बिहार MLC चुनाव के लिए RJD ने 6 उम्मीदवारों के नाम का किया ऐलान
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. विधान परिषद की आठ सीटों में से छह सीटों के लिए आरजेडी ने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है.
बाढ़ पीड़ित महिलाओं को पप्पू यादव ने दिए 500-500 रुपये, VIDEO
बिहार में बाढ़ के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव कटिहार के कुरसेला पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की. उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को 500-500 रुपये की आर्थिक मदद दी और जाते वक्त भी भीड़ के बीच रुपये बांटे. इस दौरान उन्होंने सरकार, नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए और बाढ़ से जुड़े कामों की जांच की मांग की.
गर्दन का मांस गायब, जबड़ा उखाड़ ले गया खूंखार जानवर...
Hardoi Wild Animal Attack: हरदोई में चारपाई पर सो रही बुजुर्ग महिला को जंगली जानवर ने बनाया निवाला. पगमार्क के आधार पर भेड़िया या लकड़बग्घा होने की शंका, ड्रोन से निगरानी शुरू...
UP में ब्राह्मण चेहरे पर दांव लगा सकती है कांग्रेस? नेतृत्व बदलने पर मंथन
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस यूपी में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर विचार कर रही है. कहा जा रहा है कि राज्य के नेतृत्व परिवर्तन और किसी ब्राह्मण या OBC चेहरे को लाने पर विचार किया जा रहा है.
5 दिन काम, 2 दिन छुट्टी... नहीं मानी बात तो 28 सितंबर से फिर बंद होंगे बैंक
Nationwide Bank Strike 11 September: हफ्ते में 5 दिन काम की मांग को लेकर देशभर में बैंक हड़ताल. मप्र में 5500 करोड़ का कारोबार प्रभावित. 28 सितंबर से फिर बंद रहेंगे बैंक...
B&W: ब्रिक्स का मंच तैयार, कैसे कल दुनिया दिल्ली का पावर शो देखेगी?
आज सबसे पहले आपको बताएंगे कि कैसे... कल पूरी दुनिया दिल्ली का पावर शो देखेगी... दिल्ली में BRICS Summit की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं... पुतिन लैंड कर चुके हैं... और शी जिनपिंग कल पहुंचने वाले हैं... और कल इस महापंचायत में प्रधानमंत्री मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग एक ही मंच पर नजर आएंगे. देखें...
केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। इसके उपरांत उन्होंने सौर ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा-2026 प्रदर्शनी का उद्घाटन किया तथा प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टालों का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। उन्होंने सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिकल एवं संबंधित क्षेत्रों में विकसित की जा रही आधुनिक तकनीकों, उपकरणों एवं नवाचारों की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सौर ऊर्जा केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि गांवों में रोजगार, आय और उद्यमिता बढ़ाने का प्रभावी साधन बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप नवीकरणीय ऊर्जा को ग्रामीण विकास और जनकल्याण से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।उपमुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में उपस्थित महिलाओं से विशेष रूप से संवाद किया और सौर ऊर्जा के माध्यम से उनके स्वरोजगार, आजीविका एवं आर्थिक सशक्तिकरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा सौर ऊर्जा को ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार केवल बिजली की आवश्यकता पूरी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, स्वरोजगार, निवेश, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का मजबूत आधार बन रहा है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने भी उत्तर प्रदेश में सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं और निवेश के अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
ट्रम्प को भारत का कड़ा संदेश : पुतिन, शी जिनपिंग और पेजेशकियन संग मोदी ने बनाया नया ग्लोबल समीकरण
BRICS Summit 2026 : नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आयोजन के साथ भारत एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में होने वाले इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के ...
MP: स्कूल में हेडमास्टर पर हमला, महिला रसोइया ने चप्पल से पीटा
श्योपुर के सरकारी स्कूल में हेडमास्टर पर रसोइया और उसके पति ने कथित तौर पर हमला कर दिया. चप्पल से पिटाई और कॉलर पकड़ने का वीडियो सामने आया, पुलिस ने केस दर्ज किया.
शिव सहाय अवस्थी CEO UPRRDA ने मुख्यमंत्री की अध्यता बैठक में गढढा मुक्त की जानकारी देते हुए कहा किप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित मार्गों के अनुरक्षण पर निरंतर निगरानी की जा रही है। वर्तमान में 05 वर्षीय अनुरक्षण अवधि के अंतर्गत 2,405 मार्ग, कुल 17,726.544 किलोमीटर, जबकि पोस्ट-डीएलपी के अंतर्गत 809 मार्ग, कुल 2,484.205 किलोमीटर अनुरक्षणाधीन हैं। इन मार्गों के अनुरक्षण कार्यों की निगरानी ई-मार्ग पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गों की गड्ढा मुक्ति एवं अनुरक्षण कार्यों की समीक्षा बैठक आहूत की गई। बैठक में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास श्री सौरभ बाबू जी सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सभी मार्गों को आवश्यक मरम्मत, नवीनीकरण एवं अनुरक्षण कार्य कराकर प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त एवं सुगम बनाया जाए।श्री अवस्थी ने बताया कि वर्तमान में 3,039 मार्गों का निरीक्षण किया गया है, जिनमें 2,914 मार्ग लगभग 96 प्रतिशत संतोषजनक पाए गए हैं। वहीं 125 असंतोषजनक मार्गों पर सुधारात्मक कार्य कराया जा रहा है। विभाग द्वारा नियमित निरीक्षण, जियोटैगिंग, ऑनलाइन बिलिंग एवं डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से अनुरक्षण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। कॉन्ट्रैक्टर द्वारा ई-मार्ग पोर्टल पर मासिक बिल अपलोड किए जाते हैं, जिनका अभियंताओं द्वारा परीक्षण किया जाता है। निर्धारित अनुरक्षण दरों के अनुसार भुगतान की कार्यवाही की जाती है तथा सीसीएल जारी होने के उपरांत पीआईयू द्वारा ई-मार्ग पोर्टल के माध्यम से संबंधित फर्म/कॉन्ट्रैक्टर को भुगतान किया जाता है। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर, सुरक्षित और सुगम बनाने के साथ गुणवत्तापूर्ण अनुरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है।
बाजार के महंगे साबुन को कहें बाय, घर पर बनाएं नेचुरल फेसवॉश
Homemade FaceMask: अगर आप भी अपनी स्किन के रूखेपन से परेशान हैं तो यहां हम आपको घर पर ही नेचुरल फेसवॉश बनाने का तरीका बता रहे हैं.
मथुरा में 5 महीने के बच्चे का अपहरण, लिव-इन कपल ने रची साजिश
Mathura Station Child Kidnapping Case: मथुरा रेलवे स्टेशन से 5 महीने के बच्चे को अगवा करने वाला एमपी का निसंतान जोड़ा मुरैना से गिरफ्तार. बच्चा सुरक्षित बरामद, पढ़ें पूरी रिपोर्ट.
भोजपुरी सिनेमा के पावरस्टार और बिहार से ताल्लुक रखने वाले अभिनेता-राजनेता पवन सिंह की निजी जिंदगी एक बार फिर अदालती विवादों के चलते सुर्खियों में आ गई है। उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित पारिवारिक अदालत (Family Court) ने पत्नी ज्योति सिंह द्वारा दायर भरण-पोषण (Maintenance) और तलाक से जुड़े मामले की सुनवाई में हाजिर न होने पर पवन सिंह पर ₹1,000 का न्यायिक जुर्माना (Cost) लगाया है।बुधवार (9 सितंबर) को इस बहुचर्चित मामले में पवन सिंह का बयान अदालत के समक्ष दर्ज किया जाना था। जहां एक तरफ उनकी पत्नी ज्योति सिंह अपने अधिवक्ताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में मौजूद रहीं, वहीं पवन सिंह सुनवाई से नदारद रहे। अदालत ने पवन सिंह की लगातार गैरहाजिरी पर सख्त रुख अपनाते हुए हर्जाना लगाया और मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर तय की है।पेश न होने पर पवन सिंह के वकील ने क्या दी दलील?अदालत में अनुपस्थिति को लेकर पवन सिंह के अधिवक्ता हरिवंश सिंह ने सुनवाई टालने के लिए एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया था:पटना में बाढ़ और जलभराव का हवाला: वकील ने अदालत को बताया कि बिहार की राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश व गंगा नदी के उफान के चलते भीषण बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इस प्राकृतिक आपदा और यातायात बाधित होने के कारण पवन सिंह समय पर बलिया कोर्ट नहीं पहुंच सके।ज्योति सिंह के पक्ष का विरोध: ज्योति सिंह के वकील ने इस दलील का कड़ा विरोध करते हुए अदालत को बताया कि पवन सिंह इससे पूर्व भी पिछली तारीखों (11 अगस्त) पर अपना बयान दर्ज कराने नहीं आए थे। जानबूझकर मामले को लंबा खींचने का आरोप लगाते हुए उन्होंने आपत्ति जताई, जिसके बाद न्यायाधीश ने इस गैरहाजिरी पर ₹1,000 का जुर्माना ठोक दिया।10 करोड़ रुपये और मकान की मांग: ज्योति सिंह ने मांगा भारी-भरकम मेंटेनेंसतलाक की अर्जी के साथ ही ज्योति सिंह ने पवन सिंह से आर्थिक भरण-पोषण और स्थायी गुजारा भत्ते (Permanent Alimony) की मांग की है:₹10 करोड़ की एलिमनी और अलग घर: अदालत में दाखिल विवरण के अनुसार, ज्योति सिंह ने कहा है कि यदि पवन सिंह उन्हें अपनी पत्नी के रूप में साथ रखने को तैयार नहीं हैं, तो उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए ₹10 करोड़ की एकमुश्त एलिमनी और रहने के लिए एक स्वतंत्र मकान दिया जाए।₹5 लाख प्रतिमाह खर्च: इसके अलावा उन्होंने अपनी नियमित जीवनशैली, भोजन, कपड़े, सुरक्षा और चिकित्सा खर्चों के लिए अंतरिम तौर पर लगभग ₹5 लाख प्रति माह के भरण-पोषण की मांग भी रखी है।कमाई का दावा: याचिका में ज्योति सिंह ने दावा किया है कि पवन सिंह भोजपुरी इंडस्ट्री के सबसे महंगे सुपरस्टार हैं और उनकी सालाना कमाई 10 करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए उनके वित्तीय दर्जे के अनुसार ही यह गुजारा भत्ता तय होना चाहिए।2018 में शादी से लेकर 2022 में तलाक की अर्जी तक: कैसे बिगड़े रिश्ते?पवन सिंह और ज्योति सिंह के वैवाहिक रिश्ते में शुरुआत से ही काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं:बलिया में हुई थी दूसरी शादी: पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह का साल 2015 में आकस्मिक निधन (आत्महत्या) हो गया था। इसके बाद 6 मार्च 2018 को पवन सिंह ने बलिया की रहने वाली ज्योति सिंह से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दूसरी शादी की थी।गंभीर उत्पीड़न और अबॉर्शन के आरोप: शादी के कुछ महीनों बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई। ज्योति सिंह ने पवन सिंह और उनके परिवार पर मानसिक प्रताड़ना, अपमानित करने और दो बार जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए, हालांकि पवन सिंह इन आरोपों को हमेशा बेबुनियाद बताते रहे हैं।कोर्ट पहुंचा मामला: अंततः अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने बलिया फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण की अर्जी दाखिल की। इसके जवाब में पवन सिंह ने भी बिहार के आरा (भोजपुर) की फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगा दी थी।2024 के चुनाव में दिखी थी सुलह की उम्मीद, फिर क्यों बढ़ा विवाद?इस हाई-प्रोफाइल विवाद में सबसे बड़ा मोड़ साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान आया था। जब पवन सिंह ने बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा भरा, तो ज्योति सिंह अचानक उनके साथ चुनाव प्रचार के मंचों पर नजर आईं।दोनों को एक साथ देखकर यह माना जा रहा था कि पति-पत्नी के बीच समझौता हो चुका है और वे पुरानी कड़वाहट भुलाकर दोबारा साथ आ गए हैं। हालांकि, चुनाव खत्म होने के कुछ ही हफ्तों बाद दोनों के रास्ते फिर अलग हो गए और अब यह पारिवारिक लड़ाई बलिया कोर्ट में ₹10 करोड़ की एलिमनी और कानूनी दांव-पेचों तक पहुंच चुकी है। कानूनी जानकारों के अनुसार, हिंदू मैरिज एक्ट के तहत गुजारा भत्ते की अंतिम राशि दोनों पक्षों की संपत्ति, आय के हलफनामे और जरूरतों का गहन मूल्यांकन करने के बाद ही अदालत द्वारा तय की जाएगी।
ना बंदूक ना गोली, मिर्च पाउडर फेंककर लूटने चला था बैंक, फिर ऐसा हुआ अंजाम
नागपुर में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां पर एक व्यक्ति बैंक जाता है। स्टाफ के ऊपर मिर्च का पाउडर छिड़कता है। इसके बाद वह 4 लाख से ज्यादा की रकम लेकर वहां से फरार हो जाता है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
'सत्ता में आने के बाद चिन्मय दास को भूली बीजेपी', TMC का निशाना
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बांग्लादेशी संत चिन्मय कृष्ण दास प्रभु की स्थिति पर चुप रहने को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. कुणाल घोष ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद उसने चिन्मय दास को भुला दिया है.
