आज के दौर में स्किन केयर और ब्यूटी प्रोडक्ट्स को लेकर महिलाएं बेहद सजग हो चुकी हैं, वे अपने चेहरे पर महंगे सीरम, सनस्क्रीन और मॉइश्चराइजर लगाने से पहले सौ बार सोचती हैं कि उनकी त्वचा को क्या नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि, इस बीच एक बेहद गंभीर और अनदेखा पहलू यह है कि महिलाएं अपने पर्सनल हाइजीन और मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स (Menstrual Products) के चुनाव में उतनी सावधानी नहीं बरतती हैं। हाल ही में जानी-मानी स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynecologists) ने महिलाओं को चेतावनी देते हुए एक बड़ा बयान दिया है कि चेहरे पर क्या लगा रही हैं, इससे कहीं ज्यादा यह जानना जरूरी है कि आपके सैनिटरी पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप में कौन से केमिकल्स और सामग्रियां इस्तेमाल की जा रही हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर आपके रिप्रोडक्टिव हेल्थ को प्रभावित करता है।क्यों खतरनाक हो सकते हैं बाजार में मिलने वाले सामान्य सैनिटरी पैड?विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में बिकने वाले अधिकांश कमर्शियल सैनिटरी पैड्स और पैंटी लाइनर्स को अधिक सफेद और खुशबूदार बनाने के लिए सिंथेटिक फाइबर्स, ब्लीच (Chlorine Bleaching), आर्टिफिशियल फ्रेग्रेन्स और प्लास्टिक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है। जब महिलाएं पीरियड्स के दौरान लगातार कई घंटों तक इन केमिकल्स के संपर्क में रहती हैं, तो वे योनि और आसपास की बेहद संवेदनशील त्वचा (Vaginal Skin) के जरिए शरीर के अंदर आसानी से एब्जॉर्ब हो जाते हैं। इसके परिणाम स्वरूप हार्मोनल असंतुलन, गंभीर एलर्जी, त्वचा का संक्रमण और लॉन्ग टर्म में प्रजनन संबंधी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।महिलाओं को किन बातों का रखना चाहिए खास ध्यान और क्या हैं सुरक्षित विकल्प?गायनेकॉलोजिस्ट्स सलाह देती हैं कि महिलाओं को अपने मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट्स खरीदते समय उनकी पैकेजिंग पर दिए गए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients) को ध्यान से पढ़ना चाहिए। सिंथेटिक और सुगंधित पैड की जगह हमेशा ऑर्गेनिक कॉटन से बने पैड्स, बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन या मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन से बने मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual Cups) का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा, पैड को हर 4 से 6 घंटे के भीतर नियमित रूप से बदलना भी संक्रमण के खतरे को टालने के लिए बेहद जरूरी है। अपनी सुंदरता के साथ-साथ अपने इंटीमेट हेल्थ को लेकर बरती गई यह छोटी सी सावधानी महिलाओं को भविष्य की कई गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों से सुरक्षित रख सकती है।
बिना जिम जाए भी शरीर रहेगा फिट, सुबह घास पर नंगे पैर चलने की ये जादुई आदत बदल देगी आपकी सेहत
आज की इस भागदौड़ भरी और तनावपूर्ण जीवनशैली में खुद को स्वस्थ रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। जिम जाने के लिए घंटों का समय निकालना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं हो पाता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अपने शरीर को एक्टिव और ऊर्जावान नहीं रख सकते। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, इस बात की पुष्टि करता है कि यदि आप अपनी सुबह की शुरुआत महज कुछ मिनट नंगे पैर हरी घास (Dew on Grass) पर चलने की आदत से करें, तो यह आपके संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। यह बेहद सरल सी आदत बिना किसी पसीने बहाए आपके शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ और तरोताजा बनाए रखने में मदद करती है।सुबह ओस से भीगी घास पर चलने से शरीर को मिलते हैं कौन-कौन से अद्भुत फायदे?सुबह के वक्त हरी घास पर नंगे पैर चलना जिसे 'अर्थिंग' (Earthing) या 'ग्राउंडिंग' भी कहा जाता है, सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद होता है। जब आप नंगे पैर घास पर चलते हैं, तो पैरों के तलवों में मौजूद एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे शरीर के внутренних अंगों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है। इसके अलावा, प्रकृति के सीधे संपर्क में आने से आंखों की रोशनी तेज होती है, मानसिक तनाव कम होता है, और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। सुबह की ताजी हवा और पैरों के जरिए मिलने वाली प्राकृतिक ऊर्जा आपके नर्वस सिस्टम को शांत रखती है, जिससे आप पूरे दिन खुद को तरोताजा और एक्टिव महसूस करते हैं।इस आसान सी आदत को अपनाते समय किन लोगों को बरतना चाहिए विशेष ध्यान?यद्यपि घास पर नंगे पैर चलना स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है, लेकिन कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को इसे अपनाते वक्त थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को जोड़ों में गंभीर दर्द, गठिया (Arthritis) या पैरों में किसी तरह की पुरानी चोट की समस्या है, उन्हें सुबह की ठंडक और ओस में बहुत ज्यादा देर तक चलने से बचना चाहिए ताकि उनकी परेशानी न बढ़े। इसके अलावा, डायबिटीज के मरीजों या जिन्हें पैरों में सुन्नपन की शिकायत रहती है, उन्हें पार्क में चलते समय यह जरूर देख लेना चाहिए कि वहां कोई कंकड़, शीशा या नुकीली चीज न हो ताकि पैर सुरक्षित रहें। यदि आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, तो बिना जिम जाए भी आप अपने शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ और चुस्त-दुरुस्त रख सकते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन महीने का महीना भगवान शिव और प्रकृति की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस पावन मास में आने वाली अमावस्या तिथि को 'हरियाली अमावस्या' (Hariyali Amavasya) के रूप में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, हरियाली अमावस्या के दिन पेड़-पौधे लगाना और उनका संवर्धन करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस खास दिन विधि-विधान के साथ कुछ विशेष और पवित्र पौधों को रोपने से न सिर्फ पर्यावरण हरा-भरा होता है, बल्कि पितृ दोष शांत होता है और सात जन्मों या पीढ़ियों तक पितरों के साथ-साथ देवी-देवताओं की कृपा भी साधक के परिवार पर बरसती रहती है।कौन से पौधे लगाने से मिलती है पितृ दोष से मुक्ति और बरसती है कृपा?ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि हरियाली अमावस्या के दिन यदि अपनी राशि या नक्षत्र के अनुसार कुछ विशेष पौधे घर के आसपास या मंदिर परिसर में लगाए जाएं, तो इसके अद्भुत परिणाम देखने को मिलते हैं। इस दिन पीपल, बरगद, नीम, आंवला और तुलसी जैसे पवित्र पौधों को लगाना बेहद कल्याणकारी माना जाता है। इन पेड़ों में देवताओं और पितरों का वास माना गया है। विशेष रूप से पीपल और बरगद के पेड़ का रोपण करने और नियमित रूप से जल देने से पितृगण अत्यंत तृप्त होते हैं, जिससे परिवार में आ रही समस्त बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।हरियाली अमावस्या पर पौधा लगाते समय किन बातों का रखें खास ध्यान?पौधे लगाने का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी बहुत आवश्यक है। हरियाली अमावस्या के दिन सुबह स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण करके किसी पवित्र स्थान, मंदिर, पार्क या अपने घर के आंगन में शुभ मुहूर्त में पौधे लगाएं। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित रूप से देखभाल करने और उसे सींचने का संकल्प जरूर लें, क्योंकि सूखे या नष्ट हुए पौधे नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। यदि आप सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ प्रकृति की सेवा करते हैं, तो आपको ग्रहों के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के द्वार खुलने लगते हैं।
12 अगस्त को साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण: कहीं छाएगा पूर्ण अंधेरा तो कहीं दिखेगा आंशिक नजारा
खगोल प्रेमियों के लिए साल 2026 का सबसे रोमांचक और बहुप्रतीक्षित दिन आ चुका है। आज यानी 12 अगस्त 2026 को दुनिया के कई हिस्सों में एक दुर्लभ खगोलीय घटना के रूप में पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) लगने जा रहा है। इस खगोलीय नजारे के दौरान चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरते हुए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा, जिससे दिन में भी रात जैसा अंधेरा छा जाएगा। इस अद्भुत घटना को लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों और स्काई-वॉचर्स में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।किन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण और कहां होगा आंशिक असर?नासा (NASA) और अंतरिक्ष विज्ञान एजेंसियों के मुताबिक, इस पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग (Path of Totality) उत्तरी गोलार्ध के कई चुनिंदा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। यह दुर्लभ नजारा मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, आर्कटिक महासागर, स्पेन और पुर्तगाल के छोटे से हिस्से में पूरी तरह साफ नजर आएगा। इन इलाकों में रहने वाले लोग कुछ मिनटों के लिए सूरज को पूरी तरह ढका हुआ और उसका बाहरी आवरण यानी कोरोना (Corona) स्पष्ट रूप से देख सकेंगे। इसके अलावा, यूरोप के बाकी हिस्सों, उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों, कनाडा और उत्तर-पश्चिम अफ्रीका में यह ग्रहण आंशिक (Partial Solar Eclipse) रूप में दिखाई देगा।क्या भारत में नजर आएगा 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण?भारतीय खगोल प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा? तो इसका जवाब है— नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। भारतीय समय के अनुसार (IST), यह ग्रहण 12 अगस्त की रात को शुरू होकर 13 अगस्त की तड़के तक चलेगा। चूँकि इस अवधि के दौरान भारत में रात का समय होगा और सूरज क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए देशवासी इस खगोलीय घटना को अपनी आंखों से सीधे नहीं देख पाएंगे। भारत में दृश्य न होने के कारण यहाँ किसी भी प्रकार का सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होगा। हालांकि, जो लोग इस रोमांचक घटना को लाइव देखना चाहते हैं, वे नासा (NASA) के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन ब्रॉडकास्ट के जरिए इसकी लाइव स्ट्रीमिंग का लुत्फ उठा सकते हैं।
मंगल मिलन में NDA सांसदों ने PM Modi का तिरंगे के साथ किया स्वागत, लगाए वंदे मातरम के नारे
मंगलवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में सत्ताधारी गठबंधन की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक के लिए पहुँचे, तो NDA सांसदों ने राष्ट्रीय ध्वज के साथ और 'वंदे मातरम' व 'भारत माता की जय' के नारों के साथ उनका स्वागत किया। 'मंगल मिलन' नाम की यह बैठक संसद पुस्तकालय के GMC बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित की गई थी, जिसमें केंद्रीय मंत्री, NDA नेता और सहयोगी दलों के सांसद शामिल हुए। इसे भी पढ़ें: जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy वहाँ मौजूद लोगों में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और एस जयशंकर शामिल थे। NDA सहयोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों में JD(S) के एचडी कुमारस्वामी, TDP के किंजरापु राम मोहन नायडू, RSP-A के रामदास बंडू अठावले, NCP के प्रफुल्ल पटेल, RLM के उपेंद्र कुशवाहा और NCPI की शताब्दी रॉय शामिल थे। संसद सत्र के दौरान हर मंगलवार को NDA संसदीय दल की बैठक होती है। 20 जुलाई को शुरू हुआ मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म होने वाला है। इस सत्र में बार-बार कार्यवाही स्थगित हुई और कामकाज में रुकावटें आईं, जिससे विधायी कामकाज बहुत कम हो पाया। संसद ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' और चार अन्य बिल बिना किसी खास बहस के पास कर दिए। विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा ने तीन और बिल पास किए। इसे भी पढ़ें: क्या Rahul Gandhi के इशारे पर Jharkhand में युवाओं पर हुआ लाठीचार्ज? Anurag Thakur का बड़ा आरोप विपक्ष ने शुरुआत में NEET पेपर लीक का मुद्दा उठाया और अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने NEET मुद्दे पर विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा की मांग की, साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी और उनके बयानों की भी मांग की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बाइक बुक की, ड्राइवर ले आया कार! युवती ने पोस्ट लिखकर सुनाई आपबीती
ऐप से बुक होने वाली राइड्स ने सफर आसान किया है, लेकिन नोएडा की इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक अहम सवाल फिर सामने ला दिया है.
