ओडिशा के पुरी में रीलबाजी के चक्कर में सांप के साथ खिलवाड़ करना एक युवक के लिए जीवन की आखिरी गलती साबित हो गया। सांप के काटने से युवक की मौत हो गई।
'ऐसा लगा कि किडनैप कर लिया हो, 2 घंटे तक घुमाती रही पुलिस', हिरासत से छूटने पर बोलीं ममता बनर्जी
ममता ने बताया कि इंडिया गठबंधन का भी कार्यक्रम था। जब वे अपने आवास पर पहुंचीं, तो उन्होंने बाहर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछा कि क्या उन्हें जंतर-मंतर जाने दिया जाएगा। पुलिस ने कहा कि उन्हें वहां जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
इस दिशा में करें कलश स्थापना, कल सुबह 3 घंटे 53 मिनट रहेगा शुभ मुहूर्त
वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि का स्थान माना गया है और अग्नि को शक्ति, ऊर्जा, उत्साह और सक्रियता का प्रतीक माना जाता है. मां दुर्गा का स्वरूप भी शक्ति और पराक्रम से जुड़ा हुआ है. इसलिए मां की आराधना के लिए इस दिशा को विशेष रूप से अनुकूल माना जा सकता है.
रीढ़ की हड्डी में चोट, बदला एक्ट्रेस का नजरिया, बोली- पिक्चर अभी बाकी
नुसरत भरूचा की जिंदगी कुछ ही वक्त पहले पूरी तरह तब बदल गई जब उन्हें रीढ़ की हड्डी में चोट आई. बाली में छुट्टियां मनाने गईं नुसरत अचानक गंभीर रूप से घायल हुईं. ऐसे में अब वो किस हाल में हैं, इसकी जानकारी उन्होंने खुद दी है.
ये हैं भारत के 10 बड़े दुर्गा मंदिर, इस नवरात्र जरूर करें दर्शन!
नवरात्र के दिनों में लोग सबसे ज्यादा मां दुर्गा मंदिर के दर्शन करने जाते हैं, अगर आप भी शारदीय नवरात्र में अगर माता दुर्गा के दर्शन करना चाहते हैं. तो भारत के इन मशहूर दुर्गा मंदिर को अपनी बकेट लिस्ट में शामिल कर सकते हैं. नवरात्र के 9 दिनों तक यहां पर एक खास महौल देखने को मिलता है, जो आपको एक अलग ही सुकून देगा.
दिल्ली प्रोटेस्ट: बंगला साहिब में घुसे प्रदर्शनकारी, गुरुद्वारा कमेटी ने जताई आपत्ति
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के गुरुद्वारा बंगला साहिब और गुरुद्वारा रकाबगंज में घुसने पर DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने आपत्ति जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के परिसर में नारेबाजी कर रहे थे और कहा कि धार्मिक स्थल पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती.
CEC ज्ञानेश के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन, शिंदे का ऐलान, रविवार को फिर CJP का जंतर-मंतर कूच
Ajinkya Shinde Cockroach Janata Party: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा और तेज कर दिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को हिरासत में लिए जाने के बाद कमान संभाल रहे नए कप्तान ...
भारत के खिलाफ पहली सीरीज के लिए जिम्बाब्वे टीम का ऐलान
भारत और जिम्बाब्वे महिला टीम के बीच 3 टी20 और 3 वनडे मैच खेले जाने वाले हैं. जिम्बाब्वे महिला टीम पहली बार भारतीय दौरे पर आने वाली हैं. ऐसे में जिम्बाब्वे की कोशिश भारत के खिलाफ दमदार प्रदर्शन कर फैन्स का ध्यान खींचने की होगी.
ये इमरजेंसी है, अभिजीत दीपके-रांका और सौरव दास को दिल्ली पुलिस ने अगवा कर लिया: CJP
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि यह एक इमरजेंसी है। दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को अगवा किए 10 घंटे हो गए हैं। हमें अभी भी नहीं पता कि वे कहां हैं।
'दूसरी बीवी के लिए आ जाना', निकाह के बाद फैजू से बोला दुकानदार
मिस्टर फैजू (यानी फैसल शेख) तब जोर से हंस पड़े जब एक ज्वेलरी शॉप के दुकानदार ने मजाक में उनसे अपनी दूसरी पत्नी के लिए सोना खरीदने को कहा. हाल ही में शादी करने वाले इस इन्फ्लुएंसर ने मजेदार अंदाज में जवाब दिया.
Sonam Wangchuk ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की निंदा की, दी भूख हड़ताल की चेतावनी
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शनिवार को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन को रोकने के लिए छात्र और युवा नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि देश में स्थिति ‘अघोषित आपातकाल’ जैसी लग रही है। उन्होंने सरकार से गिरफ्तारियां रोकने और बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में पाबंदियां नहीं हटाई गईं, तो वह लेह या दिल्ली में शांतिपूर्ण धरना देने, भूख हड़ताल करने या पदयात्रा निकालने पर विचार कर सकते हैं। दिल्ली में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों की खबरों के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर यह संदेश साझा किया। ये गिरफ्तारियां जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई थीं। कॉजपा ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया था। वांगचुक ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल के दौर से गुजरेगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए इतने सारे नेता मौजूद हैं, लेकिन अब मुझे पता चला है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुझे उम्मीद है कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द रिहा कर दिया जाएगा। यदि उन्हें कल तक रिहा नहीं किया गया, तो मैं अनशन या पदयात्रा निकालने पर विचार करने के लिए मजबूर हो जाऊंगा।’’वांगचुक ने एक वीडियो संदेश भी साझा किया, जिसमें ‘अघोषित आपातकाल’ की निंदा करते हुए सरकार से बातचीत के जरिए मुद्दों का समाधान करने की अपील की। वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता चला कि आज (शनिवार) दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें छात्र नेता, युवा नेता, वकील, पत्रकार और यहां तक कि सांसद भी शामिल हैं। कल जब मैंने आप सभी को आज के प्रदर्शनों के दौरान शांति और एकता बनाए रखने का आग्रह करते हुए संदेश भेजा था, तब मुझे विश्वास था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की निश्चित रूप से अनुमति दी जाएगी।’’प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की और पाबंदियां लगाईं। प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार शामिल हैं।
राहुल गांधी ने चेन्नई में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी और बीजेपी पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
'चुनाव आयोग पर भरोसा टूटा...', CJP प्रदर्शन पर बोले प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने CJP के प्रदर्शन, चुनाव आयोग पर लोगों के भरोसे और दिल्ली में 40 हजार जवानों की तैनाती को लेकर सवाल उठाए. बिहार में शिक्षकों के प्रदर्शन पर भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को घेरा.
तेरहवीं के बाद भी शोक मनाएं या नहीं? मोक्ष में बाधा लाती हैं ये 3 गलतियां
परिवारजनों और सगे संबंधियों द्वारा तेरहवीं तक मृतक के लिए शोक मनाना तो उचित है. लेकिन वर्षों तक निरंतर मृतक को स्मृतियों में रोना, उसकी तस्वीर के सामने निरंतर दीपक जलाते रहना, उस आत्मा की आगे की यात्रा में बाधा उत्पन्न करने के अलावा कुछ नहीं है.
Delhi में DTC बसों में 2,947 मार्शल तैनात, महिलाओं की सुरक्षा के लिए 56 विशेष बसें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के उपायों के तहत दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात किए हैं और महिलाओं के लिए 56 विशेष बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इन 56 विशेष बसों में से 15 शाम की पाली में चलती हैं और शाम पांच बजे के बाद इनमें सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। गुप्ता ने एक बयान में कहा कि सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस) से जोड़ा गया है। इनमें आपातकालीन अलार्म लगाए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज तथा जीपीएस के जरिये चौबीसों घंटे नियंत्रण केंद्र से निगरानी की जाती है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग जल्द ही विश्वास नगर और रोहिणी में कामकाजी महिलाओं के लिए अतिरिक्त आवासीय सुविधाएं शुरू करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली सरकार ऐसी व्यवस्थाओं को मजबूत कर रही है, ताकि संकट के समय महिलाओं को तुरंत सहायता मिले, कामकाजी महिलाओं को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों और प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में सीखने, आगे बढ़ने तथा अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिले।’’उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बाल कल्याण समितियां और किशोर न्याय बोर्ड वैधानिक निकायों के रूप में काम कर रहे हैं। गुप्ता ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को बाल विवाह निषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है। बच्चों की सुरक्षा और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए स्कूलों में करीब 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1,397 स्कूलों में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में सुधार के उपायों का उल्लेख करते हुए गुप्ता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत सड़कों पर 96,000 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें 45,000 हाई-प्रेशर सोडियम वेपर (एचपीएसवी) लाइट और 51,000 एलईडी लाइट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विभाग के तहत कुल 2,53,983 सीसीटीवी कैमरे चालू हैं। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1908 और पीडब्ल्यूडी सेवा पोर्टल के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने महिला हेल्पलाइन 181, डीटीसी की सेवाओं और बच्चों की सुरक्षा पर केंद्रित उपायों सहित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
दैनिक जागरण के पूर्व प्रधान संपादक और लेखक नरेन्द्र मोहन जी की जयंती के अवसर पर जागरण साहित्य सृजन सम्मान प्रदान किया गया। लेखक बुद्धिनाथ मिश्र को यह सम्मान मिला।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा टी20 मुकाबला कल, लाइव स्ट्रीमिंग और दोनों टीमों की पूरी जानकारी
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ चुकी है। लखनऊ में खेले गए पहले मुकाबले में जहां टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की थी, वहीं रांची में खेले गए दूसरे टी20 मैच में वेस्टइंडीज की टीम ने करीब 250 रनों के विशाल लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर इतिहास रच दिया। इस रोमांचक जीत के साथ ही पांच मैचों की यह सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर खड़ी है। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा मुकाबला मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर इंदौर में खेला जाएगा, जहां दोनों दल बढ़त बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आएंगे।कब और कहां खेला जाएगा भारत-वेस्टइंडीज के बीच तीसरा टी20भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का तीसरा टी20 मुकाबला रविवार, 11 अक्टूबर को खेला जाएगा। यह मैच मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित प्रतिष्ठित होल्कर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित होगा। मुकाबले का टॉस भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे होगा, जबकि मैच की पहली गेंद शाम 7:00 बजे फेंकी जाएगी। इस रोमांचक मुकाबले का सीधा प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग फैंस टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देख सकेंगे।इंदौर के होल्कर स्टेडियम की पिच रिपोर्ट और मौसम का मिजाजक्रिकेट प्रेमियों और जानकारों अच्छी तरह जानते हैं कि इंदौर का होल्कर स्टेडियम अपनी छोटी बाउंड्री और सपाट पिचों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद आसान माना जाता है। रांची में वेस्टइंडीज द्वारा 250 रन बनाए जाने के बाद अब इंदौर में भी एक बार फिर चौकों और छक्कों की बरसात होने की पूरी उम्मीद है। छोटी बाउंड्री होने के कारण गेंदबाजों के लिए यहां रन रोकना किसी चुनौती से कम नहीं होगा, और टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है।दोनों टीमों का स्क्वॉडभारतीय टी20 टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव और नमन धीर।वेस्टइंडीज टी20 टीम: शाई होप (कप्तान एवं विकेटकीपर), ज्वेल एंड्रयू (विकेटकीपर), आमिर जांगू (विकेटकीपर), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरन हेटमायर, अकील हुसैन, शमार जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर।
आशीर्वाद से अस्थियों तक... रामायण के पोस्टर में दिखा राम का दर्द
रामायण फिल्म से कुछ और नए पोस्टर्स सामने आए हैं, जिसमें हम अरुण गोविल और रणबीर कपूर को देख सकते हैं. इसमें राजा दशरथ और भगवान राम के बीच आखिरी मुलाकात दिखाई गई है, जब राम वनवास के लिए निकल रहे होते हैं.
फीकी सब्जी छोड़ें, घर पर बनाएं लौकी की खस्ता और कुरकुरी कचौड़ी
Lauki Kachori: अगर आपके घर में भी लौकी को देखकर बच्चे या बड़े मुंह बनाते हैं तो इस बार आप उन्हें लौकी की टेस्टी और कुरकुरी कचौड़ी बनाकर खिलाएं. ये खाने में टेस्टी होने के साथ ही बहुत ही आसानी से बनकर तैयार हो जाती हैं.
