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केरलम, तमिलनाडु समेत 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल,राष्ट्रपति मुर्मू ने की घोषणा!

केरलम, तमिलनाडु समेत 6 राज्यों को मिले नए राज्यपाल,राष्ट्रपति मुर्मू ने की घोषणा!

अमर उजाला 13 Oct 2026 3:30 am

36.6 करोड़ डॉलर का चुनावी चंदा! अमेरिका में सवालों के घेरे में एलन मस्क

टेक्नोलॉजी दिग्गज एलन मस्क अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा 'स्टारलिंक' को भारत के बाजार में उतारने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं अमेरिका में, सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने रिपब्लिकन पार्टी को जिताने के लिए मस्क द्वारा 36.6 करोड़ डॉलर खर्च किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है.

आज तक 13 Oct 2026 3:14 am

रियाद एयरपोर्ट हमले में मरने वालों में हैदराबाद के यूसुफ अली भी, उमरा के लिए जा रहे तीन परिजन भी हुए घायल

रियाद के किंग खालिद हवाई अड्डे पर हूती हमले में हैदराबाद के मुहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। उमरा के लिए जा रहे उनके परिवार के तीन सदस्य भी इस हमले में घायल हुए हैं।

जागरण 13 Oct 2026 2:42 am

नाइटक्लब में बियर छलकने पर मर्डर, बाउंसरों ने शख्स को पीट-पीटकर मार डाला

दिल्ली के सराय रोहिल्ला इलाके के एक नाइटक्लब में महिला पर बीयर गिरने के बाद विवाद हुआ. आरोप है कि बाउंसरों और वेटरों ने 29 वर्षीय ड्राइवर दलजीत और उसके दोस्तों को पीटा. गंभीर चोटों से दलजीत की मौत हो गई.

आज तक 13 Oct 2026 2:42 am

'कुछ लोगों की हरकतों से विश्वसनीयता को पहुंच सकता है नुकसान', विदेश सचिव ने अमेरिका को लिया आड़े हाथ

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने टैलेंट मोबिलिटी इकोसिस्टम की विश्वसनीयता पर चिंता जताई, खासकर अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा कुछ कंपनियों को निलंबित करने के बाद।

जागरण 13 Oct 2026 2:27 am

दरअसल- 13 अक्टूबर

आज तक 13 Oct 2026 2:17 am

प्रेस कॉन्फ्रेंस, जलपान और नई रणनीति... आज राहुल गांधी के घर INDIA ब्लॉक का जुटान

विपक्षी 'मार्च फॉर डेमोक्रेसी' और सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर करने के बाद, राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने आवास पर ‘जलपान’ रखा है. इसमें INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसाइटी और छात्र संगठनों को आमंत्रित किया है.

आज तक 13 Oct 2026 2:11 am

अर्थ ग्रुप की 140 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने की कुर्क, धाखाधड़ी के मामले में एक्शन

ईडी ने अर्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर और उसके प्रमोटरों की 140 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई 19,425 घर खरीदारों से 2,004 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में की गई है।

जागरण 13 Oct 2026 2:07 am

'हमें डरा, धमका और हरा नहीं सकते', सुप्रीम कोर्ट तक INDI गठबंधन के मार्च के बाद बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक INDI गठबंधन के मार्च के बाद केंद्र सरकार और RSS पर निशाना साधा, समर्थकों का धन्यवाद किया।

जागरण 13 Oct 2026 2:00 am

पश्चिम बंगाल: 'भारत पर अमेरिका का भरोसा, हर क्षेत्र में बढ़ा रहे सहयोग'; राजदूत सर्जियो गोर ने क्या-क्या कहा?

पश्चिम बंगाल: 'भारत पर अमेरिका का भरोसा, हर क्षेत्र में बढ़ा रहे सहयोग'; राजदूत सर्जियो गोर ने क्या-क्या कहा?

अमर उजाला 13 Oct 2026 1:58 am

कर्नाटक में आरक्षण पर बड़ा फैसला: हाईकोर्ट ने कहा- एससी-एसटी का कोटा बढ़ाना असांविधानिक, चीफ जस्टिस क्या बोले?

कर्नाटक में आरक्षण पर बड़ा फैसला:हाईकोर्ट ने कहा-एससी-एसटी का कोटाबढ़ाना असांविधानिक, चीफ जस्टिस क्या बोले?

अमर उजाला 13 Oct 2026 1:48 am

इंडिया गठबंधन के मार्च में दिखा बैटमैन का क्रेज,राहुल ने खरगे को पहनाया मास्क!