अक्सर वेतनभोगी (Salaried) कर्मचारियों को लगता है कि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) हर महीने वेतन से कटने वाला एक अनिवार्य निवेश भर है, जिसे केवल नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के समय ही हासिल किया जा सकता है। लेकिन वास्तव में ईपीएफओ (EPFO) द्वारा संचालित यह योजना कर्मचारी और उसके परिवार के लिए एक व्यापक सोशल सिक्योरिटी शील्ड (Social Security Shield) की तरह काम करती है।यदि किसी कर्मचारी के सामने कोई अचानक वित्तीय संकट, बीमारी, नौकरी छूटना या कोई अप्रत्याशित पारिवारिक त्रासदी आ जाए, तो पीएफ खाता कई तरह से आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। जानिए ईपीएफ खाते से जुड़े वे 5 बड़े फायदे जिनके बारे में हर नौकरीपेशा व्यक्ति को विस्तार से पता होना चाहिए।1. फ्री लाइफ इंश्योरेंस: EDLI स्कीम के तहत ₹7 लाख तक का मुफ्त बीमाईपीएफ खाताधारकों को मिलने वाला सबसे बड़ा और अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला लाभ है एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम (EDLI Scheme 1976):बिना किसी प्रीमियम के सुरक्षा: इसके लिए कर्मचारी को अपनी जेब से एक भी पैसा प्रीमियम के रूप में नहीं देना होता। इसका पूरा खर्च कंपनी (नियोक्ता) वहन करती है।₹7,00,000 तक की क्लेम राशि: यदि नौकरी में रहते हुए किसी सक्रिय पीएफ खाताधारक की असमय मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी को न्यूनतम ₹2.5 लाख और अधिकतम ₹7 लाख तक का लाइफ इंश्योरेंस क्लेम सीधे मिलता है।कैलकुलेशन का आधार: बीमा क्लेम की गणना कर्मचारी के पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन (बेसिक + डीए) और उसके पीएफ बैलेंस के आधार पर की जाती है।2. आजीवन पेंशन और परिवार की सुरक्षा: EPS (कर्मचारी पेंशन योजना 1995)कंपनी द्वारा किए जाने वाले 12% योगदान में से 8.33% हिस्सा (अधिकतम ₹1,250 प्रति माह) सीधे कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा होता है:10 साल की सेवा पर पेंशन गारंटी: यदि किसी कर्मचारी ने कुल मिलाकर 10 वर्ष की न्यूनतम सर्विस पूरी कर ली है, तो वह 58 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद जीवनभर मासिक पेंशन पाने का हकदार बन जाता है।विधवा/विधुर और बाल पेंशन: दुर्भाग्यवश यदि सेवा के दौरान सदस्य का निधन हो जाता है, तो उसकी पत्नी/पति को आजीवन पारिवारिक पेंशन (Family Pension) और 25 वर्ष की उम्र तक दो बच्चों को प्रतिमाह बाल पेंशन दी जाती है।शीघ्र पेंशन का विकल्प: 50 वर्ष की आयु के बाद अर्ली पेंशन (Early Pension) लेने की सुविधा भी उपलब्ध है, हालांकि इसमें पेंशन राशि में प्रतिवर्ष के हिसाब से आंशिक कटौती होती है।3. इमरजेंसी फंड: गंभीर बीमारी, घर खरीदने और शादी के लिए आंशिक निकासीकिसी आकस्मिक वित्तीय आपातकाल में बैंक लोन लेने या पर्सनल लोन के भारी ब्याज जाल में फंसने के बजाय आप अपने पीएफ बैलेंस से गैर-वापसी योग्य एडवांस (Non-refundable Advance) निकाल सकते हैं:गंभीर बीमारी (Medical Emergency): स्वयं, जीवनसाथी, बच्चों या माता-पिता के गंभीर इलाज (जैसे कैंसर, टीबी, हार्ट सर्जरी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट आदि) के लिए कर्मचारी अपने शेयर का 100% तक पैसा बिना किसी न्यूनतम सेवा अवधि के निकाल सकता है।मकान निर्माण या फ्लैट की खरीद: 5 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होने के बाद घर खरीदने, फ्लैट बुक करने या जमीन लेने के लिए पीएफ से अग्रिम निकासी की सुविधा मिलती है।बच्चों की उच्च शिक्षा व विवाह: 7 वर्ष की सेवा के बाद बच्चों की शादी या 10वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए कर्मचारी अपने कुल अंशदान का 50% तक एडवांस ले सकता है।4. बेरोजगारी के दौरान 'ईपीएफ नॉन-विड्रॉल सपोर्ट' और लिक्विडिटीयदि किसी कारणवश नौकरी छूट जाती है या आप करियर ब्रेक लेते हैं, तो ईपीएफओ आपको वित्तीय स्थिरता देता है:1 महीने बाद 75% तक निकासी: यदि कर्मचारी 1 महीने तक बेरोजगार रहता है, तो वह अपने पीएफ फंड से 75% तक की राशि निकाल सकता है, जिससे उसकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो सकें।2 महीने बाद 100% सेटलमेंट: यदि 2 महीने से अधिक समय तक कोई नई नौकरी नहीं मिलती, तो कर्मचारी बचा हुआ 25% फंड भी निकालकर खाता पूरी तरह बंद कर सकता है।नौकरी बदलने पर ट्रांसफर: सबसे अच्छी बात यह है कि नई कंपनी जॉइन करने पर यूएएन (UAN) के जरिए पुराना फंड नए खाते में स्वतः ट्रांसफर हो जाता है और सर्विस हिस्ट्री सुरक्षित रहती है।5. ट्रिपल टैक्स बेनिफिट (EEE) और 8.25% का गारंटीड ब्याजसुरक्षित फिक्स्ड इनकम कैटेगरी में आज भी ईपीएफ से बेहतर कोई विकल्प नहीं है:उच्चतम सरकारी रिटर्न: ईपीएफओ वर्तमान में अपने सदस्यों को 8.25% प्रति वर्ष की आकर्षक और सुरक्षित ब्याज दर प्रदान कर रहा है, जो अधिकांश बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) से कहीं ज्यादा है।EEE टैक्स स्टेटस: आयकर अधिनियम के तहत इसमें कर्मचारी के योगदान पर धारा 80C के तहत छूट मिलती है, उस पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त होता है (वार्षिक ₹2.5 लाख तक के योगदान पर), और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि पर भी कोई टैक्स नहीं लगता।ईपीएफ खाते को केवल एक बचत खाता न समझें; यह आपके कार्य जीवन के दौरान एक इमरजेंसी लाइफलाइन और रिटायरमेंट के बाद एक ठोस आर्थिक सुरक्षा तंत्र है।
‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ से दिल्ली आए पुतिन, एक साथ 2 उड़े; अभेद्य किला है रूसी राष्ट्रपति का विमान
यह विमान करीब 11 हजार किलोमीटर तक लगातार उड़ सकता है। इसमें चार इंजन लगे हैं। इसकी लंबाई करीब 55.35 मीटर और पंखों का फैलाव 60.12 मीटर है। विमान को रूस का विशेष उड़ान दल चलाता है, जो पूरी तरह ट्रेंड है।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेट बैंकिंग ने हमारे दैनिक लेन-देन को जितना तेज और आसान बनाया है, थोड़ी सी भी जल्दबाजी या लापरवाही से गलत अकाउंट में पैसा ट्रांसफर होने का खतरा भी उतना ही बढ़ गया है। एक गलत अंक या गलत यूपीआई आईडी दर्ज होते ही सेकंडों में आपकी गाढ़ी कमाई किसी अनजान व्यक्ति के बैंक खाते में क्रेडिट हो जाती है।अक्सर लोग ऐसा होने पर मान लेते हैं कि उनका पैसा हमेशा के लिए डूब गया, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के स्पष्ट दिशानिर्देश हैं कि गलत तरीके से ट्रांसफर हुए पैसों पर मूल खाताधारक का पूरा अधिकार होता है। यदि आप समय रहते सही प्रक्रिया का पालन करते हैं, तो आपका पैसा सुरक्षित वापस आपके खाते में क्रेडिट हो सकता है।गोल्डन ऑवर (Golden Hour): गलती होते ही सबसे पहले करें ये 3 जरूरी कामपैसे ट्रांसफर होते ही बिना कोई समय गंवाए आपको तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:1. ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट और UTR नंबर सुरक्षित करें:पेमेंट ऐप (Google Pay, PhonePe, Paytm आदि) से सफल ट्रांजैक्शन की स्क्रीन का स्क्रीनशॉट लें। इसमें 12 अंकों का UPI Transaction ID (UTR Number), समय, तारीख और प्राप्तकर्ता की गलत यूपीआई आईडी/मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए।2. बैंक के एसएमएस (SMS) में आए नंबर पर तुरंत कॉल करें:पैसे कटने पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर जो बैंक एसएमएस आता है, उसमें एक हेल्पलाइन नंबर या फ्रॉड रिपोर्टिंग नंबर दिया होता है। उस पर कॉल करके बताएं कि यह ट्रांजैक्शन अनपेक्षित (Unintended Transfer) है।3. यूपीआई ऐप के हेल्प सपोर्ट में शिकायत दर्ज करें:जिस ऐप से पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उसके 'Transaction History' में जाएं। 'Having Issues' या 'Help' सेक्शन में जाकर 'Transferred to wrong account' विकल्प चुनकर टिकट रेज करें।स्टेप-बाय-स्टेप रिफंड प्रक्रिया: अपने बैंक और NPCI पोर्टल पर कैसे करें शिकायत?यदि ऐप सपोर्ट से समाधान नहीं मिलता है, तो आपको आधिकारिक बैंकिंग स्तर पर शिकायत करनी होगी:1.होम ब्रांच में जाकर लिखित शिकायत दर्ज करें:लेन-देन के 24 से 48 घंटे के भीतर संपर्क करें.अपने बैंक की निकटतम शाखा में जाएं और बैंक मैनेजर को एक लिखित आवेदन (Application Letter) दें। इसमें अपना अकाउंट नंबर, ट्रांजैक्शन की तारीख, समय, राशि, 12 अंकों का UTR नंबर और जिस गलत खाते में पैसा गया है उसका विवरण दें। बैंक इस ट्रांजैक्शन को 'Wrong Beneficiary Transfer' के रूप में मार्क करेगा।2.NPCI पोर्टल पर ऑनलाइन डिस्प्यूट रेज करें:www.npci.org.in पर जाएं.एनपीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और मेन्यू में 'Get in touch' टैब के तहत 'UPI Complaint' विकल्प पर क्लिक करें। 'Complaint' सेक्शन में 'Transaction' टैब चुनें। इश्यू टाइप में 'Incorrectly transferred to another account' सिलेक्ट करें। अपना यूपीआई आईडी, बैंक का नाम, यूटीआर नंबर और ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें।3.बैंकों का आपसी समन्वय और लीगल नोटिस:रिसीवर बैंक से संपर्क स्थापित करना.आपका बैंक उस बैंक से संपर्क करेगा जिसमें पैसा गया है (Beneficiary Bank)। लाभार्थी बैंक उस व्यक्ति से संपर्क करके बताएगा कि उसके खाते में गलती से राशि आई है और उसकी सहमति (Consent) लेकर पैसा वापस आपके खाते में रिवर्स कर देगा।अगर सामने वाला व्यक्ति पैसे लौटाने से मना कर दे, तो क्या करें?भारतीय कानून के तहत किसी और का अनपेक्षित पैसा अपने पास रखना गैर-कानूनी है:भारतीय दंड संहिता (IPC/BNS) के तहत अपराध: यदि गलत प्राप्तकर्ता बैंक के अनुरोध के बावजूद पैसा लौटाने या खर्च करने से मना करता है, तो यह 'आपराधिक विश्वासघात' (Criminal Breach of Trust) और अनुचित लाभ लेने की श्रेणी में आता है।आरबीआई ओम्बड्समैन (RBI Ombudsman): यदि आपका बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं करता है, तो आप आरबीआई के इंटीग्रेटेड ओम्बड्समैन पोर्टल cms.rbi.org.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।साइबर सेल / पुलिस में एफआईआर: लाभार्थी के इनकार करने पर आप राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। पुलिस के नोटिस के बाद बैंक उस व्यक्ति का खाता तुरंत फ्रीज कर देता है और कानूनी प्रक्रिया के जरिए आपका पैसा वापस मिल जाता है।
महाराष्ट्र के नागपुर में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा में लूट की घटना सामने आई है। सक्करदरा इलाके में एक बदमाश ने बैंक कर्मचारियों की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर कैश काउंटर से करीब 4 लाख रुपए लूट लिए और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस ...
'शादी करा दो नहीं तो कूद जाऊंगा', पुल के रेलिंग पर चढ़ा सिरफिरा आशिक
बांदा में शादी की जिद में एक युवक केन नदी के रेलवे पुल की करीब 30 फीट ऊंची रेलिंग पर चढ़ गया और कूदने की धमकी देने लगा. वह अपनी कथित प्रेमिका को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था. पुलिस ने लड़की को बुलाकर युवक को समझाया और सुरक्षित नीचे उतारा. इसके बाद पुराने मुकदमे में उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग शाखा इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने डिजिटल टिकटिंग के इतिहास में एक नया मील का पत्थर हासिल कर लिया है। आगामी त्योहारी सीजन (दिवाली और छठ पूजा) के लिए शुरू हुई 120 दिन पहले की एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) बुकिंग के दौरान IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर भारी ट्रैफिक देखने को मिला। रेलवे के अनुसार, 7 सितंबर को इतिहास में पहली बार एक ही दिन में कुल 20,06,353 (20.06 लाख से अधिक) टिकट बुक किए गए।यह रिकॉर्ड यहीं नहीं थमा, बल्कि इसके अगले दिन यानी 8 सितंबर को भी सिस्टम पर दबाव बना रहा और 19,50,699 टिकटों की सफल बुकिंग दर्ज की गई। वर्तमान में भारतीय रेलवे के कुल आरक्षित टिकटों में से लगभग 89 प्रतिशत हिस्सेदारी ऑनलाइन बुकिंग की हो चुकी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि करोड़ों लोगों द्वारा एक साथ लॉग इन करने के बावजूद न तो वेबसाइट क्रैश हुई और न ही पेमेंट गेटवे पर पहले जैसा लंबा अटकाव देखने को मिला।1.74 करोड़ लॉगिन और सुबह 8 बजे का पीक लोड: सिस्टम ने कैसे झेला दबाव?रेलवे द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8:00 बजे जब एसी और नॉन-एसी क्लास की एडवांस बुकिंग विंडो खुलती है, तब सिस्टम पर ट्रैफिक सबसे चरम पर होता है:15 मिनट में सबसे ज्यादा बुकिंग: दिनभर के कुल ट्रैफिक का सबसे बड़ा हिस्सा सुबह 8:00 बजे से 8:15 बजे के बीच दर्ज किया जाता है।1.74 करोड़ तक दैनिक लॉगिन: रिजर्वेशन विंडो के दौरान प्रतिदिन 1.33 करोड़ से 1.74 करोड़ यूजर्स ने सिस्टम में लॉगिन किया।सफल ट्रांजैक्शन फ्लो: केवल पहले एक घंटे (8:00 AM से 9:00 AM) में दिन की 8.43% से 14.14% बुकिंग्स पूरी हुईं, जबकि 85% से अधिक टिकट दिन के बाकी घंटों में सुचारू रूप से बुक हुए।कैसे संभला इतना विशालकाय ट्रैफिक? 4 बड़े तकनीकी बदलाव जिन्होंने बदली तस्वीररेलवे अधिकारियों और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) ने इस भारी लोड को संभालने के लिए बैकएंड पर कई बड़े अपग्रेड्स किए हैं:1. NGeT इंफ्रास्ट्रक्चर का सर्वर रिफ्रेश (दोगुनी क्षमता):IRCTC ने अपने नेक्स्ट-जेनरेशन ई-टिकटिंग (NGeT) सर्वर आर्किटेक्चर को पूरी तरह से अपग्रेड किया है। पुराने सर्वरों को हटाकर अत्याधुनिक हाई-स्पीड सर्वर्स लगाए गए, जिससे सिस्टम की ओवरऑल प्रोसेसिंग क्षमता पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई। सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन के जरिए डेटाबेस क्वेरी का रिस्पॉन्स टाइम मिलीसेकंड्स में आ गया।2. एंटी-बॉट टेक्नोलॉजी से दलालों के 65% बॉट्स ब्लॉक:टिकट बुकिंग में सबसे बड़ी बाधा अनाधिकृत बॉट ट्रैफिक (Scripts/Bots) होते हैं, जो सेकंड्स में हजारों सीटें ब्लॉक कर देते थे। IRCTC ने शीर्ष टेक पार्टनर्स के साथ मिलकर 'एंटी-बॉट' (Anti-BOT) और कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) तैनात किया। इससे दुर्भावनापूर्ण बॉट ट्रैफिक में 55% से 65% की भारी गिरावट आई और वास्तविक आम यात्रियों को तुरंत टिकटिंग विंडो का एक्सेस मिला।3. 3.04 करोड़ फर्जी यूजर आईडी पर कड़ा एक्शन:सिस्टम पर लोड कम करने और निष्पक्ष बुकिंग के लिए रेलवे विजिलेंस ने कड़ा अभियान चलाया। इसके तहत 3.04 करोड़ संदेहास्पद यूजर आईडी को हमेशा के लिए डिएक्टिवेट कर दिया गया, जबकि 6.33 करोड़ आईडी को पुनः सत्यापन (Revalidation) के दायरे में डाला गया। इसके अलावा 16,000 से अधिक संदिग्ध ईमेल डोमेन को पूरी तरह ब्लॉक किया गया।4. आधार ऑथेंटिकेशन और एजेंटों पर 10 मिनट की पाबंदी:सुबह 8:00 बजे से 8:10 बजे के शुरुआती 10 मिनट में ऑथराइज्ड टिकटिंग एजेंट्स (YTSK, RTSA आदि) के बुकिंग करने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। साथ ही, ओपनिंग विंडो के दौरान केवल आधार से प्रमाणित (Aadhaar-authenticated) वास्तविक उपयोगकर्ताओं को ही टिकट बुक करने की अनुमति दी गई, जिससे सर्वर पर फेक ट्रैफिक खत्म हो गया।15 जुलाई को लॉन्च हुआ नया ग्लासमोर्फिज्म यूआई (User Interface)इस तकनीकी मजबूती को सहारा दिया IRCTC के नए यूजर इंटरफेस (UI) ने, जिसका बीटा वर्जन 15 जुलाई को पेश किया गया था। आधुनिक ग्लासमोर्फिज्म डिजाइन पर आधारित इस नए इंटरफेस में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर एक साथ दिख जाती है। इससे यात्रियों को बार-बार अलग-अलग क्लास के लिए पेज रिफ्रेश नहीं करना पड़ता, जिससे सर्वर पर लोड कई गुना कम हो जाता है। इन समन्वित प्रयासों के चलते भारतीय रेल ने तकनीकी स्थिरता का यह नया कीर्तिमान स्थापित किया।
25 सितंबर से MP में लौटेगी सुगम सेवा, 15 हजार बसें चलाने का प्लान
मध्यप्रदेश में 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू होगी. 15 हजार बसों, PPP मॉडल, GPS-CCTV, डिजिटल ट्रैकिंग और EV-CNG बसों की योजना है.
