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सरोगेसी पर मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, इस वर्ष की महिला मानी जाएगी पात्र

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा है कि 50 वर्ष की महिला, जब तक वह 51 वर्ष की नहीं हो जाती, सरोगेसी के लिए पात्र मानी जाएगी। कोर्ट ने निचली अदालत का आदेश रद्द करते हुए सरोगेसी कानून की उद्देश्यपरक व्याख्या पर जोर दिया।

देशबन्धु 29 Jun 2026 12:04 pm

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिका में सीबीआई जांच की मांग

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। CBI जांच की मांग वाली याचिका पर 12 जुलाई के बाद सुनवाई होगी। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी तेज कर दी है।

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:59 am

दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर के राज्य सभा सदस्य चुने जाने पर रविवार को पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डॉ. गुर्जर द्वारा विगत चार […] The post दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 Jun 2026 11:43 am

जिम्स प्रशासन की कर्मचारियों से अपील, कहा- मरीजों के हित में काम पर लौटें, मांगों पर बनेगी समिति

राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स), ग्रेटर नोएडा के प्रशासन ने पिछले 15 दिनों से आंदोलनरत कर्मचारियों से तत्काल कार्य पर लौटने की भावुक अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि कर्मचारियों की अधिकांश मांगों के प्रति वह पूरी सहानुभूति रखता है और जिन मुद्दों का समाधान संस्थान स्तर पर संभव होगा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। वहीं शासन स्तर से जुड़े विषयों को तत्काल कार्रवाई के लिए सरकार को भेजा जाएगा।

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:42 am

राजस्थान में पुलिस का बड़ा एक्शन! 25 हजार का इनामी मोस्ट वांटेड हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला हथियारों के साथ दबोचा

राजस्थान में अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष धरपकड़ अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शातिर बदमाश के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इस हार्डकोर अपराधी की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह बदमाश इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था।गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल, घेराबंदी कर दबोचास्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस की स्पेशल इनपुट टीम को मुखबिर से इस बात की पुख्ता जानकारी मिली थी कि इनामी बदमाश अनिल उर्फ लीला अवैध हथियारों की खेप के साथ इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष कमांडो टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी। पुलिस को देखकर हिस्ट्रीशीटर ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने चारों तरफ से घेराबंदी करते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया और उसकी एक न चलने दी।तलाशी में मिली देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस, खंगाला जा रहा है क्रिमिनल रिकॉर्डगिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम ने अनिल उर्फ लीला की गहनता से तलाशी ली, तो उसके पास से एक अवैध देशी पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने हथियारों को तुरंत जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़ा गया बदमाश अनिल एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से ही हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूट, डकैती और अवैध हथियार तस्करी जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इस अपराधी पर पुलिस मुख्यालय ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।गैंग के नेटवर्क और मददगारों का पर्दाफाश करेगी पुलिसहिस्ट्रीशीटर अनिल उर्फ लीला की इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान राज्य में सक्रिय अन्य बड़े गैंगस्टरों, हथियारों के सप्लायरों और उसे फरारी काटने में मदद करने वाले स्थानीय सफेदपोश मददगारों के नामों का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराधियों के बारे में बिना डरे पुलिस को सूचित करें, उनका नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:29 am

राजस्थान में मानसून की धमाकेदार एंट्री! 2 जुलाई से बढ़ेगी बारिश की रफ्तार, इन जिलों में भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट

मरुधरा के लोगों को भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। राजस्थान में मानसून का इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है और मानसूनी हवाएं तेजी से आगे बढ़ते हुए प्रदेश की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) से मिली ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि आगामी 2 जुलाई से राजस्थान में मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार और भारी बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है।इन जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, बादलों की आवाजाही तेजमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मानसून की पहली जोरदार दस्तक पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के रास्ते होने जा रही है। कोटा, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, और बारां जिलों में 2 जुलाई से भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इन इलाकों के लिए मौसम केंद्र ने विशेष चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही राजधानी जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा और टोंक सहित आसपास के मैदानी इलाकों में भी आसमान में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान स्थानीय निवासियों को ठंडी हवाओं का अहसास होने लगा है।पश्चिमी राजस्थान को थोड़ा और इंतजार, जोधपुर और बीकानेर में कब बरसेंगे बादलजहां एक तरफ पूर्वी राजस्थान में मानसून झमाझम बरसने के लिए तैयार है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों यानी जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, और जैसलमेर में रहने वाले लोगों को मानसून की मुख्य धारा के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन रेतीले इलाकों में स्थानीय चक्रवाती सिस्टम और अरब सागर से आ रही नमी के कारण धूलभरी आंधी के साथ हल्की छितराई बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तापमान नियंत्रण में रहेगा।किसानों के चेहरे खिले, खरीफ की फसलों के लिए अमृत बनेगी यह बारिशराजस्थान में मानसून के इस सक्रिय दौर की खबर आते ही प्रदेश के अन्नदाताओं (किसानों) के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं। ग्रामीण इलाकों में किसान खेतों को तैयार करने और खरीफ की मुख्य फसलों जैसे बाजरा, मक्का, ग्वार और मूंग की बुवाई के काम में तेजी से जुट गए हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई के पहले हफ्ते में होने वाली यह बारिश फसलों के लिए अमृत का काम करेगी। प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जलभराव वाले निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जल स्रोतों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:28 am

अमृतसर एयरपोर्ट जाने वाले सावधान! 2 जुलाई को लगेगा भारी जाम, लाखों की संगत जुटने के कारण एडवाइजरी जारी

अगर आप आगामी 2 जुलाई को अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले हैं या किसी को रिसीव करने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। 2 जुलाई को अमृतसर और आसपास के रास्तों पर भारी ट्रैफिक जाम और संगतों की भारी भीड़ देखने को मिल सकती है। धार्मिक मान्यता के केंद्र बाबा जवंद सिंह जी की सालाना बरसी के उपलक्ष्य में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु अमृतसर पहुंचने वाले हैं। इस विशाल धार्मिक समागम के मद्देनजर एयरपोर्ट अथॉरिटी और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।बाबा जवंद सिंह जी की बरसी पर उमड़ेगा आस्था का सैलाबधार्मिक गुरु बाबा जवंद सिंह जी की याद में आयोजित होने वाले इस सालाना समागम में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों और विदेशों से भी लाखों की संगत अमृतसर पहुंचती है। 2 जुलाई को मुख्य मार्ग और एयरपोर्ट रोड के आसपास संगतों के काफिले, गाड़ियों की कतारें और पैदल मार्च निकलने की संभावना है। आस्था के इस बड़े सैलाब के कारण सामान्य यातायात पूरी तरह प्रभावित रहेगा, जिसके चलते एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो सकती है।एयरपोर्ट अथॉरिटी की सलाह: फ्लाइट छूटने के डर से बचने के लिए पहले निकलेंअमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन और स्थानीय जिला पुलिस ने यात्रियों से विशेष अपील की है कि वे अपनी निर्धारित फ्लाइट के समय से काफी अतिरिक्त समय लेकर अपने घरों से बाहर निकलें। यदि कोई यात्री ऐन वक्त पर निकलता है, तो रास्ते में होने वाली भारी नाकेबंदी और रूट डायवर्जन के कारण उसकी फ्लाइट छूटने का गंभीर खतरा बना रहेगा। अथॉरिटी ने एयरलाइंस कंपनियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे अपने यात्रियों को मैसेज और ईमेल के जरिए इस जाम और भीड़ की स्थिति के बारे में पहले से सूचित कर दें ताकि किसी को परेशानी न हो।ट्रैफिक पुलिस ने तैयार किया रूट डायवर्जन प्लान, इन रास्तों का करें इस्तेमाललाखों की संगत की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए अमृतसर ट्रैफिक पुलिस ने एयरपोर्ट रोड और समागम स्थल की तरफ जाने वाले रास्तों के लिए एक विशेष रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया है। भारी वाहनों और ट्रकों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा, जबकि वीआईपी और सामान्य गाड़ियों को वैकल्पिक लिंक रोड से होकर निकाला जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे गूगल मैप्स और ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव ट्रैफिक अपडेट्स देखकर ही अपने सफर की शुरुआत करें ताकि जाम में फंसने से बचा जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:25 am

पंजाब में आसमान से बरसी आग! 45.7 डिग्री पारे के साथ दिन में दिखे तारे, बिजली संकट के बीच मानसून पर बड़ा अपडेट

पंजाब में गर्मी और लू (हीटवेव) के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। सूबे के कई जिलों में पारा 45.7 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाने से लोगों को दोपहर के वक्त घरों से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। इस जानलेवा तपिश और उमस के कारण राज्य में बिजली की मांग ने इतिहास के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में खेतों की सिंचाई और घरों में चल रहे एसी-कूलर के कारण पावर ग्रिड पर भारी दबाव है। इसी बीच मौसम विभाग की तरफ से आया मानसून का नया अनुमान भी लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है, जिससे राहत की उम्मीदें फिलहाल दूर नजर आ रही हैं।रिकॉर्ड तोड़ पारे से तपा पंजाब, लू के थपेड़ों से जनजीवन ठपमौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पंजाब के बठिंडा, पटियाला, लुधियाना और अमृतसर समेत अधिकांश हिस्से इस वक्त भट्टी की तरह तप रहे हैं। अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री ऊपर चल रहा है। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं शरीर को झुलसा रही हैं, जिसके कारण सड़कों पर अघोषित कर्फ्यू जैसा नजारा देखने को मिल रहा है। डॉक्टरों ने इस भीषण लू को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।बिजली की मांग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पावर कॉरपोरेशन के फूले हाथ-पांवइस ऐतिहासिक गर्मी का सीधा असर पंजाब के पावर सेक्टर पर पड़ा है। पंजाब राज्य पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में बिजली की दैनिक मांग अपने उच्चतम स्तर को पार कर चुकी है। धान की बुवाई का सीजन होने के कारण ग्रामीण अंचलों में कृषि फीडरों को लगातार बिजली देनी पड़ रही है, वहीं शहरी इलाकों में भी लोड बढ़ने से कई सब-स्टेशनों में तकनीकी खामियां आ रही हैं। अघोषित बिजली कटौती (पावर कट) ने इस उमस भरी गर्मी में स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है।मानसून का इंतजार बढ़ा, कब मिलेगी इस चिलचिलाती गर्मी से राहतपंजाब वासियों के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली खबर मौसम विभाग के पूर्वानुमान से आ रही है। पहले जहां जून के आखिरी हफ्ते में प्री-मानसून की फुहारों की उम्मीद जताई जा रही थी, वहीं अब पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं की सुस्त रफ्तार के कारण यह इंतजार और लंबा हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक पंजाब और आसपास के मैदानी इलाकों को इसी तरह शुष्क और गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। उमस का ग्राफ बढ़ने से आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा परेशान कर सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:24 am

युवाओं के लिए बड़ी चेतावनी! अमृतसर एयरपोर्ट पर नौकरी के नाम पर चल रहा है बड़ा फर्जीवाड़ा, अथॉरिटी ने जारी की जरूरी एडवाइजरी

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नौकरी पाने का सपना देख रहा है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इन दिनों सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अमृतसर एयरपोर्ट पर विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती को लेकर कई फर्जी विज्ञापन और लेटर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए अमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने एक सख्त एडवाइजरी जारी कर बेरोजगार युवाओं को इन ठगों और फर्जी विज्ञापनों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है। अथॉरिटी ने साफ किया है कि कुछ असामाजिक तत्व युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठगने की कोशिश कर रहे हैं।पैसे लेकर थमाए जा रहे फर्जी जॉइनिंग लेटरअमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ अज्ञात गिरोह और फर्जी कंसलटेंसी कंपनियां युवाओं को सुरक्षा गार्ड, ग्राउंड स्टाफ, कस्टमर सर्विस और लोडर जैसे पदों पर शत-प्रतिशत नौकरी लगवाने का झांसा दे रही हैं। ये ठग सीधे-साधे युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल चेकअप और यूनिफॉर्म के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते हैं और बाद में उन्हें एयरपोर्ट अथॉरिटी के नाम का फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा देते हैं। जब पीड़ित युवा नौकरी के लिए एयरपोर्ट पहुंचते हैं, तब उन्हें अपने साथ हुई इस बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होता है।एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया भर्ती का असली और सही तरीकाअमृतसर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस भ्रम को दूर करने के लिए आधिकारिक बयान जारी कर भर्ती की सही प्रक्रिया की जानकारी दी है। एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) या अमृतसर एयरपोर्ट प्रशासन कभी भी किसी भी पद के लिए सीधे नकद पैसों की मांग नहीं करता है और न ही इसके लिए किसी प्राइवेट एजेंट या बाहरी एजेंसी को अधिकृत किया गया है। एयरपोर्ट पर सभी तरह की सरकारी और अनुबंधित भर्तियां केवल एएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले ऑफिशियल नोटिफिकेशन और निर्धारित चयन प्रक्रिया (परीक्षा/इंटरव्यू) के माध्यम से ही की जाती हैं।साइबर ठगों से बचने के लिए इन बातों का रखें विशेष ध्यानप्रशासन ने युवाओं और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत वेबसाइट, व्हाट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर आने वाले जॉब लिंक्स पर भरोसा न करें और न ही अपनी निजी जानकारियां और बैंक डिटेल्स उनके साथ साझा करें। किसी भी विज्ञापन पर यकीन करने से पहले एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें। इसके साथ ही अथॉरिटी ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति नौकरी के बदले पैसों की मांग करता है, तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल में दर्ज कराएं ताकि इन ठगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:23 am

स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत! भीषण गर्मी और लू के बीच डीएम का नया आदेश, 30 जून तक बंद रहेंगे ये स्कूल

देश के मैदानी इलाकों में आसमान से बरसती आग और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार चल रही गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों से सबसे ज्यादा परेशानी मासूम स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही थी। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिलाधिकारी (DM) ने जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाओं के लिए नया आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस नए निर्देश के तहत प्ले स्कूल, प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों को आगामी 30 जून तक पूरी तरह से बंद रखने का फैसला किया गया है।मासूमों की सेहत को देखते हुए प्रशासन ने लिया कड़ा फैसलापिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और भीषण उमस के कारण स्कूलों में बच्चों के बीमार होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। कई इलाकों में बच्चों के चक्कर खाकर गिरने और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के मामले बढ़े थे। अभिभावक संघ और डॉक्टरों की ओर से भी लगातार स्कूल बंद करने या समय बदलने की मांग की जा रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बच्चों को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए 30 जून तक के लिए तत्काल प्रभाव से छुट्टी का एलान कर दिया है।सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा नियम, आदेश न मानने पर होगी सख्त कार्रवाईजिला प्रशासन द्वारा जारी यह आदेश किसी एक विशेष बोर्ड के लिए नहीं है, बल्कि यह जिले में संचालित होने वाले सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), यूपी बोर्ड और अन्य सभी मान्यता प्राप्त निजी और सरकारी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई भी स्कूल संचालक इस अवधि के दौरान कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलता हुआ पाया गया, तो उसका लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ महामारी एक्ट और अन्य प्रशासनिक धाराओं के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।बड़ी कक्षाओं के लिए समय में बदलाव, ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प खुलाप्रशासन ने जहां कक्षा 8वीं तक के बच्चों के लिए पूरी तरह से ताला लगा दिया है, वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बड़े विद्यार्थियों के लिए भी विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं। यदि इन कक्षाओं का संचालन बहुत जरूरी है, तो उन्हें केवल सुबह की शिफ्ट में ही खोला जा सकेगा और दोपहर की तेज धूप से पहले बच्चों की छुट्टी करनी होगी। इसके साथ ही, कई स्कूलों ने बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए एक बार फिर ऑनलाइन क्लासेस (Online Classes) का विकल्प चुन लिया है ताकि बच्चे घर के सुरक्षित माहौल में रहकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:21 am

शहनाई बजने से पहले पसरा मातम! बिहार में शादी वाले घर पर बेखौफ बदमाशों का तांडव, महिला की हत्या कर दुल्हन के जेवर लूटे

बिहार में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को ताउम्र के आंसुओं में बदल दिया है। सूबे में एक शादी वाले घर में जहां कुछ घंटों बाद ही शहनाई गूंजने वाली थी और मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अचानक हथियारों से लैस बदमाशों ने धावा बोल दिया। लुटेरों ने न सिर्फ शादी के लिए तैयार रखे गए दुल्हन के कीमती जेवर और नकदी लूट ली, बल्कि विरोध करने पर परिवार की एक महिला की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।मांगलिक गीतों के बीच गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहटचश्मदीदों और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, घर में शादी की रस्में चल रही थीं और रिश्तेदार व महिलाएं उत्सव के माहौल में डूबे हुए थे। इसी बीच देर रात आधी रात के बाद अचानक आधा दर्जन से अधिक नकाबपोश बदमाश हथियारों से लैस होकर घर की दीवार फांदकर भीतर दाखिल हो गए। बदमाशों ने आते ही बंदूक की नोंक पर सबको बंधक बना लिया। जब घर की महिलाओं ने तिजोरी की चाबी देने और दुल्हन के गहने ले जाने का विरोध किया, तो अपराधियों ने बिना सोचे-समझे सीधे फायरिंग झोंक दी, जिसमें एक महिला को गोली लग गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।दुल्हन की विदाई के गहने और लाखों का कैश समेटकर हुए फरारगोलीबारी की घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई, जिसका फायदा उठाकर लुटेरों ने इत्मीनान से लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश शादी के लिए विशेष तौर पर बनवाए गए सोने-चांदी के भारी आभूषण, कीमती कपड़े और भारी-भरकम नगदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। जो घर कुछ समय पहले तक रोशनी से जगमगा रहा था, वहां अब खून के धब्बे और रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। सूचना मिलने के काफी देर बाद पहुंची स्थानीय पुलिस के रवैये को लेकर भी परिजनों में गहरा गुस्सा है।इलाके में भारी तनाव, अपराधियों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी तेजइस सनसनीखेज वारदात की खबर फैलते ही आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी भारी बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है और जिले के सभी बॉर्डर सील कर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इस वारदात ने एक बार फिर बिहार में स्थानीय स्तर पर एक्टिव अपराधी गिरोहों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:19 am

बिहार में बंगला पॉलिटिक्स चरम पर! राबड़ी देवी को मिला अल्टीमेटम आज खत्म, क्या खाली होगा 'पूर्व सीएम' का आशियाना

बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरकारी बंगले को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने के लिए दिया गया अल्टीमेटम आज समाप्त हो रहा है। इस समय सीमा के खत्म होने के साथ ही पटना के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राबड़ी देवी आज अपना यह सरकारी आवास खाली कर देंगी या फिर आरजेडी और सरकार के बीच इस मुद्दे पर कोई नया कानूनी या राजनीतिक गतिरोध पैदा होगा।सम्राट चौधरी सरकार का सख्त रुख, नियमों का दिया हवालाबिहार के उपमुख्यमंत्री और भवन निर्माण विभाग का जिम्मा संभाल रहे सम्राट चौधरी ने पद संभालते ही साफ कर दिया था कि नियमों के विपरीत जाकर किसी भी नेता को सरकारी संपत्तियों पर काबिज रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार का तर्क है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को जीवनभर बंगला देने के पुराने नियम में बदलाव हो चुका है, इसलिए वर्तमान पद या पात्रता के हिसाब से ही आवास आवंटित किए जाएंगे। सरकार की तरफ से राबड़ी देवी को बकाये और आवास आवंटन रद्द होने से जुड़े नोटिस के बाद आज तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया था, जिससे आरजेडी खेमे में भारी नाराजगी है।आरजेडी का पलटवार: विपक्ष को जानबूझकर परेशान करने का आरोपइस पूरे मामले पर राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ताओं और नेताओं ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरजेडी का कहना है कि राबड़ी देवी सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि वे बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि सम्राट चौधरी और एनडीए सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और लालू परिवार को मानसिक रूप से परेशान करने के लिए जानबूझकर ऐसे नोटिस भेजे जा रहे हैं। आरजेडी नेताओं के मुताबिक, नियमों के दायरे में रहकर ही आगे का फैसला लिया जाएगा।पटना के वीवीआईपी जोन में बढ़ेगी प्रशासनिक हलचल?इस अल्टीमेटम की समय सीमा आज खत्म होने की वजह से पटना के वीवीआईपी सुरक्षा वाले 10 सर्कुलर रोड और उसके आसपास के प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है। यदि आज शाम तक बंगला खाली करने की प्रक्रिया शुरू नहीं होती है, तो भवन निर्माण विभाग और जिला प्रशासन की टीम आगामी कानूनी कदम उठाने पर विचार कर सकती है। बिहार की राजनीति में पहले भी रामकृपाल यादव, तेजस्वी यादव और चिराग पासवान के दौर में 'बंगला पॉलिटिक्स' पर जमकर लाठियां और बयान चले हैं, ऐसे में राबड़ी देवी के इस आवास को लेकर होने वाला घटनाक्रम आने वाले दिनों में और दिलचस्प मोड़ ले सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:17 am

यूसीसी पर कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी बोले- 'कुछ प्रावधान सकारात्मक पर पूरा बिल पढ़ना बाकी'

कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने अभी तक बिल को पूरी तरह पढ़ा या देखा नहीं है

देशबन्धु 29 Jun 2026 11:04 am

वेकेशन भूल जाइए! युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है 'स्टेकेशन' का नया क्रेज, जानें क्यों बजट फ्रेंडली है यह ट्रेंड

भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस के वर्क प्रेशर से ब्रेक लेने के लिए लोग अक्सर घूमने का प्लान बनाते हैं। पहले ब्रेक का मतलब सिर्फ 'वेकेशन' होता था, जिसके लिए महीनों पहले से प्लानिंग, भारी-भरकम बजट और लंबी दूरी का सफर तय करना पड़ता था। लेकिन आज के समय में, खासकर वर्किंग प्रोफेशनल्स और युवाओं के बीच एक नया शब्द तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसे 'स्टेकेशन' (Staycation) कहा जाता है। ट्रैवल इंडस्ट्री में आए इस नए बदलाव ने लोगों के छुट्टियां बिताने के अंदाज को पूरी तरह बदल दिया है। आइए जानते हैं कि यह नया कॉन्सेप्ट क्या है और यह ट्रेडिशनल वेकेशन से कितना अलग और मजेदार है।आखिर क्या है स्टेकेशन और यह वेकेशन से कैसे अलग हैसरल शब्दों में कहें तो 'वेकेशन' (Vacation) का मतलब होता है अपने शहर या देश से दूर किसी नए डेस्टिनेशन पर जाकर छुट्टियां बिताना, जिसमें फ्लाइट-ट्रेन की बुकिंग, होटल और साइटसीइंग शामिल होते हैं। इसके विपरीत, 'स्टेकेशन' दो शब्दों 'स्टे' (Stay) और 'वेकेशन' (Vacation) से मिलकर बना है। इसका मतलब है कि आप अपने ही शहर या उसके आसपास के किसी खूबसूरत रिजॉर्ट, बुटीक होटल या होमस्टे में रुकते हैं। इसमें आपको लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ती, बल्कि आप एक ही जगह रहकर आराम करते हैं, अच्छा खाना खाते हैं, पूल साइड वक्त बिताते हैं और खुद को रीचार्ज करते हैं।भागदौड़ से दूर सुकून की तलाश: क्यों युवाओं को भा रहा है यह कॉन्सेप्टआज की युवा पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) और मिलेनियल्स के बीच स्टेकेशन का क्रेज बढ़ने की सबसे बड़ी वजह है 'नो ट्रैवल फैटीग' यानी सफर की थकान से आजादी। वीकेंड पर बिना किसी लंबी प्लानिंग के बस बैग पैक किया और शहर के ही किसी शांत कोने में चले गए। इसके अलावा, कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के लिए यह मानसिक शांति (Mental Peace) पाने का सबसे बेस्ट तरीका बन गया है। यहां न तो आपको सुबह जल्दी उठकर टूरिस्ट स्पॉट्स पर भागने की जल्दी होती है और न ही कैब बुक करने की झंझट। बस आराम से सोचना, किताबें पढ़ना या स्पा का आनंद लेना ही इसका मुख्य उद्देश्य होता है।जेब पर नहीं पड़ता भारी: बजट और समय दोनों की बड़ी बचतट्रेडीशनल वेकेशन पर जाने का मतलब है जेब पर एक बड़ा आर्थिक बोझ, लेकिन स्टेकेशन पूरी तरह से बजट फ्रेंडली होता है। चूंकि इसमें महंगे हवाई टिकट या लंबी दूरी के सफर का खर्च शून्य हो जाता है, इसलिए पूरा पैसा सिर्फ एक अच्छे लग्जरी स्टे और लजीज व्यंजनों पर खर्च होता है। समय की कमी से जूझ रहे लोग, जिन्हें ऑफिस से लंबी छुट्टियां नहीं मिलतीं, वे शनिवार और रविवार के 2 दिनों का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन स्टेकेशन प्लान कर लेते हैं। सोमवार को वे बिना किसी ट्रैवल हैंगओवर या थकान के बिल्कुल फ्रेश माइंड के साथ दोबारा अपने काम पर लौट आते हैं।डिजिटल डिटॉक्स और वर्कवेकेशन का भी मिल जाता है मौकाआजकल कई युवा स्टेकेशन का इस्तेमाल 'डिजिटल डिटॉक्स' के लिए कर रहे हैं, जहां वे कुछ समय के लिए सोशल मीडिया और गैजेट्स से दूरी बना लेते हैं। वहीं दूसरी ओर, 'वर्क फ्रॉम एनीव्हेयर' करने वाले लोगों के लिए यह 'वर्कवेकेशन' का रूप ले चुका है, जहां वे शहर के किसी आलीशान होटल के शांत माहौल में बैठकर अपना काम भी निपटाते हैं और शाम को वेकेशन का मजा भी लेते हैं। यही वजह है कि होमस्टे, लग्जरी विला और नेचर रिजॉर्ट्स अब युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर विशेष स्टेकेशन पैकेज ऑफर कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 11:00 am

LIVE: चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इनकार

Latest News Today Live Updates in Hindi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जल्द सुनवाई से इनकार किया। पल पल की जानकारी...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 10:51 am

झारखंड में हड़कंप! सरकारी आवासीय स्कूल में दूषित खाना खाने से 100 से अधिक छात्राएं बीमार, अस्पताल में बेड पड़े कम

