OpenAI के पूर्व इंजीनियर पर जासूसी का आरोप, सऊदी शाही परिवार से थे संपर्क!
अमेरिका में OpenAI के पूर्व इंजीनियर अब्दुलरहमान अलफोजान पर कंपनी के एक कॉन्फ्रेंस रूम में रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने और संवेदनशील बैठकों की बातचीत रिकॉर्ड करने का आरोप है. अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दावा किया कि अलफोजान के सऊदी अरब के प्रभावशाली लोगों और शाही परिवार के एक सदस्य से संपर्क थे. अभियोजकों ने उन्हें मुकदमे तक हिरासत में रखने की मांग की है.
हूतियों के हमलों से तनाव, सऊदी अरब ने टाला 'दावोस इन द डेजर्ट' सम्मेलन
सऊदी अरब ने अपना प्रमुख निवेश सम्मेलन फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव 2027 तक टाल दिया है. यह सम्मेलन 26 से 29 अक्टूबर 2026 तक रियाद में होना था. हाल ही में हूती विद्रोहियों के हमलों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच यह फैसला लिया गया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री आज तीन दिवसीय भारत दौरा: समझौते और जयशंकर से बातचीत पर रहेगी नजर; क्या है पूरा कार्यक्रम?
Mars के चांद से धरती पर आएगी मिट्टी, जापान ने लॉन्च किया खास मिशन
जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA ने मंगल के चांद फोबोस की खोज के लिए MMX मिशन लॉन्च किया है. H3 रॉकेट से रवाना हुआ यह अंतरिक्ष यान अगस्त 2027 में मंगल के पास पहुंचेगा. मिशन का लक्ष्य फोबोस की सतह से 10 ग्राम मिट्टी और चट्टानों के नमूने इकट्ठा करना है.
Aquarius Tarot Card Horoscope 20 October: Judgement की ऊर्जा संपत्ति से जुड़े मामले में कानूनी सलाहकार की सलाह उपयोगी, गुस्सा आने पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया न देने का प्रयास. जानिए कुंभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Pisces Tarot Card Rashifal:- परिवार के साथ चीजों की खरीदारी, छोटी-छोटी बातों को छुपाने से परेशानी
Pisces Tarot Card Horoscope 20 October: Ten of cups की ऊर्जा परिवार के साथ खरीदारी और समय बिताने से उत्साह और उमंग में वृद्धि,छोटी-छोटी बातों को छुपाकर रखने से परेशानी. जानिए मीन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Capricorn Tarot Card Horoscope 20 October: The Star की ऊर्जा कामकाजी महिलाओं की सुख सुविधा के लिए कार्य स्थल पर आवश्यक बदलाव के प्रयास, कार्यस्थल में सकारात्मक बढ़ाने के लिए वास्तु अनुरूप कुछ बदलाव करने पर विचार मकर राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Sagittarius Tarot Card Horoscope 20 October: किसी से लिया हुआ धन समय पर वापस करने का प्रयास, कार्य क्षेत्र में कुछ बदलाव वास्तु अनुरूप करने से वातावरण में सकारात्मकता लेकर आ सकती है. जानिए धनु राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Scorpio Tarot Card Rashifal: परिवार के किसी मामले में परेशानी, व्यवसाय के रुके हुए कार्यों में गति
Scorpio Tarot Card Horoscope 20 October: King of wands की ऊर्जा संतान के विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी, रुके हुए कार्य के पूरा होने से व्यवसाय में आर्थिक लाभ. जानिए वृश्चिक राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Libra Tarot Card Horoscope 20 October: Strength की ऊर्जा अपनी आंतरिक शक्ति को मजबूत बनाने की कोशिश, छोटी-छोटी बातों को लेकर दूसरों में कमियां ना ढूंढ़ने की बात लेकर आ सकती है. जानिए तुला राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
आशुतोष रांका और सौरभ दास की मुश्किलें बढ़ीं, हिरासत बढ़ने के बाद अब क्राइम ब्रांच के हवाले केस
आशुतोष रांका और सौरभ दास की मुश्किलें बढ़ीं, हिरासत बढ़ने के बाद अब क्राइम ब्रांच के हवाले केस
Virgo Tarot Card Horoscope 20 October: The Hanged Man की ऊर्जा लोगों के आलोचनाओं और बातों से दूर अपने कार्य के नई शुरुआत पर विचार, अपनी रुचि को व्यवसाय में बदलने से पहले नफे-नुकसान की जानकारी लेने की आवश्यकता और परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को ध्यान रखते हुए सही कार्य करने की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं,कन्या राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
Leo Tarot Card Rashifal: आर्थिक स्थिति पर नियंत्रण, मित्र के विवाह में शामिल होने के लिए खरीदारी,योजनाबद्ध में तरीके से कार्य पूरा करने व्यवसाय में आ रही परेशानी को दूर करने का प्रयास.
Cancer Tarot Card Horoscope 20 October: Five of swords की ऊर्जा किसी कानूनी दस्तावेज की गड़बड़ी के चलते कोई पुरानी बात सामने आने से परेशानी, परिवार की व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास और नौकरी में अपने अधिकारों और जिम्मेदारियां को लेकर सजग रहने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते है, कर्क राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
टाइगर श्रॉफ केस: आर्म्स एक्ट मामले में जमानत पर था हमलावर रेहान, पिता का दावा
दिहाड़ी मजदूर रईसुद्दीन ने कहा, 'वह करीब 10 साल से मेरे साथ नहीं रह रहा है। वह देवड़ू गांव में अपनी मां के साथ रह रहा था। कुछ महीने पहले उसके खिलाफ हथियार से जुड़े एक मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था।
उत्तराखंड कांग्रेस 22 अक्टूबर से निकालेगी न्याय यात्रा, कई मुद्दों पर प्रदर्शन
उत्तराखंड कांग्रेस 22 अक्टूबर को बदरीनाथ मंदिर में पूजा करेगी. इसके बाद ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ शुरू होगी. इस यात्रा में कांग्रेस महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाएगी. पार्टी भर्ती घोटालों, पलायन और स्वास्थ्य सेवाओं की समस्याओं पर भी सरकार को घेरेगी
पढ़ें 20 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज
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NCP विधायक जितेंद्र आव्हाड़ को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी
NCP (SP) विधायक जितेंद्र आव्हाड को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है. पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक, आव्हाड ने रविवार को मिली धमकी के बाद वर्तक नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. फोन करने वाले ने उससे बात करने की कोशिश करने वाले एक पार्टी कार्यकर्ता को भी धमकाया.
जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को फरीदाबाद से जोड़ने वाले इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 31 किलोमीटर है. इसका लगभग 24 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा के अंतर्गत आता है, जबकि 7 किलोमीटर का क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा में पड़ता है.
कुंजापुरी मेले के इस सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को कथित तौर पर करीब 40 लाख रुपये की फीस देकर बुलाया गया था. हालांकि कार्यक्रम के दौरान उनकी प्रस्तुति को लेकर सवाल उठने लगे.
चेन्नई-गोवा इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी, सभी यात्री उतारे गए; 5.40 की फ्लाइट रात 10.30 बजे उड़ी
चेन्नई से गोवा जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E588 में बम की धमकी मिलने के बाद, इसकी उड़ान में 5 घंटे की देरी हो गई.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 220 cc की बाइक से पुलिस कैसे जुटा रही सबूत, किस एंगल की पुलिस कर रही जांच?
मुंबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में गिरफ्तार सभी तीनों आरोपी बालिग हैं. DCP राज तिलक रौशन के मुताबिक एक आरोपी की उम्र 18 वर्ष है, जबकि अन्य दो आरोपियों की उम्र 22-22 वर्ष है. इस तरह पुलिस ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिनमें एक आरोपी के नाबालिग होने का दावा किया गया था.
दस्तक: लॉरेंस गैंग कैसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया?
आज दसतक की शुरूआत अंडरवर्ल्ड की लॉरेंस फाइल्स से. डॉन लॉरेंस बिश्नोई जेल में है, डॉन के गुर्गे अमेरिका में. लेकिन टारगेट पर है समूचा बॉलीवुड.तो क्या जेल में बैठे-बैठे लॉरेंस बिश्नोई का पूरा खेल चल रहा है. आज हम डॉन लॉरेंस बिश्नोई की दहशत, गैंग की मॉडस ऑपरेंडी और डॉन के इंटरनेशनल नेटवर्क की क्राइम फाइल खोलेंगे. देखें...
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार से भारत की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे और इस दौरान ऊर्जा, व्यापार एवं निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया संकट पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इस साल रुबियो की यह दूसरी भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देशों के संबंधों में लगातार तनाव बना हुआ है। इससे पहले मई में अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत की थी। इसके अलावा, उन्होंने क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था। अमेरिका के विदेश मंत्री के साथ कारोबारियों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भी आने की उम्मीद है। मंगलवार दोपहर मुंबई में जयशंकर और रुबियो के बीच होने वाली बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, रुबियो दोपहर दो बजकर 15 मिनट पर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे। जयशंकर के साथ बैठक के अलावा, मुंबई में रुबियो के कार्यक्रमों में 26/11 के आतंकवादी हमले के मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए ताज स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करना भी शामिल है। उस हमले में छह अमेरिकी नागरिकों सहित 160 से अधिक लोगों की जान गई थी। अमेरिका के शीर्ष राजनयिक अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले सप्ताह कहा था, “बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिनमें ऊर्जा, व्यापार एवं निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियां तथा आपसी हित के अन्य विषय शामिल हैं।’’दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते और पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा होने की संभावना है। रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर जाएंगे। भारत यात्रा से पहले रुबियो ने उज्बेकिस्तान में कहा कि अमेरिका, भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के ‘‘बहुत करीब’’ है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि रूसी तेल खरीदने के मामले में भारत को अमेरिकी शुल्क से मिली छूट का संबंध इस समझौते को अंतिम रूप देने के फैसले से है। रुबियो ने कहा, ‘‘हम अभी भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। हम इसे पूरा करने के बहुत करीब हैं। इसलिए जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर शुल्क से छूट और इस तरह के अन्य मामलों पर फैसला लेते हैं, तो यह उन बातों में से एक है, जिन पर हम विचार करते हैं।’’भारत और अमेरिका 2025 की शुरुआत से प्रस्तावित व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य शुल्क संबंधी मतभेदों को दूर करना, गैर-शुल्क बाधाओं को खत्म करना और दोनों देशों के बाजारों तक पहुंच बढ़ाना है। भारत अपने उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था चाहता है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कुछ दिन पहले कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता अब समझौते के ‘‘अंतिम चरण’’ के करीब पहुंच रही है।
‘रिजीम चेंज की जरूरत’, टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर राउत ने फडणवीस सरकार को घेरा
संजय राउत ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के प्रभाव का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। राउत ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी गिरोह कानून का डर महसूस नहीं कर रहे हैं।
लॉरेंस 10 साल से जेल में बंद, फिर कैसे चल रहा इंटरनेशनल क्राइम नेटवर्क? उठे 5 सवाल
टाइगर श्रॉफ से जुड़े गोलीकांड ने जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के कथित नेटवर्क पर सवाल खड़े किए हैं. सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा फिर चर्चा में है. जांच का फोकस नेटवर्क, वसूली और कथित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन पर है.