इंडिया गठबंधन के मार्च में दिखा बैटमैन का क्रेज,राहुल ने खरगे को पहनाया मास्क!

अमर उजाला 13 Oct 2026 1:40 am

ओडिशा: सहायक प्रोफेसर पर छात्राओं की निजी जानकारी मांगने का आरोप, वायरल ऑडियो में सीएम का नाम; क्या है मामला?

ओडिशा: सहायक प्रोफेसर पर छात्राओं की निजी जानकारी मांगने का आरोप, वायरल ऑडियो में सीएम का नाम; क्या है मामला?

अमर उजाला 13 Oct 2026 1:23 am

तीन बार में पी शराब...120 की रफ्तार और 3 मौतें, कोच्चि मिनी कूपर हादसे में बड़ा खुलासा

कोच्चि में मिनी कूपर कार से स्कूटर को टक्कर मारने के हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने सोमवार को नशे में गाड़ी चलाने वाले 19 साल के ड्राइवर सुहैल साजिव के दो और दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Oct 2026 1:05 am

पढ़ें 13 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज

Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन

अमर उजाला 13 Oct 2026 12:40 am

तेजस्वी यादव का जुदा अंदाज: लालू के बेटे ने दिल्ली में की ऑटोरिक्शा की सवारी, सामने वाली सीट पर कौन बैठा दिखा?

तेजस्वी यादव का जुदा अंदाज: लालू के बेटे ने दिल्ली में की ऑटोरिक्शा की सवारी, सामने वाली सीट पर कौन बैठा दिखा?

अमर उजाला 13 Oct 2026 12:40 am

केरलम विधानसभा से CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित, सीएम सतीशन ने बताया एतिहासिक

केरलम विधानसभा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया है। इसमें मतदाता सूची से हटाए गए पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने मांग की गई है।

जागरण 13 Oct 2026 12:38 am

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान के सिक्योरिटी चीफ से अजील डोभाल की बातचीच, क्या है वजह?

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से फोन पर बात की। दोनों ने पश्चिम एशिया में बढ़ती तनाव के बीच क्षेत्रीय घटनाओं और दोनों देशों के आपसी हितों पर चर्चा की। यह बातचीत भारतीय नाविकों और नागरिकों पर हमलों के तुरंत बाद हुई है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Oct 2026 12:28 am

गन्ना किसानों के लिए बड़ा कदम, शिकायतों के समाधान के लिए एक सप्ताह में बनेगी उच्चस्तरीय समिति

केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के गन्ना किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए एक सप्ताह के भीतर उच्चस्तरीय संयुक्त समिति गठित करने का निर्णय लिया है।

जागरण 13 Oct 2026 12:14 am

'वेतन नहीं तो काम नहीं', स्पाइसजेट के 40 पायलटों ने शुरू की हड़ताल; बकाया सैलरी मिलने तक उड़ान भरने से इनकार

स्पाइसजेट के करीब 40 क्यू400 पायलटों ने बकाया वेतन का भुगतान न होने तक उड़ान भरने से इनकार कर दिया है, जिसका समर्थन पायलटों के संगठन एएलपीए इंडिया ने भी किया है।

जागरण 13 Oct 2026 12:11 am

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की लड़ाई, कैसे SC तक पहुंच गई? देखें दस्तक

आज दस्तक में बात, तांडव राजनीति की. जी हां, आज राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेताओं ने 5वें दिन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर धावा बोला. जी हां राहुल गांधी के नेतृत्व में, INDIA गठबंधन ने, दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक ज्ञानेश हटाओ मार्च निकाला. मार्च से पहले राहुल ने 40 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की, और इसमें राहुल ने इस विरोध प्रदर्शन को तांडव बताया, और ये भी कहा कि, शिव की बारात में कोई भी आ सकता है. देखें...

आज तक 13 Oct 2026 12:08 am

'धार्मिक भावनाओं और जनस्वास्थ्य के बीच संतुलन जरूरी', पटाखों पर सुनवाई को दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध के मामले में धार्मिक भावनाओं और जन स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने की बात कही है।

जागरण 13 Oct 2026 12:06 am

CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने समेत SIR रोकने जैसी कई मांग, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई संभव

विपक्ष ने 'वोट चोरी-एसआईआर' के खिलाफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक 'लोकतंत्र मार्च' निकाला।

जागरण 13 Oct 2026 12:02 am

योगी सरकार की इस योजना से झांसी की महिलाओं की बदली जिंदगी, प्लांट लगाकर बनीं आत्मनिर्भर

झांसी की महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों और सरकार की मदद से प्लांट लगाकर आंगनवाड़ी का राशन तैयार करने का काम शुरू किया है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रही हैं.