झारखंड के एक सरकारी आवासीय विद्यालय (रेसिडेंशियल स्कूल) से बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। स्कूल के हॉस्टल में रात का खाना खाने के बाद 100 से भी अधिक छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। देखते ही देखते छात्राओं को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की गंभीर शिकायतें होने लगीं, जिससे पूरे स्कूल परिसर में कोहराम मच गया। आनन-फानन में बीमार बच्चियों को नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां एक साथ इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और अस्पताल परिसर में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।रात के खाने के बाद बिगड़ी तबीयत, फूड पॉइजनिंग की आशंकास्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, छात्राओं को रात के भोजन में जो खाना परोसा गया था, उसके कुछ ही देर बाद बच्चियों ने बेचैनी की शिकायत की थी। आधी रात बीतते-बीतते एक के बाद एक कई छात्राओं की हालत बेहद नाजुक होने लगी। हॉस्टल प्रबंधन ने स्थिति को बिगड़ता देख तुरंत एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से सभी पीड़ित छात्राओं को जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों का शुरुआती तौर पर मानना है कि यह सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग (दूषित भोजन) का मामला है, जो उमस और गर्मी के मौसम में खाने की खराबी या साफ-सफाई की कमी की वजह से हो सकता है।अस्पताल में मची चीख-पुकार, प्रशासन और डॉक्टरों की टीम अलर्ट परएक साथ सौ से ज्यादा बच्चियों के अस्पताल पहुंचने के कारण बेड कम पड़ गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त बिस्तरों और डॉक्टरों की तैनाती की। कई बच्चियों का इलाज फर्श और स्ट्रेचर पर ही ड्रिप लगाकर शुरू करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी, उपायुक्त (डीसी) और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया है और डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि बच्चियों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। राहत की बात यह है कि अधिकांश छात्राओं की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।स्कूल की रसोई और राशन की जांच शुरू, दोषियों पर गिरेगी गाजइस गंभीर लापरवाही के बाद झारखंड शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने स्कूल के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग (फूड सेफ्टी टीम) ने हॉस्टल के किचन से खाने के सैंपल, पीने के पानी और इस्तेमाल किए जा रहे राशन को सील कर जांच के लिए लैब भेज दिया है। अभिभावकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है; उनका आरोप है कि हॉस्टल में बच्चों को लंबे समय से घटिया क्वालिटी का खाना दिया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आते ही हॉस्टल वार्डन, मेस संचालक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:36 am

पेंशनरों का फूटा गुस्सा! करनाल में लंबित मांगों को लेकर सरकार से लगाई गुहार, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री के गृह जिले करनाल में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की ओर से अपनी जायज मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया गया है। लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहे बुजुर्ग पेंशनरों ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन कर सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। पेंशनभोगी कल्याण संघ के बैनर तले जुटे इन बुजुर्गों ने साफ शब्दों में कहा कि जीवन भर सरकार और जनता की सेवा करने के बाद भी उन्हें अपने ही हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। पेंशनरों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों को तुरंत पूरा करने की पुरजोर अपील की है।इन प्रमुख और लंबित मांगों को लेकर अटकी है बातपेंशनरों की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। उनकी मुख्य मांगों में छठे और सातवें वेतन आयोग के बकाया एरियर का जल्द से जल्द भुगतान करना, बढ़ती महंगाई को देखते हुए मासिक चिकित्सा भत्ते (मेडिकल अलाउंस) को बढ़ाकर ₹3000 करना और 65, 70 तथा 75 वर्ष की आयु पूरी करने पर मिलने वाली अतिरिक्त पेंशन पेंशनरों के खातों में समय पर ट्रांसफर करना शामिल है। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे टिकटों में मिलने वाली पुरानी रियायत को भी फिर से बहाल करने की मांग तेजी से उठाई गई।बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर दिया जोरएसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बढ़ती उम्र और शारीरिक दिक्कतों के कारण बुजुर्गों का मेडिकल खर्च काफी ज्यादा बढ़ गया है, लेकिन सरकार द्वारा दिया जा रहा मौजूदा चिकित्सा भत्ता ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में याद दिलाया कि पेंशन कोई खैरात या दान नहीं है, बल्कि यह कर्मचारियों का कानूनी और सामाजिक अधिकार है। यदि प्रदेश सरकार ने बजट और कैबिनेट बैठकों में उनकी इन जायज मांगों पर तुरंत सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया, तो वे आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर राज्यव्यापी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।करनाल जिला प्रशासन को सौंपा मांग पत्र, मुख्यमंत्री से उम्मीदेंबैठक के समापन के बाद बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर सचिवालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों का पुलिंदा सौंपा। करनाल के स्थानीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी बुजुर्गों की इस मांग का समर्थन किया है। पेंशनरों का कहना है कि करनाल मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्षेत्र होने के कारण यहां से उठी आवाज का असर सीधे चंडीगढ़ तक होता है, इसलिए उन्हें उम्मीद है कि सरकार उनके साथ न्याय करेगी। अब देखना यह होगा कि चुनावी साल के इस माहौल में सरकार इन बुजुर्ग वोटरों और वरिष्ठ नागरिकों को खुश करने के लिए क्या कदम उठाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:16 am

बराड़ा में सनसनी! पड़ोसी के बंद मकान में मिली युवक की लहूलुहान लाश, आंख और कान से खून बहने से हत्या की आशंका

हरियाणा के अंबाला जिले के अधीन आने वाले बराड़ा कस्बे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक लापता युवक का शव उसके ही पड़ोसी के घर के भीतर बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक युवक के चेहरे, आंख और कान से लगातार खून बह रहा था, जिसे देखकर परिजनों ने सीधे तौर पर बेरहमी से हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची बराड़ा थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी है।रात से गायब था युवक, पड़ोसी के कमरे में इस हाल में मिलापारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, मृतक युवक बीते रोज शाम से ही अचानक घर से लापता था। परिजन रातभर उसकी तलाश आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां करते रहे, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। सुबह जब पड़ोस के ही एक मकान से कुछ संदिग्ध हलचल और अजीब सी गंध आने की बात सामने आई, तो लोगों ने भीतर जाकर देखा। कमरे का नजारा देखते ही सबके होश उड़ गए। गायब युवक वहां फर्श पर बेसुध पड़ा हुआ था। जब पास जाकर देखा गया तो उसकी सांसें थम चुकी थीं और चेहरे पर चोट के गहरे निशान थे।आंख और कान से बहता खून दे रहा बड़ी साजिश का इशाराशव की हालत को देखकर प्रथम दृष्टया यह मामला महज प्राकृतिक मौत या हादसे का नहीं लग रहा है। मृतक की आंख और कान से खून का रिसाव हो रहा था, जो इस बात की तरफ साफ इशारा कर रहा है कि मौत से पहले युवक के साथ गंभीर मारपीट की गई है या उसे कोई जहरीला पदार्थ दिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पड़ोसी मकान मालिक और उसके करीबियों से तुरंत सख्ती से पूछताछ की जाए, क्योंकि वारदात के बाद से ही कुछ संदिग्ध लोग इलाके से गायब बताए जा रहे हैं।फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी नजरेंघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए बराड़ा पुलिस ने तुरंत अंबाला से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया। एक्सपर्ट्स ने कमरे के भीतर से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया गया है। मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि रात के वक्त मकान में आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:14 am

हरियाणा में बड़ा सियासी धमाका! नवीन जयहिंद ने मुंडन कराकर दी भरत तिवारी को श्रद्धांजलि, बोले- सरकार मेरा भी करा सकती है एनकाउंटर

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर से सनसनीखेज मोड़ आ गया है। अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाने वाले छात्र नेता और हरियाणा 'आप' के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपना मुंडन करवा लिया है। जयहिंद ने हाल ही में सुर्खियों में रहे भरत तिवारी को अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सीधे प्रदेश सरकार पर निशाना साधा और एक ऐसा चौंकाने वाला दावा कर दिया, जिससे पूरे राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। नवीन जयहिंद ने आशंका जताते हुए कहा कि सरकार आने वाले दिनों में उनका भी एनकाउंटर करवा सकती है।मुंडन कराकर जताया विरोध, भरत तिवारी को बताया व्यवस्था का शिकारनवीन जयहिंद ने अपने सिर के बाल मुंडवाकर सरकार की नीतियों और हालिया घटनाक्रमों के खिलाफ अपना कड़ा रोष प्रकट किया। उन्होंने भरत तिवारी की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक आम मौत या कानूनी कार्रवाई नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। जयहिंद ने भरत तिवारी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह समाज और अपनों के हक की लड़ाई लड़ रहे थे। इस मुंडन के जरिए उन्होंने साफ संदेश दिया कि वे इस दमनकारी नीति के आगे झुकने वाले नहीं हैं और न्याय की यह जंग आगे भी जारी रहेगी।एनकाउंटर की आशंका पर जयहिंद का बेबाक बयान, कहा- मैं डरने वाला नहींप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब नवीन जयहिंद से उनके इस आक्रामक रुख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर खुद की जान को खतरा बताया। जयहिंद ने कहा कि जिस तरह से राज्य में आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, उसे देखते हुए उन्हें पूरा अंदेशा है कि सरकार उनके खिलाफ भी कोई बड़ा और आत्मघाती कदम उठा सकती है। उन्होंने कहा, सरकार चाहे तो मेरा भी एनकाउंटर करवा सकती है, लेकिन मैं हरियाणा की जनता और सच के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहूंगा। गोलियों या फर्जी मुकदमों से जयहिंद को डराया नहीं जा सकता।हरियाणा की कानून व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली पर दागे गंभीर सवालइस पूरे घटनाक्रम के बाद हरियाणा की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। नवीन जयहिंद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है और प्रशासन केवल सत्ता में बैठे लोगों के इशारे पर काम कर रहा है। भरत तिवारी मामले को लेकर स्थानीय जनता में पहले से ही काफी आक्रोश है, और अब जयहिंद के इस नए एलान और मुंडन प्रदर्शन ने इस मामले को पूरे हरियाणा में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। आने वाले दिनों में इस बयानबाजी को लेकर सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:13 am

बेमेतरा में रफ्तार का कहर! ट्रक की टक्कर से दो सगे दोस्तों की दर्दनाक मौत, साइकिल सवार दंपती गंभीर हालत में रायपुर रेफर

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर दो अलग-अलग भीषण सड़क हादसों ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। तेज रफ्तार और लापरवाही का शिकार हुए दो युवकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि एक अन्य हादसे में गंभीर रूप से घायल साइकिल सवार पति-पत्नी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इन हादसों के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और फरार वाहन चालकों की तलाश की जा रही है।काल बनकर आया ट्रक, मौके पर ही थमी दो युवकों की सांसेंपहला दिल दहला देने वाला हादसा बेमेतरा के मुख्य मार्ग पर हुआ, जहां अपनी बाइक से घर लौट रहे दो युवकों को सामने से आ रहे एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक उछलकर सड़क से दूर जा गिरे। सिर और छाती में गंभीर चोट आने के कारण दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची बेमेतरा थाना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतकों की शिनाख्त स्थानीय निवासियों के रूप में हुई है, जिससे उनके परिवारों में मातम पसर गया है।साइकिल सवार दंपती को रौंदा, नाजुक हालत में रायपुर किया गया रेफरअभी पुलिस पहले हादसे की कार्रवाई में जुटी ही थी कि जिले के दूसरे हिस्से से एक और दर्दनाक दुर्घटना की खबर सामने आ गई। एक अधेड़ दंपती अपनी साइकिल से बाजार से लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने उन्हें पीछे से बेरहमी से रौंद दिया। हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और घायल पति-पत्नी को बेमेतरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों की नाजुक हालत, अंदरूनी ब्लीडिंग और मल्टीपल फ्रैक्चर को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए तुरंत रायपुर मेकाहारा (मेडिसीन कॉलेज अस्पताल) रेफर कर दिया है।स्थानीय लोगों में बढ़ा गुस्सा, भारी वाहनों की एंट्री बैन करने की मांगबेमेतरा जिले में लगातार बढ़ते रोड एक्सीडेंट्स को लेकर अब स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों और बस्तियों के बीच से गुजरने वाले भारी वाहन तय गति सीमा से कहीं ज्यादा रफ्तार में चलते हैं, जिन पर ट्रैफिक पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीक आवर्स के दौरान भारी वाहनों की नो-एंट्री कड़ाई से लागू की जाए और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) और साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि भविष्य में मासूमों की जान बचाई जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:12 am

लोकतंत्र के नायकों को सलाम! सीएम विष्णु देव साय ने किया 'आपातकाल के योद्धा' का विमोचन, सेनानियों का हुआ भव्य सम्मान

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आपातकाल स्मृति दिवस के मौके पर एक गरिमामय और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल जाने वाले और यातनाएं सहने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आपातकाल के दौर के कड़े संघर्षों और दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले वीर सपूतों की गाथा पर आधारित विशेष पुस्तक 'आपातकाल के योद्धा' का भव्य विमोचन भी किया। इस कार्यक्रम ने एक बार फिर 1975 के उस दौर की यादें ताजा कर दीं जब देश में नागरिक अधिकारों को कुचल दिया गया था।मुख्यमंत्री साय बोले: लोकतंत्र सेनानी हमारे असली नायक हैंसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि साल 1975 में लगाया गया आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उस दौर में जिन लोगों ने बिना डरे तानाशाही के खिलाफ बिगुल फूंका और लोकतंत्र की बहाली के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया, वे हमारे असली नायक हैं। सीएम साय ने जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना बेहद जरूरी है कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए इन योद्धाओं ने कितनी बड़ी कुर्बानियां दी हैं। 'आपातकाल के योद्धा' पुस्तक इसी संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगी।भावुक हुए लोकतंत्र के प्रहरी, साझा किए जेल के वो कठिन दिनसम्मान समारोह के दौरान मंच पर मौजूद कई बुजुर्ग लोकतंत्र सेनानी उस दौर को याद कर भावुक हो उठे। सेनानियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे बिना किसी अपराध के उन्हें महीनों तक काल कोठरी में रखा गया, लेकिन उनके हौसले कभी नहीं डगमगाए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से आए मीसा बंदियों और उनके परिवारों ने हिस्सा लिया। राज्य सरकार द्वारा दिए गए इस सम्मान और सम्मान निधि के प्रति आभार जताते हुए सेनानियों ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है।'आपातकाल के योद्धा' पुस्तक में दर्ज हैं संघर्ष की अनकही कहानियांविमोचित की गई पुस्तक 'आपातकाल के योद्धा' में छत्तीसगढ़ अंचल के उन तमाम आंदोलनकारियों और नेताओं के संस्मरणों को संकलित किया गया है, जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया था। इस किताब में तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों, पुलिसिया दमन और भूमिगत रहकर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अनकही कहानियों को प्रामाणिक दस्तावेजों और तस्वीरों के साथ पेश किया गया है। इतिहासकारों और विश्लेषकों का मानना है कि यह पुस्तक छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास और नागरिक अधिकारों के संघर्ष को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:10 am

बस्तर में दिखा बड़ा चमत्कार! सुकमा के मासूम गणेश और सैकड़ों बच्चों को ऐसे मिली कुपोषण से नई जिंदगी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और धुर अंदरूनी क्षेत्र सुकमा से एक बेहद सुकून देने वाली मानवीय तस्वीर सामने आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान' योजना जमीनी स्तर पर बड़ी उम्मीद बनकर रंग ला रही है। इस मुहिम के तहत सुकमा जिले के सुदूर वनांचल गांवों में रहने वाले सैकड़ों कुपोषित और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को न सिर्फ नया जीवन मिल रहा है, बल्कि उनके परिवारों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है। इसी सफलता की एक जीती-जागती मिसाल बना है नन्हा गणेश, जो कभी बेहद गंभीर कुपोषण की स्थिति में था, लेकिन आज पूरी तरह स्वस्थ होकर खिलखिला रहा है।गंभीर कुपोषण की कगार से सामान्य श्रेणी तक का सफरसुकमा के स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीमों ने जब अंदरूनी इलाकों में सर्वे किया, तब मासूम गणेश का वजन उसकी उम्र के हिसाब से बेहद कम था और वह गंभीर कुपोषण (SAM - Severe Acute Malnutrition) से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत एक्टिव हुई मेडिकल टीम ने गणेश को तुरंत चिन्हित किया। इसके बाद उसे नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराकर विशेष डाइट, जरूरी दवाइयां और चौबीसों घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। नियमित थेरेपी और पौष्टिक आहार का नतीजा यह रहा कि कुछ ही हफ्तों में गणेश का वजन सामान्य हो गया और वह खतरे से बाहर आ गया।सुदूर वनांचल गांवों तक पहुंच रही हैं चलती-फिरती मेडिकल टीमेंसुकमा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन सुदूर और संवेदनशील इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना था। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अंदरूनी हाट-बाजारों और गांवों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में बच्चों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं और माताओं के स्वास्थ्य की भी मुफ्त जांच की जा रही है। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के माता-पिता को स्थानीय भाषा में पोषण आहार तैयार करने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि बच्चों को घर पर भी सही कैलोरी और प्रोटीन मिल सके।बस्तर के आंगनबाड़ियों और एनआरसी केंद्रों की बदली सूरतइस योजना की सफलता के पीछे सुकमा के स्थानीय प्रशासन, मितानीन बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत है। डॉक्टरों का कहना है कि गणेश अकेला ऐसा बच्चा नहीं है; बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को इस अभियान के जरिए कुपोषण के जाल से बाहर निकाला गया है। स्वास्थ्य विभाग अब इन बच्चों की नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि वे दोबारा कुपोषण का शिकार न हों। बस्तर के आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य और पोषण के स्तर पर आ रहा यह सकारात्मक बदलाव आने वाले दिनों में जिले की पूरी तस्वीर बदलने की ताकत रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:08 am

पैसे के बंटवारे ने खोला राज! अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी में पवन पांडेय का सबसे बड़ा खुलासा

अयोध्या में रामलला के दरबार से करोड़ों रुपये के चढ़ावे और चंदे की चोरी का मामला इन दिनों देश की सियासत में भूचाल ला चुका है। इस पूरे महाघोटाले को सबसे पहले उजागर करने वाले समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने अब एक और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने परत-दर-परत उस घटनाक्रम से पर्दा उठाया है कि कैसे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तक इस चोरी की खबर सबसे पहले और पुख्ता तरीके से पहुंची। पवन पांडेय के मुताबिक, इस महापाप का भांडाफोड़ किसी जांच से नहीं, बल्कि चोरों के बीच ही पैसे के बंटवारे को लेकर हुई आपस की लड़ाई की वजह से हुआ।जब आपस में ही भिड़ गए चढ़ावा चुराने वालेसपा नेता पवन पांडेय ने अंदरूनी सूत्रों के हवाले से बताया कि राम मंदिर के दानपात्र से करोड़ों रुपये की नगदी और कीमती आभूषणों को गायब करने का खेल काफी समय से सुनियोजित तरीके से चल रहा था। लेकिन इस खेल का अंत तब शुरू हुआ जब चोरी की गई एक बड़ी रकम के मालिकाना हक और हिस्सेदारी को लेकर आरोपियों में आपसी कलह पैदा हो गई। पैसों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद इतना बढ़ गया कि इसकी गूंज मंदिर परिसर से बाहर निकलकर स्थानीय गलियारों तक पहुंच गई।अखिलेश यादव तक ऐसे पहुंची महाघोटाले की सटीक 'इनपुट'पवन पांडेय ने खुलासा किया कि जब आरोपियों के बीच विवाद चरम पर था, तभी कुछ बेहद विश्वसनीय और जमीनी सूत्रों ने इसकी सटीक जानकारी उन तक पहुंचाई। चूंकि यह मामला सीधे तौर पर करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं की आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के दरबार से जुड़ा था, इसलिए बिना वक्त गंवाए पूरी रिपोर्ट और सबूतों के इनपुट समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजे गए। अखिलेश यादव ने तथ्यों की गंभीरता को देखते हुए इस मुद्दे पर तुरंत स्टैंड लिया और सोशल मीडिया से लेकर हर स्तर पर इस आवाज को बुलंद किया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया।एसआईटी जांच और कोर्ट से बड़ी उम्मीदेंइस पूरे चंदा चोरी प्रकरण में अब चौतरफा दबाव के बाद एसआईटी (SIT) की जांच चल रही है और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ तक भी पहुंच चुका है। विपक्ष का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर हो रही हेराफेरी को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन आपसी फूट ने इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया। पवन पांडेय और अखिलेश यादव लगातार इस मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं ताकि भगवान के घर में सेंध लगाने वाले मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 10:02 am

राम मंदिर चंदा चोरी: दो नए गुनाहगारों का सनसनीखेज खुलासा, जानें कैसे रत्नेश और गगनदीप रचते थे पूरा खेल

अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश-विदेश से मिले दान (चंदा) में सेंधमारी करने वाले गिरोह का जाल लगातार गहराता जा रहा है। राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब दो नए मास्टरमाइंड के नामों का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस की तफ्तीश और पकड़े गए आरोपियों के बयानों में रत्नेश और गगनदीप नाम के दो शातिर अपराधियों का नाम सामने आया है, जिन्होंने इस पूरी धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बैक-एंड पर एक बेहद चालाक नेटवर्क तैयार कर रखा था।आरोपियों की जुबानी, नए चेहरों की कहानीइस बड़े घोटाले की परतें तब खुलीं जब पुलिस ने चंदा चोरी के आरोप में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सीधे तौर पर रत्नेश और गगनदीप का नाम उगल दिया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों ही इस पूरे रैकेट के असली सूत्रधार हैं, जो सीधे तौर पर बैंक खातों को मैनेज करने और फर्जी रसीदों के जरिए मोटी रकम ठिकाने लगाने का काम देख रहे थे। आरोपियों ने कुबूल किया है कि इन दोनों के इशारे के बिना चंदे की रकम को डायवर्ट करना मुमकिन नहीं था।डिजिटल सेंधमारी और शातिराना खेल का तरीकाजांच में यह बात सामने आई है कि रत्नेश और गगनदीप का काम करने का तरीका बेहद हाईटेक और शातिराना था। ये लोग सीधे तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट्स, फर्जी क्यूआर कोड (QR Codes) और फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। श्रद्धा और आस्था के नाम पर जब भी कोई श्रद्धालु ऑनलाइन चंदा देने की कोशिश करता, तो यह शातिर जोड़ी तकनीक का सहारा लेकर उस पैसे को सीधे अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर करवा लेती थी। इसके बाद उस रकम को तुरंत अलग-अलग छोटे खातों में बांट दिया जाता था ताकि किसी को शक न हो।पुलिस की धरपकड़ और आगे की कार्रवाईइन दोनों नए नामों के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं। रत्नेश और गगनदीप की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनके पकड़े जाने के बाद इस बात का भी खुलासा हो सकेगा कि इस चंदा चोरी के खेल में कुल कितने करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई है और इनके तार किन-किन बड़े शहरों या अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:52 am

केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी सगाई से कुछ सप्ताह पहले उदयपुर की यात्रा पर साथ गए थे। इतना ही नहीं सगाई से पहले केतन से 1 करोड़ रुपए लेकर ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 9:44 am

टूट गया करोड़ों भारतीयों का दिल! ऑस्ट्रेलिया ने फिर तोड़ा महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतने का सपना, सेमीफाइनल की रेस से भारत बाहर

क्रिकेट के मैदान से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद दिल तोड़ने वाली खबर सामने आ रही है। महिला टी20 वर्ल्ड कप (Women's T20 World Cup) के एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को चिर-प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस हार के साथ ही टीम इंडिया का वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने और पहली बार चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा करने का ऐतिहासिक सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने हर बार की तरह इस बड़े नॉकआउट जैसे मैच में अपनी बादशाहत साबित की और भारतीय वीरांगनाओं को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस दर्दनाक हार के बाद देश के करोड़ों क्रिकेट फैंस में मायूसी छा गई है।आखिरी ओवरों का रोमांच और कंगारू टीम का पलटवार: कहां चूक गई हरमनप्रीत की सेना?इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) और उपकप्तान स्मृति मंधाना से फैंस को एक कप्तानी पारी की उम्मीद थी। मैच के एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम मजबूत स्थिति में है और ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर का पीछा आसानी से कर लेगी। मध्यक्रम में कुछ बेहतरीन साझेदारियां भी बनीं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने अपनी सधी हुई लाइन-लेंथ और बेहतरीन फील्डिंग के दम पर मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। दबाव के क्षणों में भारतीय बल्लेबाजों ने लगातार अपने विकेट गंवाए और आखिरी ओवरों में जरूरी रन रेट का ग्राफ इतना ऊपर चला गया कि टीम इंडिया लक्ष्य से कुछ रन पीछे रह गई।ऑस्ट्रेलिया की वो अभेद्य दीवार: क्यों हमेशा नॉकआउट मैचों में भारत पर भारी पड़ती है कंगारू टीम?क्रिकेट विश्लेषकों और सांख्यिकी के आंकड़ों पर नजर डालें तो आईसीसी (ICC) के बड़े टूर्नामेंट्स में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम हमेशा से भारतीय टीम के लिए एक अभेद्य दीवार साबित हुई है। चाहे वनडे वर्ल्ड कप हो, कॉमनवेल्थ गेम्स का फाइनल हो या यह टी20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला, कंगारू टीम दबाव को बेहतर ढंग से झेलने में माहिर है। ऑस्ट्रेलिया की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें दुनिया की सबसे खतरनाक क्रिकेट टीम माना जाता है। दूसरी ओर, भारतीय टीम का बड़े मैचों में आकर इस तरह घुटने टेक देना सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट के लिए एक बड़ा चिंता का विषय बन गया है, जिस पर आने वाले समय में कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।क्या कप्तानी और टीम कॉम्बिनेशन पर उठेंगे सवाल? जेनेरेटिव एआई और फैंस का गुस्साइस शर्मनाक और बड़ी हार के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों के अनुसार, इस टूर्नामेंट में भारत की खराब फील्डिंग, धीमी बल्लेबाजी और गलत टीम कॉम्बिनेशन ही हार की सबसे मुख्य वजह रहे हैं। इंटरनेट पर कई पूर्व क्रिकेटर्स और नेटिजेंस अब टीम की कप्तानी में बदलाव और नए युवा चेहरों को मौका देने की वकालत कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि वर्ल्ड कप से बाहर होने के इस बड़े झटके के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस निराशा से उबरकर आगामी द्विपक्षीय सीरीज में किस तरह से वापसी करती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:31 am

