देश की राजधानी दिल्ली के सबसे बड़े धरना स्थल जंतर-मंतर पर जारी एक बड़े विरोध प्रदर्शन के मामले में देश की सर्वोच्च अदालत से बहुत बड़ी और ऐतिहासिक टिप्पणी सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले नागरिकों के अधिकारों को लेकर एक नई और बेहद स्पष्ट लक्ष्मण रेखा खींच दी है। अदालत ने दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि सिर्फ इसलिए कि कहीं कोई आंदोलन या विरोध प्रदर्शन चल रहा है, सुरक्षा बल नागरिकों पर सीधे लाठीचार्ज या बल प्रयोग नहीं कर सकते।लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवालसुप्रीम कोर्ट में जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए एक प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान सीजेआई (CJI) सूर्यकांत की पीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया कि भारत के संविधान में हर नागरिक को शांतिपूर्ण और बिना हथियारों के एकत्र होने व विरोध जताने का मौलिक अधिकार मिला हुआ है। कोर्ट ने कहा कि जब तक प्रदर्शनकारी किसी भी तरह की हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करने में लिप्त न हों, तब तक पुलिस बल को बेहद संयम बरतने की जरूरत है।कानून व्यवस्था और पुलिस बल के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी व्याख्यामुख्य न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी में सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के लिए गाइडलाइंस की ओर इशारा करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि नागरिकों की आवाज को दबाने के लिए लाठीचार्ज या आंसू गैस के गोलों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया जाए। अदालत ने साफ किया कि प्रशासन को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बल प्रयोग की बजाय बातचीत और शांतिपूर्ण तरीकों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस टिप्पणी को भविष्य में होने वाले तमाम जन आंदोलनों और पुलिसिया एक्शन के लिहाज से एक नजीर के रूप में देखा जा रहा है।दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और कानून के मोर्चे पर बड़ा बदलावभौगोलिक और स्थानीय सुरक्षा के नजरिए से देखें तो जंतर-मंतर, लुटियंस दिल्ली और संसद भवन के आसपास का पूरा इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है। यहाँ हर छोटे-बड़े आंदोलन पर पूरे देश की नजर रहती है। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद अब दिल्ली पुलिस (Delhi Police) को अपनी रणनीतियों में बड़ा बदलाव करना होगा। आने वाले दिनों में नई दिल्ली जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रदर्शनों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक और अहिंसक तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया जाए, ताकि देश की राजधानी से सुरक्षा के मोर्चे पर कोई भी नकारात्मक संदेश न जाए।
सोने-चांदी की कीमतों में लगी आग! सोना ₹757 महंगा, चांदी ₹2266 उछली; क्रूड ऑयल की नरमी का बड़ा असर
घरेलू सर्राफा बाजार में आज एक बार फिर रौनक लौट आई है, जिससे सोना और चांदी खरीदने वालों को बड़ा झटका लगा है। लगातार कुछ दिनों की सुस्ती के बाद हफ्ते के शुरुआती कारोबारी दिन ही कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सोने का भाव 757 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया है, वहीं चांदी में भी 2,266 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी तेजी देखी जा रही है। इस बड़ी रिकवरी के बाद सर्राफा बाजार के व्यापारियों और निवेशकों की धड़कनें बढ़ गई हैं।कच्चे तेल की सुस्ती ने सोने और चांदी को दिया तगड़ा बूस्टरबाजार के जानकारों का कहना है कि आज सोने और चांदी की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई नरमी है। दरअसल, वैश्विक स्तर पर क्रूड की कीमतों में गिरावट आने से अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड पर दबाव देखा जा रहा है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर कमजोर पड़ता है या कच्चे तेल के दाम घटते हैं, तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी की तरफ रुख करते हैं। इसी का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार में देखने को मिल रहा है।आपके शहर में क्या है आज 22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड का रेट?इस ताजा उछाल के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के तमाम बड़े शहरों के रिटेल接收 बाजार में भी सोने के दाम बदल गए हैं। 24 कैरेट (शुद्ध सोने) का भाव एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर की तरफ बढ़ता दिख रहा है, जबकि 22 कैरेट (ज्वेलरी गोल्ड) की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार से मिले मजबूत संकेतों के कारण चांदी की चमक भी काफी बढ़ गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है या डॉलर में कमजोरी जारी रहती है, तो सोने-चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है।फेस्टिव सीजन से पहले खरीदारी या निवेश का सही मौका?भारत में फेस्टिव और शादियों का सीजन शुरू होने से पहले सोने-चांदी के दामों में आ रहे इस उतार-चढ़ाव ने आम उपभोक्ताओं को सोच में डाल दिया है। जेम एंड ज्वेलरी काउंसिल से जुड़े जानकारों का मानना है कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए निवेश का एक बेहतरीन मौका हो सकता है। हालांकि, रिटेल बाजार में गहने खरीदने वालों को सलाह दी जाती है कि वे हॉलमार्क (HUID) देखकर ही शुद्धता की पूरी जांच करने के बाद खरीदारी का फैसला लें।
वेदांता की इस दिग्गज कंपनी ने खोला ₹25,000 करोड़ का पिटारा, बाजार में मचेगी हलचल
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और शेयर बाजार के निवेशकों के लिए वेदांता समूह की ओर से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप की प्रमुख सहयोगी कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc) ने देश के माइनिंग और मेटल सेक्टर में एक नया इतिहास रचने का पूरा खाका तैयार कर लिया है। कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए अगले 3 से 5 सालों में 25,000 करोड़ रुपये के विशालकाय निवेश (Mega Investment Plan) की घोषणा की है। इस भारी-भरकम निवेश की खबर के बाद से ही बाजार के जानकारों और निवेशकों के बीच हलचल काफी तेज हो गई है।क्या है हिंदुस्तान जिंक का यह 25 हजार करोड़ का मेगा प्लान?हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के इस बड़े कदम का मुख्य उद्देश्य अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना करना है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से राजस्थान के उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जिलों में स्थित अपनी प्रमुख खदानों (Mines) और स्मेल्टिंग प्लांट्स के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए करेगी। कंपनी का लक्ष्य अपने मौजूदा मेटल प्रोडक्शन को 1.2 मिलियन टन से बढ़ाकर सीधे 2 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुंचाना है। इस विस्तार योजना में पर्यावरण अनुकूल और सस्टेनेबल माइनिंग तकनीकों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।वेदांता ग्रुप और शेयर बाजार के निवेशकों पर क्या होगा असर?हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड का यह कदम मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) के लिए एक बहुत बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। वेदांता समूह इस समय अपने कर्ज को कम करने और विभिन्न सेक्टरों में डिमर्जर (Dimerger) की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। ऐसे में हिंदुस्तान जिंक से मिलने वाला मजबूत कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ वेदांता के बैलेंस शीट को भारी सपोर्ट देगी। इस बड़े निवेश की खबर से आने वाले दिनों में वेदांता और हिंदुस्तान जिंक दोनों के शेयरों में निवेशकों की तगड़ी खरीदारी देखने को मिल सकती है, जिससे शेयर बाजार के सूचकांकों को भी बूस्ट मिलेगा।स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा जबरदस्त बूस्टर डोजभौगोलिक और स्थानीय स्तर पर देखें तो इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा राजस्थान को मिलने वाला है। 25,000 करोड़ रुपये के निवेश से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खदानों के आस-पास के ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा और लोकल वेंडर्स व एमएसएमई (MSME) सेक्टर को बड़े पैमाने पर बिजनेस मिलेगा। इसके अलावा, राज्य सरकार को रॉयल्टी और टैक्स के रूप में भारी राजस्व (Revenue) मिलने की उम्मीद है, जिससे पूरे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
शेयर बाजार में बंपर तेजी! सेंसेक्स 600 अंक उछला, निफ्टी 23,950 पार, CarTrade Tech के शेयर रॉकेट बने
घरेलू शेयर बाजार में लगातार जारी उतार-चढ़ाव के बीच आज निवेशकों के लिए बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत जबरदस्त तेजी और हरियाली के साथ हुई है। शुरुआती कारोबार में ही बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 600 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर मजबूत स्थिति में ट्रेड कर रहा है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty 50) भी 180 अंकों से ज्यादा की बढ़त दर्ज करते हुए 23,950 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। बाजार में आए इस बूम से दलाल स्ट्रीट में रौनक लौट आई है।वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेत और घरेलू खरीदारी का बूस्टर डोजबाजार के विश्लेषकों और ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि आज की इस बड़ी तेजी के पीछे अमेरिकी बाजारों (Nasdaq और S&P 500) से मिले सकारात्मक संकेत और एशियाई बाजारों में लौटी मजबूती सबसे बड़ी वजह है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की ओर से बिकवाली का दबाव कम होने और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा बैंकिंग, ऑटो और आईटी सेक्टर्स में की जा रही चौतरफा खरीदारी ने बाजार को तगड़ा सपोर्ट दिया है। अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स आज हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिससे रिटेल निवेशकों का सेंटिमेंट भी काफी मजबूत हुआ है।कारट्रेड टेक (CarTrade Tech) के शेयरों में 11% का जोरदार ब्लास्टआज के शुरुआती सत्र में सबसे ज्यादा सुर्खियां ऑनलाइन ऑटो क्लासिफाइड प्लेटफॉर्म कारट्रेड टेक (CarTrade Tech) के शेयर बटोर रहे हैं। कंपनी के शेयरों में शुरुआती ट्रेड में ही 11% से ज्यादा का तूफानी उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद यह शेयर अपने नए शॉर्ट-टर्म हाई पर पहुंच गया है। हाल ही में आए मजबूत तिमाही नतीजों (Quarterly Results) और कंपनी द्वारा भविष्य की विकास योजनाओं को लेकर किए गए बड़े बदलावों के चलते निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। वॉल्यूम में भारी बढ़ोतरी के साथ इस शेयर में जमकर खरीदारी हो रही है।आज के टॉप गेनर्स और किन सेक्टर्स में दिख रही है चमक?कारट्रेड टेक के अलावा आज बाजार को ऊपर ले जाने में टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों का बड़ा योगदान है। निफ्टी के टॉप गेनर्स में ऑटो और आईटी स्टॉक्स सबसे आगे चल रहे हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.5% तक की तेजी दर्ज की जा रही है, जो यह दर्शाती है कि बाजार में ब्रॉडर लेवल पर रिकवरी हो रही है। जानकारों के मुताबिक, अगर निफ्टी 23,950 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है, तो बहुत जल्द यह 24,000 के ऐतिहासिक स्तर को दोबारा छू सकता है।
अमेरिका में फिर खूनी खेल! सिएटल फूड फेस्टिवल में अंधाधुंध गोलीबारी, 2 लोगों की मौत, कई घायल
अमेरिका में गन कल्चर और मास शूटिंग का खूनी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वॉशिंगटन राज्य के प्रमुख शहर सिएटल से एक बेहद दर्दनाक और डराने वाली खबर सामने आई है। यहाँ आयोजित एक बेहद लोकप्रिय और भारी भीड़भाड़ वाले फूड फेस्टिवल के दौरान अज्ञात बंदूकधारियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा त्योहार का माहौल चीख-पुकार और दहशत में बदल गया। स्थानीय पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस भीषण गोलीबारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।जश्न के बीच अचानक बरसीं गोलियां और मच गई भगदड़सिएटल के डाउनटाउन इलाके के पास आयोजित इस कम्युनिटी फूड फेस्टिवल में सप्ताहांत की छुट्टी होने के कारण सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और सैलानी मौजूद थे। चश्मदीदों के मुताबिक, लोग खाने-पीने और संगीत का लुत्फ उठा रहे थे कि अचानक एक के बाद एक कई राउंड गोलियां चलने की आवाजें आईं। गोलीबारी शुरू होते ही लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे कार्यक्रम स्थल पर भारी भगदड़ मच गई। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावर ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर सीधे गोलियां बरसाना शुरू कर दिया था, जिससे किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।सिएटल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारीइस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही सिएटल पुलिस विभाग की भारी फोर्स और स्पेशल स्वैट टीमें एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे फेस्टिवल एरिया को सील कर दिया और घायलों को इलाज के लिए हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर भेजा, जहां कुछ की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस प्रमुख ने स्थानीय मीडिया को बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देकर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से फरार होने में कामयाब रहा। हमलावर की पहचान और उसकी धरपकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के लोकल इलाकों में नाकेबंदी कर दी गई है।अमेरिका में बढ़ते गन वायलेंस ने फिर खड़े किए गंभीर सवालसिएटल में हुई इस मास शूटिंग ने एक बार फिर अमेरिका में सख्त गन कंट्रोल कानूनों की बहस को हवा दे दी है। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसियां भी इस बात की जांच कर रही हैं कि यह किसी आपसी रंजिश का नतीजा था या फिर एक सोची-समझी आतंकी या हेट-क्राइम की साजिश। इस दुखद घटना के बाद सिएटल के इस इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और लोगों को फिलहाल इस रूट पर न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के रणक्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली राजनयिक खबर सामने आ रही है। वैश्विक महाशक्तियों के बीच जारी शह-मात के खेल में ईरान ने एक ऐसा बड़ा दांव चल दिया है, जिसने इजरायल और अमेरिका दोनों की रणनीतिक चिंताओं को चरम पर पहुंचा दिया है। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह के साथ पूरी ताकत से खड़े होने का आधिकारिक एलान कर दिया है। इसके साथ ही तेहरान ने नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के सामने बातचीत को लेकर एक नई और बेहद सख्त शर्त रख दी है, जिसके बाद इस पूरे क्षेत्र में युद्ध के समीकरण पूरी तरह बदलते दिख रहे हैं।अयातुल्ला खामेनेई का खुला एलान और हिजबुल्लाह को संजीवनीईरान की राजधानी तेहरान से जारी एक कड़े और सीधे संदेश में अयातुल्ला अली खामेनेई ने साफ कर दिया है कि हिजबुल्लाह को कमजोर या अलग-अलग समझने की भूल न की जाए। ईरान अपनी पूरी सैन्य, वित्तीय और कूटनीतिक ताकत के साथ लेबनानी प्रतिरोध के पीछे मुस्तैदी से खड़ा है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि खामेनेई के इस कड़े रुख से इजरायल के उत्तरी मोर्चे पर तनाव और अधिक आक्रामक रूप ले सकता है। ईरान का यह कदम सीधे तौर पर तेल अवीव को यह चेतावनी है कि हिजबुल्लाह के कमांड स्ट्रक्चर पर किए जा रहे हमलों का जवाब अब और अधिक संगठित तरीके से दिया जाएगा, जिससे इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) पर दबाव काफी बढ़ गया है।डोनाल्ड ट्रंप के सामने ईरान की नई शर्त ने वाशिंगटन में मचाई हलचलइस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ईरानी प्रशासन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित बातचीत या समझौतों को लेकर एक नई शर्त मेज पर रख दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है, जब वाशिंगटन मिडिल ईस्ट में इजरायल की सैन्य आक्रामकता पर पूरी तरह से लगाम लगाए और ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। ट्रंप प्रशासन के लिए यह शर्त एक बड़ी राजनयिक चुनौती बन गई है, क्योंकि ट्रंप एक तरफ इजरायल के सबसे बड़े पैरोकार रहे हैं और दूसरी तरफ वे क्षेत्र में नए युद्धों को टालने का वादा भी कर चुके हैं।रणनीतिक चक्रव्यूह में फंसा इजरायल, अब क्या होंगे आगे के रास्ते?ईरान और हिजबुल्लाह की इस जुगलबंदी और अमेरिका के सामने रखी गई नई शर्त ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने एक नई सुरक्षा चुनौती खड़ी कर दी है। इजरायल इस समय गाजा से लेकर लेबनान तक कई मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है। ऐसे में अगर अमेरिका ईरान की शर्तों के दबाव में आकर अपनी नीतियों में थोड़ा भी बदलाव करता है, तो इजरायल खुद को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पा सकता है। लोकल और ग्लोबल इंटेलिजेंस एजेंसियों की मानें तो आने वाले कुछ दिन बेहद संवेदनशील होने वाले हैं, क्योंकि ट्रंप प्रशासन का अगला कदम ही यह तय करेगा कि यह क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आग में झुलस जाएगा।
पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख राज्य असम इस समय कुदरत की भारी मार झेल रहा है। हालांकि, रविवार (26 जुलाई) को जारी आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक असम में बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार देखा गया है, लेकिन इसके बावजूद दो और मासूमों की जान चली गई। इसके साथ ही इस मानसून सीज़न में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 68 तक पहुंच गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 5 जिलों में 5.24 लाख (5,24,700) से ज्यादा लोग अब भी बाढ़ के गंदे पानी के बीच जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।चराइदेव जिले में सबसे ज्यादा तबाही, 2 लोगों की डूबने से मौतASDMA द्वारा देर रात जारी बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान चराइदेव जिले में बाढ़ के पानी में डूबने से दो लोगों की मौत हो गई। इस त्रासदी में सबसे ज्यादा प्रभावित भी चराइदेव जिला ही हुआ है, जहां करीब 1.9 लाख लोग सीधे तौर पर प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर जिले का नंबर आता है, जहां 1.5 लाख से अधिक लोग और जोरहाट में लगभग 1.4 लाख लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। इनके अलावा गोलाघाट और नागांव जिलों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि शनिवार के मुकाबले (जब 6 जिलों में 6.55 लाख लोग प्रभावित थे) कुल प्रभावितों की संख्या में कुछ कमी आई है।राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर 37 हजार से अधिक लोगबाढ़ के तांडव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। चार सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में प्रशासन की ओर से 354 राहत शिविर (Relief Camps) और राहत वितरण केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन शिविरों में वर्तमान में 37,724 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं, जिन्हें भोजन, साफ पानी और दवाइयां मुहैया कराई जा रही हैं।सेना और NDRF का मोर्चा, 763 गांव पानी में डूबेऊपरी असम के संवेदनशील और दूर-दराज के इलाकों में भारतीय सेना (Indian Army), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और असम पुलिस की संयुक्त टीमें राहत और बचाव अभियानों में जुटी हुई हैं। ASDMA के अनुसार, वर्तमान में राज्य के 763 गांव पूरी तरह से जलमग्न हैं, जबकि 48,742 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि में लगी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।धनसिरी नदी खतरे के निशान के पार, इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसानबाढ़ के प्रचंड वेग के कारण राज्य के कई जिलों में तटबंध (Embankments), सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी (Dhansiri River) अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जो आसपास के इलाकों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। इंसानों के साथ-साथ इस प्राकृतिक आपदा की गाज बेजुबानों पर भी गिरी है—असम भर में 88,240 से अधिक पालतू मवेशी और मुर्गियां भी इस भयावह बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
राजधानी दिल्ली में रविवार (26 जुलाई) को मौसम सामान्य से अधिक गर्म और उमस भरा रहा, जिससे दिल्लीवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज (सोमवार, 27 जुलाई) के लिए राहत भरी खबर दी है। मौसम विभाग के अनुसार, आज दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया गया है।रविवार को 36.6C तक पहुंचा तापमान, उमस से छूटे पसीनेIMD की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम के समय हवा में नमी का स्तर (सापेक्ष आर्द्रता) 63 प्रतिशत दर्ज किया गया, जिससे वास्तविक तापमान के मुकाबले काफी ज्यादा चिपचिपी गर्मी महसूस हुई। हालांकि, उमस के बावजूद दिल्ली की हवा साफ बनी रही और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 83 के साथ 'संतोषजनक' श्रेणी में दर्ज किया गया।सोमवार को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?मौसम विभाग ने सोमवार को सुबह से लेकर दोपहर के बीच राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है, जबकि रात के समय हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।तापमान: दिन का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।हवा की रफ्तार: सुबह के समय दक्षिण-पश्चिम दिशा से 10 से 15 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो दोपहर और शाम तक बढ़कर 15 से 20 किमी/घंटा हो सकती हैं।अगले 3 दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौरदिल्लीवासियों को मंगलवार से गर्मी और उमस से और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है। IMD के अनुसार:मंगलवार और बुधवार: राजधानी में मौसम की गतिविधियां तेज होंगी और ज्यादातर इलाकों में मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है।सप्ताह का तापमान: बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और पूरे हफ्ते अधिकतम पारा 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।यात्रियों के लिए सावधानी की सलाहभले ही बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन IMD ने निचले इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और सड़कों पर धीमी रफ्तार वाले ट्रैफिक जाम (Traffic Jam) की चेतावनी दी है। ऐसे में दफ्तर या काम पर निकलने वाले लोगों को थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