वैश्विक व्यापार मंच पर भारत की आर्थिक कूटनीति ने एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल कर लिया है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement - FTA) मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक रूप से लागू होने जा रहा है। विजयादशमी के पावन पर्व के अवसर पर लागू हो रहा यह ऐतिहासिक समझौता दोनों देशों के वाणिज्यिक, तकनीकी और औद्योगिक रिश्तों को एक नए युग में ले जाने के लिए तैयार है। इस बड़े घटनाक्रम पर केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह द्विपक्षीय समझौता महज एक पारंपरिक ट्रेड पैक्ट या बाजार तक सामान्य पहुंच (Market Access) भर नहीं है, बल्कि यह दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच एक गहरी, दीर्घकालिक और रणनीतिक आर्थिक साझेदारी (Deep Economic Partnership) की औपचारिक शुरुआत है।यह पिछले पांच वर्षों में भारत द्वारा सफलतापूर्वक संचालित और लागू किया जाने वाला सातवां प्रमुख एफटीए है। इससे पहले भारत ने मॉरीशस, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, ईएफटीए (EFTA) और ब्रिटेन जैसे प्रमुख वैश्विक साझेदारों के साथ समझौते किए हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस समझौते के आधिकारिक क्रियान्वयन समारोह की अगुवाई कर रहे हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते का मुख्य लक्ष्य मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक दोगुना कर 7 अरब डॉलर (लगभग ₹35,000 करोड़ से अधिक) के पार पहुंचाना है। भारत के श्रम-प्रधान उद्योगों, छोटे निर्यातकों, कुशल पेशेवरों और युवाओं के लिए यह समझौता संभावनाओं के असीमित द्वार खोलने वाला साबित होगा।100% भारतीय उत्पादों को ड्यूटी-फ्री एक्सेस: टेक्सटाइल, चमड़ा और रत्न-आभूषण को सीधा बूस्टइस समझौते की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि यह है कि न्यूजीलैंड ने भारत से निर्यात होने वाले 100 प्रतिशत टैरिफ लाइनों (वस्तुओं) पर आयात शुल्क पूरी तरह शून्य (0% Customs Duty) करने की प्रतिबद्धता जताई है। यानी भारत में बनने वाला लगभग हर उत्पाद अब बिना किसी अतिरिक्त सीमा शुल्क के न्यूजीलैंड के बाजारों में बिक सकेगा। इसका सीधा और सबसे बड़ा फायदा भारत के उन सेक्टर्स को मिलेगा जो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करते हैं।भारत के कपड़ा व परिधान (Textiles & Apparels), चमड़ा और फुटवियर (Leather & Footwear), रत्न एवं आभूषण (Gems & Jewellery), इंजीनियरिंग गुड्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटो पार्ट्स और जैविक कृषि उत्पादों को कीवी बाजार में सीधी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल होगी। अब तक वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों को वहां मिलने वाली ड्यूटी छूट के कारण भारतीय निर्यातक जिस नुकसान में रहते थे, वह बाधा अब हमेशा के लिए खत्म हो गई है। भारतीय सामान अब ऑकलैंड, वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च जैसे बड़े शहरों के रिटेल स्टोर्स में पहले से काफी किफायती और प्रतिस्पर्धी दामों पर उपलब्ध होंगे।भारतीय पेशेवरों के लिए आसान वीजा और मोबिलिटी: आईटी, योग और शेफ के लिए नए अवसरकेवल वस्तुओं के व्यापार तक सीमित न रहकर इस समझौते में सेवाओं (Services Trade) और मानव संसाधन की आवाजाही को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, आधुनिक अर्थव्यवस्थाएं केवल सामान बेचने से नहीं बल्कि कुशल प्रतिभाओं और नवाचार के आदान-प्रदान से आगे बढ़ती हैं। इस एफटीए के जरिए भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स, डेटा प्रोफेशनल्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, आर्किटेक्ट्स और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए न्यूजीलैंड में काम करने के कानूनी रास्ते बेहद सुगम कर दिए गए हैं।विशेष रूप से भारतीय पारंपरिक ज्ञान और कौशल को मान्यता देते हुए न्यूजीलैंड ने भारतीय योग प्रशिक्षकों (Yoga Instructors), पारंपरिक भारतीय रसोइयों (Chefs) और आयुष प्रैक्टिशनर्स के लिए विशेष वीजा कोटे और सुगम वर्क परमिट नियमों पर सहमति दी है। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों ने शैक्षणिक डिग्रियों और पेशेवर योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता (Mutual Recognition Agreements) पर काम तेज करने का निर्णय लिया है, जिससे न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद वहां पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा पाना और करियर बनाना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा।15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का निवेश: न्यू सप्लाई चेन का होगा निर्माणएफटीए की रूपरेखा में दोनों देशों ने सप्लाई चेन इंटीग्रेशन (आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण) को मजबूत करने पर बड़ा दांव लगाया है। समझौते के तहत न्यूजीलैंड के प्रमुख सॉवरेन वेल्थ फंड्स और निजी उद्यमों ने आगामी 15 वर्षों के दौरान भारत के विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और क्लीन टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में लगभग 20 अरब डॉलर के प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की प्रतिबद्धता जाहिर की है।न्यूजीलैंड के पास आधुनिक डेयरी प्रोसेसिंग तकनीक, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, पोस्ट-हार्वेस्ट मैनेजमेंट और वानिकी (Forestry) में विश्वस्तरीय विशेषज्ञता हासिल है। भारतीय उद्योग जगत इस तकनीक का लाभ उठाकर घरेलू स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) की बर्बादी को रोक सकेगा और वैश्विक मानकों के अनुरूप मूल्य संवर्धन (Value Addition) कर सकेगा। दोनों देश मिलकर ऐसी आपूर्ति श्रृंखला तैयार कर रहे हैं जो किसी भी वैश्विक भू-राजनीतिक संकट या तनाव में बिना रुके सुचारू रूप से काम करती रहे।भारतीय किसानों और डेयरी उद्योग के हितों की शत-प्रतिशत सुरक्षाजब भी न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते की बात चलती थी, तो भारतीय डेयरी किसानों और ग्रामीण पशुपालकों में यह आशंका घर कर जाती थी कि कहीं न्यूजीलैंड का सस्ता दूध, मक्खन और पनीर भारतीय बाजार को पाट न दे। भारत सरकार ने इस समझौते में देश के 8 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों और छोटे कृषि उत्पादकों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।भारत ने अपने संवेदनशील घरेलू डेयरी सेक्टर (जैसे तरल दूध, मक्खन, घी, चीज) और पोल्ट्री सेक्टर को शुल्क रियायतों से पूरी तरह बाहर (Exclusion List में) रखा है। यानी न्यूजीलैंड से आने वाले डेयरी उत्पादों पर पहले की तरह ही सुरक्षात्मक शुल्क लागू रहेंगे, जिससे स्थानीय किसानों की आजीविका पर आंच नहीं आएगी। भारत ने केवल उन्हीं चुनिंदा कृषि उत्पादों में शुल्क राहत दी है जिनका उत्पादन भारत में नहीं होता या सीमित होता है, जैसे कि कीवी फल और सेब की कुछ विशिष्ट किस्में, जिन पर भी न्यूनतम आयात मूल्य और कोटा आधारित शर्तें तय की गई हैं।वैश्विक कूटनीति और इंडो-पैसिफिक में भारत का बढ़ता प्रभावआर्थिक लाभ के अलावा, भारत-न्यूजीलैंड एफटीए का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक पहलू भी है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था, स्वतंत्र समुद्री व्यापार और लोकतांत्रिक देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने में यह समझौता एक रणनीतिक गोंद का काम करेगा। न्यूजीलैंड प्रशांत क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और भारत के साथ उसका आर्थिक रूप से गहराई से जुड़ना यूरेशिया और प्रशांत महासागर के बीच नए व्यापारिक गलियारे तैयार करेगा।वाणिज्य सचिव के शब्दों में कहें तो, 20 अक्टूबर से शुरू हो रहा यह नया अध्याय केवल दो देशों के बीच व्यापार के आंकड़े बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया और ओशिनिया के बीच तकनीकी साझेदारी, प्रतिभा के सम्मान और आर्थिक लचीलेपन की एक नई इबारत लिख रहा है। भारतीय निर्यातकों के लिए विजयादशमी का यह तोहफा आने वाले वर्षों में मेक इन इंडिया उत्पादों को वैश्विक पटल पर नई पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
बिजनौर में जमीन की रंजिश में खूनी खेल, CCTV में कैद
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में जमीन विवाद के बीच दो भाइयों पर हमला हुआ. घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें एक युवक फायरिंग करता दिखाई दे रहा है.
ऑनलाइन ग्रॉसरी और 10 मिनट में सामान घर पहुंचाने वाले क्विक-कॉमर्स (Quick Commerce) ऐप्स के बढ़ते जाल के बीच उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और अधिकारों की सुरक्षा के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। अक्सर ग्राहकों की यह शिकायत रहती है कि जब वे ब्लिंकिट (Blinkit), जेप्टो (Zepto), स्विगी इंस्टामार्ट (Swiggy Instamart) या बिगबास्केट (BigBasket) जैसे प्लेटफॉर्म्स से दूध, ब्रेड, आटा, तेल, स्नैक्स या डिब्बाबंद खाद्य उत्पाद मंगवाते हैं, तो उन्हें ऑर्डर करने से पहले यह पता नहीं चलता कि प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट क्या है। कई बार घर पर डिलीवरी होने के बाद पैकेट उलटने पर पता चलता है कि सामान की मियाद खत्म होने में महज दो या तीन दिन ही बाकी हैं।उपभोक्ताओं की इसी बेबसी को खत्म करने और डिजिटल शॉपिंग को किसी किराना दुकान पर हाथ में सामान लेकर जांचने जैसा पारदर्शी बनाने के लिए एफएसएसएआई नए कड़े नियम लागू करने की तैयारी में है। प्राधिकरण के प्रस्तावित नियमों के तहत अब प्रत्येक ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को अपनी ऐप या वेबसाइट पर प्रोडक्ट लिस्टिंग के समय ही उसकी निर्माण तिथि (Manufacturing Date), एक्सपायरी या बेस्ट-बिफोर डेट (Expiry / Best Before Date), बैच नंबर और उसमें मिली सामग्रियों (Ingredients व Nutritional Value) की पूरी जानकारी बड़े और स्पष्ट अक्षरों में दिखानी होगी।ग्राहकों को अब नहीं मिलेगा 'सरप्राइज': कार्ट में डालने से पहले दिखेगा पूरा ब्योरामौजूदा समय में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर केवल प्रोडक्ट की तस्वीर, वजन, ब्रांड का नाम और डिस्काउंटेड कीमत ही प्रमुखता से दिखाई देती है। पैकेट के पीछे छपी वैधानिक जानकारी—जैसे एलर्जेंस (Allergens), प्रिजर्वेटिव्स, अतिरिक्त चीनी (Added Sugar), सोडियम की मात्रा और सबसे अहम यानी एक्सपायरी की तारीख—ऑर्डर करते समय उपभोक्ता की नजरों से ओझल रहती है।एफएसएसएआई के नए ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, प्लेटफॉर्म्स को अपने डिजिटल कैटलॉग को पूरी तरह अपग्रेड करना होगा। अब किसी भी खाद्य उत्पाद के पेज पर मुख्य तस्वीर के साथ-साथ पैकेट के पीछे का पूरा लेबल (Back of Pack) स्पष्ट रूप से पठनीय फॉर्मेट में अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, ऐप पर रियल-टाइम में यह जानकारी प्रदर्शित होगी कि जिस डार्क स्टोर (Dark Store) से आपका सामान पैक हो रहा है, वहां मौजूद उस विशिष्ट बैच की निर्माण तिथि क्या है और वह कब एक्सपायर हो रहा है। यदि ग्राहक को लगता है कि ब्रेड या पनीर की बची हुई शेल्फ लाइफ उसकी जरूरत के हिसाब से कम है, तो वह ऑर्डर करने से पहले ही उसे खरीदने से मना कर सकेगा।बैच नंबर और शेल्फ लाइफ का 30% या 45 दिन वाला अनिवार्य नियमप्राधिकरण ने क्विक-कॉमर्स कंपनियों की उस पुरानी आदत पर भी कड़ा प्रहार किया है, जिसमें कंपनियां अपने अनबिके या जल्द खराब होने वाले स्टॉक (Near-Expiry Stock) को भारी छूट देकर ऑनलाइन ग्राहकों के मत्थे मढ़ देती थीं। एफएसएसएआई के शेल्फ-लाइफ नियमों के तहत ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि डिलीवरी के समय किसी भी पैकेज्ड उत्पाद की कुल शेल्फ लाइफ का कम से कम 30 प्रतिशत हिस्सा या कम से कम 45 दिन की वैधता शेष रहनी चाहिए।इसके साथ ही, डिजिटल लिस्टिंग पर 'बैच नंबर' (Batch Number) का प्रदर्शन भी अनिवार्य किया जा रहा है। बैच नंबर अनिवार्य होने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यदि किसी कारखाने या बैच में मिलावट, फंगस या रासायनिक खराबी की शिकायत आती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी पूरे देश में उस बैच के सभी पैकेट्स को एक क्लिक में ट्रैक करके तुरंत 'रिकॉल' (बाजार से वापस) करवा सकेंगे। इससे डार्क स्टोर्स में असुरक्षित खाद्य सामग्री को खपाने की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।भ्रामक दावों और डार्क स्टोर्स की हाइजीन पर भी कसेगा कानूनी शिकंजानए दिशा-निर्देशों में केवल एक्सपायरी डेट ही नहीं, बल्कि कंपनियों द्वारा किए जाने वाले भ्रामक दावों (Misleading Claims) को लेकर भी जवाबदेही तय की गई है। अक्सर पैकेट पर '100% नेचुरल', 'जीरो फैट', 'नो एडेड शुगर' या 'इम्यूनिटी बूस्टर' जैसे बड़े-बड़े दावे लिख दिए जाते हैं, जबकि बारीक अक्षरों में उसके अंदर कृत्रिम रसायन और स्वीटनर्स मिले होते हैं। एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ब्रांड ऑनलाइन भ्रामक दावा करता है, तो उसके साथ-साथ उस उत्पाद को होस्ट करने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भी सह-आरोपी माना जाएगा।इसके अतिरिक्त, शहरों की घनी बस्तियों में तेजी से खुल रहे 'डार्क स्टोर्स' (वेयरहाउस जहां से 10 मिनट में डिलीवरी होती है) की साफ-सफाई और कोल्ड चेन व्यवस्था की सघन जांच के आदेश दिए गए हैं। फ्रोजन फूड्स, आइसक्रीम, मक्खन और पनीर को डीप फ्रीजर के बजाय सामान्य तापमान पर रखने, या चूहों व कीड़ों से असुरक्षित परिसरों में खाने का सामान डंप करने वाले डार्क स्टोर्स के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएंगे। प्रत्येक डार्क स्टोर के लिए मान्य एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और स्वच्छता रेटिंग (Hygiene Rating) को ऐप पर सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा।नियम तोड़े तो क्या होगी कार्रवाई: 5 लाख का जुर्माना और जेल की सजाखाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act) के तहत नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और विक्रेताओं के खिलाफ कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएंगे। यदि कोई प्लेटफॉर्म एक्सपायरी की तारीख छुपाकर या गलत जानकारी देकर सामान बेचता पाया गया, तो इसे 'मिसब्रांडिंग' और 'असुरक्षित खाद्य वितरण' की श्रेणी में रखा जाएगा।प्राधिकरण दोषी कंपनियों पर ₹5 लाख तक का आर्थिक जुर्माना ठोक सकता है। यदि एक्सपायर्ड या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ के सेवन से किसी उपभोक्ता की तबीयत बिगड़ती है या फूड पॉइजनिंग होती है, तो कंपनी के अधिकारियों और विक्रेता के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यूनतम 6 महीने से लेकर 6 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने साफ कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में व्यापार करने का मतलब नियमों से छूट पाना नहीं हो सकता।जागरूक उपभोक्ता बनें: ऑनलाइन खाना और राशन मंगाते समय इन 4 बातों का रखें ध्यानजब तक ये नए नियम आधिकारिक गजट में पूरी तरह अधिसूचित होकर लागू नहीं हो जाते, तब तक उपभोक्ताओं को खुद भी डिलीवरी लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है:डिलीवरी एजेंट के सामने जांचें तारीख: जैसे ही डिलीवरी बैग आपके हाथ में आए, पैकेट खोलते ही सबसे पहले दूध, दही, पनीर, ब्रेड और पैकेज्ड स्नैक्स की एक्सपायरी या 'Use By' डेट चेक करें। यदि सामान एक्सपायर हो चुका है या उसकी मियाद में 24-48 घंटे ही बचे हैं, तो उसे तुरंत डिलीवरी पार्टनर को वापस कर दें।पैकेट की सील और लीकेज देखें: टेट्रा पैक जूस, तेल या सॉस की बोतलें यदि फूली हुई (Puffed), चिपचिपी या लीक करती दिखें, तो उनका कतई इस्तेमाल न करें।फोटो खींचकर तुरंत ऐप पर शिकायत करें: यदि कोई एक्सपायर्ड सामान डिलीवर हो जाता है, तो उस पैकेट की तारीख और डिलीवरी इनवॉइस की स्पष्ट तस्वीर खींचें और ऐप के सपोर्ट सेक्शन में जाकर रिप्लेसमेंट या फुल रिफंड का दावा करें।राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1915 और FSSAI पर रिपोर्ट: यदि ई-कॉमर्स कंपनी आपकी शिकायत का संतोषजनक समाधान नहीं करती है, तो आप भारत सरकार के राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 पर कॉल कर सकते हैं। इसके साथ ही एफएसएसएआई के आधिकारिक पोर्टल या 'Food Safety Connect' ऐप के जरिए मिलावट और बासी उत्पाद की सीधी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सजगता ही आपकी और आपके परिवार की सेहत का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
वामपंथी दलों के book stall में तोड़फोड़ गलत, BJP नेता Swapan Dasgupta बोले- शर्म से झुक गया सिर
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने सोमवार को कहा कि किताबों के स्टॉल में तोड़फोड़ किए जाने से संबंधित वामपंथी दलों के आरोप किसी भी तरह सही नहीं हैं और विचारों व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को किसी भी हालत में नहीं रोका जा सकता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दासगुप्ता ने कहा कि विचारों की स्वतंत्रता पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने कहा कि कभी राज्य की प्रमुख राजनीतिक ताकत रहा वाम मोर्चा अब अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है और उसे भी किताबों के स्टॉल लगाने का पूरा अधिकार है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), एसयूसीआई और अन्य वामपंथी दलों ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर उनके पुस्तक स्टॉल में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने कहा कि इन जगहों में कूचबिहार जिले के दिनहाटा से लेकर दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर तक के इलाके शामिल हैं। उन्होंने स्थानीय भाषा के एक टीवी चैनल से कहा, “मैं पिछले 30 से 40 वर्ष से दुर्गा पूजा के दौरान वामपंथी दलों के स्टॉल देखता आ रहा हूं। वहां ज्यादा भीड़ नहीं जुटती, लेकिन वे अपने स्टॉल लगाते हैं।”उन्होंने कहा, “चाहे लेनिन, मार्क्स या किसी और की किताब हो, जो लोग अपने विचार रखना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति मिलनी चाहिए। यह टीवी चैनलों की तरह है। 30 चैनल हो सकते हैं, लेकिन रिमोट आपके हाथ में होता है। आपको किताब पढ़नी है या नहीं, यह आपकी पसंद पर निर्भर करता है।”दासगुप्ता ने कहा कि तोड़फोड़ की कथित घटनाओं से राज्य की छवि खराब हुई है। मंत्री ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इन हमलों के पीछे कौन था या उनका किस राजनीतिक दल से संबंध था। उन्होंने सवाल किया, “इससे मेरा सिर शर्म से झुक जाता है।
दशहरा पर बनाएं चना दाल पूरी और पनीर की ग्रेवी वाली सब्जी
Dussehra Lunch Ideas: दशहरे के मौके पर अगर आप भी अपने घर में कुछ स्पेशल बनाना चाहते हैं तो चना दाल की पूड़ी और पनीर की रसेदार सब्जी बनाएं. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
क्या अब नॉर्थ और साउथ कोरिया में छिड़ने वाली है जंग, दोनों तरफ से युद्ध को लेकर आ रहे बयान
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने सोमवार को कहा कि उनका देश, अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रही संयुक्त सेनाओं का 'युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल' (युद्ध के समय संचालन का नियंत्रण) वापस लेने में पूरी तरह सक्षम है.
