Election Commission को सरकार ने कठपुतली बनाया, CEC Gyanesh Kumar पर भड़के Amit Chavda
अहमदाबाद में गुजरात कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनावी गड़बड़ी और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की। विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि देश भर में नागरिकों के वोटिंग अधिकार छीने जा रहे हैं और सरकार पर चुनाव आयोग को कठपुतली बनाने का आरोप लगाया। चावड़ा ने कहा, यह जन-आक्रोश इस बात से उपजा है कि देश भर में भारतीयों के वोटिंग अधिकार छीने जा रहे हैं। सरकार ने चुनाव आयोग को महज़ एक कठपुतली बना दिया है और ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल देश भर में चुनाव जीतने के लिए एक हथियार के तौर पर कर रही है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को हटाने और जेल भेजने की मांग की और कहा कि नागरिकों से वोट देने का अधिकार छीनने के लिए ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: BJP नेता Smriti Irani का हमला, हार के बाद Congress कर रही संवैधानिक संस्थाओं का अपमान उन्होंने कहा हम ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने और उन्हें जेल भेजने की मांग करते हैं। देश की जनता यह पक्का करेगी कि जिन लोगों ने देश के साथ धोखा किया है और नागरिकों से वोट देने का अधिकार छीना है खासकर सरकार और ज्ञानेश कुमार उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए और जेल भेजा जाए। अहमदाबाद शहर कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनल रमनभाई पटेल ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है। उन्होंने दावा किया कि चुनावी प्रक्रियाओं पर चर्चा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी को लेकर लगाए गए आरोपों पर लोगों का ध्यान गया है। पटेल ने कहा आज यहां हो रहे विरोध प्रदर्शन का मकसद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेना है। राहुल गांधी लंबे समय से यह बात उठाते रहे हैं कि कैसे वोट चोरी किए जा रहे हैं और कैसे बीजेपी असली जनसमर्थन के बजाय ऐसे हथकंडे अपनाकर सालों से चुनाव जीतती आ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम हटाना नागरिकों के वोट देने के अधिकार का उल्लंघन है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi Defamation Case: सुल्तानपुर कोर्ट में सुनवाई टली, 1 अक्टूबर को होगी अगली कार्यवाही उन्होंने कहा अब ठोस सबूत सामने आए हैं, जिनमें चुनाव आयोग के अधिकारियों की ओर से अलग-अलग मौकों पर गलत प्रक्रियाओं को लेकर जताई गई असहमति भी शामिल है, जिससे यह मामला सबके सामने आ गया है। वोटर लिस्ट से 16 करोड़ लोगों के नाम हटाना असल में उनके वोट देने के अधिकार का उल्लंघन है; इससे बड़ा देशद्रोह और कोई नहीं हो सकता। GPCC के मुख्य प्रवक्ता मनीष दोषी ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा करना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी थी और आरोप लगाया कि आयोग अपनी इस ज़िम्मेदारी को निभाने में नाकाम रहा है।
नीरव मोदी से जुड़े PNB धोखाधड़ी मामले में वांछित संदीप मिस्त्री को यूएई से भारत लाया गया है। जुलाई 2026 में उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी हुआ था। 28 सितंबर की रात मुंबई पहुंचने के बाद सीबीआई ने उसे हिरासत में लिया और अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उस पर फर्जी व्यापारिक लेन-देन में भूमिका निभाने के आरोप हैं।
कोई नहर, कोई नदी... बिट्टू तबाही के बाद आया सफाई का नया ट्रेंड!
बिट्टू तबाही की अजनार नदी सफाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो अलग-अलग जगहों से सफाई के ऐसे वीडियो सामने आने लगे. कहीं युवा नहर में उतरे तो कहीं लोगों ने बच्चों के लिए रास्ता साफ कर दिया.
Mansukh Hiren Case: हत्या आतंकी कृत्य नहीं, कोर्ट ने Sachin Waze को दी जमानत
एनआईए की एक विशेष अदालत ने 2021 के एंटीलिया बम की धमकी और मनसुख हिरेन हत्याकांड मामले में पूर्व पुलिसकर्मी सचिन वाज़े को ज़मानत दे दी। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष उनके ख़िलाफ़ 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत आतंकवाद का प्रथम दृष्टया मामला साबित करने में विफल रहा। स्पेशल सेशन जज चकोर एस बाविस्कर ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि अंबानी परिवार को किसी भी तरह से डराया-धमकाया गया था। 25 फरवरी, 2021 को दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक से भरी एक SUV खड़ी मिली थी। इस SUV के मालिक, बिज़नेसमैन मनसुख हिरेन, 5 मार्च, 2021 को पड़ोसी ठाणे की एक खाड़ी में मृत पाए गए थे। अदालत ने NIA द्वारा सख्त UAPA कानून लागू करने पर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि एजेंसी अंबानी परिवार के किसी भी सदस्य का बयान दर्ज करने में नाकाम रही, जिससे यह साबित हो सके कि उन्हें डराया-धमकाया गया था। इसे भी पढ़ें: जिस इलाके में हम तेल नहीं बेचते, वहां कोई और भी तेल नहीं बेचेगा”: ईरान की संसद के स्पीकर ग़ालिबाफ़ ने अमेरिका को चेतावनी दी कोर्ट ने क्या कहा कोर्ट ने कहा रिकॉर्ड में ऐसी कोई बात नहीं है जिससे यह अंदाज़ा भी लगाया जा सके कि अंबानी परिवार या उनमें से किसी को भी कभी किसी तरह से डराया-धमकाया गया हो। कोर्ट ने आगे कहा कि घटना के कुछ समय बाद से लेकर अब तक अंबानी परिवार के रोज़मर्रा के कामकाज में एक मिनट के लिए भी कोई रुकावट नहीं आई। इसे भी पढ़ें: Assembly Elections की तैयारी: Delhi में BJP अध्यक्ष Nitin Nabin ने 65 प्रभारियों संग की बैठक वाज़े के ख़िलाफ़ आतंकी कनेक्शन का कोई सबूत नहीं कोर्ट ने कहा कि भले ही प्रॉसिक्यूशन का दावा था कि वाज़े का मकसद आतंक फैलाना था या उसके कथित काम से अंबानी परिवार के मन में डर पैदा हो सकता था, लेकिन इस दावे को साबित करने के लिए रिकॉर्ड पर कोई ठोस सबूत नहीं था। कोर्ट ने यह भी बताया कि SUV से मिली जिलेटिन की छड़ों में डेटोनेटर नहीं थे, इसलिए उनसे धमाका नहीं हो सकता था। कोर्ट ने माना कि यह UAPA की धारा 15 के तहत किसी काम को आतंकी गतिविधि मानने के लिए ज़रूरी साधन की श्रेणी में नहीं आता। हिरेन की मौत के बारे में कोर्ट ने कहा कि हालांकि यह हत्या का मामला था, लेकिन यह किसी आतंकी गतिविधि का सीधा नतीजा नहीं था। कोर्ट ने कहा कि कथित हत्या भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत एक अलग अपराध है, और इसलिए इस पर UAPA के तहत ज़मानत की सख़्त शर्तें लागू नहीं होतीं। कोर्ट ने वाज़े की ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर कर ली और उसे 1 लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड और एक ज़मानतदार के साथ रिहा करने का आदेश दिया। प्रॉसिक्यूशन ने वाज़े और अन्य लोगों पर फरवरी और मार्च 2021 के बीच एक आतंकी गिरोह बनाने और आपराधिक साज़िश रचने का आरोप लगाया है।
मोनोकनी लुक में वायरल हुईं शाहनील गिल की गॉर्जियस तस्वीरें
क्रिकेटर शुभमन गिल की बहन शाहनील गिल इन दिनों अपनी वेकेशन तस्वीरों को लेकर चर्चा में हैं. शाहनील ने बीच से अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं, जिनमें उनका स्टाइलिश अंदाज नजर आ रहा है. ओपन हेयर, लाइट मेकअप और मिनिमल जूलरी के साथ उनका बीच लुक फैंस को पसंद आ रहा है. शाहनील सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं और 'द ट्रेटर्स' में भी नजर आ चुकी हैं.
CEC Gyanesh Kumar पर महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करेगी AAP, INDIA गठबंधन की बैठक से बनाई दूरी
आम आदमी पार्टी (AAP) ने घोषणा की है कि वह दिल्ली में बुधवार को होने वाली INDIA ब्लॉक की बैठक में शामिल नहीं होगी। इस बैठक का मकसद चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है। INDIA ब्लॉक की इस बैठक में चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ़ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन पर विचार किया जाना है। हालांकि, AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि पार्टी इसके बजाय संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करेगी। इसे भी पढ़ें: हेड कॉन्स्टेबल से मारपीट पर एक्शन, AAP नेता Saurabh Bharadwaj और Jarnail Singh पर FIR दर्ज सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी पहले ही साफ़ कर चुकी है कि हम INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए ऐसी बैठक में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आगे कहा, जहां तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग का सवाल है, हम पहले ही उस पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। अगर संसद में ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाया जाता है और कोई कार्रवाई होती है, तो हम सभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर यह लड़ाई लड़ेंगे। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के भी विपक्षी बैठक से दूरी बनाने की खबरों पर सिंह ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की और उस पर उत्तर प्रदेश में यादव और समाजवादी पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा करने का आरोप लगाया। सिंह ने कहा कि हम देख रहे हैं कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को कैसे परेशान कर रही है। आज हमने सुना कि कांग्रेस 150 सीटें चाहती है। कभी वे कहते हैं कि वे सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे; तो कभी कहते हैं कि उन्हें 200 सीटें चाहिए। क्या वे बीजेपी से लड़ रहे हैं या समाजवादी पार्टी से? उनके बयानों से ऐसा लगता है जैसे वे समाजवादी पार्टी से ही लड़ रहे हों। इसे भी पढ़ें: Saurabh Bharadwaj पहुंचे Vikaspuri थाना, मंत्री Parvesh Sahib Singh पर केस दर्ज करने की मांग यह राजनीतिक विवाद 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक खोजी रिपोर्ट के बाद और बढ़ गया। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान 'स्टेटवाइड इंटर-रजिस्ट्रेशन' (SIR) प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और तौर-तरीकों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं।
BP की दवा सुबह लें या रात में? टाइमिंग का सच क्या है
ब्लड प्रेशर की दवाएं सुबह लें या रात में, इस पर मरीजों में भ्रम रहता है. दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल के कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. वरुण बंसल के अनुसार, दवा बिना डॉक्टर की सलाह के बंद करना नुकसानदायक हो सकता है.
10 हजार में 5000mAh बैटरी, 50MP कैमरा और धांसू फीचर्स वाला फोन लॉन्च
स्वदेशी स्मार्टफोन मेकर AI+ ने भारत में नए स्मार्टफोन्स और टैबलेट लॉन्च किए हैं. खास बात ये है कि इसे कंपनी ने 10 हजार रुपये की कैटिगरी में उतारा है जिसमें आज कल फोन बेहद कम हो चुके हैं.
एथलेटिक्स में भारत का पहला गोल्ड, 4x400 मीटर रिले में बेटियों का कमाल
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल जीत लिया है. महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में किरण पहल, पूवम्मा माचेट्टीरा, प्राची और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 3:29.69 मिनट के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया. भारत ने इससे पहले 4x100 मीटर मिक्स्ड रिले में कांस्य भी जीता.
जंतर-मंतर पर धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन, कई नेता हिरासत में
मस्जिदों और दूसरे धार्मिक स्थलों से जुड़ी कार्रवाई के विरोध में MCIM के बैनर तले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। आयोजकों ने कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि प्रदर्शन में धार्मिक स्वतंत्रता के साथ SIR और अन्य मुद्दे भी उठाए गए। धार्मिक स्थलों को चुनकर निशाना बनाए जाने के आरोप आयोजकों के हैं।
‘5 बजे ऑफिस खाली!’ भारतीय महिला ने दिखाया जर्मनी का वर्क कल्चर
जर्मनी में काम करने वाली एक भारतीय महिला ने वहां के ऑफिस कल्चर का वीडियो शेयर किया है. शाम 5:30 बजे लगभग खाली ऑफिस देखकर वह हैरान रह गईं. उन्होंने बताया कि कर्मचारी सुबह 8 बजे आते हैं और शाम 5 बजे तक काम खत्म कर घर निकल जाते हैं.
उफनती नदी, टूटा तटबंध, उजड़ा घर; कुशीनगर के बाढ़ पीड़ितों से मिले CM योगी
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कुशीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत सामग्री वितरित कराई.
इंस्टा पर परफेक्ट, स्नैपचैट पर रॉ... Gen Z की दो डिजिटल पहचान!
जेन जी सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेफॉर्म्स पर खुद को अलग तरीके से दिखाती करती नजर आती है. इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो ज्यादा सजे हुए और सोच-समझकर साझा किए जाते हैं, वहीं स्नैपचैट पर दोस्तों के साथ रोजमर्रा के पल ज्यादा सहज तरीके से साझा किए जा सकते हैं. क्या यह जेन जी की दो डिजिटल पहचान हैं या खुद को दिखाने के अलग अंदाज?
तुम सबसे बहादुर, जिसे अंकल कहती थी अब वह... 10 साल की रेप पीड़िता को जज का भावुक संदेश
दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 साल की पॉक्सो पीड़िता तक निचली अदालत का भावुक संदेश पहुंचाने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा है कि बच्ची की बात सुनी गई है और जिसे वह अंकल कहती थी, वह जेल के पिंजरे में ही बूढ़ा होगा। पढ़ें क्या है पूरा मामला...
भारत के डिजिटल जीवन की भाषा बने हिंदी: प्रो. संजय द्विवेदी
भोपाल, 29 सितंबर। भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के पूर्व महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी का कहना है कि राजभाषा हिंदी को सरकारी फाइलों से आगे बढ़ाकर डिजिटल भारत के डिजिटल जीवन की भाषा बनाना होगा। आज हिंदी के प्रयोग का दायरा प्रशासन से निकलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल मीडिया, विज्ञान, शिक्षा, बैंकिंग और ई-कॉमर्स तक पहुंच चुका है। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा द्वारा आयोजित ‘राजभाषा हिंदी के आधुनिक प्रयोग’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए प्रो. द्विवेदी ने कहा कि ई-गवर्नेंस के दौर में सरकारी पोर्टल, मोबाइल एप और ऑनलाइन सेवाओं में सरल हिंदी का प्रयोग शासन को अधिक नागरिक-केंद्रित बना सकता है। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर पूरन चंद टंडन रहे। संचालन केशरीनंदन ने किया। इस मौके पर संस्थान के परियोजना विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनजी प्रसाद उपस्थित रहे। प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता हिंदी के लिए बड़ा अवसर है। मशीन अनुवाद, वॉइस टेक्नोलॉजी, स्पीच-टू-टेक्स्ट और जनरेटिव एआई में हिंदी की प्रभावी उपस्थिति के लिए डिजिटल कॉर्पस, शब्दकोश और आधुनिक भाषा-संसाधनों का विकास जरूरी है। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि हिंदी को विज्ञान, तकनीक और उच्च शिक्षा की भाषा के रूप में सशक्त करने के साथ डिजिटल पत्रकारिता, सोशल मीडिया, पॉडकास्ट और कंटेंट निर्माण में भी इसकी संभावनाओं का विस्तार करना होगा। उन्होंने प्रशासनिक हिंदी में सरलता, स्पष्टता और व्यवहारिकता को प्राथमिकता देने की बात कही। प्रो. द्विवेदी के मुताबिक हिंदी को अन्य भारतीय भाषाओं के बीच संवाद और ज्ञान-विनिमय की सेतु बनना चाहिए। हिंदी का भविष्य केवल सरकारी कामकाज में उसके प्रयोग से नहीं, बल्कि नई तकनीक और नए ज्ञान की दुनिया में उसकी उपस्थिति से तय होगा। कार्यक्रम में डा. चंद्रलेखा पुरोहित, डा. मेनका चौधरी, डा. कुसुमलता पुरोहित, डा. एस.सुभा और निवेदिता सिंह ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
शादी के 6 माह बाद Jubin Nautiyal बने पिता, पत्नी ने बेटे को दिया जन्म, क्या रखा बच्चे का नाम?