वलसाड बाढ़ में रक्षक बनी गुजरात पुलिस, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वीडियो शेयर कर की तारीफ
गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ के बीच राहत और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने वलसाड में लोगों की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस की खुलकर सराहना की है।
नई दिल्ली, 27 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सोमवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर नए दल-बदल विरोधी कानून की आवश्यकता पर चर्चा कराने की मांग की। उनका कहना है कि अवसरवाद से प्रेरित बड़े पैमाने पर राजनीतिक दल-बदल पर रोक लगाने के साथ-साथ वास्तविक वैचारिक असहमति की भी रक्षा की जानी चाहिए।
दिल्ली के जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन में पैलेट गन के कथित इस्तेमाल की जांच तेज हो गई है। RAF जवान की पहचान कर ली गई है और CRPF की जांच रिपोर्ट अगले सप्ताह आने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को समय सीमा के भीतर कराने की मांग को लेकर दायर एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका (PIL) पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। याचिका में अदालत से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है कि राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पंचायत चुनाव तय समय पर ही आयोजित किए जाएं, ताकि ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य प्रभावित न हों।क्या है पूरा मामला और याचिकाकर्ता का पक्षयह याचिका अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन और उनके सहयोगियों की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि प्रदेश में पंचायत चुनावों की संवैधानिक समय सीमा नजदीक आ रही है, इसलिए राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग को बिना किसी विलंब के चुनावी तैयारियां पूरी करनी चाहिए। याचिका में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि चुनाव टालने या देरी करने से आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होता है, इसलिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को गति देकर समय पर मतदान कराया जाना चाहिए।राज्य निर्वाचन आयोग और कोर्ट का रुखइस मामले में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि वह तय समय पर चुनाव कराने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी प्रशासनिक व संवैधानिक औपचारिकताओं की समीक्षा की थी। अदालत ने पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) और पंचायती राज विभाग से जवाब तलब किया था, ताकि चुनावों से पहले सीटों के आरक्षण और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में कोई कमी न रहे। हाईकोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव की घोषणा के बाद कोई कानूनी अड़चन पैदा न हो।क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है आज का दिनआज होने वाली सुनवाई पर पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों और राजनीतिक गलियारों की निगाहें टिकी हुई हैं। यदि अदालत याचिकाकर्ताओं और राज्य निर्वाचन आयोग के पक्ष को ध्यान में रखते हुए दिशा-निर्देश जारी करती है, तो प्रदेश में पंचायत चुनाव की तिथियों को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। इससे पंचायती राज विभाग और जिला प्रशासन को चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने का स्पष्ट रास्ता मिल जाएगा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस खास मौके पर सीएम योगी ने एक विशेष पाती जारी कर समाज को गुरु के आध्यात्मिक महत्व, सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहरों और शिक्षकों के प्रति आदर भाव बनाए रखने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने पथप्रदर्शकों और गुरुओं के प्रति अटूट श्रद्धा, सर्वोच्च सम्मान और कृतज्ञता अर्पित करने का पावन दिन है।महर्षि वेदव्यास और सनातन की पौराणिक धरोहरअपने संदेश में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महान ऋषि महर्षि वेदव्यास की स्मृति में श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है, जिन्होंने संपूर्ण मानव जाति को वेदों का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था। उन्होंने पौराणिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ से और योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि के आश्रम में दीक्षा प्राप्त की थी। यह ऐतिहासिक परंपरा साबित करती है कि जीवन में सफलता, चरित्र निर्माण और उच्च आदर्शों की स्थापना के लिए गुरु का मार्गदर्शन कितना अनिवार्य है।सर्वधर्म समभाव और सर्वव्यापी चेतना का प्रतीकसीएम योगी ने जोर देकर कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व किसी एक धर्म या संप्रदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। बौद्ध परंपरा में इसे भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश यानी 'धर्मचक्र प्रवर्तन' के स्मृति दिवस के रूप में आदर से याद किया जाता है। वहीं, जैन धर्म में इसका जुड़ाव भगवान महावीर के प्रमुख शिष्य गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है और सिख परंपरा में 'गुरु' व 'गुरु-वाणी' को ही सर्वोपरि स्थान दिया गया है।शिक्षकों का सम्मान ही समृद्ध समाज का आधारशिक्षकों की भूमिका पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस समाज में गुरु और शिक्षकों को पूरा मान-सम्मान दिया जाता है, वही समाज विकास की नई बुलंदियों को छूता है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य समाज के हर वर्ग को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर सशक्त बनाना है। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले 9 वर्षों के दौरान सरकार ने अध्यापकों के सम्मान, सुरक्षा और उनके सशक्तीकरण को अपनी प्राथमिकता में शीर्ष पर रखा है, क्योंकि गुरुओं के बिना एक सशक्त और विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती।
भारत लगातार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है। दुनिया भर में तहलका मचाने वाली ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल के बाद अब भारत का स्वदेशी 'पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम' (MBRS) रक्षा निर्यात का अगला बड़ा ब्रह्मास्त्र बनने जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में करीब 12 देश भारत के इस अत्याधुनिक और बेहद अचूक हथियार को खरीदने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत तैयार हुए इस रॉकेट सिस्टम को लेकर भारत जल्द ही अपने मित्र देशों के साथ निर्यात के बड़े सौदे फाइनल कर सकता है, जिससे रक्षा उत्पादन क्षेत्र को एक नई और मजबूत उड़ान मिलेगी।मलेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड हैं सबसे आगेअंतरराष्ट्रीय बाजार में पिनाका सिस्टम की बढ़ती मांग को देखते हुए कई एशियाई देश इसे अपनी सेना में शामिल करने को बेताब हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल मलेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड इसे खरीदने की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। भारत के रक्षा निर्यात का ग्राफ बीते कुछ सालों में काफी तेजी से ऊपर गया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि भारत ने हाल ही में इंडोनेशिया को ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल बेचने पर सहमति जताई है, जबकि फिलीपींस पहले ही भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की सफल खेप प्राप्त कर चुका है।स्वदेशी तकनीक और पिनाका की अचूक मारक क्षमतापिनाका रॉकेट लॉन्चर पूरी तरह से भारतीय तकनीक का शानदार नमूना है। इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है, जबकि इसका निर्माण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियों द्वारा किया जाता है। भारतीय सेना में पहले से ही इसे ऑपरेशनल तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।पिनाका की ताकत की बात करें तो यह सिस्टम अपनी मारक क्षमता के लिए जाना जाता है:रफ्तार: यह सिस्टम मात्र 44 सेकंड के भीतर एक साथ 12 खतरनाक रॉकेट दागने में पूरी तरह सक्षम है।सटीक निशाना: बेस वर्जन के साथ यह 40 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन पर जीपीएस (GPS) और आईएनएस (INS) गाइडेंस तकनीक की मदद से बेहद सटीकता के साथ हमला कर सकता है।बचाव प्रणाली: यह 'शूट एंड स्कूट' क्षमता से लैस है, यानी फायर करने के तुरंत बाद लॉन्चिंग वाहन अपनी जगह तेजी से बदल लेता है, ताकि दुश्मन के जवाबी हमले से बचा जा सके।तबाही: इसे दुश्मन के बंकरों, भारी हथियारों के डिपो और जमीनी सैन्य ठिकानों को पल भर में राख करने के लिए ही डिजाइन किया गया है।ब्रह्मोस के मुरीद हुए दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देशपिनाका के साथ-साथ ब्रह्मोस मिसाइल के विदेशी खरीदारों की सूची भी लगातार लंबी होती जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के कई बड़े मुस्लिम देश भारत से ब्रह्मोस खरीदने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। फिलीपींस और वियतनाम के बाद अब दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल का तीसरा सबसे बड़ा वैश्विक ग्राहक बनने जा रहा है। इसके साथ ही खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी इस खतरनाक मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल करने की इच्छा जताई है। कुल मिलाकर लगभग आधा दर्जन देश ब्रह्मोस खरीदने की कतार में खड़े हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती सैन्य कूटनीति का साफ संकेत है।
7 दिन में ध्वस्त हुए सचिन के 7 ऐतिहासिक रिकॉर्ड: रोहित, विराट और नए नवेले वैभव ने किया बड़ा कमाल
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स को एक समय अजेय माना जाता था। लेकिन मॉडर्न क्रिकेट में अब उनका युग बदलता दिख रहा है। महज एक हफ्ते के अंदर रोहित शर्मा, विराट कोहली और युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी ने सचिन के 7 बड़े और ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़कर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया है। आइए जानते हैं कि कौन से रिकॉर्ड टूटे हैं।वैभव सूर्यवंशी ने छीने सचिन के तीन युवा रिकॉर्डभारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद सुरक्षित हाथों में है, यह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया है। इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू करने के बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए वैभव ने सचिन को पछाड़कर तीन बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए:सबसे युवा डेब्यू: वैभव भारत के लिए सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।सबसे युवा अर्धशतक: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 50 रन (हाफ-सेंचुरी) बनाने वाले सबसे युवा भारतीय भी अब वैभव ही हैं।सबसे युवा प्लेयर ऑफ द मैच: जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन कर उन्होंने सबसे कम उम्र में यह अवॉर्ड जीतने का सचिन का बरसों पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।'हिटमैन' रोहित शर्मा ने तोड़े तीन कीर्तिमानभारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी वनडे में बेहतरीन शतक जड़कर इतिहास रच दिया। इस दमदार पारी के साथ हिटमैन ने मास्टर ब्लास्टर के तीन रिकॉर्ड ध्वस्त किए:बतौर ओपनर सबसे ज्यादा शतक: रोहित भारत के लिए ओपनिंग करते हुए सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।विदेशी धरती पर दबदबा: रोहित ने भारत के बाहर (विदेश में) जाकर सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने का सचिन का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।सबसे उम्रदराज शतकवीर: रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में भारत की तरफ से शतक जड़ने वाले सबसे अधिक उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं।विराट कोहली ने भी किया एक रिकॉर्ड अपने नामइस रिकॉर्ड तोड़ हफ्ते में विराट कोहली भी पीछे नहीं रहे। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक का स्कोर (50+ स्कोर) बनाने के मामले में विराट ने सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया है और एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
संसद में विपक्ष का जोरदार हंगामा, लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। आज लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पेश किया जाएगा, जबकि विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा।
थिएटर में रुलाने के बाद अब OTT पर आ रही है इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा', जानें रिलीज डेट
अगर आप सिनेमाघरों में इम्तियाज अली की जादूगरी देखने से चूक गए हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन खबर है। 12 जून को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई और दर्शकों की आंखों में आंसू ला देने वाली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' अब ओटीटी पर आ रही है। थिएटर्स में शानदार कमाई और लोगों का बेशुमार प्यार बटोरने के बाद यह फिल्म अब सीधे आपके घरों तक पहुंचने वाली है।कब और कहां देख सकेंगे फिल्म?अगर आप इस इमोशनल सफर का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो बता दें कि 7 अगस्त से यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर स्ट्रीम होने जा रही है।सरहद पार के प्यार और वादे की कहानी'मैं वापस आऊंगा' की कहानी भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दर्द और उस दौरान बिछड़ गए दो प्रेमियों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक पोता (दिलजीत दोसांझ) अपने बुजुर्ग दादा जी (नसीरुद्दीन शाह) को उनके प्यार से किए गए एक पुराने वादे को पूरा कराने के लिए बॉर्डर के उस पार ले जाता है। कहानी में जज्बात हैं, पुरानी यादें हैं और सरहदों को पार कर जाने वाली मोहब्बत है।शानदार है फिल्म की स्टार कास्टफिल्म में एक्टिंग का जबरदस्त डोज देखने को मिलेगा। दादा के किरदार में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने जान डाल दी है, वहीं उनके पोते के रूप में दिलजीत दोसांझ का काम लोगों को खूब पसंद आया है। जवानी के दिनों वाले नसीरुद्दीन शाह का रोल वेदांग रैना ने निभाया है, जबकि उनकी प्रेमिका के किरदार में शरवरी वाघ नजर आई हैं।इम्तियाज अली का चिर-परिचित अंदाजइम्तियाज अली को स्क्रीन पर प्यार और जिंदगी के फलसफे को बेहद खूबसूरती से उकेरने के लिए जाना जाता है। चाहे बात 2009 की 'लव आज कल' की हो, 'रॉकस्टार' के जुनून की हो या फिर 'तमाशा' की, उन्होंने हमेशा दर्शकों को रोमांस का एक अलग ही नजरिया दिया है। 'मैं वापस आऊंगा' में भी उनके इसी खूबसूरत डायरेक्शन और बेहतरीन गानों ने एक बार फिर से दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है।
छत्तीसगढ़ में मानसूनी हवाएं एक बार फिर पूरी तरह से मेहरबान हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर केंद्र के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी मध्य भारत से होकर गुजर रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में तेजी से नमी आ रही है, जिसके चलते आगामी 31 जुलाई और 1 अगस्त तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट, उमस से मिलेगी राहतलगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण अगले 24 घंटों के भीतर छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अचानक आए इस मौसमी बदलाव से लोगों को पिछले कुछ दिनों से सता रही भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश के साथ-साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है।ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले प्रमुख जिलेमौसम विभाग ने भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी देते हुए कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं रायपुर, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर जैसे जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। प्रशासन ने बारिश और तूफान के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।
आजकल हर कोई नए स्टार्टअप और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया की बात कर रहा है। कोई एआई से पैसे बना रहा है तो कोई कबाड़ से करोड़ों का कारोबार खड़ा कर रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस देश में कुएं, तालाब और नदियों का पानी बिल्कुल मुफ्त मिलता हो, वहां कोई पानी बेचकर अरबपति बन सकता है? साल 1969 में जब जयंतीलाल चौहान ने यह आइडिया दुनिया के सामने रखा, तो लोगों ने उन्हें पागल समझकर उनका खूब मजाक उड़ाया। लेकिन उनकी उसी दूरदर्शी सोच और जिद ने आज बिसलेरी को 7000 करोड़ रुपये की विशाल कंपनी बना दिया है।इटली की दवा कंपनी से भारत का नंबर वन ब्रांड बनने का सफरबिसलेरी का इतिहास काफी दिलचस्प है। यह मूल रूप से इटली की एक फार्मा कंपनी थी जो मलेरिया की दवाएं बेचा करती थी। इसके असली मालिक फेलिस बिसलेरी थे। भारतीय बाजार की क्षमता को देखते हुए बाद में पारले ग्रुप ने इसे सिर्फ चार लाख रुपये में खरीद लिया। 1969 में रमेश चौहान ने बिसलेरी की कमान अपने हाथों में ली। उनका शुरुआती मकसद इसे एक सोडा ब्रांड के रूप में स्थापित करना था, लेकिन उन्होंने बोतलबंद पानी बेचना भी जारी रखा। साठ के दशक में कांच की बोतलों में पानी बेचना एक बेवकूफी माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को सुरक्षित और शुद्ध पानी की अहमियत समझ आने लगी और यह ब्रांड हर भारतीय की जरूरत बन गया।टाटा से डील की अफवाहों पर लगा विराम, बेटी ने संभाली कमानकुछ समय पहले बाजार में यह खबर जोरों पर थी कि 82 वर्षीय रमेश चौहान अपनी बढ़ती उम्र के कारण कंपनी बेचना चाहते हैं। टाटा और रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के इस रेस में शामिल होने की खबरें भी आईं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि उनकी इकलौती बेटी जयंती चौहान की इस बिजनेस में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। हालांकि, बाद में ये सारी बातें महज अफवाह साबित हुईं। आज जयंती चौहान ही पूरी मजबूती के साथ बिसलेरी का यह विशाल कारोबार संभाल रही हैं। वर्तमान में कंपनी के पास 122 से ज्यादा ऑपरेशनल प्लांट, 5000 ट्रकों का बेड़ा और 4500 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स का एक बेहद मजबूत नेटवर्क मौजूद है।भारत में तेजी से बढ़ता बोतलबंद पानी का बाजारभारत में बोतलबंद पानी का बिजनेस अब एक बहुत बड़ा उद्योग बन चुका है। मौजूदा समय में भारत दुनिया के उन टॉप दस देशों में शामिल है जहां पैक्ड वाटर का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक यह बाजार 9.14 अरब डॉलर का हो चुका है और 2031 तक इसके 14.9 अरब डॉलर के आंकड़े को छूने की पूरी संभावना है। इस विशाल बाजार में किनले और एक्वाफिना जैसे बड़े प्रतिद्वंदियों के बावजूद, करीब 40 फीसदी की भारी-भरकम हिस्सेदारी के साथ बिसलेरी आज भी नंबर वन की कुर्सी पर काबिज है।
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में केंद्र सरकार 'पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' पेश करने जा रही है। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानून को और सख्त बनाना है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने इस प्रस्तावित संशोधन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल कानून कड़ा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और वैज्ञानिकों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। अपनी अनोखी बनावट और चमकदार लाल रंग के लिए जाना जाने वाला दुर्लभ 'रेड कोरल खुकरी' (लाल मूंगा खुकरी) सांप एक बार फिर जंगलों में रेंगता हुआ देखा गया है। बेहद कम नजर आने वाले इस जीव का दिखना वन विभाग और शोधकर्ताओं के लिए कौतूहल और खुशी का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रजाति की मौजूदगी दुधवा के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का एक बड़ा प्रमाण है।1936 में पहली बार आया था नजर, दशकों बाद फिर दिखाऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक, इस प्रजाति को सबसे पहले साल 1936 में दुधवा के जंगलों में ही दर्ज किया गया था। इसके बाद कई दशकों तक यह इंसानी नजरों से पूरी तरह ओझल रहा। लगभग 80 साल के लंबे अंतराल के बाद इसे दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सुनारीपुर रेंज में रेलवे ट्रैक के पास देखा गया। जंगलों के बीच इस जीव का दोबारा दिखना यह साबित करता है कि यहां जैव विविधता और प्राकृतिक आवास पूरी तरह सुरक्षित हैं।खुकरी जैसे दांत और बिना जहर वाला स्वभावलाल मूंगा खुकरी सांप की सबसे बड़ी खासियत इसका एक समान चमकदार मूंगा लाल रंग है, जो इसे बाकी सांपों से बिल्कुल अलग बनाता है। इसके दांत हल्के घुमावदार होते हैं, जिनकी आकृति पारंपरिक नेपाली खंजर 'खुकरी' जैसी होती है, इसी वजह से इसका नाम खुकरी पड़ा है। हालांकि, इसका चटख लाल रंग देखकर लोग डर जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि यह सांप पूरी तरह से गैर-विषैला (Non-venomous) होता है। यह इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता और इसका मुख्य भोजन छिपकलियां, छोटे कीड़े-मकोड़े और अन्य जीव हैं।रात के अंधेरे में रहता है सक्रिययह सांप मुख्य रूप से एक निशाचर (Nocturnal) जीव है, जो दिन के समय सूखे पत्तों, झाड़ियों या जमीन की दरारों में छिपा रहता है। रात ढलते ही यह भोजन की तलाश में बाहर निकलता है, यही वजह है कि यह आम तौर पर लोगों को दिखाई नहीं देता। यह दुर्लभ प्रजाति उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों, बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल के जंगलों में सीमित संख्या में पाई जाती है। सीमित आबादी के कारण इसे विशेष संरक्षण की श्रेणी में रखा गया है।
NEET पेपर लीक प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की सभी याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई का फैसला किया है। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय स्तर की गाइडलाइन तैयार की जाएगी।
पुण्यतिथि विशेष: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन परिचय और महत्वपूर्ण कार्य
APJ Abdul Kalam Death Anniversary Special: हर वर्ष 27 जुलाई को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक और 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध रहे डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि मनाई जाती है। उन्होंने भारत के रक्षा एवं अंतरिक्ष ...
