इंटरनेट डेस्क। इंडिया गठबंधन की ओर से शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और चुनाव में वोट चोरी की जा रही है। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिल्कार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है। कांग्रेस ने उनके इस बयान को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। राहुल गांधी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हमारी मीटिंग हुई। मैं आश्चर्यचकित रह गया कि जब हमने वोट चोरी के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने इसे मानने से इनकार नहीं किया। उन्होंने ये नहीं कहा कि हिंदुस्तान में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं। उल्टा राष्ट्रपति ने हमसे कहा है कि आप 'वोट चोरी' के सबूत लाइए। हम उन्हें 'वोट चोरी' का सबूत देने को तैयार हैं। राहुल गांधी ने इस संबंध में आगे कहा कि पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में 'वोट चोरी' हो रही है। नरेंद्र मोदी इसके architect हैं। अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसे लागू कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने इससे भी इनकार नहीं किया। हमने चुनावों में मतपत्र की व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की: खड़गे खबरों के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमने चुनावों में मतपत्र की व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वोट चोरी के सबूत मांगे, जो हम उन्हें उपलब्ध कराएंगे। टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने इस संबंध में कहा कि हम साथ हैं, हम बहुत मजबूत हैं और हम 60 प्रतिशत से अधिक लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। PC: X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
प्रदर्शन पर पुलिस की तीसरी नजर: बॉडी कैमरे, सीसीटीवी और ड्रोन से होगी निगरानी
An AI-generated representative image नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलता10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन की निगरानी के लिए पुलिस की योजना में बॉडी कैमरे, सीसीटीवी और ड्रोन के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। इसका मकसद संवेदनशील इलाकों पर नजर रखना, […]
बॉडी कैमरे लगाकर CJP प्रोटेस्ट पर नजर, दिल्ली पुलिस का सुरक्षा चक्रव्यूह!
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के बीच ड्रोन के जरिए कुछ इलाकों में निगरानी की जा रही है. दिल्ली पुलिस के जवान इस प्रदर्शन में बॉडी कैमरे का इस्तेमाल कर रहे हैं.
देशभर में दवाओं, जादुई इलाजों और स्वास्थ्य उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों (Misleading Medical Advertisements) के जरिए आम जनता को गुमराह करने के बढ़ते मामलों पर केंद्र सरकार ने निर्णायक प्रहार करने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ड्रग्स रूल्स 1945 (Drugs Rules, 1945) में संशोधन के लिए एक नया ड्राफ्ट गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसके तहत अब दवा निर्माताओं, थोक विक्रेताओं, डिस्ट्रीब्यूटर्स और मेडिकल रिटेलर्स द्वारा प्रिस्क्रिप्शन दवाओं (Prescription Drugs) के विज्ञापनों और आक्रामक प्रचार-प्रसार पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, शेड्यूल एच (Schedule H), शेड्यूल एच-1 (Schedule H1) और नशीली व मनोदैहिक असर वाली शेड्यूल एक्स (Schedule X) श्रेणी में आने वाली दवाओं के किसी भी प्रकार के सार्वजनिक या कमर्शियल प्रचार के लिए केंद्र सरकार से 'पूर्व प्रशासनिक अनुमति' (Prior Central Government Approval) लेना अनिवार्य होगा। बिना मंजूरी किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म, अखबार, टीवी, सोशल मीडिया या मेडिकल ब्रोशर पर प्रचार करने वाली कंपनियों और दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।शेड्यूल H, H1 और X की दवाओं पर नकेल: क्यों जरूरी हुआ यह संशोधनड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) के साथ गहन विचार-विमर्श के बाद तैयार किए गए इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य देश में 'सेल्फ-मेडिकेशन' (बिना डॉक्टर के पर्चे के खुद दवा खाना) और गंभीर एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (AMR) के खतरे पर लगाम लगाना है। वर्तमान में पेनकिलर्स, पावरफुल एंटीबायोटिक्स, डिप्रेशन और नींद की गोलियों समेत कई गंभीर बीमारियों की दवाओं को फार्मा कंपनियां और ऑनलाइन ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स घुमावदार दावों, आकर्षक ऑफर्स और छूट के जरिए प्रमोट करते रहे हैं। आम मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के विज्ञापनों से प्रभावित होकर इन शेड्यूल दवाओं की ओवरडोज लेने लगते हैं, जिससे लिवर, किडनी फेलियर और दवाओं के बेअसर होने की घातक समस्याएं पैदा हो रही हैं। नए ड्राफ्ट के अनुसार, अब किसी भी लाइसेंसी संस्था (दुकानदार या डिस्ट्रीब्यूटर) को ऐसी दवाओं की खूबियों, ब्रांड नेम या उपयोगिता को खुलेआम प्रचारित करने की इजाजत नहीं होगी, जब तक कि स्वास्थ्य मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा उस विज्ञापन के वैज्ञानिक तथ्यों की गहन जांच न कर ली जाए।सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणियां और NMC की डॉक्टरों पर नई गाइडलाइंसदवाओं और मेडिकल प्रचार पर केंद्र सरकार की यह सख्त कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) की हालिया गाइडलाइंस की निरंतरता में आई है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फार्मास्युटिकल कंपनियों की अनैतिक मार्केटिंग प्रथाओं (Unethical Drug Promotion), डॉक्टरों को महंगे उपहार-विदेश यात्राएं देकर अपनी दवाएं लिखवाने के खेल पर केंद्र को उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया था। वहीं एनएमसी ने भी डॉक्टरों और निजी अस्पतालों के विज्ञापनों में 'नंबर-1 स्पेशलिस्ट', '100% सफल इलाज', 'चमत्कारी परिणाम' और मरीजों के स्पॉन्सर्ड रिव्यू-टेस्टिमोनियल्स के इस्तेमाल पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने आपूर्ति श्रृंखला के दूसरे छोर यानी दवा निर्माताओं, डिस्ट्रीब्यूटर्स और केमिस्ट्स पर नकेल कसकर पूरे हेल्थकेयर इकोसिस्टम में भ्रामक प्रचार की गुंजाइश को पूरी तरह समाप्त करने का खाका खींचा है।फार्मा कंपनियों और ई-फार्मेसी पोर्टल्स के लिए क्यों बढ़ेंगी मुश्किलेंसरकार के इस कदम से फार्मा उद्योग और तेजी से उभरते ई-फार्मेसी (Online Pharmacy) पोर्टल्स के मार्केटिंग मॉडल पर गहरा असर पड़ना तय है। अब तक कई कंपनियां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, डिजिटल सर्च एड्स और हेल्थ ब्लॉग्स के जरिए इनडायरेक्ट 'सरोगेट प्रमोशन' का सहारा लेती थीं। नए नियम लागू होने के बाद:हर प्रचार सामग्री की प्री-स्क्रीनिंग: दवा कंपनियों को विज्ञापनों की हर स्क्रिप्ट, क्रिएटिव और पर्चे को मंजूरी के लिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) के पास जमा करना होगा, जिससे अप्रूवल प्रोसेस लंबा और जटिल हो जाएगा।ऑनलाइन दवाओं पर डिस्काउंट विज्ञापनों पर रोक: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर शेड्यूल दवाओं के ब्रांड्स को प्रमोट करने और उन पर 'फ्लैश सेल' या भारी छूट वाले विज्ञापनों पर सीधे रोक लगेगी।पेनल्टी और जेल का प्रावधान: नियमों का उल्लंघन करने पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट और ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम के तहत भारी जुर्माना और पहली बार अपराध पर 6 महीने से लेकर दूसरी बार में 1 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान रहेगा।दिल्ली-एनसीआर से लेकर लखनऊ और पटना तक: दवा मंडियों में हड़कंपइस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के सार्वजनिक होते ही देश की बड़ी थोक दवा मंडियों—दिल्ली की भागीरथ पैलेस, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की अमीनाबाद दवा मंडी, कानपुर की नयागंज मार्केट और पटना की गोविंद मित्रा रोड के थोक व खुदरा दवा विक्रेताओं में हलचल तेज हो गई है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार को असली दवा कंपनियों और छोटे खुदरा दुकानदारों के बीच फर्क समझना चाहिए। कई बार दुकानदार जनहित और जन-जागरूकता के लिए बीमारियों और टीकों से जुड़े पोस्टर लगाते हैं, जिन पर नई पाबंदियों से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। हालांकि, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मेडिकल काउंसिल और वरिष्ठ चिकित्सकों ने सरकार के इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। उनका मानना है कि जब तक शेड्यूल दवाओं के मनमाने विज्ञापनों पर ताला नहीं लगेगा, तब तक मरीजों को मेडिकल लूट और जानलेवा साइड-इफेक्ट्स से बचाना संभव नहीं होगा। सरकार ने इस मसौदे पर सभी हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं, जिसके बाद इसे आधिकारिक राजपत्र में अंतिम रूप से अधिसूचित कर पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।
ऑर्डर के दम पर NCC में जबरदस्त एक्शन! 52-वीक हाई से 45% नीचे कर रहा ट्रेड, एक्सपर्ट से जानें टारगेट
भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की दिग्गज कंपनी एनसीसी लिमिटेड (NCC Ltd) के शेयरों में हालिया कारोबारी सत्रों में भारी वॉल्यूम के साथ तेज एक्शन देखने को मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा बुनियादी ढांचा विकास, रेलवे नेटवर्क, शहरी जल जीवन मिशन और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स पर आक्रामक पूंजीगत व्यय (Capex) जारी रखने के बीच कंपनी को लगातार नए और बड़े ऑर्डर हासिल हो रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में आई प्रॉफिट बुकिंग और व्यापक बाजार करेक्शन के चलते एनसीसी का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर (₹360+ के करीब) से लगभग 45 प्रतिशत नीचे फिसलकर आकर्षक वैल्यूएशन जोन में ट्रेड कर रहा है। बड़े पैमाने पर ऑर्डर्स की मजबूत पाइपलाइन, घटते कर्ज और ऐतिहासिक गिरावट के बाद दिग्गज घरेलू ब्रोकरेज हाउसेज और मार्केट एक्सपर्ट्स इस काउंटर पर अत्यधिक बुलिश नजर आ रहे हैं और उन्होंने निवेशकों के लिए ऊंचे अपसाइड टारगेट तय किए हैं।लगातार मिल रहे हजारों करोड़ के नए ऑर्डर: ऑर्डर बुक पहुंची रिकॉर्ड स्तर परएनसीसी लिमिटेड के बिजनेस फंडामेंटल्स की सबसे बड़ी ताकत उसकी ऑर्डर इनफ्लो गति है। हालिया तिमाहियों में कंपनी को ट्रांसपोर्टेशन (हाईवे व एक्सप्रेसवे), बिल्डिंग डिवीजन, वाटर एंड सैनिटेशन और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर से कई मेगा ऑर्डर्स हासिल हुए हैं। रक्षा, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो रेल विस्तार जैसे हाई-मार्जिन प्रोजेक्ट्स में कंपनी की बिडिंग सफलता दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक वर्तमान में ₹55,000 करोड़ से अधिक के रिकॉर्ड स्तर के आसपास खड़ी है, जो इसके अगले 2.5 से 3 साल के रेवेन्यू को पूरी तरह सुरक्षित करती है। विश्लेषकों का कहना है कि जब किसी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी की ऑर्डर बुक उसके सालाना कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के ढाई गुने से अधिक हो, तो मीडियम टर्म में उसके ऑपरेशंस और कैश फ्लो पर किसी तरह का संशय नहीं रहता।52-सप्ताह के हाई से 45% का डिस्काउंट: क्या वैल्यूएशन आकर्षक बन चुका है?शेयर बाजार में मिडकैप स्टॉक्स के हालिया कंसोलिडेशन दौर में एनसीसी के शेयरों में भी तेज करेक्शन देखने को मिला। जुलाई-अगस्त के दौरान अपने उच्चतम स्तरों से यह शेयर टूटकर 45 फीसदी डिस्काउंट पर आ गया है। लेकिन तकनीकी और फंडामेंटल दोनों पैमानों पर यह गिरावट अब खरीदारी के बेहतरीन मौके में तब्दील होती दिख रही है:सस्ता वैल्यूएशन (P/E Multiple): ऐतिहासिक रूप से 18 से 22 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड करने वाला एनसीसी का शेयर इस भारी गिरावट के बाद महज 12 से 14 गुना के ट्रेलिंग और फॉरवर्ड पी/ई मल्टीपल पर उपलब्ध है, जो इसके ऐतिहासिक औसत और प्रतिस्पर्धी कंपनियों (जैसे एलएंडटी, केईसी इंटरनेशनल) की तुलना में काफी सस्ता है।बैलेंस शीट और वर्किंग कैपिटल में सुधार: कंपनी ने पिछले दो सालों में अपनी डेट-टू-इक्विटी (कर्ज-पूंजी अनुपात) को काफी कम किया है। आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों में फंसे पुराने बकायों की सुगम वसूली और आर्बिट्रेशन दावों के समाधान से कंपनी की कार्यशील पूंजी (Working Capital Cycle) में ठोस सुधार हुआ है।मार्जिन रिकवरी: कच्चे माल (सीमेंट और स्टील) की कीमतों के स्थिर होने से कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA Margin) में 50 से 100 बेसिस प्वाइंट्स की क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज होने की संभावना है।एक्सपर्ट्स की राय और ब्रोकरेज टारगेट: कितना मिल सकता है अपसाइड रिटर्न?दलाल स्ट्रीट के प्रमुख रिसर्च एनालिस्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स (जैसे एचडीएफसी सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई डायरेक्ट और मोतीलाल ओसवाल) ने हालिया रिपोर्ट्स में एनसीसी पर 'BUY' (खरीदारी) की मजबूत रेटिंग बरकरार रखी है। जानकारों के मुताबिक:शॉर्ट-टर्म से मीडियम-टर्म टारगेट: तकनीकी चार्ट पर शेयर ने अपने 200-डे एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (200-EMA) के सपोर्ट जोन से एक मजबूत 'हायर-लो' पैटर्न और बुलिश रिवर्सल बनाया है। शॉर्ट टर्म में शेयर ₹245 से ₹260 के स्तरों को छूने का दम रखता है।दीर्घकालिक टारगेट (12 से 18 महीने): 1 से 1.5 साल के निवेश नजरिए के लिए एक्सपर्ट्स ने इस स्टॉक पर ₹290 से ₹320 तक के महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। मौजूदा निचले भावों से यह लगभग 40% से 55% तक के संभावित मुनाफे का संकेत देता है।स्टॉपलॉस रणनीति: ट्रेडर्स को हालिया बॉटम सपोर्ट ₹185 से ₹190 के स्तर पर सख्त स्टॉपलॉस बनाए रखने की सलाह दी गई है।दिल्ली-एनसीआर से लेकर यूपी और दक्षिण भारत तक इंफ्रा बूम का सीधा फायदाउत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, बिहार, महाराष्ट्र और दक्षिणी राज्यों में बुनियादी ढांचे का विस्तार अभूतपूर्व गति से चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (आउटर रिंग रोड व शहरी कायाकल्प), अयोध्या, कानपुर और वाराणसी में सीवरेज ट्रीटमेंट, पाइप्ड ड्रिंकिंग वाटर (हर घर नल योजना) और अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स में एनसीसी की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मौजूदगी बहुत मजबूत रही है। बजट में सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय के आबंटन में लगातार की जा रही वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ ऐसी स्थापित ईपीसी (EPC) कंपनियों को ही मिलता है, जिनके पास प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड क्षमता मौजूद है।खुदरा निवेशकों के लिए रणनीति: एकमुश्त खरीदारी या धीरे-धीरे संचय?शेयर बाजार के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि 45% की तेज गिरावट के बाद जोखिम-इनाम अनुपात (Risk-to-Reward Ratio) पूरी तरह खरीदारों के पक्ष में झुक चुका है। रिटेल निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक में एकमुश्त पूरा पैसा लगाने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips) यानी गिरावट में किस्तों में खरीदारी की रणनीति अपनाएं। यदि बाजार की किसी अस्थिरता के चलते शेयर में और 4-5% की नरमी आती है, तो उसे घबराने के बजाय पोर्टफोलियो में जोड़ने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
दिल्ली-एनसीआर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी है, लेकिन इस बदलाव की राह आसान नहीं है। चार्जिंग स्टेशन, बिजली की बढ़ती मांग और गाड़ियों की कीमत जैसी चुनौतियों के बीच जानिए ईवी को लेकर क्या है पूरा प्लान।
अक्सर लोगों को लगता है कि बड़ा फंड या करोड़ों की संपत्ति बनाने के लिए लाखों रुपये की एकमुश्त पूंजी या भारी-भरकम मासिक बचत की आवश्यकता होती है। लेकिन पर्सनल फाइनेंस और वेल्थ क्रिएशन की दुनिया का सबसे बुनियादी नियम यह है कि निवेश में 'रकम' से कहीं अधिक महत्व 'समय' और 'अनुशासन' का होता है। यदि आप अपनी रोजमर्रा की चाय, नाश्ते या गैर-जरूरी खर्चों में से रोजाना सिर्फ ₹100 की छोटी सी बचत करने की आदत बना लें, तो महीने के अंत में आपके पास ₹3,000 की व्यवस्थित बचत तैयार हो जाती है। जब इसी ₹3,000 की रकम को म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए सही एसेट क्लास में निरंतर निवेश किया जाता है, तो कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का जादू 15 से 25 वर्षों में इसे लाखों और करोड़ों रुपये के बड़े कॉर्पस में तब्दील कर देता है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के ऐतिहासिक रुझानों को देखें, तो लंबी अवधि में इक्विटी फंड्स ने औसतन 10% से 15% तक का वार्षिक रिटर्न (CAGR) दिया है।कंपाउंडिंग का आठवां अजूबा: ₹100 की रोजाना बचत कैसे बनती है बड़ी ताकतप्रतिदिन ₹100 बचाने का मतलब है 30 दिनों में कुल ₹3,000 का निवेश। यदि आप यह पैसा केवल बचत खाते या घर की तिजोरी में नकद रखते हैं, तो 20 वर्षों में कुल जमा राशि महज ₹7,20,000 ही होगी। वहीं महंगाई (Inflation) के कारण इस पैसे की वास्तविक क्रय शक्ति घटकर आधी रह जाएगी। इसके विपरीत, जब यह पैसा इक्विटी म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए जाता है, तो यह देश की शीर्ष कंपनियों, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास का हिस्सा बनता है। एसआईपी का सबसे बड़ा हथियार है 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' (Rupee Cost Averaging)। जब बाजार में मंदी आती है और शेयर गिरते हैं, तो आपके ₹3,000 में फंड की अधिक यूनिट्स खरीदी जाती हैं। जब बाजार तेजी पकड़ता है, तो उन्हीं यूनिट्स की नेट एसेट वैल्यू (NAV) तेजी से बढ़ती है। समय बीतने के साथ आपका मूल निवेश छोटा दिखने लगता है और उस पर मिलने वाले मुनाफे पर मिलने वाला मुनाफा (कंपाउंडिंग) आपके कुल कॉर्पस का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा बन जाता है।10%, 12% और 15% रिटर्न पर ₹3,000 की SIP: 5 से 30 वर्षों का पूरा बहीखाताम्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई निश्चित गारंटी नहीं होती, लेकिन ऐतिहासिक रूप से लार्ज-कैप इंडेक्स फंड्स 10% से 12%, फ्लेक्सी-कैप फंड्स 12% से 13% और मिड-कैप व स्मॉल-कैप फंड्स लंबी अवधि में 14% से 16% तक का रिटर्न डिलीवर करने की क्षमता रखते हैं। नीचे दी गई तालिका में समझें कि 5 साल से लेकर 30 साल तक ₹3,000 मासिक निवेश करने पर आपकी वेल्थ कितनी बढ़ेगी:निवेश अवधि (साल)कुल जमा पूंजी (मूलधन)10% रिटर्न पर कुल फंड12% रिटर्न पर कुल फंड15% रिटर्न पर कुल फंड5 वर्ष₹1,80,000₹2,34,247₹2,47,459₹2,69,04510 वर्ष₹3,60,000₹6,19,656₹6,97,017₹8,35,97215 वर्ष₹5,40,000₹12,53,773₹15,13,728₹20,30,58920 वर्ष₹7,20,000₹22,97,091₹29,97,444₹45,47,86525 वर्ष₹9,00,000₹40,13,671₹56,92,905₹98,52,22130 वर्ष₹10,80,000₹68,37,976₹1,05,89,741₹2,10,29,46210 वर्षों का नजरिया (शॉर्ट टू मीडियम टर्म): 10 साल में आप कुल ₹3.60 लाख जमा करेंगे। 10% रिटर्न पर यह फंड लगभग ₹6.20 लाख, 12% पर करीब ₹6.97 लाख और 15% की आक्रामक विकास दर पर ₹8.36 लाख तक पहुंच जाता है।20 वर्षों का सफर (लॉन्ग टर्म वेल्थ): 20 साल में आपकी जेब से कुल ₹7.20 लाख जाएंगे। 12% की संतुलित दर पर आपका फंड लगभग ₹30 लाख (₹29.97 लाख) बन जाएगा, जबकि 15% की दर से यह सीधे ₹45.48 लाख पर पहुंच जाता है।25 से 30 वर्षों का जादू (करोड़पति बनने का फॉर्मूला): 25 साल पूरे होते ही 15% रिटर्न पर आपकी कुल वेल्थ ₹98.52 लाख यानी लगभग ₹1 करोड़ के करीब पहुंच जाएगी। यदि आप इसे 30 साल तक जारी रखते हैं, तो 12% रिटर्न पर ₹1.06 करोड़ और 15% की दर पर ₹2.10 करोड़ का विशाल फंड तैयार होगा, जिसमें आपका खुद का निवेश मात्र ₹10.80 लाख रहा होगा।15% रिटर्न के लिए कौन से फंड्स चुनें और जोखिम को कैसे संतुलित करेंयदि आपका लक्ष्य 12% से 15% के दायरे में रिटर्न हासिल करने का है, तो पोर्टफोलियो का सही विविधीकरण (Asset Allocation) सबसे जरूरी है। केवल एक ही फंड में पूरा पैसा लगाने के बजाय ₹3,000 की मासिक किस्त को दो या तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:इंडेक्स फंड या लार्ज कैप (₹1,000): निफ्टी 50 या सेंसेक्स इंडेक्स फंड में निवेश स्थिरता प्रदान करता है और इसमें औसतन 11% से 12% का स्थिर रिटर्न मिलता है।फ्लेक्सी-कैप फंड (₹1,000): फंड मैनेजर बाजार के हालात के अनुसार लार्ज, मिड और स्मॉल कैप में पैसा लगाते हैं, जो 12% से 14% तक का संभावित रिटर्न दे सकता है।