भारत में ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन साधने के लिए केंद्र सरकार ने एक क्रांतिकारी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के अनुसार, भारत अगले तीन से चार वर्षों में 'एग्रीवोल्टाइक' (Agrivoltaics यानी AgriPV) तकनीक के माध्यम से 5 गीगावाट (GW) से अधिक की अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ सकता है। इस तकनीक का सबसे बड़ा चमत्कार यह है कि इसमें एक ही जमीन पर ऊपर सोलर पैनल्स के जरिए हरित बिजली बनाई जाती है और ठीक नीचे पारंपरिक फसलों, सब्जियों व बागवानी की खेती जारी रहती है।देश में यूटिलिटी-स्केल बड़े सोलर पार्कों के लिए बड़े पैमाने पर उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए यह पहल गेम-चेंजर मानी जा रही है। 21 से 23 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले उच्चस्तरीय सम्मेलन से ठीक पहले मंत्रालय ने साफ किया है कि एग्रीवोल्टाइक्स को अब प्रायोगिक (पायलट) प्रोजेक्ट्स से निकालकर बड़े पैमाने पर व्यावसायिक रोलआउट की ओर ले जाने का रोडमैप तैयार कर लिया गया है।क्या है एग्रीवोल्टाइक (AgriPV) तकनीक: एक ही खेत से दोहरा मुनाफापारंपरिक सोलर प्लांट्स में जमीन की सतह के बिल्कुल करीब सोलर पैनल्स लगाए जाते हैं, जिससे वह पूरी जमीन खेती के अयोग्य हो जाती है। इसके विपरीत, एग्रीवोल्टाइक प्रणाली में सोलर पैनल्स को 2.5 से 3.5 मीटर ऊंचे स्ट्रक्चरों पर लगाया जाता है।इन पैनल्स के बीच पर्याप्त दूरी और कोण इस तरह रखा जाता है कि जमीन पर धूप और हवा की आवाजाही सामान्य रूप से बनी रहे। किसान इन पैनल्स के नीचे ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक कृषि यंत्रों को आसानी से चला सकते हैं। पैनल्स की हल्की छाया के कारण मिट्टी में नमी लंबे समय तक बरकरार रहती है, जिससे वाष्पीकरण (Evaporation) कम होता है और सिंचाई के पानी की 20 से 30 प्रतिशत तक बचत होती है। वहीं सोलर पैनल्स के नीचे हरियाली रहने से स्थानीय तापमान ठंडा रहता है, जिससे सोलर पैनल्स की बिजली उत्पादन दक्षता (Efficiency) भी बढ़ जाती है।लागत 25 से 30% अधिक, गैप पाटने के लिए सरकार लाएगी नई सपोर्ट स्कीमनवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी के मुताबिक, एग्रीवोल्टाइक प्रोजेक्ट्स में ऊंचे लोहे के स्ट्रक्चर्स और विशेष फाउंडेशन की आवश्यकता होती है। इसके चलते ये प्रोजेक्ट्स सामान्य ग्राउंड-माउंटेड सोलर प्लांट्स की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत अधिक महंगे होते हैं।मंत्रालय इसी अतिरिक्त लागत के अंतर (Cost Gap) को पाटने के लिए एक विशेष 'AgriPV सपोर्ट स्कीम' और व्यापक नीतिगत दस्तावेज तैयार कर रहा है। केंद्र सरकार का उद्देश्य वित्तीय प्रोत्साहन देकर राज्यों और निजी डेवलपर्स को प्रेरित करना है ताकि बड़े पैमाने पर उत्पादन होने से समय के साथ इसकी निर्माण लागत घट सके और टैरिफ वाणिज्यिक रूप से प्रतिस्पर्धी बन जाए।बिजली कंपनियों (Discoms) के साथ समन्वय: किसानों को मिलेगा पक्का खरीदारएग्रीवोल्टाइक प्रणाली को तेजी से जमीन पर उतारने की रफ्तार इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य सरकारें और उनकी बिजली वितरण कंपनियां (Discoms) किस तरह के खरीद नियम लागू करती हैं। मंत्रालय विभिन्न राज्य डिस्कॉम के साथ विस्तृत बैठकें कर रहा है ताकि एक ऐसा पारदर्शी टैरिफ ढांचा बनाया जा सके, जिससे डिस्कॉम सीधे किसानों और ग्रामीण डेवलपर्स से एग्री-सोलर बिजली की खरीद सुनिश्चित कर सकें।पीएम-कुसुम (PM-KUSUM) योजना के तहत पहले से ही किसानों को अपने बंजर या उपजाऊ खेतों में 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक के छोटे सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। एग्री-पीवी पॉलिसी को पीएम कुसुम के साथ एकीकृत करने से किसानों को अपनी फसल की आमदनी के साथ-साथ ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचकर हर महीने एक स्थिर और गारंटीड मासिक आय हासिल होगी।विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों के लिए फसलों का चयन और पायलट मॉडलभारत विविधताओं वाला देश है, जहां हर राज्य की मिट्टी, धूप की तीव्रता और जलवायु अलग है। मंत्रालय विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के साथ मिलकर अलग-अलग एग्रो-क्लाइमैटिक जोन्स के लिए मुफीद फसलों की पहचान कर रहा है।अब तक के अध्ययनों में यह साबित हुआ है कि सोलर पैनल्स के नीचे पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी, धनिया), टमाटर, मिर्च, हल्दी, अदरक और औषधीय पौधे सामान्य से अधिक पैदावार देते हैं, क्योंकि इन्हें अत्यधिक तीखी धूप की आवश्यकता नहीं होती। राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में एग्रीवोल्टाइक फार्मिंग के सफल पायलट प्रोजेक्ट्स ने यह दिखा दिया है कि किसान अपनी मुख्य आजीविका को गंवाए बिना ऊर्जा उत्पादक (Prosumer) बन सकते हैं।2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य में रीढ़ बनेगा एग्री-सोलरभारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी वैश्विक संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पाने के लिए देश को लाखों हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। घनी आबादी वाले देश में केवल ऊर्जा के लिए उपजाऊ कृषि भूमि को छोड़ना संभव नहीं है।ऐसे में एग्रीवोल्टाइक तकनीक 'जमीन की दोहरी उपयोगिता' (Dual Use of Land) सुनिश्चित करके भारत के ग्रामीण परिदृश्य को हमेशा के लिए बदलने की क्षमता रखती है। अगले 3-4 वर्षों में 5 गीगावाट क्षमता का यह लक्ष्य न केवल भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्रांति को नई गति देगा, बल्कि देश के अन्नदाता को वास्तव में 'ऊर्जादाता' बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आर्थिक स्वावलंबन की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगा।
भारत में रिजीम चेंज के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी को अपनी ही पार्टी के ही नेता ने आईना दिखा दिया है। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा कहा है कि लोकतांत्रिक देश में रिजीम चेंज या तख्तापलट जैसी कोई चीज नहीं होती है।
देश में टोल प्लाजा होंगे खत्म? सैटेलाइट से होगी टोल की वसूली, IIT कानपुर को मिली जिम्मेदारी
केंद्र सरकार देश के चुनिंदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर सैटेलाइट आधारित टोल वसूली प्रणाली शुरू करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य 2028-2029 तक इस आधुनिक व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना है.
पीएम-सीएम के डीपफेक वीडियो से साइबर अपराधी कर रहे ठगी, I4C ने जारी किया अलर्ट
गृह मंत्रालय के तहत आइ4सी ने अलर्ट जारी किया है कि साइबर अपराधी प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्रियों के डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी कर रहे हैं।
देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और एक्सप्रेसवे पर गाड़ी दौड़ाते समय जब टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में फंसना पड़ता है, या फास्टैग होने के बावजूद स्कैनर काम न करने पर अतिरिक्त पैसे मांगे जाते हैं, तो हर मुसाफिर का सफर बेमजा हो जाता है। इसके अलावा टोल बूथ कर्मचारियों की अभद्रता, वॉशरूम में गंदगी और पीने के साफ पानी की अनुपलब्धता हाईवे यात्रियों के लिए सालों से सिरदर्द बनी हुई है। लेकिन अब टोल ऑपरेटरों की इस मनमानी और अव्यवस्था पर सीधी नकेल कसने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। एनएचएआई ने अपने आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन 'राजमार्गयात्रा' (Rajmargyatra) में एक अत्याधुनिक रियल-टाइम सिटीजन फीडबैक और ग्रीवेंस मॉड्यूल लॉन्च किया है।इस नए फीचर का सबसे बड़ा उद्देश्य हाईवे उपयोगकर्ताओं को सीधी शक्ति (Empowerment) देना है। अब हाईवे पर चलने वाला कोई भी सामान्य चालक किसी भी टोल प्लाजा को पार करते ही अपने स्मार्टफोन से कुछ ही सेकंड में टोल की सेवाओं को स्टार रेटिंग दे सकेगा और अपनी शिकायत सीधे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) तथा एनएचएआई मुख्यालय तक पहुंचा सकेगा। सड़क परिवहन मंत्रालय का मानना है कि इस पारदर्शी डिजिटल तंत्र से टोल कंपनियों की जवाबदेही तय होगी और हाईवे पर मिलने वाली नागरिक सुविधाओं में जमीन-आसमान का फर्क देखने को मिलेगा।टोल प्लाजा पर किन परेशानियों से जूझते हैं मुसाफिर: फीडबैक सिस्टम की क्यों पड़ी जरूरतभारत में फास्टैग (FASTag) लागू होने के बाद टोल कटने का समय काफी हद तक घटा जरूर है, लेकिन जमीनी स्तर पर यात्रियों की समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। अक्सर देखने में आता है कि पीक आवर्स या त्योहारी सीजन में टोल प्लाजा पर 100 मीटर से लंबी गाड़यों की लाइनें लग जाती हैं। एनएचएआई के स्पष्ट नियम हैं कि यदि 100 मीटर की पीली लाइन से पीछे तक कतार हो या किसी गाड़ी को टोल पार करने में 10 सेकंड से अधिक का समय लगे, तो उस वाहन को बिना टोल वसूले मुफ्त पास करने का नियम है, लेकिन व्यावहारिक तौर पर टोलकर्मी इस नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं।इसके अलावा फास्टैग वॉलेट से दो बार टोल कट जाना (Double Deduction), तकनीकी खराबी के चलते ब्लैकलिस्टेड बताकर दोगुना नकद वसूलना, एंबुलेंस या इमरजेंसी वाहनों को वीआईपी लेन से रास्ता न देना और हाईवे के सार्वजनिक शौचालयों में भारी गंदगी होना आम शिकायतें रही हैं। अब तक यात्रियों के पास केवल 1033 हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने का विकल्प था, जहां व्यस्तता या कॉल ड्रॉप के चलते शिकायत दर्ज कराने में समय लगता था। नया इन-ऐप फीडबैक फीचर इसी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑटोमेटेड बना देता है।'राजमार्गयात्रा' ऐप का नया फीडबैक मॉड्यूल: कैसे दर्ज कराएं अपनी रेटिंग और शिकायतएनएचएआई का यह नया फीचर जियो-फेंसिंग और जीपीएस तकनीक पर आधारित है। जैसे ही आपकी गाड़ी किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा के दायरे में पहुंचेगी या उसे पार करेगी, ऐप अपने आप उस विशिष्ट टोल बूथ की पहचान कर लेगा। यात्री इस प्रक्रिया के तहत अपनी बात दर्ज करा सकते हैं:राजमार्गयात्रा ऐप खोलें: अपने एंड्रॉइड या आईओएस स्मार्टफोन में एनएचएआई का आधिकारिक 'Rajmargyatra App' ओपन करें।टोल प्लाजा का स्वतः चयन: ऐप में 'Toll Feedback & Facilities' टैब पर टैप करें। जीपीएस लोकेशन के आधार पर जिस टोल को आपने अभी पार किया है, उसका नाम स्क्रीन पर अपने आप आ जाएगा (या आप सर्च बार में टोल का नाम खुद चुन सकते हैं)।रेटिंग और श्रेणी चुनें: उपयोगकर्ता को 1 से 5 स्टार रेटिंग देने का विकल्प मिलता है। इसके साथ ही समस्या का सटीक वर्ग चुनना होता है—जैसे लंबी वेटिंग लाइन, फास्टैग स्कैनर में खराबी, कर्मचारियों का दुर्व्यवहार, अमान्य ओवरचार्जिंग, या शौचालय व पेयजल सुविधाओं की बदहाली।फोटो/वीडियो और कमेंट जोड़ें: यात्री सीधे कैमरे से मौके की लाइव तस्वीर, छोटा वीडियो या टोल पर्ची का स्क्रीनशॉट अपलोड कर सकते हैं और अपनी बात संक्षेप में लिख सकते हैं।यूनिक टिकट नंबर: सबमिट करते ही यात्री को एक डिजिटल ट्रैकिंग आईडी मिल जाती है, जिसके जरिए वे देख सकते हैं कि उनकी शिकायत पर एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने क्या संज्ञान लिया।क्या सच में बदलेंगे हालात: टोल ऑपरेटरों की जेब और एग्रीमेंट पर पड़ेगा सीधा असरअक्सर सरकारी पोर्टल्स पर शिकायत दर्ज कराने के बाद यह शंका बनी रहती है कि क्या केवल फीडबैक देने से जमीनी हकीकत बदलेगी? इस बार एनएचएआई ने इस फीडबैक सिस्टम को सीधे टोल कंपनियों के अनुबंध और वित्तीय हितों से जोड़ दिया है।एनएचएआई के नए नीतिगत ढांचे के तहत, देश के सभी टोल प्लाजा को उपयोगकर्ताओं से मिलने वाली रेटिंग के आधार पर एक 'मासिक परफॉर्मेंस स्कोर' (Monthly Key Performance Indicator - KPI) दिया जाएगा। यदि किसी टोल प्लाजा को लगातार खराब रेटिंग मिलती है और वहां बार-बार लंबी कतारों या गंदगी की शिकायतें दर्ज होती हैं, तो एनएचएआई उस टोल रियायतग्राही (Concessionaire/Contractor) पर भारी वित्तीय जुर्माना (Financial Penalty) लगाएगा। इसके अलावा, अनुबंध के कड़े नियमों के तहत यदि किसी एजेंसी की रेटिंग लगातार कई महीनों तक 'पुअर' बनी रहती है, तो उसका टोल कलेक्शन का ठेका समय से पहले रद्द कर उसे भविष्य के हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकेगा।आपात स्थिति में 1033 हेल्पलाइन और पेट्रोलिंग वैन की भी सीधी मददनए डिजिटल फीडबैक फीचर के साथ-साथ एनएचएआई ने अपनी 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन संख्या 1033 को भी इस सिस्टम के साथ पूरी तरह एकीकृत किया है। यदि किसी यात्री को टोल प्लाजा पर किसी सुरक्षा खतरे, हिंसा, मेडिकल इमरजेंसी या वाहन दुर्घटना का सामना करना पड़ता है, तो वह 1033 पर सीधे एसओएस (SOS) अलर्ट भेज सकता है।कॉल दर्ज होते ही नजदीकी हाईवे पेट्रोलिंग वैन और टोल मैनेजर को तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। इसके अलावा, फास्टैग के गलत डिडक्शन की शिकायतों के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और जारीकर्ता बैंकों के नोडल सिस्टम को भी ऐप के जरिए रियल-टाइम डिस्प्यूट रेजोल्यूशन से जोड़ा जा रहा है, ताकि अतिरिक्त कटा हुआ पैसा सीधे यात्री के बैंक खाते में रिफंड हो सके।जागरूक नागरिक बनें: सफर में अपने अधिकारों का खुलकर करें इस्तेमालराष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने के लिए हर नागरिक अपनी जेब से भारी टोल टैक्स चुकाता है। इस भुगतान के बदले सुगम, सुरक्षित, गड्ढा-मुक्त सड़क और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा पाना हर मुसाफिर का वैधानिक अधिकार है। टोल बूथ पर बदइंतजामी देखकर चुपचाप आगे बढ़ जाना या मन मारकर असुविधा झेलना अव्यवस्था को बढ़ावा देता है।एनएचएआई का यह नया फीडबैक फीचर नागरिकों के हाथ में एक सशक्त डिजिटल हथियार की तरह है। जब भी आप हाईवे पर निकलें, अपने फोन में राजमार्गयात्रा ऐप को सक्रिय रखें और टोल प्लाजा की अच्छी या बुरी व्यवस्था का निष्पक्ष फीडबैक जरूर दर्ज करें। जनता की यह सामूहिक डिजिटल आवाज ही हाईवे ऑपरेटरों की मनमानी पर लगाम लगाएगी और भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित व तनावमुक्त बनाएगी।