'तमिल से ज्यादा ईसाई धर्म ने सिखाया', वित्त मंत्री के बयान पर विवाद
तमिलनाडु के वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने कहा कि ईसाई धर्म ने उन्हें तमिल भाषा से ज्यादा सिखाया है. उनके इस बयान को लेकर सियासत गरमा गई है. MDMK विधायक टी.एम. राजेंद्रन ने मंत्री की तमिल भाषा पर सवाल उठाए. वहीं बीजेपी ने मंत्री से सार्वजनिक माफी की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के लाखों स्कूली छात्रों के लिए शिक्षा के मोर्चे पर एक बेहद काम की और राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए छात्रवृत्ति (Scholarship) योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। राज्य के जो छात्र कक्षा 9, 10, 11 और 12 में अध्ययनरत हैं, वे अब आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपनी छात्रवृत्ति के लिए रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि पैसों की कमी किसी भी बच्चे के सपनों के आड़े न आए।कौन-कौन कर सकता है आवेदन और क्या है पात्रता के नियम?उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने के लिए छात्रों को कुछ जरूरी पात्रता मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है। आवेदक छात्र का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है और वह राज्य के मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या संस्थान में कक्षा 9 से 12 के बीच नियमित छात्र के रूप में अध्ययनरत होना चाहिए। इसके अलावा, छात्र के परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित आय सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए। आवेदन करते समय छात्रों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पिछले साल की मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और फीस रसीद तैयार रखनी होगी ताकि फॉर्म भरते समय किसी प्रकार की तकनीकी दिक्कत का सामना न करना पड़े।आवेदन करने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियांछात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति के आधिकारिक पोर्टल (scholarship.up.gov.in) पर जाकर अपना ऑनलाइन फॉर्म भर लें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को अपने शिक्षण संस्थान से फॉर्म को सत्यापित करवाकर संबंधित जिले के समाज कल्याण विभाग में जमा कराना होगा ताकि समय पर स्कॉलरशिप की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सके। समय सीमा और सही दस्तावेजों की जानकारी के लिए पोर्टल पर समय-समय पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों को जरूर चेक करते रहें।
जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy
बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को बीजेपी और विपक्षी पार्टियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां मॉनसून सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रही हैं ताकि केंद्र और राज्य सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में BSP प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी देश के युवाओं, यानी 'जेन Z' के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध सीधे तौर पर छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि BSP इन मुद्दों का समाधान खोजने की पूरी कोशिश कर रही है। इसे भी पढ़ें: मैं 30 साल का और वे लोग 50 साल के..मायावती के भतीजे ने UP के 2 लड़कों को क्यों कहा 'अंकल' BSP प्रमुख मायावती ने कहा जैसा कि सभी जानते हैं, कुछ समय से सत्ता पक्ष और विपक्ष (BJP, कांग्रेस और अन्य) किसी न किसी मुद्दे पर संसद में बाधा डाल रहे हैं और जनहित के अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान भटका रहे हैं। हो सकता है कि केंद्र और राज्यों में अपनी सरकारों की कमियों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उनके बीच कोई अंदरूनी समझौता हो, या फिर इन मुद्दों पर बात करने से बचने के लिए कोई साजिश हो। देश के लोग साफ देख सकते हैं कि क्या हो रहा है। अब देश के युवा, यानी 'जेन Z', अपनी कई समस्याओं को लेकर बहुत परेशान और चिंतित हैं। BSP हमेशा से अपनी राजनीतिक सोच के तहत उनके साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। उनका विरोध छात्रों और उनके माता-पिता की समस्याओं से जुड़ा है। BSP इसका समाधान खोजने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। मायावती का यह बयान तब आया जब आज संसद परिसर में विपक्षी सांसदों - जिनमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव और डिंपल यादव शामिल थे - ने अयोध्या में राम मंदिर में दान में कथित चोरी और हेराफेरी तथा झारखंड में विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद विपक्ष श्री राम जन्मभूमि मंदिर को दिए गए दान में कथित अनियमितताओं पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है और साथ ही हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ किए गए व्यवहार पर सरकार से जवाब भी मांग रहा है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सरकार दोनों मुद्दों पर बयान दे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर जवाब देने को तैयार नहीं हैं। डिंपल यादव ने कहा, हम दोनों मुद्दों पर बयान चाहते हैं, लेकिन गृह मंत्री बिल्कुल भी सदन में आकर बयान नहीं देना चाहते।
13 लाख की नौकरी छोड़ी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई की और मिला 1.5 करोड़ का बंपर पैकेज
साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले और कड़ी मेहनत के दम पर आसमान छूने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। एक स्थानीय फोटोग्राफर के होनहार बेटे ने अपनी 13 लाख रुपये सालाना की स्थापित नौकरी को अलविदा कहकर कुछ हटकर करने का जोखिम उठाया। उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अपनी उच्च शिक्षा और कौशल को निखारने का फैसला किया। उसकी इस मेहनत का ऐसा शानदार सिला मिला कि आज उसे देश-विदेश से 1.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सालाना पैकेज ऑफर हुआ है, जिसकी चर्चा आज हर तकनीकी गलियारे में हो रही है।साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर तकनीक की दुनिया में छाई चमकइस युवा की सफलता की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। एक फोटोग्राफर पिता के घर जन्मे इस लड़के ने बचपन से ही सीमित संसाधनों के बीच संघर्ष और अनुशासन का माहौल देखा था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने शुरुआती दिनों में एक सामान्य नौकरी पकड़ ली थी, जहां उसे 13 लाख रुपये का पैकेज मिल रहा था। हालांकि, उसका सपना तकनीक की दुनिया में एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल करने का था। जब दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का बूम शुरू हुआ, तो उसने बिना डरे अपनी सुरक्षित नौकरी छोड़ने का कठिन निर्णय लिया और पूरी लगन के साथ एआई की गहन पढ़ाई में जुट गया।एआई स्किल्स की ताकत और युवाओं के लिए बड़ा संदेशआज के इस आधुनिक दौर में जहां Generative AI और डेटा साइंस का बोलबाला है, वहां सही समय पर सही तकनीक चुनना ही किसी भी करियर को रातों-रात बदल सकता है। इस युवा ने अपनी कोडिंग स्किल्स और एआई प्रोजेक्ट्स के जरिए दुनिया की दिग्गज तकनीकी कंपनियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उसका यह सफर आज के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर कुछ नया सीखना चाहते हैं। फोटोग्राफर के बेटे की इस असाधारण सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि आपके पास पक्का इरादा और सही दिशा में तकनीकी ज्ञान हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं है।
कौन हैं तेज-तर्रार आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी, जिन्हें सौंपी गई उच्च शिक्षा विभाग की बड़ी जिम्मेदारी
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में अपनी बेदाग कार्यशैली, प्रशासनिक दक्षता और उत्कृष्ट निर्णयों के लिए पहचानी जाने वाली वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीप्ति गौर मुखर्जी को एक बार फिर बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने उन्हें देश के उच्च शिक्षा विभाग (Higher Education Department) की कमान सौंपी है। प्रशासनिक गलियारों में उनके इस नए और महत्वपूर्ण पदभार संभालने की चर्चा जोरों पर है। अपनी शानदार सर्विस प्रोफाइल और विभिन्न विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर अपनी एक खास पहचान बनाने वाली आईएएस दीप्ति गौर मुखर्जी का यह सफर आज के युवा सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा बना हुआ है।प्रशासनिक सफर और शानदार कार्यकुंभ का अनुभवदीप्ति गौर मुखर्जी ने अपने लंबे और सफल प्रशासनिक करियर के दौरान विभिन्न मंत्रालयों और महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। उनकी गिनती देश के उन चुनिंदा और अनुभवी आईएएस अधिकारियों में होती है जो जटिल से जटिल नीतियों को धरातल पर उतारने में महारत रखते हैं। उच्च शिक्षा विभाग जैसे अहम मोर्चे पर उनकी नियुक्ति को सरकार का एक बेहद रणनीतिक और दूरदर्शी कदम माना जा रहा है, क्योंकि देश की नई शिक्षा नीति (NEP) और उच्च शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण के दौर में ऐसे कुशल नेतृत्व की खासी जरूरत है।युवाओं और महिला अधिकारियों के लिए एक प्रेरणास्त्रोतएक महिला प्रशासनिक अधिकारी के रूप में दीप्ति गौर मुखर्जी ने यह साबित कर दिया है कि लगन, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया जाए तो हर मुकाम को हासिल किया जा सकता है। सिविल सेवा की तैयारी करने वाले हजारों छात्र-छात्राएं उनके कामकाज के तरीके और प्रशासनिक अनुशासन का अनुसरण करते हैं। उच्च शिक्षा विभाग में उनके आने से अकादमिक सुधारों, शोध संस्कृति को बढ़ावा देने और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में नए मील के पत्थर स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस्लामिक NATO जैसा ही बना था 'बगदाद पैक्ट', जंग हुई तो दो टुकड़ों में बंट गया PAK, नहीं आई मदद
बगदाद पैक्ट पर हस्ताक्षर कर पाकिस्तान खूब डींगें हाक रहा था. लेकिन जब 1965 और 71 की जंग आई तो पाकिस्तान के सारे कथित 'दोस्त' बस आश्वासन देते रह गए. 71 की लड़ाई में तो पाकिस्तान दो टुकड़ों में बंट गया. अब पाकिस्तान ने मक्का पैक्ट साइन किया है और बार बार कह रहा है कि किसी भी एक मुल्क पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा.
देश के चर्चित और सनसनीखेज रेलूराम पूनिया हत्याकांड मामले में कानूनी लड़ाई अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बहुचर्चित हत्याकांड के दोषी ठहराए गए सोनिया और संजीव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अंतिम बहस (Final Arguments) जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले इस हाई-प्रोफाइल मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दोषियों को अंतरिम जमानत प्रदान की जा चुकी है, जिसके बाद अब शीर्ष अदालत में होने वाली यह सुनवाई इस मामले के भविष्य और सजा की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।क्या है पूरा रेलूराम पूनिया हत्याकांड और इसका इतिहास?यह रूह कंपा देने वाला मामला हरियाणा के हिसार जिले से जुड़ा है, जहां पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया समेत उनके परिवार के छह सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। जांच के दौरान अदालत ने रेलूराम की बेटी सोनिया और उसके पति संजीव को इस सामूहिक हत्याकांड का मास्टरमाइंड और दोषी करार देते हुए निचली अदालत से मौत की सजा सुनाई थी। बाद में कानूनी प्रक्रियाओं के तहत सजा के प्रावधानों और अपीलों पर विचार करते हुए अदालतों में लंबी सुनवाई का दौर चला, जो अब सुप्रीम कोर्ट के अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुका है।सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी सबकी निगाहेंचूंकि सोनिया और संजीव को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अंतरिम राहत यानी जमानत मिल चुकी है, इसलिए पीड़ित पक्ष और कानूनी जानकारों की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट की इस अंतिम बहस पर टिकी हुई हैं। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष तमाम साक्ष्यों, कानूनी पहलुओं और तर्कों को रखा जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल मामले का फैसला भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिस पर पूरे क्षेत्र और देश भर के लोगों की पैनी नजर बनी हुई है।
सांप के काटने से कैसे हो जाती है मौत, क्यों नहीं बच पाती जान
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के एक आवासीय स्कूल में जहरीले सांप के काटने से तीन छात्राओं की मौत हो गई है जबकि अन्य छात्राओं का इलाज अस्पताल में जारी है. इस घटना से यह सवाल उठता है कि सांप के काटने के बाद मौत कैसे हो जाती है, क्यों कुछ मामलों में डॉक्टरों के लिए मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है?