मिड-कैप या स्मॉल-कैप फंड (₹1,000): 15 से 20 साल के अति-दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए मिड-कैप और स्मॉल-कैप फंड्स में उच्च विकास क्षमता होती है, जो पूरे पोर्टफोलियो के रिटर्न को 14% से 15% के पार ले जाने में मदद करते हैं।स्टेप-अप SIP का सुपरचार्ज फॉर्मूला: हर साल 10% बढ़ाने पर क्या होगा असर?यदि आप हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ इस ₹3,000 की एसआईपी में मात्र 10% का इजाफा (Step-Up SIP) कर दें (यानी दूसरे साल ₹3,300, तीसरे साल ₹3,630 प्रति माह), तो रिटर्न के आंकड़े और भी अप्रत्याशित हो जाते हैं। स्टेप-अप एसआईपी अपनाने पर 12% रिटर्न के साथ 20 साल में ही ₹55 लाख से अधिक का फंड तैयार हो जाता है और 25 साल में यह आंकड़ा ₹1.4 करोड़ को पार कर जाता है। यह रणनीति युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के लिए महंगाई को पछाड़ने का सबसे अचूक अस्त्र मानी जाती है।टैक्स के नए नियम और रिडेम्पशन के समय ध्यान रखने योग्य बातेंम्यूचुअल फंड में निवेश करते समय पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) के नियमों की जानकारी होना जरूरी है। यदि आप इक्विटी म्यूचुअल फंड की यूनिट्स 1 वर्ष से अधिक समय तक रखकर बेचते हैं, तो उस पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स लागू होता है। वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। ₹1.25 लाख से अधिक के शुद्ध मुनाफे पर 12.5% की दर से फ्लैट टैक्स लगता है। इसके बावजूद, फिक्स्ड डिपॉजिट और पारंपरिक बचत योजनाओं की तुलना में पोस्ट-टैक्स रिटर्न के मामले में इक्विटी एसआईपी काफी अधिक बचत कराती है।
सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद सबसे बड़ी जरूरत एक ऐसी सुरक्षित और नियमित आमदनी की होती है, जिस पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव या आर्थिक मंदी का कोई असर न पड़े। पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए डाकघर की मासिक आय योजना यानी पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (Post Office MIS - POMIS) एक बेहतरीन और भरोसेमंद विकल्प है। केंद्र सरकार द्वारा समर्थित इस बचत योजना में आपका मूलधन पूरी तरह सुरक्षित रहता है और हर महीने की पहली तारीख को एक निश्चित ब्याज राशि सीधे आपके बचत खाते में जमा होती रहती है। यदि आप रिटायरमेंट फंड में से ₹9 लाख की एकमुश्त राशि इस योजना में लगाते हैं, तो आपको अगले 5 वर्षों तक हर महीने ₹5,550 की बंधी-बंधाई आमदनी मिलती रहेगी, जिससे घरेलू खर्च और दवाओं का बिल आसानी से मैनेज किया जा सकता है।पोस्ट ऑफिस MIS की ब्याज दर और मासिक गणना का फॉर्मूलावर्तमान नियमों के अनुसार, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4% प्रति वर्ष की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें ब्याज का भुगतान वार्षिक या त्रैमासिक होने के बजाय हर महीने सीधे खाताधारक के खाते में क्रेडिट किया जाता है। ब्याज की गणना का फॉर्मूला बेहद सीधा है:वार्षिक ब्याज = कुल जमा राशि 7.4%मासिक आय (Monthly Payout) = वार्षिक ब्याज 12यदि कोई निवेशक सिंगल अकाउंट के तहत अधिकतम ₹9 लाख जमा करता है:वार्षिक कुल ब्याज: ₹9,00,000 7.4% = ₹66,600मासिक निश्चित पेंशन/आय: ₹66,600 12 = ₹5,550 प्रति माह5 साल में कुल ब्याज कमाई: ₹5,550 60 महीने = ₹3,33,0005 साल की मैच्योरिटी पूरी होने के बाद निवेशक का मूलधन यानी पूरे ₹9,00,000 डाकघर से बिना किसी कटौती के वापस मिल जाते हैं।अलग-अलग निवेश राशि पर कितनी बनेगी हर महीने की कमाई?पोस्ट ऑफिस MIS में आप अपनी सुविधा और बजट के अनुसार न्यूनतम ₹1,000 से निवेश शुरू कर सकते हैं। विभिन्न निवेश राशियों पर मिलने वाली मासिक आय का पूरा विवरण इस प्रकार है:जमा राशि (मूलधन)ब्याज दर (सालाना)हर महीने मिलने वाली आय (Monthly Payout)1 साल में कुल ब्याज5 साल में कुल ब्याज कमाई₹1,00,0007.4%₹617₹7,400₹37,000₹3,00,0007.4%₹1,850₹22,200₹1,11,000₹5,00,0007.4%₹3,083₹37,000₹1,85,000₹9,00,000 (सिंगल लिमिट)7.4%₹5,550₹66,600₹3,33,000₹15,00,000 (जॉइंट लिमिट)7.4%₹9,250₹1,11,000₹5,55,000यदि पति और पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट खोलते हैं, तो वे अधिकतम ₹15 लाख तक निवेश कर सकते हैं। इस स्थिति में परिवार को हर महीने सीधे ₹9,250 की नियमित आय प्राप्त होगी, जो 5 वर्षों में कुल ₹5.55 लाख की अतिरिक्त ब्याज कमाई कराएगी।खाता खोलने की पात्रता, नियम और प्री-मैच्योर विड्रॉल की शर्तेंपोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में खाता खुलवाने के नियम बेहद सरल और पारदर्शी हैं:पात्रता: कोई भी बालिग भारतीय नागरिक अपने नाम पर सिंगल अकाउंट खोल सकता है। तीन वयस्क मिलकर जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं। इसके अलावा 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर भी अभिभावक खाता संचालित कर सकते हैं।जमा सीमा: सिंगल अकाउंट में अधिकतम ₹9 लाख और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम ₹15 लाख जमा किए जा सकते हैं।समय से पहले निकासी (Premature Closure): खाता खोलने के 1 वर्ष के भीतर पैसा नहीं निकाला जा सकता। यदि खाता 1 वर्ष से 3 वर्ष के बीच बंद किया जाता है, तो मूलधन से 2% की कटौती की जाती है। यदि 3 वर्ष से 5 वर्ष के बीच खाता बंद किया जाता है, तो मूलधन से 1% काटकर शेष राशि वापस कर दी जाती है।ऑटो-क्रेडिट सुविधा: MIS खाते से आने वाले मासिक ब्याज को आप अपने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट या बैंक अकाउंट से लिंक (ECS Mandate) करा सकते हैं, जिससे हर महीने चेक लगाने का झंझट खत्म हो जाता है।टैक्स के नियम: क्या ब्याज पर कटेगा TDS?वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स को इस योजना से जुड़े आयकर नियमों को समझना जरूरी है:धारा 80C का लाभ नहीं: पोस्ट ऑफिस MIS में निवेश की गई मूलधन राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है।ब्याज पर टैक्स: योजना से मिलने वाली मासिक ब्याज आय करयोग्य (Taxable) होती है और यह आपकी कुल सालाना आय में जुड़ती है।TDS कटौती: डाकघर की इस योजना में मासिक ब्याज भुगतान पर कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाता है। हालांकि, निवेशक को अपने आयकर स्लैब के अनुसार रिटर्न दाखिल करते समय इस आय को 'अन्य स्रोतों से आय' में दर्शाना होता है।मासिक आय को ऐसे बनाएं डबल: RD के साथ बनाएं स्मार्ट कॉम्बोयदि किसी पेंशनभोगी को हर महीने इस ₹5,550 की तुरंत आवश्यकता नहीं है, तो वे इसे री-इन्वेस्ट करके अपनी पूंजी में जबरदस्त इजाफा कर सकते हैं। आप डाकघर को यह निर्देश दे सकते हैं कि MIS से मिलने वाले ₹5,550 हर महीने स्वतः 5 वर्षीय पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (RD) खाते में जमा होते रहें। आरडी पर मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) के दम पर 5 साल बाद आपके पास ₹9 लाख का मूलधन तो वापस आएगा ही, साथ ही आरडी मैच्योरिटी से लगभग ₹4 लाख से अधिक का अतिरिक्त फंड भी तैयार हो जाएगा। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली-एनसीआर और पटना समेत देशभर के नजदीकी डाकघर में जाकर केवल आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो देकर यह खाता आसानी से खुलवाया जा सकता है।
जेवर एयरपोर्ट का बदलेगा नाम! PM मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव पास, योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश की राजनीति और इंफ्रास्ट्रक्चर गलियारे से एक ऐतिहासिक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' यानी जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में जेवर एयरपोर्ट का नाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के औपचारिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। राज्य कैबिनेट द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव को अब अंतिम मुहर और आधिकारिक गजट अधिसूचना के लिए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय और केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होने जा रहे जेवर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर लंबे समय से राजनीतिक हलकों में चर्चाएं चल रही थीं, जिस पर अब उत्तर प्रदेश सरकार ने आधिकारिक रूप से अपनी सहमति जता दी है।योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: क्यों चुना गया यह नाम और क्या है प्रस्तावमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक में प्रदेश के समग्र औद्योगिक विकास, एविएशन हब के विस्तार और कनेक्टिविटी को लेकर कई अहम एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इनमें सबसे प्रमुख एजेंडा जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के औपचारिक नामकरण का था। राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और प्रवक्ता के अनुसार, भारत को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और विश्वस्तरीय एविएशन सेक्टर देने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की ऐतिहासिक भूमिका रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक पटल पर नई औद्योगिक पहचान दिलाने वाले जेवर एयरपोर्ट की परिकल्पना, भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण की रिकॉर्ड प्रगति प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ही संभव हो सकी है। इसी योगदान और कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार ने इस ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर समर्पित करने का निर्णय लिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद नागरिक उड्डयन विभाग ने संबंधित औपचारिक दस्तावेज केंद्र सरकार को प्रेषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।एशिया का सबसे बड़ा एविएशन हब: जेवर एयरपोर्ट की क्षमता और खासियतगौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले के जेवर क्षेत्र में विकसित हो रहा यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का पहला नेट-जीरो एमिशन (कार्बन न्यूट्रल) एयरपोर्ट बनने जा रहा है। पूरी तरह तैयार होने के बाद यह छह रनवे के साथ एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हवाई अड्डा होगा। परियोजना के पहले चरण में सालाना 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को संभालने की क्षमता विकसित की जा रही है, जो आगामी चरणों के पूरा होने पर 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। इस हवाई अड्डे के शुरू होने से न केवल दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर विमानों और यात्रियों का दबाव 30 से 40 प्रतिशत तक कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों—नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मेरठ, मथुरा और आगरा के लाखों यात्रियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों की सुविधा उनके घर के पास मिलेगी।मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से जुड़ा जेवर: मेट्रो, पॉड टैक्सी और हाई-स्पीड लिंकजेवर एयरपोर्ट की सबसे अनूठी विशेषता इसकी आधुनिक मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी है। हवाई अड्डे को सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए डेडिकेटेड इंटरचेंज तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, एयरपोर्ट को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक रोड का काम भी युद्धस्तर पर चल रहा है। एयरपोर्ट परिसर को ग्रेटर नोएडा और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए नमो भारत (RRTS) और रैपिड रेल का विस्तार प्रस्तावित है। घरेलू और विदेशी पर्यटकों व उद्योगपतियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट से फिल्म सिटी तक भारत की पहली पॉड टैक्सी (Personal Rapid Transit) चलाने का खाका भी तैयार किया गया है। कार्गो और लॉजिस्टिक्स के मोर्चे पर जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स गेटवे साबित होगा, जहां से उत्तर भारत का माल सीधे दुनिया भर के बाजारों में भेजा जा सकेगा।राजनीतिक गलियारों में हलचल और उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तारयोगी कैबिनेट द्वारा जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव पास किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है। सत्तापक्ष ने इसे प्रधानमंत्री के विजन और देश के आधुनिक नवनिर्माण के प्रति एक ऐतिहासिक सम्मान करार दिया है, वहीं विपक्षी दलों ने इस पर अपनी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं। हालांकि, स्थानीय व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उद्योग जगत का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के नामकरण और इसके जल्द वाणिज्यिक संचालन से यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में विदेशी निवेश की बाढ़ आएगी। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर्स, मेडिकल डिवाइस पार्क, टेक्सटाइल हब और फिल्म सिटी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स से आने वाले वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
₹5 लाख के ₹10 लाख: पोस्ट ऑफिस KVP में 9 साल 7 महीने में दोगुना होगा अमाउंट, समझें पूरा हिसाब
सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए डाकघर की किसान विकास पत्र (Kisan Vikas Patra - KVP) सबसे भरोसेमंद सरकारी बचत योजनाओं में से एक है। शेयर बाजार की अस्थिरता से दूर, बिना किसी बाजार जोखिम के अपनी जमा पूंजी को दोगुना करने का यह एक सॉलिड फॉर्मूला है। भारत सरकार द्वारा समर्थित होने के कारण इसमें आपके मूलधन और रिटर्न पर 100% सरकारी सुरक्षा गारंटी मिलती है।KVP की वर्तमान ब्याज दर और मैच्योरिटी अवधिवार्षिक ब्याज दर: 7.5% (सालाना चक्रवृद्धि आधार पर / Compounded Annually)पैसा दोगुना होने का समय: 115 महीने (यानी 9 साल और 7 महीने)न्यूनतम निवेश: ₹1,000 (100 के गुणक में कोई भी राशि)अधिकतम निवेश सीमा: कोई अधिकतम सीमा नहीं (No Upper Limit)₹5 लाख, ₹10 लाख और ₹15 लाख के निवेश पर रिटर्न का पूरा बहीखाताजमा राशि (मूलधन)ब्याज दर (वार्षिक चक्रवृद्धि)मैच्योरिटी अवधिकुल मैच्योरिटी राशि (DOUBLED)कुल ब्याज मुनाफा₹1,00,0007.5%115 महीने (9 वर्ष 7 माह)₹2,00,000₹1,00,000₹5,00,0007.5%115 महीने (9 वर्ष 7 माह)₹10,00,000₹5,00,000₹10,00,0007.5%115 महीने (9 वर्ष 7 माह)₹20,00,000₹10,00,000₹15,00,0007.5%115 महीने (9 वर्ष 7 माह)₹30,00,000₹15,00,000यदि आप ₹5 लाख एकमुश्त जमा करते हैं, तो 115 महीने पूरे होने पर डाकघर से सीधे ₹10 लाख की निकासी की जा सकती है।KVP की मुख्य शर्तें, नियम और प्री-मैच्योर विड्रॉलखाता खोलने की पात्रता: कोई भी बालिग भारतीय नागरिक एकल (Single) या 3 वयस्कों के साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकता है। नाबालिग के नाम पर अभिभावक भी खाता खुलवा सकते हैं।समय से पहले निकासी (Premature Closure): KVP में 2 साल 6 महीने (30 महीने) का लॉक-इन पीरियड होता है। 30 महीने पूरे होने के बाद आप शर्तों के तहत समय से पहले खाता बंद कर सकते हैं। इसके अलावा खाताधारक की मृत्यु या अदालत के आदेश पर भी समय पूर्व निकासी की अनुमति होती है।लोन की सुविधा: KVP सर्टिफिकेट को किसी भी बैंक या वित्तीय संस्थान में जमानत (Collateral/Pledge) के रूप में गिरवी रखकर आसानी से कम ब्याज पर सुरक्षित लोन प्राप्त किया जा सकता है।टैक्स के नियम: क्या मिलता है कोई टैक्स बेनिफिट?80C का लाभ नहीं: किसान विकास पत्र में जमा राशि पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है।ब्याज पर टैक्स: KVP से मिलने वाला ब्याज करयोग्य (Taxable) होता है और इसे आपकी 'अन्य स्रोतों से आय' (Income from Other Sources) में जोड़कर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स आंका जाता है।TDS कटौती: निकासी के समय डाकघर की तरफ से कोई टीडीएस (TDS) नहीं काटा जाता, हालांकि रिटर्न फाइल करते समय निवेशक को स्वतः इस आय को घोषित करना होता है।
ठंडी हवाएं, बादलों का डेरा... दिल्ली-NCR में बदला मौसम, बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार सुबह बादल और ठंडी हवाओं के साथ मौसम बदला, जबकि मौसम विभाग ने यूपी, उत्तराखंड, बिहार, राजस्थान, केरल और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान जताया. इससे गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन पहाड़ों या बाहर निकलने से पहले लोगों को ताजा मौसम अपडेट देखते रहना होगा.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले बोले Abhijit Deepke, पाबंदियों से साफ है सरकार डरी हुई है
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को मुंबई में कहा कि सरकार ‘‘डरी हुई’’ है। दीपके प्रदर्शन में शामिल होने के वास्ते राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। दीपके शनिवार सुबह छह बजकर 50 मिनट पर मध्य मुंबई के वर्ली स्थित ‘फोर सीजन्स होटल’ से मुंबई हवाई अड्डे के लिए रवाना हुए। हवाई अड्डे पर दीपके ने कहा कि दिल्ली में कई रेलगाड़ियों को रद्द किए जाने समेत कड़ी पाबंदियां लगाए जाने के बीच सरकार “डरी हुई” है। कॉजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि दीपके पूर्वाह्न 10 बजे तक दिल्ली पहुंच सकते हैं। इस बीच, दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
राजधानी दिल्ली में शनिवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संभावित बड़े विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। चुनाव प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाए गए इस प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है और नई दिल्ली तथा जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के अड़े रहने की स्थिति को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली में कई जगहों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं और हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली में बड़े प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए शनिवार को मेट्रो, ट्रेनों और दुकानों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। आइए जानते हैं कि शनिवार को दिल्ली में क्या-क्या बंद रहेगा। कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं रेलवे ने 9 और 10 अक्टूबर को कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच दिल्ली आने वाली 38 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों के आस-पास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका के कारण इन दोनों स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। 45 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए, शनिवार सुबह 9 बजे से अगले आदेश तक दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन बंद रहेंगे। दिल्ली पुलिस ने DMRC को पत्र लिखा, जिसके बाद दिल्ली मेट्रो ने 45 स्टेशनों को बंद करने का आदेश जारी किया। DMRC ने उन 45 मेट्रो स्टेशनों की सूची भी जारी की है जो बंद रहेंगे। ये स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते। PTI से मिली जानकारी के मुताबिक, 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन को देखते हुए NCRTC के तहत आने वाले सराय काले खां और न्यू अशोक नगर नमो भारत स्टेशन शुक्रवार रात 9 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक बंद रहेंगे। बस सेवाओं पर भी असर पड़ेगा CJP के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी बॉर्डर क्रॉसिंग पर सुरक्षा बढ़ा दी है। दिल्ली पुलिस लोगों को लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली इलाके में आने वाली किसी भी बस या गाड़ी को दिल्ली में घुसने नहीं देगी। ड्रोन कैमरे भी राजधानी के सभी बॉर्डर पर नज़र रख रहे हैं। 4 km के दायरे में इंटरनेट बंद शुक्रवार रात 10 बजे के बाद सेंट्रल दिल्ली में इंटरनेट सेवा पर रोक रहेगी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बताया है कि 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक जंतर-मंतर के 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। कनॉट प्लेस में दुकानें बंद रहेंगी शनिवार को जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने एहतियात के तौर पर कनॉट प्लेस में सभी दुकानों, ऑफिस, रेस्टोरेंट और कमर्शियल प्रतिष्ठानों को शनिवार को बंद रखने की सलाह दी है। दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन ने घोषणा की है कि भागीरथ पैलेस का इलेक्ट्रिसिटी मार्केट भी शनिवार को बंद रहेगा।
घंटी बजी तो बच्चों के बीच पहुंच गए DM, मिड-डे मील खाया, फिर धोई थाली
ये कहानी बिहार के कटिहार की है. एक स्कूल में DM आशुतोष द्विवेदी निरीक्षण कर रहे थे. जब खाने की घंटी बजी तो वे बच्चों के बीच पहुंच गए. उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर मिड-डे मील खाया. जब खाना खत्म हुआ, तो अपनी थाली भी खुद धोई. कटिहार के सरकारी स्कूल में DM का यह अंदाज चर्चा में है.