आज तक 13 Oct 2026 12:01 am

बिम्सटेक गृह मंत्रियों की पहली बैठक आज, भारत करेगा मेजबानी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि भारत 13 अक्टूबर को पहली बिम्सटेक गृह मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा।

जागरण 13 Oct 2026 12:01 am

महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का हो गया ट्रांसफर? तुकाराम मुंढे ने बताई असली सच्चाई

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने सोमवार को साफ कर दिया कि उन्हें FDA से कहीं ट्रांसफर नहीं किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 11:57 pm

IIT Indore अध्ययन: विरोध स्थलों की दूरी और पहुंच तय करती है लोकतांत्रिक प्रदर्शनों का असर

(श्रुति भारद्वाज)नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर दिल्ली में राजपथ (अब कर्तव्य पथ) के किनारे के लॉन कभी ‘‘तंबुओं के गांव’’ जैसे नजर आते थे, जहां देशभर से लोग अपनी समस्याओं को उठाने और सत्ता तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यहां जुटते थे। वर्ष 1993 में विरोध-प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल को जंतर-मंतर स्थानांतरित किए जाने के बाद यह स्थिति बदल गई। पिछले तीन दशक के ज़्यादातर समय में, राष्ट्रीय राजधानी के बीचों-बीच स्थित जंतर-मंतर देश में विरोध-प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा है। इसमें इस साल की शुरुआत में हुए नीट-विरोधी प्रदर्शन भी शामिल हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्षी दलों तथा कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के आह्वान पर हो रहे प्रदर्शनों के बीच, धरना प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल को एक बार फिर बदला जा रहा है। अब प्रदर्शनों के लिए पहले से अधिक दूर स्थित स्थान तय किए गए हैं। धरना स्थलों के संबंध में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर के एक अध्ययन में दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के स्थलों में आए बदलावों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में प्रदर्शनों की दृश्यता पर जोर देते हुए कहा गया है कि असहमति जताने और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों के लिए महत्वपूर्ण है। ‘विरोध-प्रदर्शन स्थलों (सार्वजनिक स्थानों) की ऐतिहासिक परंपरा की पड़ताल’ शीर्षक वाले इस अध्ययन में दिल्ली के इतिहास में हुए इन बदलावों को मुगल और ब्रिटिश शासन से लेकर आज़ादी के दौर और उसके बाद के समय के संदर्भ में देखा गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटा दिया है और रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध-प्रदर्शन के लिए नयी जगहों के तौर पर तय किया है। आईआईटी इंदौर के अध्ययन के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन के लिए किसी स्थल का निर्धारित होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी स्थिति, वहां पहुंचने की सुविधा और उसकी दृश्यता भी मायने रखती है। समावेशी सार्वजनिक स्थलों की वकालत करते हुए शोधकर्ताओं ने कहा कि लोगों को जहां जुटने की अनुमति दी जाती है, उससे उनकी मांगें उठाने और सत्ता के केंद्रों से संवाद करने की क्षमता प्रभावित होती है। अध्ययन में इस बात की पड़ताल की गई कि सत्ता ने सार्वजनिक स्थानों तक लोगों की पहुंच को किस तरह प्रभावित किया है और लोगों के एकत्र होने के लिए उपलब्ध स्थानों ने असहमति जताने की उनकी क्षमता को कैसे आकार दिया है। इसमें यह सवाल भी उठाया गया कि जब लोगों को उन संस्थानों के नजदीक विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलती, जिनके सामने वे अपनी मांगें रखना चाहते हैं, तो इसका क्या असर होता है। वर्ष 1993 में बोट क्लब पर सामूहिक प्रदर्शनों को लेकर पाबंदियां लगाए जाने के बाद जंतर-मंतर को दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए आधिकारिक स्थल घोषित किया गया था। अध्ययन में कहा गया है कि प्रदर्शनों को राजपथ से दूर ले जाने के कारण उनकी दृश्यता कम हुई और सत्ता के केंद्रों से दूरी बढ़ गई। अध्ययन के मुताबिक, वर्ष 2017 में रामलीला मैदान में हुए विरोध-प्रदर्शन, 2019-20 में शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ आंदोलन और 2021-22 में सिंघू, टिकरी तथा गाजीपुर में किसानों के प्रदर्शन इस बात के उदाहरण हैं कि पहले से निर्धारित स्थलों तक पहुंच सीमित किए जाने के कारण विरोध-प्रदर्शन दूसरी जगहों पर स्थानांतरित हुए।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:53 pm

