Gandhi Jayanti: अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत BJP नेताओं ने बापू व शास्त्री को दी श्रद्धांजलि
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें ‘‘गुदड़ी का लाल’’ बताया और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनके दृढ़ नेतृत्व तथा राष्ट्रहित में लिए गए साहसिक फैसलों को याद किया। उन्होंने कहा कि ‘‘जय जवान, जय किसान’’ के उद्घोष के साथ शास्त्री ने देश के अन्नदाताओं और सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों को राष्ट्र की शक्ति और गौरव का प्रतीक बनाया। शाह ने कहा कि सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के शास्त्री के आदर्श लोगों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। गांधी को याद करते हुए शाह ने कहा कि महात्मा गांधी के लिए स्वराज केवल स्वतंत्रता का लक्ष्य नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव था। उन्होंने कहा कि गांधी ने स्वदेशी, अपनी भाषा, संस्कृति और स्वच्छता को भारतीय समाज के मूल दर्शन का हिस्सा बनाया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शास्त्री को ईमानदारी, उच्च आदर्शों और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित नेता बताते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी और दृढ़ संकल्प का उदाहरण था। उन्होंने कहा कि ‘‘जय जवान, जय किसान’’ का उनका नारा आज भी देश की सुरक्षा, कृषि और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रेरित करता है। सिंह ने गांधी को भी श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा दी। उन्होंने कहा कि शांति, सहिष्णुता, समानता और एकता का गांधी का संदेश आज भी प्रासंगिक है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि शास्त्री के राष्ट्र के प्रति समर्पण और सादगीपूर्ण जीवन के आदर्श आज भी प्रेरणादायक हैं। गांधी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा को जीवन का आधार बनाकर महात्मा ने स्वतंत्रता की भावना को जन-जन तक पहुंचाया। भाजपा नेता जे. पी. नड्डा ने नयी दिल्ली में कर्तव्य भवन-1 के पास स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और कहा कि 2014 में शुरू हुआ स्वच्छ भारत अभियान एक प्रभावी जन आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने शास्त्री को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बताया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गांधी ने सत्य और अहिंसा के आधार पर स्वतंत्रता आंदोलन को जन आंदोलन बनाया। उन्होंने शास्त्री को सादगी और दृढ़ संकल्प की मिसाल बताया। भाजपा नेताओं संबित पात्रा, नितिन गडकरी और स्मृति ईरानी ने भी दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन तथा आदर्शों को याद किया। गांधी का जन्म दो अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और 30 जनवरी 1948 को दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई थी। शास्त्री का जन्म दो अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश में हुआ था और 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में उनका निधन हुआ। वह नौ जून 1964 से 11 जनवरी 1966 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे।
Rahul Gandhi से मुलाकात के बाद Raja Warring ने खोले पत्ते, इस्तीफे पर दिया साफ जवाब
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद हुई इस मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व बदलाव के बीच अहम माना जा रहा है। वड़िंग ने मुलाकात के बाद बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने मुझे बहुत प्यार और स्नेह दिया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली। राहुल गांधी से किन मुद्दों पर हुई बात? वड़िंग के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियों, उनसे निपटने के तरीकों और पार्टी की ताकत के बारे में राहुल गांधी से विस्तार से चर्चा की। वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। #WATCH | Delhi | On meeting with Congress central leadership, Congress MP Amarinder Singh Raja Warring says, ...I met my leader, Rahul Gandhi. I answered the questions he asked about Punjab and shared my thoughts. He showed great affection. After that meeting, my wife and I came… pic.twitter.com/HmboLbJfPc — ANI (@ANI) October 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को बताया वंशवाद बचाओ नाटक मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया वड़िंग ने साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया था, बल्कि उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे। कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। इसे भी पढ़ें: Bihar विधान परिषद चुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, 3 पर RJD से होगा मुकाबला नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी में चर्चा तेज है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुख दावेदारों में है। उनके अलावा परगट सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नाम भी चर्चा में हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।
ताडोबा पहुंचे टूरिस्ट, पहली सफारी में ही सामने से गुजरी बाघिन
महाराष्ट्र के चंद्रपुर स्थित ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व में तीन महीने बाद कोर जोन पर्यटकों के लिए खोल दिया गया. मोहुर्ली गेट पर पूजा-अर्चना और रिबन काटकर नए पर्यटन सीजन की शुरुआत हुई. पहले ही दिन सफारी पर निकले पर्यटकों को बाघिन दिखाई दी. नए सीजन के पहले दिन देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.
थलपति विजय की पत्नी संगीता और बेटी दिव्या को भारत में लंबे समय बाद देख चौंके लोग
साउथ सिनेमा के महानायक और वर्तमान समय के राजनीतिक क्षितिज पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने वाले थलपति विजय (Thalapathy Vijay) के परिवार से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली और सिनेमा गलियारों में सनसनी मचा देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। पिछले काफी समय से थलपति विजय और उनकी पत्नी संगीता सोरलिंगम (Sangeetha Sornalingam) के बीच अनबन की खबरों और दोनों के अलग रहने की अफवाहों ने सोशल मीडिया का बाजार गर्म कर रखा था, जिससे उनके फैंस भी काफी चिंतित थे। लेकिन हाल ही में कुछ ऐसा हुआ जिसने इन सारी अटकलों पर अचानक विराम लगा दिया और हर किसी की आंखें खुली की खुली रह गईं। संगीता और उनकी बेटी दिव्या साशा को अचानक भारत में एक बेहद खास और पारिवारिक मौके पर सार्वजनिक रूप से देखा गया। मौका था थलपति विजय और संगीता के बेटे जेसन संजय (Jason Sanjay) के निर्देशन में बनने वाली पहली डेब्यू फिल्म 'सिग्मा' (Sigma) से जुड़े एक विशेष कार्यक्रम या स्पेशल स्क्रीनिंग का, जहां मां और बहन ने पहुंचकर अपने लाडले का हौसला बढ़ाया। इस हाई-प्रोफाइल और सरप्राइज प्रेजेंस ने एक ही झटके में मीडिया की तमाम हेडलाइंस को अपनी ओर खींच लिया है, जिसके बारे में हर सिनेप्रेमी विस्तार से जानना चाहता है।क्या थी वह वजह जिसके चलते भारत लौटीं संगीता और दिव्या साशा?पिछले कई सालों से यह चर्चा जोरों पर थी कि थलपति विजय की पत्नी संगीता अपने बच्चों के साथ चेन्नई स्थित घर को छोड़कर विदेश में रह रही हैं, और अभिनेता के राजनीतिक सफर या पारिवारिक आयोजनों में उनकी गैर-मौजूदगी इन खबरों को हवा दे रही थी। लेकिन परिवार के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पड़ाव यानी उनके बेटे जेसन संजय के फिल्म निर्देशक के रूप में धमाकेदार करियर की शुरुआत के समय मां का यूं अचानक सामने आना यह साबित करता है कि पारिवारिक रिश्ते अंदर से कितने मजबूत हैं। जेसन संजय ने अभिनय के रास्ते को छोड़कर फिल्म निर्माण और निर्देशन (Direction) के क्षेत्र में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है, और उनकी आने वाली फिल्म 'सिग्मा' को लेकर इंडस्ट्री में पहले से ही काफी बज बना हुआ है। जब निर्देशक के तौर पर उनके बेटे की इस पहली बड़ी उपलब्धि का जश्न मनाने की बारी आई, तो संगीता और दिव्या खुद को रोक नहीं पाईं और उन्होंने भारत आकर इस खास मौके की शोभा बढ़ाई। इस पारिवारिक पुनर्मिलन और एक साथ नजर आने की तस्वीरों ने उन सभी अफवाहों का मुंहतोड़ जवाब दे दिया है जो लंबे समय से दोनों के अलगाव को लेकर फैलाई जा रही थीं।जेसन संजय की फिल्म 'सिग्मा' और परिवार का अटूट समर्थनकिसी भी युवा निर्देशक के लिए फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहली पहचान बनाना और वह भी तब जब आपके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार हों, एक बहुत बड़ी चुनौती और जिम्मेदारी का काम होता है। जेसन संजय ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलकर सीधे अभिनय में आने के बजाय कैमरे के पीछे रहकर तकनीक और निर्देशन की बारीकियों को सीखने का मार्ग चुना, जिसे क्रिटिक्स द्वारा बहुत सराहा गया है। जब उनकी बहुचर्चित फिल्म 'सिग्मा' का काम अंतिम चरणों में पहुंचा और इसकी पहली झलक या स्क्रीनिंग का मौका आया, तो पूरा परिवार अपने युवा डायरेक्टर के पीछे चट्टान की तरह खड़ा नजर आया। मां संगीता और बहन दिव्या साशा की इस विशेष उपस्थिति ने जेसन संजय का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह खबर फैली कि संगीता और दिव्या को एक साथ भारत में देखा गया है, फैंस ने राहत की सांस ली और दोनों की तस्वीरें इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गईं, जिस पर लगातार लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ रही है।सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और फैंस की खुशी का ठिकाना नहींथलपति विजय के फैंस के लिए यह किसी बड़े त्योहार से कम नहीं था क्योंकि वे लंबे समय से अपने चहेते स्टार के परिवार को एक फ्रेम में या कम से कम एक शहर में देखने के लिए तरस रहे थे। संगीता और दिव्या साशा की सादगी और उनके चेहरे पर बेटे की सफलता की चमक ने सबका दिल जीत लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीक्रेट स्क्रीनिंग और परिवार के इस मिलन ने यह साफ कर दिया है कि निजी जीवन के तमाम उतार-चढ़ाव या व्यस्तताओं के बावजूद पारिवारिक कर्तव्य और अपनों का प्यार हमेशा सर्वोपरि रहता है। थलपति विजय जो इस समय अपनी आने वाली फिल्मों और राजनीति में अपनी राजनीतिक पार्टी 'तमिझगा वेत्री कड़गम' (TVK) के कामों में पूरी तरह व्यस्त हैं, उनके परिवार का यह एकजुट होना उनके विरोधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। आने वाले समय में जब जेसन संजय की फिल्म 'सिग्मा' बड़े पर्दे पर रिलीज होगी, तो बॉक्स ऑफिस पर इस पारिवारिक समर्थन का एक अलग ही असर देखने को मिलेगा, और फिलहाल तो यह खबर हर तरफ चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।
वॉट्सऐप बिजनेस यूजर्स को झटका! अब मैसेज भेजने के देने होंगे पैसे
वॉट्सऐप बिजनेस यूजर्स के लिए 1 अक्टूबर से नया चार्जिंग नियम लागू हो गया है.अब कुछ सर्विस मैसेज भेजने पर बिजनेस को पैसे देने होंगे. मेटा ने पेमेंट मेथड नहीं जोड़ने वाले बिजनेस के मैसेज की डिलीवरी रोकने की चेतावनी भी दी है. इसका सीधा असर कारोबारियों पर पड़ेगा.