Kharge का सीधा वार: सरकार मुद्दों से भाग रही, Parliament में विपक्ष अपना रुख नहीं बदलेगा
मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि संसद में गतिरोध जारी रहने के बावजूद विपक्ष अपनी मांगों पर शुरू से ही अडिग रहा है और उसने अपना लक्ष्य नहीं बदला है। खड़गे ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री अमित शाह प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, जिसमें पैलेट गन का इस्तेमाल भी शामिल है, पर बयान दें। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 18 दिनों से अनसुलझा है। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद खड़गे ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि हम अपना रुख नहीं बदल रहे हैं। शुरू से ही हमारा स्टैंड एक जैसा रहा है और हमारे तीन खास मुद्दे हैं। पहला मुद्दा छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग का है - हम जानना चाहते हैं कि आदेश किसने दिए और यह सब कैसे हुआ; हम इस बारे में सदन में बयान चाहते हैं। दूसरा, लाठीचार्ज की वजह से कई छात्र बीमार पड़ गए या उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा; 100 से ज़्यादा छात्रों को मामूली चोटें आईं और कई छात्र पैलेट गन से घायल हुए। हम इस मामले पर भी बयान चाहते हैं। 18 दिन बीत चुके हैं, लेकिन बयान देने की कोई इच्छा नहीं दिखाई जा रही है। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वे बस जल्दबाजी में अपनी बात कहकर आगे बढ़ जाना चाहते हैं; यही उनका मकसद है। दूसरा मुद्दा 'चंदा चोरी' का है और तीसरा मुद्दा माफ़ी मांगने की मांग है। ये तीनों मुद्दे शुरू से ही उठाए गए हैं, अभी भी अहम हैं और जब तक इनका समाधान नहीं हो जाता, तब तक ये बने रहेंगे। खड़गे ने कहा कि झारखंड में छात्रों का विरोध-प्रदर्शन एक अलग मुद्दा है और सवाल उठाया कि क्या सभी मामलों पर एक साथ चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह एक अलग मुद्दा है। सैकड़ों मुद्दे हैं, उन पर अलग-अलग चर्चा होती है? क्या हम हर मुद्दे को एक ही दिन उठाते हैं? इसे भी पढ़ें: Jharkhand में Student Protest जारी! JPSC-JSSC पर बेनतीजा वार्ता से भड़का आक्रोश, BJP का बंद उनकी यह टिप्पणी उस घटना के एक दिन बाद आई है जब उन्होंने और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में जारी गतिरोध के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को जिम्मेदार ठहराया था। सरकार के यह कहने के बाद कि गृह मंत्री छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई पर बहस का जवाब देने के लिए तैयार हैं, गांधी ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि शाह यह साफ़ करें कि क्या उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया था, न कि वे आम विषयों पर बयान दें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
80 साल से लाल किले पर क्यों नहीं गाया वंदे मातरम? अब किस कानून से होगी शुरुआत, विवाद की जड़ क्या
लाल किले की प्राचीर से इस बार इतिहास रचने जा रहा है! 15 अगस्त के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले, पूरे लाल किले में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' की गूंज सुनाई देगी। आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक और मुख्य प्रोटोकॉल में वंदे मातरम को यह विशेष स्थान दिया गया है। अब तक के कड़े सैन्य और राष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत ध्वजारोहण समारोह में केवल राष्ट्रगान 'जन गण मन' को प्राथमिकता दी जाती थी। इतना ही नहीं, 1937 में सर्वसम्मति और विविधता का ध्यान रखते हुए इसके पहले दो छंदों को ही अपनाया गया था। लेकिन रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नए और ऐतिहासिक प्रोटोकॉल बदलावों के तहत, इस बार पूरे 'वंदे मातरम' के ओजस्वी स्वरों से देश के स्वाभिमान का नया अध्याय शुरू होगा! इसे भी पढ़ें: भूटान में भारत ने रोकी चीन की एंट्री, जानें कैसे बीजिंग के काल्पनिक संसार की उड़ी धज्जियां आपत्तियां, सीमांकन और ऐतिहासिक मोड़ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की कविता के शुरुआती दो पद तो मातृभूमि की सामान्य स्तुति हैं, लेकिन बाद के पदों में हिंदू देवियों (जैसे दुर्गा) का साफ़ ज़िक्र और उनसे जुड़ी कल्पनाएँ हैं। इन धार्मिक संदर्भों पर मुस्लिम लीग और अन्य लोगों की आपत्तियों के कारण, 1937 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर जैसी हस्तियों की सलाह पर बाद के पदों को हटाने और सार्वजनिक राजनीतिक मंचों के लिए केवल शुरुआती दो पदों का इस्तेमाल करने का फ़ैसला किया। जब भारत एक गणतंत्र बना, तो 1950 में संविधान सभा ने 'जन गण मन' को आधिकारिक राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम' के शुरुआती दो पदों को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया। इस तरह उन्हें बराबर सम्मान तो दिया गया, लेकिन सरकारी प्रोटोकॉल के लिए धर्मनिरपेक्ष संतुलन भी बनाए रखा गया। राष्ट्रीय समारोहों में लंबे समय से चली आ रही रस्मी परंपरा में बदलाव हो रहा है। स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में, राष्ट्रगान से ठीक पहले लाल किले की प्राचीर से 'वंदे मातरम' बजाया जाएगा। संसद ने 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) अधिनियम' पारित किया है, जिसके तहत 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा दिया गया है और जान-बूझकर इसमें बाधा डालने या इसका अनादर करने को दंडनीय अपराध बनाया गया है। किस कानून में हुआ बदलाव? संसद ने पिछले महीने जुलाई में ही Pराष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पास कर दिया है, जिसके तहत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा मिल गया। इसके साथ ही इसके गायन के दौरान जानबूझकर बाधा पैदा करने को अपमान और दंडनीय अपराध के तौर पर माना जाएगा। अभी तक साल 1971 में राष्ट्रगान से जुड़ा ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर ऐक्ट’ आया था। इसके सेक्शन 2 और सेक्शन 3 के तहत गीत के गायन के दौरान अपमान करने को कानूनन अपराध घोषित किया गया। अब इसी 1971 के ऐक्ट में संशोधन करके वंदे मातरम को भी जोड़ दिया गया है। वायुसेना क्या करने वाली है बताया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर एक बड़ा ध्वज भी लेकर उड़ने वाला है, जो वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने को दर्शाएगा। वैसे, इस बार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की युवा शक्ति को भी सम्मानित किया जाएगा। 2047 तक विकसित भारत की दिशा में जो युवा अहम योगदान दे रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी उनका सम्मान करेंगे।
अमेरिका में पढ़ाई का सपना रह गया अधूरा, सड़क हादसे में भारतीय छात्र की मौत
इस हादसे के बाद न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार से संपर्क कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया है, जबकि नॉर्थ अमेरिका तेलुगु सोसाइटी ने आर्थिक मदद के लिए फंडरेजर शुरू किया है. परिवार अब अंतिम संस्कार के लिए शव को भारत लाने की तैयारी में जुटा है.
सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ (Chandigarh) से एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को हिला देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। शहर की शान माने जाने वाली प्रतिष्ठित पंजाब यूनिवर्सिटी (Punjab University) और चार प्रमुख स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की गंभीर धमकी दी गई है। इस सनसनीखेज धमकी भरा संदेश सामने आते ही पुलिस प्रशासन, बम डिस्पोजल स्क्वाड और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में सभी परिसरों को तुरंत खाली कराया गया और भारी पुलिस बल के साथ बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन (Search Operation) चलाया जा रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।क्या है पूरा मामला और किस तरह भेजी गई धमकी?प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ के कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों और पंजाब यूनिवर्सिटी के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक अज्ञात शख्स या ग्रुप की ओर से यह धमकी भरा मेल भेजा गया था। मेल में दावा किया गया है कि परिसरों में खतरनाक विस्फोटक छिपाए गए हैं, जो कभी भी फट सकते हैं। सुबह-सुबह जैसे ही संबंधित अधिकारियों ने इन ईमेल्स को देखा, तुरंत चंडीगढ़ पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। शहर में लगातार मिल रही ऐसी धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया है और साइबर सेल की मदद से मेल भेजने वाले आईपी एड्रेस (IP Address) का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।स्कूलों और यूनिवर्सिटी में चला सघन सर्च अभियान, सुरक्षा कड़ीधमकी मिलने के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों और चारों नामी स्कूलों के परिसरों में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाल लिया है। डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर्स की मदद से कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। हालांकि, शुरुआती जांच-पड़ताल के दौरान अभी तक किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, जिसे सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर परिसरों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
10वीं में 52%, 3 बार IIT में फेल, अब BPSC पास कर बनें अधिकारी
पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं... यह कहावत आपने कभी न कभी अपने घर पर सुना ही होगा. लेकिन SDM राहुल सिन्हा का मानना है कि यह कहावत बिल्कुल गलत है. करीब 12 साल लगातार संघर्ष करने के बाद उन्होंने न केवल सरकारी नौकरी पाई बल्कि BPSC जैसा बड़ा एग्जाम पास कर लिया है.
नोएडा : पीजी में असम की युवती का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला स्थित एक पीजी के कमरे करीब 19 वर्षीय युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मंगलवार को जानकारी देते हुए […] The post नोएडा : पीजी में असम की युवती का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज appeared first on Sabguru News .
मंगलवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके ने झारखंड पब्लिक सर्विस एग्ज़ाम में गड़बड़ियों को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे स्टूडेंट लीडर देवेंद्र नाथ महतो को प्रेरणा की आवाज़ बताया। दिपके ने महतो से फ़ोन पर बात की। महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर होने के बावजूद सोमवार को झारखंड विधानसभा तक निकाले गए मार्च में शामिल हुए थे। महतो ने सोमवार रात X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि देर रात हमारी बातचीत CJP के फाउंडर अभिजीत दिपक से हुई। उन्होंने हमसे बात की, हमारी सेहत के बारे में पूछा और अपना पूरा समर्थन देने की बात कही। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि जब राजनीतिक पार्टियां विरोध-प्रदर्शन करती हैं, तो आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता? सिर्फ़ छात्रों के ख़िलाफ़ ही इसका इस्तेमाल क्यों हो रहा है? मैंने देवेंद्र महतो से बात की, जिन्होंने मुझे बताया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया, जबकि वे पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर थे। देश की सभी सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर ज़ुल्म करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है। ऐसी बर्बरता नहीं होनी चाहिए। हमने देवेंद्र महतो को अपना समर्थन देने का भरोसा दिलाया। झारखंड में हमारी टीम छात्रों के साथ मिलकर काम कर रही है। छात्र आंदोलनों के बीच यह एकजुटता ऐसे समय में देखने को मिल रही है जब सत्ताधारी BJP ने झारखंड में JMM के नेतृत्व वाली सरकार (जिसमें कांग्रेस भी गठबंधन सहयोगी है) के खिलाफ़ आक्रामक रुख अपना लिया है। यह विरोध राज्य लोक सेवा परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ़ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर वॉटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल को लेकर है। मंगलवार को संसद के मुख्य गेट पर सत्ताधारी NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के सांसद आमने-सामने आ गए। उन्होंने झारखंड में नौकरी के उम्मीदवारों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया और जवाबी नारे लगाए। इसे भी पढ़ें: सामाजिक न्याय के लिए Tamil Nadu का संकल्प, NEET के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास जहां NDA सांसदों ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश भर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर बहस से भाग रहे हैं, वहीं INDIA गठबंधन के सांसदों ने 20 जुलाई को पेपर लीक को लेकर हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
'संन्यास के बाद सचिन का फोन आया, कोहली-रोहित ने...', रहाणे ने खोला राज
अजिंक्य रहाणे ने अपने संन्यास के बाद पूर्व भारतीय साथियों की प्रतिक्रिया का खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि सचिन तेंदुलकर ने सबसे पहले फोन कर कहा कि उन्हें उम्मीद थी रहाणे अभी और खेलेंगे. इरफान पठान ने भी कॉल किया, जबकि चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने मैसेज किया. रहाणे ने कहा कि उन्हें कोई पछतावा नहीं है.
'होंठ काटा, विरोध पर पीटा...', हरदोई में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से शर्मनाक हरकत
हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला से बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है. आरोप है कि गांव का 50 वर्षीय भगवान सिंह कुशवाहा नशे की हालत में ट्यूबवेल पर पहुंचा और महिला से अभद्रता की. विरोध करने पर उसके होंठ पर काटा और मारपीट की.
पंचकूला। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वैध विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) रखने वाले दिव्यांगजन उपनगरीय खंडों पर चलने वाली ट्रेनों और साधारण यात्री ट्रेनों में दिव्यांगजनों के लिए चिह्नित अनारक्षित सवारी डिब्बों में यात्रा कर सकेंगे, भले ही उन्हें रेलवे की ओर से किराये में रियायत की सुविधा नहीं दी गई […] The post वैध यूडीआईडी कार्ड वाले दिव्यांगजन उपनगरीय और साधारण यात्री ट्रेनों के चिह्नित डिब्बों में कर सकेंगे यात्रा appeared first on Sabguru News .
राख हुई दुनिया... ग्रीस में आग का अटैक! एथेंस में धधका जंगल
ग्रीस में गर्मी के बीच जंगल की आग ने फिर चिंता बढ़ा दी है. एथेंस के पास कूवारास में लगी आग बुझाने के लिए 172 दमकलकर्मी जुटे हैं, जबकि देश के सात इलाकों में फायर रिस्क बहुत ज्यादा है.
श्रावणी अमावस्या पर लगेगा सूर्य ग्रहण, पितरों का तर्पण होगा या नहीं
Hariyali Amavasya 2026: इस बार 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. साथ ही इस दिन हरियाली अमावस्या भी पड़ रही है. इसलिए इस दिन महत्व ओर ज्यादा बढ़ गया है. लेकिन, ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक मान्य नहीं होगा.
X पर वीडियो पोस्ट कर बुरा फंसे हरभजन सिंह, जानें क्यों हुए ट्रोल?
एक वीडियो पर बुरे फंसे हैं बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह. हरभजन सिंह ने कल एक वीडियो शेयर किया, इस वीडियो में नशे की हालत में दो युवा दिख रहे हैं. लेकिन बाद में पता चला कि वीडियो पंजाब का है ही नहीं. पंजाब की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह वीडियो पंजाब का नहीं, बल्कि राजस्थान के श्रीगंगानगर का है. इसके बाद सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह को जमकर ट्रोल किया जा रहा है.