LIVE: लोकसभा में पेश होगा पेपर लीक संशोधन बिल, पेलेट गन पर हंगामे के आसार
Latest News Today Live Updates in Hindi : मोदी सरकार आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेपर लीक संशोधन बिल पेश करेगी। संसद में विपक्ष आज युवाओं पर पेलेट गन चलाने हंगामा कर सकता है। पल पल की जानकारी...
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को सुरक्षा देने की मांग तेज हो गई है। महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने परिवार से मुलाकात कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात कही। टाइफाइड के कारण दीपके अब तक घर नहीं लौटे हैं।
असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी ...
पीएम मोदी पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस सख्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भेजा नोटिस
दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो और तस्वीरों को हटाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजा है। जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी बढ़ा दी गई है।
मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार जीता गोल्ड
राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन भारत ने ग्लास्को में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ भारत के लिए गोल्ड मेडल का खाता खोला बल्कि एक नया इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने ...
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि कलाम जी के उच्च आदर्श, सादगी और प्रगतिशील विचारधारा देशवासियों ...
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए अपने पीएचडी दाखिला नियमों में बहुत बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लागू किए गए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा योग्यता फ्रेमवर्क (NHEQF) को अपनाते हुए डीयू ने पीएचडी अध्यादेश में संशोधन किया है। इस नए नियम के तहत अब चार साल का ग्रेजुएशन पूरा करने वाले मेधावी छात्र बिना पोस्ट-ग्रेजुएशन (मास्टर डिग्री) के सीधे पीएचडी में दाखिला पा सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं का समय बचाना और उन्हें कम उम्र में ही रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के शानदार अवसर प्रदान करना है।मास्टर डिग्री की अनिवार्यता हुई खत्म, बचेगा छात्रों का समयपारंपरिक अकादमिक व्यवस्था के अनुसार, किसी भी छात्र को पीएचडी में एडमिशन लेने के लिए पहले 3 साल की स्नातक डिग्री और उसके बाद 2 साल की मास्टर डिग्री (जैसे एमए, एमएससी या एमकॉम) पास करना अनिवार्य होता था। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब नए नियमों के लागू होने के बाद, जिन विद्यार्थियों ने 8-सेमेस्टर यानी 4 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स पूरा कर लिया है, वे बिना किसी मास्टर डिग्री के सीधे पीएचडी रिसर्च के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। इससे छात्रों का एक से दो साल का कीमती समय बचेगा और वे सीधे शोध की दुनिया में कदम रख सकेंगे।सीधे पीएचडी एडमिशन के लिए 75% अंकों की कड़ी शर्तचार साल के ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी में दाखिला पाना हालांकि आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कड़े पात्रता मानदंड तय किए हैं। इस श्रेणी के तहत आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के 4-वर्षीय स्नातक कोर्स में कम से कम 75% अंक या इसके समकक्ष सीजीपीए (CGPA) होना अनिवार्य किया गया है।इसके साथ ही, आरक्षित वर्गों के छात्रों को राहत दी गई है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL), दिव्यांगजन (PwBD) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों की सीमा में 5% की छूट का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब यह है कि इन आरक्षित श्रेणियों के छात्रों के लिए 4-वर्षीय स्नातक में कम से कम 70% अंक होना आवश्यक होगा।3-वर्षीय ग्रेजुएशन और पारंपरिक पोस्ट-ग्रेजुएशन वालों के लिए क्या हैं नियम?डीयू ने स्पष्ट किया है कि पुरानी शिक्षा प्रणाली के तहत पढ़ने वाले विद्यार्थियों के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जो इस प्रकार हैं:1-वर्षीय मास्टर डिग्री: जिन छात्रों ने 4-वर्षीय ग्रेजुएशन के बाद 1 साल की मास्टर डिग्री की है, उन्हें पीजी स्तर पर कम से कम 55% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए 50%) प्राप्त करने होंगे।2-वर्षीय मास्टर डिग्री: पारंपरिक 3-वर्षीय ग्रेजुएशन के बाद 2 साल की मास्टर डिग्री पूरी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए भी न्यूनतम 55% अंकों की पात्रता पूर्ववत लागू रहेगी।एम.फिल (M.Phil) धारक: जिन विद्यार्थियों ने कम से कम 55% अंकों के साथ एम.फिल कोर्स पूरा किया है, वे भी पीएचडी में प्रवेश के लिए पूरी तरह योग्य माने जाएंगे।प्रवेश परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा अंतिम चयनचार साल के ग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी में दाखिला चाहने वाले सभी अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके तहत उम्मीदवारों को राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा (जैसे यूजीसी नेट, सीएसआईआर नेट या डीयू की प्रवेश परीक्षा) पास करनी होगी। परीक्षा में सफल होने के बाद संबंधित विभाग के इंटरव्यू (साक्षात्कार) के आधार पर अंतिम रूप से छात्रों का चयन किया जाएगा। डीयू के इस दूरदर्शी कदम से यूनिवर्सिटी में रिसर्च का स्तर और अधिक उन्नत होगा तथा युवा शोधकर्ता कम उम्र में ही देश के विकास में अपना वैज्ञानिक व शैक्षणिक योगदान दे सकेंगे।
Gold Price Fall 2026: अपने पीक से 37,000 रुपये धड़ाम हुआ सोना! जानें क्या यह है निवेश का सही समय
साल 2026 की शुरुआत में आसमान छूने वाली सोने की कीमतों (Gold Price Today) में अब भारी गिरावट देखने को मिल रही है। जनवरी 2026 में भारत में सोना 1 लाख 80 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था, जो अब घटकर करीब 1.43 लाख रुपये पर आ गया है। यानी सोना अपने उच्चतम स्तर से सीधा 37,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वैश्विक स्तर पर भी सोने की चमक फीकी पड़ी है और जनवरी के 5,602 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से करीब 28 फीसदी टूटकर यह अब 4,040 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या लगातार गिरते बाजार में अब सोना खरीदना चाहिए या अभी कीमतों में और गिरावट आने का इंतजार करना चाहिए?सोने की कीमतों में भारी गिरावट के प्रमुख कारणआर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों पर दबाव के पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं: पहला, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की सख्त मौद्रिक नीति और दूसरा, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव। फेड के चेयरमैन केविन वॉर्श ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी प्राथमिकता सिर्फ महंगाई पर काबू पाना है। बाजार को उम्मीद नहीं है कि निकट भविष्य में ब्याज दरों में कोई कटौती होगी, बल्कि सितंबर की बैठक में दरें और बढ़ने की आशंका है। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक सोने के बजाय बेहतर रिटर्न देने वाले अन्य विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे गोल्ड पर दबाव बढ़ता है। इसके अलावा ईरान युद्ध, सैन्य कार्रवाई और कच्चे तेल की कीमतों में जारी अनिश्चितता का भी सोने के ग्लोबल मार्केट पर गहरा असर पड़ा है।क्या अब सोना खरीदना फायदे का सौदा है? ( ऐतिहासिक आंकड़े)अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इसके ऐतिहासिक ट्रेंड को समझना बेहद जरूरी है। भले ही शॉर्ट टर्म में सोने में भयंकर उतार-चढ़ाव देखा जा रहा हो, लेकिन लॉन्ग टर्म में गोल्ड हमेशा मुनाफे का सौदा रहा है। पिछले 30 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने निवेशकों को करीब 950 फीसदी का शानदार रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले 5 सालों में भी इसकी सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) 19 फीसदी के आसपास रही है। हालांकि, बाजार का इतिहास यह भी गवाह है कि जब भी सोना रिकॉर्ड हाई बनाता है, तो उसके बाद उसमें 40% तक का तगड़ा करेक्शन (गिरावट) भी देखने को मिलता है।निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?बाजार के जानकारों और वेल्थ मैनेजर्स का मानना है कि ग्लोबल टेंशन और फेड रेट्स के कारण शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। इसलिए, अगर आप लंबी अवधि के नजरिए से अपने पोर्टफोलियो में 10 से 15 फीसदी गोल्ड रखना चाहते हैं, तो एक साथ सारा पैसा लगाने से बचें। इसके बजाय, गिरावट वाले इस बाजार में अलग-अलग समय पर धीरे-धीरे (SIP की तर्ज पर) सोने में खरीदारी करना एक समझदारी भरी और सुरक्षित रणनीति साबित हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शिक्षकों को ऐतिहासिक सौगात देते हुए 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस योजना' का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत अब राज्य के सरकारी, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और स्ववित्त पोषित विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को शानदार स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा विभाग और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) साइन किया गया है, जिससे प्रदेश के लगभग 10 लाख लोगों को सीधा और बड़ा सामाजिक सुरक्षा कवर प्राप्त होगा।1.5 करोड़ से 3 करोड़ तक की आर्थिक सहायता और कई बड़े फायदेयोजना का शुभारंभ करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इसका दायरा व्यापक रखते हुए इसमें 50 हजार से अधिक शिक्षणेतर कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के साथ हुए इस समझौते के मुताबिक, किसी भी अनहोनी या दुर्घटना की स्थिति में शिक्षकों के परिवार को 1.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा, अस्पताल में 60,000 रुपये तक का नकद लाभ और 12 लाख रुपये तक का टर्म लाइफ बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पीएनबी से निजी विश्वविद्यालयों और स्ववित्त पोषित संस्थानों के शिक्षकों को भी इस सुरक्षा दायरे से पूरी तरह जोड़ने का विशेष आग्रह किया है।हर परिवार को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाजमुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत 1.28 लाख से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सूबे के सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि कार्ड बनते ही पहले दिन से ही लाभार्थी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। अस्पताल में भर्ती होने से लेकर दवाइयों, जांच और डिस्चार्ज होने तक का सारा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। इसके संचालन की जिम्मेदारी साचीज संस्था को दी गई है और इसमें आयुष्मान भारत योजना की दरें ही लागू होंगी।कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का भी होगा मुफ्त इलाजइस योजना के दायरे में आने वाले पैनल के अस्पतालों में 1900 से अधिक बीमारियों के इलाज का पैकेज मिलेगा, जिसमें कैंसर, किडनी की गंभीर समस्या, हृदय रोग और बड़ी सर्जरी जैसी महंगी चिकित्सा प्रक्रियाएं भी शामिल हैं। योजना को धरातल पर उतारने के लिए सभी जिलों में विशेष कैंप लगाकर योग्य शिक्षकों और कर्मचारियों को कार्ड वितरित किए जाएंगे। इस मौके पर आगरा कॉलेज, सेंट जॉन्स कॉलेज, आरबीएस कॉलेज और डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी समेत विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों को मुख्यमंत्री के हाथों सांकेतिक रूप से योजना के कार्ड सौंपे गए।सोशल मीडिया की अफवाहों से युवाओं को बचाएं शिक्षक: सीएम योगीइस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को महत्वपूर्ण नसीहत देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया और इंटरनेट पर बहुत निर्भर है। ऐसे में फर्जी और अनाम अकाउंट्स के जरिए फैलाई जाने वाली अफवाहें समाज में विद्वेष पैदा कर सकती हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे डिजिटल युग में युवाओं को सही और गलत का फर्क समझाएं और उन्हें देश विरोधी ताकतों की साजिशों के प्रति सतर्क रखें। इस अवसर पर कई दिग्गज मंत्री, सांसद, विधायक और विश्वविद्यालयों के कुलपति व अधिकारी मौजूद रहे।
हरियाणा के नूंह जिले से एक बेहद चौंकाने और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक चार साल के मासूम बच्चे के बाएं पैर के बजाय दाहिने पैर की सर्जरी कर दी गई। जब परिजनों को इस गंभीर गलती का पता चला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। हालांकि, मामला बढ़ने के बाद डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकार भी कर ली, लेकिन परिजनों की शिकायत पर अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ गया है और इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार डॉक्टरों की एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है।क्या है पूरा मामला? जानिए कैसे हुआ लापरवाही का यह खेलयह पूरी शर्मनाक घटना नूंह जिले के नल्हड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज की है। बच्चे के पिता आरिफ द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, उनके चार साल के बेटे के बाएं पैर में फोड़ा हो गया था, जिसके इलाज के लिए वे 20 जुलाई को इस अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टरों की सलाह पर बच्चे को भर्ती किया गया, लेकिन जब सर्जरी के बाद बच्चे को ऑपरेशन थिएटर से बाहर लाया गया, तो परिवारवालों के होश उड़ गए। डॉक्टरों ने बाएं पैर की जगह बच्चे के दाहिने पैर का ऑपरेशन कर दिया था, जबकि उस पैर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं थी।डॉक्टर ने कबूली गलती और बाद में किया दूसरा ऑपरेशनपरिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस गंभीर चूक का विरोध किया, तो संबंधित सर्जन ने अपनी गलती मान ली। पिता आरिफ के अनुसार, मामले में आरोपी ऑर्थोपेडिक्स (अस्थि रोग विशेषज्ञ) डॉ. पवन कुमार ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखने के बाद यह स्वीकार किया कि सर्जरी वास्तव में बाएं पैर में की जानी थी। अपनी गलती छिपाने या सुधारने के चक्कर में डॉक्टर ने कथित तौर पर परिवार से कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और इसके बाद उन्होंने बच्चे के दूसरे (असली) पैर की भी सर्जरी कर दी। इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बनाई 4 डॉक्टरों की जांच कमेटीपरिजनों ने इस पूरी लापरवाही को लेकर अस्पताल प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपी है, जिसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच बिठा दी है। शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. मुकेश कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें इस मामले में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चार वरिष्ठ डॉक्टरों की एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है। निदेशक ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
क्या आपकी भी सुबह की शुरुआत बिना फोन की स्क्रीन देखे नहीं होती? क्या आप भी रात में सोते समय अपना फोन अपने तकिए के पास रखते हैं ताकि आंख खुलते ही सबसे पहले आप सोशल मीडिया या नोटिफिकेशन्स चेक कर सकें? अगर आपका जवाब हां है, तो आप अकेले नहीं हैं। आज की इस डिजिटल दुनिया में ज्यादातर लोगों की सुबह इसी तरह मोबाइल स्क्रीन के साथ होती है। अक्सर हम और आप इसे केवल एक बुरी लत (Addiction) मान लेते हैं, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसके पीछे सिर्फ लत नहीं, बल्कि हमारे दिमाग का एक खास व्यवहार और प्राकृतिक जरूरत जुड़ी हुई है। आइए विज्ञान की नजर से समझते हैं कि सुबह उठते ही दिमाग हमारे साथ यह खेल क्यों खेलता है।नई जानकारी की तलाश करता है हमारा दिमागसुबह आंख खुलते ही सबसे पहले फोन चेक करने की आदत का सीधा संबंध हमारे मस्तिष्क के व्यवहार से है। जब हम रात भर की लंबी नींद के बाद सुबह जागते हैं, तो हमारा दिमाग तुरंत बाहरी दुनिया से दोबारा जुड़ने और नई जानकारियों की तलाश करने के लिए उत्सुक हो जाता है। इस दुनिया में क्या नया चल रहा है, किसी का कोई मैसेज तो नहीं आया या कोई जरूरी अपडेट तो नहीं छूट गया, इन सब बातों को जानने की जिज्ञासा दिमाग के अंदर बनी रहती है। फोमो (FOMO - Fear Of Missing Out) यानी कुछ छूट जाने के डर को कम करने के लिए दिमाग हमें मजबूर करता है कि हम सबसे पहले अपना फोन उठाएं। धीरे-धीरे यह उत्सुकता एक पक्की आदत में बदल जाती है और हम बिना सोचे-समझे यह काम ऑटोमैटिक तरीके से करने लगते हैं।'क्यू-रूटीन-रिवॉर्ड' साइकिल का जाल है यह आदतमनोविज्ञान के अनुसार, सुबह उठते ही फोन देखने की यह पूरी प्रक्रिया एक तयशुदा 'क्यू-रूटीन-रिवॉर्ड' साइकिल पर काम करती है। सबसे पहले आपको 'क्यू' यानी संकेत मिलता है, जैसे ही आपकी आंखें खुलती हैं, आपका दिमाग आपको फोन चेक करने का सिग्नल भेजता है। इसके बाद 'रूटीन' शुरू होता है जिसमें आप तुरंत अपना फोन अनलॉक करके सोशल मीडिया या चैट्स को स्क्रॉल करने लगते हैं। अंत में आता है 'रिवॉर्ड', जैसे ही स्क्रीन पर कोई नया नोटिफिकेशन या मैसेज दिखाई देता है, दिमाग को एक प्रकार का संतोष और राहत मिलती है कि आप दुनिया से कटे नहीं हैं। यह मानसिक संतोष दिमाग के लिए एक रिवॉर्ड बन जाता है और फिर वह इस साइकिल को हर रोज दोहराने की जिद करने लगता है।क्या यह सच में स्मार्टफोन की गंभीर लत है?यह समझना बेहद जरूरी है कि सुबह उठते ही कुछ पलों के लिए फोन देखना हमेशा कोई गंभीर एडिक्शन नहीं होता। यह सिर्फ आपके दिमाग की नेचुरल उत्सुकता और नया जानने की चाहत का नतीजा हो सकता है। हालांकि, अगर यह छोटी सी आदत देखते ही देखते बिना किसी काम के घंटों तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करने में बदल जाती है, तो यह आपकी मानसिक सेहत, फोकस और पूरे दिन की प्रोडक्टिविटी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इसलिए सुबह की शुरुआत मेडिटेशन, वॉक या गहरी सांसों के साथ करें, न कि मोबाइल स्क्रीन की नीली रोशनी के साथ।
