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नेपाल PM बालेन्द्र शाह का भारत दौरा फाइनल, नवंबर में आएंगे दिल्ली

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का 23 से 25 नवंबर के बीच भारत दौरा प्रस्तावित है, जिसे उनकी पहली औपचारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा माना जा रहा है. इस दौरे में रेल, ऊर्जा, सीमा ढांचा और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर कई अहम समझौतों की उम्मीद है.

आज तक 23 Sep 2026 2:31 pm

'देश में दोबारा हो चुनाव', CEC vs EC आयुक्त मतभेद मामले पर उद्धव का सवाल

चुनाव आयोग में वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर मतभेद की रिपोर्ट के बीच शिवसेना(UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र खत्म करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

आज तक 23 Sep 2026 2:28 pm

'अपने नेता को खुश करने के लिए...', इकरा हसन पर उदित राज का तंज

यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान के बीच नेताओं की बयानबाजी भी तेज है. इकरा हसन के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार किया और कहा कि 2024 का चुनाव दोनों दलों ने साथ मिलकर लड़ा था. वहीं उन्होंने अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा को लेकर भी कहा कि आखिरकार 2024 वाले समीकरण पर ही चुनाव लड़ा जाएगा.

आज तक 23 Sep 2026 2:27 pm

हुंडई बेयॉन की बुकिंग शुरू, 11 हजार में होगा काम, इस दिन आएगी SUV

हुंडई अगले महीने अपनी नई एसयूवी को मार्केट में उतारने वाली है. हम बात कर रहे हैं हुंडई बेयॉन की, जो वेन्यू और क्रेटा के बीच होगी. ये कार दमदार फीचर्स के साथ आएगी. इसमें पेट्रोल इंजन के साथ ही सीएनजी का विकल्प भी मिलेगा. कार में नई i20 से इंस्पॉयर्ड इंटीरियर दिया जा सकता है. इसकी बुकिंग हुंडई ने शुरू कर दी है. आइए जानते हैं डिटेल्स.

आज तक 23 Sep 2026 2:23 pm

एशियाई खेलों में Mirabai Chanu ने जीता रजत, दोपहर की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें

नयी दिल्ली, 23 सितंबर की विभिन्न फाइल से बुधवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: खेल25 : खेल एशियाड भारोत्तोलन लीड भारतमीराबाई ने रजत जीतकर एशियाई खेलों में पदक का सूखा खत्म कियानागोया, भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को यहां महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक के 12 साल के लंबे इंतजार खत्म किया। दि14 : निर्वाचन आयोग राहुलभाजपा, आरएसएस और निर्वाचन आयोग ने वोट चोरी कर देशद्रोह किया, न्याय होगा: राहुल गांधीनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर बुधवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और निर्वाचन आयोग का यह कृत्य ‘देशद्रोह’ है और इसमें न्याय होकर रहेगा। प्रादे24 : महाराष्ट्र आईआईटी आत्महत्या प्रोफेसरछात्र की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर डूला छुट्टी पर भेजे गएमुंबई, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले में आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया है। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रादे31 : बिहार बाढ़बिहार में बाढ़ संकट गहराया, 15 जिलों के 50.49 लाख लोग प्रभावितपटना, बिहार में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है तथा राज्य के 15 जिलों में 50 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 88 प्रखंडों की 576 ग्राम पंचायतें जलमग्न हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। खेल23 : खेल एशियाड हॉकी महिला भारतभारतीय महिला हॉकी टीम ने थाईलैंड को 20 . 1 से हराया, दीपिका के नौ गोलकाकामिगाहारा, ड्रैग फ्लिकर दीपिका के नौ गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए बुधवार को पूल बी के मैच में थाईलैंड को 20 . 1 से हराया। दि1 : कांग्रेस यूसीसीयूसीसी भाजपा के राजनीतिक एजेंडे का हथियार, विभाजन और ध्रुवीकरण का साधन : कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कोई कानूनी सुधार नहीं है, बल्कि ‘‘विभाजन, व्यवधान और ध्यान भटकाने का एक हथियार’’ तथा समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने का एक साधन है। दि23 : दिल्ली उपराज्यपाल पार्क सुरक्षादिल्ली के उपराज्यपाल ने सभी पार्क का सुरक्षा ऑडिट, पिंक पुलिस की तैनाती का आदेश दियानयी दिल्ली, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दक्षिणपूर्वी दिल्ली के कालकाजी इलाके के एक पार्क में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद शहर के सभी पार्क का सुरक्षा ऑडिट कराने और उनके आसपास पिंक पुलिसकर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। अर्थ16 : वित्त मंत्रालय बैंक हड़तालप्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार को खुले रहेंगे बैंकनयी दिल्ली, वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बैंक कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार 27 सितंबर को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक समेत सभी बैंक खुले रहेंगे। वि14 : संरा जयशंकर ग्लोबल साउथ‘ग्लोबल साउथ’ पर वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में पीछे: जयशंकरसंयुक्त राष्ट्र, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ पर भले ही वैश्विक संकटों का सबसे अधिक असर पड़ता है, लेकिन इन संकटों से जुड़े निर्णय लेने की प्रक्रिया में वह ‘पीछे’ है। वि1 : अमेरिका नेपाल बाढ़अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित नेपाल के लिए 3.1 करोड़ डॉलर की सहायता की घोषणा कीवाशिंगटन, अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलों के निर्माण, प्रभावित समुदायों की बुनियादी नागरिक जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में आपदा के बाद राहत एवं पुनर्बहाली प्रयासों में मदद के लिए ड्रोन की तैनाती में सहयोग के वास्ते नेपाल को 3.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। अर्थ5 : एसएंडपी वृद्धिएसएंडपी ने भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कियानयी दिल्ली, वित्तीय शोध और साख निर्धारित करने वाली एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर सात प्रतिशत कर दिया।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 2:23 pm

अमेरिका का Ego हर्ट, ईरान ने 47 MQ-9 रीपर ड्रोन तबाह किए, जेट भी

अमेरिका-ईरान संघर्ष में अमेरिकी विमानों के नुकसान का खुलासा हुआ. MQ-9 रीपर ड्रोन सबसे नष्ट हुए हैं. KC-135 और F-15E समेत क्रूड विमान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. कुल लागत अरबों में है.

आज तक 23 Sep 2026 2:20 pm

अगरकर गए तो गिल की टीम में भी लगेगी कैंची? वर्ल्ड कप से पहले बड़ा सवाल

अजीत अगरकर के भविष्य पर फैसला अभी बाकी है, लेकिन अगर उनकी जगह नया चीफ सेलेक्टर आता है तो इसका असर सिर्फ चयन समिति तक सीमित नहीं रहेगा. 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले शुभमन गिल की टीम को लेकर कई बड़े फैसले होने हैं- यशस्वी जायसवाल की भूमिका, हार्दिक पंड्या का विकल्प, स्पिन संयोजन और तेज गेंदबाजी का ढांचा. ऐसे में सवाल यह है कि चीफ सेलेक्टर बदलेगा तो क्या गिल की टीम की दिशा भी बदलेगी?

आज तक 23 Sep 2026 2:18 pm

विचारों का मतभेद सामान्य बात...SIR पर खुलासे पर चुनाव आयोग की सफाई 10 प्वाइंट में समझें

भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि चुनाव आयोग के भीतर विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय होना एक सामान्य बात है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके फैसले या तो सर्वसम्मति से या बहुमत से लिए जाते हैं। यह बयान 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्तियां जताई थीं, जिनमें 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। इसे भी पढ़ें: Bank Open on Sunday: इस बार रविवार को खुले रहेंगे बैंक, हड़ताल से पहले सरकार ने अपने फैसले से चौंकाया चुनाव आयोग ने ये कहा 1. ECI एक संवैधानिक संस्था है जो संविधान के अनुच्छेद 324, कानूनी नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के सख्त नियमों के तहत काम करती है। आयोग एक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था के रूप में काम करता है। लिखित नोट, टिप्पणियाँ, तकनीकी सुझाव और आंतरिक जाँच-पड़ताल और संतुलन (checks-and-balances) सामान्य और निरंतर चलने वाली प्रक्रियाएँ हैं, जिनका मकसद पूरी पारदर्शिता, कानूनी नियमों का पालन और कामकाज में सख्ती सुनिश्चित करना है। ECI के सभी काम कानूनों और आयोग के निर्देशों के अनुसार हुए हैं। 2. आयोग द्वारा जारी सभी आधिकारिक आदेश, फैसले और प्रशासनिक निर्देश पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य हैं और 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के तहत स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं। 3. ड्राफ्टिंग के दौरान आयोग के सदस्यों द्वारा उठाए गए कामकाज से जुड़े सवाल या सुझाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, जिनका मकसद मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना है। आयुक्तों द्वारा दिए गए सुझाव चुनावी प्रक्रियाओं को और बेहतर बनाने के लिए थे। 4. किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियाँ होना सामान्य बात है। ये अंतिम फैसला लेने से पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। न केवल तीनों आयुक्त, बल्कि आयोग का हर अधिकारी चुनावी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आयोग को अपने सुझाव देने के लिए पूरी तरह अधिकृत है। 5. 10 महीनों की अवधि में कुछ खास आंतरिक नोट/टिप्पणियों को उजागर करना, जबकि बड़ी संख्या में मंजूरियों, फैसलों, निर्देशों और पहलों को नजरअंदाज करना, पूरी तस्वीर का केवल एक हिस्सा दिखाता है। हाल के महीनों में, आयोग ने कई फैसले लिए हैं, निर्देश जारी किए हैं, लगभग 40 नई पहलें शुरू की हैं और कई चुनावी सुधार किए हैं, जिनमें देश भर में मतदाता सूची का संशोधन (SIR सहित) शामिल है। ये सभी फैसले पिछले एक साल में पूरे आयोग के सर्वसम्मत फैसलों का नतीजा हैं। 6. आयोग ने हाल ही में बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में बड़े चुनाव और इस दौरान चुनाव से जुड़ी गतिविधियाँ सफलतापूर्वक आयोजित की हैं। इस काम में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक और कामकाज से जुड़ी मशीनरी और आयोग की कई मंजूरियाँ और निर्देश शामिल थे। 7. आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म, जैसे ECINet, अनधिकृत छेड़छाड़, हेरफेर आदि को रोकने के लिए सख्त डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काम करते हैं। IT सुरक्षा जाँच और ऑडिट कंट्रोल राष्ट्रीय डेटाबेस में लागू किए जाने वाले सामान्य साइबर सुरक्षा उपाय हैं। कानूनी अधिकारी, जिनमें इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (EROs) और डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर (DEOs) शामिल हैं, कानून के तहत रजिस्ट्रेशन और नाम हटाने के लिए अपनी कानूनी शक्तियों के अनुसार काम करते हैं। 8. भारत का चुनाव आयोग हमारे लोकतंत्र को आगे बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका को समझते हुए, पूरी ईमानदारी के साथ अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 9. ईसी ने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है। सभी फैसले सहमति से हुए। 10. लगभग 40 नई पहलें शुरू की हैं और देश भर में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर सहित) के संचालन सहित कई चुनावी सुधार किए हैं।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 2:18 pm

CEC नियुक्ति पर SC में बंटी राय, मामला संविधान पीठ को भेजा

सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस सी शर्मा की राय अलग रही, जिसके बाद मामला संविधान पीठ को भेज दिया गया.

आज तक 23 Sep 2026 2:17 pm

सितंबर में विदेश घूमने का है प्लान? तो अपनी ट्रैवल लिस्ट में शामिल करें ये 5 बेहद खूबसूरत डेस्टिनेशन

गर्मी के मौसम की चिलचिलाती धूप और उमस भरे दिनों के बाद जब साल के नौवें महीने यानी सितंबर की शुरुआत होती है, तो मौसम में एक सुहावना बदलाव देखने को मिलता है। भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में सितंबर का महीना यात्रा प्रेमियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मानसून अपने अंतिम चरण में होता है या कई जगहों पर सुहावनी शरद ऋतु की शुरुआत हो रही होती है। यदि आप भी इस सितंबर के महीने में अपने परिवार, पार्टनर या दोस्तों के साथ विदेश यात्रा (International Trip) पर जाने का मन बना रहे हैं, और समझ नहीं पा रहे हैं कि किस बेहतरीन जगह का चुनाव किया जाए, तो यह लेख आपके लिए बेहद खास है। समुद्र की नीली लहरें, सफेद रेत वाले बीच, सुनहरे सूर्यास्त और शांत वातावरण पसंद करने वाले सैलानियों के लिए बीच डेस्टिनेशन (Beach Destinations) हमेशा से पहली पसंद रहे हैं। सितंबर के महीने में दुनिया के कई खूबसूरत द्वीपों और समुद्र तटों पर पर्यटकों की भीड़ कम होती है, जिससे आपको शांति और सुकून के साथ छुट्टियां बिताने का शानदार मौका मिलता है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि सितंबर में विदेश घूमने के लिए कौन सी 5 सबसे बेहतरीन और पॉकेट-फ्रेंडली बीच जगहें आपके ट्रिप को हमेशा के लिए यादगार बना सकती हैं।1. बाली, इंडोनेशिया: प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और बजट फ्रेंडली बीच वेकेशन का सबसे बेहतरीन ठिकानाभारतीय पर्यटकों के बीच जब भी विदेश में बीच डेस्टिनेशन पर घूमने की बात आती है, तो सबसे पहला नाम इंडोनेशिया के खूबसूरत द्वीप बाली (Bali) का आता है। सितंबर का महीना बाली की यात्रा करने के लिए सबसे अनुकूल समय माना जाता है, क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम बेहद सुहाना होता है, बारिश कम होती है और उमस भी न के बराबर होती है। बाली अपने प्राचीन हिंदू मंदिरों, हरे-भरे चावल के खेतों, पारंपरिक नृत्यों और दुनिया के सबसे खूबसूरत सनसेट वाले बीच के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां के कुटा बीच, सेमिन्याक बीच और उलूवातु मंदिर के आसपास के समुद्र तट सर्फिंग और वाटर स्पोर्ट्स के शौकीन लोगों के लिए स्वर्ग के समान हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि भारतीय नागरिकों के लिए यहां ऑन-अराइवल वीजा की सुविधा उपलब्ध है और अन्य पश्चिमी देशों की तुलना में यहां रहना, खाना और घूमना काफी किफायती यानी पॉकेट-फ्रेंडली पड़ता है। यदि आप सितंबर में विदेश जाकर समंदर की लहरों के बीच रिलैक्स करना चाहते हैं, तो बाली आपकी लिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए।2. फुकेट, थाईलैंड: थ, नाइटलाइफ और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का परफेक्ट कॉम्बिनेशनथैंकेस्ट एशियन कंट्री थाईलैंड का सबसे बड़ा द्वीप फुकेट (Phuket) अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच पार्टी कैपिटल और बीच टूरिज्म का एक बहुत बड़ा केंद्र है। हालांकि, जुलाई और अगस्त के दौरान यहां भारी मानसूनी बारिश होती है, लेकिन सितंबर के मध्य आते-आते मौसम साफ होने लगता है और पर्यटकों को कम खर्च में शानदार डील मिलने शुरू हो जाती हैं। फुकेट के पातोंग बीच, काटा बीच और करोन बीच अपनी सफेद रेत और क्रिस्टल क्लियर पानी के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। यहां आप स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, पैरासेलिंग और आइलैंड हॉपिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का भरपूर आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा यहां के प्रसिद्ध फी फी आइलैंड्स (Phi Phi Islands) की बोट राइड आपके पूरे ट्रिप में चार चांद लगा देगी। भारतीय पर्यटकों के लिए थाईलैंड की यात्रा करना जेब के लिहाज से भी काफी आसान है और यहां का लजीज स्ट्रीट फूड पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है।3. मॉरीशस: हिंद महासागर के इस जन्नतनुमा द्वीप पर मनाएं शांत और रोमांटिक छुट्टियांयदि आप भीड़भाड़ से दूर किसी बेहद शांत, लक्जरी और प्राकृतिक रूप से समृद्ध द्वीप देश की तलाश में हैं, तो हिंद महासागर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित मॉरीशस (Mauritius) आपके लिए एक आदर्श विकल्प है। सितंबर के महीने में मॉरीशस में सर्दियों का मौसम चल रहा होता है, जिसके कारण यहां का तापमान बहुत ही सुहावना, ठंडा और आरामदायक रहता है। नीले और फिरोजी रंग का समंदर, विशाल कोरल रीफ और चारों ओर फैली हरियाली इस देश की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है। ब्लैक रिवर गॉर्ज नेशनल पार्क, इलेक्स सेरफ्स (Ile aux Cerfs) और मणौक द्वीप यहां के मुख्य आकर्षण हैं। मॉरीशस हनीमून मनाने वाले जोड़ों और परिवार के साथ छुट्टियां बिताने वालों के दोनों के लिए बेहद लोकप्रिय है। भारतीय नागरिकों के लिए इस देश की यात्रा के लिए वीजा की कोई झंझट नहीं है, जिससे प्लानिंग करना और भी आसान हो जाता है।4. सेशेल्स: अनछुए और कुदरती सौंदर्य से भरपूर 115 द्वीपों का यह अनोखा द्वीप समूहपूर्वी अफ्रीका के तट के पास हिंद महासागर में फैला सेशेल्स (Seychelles) दुनिया के सबसे खूबसूरत और कम भीड़भाड़ वाले द्वीप समूहों में गिना जाता है। यह देश 115 छोटे-बड़े ग्रेनाइट और प्रवाल द्वीपों से मिलकर बना है, जहां की प्राकृतिक सुंदरता आज भी अपनी मूल और अछूती अवस्था में मौजूद है। सितंबर का महीना सेशेल्स जाने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है क्योंकि इस दौरान यहां की हवाएं शांत होती हैं और समुद्र का पानी तैराकी तथा सेलिंग के लिए बिल्कुल अनुकूल रहता है। ला डाइग द्वीप का 'Anse Source d'Argent' बीच दुनिया के सबसे खूबसूरत और सबसे ज्यादा फोटोग्राफ किए जाने वाले समुद्र तटों में शुमार है। विशाल ग्रेनाइट चट्टानों के बीच फैला यह बीच और यहां का पारदर्शी पानी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। यदि आप प्रकृति के बिल्कुल करीब रहकर कुछ दिन शांति और विलासिता के साथ बिताना चाहते हैं, तो सेशेल्स का यह सफर आपके लिए जीवन भर का सबसे हसीन अनुभव साबित होगा।5. लंकावी, मलेशिया: प्राकृतिक हरियाली, केबल कार और समुद्री सफारी का अद्भुत संगममलेशिया के उत्तर-पश्चिम तट पर अंडमान सागर में स्थित लंकावी (Langkawi) लगभग 99 द्वीपों का एक खूबसूरत और शांत द्वीपसमूह है। यदि आप बजट में रहते हुए एक अंतरराष्ट्रीय बीच वेकेशन का आनंद लेना चाहते हैं, तो लंकावी आपके लिए एकदम सही जगह है। सितंबर के महीने में यहां हल्की-फुल्की बारिश के बीच हर तरफ हरियाली अपने चरम पर होती है, जो देखने में बेहद मनमोहक लगती है। लंकावी का प्रसिद्ध 'स्काई ब्रिज' (Langkawi Sky Bridge) और ओरिएंटल विलेज पर्यटकों के बीच सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र है, जहां से बादलों और पहाड़ों के बीच समंदर का नजारा बेहद भव्य दिखाई देता है। चन्नांग बीच (Chenang Beach) पर वाटर स्पोर्ट्स का आनंद लेने के साथ-साथ आप मैंग्रोव फॉरेस्ट की बोट सफारी का भी लुत्फ उठा सकते हैं। मलेशिया सरकार द्वारा भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा मुक्त प्रवेश की सुविधा दिए जाने के बाद से लंकावी जाना और भी अधिक आसान और किफायती हो गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:16 pm