Jubin Nautiyal Baby:
हरदीप सिंह पुरी को यूपी से फिर राज्यसभा भेजेगी भाजपा? सूत्रों का दावा, औपचारिक घोषणा बाकी
तहलका से भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उत्तर प्रदेश से दोबारा राज्यसभा भेजने पर सहमति बन गई है। पार्टी की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। पुरी का मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होगा; नामांकन की प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो गई है।
फिर युद्ध से संकट... अब इस पेट्रोल पंप पर मिलेगा सिर्फ 30 लीटर पेट्रोल
Reliance BP और Nayara ने अपने कुछ पेट्रोल पंपों पर डीजल और पेट्रोल की बिक्री सीमित कर दी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग की वजह से ये फैसला लिया गया है, जो 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया.
यूपी में सपा संग सीट बंटवारे पर तनातनी, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ने दिया बड़ा बयान
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी रणनीति की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की तनातनी बढ़ती जा रही है. सीट बंटवारे पर बयानबाजी के बीच अब उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने बड़ा बयान दिया है. राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी.
PM Awas Yojana में किसे मिलेगा घर? नई मंजूरी के बाद जानिए पात्रता, पैसा और आवेदन का तरीका
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने अब तक 18.77 लाख घरों को मंजूरी दी है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, 10 सितंबर 2026 को हुई केंद्रीय मंजूरी एवं निगरानी समिति (CSMC) की बैठक में 29 हजार से अधिक अतिरिक्त घरों ...
ऑरोविले के अन्नपूर्णा फार्म को लेकर चल रहा विवाद अब नए चरण में पहुंच गया है। फार्म से जुड़े निवासियों ने ऑरोविले फाउंडेशन की ओर से जारी अंतिम स्थानांतरण नोटिस को चुनौती दी है। दोनों पक्षों की ओर से जमीन खाली करने की समयसीमा, वैकल्पिक जगह और जमीन के भविष्य में इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग […] यह लेख ऑरोविले के अन्नपूर्णा फार्म विवाद में नया मोड़, जमीन खाली करने के नोटिस को लेकर आमने-सामने फाउंडेशन और निवासी सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
यूपी ट्रेड फेयर में दिखी 75 जिलों की 75 महिला उद्यमियों की ताकत
गांव से ग्लोबल तक की महिलाओं की यात्रा केवल कारोबार के विस्तार की कहानी नहीं, बल्कि अपने नाम, अपने ब्रांड और अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ती नारी शक्ति की कहानी है.
'अभिजीत दीपके बौद्ध और दलित हैं', CJP संस्थापक के बारे में क्या बोले रामदास आठवले
रामदास आठवले ने कहा कि CJP संस्थापक अभिजीत दीपके हाल ही में राजनीति में आए हैं, जबकि वह खुद लंबे समय से दलितों और OBC से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘दीपके महाराष्ट्र से हैं, बौद्ध हैं और दलित समाज से आते हैं।’
'हार की समीक्षा की जगह EC पर हमला...', कांग्रेस पर बरसीं स्मृति ईरानी
भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया है. स्मृति ईरानी का कहना है कि चुनाव में बार-बार मिल रही हार की समीक्षा करने के बजाय कांग्रेस अब सीधे चुनाव आयोग पर निशाना साध रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है या वहां उन्हें क्लीन चिट देती है.
चुनाव आयोग पर कितना भरोसा, पूर्व CEC रावत और पूर्व EC लवासा ने दिया जवाब
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव साउथ 2026 में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और SIR को लेकर अहम चर्चा हुई. पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत और पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने कई मुद्दों पर बेबाक राय रखी.
विराट का परफेक्ट ODI बल्लेबाज: सचिन की स्ट्रेट ड्राइव और सहवाग का कट
क्रिकेट के खेल में हर बल्लेबाज की अपनी एक अनूठी शैली, तकनीक और खूबी होती है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि अगर क्रिकेट इतिहास के अलग-अलग दिग्गजों की सबसे बेहतरीन खूबियों को आपस में मिला दिया जाए, तो एक 'परफेक्ट वन-डे इंटरनेशनल (ODI) बल्लेबाज' कैसा दिखाई देगा? आधुनिक युग के महान बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) ने हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान इसी सवाल का जवाब देते हुए अपनी पसंद साझा की है।विराट कोहली ने बल्लेबाजी के विभिन्न शॉट्स, तकनीक और मैदान पर स्किल के आधार पर क्रिकेट जगत के कई महान खिलाड़ियों को चुनकर एक आदर्श ओडीआई बल्लेबाज की रूपरेखा तैयार की है। उनकी इस खास लिस्ट में भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों से लेकर दुनिया भर के कई दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं। आइए जानते हैं कोहली ने किस स्किल के लिए किस खिलाड़ी को चुना है।स्ट्रेट ड्राइव के लिए मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकरजब बात सीधे बल्ले से खेले जाने वाले सबसे खूबसूरत शॉट यानी 'स्ट्रेट ड्राइव' की आती है, तो क्रिकेटप्रेमियों के जेहन में सबसे पहला नाम महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का ही आता है। विराट कोहली ने भी इस प्रतिष्ठित शॉट के लिए अपने आदर्श सचिन तेंदुलकर का ही चुनाव किया है। अपने करियर के दौरान सचिन ने इस शॉट का इतनी बार और इतनी खूबसूरती से इस्तेमाल किया है कि यह उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी पहचान बन गया था।कवर ड्राइव और फ्लिक शॉट के लिए ये दिग्गजमैदान के अलग-अलग हिस्सों में स्ट्रोक खेलने के मामले में विराट कोहली ने अन्य दिग्गजों को भी अपनी इस ड्रीम लिस्ट में जगह दी है:कवर ड्राइव (Cover Drive): शानदार कवर ड्राइव खेलने के लिए कोहली ने श्रीलंका के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) को चुना है, जिनकी तकनीक बेहद क्लासिक मानी जाती है।फ्लिक शॉट (Flick Shot): लेग साइड में गजब की कलाई का इस्तेमाल करते हुए गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने वाले फ्लिक शॉट के लिए कोहली ने भारत के पूर्व भरोसेमंद बल्लेबाज राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को चुना है।कट शॉट और सिक्स हिटिंग के लिए विस्फोटक खिलाड़ीमैदान पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले ताबड़तोड़ शॉट्स के लिए भी विराट ने बड़े नामों को चुना है:कट शॉट (Cut Shot): अपनी आक्रामक और निडर बल्लेबाजी शैली के लिए मशहूर पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) को कोहली ने परफेक्ट कट शॉट के लिए चुना है।स्वीप शॉट (Sweep Shot): स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ मैदान पर बेहतरीन स्वीप शॉट खेलने की महारत के लिए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मैथ्यू हेडन (Matthew Hayden) का नाम इस लिस्ट में शामिल है।सिक्स हिटिंग पावर (Six Hitting): दुनिया भर के गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाली लंबी छक्के लगाने की ताकत के लिए कोहली ने वेस्टइंडीज के विस्फोटक खिलाड़ी क्रिस गेल (Chris Gayle) को चुना है।विकेटों के बीच दौड़ के लिए एबी डिविलियर्स का चुनावकेवल बाउंड्री लगाना ही नहीं, बल्कि विकेटों के बीच गजब की फुर्ती के साथ तेजी से रन चुराना भी एक बेहतरीन बल्लेबाज की बहुत बड़ी खूबी होती है। इस मामले में विराट कोहली ने अपने करीबी दोस्त और दक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स (AB de Villiers) को चुना है, जो अपनी अविश्वसनीय रनिंग बिटवीन द विकेट्स के लिए जाने जाते थे। इस तरह सचिन, सहवाग, संगकारा, द्रविड़, हेडन, गेल और डिविलियर्स की खूबियों को मिलाकर कोहली का यह परफेक्ट ओडीआई बल्लेबाज तैयार होता है।
Rahul Gandhi Defamation Case: सुल्तानपुर कोर्ट में सुनवाई टली, 1 अक्टूबर को होगी अगली कार्यवाही
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की एक विशेष अदालत में मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख तय की। परिवादी एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय मिश्र की ओर से पेश अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने 21 सितंबर को बहस शुरू की थी, लेकिन उनकी दलीलें पूरी नहीं हो सकी थीं। इसके बाद विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने आगे की सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख तय की थी। हालांकि, 29 सितंबर को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। पांडेय ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण चंद्र श्रीवास्तव के निधन के कारण वकील कामकाज से दूर रहे, जिससे आज सुनवाई नहीं हो सकी। राहुल पर 2018 में बेंगलुरु में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। भाजपा नेता मिश्र ने कांग्रेस नेता के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इस मामले में अदालत ने राहुल को 27 नवंबर 2023 को तलब किया था। कांग्रेस नेता ने अदालत में पेश होकर जमानत कराई थी। बाद में मिश्र ने राहुल की आवाज का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी, जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया था। सत्र अदालत और उच्च न्यायालय ने भी मिश्र का यह अनुरोध ठुकरा दिया था।
चीन के हांगझोउ में चल रहे महाकुंभ यानी 2026 एशियाई खेलों (Asian Games 2026) में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। भारत के स्टार लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एक बार फिर अपनी अद्भुत दौड़ और शानदार रणनीति के दम पर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। गुलवीर सिंह ने इन खेलों में अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए पुरुषों की 5000 मीटर रेस के फाइनल मुकाबले में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल (Bronze Medal) पर कब्जा कर लिया है।इस रोमांचक और कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली रेस में गुलवीर ने अपनी सहनशक्ति का परिचय देते हुए निर्धारित दूरी को 13 मिनट 32.75 सेकंड में पूरा किया और तीसरे स्थान पर रहे। इस जीत के साथ ही गुलवीर सिंह ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है, क्योंकि वे एक ही संस्करण के एशियाई खेलों में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले भारत के पहले एथलीट बन गए हैं।रोमांचक मुकाबले में बहरीन और जापान के धावकों को कड़ी टक्करपुरुषों की 5000 मीटर फाइनल रेस का यह मुकाबला बेहद कड़ा और कांटे की टक्कर वाला रहा। इस इवेंट में स्वर्ण पदक (Gold Medal) बहरीन के प्रतिभाशाली धावक बिरहानु बालेव (Birhanu Balew) ने अपने नाम किया, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 मिनट 30.79 सेकंड में रेस पूरी की।वहीं, जापान के धावक टोमोनोरी यामागुची (Tomonori Yamaguchi) ने 13 मिनट 31.43 सेकंड का समय लेते हुए दूसरा स्थान हासिल किया और सिल्वर मेडल (Silver Medal) अपने नाम किया। भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने शुरुआत से ही अपनी गति को नियंत्रित रखते हुए अंत तक पदक की दौड़ में मजबूत पकड़ बनाए रखी और कांस्य पदक देश की झोली में डाल दिया। इस तरह इस प्रतिष्ठित इवेंट में तीनों पदक विजेताओं का फैसला बेहद मामूली अंतर से हुआ।एक ही एशियन गेम्स में तीन मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने गुलवीरगुलवीर सिंह के लिए यह एशियाई खेल अविश्वसनीय रहे हैं और उन्होंने एक के बाद एक मेडल जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 5000 मीटर की रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतने से पहले, गुलवीर ने 10000 मीटर की रेस में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता था, जहां उन्होंने 28:29.38 मिनट का समय लिया था।इसके बाद उन्होंने 1500 मीटर की रेस में भी अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (Personal Best Record) करते हुए सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया था, जिसे उन्होंने 3:36.72 मिनट में पूरा किया था। अब 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतने के साथ ही वे एक ही एशियन गेम्स में तीन व्यक्तिगत पदक जीतने वाले देश के इकलौते ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए हैं।भारत के कुल पदकों की संख्या पहुंची 49 परगुलवीर सिंह की इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही 2026 एशियाई खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। खास बात यह है कि इस इवेंट में मूल रूप से भारत की ओर से किसी अन्य एथलीट के उतरने की योजना थी, लेकिन किसी अपरिहार्य कारण से वे रेस का हिस्सा नहीं बन सके, जिसके बाद गुलवीर सिंह को इस स्पर्धा में मौका मिला। गुलवीर ने मिले हुए इस अवसर को पूरी तरह से भुनाया और अपनी ऐतिहासिक जीत से देश को गौरवान्वित कर दिया।
शादी के 4 महीने बाद 24 साल की IT इंजीनियर ने दी जान, ससुरालवालों पर ये आरोप
पुणे में शादी के चार महीने बाद 24 साल की IT इंजीनियर वैष्णवी गिसरे की मौत हो गई. परिवार ने पति और ससुराल वालों पर 5 लाख रुपये और चार पहिया वाहन के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. पढ़ें पूरी कहानी.
नीरव मोदी केस में CBI का एक्शन, UAE से वांटेड आरोपी संदीप मिस्त्री को भारत लाया गया
नीरव मोदी के पीएनबी बैंक फ्रॉड केस में वांछित संदीप मिस्त्री को सीबीआई ने विदेश और गृह मंत्रालय की मदद से यूएई से डिपोर्ट करवाकर भारत लाया. उस पर फर्जी कारोबार दिखाने, नकली दस्तावेज बनवाने, नाम मात्र के डायरेक्टरों को धमकाकर दस्तखत कराने और यूएई की फर्जी कंपनियों के खातों से पैसा निकालने के आरोप हैं.
'हिमेश जी क्यों गाया?' जय अंबे बोल गाने पर उठे सवाल, नाराज हुए यूजर्स
हिमेश रेशमिया और श्रेया घोषाल का गाना ‘जय अंबे बोल’ सोशल मीडिया पर चर्चा में है. किसी ने कोरियोग्राफी को खराब बताया तो किसी ने हिमेश की आवाज पर सवाल उठाए.