टीम इंडिया में हाहाकार! पहली ही टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ा बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आ रही है। जिम्बाब्वे दौरे के बाद आयरलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डब्लिन के स्थानीय मैदान पर खेले गए मुकाबले में आयरिश गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के आगे अय्यर पूरी तरह बेबस नजर आए। इस खराब फॉर्म के चलते उनके नाम अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट का एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसे कोई भी बल्लेबाज कभी अपने करियर में नहीं जोड़ना चाहेगा। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद आलोचकों ने उनके टीम में चयन पर भी तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।पहली ही सीरीज में टूटा फैंस का भरोसा: आयरलैंड के गेंदबाजों ने किया बेहालसीरीज के इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में श्रेयस अय्यर से सभी को एक कप्तानी या अनुभवी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे क्रीज पर आते ही संघर्ष करते नजर आए। आयरलैंड के तेज गेंदबाजों ने पिच की अतिरिक्त उछाल और स्विंग का फायदा उठाते हुए अय्यर को लगातार परेशान किया। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले या बेहद कम स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जिसके चलते वे इस दौर की पहली ही टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा बार फ्लॉप होने वाले या अनचाहे रिकॉर्ड की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं। आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ इस तरह घुटने टेकने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और नेटिजेंस उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।अय्यर के नाम दर्ज हुआ ये अनचाहा रिकॉर्ड: दिग्गजों की लिस्ट में सबसे पीछे छूटेक्रिकेट सांख्यिकी और आधुनिक खेल विश्लेषकों के अनुसार, श्रेयस अय्यर अब भारत के उन चुनिंदा मध्यक्रम बल्लेबाजों की श्रेणी में आ गए हैं जिनका विदेशी धरती पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। इस मैच में आउट होते ही उनके नाम टी20 सीरीज के शुरुआती मैचों में सबसे कम स्ट्राइक रेट से रन बनाने या लगातार सिंगल डिजिट पर आउट होने का एक बेहद खराब रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अय्यर की कमजोरी एक बार फिर खुलकर दुनिया के सामने आ गई है, जिसका फायदा अब आयरलैंड जैसी एसोसिएट और उभरती हुई टीमें भी आसानी से उठा रही हैं।क्या खतरे में है श्रेयस अय्यर का टी20 करियर? जेनेरेटिव एआई और सेलेक्टर्स की पैनी नजरइस शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों का मानना है कि भारतीय टीम में इस समय सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह और अन्य युवा बल्लेबाजों के आने से कॉम्पिटिशन अपने चरम पर है। ऐसे में अगर अय्यर आगामी मैचों में कोई बड़ा चमत्कार नहीं करते हैं, तो सिलेक्टर्स उन्हें टी20 फॉर्मेट से हमेशा के लिए ड्रॉप करने का कड़ा फैसला ले सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस भारी दबाव और आलोचनाओं के बीच श्रेयस अय्यर अपनी कमियों को सुधारकर अगले मैच में किस तरह वापसी करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:30 am

टीम इंडिया में हाहाकार! पहली ही टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर के नाम जुड़ा बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड, आयरलैंड के आगे घुटने टेकने पर हुए मजबूर

भारतीय क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और निराशाजनक खबर सामने आ रही है। जिम्बाब्वे दौरे के बाद आयरलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) के प्रदर्शन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। डब्लिन के स्थानीय मैदान पर खेले गए मुकाबले में आयरिश गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के आगे अय्यर पूरी तरह बेबस नजर आए। इस खराब फॉर्म के चलते उनके नाम अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट का एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसे कोई भी बल्लेबाज कभी अपने करियर में नहीं जोड़ना चाहेगा। इस शर्मनाक प्रदर्शन के बाद आलोचकों ने उनके टीम में चयन पर भी तीखे सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।पहली ही सीरीज में टूटा फैंस का भरोसा: आयरलैंड के गेंदबाजों ने किया बेहालसीरीज के इस बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में श्रेयस अय्यर से सभी को एक कप्तानी या अनुभवी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे क्रीज पर आते ही संघर्ष करते नजर आए। आयरलैंड के तेज गेंदबाजों ने पिच की अतिरिक्त उछाल और स्विंग का फायदा उठाते हुए अय्यर को लगातार परेशान किया। श्रेयस अय्यर बिना खाता खोले या बेहद कम स्कोर पर पवेलियन लौट गए, जिसके चलते वे इस दौर की पहली ही टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा बार फ्लॉप होने वाले या अनचाहे रिकॉर्ड की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गए हैं। आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ इस तरह घुटने टेकने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा सातवें आसमान पर है और नेटिजेंस उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं।अय्यर के नाम दर्ज हुआ ये अनचाहा रिकॉर्ड: दिग्गजों की लिस्ट में सबसे पीछे छूटेक्रिकेट सांख्यिकी और आधुनिक खेल विश्लेषकों के अनुसार, श्रेयस अय्यर अब भारत के उन चुनिंदा मध्यक्रम बल्लेबाजों की श्रेणी में आ गए हैं जिनका विदेशी धरती पर टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है। इस मैच में आउट होते ही उनके नाम टी20 सीरीज के शुरुआती मैचों में सबसे कम स्ट्राइक रेट से रन बनाने या लगातार सिंगल डिजिट पर आउट होने का एक बेहद खराब रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। टीम इंडिया के पूर्व दिग्गजों का मानना है कि शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ अय्यर की कमजोरी एक बार फिर खुलकर दुनिया के सामने आ गई है, जिसका फायदा अब आयरलैंड जैसी एसोसिएट और उभरती हुई टीमें भी आसानी से उठा रही हैं।क्या खतरे में है श्रेयस अय्यर का टी20 करियर? जेनेरेटिव एआई और सेलेक्टर्स की पैनी नजरइस शर्मनाक रिकॉर्ड के बाद श्रेयस अय्यर के भविष्य को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। जेनेरेटिव एआई (AI Search) और खेल कूटनीति के जानकारों का मानना है कि भारतीय टीम में इस समय सूर्यकुमार यादव, रिंकू सिंह और अन्य युवा बल्लेबाजों के आने से कॉम्पिटिशन अपने चरम पर है। ऐसे में अगर अय्यर आगामी मैचों में कोई बड़ा चमत्कार नहीं करते हैं, तो सिलेक्टर्स उन्हें टी20 फॉर्मेट से हमेशा के लिए ड्रॉप करने का कड़ा फैसला ले सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस भारी दबाव और आलोचनाओं के बीच श्रेयस अय्यर अपनी कमियों को सुधारकर अगले मैच में किस तरह वापसी करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:28 am

मीठा खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! गलत समय पर खाई गई मिठाई बढ़ा देगी ब्लड शुगर और वजन, जानें स्वीट क्रेविंग का सही आयुर्वेदिक समय

भारतीय संस्कृति में भोजन के बाद कुछ मीठा खाना हमारी सदियों पुरानी आदत और परंपरा का हिस्सा रहा है। चाहे शादी-ब्याह का मौका हो या कोई आम दिन, थाली में मिठाई का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस मीठे को आप बड़े चाव से खाते हैं, उसे खाने का भी एक सही समय और वैज्ञानिक तरीका होता है? जी हां, गलत समय और गलत मात्रा में खाई गई चीनी या मिठाई आपके शरीर में अचानक इंसुलिन स्पाइक कर सकती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल और वजन तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। आइए जानते हैं कि सेहत को बिना नुकसान पहुंचाए मीठा खाने का सही समय और हेल्दी तरीका आखिर क्या है।कब खाने से बढ़ सकता है ब्लड शुगर और वजन? जानें गलत समय का विज्ञानस्वास्थ्य विशेषज्ञों और आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के अनुसार, रात को सोने से ठीक पहले या खाली पेट मीठा खाना सेहत के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। जब आप रात के समय या भारी डिनर के तुरंत बाद आइसक्रीम, पेस्ट्री या पारंपरिक मिठाइयां खाते हैं, तो शरीर की शारीरिक निष्क्रियता के कारण वह शुगर फैट के रूप में जमा होने लगती है। खाली पेट मीठा खाने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर अचानक बहुत ऊपर चला जाता है, जिसके बाद शरीर को भारी मात्रा में इंसुलिन रिलीज करना पड़ता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आपको प्री-डायबिटीज और मोटापे की ओर धकेल देती है।क्या मीठा खाने का भी होता है सही समय? आयुर्वेद और साइंस का बड़ा खुलासाआयुर्वेद और आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस दोनों ही मीठा खाने के एक खास और अचूक समय की वकालत करते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, यदि आपको मीठा खाना ही है, तो उसे भोजन की शुरुआत में या फिर दोपहर के लंच के साथ खाना सबसे बेहतर माना जाता है। भोजन की शुरुआत में मीठा खाने से हमारे शरीर की जठराग्नि (पाचन रस) उत्तेजित होती है और यह आसानी से पच जाता है। वहीं, साइंस के मुताबिक वर्कआउट या भारी एक्सरसाइज करने के ठीक बाद मीठा खाना सबसे सुरक्षित समय है, क्योंकि उस वक्त शरीर को तुरंत एनर्जी (ग्लाइकोजन) की जरूरत होती है और खाई गई शुगर फैट में बदलने के बजाय सीधे मांसपेशियों को रिकवर करने में इस्तेमाल हो जाती है।स्वीट खाने के हेल्दी तरीके: बिना बीमारी के ऐसे शांत करें अपनी शुगर क्रेविंगअगर आप अपनी मीठा खाने की आदत को पूरी तरह छोड़ नहीं पा रहे हैं, तो कुछ स्मार्ट और हेल्दी तरीके अपनाकर आप अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं। रिफाइंड सफेद चीनी से बनी मिठाइयों के बजाय गुड़, शहद, खजूर या पके हुए ताजे फलों (जैसे आम, केला) को अपनी डाइट में शामिल करें। जब भी तेज स्वीट क्रेविंग हो, तो मिठाई को अकेले खाने के बजाय उसे प्रोटीन या फाइबर युक्त भोजन (जैसे नट्स या चिया सीड्स) के साथ खाएं, ताकि ब्लड शुगर अचानक से न बढ़े। स्थानीय वेलनेस एक्सपर्ट्स यह भी सलाह देते हैं कि मीठा खाने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट की वॉक जरूर करें ताकि बढ़ा हुआ ग्लूकोज तुरंत बर्न हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:25 am

सुबह उठते ही पेट एक बार में शीशे की तरह हो जाएगा साफ! रात को सोने से पहले पी लें यह जादुई घरेलू ड्रिंक

आज के इस भागदौड़ भरे आधुनिक दौर में खराब खान-पान, मैदे और जंक फूड का अत्यधिक सेवन, शारीरिक निष्क्रियता और तनाव की वजह से पेट से जुड़ी बीमारियां हर दूसरे व्यक्ति की बड़ी समस्या बन चुकी हैं। देश के लाखों लोग सुबह उठते ही घंटों शौचालय में बिताते हैं, फिर भी उनका पेट ठीक से साफ नहीं होता। कब्ज (Constipation) और पेट का भारीपन न केवल आपके पूरे दिन के मूड को खराब करता है, बल्कि यह शरीर में कई अन्य गंभीर बीमारियों की जड़ भी बन जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान दोनों का मानना है कि जिसका पेट साफ है, उसकी आधी बीमारियां वैसे ही खत्म हो जाती हैं। अगर आप भी पुरानी से पुरानी कब्ज और गैस की समस्या से परेशान हैं, तो रात को सोने से पहले रसोई में मौजूद चीजों से बनी यह एक जादुई ड्रिंक आपकी इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।पेट की हर बीमारी की जड़ है कब्ज: जानिए रात की इस ड्रिंक के पीछे का आयुर्वेदिक विज्ञानआयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर में पाचन क्रिया का सुचारू रूप से चलना बेहद जरूरी है। रात के समय हमारा शरीर रीइमेजिन और डिटॉक्सिफिकेशन मोड पर होता है, यानी वह दिनभर की गंदगी को बाहर निकालने की तैयारी करता है। जब आप सोने से ठीक पहले गुनगुने पानी या दूध के साथ विशेष आयुर्वेदिक तत्वों से भरपूर इस घरेलू ड्रिंक का सेवन करते हैं, तो यह सीधे आपकी आंतों (Intestines) में जाकर वहां जमा सूखे और कड़े मल को ढीला कर देती है। यह ड्रिंक आंतों के पेरिस्टालसिस मूवमेंट (भोजन आगे बढ़ाने की प्रक्रिया) को तेज करती है, जिससे सुबह आंख खुलते ही बिना किसी प्रेशर या दर्द के पेट एक ही बार में पूरी तरह और शीशे की तरह साफ हो जाता है।कैसे तैयार करें यह जादुई नाइट डिटॉक्स ड्रिंक? यह है सबसे आसान घरेलू विधिइस चमत्कारी ड्रिंक को बनाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगी दवा लाने की जरूरत नहीं है, इसका सामान आपकी रसोई में ही मौजूद है। आपको बस एक गिलास गुनगुना पानी या हल्का गर्म दूध लेना है और उसमें आधा चम्मच शुद्ध देसी घी और आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण (Triphala Churn) या जीरा-अजवाइन का पाउडर मिलाना है। इसके अलावा, एक और बेहतरीन विकल्प यह है कि आप एक गिलास पानी में एक चम्मच सौंफ और आधा चम्मच मेथी दाना उबाल लें और गुनगुना होने पर इसे छानकर पी लें। इन तीनों ही ड्रिंक्स में प्रचुर मात्रा में नेचुरल लैक्सेटिव और फाइबर पाए जाते हैं, जो आंतों की लुब्रिकेशन को बढ़ाते हैं और गैस, एसिडिटी व ब्लोटिंग को जड़ से मिटाते हैं।सुबह पेट साफ होने के अन्य बड़े फायदे: एआई सर्च और हेल्थ एक्सपर्ट्स की रायजेनेरेटिव एआई (AI Search) और आधुनिक स्लीप व गट हेल्थ थेरेपिस्ट्स के अनुसार, एक स्वस्थ पेट सीधे तौर पर हमारे मानसिक स्वास्थ्य और स्किन ग्लो से जुड़ा हुआ है। जब सुबह पेट एक बार में साफ हो जाता है, तो शरीर के टॉक्सिंस (विषाक्त पदार्थ) बाहर निकल जाते हैं, जिससे चेहरे पर मुंहासे नहीं होते, आलस्य दूर होता है और दिनभर गजब की एनर्जी बनी रहती है। स्थानीय स्तर पर योग और वेलनेस एक्सपर्ट्स भी यही सलाह देते हैं कि इस ड्रिंक को पीने के साथ-साथ रात का डिनर हमेशा हल्का रखें और सोने से कम से कम दो घंटे पहले कर लें, ताकि यह ड्रिंक आंतों पर अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके और आपको बिना किसी साइड इफेक्ट के परमानेंट राहत मिल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:24 am

बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर! कल ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा, गर्मी से 40% पिघला हिमलिंग

भोलेनाथ के भक्तों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है और पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2026) का शंखनाद होने वाला है। कल यानी ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी की विधिवत 'प्रथम पूजा' संपन्न की जाएगी। इस पूजा के साथ ही इस वर्ष की पवित्र तीर्थयात्रा की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी। हालांकि, इस बार बाबा बर्फानी के दर्शनों के लिए उत्सुक श्रद्धालुओं के लिए एक चिंताजनक खबर भी सामने आ रही है। पिछले कुछ हफ्तों से उत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में पड़ रही भीषण गर्मी और ग्लोबल वार्मिंग के असर के कारण गुफा के भीतर मौजूद प्राकृतिक हिमलिंग (Ice Lingam) लगभग 40 फीसदी तक पिघल चुका है। इस बड़े बदलाव के बावजूद स्थानीय प्रशासन और श्राइन बोर्ड यात्रा को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियों में मुस्तैद हैं।ज्येष्ठ पूर्णिमा पर प्रथम पूजा का विशेष महत्व: कल से शुरू होगा भक्ति का महासंगमअमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की परंपरा के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ पूर्णिमा के शुभ संयोग पर पवित्र गुफा के भीतर विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ प्रथम पूजा आयोजित की जाती है। इस पूजा में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली या व्यक्तिगत रूप से शामिल होकर बाबा अमरनाथ से यात्रा के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना करते हैं। हिंदू धर्म में इस पूजा का अत्यंत ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है, क्योंकि इसी दिन से पवित्र गुफा के कपाट आध्यात्मिक रूप से तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिए जाते हैं और पूरे वातावरण में 'बम बम भोले' के जयकारे गूंजने लगते हैं।ग्लोबल वार्मिंग का सीधा प्रहार: 40 फीसदी तक सिमटा बाबा बर्फानी का आकारइस साल पहाड़ों पर पड़ी कम बर्फबारी और जून के महीने में मैदानी इलाकों के साथ-साथ ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में दर्ज किए गए रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने बाबा बर्फानी के स्वरूप पर बड़ा असर डाला है। ताजा ग्राउंड रिपोर्ट और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि गुफा के भीतर बनने वाला हिमलिंग अपनी पूरी क्षमता से करीब 40 प्रतिशत तक पिघल गया है। रक्षा और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में मानसून की बारिश समय पर नहीं हुई या पहाड़ों पर गर्मी इसी तरह बरकरार रही, तो हिमलिंग के आकार में और तेजी से गिरावट आ सकती है। यही वजह है कि शुरुआती जत्थों में जाने वाले श्रद्धालुओं को बाबा बर्फानी के पूरे स्वरूप के दर्शन मिलने की संभावना सबसे अधिक जताई जा रही है।भौगोलिक चुनौतियां और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी: यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारीअमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के स्थानीय प्रशासन और भारतीय सेना ने दोनों मुख्य रूटों— पहलगाम (Pahalgam) और बालटाल (Baltal) पर सुरक्षा और सुविधाओं का अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया है। इस बार एआई सर्च (GEO) और आधुनिक तकनीक के जरिए मौसम के पल-पल के बदलावों पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर ऑक्सीजन बूथ, मेडिकल कैंप और रहने के लिए टेंटों की व्यवस्था को पहले से ज्यादा हाई-टेक किया गया है। श्राइन बोर्ड ने सभी अमरनाथ यात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ जरूरी गर्म कपड़े, रेनकोट और फिटनेस सर्टिफिकेट अवश्य लाएं और बदलते मौसम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:20 am

मानसून आते ही घरों में क्यों बनने लगती है दाल-पूड़ी, खीर और आम? जानें आर्द्रा नक्षत्र का वो वैज्ञानिक सच जो होश उड़ा देगा

भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं में प्रकृति, मौसम और खान-पान का एक बेहद गहरा और अटूट संबंध रहा है। जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में चिलचिलाती धूप और गर्मी के बाद मानसून की पहली फुहारें पड़ती हैं, वैसे ही उत्तर और मध्य भारत के घरों में एक विशेष पारंपरिक थाली तैयार होने लगती है। इस थाली में खासतौर पर गरमा-गरम दाल भरी पूड़ी, मलाईदार चावल की खीर और पके हुए रसीले आम शामिल होते हैं। स्थानीय समाज में इसे 'अद्रा (आर्द्रा) का भोजन' कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दाल-पूड़ी, खीर और आम के इस खास कॉम्बिनेशन का सीधा संबंध आकाशमंडल के आर्द्रा नक्षत्र (Ardra Nakshatra) से है? यह केवल कोई अंधविश्वास या पुरानी रीत नहीं है, बल्कि इसके पीछे का वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी महत्व बेहद हैरान करने वाला है।आर्द्रा नक्षत्र से क्या है इस लजीज थाली का सीधा कनेक्शन?खगोल विज्ञान और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं और आर्द्रा नक्षत्र का उदय होता है, तो भारत में वर्षा ऋतु यानी मानसून की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है। आर्द्रा का शाब्दिक अर्थ होता है 'नमी' या 'गीलापन'। इस दौरान हवा में आर्द्रता (Humidity) अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और मौसम पूरी तरह करवट ले लेता है। ग्रामीण और स्थानीय लोक संस्कृति में सदियों से यह माना जाता रहा है कि आर्द्रा नक्षत्र के प्रवेश करते ही धरती मां रजस्वला होती हैं और नई फसलों के अंकुरण के लिए तैयार होती हैं। इसी खुशी और उत्सव के रूप में प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए इस विशेष पकवान को बनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।इस पारंपरिक भोजन के पीछे छिपा है आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का अनोखा राजवैज्ञानिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मौसम के इस अचानक बदलाव का हमारे पाचन तंत्र (Digestive System) पर सीधा असर पड़ता है। मानसून की शुरुआत में इंसानी शरीर की जठराग्नि (भूख और पचाने की शक्ति) थोड़ी मंद पड़ जाती है, जिसके कारण मौसमी बीमारियां, पेट दर्द और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, इस समय शरीर में 'वात' दोष कुपित होता है। खीर में मौजूद दूध और चावल शरीर को शीतलता प्रदान करते हैं, जबकि दाल भरी पूड़ी में इस्तेमाल होने वाले मसाले और घी शरीर को जरूरी ऊर्जा और स्निग्धता देते हैं। यह पूरा भोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Boost) को बढ़ाने और पेट को संतुलित रखने के लिए एक अचूक टॉनिक की तरह काम करता है।आम खाने का यही है सबसे सही समय: सेहत के लिए क्यों है जरूरी?इस थाली का सबसे मुख्य और आकर्षक हिस्सा है फलों का राजा 'आम'। विज्ञान कहता है कि आर्द्रा नक्षत्र के शुरू होने से पहले तक (यानी भीषण गर्मी में) जो आम बाजारों में मिलते हैं, उनमें गर्मी और एसिड की मात्रा अधिक होती है। लेकिन मानसून की पहली बारिश की बूंदें पड़ते ही आम का प्राकृतिक कसैलापन और अत्यधिक गर्मी शांत हो जाती है, जिससे वह पूरी तरह पककर सुपाच्य हो जाता है। खीर और आम को एक साथ मिलाकर खाने से शरीर को प्रचुर मात्रा में विटामिन-ए, सी और आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट्स मिलते हैं, जो बदलते मौसम में त्वचा और आंखों की सेहत को दुरुस्त रखते हैं। यही वजह है कि हमारे पूर्वजों ने इस वैज्ञानिक संतुलन को एक खूबसूरत परंपरा का रूप दे दिया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:18 am

साल की सबसे बड़ी पूर्णिमा आज! ज्येष्ठ पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ महासंयोग, जानें सत्यनारायण पूजा का महामुहूर्त

सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष और अत्यंत पूजनीय स्थान माना गया है, लेकिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि (Jyeshtha Purnima) अपने आप में कई मायनों में बेहद खास और चमत्कारी मानी जाती है। आज देश भर में ज्येष्ठ पूर्णिमा का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस बार की पूर्णिमा इसलिए भी अधिक फलदायी हो गई है क्योंकि आज के दिन कई अत्यंत शुभ और दुर्लभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, आज के शुभ योगों में की गई पूजा-अर्चना, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने से साधक को जीवन के सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व: क्यों बेहद खास है आज का दिन?पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था और इसी पावन तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार सत्यनारायण भगवान की पूजा का विधान शुरू हुआ था। इस दिन पवित्र गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अनजाने में हुए सभी पाप धूल जाते हैं। विवाहित महिलाओं के लिए भी यह दिन सौभाग्य लेकर आता है क्योंकि इसी कालखंड में वट सावित्री व्रत का समापन भी होता है। आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) के अनुसार, लोग इस दिन मानसिक शांति और चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष रूप से चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं, जिससे कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।सत्यनारायण भगवान की पूजा का सबसे शुभ समय और महामुहूर्तआज ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर घर-घर में सुख-शांति के लिए भगवान सत्यनारायण की कथा कराने की प्राचीन परंपरा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, आज पूजा के लिए कई श्रेष्ठ चौघड़िया और शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। सुबह के समय अमृत और शुभ के चौघड़िया में पूजन करना सर्वोत्तम रहेगा। वहीं, जो श्रद्धालु संध्या काल में प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा पर पूजा करना चाहते हैं, उनके लिए शाम का समय भी बेहद फलदायी है। राहुकाल के समय को छोड़कर पूरे दिन में किसी भी शुभ वेला में श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी का सामूहिक पूजन संपन्न किया जा सकता है, जिससे घर की दरिद्रता का हमेशा के लिए नाश होता है।संपूर्ण पूजा विधि, नियम और इस चमत्कारी मंत्र का करें जापज्येष्ठ पूर्णिमा की पूजा को सफल बनाने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। अपने घर के मंदिर या स्थानीय पूजा स्थल (Local Temple) की अच्छे से साफ-सफाई करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। भगवान को पीले फूल, पीले फल, पंचामृत और विशेष रूप से तुलसी दल अर्पित करें क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरि भोग स्वीकार नहीं करते। पूजा के दौरान ॐ नमो भगवते वासुदेवाय और ॐ श्री लक्ष्म्यै नमः मंत्रों का कम से कम 108 बार श्रद्धापूर्वक जाप करें। इसके बाद सत्यनारायण भगवान की कथा सुनें या पढ़ें और अंत में कपूर से आरती कर सभी में चरणामृत और पंजीरी का प्रसाद वितरित करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:17 am

लॉक अप 2' में टूटने की कगार पर पहुंचा रिश्ता! आकांक्षा चमोला ने खोले पति गौरव खन्ना से तलाक के राज, भड़कीं राखी सावंत

टेलीविजन इंडस्ट्री के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। छोटे पर्दे का मशहूर और विवादित रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' (Lock Upp 2) शुरू होते ही विवादों के भंवर में फंस गया है। शो में बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुईं अभिनेत्री आकांक्षा चमोला (Akanksha Chamola) ने नेशनल टेलीविजन पर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा किया है, जिसने पूरी टीवी इंडस्ट्री और फैंस को झकझोर कर रख दिया है। आकांक्षा ने शो के भीतर 'अनुपमा' (Anupamaa) फेम अभिनेता और अपने पति गौरव खन्ना (Gaurav Khanna) से चल रहे मनमुटाव और तलाक की असली वजहों पर से पर्दा उठा दिया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक नया सियासी बवाल खड़ा हो गया है।नेशनल टीवी पर आकांक्षा चमोला का दर्द: क्यों आई गौरव खन्ना से तलाक की नौबत?'लॉक अप 2' के हालिया एपिसोड में आकांक्षा चमोला कैमरे के सामने बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने को-कंटेस्टेंट्स के साथ बातचीत में अपने वैवाहिक जीवन के कड़वे सच साझा किए। आकांक्षा ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ सालों बाद दोनों के बीच आपसी समझ और कमिटमेंट की भारी कमी हो गई थी। उन्होंने इशारों-इशारों में गौरव के बिजी शेड्यूल और प्राथमिकताओं में आए बदलाव को इस रिश्ते के टूटने की मुख्य वजह बताया। आकांक्षा का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर उनके और गौरव खन्ना के फैंस के बीच जबरदस्त बहस छिड़ गई है, क्योंकि दोनों को टीवी इंडस्ट्री के सबसे आइडियल कपल्स में से एक माना जाता था।राखी सावंत का फूटा गुस्सा: आकांक्षा चमोला को लगाई जमकर फटकारआकांक्षा के इस बयान पर ड्रामा क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) का गुस्सा पूरी तरह भड़क उठा है। राखी सावंत ने एक तीखा वीडियो जारी करते हुए आकांक्षा चमोला को आड़े हाथों लिया और उन पर पब्लिसिटी स्टंट करने का गंभीर आरोप लगाया। राखी ने कहा कि किसी रियलिटी शो में फुटेज पाने और सहानुभूति बटोरने के लिए अपने पति और घर की निजी बातों को नेशनल टीवी पर उछालना बेहद शर्मनाक है। राखी ने गौरव खन्ना का पक्ष लेते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन अभिनेता और सुलझे हुए इंसान हैं, और आकांक्षा केवल शो में टिके रहने के लिए उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।नेटिजेंस और फैंस ने संभाला मोर्चा: सोशल मीडिया पर बंटी जनता की रायआकांक्षा के इस बड़े खुलासे के बाद गूगल डिस्कवर (Google Discover) और जेनेरेटिव एआई (AI Search) पर इस जोड़ी को लेकर सर्च अचानक चरम पर पहुंच गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) और इंस्टाग्राम पर नेटिजेंस भी इस विवाद में कूद पड़े हैं। जहां एक तरफ गौरव खन्ना के फैंस आकांक्षा को ट्रोल कर रहे हैं और इसे शो की टीआरपी (TRP Stunt) बढ़ाने का जरिया बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नेटिजेंस का एक बड़ा धड़ा आकांक्षा के सपोर्ट में भी खड़ा नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि एक महिला के लिए अपने टूटे हुए रिश्ते पर खुलकर बात करना बेहद हिम्मत का काम है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 9:11 am

मुख्यमंत्री योगी का सख्त आदेश, विकास कार्यों में खामी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा मंडल में हो रहे विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। मंडलायुक्त सभागार में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 8:50 am

पिछड़े देशों में पलायन से अमीर देशों को हुआ खूब फायदा

जिन अमीर देशों में बीते 35 साल में आप्रवासन की दर ज्यादा रही है, उनकी अर्थव्यवस्था को इससे बड़ा फायदा हुआ है। एक नए शोध के मुताबिक, ऐसे देश अब भी अधिक कामगारों को अपने ढांचे में पिरो सकते हैं। कैलिफोर्नियां यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के इस शोध को ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 8:16 am

Top News : सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में PM मोदी, असम में बाढ़ का कहर

Top News 29 June: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल। असम में बाढ़ से हाहाकार। ऑस्ट्रेलिया से हारकर भारतीय महिला टीम टी-20 विश्वकप से बाहर हो गई। आयरलैंड ने भारत के खिलाफ टी-20 सीरीज 2-0 से जीती। कनाडा फीफा वर्ल्ड ...