तन-मन दोनों को चाहिए ब्रेक? भारत की ये 5 जादुई जगहें हैं परफेक्ट डिटॉक्स वेकेशन के लिए

भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली, काम का अंतहीन तनाव, शहर का प्रदूषण और हर वक्त डिजिटल स्क्रीन से चिपके रहने की आदत आज के दौर में इंसानी शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर बेहद बुरा असर डाल रही है। सुबह की भागदौड़ से लेकर रात के लेट नाइट वर्क तक, हमारा दिमाग और शरीर लगातार थकावट महसूस करता है, जिसके कारण अनिद्रा, चिंता, क्रॉनिक फटीग और ऊर्जा की कमी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में जब शरीर और मन पूरी तरह थक जाते हैं, तो उन्हें एक ऐसे ब्रेक की सख्त जरूरत होती है जो केवल बाहरी सैर-सपाटा न हो, बल्कि भीतर से पूरी तरह हील कर सके। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए 'डिटॉक्स वेकेशन' (Detox Vacation) का ट्रेंड आज पूरी दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। भारत में ऐसी कई अद्भुत और नैसर्गिक जगहें मौजूद हैं जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, ध्यान और प्राचीन भारतीय जीवन पद्धतियों के जरिए आपके तन और मन को पूरी तरह रीसेट किया जा सकता है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि भारत की वे कौन सी शीर्ष 5 डिटॉक्स जगहें हैं जहां जाकर आप अपनी थकी हुई जीवनशैली को अलविदा कह सकते हैं और एक नई ऊर्जा से भर सकते हैं।1. ऋषिकेश, उत्तराखंड: योग, अध्यात्म और गंगा किनारे मानसिक शांति का सबसे बड़ा केंद्रभारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में 'योग की राजधानी' के रूप में प्रसिद्ध उत्तराखंड का ऋषिकेश (Rishikesh) तन और मन को डिटॉक्स करने के लिए सबसे पहला और बेहतरीन विकल्प माना जाता है। हिमालय की गोद से निकलती पवित्र गंगा नदी के तट पर बसा यह शहर सदियों से ऋषियों और मुनियों की साधना स्थली रहा है। यहां आपको दुनिया के सबसे बेहतरीन आयुष केंद्र, प्रमाणित योग आश्रम और विश्व स्तरीय आयुर्वेद व नेचुरोपैथी रिजॉर्ट मिल जाएंगे। सुबह-ससुबह गंगा की लहरों के बीच ध्यान करना, प्राणयाम सीखना और प्रामाणिक पंचकर्म चिकित्सा लेना आपके शरीर के सभी टॉक्सिन्स को बाहर निकाल देता है। इसके अलावा यहां का सात्विक और ऑर्गेनिक भोजन आपके पाचन तंत्र को पूरी तरह विश्राम देता है। यदि आप अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से तंग आ चुके हैं और कुछ दिन पूरी तरह खुद के साथ बिताना चाहते हैं, तो ऋषिकेश का यह आध्यात्मिक वातावरण आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।2. अट्टापडी और पलक्कड़, केरल: प्रकृति की गोद में प्रामाणिक आयुर्वेदिक पंचकर्म और कायाकल्पजब बात शरीर की पूरी तरह शुद्धि और प्राकृतिक चिकित्सा की आती है, तो केरल (Kerala) का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। केरल के पलक्कड़ जिले में स्थित अट्टापडी (Attappadi) और पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच फैले घने जंगल डिटॉक्स वेकेशन के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। यहां पारंपरिक आयुर्वेद की जड़ें बहुत गहरी हैं और योग्य चिकित्सकों की देखरेख में विशेष पंचकर्म (Panchakarma) थेरेपी दी जाती है। तेल मालिश, शिरोधारा, नवरकंजी और हर्बल स्टीम बाथ जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के जरिए शरीर की नसों और कोशिकाओं से सारे विषैले तत्व बाहर निकाल दिए जाते हैं। यहां के रिसॉर्ट्स और वैलनेस सेंटर पूरी तरह से प्राकृतिक और शांत वातावरण में बने होते हैं, जहां मोबाइल और इंटरनेट के शोर से दूर केवल पक्षियों की चहचहाहट और हवाओं की सरसराहट सुनाई देती है। यह जगह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह रीबूट करने की क्षमता रखती है।3. मुन्नार, केरल: चाय के हरे-भरे बागानों के बीच बादलों की छांव में मानसिक सुकूनकेरल का एक और खूबसूरत पर्वतीय स्थल मुन्नार (Munnar) अपनी अनूठी प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए पर्यटकों के बीच विशेष स्थान रखता है। समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर फैले मीलों लंबे चाय के हरे-भरे बागान, ठंडी हवाएं और चारों तरफ छाई धुंध आपके मन को पल भर में मोह लेती है। मुन्नार में डिटॉक्स वेकेशन का मतलब केवल घूमना नहीं है, बल्कि प्रकृति के सबसे करीब बैठकर अपने मानसिक तनाव को कोसो दूर भगाना है। यहां कई ऐसे इको-फ्रेंडली वेलनेस रिट्रीट हैं जो ऑर्गेनिक फार्मिंग, हर्बल टी थेरेपी, प्रकृति की गोद में लंबी ट्रैकिंग और मेडिटेशन सेशन की सुविधा प्रदान करते हैं। जब आप सुबह उठकर खिड़की से बाहर देखते हैं तो बादलों को छूते हुए पहाड़ दिखाई देते हैं, जो आपकी आंखों और दिमाग को एक असीम शांति प्रदान करते हैं। ताजी हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण आपके रेस्पिरेटरी सिस्टम और फेफड़ों को नेचुरल डिटॉक्स देने का काम करता है।4. धर्मशाला और मैक्लोडगंज, हिमाचल प्रदेश: तिब्बती बौद्ध दर्शन, ध्यान और हिमालयी हवाओं का संगमयदि आप पहाड़ों की ऊंचाई पर जाकर बौद्ध दर्शन, ध्यान (Meditation) और तिब्बती हीलिंग पद्धतियों के जरिए अपने मन को शांत करना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश में स्थित धर्मशाला और मैक्लोडगंज (Dharamshala and McLeod Ganj) आपके लिए सबसे परफेक्ट जगह है। दलाई लामा का यह निवास स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति से ओत-प्रोत है। यहां कई ऐसे प्रसिद्ध मेडिटेशन सेंटर और मठ हैं जहां विपश्यना, बौद्ध ध्यान और माइंडफुलनेस वर्कशॉप आयोजित की जाती हैं। हिमालय की ठंडी और शुद्ध हवा आपके फेफड़ों को तरोताजा कर देती है, जबकि यहां का तिब्बती हर्बल मेडिसिन सिस्टम और एक्यूपंचर थेरेपी शरीर के दर्दों को दूर करने में बेहद असरदार मानी जाती है। यहां के शांत कैफे में मिलने वाला हर्बल टी, ऑर्गेनिक फूड और ढोलाधार पर्वत श्रृंखलाओं का मनमोहक नजारा आपके मानसिक तनाव को पूरी तरह छूमंतर कर देता है।5. उदयपुर के आसपास के वैलनेस रिसॉर्ट्स, राजस्थान: शाही आतिथ्य के साथ वेलनेस और मेडिटेशनझीलों की नगरी उदयपुर (Udaipur) और उसके आसपास का शांत ग्रामीण परिवेश अब देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लग्जरी डिटॉक्स और वैलनेस टूरिज्म के एक बड़े हब के रूप में उभर रहा है। यदि आप बहुत अधिक दुर्गम पहाड़ों पर जाने की बजाय किसी शांत, आरामदायक और शाही माहौल में अपने तन-मन को डिटॉक्स करना चाहते हैं, तो उदयपुर के अरावली पहाड़ियों और झीलों के किनारे बने वेलनेस रिसॉर्ट्स बेहतरीन विकल्प हैं। यहां प्राचीन राजस्थानी जड़ी-बूटियों, आधुनिक स्पा थेरेपी, योग सत्र और हेल्दी डाइट प्लान का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है। झील के शांत पानी को निहारते हुए सूर्योदय या सूर्यास्त के समय मेडिटेशन करना मानसिक एकाग्रता को कई गुना बढ़ा देता है। यह वेकेशन उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो आराम और विलासिता के साथ-साथ अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:15 pm

सिर्फ 6,000 रुपये के अंदर घूम आएं ये खूबसूरत और मनमोहक 5 जगहें

भागदौड़ भरी जिंदगी, ऑफिस के काम का तनाव और शहर के प्रदूषण से तंग आ चुके हर इंसान की चाहत होती है कि वह वीकेंड या छुट्टियों के दौरान किसी शांत और खूबसूरत जगह पर कुछ पल सुकून के बिताए। लेकिन कई बार लोगों के मन में यह भ्रम होता है कि यात्रा करने के लिए बहुत सारे पैसों की जरूरत होती है और कम बजट में कहीं घूमना नामुमकिन है। यदि आप भी दिल्ली या इसके आसपास रहते हैं और कम खर्च में एक बेहतरीन वेकेशन का आनंद लेना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बहुत ही शानदार खुशखबरी है। आप अपनी जेब पर ज्यादा बोझ डाले बिना, मात्र 6,000 रुपये के कुल बजट में दिल्ली के पास स्थित बेहद खूबसूरत और पर्यटकों की पसंदीदा 5 जगहों की यात्रा आसानी से कर सकते हैं। इन जगहों पर ट्रेन या बस का किराया कम होने के साथ-साथ रहना और खाना भी बहुत किफायती है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि वे कौन सी 5 बेहतरीन जगहें हैं जहां आप ₹6,000 के अंदर घूमकर लौट सकते हैं और अपने सफर को यादगार बना सकते हैं।1. ऋषिकेश: योग की नगरी और गंगा किनारे सुकून के पल बिताने का सबसे सस्ता ठिकानादिल्ली से मात्र कुछ ही घंटों की दूरी पर स्थित उत्तराखंड का प्रवेश द्वार कहा जाने वाला ऋषिकेश (Rishikesh) कम बजट वाले यात्रियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। यदि आप प्रकृति की गोद में शांति पाना चाहते हैं और साथ ही थोड़ा बहुत रोमांच भी पसंद करते हैं, तो ऋषिकेश आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। दिल्ली के कश्मीरी गेट या आनंद विहार आईएसबीटी से आपको आसानी से उत्तराखंड रोडवेज या प्राइवेट बसें मिल जाती हैं, जिनका एक तरफ का किराया बहुत ही कम होता है। इसके अलावा ट्रेन के जरिए भी हरिद्वार या ऋषिकेश तक का सफर बेहद सस्ता पड़ता है। यहां आपको ठहरने के लिए कई बजट फ्रेंडली हॉस्टल और धर्मशालाएं मिल जाएंगी जहां 500 से 800 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बेड या रूम मिल जाता है। गंगा किनारे बैठकर शाम की अलौकिक आरती देखना, लक्ष्मण झूला और राम झूला पर घूमना तथा स्थानीय कैफे का आनंद लेना आपके इस पूरे सफर को 4,000 से 5,000 रुपये के कुल खर्च में समेट देगा।2. कसौली: हिमाचल की वादियों में बसा एक शांत और प्रदूषण मुक्त हिल स्टेशनहिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में घूमना हर किसी का सपना होता है, लेकिन अक्सर लोगों को लगता है कि पहाड़ी राज्यों की यात्रा बहुत महंगी होती है। हालांकि, यदि आप शिमला या मनाली की बजाय थोड़े छोटे और ऑफबीट हिल स्टेशन का चुनाव करते हैं, तो खर्च बहुत कम हो जाता है। दिल्ली से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कसौली (Kasauli) एक बेहद शांत, खूबसूरत और पॉकेट-फ्रेंडली हिल स्टेशन है। दिल्ली से चंडीगढ़ या कालका तक ट्रेन से जाने के बाद वहां से आसानी से बस या लोकल टैक्सी के जरिए कसौली पहुंचा जा सकता है। चीड़ और देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़ों से घिरे इस छोटे से शहर में क्राइस्ट चर्च, मंकी पॉइंट और माल रोड घूमने के लिए प्रमुख जगहें हैं। यहां सस्ते होमस्टे और बजट होटल आसानी से मिल जाते हैं, जिससे आपका 2 दिन और 1 रात का पूरा ट्रिप 5,000 से 6,000 रुपये के बजट में आसानी से पूरा हो जाता है।3. जयपुर: शाही इतिहास, किलों और राजस्थानी संस्कृति का दीदार बेहद कम खर्च मेंयदि आपको इतिहास, प्राचीन वास्तुकला, महलों और शाही संस्कृति से प्यार है, तो राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर (Jaipur) आपके लिए एक आदर्श पर्यटन स्थल है। दिल्ली से जयपुर की दूरी सड़क मार्ग या ट्रेन मार्ग से महज 4 से 5 घंटे की है, जिसके कारण परिवहन का खर्च बहुत कम आता है। भारतीय रेलवे की कई एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें रोजाना दिल्ली से जयपुर के लिए चलती हैं, जिनका स्लीपर या एसी चेयर कार का किराया बेहद किफायती है। जयपुर में आमेर का किला, हवा महल, जंतर-मंतर, शहर का पैलेस और नाहरगढ़ का किला घूमने के लिए देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। यहां ठहरने के लिए गेस्ट हाउस और बजट होटल 800 से 1,200 रुपये प्रति रात में मिल जाते हैं। इसके अलावा यहां की प्रसिद्ध राजस्थानी कचौरी, दाल बाटी चूरमा और स्थानीय बाजारों की सैर आपके इस सफर को यादगार और बजट के बिल्कुल अनुकूल बना देती है।4. आगरा: ताजगी से भरा ऐतिहासिक शहर जो बजट ट्रिप के लिए है सबसे बेस्टदुनिया के सात अजूबों में शुमार ऐतिहासिक ताजमहल (Taj Mahal) का दीदार करना हर भारतीय और विदेशी पर्यटक की चाहत होती है। उत्तर प्रदेश में स्थित आगरा केवल एक दिन के वीकेंड ट्रिप के लिए दिल्लीवासियों के बीच सबसे लोकप्रिय गंतव्य माना जाता है। दिल्ली से आगरा की दूरी गतिमान एक्सप्रेस, वंदे भारत या अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों से मात्र 2 घंटे में तय की जा सकती है, जिससे ट्रेन का किराया बहुत ही कम बैठता है। ताजमहल के अलावा आप आगरा का किला, फतेहपुर सीकरी और एत्माद्दौला का मकबरा भी घूम सकते हैं। खान-पान के मामले में आगरा की मशहूर भल्ला चाट, पेठा और मुगलाई व्यंजन आपके बजट को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं करेंगे। यदि आप सुबह जाकर शाम को वापस लौटने का प्लान बनाते हैं, तो यह पूरा ट्रिप 2,000 से 3,000 रुपये के अंदर ही बहुत आसानी से पूरा हो जाता है, जो आपकी जेब पर बिल्कुल भारी नहीं पड़ेगा।5. लैंसडाउन: उत्तराखंड का सबसे शांत, साफ-सुथरा और अनछुआ हिल स्टेशनयदि आप भीड़-भाड़ से दूर किसी ऐसी जगह पर जाना चाहते हैं जहां पूरी तरह शांति हो और प्रकृति अपनी असली खूबसूरती के साथ मौजूद हो, तो उत्तराखंड का लैंसडाउन (Lansdowne) आपके लिए एकदम सही जगह है। यह छावनी परिषद (Cantonment Board) के अंतर्गत आने वाला एक बेहद साफ-सुथरा और अनुशासित हिल स्टेशन है, जहां व्यावसायिक भीड़भाड़ बहुत कम है। दिल्ली से कोटद्वार तक ट्रेन से जाने के बाद वहां से शेयरिंग टैक्सी या बस के जरिए लैंसडाउन पहुंचा जा सकता है। यहां टिफिन टॉप, भुल्ला ताल झील, संतोषी माता मंदिर और पाइन के जंगलों के बीच सैर करना पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। लैंसडाउन में होटल और रिसॉर्ट भी मध्यम वर्ग के बजट के अनुकूल मिल जाते हैं। 5,000 से 6,000 रु

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:14 pm

Indore में बोलीं BJP MLA Usha Thakur, Garba पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर लगे रोक

मध्यप्रदेश के इंदौर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक उषा ठाकुर ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है कि पहले देश में हर साल नवरात्रि में हिंदुओं के गरबा समारोहों के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं जिससे जनसांख्यिकी बदल रही थी। उन्होंने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध के विचार की वकालत करते हुए यह बात कही। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल की विधायक के बयान को हिंदू महिलाओं की अस्मिता का अपमान करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। ठाकुर ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि पहले गरबा समारोहों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश देश के ‘जनसांख्यिकी परिवर्तन’ को प्रभावित कर रहा था क्योंकि हर वर्ष गरबे के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ भाग जाती थीं। अपने विवादित कथनों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाली ठाकुर, भाजपा की प्रदेश इकाई की प्रवक्ता भी हैं। उन्होंने किसी भी वैज्ञानिक या तार्किक आधार का हवाला दिए बगैर दावा किया,‘‘ये वयस्क लड़कियां अगले वर्ष एक-एक बच्चे को जन्म देती थीं और नौ लाख बच्चे प्रति वर्ष की दर से जनसांख्यिकी परिवर्तन पर असर पड़ रहा था।’’ ठाकुर ने कहा कि इस कथित स्थिति के मद्देनजर हिंदू समुदाय के संगठनों ने प्रण किया कि किसी भी गरबा पंडाल में उन लोगों का प्रवेश रोका जाएगा जो मूर्ति पूजा नहीं करते। इंदौर के महू क्षेत्र की विधायक ने कहा,‘‘ये लोग अपने कुत्सित षड्यंत्र के अंतर्गत कभी माथे पर तिलक लगाकर, तो कभी कलावा (हिंदुओं द्वारा कलाई पर बांधा जाने वाला पवित्र धार्मिक धागा जिसे रक्षा सूत्र भी कहा जाता है) बांधकर हमारे गरबों में शामिल होते हैं और लड़कियों को भ्रमित करके उनका जीवन नर्क बना देते हैं।’’ ठाकुर ने कहा कि इन कथित हथकंडों को कोई भी राष्ट्रभक्त नागरिक आगे नहीं बढ़ने दे सकता, इसलिए सभी गरबा पंडालों में विधर्मी लोग आजीवन प्रवेश नहीं कर पाएंगे। उन्होंने ‘गरबा समारोहों का व्यवसायीकरण’ रोकने के लिए हिंदू समुदाय के संगठनों के प्रयासों की तारीफ भी की। भाजपा विधायक ने कहा,‘‘मैं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के अपने उन सब भाइयों का धन्यवाद करती हूं क्योंकि गरबे का जो व्यावसायिक स्वरूप सामने आ रहा है, उसमें (देवी की) साधना लगभग समाप्त नजर आती है।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि गरबा, शक्ति की साधना का पर्व है। ठाकुर ने कहा, ....लेकिन व्यावसायिक गरबा समारोहों ने इसे बेहद विद्रूप कर दिया है जिससे अब यह त्योहार कपड़ों, गहनों और टैटू (गोदना) के प्रदर्शन का माध्यम बन गया है, जबकि हिंदुओं के आध्यात्मिक रीति-रिवाज इसकी अनुमति नहीं देते। कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नीलाभ शुक्ला ने भाजपा विधायक के बयान की आलोचना करते हुए कहा,‘‘ठाकुर हिंदू महिलाओं की अस्मिता का अपमान कर रही हैं और उनके चरित्र पर बिना किसी प्रमाण के सवाल उठा रही हैं। उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’’ इससे पहले, राज्य में भाजपा के एक अन्य विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर टिप्पणी करके विवाद खड़ा कर दिया था। भोपाल की हुजूर सीट से विधायक शर्मा ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आना चाहते हैं और उन्हें अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाना चाहिए। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शर्मा की इस टिप्पणी की आलोचना की है।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 2:14 pm

देवी-देवताओं पर टिप्पणी विवाद में FIR की मांग, कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

दिल्ली कोर्ट ने भाजपा से जुड़ी अधिवक्ता अमिता सचदेवा की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. याचिका में एक छात्र-कार्यकर्ता और उनके पिता के खिलाफ एफआईआर की मांग की गई है. आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट डाली थी.

