Hyderabad: Janasena Rajya Sabha MP's son booked after speeding Aston Martin kills 26-Year-old woman in Madhapur - Telangana: हैदराबाद में कार की टक्कर से महिला की मौत; जनसेना पार्टी के राज्यसभा सांसद के बेटे पर केस दर्ज
'दबाव के आगे नहीं झुकेंगे...', नए अमेरिकी प्रतिबंधों पर ईरान का पलटवार
अमेरिका के नए आर्थिक दबाव पर ईरान ने तीखा जवाब दिया है. भारत में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर विदेश मंत्रालय का बयान शेयर किया. तेहरान ने अमेरिकी कदम को आर्थिक आतंकवाद बताया है.
Rahul Gandhi asks women to share responses on what it means to be Indian woman - राहुल गांधी ने कहा: डर, हिंसा और पितृसत्ता पर खुलकर बोलें महिलाएं; पूछा- भारतीय महिला होने का क्या मतलब है?
कार की टक्कर से महिला की मौत, पवन कल्याण की पार्टी के सांसद के बेटे पर केस
हैदराबाद में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद, राज्यसभा सांसद के बेटे को आरोपी बनाया गया है। जानकारी के मुताबिक 26 साल की इस महिला की मौत एस्टन मार्टिन कार से टकराने के चलते हुई थी।
चीनी की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को घेरा, केजरीवाल ने इथेनॉल नीति पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने भारत की इथेनॉल सम्मिश्रण नीति पर सवाल उठाया, इसे चीनी की ऊंची कीमतों और उपभोक्ताओं के लिए चीनी की उपलब्
UP में बड़ा पुलिस फेरबदल, 9 IPS अफसरों के तबादले
उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। 9 IPS अफसरों का तबादला किया गया है. इस बदलाव में 7 जिलों के SP और SSP बदले गए हैं.
सेव गोवा और इनफ इज़ इनफ सहित नागरिक समूह 2 अक्टूबर से गोवा में भूमि अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सामुदायिक ह
मुंद्रा ड्रग्स केस में हरप्रीत तलवार की जमानत रद करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, NIA की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने मुंद्रा पोर्ट नशीले पदार्थ जब्ती मामले में आरोपित हरप्रीत सिंह तलवार की जमानत रद करने की एनआईए की याचिका खारिज कर दी।
सोशल मीडिया पर सरकार की बड़ी डिजिटल स्ट्राइक, 2.98 लाख URL हटाने की मांग; कार्रवाई की यह है वजह
सरकार ने सोशल मीडिया भ्रामक सामग्री को लेकर डिजिटल स्ट्राइक की तैयारी कर ली है। मार्च से जुलाई 2026 के बीच सरकार के विभिन्न विभागों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लगभग 2.98 लाख यूआरएल हटाने के लिए भेजे।
शिवसेना (यूबीटी) ने सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट पर लगाया दल-बदल का फायदा उठाने का आरोप
शिवसेना (यूबीटी) ने सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट पर दल-बदल का फायदा उठाने का आरोप लगाया, कहा कि चुनाव आयोग ने गलत तरीके से नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किया।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 2020 संहिता के लिए 1978 की 'उद्योग' परिभाषा नए मामलों पर नहीं होगी लागू
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि 1978 के 'उद्योग' की व्यापक परिभाषा 2020 की औद्योगिक संबंध संहिता के तहत नए मामलों पर लागू नहीं होगी।
भारत और सिंगापुर ने चौथे मंत्रिस्तरीय गोलमेज में दूरसंचार, खाद्य सुरक्षा और समुद्री क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते किए।
नशे के खिलाफ पंजाब पुलिस का महाअभियान, फाजिल्का में 924 मामलों में 1,331 गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने 924 एनडीपीएस मामले, 1331 गिरफ्तारियां और 41 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, अफीम और गांजा जब्त करने की रिपोर्ट दी
6 महीने में पैसा 20 गुना करने का लालच, 8 साल बाद MTC क्रिप्टो केस में ED का एक्शन
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी ट्रेड कॉइन (MTC) नामक क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में मुंबई और ठाणे में 12 अगस्त को छापेमारी की। इस मामले में आरोप है कि निवेशकों को 4 से 6 महीने में 10 से 20 गुना रिटर्न का झांसा देकर करीब 113 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
मां के सामने से 3 साल के बच्चे को उठा ले गया तेंदुआ, गुस्साए ग्रामीणों ने वन चौकी में लगाई आग
बच्चा आंगन में मां के सामने खेल रहा था. इसी बीच तेंदुआ जबड़े में दबा ले गया. मां ने बच्चे को छुड़ाने की कोशिश भी की, पर वह सफल नहीं हो पाई.
उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 अगस्त की रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए. इसमें संभल, गोंडा, बिजनौर और बाराबंकी समेत कई जिलों के एसपी बदले गए हैं. संभल के चर्चित एसपी केके बिश्नोई को अब बिजनौर जिले की कमान सौंपी गई है.
मुंबई में वड़ा पाव दुकानों में साफ-सफाई, फूड सेफ्टी और हाइजीन मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अब FDA ने खाने के तेल की गुणवत्ता पर भी फोकस बढ़ा दिया है.
प्यार-मोहब्बत करते हैं शिक्षक-शिक्षिका, छात्रों की शिकायत पर दोनों स्कूल से बाहर; जानें मामला
छिंदवाड़ा के सरकारी स्कूल में जल्दी छुट्टी कर 'प्यार-मोहब्बत' करने के आरोप में शिक्षक और अतिथि शिक्षिका को हटा दिया गया है. छात्रों की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है. शिक्षिका ने इसे साजिश बताया है.
भारत और जापान ने समुद्री सुरक्षा संबंध मजबूत करने के लिए समझौता किया, जिसमें मुक्त हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए सैन्य सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
मुंबई: नजर उतारने का बहाने ट्रांसजेंडर बनकर फ्लैट में घुसा बदमाश, एयर होस्टेस से किया यौन उत्पीड़न
मुंबई के पवई इलाके में आरोपी अनिल शिंदे ने ट्रांसजेंडर का भेष धरकर नजर उतारने के बहाने पीड़िता के फ्लैट में प्रवेश किया और उसके साथ जबरन अश्लील हरकतें कीं। हालांकि महिला के चिल्लाने पर वह डरकर भाग गया।
मिडिल ईस्ट पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS George Washington
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में USS George Washington एयरक्राफ्ट कैरियर को तैनात किया है, जो लंबे समय से क्षेत्र में मौजूद USS Abraham Lincoln की जगह लेगा.
परिसीमन पर कांग्रेस का गणित... समझिए इस मुद्दे पर क्यों एकजुट हुआ दक्षिण भारत?
दक्षिण के राज्यों ने लोकसभा सीटों के परिसीमन का विरोध करते हुए मौजूदा 543 सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू करने की मांग की है।
ड्राइविंग लाइसेंस का एक्सपायर होने पर वाहन एक्ट के तहत गाड़ी चलाना अपराध माना जाता है. इस दौरान कोई हादसा होता है तो आपको यह बड़ी मुश्किल में डाल सकता है.
त्योहारों से पहले सस्ती हो जाएगी चीनी, सरकार ने लिया बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 10 लाख टन शुल्क मुक्त चीनी आयात को मंजूरी दी है।
BMC ने 'Gen Z फेलोशिप' का किया ऐलान, युवाओं को मिलेगा ₹61,500 का स्टाइपेंड
BMC ने युवाओं के लिए एक खास 'Gen Z Fellowship' शुरू करने का ऐलान किया है. युवाओं को हर महीने ₹61,500 का आकर्षक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा.
अदियाला जेल से अस्पताल जाएंगे इमरान खान, चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल शिफ्ट करने की तैयारियां पूरी हो गई हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और अस्पताल के एक हिस्से को सब-जेल घोषित किया जाएगा.
विदेशी महिला पर्यटक दिल्ली मेट्रो की हुई दीवानी, बोली- लंदन से ज्यादा साफ-सुरक्षित
विदेशी महिला पर्यटक ने यूरोप की मेट्रो में छेड़छाड़ की घटनाओं का जिक्र किया. साथ ही अपील की महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसी ही पहल करनी चाहिए.
82 लाख की जमीन 18 लाख में डील का आरोप, DSP नेहा पच्चीसिया पर FIR
कटनी में पदस्थ सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं. विभागीय जांच के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कुठला थाने में DSP नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आरोप है कि हत्या के आरोपी के परिवार पर दबाव बनाकर करीब 82.86 लाख रुपये की गाइडलाइन वाली जमीन कम कीमत में रजिस्ट्री कराई गई.
हैदराबाद में रफ्तार का कहर, एस्टन मार्टिन कार की टक्कर से महिला की मौत; सांसद के बेटे पर केस दर्ज
हैदराबाद में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। हैदराबाद में एक तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार की टक्कर से एक 26 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
बेंगलुरु में हाल ही में गड्डे की वजह से एक महिला बाइक से गिर गई थी जिसकी ट्रक के चपेट में आने से मौत हो गई थी, वहीं, बेंगलुरु के गुंजुर इलाके में एक बाइक सवार बाल-बाल बच गया।
'पहले बॉर्डर की अनदेखी की गई, अब पहली प्राथमिकता', चीनी घुसपैठ के दावों पर रिजिजू का बड़ा बयान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में चीनी घुसपैठ के दावों का खंडन किया और कहा कि मोदी सरकार के लिए देश की सीमाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
MP: 19 बच्चों की मौत, आदिवासी बच्चों तक वैक्सीन और पोषण क्यों नहीं पहुंचा?
बालाघाट के बैगा अंचल में 19 बच्चों की मौत ने स्वास्थ्य और पोषण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जांच रिपोर्ट में मौतों की मुख्य वजह मलेरिया और खसरा संक्रमण सामने आया है. खसरे से संक्रमित बच्चे नियमित टीकाकरण से छूटे हुए थे. वहीं ग्रामीण मध्य प्रदेश में बच्चों के कुपोषण के आंकड़े भी चिंता बढ़ा रहे हैं.
भारतीय वैज्ञानिकों ने कैंसर के इलाज के लिए 'आरके-251' नामक एक 'स्मार्ट' दवा विकसित की है, जो केवल कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाती है।
पत्नी को रोका, पीटा फिर गोलियों से कर दिया छलनी... लखनऊ हत्याकांड का CCTV फुटेज
लखनऊ में हुए डबल मर्डर और सुसाइड के मामले का CCTV फुटेज सामने आया है जिसमें आरोपी पति मानस ने ICICI बैंक के सामने अपनी पत्नी दिव्या को गोली मारी.
