप के सीधे सिस्टम-आधारित रिस्क असेसमेंट के बाद मंजूर कर दिया जाएगा। अधिकारी यदि तय समय में कोई आपत्ति दर्ज नहीं करता है, तो दावा 'डीम्ड अप्रूव्ड' (स्वतः स्वीकृत) मान लिया जाएगा। इसके साथ ही व्यापारियों के इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा अतिरिक्त धनराशि को वापस लेने के लिए किसी बाबू की मंजूरी की दरकार नहीं होगी, यह सीधे बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगी।दिल्ली से लखनऊ और पटना तक: व्यापारिक जगत ने किया स्वागतउत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार और महाराष्ट्र सहित देशभर के व्यापारी संगठनों ने जीएसटी 2.0 के प्रक्रियागत सुधारों का जोरदार स्वागत किया है। लखनऊ के अमीनाबाद, हजरतगंज और कानपुर के थोक कपड़ा-लोहा कारोबारियों का कहना है कि ₹10,000 से कम के नोटिस बंद होने और सालाना रिटर्न की सुविधा मिलने से मुनीम और सीए के चक्कर लगाने में लगने वाला समय बचेगा। 1 अप्रैल 2027 से लागू होने वाले ये नए नियम भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था को नई गति देंगे और स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:29 am

'मम्मा, प्लीज मुझे बचा लो...' रायबरेली में कार सवार मां-बेटी पर हमला

रायबरेली के जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव में अपनी मासूम बेटी को स्कूल छोड़ने जा रही महिला की कार पर कुछ दबंगों ने ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया. इस हमले में मां और बेटी दोनों घायल हो गईं. पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है.

आज तक 9 Oct 2026 9:28 am

अचानक हाथ से चीजें गिरना शुभ या अशुभ, जान लें इसके वास्तु नियम

Vastu Tips: दैनिक जीवन में हाथ से चीजों का छूटकर गिरना महज एक इत्तेफाक नहीं है. वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ खास चीजों का बार-बार हाथ से गिरना भविष्य में आने वाली परेशानियों, आर्थिक तंगी और अशुभ घटनाओं का बड़ा संकेत हो सकता है. आइए जानते हैं उन चीजों के बारे में.

आज तक 9 Oct 2026 9:28 am

हवाई सफर हुआ महंगा! अकासा एयर और Air India ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, घरेलू टिकटों पर ₹1200 तक का अतिरिक्त बोझ

त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही घर जाने और घूमने की योजना बना रहे हवाई यात्रियों को तगड़ा आर्थिक झटका लगा है। प्रमुख एयरलाइन इंडिगो द्वारा ईंधन अधिभार बढ़ाए जाने के ठीक बाद अब टाटा समूह की एयर इंडिया (Air India), एयर इंडिया एक्सप्रेस और किफायती एयरलाइन अकासा एयर (Akasa Air) ने भी अपने फ्यूल सरचार्ज में भारी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। यह नई दरें 9 अक्टूबर से की जाने वाली सभी नई टिकट बुकिंग पर तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं। इस फैसले के बाद घरेलू उड़ानों के एकतरफा टिकट पर दूरी के आधार पर ₹375 से लेकर ₹1200 तक का सीधा इजाफा देखने को मिलेगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी एयरलाइंस ने रूट के हिसाब से अतिरिक्त सरचार्ज तय किया है। दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े पर्वों से ठीक पहले किराए में हुए इस इजाफे ने मध्यमवर्गीय परिवारों और नियमित यात्रा करने वाले मुसाफिरों के ट्रैवल बजट को बिगाड़ दिया है।अंतरराष्ट्रीय तनाव और एटीएफ की आसमान छूती कीमतों ने बढ़ाई लागतविमानन कंपनियों का कहना है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ (ATF) की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के चलते उनके पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की अनिश्चितता के कारण हाल के महीनों में विमान ईंधन की दरों में लगभग 14 फीसदी तक का उछाल दर्ज किया गया है। किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च (ऑपरेटिंग कॉस्ट) में अकेले 40 फीसदी से अधिक हिस्सा ईंधन का होता है। एयर इंडिया और अकासा एयर ने अपने आधिकारिक बयानों में स्पष्ट किया है कि वे बढ़े हुए ईंधन खर्च का पूरा बोझ यात्रियों पर डालने के बजाय केवल लागत का आंशिक हिस्सा सरचार्ज के रूप में वसूल रहे हैं। इसके साथ ही ईंधन की कीमतों और बाजार की परिस्थितियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती रहेगी, जिससे भविष्य में राहत मिलने की संभावना भी बनी रहेगी।एयर इंडिया और अकासा एयर के नए फ्यूल स्लैब: किस दूरी पर कितना लगेगा चार्जघरेलू रूटों पर उड़ानों को दूरी के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है, जिससे छोटी दूरी से लेकर लंबी दूरी की उड़ानों पर अलग-अलग अतिरिक्त शुल्क लगेगा:0 से 500 किलोमीटर की दूरी: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस पर इस स्लैब के लिए प्रति टिकट ₹400 का फ्यूल सरचार्ज लागू होगा, जबकि अकासा एयर इस श्रेणी के लिए ₹375 अतिरिक्त वसूलेगी।501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी: इस दायरे में आने वाली उड़ानों के लिए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर दोनों ने समान रूप से ₹600 का अधिभार निर्धारित किया है।1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी: एयर इंडिया समूह ने इस दूरी के लिए ₹850 तय किए हैं, जबकि अकासा एयर में यात्रियों को ₹900 का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।1,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 1,501 से 2,000 किमी और उससे अधिक लंबी उड़ानों पर अधिकतम ₹1,200 का फ्यूल सरचार्ज लगेगा। वहीं अकासा एयर में 1,500 किमी से ऊपर के सभी रूटों के लिए यह अधिभार ₹1,150 तय किया गया है।अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी लगा भारी सरचार्ज, विदेश जाना भी हुआ महंगाघरेलू उड़ानों के साथ-साथ विदेश जाने वाले मुसाफिरों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ डाला गया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने गंतव्य क्षेत्र (रीजन) के आधार पर सरचार्ज तय किया है। भारत से उत्तरी अमेरिका (यूएस, कनाडा) जाने वाले यात्रियों को एकतरफा टिकट पर 215 डॉलर (लगभग ₹18,000) का फ्यूल चार्ज देना होगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया रूट पर 210 डॉलर, ब्रिटेन सहित पूरे यूरोप के लिए 135 डॉलर और पश्चिम एशिया/खाड़ी देशों (मिडिल ईस्ट) की यात्रा पर 55 डॉलर का सरचार्ज लगेगा। दूसरी ओर अकासा एयर ने अपनी चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों—जैसे दोहा, जेद्दा, रियाद, अबू धाबी, कुवैत सिटी, फुकेत और हनोई रूट के लिए प्रति टिकट फ्लैट ₹2,500 का संशोधित फ्यूल सरचार्ज निर्धारित किया है।दिल्ली, मुंबई से लखनऊ और पटना का सफर: त्योहारी सीजन में मुसाफिरों पर सीधा असरदिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे महानगरों से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर आने वाली उड़ानों की मांग त्योहारी सीजन में अपने चरम पर रहती है। दिल्ली से लखनऊ या वाराणसी की हवाई दूरी 500 से 700 किलोमीटर के दायरे में आती है, जिस पर अब सीधे ₹600 का अतिरिक्त सरचार्ज जुड़ेगा। वहीं दिल्ली से पटना, दरभंगा या गुवाहाटी जैसे 1,000 किमी से अधिक दूरी वाले शहरों के लिए टिकट में ₹850 से ₹900 तक की सीधी बढ़ोतरी हो जाएगी। यदि कोई यात्री मुंबई, बेंगलुरु या चेन्नई से लखनऊ, अयोध्या या गोरखपुर आ रहा है, तो 1,500 किमी से अधिक दूरी होने के चलते उसे प्रति टिकट ₹1,150 से ₹1,200 का अधिकतम सरचार्ज देना होगा। ट्रेनों में कन्फर्म सीट न मिलने के कारण जो लोग फ्लाइट की ओर रुख कर रहे थे, उनके लिए अब परिवार सहित सफर करना काफी महंगा साबित होगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:27 am

UPI पेमेंट पर GST घटाने की तैयारी! 18% से 5% करने पर चर्चा, जानें आम ग्राहकों और दुकानदारों को कितनी मिलेगी राहत