आज की तेज-तर्रार और आधुनिक लाइफस्टाइल में लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन की स्क्रीन पर चिपके रहना आम बात हो गई है। गलत पोश्चर में बैठकर घंटों काम करने, लगातार तनाव लेने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण आज के समय में गर्दन का दर्द और अकड़न हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। यही वजह है कि युवाओं से लेकर कामकाजी लोगों में सर्वाइकल पेन, कंधों में जकड़न और सिरदर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आप भी दिनभर स्क्रीन देखने के कारण गर्दन के दर्द से परेशान हैं, तो दवाइयों का सहारा लेने के बजाय योग को अपनाना सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है। नियमित रूप से कुछ खास योगासन करने से न सिर्फ मसल्स रिलैक्स होती हैं, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। आइए जानते हैं गर्दन के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पाने वाले कुछ बेहद असरदार योगासन और उनके फायदों के बारे में।गर्दन की जकड़न और दर्द को दूर करने वाले असरदार योगासनगर्दन और कंधों के तनाव को चुटकियों में दूर करने के लिए आप अपनी डेली रूटीन में इन आसान योगासनों को शामिल कर सकते हैं:ग्रीवा संचलन (Neck Rotation): सीधे बैठकर अपनी गर्दन को धीरे-धीरे बाएं-दाएं और आगे-पीछे घुमाएं। यह बहुत ही आसान एक्सरसाइज है जिसे आप ऑफिस में कुर्सी पर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं। इससे मांसपेशियों की जकड़न खुलती है और ब्लड फ्लो तेज होता है।भुजंगासन (Cobra Pose): पेट के बल लेटकर अपनी हथेलियों के सहारे छाती को ऊपर की ओर उठाएं। यह आसन आपकी गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और सर्वाइकल के दर्द में बहुत राहत देता है।मार्जरी-बिटिलासन (Cat-Cow Pose): घुटनों के बल बैठकर अपनी रीढ़ की हड्डी को ऊपर और नीचे की तरफ मूव करें। इससे गर्दन और रीढ़ में गजब का लचीलापन आता है और दिनभर का मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।सेतु बंधासन (Bridge Pose): पीठ के बल लेटकर अपनी कमर को हवा में उठाएं और गर्दन को पूरी तरह रिलैक्स रखें। यह योगासन गर्दन के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और मेंटल प्रेशर को घटाता है।बालासन (Child's Pose): घुटनों के बल बैठकर अपने सिर को जमीन पर टिकाएं। यह आसन गर्दन, कंधे और पीठ की सारी थकान को दूर कर देता है और दिमाग को पूरी तरह शांत रखता है।गोमुखासन (Cow Face Pose): इस आसन के अभ्यास से कंधे और गर्दन की मसल्स में बहुत अच्छा खिंचाव (स्ट्रेच) होता है, जिससे जकड़न छूमंतर हो जाती है और शरीर का पोश्चर सुधरता है।ताड़ासन (Mountain Pose): सीधे खड़े होकर अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचते हुए शरीर को स्ट्रेच करें। यह रीढ़ को सीधा रखता है, गर्दन पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है और शरीर का संतुलन सुधारता है।अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Lord of the Fishes Pose): रीढ़ की हड्डी को ट्विस्ट करने वाले इस आसन से गर्दन और कंधों की नसों का ब्लॉकेज दूर होता है और लचीलापन बढ़ता है।शवासन (Corpse Pose): पूरे शरीर को ढीला छोड़कर आंखें बंद कर लें और गहरी सांस लें। यह मेंटल स्ट्रेस, सिरदर्द और गर्दन की थकान को मिटाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।प्राणायाम (Breathing Exercises): सही तरीके से गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है, नसों को शांति मिलती है और तनाव छूमंतर हो जाता है।इन बातों का भी रखें खास ख्यालअगर आप रोजाना महज 20 से 30 मिनट निकालकर इन योगासनों का अभ्यास करते हैं, तो गर्दन के दर्द और अकड़न से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा काम के दौरान हर एक घंटे पर स्क्रीन ब्रेक लें, सही पोश्चर में बैठें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं और बीच-बीच में हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें ताकि आपकी सेहत हमेशा दुरुस्त बनी रहे।
देवों के देव महादेव की आराधना का सबसे पवित्र और पावन महीना 'श्रावण मास' बस कुछ ही दिनों दूर है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होने जा रही है और इसका समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन के पावन पर्व के साथ होगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार सावन का आरंभ श्रवण नक्षत्र और आयुष्मान योग के अत्यंत दुर्लभ संयोग में हो रहा है, जिसे बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के इस पूरे महीने में जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करता है, उसके जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। इस साल सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ेंगे और कई खास योग भी बनेंगे।सावन 2026 में ऐसे करें भगवान शिव की पूजाश्रावण मास में भोलेनाथ को प्रसन्न करना बेहद आसान माना जाता है। सावन में पूजा करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे या पीतल के लोटे से शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें। जल चढ़ाने के बाद दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, आंकड़े के फूल और शमी पत्र अर्पित करना अत्यंत फलदायी होता है। पूजा के दौरान निरंतर ''ॐ नमः शिवाय'' मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते रहें। धार्मिक मान्यता है कि सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र और शमी पत्र चढ़ाने से आशुतोष बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।सावन 2026 की चारों सोमवारी और खास योगइस साल सावन में पड़ने वाले चारों सोमवार शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। पहली सावन सोमवारी 3 अगस्त को है, जिस दिन रवि योग और श्रावण नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है, जो नए व्यापार और करियर में उन्नति के लिए उत्तम है। दूसरी सावन सोमवारी 10 अगस्त को मनाई जाएगी। तीसरी सावन सोमवारी 17 अगस्त को है, इस दिन शिव योग और प्रदोष काल का दुर्लभ संगम बन रहा है, जो वैवाहिक जीवन की परेशानियों को दूर करने के लिए अचूक माना जाता है। इसी दिन नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। वहीं, चौथी और अंतिम सावन सोमवारी 24 अगस्त को होगी, जिस दिन व्रत रखकर श्रद्धालु पूरे महीने के अनुष्ठान का पूर्ण फल प्राप्त कर सकते हैं।सावन के प्रमुख व्रत: शिवरात्रि, हरियाली अमावस्या और तीज की तिथियांसावन के महीने में आने वाले व्रत और त्योहारों का सनातन धर्म में विशेष स्थान है। इस साल सावन मास के प्रमुख व्रतों की तिथियां इस प्रकार हैं:सावन शिवरात्रि (11 अगस्त 2026): महादेव के जलाभिषेक और रात्रि जागरण के लिए यह साल की सबसे मुख्य शिवरात्रि होगी।हरियाली अमावस्या (12 अगस्त 2026): प्रकृति के प्रति आभार जताने, वृक्षारोपण करने और पितरों की शांति के लिए यह विशेष दिन है।हरियाली तीज (15 अगस्त 2026): स्वतंत्रता दिवस के दिन आने वाला यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता है।
Aaj Ka Panchang 27 July 2026: जानिए आज की त्रयोदशी तिथि, शुभ रवि योग, राहुकाल और सभी जरूरी मुहूर्त
आज 27 जुलाई 2026, सोमवार का दिन है और हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है। आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि शाम 4:15 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। इसके अलावा, आज नक्षत्रों और योगों के खास संयोग के बीच कई महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किए जा सकेंगे। अगर आप भी आज कोई नया काम शुरू करने जा रहे हैं, पूजा-पाठ का प्लान बना रहे हैं या किसी शुभ मुहूर्त की तलाश में हैं, तो यहां जानिए आज का पूरा और सटीक पंचांग।आज का पंचांग और मुख्य खगोलीय गणनाएंहिंदू धर्म में किसी भी नए कार्य, व्रत, त्योहार या मांगलिक आयोजन की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की प्राचीन परंपरा रही है। आज शक संवत 1948 और विक्रम संवत 2083 के अनुसार आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी तिथि है। नक्षत्रों की बात करें तो मूल नक्षत्र सुबह 10:29 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज वैधृति योग रात्रि 10:55 बजे तक रहेगा और इसके बाद विष्कुम्भ योग लग जाएगा। करण की दृष्टि से तैतिल करण प्रभावी रहेगा और चंद्रमा पूरे दिन-रात धनु राशि में ही संचरण करेंगे। सूर्यदेव दक्षिणायन स्थिति में हैं।सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समयआज के दिन की शुरुआत और रात्रि के समय की बात करें तो पंचांग के अनुसार सूर्योदय सुबह 06:17 बजे हुआ है, जबकि सूर्यास्त रात 09:36 बजे होगा। वहीं, चंद्रोदय का समय रात 08:59 बजे का है और अगले दिन यानी 28 जुलाई की सुबह 04:28 बजे चंद्रास्त होगा।आज के शुभ मुहूर्त और रवि योग का महत्वआज के दिन कई खास और शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका लाभ उठाकर आप अपने जरूरी काम पूरे कर सकते हैं। आज सुबह से ही 'रवि योग' बना हुआ है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में सभी प्रकार के दोषों को दूर करने और शुभ कार्यों को संपन्न करने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:08 बजे से 05:43 बजे तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 01:26 बजे से दोपहर 02:27 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 04:30 बजे से शाम 05:31 बजे तक रहेगा। अमृत काल का समय अगली सुबह 04:20 बजे से 06:07 बजे के बीच रहेगा।राहुकाल और अशुभ समय से रहें सावधानज्योतिष शास्त्र में किसी भी नए या मांगलिक कार्य को शुरू करने से पहले अशुभ समय या राहुकाल का खास ध्यान रखा जाता है ताकि किसी बाधा का सामना न करना पड़े। आज के दिन राहुकाल सुबह 08:12 बजे से सुबह 10:07 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यमगण्ड दोपहर 12:02 बजे से दोपहर 01:57 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 03:52 बजे से शाम 05:46 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 02:27 बजे से दोपहर 03:29 बजे के बीच रहेगा। जानकारों की सलाह है कि इन अशुभ मुहूर्तों में किसी भी तरह के नए या महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
भारतीय क्रिकेट टीम को आगामी दिनों में श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की एक रोमांचक टेस्ट सीरीज खेलनी है, जिसके लिए टीम के ऐलान की तारीख नजदीक आ चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई के चयनकर्ता कल यानी मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट स्क्वाड का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। हालांकि इस सीरीज से पहले कई खिलाड़ियों की चोट ने चयनकर्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन इसी बीच भारतीय खेमे से एक बेहद राहत भरी और शानदार खबर सामने आई है। टीम का एक प्रमुख और अनुभवी ऑलराउंडर अपनी खतरनाक चोट से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करने के लिए बिल्कुल तैयार है।फिट होकर लौटे रविंद्र जडेजा, श्रीलंका सीरीज के लिए हुए उपलब्धहम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा की, जो पिछले कुछ समय से चोट के कारण भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। जडेजा को आईपीएल 2026 के दौरान टेनिस एल्बो (Tennis Elbow) की समस्या का सामना करना पड़ा था, जिसके चलते उन्हें क्रिकेट से दो महीने से ज्यादा का लंबा ब्रेक लेना पड़ा था। इस गंभीर चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच का भी हिस्सा नहीं बन पाए थे। हालांकि, अब जो रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं उनके अनुसार जडेजा ने पूरी तरह से रिकवरी कर ली है और वह श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध हैं।वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर टिकी हैं नजरें, चयनकर्ताओं का असमंजसश्रीलंका दौरे के लिए टीम चुनते समय चयनकर्ताओं के सामने कुछ मुश्किलें भी खड़ी हैं। एक तरफ जहां वॉशिंगटन सुंदर और तेज गेंदबाज हर्षित राणा की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जडेजा की वापसी से चयन समिति को बड़ी राहत मिली है। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता वॉशिंगटन सुंदर की फाइनल फिटनेस रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं। यदि सुंदर पहले टेस्ट के लिए पूरी तरह फिट नहीं होते हैं, तो उन्हें केवल दूसरे टेस्ट के लिए 16वें सदस्य के रूप में टीम में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, श्रीलंका की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की भरमार को देखते हुए ऑफ स्पिनर के विकल्प के तौर पर सारांश जैन के नाम पर भी विचार किया जा सकता है।लंबे समय बाद लाल गेंद के फॉर्मेट में दिखेंगे जडेजारविंद्र जडेजा ने इस साल की शुरुआत में जनवरी महीने में न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी अंतरराष्ट्रीय वनडे सीरीज खेली थी। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को पहले ही अलविदा कह चुके जडेजा अब केवल टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में ही देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में उनकी मौजूदगी भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों को बेहद मजबूती प्रदान करेगी। आगामी 15 अगस्त से शुरू हो रही इस दो मैचों की टेस्ट सीरीज में फैंस एक बार फिर अपने चहेते ऑलराउंडर को मैदान पर चौके-छक्के लगाते और अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए देख सकेंगे।
संसद में आज NEET और छात्र आंदोलन के मुद्दे पर हंगामे का आसार
संसद के मानसून सत्र में आज विपक्ष NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा जोर-शोर से उठाने वाला है
'16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध', अंबुमणि रामदास का केंद्र से आग्रह
पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए देशव्यापी कानून बनाए
दिनांक 27 जुलाई, 2026 को प्रयागराज जनपद में विभिन्न सामाजिक, संगठनात्मक एवं जनसंवाद कार्यक्रमों में सहभागिता का कार्यक्रम निर्धारित है। अपने प्रवास के दौरान मा० उप मुख्यमंत्री कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, प्रबुद्धजनों तथा स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद कर संगठनात्मक गतिविधियों, विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रातः 11:30 बजे मा० उप मुख्यमंत्री बीबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज, गद्दोपुर, फ़ाफ़ामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।इसके उपरांत दोपहर 1:15 बजे वह श्री राजेन्द्र मिश्र 'बबुआन' के आवास पर स्थानीय जनों के साथ चाय पर चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे तथा स्थानीय विषयों एवं जनभावनाओं पर संवाद करेंगे।अपराह्न 3:50 बजे मा० उप मुख्यमंत्री आर्य कन्या इंटर कॉलेज, प्रयागराज में आयोजित व्यापारी संवाद कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे, जहां व्यापारियों के साथ व्यापार, उद्योग, निवेश एवं प्रदेश के आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।सायं 4:30 बजे वह होटल रामा कॉन्टिनेंटल, सिविल लाइंस, प्रयागराज में आयोजित प्रयागराज की बात – विकास एवं नवाचार विषयक परिचर्चा में भाग लेंगे। इस अवसर पर शहर के समग्र विकास, नवाचार, आधारभूत संरचना तथा भविष्य की विकास योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।इसके पश्चात सायं 5:20 बजे मा० उप मुख्यमंत्री होटल कम्फर्ट इन में विभिन्न क्षेत्रों के वरिष्ठजनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों के साथ वार्ता करेंगे।दौरे के अंतिम चरण में मा० उप मुख्यमंत्री सायं 6:05 बजे श्री आशुतोष त्रिपाठी के आवास, 6:20 बजे पूर्व विधायक श्री प्रशांत सिंह के आवास तथा 6:40 बजे श्री अमन वलेचा के आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार भेंट करेंगे।
राहुल गांधी बचकाना राजनीति छोड़ें, कर्नाटक पेपर लीक पर माफी मांगें : भाजपा सांसद दिनेश शर्मा
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी के शिक्षा मंत्री का पद संभालने, छात्र विरोध पर राहुल गांधी के पत्र पर प्रतिक्रिया दी।
'छात्रों के मुद्दे पर राजनीति नहीं, समाधान जरूरी', भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर साधा निशाना
बिहार की राजधानी पटना में भाजपा नेताओं ने नीट पेपर लीक विवाद, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी, छात्रों के विरोध प्रदर्शन और आगामी उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी
संसद में विपक्ष छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने अमित शाह को पत्र लिखकर जवाब मांगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज में ₹323.9775 लाख लागत के 60 विकास कार्यों का किया शिलान्यास
केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज में आयोजित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम के दौरान बच्चों को अन्नप्राशन संस्कार कराया तथा गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कर उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित मातृत्व के लिए शुभकामनाएँ दीं। वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत जनपद के 23 विकास खण्डों में लगभग ₹323.9775 लाख की लागत से प्रस्तावित 60 विकास कार्यों का शिलान्यास किया।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में डबल इंजन सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास तथा गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्रत्येक योजना का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक एवं वित्तीय रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। आज प्रदेश की लाखों महिलाएँ स्वरोजगार, लघु उद्योग, कृषि आधारित गतिविधियों तथा विभिन्न उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास प्रक्रिया की सहभागी बनाना है। इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं और आज महिलाएँ आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। प्रत्येक गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है, जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन जल्द अपनी नई रणनीति घोषित करेगा। पंजाब पेपर लीक मामला भी संगठन के एजेंडे में शामिल है।