मोदी-पुतिन की मुलाकात में बातचीत का मुद्दा, जानें...
PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन के बीच 45 मिनट से अधिक चली बैठक में ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा और यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 65 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा. वीडियो में जानें बातचीत का मुद्दा.
हूतियों से घिरा सऊदी, ट्रंप ने सैन्य मदद से किया इनकार
हूती विद्रोहियों के बढ़ते खतरे के बीच सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से दो बार फोन पर सैन्य मदद मांगी, लेकिन अमेरिका ने सीधे हमले से इनकार कर दिया. इससे पहले पाकिस्तान ने भी हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से दूरी साफ कर दी थी. वीडियो में जानें मामला.
दीपक हत्याकांड पर सियासत गरम, पीड़ित परिवार से मिलने निकले कांग्रेस नेता को टोल पर रोका
हापुड़ के बदनौली में दलित युवक दीपक हत्याकांड के बाद कांग्रेस नेताओं को पीड़ित परिवार से मिलने से रोक दिया गया. यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और सांसद इमरान मसूद को कुराना टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक लिया. धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को वापस लौटना पड़ा. कांग्रेस ने परिवार के लिए न्याय, सुरक्षा और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की.
मानसून की विदाई का वक्त घुमक्कड़ों और बैकपैकर्स के लिए साल का सबसे खूबसूरत समय माना जाता है। तेज बारिश का दौर लगभग थम चुका होता है, झरने पूरे उफान पर होते हैं, पहाड़ियों पर मखमली हरी चादर बिछी होती है और हवा में हल्की गुलाबी ठंडक दस्तक देने लगती है।इस समय यात्रा करने का सबसे बड़ा फायदा है 'शोल्डर सीजन' (Shoulder Season) का लाभ। दिवाली और सर्दियों की छुट्टियों की भारी भीड़ उमड़ने से पहले यह ऐसा समय होता है जब होटल के कमरों के किराए आधे होते हैं, कैब और लोकल ट्रांसपोर्ट बेहद सस्ते मिल जाते हैं और पर्यटक स्थलों पर धक्का-मुक्की बिल्कुल नहीं होती। अगर आप कम बजट में किसी शांत और मनमोहक जगह पर सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो इन 5 जगहों की ट्रिप तुरंत प्लान कर सकते हैं।मानसून के ठीक बाद घूमने के लिए देश की 5 सबसे बेहतरीन बजट जगहेंप्रकृति के सबसे खूबसूरत रूप को बिना जेब खाली किए देखने के लिए ये पांच स्थान बैकपैकर्स की पहली पसंद हैं:1. तीर्थन और जिभी घाटी (हिमाचल प्रदेश)मानसून खत्म होते ही भारत के कई कोने धुले हुए, हरे-भरे और बेहद खूबसूरत नजर आने लगते हैं। सितंबर और अक्टूबर का यह समय पीक टूरिस्ट सीजन से ठीक पहले का होता है, इसलिए होटल, हॉस्टल और ट्रांसपोर्ट पर भारी बचत भी होती है।बजट ट्रैवलर्स और बैकपैकर्स के लिए पोस्ट-मॉनसून घूमने की 5 सबसे बेहतरीन जगहें:तीर्थन वैली (हिमाचल प्रदेश)मानसून के बाद कुल्लू जिले की यह घाटी सेब के बागों और देवदार के जंगलों से लदी रहती है। मनाली या शिमला की तुलना में यहाँ भीड़ बहुत कम होती है, जिससे होमस्टे ₹700–₹1200 में आसानी से मिल जाते हैं। यहाँ आप चोई वाटरफॉल ट्रेक, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की सैर और ट्राउट फिशिंग का मजा ले सकते हैं।वायनाड (केरल)बारिश थमते ही वायनाड के चाय और मसालों के बागान गहरे हरे रंग में चमकते हैं। सितंबर-अक्टूबर में यहाँ की हवा में ताज़गी होती है और बाणासुर सागर डैम व मीनमुट्टी फॉल्स अपने पूरे शबाब पर होते हैं। कलपट्टा या सुल्तान बथरी में बजट हॉस्टल और KSRTC की लोकल बसें आपके सफर का खर्च आधा कर देती हैं।हम्पी (कर्नाटक)गर्मियों में तपने वाला हम्पी मानसून के बाद बेहद सुहावना हो जाता है। तुंगभद्रा नदी लबालब भरी होती है और ऐतिहासिक खंडहरों के चारों ओर हरी घास की चादर बिछ जाती है। ₹150–₹200 में साइकिल या मोपेड किराए पर लेकर सानपुर लेक और ऐतिहासिक स्मारकों को एक्सप्लोर करना बैकपैकर्स के लिए सबसे किफायती तरीका है।जीरो वैली (अरुणाचल प्रदेश)सितंबर के आखिर में यहाँ के धान के खेत सुनहरे और हरे रंगों में बदल जाते हैं। अगर आप ऑफबीट और शांत माहौल पसंद करते हैं, तो अपतानी संस्कृति को करीब से देखने और लोकल पाइन ट्री ट्रेल्स पर घूमने का यह सबसे सही समय है। यहाँ बजट कैंपिंग और कम्युनिटी होमस्टे काफी सस्ते पड़ते हैं।माउंट आबू (राजस्थान)राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन मानसून के ठीक बाद घने बादलों और ताज़ी हरियाली से ढक जाता है। नक्की झील में बोटिंग और गुरु शिखर की चढ़ाई के लिए यह मौसम सबसे ठंडा और खुशनुमा होता है। ऑफ-सीजन छूट के कारण यहाँ बजट होटल और धर्मशालाएँ काफी कम दामों पर उपलब्ध रहती हैं।पैसे बचाने के 3 क्विक टिप्स:रुकने के लिए बड़े होटलों के बजाय Zostel, स्थानीय डॉर्मिटरी या होमस्टे चुनें।कैब बुक करने के बजाय राज्य परिवहन की लोकल बसों और किराये की स्कूटी/साइकिल का इस्तेमाल करें।पीक वीकेंड (शुक्रवार-रविवार) के बजाय मिड-वीक (मंगलवार-गुरुवार) यात्रा प्लान करें; टिकट और स्टे 20-30% सस्ते मिलेंगे।
फ्रिज में जमा हो जाता है पानी? मैकेनिक बुलाने से पहले करें ये काम!
How To Fix Water Leakage In Fridge: फ्रिज में बार-बार पानी की बूंदें दिख रही हैं या सब्जियों की ट्रे के नीचे पानी जमा हो रहा है, तो इसकी वजह हमेशा फ्रिज की खराबी नहीं होती. दरवाजे की रबर सील, गलत तापमान सेटिंग, ड्रेन में रुकावट और खाना रखने का गलत तरीका भी इसकी वजह बन सकता है. जानिए इन छोटी-छोटी गलतियों को कैसे सुधारें और कब मैकेनिक की जरूरत पड़ सकती है.
रिटायरमेंट के बाद वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक) की पहली प्राथमिकता नियमित आय और अपनी जमा-पूंजी की पूर्ण सुरक्षा होती है। जब भी फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स की बात आती है, तो डाकघर की सरकारी योजना सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और बैंकों की सीनियर सिटीजन फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD) के बीच तुलना सबसे अहम हो जाती है।वर्तमान में जहां भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज सार्वजनिक व निजी बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 7.00% से 7.10% के आसपास ब्याज दे रहे हैं, वहीं कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) चुनिंदा अवधियों के लिए 8.25% से लेकर 8.50% तक का वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहे हैं।सीनियर सिटीजंस को 8.5% तक ब्याज देने वाले बैंकों की पूरी लिस्टस्मॉल फाइनेंस बैंकों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों को दी जा रही उच्च ब्याज दरें आमतौर पर 2 से 3 साल (24 से 36 महीने) की विशेष अवधि के लिए उपलब्ध हैं:बैंक का नामलागू अवधि (Tenure)सामान्य नागरिकों को ब्याजसीनियर सिटीजंस को अधिकतम ब्याजShivalik Small Finance Bank23 महीने 1 दिन से 27 महीने8.00%8.50%Equitas Small Finance Bank3 वर्ष 1 दिन (Maxima FD)8.00%8.50%ESAF Small Finance Bank2 वर्ष से 3 वर्ष की अवधि7.75%8.25% - 8.50%Suryoday Small Finance Bank30 महीने से 3 वर्ष7.75%8.25% - 8.50%Jana Small Finance Bank2 वर्ष से 3 वर्ष (1095 दिन)7.80%8.30%Unity Small Finance Bank501 दिन7.80%8.30%Utkarsh Small Finance Bank666 दिन7.75%8.25%(नोट: बैंक अपनी ब्याज दरों में समय-समय पर संशोधन करते रहते हैं, इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव दरें अवश्य जांचें।)₹10 लाख के निवेश पर रिटर्न: SCSS बनाम 8.5% बैंक FDयदि एक वरिष्ठ नागरिक ₹10,00,000 (10 लाख रुपये) का एकमुश्त निवेश करते हैं, तो दोनों विकल्पों में ब्याज और रिटर्न का स्वरूप इस प्रकार रहेगा:पैरामीटर / तुलनासीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)8.5% बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)वर्तमान ब्याज दर8.20% प्रति वर्ष8.50% प्रति वर्षअवधि (Tenure)5 वर्ष (3 साल और बढ़ाने का विकल्प)2 से 3 वर्ष (स्पेशल टेन्योर)ब्याज भुगतान का तरीकाहर तिमाही (Quarterly Payout)मासिक, तिमाही या मैच्योरिटी पर (Cumulative)वार्षिक ब्याज (साधारण दर पर)₹82,000 प्रति वर्ष₹85,000 प्रति वर्ष (तिमाही चक्रवृद्धि से अधिक)तिमाही आय (Quarterly Income)₹20,500 हर 3 महीने परलगभग ₹21,250 हर 3 महीने परटैक्स लाभ (धारा 80C)₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट (पुरानी कर व्यवस्था)5 वर्षीय टैक्स सेवर FD पर छूट, 2-3 साल वाली पर नहींरिटर्न विश्लेषण:नियमित आय के लिए: यदि आप संचयी (कंपाउंडिंग) विकल्प चुनते हैं, तो 8.5% वाली 3 साल की बैंक FD में चक्रवृद्धि ब्याज के कारण ₹10 लाख पर 3 साल में कुल ब्याज लगभग ₹2,84,000 बनेगा। वहीं SCSS में हर तिमाही ₹20,500 का निश्चित भुगतान सीधे बैंक खाते में जमा होता है।सुरक्षा, लिक्विडिटी और टैक्स: दोनों में से कौन बेहतर?सुरक्षा (Sovereign Guarantee vs DICGC Insurance):SCSS: यह केंद्र सरकार द्वारा समर्थित योजना है, इसलिए इसमें जमा ₹10 लाख का एक-एक पैसा 100% संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) के साथ पूरी तरह सुरक्षित है।स्मॉल फाइनेंस बैंक FD: ये बैंक भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेगुलेटेड हैं। हालांकि, आरबीआई के DICGC नियमों के तहत प्रति बैंक प्रति जमाकर्ता केवल ₹5 लाख तक (मूलधन + ब्याज मिलाकर) का ही बीमा कवर होता है। यदि आप किसी एक बैंक में ₹10 लाख डालते हैं, तो ₹5 लाख से ऊपर की राशि पर संस्थागत जोखिम हो सकता है।टैक्स नियम (TDS और छूट):दोनों ही माध्यमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर की धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक का वार्षिक ब्याज कर-मुक्त होता है। इससे अधिक ब्याज पर टीडीएस (TDS) कटता है, जिसे फॉर्म 15H जमा कर टाला जा सकता है बशर्ते कुल आय कर योग्य सीमा से कम हो।एक्सपर्ट की सलाह: ₹10 लाख का सही आवंटन कैसे करें?वित्तीय सलाहकारों (Financial Planners) के अनुसार, सारा पैसा एक ही जगह लगाने के बजाय जोखिम और लिक्विडिटी को संतुलित करना सबसे समझदारी भरा कदम है:₹5 लाख SCSS में डालें: 5 साल के लिए 8.2% की दर से सरकार-समर्थित सुरक्षित तिमाही पेंशन सुनिश्चित करें।₹5 लाख स्मॉल फाइनेंस बैंक FD में लगाएं: किसी शीर्ष SFB (जैसे शिवालिक, इक्विटास या उज्जीवन) में 2 से 3 साल के लिए 8.5% पर निवेश करें। इससे आपको 8.5% का ऊंचा रिटर्न भी मिलेगा और आपकी पूरी राशि ₹5 लाख की DICGC इंश्योरेंस लिमिट के भीतर 100% सुरक्षित भी रहेगी।
UNSC में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का सपोर्ट करे चीन, अमेरिकी अर्थशास्त्री ने उठा दी बड़ी मांग
अमेरिकी अर्थशास्त्री ने कहा कि मैं चीन से गुजारिश करता हूं कि वह यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के छठे परमानेंट मेंबर के तौर पर भारत का सपोर्ट करे। मुझे लगता है कि यह चीन के फायदे में है।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से ठीक पहले मौसम ने एक बार फिर भयानक करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और उससे सटी पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और गहरा होकर एक सशक्त डिप्रेशन (Depression) में तब्दील हो गया है। यह मानसूनी तंत्र दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों से टकराते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसमी सिस्टम अगले 4 से 5 दिनों के दौरान ओडिशा और छत्तीसगढ़ को पार करते हुए पूरे मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गुजरात और उत्तरी महाराष्ट्र तक पहुंचेगा। इसके प्रभाव से देश के आधे हिस्से में तेज तूफानी हवाओं के साथ अति भारी वर्षा का नया दौर शुरू हो गया है।ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश: रेड अलर्ट जारी, समुद्र में ऊंची लहरेंबंगाल की खाड़ी में उठे इस तूफान का पहला और सबसे घातक प्रहार ओडिशा और सीमावर्ती आंध्र प्रदेश पर हुआ है:200 मिमी से ज्यादा बारिश की आशंका: मौसम विभाग ने ओडिशा के कई जिलों (मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, कालाहांडी और गंजम) में अत्यधिक भारी बारिश के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 24 घंटे में 200 मिमी से अधिक पानी बरसने से अचानक बाढ़ (Flash Floods) की स्थिति बन सकती है।समुद्र में 65-70 किमी की रफ्तार से हवाएं: तटीय इलाकों में 50 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल रही हैं। समुद्र के अशांत होने के चलते मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने और नावों को वापस लाने की सख्त हिदायत दी है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: नदियां उफान पर, 12 से 14 सितंबर तक भारी बारिशडिप्रेशन जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, मध्य भारत में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं:मध्य प्रदेश: आईएमडी ने 12 से 14 सितंबर के दौरान पूरे मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। नर्मदा, चंबल, बेतवा और क्षिप्रा जैसी प्रमुख नदियां पहले से ही लबालब हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, होशंगाबाद, सागर और ग्वालियर संभाग में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिससे कई बड़े बांधों के गेट दोबारा खोलने पड़ सकते हैं।छत्तीसगढ़: बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और रायपुर सहित दक्षिणी और मध्य जिलों में भारी जलभराव और भूस्खलन को लेकर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र: अगले चरण में पहुंचेगा मानसूनी आफत का सायाइस वेदर सिस्टम का पश्चिमी सिरा गुजरात और राजस्थान को भी प्रभावित करेगा:गुजरात: सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात (सूरत, वलसाड, नवसारी) में चक्रवाती परिसंचरण के चलते मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।पूर्वी राजस्थान: कोटा, बारां, झालावाड़ और उदयपुर संभाग में 13 से 15 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।महाराष्ट्र (विदर्भ और कोंकण): विदर्भ के जिलों और उत्तरी महाराष्ट्र में आकाशीय बिजली चमकने और 50 किमी/घंटा की आंधी के साथ भारी बौछारें पड़ने की संभावना है।पूर्वी भारत और मैदानी राज्य: वज्रपात से बचने की हिदायतइस सिस्टम के साथ-साथ एक मानसूनी ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके चलते पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी व्यापक वर्षा की चेतावनी दी गई है:पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय जिलों और झारखंड में तेज मेघगर्जन के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट है।बिहार और पूर्वी यूपी में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन ने किसानों और चरवाहों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की है।मौसम विभाग ने प्रभावित राज्यों के स्थानीय प्रशासन को जलभराव, सड़क संपर्क टूटने और कच्चे मकानों को होने वाले संभावित नुकसान से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ की टीमों को मुस्तैद रखने के निर्देश दिए हैं।
