Marco Rubio और S Jaishankar के बीच Mumbai में अहम बैठक, रक्षा और ऊर्जा पर हुई बात
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को मुख्य रूप से ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक बातचीत की। यह बातचीत दोनों देशों के संबंधों में जारी तनाव के बीच हुई। जयशंकर और रुबियो की यह मुलाकात, अमेरिका के शीर्ष राजनयिक के मुंबई पहुंचने के कुछ ही समय बाद हुई। वह भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आए हैं; इससे पहले, विदेश मंत्री के तौर पर उनकी पहली भारत यात्रा लगभग पांच महीने पहले हुई थी। जयशंकर के साथ बातचीत से पहले रुबियो ने ताज स्मारक का दौरा किया और 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पचक्र अर्पित किया। इन हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों सहित कई लोग मारे गए थे। अमेरिकी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, “मुंबई में, भारत के विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर और मैंने ऊर्जा सुरक्षा तथा रक्षा सहयोग पर चर्चा की, और साथ ही अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के महत्व को दोहराया।”शीर्ष राजनयिक ने भारत-अमेरिका ऊर्जा संबंधों और साथ ही बुधवार को जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रिफाइनरी की अपनी यात्रा के बारे में मीडिया के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा, “ऊर्जा को इस्तेमाल के लायक बनाने के लिए, आपको उसे शोधित करना पड़ता है। आपके पास एक ऐसी कंपनी है जिसके पास शोधन की बहुत बड़ी क्षमता है। मुझे लगता है कि मुझे उनसे बात करनी चाहिए, खासकर तब जब इसमें अलग-अलग देश शामिल हों।”उन्होंने कहा, “हम एक ऐसी कंपनी के पास जा रहे हैं, जिसके पास शोधन की बहुत बड़ी क्षमता है। उनसे इस बारे में बात करना बिल्कुल सही रहेगा। अगर आप उनसे बात नहीं करेंगे, तो किसी चीज को समझना या यह देखना बहुत मुश्किल होगा कि क्या संभावनाएं हैं।”अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के सवाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “भारत ने बार-बार अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो में विविधता लाने की इच्छा जताई है, जो कि एक समझदारी भरा कदम है। ऐसा रातों-रात कर पाना आसान नहीं है।”रुबियो ने कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने इस दिशा में काफी अच्छी प्रगति की है, और यह देखकर हमें खुशी है। लेकिन आखिरकार, बात सिर्फ रूसी तेल की नहीं है; बल्कि यह भारत की अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की इच्छा के बारे में है, और हमें लगता है कि हम भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए एक स्रोत बन सकते हैं।”उन्होंने कहा, “हमने वेनेजुएला और अन्य देशों के बारे में चर्चा की है, और मुझे लगता है कि विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो वाले मजबूत सहयोगी होना हमारे हित में है।”अपनी इस यात्रा से पहले रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के ‘‘बेहद करीब’’ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका द्वारा शुल्क में छूट देने का फैसला इसी से जुड़ा है। पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और रूसी तेल के पांच सबसे बड़े खरीदारों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों को निलंबित कर दिया था। रुबियो ने कहा, ‘‘हम अभी भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम ऐसा करने के बहुत करीब हैं। इसलिए जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट या इस तरह के अन्य मामलों पर कोई फैसला लेते हैं तो हम इन बातों को भी ध्यान में रखते हैं।’’भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से ही एक प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी विवादों को सुलझाना, गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना और दोनों देशों के बीच बाजार तक पहुंच को बढ़ाना है। भारत चाहता है कि अमेरिकी बाजार में उसके सामान पर उसके प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर शुल्क दरें लागू हों। जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता अब समझौते के अंतिम चरण के करीब पहुंच रही है। पिछले साल अमेरिका द्वारा भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने और ट्रंप द्वारा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव को कम करने में अपनी भूमिका के दावे किए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में काफी गिरावट आई थी। ट्रंप के इन दावों पर भारतीय अधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अमेरिका की नयी आव्रजन नीति और एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भी भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट में योगदान दिया। इसके अलावा, जब अमेरिका ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और विप्रो जैसी प्रमुख वैश्विक और भारतीय आईटी कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रीन-कार्ड प्रोसेसिंग प्रोग्राम को सीमित करने का फैसला किया तो दोनों देशों के संबंधों में और अधिक तनाव आ गया।
Rajnath Singh ने दुशान्बे में की बैठक, Marco Rubio पहुंचे भारत, शाम के मुख्य समाचार
भाषा की विभिन्न फाइल से मंगलवार शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: वि18: एससीओ राजनाथ बैठकराजनाथ सिंह ने ईरानी उपराष्ट्रपति और ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री से मुलाकात कीदुशान्बे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दुशान्बे में एससीओ शासनाध्यक्षों की बैठक से इतर ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ और ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलजादा से मुलाकात की तथा पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा की। प्रादे95: भारत अमेरिका लीड रुबियोअमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो मुंबई पहुंचे; व्यापार समझौते और ऊर्जा पर रहेगी नजरनयी दिल्ली/मुंबई, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को भारत की अपनी तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत की। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, व्यापार और निवेश, रक्षा तथा महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना और पश्चिम एशिया संकट पर विचारों का आदान-प्रदान करना है। दि13: कांग्रेस परिसीमनक्या परिसीमन विधेयक फिर से पारित कराने का प्रयास करेगी सरकार : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र का सरकार की ओर से दिए गए जवाब का हवाला देते हुए मंगलवार को सवाल किया कि क्या लोकसभा में पराजित हो चुके संविधान संशोधन विधेयक को फिर से लाने और ‘‘महालंकित दो-तिहाई बहुमत’’ से इसे पारित कराने का प्रयास किया जा रहा है ? दि27: राहुल आरएसएसआरएसएस ‘विशुद्ध पुरुषवादी, संविधान विरोधी’; उसकी सोच के खिलाफ लड़ना खुशी देता है : राहुलनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि यह ‘‘विशुद्ध पुरुषवादी और संविधान विरोधी’’ संगठन है, जो महिलाओं को पुरुषों की ‘‘संपत्ति’’ मानता है। प्रादे17: महाराष्ट्र आरएसएस लीड भागवतआंदोलन राजनीतिक स्वार्थ का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं: मोहन भागवतनागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते और ये राजनीतिक स्वार्थों का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं। प्रादे115: पंजाब दूसरी लीड शाहपंजाब: शाह ने मादक पदार्थ का मुद्दा उठाने के बाद आत्महत्या करने वाले व्यक्ति के परिवार से मुलाकात कीचंडीगढ़, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के संगरूर में मादक पदार्थ की समस्या का मुद्दा उठाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। प्रादे80: राजस्थान कांग्रेस दूसरी लीड धरनाबराला से ‘मारपीट’ मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कांग्रेस नेताओं का जयपुर आयुक्तालय पर धरनाजयपुर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की नेता ऋतु बराला से कथित मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के विरोध में कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पार्टी के अन्य नेताओं ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय के गलियारे में रातभर धरना दिया। इन नेताओं ने रात भी वहीं गलियारे में बिताई। वि4: संरा भारत हथियारभारत ने आतंकवाद से जुड़े तत्वों के हाथ में संवेदनशील हथियार तकनीक पड़ने को लेकर सतर्क कियासंयुक्त राष्ट्र, भारत ने आतंकवादियों के हाथ विनाशकारी हथियार लगने के जोखिम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वैश्विक समुदाय से आह्वान किया है कि वह संवेदनशील तकनीक के हस्तांतरण को लेकर सतर्क रहे, खासकर उन लोगों के मामले में जिनका शस्त्र प्रसार और आतंकवाद से पुराना नाता रहा है। अर्थ19: रूबियो भारत रिफाइनिंगभारत रिफाइनिंग महाशक्ति है: अमेरिकी विदेश मंत्रीमुंबई, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मंगलवार को भारत को रिफाइनिंग महाशक्ति करार दिया और कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वेनेजुएला में तेल के उत्पादन को लेकर रिलायंस के साथ चर्चा करेगा। अर्थ17: भारत-न्यूजीलैंड लीड एफटीएभारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, प्रधानमंत्री लक्सन ने ऐतिहासिक करार बतायानयी दिल्ली, भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार से लागू हो गया। इससे कपड़ा, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे श्रम गहन क्षेत्रों सहित विभिन्न भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। समझौते के तहत भारतीय निर्यात की सभी शुल्क श्रेणियों को पहले दिन से शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान की गई है। खेल34: खेल एशियाड पैरा एथलेटिक्स निषादनिषाद कुमार किसी एक एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बनेनागोया, निषाद कुमार ने मंगलवार को पुरुषों की ऊंची कूद टी47 स्पर्धा में नए रिकॉर्ड के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया जिससे वह किसी एक एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए। खेल13: खेल एशियाड पैरा भारत तीसरी लीड टेटेभारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों को एशियाई पैरा खेलों में पांच कांस्यनागोया, रवि बेबी साहाना और प्राची दुबे एशियाई पैरा खेलों में स्टैंडिंग श्रेणी में पदक जीतने वाली भारत की पहली पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई जबकि भारत ने मंगलवार को टेबल टेनिस में पांच कांस्य पदक जीते। द कन्वरसेशन से अनुबंध के तहत जारी खबर: वि16: अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थअति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ को लेकर क्यों छिड़ी है बहस, क्या वाकई सेहत के लिए हैं इतने नुकसानदेह?ग्लासबोरो (अमेरिका), अति-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ को लोग ज्यादा अच्छा नहीं मानते हैं। कई अध्ययनों में इन्हें कई तरह की दीर्घकालिक बीमारियों से जोड़ा गया है। पत्रकार और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को कवर करने वाले कई सोशल मीडिया इन्फुलएंसर इन्हें जहर तक बताते हैं। जनस्वास्थ्य के कुछ विशेषज्ञ इनके उत्पादन और उपभोग पर दुनिया भर में पूरी तरह रोक लगाने की मांग करते हैं।
मुरादाबाद आंगनबाड़ी में 367 पदों पर बंपर भर्ती शुरू: बिना परीक्षा सीधे मेरिट से होगा चयन
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में लंबे समय से सरकारी मानदेय सेवा और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी नियुक्तियों की राह देख रही महिलाओं के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने बड़ी खुशखबरी दी है। लगभग 10 महीने के लंबे इंतजार के बाद जनपद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के 367 रिक्त पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। इस भर्ती अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि महिला अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के कठिन दौर से नहीं गुजरना होगा, बल्कि चयन पूरी तरह से शैक्षिक योग्यता और सरकारी नियमों के तहत मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार विभागीय आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाकर 28 अक्टूबर 2026 की मध्य रात्रि 12 बजे तक अपना ऑनलाइन आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर सकती हैं।मुरादाबाद जिले में 367 पदों का पूरा ब्योरा: 51 कार्यकर्ता और 316 सहायिकाओं की होगी सीधी नियुक्तिबाल विकास परियोजना के अंतर्गत जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार जनपद मुरादाबाद में कुल 367 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इन पदों को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के कुल 51 पद और आंगनबाड़ी सहायिका के 316 पद शामिल हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में बाल विकास केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने और कुपोषण मुक्त अभियान को गति देने के लिए यह रिक्तियां भरी जा रही हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम तिथि के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा, इसलिए अभ्यर्थी समय रहते अपने सभी आवश्यक प्रमाणपत्र तैयार कर ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर लें।ब्लॉक और वार्डवार रिक्तियों की स्थिति: मुरादाबाद शहर, बिलारी और डींगरपुर में सबसे ज्यादा मौकेप्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार रिक्तियों का आवंटन ब्लॉक और नगरीय निकाय स्तर पर विस्तृत रूप से किया गया है। मुरादाबाद शहरी क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 8 पद और सहायिका के रिकॉर्ड 97 पद रिक्त हैं। ग्रामीण अंचलों की बात करें तो डींगरपुर ब्लॉक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 17 और सहायिका के 37 पद हैं, जबकि बिलारी ब्लॉक में 12 कार्यकर्ता और 74 सहायिकाओं के पदों पर भर्ती निकाली गई है। मूंढापांडे ब्लॉक में कार्यकर्ता के 5 और सहायिका के 32 पद हैं, वहीं डिलारी ब्लॉक में 5 कार्यकर्ता और 14 सहायिका के पद शामिल हैं। भगतपुर टांडा ब्लॉक में 1 कार्यकर्ता और 20 सहायिका, जबकि ठाकुरद्वारा ब्लॉक में 3 कार्यकर्ता और 8 सहायिका के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा छजलैट ब्लॉक में केवल सहायिका के 9 पद और मुरादाबाद ग्रामीण ब्लॉक में सहायिका के 25 पदों पर चयन होना है, जहां कार्यकर्ता का कोई पद रिक्त नहीं है।न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट और उम्र 18 से 35 वर्ष: स्थानीय निवासी होना अनिवार्य शर्तइस भर्ती में सम्मिलित होने के लिए शासन ने पात्रता के कड़े और स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका दोनों ही पदों के लिए महिला अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम इंटरमीडिएट (12वीं कक्षा) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु सीमा की गणना के लिए कट-ऑफ तिथि 1 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग की महिलाओं को नियमानुसार आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त सबसे महत्वपूर्ण भौगोलिक शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगरीय क्षेत्र के उसी संबंधित वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जहां का पद रिक्त है। किसी अन्य ग्राम पंचायत, ब्लॉक या दूसरे वार्ड की निवासी महिलाओं के आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।upanganwadibharti.in पर ऑनलाइन प्रक्रिया: गलत जानकारी पर तुरंत रद्द होगा आवेदनमहिला उम्मीदवारों को केवल ऑनलाइन पोर्टल upanganwadibharti.in के माध्यम से ही अपने आवेदन पत्र जमा करने होंगे। फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को अपने शैक्षिक अंकपत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और मूल निवास प्रमाण पत्र पोर्टल पर स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड करने होंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे; किसी भी स्थिति में डाक द्वारा भेजे गए अथवा हाथ से दिए गए हार्ड कॉपी दस्तावेज मान्य नहीं होंगे। विभाग सभी अपलोड किए गए दस्तावेजों का राजस्व और शिक्षा विभाग के डेटाबेस से ऑनलाइन डिजिटल सत्यापन कराएगा। यदि किसी भी आवेदन पत्र में झूठी जानकारी, फर्जी अंकपत्र या अमान्य प्रमाणपत्र पाए गए तो संबंधित अभ्यर्थी का आवेदन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर विधिक कार्रवाई की जा सकती है।
भारत में मार्को रुबियो से चीन पर सवाल, परमाणु हथियारों पर कही ये बात
मुंबई में मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन के नेताओं के बीच परमाणु हथियारों और हथियार नियंत्रण पर बातचीत होनी चाहिए. चीन ने त्रिपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता को फिलहाल अनुचित और अव्यावहारिक बताया है, फिर भी अमेरिका ऐसी नेता स्तर की पहल को दुनिया के लिए सकारात्मक मानता है.