केशव मौर्य ने प्रयागराज में 'एक पेड़ माँ के नाम' महापुरुषों की मूर्तियों का किया अनावरण
केशव प्रसाद मौर्य ने आज प्रयागराज मेंमहान राष्ट्रनिर्माताओं एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं का भी अनावरण किया। उन्होंने भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महाराणा प्रताप, महात्मा बुद्ध, भगवान परशुराम, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल तथा राष्ट्रीय चिह्न (अशोक स्तंभ) का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। श्री मौर्य ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को ऐसा संविधान प्रदान किया जिसने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार एवं सम्मान का मार्ग प्रशस्त किया। महाराणा प्रताप राष्ट्र की स्वाभिमान, वीरता और अदम्य साहस के प्रतीक हैं, जबकि महात्मा बुद्ध ने विश्व को शांति, करुणा और मानवता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम न्याय, धर्म और साहस के प्रतीक हैं तथा सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत कर आधुनिक भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इन सभी महापुरुषों का जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की अमूल्य प्रेरणा देता है।उप मुख्यमंत्री ने भारत केआयोजित एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक गौरव को समर्पित विभिन्न विकास एवं स्मृति परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया बल्कि मातृभूमि, मातृत्व और प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, वृक्ष मानव जीवन का आधार हैं और भावी पीढ़ियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करने के लिए प्रत्येक नागरिक को पौधरोपण को जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से पौधारोपण के साथ-साथ उसकी नियमित देखभाल करने का भी आग्रह किया।कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा राष्ट्रनिर्माताओं एवं स्वतंत्रता सेनानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम देशभक्ति, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
Vastu Tips: घर में रखा मनी प्लांट छिन सकता है आपकी सुख-शांति, अगर कर रहे हैं ये भारी भूल
आजकल घरों में मनी प्लांट लगाना काफी आम हो गया है। लोग इसे घर की सजावट और हरियाली के लिए तो लगाते ही हैं, साथ ही वास्तु शास्त्र के अनुसार यह पौधा घर में सुख-समृद्धि और धन खींचने का भी काम करता है। लेकिन कई बार हम अनजाने में इसे गलत जगह रख देते हैं या इसकी सही देखभाल नहीं करते, जिससे फायदे की बजाय नुकसान होने लगता है। अगर आपके घर में भी मनी प्लांट है, तो आपको इन चार बड़ी गलतियों से हमेशा बचना चाहिए।1. गलत दिशा में रखने से बढ़ती है कंगालीवास्तु के अनुसार मनी प्लांट की दिशा बहुत ज्यादा मायने रखती है। इसे कभी भी घर के उत्तर-पूर्व कोने में नहीं रखना चाहिए। इस जगह पर मनी प्लांट रखने से घर में फिजूलखर्ची बढ़ती है और आर्थिक तंगी आ सकती है। इसके अलावा, इससे परिवार के सदस्यों में अकारण मनमुटाव और चिड़चिड़ापन भी बढ़ने लगता है। मनी प्लांट को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) में ही रखें, इस दिशा को बरकत और धन वृद्धि के लिए सबसे शुभ माना जाता है।2. बेल का जमीन पर घिसटना है बहुत अशुभमनी प्लांट लगाने के बाद अक्सर लोग उसकी ठीक से देखभाल नहीं करते और उसकी बेलें लंबी होकर जमीन पर घिसटने लगती हैं। वास्तु में इसे बहुत अशुभ माना गया है। जमीन पर बेल लटकने का मतलब है कि आपके घर में पैसा नहीं टिकेगा और आमदनी के रास्ते रुक जाएंगे। इसलिए जैसे ही पौधा बढ़ने लगे, उसे किसी धागे या लकड़ी के सहारे ऊपर की ओर बांध दें। ऊपर की ओर बढ़ती बेल घर के लोगों की उन्नति और तरक्की का संकेत होती है।3. सूखे और पीले पत्तों को तुरंत कर दें अलगअगर आपके मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या सूख रही हैं, तो उन्हें तुरंत काटकर अलग कर देना चाहिए। पौधे पर लटके सूखे पत्ते नकारात्मकता लाते हैं और घर का माहौल उदास करते हैं। वास्तु की मानें तो पौधे का सूखना भविष्य में आने वाली किसी आर्थिक परेशानी की तरफ इशारा करता है। इसलिए पौधे को समय पर पानी दें और उसे हमेशा हरा-भरा रखें, क्योंकि एक स्वस्थ पौधा ही घर में पॉजिटिविटी बनाए रखता है।4. अपना मनी प्लांट दूसरों को कभी न बांटेंकई बार हम खुशी-खुशी अपने मनी प्लांट की कोई टहनी या कटिंग पड़ोसियों या रिश्तेदारों को दे देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बिल्कुल भी सही नहीं है। माना जाता है कि अपने घर का पौधा किसी और को देने से आपके घर की बरकत और लक्ष्मी भी दूसरों के पास चली जाती है। इससे आपके घर में पैसों की खिंचातान शुरू हो सकती है। अगर किसी को पौधा चाहिए, तो उसे नर्सरी से नया पौधा खरीदकर लगाने की सलाह दें, लेकिन अपना पौधा न दें।
10 लाख की एक FD या 1-1 लाख की 10? निवेश से पहले जान लें ये राज, वरना हो सकता है नुकसान
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका माना जाता है। इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई रिस्क नहीं होता और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम भी पहले से तय होती है। लेकिन जब बात एक बड़ी रकम, जैसे 10 लाख रुपये के निवेश की आती है, तो अक्सर लोग दुविधा में पड़ जाते हैं। सवाल यह उठता है कि 10 लाख रुपये की एक ही एफडी करानी चाहिए, या फिर एक-एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी कराना ज्यादा फायदेमंद रहेगा? आइए इस उलझन को सुलझाते हैं।ब्याज और मैच्योरिटी में कितना होता है अंतर?अगर आप 10 लाख रुपये की एक एफडी 10 साल के लिए 7 फीसदी ब्याज दर पर कराते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको करीब 20,01,597 रुपये मिलते हैं। वहीं, अगर आप एक लाख रुपये की 10 अलग-अलग एफडी बिल्कुल समान अवधि और ब्याज दर पर कराते हैं, तब भी आपको कुल मिलाकर 20,01,600 रुपये ही मिलेंगे। यानी रिटर्न के नजरिए से देखें तो दोनों ही विकल्पों में कोई खास अंतर नहीं है। 10 लाख की एकमुश्त एफडी का बस एक फायदा यह है कि आपको सिर्फ एक अकाउंट को मैनेज करना पड़ता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होती है।अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर क्या होगा?रिटर्न एक जैसा होने के बावजूद, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी-छोटी एफडी कराना कहीं ज्यादा समझदारी है। इसका सबसे बड़ा कारण लिक्विडिटी यानी आपातकाल में पैसों की उपलब्धता है। अगर भविष्य में आपको अचानक 1 या 2 लाख रुपये की जरूरत पड़ जाती है और आपने 10 लाख की एकमुश्त एफडी कराई है, तो आपको पूरी एफडी तोड़नी पड़ेगी। इससे न सिर्फ आपको पेनल्टी देनी होगी, बल्कि बाकी रकम के ब्याज का भी भारी नुकसान होगा। वहीं 10 अलग-अलग एफडी होने पर आप सिर्फ जरूरत के हिसाब से 1 या 2 एफडी तुड़वा सकते हैं, जबकि बाकी एफडी सुरक्षित रहती हैं।पैसों की सुरक्षा और ज्यादा ब्याज का फायदाछोटी एफडी कराने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आप अपने पैसे को अलग-अलग बैंकों में निवेश कर सकते हैं। हर बैंक की ब्याज दरें अलग होती हैं, ऐसे में आप बेहतरीन ऑफर्स का फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा, नियमों के अनुसार डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत किसी भी बैंक के बंद होने या डूबने की स्थिति में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ही बीमा कवर मिलता है। ऐसे में अपनी रकम को अलग-अलग छोटी एफडी में बांटने से आपका पैसा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। अंततः, यह आपकी जरूरत और जोखिम उठाने की क्षमता पर निर्भर करता है कि आप कौन सा विकल्प चुनते हैं।
ITR फाइल करने के बाद ये काम नहीं किया, तो बेकार हो जाएगी सारी मेहनत! जानें क्या है नियम
अगर आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया है, तो आपका काम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। रिटर्न जमा करना टैक्स प्रक्रिया का सिर्फ पहला कदम है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार रिटर्न जमा करने के बाद उसे वेरिफाई करना भी उतना ही जरूरी है। जब तक आप अपनी ITR को वेरिफाई नहीं करते, तब तक आयकर विभाग उस पर कोई कार्रवाई नहीं करता और आपका रिफंड भी अटक सकता है।ITR वेरिफाई करना क्यों है इतना जरूरी?रिटर्न फाइल करने के बाद आयकर विभाग को आपकी जानकारी मिल जाती है, लेकिन इसकी असल प्रोसेसिंग आपके वेरिफिकेशन के बाद ही शुरू होती है। एक अगस्त 2022 से आयकर विभाग ने वेरिफिकेशन की समय सीमा को घटाकर सिर्फ 30 दिन कर दिया है, जो पहले 120 दिन हुआ करती थी। अगर आप इस 30 दिन की डेडलाइन के अंदर अपना रिटर्न वेरिफाई नहीं करते हैं, तो आपकी ITR इनवैलिड यानी अमान्य घोषित कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि आपको फिर से लेट फीस के साथ रिटर्न भरना पड़ सकता है।ऑनलाइन ITR वेरिफाई करने के 5 आसान तरीकेआज के समय में वेरिफिकेशन के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, ई-वेरिफिकेशन सबसे तेज और सुरक्षित तरीका है। आप आधार ओटीपी के जरिए इसे सबसे आसानी से कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो ओटीपी डालकर मिनटों में वेरिफिकेशन हो जाएगा। इसके अलावा, अगर आपका बैंक या डीमैट अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहले से वैलिडेट है, तो आप इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट करके भी काम पूरा कर सकते हैं। अधिकृत बैंकों की नेट बैंकिंग के जरिए सीधे लॉगिन करके भी बिना ओटीपी के ITR वेरिफाई किया जा सकता है। वहीं, बड़े व्यवसायी और प्रोफेशनल्स डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का इस्तेमाल करके भी ई-वेरिफिकेशन कर सकते हैं।वेरिफिकेशन पूरा हुआ या नहीं, कैसे पता चलेगा?जैसे ही आपका ई-वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो जाता है, आपकी स्क्रीन पर एक सक्सेस मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी दिखने लगेगी। इसके साथ ही आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर आयकर विभाग की तरफ से एक कन्फर्मेशन ईमेल भी आ जाएगा, जिससे आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपका वेरिफिकेशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।ऑफलाइन वेरिफिकेशन का भी है विकल्पजो लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से नहीं जुड़ना चाहते, उनके लिए ऑफलाइन का रास्ता भी खुला है। इसके लिए आपको ITR-V रसीद का प्रिंट आउट निकालकर उस पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे और 30 दिनों के भीतर इसे सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु के पते पर भेजना होगा। हालांकि, ई-वेरिफिकेशन ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें डाक के खोने या देरी होने का कोई जोखिम नहीं रहता।
सनातनी संस्कृति में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि धरती पर इस पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा की शुरुआत आखिर कैसे हुई? पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस महान ज्ञान मार्ग की नींव स्वयं आदिगुरु भगवान शिव ने रखी थी। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व इसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना का प्रतीक है, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरुओं के प्रति सम्मान सिखाता है।महादेव कैसे बने सृष्टि के पहले 'आदिगुरु'?धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ही इस दुनिया के प्रथम गुरु हैं। हजारों वर्ष पूर्व जब महादेव हिमालय की शांत वादियों में अपनी गहरी समाधि से बाहर आए, तो उन्होंने देखा कि सात ऋषि (सप्तर्षि) ज्ञान प्राप्ति की तीव्र लालसा में उनके समक्ष बैठे हैं। इन ऋषियों की कठोर तपस्या और अटूट श्रद्धा को देखकर महादेव का हृदय पिघल गया। शिव जी ने 'दक्षिणामूर्ति' का रूप धारण किया और आषाढ़ महीने की पूर्णिमा के दिन सातों ऋषियों को परम ब्रह्मज्ञान प्रदान किया। ज्ञान देने का यही ऐतिहासिक दिन आगे चलकर गुरु पूर्णिमा के रूप में विख्यात हुआ।सप्तर्षियों ने दुनिया भर में फैलाया शिव का ज्ञानभगवान शिव से साक्षात परम ज्ञान और दीक्षा प्राप्त करने के बाद सप्तर्षियों ने इसे केवल अपने तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने महादेव को अपना प्रथम गुरु माना और इस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दुनिया के अलग-अलग दिशाओं में निकल पड़े। इन ऋषियों ने आम मनुष्यों को धर्म, कर्म, सत्य, जीवन और ईश्वर का सही मार्ग दिखाया। जिस तरह महादेव ने ज्ञान का बीज बोया, उसी तरह इन ऋषियों ने समाज में गुरु-शिष्य परंपरा की एक मजबूत नींव तैयार की।महर्षि वेदव्यास और 'व्यास पूर्णिमा' का महत्वगुरु पूर्णिमा का सीधा और अटूट संबंध महान ऋषि वेदव्यास जी से भी है। शास्त्रों के अनुसार, इसी आषाढ़ पूर्णिमा के पावन दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने ही मानव कल्याण के लिए चारों वेदों का विस्तार और विभाजन किया। इसके अलावा 18 पुराणों व महाभारत जैसे महाग्रंथों की रचना का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। ज्ञान के इस अथाह सागर को दुनिया के सामने रखने के कारण ही वेदव्यास जी को मानव जाति का सबसे बड़ा गुरु माना गया। उनके इसी अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए गुरु पूर्णिमा को 'व्यास पूर्णिमा' भी कहा जाता है।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने का सीजन आ गया है और ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि क्या 31 जुलाई 2026 ही रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख है? अक्सर लोग इसी कन्फ्यूजन में जल्दबाजी करते हैं। लेकिन आयकर विभाग (Income Tax Department) के नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है। टैक्सपेयर्स की अलग-अलग कैटेगरी और ITR फॉर्म के हिसाब से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन भी अलग-अलग तय की गई हैं। आइए आपको बताते हैं कि आपके लिए रिटर्न भरने की सही तारीख क्या है, ताकि आप बेवजह के जुर्माने से बच सकें।किन टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई है अंतिम तारीख?अगर आप नौकरीपेशा (Salaried Class) या पेंशनर हैं और ITR-1 या ITR-2 फॉर्म के जरिए अपना रिटर्न दाखिल करते हैं, तो आपके लिए 31 जुलाई 2026 ही डेडलाइन है। आसान भाषा में समझें तो ITR-1 उन लोगों के लिए है जिनकी कमाई सैलरी, किसी एक मकान या बैंक के ब्याज से होती है और उन्हें शेयर या म्यूचुअल फंड से कोई अतिरिक्त मुनाफा नहीं हुआ है। वहीं, अगर आपने प्रॉपर्टी, सोना, म्यूचुअल फंड या शेयर बेचकर कैपिटल गेन (Capital Gain) कमाया है या आपकी विदेश से कोई कमाई हुई है, तो आपको ITR-2 फॉर्म 31 जुलाई तक भरना अनिवार्य है।ITR-3, ITR-4 और ऑडिट वाले मामलों की लास्ट डेटछोटे कारोबारियों और प्रोफेशनल्स के लिए थोड़ी राहत है। जो टैक्सपेयर्स ITR-3 या ITR-4 फॉर्म भरते हैं और उनके बैंक खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक बिना किसी पेनाल्टी के अपना रिटर्न भर सकते हैं। इसके अलावा, जिन कंपनियों, संस्थाओं या बड़े कारोबारियों के खातों का ऑडिट अनिवार्य है (जो ITR-5, ITR-6 या ITR-7 दाखिल करते हैं), उनके लिए रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।तय समय पर रिटर्न न भरने पर कितना लगेगा जुर्माना?अगर आप किसी कारणवश अपनी तय डेडलाइन तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं, तो आपको 31 दिसंबर 2026 तक 'बिलेटेड रिटर्न' (Belated Return) भरने का मौका मिलता है। लेकिन इसमें आपको नुकसान उठाना पड़ेगा। आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत लेट फीस देनी होगी। अगर आपकी कुल सालाना आय 5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आपको 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं 5 लाख रुपये तक की आय वालों के लिए यह लेट फीस अधिकतम 1,000 रुपये है। इसके अलावा, टैक्स बकाया होने पर अतिरिक्त ब्याज भी चुकाना होगा और आप बिजनेस या कैपिटल लॉस को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड भी नहीं कर पाएंगे। इसलिए सही फॉर्म चुनें और अपनी डेडलाइन से पहले ही रिटर्न दाखिल कर लें।
बॉलीवुड इंडस्ट्री में अभिनेत्रियां अपनी शानदार एक्टिंग और फैशन सेंस के साथ-साथ अपने खास टैटू के लिए भी सुर्खियों में रहती हैं। मलाइका अरोड़ा से लेकर सामंथा रुथ प्रभु तक, कई हसीनाओं ने अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर बेहद खूबसूरत टैटू गुदवाए हैं। हालांकि, ये टैटू सिर्फ स्टाइल स्टेटमेंट या शरीर पर बने निशान भर नहीं हैं, बल्कि इनमें से हर एक टैटू अपने अंदर जिंदगी की कोई न कोई गहरी कहानी और राज समेटे हुए है। आइए जानते हैं इन मशहूर अभिनेत्रियों के टैटू का असली मतलब क्या है।तृप्ति डिमरी: सूरज और चांद का अनोखा संगमबॉलीवुड की नई सेंसेशन तृप्ति डिमरी के लाखों चाहने वाले हैं। इस खूबसूरत अदाकारा ने अपने दाएं कंधे पर सूरज और चांद का एक बेहद आकर्षक और कूल डिजाइन गुदवा रखा है। अभिनेत्री के इस टैटू का सीधा मतलब सूर्य की तेज रोशनी और चांद की शांत चमक से जुड़ा है, जो जीवन में संतुलन को दर्शाता है।सामंथा रुथ प्रभु: प्यार, दर्द और अपनी पहचानसाउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान बनाने वाली सामंथा रुथ प्रभु की बॉडी पर कभी तीन टैटू हुआ करते थे। उनका पहला टैटू 'YMC' उनकी और उनके एक्स हसबैंड नागा चैतन्य की पहली फिल्म के नाम पर था, जहां से उनकी लव स्टोरी शुरू हुई थी। दूसरा टैटू उन्होंने चैतन्य के प्यार में 'Chay' लिखवाया था, जिसे तलाक के बाद उन्होंने हटवा दिया। वहीं उनके तीसरे टैटू में दो तीर बने हैं, जिसका गहरा अर्थ है- 'अपनी पहचान खुद बनाओ।'सुष्मिता सेन: अपना रास्ता खुद बनाने का जज्बापूर्व मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस सुष्मिता सेन के शरीर पर वैसे तो कई टैटू हैं, लेकिन उनका सबसे चर्चित टैटू लैटिन भाषा में लिखा गया है। सुष्मिता ने अपनी बांह पर 'Aut Viam Inveniam Aut Faciam' लिखवाया है। इसका हिंदी में मतलब है, 'मैं अपना रास्ता ढूंढ लूंगी या खुद अपना रास्ता बना लूंगी।' यह टैटू सुष्मिता की मजबूत और स्वतंत्र शख्सियत को बयां करता है।कंगना रनौत: दर्द के बाद चमकने वाली सफलताअपनी बेबाकी के लिए मशहूर कंगना रनौत ने अपनी गर्दन के पिछले हिस्से पर एक खास टैटू गुदवाया है, जिसमें पंख, क्राउन और एक तलवार शामिल है। कंगना ने खुद बताया था कि पहले उन्होंने सिर्फ दो पंख बनवाए थे, फिर उन्हें अधूरा लगा तो एक क्राउन बनवाया। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो उन्होंने इसमें एक तलवार जुड़वा ली। इस पूरे टैटू का मतलब वह चमक और सफलता है, जो जीवन में भारी दर्द और संघर्षों के बाद हासिल होती है।मलाइका अरोड़ा: खुले आसमान में उड़ने की आजादीफिटनेस आइकन मलाइका अरोड़ा भी टैटू की काफी शौकीन हैं और उनके शरीर पर कई टैटू मौजूद हैं। हालांकि, उनकी पसलियों (ribs) पर बनी तीन उड़ती हुई चिड़ियों (Three Flying Birds) का टैटू आर्ट सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है। यह खूबसूरत टैटू बंधनों से मुक्त होकर खुले आसमान में उड़ने और पूरी आजादी के साथ अपनी जिंदगी जीने का संदेश देता है।