बॉलीवुड के 'संजू बाबा' ने पितृपक्ष में बिहार के गया में किया पिंडदान
भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्था के केंद्र माने जाने वाले ऐतिहासिक तीर्थ स्थल बिहार के गयाजी से इस वक्त एक बहुत ही श्रद्धा से ओत-प्रोत और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हिंदी सिनेमा जगत के लोकप्रिय और दिग्गज अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt), जिन्हें उनके फैंस प्यार से 'संजू बाबा' बुलाते हैं, हाल ही में पितृपक्ष के पवित्र अवसर पर अचानक गयाजी पहुंचे। अपने दिवंगत माता-पिता (सुनील दत्त और नरगिस दत्त) और पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनकी मुक्ति की कामना के लिए संजय दत्त ने विष्णुपाद मंदिर के प्रांगण में पहुंचकर पूरे धार्मिक विधि-विधान और कर्मकांड के साथ पिंडदान और तर्पण किया। इस दौरान उनके साथ स्थानीय तीर्थ पुरोहित और ब्राह्मण मौजूद रहे जिन्होंने पूरी सनातन परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न कराई। अपनी व्यस्त फिल्मी दुनिया और चकाचौंध से दूर एक आम इंसान की तरह पूरी निष्ठा के साथ अनुष्ठान करते हुए संजय दत्त की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसे देखकर उनके फैंस उनकी इस धार्मिक निष्ठा और पारिवारिक संस्कारों की जमकर तारीफ कर रहे हैं।पितृपक्ष का महत्व और गयाजी में पिंडदान की सनातन परंपराहिंदू धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha) के इन सोलह दिनों का विशेष और अत्यंत पवित्र महत्व माना गया है, जिसमें लोग अपने दिवंगत पूर्वजों, माता-पिता और बुजुर्गों को याद करते हैं तथा उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बिहार के गयाजी में फल्गु नदी के तट और प्रसिद्ध विष्णुपाद मंदिर में पिंडदान करने से पूर्वजों को सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है और वे बैकुंठ धाम को प्रस्थान करते हैं। यही वजह है कि साल के इस विशेष समय में देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से बड़े-बड़े उद्योगपति, राजनेता, फिल्मी सितारे और आम नागरिक गयाजी की पावन भूमि पर पहुंचते हैं। संजय दत्त का इस पावन अवसर पर गया आना और अपनी जड़ों तथा पारिवारिक परंपराओं से जुड़ाव दिखाते हुए पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान करना यह साबित करता है कि कितनी भी आधुनिकता आ जाए, लेकिन अपनी संस्कृति और पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव हर भारतीय के दिल में हमेशा जीवित रहता है।विष्णुपाद मंदिर में संजय दत्त का आध्यात्मिक और सरल रूपजब अभिनेता संजय दत्त गया के प्राचीन और ऐतिहासिक विष्णुपाद मंदिर पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया। पारंपरिक परिधान में पहुंचे संजय दत्त ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर भगवान विष्णु के चरण कमलों के दर्शन किए और वहां मौजूद विद्वान पंडा-ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में अपने पितरों के निमित्त विशेष पूजा-अर्चना की। आमतौर पर बड़े पर्दे पर एक्शन और रफ-टफ किरदारों में नजर आने वाले संजय दत्त का यह पूरी तरह से शांत, गंभीर और आध्यात्मिक रूप देखकर वहां मौजूद स्थानीय लोग और तीर्थयात्री भी हतप्रद रह गए। उन्होंने बहुत ही विनम्रता के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया, मंत्रोच्चार सुने और पुरोहितों द्वारा बताए गए एक-एक नियम का पूरी तन्मयता से पालन किया। गया के तीर्थ पुरोहितों ने भी अभिनेता की इस सहजता और धार्मिक संस्कारों की सराहना करते हुए कहा कि एक ग्लोबल स्टार होने के बावजूद जिस तरह उन्होंने जमीन से जुड़े रहकर अपने पितरों का श्राद्ध किया, वह वाकई प्रेरणादायक है।सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें और फैंस की भावुक प्रतिक्रियाएंसंजय दत्त के गयाजी में पिंडदान करने की यह खबर जैसे ही मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आई, वैसे ही उनके चाहने वालों के बीच यह चर्चा का विषय बन गई। फैंस लगातार उनकी तस्वीरों को शेयर कर रहे हैं और उनके इस कदम की सराहना कर रहे हैं, क्योंकि बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई बार सेलिब्रिटी अपनी धार्मिक या सांस्कृतिक जड़ों से दूर नजर आते हैं, लेकिन संजय दत्त ने जिस प्रकार खुलकर और पूरे विधि-विधान के साथ अपने दिवंगत माता-पिता को याद किया, उसने सबका दिल जीत लिया है। उनके दिवंगत पिता सुनील दत्त और मां नरगिस दत्त भारतीय सिनेमा के ऐसे स्तंभ रहे हैं जिनका देश भर में भारी सम्मान है, और उनके बेटे द्वारा इस तरह गया में पिंडदान करना परिवार की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रतीक है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि गयाजी की यह पवित्र भूमि किस प्रकार दुनिया भर के लोगों को अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से बांधे रखती है, और कैसे सनातन संस्कृति के धागे आज भी हर व्यक्ति के जीवन को मजबूती से जोड़े हुए हैं।
भारत ने आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को दिया 'रक्षा कवच
भारतीय रक्षा उद्योग, स्वदेशी तकनीकी ताकत और वैश्विक कूटनीति के इतिहास में इस वक्त एक बहुत बड़ा और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रक्षा निर्माण के क्षेत्र में दशकों तक आयातक की भूमिका में रहने वाला भारत अब दुनिया के कई देशों के लिए एक भरोसेमंद रक्षा निर्यातक (Defense Exporter) के रूप में मजबूती से उभर चुका है। इसी कड़ी में भारत ने सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले देशों जैसे आर्मेनिया, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को एक ऐसा अचूक 'रक्षा कवच' सौंप दिया है, जिसकी गूंज अब अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजारों में सुनाई दे रही है। यह कोई साधारण सैन्य उपकरण नहीं है, बल्कि एक अत्याधुनिक स्वदेशी एंटी-ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम है, जो दुश्मन की किसी भी मिसाइल, रॉकेट या कामikaze ड्रोन को सीमा रेखा से 30 किलोमीटर पहले ही हवा में भांपकर पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखता है। आज के इस विस्तृत और ज्ञानवर्धक आलेख में हम आपको भारत के इस मारक रक्षा तंत्र, उसकीिय क्षमताओं और रणनीतिक रूप से मित्र देशों को मिले इस सुरक्षा कवच के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं, जो यह साबित करता है कि 'आत्मनिर्भर भारत' का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है।भारत के रक्षा निर्यात की ऐतिहासिक छलांग और मित्र देशों का बढ़ता भरोसापिछले कुछ वर्षों के दौरान भारत के रक्षा मंत्रालय, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्र के रक्षा निर्माताओं ने मिलकर जो अद्भुत तालमेल दिखाया है, उसने देश की रक्षा अर्थव्यवस्था का कायापलट कर दिया है। कभी भारत अपनी सैन्य जरूरतों के लिए पूरी तरह विदेशी हथियारों पर निर्भर हुआ करता था, लेकिन आज ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, पिनाका रॉकेट लॉन्चर और विभिन्न रडार प्रणालियों की मांग दुनिया भर के देश कर रहे हैं। विशेष रूप से आर्मेनिया जैसे देश, जो अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए अत्याधुनिक और भरोसेमंद हथियारों की तलाश में रहते हैं, उन्होंने भारतीय रक्षा उपकरणों पर अपना अटूट भरोसा जताया है। आर्मेनिया द्वारा भारत से खरीदे गए ये उन्नत डिफेंस सिस्टम्स वहां की सीमाओं पर सुरक्षा को कई गुना मजबूत कर चुके हैं। इसी श्रृंखला में अब ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे मध्य एशियाई देशों के साथ भी भारत के रणनीतिक और रक्षा संबंध प्रगाढ़ हो रहे हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय रक्षा तकनीक अब पश्चिमी देशों की तकनीकों से किसी भी मामले में कम नहीं है बल्कि लागत और प्रभावशीलता के मामले में कहीं अधिक बेहतर है।कैसे काम करता है यह अचूक 30KM रेंज वाला स्वदेशी 'रक्षा कवच'?आधुनिक युद्ध की रणनीतियों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ड्रोन हमलों, मानवरहित विमानों (UAVs) और कम ऊंचाई पर उड़ने वाली क्रूज मिसाइलों का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है, जैसा कि हमने दुनिया के विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में भी देखा है। इस खतरे से निपटने के लिए भारत के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा शक्तिशाली एंटी-ड्रोन और शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम विकसित किया है, जो दुश्मन के किसी भी हवाई हमले को बहुत पहले ही बेअसर कर सकता है। इस डिफेंस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लक्ष्य को 30 किलोमीटर की दूरी से ही डिटेक्ट कर लेता है और उसकी ट्रेजेक्टरी को ट्रैक करके हवा में ही उसे तबाह कर देता है। इस सिस्टम में अत्याधुनिक रडार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कमांड एंड कंट्रोल यूनिट और उच्च सटीकता वाली इंटरसेप्टर मिसाइलें या डायरेक्ट एनर्जी वेपन्स लगे होते हैं, जो बिना किसी मानवीय देरी के स्वतः खतरों को समाप्त करने में सक्षम हैं। यही वजह है कि आर्मेनिया और अन्य मित्र देशों ने इस रक्षा प्रणाली को अपनी सैन्य शक्ति का मुख्य हिस्सा बनाने के लिए भारत के साथ बड़े रक्षा समझौते किए हैं।भू-राजनीतिक समीकरण और भारत की 'आत्मनिर्भरता' का वैश्विक असरभारतीय रक्षा प्रणालियों का इन मित्र देशों तक पहुंचना केवल व्यावसायिक निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़ा भू-राजनीतिक संदेश भी देता है। आर्मेनिया का भू-भाग और उसकी सुरक्षा चुनौतियां बहुत जटिल रही हैं, ऐसे समय में भारत द्वारा समय पर उच्च गुणवत्ता वाले रक्षा उपकरण उपलब्ध कराना दोनों देशों के बीच गहरी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। इसी प्रकार, मध्य एशिया के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाना भारत की 'एक्सटेंडेड नेबरहुड' पॉलिसी और ग्लोबल सिक्योरिटी कमिटमेंट का एक बेहतरीन उदाहरण है। दुनिया के कई देश अब यह समझने लगे हैं कि चीन या अन्य पारंपरिक हथियारों के सप्लायरों की तुलना में भारत द्वारा बनाए गए रक्षा उत्पाद अधिक भरोसेमंद, आधुनिक और किफायती हैं। 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत डिफेंस सेक्टर में हासिल की गई यह सफलता देश के युवाओं, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत का परिणाम है, जो आने वाले समय में भारत को दुनिया का सिरमौर रक्षा निर्यातक बनाने की पूरी क्षमता रखता है।
हनुमान जी ने बचाया': प्रधानमंत्री मोदी के सामने भावुक हुए जांबाज स्मित मच्छार
देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से इस वक्त एक ऐसा बेहद भावुक, दिल को छू लेने वाला और गर्व से भर देने वाला पल सामने आया है, जिसने हर भारतीय की आंखें नम कर दी हैं। जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और संवाद करने का अवसर देश के उन जांबाजों को मिलता है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की सेवा में अदम्य साहस का परिचय दिया है, तो वह दृश्य इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है। ऐसा ही एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायक पल तब देखने को मिला जब एक असाधारण मिशन के नायक और देश के वीर जांबाज स्मित मच्छार प्रधानमंत्री मोदी के सामने रूबरू हुए। प्रधानमंत्री से मिलने के बाद स्मित मच्छार इस कदर भावुक हो गए कि उनके मुंह से सहज ही यह निकल पड़ा कि संकट के उस भयानक दौर में उन्हें प्रत्यक्ष रूप से 'हनुमान जी ने बचाया' था और प्रधानमंत्री मोदी उनके जीवन के सबसे बड़े आदर्श हैं। इस मुलाकात के दौरान का यह वीडियो और संस्मरण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर देश का हर नागरिक गर्व महसूस कर रहा है कि हमारे देश के वीर सपूतों और शीर्ष नेतृत्व के बीच किस प्रकार का अटूट आत्मीय रिश्ता और राष्ट्रभक्ति की भावना जुड़ी हुई है।मौत के मुंह से वापसी और संकट के बीच जांबाज का अटूट विश्वासकिसी भी सैनिक, पायलट या असाधारण अभियान से जुड़े व्यक्ति के जीवन में कई ऐसे पल आते हैं जब मौत बिल्कुल सामने खड़ी नजर आती है, लेकिन उनका हौसला और भगवान पर अटूट विश्वास उन्हें उस संकट से सुरक्षित बाहर निकाल लाता है। स्मित मच्छार के जीवन में भी एक ऐसा ही बेहद खतरनाक और जानलेवा क्षण आया था जब उनका सामना किसी भारी आपातकालीन संकट से हुआ, जहां से जिंदा बचकर लौटने की उम्मीद बेहद कम थी। उस अत्यंत कठिन परिस्थिति को याद करते हुए जब स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने दिल की बात रखी, तो उन्होंने बताया कि उस भयावह पल में उन्होंने संकटमोचन हनुमान जी का स्मरण किया था और उन्हीं की असीम कृपा से उन्हें जीवनदान मिला। एक सच्चे और निडर देशभक्त के मुंह से इस प्रकार की बातें सुनना यह साबित करता है कि भारतीय संस्कृति की जड़ें हमारे जवानों के दिलों में कितनी गहराई तक समाई हुई हैं। संकट के समय घबराने के बजाय अपनी सूझबूझ और भगवान पर भरोसा रखते हुए मौत को मात देने की यह कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा का एक बहुत बड़ा स्रोत बन चुकी है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भावुक हुए स्मित मच्छार का वह ऐतिहासिक पलजब जांबाज स्मित मच्छार की मुलाकात देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई, तो उस सादगी भरे और आत्मीय मिलन ने वहां मौजूद हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी, जो हमेशा से देश के सैनिकों, सुरक्षा कर्मियों और असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वाले नागरिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं, ने बड़े स्नेह के साथ स्मित मच्छार की पीठ थपथपाई और उनके अदम्य साहस की खुलकर सराहना की। प्रधानमंत्री के सामने आते ही स्मित मच्छार की भावनाएं शब्दों के जरिए बाहर आ गईं और उनका गला रुंध गया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपने जीवन का सबसे बड़ा प्रेरणा स्त्रोत और आदर्श बताते हुए कहा कि देश का शीर्ष नेतृत्व जब इस प्रकार अपने हर एक नागरिक और जांबाज के साथ चट्टान की तरह खड़ा रहता है, तो देश के लिए कुछ भी कर गुजरने का जज्बा दोगुना हो जाता है। प्रधानमंत्री ने भी बहुत ही आत्मीयता से उनकी पूरी बात सुनी और उनके इस जीवट तथा देशभक्ति के जज्बे को सलाम किया, जो भारत की मजबूत इच्छाशक्ति का एक जीवंत उदाहरण है।राष्ट्रभक्ति, समर्पण और देश के वीरों के प्रति सम्मान का संदेशयह पूरी घटना केवल एक व्यक्तिगत मुलाकात या भावुक प्रसंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे देश को राष्ट्रभक्ति, समर्पण और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का एक बहुत बड़ा संदेश देती है। आज जब भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के मामले में दुनिया भर में अपनी एक मजबूत पहचान बना रहा है, तो इसके पीछे हमारे उन वीर जवानों और नागरिकों का बहुत बड़ा योगदान है जो अपनी जान जोखिम में डालकर देश का मान बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जिस प्रकार देश के नायकों को सम्मानित किया जाता है और उनकी वीरता को सराहा जाता है, उससे युवाओं की आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है। स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री मोदी के बीच की यह भावुक बातचीत इस बात का प्रतीक है कि भारत का नेतृत्व और उसकी जनता एक परिवार की तरह देश की सुरक्षा और प्रगति के लिए समर्पित है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि चाहे कितनी भी बड़ी विपत्ति क्यों न आए, यदि आपके भीतर अटूट साहस है और आपका नेतृत्व आपके साथ है, तो आप हर चुनौती को पार करके विजय प्राप्त कर सकते हैं।