देशभर में चाय की टपरी से लेकर बड़े रिटेल मॉल तक हर जगह ऑनलाइन पेमेंट का सबसे बड़ा जरिया बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक में यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) और पेमेंट सर्विसेज पर लगने वाले 18 प्रतिशत जीएसटी को घटाकर सीधे 5 प्रतिशत करने के अहम प्रस्ताव पर विचार-विमर्श शुरू हुआ है। इस खबर के सामने आते ही करोड़ों छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और रोजमर्रा खरीदारी करने वाले आम ग्राहकों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा भ्रम यह फैला है कि क्या अब गूगल पे, फोनपे या पेटीएम से किसी को भी पैसे भेजने पर टैक्स देना पड़ेगा? सरकार और वित्तीय विशेषज्ञों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह टैक्स आम लोगों के बैंक ट्रांसफर पर नहीं, बल्कि पेमेंट गेटवे और बैंकों द्वारा मर्चेंट्स पर लगाए जाने वाले सर्विस चार्ज (MDR) पर घट सकता है। यदि काउंसिल इस प्रस्ताव पर अपनी अंतिम मुहर लगा देती है, तो देश के डिजिटल कॉमर्स और खासकर छोटे व्यापारियों के लिए यह एक क्रांतिकारी राहत साबित होगी।क्या है पूरा मामला और जीएसटी काउंसिल में किस बात पर हुई है बड़ी चर्चाजीएसटी काउंसिल की नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में राज्यों के वित्त मंत्रियों और नीति निर्धारकों ने डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम को अधिक टिकाऊ और वहनीय बनाने पर गंभीर मंथन किया है। दरअसल, यूपीआई के बढ़ते दायरे के साथ बैंकों, एनपीसीआई और पेमेंट एग्रीगेटर्स के बुनियादी ढांचे की लागत बढ़ रही है। इस व्यवस्था को वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए चुनिंदा बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शंस (विशेषकर 2,000 रुपये से अधिक के वाणिज्यिक भुगतान) पर प्रस्तावित मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की चर्चा चल रही थी। वर्तमान नियमों के तहत बैंकों या पेमेंट कंपनियों द्वारा ली जाने वाली किसी भी वित्तीय सेवा शुल्क पर सीधे 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू होता है। कई राज्यों और उद्योग संगठनों ने यह वाजिब चिंता जताई कि अगर इस प्रोसेसिंग फीस पर 18 फीसदी जैसा भारी टैक्स स्लैब बना रहा, तो छोटे कारोबारी डिजिटल लेन-देन छोड़कर फिर से नकदी की तरफ मुड़ सकते हैं। इसी जोखिम को समाप्त करने और मर्चेंट्स की लागत घटाने के लिए अब इस टैक्स को सबसे निचले 5 प्रतिशत के स्लैब में लाने का मसौदा तैयार किया गया है।आम जनता की जेब पर क्या होगा असर, क्या आपको भी देना पड़ेगा टैक्सइस पूरे मसौदे में आम जनता के लिए सबसे बड़ी और राहत भरी बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन (P2P) यानी आम लोगों द्वारा एक-दूसरे के बैंक खाते में भेजे जाने वाले पैसों पर न तो कोई चार्ज है और न ही कोई टैक्स। अगर आप अपने किसी मित्र, परिवार के सदस्य या रिश्तेदार को 500 रुपये, 2,000 रुपये या 50,000 रुपये यूपीआई से ट्रांसफर करते हैं, तो वह पहले की तरह ही पूरी तरह मुफ्त रहेगा। ठीक इसी प्रकार, यदि आप किसी मोहल्ले के किराना स्टोर, फल-सब्जी विक्रेता, दूध की डेयरी या दवा की दुकान पर जाकर सामान्य खरीदारी करते हैं, तो आपके बैंक खाते से केवल सामान की असली कीमत ही कटेगी। ग्राहक को किसी भी प्रकार का सरचार्ज या सर्विस टैक्स अपनी जेब से नहीं चुकाना होगा। यह राहत पूरी तरह व्यापारिक लेन-देन की बैक-एंड कॉस्ट से जुड़ी है, जिससे ग्राहक को किसी भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।दुकानदारों और व्यापारियों को कितनी और कैसे मिलेगी असली राहतइस टैक्स कटौती का सबसे सीधा और बड़ा फायदा देश के छोटे रिटेलर्स, एमएसएमई और उन दुकानदारों को मिलेगा जो जीएसटी कंपोजिशन स्कीम के तहत पंजीकृत हैं या जिनका टर्नओवर सीमा से कम होने के कारण वे अनरजिस्टर्ड हैं। बड़े कॉर्पोरेट और जीएसटी में नियमित रजिस्टर्ड व्यापारी तो पेमेंट कंपनियों द्वारा वसूले गए 18% टैक्स पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर लेते हैं, लेकिन छोटे मोहल्ले के दुकानदार आईटीसी का दावा नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति में 18% जीएसटी उनकी दुकानदारी का सीधा घाटा बन जाता है। इसे एक सरल गणित से समझें: यदि किसी मर्चेंट पर कुल महीने का प्रोसेसिंग शुल्क 1,000 रुपये बनता है, तो 18% की दर से उसे 180 रुपये टैक्स देना पड़ता था। लेकिन दर घटकर 5% होने पर यह टैक्स भार गिरकर मात्र 50 रुपये रह जाएगा। यानी व्यापारी की जेब से टैक्स के रूप में कटने वाला खर्च 70 प्रतिशत से अधिक कम हो जाएगा। इससे स्थानीय बाजारों में काम करने वाले छोटे दुकानदारों का मार्जिन सुरक्षित रहेगा और वे बिना किसी हिचकिचाहट के क्यूआर कोड से भुगतान स्वीकार करते रहेंगे।दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और ग्रामीण भारत तक डिजिटल इकोनॉमी को रफ्तारउत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत देश के सभी टियर-1, टियर-2 और ग्रामीण बाजारों में यूपीआई अब व्यापार की जीवनरेखा बन चुका है। लखनऊ के अमीनाबाद और हजरतगंज के थोक बाजारों से लेकर कानपुर, नोएडा, वाराणसी और पटना के रिटेल हब तक हर दिन करोड़ों छोटे-बड़े सौदे क्यूआर कोड स्कैन करके पूरे होते हैं। स्थानीय व्यापारिक संगठनों का कहना है कि सरकार यदि सर्विस चार्ज पर टैक्स की दर 5% पर सीमित रखती है, तो इससे नकदी पर निर्भरता खत्म करने के राष्ट्रीय मिशन को नई मजबूती मिलेगी। जब बैंक और फिनटेक कंपनियों पर टैक्स का बोझ कम होगा, तो वे साउंडबॉक्स, पीओएस मशीन और सुरक्षित पेमेंट गेटवे जैसी आधुनिक सुविधाएं दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में भी बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध करा सकेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्यों के साथ सहमति बनने के बाद जल्द ही जीएसटी परिषद इस ऐतिहासिक फैसले की औपचारिक अधिसूचना जारी कर सकती है, जो भारत के डिजिटल भविष्य को और अधिक समावेशी बनाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:26 am

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद; आबकारी विभाग ने जारी किया ड्राई डे का आदेश, जानिए क्या है वजह

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज शुक्रवार (9 अक्टूबर) और शनिवार (10 अक्टूबर) को शराब की सभी खुदरा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग (Excise Department) ने दिल्ली पुलिस के सुरक्षा इनपुट और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह आधिकारिक आदेश जारी किया है।दिल्ली में शराब की दुकानें बंद करने के पीछे क्या है मुख्य वजहआबकारी विभाग और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली में प्रस्तावित बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों और राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर यह एहतियाती कदम उठाया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत कुछ संगठनों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'दिल्ली चलो' प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक, इस प्रदर्शन में देश के कई राज्यों से बड़ी संख्या में युवाओं और प्रदर्शनकारियों के जुटने की संभावना जताई गई है। किसी भी प्रकार के हुड़दंग, उपद्रव या असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की आशंका को टालने के लिए प्रशासन ने पूरे शहर में दो दिनों तक शराब बिक्री पर पूर्ण पाबंदी लगाने का फैसला किया है।आबकारी विभाग के आदेश में किन दुकानों पर लागू होगा प्रतिबंधदिल्ली आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, दिल्ली आबकारी नियम 2010 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए 9 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को ड्राई डे घोषित किया गया है। आदेश के तहत:लाइसेंस श्रेणियां: दिल्ली में L6, L6FG, L8, L10 और L14 लाइसेंस धारक सभी खुदरा शराब की दुकानें (Retail Liquor Vends) अगले 48 घंटों के लिए पूरी तरह बंद रहेंगी।सरकारी व निजी आउटलेट्स: दिल्ली में संचालित सभी चारों सरकारी निगमों (DTTDC, DSIIDC, DCCWS, DSCSC) द्वारा संचालित व अन्य रिटेल ठेके बंद रहेंगे।नियम उल्लंघन पर कार्रवाई: विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी वेंडर चोरी-छिपे या अवैध तरीके से शराब बेचते पकड़ा गया, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 11 हजार अतिरिक्त जवान तैनातइस बड़े प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के धरने या अनधिकृत सभा की अनुमति नहीं दी गई है। राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए करीब 11 हजार अतिरिक्त केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान तैनात किए जा रहे हैं, जिससे शहर में सुरक्षा बलों की कुल संख्या 25 हजार के पार पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लगने वाले सभी प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स—गाजीपुर, चिल्ला, टिकरी, सिंघु और बदरपुर पर वाहनों की सघन चेकिंग और बैरिकेडिंग की जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:24 am

यूसुफ पठान से सायोनी तक कहां गायब हो गए? TMC के 10 बागी MPs क्यों नहीं दे रहे नोटिस का जवाब, क्या जाएगी सांसदी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के साथ गठबंधन करने वाले 20 सांसदों पर अब अयोग्

वन इंडिया 9 Oct 2026 9:23 am

दुनिया भर में मंदी की आहट, पर भारत की जमीनों पर बरसे 5.9 अरब डॉलर; जानें क्यों प्रॉपर्टी में टूट पड़े निवेशक