हैदराबाद में बेकाबू सुपरकार ने ली थी महिला की जान, अब MP के बेटे पर FIR
तेलंगाना के हैदराबाद में तेज रफ्तार एस्टन मार्टिन कार की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि कार आंध्र प्रदेश से सांसद लिंगमनेनी रमेश के बेटे लिंगमनेनी संजुश ही चला रहे थे. पुलिस ने BNS की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
'प्याज का रस निकालो और लगा लो', जावेद हबीब ने बताया हेयरफॉल का इलाज
Onion Juice for Hairfall: अगर आप भी मॉनसून-बारिश में झड़ते-टूटते बालों से परेशान हैं तो यहां हम आपको जावेद हबीब का नुस्खा बता रहे हैं. जावेद हबीब ने कुछ समय पहले एक शो में कहा था कि प्याज का रस बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. हेयरफॉल और गंजेपन से जूझ रहे लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अपने आशियाने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों और रियल एस्टेट निवेशकों के लिए एक बड़ा और किफायती अवसर सामने आया है। दिल्ली सीमा से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर हिंडन एयरपोर्ट (Hindon Airport) और साहिबाबाद-भोपुरा बेल्ट के प्राइम लोकेशन में 1 BHK और 2 BHK फ्लैट्स की नई अफोर्डेबल आवासीय श्रृंखला उपलब्ध कराई गई है। बढ़ती महंगाई और दिल्ली-एनसीआर में आसमान छूती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच ₹24 लाख से शुरू होने वाले ये फ्लैट्स 7 साल (84 महीने) की आसान किस्त योजनाओं के साथ खरीदारों के लिए सबसे आकर्षक डील बनकर उभर रहे हैं।प्राइम लोकेशन और दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी का बड़ा फायदाइस आवासीय प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी ताकत इसकी भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) है। दिल्ली के दिलशाद गार्डन, सीमापुरी और आनंद विहार से बिल्कुल सटा यह क्षेत्र चंद मिनटों की ड्राइव पर दिल्ली से सीधा संपर्क जोड़ता है। दिलशाद गार्डन और शहीद नगर मेट्रो स्टेशन से सीधी पहुंच होने के कारण रोजाना दिल्ली, नोएडा या गाजियाबाद आवागमन करने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए यह दैनिक यात्रा को बेहद सुगम और समय की बचत करने वाला बनाता है। साथ ही हिंडन सिविल एयरपोर्ट से रीजनल कनेक्टिविटी के चलते आने वाले दिनों में इस पूरे क्षेत्र की कमर्शियल और रेजिडेंशियल वैल्यू में तेज उछाल देखा जा रहा है।₹24 लाख से शुरुआती कीमत और 7 साल का फ्लेक्सिबल पेमेंट प्लानमध्यम वर्ग के बजट को ध्यान में रखते हुए इस प्रोजेक्ट में 1 BHK फ्लैट्स की शुरुआती कीमत ₹24 लाख तय की गई है, जबकि 2 BHK यूनिट्स को भी बेहद प्रतिस्पर्धी दरों पर पेश किया गया है। सबसे खास बात यह है कि खरीदारों पर एकमुश्त डाउन पेमेंट या भारी भरकम बैंक लोन की ईएमआई का एक साथ दबाव नहीं डाला जा रहा है। डेवलपर्स द्वारा 7 साल (84 महीनों) के आसान इंस्टॉलमेंट मॉडल की सुविधा दी गई है। इसके तहत मामूली बुकिंग राशि और टोकन अमाउंट के बाद बाकी बची राशि को हर महीने की सुविधाजनक किस्तों में चुकाया जा सकता है।आधुनिक सुविधाएं और गेटेड सोसाइटी का सुरक्षित माहौलसस्ते बजट के बावजूद इन रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स में आधुनिक जीवनशैली से जुड़े सभी बुनियादी और जरूरी फीचर्स शामिल किए गए हैं:24x7 थ्री-टियर सुरक्षा: सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, गार्ड्स और बूम बैरियर के साथ सुरक्षित गेटेड कैंपस।पावर बैकअप व 24 घंटे जलापूर्ति: निर्बाध बिजली और स्वच्छ पेयजल के लिए डेडिकेटेड पाइपलाइन व बोरवेल सिस्टम।पार्किंग और लिफ्ट की सुविधा: कवर्ड व ओपन टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर पार्किंग के साथ ऑटोमैटिक हाई-स्पीड लिफ्ट्स।ग्रीन एरिया और किड्स प्ले जोन: बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित पार्क, बुजुर्गों के लिए वॉकिंग ट्रैक और लैंडस्केप ग्रीन स्पेस।इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास और एजुकेशन-हेल्थ हबप्रोजेक्ट के आसपास का सामाजिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह विकसित हो चुका है। कुछ ही किलोमीटर के दायरे में प्रतिष्ठित सीबीएसई स्कूल, इंजीनियरिंग कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा जीटीबी अस्पताल, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और ईएसआई अस्पताल जैसे बड़े मेडिकल सेंटर 10 से 15 मिनट की दूरी पर हैं। स्थानीय बाजारों, सुपरमार्केट्स, बैंकों और एटीएम की चौबीसों घंटे उपलब्धता इस क्षेत्र को परिवार के साथ बसने के लिए एक आदर्श जगह बनाती है।निवेशकों के लिए किराये की मोटी कमाई और कैपिटल एप्रिसिएशनरियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली बॉर्डर और हिंडन एयरबेस के निकटवर्ती क्षेत्रों में कमर्शियल गतिविधियों के विस्तार के कारण रेंटल यील्ड (किराया आय) काफी मजबूत है। इस क्षेत्र में 1 BHK और 2 BHK फ्लैट्स की किराये पर मांग हमेशा बनी रहती है। ₹24 लाख के निवेश पर हर महीने ₹8,000 से ₹14,000 तक का किराया आसानी से हासिल किया जा सकता है। इसके अलावा, रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और आगामी एलिवेटेड रोड कनेक्टिविटी के चलते अगले 3 से 5 वर्षों में प्रॉपर्टी के दामों में 30% से 50% तक के उछाल की प्रबल संभावना जताई जा रही है।खरीदते समय कानूनी जांच और जरूरी सलाहसस्ते फ्लैट्स की बुकिंग से पहले खरीदारों को कुछ महत्वपूर्ण बातों की पड़ताल जरूर कर लेनी चाहिए। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री, फ्री-होल्ड स्टेटस, नक्शा अप्रूवल और जमीन के टाइटल क्लीयरेंस की पूरी जांच करें। किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले डेवलपर के क्रेडेंशियल्स, पजेशन टाइमलाइन और एग्रीमेंट टू सेल के नियमों को ध्यानपूर्वक समझ लें।
क्रेडिट कार्ड का उपयोग आज की डिजिटल जीवनशैली में आम हो चुका है, लेकिन कई बार व्यस्तता, तकनीकी खराबी या बैंक सर्वर डाउन होने की वजह से पेमेंट की अंतिम तारीख यानी ड्यू डेट (Payment Due Date) छूट जाती है। अमूमन लोगों को लगता है कि तय तारीख बीतते ही उन पर भारी भरकम लेट पेमेंट चार्ज, ब्याज और सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बिगड़ने का खतरा मंडराने लगेगा। हालांकि, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड धारकों को इस तरह की अचानक लगने वाली पेनल्टी से राहत देने के लिए एक विशेष नियम बनाया हुआ है, जिसे '3 Days Grace Period Rule' यानी तीन दिन का रियायती नियम कहा जाता है।क्या है RBI का 3 दिन वाला ग्रेस पीरियड नियमभारतीय रिज़र्व बैंक के मास्टर डायरेक्शन (Master Direction on Credit Card and Debit Card Operations) के तहत सभी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) और कार्ड जारी करने वाली संस्थाओं के लिए यह नियम अनिवार्य किया गया है। इस नियम के अनुसार, यदि कोई कार्डधारक बिल की देय तिथि (Due Date) तक भुगतान करने से चूक जाता है, तो बैंक तुरंत उस पर कोई पेनाल्टी या लेट फीस नहीं लगा सकते। बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी को ग्राहक को ड्यू डेट के बाद अतिरिक्त 3 दिनों का रियायती समय (Grace Period) देना अनिवार्य होता है।पेनाल्टी और लेट फीस से कैसे मिलती है पूरी राहतयदि आपकी क्रेडिट कार्ड पेमेंट की अंतिम तारीख 10 तारीख है और आप किसी वजह से उस दिन बिल नहीं भर पाते हैं, तो आरबीआई के नियमानुसार बैंक आपको 13 तारीख तक का समय देगा। यदि आप 13 तारीख को या उससे पहले अपने पूरे बिल या मिनिमम ड्यू का भुगतान कर देते हैं, तो बैंक आपसे किसी भी तरह का लेट पेमेंट चार्ज (Late Payment Fee) नहीं वसूल सकता। आसान शब्दों में कहें तो पेनल्टी केवल तभी लगाई जा सकती है जब बकाया राशि का भुगतान तय ड्यू डेट के 3 दिन बाद भी न किया गया हो।CIBIL स्कोर और क्रेडिट हिस्ट्री पर नहीं पड़ेगा कोई बुरा असरक्रेडिट कार्ड का बिल समय पर न भरने का सबसे बड़ा नुकसान क्रेडिट स्कोर का खराब होना माना जाता है। सिबिल स्कोर बिगड़ने से भविष्य में होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आरबीआई के नियमों में यह स्पष्ट दिशा-निर्देश है कि क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंक या वित्तीय संस्थान ड्यू डेट मिस होने के तुरंत बाद क्रेडिट इंफॉर्मेशन कंपनियों (जैसे CIBIL, Experian, CRIF High Mark) को 'डिफ़ॉल्ट' या 'लेट पेमेंट' की सूचना नहीं भेज सकते। बैंक क्रेडिट ब्यूरो को ग्राहक की डिफ़ॉल्ट रिपोर्ट केवल तभी भेज सकते हैं जब देय तिथि के बाद मिले 3 दिन के ग्रेस पीरियड में भी पेमेंट पूरी तरह पेंडिंग रह जाए।ब्याज की गणना को लेकर ध्यान रखें यह जरूरी बातग्रेस पीरियड के दौरान आपको लेट फीस से तो पूरी सुरक्षा मिलती है, लेकिन वित्तीय जानकारों की सलाह है कि इस नियम को नियमित आदत बनाने से बचना चाहिए। यदि आप ड्यू डेट के बाद इन 3 दिनों में पेमेंट करते हैं, तो बैंक लेट फीस नहीं लगाएंगे, लेकिन कुछ मामलों में ट्रांजैक्शन की तारीख से लगने वाला सामान्य फाइनेंस चार्ज (ब्याज दर) लागू हो सकता है यदि आपने पूरा बिल नहीं चुकाया है। इसलिए अतिरिक्त ब्याज के बोझ से बचने के लिए तय तारीख के भीतर ही पूरे बिल का भुगतान करना सबसे सुरक्षित विकल्प रहता है।बिल मिस होने से बचने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्सतकनीकी अड़चनों या भूलने की वजह से क्रेडिट कार्ड का बिल मिस न हो, इसके लिए कुछ आसान डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे पहले, अपने सेविंग्स अकाउंट से 'ऑटो-डेबिट' (Auto-Debit) की सुविधा एक्टिवेट कर लें, जिससे ड्यू डेट पर आपके खाते से बिल की राशि अपने आप कट जाए। इसके अलावा, कैलेंडर रिमाइंडर सेट करें और बिल जेनरेट होते ही ईमेल व एसएमएस नोटिफिकेशन को ध्यान से चेक करें। यदि कभी सर्वर एरर के कारण पेमेंट अटक जाए, तो तुरंत बैंक के कस्टमर केयर को ईमेल भेजकर सूचित करें ताकि 3 दिन के नियम का लाभ समय पर सुरक्षित किया जा सके।
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और किसानों की आय को दोगुना करने के मकसद से योगी सरकार ने पशुपालन क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत चलाई जा रही 'मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना' के जरिए सरकार किसानों और युवाओं को खुद का डेयरी फार्म शुरू करने के लिए 50 फीसदी तक की भारी सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। इस योजना के तहत 10 स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने पर लाभार्थियों को अधिकतम ₹11.80 लाख तक की सीधी वित्तीय सहायता दी जा रही है।क्या है मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और इसका बजट मॉडलमिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में उच्च दुग्ध उत्पादन क्षमता वाली देसी नस्ल के गोवंश का संरक्षण और संवर्धन करना है। शासन द्वारा 10 गायों की एक आधुनिक डेयरी इकाई स्थापित करने की कुल प्रोजेक्ट लागत ₹23.60 लाख तय की गई है। इस कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम ₹11.80 लाख सरकार अनुदान (सब्सिडी) के तौर पर वहन करती है। योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लाभार्थी को कुल लागत का केवल 15 प्रतिशत (लगभग ₹3.54 लाख) स्वयं का अंश लगाना होता है, जबकि शेष 35 प्रतिशत राशि के लिए बैंक लोन का आसान प्रावधान किया गया है। यदि कोई पशुपालक बैंक लोन नहीं लेना चाहता, तो वह स्वयं के वित्तीय संसाधनों से भी इस हिस्से को पूरा कर सकता है।दो चरणों में डीबीटी के जरिए बैंक खाते में आएगी सब्सिडीसरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी की राशि बिचौलियों के बिना सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है। यह वित्तीय मदद दो अलग-अलग किस्तों में जारी होती है:प्रथम चरण (25% अनुदान): जब लाभार्थी डेयरी शेड, बिजली, पानी और आधारभूत ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) तैयार कर लेता है, तो भौतिक सत्यापन के बाद परियोजना लागत का 25 प्रतिशत (लगभग ₹5.90 लाख) जारी किया जाता है।द्वितीय चरण (25% अनुदान): निर्धारित मानकों के अनुसार सभी 10 पात्र गायों की खरीद, उनका बीमा और ईयर-टैगिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बाकी बचा 25 प्रतिशत अनुदान सीधे खाते में भेज दिया जाता है।किन देसी नस्लों पर मिलेगा लाभ और क्या हैं शर्तेंइस योजना के तहत केवल मान्यता प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाली भारतीय देसी नस्ल की गायों को ही शामिल किया गया है। इसमें मुख्य रूप से साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें खरीदी जा सकती हैं। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गायों की खरीद यथासंभव उनके मूल ब्रीडिंग ट्रैक्ट या उत्तर प्रदेश के बाहर मान्यता प्राप्त ब्रीडर्स से की जानी चाहिए। खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी ब्यात की होनी चाहिए और उसे बछड़ा दिए 45 दिनों से अधिक का समय नहीं हुआ होना चाहिए। साथ ही, किसी भी वित्तीय जोखिम से बचाव के लिए सभी गोवंश का ईयर टैग और बीमा (Insurance) कराना पूरी तरह अनिवार्य रखा गया है।पात्रता और आवेदन के लिए जरूरी मापदंडयोजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके अलावा आवेदक के पास गोपालन या महिष पालन का कम से कम 3 वर्षों का अनुभव होना चाहिए, जिसका प्रमाणीकरण जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) द्वारा किया गया हो। जमीन के संबंध में, डेयरी यूनिट का ढांचा खड़ा करने के लिए लगभग 0.20 एकड़ (8,712 वर्ग फुट) और हरे चारे के उत्पादन या प्रबंधन के लिए 0.80 एकड़ भूमि का होना अनिवार्य है। यह जमीन खुद की, पैतृक या न्यूनतम 7 वर्ष की रजिस्टर्ड लीज पर ली गई हो सकती है। पूर्व में संचालित कामधेनु, मिनी कामधेनु या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के पुराने लाभार्थी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।ऑनलाइन आवेदन और चयन की प्रक्रियाइच्छुक पशुपालक नंद बाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल nandbabadugdhmission.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, 6 माह का बैंक स्टेटमेंट, जमीन के दस्तावेज और 3 साल के अनुभव प्रमाण पत्र को अपलोड करना होता है। यदि किसी जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लॉटरी (E-Lottery) के माध्यम से किया जाता है।
₹600 करोड़ का लोन ट्रांसफर फ्रॉड केस, अब मुंबई पुलिस की EOW करेगी जांच
यस बैंक के 600 करोड़ रुपए के लोन असाइनमेंट मामले में मुंबई पुलिस की ईओडब्ल्यू के पास एक नई शिकायत आई है. शिकायतकर्ता ने लोन ट्रांसफर, मूल्यांकन और फंडिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. आरोप हैं कि लोन को कम मूल्यांकन पर ट्रांसफर किया गया. पैसों के लेन-देन में भी हेराफेरी हुई. बैंक की इंटरनल रिपोर्ट में भी संदिग्ध लेन-देन की बात कही गई है.