भारत में 22 LPA या 48K यूरो इन जर्मनी! टेक प्रोेफेशनल ने मांगी मदद
नौकरी अच्छी है... पैसे भी अच्छे मिलते हैंलेकिन ऑफिस दूर है... इस तरह की दुविधा आपने भी कभी न कभी जरूर फेस की होगी. हैदराबाद के एक आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि भारत में उसे 22 लाख के नौकरी का पैकेज मिला है लेकिन एक ऑफर ने उसे दुविधा में डाल दिया है.
गुटखा तस्कर भागा, कार की छत पर चढ़ा पुलिसवाला, CM ने सम्मानित किया
तमिलनाडु के कोयंबटूर में गुटखा तस्करी रोकने के दौरान हेड कांस्टेबल वेलमुरुगन ने भागती कार की छत पर करीब 40 किलोमीटर तक सफर किया. पुलिस ने अविनाशी के पास कार को रोककर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और 231 किलो गुटखा बरामद किया. इस साहसिक कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री ने खुद वेलमुरुगन से मुलाकात कर उनकी सराहना और बधाई दी.
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी सत्र के दौरान व्यापक स्तर पर सुस्ती और गिरावट का माहौल देखने को मिला। हालांकि, इस कमजोरी के बावजूद टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंडस टावर्स (Indus Towers) के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी और तेजी दर्ज की गई। सत्र के शुरुआती दौर में यह स्टॉक कुछ समय के लिए लाल निशान में फिसल गया था, लेकिन पहले घंटे का कारोबार पूरा होने के बाद इसमें लगातार लिवाली लौट आई और सत्र के अंत तक यह अपने दिन के ऊपरी स्तरों के करीब पहुंच गया।बाजार की गिरावट के विपरीत इंडस टावर्स के शेयरों का हरे निशान में बंद होना निवेशकों के लिए राहत भरा रहा। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इंडस टावर्स के शेयरों में आई इस तेजी का सीधा कनेक्शन वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है।नोमुरा की रिपोर्ट और वोडाफोन आइडिया के नए फ्री रोमिंग प्लान्सइंडस टावर्स में आई इस तेजी के पीछे वोडाफोन आइडिया को लेकर बने सकारात्मक कारोबारी सेंटीमेंट्स हैं। दिग्गज ब्रोकरेज फर्म 'नोमुरा' (Nomura) ने मंगलवार को अपनी एक ताजा रिसर्च रिपोर्ट जारी की है, जिसमें वोडाफोन आइडिया द्वारा अपने प्रीपेड, पोस्टपेड और एंटरप्राइज प्लान्स के साथ फ्री इंटरनेशनल रोमिंग (Free International Roming) देने के फैसले को एक बेहद रणनीतिक और स्मार्ट कदम बताया गया है।ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का यह कदम भविष्य में उसके सब्सक्राइबर बेस को रोकने (Subscriber Retention) और नए ग्राहक जोड़ने में मददगार साबित हो सकता है, हालांकि इससे कंपनी के औसत प्रति यूजर राजस्व (ARPU) पर हल्का दबाव पड़ सकता है। पिछले हफ्ते ही वोडाफोन आइडिया ने ₹501 से शुरू होने वाले पोस्टपेड प्लान्स, सालाना अनलिमिटेड डेटा प्रीपेड प्लान्स और कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए ₹451 से शुरू होने वाले प्लान्स में फ्री इंटरनेशनल रोमिंग की सुविधा जोड़ी है। पहली बार किसी टेलीकॉम कंपनी ने बड़े पैमाने पर इसे स्टैंडअर्ड सुविधा के तौर पर शामिल किया है, जिसके चलते मंगलवार को वोडाफोन आइडिया के शेयरों में भी आधे फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई।वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर बेस में स्थिरता के संकेतवोडाफोन आइडिया के कारोबारी मोर्चे पर पहले के मुकाबले अब सुधार के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। कंपनी के सब्सक्राइबर बेस में फरवरी 2026 से लगातार जारी गिरावट का सिलसिला अब थम गया है। हाल ही में अगस्त के महीने में कंपनी ने 5 लाख से अधिक नए नेट मोबाइल सब्सक्राइबर जोड़े हैं, जिससे इसका वायरलेस मार्केट शेयर करीब 15.4% पर बना हुआ है। इन तमाम सकारात्मक संकेतों से निवेशकों का भरोसा कंपनी पर फिर से बढ़ रहा है।इंडस टावर्स को इस सुधार से क्या और कैसे फायदा मिलेगाइंडस टावर्स के कारोबार के लिए वोडाफोन आइडिया एक अहम और दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक (Client) है। ऐसे में वोडाफोन आइडिया की वित्तीय और व्यावसायिक स्थिति में सुधार होने का सीधा फायदा इंडस टावर्स को मिलना तय माना जा रहा है। AGR (Adjusted Gross Revenue) से राहत मिलने के बाद वोडाफोन आइडिया द्वारा अपने पूंजीगत खर्च (Capex) और 5G नेटवर्क कवरेज के विस्तार पर अधिक जोर दिए जाने की उम्मीद है।इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया द्वारा की जाने वाली नई टावर टेनेंसी (Tenancy) का लगभग 80% हिस्सा अकेले इंडस टावर्स को मिलने की पूरी संभावना है। वोडाफोन आइडिया के कारोबार में मजबूती आने से इंडस टावर्स के लिए टावर की डिमांड और टेनेंसी में बड़ा उछाल आ सकता है। इसके अलावा, बेहतर होती व्यावसायिक स्थिति के बीच निवेशकों को यह भी उम्मीद है कि इंडस टावर्स अपनी आकर्षक डिविडेंड पॉलिसी (Dividend Policy) को आगे भी जारी रखेगा, जिससे स्टॉक को लेकर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
नेपाल में लैंडस्लाइड से मच गया हाहाकार, यूपी और बिहार में जारी अलर्ट
नेपाल में एक बार फिर भारी बारिश और लैंडस्लाइ़ड के चलते हाहाकार मच गया है. नेपाल में लगातार बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए हैं. अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं. बागलुंग जिले में भूस्खलन से एक घर मलबे में दब गया. हादसे में एक महिला और उसके तीन बेटों की मौत हो गई.
'मैं भारत फिर आऊंगी'.. मनचले को पकड़ने के लिए इजरायल की यूट्यूबर ने राजस्थान पुलिस को कहा Thank You
राजस्थान के अजमेर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ युवक एक इजरायली पर्यटक से छेड़छाड़ कर रहे हैं. तीन साल पुराना वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने कार्रवाई कर मनचलों को गिरफ्तार कर लिया.
राहुल रोज रट रहे 'वोट चोरी' का राग, चिदंबरम ने SIR को दे दी क्लीन चिट? बोले- मुझे नहीं लगता...
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन्होंने कहा कि अगर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ बड़ी लड़ाई छेड़ी जाएगी।
BPSC को पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभागाध्यक्ष के 218 पदों पर नहीं मिला एक भी आवेदन
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने मंगलवार को कहा कि राज्य के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग में 218 पदों पर भर्ती के लिए पिछले साल जारी विज्ञापनों के जवाब में उसे “एक भी आवेदन” नहीं मिला। बीपीएससी ने एक बयान में कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभागाध्यक्ष सहित संकाय सदस्यों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे, लेकिन इनके जवाब में एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। बिहार में सरकारी नौकरियों के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन करने की स्थिति के बीच यह घटनाक्रम बीपीएससी के लिए असामान्य है। राज्य की आबादी का घनत्व देश में सबसे अधिक है और सरकारी नौकरियों के प्रति युवाओं में काफी रुचि रहती है। आयोग ने कहा कि उसने इन नौ विज्ञापनों से संबंधित मांग-पत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस भेज दिए हैं। बीपीएससी ने मंगलवार को जारी एक ‘‘महत्वपूर्ण सूचना’’ में कहा, ‘‘बीपीएससी ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत राजकीय पॉलिटेक्निक और राजकीय महिला पॉलिटेक्निक संस्थानों में विभिन्न विभागों/विषयों में विभागाध्यक्ष के कुल 218 रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए 26 अगस्त 2025 को विज्ञापन संख्या 91/2025 से 107/2025 तक जारी किए थे।”उसने बताया कि इनमें से नौ विज्ञापनों—96/2025, 97/2025, 98/2025, 99/2025, 101/2025, 102/2025, 103/2025, 104/2025 और 107/2025—के तहत कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। आयोग ने बताया कि इसके बाद इन विज्ञापनों के लिए फिर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए, लेकिन इस बार भी कोई आवेदन नहीं मिला। बीपीएससी ने कहा कि इन विज्ञापनों के संबंध में आयोग के स्तर पर आगे कोई कार्रवाई अपेक्षित नहीं थी, इसलिए संबंधित मांग-पत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को वापस भेज दिए गए हैं। बीपीएससी ने 16 विषयों में विभागाध्यक्ष के 218 पद के लिए आवेदन मांगे थे। इनमें मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 33, कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग के 43, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 42, सिविल इंजीनियरिंग के 45, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के 39, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के तीन, अग्नि प्रौद्योगिकी एवं सुरक्षा के दो और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के दो पद शामिल थे। इसके अलावा, प्रिंटिंग प्रौद्योगिकी, खान इंजीनियरिंग, फैशन एवं कपड़ा प्रौद्योगिकी, केमिकल इंजीनियरिंग, सिरेमिक्स इंजीनियरिंग, सिविल (ग्रामीण) इंजीनियरिंग, खाद्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण तथा कृषि इंजीनियरिंग के एक-एक पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव अहमद महमूद ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हां, विभाग को इस संबंध में बीपीएससी से सूचना मिली है। हम इसकी जांच करेंगे और उसके बाद आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय लेंगे।
भारतीय शेयर बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेगमेंट की दिग्गज कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Ola Electric Mobility) के शेयरों पर दबाव लगातार बना हुआ है। मंगलवार को कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस बीच, दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म 'एचएसबीसी' (HSBC) ने ओला इलेक्ट्रिक के स्टॉक को लेकर एक बेहद सतर्क करने वाली रिपोर्ट जारी की है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर अपनी 'Reduce' (घटाएं) रेटिंग को बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹24 का टारगेट प्राइस तय किया है।यह टारगेट प्राइस पिछले कारोबारी दिवस के बंद भाव (₹37.86) के मुकाबले लगभग 37 प्रतिशत की संभावित भारी गिरावट को दर्शाता है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कंपनी के कारोबार के मोर्चे पर बैटरी निर्माण और लोकलाइजेशन में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन ब्रांड को दोबारा मजबूत करने और बाजार में अपनी रणनीतिक स्थिति को बनाए रखने से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं।बैटरी निर्माण और लोकलाइजेशन में प्रगति, लेकिन चुनौतियां बरकरारएचएसबीसी की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, ओला इलेक्ट्रिक की गीगा फैक्ट्री (Giga Factory) में बैटरी निर्माण और स्थानीयकरण (Localization) की रफ्तार में सुधार देखने को मिल रहा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले 6 से 9 महीनों में बैटरी की उत्पादन क्षमता का बेहतर उपयोग हो सकेगा और इसका यील्ड (Yield) मौजूदा लगभग 70 प्रतिशत से बढ़कर करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।इसके अलावा, कंपनी अपने कारोबार के विभिन्न हिस्सों में ऑटोमेशन को बढ़ा रही है और कामकाज को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रही है, जिससे प्रबंधन के मार्जिन में सुधार के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सकारात्मक पहलुओं के बावजूद ब्रोकरेज ने साफ किया है कि ब्रांड की विश्वसनीयता को दोबारा बहाल करना और ऑपरेशंस को प्रभावी ढंग से लागू करना निवेशकों के लिए मुख्य रूप से निगरानी करने वाले क्षेत्र (Watchpoints) बने हुए हैं।5 अक्टूबर को होने वाली है महत्वपूर्ण बोर्ड बैठकइस बीच, ओला इलेक्ट्रिक ने आने वाले सप्ताह में 5 अक्टूबर को अपनी एक अहम बोर्ड बैठक (Board Meeting) बुलाई है, जो शेयर बाजारों और अन्य नियामक प्राधिकारियों (Regulatory Authorities) से मिलने वाली सैद्धांतिक मंजूरी के अधीन है।इस आगामी बोर्ड बैठक में आंशिक रूप से चुकता इक्विटी शेयर जारी करके ₹1,000 करोड़ तक की पूंजी जुटाने वाले प्रस्तावित राइट्स इश्यू (Rights Issue) की विभिन्न शर्तों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। इनमें राइट्स इश्यू की कीमत (Issue Price), भुगतान का तरीका, राइट्स मिलने का अनुपात (Ratio), रिकॉर्ड डेट और इश्यू के समय से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।विश्लेषकों की क्या है राय? 8 में से 6 ने दी ‘Sell’ रेटिंगब्लूमबर्ग के एनालिस्ट्स के आंकड़ों पर नजर डालें तो ओला इलेक्ट्रिक को कवर करने वाले कुल 8 प्रमुख विश्लेषकों में से 6 ने ‘Sell’ (बेचने) की रेटिंग दी है, जबकि केवल 2 विश्लेषकों ने ‘Hold’ (धोखे से बचने/पकड़े रहने) की सलाह दी है। राहत की बात यह है कि किसी भी ब्रोकरेज या एनालिस्ट ने इस समय स्टॉक पर ‘Buy’ (खरीदने) की रेटिंग नहीं दी है। विश्लेषकों का 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस ₹29.14 के आसपास है, जो शेयर के मौजूदा कारोबारी स्तर से काफी नीचे है।मंगलवार को कारोबार के दौरान ओला इलेक्ट्रिक का शेयर फिसलकर ₹36.30 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया था, हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी भी देखने को मिली। वर्ष 2026 में अब तक यह शेयर मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है, लेकिन पिछले एक साल के आंकड़ों को देखें तो निवेशकों को इसमें करीब 30 प्रतिशत तक का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। किसी भी नए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, आवास और अग्निवीर आरक्षण के
अखिलेश यादव ने कांग्रेस से क्यों कहा- प्रत्याशी का नाम बताइए, सीट ले जाइए
उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर सियासी जंग छिड़ गई है. अखिलेश यादव ने कांग्रेस के सामने शर्त रखते हुए साफ कर दिया है कि केवल मांगों से नहीं, बल्कि 'विनिंग कैंडिडेट' और उम्मीदवारों के ठोस नाम देने पर ही सीटें दी जाएंगी.
Meerut में मस्जिद के बाहर हनुमान चालीसा पाठ के ऐलान से पुलिस अलर्ट, केसरगंज में बढ़ाई गई सुरक्षा
उत्तर प्रदेश के मेरठ में केसरगंज मंडी स्थित एक मस्जिद के पास मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ किए जाने के ऐलान के बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में हिन्दू संगठन की नेता पिंकी चौधरी ने मस्जिद के पास हनुमान चालीसा ...