वैश्विक अर्थव्यवस्था में भू-राजनीतिक तनाव, ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और पश्चिमी देशों के प्रॉपर्टी बाजारों में छाई सुस्ती के बीच भारतीय रियल एस्टेट बाजार ने दुनिया भर के बड़े फंड हाउसों और देशी निवेशकों को हैरान कर दिया है। जहां अमेरिका और यूरोपीय देशों में मंदी की आहट से निवेशक अपनी पूंजी बचाने में लगे हैं, वहीं भारत की अचल संपत्ति पर भरोसा इस कदर बढ़ा है कि चालू वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) में ही संस्थागत निवेशकों ने रिकॉर्ड 5.9 अरब डॉलर (करीब 50 हजार करोड़ रुपये) झोंक दिए हैं। यह पूंजी प्रवाह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 39 फीसदी की भारी छलांग दर्शाता है। रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म कोलियर्स की ताजा रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि दुनिया भर में जारी अनिश्चितता के दौर में भी भारत एक सुरक्षित, टिकाऊ और आकर्षक निवेश डेस्टिनेशन के रूप में उभरा है। इस पूरे निवेश चक्र में सबसे दिलचस्प और निर्णायक मोड़ यह रहा है कि इस बार विदेशी फंड्स के मुकाबले भारतीय घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार की कमान अपने हाथों में ले ली है, जिससे देश के प्रॉपर्टी सेक्टर को अभूतपूर्व तरलता और मजबूती मिली है।ग्लोबल संकट के बीच भारत के रियल एस्टेट पर इतना अटूट भरोसा क्योंवैश्विक स्तर पर जब भी वित्तीय उथल-पुथल मचती है, तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक ऐसे बाजारों की तलाश करते हैं जहां घरेलू उपभोग मजबूत हो, नीतिगत स्थिरता हो और बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर काम चल रहा हो। भारत की मजबूत जीडीपी ग्रोथ, केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड पूंजीगत खर्च और रेरा (RERA) जैसे कड़े नियामकीय सुधारों ने विदेशी और देशी दोनों तरह के निवेशकों को आश्वस्त किया है। इस 5.9 अरब डॉलर के कुल निवेश में घरेलू निवेशकों का दबदबा देखते ही बनता है, जिन्होंने अकेले 3.5 अरब डॉलर यानी कुल निवेश का लगभग 60 फीसदी हिस्सा सीधे बाजार में लगाया है। घरेलू संस्थागत पूंजी में सालाना आधार पर 59 फीसदी की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह साबित करती है कि भारतीय फैमिली ऑफिस, घरेलू प्राइवेट इक्विटी फंड, पेंशन फंड और बैंक अब अपनी ही सरजमीं के विकास पर बड़ा दांव खेल रहे हैं। वहीं, वैश्विक चिंताओं के बावजूद विदेशी निवेशकों ने भी भारत से मुंह नहीं मोड़ा और उनका निवेश भी सालाना आधार पर 17 फीसदी बढ़कर 2.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी फंड्स का मुख्य रुझान लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन वाली परियोजनाओं और विकासशील संपत्तियों की तरफ रहा, जो भारत के प्रति उनके अटूट भरोसे को दर्शाता है।दफ्तरों से लेकर लग्जरी होटलों तक: किस सेक्टर में हुआ सबसे ज्यादा निवेशनिवेशकों की प्राथमिकताओं का बारीकी से विश्लेषण करें तो देश का कमर्शियल ऑफिस स्पेस सेगमेंट अब भी सबसे पसंदीदा ठिकाना बना हुआ है। नौ महीनों के दौरान कुल निवेश का 37 फीसदी यानी लगभग 2.2 अरब डॉलर अकेले ऑफिस एसेट्स में गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 46 फीसदी अधिक है। ऑफिस स्पेस में आए कुल निवेश में 90 फीसदी से अधिक योगदान घरेलू निवेशकों का रहा है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत तेजी से दुनिया का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब बन चुका है, जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने तकनीकी व रणनीतिक ऑपरेशंस के लिए ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस धड़ल्ले से लीज पर ले रही हैं। ऑफिस स्पेस के बाद मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स (मिश्रित उपयोग परियोजनाएं) और अल्टरनेटिव एसेट्स (डेटा सेंटर, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स) ने निवेशकों को सबसे ज्यादा आकर्षित किया, जिनकी कुल हिस्सेदारी 16 से 17 फीसदी के बीच रही। इस साल का सबसे चौंकाने वाला ट्रेंड हॉस्पिटैलिटी (होटल एवं रिजॉर्ट) और अल्टरनेटिव रियल एस्टेट में देखने को मिला, जहां निवेश में पिछले साल के मुकाबले 6 से 7 गुना का भारी उछाल आया है। घरेलू पर्यटन में रिकॉर्ड तेजी, धार्मिक व बिजनेस यात्राओं में बढ़ोतरी और टेक क्रांति के चलते डेटा सेंटरों की बढ़ती मांग ने इन क्षेत्रों में पूंजी की बाढ़ ला दी है।दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और बेंगलुरु तक: किन शहरों में बूमअगर भौगोलिक और क्षेत्रीय दृष्टिकोण से देखें, तो भारत के टियर-1 और तेजी से उभरते टियर-2 शहर निवेश का मुख्य केंद्र बनकर उभरे हैं। देश की कुल संस्थागत पूंजी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा तीन प्रमुख महानगरों—बेंगलुरु, चेन्नई और दिल्ली-एनसीआर ने अपनी झोली में डाला है। बेंगलुरु जहां अपने आईटी और टेक ऑफिस स्पेस के चलते विदेशी पूंजी का गढ़ बना हुआ है, वहीं दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम, नोएडा और फरीदाबाद एक्सप्रेसवे कॉरिडोर पर कमर्शियल व प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में जमकर डील्स हुई हैं। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, महाराष्ट्र का पुणे और गुजरात का अहमदाबाद जैसे उभरते हुए शहर भी अब संस्थागत निवेशकों के रडार पर आ चुके हैं। लखनऊ के सुल्तानपुर रोड, शहीद पथ, गोमती नगर विस्तार और अयोध्या हाइवे कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी सुधरने और आउटर रिंग रोड के विस्तार से लॉजिस्टिक्स और बड़े इंटीग्रेटेड टाउनशिप प्रोजेक्ट्स में निजी इक्विटी निवेश की रफ्तार तेज हुई है। निवेशकों का मानना है कि बड़े महानगरों में जमीन की कीमतें सैचुरेशन पर पहुंचने के बाद अब हाई-ग्रोथ वाले सेमी-मेट्रो शहर अगले 5 से 10 वर्षों में सबसे बेहतर रिटर्न देंगे।आगे कैसा रहेगा बाजार का मिजाज और आम खरीदार पर क्या होगा असरआने वाले महीनों और साल 2027 की शुरुआत को लेकर उद्योग जगत का मिजाज बेहद आशावादी और आक्रामक नजर आ रहा है। तीसरी तिमाही में घरेलू निवेशकों ने 0.9 अरब डॉलर का निवेश करके यह संकेत दे दिया है कि बाजार में लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि त्योहारी सीजन की मजबूत शुरुआत और आगामी तिमाहियों में बड़े विदेशी पेंशन फंड्स की नई पाइपलाइन के चलते साल के अंत तक कुल रियल एस्टेट निवेश 8 से 9 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर को छू सकता है। आम होमबायर्स और छोटे निवेशकों के लिए यह स्थिति दोतरफा संकेत देती है। एक तरफ जहां बड़े फंड्स के आने से अटके हुए प्रोजेक्ट्स पूरे होंगे, ग्रेड-ए डेवलपर्स की वित्तीय स्थिति सुधरेगी और निर्माण की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी, वहीं दूसरी तरफ प्राइम लोकेशंस पर जमीन और तैयार मकानों के दाम में 10 से 15 फीसदी तक की सालाना बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। मजबूत संस्थागत निवेश का यह प्रवाह साफ कर रहा है कि भारत का रियल एस्टेट बाजार अब सिर्फ सट्टेबाजी या अनऑर्गनाइज्ड सौदों का अखाड़ा नहीं रहा, बल्कि यह एक पारदर्शी, मैच्योर और ग्लोबल एसेट क्लास बनकर दुनिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 9:23 am

डिजिटल निष्कासन: संघ निष्ठा और सारणेश्वर संकल्प पर भी मदांध भाजपा को अविश्वास 

सबगुरु न्यूज-सिरोही। सिरोही नगर परिषद में भाजपा की जबरदस्त हार के बाद हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार रात को भाजपा नगर मंडल के व्हाट्स एप समूह से मंडल पदाधिकारी के द्वारा चार भाजपा पार्षदों को बाहर कर देने और इनके प्रति कथित अनर्गल बयानबाजी नाराज होकर भाजपा के पार्षद प्रवीण राठौड़ ने भाजपा के सभी […] The post डिजिटल निष्कासन: संघ निष्ठा और सारणेश्वर संकल्प पर भी मदांध भाजपा को अविश्वास appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 9 Oct 2026 9:22 am

जहां सांस लेना मुश्किल, वहां देश की रखवाली करते हैं सेना के ये कुत्ते

लद्दाख की बर्फीली पहाड़ियों और कम ऑक्सीजन वाले वातावरण में सेना के कुत्ते कैसे ड्यूटी करते हैं? जानिए इनकी खास ट्रेनिंग, खानपान और देखभाल के बारे में.

आज तक 9 Oct 2026 9:16 am

Starlink लाइसेंस विवाद में कूदे राहुल गांधी; एलन मस्क ने तुरंत दे दिया जवाब

भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर चल रही बहस अब राजनीतिक मोड़ ले चुकी है. एलन मस्क ने लाइसेंस में देरी पर सवाल उठाए तो राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 9:15 am

सूर्यास्त के बाद क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार, बेटे मल्हार पाटेकर ने बताई वजह 

दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर की सुबह हुआ था. जबकि गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. वहीं रात 11 बजकर 28 मिनट पर मुखाग्नि दी गई.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 9:13 am

हवा में मौजूद PM आपके शरीर में क्या करता है? डॉक्टर से समझें फेफड़ों और हार्ट को कैसे पहुंचाता है नुकसान

फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं और धूल-कण हमारे लंग्स और हार्ट को नुकसान पहुंचा सकते हैं. आइए जानते हैं इस बारे में-

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 9:13 am

'इंसानियत मर गई', नाना के निधन पर AICWA ने तनुश्री को लगाई फटकार

ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता के सोशल मीडिया पर दिए गए 'इविल डेड' बयान की कड़ी निंदा की है.

आज तक 9 Oct 2026 9:12 am

Reliance Share: एलन मस्क का एक पोस्ट और भरभराए रिलायंस के शेयर, मार्केट को भी झटका, पूरा मामला समझिए  

एलन मस्क के स्टारलिंक संबंधी पोस्ट के बाद रिलायंस के शेयर करीब 2.6% गिरे. कंपनी के मार्केट कैप में 5 अरब डॉलर की कमी और निफ्टी पर असर की पूरी कहानी जानें.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 9:10 am

भाजपा शासित राज्य में ED की छापेमारी, सब-इंस्पेक्टर पेपर लीक कांड में कार्रवाई

ओडिशा में सब-इंस्पेक्टर की परीक्षा का पेपर लीक कांड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) छापेमारी कर रही है। ईडी इस मामले में आरोपियों के घरों को खंगाल रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 9:08 am

सेल डिस्काउंट असली या नकली? शॉपिंग से पहले ऐसे करें चेक

Amazon और Flipkart पर सेल की शुरुआत हो चुकी है. सेल के दौरान स्मार्टफोन से लेकर होम अप्लायंस तक पर बंपर ऑफर का दावा किया है. आज आपको बताने जा रहे हैं कि सेल में रहे फोन, AC, TV और फ्रिज आदि की पुरानी कीमत क्या थी और सेल के दौरान लाइव कीमत में कितना अंतर है.