बाइक का टायर पंचर करने वाला पुलिसकर्मी निलंबित, आजतक की खबर का असर
मथुरा के वृंदावन कोतवाली इलाके में बाइक सवार तीन लोगों को रोककर पुलिसकर्मी द्वारा टायर पंचर करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. आज तक पर खबर दिखाए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई. जांच में मुख्य आरक्षी सुनील कुमार यादव का कृत्य सामने आया. इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया. सीओ सदर ने कार्रवाई की पुष्टि की है.
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी क्रम में अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी बीवाईडी इंडिया (BYD India) ने अपनी लोकप्रिय लग्जरी कूपे-एसयूवी 'सीलियन 7' (Sealion 7) का नया और अधिक किफायती बेस वेरिएंट 'Dynamic' आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। इस नए ट्रिम के आने से ग्राहकों के लिए इस प्रीमियम इलेक्ट्रिक एसयूवी में एंट्री लेना अब ₹8 लाख तक सस्ता हो गया है। 520 किलोमीटर की ड्राइविंग रेंज, एडवांस e-Platform 3.0 आर्किटेक्चर और ग्लोबल 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग के साथ आने वाली यह कार भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को एक नया आयाम दे रही है।कीमत और वेरिएंट लाइनअप में बड़ा बदलावBYD Sealion 7 Dynamic को कंपनी ने ₹41.90 लाख (एक्स-शोरूम, इंट्रोडक्ट्री) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। इससे पहले यह इलेक्ट्रिक एसयूवी सिर्फ प्रीमियम (Premium) और परफॉर्मेंस (Performance) वेरिएंट्स में उपलब्ध थी, जिनकी एक्स-शोरूम कीमतें क्रमशः ₹49.90 लाख और ₹55.90 लाख थीं। नए 'डायनामिक' ट्रिम के जुड़ने से अब पूरी सीलियन 7 रेंज तीन मुख्य वेरिएंट्स—Dynamic, Premium और Performance में उपलब्ध होगी। इस आक्रामक कीमत के साथ BYD सीधे तौर पर ₹40 लाख से ₹55 लाख के बजट में लग्जरी इलेक्ट्रिक कार की तलाश कर रहे भारतीय ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।बैटरी पैक, मोटर और ड्राइविंग रेंज का प्रदर्शननए बेस वेरिएंट में BYD की पेटेंटेड 71.8 kWh क्षमता वाली अल्ट्रा-सेफ 'ब्लेड बैटरी' (Blade Battery) का इस्तेमाल किया गया है। यह रियर-व्हील ड्राइव (RWD) कॉन्फ़िगरेशन के साथ आती है, जिसमें लगा रियर एक्सल इलेक्ट्रिक मोटर 228 bhp की अधिकतम पावर और 380 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। ड्राइविंग रेंज के मामले में यह सिंगल चार्ज पर New European Driving Cycle (NEDC) के अनुसार 520 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है। रफ्तार के शौकीनों के लिए यह कार 0 से 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड मात्र 7.3 सेकंड में हासिल कर लेती है।फास्ट चार्जिंग और व्हीकल-टू-लोड (V2L) तकनीकचार्जिंग के बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखते हुए सीलियन 7 डायनामिक को 110 kW तक की डीसी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ तैयार किया गया है। साथ ही यह टाइप-2 एसी चार्जिंग पोर्ट (7 kW) को भी सपोर्ट करती है। कार में आधुनिक 'व्हीकल-टू-लोड' (V2L) टेक्नोलॉजी दी गई है, जिसके जरिए आप कार की बैटरी से कैंपिंग उपकरण, लैपटॉप या किसी अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को आसानी से पावर दे सकते हैं।ग्लोबल 5-स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग और सेफ्टी कवचसुरक्षा के मोर्चे पर BYD Sealion 7 दुनिया की सबसे सुरक्षित इलेक्ट्रिक कारों में गिनी जाती है। इसे Euro NCAP और Australasian NCAP (ANCAP) दोनों ही प्रतिष्ठित क्रैश टेस्ट में पूरे 5-स्टार मिले हैं। कंपनी ने इसमें सेल-टू-बॉडी (CTB) टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया है, जिसमें बैटरी सीधे वाहन के चेसिस का अभिन्न हिस्सा बनती है। इससे न केवल बॉडी की मजबूती कई गुना बढ़ जाती है, बल्कि साइड और फ्रंटल कोलिजन में केबिन पूरी तरह सुरक्षित रहता है। इसके साथ ही कार में पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए कुल 11 एयरबैग्स दिए गए हैं, जिसमें फ्रंट सेंटर एयरबैग भी शामिल है।लेवल-2 ADAS और एक्टिव सुरक्षा फीचर्सकार में आधुनिक लेवल-2 एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) का पूरा पैकेज दिया गया है। इसमें ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB), अडेप्टिव क्रूज़ कंट्रोल (ACC), लेन डिपार्चर प्रिवेंशन, इमरजेंसी लेन कीपिंग असिस्ट, फॉरवर्ड और रियर क्रॉस-ट्रैफिक अलर्ट ब्रेकिंग के साथ, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, ट्रैफिक साइन रिकॉग्निशन और 360-डिग्री एचडी व्यू कैमरा शामिल हैं। गाड़ी की स्टेबिलिटी को बनाए रखने के लिए इसमें इंटेलिजेंट टॉर्क अडैप्टेशन कंट्रोल (iTAC) और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल भी मौजूद है।केबिन डिज़ाइन, लग्जरी और कनेक्टिविटी फीचर्सइंटीरियर में कदम रखते ही आपको प्रीमियम लाउंज जैसा एहसास होता है। डैशबोर्ड के केंद्र में सिग्नेचर 15.6-इंच का रोटेटिंग (घूमने वाला) टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो दोनों को सपोर्ट करता है। ड्राइवर के सामने 10.25-इंच का फुल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल मिलता है। केबिन को खुला और हवादार लुक देने के लिए बड़ी पैनोरमिक ग्लास रूफ दी गई है। इसके अलावा ऑटो-होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, क्रिस्टल गियर शिफ्टर, वायरलेस फोन चार्जिंग पैड, डुअल ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल और 500 लीटर का बड़ा बूट स्पेस (अतिरिक्त 58 लीटर फ्रंट ट्रंक/फ्रंक के साथ) मिलता है।एक्सटीरियर लुक, कलर्स और डायमेंशनसीलियन 7 का स्पोर्टी कूपे-एसयूवी स्टांस इसे सड़क पर जबरदस्त रोड प्रजेंस देता है। फ्रंट में शार्प फुल-एलईडी हेडलैम्प्स, फ्लश डोर हैंडल्स, डायनामिक एयरोडायनामिक अलॉय व्हील्स और रियर में 3D कनेक्टेड एलईडी टेललाइट्स दिए गए हैं। भारत में यह चार आकर्षक रंगों—अटलांटिस ग्रे (Atlantis Grey), कॉसमॉस ब्लैक (Cosmos Black), ऑरोरा व्हाइट (Aurora White) और शार्क ग्रे (Shark Grey) में उपलब्ध कराई गई है। 4,830 मिमी की कुल लंबाई और 2,930 मिमी के लंबे व्हीलबेस के चलते रियर रो पैसेंजर्स को बेहतरीन लेगरूम मिलता है।फेस्टिव ऑफर्स और लंबी वारंटी का भरोसाBYD इंडिया ने नए डायनामिक वेरिएंट के साथ 'सेलिब्रेट योर ड्रीम्स' फेस्टिव ऑफर पेश किया है। इस ऑफर के तहत ग्राहकों को मुफ्त 7 kW होम चार्जर इंस्टॉलेशन के साथ दिया जा रहा है। इसके अलावा 10 साल का कॉम्प्लिमेंट्री रोडसाइड असिस्टेंस (RSA) और LFP लो-वोल्टेज बैटरी पर 10 साल या 1.5 लाख किलोमीटर की एक्सटेंडेड वारंटी भी दी जा रही है, जो खरीदारों के लिए मेंटेनेंस की चिंता को पूरी तरह खत्म करती है।भारतीय बाजार में मुकाबलाभारतीय बाजार में ₹40 से ₹50 लाख के प्राइस ब्रैकेट में BYD Sealion 7 Dynamic का सीधा मुकाबला हुंडई आयोनिक 5, किआ EV6, बीएमडब्ल्यू iX1 और टेस्ला मॉडल Y के संभावित एंट्री-लेवल विकल्पों से देखने को मिलेगा। अपनी लंबी रेंज, क्लास-लीडिंग सेफ्टी और स्पेसियस केबिन के दम पर यह नया वेरिएंट भारत के प्रीमियम इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट में एक मजबूत दावेदार बनकर उभरा है।
खबरदार: 'एक दिन, एक यूनिवर्सिटी' अभियान, पीएम का जेन-Z कनेक्ट प्लान क्या?
जेन जी और जेन अल्फा. इस वक्त ये वो दो शब्द हैं. जिसे सुनकर सत्ता और प्रशासन सबके कान खड़े हो जाते हैं. छात्रों के प्रदर्शन पर डीएम से लेकर मंत्री तक दौड़े चले आते हैं. वजह है इस जेनरेशन की ताकत. और उसी ताकत का फायदा केवल एक पक्ष ना उठा सके. इसलिए सबके जेहन में केवल जेन जी चल रहा है. यहां तक कि अब तो प्रधानमंत्री अपने हर मंत्री को हर दिन एक एक नया टास्क पूरा करने को दे दिया है. देखें...