गोरखपुर की प्रति व्यक्ति आय ₹1,06,510: जानिए सीएम के शहर के लोग पीएम मोदी के वाराणसी से कितने अमीर
उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य में पूर्वांचल के दो सबसे महत्वपूर्ण वीवीआईपी जिले—गोरखपुर और वाराणसी—हमेशा से नीति निर्माताओं और आम जनता के बीच चर्चा के केंद्र में रहते हैं। उत्तर प्रदेश के अर्थ एवं सांख्यिकी प्रभाग द्वारा जारी किए गए नवीनतम आधिकारिक आर्थिक आंकड़ों ने राज्य के इन दोनों प्रमुख शक्ति केंद्रों की आर्थिक क्षमता और जनसांख्यिकी समृद्धि का एक रोचक तुलनात्मक ब्योरा सामने रखा है। इन आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र गोरखपुर जिले की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) 1,06,510 रुपये सालाना दर्ज की गई है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की प्रति व्यक्ति आय 1,14,685 रुपये प्रति वर्ष आंकी गई है। आंकड़ों का सीधा विश्लेषण स्पष्ट करता है कि व्यक्तिगत आय यानी औसतन नागरिकों की सालाना कमाई के पैमाने पर वाराणसी के निवासी गोरखपुर से अधिक संपन्न हैं, लेकिन जब जिले की कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) यानी समग्र अर्थव्यवस्था के आकार की बात आती है, तो गोरखपुर ने काशी को काफी पीछे छोड़ दिया है।सीएम योगी का कर्मक्षेत्र गोरखपुर: राजनीति, संस्कृति और व्यापार का तेजी से उभरता केंद्रगोरखपुर का ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व पूरे देश में सर्वविदित है। यह शहर उत्तर प्रदेश की राजनीति का एक अत्यंत प्रभावशाली धुरी माना जाता है, क्योंकि यहां से खुद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश विधानसभा में गोरखपुर शहरी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मुख्यमंत्री बनने से पूर्व वे 1998 से लेकर 2017 तक लगातार पांच बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे और विगत नौ वर्षों से अधिक समय से प्रदेश की कमान संभालने के साथ इस क्षेत्र के विकास का निरंतर नेतृत्व कर रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक पटल पर भी गोरखपुर की अपनी विशिष्ट पहचान है। यहीं स्थित सुप्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर नाथ पंथ का सर्वोच्च वैश्विक केंद्र है, जिसके पीठाधीश्वर स्वयं योगी आदित्यनाथ हैं। इसके साथ ही भारतीय सनातन संस्कृति के ग्रंथों—श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण और महाभारत—को घर-घर तक पहुंचाने वाली ऐतिहासिक संस्था 'गीता प्रेस' इसी शहर की पहचान है। पिछले कुछ वर्षों में सड़क कनेक्टिविटी, एम्स (AIIMS), खाद कारखाने के पुनरुद्धार और औद्योगिक गलियारे (गीडा) के विस्तार से इस शहर की अर्थव्यवस्था में तेज उछाल देखा गया है।गोरखपुर की प्रति व्यक्ति आय ₹1,06,510: अर्थव्यवस्था का कुल आकार पहुंचा रिकॉर्ड स्तर परउत्तर प्रदेश सरकार के अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के आधिकारिक सांख्यिकीय बुलेटिन के अनुसार, गोरखपुर जिले की प्रति व्यक्ति आय 1,06,510 रुपये प्रति वर्ष दर्ज की गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि जिले में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की औसत वार्षिक आय एक लाख छह हजार रुपये से अधिक है। यदि समग्र अर्थव्यवस्था यानी जिले की कुल जीडीपी (District Domestic Product) की बात करें, तो गोरखपुर ने विशाल आर्थिक गतिविधियों के बूते कुल 63,657.33 करोड़ रुपये का आकार छू लिया है। गोरखपुर का कृषि उत्पादन, स्थानीय उद्योग, रियल एस्टेट बूम, स्वास्थ्य सेवाओं का क्षेत्रीय केंद्र बनना और नेपाल सीमा से सटा बड़ा व्यापारिक हब होना इसकी कुल जीडीपी को एक मजबूत आधार प्रदान करता है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स पार्कों के निर्माण ने भी जिले के कुल आर्थिक उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है।वाराणसी से तुलना: प्रति व्यक्ति आय में काशी आगे, लेकिन कुल जीडीपी में गोरखपुर ने दी पटखनीजब मुख्यमंत्री के क्षेत्र गोरखपुर की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से की जाती है, तो आंकड़े बेहद दिलचस्प आर्थिक तस्वीर पेश करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी जिले की प्रति व्यक्ति आय 1,14,685 रुपये है, जो गोरखपुर की 1,06,510 रुपये की तुलना में 8,175 रुपये प्रति वर्ष अधिक है। यानी काशी का एक औसत नागरिक व्यक्तिगत आय के मामले में गोरखपुर के नागरिक की तुलना में ज्यादा कमाई कर रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के भव्य निर्माण के बाद पर्यटन, होटल इंडस्ट्री, रेशम और हथकरघा व्यापार, हस्तशिल्प और सेवा क्षेत्र (सर्विस सेक्टर) का अभूतपूर्व विस्तार है, जिसने स्थानीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय को तेजी से बढ़ाया है।हालांकि, जब दोनों जिलों के कुल आर्थिक उत्पादन यानी संपूर्ण जीडीपी की तुलना की जाती है, तो बाजी पलट जाती है। वाराणसी की कुल जीडीपी 56,899.78 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि गोरखपुर की जीडीपी 63,657.33 करोड़ रुपये है। यानी जिले की कुल संपदा और उत्पादकता के मामले में गोरखपुर, वाराणसी से लगभग 6,757.55 करोड़ रुपये आगे निकल गया है। गोरखपुर का वृहद भौगोलिक क्षेत्रफल, बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन और तेजी से बढ़ता मैन्युफैक्चरिंग बेस इसे समग्र जीडीपी में वाराणसी पर निर्णायक बढ़त दिलाता है।पूर्वांचल के आर्थिक विकास में दोनों शहरों की भूमिका और भविष्य की संभावनाएंउत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में गोरखपुर और वाराणसी की यह आर्थिक प्रतिस्पर्धा बेहद सकारात्मक संकेत दे रही है। वाराणसी जहां सेवा क्षेत्र, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, धार्मिक संस्कृति और टेक्सटाइल के दम पर प्रति व्यक्ति आय के नए रिकॉर्ड बना रहा है, वहीं गोरखपुर कृषि आधारित प्रसंस्करण, विनिर्माण, भारी उद्योग और क्षेत्रीय व्यापार के दम पर कुल जीडीपी के आकार को मजबूती से बढ़ा रहा है। दोनों वीवीआईपी क्षेत्रों में हो रहा भारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश यह सुनिश्चित कर रहा है कि आने वाले समय में पूर्वांचल केवल राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी उत्तर प्रदेश के विकास का सबसे मजबूत इंजन बनकर उभरे।
सिरोही के रामझरोखा मैदान में 1008 दीपों से माता की महाआरती
भक्ति और गरबा की धूम के बीच नवरात्रि महोत्सव का भव्य समापन नवरात्रि महोत्सव का भव्य समापन, 51 उत्कृष्ट गरबा प्रतिभागियों को पुरस्कार सिरोही। देवनगरी सिरोही के रामझरोखा मैदान में श्री जगदम्बे नवयुवक मंडल की ओर से आयोजित नगर मुख्य नवरात्रि महोत्सव-2026 का समापन भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के बीच हुआ। समापन अवसर पर […] The post सिरोही के रामझरोखा मैदान में 1008 दीपों से माता की महाआरती appeared first on Sabguru News .
राष्ट्रपति ने दिल्ली में तो, अमित शाह ने लुधियाना में किया रावण दहन
दशहरे पर देश के अलग-अलग शहरों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए. दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारका के रामलीला कार्यक्रम में पहुंचीं, जबकि अमित शाह ने लुधियाना में रावण दहन किया.
भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे भव्य और महत्वाकांक्षी पौराणिक फिल्मों में शुमार निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' की देशव्यापी एडवांस बुकिंग को लेकर बॉक्स ऑफिस पर बड़ा गतिरोध पैदा हो गया है। विजयादशमी यानी दशहरे के पावन अवसर पर 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में फिल्म की अग्रिम टिकट बिक्री बड़े पैमाने पर शुरू होनी थी। हालांकि, वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) और सिनेमा मालिकों (एग्जीबिटर्स) के बीच बॉक्स ऑफिस राजस्व के बंटवारे यानी रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल को लेकर गंभीर विवाद छिड़ गया है। इस विवाद के चलते राष्ट्रीय स्तर पर मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं और सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों में टिकट बुकिंग की औपचारिक विंडो व्यापक स्तर पर नहीं खुल सकी है। मंगलवार दोपहर तक देश भर के गिने-चुने सिनेमाघरों में ही सीमित शो के लिए बुकिंग लाइव की जा सकी, जबकि शेष सिनेमा मालिक वितरकों की नई और आक्रामक व्यावसायिक शर्तों के खिलाफ बातचीत की मेज पर अड़े हुए हैं।रेवेन्यू शेयरिंग विवाद: पहले हफ्ते 60% हिस्सेदारी की मांग पर अड़े वितरक, प्रदर्शकों ने जताई कड़ी आपत्तिफिल्म उद्योग के स्थापित वित्तीय नियमों के अनुसार आम तौर पर किसी भी बड़ी हिंदी फिल्म के लिए टिकट खिड़की से होने वाली शुद्ध कमाई में वितरकों का पारंपरिक हिस्सा पहले हफ्ते में 52.5 प्रतिशत, दूसरे हफ्ते में 45 प्रतिशत और तीसरे हफ्ते में 37.5 प्रतिशत निर्धारित रहता है। शेष राशि सिनेमाघर संचालकों के पास उनके परिचालन खर्च और लाभ के रूप में जाती है। बॉक्स ऑफिस ट्रैकर सैक्निल्क (Sacnilk) की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार 'रामायण: पार्ट 1' के वितरक फिल्म के भारी-भरकम बजट और ऐतिहासिक पैमाने का हवाला देते हुए टिकट राजस्व में बहुत बड़ी हिस्सेदारी की मांग कर रहे हैं। वितरकों का नया प्रस्ताव है कि उन्हें पहले हफ्ते में सीधा 60 प्रतिशत, दूसरे हफ्ते में 50 प्रतिशत और तीसरे हफ्ते में 40 प्रतिशत का भारी शेयर दिया जाए। मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन प्रदर्शकों का तर्क है कि फिल्म के शुरुआती दिनों में ही अधिकांश दर्शक जुटते हैं, ऐसे में अगर 60 प्रतिशत हिस्सा वितरक ले जाएंगे तो बिजली, स्टाफ, मेंटेनेंस और प्रोजेक्शन के ऊंचे खर्चों के बीच सिनेमा मालिकों के लिए भारी जोखिम पैदा हो जाएगा। इसी अनिच्छा के कारण पीवीआर-आइनॉक्स और सिनेपॉलिस जैसी प्रमुख राष्ट्रीय सिनेमा श्रृंखलाओं में राष्ट्रव्यापी बुकिंग प्रक्रिया फिलहाल धीमी पड़ गई है।चुनिंदा सिनेमाघरों में शुरू हुई बुकिंग: ठाणे और बेंगलुरु के गिने-चुने थिएटर्स में खुले टिकट काउंटरइस गंभीर गतिरोध और व्यापारिक बातचीत के दौर के बीच भी कुछ चुनिंदा स्वतंत्र सिनेमाघरों और सिंगल स्क्रीन्स में फिल्म की एडवांस बुकिंग की शुरुआत कर दी गई है। सैक्निल्क की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक ठाणे स्थित आइनॉक्स कोरम मॉल (INOX Korum Mall) और बेंगलुरु के प्रसिद्ध एएमबी सिनेमाज कपाली (AMB Cinemas Kapali) उन शुरुआती चुनिंदा सिनेमाघरों में शामिल हैं जहां 5 नवंबर के शुरुआती शो के लिए टिकट खिड़कियां खोल दी गई हैं। फिल्म व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित स्क्रीनों पर टिकटों का उपलब्ध होना यह संकेत नहीं देता कि देशभर में बुकिंग पूरी तरह रद्द कर दी गई है। पर्दे के पीछे वितरकों और सिनेमा संघों के बीच समझौते की रूपरेखा पर लगातार चर्चाएं चल रही हैं और जैसे-जैसे दोनों पक्षों के बीच वित्तीय सहमति बनेगी, आगामी 24 से 48 घंटों में देश के सभी राज्यों और शहरों में एडवांस बुकिंग की विंडो चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह खोल दी जाएगी।सीमित शो में भी बिकाऊ साबित हुई 'रामायण': चंद घंटों में बिके 2,517 टिकट, बेंगलुरु शहर सबसे आगेसीमित सिनेमाघरों में टिकट उपलब्ध होने के बावजूद दर्शकों के बीच भगवान श्रीराम की इस गाथा को लेकर जबर्दस्त दीवानगी देखने को मिल रही है। सैक्निल्क द्वारा जारी पहले दिन के अग्रिम आंकड़ों के मुताबिक 20 अक्टूबर को दोपहर 1:34 बजे तक फिल्म ने महज कुछ ही घंटों के भीतर देश के सात शहरों के 10 सिनेमाघरों में 44 सीमित शो के दम पर 12.17 लाख रुपये की अग्रिम टिकट बिक्री दर्ज कर ली। इस आंकड़े में 2.89 लाख रुपये मूल्य की ब्लॉक और आरक्षित सीटें शामिल नहीं थीं। इन 44 शुरुआती शो में कुल 2,517 टिकट धड़ाधड़ बिक गए। शहरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण भारत के शहरों में सबसे तेज रुझान देखा गया, जहां अकेले बेंगलुरु शहर 9.02 लाख रुपये के कुल ग्रॉस कलेक्शन के साथ सूची में शीर्ष पर रहा। इसके बाद मैसूरु ने 1.44 लाख रुपये और कर्नाटक के ही शिवमोग्गा शहर ने 1 लाख रुपये की अग्रिम टिकट बिक्री दर्ज कर शीर्ष तीन में अपनी मजबूत जगह बनाई। जैसे ही उत्तर भारत, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर के मल्टीप्लेक्सों में बुकिंग खुलेगी, इन आंकड़ों में ऐतिहासिक उछाल आने की पूरी संभावना है।5 नवंबर 2026 को वैश्विक रिलीज: रणबीर कपूर बनेंगे राम, साई पल्लवी सीता और यश निभाएंगे रावणदंगल फेम राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और प्राइम फोकस के नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा सिनेमैटिक प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इस भव्य फिल्म में बॉलीवुड सुपरस्टार रणबीर कपूर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की केंद्रीय भूमिका में नजर आएंगे। दक्षिण भारतीय सिनेमा की सादगी और प्रतिभा की प्रतिमूर्ति साई पल्लवी माता सीता का पावन किरदार निभा रही हैं, जबकि केजीएफ स्टार यश लंकापति रावण की सशक्त और भयानक भूमिका में दिखाई देंगे। इसके अतिरिक्त बॉलीवुड के दिग्गज एक्शन स्टार सनी देओल पवनपुत्र भगवान हनुमान के दिव्य रूप में पर्दे पर गर्जना करते नजर आएंगे। यह महाकाव्यात्मक फिल्म आगामी 5 नवंबर 2026 को भारत सहित दुनिया भर के हजारों सिनेमाघरों में कई भाषाओं में एक साथ रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं मेकर्स ने इसके दूसरे भाग यानी 'रामायण: पार्ट 2' को दिवाली 2027 के पावन पर्व पर वैश्विक स्तर पर रिलीज करने की दीर्घकालिक योजना बनाई है।
दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे कपिल शर्मा: नशे के आरोपों पर बोले- 'उनकी गंभीर सर्जरी हुई थी'
उत्तराखंड के नरेंद्र नगर में आयोजित एक भव्य सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम के मंच पर हुए अप्रत्याशित हंगामे के बाद भारतीय पॉप संगीत के बेताज बादशाह दलेर मेहंदी को लेकर इंटरनेट पर बहस तेज हो गई है। मंच पर प्रस्तुति दे रहे दिग्गज गायक को स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा बीच में रोककर फटकार लगाए जाने और उन पर शराब के नशे में गाने का आरोप मढ़े जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इस अपमानजनक वाकये और भ्रामक दावों के सामने आने के बाद बॉलीवुड और टेलीविजन जगत के मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा खुलकर दलेर मेहंदी के बचाव में सामने आ गए हैं। कपिल शर्मा ने एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए जनता और आलोचकों से अपील की है कि वे किसी भी कलाकार पर व्यक्तिगत लांछन लगाने से पहले सच्चाई को जानें, क्योंकि दलेर मेहंदी हाल ही में एक बेहद जटिल और गंभीर सर्जरी के दौर से गुजरे हैं और इसके बावजूद वे अपने वादे को निभाने मंच पर आए थे।मंच पर पहुंचे विधायक सुबोध उनियाल, लाइव शो के बीच दलेर मेहंदी को लगाई थी फटकारपूरे विवाद की शुरुआत उत्तराखंड में आयोजित एक बड़े स्टेज शो से हुई, जहां लोकप्रिय गायक दलेर मेहंदी अपने सदाबहार गानों से दर्शकों का मनोरंजन करने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए वीडियो क्लिप के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान नरेंद्र नगर के विधायक सुबोध उनियाल गायक की आवाज, ऊर्जा और परफॉर्मेंस के स्तर से नाखुश दिखे। इसके बाद वे सीधे मंच पर चढ़ गए और उन्होंने माइक थामकर लाइव प्रस्तुति को बीच में ही रुकवा दिया। विधायक ने गायक पर नाराजगी जताते हुए सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई और आरोप लगाया कि गायक अपनी उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने गायक के हाव-भाव और कमजोरी को शराब का नशा करार देते हुए गंभीर आरोप मढ़ दिए। विधायक ने मंच से ही कहा कि उन्होंने इस प्रस्तुति के लिए जनता और सरकार के पैसे दिए हैं, इसलिए इस तरह की लचर परफॉर्मेंस बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित हुआ, इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं और एक वर्ग ने बिना सच्चाई जाने दिग्गज गायक का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।छोटे भाई मीका सिंह का फूटा गुस्सा: 'अगर किसी ने दलेर पाजी को शराब पीते देखा हो तो मैं गायकी छोड़ दूंगा'अपने बड़े भाई के इस सार्वजनिक अपमान और नशे के झूठे आरोपों पर लोकप्रिय गायक मीका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। मीका सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक लंबा वीडियो संदेश जारी कर उन तमाम दावों की धज्जियां उड़ा दीं जिनमें यह कहा जा रहा था कि दलेर मेहंदी नशे की हालत में मंच पर आए थे। मीका ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि दलेर मेहंदी पिछले 30 वर्षों से देश और दुनिया के सबसे बड़े सुपरस्टार गायकों में शुमार हैं। उन्होंने आलोचकों और आरोप लगाने वालों से तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि क्या पिछले तीन दशकों में कभी किसी ने दलेर मेहंदी के हाथ में शराब का जाम देखा है? क्या किसी निजी पार्टी, अवॉर्ड शो या उनके जन्मदिन पर कभी किसी ने उन्हें शराब का सेवन करते देखा है? मीका ने कहा कि जिस इंसान ने अपने पूरे जीवन में शराब को कभी हाथ तक नहीं लगाया, उस पर यह घटिया आरोप लगाना कि वह नशे में खड़े नहीं हो पा रहे थे, बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य है। मीका सिंह ने देश भर के आलोचकों और मंच पर आरोप लगाने वाले नेता को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई एक भी व्यक्ति पूरे भारत में यह साबित कर दे कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते देखा है, तो वे उसी क्षण हमेशा-हमेशा के लिए पेशेवर गायकी छोड़ देंगे।कपिल शर्मा ने बयां किया दर्द: 'हाल ही में हुई थी बड़ी सर्जरी, कोई नहीं जानता कि इंसान किस तकलीफ से गुजर रहा है'मीका सिंह द्वारा जारी किए गए इस स्पष्टीकरण वीडियो को हास्य अभिनेता कपिल शर्मा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर दोबारा साझा किया और दलेर मेहंदी के समर्थन में एक लंबा व मर्मस्पर्शी संदेश लिखा। कपिल शर्मा ने लिखा कि बहुत कम लोगों को यह जानकारी है कि दलेर मेहंदी पिछले दिनों एक अत्यंत गंभीर और नाजुक सर्जरी से उबरे हैं। वे शारीरिक रूप से अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं और उनके शरीर में कमजोरी थी, जिसके चलते मंच पर उनका संतुलन और आवाज प्रभावित हो रही थी। कपिल ने लोगों से संवेदनशीलता बरतने की अपील करते हुए कहा कि हम बाहर से किसी को भी देखकर तुरंत अपनी राय बना लेते हैं और उसका उपहास उड़ाने लगते हैं, जबकि हमें यह बिल्कुल पता नहीं होता कि वह व्यक्ति अपने निजी जीवन में किस गंभीर स्वास्थ्य संकट और दर्द से गुजर रहा है। कपिल ने मीका सिंह की तारीफ करते हुए लिखा कि कठिन समय में अपने बड़े भाई के साथ खड़े होकर सच्चाई दुनिया के सामने लाना बेहद सराहनीय है। कपिल ने अपने संदेश के अंत में लिखा कि 'मीका पाजी, इस खुलासे के लिए शुक्रिया। ईश्वर हमारे प्यारे दलेर पाजी को लंबी उम्र और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। दलेर पाजी, हम सब आपसे बेपनाह मोहब्बत करते हैं।'30 साल की बेदाग विरासत पर सवाल उठाने से दुखी हुए संगीत प्रेमी, सोशल मीडिया पर मिला भारी समर्थनदलेर मेहंदी भारतीय इंडी-पॉप और भांगड़ा संगीत के वो पुरोधा हैं जिन्होंने 90 के दशक में 'बोलो ता रा रा', 'तुनक तुनक तुन' और 'दर्दी रब रब' जैसे ऐतिहासिक गीतों के जरिए भारतीय संगीत को सात समंदर पार एक वैश्विक पहचान दिलाई थी। उनकी ऊर्जा और दमदार गायकी के करोड़ों दीवाने रहे हैं। ऐसे महान फनकार के स्वास्थ्यगत कारणों से कमजोर पड़ने पर इस तरह का बर्ताव किए जाने पर देश भर के संगीत प्रेमियों और प्रशंसकों ने विधायक सुबोध उनियाल के गैर-जिम्मेदाराना रवैये की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर अब व्यापक रूप से लोग दलेर मेहंदी के स्वास्थ्य के जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं और कलाकारों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार की मांग कर रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी कलाकार के वर्षों के योगदान और उसकी शारीरिक लाचारी को समझे बिना मंच पर सार्वजनिक अपमान करना न केवल मर्यादा के खिलाफ है बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
दीपिका ने छोटी बेटी का किया नामकरण, दिखाई 'देवी' की पहली झलक
दीपिका और रणवीर ने अपनी नन्ही प्रिंसेस का नाम भी रिवील कर दिया है. कपल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कंप्लीट फैमिली फोटो शेयर की है.
दशहरे पर शेयर की पूरी फैमिली की पहली तस्वीर, बड़ी बहन दुआ ने लिया गोद में
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावरफुल स्टार कपल्स में शुमार दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर एक बार फिर खुशियों की सौगात आई है। पिछले महीने ही दूसरी बार माता-पिता बनने के सुखद अनुभव से गुजर रहे इस खूबसूरत जोड़े ने विजयादशमी यानी दशहरे के अत्यंत पावन अवसर पर अपनी नन्हीं राजकुमारी के नाम से पर्दा उठा दिया है। दीपिका और रणवीर ने अपनी दूसरी बेटी का नाम 'देवी पादुकोण सिंह' रखा है। मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 की शाम दोनों सितारों ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर पूरे परिवार की पहली संपूर्ण और दिल छू लेने वाली तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में मातृत्व, वात्सल्य और पारिवारिक पूर्णता का ऐसा अनुपम संगम देखने को मिला कि देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो गई और सिनेमा जगत से लेकर देश-विदेश के लाखों प्रशंसकों ने इस प्यारे परिवार पर बधाइयों और दुआओं की बौछार कर दी।बड़ी बहन दुआ की गोद में नजर आईं नन्हीं देवी, दीपिका ने लिखा- 'प्यार और प्रचुरता का प्रतीक'सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई पारिवारिक तस्वीर बेहद खूबसूरत और भावनात्मक क्षण को दर्शाती है। तस्वीर में रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अपनी पहली लाडली दुआ पादुकोण सिंह को प्यार से थामे हुए हैं, जबकि नन्ही दुआ अपनी छोटी बहन देवी को अपनी गोद में बड़े स्नेह और दुलार से संभालती दिखाई दे रही हैं। दोनों बहनों के बीच का यह मासूम बंधन और माता-पिता की आंखों में झलकती असीम खुशी हर किसी का दिल जीत रही है। दीपिका पादुकोण ने इस मनमोहक पारिवारिक तस्वीर को साझा करते हुए एक बेहद आध्यात्मिक और सुंदर कैप्शन लिखा: 'प्यार और प्रचुरता का... देवी पादुकोण सिंह | देवी नारी सिंह'। इस कैप्शन के जरिए उन्होंने यह व्यक्त किया कि उनकी यह दूसरी नन्हीं परी उनके जीवन में शक्ति, प्रेम, समृद्धि और नारी चेतना के रूप में अवतरित हुई है।19 सितंबर को जन्मी थीं देवी पादुकोण सिंह, विजयादशमी के शुभ दिन नाम का औपचारिक एलानदीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के घर इस नन्हीं परी का आगमन 19 सितंबर 2026 को हुआ था। अस्पताल से घर लौटने के बाद से ही प्रशंसक इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे कि यह सेलिब्रिटी कपल अपनी दूसरी बेटी का नाम क्या रखेगा और उसका पहला दीदार कब कराएगा। ठीक एक महीने बाद, नवरात्रि के समापन और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक पर्व दशहरे के पावन दिन को इस खास घोषणा के लिए चुना गया। 'देवी' नाम भारतीय संस्कृति में साक्षात शक्ति, पवित्रता और दैवीय चेतना का परिचायक है। जिस प्रकार उनकी पहली बेटी का नाम 'दुआ' यानी प्रार्थना रखा गया था, उसी तरह दूसरी बेटी का नाम 'देवी' रखकर उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नामों को आध्यात्मिक गहराई और शालीनता से जोड़ दिया है।8 सितंबर 2024 को हुआ था बड़ी बेटी दुआ का जन्म, अब दो बेटियों के प्राउड पेरेंट्स बने 'दीपवीर'दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपने पहले बच्चे के रूप में बड़ी बेटी दुआ पादुकोण सिंह का इस दुनिया में स्वागत किया था। दुआ के जन्म के समय भी इस जोड़े ने सोशल मीडिया पर बेहद शालीन अंदाज में अपनी खुशियां बांटी थीं और कुछ समय बाद उसके सुंदर नाम की घोषणा की थी। अब ठीक दो साल बाद, देवी के सुरक्षित आगमन के साथ ही यह मशहूर स्टार कपल दो प्यारी बेटियों का माता-पिता बन चुका है। अपनी बेटियों के पालन-पोषण को लेकर दीपिका और रणवीर हमेशा से बेहद संवेदनशील रहे हैं और उन्होंने काम के साथ-साथ परिवार को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर आज के युवाओं के सामने एक आदर्श पारिवारिक जीवन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया है।राम-लीला के सेट से शुरू हुई थी प्रेम कहानी, मालदीव में प्रपोजल और लेक कोमो में शाही शादीदीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह का यह खूबसूरत सफर साल 2012 में शुरू हुआ था। संजय लीला भंसाली की महाकाव्यात्मक रोमांटिक फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' (2013) के सेट पर दोनों की पहली बार गहरी मुलाकात हुई थी। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच पनपी ऑन-स्क्रीन जादुई केमिस्ट्री ने न केवल पर्दे पर आग लगाई बल्कि असल जिंदगी में भी दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए। रणवीर सिंह ने बाद में एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने साल 2015 में मालदीव में छुट्टियां बिताने के दौरान दीपिका को बेहद रोमांटिक अंदाज में शादी के लिए प्रपोज किया था। दोनों ने अपने रिश्ते और सगाई को लगभग तीन वर्षों तक दुनिया की नजरों से पूरी तरह गोपनीय रखा और आखिरकार 2018 में अपनी शादी का औपचारिक ऐलान किया। इसके बाद 14 और 15 नवंबर 2018 को इटली के सुरम्य लेक कोमो में दोनों ने दो अलग-अलग पारंपरिक रीति-रिवाजों—कोंकणी और सिंधी परंपरा—से शाही अंदाज में सात फेरे लिए थे, जो आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार शादियों में गिनी जाती है।सिल्वर स्क्रीन पर हमेशा सुपरहिट रही 'दीपवीर' की जोड़ी, कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में किया साथ कामदीपिका और रणवीर की जोड़ी केवल असल जिंदगी में ही नहीं, बल्कि बॉक्स ऑफिस और सिल्वर स्क्रीन पर भी हमेशा ब्लॉकबस्टर साबित हुई है। इस जोड़ी ने संजय लीला भंसाली के निर्देशन में 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' जैसी ऐतिहासिक और रिकॉर्ड-तोड़ फिल्मों में अविस्मरणीय अभिनय किया। इसके अलावा कबीर खान द्वारा निर्देशित भारतीय क्रिकेट विश्व कप विजय पर आधारित स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म '83' में रणवीर ने महान कप्तान कपिल देव का और दीपिका ने उनकी धर्मपत्नी रोमी देव का सशक्त किरदार निभाया था। इसके अलावा दोनों सितारे 'फाइंडिंग फैनी', 'सर्कस' और रोहित शेट्टी की बहुप्रतीक्षित कॉप यूनिवर्स फिल्म 'सिंघम अगेन' में भी स्क्रीन साझा करते दिखाई दिए। पर्दे पर जब-जब यह जोड़ी एक साथ आई है, दर्शकों ने उनकी केमिस्ट्री को सिर-आंखों पर बिठाया है और अब दो नन्हीं बेटियों के साथ उनका पारिवारिक संसार भी खुशियों से महक रहा है।
बांग्लादेश के नजरुल इस्लाम का परिवार सदमे में हैं. मां को यकीन नहीं हो रहा कि बेटे को मौत के घाट उतार दिया गया. एक रिश्तेदार को इतना सदमा पहुंचा कि उसकी हार्ट अटैक से मौत हो गई. इस बीच परिवार अब कम से कम बॉडी वापस चाहता है.