आज तक 9 Oct 2026 9:06 am

H 1B वीजा को लेकर ट्रंप सरकार का हंटर; टेक कंपनियों Infosys-Wipro के शेयर पर असर, Microsoft ने दी सफाई

अमेरिका में ट्रंप सरकार ने Microsoft, Adobe, Infosys, Wipro, TCS, HCL, Cognizant और Capgemini को PERM प्रोग्राम से निलंबित कर दिया है. माइक्रोसॉफ्ट ने जवाब में कहा कि उसके अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी हैं और H-1B आवेदन मुख्य रूप से मौजूदा कर्मचारियों के लिए किए गए थे.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 9:05 am

भगवान संग माता-पिता की तस्वीर, सिद्धू के शिव मंदिर की PHOTOS

नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पोती के गृह प्रवेश पर अपने आलीशान घर को दुल्हन की तरह सजाया है, उन्होंने अपने घर के शिव मंदिर में पूजा की, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. उनके मंदिर में शिवलिंग चांदी का है और उन्होंने अपने माता-पिता की तस्वीर भी वहां रखी हुई है.

आज तक 9 Oct 2026 9:00 am

पेशावर पहुंचा इमरान की पार्टी का लॉन्ग मार्च, इस्लामाबाद से पहले रोकने की तैयारी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है. उनकी पार्टी PTI का मार्च पांचवें दिन पेशावर पहुंच गया. मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के साथ बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर हैं.

आज तक 9 Oct 2026 8:58 am

गर्दन के कूबड़ को कैसे ठीक करें? योगा एक्सपर्ट ने बताया इन 3 एक्सरसाइज को करने से 2 हफ्ते में दिखने लगेगा असर

सर्टिफाइड योग गुरु शुभम तोमर ने 3 आसान एक्सरसाइज बताई हैं. योग गुरु कहते हैं कि रोज इन 3 एक्सरसाइज को करने से आपको 2 हफ्ते में कमाल के नतीजे देखने को मिल सकते हैं-

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:55 am

West Bengal के Nandigram और Rejinagar उपचुनाव के लिए मतों की गिनती शुरू

कोलकाता, नौ अक्टूबर पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को हुए उपचुनाव के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे मतों की गिनती शुरू हो गई। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतगणना शुरू हुई। अधिकारियों ने सबसे पहले डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित डाक मतपत्र (ईटीपीबी) की गिनती शुरू की, जिसके बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गिनती की जाएगी। दोनों सीट पर मतगणना दो हॉल में हो रही है और यह प्रक्रिया 15 दौर में पूरी होनी है। डाक मतपत्रों और ईटीपीबी के लिए अलग-अलग हॉल निर्धारित किए गए हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में मंगलवार यानी छह अक्टूबर को लगभग 80 प्रतिशत भारी मतदान दर्ज किया गया था, जिसमें नंदीग्राम में 80.89 प्रतिशत और रेजीनगर में 80.08 प्रतिशत मतदान हुआ। नंदीग्राम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 2021 में तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी को हराया था और 2026 के विधानसभा चुनाव में फिर से इस सीट पर जीत हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। भाजपा ने नंदीग्राम में चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के दो दिन बाद छह मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 8:53 am

H-1B दुरुपयोग पर अमेरिकी कार्रवाई! Microsoft, Infosys और TCS PERM प्रोग्राम से निलंबित, 30 लाख नौकरियों का दिया हवाला

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले US प्रशासन ने US इमिग्रेशन सिस्टम पर अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है। इसके तहत कई बड़ी टेक्नोलॉजी और IT आउटसोर्सिंग कंपनियों को 'परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन' (PERM) प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया गया है। यह प्रोग्राम एक अहम ज़रिया है जिसके ज़रिए एम्प्लॉयर नौकरी-आधारित ग्रीन कार्ड के लिए योग्य विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करते हैं। इस ताज़ा कार्रवाई में कॉग्निजेंट (Cognizant), इन्फोसिस (Infosys), टाटा (Tata), विप्रो (Wipro), HCL, कैपजेमिनी (Capgemini), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और एडोब (Adobe) जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। यह कदम US सरकार की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है जिसके तहत H-1B वीज़ा और दूसरे इमिग्रेशन प्रोग्राम के कथित दुरुपयोग की जांच की जा रही है। अधिकारियों का तर्क है कि विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने के तरीकों से अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान हो सकता है। US लेबर सेक्रेटरी कीथ सोंडरलिंग ने वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस और प्रशासन की धोखाधड़ी-रोधी कोशिशों में शामिल अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्रवाई की घोषणा की। न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सोंडरलिंग ने कहा, मैं इसके ज़रिए दुनिया की कुछ सबसे बड़ी IT आउटसोर्सिंग कंपनियों - कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, HCL और कैपजेमिनी - को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन प्रोग्राम से सस्पेंड कर रहा हूं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट और एडोब को भी इस प्रोग्राम से सस्पेंड करने की घोषणा की और कहा कि लेबर डिपार्टमेंट इन कंपनियों से नए PERM एप्लीकेशन स्वीकार नहीं करेगा और न ही उनके पेंडिंग एप्लीकेशन पर कोई कार्रवाई करेगा। US का कहना है कि लाखों नौकरियां प्रभावित हुई हैं सोंडरलिंग ने आरोप लगाया कि जिन कंपनियों पर यह कार्रवाई की गई है, उन्होंने पिछले कुछ सालों में विदेशी कर्मचारियों से जुड़े प्रोग्राम का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। सोंडरलिंग ने कहा, 2009 से, सिर्फ़ इन कंपनियों ने ही लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों की मांग की है। उन्हें 2,30,000 से ज़्यादा H-1B वीज़ा मंज़ूरी और 1,00,000 से ज़्यादा परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन मिले हैं। इसका मतलब है कि अमेरिकी कर्मचारियों से लाखों नौकरियां छीनी गईं। प्रशासन की यह कार्रवाई उन एम्प्लॉयर्स की जांच-पड़ताल बढ़ाने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है जो विदेशी कर्मचारियों पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं। व्हाइट हाउस का तर्क है कि H-1B सिस्टम के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल कुछ एम्प्लॉयर्स और आउटसोर्सिंग कंपनियों ने अमेरिकी कर्मचारियों की जगह दूसरे लोगों को रखने या उनकी जगह लेने के लिए किया है। JD वेंस ने छंटनी और विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने को लेकर Microsoft पर निशाना साधा वेंस ने PERM प्रोग्राम से Microsoft को सस्पेंड करने की घोषणा करते हुए खास तौर पर कंपनी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी ने हज़ारों अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि वह H-1B वीज़ा और रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड का फ़ायदा उठाती रही। वेंस के अनुसार, Microsoft ने लगभग 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि उसे 6,300 H-1B वीज़ा और लगभग 3,000 ग्रीन कार्ड का फ़ायदा मिला। यह ताज़ा कार्रवाई सिर्फ़ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक ही सीमित नहीं है। ख़बरों के अनुसार, वीज़ा से जुड़े प्रोग्राम के कथित दुरुपयोग को लेकर अमेरिका के नौ विश्वविद्यालयों की जांच चल रही है, जिससे देश में विदेशी छात्रों और विदेशी कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता का एक और दौर शुरू हो गया है। विदेशी कर्मचारियों के लिए PERM सस्पेंशन का क्या मतलब है? PERM प्रोग्राम का संचालन अमेरिकी श्रम विभाग (US Department of Labour) करता है और यह उन नियोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो कुछ विदेशी कर्मचारियों को स्थायी रूप से काम पर रखना चाहते हैं। इस प्रक्रिया के तहत, नियोक्ता को आम तौर पर यह साबित करना होता है कि उस पद के लिए पर्याप्त योग्य, इच्छुक और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारी नहीं हैं और विदेशी कर्मचारी को काम पर रखने से उसी तरह के काम में लगे अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और काम की स्थितियों पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। एक बार लेबर सर्टिफ़िकेशन मंज़ूर हो जाने के बाद, नियोक्ता आम तौर पर US सिटिज़नशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज़ (USCIS) के पास इमिग्रेंट पिटीशन (आमतौर पर फ़ॉर्म I-140 के ज़रिए) दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। इसलिए, कई H-1B कर्मचारियों के लिए PERM रोज़गार-आधारित ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रोग्राम से कंपनी के सस्पेंड होने से वह नए PERM आवेदन दाखिल नहीं कर पाएगी और इससे लंबित आवेदनों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे योग्य विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास (permanent residency) का रास्ता और मुश्किल हो सकता है। भारतीय IT पेशेवरों के लिए यह कदम क्यों महत्वपूर्ण है यह फ़ैसला भारतीय टेक्नोलॉजी पेशेवरों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी भारतीय IT कंपनियाँ लंबे समय से अमेरिकी बाज़ार में कुशल कर्मचारियों को तैनात करने के लिए अमेरिकी इमिग्रेशन प्रोग्राम पर निर्भर रही हैं। यह ताज़ा सस्पेंशन सितंबर में कॉग्निज़ेंट (Cognizant) की PERM फ़ाइलिंग के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई के बाद हुआ है, जब अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि वे कथित धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों को संभावित नुकसान की जांच कर रहे हैं। इसके बाद अन्य बड़ी IT कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का दायरा बढ़ने से पता चलता है कि विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की प्रक्रिया की जांच का दायरा बढ़ रहा है। ट्रंप प्रशासन ने H-1B सिस्टम को और सख्त बनाने के मकसद से कई उपाय पहले ही लागू कर दिए हैं या उनकी अवधि बढ़ा दी है। सितंबर में, व्हाइट हाउस ने कहा था कि वह उन मामलों में H-1B आवेदनों की जांच-पड़ताल बढ़ाएगा, जिनमें अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी का ज़्यादा जोखिम हो। अमेरिका ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए $70,000 की OPT फ़ीस का प्रस्ताव रखा है PERM से जुड़ा यह नया कदम एक और बड़े इमिग्रेशन प्रस्ताव के ठीक एक दिन बाद उठाया गया है, जिसका असर इंटरनेशनल स्टूडेंट्स पर पड़ सकता है, जिसमें अमेरिका में पढ़ाई और काम करने की योजना बना रहे भारतीय भी शामिल हैं। डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने F-1 इंटरनेशनल स्टूडेंट के 'ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग' (OPT) में शुरुआती हिस्सेदारी के लिए $70,000 की फ़ीस का प्रस्ताव रखा है। इसके बाद की OPT रिकमेंडेशन के लिए $30,000 की फ़ीस का प्रस्ताव है। अहम बात यह है कि ये प्रस्तावित फ़ीस योग्य एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन को देनी होगी, न कि यह फ़ीस अभी सीधे स्टूडेंट्स से ली जाएगी। OPT योग्य इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई से जुड़े क्षेत्रों में अमेरिका में अस्थायी काम का अनुभव हासिल करने की सुविधा देता है। स्टूडेंट्स को आम तौर पर एक साल तक का OPT मिलता है, जबकि साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) क्षेत्रों में योग्य ग्रेजुएट्स को अतिरिक्त STEM एक्सटेंशन मिल सकता है, जिससे उन्हें कुल मिलाकर तीन साल तक काम करने की अनुमति मिल जाती है। प्रस्तावित नियम के तहत, स्टूडेंट के OPT की सिफारिश करने वाला स्कूल लागू फ़ीस का भुगतान करने के लिए ज़िम्मेदार होगा। यह प्रस्ताव DHS की उन कोशिशों का हिस्सा है जिनका मकसद OPT सिस्टम में धोखाधड़ी और दुरुपयोग को रोकना और अमेरिकी वर्कर्स की सुरक्षा करना है।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 8:51 am