मणिपुर CM ने कांग्रेस सांसद अकोइजाम से मांगा इस्तीफा, JNU ने यौन उत्पीड़न मामले में किया है बर्खास्त
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कांग्रेस सांसद आंगोमचा बिमोल अकोइजाम से सांसद पद से इस्तीफा मांगा है। यह मांग जेएनयू द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद उन्हें प्रोफेसर पद से बर्खास्त किए जाने के एक दिन बाद की गई है।
'इंटरनेट बंद कर दिया गया और पुलिस छात्रों को पीट रही थी', राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' में कहा
राहुल गांधी ने चेन्नई में छात्रों को संबोधित करते हुए हिंदी थोपने, शिक्षा नीति और NEET से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई, इंटरनेट बंद करने और छात्रों की पिटाई का भी आरोप लगाया।
दक्षिण अफ्रीका की धमाकेदार टी20 लीग (SA20) के आगामी पांचवें सीजन (SA20 2027) के लिए फ्रेंचाइजी टीमों ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। ऑक्शन के बाद सभी टीमों के स्क्वॉड पूरी तरह से फाइनल हो चुके हैं। इस बीच, काव्या मारन (Kavya Maran) के स्वामित्व वाली गत विजेता टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप (Sunrisers Eastern Cape) ने अपने स्क्वॉड में एक बड़ा बदलाव किया है। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और धाकड़ ऑलराउंडर मिचेल मार्श (Mitchell Marsh) शुरुआती मुकाबलों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे, जिसके चलते फ्रेंचाइजी ने उनके अस्थायी विकल्प (Temporary Replacement) के रूप में इंग्लैंड के विस्फोटक बल्लेबाज को टीम में शामिल कर लिया है।मिचेल मार्श क्यों नहीं खेलेंगे शुरुआती मैच?सनराइजर्स ईस्टर्न केप ने हाल ही में संपन्न हुए ऑक्शन से पहले ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श को प्री-साइनिंग के तहत अपने साथ जोड़ा था। हालांकि, वह शेड्यूल के शुरुआती मैचों का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। इसके पीछे का कारण कोई चोट नहीं है, बल्कि उनकी राष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट प्रतिबद्धताएं हैं। मिचेल मार्श इस दौरान अपने देश की प्रतिष्ठित टी20 लीग 'बिग बैश लीग' (BBL) के लिए कमिटेड हैं। फ्रेंचाइजी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, मार्श बीबीएल की अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने के बाद सनराइजर्स ईस्टर्न केप के स्क्वॉड के साथ जुड़ेंगे।इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी बेन डकेट की हुई एंट्रीमिचेल मार्श की गैरमौजूदगी में शुरुआती मैचों की भरपाई के लिए सनराइजर्स ईस्टर्न केप ने इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज बेन डकेट (Ben Duckett) को बतौर टेंपररी रिप्लेसमेंट अपनी टीम में शामिल किया है। बेन डकेट अपनी तेज-तर्रार बल्लेबाजी और पावरप्ले में रन बनाने की काबिलियत के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। उनके आने से टीम का बैटिंग ऑर्डर और अधिक मजबूत हो गया है।लीग की सबसे सफल टीम है सनराइजर्स ईस्टर्न केपआपको बता दें कि 2027 में होने वाला SA20 का पांचवां सीजन बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। सनराइजर्स ईस्टर्न केप इस लीग की अब तक की सबसे कामयाब और डॉमिनेटिंग टीम रही है। इस फ्रेंचाइजी ने शुरुआती दो संस्करण (2023 और 2024) लगातार जीतने के बाद, पिछले सीजन (2026) में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना तीसरा खिताब अपने नाम किया था। टीम लगातार अपनी बादशाहत बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।सनराइजर्स ईस्टर्न केप का पूरा स्क्वॉडकप्तान और विकेटकीपर: ट्रिस्टन स्टब्समुख्य खिलाड़ी एवं विकल्प: मिचेल मार्श (टेंपररी रिप्लेसमेंट के तौर पर बेन डकेट)अन्य प्रमुख खिलाड़ी: क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), एनरिक नॉर्खिया, एडम मिल्ने, मार्को जानसेन, क्रेग ओवरटन, नांद्रे बर्गर, लुइस ग्रेगरी, पैट्रिक क्रूगर, सैनुरन मुथुसामी, लुथो सिपामला, मैथ्यू ब्रीत्ज़के, मिशेल वान बुरेन, रिशद हुसैन और जॉर्डन हरमन।
जंतर-मंतर जा रहे वकीलों को हिरासत में लेने पर बवाल, CJI के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने किया रिहा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे वकीलों की कथित हिरासत और बल प्रयोग का मामला गरमा गया।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जादुई लेग स्पिन गेंदबाजी से बड़े-बड़े बल्लेबाजों को धूल चटाने वाले अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर राशिद खान (Rashid Khan) ने टी20 क्रिकेट के इतिहास को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। क्रिकइन्फो पर एक खास सेगमेंट के दौरान जब राशिद खान के सामने क्रिकेट जगत के सर्वकालिक महान टी20 खिलाड़ियों को चुनने की चुनौती रखी गई, तो उन्होंने एक ऐसा नाम चुना जिसने सबको हैरान कर दिया। इस दौरान उनके सामने विराट कोहली, एबी डिविलियर्स और सुनील नरेन जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी आए, लेकिन अंतिम पायदान पर बाजी किसी और ने ही मारी।दिग्गजों को पछाड़ते हुए आगे बढ़े खिलाड़ीइस रोमांचक पिक-एंड-चूज सेशन की शुरुआत में जब राशिद खान के सामने उनका और सुनील नरेन का विकल्प आया, तो उन्होंने खुद को चुना। इसके बाद आंद्रे रसेल के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक बल्लेबाज एबी डिविलियर्स को आगे बढ़ाया गया। वहीं, जब बात विराट कोहली और क्रिस गेल के बीच आई, तो राशिद ने भारतीय रन मशीन विराट कोहली को चुना। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और कीरोन पोलार्ड के बीच हुए मुकाबले में उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज बुमराह को तरजीह दी।एबी डिविलियर्स और जसप्रीत बुमराह के बीच था कड़ा मुकाबलाजैसे-जैसे यह चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी, मुकाबला बेहद दिलचस्प होता चला गया। दूसरे दौर में जब राशिद खान के सामने एबी डिविलियर्स और जसप्रीत बुमराह का नाम आया, तो उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह का नाम लिया। अंततः, फाइनल राउंड में मुकाबला केवल एबी डिविलियर्स और जसप्रीत बुमराह के बीच था, जहां राशिद ने तमाम धुरंधरों को पीछे छोड़ते हुए भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को 'ग्रेटेस्ट टी20 क्रिकेटर ऑफ ऑल टाइम' (Greatest T20 Cricketer of All Time) के रूप में चुन लिया।दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में शुमार हैं बुमराह32 वर्षीय जसप्रीत बुमराह आधुनिक क्रिकेट के सबसे घातक और असरदार गेंदबाजों में गिने जाते हैं, जो अपनी शानदार यॉर्कर और बेहतरीन गेंदबाजी के दम पर कभी भी मैच का रुख पलट सकते हैं। बुमराह ने भारत के लिए 52 टेस्ट, 91 वनडे और 100 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। अगर उनके कुल टी20 करियर (अंतरराष्ट्रीय, फ्रेंचाइजी और घरेलू क्रिकेट) की बात करें तो उन्होंने कुल 288 टी20 मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 354 विकेट चटकाए हैं। इस फॉर्मेट में उनका इकॉनमी रेट भी बेहद शानदार रहा है, जो उन्हें दुनिया का सबसे खास गेंदबाज बनाता है।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई है। इसकी सुनवाई रविवार को सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच करेगी।
नवरात्र के 9 दिन ही क्यों होते हैं, महिषासुर वध, शरीर के नौ द्वारों और अंक 9 का रहस्य
सनातन धर्म और संस्कृति में शारदीय और चैत्र नवरात्र का विशेष स्थान है। इन नौ दिनों के दौरान मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है, व्रत रखे जाते हैं और माता से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। लेकिन क्या आपने कभी यह विचार किया है कि नवरात्र का यह पर्व हमेशा नौ दिनों का ही क्यों होता है? क्या इसके पीछे केवल धार्मिक आस्था जुड़ी है या फिर इसके कोई वैज्ञानिक, पौराणिक और आध्यात्मिक कारण भी हैं? आइए जानते हैं नवरात्र के नौ दिनों से जुड़े इन अनसुलझे और रोचक रहस्यों के बारे में।महिषासुर वध और बुराई पर अच्छाई की विजय की पौराणिक कथापौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन काल में महिषासुर नाम का एक बेहद शक्तिशाली असुर था, जिसके अत्याचारों से तीनों लोकों में त्राहि-त्राहि मच गई थी। देवताओं के लिए उसे हराना असंभव हो चुका था, तब सभी देवताओं की संयुक्त ऊर्जा और शक्तियों से मां दुर्गा प्रकट हुईं। देवी और महिषासुर के बीच लगातार नौ दिनों तक एक भयंकर युद्ध चला। मां दुर्गा ने अपने विभिन्न स्वरूपों का प्रदर्शन करते हुए उस राक्षस की विशाल सेना का मुकाबला किया। अंततः, नौ दिनों के संघर्ष के बाद दसवें दिन मां ने महिषासुर का वध कर दिया। इसी ऐतिहासिक विजय की याद में नौ दिनों तक नवरात्र मनाए जाते हैं और दसवें दिन को विजयादशमी या दशहरा के रूप में मनाया जाता है।अंक ज्योतिष (Numerology) में अंक '9' का विशेष महत्वधार्मिक और पौराणिक कारणों के अलावा, अंक ज्योतिष में भी अंक 9 को बेहद खास, पूर्णता और परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है। गणितीय दृष्टिकोण से भी अंक 9 की एक अद्भुत विशेषता होती है। यदि आप किसी भी संख्या को 9 से गुणा करें, तो परिणाम के अंकों का योग हमेशा 9 ही आता है। उदाहरण के लिए, 9 को 2 से गुणा करने पर 18 मिलता है, और 1 तथा 8 को जोड़ने पर योग 9 बनता है। इसी तरह 9 को 5 से गुणा करने पर 45 (4+5 = 9) प्राप्त होता है। यही कारण है कि ज्योतिष और अंक शास्त्र में इस अंक को चक्र की पूर्णता और निरंतरता से जोड़कर देखा जाता है।मानव शरीर के 'नौ द्वारों' से है गहरा आध्यात्मिक संबंधहिंदू दर्शन और आध्यात्मिक ग्रंथों में मानव शरीर को 'नौ द्वारों वाला नगर' कहा गया है। श्रीमद्भागवत गीता में भी इस बात का उल्लेख मिलता है। इन नौ द्वारों में दो आंखें, दो कान, दो नासिका छिद्र, एक मुख, जननेंद्रिय और गुदा शामिल हैं। इसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ यह है कि मनुष्य अपनी इन इंद्रियों के माध्यम से बाहरी दुनिया के संपर्क में रहता है। नवरात्र के ये नौ दिन आत्मचिंतन, इंद्रियों पर नियंत्रण और अपने मन को बाहरी विकारों से मुक्त कर शुद्ध करने का सबसे उत्तम अवसर माने जाते हैं।मां दुर्गा के नौ स्वरूप और हमारी आंतरिक चेतना की यात्रानवरात्र के प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक विशिष्ट स्वरूप की आराधना की जाती है, जिन्हें सामूहिक रूप से 'नवदुर्गा' कहा जाता है। इनमें प्रथम शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और अंतिम नौवीं शक्ति के रूप में सिद्धिदात्री की पूजा होती है। देवी के ये नौ रूप मनुष्य के जीवन और आध्यात्मिक विकास के विभिन्न चरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो हमें अज्ञानता से ज्ञान और दिव्यता की ओर ले जाते हैं।
Delhi में TMC नेताओं संग हिरासत में ली गईं Mamata Banerjee, स्थिति को आपातकाल से बदतर बताया
(फोटो सहित)नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पार्टी नेताओं के साथ हिरासत में ले लिया गया। बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में हालात ‘‘आपातकाल से भी बदतर’’ हो गए हैं। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री बनर्जी ने राष्ट्रीय राजधानी में ही रुकने और सोमवार को एसआईआर के खिलाफ विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने का फैसला किया है। तृणमूल सूत्रों ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, जो कोलकाता लौट गए हैं, भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आएंगे। बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के संयुक्त सचिव डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन, राज्यसभा सदस्य समीरुल इस्लाम, लोकसभा सदस्य प्रतिमा मंडल और पूर्व सांसद साकेत गोखले के साथ साउथ एवेन्यू में एक बस स्टॉप पर धरना दिया। पुलिस ने उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर जंतर-मंतर जाने से रोक दिया। बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। बनर्जी ने अपनी हिरासत को ‘‘अपहरण’’ जैसा बताया और कहा कि उन्हें पहली बार ‘‘जेल वैन’’ में बैठाकर ले जाया गया। द्वारका नॉर्थ पुलिस थाना ले जाए जाने के बाद पत्रकारों के एक समूह से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि छह नेताओं ने पहले पुलिस से पूछा था कि क्या उन्हें जंतर-मंतर जाने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन उन्हें बताया गया कि वे आगे नहीं जा सकते। उन्होंने कहा, ‘‘हम डेरेक के घर के सामने एकजुटता जताते हुए बैठे थे। पुलिस ने कहा कि तीन से ज्यादा लोग एक साथ नहीं बैठ सकते। इसलिए हम अलग-अलग हो गए।’’बनर्जी ने बताया कि इसके बाद समूह साउथ एवेन्यू में एक बस स्टॉप के पास, अपने वाहन के सामने सड़क पर बैठ गया। उनके हाथ में ‘‘भारत बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’’ लिखा एक पोस्टर था। बनर्जी ने कहा, ‘‘वहां सिर्फ एक पोस्टर था, जिस पर ‘भारत बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ लिखा था। उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी और हमें सीधे जेल वैन में बैठाकर ले गए।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस की आपत्ति के बाद समूह ने बैनर हटा दिया था। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम अपराधी नहीं हैं, लेकिन पुलिस ने हमें अपराधियों की तरह उठाया।”तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया कि नेताओं को करीब दो घंटे तक गाड़ी में घुमाया गया और यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमें दो घंटे तक इधर-उधर ले जाया गया। हमें नहीं पता था कि कहां जा रहे हैं। यह अपहरण करने जैसा था। अब हम हरियाणा-दिल्ली सीमा पर हैं।’’बनर्जी ने सवाल उठाया कि पुलिस ने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ले जाने के लिए ‘जेल वैन’ का इस्तेमाल क्यों किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में रुकने का कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा आग्रह किए जाने के बाद उन्होंने कोलकाता जाने का इरादा त्याग दिया। उन्हें शनिवार को पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम में शामिल होना था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉजपा के आह्वान पर यहां जुटे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के बीच बनर्जी ने ‘‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें यह सब करना चाहिए, क्योंकि इस तरह की कार्रवाई से वे प्रदर्शनकारियों को और लोकप्रिय बना रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपातकाल से भी बदतर हालात हैं। यह ‘सुपर इमरजेंसी’ है।’’बनर्जी ने कहा, ‘‘शांति बनाए रखना और शांत रहना सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन आज वे जो कर रहे हैं, वह न तो देश के लिए सही है और न ही देश के लोगों के लिए।’’बाद में जारी एक वीडियो बयान में बनर्जी ने कहा कि सभी छह नेताओं ने पुलिस के निर्देशों का पालन किया, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा, “हमें लगभग दो घंटे तक गाड़ी में घुमाया गया। यह लगभग अपहरण करने जैसा था। हमने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया।”बनर्जी ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शनिवार को उनसे मिलने वाले थे। उन्होंने कहा, ‘‘अरविंद को मेरे घर आना था और उन्होंने कल रात हमें भरोसा दिलाया था कि वह आएंगे। लेकिन मुझे जानकारी मिली है कि उन्हें भी वहां से निकलने की अनुमति नहीं दी गई। यही समस्या है...लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से हिस्सा लेने की अनुमति के बजाय उन्हें रोका जा रहा है।’’केजरीवाल भी आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर की तरफ निकले थे। इस दौरान उन्हें लोदी एस्टेट स्थित उनके आवास के बाहर हिरासत में ले लिया गया।
आम्रपाली समूह पर ईडी का शिकंजा, दिल्ली में 54.71 करोड़ की संपत्ति जब्त
ईडी ने आम्रपाली समूह से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के महारानी बाग में 54.71 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है।
जीवन की छोटी-छोटी चिंताओं से मुक्ति दिलाएंगी आचार्य चाणक्य की ये 4 अचूक नीतियां, तनावमुक्त होगा जीवन
आधुनिक और तेज रफ्तार जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी बात को लेकर मानसिक तनाव से घिरा रहता है। कभी भूतकाल की पुरानी गलतियां इंसान को परेशान करती रहती हैं, तो कभी भविष्य की अनिश्चितताएं रातों की नींद उड़ा देती हैं। इसके अलावा, काम का दबाव, रिश्तों में अनबन और लोगों से जुड़ी उम्मीदें भी हमारे जीवन में अशांति का बड़ा कारण बन जाती हैं। ऐसी ही छोटी-छोटी परेशानियों और चिंताओं से पार पाने के लिए महान कूटनीतिज्ञ और दार्शनिक आचार्य चाणक्य की नीतियां आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं, जितनी सदियों पहले थीं। आइए जानते हैं चाणक्य की उन चार महत्वपूर्ण नीतियों के बारे में जो आपके जीवन को आसान और खुशहाल बना सकती हैं।बीते कल और आने वाले कल की चिंता से बाहर आएंआचार्य चाणक्य के अनुसार, जो व्यक्ति हमेशा अपने बीते हुए कल (Past) की गलतियों को याद करके पछताता रहता है या आने वाले कल (Future) की चिंताओं में डूबा रहता है, वह कभी भी अपने वर्तमान (Present) का आनंद नहीं ले पाता है। बीता हुआ समय कभी लौटकर नहीं आ सकता और भविष्य हमारे नियंत्रण में नहीं होता। समझदारी इसी में है कि इंसान अपनी पिछली गलतियों से सीख ले और आज के समय में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करे। वर्तमान में जीना ही मानसिक शांति की सबसे बड़ी कुंजी है।अपनी संगति का चुनाव हमेशा सोच-समझकर करेंइंसान के जीवन पर उसके आसपास रहने वाले लोगों का गहरा असर पड़ता है। चाणक्य नीति कहती है कि यदि आप हमेशा ऐसे लोगों के बीच रहते हैं जो नकारात्मक बातें करते हैं, दूसरों की बुराई करते हैं या हर परिस्थिति में केवल कमियां निकालते हैं, तो आपकी अपनी सोच भी धीरे-धीरे वैसी ही नकारात्मक हो जाती है। इसके विपरीत, हमेशा सकारात्मक सोच वाले, ऊर्जावान, मेहनती और ज्ञानी लोगों की संगति में रहें। ऐसे लोग कठिन वक्त में आपका मनोबल बढ़ाते हैं और आपको जीवन में सही दिशा दिखाने में मदद करते हैं।अपनी निजी बातें हर किसी के साथ साझा न करेंहर व्यक्ति आपकी भावनाओं, आपकी परेशानियों और आपकी योजनाओं को समझे, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है। कई बार लोग अत्यधिक भावुकता में आकर अपनी जिंदगी से जुड़ी निजी बातें, पारिवारिक समस्याएं, अपनी कमजोरियों और भविष्य की रणनीतियों को ऐसे लोगों के साथ साझा कर बैठते हैं, जिन पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। चाणक्य के अनुसार, अपनी कमजोरी और निजी बातें हमेशा गुप्त रखनी चाहिए, क्योंकि दूसरों को इनके बारे में पता चलने पर वे इसका अनुचित लाभ उठा सकते हैं।अपने मन, क्रोध और इच्छाओं पर रखें नियंत्रणमनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु उसके अपने भीतर ही छिपा होता है, जो क्रोध, लालच, ईर्ष्या और अत्यधिक मोह के रूप में बाहर आता है। जब हम अपनी हर इच्छा को तुरंत पूरा करना चाहते हैं या हर परिस्थिति को अपने मन मुताबिक चलाना चाहते हैं, तो छोटी-सी असफलता भी हमें अंदर से तोड़ देती है। इसलिए अपने मन और भावनाओं पर संयम रखना बेहद जरूरी है। गुस्सा आने पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ पल शांत रहें और जीवन में दूसरों से जरूरत से ज्यादा अपेक्षाएं रखने से बचें।
रोनाल्डो पर गिरी गाज...FPF ने किया अस्थायी तौर पर सस्पेंड!
पुर्तगाल फुटबॉल फेडरेशन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए बड़ा कदम उठा लिया है. कोच से हुए विवाद के बाद रोनाल्डो ने माफी मांग ली थी. लेकिन इस मामले ने अब नया रूप ले लिया है.
भारतीय शेयर बाजार में लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद बीते कारोबारी सप्ताह (5 से 9 अक्टूबर 2026) के दौरान बाजार में एक शानदार वापसी देखने को मिली है। वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 879 अंकों की भारी छलांग लगाकर 72,472.33 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 289 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की जोरदार तेजी के साथ 22,520.45 के स्तर पर पहुंच गया। इस बीच, निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए बाजार विशेषज्ञों ने कम कीमत वाले मजबूत शेयरों में निवेश की सलाह दी है।आनंद राठी के एक्सपर्ट मेहुल कोठारी की बाजार पर रायआनंद राठी (Anand Rathi) के तकनीकी विशेषज्ञ मेहुल कोठारी के अनुसार, बाजार में आई इस हालिया तेजी से यह संकेत मिलने लगे हैं कि सूचकांकों में निचले स्तर (Bottom) बनने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। पिछले हफ्ते निफ्टी में आए उतार-चढ़ाव के बाद हुई यह रिकवरी सकारात्मक है। तकनीकी चार्ट पर निफ्टी 50, निफ्टी 500 और मिडकैप इंडेक्स के आरएसआई (RSI) में 'ट्रिपल बुलिश डाइवर्जेंस' देखा गया है, जिसे बाजार में संभावित तेजी का संकेत माना जाता है। हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि निवेशकों को अभी भी सतर्कता बरतनी चाहिए और निफ्टी के लिए 22,200 से 21,800 का दायरा मजबूत सपोर्ट जोन के रूप में काम करेगा।200 रुपये से कम कीमत वाले 3 शेयरों पर एक्सपर्ट की नजरकम बजट में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए मेहुल कोठारी ने 200 रुपये से कम कीमत वाले तीन प्रमुख शेयरों (Vodafone Idea, Motherson Sumi और IDFC First Bank) में खरीदारी की सलाह दी है। ये शेयर अपने आकर्षक मूल्यांकन और तकनीकी ब्रेकआउट के कारण निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं। आइए जानते हैं इन शेयरों के टारगेट और स्टॉप लॉस:1. वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea - Vi)टेलीकॉम सेक्टर की प्रमुख कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयर पर एक्सपर्ट ने सकारात्मक रुख दिखाया है।खरीद भाव: लगभग ₹13टार्गेट प्राइस: ₹15स्टॉप लॉस: ₹122. मदरसन सुमी (Motherson Sumi)ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी मदरसन सुमी के शेयरों में भी तेजी की संभावना जताई गई है।खरीद भाव: ₹34 के ऊपर खरीदारी पर विचार करें।टार्गेट प्राइस: ₹38स्टॉप लॉस: ₹323. आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank)बैंकिंग सेक्टर से जुड़े इस लोकप्रिय शेयर में भी उछाल देखने को मिल सकता है।खरीद भाव: ₹80 के ऊपर।टार्गेट प्राइस: ₹85स्टॉप लॉस: ₹71.50निवेशकों के लिए जरूरी सलाहशेयर बाजार में आई इस रिकवरी के बाद भले ही निवेशकों का उत्साह बढ़ा हो, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखना जरूरी है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम लेने की क्षमता का आकलन अवश्य कर लें, तथा एक्सपर्ट द्वारा बताए गए स्टॉप लॉस का कड़ाई से पालन करें।
भारतीय मुद्रा (Indian Rupee) को विदेशी मुद्रा बाजार में मिल रहे लगातार दबाव से राहत दिलाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए एक विशेष डॉलर सुविधा (Special Dollar Facility) शुरू करने का ऐलान किया है। यह नई व्यवस्था आगामी 12 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो जाएगी और अगले आदेश तक लागू रहेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चे तेल के आयात के दौरान खुले बाजार (Open Market) में डॉलर की अचानक बढ़ने वाली भारी मांग के दबाव को कम करना और रुपये की स्थिति को मजबूत करना है।किन तीन सरकारी कंपनियों को मिलेगा इस विशेष सुविधा का लाभRBI द्वारा शुरू की गई इस विशेष डॉलर सुविधा का दायरा देश की तीन सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनियों तक सीमित रखा गया है। इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) शामिल हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसके लिए इन कंपनियों को भारी मात्रा में अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता होती है। अब तक ये कंपनियां अपनी रोजाना की डॉलर की जरूरत को पूरा करने के लिए खुले बाजार से खरीदारी करती थीं, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की मांग तेजी से बढ़ जाती थी और उसका सीधा असर रुपये की वैल्यू पर पड़ता था।खुले बाजार पर डॉलर की मांग का दबाव होगा कमविशालकाय तेल कंपनियों द्वारा एक साथ भारी मात्रा में डॉलर खरीदे जाने से घरेलू मुद्रा पर लगातार दबाव बना रहता था। जानकारों के अनुसार, भारत के पेट्रोलियम उत्पादों के बाजार में इन तीनों सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 90 प्रतिशत तक है, जिसमें अकेले IOCL की हिस्सेदारी करीब 40%, BPCL की 30% और HPCL की 20% है। अब RBI की इस नई व्यवस्था के तहत ये कंपनियां अपनी रोजाना की डॉलर की जरूरतें तयशुदा और निर्धारित बैंकों के माध्यम से पूरी कर सकेंगी। इससे खुले बाजार में डॉलर की अप्रत्याशित मांग में कमी आएगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर भारतीय रुपये की स्थिरता पर देखने को मिल सकता है।क्या रुपये कीि गिरावट पर पूरी तरह लग जाएगी लगामआरबीआई (RBI) का यह कदम निश्चित रूप से रुपये को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करने की दिशा में एक अहम पहल है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रुपये की चाल में आने वाले उतार-चढ़ाव पर पूरी तरह रोक लगने की गारंटी नहीं दी जा सकती। रुपये की कीमत कई अन्य वैश्विक और आर्थिक कारकों पर भी निर्भर करती है, जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की गतिविधियां, वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स की मजबूती और देश का व्यापार घाटा। यदि आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल के दाम बहुत ज्यादा ऊंचे बने रहते हैं, तो देश की कुल डॉलर की मांग पर थोड़ा असर जारी रह सकता है। हालांकि, आरबीआई का यह दखल बाजार में डॉलर की आपूर्ति को सुचारू बनाने और घबराहट की स्थिति को रोकने में बेहद मददगार साबित होगा।
दिल्ली में हंगामे के बीच SIR के समर्थन में उतरे 124 पूर्व अधिकारी, पत्र लिखकर बताया क्यों जरूरी
पूर्व अधिकारियों ने बिहार चुनाव 2025 का उदाहरण देकर कहा कि चुनाव में कहीं दोबारा मतदान कराने की जरूरत नहीं पड़ी और 1951 के बाद सबसे ज्यादा मतदान हुआ। यह इलेक्शन मैनेजमेंट और सुरक्षा में सुधारों को दिखाता है।
Election Commission का समर्थन करते हुए 124 पूर्व नौकरशाहों ने चुनावी धांधली के दावों पर उठाए सवाल