लोकसभा और देश के विभिन्न राज्यों की विधानसभा सीटों पर हाल ही में संपन्न हुए उपचुनावों के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने ऐतिहासिक और धमाकेदार प्रदर्शन किया है। असम की नगांव लोकसभा सीट से लेकर पश्चिम बंगाल की चर्चित विधानसभा सीटों पर मिली इस एकतरफा सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के मतदाताओं, विजयी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनता द्वारा बार-बार दिया जा रहा यह अपार समर्थन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि देश का आम नागरिक भाजपा-एनडीए (BJP-NDA) के 'सुशासन' (Good Governance) और 'विकास के एजेंडे' से बेहद गहराई से जुड़ा हुआ है। PM मोदी ने X पर यह कहा: लगातार आशीर्वाद के लिए लोगों का आभार! नगांव (असम) के लोकसभा नतीजे और नंदीग्राम व रेजीनगर (पश्चिम बंगाल) के विधानसभा नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि लोगों का BJP-NDA के सुशासन के एजेंडे से गहरा जुड़ाव है। मैं जीतने वाले BJP उम्मीदवारों को बधाई देता हूं और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की सराहना करता हूं। मैं पुडुचेरी के थट्टनचावडी में जीत के लिए अपने अहम NDA सहयोगी, AINRC को भी बधाई देता हूं। यह जनादेश हमें और ताकत देगा क्योंकि हम लोगों की भलाई और उनके उज्ज्वल व समृद्ध भविष्य की उम्मीदों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, उन्होंने कहा। BJP ने रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव जीता BJP ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में रेजीनगर विधानसभा सीट 75,816 वोटों के अंतर से जीती, जो मुस्लिम-बहुल निर्वाचन क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित नतीजों के अनुसार, उपचुनाव में BJP उम्मीदवार शंकरव सरकार को 1,29,914 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गुलाम नबी आज़ाद को हराया, जिन्हें 54,098 वोट मिले। BJP को लगभग 63.14 प्रतिशत वोट मिले, जबकि आज़ाद को 26.29 प्रतिशत वोट मिले। BJP ने नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ी जीत हासिल की BJP ने नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र को अपने पास बनाए रखने के लिए बड़ी जीत हासिल की, जहां इस सप्ताह की शुरुआत में उपचुनाव हुआ था। बीजेपी की हसीन रानी रथ, जो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की माँ हैं, ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस नेता मिलन प्रधान को 1,22,753 वोटों या कुल वोटों के 75 प्रतिशत के अंतर से हराया। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आंकड़ों के अनुसार, रथ को 1,64,427 वोट मिले, जबकि प्रधान को 41,674 वोट मिले। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) के नेता शांति गोपाल गिरी को 5,779 वोट मिले और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (AISF) के नेता अली मोहम्मद सबसे मिराज खान को 1,607 वोट मिले। नगांव लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी ने बड़ी बढ़त बनाई चुनाव आयोग के अनुसार, असम की नगांव लोकसभा सीट के उपचुनाव में वोटों की गिनती के दौरान बीजेपी उम्मीदवार देवाशीष शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, AIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल पर 1,76,391 वोटों की बड़ी बढ़त बना ली है। पूर्व IAS अधिकारी शर्मा को 6,61,259 वोट मिले, जबकि अजमल को 4,84,868 वोट मिले और कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा 1,17,060 वोटों के साथ काफी पीछे तीसरे स्थान पर रहीं। ये आंकड़े शाम 5:20 बजे तक उपलब्ध थे। बीजेपी उम्मीदवार ने मोरीगांव, राहा, जागीरोड और नगांव-बटाद्रवा विधानसभा क्षेत्रों में काफी बढ़त बना ली है, जबकि अजमल मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों जैसे ढिंग, समागुरी, लाहरीघाट और रूपहीहाट में आगे थे।
तंजानिया में यात्री बस को ट्रक ने मारी टक्कर, 28 लोगों की मौत
तंजानिया में शुक्रवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में 28 लोगों की मौत हो गई है. लकड़ी से भरे ट्रक की बस से टक्कर के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई. हादसे के बाद घायलों और मृतकों की संख्या का पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
Kerala High Court ने दी 8 हफ्ते की मोहलत, पशु मंडियों पर निगरानी समितियां न बनने पर लग सकती है रोक
केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आठ सप्ताह के भीतर सभी जिलों में जिला पशु बाजार निगरानी समितियां गठित नहीं की गईं, तो वह केरलम की सभी पशु मंडियों को बंद कर देगा। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी. एम. की पीठ ने यह निर्देश तब दिया जब उसे पता चला कि इडुक्की जिले को छोड़कर राज्य में कहीं भी इन समितियों का गठन नहीं किया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि हालांकि विभिन्न जिलों ने दावा किया है कि वे ‘पशु क्रूरता निवारण (पशुधन बाजार विनियमन) नियम, 2017’ का सख्ती से पालन कर रहे हैं, लेकिन जब्त किए गए और मामले की संपत्ति के रूप में पेश किए गए पशुओं के संबंध में कोई विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया। पीठ ने चेतावनी दी, ‘‘यह मानना मुश्किल है कि 2017 के नियमों का सभी द्वारा पूरी ईमानदारी से पालन किया गया है। जिला पशु बाजार निगरानी समिति का न होना 2017 के नियमों के उल्लंघन की अनुमति देने का आधार नहीं हो सकता।’’अदालत ने कहा, ‘‘यदि आज से आठ सप्ताह की अवधि के भीतर प्रत्येक जिले में जिला पशु बाजार निगरानी समिति का गठन नहीं किया जाता है, तो हम सभी पशु मंडियो को बंद करने के लिए बाध्य होंगे।’’अदालत ने राज्य सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें 2017 के नियमों के तहत अब तक दर्ज मामलों और उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण हो। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख तय की है। अदालत पशु अधिकार कार्यकर्ता एंजेल्स नायर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि पशु मंडियों से संबंधित 2017 के नियमों का उल्लंघन करते हुए व्यापार के लिए लाए गए मवेशियों को चिलचिलाती धूप में भूखा-प्यासा बांधकर रखा जाता है।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन का असर, प्रयागराज एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रद्द
दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP के विरोध प्रदर्शन का असर रेल यातायात पर पड़ने की खबर है. संभावित ट्रैफिक जाम और सुरक्षा अलर्ट के मद्देनजर प्रयागराज से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लद्दाख में पीठ पर बच्चा बांधकर पेट्रोल भरती है मां, वीडियो देख भावुक हुए लोग
लद्दाख के पेट्रोल पंप पर बच्चे को पीठ पर बांधकर काम करती महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मां की जिम्मेदारी और काम को एक साथ संभालती महिला को देखकर लोग उसकी मेहनत की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स ने उसकी मदद करने की इच्छा भी जताई है.
UN में भारत की पाकिस्तान को दो टूक, कहा- जम्मू-कश्मीर हमारा है और रहेगा
भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच से एक बार फिर पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है. भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए यह साफ कहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा.
इधर मस्क का अटैक, उधर US में भारतीय कंपनियां पर बैन... कनेक्शन तो नहीं?
Inside Story: अमेरिका का PERM बैन आंतरिक चुनावी और श्रम राजनीति से प्रेरित है. अमेरिकी श्रम विभाग और उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने यह फैसला ट्रंप प्रशासन की अमेरिका फर्स्ट नीति के तहत लिया गया है.
पंजाब चुनाव के लिए मान का भरोसा और सामने खड़ी पहाड़ जैसी चुनौतियां
2022 के में जब AAP ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया, तो विरोधी खेमे ने इसे एक सियासी मजाक समझा. लेकिन AAP ने बरसों से पंजाब में राज कर रहे अकाली दल और कांग्रेस के किले को ध्वस्त कर दिया.
मंगल के नक्षत्र में सूर्य गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत
Surya Gochar 2026: मंगल के नक्षत्र में सूर्य गोचर से अगले 14 दिनों तक मेष, कर्क समेत 5 राशियों को करियर, प्रॉपर्टी और धन लाभ के मिलेंगे बेहतरीन अवसर.
सूखे की मार से फीकी होगी मिठास! भारत में घटेगा चीनी का उत्पादन
अल-नीनो के बीच बारिश की कमी ने भारत में चीनी उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ा दी है. गन्ने में सुक्रोज की मात्रा घटने से लेकर चीनी मिलों तक पानी की किल्लत का खतरा है. जानिए, कैसे बिगड़ सकता है मिठास का पूरा गणित.
38 चौके, 11 छक्के... इस बल्लेबाज ने ध्वस्त किया था लारा का महारिकॉर्ड
ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू हेडन ने साल 2003 में जिम्बाब्वे के खिलाफ पर्थ टेस्ट में 380 रन बनाकर ब्रायन लारा का टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड तोड़ा था. जानिए इस ऐतिहासिक पारी की पूरी कहानी.
LIVE: सीजेपी प्रोटेस्ट के लिए दिल्ली रवाना हुए अभिजीत दीपके, कई प्रदर्शनकारी गिरफ्तार
Latest News Today Live Updates in Hindi : केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के आज जंतर मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को रोकने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। 37 जगह नाकाबंदी, 15 हिरासत केंद्र बनाए गए। प्रदर्शनकारियों ...
मनाली जाएं तो न भूलें स्पीति की 500 साल पुरानी ममी, है बेहद रहस्यमयी!
500 Year Old Mummy: हिमाचल प्रदेश के स्पीति घाटी स्थित ग्यू गांव में लगभग 500 साल पुरानी ममी मौजूद है, जिसे बौद्ध भिक्षु संघा तेनजिन का माना जाता है. इस ममी के दांत आज भी दिखाई देते हैं जो इसे खास बनाते हैं. आइए जानते हैं इस ममी से जुड़ी दिलचस्प बातें और इसका इतिहास.
हिरासत के बाद कहां ले जाए जाएंगे कॉकरोच? दिल्ली पुलिस ने तय कीं जगहें, कुछ दबोचे
कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 35 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं। दिल्ली पुलिस ने स्थान चुने गए हैं, जहां प्रदर्शनकारियों को हिरासत में रखा जाएगा।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर के आसपास 4 किलोमीटर क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। साथ ही साथ 45 मेट्रो स्टेशन भी बंद हैं।
पहली बैठक में ही खुलेगा हिन्दु मंदिर और श्मशान भूमि की मुक्ति का रास्ता!
सबगुरु न्यूज-सिरोही। हिन्दूत्व और मंदिर के नाम पर सत्ता में आए भाजपा के राज में खुर्द बुर्द की गई हिन्दु मंदिर रामझरोखा और हिन्दू श्मशान की भूमि को मुक्त करवाने का फैसले पर अमल शुरू हो जाएगा। सिरोही सभापति रितु जैन की अध्यक्षता में सिरोही नगर परिषद की होने वाली पहली बैठक का एजेंडा आयुक्त […] The post पहली बैठक में ही खुलेगा हिन्दु मंदिर और श्मशान भूमि की मुक्ति का रास्ता! appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मतदाता सूची से मृत या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाना पूरी तरह सही
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एसआईआर के दौरान मृत व्यक्तियों, वार्ड से बाहर चले गए लोगों या डुप्लीकेट नामों को मतदाता सूची से हटाने में कुछ गलत नहीं है। अदालत ने यह टिप्पणी आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े एक मामले में की।
Top News 10 October: दिल्ली में आज CJP का प्रदर्शन, सुरक्षा सख्त, दिपके बोले-जेनजी से डरी सरकार
Top News 10 October: कॉकरोच जनता पार्टी का आज दिल्ली में प्रदर्शन, अभिजीत दीपके का दावा- केंद्र सरकार युवाओं यानी जेनजी से डरी हुई है। राहुल गांधी बोले- उन्होंने 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज नहीं किया। रूस से तेल खरीदेगा अमेरिका। विंडीज का भारत के ...
एलन मस्क पर बरसे कमल हासन, कंगना रनौत ने किया सपोर्ट
भारत में स्टारलिंक लाइसेंसिंग विवाद के बीच, कंगना रनौत ने एलन मस्क पर कमल हासन की प्रतिक्रिया की तारीफ की है. एक्ट्रेस और पॉलिटिशियन कंगना ने उनकी बातों को तीखा और व्यंग्यात्मक बताया.
ऑलराउंडर फोन, 200MP कैमरा..., भारत में आया Motorola Signature 27
Motorola Signature 27 एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है, जिसमें कमाल का प्रोसेसर, लाजवाब साउंड और बेहतरीन कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 200MP का टेलीफोटो कैमरा दिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव से पहले खेला बड़ा दांव, केटी जकारिया को बनाया नई प्रेस सेक्रेटरी
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी मीडिया टीम में बड़ा बदलाव किया है. Truth Social पर उनके साथ काम कर चुकीं केटी जकारिया अब व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी होंगी.
10 अक्टूबर को लोकतंत्र की किलेबंदी
दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने, रेलगाड़ियों को रद्द करने और मध्य दिल्ली के एक बड़े हिस्से में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रोकने जैसे कदम उठाए गए हैं. यह सही है कि प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभानी होती है. लेकिन सवाल यह है कि कुछ संगठनों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए आम नागरिकों की आवाजाही, रोजमर्रा के कामकाज और संचार सुविधाओं को बाधित करना कहां तक उचित है.