पाकिस्तान रह गया पीछे: भारत की इस कूटनीतिक जीत ने पड़ोसी मुल्क को किया हैरान
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, भू-राजनीतिक समीकरणों और व्यापारिक गलियारों से इस वक्त एक ऐसी बड़ी और रणनीतिक खबर सामने आ रही है जिसने पड़ोसी देश पाकिस्तान के खेमे में गहरी मायूसी और खलबली मचा दी है। दशकों से क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीतिक चालों में उलझा रहने वाला पाकिस्तान अब आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत से लगातार पिछड़ता जा रहा है, और इसका ताजा उदाहरण एक बेहद खास और पुराने मित्र देश द्वारा भारत पर अटूट भरोसा जताते हुए उठाया गया बड़ा कदम है। इस मित्र देश ने पाकिस्तान के तमाम विरोध और प्रोपेगेंडा को दरकिनार करते हुए भारत के साथ सीधे व्यापारिक, सांस्कृतिक और ट्रांजिट गलियारे (Transit Corridor) के दरवाजे पूरी तरह से खोल दिए हैं। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से दोनों देशों के बीच माल की आवाजाही में लगने वाले समय और परिवहन लागत (Transportation Cost) में भारी कमी आई है, जिससे करोड़ों रुपये की बचत हो रही है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर पूरी दुनिया को यह दिखा दिया है कि भारत की मजबूत विदेश नीति और आर्थिक स्थिरता पर अब वैश्विक समुदाय का भरोसा किस कदर बढ़ चुका है, जबकि कंगाली और आंतरिक कलह से जूझ रहा पाकिस्तान इस पूरी दौड़ में कोसों पीछे छूट गया है।क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और भारत की बढ़ती साख से क्यों बौखलाया है पाकिस्तान?वैश्विक व्यापार और संपर्क मार्ग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, और जो देश इन गलियारों पर नियंत्रण रखता है या इनका हिस्सा बनता है, उसकी कूटनीतिक ताकत स्वतः बढ़ जाती है। लंबे समय से पाकिस्तान यह कोशिश करता रहा है कि वह अपने रणनीतिकारों और छद्म नीतियों के जरिए भारत को क्षेत्रीय व्यापारिक समझौतों और गलियारों से अलग-थलग कर दे, ताकि भारत की बढ़ती आर्थिक महाशक्ति बनने की रफ्तार को रोका जा सके। लेकिन हालिया घटनाक्रम ने पाकिस्तान के इन सभी नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया है। भारत के साथ अपनी गहरी दोस्ती और आपसी विश्वास का परिचय देते हुए इस मित्र राष्ट्र ने अपने भू-भाग से भारत के लिए विशेष व्यापारिक और परिवहन गलियारे को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के लागू होने से न केवल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को अभूतपूर्व गति मिलेगी, बल्कि दक्षिण एशिया के पूरे भू-राजनीतिक नक्शे पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत हो गई है। पाकिस्तान की सरकार और वहां की मीडिया इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उनके तमाम कूटनीतिक प्रयास आखिरकार भारत के बढ़ते प्रभाव के आगे कैसे पूरी तरह से धराशायी हो गए।समय और पैसे की भारी बचत: कैसे बदल रहा है व्यापारिक और आर्थिक परिदृश्य?इस नए ट्रांजिट गलियारे के खुलने से सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ माल ढुलाई के समय और परिवहन लागत में होने वाली भारी-भरकम बचत के रूप में सामने आया है। पारंपरिक रूप से जब व्यापारिक जहाजों या ट्रकों को लंबे और घुमावदार रास्तों से होकर गुजरना पड़ता था, तो उसमें ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ कई दिनों का अतिरिक्त समय भी लगता था, जिससे वस्तुओं की लागत काफी बढ़ जाती थी। लेकिन अब इस सुगम और सीधे गलियारे के मिल जाने से भारतीय उत्पादों और अन्य आवश्यक सामग्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने में लगने वाला समय आधे से भी कम रह गया है। व्यापार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस मार्ग के शुरू होने से दोनों देशों के व्यापारियों को करोड़ों रुपये की लॉजिस्टिक लागत की बचत होगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं और उद्योगों को मिलेगा। आधुनिक तकनीक, डिजिटल सप्लाई चैन मैनेजमेंट और इस प्रकार के उन्नत गलियारों के मेल से यह साबित हो गया है कि भविष्य का व्यापार केवल भौगोलिक नजदीकी पर नहीं, बल्कि आपसी भरोसे और कुशल लॉजिस्टिक्स पर टिका हुआ है।भू-राजनीतिक बदलाव और भविष्य के लिए एक नया मील का पत्थरयह पूरी घटना केवल दो देशों के बीच व्यापारिक समझौते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र के व्यापक भू-राजनीतिक समीकरणों में आ रहे एक बड़े बदलाव का स्पष्ट संकेत है। आज दुनिया का हर समझदार देश यह अच्छी तरह समझ चुका है कि अस्थिरता और आतंकवाद का पर्याय बन चुका पाकिस्तान भविष्य का साझेदार नहीं बन सकता, जबकि भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था, पारदर्शी नीतियों और भरोसेमंद नेतृत्व के दम पर वैश्विक विकास का एक नया इंजन बन चुका है। मित्र देश द्वारा उठाया गया यह साहसिक कदम अन्य पड़ोसी और क्षेत्रीय देशों को भी यह प्रेरणा देता है कि वे संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठकर भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दें। आने वाले समय में इस गलियारे के और अधिक विस्तार से क्षेत्रीय रोजगार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को जो नई गति मिलेगी, वह पाकिस्तान के लिए एक करारा कूटनीतिक सबक होगी जो यह साबित करता है कि तरक्की की राह पर साथ चलने वालों को ही दुनिया सलाम करती है, न कि नफरत और प्रोपेगेंडा फैलाने वालों को।
विटामिन D की कमी से हार्ट पर असर, कितना होना चाहिए इसका लेवल
आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन की हालिया रिसर्च में पाया गया है कि विटामिन D की कमी से हार्ट की सेल्स में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे हार्ट फंक्शन प्रभावित होता है.
पति से अनबन के बाद बहू ने सास के घर में मांगा रहने का कानूनी अधिकार
पारिवारिक रिश्तों, कानूनी दांव-पेच और घरेलू तनातनी से जुड़ी एक बहुत ही संवेदनशील और महत्वपूर्ण कानूनी खबर देश की राजधानी दिल्ली से सामने आ रही है, जिसने वैवाहिक विवादों और संपत्ति के अधिकारों को लेकर चल रही बहसों को एक नया मोड़ दे दिया है। जब पति-पत्नी के बीच आपसी अनबन बढ़ जाती है और रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं, तो कई बार कानूनी लड़ाइयां ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों तक पहुंच जाती हैं। ऐसा ही एक मामला तब देखने को मिला जब एक बहू ने अपने पति से विवाद होने के बाद अपनी सास के घर में ही जबरन रहने और संपत्ति पर अपना कानूनी अधिकार जताने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस मामले की गंभीरता को समझते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने इस याचिका पर बेहद बारीकी से सुनवाई की और अंततः बहू की उस याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उसने सास के घर पर दावा ठोका था। कोर्ट के इस ऐतिहासिक और स्पष्ट फैसले ने देश भर की अदालतों और पारिवारिक मामलों में एक बहुत बड़ा कानूनी उदाहरण पेश किया है, जिसके बारे में हर नागरिक और परिवार को विस्तार से जानना बेहद आवश्यक है, ताकि पारिवारिक संपत्तियों से जुड़े कानूनी नियमों की सही समझ बनी रहे।क्या था पूरा पारिवारिक विवाद और क्यों बहू पहुंची थी दिल्ली हाई कोर्ट?इस पूरे कानूनी संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब एक महिला का अपने पति के साथ वैवाहिक जीवन में भारी कलह और मनमुटाव पैदा हो गया, जिसके चलते दोनों के रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए। पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति न बन पाने के कारण महिला ने अपने ससुराल के घर को छोड़कर अलग रहना शुरू कर दिया या फिर वह उस घर में अपने अधिकारों की मांग करने लगी जो कानूनी रूप से उसकी सास के नाम पर दर्ज था। चूंकि वह घर पूरी तरह से बुजुर्ग सास की निजी और स्व-अर्जित संपत्ति (Self-acquired Property) था, इसलिए सास ने बहू को अपने घर में रहने की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद मामला कानूनी मंच पर पहुंच गया और निचली अदालतों से होते हुए यह याचिका दिल्ली हाई कोर्ट तक जा पहुंची। बहू का यह तर्क था कि विवाहित महिला होने के नाते उसे अपने ससुराल के घर में रहने का पूरा कानूनी अधिकार है, जबकि दूसरी तरफ सास का यह कहना था कि एक वयस्क बेटे और उसकी पत्नी को उनकी निजी संपत्ति में रहने के लिए जबरन मजबूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह उनके शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार का हनन है।दिल्ली हाई कोर्ट का स्पष्ट फैसला: सास की संपत्ति पर बहू का कोई निहित अधिकार नहींदिल्ली हाई कोर्ट ने इस याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलों, घरेलू हिंसा अधिनियम (Domestic Violence Act) के प्रावधानों और संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े पिछले तमाम सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का गहराई से अध्ययन किया। अदालत ने अपने फैसले में यह बहुत ही स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि यदि कोई मकान पूरी तरह से सास या ससुर की अपनी व्यक्तिगत और स्व-अर्जित संपत्ति है, तो उस घर में बहू का कोई स्वतः या जन्मजात कानूनी अधिकार नहीं बनता है। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि पति और पत्नी के बीच का वैवाहिक विवाद अपनी जगह है, जिसके समाधान के लिए कानून में अन्य रास्ते मौजूद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बहू अपनी सास को उनकी ही संपत्ति से बेदखल कर दे या उनकी मर्जी के खिलाफ उस घर में रहने का दबाव बनाए। बुजुर्ग माता-पिता को अपने बुढ़ापे में शांति से जीने का पूरा अधिकार है, और उन्हें बच्चों के आपसी झगड़ों के कारण अपनी ही निजी संपत्ति में तनावपूर्ण माहौल में रहने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।घरेलू हिंसा अधिनियम और संपत्ति के अधिकारों पर अदालत की बड़ी टिप्पणीइस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम के दायरे को भी बहुत ही सटीक तरीके से परिभाषित किया। अदालत ने यह समझाया कि हालांकि कानून महिलाओं को उनके वैवाहिक घर में रहने की सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन इसका दायरा केवल उस घर तक सीमित होता है जिस पर पति का कानूनी हक या स्वामित्व हो, या फिर वह घर संयुक्त परिवार की साझा संपत्ति (Shared Household) हो। यदि वह मकान पूरी तरह से सास-ससुर के नाम पर है और बेटा केवल वहां एक आश्रित या मेहमान की तरह रह रहा है, तो उस संपत्ति को बहू का 'साझा घर' नहीं माना जा सकता है। अदालत के इस महत्वपूर्ण फैसले ने उन तमाम मामलों में एक स्पष्ट दिशा निर्देश दे दिया है जहां अक्सर बहुएं अपने ससुराल वालों की निजी संपत्तियों पर अधिकार जमाने के लिए कानूनी दांव-पेच का सहारा लेती हैं। विधिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से बुजुर्ग सास-ससुर को बड़ी राहत मिलेगी और वे अपने घरों में बिना किसी मानसिक दबाव के सुकून भरा जीवन जी सकेंगे।पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा और कानूनी जागरूकता का संदेशयह पूरा प्रकरण समाज और अदालतों के सामने एक बार फिर से इस बात को रेखांकित करता है कि पारिवारिक रिश्तों की डोर जब कमजोर होती है, तो उसके परिणाम कितने जटिल हो जाते हैं। कानून हमेशा न्याय और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर काम करता है, जहां हर पक्ष के अधिकारों और कर्तव्यों का पूरा ध्यान रखा जाता है। जहां एक ओर महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून मौजूद हैं, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नागरिकों और बुजुर्ग माता-पिता के सम्मान तथा उनकी व्यक्तिगत संपत्ति की सुरक्षा का भी पूरा प्रावधान किया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट का यह फैसला इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि अदालतें भावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि संवैधानिक और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर निर्णय लेती हैं। वैवाहिक विवादों से जूझ रहे हर जोड़े को यह समझना चाहिए कि इस तरह की लंबी कानूनी लड़ाइयां रिश्तों को और अधिक कड़वा करती हैं, और अदालतों के इन फैसलों से समाज में यह संदेश जाता है कि कानून की सही जानकारी और उसका सम्मान करना ही हर समस्या का सबसे बेहतर समाधान है।
श्राद्ध के दिन घर का खाना खाएं या नहीं? प्रेमानंद महाराज ने बताया नियम
Pitru Paksha 2026: श्राद्ध के दिन घर में बना भोजन खाना चाहिए या नहीं? प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का जवाब देते हुए बताया श्राद्ध के दिन भोजन से जुड़ा सही नियम और तरीका.