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और अन्य संबद्ध सेवाओं के 124 पूर्व अधिकारियों ने देश के नागरिकों के नाम एक खुला पत्र जारी कर निर्वाचन आयोग एवं मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का पुरजोर समर्थन किया है और बिना किसी ठोस सबूत के चुनाव में धांधली के आरोप लगाए जाने पर सवाल उठाए हैं। पूर्व अधिकारियों ने कहा कि इसी निर्वाचन आयोग के तहत केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हारी और 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने दम पर बहुमत भी हासिल नहीं कर सकी। पत्र में कहा गया, ‘‘चुनाव जीतने वालों ने कोई शिकायत नहीं की। ऐसा नहीं हो सकता कि जब आप चुनाव जीतें तो चुनाव प्रणाली ईमानदार हो और जब हार जाएं तो उसी प्रणाली में धांधली होने का आरोप लगाएं।’’पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों में भारत सरकार के पूर्व सचिव, पूर्व राजदूत, पूर्व पुलिस महानिदेशक, राज्यों के पूर्व मुख्य सचिव और आयकर विभाग के पूर्व महानिदेशक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में होने वाली गलतियों को सुधारा जाना चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया की वैधता पर कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआईआर मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया है तथा इस दौरान कुछ लोगों को असुविधा हो सकती है, लेकिन देश में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में उठाए जाने वाले हर बड़े कदम के साथ ऐसा होता है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल और भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी आर. डी. कपूर, समीरेंद्र चटर्जी, गोपाल कृष्ण, विवेक भारद्वाज और नवनीत सहगल के अलावा भारतीय विदेश सेवा की पूर्व अधिकारी भास्वती मुखर्जी एवं प्रभु दयाल तथा भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी के. अरविंद राव एवं सर्वेश चंद्र शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि भारत में चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर कब्जा करने, मतपेटियों में फर्जी मतपत्र डालने और हिंसा की घटनाओं का दौर पीछे छूट चुका है। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनाव प्रणाली में कई स्तरों पर जांच और सुरक्षा के इंतजाम हैं जिनमें मतदान एजेंटों की मौजूदगी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को सील करना, ‘स्ट्रांग रूम’ की सुरक्षा और ‘वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) के जरिए सत्यापन शामिल है। अधिकारियों ने पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया, जिसमें किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान नहीं कराना पड़ा और 1951 के बाद सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि इसमें एक से अधिक निर्वाचन आयुक्त होने और संस्थागत सुरक्षा के प्रावधान इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सवाल पूछना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन आरोप साबित करना आरोप लगाने वाले की जिम्मेदारी है।’’एसआईआर की प्रक्रिया का समर्थन करते हुए अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के लिए यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार में करीब 22 लाख मृत मतदाताओं और सात लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई, जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज थे तथा करीब 21.5 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। पत्र में कहा गया, ‘‘जिन मतदाता सूचियों को दुरुस्त नहीं किया जाता, वे मतदाताओं की नहीं, बल्कि धोखाधड़ी करने वालों की रक्षा करती हैं।’’अधिकारियों ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में नोटिस जारी करने, सुनवाई, अपील और राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय एजेंटों की भागीदारी जैसे सुरक्षा उपाय भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस प्रक्रिया की समीक्षा की है और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय निर्धारित किए हैं। पत्र के अनुसार, न्यायालय ने एसआईआर कराने के निर्वाचन आयोग के अधिकार को भी बरकरार रखा है। उन्होंने कहा, ‘‘जिस चुनाव प्रणाली को आप धांधली वाली बता रहे हैं, अगर उसी प्रणाली के जरिए आपको जीत मिली है, तो खुद से पूछिए कि आपको वास्तव में चुनाव प्रणाली पर संदेह है या केवल उसके नतीजे पर।’’पत्र में कहा गया, ‘‘हमारा किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। हम यह पत्र इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि बिना किसी सबूत के चुनावों के लिए ‘धांधली’ शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है। हर बार इस आरोप को दोहराए जाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा कमजोर होता है।’’अधिकारियों ने कहा कि पहले मतदान केंद्रों पर कब्जा करने की घटनाएं इतनी आम थीं कि संसद ने 1989 में इसे अपराध घोषित कर दिया था। उन्होंने कहा कि जहां हिंसा होती है, वहां लोकतंत्र की आवाज दब जाती है। पत्र में कहा गया, ‘‘प्रत्येक उम्मीदवार का एजेंट हर मतदान केंद्र पर नजर रखता है और डाले गए मतों की संख्या का हस्ताक्षरित विवरण अपने साथ ले जाता है। एजेंटों के हस्ताक्षर के साथ मशीनों को सील किया जाता है और उन्हें ‘स्ट्रांग रूम’ में सुरक्षित रखा जाता है, जिसकी निगरानी उम्मीदवार भी कर सकते हैं।’’अधिकारियों ने कहा कि वीवीपैट की पर्चियों का मिलान मशीनों में दर्ज मतों से किया जाता है। उच्चतम न्यायालय ने 2024 में इस सुरक्षा उपाय को बरकरार रखा था। पूर्व अधिकारियों ने कहा कि एसआईआर किसी को मतदाता सूची से बाहर करने का हथियार नहीं है। पत्र में कहा गया, ‘‘मतदाता सूची का मसौदा अस्थायी होता है और उसमें किसी का नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि उसका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। नोटिस और सुनवाई के बिना किसी का नाम नहीं हटाया जाता। इसके बाद अपील के दो स्तर भी उपलब्ध हैं। हर राजनीतिक दल प्रत्येक बूथ स्तरीय अधिकारी के साथ अपने एजेंट तैनात कर सकता है।
भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) के अपने प्रोविजनल ऑपरेशनल आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी के ये आंकड़े बेहद शानदार रहे हैं और इसके बिजनेस में जबरदस्त विस्तार देखने को मिल रहा है। कंपनी की ऑपरेशनल ग्रीन एनर्जी क्षमता में भारी बढ़ोतरी के साथ-साथ बिजली की बिक्री में भी रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है, जिसके चलते आने वाले कारोबारी सत्रों में इस शेयर पर निवेशकों की पैनी नजर रहने की पूरी उम्मीद है।6 महीने में 4,083 MW नई क्षमता जुड़ी, कुल क्षमता 20,763 MW पर पहुंचीअडानी ग्रीन एनर्जी द्वारा जारी अपडेट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही के दौरान कंपनी ने कुल 4,083 मेगावाट (MW) की नई ग्रीनफील्ड रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को चालू किया है। इसमें से अकेले 621 मेगावाट क्षमता वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर के बीच) में जोड़ी गई है। इन नई परियोजनाओं के सफलतापूर्वक शुरू होने से कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता सालाना आधार पर 24 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 20,763 MW हो गई है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता का यह विस्तार कंपनी के भविष्य के कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।बिजली बिक्री में 32% की छलांग और बैटरी स्टोरेज का विस्तारउत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी का सीधा असर कंपनी के परफॉर्मेंस पर देखने को मिला है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कंपनी की कुल बिजली बिक्री (Power Sales) में सालाना आधार पर 32% का शानदार उछाल दर्ज किया गया और यह बढ़कर 25,747 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई। इसके अलावा, कंपनी ने गुजरात के खावड़ा में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान 3,081 MWh की बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता भी चालू की है। इसके साथ ही 30 सितंबर 2026 तक कंपनी की कुल स्थापित बैटरी स्टोरेज क्षमता बढ़कर 6,632 MWh हो गई है, जो सौर और पवन ऊर्जा की अनिश्चितता के बीच बिजली की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगी।पर्यावरण और करोड़ों घरों तक बिजली पहुंचाने में योगदानकंपनी के सोलर, विंड और हाइब्रिड पोर्टफोलियो का प्रदर्शन भी इस तिमाही में बेहतरीन रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, सोलर पोर्टफोलियो का CUF 22.9%, विंड का 42.9% और हाइब्रिड पोर्टफोलियो का CUF 45.2% दर्ज किया गया। इन चालू परियोजनाओं की बदौलत कंपनी ने अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान देश के 44 लाख से अधिक घरों को बिजली उपलब्ध कराने में मदद की है। इसके साथ ही, इन ग्रीन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 1.75 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन को रोकने में सफलता मिली है, जो कंपनी के पर्यावरणीय योगदान को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
भारतीय खुदरा बाजार (Retail Market) के दिग्गज और आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय ब्रांड डीमार्ट (DMart) चलाने वाली कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स (Avenue Supermarts) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। जुलाई से सितंबर 2026 की अवधि के दौरान कंपनी का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। मंहगाई के बावजूद कंपनी ने अपने शुद्ध मुनाफे और कुल आय (Revenue) दोनों में मजबूत दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की है। इन बेहतरीन नतीजों के बाद अब निवेशकों की नजरें सोमवार को शेयर बाजार में आने वाले एक्शन पर टिकी हुई हैं।कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन आधार पर मुनाफे में शानदार उछालवित्तीय आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन तिमाही में एवेन्यू सुपरमार्ट्स का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 8.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 743.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह इससे कम था। वहीं, कंपनी की कंसोलिडेटेड कुल आय 17.8 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाकर 19,644 करोड़ रुपये हो गई है। इसके अलावा, कंपनी का EBITDA (एबिटा) भी 15 प्रतिशत बढ़कर 1,394 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है, हालांकि शुरुआती स्तर के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 7.3 प्रतिशत से हल्का घटकर 7 प्रतिशत पर आ गया है।छमाही आंकड़ों और पुराने स्टोर्स की बिक्री में भी मजबूत बढ़तचालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के छह महीनों के दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 10.3 प्रतिशत बढ़कर 1,739 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि इस अवधि की कुल कमाई 37,550 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। डीमार्ट के प्रबंध निदेशक और सीईओ अंशुल असावा ने जानकारी दी कि दो साल या उससे अधिक पुराने डीमार्ट स्टोर्स की बिक्री में दूसरी तिमाही के दौरान 9.5 प्रतिशत की ठोस वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 6.8 प्रतिशत थी। यह इस बात का प्रमाण है कि कंपनी चुनौतीपूर्ण माहौल में भी ग्राहकों को किफायती दामों पर सामान उपलब्ध कराने में सफल रही है।देश भर में बढ़े डीमार्ट के स्टोर, नेटवर्क हुआ और मजबूतअपने कारोबार का विस्तार करते हुए कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 की इस तिमाही के दौरान कुल 15 नए स्टोर खोले हैं। इसके साथ ही 30 सितंबर 2026 तक देश भर में डीमार्ट के कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 518 हो गई है। इनमें नवी मुंबई का वह स्टोर भी शामिल है जिसका पुनर्निर्माण चल रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुल 18 नए स्टोर जोड़े गए हैं और इन सभी स्टोर्स का कुल खुदरा कारोबार क्षेत्र (Retail Business Area) अब 2.14 करोड़ वर्ग फुट तक पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी 'डीमार्ट रेडी' (DMart Ready) ई-कॉमर्स कारोबार को भी चुनिंदा शहरों में और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने पर लगातार काम कर रही है।
35 साल पहले रिलीज हुई फिल्म बंजारन का रोमांटिक गाना जो आज भी प्यार और सात जन्मों के साथ की खूबसूरती की बना मिसाल. श्रीदेवी और ऋषि कपूर पर का ये रोमांटिक गीत 90 के दशक के माता-पिता का फेवरेट.
मणिपुर में दंगाइयों का कोहराम, 24 घंटे में 9 लोगों की हत्या, 14 घर फूंके
मणिपुर में हिंसा और आगजनी की भयावह खबरें आई है. यहां कुकी और नागा समुदाय में टकराव के बाद पिछले 24 घंटे में 9 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. जबकि दर्जन से ज्यादा घरों में आग लगा दिया गया है.
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, कुकी-नगा संघर्ष में महिला समेत 5 की मौत; 10 मकानों में लगाई आग
मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है, जिसमें कामजोंग और उखरुल जिलों में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 10 घर जला दिए गए।
CJP प्रोटेस्ट में UN की एंट्री, प्रदर्शनकारियों के हिरासत पर जताई चिंता; क्या कहा?
नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के ऐलान के बाद लगातार लोगों को डिटेन किया जा रहा है। अब इस मामले में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग ने चिंता जाहिर की है।
ट्रंप ने US-लेबनान के बीच सीधी उड़ानों को दी हरी झंडी, 1985 से था बैन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका और लेबनान के बीच सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी है. साल 1985 से इन दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा हुआ था, जिसे अब पूरी तरह से हटा दिया गया है. डोनाल्ड ट्रम्प के इस कदम का लेबनान सरकार ने दिल से स्वागत किया है.