दीपावली और धनतेरस के महापर्व से ठीक पहले देश भर में जनसुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बेहद आक्रामक और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कपड़े, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और राशन के सामान की तरह ई-कॉमर्स और बी2बी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम खतरनाक विस्फोटक रसायनों और पटाखों की लिस्टिंग किए जाने के गंभीर मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने बड़ी कार्रवाई की है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधीन कार्यरत शीर्ष नियामक सीसीपीए के कड़े हस्तक्षेप के बाद 7 प्रमुख ऑनलाइन मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म्स से 3,940 अवैध विक्रेताओं (सेलर्स) और उनकी लिस्टिंग्स को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।अमोनियम नाइट्रेट, गन पाउडर, पीईटीएन (Pentaerythritol Tetranitrate) और पिक्रिक एसिड जैसे विनाशकारी व विनियमित रसायनों की खुलेआम इंटरनेट पर उपलब्धता ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए थे। दिवाली के त्योहारी सीजन में सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न अदालतों द्वारा ऑनलाइन पटाखों व अवैध विस्फोटकों की बिक्री पर सख्त रोक लगाए जाने के बावजूद ये प्लेटफॉर्म्स तीसरे पक्ष के विक्रेताओं को ऐसे पदार्थों को प्रदर्शित और व्यापार करने की सुविधा दे रहे थे। सीसीपीए ने इस कृत्य को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 का घोर उल्लंघन और भ्रामक व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practice) करार दिया है।किन 7 ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर हुई कार्रवाई: 3,940 सेलर्स पर गिरी गाजउपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सीसीपीए ने देश के जाने-माने ई-कॉमर्स, सर्च इंजन और बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) डायरेक्टरी पोर्टल्स की गहन जांच के बाद यह कानूनी शिकंजा कसा है। प्राधिकरण की कार्रवाई के दायरे में आए 7 प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में इंडियामार्ट (IndiaMART), ट्रेडइंडिया (TradeIndia), डायल4ट्रेड (Dial4Trade), जस्टडायल (Justdial), एक्सपोर्टर्सइंडिया (ExportersIndia), सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और आईबायकेमिकल्स शामिल हैं।सीसीपीए के निर्देश मिलते ही इन सभी प्लेटफॉर्म्स ने अपनी वेबसाइट्स और मोबाइल ऐप्स की सघन आंतरिक समीक्षा की और कुल 3,940 संदिग्ध सेलर्स की लिस्टिंग्स को डीलिस्ट कर दिया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा अवैध विक्रेताओं का जाल इंडियामार्ट पर फैला हुआ था, जहां से अकेले 3,092 सेलर्स को हटाया गया। इसके अलावा एक्सपोर्टर्सइंडिया से 421 सेलर्स, जस्टडायल से 206 सेलर्स, ट्रेडइंडिया से 166 सेलर्स और डायल4ट्रेड से 11 विक्रेताओं की लिस्टिंग डिलीट की गई। वहीं सिग्मा-एल्ड्रिच और आईबायकेमिकल्स ने स्पष्ट किया कि वे थर्ड-पार्टी सेलर्स के उत्पाद लिस्ट नहीं करते, बल्कि खुद की इन्वेंट्री बेचते हैं, जिसकी अलग से जांच की जा रही है।तीन मामलों में 30 लाख का भारी जुर्माना: NCDRC ने भी अपील ठुकराईकेंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने केवल लिस्टिंग हटवाने तक ही अपनी कार्रवाई को सीमित नहीं रखा, बल्कि इस लापरवाह रवैये के खिलाफ अंतिम दंडात्मक आदेश (Final Penalty Orders) भी पारित कर दिए हैं। प्राधिकरण ने अब तक तीन अलग-अलग मामलों में कुल ₹30 लाख का नकद जुर्माना ठोका है।इसमें डायल4ट्रेड (Dial4Trade) पर अमोनियम नाइट्रेट की अवैध ऑनलाइन लिस्टिंग और सुविधा देने के मामले में ₹10 लाख का जुर्माना लगाया गया। डायल4ट्रेड ने इस जुर्माने के आदेश को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने कंपनी की दलीलों को पूरी तरह खारिज करते हुए 9 अक्टूबर 2026 को उसकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही, एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड) पर दो अलग-अलग मामलों में 10-10 लाख रुपये (कुल ₹20 लाख) का भारी जुर्माना लगाया गया है, जो अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन और पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन सुविधा देने से संबंधित हैं।कानूनन क्यों खतरनाक है विस्फोटकों की खुली ऑनलाइन बिक्री: PESO लाइसेंस का पेंचभारत में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosives Act, 1884), विस्फोटक नियम (Explosives Rules, 2008) और अमोनियम नाइट्रेट नियम (Ammonium Nitrate Rules, 2012) के तहत किसी भी प्रकार के विस्फोटक या विस्फोटक बनाने में काम आने वाले रसायनों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और खरीद-बिक्री पर अत्यंत कड़ा प्रशासनिक नियंत्रण लागू है। पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा जारी वैध लाइसेंस और खरीदार के व्यक्तिगत सत्यापन (KYC) के बिना इनका 1 ग्राम भी बेचना या खरीदना गैर-जमानती अपराध है।अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन जैसे खतरनाक पदार्थ वही रसायन हैं जिनका इस्तेमाल आतंकी हमलों, आईईडी (IED) ब्लास्ट्स और अवैध खनन विस्फोटों में किया जाता रहा है। दिवाली के समय असामाजिक तत्व और अवैध पटाखा निर्माता बिना किसी वैध लाइसेंस या सुरक्षा मानकों के इन पोर्टल्स के जरिए थोक में कच्चा माल मंगवाने की कोशिश करते हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर एक साधारण सर्च बॉक्स में इन रसायनों का उपलब्ध होना किसी भी असत्यापित खरीदार को सीधे विक्रेता से जोड़ देता था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आम जनता के जीवन को सीधा खतरा पैदा हो रहा था।इंडियामार्ट और जस्टडायल पर चल रही है जांच: हाईकोर्ट तक पहुंचा मामलाप्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों पर जुर्माना लगा है, उनके अलावा अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जांच महानिदेशक (DG Investigation) द्वारा अभी भी जारी है। इंडियामार्ट और जस्टडायल को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी गई थी और दोनों कंपनियों ने अपना लिखित स्पष्टीकरण दाखिल किया है।इंडियामार्ट ने सीसीपीए के नोटिस को कानूनी रूप से दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जहां मामले की सुनवाई विचाराधीन है। वहीं, जस्टडायल के मामले में सीसीपीए के समक्ष अंतिम सुनवाई आगामी 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। नियामक ने साफ कर दिया है कि बिचौलिया (Intermediary) होने की आड़ लेकर कोई भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। प्लेटफॉर्म्स को अपने एल्गोरिदम और एआई फिल्टर्स को इतना चाक-चौबंद करना होगा कि कोई भी प्रतिबंधित या खतरनाक वस्तु सिस्टम में अपलोड ही न हो सके।आम जनता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1915: संदिग्ध ऑनलाइन बिक्री दिखे तो तुरंत करें रिपोर्टसीसीपीए ने देश के सभी नागरिकों और जागरूक उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। दिवाली के पावन अवसर पर यदि किसी भी ई-कॉमर्स वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज, व्हाट्सएप ग्रुप या डिलीवरी ऐप पर पटाखे, आतिशबाजी, बारूद या किसी भी प्रकार के संदिग्ध विस्फोटक रसायन बिकते दिखाई दें, तो नागरिक उसकी तुरंत शिकायत दर्ज करा सकते हैं।उपभोक्ता भारत सरकार के राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (National Consumer Helpline) के टोल-फ्री नंबर 1915 पर सीधे कॉल करके या NCH मोबाइल ऐप व उपभोक्ता पोर्टल पर अपनी गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ-साथ हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद अहम राष्ट्रीय कर्तव्य है।
अपनी अप्रत्याशित घोषणाओं, सोशल मीडिया पोस्ट्स और लीक से हटकर सोचने के अंदाज के लिए मशहूर दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर एक नई बहस छेड़ दी है। मस्क ने एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान यह कहकर सबको चौंका दिया कि वे भविष्य में अमेरिका के प्रत्येक बच्चे को अपनी निजी अंतरिक्ष अनुसंधान कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का एक शेयर देना चाहते हैं। जैसे ही यह बयान सामने आया, अमेरिकी वित्तीय गलियारों, सिलिकॉन वैली और वैश्विक मीडिया में इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया। कई लोग इसे भविष्य की पीढ़ियों को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने और वेल्थ इनइक्वलिटी (संपत्ति असमानता) को पाटने वाला क्रांतिकारी विचार बता रहे हैं, तो वहीं वित्तीय और कानूनी विश्लेषक इसे मस्क का एक और चतुर पीआर (पब्लिक रिलेशंस) स्टंट या व्यावहारिक रूप से असंभव घोषणा करार दे रहे हैं।स्पेसएक्स आज दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी कंपनियों (Private Unlisted Companies) में शीर्ष पर है, जिसका मूल्यांकन 200 अरब डॉलर के पार आंका जाता है। स्टारलिंक की वैश्विक सफलता, नासा के साथ गहरे सहयोग और मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने के महत्वाकांक्षी 'स्टारशिप' प्रोजेक्ट के चलते स्पेसएक्स के शेयरों की मांग वैश्विक स्तर पर बेहद अधिक है। ऐसे में किसी गैर-सूचीबद्ध (अनलिस्टेड) कंपनी के शेयर देश के करोड़ों बच्चों में बांटने के विचार के पीछे क्या कानूनी, आर्थिक और कूटनीतिक गणित छिपा है, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।अमेरिकी बच्चों की आबादी और स्पेसएक्स की वैल्यू: गणित क्या कहता है?यदि इस बयान को शाब्दिक अर्थ में लागू करने की बात की जाए, तो सबसे पहले इसके बुनियादी आंकड़ों को देखना होगा। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की कुल संख्या लगभग 7.2 करोड़ से 7.3 करोड़ के बीच है।स्पेसएक्स एक गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी है, इसलिए इसके शेयर आम जनता के लिए किसी स्टॉक एक्सचेंज (जैसे NYSE या Nasdaq) पर खुले तौर पर उपलब्ध नहीं हैं। वर्तमान में कंपनी के आंतरिक सेकेंडरी मार्केट (Tender Offers) के आधार पर स्पेसएक्स के एक शेयर की सांकेतिक कीमत लगभग $100 से $115 के आसपास आंकी जाती है।यदि 7.3 करोड़ बच्चों को 1-1 शेयर दिया जाता है, तो इसके सीधे मायने यह होंगे:वित्तीय मूल्य: $100 प्रति शेयर के हिसाब से यह लगभग 7.3 अरब डॉलर (लगभग ₹60,000 करोड़ से अधिक) की वेल्थ का सीधा ट्रांसफर होगा।इक्विटी डाइल्यूशन: स्पेसएक्स की कुल इक्विटी का एक उल्लेखनीय हिस्सा मस्क को या तो अपनी निजी होल्डिंग से छोड़ना पड़ेगा या फिर कंपनी को करोड़ों नए शेयर जारी (Dilute) करने होंगे। हालांकि वित्तीय दृष्टि से 7.3 अरब डॉलर एलन मस्क की कुल 250+ अरब डॉलर से अधिक की निजी संपत्ति के मुकाबले कोई असंभव आंकड़ा नहीं है, लेकिन इसे धरातल पर उतारने की कानूनी प्रक्रियाएं इसे लगभग नामुमकिन बना देती हैं।कानूनी और नियामक अड़चनें: SEC के नियम और प्राइवेट कंपनी का ढांचाअमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (US Securities and Exchange Commission - SEC) के कड़े वित्तीय नियम किसी भी निजी कंपनी को इस तरह लाखों नागरिकों में शेयर बांटने की अनुमति नहीं देते।प्राइवेट कंपनी में शेयरधारकों की सीमा: अमेरिकी कानून (Securities Exchange Act) के तहत, यदि किसी निजी गैर-सूचीबद्ध कंपनी के पास 2,000 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त शेयरधारक (Non-accredited Investors) या 500 से अधिक गैर-मान्यता प्राप्त खुदरा निवेशक हो जाते हैं, तो उसे कानूनी रूप से एक पब्लिक कंपनी (Public Company) में तब्दील होना पड़ता है और अपने तिमाही वित्तीय नतीजे, घाटा-मुनाफा और आंतरिक गोपनीय आंकड़े सार्वजनिक करने होते हैं। स्पेसएक्स अपने रॉकेट और सैन्य प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा व रणनीतिक कारणों से खुद को पब्लिक कंपनी बनाने से बचती रही है। 7 करोड़ बच्चों को शेयरधारक बनाना सीधे तौर पर इन नियमों को तोड़ देगा।नाबालिगों को शेयर ट्रांसफर के नियम: अमेरिका में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे सीधे तौर पर स्टॉक या सिक्योरिटीज के मालिक नहीं बन सकते। इसके लिए उनके माता-पिता या अभिभावकों को 'यूनिफॉर्म ट्रांसफर्स टू माइनर्स एक्ट' (UTMA) या 'कस्टोडियल अकाउंट्स' खोलने होंगे। करोड़ों कस्टोडियल खाते बनाना और उनका ऑडिट करना एक प्रशासनिक दुस्वप्न साबित होगा।गिफ्ट टैक्स (Gift Tax) का पेच: अमेरिकी आंतरिक राजस्व सेवा (IRS) के नियमों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में बिना किसी प्रतिफल (Consideration) के शेयर बांटने पर भारी टैक्स देनदारी (Gift Tax) बन सकती है, जिसे या तो मस्क को चुकाना होगा या बच्चों के माता-पिता पर इसका अप्रत्याशित वित्तीय बोझ पड़ेगा।इस बयान के पीछे छिपे 3 बड़े रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक मायनेवित्तीय जानकारों का मानना है कि मस्क के इस बयान का मकसद कल सुबह शेयर बांटना नहीं, बल्कि एक गहरा मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक संदेश देना है:1. भावी पीढ़ी को अंतरिक्ष मिशन और स्पेसएक्स के विजन से बांधनामस्क हमेशा से पूंजीवाद को एक जन-आंदोलन की तरह पेश करने में माहिर रहे हैं। यदि अमेरिका के हर बच्चे के पास यह अहसास हो कि अंतरिक्ष में उड़ने वाले रॉकेट और चांद-मंगल पर जाने वाले 'स्टारशिप' में उनका भी 1 शेयर का मालिकाना हक है, तो पूरी अमेरिकी जनता और भावी पीढ़ी स्पेसएक्स के अभियानों के प्रति भावनात्मक रूप से जुड़ जाएगी। यह भविष्य में कंपनी को भारी सार्वजनिक समर्थन और नासा के बजट आवंटन में राजनीतिक मजबूती प्रदान करेगा।