बिना चूल्हे के तवे पर ऐसे बनाएं टेस्टी लिट्टी-चोखा, रेसिपी है आसान
Litti Chokha Recipe: बारिश के मौसम में गरमा-गरम लिट्टी-चोखा खाने का मजा ही कुछ अलग होता है. आज हम आपको तवे पर बाजार जैसा टेस्टी लिट्टी-चौखा बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिसे आप घर पर बेहद आसानी से तैयार कर सकते हैं.
कल का मौसम: 12 अगस्त को यूपी के इन जिलों में होगी बारिश, IMD का लेटेस्ट अलर्ट
UP Weather Forecast: 12 अगस्त को यूपी में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा. IMD के मुताबिक कल पश्चिमी और पूर्वी यूपी के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि आगरा, मैनपुरी, फिरोजाबाद, गोरखपुर, झांसी, जालौन, ललितपुर, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र समेत कई जिलों में बारिश के आसार हैं. सोनभद्र में कई जगह मध्यम बारिश हो सकती है.
राहुल गांधी देशद्रोही शक्तियों के हाथ आ चुके हैं, Kangana Ranaut का कांग्रेस नेता पर वार
कंगना रनौत ने संसद के बाहर NDA के दूसरे सांसदों के साथ विरोध मार्च में शामिल होकर राहुल गांधी की आलोचना की। यह मार्च संसद लाइब्रेरी से मकर द्वार की ओर निकाला गया। इस एक्टर-नेता ने विपक्ष पर बार-बार संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया और विपक्ष के नेता से उठाए जा रहे मुद्दों पर जवाब देने को कहा। न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए कंगना ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर बहस की मांग करने के बावजूद इस मामले पर चर्चा करने से इनकार कर दिया। इसे भी पढ़ें: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को', आकाश आनंद के नये नारे ने उड़ा दी UP में सारे राजनीतिक दलों की नींद कंगना ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया है। पहले उन्होंने कहा था कि वे कॉकरोच वाले विरोध प्रदर्शन पर बात करना चाहते हैं। लेकिन जब उनका स्वागत किया गया, तो उन्होंने इस मुद्दे पर बात करने से मना कर दिया। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप देख सकते हैं कि वे आपके देश को कितना धोखा दे रहे हैं। वे संसद को एक दिन भी नहीं चलने दे रहे हैं। कंगना ने कहा कि पहले तो उन्होंने (विपक्ष ने) चर्चा कराने के लिए इतना हंगामा किया। अब जब चर्चा होने जा रही है, तो वे उससे भाग रहे हैं। वे अमित शाह जी की बात नहीं सुनना चाहते। ऐसे में सदन कैसे चलेगा? देश देख रहा है कि वे किस तरह देश-विरोधी ताकतों के हाथों में पड़ गए हैं। यह शर्म की बात है कि उन्होंने इस दौरान सदन को एक दिन भी नहीं चलने दिया। विरोध मार्च के दौरान, कंगना को एक तख्ती पकड़े हुए देखा गया, जिस पर लिखा था, झारखंड में छात्रों पर हुई हिंसा पर राहुल गांधी जवाब दो! एनडीए सांसदों ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नारे भी लगाए, जिनमें 'राहुल गांधी जवाब दो' और 'राहुल गांधी भागो मत' शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में Student Protest जारी! JPSC-JSSC पर बेनतीजा वार्ता से भड़का आक्रोश, BJP का बंद सोमवार को सरकार ने घोषणा की थी कि गृह मंत्री शाह देश के अलग-अलग हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर बहस करेंगे। हालांकि, गांधी ने कहा कि देश संसद में आम विषयों पर शाह की राय जानने में दिलचस्पी नहीं रखता है, बल्कि यह जानना चाहता है कि क्या उन्होंने विरोध कर रहे छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया था। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि गांधी की सोच दुनिया के सामने आ गई है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो के साथ राज्य में मारपीट की गई। कांग्रेस झारखंड में गठबंधन सरकार का हिस्सा है। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि झारखंड में कथित तौर पर बच्चों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। #WATCH | Delhi | BJP MP Kangana Ranaut says, First, they (the Opposition) raised so much ruckus to have a discussion. Now, when a discussion is going to be held, they are running away from it. They don't want to hear Amit Shah ji. How will the House function like this? The… pic.twitter.com/mX0hUMzEJf — ANI (@ANI) August 11, 2026
Tamil Nadu Assembly: TVK सरकार ने FCRA Bill के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश कर केंद्र सरकार से ‘विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को वापस लेने की मांग की। स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने सदन में प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया कि एफसीआरए संशोधन विधेयक के प्रावधान परमार्थ संगठनों की स्वायत्तता और विशेष रूप से अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक और सामाजिक कल्याण संस्थानों के कामकाज पर प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी संशोधन में नैसर्गिक न्याय, समानता के अधिकार, संपत्ति के अधिकारों की सुरक्षा, वैध अधिकारों और संघवाद का ध्यान रखा जाना चाहिए। सदन में पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘विदेशी अंशदान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ-साथ, कानूनी रूप से काम करने वाले परमार्थ, शैक्षिक, चिकित्सा, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कल्याण संगठनों के अधिकारों की भी रक्षा की जानी चाहिए।’’विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर ने विधायकों को इस प्रस्ताव पर अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया। देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कषगम (डीएमडीके) की प्रमुख प्रेमलता विजयकांत ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी।
ED ने Chhattisgarh शराब घोटाले में रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, यह कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ जब छत्तीसगढ़ में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों के एक ‘‘अपराधिक’’ सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग को ‘‘पूरी तरह से अपने नियंत्रण’’ में ले लिया था, जिससे राज्य को 2,883 करोड़ रुपये के राजस्व का ‘‘भारी नुकसान’’ हुआ। एजेंसी अब तक छह आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और 81 लोगों को आरोपी बनाया है जिनमें भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हैं।
Rajya Sabha में बोले सभापति सीपी राधाकृष्णन, मैं हमेशा खरगे के ही दबाव में रहता हूं
राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मल्लिकार्जुन खरगे की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा विपक्ष के नेता के दबाव में रहते हैं। राधाकृष्णन यह बात एक बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक दोपहर बारह बजे पुन: शुरू होने पर कही। दोपहर 12 बजे बैठक शुरू होने पर सभापति ने प्रश्नकाल शुरू किया। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे खड़े हुए और राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग की। सभापति ने इसकी अनुमति नहीं दी और कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी ‘झारखंड मुद्दा’ उठाने की अनुमति नहीं दी है क्योंकि यह राज्य से जुड़ा विषय है। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता राज्य से जुड़े विषय को उठा रहे हैं, इसलिए इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।’’सभापति ने कहा कि वह विपक्ष को हर दिन एक ही मुद्दा उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की अनुमति नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आपको (विपक्ष को) कई बार अनुमति दी है। आप जिस विषय को उठा रहे हैं, वह राज्य का विषय है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस तरफ (सत्ता पक्ष) के सदस्य भी कुछ राज्य के विषय उठाना चाहते हैं और मैंने उन्हें भी अनुमति नहीं दी है। वे झारखंड का मुद्दा उठाना चाहते थे और मैंने कहा कि यह राज्य का विषय है। मैं किसी भी राज्य के विषय को उठाने की अनुमति नहीं दूंगा।’’उन्होंने यह बात खरगे सहित प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से कही, जो अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखे हुए थे। झारखंड का मुद्दा सोमवार को रांची में राज्य सरकार की नौकरी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी अभ्यर्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज से जुड़ा है। इसके बाद सभापति ने विपक्ष के नेता से अपनी सीट पर बैठने को कहा और सूचीबद्ध कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘कृपया अपनी सीट पर बैठ जाइए खरगे जी... मैं केवल आपकी वजह से दबाव में हूं। सत्ता पक्ष के सदस्य मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते। आप हमेशा मुझ पर दबाव डालते हैं।’’सभापति ने यह प्रतिक्रिया खरगे की उस टिप्पणी के जवाब में दी, जिसमें उन्होंने हंगामे के दौरान कहा था कि पीठासीन अधिकारी हमेशा सरकार के दबाव में रहते हैं। विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण बाद में सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भारत में जिस कचरे को अब तक समस्या माना जाता रहा है, वही आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा जरूरत पूरी करने में काम आ सकता है। गोबर, पराली और शहरों के गीले कचरे से गैस बनेगी और इस गैस का इस्तेमाल CNG की तरह किया जा सकेगा केंद्र सरकार ने हाल ही में […] यह लेख GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Tamil Thai vazhthu vs Vande Mataram: केंद्र सरकार के निर्देशों और भाषाई-सांस्कृतिक पहचान की बहस के बीच तमिलनाडु सरकार ने एक बड़ा विधायी कदम उठाया है। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों ...
दिखने में लकड़ी जैसे, दीमक की टेंशन नहीं! कितने सस्ते हैं ये दरवाजे?
इन दिनों बाजार में कई तरह के दरवाजे मिलने लगे हैं. इन दरवाजों में न दीमक लगने का टेंशन है न ही ये बारिश में फूलते हैं. अगर इसे लगा लिया तो बार- बार पेंट करने के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी और ये स्मूथ भी बने रहेंगे.
रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों की अब खैर नहीं है। जम्मू-कश्मीर में बदलती आबादी, कथित अवैध बस्तियों और उससे जुड़े सुरक्षा सवालों को लेकर केंद्र सरकार ने अब जमीनी स्तर पर पड़ताल शुरू कर दी है। हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेस (HLCDC) के चार सदस्यीय दल ने जम्मू पहुंचकर लोगों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत शुरू कर दी है। समिति के सामने अपनी बात रखने के लिए अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुंच रहे हैं। अगले दो दिनों में समिति संवेदनशील इलाकों का दौरा कर स्थानीय लोगों, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से भी इनपुट लेगी। हम आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा गठित यह समिति सोमवार, 10 अगस्त को जम्मू पहुंची। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नवलकर की अध्यक्षता वाली समिति का यह पहला फील्ड विजिट है। समिति ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू और पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से मुलाकात कर प्रदेश में जनसांख्यिकीय बदलाव और सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों की ओर से समिति के समक्ष जम्मू-कश्मीर की जनसांख्यिकीय स्थिति और पिछले वर्षों में आए बदलावों को लेकर प्रस्तुति भी दी गई। इसे भी पढ़ें: Poonch में सुरक्षाबलों का Search Operation, मेंढर में संदिग्ध हलचल के बाद कार्रवाई समिति का फोकस खास तौर पर जम्मू संभाग के उन सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों पर है, जहां रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों की कथित बस्तियों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। समिति मौजूदा सत्यापन व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ यह भी देखेगी कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए मौजूदा तंत्र कितना प्रभावी है और उसमें किस तरह के सुधार की जरूरत है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जम्मू और सांबा जिलों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों समेत 13,700 से अधिक विदेशी नागरिकों के बसे होने की बात सामने आई है। बताया गया है कि 2008 से 2016 के बीच इनकी संख्या में 6,000 से ज्यादा की वृद्धि हुई। हालांकि, इन आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं और अधिकारियों ने भी यह स्पष्ट किया है कि सभी मामलों में अवैध निवास का निष्कर्ष एक जैसा नहीं है। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि कुछ रोहिंग्याओं के पास राशन कार्ड और यहां तक कि अब समाप्त हो चुके स्थायी निवासी प्रमाणपत्र भी मिले हैं। पुलिस समय-समय पर बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में लोगों को हिरासत में लेने की कार्रवाई भी करती रही है। पिछले सप्ताह रामबन में 21 बांग्लादेशी नागरिकों को उस समय हिरासत में लिया गया, जब वे कश्मीर घाटी की ओर जा रहे थे। साथ ही मार्च 2021 में जम्मू शहर में सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने 270 से अधिक रोहिंग्याओं को पकड़ा था, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। उन्हें कठुआ उप-जेल के भीतर बनाए गए होल्डिंग सेंटर में रखा गया था। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी नेताओं और विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से लंबे समय से अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की मांग उठती रही है। दरअसल, अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा केंद्र की मौजूदा नीति में भी प्रमुख स्थान हासिल कर चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में अवैध घुसपैठ को लेकर चिंता जताते हुए ‘हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन’ की घोषणा की थी। 11 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद मई 2026 में इस उद्देश्य से हाई लेवल कमेटी का गठन किया गया। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री शमिका रवि शामिल हैं। जनगणना आयुक्त भी समिति के सदस्य हैं, जबकि गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स-I विभाग के संयुक्त सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। अब जम्मू-कश्मीर में समिति की बातचीत और जमीनी पड़ताल ने इस पूरे मुद्दे को नई धार दे दी है। सीमावर्ती क्षेत्रों की बस्तियों से लेकर प्रशासनिक रिकॉर्ड और सुरक्षा सत्यापन तक, हर पहलू की जांच की जा रही है। ऐसे में समिति की रिपोर्ट यह तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है कि जम्मू-कश्मीर में कथित अवैध बसावट और जनसांख्यिकीय बदलाव से निपटने के लिए केंद्र आगे क्या कदम उठाता है।
दूसरी पत्नी पर लट्टू उर्मिला के Ex हसबैंड, लंहगे में सजी नई दुल्हन
मोहसिन ने निधा भट्ट संग दूसरी शादी की है. 14 जून को उन्होंने इंस्टा पर पत्नी संग निकाह की फोटो पोस्ट की थी. अब करीबन 2 महीने बाद मोहसिन ने नई तस्वीरें शेयर की हैं.