'दिल्ली पहुंच गया कश्मीर मॉडल', CJP प्रोटेस्ट से पहले पाबंदियों पर उमर अब्दुल्ला का तंज
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सख्त सुरक्षा इंतजामों और इंटरनेट पाबंदी पर उमर अब्दुल्ला ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कश्मीर मॉडल अब दिल्ली पहुंच गया है। उमर ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए।
डोर-टू-डोर बैंकिंग की सुविधा... 'BC सखी' योजना से आत्मनिर्भर बनीं UP की महिलाएं
यूपी के चंदौली की रहने वाली ज्योति का कहना है कि बीसी सखी योजना से जुड़ने के बाद से वह इतनी सक्षम हो चुकी हैं कि अपने बच्चों की फीस जमा कर सकती हैं और अपने परिवार को भी सुचारू रूप से चला सकती हैं.
महाराष्ट्र: पालघर में हैवानियत, मासूम के दुष्कर्मी पिता को 20 साल जेल; आदित्य ठाकरे ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर कई ट्रेनों के निरस्त और प्रभावित होने के बीच उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने यात्रियों की सुविधा और रेल परिचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।
सीजेपी प्रदर्शन: ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों की बढ़ी परेशानी, लोगों ने जताई नाराजगी
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कई ट्रेनों के रद्द और पुनर्निर्धारित किए जाने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस आज: स्कूलों के लिए नीति पर काम नहीं हुआ शुरू; यूजीसी के दिशा-निर्देश कहां अटके?
Delhi Traffic: दिल्ली में आज कौन-कौन से रास्ते बंद? घर से निकलने से पहले पढ़ लें ट्रैफिक एडवाइजरी
सीजेपी प्रदर्शन के कारण आज दिल्ली में कई रास्ते बंद किए गए हैं. यदि आज आपको सेंट्रल दिल्ली में कही आना-जाना बेहद आवश्यक हो तो पहले यह एडवाइजरी पढ़ लें, अन्यथा बाद में परेशानी में पड़ सकते हैं.
कॉजपा प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 25,000 जवान तैनात, 45 Metro स्टेशनों पर रोक
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया है। दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति दिल्ली पुलिस द्वारा नहीं दिए जाने के बाद सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में संगठन से प्राप्त पत्र केवल एक सूचना मात्र था, न कि अनुमति मांगने के लिए नियमानुसार जमा किया गया आवेदन। बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर एकत्र होने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है। सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 120 से अधिक कंपनियां तैनात की जा सकती हैं। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई है। नयी दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जहां संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कड़ी निगरानी रख रहे हैं। विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा था कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा था कि आवेदन पर विचार किया गया लेकिन यह पाया गया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन सात अक्टूबर को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा था कि नियमों के अनुसार, ऐसे आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा करने होते हैं। प्रसाद ने जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा था कि इससे पहले भी कॉजपा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था। दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर राजीव चौक, नयी दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट सहित 45 दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार रात से प्रवेश और निकास द्वार अगली सूचना तक बंद कर दिये गये। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार, प्रतिबंध शनिवार को भी जारी रहेंगे तथा नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर ‘इंटरचेंज’ (ट्रेन बदलने की) सुविधा उपलब्ध रहेगी। रेलवे सेवाएं भी बाधित होने की आशंका है। शनिवार तड़के चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आने या प्रस्थान करने वाली कई ट्रेन रद्द होने की सूचना है। प्रतिबंधों का उद्देश्य बड़े समूहों को संवेदनशील स्थानों पर एकत्र होने और उन क्षेत्रों की ओर जाने से रोकना है जहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाने के साथ उनकी जांच भी की जा रही है। पुलिस होटल, अतिथि गृहों, लॉज और धर्मशालाओं की तलाशी ले रही है, जबकि बस टर्मिनल और अन्य परिवहन स्थलों पर भी कड़ी सतर्कता बरती जा रही है। इस बीच, पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों की निगरानी बढ़ा दी है और प्रदर्शन के लिए लामबंदी के संबंध में 200 से अधिक ‘कंटेंट क्रिएटर’ जांच के दायरे में हैं। एहतियात के तौर पर शनिवार को दिल्ली भर में शराब की दुकानें बंद रहेंगी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं। पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है। यातायात पुलिस की ओर से जारी परामर्श के अनुसार, यातायात प्रबंधन के उपाय मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर लागू किए जाएंगे या उनमें ढील दी जाएगी। यात्रियों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और अन्य सूचनाओं के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक मंचों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है. जबकि दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मॉनसून के असर से केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में बारिश आने का संकेत है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश
भारत में स्टारलिंक बेचने निकले मस्क, US में क्यों बैन हैं ये कंपनियां?
एलन मस्क सवाल उठाते हैं कि भारत में स्टारलिंक को इंटरनेट मुहैया कराने का लाइसेंस नहीं दिया जा रहा है. लेकिन सुरक्षा का हवाला देकर खुद यही नीति अपनाने में अमेरिका गुरेज नहीं करता है. अमेरिका कई कंपनियों के टेलीकॉम उपकरण, सर्विलांस कैमरे, एंटीवायरस सॉफ्टवेयर, चिप्स इस्तेमाल नहीं करता. ऐसे प्रतिबंध मुख्य रूप से सरकारी और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सबसे सख्त हैं.
दिल्ली में जंतर-मंतर पर होने वाले CJP के प्रदर्शन को लेकर हाई अलर्ट है. सुबह से ही पूरे लुटियंस को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. 57 मेट्रो स्टेशन पूरी तरह से बंद हैं. दिल्ली में सुबह 4 बजे से ही भारी बंद है.
बालों को लंबा करने के लिए कौन सा तेल लगाएं? एक्सपर्ट ने बताया घर पर तेल बनाने का आसान तरीका
मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने बालों को लंबा, घना, मजबूत और शाइनी बनाने के लिए एक खास हेयर ऑयल की रेसिपी बताई है. आइए जानते हैं आप कैसे इस तेल को तैयार कर सकते हैं और इसे बालों में लगाने से आपको क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं.
Saturday Bank Holiday: आज 10 अक्टूबर शनिवार को महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण दिल्ली समेत किन शहरों में बैंक बंद रहेंगे. देखिए अक्टूबर 2026 की RBI की पूरी हॉलिडे लिस्ट
CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली छावनी में तब्दील, 35 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की तैयारी तेज हो गई है
पेंग्विन की दुनिया उजड़ी! 14 साल में 6.8 लाख पक्षी कम हुए
अंटार्कटिका के जिस द्वीप पर कभी दुनिया की सबसे बड़ी पेंग्विन कॉलोनी थी, वहां अब इनकी संख्या तेजी से घट रही है. नई स्टडी के मुताबिक, समुद्र का बढ़ता तापमान और भोजन की तलाश इन पेंग्विन के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं.
Sarva Pitru Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या आज, यहां जानें श्राद्ध-तर्पण का शुभ मुहूर्त और महत्व
आज सर्वपितृ अमावस्या है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज के दिन धरती पर आए सभी पितरों का स्मरण कर उनकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण कर सम्मान के साथ उनके लोक के लिए विदा किया जाता है. आइए जानते हैं सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध और तर्पण के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.
शारदीय नवरात्र 2026: जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
मां दुर्गा की आराधना का पावन पर्व शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा. नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में भक्त माता के नौ स्वरूपों की पूजा करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे. पहले दिन घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होगी. सुबह 6:19 से 10:12 बजे तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा. वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक है. 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी.
हाथ-पैरों में दर्द, नसों की ब्लॉकेज से अगर आप परेशान हैं, तो एक घरेलू नुस्खों की मदद से आप इस परेशानी से राहत पा सकते हैं. यहां जानते हैं इस नुस्खे के बारे में-
पनामा में दो बड़े भूकंप, 7.7 और 6.6 रही तीव्रता, कई इमारतें गिरी
पनामा में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. इसके बाद 6.6 तीव्रता का एक और भूकंप आया और कई आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए. भूकंप के केंद्र के पास इमारतें गिरने लगीं. लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया.
स्टारलिंक पर डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक की चेतावनी: मुफ्त में भी एंट्री न दे भारत; राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा?
CJP Protest: कई रास्तों पर डायवर्जन, जगह-जगह चेकिंग... प्रोटेस्ट से पहले किले में तब्दील दिल्ली
Delhi CJP Protest Live Update: दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने आज 10 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया है. इस प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है. हालांकि इस प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दी गई है. राजधानी दिल्ली के कई रास्तों पर डायवर्जन है और जगह-जगह पुलिस की चेकिंग जारी है. बॉर्डर पर भी सुरक्षा बल तैनात हैं.
आर्युवेद और देसी नुस्खों से हेल्दी लाइफ की टिप्स, राष्ट्रपति ने सुभाष गोयल की पहल को सराहा
भारतीय परंपराओं में खान-पान, दिनचर्या और प्राकृतिक जीवनशैली का विशेष महत्व रहा है. बदलती जीवनशैली के दौर में इन पारंपरिक पहलुओं को समझना और उन्हें व्यावहारिक रूप से अपनाना लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है.
दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर, आज कई रास्ते बंद रहेंगे
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने की घोषणा की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें नई दिल्ली या मध्य दिल्ली के रास्ते रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी या हवाई अड्डे जाना है तो अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें।
एक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल, CJP के सौरव दास का फोन नंबर लीक; दिल्ली पुलिस पर लगाए आरोप
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले सह-संयोजक सौरव दास ने फोन नंबर लीक होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि एक घंटे में 300 से ज्यादा कॉल और WhatsApp मैसेज आए।
रामानंद सागर का 1987 में आया सीरियल 'रामायण' उस दौर में लोगों के लिए न सिर्फ मनोरंजन का साधन था, बल्कि आस्था का एक हिस्सा भी बन गया था. दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले इस सीरियल के हर एक पात्र ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी.
भुवी की वापसी मजबूरी या जरूरी? जवाब में छिपी है टीम इंडिया की कमजोरी
करीब चार साल बाद भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी हुई है. 36 वर्षीय भुवी का अनुभव और हालिया प्रदर्शन उम्मीद जगाता है, लेकिन उनकी वापसी यह भी बताती है कि जसप्रीत बुमराह के बाद भारतीय क्रिकेट को भरोसेमंद तेज गेंदबाज की तलाश अभी जारी है.
दृश्यम-3: मदिरा पीकर सो गए, छी-छी-छी...
दृश्यम-3 के पहले हाफ में एक थिएटर रिहर्सल के दौरान बोली गई ये लाइन शायद पूरी फिल्म पर भारी पड़ जाती है. क्योंकि इस बार सच में समझ नहीं आता कि पर्दे पर कौन जाग रहा है और कौन सो गया है.
जब अमेरिकी राष्ट्रपति को घाना के मंत्री से मांगनी पड़ी माफी
आज के दिन ही अमेरिका में एक ऐसी घटना घटी. जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की किरकिरी हुई. अमेरिका के राष्ट्रपति को घाना के मंत्री से सिर्फ इसलिए माफी मांगनी पड़ी, क्योंकि अमेरिका में उनके साथ उनके रंग को लेकर भेदभाव हुआ था. शीत युद्ध के दौर में अफ्रीका और एशिया के देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए अमेरिकी सरकार को यह समझना पड़ा कि नस्लीय भेदभाव उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा सकता है.
IAS सोनल गोयल का दर्द बना मिशन, पिता को कैंसर से खोने के बाद दे रहीं संदेश-नशा नहीं, सपने चुनो
IAS सोनल गोयल ने पिता को कैंसर से खोने के बाद कैंसर जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को अपना मिशन बना लिया है. माउंट किलिमंजारो अभियान के दौरान उन्होंने युवाओं को ‘नशा नहीं, सपने चुनो’ का संदेश दिया और जागरूकता, फिटनेस तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने की अपील की.