आयकर विभाग द्वारा तय की गई अंतिम तारीख तक रिटर्न दाखिल न कर पाने वाले करदाताओं के सामने अक्सर कई तरह के सवाल खड़े हो जाते हैं। वित्तीय मामलों के जानकारों और टैक्स प्रोफेशनल्स का मानना है कि समय सीमा समाप्त होने का मतलब यह कतई नहीं है कि अब आप अपना टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते। यदि किसी कारणवश आप 31 अगस्त की डेडलाइन चूक गए हैं, तो आपके पास अभी भी 'बिलेटेड आईटीआर' यानी विलंबित आयकर रिटर्न दाखिल करने का विकल्प खुला रहता है। हालांकि, तय तारीख के बाद रिटर्न भरने पर कुछ वित्तीय नुकसान और कानूनी पेनाल्टी का सामना करना पड़ता है।बिलेटेड आईटीआर क्या है और इसे कब तक फाइल किया जा सकता हैइनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत करदाताओं को बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने की अनुमति मिलती है। यदि कोई व्यक्ति नियमित समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल करने में असमर्थ रहता है, तो वह संबंधित असेसमेंट ईयर के 31 दिसंबर तक अपना रिटर्न जमा कर सकता है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप 31 अगस्त की तारीख मिस कर चुके हैं, तो 31 दिसंबर तक आपके पास अपने टैक्स संबंधी ब्योरे को आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज करने का अंतिम मौका रहेगा। 31 दिसंबर के बाद सामान्य तरीके से रिटर्न दाखिल करना पूरी तरह से बंद हो जाता है और उसके बाद सिर्फ अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) का सहारा बचता है।किसे भरनी होगी पेनाल्टी और कितना लगेगा जुर्मानासमय सीमा समाप्त होने के बाद रिटर्न फाइल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत लेट फीस या पेनाल्टी का प्रावधान लागू होता है। इस नियम के तहत करदाताओं की कुल आय के आधार पर जुर्माने की राशि तय की जाती है।5 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय: जिन करदाताओं की कुल कर योग्य आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उन्हें बिलेटेड रिटर्न भरते समय 5,000 रुपये की लेट फीस चुकानी पड़ती है।5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय: यदि किसी व्यक्ति की कुल आय 5 लाख रुपये या उससे कम है, तो उसके लिए राहत का प्रावधान है और लेट फीस की सीमा को अधिकतम 1,000 रुपये तक सीमित रखा गया है।बेसिक छूट सीमा से कम आय वाले टैक्सपेयर्स: जिन नागरिकों की कुल सालाना आय बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट से कम है, उन पर किसी भी तरह की लेट फीस या पेनाल्टी लागू नहीं होती, भले ही वे 31 अगस्त के बाद अपना रिटर्न दाखिल करें।ब्याज का अतिरिक्त बोझ: धारा 234A के कड़े प्रावधानकेवल लेट फीस ही नहीं, बल्कि जिन करदाताओं की टैक्स देनदारी बाकी रह जाती है, उन्हें धारा 234A के अंतर्गत ब्याज का भुगतान भी करना पड़ता है। यदि आपकी ओर से कोई बकाया टैक्स बाकी है, तो तय समय सीमा बीतने की अगली तारीख से रिटर्न दाखिल करने की तारीख तक प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज वसूला जाता है। महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना मानकर ब्याज की गणना की जाती है। इसलिए जितनी देरी से रिटर्न दाखिल किया जाएगा, ब्याज का यह वित्तीय बोझ उतना ही बढ़ता जाएगा।नुकसान जो डेडलाइन चूकने पर झेलने पड़ते हैंतय समय सीमा के बाद रिटर्न फाइल करने पर टैक्सपेयर्स को पेनाल्टी के अलावा कई अहम वित्तीय लाभों से हाथ धोना पड़ता है।घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड न कर पाना: शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या बिजनेस से जुड़े किसी भी प्रकार के कैपिटल लॉस को अगले वर्षों के मुनाफे के साथ एडजस्ट करने (Carry Forward) की सुविधा समाप्त हो जाती है। केवल हाउस प्रॉपर्टी के नुकसान को ही बिलेटेड रिटर्न में कैरी फॉरवर्ड करने की छूट मिलती है।टैक्स रिफंड मिलने में लंबी देरी: अगर आपका टीडीएस ज्यादा कट गया है और आप रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो लेट फाइलिंग के कारण रिफंड प्रोसेसिंग काफी धीमी हो जाती है और रिफंड पर मिलने वाले ब्याज का नुकसान भी उठाना पड़ता है।समीक्षा और नोटिस का बढ़ता जोखिम: समय पर रिटर्न न भरने वाले खातों की स्वचालित सिस्टम द्वारा अधिक बारीकी से जांच की जाती है, जिससे स्क्रूटनी की संभावना बढ़ जाती है।किसे मिलता है और आगे मौका: ITR-U का अंतिम विकल्पयदि कोई टैक्सपेयर 31 दिसंबर तक भी बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने से चूक जाता है, तो कानून में उसे अपडेटेड रिटर्न यानी ITR-U दाखिल करने का रास्ता दिया गया है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(8A) के तहत असेसमेंट ईयर खत्म होने के 24 महीनों के भीतर ITR-U फाइल किया जा सकता है। हालांकि, यह विकल्प काफी महंगा साबित होता है। ITR-U केवल तब भरा जा सकता है जब आपको अतिरिक्त टैक्स देना हो या अपनी पुरानी गलती सुधारनी हो। इसमें बकाया टैक्स और ब्याज के साथ-साथ 25% से 50% तक का अतिरिक्त टैक्स पेनल्टी के तौर पर चुकाना अनिवार्य होता है। इसमें नुकसान का क्लेम या बढ़ा हुआ रिफंड नहीं मांगा जा सकता।असुविधा से बचने के लिए तुरंत उठाएं यह जरूरी कदमकर सलाहकारों की स्पष्ट राय है कि तारीख चूक जाने के बाद अब और अधिक देरी करना समझदारी नहीं है। ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर सबसे पहले अपने फॉर्म 26AS, एआईएस (AIS) और टीआईएस (TIS) की जांच करें। अपने सभी आय स्रोतों, बैंक ब्याज, डिविडेंड और पूंजीगत लाभ का सही आकलन करें। यदि कोई टैक्स देनदारी बन रही है तो उस पर लेट फीस व ब्याज जोड़कर तुरंत चालान जमा करें और 31 दिसंबर से पहले अपना बिलेटेड आईटीआर सफलतापूर्वक सबमिट कर ई-वेरिफाई अवश्य कर लें, जिससे भविष्य में किसी भी विभागीय नोटिस से सुरक्षित रहा जा सके।
नौकरीपेशा कर्मचारियों के भविष्य और रिटायरमेंट के बाद की वित्तीय सुरक्षा के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का योगदान बेहद अहम होता है। नियमों के अनुसार, संगठित क्षेत्र में लगातार या अलग-अलग कंपनियों को मिलाकर न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा (Eligible Service) पूरी करने पर कर्मचारी कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS-95) के तहत आजीवन मासिक पेंशन पाने का हकदार बन जाता है। हालांकि, कई बार पूरी नौकरी करने के बावजूद रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को पेंशन क्लेम रिजेक्ट होने का तगड़ा झटका लगता है। इसकी मुख्य वजह पीएफ खाते में दर्ज तारीखों (Dates) की मामूली सी विसंगति होती है।EPF रिकॉर्ड में कौन सी तारीखों की गलती बनती है बड़ी मुसीबत?पीएफ खाते में सेवा अवधि की गणना पूरी तरह से आपके रिकॉर्ड में दर्ज जॉइनिंग और एग्जिट डेट्स पर निर्भर करती है। रिकॉर्ड में होने वाली तीन आम गलतियां पूरी पेंशन प्रक्रिया को रोक सकती हैं:डेट ऑफ जॉइनिंग (DOJ) में अंतर: यदि कंपनी द्वारा पोर्टल पर दर्ज की गई नौकरी शुरू करने की तारीख आपके वास्तविक नियुक्ति पत्र या सर्विस रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती।डेट ऑफ एग्जिट (DOE) खाली होना या गलत दर्ज होना: पुरानी कंपनी छोड़ते समय यदि नियोक्ता ने डेट ऑफ एग्जिट अपडेट नहीं की है, तो ईपीएफओ सिस्टम पुरानी नौकरी को बंद नहीं मानता।ओवरलैपिंग सर्विस (Overlapping Dates): नौकरी बदलते समय यदि पुरानी कंपनी की एग्जिट डेट और नई कंपनी की जॉइनिंग डेट में टकराव (Overlap) हो, तो सिस्टम सेवा इतिहास को अमान्य मानकर ऑटोमैटिक क्लेम रिजेक्ट कर देता है।EPS-95 पेंशन के लिए क्या हैं मूल नियम?कर्मचारी पेंशन योजना के तहत हर महीने नियोक्ता के 12% पीएफ योगदान में से 8.33% हिस्सा (अधिकतम ₹1,250 प्रति माह की सीमा के तहत) ईपीएस खाते में जमा होता है। पेंशन पाने के लिए दो अनिवार्य शर्तें हैं:कर्मचारी की कुल अंशदायी सेवा (Contributory Service) कम से कम 10 वर्ष पूरी होनी चाहिए।पेंशन का लाभ सामान्यतः 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद शुरू होता है (50 वर्ष की आयु के बाद अर्ली पेंशन का भी विकल्प मिलता है)।यदि पीएफ रिकॉर्ड में दर्ज तारीखों में गड़बड़ी के कारण सिस्टम में आपकी कुल सेवा 9 साल 11 महीने या 10 साल से कम दर्ज रह जाती है, तो आप मासिक पेंशन के बजाय केवल एकमुश्त निकासी (Withdrawal Benefit - Form 10C) के ही पात्र रह जाएंगे और आजीवन मासिक पेंशन का अधिकार छिन सकता है।Unified Member Portal पर कैसे करें तारीखों में सुधार?ईपीएफओ ने सदस्यों को अपने स्तर पर ही एग्जिट डेट अपडेट करने और अन्य विवरणों में सुधार के लिए 'जॉइंट डिक्लेरेशन' (Joint Declaration) की ऑनलाइन सुविधा दे रखी है:ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं और अपने UAN व पासवर्ड से लॉगिन करें।'Manage' टैब में जाकर 'Mark Exit' पर क्लिक करें। यदि पुरानी कंपनी छोड़े 2 महीने से अधिक हो चुके हैं, तो आप स्वयं रिजाइन करने की तारीख दर्ज कर सकते हैं।यदि डेट ऑफ जॉइनिंग या अन्य व्यक्तिगत विवरणों में सुधार करना है, तो 'Manage' मेन्यू में 'Joint Declaration' विकल्प चुनें।जिस कंपनी के रिकॉर्ड में गलती है, उसे सेलेक्ट करें और सही तारीख दर्ज करके जरूरी दस्तावेज (जैसे जॉइनिंग लेटर, रिलीविंग लेटर या पे-स्लिप) अपलोड करें।विवरण सबमिट करने के बाद अनुरोध आपके नियोक्ता (Employer) के पास अप्रूवल के लिए जाएगा, जिसके बाद संबंधित ईपीएफओ फील्ड ऑफिस रिकॉर्ड में अंतिम सुधार कर देगा।समय पर सुधार न करने पर होने वाले अन्य नुकसानक्लेम रिजेक्शन: 58 वर्ष पूरे होने पर जब आप मासिक पेंशन के लिए 'फॉर्म 10D' दाखिल करेंगे, तो तारीखों के मिसमैच के कारण क्लेम बार-बार खारिज होगा।कंपनी बंद होने का जोखिम: यदि आप समय रहते पुरानी कंपनी से रिकॉर्ड ठीक नहीं कराते और बाद में वह कंपनी बंद या दिवालिया हो जाती है, तो फील्ड ऑफिसर से वेरिफिकेशन कराना बेहद जटिल हो जाता है।स्कीम सर्टिफिकेट में अड़चन: 10 साल से कम सेवा होने पर अगली नौकरी में सर्विस काउंट कराने के लिए जरूरी 'स्कीम सर्टिफिकेट' जारी होने में तकनीकी अड़चनें आती हैं।
देश के प्रमुख टेक और कॉरपोरेट हब गुरुग्राम (Gurugram) का रियल एस्टेट बाजार इन दिनों एक अभूतपूर्व तेजी और 'प्री-पजेशन फ्लिपिंग' (Pre-Possession Flipping) के दौर से गुजर रहा है। पिछले दो से तीन वर्षों में लॉन्च हुए अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रीमियम और लग्जरी आवासीय प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुक कराने वाले शुरुआती निवेशकों की चांदी हो गई है। निर्माण पूरा होने और पजेशन मिलने से पहले ही निवेशक अपने इन फ्लैट्स को रीसेल (असाइनमेंट ट्रांसफर) मार्केट में बेचकर 40 से 80 प्रतिशत और कई प्राइम लोकेशंस पर 100 प्रतिशत से अधिक का अप्रत्याशित मुनाफा अपनी जेब में डाल रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, रेडी-टू-मूव या निकट भविष्य में डिलीवर होने वाले घरों की तलाश कर रहे एंड-यूजर्स (घर खरीदार) डेवलपर्स के पास फ्रेश इन्वेंट्री न होने के कारण इन रीसेल प्रॉपर्टीज के लिए मुंहमांगे प्रीमियम दाम चुकाने को तैयार हैं।द्वारका एक्सप्रेसवे और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड बने मुनाफे के सबसे बड़े केंद्रगुरुग्राम के जिन माइक्रो-मार्केट्स में सबसे ज्यादा प्राइस एप्रिसिएशन और रीसेल डिमांड देखी जा रही है, उनमें द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway), गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड (Golf Course Extension Road), साउदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) और न्यू गुरुग्राम के प्रमुख सेक्टर्स शामिल हैं। रियल एस्टेट कंसल्टेंट्स और मार्केट एनालिस्ट्स के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-2022 में द्वारका एक्सप्रेसवे के प्राइम सेक्टर्स में जो लग्जरी प्रोजेक्ट्स ₹8,000 से ₹10,000 प्रति वर्ग फीट के रेट पर लॉन्च हुए थे, वर्तमान में उनके भाव रीसेल मार्केट में ₹16,000 से लेकर ₹22,000 प्रति वर्ग फीट के पार पहुंच चुके हैं। जिन निवेशकों ने कंस्ट्रक्शन लिंक्ड प्लान (CLP) के तहत केवल 30 से 40 प्रतिशत पूंजी ही बिल्डर को जमा की थी, वे कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट पर मिलने वाले कैपिटल एप्रिसिएशन के दम पर अपनी लगाई गई वास्तविक इक्विटी पर दोगुना से तीन गुना तक रिटर्न (RoI) हासिल कर रहे हैं।नए प्रोजेक्ट्स में इन्वेंट्री की कमी और एंड-यूजर्स की बढ़ती मांगअंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट्स की रीसेल में इस कदर उछाल आने का मुख्य कारण बाजार में अच्छी और भरोसेमंद डेवलपर्स की संपत्तियों की भारी किल्लत है। देश के शीर्ष लिस्टेड और ए-ग्रेड बिल्डर्स जैसे डीएलएफ, गोदरेज प्रॉपर्टीज, शोभा, सिग्नेचर ग्लोबल और एम3एम के नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च के कुछ ही घंटों या दिनों के भीतर पूरी तरह सोल्ड-आउट हो रहे हैं। ऐसे में जिन वास्तविक घर खरीदारों (End-Users) को नए लॉन्च में अपनी पसंद का यूनिट या फ्लोर नहीं मिल पाता, वे उन अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स का रुख करते हैं जो 1 से 2 साल के भीतर डिलीवरी के करीब हैं। खरीदार बिल्डर के 4 से 5 साल के लंबे इंतजार के जोखिम से बचने के लिए मौजूदा अलॉटी (शुरुआती निवेशक) को अतिरिक्त प्रीमियम देकर अलॉटमेंट अपने नाम ट्रांसफर करवा रहे हैं।असाइनमेंट ट्रांसफर: पजेशन से पहले कैसे होती है प्रॉपर्टी की बिक्री?रियल एस्टेट कानून और प्रक्रियाओं के तहत जब किसी प्रोजेक्ट में रजिस्ट्री (कन्वेयंस डीड) नहीं हुई होती, तब प्रॉपर्टी की रीसेल 'असाइनमेंट ट्रांसफर' (Assignment Transfer / Nomination Sale) के जरिए की जाती है। इसमें मूल खरीदार, नया खरीदार और बिल्डर के बीच एक त्रिपक्षीय अनुबंध (Tripartite Agreement) या एंडोर्समेंट लेटर निष्पादित होता है। नया खरीदार मूल खरीदार द्वारा बिल्डर को चुकाई गई कुल किस्त राशि के साथ-साथ तय प्रीमियम (मुनाफा) का भुगतान करता है। इसके बाद बिल्डर के बहीखातों में खरीदार का नाम आधिकारिक रूप से बदल दिया जाता है और शेष किस्तों का भुगतान नया खरीदार निर्माण की प्रगति के अनुसार करता है।ट्रांसफर फीस और इनकम टैक्स नियमों का ध्यान रखना जरूरीअंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट को पजेशन से पहले बेचने पर होने वाले भारी मुनाफे के साथ-साथ निवेशकों को कानूनी और टैक्स देनदारियों का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। अधिकांश डेवलपर्स यूनिट ट्रांसफर करने के एवज में ₹100 से ₹350 प्रति वर्ग फीट तक का 'एडमिनिस्ट्रेटिव / ट्रांसफर चार्ज' वसूलते हैं। इसके अलावा, आयकर अधिनियम के तहत यदि किसी प्रॉपर्टी या राइट टू एक्वायर (Right to Acquire) को खरीदने के 24 महीने (2 साल) के भीतर बेचा जाता है, तो उस मुनाफे पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (STCG) लगता है, जो निवेशक के इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है। वहीं, 24 महीने के बाद बेचने पर यह लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के दायरे में आता है, जिस पर 12.5% की दर से टैक्स देय होता है।रीसेल प्रॉपर्टी खरीदते समय नए खरीदार बरतें ये जरूरी सावधानियांMoneyTree Realtyपजेशन से पहले रीसेल में अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट खरीदने वाले नए खरीदारों को जल्दबाजी या फोमो (FOMO - छूट जाने का डर) में सौदा करने से बचना चाहिए। किसी भी यूनिट को फाइनल करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HRERA) से पंजीकृत है और निर्माण कार्य समय-सीमा के अनुरूप चल रहा है या नहीं। इसके साथ ही बिल्डर से 'नो ड्यूज सर्टिफिकेट' (NOC), मूल अलॉटमेंट लेटर, बिल्डर-बायर एग्रीमेंट और बैंक लोन की स्थिति की गहन पड़ताल किसी कानूनी विशेषज्ञ या प्रॉपर्टी वकील से कराना सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद अनिवार्य है।
मोहाली में निर्माणाधीन अस्पताल की छत गिरी, मलबे में दबकर 2 मजदूरों की मौत
मोहाली के एयरोसिटी क्षेत्र में निर्माणाधीन अस्पताल की छत गिरने से हड़कंप मच गया. हादसे के समय वहां काम कर रहे कुछ मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है.