2. वामपंथी आलोचना और 'अमीरों पर टैक्स' की बहस का काटअमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील नेता अक्सर एलन मस्क जैसे खरबपतियों पर भारी वेल्थ टैक्स लगाने की मांग करते रहे हैं। उनका आरोप रहता है कि मस्क और बेजोस जैसे उद्योगपति देश के संसाधनों पर कब्जा किए बैठे हैं। हर बच्चे को अपनी कंपनी में हिस्सेदारी देने की बात कहकर मस्क खुद को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं जो सरकार द्वारा टैक्स काटकर पैसा बर्बाद करने के बजाय सीधे जनता और बच्चों के हाथों में भविष्य की संपत्तियां बांटना चाहता है।3. संभावित IPO या 'डायरेक्ट लिस्टिंग' के लिए जमीन तैयार करनाअंतरराष्ट्रीय बाजार में यह कयास लंबे समय से लगाए जा रहे हैं कि मस्क अपनी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी 'स्टारलिंक' (Starlink) को स्पेसएक्स से अलग करके शेयर बाजार में लिस्ट करा सकते हैं। इस प्रकार की चर्चाएं छेड़कर मस्क बाजार में अपनी कंपनियों के प्रति जबरदस्त हाइप और वैश्विक खुदरा निवेशकों की मांग को चरम पर बनाए रखते हैं।क्या डिजिटल टोकन या ट्रस्ट के जरिए संभव है यह वादा?यदि मस्क कानूनी अड़चनों के बावजूद अपने इस विचार को लागू करने पर अड़ते हैं, तो इसके लिए वॉल स्ट्रीट के विश्लेषक दो वैकल्पिक मॉडल देखते हैं:सॉवरेन या नेशनल यूथ ट्रस्ट (Youth Trust Model): मस्क स्पेसएक्स के 7-8 करोड़ शेयर किसी स्वतंत्र चैरिटेबल ट्रस्ट या नेशनल फंड को दान कर दें। यह ट्रस्ट बच्चों के नाम पर शेयरों को होल्ड करे और जब बच्चा 18 या 21 वर्ष का बालिग हो जाए, तो उसे उस शेयर का लिक्विड कैश या वास्तविक शेयर ट्रांसफर कर दिया जाए।ब्लॉकचेन और डिजिटल ओनरशिप: मस्क चूंकि क्रिप्टोकरेंसी और ब्लॉकचेन के बड़े समर्थक रहे हैं, इसलिए यह भी संभव है कि वे किसी डिजिटल टोकन या फ्रैक्शनल ओनरशिप के जरिए एक प्रतीकात्मक हिस्सेदारी का ढांचा तैयार करें।बयान से हकीकत तक: उम्मीद कम, लेकिन चर्चा पूरीएलन मस्क का यह बयान सुनने में जितना लोकलुभावन और रोमांचक लगता है, अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों के मौजूदा ढांचे में इसे हूबहू लागू करना उतना ही जटिल और पेचीदा है। पूर्व में भी मस्क ने टेस्ला को $420 पर प्राइवेट करने (Taking Tesla Private) जैसे कई साहसिक और विवादास्पद बयान दिए थे, जिसके चलते उन्हें एसईसी की जांच और भारी जुर्मानों का सामना करना पड़ा था।बहरहाल, शेयर भले ही कल बच्चों के खातों में न पहुंचे, लेकिन इस एक बयान ने दुनिया भर में यह चर्चा जरूर छेड़ दी है कि कैसे आधुनिक पूंजीवाद और तकनीकी क्रांति की वेल्थ को समाज के अंतिम व्यक्ति और आने वाली पीढ़ियों के साथ साझा किया जा सकता है। स्पेसएक्स के रॉकेटों की तरह मस्क की सोच भी हमेशा पारंपरिक सीमाओं को पार करने की कोशिश करती है, और यह बयान उसी मस्क-शैली का एक और नायाब नमूना है।
कोटा में RSS का शताब्दी पथ संचलन, निंबाराम बोले-हिंदू समाज को समझदारी बढ़ानी होगी
कोटा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कोटा महानगर में रविवार को विजयादशमी उत्सव और भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। सीएडी मैदान से निकले पथ संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए शामिल हुए। करीब 56 मिनट तक चले संचलन के दौरान शहर के […] The post कोटा में RSS का शताब्दी पथ संचलन, निंबाराम बोले-हिंदू समाज को समझदारी बढ़ानी होगी appeared first on Sabguru News .
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य योजक) विनियम के तहत मोनोसोडियम ग्लूटामेट के इस्तेमाल को लेकर बेहद कड़े नियम बनाए गए हैं। यूपीएफएसडीए ने अपनी एडवाइजरी में दोहराया है कि एक वर्ष से कम उम्र के शिशुओं और बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले किसी भी प्रकार के खाद्य पदार्थ में अजीनोमोटो का उपयोग 100% प्रतिबंधित है।इसके अतिरिक्त, डिब्बाबंद और खुले भोजन में अजीनोमोटो की मात्रा 'गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज' (GMP) के तहत न्यूनतम प्रभावी स्तर तक ही सीमित होनी चाहिए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बच्चों द्वारा अत्यधिक मात्रा में खाए जाने वाले स्नैक्स, स्कूल कैंटीन के भोजन और टिफिन मेनू में यदि एमएसजी की मौजूदगी पाई गई, तो इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना जाएगा। कई अध्ययनों में यह सामने आ चुका है कि बच्चों का कोमल तंत्रिका तंत्र (Nervous System) रासायनिक योजकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है, जिससे उनके विकास पर विपरीत असर पड़ सकता है।मेनू कार्ड और डिस्प्ले बोर्ड पर स्पष्ट घोषणा अनिवार्य: ग्राहकों को मिले पूरी जानकारीखाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा दी गई सलाह में सबसे अहम बिंदु 'अनिवार्य प्रकटीकरण' (Mandatory Disclosure) का है। अब तक अधिकांश रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर चोरी-छिपे अजीनोमोटो मिलाते रहे हैं, जिसकी भनक ग्राहकों को नहीं होती। नए निर्देशों के अनुसार, हर उस खाद्य कारोबारी को अपने मेनू कार्ड, रेट लिस्ट और दुकान के मुख्य काउंटर पर स्पष्ट रूप से लिखना होगा कि उनके भोजन में अजीनोमोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं।नियमों के तहत काउंटर और पैकेजिंग पर निम्नलिखित वैधानिक चेतावनी बड़े और पठनीय अक्षरों में लिखी होनी चाहिए:इस भोजन में मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) मिलाया गया है। यह 12 महीने से कम उम्र के शिशुओं के लिए उपयुक्त नहीं है।यदि कोई रेस्टोरेंट या फूड स्टॉल संचालक अपने व्यंजनों में अजीनोमोटो मिलाता है और डिस्प्ले बोर्ड या मेनू पर इसकी घोषणा नहीं करता है, तो खाद्य सुरक्षा अधिकारी इसे 'मिसब्रांडिंग' और ग्राहकों को धोखे में रखने का मामला मानकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की विभिन्न धाराओं के तहत तत्काल चालान काटेंगे।स्वास्थ्य के लिए क्यों खतरनाक है अजीनोमोटो का अत्यधिक सेवन: क्या है 'चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम'चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अजीनोमोटो का अधिक मात्रा में या नियमित सेवन मानव शरीर के लिए कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। चिकित्सा जगत में इसके दुष्प्रभावों के समूह को अक्सर 'चाइनीज रेस्टोरेंट सिंड्रोम' (Chinese Restaurant Syndrome) या 'एमएसजी सिम्पटम कॉम्प्लेक्स' कहा जाता है।अजीनोमोटो मिले भोजन के अत्यधिक सेवन से निम्नलिखित लक्षण तेजी से उभर सकते हैं:सिरदर्द और माइग्रेन: अजीनोमोटो न्यूरोट्रांसमीटर ग्लूटामेट के स्तर को प्रभावित करता है, जिससे तेज सिरदर्द और माइग्रेन का दौरा पड़ सकता है।रक्तचाप (High BP) में उछाल: इसमें सोडियम की प्रचुर मात्रा होती है, जो उच्च रक्तचाप और दिल के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होती है।सीने में जलन, जकड़न और पसीना: संवेदनशील लोगों में अजीनोमोटो युक्त भोजन खाने के तुरंत बाद पसीना आना, चेहरे पर लालिमा, सुन्नता और दिल की धड़कन तेज (Palpitations) होने की समस्या देखी जाती है।मोटापा और लत लगना: अजीनोमोटो मस्तिष्क के 'सैचाइटी सेंटर' (तृप्ति केंद्र) को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति को भूख का सही अहसास नहीं होता और वह जरूरत से ज्यादा खा लेता है, जिससे मोटापा और मेटाबॉलिक विकार बढ़ते हैं।लखनऊ, कानपुर से लेकर पूरे यूपी में विशेष सैंपलिंग अभियान: मिलावट पर सीधी कार्रवाईत्योहारी सीजन को देखते हुए यूपीएफएसडीए की विशेष टीमें राजधानी लखनऊ (हजरतगंज, गोमती नगर, अमीनाबाद आदि के प्रमुख फूड स्ट्रीट), कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, नोएडा और गाजियाबाद सहित पूरे राज्य में सक्रिय हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड ठेलों से लेकर लक्जरी रेस्टोरेंट्स तक औचक निरीक्षण करें और परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों के रैंडम सैंपल जुटाएं।यदि लैब जांच में अजीनोमोटो की मात्रा निर्धारित सुरक्षित सीमा से अधिक पाई जाती है, या अखाद्य व घटिया ग्रेड का इंडस्ट्रियल केमिकल इस्तेमाल किया गया पाया जाता है, तो उस खाद्य पदार्थ को असुरक्षित (Unsafe Food) घोषित किया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी व्यापारियों पर ₹5 लाख तक का आर्थिक जुर्माना और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत न्यूनतम छह महीने से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान लागू हो सकता है।उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा सलाह: बाहर खाते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यानखाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे बाहर खाना खाते समय केवल स्वाद के पीछे न भागें, बल्कि अपने स्वास्थ्य के प्रति भी सजग रहें। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, उच्च रक्तचाप के मरीजों, अस्थमा पीड़ितों और छोटे बच्चों को अजीनोमोटो युक्त खाद्य पदार्थों से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी जाती है।जब भी आप किसी रेस्टोरेंट या फास्ट फूड कॉर्नर पर जाएं, तो शेफ या वेंडर को पहले ही स्पष्ट रूप से 'नो एमएसजी' (बिना अजीनोमोटो) खाना तैयार करने का निर्देश दें। यदि किसी दुकान पर अजीनोमोटो के अत्यधिक और असुरक्षित उपयोग की जानकारी मिलती है, तो उपभोक्ता खाद्य सुरक्षा विभाग के टोल-फ्री नंबर या ऑनलाइन पोर्टल पर सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। प्रशासन की यह सख्ती स्ट्रीट फूड को स्वादिष्ट रखने के साथ-साथ आम जनता के लिए सुरक्षित और सेहतमंद बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम है।
मध्य यूरोप के सबसे प्रभावशाली देशों में शुमार पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर से भारत के बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। नई दिल्ली में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों की स्थापना के सात दशक से अधिक के इतिहास में यह यात्रा रणनीतिक, आर्थिक और रक्षात्मक दृष्टि से एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रही है। विशेष रूप से हाल के वर्षों में भारत और मध्य यूरोपीय देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक तालमेल, यूक्रेन संकट के बाद बदले हुए यूरोपीय सुरक्षा परिदृश्य और भारत की वैश्विक आर्थिक शक्ति के उभार के बीच यह उच्चस्तरीय शिखर वार्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी दिलचस्पी का केंद्र बनी हुई है।विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पोलिश प्रधानमंत्री के साथ एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल और वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों की टीम भी भारत आ रही है। नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में आयोजित होने वाली औपचारिक शिखर बैठक के दौरान दोनों नेता आपसी सहयोग के सभी प्रमुख आयामों की व्यापक समीक्षा करेंगे। इसके साथ ही, भारत-पोलैंड व्यापार मंच (India-Poland Business Forum) की बैठक में दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों और निवेशकों के बीच कई अहम समझौतों और समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है।द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा: रक्षा, सुरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण में साझेदारीइस शिखर बैठक का सबसे संवेदनशील और रणनीतिक पहलू रक्षा सहयोग को माना जा रहा है। पोलैंड उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख और बेहद सक्रिय सदस्य है, जबकि भारत अपने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता ('मेक इन इंडिया') और अत्याधुनिक सैन्य तकनीकों के सह-विकास को लगातार बढ़ावा दे रहा है।बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य हार्डवेयर, बख्तरबंद वाहनों के आधुनिकीकरण, ड्रोन तकनीक, रडार सिस्टम और साइबर रक्षा (Cyber Defence) के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और उत्पादन पर गंभीर विचार-विमर्श होगा। पोलिश रक्षा कंपनियों के पास सोवियत-युग के सैन्य उपकरणों के उन्नयन (Upgradation) और आधुनिक पश्चिमी तकनीकों के एकीकरण का दशकों पुराना व्यावहारिक अनुभव है, जो भारतीय सशस्त्र बलों की कई चालू आवश्यकताओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। दोनों पक्षों द्वारा रक्षा क्षेत्र में 'ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप' को और अधिक सक्रिय करने और दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित सैन्य अभ्यासों के विस्तार पर सहमति बनने की पूरी उम्मीद है।व्यापार, ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखला: 5 अरब डॉलर के पार ले जाने का लक्ष्यरणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध भी इस यात्रा के प्रमुख स्तंभ हैं। वर्तमान में भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है और यह मध्य यूरोप में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है। दोनों देशों का लक्ष्य आगामी वर्षों में इस व्यापारिक आंकड़े को 5 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर से ऊपर ले जाना है।इस वार्ता में नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर व विंड एनर्जी), हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी, ग्रीन मोबिलिटी और वेस्ट-टू-एनर्जी (अपशिष्ट से ऊर्जा निर्माण) के क्षेत्र में पोलैंड की उन्नत तकनीकों को भारत में लाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल सेक्टर में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain Resilience) को मजबूत करने के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा पोलैंड में और पोलिश कंपनियों द्वारा भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को सुगम बनाने के लिए नीतिगत पहलों पर मुहर लगेगी। पोलैंड भारत को यूरोपीय संघ (EU) के एकल बाजार में एक सुरक्षित प्रवेश द्वार (Gateway) के रूप में देखता है, जबकि भारत पोलैंड को दक्षिण एशिया के विशाल उपभोक्ता बाजार तक आसान पहुंच प्रदान करता है।डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी सेक्टर में सहयोग का नया दौरभारत का 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' (DPI)—जिसमें यूपीआई (UPI), आधार और डिजीलॉकर जैसी क्रांतिकारी तकनीकें शामिल हैं—आज दुनिया भर में सराहा जा रहा है। पोलैंड के साथ वार्ता में फिनटेक और डिजिटल पेमेंट्स नेटवर्क के आपसी लिंकेज पर विशेष चर्चा होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों के पर्यटकों, छात्रों और व्यापारियों के लिए सीमा-पार लेनदेन बेहद सरल और लागत-प्रभावी हो जाएगा।भारतीय आईटी कंपनियों की पोलैंड में पहले से ही बहुत मजबूत मौजूदगी है। वारसॉ, क्राको और व्रोकला जैसे पोलिश शहर भारतीय टेक कंपनियों (जैसे TCS, Infosys, Wipro, HCL) के प्रमुख यूरोपीय ऑपरेशनल हब बन चुके हैं, जहां हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री टस्क की इस यात्रा के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और उच्च-स्तरीय डेटा सिक्योरिटी के क्षेत्र में दोनों देशों के तकनीकी संस्थानों के बीच अकादमिक और औद्योगिक साझेदारियों को नया कानूनी ढांचा दिए जाने की तैयारी है।वैश्विक भू-राजनीति, यूक्रेन संकट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहन मंथनयूरोप के पूर्वी छोर पर स्थित होने के कारण पोलैंड की सीमा सीधे यूक्रेन से लगती है, जिसके चलते पोलैंड क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का सबसे महत्वपूर्ण हितधारक बना हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच होने वाली गोपनीय बातचीत में यूरेशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की भू-राजनीतिक सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत चर्चा होगी।भारत लगातार कूटनीति, संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के इस दृष्टिकोण की वैश्विक स्तर पर सराहना हुई है कि यह युग युद्ध का नहीं है। पोलिश नेतृत्व के साथ बातचीत में संघर्ष समाधान, मानवीय सहायता और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के प्रयासों में भारत की संभावित भूमिका पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था (Rules-based International Order) के प्रति दोनों देश अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराएंगे।जन-जन का जुड़ाव: मोबिलिटी एग्रीमेंट और भारतीय प्रवासियों का योगदानराजनीतिक और व्यापारिक संबंधों के अलावा भारत और पोलैंड के बीच जन-जन का संपर्क (People-to-People Contact) भी तेजी से गहरा हुआ है। आज पोलैंड में 30,000 से अधिक भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं, जिनमें कुशल आईटी प्रोफेशनल्स, छात्र, वैज्ञानिक और कारोबारी शामिल हैं। भारतीय छात्र विशेष रूप से चिकित्सा (MBBS), इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पढ़ाई के लिए पोलैंड को एक पसंदीदा यूरोपीय गंतव्य मान रहे हैं।इस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 'माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप' (Migration and Mobility Partnership Agreement) पर भी प्रगति होने की उम्मीद है। इस समझौते से कुशल भारतीय कामगारों, शोधकर्ताओं और छात्रों के लिए पोलैंड के वीजा नियमों को और अधिक सुगम व पारदर्शी बनाया जा सकेगा, जिससे अवैध प्रवास पर रोक लगेगी और कानूनी रूप से प्रतिभाओं का आदान-प्रदान बढ़ेगा। कुल मिलाकर, 21 अक्टूबर से शुरू होने वाला पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का यह दौरा भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को एक नई रणनीतिक गहराई और आर्थिक मजबूती देने वाला साबित होगा।
Jio IPO ने रचा इतिहास! ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा का दांव, एंकर निवेशकों की डिमांड 30 गुना पार
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ पर दिग्गज निवेशकों ने बड़ा दांव खेला है। ₹8,110 करोड़ की एंकर बुक के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की इंस्टीट्यूशनल डिमांड आई। यानी जितने शेयर एंकर निवेशकों के लिए रखे गए थे, उसके मुकाबले मांग 30 गुना से भी ज्यादा रही। ...
सपनों का आशियाना खरीदना हर नौकरीपेशा व्यक्ति का सबसे बड़ा अरमान होता है। लेकिन मेट्रो शहरों और तेजी से विकसित हो रहे टियर-2 शहरों में रियल एस्टेट की आसमान छूती कीमतों के चलते सबसे बड़ी चुनौती डाउन पेमेंट का एकमुश्त इंतजाम करने और हर महीने भारी-भरकम होम लोन ईएमआई (EMI) चुकाने की आती है। अक्सर लोग अपनी जेब के बजट और बैंक लोन के बीच 10 से 20 प्रतिशत के अंतर को पाटने के लिए महंगे पर्सनल लोन या रिश्तेदारों से उधारी लेने की गलती कर बैठते हैं। बहुत कम कर्मचारियों को यह पता होता है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को घर खरीदने, फ्लैट बुक करने, प्लॉट लेने, घर बनवाने और यहां तक कि बैंक से लिए गए होम लोन की मासिक किस्तों का भुगतान करने के लिए पीएफ खाते से 90% तक का फंड निकालने की कानूनी सुविधा देता है।कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952 (EPF Scheme) के तहत आवास से जुड़े प्रावधानों को बेहद लचीला और कर्मचारी-हितैषी बनाया गया है। ईपीएफओ के विशिष्ट प्रावधानों जैसे पैरा 68BD और पैरा 68BB के तहत कर्मचारी अपनी सेवा के दौरान ही इस फंड का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए नौकरी छोड़ने की कोई जरूरत नहीं होती, बल्कि यह एक नॉन-रिफंडेबल एडवांस (Non-refundable Advance) होता है, जिसे आपको भविष्य में दोबारा पीएफ खाते में लौटाना भी नहीं पड़ता। यदि आप भी नया मकान या फ्लैट लेने की योजना बना रहे हैं, तो जानिए कि आप अपने पीएफ बैलेंस का किस तरह रणनीतिक इस्तेमाल कर सकते हैं।ईपीएफओ हाउसिंग स्कीम (पैरा 68BD): 90% तक फंड निकालने की क्या हैं शर्तेंईपीएफओ ने कर्मचारियों के अपने घर के सपने को साकार करने के लिए विशेष आवास योजना (EPFO Housing Scheme) अधिसूचित कर रखी है, जिसे ईपीएफ योजना के पैरा 68BD के तहत संचालित किया जाता है। इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इसके तहत सदस्य अपने पीएफ खाते में जमा कुल राशि (कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के हिस्से का ब्याज सहित योग) का अधिकतम 90% तक एकमुश्त निकाल सकता है।इस 90% विड्रॉल सुविधा का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को निम्नलिखित बुनियादी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होता है:न्यूनतम सेवा काल: सदस्य की लगातार या विभिन्न कंपनियों को मिलाकर कुल ईपीएफ सदस्यता अवधि कम से कम 3 वर्ष होनी चाहिए।हाउसिंग सोसाइटी का सदस्य होना: यह निकासी प्राथमिक रूप से किसी पंजीकृत हाउसिंग सोसाइटी, सरकारी आवास बोर्ड (जैसे DDA, MHADA, आवास विकास), या बिल्डर/प्रमोटर से सीधे फ्लैट/मकान खरीदने के लिए मिलती है, जहां कम से कम 10 सदस्य एक समूह या सोसाइटी के रूप में पंजीकृत हों।न्यूनतम बैलेंस की शर्त: आवेदन के समय सदस्य के ईपीएफ खाते में (या पति-पत्नी दोनों के संयुक्त पीएफ खाते में) कम से कम ₹20,000 का बैलेंस होना अनिवार्य है।जीवन में केवल एक बार: 90% विड्रॉल का यह विशेष लाभ सदस्य को अपने पूरे कामकाजी जीवन (Lifetime) में केवल एक ही बार दिया जाता है।प्लॉट, मकान निर्माण और पुराने घर के रेनोवेशन के लिए नियम (पैरा 68B / 68BB)यदि आप किसी पंजीकृत सोसाइटी के बजाय व्यक्तिगत रूप से स्वतंत्र जमीन खरीद रहे हैं या अपने पुश्तैनी प्लॉट पर मकान बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए ईपीएफ योजना के पैरा 68B और पैरा 68BB के तहत निकासी की व्यवस्था की गई है:आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए: इसके लिए सदस्य की कम से कम 5 वर्ष की सेवा पूरी होनी चाहिए। इसमें सदस्य के 24 महीने के मूल वेतन (Basic + DA) या वास्तविक लागत, अथवा खाते में जमा कुल बैलेंस (जो भी कम हो) के बराबर निकासी मिलती है।रेडी-टू-मूव मकान या फ्लैट खरीदने के लिए: 5 वर्ष की निरंतर सेवा के बाद सदस्य अपने 36 महीने के मूल वेतन और डीए अथवा कुल पीएफ बैलेंस में से जो भी कम हो, उतनी रकम निकाल सकता है।मकान निर्माण के लिए: यदि जमीन पहले से आपके या आपकी पत्नी के नाम है, तो मकान बनाने के लिए भी 36 महीने के बेसिक + डीए के बराबर अग्रिम राशि मिल सकती है।घर की मरम्मत या रेनोवेशन (Renovation/Additions): मकान बनने या खरीदे जाने के 5 साल बाद उसके नवीनीकरण या विस्तार के लिए 12 महीने के बेसिक वेतन के बराबर राशि निकाली जा सकती है (10 साल बाद दूसरी बार अतिरिक्त निकासी का भी विकल्प मिलता है)।पीएफ बैलेंस से सीधे कटवाएं होम लोन की मासिक EMIईपीएफओ केवल डाउन पेमेंट देने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक क्रांतिकारी समाधान प्रदान करता है जिनकी मासिक सैलरी का एक बड़ा हिस्सा होम लोन की ईएमआई में चला जाता है। पैरा 68BD के तहत सदस्य ईपीएफओ को एक स्थायी निर्देश (Standing Instruction) दे सकते हैं।इस व्यवस्था के तहत ईपीएफओ सीधे आपके बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (जैसे SBI, HDFC, LIC HFL आदि) को आपके पीएफ खाते से हर महीने तय ईएमआई राशि ऑटो-ट्रांसफर करता रहेगा। जब तक आपके खाते में पर्याप्त फंड रहेगा, आपकी ईएमआई समय पर चुकती रहेगी और आपको अपनी सैलरी से अलग से पैसा नहीं काटना पड़ेगा। यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होती है जो किसी कारणवश करियर ब्रेक ले रहे हों, नौकरी बदल रहे हों या जिनकी मासिक आय में तात्कालिक मंदी आई हो।घर के लिए पीएफ निकासी की तुलनात्मक पात्रता सारणीनिकासी का उद्देश्यलागू नियम / पैरान्यूनतम जरूरी सेवाअधिकतम निकासी सीमाफ्लैट/मकान खरीद (हाउसिंग स्कीम)पैरा 68BD3 वर्षकुल पीएफ फंड (कर्मचारी + नियोक्ता) का 90% तकखाली आवासीय प्लॉट की खरीदपैरा 68B5 वर्ष24 महीने का (Basic + DA) या वास्तविक लागतमकान/फ्लैट खरीद (व्यक्तिगत)पैरा 68B5 वर्ष36 महीने का (Basic + DA) या कुल संचित फंडमकान निर्माण (खुद के प्लॉट पर)पैरा 68B5 वर्ष36 महीने का (Basic + DA) या निर्माण लागतहोम लोन का प्री-पेमेंट / EMI भुगतानपैरा 68BB3 से 5 वर्षसंचित फंड / 36 महीने का वेतन (नियमों के अधीन)मकान का नवीनीकरण / मरम्मतपैरा 68B5 वर्ष (घर बनने के बाद)12 महीने का (Basic + DA)ऑनलाइन क्लेम कैसे करें: यूएएन (UAN) पोर्टल से 5 स्टेप्स में पूरा प्रोसेसअब पीएफ से एडवांस निकालने के लिए कागजी फॉर्म भरकर ईपीएफओ दफ्तर जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। मेंबर सेवा पोर्टल से पूरी प्रक्रिया 100% डिजिटल है:यूनिफाइड पोर्टल पर लॉगिन करें: सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर जाएं। अपना 12 अंकों का यूएएन (UAN) नंबर, पासवर्ड और कैप्चा दर्ज कर लॉगिन करें।केवाईसी विवरण की जांच करें: सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता विवरण पोर्टल पर 'Verified' हो और बैंक खाते का नाम व यूएएन का नाम अक्षर-दर-अक्षर मेल खाता हो।ऑनलाइन क्लेम मेनू चुनें: ऊपर दिए गए मेनू में 'Online Services' पर जाएं और ड्रॉप-डाउन से 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करें।बैंक खाता सत्यापित करें और फॉर्म 31 चुनें: अपने पंजीकृत बैंक खाते के अंतिम 4 अंक दर्ज कर 'Verify' करें। इसके बाद 'Proceed for Online Claim' पर क्लिक करें और 'I want to apply for' में 'PF Advance (Form 31)' का चयन करें।उद्देश्य और दस्तावेज अपलोड: 'Purpose of Advance' में 'Purchase of House/Flat/Construction' या 'Housing Loan Repayment' चुनें। आवश्यक राशि भरें, अपना वर्तमान पता दर्ज करें और बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक की स्कैन कॉपी (100 KB से 500 KB, स्पष्ट पठनीय) अपलोड करें। आधार लिंक्ड मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को दर्ज कर सबमिट कर दें। सामान्यतः 7 से 10 कार्य दिवसों के भीतर पैसा सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाता है।वित्तीय सलाह: पीएफ से पैसा निकालने से पहले 3 बातें जरूर समझेंयद्यपि ईपीएफ से घर के लिए पैसा निकालना तात्कालिक वित्तीय संकट को हल कर देता है, लेकिन वित्तीय योजनाकारों के अनुसार यह कदम पूरी तरह सोच-समझकर ही उठाना चाहिए:रिटायरमेंट फंड का नुकसान: ईपीएफ पर 8.25% या उससे अधिक का गारंटीड और कंपाउंडेड ब्याज मिलता है, जो पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। यदि आप 30 या 35 साल की उम्र में अपने पीएफ से 10-15 लाख रुपये निकाल लेते हैं, तो रिटायरमेंट के समय कंपाउंडिंग के असर से आपका करोड़ों रुपये का संभावित कॉर्पस घट सकता है।टैक्स फ्री निकासी: यदि आपने 5 साल की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, तो आवास के लिए निकाला गया पीएफ अग्रिम आयकर अधिनियम की धारा 10(12) के तहत पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है। इस पर कोई टीडीएस नहीं कटता।प्राथमिकता तय करें: यदि बैंक से आपको 8.5% से 9% की सामान्य ब्याज दर पर आसानी से होम लोन मिल रहा है और टैक्स डिडक्शन (Section 24b और Section 80C) का फायदा मिल रहा है, तो केवल डाउन पेमेंट की कमी पूरी करने जितना ही पीएफ निकालें; पूरे 90% फंड को खाली करने से बचें ताकि आपकी भविष्य की पेंशन और रिटायरमेंट सुरक्षा अक्षुण्ण रहे।
कांग्रेस की ओर से बीते रकई दिनों से SIR के मुद्दे पर प्रदर्शन किया जा रहा है। हालांकि, इस बीच राहुल गांधी विदेश दौरे पर वियतनाम चले गए हैं। भाजपा ने राहुस पर निशाना साधते हुए कहा है कि ये फिर चिल्लाते हैं कि वोट चोरी हो गया।
PAK ये कैसी मदद कर रहा? बेखौफ हूतियों ने मार डाले सऊदी समर्थित 53 यमनी सैनिक!