न्यूज डायरी: 'शादी का वादा कर यौन शोषण' आरोप महिला पर नहीं लगा सकते; एअर इंडिया में विदेश यात्रा की खास योजना

न्यूज डायरी: 'शादी का वादा कर यौन शोषण' आरोप महिला पर नहीं लगा सकते; एअर इंडिया में विदेश यात्रा की खास योजना

अमर उजाला 9 Oct 2026 8:50 am

सीमाओं से परे, संभावनाओं से भरे: मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष

ये पब्लिक डोमेन में है कि उन्होंने जन्म से लेकर बाल्यावस्था तक बहुत सी कठिनाइयों को झेला। लेकिन उनकी नेतृत्व क्षमता, जिजीविशा इस बात का जीता जागता सबूत है कि जीवन के आंधी-तूफ़ानों ने उनको जितना धकेला, जनसेवा का उनका लक्ष्य उतना ही मजबूत हुआ।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 8:48 am

ByPoll Upchunav 2026 Parinam Live Updates: तमिलनाडु की दोनों सीट पर CM विजय के कैंडिडेट आगे, नंदीग्राम, नगांव सहित सभी 6 सीटों की काउटिंग का हाल जानें

By-Poll Election Results 2026 LIVE Vote Counting, Winners List Updates: पांच विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर 6 अक्टूबर को हुए उपचुनाव के नतीजे आज आएंगे. रिजल्ट के पल-पल के अपडेट जानें इस ब्लॉग पर.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:47 am

Tamil Nadu और Puducherry की 3 विधानसभा सीटों पर By-Election की मतगणना शुरू

चेन्नई, नौ अक्टूबर तमिलनाडु के दो विधानसभा क्षेत्रों और पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की एक सीट पर छह अक्टूबर को हुए उपचुनावों की मतगणना शुक्रवार सुबह आठ बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्धारित केंद्रों पर शुरू हुई। अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू की गई और इसके बाद ईवीएम में दर्ज मतों की गणना की जाएगी। इन उपचुनावों को तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और पुडुचेरी में एआईएनआरसी के नेतृत्व वाली सरकारों की परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्षी दलों के लिए ये चुनाव उनकी राजनीतिक स्थिति की परीक्षा माने जा रहे हैं। तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए थे। दोनों सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं। पुडुचेरी में थट्टानचावाडी सीट पर मतदान हुआ था। इन विधानसभा क्षेत्रों के मौजूदा विधायकों के इस्तीफे के कारण उपचुनाव कराने पड़े। इस्तीफा देने वालों में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी भी शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 8:43 am

7–8 घंटे सोने के बाद भी थकान और चिड़चिड़ापन क्यों? जानें क्या हो सकती है वजह

7-8 घंटे सोने के बाद भी थकान, नींद और चिड़चिड़ापन क्यों रहता है? जानिए स्लीप एपनिया, तनाव, स्क्रीन टाइम और अन्य कारणों के बारे में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रवीण गुप्ता से.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:37 am

80 KM आगे पहुंच गई गाड़ी... तब याद आया- बेटा तो ढाबे पर ही छूट गया

यूपी से एक परिवार हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों के दर्शन करने गया था. यह परिवार ऊना जिले के अंब इलाके में चाय-नाश्ते के लिए रुका. फिर 8 साल के बेटे को ढाबे पर ही भूलकर करीब 80 किलोमीटर आगे निकल गया. बच्चे को अकेले रोता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. फिर पुलिस की कोशिशों के बाद बच्चे को सुरक्षित उसके माता-पिता तक पहुंचाया गया.

आज तक 9 Oct 2026 8:36 am

राजधानी में छात्रों के पेइंग गेस्ट परिसरों पर प्रशासन का शिकंजा, अनिवार्य होगी ऑनलाइन मैपिंग

देश भर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आने वाले लाखों छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और रहने की बुनियादी सुविधाओं को लेकर दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली नगर निगम (MCD) ने संयुक्त रूप से बड़ा कदम उठाया है। मुखर्जी नगर, ओल्ड राजेंद्र नगर, करोल बाग, सत्य निकेतन, कालू सराय और लक्ष्मी नगर जैसे प्रमुख कोचिंग हब्स और विश्वविद्यालय क्षेत्रों में संचालित हो रहे सभी निजी पेइंग गेस्ट (PG) और हॉस्टलों की अब अनिवार्य 'ऑनलाइन मैपिंग' (Digital Mapping) कराई जाएगी। इस पहल के तहत एक एकीकृत वेब पोर्टल और डैशबोर्ड तैयार किया जा रहा है, जहां दिल्ली के प्रत्येक पंजीकृत पीजी का पूरा ब्योरा—जैसे कमरे का आकार, रहने वाले छात्रों की क्षमता, किराया, बिल्डिंग प्लान और सुरक्षा प्रमाण पत्र—सार्वजनिक रूप से दर्ज होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से चल रहे असुरक्षित पीजी, मनमाना किराया वसूलने वाले संचालकों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर लगाम लगाना है।3 दिनों में 100 से ज्यादा पीजी परिसरों का औचक निरीक्षण, कई जगह मिलीं गंभीर खामियांयोजना को धरातल पर उतारने से पहले प्रशासन द्वारा गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने पिछले 72 घंटों (3 दिनों) के भीतर दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में 100 से अधिक पीजी और हॉस्टलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया है। इस विशेष जांच दल में एमसीडी के भवन विभाग, दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS), जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली और गंभीर खामियां उजागर हुई हैं:कई बहुमंजिला इमारतों में बिना उचित वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास (Fire Exit) के एक ही छोटे कमरे में 3 से 4 छात्रों को ठहराया गया था।बेसमेंट और छतों पर बिना अनुमति के अस्थायी निर्माण कर अवैध हॉस्टल और लाइब्रेरी का संचालन पाया गया।60% से अधिक निरीक्षण किए गए परिसरों के पास वैध फायर एनओसी (Fire Safety NOC) या दिल्ली अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था।मानकों का खुला उल्लंघन करने वाले 20 से अधिक अवैध पीजी को तत्काल सीलिंग नोटिस जारी किए गए हैं और अन्य संचालकों को सुधार के लिए 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है।सीसीटीवी कैमरों को लेकर बड़ा प्रस्ताव: लोकल पुलिस और कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे लाइव फीडछात्रों, विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एक नया प्रस्ताव उपराज्यपाल और गृह विभाग के समक्ष रखा गया है। इस मसौदे के तहत:अनिवार्य सीसीटीवी कवरेज: प्रत्येक पीजी परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार, रिसेप्शन, कॉमन एरिया, सीढ़ियों और बाहरी सड़क पर हाई-डेफिनिशन (HD) नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।कम से कम 30 दिनों का बैकअप: सभी संचालकों को कम से कम 30 दिनों की वीडियो रिकॉर्डिंग का सुरक्षित डेटा रखना अनिवार्य किया जाएगा।पुलिस मॉनिटरिंग से जुड़ाव: प्रस्ताव में यह भी सिफारिश की गई है कि पीजी परिसरों के बाहरी कैमरों का लाइव फीड स्थानीय पुलिस थानों के सर्विलांस नेटवर्क या सेफ सिटी कमांड सेंटर से जोड़ा जाए, ताकि रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर सीधी नजर रखी जा सके और किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।बिना पुलिस वेरिफिकेशन के नहीं रह सकेंगे कर्मचारी, बनेगा 'छात्र सुरक्षा कोड'प्रशासन ने पीजी में कार्यरत सभी सहायक कर्मचारियों—जैसे वार्डन, रसोइये (Cooks), सफाईकर्मी और सुरक्षा गार्डों—का स्थानीय थाने से 100% पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। नए सुरक्षा नियमों के तहत पीजी संचालकों को हर महीने रहने वाले सभी छात्रों का अद्यतन रजिस्टर स्थानीय थाने में जमा कराना होगा। इसके अतिरिक्त, छात्रों के उत्पीड़न, अचानक सुरक्षा राशि (Security Deposit) जब्त करने और अनुचित किराया वृद्धि जैसी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक समर्पित 'हेल्पलाइन नंबर' और 'ऑनलाइन शिकायत निवारण तंत्र' (Grievance Portal) भी इस मैपिंग प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ा जा रहा है।कोचिंग हब्स में अवैध निर्माण पर आगे भी जारी रहेगा बुलडोजर और सीलिंग एक्शनएमसीडी और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह केवल सांकेतिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि नियमित रूप से चलने वाला अभियान है। आने वाले हफ्तों में नॉर्थ और साउथ कैंपस के आसपास के अन्य आवासीय इलाकों में भी सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी मकान मालिक या संचालक आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन कर छात्रों की जान जोखिम में डालते पाए जाएंगे, उनके परिसरों को तत्काल प्रभाव से सील किया जाएगा और मालिकों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 8:36 am

अगले 26 दिनों में 6 ग्रह करेंगे बड़ा उलटफेर! 7 राशियों की होगी कमाई

October Horoscope 2026: साल 2026 का अक्टूबर महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद बदलावों वाला है. आने वाले 26 दिनों में शनि, सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र और मंगल की चाल में होने वाले फेरबदल से 7 भाग्यशाली राशियों के लिए 'गोल्डन पीरियड' की शुरुआत होने जा रही है.