प्रशांत भूषण ने कहा है कि कई बेहतरीन पूर्व चीफ जस्टिस और दूसरे जज भी थे, जिन्हें इस काम के लिए नियुक्त किया जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस समिति की जनता के बीच कोई विश्वसनीयता नहीं होगी।
रक्षाबंधन पर बहन को गिफ्ट करने की सोच रहे हैं स्मार्टफोन या लैपटाप? खरीदने से पहले पढ़ लें जरूरी खबर
मेमोरी चिप की कमी के कारण स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतें पिछले साल की तुलना में 20% तक बढ़ गई हैं, और आने वाले महीनों में भी इनके दाम बढ़ते रहेंगे।
भारतीय शेयर बाजार में सक्रिय करोड़ों लोगों के लिए अपनी कमाई का सही वर्गीकरण (Classification) करना इनकम टैक्स के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण कदम है। आयकर विभाग की नजर में शेयर बाजार में पैसा लगाने वाला हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। यदि आप लंबी या मध्यम अवधि के लिए शेयर खरीदकर होल्ड करते हैं, तो आपको 'इन्वेस्टर' (Investor) माना जाता है, जबकि यदि आप रोजाना शेयरों की खरीद-फरोख्त (Intraday) या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में सौदे करते हैं, तो आपकी गिनती 'ट्रेडर' (Trader) के रूप में होती है। इन दोनों श्रेणियों के लिए कमाई की गणना, टैक्स की दरें, लागू होने वाले आईटीआर (ITR) फॉर्म्स और खर्चों पर मिलने वाली छूट के नियम पूरी तरह भिन्न हैं। सही नियम न जानने पर टैक्सपेयर्स को भारी पेनाल्टी और आयकर नोटिस का सामना करना पड़ सकता है।इन्वेस्टर (Investor) के लिए टैक्स नियम: STCG और LTCG का पूरा गणितजब कोई व्यक्ति संपत्ति सृजन या डिविडेंड के उद्देश्य से शेयर खरीदकर अपने डीमैट खाते में डिलीवरी लेता है, तो उस पर होने वाले मुनाफे को 'कैपिटल गेन्स' (Capital Gains) माना जाता है। इसे होल्डिंग अवधि के आधार पर दो भागों में बांटा गया है:शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG - Section 111A): यदि लिस्टेड इक्विटी शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड को खरीदने के 12 महीने (1 वर्ष) के भीतर बेच दिया जाता है, तो उस मुनाफे पर फ्लैट 20 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है। इस पर आपकी सामान्य इनकम टैक्स स्लैब का कोई असर नहीं पड़ता।लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG - Section 112A): यदि शेयरों को 12 महीने से अधिक समय तक होल्ड करने के बाद बेचा जाता है, तो वह लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन कहलाता है। एक वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक का कुल एलटीसीजी पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। ₹1.25 लाख से अधिक के शुद्ध मुनाफे पर फ्लैट 12.5 प्रतिशत की दर से टैक्स देय होता है (इंडेक्सेशन का लाभ नहीं मिलता)।डिविडेंड इनकम (Dividend Tax): कंपनियों से मिलने वाले लाभांश पर कोई फ्लैट टैक्स नहीं होता; यह निवेशक की कुल सालाना आय में जुड़ता है और उसके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल होता है।ट्रेडर (Trader) के लिए टैक्स नियम: बिजनेस इनकम और स्लैब रेट्सट्रेडर्स के लिए शेयरों और डेरिवेटिव्स से होने वाली आय को कैपिटल गेन नहीं, बल्कि Profits and Gains of Business or Profession (PGBP) यानी व्यावसायिक आय माना जाता है। इसे दो श्रेणियों में बांटा जाता है:इंट्राडे इक्विटी ट्रेडिंग (Speculative Business Income): उसी दिन शेयर खरीदकर उसी दिन बेच देने पर होने वाला मुनाफा 'सट्टेबाजी से व्यावसायिक आय' (Speculative Income) माना जाता है। इस कमाई पर कोई फ्लैट टैक्स रेट नहीं है; यह आपकी कुल कर योग्य आय में जुड़ती है और आपके लागू टैक्स स्लैब (5%, 10%, 20% या 30%) के अनुसार टैक्स लगता है।फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस / F&O ट्रेडिंग (Non-Speculative Business Income): डेरिवेटिव्स सेगमेंट (F&O) और कमोडिटी/करेंसी ट्रेडिंग से होने वाली आय को आयकर कानून के तहत 'गैर-सट्टेबाजी व्यावसायिक आय' (Non-Speculative Business Income) माना जाता है। यह आय भी सीधे आपके टैक्स स्लैब के आधार पर कर योग्य होती है।ट्रेडर्स को मिलने वाला सबसे बड़ा फायदा: कारोबारी खर्चों पर टैक्स डिडक्शनइन्वेस्टर केवल एसटीटी (STT) को छोड़कर खरीद-बिक्री की ब्रोकरेज को अपनी लागत में जोड़ सकते हैं, लेकिन ट्रेडर्स को एक वास्तविक बिजनेस की तरह अपने सभी जायज खर्चों को घटाने (Expense Deductions) की छूट मिलती है:ब्रोकरेज, एक्सचेंज ट्रांजैक्शन चार्ज, जीएसटी, स्टांप ड्यूटी और सेबी टर्नओवर फीस।ट्रेडिंग सेटअप में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, लैपटॉप, मल्टी-स्क्रीन मॉनिटर और मोबाइल पर डेप्रिसिएशन (Depreciation)।हाई-स्पीड इंटरनेट, ब्रॉडबैंड कनेक्शन और मोबाइल कॉलिंग के बिल।ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर, चार्टिंग टूल्स (TradingView आदि), न्यूज सब्सक्रिप्शन और वित्तीय किताबों का खर्च।ट्रेडिंग के लिए किराए पर लिए गए ऑफिस/कमरे का किराया, बिजली बिल और एडवाइजरी/रिसर्च कंसल्टेंसी फीस।ITR फॉर्म का चुनाव और टैक्स ऑडिट की अनिवार्यताइन्वेस्टर्स के लिए ITR फॉर्म: यदि आपकी आय केवल सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी और शेयर/म्यूचुअल फंड के कैपिटल गेन्स से है, तो आपको ITR-2 भरना होगा।ट्रेडर्स के लिए ITR फॉर्म: यदि आप इंट्राडे या F&O ट्रेडिंग करते हैं, तो आपको अनिवार्य रूप से ITR-3 भरना होगा। यदि आप छोटे ट्रेडर हैं और प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (Section 44AD) चुनते हैं, तो ITR-4 का चयन कर सकते हैं।टैक्स ऑडिट नियम (Section 44AB): यदि आपका कुल कारोबारी टर्नओवर (F&O टर्नओवर की गणना लाभ और हानि के कुल योग से होती है) डिजिटल लेनदेन के मामले में ₹10 करोड़ से अधिक हो जाता है, या यदि आपने 44AD से बाहर निकलकर टर्नओवर के निर्धारित प्रतिशत से कम मुनाफा या घाटा दिखाया है, तो चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से टैक्स ऑडिट कराना अनिवार्य होता है।नुकसान (Losses) की भरपाई और कैरी-फॉरवर्ड के नियमशेयर बाजार में होने वाले घाटे को सही तरीके से सेट-ऑफ और कैरी-फॉरवर्ड करने के लिए समय पर (31 जुलाई से पहले) आईटीआर दाखिल करना जरूरी है:शॉर्ट टर्म कैपिटल लॉस (STCL): इसे आगामी 8 वर्षों तक किसी भी शॉर्ट-टर्म या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन के खिलाफ एडजस्ट किया जा सकता है।लॉन्ग टर्म कैपिटल लॉस (LTCL): इसे अगले 8 वर्षों तक केवल लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स के खिलाफ ही सेट-ऑफ किया जा सकता है।इंट्राडे लॉस (Speculative Loss): इसे आगामी 4 वर्षों तक केवल और केवल 'इंट्राडे मुनाफे' (Speculative Profit) के खिलाफ ही एडजस्ट किया जा सकता है।F&O ट्रेडिंग लॉस (Non-Speculative Loss): इसे उसी साल सैलरी को छोड़कर अन्य किसी भी बिजनेस या कैपिटल गेन मुनाफे से एडजस्ट किया जा सकता है, और बचे हुए घाटे को अगले 8 वर्षों तक बिजनेस प्रॉफिट के खिलाफ कैरी-फॉरवर्ड किया जा सकता है।
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान नवरत्न रेलवे पीएसयू रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (RailTel Corporation of India Ltd) के शेयरों पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी। टेलीकॉम और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की इस प्रमुख सरकारी कंपनी ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि उसे वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (Western Coalfields Limited - WCL) से ₹164.79 करोड़ (लगभग ₹165 करोड़) का नया घरेलू कार्य अनुबंध प्राप्त हुआ है। इस सप्ताह कंपनी को मिला यह दूसरा बड़ा वर्क ऑर्डर है, जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक और अधिक मजबूत हो गई है।वेस्टर्न कोलफील्ड्स से मिला ₹165 करोड़ का ऑर्डर: क्या है प्रोजेक्ट?एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के अनुसार, रेलटेल को यह अनुबंध वेस्टर्न कोलफील्ड्स के लिए एमपीएलएस वीपीएन (Multiprotocol Label Switching Virtual Private Network - MPLS VPN) नेटवर्क की स्थापना और संचालन के लिए दिया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट 60 महीनों (5 वर्ष) की अवधि के लिए रेंटल मॉडल पर निष्पादित किया जाएगा। कंपनी को इस परियोजना को 21 सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। इस अत्याधुनिक डेटा नेटवर्क से वेस्टर्न कोलफील्ड्स की विभिन्न खदानों, क्षेत्रीय कार्यालयों और मुख्यालय के बीच निर्बाध और सुरक्षित डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।कंपनी में महामहिम राष्ट्रपति के पास हैं 23,37,85,038 शेयररेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया एक सरकारी नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (CPSE) है, जो सीधे रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है। कंपनी के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, भारत के राष्ट्रपति (The President of India acting through Ministry of Railways) के पास प्रमोटर के तौर पर कंपनी के 23,37,85,038 इक्विटी शेयर हैं, जो कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का 72.84 प्रतिशत हिस्सा बनता है। मजबूत सरकारी प्रमोटर बेस, कर्ज-मुक्त बैलेंस शीट और लगातार मिलते नए प्रोजेक्ट्स इसे एक स्थिर बुनियादी ढांचा कंपनी बनाते हैं।एक सप्ताह के भीतर मिले कई बड़े प्रोजेक्ट्सरेलटेल के लिए अगस्त का महीना प्रोजेक्ट हासिल करने के लिहाज से बेहद शानदार रहा है। वेस्टर्न कोलफील्ड्स से पहले कंपनी को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से अपने 'इन्फ्रास्ट्रक्चर-एज-ए-सर्विस' (IaaS) प्रोजेक्ट के लिए ₹166.80 करोड़ का एक वर्ष का कार्य विस्तार (Extension) मिला था। इसके अतिरिक्त, हाल ही में कंपनी ने दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (कांडला) से ₹63 करोड़ का इंटीग्रेटेड गेट ऑटोमेशन सिस्टम ऑर्डर और डाक विभाग (Department of Posts) से ₹119 करोड़ का आईटी प्रोजेक्ट भी अपने नाम किया है। इन लगातार ऑर्डर जीतों से कंपनी के राजस्व और परिचालन लाभ में आगे अच्छी वृद्धि दर्ज होने की संभावना है।रेलटेल शेयर का हालिया प्रदर्शन और आउटलुकगुरुवार को कमजोर बाजार रुख के बीच रेलटेल के शेयर एनएसई पर मामूली गिरावट के साथ ₹280.75 के स्तर पर बंद हुए थे। वर्तमान में कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹9,024 करोड़ है। लंबी अवधि के चार्ट पर कंपनी का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹412.90 और निचला स्तर ₹245.00 रहा है। पूरे देश में 62,000 रूट किलोमीटर से अधिक फैले ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क (OFC), रेलवे आधुनिकीकरण में भूमिका, डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस के दम पर यह नवरत्न स्टॉक बाजार विशेषज्ञों की रडार पर बना हुआ है।
'रिटायर्ड जजों की सुविधाओं पर एक हफ्ते के भीतर समिति गठित करे केंद्र', सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीशों के लिए समान राष्ट्रीय नीति बनाने हेतु एक सप्ताह में समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
मद्रास हाई कोर्ट ने अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज
मद्रास हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विश्वास मत के पक्ष में मतदान करने वाले अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज कर दी है।
क्या इमरान खान के पक्ष में बनने लगा है माहौल, पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट अचानक क्यों हरकत में
असीम मुनीर को भी पता है कि इमरान खान को अगर कुछ हुआ तो पाकिस्तान संभालने उनके बूते की बात नहीं होगी. पीओके और बलूचिस्तान तो जाने ही वाले हैं, खैबर पख्तूनख्वा भी जल उठेगा.