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने आज सक्रिय राजनीति में उतरने का ऐलान कर उत्तर प्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। मित्तल ने साफ किया कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल के सहारे नहीं, बल्कि स्वतंत्र मंच के जरिए जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत इसी प्रदेश से होगी। एक वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने बताया कि प्रशासनिक सेवा के दौरान जनता के बीच काम करते हुए उन्हें कई ऐसी हकीकतों का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि सरकारी मंजूरी, धन और नियम-कायदे मौजूद होने के बावजूद आम लोगों की अनेक समस्याएं वर्षों तक जस की तस पड़ी रहती हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों की आवाज सरकार तक पहुंच ही नहीं पाती और जिनकी आवाज पहुंचती भी है, उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती। मित्तल ने एक दूरदराज के गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के ग्रामीण पांचवीं कक्षा के आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय की मांग कर रहे थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, लेकिन वर्षों गुजर जाने के बाद भी विद्यालय का निर्माण शुरू नहीं हो सका। मित्तल के अनुसार, इस मामले में धन या नियमों की अड़चन नहीं थी, बल्कि इरादे की कमी सबसे बड़ी बाधा थी। उन्होंने एक भूमिहीन लाभार्थी का मामला भी सामने रखा, जिसे सरकारी दस्तावेजों में जमीन का आवंटन तो हो चुका था, लेकिन उसे जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल पाया। मित्तल ने दावा किया कि जांच में रिपोर्टों में अनियमितताएं सामने आईं और सुधारात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने ऐसे मामलों में कथित तौर पर ऊपरी स्तर के हस्तक्षेप पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब किसी व्यक्ति को कानून और सरकारी व्यवस्था के तहत राहत मिलनी तय हो, तब भी उसे अपने अधिकार के लिए भटकना पड़े तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसे भी पढ़ें: UP MLC Election: BJP ने 6 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, वाराणसी से केदारनाथ सिंह प्रत्याशी राजनीति में आने के पीछे अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए मित्तल ने ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल आधारभूत सुविधाओं, असुरक्षित सड़कों, परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में रोजगार की चुनौतियों को प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना है कि इन विषयों पर केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि गंभीर सार्वजनिक बहस और दीर्घकालिक नीति की जरूरत है। दिव्या मित्तल ने कहा कि वह ऐसी राजनीति करना चाहती हैं जिसमें इरादा, न्याय, संवेदनशीलता और दूरगामी सोच केंद्र में हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल मौजूदा नेताओं को हटाकर नए चेहरों को स्थापित करना नहीं है, बल्कि राजनीति के काम करने के तरीके में बदलाव लाना है। किसी राजनीतिक दल में शामिल होने की अटकलों को खारिज करते हुए मित्तल ने कहा कि वह सीधे जनता के साथ काम करेंगी और अपना स्वतंत्र राजनीतिक मंच तैयार करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस्तीफे के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर तरह-तरह की अफवाहें फैलाई गईं, जिनका उद्देश्य नए लोगों को सार्वजनिक जीवन में आने से हतोत्साहित करना था। मित्तल ने शिक्षकों, किसानों, विद्यार्थियों, चिकित्सकों, मजदूरों और वकीलों समेत समाज के अलग-अलग वर्गों से उनके अभियान से जुड़ने की अपील की। उनका कहना है कि सार्थक राजनीतिक बदलाव केवल किसी एक व्यक्ति के प्रयास से नहीं, बल्कि जनता की व्यापक भागीदारी से संभव है।
सुप्रीम कोर्ट का बंगाल SIR मामले पर तत्काल सुनवाई से इनकार, 6 अक्टूबर को होने हैं उपचुनाव
चुनाव आयोग के हलफनामे के अनुसार, नंदीग्राम में 6,643 अपीलों में से 89 और रेजीनगर में 12,452 अपीलों में से केवल 4 मतदाताओं के नाम अब तक सूची में बहाल हुए हैं. कांग्रेस ने इसके लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बड़ी संख्या में वैध मतदाता प्रभावित हुए हैं.
Lava का सस्ता 5G फोन लॉन्च, 6000mAh बैटरी, 50MP कैमरा
स्वदेशी स्मार्टफोन मेकर लावा ने भारत में एक नया बजट स्मार्टफोन लॉन्च किया है. कंपनी ने इस फोन में बड़ी बैटरी, हाई स्पीड रिफ्रेश रेट वाली स्क्रीन के साथ 5G सपोर्ट भी दिया है.
'पूरा वंदे मातरम् गाओ...', बांसुरी स्वराज के वीडियो पर ऋतिक का रिएक्शन वायरल
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज का अगस्त का बयान ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया के बाद फिर वायरल हुआ है. राहुल गांधी ने पुणे में महिलाओं से पितृसत्ता को तोड़ने की अपील की थी और मनुस्मृति वाली सोच की आलोचना की थी. जवाब में स्वराज ने उन्हें पूरा वंदे मातरम् गाने की चुनौती दी और इसे कांग्रेस के सिर्फ दो छंद गाने के फैसले से जोड़ा. उन्होंने दोनों के बीच का संबंध साफ नहीं किया. रुचिरा चतुर्वेदी ने वीडियो शेयर कर सवाल उठाया. ऋतिक के कमेंट को 10 हजार से ज्यादा लाइक मिले और लोगों ने मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं.
आज की भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें मानसिक तनाव, अवसाद और हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) सबसे आम समस्याएं बन चुकी हैं। इन समस्याओं का सीधा असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता (Fertility) पर पड़ता है, जिससे कई बार प्राकृतिक रूप से गर्भधारण (Conceive) करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई दिल्ली में आयोजित सातवीं राष्ट्रमंडल परिचारिका एवं प्रसूति विद्या महासंघ की संगोष्ठी में प्रस्तुत किए गए एक नए और क्रांतिकारी शोध ने चिकित्सा जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थान संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन ने बांझपन और गर्भधारण की चुनौती से जूझ रही महिलाओं के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। इस शोध के अनुसार, यदि महिलाएं अपनी दैनिकचर्या में हठयोग (Hathayoga) को शामिल करें, तो न केवल उनका मानसिक तनाव कम होता है, बल्कि हार्मोनल संतुलन सुधरने से गर्भधारण की संभावनाएं भी काफी हद तक बढ़ जाती हैं।एसजीपीजीआई का नया शोध: हठयोग से कम होता है तनाव और सुधरता है हॉर्मोनल तंत्रएसजीपीजीआई के मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ प्रो. डॉ. इंदुलता साहू के अनुसार, गर्भधारण न हो पाने या कंसीव करने में देरी होने के पीछे मानसिक तनाव और अवसाद सबसे बड़ी बाधा के रूप में सामने आते हैं। जब महिला के शरीर में तनाव का स्तर बढ़ता है, तो शरीर में कार्टिसोल (Cortisol) नामक स्ट्रेस हॉर्मोन का स्राव तेजी से बढ़ जाता है।इस रसायन का सीधा और नकारात्मक प्रभाव महिला के अंडाशय (Ovaries) पर पड़ता है, जिससे अंडों के निर्माण की प्राकृतिक प्रक्रिया बाधित होती है और भ्रूण का गर्भाशय में रोपण (Implantation) होना कठिन हो जाता है। शोधकर्ताओं ने बांझपन परामर्श केंद्र में उपचार करा रही महिलाओं पर यह अध्ययन किया, जिसमें लगातार दो सप्ताह तक प्रतिदिन 60 मिनट का हठयोग अभ्यास कराया गया। इसके चौंकाने वाले और सकारात्मक परिणाम सामने आए:महिलाओं में चिंता (Anxiety) का स्तर 41.3 प्रतिशत तक घट गया।अवसाद (Depression) का स्तर 35.3 प्रतिशत तक कम हो गया।मानसिक तनाव (Mental Stress) में 30.3 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।हठयोग की 60 मिनट की संपूर्ण कार्यप्रणाली और अभ्यास विधियोगाचार्य डॉ. सत्यराम के अनुसार, हठयोग शरीर की चंद्र और सूर्य दोनों प्रकार की ऊर्जाओं में अद्भुत संतुलन स्थापित करने का काम करता है। इसमें शारीरिक आसन, श्वास लेने की प्रक्रिया (प्राणायाम) और ध्यान को एक साथ जोड़ा जाता है। शोध में अपनाई गई 60 मिनट की इस विशेष दिनचर्या को आप भी आसानी से अपना सकती हैं:वार्म-अप और प्रारंभिक तैयारी (5 मिनट): सुबह के समय खाली पेट, किसी स्वच्छ और हवादार स्थान पर योगा मैट बिछाएं। ढीले और सूती वस्त्र पहनें। इसके बाद गर्दन, कंधों और कमर को हल्के-हल्के घुमाकर मांसपेशियों को खोलें।योगासन का अभ्यास (30 मिनट): हर आसन में 20 से 30 सेकंड तक रुकें और सामान्य सांस लेते रहें। इसमें भद्रासन (तितली आसन) जो श्रोणि क्षेत्र में रक्त संचार तेज करता है, भुजंगासन जो गर्भाशय को सक्रिय करता है, सेतुबंधासन जो थायराइड को संतुलित कर दबाव घटाता है, और विपरित करणी मुद्रा जो शरीर को पूर्ण विश्राम देती है, शामिल हैं।प्राणायाम (15 मिनट): नाड़ी शुद्धि के लिए अनुलोम-विलोम (5 मिनट), चिंता तुरंत शांत करने के लिए भ्रामरी (5 मिनट) और गहरी सांस लेने का दीर्घ श्वसन (5 मिनट) अभ्यास करें।ध्यान और विश्राम (10 मिनट): पालथी मारकर बैठकर सांसों पर ध्यान केंद्रित करें (8 मिनट) और अंत में शवासन (2 मिनट) के माध्यम से पूरे शरीर को पूर्ण रूप से ढीला छोड़ दें।
37 की उम्र में क्यों खौफनाक हुआ विराट का बल्ला? 100 शतक तो बस बहाना है!
वेस्टइंडीज के खिलाफ 88 गेंदों में नाबाद 139 रन और 9 छक्कों की विराट कोहली की पारी ने उनके बदले हुए बल्लेबाजी अंदाज की कहानी फिर सामने रख दी. टेस्ट क्रिकेट से विदाई के बाद विराट अब वनडे में शुरुआत से ही ज्यादा आक्रामक नजर आ रहे हैं.
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान के बीच डायबिटीज (मधुमेह) आज एक बेहद आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। शरीर में ब्लड ग्लूकोज का स्तर किस तरह मैनेज होता है, यह काफी हद तक हमारी रोजमर्रा की आदतों, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करता है। देश के जाने-माने एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. अंबरीश मित्थल (चेयरमैन, एंडोक्राइनोलॉजी एंड डायबिटीज, मैक्स हेल्थकेयर, दिल्ली) के अनुसार, केवल ब्लड शुगर को कम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे एक निश्चित और सुरक्षित सीमा के भीतर नियंत्रित बनाए रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।ब्लड शुगर का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाना यानी 'हाइपरग्लाइसीमिया' (Hyperglycemia) या फिर बहुत अधिक कम हो जाना यानी 'हाइपोग्लाइसीमिया' (Hypoglycemia), दोनों ही स्थितियां डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकती हैं। आमतौर पर जब किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर स्तर 70 mg/dL या उससे नीचे चला जाता है, तो उसे हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति कहा जाता है। इसके पीछे कई मुख्य कारण हो सकते हैं, जैसे जरूरत से ज्यादा इंसुलिन की खुराक ले लेना, दो भोजन के बीच बहुत लंबा अंतराल होना, या फिर सामान्य से अधिक कठिन व्यायाम कर लेना।अचानक शुगर घटने पर अपनाएं '15-15 का अचूक नियम'यदि किसी डायबिटीज के मरीज को अचानक घबराहट, अत्यधिक बेचैनी, ठंडा पसीना आना या शरीर में कंपकंपी महसूस हो और जांच करने पर ब्लड शुगर 70 mg/dL से कम मिले, तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों द्वारा '15-15 का नियम' (Rule of 15-15) अपनाने की सलाह दी जाती है:पहला कदम (15 ग्राम कार्ब्स): शुगर लेवल कम होने पर तुरंत 15 ग्राम तेजी से पचने वाले कार्बोहाइड्रेट का सेवन करें। इसके लिए आप 100 से 150 मिलीलीटर कोई नियमित मीठा पेय (जूस या शुगर सिरप) या ग्लूकोज की गोली ले सकते हैं।दूसरा कदम (15 मिनट इंतजार): कार्बोहाइड्रेट लेने के बाद ठीक 15 मिनट तक शांत बैठें और दोबारा अपने ब्लड शुगर की जांच करें।तीसरा कदम: यदि 15 मिनट बाद भी आपका शुगर लेवल 70 mg/dL से कम बना हुआ है, तो 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की एक खुराक फिर से लें। यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक शुगर सामान्य स्तर पर न आ जाए।इसके अलावा, यदि आप व्यायाम (Exercise) करने जा रहे हैं और उससे पहले आपका शुगर स्तर कम है, तो वर्कआउट से पहले एक छोटा फल या एक कप दूध जैसी हल्की चीज जरूर ले लें। व्यायाम के तुरंत बाद भोजन करने से बचें, खासकर वे लोग जो इंसुलिन लेते हैं।ब्लड शुगर बढ़ने पर क्या करें और इसके क्या हैं प्रमुख लक्षणकई बार दवा या इंसुलिन की निर्धारित खुराक समय पर न लेने, अधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने, अत्यधिक मानसिक तनाव में रहने या पर्याप्त नींद न मिलने के कारण ब्लड शुगर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यदि आपका ब्लड शुगर स्तर 250 mg/dL या उससे अधिक पहुंच जाए और साथ ही बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, उल्टी होना, सांस लेने में तकलीफ या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हों, तो बिना देर किए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपनी दवाइयों या इंसुलिन की मात्रा में बदलाव करना सुरक्षित होता है।इस स्थिति से बचने के लिए अपने दैनिक आहार में अधिक मात्रा में फाइबर और पर्याप्त प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। तनाव और खराब जीवनशैली को सुधारकर भी शुगर के स्तर को नियंत्रित रखा जा सकता है।डायबिटीज को मैनेज करने के लिए किन बातों का रखें खास ख्यालडायबिटीज को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए केवल दवाइयां खा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके लिए एक अनुशासनबद्ध दिनचर्या की आवश्यकता होती है। नीचे दिए गए बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें:खान-पान में सतर्कता: भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और दो मील्स के बीच का अंतराल आपके ब्लड ग्लूकोज को सीधा प्रभावित करता है। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बचें और साबुत अनाज, कांप्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और हेल्दी फैट्स को अपने भोजन का हिस्सा बनाएं।दवाइयों और इंसुलिन का सही इस्तेमाल: बिना ब्लड शुगर की रीडिंग देखे खुद से इंसुलिन की डोज में बदलाव न करें। इंसुलिन लगाने की सही तकनीक, उसकी सही स्टोरेज और इंजेक्शन की जगह बदलते रहना बेहद जरूरी है।तनाव और नींद का प्रबंधन: अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हॉर्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड शुगर को अचानक बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, रोजाना 7-8 घंटे की पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद लेना भी डायबिटीज मैनेजमेंट का एक अहम हिस्सा है।नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग: केवल एक-दो बार रीडिंग देखने के बजाय अपने पूरे दिन के पैटर्न को समझें। यह देखें कि किस समय शुगर बढ़ती है और किस गतिविधि का उस पर क्या असर पड़ता है। नियमित निगरानी आपको सही समय पर सही कदम उठाने का अवसर देती है।
कतील शिफाई के बोल और अनु मलिक के म्यूजिक ने इस गाने में वो जादू क्रिएट किया कि आज 33 साल बाद भी कुमार सानू और अल्का याग्निक की आवाज में ये गाना यंगस्टर्स की पसंद है.