'अमेरिका से सशर्त होगी परमाणु वार्ता', ईरान बोला- पुरानी स्थिति में नहीं लौटेंगे

ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता के दरवाजे खुले रखे हैं, लेकिन साफ किया है कि बातचीत पुरानी परिस्थितियों में नहीं होगी और वह बीते अनुभवों को ध्यान में रखेगा।

जागरण 12 Oct 2026 11:51 pm

'11 रुपये की ड्रिप 270 में क्यों?', दवाओं के भारी-भरकम मुनाफे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

केंद्र सरकार ने कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन को एमआरपी के 30% तक सीमित किया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस सीमा को केवल कैंसर दवाओं तक सीमित रखने पर चिंता व्यक्त की।

जागरण 12 Oct 2026 11:51 pm

मतदाता सूची से छूटे मतदाताओं की तलाश के लिए राज्यों ने तेज किए अभियान, लगाए कैंप

मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए राज्यों ने अभियान तेज कर दिए हैं।

जागरण 12 Oct 2026 11:44 pm

11:46 बजे की थी होटल में एंट्री, शाम को दसवीं मंजिल से नीचे गिरी युवती

Lucknow Omaxe News: लखनऊ के ओमेक्स न्यू हजरतगंज में दसवीं मंजिल से गिरने से युवती की मौत. सुशांत गोल्फ सिटी थाने की पुलिस मौके पर. डीसीपी साउथ ने दी पूरी जानकारी. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 12 Oct 2026 11:38 pm

यूक्रेन के 6 ठिकानों पर रूसी हमले, जेलेंस्की बोले- नहीं माना ट्रंप का प्रस्ताव

रविवार को ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर की घोषणा की थी, लेकिन सोमवार को जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने यूक्रेन में कम से कम छह ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया. उन्होंने कहा कि रूस एनर्जी सीजफायर में दिलचस्पी नहीं रखता.

आज तक 12 Oct 2026 11:37 pm

राजस्थान में कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ कॉजपा 10 दिन में करेगी बड़ा आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने राजस्थान में छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर नजरबंद करने, हिरासत में लेने और पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। ‘कॉजपा’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान ने सोमवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राजस्थान में पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई की और उनके परिवारों को भी परेशान किया। बालियान ने आरोप लगाया कि अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में उन्हें चार दिन तक घर में नजरबंद रखा गया और उनके घर पर चार थानों की पुलिस तैनात की गई। पार्टी सदस्य गीगराज जोरली ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने उन्हें वाहन में ही हिरासत में ले लिया। उन्होंने अपने साथी सुरेंद्र को भी कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की। ‘कॉजपा’ सदस्य शशिकांत ने आरोप लगाया कि आठ अक्टूबर को उन्हें और उनके साथी सूरज मीणा को जयपुर के गांधी नगर थाने में हिरासत में लेकर पीटा गया। उन्होंने पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने और कानूनी सहायता लेने से रोकने का भी आरोप लगाया। संवाददाता सम्मेलन में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रतिनिधियों रितांश और अन्वी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए। ‘कॉजपा’ ने छात्रों, महिलाओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादतियों के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर राजस्थान में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। संगठन ने नागरिक संगठनों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इसमें शामिल होने की अपील की।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:33 pm

SIR पर रोक लगाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, याचिका में मिलीं 14 खामियां

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का ...

वेब दुनिया 12 Oct 2026 11:27 pm

राहुल गांधी की याचिका में 14 गलतियां, फीस में ₹220 की कमी; सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कई विपक्षी नेताओं की संयुक्त याचिका में कुल 14 कमियां बताई हैं। इनमें कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी भी शामिल है। याचिका चुनावी गड़बड़ियों और वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के खिलाफ दायर की गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 11:25 pm

FCRA विधेयक पर जेपीसी के सामने चर्च प्रतिनिधियों ने रखी आपत्ति, सरकार ने आरोपों को नकारा

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के समक्ष चर्च और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रतिनिधियों ने विचार रखे।