नकाबपोशों ने फूंका 1883 का ऐतिहासिक सिटी हॉल, 10 बड़े शहरों में मची भारी तबाही
यूरोपीय महाद्वीप के सबसे विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देशों में शुमार फ्रांस इस समय आधुनिक इतिहास के सबसे गंभीर आंतरिक संकट और सुनियोजित हिंसा के दौर से गुजर रहा है। देश की राजधानी पेरिस समेत 10 प्रमुख शहरों में पिछले कुछ दिनों से आगजनी, बड़े पैमाने पर तोड़फोड़, सरकारी संपत्तियों के विध्वंस और दुकानों में खुली लूटपाट का ऐसा भयानक मंजर देखने को मिला है जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। बढ़ती कमरतोड़ महंगाई, जीवन यापन की भारी लागत (कॉस्ट ऑफ लिविंग क्राइसिस) और सरकारी स्कूलों की खस्ताहाल व्यवस्था के खिलाफ देश भर के आम नागरिकों, शिक्षकों, छात्रों और मजदूर यूनियनों ने सड़कों पर उतरकर एक बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण मार्च की शुरुआत की थी। 17 अक्टूबर को देश के विभिन्न प्रांतों में लगभग 5 लाख से अधिक आम नागरिक अपने बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग को लेकर हाथों में तख्तियां लिए सड़कों पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन जैसे ही सूरज ढला, प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ के बीच अचानक काले कपड़ों, ओवरसाइज्ड हूडी और चेहरों पर नकाब बांधे उपद्रवी गिरोहों की अप्रत्याशित एंट्री हुई। इन रहस्यमय और संगठित नकाबपोश समूहों ने चंद ही घंटों में शांतिपूर्ण जन-आंदोलन को हिंसक अराजकता, बर्बर लूटपाट और पुलिस के साथ खूनी संघर्ष में तब्दील कर दिया।लिमोज का 1883 में बना ऐतिहासिक सिटी हॉल राख के ढेर में बदला, लियोन का टूरिस्ट ऑफिस भी फूंकाहिंसा पर आमादा इन नकाबपोश उपद्रवियों का मुख्य निशाना फ्रांस की ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत से जुड़ी सार्वजनिक इमारतें रहीं। सबसे दिल दहला देने वाली घटना मध्य-पश्चिमी फ्रांस के ऐतिहासिक शहर लिमोज (Limoges) में घटी। शनिवार को जब लिमोज में बढ़ती महंगाई के खिलाफ लगभग 5,500 आम लोग सड़कों पर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, तभी काली हूडी पहने चेहरे छुपाए दंगाइयों के एक उग्र झुंड ने सिटी हॉल के पूर्वी हिस्से पर पेट्रोल बमों से सुनियोजित हमला बोल दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। तीन घंटे के भीतर ही वर्ष 1883 में पेरिस के प्रसिद्ध 'होटल डी विले' (Htel de Ville) की भव्य तर्ज पर निर्मित इस ऐतिहासिक सिटी हॉल की प्राचीन लकड़ी और धातु से बनी छत धू-धू कर जल उठी और पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इसके अलावा बंदरगाह शहर मार्सिले (Marseille) के ऐतिहासिक सिटी हॉल के दरवाजे तोड़कर अंदर अराजक नारे और ग्राफिटी उकेरी गई, जबकि लियोन (Lyon) शहर के विश्व प्रसिद्ध टूरिस्ट इंफॉर्मेशन सेंटर को आग के हवाले कर दिया गया। पेरिस, बोर्डो, लिल और मार्सिले जैसे शहरों में लुटेरों ने लग्जरी फैशन बुटीक, अंतरराष्ट्रीय सुपरमार्केट्स और महंगे एप्पल (Apple) स्टोर्स के शीशे चकनाचूर कर करोड़ों यूरो के सामान पर हाथ साफ कर दिया।आंखों में आंसू और दिल में गहरा आक्रोश: 'समझ नहीं आ रहा कि हमारे शहर को किसने और क्यों जलाया'फ्रांस के प्रमुख समाचार पत्र 'ली मॉंडे' (Le Monde) द्वारा जारी ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, रविवार की अलसुबह सैकड़ों स्थानीय नागरिक, शोधकर्ता और छात्र अपनी आंखों से अपने शहर की 140 साल पुरानी स्थापत्य धरोहर के जले हुए खंडहर को देखने के लिए इमारत के सामने जमा हो गए। आंखों में आंसू लिए स्थानीय लोगों का दिल अपनी ही विरासत को राख में तब्दील देखकर दहल उठा था। मौके पर मौजूद 26 वर्षीय स्थानीय युवा यासीन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अपनी ही ऐतिहासिक इमारत को इस तरह खाक होते देखना बेहद घिनौना और शर्मनाक अनुभव है। वहीं साहित्य की 18 वर्षीया छात्रा मरीन की आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने बेहद भावुक होकर कहा कि वह अंदर से टूट चुकी है और उसे समझ नहीं आ रहा कि स्कूलों और महंगाई की वाजिब लड़ाई लड़ते-लड़ते हालात इस बर्बरता तक कैसे पहुंच गए। रविवार की शाम को शहर के ऐतिहासिक 'प्लेस डे ला रिपब्लिक' (Place de la Rpublique) चौराहे पर हिंसा, आगजनी और नकाबपोशों की कायराना हरकत की सख्त निंदा करने के लिए एक विशाल शांति सभा बुलाई गई, जिसमें नगर निगम प्रशासन के अनुसार 7,000 से अधिक स्थानीय नागरिकों ने मोमबत्तियां जलाकर अपनी ऐतिहासिक धरोहर के प्रति एकजुटता प्रकट की।1789 की फ्रांसीसी क्रांति से जुड़ी है धरोहर संरक्षण की जड़ें, 45 हजार प्राचीन इमारतों पर कड़ा पहराफ्रांस का आम जनमानस अपने इतिहास, स्मारकों और वास्तुकला की धरोहरों को लेकर दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अत्यधिक संवेदनशील और सजग माना जाता है। फ्रांसीसी समाज में ऐतिहासिक इमारतों, प्राचीन चर्चों, नगर भवनों और कलाकृतियों को सहेजने की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था सदियों पुरानी है। इस संरक्षण चेतना की ऐतिहासिक जड़ें वर्ष 1789 की विश्व प्रसिद्ध फ्रांसीसी क्रांति से गहराई से जुड़ी हुई हैं। उस ऐतिहासिक क्रांति के शुरुआती दौर में जब राजशाही के खिलाफ अंधाधुंध तोड़फोड़ और स्मारकों का नुकसान हुआ, तब प्रबुद्ध फ्रांसीसी विचारकों में अपनी राष्ट्रीय विरासत को हर हाल में सुरक्षित रखने की तीव्र चेतना जागी। इसी चेतना के परिणामस्वरूप वर्ष 1913 में फ्रांस में ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण का ऐतिहासिक कानून लागू हुआ, जिसने किसी भी प्राचीन इमारत को नष्ट करने, बेचने या उसके मूल स्वरूप को बदलने पर सख्त कानूनी रोक लगा दी। आज की तारीख में फ्रांस में लगभग 45,000 से अधिक ऐतिहासिक इमारतें और लाखों दुर्लभ कलाकृतियां राष्ट्रीय धरोहर के रूप में कानूनी सुरक्षा के तहत संरक्षित हैं। ऐसे देश में एक सदी से भी अधिक पुराने सिटी हॉल का इस तरह जल जाना हर फ्रांसीसी नागरिक की सांस्कृतिक अस्मिता पर सीधा कुठाराघात माना जा रहा है।ब्लैक ब्लॉक रणनीति और हिंसक घुसपैठ: कैसे वाजिब जन-आंदोलनों की कमर तोड़ देती है अराजकतासमाजशास्त्रियों, सुरक्षा विश्लेषकों और यूरोपीय थिंक टैंक्स का मानना है कि फ्रांस में लंबे समय से 'ब्लैक ब्लॉक' (Black Bloc) जैसी चरमपंथी और अराजकतावादी रणनीति सक्रिय रही है। ये नकाबपोश तत्व न तो महंगाई के मुद्दे से कोई सरोकार रखते हैं और न ही स्कूलों की बेहतरी से; इनका एकमात्र मकसद भीड़ की आड़ लेकर सुरक्षा तंत्र को ध्वस्त करना, पुलिस पर हमले करना और बड़े पैमाने पर आर्थिक व भौतिक अराजकता फैलाना होता है। फ्रांस के प्रबुद्ध नागरिक और यूनियन नेता यह भली-भांति समझते हैं कि जैसे ही किसी लोकतांत्रिक प्रदर्शन में हिंसा और आगजनी शामिल होती है, सार्वजनिक विमर्श और मीडिया की हेडलाइन मुख्य मुद्दों जैसे घटती क्रय शक्ति और वेतन वृद्धि से पूरी तरह भटककर केवल आपराधिक घटनाओं और दंगों पर केंद्रित हो जाती है। यह हिंसक घुसपैठ सीधे तौर पर शांतिपूर्ण आंदोलनों की रीढ़ तोड़ देती है, क्योंकि कानून-व्यवस्था के बिगड़ने के बाद आम परिवार, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी सुरक्षा के डर से विरोध प्रदर्शनों से किनारा कर लेते हैं, जिससे जन-आंदोलन की ताकत धीरे-धीरे बिखर जाती है।
संभल: जामा मस्जिद के पास RSS का पथ संचलन, भारी फोर्स तैनात
संभल में विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर भारी पुलिस बल और आरपीएफ की तैनाती के बीच आरएसएस का पथ संचलन निकाला गया. यह संचलन शहर की जामा मस्जिद के मुख्य द्वार के पास से होकर गुजरा, जिसे लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
H-1B पर मचे बवाल के बीच जेडी वेंस ने दी सफाई, यूएस कंपनियों के रवैये पर फोड़ा ठीकरा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी (H-1B) वीजा धारकों को लेकर दिए गए अपने तीखे और विवादित बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचे भारी सियासी तूफान के बाद अपनी औपचारिक स्थिति स्पष्ट की है। कुछ समय पूर्व एच-1बी वीजा पर काम करने वाले विदेशी कामगारों की तुलना 'बंधुआ मजदूरों' (Indentured Servants) से किए जाने पर भारत समेत दुनिया भर के प्रवासी हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। चौतरफा आलोचनाओं के बीच उपराष्ट्रपति वेंस ने सार्वजनिक मंच पर अपनी सफाई पेश करते हुए दावा किया कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य प्रवासियों या भारतीय पेशेवरों की योग्यता पर सवाल उठाना नहीं था, बल्कि उनका सीधा हमला उन अमेरिकी कॉरपोरेट कंपनियों पर था जो कानूनी व्यवस्था का दुरुपयोग कर विदेशी कामगारों का शोषण करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी धर्मपत्नी उषा वेंस के भारतीय मूल और दक्षिण भारत से आए अपने सास-ससुर के प्रति गहरा आदर जताते हुए प्रशासन की सख्त आव्रजन नीतियों का पुरजोर बचाव किया।मिशिगन के टाउन हॉल में वेंस ने मानी शब्दों के चयन में गलती, बंधुआ मजदूर वाली टिप्पणी पर रखा पक्षमिशिगन के फ्लैट रॉक में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क सीबीएस न्यूज (CBS News) द्वारा आयोजित एक विशेष टाउन हॉल संवाद कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से जब प्रवासियों के अधिकारों और उनकी पिछली आक्रामक टिप्पणी को लेकर तीखे सवाल पूछे गए, तो उन्होंने स्थिति को संभालते हुए सार्वजनिक रूप से माना कि उनके वक्तव्य की भाषा शायद पूरी तरह उपयुक्त नहीं रही होगी। वेंस ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके बात रखने का तरीका सटीक नहीं था और इस शब्द चयन की जिम्मेदारी वे स्वयं स्वीकार करते हैं। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह भी जोड़ा कि जब वे 'बंधुआ मजदूर' शब्द का प्रयोग करते हैं, तो उनका आशय दिन-रात मेहनत करने वाले प्रतिभाशाली एच-1बी वीजा धारकों का अपमान करना नहीं होता, बल्कि यह उस कॉरपोरेट तंत्र और अनैतिक कंपनियों की सीधी आलोचना है जो वीजा नियमों की आड़ में कर्मचारियों को लाचार और विवश बना देती हैं।पत्नी उषा वेंस और दक्षिण भारतीय ससुराल पर जताया गर्व, इमिग्रेशन सिस्टम में संतुलन की वकालतइस विवादित मुद्दे पर अपनी मंशा साफ करने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपने व्यक्तिगत पारिवारिक जीवन और भारतीय रिश्तों का भावनात्मक रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार किस पृष्ठभूमि से आता है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। वेंस ने भावुक अंदाज में कहा कि वे दक्षिण भारत से आकर अमेरिका में बसने वाले अपने सास और ससुर से अगाध प्रेम और उनका बेहद सम्मान करते हैं। उन्होंने गर्व से रेखांकित किया कि उन्हीं प्रवासियों की सुपुत्री, जो अमेरिका की धरती पर ही जन्मीं और पली-बढ़ीं, आज संयुक्त राज्य अमेरिका की सम्मानित 'सेकंड लेडी' हैं। वेंस ने कहा कि उन्हें अपनी पत्नी उषा वेंस और अपनी पारिवारिक जड़ों पर अत्यधिक गर्व है। इसके साथ ही उन्होंने आव्रजन नीति पर जोर देते हुए कहा कि वे एक ऐसा न्यायसंगत इमिग्रेशन मॉडल स्थापित करना चाहते हैं जो अमेरिका की अर्थव्यवस्था में वास्तविक मूल्य जोड़ने वाले हुनरमंद लोगों का खुले दिल से स्वागत करे, लेकिन साथ ही साथ अमेरिकी मूल के घरेलू कामगारों के रोजगार हितों के प्रति भी पूरी तरह निष्पक्ष और संतुलित बना रहे।अमेरिकी कंपनियों के दोहरे रवैये का पर्दाफाश: 'वीजा शर्तों की वजह से पूरी तरह बंध जाते हैं विदेशी कर्मचारी'उपराष्ट्रपति ने अमेरिकी कंपनियों के आंतरिक तौर-तरीकों पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि कई बड़े एम्प्लॉयर लागत घटाने और मुनाफा कमाने के चक्कर में पहले उच्च वेतन पाने वाले स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को नौकरियों से बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। इसके बाद वे खाली पदों पर विदेशों से आए कामगारों को कड़ी और असमान शर्तों पर नियुक्त कर लेते हैं। वेंस ने इस व्यवस्था की तकनीकी खामी को उजागर करते हुए कहा कि एक आम अमेरिकी नागरिक के विपरीत विदेशी कर्मचारी देश में अपने कानूनी प्रवास (लीगल स्टेटस) के लिए पूरी तरह अपनी कंपनी पर निर्भर हो जाता है। यदि कोई विदेशी कर्मचारी कंपनी की किसी अनुचित नीति, अत्यधिक काम के दबाव या वेतन विसंगति के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो उसके सामने केवल अपनी नौकरी गंवाने का ही खतरा नहीं होता, बल्कि उसे तत्काल देश से निर्वासित होने के बेहद गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। वेंस के अनुसार यह वीजा व्यवस्था कंपनियों को जरूरत से ज्यादा ताकत दे देती है, जिससे कामगारों का शोषण आसान हो जाता है, जबकि समस्या बेहतर अवसर तलाशने वाले निर्दोष लोगों में नहीं बल्कि इस खामियों भरी वीजा व्यवस्था में है।ग्रीन कार्ड कार्यक्रम से कंपनियों के निलंबन के बाद भड़का था विवाद, भारतीय आईटी सेक्टर पर पड़ा असरयह समूचा अंतरराष्ट्रीय गतिरोध उस समय शुरू हुआ जब अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी कामगारों को स्थायी नागरिकता यानी 'ग्रीन कार्ड' दिलाने वाले एक प्रमुख विशेष कार्यक्रम से भारतीय आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों सहित कई दिग्गज फर्मों को निलंबित करने का सख्त आदेश जारी कर दिया था। अमेरिकी सरकार का आधिकारिक तर्क था कि इस व्यवस्था के चलते अमेरिकी नागरिक घरेलू नौकरी के बाजार से बाहर हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर बेरोजगारी की चिंताएं बढ़ रही हैं। इसी प्रशासनिक फैसले की घोषणा के समय उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एच-1बी धारक पेशेवरों को 'बंधुआ मजदूर' कह दिया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में गरमागरम बहस छिड़ गई थी। अब टाउन हॉल में दी गई इस विस्तृत सफाई के बाद प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि उनकी लड़ाई विदेशी पेशेवरों के खिलाफ नहीं, बल्कि वीजा नियमों में सुधार और स्थानीय रोजगार संतुलन को बहाल करने को लेकर है।
विजयादशमी पर अजमेर में 11 क्षेत्रों में निकला RSS का पथ संचलन
अजमेर। विजयादशमी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को अजमेर में संघ के अजयमेरू महानगर की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किया गया। गणवेशधारी स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल, घोष दल की धुन और मार्ग में हुए स्वागत ने शहर में आयोजन का माहौल बना दिया। संघ के […] The post विजयादशमी पर अजमेर में 11 क्षेत्रों में निकला RSS का पथ संचलन appeared first on Sabguru News .
शार्ट सर्किट होने के बाद युद्धस्तर पर तैयारियां करते हुए उसी स्थान पर नया रावण पुतला स्थापित किया गया. कुछ ही समय में व्यवस्था सामान्य कर दी गई और उत्सव का माहौल फिर से लौट आया. नए पुतले के स्थापित होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली.
टाइगर श्रॉफ नहीं, पहले किसी और सेलिब्रिटी को मारने की थी प्लानिंग, पूछताछ में हुआ सनसनीखेज खुलासा
Tiger Shroff Firing Case: शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का मकसद सिर्फ अभिनेता पर हमला करना नहीं, बल्कि बॉलीवुड में दहशत फैलाना था. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले की साजिश कैसे रची गई.
लखनऊ के शिवा शर्मा केस की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश भी गिरफ्तार हो गए हैं.
'बूथ पर पैसे देने की बारी आती है, तो हार्ट अटैक आ जाता है', नीरज पर बरसे अनंत सिंह
बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार की तबीयत खराब होने की खबरें सामने आईं. जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने नीरज की तबीयत को ड्रामा करार दिया है. उन्होंने कहा कि ये नीरज की पुरानी आदत है. अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अस्पताल जाकर नीरज का हाल जानने की खबरों को भी खारिज किया.