रौंगटे खड़े कर देगा VIDEO...! सांड से हुई टक्कर में Land Rover के उड़े परखच्चे
Land Rover Discovery Bull Accident: इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मौके से सामने आई तस्वीरों में SUV की हालत इतनी खराब दिखाई दे रही है कि उसे पहचानना तक मुश्किल हो गया. ये हादसा इतना भीषण था कि, दो लोगों की मोके पर ही मौत हो गई.
आर्थिक तंगी से पाना है छुटकारा: लाल किताब का यह अचूक उपाय तिजोरी में रख देगा पैसों का अंबार
मानव जीवन में कड़ी मेहनत के बावजूद कई बार लोगों को अप्रत्याशित वित्तीय संकट, आर्थिक तंगी और लगातार धन हानि का सामना करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र और लाल किताब के जानकारों के अनुसार, घर में मौजूद कुछ नकारात्मक ऊर्जा या वास्तु दोषों के कारण व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अर्श से फर्श पर आ सकती है। यदि आपके पास भी पैसा टिकता नहीं है और लाख कोशिशों के बाद भी फिजूलखर्ची पर लगाम नहीं लग पा रही है, तो लाल किताब में बताए गए कुछ बेहद सरल और अचूक उपाय आपकी इन सभी समस्याओं का स्थाई समाधान कर सकते हैं।लाल किताब के ये आजमाए हुए उपाय न केवल धन को आकर्षित करते हैं, बल्कि घर की तिजोरी में बरकत बनाए रखने में भी अत्यंत सहायक साबित होते हैं। यदि आप भी अपनी तिजोरी या पैसों के स्थान पर धन का स्थायी वास चाहते हैं, तो यह छोटा सा उपाय आपके लिए बेहद चमत्कारिक साबित हो सकता है।लाल किताब का अचूक उपाय: तिजोरी में ऐसे रखें चांदी का टुकड़ायदि आपके घर में भी धन टिकता नहीं है और बेवजह के खर्चों की वजह से हमेशा आर्थिक तनाव बना रहता है, तो लाल किताब में बताए गए इस उपाय को अवश्य आजमाएं। इसके लिए आपको एक छोटा, चौकोर और बिना जोड़ का चांदी का टुकड़ा लेना होगा। इस चांदी के टुकड़े को कुछ देर के लिए शुद्ध शहद (Honey) में अच्छी तरह डुबोकर रख दें।शहद से निकालने के बाद इस चांदी के टुकड़े को एक साफ लाल रंग के कपड़े में लपेटकर अपनी घर की तिजोरी या पैसों रखने की अलमारी के भीतर सुरक्षित रख दें। तिजोरी में इसे इस प्रकार रखें कि सामान्य रूप से आते-जाते समय इस पर किसी बाहरी व्यक्ति की नजर बार-बार न पड़े। लाल किताब के अनुसार, यह उपाय न केवल आपकी तिजोरी में धन को आकर्षित करता है, बल्कि बिना वजह होने वाले खर्चों पर भी प्रभावी रोक लगाता है। इस एक अचूक उपाय से धीरे-धीरे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने लगती है और धन की बचत होने लगती है।किस दिन और किस समय करना चाहिए यह उपायकिसी भी धार्मिक या ज्योतिषीय उपाय का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसे सही नियम और उचित समय पर किया जाए। लाल किताब के इस उपाय को आप यूं तो किसी भी शुभ दिन में कर सकते हैं, लेकिन यदि इसे शुक्रवार के दिन किया जाए तो इसके परिणाम कई गुना अधिक प्रभावशाली होते हैं। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है, इसलिए धन, वैभव और समृद्धि से जुड़ा कोई भी उपाय इसी दिन करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।इसके साथ ही समय का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। यह उपाय हमेशा सुबह सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले ही किया जाना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रात के समय या सूर्यास्त के बाद धन से जुड़े इस तरह के उपाय करने से बचना चाहिए, क्योंकि रात्रि काल में नकारात्मक ऊर्जाएं अधिक सक्रिय होती हैं, जिससे उपायों का पूर्ण और सकारात्मक फल प्राप्त नहीं हो पाता है।पर्स में रखें चांदी का यह टुकड़ायदि आप घर की बड़ी तिजोरी में इस उपाय को नहीं कर पा रहे हैं, तो आप अपनी सुविधा के अनुसार इस उपाय को अपने दैनिक उपयोग वाले पर्स (Wallet) में भी आजमा सकते हैं। इसके लिए चांदी का एक छोटा सा समतल और चौकोर टुकड़ा लेकर अपने पर्स के गुप्त खाने में रख लें। ध्यान रहे कि वह टुकड़ा पूरी तरह साफ और सपाट होना चाहिए। पर्स या धन रखने के अन्य स्थानों पर चांदी का यह टुकड़ा रखने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और जातक को कभी भी अचानक धन के संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
आंध्र प्रदेश: कसाई शफी ने कल्याणी का गला रेता, शव के 9 टुकड़े कर नहर में फेंका
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी कसाई और उसकी दुकान पर काम करने वाले उसके सहयोगी को हिरासत में ले लिया है।
Home Buying Sentiment Survey 2026 के मुताबिक 50% संभावित खरीदार अगले दो साल में घर खरीदना चाहते हैं. जानिए बजट, EMI, Job Security और 2-3 BHK को लेकर खरीदारों की पसंद और चुनौतियां. इसमें डेवलपर्स के लिए संदेश भी छिपा है.
सनातन हिंदू धर्म में एकादशी की तिथि को अत्यंत पवित्र और भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। यह तिथि केवल उपवास का दिन नहीं है, बल्कि जगत के पालनहार श्री हरि का स्मरण कर उनकी विशेष कृपा प्राप्त करने का उत्तम अवसर होती है। साल में आने वाली सभी 24 एकादशियों में से 'इंदिरा एकादशी' का अपना एक विशिष्ट और अद्वितीय धार्मिक महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को 'इंदिरा एकादशी' (Indira Ekadashi 2026) के रूप में मनाया जाता है।इस वर्ष इंदिरा एकादशी का यह पावन व्रत पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के बीच पड़ रहा है, जिसके कारण इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व कई गुना अधिक बढ़ गया है। पितृ पक्ष के दिनों में विष्णु आराधना और पितृ तर्पण का यह दुर्लभ संयोग पूर्वजों को मोक्ष दिलाने वाला माना जाता है। आइए जानते हैं कि इस साल इंदिरा एकादशी की सही तिथि क्या है, यह व्रत कौन-कौन रख सकता है और क्या बेटियां अपने पितरों की शांति के लिए इस व्रत का पालन कर सकती हैं।इंदिरा एकादशी 2026 की सही तिथि और शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस वर्ष आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को तड़के 2 बजकर 7 मिनट पर होगा। वहीं, इस तिथि का समापन 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को रात्रि 12 बजकर 34 मिनट पर होगा। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, इस वर्ष इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार के दिन ही रखा जाएगा। व्रत का पारण द्वादशी तिथि के दिन सूर्योदय के पश्चात नियमों के अनुसार किया जाएगा।इंदिरा एकादशी का व्रत कौन-कौन रख सकता हैहिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, एकादशी का व्रत किसी भी आयु, लिंग या वैवाहिक स्थिति के व्यक्ति द्वारा रखा जा सकता है। इसमें किसी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। परिवार के विवाहित पुरुष और महिलाएं तो इस व्रत का पालन करती ही हैं, साथ ही अविवाहित लड़के और लड़कियां भी श्रद्धापूर्वक इंदिरा एकादशी का व्रत रख सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य संबंधी कारणों को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिलाओं, अतिवृद्ध बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस उपवास से विशेष छूट दी जाती है।क्या बेटियां अपने पितरों के लिए रख सकती हैं इंदिरा एकादशी का व्रतअक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या घर की बेटियां अपने दिवंगत माता-पिता या पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध और व्रत कर सकती हैं? इस संबंध में गरुड़ पुराण और सनातन ग्रंथों में बहुत स्पष्ट विधान बताया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार, घर की बेटियां भी अपने पितरों की आत्मा की शांति, मोक्ष और उनकी तृप्ति के लिए इंदिरा एकादशी के व्रत का पूरी निष्ठा के साथ पालन कर सकती हैं।यदि किसी परिवार में कोई पुरुष संतान (पुत्र) नहीं है अथवा पुत्र अपने पितृ ऋण को चुकाने या श्राद्ध कर्म करने में असमर्थ है, तो ऐसी स्थिति में घर की बेटी को अपने पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण, ब्राह्मण भोजन और एकादशी का व्रत करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। आधुनिक समय में बेटियां हर मोर्चे पर अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रही हैं और पितृ पक्ष में उनका यह धार्मिक योगदान भी पूरी तरह फलदायी माना गया है।इंदिरा एकादशी पर किस प्रकार के पितरों का होता है श्राद्धधार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान आने वाली एकादशी तिथि पर मुख्य रूप से उन पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण संपन्न किया जाता है, जिनकी मृत्यु किसी भी पक्ष की एकादशी तिथि को हुई हो। इस विशेष श्राद्ध को 'एकादशी श्राद्ध' या 'ग्यारस श्राद्ध' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना के साथ-साथ पितरों का स्मरण करने से अकाल मृत्यु को प्राप्त आत्माओं को भी शांति मिलती है।तर्पण और पूजा की सरल विधिइंदिरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा के दौरान श्री हरि को पीले फूल, रोली, अक्षत और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद अपनी क्षमता और श्रद्धा के अनुसार पितरों के निमित्त जल से तर्पण करें। इस पावन दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र और अपनी सामर्थ्यनुसार दान देना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पितृ पक्ष में कुतुप और रोहिणी मुहूर्त को श्राद्ध कर्म के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन सच्चे मन से भगवान विष्णु का ध्यान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।
सनातन हिंदू धर्म में माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा और उज्जवल भविष्य के लिए सालभर में कई कठिन उपवास रखती हैं, जिनमें 'जितिया' या 'जीवित्पुत्रिका व्रत' (Jivitputrika Vrat 2026) का स्थान सबसे सर्वोच्च माना जाता है। इस साल जितिया का यह अत्यंत पावन और निर्जला व्रत 03 अक्टूबर 2026, मंगलवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन माताएं बिना अन्न और जल के करीब 24 से 36 घंटे का कठिन उपवास रखकर भगवान जीमूतवाहन और महाकाल की आराधना करती हैं।धार्मिक मान्यताओं और लोक परंपराओं के अनुसार, जितिया का व्रत केवल व्रत रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि व्रत संपन्न होने या पारण के समय माताएं अपनी संतानों को कुछ विशेष पवित्र प्रतीक, प्रसाद और वस्तुएं भेंट करती हैं। ऐसा माना जाता है कि पूजा के बाद बच्चों को ये चीजें देने से भगवान जीमूतवाहन की असीम कृपा और आशीर्वाद सदैव उन पर बना रहता है, जिससे उनकी हर मनोकामना पूरी होती है और जीवन में आने वाली समस्त बाधाएं टल जाती हैं। आइए जानते हैं कि जितिया के दिन बच्चों को कौन सी 5 चीजें अवश्य देनी चाहिए।1. जितिया का पवित्र रक्षा सूत्र या धागाजितिया व्रत के दिन बच्चों की रक्षा और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए उनकी कलाई या गले में पवित्र रक्षा सूत्र बांधना अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। पूजा समाप्त होने के बाद माताएं भगवान जीमूतवाहन का स्मरण करते हुए लाल या पीले रंग का सूती धागा अपने बच्चों को धारण कराती हैं। धार्मिक मान्यता है कि यह पवित्र धागा बच्चों को किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और अकाल कष्टों से सुरक्षित रखता है तथा उन्हें जीवनभर आरोग्य का वरदान दिलाता है।2. नए वस्त्र भेंट करनाजितिया के पावन अवसर पर माताएं अपनी क्षमता के अनुसार बच्चों को नए कपड़े भी भेंट कर सकती हैं। सनातन संस्कृति में नए वस्त्रों को हमेशा शुभता, नए उत्साह और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। व्रत का पारण करने और भगवान जीमूतवाहन की विधिवत पूजा करने के बाद बच्चों को नए वस्त्र पहनाना और उसके पश्चात उन्हें घर के बड़े-बुजुर्गों का चरण स्पर्श करवाकर आशीर्वाद दिलाना बहुत फलदायी माना जाता है। इससे बच्चों के जीवन में सकारात्मकता और उन्नति के मार्ग खुलते हैं।3. मौसमी फल और पारंपरिक छोटा खीराजितिया व्रत की पूजा और कथा में छोटे-छोटे कच्चे खीरे का विशेष और अनिवार्य महत्व होता है। इसे वंश वृद्धि, पारिवारिक विस्तार और संतान के सुदीर्घ जीवन का प्रतीक माना जाता है। पूजा संपन्न होने के बाद माताएं यह खीरा और अन्य ताजे मौसमी फल अपने बच्चों को प्रसाद के रूप में अवश्य देती हैं। खीरे और फलों का यह भोग बच्चों को शारीरिक रूप से ऊर्जावान बनाने के साथ-साथ उनके बौद्धिक विकास में भी सहायक माना जाता है।4. बच्चों की पसंद के खिलौने या उपहारयदि आपकी संतान छोटी उम्र की है, तो जितिया के दिन उनकी खुशी और मुस्कान का ध्यान रखते हुए उन्हें उनकी पसंद का कोई छोटा खिलौना या उपहार अवश्य देना चाहिए। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टिकोण से बच्चों को प्रसन्न करना साक्षात ईश्वर को प्रसन्न करने के समान माना जाता है। बच्चों को उपहार देने से उनका मन प्रफुल्लित होता है और घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा तथा पारिवारिक सुख-शांति का वास होता है।5. पारंपरिक ठेकुआ और चने का प्रसादजितिया के पर्व पर बनने वाला ठेकुआ और भुने हुए चने का प्रसाद भगवान जीमूतवाहन को सबसे प्रिय भोग माना जाता है। पूजा के दौरान अर्पित किए गए इस पवित्र प्रसाद को जब माताएं अपने बच्चों को अपने हाथों से खिलाती हैं, तो इसे बहुत ही शुभ माना जाता है। शुद्ध घी और गुड़ से बना ठेकुआ बच्चों को शारीरिक शक्ति और स्फूर्ति प्रदान करता है। जितिया के दिन इस प्रसाद को ग्रहण करने से बच्चों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है और उन्हें दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
‘मेरी बिल्डिंग गिर रही...’, शराब के नशे में बुजुर्ग ने पुलिस को कर दी कॉल
दिल्ली के मैदान गढ़ी इलाके में रहने वाले बुजुर्ग नरेंद्र ने शराब के नशे में पुलिस को फोन कर अपनी ही बिल्डिंग गिरने की सूचना दे दी. यह कॉल दोपहर करीब 3 बजे की गई थी. कॉल मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस, एनडीआरएफ और एमसीडी की टीमों में हड़कंप मच गया और सभी मौके पर पहुंचने लगे. लेकिन वहां किसी तरह का जान माल का नुकसान नहीं हुआ था. नरेंद्र नशे में थे और घर के अंदर जाने को तैयार नहीं थे.