आज जब भी बॉलीवुड में सबसे बेहतरीन, एनर्जेटिक और ग्रेसफुल डांसर्स का जिक्र होता है, तो अभिनेत्री कैटरीना कैफ का नाम शीर्ष पर आता है। 'शीला की जवानी', 'चिकनी चमेली', 'कमली', और 'काला चश्मा' जैसे चार्टबस्टर गानों में अपने जटिल डांस स्टेप्स और शानदार फ्लेक्सिबिलिटी से उन्होंने दर्शकों को अपना दीवाना बनाया है। हालांकि, पर्दे पर अपनी सहजता से सबको चौंकाने वाली कैटरीना हमेशा से इतनी कुशल डांसर नहीं थीं।मशहूर कोरियोग्राफर बॉस्को मार्टिस (Bosco Martis) ने हाल ही में कैटरीना के शुरुआती करियर से जुड़ा एक हैरान करने वाला किस्सा साझा किया है। बॉस्को ने खुलासा किया कि इंडस्ट्री में शुरुआत के दौरान कैटरीना कैफ को एक वरिष्ठ कोरियोग्राफर ने सीधे तौर पर कह दिया था कि वह 'डांस में जीरो' हैं और उन्हें डांस करना ही छोड़ देना चाहिए।बॉस्को मार्टिस का खुलासा: जब कैटरीना से कहा गया 'डांस छोड़ दो'एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान बॉस्को मार्टिस ने कैटरीना कैफ के डांसिंग सफर के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया:शुरुआती दिनों का कड़वा अनुभव: बॉस्को के अनुसार, शुरुआती दौर में कैटरीना जब एक गाने के रिहर्सल में थीं, तब एक कोरियोग्राफर ने उनकी कमियों को देखते हुए बेहद रूखे अंदाज में कहा था, आप डांस में बिल्कुल जीरो हैं, आपके बस की बात नहीं है और आपको डांस छोड़ देना चाहिए।आलोचना से टूटी नहीं, बनाई ताकत: किसी भी नए कलाकार के लिए इस तरह की टिप्पणी उसका आत्मविश्वास पूरी तरह तोड़ सकती थी, लेकिन कैटरीना ने इसे हार मानने के बजाय एक खुली चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने उस कड़वी बात को अपने दिल में बिठाया और खुद को साबित करने की ठान ली।घंटों पसीना बहाना और रिहर्सल: ऐसे बनीं बॉलीवुड की नंबर-1 डांसरबॉस्को मार्टिस ने बताया कि कैटरीना की सबसे बड़ी खूबी उनकी कभी न थकने वाली 'वर्क एथिक' (काम के प्रति समर्पण) है। बॉस्को ने कैटरीना के साथ 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' (सेनोरिटा) और 'बार बार देखो' (काला चश्मा) जैसे कई आइकॉनिक गानों में काम किया है:परफेक्शन के लिए घंटों अभ्यास: बॉस्को ने कहा, कैटरीना जन्मजात (Natural) डांसर नहीं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से खुद को उस स्तर पर पहुंचाया। जब अन्य कलाकार 2 घंटे में रिहर्सल खत्म कर घर चले जाते थे, कैटरीना 6 से 8 घंटे तक स्टूडियो में पसीना बहाती थीं।एक-एक बीट को करना मास्टर: वह तब तक किसी स्टेप को नहीं छोड़ती थीं जब तक कि वह उनकी उंगलियों और आंखों के मूवमेंट तक बिल्कुल सटीक न बैठ जाए। कोरियोग्राफर के अनुसार, उनका यह अनुशासन और परफेक्शन ही उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग और सबसे आगे खड़ा करता है।जब 'काला चश्मा' और 'कमली' ने रचा इतिहासकैटरीना कैफ की इसी जिद और लगन का नतीजा था कि आगे चलकर उन्होंने ऐसे डांस नंबर्स दिए जिन्हें कॉपी करना आज भी किसी के लिए आसान नहीं है:फिल्म 'धूम 3' के गाने 'कमली' के लिए उन्होंने महीनों तक सख्त एरियल और एक्रोबैटिक ट्रेनिंग ली थी, जिसे देखकर इंडस्ट्री के बड़े-बड़े दिग्गज दंग रह गए थे।फिल्म 'बार बार देखो' का गाना 'काला चश्मा' आज एक ग्लोबल एंथम बन चुका है, जिसके हुक स्टेप को कोरियोग्राफ बॉस्को-सीजर की जोड़ी ने ही किया था और कैटरीना के एब्स व डांस मूव्स ने दुनियाभर में सुर्खियां बटोरी थीं।बॉस्को मार्टिस का यह खुलासा यह साबित करता है कि हुनर जन्मजात हो या न हो, लेकिन अगर इंसान में अटूट लगन, कड़ा अनुशासन और खुद को तराशने का जज्बा हो, तो वह अपनी सबसे बड़ी कमजोरी को भी अपनी सबसे बड़ी ताकत बना सकता है।
घरेलू स्मार्टफोन कंपनी Lava International भारतीय 5G स्मार्टफोन बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए तैयार है। कंपनी ने अपने आगामी बजट 5G हैंडसेट Lava Bold N4 Pro 5G की भारत में लॉन्च तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन (Amazon) पर लाइव हुई डेडिकेटेड माइक्रोसाइट के अनुसार, यह नया स्मार्टफोन 18 सितंबर को दोपहर 12:00 बजे भारत में आधिकारिक तौर पर पेश किया जाएगा।यह फोन कंपनी के हालिया 'Bold N4' लाइनअप का दूसरा सदस्य होगा। इससे पहले कंपनी ने अगस्त में इसी सीरीज का एंट्री-लेवल मॉडल 'Lava Bold N4 Lite' लॉन्च किया था। अब 'Pro' मॉनिकर के साथ आने वाला यह मॉडल सीधे तौर पर 5G कनेक्टिविटी, बड़ी बैटरी और आधुनिक कैमरा सेटअप चाहने वाले बजट यूजर्स को टारगेट करेगा।डिजाइन और फर्स्ट लुक: फ्लैट मिड-फ्रेम और स्क्वायर कैमरा आइलैंडअमेजन माइक्रोसाइट और जारी किए गए आधिकारिक टीजर्स में Lava Bold N4 Pro 5G का डिजाइन पूरी तरह साफ हो गया है:फ्लैट रियर पैनल: फोन के बैक में एक स्लीक और मिनिमल फ्लैट पैनल दिया गया है। टॉप-लेफ्ट कोने पर चौकोर (Square-shaped) कैमरा मॉड्यूल मौजूद है, जिसमें चार अलग-अलग कटआउट्स दिखते हैं (दो कैमरा सेंसर्स, एक LED फ्लैश और एक डेकोरेटिव रिंग)।फ्लैट एज और बटन प्लेसमेंट: फोन में बॉक्सी और फ्लैट साइड-फ्रेम दिया गया है। फोन के राइट साइड में वॉल्यूम रॉकर्स और फिंगरप्रिंट सेंसर युक्त पावर बटन मिलता है।डिस्प्ले डिजाइन: सामने की तरफ वॉटरड्रॉप-स्टाइल नॉच (Waterdrop Notch) स्क्रीन दी गई है, जिसमें सेल्फी शूटर फिट रहेगा।कलर ऑप्शन्स: कंपनी ने पुष्टि की है कि यह डिवाइस भारत में दो आकर्षक रंगों—गोल्ड (Gold) और ब्लू (Blue) में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।6,000mAh की विशाल बैटरी और 50MP AI कैमरा: स्पेसिफिकेशन्सटीजर और माइक्रोसाइट से फोन के मुख्य हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन्स की पुष्टि हो चुकी है:6,000mAh बैटरी: फोन की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी 6,000mAh की बड़ी बैटरी है, जो सामान्य उपयोग में दो दिन तक का बैकअप देने में सक्षम होगी।50MP प्राइमरी कैमरा: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बैक पैनल पर 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी AI कैमरा दिया गया है, जो हाई-रेजोल्यूशन पिक्चर्स और पोर्ट्रेट शॉट्स क्लिक करने में सक्षम होगा। साथ में एक सेकेंडरी सपोर्टिव लेंस मिलेगा।डिस्प्ले व सॉफ्टवेयर: लीक्स के अनुसार, इसमें 6.7-इंच से 6.75-इंच का HD+ / 120Hz रिफ्रेश रेट वाला स्मूथ डिस्प्ले मिल सकता है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो फोन क्लीन स्टॉक एंड्रॉयड इंटरफेस पर रन करेगा, जिसमें कोई अनचाहे ब्लोटवेयर या ऐड्स नहीं होंगे।संभावित कीमत और उपलब्धताLava Bold N4 Pro 5G को अमेजन इंडिया (Amazon.in) और लावा के आधिकारिक ई-स्टोर व ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स के जरिए बेचा जाएगा। कंपनी ने अभी तक इसके चिपसेट और चार्जिंग स्पीड को गुप्त रखा है, जिससे 18 सितंबर को पर्दा उठाया जाएगा।माना जा रहा है कि भारतीय बाजार में इस 5G फोन की कीमत ₹10,000 से ₹13,000 के ब्रैकेट में रखी जा सकती है, जहां यह रियलमी, पोको और मोटोरोला के किफायती 5G स्मार्टफोन्स को कड़ी टक्कर देगा।
'डायलॉग और डिप्लोमेसी से हो पश्चिम एशिया संघर्ष का हल', ईरानी राष्ट्रपति से बोले PM मोदी
पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच मुलाकात तब हुई है जब गल्फ में संघर्ष बढ़ा है और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर चुकी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के संकट को संवाद से सुलझाया जाना चाहिए.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के उपनगरीय इलाकों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में देर रात से शुरू हुआ झमाझम बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले कई दिनों से चिपचिपी गर्मी और उमस की मार झेल रहे दिल्लीवासियों को इस तेज बारिश ने बड़ी राहत दी है। मौसम के अचानक करवट लेने से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरा वातावरण सुहाना और ठंडा हो गया है।प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 4 से 5 डिग्री नीचे गिरकर 28C से 29C के आसपास आ गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 23C के करीब दर्ज किया गया। सफदरजंग, पालम, लोधी रोड, आयानगर और रिज वेधशालाओं में लगातार अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) का दिल्ली-एनसीआर के ठीक ऊपर से गुजरना और बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती सिस्टम का पश्चिमी छोर सक्रिय होना इस भारी वर्षा का मुख्य कारण है।मौसम विभाग का रेड अलर्ट: अगले 48 घंटे झमाझम बारिश और तेज आंधी की चेतावनीमौसम की सुहानी ठंडक के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली और सीमावर्ती जनपदों के लिए 'रेड अलर्ट' (Red Alert) घोषित कर दिया है। यह चेतावनी दर्शाती है कि आगामी 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं:अति भारी बारिश का अनुमान: राजधानी के कई इलाकों में 100 मिमी से 150 मिमी या उससे अधिक की मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।तेज हवाएं और बिजली कड़कना: बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और तेज मेघगर्जन के साथ वज्रपात (Lightning) की आशंका जताई गई है।अगले 2 दिनों तक राहत नहीं: मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि शनिवार (12 सितंबर) और रविवार (13 सितंबर) को भी मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे, जिससे जनजीवन प्रभावित रहने की पूरी संभावना है।राहत बनी आफत: अंडरपास डूबे, कई प्रमुख मार्गों पर थमी गाड़ियों की रफ्तारबारिश से जहां मौसम खुशनुमा हुआ, वहीं नगर निगम और प्रशासनिक दावों की पोल खुल गई है। दिल्ली की प्रमुख सड़कों, चौराहों और निचले इलाकों में भारी जलभराव (Waterlogging) हो गया है, जिससे शुक्रवार सुबह से ही ऑफिस और काम पर निकलने वाले लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा:प्रभावित इलाके: आईटीओ (ITO), रिंग रोड, धौला कुआं, आश्रम चौक, मिंटो रोड अंडरपास, मूलचंद अंडरपास, रोहिणी, द्वारका और महरौली-बदरपुर रोड पर पानी भर जाने से वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई।नोएडा और गुरुग्राम का हाल: साइबर सिटी गुरुग्राम के सुभाष चौक, इफ्को चौक और नरसिंहपुर एक्सप्रेसवे पर पानी भरने से लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। वहीं नोएडा के सेक्टर 18, 62 और मॉडल टाउन अंडरपास के पास वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी: ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से जलभराव वाले रास्तों की रियल-टाइम लिस्ट साझा करते हुए नागरिकों को सलाह दी है कि वे प्रभावित अंडरपासों और संकरे मार्गों से बचें और गैर-जरूरी यात्रा टालें।जनता के लिए जरूरी सावधानी और गाइडलाइंसरेड अलर्ट के मद्देनजर आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है:जलभराव वाले अंडरपास या गहरे पानी वाली सड़कों में दोपहिया या चौपहिया वाहन ले जाने का जोखिम न उठाएं।तेज हवाओं और आंधी के दौरान बिजली के तारों, ट्रांसफॉर्मर और पुराने व कमजोर पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।किसी भी आपात स्थिति, गिरे हुए पेड़ों या जलभराव की शिकायत के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) के कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत सूचना दें।
'हनुमान अंश' कंपोजर संग हुआ चमत्कार, कैंची धाम में बदली किस्मत
फिल्म हनुमान अंश में सीयावर राम चंद्र की जय गाना बनाने वाले धीरेंद्र मुलकलवर ने बताया कि वो हमेशा से ही नीम करोली बाबा के भक्त रहे. वो कैंची धाम गए थे, जहां से आने के कुछ महीनों बाद ही उनके पास फिल्म का ऑफर आया.
डॉक्टर से राष्ट्रपति कैसे बने पेजेशकियान, जानिए कहानी
मसूद पेजेशकियान ने मेडिकल की पढ़ाई के बाद जनरल और कार्डियक सर्जरी में विशेषज्ञता हासिल की. डॉक्टर और स्वास्थ्य मंत्री से राजनीति में पहुंचे पेजेशकियान 2024 में ईरान के राष्ट्रपति बने. उनकी जिंदगी निजी त्रासदी, मेडिकल सेवा और लंबे राजनीतिक सफर से जुड़ी है. वीडियो में जानें करियर के साथ कैसे आया मौड़.