आज तक 23 Sep 2026 2:13 pm

ऑनलाइन ऑर्डर कैंसिल हो गया? कब-कब कंपनी पर लगता है जुर्माना

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और आपको भी रिटर्न, एक्सचेंज, ऑर्डर कैंसिल जैसी दिक्कत आती है तो आप कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत कर सकते हैं.

आज तक 23 Sep 2026 2:13 pm

रईस लाइफस्टाइल और महंगे शौक पूरे करने के लिए बीटेक के छात्र-छात्रा बने क्राइम पार्टनर

देशभर के बड़े शहरों से आए दिन अपराध की ऐसी कई हैरान करने वाली और अजीबोगरीब दास्तां सामने आती हैं, जिन पर एक बार तो यकीन करना बेहद मुश्किल हो जाता है। आधुनिक चकाचौंध, महंगी जीवनशैली, सोशल मीडिया पर खुद को रईस दिखाने का चस्का और शॉर्टकट तरीके से पैसे कमाने की लालसा आज की युवा पीढ़ी को किस हद तक अंधे कुएं में धकेल रही है, इसका एक ताजा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीटेक (B.Tech) जैसी तकनीकी और प्रतिष्ठित डिग्री हासिल कर रहे एक छात्र और छात्रा ने अपनी ऐशो-आराम की जिंदगी और महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया। दोनों शातिर अपराधी बनकर स्कूटी पर सवार होकर शहर की सूनसान सड़कों और गलियों में घूमते थे तथा अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर उनके गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो जाते थे। जब पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तकनीकी सर्विलांस के आधार पर इस हाई-प्रोफाइल चेन स्नेचिंग गैंग का पर्दाफाश करते हुए दोनों बीटेक स्टूडेंट्स को गिरफ्तार किया, तो उनके काले कारनामों के बारे में जानकर पुलिस के भी होश उड़ गए। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि इन दोनों ने कैसे अपराध की दुनिया में कदम रखा और कैसे पुलिस के हत्थे चढ़े।बीटेक के छात्र-छात्रा कैसे बने क्राइम पार्टनर? लग्जरी शौक ने बदली जिंदगीआज के दौर में जहां युवा अपनी तकनीकी शिक्षा पूरी करके देश के विकास में योगदान देने और बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में ऊंचे पदों पर नौकरी पाने का सपना देखते हैं, वहीं इसके उलट कुछ युवा ऐसे भी हैं जो बिना मेहनत किए रातों-रात अमीर बनने और अपनी सोशल मीडिया रील्स पर लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाने के शॉर्टकट तलाशते हैं। पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार किए गए बीटेक छात्र और छात्रा एक ही कॉलेज में पढ़ाई करते थे और दोनों के शौक काफी महंगे थे। महंगे ब्रांडेड कपड़े पहनना, पब और पार्टियों में जाना, दोस्तों के बीच अपनी झूठी रईसी झाड़ना और अय्याशी भरे जीवन जीने के लिए उन्हें लगातार पैसों की जरूरत रहती थी। जब पॉकेट मनी और परिवार से मिलने वाले पैसों से उनके ये शौक पूरे नहीं हुए, तो दोनों ने मिलकर अपराध की दुनिया में उतरने का खतरनाक फैसला किया और अपने ही कॉलेज के दिनों में क्राइम पार्टनर बन बैठे।स्कूटी से घूम-घूमकर देते थे वारदातों को अंजाम, पुलिस को ऐसे दिया चकमाइन दोनों शातिरों ने चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया हुआ था। वे किसी भी संदिग्ध या पुरानी बाइक के बजाय एक फैंसी स्कूटी का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को उन पर शक न हो सके। शहर के अलग-अलग पॉश इलाकों, पार्कों के आसपास और सुबह-शाम टहलने वाली महिलाओं को ये अपना मुख्य निशाना बनाते थे। छात्रा स्कूटी चलाती थी और पीछे बैठा बीटेक छात्र पलक झपकते ही महिलाओं के गले से सोने की चेन झपट लेता था। वारदात को अंजाम देने के बाद वे इतनी तेजी से गलियों में गायब हो जाते थे कि स्थानीय पुलिस और पीड़ित समझ ही नहीं पाते थे कि चोर कौन था। शहर में लगातार बढ़ रही चेन स्नेचिंग की इन घटनाओं से पुलिस प्रशासन की नींद उड़ी हुई थी, और पुलिस ने इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली।सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस ने खोला राज, पुलिस की गिरफ्त में आए हाई-प्रोफाइल चोरलगातार हो रही वारदातों के बाद पुलिस ने जब शहर के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध वाहनों की आवाजाही की ट्रैकिंग की, तो एक ही स्कूटी बार-बार हर घटना स्थल के आसपास नजर आई। पुलिस ने जब उस स्कूटी नंबर और उसके मालिकों का सुराग लगाया, तो उनके सामने जो सच आया उस पर यकीन करना आसान नहीं था। पुलिस ने जब जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धर दबोचा और उनके पास से लूटी गई सोने की चेन तथा घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की, तो पता चला कि ये दोनों कोई पेशेवर खूंखार अपराधी नहीं बल्कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे बीटेक के छात्र और छात्रा हैं। थाने में जब इनका पर्दाफाश हुआ, तो वहां मौजूद हर शख्स यह देखकर हैरान था कि आखिर कैसे अच्छी परवरिश और उच्च शिक्षा पाने वाले युवा महज़ शौक और दिखावे के चक्कर में अपना पूरा भविष्य बर्बाद करने पर तुले हुए थे।समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी, संस्कारों पर उठ रहे सवालइस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से शिक्षा जगत, अभिभावकों और समाज के तमाम वर्गों में एक बहुत ही गंभीर बहस छिड़ गई है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर आज की युवा पीढ़ी में नैतिक मूल्यों का इतना पतन क्यों होता जा रहा है? माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा लगाकर बच्चों को बड़े-बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा दिलाने भेजते हैं, लेकिन कई बार वे यह नहीं जान पाते कि उनके बच्चे कॉलेज के नाम पर क्या कर रहे हैं। दिखावे की संस्कृति और सोशल मीडिया के छलावों में फंसकर युवा किस तरह आपराधिक कृत्यों में लिप्त हो रहे हैं, यह घटना उसका सबसे बड़ा और जीता-जागता उदाहरण है। पुलिस अब इन दोनों आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि उन्होंने अब तक कुल कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और वे लूटे हुए सोने को किसे बेचते थे। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराध की राह चाहे जितनी भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:12 pm

'विचारों का मतभेद सामान्य बात', आरोपों पर आया EC का बयान

SIR और चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेद को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ECI ने कहा कि अलग-अलग राय और टिप्पणियां अंतिम फैसले से पहले होने वाली सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं. आयोग ने अपने सभी फैसलों को कानून और तय प्रक्रिया के मुताबिक बताया है.

आज तक 23 Sep 2026 2:11 pm

रायपुर बवाल : आक्रोशित वेंडरों ने नगर निगम कर्मियों और पुलिस बल पर बोला हमला

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त एक बहुत बड़ी, सनसनीखेज और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है, जिसने प्रशासनिक महकमे और पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। रायपुर के व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले भाठागांव (Bhatagaon, Raipur) इलाके में अवैध सब्जी बाजार को हटाने और अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम की टीम और स्थानीय पुलिस बल पर अचानक गुस्साए वेंडरों और दुकानदारों ने हिंसक हमला बोल दिया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि देखते ही देखते सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई, जहां दोनों तरफ से पथराव और झड़प शुरू हो गई। इस भीषण संघर्ष के दौरान कई निगम कर्मी, पुलिस के जवान और स्थानीय वेंडर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि रायपुर के भाठागांव में यह खूनी संघर्ष कैसे भड़का और इसके पीछे की पूरी प्रशासनिक व जमीनी सच्चाई क्या है।भाठागांव में अतिक्रमण हटाने गई निगम टीम और वेंडरों के बीच कैसे भड़का विवाद?राजधानी रायपुर के भाठागांव क्षेत्र में पिछले काफी समय से सड़क किनारे और अनाधिकृत जमीनों पर अवैध रूप से सब्जी बाजार लगाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस अवैध कब्जे के कारण आए दिन मुख्य मार्गों पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न होती थी और राहगीरों तथा स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जनता और यातायात विभाग की लगातार शिकायतों के बाद रायपुर नगर निगम (Raipur Municipal Corporation) और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक अभियान चलाने का फैसला किया। तय योजना के तहत निगम का अमला भारी पुलिस बल के साथ भाठागांव पहुंचा और सड़क किनारे व सार्वजनिक भूमि पर लगी अवैध दुकानों व ठेलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन का कहना था कि वेंडरों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी और उन्हें वेंडिंग जोन में शिफ्ट होने के लिए कहा गया था, लेकिन जब वेंडरों ने सामान हटाने से इनकार कर दिया, तो विवाद और अधिक गहरा गया।अचानक हिंसक हुई झड़प: पथराव और लाठीचार्ज से रणक्षेत्र बना भाठागांव का इलाकाअतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जब निगम कर्मियों ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से अस्थाई दुकानों को हटाना शुरू किया, तो वहां मौजूद सब्जी विक्रेता और वेंडर आक्रोशित हो गए। शुरुआती तीखी नोकझोंक और बहस के बाद मामला इतनी तेजी से बिगड़ा कि भीड़ में से कुछ लोगों ने पुलिस और निगम की टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरातफरी मच गई। निगम कर्मियों और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करने का प्रयास किया, जिससे माहौल और अधिक उग्र हो गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मियों के सिर और हाथों में चोटें आई हैं, जबकि कुछ निगम कर्मचारी और स्थानीय वेंडर भी घायल हुए हैं। खून से लथपथ घायल कर्मियों को तुरंत मौके से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।पुलिस का सख्त एक्शन, आरोपियों की पहचान और इलाके में भारी पुलिस बल की तैनातीघटना की सूचना मिलते ही रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), कलेक्टर और अन्य अलौकिक प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए। स्थिति की नजाकत को भांपते हुए पूरे भाठागांव चौक और आसपास के इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान करने के लिए मौके पर मौजूद वीडियोग्राफी और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने यह कड़ा संदेश दिया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, कानून हाथ में लेने और पुलिस बल पर हमला करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस मामले में कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है और उनके खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।शहरी नियोजन, वेंडिंग जोन नीति और प्रशासन के सामने खड़े हुए बड़े सवालभाठागांव की इस दर्दनाक और हिंसक घटना ने एक बार फिर से इस पुरानी और गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है कि शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने और गरीबों की आजीविका (Livelihood Issues) के बीच तालमेल कैसे बैठाया जाए। एक तरफ जहां शहर को सुंदर, व्यवस्थित और ट्रैफिक मुक्त बनाने के लिए नगर निगम को अवैध कब्जे हटाने जरूरी लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ हजारों छोटे दुकानदार और सब्जी विक्रेता अपनी रोजी-रोटी छिन जाने के डर से आक्रामक हो जाते हैं। जानकारों का यह मानना है कि प्रशासन को किसी भी कड़ी कार्रवाई से पहले वेंडरों के लिए वैकल्पिक और स्थायी वेंडिंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि इस तरह के खूनी संघर्षों से बचा जा सके। बहरहाल, रायपुर के भाठागांव में हुई इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है और हर तरफ इसी बात की चर्चा हो रही है कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान क्या है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:11 pm

जमुई कांड पर प्रशांत किशोर का बिहार सरकार पर तीखा हमला

बिहार की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर और तीखे हमलों का दौर इस कदर परवान चढ़ चुका है कि हर एक सनसनीखेज घटना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूबे के जमुई जिले में घटी हालिया घटना को लेकर अब राजनीतिक गलियारों से एक बहुत ही बड़ा और कड़ा बयान सामने आया है। जन सुराज के सूत्रधार और रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने जमुई कांड (Jamui Incident) को लेकर बिहार सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर बेहद तीखा हमला बोला है। प्रशांत किशोर ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक बहुत ही चुभने वाला सवाल पूछा है कि अगर आज के दौर में सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल नहीं होता, तो आखिर इस जुल्म और सच्चाई के बारे में किसे पता चलता? उनके इस बयान के सामने आने के बाद से बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी खेमे के साथ-साथ आम जनता के बीच भी सुशासन के दावों की पोल खुलने पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस लेख के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि प्रशांत किशोर ने इस जमुई प्रकरण पर सरकार को किस प्रकार घेरा है और इसके राजनीतिक निहितार्थ क्या हैं।जमुई की वह सनसनीखेज घटना और सोशल मीडिया की ताकत का सचबिहार के जमुई जिले से हाल ही में एक ऐसी दर्दनाक घटना प्रकाश में आई थी, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया था। आमतौर पर कई बार स्थानीय स्तर पर होने वाले अपराध और दबंगों द्वारा किए जाने वाले अत्याचार पुलिस के फाइलों या थानों की चारदीवारी के भीतर ही दबकर रह जाते हैं, क्योंकि पीड़ितों की आवाज को दबाने का पूरा प्रयास किया जाता है। लेकिन आधुनिक डिजिटल युग और स्मार्टफोन के इस दौर में जब वैसी किसी वीभत्स घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है, तो प्रशासन और सरकार पर कार्रवाई करने का भारी दबाव बन जाता है। जमुई के इस मामले में भी जब वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैलने लगा, तब जाकर जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों की नींद खुली और उन्होंने हरकत में आते हुए आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू किया। इसी पहलू पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने राज्य की कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।प्रशांत किशोर का सरकार से सीधा सवाल: क्या पुलिस व्यवस्था सिर्फ वीडियो वायरल होने पर जागेगी?अपनी जन सुराज पदयात्रा और नुक्कड़ सभाओं के दौरान बिहार के कोने-कोने की यात्रा कर रहे प्रशांत किशोर ने सरकार की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज बिहार में हालात ऐसे हो चुके हैं कि आम आदमी की फरियाद थाने में तब तक नहीं सुनी जाती, जब तक कि मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड न कर जाए या कोई वीडियो वायरल न हो जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि जमुई की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल नहीं हुआ होता, तो शायद यह मामला भी फाइलों के नीचे दफन हो जाता और पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटकता रहता। प्रशांत किशोर ने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद शर्मनाक है, जहां पुलिस और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी वायरल वीडियो का इंतजार करना पड़ता है। सरकार के सुशासन के दावों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कागजों और विज्ञापनों में चल रही कानून-व्यवस्था और जमीन पर दिख रही हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क आ चुका है।सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया और विपक्ष द्वारा भुनाए जा रहे राजनीतिक मुद्देप्रशांत किशोर के इस आक्रामक और करारे हमले के बाद सत्ताधारी दलों और प्रशासन की तरफ से भी अपनी सफाई पेश की जानी शुरू हो गई है। सरकार के प्रवक्ताओं का यह तर्क है कि जैसे ही पुलिस के संज्ञान में यह मामला आया, त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को दबोच लिया गया और कानून अपना काम पूरी सख्ती से कर रहा है। हालांकि, विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों को इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का एक और बड़ा हथियार मिल गया है। जमुई कांड और उसके बाद सामने आए वीडियो ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों में आम नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित न्याय को लेकर अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के मुद्दे आगामी चुनावों में एक बड़ा नैरेटिव सेट करने का काम करेंगे, जहां शासन की विफलता और कानून-व्यवस्था की स्थिति सबसे अहम बहस का केंद्र बनेगी।जनता की बढ़ती जागरूकता और बदलाव की बयारबिहार की जागरूक हो रही जनता अब सब कुछ बहुत बारीकी से देख और समझ रही है। चाहे वह रोजगार का मुद्दा हो, पलायन का संकट हो या फिर महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा का सवाल हो, जनता अब सिर्फ पारंपरिक वादों पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। प्रशांत किशोर लगातार अपनी सभाओं में यह कह रहे हैं कि जब तक बिहार के लोग अपनी जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपने बच्चों के भविष्य, अच्छी शिक्षा और बेहतर कानून-व्यवस्था के नाम पर वोट नहीं करेंगे, तब तक व्यवस्था में कोई बुनियादी सुधार नहीं आ सकता। जमुई कांड के बहाने उठाया गया यह मुद्दा इस बात का प्रतीक है कि राज्य की राजनीति में अब हर छोटी-बड़ी घटना पर पैनी नजर रखी जा रही है, और आने वाले समय में जनता इन तमाम मामलों का हिसाब चुनाव के मैदान में जरूर लेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:10 pm

मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में जीता ऐतहासिक रजत पदक

आइची-नागोया। भारत की स्टार एथलीट मीराबाई चानू ने बुधवार को एशियाई खेलों में महिलाओं की 49 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीत लिया है। इसी के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में पदक जीतने के 28 साल के सूखे को समाप्त कर दिया। इससे पहले 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने […] The post मीराबाई चानू ने एशियाई खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में जीता ऐतहासिक रजत पदक appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Sep 2026 2:10 pm

बिहार एमएलसी चुनाव से पहले एनडीए में अनंत सिंह-नीरज प्रकरण और महागठबंधन से मची खलबली