जागरण 12 Oct 2026 11:24 pm

MP Voter List: मतदाता बनने के लिए उमड़े युवा, Form 6 के मिले 4 लाख से अधिक आवेदन

मध्यप्रदेश में एक अक्टूबर से अब तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के 4,06,338 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के 1,92,851 आवेदन शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने सोमवार को यह जानकारी दी। झा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) प्रदेशभर में आवेदन एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। फॉर्म-6 भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का निर्धारित आवेदन पत्र है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, आवेदक की आयु निर्धारित अर्हता तिथि पर कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए। आयोग के मुताबिक, फॉर्म-6 ऑनलाइन मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से या ऑफलाइन संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा बूथ स्तर के अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने नए फॉर्म-6 को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर फैसला नहीं किया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईआर से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संकेत दिया था कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में एसआईआर से संबंधित मई 2026 के फैसले में फॉर्म-6 के घोषणा पत्र को बरकरार रखा है।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:23 pm

'सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में न घसीटें', CJI सूर्यकांत ने क्यों कही ये बात?

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक मामलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए और लोकतांत्रिक संस्थाओं को शांति से काम करने देना चाहिए।

जागरण 12 Oct 2026 11:22 pm

पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को स्कूलों से जोड़ने ‘NIOS मित्र’ की होगी तैनाती

शिक्षा मंत्रालय की पहल पर NIOS देश भर में 'NIOS मित्र' अभियान चलाएगा, जिसका उद्देश्य स्कूली शिक्षा से वंचित और 10वीं-12वीं फेल छात्रों को फिर से शिक्षा से जोड़ना है।

जागरण 12 Oct 2026 11:19 pm

SC में दायर राहुल की याचिका में 14 खामियां, फीस में कम पड़े 220 रुपये

राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. याचिका में 14 खामियां पाई गईं.

आज तक 12 Oct 2026 11:19 pm

आंध्र प्रदेश में डिवाइडर से टकराने के बाद EV में लगी आग, 4 लोगों की मौत

आंध्र प्रदेश के एनटीआर जिले में विजयवाड़ा वेस्ट बाइपास पर एक इलेक्ट्रिक वाहन डिवाइडर से टकराकर आग की चपेट में आ गया, जिससे चार लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल हो गया।

जागरण 12 Oct 2026 11:14 pm

सुबह नहाने में लगती है ठंड? अपनाएं ये ट्रिक, टंकी से निकलेगा गुनगुना पानी

How to Keep Water Tank Warm: सर्दियों की शुरुआत हो रही है और अब सुबह-सुबह टंकी के पानी में नहाने में ठंड का एहसास भी होने लगा है. ऐसे में यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपकी टंडी के पानी को कड़ाके की ठंड में भी गुनगुना रख सकते हैं.

आज तक 12 Oct 2026 11:10 pm

राहुल गांधी की याचिका में 14 गलतियां और 220 रुपये की शॉर्टफॉल, सुप्रीम कोर्ट ने निकाली कमियां

राहुल गांधी और INDI गठबंधन द्वारा दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट ने 14 तकनीकी खामियां पाई हैं, जिसमें 220 रुपये की फीस की कमी भी शामिल है। याचिकाकर्ताओं के दस्तावेजों और मल्लिकार्जुन खरगे के पहचान पत्र में भी त्रुटियां मिली हैं।

जागरण 12 Oct 2026 11:06 pm

CEC के खिलाफ SC में विपक्ष, राहुल गांधी की सरप्राइज पॉलिटिक्स में कैसे जुड़ा नया चैप्टर? इनसाइड स्टोरी

राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करते हुए पहुंचे और चुनावी गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर सरकार व चुनाव आयोग को घेरा.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 11:03 pm

Shiv Sena UBT नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में UP से पकड़े दो आरोपी पुलिस रिमांड पर

ठाणे की एक अदालत ने शिवसेना (उबाठा) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में गिरफ्तार पहले आरोपी सुभाष उर्फ ​​पप्या शिंदे की पुलिस हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी, जबकि उत्तर प्रदेश से हाल में पकड़े गए दो संदिग्धों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। सुभाष शिंदे ठाणे का रहने वाला है, जबकि सह-आरोपी संतोष कनौजिया उर्फ ​​टल्ली और अमित सिंह उर्फ ​​पप्लू को पिछले हफ़्ते ठाणे पुलिस की एक टीम ने प्रयागराज से पकड़ा था। पूर्णेकर की 29 सितंबर की रात हुई हत्या के मामले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूर्णेकर मानपाडा में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के वार्ड प्रमुख थे। बाकी दो आरोपी निखिल यादव और नितेश पवार हैं। मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वकील समीर हटले ने बताया कि सुभाष शिंदे, कनौजिया और सिंह को अतिरिक्त मुख्य मजिस्ट्रेट एस.बी. साबले के सामने पेश किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस और शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने सुभाष शिंदे की हिरासत एक दिन के लिए बढ़ा दी तथा कनौजिया और सिंह को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 11:03 pm