स्मार्टफोन ब्रांड पोको (POCO) ने भारतीय बाजार में अपनी बहुप्रतीक्षित Poco X8 Series की आधिकारिक बिक्री शुरू कर दी है। 4 सितंबर को लॉन्च किए गए दो नए हैंडसेट्स—Poco X8 और Poco X8 Power की पहली सेल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर लाइव हो गई है।दोनों ही स्मार्टफोन्स को खासतौर पर पावरफुल बैटरी बैकअप, प्रीमियम 1.5K एमोलेड डिस्प्ले और मजबूत ड्यूरेबिलिटी चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। पहली सेल के मौके पर कंपनी ग्राहकों को बैंक डिस्काउंट, कूपन छूट और एक्सचेंज बोनस के जरिए ₹3,000 तक की सीधी बचत का मौका दे रही है।वेरिएंटवार कीमत और फर्स्ट डे लॉन्च ऑफर्सPoco X8 और Poco X8 Power को विभिन्न स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन में पेश किया गया है। पहली सेल में मिलने वाले ऑफर्स के बाद इनकी प्रभावी शुरुआती कीमत काफी आकर्षक हो जाती है:मॉडलवेरिएंटआधिकारिक एमआरपी (MRP)फर्स्ट सेल इफेक्टिव प्राइस (डिस्काउंट के बाद)Poco X86GB + 128GB₹29,999₹26,999Poco X88GB + 128GB₹32,999₹29,999Poco X88GB + 256GB₹35,999₹32,999Poco X8 Power8GB + 128GB₹35,999₹32,999Poco X8 Power8GB + 256GB₹38,999₹35,999छूट और बैंक ऑफर्स: सेल के तहत खरीदारों को ₹2,000 का इंस्टेंट कूपन डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसके साथ ही चुनिंदा बैंक कार्ड्स या पुराने फोन के एक्सचेंज पर ₹1,000 का अतिरिक्त बोनस मिल रहा है, जिससे कुल छूट ₹3,000 तक पहुंच जाती है।नो-कॉस्ट ईएमआई: ग्राहक इस सीरीज को 12 महीने की नो-कॉस्ट ईएमआई (No-Cost EMI) पर भी खरीद सकते हैं, जिसकी शुरुआत Poco X8 के लिए ₹2,250 प्रति माह और Poco X8 Power के लिए ₹2,750 प्रति माह से होती है।कलर ऑप्शन्स: Poco X8 ब्लैक, फियरी ऑरेंज और फ्रॉस्ट व्हाइट रंगों में मिलेगा, जबकि Poco X8 Power सिग्नेचर येलो और ब्लैक कलर विकल्पों में उपलब्ध कराया गया है।Poco X8 Power के स्पेसिफिकेशन्स: 10,000mAh बैटरी का 'पावरहाउस'अगर आपकी पहली प्राथमिकता दिन-रात चलने वाली बैटरी लाइफ है, तो Poco X8 Power एक अनूठा विकल्प बनकर सामने आया है:विशालकाय बैटरी व चार्जिंग: इसमें 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है, जो सामान्य इस्तेमाल में 3 से 4 दिन का बैकअप देने में सक्षम है। इसे तेजी से चार्ज करने के लिए 100W हाइपरचार्ज (HyperCharge) और 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है।डिस्प्ले: फोन में 6.83-इंच का 1.5K (1280x2772 पिक्सल) एमोलेड डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 3,500 निट्स की पीक ब्राइटनेस, HDR10+ और डॉल्बी विजन को सपोर्ट करता है। स्क्रीन सुरक्षा के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 लगा है।परफॉर्मेंस व सॉफ्टवेयर: यह फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 6 जेन 5 (Snapdragon 6 Gen 5) 4nm ऑक्टा-कोर प्रोसेसर पर रन करता है। डिवाइस एंड्रॉयड 16 पर आधारित नए Xiaomi HyperOS 3 पर काम करता है, जिसके लिए 4 साल के ओएस अपग्रेड्स और 6 साल के सिक्योरिटी पैच का वादा किया गया है।कैमरा सेटअप: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 50MP का ओआईएस (OIS) सपोर्टेड मेन सेंसर और 8MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस मिलता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा दिया गया है।ड्यूरेबिलिटी: इसे पानी और धूल से पूरी सुरक्षा के लिए IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग्स मिली हैं।Poco X8 के फीचर्स: बैलेंस्ड परफॉर्मेंस और स्लिम डिजाइनसीरीज का स्टैंडर्ड मॉडल Poco X8 उन यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है जो कम बजट में शानदार डिस्प्ले और बड़ा बैकअप चाहते हैं:प्रोसेसर: इसमें स्नैपड्रैगन 6s जेन 4 (Snapdragon 6s Gen 4) प्रोसेसर दिया गया है, जिसे 8GB तक रैम और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज के साथ पेयर किया गया है।बैटरी और चार्जिंग: फोन में 9,000mAh की बड़ी बैटरी मिलती है जो 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है।कैमरा: इसमें 50MP का प्राइमरी रियर कैमरा और 2MP का सेकेंडरी डेप्थ सेंसर है, जबकि सामने की तरफ 16MP का सेल्फी शूटर दिया गया है।डिस्प्ले: इसमें भी 6.83-इंच का 1.5K 120Hz रिफ्रेश रेट वाला एमोलेड पैनल मौजूद है।लंबी बैटरी लाइफ, आकर्षक डिस्काउंट और लंबे सॉफ्टवेयर सपोर्ट के साथ दोनों ही स्मार्टफोन्स फ्लिपकार्ट पर खरीदारी के लिए उपलब्ध हैं।
पड़ोसी महिला को मारी गोली, फिर युवक ने खुद को गोली मारकर दी जान
दिल्ली के जौहरी पुर इलाके में सुबह-सुबह गोलीबारी से सनसनी फैल गई. 32 वर्षीय नीरज ने कथित तौर पर पड़ोसी 48 वर्षीय राजवती के पैर में गोली मार दी. इसके बाद उसने घर के कमरे में खुद को बंद कर सिर में गोली मार ली. पुलिस को मौके से रिवॉल्वर मिली है और अब वारदात के पीछे की वजह का पता लगाया जा रहा है.
नौकरीपेशा वर्ग के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का पीएफ खाता सिर्फ एक अनिवार्य बचत का साधन नहीं है, बल्कि यह रिटायरमेंट पर एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच भी तैयार करता है। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड्स में मिलने वाले रिटर्न के मुकाबले ईपीएफ में बाजार का जोखिम बिल्कुल शून्य होता है और भारत सरकार द्वारा घोषित ब्याज दर की पूरी गारंटी मिलती है।वर्तमान में ईपीएफ पर 8.25% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिल रहा है। ईपीएफ की सबसे बड़ी ताकत इसका कंपाउंडिंग इफेक्ट (चक्रवृद्धि ब्याज) और EEE (Exempt-Exempt-Exempt) टैक्स स्टेटस है। इसका मतलब है कि निवेश की जाने वाली रकम, उस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाला पूरा फंड पूरी तरह आयकर से मुक्त होता है। सही उम्र में योजना बनाकर हर महीने एक तय राशि जमा की जाए, तो रिटायरमेंट पर आसानी से ₹1,00,00,000 (एक करोड़ रुपये) या उससे अधिक का फंड तैयार किया जा सकता है।ईपीएफ का गणित: खाते में हर महीने कैसे और कितना जमा होता है पैसा?ईपीएफ में 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करने के लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपके वेतन से यह फंड कैसे बनता है:कर्मचारी का योगदान: आपके बेसिक पे और महंगाई भत्ते (Basic Pay + DA) का 12% हिस्सा सीधे आपके ईपीएफ खाते में जमा होता है।कंपनी/नियोक्ता का योगदान: नियोक्ता का कुल 12% योगदान दो भागों में बंटता है—3.67% हिस्सा ईपीएफ खाते में जाता है, जबकि 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा होता है (अधिकतम ₹15,000 की बेसिक सीमा पर ₹1,250 तक)।कुल पीएफ संचय: आपके ईपीएफ खाते में कर्मचारी का 12% और कंपनी का 3.67% यानी कुल बेसिक सैलरी का 15.67% हिस्सा ब्याज कमाने के लिए जमा होता रहता है।₹1 करोड़ का फंड तैयार करने के लिए मंथली कितना करना होगा निवेश?ईपीएफओ मासिक आधार पर ब्याज की गणना करता है और वित्त वर्ष के अंत में इसे खाते में जोड़ता है। यदि हम ईपीएफ की वर्तमान 8.25% वार्षिक ब्याज दर को आधार मानें, तो अलग-अलग समयसीमा में 1 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए आवश्यक मासिक योगदान इस प्रकार है:समय सीमा (अवधि)आवश्यक मासिक पीएफ योगदान (कर्मचारी + नियोक्ता)कुल जमा मूलधनब्याज से कुल कमाईकुल मैच्योरिटी फंड15 वर्षलगभग ₹28,350 प्रति माह₹51.03 लाख₹49.00 लाख₹1.00 करोड़20 वर्षलगभग ₹16,600 प्रति माह₹39.84 लाख₹60.20 लाख₹1.00 करोड़25 वर्षलगभग ₹10,250 प्रति माह₹30.75 लाख₹69.30 लाख₹1.00 करोड़30 वर्षलगभग ₹6,500 प्रति माह₹23.40 लाख₹76.60 लाख₹1.00 करोड़नोट: उपरोक्त गणना में बेसिक सैलरी में कोई वार्षिक इंक्रीमेंट नहीं जोड़ा गया है। यदि आपके वेतन में हर साल 5% से 10% की सामान्य बढ़ोतरी होती है, तो शुरुआत में मात्र ₹4,000 से ₹5,000 प्रति माह के शुरुआती पीएफ योगदान से भी 25 से 30 वर्षों में ₹1 करोड़ का लक्ष्य आसानी से पार हो जाता है।वीपीएफ (VPF) बनेगा गेम-चेंजर: 1 करोड़ का आंकड़ा और जल्दी छूने का फॉर्मूलायदि आपकी बेसिक सैलरी कम है और अनिवार्य 12% कटौती से ₹1 करोड़ का लक्ष्य दूर लग रहा है, तो आप स्वैच्छिक भविष्य निधि यानी वीपीएफ (Voluntary Provident Fund) का सहारा ले सकते हैं:अतिरिक्त योगदान की छूट: वीपीएफ के तहत कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और डीए का 12% से अधिक (100% तक) हिस्सा पीएफ में कटवा सकता है।समान 8.25% ब्याज दर: वीपीएफ पर भी सामान्य ईपीएफ के बराबर ही 8.25% का निश्चित ब्याज मिलता है।टैक्स फ्री सीमा: ध्यान रखें कि आयकर नियमों के अनुसार एक वित्तीय वर्ष में ईपीएफ और वीपीएफ को मिलाकर कुल कर्मचारी योगदान ₹2.5 लाख तक होने पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त रहता है।बीच में न निकालें पीएफ का पैसा: कंपाउंडिंग की चेन न तोड़ेंईपीएफ से 1 करोड़ या उससे अधिक का बड़ा फंड बनाने के लिए सबसे जरूरी अनुशासन यह है कि नौकरी बदलते समय पीएफ का पैसा निकालने (Withdrawal) के बजाय उसे नए संस्थान के यूएएन (UAN) में हमेशा ट्रांसफर करवाएं।बीच में पैसा निकालने से ब्याज की कंपाउंडिंग चेन टूट जाती है। अगर आप 25 से 30 साल तक पीएफ के फंड को बिना छुए लगातार जमा होने देते हैं, तो रिटायरमेंट के दिन मिलने वाला फंड आपकी उम्मीदों से कहीं ज्यादा बड़ा साबित होगा।
पालतू गाय को बाहर ले गया और काट डाला! गांव में आरोपी बोला- जंगल में छोड़ आया
बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र के सदाफल गांव में पालतू गाय के कथित कटान के मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, फरियाद अपनी गाय को जंगल ले गया और छह साथियों के साथ उसका कटान किया. मांस छोटे पैकेट में बेचने का आरोप है. मौके से गौवंशीय अवशेष और कटान के औजार बरामद किए गए हैं.
'हनुमान अंश' की सफलता पर काशी पहुंचे एक्टर, लगाए महाकाल के नारे
फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने का काम किया है. ऐसे में इसकी सफलता के लिए पूरी फिल्म की कास्ट वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची. वहां उन्होंने महाकाल के दर्शन किए, और उनका जयकारा लगाया.
टॉयलेट में चल रही 22 बच्चों की क्लास... सरकारी स्कूल की बदहाली का VIDEO
धार के टाणा गांव में सरकारी स्कूल की बदहाली सामने आई है. जर्जर भवन के चलते 22 बच्चों को कभी मंदिर तो कभी नए बने बालिका शौचालय में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है. शौचालय में बच्चों की तस्वीर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. विभाग के मुताबिक नया स्कूल भवन निर्माणाधीन है और जल्द बच्चों को वहां शिफ्ट किया जाएगा.
पूरा राज्य ही बिजली कटौती से परेशान, सत्ता पक्ष का पिछली सरकार पर आरोप, मीम्स बने
पूरा केरलम राज्य इस समय बिजली संकट से जूझ रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। वहीं जनता इस कटौती से परेशान होकर अपनी दिक्कतों को सोशल मीडिया पर शेयर कर रही है।
'चोर-चोर' के नारे लगाकर हेडमास्टर को दौड़ाया, आरोपी छात्रों को मिली TC
जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में हेडमास्टर को दौड़ाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इस मामले में आरोपी छात्रों को TC दी गई है. वहीं, राज्य के शिक्षा मंत्री ने खुद स्कूल जाकर छात्रों से बातचीत भी की.
स्टेडियम नहीं मिला तो ₹10 लाख में ली नई जगह, 'छात्रों की गूंज' पर सियासत
Rahul Gandhi Indore Event Controversy: इंदौर में नेहरू स्टेडियम की अनुमति न मिलने पर कांग्रेस ने ₹10 लाख देकर ली नई जमीन. 19 सितंबर को होगा राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
'हनुमान अंश' एक्टर की बदली किस्मत, सलमान की फिल्म में मिला काम
फिल्म हनुमान अंश में काम करने वाले चंदन आनंद ने बताया है कि वो जल्द सलमान खान की फिल्म मॉन्स्टर और शाहरुख खान की किंग में नजर आने वाले हैं. एक बातचीत में उन्होंने इसका खुलासा किया, और सलमान संग काम करने पर अपना एक्सपीरियंस भी साझा किया.
पक्की सड़क, घर, राशन, फ्री लाइब्रेरी, महिलाएं सुरक्षित... इस गांव में दिखा विकास असर
अमेठी के भौसिंहपुर गांव में ब्राह्मण समाज के ग्रामीणों ने योगी सरकार के पांच साल के कामकाज की तारीफ की है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्के मकान, राशन, सड़क और दूसरी सुविधाओं में सुधार हुआ है. महिलाओं ने सुरक्षा बेहतर होने की बात कही. हालांकि ग्रामीणों ने युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग भी की है.
0 रन, दोनों पारियों में विकेट... भारतीय क्रिकेटर ने रचा इतिहास
श्रीलंका दौरा खत्म होने के महज तीन दिन बाद मानव सुथार इंग्लैंड रवाना हो गए और वॉरविकशायर के साथ अपना काउंटी अभियान फिर शुरू किया. काउंटी चैम्पियनशिप के मौजूदा सीजन में वह आठ पारियों में 21 विकेट ले चुके हैं. इसमें समरसेट के खिलाफ पांच विकेट हॉल भी शामिल है.
बंगाल में TMC नेता का घर ब्लास्ट में उड़ा! मची अफरा-तफरी
पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में टीएमसी नेता द्विजेन मंडल के घर में जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया. लालपोल इलाके में हुए विस्फोट से मकान की ग्राउंड फ्लोर मलबे में बदल गई और आसपास के घरों को भी नुकसान पहुंचा. पुलिस को शुरुआती तौर पर सिलेंडर फटने की आशंका है. वहीं स्थानीय लोगों ने घर में बम जमा होने का आरोप लगाया है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई. फोरेंसिक टीम जांच में जुटी है.
किराए का छोटा कमरा भी दिखेगा आलीशान! बस ऐसे करें सामान की सेटिंग
Home Setting Ideas: अगर आप भी अपने किराए को छोटे कमरे में सामान बिखरा रहने से परेशान हैं तो अब आपकी फिक्र दूर होने वाली है. यहां हम उस छोटे कमरे को बड़ा बनाने के कुछ आसान तरीके बता रहे हैं.
अभिजीत दीपके जब जरांगे से मिले तो टेंशन में आई सरकार? कुनबी प्रमाण पत्र मामले में ताबड़तोड़ ऐक्शन
बुधवार को जरांगे ने राज्य के मंत्री और मराठा आरक्षण उप-समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल पर केवल मीठी बातें करने और आश्वासन देकर समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर 12 सितंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन मुंबई पहुंचेगा।
मणिपुर के CM से मिले सर्जियो गोर, इम्फाल के कंगला फोर्ट का किया दौरा
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार को मणिपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात की.
पुतिन का G7 पर तंज, बोले- BRICS की बढ़ रही ताकत
BRICS बिजनेस समिट 2026 में व्लादिमीर पुतिन ने G7 की वैश्विक आर्थिक हिस्सेदारी करीब 18% और BRICS की करीब 40% बताई. उन्होंने G7 की अहमियत पर सवाल उठाते हुए पश्चिमी देशों पर BRICS को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. वीडियो में जानें पुतिन की इन बातों का क्या है मतलब.