वेब दुनिया 29 Jun 2026 7:50 am

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: चंदा चोरों ने अय्याशी के बजाय जमीन-गाड़ियों में खपाया काला धन, रिश्तेदारों के नाम खरीदी संपत्ति

जमीन और कारोबार में खपाया चोरी का पैसा अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आरोपियों के काले कारनामों की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस और एसआईटी की जांच में यह साफ हो गया है कि आरोपियों ने चोरी की रकम का इस्तेमाल दिखावटी अय्याशी के बजाय संपत्ति बनाने में किया। उन्होंने अयोध्या और फैजाबाद के आसपास न केवल बेशकीमती प्लॉट खरीदे, बल्कि खेती की जमीनें भी अपने और अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज कराईं। पुलिस को यह भी पता चला है कि कई आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के कारोबार में भारी निवेश किया ताकि अवैध पैसों को वैध बनाकर छिपाया जा सके।दो साल में ही बदल गई आरोपियों की किस्मत हैरानी की बात यह है कि ये सभी आरोपी मंदिर निर्माण कार्य से पिछले महज दो से ढाई साल के भीतर ही जुड़े थे। लेकिन इतने कम समय में ही इनके रहन-सहन में आया बदलाव किसी की भी नजरों से नहीं बचा। कुछ आरोपियों ने साधारण बाइक से शुरुआत की और देखते ही देखते कार के मालिक बन गए। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव से लेकर अनुकल्प मिश्रा तक, सभी के वित्तीय व्यवहार में संदिग्ध उछाल देखा गया। कौशलपुरी में अनुकल्प मिश्रा द्वारा हाल ही में खरीदा गया 40 लाख का आलीशान घर इस बात का प्रमाण है कि मंदिर के चढ़ावे का पैसा पानी की तरह बहाया गया।पुलिस की छापेमारी और संपत्ति का आकलन रविवार को पुलिस ने सभी सात मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से पैसों को ठिकाने लगाया था। टिन्नू यादव का मामला तो और भी पेचीदा है; उसके नाम पर अयोध्या में 14 कमरों का एक हॉस्टल भी है, जिसे उसने निर्माण एजेंसी को किराए पर दिया था। वहीं दूसरी तरफ, रमाशंकर मिश्रा जैसे आरोपियों ने अपने परिवार की बेहद सामान्य स्थिति बनाए रखी ताकि किसी को शक न हो, जबकि वे अंदरखाने पैसे खपाने की जुगत में लगे थे। फिलहाल, पुलिस अब उन सभी संपत्तियों और बैंक खातों की सूची तैयार कर रही है जो इन आरोपियों ने मंदिर के पैसे से बनाई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 29 Jun 2026 7:18 am

राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय का इस्तीफा नैतिकता की मिसाल: विहिप

राम मंदिर चढ़ावा में कथित अनियमितताओं के मामले में चल रही जांच के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र जैन ने ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय के इस्तीफे को नैतिक जिम्मेदारी बताया

देशबन्धु 29 Jun 2026 6:00 am

पीएम मोदी के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है दिल्ली सरकार: सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं

देशबन्धु 29 Jun 2026 2:52 am

कराची आतंकी हमले के आरोपों पर भारत ने दिया करारा जवाब, कहा- दूसरों पर नहीं, अपने गिरेबान में झांके पाकिस्तान

Karachi terror attack Case : भारत ने कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर शनिवार रात को हुए आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:41 pm

केशव प्रसाद मौर्य ने 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया

'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में केशव प्रसाद मौर्य सम्मिलित हुए,उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण एवं जनकल्याणकारी शासन, सेवा, समर्पण और सांस्कृतिक चेतना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की अमिट मिसाल प्रस्तुत की। उनका संपूर्ण जीवन लोकसेवा, सुशासन, नारी सशक्तिकरण तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए समर्पित रहा।उपमुख्यमंत्री ने लोनी बॉर्डर बस डिपो के निकट विधायक निधि योजना के अंतर्गत निर्मित होने वाले 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी स्मृति द्वार का विधिवत शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह स्मृति द्वार आने वाली पीढ़ियों को लोकमाता के महान व्यक्तित्व, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके अनुपम योगदान का स्मरण कराता रहेगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:42 pm

प्रधानमंत्री जी भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध कर रहे हैं, केशव प्रसाद मौर्य

गाजियाबाद में 'लोकमाता' अहिल्याबाई होल्कर जी की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समारोह में श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकारें भारतीय संस्कृति, महापुरुषों की विरासत और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को संरक्षित एवं समृद्ध करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।श्री मौर्य ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन तथा भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण जनभागीदारी का महाअभियान बनना चाहिए। प्रत्येक नागरिक यदि अपनी माता के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प ले, तो यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक जनआंदोलन सिद्ध होगा।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री चैनपाल सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष श्री मयंक गोयल, सांसद श्री अतुल गर्ग, विधायक श्री नन्द किशोर गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, पार्टी पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जी के आदर्शों पर चलकर समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:30 pm

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कल नई दिल्ली में राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में करेंगे प्रतिभाग

उप मुख्यमंत्री प्रातः 09:45 बजे सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, एनएएससी कॉम्प्लेक्स, पूसा, नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विशेषज्ञ सहभागी होंगे। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों, सतत ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।श्री मौर्य उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों से भी सम्मेलन को अवगत कराएंगे। साथ ही, ग्रामीण विकास के क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकारों के मध्य बेहतर समन्वय तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी अपने विचार व्यक्त करेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:08 pm

गर्मी में तेजी से पिघल रहा अमरनाथ हिमलिंग, श्रद्धालुओं और प्रशासन की बढ़ी चिंता

Baba Amarnath Yatra : कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिमलिंग इस वर्ष अपेक्षाकृत अधिक गर्म मौसम के कारण तेजी से पिघल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही हिमलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं, ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 8:58 pm

फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत

पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 7:19 pm

महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:50 pm

उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या

उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में रविवार को गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि सुबह गोवर्धन सागर पाल से ग्रामीणों ने एक युवती को तालाब में छलांग लगाते हुए देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नागरिक […] The post उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:44 pm

भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’कार्यक्रम

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सिविल सेवा परीक्षा एवं भारतीय वन सेवा परीक्षा-2025 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों के साथ रविवार को यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के ‘135वें संस्करण’ को सुना। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में रक्षा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता, वैश्विक परिस्थितियों के बीच […] The post भजनलाल ने सिविल सेवा परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:38 pm

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला

तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा तथा हाल में हुए युद्धविराम समझौते इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत चल रही सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं स्थगित की जा सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन […] The post ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:35 pm

मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन […] The post मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 28 Jun 2026 6:27 pm

'आतंक की फैक्ट्री बंद करो', कराची धमाके पर भारत ने पाकिस्तान को दिया कड़ा जवाब; कहा—दूसरों पर इल्जाम लगाने से पहले खुद को देखो

पाकिस्तान के निराधार आरोपों पर भारत की दो-टूक कराची में हाल ही में हुए आत्मघाती आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी पुरानी आदत दोहराते हुए भारत पर उंगली उठाने की कोशिश की है। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के इन बेबुनियाद आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कड़े शब्दों में कहा कि इस्लामाबाद को अपनी जमीन पर फल-फूल रहे आतंकवाद पर 'आत्मनिरीक्षण' करने की सख्त जरूरत है। भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपने यहां मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।क्या है कराची हमले का सच? शनिवार देर रात कराची स्थित अर्धसैनिक बल 'बार्डर रेंजर' के मुख्यालय पर हुए इस आत्मघाती हमले ने पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीधे मुख्यालय की इमारत से टकरा दिया गया, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई। इस हमले में पाकिस्तान के चार जवान मारे गए हैं। वहीं, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावरों को ढेर कर दिया है और एक संदिग्ध को घायल अवस्था में पकड़ा है, जिसकी पहचान अफगान नागरिक के रूप में हुई है। हमले की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास के विश्वविद्यालय और सरकारी कार्यालयों के इलाके में हड़कंप मच गया।बढ़ते हमलों से घिरे पाकिस्तान की 'ब्लैम गेम' पॉलिटिक्स पाकिस्तान में पिछले कुछ वर्षों में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले आतंकवादी हमलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। एक तरफ जहां पाकिस्तान अपनी विफलताओं का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश करता है, वहीं दूसरी ओर काबुल और इस्लामाबाद के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव भी बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान बार-बार अफगान क्षेत्र पर हमलों का आरोप लगाता है, जिसे काबुल ने हमेशा खारिज किया है। भारत का स्पष्ट मानना है कि पाकिस्तान अपनी धरती का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ करने वाले आतंकी समूहों को पनाह देना बंद करे। भारत ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया है कि आतंक का साथ देना और दूसरों पर आरोप लगाना पाकिस्तान की एक पुरानी और विफल रणनीति रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:10 pm

केतन अग्रवाल मर्डर केस: बर्थडे का बहाना, रची गई खौफनाक साजिश; FIR में खुला सिया और चेतन की साजिश का पूरा सच

असामान्य व्यवहार और बिगड़ते रिश्ते की कहानी पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी अब पूरी तरह खुलती दिख रही है। 18 जून को लोहागढ़ किले में हुई केतन की संदिग्ध मौत अब एक सोची-समझी हत्या में तब्दील हो चुकी है। केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल का व्यवहार पिछले कुछ समय से बेहद असामान्य हो गया था। केतन ने खुद अपने परिवार को बताया था कि सिया न केवल छोटी-छोटी बातों पर बेवजह झगड़ती थी, बल्कि उसका चिड़चिड़ापन और नखरे दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे थे। विवाद की जड़ 4 जून को लोहगढ़ किले की रद्द हुई एक यात्रा बनी, जिसके बाद से सिया का व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया था।बर्थडे का बहाना और मौत का जाल FIR की डिटेल्स के मुताबिक, सिया गोयल ने पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए जन्मदिन का इस्तेमाल एक 'ट्रैप' (Trap) की तरह किया। 17 जून की रात सिया ने केतन के साथ-साथ उसकी मां राखी अग्रवाल को भी फोन कर जन्मदिन के बहाने लोहगढ़ चलने के लिए राजी कर लिया। मां के पहले इनकार के बावजूद, सिया की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। अगले दिन 18 जून को केतन अपनी मंगेतर को साथ लेकर लोहगढ़ रवाना हुआ, लेकिन कुछ ही घंटों बाद सुबह 10:45 बजे सिया का वह मनहूस फोन आया कि 'केतन खाई में गिर गया है'।घटनास्थल का सच: महज दुर्घटना या सोची-समझी हत्या? केतन की मौत के बाद जब परिवार और उनके दोस्तों ने 21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण किया, तो उन्हें दाल में कुछ काला लगा। चट्टान और आसपास के इलाके का मुआयना करने के बाद उनके दोस्तों का यह मानना है कि उस जगह से किसी का फिसलकर गिरना लगभग नामुमकिन है। परिवार का सीधा आरोप है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस की जांच और FIR में दर्ज आरोपों के अनुसार, मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर केतन को मौत के घाट उतारा, क्योंकि केतन उनके अवैध प्रेम संबंधों के बीच सबसे बड़ा कांटा बन गया था। अब पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की इस पूरी स्क्रिप्ट को अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 6:08 pm

कराची आतंकी हमले के आरोपों का भारत ने किया खंडन, विदेश मंत्रालय ने कहा-खुद के भीतर झांके पाकिस्तान

भारत ने कराची में हुए हालिया आतंकवादी हमले को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इसके साथ ही नसीहत दी है कि पाकिस्तान अपने देश से संचालित आतंकी ढांचे को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करे।

देशबन्धु 28 Jun 2026 6:00 pm

'बच्चों की छुट्टी में दखल दिया तो छिन जाएंगे अधिकार', विदेश यात्रा पर बॉम्बे हाई कोर्ट की मां को सख्त चेतावनी

पिता संग विदेश यात्रा: कोर्ट ने तय की लक्ष्मण रेखा बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक संवेदनशील पारिवारिक मामले में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मामला तलाक की कार्यवाही से गुजर रहे एक दंपत्ति का है, जहां पिता को अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति मिली थी। मां ने न केवल इस आदेश को चुनौती दी थी, बल्कि खुद भी यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने मां को यात्रा में साथ जाने की अनुमति तो दे दी, लेकिन एक बहुत बड़ी शर्त रख दी है। कोर्ट ने साफ कहा है कि मां उसी होटल में नहीं ठहर सकतीं और उन्हें पिता-पुत्रियों की छुट्टियों के दौरान किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने की सख्त मनाही है।बच्चों की खुशी सबसे ऊपर: जज की अनूठी पहल इस फैसले के पीछे कोर्ट की सोच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी छुट्टियों के आनंद को सुरक्षित रखना है। हाई कोर्ट ने दोनों बच्चियों से निजी तौर पर बात की, जिसके बाद यह पाया गया कि वे अपने पिता के साथ यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थीं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि मां उसी फ्लाइट में और उसी होटल में रहती हैं, तो यह पिता-पुत्री के बीच के खास पलों और छुट्टियों के आनंद में बाधा डाल सकता है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि पिता को मां के यात्रा खर्च उठाने का कोई निर्देश नहीं दिया जा सकता, क्योंकि बच्चे पिता के साथ यात्रा करने में पूरी तरह सहज हैं।उल्लंघन हुआ तो छिन सकते हैं मिलने के अधिकार कोर्ट ने इस मामले में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है। जस्टिस नीला गोखले ने मां को चेतावनी दी है कि यदि बेटियों ने यह शिकायत की कि मां ने पिता के साथ उनकी यात्रा में दखल दिया है, तो कोर्ट उनके साथ मिलने के अधिकार को हमेशा के लिए छीन सकता है। हालांकि, बेटियों की सुरक्षा को लेकर मां की स्वाभाविक चिंता को देखते हुए, उन्हें अपने खर्च पर यात्रा करने की छूट दी गई है। साथ ही, पिता को सुबह और शाम बेटियों की मां से वीडियो कॉल करवाने के निर्देश को बरकरार रखा गया है। यह फैसला अदालती कस्टडी के मामलों में बच्चों की खुशी और उनके निजी स्पेस को प्राथमिकता देने का एक बड़ा संदेश है।Google & Keyword Tags (Hindi & English): बॉम्बे हाई कोर्ट, कस्टडी केस, विदेश यात्रा निर्देश, बच्चों की कस्टडी, पारिवारिक विवाद, कोर्ट का आदेश, बॉम्बे हाई कोर्ट फैसला, तलाक की कार्यवाही, Bombay High Court, Child custody case, Overseas trip guidelines, Family court order, Parenting rights, Custody dispute India, Court ruling on vacation, Justice Nila Gokhale, Separation dispute, Children welfare, High court judgment 2026.

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 5:58 pm

CGHS लाभार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब चुटकियों में पास होंगे लाखों के मेडिकल बिल, केंद्र ने बढ़ाई अधिकारियों की वित्तीय शक्तियां

महंगे इलाज और मेडिकल बिलों के लिए नहीं करना होगा इंतजार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत का ऐलान किया है। अब CGHS (Central Government Health Scheme) के तहत होने वाले महंगे इलाज, सर्जरी और मेडिकल बिलों के लिए लाभार्थियों को मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने स्थानीय अधिकारियों की वित्तीय शक्तियों में भारी इजाफा किया है, जिससे अब बिलों की मंजूरी की प्रक्रिया बेहद तेज हो जाएगी। इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ यह है कि फाइलें दिल्ली भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही तेजी से निपटाई जा सकेंगी।अधिकारियों की बढ़ी शक्तियां: अब 50 लाख तक के क्लेम आसान नए नियमों के अनुसार, वित्तीय मंजूरी की सीमाओं को दोगुने से भी ज्यादा बढ़ा दिया गया है। एडिशनल डायरेक्टर (जोनल प्रमुख) अब 15 लाख रुपये तक के मेडिकल क्लेम को सीधे मंजूरी दे सकेंगे, जिसकी पहले सीमा केवल 7 लाख रुपये थी। वहीं, CGHS डायरेक्टर के पास 25 लाख रुपये तक और अतिरिक्त सचिव व महानिदेशक के पास 50 लाख रुपये तक के बिलों को मंजूरी देने की शक्ति होगी। अब केवल 50 लाख रुपये से ऊपर के असाधारण मामलों को ही स्वास्थ्य मंत्रालय और वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा, जिससे प्रक्रिया में आने वाली देरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।इमरजेंसी और बिना पैनल वाले अस्पतालों में भी राहत सरकार ने उन मरीजों को भी बड़ी राहत दी है जिन्हें मजबूरी या इमरजेंसी में गैर-पैनल अस्पतालों में इलाज कराना पड़ता है। एडिशनल डायरेक्टर अब ऐसी स्थितियों में बिलों को पास करने के लिए अधिकृत होंगे। इसके अलावा, जिन नए उपचारों या इम्प्लांट्स का रेट CGHS की सूची में तय नहीं है, उन्हें भी स्थानीय अधिकारी अब अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार जल्द मंजूरी दे सकेंगे। हालांकि, भुगतान का आधार CGHS के तय रेट्स और इलाज की वास्तविक आवश्यकता ही रहेगी।आरोग्य सेतु 2.0: स्वास्थ्य सेवाओं का 'सिंगल स्टॉप' समाधान इस राहत के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 'आरोग्य सेतु 2.0' ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप अब मेडिकल रिकॉर्ड्स सुरक्षित रखने, सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट बुक करने, एम्बुलेंस बुलाने और आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाने के लिए एक 'सिंगल विंडो' की तरह काम करेगा। अब लाभार्थियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग-अलग ऐप पर भटकने की जरूरत नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं एक क्लिक की दूरी पर आ गई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 5:54 pm

चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों की खैर नहीं! आसमान से 'ड्रोन' रख रहे नजर, RPF के एक्शन से अपराधियों में खलबली

आसमान से नजर, जमीन पर एक्शन: रेलवे का नया सुरक्षा चक्र देश भर में चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया था, लेकिन अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इसके खिलाफ 'डिजिटल कवच' तैयार कर लिया है। अब ट्रेनें सिर्फ पटरियों पर ही नहीं दौड़ रहीं, बल्कि उन पर आसमान से ड्रोन की नजर भी है। सीनियर डिविजनल सिक्योरिटी कमिश्नर आशुतोष पांडे के अनुसार, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की तैनाती ने न केवल अपराधों को कम किया है, बल्कि अपराधियों को रंगे हाथों पकड़ने में भी बड़ी सफलता दिलाई है। ड्रोन के जरिए की जा रही रियल-टाइम निगरानी से पत्थरबाजों के लिए छिपना नामुमकिन हो गया है।आंकड़ों में दिखा बदलाव: गिरफ्तारी दर में 146% की भारी उछाल RPF के ताजा आंकड़े इस नई रणनीति की कामयाबी की कहानी कह रहे हैं। साल 2025 की तुलना में 2026 में पत्थरबाजी की घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अपराधियों की धरपकड़ में 146% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है। खासकर आदर्श नगर-नरेला-पानीपत जैसे अति-संवेदनशील सेक्शन में ड्रोन का इस्तेमाल गेम चेंजर साबित हुआ है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखते ही तत्काल एक्शन टीम को अलर्ट कर दिया जाता है, जिससे अपराधी मौके से भागने में नाकाम रहते हैं।शराबी या शरारती? कौन है इन वारदातों के पीछे? जांच में यह बात सामने आई है कि कई वारदातों के पीछे रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले बच्चे हैं। अधिकारी बताते हैं कि जागरूकता और शिक्षा की कमी के कारण ये बच्चे अनजाने में या शरारत के तौर पर पत्थर फेंकते हैं, जो यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। रेलवे ने ऐसे मामलों में बच्चों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सुधारने और जागरूक करने पर जोर दिया है। हालांकि, जानबूझकर अपराध करने वाले तत्वों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई जारी है। रेलवे की इस दोहरी रणनीति—एक तरफ आधुनिक तकनीक से निगरानी और दूसरी तरफ सामाजिक जागरूकता—ने ट्रेनों को पहले से अधिक सुरक्षित बना दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 5:44 pm

शेख हसीना ने की बांग्लादेश लौटने की घोषणा, कहा- ‘इस साल के अंत तक वापसी करूंगी’

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह इस साल के अंत तक अपने देश लौटने की कोशिश करेंगी। उन्होंने लोकतंत्र, राजनीतिक अधिकारों और अपने खिलाफ चल रहे मामलों पर भी प्रतिक्रिया दी।

देशबन्धु 28 Jun 2026 3:14 pm

यमुना प्राधिकरण बना हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग हब: ₹15,000 करोड़ के निवेश से हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास को ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 2:07 pm

राम मंदिर चंदा चोरी केस में बड़ा एक्शन: 8 आरोपियों के घरों पर ताबड़तोड़ छापे, ₹80 लाख कैश बरामद

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में चढ़ावा और दान राशि चोरी मामले में पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई FIR के तहत पुलिस ने सभी 8 आरोपियों के ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 1:43 pm

केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी की पॉलीहाउस सब्सिडी पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने उठाए हितों के टकराव के सवाल

विवाद राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पीह (पेह) गांव में स्थित भागीरथ चौधरी की पालीहाउस परियोजना को लेकर है। यह परियोजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड (NHB) की योजना के तहत स्थापित की गई है।

देशबन्धु 28 Jun 2026 11:49 am

मानसून ने पकड़ी रफ्तार : IMD का अलर्ट, 28 जून को कई राज्यों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी

दक्षिण-पश्चिम मानसून के भारत में आगे बढ़ने के साथ ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 28 जून के लिए गंभीर मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। IMD के आधिकारिक बुलेटिन के ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:42 am

Strait of Hormuz : ईरान के 10 ठिकानों पर अमेरिका नेवी और एयरफोर्स ने दागीं मिसाइलें, CENTCOM ने जारी किए वीडियो

अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर एक बार फिर बड़ा सैन्य हमला किया है। अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के आसपास और भीतर मौजूद 10 ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 11:09 am

मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी,धर्मेंद्र प्रधान की हो सकती है छुट्टी, शक्तिकांत दास बन सकते हैं नए वित्त मंत्री

मोदी सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं। धर्मेंद्र प्रधान, निर्मला सीतारमण और शक्तिकांत दास समेत कई नामों को लेकर राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।

देशबन्धु 28 Jun 2026 10:50 am

झारखंड में संवेदनशील फैसला, CM हेमंत सोरेन ने अनाथ भाई-बहन की शिक्षा के लिए दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जामताड़ा के दो अनाथ भाई-बहन को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके अभिभावक को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिले के उपायुक्त को दिए हैं। दोनों बच्चों सुशील और मंजू के अनाथ होने से उनकी शिक्षा बाधित होने की जानकारी मिलने ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 10:41 am

Gujarat : गुजरात में बड़ा पल्स पोलियो अभियान शुरू! 82 लाख बच्चों को दी जाएगी जिंदगी बचाने वाली 2 बूंदें

गुजरात में 28 जून को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (National Immunization Day) के अवसर पर राज्यव्यापी पल्स पोलियो टीकाकरण महाअभियान की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया ने अभियान का शुभारंभ करते हुए सभी ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 10:20 am