रिटायरमेंट के बाद भी बरकरार रहेगी 'फाइनेंशियल आजादी': पैसे की नहीं होगी कभी कमी
जीवन का एक लंबा दौर कड़ी मेहनत और नौकरी करते हुए बीतने के बाद हर व्यक्ति का यह सपना होता है कि उसका बुढ़ापा या रिटायरमेंट का समय बिना किसी आर्थिक तनाव और पूरी शान के साथ गुजरे। आज के आधुनिक और मंहगाई से भरे दौर में जहां हर छोटी-छोटी चीज के लिए पैसों की जरूरत पड़ती है, ऐसे में रिटायरमेंट के बाद भी अपनी 'फाइनेंशियल आजादी' (Financial Freedom) को बनाए रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। अक्सर लोग रिटायरमेंट के वक्त मिलने वाले पैसों को या तो गलत जगह निवेश कर देते हैं या फिर बिना किसी प्लानिंग के खर्च कर बैठते हैं, जिससे उन्हें बाद में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। यदि आप भी चाहते हैं कि सेवानिवृत्ति के बाद आपको कभी भी किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और आपके बैंक खाते में पैसों की गाड़ी हमेशा सरपट दौड़ती रहे, तो आज के इस विस्तृत आलेख में हम आपको ऐसे 5 अचूक और बेहद काम के वित्तीय टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित और खुशहाल बना सकते हैं।रिटायरमेंट प्लानिंग की सही शुरुआत और समय का महत्वFinancial Freedom हासिल करने का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि आप अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू करेंगे, बुढ़ापे में आपको उतना ही बड़ा और सुरक्षित वित्तीय फंड मिलेगा। अधिकांश युवा अपनी पहली नौकरी लगते ही अपने खर्चों और शौक पूरे करने में लग जाते हैं और भविष्य की सुरक्षा के बारे में तब सोचते हैं जब उनके सिर पर उम्र का एक बड़ा पड़ाव आ चुका होता है। यदि आप अपने करियर के शुरुआती दौर यानी 20 से 30 साल की उम्र के बीच ही थोड़े-थोड़े पैसे बचाकर एसआईपी (SIP) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसी योजनाओं में निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो चक्रवर्ती ब्याज (Compound Interest) की ताकत से आपकी छोटी सी बचत भी रिटायरमेंट तक एक बहुत बड़ा साम्राज्य बन जाती है। इसलिए, यह कभी न सोचें कि रिटायरमेंट आने में अभी बहुत समय है, बल्कि आज और अभी से ही अपनी आय का एक निश्चित हिस्सा भविष्य के लिए अलग करना शुरू कर दें ताकि आपको जीवन के अंतिम पड़ाव में पैसों की किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े।पोर्टफोलियो में विविधता और सही जगह निवेश का फॉर्मूलासिर्फ पैसे बचा लेना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी उतना ही जरूरी है कि आपके बचाए हुए पैसे कहां और किस एसेट क्लास में निवेश किए जा रहे हैं। कई लोग सुरक्षित रिटर्न के चक्कर में सारा पैसा सिर्फ बैंक एफडी या पारंपरिक बीमा योजनाओं में डाल देते हैं, जहां मिलने वाला ब्याज देश की महंगाई दर को भी मात नहीं दे पाता है। अपनी फाइनेंशियल आजादी को हमेशा बरकरार रखने के लिए आपको अपने निवेश पोर्टफोलियो में विविधता (Diversification) रखनी होगी, जिसमें इक्विटी म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार के ब्लूचिप स्टॉक, सरकारी बॉन्ड, गोल्ड और रियल एस्टेट का एक संतुलित मिश्रण होना चाहिए। युवावस्था में आप इक्विटी जैसे थोड़े अधिक रिटर्न वाले विकल्पों में ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपको अपने पैसे को सुरक्षित और स्थिर रिटर्न देने वाली जगहों पर शिफ्ट करना चाहिए। सही समय पर सही जगह किया गया निवेश न केवल आपके मूलधन को सुरक्षित रखता है बल्कि महंगाई के असर से भी आपके फंड की क्रय शक्ति को बचाए रखता है।आकस्मिक खर्चों के लिए 'इमरजेंसी फंड' का होना है अनिवार्यजीवन अनिश्चितताओं से भरा हुआ है और कब किसके सामने कौन सा मेडिकल इमरजेंसी या बड़ा आर्थिक संकट आ जाए, यह कोई नहीं जानता। रिटायरमेंट के बाद जब आपकी नियमित मासिक सैलरी आनी बंद हो जाती है, तब यदि कोई अचानक बड़ा खर्च सामने आ जाए तो लोग अपनी गाढ़ी कमाई की सेविंग्स को तोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं, जिससे पूरी फाइनेंशियल प्लानिंग पटरी से उतर जाती है। इस समस्या से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आपके पास कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक के खर्च के बराबर का एक अलग 'इमरजेंसी फंड' (Emergency Fund) हमेशा मौजूद रहे, जिसे आपने किसी ऐसेलिक्विड फंड या बैंक खाते में रखा हो जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके। जब आपके पास आकस्मिक खर्चों के लिए अलग से वित्तीय सुरक्षा कवच होता है, तो आपको अपने मुख्य रिटायरमेंट निवेश को हाथ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती और आपकी वित्तीय स्वतंत्रता पर कभी कोई आंच नहीं आती है।कर्ज मुक्त जीवन और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण की कलारिटायरमेंट के बाद फाइनेंशियल फ्रीडम का आनंद उठाने का सबसे बड़ा मंत्र यह है कि आपके सिर पर किसी भी प्रकार का कोई कर्ज (Debt) नहीं होना चाहिए। चाहे वह होम लोन हो, कार लोन हो या क्रेडिट कार्ड का बकाया, सेवानिवृत्ति की दहलीज पर कदम रखने से पहले आपको अपने सभी ऋणों को पूरी तरह चुकता कर देना चाहिए, क्योंकि रिटायरमेंट के बाद यदि हर महीने ईएमआई भरने में ही आपकी आधी पेंशन चली जाएगी, तो आप कभी भी आर्थिक रूप से स्वतंत्र महसूस नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही, अपने खर्च करने की आदतों पर नियंत्रण रखना भी बेहद आवश्यक है। रिटायरमेंट के बाद अपनी लाइफस्टाइल को अपनी निश्चित आय के दायरे में ही ढालें, फिजूलखर्ची से बचें और दिखावे की दुनिया से दूर रहकर एक अनुशासित जीवन जिएं। जब आपके खर्चे नियंत्रित और व्यवस्थित होंगे, तो आपकी जमापूंजी बहुत लंबे समय तक आपका साथ निभाएगी और आपको कभी भी किसी वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।नियमित वित्तीय समीक्षा और स्वास्थ्य बीमा का सबसे बड़ा सुरक्षा कवचसमय के साथ देश की अर्थव्यवस्था, महंगाई दर और आपकी व्यक्तिगत जरूरतें बदलती रहती हैं, इसलिए यह बहुत जरूरी है कि आप साल में कम से कम एक बार अपने वित्तीय पोर्टफोलियो और निवेश की नियमित समीक्षा (Financial Review) जरूर करें। यह देखें कि आपका पैसा किन योजनाओं में बढ़ रहा है और क्या वह आपके भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है या नहीं। इसके अलावा, बुढ़ापे में सबसे बड़ा खर्च स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों और अस्पतालों के बिलों का होता है, जो पल भर में इंसान की बरसों की जमापूंजी को साफ कर सकता है। इससे बचने के लिए आपके पास एकमुश्त और पर्याप्त कवरेज वाला 'हेल्थ इंश्योरेंस' (Health Insurance) होना अनिवार्य है, ताकि गंभीर बीमारी की स्थिति में अस्पताल का सारा खर्च बीमा कंपनी उठाए और आपकी रिटायरमेंट सेविंग पूरी तरह सुरक्षित बनी रहे। इन पांचों महत्वपूर्ण टिप्स को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर आप भी बुढ़ापे में एक सम्मानजनक, तनावमुक्त और पूर्ण रूप से वित्तीय रूप से स्वतंत्र जीवन जी सकते हैं।
अजय राय की होगी छुट्टी, आराधना मिश्रा को कमान! UP कांग्रेस में बदलाव की तैयारी
यूपी में कांग्रेस अपने संगठन में बड़ा बदलाव करने जा रही है. रामपुर खास से विधायक और CLP नेता आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है.
देश में औपचारिक नौकरियों को लेकर लगातार बढ़ रही हैं गंभीर चिंताएं
आधुनिक डिजिटल युग और तकनीकी क्रांतियों के इस दौर में रोजगार के तौर-तरीकों में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसमें 'गिग इकॉनमी' (Gig Economy) यानी फ्रीलांस और प्रोजेक्ट-आधारित काम-धंधों का चलन तेजी से बढ़ा है। आज के समय में फूड डिलीवरी, कैब ड्राइविंग, ऑनलाइन सर्विस और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले युवाओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जिसे कई लोग आधुनिक रोजगार का एक बड़ा विकल्प बता रहे हैं। हालांकि, इसके विपरीत देश-विदेश के आर्थिक विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और श्रम अर्थशास्त्रियों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई है कि गिग इकॉनमी को कभी भी पारंपरिक, सुरक्षित और स्थाई बेरोजगारी का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता है। भारत जैसे विशाल जनसांख्यिकी वाले विकासशील देश में जहां युवाओं की फौज लगातार बढ़ रही है, वहां औपचारिक और सुरक्षित नौकरियों (Formal Jobs) की कमी को लेकर चिंताएं लगातार गहराती जा रही हैं। आज के इस विस्तृत और विश्लेषणात्मक आलेख में हम इसी बात पर चर्चा करने जा रहे हैं कि आखिर क्यों केवल गिग इकॉनमी के भरोसे देश के रोजगार संकट को हल नहीं किया जा सकता और क्यों देश में नियमित नौकरियों का होना अर्थव्यवस्था के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है।पारंपरिक औपचारिक नौकरियों और गिग इकॉनमी के बीच का बुनियादी फर्करोजगार के बाजार को गहराई से समझने वाले जानकारों का यह स्पष्ट मानना है कि एक नियमित नौकरी और गिग इकॉनमी के तहत मिलने वाले काम में जमीन-आसमान का फर्क होता है। पारंपरिक औपचारिक नौकरी में कर्मचारी को एक निश्चित मासिक वेतन, भविष्य निधि (PF), ग्रेच्युटी, मेडिकल इंश्योरेंस, पेड लीव्स और नौकरी की सुरक्षा जैसी कई बुनियादी सामाजिक सुरक्षा (Social Security) सुविधाएं मिलती हैं, जो उसके और उसके परिवार के भविष्य को सुरक्षित रखती हैं। इसके विपरीत, गिग वर्कर्स या फ्रीलांसर के रूप में काम करने वाले युवाओं के पास किसी भी प्रकार का कोई जॉब सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता है। उन्हें न तो कोई निश्चित वेतन की गारंटी मिलती है और न ही बीमारी, दुर्घटना या वृद्धावस्था के समय किसी प्रकार का वित्तीय सपोर्ट मिलता है। वे केवल उतने ही पैसे कमा पाते हैं जितने घंटों वे प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं या जितने आर्डर पूरे करते हैं। यही वजह है कि जब नीति निर्माताओं द्वारा गिग इकॉनमी को बेरोजगारी के विकल्प के रूप में पेश किया जाता है, तो विशेषज्ञ इसे एक खतरनाक छलावा मानते हैं, क्योंकि यह श्रमिकों को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता देने में पूरी तरह असमर्थ है।देश में क्यों बढ़ रही हैं औपचारिक नौकरियों की कमी को लेकर गंभीर चिंताएं?भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है, जहां हर साल करोड़ों युवा अपनी उच्च शिक्षा पूरी करके रोजगार के बाजार में उतरते हैं। देश की इस विशाल युवा शक्ति को खपाने के लिए पर्याप्त मात्रा में मैन्युफैक्चरिंग, कॉर्पोरेट, बैंकिंग और सरकारी सेक्टर में नियमित और औपचारिक नौकरियों का सृजन होना बेहद आवश्यक है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों के आर्थिक आंकड़ों और रोजगार सर्वे पर नजर डालें तो यह बात खुलकर सामने आती है कि जितनी तेजी से ग्रेजुएट युवाओं की संख्या बढ़ रही है, उतनी तेजी से अच्छी और स्थाई नौकरियों के अवसर पैदा नहीं हो पा रहे हैं। इस मांग और आपूर्ति के असंतुलन के कारण मजबूरी में उच्च शिक्षित युवा भी डिलीवरी ब्वॉय, राइड-शेयरिंग या अन्य गिग कार्यों में जुटने को विवश हो रहे हैं, जिसे कुछ लोग रोजगार के रूप में देख सकते हैं, लेकिन वास्तव में यह 'अंडर-एम्प्लॉयमेंट' (Under-employment) यानी योग्यता से कम स्तर का काम मिलने की एक गंभीर समस्या है। जब देश के सबसे प्रतिभाशाली युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार नियमित और सम्मानजनक रोजगार नहीं मिलता, तो देश की मानवीय पूंजी (Human Capital) का सही उपयोग नहीं हो पाता है।गिग वर्कर्स के अधिकार, श्रम कानून और सामाजिक सुरक्षा की बड़ी चुनौतियांचूंकि भारत में गिग इकॉनमी का दायरा तेजी से फैल रहा है, इसलिए सरकार और विभिन्न संगठनों का ध्यान अब इन श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा की तरफ भी आकर्षित होने लगा है। कई राज्यों और केंद्रीय स्तर पर गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए नीतियां बनाने की प्रक्रिया शुरू तो की गई है, लेकिन अभी भी जमीनी स्तर पर स्थिति बहुत संतोषजनक नहीं है। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म चलाने वाली बड़ी कंपनियाँ अक्सर इन कामगारों को कर्मचारी (Employee) न मानकर 'पार्टनर' या स्वतंत्र ठेकेदार बताती हैं, जिसके चलते वे श्रम कानूनों के न्यूनतम लाभों से भी वंचित रह जाते हैं। काम के लंबे घंटे, एल्गोरिदम के जरिए होने वाला नियंत्रण, इंसेंटिव में अचानक कटौती और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों के बीच इन युवाओं का भविष्य अनिश्चितता के बादलों से घिरा रहता है। यदि देश की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत और समावेशी बनाए रखना है, तो केवल गिग आधारित प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर रहने के बजाय देश के भीतर स्थाई और औपचारिक रोजगार के अवसरों को बड़े पैमाने पर बढ़ाना होगा, ताकि हर नागरिक गरिमापूर्ण जीवन जी सके।
वह सुंदर वृक्ष, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति फिर सींच रही है
महात्मा गांधी ने शिक्षा को केवल पढ़ाई और रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, भाषा, संस्कृति और जीवन से जोड़ने वाली व्यवस्था के रूप में देखा था.