FCRA बिल जेपीसी को भेजने की तैयारी! सरकार ने दिए बड़े संकेत
विपक्षी दलों और कई राज्य स्तरीय नेताओं के भारी विरोध के बाद सरकार ने यह कदम उठाने के संकेत दिए हैं, हालांकि विपक्ष इस विधेयक को पूरी तरह वापस लेने पर अड़ा हुआ है।
काशी में पिता की मौत के बाद मां-बेटे ने भी जहर खाकर दी जान
वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में महाराष्ट्र से दर्शन-पूजन के लिए आए एक परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पिता की बीमारी से मौत के बाद मां और बेटे ने भी सोमवार को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार लक्सा क्षेत्र स्थित एक होमस्टे के कमरे में सोमवार रात मां और बेटे […] The post काशी में पिता की मौत के बाद मां-बेटे ने भी जहर खाकर दी जान appeared first on Sabguru News .
वाराणसी: विशाल के जाने का गम सह न सका परिवार, पत्नी-बेटे ने दी जान
वाराणसी के लक्सा क्षेत्र स्थित एक होमस्टे में ठहरे महाराष्ट्र के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. बीमारी के कारण बीएचयू अस्पताल में परिवार के मुखिया की मौत से दुखी होकर उनकी पत्नी और बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है.
देश के कई राज्यों में मानसून का रौद्र रूप जारी है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से सड़कें और संपर्क मार्ग टूट चुके हैं, तो वहीं मैदानी राज्यों—मध्य प्रदेश और राजस्थान में मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान ...
Gujarat Natural Farming: राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और इसका दायरा बढ़ाने के लिए गुजरात सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य के चार जिलों में आधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Center of Excellence) स्थापित करने के लिए वर्ष 2026-27 के ...
भिण्ड : युवती से कार में रेप के सह-आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज
भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के अटेर अनुभाग के सुरपुरा थाना क्षेत्र में युवती से दुष्कर्म के मामले में सह-आरोपी विवेक कुमार यादव को न्यायालय से राहत नहीं मिली। नियमित जमानत के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने सोमवार को उसे खारिज कर दिया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता, उपलब्ध साक्ष्यों और […] The post भिण्ड : युवती से कार में रेप के सह-आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज appeared first on Sabguru News .
रेवंत रेड्डी के भाई की कंपनी को जमीन आवंटन! BRS ने मांगा CM का इस्तीफा
तेलंगाना में भूमि आवंटन को लेकर BRS ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर पद का दुरुपयोग करके परिवार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है. BRS ने फोर्थ सिटी प्रोजेक्ट में टेसेरैक्ट एडवांस्ड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को जमीन आवंटित करने के मामले में निष्पक्ष जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है.
गन्ने से एथेनॉल बनाने पर लग सकती है रोक, बढ़ेगी चीनी की सप्लाई
देश में लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. आगामी अक्टूबर से शुरू हो रहे नए सीजन में एथेनॉल बनाने के लिए गन्ने के इस्तेमाल को सीमित किया जा सकता है.
IND vs SL: सरफराज खान की वापसी से किसका कटेगा पत्ता?
15 अगस्त को भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मैच खेला जाना है. ऐसे में फैन्स की नजरें सरफराज खान पर रहेगी. लंबे समय बाद टीम में वापसी करने वाले सरफराज खान को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती हैं या नहीं? यह देखना दिलचस्प होगा.
'100 मुद्दे होते हैं, वो इश्यू अलग है...', झारखंड छात्र आंदोलन से जुड़े सवाल पर बोले खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यह अलग इश्यू है, 100 इश्यू होते हैं और सब पर अलग-अलग चर्चा होती है. उन्होंने छात्रों पर लाठी और गोली चलने पर सदन में बयान मांगा और कहा कि हमारी यही मांग है.
रांची में महिला प्रदर्शनकारी अफरा-तफरी में बेहोश, घसीटे जाने का आरोप
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच रांची में एबीवीपी की महिला प्रदर्शनकारी रोशनी अफरा तफरी में घसीटे जाने के बाद बेहोश हो गईं. सोमवार को हजारों छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च करते हुए बैरिकेड तोड़े, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी और 14 पुलिसकर्मी घायल हुए. इसका असर मंगलवार को झारखंड विधानसभा और संसद दोनों जगह देखने को मिला.
'Gen-Z में बढ़ी निराशा, आरक्षण खत्म करने की हो रही साजिश', BJP-कांग्रेस पर भड़कीं मायावती
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का भले ही ऐलान न हुआ हो, लेकिन सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. आकाश आनंद ने हाथरस से जनसभा करके मिशन-2027 का आगाज कर दिया है तो अब बसपा प्रमुख मायावती मंगलवार को प्रेस कॉफ्रेंस करके बीजेपी और कांग्रेस पर जमकर हमले किए.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह साइबर अपराध के गंभीर रूपों से निपटने के उपायों की मांग करने वाली एक अर्ज़ी पर विचार करे। इन गंभीर अपराधों में शारीरिक हिंसा की धमकी, बच्चों के स्कूल की लोकेशन जैसी निजी जानकारी का खुलासा और बिना सहमति के अंतरंग (intimate) कंटेंट का प्रसार शामिल है। चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच, नरेंद्र कुमार गोस्वामी की ओर से दायर एक PIL पर सुनवाई कर रही थी। गोस्वामी ने खुद पेश होकर यह PIL दायर की थी, जिसमें गंभीर और गैर-कानूनी डिजिटल नुकसान से निपटने के लिए एक असरदार निगरानी सिस्टम बनाने की मांग की गई थी। इसे भी पढ़ें: काश वो आज यह दिन देखने के लिए हमारे बीच होते...SC से क्लीन चिट मिलने के बाद सोनिया गांधी ने की मनमोहन सिंह की तारीफ, केंद्र पर कसा तंज सुनवाई के दौरान, गोस्वामी ने इस मुद्दे की गंभीरता को समझाने के लिए एक काल्पनिक स्थिति का ज़िक्र किया। उन्होंने पूछा कि क्या किसी महिला के घर का पता और उसके साथ रेप की धमकी रात 9 बजे ऑनलाइन पोस्ट किए जाने के बाद भी लोगों को दिखाई देते रहना चाहिए। सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ता ने साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों, प्रकारों और पहलुओं को बहुत अच्छे से उजागर किया। सीजेआई ने कहा कि इनका पता कैसे लगाया जाए और इनसे बचाव के लिए क्या उपाय किए जाएं, ये बातें इस क्षेत्र के विशेषज्ञों के लिए हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि इन मुद्दों को पहले ही संबंधित अधिकारियों के सामने एक आवेदन के ज़रिए उठाया जा चुका है। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने Election Commission से बंगाल एसआईआर मामलों का ब्योरा मांगा जब CJI ने पूछा कि यह अर्ज़ी किसे भेजी गई थी, तो गोस्वामी ने कहा कि इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, गृह मंत्रालय और कानून और न्याय मंत्रालय के सचिवों के ज़रिए केंद्र सरकार को सौंपा गया था। बेंच ने अपने आदेश में कहा कि PIL में गंभीर गैर-कानूनी डिजिटल नुकसान से निपटने के लिए एक असरदार निगरानी व्यवस्था बनाने के निर्देश मांगे गए थे। इन नुकसानों में शारीरिक हिंसा या उसकी धमकी, खतरनाक ज़हरीले पदार्थ, निजी जानकारी (जैसे बच्चों के स्कूल की लोकेशन) का खुलासा, बिना सहमति के निजी कंटेंट और हानिकारक डिजिटल प्रतिरूपण (impersonation) जैसी हरकतें शामिल हैं। याचिका में कहा गया है कि इस तरह के साइबर अपराध समानता, अभिव्यक्ति की आज़ादी, निजता, सम्मान और जीवन के अधिकार जैसे मौलिक अधिकारों का गंभीर रूप से उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ता ने गैर-कानूनी डिजिटल गतिविधियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और दूसरे देशों द्वारा अपनाए गए अलग-अलग उपायों से भी तुलना की थी।
VIDEO: मौन व्रत में भी क्यों बोले थे सांसद रवि किशन? CM योगी ने ली चुटकी
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रवि किशन के ‘मौन व्रत’ पर मजाकिया अंदाज में चुटकी ली. एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि सांसद आज पता नहीं क्यों भाषण नहीं किए. उन्होंने दावत का जिक्र करते हुए लोगों से पूछा कि कितने लोग रवि किशन की दावत में गए थे. इसके बाद उनकी फिल्मों को लेकर भी सवाल किया.
Ethanol Blended Diesel: भारत में हरित ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन घटाने के अभियानों के बीच एक बड़ी तकनीकी चुनौती सामने आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs), वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और वाहन निर्माताओं द्वारा किए गए संयुक्त मूल्यांकन में ...
नई संसद, PM हाउस, तो फिर क्यों नहीं...15 अगस्त से CJP पूरे देश में छेड़ेगी नया आंदोलन, दिपके का ऐलान
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार को गांवों में सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए एक देशव्यापी अभियान की घोषणा की। उन्होंने गांव के मुखियाओं और अभिभावकों से बच्चों के लिए 'बुनियादी' सुविधाओं को बेहतर बनाने की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी उठाने का आह्वान किया। दिपके ने लोगों से अपील की कि वे 15 अगस्त को - जो भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस है, इस मकसद के लिए संकल्प लें। अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में, दिपके ने कहा कि पिछले 80 सालों से गांवों के सरकारी स्कूलों को नज़रअंदाज़ और अनदेखा किया गया है और आरोप लगाया कि उन पर कोई काम नहीं हुआ है। दिपके ने सवाल किया कि हमने नया संसद भवन और प्रधानमंत्री का नया आवास तो बना लिया, लेकिन अपने गांवों में नए स्कूल क्यों नहीं बना सके? क्या हम गांवों में रहने वाले किसानों और मज़दूरों के बच्चों को देश का भविष्य नहीं मानते? हमने उन बच्चों के लिए क्या किया है और उन्हें वे सुविधाएं क्यों नहीं दे पाए जो बड़े शहरों के बच्चों को मिलती हैं? सीजेपी के फाउंडर ने कहा कि गाँव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए अभी भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और वहाँ उन्हें पानी या वॉशरूम की सुविधाएँ भी नहीं मिलती हैं। सीजेपी ने आगे कहा छोटी लड़कियों के लिए यह कितना मुश्किल होता होगा। इसलिए, मुझे लगता है कि इस 15 अगस्त को अगर हमें किसी चीज़ पर ध्यान देना चाहिए, तो वह है एक नई शुरुआत करना, और इसकी शुरुआत हमें अपने सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाकर करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Paper Leak: CJP के सामने Congress की 'छात्रों की गूंज' क्यों पड़ी फीकी? Shashi Tharoor ने बताया एक गाँव की पहल दूसरों को भी प्रेरित करेगी उन्होंने घोषणा की कि वे महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में स्थित अपने गाँव, हिंगोली जाएँगे और वहाँ के सरपंच (गाँव के मुखिया) से सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का अनुरोध करेंगे। सीजेपी ने अपना वीडियो देख रहे सभी गाँव के मुखियाओं से भी अपील की कि वे अपने गाँवों में सरकारी स्कूलों की हालत सुधारने में मदद करें। उन्होंने कहा कि उनके योगदान को CJP के सोशल मीडिया पर पूरे क्रेडिट और विज़ुअल्स के साथ दिखाया जाएगा। सीजेपी के संस्थापक ने कहा कि एक सरपंच की पहल दूसरे गांवों को भी अपने सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। इसे भी पढ़ें: हमें अमित शाह का पर्सनल ओपिनियन नहीं सुनना, राहुल का सरकार पर बड़ा हमला, कहा-उनमें गट्स नहीं कि हमारे सामने आकर LS में खड़ा हो सकें माता-पिता से सोशल ऑडिट करने का अनुरोध डिपके ने माता-पिता से अपने बच्चों के स्कूलों का सोशल ऑडिट करने और यह जांचने का भी आग्रह किया कि क्या वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि देखें कि क्या वहाँ बिजली और पानी की सुविधा है, और क्या वहाँ वॉशरूम हैं? क्या उन्हें मिड-डे मील मिलता है? और अगर ये सुविधाएँ नहीं हैं, तो वीडियो बनाएँ। क्योंकि आपके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई अच्छी होनी चाहिए। यह आपके बच्चों का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि CJP जल्द ही एक फ़ॉर्म जारी करेगा, जिसके ज़रिए माता-पिता अपने बच्चों के स्कूल और वहाँ की सुविधाओं के बारे में जानकारी दे सकेंगे। दिपके ने बताया कि यह फ़ॉर्म प्रिंट करने और भरने के लिए उपलब्ध होगा, जिसके बाद माता-पिता इसे contact@cockroachjantaparty.org पर ईमेल कर सकेंगे।
शहबाज-मुनीर के उड़े होश! सर्वोच्च अदालत के बाहर उतरी इमरान खान की फौज
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के बाहर पीटीआई का प्रदर्शन शुरू हो गया है. यह प्रदर्शन खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के आह्वान पर हुआ है. पार्टी के वकील और नेता कोर्ट के बाहर जुट रहे हैं और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. दरअसल इमरान खान 2023 से अडियाला जेल में बंद हैं. पार्टी का कहना है कि गुरुवार को सांसद उनसे मिलने जाएंगे और अगर मुलाकात नहीं होने दी गई तो पूरे देश में विरोध होगा.