ऋषिकेश-मसूरी नहीं, हिमाचल के इस गांव में बिताएं अपना वीकेंड
Kalpa Village Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश की कल्पा एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जहां ऊंचे पहाड़, सेब के बगीचे और शांत वातावरण आपका मन मोह लेंगे. अगर आप भीड़भाड़ से दूर कुछ समय सुकून से बिताना चाहते हैं तो वीकेंड पर यहां घूमने का प्लान बना सकते हैं.
दिन में सिर्फ 1 बार लो, सुबह बैठते ही सारी गंदगी हो जाएगी बाहर, कब्ज की परेशानी से मिल सकती है राहत
क्या आपको पेट में कब्ज की शिकायत रहती है और पेट साफ नहीं रहता है? अगर हां, तो चटनी खाकर आप इस परेशानी को दूर कर सकते हैं. यहां जानते हैं पेट साफ करने के लिए सुबह क्या खाएं?
उधमसिंह नगर निकाय चुनाव में Congress की जीत बदलाव की शुरुआत: गणेश गोदियाल
देहरादून, नौ अक्टूबर कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने शुक्रवार को कहा कि उधमसिंह नगर ज़िले में दो नगर निकायों में पार्टी की हालिया जीत इस बात का संकेत है कि राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं। यहां ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत करते हुए गोदियाल ने कहा, ‘‘यह जीत लोगों की राजनीतिक इच्छाशक्ति को दिखाती है कि वे अब बदलाव और पूरी तरह से बदलाव चाहते हैं। भाजपा ने हमें जीतने से रोकने के लिए कई तरीके अपनाए, लेकिन इन कोशिशों के बावजूद, उन्हें किच्छा और सिरौली कला में हुए दोनों नगर निकाय चुनावों में हार का सामना करना पड़ा। यह पूरे राज्य में बदलाव की शुरुआत है।’’उन्होंने इसे कांग्रेस की ‘‘एकतरफा जीत’’ बताया और कहा कि भाजपा दोनों में से कोई भी सीट नहीं जीत पाई। गोदियाल ने कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हम जनता के सामने भाजपा सरकार में हुई गड़बड़ियों और उनके द्वारा लोगों, खासतौर पर युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं से किए गए धोखे के बारे में तथ्य रखेंगे।’’कांग्रेस ने बुधवार को घोषित किच्छा और सिरौली कला नगर पालिकाओं में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। सिरौली कला नगर पालिका के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की रशीदा बेगम ने जीत हासिल की जबकि किच्छा नगर पालिका में कांग्रेस के राजेश प्रताप सिंह ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता। दोनों नगर पालिकाओं के लिए 22 सितंबर को मतदान हुआ था।
ट्रेनें रद्द हुईं तो बढ़ गया फ्लाइट का किराया, कॉकरोच प्रदर्शन से पहले बढ़ी मुश्किलें
CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली आने-जाने वाली फ्लाइटों के किराये में उछाल देखने को मिला है। वाराणसी से दिल्ली का हवाई किराया 14 हजार रुपये तक पहुंचा, जबकि अमृतसर रूट पर भी टिकट महंगे हुए।
राहु-केतु के गोचर से इन राशियों को मिलेगा लाभ!
साल 2026 के अंत में राहु और केतु का राशि परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. गणना के अनुसार, 5 दिसंबर की रात 10:32 बजे राहु मकर और केतु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. मान्यता है कि इस बदलाव से करियर, कारोबार, धन और रिश्तों पर असर पड़ सकता है. मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए नए अवसरों की संभावना जताई जा रही है.
सीजेपी प्रदर्शन का आम जनता पर असर, रेल सेवाएं प्रभावित होने से दिल्ली के हवाई किरायों में भारी उछाल
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में कड़े प्रतिबंध और कई ट्रेनों के रद होने के कारण इस इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों की आखिरी पल की बुकिंग में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। कुछ मार्गों पर हवाई किराए भी बढ़ गए हैं।
Delhi Police Action: जंतर-मंतर पर कॉजपा के प्रदर्शन से पहले 15 जिलों से 40 संदिग्ध हिरासत में
राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के शनिवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले एहतियाती कदम उठाते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा सुरक्षा कड़ी किए जाने के बीच सभी 15 जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले लगभग 30 से 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस कुछ ऐसे लोगों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है, जो प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को जुटा सकते हैं या उन्हें इसमें शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा उपायों के तहत ऐसे लोगों के आवासों के बाहर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पूरे दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
आज के दिन: जंतर मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन, दिल्ली-एनसीआर में 45 मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद
आज 10 अक्तूबर 2026 को अश्विना माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। आज कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन करने का एलान किया है। इसके साथ ही डीएमआरसी ने 45 मेट्रो स्टेशनों बंद किए हैं।
गोमती नगर स्थित ताज महल होटल में आयोजित 'BUILD कान्क्लेव' अमर उजाला द्वारा को मुख्य अतिथि के रूपअपने संबोधन में उप मुख्यमंत्री ने 'BUILD को परिभषित करते हुए कहा कि भरोसा, उद्यम, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल से ग्लोबल और सबका विकास का मूल है। इन्हीं पाँच मजबूत स्तंभों के आधार पर देश और प्रदेश विकास की बुलंदियों को छू रहे हैं। में संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश के बदलते आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में आज देश आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।सार्थक और दूरदर्शी आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री ने 'BUILD कान्क्लेव' के आयोजकों को पुनः बधाई दी और धन्यवाद दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे मंच प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। उप मुख्यमंत्री ने 'BUILD को परिभषित करते हुए कहा कि भरोसा, उद्यम, इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल से ग्लोबल और सबका विकास का मूल है। इन्हीं पाँच मजबूत स्तंभों के आधार पर देश और प्रदेश विकास की बुलंदियों को छू रहे हैं। आज बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
CM Pinarayi Vijayan पर CMRL मामले में दर्ज होगी FIR, सतीशन सरकार मानेगी हाईकोर्ट का आदेश
तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) रिश्वत मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के केरल उच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की जाएगी। सतीशन ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जब सरकार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से विजयन, उनकी बेटी वीणा टी. और उनके पति पी. ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की जानकारी मिली थी, तब ‘‘हमने न तो जल्दबाजी में कोई कार्रवाई की और न ही व्यक्तिगत द्वेष के कारण ऐसा किया।’’उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में कानूनी राय लेने का फैसला किया, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य शामिल थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें मिली कानूनी राय के अनुसार, उच्चतम न्यायालय का एक फैसला है, जिसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में तथ्यों का पता लगाने के लिए प्रारंभिक जांच की जा सकती है। इसलिए, हमने कानूनी राय के आधार पर प्रारंभिक जांच का आदेश दिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। हम अदालत के निर्देश का पालन करेंगे और प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कदम उठाएंगे। कानून अपना काम करेगा।’’इस सवाल पर कि क्या प्राथमिकी के संबंध में होने वाली जांच में उन यूडीएफ नेताओं को भी शामिल किया जाएगा, जिन्हें कथित तौर पर सीएमआरएल से चंदा मिला था, सतीशन ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला स्पष्ट है कि केवल कुछ डायरी प्रविष्टियों के आधार पर जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। सतीशन के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने ईडी की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की थी। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने प्राथमिकी दर्ज किए बिना एसआईटी गठित करने के सरकार के फैसले को अवैध करार दिया।
अधिकारियों- कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण का सम्मान हमारी जिम्मेदारी: उपमुख्यमंत्री
उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने 39 पदोन्नत अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि “हमारी सरकार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण का सम्मान करती है। मेरा स्पष्ट मानना है कि जो अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा से जनसेवा करते हैं, उन्हें आगे बढ़ने के उचित अवसर मिलने चाहिए। समय पर पदोन्नति और कार्यों का प्रोत्साहन कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाता है, उनमें नई ऊर्जा का संचार करता है और बेहतर परिणाम देने की प्रेरणा देता है। हमारा उद्देश्य ऐसा कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें प्रत्येक कर्मठ कर्मचारी अपने योगदान का सम्मान महसूस करे और पूरी क्षमता से जनता के कार्य करे।”श्री मौर्य ने कहा कि पदोन्नति के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। उन्हें अपने अनुभव और कार्यक्षमता का उपयोग करते हुए जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पदोन्नत अधिकारी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करेंगे।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प पूर्ति हेतु प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी इस लक्ष्य को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका मनोबल बढ़ाना और उनकी सेवाओं को उचित पहचान देना विभागीय कार्यसंस्कृति को मजबूत करने की दिशा में आवश्यक है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजधानी दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों समेत करीब 35,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने की उम्मीद है।
Weather Forecast 10 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
Weather Forecast 10 October 2026: देखिए क्या है आपके यहां मौसम का हाल | Weather Report Today
'आप भारत के असली बॉस',स्टारलिंक विवाद के बीच अंबानी पर भड़के एलन मस्क; बताने लगे प्रधानमंत्री
स्टारलिंक विवाद के बीच दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने मुकेश अंबानी पर निशाना साधते हुए उन्हें प्रधानमंत्री बता दिया। मस्क ने कहा कि मुझे नहीं पता था कि आप ही भारत के असली बॉस हैं।
ट्रंप और पुतिन के बीच हो गई डीजल डील; अमेरिका मिलेगा लाखों टन ईंधन, यूक्रेन के साथ विश्वासघात
डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल आपूर्ति समझौते की घोषणा की है. इसके तहत रूस अमेरिका को लाखों टन डीजल भेजेगा. यूक्रेन ने इस फैसले की आलोचना की है और अमेरिकी विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं.