सांप के डंसने पर बच्चे को लगा दिया कुत्ता काटने पर लगने वाला इंजेक्शन
संभल में सर्पदंश के बाद सरकारी अस्पताल में चार साल के बच्चे को एंटी वेनम की जगह कुत्ता काटने पर लगाए जाने वाली एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने का मामला सामने आया है. मूसापुर गांव के बच्चे को जिला संयुक्त चिकित्सालय से घर भेज दिया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे हसीना बेगम अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया. करीब 10 दिन के इलाज के बाद बच्चा स्वस्थ होकर घर लौट आया.
Tamil Nadu में Vettri Payanam योजना शुरू, महिलाओं को बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा
चेन्नई, दो अक्टूबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर महिलाओं के लिए विस्तारित मुफ्त बस यात्रा योजना ‘वेत्री पयनम’ की शुरुआत की। सरकार ने कहा कि इस योजना से प्रतिदिन 84 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा और लाभार्थी डीलक्स तथा एक्सप्रेस श्रेणियों सहित अन्य बस सेवाओं का भी उपयोग कर सकेंगी। योजना का लाभ उठाने वाली लाभार्थी महिलाओं के लिए आय की कोई सीमा नहीं होगी और रोजाना यात्राओं की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस कल्याणकारी योजना का नाम सत्तारूढ़ दल तमिलगा वेत्री कझगम के नाम से लिया गया है और इसका मतलब महिलाओं के लिए “विजयी यात्रा” (वेत्री पयनम) है। इस योजना के दायरे में राज्य के सात परिवहन निगमों की 12,695 बसें शामिल हैं और अनुमान है कि रोजाना 84.32 लाख महिलाएं इससे लाभान्वित होंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत की और योजना की आधिकारिक शुरुआत के मौके पर उन्हें मुफ्त बस टिकट वितरित किए। इस अवसर पर परिवहन मंत्री ए विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देना है ताकि उनकी शिक्षा, रोजगार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिल सके और यात्रा का खर्च उनकी प्रगति में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि यह योजना समानता को बढ़ावा देने का एक जरिया है और यात्रा के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पार्थिबन ने इस पहल को एक “सामाजिक क्रांति” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वतंत्र रूप से सोचने, घरों से बाहर निकलने और राज्य के विकास में योगदान देने में मदद करना है। मंत्री ने कहा, इस योजना की शुरुआत उद्देश्य सामाजिक न्याय और महिलाओं के सशक्तिकरण के सिद्धांतों का सम्मान करना, अर्थव्यवस्था और समाज में उनकी भागीदारी को आसान बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन का खर्च शिक्षा, रोजगार या स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच में बाधा न बने। पहले मुफ्त यात्रा सुविधा केवल विशिष्ट प्रकार की बसों तक सीमित थी लेकिन अब इसका विस्तार कर दिया गया है, जिसमें ‘एक्सप्रेस’, ‘डीलक्स’, ‘मोफसिल ऑर्डिनरी’ और कुछ घाट क्षेत्र की बस सेवाओं जैसी अधिक श्रेणियां शामिल हैं।
ऋतिक और सबा की 5वीं एनिवर्सरी पर एक्स वाइफ ने किया रिएक्ट!
सुपरस्टार ऋतिक रोशन सबा आजाद के प्यार में हैं. सबा और ऋतिक बॉलीवुड के लोकप्रिय कपल में से एक हैं. हाल ही में ऋतिक और सबा ने अपने रिलेशनशिप के पांच साल पूरे किए. इस खास मौके पर ऋतिक ने सोशल मीडिया पर एक प्यारी पोस्ट शेयर कर अपने रिश्ते का जश्न मनाया.
युवाओं-महिलाओं पर खास फोकस, वोटर लिस्ट अपडेट करने के लिए विशेष अभियान
यूपी में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जाएगा. पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं, महिलाओं, दिव्यांग और बेघर पात्र नागरिकों को सूची से जोड़ने पर खास जोर रहेगा.
गरमा-गरम पराठे के साथ बनाएं चटनी वाला चटपटा रायता, रेसिपी है आसान
Chutney Wala Raita Recipe: अगर आप रोज के सादे रायते से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो चटनी वाला रायता ट्राई कर सकते हैं. इसमें पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च और अनारदाने की चटनी मिलाई जाती है, जिससे इसका स्वाद हल्का खट्टा, मसालेदार और फ्रेश लगता है.
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राष्ट्रपिता से पिता तक, बेटे हरिलाल के साथ कैसा था महात्मा गांधी का रिश्ता?
महात्मा गांधी के चार बेटों में हरिलाल के साथ उनका रिश्ता सबसे ज्यादा उलझा रहा. पिता के सिद्धांतों और बेटे की अपनी पहचान की चाह के बीच दूरी बढ़ती गई. हरिलाल ने कभी पिता के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में कदम मिलाया, तो कभी उनसे बगावत की हद तक दूर चले गए और इस्लाम भी अपनाया लेकिन यह सिर्फ एक पिता और विद्रोही बेटे की कहानी नहीं थी. इस रिश्ते में आखिरी दम तक नाराजगी के साथ प्रेम और चिंता भी बनी रही.
कैसा है यामी गौतम की 'नई नवेली' का ट्रेलर? देखें मूवी मसाला
बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम अपनी नई फिल्म 'नई नवेली' में बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आने वाली हैं. फिल्म के ट्रेलर में कॉमेडी, फैंटेसी, रहस्य का दिलचस्प मेल देखने को मिल रहा है. ट्रेलर ने फिल्म के लिए फैंस की एक्साइटमेंट को बढ़ा दिया है. देखें मूवी मसाला.
'मैं जहां भी हूं, खुश हूं', शामली के आयुष मलिक का नया वीडियो वायरल
शामली के चर्चित धर्म परिवर्तन मामले में आयुष मलिक का एक नया वीडियो हिल स्टेशन से सामने आया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद जारी वीडियो में उसने अपनी मर्जी से रहने, खुश होने और पिता देवराज मलिक द्वारा की जा रही कानूनी कार्रवाई व किडनैपिंग के दावों को खारिज किया है.
CEC के खिलाफ Jantar Mantar पर प्रदर्शन, AAP नेताओं समेत 500 से अधिक हिरासत में
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह के साथ-साथ कुछ छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं सहित 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। राजनीतिक दल और आइसा, एसएफआई, एनएसयूआई तथा अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि उसने आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू में रोक दिया, जिससे वह प्रदर्शन स्थल की ओर नहीं बढ़ सके। भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें और झा को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आंदोलन जारी रखने और जंतर-मंतर पहुंचने का आग्रह किया। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि एसएफआई के करीब 700 कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की और उन्हें अशोका रोड गोलचक्कर पर रोक दिया गया, जिनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आप नेताओं, आइसा, एसएफआई और अन्य छात्र संगठनों सहित लगभग 500 प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर और उसके आसपास से हिरासत में लिया गया। एसएफआई की महासचिव आइशी घोष ने कहा कि डीवाईएफआई और एसएफआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। घोष ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस राजधानी में अपराधों को रोकने में सक्षम नहीं है, लेकिन जब ज्ञानेश कुमार जैसे किसी व्यक्ति की सुरक्षा की बात आती है, तो वे सड़कों पर उतर आते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र नहीं है। अगर पुलिस को लगता है कि वे हमें हिरासत में लेकर आंदोलन को रोक सकते हैं, तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।’’प्रदर्शन स्थल से एनएसयूआई के भी कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों को फिरोजशाह रोड पर बैरिकेड लांघते हुए भी देखा गया। एक वीडियो संदेश में भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर एक निर्धारित प्रदर्शन स्थल है तो लोकतंत्र में प्रदर्शन करने के लिए अनुमति की क्या आवश्यकता है। भारद्वाज ने यह भी कहा कि पार्टी ने करीब एक हफ्ते पहले प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पत्र सौंपे थे। भारद्वाज ने कहा, ‘‘हम अपनी चिंताओं को उठाने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के पास के कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं और लोगों से अपील की कि वे निकटतम खुले मेट्रो स्टेशन तक यात्रा करें और यदि संभव हो तो पैदल चलकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और जंतर-मंतर सहित 12 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिए हैं। जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
हैदराबाद में टेकऑफ से पहले हड़कंप: किस गलती से बज उठा इमरजेंसी अलार्म? फ्लाइट रुकी; यात्री को विमान से उतारा---Passenger Accidentally Touches Emergency Exit Door at Hyderabad Airport, Deboarded
EPFO का तगड़ा सिस्टम... बार-बार की टेंशन खत्म, अब अपने आप होगा ये काम
नौकरी बदलने के बाद पुराने पीएफ खाते में जमा पैसा नए खाते में ट्रांसफर कराने के लिए अब अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आधार से जुड़े UAN वाले पात्र सदस्यों के लिए ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर की सुविधा शुरू की है.
चीन में था नागपुर का आर्किटेक्ट, एक कॉल के बाद हो गई 6 लाख की ठगी
महाराष्ट्र के नागपुर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. काम के सिलसिले में चीन गए आर्किटेक्ट को एक अनजान व्यक्ति ने 6 लाख के लोन के लिए गारंटर बनने के लिए कॉल किया. आर्किटेक्ट ने ऐसी किसी गारंटी से इनकार करते हुए नंबर ब्लॉक कर दिया. अगले ही दिन बैंक के मैसेज से पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 5.87 लाख रुपये के 13 ट्रांजेक्शन हो चुके थे.
Supreme Court ने Ganga floodplains से अवैध निर्माण हटाने के लिए Bihar को दिया आठ सप्ताह का समय
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने बिहार सरकार को पटना में नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच गंगा के डूब क्षेत्र में मौजूद सभी अवैध ढांचों और अतिक्रमणों को हटाने संबंधी अपने निर्देशों का पालन करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिया है। न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि 21 जुलाई को शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को छह सप्ताह का समय दिया था, ताकि नौजर घाट और नूरपुर घाट के बीच गंगा के डूब क्षेत्र में मौजूद प्रत्येक अवैध ढांचे और अतिक्रमण को हटाना सुनिश्चित किया जा सके। बिहार के महाधिवक्ता एस डी संजय ने 28 सितंबर को पीठ को बताया था कि शीर्ष अदालत द्वारा जारी निर्देशों का आंशिक रूप से पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल में हाल में आई प्राकृतिक आपदा के कारण गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया और अधिकारियों के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। पीठ ने कहा, ‘‘हम अपने निर्देशों का पालन करने के लिए अंतिम बार आठ सप्ताह का समय दे रहे हैं। ऐसा नहीं होने पर हमें बिहार के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को हमारे समक्ष तलब करना होगा तथा हम अवमानना की कार्यवाही भी आगे बढ़ा सकते हैं।’’पीठ ने कहा, ‘‘आठ सप्ताह बाद, यानी अगली सुनवाई की तारीख पर, हम अतिक्रमण हटाने के संबंध में हमारे द्वारा दिए गए निर्देशों के पूर्ण अनुपालन की रिपोर्ट चाहते हैं। इसके बाद कोई और समय नहीं दिया जाएगा।’’शीर्ष अदालत राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के जून 2020 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण और स्थायी अतिक्रमण के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी।
कोलकाता की मछली पर फिदा ब्राजील, फुटबॉल के सितारों को भाया बंगाल का स्वाद
कोलकाता में फ्रेंडली मैच से पहले ब्राजील के फुटबॉल सितारे बंगाल की मछली के स्वाद के मुरीद हो गए हैं. हालांकि टीम अपनी डाइट को लेकर कोई समझौता नहीं कर रही. खिलाड़ियों के साथ आए शेफ और न्यूट्रिशनिस्ट ही खाना तैयार कर रहे हैं, जबकि टीम का पानी भी बाहर से मंगाया जा रहा है. दिन में करीब पांच बार तय डाइट के बीच मछली ने ब्राजील की प्लेट में खास जगह बना ली है.
सिराज-नीतीश IN, ये 2 धुरंधर OUT... तीसरे ODI में बदलेगी प्लेइंग 11
शुभमन गिल की अगुवाई में भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है. वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में भी भारतीय खिलाड़ी धमाल मचाना चाहेंगे. भारतीय टीम के लिए थोड़ी बहुत चिंता उसकी गेंदबाजी है. दोनों मुकाबलों में भारतीय गेंदबाज बेअसर साबित हुए.