TN Assembly का ऐतिहासिक फैसला, NEET Resolution पास कर विजय सरकार ने Social Justice की ओर बढ़ाया कदम
तमिलनाडु विधानसभा ने NEET के अस्तित्व के ख़िलाफ़ एक प्रस्ताव पास किया। NEET मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जो पेपर लीक विवाद के केंद्र में रही है; इस विवाद और 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम के युवा संगठन के नेतृत्व में हुए विरोध-प्रदर्शनों के कारण पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना पड़ा था। सत्ताधारी टीवीके और कांग्रेस समेत उसके सहयोगियों के अलावा, मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके, एआईएडीएमके और अन्य दलों ने भी NEET-विरोधी प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि BJP के एकमात्र विधायक ने सदन से वॉकआउट किया। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केजी अरुणराज द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव में बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) को खत्म करने की मांग की गई है। इसे भी पढ़ें: सामाजिक न्याय के लिए Tamil Nadu का संकल्प, NEET के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास अरुणराज ने कहा कि NEET ने छात्रों का ध्यान स्कूल के सिलेबस से हटाकर सिर्फ़ कोचिंग पर केंद्रित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भारी-भरकम फीस वसूलने वाले कोचिंग सेंटरों की बाढ़ आ गई है। सीएम जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के वरिष्ठ नेता अरुणराज ने आगे तर्क दिया, यह टेस्ट ग्रामीण और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों के लिए मेडिकल शिक्षा के अवसरों को बुरी तरह प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में अलग-अलग सरकारों ने लगातार इस बात पर ज़ोर दिया है कि NEET सामाजिक न्याय, समानता और राज्यों के अधिकारों के खिलाफ़ है। NEET नहीं तो क्या? इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से आग्रह किया गया है कि वह संबंधित केंद्रीय कानूनों में संशोधन करे और अंडरग्रेजुएट मेडिकल एडमिशन के लिए एकसमान NEET व्यवस्था को खत्म करे। विजयन सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि राज्य में मेडिकल कोर्स में एडमिशन 12वीं कक्षा की परीक्षा के अंकों के आधार पर हों। यह वही रुख है जो पिछली DMK सरकार ने भी अपनाया था। इसे भी पढ़ें: Ahmedabad में FIR दर्ज: PM Modi के होर्डिंग पर चिपकाए गए विवादित स्टिकर प्रस्ताव के मुख्य तर्क प्रस्ताव में बताया गया है कि तमिलनाडु विधानसभा ने सर्वसम्मति से 2021 का बिल नंबर 43 पास किया था, जिसमें अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए राज्य को NEET से छूट देने की मांग की गई थी। हालांकि, इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति की मंज़ूरी न मिलने के कारण वह बिल अभी भी लंबित है। इस तर्क के केंद्र में, अन्य बातों के अलावा, दो मुख्य बिंदु हैं: प्रस्ताव में तमिलनाडु सरकार ने कहा है कि NEET सिस्टम का असर उन छात्रों पर बहुत ज़्यादा पड़ता है जो तमिल माध्यम से पढ़ाई करते हैं, और साथ ही उन छात्रों पर भी जो ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े बैकग्राउंड से आते हैं और मेडिकल शिक्षा हासिल करना चाहते हैं। इसमें महंगे कोचिंग सेंटरों पर बढ़ती निर्भरता और छात्रों की स्कूली शिक्षा पर परीक्षा के असर को लेकर भी चिंता जताई गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि NEET के लिए बहुत ज़्यादा फ़ीस वसूलने वाले अनियंत्रित कोचिंग सेंटर बढ़ गए हैं, जिससे छात्र स्कूल के सिलेबस से अपना ध्यान हटाकर मुख्य रूप से NEET की तैयारी पर ध्यान देने को मजबूर हो रहे हैं।
श्रीलंका टेस्ट से पहले जडेजा बने पुष्पा, याद आए अल्लू अर्जुन
भारत-श्रीलंका पहले टेस्ट से पहले रवींद्र जडेजा का ‘पुष्पा’ अंदाज सोशल मीडिया पर छा गया है. अभ्यास सत्र के बाद उन्होंने अल्लू अर्जुन का मशहूर ‘झुकेगा नहीं साला’ पोज दोहराया, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
ग्रहण के बीच कल उदित होंगे गुरु बृहस्पति! 7 राशियों को होगा धन लाभ
Guru Uday 2026: पूरे 28 दिनों के अस्त रहने के बाद देवगुरु बृहस्पति 12 अगस्त को सुबह 5 बजकर 3 मिनट पर अपनी उच्च राशि कर्क में उदित होने जा रहे हैं. गुरु के उदित होते ही कुछ राशियों को फायदा होगा. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को पंजाब में कथित पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने राज्य सरकार पर किसी को भी जवाबदेह न ठहराने का आरोप लगाया। बठिंडा के सरकारी राजिंदरा कॉलेज में स्टूडेंट्स ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया (SOI) के 'भविख बचाओ मोर्चा' के तहत आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए, बादल ने पंजाब के मंत्रियों हरजोत बैंस और बलबीर सिंह के तुरंत इस्तीफे और 10 कथित पेपर लीक मामलों की CBI जांच की मांग की। बादल ने दावा किया कि परीक्षा के पेपर लीक होने से पंजाब भर में 10 लाख से ज़्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं और सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर किसी सीनियर अधिकारी या मंत्री ने इस्तीफ़ा क्यों नहीं दिया। इसे भी पढ़ें: Devendra Fadnavis ने E20 Policy का बचाव करते हुए कहा कि गाड़ियों में खराबी का कोई सबूत नहीं है। छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर बादल ने केजरीवाल को चुनौती दी केजरीवाल पर निशाना साधते हुए बादल ने सवाल किया कि AAP नेता ने दिल्ली में छात्रों के लिए विरोध-प्रदर्शन तो किया, लेकिन पंजाब में छात्रों के लिए ऐसा कोई प्रदर्शन क्यों नहीं किया। बादल ने पूछा क्या वे आपके बच्चे नहीं हैं? आप पंजाबी छात्रों के साथ इस तरह धोखा क्यों कर रहे हैं? उन्होंने केजरीवाल को पंजाब के किसी भी विश्वविद्यालय में खुली बहस की चुनौती दी और कहा कि वे कथित पेपर लीक, राज्य के बाहर के उम्मीदवारों की भर्ती और सरकारी नौकरियों से पंजाबी युवाओं को बाहर रखने के मामलों पर तथ्य और आंकड़े पेश करेंगे। इसे भी पढ़ें: 'क्या PMO से आया था झूठ फैलाने का आदेश?' Harbhajan Singh के Video पर Kejriwal ने BJP को घेरा बादल का आरोप है कि बाहरी लोगों को नौकरी दी गई बादल ने आरोप लगाया कि AAP सरकार की ओर से दी गई बताई जा रही 60,000 नौकरियों में से आधी से ज़्यादा नौकरियां पंजाब के बाहर के उम्मीदवारों को मिली हैं। उन्होंने भर्ती के आँकड़े बताते हुए आरोप लगाया कि 68 वेटनरी इंस्पेक्टरों में से हरियाणा के 24 और राजस्थान के 12 उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि लाइनमैन के 2,100 पदों के लिए हरियाणा से 600 और राजस्थान से 100 उम्मीदवारों की भर्ती की गई थी। बादल ने आगे आरोप लगाया कि पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉर्पोरेशन में बनाए गए नए पदों में से 60% पद राज्य के बाहर के उम्मीदवारों को दिए गए थे। इसे भी पढ़ें: 'क्या PMO से आया था झूठ फैलाने का आदेश?' Harbhajan Singh के Video पर Kejriwal ने BJP को घेरा पंजाबियों के लिए 100% सरकारी नौकरियाँ बादल ने घोषणा की कि अगर 2027 में SAD सत्ता में आती है, तो वह पंजाब में सरकारी नौकरियों का 100% हिस्सा पंजाबियों के लिए आरक्षित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछली SAD सरकार ने पंजाबियों के लिए नौकरियाँ सुरक्षित करने के मकसद से कानून बनाया था, लेकिन आरोप लगाया कि बाद में AAP सरकार ने उसे रद्द कर दिया। बादल ने कहा कि हम पंजाबियों के लिए पंजाब में नौकरियाँ सुरक्षित करने वाला कानून फिर से लाएँगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भविष्य में SAD सरकार औद्योगिक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) केवल उन्हीं कंपनियों को देगी जो कम से कम 75% पंजाबियों को नौकरी पर रखेंगी।
Jharkhand Assembly स्थगित: छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई से BJP का भारी हंगामा
झारखंड विधानसभा में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर जमकर हंगामा किया, जिससे विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही दूसरी बार भी स्थगित करनी पड़ी। विपक्षी विधायक आसन के निकट आ गए और सोमवार को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के बार-बार अनुरोध के बावजूद भाजपा विधायक अपनी सीट पर नहीं लौटे। महतो ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए और फिर उसके बाद अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही पुन: शुरू हुई, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और पानी की बौछार करने सहित कथित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा। इससे पहले, कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने छात्रों के विरोध का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने हिंसा की। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के सदस्य आसन के निकट आ गए जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हजारों अभ्यर्थियों और छात्रों ने सोमवार को विधानसभा की ओर मार्च निकाला, कई अवरोधकों को पार कर लिया तथा पुलिसकर्मियों के साथ उनकी झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों के विधानसभा की ओर बढ़ने पर पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर के पास पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले दागे। कई प्रदर्शनकारियों ने घायल होने का दावा किया है, जबकि रांची पुलिस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए। छात्र और अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के कामकाज में सुधार, कई परीक्षाओं को रद्द करने तथा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या झारखंड से बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर 25 जुलाई से आंदोलन कर रहे हैं। युवाओं का विरोध प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी है।
Rajya Sabha 2 बजे तक स्थगित, Ram Temple चढ़ावा चोरी मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू करने को कहा। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे खड़े हुए और राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मांग की। सभापति ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी और कहा कि उन्होंने सत्ता पक्ष के सदस्यों को भी झारखंड से जुड़ा मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दी थी क्योंकि वह राज्य का विषय है। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘विपक्ष के नेता राज्य से जुड़े विषय को उठा रहे हैं, इसलिए इसे प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष को हर दिन एक ही विषय उठाकर सदन की कार्यवाही बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। सभापति ने कहा, ‘‘मैंने आपको कई बार अनुमति दी है। आप जिस विषय को उठा रहे हैं वह राज्य का विषय है और इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। सत्ता पक्ष के सदस्य भी कुछ राज्य से जुड़े मुद्दे उठाना चाहते थे, लेकिन मैंने उन्हें भी अनुमति नहीं दी। वे झारखंड का मुद्दा उठाना चाहते थे और मैंने कहा कि यह राज्य का विषय है। मैं किसी भी राज्य के विषय को उठाने की अनुमति नहीं दूंगा।’’सभापति ने खरगे और हंगामा कर रहे अन्य सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने को कहा और सूचीबद्ध प्रश्न लेकर कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘कृपया अपनी सीट पर बैठ जाइए खरगे जी... मैं केवल आपकी ओर से दबाव महसूस कर रहा हूं। सत्ता पक्ष के सदस्य मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते। आप हमेशा दबाव डालते हैं।’’इसके बाद भी विपक्षी सदस्यों का हंगामा और नारेबाजी जारी रहने पर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति राधाकृष्णन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए और सदस्यों से शून्यकाल के तहत लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए कहा। सभापति ने बीजू जनता दल के डॉ संतृत्त मिश्र को अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा। मिश्र ने ओडिशा में उर्वरक की उपलब्धता से जुड़ा मुद्दा उठाया और अपनी बात ओड़िया में रखी। इस दौरान विपक्षी सदस्य आसन से नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने की अनुमति देने की मांग कर रहे थे। जब बीजद सदस्य डॉ संतृत्त मिश्र अपना वक्तव्य समाप्त करने वाले थे, तभी खरगे उठे और उन्होंने राम मंदिर से संबंधित नया मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी। खरगे ने कहा, ‘‘सभापति महोदय, मैं एक नया मुद्दा उठा रहा हूं... राम मंदिर का मुद्दा है।’’नेता प्रतिपक्ष के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भिण्ड न्यायालय ने नायब तहसीलदार की निगरानी याचिका की खारिज
भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिला न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहनलाल शर्मा सहित 4 आरोपियों की निगरानी याचिकाएं खारिज कर दीं। आरोपियों पर मुंबई बलात्कार मामले के आरोपी विमल यादव को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने और सरकारी रिकॉर्ड में कथित हेरफेर करने […] The post भिण्ड न्यायालय ने नायब तहसीलदार की निगरानी याचिका की खारिज appeared first on Sabguru News .