छात्रों की जीत पर बोलीं रवीना टंडन, बताया कैसे गुंडों ने हाईजैक किया शांतिपूर्ण आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए बड़े छात्र आंदोलन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देशभर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। छात्रों की इस कामयाबी पर कई सितारे अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी कड़ी में अब मशहूर एक्ट्रेस रवीना टंडन ने भी अपनी बात खुलकर रखी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर छात्रों की जीत पर खुशी और गर्व जताया है, वहीं कुछ राज्यों में आंदोलन के हिंसक होने पर गहरी नाराजगी भी जाहिर की है। रवीना का मानना है कि इस जीत से देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक बदलाव आएंगे।छात्रों की आवाज सुने जाने पर जताई खुशीअपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई तस्वीरें शेयर करते हुए रवीना ने लिखा कि छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों ने उनके भीतर एक नई उम्मीद जगा दी है। उन्हें इस बात की तसल्ली है कि आखिरकार लोगों की जायज मांगों को सुना जा रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में पर्यावरण, जानवरों और पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। एक्ट्रेस ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें अपने ग्रह को बचाना होगा क्योंकि हमारे पास रहने के लिए कोई दूसरा 'प्लैनेट B' मौजूद नहीं है।मिजोरम के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की जमकर की तारीफरवीना टंडन ने पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम और अन्य जगहों पर हुए शांतिपूर्ण छात्र आंदोलनों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मिजोरम के छात्रों ने विरोध का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है और उन्हें सलाम है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कड़े शब्दों में उन लोगों की आलोचना की जिन्होंने आंदोलन की आड़ में हिंसा फैलाई। एक्ट्रेस ने साफ कहा कि कुछ राज्यों में राजनीतिक पार्टियों और गुंडों ने छात्रों के इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पूरी तरह से हाईजैक कर लिया था। कुछ लोग तो केवल लाइमलाइट बटोरने और सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने के इरादे से वहां मौजूद थे।सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को लगाई फटकारविरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ पर रवीना ने सख्त एतराज जताया है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के पीछे निश्चित रूप से उपद्रवी तत्व शामिल थे और यह छात्रों का काम बिल्कुल नहीं हो सकता। इन बाहरी तत्वों ने पूरी कोशिश की कि आंदोलन अपने रास्ते से भटक जाए। इन सबके बावजूद रवीना ने उम्मीद जताई है कि अब हमारे सिस्टम से भ्रष्टाचार खत्म होगा और हर किसी तक शिक्षा की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने लिखा कि जब पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया।
बॉलीवुड और टीवी जगत की दिग्गज अभिनेत्री शगुफ्ता अली ने हाल ही में 1997 की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म 'हीरो नंबर 1' में करिश्मा कपूर के साथ काम करने के अपने अनुभवों को लेकर बेबाक बातचीत की है। उन्होंने जहां एक तरफ करिश्मा कपूर के काम के प्रति समर्पण और अनुशासन की तारीफ की, वहीं दूसरी तरफ सेट पर उनके व्यवहार को लेकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे भी किए।सिद्धार्थ कन्नन के यूट्यूब चैनल पर दिए एक इंटरव्यू में शगुफ्ता अली से 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर जोड़ी गोविंदा और करिश्मा कपूर के अलग होने के कारणों पर सवाल पूछा गया।दोनों के बीच शायद इंटरेस्ट और प्यार-मोहब्बत खत्म हो गई होगीजब शगुफ्ता अली से पूछा गया कि आखिर गोविंदा और करिश्मा कपूर की सुपरहिट ऑनस्क्रीन जोड़ी क्यों टूट गई, तो उन्होंने कहा कि इसका सटीक कारण तो वे दोनों ही बता सकते हैं।हालांकि, अपना विचार रखते हुए उन्होंने कहा, समय के साथ शायद दोनों के बीच इंटरेस्ट खत्म हो गया होगा। प्यार-मोहब्बत भी खत्म हो गई होगी। वैसे भी एक्ट्रेसेस के मूड का क्या ही भरोसा किया जा सकता है। जरूरत से ज्यादा एंबिशियस होना भी ठीक नहीं होता। करिश्मा बहुत मेहनती थीं, लेकिन उनके अंदर काफी एटीट्यूड भी था।कैमरे के पीछे कलाकार का व्यवहार बहुत मायने रखता हैशगुफ्ता अली ने आगे बात करते हुए कहा कि किसी भी एक्टर का व्यवहार केवल कैमरे के सामने ही नहीं, बल्कि सेट पर भी बहुत मायने रखता है। अगर दो कलाकार एक साथ लंबे समय तक काम कर रहे हैं, तो उनके बीच आपसी तालमेल और एक-दूसरे के प्रति सम्मान होना बेहद जरूरी है।उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी सीन या इंटरव्यू के दौरान हर कलाकार को अपनी बात रखने और अभिनय करने का बराबर मौका मिलना चाहिए। जब एक सह-कलाकार सीन दे रहा हो, तो उसे सही क्यू (Cues) देना और मदद करना एक अच्छे को-स्टार की जिम्मेदारी होती है।90s की सबसे सुपरहिट जोड़ियों में से एक थी गोविंदा-करिश्मा की जोड़ीआपको बता दें कि 90 के दशक में गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान रचे थे। इस जोड़ी ने 'कुली नंबर 1', 'राजा बाबू', 'साजन चले ससुराल', 'हसीना मान जाएगी', 'हीरो नंबर 1' और 'शिकारी' जैसी लगातार कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी थीं। उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री, डांस और टाइमिंग को दर्शक आज भी बेहद पसंद करते हैं।
खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत
खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा थाना क्षेत्र में टीहली गांव में रविवार को थार गाड़ी की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मोहरली देवी के रूप में हुई है। दोपहर में तेज रफ्तार से आ […] The post खैरथल-तिजारा में थार की चपेट में आने से महिला की मौत appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में दुष्कर्म पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने रविवार को सरकारी अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया। मामले का आरोपी पहले से ही जेल में बंद है। किशोरी के साथ हुई घटना के बाद अब नवजात बच्ची के भविष्य को लेकर भी परिजनों के सामने संकट खड़ा हो गया है। […] The post बाराबंकी में रेप पीड़िता 15 वर्षीय किशोरी ने बच्ची को दिया जन्म appeared first on Sabguru News .
वैभव सूर्यवंशी का आतिशी अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा किया साफ
हरारे। वैभव सूर्यवंशी (81) की आतिशी अर्धशतकीय पारी के बाद गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को तीसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 35 रनों से शिकस्त दी। इसी के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। 193 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे […] The post वैभव सूर्यवंशी का आतिशी अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे का सूपड़ा किया साफ appeared first on Sabguru News .
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में रिकॉर्ड 190 किलोग्राम वजन उठाकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड है।
परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में टास्क फोर्स का गठन, पीएम मोदी ने किया बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। समिति परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, तकनीक और दीर्घकालिक सुधारों पर सिफारिशें देगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान
Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना एक और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High ...
भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में सात दिन से लापता साहूकार शोभाराम जैन का हाथ-पैर बंधा शव मदनपुर गांव के पास सड़क किनारे स्थित एक कुएं से रविवार को बरामद किया गया। शव की हालत और परिस्थितियों को देखते हुए हत्या कर शव कुएं में फेंके जाने की आशंका जताई जा […] The post भीलवाड़ा में सात दिन से लापता साहूकार का शव कुएं से मिला appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश से मची तबाही, 24 घंटे में 7 लोगों की मौत
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए। भारी बारिश के कारण छत गिरने, डूबने और बिजली का करंट लगने जैसी घटनाएं हुईं। स्थानीय मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी। प्रांतीय आपदा […] The post पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में भारी बारिश से मची तबाही, 24 घंटे में 7 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के अजमेर रोड स्थित हीरापुरा बस टर्मिनल से रोडवेज की 144 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शर्मा ने इस अवसर पर संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार सभी संकल्पों एवं वादों को पूरा करते हुए […] The post मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में रोडवेज की 144 नई बसों को दिखाई हरी झंडी appeared first on Sabguru News .
औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में डेढ़ वर्ष से लापता एक शख्स को मृत मानकर परिवार ने अंतिम संस्कार कर दिया। इस तीन दिन बाद वह जिंदा घर लौट आया। शख्स को सामने खड़ा देख परिजनों और ग्रामीण हैरान रह गये। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के सैदपुर गांव का यह मामला अब पूरे क्षेत्र में […] The post औरैया में जिसे मरा मानकर परिजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, वह 3 दिन बाद घर लौटा appeared first on Sabguru News .
रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरुबख्शगंज इलाके में पुलिस ने महिला से दुष्कर्म के मामले में वांछित महाराष्ट्र निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म और आपराधिक धमकी की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस सूत्रों से रविवार को बताया कि गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र […] The post रेप आरोपी महाराष्ट्र निवासी युवक मोहम्मद सादिक यूपी के रायबरेली से अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा
पटना। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र और जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के नेता तेज प्रताप यादव को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। यादव की अधिवक्ता निशा सिंह ने बताया कि पुलिस ने शनिवार देर शाम राज्य की राजधानी स्थित एक शॉपिंग मॉल से यादव को […] The post पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेजा appeared first on Sabguru News .
पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 27 जुलाई से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण की तैयारियां जारी हैं। इस बीच राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनावी प्रक्रिया से महीनों से जारी अशांति के थमने या उन जन-समस्याओं के समाधान की उम्मीद बेहद कम है, जिनकी वजह […] The post पीओके में भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच 27 जुलाई से शुरू होंगे चुनाव, पीटीआई का बहिष्कार appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु: शिवकाशी में अवैध पटाखा गोदाम में भीषण धमाका; तीन की मौत, कई लोग झुलसे; पूरी इमारत ढही
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के शिवकाशी के पास रविवार को एक अवैध पटाखा गोदाम में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग और लगातार हुए धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टर ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में 264 किलोग्राम वजन उठाकर भारत का पहला सिल्वर मेडल जीता। जानें उनके प्रदर्शन और करियर की पूरी कहानी।
मोदी ने की जल संरक्षण की अपील, सीतामढ़ी के प्लास्टिक से बनी बेंच की तारीफ
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों से जल संरक्षण और एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ने की अपील की तथा बिहार से सीतामढ़ी में प्लास्टिक से बेंच तैयार करने के प्रयासों की सराहना की। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडिया कार्यक्रम मन की बात में 4 जुलाई से शुरू […] The post मोदी ने की जल संरक्षण की अपील, सीतामढ़ी के प्लास्टिक से बनी बेंच की तारीफ appeared first on Sabguru News .
मालवा को मान सरकार का बड़ा तोहफा: मोगा में 120 बेड के अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का हुआ उद्घाटन
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मालवा क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए मोगा जिले में 120 बेड वाले अत्याधुनिक 'कैपिटल अस्पताल' का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन कर दिया है। यह नया अस्पताल मोगा जिले का पहला नेशनल एक्रिडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (NABH) मान्यता प्राप्त मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जिससे अब इस पूरे क्षेत्र के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े और दूर-दराज के शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा।मालवा क्षेत्र के लोगों को घर के नजदीक मिलेगी विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सुविधामोगा में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस आधुनिक चिकित्सा संस्थान के खुलने से मालवा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक सुधरेगा। यह अस्पताल लोगों को उनके घरों के बेहद करीब ही विशेष और उच्च मानक का इलाज मुहैया कराएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब राज्य में विकास की रफ्तार को और तेज करने के हमारे निरंतर प्रयासों का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा हमारी सरकार की दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं।कैशलेस इलाज का लाभ और आम आदमी क्लीनिकों का विस्तारमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस अस्पताल में इलाज कराने वाले पात्र मरीज 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' और केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के तहत पूरी तरह से कैशलेस इलाज का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा पंजाब सरकार राज्य भर में लगभग 1,090 आम आदमी क्लीनिकों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों को मुफ्त और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं लगातार उपलब्ध करा रही है। पंजाब सरकार की 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' राज्य के हर परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराती है, जिसके तहत अब तक लोग 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब बना देश का नंबर 1 राज्यस्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम मान ने कहा कि जब 2022 में उनकी सरकार ने राज्य की कमान संभाली थी, तब स्कूली शिक्षा के मामले में पंजाब देश में 27वें पायदान पर था। सरकार द्वारा शुरू किए गए 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' और अन्य बुनियादी सुधारों के चलते आज पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में केरल को पीछे छोड़ते हुए देश का नंबर एक राज्य बन चुका है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां 2022 में सरकारी स्कूलों से केवल 82 विद्यार्थियों ने नीट (NEET) की परीक्षा पास की थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 881 पहुंच गया है, जो राज्य की बदलती शिक्षा व्यवस्था का एक जीता-जागता प्रमाण है।सड़क सुरक्षा फोर्स और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थरसड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पंजाब सरकार की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने देश की पहली समर्पित 'सड़क सुरक्षा फोर्स' (Road Safety Force) का गठन किया है, जिसमें 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान और 144 अत्याधुनिक वाहन तैनात हैं। पिछले साल से शुरू हुई इस फोर्स की वजह से राज्य में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में लगभग 50 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसके साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब अब दिल्ली के बाद उत्तर भारत का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने मोहाली में अत्याधुनिक लिवर ट्रांसप्लांट सेंटर स्थापित किया है, जिससे पंजाब वासियों को वैश्विक स्तर की चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि राजधानी की सड़कों पर ...