फेस्टिव सीजन में जॉब ही जॉब, 4 लाख से ज्यादा गिग वेकेंसी तैयार!
ई-कॉमर्स सेल्स और त्योहारी सीजन के चलते देश में नौकरियों की सुनामी आ गई है. अब तक 4 लाख से ज्यादा गिग नौकरियां पैदा हो चुकी हैं, जबकि अमेजन और फ्लिपकार्ट अकेले 1-1 लाख से ज्यादा सीजनल वेकेंसी दे रहे हैं. जानिए पार्ट-टाइम काम करके हर महीने 50,000 रुपये तक कमाने का तरीका और अप्लाई करने के डायरेक्ट ऑफिशियल लिंक्स.
Kerala local body bypolls में सत्ताधारी UDF ने 18 वार्ड जीते, LDF को मिलीं 16 सीटें
केरलम में सत्ताधारी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को सोमवार को हुए स्थानीय निकाय उपचुनावों में झटका लगा क्योंकि उसे अपनी कुछ मौजूदा सीटें गंवानी पड़ीं। यूडीएफ ने 38 वार्डों में हुए उपचुनाव में से 18 पर जीत हासिल की। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के आंकड़ों के अनुसार, यूडीएफ ने 18 सीटें जीतीं, माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ को 16 सीटें मिलीं, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने एक सीट जीती और तीन वार्ड निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गए। रिपोर्ट के अनुसार यूडीएफ ने चिरयिनकीझु विधानसभा क्षेत्र की दो सीट समेत करीब चार मौजूदा सीटें गंवाई हैं, जहां से कांग्रेस विधायक रम्या हरिदास ने विधानसभा चुनाव जीता था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चिरयिनकीझु में हरिदास और कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं के बीच हाल में हुई हाथापाई तथा इसके बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का कांग्रेस की संभावनाओं पर असर पड़ा सकता है। पत्तनमथिट्टा जिले में उपचुनाव वाली सभी सीटें यूडीएफ ने जीतीं, जबकि कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले एर्नाकुलम जिले में चार में से केवल दो सीटें उसके खाते में आईं। कोट्टायम जिले में उपचुनाव वाली तीन में से दो सीटें एलडीएफ ने जीतीं। वहीं पलक्कड़ जिले में उपचुनाव वाली सात सीटों में से चार पर वाम मोर्चे ने जीत दर्ज की। यूडीएफ ने वायनाड जिले की मनंतवाडी की पल्लीक्कल डिवीजन और कोझिकोड जिले की कुट्टिचिरा वार्ड सीट जीती। हालांकि इस बार इन सीटों पर उसकी जीत का अंतर केवल कुछ सौ वोट रहा, जबकि पिछली बार इन सीटों पर हुए चुनाव में जीत का अंतर एक हजार से अधिक था। रिपोर्ट के अनुसार इन परिणामों में बिजली कटौती, मंत्रियों की विदेश यात्राओं और बाढ़ राहत सहायता में देरी जैसे मुद्दों पर एलडीएफ की ओर से वी. डी. सतीशन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार की आलोचना का असर दिखाई दे सकता है। सत्ता में आने के बाद चार महीने के अपने कार्यकाल के दौरान यूडीएफ को इन मुद्दों के अलावा सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी सहित कई अन्य मामलों पर एलडीएफ के हमलों का लगातार जवाब देना पड़ा है। इन मुद्दों को लेकर वाम मोर्चा खासतौर पर मुख्यमंत्री सतीशन को निशाना बनाता रहा है। उपचुनाव में कुल 58.81 प्रतिशत मतदान हुआ। कन्नूर में सबसे अधिक 84.55 प्रतिशत और कोट्टायम में सबसे कम 54.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। उपचुनाव में कुल 1,82,160 लोगों ने मतदान किया, जिनमें 84,070 पुरुष और 98,090 महिलाएं शामिल थीं।
भारतीय कूटनीति और विदेश नीति के मोर्चे पर पिछले कुछ महीनों से वैश्विक स्तर पर चल रहे समीकरणों के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका की धरती से बहुत ही स्पष्ट, कड़े और दो टूक शब्दों में अपनी बात रखी है। अमेरिका के अपने आधिकारिक दौरे के दौरान न्यूयॉर्क में 'एशिया सोसायटी' (Asia Society) द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच पिछले डेढ़ वर्षों से द्विपक्षीय रिश्तों में आ रहे तनाव और असहजता पर खुलकर अपनी राय रखी।एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में मुख्य रूप से दो सबसे बड़े और संवेदनशील मुद्दों—व्यापारिक मतभेदों (Trade Differences) और पड़ोसी देश पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकवाद (Cross-Border Terrorism)—पर भारत के दृष्टिकोण को बेहद दृढ़ता के साथ दुनिया के सामने रखा। उन्होंने अमेरिकी नेतृत्व और पश्चिमी देशों को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि रणनीतिक साझेदार देश भारत की सुरक्षा और प्राथमिक संवेदनाओं का सम्मान नहीं करते हैं, तो इसका सीधा असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की गहराई पर पड़ेगा।'आतंकवाद पर हमारी संवेदनाओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं'आतंकवाद के मुद्दे को भारत के लिए सबसे सर्वोच्च और संवेदनशील प्राथमिकता करार देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि दुनिया में ऐसे बहुत ही कम देश होंगे जिन्होंने अपने पड़ोसी राष्ट्र की ओर से प्रायोजित और जान-बूझकर पोषित आतंकवाद को उस हद तक झेला है, जितना भारत ने भुगता है।उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, एक-दूसरे की संवेदनाओं का ख्याल रखना किसी भी मजबूत साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है। आतंकवाद एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे लिए अत्यंत संवेदनशील है। जो विषय हमारे राष्ट्रीय हित और सुरक्षा के लिए इतना महत्वपूर्ण है, यदि कोई हमारा साझेदार देश हमारी इन प्रमुख चिंताओं और चेतावनियों का पर्याप्त ख्याल नहीं रखता है, तो यह स्वाभाविक है कि इसका नकारात्मक असर हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा। जानकारों का मानना है कि विदेश मंत्री का यह बयान परोक्ष रूप से अमेरिका और पश्चिमी देशों द्वारा पाकिस्तान के साथ बढ़ रहे सैन्य व कूटनीतिक मेल-मिलाप पर भारत की गहरी असहमति और चिंता को दर्शाता है।अमेरिका-पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों और अमेरिकी रुख पर भारत की पैनी नजरविदेश मंत्री का यह तीखा और स्पष्ट बयान इसलिए भी अत्यधिक सामयिक और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर नज़दीकियां बढ़ती हुई दिखाई दी हैं। हाल के वर्षों में वाशिंगटन द्वारा उठाए गए कुछ कदमों, जैसे कि ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के दावे और अमेरिकी व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर का स्वागत किया जाना, ने नई दिल्ली में रणनीतिक हलकों को असहज किया है।भारत इन घटनाक्रमों को बहुत बारीकी से देखता रहा है, लेकिन अब तक सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की मुखर प्रतिक्रिया देने से परहेज करता रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग करने की भारत की कूटनीति को हाल के दिनों में तब धक्का लगता दिखा जब अमेरिका के साथ-साथ कई प्रमुख यूरोपीय देशों ने भी पाकिस्तान के साथ अपने आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाना शुरू कर दिया। नई दिल्ली की सबसे बड़ी आशंका यह है कि पश्चिमी देशों के इस नरम रुख का फायदा उठाकर पाकिस्तान एक बार फिर अपनी पुरानी हरकतों यानी सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने की गुंजाइश तलाश सकता है।व्यापारिक समझौतों पर दो टूक: 'भारत अपने छोटे उत्पादकों और किसानों के हितों से समझौता नहीं कर सकता'केवल सुरक्षा और आतंकवाद ही नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौतों (Trade Deals) के पेंच पर भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने देश के आर्थिक हितों की रक्षा करते हुए कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं में भारत अपने घरेलू हितों, छोटे उत्पादकों, लघु उद्योगों और कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हट सकता।जयशंकर ने स्वीकार किया कि भारत और अमेरिका की आर्थिक संरचना में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने समझाया, हमें इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि भारत मुख्य रूप से छोटे उत्पादकों, छोटे कृषि उत्पादकों और छोटी फैक्ट्रियों व कुटीर उद्योगों का एक विशाल समाज है। भारत और अमेरिका के बीच प्रति व्यक्ति आय का भारी अंतर होने के अलावा उत्पादन का स्वरूप और हमारे सामाजिक-आर्थिक ढांचे की प्रकृति भी पूरी तरह भिन्न है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में इसलिए देरी हुई क्योंकि जमीनी हकीकत की जटिलताएं बहुत गहरी थीं, और अब इस दिशा में अमेरिकी कानून की धारा 301 (Section 301) की प्रक्रिया के तहत आगे की रूपरेखा तय की जा रही है।इस बीच, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी अमेरिका दौरे पर होने की खबर है, जहां वे मिलवाकी में जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे और दोनों देशों के बीच अटके अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी समकक्षों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्री के इस स्पष्ट और दो टूक संदेश ने यह साबित कर दिया है कि नया भारत अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और आर्थिक संप्रभुता के मामले में अपने मित्रों और साझेदारों से भी स्पष्ट संवाद करने से पीछे नहीं हटता है।
भारतीय सैन्य इतिहास में 29 सितंबर की तारीख एक ऐसी स्वर्णिम और निर्णायक उपलब्धि के रूप में दर्ज है, जिसने देश की रक्षा नीति और रणनीतिक सोच को हमेशा के लिए बदल दिया। आज भारत वर्ष 2016 में नियंत्रण रेखा (LoC) के पार अंजाम दी गई ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक के पूरे 10 वर्ष (एक दशक) पूरे कर रहा है। यह वह साहसिक सैन्य कार्रवाई थी जिसने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दे दिया था कि नया भारत आतंकवाद के खिलाफ केवल कूटनीतिक बयानों और विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति रखता है।इस ऐतिहासिक कदम ने आने वाले वर्षों में सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ बड़े, निर्णायक और आक्रामक अभियानों की रूपरेखा तैयार की। यह सर्जिकल स्ट्राइक सीधे तौर पर 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी (Uri) सेक्टर स्थित आर्मी ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए उस कायरतापूर्ण आतंकी हमले के खिलाफ की गई त्वरित और सटीक जवाबी कार्रवाई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।उरी का वह काला दिन: जब 19 वीर सैनिकों ने दी सर्वोच्च शहादतवर्ष 2016 के सितंबर महीने की शुरुआत भारतीय सुरक्षा बलों के लिए बेहद दर्दनाक रही थी। जैश-ए-मोहम्मद (JeH) के पाकिस्तानी आतंकियों ने 18 सितंबर की सुबह उरी में सेना के शिविर पर सोए हुए जवानों पर अचानक फिदायीन हमला बोल दिया था। इस भीषण आतंकी हमले में डोगरा रेजिमेंट की 10वीं बटालियन और बिहार रेजिमेंट की 6वीं बटालियन के कुल 19 वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। हमले के दौरान टेंट और बैरकों में आग लगने के कारण भारी क्षति हुई थी।इससे पहले साल 2014 के मोहुरा कैंप हमले और साल 2016 की शुरुआत में पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमलों ने देश के भीतर गहरी नाराजगी पैदा कर दी थी। उरी की इस घटना ने सरकार और सेना के लिए यह अनिवार्य कर दिया था कि अब इस प्रकार के दुस्साहस का ऐसा कड़ा जवाब दिया जाए जो दुश्मन के रोंगटे खड़े कर दे।जब पैरा कमांडोज ने नियंत्रण रेखा पार कर तबाह किए आतंकी लॉन्च पैड्सउरी हमले के महज दो सप्ताह के भीतर भारतीय सेना के उच्च नेतृत्व ने बेहद गोपनीय और अचूक योजना तैयार की। 28 और 29 सितंबर 2016 की दरमियानी रात भारतीय सेना की विशिष्ट और पराक्रमी इकाई 'पैरा स्पेशल फोर्सेज' (Para SF) के कमांडोज ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए नियंत्रण रेखा को पार किया और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की सीमा में गुप्त रूप से प्रवेश किया।भारतीय जवानों ने एलओसी से 500 मीटर से लेकर 2 किलोमीटर अंदर तक घुसकर भिम्बर, हॉटस्प्रिंग, केल और लीपा सेक्टरों में बने कुल 7 कुख्यात आतंकी लॉन्च पैड्स को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। लगभग पांच घंटे तक चले इस अत्यंत जोखिम भरे अभियान को सुबह 4:30 बजे सफलतापूर्वक समाप्त किया गया और भारत के सभी कमांडोज बिना किसी नुकसान के सुरक्षित अपनी सीमा में वापस लौट आए। खुफिया एजेंसियों के अनुमानों के अनुसार, इस त्वरित कार्रवाई में 35 से 70 कट्टर आतंकवादी मारे गए थे।उस दौरान श्रीनगर स्थित 15 कोर के कमांडर रहे सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ के अनुसार, उस दौर में पठानकोट से लेकर लगातार हो रही वारदातों के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर ने दुश्मन के घर में घुसकर प्रहार करने की राजनीतिक अनुमति और पूरा समर्थन दिया था। इस अभियान ने न केवल आतंकियों के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति से निपटने में सक्षम है।2016 की सर्जिकल स्ट्राइक क्यों थी ऐतिहासिक और गेम-चेंजरसैन्य दृष्टिकोण से देखें तो नियंत्रण रेखा पर स्थानीय स्तर पर सीमित कार्रवाइयां अतीत में भी होती रही थीं, लेकिन 2016 की यह सर्जिकल स्ट्राइक अपने विशाल पैमाने और राजनीतिक नेतृत्व द्वारा इसे खुलकर सार्वजनिक रूप से स्वीकार किए जाने के कारण बिल्कुल अलग और ऐतिहासिक थी। इस पूरी योजना में प्रधानमंत्री कार्यालय और तत्कालीन सेना प्रमुख की सीधी निगरानी थी, साथ ही सेना को अपनी रणनीति बनाने और उसे क्रियान्वित करने की पूर्ण स्वायत्तता दी गई थी। इस पराक्रम ने देश के सवा सौ करोड़ नागरिकों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचा दिया और आगे चलकर इसी ऐतिहासिक घटना पर बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' भी बनाई गई।ऑपरेशन सिंदूर तक का सफर: बदल चुकी है भारत की आतंकवाद-रोधी नीतिवर्ष 2016 की इस साहसिक कार्रवाई ने भारत की पारंपरिक आतंकवाद-रोधी नीति को 'रणनीतिक संयम' (Strategic Restraint) से बदलकर 'प्रत्यक्ष, आक्रामक और मुखर जवाबी कार्रवाई' (Proactive Retaliation) में तब्दील कर दिया। आतंकी ठिकानों को सीधे उनके घर में निशाना बनाने का यही मॉडल साल 2019 में पुलवामा हमले के बाद 'बालाकोट एयर स्ट्राइक' के रूप में दोहराया गया, जो वर्ष 1971 के युद्ध के बाद पहली बार सीमा पार वायुसेना का सामरिक उपयोग था।इसी मजबूत और अडिग नीति का विस्तार आने वाले वर्षों में भी देखने को मिला, जब आधुनिक निगरानी उपकरणों, ड्रोन तकनीक और सटीक मारक क्षमता का उपयोग करते हुए पीओके और पड़ोसी देश के भीतर छिपे आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक प्रहार किए गए। पिछले एक दशक में भारत की जमीनी और आंतरिक सुरक्षा में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव आया है। सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों में भारी कमी दर्ज की गई है, घाटी में युवाओं का आतंकवाद की ओर रुझान लगभग समाप्त हो चुका है, और जम्मू-कश्मीर ने पिछले कई दशकों की तुलना में अपने सबसे शांतिपूर्ण, सुरक्षित और प्रगतिशील दौर को अनुभव किया है।
AI से खड़ा किया अरबों का बिजनेस, उर्वशी ने मांगे 7000 करोड़
उर्वशी रौतेला ने अमेरिका की एक AI कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है. उनकी टीम का दावा है कि बिना एक्ट्रेस की अनुमति कंपनी ने उनका नाम, फोटो और वीडियो फेम के लिए इस्तेमाल किया.