बिहार की एक ग्रामीण महिला उद्यमी मशरूम स्पॉन उगाने और स्थानीय रोजगार पैदा करने के लिए ATMA प्रशिक्षण और 5 लाख रुपये के
करोड़ों की कार, सर्विस सेंटर वालों से हुआ एक्सीडेंट, मालिक परेशान
बेंगलुरु में एक पोर्शे 911 मालिक ने सर्विस से जुड़ा अपना एक्सपीरियंस इंस्टाग्राम पर शेयर किया है. कार ओनर का आरोप है कि उन्होंने अपनी गाड़ी सर्विस के लिए ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर दी थी, लेकिन जहां कार का ध्यान रखा जाना चाहिए वहीं उस कार का एक्सीडेंट हो गया. उसके बाद भी तीन महीने गुजर गए हैं, लेकिन उन्हें इस मामले में कोई समाधान नहीं मिला है.
पार्टी लवर्स की मौज! Blaupunkt का 'Rock & Roll' स्पीकर लॉन्च, बेस जबरदस्त, जानें कीमत
Blaupunkt ने भारत में Rock & Roll Rhythm 100W पोर्टेबल पार्टी स्पीकर लॉन्च किया है. जानिए कीमत और फीचर्स.
Delhi High Court पहुंचे CJP कार्यकर्ता Saurav Das और Ashutosh Ranka, SEM हिरासत आदेश को दी चुनौती
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सौरभ दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उनके वकील ने इस मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की है। यह घटनाक्रम एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) द्वारा दोनों कार्यकर्ताओं की हिरासत को 21 अक्टूबर तक बढ़ाए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। अब उनकी कानूनी टीम हिरासत के इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग कर रही है। इसे भी पढ़ें: Punjab में नशा पीड़ितों के परिजनों से मिले Amit Shah, CBI जांच की मांग पर न्याय का भरोसा दिया वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका कुछ अन्य लोगों के साथ मंगलवार को भारी बैरिकेडिंग और कड़ी सुरक्षा को भेदते हुए जंतर-मंतर पहुंच गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। हालांकि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी जंतर मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया जिसका मतलब है कि अब इस स्थान पर धरना-प्रदर्शन नहीं हो सकेंगे। कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ‘एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टैग करते हुए कहा, आप प्रतिरोध की आवाज को दबा नहीं सकते। संगठन ने अपनी कार्रवाई को जंतर-मंतर पर फिर से अपना अधिकार स्थापित करने और विरोध-प्रदर्शन के अधिकार की बहाली के लिए प्रयास बताया। कॉजपा ने एक बयान में कहा, किला बने जंतर मंतर पर पुनः अधिकार कर लिया गया है। इसमें कहा गया कि इसके सदस्यों ने भारी बैरिकेड वाली जगह में प्रवेश किया और वहां तिरंगा फहराया। कॉजपा ने जंतर मंतर को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल की सूची से बाहर करने की निंदा की। इस संगठन ने नीट परीक्षा में कथित धांधली को लेकर जंतर मंतर पर 36 दिन तक धरना दिया था जिसके चलते धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। इससे पहले, दीपके, दास और रांका को शनिवार को एक उड़ान से दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस कर्मियों ने विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर मंतर पर संगठन द्वारा आहूत प्रदर्शन के मद्देनजर किए गए व्यापक सुरक्षा उपायों के तहत की थी। हालांकि उन्हें एक दिन बाद इस शर्त पर रिहा कर दिया गया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। इसे भी पढ़ें: Punjab में नशा पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे Amit Shah हालांकि, कॉजपा नेताओं ने सीईसी के इस्तीफा देने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा था, निर्धारित स्थल पर प्रदर्शन शांति में खलल नहीं डाल रहा है। कॉजपा के अनुसार, रांका, दास और अजिंक्य शिंदे सहित उसके लगभग 11 सदस्यों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम नहीं छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि दास, रांका और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। दीपके ने ‘एक्स’ पर कहा, तिरंगा के साथ कॉकरोच आज तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े जाने से पहले जंतर-मंतर में दाखिल हो गए। दीपके ने एक वीडियो भी साझा किया जिसमें कॉजपा सदस्यों को भारी बैरिकेड वाले जंतर-मंतर की ओर भागते हुए और फिर एक गेट से कूदते हुए देखा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने भारत माता की जय जैसे नारे लगाए तथा सीईसी कुमार के इस्तीफे की मांग की। हालांकि पुलिस कर्मियों ने पकड़ लिया।
मुंबई से बेंगलुरु के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन 1 नवंबर से शुरू हो सकती है. इस बारे में सांसद पीसी मोहन ने जानकारी दी है. यह ट्रेन मुंबई से बेंगलुरु 16 घंटे में पहुंचेगी.
निषाद कुमार का डबल गोल्ड, डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप
एशियन पैरा गेम्स 2026 में निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता और गेम्स रिकॉर्ड बनाया. यह उनका दूसरा गोल्ड है. वह एक ही संस्करण में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले तीसरे भारतीय बन गए. वहीं, पुरुषों की डिस्कस थ्रो F44/64 स्पर्धा में देवेंद्र कुमार ने गोल्ड, राकेश ने सिल्वर और प्रदीप कुमार ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत को क्लीन स्वीप दिलाया.
दुबई में नहीं है नदी, फिर भी लाखों लोगों को मिलता है पीने का पानी
दुबई में न कोई बड़ी नदी है और न ही मीठे पानी का कोई बड़ा प्राकृतिक स्रोत, फिर भी यहां लाखों लोगों के घरों तक हर दिन पीने का पानी पहुंचता है. आखिर ये पानी आता कहां से है?
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से तीन संदिग्ध अरेस्ट, विदेश में नौकरी का लालच देकर हमले का आरोप
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को उस समय पकड़ा गया, जब वे ट्रेन से मुंबई से दिल्ली की ओर जा […] The post टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में कोटा से तीन संदिग्ध अरेस्ट, विदेश में नौकरी का लालच देकर हमले का आरोप appeared first on Sabguru News .
नशे से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों के घर पहुंचे अमित शाह, इंसाफ दिलाने का दिया भरोसा
अमित शाह सबसे पहले बटाला पहुंचे और वहां से मारी पनवां गांव जाकर विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। विक्रमजीत की 15 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। शाह ने उनकी मां के पैर छुए और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
'झूठ फैलाते-फैलाते थक गया' राहुल गांधी चले वियतनाम! BJP का दावा, कांग्रेस का पलटवार
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोशल मीडिया पर फ्लाइट का एक कथित वीडियो शेयर करते हुए राहुल गांधी पर हमला बोला है। वहीं कांग्रेस ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे नेता प्रतिपक्ष का व्यक्तिगत दौरा बताया है
पहले कन्या पूजन, फिर बच्चियों को बांटे चाकू, वीडियो वायरल
मुजफ्फरनगर में रामनवमी पर कन्या पूजन के बाद नौ बच्चियों को चाकू भेंट करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. हिंदू रक्षा दल ने घास मंडी स्थित शिव मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया था. संगठन के जिलाध्यक्ष सैंकी शर्मा ने कहा कि बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए आत्मनिर्भर बनाने और शस्त्र ज्ञान देने के उद्देश्य से चाकू दिए गए.
टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को लेकर नया अपडेट सामने आया है. जानकारी मिली है कि शूटर्स पहले टाइगर को निशाना नहीं बनाना चाहते थे. उनकी रडार में बॉलीवुड का दूसरा बड़ा सितारा था.
पंजाब में नशे पर अमित शाह का बड़ा वार, कहा- बेटा, भाई और पति खोने वालों को क्या जवाब देगी AAP?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को घेरा. उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे के खिलाफ लड़ाई से जुड़े तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि जमीनी हालात कागजी रिपोर्टों से कहीं ज्यादा झकझोरने वाले हैं.
2 लाख रुपये के लालच में चलाई टाइगर श्रॉफ पर गोली! आरोपी रेहान की मां ने बताई चौंकाने वाली बातें
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग मामले में आरोपी की मां का बयान सामने आया है. महिला ने बताया कि उनका बेटा पिछले 20-22 दिन से घर से गायब था.
आलू-गोभी के पराठे भूल जाएंगे, जब खाएंगे मक्का-मेथी का कुरकुरा पराठा
Makka Methi Paratha Recipe: गरमागरम पराठे खाने का मजा ही अलग होता है. सुबह के नाश्ते में अगर कुछ टेस्टी और अलग खाने का मन है तो मक्का-मेथी का पराठा ट्राई कर सकते हैं. मक्के के आटे और ताजी मेथी से बना यह पराठा स्वाद में लाजवाब लगता है.
दिन की शुरुआत दूसरों की बातों और दुनिया की खबरों से करने पर मन में अनावश्यक विचार, चिंता और तनाव बढ़ सकता है. बीके शिवानी ने बताया दिन की सही शुरुआत कैसे करें.
35 लाख में तैयार हुआ 221 फुट का रावण, इको-फ्रेंडली पटाखों से होगा दहन
दशहरा महोत्सव पर पंचकूला के सेक्टर-5 में 221 फुट के ऊंचे विशालकाय रावण का दहन किया जाएगा. इस रावण को बनाने में करीब 34 से 35 लाख रुपए खर्च हुए हैं. रावण के इस पुतले का दहन इको-फ्रेंडली पटाखों से किया जाएगा.
Strict Action की चेतावनी: Chitta सिंडिकेट पर गरजे Amit Shah, बोले Punjab को नशा मुक्त बनाएंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार (20 अक्टूबर) को पंजाब के मानसा जिले में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। पिछले हफ्ते एक मेडिकल स्टोर मालिक ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी थी। शाह ने झोटा के पिता भीम सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उनके प्रति संवेदना जताई और दुख की इस घड़ी में उनके साथ एकजुटता व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने कहा कि पंजाब की इस पवित्र भूमि से, मैं पंजाब और पूरे देश के लोगों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं अपने जीवन में इस विजयादशमी को कभी नहीं भूल पाऊंगा। इसे भी पढ़ें: Punjab Drug Crisis: बिक्रमजीत के परिजनों से मिले Amit Shah, 2029 तक नशा खात्मे का दोहराया संकल्प उन्होंने कहा कि आज, मैंने पंजाब में तीन जगहों — गुरदासपुर, संगरूर और मानसा — का दौरा किया। गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह (40), संगरूर के गुलज़ार सिंह और मानसा जिले के परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई या उन्होंने आत्महत्या कर ली, क्योंकि वे नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के खिलाफ लड़ रहे थे... आज, मैं देश के लोगों — और खासकर पंजाब के लोगों — से यह कहना चाहता हूं कि मुझे आज जितना गहरा दुख हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। जब मैं इन परिवारों से मिला — और साथ ही आसपास के उन अन्य लोगों से भी, जो 'चिट्टा' (ड्रग्स) के कारोबार की वजह से बर्बाद और प्रताड़ित हो चुके हैं — तो उन्होंने जो सच्चाई बताई, वह दिल्ली में सरकारी रिपोर्टों में पढ़ी गई किसी भी बात से कहीं ज्यादा भयानक और चौंकाने वाली थी। इसके बाद उन्होंने कहा कि आज मैं यहाँ 'आप' (AAP) सरकार से पूछना चाहता हूँ: किसी ने अपना बेटा खोया है, किसी ने भाई, तो किसी ने अपना पति—आपकी सरकार के पास इसका क्या जवाब है? बहानेबाज़ी के अलावा, मुझे अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। पिछली बार जब मैं पंजाब आया था, तो मैंने बीजेपी द्वारा आयोजित 'नशा-मुक्त पंजाब' रैली में हिस्सा लिया था; मेरा मकसद नशे के कारोबार को खत्म करने की आवाज़ उठाना था। लेकिन इसके बजाय, मुझ पर ही आरोप लगाए गए। आज भी, मैं यहाँ सिर्फ पीड़ितों को सांत्वना देने आया हूँ—मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बदले मुझे अपशब्द सुनने पड़े और अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ा। मैं ज़िम्मेदार लोगों से बस इतना कहूँगा: मुझे गाली देने से कुछ हासिल नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Chitta रूपी राक्षस का रावण जैसा होगा अंत, Ravneet Bittu ने Amit Shah के दौरे पर कहा शाह ने कहा कि अगर आपको इससे तसल्ली मिलती है, तो बेशक ऐसा करते रहें—लेकिन नशे के कारोबार को तो खत्म करें। सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा) के कारोबार पर रोक लगाएँ। आज मैं पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व को याद दिलाने आया हूँ कि आपने पंजाब में सत्ता में आते समय वादा किया था कि तीन महीने के भीतर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म कर देंगे। पाँच साल बीत चुके हैं, लेकिन यह कारोबार दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। यहाँ तक कि आपके अपने पुलिसकर्मी भी पकड़े जा रहे हैं—जिनके पास से 10 से 12 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। जो लोग नशे के कारोबार का विरोध करते हैं, उन्हें या तो आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया जाता है या फिर उनकी हत्या कर दी जाती है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले की शुरुआती पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में सामने आया है कि हमलावरों का मूल निशाना कोई और बड़ी हस्ती थी, लेकिन वहां तक पहुंचने में नाकाम रहने के बाद उन्होंने टाइगर श्रॉफ को टारगेट बनाया.
एक ही गाना, दो दिग्गज सितारे और दो मशहूर आवाजें. राजेश खन्ना ने अपने बेफिक्र अंदाज से इसे यादगार बनाया, तो शम्मी कपूर पर फिल्माए गए इसके दूसरे रूप ने बिल्कुल अलग एहसास कराया.
असुर था तो क्यों रावण की राख घर लाते हैं लोग? जानें ये शुभ है या अशुभ
रावण दहन के बाद अक्सर आपने लोगों को उसकी राख घर लाते हुए देखा होगा. कई जगहों पर ऐसी लोक मान्यताएं हैं कि रावण दहन की राख घर की चौखट से बांधने से नकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश नहीं होता है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
मोरिंगा का काढ़ा कैसे बनाएं? यूनानी डॉक्टर ने बताया सहजन का काढ़ा पीने से क्या होता है
सहजन के पत्ते का काढ़ा पीने से क्या होता है? यूनानी डॉ. सैयद अहमद से जानें फायदे और बनाने का सही तरीका.
कौन है ये हसीना, जिसने रजनीकांत की जेलर 2 में मचाई तबाही?
फिल्म जेलर 2 के क्लाइमैक्स में ऋतिक रोशन ने तो अपने एक्शन से लाइमलाइट लूटी ही थी. लेकिन उनके साथ-साथ चार लड़कियां और थीं, जिनके एक्शन पर कई लोगों की नजरें पड़ीं. इसमें से एक अपेक्षा पोरवाल भी हैं, जिन्होंने रजनीकांत की फिल्म में कुछ देर के रोल से तबाही मचाई है.
गोरखपुर के दुर्गा पंडाल में लटके मुस्कान-साहिल के पुतले, नीला ड्रम कांड पर अनोखी झांकी
गोरखपुर के सिंघड़िया में राक्षसों के बीच लटकाए गए मुस्कान और साहिल के पुतलों को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुट रही है.
मुझे खुद निकाल दे कंपनी... इस्तीफा देने से क्यों इनकार कर रहा कर्मचारी?
नौकरी में तनाव बढ़ जाए, बॉस की उम्मीदें पूरी करना मुश्किल हो और हर मीटिंग से पहले टेंशन होने लगे, तो ज्यादातर लोग दूसरी नौकरी की खोज में लग जाते हैं. लेकिन एक कर्मचारी की कहानी थोड़ी अलग है. वह अपनी नौकरी से परेशान है फिर भी इस्तीफा नहीं देना चाहता. उसकी इच्छा है कि कंपनी खुद उसे नौकरी से निकाल दे, ताकि उसे सेवरेंस पैकेज मिल सके. कर्मचारी ने इसे लेकर रेडिट पर अपनी परेशानी शेयर की है, जिसके बाद इस पर चर्चा शुरू हो गई.