कारगिल विजय दिवस केवल भारत की सैन्य ताकत और ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि यह उन अनगिनत वीर सपूतों के अदम्य साहस, बलिदान और अनकहे संस्मरणों को याद करने का पवित्र अवसर है जिन्होंने देश की खातिर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। सरहद की रक्षा केवल युद्ध के मैदानों तक सीमित नहीं होती, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा का यह महान दायित्व साल के हर एक दिन और हर पल निभाया जाता है। कारगिल विजय दिवस के इस खास मौके पर सेना के उन जांबाज दिग्गजों और बलिदानियों की कहानियाँ रोंगटे खड़े कर देती हैं, जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम कर दी।'सैनिक मातृभूमि की त्वचा की तरह है', कारगिल सेनानी प्रमोद त्रिपाठी की जुबानीकारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय सेना की इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) शाखा में अपनी सेवाएं देने वाले प्रमोद त्रिपाठी याद करते हैं कि युद्ध के दौरान उनकी मुख्य जिम्मेदारी अग्रिम मोर्चे पर डटे सैनिकों तक तकनीकी सहायता और साजो-सामान पहुँचाना थी। उन्होंने सांबा सेक्टर, चक दयाला, डेरा बाबा नानक, नागौर और जोधपुर जैसे तमाम क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों में काम किया। उनका मानना है कि सेना में कोई जाति या भाषा का भेद नहीं होता, यहाँ सिर्फ एक ही पहचान होती है और वह है 'भारत माता का सैनिक'।पंजाब के डेरा बाबा नानक सेक्टर का एक संस्मरण साझा करते हुए वे भावुक हो जाते हैं। वे बताते हैं कि सरसों के खेतों के बीच जब उनकी दस सदस्यीय टीम ने तंबू लगाया था, तब एक बुजुर्ग माताजी उनके लिए घी लगी गरम-गरम रोटियां, दाल और सब्जी लेकर पहुँची थीं। उस भोजन में केवल स्वाद नहीं, बल्कि पूरे देश का असीम स्नेह और अटूट विश्वास समाया था। उस पल उन्हें एहसास हुआ कि जिस देश की माताएं और बहनें सैनिकों को अपने बेटे की तरह मानती हैं, उस देश का सैनिक कभी भी अकेला महसूस नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार रेल यात्रा के दौरान जब आम जनता को पता चला कि डिब्बे में खड़ा यात्री देश का सैनिक है, तो उन्होंने टीटीई पर दबाव डालकर उनके बैठने की विशेष व्यवस्था कराई। यह वाकया सिखाता है कि देशवासियों का यह प्यार ही सैनिकों की असली ताकत है, बशर्ते सैनिकों का सम्मान केवल युद्ध या संकट के समय ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी इसी तरह बना रहे।'26 साल बाद भी लगता है जैसे कल की बात हो', सूबेदार राज बहादुर सिंह के अनुभवकारगिल युद्ध के वक्त जम्मू में 63 इंजीनियर रेजिमेंट एलआरडब्ल्यू में तैनात रहे सूबेदार राज बहादुर सिंह उस समय महज 21 वर्ष के युवा थे। जब उनकी यूनिट को सीधे पाकिस्तान की सीमा से सटे संवेदनशील आरएस पुरा सेक्टर में जाने का आदेश मिला, तो उनके भीतर देश के लिए कुछ कर गुजरने का भारी उत्साह था। एक इंजीनियर रेजिमेंट के रूप में उनका काम सीमावर्ती इलाकों में बारूदी सुरंगे (माइंस) लगाना, सड़कें तैयार करना, बंकरों की मरम्मत करना और पुल बनाना था ताकि अन्य सैनिकों की आवाजाही सुगम हो सके।वे याद करते हैं कि आरएस पुरा के कोरली गांव में जब वे रात के समय पहुंचे और बंकरों में रुके, तब स्थानीय ग्रामीणों ने आधी रात को भी उनके खाने-पीने और हरसंभव मदद में कोई कमी नहीं छोड़ी। वहां के लोगों द्वारा पिलाई गई लस्सी और उनका सेना के प्रति अथाह प्रेम आज भी उनके जेहन में तरोताजा है। आपरेशन विजय के बाद जब आपरेशन पराक्रम शुरू हुआ, तब वे सालों तक बंकरों में रहे, लेकिन देश की आम जनता का यह बेइंतहा प्यार और सहयोग ही था जिसने उन्हें 30 सालों तक सेना में देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया। आज घटना के 26 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे यह कल की ही बात हो।गुमला के वीर सपूत हवलदार बिरसा उरांव की अमर गाथाकारगिल विजय दिवस पर झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित बर्री जतराटोली गांव के बलिदानी हवलदार बिरसा उरांव की देशभक्ति की मिसाल हर युवा के दिल में जोश भर देती है। बुदू उरांव के घर जन्मे बिरसा उरांव बचपन से ही भारतीय सेना की प्रतिष्ठित वर्दी पहनने का सपना देखा करते थे। साल 1983 में पढ़ाई के दौरान फुटबॉल खेलते हुए उनका चयन बिहार रेजिमेंट में हो गया था। उन्होंने बिना परिवार को बताए दानापुर जाकर कड़ा प्रशिक्षण लिया और छह महीने बाद जब घर लौटे, तब परिजनों को उनके सैनिक बनने की खबर मिली।अपनी उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा और साहस के बल पर वे साधारण सैनिक से प्रमोट होकर नायक और फिर हवलदार के पद पर पहुंचे। नगालैंड, पंजाब, असम और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन (दक्षिण अफ्रीका) में शानदार सेवाएं देने के बाद, उन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और अदम्य पराक्रमी सेवाओं के लिए उन्हें जनरल सर्विस मेडल, 9 ईयर लॉन्ग सर्विस मेडल, आर्मी सर्विस मेडल, यूएन ओवरसीज मेडल और मरणोपरांत विशिष्ट सेवा मेडल जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। आज उनकी शहादत पर पूरा देश गर्व महसूस करता है और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनके पैतृक गांव में उनके नाम से सड़क और तोरण द्वार बनाने की मांग की जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां इस महान वीर सपूत की गाथा से प्रेरणा ले सकें।
राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर हुआ है। पुलिस के अनुसार प्रार्थी अपनी नाबालिग पुत्री को पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के लिए जिला अस्पताल राजनांदगांव लेकर गया था। वहां मेडिकल जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि […] The post राजनांदगांव में दिव्यांग नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पहले दिन पाकिस्तान पर भारी पड़ी वेस्टइंडीज, शतक के करीब पहुंचकर केवम हॉज ने पलटा मैच का पासा
त्रिनिदाद के प्रसिद्ध ब्रायन लारा क्रिकेट एकेडमी स्टेडियम में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल समाप्त हो चुका है। मैच के पहले दिन मेजबान वेस्टइंडीज की टीम ने अपनी बेहतरीन और अनुशासित बल्लेबाजी के दम पर पाकिस्तान पर पूरी तरह से अपना दबदबा बना लिया है। हालांकि, दिन की शुरुआत में पाकिस्तानी गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर वेस्टइंडीज पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन इसके बाद कैरेबियन बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए मैच का रुख अपनी तरफ मोड़ लिया।पाकिस्तान ने की थी सधी शुरुआत, शुरुआती झटकों से उबरा वेस्टइंडीजइस मुकाबले में वेस्टइंडीज के कप्तान रॉस्टन चेस ने टॉस जीतकर पहले खुद बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम के लिए टैगेनारिन ब्रैंडन चंदरपॉल और ब्रैंडन किंग ने पारी की शुरुआत की, लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाजों ने कैरेबियन ओपनर्स को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। ब्रैंडन किंग मात्र 12 रन बनाकर तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का शिकार बन गए और दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए केवल 13 रनों की साझेदारी ही हो सकी। इसके कुछ देर बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज चंदरपॉल भी 77 गेंदों में 21 रन बनाकर आमिर जमाल की गेंद पर सलमान अली आगा को कैच थमा बैठे। इसके बाद क्रीज पर आए केवम हॉज ने आमिर जांगू के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े, लेकिन जांगू भी 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए।केवम हॉज और शाई होप की शानदार साझेदारी ने संभाली कमान37वें ओवर में तीसरा विकेट गिरने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों को विकेट के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा और दिन का खेल खत्म होने तक यानी 67वें ओवर के आखिरी तक कैरेबियन बल्लेबाजों ने कोई और विकेट नहीं गिरने दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे केवम हॉज ने एक छोर संभालते हुए शानदार और संयम भरी पारी खेली। दिन का खेल समाप्त होने तक हॉज 83 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर नाबाद लौटे हैं और वह अपने पहले टेस्ट शतक से महज 17 रन दूर हैं, जिसे वह दूसरे दिन पूरा करना चाहेंगे। अपनी इस नाबाद पारी के दौरान उन्होंने अब तक 9 शानदार चौके जड़े हैं।शतक के करीब पहुंचे हॉज, दूसरे दिन बड़े स्कोर पर होगी नजरकेवम हॉज का बखूबी साथ निभाते हुए अनुभवी बल्लेबाज शाई होप भी अपने अर्धशतक के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए अब तक 88 रनों की मजबूत नाबाद साझेदारी हो चुकी है। शाई होप ने अपनी सूझबूझ भरी पारी में 2 चौकों की मदद से 39 रन बना लिए हैं और वह भी दूसरे दिन क्रीज पर टिककर रन गति को आगे बढ़ाना चाहेंगे। पहले दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने मजबूत स्थिति हासिल कर ली है और पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए दूसरे दिन की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर देश ने 1999 के कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस को देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से हस्तकलाओं को प्रोत्साहित करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना यानी स्वदेशी उत्पादों को बढावा देने की अपील की है। मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम मन की बात में कहा […] The post हस्तकलाओं को प्रोत्साहित कर वोकल फॉर लोकल को बढावा दें देशवासी: मोदी appeared first on Sabguru News .
बुढ़ापे की अचूक दवा मिलने पर भी अमर नहीं हो सकता इंसान, वैज्ञानिकों ने बताई जीने की अधिकतम उम्र
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर भविष्य में विज्ञान इतनी तरक्की कर ले कि बुढ़ापे को पूरी तरह रोकने की दवा बन जाए, तब भी क्या इंसान हमेशा के लिए अमर हो पाएगा? अगर आपके मन में भी यही सवाल आता है, तो वैज्ञानिकों ने इस पर से बड़ा पर्दा उठा दिया है। हाल ही में सामने आई एक दिलचस्प वैज्ञानिक रिसर्च में यह खुलासा किया गया है कि यदि इंसान बुढ़ापे की सभी वजहों और बीमारियों का इलाज ढूंढ़ भी ले, तब भी वह अनंत काल तक जीवित नहीं रह सकता। वैज्ञानिकों के मुताबिक, तमाम मेडिकल एडवांसेज के बावजूद एक इंसान की अधिकतम उम्र की सीमा 150 से 190 साल के बीच ही हो सकती है।डीएनए के बदलाव तय करते हैं जिंदगी की आखिरी सीमारूस के प्रतिष्ठित स्कोल्कोवो इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों ने इस विषय पर एक खास और नया मॉडल तैयार किया है। इस वैज्ञानिक मॉडल के अनुसार, इंसान की जीने की उम्र की सीमा तय करने के पीछे सबसे बड़ा कारण हमारे शरीर के भीतर मौजूद डीएनए में समय के साथ होने वाले छोटे-छोटे बदलाव हैं। इन प्राकृतिक बदलावों को विज्ञान की भाषा में 'सोमैटिक म्यूटेशन' (Somatic Mutation) कहा जाता है। रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का स्पष्ट रूप से यह मानना है कि इन सूक्ष्म डीएनए बदलावों को पूरी तरह से रोकना या टालना नामुमकिन है, और यही वजह है कि बुढ़ापे के हर संभावित कारण का इलाज मिल जाने के बावजूद इंसान कभी भी अमर नहीं हो सकता।उम्र बढ़ने के साथ शरीर के भीतर क्यों आते हैं बदलावजैसे-जैसे मनुष्य की उम्र बढ़ती जाती है, उसके शरीर की आंतरिक कोशिकाओं और अंगों की कार्य करने की क्षमता लगातार कमजोर होने लगती है। जब शरीर की पुरानी कोशिकाएं डीएक्टिवेट होने लगती हैं, तो वे अपने अंदर जमा होने वाले टॉक्सिन्स यानी जहरीले तत्वों और वेस्ट को ठीक से साफ नहीं कर पाती हैं। इसकी वजह से शरीर के अंदर हानिकारक टॉक्सिन्स लगातार जमा होते रहते हैं, जो शरीर के नेचुरल फंक्शंस को धीमा कर देते हैं। इसके अलावा जब शरीर पुरानी कोशिकाओं की जगह नई सेल्स बनाने के लिए डीएनए को कॉपी करता है, तो प्रक्रिया के दौरान अक्सर छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं, जिससे नए सेल के डीएनए में बदलाव आ जाता है और यही प्रक्रिया बुढ़ापे की मुख्य वजह बनती है।मेडिकल साइंस सिर्फ कम कर सकता है बुढ़ापे की रफ्तारइन सभी वैज्ञानिक तथ्यों और तर्कों के आधार पर शोधकर्ताओं का यह निष्कर्ष है कि भले ही आने वाले समय में मेडिकल साइंस कितनी भी आधुनिक प्रगति क्यों न कर ले, वह केवल बुढ़ापे की आने की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा या कम जरूर कर सकता है। हमारे शरीर के डीएनए में लगातार हो रहे इन प्राकृतिक बदलावों को पूरी तरह से रोक पाना किसी भी तकनीक के लिए संभव नहीं है, इसलिए इंसान के लिए मौत को हमेशा के लिए मात देना केवल एक कल्पना ही बनकर रह जाएगा।
प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रविवार को नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्हें धर्मेंद्र प्रधान के पद से त्यागपत्र के बाद शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया […] The post प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले मैनपुरी जिले का दौरा किया और यहां एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कुल 682 करोड़ रुपये की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने मंच से विभिन्न योजनाओं के 19 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट रूप से कहा कि आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज है और राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग के विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।पहले मैनपुरी का नाम लेने से घबराते थे लोग, अब मिल रहा सम्मानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में मैनपुरी की पौराणिक और ऐतिहासिक धरती को नमन किया। उन्होंने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब मैनपुरी का नाम सुनने से लोग घबराया करते थे और इस क्षेत्र के युवाओं को बाहर के जनपदों में होटलों या कमरों का किराया तक मिलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पहचान का संकट उन लोगों ने खड़ा किया था जिन्होंने आम जनता और खासकर बेटियों के मन में खौफ पैदा किया था, लेकिन आज डबल इंजन की सरकार में व्यापारी हो या युवा, वह जहां भी जाता है उसे पूरा मान-सम्मान मिलता है।सपा शासनकाल पर तंज, बिना भेदभाव मिल रहा योजनाओं का लाभसपा मुखिया और विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि पहले के मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे जागते थे, दो बजे तैयार होते थे, पांच बजे जिम करते थे और सात बजे मौज-मस्ती में लग जाते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले जब नौकरियां निकलती थीं तो पहले से ही सूचियां तैयार हो जाती थीं और नेता थैला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ते थे, लेकिन आज युवाओं को बिना किसी घूस और सिफारिश के पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू राज्य' की श्रेणी से निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत जगह बना चुका है।मैनपुरी की तारकशी को वैश्विक पहचान, कृषि और बिजली पर बड़ा बयानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मैनपुरी की पारंपरिक तारकशी कला को विश्व स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। किसानों के मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के नलकूपों को पूरी तरह से मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सीधा लाभ अन्नदाताओं तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही जुलाई महीने में मैनपुरी आने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि वे यह देखने आए हैं कि किसानों की फसलों, बिजली और पानी की क्या स्थिति है, ताकि किसी भी मोर्चे पर कोई कमी न रहे।मंदिरों के जीर्णोद्धार और कांवड़ यात्रा का जिक्रपर्यटन और संस्कृति के विकास पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि आज राज्य सरकार मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के विकास पर खुलकर काम कर रही है, जबकि पहले सरकारी धन का उपयोग अन्य जगहों पर किया जाता था। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्राओं को रोका जाता था, लेकिन डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब कांवड़ यात्रा पूरी धूमधाम और शान के साथ निकलती है और कोई भी इसे रोक नहीं सकता। अंत में उन्होंने 292 करोड़ रुपये की लागत से बने शिकोहाबाद-भोगांव मार्ग के चौड़ीकरण, स्वच्छ पेयजल योजनाओं, ऑडिटोरियम और कक्षा 1 से 12 तक के मॉडल स्कूलों के संचालन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बाजार में एक बार फिर से जबरदस्त हलचल और तेजी देखने को मिलने वाली है। अगले महीने यानी अगस्त के दौरान शेयर बाजार में बड़ा एक्शन शुरू होने जा रहा है, जहां क्विक कॉमर्स दिग्गज जेप्टो, ट्रूहॉम फाइनेंस और लॉजिस्टिक प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट समेत एक दर्जन से ज्यादा बड़ी कंपनियां अपने आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर चुकी हैं। बाजार के जानकारों और मर्चेंट बैंकरों से मिली जानकारी के अनुसार, आने वाले महीने में इन तमाम कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल पूंजी जुटाए जाने की उम्मीद है, जिससे प्राइमरी मार्केट में निवेशकों के लिए कमाई के ढेरों अवसर खुलेंगे।अगस्त में आएगा 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल आईपीओ वॉल्यूमशेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि अगस्त के महीने में आने वाले इन नए आईपीओ में नए शेयरों को जारी करने के साथ-साथ मौजूदा निवेशकों और शेयरधारकों की तरफ से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का विकल्प भी शामिल होगा। इक्विरस कैपिटल के प्रबंध निदेशक और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग हेड भावेश शाह ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा है कि मौजूदा समय में शेयर बाजार में बेहतर स्थिरता और निवेशकों के मजबूत होते भरोसे के कारण वे कंपनियां भी अब आगे आ रही हैं, जिन्होंने पहले बाजार की अनिश्चितताओं के चलते अपनी आईपीओ योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल दिया था।जेप्टो और ट्रूहॉम फाइनेंस के आईपीओ पर टिकी सबकी निगाहेंआगामी समय में आने वाले सभी आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों में सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित नाम लोकप्रिय त्वरित वाणिज्य मंच यानी जेप्टो का है। कंपनी अपनी इस योजना के तहत नए शेयर जारी करके बाजार से करीब 8,010 करोड़ रुपये तक की भारी-भरकम राशि जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही जेप्टो द्वारा लगभग 11.34 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश यानी ओएफएस भी लाया जाएगा। दूसरी ओर, प्रमुख आवास वित्त कंपनी ट्रूहॉम फाइनेंस भी लगभग 3,000 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की पूरी तैयारी में जुटी है, जिसमें 1,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और इतनी ही राशि का ओएफएस शामिल होने की संभावना है।लिस्ट में शामिल हैं शिपरॉकेट और मिल्की मिस्ट जैसी कई दिग्गज कंपनियांअगस्त के महीने में सिर्फ जेप्टो ही नहीं, बल्कि कई अन्य जानी-मानी कंपनियां भी अपने वित्तीय विस्तार के लिए पूंजी बाजार में उतरने जा रही हैं। एलिवेट कैंपसेज कुल 2,550 करोड़ रुपये के आईपीओ के तहत पूरी तरह से नए शेयरों को जारी करेगी। इसके अलावा लॉजिस्टिक स्टार्टअप शिपरॉकेट ने भी 2,342.35 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए अपने जरूरी दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं, जिसमें 1,100 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1,242.35 करोड़ रुपये का ओएफएस रखा गया है। इस लंबी फेहरिस्त में इनोवेटिवव्यू इंडिया 2,000 करोड़ रुपये तक और लोकप्रिय डेयरी ब्रांड मिल्की मिस्ट डेयरी फूड 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने की योजना पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा धूत ट्रांसमिशन, एआरसीआईएल, अर्डी इंडस्ट्रीज, गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट, रेज ऑफ बिलीफ, हाई-टेक इंजीनियर्स, शंकेश ज्वेलर्स और लर्नफ्लूएंस एजुकेशन जैसी कंपनियां भी बाजार में अपनी हिस्सेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।निवेशकों का मजबूत होता भरोसा और मौजूदा बाजार का शानदार रुझानवित्तीय बाजार के विशेषज्ञों का साफ तौर पर यह मानना है कि कंपनियों द्वारा आईपीओ लाने की इस बढ़ती हुई रफ्तार से निवेशकों के अटूट भरोसे और भारतीय शेयर बाजार में मजबूत मांग का सीधा संकेत मिलता है। चालू वर्ष के दौरान अब तक कुल 36 कंपनियां अपने आईपीओ के जरिए बाजार में दस्तक दे चुकी हैं, जिनमें से अकेले नौ कंपनियों के शेयर इसी महीने शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। इसके अलावा जुलाई के आखिरी दिनों में भी बाजार की रफ्तार सुस्त नहीं पड़ने वाली है, क्योंकि मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज और जूनिपर ग्रीन एनर्जी के आईपीओ क्रमशः 29 और 30 जुलाई को खुलने जा रहे हैं, जबकि एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स भी अगले सप्ताह ही अपना आईपीओ निवेशकों के लिए पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।
ओटीटी पर आते ही छाई 2 घंटे 32 मिनट की यह एक्शन-कॉमेडी फिल्म, नंबर 1 पर कर रही है ट्रेंड
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के मनोरंजन के लिए हर हफ्ते अनगिनत नई और पुरानी फिल्में दस्तक देती रहती हैं, लेकिन हाल ही में रिलीज हुई एक ऐसी फिल्म ने आते ही डिजिटल वर्ल्ड में गदर मचा दिया है। सिनेमाघरों में अपनी सफलता का परचम लहराने के बाद अब यह दमदार मूवी ओटीटी पर भी छा गई है और रिलीज होते ही सीधे ट्रेडिंग लिस्ट में टॉप पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि 2 घंटे 32 मिनट लंबी यह पूरी फिल्म किसी और के नहीं बल्कि साउथ सिनेमा की जानी-मानी सुपरस्टार एक्ट्रेस के दम पर आगे बढ़ती है, जिसमें दर्शकों को एक्शन और कॉमेडी का भरपूर और धमाकेदार डोज देखने को मिल रहा है।बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद अब ओटीटी पर कब्जाजो फिल्में बड़े पर्दे पर दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहती हैं, फैंस को उनकी ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार रहता है। ऐसी ही एक साउथ सिनेमा से ताल्लुक रखने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म हाल ही में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आई है। इस शानदार फिल्म की कहानी स्वर्णा नाम की एक ऐसी अनाथ लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दिखने में बेहद सीधी-साधी और भोली-भाली नजर आती है, लेकिन उसका अतीत रहस्यों और खतरों से पूरी तरह भरा हुआ होता है।शादी के बाद ऐसे पलटती है फिल्म की पूरी कहानीकहानी में आगे दिखाया गया है कि शादी के बाद स्वर्णा अपने डॉक्टर पति के परिवार का दिल जीतने की हर मुमकिन कोशिश करती है, हालांकि इस मामले में वह बार-बार असफल हो जाती है। इसके बाद उसकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब उसके अतीत के पुराने और खतरनाक दुश्मन दोबारा उसकी लाइफ में एंट्री कर लेते हैं। अपनों और खुद की रक्षा करने के लिए भोली दिखने वाली स्वर्णा हथियार उठा लेती है और एक बेहद साहसी महिला के रूप में अपने दुश्मनों को ऐसा सबक सिखाती है, जिसे देखकर उसके ससुराल वाले भी दंग रह जाते हैं।जियो हॉटस्टार पर छाई समांथा रुथ प्रभु की यह फिल्मआपको बता दें कि यह और कोई नहीं बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अदाकारा समांथा रुथ प्रभु की स्टारर तेलुगु फिल्म 'मां इंटि बंगारम' (Maa Inti Bangaaram) है, जिसे हाल ही में मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर ऑनलाइन स्ट्रीम किया गया है। ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई कर रिकॉर्ड बनाने वाली महिला प्रधान फिल्म 'मां इंटि बंगारम' ने ओटीटी पर आते ही दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है और यह वर्तमान में जियो हॉटस्टार पर नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है। हालांकि, फिल्म के दीवानों के लिए अभी यह खुशखबरी आनी बाकी है कि इस मूवी को जल्द ही हिंदी भाषा में भी ओटीटी पर रिलीज किया जा सकता है।
नमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सशस्त्र सेनाओं के साहस के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र ...