सऊदी प्रिंस ने हूतियों के खिलाफ मदद के लिए ट्रंप को दो-दो बार फोन लगाया, रहे खाली हाथ
सऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए पाकिस्तान और अमेरिका पर बहुत भरोसा करता था. लेकिन इस बार क्राउन प्रिंस को नाउम्मीदी हाथ लगी है. पहले पाकिस्तान ने बहाने बनाकर मक्का पैक्ट लागू करने से इनकार कर दिया और अब ट्रंप ने दो दो बार कॉल के बावजूद कोई पॉजिटिव प्रतिक्रिया नहीं दी है.
नल्ली निहारी, पेपर फ्राई और बादाम; ब्रिक्स समिट में क्या खाएंगे दुनियाभर के नेता
ब्रिक्स में शामिल हो रहे दुनियाभर के नेताओं के लिए खाने का खास अनुभव तैयार किया जा रहा है, जिसका मकसद विदेशी डेलीगेट्स को भारत की शानदार खाने-पीने की विरासत से रूबरू कराना है।
खड़े हनुमान मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बीच देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. प्रशासन ने प्रतिमा हटाने की कोशिश के दावों को भ्रामक बताया है. वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही प्रतिमा को लेकर आगे कोई फैसला होगा. वीडियो में जानें क्या है मामला.
बोरे में मिला सिर, जंगल में पड़ा था धड़... लड़की की लाश मिलने से हड़कंप
धनबाद के बलियापुर में जंगल के भीतर नाबालिग लड़की का सिर कटा शव मिलने से सनसनी फैल गई. सिर प्लास्टिक के बोरे में था, जबकि धड़ अलग जगह मिला. मौके से पूजा सामग्री भी मिली, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने नरबलि की आशंका जताई. पुलिस प्रेम प्रसंग समेत कई एंगल से जांच कर रही है और संबंधित युवक से पूछताछ जारी है.
पुतिन के साथ पीएम मोदी की बातचीत, काला सागर में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
पुतिन के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तीन दिवसीय यात्रा पर शुक्रवार सुबह नयी दिल्ली पहुंचने के कुछ घंटे बाद दोनों नेताओं के बीच वार्ता हुई। वार्ता के बाद दोनों नेता 'भारत मंडपम' परिसर के भीतर एक ही कार में सवार होकर कारोबारी मंच के आयोजन स्थल पर पहुंचे।
दिशा सालियान के पिता हुए CBI के सामने पेश, 4 घंटे का बयान दर्ज
दिशा सालियान केस में बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने CBI के सामने चार घंटे का बयान दर्ज कराया है. उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ गैंगरेप हुआ और फिर उसकी हत्या की गई थी.
शनि-चंद्रमा ने बनाया विष योग, इन 3 राशियों का लग सकता है जैकपॉट
11 सितंबर यानी आज शनि और चंद्रमा की मीन राशि में युति बन रही है. दोनों ग्रहों की युति से विष योग का निर्माण हुआ है. आमतौर पर शनि-चंद्रमा के विष योग को अशुभ माना जाता है. लेकि यह विष योग तीन राशियों को लाभ दे सकता है.
कल का मौसम, 12 सितंबर: शनिवार को यूपी-बिहार में होगी भारी बारिश, इन इलाकों में भी IMD अलर्ट
बिहार में 12 सितंबर को कई जगह बारिश जारी रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 11 से 17 सितंबर तक अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। शुक्रवार को बिहार के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हुई।
हल्ला बोल: पीएम मोदी-पुतिन की दोस्ती का 'पावर शो', कूटनीति का माइंड गेम
BRICS समिट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आज द्विपक्षीय बातचीत हुई. भारत मंडपम में हुई ये मुलाकात तकरीबन 45 मिनट तक चली. इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत थिरुवक्कुरल की किताब का रूसी अनुवाद भेंट किया. देखें...
त्योहारों से पहले CM योगी का अफसरों को सख्त आदेश!
यूपी में बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को त्योहारों से पहले सुधारने की तैयारी तेज हो गई है. योगी सरकार ने 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और आवागमन योग्य बनाया जाएगा. पहले चरण में जरूरी मरम्मत होगी, जबकि बरसात खत्म होने के बाद स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा. स्कूल, अस्पताल, बाजार और अधिक आवाजाही वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं.
AI से इंसानों के खत्म होने का 70% खतरा! OpenAI रिसर्च का बड़ा दावा
OpenAI की सेफ्टी टीम से जुड़े मार्कस विलियम्स ने चेतावनी दी है. दावा किया है कि अगर AI पर नियमन नहीं हुआ और कंपनियों ने विकास की रफ्तार धीमी नहीं की तो अगले तीन साल में इंसानों के खत्म होने का खतरा 70 फीसदी तक हो सकता है.
सीढ़ियां बनवाते समय न करें ये गलती! जानिए '7-11 Rule'
Home Construction Tips: घर में सीढ़ियां बनवाते समय उनकी ऊंचाई और चौड़ाई का सही होना बहुत जरूरी है. अगर सीढ़ियों की नाप सही न हो तो रोजाना ऊपर-नीचे आने में परेशानी और थकान महसूस हो सकती है. ऐसे में सीढ़ियों की डिजाइन को आसान और आरामदायक बनाने में '7-11 Rule' काम आ सकता है. जानिए क्या है सीढ़ियों का 7-11 रूल के बारे में.
India-Iran Relations पर मौलाना यासूब अब्बास का बड़ा बयान, कहा- तेहरान का साथ देना वक्त की बड़ी ज़रूरत
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने शुक्रवार को नई दिल्ली और तेहरान के बीच मज़बूत कूटनीतिक संबंधों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि इलाके में चल रहे भारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का भारत में ब्रिक्स (BRICS) समिट में शामिल होना दोनों देशों के आपसी रिश्तों का एक अहम सबूत है। अब्बास ने इस कूटनीतिक दौरे को बहुत खास बताया, खासकर तब जब तेहरान पर भू-राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है, और उन्होंने इस साझेदारी की मज़बूती पर ज़ोर दिया। मौलाना यासूब अब्बास ने ANI से कहा, भारत सरकार को अपने पुराने दोस्त ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। अभी दो देश ईरान के ख़िलाफ़ हैं। और मध्य पूर्व के तथाकथित इस्लामिक देश भी ईरान के ख़िलाफ़ हैं। ऐसे में, ईरान के राष्ट्रपति का भारत आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit में भारत का बड़ा दांव, Critical Minerals के लिए G. Kishan Reddy ने पेश किया Master Plan दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव की खबरों को खारिज करते हुए, उन्होंने हाल ही में हुई उच्च-स्तरीय मुलाकातों का हवाला दिया - जिसमें इस महीने की शुरुआत में ब्रिक्स चीफ जस्टिस फोरम के लिए ईरान के चीफ जस्टिस अयातुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजी का दौरा शामिल है - जो मजबूत आपसी तालमेल का सबूत है। अब्बास ने कहा, भारत और ईरान के बीच कोई कड़वाहट नहीं है। अभी हाल ही में ईरान के चीफ जस्टिस अयातुल्ला गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजी आए थे। आज 11 सितंबर है और राष्ट्रपति आए हैं, तो कड़वाहट कैसी? अमेरिका और इज़राइल ही कड़वाहट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं; प्रधानमंत्री सभी सवालों का अच्छे से जवाब देंगे और सम्मान के साथ अपने पुराने दोस्त के साथ खड़े रहेंगे। अपने संबोधन के दौरान, शिया नेता ने इस क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई के कारण हाल ही में हुई मौतों पर औपचारिक रूप से शोक व्यक्त किया, जिसमें विशेष रूप से बड़े नेताओं और आम नागरिकों की मौत का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा, इसके अलावा, मैं अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई साहब की शहादत, ईरान के शहीदों की शहादत और मारे गए मासूम बच्चों के लिए शोक व्यक्त करता हूं। पश्चिमी ताकतों से जुड़े संघर्ष के व्यापक रणनीतिक प्रभावों पर बात करते हुए, अब्बास ने दोनों देशों से बाहरी दबाव का मुकाबला करने के लिए अपने द्विपक्षीय बातचीत के तरीकों को और मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने दोहराया, इस संबंध में भारत और ईरान के बीच संबंधों को बेहतर बनाने पर भी चर्चा होनी चाहिए। भारत सरकार को अपने पुराने दोस्त ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। अभी दो देश ईरान के खिलाफ हैं। और तथाकथित इस्लामिक देश, मध्य पूर्व, ईरान के खिलाफ हैं। ऐसे में, भारत में ईरान के राष्ट्रपति की मौजूदगी किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum में बोले Putin, भरोसेमंद B2B Relations ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और आर्थिक रिश्तों की असली रीढ़ दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक निर्भरता, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों पर समुद्री व्यापार को लेकर, इस बात पर ज़ोर देते हुए अब्बास ने कहा कि तेहरान भारतीय समुद्री आवाजाही को खास अहमियत देता रहा है। उन्होंने कहा, देखिए, मैंने कहा था कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से संबंध रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल जैसे देश भारत और ईरान को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की बहुत कोशिश करते हैं, लेकिन भारत और ईरान की दोस्ती सदियों से चली आ रही है और कोई इसे मिटा नहीं सकता। भारत को तेल और गैस मिलती रहेगी। ईरान ने होर्मुज को लेकर एक लकीर खींची है; यह लकीर उसने दुनिया के लिए खींची है, भारत के लिए नहीं।
पुतिन की एजुकेशन से KGB तक, कैसे बने रूस के राष्ट्रपति?
व्लादिमीर पुतिन का सफर साधारण बचपन से जूडो, कानून की पढ़ाई और KGB तक पहुंचा. पूर्वी जर्मनी में खुफिया अधिकारी के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा. FSB प्रमुख, प्रधानमंत्री और कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के बाद 2000 में पहली बार रूस के राष्ट्रपति चुने गए.
BRICS में विकासशील देश हैं तो पाकिस्तान क्यों नहीं, चीन और रूस क्यों नहीं कर पाए वकालत?
पाकिस्तान ब्रिक्स में आने की हसरत 2009 से ही पाले हुए है, लेकिन उसकी ये हसरत पूरी नहीं हो पा रही. रही-सही कसर चीन ने पूरी कर ही है. भारत से वो अच्छे संबंध कर रहा है. ऐसे में पाकिस्तान की जलन बढ़ती जा रही है.
BB की क्रांति-अरशद का एक्शन, ओटीटी पर हुई मजेदार कंटेंट की बौछार
ओटीटी पर इस हफ्ते बॉलीवुड और हॉलीवुड ने अपना दबदबा बनाने की ठानी है. कई सारे मजेदार शो और फिल्में आई हैं, जिसे देखने के लिए ऑडियंस भी काफी एक्साइटेड रहने वाली है. तो आप भी जानें इस हफ्ते की ओटीटी लिस्ट क्या है...
ब्लैक सी में भारतीयों की सुरक्षा, जंग पर ब्रेक... PM की पुतिन से क्या बात हुई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस जाने का न्योता स्वीकार कर लिया है. इसके अलावा भारत और रूस ने 65 अरब डॉलर के व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का टारगेट रखा है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूक्रेन जंग को खत्म करवाने के लिए भारत रूस को हर मदद करने को तैयार है.
BRICS देश बना लें कॉमन करेंसी तो बदल जाएगी दुनिया की तस्वीर लेकिन एक्सपर्ट बता रहे टेढ़ी खीर
BRICS Summit में CBDC लिंकिंग पर चर्चा संभव है. जानिए क्या BRICS देश डॉलर के बजाय अपनी करेंसी में व्यापार करेंगे, व्यापार घाटे की चुनौतियों के बीच भारत को फायदा होगा या खतरे पैदा होंगे.
यूपी में 1600 करोड़ से अधिक की 65 परियोजनाओं से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर
उत्तर प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन के अभूतपूर्व विस्तार के बाद योगी सरकार अब चिकित्सा संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रही है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के ...
BRICS Summit में भारत का बड़ा दांव, Critical Minerals के लिए G. Kishan Reddy ने पेश किया Master Plan
कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत और दूसरे सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठकों के बाद, आने वाले ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में 'क्रिटिकल मिनरल्स' (अहम खनिज) चर्चा का एक मुख्य एजेंडा होंगे। संसाधन सुरक्षा हासिल करने के लिए भारत की व्यापक रणनीति के बारे में बताते हुए, रेड्डी ने ज़ोर दिया कि क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक औद्योगिक विकास, टेक्नोलॉजी और आर्थिक आत्मनिर्भरता का आधार बन गए हैं। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए, मंत्री ने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए भारत की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, शहरी माइनिंग की पहल और विदेशों में एसेट खरीदने की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। इसे भी पढ़ें: BRICS बिज़नेस फोरम में PM मोदी ने कहा, BRICS की रफ़्तार, दायरा और उम्मीद साफ़ दिख रही है रेड्डी ने कहा क्रिटिकल मिनरल्स न सिर्फ़ भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अहम सेक्टर हैं। दुनिया भर के देश इस दिशा में बड़े प्रयास कर रहे हैं। कई देशों के साथ बातचीत चल रही है और पिछले साल प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने कई देशों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर MoU साइन किए हैं। आने वाले ब्रिक्स (BRICS) समिट में भी क्रिटिकल मिनरल्स एक अहम एजेंडा होगा। उन्होंने आगे कहा, कल हमने रूसी मंत्री के साथ एक खास बैठक की। मैं दूसरे देशों के प्रतिनिधियों से भी मिलना चाहता हूँ, क्योंकि आज क्रिटिकल मिनरल्स के बिना विकास मुमकिन नहीं है। सेल फ़ोन और स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर पंखे, रेफ्रिजरेटर और कैमरे तक, हर जगह क्रिटिकल मिनरल्स की मांग है। आयात पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, केंद्रीय मंत्री ने घरेलू नीति के अहम उपायों और निवेश के लिए प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में बताया। सरकार ने घरेलू स्तर पर खोज और प्रोसेसिंग की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ₹36,000 करोड़ की प्रोत्साहन योजना के साथ एक खास मिशन शुरू किया है। इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum में बोले Iran President Pezeshkian, आर्थिक दबाव का जवाब है मजबूत Trade Network रेड्डी ने कहा भारत सरकार का लक्ष्य क्रिटिकल मिनरल्स के लिए विदेशी स्रोतों पर अपनी मौजूदा निर्भरता को खत्म करके आत्मनिर्भर बनना है। इसके लिए हमने घरेलू स्तर पर खोज की गतिविधियों को बढ़ाया है और 'नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन' शुरू किया है, जिसमें ₹36,000 करोड़ की प्रोत्साहन योजना शामिल है। हमारा लक्ष्य 'अर्बन माइनिंग' के ज़रिए ई-वेस्ट से क्रिटिकल मिनरल्स निकालना भी है। मंत्री ने विस्तार से बताया कि अर्बन माइनिंग से देश की लगभग एक-तिहाई ज़रूरतें पूरी हो सकती हैं। भारत का लक्ष्य ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के ज़रिए अपनी क्रिटिकल मिनरल ज़रूरतों का 25% से 30% हिस्सा हासिल करना है। आवेदन करने वाली 125 कंपनियों में से 58 रीसाइक्लिंग फर्मों को पहले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पहलों में चार प्रोसेसिंग प्लांट लगाना और ओडिशा से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु होते हुए केरल तक एक खास 'क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर' बनाना शामिल है। उन्होंने कहा, हम ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग के ज़रिए भारत की क्रिटिकल मिनरल ज़रूरतों का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा हासिल कर सकते हैं और इसके लिए एक खास योजना शुरू की गई है। देश भर से लगभग 125 रीसाइक्लिंग कंपनियों ने आवेदन किया है और हमने ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पहले चरण में उनमें से 58 को शॉर्टलिस्ट किया है। हमने चार क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और ओडिशा से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु होते हुए केरल तक एक कॉरिडोर बना रहे हैं।
कौन हैं पूर्व IAS देबाशीष? BJP ने लोकसभा उपचुनाव में बनाया उम्मीदवार
देबाशीष शर्मा साल 1992 में असम सिविल सर्विस में शामिल हुए थे. उनकी पहली पोस्टिंग बारपेटा में हुई थी. अब करीब तीन दशक के प्रशासनिक अनुभव के साथ देबाशीष अपना सियासी सफर शुरू करने जा रहे हैं.