Vote Chori Protest:

आप नेता निष्पक्ष चुनाव के लिए ईसीआई प्रमुख के इस्तीफे और बैलेट पेपर पर वापसी की मांग कर रहे हैं, रामलीला मैदान में व

वन इंडिया 12 Oct 2026 11:01 pm

ब्रेकिंग न्यूज़: कारगिल शहीद की पत्नी और हरियाणा भाजपा की नेता सुधा यादव बनीं कर्नाटक की राज्यपाल

हरियाणा भाजपा की वरिष्ठ नेता सुधा यादव को कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्तियों की घोषणा की। सुधा यादव कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीएसएफ के पूर्व डिप्टी कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की पत्नी हैं। वह भाजपा के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय […]

तहलका 12 Oct 2026 11:00 pm

त्योहारी सीजन में मकान बनाना होगा महंगा: सीमेंट की प्रति बोरी ₹15 तक बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां

अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे आम लोगों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए त्योहारी सीजन के बीच जेब पर भारी पड़ने वाली खबर सामने आ रही है। प्रमुख ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म्स (विशेषकर Emkay Research और उद्योग विश्लेषकों) की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश की प्रमुख सीमेंट विनिर्माण कंपनियां मध्य अक्टूबर (15 अक्टूबर के आसपास) से सीमेंट की कीमतों में ₹10 से ₹15 प्रति बोरी (50 किलोग्राम बैग) तक की बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। यदि यह मूल्य वृद्धि पूरे देश में लागू होती है, तो खुदरा बाजार में सीमेंट का औसत भाव ₹360 से बढ़कर ₹375 से ₹390 प्रति बोरी के दायरे में पहुंच सकता है, जिससे मकान निर्माण और मरम्मत का कुल बजट सीधे तौर पर प्रभावित होगा।क्यों बढ़ रहे हैं दाम: लागत का दबाव और ईंधनों की महंगाईसीमेंट उद्योग के जानकारों के अनुसार, यह संभावित बढ़ोतरी कंपनियों के मुनाफे को बचाने के लिए की जा रही है, क्योंकि पिछले 6 से 7 महीनों से इनपुट लागत (Input Costs) लगातार बढ़ रही है:पेटकोक और आयातित कोयले की कीमतों में उछाल: सीमेंट उत्पादन में बिजली और ईंधन (Power & Fuel) का खर्च कुल उत्पादन लागत का लगभग 30 से 35 प्रतिशत होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम कोक (Petcoke) और आयातित कोयले की दरों में आई तेजी ने उत्पादन लागत ₹300 से ₹400 प्रति टन तक बढ़ा दी है।कच्चे तेल में तेजी और लॉजिस्टिक्स खर्च: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की मजबूत कीमतों के कारण माल ढुलाई (Freight/Logistics Cost) में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। सीमेंट भारी और बल्क सामग्री होने के कारण कारखाने से डीलर तक पहुंचाने का डीजल खर्च सीधे मार्जिन पर दबाव डालता है।तिमाही नतीजों में मार्जिन में गिरावट: वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2) में कंपनियों की प्रति टन कमाई में ₹200 से ₹250 तक की क्रमिक गिरावट का अनुमान जताया गया है, जिसे संतुलित करने के लिए कंपनियां फेस्टिव सीजन में निर्माण गतिविधियों की मांग का सहारा ले रही हैं।घर बनाने के कुल बजट पर कितना पड़ेगा असर?एक सामान्य 1,000 वर्ग फीट के मकान (Ground Floor) के निर्माण में औसतन 350 से 450 बोरी सीमेंट की खपत नींव से लेकर स्लैब ढलाई तक होती है:सीधा अतिरिक्त खर्च: यदि प्रति बोरी ₹15 की वृद्धि होती है, तो 400 बोरियों पर केवल सीमेंट के मद में लगभग ₹6,000 का सीधा अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।बहुमंजिला और बड़े प्रोजेक्ट्स पर असर: बड़े आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स में जहां हजारों बोरियों की खपत होती है, वहां कुल प्रोजेक्ट लागत लाखों रुपये बढ़ जाएगी, जिसका अंतिम असर प्रति वर्ग फीट फ्लैट की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।कब से लागू होंगी नई दरें और किन क्षेत्रों में दिखेगा असर?डीलर सूत्रों के मुताबिक, कंपनियां 15 अक्टूबर के बाद से विभिन्न क्षेत्रों (नॉर्थ, सेंट्रल, वेस्ट और साउथ जोन) में चरणबद्ध तरीके से नए इनवॉयस रेट लागू कर सकती हैं। हालांकि, मानसून समाप्त होने के बाद बुनियादी ढांचा और हाईवे परियोजनाओं में निर्माण कार्यों ने रफ्तार पकड़ी है, जिससे मांग मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां बढ़ी हुई कीमतों को बाजार में कितना टिका पाती हैं, यह आने वाले हफ्तों में मांग की मजबूती पर निर्भर करेगा। घर का निर्माण करा रहे लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी जरूरत का सीमेंट दाम बढ़ने से पहले ही स्थानीय अधिकृत डीलरों से बुक कराने पर विचार कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:59 pm

वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने तेजस से भरी आखिरी उड़ान

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस से अपनी आखिरी फाइटर उड़ान भरी, जो बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास 'तरंग शक्ति-2026' के दौरान हुई.

आज तक 12 Oct 2026 10:58 pm

गाड़ी चोरी होने पर बीमा कंपनी से मिलता है कितना पैसा? जानिए आईडीवी (IDV) का असली गणित और स्टेप-बाय-स्टेप क्लेम सेटलमेंट का पूरा प्रोसेस

घर के बाहर, ऑफिस की पार्किंग या बाजार से गाड़ी चोरी हो जाना किसी भी वाहन मालिक के लिए एक बड़ा मानसिक और वित्तीय झटका होता है। ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में पीड़ित व्यक्ति की सबसे बड़ी उम्मीद उसकी मोटर बीमा पॉलिसी (Motor Insurance Policy) पर टिकी होती है। लेकिन अधिकांश वाहन मालिकों के मन में यह बड़ा सवाल रहता है कि चोरी होने के बाद इंश्योरेंस कंपनी वास्तव में कितना पैसा चुकाती है—क्या नई गाड़ी की पूरी खरीद कीमत मिलती है, या कोई कटौती की जाती है? इसके साथ ही क्लेम हासिल करने के लिए पुलिस, आरटीओ और बीमा कंपनी के बीच किन कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है, इसकी सही जानकारी न होने पर क्लेम महीनों तक अटका रह सकता है या खारिज भी हो सकता है।बीमा कंपनी कितना पैसा देती है: समझिए आईडीवी (IDV) और 'रिटर्न टू इनवॉयस' का गणितगाड़ी चोरी होने की स्थिति को बीमा की भाषा में 'टोटल लॉस' (Total Loss) माना जाता है। क्लेम के तहत आपको मिलने वाली राशि आपकी पॉलिसी के प्रकार पर निर्भर करती है:आईडीवी (Insured Declared Value): यदि आपके पास एक स्टैंडर्ड कॉम्प्रिहेंसिव (Comprehensive) मोटर पॉलिसी है, तो कंपनी आपको वही रकम चुकाएगी जो आपकी पॉलिसी डॉक्यूमेंट पर 'आईडीवी' (IDV) के रूप में दर्ज है। आईडीवी वह अधिकतम कानूनी बाजार मूल्य (Market Value) है जो पॉलिसी लेते समय तय किया जाता है। गाड़ी की उम्र बढ़ने के साथ डेप्रिसिएशन (घिसावट) कटने के कारण हर साल आईडीवी घटती जाती है। इसलिए चोरी होने पर आपको गाड़ी का मौजूदा आईडीवी ही क्लेम के रूप में मिलता है।रिटर्न टू इनवॉयस (Return to Invoice - RTI) एड-ऑन: यदि आपने अपनी पॉलिसी में 'रिटर्न टू इनवॉयस' का अतिरिक्त कवर ले रखा है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। इस एड-ऑन के तहत कंपनी आपको गाड़ी की मूल खरीद इनवॉयस कीमत (On-road/Ex-showroom Price), रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन चार्ज तक का पूरा रिफंड देती है। यानी आपको नई गाड़ी की खरीद के बराबर पूरी राशि वापस मिल जाती है।थर्ड पार्टी पॉलिसी में शून्य क्लेम: यह ध्यान रखना आवश्यक है कि यदि आपके पास केवल अनिवार्य 'थर्ड पार्टी' (Third-Party Only) बीमा है, तो चोरी होने पर बीमा कंपनी से एक रुपये का भी क्लेम नहीं मिलता। इसके लिए 'ओन डैमेज' (Own Damage) या कॉम्प्रिहेंसिव कवर का होना अनिवार्य है।