ED के शिकंजे में फंसे टामन सिंह सोनवानी, 77 लाख की रिश्वत और 7 दिन की रिमांड ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बेहद बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आयोग के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 7 दिनों की कड़े पहरे वाली ईडी रिमांड पर भेज दिया है, जिसके चलते राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से आने वाले दिनों में कई बड़े और चौंकाने वाले नाम सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है।रिश्वत के खेल और भाई-भतीजावाद के सनसनीखेज खुलासेजांच के दौरान ईडी के हाथ ऐसे पुख्ता और अकाट्य सबूत लगे हैं जो इस पूरे भ्रष्टाचार के ताने-बाने को बेनकाब कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसी के अनुसार टामन सिंह सोनवानी पर अपने कार्यकाल के दौरान भारी-भरकम घूस लेकर अपने करीबी रिश्तेदारों और अयोग्य उम्मीदवारों को मलाईदार पदों पर चयनित कराने का गंभीर आरोप है। इस पूरी चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ है, जिससे जुड़े दस्तावेजों को खंगालने के बाद यह शिकंजा कसा गया है।7 दिनों की रिमांड में होगी सिंडिकेट के अन्य चेहरों की पहचानएजेंसी की पूछताछ का दायरा जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस पूरे घोटाले से जुड़े कई और राज बाहर आने की उम्मीद है। टामन सिंह सोनवानी को सात दिनों की हिरासत में लेकर ईडी के अधिकारी उन तमाम कड़ियों और बिचौलियों की तलाश कर रहे हैं जो इस भ्रष्ट सिंडिकेट का हिस्सा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद से छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और नौकरशाही हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
CM नायब सैनी ने 'नशे से जंग' मैराथन को दिखाई हरी झंडी, 1.16 लाख रजिस्ट्रेशन का बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
हरियाणा के यमुनानगर में आज ऊर्जा और उत्साह का एक अलग ही नजारा देखने को मिला। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ आयोजित 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' मैराथन में आज पूरा शहर उमड़ पड़ा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस भव्य और ऐतिहासिक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, समाज के हर वर्ग ने इस दौड़ में हिस्सा लेकर यह साबित कर दिया है कि नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए पूरा प्रदेश अब एकजुट हो चुका है। इस बड़े आयोजन ने न केवल फिटनेस का मजबूत संदेश दिया है, बल्कि भारी भीड़ और रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन के साथ एक नया इतिहास भी रच दिया है।1.16 लाख रजिस्ट्रेशन के साथ बना नया कीर्तिमानइस मैराथन की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली बात इसका रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन रहा। स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौड़ में हिस्सा लेने के लिए 1 लाख 16 हजार से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण करवाया, जो राज्य के खेल और जागरूकता कार्यक्रमों के इतिहास में एक बहुत बड़ा कीर्तिमान है। इतनी विशाल संख्या में लोगों का सड़क पर उतरना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यमुनानगर और आसपास के इलाकों की जनता नशे के खिलाफ पूरी तरह से जागरूक और लामबंद हो चुकी है। प्रशासन ने भी इस अभूतपूर्व भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए सुरक्षा और मेडिकल के पुख्ता इंतजाम किए थे।'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' बना जन-आंदोलनमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मैराथन को रवाना करने से पहले उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नशा हमारी युवा पीढ़ी और समाज को अंदर से खोखला कर रहा है, और इसे जड़ से मिटाना सरकार के साथ-साथ आम जनता की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 'नशे से जंग, यमुनानगर के संग' अब केवल एक सरकारी नारा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। सीएम ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें खेलों और शारीरिक फिटनेस से जुड़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनकी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल हो सके।स्वास्थ्य और खेल को बढ़ावा देने पर सरकार का खास फोकसइस मैराथन के जरिए हरियाणा सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति बेहद गंभीर है। दौड़ में शामिल हुए हजारों युवाओं और महिलाओं का जोश देखते ही बन रहा था। लोकल स्तर पर आयोजित ऐसे मेगा इवेंट्स न सिर्फ सर्च इंजन और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते हैं, बल्कि धरातल पर भी युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक गतिविधियों की ओर मोड़ने में एक बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।
अपनों और 'बाहरियों' की जंग में फंसा पेंच, 11 सीटों पर लंबी मैराथन बैठक के बाद भी नहीं सुलझा समीकरण
उत्तर प्रदेश की राजनीति के गलियारों में इस समय विधान परिषद (MLC) के टिकटों को लेकर सुगबुगाहट अपने चरम पर है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर आगामी एमएलसी चुनावों की 11 सीटों को लेकर उम्मीदवारों के नामों पर मंथन का दौर जारी है, लेकिन अंदरखाने चल रही खींचतान ने पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चर्चा है कि पार्टी के भीतर लगातार इस बात पर बहस छिड़ी हुई है कि टिकट वितरण में वफादार पुराने कार्यकर्ताओं यानी 'अपनों' को तरजीह दी जाए या फिर अन्य दलों से आए दिग्गजों यानी 'बाहरियों' को मैदान में उतारा जाए। इस नफा-नुकसान के गणित के बीच कई दौर की उच्च स्तरीय बैठकों के बाद भी अभी तक सीटों पर फाइनल मुहर नहीं लग पाई है।पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की नाराजगी और दिग्गजों की दावेदारीबीजेपी कार्यालय में हुई मैराथन बैठकों में प्रदेश के तमाम बड़े नेता और रणनीतिकार शामिल हुए, लेकिन समीकरण हर बार आकर वहीं अटक जाते हैं कि सालों-साल से पसीना बहाने वाले निष्ठावान कैडर को दरकिनार न किया जाए। दूसरी ओर, राजनीतिक समीकरण साधने और चुनाव जीतने की गणित के तहत बाहरी नेताओं की मजबूत दावेदारी भी नेतृत्व पर दबाव बना रही है। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की नाराजगी मोल न लेने की चुनौती और चुनावी वैतरणी पार करने की मजबूरी के बीच पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है, जिसके चलते नामों की घोषणा में लगातार देरी हो रही है।जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन साधने की बड़ी चुनौतीउत्तर प्रदेश जैसी बड़ी राजनीतिक प्रयोगशाला में किसी भी चुनाव के लिए जातीय संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सबसे अहम कड़ी होते हैं। एमएलसी चुनाव के इन 11 पदों के लिए हर संभाग और हर बड़े वर्ग से दावेदार अपनी ताकत झोंक रहे हैं। पार्टी के रणनीतिकार इस बात पर माथापच्ची कर रहे हैं कि किस सीट पर किस चेहरे को उतारने से आगामी राजनीतिक संदेश सही जाए और विरोधियों को चारों खाने चित किया जा सके। यही वजह है कि सूचियों पर कई बार कैंची चलने के बाद भी अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है।जल्द आ सकती है नामों की सूची, सबकी निगाहें हाईकमान परराजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी आलाकमान इस बार किसी भी तरह की जल्दबाजी के मूड में नहीं है, क्योंकि हर एक सीट का नफा-नुकसान पार्टी की साख से जुड़ा हुआ है। आने वाले कुछ दिनों में तमाम वार्ताओं और केंद्रीय नेतृत्व के दखल के बाद इन सीटों पर प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया जा सकता है। फिलहाल, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक चल रही इस सियासी उठापटक पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं कि आखिर ऊंट किस करवट बैठता है।
भागदौड़ भरी जिंदगी और कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो चुके महानगरों में सुकून के दो पल बिताना आज के समय में किसी विलासिता से कम नहीं है। यदि आप भी दिल्ली की रोजमर्रा की भीड़भाड़, ट्रैफिक और प्रदूषण से उब चुके हैं और किसी ऐसी शांत जगह की तलाश में हैं जहाँ प्रकृति की गोद में शांति मिल सके, तो राजधानी के भीतर ही एक ऐसी खूबसूरत जगह छिपी है जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। यहां चारों तरफ फैली हरियाली, मन को मोह लेने वाला कमल का तालाब (Lotus Pond) और फिटनेस प्रेमियों के लिए आधुनिक ओपन-एयर जिम इस जगह को वीकेंड पर घूमने के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं।शोर-शराबे से दूर प्रकृति की गोद में बसा सुकून का आशियानादिल्ली के इस गुप्त और खूबसूरत नगीने तक पहुंचते ही आपको ऐसा महसूस होगा जैसे आप शहर के कोलाहल से कोसों दूर किसी शांत हिल स्टेशन पर आ गए हैं। इस शांत पार्क या ग्रीन जोन में प्रवेश करते ही ताजी हवा और चिड़ियों की चहचहाहट आपका स्वागत करती है। यहां की शांत और हरी-भरी वादियां तनाव को पल भर में दूर कर देती हैं। स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह मेडिटेशन, योग और सुबह-शाम टहलने के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जहां परिवार के साथ सुकून भरा समय बिताया जा सकता है।कमल के तालाब की सुंदरता और ओपन-एयर जिम का अनोखा संगमइस पार्क की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसका शानदार कमल का तालाब है, जहां खिलने वाले कमल के फूल पानी की सतह पर अद्भुत छटा बिखेरते हैं। तालाब के आसपास की साफ-सुथरी और शांत जगह फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग के शौकीनों के लिए जन्नत जैसी है। इसके साथ ही, सेहत के प्रति जागरूक लोगों के लिए यहां एक बेहतरीन ओपन-एयर जिम भी स्थापित किया गया है, जहां प्राकृतिक वातावरण के बीच खुले आसमान के नीचे एक्सरसाइज करने का एक अलग ही मजा मिलता है।इस वीकेंड बनाएं प्लान और लें ताजी हवा का आनंदयदि आप इस वीकेंड दिल्ली में कुछ नया और शांतिपूर्ण तलाश रहे हैं, तो बिना देर किए इस शानदार ठिकाने का रुख करें। मेट्रो या पर्सनल वाहन से आसानी से पहुंचने वाली यह जगह आपके संडे को बेहद खास बना देगी। काम के भारी तनाव से राहत पाने और मानसिक शांति हासिल करने के लिए यह दिल्ली का सबसे बेहतरीन और छुपा हुआ कोना साबित हो सकता है, जहां आप अपनी पूरी फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकते हैं।
सेब खाने के शौकीन हो जाएं सावधान! रॉयल गाला, गोल्डन डिलीशियस या कश्मीरी अमरी
फलों की दुनिया में 'किंग' कहे जाने वाले सेब को सेहत का खजाना माना जाता है, तभी तो कहा जाता है कि 'एन एप्पल ए डे, कीप्स द डॉक्टर अवे'। लेकिन जब हम बाजार में सेब खरीदने जाते हैं, तो हमारे सामने विकल्पों की लंबी फौज खड़ी होती है—कोई चमकदार लाल रॉयल गाला होता है, तो कोई सुनहरा गोल्डन डिलीशियस या फिर पारंपरिक कश्मीरी अमरी। हर वैरायटी का अपना अलग स्वाद, बनावट और पोषक तत्वों का पैमाना होता है। ऐसे में यह तय करना मुश्किए हो जाता है कि आखिर इनमें से कौन सा सेब हमारी सेहत और स्वाद के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है।रॉयल गाला: मिठास और क्रंचीनेस का परफेक्ट कॉम्बोइन दिनों भारतीय बाजारों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला रॉयल गाला सेब अपनी हल्की धारियों वाली छाल और जबरदस्त मिठास के लिए जाना जाता है। यह खाने में बेहद क्रंची और जूसी होता है, जिसके कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक यह सभी का पसंदीदा होता है। न्यूट्रिशन की बात करें तो इसमें डाइटरी फाइबर और नेचुरल शुगर प्रचुर मात्रा में पाई जाती है, जो तुरंत एनर्जी देने का काम करती है। यदि आपको हल्का मीठा और ताजगी से भरपूर सेब पसंद है, तो रॉयल गाला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।कश्मीरी अमरी: पारंपरिक स्वाद और लंबी शेल्फ लाइफ का राजाभारतीय सेबों की बात हो और पारंपरिक कश्मीरी अमरी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। कश्मीरी अमरी अपनी खास बनावट, थोड़े खट्टे-मीठे स्वाद और बेहतरीन मजबूती के लिए पहचाना जाता है। इस सेब की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना फ्रिज के भी लंबे समय तक खराब नहीं होता। औषधीय गुणों और आयरन से भरपूर कश्मीरी अमरी को खून बढ़ाने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिहाज से सबसे उत्तम माना जाता है, जो सदियों से भारतीयों की पहली पसंद रहा है।गोल्डन डिलीशियस और अन्य वैरायटीज का क्या है हाल?सुनहरे पीले रंग का गोल्डन डिलीशियस सेब अपने मक्खन जैसे मुलायम गूदे और हल्के टार्ट (खट्टे-मीठे) स्वाद के लिए जाना जाता है। यह बेकिंग, डेसर्ट और सलाद में इस्तेमाल करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। इसके अलावा रेड डिलीशियस अपनी खूबसूरत चमक के कारण बाजार की शान बढ़ाता है। हर वैरायटी में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलते हैं, जो दिल की सेहत और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।आपकी सेहत के लिए कौन सा सेब है सबसे मुफीद?हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि सभी सेब अपने आप में पोषक तत्वों का पावरहाउस हैं। यदि आपको डायबिटीज है या आप कम शुगर वाला सेब चाहते हैं, तो थोड़े खट्टे और फर्म सेब चुनें। वहीं, अगर आपको इंस्टेंट एनर्जी और शानदार स्वाद चाहिए, तो रॉयल गाला या कश्मीरी अमरी आपकी डाइट में चार चांद लगा सकते हैं। अगली बार जब आप फ्रूट मार्केट जाएं, तो अपनी जरूरत और स्वाद के हिसाब से सही वैरायटी का चुनाव करें और सेहतमंद रहें।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रविवार को उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की। जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा चल रही है।

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