अब बुर्ज खलीफा में गोल्ड कॉफी पीते नजर आए एलियन स्टार, देखें वीडियो
इंडिया के राजस्थान का एक 13 साल का बच्चा इन दिनों जमजम ब्रदर्स के नाम से मशहूर कंटेंट क्रिएटर्स के साथ दुबई की सैर कर रहा है. यह बच्चा भी इंटरनेट पर काफी वायरल हो चुका है. सोशल मीडिया पर इसकी पहचान - एलियन स्टार के नाम से है.
जंतर-मंतर 2.0 से चूक गई CJP? अभिजीत दीपके ने किस IPS ऑफिसर को बताया 'जनरल डायर'
दीपके ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी पर तंज कसते हुए उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जनरल डायर कह दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक खबर को रिपोस्ट करते हुए दीपके ने यह बयान दिया है।
आप कचरे में फेंकें जाने वाले फल और सब्जियों के छिलकों से पौधों के लिए ऑर्गेनिक खाद तैयार कर सकते हैं. इससे पौधों की ग्रोथ अच्छी होगी और हरे-भरे रहेंगे.
जहां किसी तरह की रोशनी नहीं दिखे, जहां बिना टॉर्च अपनी हथेली नहीं दिखे, उन गुफाओं में ये जीव कैसे जिंदा थे? इन सुक्ष्मजीवों को पौधों की तरह खाना बनाने के लिए रोशनी की जरूरत पड़ती है. समझिए कैसे ये 119 गुफा एलियंस की खोज का दायरा बढ़ाते हैं.
'मैं उस टाइम पर...', PM मोदी संग कॉल पर कैप्टन स्मित ने सुनाया एक्सपीरियंस, Video
पीएम मोदी ने फ्लाईदुबई घटना में घायल हुए कैप्टन स्मित मछार से फोन पर बात की. इस दौरान कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को घटना के दौरान अपने अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया. पीएम ने कैप्टन की बहादुरी की सराहना करते उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की. देखें Video.
Shivraj Singh Chouhan ने कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को बताया वंशवाद बचाओ नाटक
पणजी, दो अक्टूबर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कांग्रेस के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर निशाना साधते हुए इसे ‘‘वंशवाद बचाओ यात्रा’’ करार दिया और विपक्षी दल पर झूठ फैलाने तथा अराजकता पैदा करने का आरोप लगाया। उत्तरी गोवा के मोपा स्थित मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में चौहान ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव करते हुए कहा कि मतदाता सूची में ऐसे लोगों के नाम नहीं होने चाहिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं या जो देश के नागरिक नहीं हैं। चौहान ने कहा, ‘‘कांग्रेस आज से एक नया नाटक शुरू कर रही है -‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’। यह ‘लोकतंत्र बचाओ यात्रा’ नहीं है। यह ‘वंशवाद बचाओ यात्रा’, ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है।’’भाजपा नेता की यह टिप्पणी कांग्रेस नीत ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा दो से आठ अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च आयोजित करने की घोषणा के बीच आई है। गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर चिंता जताई है। चौहान ने कांग्रेस पर अराजकता और झूठ फैलाने तथा ‘‘विदेशी धरती पर देश को बदनाम करने’’ का भी आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री ने आपातकाल को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने 50 से अधिक बार निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त किया तथा मुख्यमंत्रियों को बार-बार बदला।
'आपका फैसला सही, क्षमा चाहता हूं', आकाश आनंद का मायावती को ओपन लेटर
बसपा से निकाले जाने के बाद आकाश आनंद ने मायावती को खुला पत्र लिखा है. उन्होंने दूसरे किसी राजनीतिक दल में जाने की अटकलों को खारिज किया और कहा कि बीएसपी उनके लिए सिर्फ पार्टी नहीं, परिवार है. आकाश ने अपनी चुप्पी को लेकर मायावती से माफी भी मांगी है.
होगी छप्पड़फाड़ कमाई! अक्टूबर का महीना 7 राशियों के लिए है दमदार
Grah Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, अक्टूबर का महीना ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. इस महीने कई बड़े ग्रहों के गोचर और लक्ष्मी नारायण, हंस व बुधादित्य जैसे शक्तिशाली राजयोगों के निर्माण से 7 राशियों के जीवन में बंपर बदलाव आने वाले हैं.
ऐसी खबरें हैं कि कांग्रेस अपने पंजाब प्रदेश के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वारिंग को उनके पद से हटा सकती है. विजय इंदर सिंगला को अगला प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है. अगर ऐसा होता है कि इसका पंजाब की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा बता रहे हैं मनजीत सहगल.
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में एक CCTV वीडियो सामने आया है. वीडियो में वह चार मंजिला इमारत की छत से नीचे छलांग लगाते दिखाई दे रहे हैं.
FASTag का नियम... आज से इन लोगों के लिए बदल गया, 5 साल तक रहेंगे टेंशन-फ्री
आज यानी 2 अक्टूबर से दिव्यांगजन FASTag के नियम बदल गए हैं. अब सालाना रिन्यू का झंझट खत्म हो गया है. एक बार रिन्यू करवाने पर 5 साल तक ये वैलिड रहेगा.
68500 शिक्षक भर्ती: केंद्रीय मंत्री से मिले अभ्यर्थी, CM योगी से भी गुहार
यूपी में 68,500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण की अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है. आठ वर्षों से संघर्ष कर रहे अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं और ज्ञापन सौंपकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.
PM Modi ने flydubai के घायल कैप्टन Smit Machhar से बात कर सराहा अदम्य साहस
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बात की और उनकी बहादुरी की सराहना की। कैप्टन स्मित ने इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई के विमान को कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया था। सरकारी सूत्रों के अनुसार, फोन पर हुई बातचीत के दौरान मच्छार ने इस घटना के अपने अनुभव और मुश्किल परिस्थिति में साहस जुटाने के बारे में प्रधानमंत्री को बताया। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट के साहस की सराहना की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद और अत्यंत संकट के क्षणों में भी मच्छार ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। मोदी ने कहा था कि मच्छार एक ‘‘नायक’’ हैं और उनके पराक्रम ने सैकड़ों लोगों की जान बचाकर एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। प्रधानमंत्री ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा था कि फ्लाईदुबई विमान के पायलट ने अद्भुत धैर्य, सूझबूझ और बहादुरी दिखाई। उन्होंने कहा था, ‘‘जैसा कि इजराइल के प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) ने भी कहा कि इस भारतीय सपूत ने 9/11 जैसी भयानक साजिश को नाकाम कर दिया। स्मित की इस बहादुरी से हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।’’मोदी ने मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से भी बात की और सैकड़ों लोगों की जान बचाने के उनके साहस को नमन किया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को आपात संकेत भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की ‘गैली’ में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने पहले के बयान में कहा था कि एक इजराइली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था।
महाराष्ट्र में रायगढ़ के दिवेआगर बीच पर पिकनिक के दौरान समुद्र में डूबने से आठ छात्रों की मौत हो गई। शवों के घर पहुंचते ही आलंदी में शोक की लहर दौड़ पड़ी। व्यापारियों ने बंद रखे बाजार।
'मुझे पता था ये लास्ट पुश होगा...', कैप्टन स्मित ने बयां किया मंजर
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू और यात्रियों को हमलावर को-पायलट को दबोचने का मौका दिया, जिससे फ्लाईदुबई विमान क्रैश होने से बच गया और 174 जिंदगियां सुरक्षित बच गईं.
पेट्रोलियम जेली चेहरे की त्वचा में मौजूद नमी को लॉक करने का काम करती है. साथ ही इसमें ऐसे अतिरिक्त तत्व नहीं होते जो त्वचा में जलन पैदा करें.
28 locations in Ladakh identified: Standardized names recorded on Survey of India map; know objective - लद्दाख के 28 स्थानों की पहचान: भारतीय सर्वेक्षण विभाग के मानचित्र पर दर्ज हुए मानक नाम, जानें क्या है उद्देश्य
Tamil Nadu में CM Vijay ने Vettri Payanam योजना का दायरा बढ़ाया, महिलाओं को मुफ़्त बस सफ़र
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को महिलाओं के लिए राज्य की मुफ़्त बस यात्रा सुविधा का दायरा बढ़ाते हुए 'वेत्री पयनम' (Vettri Payanam) योजना के विस्तार की शुरुआत की। इस पहल को औपचारिक रूप से 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर शुरू किया गया था और इससे हर दिन लगभग 84.32 लाख महिलाओं को फ़ायदा होने की उम्मीद है। योजना के विस्तार से सरकारी बसों का एक बड़ा बेड़ा मुफ़्त यात्रा सुविधा के दायरे में आ गया है, जिससे पात्र महिलाएँ उन कई सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं जो पहले इस सुविधा में शामिल नहीं थीं। सरकार ने कहा है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आय की कोई सीमा नहीं है और न ही कोई लाभार्थी एक दिन में कितनी भी बार यात्रा कर सकता है, इस पर कोई रोक-टोक है। इसे भी पढ़ें: Vanakkam Poorvottar: Supreme Court और Madras High Court की टिप्पणी Tamil Nadu की Vijay Govt के लिए बनी परेशानी का सबब एक्सप्रेस और डीलक्स बसों में भी मुफ़्त सफ़र की सुविधा इस बढ़ी हुई व्यवस्था के तहत, मुफ़्त सफ़र की सुविधा को आम शहर और कस्बों की बसों से आगे बढ़ाते हुए, कॉर्पोरेशन और म्युनिसिपल इलाकों में चलने वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस और डीलक्स बसों तक भी बढ़ा दिया गया है। इस सुविधा में मोफ़सिल (बाहरी इलाकों की) साधारण बसें और 40 किलोमीटर से ज़्यादा दूरी वाले कुछ घाट रूटों पर चलने वाली साधारण बस सेवाएँ भी शामिल हैं। इस स्कीम में सात राज्य परिवहन निगमों द्वारा चलाई जाने वाली 12,692 सरकारी बसें शामिल होंगी। ये बसें कुल तय बेड़े (scheduled fleet) का लगभग 69 प्रतिशत हैं, जबकि इस स्कीम के तहत आने वाली सेवाएँ राज्य की कुल तय सिंगल ट्रिप का लगभग 85 प्रतिशत हैं। इस बढ़ी हुई सुविधा का मकसद महिलाओं के लिए काम की जगहों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और दूसरी ज़रूरी जगहों तक सफ़र करना आसान बनाना है, ताकि उन्हें रोज़ाना सफ़र के फ़ैसले लेते समय बस के किराए के बारे में न सोचना पड़े। लॉन्च के दौरान विजय ने यात्रियों से बातचीत की लॉन्च इवेंट के दौरान, मुख्यमंत्री विजय ने यात्रियों से बातचीत की और कल्याणकारी योजना के विस्तार की शुरुआत के तौर पर उन्हें मुफ़्त बस टिकट बांटे। इस योजना का नाम 'वेत्री पयनम' रखा गया है, जिसका मतलब है विजयी यात्रा। यह नाम सत्ताधारी पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' से लिया गया है। सरकार ने 24 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में इस विस्तार की घोषणा की थी और कहा था कि ट्रांसपोर्ट के खर्च की वजह से महिलाओं को शिक्षा, रोज़गार या दूसरे मौकों से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें: उपचुनाव: CPI(M) ने TVK पर मतदाताओं को नकदी बांटने का लगाया आरोप सरकार का ध्यान मोबिलिटी और सशक्तिकरण पर ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर ए. विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि इस पहल का मकसद ट्रांसपोर्ट के खर्च को एक संभावित रुकावट के तौर पर हटाकर महिलाओं की शिक्षा, रोज़गार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करना है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम का मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट तक पहुँच में समानता को बढ़ावा देना भी है, क्योंकि यात्रा के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पार्थिबन ने इस पहल को एक सामाजिक क्रांति बताया, जिसका मकसद महिलाओं को ज़्यादा आत्मनिर्भर बनने, घरों से बाहर निकलने और राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में हिस्सा लेने में मदद करना है।
गांधी जयंती पर CM योगी ने बापू-शास्त्री को किया नमन, खादी पर 25% छूट का ऐलान
सीएम योगी ने गांधी जी के स्वदेशी और स्वावलंबन के संदेश को याद करते हुए प्रदेशवासियों से खादी को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की.
बाली में हादसे का शिकार हुईं नुसरत भरूचा की होगी स्पाइन सर्जरी, पब्लिसिस्ट ने दिया हेल्थ अपडेट
नुसरत भरुचा काम और छुट्टियों के सिलसिले में बाली गई थीं, जहां दुर्भाग्यवश उनका एक हादसा हो गया और उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. इसके चलते फैंस को उनकी चिंता हो रही है.
स्मित मच्छार ने बताया- हमले के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ता रहा, उसी से मिली हिम्मत और हौसला
स्मित मच्छार ने बताया, 'उस दौरान मैं हनुमान चालीसा पढ़ता रहा. भगवान हनुमान ने मुझे हिम्मत और हौसला दिया. मैंने कभी सोचा नहीं था कि आपसे बात करने का मौका मिलेगा.'