27KM का माइलेज, 5.81 लाख कीमत, जुलाई में इतनी बिकी SUV
हुंडई के पोर्टफोलियो में एक ऐसी कार है, जिसकी सीधा मुकाबला टाटा पंच से है. हम बात कर रहे हैं हुंडई एक्सटर की, जो 5.81 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत पर आती है. इस कार में 6 एयरबैग स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसे पेट्रोल के साथ सीएनजी में भी खरीदा जा सकता है. आइए जानते हैं इस कार की जुलाई में कितनी सेल हुई है.
संसद में प्रदर्शन करते हुए आमने-सामने आए NDA और कांग्रेस के सांसद, जमकर हुई नारेबाजी
संसद के बाहर पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जहां विपक्ष ने नीट पेपर लीक और राम मंदिर चंदे पर चर्चा की मांग की।
ऑयल इंडिया का Q1 मुनाफा 253% बढ़ा, शेयर ₹484 से ₹672 पहुंचने का अनुमान
ऑयल इंडिया के शेयर में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में 6.53% तक की तेजी आई और भाव ₹483.95 पहुंच गया. जून तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 253% बढ़कर करीब ₹2,900 करोड़ रहा, जो एलारा कैपिटल के अनुमान से काफी ज्यादा है. मजबूत क्रूड प्रोडक्शन, बेहतर रियलाइजेशन और नुमालीगढ़ रिफाइनरी के प्रदर्शन से नतीजों को सहारा मिला.
श्रद्धा वाकर की बेरहमी से हुई हत्या के चार साल बाद, उनकी बुआ राजल नाइक ने सोमवार को दावा किया कि मामले में न्याय मिलने में हो रही देरी के बारे में मीडिया से बात करने के बाद उन्हें पाकिस्तान से अनजान नंबरों से फ़ोन कॉल आ रहे हैं। नाइक ने कहा कि इन कॉल्स से उनका परिवार डर गया है और वह सबूतों के साथ पुलिस के पास जाने की योजना बना रही हैं। महाराष्ट्र के पालघर ज़िले के वसई की रहने वाली नाइक ने कहा कि सुरक्षा कारणों से उन्होंने अनजान इंटरनेशनल कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने आने वाली कॉल्स के लॉग के स्क्रीनशॉट सेव कर लिए हैं और वह वसई पुलिस के पास आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएंगी। नाइक ने पत्रकारों से कहा कि चार साल बाद भी श्रद्धा को इंसाफ़ नहीं मिला है। जब से मैंने मीडिया में आवाज़ उठानी शुरू की है, मुझे पाकिस्तान से अनजान नंबरों से फ़ोन आ रहे हैं। हम डरे हुए हैं, लेकिन मैंने कॉल रिकॉर्ड्स का ब्योरा रखा है और पुलिस से इस बात की जांच करने के लिए कहूंगा कि हमें कौन डराने की कोशिश कर रहा है। इसे भी पढ़ें: जय हिंद...अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद कुछ इस अंदाज में गौतम अंडानी का आया पहला रिएक्शन, कोर्ट ने आपराधिक केस किया खारिज वसई की रहने वाली 27 साल की वॉकर की हत्या 18 मई, 2022 को दिल्ली में उसके लिव-इन पार्टनर आफताब पूनावाला ने कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, उसने उसका गला घोंटकर हत्या की, उसके शरीर के कई टुकड़े किए, उन्हें रेफ्रिजरेटर में रखा और कई दिनों तक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगा दिया। पूनावाला, जिसने राजधानी के महरौली में एक फ़्लैट किराए पर लिया था जहाँ हत्या हुई थी, उसे 12 नवंबर, 2022 को गिरफ़्तार किया गया था। इस मामले में सुनवाई 2023 से चल रही है। वॉकर के पिता विकास, जिन्होंने उनकी मौत के बाद इस मामले की पैरवी की थी, का 2025 में निधन हो गया। नाइक ने अब कहा है कि वह अनजान नंबरों से आ रही कॉल्स के मामले में पुलिस के पास जाएंगी, साथ ही वॉकर को न्याय मिलने में हो रही देरी पर भी चिंता जताती रहेंगी।
HDFC Bank का शेयर लुढ़ककर 726 रुपये पर आया, दो साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा भाव
देश के सबसे बड़े निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयरों में लगातार गिरावट का दौर जारी है, जिससे निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। कभी मजबूत रिटर्न देने वाला यह स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई या मजबूत स्तर 1,020 रुपये से फिसलकर अब सीधे 726 रुपये के स्तर पर आ गया है, जो इसका पिछले दो साल का सबसे निचला स्तर है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली, बैंकों के बढ़ते मार्जिन दबाव और व्यापक आर्थिक कारकों के चलते इस दिग्गज शेयर में भारी सुस्ती देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है।दो साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने की मुख्य वजहेंएचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण छिपे हुए हैं। हाल के तिमाहियों में बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिसके चलते निवेशकों की उम्मीदों के मुताबिक वित्तीय नतीजे नहीं आए हैं। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बैंकिंग सेक्टर से लगातार पैसा निकाले जाने के कारण भी इस स्टॉक पर बिकवाली का भारी दबाव हावी रहा है। पिछले कुछ समय से यह शेयर अपनी पुरानी रफ्तार खो चुका है और लगातार सीमित दायरे से नीचे खिसकते हुए अब 726 रुपये के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के आसपास ट्रेड कर रहा है।निवेशकों के लिए आगे की रणनीति और एक्सपर्ट्स की सलाहइस भारी गिरावट के बाद निवेशकों के मन में यह सवाल सबसे बड़ा है कि क्या इस स्तर पर खरीदारी करनी चाहिए या अपने शेयरों से बाहर निकल जाना चाहिए। मार्केट एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि जो निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से बाजार में उतरना चाहते हैं, उनके लिए यह भाव एक वैल्यू बाइंग (Value Buying) का मौका बन सकता है, क्योंकि देश के बैंकिंग सेक्टर में एचडीएफसी बैंक की बुनियादी स्थिति आज भी बेहद मजबूत है। हालांकि, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को अभी थोड़ा सतर्क रहने और तकनीकी चार्ट पर रिकवरी के स्पष्ट संकेत मिलने का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
Gautam Adani को अमेरिकी अदालत से बड़ी राहत, शेयरों में आया जबरदस्त उबाल
उद्योगपति गौतम अडानी को अमेरिकी कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिलने के बाद भारतीय शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के शेयरों ने जोरदार वापसी की है। फैसले की खबर सामने आते ही निवेशकों का भरोसा एक बार फिर लौट आया, जिसके चलते अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारी देखने को मिली और कुछ शेयर 3.5% तक उछल गए। इस बड़े घटनाक्रम के बाद बाजार के जानकारों का मानना है कि इससे समूह की कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और भविष्य की परियोजनाओं को गति देने में बड़ी मदद मिलेगी।अमेरिकी कोर्ट के फैसले से निवेशकों का लौटा विश्वासअडानी समूह के खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों में अमेरिकी अदालत से आए इस सकारात्मक फैसले को एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से इस अनिश्चितता के कारण निवेशकों के मन में संशय बना हुआ था, जिससे शेयरों पर दबाव देखा जा रहा था। जैसे ही अदालत का यह फैसला सार्वजनिक हुआ, घरेलू और विदेशी निवेशकों ने अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी लिवाली शुरू कर दी, जिससे बाजार में तेजी का माहौल बन गया।किन शेयरों में दिखा सबसे ज्यादा एक्शन और आगे का आउटलुकइस राहत भरी खबर के बाद अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी पावर जैसे प्रमुख शेयरों में शानदार बढ़त दर्ज की गई। 3.5% तक की इस तेजी ने बाजार के सेंटीमेंट को पूरी तरह बदल दिया है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कानूनी अड़चनें दूर होने से अब कंपनी का पूरा फोकस अपने बिजनेस एक्सपेंशन और नए प्रोजेक्ट्स पर रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में शेयरों में और अधिक मजबूती देखने को मिल सकती है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां जापान के रेंकोजी मंदिर से वापस भारत लाने की मांग ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। आज सुप्रीम कोर्ट में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस फाफ की याचिका पर सुनवाई हुई।
दो साल से एक दायरे में बाजार, अब तेजी की उम्मीद? मार्केट एक्सपर्ट ने बताया आगे का नजरिया
भारतीय शेयर बाजार पिछले दो साल से एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, जिससे निवेशकों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अब सुस्ती का दौर खत्म होने वाला है। शेयर बाजार के जानकारों और दिग्गज मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय से चली आ रही इस स्थिरता के बाद अब बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है। निवेशकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस संभावित उछाल के पीछे कौन से ट्रिगर काम कर रहे हैं और उन्हें अपनी निवेश रणनीति में क्या बदलाव करने चाहिए।सुस्त बाजार के पीछे के मुख्य कारण और ठहराव का दौरपिछले 24 महीनों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, लगातार बदलती ब्याज दरें और महंगाई के मोर्चों पर अनिश्चितता के कारण बाजार किसी एक बड़ी दिशा में नहीं बढ़ पाया। निफ्टी और सेंसेक्स ने कई बार नए रिकॉर्ड बनाने की कोशिश की, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली हावी होने के कारण बाजार एक तय दायरे (Range-bound) में ही सिमट कर रह गया। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कंसोलिडेशन पीरियड (Consolidation Period) असल में बाजार के बेस को मजबूत करने का काम कर रहा है, जो आगे चलकर लंबी तेजी का आधार बनेगा।क्या वाकई आने वाली है बड़ी तेजी? मार्केट एक्सपर्ट्स की रायमार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कॉरपोरेट अर्निंग्स (कंपनियों के तिमाही नतीजे) में सुधार, घरेलू निवेशकों (SIP inflows) की मजबूत हिस्सेदारी और देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों में तेजी इस बात का संकेत दे रही हैं कि बाजार अब ब्रेकआउट के लिए तैयार है। जब भी बाजार लंबे समय तक एक दायरे में रहता है, तो उसके बाद का मूव काफी शार्प और दमदार होता है। जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार से सकारात्मक संकेत मिलते रहे, तो घरेलू बाजार नए मील के पत्थर छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।निवेशकों के लिए आगे की सही रणनीति क्या होनी चाहिए?इस बदलते माहौल में निवेशकों को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के बजाय लॉन्ग-टर्म विजन के साथ क्वालिटी स्टॉक्स पर फोकस करना चाहिए। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटो और चुनिंदा फार्मा सेक्टर के शेयरों में निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड्स और एसआईपी के जरिए अनुशासित निवेश बनाए रखना इस समय सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा कदम माना जा रहा है ताकि बाजार के हर उतार-चढ़ाव का पूरा फायदा मिल सके।
CM शुभेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, उड़ान भरते ही आई खराबी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर की कोलाघाट में इमरजेंसी लैंडिंग हुई। केशपुर जाते समय तकनीकी खराबी और भारी बारिश के कारण यह फैसला लिया गया। जानिए पूरी रिपोर्ट।
पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी का हेलिकॉप्टर मंगलवार को पूर्वी मेदिनीपुर ज़िले के कोलाघाट में इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मजबूर हुआ। वे पश्चिमी मेदिनीपुर के केशपुर जा रहे थे, तभी मौसम खराब हो गया। अधिकारी ने दमदम से केशपुर के लिए हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी थी, जहाँ उन्हें स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होना था और उन्हें श्रद्धांजलि देनी थी। इसे भी पढ़ें: Suvendu Adhikari का बड़ा तोहफा: Emergency में जेल जाने वालों को West Bengal में अब ₹10,000 मासिक पेंशन अधिकारियों के अनुसार, हेलिकॉप्टर केशपुर जा रहा था, तभी खराब मौसम के कारण पायलट ने कोलाघाट के एक खुले मैदान में एहतियाती लैंडिंग करने का फैसला किया। यह फैसला सुरक्षा के लिहाज़ से लिया गया था, जबकि हेलिकॉप्टर अभी भी अपनी तय मंज़िल की ओर जा रहा था। हेलिकॉप्टर कोलाघाट में सुरक्षित उतर गया और इमरजेंसी लैंडिंग के बाद किसी भी अप्रिय घटना की कोई खबर नहीं मिली। हेलिकॉप्टर के उतरने के बाद, अधिकारी सड़क मार्ग से केशपुर में होने वाले कार्यक्रम स्थल के लिए अपनी यात्रा पर आगे बढ़े।
बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी के चॉपर की इमरजेंसी लैंडिंग- VIDEO
पश्चिम बंगाल में खराब मौसम के चलते मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हेलिकॉप्टर की कोलाघाट में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी. इसके बाद वह सड़क मार्ग से पश्चिम मिदनापुर के केशपुर के लिए रवाना हुए. मुख्यमंत्री को आगे पुरुलिया और बांकुड़ा भी जाना था, लेकिन मौसम और इमरजेंसी लैंडिंग के बाद इन कार्यक्रमों में उनके शामिल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
अभिषेक बनर्जी को 16 मामलों में राहत, 31 अगस्त तक कठोर कार्रवाई नहीं
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. कोर्ट का निर्देश है कि 31 अगस्त तक TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए.