हूतियों के खिलाफ पाकिस्तान चाहे जो भी दावा करे लेकिन हकीकत ये है कि हूती विद्रोही अपने मर्जी से जब चाहे तब सऊदी अरब पर सऊदी समर्थित यमन की सेना पर अटैक कर रहे हैं.19 अक्टूबर को यमन के शबवा प्रांत में सरकारी सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण शिविर पर हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 53 सैनिकों की मौत हुई और करीब 200 घायल हो गए.
अजमेर में चुनावी ड्यूटी के दौरान आरएसी जवान ने सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली, मौत
ईवीएम स्ट्रांगरूम की सुरक्षा में तैनात था जवान नरेंद्र गोदारा अजमेर। राजस्थान के अजमेर में पंचायत चुनाव से जुड़ी सुरक्षा ड्यूटी के दौरान एक आरएसी जवान की गोली लगने से मौत हो गई। आदर्शनगर थाना क्षेत्र स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में सोमवार शाम हुई इस घटना से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। मृतक जवान […] The post अजमेर में चुनावी ड्यूटी के दौरान आरएसी जवान ने सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली, मौत appeared first on Sabguru News .
टाइगर श्रॉफ गोलीकांड के तीनों शूटर वापस कोटा लाए गए, रात को मुंबई नहीं ले जाएगी पुलिस
सुरक्षा कारणों के चलते अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के आरोपियों को रात में मुंबई नहीं ले जाया गया है. पुलिस टीम रवाना होने के बाद वापस लौट आई और तीनों आरोपियों को कोटा के रेलवे कॉलोनी थाने में भारी सुरक्षा व कमांडो पहरे के बीच रखा गया है.
400 से अधिक भारतीय मूल के शिक्षाविदों ने 'भारत को अराजकता से बचाएं' शीर्षक से एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं।
अजमेर में चुनावी स्ट्रांग रूम के अंदर चली गोली, कांस्टेबल नरेंद्र गोदारा की मौत
अजमेर में आदर्श नगर थाना क्षेत्र स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के चुनावी स्ट्रांग रूम में तैनात पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र गोदारा की गोली लगने से मौत हो गई. एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला के मुताबिक, कांस्टेबल ने अपनी सर्विस एसएलआर से खुद को गोली मारी. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है.
Sri Ganganagar: हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई पर बिरधवाल हेड से हटे किसान
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर बिरधवाल हेड पहुंचे किसानों ने हिरासत में लिए गए आंदोलनकारियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद सोमवार सुबह अपना पड़ाव समाप्त कर दिया और घड़साना लौट गए। हालांकि, किसानों ने आंदोलन जारी रखने और घड़साना में दोबारा धरना देकर आगे की रणनीति तय करने की घोषणा की। अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हटने के बाद प्रशासन ने सूरतगढ़-छतरगढ़ मार्ग से बैरिकेड और ट्रकों को हटाया। मार्ग को सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे यातायात के लिए खोल दिया गया, जिससे सड़क के दोनों ओर फंसे वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) की अनूपगढ़ शाखा में सिंचाई का पानी देने की मांग को लेकर रावला, घड़साना, अनूपगढ़ और खाजूवाला क्षेत्र के चार से पांच हजार किसान रविवार रात बिरधवाल हेड के पास जमा रहे। किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से वहां पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें नहर के गेट तक पहुंचने से रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। अधिकारियों के मुताबिक, किसानों की शनिवार को जयपुर में प्रशासन के साथ हुई वार्ता विफल रहने के बाद उन्होंने रविवार को बिरधवाल हेड की ओर कूच किया था। उन्होंने बताया कि किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने गोपालसर चौराहे से पहले 330 आरडी के पास सड़क पर बैरिकेड लगाए थे और ट्रक खड़े कर रास्ता बंद कर दिया था। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग को लेकर किसानों ने बिरधवाल हेड के पास सड़क पर पड़ाव डाल दिया और रातभर वहीं डटे रहे। मौके पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस, संभागीय पुलिस बल और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) के जवान तैनात रहे। श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरिशंकर यादव भी रातभर मौके पर मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि हिरासत में लिए गए साथियों की रिहाई पर सहमति बनने के बाद उन्होंने पड़ाव समाप्त किया है, लेकिन सिंचाई के लिए पानी की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि घड़साना में फिर से धरना देकर आंदोलन की आगामी दिशा तय की जाएगी।
जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास से संबंधित केस दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। वहीं, दोनों ...
42 घंटे चला DRI का बड़ा सर्च ऑपरेशन: ₹19.41 करोड़ का सोना बरामद, दुबई में बैठा है मास्टरमाइंड
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने अहमदाबाद और सूरत हवाई अड्डों से सोने की तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें लगभग 19.41 करोड़ रुपये का 13 किलोग्राम से अधिक सोना जब्त किया गया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के तीन और विधायक सत्ताधारी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो सकते हैं, जिससे एनपीपी की विधानसभा में ताकत बढ़कर 36 हो जाएगी।
हैदराबाद में हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का खेल, 25.16 लाख ठगने वाला अरेस्ट
हैदराबाद में हनीट्रैप और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग के आरोप में पवन कुमार नाम के शातिर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए 25.16 लाख रुपये की कथित ठगी की है. जानें क्या है पूरा मामला.
टाइगर पर हमले का आरोपी नाबालिग नहीं... पुलिस ने खोला हमलावरों का कच्चा चिट्ठा
मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दो आरोपियों ने वारदात के दौरान 7 गोलियां चलाई थीं. तीनों को घटना के करीब 15 घंटे के भीतर राजस्थान के कोटा में पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से पकड़ा गया.
कर्नाटक में Sugarcane Farmers ने स्थगित किया आंदोलन, सरकार को 26 नवंबर तक अल्टीमेटम
उत्तरी कर्नाटक के गन्ना किसानों ने सोमवार को धारवाड़ के पास यारिकोप्पा में अधिकारियों और कृषक प्रतिनिधियों के बीच वार्ता के बाद हफ्ते भर का अपना हुब्बल्ली चलो आंदोलन स्थगित कर दिया तथा केंद्र और राज्य सरकारों को अपनी मांगें पूरी करने के लिए 26 नवंबर तक का समय दिया है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं मानी गयीं तो वे 27 नवंबर को अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे तथा केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास का घेराव करेंगे। उत्तरी कर्नाटक के गन्ना किसान, बेलगावी के पास पुणे-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग को कुछ समय तक तक अवरुद्ध करने के बाद, हुब्बल्ली में जोशी के आवास की ओर पैदल मार्च कर रहे थे। गन्ना किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों की जांच के लिए एक समिति गठित किये जाने के बावजूद, जब केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया, तो प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन जोशी के दरवाजे तक ले जाने का फैसला किया। किसान गन्ने के लिए 5,500 रुपये प्रति टन का दाम, चीनी की न्यूनतम बिक्री कीमत बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो करने, और गन्ने से बनने वाले इथेनॉल की खरीद नीति की समीक्षा करने जैसी कई मांगें कर रहे हैं। रविवार देर रात हुब्बल्ली में किसान नेताओं तथा जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं बेलगावी के सांसद जगदीश शेट्टार, विधायकों और अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद, विरोध प्रदर्शन को स्थगित करने का फैसला किया गया। किसान नेताओं ने सोमवार को अलग-अलग जिलों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की, ताकि यह तय किया जा सके कि पदयात्रा जारी रखी जाए या आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया जाए। हावेरी से आ रहे किसानों का जत्था दोपहर करीब दो बजे हुब्बल्ली के बाहरी इलाके यारिकोप्पा पहुंचा, जबकि बेलगावी से आया एक अन्य समूह तेगुर के रास्ते वहां पहुंचा। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद, नेताओं ने आंदोलन को रोकने की घोषणा की। किसान नेता चुनप्पा पुजारी ने कहा कि जोशी ने उनकी मांगों पर विचार करने के लिए समय मांगा है।
दुल्हन बोलीं- हेलिकॉप्टर में होना है विदा, दूल्हों ने खर्च कर दिए लाखों, फिर...
अलवर जिले के मेवात क्षेत्र में दो सगे भाइयों ने अपनी दुल्हनों की इच्छा पूरी करने के लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की. भुल्ला का बास गांव के रोहिल खान और साहिर खान एक ही हेलीकॉप्टर से शीतल गांव पहुंचे और निकाह के बाद अपनी दुल्हनों को लेकर लौटे. हेलीकॉप्टर देखने के लिए सैकड़ों ग्रामीण जमा हुए और लोगों ने तस्वीरें खिंचवाईं.
UP चुनाव के लिए कांग्रेस की बड़ी बैठक, SP से 125-140 सीटें मांगने की तैयारी!
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के आवास पर उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. इसमें सपा के साथ गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा की गई. कांग्रेस पार्टी जल्द ही 125-140 सीटों की सूची तैयार कर समाजवादी पार्टी को सौंपेगी.
NSUI नेता से मारपीट मामले में Govind Singh Dotasra पहुंचे जयपुर पुलिस आयुक्तालय
कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सोमवार शाम भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) की नेता ऋतु बराला और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ जयपुर पुलिस आयुक्तालय पहुंचे और दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान बराला से कथित मारपीट करने वाली दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। यह घटनाक्रम बराला के साथ कथित मारपीट के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा डोटासरा से राजस्थान में कानूनी कार्रवाई करने के लिए कहे जाने के बाद हुआ। बराला राजस्थान की रहने वाली हैं। डोटासरा और कांग्रेस के अन्य नेता पहले प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए मोती डूंगरी पुलिस थाने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने शिकायत तो प्राप्त कर ली, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसके बाद कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस आयुक्तालय पहुंचा। आयुक्तालय में डोटासरा और अन्य नेताओं को प्रतीक्षालय में बैठाया गया। इस दौरान डोटासरा ने प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी से फोन पर बात की। इस बीच, आयुक्तालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता जमा हो गए, जिसके बाद मुख्य द्वार बंद कर दिया गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई। डोटासरा, बराला और अन्य कांग्रेस नेता प्राथमिकी दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने तक नेता आयुक्तालय से नहीं हटेंगे। डोटासरा ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को मारपीट की घटना के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत कथित अपराध किसी थाने के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने पर भी शून्य प्राथमिकी (जीरो एफआईआर) दर्ज की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इसी मामले में दूसरे राज्य में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और सवाल किया कि राजस्थान पुलिस ऐसा क्यों नहीं कर सकती। डोटासरा ने कहा कि यदि आयुक्तालय स्तर पर मामले का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस पुलिस महानिदेशक से संपर्क करेगी। राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस पर छात्र प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने का आरोप लगाया था। राहुल गांधी ने 16 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि दिल्ली पुलिस की कथित मारपीट का शिकार हुई दो युवतियों में केरलम की अथिरा और राजस्थान की ऋतु शामिल थीं। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ केरलम, राजस्थान और अदालतों में कानूनी कार्रवाई करेगी। एनएसयूआई नेता बराला ने आरोप लगाया था कि 13 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही बस में दिल्ली पुलिस की महिला कांस्टेबल चंचल यादव ने उनके साथ मारपीट की। बराला के अनुसार, कांस्टेबल ने उनकी गर्दन पकड़ी, उन्हें सीट पर धकेला, चेहरे पर नाखूनों से खरोंचा और थप्पड़ मारा। एनएसयूआई ने कथित चुनावी अनियमितताओं के विरोध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन किया था।
जानबूझकर बॉन्ड तोड़ा और शांति भंग की, सौरभ दास और आशुतोष रांका पर बोला कोर्ट
दिल्ली कोर्ट ने कहा कि सीजेपी के दोनों नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में जानबूझकर बॉन्ड तोड़े और शांति भंग की।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) ने CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
टाइगर केस में लॉरेंस की कस्टडी पर मुंबई पुलिस ने क्या कहा?
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. मामले में लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ की जरूरत पड़ने पर मुंबई पुलिस को कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा.
नौसर माता मंदिर में महानवमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, देर रात तक गूंजे माता के भजन
अजमेर। शारदीय नवरात्र की महानवमी पर पुष्कर घाटी स्थित नौसर माता मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां नवदुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। पूरे परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों, माता के जयकारों और भजन-कीर्तन से भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने मां […] The post नौसर माता मंदिर में महानवमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, देर रात तक गूंजे माता के भजन appeared first on Sabguru News .