जहां देश गांधी जयंती मना रहा है, वहीं मध्य प्रदेश के मैहर जिले का सुलखमा गांव गांधी के स्वावलंबन की असली तस्वीर दिखा रहा है. यहां आज भी चरखा चलता है, भेड़ की ऊन से कंबल बनते हैं, लेकिन बाजार नहीं है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से बात की, उनकी बहादुरी की तारीफ़ की और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। फ़ोन पर बातचीत के दौरान, कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने अनुभव के बारे में बताया और यह भी बताया कि उस घटना के समय उन्हें किस चीज़ से हिम्मत मिली। UAE में ठीक हो रहे कैप्टन स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बात की और बताया कि उस डरावने पल के दौरान वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। इसे भी पढ़ें: Smit Machchhar की तारीफ सुन पगलाया पाकिस्तान, किया अजीब ऐलान! पीएम मोदी ने बहादुरी से लड़ने के लिए मच्छर की तारीफ़ की घटना वाले दिन, पीएम मोदी ने मच्छर की बहादुरी की तारीफ़ की थी कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बहादुरी से लड़ाई लड़ी और 9/11 जैसे एक और हमले को रोका। यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) के शताब्दी समारोह में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन मच्छर ने दुनिया को साहस का सबसे बड़ा उदाहरण दिखाया है। उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना, कैप्टन मच्छर बहादुरी से लड़े और 9/11 जैसे एक और हमले को होने से रोका। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय कैप्टन मच्छर को सलाम करते हैं और उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि उन्होंने घायल कैप्टन के पिता, माँ और पत्नी से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा उनका इलाज चल रहा है। आज पूरी दुनिया को उन पर गर्व है। मैं अपने देशवासियों से अपील करता हूँ कि वे स्मित की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए प्रार्थना करें और हमारे भाई स्मित का सम्मान करें, जिन्होंने भारत का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने बुधवार को इमरजेंसी सिग्नल भेजे थे और सऊदी अरब के तबुक शहर में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट की ओर मुड़ने से पहले 34,000 फीट की ऊंचाई से 17,000 फीट से ज़्यादा नीचे गोता लगाया था। इस फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। इसे भी पढ़ें: Gandhi Jayanti: PM Narendra Modi ने दी श्रद्धांजलि, खादी उत्पाद खरीदने का किया आह्वान MEA का कहना है कि वह कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर नज़र रखे हुए है इस बीच, विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि वह कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर बारीकी से नज़र रखे हुए है। कैप्टन स्मित मच्छर वही भारतीय पायलट हैं जिनकी तारीफ़ हो रही है क्योंकि उन्होंने फ्लाईदुबई की एक फ़्लाइट को तब बचाया जब उनके को-पायलट ने कथित तौर पर प्लेन को गिराने की कोशिश में उन पर चाकू से हमला किया था। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा, हम भारतीय नागरिक और फ्लाईदुबई फ़्लाइट FZ 1073 के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की सेहत पर लगातार नज़र रखे हुए हैं। मंत्रालय ने कहा, सऊदी अरब के तबुक शहर के एक अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद, उन्हें अब आगे के इलाज और ठीक होने के लिए अबू धाबी भेज दिया गया है। BREAKING! PM Modi Holds Telephonic Conversation With Brave Captain Smit Machchhar https://t.co/KqD384q84y — ANI (@ANI) October 2, 2026
दुनिया का सबसे पुराना पेड़... 4 हजार साल से भी ज्यादा है इसकी उम्र
दुनिया में एक ऐसा पेड़ अभी भी जिंदा है, जिसने कई सभ्यताओं को बनते बिगड़ते देखा है. इस पेड़ की उम्र 4 हजार साल से भी ज्यादा है. चलिए जानते हैं यह पेड़ दुनिया के किस कोने में है.
BJP की सहयोगी पार्टी के दो विधायक राज्यसभा चुनाव में देंगे सपा को वोट
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी के विधायकों अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों विधायक सुभासपा के चुनाव चिह्न पर जीते, लेकिन शुरू से समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं. यह बयान अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात और सपा प्रमुख के विधायकों के लिए दिए गए खुले संदेश के बाद आया है. राजभर ने धनराज नथवानी की उम्मीदवारी, पीडीए और विपक्षी गठबंधन पर भी सवाल उठाए.
Bank Open or Close: 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर बैंक बंद हैं, लेकिन 3 अक्टूबर शनिवार को बैंक खुलेंगे या नहीं और RBI का शनिवार वाला नियम क्या है, जानिए डिटेल में.
'मुझे हनुमान जी ने बचाया', स्मित मछार की PM मोदी से बातचीत में भगवद गीता का भी जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने फ्लाईदुबई घटना में घायल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार से बातचीत की. पीएम मोदी ने कहा, 'आपके धैर्य और आपकी सूझबूझ ने कई लोगों की जान बचाई. आप जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे हैं. आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया.' PM मोदी ने कहा कि मैंने गीता बहन से कहा कि आपने गीता के संस्कारों से स्मित का जीवन बनाया है.
'स्मित, मैं बस एक कॉल दूर हूं...', PM मोदी ने बढ़ाई कैप्टन की हिम्मत
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित को बताया कि वे उनकी स्वदेश वापसी का इंतजार कर रहे हैं. पूरे देश उनकी सेहत का दुआ कर रहा है. उन्होंने अपनी बहादुरी से पूरे देश को गौरवान्वित किया है.
कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया अपना आदर्श, 9 मिनट VIDEO कॉल में हुई खास बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर से वीडियो कॉल पर बात की और उनकी हिम्मत, सूझबूझ और मुश्किल वक्त में संयम बनाए रखने की तारीफ की. करीब 9 मिनट की बातचीत में स्मित ने पीएम मोदी को अपना सबसे बड़ा आदर्श बताया और कहा कि उनसे बात करना उनके लिए बेहद खास पल है.
बॉक्स ऑफिस पर दृश्यम 3 का क्रेज, इमोशनल हुई डायरेक्टर की पत्नी
अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3, 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त कर रही है. फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है, जिनकी पत्नी शिवालिका ओबेरॉय ने उनके लिए एक भावुक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की है.
भारत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन
भारत में सीजेपी और अन्य विद्यार्थी समूह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और निडरता के संदेश का जिक्र किया और कहा कि यही महात्मा गांधी की सबसे बड़ी विरासत है।
EC के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, हिरासत में सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता
गांधी जयंती के अवसर पर आज देश भर में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. दिल्ली के जंतर-मंतर पर आम आदमी पार्टी (आप) और कई अन्य संगठनों ने बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया है, हालांकि पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है. पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक दिया और उन्हें हिरासत में लेना शुरू कर दिया.
किराए पर रूम लिया, फिर महिलाओं को बुलाकर शुरू किया सेक्स रैकेट
महाराष्ट्र के लातूर में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने एक किराए के मकान पर छापा मारकर नाबालिग लड़की सहित चार महिलाओं को कथित तौर पर देह व्यापार से मुक्त कराया है. पुलिस का कहना है कि सूचना मिली थी कि शहर में महिलाओं को बुलाकर सेक्स रैकेट चलाया जा रहा है. पुलिस को मौके से 2,000 रुपये कैश, मोबाइल और कंडोम के पैकेट मिले.
भारत में एक और कार ब्रांड की एंट्री, जल्द लॉन्च करेगा पहली गाड़ी
डेंजा भारतीय बाजार में जल्द ही अपनी कार लॉन्च करने वाला है. ये एक चीनी लग्जरी कार ब्रांड है, जो बीवाईडी के अंडर आता है. भारत में डेंजा की कारें बीवाईडी से ज्यादा कीमत पर आएंगी और एक्सक्लूसिव शोरूम से बेची जाएंगी. कंपनी ने फिलहाल ये कन्फर्म नहीं किया है कि भारत में वो कौन-सी कार पहले लॉन्च करेगी. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.
Textile Conclave में बोले Giriraj Singh, ट्रेड बढ़ाने के लिए 40 नए देश चिन्हित किए
टेक्सटाइल देश में सर्वाधिक रोजगार सृजन करने वाला उद्योग है। वर्ष 2014 में इस सेक्टर का आकार 138 मिलियन डॉलर का था जो मोदी सरकार के आने के बाद 190 मिलियन डॉलर तक पहुँच गया जिसे वर्ष 2030 तक 350 मिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य बनाया गया है जिसमें 250 मिलियन डॉलर घरेलू स्तर पर और 100 मिलियन डॉलर का एक्सपोर्ट शामिल है। ये कहना है केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह का। वे आज एमएसएमई सेक्टर के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत अखिल भारतीय संगठन लघु उद्योग भारती की ओर से दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित ‘टेक्सटाइल कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। श्री सिंह ने जानकारी दी कि दुनियाभर में टैरिफ वार से उपजे हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने 40 नए देशों को चिन्हित किया है जिससे व्यापार को बढ़ाया जायेगा। उन्होंने बताया कि देश के 548 जिलों से हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट का एक्सपोर्ट 132 देशों को किया गया। उन्होंने कहा कि देश में करीब 7-8 न्यू एज फाइबर के उत्पादन पर शीघ्र काम शुरू होगा जिससे विदेशों पर हमारी निर्भरता ख़त्म की जा सके। उन्होंने बैम्बू, पाइनापल और केले के फाइबर जैसे अन्य वैकल्पिक उद्योगों के साथ स्वयं सहायता ग्रुप को जोड़ने पर बल दिया। सिक्योरिटी, ग्लोबल मार्किट एक्सेस, एफटीए युटीलाइजेशन एवं ब्रांड इंडिया, रिसर्च एवं नवाचार पर एमएसएमई को विशेष सपोर्ट का आग्रह किया, जिस पर मंत्री ने आस्वस्थ किया कि इन सभी अधिकांश सुझावों को मान लिया जायेगा एवं भविष्य में भी एमएसएमई उद्योगों की समस्याओं को प्राथमिकता पर हल किया जायेगा। MANTRA के निदेशक डॉ. पंकज गांधी ने टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, टेक्निकल टेक्सटाइल्स एवं एमएसएमई विषय पर बताया कि तकनीकी वस्त्रों का उपयोग अब पारंपरिक परिधानों तक सीमित न रहकर कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा, ऑटोमोबाइल, निर्माण, परिवहन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। भारत विश्व के प्रमुख तकनीकी वस्त्र बाजारों में शामिल है और इस क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, स्वदेशी उत्पादन तथा निर्यात विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। डॉ. गांधी ने तकनीकी वस्त्रों में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ाने के लिए उद्योग, शैक्षणिक संस्थानों एवं अनुसंधान संगठनों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। प्रस्तुति में अत्याधुनिक तकनीक, नए उत्पादों के विकास, आयात प्रतिस्थापन और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की संभावनाओं पर विशेष प्रकाश डाला गया। उन्होंने उद्योग-अकादमिक सहयोग और CoE-TRA मॉडल के माध्यम से एमएसएमई को तकनीकी सहायता, परीक्षण सुविधा, उत्पाद विकास तथा व्यवसायीकरण के अवसर उपलब्ध कराने की रूपरेखा प्रस्तुत की। राजस्थान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पूर्व चीफ एनवायरनमेंट इंजीनियर डॉ. विजय सिंघल ने ग्रीन कंपनी रेटिंग सिस्टम फॉर एनवायर्नमेंटल सस्टेनेबिलिटी इन टेक्सटाइल सेक्टर और स्प्रे इंजीनियरिंग डिवाइसेस लिमिटेड के विवेक वर्मा ने टेक्सटाइल वेस्ट वाटर से जुड़े विषयों पर बात की। एफटीए पर डॉ. विश्वजीत नाग एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन पर डीजीएफटी की अधिकारी आशिमा ने विस्तार से जानकारी दी। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय महामंत्री ओमप्रकाश गुप्ता ने उद्योगों और उद्यमियों की मदद करने में संगठन की भूमिका और जमीनी स्तर पर इसके असर के बारे में जानकारी दी।उन्होंने पिछले 20-25 वर्षों में औद्योगिक और टेक्सटाइल इकोसिस्टम में आए बड़े बदलावों पर प्रकाश डाला और पहले की स्थिति की तुलना आज के हालात से की। इससे पूर्व लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन दादू ने लघु उद्योग भारती की तीन दशकों की यात्रा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाशचंद्र जी, राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव नरेश पारीक, को-कन्वीनर कपिल गुप्ता, को-कन्वीनर पल्लवी लढ़ा और आउटरीच प्रभारी सीमा मिश्रा, एसजीसीसीआई, सूरत के अध्यक्ष अशोक जीरावला एवं इचलकरंजी विधायक राहुल प्रकाश अवाडे, अग्रणी वस्त्र उद्यमी रवि पोदार एवं अतुल मित्तल सहित बड़ी संख्या उद्यमीगण उपस्थित रहे।
'उस वक्त क्या हुआ था?': पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित से की बात, भारतीय पायलट ने सुनाया पूरा अनुभव; देखें वीडियो---PM Modi Speaks to Flydubai Captain Smit Machchhar, Pilot Shares His Experience Video
Mayawati का Samajwadi Party पर हमला, Rajya Sabha टिकट में परिवारवाद और धनबल का लगाया आरोप
लखनऊ, दो अक्टूबर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी द्वारा घोषित किये गये दो राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर उसे कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि बसपा कभी भी अपने परिवार के सगे-संबंधियों और बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों को टिकट नहीं देती है। समाजवादी पार्टी ने बुधवार को वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा राम गोपाल यादव को उच्च सदन में एक और कार्यकाल के लिए उम्मीदवार बनाया है, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप के अध्यक्ष धनराज परिमल नाथवानी को दूसरे उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। मायावती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बसपा किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी पार्टियों, खासतौर पर समाजवादी पार्टी (सपा) की तरह अपने परिवार, सगे-सबंधी, भाई-भतीजों, क़रीबी रिश्ते-नातेदारों के साथ ही विशेषकर बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों आदि को टिकट नहीं देती है, यानी चुनाव में उनके धनबल का सहारा नहीं लेती है। उन्होंने कहा कि बसपा में कार्यरत सर्वसमाज में से केवल ग़रीब, मध्यम वर्ग व कमज़ोर तबक़ों के कर्मठ आंबेडकरवादी लोगों को ही पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाता है, अर्थात बसपा की राजनीति परिवारवाद व धनबल से मुक्त व पाक-साफ है, जबकि वहीं दूसरी तरफ सपा ठीक इसके विपरीत कार्य करती है, जो अपने आपको समाजवादी व कथित ’पीडीए’ (पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक) की पार्टी होने का ‘‘राजनीतिक ढोंग व छलावा करती हुई’’ ज़्यादा नज़र आती है। बसपा नेता ने कहा, ‘‘इसका एक और ताज़ा उदाहरण यह है कि सपा ने उप्र से राज्यसभा के लिये द्विवार्षिक चुनाव में रामगोपाल यादव को फिर से पर्चा भरवाया है जो सपा मुखिया के नज़दीकी रिश्तेदार हैं, जबकि सपा ने अपनी पार्टी का दूसरा उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी को बनाया है, जो चर्चित उद्योग घराने से सम्बद्ध हैं। लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह संभवतः ’चेहरा बचाने’ व चुनाव हारने के लिये होगा।’’मायावती ने आरोप लगाया कि वास्तव में यह कोई नई बात नहीं है बल्कि सपा का इस प्रकार का दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से ही रहा है और इसलिये ख़ासकर उच्च जाति समाज के ग़रीबों तथा ’बहुजन समाज’ अर्थात दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के समस्त लोगों को अब ख़ासकर उप्र विधानसभा चुनाव से पहले ही पूरी तरह से सतर्क हो जाना चाहिये।
गमले में उगाएं ये पौधा, मुफ्त में मिलेंगे दो महंगे मसाले
क्या आप जानते हैं कि किचन में इस्तेमाल होने वाला महंगा जायफल और जावित्री एक ही पौधे से मिलते हैं? अब बिना किसी खेत या बड़े बगीचे के, आप इन्हें घर की बालकनी में लगे छोटे से गमले में भी उगा सकते हैं. जानिए मिट्टी तैयार करने और पौधे की देखभाल का सबसे आसान तरीका.