2 फीट पानी में खड़े होकर बच्चों ने फहराया तिरंगा, अब DM ने लिया संज्ञान
बांदा के पिष्टा गांव के सरकारी स्कूल का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है. वीडियो में बच्चे करीब दो फीट पानी से भरे मैदान में खड़े होकर 15 अगस्त का कार्यक्रम करते दिखाई दिए थे. मामला सामने आने पर DM अमित आसेरी ने जांच के निर्देश दिए. रिपोर्ट के बाद स्कूल तक सड़क और जलभराव वाले मैदान को ऊंचा करने का काम शुरू हो गया है.
रक्षाबंधन पर मंडराएगा चंद्र ग्रहण का साया, क्या भारत में दिखाई देगा?
Chandra Grahan 2026 kab lgega: 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के दिन साल का आखिरी और आंशिक चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है, जो रक्षाबंधन के पर्व के साथ पड़ रहा है. भारतीय समयानुसार यह ग्रहण सुबह 8 बजकर 4 मिनट से दोपहर 11 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. आइए जानते हैं कि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए Income Tax के नियम: ITR फॉर्म, फ्री गिफ्ट्स पर टैक्स और लास्ट डेट
इंस्टाग्राम (Instagram), यूट्यूब (YouTube), फेसबुक और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रील्स, वीडियो और पोस्ट बनाकर कमाई करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स व सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए इनकम टैक्स विभाग ने नियमों को काफी सख्त और पारदर्शी कर दिया है। ब्रांड कोलैबोरेशन, एडसेंस (AdSense), एफिलिएट मार्केटिंग या ब्रांड्स से मिलने वाले महंगे गिफ्ट्स (Barter Deals)—ये सभी अब टैक्स के दायरे में आते हैं। सही समय पर सही आईटीआर फॉर्म भरकर टैक्स फाइल न करने पर आयकर विभाग का नोटिस आ सकता है।1. इन्फ्लुएंसर्स की इनकम किस हेड में आती है?आयकर अधिनियम के तहत कंटेंट क्रिएटर्स की कमाई को 'सैलरी' या 'अदर सोर्सेज' नहीं, बल्कि Profits and Gains of Business or Profession (PGBP) यानी बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय माना जाता है।स्पेशल प्रोफेशन कोड: आयकर विभाग ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लिए ITR फॉर्म में अलग प्रोफेशन कोड '16021' निर्धारित किया है।2. कौन-कौन सी कमाई पर लगता है टैक्स?ब्रांड डील्स व स्पॉन्सरशिप्स: कंपनियों के प्रोडक्ट प्रमोशन, पेड रील्स और विज्ञापनों से मिला पैसा।प्लेटफॉर्म मोनेटाइजेशन: यूट्यूब गूगल एडसेंस, सुपर चैट, चैनल मेंबरशिप आदि।एफिलिएट मार्केटिंग व कोर्स सेलिंग: किसी ई-कॉमर्स लिंक या डिजिटल प्रोडक्ट/कोर्स बेचने से होने वाली कमाई।फ्री गिफ्ट्स और ट्रिप्स (Section 194R): यदि कोई ब्रांड किसी प्रमोशन के बदले फोन, कार, लैपटॉप, होटल स्टे या वेकेशन गिफ्ट करता है और उसका कुल मूल्य साल में ₹20,000 से अधिक है, तो उस पर कंपनी 10% TDS काटेगी। यह गिफ्ट्स इन्फ्लुएंसर की टैक्सेबल इनकम में जुड़ते हैं।3. कौन सा ITR फॉर्म चुनें: ITR-3 या ITR-4?ITR-3 (सबसे उपयुक्त विकल्प): यदि इन्फ्लुएंसर अपने कैमरे, एडिटिंग इक्विपमेंट, सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन, इंटरनेट बिल और ट्रैवल खर्चों पर टैक्स छूट (Deductions) क्लेम करना चाहते हैं और वास्तविक लाभ-हानि दिखाना चाहते हैं, तो ITR-3 भरना अनिवार्य है।ITR-4 (Presumptive Taxation Scheme): यदि कोई क्रिएटर बुक्स ऑफ अकाउंट्स नहीं बनाना चाहता और सेक्शन 44AD के तहत अपनी कुल कमाई का 6% (डिजिटल) या 8% (कैश) हिस्सा न्यूनतम मुनाफा घोषित करना चाहता है, तो वह ITR-4 चुन सकता है।4. कौन से खर्चे घटाकर बचा सकते हैं टैक्स?बिजनेस इनकम होने के कारण इन्फ्लुएंसर्स कंटेंट बनाने में लगे निम्नलिखित खर्चों पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं:कैमरा, लाइटिंग, माइक, लैपटॉप और मोबाइल की खरीद पर डेप्रिसिएशन (Depreciation)।वीडियो एडिटर, स्क्रिप्ट राइटर या मैनेजर को दी गई फीस।स्टूडियो या ऑफिस का किराया और बिजली का बिल।वाई-फाई, इंटरनेट और एडिटिंग सॉफ्टवेयर (Adobe, Canva आदि) का सब्सक्रिप्शन।शूट और ब्रांड मीटिंग्स के लिए किया गया ट्रैवलिंग व होटल खर्च।5. TDS, Advance Tax और GST के जरूरी नियमTDS क्लेम: ब्रांड्स आमतौर पर सेक्शन 194J (10%), 194C (1-2%) या 194R (10%) के तहत टीडीएस काटते हैं। इन्फ्लुएंसर अपने Form 26AS और AIS (Annual Information Statement) से मिलान कर आईटीआर फाइल करते समय इस टीडीएस का रिफंड या टैक्स क्रेडिट ले सकते हैं।एडवांस टैक्स: यदि साल भर की कुल टैक्स देनदारी ₹10,000 से अधिक बनती है, तो तिमाही किस्तों (15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च) में एडवांस टैक्स जमा करना होगा।GST रजिस्ट्रेशन: यदि किसी वित्तीय वर्ष में कुल टर्नओवर ₹20 लाख (विशेष श्रेणी के राज्यों में ₹10 लाख) को पार कर जाता है, तो जीएसटी नंबर लेना और 18% जीएसटी चार्ज करना अनिवार्य है।6. ITR फाइल करने की लास्ट डेटनॉन-ऑडिट केस (अधिकांश क्रिएटर्स): जिन क्रिएटर्स का टैक्स ऑडिट नहीं होना है, उनके लिए सामान्य नियत तारीख 31 जुलाई होती है (सरकार द्वारा समय-समय पर बढ़ाई गई अवधि को छोड़कर)।टैक्स ऑडिट केस: यदि सालाना टर्नओवर सीमा से अधिक है और खातों का सीए (CA) से टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, तो अंतिम तारीख 31 अक्टूबर होती है।नियत तारीख चूकने पर धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस और ब्याज लग सकता है।
PCPNDT अधिनियम के तहत पुलिस नहीं कर सकेगी जांच, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुलिस गर्भधारण-पूर्व और प्रसव-पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के तहत अपराधों की जांच नहीं कर सकती, ऐसे मामलों में नामित अधिकारियों को कार्रवाई करनी चाहिए।
सिपाही की पत्नी की मौत, अंदर से बंद कमरे में मिला शव
यूपी के कौशांबी के मंझनपुर में सिपाही की 24 वर्षीय पत्नी शिवानी का शव किराए के कमरे में मिला है. ड्यूटी से लौटे पति को कमरा अंदर से बंद मिला, जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया. पुलिस प्रथम दृष्टया आत्महत्या मानकर फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
देश की राजधानी दिल्ली में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे मिडिल क्लास, नौकरीपेशा युवाओं और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राहत भरा बड़ा ऐलान किया है। केंद्र सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए गए 'दिल्ली मास्टर प्लान 2047' (MPD 2047) में राजधानी के भीतर सस्ते और किफायती आवासों (Affordable Housing) की भारी किल्लत को समाप्त करने का महा-प्लान तैयार किया गया है। वर्ष 2047 तक दिल्ली की अनुमानित 3.2 करोड़ आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करीब 40 लाख नए घरों के निर्माण और पुनर्विकास का लक्ष्य रखा गया है। सीमित जमीन के भीतर अधिकतम रिहायशी क्षमता विकसित करने के लिए वर्टिकल ग्रोथ, लैंड पूलिंग और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को मुख्य आधार बनाया गया है।दिल्ली में क्यों पड़ी 40 लाख नए घरों की जरूरत?डीडीए के मास्टर प्लान 2047 के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में दिल्ली की जनसंख्या लगभग 2.4 करोड़ है, जो वर्ष 2047 तक बढ़कर 3.2 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है। 4.5 व्यक्तियों के औसत पारिवारिक आकार के आधार पर आने वाले दो दशकों में राजधानी को करीब 40 लाख अतिरिक्त रिहायशी इकाइयों (Dwelling Units) की दरकार होगी। पिछले कुछ वर्षों में रियल एस्टेट की आसमान छूती कीमतों और निजी बिल्डरों द्वारा केवल महंगे व लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान देने के कारण मध्यमवर्गीय परिवार दिल्ली से बाहर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद या गुरुग्राम की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे थे। मास्टर प्लान 2047 इस पलायन को रोकने और दिल्ली के भीतर ही बजट फ्रेंडली घरों का बड़ा स्टॉक तैयार करने की दिशा में गेमचेंजर साबित होगा।स्मॉल-फॉर्मेट हाउसिंग: 25 से 60 वर्ग मीटर के बनेंगे बजट फ्लैट्समास्टर प्लान में मध्यम वर्ग और एकल परिवारों की क्रय शक्ति को ध्यान में रखते हुए 'स्मॉल फॉर्मेट हाउसिंग' (Small-Format Homes) पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। इसके तहत सरकारी और निजी दोनों विकासकर्ताओं को 25 से 60 वर्ग मीटर (लगभग 270 से 645 वर्ग फीट) कारपेट एरिया वाले सुव्यवस्थित 1BHK और 2BHK कॉम्पैक्ट फ्लैट बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। छोटे आकार के ये फ्लैट आधुनिक सुख-सुविधाओं से युक्त होंगे और इनकी कुल लागत सीमित रखी जाएगी, ताकि पहली बार घर खरीदने वाले वेतनभोगी कर्मचारी और मध्यमवर्गीय परिवार आसानी से बैंक लोन के जरिए इन्हें खरीद सकें।मेट्रो स्टेशनों के पास TOD जोन: तैयार होंगे 18 लाख आधुनिक फ्लैटदिल्ली के 416 किलोमीटर से बढ़ाकर 695 किलोमीटर तक होने वाले विस्तृत मेट्रो नेटवर्क के दोनों ओर 'ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट' (TOD) जोन विकसित किए जाएंगे। मेट्रो और आरआरटीएस (RRTS) कॉरिडोर के 500 से 800 मीटर के दायरे में उच्च घनत्व वाले रिहायशी टॉवर खड़े किए जाएंगे, जिनसे अकेले 18 लाख से अधिक किफायती घर सृजित होंगे। इन हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की खासियत यह होगी कि निवासियों को दफ्तर जाने के लिए निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा; घर के ठीक नीचे मेट्रो स्टेशन, बस टर्मिनल, वॉकवे और साइकिल ट्रैक उपलब्ध होंगे।लैंड पूलिंग मॉडल से 200 वर्ग किमी में बसेंगी नई टाउनशिपदिल्ली के बाहरी और ग्रामीण इलाकों—खासकर नरेला, बवाना, कंझावला, नजफगढ़ और रोहिणी एक्सटेंशन में लैंड पूलिंग पॉलिसी के जरिए सुनियोजित शहरीकरण को गति दी जाएगी। करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले लैंड पूलिंग एरिया में 12 लाख नए आधुनिक घर बनाए जाएंगे। इस मॉडल में डीडीए पहले सड़क, बिजली, सीवरेज, जलापूर्ति और पार्क जैसी आधारभूत संरचनाएं (Infrastructure-First Approach) विकसित करेगा, जिसके बाद निजी कंसोर्टियम और बिल्डर्स बहुमंजिला हाउसिंग सोसायटियों का निर्माण करेंगे।