UP RRTS Corridor: मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक दौड़ेगी रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ की तर्ज पर तैयार होगी DPR; सरकार ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने पश्चिमी यूपी के लोगों को विश्वस्तरीय यातायात और कनेक्टिविटी की एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुजफ्फरनगर से हरिद्वार तक के सफर को बेहद तेज, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए राज्य सरकार ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR - डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में क्षेत्र की आर्थिक तरक्की की नई 'जीवनरेखा' (Lifeline) साबित होगा।दिल्ली-मेरठ मॉडल की तर्ज पर दौड़ेगी सेमी-हाईस्पीड रैपिड रेलआपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में नई दिल्ली से गाजियाबाद होते हुए मेरठ के बीच पहले से ही देश की पहली रैपिड रेल (नमो भारत) का सफल संचालन किया जा रहा है। अब इसी बेहद आधुनिक और सफल मॉडल की तर्ज पर मुजफ्फरनगर से हरिद्वार के बीच भी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनें दौड़ेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच के सफर को पूरी तरह जाम-मुक्त और विश्वस्तरीय बनाना है, ताकि आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन को और अधिक सुलभ बनाया जा सके।राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जताया आभारइस बड़े और महत्वपूर्ण फैसले के आने के बाद, उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर एक विशेष शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी यूपी के करोड़ों निवासियों की तरफ से इस भव्य और महत्वाकांक्षी रैपिड रेल परियोजना की डीपीआर को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद किया और इसे क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर बताया।घंटों का सफर मिनटों में होगा तय: आम जनता, व्यापारियों और श्रद्धालुओं को मिलेंगे ये 3 बड़े फायदेमुजफ्फरनगर-हरिद्वार रैपिड रेल कॉरिडोर के जमीन पर उतरने के बाद इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को व्यापक स्तर पर फायदे मिलेंगे:1. तेज और सुरक्षित सफर: मुजफ्फरनगर, रुड़की और पवित्र नगरी हरिद्वार के बीच की दूरी बेहद सिमट जाएगी। जो सफर सड़क मार्ग से तय करने में अभी घंटों का समय लेता है, वह इस सेमी-हाईस्पीड रेल के जरिए मात्र कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।2. श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत: हरिद्वार देश के सबसे बड़े और प्रमुख हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां सालभर करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। रैपिड रेल शुरू होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद सुगम और सुहानी हो जाएगी।3. आर्थिक और औद्योगिक क्रांति: बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलते ही यह पूरा इलाका व्यापार और उद्योगों के लिहाज से एक नया हब बन जाएगा। मुजफ्फरनगर के कपड़ा और गुड़ उद्योग तथा रुड़की के शैक्षणिक और तकनीकी हब को हरिद्वार के धार्मिक पर्यटन से सीधे जुड़ाव का लाभ मिलेगा। इससे व्यापार, उद्योग, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी आएगी, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार (Employment) के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 10:00 am

UP Weather Forecast: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और वाराणसी समेत 50 जिलों में आज हीटवेव का अलर्ट; जानें कब होगी झमाझम मानसूनी बारिश

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज इस समय बेहद अनूठा और मिलाजुला बना हुआ है। यदि आप आज रविवार को घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो अपने क्षेत्र के मौसम का ताजा हाल जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज उत्तर प्रदेश के 50 जिलों के लिए भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का कड़ा अलर्ट जारी किया है।हालांकि, राहत की बात यह है कि राज्य में पिछले 16-17 दिनों से अटका हुआ मानसून अब बहुत जल्द आगे बढ़ने वाला है, जिससे अगले 2 से 3 दिनों के भीतर प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज आपके जिले में मौसम कैसा रहने वाला है।गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर: बारिश की उम्मीद के बीच भीषण लू की चेतावनीपूर्वी उत्तर प्रदेश (Eastern UP) के प्रमुख जिलों— गोरखपुर, वाराणसी, देवरिया और कुशीनगर में मौसम का दोहरा असर देखने को मिलेगा:हीटवेव का अलर्ट: मौसम विभाग के अनुसार, इन सभी जिलों में आज रविवार को सूर्य की तेज तपिश और उमस के कारण भयंकर गर्मी पड़ेगी। विभाग ने इन क्षेत्रों में आज और कल (अगले 2 दिन) 'हीटवेव' से लेकर 'भीषण हीटवेव' (Severe Heat Wave) की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।हल्की बारिश के आसार: लू के इस अलर्ट के बीच एक राहत भरी खबर यह भी है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण आज इन जिलों में स्थानीय स्तर पर बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की मानसूनी बौछारें पड़ने की भी संभावना है, जिससे हवा की गति तेज रहेगी।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम रहेगा पूरी तरह शुष्कपूर्वी यूपी के विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) के अधिकांश हिस्सों में आज मौसम पूरी तरह शुष्क और बेहद गर्म रहेगा। दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और आगरा जैसे क्षेत्रों में दोपहर के समय गर्म हवाएं चलेंगी और आसमान साफ रहेगा। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इस सीजन की आखरी झुलसाने वाली गर्मी है।वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक की भविष्यवाणी: महराजगंज में रुका मानसून अगले 2 दिन में बढ़ेगा आगेआंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले 16-17 दिनों से उत्तर प्रदेश के महराजगंज के पास आकर ठिठका हुआ था। लेकिन अब वायुमंडल में परिस्थितियाँ मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं। अगले दो दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में जोरदार एंट्री ले लेगा। अभी एक-दो दिन और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव का आंशिक असर दिखेगा, जिसके बाद पूरे राज्य में मौसम बदल जाएगा।आगामी दिनों का वेदर चार्ट: 30 जून से तापमान में आएगी 9C की भारी गिरावटमौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में आने वाले 4 दिनों के लिए बारिश का विस्तृत शेड्यूल जारी किया है:29 जून (सोमवार): पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी यूपी के भी कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।30 जून और 1 जुलाई: इन दो दिनों के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश (विशेषकर पूर्वी और तराई इलाकों) में व्यापक रूप से भारी मानसूनी बारिश (Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है।9 डिग्री गिरेगा पारा: इस झमाझम मानसूनी बारिश के शुरू होते ही राज्य के अधिकतम तापमान में करीब 9 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे मौसम बेहद सुहावना और ठंडा हो जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:57 am

UP Weather Update: पश्चिमी यूपी में भीषण लू और पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट; जानें 29 जून से कब झमाझम बरसेगा मानसून

उत्तर प्रदेश में आज यानी 28 जून 2026 को मौसम के दो अलग-अलग रंग (मिलाजुला रुख) देखने को मिलेंगे। जहां एक तरफ पश्चिमी यूपी के जिलों में भीषण लू (Heat Wave) और उमस का सितम जारी रहेगा, वहीं दूसरी तरफ पूर्वी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है।मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज राज्य में अधिकतम तापमान 39C से 42C और न्यूनतम तापमान 29C से 31C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह तपती गर्मी का आखिरी दौर है। 29 जून से पूरे राज्य में बारिश का नया और तगड़ा सिलसिला शुरू होने जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री (Monsoon Arrival) होने की पूरी उम्मीद है।आज इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्टभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लेटेस्ट बुलेटिन के अनुसार, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं। आज इन प्रमुख जिलों और इनके आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं:प्रयागराज मंडल व आसपास: प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, जौनपुर।वाराणसी व गोरखपुर मंडल: वाराणसी, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर (भदोही), गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ और बलिया।बस्ती व अयोध्या मंडल: बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अम्बेडकरनगर।बुंदेलखंड क्षेत्र: बांदा और चित्रकूट।चेतावनी: मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि इन जिलों में बारिश और मेघगर्जन के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी/हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली (Vajrapat) गिरने का भी खतरा है, इसलिए खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें।पश्चिमी उत्तर प्रदेश: भीषण लू और उमस का आखिरी दिनयदि पश्चिमी यूपी के जिलों (जैसे मेरठ, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर आदि) की बात करें, तो यहां आज भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दोपहर के समय सूरज की तपिश के साथ गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलेंगी और हवा में मौजूद नमी के कारण चिपचिपी उमस लोगों को बेहाल करेगी। हालांकि, यहां के निवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि लू का यह प्रकोप केवल आज रात तक ही सीमित है, क्योंकि कल से यहां भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है।नोएडा और लखनऊ का मौसम: कल शाम से बदलेगी फिजानोएडा (Delhi-NCR): नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में रहेंगे। दिनभर आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा और दोपहर के बाद शुष्क व तेज गर्म हवाएं चलेंगी।लखनऊ (Lucknow): राजधानी लखनऊ में सुबह से ही तीखी धूप खिली हुई है। दोपहर में गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन शाम होते-होते आंशिक रूप से बादल छाने का अनुमान है जिससे उमस बढ़ेगी।राहत कब मिलेगी?: मौसम केंद्र लखनऊ के अनुसार, नोएडा और लखनऊ दोनों ही शहरों को कल (29 जून) की शाम से भीषण गर्मी से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। 30 जून से 1 जुलाई के बीच इन दोनों शहरों में झमाझम मानसूनी बारिश का मुख्य दौर शुरू होगा।आगामी दिनों का पूर्वानुमान: 30 जून से 3 जुलाई तक पूरे यूपी में भारी बारिशमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 29 जून 2026 से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी हवाएं दस्तक दे देंगी और बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी।तापमान में भारी गिरावट: असली राहत 30 जून से 3 जुलाई 2026 के बीच मिलेगी, जब पूरे उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ व्यापक रूप से भारी बारिश (Heavy Rainfall) होने का अनुमान है।33C तक गिरेगा पारा: इस झमाझम बारिश के चलते राज्य का अधिकतम तापमान सीधे 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरकर 31C से 33C के बीच आ जाएगा, जिससे लोगों को पिछले कई महीनों से पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से पूरी तरह निजात मिल जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:56 am

UP Panchayat Elections 2026: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर हाईकोर्ट की रोक के खिलाफ डबल बेंच जाएगी योगी सरकार, जानें क्या है पूरा विवाद

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (UP Panchayat Elections) को लेकर सियासी और कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ द्वारा निवर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाने और उन्हें ही 'प्रशासक' (Administrator) नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने के बाद अब सरकार ने इसके खिलाफ बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाने का मन बना लिया है।हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने 25 जून 2026 के अपने सख्त आदेश में सरकार के इस कदम को प्रथम दृष्टया असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट का स्पष्ट कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को किसी भी रूप में प्रशासक की भूमिका में नहीं रखा जा सकता। इस आदेश के खिलाफ अब राज्य सरकार अगले सप्ताह हाईकोर्ट की डबल बेंच (Double Bench) या फुल बेंच में अपील दायर करने की तैयारी कर रही है।क्या पूरा मामला क्या है और क्यों सरकार ने प्रधानों को प्रशासक बनाया?उत्तर प्रदेश की लगभग 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों का पांच साल का कानूनी कार्यकाल 26 मई 2026 को पूरी तरह समाप्त हो चुका है। नियमतः कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव संपन्न हो जाने चाहिए थे, लेकिन प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनावों में देरी हो गई।गांवों में विकास कार्य और सरकारी योजनाएं न रुकें, इसके लिए योगी सरकार ने 25 मई को एक अधिसूचना जारी कर निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही अगले 6 महीने या चुनाव होने तक के लिए 'प्रशासक' नियुक्त कर दिया था। सरकार के इसी फैसले को अरविंद राठौर और अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को तगड़ा झटका दिया है।हाईकोर्ट का रुख: 5 साल से ज्यादा नहीं बढ़ सकता कार्यकाल, 13 जुलाई तक मांगी चुनाव की रूपरेखासांविधानिक दायरा: हाईकोर्ट ने अपने आदेश में भारत के संविधान के अनुच्छेद 243 (E) और 243 (K) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में चुनी हुई पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। चुनावों को अनिश्चितकाल के लिए टालना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।अनिवार्य आदेश: कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) को सख्त निर्देश देते हुए आगामी 13 जुलाई 2026 (अगली सुनवाई की तिथि) तक उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने की पूरी विस्तृत समय-सारणी और रूपरेखा कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है।सरकार की कानूनी दलील: उप्र पंचायतीराज अधिनियम 1947 की धारा 12(3-A) का सहाराशासन के उच्चपदस्थ कानूनी सूत्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के पास इस फैसले को सही ठहराने का एक मजबूत कानूनी आधार है:वैकल्पिक व्यवस्था का नियम: 'उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम, 1947' की धारा 12 की उपधारा (3-A) मुख्य रूप से असाधारण और अपरिहार्य परिस्थितियों में चुनाव टलने की स्थिति से संबंधित है। यह धारा राज्य सरकार को यह वैधानिक शक्ति देती है कि यदि लोकहित में समय पर चुनाव संभव न हो, तो वह वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था (जैसे प्रशासक की नियुक्ति) कर सकती है।अपील का आधार: चूंकि अप्रैल 1994 में ऐतिहासिक संशोधन के जरिए जोड़ी गई इस उपधारा (3-A) को आज तक कानूनन हटाया नहीं गया है, इसलिए सरकार इसी एक्ट को अपना ढाल बनाएगी। सरकार का तर्क है कि कानून में कहीं यह अनिवार्य नहीं लिखा है कि प्रशासक केवल सरकारी अधिकारी (जैसे बीडीओ या एडीओ) ही हो सकता है, जनहित में निवर्तमान प्रधानों को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है।समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाने के आदेश को भी मिलेगी चुनौतीहाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित 'उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग' को भी मुकदमे में पक्षकार (Party) बनाने की अनुमति दी है। सरकार इस आदेश को भी चुनौती देने जा रही है।आयोग के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस राम औतार सिंह का स्पष्ट कहना है कि 'कमिशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट' (Commission of Inquiry Act) की धारा-9 के तहत किसी भी जांच या सर्वे आयोग को किसी दीवानी या संवैधानिक मुकदमे में सीधे तौर पर पार्टी नहीं बनाया जा सकता है। इसलिए आयोग को पक्षकार बनाने के फैसले के खिलाफ भी सरकार अपील करेगी।नवंबर 2026 से पहले संभव नहीं हैं चुनाव? आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में लगेगा समयसर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के 'ट्रिपल टेस्ट' (Triple Test) के दिशा-निर्देशों के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 18 मई 2026 को इस समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग का मुख्य कार्य राज्य के सभी 75 जिलों में ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर जाकर ओबीसी (OBC) आबादी के सटीक सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के आंकड़े जुटाना और उनका भौतिक सत्यापन करना है।आयोग के अध्यक्ष जस्टिस राम औतार सिंह के अनुसार:हमने राज्य के सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों (DM) से पिछड़े वर्ग की आबादी के प्रारंभिक आंकड़े प्राप्त कर लिए हैं। आयोग की टीम ने मेरठ, हापुड़ और बागपत जैसे जिलों का जमीनी दौरा कर सत्यापन कार्य भी शुरू कर दिया है। चूंकि सीटों का सही आरक्षण तय करने के लिए हमें प्रदेश के सभी 75 जिलों का सघन दौरा करना होगा, इसलिए इस पूरी वैज्ञानिक और अनुभवजन्य जांच (Empirical Investigation) को पूरा करने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा। आयोग अपनी अंतिम और प्रामाणिक रिपोर्ट नवंबर 2026 तक ही शासन को सौंप पाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:54 am

Tips for Living 100 Years: 100 साल जीने का क्या है सीक्रेट? वैज्ञानिकों की रिसर्च और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली 3 बहनों से समझें लंबी उम्र का फॉर्मूला

हर इंसान की यह दिली ख्वाहिश होती है कि उसे लंबी और खुशहाल उम्र मिले। हम सब चाहते हैं कि हमारा बुढ़ापा भी जवानी की तरह पूरी तरह स्वस्थ, ऊर्जावान और शानदार गुजरे और हम जीवन के 100 वसंत देखने के बाद भी पूरी तरह निरोग रहें। मगर, आज की आधुनिक जीवनशैली में ऐसा होना किसी चमत्कार जैसा लगता है। अक्सर उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर को तरह-तरह की बीमारियां घेर लेती हैं या इंसान दूसरों पर निर्भर (अशक्त) हो जाता है।लेकिन इसी धरती पर कुछ ऐसे भी लोग हैं, जिन्होंने बढ़ती उम्र के सारे नियमों को धता बता दिया है और 100 साल का आंकड़ा पार करने के बाद भी बिना किसी लाठी या सहारे के अपना सारा काम खुद कर रहे हैं। क्या कोई इंसान वाकई 100 साल से भी ज़्यादा स्वस्थ जीवन जी सकता है? क्या इसके लिए किसी खास जादुई जड़ी-बूटी की जरूरत होती है या किसी खास देश में रहना पड़ता है? आइए, वैज्ञानिकों की हालिया रिसर्च और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली तीन सगी बहनों की कहानी से लंबी उम्र का असली सीक्रेट जानते हैं।3 बहनों की संयुक्त उम्र 316 साल! गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है नामलंबी और स्वस्थ जिंदगी का सबसे सटीक उदाहरण ब्राजील की तीन सगी बहनों ने पेश किया है, जिनकी उम्र ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। इन बहनों के नाम हैं— ज़ुलिना डी डेउस नुनेस (103 साल), जोराइडे डी डेउस मोटा (104 साल) और लेविटा डी डेउस नुनेस (109 साल)। अगर इन तीनों बहनों की उम्र को जोड़ दिया जाए, तो इनकी संयुक्त उम्र 316 साल से भी अधिक बैठती है।दुनिया में सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाली सगी बहनों के रूप में इनका नाम 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' (Guinness Book of World Records) में भी दर्ज हो चुका है। जिस उम्र में लोग बिस्तर पकड़ लेते हैं और जिंदगी की आखिरी सांसें गिन रहे होते हैं, उस उम्र में भी ये तीनों बहनें पूरी तरह एक्टिव और खुशहाल हैं। वैज्ञानिकों ने जब इनकी लाइफस्टाइल पर रिसर्च की, तो लंबी उम्र के कई ऐसे राज खुले जो हमारी और आपकी रोजमर्रा की आदतों से जुड़े हैं।सिर्फ अच्छे जीन्स (Genes) काफी नहीं, 80% भूमिका निभाती है आपकी जीवनशैलीअक्सर समाज में यह माना जाता है कि अगर किसी के माता-पिता लंबी उम्र तक जिए हैं, तो बच्चों की उम्र भी लंबी होगी। वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में पाया कि इस बात में सच्चाई जरूर है, लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है।आनुवंशिक कारक (Genetics): शोध के अनुसार, हमारे कुल जीवनकाल का केवल 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा ही हमारे जीन्स (आनुवंशिक कारकों) पर निर्भर करता है।बाहरी कारक: बाकी का 70 से 80 प्रतिशत बड़ा हिस्सा हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली, खान-पान, पर्यावरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है। यानी अच्छे जीन्स आपको एक मजबूत शुरुआत जरूर दे सकते हैं, लेकिन बिना अच्छी लाइफस्टाइल के 100 साल का सफर तय करना नामुमकिन है।थाली से हटा दें प्रोसेस्ड फूड, लंबी उम्र के लिए अपनाएं 'सादा भोजन' का नियमगिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर बहनों और लंबी उम्र जीने वाले लोगों की डाइट पर की गई रिसर्च से साफ हुआ है कि लंबी जिंदगी का रास्ता सीधे आपकी रसोई से होकर गुजरता है। यदि आप भी लंबा और स्वस्थ जीना चाहते हैं, तो आज से ही डिब्बाबंद और प्रोसेस्ड फूड (Processed Food) से पूरी तरह दूरी बना लें। 100 साल जीने वाले लोगों की डाइट बेहद साधारण और प्राकृतिक होती है। उनकी भोजन की थाली में मुख्य रूप से हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें, साबुत अनाज और बेहद सीमित मात्रा में डेयरी या पशु-आधारित (Non-veg) भोजन शामिल होता है।इसके अलावा, वैज्ञानिक शोधों में यह भी पाया गया है कि ये लोग कभी भी पेट भरकर आकंठ नहीं खाते, बल्कि हमेशा अपनी भूख से थोड़ा कम खाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शरीर को लगातार जरूरत से ज्यादा कैलोरी (Overeating) देने से मोटापा, शुगर और दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।जिम जाने की बजाय एक्टिव लाइफस्टाइल और पैदल चलने की आदत डालेंरिसर्च में एक और दिलचस्प बात सामने आई कि 100 साल से अधिक जीने वाले अधिकांश बुजुर्ग अपने पूरे जीवन में कभी जिम नहीं गए। ब्राजील की 103 वर्षीय बहन ज़ुलिना ने बताया कि बचपन में वे घंटों नदियों में तैरने और मछली पकड़ने में समय बिताती थीं। पुराने समय के लोग घर के काम खुद करते थे, सीढ़ियां चढ़ते थे, खेती करते थे और वाहनों पर निर्भर रहने की बजाय पैदल ज्यादा चलते थे।उनकी जिंदगी में शारीरिक एक्टिविटी (Physical Activity) लगातार बनी रहती थी, जिससे उनके शरीर का मेटाबॉलिज्म मजबूत रहता था। लेविटा ने एक क्राफ्ट्स वुमन के रूप में और जोराइडे ने एक नर्स के रूप में काम करते हुए 5 बच्चों की परवरिश की। यानी काम की व्यस्तता के बीच भी खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय रखना ही उनकी सेहत का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बना।तनाव को संभालना सीखें; प्रार्थना, ध्यान और प्रकृति के करीब रहने का जादुई असरवैज्ञानिकों के अनुसार, लंबी उम्र जीने वाले लोगों में तनाव को संभालने की क्षमता (Stress Management) आम लोगों से कहीं बेहतर होती है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनके जीवन में मुश्किलें या दुख नहीं थे; समस्याएं हर किसी के जीवन में होती हैं, लेकिन ये लोग तनाव को कभी भी अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देते थे।मानसिक शांति के लिए ये बुजुर्ग नियमित रूप से प्रार्थना करते थे, ध्यान (Meditation) लगाते थे, अपने परिवार और बच्चों के साथ समय बिताते थे या फिर प्रकृति के बीच शांत वातावरण में रहते थे। यही वजह थी कि उनका इम्यून सिस्टम मजबूत रहता था और वे मानसिक व शारीरिक रूप से कम बीमार पड़ते थे।दुनिया के ये 5 इलाके हैं 'ब्लू ज़ोन', जहां रहते हैं सबसे ज्यादा 100 साल के बुजुर्गवैज्ञानिकों ने वैश्विक स्तर पर रिसर्च करके दुनिया के नक्शे पर कुछ ऐसी चुनिंदा जगहों की पहचान की है, जहां की आबादी में 100 साल से अधिक जीने वाले लोगों की संख्या सामान्य से कई गुना ज्यादा है। इन विशेष क्षेत्रों को विज्ञान की भाषा में 'ब्लू ज़ोन' (Blue Zones) कहा जाता है। दुनिया के प्रमुख 5 ब्लू ज़ोन इस प्रकार हैं:ओकिनावा (जापान)सार्डिनिया (इटली)इकारिया (ग्रीस)निकोया (कोस्टा रिका)लोमा लिंडा (अमेरिका)हैरानी की बात यह है कि इन सभी जगहों की संस्कृति, भूगोल और खान-पान एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोगों की जीवनशैली में गहरी समानताएं मिलती हैं। जैसे— पौधों पर आधारित सादा भोजन, कम कैलोरी का सेवन, प्रकृति से जुड़ाव, मजबूत पारिवारिक रिश्ते और पैदल चलने की आदत।विज्ञान आज भी उम्र बढ़ने (Aging) के रहस्यों और अमरता के सूत्रों को पूरी तरह सुलझाने में जुटा हुआ है और हर साल नई-नई खोजें हो रही हैं। लेकिन अब तक मिले सभी वैज्ञानिक प्रमाण केवल एक ही निष्कर्ष की ओर इशारा करते हैं कि लंबी उम्र का बाजार में कोई एक शॉर्टकट या जादुई कैप्सूल उपलब्ध नहीं है। यह असल में आपके द्वारा हजारों दिनों तक अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में लिए गए छोटे-छोटे सही और अनुशासित निर्णयों का एक खूबसूरत परिणाम होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:43 am

Income Tax Deadlines July 2026: ITR से लेकर TDS जमा करने तक, जुलाई में निपटा लें टैक्स से जुड़े ये 3 बड़े काम; वरना लगेगा भारी जुर्माना

टैक्सपेयर्स और व्यावसायिक संस्थानों के लिए आगामी जुलाई 2026 का महीना वित्तीय अनुपालन (Financial Compliance) के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने जा रहा है। अगर आपने अभी तक अपने टैक्स और वित्तीय लेखा-जोखा से जुड़े जरूरी काम पूरे नहीं किए हैं, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। जुलाई के महीने में टीडीएस (TDS) जमा करने, चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने जैसी तीन सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डेडलाइन आ रही हैं। आयकर विभाग के नियमों के मुताबिक, यदि तय समय सीमा के भीतर ये काम पूरे नहीं किए गए, तो आपको भारी लेट फीस, ब्याज और गंभीर कानूनी पेचीदगियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए बिना किसी काट-छांट के एक रिपोर्टर की शैली में जानते हैं इन तारीखों का पूरा ब्योरा।7 जुलाई: अप्रैल-जून तिमाही का TDS जमा करने का आखिरी मौकाजुलाई महीने की सबसे पहली और सबसे बड़ी टैक्स डेडलाइन 7 जुलाई 2026 है। यह तारीख मुख्य रूप से उन नियोक्ताओं और कर कटौतीकर्ताओं (Tax Deductors) पर लागू होती है, जिन्हें अप्रैल से जून की पहली तिमाही के लिए टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) सरकारी खजाने में जमा करना है और जिन्हें त्रैमासिक (Quarterly) जमा करने की विशेष अनुमति प्राप्त है। इसके साथ ही, जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही से जुड़े कुछ निर्धारित फॉर्म और जरूरी घोषणाओं (Declarations) को आयकर पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम तिथि भी यही है। सरकारी कार्यालयों, मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों, अधिकृत डीलरों (Authorized Dealers), आईएफएससी (IFSC) यूनिट्स और गैर-निवासी भारतीय (NRI) निवेशकों से जुड़े वित्तीय संस्थानों को भी इसी तारीख तक अपनी अनिवार्य रिपोर्टिंग पूरी करनी होगी।30 जुलाई: चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने की अंतिम तिथिमहीने के अंत में दूसरी बड़ी डेडलाइन 30 जुलाई 2026 को आ रही है। इस तारीख तक जून महीने के दौरान काटे गए कुछ विशेष श्रेणी के टीडीएस के लिए 'चालान-कम-स्टेटमेंट' (Challan-cum-Statement) दाखिल करना पूरी तरह से अनिवार्य है। आयकर विशेषज्ञों के अनुसार, जो कंपनियां, कॉर्पोरेट्स या व्यक्तिगत संस्थाएं किसी भी रूप में टीडीएस कटौती करती हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे 30 जुलाई से पहले ही अपने सभी वित्तीय रिकॉर्ड्स और खातों की बारीकी से जांच कर लें, ताकि अंतिम समय की आपाधापी में डेटा मिसमैच या किसी भी तकनीकी देरी के कारण लगने वाले जुर्माने से बचा जा सके।31 जुलाई: असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR फाइलिंग की महा-डेडलाइनजुलाई महीने की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित टैक्स डेडलाइन 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस दिन तक आम वेतनभोगी (Salaried) करदाताओं और व्यक्तिगत श्रेणी के लोगों को वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए ITR-1 और ITR-2 फॉर्म के माध्यम से अपना आयकर रिटर्न (Income Tax Return) हर हाल में दाखिल करना होगा। यदि कोई करदाता 31 जुलाई की इस अंतिम समय सीमा को चूक जाता है, तो उसे न केवल भारी लेट फीस और बकाया टैक्स पर मासिक ब्याज देना होगा, बल्कि चालू वित्त वर्ष में हुए किसी भी नुकसान (Loss) को भविष्य के सालों के लिए 'कैरी फॉरवर्ड' करने का महत्वपूर्ण लाभ भी गंवाना पड़ सकता है।अंतिम दिनों के सर्वर क्रैश से बचें, विशेषज्ञों ने दी समय पर फाइलिंग की सलाहटैक्स एक्सपर्ट्स और वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि अक्सर करदाता अंतिम तारीखों यानी 30 या 31 जुलाई का इंतजार करते हैं, जिसके कारण अंतिम दिनों में आधिकारिक आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल (e-Filing Portal) पर अचानक ट्रैफिक का दबाव बेतहाशा बढ़ जाता है। ऐसे में सर्वर डाउन होने, ओटीपी (OTP) न आने या जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड न होने जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण कई योग्य लोग रिटर्न फाइल करने से वंचित रह जाते हैं। इस मानसिक तनाव और जुर्माने से बचने का एकमात्र तरीका यही है कि आप आज ही अपने सभी फॉर्म-16 (Form 16), एआईएस (AIS) और अन्य वित्तीय दस्तावेजों को जुटाकर समय रहते अपना ITR दाखिल कर दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:37 am