आज तक 9 Oct 2026 8:35 am

नेहा बोरा से झड़प के बाद कांस्टेबल नीतू ने सुनाई आपबीती

दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा के साथ वायरल हुई महिला कांस्टेबल नीतू की तस्वीर पर उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। नीतू का आरोप है कि नेहा बोरा ने उनका कॉलर पकड़ा और वर्दी फाड़ दी, जिससे उन्हें चोटें आईं।

आज तक 9 Oct 2026 8:34 am

India Post GDS 1st Merit List: भारतीय डाक विभाग ग्रामीण डाक सेवक (GDS) की पहली मेरिट लिस्ट जल्द होगी जारी

भारतीय डाक विभाग (India Post) द्वारा ग्रामीण डाक सेवक (GDS), ब्रांच पोस्टमास्टर (BPM) और असिस्टेंट ब्रांच पोस्टमास्टर (ABPM) के पदों पर भर्ती के लिए पहली चयन सूची (1st Merit List) जल्द ही आधिकारिक पोर्टल पर जारी की जाएगी। जिन अभ्यर्थियों ने देश भर के विभिन्न डाक मंडलों (Postal Circles) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, वे डाक विभाग के आधिकारिक पोर्टल indiapostgdsonline.gov.in पर जाकर राज्यवार मेरिट लिस्ट और कटऑफ पीडीएफ डाउनलोड कर सकेंगे। डाक विभाग द्वारा आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी का कार्य अंतिम चरण में है, जिसके बाद सर्कल-वार चयनित उम्मीदवारों के नामों और रोल नंबर की सूची सार्वजनिक की जाएगी।बिना लिखित परीक्षा के 10वीं के अंकों पर तैयार होती है मेरिटग्रामीण डाक सेवक भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या साक्षात्कार (Interview) आयोजित नहीं किया जाता। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से 10वीं कक्षा (मैट्रिकुलेशन) में प्राप्त अंकों के प्रतिशत के आधार पर स्वतः तैयार सिस्टम जनरेटेड मेरिट सूची से होता है।समान अंक (Tie-Breaking Rule): यदि दो या अधिक उम्मीदवारों के 10वीं में समान अंक या सीजीपीए (CGPA) होते हैं, तो जन्मतिथि के आधार पर अधिक उम्र वाले उम्मीदवार को वरीयता दी जाती है। इसके बाद भी स्थिति समान रहने पर महिला उम्मीदवारों और आरक्षित वर्ग को प्राथमिकता मिलती है।संभावित कटऑफ: ग्रामीण डाक सेवक पदों के लिए प्रतिस्पर्धा अत्यधिक रहती है। सामान्य (General) और ओबीसी (OBC) श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए कई सर्किलों में कटऑफ 90% से 98% के बीच रहने का अनुमान है, जबकि आरक्षित वर्गों (SC/ST/EWS/PwD) के लिए कटऑफ 80% से 90% के दायरे में दर्ज की जा सकती है।पहली मेरिट लिस्ट में चयनित अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV)पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के तुरंत बाद चयनित उम्मीदवारों को दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) की प्रक्रिया से गुजरना होगा। विभाग चयनित उम्मीदवारों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर एसएमएस के माध्यम से भी सूचना भेजेगा।उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 10 से 15 दिन) के भीतर अपने संबंधित डिविजनल हेड/हेड पोस्ट ऑफिस में मूल प्रमाण पत्रों के साथ उपस्थित होना अनिवार्य होगा।यदि कोई उम्मीदवार पहली सूची के तय समय के भीतर सत्यापन कराने में विफल रहता है, तो उसकी उम्मीदवारी निरस्त कर दी जाएगी और रिक्त पदों के लिए दूसरी मेरिट लिस्ट (2nd Merit List) जारी की जाएगी।सत्यापन के लिए जरूरी प्रमुख दस्तावेजसत्यापन के समय अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रतियां और स्व-प्रमाणित (Self-attested) फोटोकॉपी के दो सेट ले जाने होंगे:10वीं कक्षा (मैट्रिक) की मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट।जन्मतिथि का वैध प्रमाण पत्र (यदि 10वीं की मार्कशीट में दर्ज न हो)।सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति/श्रेणी प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST/EWS)।दिव्यांग प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।फोटो पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि)।कंप्यूटर ज्ञान प्रमाण पत्र (न्यूनतम 60 दिनों का बेसिक कंप्यूटर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट, हालांकि यदि 10वीं या 12वीं में कंप्यूटर एक विषय के रूप में पढ़ा गया हो तो छूट मान्य)।हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज रंगीन तस्वीरें।indiapostgdsonline.gov.in पर ऐसे चेक करें पहली मेरिट लिस्ट: स्टेप-बाय-स्टेप गाइडमेरिट लिस्ट जारी होते ही उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपना नाम और चयन स्थिति देख सकते हैं:सबसे पहले भारतीय डाक विभाग के आधिकारिक पोर्टल indiapostgdsonline.gov.in पर जाएं।होमपेज के बाईं ओर उपलब्ध 'Candidate's Corner' या 'GDS Special Drive / Shortlisted Candidates' वाले सेक्शन को देखें।वहां अपने राज्य/सर्कल (जैसे Uttar Pradesh, Bihar, Rajasthan, Madhya Pradesh आदि) के नाम पर क्लिक करें।इसके बाद 'List of Shortlisted Candidates' (1st Merit List) के लिंक का चयन करें।स्क्रीन पर संबंधित राज्य की पीडीएफ (PDF) फाइल खुल जाएगी।फाइल में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) या नाम सर्च करने के लिए Ctrl + F (कंप्यूटर पर) या सर्च बार (मोबाइल पर) का उपयोग करें।भविष्य के संदर्भ और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए इस पीडीएफ फाइल को डाउनलोड कर प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 8:34 am

महिलाओं का मेकअप तालिबान को नहीं आया पसंद, 52 अफगान महिलाएं गिरफ्तार

जुलाई से सितंबर के बीच काबुल और हेरात में ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के आरोप में 52 अफगान महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. संयुक्त राष्ट्र मिशन UNAMA अफगान महिलाओं की गिरफ्तारी, धमकियों और उनके साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं पर चिंता जताई है.

आज तक 9 Oct 2026 8:34 am

भारत संग सीरीज से पहले न्यूजीलैंड को डबल झटके, ये 2 सूरमा टीम से बाहर

भारत संग इसी महीने शुरू होने वाली टी20 सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम को झटका लगा है, टीम के दो ख‍िलाड़ी बाहर हो गए हैं. उनकी जगह दूसरे ख‍िलाड़ी टीम में आए हैं. यह सीरीज 22 अक्टूबर से क्राइस्टचर्च में शुरू होगी.

आज तक 9 Oct 2026 8:34 am

शक के आधार पर मुस्लिमों को नहीं भेज सकते बांग्लादेश; शुभेंदु की सरकार पर भड़के जज

जज ने सरकार के वकील से पूछा कि उस व्यक्ति को दो महीने तक हिरासत में क्यों रखा गया? अधिकारियों ने उसकी नागरिकता तय करने के लिए स्पष्ट और योग्य प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया?

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 8:33 am

क्या अप्राकृतिक थी नाना पाटेकर की मौत? गोवा पुलिस ने दर्ज किया UD का मामला

नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी। इस बीच पुलिस ने पणजी में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज ...

वेब दुनिया 9 Oct 2026 8:33 am

38 साल बाद रेप केस में शख्स बरी, HC ने कहा- नहीं साबित हुए आरोप

करीब चार दशक पुराने मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. मेरठ की अदालत ने जिस सुभाष को रेप और अपहरण के मामले में सजा सुनाई थी, उसे अब हाई कोर्ट ने बरी कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले.

आज तक 9 Oct 2026 8:32 am

सुबह 11 बजे एक साथ बजेंगे सायरन, घबराने या भ्रम में पड़ने की जरूरत नहीं

हिमालयी राज्य उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं, विशेष रूप से भूकंप के खतरों से निपटने की पूर्व तैयारियों को परखने के लिए राज्य सरकार और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। आज सुबह ठीक 11:00 बजे पूरे प्रदेश में एक साथ भूकंप चेतावनी सायरन बजाए जाएंगे। आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों से स्पष्ट अपील की है कि सायरन की आवाज सुनकर किसी भी प्रकार की घबराहट, भगदड़ या भ्रम की स्थिति पैदा न करें। यह पूरी तरह से एक पूर्व-निर्धारित तकनीकी परीक्षण (मॉक टेस्ट) है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को डराना नहीं, बल्कि उन्हें भूकंप चेतावनी सायरन की ध्वनि से भलीभांति परिचित कराना है, ताकि भविष्य में वास्तविक आपातकाल के समय लोग तुरंत अलर्ट होकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।चमोली में आए हालिया भूकंप के बाद सरकार का बड़ा कदम: हर माह 9 तारीख को होगा परीक्षणबीते 6 अक्टूबर को चमोली जिले के थराली क्षेत्र में 4.9 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। चूंकि उत्तराखंड का अधिकांश हिस्सा भूकंपीय संवेदनशीलता के लिहाज से 'सिस्मिक जोन-4' और 'जोन-5' (अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्र) में आता है, इसलिए सरकार ने आपदा पूर्व तैयारियों को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा की गई उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद यह तय किया गया है कि अब प्रत्येक माह की 9 तारीख को सुबह ठीक 11 बजे पूरे प्रदेश में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली (Earthquake Early Warning System) का नियमित मॉक परीक्षण किया जाएगा।169 सेंसर और 112 सायरन नेटवर्क की परखी जाएगी वास्तविक क्षमताआईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) के तकनीकी सहयोग से संचालित इस परियोजना के तहत वर्तमान में उत्तराखंड के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 169 सिस्मिक सेंसर और 112 हाई-डेसिबल सायरन स्थापित किए जा चुके हैं। आज होने वाले इस व्यापक परीक्षण के दौरान कंट्रोल रूम से सिग्नल भेजकर इन सभी सायरनों और सेंसर्स की रिस्पॉन्स टाइमिंग जांची जाएगी। यदि किसी पहाड़ी या दूरदराज के क्षेत्र में नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या, तकनीकी खराबी या आवाज कम होने की शिकायत सामने आती है, तो आपदा प्रबंधन की तकनीकी टीम उसे तुरंत दुरुस्त करेगी। सरकार की योजना इस नेटवर्क को दोगुना करने की है, जिसके तहत हर 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में नए सेंसर और सायरन लगाने का प्रस्ताव प्रगति पर है।'भूदेव' ऐप पर आएगा टेस्ट वार्निंग मैसेज, वाइब्रेशन और बीप साउंडसायरन के साथ-साथ आम जनता के स्मार्टफोन्स पर भी तकनीकी अलर्ट का परीक्षण किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए 'भूदेव' (Bhudev) मोबाइल ऐप के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के फोन पर सुबह 11 बजे एक विशेष 'टेस्ट वार्निंग मैसेज', तेज वाइब्रेशन और लगातार 'बीप-बीप' की ध्वनि सुनाई देगी। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपने स्मार्टफोन में भूदेव ऐप को हमेशा अपडेट रखें और उसकी 'लोकेशन परमिशन' को हमेशा के लिए सक्रिय (Enable) रखें, जिससे वास्तविक भूकंप की स्थिति में प्राथमिक तरंगों (P-waves) के आधार पर विनाशकारी तरंगों (S-waves) के पहुंचने से कुछ सेकंड पहले ही जीवनरक्षक चेतावनी मिल सके।मॉक ड्रिल के दौरान आम नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइंसआपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने लोगों से इस व्यवस्था को गंभीरता से समझने और मॉक टेस्ट के दौरान निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की है:ध्वनि को पहचानें: सायरन और मोबाइल बीप की आवाज को ध्यान से सुनें ताकि वास्तविक आपात स्थिति में इसे तुरंत पहचाना जा सके।अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया या पड़ोस में किसी भी तरह की अनहोनी की अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर विश्वास करें।बच्चों और बुजुर्गों को समझाएं: घर के बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को पहले से बता दें कि यह केवल एक तकनीकी जांच है ताकि वे अचानक आवाज सुनकर विचलित न हों।सुरक्षा प्रोटोकॉल याद रखें: भूकंप आने पर 'झुको, ढको और पकड़ो' (Drop, Cover, and Hold On) के बुनियादी नियम का अभ्यास करें और लिफ्ट के इस्तेमाल से बचें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 8:31 am