भारतीय राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और सीजेपी (CJP) पर देश को अस्थिर करने का गंभीर आरोप लगाया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि विदेशी ताकतों के समर्थन से देश में अराजकता फैलाने की साजिश रची जा रही है, जिसे सरकार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि देश को कमजोर करने वाले ऐसे तत्वों से पूरी सख्ती के साथ निपटा जाएगा।देश की प्रगति से जल रहे हैं विपक्ष के नेता: नितिन नवीननितिन नवीन ने मीडिया से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश हो रहे चहुंमुखी विकास और प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश और उसके 140 करोड़ नागरिकों को अस्थिर करने के लिए सोची-समझी साजिश रची जा रही है। भाजपा अध्यक्ष ने निशाना साधते हुए कहा कि देश में दो बड़े अराजक गुट सक्रिय हैं, जिनमें से एक का नेतृत्व 'इंडिया' गठबंधन के नेता राहुल गांधी कर रहे हैं और दूसरे का नेतृत्व अरविंद केजरीवाल तथा उनके सहयोगी कर रहे हैं। ये दोनों गुट आपसी होड़ में लगे हैं कि कौन ज्यादा अराजकता फैला सकता है।विदेशी ताकतों के साथ मिलकर भारत को अस्थिर करने का लग रहा आरोपनितिन नवीन ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये नेता अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बिकाऊ राजनीति कर रहे हैं और विदेशी ताकतों के इशारे पर भारत को अस्थिर करने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इनके ये मंसूब कभी कामयाब नहीं होंगे, क्योंकि देश की जनता इनकी चालों से पूरी तरह वाकिफ है। जब जनता ने इन्हें नकार दिया और लोकतंत्र ने इन्हें सजा दी, तब इन्होंने देश की जड़ों को कमजोर करने का षड्यंत्र रचना शुरू कर दिया। संविधान और लोकतंत्र की आड़ में झूठ फैलाना जनता के जनादेश का खुला अपमान है।'नया भारत' शांति, सुरक्षा और प्रगति के मार्ग पर अग्रसरभाजपा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'न्यू इंडिया' का सपना तेजी से साकार हो रहा है। पिछले 12 वर्षों में देश को भय के माहौल से पूरी तरह मुक्त कराया गया है और आतंकवाद तथा नक्सलवाद को जड़ से समाप्त किया गया है। उन्होंने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उनकी राजनीति कभी सफल नहीं होगी। देश के सभी राष्ट्रवादी और देशभक्त नागरिक एकजुट होकर इनकी हर साजिश को नाकाम करेंगे। सरकार देश के भीतर या बाहर की किसी भी ऐसी ताकत को नहीं छोड़ेगी जो भारत की शांति और प्रगति में बाधा बनने की कोशिश करेगी।
फ्लाईदुबई फ्लाइट में कैप्टन पर हमले की जांच करेगी NIA, केंद्र ने दिए आदेश
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हुए हमले के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. अब इस संवेदनशील मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी. केंद्र सरकार ने इस संबंध में केस दर्ज करने के आदेश दे दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, यह घटना फ्लाईदुबई की एक उड़ान के दौरान घटी, जब विमान में तैनात ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने अचानक कैप्टन स्मिथ मछार पर जानलेवा हमला कर दिया.
दक्षिण भारतीय राज्य केरल की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। केरल हाई कोर्ट के एक सख्त निर्देश के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन (P. Vijayan) और उनके परिवार की मुश्किलें काफी बढ़ने वाली हैं। सीएमआरएल-एक्सालाजिक (CMRL-Exalogic) मासिक भुगतान विवाद मामले में केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को एक बड़ा बयान देते हुए घोषणा की है कि आने वाले 12 अक्टूबर को पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिजनों के खिलाफ विजिलेंस द्वारा आधिकारिक रूप से एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली जाएगी। इस कानूनी कार्रवाई से राज्य की सियासत मेंवान हलचल पैदा हो गई है।केरल हाई कोर्ट के आदेश और प्रवर्तन निदेशालय की जांचयह पूरा कानूनी शिकंजा प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अदालत में पेश किए गए ठोस साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर कसा गया है। केरल हाई कोर्ट ने अपने हालिया आदेश में विजिलेंस को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज करके इसकी गहराई से जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसके साथ ही अपराध शाखा की एसआईटी (SIT) को भी भंग कर दिया है। ईडी का मुख्य आरोप है कि सीएमआरएल कंपनी द्वारा वर्ष 2017 से 2019 के बीच पूर्व सीएम की बेटी टी. वीणा की कंपनी 'एक्सालाजिक' को बिना किसी वास्तविक सेवा के 3.28 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान किया गया था।किस-किस के नाम शामिल हैं इस विवाद मेंसामने आई जानकारी के मुताबिक, इस मामले में केवल पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य और करीबी भी कानूनी घेरे में आ गए हैं। एफआईआर में पूर्व सीएम के दामाद एवं पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास और उनकी बेटी टी. वीणा के अलावा कुछ अन्य नाम भी शामिल हैं। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अदालत के इन निर्देशों का पूरी तरह सम्मान करते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी और इस आदेश के खिलाफ किसी भी प्रकार की ऊपरी अपील करने की आवश्यकता महसूस नहीं की जा रही है।अदालत ने डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज सौंपने के दिए निर्देशकेरल हाई कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान यह भी निर्देश दिया है कि ईडी और अब तक जांच कर रही एसआईटी के पास मौजूद तमाम दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल साक्ष्य तुरंत विजिलेंस विभाग को सौंप दिए जाएं ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो। अदालत के इस कड़े रुख के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूछताछ और कानूनी शिकंजा और अधिक कस सकता है। विपक्षी दलों द्वारा लगातार उठाए जा रहे भ्रष्टाचार के इन गंभीर मुद्दों पर अब अदालत की निगरानी में होने वाली यह विजिलेंस जांच बेहद निर्णायक साबित हो सकती है।
संडे को भी सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट! दिल्ली में ट्रेन-मेट्रो की पाबंदी पर खटखटाया गया है दरवाजा
इस याचिका में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और अन्य राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं (जिनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं) को एहतियातन हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी गई है।
कहीं मार्च, कहीं ट्रेन रद्द-बॉर्डर सील... 'वोट चोरी' पर दिल्ली, अहमदाबाद से बेंगलुरु तक संग्राम
CJP Delhi Protest Impact: CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच देशव्यापी हड़कंप. भोपाल से बेंगलुरु तक सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता; कई ट्रेनें रद्द, नूंह में नेता हाउस अरेस्ट और दिल्ली बॉर्डर्स पर लगा भारी जाम. पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट.
उत्तराखंड में फिर कांपी धरती, उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का भूकंप
उत्तराखंड में आज दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात 8:08 बजे उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता और इससे पहले बागेश्वर में 2.8 तीव्रता का भूकंप आया.
लता मंगेशकर को करियर की शुरुआत में अपनी आवाज के कारण रिजेक्शन झेलना पड़ा था. लेकिन एक संगीतकार के भरोसे और रेलवे स्टेशन पर बने एक खास धुन ने उनकी जिंदगी में नया मोड़ ला दिया.
प्रदर्शन के दौरान मेट्रो-ट्रेन आवाजाही रोकने पर SC में अवमानना याचिका, अधिकारियों पर उल्लंघन का आरोप
सुप्रीम कोर्ट में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई है, जिसमें दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो-ट्रेन आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध न लगाने के SC आदेश के उल्लंघन का आरोप है।
दिल्ली: CJP प्रदर्शन के बाद सफदरजंग फ्लाईओवर का रास्ता खोला गया
दिल्ली में नागरिक और छात्र संगठनों के प्रदर्शन के बीच यातायात और सुरक्षा को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. सीजेपी और एआईएस के प्रदर्शन के कारण राजधानी दिल्ली के कुछ प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. ताजा जानकारी के अनुसार, सफदरजंग फ्लाईओवर का एक रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है. इंडिया गेट से एम्स की तरफ जाने वाले रास्ते पर यातायात आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है.
50 साल पहले किशोर कुमार और लता मंगेशकर का एक गाना खूब पॉपुलर हुआ था. इसमें तोता-मैना का जिक्र था. इस गाने में शशि कपूर और शबाना आजमी की कमाल की केमेस्ट्री थी.
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन (Jaya Bachchan) अपनी सख्त नाराजगी और बेबाक अंदाज के लिए अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। पैपराजी के साथ उनका अनबन भरा रिश्ता किसी से छिपा नहीं है। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक इवेंट के दौरान पैपराजी को गुस्से से घूरती हुई नजर आ रही हैं। जया बच्चन के इस तरह घूरने पर वहां मौजूद फोटोग्राफर भी भड़क गए और उन्होंने एक्ट्रेस को खरी-खोटी सुनाते हुए अमिताभ बच्चन का तक जिक्र कर डाला, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।पैपराजी के घूरने पर भड़के फोटोग्राफर्स, कहा- 'ये आंखें अमिताभ बच्चन को दिखाना'सामने आए इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जया बच्चन अपनी बेटी श्वेता बच्चन (Shweta Bachchan) के साथ किसी कार्यक्रम में पहुंची थीं। इस दौरान जब पैपराजी उनकी तस्वीरें लेने लगे, तो जया बच्चन उन्हें गुस्से भरी नजरों से घूरने लगीं। जया का यह रवैया देखकर वहां मौजूद एक पैपराजी का गुस्सा फूट पड़ा। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि एक पैप ने नाराजगी जताते हुए कहा, अरे मैडम आप क्यों घूर रही हैं? आप अमिताभ बच्चन की वाइफ हो, इसलिए फोटो निकाल लिया। ले जाओ मैडम, इन्हें ले जाओ। ये आंखें अमिताभ बच्चन को दिखाना, हमें नहीं।वीडियो में नजर आया जया बच्चन का पुराना और बेबाक अंदाजवायरल क्लिप में जया बच्चन ने भले ही कैमरे पर कोई तीखी प्रतिक्रिया या शब्द नहीं कहे, लेकिन उनके चेहरे के भाव और आंखों का गुस्सा साफ बयां कर रहा था कि वे इस कवरेज से कितनी नाराज हैं। बिना कुछ कहे वह चुपचाप वहां से आगे निकल गईं। हालांकि, यह वीडियो नया है या पुराना, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है, लेकिन इंटरनेट पर यह क्लिप आते ही आग की तरह फैल गई है और इस पर यूजर्स की तरफ से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।पहले भी पैपराजी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं जयाबता दें कि यह कोई पहली बार नहीं है जब जया बच्चन का पैपराजी के प्रति ऐसा गुस्सा देखने को मिला हो। इससे पहले भी कई मौकों पर वह फोटोग्राफर्स को बिना अनुमति के तस्वीरें लेने या वीडियो बनाने पर फटकार लगा चुकी हैं। पिछले साल दिसंबर में एक इवेंट के दौरान उन्होंने पैपराजी के पहनावे और काम करने के तरीके पर भी खुलकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उनका वह बयान भी काफी विवादों में रहा था। बहरहाल, उनका यह ताजा वीडियो एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है।
दिल्ली मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने और ट्रेन सेवाओं में बाधा को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट रविवार को विशेष सुनवाई करेगा.
'अराजकतावादियों से सख्ती से निपटेगी सरकार', नितिन नवीन ने राहुल-केजरीवाल और CJP को चेताया
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और सीजेपी पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया।
सेशेल्स में करीब 250 किलो वजन वाले कछुओं की आबादी पहुंची 1,80,000; कभी होने वाले थे विलुप्त
दुनिया में आजादी से घूमने वाले विशाल कछुओं की सबसे बड़ी आबादी पर किए गए एक सर्वे से पता चला है कि यह प्रजाति सेशेल्स के एक द्वीप एल्डाबरा एटोल पर रहती है.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत की अनसुनी मिस्ट्री!
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत के 15 दिन बाद भी कई सवाल अनसुलझे हैं. 25 सितंबर को आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी. अब तक घटना से जुड़े चार सीसीटीवी वीडियो सामने आ चुके हैं, जिनमें अलग-अलग घटनाक्रम दिखाई देते हैं. मथुरा पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन निजी अंग कटने की वजह और वीडियो सामने आने में हुई देरी पर सवाल बने हुए हैं.
भोजपुरी संगीत जगत और सोशल मीडिया पर इस समय एक नए गाने ने जबरदस्त धूम मचा रखी है। पारंपरिक लोकगीतों और कमर्शियल ग्योंग से हटकर अब एक ऐसे गाने ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है, जिसने रिलीज होते ही लाखों दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है। खास बात यह है कि इस गाने को किसी जाने-माने भोजपुरी सुपरस्टार ने नहीं, बल्कि एक नए और प्रतिभाशाली युवा गायक ने अपनी अनोखी शैली में गाया है। इंटरनेट पर इस देसी गीत के दीवाने हुए यूजर्स लगातार इसकी तारीफ कर रहे हैं और यह गाना सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है।नेटफ्लिक्स के पॉपुलर रियलिटी शो में चमका बिहार का यह गानाइस वायरल गाने के चर्चा में आने के पीछे एक बहुत दिलचस्प मंच है। इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर लोकप्रिय रियलिटी शो 'आई-पॉपस्टार' (I-Popstar) का दूसरा सीजन स्ट्रीम हो रहा है। हर हफ्ते प्रसारित होने वाले इस शो में उभरते हुए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं और अलग-अलग चुनौतियों के दौरान ओरिजिनल गाने तैयार करते हैं। इस शो को जज और गाइड करने की जिम्मेदारी जाने-माने कलाकार नेहा कक्कड़, आदित्य रिखारी और किंग संभाल रहे हैं। इसी मंच पर पटना (बिहार) के रहने वाले युवा गायक निशांक मुक्ता ने अपनी गायकी से ऐसा समां बांधा कि पूरा देश उनका कायल हो गया।'यूपी वाली लइकी से प्यार हो गइल' गाने का अनोखा पॉप अंदाजबिहार के रहने वाले सिंगर निशांक मुक्ता (Nishank Mukta) ने जब इस मंच पर 'यूपी वाली लइकी से प्यार हो गइल...' (UP Wali Laiki Se Pyar Ho Gayil...) गाना गाया, तो उन्होंने पारंपरिक भोजपुरी धुन को एक आधुनिक पॉप स्टाइल (Pop Style) के साथ पेश किया। उनकी दमदार आवाज और गजब की गायकी शैली ने वहां मौजूद सभी गाइड्स और दर्शकों का दिल जीत लिया। गाने की लोकप्रियता का आलम यह था कि मुनव्वर फारूकी और नेहा कक्कड़ समेत सभी मेंटर्स ने उन्हें यह गाना दोबारा गाने की फरमाइश की और खुद को मंच पर थिरकने से नहीं रोक पाए।यूट्यूब पर मिलियंस में व्यूज और सोशल मीडिया पर छाया खुमारइस गाने के ऑफिशियल वीडियो को जब यूट्यूब पर साझा किया गया, तो महज कुछ ही दिनों के भीतर इसे 8.5 मिलियन (85 लाख) से अधिक बार देखा जा चुका है। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस गाने की रील्स धड़ल्ले से बन रही हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पूरे देश में इस गाने को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। साबित हो गया है कि अगर कला में दम हो, तो क्षेत्रीय भाषा की मिठास और आधुनिक संगीत का मेल इंटरनेट पर किसी भी तूफान की तरह छा सकता है।
दिल्ली तक पहुंचा कश्मीर मॉडल, इंटरनेट बंदी से लेकर हिरासत तक
Kashmir Model in Delhi: दिल्ली में प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक, आवाजाही पर प्रतिबंध और सुरक्षाबलों की तैनाती जैसे उपायों को लेकर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ने एक पुरानी बहस को फिर हवा दे दी है। ...