जन्माष्टमी पर CM योगी की गौसेवा का भावुक दृश्य, पुंगनूर गायों ने दूसरे बछड़ों को भी कराया दुग्धपान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी 2026 पर श्री कृष्ण जन्मभूमि में दो पुंगनूर गायों सहित 11 गायों का दान किया, जिसमें गा
सीएम योगी के भरोसे से बढ़ा मनोबल, बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं सोनम यादव
Chief Minister Abhyudaya Yojana: युवाओं को अपना सपना पूरा करने में आर्थिक अभाव अब आड़े नहीं आएगा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दिलाया गया यह भरोसा अयोध्या की सोनम यादव जैसी युवाओं की सफलता से और मजबूत हुआ है।
भारत-यूरोपीय: 180 अरब यूरो का विशाल कारोबार और 8 लाख नई नौकरियों का खुलेगा रास्ता
वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक गलियारों से भारत के लिए एक बेहद सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और लोकतांत्रिक ताकतों—भारत और यूरोपीय संघ (EU)—के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच चुका है। यूरोपीय आयोग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर करने और उसे कानूनी रूप से अंतिम रूप देने की अनुमति के लिए अब यूरोपीय यूनियन काउंसिल (Council of the European Union) को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया गया है। जैसे ही काउंसिल की तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाएगी, यह समझौता आधिकारिक तौर पर लागू हो जाएगा। जानकारों का कहना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के बीच अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक व्यापारिक समझौता साबित होगा, जिससे न केवल द्विपक्षीय कारोबार को नई ऊंचाइयां मिलेंगी, बल्कि भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय भी जुड़ेगा।यूरोपीय यूनियन काउंसिल को भेजा गया प्रस्ताव और समझौते का विशाल दायराभारत और यूरोपीय संघ के बीच इस मुक्त व्यापार समझौते को अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया अब पूरी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। काउंसिल ऑफ द यूरोपीय यूनियन से औपचारिक अनुमोदन मिलते ही यह समझौता दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापार के नए रास्ते खोल देगा। इस समझौते के लागू होने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दोनों क्षेत्रों के बीच बाजार की पहुंच का अभूतपूर्व विस्तार होगा, आयात शुल्क (Import Duty) में भारी कटौती की जाएगी, व्यापार में आने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर किया जाएगा और निवेश की प्रक्रियाओं को बेहद सरल बनाया जाएगा। वर्तमान समय के व्यापारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत और यूरोपीय संघ के बीच हर साल 180 अरब यूरो (Euro) से अधिक का विशाल कारोबार वस्तुओं और सेवाओं के जरिए होता है। इस मजबूत आर्थिक साझेदारी की बदौलत अकेले यूरोपीय संघ के भीतर ही लगभग 8 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला हुआ है। यह समझौता इस बात का प्रमाण है कि भारत आज वैश्विक सप्लाई चेन का एक अनिवार्य और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।यूरोपीय निर्यातकों को भारी शुल्क राहत और उपभोक्ताओं को मिलेंगी प्रतिस्पर्धी कीमतेंइस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के पूरी तरह लागू हो जाने के बाद भारत को होने वाले यूरोपीय संघ के लगभग 96 प्रतिशत सामानों के निर्यात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी या तो पूरी तरह से समाप्त कर दी जाएगी या फिर उसे बेहद न्यूनतम स्तर पर ला दिया जाएगा। यूरोपीय आयोग के अनुमान के मुताबिक, इस ऐतिहासिक समझौते के प्रभाव में आने से यूरोपीय निर्यातकों को सालाना लगभग 4 अरब यूरो की भारी-भरकम शुल्क बचत होने की उम्मीद है। जब आयात शुल्क में इतनी बड़ी कटौती होगी, तो इसका सीधा लाभ दोनों पक्षों के आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। बाजार में उत्पादों की प्रचुरता बढ़ेगी, जिससे ग्राहकों के पास चयन करने के लिए अधिक विकल्प होंगे और उन्हें बेहद प्रतिस्पर्धी तथा किफायती कीमतों पर बेहतरीन उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। वैश्वीकरण के इस दौर में यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को इतना सुगम बना देगा कि व्यापार की लागत में भारी कमी आएगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव अंततः दोनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर पड़ेगा।भारत के एमएಸ್एमई (MSMEs) और विनिर्माण क्षेत्र के लिए खुलेंगे तरक्की के नए द्वारभारत और यूरोपीय संघ के बीच होने जा रहे इस मुक्त व्यापार समझौते का सबसे बड़ा और दूरगामी लाभ देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों यानी MSMEs को मिलने की पूरी उम्मीद है। भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा), गारमेंट्स, चमड़ा उद्योग (Leather), फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स और आईटी सर्विसेज जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए यूरोप के बाजार में अपार संभावनाएं और नए अवसर पैदा होंगे। लंबे समय से भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में उच्च आयात शुल्क के कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस समझौते के बाद जब भारतीय सामानों पर यूरोप में लगने वाली ड्यूटी घट जाएगी या समाप्त हो जाएगी, तो वे वहां के स्थानीय और अन्य वैश्विक बाजारों के उत्पादों के मुकाबले कहीं अधिक कॉम्पिटिटिव बन जाएंगे। इससे 'मेक इन इंडिया' अभियान को बल मिलेगा और देश के विनिर्माण (Manufacturing) सेक्टर को सीधा और जबरदस्त फायदा पहुंचेगा, जिससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।आर्थिक कूटनीति का नया मील का पत्थर और भविष्य की संभावनाएंयह मुक्त व्यापार समझौता केवल दो व्यापारिक क्षेत्रों के बीच का अनुबंध भर नहीं है, बल्कि यह बदलती हुई वैश्विक आर्थिकी में भारत की बढ़ती कूटनीतिक और आर्थिक ताकत का प्रतीक है। यूरोपीय संघ के साथ इस प्रकार की गहरी साझेदारी भारत को वैश्विक व्यापारिक मंच पर एक मजबूत और भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर के रूप में स्थापित करती है। भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर जोर दे रही है जिससे देश के निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल सके। तकनीकी आदान-प्रदान, डिजिटल अर्थव्यवस्था, और हरित ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में भी इस समझौते के माध्यम से आपसी सहयोग के नए द्वार खुलने की पूरी संभावना है। जैसे ही यूरोपीय यूनियन काउंसिल से इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, भारत के व्यापारी वर्ग और उद्योग जगत के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत हो जाएगी, जो देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे ले जाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
पुतिन का सीक्रेट सूटकेस, जानिए क्यों रहता है साथ?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बीच उनकी सुरक्षा व्यवस्था और एक खास सूटकेस चर्चा में है. रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि विदेशी यात्राओं के दौरान उनके जैविक कचरे को भी विशेष तरीके से रूस वापस ले जाया जाता है. पुतिन के तीन परिवहन विमान नोएडा एयरपोर्ट पहुंचे थे. यह पूरी व्यवस्था उनकी सुरक्षा को लेकर बरती जाने वाली असाधारण सावधानी को दिखाती है. हालांकि सूटकेस से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं है.
ब्रिक्स समिट में शी जिनपिंग के आने से पहले पूर्व BJP सांसद ने चेताया, बोले- एक सुपर पॉवर...
ब्रिक्स समिट में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एंट्री के पहले पूर्व भाजपा नेता ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक राजनीति में मल्टीपोलेरिटी को बढ़ाने की जरूरते है। दुनिया एक सुपर पॉवर की जगह दूसरे सुपर पॉवर को नहीं दे सकती।
भारतीय कर प्रणाली में पारदर्शिता और सुगमता लाने के उद्देश्य से लागू की गई वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी (GST) व्यवस्था ने देश के कारोबारी ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया है। हालांकि, जैसे-जैसे टैक्स सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक होता जा रहा है, वैसे-वैसे कर विभाग की नजर भी देश के छोटे-बड़े हर व्यापारी की वित्तीय गतिविधियों पर बेहद पैनी हो गई है। आज के समय में टैक्स विभाग डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेटेड सिस्टम्स के जरिए कारोबारियों के हर एक लेनदेन की बारीकी से निगरानी कर रहा है। ऐसे में कई बार छोटे व्यापारी अनजाने में कुछ ऐसी तकनीकी और व्यावहारिक गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से जीएसटी विभाग की ओर से उन्हें अचानक कानूनी नोटिस मिलने लगते हैं। इन नोटिसों के आने से व्यापारियों में हड़कंप मच जाना स्वाभाविक है, क्योंकि सही जानकारी और समय पर एहतियात न बरतने पर यह आपके कारोबार की साख और वित्तीय सेहत दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं कि वे कौन सी 7 प्रमुख गलतियां हैं जिनसे छोटे व्यापारियों को बचना चाहिए, और जीएसटी नोटिस से सुरक्षित रहने के लिए किन अचूक उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।वे 7 प्रमुख गलतियां जिनके कारण छोटे व्यापारियों को मिलता है जीएसटी नोटिसजीएसटी प्रणाली के तहत जब किसी कारोबारी को कर विभाग की तरफ से नोटिस मिलता है, तो उसके पीछे अक्सर कुछ छोटी लेकिन गंभीर कंप्लायंस संबंधी खामियां जिम्मेदार होती हैं। यदि आप भी एक छोटे व्यापारी हैं, तो आपको नीचे दी गई इन 7 गलतियों को दोहराने से बचना चाहिए:GSTR-1 और GSTR-3B रिटर्न में डेटा का मेल न खाना: यह सबसे आम गलती है जो कई व्यापारी कर बैठते हैं। जब आप अपने बिक्री के आंकड़े GSTR-1 (आउटवर्ड सप्लाई) और GSTR-3B (टैक्स भुगतान का सारांश) में अलग-अलग दर्ज कर देते हैं, तो विभाग का ऑटोमेटेड सिस्टम इसे तुरंत पकड़ लेता है और स्पष्टीकरण मांगता है।गलत और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करना: कई बार व्यापारी ऐसे बिलों पर भी आईटीसी का दावा कर बैठते हैं जो नियमों के अनुकूल नहीं होते, या फिर उनके सप्लायर ने समय पर अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया होता है। सप्लायर के रिटर्न न भरने से आपके आईटीसी का मिलान नहीं हो पाता और नोटिस आ जाता है।रिटर्न दाखिल करने में लगातार देरी करना या चूक जाना: समय पर रिटर्न दाखिल न करना विभाग की नजर में एक बड़ा अपराध माना जाता है। लगातार रिटर्न फाइल न करने या जानबूझकर देरी करने पर सिस्टम स्वतः संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी कर देता है।ई-वे बिल और रिटर्न के आंकड़ों में भारी अंतर होना: यह विशेष रूप से उन व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए है जो माल की आवाजाही करते हैं। यदि आपके द्वारा जेनरेट किए गए ई-वे बिल में दर्ज सामान का रिकॉर्ड और आपके जीएसटी रिटर्न में घोषित बिक्री का आंकड़ा आपस में मैच नहीं खाता है, तो टैक्स विभाग तुरंत जांच बैठा देता है।ई-इनवॉइसिंग के अनिवार्य नियमों का उल्लंघन करना: सरकार द्वारा निर्धारित टर्नओवर सीमा के दायरे में आने वाले जिन कारोबारियों के लिए ई-इनवॉइस बनाना अनिवार्य है, यदि वे नियमों का पालन किए बिना माल बेचते हैं, तो उन्हें भारी पेनल्टी के साथ नोटिस मिल सकता है।फर्जी बिलिंग या संदिग्ध लेनदेन के जाल में फंसना: कई बार व्यापारी अनजाने में ऐसी शेल कंपनियों या फर्जी फर्मों से खरीद कर लेते हैं, जो केवल कागजों पर बिल जारी करती हैं। बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी बिल लेना या देना सीधे तौर पर विभाग के रडार पर आ जाता है।रिटर्न दाखिल करने के बावजूद टैक्स का पूरा भुगतान न करना: कई कारोबारी रिटर्न तो समय पर भर देते हैं, लेकिन उसके एवज में देय कर (Tax Liability) का पूरा भुगतान सरकारी खाते में जमा नहीं करते हैं। ऐसे मामलों में भी विभाग की तरफ से रिकवरी और नोटिस की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।जीएसटी नोटिस से घबराएं नहीं, जानें बचाव के अचूक और व्यावहारिक उपाययदि आपको या आपके किसी व्यावसायिक सहकर्मी को जीएसटी विभाग की ओर से कोई नोटिस मिल जाता है, तो सबसे पहले घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कई व्यापारी नोटिस देखते ही कानूनी कार्रवाई के डर से मानसिक तनाव में आ जाते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि विभाग द्वारा भेजा गया हर नोटिस सीधे तौर पर कोई पेनाल्टी या सजा नहीं होता, बल्कि वह केवल आपकी किसी वित्तीय अनियमितता या रिटर्न के बेमेल आंकड़े पर आपसे स्पष्टीकरण मांगने का एक कानूनी माध्यम होता है। बशर्ते आप समय रहते उसका उचित जवाब दे दें। अपने व्यापार को पूरी तरह से सेफ और कंप्लाएंट रखने के लिए आपको इन जरूरी उपायों की गांठ बांध लेनी चाहिए:हमेशा अपने GSTR-1 और GSTR-3B का नियमित रूप से मिलान (Reconciliation) करें। रिटर्न फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी बिक्री और टैक्स का डेटा दोनों फॉर्म्स में बिल्कुल एक समान हो।अपने व्यवसाय से जुड़े खरीद (Purchase) और बिक्री (Sales) के सभी इनवॉइस, बिल, बैंक स्टेटमेंट और वाउचर बहुत ही व्यवस्थित तरीके से डिजिटल और भौतिक रूप में संभाल कर रखें।केवल उन्हीं इनवॉइस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करें जो पूरी तरह से पात्र, वैध और जीएसटी पोर्टल पर सत्यापित (GSTR-2B में दिखने वाले) हों।अपने सभी प्रकार के जीएसटी रिटर्न तय समय-सीमा के भीतर ही दाखिल करें, ताकि लेट फीस और पेनल्टी से बचा जा सके।माल की हर आवाजाही के लिए सही समय पर ई-वे बिल जेनरेट करें और ई-इनवॉइसिंग के सभी नियमों का सख्ती से पालन करें।अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और जीएसटी पोर्टल के डैशबोर्ड को नियमित रूप से चेक करते रहें, ताकि विभाग द्वारा भेजा गया कोई भी अलर्ट या नोटिस आपकी नजर से ओझल न हो।यदि आपको विभाग की ओर से कोई नोटिस प्राप्त होता भी है, तो घबराने के बजाय किसी अच्छे टैक्स कंसलटेंट या सीए की मदद लें और निर्धारित समय-सीमा (जैसे 15 या 30 दिन) के भीतर उसका सटीक और दस्तावेज-आधारित जवाब पोर्टल पर अपलोड कर दें। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप अपने छोटे व्यापार को किसी भी कानूनी संकट से पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।
फ्लाइट में बैठकर दिल्ली से मुंबई पहुंचने में ज्यादा से ज्यादा 3 घंटे तक समय लगता है. लेकिन पैसेंजर ने करीब 10 घंटे तक बताया है कि कस्टमर पर भरोसा करने का उन्हें फल मिला है.