रेखा की फिल्म का 54 साल पुराना एवरग्रीन रोमांटिक सॉन्ग, जिस पर बना 1625 एपिसोड का सुपरहिट सीरियल, किशोर कुमार और लता मंगेशकर की अमर आवाज

हिंदी सिनेमा का रेखा का 54 साल पुराना रोमांटिक सॉन्ग जिस पर टीवी का 1625 एपिसोड का सीरियल बना था, जिसे खुद रेखा ने प्रमोट किया था.वहीं पति पत्नी और वो की कहानी दिखाई गई थी.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:31 am

स्टारलिंक विवाद पर एलन मस्क का सवाल- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी Starlink को अभी भारत में लाइसेंस नहीं मिला है. एलन मस्क ने पहले आरोप लगाया है कि अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए कुछ ताकतवर लोग भारत में स्टारलिंक की सर्विस को रोक रहे हैं. भारत सरकार ने इसका जवाब दिया है.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:29 am

15 अक्टूबर को ग्लोबल गेमिंग मार्केट में एंट्री करेगा Red Magic 12 Pro+

गेमिंग स्मार्टफोन्स की दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाले ब्रांड Red Magic ने अपने बहुप्रतीक्षित फ्लैगशिप डिवाइस Red Magic 12 Pro+ के आधिकारिक लॉन्च की पुष्टि कर दी है। कंपनी यह फोन 15 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे (स्थानीय समय) आधिकारिक तौर पर पेश करेगी। लॉन्च से पहले ही फोन के पूरे डिजाइन और मुख्य स्पेसिफिकेशंस का खुलासा कर दिया गया है। इस बार डिवाइस में बैक पैनल पर उभरे हुए कैमरा मॉड्यूल को पूरी तरह हटाकर एक सपाट (Flush Flat) रियर डिजाइन दिया गया है, जिससे फोन हाथ में पकड़ने पर ज्यादा एर्गोनॉमिक और प्रीमियम फील कराता है।पारदर्शी डिजाइन और 3 नए कलर ऑप्शंसरेड मैजिक ने अपने सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन को नए फोन में और अधिक निखारा है। यह हैंडसेट तीन प्रमुख पारदर्शी कलर ऑप्शंस में उपलब्ध कराया जाएगा:ट्रांसपेरेंट डार्क नाइट (Transparent Dark Night)ट्रांसपेरेंट सिल्वर विंग (Transparent Silver Wing)ट्रांसपेरेंट आइस ब्लू (Transparent Ice Blue)पारदर्शी बैक पैनल के जरिए फोन के भीतर लगे सक्रिय कूलिंग कंपोनेंट्स, चिपसेट आर्किटेक्चर और आरजीबी लाइटिंग का विजुअल इफेक्ट साफ दिखाई देता है।9वीं पीढ़ी का अंडर-डिस्प्ले कैमरा और 0.96mm का अल्ट्रा-थिन बेजलगेमिंग के दौरान स्क्रीन पर किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए फोन में ट्रू फुल-स्क्रीन (True Full-Screen) डिजाइन दिया गया है।स्क्रीन पर कोई भी पंच-होल या नॉच नहीं है; इसके बजाय 9वीं पीढ़ी की अंडर-डिस्प्ले फ्रंट कैमरा (UDC) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।स्क्रीन के चारों ओर मिलने वाले ब्लैक बॉर्डर्स (Bezels) को पहले के 1.25mm से घटाकर मात्र 0.96mm कर दिया गया है।डिस्प्ले में 144Hz का हाई रिफ्रेश रेट और 2,500Hz से अधिक का PWM डिमिंग सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे देर तक गेमिंग करने पर आंखों पर तनाव नहीं पड़ेगा।एक्टिव RGB लिक्विड कूलिंग और एयर-कूलिंग का कॉम्बिनेशनलंबे समय तक हैवी ग्राफिक्स गेम्स जैसे Genshin Impact, COD या BGMI खेलने पर फोन गर्म न हो, इसके लिए इसमें एडवांस्ड RGB लिक्विड कूलिंग सिस्टम के साथ फिजिकल सेंट्रीफ्यूगल फैन (Air-Cooling Fan) दिया गया है। यह लिक्विड कूलिंग प्लेट मदरबोर्ड और प्रोसेसर के पूरे मुख्य हिस्से को कवर करती है। गेमिंग के दौरान एक्टिव होने वाली कस्टमाइजेबल RGB लाइटिंग इसे एक वास्तविक गेमिंग कंसोल जैसा लुक देती है।8,400mAh की विशाल बैटरी और 120W फास्ट चार्जिंगइस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी पावर क्षमता है।बैटरी क्षमता: डिवाइस में 8,400mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो बिना दोबारा चार्ज किए पूरे दिन की नॉन-स्टॉप गेमिंग बैकअप देने में सक्षम है।चार्जिंग स्पीड: फोन 120W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है, जिससे इतनी बड़ी बैटरी को भी 30 से 35 मिनट के भीतर तेजी से चार्ज किया जा सकेगा। इसमें बायपास चार्जिंग फीचर भी मौजूद है, जिससे सीधे चार्जर से पावर लेकर गेम खेला जा सकता है और बैटरी गर्म नहीं होती।नेक्स्ट-जेन स्नैपड्रैगन प्रोसेसर और बेंचमार्क रिकॉर्ड्सपरफॉर्मेंस के मोर्चे पर यह फोन क्वालकॉम के लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite सीरीज के फ्लैगशिप प्रोसेसर से लैस होगा। हाल ही में गीकबेंच पर मॉडल नंबर Nubia NX819J के साथ स्पॉट किए गए इस फोन ने सिंगल-कोर में 3,677 और मल्टी-कोर टेस्ट में 12,679 का विशाल स्कोर हासिल किया है। इसके अलावा इसमें शोल्डर ट्रिगर्स (Shoulder Triggers), डुअल स्टीरियो स्पीकर्स और हाई-रिज़ॉल्यूशन ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप शामिल रहेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 8:29 am

भारत की फर्स्ट एसी ट्रेन में अमेरिकी-कोरियन यूट्यूबर कपल ने किया सफर, बोले- ये सफर जिंदगी भर याद रहेगा

यूट्यूबर सारा और सुंग-ह्युन ने कोलकाता से दिल्ली के बीच राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी में 17 घंटे का सफर किया. ट्रेन की शानदार सुविधाओं, स्टाफ के बेहतरीन व्यवहार और स्वादिष्ट खाने ने विदेशी कपल का दिल जीत लिया.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:29 am

आखिर मान गया इजरायल, भारतीय पायलट स्मित मच्छार को देगा मेडल; राष्ट्रपति ने किया ऐलान

फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार को इजरायल नागरिक वीरता के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करेगा। सह-पायलट के कथित हमले के बाद विमान 30 सेकंड से भी कम समय में 14 हजार फीट नीचे आ गया था।

लाइव हिन्दुस्तान 9 Oct 2026 8:28 am

Kal Ka Mausam 10 October 2026:

Kal Ka Mausam 10 October 2026: शनिवार को देशभर में मौसम का मिला-जुला रुख रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में आंशिक बादल और हल्की बारिश के आसार हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के आठ जिलों में येलो अलर्ट और तेज हवाओं का अनुमान दिया गया है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश तथा कर्नाटक के नौ जिलों में येलो अलर्ट का उल्लेख है। जानें दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दक्षिण भारत का कल का मौसम।

मौसम ब्रेकिंग 9 Oct 2026 8:27 am

राशिफल: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आज का दिन

कुछ राशियों के लिए कामकाज में सफलता और आर्थिक लाभ के अवसर लेकर आ सकता है, जबकि कुछ लोगों को महत्वपूर्ण फैसले लेते समय धैर्य और समझदारी से काम लेना होगा। पारिवारिक रिश्तों, प्रेम संबंधों, व्यापार और आर्थिक मामलों में परिस्थितियां अलग-अलग रह सकती हैं।.......

खास खबर 9 Oct 2026 8:27 am

शुरू हुई Amazon Sale, सस्ते में खरीद सकते हैं बाइक और स्कूटर

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर सेल शुरू हो गई है. अगर आप नई बाइक या स्कूटर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इस सेल का फायदा उठा सकते हैं. दोनों ही प्लेटफॉर्म पर आपको कई अच्छी डील्स मिल सकती हैं. यहां से आप कई तरह की एक्सेसरीज भी सस्ते में खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं ऐमेजॉन सेल में मिल रही कुछ डील्स की डिटेल्स.