बिहार के राजनीतिक गलियारों में विधान परिषद (MLC Election) यानी एमएलसी चुनावों की आहट के साथ ही सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आगामी चुनावों को लेकर सत्ताधारी एनडीए (NDA) और मुख्य विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) दोनों ही खेमों में हलचल तेज हो गई है, लेकिन इन सबके बीच दोनों ही गठबंधनों के भीतर जिस प्रकार की आंतरिक कलह, अंतर्कलह और विवाद सामने आ रहे हैं, उसने राजनीतिक पंडितों को भी हैरान कर दिया है। एक तरफ एनडीए खेमे में अनंत सिंह और नीरज कुमार से जुड़े हालिया राजनीतिक प्रकरणों और बयानों ने शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, तो दूसरी तरफ महागठबंधन के भीतर भी सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर जबर्दस्त किचकिच और खींचतान मची हुई है। इन दोनों पारंपरिक गठबंधनों के आपसी घमासान और उठापटक के बीच अब सियासी बाजार में यह चर्चा सबसे गर्म हो गई है कि क्या इस राजनीतिक शून्यता और आपसी कलह का सबसे बड़ा फायदा रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor - PK) की पार्टी 'जन सुराज' (Jan Suraaj) उठा ले जाएगी? इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि बिहार के इस हाई-प्रोफाइल एमएलसी चुनाव में किस तरह के समीकरण बन रहे हैं और कौन किस पर भारी पड़ रहा है।एनडीए खेमे में अनंत सिंह और नीरज प्रकरण से क्यों बढ़ी है बेचैनी?बिहार की राजनीति में बाहुबलियों और रसूखदार नेताओं का दखल हमेशा से चर्चा का विषय रहा है, और जब बात मोकामा या आसपास के क्षेत्रों की हो तो अनंत सिंह (Anant Singh) का नाम सबसे ऊपर आता है। हाल ही में जेल से बाहर आने और राजनीतिक गतिविधियों में उनकी सक्रियता को लेकर सत्ताधारी दल के भीतर और बाहर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और विधान पार्षद नीरज कुमार (Neeraj Kumar) के तीखे बयानों और राजनीतिक पैतरों ने एनडीए के भीतर समीकरणों को और अधिक उलझा दिया है। इन दोनों नेताओं के बयानों और उनके इर्द-गिर्द घूमती राजनीति के कारण एनडीए के भीतर आंतरिक असहजता साफ तौर पर महसूस की जा रही है। गठबंधन के घटक दल यह आंकलन करने में जुटे हैं कि इस तरह के विवादास्पद प्रकरणों का आगामी एमएलसी चुनावों में उनके वोट बैंक पर कितना नकारात्मक असर पड़ सकता है, क्योंकि विधान परिषद जैसे प्रतिष्ठित सदन में साफ-सुथरी छवि और बौद्धिक वर्ग के वोट बहुत मायने रखते हैं।महागठबंधन में टिकट और वर्चस्व की जंग: अंदरखाने मची है भारी किचकिचसिर्फ एनडीए का हाल बेहाल नहीं है, बल्कि विपक्षी महागठबंधन यानी राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस और वामदलों के खेमे में भी टिकट बंटवारे और आपसी वर्चस्व को लेकर भयंकर घमासान मचा हुआ है। एमएलसी चुनाव के लिए जब उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू हुआ, तो हर पार्टी का एक ही स्थानीय क्षत्रप अपने करीबी या परिवार के सदस्य को टिकट दिलाने के लिए अड़ गया। महागठबंधन के भीतर इस बात को लेकर भी खींचतान चल रही है कि किस दल का पारंपरिक वोट बैंक किस वार्ड या क्षेत्र में ज्यादा मजबूत है। जब तक विपक्षी गठबंधन आपसी फूट और अंतर्कलह को सुलझाने में व्यस्त रहेगा, तब तक वे सत्ताधारी दल के खिलाफ एक प्रभावी और संयुक्त रणनीति जमीन पर उतारने में नाकाम साबित होंगे। यही वजह है कि राजनीतिक विश्लेषक यह मान रहे हैं कि विपक्षी खेमे की यह कमजोरी चुनाव के वक्त उनके लिए बहुत भारी पड़ सकती है।क्या प्रशांत किशोर की 'जन सुराज' इस सियासी घमासान का पूरा फायदा उठा ले जाएगी?जब दो दिग्गज और पारंपरिक राजनीतिक गठबंधन आपस में उलझे होते हैं, तो हमेशा से यह इतिहास रहा है कि तीसरे विकल्प या नए राजनीतिक मोर्चे के लिए अपनी जमीन मजबूत करने का सबसे सुनहरा मौका मिल जाता है। प्रशांत किशोर इन दिनों अपनी 'जन सुराज' पदयात्रा और अभियान के जरिए बिहार के कोने-कोने में जन-समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। वे लगातार पारंपरिक राजनीति, जातिगत समीकरणों और बाहुबल की संस्कृति पर तीखा प्रहार कर रहे हैं। बिहार की जनता, खासकर युवा और प्रबुद्ध वर्ग, अब जाति और बाहुबल के नाम पर वोट देने से ऊब चुका है। ऐसे में यदि एनडीए और महागठबंधन अपने आंतरिक विवादों और अनंत सिंह-नीरज जैसे प्रकरणों से ही नहीं उबर पाएंगे, तो प्रशांत किशोर की पार्टी इस वैचारिक और राजनीतिक शून्यता का पूरा फायदा उठाकर विधान परिषद के मंच तक अपनी धमक दर्ज कराने में सफल हो सकती है।आगामी चुनावों का ऊँट किस करवट बैठेगा? बिहार की जनता की टकटकीबिहार विधान परिषद के ये आगामी चुनाव केवल कुछ सीटों या सदस्यों के चयन भर का मामला नहीं हैं, बल्कि यह आने वाले विधानसभा चुनावों का एक प्रकार से सेमीफ़ाइनल साबित होने वाले हैं। सूबे की जनता बहुत गौर से यह देख रही है कि कौन सा दल या गठबंधन सचमुच जनता के विकास, शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी शासन की बात कर रहा है और कौन सिर्फ अपने पुराने जातिगत और बाहुबल के समीकरणों को साधने में लगा हुआ है। आने वाले कुछ हफ्तों में जब नामांकन और प्रचार का दौर परवान चढ़ेगा, तब यह साफ हो जाएगा कि क्या पारंपरिक दल अपनी गलतियों से सीखते हैं या फिर कोई नया राजनीतिक उलटफेर बिहार के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिख देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:09 pm

कांग्रेस और बीजेपी को पटखनी देकर उपसभापति की कुर्सी पर भी आप ने जमाई मजबूत धाक

राजस्थान के हाड़ौती अंचल के राजनीतिक पटल पर इन दिनों कुछ ऐसा घटित हो रहा है जिसकी उम्मीद शायद ही किसी बड़े राजनीतिक विश्लेषक ने की होगी। पारंपरिक रूप से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो-दलीय वर्चस्व वाले राज्य राजस्थान में अब आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी जमीन इतनी मजबूत कर ली है कि बड़े-बड़े धुरंधरों के होश उड़ गए हैं। ताजा मामला राजस्थान के बारां (Baran) जिले से सामने आया है, जहां स्थानीय निकाय चुनावों और उपसभापति के बेहद रोमांचक व कड़े मुकाबले में अरविंद केजरीवाल की पार्टी यानी 'आप' ने शानदार विजयश्री हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। कांग्रेस और बीजेपी जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के तमाम दिग्गजों को धूल चटाते हुए आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने उपसभापति के पद पर कब्जा जमा लिया है और नगरपालिका या स्थानीय निकाय के समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। इस बड़ी राजनीतिक उलटफेर के बाद से जहां एक तरफ 'आप' कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, वहीं कांग्रेस और बीजेपी के खेमों में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। इस विशेष रिपोर्ट के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि बारां की इस राजनीतिक पिच पर 'आप' ने यह करिश्मा कैसे कर दिखाया और इसके दूरगामी राजनीतिक मायने क्या हैं।बारां के इस निकाय चुनाव में कैसे बदला राजनीतिक समीकरण और कैसे चमकी 'आप'?राजस्थान के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में हमेशा से यह माना जाता रहा है कि बिना किसी बड़े राजनीतिक घराने या पारंपरिक दल के समर्थन के चुनाव जीतना लगभग नामुमकिन सा होता है। लेकिन बारां जिले में हुए इन हालिया चुनावों ने इस पुरानी धारणा को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। चुनाव प्रचार की शुरुआत से ही आम आदमी पार्टी ने स्थानीय मुद्दों, जनता की बुनियादी समस्याओं, बिजली, पानी, सड़क और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के एजेंडे को लेकर घर-घर संपर्क अभियान चलाया था। जब मतदान के बाद परिणाम सामने आए, तो कई वार्डों में 'आप' के पार्षदों ने अप्रत्याशित जीत दर्ज की। इसके बाद जब उपसभापति पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई, तो जोड़-तोड़ और रणनीतिक समीकरणों के इस खेल में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व ने अपने सियासी कौशल का परिचय देते हुए बाजी अपने नाम कर ली।कांग्रेस और बीजेपी के लिए बड़ा झटका: दिग्गजों की रणनीति हुई फेलदेश की दो सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियां—भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस—जो खुद को राज्य का सबसे मजबूत राजनीतिक दल मानती हैं, उनके लिए बारां का यह परिणाम किसी बड़े झटके से कम नहीं है। चुनाव से पहले दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पूरी ताकत इस सीट को जीतने के लिए झोंक दी थी और अंदरखाने कई तरह के सियासी समझौते भी किए जा रहे थे। इसके बावजूद, स्थानीय पार्षदों और जनता के बीच बढ़ती 'आप' की स्वीकार्यता के आगे दोनों ही दल बेबस नजर आए। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पारंपरिक दलों से जनता का मोहभंग होना और एक नए तथा विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी की ओर झुकाव होना इस जीत का सबसे बड़ा कारण है। कांग्रेस और बीजेपी के रणनीतिकार अब यह सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर उनके जमीनी संगठन में कहां चूक रह गई कि वे एक क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर उभर रही नई ताकत को रोकने में असफल साबित हुए।हाड़ौती अंचल में आम आदमी पार्टी के विस्तार की नई इबारतराजस्थान का हाड़ौती क्षेत्र (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़) पारंपरिक रूप से बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है, और कुछेक सीटों पर कांग्रेस की भी अच्छी पकड़ रही है। ऐसे में बारां जिले के भीतर आम आदमी पार्टी का इस प्रकार उपसभापति की कुर्सी पर कब्जा जमाना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी अब पंजाब और दिल्ली के बाद राजस्थान की धरती पर भी अपने पाँव मजबूती से जमाने लगी है। स्थानीय निकाय चुनावों में मिली इस सफलता से पार्टी का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पार्टी के प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह जीत इस बात का प्रमाण है कि जनता अब पारदर्शी और काम की राजनीति चाहती है, और आने वाले समय में वे राज्य के अन्य जिलों में भी इसी मॉडल के साथ अपनी चुनावी जमीन को और अधिक व्यापक बनाएंगे।आगामी विधानसभा और पंचायती राज चुनावों पर पड़ने वाला इसका असरकिसी भी राज्य में स्थानीय निकाय या उपसभापति के चुनाव भले ही छोटे स्तर के लगते हों, लेकिन वे आने वाले बड़े चुनावों यानी विधानसभा और पंचायती राज चुनावों की दिशा तय करने में बैरोमीटर का काम करते हैं। बारां में 'आप' की इस धमाकेदार जीत ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में यह संदेश दे दिया है कि अब राजस्थान की सियासत केवल दो दलों तक सीमित नहीं रहने वाली है, बल्कि तीसरा विकल्प भी उतनी ही मजबूती से मैदान में डटा हुआ है। जैसे-जैसे अन्य जिलों में चुनावों की सुगबुगाहट तेज होगी, वैसे-वैसे सभी दल अपनी रणनीतियों में बदलाव करने को विवश होंगे। बारां की इस राजनीतिक पटकथा ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति में मेहनत, सही रणनीति और जनता से जुड़ाव हो तो कोई भी पुराना किला ढाया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 2:07 pm

सरकार का आदेश- इस रविवार देशभर में खुलेंगे बैंक, फिर 3 दिन हड़ताल

Bank Remain Open On Sunday: बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल के बीच रिजर्व बैंक ने एक बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत ग्राहकों को राहत देते हुए 27 सितंबर को रविवार के दिन बैंक खुले रखने को मंजूरी दी गई है.

आज तक 23 Sep 2026 2:05 pm

'Gyanesh Kumar

SIR Row:

वन इंडिया 23 Sep 2026 2:04 pm

अब BIT मेसरा के हॉस्टल के कमरों में लगेंगे 'एंटी-सुसाइड' पंखे

पढ़ाई का बोझ, करियर की होड़ और तिनके सा टूटता हौसला... देश के बड़े शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक तनाव को देखते हुए BIT मेसरा (रांची) ने एक बेहद संवेदनशील कदम उठाया है. हॉस्टलों में अब पारंपरिक पंखों को हटाकर विशेष 'एंटी-अप्रिय रॉड' वाले पंखे लगाए जा रहे हैं. आखिर क्यों पड़ी संस्थान को इस अनूठी पहल की जरूरत?

आज तक 23 Sep 2026 2:04 pm

‘हम उन्हें अलग नहीं कर सकते…’, नोएडा DM मेधा रूपम केस में बोला सुप्रीम कोर्ट; सुनाएगा फैसला

अकृति चौधरी की NSA हिरासत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने DM मेधा रूपम की भूमिका पर अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसला कई अधिकारियों की प्रक्रिया से होकर आया था तो DM को इससे अलग नहीं रखा सकता।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Sep 2026 2:03 pm

सरसों का तेल नकली तो नहीं? बिना मशीन 5 तरीकों से पकड़ें मिलावट

How To Check Mustard Oil Purity: रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों का तेल कहीं मिलावटी तो नहीं? अगर आप भी सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं, तो परेशान ना हों. आज हम आपको बिना किसी मशीन उसकी शुद्धता जांचने के आसान तरीके बताने वाले हैं. घर में उसकी शुद्धता जांचने के लिए आपको कुछ आसान टेस्ट करने होंगे.

आज तक 23 Sep 2026 2:03 pm

Ayushman Bharat के 8 साल: 60 करोड़ लोगों को मिला 5 लाख तक मुफ्त इलाज का भरोसा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आयुष्मान भारत के तहत अब 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये की उपचार सुविधा मिल रही है। इस प्रमुख स्वास्थ्य योजना के आठ साल पूरे हो चुके हैं। मोदी ने इस अवसर पर ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आयुष्मान भारत आठ साल पहले इस सोच के साथ शुरू की गई थी कि प्रत्येक भारतीय को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने लिखा, ‘‘आज 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये की उपचार सुविधा मिल रही है, जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना बन गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे चिकित्सा खर्च में रिकॉर्ड बचत हुई है, फलस्वरूप गरीब तथा मध्यम वर्ग को लाभ मिला है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक लोगों की पहुंच दर्ज की गई है, जिससे जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मजबूत हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने ‘एक्स’ पर अलग से एक पोस्ट में कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 60 करोड़ से अधिक लोग हैं और अब तक 48.54 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। नड्डा ने कहा कि योजना के तहत 13 करोड़ से अधिक लोगों ने इलाज का लाभ उठाया है तथा देशभर में 39,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के माध्यम से लोगों को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के उपचार का लाभ मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 21 सितंबर तक 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं जबकि 31 अगस्त तक एबी-पीएमजेएवाई के तहत 38,000 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों के माध्यम से 13.25 करोड़ लोगों के उपचार के लिये 2.03 लाख करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। नड्डा ने कहा कि इन आंकड़ों का महत्व केवल संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि ये उन परिवारों को दर्शाते हैं जिन्हें चिकित्सा खर्च के बोझ से बचाया गया और उन मरीजों को दिखाते हैं जिन्हें आर्थिक कठिनाई के डर के बिना समय पर उपचार मिला। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, ‘‘हर संख्या के पीछे एक कहानी है—एक ऐसा परिवार जिसे चिकित्सा कर्ज के बोझ से सुरक्षा मिली, एक मरीज जिसे समय पर इलाज मिला, एक प्रियजन को दर्द से राहत मिली और ऐसा परिवार जो आर्थिक कठिनाई के डर के बिना बीमारी का सामना कर सका।’’ नड्डा ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की दृष्टि से प्रेरित होकर हम एक सुलभ, किफायती और समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि प्रत्येक नागरिक सम्मान के साथ और आर्थिक कठिनाई के बिना गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सके।’’ एबी-पीएमजेएवाई को 23 सितंबर, 2018 को शुरू किया गया था, ताकि माध्यमिक और तृतीयक देखभाल के लिए प्रत्येक परिवार को सालाना पांच लाख रुपये तक का कैशलेस अस्पताल में भर्ती उपचार सुविधा उपलब्ध कराया जा सके। यह व्यापक आयुष्मान भारत कार्यक्रम का वित्तीय सुरक्षा वाला हिस्सा है। इस कार्यक्रम में आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी शामिल हैं, जिनका उद्देश्य व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। इसके अलावा इसमें आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन भी शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 2:03 pm

Jaguar, Audi और 500 ग्राम गोल्ड... तेलंगाना के सरकारी डॉक्टर के ठिकानों पर रेड, ₹100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

हैदराबाद में एक डॉक्टर के 8 ठिकानों पर ACB ने छापा मारा. इस दौरान कागजों में 6.13 करोड़ की संपत्ति की मार्केट वैल्यू 100 करोड़ से ज्यादा आंकी गई.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 2:01 pm

मेघालय में यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में शामिल

शिलांग/नई दिल्ली। पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के आठ विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा और मेघालय भाजपा अध्यक्ष रिकमैन मोमिन की मौजूदगी […] The post मेघालय में यूडीपी के आठ विधायक भाजपा में शामिल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 23 Sep 2026 2:00 pm

हमीरपुर में खजाने की खोज में घर बना खुदाई स्थल

हमीरपुर में कथित खजाने की तलाश में एक घर के अंदर करीब पांच फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया। मेटल डिटेक्टर से जमीन की जांच के बाद खुदाई शुरू की गई थी।

आज तक 23 Sep 2026 2:00 pm

फातिमा सना शेख ने फेमिनिज़्म, प्रियंका चोपड़ा जोनस और ‘हुंकार: द रोअर’ में पुलिसवाले का किरदार निभाने पर की बात

फातिमा सना शेख ने हमेशा खुद को फेमिनिस्ट कहने से परहेज़ नहीं किया है। ‘हुंकार: द रोअर’ में एक जांबाज़ पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाने वाली फातिमा ने उस शब्द को लेकर खुलकर बात की, जिसे इंडस्ट्री में आज भी कई लोग कहने से बचते हैं। इस दौरान उन्होंने प्रियंका चोपड़ा जोनस का भी ज़िक्र किया, जिन्होंने हमेशा इस शब्द को खुलकर अपनाया है।

खास खबर 23 Sep 2026 1:59 pm

मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को बनाया BSP का राष्ट्रीय संयोजक

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है. उन्होंने इसकी घोषणा बुधवार को लखनऊ में हुई पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में की.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:58 pm

5 म‍िनट में पीतल की मूर्ति और बर्तन हो जाएंगे नए जैसे, घर पर तैयार कर लें बर्तन साफ करने वाला यह घोल

पीतल के बर्तन को चमकाने के लिए कौन सा केमिकल अच्छा है? अगर आप पीतल की मूर्ति या बर्तन साफ करने के ल‍िए ढूंढ रहे हैं, तो आप घर पर यह ल‍िक्‍व‍िड तैयार कर लें. 5 म‍िनट में साफ हो जाएंगे बर्तन और भगवान की मूर्ति.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:58 pm

अक्टूबर में ग्रहों की मचेगी उथल-पुथल! 4 राशियां बनेंगी मालामाल

October Grah Gochar 2026: ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से अक्टूबर 2026 का महीना बेहद हलचल भरा रहेगा. सूर्य, बुध और शुक्र के गोचर के साथ 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति अपनी चाल बदलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इस दुर्लभ संयोग से 4 राशियों को करियर और धन के मामले में बड़ी सफलता मिलने वाली है.