Allahabad High Court ने हत्या मामले में दोषी Nandlal Rai की सजा पर लगाई रोक
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए नंदलाल राय की दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगा दी। राय को 2017 के हत्या के एक मामले में दोषी ठहराया गया था। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की पीठ ने राय की ओर से दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया। राय को वाराणसी के सिगरा थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में सत्र न्यायालय ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। अदालत ने पाया कि दोषी ठहराए जाने से पहले राय एक राजनेता और भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे। अदालत ने कहा, “एक आम व्यक्ति के आजीविका के अधिकार को ध्यान में रखते हुए, जो किसी राजनेता के चुनाव लड़ने के अधिकार से कम महत्वपूर्ण नहीं है, अपीलकर्ता की दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाई जानी चाहिए ताकि वह अपील पर अंतिम निर्णय आने तक अपना जीवनयापन कर सके।”उच्च न्यायालय ने पांच अक्टूबर को दिए अपने फैसले में अफजाल अंसारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में उच्चतम न्यायालय के 2023 के फैसले का भी संदर्भ दिया। उच्चतम न्यायालय ने अंसारी के मामले में कहा था कि जनप्रतिनिधियों का अपने मतदाताओं के प्रति विशेष दायित्व होता है और दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने की स्थिति में उनके चुनाव लड़ने का अवसर समाप्त हो सकता है। अपीलकर्ता ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए दलील दी थी कि प्राथमिकी में उसका नाम नहीं था और प्राथमिकी दर्ज होने के 17 दिन बाद मामले में उसकी कथित संलिप्तता का खुलासा किया गया। यह मामला राम जन्मभूमि आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता प्रमोद कुमार निगम की हत्या से जुड़ा है। राय का संबंध गैंगस्टर से राजनेता बने मुख्तार अंसारी से बताया गया है। राय पर मामूली विवाद में निगम की हत्या करने का आरोप है। सुनवाई के दौरान राय के वकील ने दलील दी कि निगम राजनीतिक रूप से सक्रिय थे और राय को संदेह व अटकलों के आधार पर मामले में फंसाया गया है। उच्च न्यायालय ने संबंधित पक्षों को सुनने और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद कहा कि अपील लंबित रहने के दौरान राय की दोषसिद्धि और सजा पर रोक लगाई जानी उचित है।
इन 5 लकड़ियों में तेजी से लग सकती है दीमक, खोखला हो जाएगा फर्नीचर
नया सोफा, बेड या अलमारी खरीदते समय केवल डिजाइन और कीमत न देखें, बल्कि लकड़ी की क्वालिटी पर भी ध्यान दें. कुछ लकड़ियां ऐसी होती हैं, जिनमें दीमक बहुत जल्दी लगती है. पाइन, फर, स्प्रूस, प्लाईवुड और पार्टिकल बोर्ड जैसी कुछ खास लकड़ियों में दीमक बहुत जल्दी लगती है. खरीदारी से पहले जानें किन लकड़ियों से बचना चाहिए और कौन सा ट्रीटमेंट जरूरी है.
सलमान और कंगना को मिलती है Y+ सिक्योरिटी, अमिताभ समेत किस एक्टर को सरकार से कितनी सुरक्षा
टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद जानना जरूरी है कि बॉलीवुड के किस स्टार को सरकार से कितनी सिक्योरिटी मिलती है?
बढ़ सकती हैं Zepto की मुश्किलें, FSSAI ने भेजा नोटिस
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो को एक्सपायर्ड बेसन डिलीवर करने के आरोप में FSSAI का नोटिस मिला है।
फ्रांस में हो रही हिंसा का कोई कनेक्शन आने वाले चुनाव से भी है? देखें विशेष
यूरोप के कई देशों में इन दिनों हिंसा और बवाल जारी है... इनमें सबसे ज्यादा फ्रांस का माहौल बिगड़ रहा है... पेरिस समेत करीब 10 शहरों में विरोध प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ जारी है... नकाबपोश दंगाई बड़े बड़े शोरूम में लूटपाट कर रहे हैं... दंगाइयों पर आपराधिक मामले दर्ज कर फ्रांस के राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रों ने ऐलान कर दिया है कि, लूटपाट और तोड़फोड़ करने वाले दंगाइयों से ही हर्जाना वसूला जाएगा... आज पीएम सेबेस्टियन ने कहा कि, दंगा प्रभावित शहरों में कर्फ्यू लगाया जाएगा. देखें...
बड़े ब्रांडों के नाम से बाजार में उतरने वाला था संदिग्ध घी, 42 लाख का स्टॉक जब्त
दिवाली से पहले गुजरात के वडोदरा में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने एक खाद्य निर्माण इकाई पर छापा मारकर 8,136 किलो संदिग्ध घी जब्त किया. इसकी अनुमानित कीमत 42 लाख रुपये बताई गई है. अधिकारियों ने चार सैंपल लेकर जांच के लिए सरकारी लैब भेजे हैं. रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
हार्दिक की एक्स वाइफ नताशा ने बिकिनी में काटा गदर
हार्दिक पंड्या की एक्स वाइफ और एक्ट्रेस नताशा स्टेनकोविक अपनी लाइफ में तलाक के दर्द से आगे बढ़ चुकी हैं. नताशा अबअपनी लाइफ के हैप्पी फेज में हैं. नताशा स्टेनकोविक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी सुपर किलर तस्वीरें शेयर की हैं.
रांची में नाबालिग की लाश मिलने से सनसनी, रेप के बाद हत्या की आशंका
रांची के मारदू गांव में 17 वर्षीय लड़की की लाश झाड़ियों में मिलने से सनसनी फैल गई. इस मामले में लड़की के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका के बीच पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. इस दौरान फॉरेंसिक टीम और SIT गठन की मांग भी की गई. पढ़ें पूरी कहानी.
फेसबुक लाइव, मृत्यु पर उपदेश, सिर पर गिरा क्रॉस... पादरी के मौत की पूरी कहानी
इक्वाडोर में मौत पर उपदेश देते हुए पादरी ने जिंदगी की नश्वरता और प्रभु के साथ वक्त बिताने की अहमियत बताई थी. लेकिन कुछ ही पलों बाद चर्च में लगा विशाल क्रॉस उनके सिर पर गिर पड़ा. यह दर्दनाक हादसा इक्वाडोर के ग्वायाकिल में लाइव प्रसारण के दौरान हुआ, जिसमें पादरी पैट्रिसियो अल्फ्रेडो सांचेज मोलिनारी की जान चली गई.
Airtel के नए वॉइस-only रिचार्ज प्लान लॉन्च, ₹185 से शुरू; कॉलिंग और SMS के लिए नहीं मिलेगा डेटा
टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए नियमों के अनुरूप केवल वॉइस कॉलिंग और SMS वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान पेश किए हैं। कंपनी ऐसा करने वाली पहली टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है। इन प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS की ...
टाइगर श्रॉफ केस: ट्रेन पकड़ने के लिए सूरत रेलवे स्टेशन पर भागते दिखे हमलावर, CCTV फुटेज जारी
सूरत रेलवे स्टेशन के 2 सीसीटीवी फुटेज में तीनों संदिग्ध ट्रेन पकड़ने के लिए जल्दबाजी में दिखे। इनमें से दो ने सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी, जबकि तीसरा नीली टी-शर्ट में था और उसके पास एक बैग था। स्टेशन के बाहर तीनों तेज चलते दिखे।
'सरकारी कर्मचारी को नौकरी से निकालना मौत की सजा के समान', सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा है कि सरकारी कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करना मौत की सजा के समान है।
गुलशन कुमार से टाइगर तक, जब बॉलीवुड पर अंडरवर्ल्ड ने तानी बंदूक
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के बाद फिर चर्चा में आया बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड का रिश्ता. जानिए गुलशन कुमार, राकेश रोशन, सलमान खान और रोहित शेट्टी से जुड़े हमलों की पूरी कहानी.
सौरभ दास और आशुतोष रांका की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, क्राइम ब्रांच के हवाले जांच
CJP नेता आशुतोष रांका और सौरभ दास की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जंतर-मंतर में अनधिकृत प्रवेश के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी गई है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…
टाइगर श्रॉफ केस में 'पल्सर 220' बनी बड़ा सुराग, मालिकाना हक की हो रही जांच
मुंबई पुलिस टाइगर श्रॉफ गोलीबारी मामले में तेजी से जांच कर रही है, जिसमें इस्तेमाल की गई पल्सर 220 मोटरसाइकिल एक अहम सुराग बन गई है।
दिवाली से पहले ऑनलाइन पटाखा बिक्री पर केंद्र की सख्ती, 7 प्लेटफॉर्म से 3,940 लिस्टिंग हटाई
नई दिल्ली। दिवाली से पहले खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री और विज्ञापन पर केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की कार्रवाई के बाद सात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से विस्फोटक पदार्थों से जुड़ी कुल 3,940 विक्रेता प्रविष्टियां और लिस्टिंग हटा दी गई हैं। इन प्लेटफॉर्म पर अमोनियम नाइट्रेट, गन पाउडर, […] The post दिवाली से पहले ऑनलाइन पटाखा बिक्री पर केंद्र की सख्ती, 7 प्लेटफॉर्म से 3,940 लिस्टिंग हटाई appeared first on Sabguru News .
गुजरात: मनरेगा मजदूरों का पैसा क्यों अटका? कांग्रेस ने उठाए सवाल
गुजरात में मनरेगा मजदूरों के 43.44 करोड़ रुपये बकाया होने का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने सरकार से जवाब मांगा है. कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने ब्याज समेत भुगतान करने की मांग की है.
20 साल शहर में रहने के बाद गांव में जा बसी कंपनी की फाउंडर, बोली- पूरी जिंदगी बदल गई
तीन बच्चों की मां जेन पोडानी ने 20 साल बाद शहर की जिंदगी छोड़कर करीब 6,000 आबादी वाले कस्बे में बसने का फैसला किया. उन्होंने बताया कि छोटे शहर में आने के बाद परिवार की जिंदगी कैसे बदल गई.
तेल को लेकर बड़ी खबर, विदेशी एक्सपर्ट बोले- $80 पर आ जाएगी कीमत!
Crude Oil Price May Crash: कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है, लेकिन इसमें बड़ी गिरावट आने वाली है. ऐसा अनुमान गोल्डमैन सैश रिसर्च की रिपोर्ट में जाहिर किया गया है.
Vijayapura Murder: पति को कार से कुचलवाकर सड़क हादसा दिखाने वाली पत्नी और दोस्त गिरफ्तार
कर्नाटक के विजयपुरा में एक व्यक्ति की कार से कुचलकर हत्या करने के मामले में उसकी 30 वर्षीय पत्नी और उसके मित्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है गिरफ्तार किए गए लोगों में उस व्यक्ति की पत्नी अश्विनी और उसका मित्र आनंद रौतप्पा कल्लूर (25) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, राजशेखर बीरादर और अश्विनी की शादी को 10 साल हो चुके थे और उनके छह साल के जुड़वां बेटे हैं, परिवार विजयपुरा के एकता नगर में रहता था। विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) लक्ष्मण निंबार्गी ने बताया कि यह मामला चार अक्टूबर को विजयपुरा के यातायात थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाना), धारा 106(1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज सड़क हादसे की जांच के दौरान सामने आया। अश्विनी ने अपनी शिकायत में दावा किया था कि चार अक्टूबर को सुबह करीब पांच से साढ़े पांच बजे के बीच उसका 42 वर्षीय पति राजशेखर टहलने निकला था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, हादसे की परिस्थितियों को लेकर संदेह पैदा हुआ और जांच के दौरान कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, करीब सात महीने पहले राजशेखर और अश्विनी ने एक नया घर बनवाया था और उसकी रंगाई-पुताई का काम कल्लूर को सौंपा था। इसी दौरान कल्लूर की अश्विनी से जान-पहचान हुई और दोनों के बीच दोस्ती हो गई। पुलिस ने बताया कि अश्विनी अपने पति से छुटकारा पाना चाहती थी और उसने कल्लूर के साथ मिलकर उसकी हत्या कर उसे सड़क हादसे का रूप देने की साजिश रची। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस साजिश के तहत नाबालिग समेत चार लोगों ने वारदात को अंजाम दिया। चार अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े पांच बजे जब राजशेखर सैर के लिए निकला, तो अश्विनी ने कल्लूर को उसकी लोकेशन की जानकारी दी। कल्लूर ने मोटरसाइकिल से राजशेखर का पीछा किया और अपने साथियों को उसकी लोकेशन बताई। इसके बाद सचिन और नाबालिग आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली काली एसयूवी में वहां पहुंचे और राजशेखर को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मणिपुर हिंसा में तीन लोगों की मौत के बाद बवाल, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में तीन लोगों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
'संसद में बिल पारित कराने में बाधा न बने कांग्रेस', खरगे की चिट्ठी का रिजिजू ने दिया जवाब
किरण रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पत्र का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने मानसून सत्र के सत्रावसान और महिला आरक्षण विधेयक पर विशेष सत्र बुलाने की चर्चा की थी।
6 शहरों में ED की छापेमारी, 200 करोड़ के ट्रेडिंग अकाउंट फ्रीज
ED ने व्हाट्सएप के जरिए दो कंपनियों के शेयरों में कथित Pump and Dump फ्रॉड की जांच में 6 शहरों के 29 ठिकानों पर छापेमारी की. करीब 200 करोड़ रुपये के ट्रेडिंग अकाउंट फ्रीज किए गए. पढ़ें पूरी कहानी.
मुंबई के Manori में BMC के विलवणीकरण संयंत्र के खिलाफ मछुआरों का विरोध प्रदर्शन
उत्तर मुंबई के मनोरी में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से प्रस्तावित समुद्री जल के खारे पानी को दूर करने वाले संयंत्र का मछुआरा समुदाय विरोध कर रहा है। इस परियोजना के खिलाफ मछुआरों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। मछुआरा संगठनों ने आशंका जताई कि इस परियोजना से समुद्री जैव विविधता को नुकसान पहुंच सकता है और पारंपरिक मछली पकड़ने पर निर्भर लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। उन्होंने परियोजना की लागत और शहर के जल प्रबंधन को लेकर भी चिंता जताई है। सोमवार को मछुआरों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठनों ने बांद्रा स्थित मुंबई उपनगरीय जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस विधायक भाई जगताप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई उपनगरीय जिलाधिकारी सौरभ कटियार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल में गोराई, मनोरी, मढ़, उत्तन, पाली, डोंगरी और चौक गांवों के मछुआरा संगठनों तथा सहकारी समितियों के प्रतिनिधि शामिल थे। नवरात्र का त्योहार होने के बावजूद मछुआरा समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने विरोध मार्च में हिस्सा लिया। मछुआरा समुदाय ने राजस्व विभाग की जमीन पर प्रस्तावित इस परियोजना का निर्माण उनकी आपत्तियों पर विचार करने और परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों की जांच होने तक जारी रखने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात का समय देने की भी मांग की। अक्टूबर में प्रस्तावित संयंत्र के खिलाफ यह दूसरा विरोध मार्च था। इससे पहले, इसी महीने मछुआरों ने स्थानीय तहसीलदार कार्यालय तक मार्च निकाला था। महानगरपालिका ने महानगर में पेयजल की कमी दूर करने के लिए समुद्री जल को शुद्ध कर पीने योग्य बनाने वाला संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इसके शुरुआती चरण में प्रतिदिन 200 मिलियन लीटर (20 करोड़ लीटर) पेयजल मिलेगा।
पालक डालकर बनाएं पहाड़ी स्टाइल खट्टा-मीठा चना, बेहद आसान है बनाना
Pahadi Khatta Mitha Chana Recipe: काले चने की साधारण सब्जी खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार बनाएं पहाड़ी स्टाइल खट्टा-मीठा काला चना। गुड़, इमली, मसालों और हरी पत्तियों से तैयार होने वाली यह डिश स्वाद में लाजवाब है. जानिए घर पर इसे बनाने का आसान तरीका और जरूरी सामग्री, ताकि आप भी पहाड़ी स्वाद का मजा ले सकें.
वृंदावन में होगा ‘हमारे राम’ का भव्य मंचन, 551 संतों का होगा सम्मान, होंगे फूल बंगला दर्शन
वृंदावन में भगवान श्रीराम पर आधारित ‘हमारे राम’ नाटक का भव्य मंचन होगा. 20 अक्टूबर को 551 संतों का सम्मान और गोवर्धन, बरसाना, मथुरा में फूल बंगला दर्शन होंगे.

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