नौगांव लोकसभा उपचुनाव कांग्रेस के लिए अग्निपरीक्षा, सामने रिटायर IAS; बगावत भारी न पड़ जाए
कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों में पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने अभी अंतिम उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। टिकट के लिए पांच नेताओं ने आवेदन किया था।
दंगल: भारत मंडपम में PM मोदी-पुतिन की मुलाकात, किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
दिल्ली में दुनिया का सबसे बडा इवेंट हो रहा है. भारत ब्रिक्स-2026 की मेजबानी कर रहा है. इस आयोजन में दुनिया की आधी आबादी, 40 फीसदी से अधिक जीडीपी का प्रतिनिधि करने वाले नेता आ रहे हैं... मतलब ग्लोब माइनस अमेरिका-यूरोप कर दें तो ये ब्रिक्स हो चुका है...11 तो सदस्य देश हैं, 12 आमंत्रित देश हैं, यूएन समेत 5 इंटरनेशनल संस्थान हैं. इतने बडे मंच का मेजबान हिंदुस्तान है. ब्रिक्स का असली सम्मेलन तो कल और परसों है लेकिन आज का दिन कम हलचल वाला नहीं...आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पीएम मोदी के साथ मुलाकात हुई है....पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को विख्यात तमिल संत तिरुवल्लुवर की 1330 दोहे वाली किताब भेंट की है. देखें...
रेलवे का यह नियम आपको भी नहीं पता होगा! कन्फर्म टिकट होने के बाद भी नहीं ले सकते कौन से लाभ?
Indian Railways Rules:
भारतीय सनातन संस्कृति में पर्व और त्योहारों की एक बेहद समृद्ध और पवित्र परंपरा रही है, जो हमारे पारिवारिक रिश्तों और आध्यात्मिक आस्था को मजबूत करती है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाए जाने वाले सुहाग के सबसे बड़े महापर्व 'हरतालिका तीज' (Hartalika Teej 2026) का पावन अवसर इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह निर्जला व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट और अमर दांपत्य प्रेम के साथ-साथ माता पार्वती द्वारा भोलेनाथ को प्राप्त करने के लिए की गई कठोर और अडिग तपस्या का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, आरोग्य, अखंड सौभाग्य और सुखी पारिवारिक जीवन की मंगलकामना के लिए पूरी निष्ठा के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं, दूसरी तरफ अविवाहित कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति और अच्छे जीवनसाथी की कामना के लिए यह कठिन व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज की इस पावन पूजा की सबसे बड़ी विशेषता केवल इसका निर्जला उपवास या रात्रि जागरण ही नहीं है, बल्कि इसकी पूजन पद्धति में उपयोग होने वाली वह विशेष प्राकृतिक और मौसमी सामग्री है, जिसका धार्मिक और आयुर्वेदिक दोनों दृष्टियों से गहरा महत्व है।16 प्रकार की पवित्र पत्तियां और महादेव की पूजा में उनका आध्यात्मिक महत्वहरतालिका तीज की पारंपरिक और शास्त्रीय पूजा पद्धति में सोलह प्रकार की विशेष पत्रियों यानी पत्तियों (16 types of leaves) और कुछ खास फूलों को अर्पित करने की बेहद प्राचीन परंपरा रही है, जिसका पालन देश के विभिन्न क्षेत्रों में पूरी श्रद्धा के साथ किया जाता है। इन पत्तियों का उपयोग न केवल भगवान शिव और माता पार्वती के अर्चन में किया जाता है, बल्कि इससे पूजा के मंडप, वेदी और फुलेरे को भी बेहद खूबसूरती से सजाया जाता है। तीज की पूजा में जिन 16 तरह की पवित्र पत्तियों को अनिवार्य माना गया है, उनमें बेलपत्र, तुलसी, जातीपत्र, सेवंतिका, बांस पत्र, देवदार पत्र, चंपा, कनेर, अगस्त्य, भृंगराज, धतूरे के पत्ते, आम के पत्ते, अशोक पत्र, पान के पत्ते, केले के पत्ते और शमी पत्र प्रमुख रूप से शामिल बताए गए हैं। इन सभी पत्तियों का महत्व केवल इनकी संख्या तक ही सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येकपत्ती का अपना एक अलग आध्यात्मिक और पौराणिक संदेश है। उदाहरण के तौर पर, भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का स्थान सर्वोपरि है क्योंकि यह उनके मन को शांत करने वाला माना जाता है, जबकि शमी पत्र भी शिव पूजन की महान परंपरा का एक अहम हिस्सा है। इसी प्रकार, आम और केले के हरे पत्तों का उपयोग मांगलिक कार्यों में पूजा स्थल और मंडप की सजावट के लिए किया जाता है, जो प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।धतूरे और आक के फूलों का महत्व तथा माता पार्वती का श्रृंगारपत्तियों के साथ-साथ हरतालिका तीज के पूजन में कुछ विशेष फूलों का होना भी उतना ही अनिवार्य माना गया है, जो महादेव और माता पार्वती को अत्यधिक प्रिय हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को आक और धतूरे के फूल तथा उनके फल अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए पूजन के दौरान शिवजी को धतूरा और आक के फूल जरूर अर्पित किए जाते हैं। इसके विपरीत, माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए उन्हें लाल गुड़हल का फूल या सुगंधित गुलाब अर्पित करने की परंपरा है। यह पूरा संयोजन इस बात का प्रतीक है कि प्रकृति की गोद में उगने वाली हर छोटी-बड़ी चीज ईश्वर की आराधना का माध्यम बन सकती है। इसके अलावा, हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा माता पार्वती को समर्पित 'सोलह श्रृंगार' (Solah Shringar) की सामग्री का विशेष रूप से अर्पण किया जाता है। इस सुहाग पिटारी में सिंदूर, लाल बिंदी, कांच या लाख की हरी-लाल चूड़ियां, मेहंदी, सुहाग का जोड़ा, महावर, काजल, कंघी, दर्पण और पैरों के लिए बिछिया जैसी वस्तुएं शामिल होती हैं। माता पार्वती को ये सारी वस्तुएं अर्पित कर महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। पूजा संपन्न होने के बाद कई परिवारों में इन सुहाग की सामग्रियों को किसी सुयोग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद सुहागिन महिला को दान करने की भी सुंदर परंपरा है।गीली मिट्टी के शिवलिंग निर्माण से लेकर कलश स्थापना और संपूर्ण पूजन सामग्रीहरतालिका तीज के इस पावन व्रत की पूजा विधि बेहद विधान और नियमों के साथ पूरी की जाती है। इस दिन प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। सबसे पहले हाथों से शुद्ध गीली काली मिट्टी या नदी की बालू लाकर उससे भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की बहुत सुंदर प्रतिमाओं या पिंड रूपी शिवलिंग का निर्माण किया जाता है। इसके बाद एक साफ चौकी पर लाल या पीले रंग का नया वस्त्र बिछाकर माता पार्वती और शिवजी की उन प्रतिमाओं को स्थापित किया जाता है। पूजा स्थल के पास ही विधि-विधान के साथ कलश की स्थापना की जाती है, जो जल, सुपारी, सिक्का और आम के पत्तों से सुसज्जित होता है। इसके बाद भगवान शिव को रोली, अक्षत, चंदन, जनेऊ, मौली, धूप, दीप, कपूर, नारियल, सुपारी, पान, फल, विभिन्न प्रकार की मिठाइयां और शुद्ध पंचामृत अर्पित किए जाते हैं। शिवजी को बेलपत्र और धतूरा अत्यंत प्रिय है, इसलिए उनकी विधिवत पूजा के बाद उन्हें ये सारी वस्तुएं समर्पित की जाती हैं। इस पूरी पूजा के दौरान रात्रि जागरण करने और भजन-कीर्तन करने का विधान है, ताकि माता पार्वती और भोलेनाथ की कृपा से व्रती महिलाओं के घर-परिवार में सुख-समृद्धि और आरोग्यता का वास हमेशा बना रहे।
एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि मुझे नॉन-वेज जोक्स बिल्कुल पसंद नहीं हैं. नीना गुप्ता का मानना है कि ऐसे जोक्स और गालियों में हमेशा महिलाओं को ही क्यों घसीटा जाता है, जबकि पुरुषों या परिवार के अन्य सदस्यों को नहीं.
भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में जब भी महानतम और सबसे बेबाक बल्लेबाजों की बात आती है, तो पूर्व महान कप्तान सुनील गावस्कर का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। खेल की तकनीकी बारीकियों और खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करने के मामले में गावस्कर कभी भी अपनी बात कहने से पीछे नहीं हटते हैं। इन दिनों भारतीय क्रिकेट जगत के गलियारों में खिलाड़ियों के लगातार व्यस्त रहने वाले अंतरराष्ट्रीय और घरेलू शेड्यूल को लेकर एक बहुत बड़ी बहस छिड़ गई है। इसी बीच, 'लिटिल मास्टर' के नाम से मशहूर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखा और बेहद विचारणीय बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि भारतीय क्रिकेटर्स कोई मशीन या गन्ना नहीं हैं, जिन्हें लगातार निचोड़कर उनके शरीर की ताकत की हर बूंद निकाल ली जाए। गावस्कर ने खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की रक्षा करने के साथ-साथ देश की पारंपरिक घरेलू क्रिकेट संरचना को बचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की जोरदार मांग की है, जिससे क्रिकेट प्रशासन में खलबली मच गई है।खिलाड़ियों का वर्कलोड और आईसीसी के फ्यूचर टूर प्रोग्राम पर गंभीर सवालसुनील गावस्कर ने प्रतिष्ठित पत्रिका 'स्पोर्टस्टार' में लिखे गए अपने एक कॉलम के जरिए आधुनिक क्रिकेट के व्यस्त कैलेंडर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया है कि आने वाले समय में जब आईसीसी (ICC) वर्ष 2027 से शुरू होने वाले अगले चार सालों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर (Future Tours Programme) पर चर्चा करने के लिए बैठक करे, तो निर्णय लेने वाले अधिकारियों को इस बात का पूरा अहसास होना चाहिए कि खिलाड़ी इंसान हैं, रोबोट नहीं। लगातार नॉन-स्टॉप क्रिकेट खेलने की वजह से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, और उनके प्रदर्शन में भी गिरावट देखने को मिल रही है। गावस्कर का यह मानना है कि हालांकि भारत के पास दुनिया की सबसे मजबूत बेंच स्ट्रेंथ मौजूद है, और यह कहा जाता है कि भारत एक साथ तीन अलग-अलग टीमें उतार सकता है, लेकिन हालिया अंतरराष्ट्रीय नतीजों और मुकाबलों से यह साफ हो गया है कि एक समय में केवल एक ही भारतीय टीम से मैदान पर वर्चस्व कायम रखना और सभी ट्रॉफियां जीतना संभव नहीं हो पा रहा है। खिलाड़ियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा रखने के लिए उनके वर्कलोड को मैनेज करना अब किसी विकल्प की नहीं, बल्कि एक अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।घरेलू क्रिकेट की उपेक्षा और रणजी ट्रॉफी के स्वरूप पर सुनील गावस्कर की चिंताकेवल अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल पर ही नहीं, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट की वर्तमान स्थिति को लेकर भी सुनील गावस्कर ने बहुत तीखे सवाल उठाए हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि भारतीय राष्ट्रीय टीम का शानदार प्रदर्शन सीधे तौर पर हमारी मजबूत घरेलू क्रिकेट संरचना का परिणाम होता है। एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय टीम का निर्माण आसमान से नहीं होता, बल्कि इसके लिए देश की स्थानीय पिचों और घरेलू टूर्नामेंट्स का मजबूत होना सबसे जरूरी है। गावस्कर ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि पिछले कुछ वर्षों में हमारी पारंपरिक और सबसे प्रतिष्ठित रेड-बॉल चैंपियनशिप यानी रणजी ट्रॉफी को जिस तरह से नजरअंदाज किया गया है और उसके शेड्यूल को इधर-उधर धकेला गया है, उससे टेस्ट क्रिकेट की रीढ़ कमजोर हो रही है। उनका यह तर्क है कि लाल गेंद का क्रिकेट (Red Ball Cricket) खिलाड़ियों को वह मानसिक दृढ़ता, तकनीकी अनुशासन और धैर्य प्रदान करता है, जो सफेद गेंद (White Ball Cricket) का आधुनिक फॉर्मेट कभी नहीं सिखा सकता। यदि रेड-बॉल क्रिकेट की इसी तरह उपेक्षा होती रही, तो आने वाले समय में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शीर्ष श्रेणी के टेस्ट बल्लेबाज और गेंदबाज मिलने बंद हो जाएंगे, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा संकट साबित हो सकता है।सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल नीलामी के बीच बिगड़ता संतुलनघरेलू टूर्नामेंट्स के शेड्यूलिंग में आ रही कमियों को उजागर करते हुए सुनील गावस्कर ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (Syed Mushtaq Ali Trophy) और आईपीएल (IPL) की कार्यप्रणाली पर भी खुलकर बात की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों और लीग चरण के बीच योजना बनाई जाती है, उसी तर्ज पर अन्य घरेलू टूर्नामेंट्स को भी व्यवस्थित किया जाना चाहिए। वर्तमान स्थिति यह है कि रणजी ट्रॉफी के लीग चरण के बाद व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के लिए एक महीने से अधिक का लंबा अंतराल आ जाता है, जिससे खिलाड़ियों की लय, रिदम और मैच की गति पूरी तरह से बिगड़ जाती है। इसके अलावा, उन्होंने सवाल उठाया कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को रणजी की तरह क्वार्टर फाइनल तक खेलकर बीच में कुछ हफ्तों का ब्रेक लेकर फिर से सेमीफाइनल और फाइनल क्यों नहीं आयोजित किया जाता? उन्होंने खुद ही इसका जवाब देते हुए लिखा कि ऐसा इसलिए नहीं किया जाता क्योंकि टूर्नामेंट के तुरंत बाद आईपीएल की मेगा या मिनी नीलामी (Auction) होनी होती है, और फ्रेंचाइजी तथा उनके स्काउट्स खिलाड़ियों पर नजर बनाए रखने के लिए इस टूर्नामेंट को अंत तक बिना किसी रुकावट के चलाना चाहते हैं। गावस्कर का मानना है कि सितंबर के शुरुआती महीनों में सीजन की शुरुआत में टूर्नामेंट आयोजित करने से उन स्काउट्स की पैनी नजरों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे महीनों बाद होने वाली नीलामी में भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को नहीं भूलते हैं।विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनाने के लिए घरेलू ढांचे को मजबूत करना अनिवार्यअपने इस लेख के अंत में सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट प्रशासकों को यह चेताया है कि यदि भारतीय क्रिकेट को वैश्विक पटल पर अपना दबदबा हमेशा के लिए बनाए रखना है, तो उसे अपनी जड़ों यानी घरेलू क्रिकेट की तरफ लौटना ही होगा। एशियाई खेलों जैसे आयोजनों में स्वर्ण पदक जीतने से खिलाड़ियों को भले ही क्षणिक ऊर्जा और आत्मविश्वास मिलता हो, लेकिन दीर्घकालिक सफलता के लिए केवल टी-20 या वनडे लीग काफी नहीं हैं। जब तक रणजी ट्रॉफी और अन्य लाल गेंद के घरेलू टूर्नामेंट्स को उनका खोया हुआ सम्मान और कैलेंडर में प्रमुख स्थान वापस नहीं दिया जाता, तब तक भारत के लिए विश्व स्तरीय और तकनीकी रूप से परिपक्व खिलाड़ी तैयार करना मुमकिन नहीं होगा। गावस्कर की यह दो टूक सलाह एक ऐसी घंटी है जिसे बीसीसीआई और आईसीसी दोनों को ही समय रहते सुन लेना चाहिए, अन्यथा खिलाड़ियों का अत्यधिक शारीरिक और मानसिक शोषण भारतीय क्रिकेट की उस नींव को हिला कर रख देगा जिसे दशकों की मेहनत से सींचा गया है। खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और घरेलू क्रिकेट की गरिमा का यह मुद्दा अब केवल एक पूर्व कप्तान की राय नहीं, बल्कि भारतीय खेल जगत की सबसे बड़ी मांग बन चुका है।
900 ATM कार्ड, 167 SIM, 88 पासबुक, 3 गिरफ्तार, 300 करोड़ के फ्रॉड का शक
मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-5 ने साइबर फ्रॉड गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने 900 ATM कार्ड, 167 SIM, 88 पासबुक, 143 चेकबुक, 24 मोबाइल और दो लैपटॉप बरामद किए हैं. जांच में 10 बैंक खातों से 24 करोड़ रुपये के फ्रॉड का लेन-देन सामने आया है. पुलिस को नेटवर्क 350 करोड़ से ज्यादा का होने का शक है.

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