पुरानी DDA सोसायटियों का कायाकल्प: नियमों में भारी ढील से 7 लाख नए घरमास्टर प्लान 2047 में 30 से 50 साल पुरानी जर्जर डीडीए सोसायटियों और को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों (CGHS) के इन-सीटू पुनर्विकास (Redevelopment) की राह भी आसान कर दी गई है।क्षेत्रफल सीमा में बड़ी छूट: पहले सोसायटियों के पुनर्विकास के लिए न्यूनतम 40,000 वर्ग मीटर जमीन की शर्त थी, जिसे घटाकर अब मात्र 3,000 वर्ग मीटर (या कम से कम 200 फ्लैट) कर दिया गया है।वर्टिकल ग्रोथ और अतिरिक्त फ्लैट: पीपीपी (PPP) मॉडल पर पुरानी सोसायटियों को तोड़कर लिफ्ट, अंडरग्राउंड पार्किंग और क्लब हाउस से लैस आधुनिक गगनचुंबी इमारतें बनेंगी। मौजूदा निवासियों को बड़े और नए फ्लैट मिलने के साथ-साथ बाजार में बिक्री के लिए करीब 7 लाख अतिरिक्त आवास इकाइयां तैयार होंगी।किराएदारों, छात्रों और गिग वर्कर्स के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंगदिल्ली में देश भर से आने वाले लाखों छात्रों, कामकाजी महिलाओं, प्रवासियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भी मास्टर प्लान में विशेष प्रावधान किए गए हैं। निजी डेवलपर्स को 'अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स' (ARHCs), वर्किंग हॉस्टल्स और शेयर्ड डॉर्मिटरी बनाने के लिए 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) की रियायत दी जाएगी। इसके अलावा 5,000 वर्ग मीटर से बड़े औद्योगिक भूखंडों पर कामगारों के आवास के लिए 15% अतिरिक्त एफएआर का लाभ मिलेगा। इससे प्रवासियों को कम किराए पर सुरक्षित और गरिमापूर्ण छत मिल सकेगी।'जहां झुग्गी वहीं मकान': 17 लाख झुग्गीवासियों को मिलेंगे पक्के फ्लैटमास्टर प्लान 2047 राजधानी को स्लम-फ्री बनाने के साथ-साथ गरीबों के अधिकारों को सुरक्षित करने की गारंटी देता है। शहर में स्थित जेजे क्लस्टर्स (झुग्गी बस्तियों) का उसी स्थान पर पुनर्विकास (In-Situ Slum Rehabilitation) किया जाएगा, जिससे 17 लाख से अधिक झुग्गीवासियों को पक्के मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे झुग्गीवासियों को उनके कार्यक्षेत्र और बच्चों के स्कूलों के पास ही सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्का घर मिल सकेगा।
अमेरिका में आर्थिक उथल-पुथल से भारत पर असर: फिलहाल सस्ती नहीं होगी होम लोन EMI, समझें पूरा गणित
वैश्विक अर्थव्यवस्था के सबसे बड़े केंद्र अमेरिका में मची आर्थिक हलचल का सीधा असर अब भारतीय बाजारों और आम जनता की जेब पर पड़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने के संकेत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल और वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के लिए नीतिगत ब्याज दरों (Repo Rate) में जल्द कटौती करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। जो मध्यमवर्गीय कर्जदार और घर खरीदार लंबे समय से होम लोन की ब्याज दरें घटने और मासिक ईएमआई (EMI) का बोझ कम होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, उन्हें अब कुछ और समय तक महंगी ईएमआई का भुगतान करना पड़ सकता है।अमेरिकी बाजार की उथल-पुथल भारत को कैसे करती है प्रभावितवैश्विक वित्तीय प्रणाली में जब भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को ऊंचा रखता है, तो अंतरराष्ट्रीय निवेशक उभरते बाजारों (जैसे भारत) से अपनी पूंजी निकालकर अमेरिकी बॉन्ड और डॉलर जैसी सुरक्षित संपत्तियों में लगाना शुरू कर देते हैं। इससे भारतीय रुपये पर डॉलर के मुकाबले दबाव बढ़ जाता है। रुपया कमजोर होने से भारत के लिए कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य कच्चे माल का आयात महंगा हो जाता है, जिससे घरेलू स्तर पर 'इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन' यानी आयातित महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा होता है। ऐसे में देश के भीतर महंगाई को काबू में रखने के लिए आरबीआई को अपनी मौद्रिक नीतियों को सख्त बनाए रखना पड़ता है और ब्याज दरों में कटौती को टालना पड़ता है।आरबीआई के सामने क्या है चुनौती और क्यों टल सकती है दर कटौतीभारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) मुख्य रूप से खुदरा महंगाई दर (CPI) को 4 प्रतिशत के दायरे में बनाए रखने के लक्ष्य पर काम करती है। घरेलू खाद्य पदार्थों की कीमतों में अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिलने वाले दबाव के बीच यदि केंद्रीय बैंक समय से पहले ब्याज दरों में कटौती करता है, तो इससे बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और महंगाई फिर से अनियंत्रित हो सकती है। इसके अलावा, अमेरिका और भारत की ब्याज दरों के बीच का अंतर कम होने से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का जोखिम भी बढ़ जाता है। यही कारण है कि भारतीय रिजर्व बैंक 'वेट एंड वॉच' की नीति पर कायम है और दरों में कटौती की संभावना फिलहाल आगे खिसकती दिख रही है।आपकी होम लोन ईएमआई और बजट पर सीधा असरबैंकों द्वारा दिए जाने वाले अधिकांश नए होम लोन 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट' (EBLR/RLLR) से जुड़े होते हैं, जो सीधे तौर पर आरबीआई के रेपो रेट पर आधारित होते हैं।ईएमआई में राहत का इंतजार बढ़ा: यदि रेपो रेट में कटौती नहीं होती है, तो बैंकों द्वारा होम लोन की ब्याज दरों में कोई कमी नहीं की जाएगी। उदाहरण के लिए, ₹50 लाख के 20 साल के होम लोन पर 0.50% की ब्याज कटौती से हर महीने करीब ₹1,600 से ₹1,800 की बचत होती है, लेकिन दरें स्थिर रहने से कर्जदारों को यह राहत नहीं मिल पाएगी।लोन की अवधि में बढ़ोतरी: फ्लोटिंग रेट लोन वाले कई ग्राहकों के मासिक ईएमआई अमाउंट के बजाय उनके लोन का टेन्योर (अवधि) पहले ही बढ़ चुका है। दरें कम न होने से उन्हें लंबे समय तक ब्याज का भुगतान करना होगा।ऑटो और पर्सनल लोन पर भी असर: होम लोन के साथ-साथ कार लोन और पर्सनल लोन की दरों में भी तात्कालिक नरमी की गुंजाइश सीमित हो गई है।कर्जदारों के लिए जरूरी सलाह: वित्तीय बोझ कैसे कम करेंपार्ट-पेमेंट की रणनीति अपनाएं: यदि आपके पास कोई बोनस, पीएफ का हिस्सा या अतिरिक्त बचत आती है, तो हर साल अपने होम लोन का 5% से 10% तक प्री-पेमेंट (पार्ट-पेमेंट) करें। इससे आपका मूलधन तेजी से घटेगा और कुल ब्याज का बोझ काफी कम हो जाएगा।बैंक से स्प्रेड कम करने की बात करें: अपने मौजूदा बैंक से संपर्क कर पता करें कि क्या वे एक मामूली कन्वर्जन फीस लेकर आपके लोन का स्प्रेड (मार्जिन) कम कर सकते हैं।बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प तलाशें: यदि कोई अन्य बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी आपके मौजूदा लेंडर से काफी कम ब्याज दर की पेशकश कर रही है, तो प्रोसेसिंग फीस और शुल्कों का आकलन कर बैलेंस ट्रांसफर पर विचार करें।
'ऐसा कोई सबूत नहीं...' : आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में वरिष्ठ वन अधिकारी को SC से राहत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध को साबित नहीं करती. अदालत ने स्पष्ट किया कि आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध तभी बनता है जब आत्महत्या से ठीक पहले आरोपी की ओर से कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष उकसावा और स्पष्ट आपराधिक मंशा दिखाई दे.
ट्रांसजेंडर बनकर घूम रहे व्यक्ति ने महिला को फंसाया, बच्चे होने के आशीर्वाद के नाम पर किया रेप
मुंबई में ट्रांसजेंडर बनकर घूम रहे एक व्यक्ति ने महिला के साथ बलात्कार को अंजाम दिया है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने बच्चा होने के नाम पर एक रस्म को करने की बात कही और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
सैफ्रनआर्ट की नीलामी में महात्मा गांधी की पांडुलिपि रिकार्ड 16.2 करोड़ रुपये में बिकी
महात्मा गांधी के आनंद टी. हिंगोरानी को लिखे 688 विचारों का संग्रह सैफ्रनआर्ट नीलामी में 16.20 करोड़ रुपये में बिका, जो भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए एक विश्व रिकॉर्ड है।
सुप्रीम कोर्ट ईडी की शक्तियों के खिलाफ समीक्षा याचिकाओं पर करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत ईडी की गिरफ्तारी और संपत्ति कुर्क करने की शक्तियों को बरकरार रखने वाले अपने 2022 के फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है।
'अगले जन्म में डॉक्टर बनूंगा', NEET में कम नंबर आने पर छात्र ने दी जान
महाराष्ट्र में 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी ने सुसाइड कर लिया. जानकारी के मुताबिक NEET एग्जाम में कम नंबर आने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान था. परिवार के सदस्य गांव के कार्यक्रम में गए थे. घर लौटने पर सूरज की छोटी बहन ने उसे कमरे में फंदे से लटका पाया.
दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंकाई टीम में फेरबदल, 2 नए खिलाड़ियों की एंट्री
गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत ने श्रीलंका को 165 रनों से हराया था. अब दो मैचों की सीरीज बचाने के लिए मेजबान टीम को कोलंबो टेस्ट जीतना ही होगा. इस अहम मुकाबले से पहले प्रमुख बल्लेबाजों की गैरमौजूदगी ने श्रीलंका के सामने प्लेइंग इलेवन चुनने की चुनौती बढ़ा दी है.
खीरा खाने वाले सावधान! खरीदने से पहले जानें किन्हें करना चाहिए परहेज
खीरा हाइड्रेशन और सेहत के लिए बेहतरीन माना जाता है, लेकिन हर किसी के लिए यह फायदेमंद नहीं होता. किडनी की बीमारी, एसिड रिफ्लक्स, और ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर करना चाहिए. जानिए किन परिस्थितियों में खीरा आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.