फेमस वरकला बीच पर ब्रिटिश महिला के साथ जबरदस्ती, कपड़े खींचे और फाड़ दिए गए
फेमस वरकला बीच पर ब्रिटिश महिला के साथ जबरदस्ती, कपड़े खींचे और फाड़ दिए गए
SBSP चीफ Om Prakash Rajbhar को झटका, चंदौली में दर्जनों पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बड़ी राजनीतिक घटना सामने आई है, जहां 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के दर्जनों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती नाराजगी के चलते ये इस्तीफे दिए गए हैं। कार्यकर्ताओं ने राजभर पर आरोप लगाया है कि वे पार्टी के मूल सिद्धांतों से भटक गए हैं और उन लोगों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक संगठन को मजबूत करने के लिए काम किया है। इसे भी पढ़ें: क्या सपा संग गठबंधन पर फंसा पेंच? कांग्रेस ने यूपी के लिए 150 सीटों की योजना तैयार की, प्रियंका गांधी ने संभाली कमान पार्टी की युवा शाखा के वाराणसी संभाग के मुख्य महासचिव, दीपक राजभर ने आरोप लगाया है कि नेतृत्व का अब उन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं है, जिन्हें वे कभी प्रमुखता से उठाते थे। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने 2027 के चुनावों के लिए पार्टी द्वारा संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी चिंता जताई है। दीपक राजभर ने आरोप लगाया कि जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी को खड़ा करने में 20 से 24 साल लगा दिए, उन्हें दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, नेतृत्व समुदाय के विकास के बजाय अपने खुद के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इस्तीफा देने वालों ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए टिकट बंटवारे को लेकर भी पार्टी के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजभर समुदाय के वोटों का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि बाहुबली पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट दिया जा सकता है। नेताओं ने कहा कि अब राजभर समुदाय अपने अधिकारों, प्रतिनिधित्व और सम्मान को ध्यान में रखकर अपने राजनीतिक फैसले लेगा। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि आने वाले दिनों में और भी कार्यकर्ता पार्टी छोड़ सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav का BJP पर हमला, कहा- BLO मतदाता सूची से तुरंत हटाए डुप्लीकेट वोट पार्टी छोड़ने की घोषणा करने वालों में युवा शाखा के अध्यक्ष और मंत्री के प्रतिनिधि बबलू राजभर, युवा शाखा के वाराणसी संभाग के मुख्य महासचिव दीपक राजभर और कई अन्य पदाधिकारी शामिल हैं। बबलू राजभर ने आरोप लगाया कि समाज के जिन लोगों के समर्थन से ओम प्रकाश राजभर को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने में मदद मिली, वे आज भी आवास, नालियों, पक्की गलियों और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
सीटों को लेकर कांग्रेस और सपा की हुई बड़ी बैठक, कहां तक पहुंची बात, देखें
आज हम बात कर रहे हैं यूपी की सियासत की, जहां कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे पर मंथन तेज हो गया है. बीती शाम दिल्ली में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के आवास पर यूपी चुनाव को लेकर बड़ी बैठक हुई, जिसमें यूपी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अनुराधा मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद बैठक में मौजूद रहे.
प्रोड्यूसर ने रणबीर को बुलाया 'रणवीर', एक्टर का रिएक्शन Viral
रामायण के प्रमोशन इवेंट में प्रोड्यूसर दिल राजू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए गलती से उनका नाम रणवीर कह दिया, जो वायरल हो गया. इस गूफ अप पर रणबीर कपूर का रिएक्शन वायरल हो रहा है.
Dussehra पर Delhi Police ने जारी की Traffic Advisory, कई मार्गों पर रहेगा डायवर्जन
राष्ट्रीय राजधानी में दशहरा समारोह और आधिकारिक आवश्यकता के मद्देनजर मंगलवार शाम से देर रात तक अलग-अलग इलाकों में यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे एवं मार्गों में परिवर्तन किया जाएगा। यातायात पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि लाल किला, रामलीला मैदान एवं द्वारका में रावण दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और वीवीआईपी की आवाजाही की संभावना है। दिल्ली यातायात पुलिस ने एक परामर्श में कहा कि लाल किले पर दशहरा समारोह के मद्देनजर, मंगलवार दोपहर से रात 11 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। इसने लोगों को सलाह दी है कि वे लाल किले वाले जाने वाले रास्ते से बचें, तय की गई पार्किंग जगहों का ही इस्तेमाल करें, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और यातायात पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने बताया कि इस अवधि के दौरान नेताजी सुभाष मार्ग और निषाद राज मार्ग पर गाड़ियों की आवाजाही यातायात की स्थिति और सुरक्षा जरूरतों के मद्देनजर प्रतिबंधित या नियंत्रित की जा सकती है। परामर्श के मुताबिक, छत्ता रेल चौक, सुभाष मार्ग पर टी प्वाइंट, दिल्ली गेट, शांति वन चौक और जीपीओ चौक पर यातायात मार्ग परिवर्तन लागू किए जा सकते हैं। इस दौरान छत्ता रेल चौक और दिल्ली गेट से आगे किसी भी ई-रिक्शा, ऑटो रिक्शा व साइकिल को जाने की इजाजत नहीं होगी। इसमें यह भी कहा गया है कि दोपहर बाद से रात 11 बजे तक दिल्ली गेट या दरिया गंज से लाल किले की ओर जाने वाली बसों को राजघाट की ओर मोड़ दिया जाएगा। पुलिस ने एक अलग परामर्श में कहा कि आधिकारिक आवश्यकताओं को देखते हुए, शाम चार बजे से रात 10 बजे तक ए पॉइंट और आईपी मार्ग के दोनों तरफ के रास्तों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। दिल्ली यातायात पुलिस ने परामर्श में कहा कि द्वारका में ये प्रतिबंध यूईआर-दो, द्वारका एक्सप्रेसवे और सड़क संख्या 224, 226, 203 तथा 205 पर शाम 4.50 बजे से रात आठ बजे तक लागू रहेंगे। विजयादशमी के अवसर पर द्वारका के सेक्टर 10 में रावण का 221 फुट ऊंचा पुतला दहन किया जाएगा। द्वारका श्री रामलीला सोसाइटी ने इस पुतले को 2026 के दशहरा में देश में दहन किए जाने वाले सबसे ऊंचे पुतलों में से एक बताया है। परामर्शों में लोगों से प्रभावित सड़कों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को कहा गया है। साथ में लोगों से घर से अतिरिक्त समय लेकर निकलने को कहा गया है।
सिर्फ 5 साल, फिर किसी काम का नहीं रहेगा होर्मुज! इस CEO का दावा
Hormuz Could Become Redundant: अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट से तेल आयात पर निर्भर दुनिया के तमाम देशों में संकट सभी ने देखा है. अब एक सीईओ ने कहा है कि ये जरूरी समुद्री रूट अगले 5 साल में किसी काम का नहीं रहेगा.
रावण की ये 3 गलतियां ले डूबीं पूरी लंका, मिट गया नामोनिशान
Dussehra 2026: रावण के पास ज्ञान, धन और शक्ति सब कुछ था, लेकिन उसकी कुछ गलतियां उस पर भारी पड़ गईं. उसकी कहानी आज भी बताती है कि इंसान चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अहंकार और गलत फैसले उसे बर्बाद कर सकते हैं.
'सरकार को बदनाम करने की साजिश...', गृह मंत्री के बयान पर CM मान का पलटवार
पंजाब में नशे के मुद्दे पर अमित शाह ने भगवंत मान सरकार को घेरा, तो मान ने पलटवार करते हुए बीजेपी पर पंजाब सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया.
फैन्स पैसा खर्च किए बिना स्टेडियम में देख सकेंगे मैच, ये है तरीका
पंजाब के जालंधर और मोहाली में मेन्स एशियन चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन किया जाना है. भारत इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है, जिसमें 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं. फैन्स स्टेडियम में जाकर इन मुकाबलों का मजा बिल्कुल फ्री में उठा सकते हैं.
ग्लोइंग स्किन के लिए घर पर बनाएं नीम का फेस वॉश, तरीका है बेहद आसान
Homemade Neem Face Wash: नीम सेहत के साथ-साथ स्किन की देखभाल के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप चेहरे पर पिंपल्स और दाग-धब्बों से परेशान हैं तो नीम की मदद से घर पर क्लीनिंग पेस्ट तैयार कर सकते हैं. आज हम आपको नीम से फेस वॉश बनाने का आसान तरीका बताएंगे.
Nepal Border तक भागने की कोशिश नाकाम, Shiva Sharma Case में UP STF ने श्रद्धा दुबे को दबोचा
लखनऊ के व्यवसायी शिव शर्मा की मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे को मंगलवार (20 अक्टूबर) को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, उसे उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और लखनऊ की स्थानीय पुलिस के एक संयुक्त अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया। दुबे के दो अन्य साथियों - ड्राइवर दानिश और रश्मि दुबे - को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद लखनऊ लाया जा रहा है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इसे भी पढ़ें: MP Police में दो साल में भरे जाएंगे 22,500 खाली पद, CM Mohan Yadav का ऐलान 9 अक्टूबर को लखनऊ में श्रद्धा दुबे की अपार्टमेंट बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कथित तौर पर गिरने के बाद व्यवसायी शिव शर्मा की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही दुबे फरार चल रही थी। अपनी गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले, श्रद्धा दुबे ने दावा किया था कि शिवा ने आत्महत्या की है और उनकी बिल्डिंग का CCTV फुटेज उनकी बेगुनाही साबित कर देगा। उन्होंने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि मैं इस व्यक्ति (शिवा शर्मा) को केवल चार महीने से जानती हूँ; इनमें से लगभग ढाई महीने तक हम दोस्त थे। वह कभी मेरे घर नहीं आया। वह पिछले दो महीनों से ही यहाँ आना-जाना शुरू किया था—और इतने कम समय में हालात इतने खराब नहीं हो सकते थे कि हम एक-दूसरे के खिलाफ इस तरह के इरादे रखें। उसकी माँ ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं क्योंकि वह मुझे कभी पसंद नहीं करती थीं। उन्होंने आगे कहा कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। सिर्फ इसलिए कि कोई दावा करता है कि हमने हत्या की है, इसका मतलब यह नहीं है कि हमने ऐसा किया है। यह आत्महत्या थी; मैंने उसे अपनी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से कूदते हुए देखा था। अगर मेरी बिल्डिंग का CCTV फुटेज मिल जाए, तो मेरी बेगुनाही साफ हो जाएगी—लेकिन पता नहीं क्यों, अभी तक वह फुटेज नहीं निकाला गया है। नेपाल बॉर्डर का फुटेज तो मिल गया है, तो फिर मेरी अपनी बिल्डिंग का फुटेज निकालने में क्या दिक्कत है? एक बार जब वह फुटेज मिल जाएगा, तो मेरी बेगुनाही साबित हो जाएगी, क्योंकि मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM विजय पर अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में DMK पार्षद सुधा दीनदयालन पर FIR दर्ज 27 वर्षीय शिवा शर्मा, जो एक कैफे के मालिक और व्यवसायी थे, चार महीने से दुबे के साथ कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप में थे। 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज स्थित 'अवध ग्रीन अपार्टमेंट' से गिरकर उनकी मौत हो गई। आरोप है कि शर्मा की हत्या दुबे ने की है। पुलिस को दोनों के बीच की एक कथित ऑडियो क्लिप भी मिली है, जिसमें उन्हें बहस करते हुए सुना जा सकता है। तब से पुलिस का कहना है कि दुबे फरार है। इससे पहले, पुलिस ने बताया कि दुबे की महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन नेपाल सीमा के पास रूपईडीहा कस्बे में मिली है। पुलिस के अनुसार, ऐसी संभावना है कि दुबे नेपाल चला गया हो।
'अराजकता की ओर ले जाने की कोशिश', संजय राउत के अल्बानिया वाले वीडियो पर हंगामा
संजय राउत ने एक्स पर मराठी भाषा में एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें उन्होंने अल्बानिया में आगजनी की घटना का 13 सेकंड का वीडियो भी लगाया था। राउत ने अपने संदेश में कहा कि सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए।
'जानकारी देने का मतलब परमिशन लेना नहीं', RSS से बोले प्रियांक खड़गे
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरएसएस से रूट मार्च के लिए तय प्रक्रिया के तहत आवेदन करने और सक्षम अधिकारियों की औपचारिक मंजूरी का इंतजार करने को कहा. उन्होंने साफ किया कि लाखों स्वयंसेवकों के एक साथ मार्च के लिए पुलिस तैनाती, यातायात, भोजन, सुरक्षा और दूसरे इंतजामों में बड़े सार्वजनिक संसाधन लगते हैं.
PM Kisan 24th Installment: उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारों के इस सीजन में दशहरा बीतने के बाद और दीपावली से ठीक पहले किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की जा सकती है।
CJP नेताओं की बढ़ गई टेंशन! तिहाड़ जेल में ही काटने होंगे अगले दो दिन
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की न्यायिक हिरासत को दिल्ली की एक अदालत (स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट) ने दो दिनों के लिए और बढ़ा दिया है. जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में जेल में बंद CJP नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को फिलहाल 21 अक्टूबर 2026 तक तिहाड़ जेल में ही रहना होगा.
अमेरिका और भारत के विदेश मंत्रियों की मुंबई में हुई मुलाकात, ट्रेड डील पर आया बड़ा अपडेट
इस महत्वपूर्ण वार्ता के दौरान भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी मौजूद रहे। द्विपक्षीय बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से भी बातचीत की।
'प्रोफेशनल भगोड़े' जैसी हरकतें! गिरफ्तार श्रद्धा के कारनामों से STF भी हैरान
Shraddha Dubey Arrested: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में 50 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर को यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की मां ने हत्या का आरोप लगाया था, जबकि श्रद्धा इसे सुसाइड बता रही थी. तीनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदलकर फरार चल रहे थे.
दुशांबे में एससीओ शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक
दुशांबे (ताजिकिस्तान)। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों से आतंकवाद के पूरे तंत्
पंजाब में नशे के मुद्दे पर सियासी घमासान, पीड़ितों के परिवारों से मिले शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब दौरे के दौरान नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में अमित शाह ने परिजनों का हाल जाना. पंजाब में नशा मुक्ति और कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी बयानबाजी जारी है.
अपने पहले गुरु के साथ वायु सेना चीफ ने भरी आखिरी उड़ान
वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 20 अक्टूबर को HJT-16 किरण मार्क-1 में अपनी अंतिम उड़ान भरी. उन्होंने अपने पहले प्रशिक्षक विंग कमांडर वीएस कोचर (रिटायर्ड) के साथ 55 मिनट की सॉर्टी पूरी की, जो उनके उड़ान सफर का यादगार समापन बनी.
'भारत को अस्थिर करने की हो रही कोशिश', विजयदशमी पर बोले मोहन भागवत
नागपुर में आरएसएस के विजयदशमी उत्सव के दौरान सरसंघचालक मोहन भागवत ने देश को संबोधित किया. उन्होंने फ्रांस और अल्बेनिया की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने का प्रयास कर रही हैं. भागवत ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति और एकता का प्रतीक है. मजबूत नेतृत्व और देश के युवाओं में जाग रहे राष्ट्रीय स्वाभिमान के कारण ऐसी साजिशें नाकाम हो रही हैं.
मोहन भागवत के संबोधन की पीएम मोदी ने की तारीफ, बताया अत्यंत प्रेरणादायी
पीएम नरेंद्र मोदी ने संघ प्रमुख मोहन भागवत के विजयदशमी संबोधन की सराहना की है. पीएम मोदी ने इसे प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि इसमें सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण पर महत्वपूर्ण संदेश दिए गए हैं. मोहन भागवत ने हिंदू-मुस्लिम एकता और देश के विकास में हर नागरिक के योगदान पर जोर दिया.
पंजाब में नशे के खिलाफ अमित शाह का दौरा, BJP अभियान को मिलेगी धार
पंजाब में नशे की समस्या को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा काफी अहम माना जा रहा है. लुधियाना में वे नशे के प्रतीक रावण का दहन करेंगे और मानसा, संगरूर तथा गुरदासपुर में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे. इस दौरान बीजेपी राज्य में नशे और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है. AAP और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर तीखी सियासत जारी है.