Rules Changing From 1st July 2026: 1 जुलाई से बदलने जा रहे हैं ये 6 बड़े नियम, जेब पर पड़ेगा सीधा असर; देखें पूरी लिस्ट

नए महीने की शुरुआत के साथ ही देश में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। 1 जुलाई 2026 से कई अहम फाइनेंशियल और एडमिनिस्ट्रेटिव नियम बदलने वाले हैं, जिनका सीधा असर टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों, क्रेडिट कार्ड यूजर्स, पासपोर्ट आवेदकों और कार्ड होल्डर्स पर पड़ने वाला है। ये बदलाव सीधे तौर पर आम जनता की जेब और उनके रोजमर्रा के वित्तीय लेन-देन को प्रभावित करेंगे। आइए बिना किसी काट-छांट के एक रिपोर्टर की शैली में जानते हैं 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इन प्रमुख फाइनेंशियल अपडेट्स के बारे में।ITR-1 और ITR-2 डेडलाइन: देरी करने पर लगेगा 5,000 रुपये तक का जुर्मानाटैक्सपेयर्स के लिए यह बेहद जरूरी अपडेट है। ITR-1 और ITR-2 फॉर्म भरने वाले करदाताओं के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। इस डेडलाइन के बाद रिटर्न फाइल करने पर भारी लेट फीस देनी होगी। अगर 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो 31 दिसंबर तक बिलेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए पेनल्टी का प्रावधान है। जिन टैक्सपेयर्स की कुल आय 5 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है, जबकि 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए यह लेट फीस 1,000 रुपये तक होगी।आधार कार्ड में बड़ा बदलाव: रजिस्टर्ड ईमेल ID अपडेट करना हुआ बिल्कुल मुफ्तभारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से कार्ड होल्डर्स को एक बड़ी राहत दी गई है। UIDAI ने रजिस्टर्ड ईमेल ID अपडेट करने की फीस को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया है। यह सुविधा पहले ₹75 का शुल्क देकर मिलती थी, लेकिन अब इसे 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए पूरी तरह से मुफ्त कर दिया गया है। आम लोग इस सुविधा का लाभ UIDAI के आधिकारिक मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिना किसी चार्ज के उठा सकेंगे।SBI क्रेडिट कार्ड नियमों में बदलाव: रिवॉर्ड प्रोग्राम की लिमिट में हुआ फेरबदलस्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) कार्ड यूजर्स के लिए भी 1 जुलाई से नया नियम लागू होने जा रहा है। SBI कार्ड की ओर से PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्रोग्राम में बड़े बदलाव किए गए हैं। इसका सीधा असर PhonePe SBI क्रेडिट कार्ड PURPLE और SELECT BLACK दोनों वेरिएंट पर पड़ेगा। नए नियमों के तहत अब रिवॉर्ड पॉइंट कमाने की लिमिट को बदल दिया गया है, साथ ही कुछ विशेष ट्रांजैक्शंस को रिवॉर्ड कैटेगरी से पूरी तरह बाहर रखा गया है।HDFC क्रेडिट कार्ड धारक ध्यान दें: लाउंज एक्सेस के लिए खर्च करने होंगे इतने हजारHDFC बैंक के क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस को लेकर नया नियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो रहा है। नए नियम के तहत अब ग्राहकों को हर कैलेंडर तिमाही में तीन बार फ्री एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस की सुविधा मिलेगी, लेकिन इसके लिए एक शर्त जोड़ दी गई है। लाउंज एक्सेस पाने के लिए ग्राहकों को पिछली तिमाही में कम से कम ₹60,000 खर्च करना अनिवार्य होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि आप जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में फ्री लाउंज सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको अप्रैल से जून 2026 के बीच अपने कार्ड से ₹60,000 या उससे अधिक का खर्च करना होगा।पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा: विदेश मंत्रालय ने फीस में की बढ़ोतरी1 जुलाई से विदेश यात्रा की प्लानिंग कर रहे लोगों को थोड़ा ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। विदेश मंत्रालय की ओर से 1 जुलाई 2026 से सामान्य (Normal) और तत्काल (Tatkal) दोनों कैटेगरी के पासपोर्ट की फीस में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। यह नया नियम भारत के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीय आवेदकों पर भी समान रूप से लागू होगा। इस फैसले के बाद नया पासपोर्ट बनवाना या रिन्यू कराना पहले की तुलना में अधिक महंगा हो जाएगा।मिस-सेलिंग पर RBI सख्त: ग्राहकों को मिलेगा पूरा रिफंड और नुकसान की भरपाईबैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों को गलत वादे करके प्रॉडक्ट बेचने (Miss-Selling) की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कड़ा रुख अपनाया है। 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले इन नए नियमों के तहत यदि किसी बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा किसी ग्राहक को गलत तरीके से कोई फाइनेंशियल प्रॉडक्ट बेचा गया है, तो ग्राहक को पूरा रिफंड पाने का कानूनी अधिकार होगा। इसके साथ ही, मिस-सेलिंग की वजह से ग्राहक को हुए किसी भी वित्तीय नुकसान की पूरी भरपाई बैंक को करनी होगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:36 am

IND vs IRE 2nd T20I: आज आयरलैंड से सीरीज बचाने उतरेगी टीम इंडिया, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी रच सकते हैं इतिहास; टूटेगा सचिन का रिकॉर्ड

भारत और आयरलैंड के बीच खेली जा रही दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा और अंतिम निर्णायक मुकाबला आज, 28 जून 2026 को बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली युवा भारतीय टीम को इसी मैदान पर खेले गए पहले टी20 मैच में मेजबान आयरलैंड के हाथों 34 रनों की करारी और चौंकाने वाली शिकस्त झेलनी पड़ी थी। अब 'मेन इन ब्लू' (Men in Blue) के सामने सीरीज बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। भारतीय टीम इस आखिरी मुकाबले में हर हाल में दमदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, ताकि आयरलैंड जैसी टीम के खिलाफ सीरीज हारने की शर्मिंदगी से बचा जा सके।सैमसन, ईशान और तिलक के पास खुद को साबित करने का आखिरी मौकासीरीज के पहले टी20 मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर गया था। टीम के स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा और स्वयं कप्तान श्रेयस अय्यर बल्ले से कोई भी प्रभाव छोड़ने में बुरी तरह नाकाम रहे थे। इस 'करो या मरो' (Do or Die) वाले मुकाबले में इन सभी सीनियर खिलाड़ियों पर अपनी पुरानी गलतियों को सुधारकर टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने का भारी दबाव होगा। हालांकि, क्रिकेट फैंस की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम मैनेजमेंट इन फ्लॉप रहे बल्लेबाजों पर दोबारा भरोसा जताएगा या फिर बेंच पर बैठी युवा प्रतिभाओं को मौका देगा।वैभव सूर्यवंशी कर सकते हैं डेब्यू: टूटेगा 'गॉड ऑफ क्रिकेट' सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना रिकॉर्डइस निर्णायक मैच में सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के संभावित डेब्यू को लेकर है। बिहार के इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज को पहले मैच की प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला था, लेकिन आज उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने की प्रबल संभावना है। यदि वैभव को आज अंतिम एकादश में शामिल किया जाता है, तो वह मात्र 15 साल और 94 दिन की अविश्वसनीय उम्र में भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू कर लेंगे।इसी के साथ वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे। तेंदुलकर ने साल 1989 में पाकिस्तान के खिलाफ 16 साल और 205 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वैभव का यह डेब्यू भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा।सैमसन या सुंदर? किस खिलाड़ी की जगह टीम में फिट होंगे वैभव सूर्यवंशी?वैभव सूर्यवंशी एक धाकड़ टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जिससे टीम मैनेजमेंट के सामने उन्हें फिट करने की बड़ी पहेली खड़ी हो गई है। भारत के पास पहले से ही दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन के रूप में शीर्ष क्रम मौजूद है।पहला समीकरण: यदि टीम मैनेजमेंट अपने टॉप-3 बल्लेबाजों में से किसी को भी ड्रॉप नहीं करना चाहता, तो वे स्पिन ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। सुंदर का प्रदर्शन पहले मैच में बेहद निराशाजनक रहा था; उन्होंने अपने एकमात्र ओवर में 19 रन लुटाए थे और बल्ले से भी 12 गेंदों में सिर्फ 9 रन बना सके थे।ओपनिंग जोड़ी: यदि सुंदर की जगह वैभव आते हैं, तो वह अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत (ओपनिंग) कर सकते हैं, जिससे संजू सैमसन, ईशान किशन और श्रेयस अय्यर को मिडिल ऑर्डर में खेलने का मौका मिलेगा।गेंदबाजी में भी बड़े बदलाव के संकेत: प्रसिद्ध कृष्णा की जगह ले सकते हैं प्रिंस यादवसिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि भारतीय गेंदबाजी आक्रमण में भी आज बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। टीम मैनेजमेंट युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव (Prince Yadav) को प्लेइंग-11 में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। प्रिंस ने इसी महीने अफगानिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था और वे इस समय शानदार लय में हैं। उन्हें लगातार खराब फॉर्म और लाइन-लेंथ से जूझ रहे प्रसिद्ध कृष्णा (Prasidh Krishna) की जगह टीम में शामिल किया जा सकता है। प्रसिद्ध ने पहले टी20 मैच के अपने कोटे के 4 ओवरों में बिना कोई विकेट चटकाए 57 रन लुटा दिए थे, जो भारत की हार का मुख्य कारण बना। वहीं, सूर्यांश शेडगे और मुख्य स्पिनर रवि बिश्नोई को आज भी बाहर बैठना पड़ सकता है।दूसरे टी20 मैच के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन (Probable Playing 11)अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:25 am

IND W vs AUS W: सेमीफाइनल के 'करो या मरो' मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ेगी टीम इंडिया, लॉर्ड्स के मैदान पर रचा जाएगा इतिहास

आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 (Women's T20 World Cup 2026) का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है, और सेमीफाइनल की रेस रविवार को एक बेहद निर्णायक मोड़ पर आ खड़ी हुई है। क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords) के मैदान पर ग्रुप 1 के आखिरी और सबसे बड़े मुकाबले में भारतीय महिला टीम का सामना चिर-प्रतिद्वंद्वी और वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होने जा रहा है। हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की कप्तानी वाली टीम इंडिया के लिए यह मैच किसी 'करो या मरो' की जंग से कम नहीं है, जो टूर्नामेंट में उसके आगे के सफर का भविष्य तय करेगा।सेमीफाइनल का समीकरण: जीत दिलाएगी अंतिम चार का टिकट, हार पर बढ़ेगी टेंशनग्रुप स्टेज के इस आखिरी नॉकआउट जैसे मैच में भारतीय टीम के सामने आगे बढ़ने का गणित बेहद साफ और सीधा है। यदि भारत को अंतिम चार (Semi-Finals) में अपनी जगह बिना किसी गुणा-भाग के सुरक्षित करनी है, तो उसे दुनिया की सबसे मजबूत और इस टूर्नामेंट की अब तक अपराजेय रही ऑस्ट्रेलियाई टीम को हर हाल में हराना होगा। लेकिन यदि हरमनप्रीत सेना इस बड़े मुकाबले में चूकती है, तो उसकी किस्मत सीधे तौर पर बांग्लादेश और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले मैच के परिणाम पर निर्भर हो जाएगी, जिससे सेमीफाइनल की उम्मीदें अधर में लटक सकती हैं।साउथ अफ्रीका से हारने के बाद टीम इंडिया ने कैसे की धमाकेदार वापसी?टूर्नामेंट के अपने पहले ही मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिस तरह का जुझारू खेल दिखाया है, वह वाकई काबिले-तारीफ है। पहले मैच की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए भारत ने पाकिस्तान, नीदरलैंड और फिर बांग्लादेश को लगातार पटखनी देकर टूर्नामेंट में शानदार हैट्रिक लगाई है। इन तीन लगातार जीतों की बदौलत दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम 6 अंकों के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा टीम के पास +2.268 का एक बेहतरीन नेट रन रेट (NRR) भी है, जो किसी भी करीबी फैसले में भारत के लिए एक बड़ा एक्स-फैक्टर साबित हो सकता है।अजेय ऑस्ट्रेलिया की ताकत: किसी एक खिलाड़ी की मोहताज नहीं है कंगारू टीमऑस्ट्रेलियाई महिला टीम मौजूदा समय में भी विश्व क्रिकेट के लिए एक बड़ा बेंचमार्क बनी हुई है। छह बार की इस विश्व चैंपियन टीम ने टूर्नामेंट में अब तक खेले अपने चारों मैचों में एकतरफा और प्रभावशाली जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में लगभग प्रवेश कर लिया है। +4.724 के असाधारण और विशाल नेट रन रेट के साथ वे ग्रुप 1 की अंक तालिका में शीर्ष पर हैं। ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी ताकत यह है कि वे किसी एक स्टार खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन पर निर्भर नहीं रहते हैं। उनके पास हर मैच में एक नया मैच विनर सामने आता है। जहां अनुभवी ऑलराउंडर एलिस पेरी (Ellyse Perry) ने बल्ले से 127 रन कूटे हैं, वहीं स्पिनर सोफी मोलिनक्स (Sophie Molineux) 6 विकेट लेकर टीम की सबसे सफल गेंदबाज रही हैं।स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी और श्री चरणी की फिरकी का जादूऑस्ट्रेलिया के विपरीत भारतीय टीम का प्रदर्शन मुख्य रूप से उसके कुछ चुनिंदा मैच विनर्स के इर्द-गिर्द घूमता रहा है।बल्लेबाजी की रीढ़: टीम की उप-कप्तान स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) कमाल के फॉर्म में हैं। उन्होंने चार पारियों में कुल 167 रन बनाकर भारतीय टॉप ऑर्डर को एक बेजोड़ निरंतरता और स्थिरता दी है।गेंदबाजी में रचा इतिहास: स्पिन गेंदबाज श्री चरणी (Shri Charani) इस समय टूर्नामेंट की सबसे बड़ी खोज साबित हुई हैं। उन्होंने मिडिल ओवरों में बल्लेबाजों को अपनी फिरकी पर नचाते हुए अब तक रिकॉर्ड 12 विकेट हासिल किए हैं, जिससे वह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का सबसे घातक और विश्वसनीय हथियार बन चुकी हैं।पहली बार लॉर्ड्स की ऐतिहासिक पिच पर टी20 मैच खेलेगी भारतीय वीरांगनाएंरविवार को होने वाला यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। यह पहला मौका है जब भारतीय महिला टीम लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर कोई अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच (T20I) खेलने उतरेगी। हालांकि, कंगारू टीम को इस मैदान पर खेलने का पुराना अनुभव है, लेकिन इतिहास गवाह है कि साल 2023 में इसी मैदान पर इंग्लैंड की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को धूल चटाई थी, जो भारत के हौसलों को बढ़ाने के लिए काफी है।हेड-टू-हेड रिकॉर्ड्स: आंकड़ों के आईने में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारीयदि दोनों टीमों के आपसी इतिहास और आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंगारू टीम का पलड़ा काफी भारी और डराने वाला नजर आता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अब तक कुल 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले गए हैं, जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ने एकतरफा दबदबा दिखाते हुए 27 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि भारतीय टीम के हाथ केवल 9 बार ही सफलता लग सकी है। बात अगर टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास की करें, तो वहां भी ऑस्ट्रेलिया 5-1 से आगे है, जिसमें 2020 का फाइनल और 2023 के सेमीफाइनल की दर्दनाक हार के जख्म आज भी भारतीय फैंस के दिलों में ताजा हैं।कब, कहां और किस समय लाइव देख सकेंगे महामुकाबला?क्रिकेट फैंस भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले इस रोमांचक मुकाबले का सीधा प्रसारण (Live Telecast) अपने टीवी सेट पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports Network) पर देख सकते हैं। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग (Live Streaming) जियोस्टार (GeoStar) ऐप और वेबसाइट पर की जाएगी। यह महामुकाबला लॉर्ड्स के मैदान से भारतीय समयानुसार (IST) शाम 7:00 बजे से लाइव प्रसारित होगा।मैच के लिए दोनों देशों की अंतिम टीमें (Squads)भारत (India): हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, राधा यादव।ऑस्ट्रेलिया (Australia): सोफी मोलिनक्स (कप्तान), निकोला कैरी, ऐश गार्डनर, किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, ग्रेस हैरिस, अलाना किंग, फीबी लिचफील्ड, ताहलिया मैक्ग्रा, बेथ मूनी (विकेटकीपर), एलिस पेरी, मेगन शूट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:23 am

Vastu and Feng Shui Tips: घर लाएं फेंगशुई की ये 4 जादुई चीजें, जाग जाएगी सोई हुई किस्मत; बस जान लें सही दिशा

हमारे प्राचीन भारतीय वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) और चीन की पारंपरिक विधा फेंगशुई (Feng Shui), दोनों का मूल सिद्धांत और मुख्य मकसद बिल्कुल एक ही है— घर के भीतर छिपी नकारात्मकता को बाहर निकालना और पॉजिटिव एनर्जी (सकारात्मक ऊर्जा) के प्रवाह को बढ़ाना। जब घर की ऊर्जा संतुलित और सही दिशा में प्रवाहित होती है, तो सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति अपने आप खिंची चली आती है।देश के जाने-माने वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जयप्रकाश शर्मा की प्रसिद्ध पुस्तक 'वास्तु ज्ञान और फेंगशुई के सरल उपाय' के अनुसार, फेंगशुई के कुछ विशेष प्रतीकों और चीजों को यदि सही दिशा और स्थान पर रख दिया जाए, तो वे बंद पड़े भाग्य के ताले को भी खोल देती हैं। आइए बिना किसी घुमाव-फिराव के सीधे जानते हैं कि घर में खुशहाली और बरकत लाने वाली इन 4 मुख्य चीजों को रखने के सही नियम और दिशाएं क्या हैं।लाफिंग बुद्धा: संपन्नता के इस प्रतीक को भूलकर भी जमीन पर न रखेंसबसे पहले बात करते हैं लाफिंग बुद्धा (Laughing Buddha) की, जिन्हें पूरी दुनिया में खुशहाली, गुड लक और संपन्नता का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। अक्सर लोग अनजाने में इसे घर के किसी भी कोने या टेबल पर सजा देते हैं, लेकिन इसका पूरा और चमत्कारी लाभ तभी मिलता है जब इसे सही ऊंचाई और सही कोण पर रखा जाए।वास्तु पुस्तक के अनुसार, लाफिंग बुद्धा को हमेशा अपने घर के मुख्य लिविंग रूम (बैठक) में किसी मेज या स्टूल पर कम से कम ढाई से तीन फीट की ऊंचाई पर रखना चाहिए। इसे इस तरह रखें कि घर के मुख्य दरवाजे से अंदर आने वाले हर एक व्यक्ति की सीधी नजर इस पर पड़े। इसे स्थापित करने की सबसे अच्छी दिशा पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) मानी जाती है। ध्यान रखें कि लाफिंग बुद्धा को कभी भी सीधे जमीन पर, बेडरूम में, किचन में या फिर मेन गेट की चौखट पर नीचे नहीं रखना चाहिए। सही स्थान पर रखने से यह घर की आर्थिक तंगी दूर करता है और परिवार में खुशियां लाता है।फेंगशुई कछुआ: कुबेर की दिशा में रखें, पर मुंह हमेशा अंदर की तरफ होदूसरी बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावशाली चीज है फेंगशुई कछुआ (Feng Shui Turtle), जिसे सनातन परंपरा में 'भगवान विष्णु के कूर्म अवतार' से और फेंगशुई में लंबी उम्र, स्थिरता और करियर में तरक्की का माध्यम माना जाता है। लोग अक्सर इसे बाजार से लाकर किसी भी शोकेस में रख देते हैं, जो कि बहुत बड़ी गलती है।वास्तु और फेंगशुई गाइड के मुताबिक, धातु (पीतल, तांबा) या स्फटिक (क्रिस्टल) से बने कछुए को हमेशा घर की उत्तर दिशा में ही रखना चाहिए, क्योंकि उत्तर को धन के देवता कुबेर महाराज और जल तत्व की दिशा माना जाता है। कछुए को स्थापित करते समय इस बात का सबसे विशेष ध्यान रखें कि उसका मुंह हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, न कि बाहर या दरवाजे की ओर। अंदर की ओर मुंह रखने का मतलब है कि वह सुख और समृद्धि को समेटकर घर के भीतर ला रहा है, जिससे व्यापार में निरंतर बरकत बनी रहती है।लकी बैंबू प्लांट: कांच के बर्तन में लगाएं, हर हफ्ते बदलें इसका पानीअब बात करते हैं लकी बैंबू प्लांट (Lucky Bamboo) की, जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती से घर के पूरे माहौल को एकदम जीवंत, फ्रेश और सकारात्मक बना देता है। फेंगशुई के कड़े नियमों के अनुसार, इसे कभी भी सूखी मिट्टी में लगाने की बजाय कांच के एक साफ-सुथरे पारदर्शी बर्तन में पानी भरकर लगाना चाहिए।इस पौधे को रखने के लिए घर की पूर्व या दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) दिशा को सबसे उत्तम और फलदायी माना गया है:पूर्व दिशा: यहां लकी बैंबू रखने से घर के सदस्यों का शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आपसी रिश्तों में प्यार बढ़ता है।दक्षिण-पूर्व दिशा: इस दिशा में इसे सजाने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन आगमन के नए स्रोत खुलते हैं।विशेष टिप: इस पौधे का पानी हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर बदलें और यदि इसकी कोई पत्ती पीली पड़ जाए, तो उसे तुरंत काटकर हटा दें, क्योंकि पीली पत्तियां नकारात्मकता दर्शाती हैं।विंड चाइम: छड़ों की संख्या और धातु का रखें ध्यान, हवा से गूंजेगी तरक्कीआखिर में आती है विंड चाइम (Wind Chime), जिसकी धीमी और खनकती हुई सुरीली आवाज घर के सारे मानसिक तनाव, क्लेश और वास्तु दोष को पल भर में दूर भगा देती है। विंड चाइम खरीदते और घर में लटकाते समय उसकी धातु (Material) और दिशा का सही तालमेल होना बेहद जरूरी है।अगर आप धातु (लोहे, पीतल या एल्युमिनियम) से बनी विंड चाइम लेकर आए हैं, तो उसे घर की पश्चिम या उत्तर दिशा में लगाएं। इसके विपरीत, यदि आपके पास लकड़ी (बैंबू) या मिट्टी (सिरेमिक) की विंड चाइम है, तो उसे घर की पूर्व या दक्षिण दिशा में लटकाना सबसे ज्यादा शुभ फल देता है। इसे हमेशा मुख्य प्रवेश द्वार के पास, बालकनी में या खिड़की के पास ऐसी जगह पर लटकाएं जहां से प्राकृतिक हवा का झोंका आता हो, ताकि इसकी सुरीली आवाज पूरे घर में गूंज सके। इस आसान उपाय से परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे आपसी मतभेद हमेशा के लिए खत्म होते हैं और मानसिक शांति मिलती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:22 am

CM योगी के विजन से बदलेगी यूपी की तस्वीर! जेवर बनेगा सेमीकंडक्टर हब, दिल्ली-लखनऊ बुलेट ट्रेन का बड़ा अपडेट

गौतम बुद्ध नगर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव व भूपेंद्र यादव ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश व तकनीकी प्रगति को लेकर बड़ा भरोसा जताया। रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 9:21 am

Wall Paint Vastu Rules: घर की दीवारों का रंग बदल सकता है आपकी किस्मत, जानिए वास्तु के अनुसार किस कमरे के लिए कौन सा रंग है सबसे शुभ