नेपाल में फिर आया सैलाब, बह गए कई पुल और मकान, देखें तस्वीरें
नेपाल में एक बार फिर कुदरत का भयंकर कहर देखने को मिल रहा है. भारी बारिश, भीषण बाढ़ और लगातार हो रहे भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड ने पूरे देश में हाहाकार मचा रखा है. इस आपदा में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों लोग लापता बताए जा रहे हैं. बागलुंग और बुटवल जैसे जिलों में हालात बेहद गंभीर हैं, जहां कई मकान जमींदोज हो चुके हैं और महत्वपूर्ण पुल बह गए हैं. सड़कों और राजमार्गों के बंद होने से आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है. नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच चुका है, जिसके चलते नदी के किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में हैं.
Google Search में AI का नया दौर, एआई Overviews, AI Mode और Gemini से बदल जाएगा सर्च का अनुभव
अगर आप Google पर किसी सवाल का जवाब खोजते हैं तो अब आपको सिर्फ वेबसाइटों की लंबी लिस्ट देखने की जरूरत नहीं रह गई है। Google Search धीरे-धीरे ऐसे अनुभव की तरफ बढ़ रहा है, जहां यूजर सवाल पूछता है और AI उस सवाल को समझकर सीधे जवाब, जरूरी जानकारी और आगे ...
5-10 हजार मांगती थी महिला, मटन दुकानदार से झगड़ा, नहर में मिला शव
NTR जिले में VTPS कूलिंग कैनाल से महिला का क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद पुलिस ने उसकी पहचान कल्याणी उर्फ दुर्गा के रूप में की. जांच में सामने आया कि महिला का विजयवाड़ा के भवानीपुरम में मटन दुकान चलाने वाले शख्स से संबंध था. पैसों को लेकर विवाद के बाद उसकी हत्या का शक है. पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है.
मेरठ से खुर्जा सहारनपुर तक मेमू सेवा
नई दिल्ली। भारतीय रेल मेरठ शहर को उत्तर प्रदेश के खुर्जा और सहारनपुर से जोड़ने वाली दो मेमू सेवा आरंभ करने जा रही है
इंसानों से छुपकर रहते हैं ये लोग, सीटी बजाकर करते हैं बात
पेरू के अमेज़न वर्षावन के भीतर गहराई में रहने वाली और बाहरी लोगों से संपर्क से बचने वाली एक जनजाति बाहरी लोगों के संपर्क में आ रही है. इसका मतलब मेलजोल नहीं है. ये अनकनेक्टेड यानी बाहरी दुनिया से कटे हुए लोग अपने घर तबाह होने की वजह से आबादी वाले इलाकों के पास खाना और पानी की तलाश में पहुंच रहे हैं.
CJP को नाम बदलकर Istifa Janata Party कर लेना चाहिए, CEC विवाद पर बोले Ramdas Athawale
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) पर तंज कसते हुए युवाओं के नेतृत्व वाले इस समूह का नाम बदलने का सुझाव दिया। अठावले ने कहा कि CJP को अपना नाम बदलकर 'इस्तीफ़ा जनता पार्टी' कर लेना चाहिए। यह टिप्पणी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग के बीच आई है, क्योंकि वे भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के भीतर कथित असहमति को लेकर एक बड़े विवाद में घिरे हुए हैं। इसे भी पढ़ें: Arvind Kejriwal का बड़ा बयान, CEC नहीं सीधे PM Modi के इस्तीफे के लिए आंदोलन करे CJP CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने CEC के इस्तीफ़े की मांग करते हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इससे पहले जुलाई में, NEET UG पेपर लीक के आरोपों को लेकर CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा था। मंगलवार को CJP पर निशाना साधते हुए अठावले ने कहा कि CJP सिर्फ़ इस्तीफ़े की मांग करती रहती है। उन्हें इसका नाम बदलकर 'इस्तीफ़ा जनता पार्टी' कर देना चाहिए। सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि दिपके हाल ही में राजनीति में आए हैं, जबकि वे खुद लंबे समय से दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा, दिपके महाराष्ट्र से हैं, बौद्ध और दलित हैं। उन्होंने अमेरिका में पढ़ाई की है और इस क्षेत्र में नए हैं। केंद्र सरकार का बचाव करते हुए अठावले ने कहा कि हम देश के सामने मौजूद अलग-अलग मुद्दों से वाकिफ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सुलझाने के लिए पूरी ईमानदारी से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के नेता ने यह भी दावा किया कि पीएम मोदी 2029 में लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। इसे भी पढ़ें: अगर ज्ञानेश नहीं जाते हैं...CEC के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन पर दिपके को मिला आदित्य ठाकरे का समर्थन CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा देने की मांग की है। यह मांग SIR प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों और वोटर लिस्ट से जुड़े फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की खबरों के बीच की गई है। सुप्रीम कोर्ट अगले हफ़्ते एक याचिका पर सुनवाई करने के लिए भी सहमत हो गया है, जिसमें ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के कामकाज और देशव्यापी SIR को चुनौती दी गई है।
PPF, सुकन्या और SCSS का ब्याज बढ़ाएगी सरकार? कल बड़ा फैसला
छोटी बचत योजनाओं के तहत ब्याज को लेकर सरकार बड़ा फैसला ले सकती है. ऐसा संकेत दिखाई दे रहे हैं कि सरकार इन ब्याज दरों को संशोधित कर सकती है.
भगवान राम-शिव पर टिप्पणी से हिंदू समाज को बांट रहे CM Revanth Reddy, BJP ने मांगी माफी
तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि रेड्डी चुनावी फायदे के लिए हिंदू समुदाय को बांटने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे तुरंत सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगने की मांग की। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सीएम रेवंत रेड्डी ने भगवान राम और भगवान शिव की तुलना करते हुए टिप्पणी की। रेड्डी ने दावा किया कि भगवान शिव गरीबों के देवता हैं, जबकि भगवान राम अमीरों के देवता हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर भारत में बीजेपी का भगवान राम पर राजनीतिक नियंत्रण है और वे भगवान शिव को नज़रअंदाज़ करते हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रामचंद्र राव ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों की निंदा की। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में देवताओं के बीच कोई अंतर नहीं है और कांग्रेस पर बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: राम और शिव के बारे में रेवंत रेड्डी की टिप्पणियां हिंदू धर्म के प्रति उनकी घोर अज्ञानता को प्रदर्शित कर रही हैं राव ने ANI से कहा राम और शिव के बारे में रेवंत रेड्डी का यह बयान कि राम अमीरों के हैं और शिव गरीबों के हैं, और यह कहना कि PM मोदी हमेशा जय श्री राम तो कहते हैं लेकिन 'हर हर महादेव' नहीं कहते, हिंदू धर्म के लिए एक बेतुका और अपमानजनक बयान है। असल में यह बयान हिंदू समुदाय को तोड़ने के इरादे से दिया गया है। उन्होंने आगे कहा, हाल ही में रेवंत रेड्डी ने खुद को रेवंतउद्दीन में बदल लिया है क्योंकि उनका कहना है कि मुस्लिम ही कांग्रेस हैं और कांग्रेस ही मुस्लिम है। इसलिए शायद उन्हें लग रहा होगा कि वह अभी भी मुस्लिम हैं और इसीलिए हिंदू समुदाय को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने BJP नेताओं द्वारा धार्मिक नारों के राजनीतिक इस्तेमाल पर सवाल उठाया और पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जय श्री राम का नारा तो लगाते हैं लेकिन हर हर महादेव का नहीं। रेड्डी ने भगवान शिव को गरीबों का और भगवान राम को अमीरों का प्रतिनिधि बताया और BJP को अमीर लोगों के हितों से जोड़ा। इसे भी पढ़ें: Telangana Assembly Gate पर महिला BRS विधायकों से बदसलूकी, High Court ने DGP को दिया पुलिस पहचान का आदेश तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष ने आगे आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी चाहते हैं कि देश में मुसलमान एकजुट रहें, जबकि हिंदू समुदाय कई गुटों में बंट जाए। उन्होंने इस तुलना को खारिज करते हुए कहा कि भगवान राम और भगवान शिव, दोनों की ही पूरे भारत में बिना किसी क्षेत्रीय या सामाजिक-आर्थिक भेदभाव के पूजा की जाती है। बीजेपी नेतृत्व ने रेड्डी की टिप्पणियों को आगामी स्थानीय चुनावों से पहले अल्पसंख्यक वोटों को एकजुट करने के मकसद से की गई तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। तेलंगाना बीजेपी प्रमुख ने कहा, सबसे पहली बात, किसी भी हिंदू के लिए राम और शिव में कोई अंतर नहीं है। वे हर देवता की पूजा करते हैं, हम हर देवता का सम्मान करते हैं, हम हर पंथ का सम्मान करते हैं और हम हर जाति का सम्मान करते हैं। लेकिन रेवंत रेड्डी हिंदू समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि इस देश में मुसलमान एकजुट हों और हिंदू बंट जाएं। यह हिंदू समुदाय को बांटने और इस तरह भारतीय सामाजिक और धार्मिक ताने-बाने को कमजोर करने की कांग्रेस पार्टी की एक चाल है। इसलिए, हम रेवंत रेड्डी के बयान की निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि वे दुनिया भर के सभी हिंदुओं से माफी मांगें।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का हल्लाबोल, किया जोरदार प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने मोर्चा खोल दिया है. विपक्षी दलों का आरोप है कि देश में हाल ही में हुए चुनाव निष्पक्ष नहीं थे और इसे मैच फिक्सिंग की तरह आयोजित किया गया. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वोट चोरी और वोटर लिस्ट में हुई कथित गड़बड़ियों पर विस्तार से चर्चा हुई. राहुल गांधी द्वारा इस मुद्दे को उठाने की सराहना की गई और पार्टी ने संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की है.
उत्तर भारत की जेलें अब केवल अपराधियों को बंद रखने की जगह नहीं रह गई हैं, बल्कि आतंकी नेटवर्क के लिए नए गुर्गे तैयार करने का माध्यम भी बनती जा रही हैं। हम आपको बता दें कि खुफिया एजेंसियों ने ऐसे प्रयासों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है, जिनमें खालिस्तान समर्थक संगठन, खासकर सिख्स फॉर जस्टिस जेलों के भीतर बंद कैदियों को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल में हिरासत में लिए गए एक आरोपी से पूछताछ में सामने आई जानकारी ने इस पूरे नेटवर्क की जड़ें जेलों तक पहुंचने के संकेत दिए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी प्रीतपाल सिंह ने खुलासा किया कि जेल में सजा काटने के दौरान ही उसे खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़े लोगों ने अपने प्रभाव में लिया था। इसी दौरान उसे विदेश में बैठे खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू से संपर्क करने के लिए फोन नंबर भी उपलब्ध कराया गया। जेल से बाहर आने के बाद उसने सीधे पन्नू से संपर्क स्थापित किया और कथित तौर पर आगे के काम के लिए धन भी प्राप्त किया। इसे भी पढ़ें: Amit Shah ने आतंकवाद रोधी 'प्रहार' नीति के तहत हर स्तर पर स्वचालित प्रतिक्रिया तंत्र बनाने पर दिया जोर जांच में सामने आया है कि प्रीतपाल सिंह पहले भी खालिस्तान समर्थक गतिविधियों में शामिल रहा था। वर्ष 2023 में उसे इसी तरह की एक घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। हाल में एजेंसियों ने उसके नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए उसे गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ दिल्ली और पंजाब में ब्रिक्स विरोधी तथा खालिस्तान समर्थक नारे दीवारों पर लिखे, उनका वीडियो बनाया और उसे पन्नू तक पहुंचाया। जांच का सबसे गंभीर पहलू जेल के भीतर तैयार किए जा रहे नेटवर्क से जुड़ा है। एजेंसियों का मानना है कि जेलों में मौजूद ऐसे कैदियों को निशाना बनाया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर हों, कानूनी सहायता से वंचित हों या पहली बार छोटे-मोटे अपराधों में जेल पहुंचे हों। ऐसे बंदियों को पैसे, सहायता और प्रभाव का लालच देकर धीरे-धीरे कट्टरपंथी गतिविधियों में धकेलने की कोशिश की जाती है। इस पूरे नेटवर्क में धन और हथियार पहुंचाने का तरीका भी बदल रहा है। खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के समर्थन वाले गुट अब सीधे संपर्क और आमने-सामने धन या हथियार पहुंचाने की बजाय गुप्त स्थानों पर सामान छोड़ने की पद्धति का इस्तेमाल कर रहे हैं। सूनसान राजमार्गों, सीमावर्ती इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से तय स्थानों पर धन, हथियार या अन्य सामग्री छिपाई जाती है। इसके बाद स्थानीय सदस्यों को सुरक्षित मैसेजिंग एप्स के जरिए उस स्थान की जानकारी दी जाती है। एजेंसियों के मुताबिक, सीमा पार से ड्रोन या गुप्त माध्यमों के जरिए हथियार और नकदी पहुंचाकर उन्हें ऐसे स्थानों पर छिपाया जाता है, जहां से स्थानीय गुर्गे उन्हें उठा सकें। इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विदेश में बैठे संचालकों और जमीन पर काम कर रहे लोगों के बीच सीधा संपर्क कम हो जाता है, जिससे पूरे नेटवर्क की पहचान करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए कठिन हो जाता है। देखा जाये तो जेलों के इस्तेमाल का खतरा नया नहीं है। वर्ष 2016 में नाभा जेल से हुई कुख्यात फरारी ने भी आतंकवादी संगठनों और जेलों में बंद अपराधी गिरोहों के बीच संभावित गठजोड़ की ओर ध्यान खींचा था। अब प्रीतपाल सिंह के मामले ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को चेताया है कि जेलों के भीतर होने वाली कट्टरपंथी गतिविधियों पर निगरानी और कड़ी करनी होगी। फिलहाल एजेंसियां प्रीतपाल सिंह के डिजिटल संपर्कों, धन के गुप्त लेनदेन और जेल के भीतर उसके संपर्कों की कड़ियां जोड़ रही हैं। जांच का मकसद केवल एक आरोपी तक पहुंचना नहीं, बल्कि यह पता लगाना है कि जेलों से बाहर निकलकर कितने लोग इस गुप्त नेटवर्क का हिस्सा बने और उनके पीछे विदेश में बैठे संचालकों का तंत्र कितना व्यापक है। दूसरी ओर, जेलों में भर्ती के इस खतरे के बीच ‘प्रहार’ अभियान की भूमिका भी बेहद अहम हो जाती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘प्रहार’ को आतंकवाद-रोधी कार्रवाई का हिस्सा बनाने और आतंकवादी नेटवर्क को 360 डिग्री से खत्म करने पर जोर दिया है। इसके तहत केवल आतंकियों तक पहुंचना नहीं, बल्कि उनकी भर्ती, धन, हथियार, संपर्क, डिजिटल नेटवर्क और विदेश में बैठे संचालकों तक पूरी कड़ी को निशाना बनाने की बात कही गई है। ऐसे में जेलों के भीतर बंद कैदियों की कट्टरपंथी गतिविधियों पर निगरानी, संदिग्ध संपर्कों की पहचान, खुफिया सूचनाओं का समय पर साझा होना और राज्य पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय इस तरह की भर्तियों को शुरुआती स्तर पर रोकने में मदद कर सकता है। ‘प्रहार’ का जोर आतंकवाद के लिए अनुकूल परिस्थितियों को कम करने पर भी है, इसलिए आर्थिक रूप से कमजोर या आसानी से प्रभावित होने वाले बंदियों को कट्टरपंथी नेटवर्क के निशाने पर आने से बचाने के लिए निगरानी के साथ परामर्श और सुधारात्मक कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण होंगे। देखना होगा कि आगे चलकर यह अभियान कितनी सफलता हासिल कर पाता है।
दोनों हाथ छोड़ बुलेट चलाते दिखे BJP विधायक, बवाल हुआ तो बोले- जोश में...