टाइगर श्रॉफ हमले के आरोपियों को कोटा से मुंबई ला रही पुलिस, भारी सुरक्षा बल तैनात
टाइगर श्रॉफ मामले में कोटा से गिरफ्तार आरोपियों को मुंबई पुलिस भारी सुरक्षा के बीच मुंबई ला रही है. पुलिस सड़क के रास्ते एक्सप्रेसवे से होकर मुंबई पहुंचेगी. कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल आरोपियों से पूछताछ करेगी. शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और 35,000 रुपये में सुपारी लेने का एंगल सामने आया है. मुंबई पहुंचने पर मेडिकल के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
यूपी में BJP ने तेज की तैयारियां, 30 अक्टूबर को लखनऊ जा सकते हैं शाह
उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को लखनऊ में आयोजित प्रदेश कार्य समिति की बैठक में शामिल हो सकते हैं. इस बैठक में 2027 के चुनावों की रणनीति पर मंथन होगा और अमित शाह पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
68KM का माइलेज, इस स्कूटर की बंपर डिमांड... 90% बढ़ी बिक्री
यामाहा के लिए सितंबर का महीना का अच्छा रहा है. कंपनी ने मंथ-ऑन-मंथ और ईयर-ऑन-ईयर सेल्स दोनों ही मामले में ग्रोथ हासिल की है. वैसे इस आर्टिकल में हम कंपनी के एक खास स्कूटर की बात कर रहे हैं, जिसकी बिक्री में इस सितंबर 90 परसेंट से ज्यादा का इजाफा हुआ है. आइए जानते हैं यामाहा के इस स्कूटर में क्या कुछ खास है.
फ्रांस में भड़की हिंसा, शिक्षा में बदहाली से 2027 चुनाव तक; जानें मुख्य वजहें
फ्रांस में भड़की हिंसा के पीछे शिक्षा बजट में कटौती, बढ़ती महंगाई और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की सियासी खींचतान मुख्य वजह है. 18 सितंबर को शुरू हुआ छात्र आंदोलन बजट कटौती और शिक्षकों की कमी के खिलाफ था, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. राजनीतिक दल भी आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर अपने हित साध रहे हैं. जानिए क्यों भड़का फ्रांस में जनाक्रोश.
घराली के किस्सों से आज ठहाकों से गुदगुदाएगा आबू पर्वत
सबगुरु न्यूज-सिरोही। घराली के किस्सों से माहौल को खुशनुमा बना देने वाले सुरेन्द्र शर्मा आज माउण्ट आबू (आबूराज) में लोगों को गुदगुदाएंगे। चार दशकों से हरियाणवी शैली में पति-पत्नि के खूबसूरत रिश्तों पनपने वाले व्यंग्य से पुरूषों और महिलाओं को गुदगुदाने वाले 81 वर्षीय हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा सालों बाद सिरोही जिले में आएंगे। पति […] The post घराली के किस्सों से आज ठहाकों से गुदगुदाएगा आबू पर्वत appeared first on Sabguru News .
रूस के मिसाइल हमलों के बाद आधे यूक्रेन की बिजली गुल!
रूस ने ल्वीव समेत कई यूक्रेनी क्षेत्रों के ऊर्जा केंद्रों पर रात और सुबह हमले किए, जिसके बाद 12 क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई. क्षतिग्रस्त उपकरणों पर दबाव रोकने के लिए पूरे देश में उद्योगों की बिजली सीमित होगी और कुछ क्षेत्रों में हर घंटे कटौती की जाएगी.
4 साल बीत गए, लेकिन खेसारी लाल यादव के इस गाने का खुमार अब भी कम नहीं हुआ. आम्रपाली दुबे संग उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री वाले वीडियो को 662 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं.
'हम जितने करीब हो सकते हैं, उतने करीब हैं', भारत पहुंचे मार्को रुबियो ने क्या-क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंच गए हैं. उन्होंने भारत को अहम साझेदार बताया. भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर रुबियो ने कहा कि दोनों बहुत करीब हैं.
मेडिकल की पढ़ाई में कौन सी होती है सबसे महंगी ब्रांच? डिग्री लेने के बाद करोड़ों में होती है कमाई
Most Expensive Medical Branch: डॉक्टर बनने का सपना हर साल लाखों लोग देखते हैं, लेकिन इसमें कई तरह की ब्रांच शामिल होती हैं. कुछ ब्रांच ऐसी हैं, जो काफी ज्यादा डिमांड में होती हैं.
उमेश चौहान ने एनडीटीवी को बताया कि जब टाइगर श्राफ पर हमला हुआ तो वो उनकी कार के पास ही खड़े थे. उन्होंने बताया कि हमले के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी है. अस्पताल जाने के बाद उन्हें पता चला कि उनके सीने में गोली लगी है.
Manoj Joshi ने Sardar Patel बनने के लिए 7 साल किया शोध, पढ़ीं 260 से ज्यादा किताबें
(जितेंद्र गुप्ता)नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर अभिनेता मनोज जोशी ने नाटक ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ में पटेल की भूमिका निभाने को बड़ा चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी भरा बताने के साथ ही कहा कि इस नाटक के लिए सात साल तक गहन शोध और 260 से ज्यादा किताबों का अध्ययन किया गया। मनोज जोशी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा, “किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व को मंच पर जीवंत करने के लिए उसके विचारों, व्यक्तित्व, कार्यशैली और जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं को गहराई से समझना जरूरी होता है। इसी दृष्टिकोण के साथ मैंने नाटक ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ में सरदार पटेल की भूमिका निभाने की तैयारी की।”जोशी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारतीय रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका देश के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है जिसे नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की जरूरत है। सरदार पटेल के किरदार को निभाने में सबसे बड़ी चुनौती को याद करते हुए उन्होंने कहा कि केवल संवाद याद करना पर्याप्त नहीं था बल्कि उनके व्यक्तित्व, स्पष्टवादिता, निर्णय लेने की क्षमता, बोलने के अंदाज और शारीरिक हाव-भाव को समझना भी जरूरी था। इसके लिए ऐतिहासिक पुस्तकों, दस्तावेजों और उपलब्ध दृश्य सामग्री का सहारा लिया गया। एक ऐतिहासिक किरदार को विश्वसनीय बनाने वाले तत्वों के बारे में मनोज जोशी का कहना था कि कलाकार को उसके व्यक्तित्व में उतरना पड़ता है और इस भूमिका के लिए सिर्फ मेकअप में ही उन्हें लगभग पौने दो घंटे लगते हैं। ‘एक अखंड भारत का निर्माण: सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत’ का मंचन दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में आगामी शनिवार और रविवार को होगा। पांच भाषाओं में करीब 180 फिल्मों में काम कर चुके मनोज जोशी रंगमंच पर ‘चाणक्य’ की भूमिका के लिए भी जाने जाते हैं और इस नाटक का देशभर में 1800 से ज्यादा बार मंचन हो चुका है। नाटक के निर्देशक विरल रच्छ ने कहा कि ‘एक अखंड भारत का निर्माण’ का उद्देश्य केवल इतिहास को मंच पर दोहराना नहीं, बल्कि दर्शकों को उस दौर की परिस्थितियों, फैसलों और राष्ट्रीय एकता के महत्व से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस नाटक की परिकल्पना पर लगभग एक दशक पहले चर्चा शुरू हुई थी और लेखिका गीता माणिक ने विषय पर लंबे समय तक शोध किया तथा करीब सात वर्षों तक अध्ययन करते हुए 260 से अधिक पुस्तकों का संदर्भ लिया। नाटक के निर्देशक ने कहा कि इस विषय में नाटक, फिल्म या वेब सीरीज के लिए भी काफी संभावनाएं हैं, लेकिन मंच पर इसे प्रस्तुत करने की अपनी अलग चुनौती है और सीमित समय में इतने व्यापक ऐतिहासिक घटनाक्रम को प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचाना आसान नहीं था। मनोज जोशी की सरदार पटेल की भूमिका को लेकर पूछे गये एक सवाल पर विरल ने बताया कि जोशी और लेखिका गीता माणिक के बीच इस विषय पर लंबे समय तक चर्चा होती रही और बाद में निर्देशक के रूप में वह इस प्रयास से जुड़े और नाटक ने आकार लिया। निर्देशक ने बताया कि नाटक में करीब 26 कलाकार शामिल हैं और अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए कलाकारों के सामूहिक प्रयास और तकनीकी सहयोग से प्रस्तुति को व्यापक रूप दिया गया है। देश के मौजूदा हालात में सरदार पटेल के विचार कितने प्रासंगिक हैं, यह पूछने पर मनोज जोशी ने कहा कि सरदार पटेल की विरासत केवल भारत के एकीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन से सार्वजनिक जिम्मेदारी, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता जैसे महत्वपूर्ण मूल्य भी सामने आते हैं। जोशी ने बताया कि नाटक के प्रसंगों के माध्यम से यह बताने की कोशिश की गई है कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है।
सिद्धू मूसेवाला के छोटे भाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. इसमें वह छोटा सिद्धू एक इशारा करता नजर आया था. इसी इशारे पर अब आपत्ति दर्ज हुई है.
शाम को होना था रावण दहन, लेकिन समय से पहले ही जल गया पुतला, जानें वजह
इंदौर के इंद्रपुरी में दशहरे पर रावण दहन की तैयारियों के बीच रावण के पुतले में अचानक आग लग गई. बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसके बाद पुतले में लगे पटाखे भी फूटने लगे. घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. पुतला जलकर खाक होने के बाद आयोजकों ने नया पुतला बनाने का काम शुरू कर दिया.
मुंबई में जयशंकर से मिले रुबियो, ट्रेड डील पर बोले- बहुत उम्मीद है
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील पर चर्चा की. जयशंकर से मुलाकात से पहले ही रुबियो ने पत्रकारों को बताया कि ट्रेड डील जल्द फाइनल होने वाली है.
राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू का अनूठा आकर्षण
रेगिस्तानी संस्कृति और ऐतिहासिक रजवाड़ों की धरती राजस्थान का नाम आते ही अक्सर धौरां री धरती और चिलचिलाती धूप का अहसास होता है, लेकिन इसी राज्य की अरावली पहाड़ियों की गोद में एक ऐसा हरा-भरा और खूबसूरत हिल स्टेशन बसा है जो पर्यटकों को पूरी तरह से हैरान कर देता है। माउंट आबू (Mount Abu) राजस्थान का इकलौता ऐसा पर्वतीय पर्यटन स्थल है जहां सालभर सुहाना मौसम, ठंडी हवाएं और ऊंचे पहाड़ पर्यटकों को अपनी ओर खींचते हैं। गर्मियों की छुट्टियों से लेकर सर्दियों के लॉन्ग वीकेंड तक, देश के कोने-कोने से सैलानी यहां सुकून के पल बिताने के लिए पहुंचते हैं। अगर आप भी आने वाले दिनों में माउंट आबू जाने का प्लान बना रहे हैं, तो वहां की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ एक और रोमांचक गतिविधि आपका इंतजार कर रही है, जिसके बारे में जानकर आपका उत्साह दोगुना हो जाएगा।सिर्फ 150 रुपये में घुड़सवारी का शानदार और रोमांचक अनुभवमाउंट आबू आने वाले पर्यटकों के लिए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन प्रेमियों द्वारा कई तरह की एडवेंचर और फन एक्टिविटीज की व्यवस्था की जाती है। इसी कड़ी में अब पर्यटकों के लिए बेहद किफायती दाम पर घुड़सवारी (Horse Riding) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो सैलानियों के बीच खासा आकर्षण का केंद्र बन गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि आप मात्र 150 रुपये के मामूली शुल्क में माउंट आबू की खूबसूरत वादियों के बीच घोड़े की सवारी का लुत्फ उठा सकते हैं। बच्चों से लेकर बड़े तक, हर कोई इस राइड का आनंद बहुत कम खर्च में ले सकता है। परिवार के साथ घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह बच्चों का सबसे पसंदीदा और मनोरंजक खेल बन चुका है, जहां वे सुरक्षित माहौल में घुड़सवारी का अनुभव प्राप्त करते हैं।कहां और कैसे मिलेगी माउंट आबू में घुड़सवारी की यह सुविधा?अब सवाल यह उठता है कि माउंट आबू में यह घुड़सवारी की सुविधा पर्यटकों को मुख्य रूप से कहां और किस जगह पर मिलेगी? पर्यटन जानकारों और स्थानीय गाइडों के अनुसार, माउंट आबू की प्रसिद्ध निक्की झील (Nakki Lake) के आसपास, सनसेट पॉइंट जाने वाले मार्ग और हॉर्टिकल्चर फार्म के नजदीक के इलाकों में ये प्रशिक्षित घोड़े और उनके संचालक आसानी से मिल जाते हैं। जैसे ही आप इन प्रमुख पर्यटन स्थलों के पास पहुंचेंगे, आपको सजे-धजे घोड़े और उनके मालिक मिल जाएंगे जो बहुत ही सहज तरीके से तयशुदा 150 रुपये के शुल्क पर आपको राइड ऑफर करते हैं। सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए संचालकों द्वारा पर्यटकों को तय ट्रैक पर ही घुमाया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा या जोखिम की संभावना नहीं रहती है।निक्की झील और सनसेट पॉइंट के रास्ते का खूबसूरत नजाराजब आप माउंट आबू में इन प्रशिक्षित घोड़ों की पीठ पर बैठकर सैर करते हैं, तो आसपास के नज़ारे और भी ज्यादा मनमोहक लगने लगते हैं। निक्की झील के शांत और नीले पानी के किनारे जब आप घुड़सवारी करते हैं, तो ठंडी हवा के झोंके आपके सफर को यादगार बना देते हैं। इसके अलावा, सनसेट पॉइंट और हनीमून पॉइंट जाने वाले रास्तों पर दोनों तरफ फैले विशाल पेड़ों और पहाड़ियों के बीच से गुजरना अपने आप में एक अलग ही रोमांच पैदा करता है। पैदल चलने से थक जाने वाले पर्यटकों और बुजुर्गों या बच्चों के लिए यह सवारी एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है, जिससे वे बिना थके माउंट आबू के खूबसूरत कोनों का दीदार कर लेते हैं।माउंट आबू ट्रिप के दौरान सुरक्षा और अन्य जरूरी सावधानियांकिसी भी हिल स्टेशन पर इस तरह की एडवेंचर या फन एक्टिविटी करते वक्त कुछ बुनियादी सावधानियां बरतना बहुत जरूरी होता है। माउंट आबू में घुड़सवारी का आनंद लेते समय हमेशा अधिकृत और प्रशिक्षित संचालकों के साथ ही जाएं, जो पशुओं की देखभाल और सुरक्षा के मानकों का पालन करते हैं। बच्चों को घोड़े पर बैठाते वक्त उनके माता-पिता या संचालक का साथ होना आवश्यक है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। इसके अलावा, तय किए गए मार्ग पर ही सवारी करें और वन्यजीव क्षेत्रों या प्रतिबंधित जंगलों की ओर जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन भी इस बात की लगातार निगरानी रखता है कि पर्यटकों से तय शुल्क से ज्यादा पैसे न वसूले जाएं और सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो।पॉकेट-फ्रेंडली बजट में यादगार बनाएं अपनी छुट्टियांआज के समय में जब परिवार के साथ किसी हिल स्टेशन पर घूमना काफी महंगा सौदा साबित होता है, ऐसे में मात्र 150 रुपये में मिलने वाली यह घुड़सवारी की सुविधा आपके बजट को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करती है। माउंट आबू की इस यात्रा में बोटिंग, ट्रैकिंग और स्ट्रीट शॉपिंग के साथ-साथ यह छोटी सी हॉर्स राइड आपके सफर में चार चांद लगा देती है। खूबसूरत वादियां, सुहाना मौसम और पॉकेट-फ्रेंडली एक्टिविटीज का यह मेल माउंट आबू को हर वर्ग के सैलानियों के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाता है। अपनी अगली छुट्टियों का बैग पैक करें और माउंट आबू पहुंचकर इस रोमांचक घुड़सवारी का अनुभव अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर साझा करें।
यूपी में कांग्रेस-सपा के बीच सीट बंटवारे पर मंथन तेज, प्रियंका गांधी ने बुलाई बैठक
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन तेज हो गया है. दिल्ली में प्रियंका गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में 125 से 140 सीटों का दावा पेश करने की रणनीति बनी है. दोनों पार्टियां गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं.