हम सब अच्छी तरह जानते हैं कि एक आदर्श घर सिर्फ ईंटों, सीमेंट, लोहे और पत्थरों के ढांचे से नहीं बनता। घर बनता है उसमें निवास करने वाले लोगों के आपसी प्रेम, सकारात्मक ऊर्जा और वहां के शांत माहौल से। भारतीय वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में रंगों को एक बहुत बड़ा और प्रभावी रोल दिया गया है, क्योंकि हर एक रंग की अपनी एक वेवलेंथ होती है जो सीधे तौर पर हमारे मूड, स्वभाव और मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है।वास्तु जगत के बड़े जानकार पंडित सतीश शर्मा ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'रंग और हमारा भाग्य' में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया है कि यदि घर के कमरों में दिशा और मिजाज के विपरीत गलत रंगों का चयन कर लिया जाए, तो बिना किसी ठोस वजह के भी घर में किचकिच (क्लेश) होने लगती है, मानसिक तनाव बढ़ता है और घर की बरकत रुक जाती है। वहीं, सही रंगों का चयन घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का संचार करता है। आइए बिना किसी घुमाव-फिराव के सीधे जानते हैं कि घर के किस हिस्से और कमरे में कौन सा रंग करवाना सबसे उत्तम रहता है।लिविंग रूम (बैठक): मेहमानों को आकर्षित करेंगे ये हल्के और सकारात्मक रंगसबसे पहले बात करते हैं हमारे घर के लिविंग रूम (Living Room) यानी बैठक की। यह घर का वह सबसे महत्वपूर्ण मुख्य हिस्सा होता है जहां परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर क्वॉलिटी टाइम बिताते हैं और बाहर से आने वाले मेहमानों का स्वागत भी यहीं किया जाता है। इसलिए इस स्थान का माहौल ऐसा ऊर्जावान होना चाहिए कि कदम रखते ही मन प्रसन्न हो जाए।वास्तु नियमों के अनुसार, लिविंग रूम की दीवारों के लिए हल्का पीला, क्रीम, ऑफ-व्हाइट या हल्का गुलाबी (बेबी पिंक) रंग सबसे बेस्ट माना जाता है। ये हल्के रंग आंखों को बिल्कुल नहीं चुभते और कमरे में प्राकृतिक रोशनी को परावर्तित कर खुलापन और सकारात्मकता का अहसास कराते हैं। बैठक में भूलकर भी गहरा काला, डार्क ब्लू (गहरा नीला) या एकदम चटक लाल रंग नहीं करवाना चाहिए। ये भारी और गहरे रंग माहौल में अवसाद (Depression) लाते हैं और घर आने वालों के मन में बेवजह का तनाव पैदा कर सकते हैं।बेडरूम (शयनकक्ष): दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ाने के लिए चुनें ये शांत रंगअब बात करते हैं बेडरूम की, जहां दिनभर की दुनियादारी, भागदौड़ और मानसिक थकान के बाद हम सुकून और चैन की नींद ढूंढने आते हैं। पति-पत्नी के वैवाहिक रिश्ते में आपसी प्रेम बना रहे और रात को बिना किसी व्यवधान के अच्छी नींद आए, इसमें बेडरूम के रंगों की बहुत बड़ी भूमिका होती है।वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के मुताबिक, बेडरूम में हमेशा मन को शांत करने वाले पेस्टल और लाइट शेड्स का ही इस्तेमाल करना चाहिए। हल्का आसमानी, बेबी पिंक, क्रीम या हल्का हरा (लाइट ग्रीन) रंग यहां के लिए सबसे आदर्श और शुभ माना जाता है, क्योंकि ये रंग मस्तिष्क की नसों को रिलैक्स करते हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि बेडरूम की मुख्य दीवार (Accent Wall) पर भी कभी चटक लाल या डार्क चॉकलेट वाला गहरा भूरा रंग न करवाएं। ये गहरे रंग स्वभाव में आक्रामकता और चिड़चिड़ापन लाते हैं, जिससे आपसी विवाद बढ़ सकता है।रसोई घर (किचन): सेहत और तरक्की का पावरहाउस, काले रंग से पूरी तरह बचेंरसोईघर यानी हमारे किचन को घर की सेहत, ऊर्जा और आर्थिक तरक्की का मुख्य पावरहाउस माना जाता है। चूंकि किचन का सीधा संबंध 'अग्नि देव' (आग) से होता है, इसलिए यहां के रंगों का चुनाव करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।वास्तु के अनुसार, रसोई के लिए सबसे शुभ और फलदायी रंग नारंगी (ऑरेंज), हल्का लाल, पीला या क्रीम माना जाता है। ये रंग भूख बढ़ाने में सहायक होते हैं और घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होने देते। किचन की दीवारों, टाइल्स या अलमारियों (Cabinets) पर कभी भी काला या डार्क ग्रे (गहरा स्लेटी) रंग भूलकर भी न करवाएं। ज्योतिष और वास्तु में काले रंग को राहु और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जो खाना बनाने वाले और उसे ग्रहण करने वाले, दोनों सदस्यों की सेहत को गंभीर रूप से बिगाड़ सकता है।दिशाओं का खेल: कुबेर और सूर्य देव की कृपा पाने के लिए ऐसे चुनें रंगवास्तु शास्त्र में हर दिशा का अपना एक तत्व और एक अधिपति देवता होता है, इसलिए कमरों की दिशा के हिसाब से रंगों का चयन करना सबसे सटीक परिणाम देता है:उत्तर दिशा (North): यदि आपके कमरे उत्तर दिशा में स्थित हैं, तो वहां हल्का नीला या हरा रंग करवाएं। यह धन के देवता कुबेर महाराज की दिशा है, और यहां यह रंग करवाने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं जिससे धन लाभ के योग बनते हैं।पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा के कमरों के लिए हल्का हरा या सफेद रंग सबसे सर्वोत्तम माना जाता है। इससे सूर्य देव की सकारात्मक और जीवनदायिनी ऊर्जा बिना किसी रुकावट के घर के भीतर प्रवेश करती है।दक्षिण दिशा (South): दक्षिण दिशा के कमरों के लिए हल्का गुलाबी, पीच या नारंगी रंग का चुनाव करना वास्तु सम्मत माना जाता है।पश्चिम दिशा (West): पश्चिम दिशा के कमरों के लिए सफेद, हल्का ग्रे या सिल्वर (चांदी जैसा) रंग चुनना सबसे उत्तम रहता है।ब्रह्मस्थान (घर का केंद्र): घर के बिल्कुल बीच वाले हिस्से (सेंटर पॉइंट) को हमेशा खाली, पूरी तरह साफ और सफेद या हल्के क्रीम रंग का रखना चाहिए, ताकि ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में समान रूप से फैल सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:20 am

Daily Horoscope 28 June 2026 : आज बन रहा है मंगल-गुरु का शुभ संयोग, जानिए सभी 12 राशियों का सटीक आज का राशिफल

आज 28 जून 2026, दिन रविवार को अंतरिक्ष में ग्रहों की स्थिति बेहद खास रहने वाली है। आज के दिन एक नहीं, बल्कि तीन बेहद पवित्र और शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज साहस के कारक मंगल और भाग्य के दाता गुरु (बृहस्पति) एक-दूसरे से 60 डिग्री पर रहकर 'लाभ दृष्टि योग' का निर्माण कर रहे हैं। इसके साथ ही आज के पंचांग में 'शुभ योग' और 'शुक्ल योग' का भी सुंदर प्रभाव रहेगा। इन बड़े ग्रहों के गोचर और शुभ योगों का असर सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूपों में देखने को मिलेगा।आइए विख्यात ज्योतिषीय पद्धतियों के अनुसार जानते हैं कि आज रविवार का दिन आपके करियर, बिजनेस, सेहत, धन और पारिवारिक जीवन के लिहाज से कैसा बीतने वाला है और किन उपायों से आप अपने दिन को और भी ज्यादा भाग्यशाली बना सकते हैं।मेष राशि (Aries) - 28 जून 2026आज का दिन: मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन काफी संतुलित रहने वाला है। आपकी सोची-समझी और योजनाबद्ध कार्यशैली आपको अपने तय लक्ष्य समय पर पूरे करने में मदद करेगी। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में आपका मान-सम्मान और योगदान बना रहेगा।सावधानी व बिजनेस: आज जितनी अच्छी आपकी आमदनी रहेगी, उतने ही तेजी से खर्चे भी सामने आएंगे। आपको अपने भीतर पनप रहे बेवजह के वहम और जिद्दी स्वभाव जैसी कमियों में सुधार लाने की सख्त जरूरत है। कार्यक्षेत्र में पब्लिक रिलेशन (जनसंपर्क) मजबूत होने से नए बिजनेस एग्रीमेंट्स मिल सकते हैं। हालांकि, जो लोग इंपोर्ट-एक्सपोर्ट (आयात-निर्यात) के कारोबार से जुड़े हैं, उन्हें आज थोड़ी मंदी का सामना करना पड़ सकता है।पारिवारिक जीवन व सेहत: घर-परिवार में सभी सदस्यों के बीच बेहतरीन तालमेल और सामंजस्य देखने को मिलेगा। शाम का समय परिवार के साथ हंसी-मजाक और मनोरंजक गतिविधियों में बीतेगा। स्वास्थ्य के मोर्चे पर अत्यधिक गर्मी के कारण सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या परेशान कर सकती है, धूप में निकलने से बचें।अचूक उपाय: आज के दिन किसी स्थानीय गौशाला में जाकर अपनी क्षमता अनुसार हरा चारा दान करें, मानसिक शांति मिलेगी।वृष राशि (Taurus) - 28 जून 2026आज का दिन: वृष राशि वाले जातकों के लिए आज का दिन अपनी अधूरी योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उन्हें जमीन पर लागू करने के लिए बेहद उत्तम है। पारिवारिक जिम्मेदारियों और अपनी व्यक्तिगत लाइफ के बीच आप बहुत ही शानदार संतुलन बनाने में कामयाब रहेंगे।सावधानी व बिजनेस: यदि भाइयों के साथ किसी बात को लेकर पुरानी गलतफहमी या संपत्ति का विवाद चल रहा था, तो आज किसी अनुभवी और बुजुर्ग व्यक्ति की मध्यस्थता से वह पूरी तरह दूर हो जाएगा। निवेश (Investment) के मामलों में आज भाग्य का साथ कम मिलेगा, इसलिए धन हानि की आशंका है। बिजनेस के स्ट्रक्चर में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने के लिए अभी समय बिल्कुल अनुकूल नहीं है। आज भूलकर भी पार्टनरशिप में कोई नया काम शुरू न करें।पारिवारिक जीवन व सेहत: घर का वातावरण सकारात्मक और सुखद बना रहेगा। नवविवाहित जोड़ों (Newlyweds) के लिए आज का दिन बेहद रोमांटिक रहेगा और वे बाहर घूमने का प्लान बना सकते हैं। काम के अत्यधिक बोझ की वजह से शाम को कमजोरी और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है, इसलिए काम के साथ पर्याप्त आराम भी लें।अचूक उपाय: अपने घर की छत या बालकनी में पक्षियों के लिए दाना और पीने के पानी की उचित व्यवस्था करें।मिथुन राशि (Gemini) - 28 जून 2026आज का दिन: मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मनिरीक्षण और संकल्पों को पूरा करने का है। घर की व्यवस्था को बेहतर और अनुशासित बनाए रखने के आपके प्रयास आज पूरी तरह सफल होंगे। आप अपने मजबूत आत्मविश्वास के बल पर कठिन से कठिन काम भी चुटकियों में हल कर लेंगे।सावधानी व बिजनेस: यदि कार्यस्थल या समाज में किसी के साथ वाद-विवाद या बहस की स्थिति बनती है, तो समझदारी दिखाते हुए बात को तूल न दें और वहां से हट जाएं। युवा वर्ग को सलाह दी जाती है कि वे किसी बहुत बड़े और काल्पनिक लाभ के चक्कर में आकर वर्तमान में मिल रहे अच्छे अवसरों को हाथ से न गंवाएं। आज आपकी दैनिक आय (Daily Income) में पहले के मुकाबले सुधार होगा। युवाओं को अपने करियर या नई नौकरी से जुड़ा कोई शुभ समाचार मिल सकता है।पारिवारिक जीवन व सेहत: आज किसी पुराने और बेहद खास मित्र से अचानक हुई मुलाकात आपके दिन को खुशनुमा बना देगी। लव लाइफ में मधुरता और आपसी विश्वास बढ़ेंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से खान-पान में लापरवाही बरतने के कारण पेट दर्द, एसिडिटी और गैस की शिकायत हो सकती है, बाहर के खाने से परहेज करें।अचूक उपाय: घर या बाहर किसी भी बड़े-बुजुर्ग का अनादर न करें। उनका आशीर्वाद लें और उनकी बहुमूल्य राय पर अमल करें।कर्क राशि (Cancer) - 28 जून 2026आज का दिन: कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन मानसिक चिंताओं से मुक्ति दिलाने वाला साबित होगा। पिछले कुछ समय से चली आ रही किसी बड़ी परेशानी में आज किसी घनिष्ठ मित्र की मदद से बड़ी राहत मिलेगी। आपकी दिनचर्या और सोचने के नजरिए में एक बेहद खूबसूरत और सकारात्मक बदलाव आएगा।सावधानी व बिजनेस: आज किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर फैसला लेते समय दिल की बजाय दिमाग की बात सुनें, क्योंकि कुछ लोग आपकी अत्यधिक भावुकता का गलत फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं। व्यापार में आज अपनी पुरानी जिम्मेदारियों और पेंडिंग काम को पूरा करने के लिए बहुत ज्यादा शारीरिक और मानसिक मेहनत करनी पड़ेगी। ऑफिस में काम करने वाले लोग आज अकाउंट्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े कार्यों में विशेष सावधानी बरतें, छोटी सी चूक भारी पड़ सकती है।पारिवारिक जीवन व सेहत: जो जातक अविवाहित हैं, उनके लिए आज विवाह का कोई बहुत ही अच्छा और मनपसंद रिश्ता आ सकता है, जिससे घर में खुशी का माहौल रहेगा। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। बदलते मौसम और गर्मी का असर आपकी सेहत पर पड़ सकता है, सर्दी-खांसी या मौसमी एलर्जी के प्रति सतर्क रहें।अचूक उपाय: किसी अनाथालय या जरूरतमंद बच्चों को उनकी पढ़ाई की सामग्री या भोजन दान करना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा।सिंह राशि (Leo) - 28 जून 2026आज का दिन: सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी पूरी प्लानिंग करना और अपनी सोच को पॉजिटिव रखना आज आपको सफलता की एक नई दिशा प्रदान करेगा। जो युवा ऑनलाइन कॉम्पिटिशन या किसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं, उन्हें आज बेहतरीन सफलता मिल सकती है।सावधानी व बिजनेस: यदि प्रॉपर्टी (जमीन-जायदाद) से जुड़ा कोई पुराना कानूनी विवाद चल रहा है, तो आज किसी कानूनी विशेषज्ञ या योग्य व्यक्ति से सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मन में आ रहे अनचाहे नकारात्मक विचारों के कारण आज आपकी नींद प्रभावित हो सकती है। व्यापार के मोर्चे पर आज किसी बेहद प्रभावशाली और वीआईपी (VIP) व्यक्ति से हुई मुलाकात आपके अटके हुए प्रोजेक्ट्स को दोबारा शुरू करा देगी। ध्यान रखें, कई मामलों में आपका अत्यधिक स्वाभिमान (Ego) आपकी तरक्की में बाधा बन सकता है, इसलिए व्यवहार में विनम्रता लाएं।पारिवारिक जीवन व सेहत: पति-पत्नी के बीच आज घर की किसी बात को लेकर खट्टी-मीठी नोकझोंक हो सकती है, जिससे आपसी प्यार और बढ़ेगा। लव पार्टनर्स आज व्यर्थ की बातों में अपना कीमती समय नष्ट न करें। स्वास्थ्य के मामले में जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) की समस्या है, वे आज क्रोध करने से बचें और समय पर दवा लें।अचूक उपाय: आज सूर्य देव के विशेष मंत्रों के साथ 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ श्रद्धापूर्वक करें या मोबाइल पर सुनें।कन्या राशि (Virgo) - 28 जून 2026आज का दिन: कन्या राशि के जातकों के लिए आज का समय काफी अनुकूल है। पिछले लंबे समय से जिन जरूरी कार्यों में रुकावट आ रही थी, उन्हें दोबारा गति में लाने का यह सबसे सही मौका है। आपकी चतुराई, तीक्ष्ण बुद्धि और विवेकपूर्ण फैसले आज सभी परिस्थितियों को पूरी तरह आपके पक्ष में कर देंगे।सावधानी व बिजनेस: आज समाज में दिखावे और अपनी झूठी शान के चक्कर में आकर अत्यधिक फिजूलखर्ची करने या किसी से बड़ा कर्ज (Loan) लेने से पूरी तरह बचें, अन्यथा आगे चलकर बजट बिगड़ सकता है। विद्यार्थी वर्ग को अपनी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई का एक सही टाइम-टेबल बना लेना चाहिए। बिजनेस में आज छोटी-मोटी रूटीन परेशानियां और रुकावटें बनी रहेंगी, लेकिन आपकी सूझबूझ से काम चलता रहेगा। पार्टनरशिप से जुड़े व्यापारिक मामलों में पूरी पारदर्शिता (Transparency) बनाए रखें।पारिवारिक जीवन व सेहत: वैवाहिक संबंधों में आज किसी बाहरी व्यक्ति के हस्तक्षेप या किसी व्यक्तिगत बात को लेकर थोड़ा मनमुटाव हो सकता है, आपसी सूझबूझ से मामले को शांत करें। युवा वर्ग मौज-मस्ती और सोशल मीडिया पर अपना कीमती समय बर्बाद करने से बचें। असंतुलित और तैलीय खान-पान आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।अचूक उपाय: अपने नजदीकी किसी भी मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन करें, माथा टेकें और अपने इष्ट देव के मंत्र का 108 बार जाप करें।तुला राशि (Libra) - 28 जून 2026आज का दिन: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन सामाजिक रूप से काफी सक्रिय रहने वाला है। आज आपको अपने क्षेत्र के कुछ बेहद खास और गणमान्य लोगों से मिलने और उठने-बैठने का सुनहरा मौका मिलेगा, जिससे आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा।सावधानी व बिजनेस: यदि जमीन-जायदाद या पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना पारिवारिक मामला अटका हुआ है, तो उसे कोर्ट-कचहरी ले जाने के बजाय आपसी सामंजस्य और बातचीत से सुलझाने का प्रयास करें, जल्दी समाधान मिलेगा। आज अतीत की कुछ पुरानी समस्याएं दोबारा उभर सकती हैं, जिससे मानसिक तनाव होगा। खुद को किसी भी तरह के वाद-विवाद या दूसरों के फटे में टांग अड़ाने से दूर रखें। धन का लेन-देन या बड़ा ट्रांजैक्शन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। इस समय किसी भी प्रकार की व्यावसायिक यात्रा (Business Trip) को टाल देना ही बेहतर होगा।पारिवारिक जीवन व सेहत: पारिवारिक मामलों को घर के भीतर ही शांति से सुलझाने की कोशिश करें। लव पार्टनर के साथ आज मुलाकात करने और मन की बात साझा करने का खूबसूरत अवसर मिलेगा। आपका संतुलित खान-पान और नियमित योग की दिनचर्या आपको पूरे दिन पूरी तरह स्वस्थ, तरोताजा और ऊर्जावान बनाए रखेगी।अचूक उपाय: आज रविवार को मां लक्ष्मी और नारायण की कृपा पाने के लिए 'श्री सूक्त' और 'पुरुष सूक्त' का पाठ अवश्य करें।वृश्चिक राशि (Scorpio) - 28 जून 2026आज का दिन: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए आज का दिन भाग्य का पूरा साथ लेकर आया है। आज आपको करियर और व्यक्तिगत जीवन में कई तरह के शानदार सुअवसर मिलेंगे, जिनका आपको बिना समय गंवाए उचित लाभ उठाना चाहिए। आज किसी असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति की गुप्त सहायता करना आपको अत्यधिक आत्मिक और मानसिक खुशी देगा।सावधानी व बिजनेस: आज बाजार में ऑनलाइन या ऑफलाइन शॉपिंग करते समय आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी (Fraud) या ठगी हो सकती है, इसलिए बिल और सामान की जांच अच्छी तरह कर लें। घर के वरिष्ठ और अनुभवी लोगों द्वारा दी गई सलाह को नजरअंदाज करने की भूल बिल्कुल न करें। बिजनेस में किसी नई योजना या प्रोडक्ट को लॉन्च करने के लिए समय पूरी तरह से अनुकूल है। हालांकि, नौकरीपेशा लोग आज ऑफिस में काम के अतिरिक्त बोझ (Workload) और पेंडिंग फाइलों की वजह से थोड़े परेशान और तनावग्रस्त रह सकते हैं।पारिवारिक जीवन व सेहत: किसी बेहद अनुभवी व्यक्ति की सलाह से आज परिवार की कोई बड़ी उलझन या मांगलिक कार्य आसानी से हल हो जाएगा। प्रेम संबंधों (Love Life) के मामले में आज आप खुद को बेहद भाग्यशाली महसूस करेंगे, पार्टनर से कोई खूबसूरत सरप्राइज मिल सकता है। आज आपकी खुद की लापरवाही (जैसे समय पर खाना न खाना या कम पानी पीना) की वजह से स्वास्थ्य संबंधी कोई पुरानी परेशानी दोबारा उभर सकती है।अचूक उपाय: घर की बहन-बेटियों और बुआ का दिल से सम्मान करें और आज उन्हें यथासंभव अपनी इच्छा से कुछ न कुछ उपहार या मिठाई जरूर दें।धनु राशि (Sagittarius) - 28 जून 2026आज का दिन: धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन अपनी पुरानी और ढर्रे पर चल रही जीवनशैली (Lifestyle) में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने का है। पिछले कई दिनों से चल रही काम की अत्यधिक व्यस्तता से आज आपको थोड़ी राहत मिलेगी और आप खुद के लिए समय निकाल पाएंगे।सावधानी व बिजनेस: आज के दिन आपको सलाह दी जाती है कि केवल हवा में योजनाएं बनाने के बजाय, उन्हें तुरंत क्रियान्वित (Execute) भी करते जाएं, वरना मौके हाथ से निकल सकते हैं। आपका अति-आत्मविश्वास (Overconfidence) आज आपके बनते हुए कार्यों में अचानक कोई बड़ी बाधा या विघ्न डाल सकता है, इसलिए जमीन पर रहकर काम करें। प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट से संबंधित व्यवसाय करने वाले जातकों के लिए आज का दिन बंपर मुनाफा लेकर आ सकता है, कोई महत्वपूर्ण डील फाइनल होने के योग हैं। नौकरीपेशा लोगों को आज अचानक किसी प्रोजेक्ट में देरी होने से सीनियर्स की डांट सुननी पड़ सकती है।पारिवारिक जीवन व सेहत: परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल, प्रेम और आपसी सामंजस्य बना रहेगा, जिससे घर का माहौल शांत रहेगा। शाम को पुराने और खास मित्रों से मुलाकात होगी। सेहत के लिहाज से आज ज्यादा गैस, बादी या तली-भुनी चीजों को खाने से पूरी तरह परहेज करें, पेट खराब हो सकता है।अचूक उपाय: संकटमोचन हनुमान जी का ध्यान करें और यदि संभव हो तो आज के दिन 'हनुमान चालीसा' के लगातार 7 पाठ करें।मकर राशि (Capricorn) - 28 जून 2026आज का दिन: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन सूझबूझ से आगे बढ़ने का है। यदि रिश्तेदारों या पड़ोसियों के साथ कोई पुराना मनमुटाव चल रहा था, तो आज उसे बैठकर सुलझा लेना ही समझदारी होगी, ऐसा करने से आप भविष्य की किसी बड़ी कानूनी या सामाजिक समस्या से बच जाएंगे। जो छात्र प्रोफेशनल स्टडीज या किसी उच्च शिक्षा के लिए प्रयास कर रहे हैं, उन्हें आज कोई बड़ी सफलता मिल सकती है।सावधानी व बिजनेस: आज व्यर्थ की सुख-सुविधाओं और बाहरी गतिविधियों में अत्यधिक धन खर्च होने की वजह से आपका मन थोड़ा परेशान और चिंतित रह सकता है। कोई भी बड़ा व्यक्तिगत निर्णय लेते समय दिल की भावनाओं और दिमाग के तर्क में सही संतुलन बनाकर रखें। बिजनेस में आज खुद की काबिलियत साबित करने के लिए आपको सामान्य से अधिक मेहनत और संघर्ष करने की जरूरत है। नौकरीपेशा जातकों को आज किसी प्रोजेक्ट की डेडलाइन चूकने के कारण उच्च अधिकारियों की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।पारिवारिक जीवन व सेहत: इतनी व्यस्तता के बावजूद शाम को घर लौटने पर आपको एक बेहद सुकून भरा और शांतिपूर्ण माहौल मिलेगा। लव पार्टनर के साथ आज मुलाकात करने और कहीं बाहर डिनर पर जाने का अवसर मिलेगा। अत्यधिक प्रदूषण और धूल-मिट्टी की वजह से आज त्वचा (Skin) से संबंधित कोई इन्फेक्शन या एलर्जी परेशान कर सकती है, सफ़ाई का ध्यान रखें।अचूक उपाय: बेजुबान जीव-जंतुओं और आवारा कुत्तों के लिए भोजन तथा पानी की व्यवस्था करें, मानसिक शांति मिलेगी।कुंभ राशि (Aquarius) - 28 जून 2026आज का दिन: कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक मोर्चे पर काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। यदि आप बैंक से लोन लेने, कहीं बड़ा निवेश करने या पैसों के लेन-देन से जुड़ा कोई खास निर्णय लेना चाहते हैं, तो आज का समय उसके लिए पूरी तरह अनुकूल और लाभदायक है। अपनी रोज की एक जैसी दिनचर्या में कुछ नयापन लाने की आपकी कोशिश आज आपकी मानसिक और शारीरिक थकान को पूरी तरह दूर कर देगी।सावधानी व बिजनेस: आज किसी भी अपरिचित या नए बने दोस्त पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और न ही अपने घर या पैसों से जुड़ी कोई विशेष जानकारी उनके साथ साझा करें। किराएदारी या लीज से जुड़े मामलों में आज किसी बात को लेकर वाद-विवाद की स्थिति बन रही है, शांत रहें। कारोबारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी व्यावसायिक कार्यप्रणाली और आगामी डील्स को पूरी तरह सीक्रेट (गुप्त) रखें, लीक होने का खतरा है। ऑफिस में सहकर्मियों के बीच कुछ अंदरूनी राजनीति जैसा माहौल रहेगा, खुद को इन सब से दूर रखें।पारिवारिक जीवन व सेहत: काम की अत्यधिक व्यस्तता और तनाव की वजह से आज आप अपने परिवार और बच्चों को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिससे जीवनसाथी थोड़ा नाराज हो सकता है। प्रेम संबंधों में सावधानी बरतें, वरना आज लव लाइफ घर वालों के सामने उजागर हो सकती है। किसी भी प्रकार का दुर्व्यसन (गलत आदतें या नशा) आज आपकी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।अचूक उपाय: प्रातः काल स्नान के बाद उदित होते सूर्य भगवान के दर्शन करें, उन्हें अर्घ्य दें और कुछ समय धूप में अवश्य बिताएं।मीन राशि (Pisces) - 28 जून 2026आज का दिन: मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शानदार और मान-सम्मान में वृद्धि कराने वाला रहेगा। आज लोग आपके आकर्षक व्यक्तित्व, बातचीत की शैली और कुशल कार्यप्रणाली से अत्यधिक प्रभावित होंगे। बच्चों की शिक्षा या करियर से जुड़ी किसी बड़ी समस्या को सुलझाने में आज आपका महत्वपूर्ण और सराहनीय योगदान रहेगा।सावधानी व बिजनेस: यात्रा करते समय या भीड़भाड़ वाली जगह पर अपनी कीमती वस्तुओं, मोबाइल और पर्स की संभाल खुद ही करें, चोरी या गुम होने की आशंका है। घर में आज किसी अनचाहे संबंधी या मेहमान के अचानक आ जाने से आपके कुछ बेहद महत्वपूर्ण ऑफिशियल कार्य बीच में ही रुक सकते हैं। जो जातक कला, फैशन, डिजाइनिंग, ग्लैमर, मीडिया या मनोरंजन के क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय में हैं, उन्हें आज बंपर मुनाफा होने के योग हैं। नौकरीपेशा लोग आज ऑफिस की जरूरी फाइलें अथवा पेपर वर्क को समय रहते पूरा कर लें, लापरवाही भारी पड़ सकती है।पारिवारिक जीवन व सेहत: दांपत्य जीवन (Married Life) सुखद और सौहार्दपूर्ण बना रहेगा, जीवनसाथी का हर मोड़ पर सहयोग मिलेगा। विपरीत लिंगी मित्रों (अपोजिट जेंडर फ्रेंड्स) के साथ व्यवहार करते समय अपनी मर्यादा और सामाजिक सीमाओं का विशेष ध्यान रखें। स्वास्थ्य के लिहाज से आज यूरिन इन्फेक्शन, पेट के निचले हिस्से में दर्द अथवा सूजन की समस्या परेशान कर सकती है, प्रचुर मात्रा में पानी पिएं और डॉक्टर से सलाह लें।अचूक उपाय: आज रास्ते में चलते समय यदि कोई भी सफाई कर्मचारी या जरूरतमंद व्यक्ति मिले, तो उसे अपनी श्रद्धा अनुसार कुछ धन या अनाज का दान अवश्य दें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:18 am