भारतीय शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में इन दिनों निवेशकों का जबरदस्त उत्साह और तरलता (Liquidity) देखने को मिल रही है। मेनबोर्ड से लेकर एसएमई सेगमेंट तक एक के बाद एक आ रहे आईपीओ में रिटेल और संस्थागत निवेशक दिल खोलकर पैसा लगा रहे हैं। किसी कंपनी के इश्यू ने बोली के पहले ही दिन ओवरसब्सक्रिप्शन के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए, तो कहीं बोली समाप्त होते-होते 100 से 150 गुना तक की रिकॉर्ड तोड़ बोलियां प्राप्त हुईं। यदि आप भी प्राइमरी मार्केट के जरिए लिस्टिंग गेन या लंबी अवधि के लिए निवेश का मौका तलाश रहे हैं, तो इन 4 प्रमुख आईपीओ के ताजा आंकड़ों और अपडेट्स पर नजर डालना जरूरी है।1. Orient Technologies IPO: पहले ही दिन निवेशकों का टूटा हुजूमआईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड सॉल्यूशंस प्रदाता कंपनी ओरिएंट टेक्नोलॉजीज (Orient Technologies Limited) के ₹214.76 करोड़ के आईपीओ ने बिडिंग खुलते ही जोरदार शुरुआत की। कंपनी ने इश्यू का प्राइस बैंड ₹195 से ₹206 प्रति शेयर तय किया है। बोली के शुरुआती घंटों में ही रिटेल निवेशकों और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) के कोटे में भारी मांग देखी गई और पहले ही दिन कुल इश्यू 6 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो गया। ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे निवेशकों को मजबूत लिस्टिंग गेन की उम्मीद है।2. Interarch Building Products IPO: निवेशकों का मिला तगड़ा समर्थनप्री-इंजीनियर्ड स्टील कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंटरआर्च बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के ₹600 करोड़ के पब्लिक इश्यू को भी निवेशकों का भरपूर प्यार मिला। 19 से 21 अगस्त तक खुले इस आईपीओ को तीनों दिन निवेशकों की ओर से भारी बोलियां मिलीं। खासकर क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और एचएनआई (HNI) निवेशकों ने अंतिम दिन आक्रामक खरीदारी की। कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बढ़ती मांग के चलते यह इश्यू कई गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ।3. Saraswati Saree Depot IPO: लिस्टिंग के बाद भी बना हुआ है बजमहिला परिधान और साड़ी थोक कारोबार की प्रमुख कंपनी सरस्वती साड़ी डिपो के आईपीओ को बोली के दौरान 105 गुना से अधिक का भारी सब्सक्रिप्शन मिला था। बाजार में इस शेयर ने लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। स्टॉक एक्सचेंजों पर धमाकेदार शुरुआत के बाद भी रिटेल और वेल्थ इन्वेस्टर्स के बीच इस काउंटर को लेकर सकारात्मक धारणा बनी हुई है, जिससे द्वितीयक बाजार में भी इसके वॉल्यूम में मजबूती देखी जा रही है।4. SME IPOs: बंपर लिस्टिंग गेन की चाह में 100 गुना से ज्यादा बोलियांमेनबोर्ड के साथ-साथ एसएमई (SME) प्लेटफॉर्म पर आ रहे छोटे इश्यूज में भी निवेशकों का रुझान चरम पर है। ब्रेस पोर्ट लॉजिस्टिक्स (Brace Port Logistics) और फोरकास स्टूडियो (Forcas Studio) जैसे पब्लिक ऑफर्स में निवेशकों ने भारी बोलियां लगाई हैं। कई एसएमई आईपीओ 100 से 200 गुना तक ओवरसब्सक्राइब हो रहे हैं। हालांकि, मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि एसएमई सेगमेंट में भारी लिस्टिंग प्रीमियम के लालच में अंधाधुंध निवेश करने के बजाय कंपनी के बुनियादी वित्तीय आंकड़ों (Financials) और वैल्यूएशन की पड़ताल जरूर करनी चाहिए।प्राइमरी मार्केट में पैसा लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यानशेयर बाजार में आईपीओ का क्रेज होने के बावजूद केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) देखकर दांव लगाने से बचना चाहिए। किसी भी इश्यू में बोली लगाने से पहले कंपनी का रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP), पिछले 3 वर्षों की वित्तीय स्थिति, प्रमोटर बैकग्राउंड और कंपनी पर मौजूद कर्ज का स्तर जरूर जांचें। लंबी अवधि के दृष्टिकोण से केवल उन्हीं कंपनियों में पूंजी लगाएं जिनका बिजनेस मॉडल सस्टेनेबल और ग्रोथ-ओरिएंटेड हो।
मक्खियां भिनभिनाईं, बदबू आई तो ड्राइवर को हुआ शक, फिर खुला हत्या का राज
जयपुर के सांगानेर सदर में बेटे ने पारिवारिक विवाद के बाद 75 वर्षीय पिता की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. हत्या के बाद शव करीब एक दिन घर में छिपाकर रखा गया. शव को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार की तैयारी थी, लेकिन टैक्सी में बदबू आने पर ड्राइवर को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दे दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
‘सिर्फ आज नहीं, कल के भारत की सोचिए’, PM मोदी ने हाईलेवल मीटिंग में अफसरों को दिया बड़ा मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों से तत्काल समस्याओं के बजाय भविष्य के भारत के लिए दीर्घकालिक सोच अपनाने को कहा। उन्होंने विभागीय साइलो खत्म करने, डेटा को राष्ट्रीय संपत्ति मानकर बेहतर साझा करने और AI के साथ मानवीय समझ बनाए रखने पर जोर दिया।
कर्नाटक: कॉलेज प्रिंसिपल का 'भारत माता की जय' व 'वंदे मातरम्' का विरोध, मामला दर्ज
कर्नाटक में एक कॉलेज प्रिंसिपल पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद छात्रों को 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' नारे लगाने से रोकने पर केस दर्ज किया गया है।
शिलॉन्ग में KSU की बाइक रैली में हिंसा... 60 लोग घायल, 3 गिरफ्तार
पूर्वी खासी हिल्स में खासी स्टूडेंट्स यूनियन की रैली के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ हुई जिसमें 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए और लगभग 60 लोग घायल हुए. पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि रैली के लिए अनुमति ली गई थी और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात थे.
तुर्की को निपटाने में क्या जुट गया इजरायल, सीरिया पर हमले क्या इसकी शुरूआत
इस हमले से पहले खबर है कि इजरायल की जासूसी एजेंसी के प्रमुख ने पिछले हफ्ते सीरिया के विदेश मंत्री से फ़ोन पर बात की थी. इस बातचीत में उन्होंने सीरिया में तुर्की की सैन्य मौजूदगी पर चर्चा की.
Telegram के हर यूजर को मिलेगी फ्री वेबसाइट! यूजरनेम बन जाएगा वेब एड्रेस
सिक्योर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप Telegram के सीईओ ने कहा है कि 1 बिलियन टेलीग्राम यूजर्स को अपनी वेबसाइट मिल सकती है. एआई के जरिए वेबसाइट बनेगी. उन्होंने .gram टॉप लेवल डोमेन के लिए अप्लाई किया है. मंजूरी मिलने पर लोगों का यूजरनेम ही वेबसाइट में बदल जाएगा. लेकिन ये कैसे मुमकिन है और यूजर्स को क्या सच में फायदा होगा? आइए जानते हैं इस वीडियो में.
JPSC-JSSC विवाद: सरकार मामले को दबाना चाहती है... हाईकोर्ट के फैसले पर क्या बोले देवेन्द्र महतो?
झारखंड JPSC-JSSC विवाद में अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट से राहत मिल गई है, लेकिन CID एक्शन अभी भी तेजी से जारी है.
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति और संसाधन देने की दिशा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। विभाग ने वैश्विक ऊर्जा दिग्गज 'शेल इंडिया' (Shell India) और प्रमुख फिनटेक प्लेटफॉर्म 'फोनपे' (PhonePe) के साथ दो अलग-अलग समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का प्राथमिक उद्देश्य देश के उभरते हुए स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक डिजिटल पेमेंट टूल्स, वित्तीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सुविधाएं और वैश्विक स्तर की मेंटरशिप उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपने कारोबार को तेजी से स्केल कर सकें।फोनपे के साथ साझेदारी: पेमेंट क्रेडिट्स और डिजिटल टूल्स की सुविधाफोनपे के साथ हुए समझौते के तहत डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को डिजिटल पेमेंट्स और फिनटेक इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनाने में सीधी मदद मिलेगी।पेमेंट गेटवे क्रेडिट्स: शुरुआती चरण (Early-stage) के स्टार्टअप्स को लेनदेन की लागत कम करने के लिए विशेष पेमेंट गेटवे क्रेडिट्स और रियायती दरों पर मर्चेंट सॉल्यूशंस दिए जाएंगे।टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन: नए उद्यमों को फोनपे के सुरक्षित एपीआई (API), पेमेंट लिंक्स और डिजिटल इनवॉइसिंग टूल्स का सीधा एक्सेस मिलेगा, जिससे उनके प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के लिए चेकआउट प्रक्रिया आसान होगी।वित्तीय साक्षरता और ग्रोथ वर्कशॉप्स: स्टार्टअप संस्थापकों को सुरक्षित डिजिटल पेमेंट्स, फ्रॉड डिटेक्शन और कंप्लायंस से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।शेल इंडिया के साथ गठबंधन: क्लीन-टेक और डीप-टेक को बढ़ावाशेल इंडिया के साथ हुए समझौते का मुख्य केंद्र क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबिलिटी और डीप-टेक सेक्टर्स में काम कर रहे स्टार्टअप्स को मजबूती देना है।शेल ई4 (Shell E4) प्लेटफॉर्म का लाभ: स्टार्टअप्स को शेल के प्रमुख एक्सेलेरेटर प्रोग्राम 'शेल ई4' से जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें वैश्विक उद्योग विशेषज्ञों से तकनीकी और रणनीतिक मार्गदर्शन मिलेगा।आरएंडडी और टेस्टिंग लैब एक्सेस: इनोवेटर्स को ऊर्जा दक्षता, बायो-फ्यूल्स, बैटरी टेक्नोलॉजी और कार्बन रिडक्शन से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए आधुनिक लैब और टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधा मिलेगी।ग्लोबल मार्केट लिंकेज: चयनित स्टार्टअप्स को शेल के अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन नेटवर्क और संभावित निवेशकों से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें विदेशी बाजारों में विस्तार करने में मदद मिलेगी।स्टार्टअप इंडिया पहल को मिलेगा बड़ा संबलडीपीआईआईटी के अधिकारियों के अनुसार, कॉरपोरेट सेक्टर की दिग्गज कंपनियों और फिनटेक लीडर्स के साथ इस तरह का सहयोग 'स्टार्टअप इंडिया' अभियान को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरने वाले इनोवेटर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती उच्च परिचालन लागत (Operational Cost) और तकनीकी मार्गदर्शन की कमी होती है। यह द्विपक्षीय समझौता न केवल शुरुआती वित्तीय बोझ को कम करेगा, बल्कि भारतीय स्टार्टअप्स को विश्वस्तरीय मानकों पर खरा उतरने के लिए आवश्यक इकोसिस्टम भी प्रदान करेगा।
100% शुद्ध लिखा है तो भी सावधान, FSSAI ने कहा- शुद्धता की गारंटी नहीं
FSSAI ने खाद्य पदार्थों पर '100% शुद्ध' या 'प्राकृतिक' जैसे भ्रामक दावों पर कार्रवाई तेज कर दी है, क्योंकि ये गुणवत्ता की गारंटी नहीं हैं।
IAS अंकुर लाठर ने फर्रुखाबाद DM बन जीता बच्चों का दिल, कभी प्यार के लिए तमिलनाडु छोड़ UP आईं
IAS अंकुर लाठर DM फर्रुखाबाद UP ने मूक-बधिर विद्यालय के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलकर उनका दिल जीत लिया. प्यार के लिए तमिलनाडु कैडर छोड़कर यूपी आईं 2016 बैच की आईएएस अफसर अंकुर लाठर का यह मानवीय दृष्टिकोण और सहज अंदाज अब हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है.
सुप्रीम कोर्ट कैसे लेता है लंबे समय से चल रहे मामलों में फैसला? CJI सूर्यकांत ने बताया
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की 'समाधान समारोह' पहल पर जोर दिया।
थोक चीनी खरीदारों पर लगाम: अब नहीं रख सकेंगे 15 दिन से अधिक का स्टॉक
केंद्र सरकार ने चीनी के थोक खरीदारों के लिए स्टॉक सीमा तय की है, जिसके तहत 10 टन से अधिक खपत वाले खरीदार 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में गौरव भाटिया चौथे नंबर पर रहे, प्रदीप राय बने नए अध्यक्ष
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय को अध्यक्ष पद पर भारी मतों से जीत मिली है। उन्हें 822 वोट मिले, जबकि गौरव भाटिया चौथे स्थान पर सिमट गए।
260 ग्राम गोल्ड मेटल पाउडर लेकर आ रहे थे दो यात्री, एयरपोर्ट पर पकड़े गए, कहां छुपा कर रखा था सामान?
बेंगलुरु के एयरपोर्ट पर दो यात्रियों के पास से करीब 260 ग्राम गोल्ड मेटल पाउडर बरामद किया गया है। यात्रियों ने गोल्ड मेटल पाउडर को चालाकी से छिपा रखा था। दोनों यात्रियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
सुनीता के फैसले पर भड़के गोविंदा के मैनेजर, बोले...
सुनीता अहुजा ने गोविंदा के खिलाफ दायर तलाक की याचिका वापस ले ली है. फैसले पर गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने खुशी जताई, लेकिन सवाल किया कि जब केस वापस लेना था तो दायर क्यों किया गया. उन्होंने कहा कि पारिवारिक मतभेद बातचीत से सुलझाए जा सकते थे. वीडियो में जानें पूरा मामला.
'सपने में आते हैं चौधरी साहब, इसलिए...', अखिलेश के बयान पर RLD का पलटवार
बागपत के पलड़ी गांव में आयोजित RLD के अल्पसंख्यक सम्मेलन में प्रदेशाध्यक्ष दिलनवाज खान ने अखिलेश यादव के 'चवन्नी को रुपया बनाने' वाले बयान पर पलटवार किया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव के सपने में आजकल चौधरी साहब आते हैं, इसलिए वह घबराकर ऊलजलूल बयान दे रहे हैं.
खबरदार! जो खुला या बिना सील वाला तेल खरीदा; FDA ने लोगों को चेताया, क्या-क्या सुझाव?
मुंढे ने कहा कि खाने-पीने के कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति के पास लाइसेंस होना जरूरी है। हमें मिलावट के मामले मिले, जैसे सरसों के तेल में दूसरे तेल मिलाना, जिसकी इजाजत नहीं है। कुछ मामलों में तेल का असली स्रोत पता नहीं चल सका।
हनुमानगढ़ : गुजरात ले जाई जा रही एक करोड़ की अवैध शराब बरामद
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भादरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार को देर रात एक ट्रक से चंडीगढ़ निर्मित 530 पेटियां अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। इस शराब का बाजार मूल्य करीब एक करोड़ रुपए आंका गया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा जो पहले भी शराब तस्करी के […] The post हनुमानगढ़ : गुजरात ले जाई जा रही एक करोड़ की अवैध शराब बरामद appeared first on Sabguru News .
'HC के फैसले का सम्मान, लेकिन मूल मांगों से समझौता नहीं', बोले देवेंद्र महतो
झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने वाले आदेश पर स्टे दिया है. आंदोलन के प्रमुख देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वो अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी मूल मांगें आज भी कायम हैं. वहीं JPSC और JSSC रिफॉर्म मंच के छात्रों ने शुक्रवार को 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का ऐलान किया है.

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