आज तक 23 Sep 2026 1:56 pm

SC में नोएडा डीएम मेधा रूपम की याचिका पर सुनवाई, फैसला सुरक्षित

नोएडा डीएम मेधा रूपम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनकी सैलरी से 5 लाख रुपये वसूलने को कहा गया था. यह आदेश डीयू के एक छात्र की एनएसए के तहत हुई गिरफ्तारी से जुड़ा है, जो नोएडा मजदूर प्रदर्शन के दौरान हुई थी.

आज तक 23 Sep 2026 1:56 pm

रोटी बेलने का तरीका? इस ट्रिक से बनेगी एकदम गोल रोटी

रोटी नरम क्यों नहीं बनती? असली खेल आटा गूंथने में है. आटा कैसे लगाना है, लोई कैसे तोड़नी है और तवे पर फुलका कैसे फुलाना है, यहां जानें आसान टिप्स.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:55 pm

चुनाव आयोग में रार पर विपक्ष का वार... जानें राहुल-अखिलेश, सिब्बल-सिंघवी-केजरीवाल ने क्या तर्क दिए

चुनाव आयोग के अंदर कथित मतभेद की रिपोर्ट के बाद आयोग ने कहा है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने SIR से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणियां जरूर की थीं, लेकिन किसी ने औपचारिक डिसेंट दर्ज नहीं कराया. इस बीच राहुल गांधी, अखिलेश यादव, कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और अरविंद केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं.

आज तक 23 Sep 2026 1:53 pm

अचानक बैंकों को क्या हुआ? धड़ाधड़ भेजने लगे सभी को ये मैसेज

देश के ज्‍यादातर बैंक कस्‍टमर्स को मैसेज भेज रहे हैं और अलर्ट कर रहे हैं. बैंकों ने कहा है कि अगर आपका कोई काम है तो उसे 25 सितंबर तक निपटा लें, वरना आप परेशान हो सकते हैं. आइए जानते हैं बैंक क्‍यों ऐसा मैसेज भेज रहे हैं...

आज तक 23 Sep 2026 1:51 pm

दिल्ली में 18 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या, फैली सनसनी

दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 18 वर्षीय युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. मृतक की पहचान कुणाल ढींगरा के रूप में हुई है, जो नई बस्ती की गली नंबर 16 का निवासी था. मिली जानकारी के अनुसार, कुणाल पर कुछ अज्ञात लोगों ने अचानक चाकू से हमला कर दिया. हमला इतना भीषण था कि कुणाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वहाँ से फरार होने में सफल रहे.

आज तक 23 Sep 2026 1:50 pm

बिहार बाढ़ से 50 लाख लोग प्रभावित, सोनू सूद-अलख पांडे ने बढ़ाया मदद का हाथ

बिहार में बाढ़ का पानी भले कुछ इलाकों में उतरने लगा हो, लेकिन मुश्किलें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. बाढ़ से 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हैं. इसी बीच राहत की कोशिशों में सरकार के साथ सोनू सूद और अलख पांडे भी जमीन पर उतरे हैं.

आज तक 23 Sep 2026 1:50 pm

Xbox में फिर बड़ी छंटनी, जानें COO ने ई-मेल में क्या ल‍िखा? 

'कंपनी छोड़ने वालों के लिए आज का दिन बेहद मुश्किल भरा है...' माइक्रोसॉफ्ट के गेमिंग ब्रांड Xbox ने महज दो महीनों के भीतर छंटनी का दूसरा बड़ा चाबुक चला दिया है. एक तरफ सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरियां छीन ली गईं, तो दूसरी तरफ कई बड़े गेमिंग स्टूडियोज का अस्तित्व दांव पर लग गया. आखिर क्यों मजबूरी में अपनी ही टीम को निकालना पड़ा? पढ़िए टॉप बॉस मैट बूटी के उस भावुक ई-मेल की पूरी इनसाइड स्टोरी.

आज तक 23 Sep 2026 1:49 pm

बच्चों में सबसे ज्यादा होता है ब्लड कैंसर, इन लक्षणों पर दें ध्यान

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल लगभग 4 लाख बच्चे और किशोर कैंसर की चपेट में आते हैं, जिनमें ल्यूकेमिया ( ब्लड कैंसर) सबसे आम है.भारत में भी बच्चों में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान और इलाज से बच्चों की जान बचाई जा सकती है.

आज तक 23 Sep 2026 1:47 pm

यूएनजीए में विदेश मंत्री एस जयशंकर की कूटनीतिक सक्रियता: त्रिपक्षीय बैठकों से लेकर बहुपक्षीय सुधारों पर विश्व नेताओं से मंथन

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से इतर कई देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठकें कर रहे हैं। इन मुलाकातों के दैरान भारत-यूएई-फ्रांस त्रिपक्षीय सहयोग, नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंध, यूक्रेन और खाड़ी संकट तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

देशबन्धु 23 Sep 2026 1:47 pm

क‍िम जोंग के देश की ल‍िफ्टर ने तोड़ा चानू का सपना, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

नागोया में एशियन गेम्स के महिला 49 किग्रा वर्ग में मीराबाई चानू ने 198 किलो (88+111) के साथ सिल्वर मेडल जीतकर 28 साल का सूखा खत्म किया. नॉर्थ कोरिया की दो बार की री सॉन्ग गुम ने 215 किलो (94+121) के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड और हैट्रिक पूरा किया.

आज तक 23 Sep 2026 1:47 pm

देहरादून में मेट्रो, ऋषिकेश-हरिद्वार में नमो भारत, उत्तराखंड को दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल जैसा डबल गिफ्ट मिलेगा

दिल्ली-मेरठ रूट को हरिद्वार-ऋषिकेश तक एक्सटेंशन दिया जा रहा है. हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच मेट्रो भी चलाने का प्रस्ताव है. ऐसे में मेट्रो और नमो भारत ट्रेन दोनों ही एक ही ट्रैक पर चल सकेंगी.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:46 pm

अडानी को HC से बड़ा झटका, कोर्ट ने क्यों कहा- एयरपोर्ट पर मानना होगा भारत का नियम

अडानी ग्रुप ने अदालत में तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ान वाले इलाके में मौजूद दुकानें घरेलू नियमों के दायरे से बाहर हैं क्योंकि वे भारत के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर स्थित हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Sep 2026 1:44 pm

मर्सिडीज वर्कशॉप बना आग का गोला, 8 लग्जरी कारें जलकर खाक

जयपुर के सीतापुरा में मंगलवार देर रात मर्सिडीज के वर्कशॉप में भीषण आग लग गई. आग ने देखते ही देखते वर्कशॉप में खड़ी करीब 8 लग्जरी कारों, महंगे पार्ट्स और कार एसेसरीज को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे के वक्त वर्कशॉप में 50 से ज्यादा नई-पुरानी कारें खड़ी थीं. दमकल की करीब आधा दर्जन गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

आज तक 23 Sep 2026 1:43 pm

क्या है भारत की बुलेट ट्रेन में इस्तेमाल हो रहा 'कैंटेड टर्नआउट्स', 320 km/h की रफ्तार पर भी यात्रियों को नहीं लगेगा झटका

मुंबई से अहमदाबाद के बीच बिछाए जा रहे इस 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले कॉरिडोर में ऐसी जापानी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो भारतीय रेल नेटवर्क में पहली बार देखी जा रही है।

दैनिक जागरण 23 Sep 2026 1:42 pm

Budh Gochar 2026: 26 सितंबर के बाद बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत

Horoscope Budh Gochar: 26 सितंबर के बाद बुध तुला राशि में प्रवेश करेंगे. जहां शुक्र पहले से मौजूद हैं. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इससे लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा. आचार्य मदन मोहन ने बताया कि कन्या, कर्क, मकर और मीन राशि वालों को लाभ मिल सकता है.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:41 pm

दिल्ली के शालीमार बाग में MCD का बड़ा एक्शन, जमकर गरजे बुलडोजर

दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में नगर निगम (MCD) द्वारा बड़े स्तर पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है. यह कार्रवाई जहांगीरपुरी से सटे शालीमार गांव में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत की जा रही है. दरअसल, इस सड़क को चौड़ा करने के लिए पिछले मई महीने से ही डिमोलिशन ड्राइव चलाई जा रही है. इस कार्रवाई के दौरान सड़क के किनारे बने कई मकानों के आगे के हिस्सों को तोड़ा गया है. इस डिमोलिशन ड्राइव के तहत इलाके में स्थित एक मस्जिद के ऊपरी दो मंजिलों को भी जमींदोज कर दिया गया है.

आज तक 23 Sep 2026 1:41 pm

एक रुपये में वेब सीरीज दिखाने के नाम पर बैंक खाते हो रहे साफ; जानें क्या है ये ऑनलाइन ठगी का नया तरीका

मध्य प्रदेश आर्थिक राजधानी इंदौर समेत देश भर में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खतरनाक पैंतरा आमने आ रहा है. ये ठग लोकप्रिय वेब सीरीज, नए सीरियल या फिल्मों का पूरा एपिसोड महज एक रुपये से 5 रुपये में दिखाने का लालच देकर लोगों को फर्जी लिंक भेज कर चूना लगा रहे हैं. जानिए कैसे काम करता है यह नया स्कैम और ठगी का शिकार होने पर तुरंत क्या कदम उठाएं.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:40 pm

केमिकल वाला पपीता कैसे पहचानें? बाजार से खरीदने से पहले जान लें ये 4 आसान तरीके

केमिकल वाला पपीता कैसे पहचानें? जानिए नेचुरली पका पपीता खरीदने के 4 आसान तरीके, कार्बाइड से पके फल की पहचान और ऐसे पपीते खाने के नुकसान.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:39 pm

यूपी के 4 शहरों में भारत टैक्सी सेवा शुरू, सीएम योगी ने की लॉन्च‍िंग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास और युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की है. सीएम योगी ने प्रदेश के चार प्रमुख शहरों गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में 'भारत टैक्सी सेवा' की शुरुआत की है. इस सेवा का मुख्य उद्देश्य न केवल लोगों के सफर को आसान बनाना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना भी है. सहकारिता मंत्रालय की इस खास पहल के जरिए अब भारत टैक्सी सेवा को टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी तेजी से विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है.

आज तक 23 Sep 2026 1:35 pm

आजमगढ़: कौन थे वो 2 पुरोहित, जिन्हें अरविंद सिंह ने मार डाला?

आजमगढ़ के शंभूपुर में महामृत्युंजय पूजा के दौरान पहचान पत्र मांगने पर हुए विवाद में अरविंद सिंह ने पत्नी और दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद पुलिस मुठभेड़ में अरविंद भी मारा गया. घटना से दुखी पीड़ित पुरोहित परिवार ने भविष्य में उनके घर पुरोहिताई न करने का फैसला लिया है.

आज तक 23 Sep 2026 1:35 pm

EC ने भी मानी चुनाव आयुक्तों की आपत्ति की बात, कहा- लेकिन सबकी सहमति से हुए सारे फैसले

अधिकारियों ने सवालों के जवाब में कहा कि दोनों आयुक्तों ने विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची को ठीक किये जाने के दौरान नाम हटाने और मतदाता डेटाबेस के प्रबंधन से जुड़े फैसलों पर अपनी चिंताएं जताई थीं।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Sep 2026 1:35 pm

आयुर्वेद दिवस 2026: रात के 2 बजे जबड़े में तेज दर्द होने पर क्या करें

सोचिए, रात के ठीक 2 बज रहे हैं और अचानक आपके जबड़े, दांत या मसूड़ों में ऐसा असहनीय और तेज दर्द उठ रहा है कि आपकी नींद उड़ जाती है। इस वक्त न तो कोई क्लिनिक खुला है और न ही तुरंत किसी डॉक्टर से मिलना संभव है। ऐसी आपातकालीन और कष्टदायक स्थिति में आप क्या करेंगे? आधुनिक दौर में जब भी हमें कोई शारीरिक कष्ट होता है, तो हमारी पहली प्रतिक्रिया अंग्रेजी दवाइयों या पेनकिलर की तरफ भागने की होती है, जो कुछ समय के लिए दर्द को तो दबा देती हैं लेकिन शरीर के अन्य अंगों पर उनके गंभीर दुष्प्रभाव पड़ते हैं। ऐसे में हमारे देश की प्राचीन और सनातन चिकित्सा पद्धति यानी आयुर्वेद (Ayurveda) के पास हर उस समस्या का अचूक समाधान मौजूद है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के तुरंत राहत देती है। आयुर्वेद दिवस 2026 के इस पावन अवसर पर आइए जानते हैं कि कैसे रसोई घर में मौजूद साधारण सी चीजें आपातकाल में किसी संजीवनी बूटी से कम साबित नहीं होती हैं और कैसे हम अपनी पारंपरिक जीवनशैली अपनाकर खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।आयुर्वेद का वैश्विक महत्व और हमारी समृद्ध चिकित्सा विरासतभारत की भूमि को महर्षि चरक, सुश्रुत और धनवंतरि जैसे महान ऋषियों और चिकित्सकों की भूमि कहा जाता है, जिन्होंने सदियों पहले ही मानव शरीर की संरचना और प्रकृति के रहस्यों को समझकर आयुर्वेद की अमूल्य रचना की थी। आज जब पूरी दुनिया आधुनिक चिकित्सा के दुष्प्रभावों से परेशान होकर प्राकृतिक उपचार (Natural Healing) और हर्बल लाइफस्टाइल की ओर लौट रही है, तब आयुर्वेद की लोकप्रियता दुनियाभर में तेजी से बढ़ रही है। भारत सरकार द्वारा हर साल 'आयुर्वेद दिवस' (Ayurveda Day 2026) मनाने का मुख्य उद्देश्य यही है कि आम जनमानस तक इस प्राचीन विज्ञान की महत्ता पहुंचाई जा सके और लोग यह समझ सकें कि जड़ी-बूटियों, खान-पान के सही नियमों और योग के जरिए बड़ी से बड़ी बीमारियों को कैसे जड़ से खत्म किया जा सकता है।दांत और जबड़े के अचानक उठने वाले दर्द में रामबाण हैं ये आयुर्वेदिक उपाययदि आधी रात को अचानक आपके जबड़े या दांत में तेज दर्द शुरू हो जाए, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अपनी रसोई में जाइए और वहां मौजूद लौंग (Cloves) या शुद्ध लौंग के तेल (Clove Oil) का इस्तेमाल कीजिए। लौंग में 'यूजेनॉल' नामक एक ऐसा प्राकृतिक एनेस्थेटिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है जो प्रभावित हिस्से को सुन्न करके कुछ ही मिनटों में तेज दर्द से राहत दिला देता है। इसके अलावा, गुनगुने पानी में एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर कुल्ला करने से मसूड़ों की सूजन और बैक्टीरिया तुरंत समाप्त हो जाते हैं। यदि दर्द के साथ सूजन भी है, तो लहसुन की एक कली को पीसकर उस जगह पर लगाने से बहुत जल्दी आराम मिलता है, क्योंकि आयुर्वेद में लहसुन को प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना गया है।दैनिक जीवन में आयुर्वेद को अपनाकर कैसे रहें हमेशा निरोगी?आयुर्वेद केवल किसी बीमारी के इलाज का नाम नहीं है, बल्कि यह जीने की एक ऐसी संपूर्ण कला है जो हमें यह सिखाती है कि बीमारी हमारे शरीर में प्रवेश ही न करे। इसके लिए सबसे जरूरी है अपनी प्रकृति (वात, पित्त और कफ) को पहचानना और उसके अनुसार अपने खान-पान को ढालना। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना, तांबे के बर्तन में रखा हुआ बासी पानी पीना, नियमित रूप से योग और प्राणायाम करना तथा मौसम के अनुसार ताजे एवं सात्विक फलों का सेवन करना आयुर्वेद के बुनियादी नियम हैं। आज के इस दौर में जब लोग फास्ट फूड और पैकेटबंद चीजों के आदी हो चुके हैं, पेट की खराबी और गैस जैसी समस्याएं आम हो गई हैं, जिनका सीधा असर हमारे दांतों, बालों और संपूर्ण स्वास्थ्य पर पड़ता है।आधुनिक युग में आयुर्वेद और जेनरेटिव AI का अनूठा संगमआज के इस डिजिटल और आधुनिक युग में आयुर्वेद को घर-घर तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन की भी बड़ी भूमिका हो रही है। लोग अपनी छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए अब इंटरनेट पर प्राकृतिक उपचार और जड़ी-बूटियों के बारे में खोजबीन करते हैं। आयुर्वेद दिवस 2026 के अवसर पर यह संकल्प लेने की आवश्यकता है कि हम अपनी प्राचीन संस्कृति और चिकित्सा पद्धति को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में अपनाएं। जब हम आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाते हैं, तो न केवल आधी रात के आपातकालीन दर्द जैसी समस्याओं से खुद का बचाव कर पाते हैं, बल्कि एक लंबा, स्वस्थ और ऊर्जावान जीवन भी जीते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:35 pm

30 की उम्र के बाद तेजी से क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा

आज के इस भागदौड़ भरी जिंदगी, अस्वस्थ खान-पान, लगातार बढ़ते मानसिक तनाव और बिगड़ती जीवनशैली के कारण देश-दुनिया में दिल की बीमारियों (Heart Diseases) के मामले लगातार डराने वाले स्तर तक बढ़ रहे हैं। एक समय था जब हार्ट अटैक या दिल से जुड़ी गंभीर समस्याएं केवल बुजुर्गों या 50-60 की उम्र के लोगों में देखने को मिलती थीं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह ट्रेंड पूरी तरह बदल चुका है। आज की तारीख में 30 साल की उम्र पार करते ही युवाओं में अचानक दिल का दौरा पड़ने (Heart Attack after 30) और कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट से मौत होने के मामले आम होते जा रहे हैं। इस चिंताजनक स्थिति ने देश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कार्डियोलॉजिस्ट को गहरी सोच में डाल दिया है। इस लेख के माध्यम से हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि आखिर क्यों 30 की उम्र के बाद युवाओं का दिल कमजोर हो रहा है और इस खतरनाक खतरे से बचने के लिए रोजाना अपनी दिनचर्या में कौन सी कार्डियो आदतें (Cardio Habits) शामिल करना सबसे ज्यादा जरूरी और जीवन रक्षक साबित हो सकता है।30 की उम्र के बाद शरीर में होने वाले आंतरिक बदलाव और दिल पर बढ़ता दबावजब कोई व्यक्ति अपनी जवानी के शुरुआती दौर यानी 20 से 30 साल की उम्र में होता है, तो उसका मेटाबॉलिज्म काफी तेज होता है और शरीर की मांसपेशियां व धमनियां लचीली होती हैं। लेकिन जैसे ही इंसान 30 साल की दहलीज पार करता है, शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली में प्राकृतिक रूप से बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। शारीरिक सक्रियता (Physical Activity) कम होने, लगातार डेस्क जॉब करने, घंटों एक ही जगह बैठे रहने और गलत खान-पान की आदतों के कारण रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) में कोलेस्ट्रॉल और फैट जमा होने लगता है। इसके अलावा, आज के कॉर्पोरेट कल्चर का अत्यधिक मानसिक तनाव, नींद की कमी और धूम्रपान या शराब जैसी बुरी आदतें दिल की नसों पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं, जिससे कम उम्र में ही हाई ब्लड प्रेशर और ब्लॉकेज की समस्या पैदा होने लगती है।कार्डियो एक्सरसाइज क्यों है दिल की सेहत के लिए सबसे बड़ा वरदान?जिंदगी के इस दौर में यदि आप अपने दिल को हमेशा स्वस्थ, मजबूत और दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो 'कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज' (Cardiovascular Exercises) को अपनी रोजाना की रूटीन का अहम हिस्सा बनाना सबसे असरदार उपाय माना जाता है। कार्डियो का सीधा संबंध आपके दिल की धड़कन और फेफड़ों की कार्यक्षमता को बढ़ाने से होता है। जब आप रोजाना नियमित रूप से दौड़ते हैं, तेज कदम से चलते हैं, साइकिल चलाते हैं या स्विमिंग करते हैं, तो आपका दिल तेजी से पंप करता है। इससे शरीर के कोने-कोने तक ऑक्सीजन युक्त खून का संचार बेहतर होता है, रक्त धमनियों का लचीलापन बना रहता है और नसों में जमा होने वाला खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) धीरे-धीरे कम होने लगता है। डॉक्टरों का मानना है कि जो लोग हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाला कार्डियो करते हैं, उन्हें दिल की बीमारियों का खतरा न के बराबर होता है।रोजाना की रूटीन में कौन-सी कार्डियो आदतें डालें शामिल?जिम में जाकर भारी-भरकम वजन उठाने या घंटों पसीना बहाने से ज्यादा जरूरी यह है कि आप अपनी दिनचर्या में ऐसी छोटी और टिकाऊ कार्डियो आदतों को अपनाएं जिन्हें आप रोज आसानी से कर सकें। सुबह उठकर कम से कम 30 से 40 मिनट तेज रफ्तार से चलना (Brisk Walking), जॉगिंग करना, या रस्सी कूदना (Skipping) आपके दिल के लिए टॉनिक का काम करता है। यदि आपके पास जिम जाने का समय नहीं है, तो लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करना, घर के पास पार्क में साइकिल चलाना या एरोबिक्स करना भी बेहतरीन विकल्प हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन आदतों को कुछ दिनों के लिए नहीं, बल्कि अपने जीवन का स्थायी हिस्सा बनाना होगा ताकि आपका दिल उम्र बढ़ने के साथ-साथ मजबूत बना रहे।खान-पान में सुधार, तनाव प्रबंधन और समय पर मेडिकल जांच की अनिवार्यताकेवल कार्डियो एक्सरसाइज कर लेने भर से ही दिल पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, इसके लिए आपको अपने खान-पान और लाइफस्टाइल पर भी उतना ही ध्यान देना होगा। अपने दैनिक भोजन से अत्यधिक ट्रांस फैट, रिफाइंड तेल, मैदे से बनी चीजें, कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा नमक-चीनी का सेवन तुरंत कम कर दें। इसकी बजाय हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, ओट्स, अखरोट, बादाम और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी थाली में जगह दें। इसके अलावा, योग और मेडिटेशन के जरिए मानसिक तनाव को कंट्रोल में रखें। 30 साल की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार अपना फुल बॉडी हेल्थ चेकअप (Full Body Health Checkup) जरूर करवाएं, जिसमें लिपिड प्रोफाइल, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच शामिल हो, ताकि किसी भी छिपे हुए खतरे की समय रहते पहचान की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:34 pm

क्या बैट्री भी होती है... ट्रेन में चार्जिंग और लाइट के लिए बिजली कहां से आती है?

ट्रेन से सफर के दौरान हमें मोबाइल चार्जिंग, एसी, लाइट, पंखा यानी बिजली से चलने वाली हर सुविधा मिल जाती है. ऐसे में कई बार सवाल उठता है कि आखिर ट्रेन में इन चीजों के लिए बिजली कहां से आती है?

आज तक 23 Sep 2026 1:33 pm

स्कूल जाने वाली 5 में से 1 किशोरी के पीरियड्स नहीं हैं सामान्य, एम्स के सर्वे ने बढ़ाई चिंता

देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर चिंता पैदा करने वाला सर्वे रिपोर्ट सामने आया है। इस मेडिकल सर्वे के अनुसार, देश के स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाली हर 5 में से 1 यानी करीब 20 प्रतिशत किशोरियों (School-going Girls) के पीरियड्स यानी मासिक धर्म (Menstrual Cycle) सामान्य नहीं हैं। किशोरावस्था की दहलीज पर कदम रखने वाली बालिकाओं में हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी बीमारियां तेजी से पैर पसार रही हैं, जिसके दूरगामी परिणाम उनके स्वास्थ्य पर पड़ सकते हैं। एम्स के इस व्यापक अध्ययन के बाद देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और अभिभावकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है, क्योंकि कम उम्र में इस तरह की समस्याएं भविष्य में बांझपन (Infertility), मोटापा, मधुमेह और मानसिक तनाव जैसी कई अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं।AIIMS के इस महत्वपूर्ण सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े और दायरेअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा स्कूली छात्राओं के स्वास्थ्य खान-पान और शारीरिक विकास को लेकर यह विस्तृत अध्ययन किया गया है। इस सर्वे में विभिन्न आयु वर्ग की किशोरियों को शामिल किया गया और उनके मासिक धर्म के चक्र, अनियमितताओं, दर्द, रक्तस्राव और जीवनशैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से विश्लेषण किया गया। सर्वे के जो परिणाम सामने आए, वे वास्तव में डराने वाले हैं। लगभग 20 प्रतिशत बालिकाओं ने अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods), अत्यधिक दर्द (Dysmenorrhea), और हॉर्मोनल गड़बड़ियों की पुष्टि की। डॉक्टरों का कहना है कि पहले इस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं महिलाओं में अधिक उम्र में देखने को मिलती थीं, लेकिन अब यह बेहद कम उम्र की स्कूली लड़कियों में आम होती जा रही है, जो आधुनिक समाज और बदलती जीवनशैली के खतरे का स्पष्ट संकेत है।PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) बन रहा है किशोरियों के लिए बड़ा खतराइस पूरे सर्वे में जिस मुख्य बीमारी या सिंड्रोम की ओर सबसे ज्यादा इशारा किया गया है, वह है पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस (PCOS) और पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (PCOD)। यह एक ऐसा हार्मोनल विकार है जिसमें महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन (Androgens) का स्तर बढ़ जाता है, जिसके कारण अंडाशय में सिस्ट बनने लगते हैं और पीरियड्स का चक्र पूरी तरह असंतुलित हो जाता है। इस सिंड्रोम के कारण लड़कियों के चेहरे पर अनचाहे बाल उगना, तेजी से वजन बढ़ना, चेहरे पर मुंहासे (Acne), और बाल झड़ने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। एम्स के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुरुआती दौर में ही इन लक्षणों की पहचान करके उनका इलाज या खान-पान में सुधार न किया जाए, तो आगे चलकर ये समस्याएं लाइलाज रूप ले सकती हैं।बदलती जीवनशैली, जंक फूड और शारीरिक सक्रियता की कमी मुख्य वजहकम उम्र की बच्चियों में हार्मोनल असंतुलन और पीरियड्स की इस अनियमितता के पीछे आधुनिक युग की बिगड़ती हुई जीवनशैली (Modern Lifestyle) को सबसे बड़ा जिम्मेदार माना जा रहा है। आज के समय में स्कूली बच्चे और किशोरियां आउटडोर गेम्स खेलने के बजाय अपना अधिकांश समय मोबाइल स्क्रीन, लैपटॉप और टीवी के सामने बिताते हैं, जिससे फिजिकल एक्टिविटी (Physical Activity) लगभग शून्य हो चुकी है। इसके अलावा, पैकेटबंद जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, मैदे से बनी चीजें, फास्ट फूड और अत्यधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का अंधाधुंध सेवन उनके शरीर के हॉर्मोनल सिस्टम को अंदर से खोखला कर रहा है। समय पर न सोना, रातभर जागना और परीक्षा या पढ़ाई का बढ़ता मानसिक तनाव भी इस बीमारी को ट्रिगर करने में अहम भूमिका निभा रहा है।अभिभावकों के लिए चेतावनी और समय रहते सुधार के जरूरी उपायएम्स के इस डराने वाले सर्वे के बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्य सलाहकारों ने सभी माता-पिता को यह सख्त चेतावनी दी है कि वे अपनी बच्चियों के स्वास्थ्य को लेकर बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें। यदि किसी किशोरी के पीरियड्स लगातार अनियमित रहते हैं, बहुत ज्यादा दर्द होता है या अचानक वजन बढ़ने लगता है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत किसी अच्छे स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से परामर्श लेना चाहिए। बच्चियों के दैनिक भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, ड्राई फ्रूट्स और संतुलित आहार को शामिल करें तथा उन्हें जंक फूड से दूर रखें। इसके अलावा, योग, प्राणायाम और नियमित व्यायाम को उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर इस गंभीर समस्या के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:33 pm

दिल्ली में ₹58, कर्नाटक में ₹42... आखिर कहां मिलता है देश का सबसे सस्ता दूध?

भारत में दूध सबसे सस्ता कहां मिलता है? कर्नाटक, दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में दूध के दामों की तुलना जानिए. एक लीटर दूध के लिए किस राज्य में कितनी कीमत चुकानी पड़ती है.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:33 pm

आजमगढ़ के अरविंद ने पत्नी-बेटे और दो पंडितों की क्यों की हत्या? चश्मदीद ने बताई पूरी कहानी

आजमगढ़ हत्याकांड के चश्मदीद हिमांशु ने बताया कि मेरे पापा अरविंद की मां के पीछे थे. जब उसने पहली गोली चलाई तो वो किसी तरह बच गए. लेकिन फिर उन्हें दूसरी गोली लगी.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:30 pm

Delhi Kalkaji Park Gangrape Case | न CCTV, न रोशनी... कालकाजी की घटना ने खोली दिल्ली के सुरक्षा दावों की पोल

देश की राजधानी दिल्ली के कालकाजी इलाके स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुई गैंगरेप की दर्दनाक घटना ने शहर की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया है कि पार्क की सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती जा रही थी। आस्था कुंज पार्क के एंट्री और एग्जिट गेटों पर एक भी CCTV कैमरा तैनात नहीं है और शाम ढलते ही पूरे पार्क में अंधेरा छा जाता है। इसके अलावा, पार्क की बाउंड्री वॉल जगह-जगह से टूटी हुई है और कई प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा गार्ड तक तैनात नहीं हैं। सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक के उजागर होने के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने खुद घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। तीनों आरोपी गिरफ्तार: LSR कॉलेज के पास एनकाउंटर के बाद दबोचा गया मुख्य आरोपी पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों- आसिफ, हेमंत और उसके छोटे भाई मुकेश को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। हेमंत और मुकेश की गिरफ्तारी: पेशे से वकील हेमंत और B.Sc. मैथमेटिक्स के अंतिम वर्ष के छात्र मुकेश को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। आसिफ का एनकाउंटर: मामले के मुख्य आरोपी आसिफ को लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन (LSR) के पिछले गेट के पास पुलिस मुठभेड़ (Encounter) के बाद पकड़ा गया। यह जगह कॉलेज कैंपस से महज 50 मीटर की दूरी पर है। मुठभेड़ के दौरान आसिफ के पैर में गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे क्योंकि वे पार्क के आसपास ही रहते और काम करते थे तथा अक्सर आस्था कुंज पार्क में मिला करते थे। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने घटनास्थल का दौरा किया। तीनों आरोपियों - आसिफ, हेमंत और उसके छोटे भाई मुकेश - को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया। हेमंत (एक वकील) और मुकेश (B.Sc. मैथमेटिक्स के फाइनल ईयर के छात्र) को उनके घर से पकड़ा गया, जबकि आसिफ को लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर विमेन के पिछले गेट के पास पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद हिरासत में लिया गया। यह जगह कैंपस से करीब 50 मीटर दूर है। उसके पैर में गोली लगी। तीनों आरोपी एक-दूसरे को जानते थे क्योंकि वे पार्क के आस-पास ही रहते और काम करते थे और अक्सर वहां मिलते थे। सोमवार को क्या हुआ? पुलिस के मुताबिक, लड़की और उसका 17 साल का दोस्त शाम को गेट नंबर 7 से आस्था कुंज पार्क में घुसने से पहले कालकाजी मंदिर गए थे। पार्क के अंदर, तीनों आरोपी उन किशोरों के पास पहुंचे, खुद को पुलिसवाला बताया और कहा कि वे कुछ गलत कर रहे हैं और उन पर पुलिस केस हो सकता है। इसके बाद उन लोगों ने लड़की को उसके दोस्त से अलग कर दिया और उसे पत्थर से बनी एक पुरानी, ​​जर्जर इमारत में ले गए। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने बारी-बारी से लड़के को काबू में रखा जबकि बाकी लोगों ने लड़की के साथ रेप किया। रेप के दौरान आसिफ ने बंदूक और चाकू दिखाकर लड़की को धमकाया, जबकि बाकी लोगों ने उसके दोस्त की पिटाई की। रात करीब 8.45 बजे उसके मोबाइल फोन से PCR कॉल की गई। ऑनलाइन क्लास, सॉलिडैरिटी मार्च पुलिस मुठभेड़ के बाद, LSR कॉलेज ने रेगुलर क्लास रद्द कर दीं और बुधवार के लिए उन्हें ऑनलाइन कर दिया। वहीं, छात्र आज शाम 4 बजे पीड़िता के समर्थन में एक सॉलिडैरिटी मार्च निकालने वाले हैं। यह मार्च कॉलेज गेट से शुरू होगा, जहां कथित तौर पर एक आरोपी के साथ मुठभेड़ हुई थी। आयोजकों ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद नाबालिग पीड़िता के लिए न्याय की मांग करना और सिस्टम की उन कमियों पर चिंता जताना है, जिनकी वजह से महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं और उन्हें कोई सुरक्षा या जवाबदेही नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि यह मार्च महिलाओं के रात में बेरोकटोक घूमने, शिक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाली सड़कों पर सुरक्षित चलने और अपने शरीर व ज़िंदगी पर खुद का अधिकार रखने के हक को भी ज़ाहिर करेगा। 2 हफ़्तों में रेप का चौथा मामला कालकाजी की घटना दिल्ली में पिछले दो हफ़्तों में नाबालिगों के साथ रेप का चौथा मामला है। सोमवार को सेंट्रल दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड पर छह साल की बच्ची के साथ रेप हुआ। पुलिस ने बताया कि आरोपी अंकित को गिरफ़्तार कर लिया गया है। 17 सितंबर को सदर बाज़ार में 11 साल की बच्ची पेंसिल और किताबें खरीदने के लिए घर से निकली थी, तभी पास की एक दर्ज़ी की दुकान के मालिक ने उसे दुकान के अंदर बुला लिया। पुलिस ने बताया कि दर्ज़ी मकसूद ने बच्ची के हाथ-पैर बांधकर उसके साथ रेप किया। बाद में उसे गिरफ़्तार कर लिया गया। एक और मामले में, 10 सितंबर को स्वरूप नगर में 17 साल की लड़की मृत पाई गई। उसके साथ गैंगरेप किया गया, चाकू मारा गया और उसे एक खुले मैदान में फेंक दिया गया। इस मामले में चार लोगों को पकड़ा गया, जिनमें तीन नाबालिग शामिल थे।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 1:30 pm

बल्ले से आग उगल रहे हैं कुशाग्र! ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ ठोका शतक

ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र ने शतकीय पारी खेलकर टीम को मुसीबत से बाहर निकालने का काम किया. सोशल मीडिया पर फैन्स कुशाग्र की इस पारी की जमकर सराहना कर रहे हैं.