Ravan's Gold Lanka: सात मंजिला महल, मणियों का पलंग और 1 लाख सैनिक; वाल्मीकि रामायण में दर्ज है रावण की लंका का आंखों देखा सच

रामायण काल में रावण की सोने की लंका के वैभव, ऐश्वर्य और अकल्पनीय चमक-दमक की चर्चा पूरी दुनिया में थी। महाकवि वाल्मीकि द्वारा रचित 'वाल्मीकि रामायण' के सुंदरकांड के चौथे सर्ग में इस भव्य नगरी का बेहद जीवंत, सुंदर और प्रामाणिक वर्णन मिलता है। जब माता सीता की खोज में लंका पहुंचे महाबली हनुमान ने नगर रक्षक लंकिनी को परास्त कर लंका में कदम रखा, तो वहां का अलौकिक नजारा देखकर वे स्वयं आश्चर्यचकित रह गए।हीरे-जवाहरात से जड़े महल और राक्षस करते थे वेदमंत्रों का पाठवाल्मीकि रामायण के अनुसार, त्रिकूट पर्वत के विशाल शिखर पर बसी यह नगरी कला और वास्तुकला का बेजोड़ नमूना थी। इसके भव्य महलों के झरोखे और खिड़कियां कीमती हीरों और मणियों से जड़े हुए थे। जहां एक तरफ राजमार्गों पर रावण की जय-जयकार की गूंज थी, वहीं दूसरी तरफ लंका का एक और आध्यात्मिक पहलू भी था। लंका के कई घरों में राक्षस नियमित रूप से वेदमंत्रों का सस्वर पाठ और स्वाध्याय (अध्ययन) कर रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से लंका अभेद्य थी; केवल इसके मध्य भाग की सुरक्षा के लिए ही एक लाख से अधिक आधुनिक हथियारों से लैस चुनिंदा सैनिकों की भारी-भरकम फौज हर वक्त तैनात रहती थी।कैसा था रावण का सात मंजिला मुख्य राजमहल?ग्रंथ में दर्ज अद्भुत जानकारियों के मुताबिक, रावण का मुख्य राजमहल सात मंजिला ऊंचा था, जिसकी बाहरी दीवारें शुद्ध सोने की मोटी परतों से ढकी हुई थीं। महल के प्रांगण में हनुमान जी ने बेशकीमती रथों, हाथियों, उत्तम नस्ल के घोड़ों और रत्नजड़ित पालकियों का विशाल अंबार देखा। राजमहल के भीतर ही सुंदर चित्रशालाएं (Art Galleries), मनोरंजन के लिए खेल के मैदान और कलात्मक सोने की मूर्तियां सजी हुई थीं, जो रावण की समृद्ध कलात्मक रुचि को दर्शाती थीं।कुबेर का दिव्य पुष्पक विमान, जो चलता था मन की गति सेइसी महल के विशाल परिसर में धनपति कुबेर से छीना गया ऐतिहासिक और दिव्य 'पुष्पक विमान' खड़ा था। इस विमान का निर्माण देवताओं के परम शिल्पी विश्वकर्मा ने स्वयं ब्रह्मा जी के लिए किया था। पूर्ण रूप से सोने और दुर्लभ मणियों से निर्मित इस विमान की आभा सूर्य के समान देदीप्यमान थी। इस विमान की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि यह चालक के मन की गति (इच्छाशक्ति) से हवा में उड़ता था और इसकी अद्भुत बनावट देवलोक के श्रेष्ठ विमानों को भी मात देती थी।रावण के अंतःपुर में पहुंचे हनुमान: मणियों के पलंग पर सोया था लंकापतिस्वर्ग जैसा नजारा: माता सीता को खोजते हुए जब पवनपुत्र हनुमान रावण के अंतःपुर (शयनकक्ष) में दाखिल हुए, तो उन्हें एक पल के लिए साक्षात स्वर्गलोक में आने का अहसास हुआ। कक्ष के फर्श पर एक अत्यंत मूल्यवान और विशाल कालीन बिछा हुआ था।मणियों का पलंग: रावण जिस पलंग पर विश्राम कर रहा था, वह स्फटिक मणियों की एक ऊंची वेदी पर स्थापित था। इस पलंग की नक्काशी में हाथी दांत, शुद्ध सोना और बहुमूल्य वैदूर्यमणि जड़ी हुई थी। पलंग के शीर्ष पर एक सफेद रंग का राजकीय दिव्य छत्र लगा था और पूरे शयनकक्ष में दुर्लभ सुगंधित इत्र की महक फैली हुई थी।रावण का नियम: वाल्मीकि रामायण में इस बात का स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि महापराक्रमी होने के बावजूद रावण अपनी शक्ति के बल पर किसी भी स्त्री को उसकी मर्जी के बिना स्पर्श नहीं करता था।मंदोदरी को देखकर हनुमान जी को हुआ भ्रम, फिर पहुंचे मद्यशालाउसी भव्य शयनकक्ष में हनुमान जी ने एक अत्यंत सुंदर पलंग पर सो रही लंका की महारानी मंदोदरी को देखा। मंदोदरी का रूप और आभा इतनी अलौकिक थी कि एक क्षण के लिए हनुमान जी को भ्रम हो गया कि शायद यही माता सीता हैं। परंतु अगले ही पल उनके विवेक ने काम किया और उन्होंने सोचा कि श्री राम के वियोग में व्याकुल माता सीता कभी भी रावण के ऐश्वर्यशाली महल में इतनी निश्चिंतता से नहीं सो सकतीं। इसके बाद वे महल की मद्यशाला (रसोई और मधुशाला) में गए, जहां विभिन्न प्रकार के उत्तम व्यंजन, मांस और मदिरा के पात्र भरे हुए थे। वहां पराई स्त्रियों को सोती हुई अवस्था में देखकर हनुमान जी के मन में धार्मिक संकोच और पाप का भय भी आया, लेकिन उन्होंने स्वयं को ढांढस बंधाया कि उनके मन में कोई वासना या गलत विचार नहीं था।अशोक वाटिका में मिला एक हजार खंभों का स्वर्ण मंदिर, जहां मिलीं माता सीताराजमहल के भीतर माता सीता का कोई सुराग न मिलने पर हनुमान जी अंततः 'अशोक वाटिका' की ओर बढ़े। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, यह वाटिका देवराज इंद्र के 'नंदन वन' से भी कहीं अधिक सुंदर और मनमोहक थी। यहां हर मौसम में खिलने वाले फूलों और रसीले फलों से लदे अनगिनत वृक्ष थे और मीठे पानी के सरोवर खिले हुए कमलों से पटे पड़े थे। इसी वाटिका के ठीक मध्य में हनुमान जी को एक विशाल चैत्य प्रासाद (भव्य मंदिर) दिखाई दिया।इस मंदिर की भव्यता देखते ही बनती थी; इसमें एक हजार खंभे लगे थे, इसकी सीढ़ियां कीमती मूंगे (Coral) से बनी थीं और इसकी वेदियां शुद्ध सोने से मढ़ी हुई थीं। इसी दिव्य मंदिर के नीचे एक वृक्ष के पास हनुमान जी ने अत्यंत दयनीय, उपवास से क्षीण लेकिन परम पवित्र अवस्था में बैठी माता सीता को पहचान लिया। वाल्मीकि रामायण का यह पूरा वृत्तांत अकाट्य रूप से सिद्ध करता है कि रावण की लंका का वैभव सचमुच अद्वितीय और ऐतिहासिक था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:12 am

Surya Grahan 2026: सावन में लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, 15 दिनों के भीतर चंद्र ग्रहण की भी आहट; जानें त्योहारों पर असर

खगोल विज्ञान (Astronomy) के साथ-साथ सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में ग्रहण की घटना को बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जाता है। साल 2026 में लगने वाले कुल चार ग्रहणों में से दो ग्रहण पहले ही लग चुके हैं। वहीं, साल के बाकी बचे 2 बड़े ग्रहण अगस्त महीने में लगने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ये दोनों ही ग्रहण महज 15 दिनों के अंतराल पर दो बेहद खास हिंदू तिथियों पर लग रहे हैं, जिनका धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत बड़ा महत्व है। इस खगोलीय संयोग को लेकर आम जनता और श्रद्धालुओं के बीच त्योहारों की पवित्रता को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।6 घंटे तक चलेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण में 96% हिस्सा होगा अदृश्यअगस्त 2026 में लगने वाला सूर्य ग्रहण एक 'वलयाकार सूर्य ग्रहण' (Annular Solar Eclipse) होगा, जिसकी कुल अवधि लगभग 6 घंटे की रहने वाली है। ठीक इसके 15 दिन बाद साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण लगेगा, जो कि आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की घनी छाया (Umbra) से पूरी तरह ढंक जाएगा, जिसके कारण केवल कुछ आंशिक हिस्से में ही चांद की रोशनी दिखाई देगी।हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया: क्या प्रभावित होगी बाबा भोलेनाथ की पूजा?तारीख और समय: साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। भारतीय समयानुसार (IST) यह ग्रहण 12 अगस्त की रात को करीब 09 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और अगले दिन यानी 13 अगस्त की सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगा।धार्मिक संयोग: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस दिन सावन या श्रावण मास की अमावस्या तिथि है, जिसे देश भर में 'हरियाली अमावस्या' के नाम से जाना जाता है। इस पावन तिथि पर भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना, वृक्षारोपण और पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण-दान करने का विधान है।सूतक काल का नियम: चूंकि यह सूर्य ग्रहण पूरी तरह से रात के समय लगेगा, इसलिए यह भारत में विजिबल (दृश्यमान) नहीं होगा। शास्त्रों के नियम के अनुसार, जो ग्रहण जहां दिखाई नहीं देता, वहां उसका कोई सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होता है। अतः हरियाली अमावस्या के पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में कोई व्यवधान नहीं आएगा और लोग शांतिपूर्वक पूजा कर सकेंगे।रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण का साया, बहनें भाई को किस समय बांधेंगी राखी?तारीख और समय: साल 2026 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लगेगा। यह ग्रहण सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर प्रारंभ होगा और दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगा।धार्मिक संयोग: पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा है, जिसे सावन महीने का आखिरी दिन माना जाता है। इसी पावन तिथि पर भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक 'रक्षाबंधन' (Raksha Bandhan) का त्योहार बड़े उल्लास से मनाया जाता है।सूतक काल का नियम: यह चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार पूरी तरह दिन के उजाले में घटित होगा। सूर्य की तेज रोशनी के कारण यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के आसमान में दिखाई नहीं देगा। भारत में अदृश्य रहने के कारण इसका भी सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। इसलिए बहनें बिना किसी संशय या भद्रा-ग्रहण के डर के पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बांध सकेंगी।ज्योतिषियों की राय: भारत के बाहर दिखेगा ग्रहण, देश में चिंता की जरूरत नहींविभिन्न ज्योतिषाचार्यों और पंचांग गणनाओं के अनुसार, साल 2026 के ये दोनों आगामी ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और अटलांटिक महासागर जैसे वैश्विक क्षेत्रों में साफ नजर आएंगे। भारत में इनका कोई भौगोलिक या धार्मिक प्रभाव नहीं होने के कारण मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे और न ही दैनिक दिनचर्या पर कोई पाबंदी रहेगी। हालांकि, खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अगस्त का महीना बेहद रोमांचक होने वाला है, क्योंकि उन्हें 15 दिनों के भीतर दो बड़े आकाशीय नजारे देखने को मिलेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 9:11 am

इजराइल-लेबनान समझौते पर हिजबुल्ला का विरोध, कहा- निरस्त्रीकरण मंजूर नहीं, लड़ाई रहेगी जारी

हिजबुल्ला के नेता ने शनिवार को उस समझौते की रूपरेखा की आलोचना की जिस पर इजराइल और लेबनान ने एक दिन पहले हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच कई महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया है लेकिन ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 9:02 am

Pakistan के कराची में बड़ा आतंकी हमला, सिंध रेंजर्स मुख्यालय पर धावा, 6 आतंकवादी ढेर, 4 जवानों की मौत

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में शनिवार रात बड़ा आतंकी हमला हुआ। आतंकवादियों ने सिंध रेंजर्स के भिट्टाई विंग मुख्यालय पर हमला बोल दिया। इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में 6 आतंकवादी मार गिराए गए। सुरक्षा बलों ने एक घायल आतंकवादी को ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 8:24 am

Iran US conflict : मिडिल ईस्ट में फिर भड़की जंग? अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान की खुली धमकी, होर्मुज पर संकट के बादल

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रविवार तड़के ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने संयुक्त अभियान चलाकर कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ...

वेब दुनिया 28 Jun 2026 7:53 am

पॉलिएस्टर को लेकर चिंताओं के बीच असम सरकार ने स्कूल यूनिफॉर्म पॉलिसी के बारे में जानकारी दी

असम के शिक्षा मंत्री रानोज पेगू ने कहा कि राज्य सरकार स्कूल यूनिफॉर्म की खरीद के समय कड़े नियमों का पालन करती है और यह पक्का करने के लिए लैब टेस्ट करवाती है कि पॉलिएस्टर और कॉटन का मिश्रण तय मानकों के अनुसार हो

देशबन्धु 28 Jun 2026 7:50 am

केतन अग्रवाल मर्डर केस: लोहगढ़ जाने की जिद, छिपाया पासपोर्ट और खौफनाक साजिश; मंगेतर सिया की चालबाजियों का हुआ खुलासा

पुणे के चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की क्रूरता का चेहरा सामने आता जा रहा है। केतन के पिता विशाल अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर ने इस केस में नए मोड़ ला दिए हैं। एफआईआर के मुताबिक, सिया का व्यवहार लंबे समय से असामान्य था। वह छोटी-छोटी बातों पर केतन से झगड़ती थी और गुस्से में हिंसक हो जाती थी। केतन ने खुद अपने परिवार को बताया था कि सिया के मिजाज में लगातार बदलाव आ रहे हैं।बाली ट्रिप कैसे बनी साजिश का मोहरा? एफआईआर में खुलासा हुआ है कि सिया ने केतन और उसके परिवार के साथ होने वाली बाली की इंडोनेशिया ट्रिप को जानबूझकर बाधित किया था। जब केतन ने 4 जून को सिया को लोहगढ़ ले जाने से मना किया, तो वह बुरी तरह भड़क गई। गुस्से में उसने केतन का पासपोर्ट ही छिपा दिया, जिससे पूरी ट्रिप रद्द करनी पड़ी। परिवार का आरोप है कि सिया लोहगढ़ किले को ही अपनी साजिश का अड्डा बनाना चाहती थी, इसीलिए वह लगातार केतन पर वहां चलने का दबाव डाल रही थी। 14 जून को जब वह पहली बार नाकाम रही और केतन बाल-बाल बच गया, तो उसने अपने जन्मदिन का 'बर्थडे ट्रैक' बहाना बनाकर दोबारा उसे फंसाने की साजिश रची।जन्मदिन के बहाने रची मौत की बिसात सिया ने 17 जून की रात केतन और उसकी मां को फोन कर लोहगढ़ चलने के लिए राजी किया। केतन की मां के इनकार करने के बावजूद सिया की जिद के आगे परिवार को झुकना पड़ा। अगले दिन 18 जून को केतन अपनी कार से सिया को लेकर लोहगढ़ पहुंचा, और कुछ ही घंटों बाद परिवार को वह मनहूस फोन आया कि केतन खाई में गिर गया है। केतन के पिता का आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को इसलिए रास्ते से हटाया क्योंकि वह उनके कथित प्रेम संबंधों की सच्चाई के करीब पहुंच रहा था। शाही शादी और भव्य प्री-वेडिंग प्लान के बीच हुए इस हत्याकांड ने केतन के परिवार को झकझोर कर रख दिया है।इंसाफ की गुहार: फांसी की सजा की मांग अपने 26 वर्षीय बेटे को खोने के बाद केतन का परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है। शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर केतन को श्रद्धांजलि दी। केतन के पिता का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो सकता, जिन्होंने बहू लाने की तैयारी की थी, लेकिन बदले में बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। अब पुलिस सिया और चेतन को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए जांच में जुटी है, जबकि केतन का परिवार दोषियों के लिए फांसी की मांग पर अड़ा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 7:11 am

केंद्र सरकार आलोचना पर बयान देने से बचती है : इमरान मसूद

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राम मंदिर चंदा विवाद, भारत की विदेश नीति समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं

देशबन्धु 28 Jun 2026 6:00 am

भारत-पाक 'ट्रैक 2 डिप्लोमेसी' पर मचा भारी बवाल, राम माधव ने तोड़ी चुप्पी, बताया- क्यों खड़ा किया गया बेमतलब का विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच पर्दे के पीछे चलने वाली गोपनीय बातचीत यानी 'ट्रैक 2 डिप्लोमेसी' (Track 2 Diplomacy) को लेकर देश के राजनीतिक और कूटनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट्स तक हो रहे दावों और विवादों पर अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात विचारक राम माधव ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। राम माधव ने इस पूरे घटनाक्रम को 'बेमतलब का विवाद' करार देते हुए इसके पीछे की जमीनी सच्चाई और असली हकीकत को देश के सामने रखा है। उनके इस बयान के बाद इस कूटनीतिक हलचल को लेकर चल रहे कई कयासों पर विराम लग गया है।क्या होती है ट्रैक 2 डिप्लोमेसी और इस पर क्यों मचा है घमासानदरअसल, पिछले कुछ दिनों से मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि भारत और पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक, सैन्य अधिकारी और बुद्धिजीवी किसी तीसरे देश में बैठकर दोनों मुल्कों के रिश्तों को सुधारने के लिए गुप्त वार्ता कर रहे हैं। इस खबर के बाहर आते ही विपक्ष और कई विश्लेषकों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए कि एक तरफ सीमा पर तनाव है, तो दूसरी तरफ यह कैसी बातचीत हो रही है? इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए राम माधव ने कहा कि ट्रैक 2 डिप्लोमेसी कोई नई बात नहीं है। यह गैर-सरकारी स्तर पर होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें दोनों देशों के एक्सपर्ट्स अकादमिक और रणनीतिक चर्चा करते हैं, और इसका सरकार की आधिकारिक नीति से सीधा कोई लेना-देना नहीं होता।राम माधव का बड़ा बयान, कहा- तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गयाराम माधव ने साफ लफ्जों में कहा कि इस पूरी कवायद को लेकर जानबूझकर एक ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की गई मानो भारत सरकार अपनी पुरानी नीति से पीछे हट रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का रुख आज भी पूरी तरह साफ और अडिग है कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। राम माधव के मुताबिक, कुछ तत्वों द्वारा इस अकादमिक सेमिनार या अनौपचारिक मुलाकात को एक बड़ा मुद्दा बनाकर पेश किया गया, जो कि पूरी तरह से बेबुनियाद है। इस तरह के संवादों का उद्देश्य केवल विचारों का आदान-प्रदान होता है, न कि किसी आधिकारिक समझौते पर मुहर लगाना।भारत-पाकिस्तान संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य का रास्ताजम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने और सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक द्विपक्षीय बातचीत पूरी तरह से बंद है। नई दिल्ली ने हमेशा यह स्टैंड लिया है कि जब तक इस्लामाबाद अपनी धरती पर पल रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त और ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक कोई औपचारिक वार्ता संभव नहीं है। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि राम माधव के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि अनौपचारिक स्तर पर चाहे जितने भी संवाद हो जाएं, लेकिन भारत सरकार अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करने वाली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:30 am

सोनिया गांधी के लेख पर भारी बवाल! गाजा-ईरान पर जताई चिंता, बीजेपी का तीखा पलटवार- बांग्लादेश के हिंदुओं पर चुप्पी क्यों

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी का एक ताजा लेख इस समय देश की सियासत का सबसे गर्म मुद्दा बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय हालातों, विशेष रूप से गाजा, फिलिस्तीन और ईरान के मानवीय संकट पर लिखे गए उनके इस लेख ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस और तीखे बयानों के दौर को जन्म दे दिया है। सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कई सामाजिक संगठनों ने इस लेख को लेकर सोनिया गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर तो खुलकर बोलती है, लेकिन जब पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते हैं, तो वह 'सेलेक्टिव आउटरेज' (चुनिंदा आक्रोश) की नीति अपनाते हुए पूरी तरह मौन हो जाती है।गाजा और ईरान के संकट पर सोनिया गांधी ने लेख में क्या लिखाअपने लेख में सोनिया गांधी ने मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे युद्ध और इसके कारण आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गाजा में हो रहे मानवाधिकारों के हनन और ईरान के मौजूदा राजनीतिक हालातों का जिक्र करते हुए वैश्विक समुदाय से शांति बहाली की अपील की। कांग्रेस नेता ने लिखा कि युद्ध कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और निर्दोष लोगों की जान बचाना हर लोकतांत्रिक देश की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके इस लेख को कांग्रेस के अंतरराष्ट्रीय रुख और मानवाधिकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता के तौर पर पेश किया गया, लेकिन घरेलू राजनीति में इसका बिल्कुल उल्टा असर देखने को मिला।बीजेपी का 'सेलेक्टिव आउटरेज' का आरोप, पूछा सबसे बड़ा सवाललेख के सामने आते ही बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने सोनिया गांधी पर चौतरफा हमला बोल दिया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि सोनिया गांधी को गाजा और ईरान के नागरिकों का दर्द तो बखूबी दिखाई देता है, लेकिन भारत की सीमा से सटे बांग्लादेश में महीनों से प्रताड़ित हो रहे हिंदू भाई-बहनों की चीखें उन्हें सुनाई नहीं देतीं। सोशल मीडिया पर भी यह बहस तेज हो गई है कि जब बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद हिंदुओं के घरों, दुकानों और मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा था, तब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस स्तर पर कोई बड़ा लेख या कड़ा रुख क्यों नहीं अपनाया। इस दोहरे मापदंड को लेकर कांग्रेस अब पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आ रही है।विदेशी कूटनीति बनाम घरेलू राजनीति का नया अखाड़ा बनी कांग्रेसराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोनिया गांधी का यह लेख देश के भीतर एक खास वोट बैंक को साधने और वैश्विक स्तर पर अपनी एक लिबरल छवि बनाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, मौजूदा दौर की राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी राजनीति के बीच यह दांव कांग्रेस के लिए उल्टा पड़ता दिख रहा है। पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा जैसे बांग्लादेश सीमा से सटे राज्यों के स्थानीय नेताओं ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि जो पार्टी अपने पड़ोसी मुल्क में सनातनियों पर हो रहे अत्याचारों पर खुलकर स्टैंड नहीं ले सकती, उसका सुदूर मध्य पूर्व के देशों के लिए विलाप करना केवल और केवल एक राजनीतिक ढोंग के अलावा कुछ नहीं है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:29 am

भारत आएंगे डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने किया तारीख का बड़ा खुलासा!

वैश्विक कूटनीति और भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से एक बेहद बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) जल्द ही भारत के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। इस बात की आधिकारिक पुष्टि किसी और ने नहीं, बल्कि खुद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने एक हाई-लेवल प्रेस ब्रीफिंग में की है। वाशिंगटन से आई इस खबर के बाद नई दिल्ली के गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मार्को रुबियो ने न केवल ट्रंप के इस दौरे पर मुहर लगाई, बल्कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस भारत यात्रा की संभावित तारीखों का भी एलान कर दिया है, जिसे लेकर दोनों देशों के राजनयिक तैयारियों में जुट गए हैं।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या कहा और क्या है पूरा शेड्यूलअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप भारत के साथ अपने बेहद करीबी और मजबूत रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए उत्सुक हैं। व्हाइट हाउस द्वारा तैयार किए जा रहे शुरुआती शेड्यूल के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का यह भारत दौरा आगामी महीनों में बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया जाएगा। रुबियो ने संकेत दिया कि द्विपक्षीय वार्ताओं (Bilateral Talks) और रक्षा समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों की कोर टीमें लगातार संपर्क में हैं। ट्रंप की इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली के साथ-साथ भारत के किसी अन्य प्रमुख ऐतिहासिक या औद्योगिक शहर में एक मेगा इवेंट भी आयोजित किया जा सकता है।डिफेंस डील और चीन की घेराबंदी पर होगी दोनों महाशक्तियों की नजरभू-राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे रणनीतिक मायने छिपे हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में चीन के बढ़ते आक्रामक रुख को नियंत्रित करने के लिए भारत और अमेरिका का एक साथ आना बेहद जरूरी है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई अरब डॉलर की अत्याधुनिक डिफेंस डील (Defense Deals), क्रिटिकल टेक्नोलॉजी शेयरिंग और व्यापारिक प्रतिबंधों को आसान बनाने वाले ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री के बीच होने वाली यह मुलाकात वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।बिजनेस और वीजा नियमों को लेकर भारतीय आईटी सेक्टर को बड़ी उम्मीदेंट्रंप के भारत आने की खबर से भारतीय कॉरपोरेट जगत और आईटी (IT Sector) कंपनियों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। भारतीय उद्योगपतियों को उम्मीद है कि इस द्विपक्षीय वार्ता में एच-1बी (H-1B Visa) नियमों में ढील और भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को लेकर कोई सकारात्मक बीच का रास्ता निकाला जा सकता है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में 'हाउडी मोदी' और 'नमस्ते ट्रंप' जैसे ऐतिहासिक आयोजनों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। अब देखना यह होगा कि ट्रंप का यह नया भारत दौरा दोनों देशों के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को किस नए मुकाम पर लेकर जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 28 Jun 2026 4:26 am