11 अक्टूबर से इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है. नवरात्रि के 9 दिन मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा होती है. नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन से जुड़ी सभी जानकारी.
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि सीएमआरएल-एक्सालाजिक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पी विजयन और उनके परिवार के खिलाफ 12 अक्टूबर को विजिलेंस एफआईआर दर्ज करेगी।
बचपन में अनाथ हुईं IPS अंशिका जैन, UPSC की तैयारी में दादी को भी खोया, अब जगदलपुर की CSP
IPS अंशिका जैन को नगर पुलिस अधीक्षक जगदलपुर छत्तीसगढ़ बनाया गया है. बचपन में माता-पिता को खोने, यूपीएससी में कई असफलताओं और दादी के निधन जैसे कठिन दौर से गुजरने के बाद उन्होंने पांचवें प्रयास में सफलता पाई. पढ़िए पूरी कहानी.
बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) आज भले ही फिल्म इंडस्ट्री के शिखर पर हैं और दुनिया भर में उनके करोड़ों फैंस हैं, लेकिन उनके शुरुआती दिनों का एक ऐसा किस्सा इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन के बाद शाहरुख खान से जुड़ा यह पुराना संस्मरण चर्चा में आ गया है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपने करियर की शुरुआत में जब शाहरुख खान एक गंभीर कानूनी पचड़े में फंस गए थे, तब हिंदी सिनेमा के मंझे हुए कलाकार नाना पाटेकर ने उनके लिए मसीहा बनकर मदद की थी और उन्हें जेल से बाहर निकलवाया था।जब पत्रकार पर भड़क गए थे नए-नवेले शाहरुख खानयह वाकया 1990 के दशक की शुरुआत का है, जब शाहरुख खान मुंबई और फिल्म इंडस्ट्री में नए-नवेले कदम रख रहे थे और हाल ही में उनकी शादी गौरी खान से हुई थी। एक इंटरव्यू के दौरान खुद शाहरुख खान ने इस पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि एक मैग्जीन ने उनके और एक सह-कलाकार (को-स्टार) के रिश्ते को लेकर एक आपत्तिजनक और झूठा आर्टिकल छाप दिया था। इस खबर से उनकी पत्नी गौरी खान बहुत आहत और परेशान हो गईं, जिसके बाद शाहरुख को बेतहाशा गुस्सा आ गया। गुस्से में आकर उन्होंने उस पत्रकार से सीधा हिसाब चुकता करने का फैसला किया और अपने ससुर द्वारा शादी में दी गई एक रस्मी तलवार लेकर सीधे उस पत्रकार के घर जा पहुंचे।तलवार लेकर पहुंचे एक्टर को खानी पड़ी थी जेल की हवाअपनी गलती को स्वीकार करते हुए शाहरुख खान ने उस किस्से को याद करते हुए बताया था, 'मैंने तब बहुत बुरा बर्ताव किया था और मुझे इसके परिणाम भुगतने पड़े, जिसके चलते मुझे जेल जाना पड़ा।' उन्होंने आगे बताया कि उनके ससुर एक आर्मी ऑफिसर हैं, जिन्होंने उन्हें अपनी बेटी की रक्षा के लिए वह पारंपरिक तलवार दी थी। हालांकि किसी ने गौरी को कुछ नहीं कहा था, लेकिन उस वक्त उन्हें लगा कि यह एक उचित कदम है। पत्रकार के घर जाकर उन्होंने लोगों को डराया-धमकाया और इस दौरान एक युवक के पैर पर चोट भी लग गई। बाद में जब वह अपनी फिल्म 'कभी हां कभी ना' की शूटिंग कर रहे थे, तो पुलिस सेट पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। शाम ढलने के कारण उन्हें उस वक्त तुरंत जमानत नहीं मिल सकी।नाना पाटेकर ने आगे आकर ऐसे बचाई थी स्थितिपुलिस हिरासत और जेल की उस मुश्किल घड़ी में अभिनेता नाना पाटेकर शाहरुख खान की मदद के लिए आगे आए थे। शाहरुख ने बताया कि चूंकि मामला गंभीर था और वीकेंड के चलते सामान्य अदालतें बंद थीं, ऐसे में नाना पाटेकर ने अपनी सूझबूझ और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वीकेंड कोर्ट के जरिए उनकी जमानत कराई और उन्हें जेल से बाहर निकलवाया। शाहरुख ने माना कि उस घटना ने उन्हें जिंदगी का एक बड़ा सबक सिखाया और तब से लेकर आज तक वे अपने गुस्से पर काबू रखना सीख गए हैं। बाद के वर्षों में भी दोनों कलाकारों के बीच हमेशा एक बेहद आदरपूर्ण और प्यारा रिश्ता बना रहा, और नाना पाटेकर ने कई मौकों पर शाहरुख की सादगी और सफलता की खुलकर तारीफ भी की है।
पूर्वी यूरोपीय देश पोलैंड से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर घटना सामने आ रही है। पोलैंड की राजधानी वारसॉ (Warsaw) में एक स्कूल के अंदर शनिवार को एक महिला ने धारदार हथियार से हमला कर तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सबसे डराने वाली बात यह है कि पोलैंड में पिछले एक हफ्ते के भीतर शैक्षणिक संस्थानों पर हुआ यह तीसरा हमला है। लगातार हो रही इन हिंसक वारदातों के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई है और आम नागरिकों के साथ-साथ अभिभावकों में भी भारी दहशत का माहौल है।21 वर्षीय महिला ने हायर सेकेंडरी स्कूल में की खौफनाक हरकतअंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी (AP) से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को वारसॉ के एक हायर सेकेंडरी एजुकेशन इंस्टीट्यूट के अंदर 21 साल की एक महिला ने अचानक खतरनाक हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में 17 साल की एक लड़की समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि पुलिस के अनुसार किसी भी घायल को जानलेवा चोट नहीं आई है और सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल स्थानीय पुलिस ने इस शैक्षणिक संस्थान के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।एक हफ्ते में तीन बड़े हमले, देश भर के स्कूलों में बढ़ाई गई सुरक्षापोलैंड में पिछले कुछ दिनों के भीतर स्कूलों को निशाना बनाकर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इससे पहले बुधवार को एक वोकेशनल स्कूल में 19 साल के एक छात्र ने अपने साथियों, शिक्षकों और राहगीरों पर तेज धारदार हथियार से हमला कर नौ लोगों को घायल कर दिया था। इसके अगले ही दिन यानी गुरुवार को एक अन्य प्रांत में 15 साल के एक लड़के ने अपने ही पुराने स्कूल में चाकू से हमला कर स्कूल के कस्टोडियन की हत्या कर दी थी और दो अन्य लोगों को घायल कर दिया था। इन लगातार हो रही घटनाओं से पूरा देश स्तब्ध है। बढ़ते तनाव को देखते हुए पोलैंड सरकार और पुलिस प्रशासन ने देशभर के लगभग 50,000 स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है और अब तक करीब 76 लोगों को हिरासत में लिया गया है।'ब्लडी फ्राइडे' की अफवाहों के बीच कई स्कूलों में कक्षाएं स्थगितबीते गुरुवार की रात सोशल मीडिया पर पैरेंट्स के ऑनलाइन ग्रुप्स और मुख्यधारा की मीडिया में यह अफवाह तेजी से फैली कि शुक्रवार के दिन देश भर में और भी बड़े और सुनियोजित हमले हो सकते हैं। इस तथाकथित 'ब्लडी फ्राइडे' की दहशत के बीच एहतियात के तौर पर माजोवियन जिले समेत राजधानी के आसपास के करीब 59 स्कूलों में शुक्रवार को कक्षाएं पूरी तरह से स्थगित (सस्पेंड) कर दी गईं। कई अभिभावकों ने अपनी मर्जी से बच्चों को स्कूल भेजने से इनकार कर दिया। स्कूलों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान 3000 हिरासत में, आगे क्या होगा? देखें विशेष
दिल्ली के जंतर मंतर और कनॉट प्लेस इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी और विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया. प्रदर्शन की कॉल देने वाले मुख्य नेता अभिजीत दीपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इसके बाद दिल्ली की सड़कों पर भारी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटने लगे. प्रदर्शन में शामिल होने आई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और दिल्ली के नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. रिहाई के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत करते हुए गंभीर आरोप लगाए.
सूखे पत्तों से बनाएं खाद, बाजार से खरीदने की नहीं पड़ेगी जरूरत
How To Make Compost From Dry Leaves: बगीचे और छत से निकलने वाले सूखे पत्तों, घास और टहनियों को अब कूड़ेदान में फेंकने की जरूरत नहीं है. आटे या चीनी की खाली बोरी में सूखे पत्ते, गोबर और मिट्टी की परतें बनाकर आप घर पर ही बिना खर्चे के भुरभुरी जैविक खाद तैयार कर सकते हैं.
सोपोर के जंगलों में मिला हथियारों का जखीरा, MGL, 11 ग्रेनेड और 3 IED बरामद
Sopore Weapons Cache: एक बड़ी कामयाबी में, सोपोर पुलिस ने बोमाई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मुकाम चेरहार के जंगल इलाके से हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। जारी एक बयान में पुलिस ने कहा कि सोपोर पुलिस ...
'दिल्ली को अखाड़ा बनाना चाहते हैं राहुल-केजरीवाल', प्रदर्शन पर रेखा गुप्ता का हमला
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने CJP के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेता दिल्ली को अखाड़ा बनाना चाहते हैं. रेखा गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक लड़ाई का नुकसान आम लोगों को नहीं होना चाहिए.
पटना में सिर्फ गर्दनीबाग में होगा प्रदर्शन, प्रशासन की नई गाइडलाइन
पटना जिला प्रशासन ने धरना-प्रदर्शन को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत सभी संगठनों और लोगों को अपनी मांगों के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल पर ही प्रदर्शन करना होगा. अन्य जगहों पर प्रदर्शन करने या निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मध्य पूर्व में जारी भयंकर तनाव के बीच इजरायल के भीतर से ही सरकार की नीतियों पर सवाल उठने लगे हैं। इजरायल की डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख यायर गोलन (Yair Golan) ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा बयान दिया है। यायर गोलन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ईरान के शीर्ष नेता को निशाना बनाना इजरायल के लिए एक बड़ी गलती साबित हुई है। इस बयान के सामने आने के बाद इजरायली राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है और युद्ध की रणनीतियों पर बहस तेज हो गई है।'खामेनेई को मारना इजरायल के हितों में नहीं था' - यायर गोलनअल्जीरियाई और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली विपक्षी नेता यायर गोलन ने एक बयान में कहा कि उनका यह स्पष्ट मानना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई को खत्म करना इजरायल के लिए रणनीतिक रूप से सही कदम नहीं था। उन्होंने साफ किया कि यह बात इस वजह से नहीं कही जा रही है कि खामेनेई इस सजा के हकदार नहीं थे, बल्कि इसलिए क्योंकि इस कार्रवाई से इजरायल के राष्ट्रीय हितों को कोई वास्तविक या ठोस फायदा नहीं पहुंचा है। इसके साथ ही, गोलन ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के उस दावे को भी पूरी तरह से अवास्तविक और खारिज कर दिया है, जिसमें वे ईरान की मौजूदा सरकार को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने की बात कह रहे हैं।अमेरिकी-इजरायली संयुक्त सैन्य हमले में हुई थी खामेनेई की मौतगौरतलब है कि 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत इसी वर्ष 28 फरवरी को युद्ध के पहले ही दिन तेहरान स्थित उनके लीडरशिप कंपाउंड पर हुए एक भीषण संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। इस हमले को अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने मिलकर अंजाम दिया था। इस हमले में ईरान के कई अन्य शीर्ष सैन्य और प्रशासनिक अधिकारी भी मारे गए थे, जिसके परिणामस्वरूप ईरान पर खामेनेई का दशकों पुराना शासन समाप्त हो गया था। अपने लंबे शासनकाल के दौरान खामेनेई ने ईरान की सशस्त्र सेनाओं और क्षेत्रीय प्रॉक्सी नेटवर्क का बेहद कड़ाई से नेतृत्व किया था।बेटे मोजतबा खामेनेई के हाथों में है ईरान की कमानअयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) ने ईरान की सत्ता और कमान संभाली है। जानकारों का मानना है कि मोजतबा अपने दिवंगत पिता की तुलना में काफी हद तक कम जोखिम लेने वाले नेता हैं। पद संभालने के बाद से वे सार्वजनिक रूप से कम ही सामने आए हैं और मुख्य रूप से लिखित बयानों या पर्दे के पीछे से ही शासन का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में इजरायली विपक्षी नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के भीतर ही सैन्य कार्रवाइयों के दीर्घकालिक परिणामों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
मुंबई से दिल्ली तक CJP का प्रदर्शन, हिरासत में एक्टर इमरान खान और विपक्षी नेता
मुंबई और दिल्ली में सीजेपी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला. मुंबई में एक्टर इमरान खान, महात्मा गांधी के पौत्र तुषार गांधी समेत कई प्रमुख हस्तियों को पुलिस ने हिरासत में लिया. वहीं दिल्ली के कनॉट प्लेस और मिंटो ब्रिज समेत कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं. दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई जगहों को अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाया गया, जिसमें छत्रसाल स्टेडियम भी शामिल है. आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, टीएमसी नेता ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी सड़कों पर उतरकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की.