उत्तर प्रदेश के दो बड़े शहरों में विजयादशमी का भव्य उल्लास
असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक पावन पर्व विजयादशमी यानी दशहरा देश भर में बेहद धूमधाम के साथ मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में दशहरे के मेलों और रावण दहन की रौनक हमेशा से ही अनूठी और ऐतिहासिक रही है। जैसे-जैसे दशमी का दिन नजदीक आता है, लोगों के मन में उत्साह और मेलों को घूमने की उत्सुकता चरम पर पहुंच जाती है। यदि आप भी इस बार लखनऊ या कानपुर में परिवार के साथ रावण दहन और भव्य आतिशबाजी का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो घर से निकलने से पहले शहर के प्रमुख मेलों, मैदानों और पुतला दहन के सही समय की जानकारी होना बेहद जरूरी है ताकि आपको अंतिम समय में ट्रैफिक या भीड़भाड़ के कारण किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।नवाबों के शहर लखनऊ में रावण दहन के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलसांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के शहर लखनऊ में दशहरे के पावन अवसर पर कई स्थानों पर विशालकाय पुतले जलाए जाते हैं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। इनमें सबसे पहला और ऐतिहासिक नाम ऐशबाग रामलीला मैदान का आता है, जहां सदियों पुरानी परंपरा के तहत देश के सबसे बड़े और भव्य पुतलों का दहन किया जाता है। ऐशबाग की रामलीला और रावण दहन की धूम देखने लायक होती है, जहां शाम को लगभग 5:30 बजे से 6:30 बजे के बीच रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले धू-धू कर जल उठते हैं। इसके अलावा लखनऊ के मानसरोवर पार्क (इको गार्डन के पास), महानगर रामलीला मैदान, निराला नगर, और आशियाना स्थित एलडीए स्टेडियम में भी बड़े स्तर पर मेलों और पुतला दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।कानपुर के परेड ग्राउंड और रामलीला मैदानों में उमड़ता है भारी जनसैलाबदूसरी ओर, उत्तर प्रदेश के मैनचेस्टर कहे जाने वाले कानपुर महानगर में भी दशहरे का पर्व पूरे जोश और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। कानपुर में रावण दहन के मुख्य आकर्षणों में परेड ग्राउंड का ऐतिहासिक मेला सबसे ऊपर आता है, जहां हज़ारों की संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचते हैं। परेड ग्राउंड के अलावा किदवई नगर, शास्त्री नगर, बर्रा, और पनकी क्षेत्र के बड़े मैदानों में भी रावण दहन के भव्य कार्यक्रम तय किए गए हैं। कानपुर में रावण दहन का मुख्य समय शाम को सूर्यास्त के ठीक बाद यानी लगभग 6:00 बजे से 7:00 बजे के बीच का होता है, जब पारंपरिक मंत्रोच्चार और आतिशबाजी के बीच रावण के पुतले का अंत किया जाता है। स्थानीय समितियों द्वारा इन मैदानों में सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाते हैं।ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा के कड़े इंतजामों का रखना होगा ध्यानलखनऊ और कानपुर जैसे महानगरों में दशहरे के दिन उमड़ने वाली भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहता है। दशहरा मेलों के आसपास के मुख्य मार्गों को शाम के वक्त नो-विकल जोन घोषित कर दिया जाता है और वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की जाती है। प्रशासन की ओर से आम जनता से बार-बार अपील की जाती है कि वे अपने निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें या फिर तय की गई पार्किंग में ही वाहन खड़ा करें। इसके अलावा, छोटे बच्चों के साथ मेला देखने आने वाले अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में उनका विशेष ध्यान रखें ताकि किसी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।मेलों की अनूठी संस्कृति और खान-पान का चस्कादशहरे के मेलों की बात हो और वहां मिलने वाली पारंपरिक चीजों और खान-पान का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। लखनऊ के ऐशबाग मैदान के बाहर मिलने वाली चाट-पकौड़ी, गुझिया, और कानपुर के मेलों की खास ठिठोली और रौनक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर मुस्कान ले आती है। मेलों में सजी सजी-धजी दुकानें, बच्चों के खिलौने, और रावण दहन से पहले होने वाली आतिशबाजी का नजारा इस त्योहार को और अधिक यादगार बना देता है। लोग आपस में गले मिलकर विजयादशमी की बधाइयां देते हैं और बुराई पर अच्छाई की इस जीत के पर्व को मिलकर सेलिब्रेट करते हैं।समय से पहुंचें और सपरिवार लें इस भव्य उत्सव का आनंदयदि आपने अभी तक यह तय नहीं किया है कि इस बार रावण दहन देखने के लिए किस मैदान पर जाना है, तो अपनी सुविधानुसार नजदीकी स्थल का चुनाव कर लें। लखनऊ के ऐशबाग या कानपुर के परेड ग्राउंड जैसे मुख्य आकर्षणों पर शाम ढलते ही पैर रखने की जगह नहीं बचती है, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप तय समय से थोड़ा पहले ही अपने घर से निकलें। प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें, ट्रैफिक नियमों का सम्मान करें और अपने परिवार व दोस्तों के साथ इस ऐतिहासिक पर्व का भरपूर आनंद उठाएं। रावण दहन का यह पावन उत्सव हमारे जीवन से अहंकार और बुराइयों को मिटाने का संदेश देता है, आइए इस विजयादशमी पर हम सब मिलकर एक सकारात्मक समाज के निर्माण का संकल्प लें।
गंदगी और चिकनाई भरा पोछा कैसे साफ करें? पोछे साफ करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके
घर में सफाई के लिए पोछा रोज लगाते हैं, लेकिन पोछा में चिकनाई और गंदगी जमा हो जाती है. यहां जानिए गंदा और चिकनाई भरा पोछा कैसे साफ करें.
'तो क्या यहां भी कोर्ट में आग लगा देनी चाहिए...', संजय राउत को केंद्रीय मंत्री ने फटकारा
संजय राउत अल्बानिया की सुप्रीम कोर्ट लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर कायम दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का प्रदर्शन देश हित में है. संजय राउत ने कहा था कि लोगों ने अल्बानिया में सुप्रीम कोर्ट को जला दिया क्योंकि वहां कोर्ट करप्ट पीएम की मदद कर रहा था. भारत को इस पर ध्यान देना चाहिए.
केरल की हरी-भरी वादियों में बसा खूबसूरत हिल स्टेशन मुन्नार
भागदौड़ भरी जिंदगी, ट्रैफिक का शोर और काम का अंतहीन दबाव जब इंसान को मानसिक रूप से थका देता है, तब किसी ऐसी शांत और हसीन जगह की तलाश शुरू होती है जो रूह को सुकून दे सके। दक्षिण भारत के खूबसूरत राज्य केरल में स्थित मुन्नार (Munnar) एक ऐसा ही जादुई हिल स्टेशन है, जहां पहुंचते ही शहर की सारी भागदौड़ और चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच बादलों की चादर ओढ़े चाय के विशाल बागान, कल-कल बहते झरने, ठंडी हवाएं और चारों तरफ फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह लेती है। यदि आप भी आने वाले दिनों में किसी बेहतरीन ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो मुन्नार की यह वादियां आपके लिए किसी जन्नत से कम साबित नहीं होंगी।मुन्नार घूमने का सबसे सही समय कौन सा है?किसी भी ट्रिप को यादगार बनाने के लिए सही समय का चुनाव करना बहुत जरूरी होता है। मुन्नार एक ऐसा पर्यटन स्थल है जहां सालभर मौसम सुहाना रहता है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के महीनों के बीच यहां का सफर सबसे शानदार माना जाता है। इस दौरान मानसून की ठंडक के बाद प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत और निखरे हुए रूप में नजर आती है। सर्दियों के मौसम में यहां का तापमान काफी सुहाना होता है और सुबह के वक्त कोहरे व बादलों के बीच चाय के बागानों का नजारा देखने लायक होता है। गर्मियों के दिनों में भी देश के मैदानी इलाकों की चिलचिलाती धूप से राहत पाने के लिए पर्यटक बड़ी संख्या में यहां का रुख करते हैं।चाय के अनंत बागान और एराविकुलम नेशनल पार्क के मुख्य आकर्षणमुन्नार की पहचान ही वहां दूर-दूर तक फैले हरे-भरे टी-गार्डन (Tea Gardens) से है। शहर की सीमा में प्रवेश करते ही ऐसा महसूस होता है कि प्रकृति ने धरती पर हरी मखमली चादर बिछा दी है। यहां टाटा टी म्यूजियम में जाकर आप चाय की पत्तियों के इतिहास और उनके बनने की पूरी प्रक्रिया को बेहद करीब से देख और समझ सकते हैं। इसके अलावा, मुन्नार का प्रसिद्ध 'एराविकुलम नेशनल पार्क' (Eravikulam National Park) वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक मुख्य आकर्षण का केंद्र है। यहां दुर्लभ प्रजाति के नीलगिरी तहर (Nilgiri Tahr) और अनगिनत रंग-बिरंगे पक्षी देखने को मिलते हैं। पार्क के ऊंचे शिखरों से चारों तरफ फैली पहाड़ियों का पैनोरमिक व्यू सैलानियों का दिल जीत लेता है।मट्टुपेट्टी बांध और अनामुडी चोटी की रोमांचक सैरमुन्नार से कुछ ही दूरी पर स्थित मट्टुपेट्टी बांध (Mattupetty Dam) एक लोकप्रिय पिकनिक स्पॉट है। शांत और नीले पानी के जलाशय के चारों तरफ घने जंगल और चाय के बागान इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। यहां पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकते हैं और शांत वातावरण में कुछ बेहतरीन पल बिता सकते हैं। अगर आपको ट्रैकिंग और एडवेंचर का शौक है, तो दक्षिण भारत की सबसे ऊंची चोटी 'अनामुडी पीक' (Anamudi Peak) की ट्रैकिंग आपके लिए एक रोमांचक अनुभव साबित होगी। बादलों को छूती इस चोटी से आसपास की घाटियों का नजारा बेहद अद्भुत और अविस्मरणीय होता है।अनाईमुडी शोला और अट्टुकल वॉटरफॉल का जादुई सौंदर्यप्रकृति प्रेमियों के लिए मुन्नार के झरने और शोला वन किसी खजाने से कम नहीं हैं। मुन्नार के रास्ते में पड़ने वाला अट्टुकल वॉटरफॉल (Attukal Waterfalls) ऊंची चट्टानों से गिरते पानी के साथ अपनी खूबसूरती बिखेरता है, जहां पर्यटक तसल्ली से बैठकर प्रकृति के संगीत का आनंद लेते हैं। इसके साथ ही, स्थानीय मसालों के बागानों (Spice Plantations) का दौरा करना भी इस यात्रा का एक अहम हिस्सा है। यहां आप इलायची, काली मिर्च, लौंग और विभिन्न औषधीय पौधों की महक के बीच घूम सकते हैं और स्थानीय मसालों की खरीदारी भी कर सकते हैं। केरल के पारंपरिक व्यंजनों और मुन्नार की खास फिल्टर कॉफी का स्वाद इस ट्रिप को और भी जायकेदार बना देता है।मुन्नार ट्रिप के लिए परफेक्ट 3 दिन का ट्रैवल प्लानयदि आप मुन्नार घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो कम से कम 3 से 4 दिनों का समय निकालकर आएं। पहले दिन आप मुन्नार पहुंचकर स्थानीय चाय बागानों, टी म्यूजियम और शहर के पास के बाजारों में घूम सकते हैं। दूसरे दिन सुबह जल्दी उठकर एराविकुलम नेशनल पार्क और मट्टुपेट्टी डैम की सैर करें, और शाम को इको पॉइंट पर सनसेट का लुत्फ उठाएं। तीसरे दिन आप अनामुडी चोटी या पास के खूबसूरत अट्टुकल और लककम झरनों की ट्रैकिंग के लिए जा सकते हैं। कोच्चि या मदुरै एयरपोर्ट से टैक्सी या बस के जरिए आसानी से इस खूबसूरत हिल स्टेशन तक पहुंचा जा सकता है। अपनी अगली छुट्टियों में मुन्नार की इन हसीन वादियों का प्लान बनाएं और शहरी जीवन की थकान को अलविदा कहकर प्रकृति के आंचल में सुकून के कुछ पल बिताएं।
कांकेर जिले में झाड़फूंक की आड़ मेंवान बना दरिंदा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन समय-समय पर यहां से ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं जो समाज के काले पहलुओं को बेनकाब कर देती हैं। ताजा मामला जिले के एक ग्रामीण या नजदीकी थाना क्षेत्र का है, जहां तांत्रिक क्रियाओं और झाड़फूंक का सहारा लेकर भोले-भाले ग्रामीणों को बेवकूफ बनाने का खेल चल रहा था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से इलाके में झाड़फूंक और ओझा-गुणी का काम कर रहा था। लोग अपनी पारिवारिक या शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास जाते थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी हवस का शिकार मासूम को बनाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाने की टीम ने तुरंत एक्शन लिया और नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।क्या है पूरा मामला? परिजनों ने बयां की खौफनाक दास्तानइस खौफनाक घटना की तह तक जाने पर जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफी हैं। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बच्ची कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थी या परिवार में कुछ समस्याएं थीं। स्थानीय स्तर पर जब तमाम इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली, तो किसी के जरिए उनका संपर्क इस कथित तांत्रिक से हुआ। आरोपी ने परिवार को विश्वास दिलाया कि वह अपनी झाड़फूंक और तंत्र-मंत्र से सारी समस्याओं को चुटकियों में दूर कर देगा। परिवार उसकी बातों में आ गया और अपनी बच्ची को उसके पास ले जाने लगा। एक दिन मौका पाकर तांत्रिक ने झाड़फूंक के बहाने बच्ची को किसी तरह बेहोश कर दिया और फिर उसके साथ घिनौना कृत्य किया। जब बच्ची ने होश में आने के बाद पूरी आपबीती अपने परिजनों को बताई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और वे सदमे में डूब गए।अंधविश्वास का काला सच और कानून का शिकंजायह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि आज के आधुनिक और वैज्ञानिक युग में भी किस तरह देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और तांत्रिकों का जाल फैला हुआ है। लोग अनजाने में इन ठगों और दरिंदों के जाल में फंस जाते हैं जो भगवान और आस्था की आड़ में मासूमों की जिंदगी से खेलते हैं। इस मामले में कांकेर पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस तांत्रिक ने पहले भी इस तरह की किसी अन्य घटना को अंजाम दिया है या नहीं।समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी और सतर्क रहने की जरूरतइस दर्दनाक और आंखें खोल देने वाली घटना के बाद से समाज के बुद्धिजीवियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से यह अपील की जा रही है कि लोग किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, झाड़फूंक या ओझा-गुणी के चक्कर में न आएं। किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक बीमारी होने पर हमेशा योग्य डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थानों का ही रुख करना चाहिए। तांत्रिकों और पाखंडियों का मुख्य उद्देश्य केवल भोले-भाले लोगों को ठगना और उनका शोषण करना होता है। इस तरह के अपराधियों के खिलाफ समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जिंदगी इस तरह बर्बाद न हो सके।पुलिस प्रशासन की अपील और त्वरित न्याय का भरोसाघटना के बाद से कांकेर क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है और वे आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने जनता से संयम बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए इस केस की पैरवी करने की तैयारी कर रही है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि समाज से कुरीतियों और अंधविश्वास के इस अंधेरे को मिटाने के लिए अभी भी लंबी लड़ाई लड़नी बाकी है।
क्या आज रात 12 बजे के बाद होगा रावण दहन? मंगलवार को दहन करना शुभ या अशुभ, पंडित से जानिए सही समय
Ravan Dahan 2026 Timing: आचार्य मदनमोहन ने बताया कि मंगलवार को रावण दहन करना उचित नहीं माना जाता है. उन्होंने 20 अक्टूबर की रात 12 बजे के बाद यानी 21 अक्टूबर की शुरुआत में दहन करने की सलाह दी है.

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