MP BJP MLA Bullet Stunt: कालापीपल से भाजपा विधायक घनश्याम चंद्रवंशी का दोनों हाथ छोड़कर बुलेट चलाने का वीडियो वायरल. विवाद बढ़ने पर मांगी माफी. कुणाल चौधरी ने साधा निशाना. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
महाकाल की नगरी में बवाल के दूसरे दिन क्या हैं हालात, देखें ग्राउंड रिपोर्ट
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर सोमवार को जमकर बवाल हुआ था. शाही मस्जिद के पास अफवाह फैलने के बाद भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस पर पथराव भी किया गया. पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे. हालांकि, अब महाकाल की नगरी में पूरी तरह शांति है और सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं. इस मामले में पुलिस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर मस्जिद के पास जेसीबी खड़ी होने की एआई जनरेटेड फर्जी फोटो और भड़काऊ वीडियो रील बनाकर वायरल की थी.
कॉकरोच जनता पार्टी ने पहली बार BJP सरकार में बने स्कूल की तारीफ की; CM से कहा- मामा अच्छा है
कॉकरोच जनता पार्टी ने पहली बार भाजपा शासित किसी राज्य के स्कूल को अच्छा बताया है। आशुतोष रांका ने असम सरकार के स्कूल की तारीफ की है।
हडको में हिंदी प्रोत्साहन की प्रतियोगिता
देहरादून। राजभाषा हिंदी केप्रति रुचि, सृजनात्मक एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने केलिए हाउसिंग एंड अ
अनंत सिंह Vs नीरज कुमार: MLC चुनाव से पहले JDU मतभेद नीतीश दरबार तक पहुंचे
पटना MLC चुनाव को लेकर JDU के दो बड़े नेता अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक दुश्मनी ने नया रूप ले लिया है. अनंत सिंह ने जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन किया है, जिससे विवाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है.
धीरेंद्र शास्त्री ने ऐसा क्या बोला कि भड़क गए पंजाब के शाही इमाम, दे दी वॉर्निंग
लुधियाना में श्री हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवाद छिड़ता नजर आ रहा है। आखिर किस बात पर पंजाब के शाही इमाम ने कड़ा ऐतराज जताया है?
PAK के स्पेस मिशन को चीन का सपोर्ट, अंतरिक्ष जाने वाले पायलट बीजिंग में ले रहे ट्रेनिंग
अपनी हर जरूरतों के लिए चीन पर आश्रित पाकिस्तान ने स्पेस मिशन के लिए भी चीन का सहारा लिया है. चीन दो पाकिस्तानी पायलटों को अंतरिक्ष यात्रा के लिए ट्रेनिंग दे रहा है. इनमें से एक पायलट को पाकिस्तान का पहला अंतरिक्ष यात्री और तियानगोंग का पहला विदेशी यात्री बनने का मौका मिलेगा.
PAK सीमा के पास हाईवे को बनाया रनवे, सेना ने उतारे अटैक हेलिकॉप्टर
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास NH-911 को अस्थाई सैन्य रनवे में बदला गया. दंतौर के पास रुद्र, ध्रुव और चेतक हेलिकॉप्टरों ने लैंडिंग-टेकऑफ अभ्यास किया. ताकि मिशन के दौरान ऑप्शन की प्रैक्टिस की जा सके.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान किशोरावस्था से ज्योतिषियों से सलाह लेने और अपने राजनीतिक करियर से जुड़ी भविष्यवाणियों को याद किया। उन्होंने कहा कि उनसे आठ साल मुख्यमंत्री रहने की भविष्यवाणी की गई थी। यह उनका बताया निजी अनुभव है, भविष्य के कार्यकाल का स्थापित तथ्य नहीं।
श्राद्ध में बनाएं हलवाई जैसा कद्दू, बिना प्याज-लहसुन बनेगा कमाल
Pitra Paksha 2026 Special Kaddu Sabzi: पितृ पक्ष में श्राद्ध की थाली के लिए बनाएं बिना प्याज-लहसुन वाली हलवाई स्टाइल कद्दू की सब्जी. पंचफोरन, गुड़ और खास मसालों से तैयार ये रेसिपी स्वाद में बेहद खास लगेगी.
थर्मल इमेजिंग, लेजर रेंज फाइंडर जैसी सुविधाएं... एयरपोर्ट पर ड्रोन तस्करी का खुलासा
दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर कस्टम ने ड्रोन तस्करी का खुलासा करते हुए 1.03 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के प्रोफेशनल ग्रेड ड्रोन और पार्ट्स जब्त किए हैं. क्या है ये पूरा मामला? पढ़ें ये कहानी.
सिर्फ संसद नहीं... राहुल ने SIR और वोट चोरी पर कर दिया नए प्लान का ऐलान, UP चुनाव का भी ख्याल
वोट चोरी को लेकर कांग्रेस बड़ा कदम उठाने वाली है। मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी ने इसको लेकर ऐलान किया। अब कांग्रेस इसका विरोध संसद से निकलकर गलियों में करने की योजना बना रही है।
UP में सॉयल हेल्थ कार्ड ने बदली खेती की तस्वीर
उत्तर प्रदेश में मिट्टी की जांच और सॉयल हेल्थ कार्ड किसानों के लिए खेती का तरीका बदलने में मदद कर रहे हैं. मिट्टी में पोषक तत्वों की स्थिति की जानकारी मिलने से किसान फसल के मुताबिक खाद और उर्वरक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे अनावश्यक खर्च कम करने और उत्पादन बेहतर करने की संभावना बढ़ती है. कई किसान मिट्टी की रिपोर्ट के आधार पर खेती की योजना बनाकर लागत घटाने और आमदनी बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं.
मध्यप्रदेश में अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों पर 20 फीसदी का आरक्षण मिलेगा। मंगलवार को हुई मोहन कैबिनेट ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का ...
ईरान के होर्मूज को खोलने के प्रस्ताव पर ट्रंप की न? देखें US टॉप-10
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढता दिख रहा है. ईरान के स्ट्रैट ऑफ होर्मूज को खोलने के प्रस्ताव को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मानने से इनकार कर दिया है. हालांकि, ट्रंप ने कहा है कि बातचीत इस सप्ताह जारी रह सकती है. वहीं, ईरान के मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान जंग के लिए तैयार है, लेकिन कूटनीतिक बातचीत के लिए भी रास्ते खुले हैं. यूएस टॉप 10 में देखें यूएस की ऐसी ही टॉप 10 खबरें.
Kerala में BJYM ने रोकी खेल मंत्री O. J. Janeesh की गाड़ी, दिखाए काले झंडे
केरलम में भाजपा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया राज्य यात्रा के दौरान उन्हें काले झंडे दिखाए जाने के जवाब में सत्ताधारी यूडीएफ सरकार के खिलाफ अपना विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रखा। मंगलवार को यहां बलरामपुरम में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राज्य के खेल मंत्री ओ.जे. जनीश की गाड़ी रोकी और उन्हें काले झंडे दिखाए। कार्यकर्ताओं ने मंत्री की गाड़ी के सामने ‘जय युवा मोर्चा’ के नारे लगाए और भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा के झंडे लहराए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क के किनारे कर दिया जिससे जनीश की गाड़ी आगे बढ़ सकी। पुलिस ने कहा कि वे मंत्री की गाड़ी रोकने के लिए युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर रहे हैं। भाजपा ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि अगर शाह को दिखाए गए काले झंडों के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसे पार्टी ने सुरक्षा में चूक बताया है, तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के लिए राज्य की सड़कों पर यात्रा करना मुश्किल हो जाएगा। कांग्रेस के युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के शाह को झंडा दिखाने के बाद भाजपा की युवा इकाई ने सत्ताधारी दल की सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला और कई अन्य मंत्रियों को काले झंडे दिखाए।
FSSAI का आदेश Delhi High Court से रद्द, Red Bull को Energy Drink लेबल मामले में राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें रेड बुल को अपने प्रोडक्ट्स के लिए एनर्जी ड्रिंक शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि यह निर्देश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया था। जस्टिस अमित महाजन ने रेड बुल की याचिका को इस आधार पर मंज़ूरी दी कि खाद्य नियामक ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया था। कोर्ट ने गौर किया कि 30 जून, 2026 का वह आदेश, जिसमें रेड बुल को एनर्जी ड्रिंक शब्द का इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया गया था, कंपनी को जवाब दाखिल करने या स्पष्टीकरण देने का मौका दिए बिना ही जारी कर दिया गया था। इसके बाद कोर्ट ने उस आदेश को रद्द कर दिया, लेकिन यह साफ़ किया कि FSSAI इस मामले पर दोबारा विचार कर सकता है और कानून की सही प्रक्रिया का पालन करने के बाद नया फ़ैसला ले सकता है। FSSAI को रेड बुल को 'शो-कॉज़ नोटिस' (कारण बताओ नोटिस) जारी करने और कोई भी नया आदेश देने से पहले कंपनी को अपनी बात रखने का मौका देने की इजाज़त दी गई है। इसे भी पढ़ें: FSSAI ने Nestle India के 3 बेबी फूड प्रोडक्ट्स पर शुरू की कानूनी कार्रवाई हाई कोर्ट ने इस बड़े सवाल पर कोई फ़ैसला नहीं किया कि क्या रेड बुल कानूनी तौर पर अपने प्रोडक्ट्स पर एनर्जी ड्रिंक शब्द का इस्तेमाल कर सकती है या नहीं। रेड बुल ने FSSAI के असिस्टेंट डायरेक्टर के 30 जून के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कंपनी को कैफीन वाले ड्रिंक्स के लिए इस शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था। कंपनी ने FSSAI के 17 जुलाई के उस नोटिस को भी चुनौती दी थी जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के फ़ूड सेफ़्टी अधिकारियों से नियमों का पालन न करने वाले प्रोडक्ट्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने को कहा गया था। रेड बुल की याचिका के अनुसार, कंपनी 2002 से भारत में अपने प्रोडक्ट्स को एनर्जी ड्रिंक के तौर पर बेच रही है। उसने आरोप लगाया कि FSSAI का निर्देश बिना किसी 'शो-कॉज़ नोटिस' या जवाब देने का मौका दिए बिना जारी किया गया था। रेड बुल ने यह भी दावा किया कि जुलाई के नोटिस के कारण कार्रवाई हुई, जिसमें देश भर में कई जगहों पर उसके प्रोडक्ट्स को ज़ब्त किया जाना भी शामिल था। कंपनी ने इस शब्द के इस्तेमाल पर FSSAI के पहले के रुख़ में बदलाव पर भी सवाल उठाए थे। यह मामला मार्च 2024 की FSSAI की एडवाइज़री पर आधारित था। इसे भी पढ़ें: नकली पनीर पर FSSAI का कड़ा रुख, गैर डेयरी उत्पादों के नाम स्पष्ट रखने का बना मसौदा याचिका के अनुसार, इस एडवाइज़री में कैफीन वाले ड्रिंक्स की कैटेगरी में आने वाले प्रोडक्ट्स के लिए एनर्जी ड्रिंक शब्द के इस्तेमाल की इजाज़त दी गई थी। रेड बुल ने अप्रैल 2024 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस रिलीज़ का भी ज़िक्र किया। साथ ही, कंपनी ने उन लाइसेंस, इंपोर्ट मंज़ूरी और 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' का भी हवाला दिया जो पिछले कुछ सालों में इसी नाम वाले उसके प्रोडक्ट्स के लिए जारी किए गए थे। कंपनी का तर्क था कि बाद में दिए गए निर्देश को सही ठहराने के लिए कानून, नियमों या वैज्ञानिक परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। कंपनी ने FSSAI की कार्रवाई को 'नैचुरल जस्टिस' (प्राकृतिक न्याय) के उल्लंघन जैसे आधारों पर भी चुनौती दी। उसका तर्क था कि अपने प्रोडक्ट्स पर असर डालने वाला कोई भी फ़ैसला लेने से पहले रेगुलेटर को कंपनी का पक्ष सुनना चाहिए था। हाई कोर्ट के आदेश के बाद FSSAI के पास यह विकल्प है कि वह रेड बुल को नोटिस जारी करे और उसका जवाब सुनने के बाद इस मामले पर नए सिरे से विचार करे।
कोई सैलरी नहीं होती... फिर ट्रेन में सामान बेचने वालों की कमाई कैसे होती है?
ट्रेन या रेलवे स्टेशनों पर चिप्स, पानी, बिस्किट, चाय और कॉफी बेचने वाले वेंडर्स न तो खुद सामान खरीदकर बेचते हैं और न ही इन्हें IRCTC सीधे कोई सैलरी देती है. ऐसे में जानते हैं इन फेरीवालों की कमाई कैसे होती है?

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