कुम्हार टोली को नए सिरे से गढ़कर दुनिया को बंगाल की उत्सव धर्मिता से करवाएं परिचय: प्रोबीर कृष्ण देब
प्रोबीर कृष्ण देब ने बंगाल के दुर्गोत्सव को कला-संस्कृति का केंद्र बताया और कुम्हारटोली के पुनर्वास पर जोर दिया। उन्होंने यूनेस्को विरासत दर्जे के बावजूद व्यावसायिकता बढ़ने पर चिंता जताई और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
UP में खुले में कूड़ा फेंकने वाले पर हुई अनोखी कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में खुले में कूड़ा फेंकना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया. 9 अक्टूबर की रात दीवार के किनारे कूड़ा फेंकते ही सीसीटीवी कैमरे से आवाज आई और उसे कचरा उठाने की चेतावनी दी गई. चालान की बात सुनकर व्यक्ति ने कूड़ा वापस उठाया और घर ले गया. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. स्थानीय आरडब्ल्यूए की इस पहल को सफाई बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
हिंदी सिनेमा की फिल्मों को उसके गानों के लिए पहचाना जाता है. लेकिन 57 साल पहले राजेश खन्ना और नंदा की की एक फिल्म रिलीज हुई थी. इस फिल्म में एक भी गाना नहीं था. दिलचस्प यह कि इसके बावजूद फिल्म सुपरहिट रही थी.
फिल्मों से लंबे समय से दूर इमरान खान अचानक गर्लफ्रेंड लेखा वॉशिंगटन के साथ मुंबई के एक प्रदर्शन में नजर आए. मामला उस वक्त और दिलचस्प हो गया जब पुलिस कार्रवाई के बीच उनकी डेब्यू फिल्म ‘जाने तू या जाने ना’ का एक पुराना सीन लोगों को याद आ गया.
बंगाल: कांग्रेस ने नंद्रीग्राम उपचुनाव में धांधली और हिंसा के लगाए आरोप, पुनर्मतदान की मांग
कांग्रेस ने नंदीग्राम उपचुनाव में धांधली, वोट लूट और हिंसा का आरोप लगाते हुए पुनर्मतदान की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और कार्यकर्ताओं पर हमले की निंदा की।
9 साल का सूखा खत्म! डरबन में मैट रेनशॉ ने 190 रन जड़ काटा गदर
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रेनशॉ ने बल्ले से गजब का प्रदर्शन किया. रेनशॉ ने 9 साल बाद टेस्ट में दूसरा शतक जड़ते हुए कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. इससे पहले उन्होंने साल 2017 में शतक लगाने का कारनामा किया था.
ये लंबी लड़ाई, कल फिर जंतर-मंतर कूच करेगी CJP; नए कप्तान अजिंक्य शिंदे का ऐलान
अंजिक्य शिंदे ने शनिवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह सरकार के अस्तित्व की लड़ाई है। अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देते हैं तो सरकार जिस तरह से वोट चोरी करके चुनकर आई है, वह दोबारा नहीं जीत पाएगी।
दिल्ली में Jantar Mantar की घेराबंदी, 3000 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए
(वर्षा सागी)नयी दिल्ली, 10 अक्टूबर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम और फॉर्म-6 से जुड़ी गड़बड़ियों के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर शनिवार को दिल्ली में जुटे प्रदर्शनकारियों की योजना तो जंतर-मंतर पर एकत्र होने की थी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। खाकी और नीले-हरे रंग की वर्दी में बड़ी संख्या में तैनात सुरक्षाकर्मियों, अवरोधकों और सड़कों पर बसों पर खड़ी आड़ी-तिरछी बसों ने शनिवार को विरोध-प्रदर्शन के प्रमुख केंद्र जंतर-मंतर को एक किले में तब्दील कर दिया। इस वजह से प्रदर्शनकारी पूरी दिल्ली में बिखर गए और हिरासत में लिए जाने से पहले छोटे-छोटे समूहों में नारेबाजी करते, रास्ते बदलते तथा दोबारा एकत्र होने का प्रयास करते दिखे। शाम पांच बजे तक कम से कम 3,000 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका था। नयी दिल्ली में बीते सप्ताह हुए विरोध-प्रदर्शनों की कड़ी में यह प्रदर्शन भी शामिल है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी पिछले दिनों विरोध प्रदर्शन किया था। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया का एक नया विरोध-प्रदर्शन सोमवार को प्रस्तावित है। इससे पहले जुलाई में आयोजित कॉजपा के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शनिवार को मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी थी। जिसके तहत मेट्रो सेवाएं बंद कर दी गईं, दिल्ली में आने-जाने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं। कनॉट प्लेस और गुरुद्वारा बंगला साहिब से लेकर दिल्ली हाट, गोल मार्केट, आईएनए मार्केट और मिंटो ब्रिज तक प्रदर्शनकारी एक जगह से दूसरी जगह जाते दिखे। वे एकत्र होने के लिए जगहों की तलाश कर रहे थे और उन लोगों से मिलने की कोशिश कर रहे थे जो जंतर-मंतर के लिए निकले थे। कई जगहों पर पुलिसकर्मियों के पहुंचने और प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर हिरासत में लेने से पहले नारेबाजी हुई। हालांकि, जुलाई के प्रदर्शनों के विपरीत पुलिस ने बल प्रयोग नहीं किया और किसी प्रकार की हिंसा की खबर नहीं मिली। जुलाई के प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों के लिए इस बार स्थितियां बिल्कुल अलग थीं। तब वे मार्च करने से पहले जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे, लेकिन इस बार तो एकत्र होने की जगह तय करना ही एक बड़ी चुनौती बन गया था। जुलाई के प्रदर्शन में शामिल रहे एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि प्रतिभागी यह समझने के लिए संघर्ष कर रहे थे कि कहां एकत्र होना है, क्योंकि अधिकतर जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट और संदेशों के जरिए ही मिल पा रही थी। प्रदर्शनकारी ने कहा, पिछली बार हम जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे और फिर हमने मार्च किया था। इस बार इस बात को लेकर काफी असमंजस है कि कब और कहां आना है। हमें केवल ट्वीट और पोस्ट के जरिए ही जानकारी मिल रही है। हम यह कैसे तय करें कि कब आना है और कहां जाना है? अगर हममें से कुछ लोग एकत्र हो भी जाते हैं तो हमें तुरंत हिरासत में लिया जा सकता है। लेकिन हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हम अपने लोकतंत्र के लिए लड़ेंगे। दोपहर तक जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन पूरी दिल्ली में छोटे-छोटे प्रदर्शनों के रूप में बिखर गया। बार-बार हटाए जाने और हिरासत में लिए जाने के बावजूद सड़कों और चौराहों पर प्रदर्शनकारी एक-दूसरे को ढूंढते, नारे लगाते और प्रदर्शन को जारी रखने की कोशिश करते नजर आए। प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे शुरू होना था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने प्रतिभागियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया, जहां निषेधाज्ञा (बीएनएस की धारा 163) लागू थी। कुछ प्रदर्शनकारियों को आयोजन स्थल के पास ही हिरासत में ले लिया गया, जबकि अन्य लोग किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन जारी रखने के इरादे से आसपास के इलाकों में बिखर गए। कनॉट प्लेस का आउटर सर्किल, हनुमान मंदिर के पास का इलाका, संसद मार्ग, रायसीना रोड, इम्तियाज खान रोड, एच के एस सुरजीत भवन, सफदरजंग हवाईअड्डा फ्लाईओवर के आसपास का हिस्सा और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन के आसपास के इलाके वे स्थान थे जहां प्रदर्शनकारी एकत्र हुए या जुटने का प्रयास किया। कई लोगों को कनॉट प्लेस में रीगल सिनेमा के पास हिरासत में लिया गया, जबकि अन्य को दोबारा एकत्र होने की कोशिश करते समय खदेड़ दिया गया। सुबह यही क्रम चलता रहा, प्रदर्शनकारी नए स्थान पर एकत्र होते, नारेबाजी करते और अन्य लोगों को जोड़ने का प्रयास करते, लेकिन अंततः उन्हें खदेड़ दिया जाता या हिरासत में ले लिया जाता। मूल स्थल से पूरी तरह कट जाने के कारण प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया पोस्ट और संदेशों पर निर्भर थे ताकि यह जान सकें कि अन्य लोग कहां एकत्र हो रहे हैं और उन्हें आगे कहां जाना है। गुरुद्वारा बंगला साहिब में स्थिति उस समय अस्थिर हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के भीतर शरण लेने की कोशिश की। बाहर निकलने वालों पर संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में हिरासत में लिए जाने का खतरा मंडरा रहा था। अन्य स्थानों पर प्रदर्शनकारी अवरोधकों को जबरन पार करने का प्रयास करते दिखे, जबकि पुलिसकर्मी एक स्थान से दूसरे स्थान जा रहे समूहों का पीछा कर रहे थे। जंतर-मंतर और उसके आसपास कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने अपने प्रदर्शन का स्थान बदलकर दिल्ली हाट करने की घोषणा की। संगठन की अध्यक्ष नेहा बोरा ने नए स्थान की ओर रुख किया और अन्य लोगों से भी वहां पहुंचने की अपील की। बोरा ने एक्स पर लिखा, आज दिल्ली हाट ही जंतर-मंतर बन गया है! वहीं मिलते हैं! इस आह्वान से उन प्रदर्शनकारियों को एक नया ठिकाना मिला जो जंतर-मंतर नहीं पहुंच सके थे। हालांकि, दोबारा एकत्र होने का यह प्रयास भी विफल रहा और प्रदर्शनकारियों के अनुसार बोरा को भी हिरासत में ले लिया गया। वैकल्पिक स्थान तलाशने की एक अन्य कोशिश में राज्यसभा सांसद ए ए रहीम ने स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं के साथ नांगलोई स्टेडियम में जंतर-मंतर 2.0 की घोषणा की।
Manipur के कामजोंग और उखरुल में armed groups के बीच झड़प, पांच लोगों की मौत
मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में सशस्त्र समूहों के बीच फिर से हुई झड़पों में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नगा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चसाद गांव में 22 वर्षीय एक युवक और 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतका पांच बच्चों की मां थी। शुक्रवार रात महिला के गर्दन के पास गोली मारी गई थी, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद कुकी और नगा समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। इसके बाद हुई झड़पों में उक्त युवक की मौत हो गई और इस दौरान 10 घरों में आगजनी की गई। जिले के अधिकारियों ने हिंसा को और फैलने से रोकने के लिए चसाद पुलिस गेट चौराहे के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में, संदिग्ध उग्रवादियों ने म्यांमा सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती वाले कामजोंग के निंगचौ गांव में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में नगाचांसो निंगशेन (35) और लीशिशां लीशादांग (48) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद सुरक्षा बल ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि हमलावर गोलीबारी करने के बाद म्यांमा सीमा की ओर भाग गए। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उखरुल जिले में एक अन्य घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपु याओलेन के पास एक वाहन पर गोलीबारी की, जिसमें वाहन चालक संदीप राय (40) की मौत हो गई। कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन इलाकों में भी सशस्त्र गुटों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना मिली है। इस वर्ष फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। यह हिंसा मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलांग और नोनी जिलों के साथ-साथ सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में केंद्रित है। मणिपुर में तीन साल पहले जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल सभी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं और क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए गश्त कर रहे हैं। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
नाजिया इलाही ने उज्जैन में किया तर्पण, बोलीं- अपने मजहब से क्या सीखूं?
Ujjain News: सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने सर्व पितृ अमावस्या पर उज्जैन के रामघाट पर किया पूर्वजों का पिंडदान. कहा- '35 साल का सबसे खूबसूरत दिन, जल्द मिलेगी धर्म परिवर्तन की खबर.' पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
मोहम्मद रफी की दिल छू लेने वाली आवाज और धर्मेंद्र की शानदार स्क्रीन प्रेजेंस ने इस गीत को यादगार बना दिया. 56 साल बाद भी इसकी मिठास ऐसी है कि सुनते ही पुराने दौर की खूबसूरत यादें ताजा हो जाती हैं.
दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश कर रहे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार समेत विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और जगह-जगह अवरोधक लगाकर लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाई गई थीं। इस बीच, पुलिस ने दिल्ली में कई स्थानों पर नेताओं को हिरासत में लिया। केजरीवाल, बनर्जी, विजयन और सरकार के अलावा हिरासत में लिए गए नेताओं में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और अधिवक्ता प्रशांत भूषण शामिल हैं। केजरीवाल को उस समय लोधी एस्टेट स्थित उनके आवास के बाहर हिरासत में लिया गया, जब वह आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिसकर्मी जब उन्हें हिरासत में लेने लगे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिसकर्मी केजरीवाल को उठाकर बस की ओर ले गए। उनके साथ राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, विधायक कुलदीप कुमार और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। ‘आप’ के वरिष्ठ नेता गोपाल राय को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया। हिरासत में लिए जाने से पहले केजरीवाल ने देशभर के युवाओं से चुनाव में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘...अब तक (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी केवल वोट चोरी करके चुनाव जीतते थे। अब वह रंगेहाथ पकड़े गए हैं।’’केजरीवाल ने कहा, ‘‘मोदी जी आपको जहां रोकें, वहीं बैठ जाइए। उस जगह को जंतर-मंतर बना दीजिए। पूरे देश को जंतर-मंतर बना दीजिए।’’हिरासत में लिए जाने के बाद केजरीवाल ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, ‘‘देश का युवा जाग चुका है। वह मोदी जी की तानाशाही से नहीं डरता। अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा। लोग अब उनकी वोट चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे।’’ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ साउथ एवेन्यू से हिरासत में लिया गया। जंतर-मंतर जाने से रोके जाने के बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए थे। बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, समीरुल इस्लाम, प्रतिमा मंडल और साकेत गोखले भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह आपातकाल से भी आगे बढ़ चुका है। यह महा आपातकाल बन गया है।’’बनर्जी ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई न तो देश के हित में है और न ही देश की जनता के। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा संदेश सीधा है- भारत बचाओ और लोकतंत्र बचाओ।’’इस बीच, विजयन, माणिक सरकार, बेबी और करात को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। कई वामपंथी नेताओं को केरल भवन के बाहर हिरासत में लिया गया। माकपा के कुछ नेता रातभर केरल भवन में ठहरे थे। इन नेताओं ने हिरासत में लिए जाने से पहले सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस उन्हें बसों में बैठाकर ले गई। करात ने पीटीआई-को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ‘‘अमित शाह, देखो हम जंतर-मंतर आ गए’’ के नारे लगाए। विजयन ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जरा सोचिए, सरकार विपक्ष से इतनी डरी हुई है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी आवाज उठाने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर एक घंटे तक सड़कों पर घुमाती रही।’’उन्होंने कहा, ‘‘मोदी की घबराहट साफ दिखाई दे रही है और अब तो यह शर्मनाक हो गया है। इस तरह की दमनकारी कार्रवाई हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है, लेकिन हम इससे डरने वाले नहीं हैं।’’माणिक सरकार को भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के अखिल भारतीय महासचिव एलामारम करीम, छात्र कार्यकर्ताओं और श्रमिक संगठनों के नेताओं के साथ बवाना स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में हिरासत में लिया गया। इस बीच, दीपांकर भट्टाचार्य, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा को आईएनए मार्केट के पास उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे सफदरजंग फ्लाईओवर की ओर मार्च कर रहे थे। भाकपा (माले) लिबरेशन के नेता बालाजी ने बताया कि वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारे लगा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अलग-अलग वाहनों में बैठाकर ले गई। भट्टाचार्य ने कहा कि तमाम पाबंदियों के बावजूद लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से नहीं रोका जा सका। उन्होंने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए मोदी सरकार ने पूरी दिल्ली को पुलिस छावनी में बदल दिया। हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। इससे साफ है कि आप एक जंतर-मंतर को तो रोक सकते हैं, लेकिन जंतर-मंतर की भावना और आंदोलन की भावना पूरे देश में फैल चुकी है।’’वहीं, एक अन्य घटनाक्रम में राज्यसभा सदस्य ए. ए. रहीम ने हिरासत में लिए गए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं के साथ नांगलोई स्टेडियम में भूख हड़ताल करने की घोषणा की। वहां करीब 300 छात्रों को हिरासत में रखा गया था। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्रों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने वाले दिल्ली पुलिस के एक निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और उससे माफी मंगवाई जाए। उन्होंने पुलिस पर उनके मोबाइल फोन और बैग गैरकानूनी तरीके से ले लेने का आरोप लगाते हुए इन्हें वापस करने की भी मांग की। माकपा ने एक बयान में सैकड़ों युवा और छात्र प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी को किले में बदल दिया और लोगों को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोका। माकपा ने कहा कि भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई), एसएफआई और अन्य संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता अवरोधकों और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें जबरन बसों में बैठाया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
4 CCTV, आश्रम लौटे प्रेमानंद, शिष्य की मौत के बाद 15 दिन में क्या-क्या हुआ?
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण ने 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया था. इस घटना के 15 दिन बीत चुके हैं और इन 15 दिनों में वृंदावन में काफी उथल-पुथल भी देखी गई. आइए जानते हैं कि घटना के बाद पिछले 15 दिनों में क्या-क्या हुआ.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी किया ताजा यातायात अपडेट
दिल्ली में सीजेपी के जंतर मंतर प्रदर्शन को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है. इस बीच दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रमुख सड़कों, चौराहों और सीमावर्ती रास्तों पर यातायात की स्थिति का अपडेट जारी किया है. ताजा जानकारी के मुताबिक, एम्स, धौला कुआं, आईटीओ, आनंद विहार आईएसबीटी और गाजीपुर बॉर्डर समेत कई जगहों पर ट्रैफिक सामान्य है. हालांकि, प्रदर्शन के चलते हालात बदल सकते हैं, इसलिए घर से निकलने से पहले ताजा अपडेट जरूर देखें.
छोटे घर में बिना अलमारी कैसे रखें कपड़े? ये 9 जुगाड़ आएंगे बड़े काम
घर या किराए के कमरे में अलमारी नहीं है तो कपड़े रखने की चिंता छोड़ दें. बेड के नीचे की जगह, खाली दीवार, पुराने फर्नीचर, कपड़ों के रैक और दरवाजे के पीछे लगे हुक की मदद से कपड़ों को आसानी से व्यवस्थित किया जा सकता है. जानिए अलमारी के बिना कपड़े रखने के 9 आसान तरीके.
BIADA MD ने Patliputra Industrial Area का लिया जायजा, अतिक्रमण और गंदगी पर कार्रवाई के निर्देश
पटना। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) के प्रबंध निदेशक श्री नवीन कुमार, IAS ने शनिवार को पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर डेटा सेंटर, आधारभूत संरचनाओं तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में संचालित गतिविधियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, अतिक्रमण, अवैध निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं के रखरखाव से संबंधित मामलों की समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसे भी पढ़ें: Rise & Fall 2 | तेज प्रताप यादव का बड़ा खुलासा, कहा- 'शादी के 3 महीने के भीतर ही पूर्व पत्नी को एक्स-बॉयफ्रेंड को लव यू मैसेज करते देखा था' निरीक्षण के दौरान प्रबंध निदेशक ने Ravi Industry, Recon Engicon Pvt. Ltd., UNO Digital Pvt. Ltd., SLMG Beverage Pvt. Ltd., Prius System LLP, CtrlS, Ambe Infra Green LLP, Aeron Healthcare Pvt. Ltd., Bihar Trade Tower, Vijayam Educational Trust, Maa Re Rolling Mill, Puja Printech Pvt. Ltd., Satya Enterprises, Eclet Industries Ltd., Civ Mill Industries Pvt. Ltd., Tirupati Industries एवं Ruby Fastner सहित विभिन्न औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों का जायजा लिया। प्रबंध निदेशक ने औद्योगिक क्षेत्र में निजी वाहनों के अनियंत्रित आवागमन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से सभी प्रवेश द्वारों पर एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य एवं आंतरिक सड़कों के दोनों ओर औद्योगिक इकाइयों द्वारा अनधिकृत रूप से निर्माण सामग्री रखे जाने के मामलों में नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने को कहा। औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छता सुनिश्चित करने के संबंध में उन्होंने तत्काल सफाई एवं कचरा हटाने तथा सड़क किनारे कचरा फेंकने पर रोक लगाने के लिए संबंधित इकाइयों को माइकिंग एवं नोटिस के माध्यम से जागरूक करने और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पॉलिटेक्निक/साईं मंदिर के निकट बियाडा की भूमि पर अनधिकृत वाहन पार्किंग के मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा साईं मंदिर के संचालक द्वारा बियाडा की भूमि पर कथित अनधिकृत भवन निर्माण के संबंध में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सड़क एवं आधारभूत संरचनाओं के रखरखाव के संबंध में प्रबंध निदेशक ने बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) द्वारा सीवर लाइन की मरम्मत के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल नहीं किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सड़क की पुनर्स्थापना पर होने वाले अनुमानित व्यय की वसूली के लिए बुडको को पत्र जारी करने का निर्देश दिया। औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने स्वीकृत सूचीबद्ध वास्तुविदों द्वारा अनुमोदित नक्शे के अनुरूप निर्माण कार्यों की बियाडा के अभियंताओं के माध्यम से समय-समय पर निगरानी करने को कहा। प्रबंध निदेशक ने कार्यपालक निदेशक (ऑपरेशंस) को निरीक्षण के दौरान चिह्नित सभी मामलों में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा संबंधित उप महाप्रबंधक (DGM) एवं अन्य अधिकारियों के माध्यम से कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाइयां निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसे भी पढ़ें: Vaishali में 11 से 13 दिसंबर तक सजेगा International Buddhist Conclave, जुटेंगे कई देशों के विद्वान बियाडा राज्य में औद्योगिक आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने, औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित औद्योगिक वातावरण विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। औद्योगिक क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण, भूमि का नियमानुसार उपयोग, आधारभूत सुविधाओं का उचित रखरखाव तथा नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना बिहार में निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण एवं औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट की दुनिया के चुनिंदा देशों में खास चर्चे, कइयों ने दिया पल-पल का अपडेट
सीजेपी ने आज प्रदर्शन करने की पूरी कोशिश की. मगर कॉकरोच जनता पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता या उसके समर्थक जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाया. इसने दुनिया के कुछ देशों का ध्यान खूब खींचा.
बिहार के मधेपुरा में 12 साल के बच्चे की धारदार हथियार से हत्या के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आरोप है कि आक्रोशित भीड़ ने आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिससे इलाके में तनाव फैल गया.
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के पेशेवर और व्यक्तिगत कल्याण के लिए एक स्थायी समिति का गठन किया है।
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच लुका-छिपी का खेल देखने को मिला, जब कुछ लोग सार्वजनिक शौचालय में छिप गए जबकि कुछ अन्य ने रात भर गुरुद्वारे में शरण ली। शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बल के हजारों जवान तैनात किए जाने के बीच मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी गिरफ्तारी से बचने के लिए सार्वजनिक व धार्मिक स्थलों पर छिपने की कोशिश करने लगे। कनॉट प्लेस स्थित नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के एक वॉशरूम में 20 से ज़्यादा युवा प्रदर्शनकारी रात भर छिपे रहे। वे जंतर-मंतर तक मार्च से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच चोरी-छिपे निकलने की उम्मीद कर रहे थे। शुक्रवार को शहर भर में पाबंदियां लागू होने के बाद, यह समूह रात में क्रमिक रूप से एकत्र हुआ था। वॉशरूम, जो रात 10 बजे बंद कर दिया जाता है और सुबह छह बजे खोला जाता है, उनके छिपने का ठिकाना बन गया। जांच के दौरान पुलिस को प्रदर्शनकारी वॉशरूम के अंदर मिले। प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा करके पुलिस की गाड़ियों में बिठाया गया। अधिकतर लोगों ने अपने चेहरे ढके हुए थे। हिरासत में लिए जाने के बाद भी वे नारेबाजी करते रहे और पुलिस की गाड़ियों के अंदर जोर आजमाइश करते रहे। उनकी आवाज जालीदार खिड़कियों से बाहर आ रही थी। कनॉट प्लेस की घटना सेंट्रल दिल्ली में हुई उन कई घटनाओं में से एक थी, जिनमें प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से बचने की कोशिश की और मौका मिलते ही फिर से सड़क पर उतर आए। गुरुद्वारा बंगला साहिब में, रात भर छिपे रहने वाले युवा प्रदर्शनकारी बार-बार परिसर से बाहर निकलकर प्रदर्शनों में शामिल होते थे और पुलिस द्वारा खदेड़े जाने पर वापस अंदर भाग जाते थे। यह सिलसिला चलता रहा। दोनों पक्षों के बीच गुरुद्वारे के आसपास लुका-छिपी का खेल देखने को मिला। गुरुद्वारे के बाहर की सड़क पर ‘‘इंकलाब ज़िंदाबाद’’ और ‘‘जय भीम’’ के नारे लगाये गए, जब प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह सड़क पर उतर आया था। कुछ ही मिनट में पुलिस ने उनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बंगला साहिब के प्रतिनिधियों से संपर्क किया था और उनसे कहा था कि वे प्रदर्शनकारियों को परिसर में नहीं आने दें। गुरुद्वारे के प्रतिनिधियों ने मना कर दिया और कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और अंदर नारेबाजी नहीं कर रहे थे। एक प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘हम पुलिस को परिसर में घुसने नहीं देंगे। प्रदर्शनकारी निहत्थे हैं और परिसर के अंदर नारेबाजी नहीं कर रहे हैं, इसलिए हम उनके खिलाफ नहीं हैं।’’युवाओं के कई संगठनों और छात्र समूहों ने बाबा खड़क सिंह मार्ग से अशोक रोड की ओर मार्च किया, और पुलिसकर्मी उन्हें हिरासत में लेने के लिए आगे बढ़े। जब अधिकारी पास आए, तो कुछ प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे के परिसर में भाग गए और प्रदर्शन में लौटने की कोशिश करने से पहले वहां छिपे रहे। केरल हाउस में शुक्रवार रात से ही माकपा के कई नेता ठहरे हुए थे, जिनमें अलग-अलग राज्यों के पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। शनिवार को जब वे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर निकले, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। राष्ट्रीय राजधानी में 30,000 से ज़्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया था, जबकि 45 मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश एवं निकास बंद कर दिए गए थे और जंतर-मंतर के आस-पास 30 सड़कों पर यातायात की पाबंदियां थीं।

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