आज तक 9 Oct 2026 8:26 am

बजरंग दल के 42 साल पूरे, VHP प्रवक्ता Vinod Bansal बोले- सेवा और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध

नयी दिल्ली, आठ अक्टूबर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बृहस्पतिवार को कहा कि बजरंग दल के 42 वर्ष पूरे होने के साथ ही संगठन अपने ‘‘सेवा, सुरक्षा और संस्कार’’ के मूलमंत्र को लेकर प्रतिबद्ध रहा है। बंसल ने एक लेख में कहा कि बजरंग दल का गठन 1984 में विहिप के युवा संगठन के रूप में किया गया था और शुरुआत में इसका उद्देश्य अयोध्या में राम-जानकी रथ यात्रा को सुरक्षा प्रदान करना था। उन्होंने कहा कि बाद में संगठन ने राम मंदिर आंदोलन के लिए हिंदू युवाओं को लामबंद करना शुरू किया और विभिन्न अन्य अभियानों में भी शामिल रहा। बंसल के अनुसार बजरंग दल रक्तदान, पौधारोपण, एंबुलेंस सेवाएं तथा दुर्घटनाओं, आपदाओं और महामारी के दौरान आपातकालीन राहत कार्य करता है। उन्होंने कहा कि संगठन अमरनाथ और बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्राओं तथा राम सेतु अभियान समेत धार्मिक यात्राओं और सामाजिक लामबंदी कार्यक्रमों में भी शामिल रहा है। बंसल ने कहा कि बजरंग दल ने हिंदू धार्मिक स्थलों, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी काम किया है। उन्होंने कहा कि संगठन के सामने धर्मांतरण, गोहत्या, ‘‘लव जिहाद’’, आतंकवाद, जनसांख्यिकीय असंतुलन तथा संस्कृति और मूल्यों के क्षरण जैसी चुनौतियां हैं। बंसल ने कहा कि ‘‘सेवा, सुरक्षा और संस्कार’’ संगठन के मार्गदर्शक सिद्धांत बने हुए हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 8:23 am

विंध्याचल स्टेशन पर नवरात्रि में 22 ट्रेनों को अस्थायी स्टॉपेज मिलेगा, 12 मेमू ट्रेनें चलेंगी, दिल्ली-बिहार से मिर्जापुर-भदोही, वाराणसी तक रेलयात्रियों को तोहफा,

नवरात्रि में मां विंध्यवासिनी मंदिर के दर्शन के लिए विंध्याचल धाम जाने वाले तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं को उत्तर मध्य रेलवे ने सौगात दी है. दिल्ली, आनंद विहार से पूर्वांचल होकर जाने वाली ट्रेनों को यहां अस्थायी ठहराव दिया गया है. इससे प्रयागराज, मिर्जापुर, भदोही जैसे जिलों को भी फायदा होगा.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:21 am

Aaj Ka Mausam 9 October 2026:

आज का मौसम 9 अक्टूबर 2026: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध मौसम रिपोर्ट के अनुसार उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की संभावना जताई […]

मौसम ब्रेकिंग 9 Oct 2026 8:19 am

तुरंत दिल्ली आओ...बन गई ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट में गैरहाजिर कांग्रेस सांसदों की लिस्ट, दफ्तर से पहुंचा फोन

संसद से सड़क तक इंडिया ब्लॉक के सांसद विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस सांसद शामिल हैं. लेकिन कई पार्टी सांसद ऐसे भी हैं जो प्रोटेस्ट में शामिल होने दिल्ली आए ही नहीं. सूत्रों के मुताबिक, उनसे राहुल गांधी खफा हैं.

NDTV इंडिया 9 Oct 2026 8:18 am

एक्शन ही नहीं रोमांस में भी उस्ताद थे नाना, ये 5 फिल्में हैं सबूत

भले ही नाना पाटेकर को दशकों से अलग-अलग तरह के ग्रे रोल निभाने की वजह से उन्हें बॉलीवुड का 'बैड बॉय' माना जाता हो, लेकिन रोमांस जॉनर में उनकी एंट्री बिल्कुल भी निराशाजनक नहीं रही है.

आज तक 9 Oct 2026 8:18 am

उपचुनाव के नतीजों का इंतजार: असम के नगांव और बंगाल के रेजनीगर-नंदीग्राम में कड़ी सुरक्षा, मतगणना शुरू

उपचुनाव के नतीजों का इंतजार: असम के नगांव और बंगाल के रेजनीगर-नंदीग्राम में कड़ी सुरक्षा, मतगणना शुरू

अमर उजाला 9 Oct 2026 8:17 am

घर पर ऐसे निकालें 100% शुद्ध नीम का तेल! बाजार में मिलता है महंगा

How To Make Neem Oil: क्या आप भी मानते हैं कि नीम का तेल पत्तियों से बनता है? दरअसल, असली और शुद्ध नीम का तेल नीम के पके फल यानी नीमौड़ी के अंदर मौजूद बीज से निकाला जाता है. जानिए पके फल इकट्ठा करने से लेकर सुखाने, बीज छांटने और मशीन से तेल निकालने का देसी तरीका.

आज तक 9 Oct 2026 8:13 am

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की जंग तेज, आज चौथे दिन भी सड़कों पर उतरेगा INDIA ब्लॉक

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की ओर से चलाई जा रही 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी गठबंधन 'INDIA ब्लॉक' का विरोध प्रदर्शन आज शुक्रवार को भी जारी रहेगा। पिछले तीन दिनों से निर्वाचन सदन, आकाशवाणी भवन और राजघाट पर लगातार विरोध प्रदर्शन, धरने और हिरासत में लिए जाने के बावजूद विपक्षी दलों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। विपक्षी सांसदों ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों, 'वोट चोरी' के आरोपों और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की बहाली की मांग को लेकर उनका यह 'सत्याग्रह' आगे भी जारी रहेगा। विपक्षी दलों के सांसदों और शीर्ष नेताओं को दिल्ली में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रस्तावित विरोध मार्च और राष्ट्रपति भवन तक के कार्यक्रम को धार दी जा सके।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की तैयारी, 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर इंतजारसड़कों पर प्रदर्शन के साथ-साथ विपक्ष इस पूरे मामले को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक ले जाने की रणनीति पर काम कर रहा है। कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के अनुसार, इंडिया गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का औपचारिक समय मांगा गया था। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन की ओर से विपक्ष के 10 प्रमुख नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात की अनुमति दिए जाने की संभावना है। हालांकि, बैठक के तय समय और अंतिम प्रोटोकॉल को लेकर राष्ट्रपति भवन के औपचारिक जवाब व समय निर्धारण का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। विपक्षी नेताओं का यह प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के समक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची संशोधन (SIR) और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है।प्रतिनिधिमंडल में शामिल हो सकते हैं ये 10 प्रमुख विपक्षी चेहरेविपक्ष की ओर से जिन 10 शीर्ष नेताओं के राष्ट्रपति से मिलने जाने की संभावना है, उनमें विभिन्न घटक दलों के प्रमुख चेहरे शामिल हैं:मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष)राहुल गांधी (लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष)ममता बनर्जी (तृणमूल कांग्रेस प्रमुख एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री - जो विशेष रूप से इस मार्च और मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंची हैं)अखिलेश यादव (समाजवादी पार्टी प्रमुख)प्रियंका गांधी वाड्रा (कांग्रेस सांसद)अभिषेक बनर्जी / सुदीप बंद्योपाध्याय (तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता)तेजस्वी यादव / मनोज झा (राष्ट्रीय जनता दल)टी. आर. बालू (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम - DMK)संजय राउत (शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे)डी. राजा / सीताराम येचुरी कैडर / जॉन ब्रिटास (वामपंथी दलों के प्रतिनिधि)क्या है SIR विवाद और विपक्ष की मुख्य मांगें?विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में चलाए जा रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के तहत लाखों वास्तविक मतदाताओं के नाम बिना उचित सत्यापन के हटाए या प्रभावित किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि आयोग निष्पक्षता के संवैधानिक दायित्व से भटक रहा है। विपक्ष की मुख्य मांगें हैं:स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए या इस पर रोक लगाई जाए।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।मतदाता सूची पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और सभी राजनीतिक दलों के साथ खुला संवाद किया जाए।वहीं दूसरी ओर, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष के इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और चुनावी हताशा का परिणाम बताया है।दिल्ली पुलिस का सुरक्षा घेरा कड़ा, कई मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंधलगातार चौथे दिन प्रस्तावित विरोध मार्च और राजघाट से राष्ट्रपति भवन की दिशा में संभावित हलचल को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को रायसीना हिल्स, इंडिया गेट, जनपथ और राजघाट के आसपास तैनात किया गया है। लुटियंस दिल्ली और संसद मार्ग से जुड़ने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है और यात्रियों के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना पूर्व अनुमति के किसी भी बड़े मार्च को उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 9 Oct 2026 8:13 am

UP में GBC-5 की तैयारी, 7.55 लाख करोड़ के निवेश प्रोजेक्ट्स तैयार

लखनऊ, आठ अक्टूबर उत्तर प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में ‘ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी’ (जीबीसी) के पांचवें संस्करण की तैयारियां तेज हो गई हैं। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय बैठक में समारोह की तैयारियों के साथ प्रस्तावित निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बयान के मुताबिक, वर्तमान स्थिति के अनुसार जीबीसी-5 के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगभग 7,000 परियोजनाओं के जरिए 7.55 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियों, भूमि, आधारभूत सुविधाओं और अन्य प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए, ताकि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए। ‘इन्वेस्ट यूपी’ की ओर से बैठक में बताया गया कि प्रस्तावित परियोजनाओं में विभागों के माध्यम से लगभग साढ़े तीन हजार परियोजनाएं, जिलों के स्तर पर निवेश ‘सारथी पोर्टल’ से जुड़ी साढ़े तीन हजार से अधिक परियोजनाएं तथा ‘इन्वेस्ट यूपी’ के माध्यम से 100 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 9 Oct 2026 8:13 am

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वन इंडिया 9 Oct 2026 8:10 am