काजू कतली छोड़ो, इस बार 1 कप चावल से बनाओ आसान और टेस्टी बर्फी
अब बेसन, खोया या काजू की नहीं, एक बार ट्राई करें चावल की बर्फी. यह न सिर्फ बनाने में आसान है, बल्कि खाने में भी स्वादिष्ट है. फिर देर किस बात की, नोट करें रेसिपी.
'शेर वाला गाना सुनाओ', केबीसी में प्रीति जिंटा ने बताया बच्चे अमिताभ बच्चन को ऐसे याद करते हैं
क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के पहले एपिसोड का आगाज हो गया। सनी देओल और प्रीति जिंटा के साथ आमिर खान भी इस सीजन के पहले गेस्ट थे।
अकाली दल वारिस पंजाब दे (ADWPD) ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपने पहले उम्मीदवार का ऐलान किया। पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के दोषी केहर सिंह के बेटे हैं। यह बताना ज़रूरी है कि केहर सिंह को इंदिरा गांधी की हत्या की साज़िश रचने का दोषी ठहराया गया था और बाद में उन्हें फांसी दे दी गई थी। उनके बेटे को चुनाव मैदान में उतारने के फ़ैसले ने पंजाब में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इसे भी पढ़ें: 'क्या PMO से आया था झूठ फैलाने का आदेश?' Harbhajan Singh के Video पर Kejriwal ने BJP को घेरा इसे पंथिक राजनीति के संदर्भ में 'वारिस पंजाब दे' के एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है। यह घोषणा खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने की। अमृतपाल सिंह खालिस्तान आंदोलन के कथित समर्थन के सिलसिले में 2023 से जेल में हैं। प्रेस को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब की राजनीति सिर्फ़ सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह पंथिक सिद्धांतों, पंजाब के अधिकारों और समुदाय के लिए कुर्बानी देने वाले परिवारों के सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हाल ही में कुछ लोगों ने दावा किया था कि अकाली दल वारिस पंजाब उन परिवारों को दरकिनार कर रहा है जिन्होंने पंथ और समुदाय के लिए कुर्बानी दी है। उन्होंने कहा कि आज, अकाली दल वारिस पंजाब ने शहीद परिवार से अपना पहला उम्मीदवार घोषित करके इस धारणा को शुरू से ही खारिज कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि शहीद परिवारों को दिया जाने वाला सम्मान सिर्फ़ बयानों तक सीमित नहीं है; उन्हें पार्टी की ज़िम्मेदारियों में भी उनका उचित स्थान दिया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: ISI-backed BKI Terror Module का पर्दाफाश, Jalandhar में हैंड ग्रेनेड के साथ मुख्य आतंकी गिरफ्तार सतवंत सिंह की उम्मीदवारी ऐसे समय में सामने आई है जब राजनीतिक पार्टियां 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीतियां तैयार कर रही हैं। इस कदम का बस्सी पठाना निर्वाचन क्षेत्र में पंथिक वोटों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी से उनके पारिवारिक बैकग्राउंड को लेकर राजनीतिक बहस भी छिड़ सकती है। जहां उनके समर्थक इस फैसले को पंथिक भावनाओं और प्रतिनिधित्व से जोड़कर पेश कर सकते हैं, वहीं विरोधी इंदिरा गांधी की हत्या से जुड़ी विरासत पर सवाल उठा सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਾਰਿਸ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਨੇ ਸ਼ਹੀਦ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਦੇ ਸਨਮਾਨ ਨੂੰ ਮੁੱਖ ਰੱਖਦਿਆਂ 2027 ਲਈ ਐਲਾਨਿਆ ਪਹਿਲਾ ਉਮਦੀਵਾਰ ਸ਼ਹੀਦ ਭਾਈ ਕੇਹਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਸਪੁੱਤਰ ਭਾਈ ਸਤਵੰਤ ਸਿੰਘ ਹੋਣਗੇ ਬੱਸੀ ਪਠਾਣਾਂ ਤੋਂ ਉਮੀਦਵਾਰ : ਬਾਪੂ ਤਰਸੇਮ ਸਿੰਘ . ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ: ਅੱਜ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ ਪ੍ਰੈਸ ਕਲੱਬ ਵਿਖੇ ਮੈਂਬਰ ਪਾਰਲੀਮੈਂਟ ਭਾਈ ਅੰਮ੍ਰਿਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਜੀ ਦੇ ਪਿਤਾ… pic.twitter.com/7XmHUfiJJx — AKALI DAL WARIS PUNJAB DE (@officialadwpd) August 10, 2026
Sawan Shivratri: आज 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि का पावन पर्व है. ऐसे में शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ है. यहां जानें शिवलिंग के जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त, निशिता काल में पूजा का समय और शिवरात्रि व्रत के जरूरी नियम, साथ ही पढ़ें पूजा विधि, शिवजी को प्रसन्न करने के उपाय, आज क्या करें-क्या न करें और सावन शिवरात्रि की पौराणिक कथा-
Sawan Amavasya 2026: अमावस्या कब है? जानें तिथि और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
आइए जानते हैं सावन अमावस्या की तिथि, इस दिन स्नान-दान का शुभ समय क्या रहेगा, साथ ही जानेंगे सावन अमावस्या के दिन किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
शराब के शौकीनों सावधान! स्मिरनॉफ और जॉनी वॉकर बनाने वाली कंपनी पर शिकंजा, दारू सीज
बेंगलुरु में FSSAI ने डियाजियो कंपनी पर बड़ा एक्शन लेते हुए Smirnoff और VAT 69 समेत 18,000 बोतलों की शराब जब्त की है। रीसाइकिल प्लास्टिक मार्किंग उल्लंघन के कारण $1.6M का माल सीज हुआ है।
इंटरनेट पर इंसानों से ज्यादा AI एजेंट्स, खुलासे से हड़कंप, मस्क ने कहा WOW
इंसान से ज्यादा बॉट्स और AI एजेंट यूज कर रहे हैं. दुनिया की सबसे बड़ी कंटेंट डिलिवरी सर्विस क्लाउडफ्लेयर ने कहा है कि इंटरनेट पर अब इंसानों से ज्यादा बॉट्स हैं. ये सिलसिला थमेगा नहीं, बल्कि डबल से भी ज्यादा हो जाएगा. ल
न दूध, न मावा, न चीनी, शिवरात्रि पर 3 चीजों से बनाएं कलाकंद बर्फी
सावन के व्रत में मीठा खाने का मन हो तो घर पर नरम और स्वादिष्ट गुड़ कलाकंद बर्फी बनाएं. पनीर, नारियल, मिल्क पाउडर और गुड़ से बनने वाली यह आसान मिठाई बिना मावा और चीनी के तैयार होती है. कम मेहनत में रिच स्वाद वाली यह स्पेशल बर्फी घर पर झटपट बन जाती है और सब लोग बड़े मजे से खाते भी हैं.
'कभी अलविदा ना कहना' ने पूरे किए 20 साल, मेकर्स ने शेयर किए फिल्म से जुड़े अनदेखे क्लिप
करण जौहर की फिल्मों में एक जादू होता है। वो ऐसी कहानियां बनाते हैं जो सीधे दिल को छू जाती हैं। 'कभी अलविदा ना कहना' भी ऐसी ही एक फिल्म थी। मंगलवार को इस फिल्म ने अपने रिलीज के 20 साल पूरे कर लिए।
Doctor Consultation Fee Debate: डॉक्टर की फीस बचाने के लिए पति-पत्नी ने क्लिनिक में ऐसा पैंतरा आजमाया कि, सोशल मीडिया पर लोगों का हंस-हंसकर बुरा हाल हो गया, वहीं कुछ लोग कपल के इस हरकत से हैरान भी हैं.
छत पर रखी पानी की टंकी डुबो सकती है सारा पैसा! न करें ये गलती
Water Tank Vastu Tips: घर की छत पर पानी की टंकी किस दिशा में होनी चाहिए? जानिए गलत दिशा में टंकी रखने से कैसे हो सकता है बड़ा आर्थिक नुकसान और पैसों की तंगी से बचने के लिए जरूरी वास्तु टिप्स.
मॉनसून की मेहरबानी के बीच कौन से राज्य अब तक सूखे रह गए?
कहीं मॉनसून ने जमकर पानी बरसाया तो कहीं बादल अब भी इंतजार करा रहे हैं. देश में कुल बारिश सामान्य से 12% कम है, लेकिन कई राज्यों में कमी इससे भी ज्यादा है. जानिए कौन से राज्य अब तक बारिश के लिए तरस रहे हैं.
2 शादियां टूटीं-अक्षरा संग ब्रेकअप, पवन सिंह बोले- वो नहीं मिली
एक्टर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर कई दफा बात करते दिखे हैं. आने वाले एपिसोड में पवन सिंह अपनी अधूरी प्रेम कहानी पर बात करेंगे.
बीमार भी, लाचार भी...जलन का नहीं मिला इलाज, सालों से खुद को तालाब में डुबोए है किशोर
17 साल का बच्चा दूसरे बच्चों की तरह सामान्य जीवन नहीं जी सकता. उसका वजन बढ़ गया है. इतनी छोटी सी उम्र में वह एक जलीय जीव की तरह जीवन गुजारने को मजबूर है. उसकी दर्दनाक कहानी कलेजा चीर देने वाली है.
सामाजिक न्याय के लिए Tamil Nadu का संकल्प, NEET के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पास
मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा ने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET) को खत्म करने के लिए एक अहम प्रस्ताव पास किया। यह राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। छात्रों पर इसके असर और इस अहम परीक्षा पर राज्य की स्वायत्तता को लेकर फैली चिंताओं के कारण यह कदम उठाया गया। यह घटनाक्रम तब हुआ जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) सरकार ने राज्य विधानसभा में NEET के खिलाफ एक अहम प्रस्ताव पेश किया। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly: O Panneerselvam और सेंगोट्टैयन में बहस हुई, वादों पर घेरा तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री और TVK नेता के. अरुणराज ने विधानसभा में NEET को खत्म करने का प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि NEET सामाजिक न्याय, समानता और राज्य के अधिकारों के खिलाफ है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई विधायकों ने प्रेजेंटेशन के दौरान सदन से वॉकआउट किया। अरुणराज ने छात्रों की चिंताओं को उजागर करते हुए पेपर लीक, युवाओं की जान जाने और छात्रों का भरोसा टूटने का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की उच्च शिक्षा का फ़ैसला 12 साल की स्कूली शिक्षा के बजाय एक दिन की NEET परीक्षा से होता है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK), ऑल-इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK), पट्टली मक्कल काची (PMK) और कई वामपंथी दलों ने NEET-विरोधी प्रस्ताव का समर्थन किया। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का NEET का विरोध, उनके पूर्ववर्ती और DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन के लंबे समय से चले आ रहे रुख से काफी मिलता-जुलता है, जिन्होंने लगातार इस परीक्षा को खत्म करने की मांग की है। इसे भी पढ़ें: Sharad Pawar के बाद MK Stalin भी आएंगे PM Modi के साथ! भारत का चुनावी गणित बदलने की तैयारी लगभग पूरी यह घटनाक्रम हाल ही में हुए देशव्यापी आंदोलन के बीच सामने आया है – जिसका नेतृत्व 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने किया था – और जो NEET-UG 2026 से जुड़े पेपर लीक विवाद को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ मिलकर किए गए इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत जून के आखिर में हुई थी और ये 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ खत्म हुए; प्रदर्शनकारी छात्रों की यह एक मुख्य मांग थी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Bhopal Jabalpur Raipur Expressway: भोपाल से रायपुर की दूरी अब महज 6 से 7 घंटे में पूरी होने वाली है. क्योंकि जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन परियोजना को हरी झंडी मिल गई है.

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