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी और छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन आज जंतर-मंतर पर प्रस्तावित है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है, इसके बावजूद कई लोग जंतर-मंतर पर पहुंचने लगे हैं।
कनाडा में प्रस्तावित खालिस्तानी जनमत संग्रह पर भारत सख्त, विदेश मंत्रालय ने जताई कड़ी आपत्ति
कनाडा में प्रस्तावित तथाकथित खालिस्तान जनमत संग्रह को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि देश सभी भारत-विरोधी गतिविधियों की कड़ी निंदा करता है।
MP High Court ने रद्द किया 27 प्रतिशत OBC Reservation, 14 फीसदी कोटा फिर बहाल
जबलपुर, नौ अक्टूबर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को तत्कालीन कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने संबंधी 2019 के कानून को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा के विपरीत है। न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने अपने 159 पृष्ठ के फैसले में कहा कि आरक्षण बढ़ाने के लिए कोई असाधारण परिस्थिति नहीं थी। अदालत ने राज्य में ओबीसी के लिए 14 प्रतिशत आरक्षण बहाल कर दिया। पीठ ने कहा कि संशोधन पर्याप्त तैयारी के बिना और ‘‘अनुचित जल्दबाजी’’ में पारित किया गया था तथा कानून के मसौदे में त्रुटियां सरकार की ‘‘अपर्याप्त तैयारी’’ को दर्शाती हैं। अदालत ने संशोधन को ‘‘संवैधानिक प्रावधानों के अधिकार क्षेत्र से बाहर’’ बताते हुए कहा कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 50 प्रतिशत की सीमा के भी विपरीत है। पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले में विवाद ओबीसी को आरक्षण देने के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि आरक्षण की सीमा को लेकर है। अदालत ने कहा कि उच्च शिक्षा और सरकारी सेवाओं में ओबीसी के प्रतिनिधित्व से संबंधित उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इस वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। ऐसे में आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का कोई आधार नहीं बनता। पीठ ने इंद्रा साहनी और जयश्री लक्ष्मणराव पाटिल मामलों में उच्चतम न्यायालय के फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा पार करने के लिए ‘‘कोई असाधारण परिस्थिति या आपात स्थिति मौजूद नहीं है।’’उच्च न्यायालय ने वर्ष 2019 के अध्यादेश और उसके बाद तत्कालीन कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार द्वारा पारित संशोधन को निरस्त कर दिया। इस संशोधन के जरिए सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था। पीठ ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी), कर्मचारी चयन मंडल और अन्य भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया कि आरक्षण बढ़ाने संबंधी कानून को चुनौती दिए जाने के बाद रोके गए 13 प्रतिशत पदों को तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग से भरा जाए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि मार्च 2019 से 29 सितंबर 2022 के बीच बढ़े हुए आरक्षण के तहत नियुक्त ओबीसी उम्मीदवारों की सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी। 14 प्रतिशत की निर्धारित सीमा से अधिक नियुक्त उम्मीदवारों के पदों का समायोजन अगली तीन भर्ती प्रक्रियाओं में किया जाएगा। अदालत ने कहा कि 29 सितंबर 2022 के बाद की गई भर्तियों में 87 प्रतिशत पदों पर नियुक्तियां की गई थीं, जबकि शेष 13 प्रतिशत पदों को मामले में मुकदमेबाजी के परिणाम के इंतजार में रोक दिया गया था। अब इन पदों को अनारक्षित वर्ग से भरा जाएगा। राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि अदालत ने दस्तावेजों, आंकड़ों और तालिकाओं की जांच करने के बाद फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि विवाद पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के अधिकार को लेकर नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण को 2019 में 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने को लेकर था। तत्कालीन कमलनाथ नीत कांग्रेस सरकार ने आठ मार्च 2019 को अध्यादेश जारी कर ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था। बाद में 14 अगस्त 2019 को इसे कानून का रूप दिया गया। इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। मामला बाद में उच्चतम न्यायालय पहुंचा, जहां से संबंधित याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई और निर्णय के लिए इसे मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय वापस भेज दिया गया। याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई इस साल पांच अगस्त को पूरी हुई, जिसके बाद पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि उनकी पार्टी 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव पर ओबीसी वर्ग के खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस उच्च न्यायालय के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी। ओबीसी महासभा ने भी फैसले पर निराशा जताई। संगठन की राष्ट्रीय कोर समिति के सदस्य और मामले में याचिकाकर्ता लोकेन्द्र गुर्जर ने कहा कि महासभा फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी और ओबीसी वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष जे पी धनौपिया ने आरोप लगाया कि यह फैसला राज्य सरकार की ‘‘दुर्भावनापूर्ण मंशा’’ का परिणाम है। उन्होंने दावा किया कि सरकार अदालत के समक्ष तथ्यों को प्रभावी ढंग से पेश करने में विफल रही, जिसके कारण ओबीसी वर्ग 27 प्रतिशत आरक्षण के लाभ से वंचित रह गया।
प्रदर्शन के लिए दिल्ली जा रहे युवाओं को बंधक बनाना गलत, हाई कोर्ट 18 लोगों की रिहाई का दिया आदेश
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे गोवा के 18 यात्रियों को इटारसी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारे जाने का मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है।
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: Abhijeet Deepke ने दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया
मुंबई, नौ अक्टूबर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोगों से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने या कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई किए जाने के बावजूद वह डरने वाले नहीं हैं। शुक्रवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में दीपके ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन उनके हिरासत में लिए जाने की स्थिति में भी नहीं रुकना चाहिए। दीपके ने कहा, ‘‘कल हमारा मार्च है। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ क्या होगा, मुझे हवाईअड्डे से ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा या बाद में गिरफ्तार किया जाएगा। लेकिन मैं झुकने वाला नहीं हूं, क्योंकि हम देश में लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं। हिरासत में लिए जाने पर भी मुझे डर नहीं है। सरकार हम पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) या गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) लगा सकती है।’’दीपके ने कहा कि कॉजपा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहती है। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को समाप्त करने या निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए निष्पक्ष प्रक्रिया तैयार करने के बिना ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की, ‘‘बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें।’’कॉजपा संस्थापक ने यह भी कहा कि विरोध मार्च शांतिपूर्ण होना चाहिए और लोगों को अहिंसा के रास्ते पर चलना चाहिए। दीपके ने इस आशंका को लेकर भी आगाह किया कि असामाजिक तत्व प्रदर्शन में घुसपैठ कर सकते हैं। संगठन ने बताया कि अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के टर्मिनल 3 पर पहुंचेंगे।
MP Deputy CM Jagdish Devda ने OSD को पद से हटाया, शराब ठेके में रिश्वत के आरोपों पर जांच का आदेश
भोपाल, नौ अक्टूबर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शराब ठेकों से जुड़े एक मामले में एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप सामने आने के बाद शुक्रवार को अपने विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) दीपम रायचूरा को पद से हटा दिया और कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश दिए। देवड़ा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उन्हें कथित अनियमितताओं के बारे में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि रायचूरा फिलहाल उनके ओएसडी थे, लेकिन कथित अनियमितताओं के समय 2024-25 में भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे। रायचूरा पर ये आरोप मोहित गोगिया के कथित बयान के आधार पर लगाए गए हैं। गोगिया पर नाइट क्लब, रेस्तरां और रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार के जरिए करीब 200 लोगों से लगभग 930 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह फिलहाल पंजाब की एक जेल में बंद है। गोगिया भोपाल का निवासी है और उसे दिल्ली पुलिस ने नवंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे गोगिया के कथित बयान के अनुसार, रायचूरा ने 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में दो शराब दुकानों के ठेके दिलाने में मदद करने के बदले जसवंत कुमार नामक व्यक्ति के नाम पर एक करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। यह कथित बयान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए गए गोगिया के बयान का हिस्सा बताया जा रहा है। बयान में दावा किया गया है कि 50 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि शेष 50 लाख रुपये भोपाल में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के पास स्थित एक होटल से जुड़े बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए। गोगिया के अनुसार, यह खाता रायचूरा के एक मित्र का था। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ सोशल मीडिया पर प्रसारित उस पोस्ट की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका, जिसमें ये आरोप लगाए गए हैं। रायचूरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें किसी जांच एजेंसी से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि रिश्वत लेने के आरोप झूठे हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ ने देवड़ा और रायचूरा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। उन्हें एसएमएस भेजे जाने के बावजूद जवाब नहीं मिला।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा कि रूस अमेरिका और ग्लोबल मार्केट को डीजल सप्लाई करेगा. वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि इस कदम से मॉस्को की युद्ध की कोशिशों को फंड मिलेगा.
Kerala cabinet: बुजुर्गों की देखभाल को कानूनी गारंटी देने वाले विधेयक को मिली मंजूरी
तिरुवनंतपुरम, नौ अक्टूबर केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल और सुरक्षा की कानूनी गारंटी देने के उद्देश्य वाले एक विधेयक को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इसे पारित कराना है। सतीशन ने शुक्रवार सुबह ‘पीटीआई वीडियो’ सेवा को दिए एक साक्षात्कार में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद दिन में मंत्रिमंडल ने विधेयक को मंजूरी दे दी। यहां साप्ताहिक मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सतीशन ने कहा कि विधानसभा में पेश किए जाने से पहले विधेयक को प्रकाशित किया जाएगा। प्रस्तावित कानून को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि केरलम देश का पहला राज्य है, जहां वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग विभाग स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून दुनिया में अपनी तरह का पहला कानून होगा, जिसके तहत विधायी प्रावधानों के माध्यम से बुजुर्गों की देखभाल की कानूनी गारंटी दी जाएगी। सतीशन ने कहा, ‘‘देशभर के राज्य केरलम से इस मॉडल की जानकारी मांग रहे हैं। विधानसभा से पारित होने के बाद यह कानून सभी राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में काम करेगा।’’इससे पहले दिन में ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में सतीशन ने कहा कि प्रस्तावित कानून का उद्देश्य बदलती जनसांख्यिकी, बढ़ती जीवन प्रत्याशा और कुछ परिवारों में वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा की चिंताओं के बीच उन्हें जरूरी देखभाल और सहायता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी गारंटी देने के लिए कानून तैयार कर रहे हैं, ताकि उन्हें सुरक्षा मिले और उनकी देखभाल करने वाला कोई मौजूद हो।’’सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों पर नजर रखी जाए। इसमें यह देखना भी शामिल होगा कि बुजुर्गों ने नाश्ता, दोपहर और रात का खाना खाया है या नहीं और क्या उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है। सतीशन ने कहा, ‘‘विधानसभा का सत्र 12 अक्टूबर से शुरू होगा। मुझे उम्मीद है कि हम इसी महीने विधेयक पारित कर सकेंगे।’’उन्होंने कहा कि राज्य में हो रहे बड़े जनसांख्यिकीय बदलावों और जीवन प्रत्याशा में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह पहल जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहले इस मुद्दे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल पारंपरिक कल्याणकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ‘सिल्वर इकोनॉमी’ यानी बुजुर्गों की जरूरतों को पूरा करने वाली सेवाओं की अवधारणा अपनाकर वरिष्ठ नागरिकों को अधिक सक्रिय, रचनात्मक और उपयोगी बनाने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा, इसमें कल्याण का पहलू तो है, लेकिन हम वरिष्ठ नागरिकों को अधिक सक्रिय और रचनात्मक बनाना चाहते हैं। यही सिल्वर इकोनॉमी की अवधारणा को अपनाना है। सतीशन ने बुजुर्गों की देखभाल के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि रोजगार और अन्य अवसरों के लिए युवाओं के विदेश जाने के कारण कई घरों में बुजुर्ग दंपती अकेले रह रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रतिभाओं का पलायन हो रहा है। कई घरों में बुजुर्ग दंपती अकेले रह रहे हैं। हम उनकी सुरक्षा करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित पहल के तहत बुजुर्गों को देखभाल और सहायता उपलब्ध कराने के उपाय किए जाएंगे। इसमें खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संपन्न बुजुर्गों को भी इस संबंध में सरकारी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र या पंचायत में एक स्वयंसेवक नियुक्त किया जाएगा, जो वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल में मदद करेगा। सतीशन ने बताया कि बुजुर्गों की पहचान करने और उनकी जरूरतों का आकलन करने के लिए आंकड़े जुटाने का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए करीब 12 परियोजनाओं की घोषणा पहले ही कर चुकी है। सतीशन ने देखभाल संबंधी प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र वाले पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना के बारे में भी बताया। इन पाठ्यक्रमों के बाद एक वर्ष का मानदेय होगा। इस पहल से प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने के साथ-साथ बुजुर्गों की देखभाल की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार वरिष्ठ नागरिकों का एक व्यापक डेटाबेस भी तैयार करना चाहती है, ताकि उनकी संख्या का आकलन किया जा सके और सहायता की जरूरत वाले लोगों की पहचान हो सके। इससे कल्याण और देखभाल संबंधी योजनाओं को आंकड़ों के आधार पर तैयार करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून और उससे जुड़े उपायों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य की सहायता व्यवस्था को मजबूत करना है। यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

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