प्रदूषण बढ़ते ही खांसी क्यों होने लगती है? ये कितना खतरनाक
दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में आने वाले दिनों में प्रदूषण बढ़ने की आशंका है. इससे लोगों को खांसी, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत बढ़ जाती है. डॉक्टर विवेक नांगिया के अनुसार, प्रदूषण में मौजूद छोटे कण फेफड़ों में जाकर सूजन और दर्द बढ़ाते हैं, जिससे खांसी होती है.
आधी सैलरी से कैसे चले घर? पंजाब में टीचर्स ने घेरी सिसोदिया की कोठी
शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर बार-बार अधिकारियों और मंत्रियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें चंडीगढ़ के वीआईपी इलाके में आकर मंत्रियों की कोठियों का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा.
'हनुमान चालीसा पढ़ रहा था, सबको मरने नहीं दे सकता था', PM से बातचीत में बोले कैप्टन स्मित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर कैप्टन स्मित से बात की, इस दौरान कैप्टन स्मित ने बताया कि वह विमान में हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे और उनके मन में बस यही था कि वह किसी को मरने नहीं दे सकते.
चुनाव आयोग के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे AAP नेता संजीव झा और सौरभ भारद्वाज को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से 50 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया। इस दौरान भारद्वाज ने कहा कि मैं बिना कार का इस्तेमाल किए जंतर-मंतर पहुंचा हूं। आप भी यहां पहुंच सकते हैं। मुझे यकीन है कि दोपहर तक बहुत सारे Gen-Z, महिलाएं और युवा चुनाव आयोग के खिलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचेंगे। विरोध करना हमारा अधिकार है। पुलिस हमसे कह रही है कि हमें विरोध करने की इजाज़त नहीं दी गई है। छह दिन पहले, AAP ने यहां शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए आधिकारिक इजाज़त मांगी थी। इसे भी पढ़ें: AAP नेता Saurabh Bharadwaj का आरोप, BJP राज में Delhi की Forest Land पर हो रहा अवैध कब्जा नई दिल्ली इलाके में इंटरनेट सेवा बंद नई दिल्ली इलाके में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर और उसके आसपास 8-9 ज़ोन बनाए गए हैं और हर ज़ोन में एक सीनियर IPS अधिकारी को तैनात किया गया है। एक्टिविस्ट, राजनीतिक नेताओं और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है, जिसके चलते जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, जय सिंह रोड, अशोक रोड, फिरोज शाह रोड और जनपथ रोड और इनके आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी है। इन सड़कों पर ट्रैफ़िक प्रभावित हुआ है; इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही है और सोशल मीडिया पर भी पुलिस नज़र रख रही है। अगले आदेश तक मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट बंद है। नई दिल्ली ज़िले में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। यह कदम कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों द्वारा 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त से जवाबदेही की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर उठाया गया है। इसे भी पढ़ें: सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार: AAP ने मंत्री Parvesh Verma के खिलाफ ACB में दर्ज कराई शिकायत जंतर-मंतर पर ट्रैफ़िक पाबंदियां लगाई गईं जंतर-मंतर और उसके आस-पास ट्रैफ़िक पाबंदियां लगाई गई हैं। ट्रैफ़िक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाएं और जहां तक हो सके प्रभावित रास्तों से बचें, क्योंकि शुक्रवार को जंतर-मंतर और आस-पास के इलाकों में ट्रैफ़िक पाबंदियां और नियंत्रित आवाजाही रहेगी। यह कदम AAP और छात्र संगठनों द्वारा जंतर-मंतर पर किए जाने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उठाया गया है। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं, जिसकी वजह वोटर लिस्ट का 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) और कथित तौर पर बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाना है।
क्या है जंतर-मंतर के नाम का मतलब... वहां ही क्यों होते हैं इतने प्रोटेस्ट?
दिल्ली का जंतर-मंतर आज धरना-प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, लेकिन करीब 300 साल पहले इसे खगोलीय गणनाओं के लिए बनाया गया था. जानिए इसका नाम कैसे पड़ा और यहां बने विशाल यंत्र किस काम आते थे.
साबित कर दिया हम हिंदुस्तानी जान बचाने वाले हैं, पीएम मोदी ने स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर की बात
बीते बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक विमान की कॉकपिट में मच्छार को उनके को-पायलट ने चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। लेकिन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर लोगों की जान बचा ली।
सुप्रीम कोर्ट भी दोषी है, अभिजीत दीपके की दो टूक; किस जज के बयान से नाराज
अभिजीत दीपके यानी कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अब भारत के शीर्ष न्यायालय पर भड़के हुए नजर आ रहे हैं। मुंबई में प्रदर्शन से पहले उन्होंने नाराजगी जाहिर की। शुक्रवार शाम 4 बजे से शिवाजी पार्क में सीजेपी ने जेल भरो आंदोलन का ऐलान किया है।
Rajasthan के Governor और CM Bhajan Lal Sharma ने गांधी और शास्त्री जयंती पर दी श्रद्धांजलि
जयपुर, दो अक्टूबर राजस्थान के राज्यपाल के हरिभाऊ बागडे व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने जेएलएन मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने राम धुन की प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री शर्मा ने एक्स पर लिखा, ‘‘गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन हमें सादगी, सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र के प्रति समर्पण की राह दिखाता है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनकल्याण और राष्ट्रहित के संकल्प को निरंतर मजबूत करते रहना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।’’शर्मा ने सचिवालय में भी महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में आयोजित राम धुन कार्यक्रम में ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ और ‘रघुपति राघव राजा राम’ सहित अन्य भजन सुने। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, महापौर सुनील कोठारी, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा भी मौजूद थे।
इस पहाड़ी गांव से शास्त्री जी ने शुरू किया था जंग-ए-आजादी; 74 साल से खीर खिलाने की परंपरा
उत्तराखंड के चंपावत में गोशनी गांव का इतिहास लाल बहादुर शास्त्री के आजादी के आंदोलन से जुड़ा है। अंग्रेजों से छिपकर शास्त्री जी ने यहां गुप्त रणनीति बनाई थी। 1952 से हर साल 2 अक्तूबर को यहां खिलाने की परंपरा है।
अनंत सिंह और JDU उम्मीदवार की अदावत से परेशान पार्टी, संजय झा ने कही बड़ी बात
पटना स्नातक एमएलसी सीट पर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह के खुले विरोध से पार्टी के भीतर विवाद तेज हो गया है और मामला शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है. संजय झा ने कहा है कि ललन सिंह को बातचीत कर हल निकालने की जिम्मेदारी दी गई है, इसलिए अब नजर पार्टी के अगले कदम पर है.
छत से खुद कूदते दिखे प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी, नया CCTV वीडियो
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत के मामले में दूसरा CCTV वीडियो सामने आया है. जिसमें दीपक को बैचेन हालत में देखा जा सकता है. पुलिस परिवार की शिकायत समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
खत्म हुआ इंतजार! 4 अक्टूबर को महालक्ष्मी राजयोग, 4 राशियां होंगी मालामाल
Mahalakshmi Rajyog: 4 अक्टूबर 2026 को मंगल-चंद्र की युति से महालक्ष्मी राजयोग बनेगा. जानें किन 4 राशियों को धन लाभ और करियर में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं.
चुनाव आयोग और SIR को लेकर देशभर में प्रदर्शन जारी
2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर चुनाव आयोग और SIR को लेकर दिल्ली-मुंबई समेत कई जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया
पूरा लाव-लश्कर मिडिल ईस्ट भेज रहे ट्रंप, क्या ईरान पर हमला होगा?
अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच मध्य पूर्व में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर 'USS थियोडोर रूजवेल्ट' और 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं, जिससे क्षेत्र में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के साथ युद्ध का खतरा मंडरा रहा है.
Gen Z ऐसा क्यों करती है? 10 आदतें जो 40+ लोगों को लगती हैं अजीब
जेन जी के जीने का तरीका पिछली पीढ़ियों से काफी अलग है. फोन पर सामने होकर भी मैसेज करना, तुरंत जवाब न देना, पर्सनल टाइम को अहमियत देना, जॉब बदलना और हर पुराने नियम पर सवाल करना जैसी कई आदतें 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को अजीब लग सकती हैं. लेकिन टेक्नोॉजी और बदलती जिंदगी के बीच जेन जी के लिए ये आदतें सामान्य बन चुकी हैं.
Bihar विधान परिषद चुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, 3 पर RJD से होगा मुकाबला
पटना, दो अक्टूबर बिहार विधान परिषद के चुनाव के लिए कांग्रेस ने जिन पांच सीट पर उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें से तीन पर सीधा मुकाबला उसके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से हो सकता है। बिहार के द्विसदनीय विधानमंडल के उच्च सदन की आठ सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की चार-चार सीट का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। बृहस्पतिवार देर शाम कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी स्वीकृत सूची के अनुसार, पार्टी ने दरभंगा शिक्षक सीट से अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। राजद ने इस सीट से अभी अपना कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। इसी तरह, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस ने संजय यादव को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट से भी राजद चुनाव नहीं लड़ रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल, दरभंगा स्नातक सीट से रजनीकांत पाठक और पटना स्नातक सीट से असदुल्लाह खान को उम्मीदवार बनाया है और इन तीनों ही सीट पर राजद भी अपने उम्मीदवार उतार चुका है। राजद ने पिछले महीने छह सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की थी और कहा था कि ‘‘शेष सीट पर फैसला लिया जाना बाकी है।’’स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वे लोग मतदान करने के पात्र हैं, जिनके पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन वर्ष पुरानी स्नातक की डिग्री है और जो संबंधित क्षेत्र के निवासी हैं। इसी तरह, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कम से कम तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव रखने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। दोनों ही मामलों में मतदाता का नाम इस उद्देश्य के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य है।
नुसरत भरूचा एक्सीडेंट पर आधिकारिक बयान
नुसरत भरुचा काम और छुट्टियों के सिलसिले में बाली गई थीं, जहां दुर्भाग्यवश उनका एक हादसा हो गया और उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया।
अजीत पवार के बेटे पार्थ को FIR में क्यों नहीं बनाया आरोपी? जब महाराष्ट्र DGP पर भड़के HC के जज
कोर्ट ने पुणे के तहसीलदार सूर्यकांत येवले को गिरफ्तारी से पहले जमानत दे रही थी। येवले पर आरोप था कि उन्होंने अपने आधिकारिक पद का गलत इस्तेमाल करके इस विवादित सौदे को आसान बनाया।
क्रिकेट ने दी पहचान, पत्नी ने बचाई जिंदगी... इस स्टार की भावुक कहानी
सिमी सिंह की कहानी सिर्फ रिकॉर्ड और मैचों तक सीमित नहीं है. यह उस खिलाड़ी की कहानी है, जिसने भारत में अपने क्रिकेट करियर को लगभग खत्म मान लिया था, आयरलैंड जाकर नई शुरुआत की, उसी देश के लिए वर्ल्ड कप खेला और फिर जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर में पहुंच गया.

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