आज तक 23 Sep 2026 1:29 pm

डंपर से कुचलकर फॉरेस्ट रेंजर की मौत; सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से मांगा जवाब, अवैध खनन का मामला

प्रतापगढ़ में फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से कुचलकर मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:29 pm

बिना जन्मपत्री के सिर्फ अपनी हथेलियों की रेखाओं से खुद पहचानें शनि की महादशा

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफलदाता के रूप में पूजे जाने वाले शनि देव (Shani Dev) का नाम सुनते ही कई बार लोगों के मन में भय या चिंता का भाव आ जाता है। लोगों को लगता है कि शनि हमेशा कष्ट या मुसीबत ही देते हैं, जबकि असलियत इसके बिल्कुल विपरीत है; शनि देव मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। अच्छे कर्म करने वालों के लिए शनि राजा बना देते हैं और बुरे कर्म करने वालों को उनके पापों का दंड देते हैं। कई बार लोगों के पास अपनी सटीक जन्मपत्री (Horoscope) या कुंडली नहीं होती है, जिसके कारण वे यह नहीं जान पाते कि इस समय उनकी कुंडली में शनि की स्थिति शुभ चल रही है या अशुभ। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना किसी जन्मपत्री या ज्योतिषीय गणना के भी आप केवल अपने हाथों की रेखाओं, उंगलियों और हथेलियों की बनावट को देखकर यह आसानी से जान सकते हैं कि शनि की दशा आपके लिए कैसी चल रही है? इस लेख में हम आपको सामुद्रिक शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान के जरिए शनि के प्रभाव को पहचानने के बहुत ही आसान और सटीक तरीके बताने जा रहे हैं।हस्तरेखा शास्त्र में शनि पर्वत और मध्यमा उंगली का महत्वहाथ की रेखाओं और पर्वतों का अध्ययन करने वाले हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) के अनुसार, हमारी हथेली में मध्यमा उंगली (Middle Finger) के ठीक नीचे के क्षेत्र को 'शनि पर्वत' (Saturn Mount) कहा जाता है। यह पर्वत मनुष्य के जीवन में अनुशासन, न्याय, धैर्य, करियर, धन और दीर्घायु का प्रतिनिधित्व करता है। यदि किसी व्यक्ति की हथेली में शनि पर्वत बहुत अधिक उभरा हुआ, साफ और संतुलित अवस्था में होता है, तो इसे बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे जातकों पर शनि देव की विशेष कृपा होती है, जिससे उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता, अपार मान-सम्मान और स्थिर धन लाभ की प्राप्ति होती है। इसके विपरीत, यदि यह पर्वत अत्यधिक दबा हुआ, कांतिहीन या इस पर क्रॉस (Cross) जैसे अशुभ निशान हों, तो यह शनि के अशुभ प्रभावों का संकेत माना जाता है।हथेली की रेखाएं और शनि की अशुभ स्थिति के स्पष्ट संकेतहस्तरेखा के जानकारों का मानना है कि यदि किसी जातक की हथेली में भाग्य रेखा (Fate Line) बहुत अधिक कटी-फटी हो, बीच में टूट गई हो या उस पर कोई द्वीप (Island) का निशान बना हो, तो यह इस बात का स्पष्ट संकेत होता है कि जीवन में शनि की अशुभ दशा या ढैय्या-साढ़ेसाती का प्रभाव चल रहा है। ऐसे व्यक्तियों को अपने जीवन में बार-बार आर्थिक तंगी, करियर में रुकावटें, व्यापार में घाटा और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, यदि हथेली की त्वचा का रंग काला पड़ने लगे या नाखूनों पर काले-भूरे रंग के धब्बे दिखाई देने लगें, तो सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार इसे शनि की नाराजगी या शनि दोष का लक्षण माना जाता है, जिस पर समय रहते ध्यान देना बेहद आवश्यक होता है।शनि की शुभ दशा के लक्षण और जीवन में मिलने वाली सफलताएंजब किसी व्यक्ति की हथेली में शनि अनुकूल और मजबूत स्थिति में होते हैं, तो उसके जीवन में सकारात्मक बदलावों की बाढ़ आ जाती है। ऐसे जातकों की कार्यशैली बेहद अनुशासित, सत्यनिष्ठ और मेहनती होती है। वे कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी घबराते नहीं हैं और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर लेते हैं। यदि आपकी मध्यमा उंगली बिल्कुल सीधी है, उस पर कोई अशुभ कट का निशान नहीं है और शनि पर्वत पर त्रिशूल या सूर्य जैसी सीधी रेखा का प्रभाव दिखाई दे रहा है, तो समझ लीजिए कि शनि देव आप पर पूरी तरह मेहरबान हैं और आपको भौतिक सुख-सुविधाओं के साथ-साथ समाज में एक ऊंचा पद मिलने वाला है।बिना कुंडली के शनि के बुरे प्रभावों को दूर करने के अचूक उपाययदि आपको अपने हाथों की रेखाओं और जीवन में आ रही परेशानियों से यह आभास हो जाए कि शनि की स्थिति इस समय आपके अनुकूल नहीं चल रही है, तो घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। ज्योतिष शास्त्र में शनि के अशुभ प्रभावों को शांत करने के लिए बहुत ही सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं। प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना, काले कुत्ते या कौए को भोजन कराना, और जरूरतमंद गरीबों को काले कंबल या अन्न का दान करना शनि देव को अतिप्रिया है। इसके अलावा, 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का नियमित जाप करने से भी शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का कष्टकारी प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:28 pm

'बिट्टू भाई, गजब कर दिया!'... गुरुग्राम से हटाया 2,435 किलो कचरा

बिट्टू तबाही ने दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में सफाई अभियान चलाया. सिर्फ गुरुग्राम में उनकी टीम ने 2,435 किलो कचरा हटाया. तीन दिन के इस अभियान की शुरुआत दिल्ली में यमुना की सफाई से हुई और इसका समापन नोएडा के युवा शक्ति घाट पर हुआ.

आज तक 23 Sep 2026 1:28 pm

सैलरी से लेकर रुतबे तक, PCS से IAS बनने पर क्या-क्या बदल जाता है?

PCS To IAS Promotion Benefits: यूपी में कई पीसीएस अधिकारियों को प्रमोट कर आईएएस बनाया गया है. प्रमोशन के बाद पीसीएस अधिकारियों की पावर और सैलरी समेत तमाम सुविधाएं बढ़ जाती हैं.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:27 pm

पितृपक्ष 2026 में इन 16 दिनों भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नाराज हो सकते हैं पूर्वज

सनातन हिंदू धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha 2026) या महालया का कालखंड हमारे पूर्वजों, पितरों और दादा-परदादा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पवित्र और आध्यात्मिक समय माना जाता है। भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन अमावस्या तक चलने वाले इन 16 दिनों में पितर लोक से आत्माएं अपने परिजनों के घर अंश रूप में भोजन और तर्पण ग्रहण करने के लिए आती हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यदि इन दिनों में विधि-विधान से पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण किया जाए, तो पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और उनका आशीर्वाद पूरे परिवार पर सदैव बना रहता है। हालांकि, शास्त्रों में इन 16 दिनों के दौरान कुछ सख्त नियम और वर्जनाएं भी बताई गई हैं, जिनका पालन करना हर परिवार के लिए बेहद जरूरी होता है। इस लेख के माध्यम से हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं कि पितृपक्ष के दौरान कौन से काम करने चाहिए और किन गलतियों को भूलकर भी नहीं दोहराना चाहिए ताकि पितृ दोष से बचा जा सके।पितृपक्ष का आध्यात्मिक महत्व और पूर्वजों की तृप्ति का विधानहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, मनुष्य जीवन में ऋणों में से पितृ ऋण को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, जिसे चुकाए बिना किसी भी व्यक्ति का जीवन पूरी तरह से सफल नहीं माना जाता। पितृपक्ष के ये 16 दिन साल का वह समय होते हैं जब यमराज सभी जीवों को अपने पितरों का स्मरण करने और उनके निमित्त पिंडदान व ब्राह्मण भोजन कराने की अनुमति देते हैं। इस अवधि में विधि-विधान से किए गए अनुष्ठानों से पितरों की तृप्ति होती है, जिससे वे अपने वंशजों को सुख, समृद्धि, आरोग्यता और वंश वृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। यही कारण है कि देश भर के लोग गया, हरिद्वार, प्रयागराज या अपने घरों पर ही रहकर पूरी श्रद्धा के साथ इन दिनों में अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म संपन्न करते हैं।पितृपक्ष 2026 के दौरान क्या करें: इन नियमों का करें पालनइन 16 दिनों के दौरान प्रत्येक परिवार को कुछ विशेष धार्मिक और पारंपरिक नियमों का पालन करना चाहिए। सबसे पहले, रोज सुबह स्नान करने के बाद अपने पूर्वजों का ध्यान करते हुए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल में काला तिल, जौ, कुश और फूल मिलाकर तर्पण करना चाहिए। इसके अलावा, भोजन बनाते समय पहली रोटी हमेशा गाय के लिए, दूसरी रोटी कुत्ते के लिए और तीसरी रोटी कौए के लिए निकालनी चाहिए, क्योंकि इन्हें पितरों का दूत या प्रतिनिधि माना जाता है। पितृपक्ष के इन दिनों में ब्राह्मणों, जरूरतमंदों और गरीबों को अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र और दान-दक्षिणा अवश्य देनी चाहिए, जिससे पितृ अत्यंत प्रसन्न होते हैं और घर-परिवार में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती है।पितृपक्ष में भूलकर भी न करें ये काम, वरना उठानी पड़ सकती है परेशानीशास्त्रों के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान कुछ ऐसे कार्य पूरी तरह वर्जित माने गए हैं जिन्हें करने से पितरों का अनादर होता है और परिवार पर नकारात्मक ऊर्जा का साया मंडराने लगता है। इन 16 दिनों के दौरान घर में किसी भी प्रकार के नए वस्त्र, आभूषण, वाहन या संपत्ति की खरीदारी नहीं करनी चाहिए और न ही कोई नया मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश या मुंडन संस्कार आयोजित करना चाहिए। इसके अलावा, इन दिनों में बाल, दाढ़ी और नाखून कटवाने से भी परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह काल भोग-विलास का नहीं बल्कि शोक, संयम और सादगी का होता है। भोजन के मामले में भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और इन दिनों में लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।घर में शांति, सात्विक आचरण और पितृ दोष से मुक्ति के उपायपितृपक्ष का यह पूरा पखवाड़ा हमें केवल पूजा-पाठ ही नहीं सिखाता, बल्कि हमें हमारे पारिवारिक मूल्यों और बुजुर्गों के प्रति आदरभाव का पाठ भी पढ़ाता है। इन दिनों में घर के बड़े-बुजुर्गों का अपमान करने या उन्हें किसी भी प्रकार का मानसिक कष्ट देने से बचना चाहिए, क्योंकि जिस घर में माता-पिता या बुजुर्ग दुखी होते हैं, उस घर में कभी भी पितरों का आशीर्वाद नहीं ठहरता है। संध्या के समय घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाना चाहिए, जिसे पितरों का दीया कहा जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में पितृ दोष हो, तो इन 16 दिनों में रोजाना श्रीमद्भागवत गीता का पाठ, तर्पण और गरीबों की सेवा करने से उस दोष का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाता है और जीवन में आ रही समस्त बाधाएं दूर हो जाती हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:27 pm

पुलिस की जीप से लगाई छलांग, शख्स की मौत... रेवेन्यू इंस्पेक्टर और लेखपाल सस्पेंड

श्रावस्ती में जमीन की पैमाइश के दौरान हुए विवाद के बाद पुलिस पांच महिलाओं समेत छह लोगों को थाने ले जा रही थी. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान कमलेश ने चलती जीप का गेट खोलकर कूदने की कोशिश की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है.

आज तक 23 Sep 2026 1:26 pm

'अयोध्या के विकास के नाम पर...', BJP पर बरसे अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में विकास के नाम पर गरीबों के घर उजाड़े गए और लोगों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला. अखिलेश ने कहा कि सपा की सरकार बनी तो प्रभावित लोगों को हर्जाना दिया जाएगा.

आज तक 23 Sep 2026 1:25 pm

सीआरपीएफ में निकली कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल के 521 पदों पर बंपर भर्तियां

देश के सबसे बड़े और प्रमुख केंद्रीय अर्धसैनिक बल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से देश के होनहार और देशभक्त युवाओं के लिए इस समय की सबसे बड़ी और शानदार खुशखबरी सामने आ रही है। सीआरपीएफ ने देश की रक्षा और सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल (Constable and Head Constable Recruitment 2026) के विभिन्न पदों पर बंपर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 521 रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिसके लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सबसे खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए आवेदन शुल्क मात्र 100 रुपये रखा गया है, ताकि देश के सामान्य से सामान्य परिवार के युवा भी बिना किसी आर्थिक दबाव के इस परीक्षा में हिस्सा ले सकें। 10वीं और 12वीं पास युवाओं के लिए केंद्रीय रक्षा बल में अपनी सेवा देने का यह एक बेहतरीन और स्वर्णिम अवसर साबित होने वाला है।सीआरपीएफ भर्ती 2026 की मुख्य बातें और पदों का विवरणकेंद्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा निकाली गई इस नई भर्ती के तहत कांस्टेबल (General Duty/Tradesmen) और हेड कांस्टेबल (Ministerial/Radio Operator) के कुल 521 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में पैरामिलिट्री फोर्सेस में करियर बनाने वाले युवाओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, और यही वजह है कि सीआरपीएफ द्वारा निकाली जाने वाली ऐसी हर भर्ती पर देश भर के युवाओं की पैनी नजर रहती है। इस भर्ती के तहत चयनित होने वाले उम्मीदवारों को केंद्रीय वेतनमान के अनुसार आकर्षक सैलरी, भत्ते और अन्य सरकारी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जो युवा देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अपना योगदान देना चाहते हैं, उनके लिए यह विभाग हमेशा से पहली पसंद रहा है।शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा के कड़े मानकइस भर्ती अभियान में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता के न्यूनतम मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य होगा। कांस्टेबल के पदों के लिए आवेदन करने वाले युवाओं का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10वीं कक्षा (Matriculation) पास होना जरूरी है, वहीं हेड कांस्टेबल के पदों के लिए 12वीं (Intermediate) या समकक्ष परीक्षा पास होना अनिवार्य माना गया है। इसके अलावा तकनीकी पदों के लिए संबंधित ट्रेड में आईटीआई या डिप्लोमा प्रमाण पत्र भी मांगा जा सकता है। आयु सीमा की बात करें तो सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष तय की गई है, जबकि आरक्षित श्रेणियों (SC, ST, OBC) के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी।चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा से लेकर फिजिकल टेस्ट तक का सफरसीआरपीएफ कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल भर्ती 2026 की चयन प्रक्रिया बेहद पारदर्शी और सख्त चरणों में पूरी की जाएगी ताकि केवल सबसे योग्य और शारीरिक रूप से सक्षम उम्मीदवारों का ही चयन हो सके। सबसे पहले उम्मीदवारों को कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा (CBT Exam) से गुजरना होगा, जिसमें सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, गणित और हिंदी/अंग्रेजी से जुड़े बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को शारीरिक मानक परीक्षण (PST) और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के लिए बुलाया जाएगा, जिसमें दौड़, ऊंचाई और सीने के माप की जांच की जाती है। इसके बाद दस्तावेजों का सत्यापन (Document Verification) और अंत में विस्तृत चिकित्सा परीक्षण (Medical Examination) के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है।आवेदन करने की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियांजो योग्य और इच्छुक उम्मीदवार सीआरपीएफ के इन 521 पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे सीआरपीएफ की आधिकारिक वेबसाइट crpf.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपने सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर सही साइज में अपलोड करने होंगे। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क मात्र 100 रुपये तय किया गया है, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है। अंतिम तिथियों का इंतजार किए बिना समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें ताकि सर्वर डाउन होने जैसी समस्याओं से बचा जा सके और देश सेवा का यह सपना आसानी से पूरा हो सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:24 pm

बिहार शिक्षक भर्ती TRE 4.0 के लिए 25 सितंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू

बिहार राज्य के लाखों बीएड, डीएलएड और टीईटी पास युवाओं के लिए इस समय की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आ रही है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) और शिक्षा विभाग द्वारा बहुप्रतीक्षित शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी 'BPSC TRE 4.0 2026' के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, और इसके साथ ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 25 सितंबर 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है। राज्य के सरकारी स्कूलों में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए शिक्षकों के बंपर पदों पर होने वाली इस भर्ती को लेकर प्रदेशभर के युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यदि आप भी इस शिक्षक भर्ती में शामिल होने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस बार आवेदन प्रक्रिया में कौन-कौन से दस्तावेज (Documents) अनिवार्य रूप से मांगे गए हैं, ताकि अंतिम समय में आपको किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।BPSC TRE 4.0 2026 के आवेदन की तारीखें और महत्वपूर्ण तिथियांबिहार शिक्षक भर्ती चौथे चरण (TRE 4.0) के तहत आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए BPSC ने पूरा शेड्युल पहले ही स्पष्ट कर दिया है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरने की शुरुआत 25 सितंबर से होगी, और उम्मीदवारों को इसके लिए एक निश्चित समयावधि प्रदान की जाएगी। चूंकि पिछले चरणों की परीक्षाओं में सर्वर डाउन होने और अंतिम दिनों में वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आने की समस्या देखी गई थी, इसलिए विशेषज्ञों और आयोग द्वारा यह सलाह दी गई है कि सभी अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही अपने सभी कागजात तैयार रखें और समय रहते अपना फॉर्म ऑनलाइन सबमिट कर दें। परीक्षा के आयोजन और एडमिट कार्ड से जुड़ी विस्तृत जानकारियां भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर लगातार अपडेट की जा रही हैं।आवेदन के लिए आवश्यक शैक्षणिक और व्यावसायिक योग्यता दस्तावेजकिसी भी प्रतियोगी परीक्षा में फॉर्म भरते समय शैक्षणिक दस्तावेजों की सटीकता सबसे ज्यादा मायने रखती है। BPSC TRE 4.0 के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मैट्रिक (10वीं) का प्रमाण पत्र और मार्कशीट होनी चाहिए जिसमें जन्मतिथि का सत्यापन हो सके। इसके साथ ही इंटरमीडिएट (12वीं) की मार्कशीट, स्नातक (Graduation) की डिग्री और मार्कशीट, स्नातकोत्तर (Post Graduation) यदि लागू हो, और सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जैसे कि D.El.Ed, B.Ed या M.Ed की सभी मार्कशीट और प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) पेपर-1 या पेपर-2 अथवा बिहार शिक्षक पात्रता परीक्षा (BTET / STET) का पासिंग सर्टिफिकेट और स्कोरकार्ड होना सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि इसके बिना फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा।पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण कागजातशैक्षणिक योग्यताओं के अलावा उम्मीदवारों को अपनी पहचान और स्थानीयता साबित करने के लिए कुछ वैधानिक दस्तावेजों की भी आवश्यकता होगी। इनमें सबसे प्रमुख भारत सरकार द्वारा जारी वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड (Aadhaar Card), पैन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड शामिल है। चूंकि यह भर्ती बिहार राज्य के अंतर्गत हो रही है, इसलिए राज्य के मूल निवासियों के लिए सक्षम प्राधिकारी (RO/CO स्तर) द्वारा जारी किया गया मूल निवास प्रमाण पत्र (Residential Certificate) होना अनिवार्य है, जिससे आरक्षण का लाभ मिल सके। इसके साथ ही आरक्षित श्रेणी (SC, ST, EBC, BC, EWS) के उम्मीदवारों को अपना जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) और नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र भी अपडेटेड फॉर्मट में तैयार रखना होगा ताकि डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के वक्त किसी प्रकार की अड़चन न आए।पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ, डिजिटल हस्ताक्षर और अन्य तकनीकी निर्देशऑनलाइन आवेदन करते समय अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों की क्वालिटी को लेकर BPSC हमेशा से बहुत सख्त रहा है। उम्मीदवारों को हाल ही में खींची गई अपनी पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, जो स्पष्ट रूप से दिखाई दे, और सफेद कागज पर किए गए नीले या काले पेन के हस्ताक्षर (Digital Signature) की स्कैन की गई कॉपी तैयार रखनी होगी। फॉर्म भरते समय बायोमेट्रिक डिटेल्स और लाइव फोटो कैप्चरिंग की प्रक्रिया भी की जा सकती है, इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे साइबर कैफे या खुद फॉर्म भरते समय इन तकनीकी मापदंडों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की त्रुटि या फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर उम्मीदवारी तुरंत रद्द कर दी जाएगी और भविष्य की परीक्षाओं से डिबार भी किया जा सकता है।बिहार शिक्षक भर्ती TRE 4.0 के लिए तैयारी और सफलता की रणनीतिचूंकि 25 सितंबर से आवेदन शुरू होने के बाद परीक्षा के लिए ज्यादा समय नहीं मिलने वाला है, इसलिए अभ्यर्थियों को अपनी पढ़ाई और डॉक्यूमेंट्स जुटाने के काम को एक साथ गति देनी चाहिए। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने का यह सुनहरा अवसर उन युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो लंबे समय से एक स्थिर और प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं। आयोग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए समय पर आवेदन करें और अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें ताकि इस बार के इस महा-शिक्षक भर्ती अभियान में आप अपनी एक सीट पक्की कर सकें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:24 pm

सिर्फ 175 अंक लाने वाले मेधावी भी अब पा सकेंगे मनपसंद मेडिकल सीट

भारतीय चिकित्सा शिक्षा और स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनने का सपना देख रहे देश के हजारों पीजी मेडिकल छात्रों के लिए इस समय की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट सुपर स्पेशलिटी यानी नीट एसएस (NEET SS 2025) की काउंसलिंग और एडमिशन प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत के इस नए आदेश के बाद परीक्षा की कट-ऑफ (Cut-Off) में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते अब 600 में से मात्र 175 अंक प्राप्त करने वाले छात्र भी देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में सुपर स्पेशलिटी (DM/MCh) सीटों पर प्रवेश पाने के योग्य हो गए हैं। इस बड़े बदलाव के बाद से मेडिकल छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, और इस फैसले को चिकित्सा शिक्षा के इतिहास का एक बहुत बड़ा मोड़ माना जा रहा है।सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक आदेश से मेडिकल छात्रों को मिली बड़ी राहतदेश भर में सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के लिए होने वाली नीट एसएस परीक्षा हमेशा से अपनी कड़ी प्रतिस्पर्धा और उच्च मानकों के लिए जानी जाती है। पिछले वर्षों में यह देखा गया था कि सख्त कट-ऑफ नियमों के कारण कई बार देश के महंगे और अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी की कई सीटें खाली रह जाती थीं, जबकि दूसरी तरफ योग्य और स्पेशलाइजेशन की इच्छा रखने वाले डॉक्टर एडमिशन पाने से वंचित रह जाते थे। इसी विसंगति और छात्रों की लंबे समय से चली आ रही अपीलों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया। अदालत ने वर्तमान परिस्थितियों और देश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी मांग को देखते हुए कट-ऑफ अंकों को युक्तिसंगत बनाने का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप अब 175 अंक लाने वाले छात्र भी प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।सुपर स्पेशलिटी सीटों के खाली रहने की समस्या का होगा स्थायी समाधानभारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में आज भी न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी जैसे सुपर स्पेशलिटी विभागों में योग्य और प्रशिक्षित डॉक्टरों की भारी कमी महसूस की जाती है। इसके बावजूद, हर साल प्रवेश नियमों की सख्ती के कारण सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सैकड़ों सुपर स्पेशलिटी सीटें बिना भरे ही खाली रह जाती थीं, जो देश के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा नुकसान था। सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि एक भी सीट व्यर्थ नहीं जाएगी। कम अंकों के दायरे में आने वाले जिन छात्रों को पहले अयोग्य मान लिया जाता था, उन्हें अब अपनी पसंद के विषयों में स्पेशलाइजेशन हासिल करने का सुनहरा मौका मिलेगा, जिससे आने वाले समय में देश को और अधिक सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर मिल सकेंगे।नीट एसएस काउंसलिंग प्रक्रिया और कट-ऑफ संशोधन का पूरा गणितसुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस (NBE) और चिकित्सा परामर्श समिति (MCC) द्वारा नीट एसएस की काउंसलिंग प्रक्रिया के नए नियमों को तेजी से लागू किया जा रहा है। संशोधित कट-ऑफ के अनुसार, अब उन सभी उम्मीदवारों के लिए दरवाजे खुल गए हैं जिन्होंने परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक (Modified Qualifying Marks) हासिल कर लिए हैं। जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से काउंसलिंग के अगले राउंड में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या में भारी उछाल आएगा। जिन छात्रों के अंक कम होने के कारण पहले अच्छे कॉलेजों में दाखिला मिलने की कोई उम्मीद नहीं बची थी, वे अब अपनी रैंक के हिसाब से बची हुई सीटों के लिए च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे।देश की स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल एजुकेशन पर पड़ने वाला दूरगामी असरयह पूरा घटनाक्रम केवल कुछ अंकों की छूट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के संपूर्ण चिकित्सा शिक्षा ढांचे (Medical Education System) में एक सकारात्मक लचीलेपन का प्रतीक है। आलोचकों का एक वर्ग भले ही कम कट-ऑफ पर सवाल उठा रहा हो, लेकिन समर्थकों का तर्क है कि प्रवेश परीक्षा का प्राथमिक उद्देश्य केवल शुरुआती फिल्टर लगाना होता है, जबकि वास्तविक चिकित्सकीय कौशल और ज्ञान की परख अस्पतालों के कठिन प्रशिक्षण के दौरान होती है। इस फैसले से उन मध्यम वर्गीय और दूरदराज के इलाकों के डॉक्टरों को भी आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा जो कड़ी मेहनत के बावजूद बेहद कठिन परीक्षाओं में शीर्ष रैंक हासिल करने से चूक जाते थे। कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश नीट एसएस 2025 के छात्रों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:23 pm

तमिलनाडु के हॉस्टलों में बीफ की डिमांड, मंत्री ने कहा-अफसरों के साथ चर्चा कर लेंगे फैसला

मंत्री ने कहा कि विभाग पहले से ही छात्रों के फीडबैक के आधार पर छात्रावासों के मेन्यू में एक-एक कर सुधार कर रहा है, जिसके तहत उपमा और सेवईं खिचड़ी जैसे नापसंद किए जाने वाले व्यंजनों की जगह इडली और डोसा जैसे लोकप्रिय नाश्ते शामिल किए गए हैं.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:23 pm

डिलीवरी पार्टनर या राइड ड्राइवर, कहां आसानी से होती है कमाई?

डिलीवरी पार्टनर और राइड ड्राइवर के अपने-अपने जोखिम हैं. लेकिन साथ ही अपने-अपने फायदे भी हैं. कई लोग दोनों काम भी कर रहे हैं, लेकिन आप अपनी सहूलियत, ज़रूरत के हिसाब से चीज़ों को तय कर सकते हैं. यहां समझिए कि दोनों में आपके लिए क्या ज्यादा आसान और फायदेमंद है.

आज तक 23 Sep 2026 1:22 pm

21 दिनों तक नाभि में तेल लगाने से क्या होगा? जानें नाभि में सरसों, नारियल, बादाम और नीम का तेल डालने के फायदे

योग गुरु महिमा नैन ने नाभि में तेल लगाने का सही तरीका और अलग-अलग तेल के फायदे बताए हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:22 pm

पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि पीएम मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही ट्रेड डील को 2026 के अंत तक पूरा करने की कोशिश की जा रही है। कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापार समझौते […] यह लेख पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 23 Sep 2026 1:20 pm

बांटे गए मुफ्त iPhone, घर में लगाया आईफोन का लंगर

iPhone लंगर के तहत 10 यूनिट्स को बांटा है, जबकि उन्होंने 100 हैंडसेट बांटने का ऐलान किया था. दरअसल, इसके लिए वह एक सार्वजनिक स्थल पर एक बड़ा आयोजन करने जा रहे थे, जिसमें लोगों को चुना जाना था. स्थानीय अथॉरिटी ने उनको परमिशन देने से मना कर दिया.

आज तक 23 Sep 2026 1:20 pm

Cleaning Hacks: मेहमानों के आने से पहले चमका लें पीली और बदरंग प्लास्टिक की कुर्सियां, ये 3 देसी नुस्खे आएंगे काम

आज हम आपको 3 ऐसे देसी घरेलू नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं जो कुर्सियों को फिर से साफ, चमकदार और लगभग नई जैसी दिखाने में मदद कर सकते हैं.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:20 pm

'मौत को देखा', बोलीं सुशांत की बहन, सुन्न शरीर-झेली पीड़ा

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक पॉडकास्ट में मौत को करीब से महसूस करने का अनुभव साझा किया. श्वेता ने इस अनुभव को पीड़ादायक बताया है.

आज तक 23 Sep 2026 1:20 pm

इम्तियाज अली की बेटी इदा ने रचाई सगाई, होने वाले दामाद कृष अग्रवाल पर बरसा निर्देशक का प्यार

बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने और अपने संवेदनशील तथा अनूठे निर्देशन के लिए पहचाने जाने वाले फिल्ममेकर इम्तियाज अली के परिवार से इस समय की एक बेहद खूबसूरत और मंगलमय खबर सामने आ रही है। निर्देशक इम्तियाज अली की लाडली बेटी इदा अली ने अपने जीवन के एक नए सफर की विधिवत शुरुआत करते हुए सगाई कर ली है। इदा ने कृष अग्रवाल के साथ सगाई की है, जिसके बाद से फिल्म गलियारों और सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। इस खास और निजी पारिवारिक समारोह में बॉलीवुड के कई करीबी लोग, रिश्तेदार और खास दोस्त शामिल हुए। सगाई की इन खूबसूरत तस्वीरों और पलों ने इंटरनेट पर आते ही धूम मचा दी है, जिसमें होने वाले ससुर इम्तियाज अली अपने होने वाले दामाद कृष अग्रवाल को गले लगाते और भरपूर आशीर्वाद देते हुए नजर आ रहे हैं।इम्तियाज अली की बेटी इदा अली का फिल्मी और कलात्मक सफरइम्तियाज अली की बेटी इदा अली ने कम उम्र से ही अपनी कलात्मक और रचनात्मक प्रतिभा से सबका ध्यान आकर्षित किया है। अपनी मां और निर्देशक की राह पर चलते हुए इदा ने भी निर्देशन, लेखन और थियेटर के क्षेत्र में अपनी गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने कई शॉर्ट फिल्मों और क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स पर काम किया है, जिससे यह साफ झलकता है कि उनमें अपने पिता की तरह ही कहानियों को परदे पर उतारने की गजब की समझ है। हालांकि इदा ने अभी बॉलीवुड में मुख्यधारा के कमर्शियल सिनेमा में बड़े पैमाने पर कदम नहीं रखा है, लेकिन अपनी बौद्धिक सोच और कला प्रेम के कारण वह हमेशा से चर्चा में रहती हैं। उनकी सगाई की इस खबर ने उनके चाहने वालों और फिल्म जगत के लोगों में एक अलग ही खुशी की लहर दौड़ा दी है।सगाई के समारोह में दिखी सादगी और पारिवारिक गर्मजोशीबॉलीवुड हस्तियों के कार्यक्रमों में अक्सर भारी-भरकम पार्टियों और चकाचौंध का माहौल देखने को मिलता है, लेकिन इम्तियाज अली और उनके परिवार ने इदा की सगाई के इस जश्न को बेहद सादगीपूर्ण, गर्मजोशी से भरा और पारंपरिक अंदाज में सेलिब्रेट किया। सामने आई तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि इस फंक्शन में परिवार के चुनिंदा करीबी लोग ही मौजूद थे, जिससे इस समारोह की गर्माहट और अपनेपन का अहसास और अधिक बढ़ गया। इदा अली अपने इस खास दिन पर बेहद खूबसूरत एथनिक आउटफिट में नजर आ रही थीं, वहीं कृष अग्रवाल भी ट्रेडिशनल लुक में काफी जंच रहे थे। दोनों की जोड़ी को देखकर वहां मौजूद हर शख्स ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।ससुर इम्तियाज अली और कृष अग्रवाल की बॉन्डिंग ने जीता सबका दिलइस पूरी सगाई समारोह की सबसे खास और चर्चा का विषय बनी तस्वीर वह थी जिसमें मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली अपने होने वाले दामाद कृष अग्रवाल को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद देते और गले लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इम्तियाज अली की फिल्मों में हमेशा रिश्तों की गहराई, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों को बहुत ही खूबसूरत तरीके से दिखाया जाता है, और असल जिंदगी में भी उनके परिवार की यह आत्मीयता साफ झलकती है। कृष अग्रवाल के साथ इम्तियाज अली की यह बॉन्डिंग इस बात का सबूत है कि परिवार ने इस नए रिश्ते को बहुत ही खुले दिल से स्वीकार किया है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को फैंस द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है और लोग कह रहे हैं कि असली रिश्तों की खूबसूरती ऐसी ही होती है।सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और फैंस की बधाइयों का सिलसिलाजैसे ही इदा अली और कृष अग्रवाल की सगाई की तस्वीरें इंटरनेट पर आईं, वे आग की तरह फैल गईं। फिल्म इंडस्ट्री के तमाम कलाकारों, निर्देशकों और आम सोशल मीडिया यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में नव-युगल को ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं देनी शुरू कर दीं। फैंस का कहना है कि इम्तियाज अली की बेटी ने बिना किसी फिल्मी ड्रामे के अपनी जिंदगी के इस अहम पड़ाव को बहुत ही शालीनता और खूबसूरती के साथ आगे बढ़ाया है। आने वाले समय में इस जोड़े की शादी को लेकर भी फैंस के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। यह पूरा मौका न केवल इम्तियाज अली के परिवार के लिए बल्कि उनके तमाम चाहने वालों के लिए भी बेहद खास और यादगार बन गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Sep 2026 1:18 pm

पाक‍िस्तान में व‍िरोध की राजनीत‍ि का प्रतीक कैसे बने कंटेनर्स, देखें

पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही सड़कों पर किलेबंदी शुरू हो गई है. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI ने 27 सितंबर को हर हाल में इस्लामाबाद में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. इसके जवाब में सरकार ने भी पूरी ताकत झोंक दी है. लगभग 1000 कमर्शियल शिपिंग कंटेनरों को जब्त करके सड़कों पर बिछाया जा रहा है. इमरान खान की तीनों बहनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन पाकिस्तान की राजनीति में यह कोई नया नजारा नहीं है- दिलचस्प बात यह है कि कभी खुद इमरान खान इन्हीं कंटेनरों के दूसरी तरफ खड़े थे.

आज तक 23 Sep 2026 1:18 pm

बनवा लें गाड़ी का ये कागज, 1 अक्टूबर से नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

वाहन मालिकों से कहा गया है कि वे 30 सितंबर से पहले अपने वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की वैधता जांच लें और प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है या जल्द समाप्त होने वाला है तो समय रहते उसे रिन्यू करा लें. 1 अक्टूबर से बिना वैलिड PUCC के किसी भी वाहन को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा.

आज तक 23 Sep 2026 1:17 pm

आखिर अपने ही देश में क्यों बैन है ये एक्ट्रेस?

मंदाना करीमी करीब 16 साल भारत में रहने और करियर बनाने के बाद सुरक्षा कारणों से देश छोड़ चुकी हैं। ईरानी मूल की एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर कर फैंस से जुड़ी रहती हैं।

आज तक 23 Sep 2026 1:16 pm

इस राज्य में बदल गया गेम, BJP में पाला बदलकर शामिल हुए 8 विधायक

8 UDP विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इससे बीजेपी अब मेघालय विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी नेताओं ने दिल्ली में उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई.

आज तक 23 Sep 2026 1:15 pm

Facebook और X पर एंटी नेशनल कंटेंट हटाने की मांग खारिज, Supreme Court का दखल से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक PIL पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस PIL में केंद्र और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऐसे कंटेंट और मीम्स की पहचान करने, उन्हें हटाने और ब्लॉक करने के निर्देश देने की मांग की गई थी, जिन्हें याचिकाकर्ता ने देश-विरोधी नारे और भाषण बताया था। चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने अहमदाबाद के रहने वाले याचिकाकर्ता हितेंद्र कुमार परसोत्तमभाई गाधिया की ओर से पेश वकील बरुण सिन्हा की दलीलों को नहीं माना। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से दूसरे विकल्पों पर विचार करने को कहा। सुनवाई के दौरान, बेंच ने इस याचिका को सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़े किसी दूसरे लंबित मामले के साथ जोड़ने से भी इनकार कर दिया। कोर्ट में दी गई दलीलों के मुताबिक, चीफ़ जस्टिस सूर्य कांत ने याचिकाकर्ता से कहा आप दूसरे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। याचिका में केंद्र और कई सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को उन पोस्ट के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की गई थी, जिनके बारे में याचिकाकर्ता का आरोप था कि वे सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय अखंडता, सार्वजनिक व्यवस्था और न्यायिक स्वतंत्रता पर असर डाल सकते हैं। इसे भी पढ़ें: SIR पर अंदरूनी मतभेद की खबरों को चुनाव आयोग ने किया खारिज, कहा- 'सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए', विपक्ष का CEC ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला PIL में क्या मांग की गई थी? याचिकाकर्ता ने कहा कि यह याचिका X Corp, Facebook, YouTube, Instagram और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म पर दिखाए और फैलाए जा रहे उन नारों, भाषणों या बयानों के खिलाफ दायर की गई थी, जिन्हें उन्होंने 'राष्ट्र-विरोधी' बताया। याचिका में आरोप लगाया गया कि SMS और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए झूठे मैसेज फैलाने और CJP के बैनर तले बेकाबू भीड़ से पैदा हुए सुरक्षा खतरों के कारण राष्ट्रीय राजधानी और कई राज्यों की राजधानियां बंधक जैसी स्थिति में आ गई थीं। इसमें यह भी कहा गया कि फेक न्यूज़ और भड़काऊ बयानों व भाषणों के प्रसार से सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा हुआ, जिससे अशांति और अव्यवस्था फैली। इसे भी पढ़ें: Election Commissioners की साख पर गहराया महा-संकट! निष्पक्षता पर उठी उंगली, क्या Supreme Court लेगा चुनाव आयोग में असहमति का स्वतः संज्ञान? याचिका में सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक करने की मांग की गई याचिकाकर्ता ने 'रिट ऑफ़ मैंडमस' (अदालत का आदेश) की मांग की, जिसमें प्रतिवादियों को X Corp, YouTube, Facebook, Instagram और WhatsApp पर पब्लिश सोशल मीडिया पोस्ट को ब्लॉक करने या हटाने का निर्देश देने को कहा गया। याचिका के अनुसार, जिन पोस्ट को हटाने की मांग की गई, वे ऐसी थीं जिनसे जनता को सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय अखंडता और न्यायिक स्वतंत्रता के खिलाफ भड़काने और संवैधानिक अधिकारियों के अधिकार को कमजोर करने की आशंका थी।याचिका में ऐसे कंटेंट और मीम्स का भी ज़िक्र किया गया, जिनके बारे में याचिकाकर्ता का आरोप था कि वे राष्ट्र-विरोधी नारों और भाषणों से जुड़े थे।

प्रभासाक्षी 23 Sep 2026 1:14 pm

Bank Open on Sunday: इस रविवार को खुले रहेंगे बैंक, RBI ने दी मंजूरी, हड़ताल से पहले 27 सितंबर को नहीं रहेगी छुट्टी

28 से 30 सितंबर तक संभावित हड़ताल को देखते हुूए RBI ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय बैंक ने कहा है कि रविवार को भी बैंक खुले रहेंगे, ताकि ग्राहकों को परेशानी न हो.

NDTV इंडिया 23 Sep 2026 1:12 pm

कर्नल हनी बख्शी ने निभाया नीम करोली बाबा का किरदार, सेना के बाद फिल्मों में बनाई पहचान

सेना की नौकरी और सिनेमा की दुनिया का एक दिलचस्प मेल देखने को मिला है। रिटायर्ड आर्मी अफसर कर्नल मुनीश्वर नाथ बख्शी, जिन्हें कर्नल हनी बख्शी के नाम से भी जाना जाता है, 2026 की बायोग्राफिकल फिल्म Hanuman Ansh में आध्यात्मिक संत नीम करोली बाबा के किरदार में नजर आए हैं। सेना में लंबे समय […] यह लेख कर्नल हनी बख्शी ने निभाया नीम करोली बाबा का किरदार, सेना के बाद फिल्मों में बनाई पहचान सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है

टीएफआई पोस्ट 23 Sep 2026 1:12 pm