गाड़ी चोरी होने पर तुरंत क्या करें: स्टेप-बाय-स्टेप क्लेम प्रोसेसवाहन चोरी होने के बाद बीमा राशि सुरक्षित करने के लिए समयबद्ध और सटीक कानूनी प्रक्रिया अपनानी होती है:स्टेप 1: नजदीकी थाने में तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कराएंगाड़ी चोरी होने की जानकारी मिलते ही बिना एक पल गंवाए घटना स्थल के अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस थाने में जाएं और एफआईआर दर्ज कराएं। एफआईआर में गाड़ी का नंबर, चेसिस नंबर, इंजन नंबर और घटना का सटीक समय स्पष्ट दर्ज कराएं। एफआईआर की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) तुरंत प्राप्त करें।स्टेप 2: बीमा कंपनी को समय रहते सूचित करेंएफआईआर दर्ज कराने के तुरंत बाद (आमतौर पर 24 से 48 घंटे के भीतर) अपनी बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर, मोबाइल ऐप या नजदीकी शाखा में चोरी की औपचारिक सूचना दें। देर से सूचना देने पर क्लेम में अड़चन आ सकती है। बीमा कंपनी आपको एक क्लेम इंटिमेशन नंबर (Claim Number) आवंटित करेगी और एक अधिकृत जांचकर्ता (Investigator) नियुक्त करेगी।स्टेप 3: संबंधित आरटीओ (RTO) को लिखित सूचनाजिस आरटीओ (परिवहन कार्यालय) में आपकी गाड़ी पंजीकृत है, वहां एक लिखित आवेदन देकर गाड़ी चोरी होने की सूचना दें। आरटीओ वाहन के रिकॉर्ड को अपने डेटाबेस में 'चोरी' (Stolen) के रूप में चिह्नित करेगा और आपको एक पावती (Acknowledgment) देगा। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि चोरी गई गाड़ी का किसी अवैध गतिविधि में दुरुपयोग होने पर आपकी कानूनी जिम्मेदारी न बने।स्टेप 4: पुलिस से 'अनट्रेस्ड रिपोर्ट' (Untraced Report) हासिल करनापुलिस वाहन की तलाश के लिए जांच शुरू करती है। यदि सामान्यतः 30 से 90 दिनों के भीतर पुलिस गाड़ी को बरामद करने में असमर्थ रहती है, तो जांच अधिकारी (IO) अदालत में एक 'अनट्रेस्ड रिपोर्ट' (Untraced/Final Report) दाखिल करता है। मजिस्ट्रेट द्वारा इस रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के बाद इसकी प्रमाणित प्रति बीमा कंपनी को सौंपनी होती है। बिना इस रिपोर्ट के कोई भी कंपनी अंतिम क्लेम राशि जारी नहीं करती।क्लेम सेटलमेंट के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?जांच पूरी होने के बाद बीमा कंपनी आपसे निम्नलिखित मूल कागजात मांगेगी:पूरी तरह भरा और हस्ताक्षरित क्लेम फॉर्म।एफआईआर की प्रमाणित प्रति और पुलिस की अंतिम अनट्रेस्ड रिपोर्ट।गाड़ी की मूल आरसी (Registration Certificate)।गाड़ी की दोनों ओरिजिनल चाबियां (Original Keys)। यदि एक चाबी गायब है, तो उसका संतोषजनक कारण और हलफनामा देना होगा।आरटीओ फॉर्म 28, 29 और 30 (वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण के दस्तावेज) पर हस्ताक्षर।बीमा कंपनी के पक्ष में निष्पादित सब्रोगेशन लेटर (Letter of Subrogation) और क्षतिपूर्ति बांड (Indemnity Bond)।यदि गाड़ी पर बैंक लोन (Hypothecation) चल रहा है, तो संबंधित बैंक से फॉर्म 35 और एनओसी (NOC)।बैंक खाता विवरण (कैंसिल चेक) और पैन/आधार कार्ड।क्लेम सेटलमेंट और भुगतान का अंतिम चरणसभी दस्तावेज और चाबियां जमा होने के बाद बीमा कंपनी का लीगल विभाग कागजातों का सत्यापन करता है। यदि गाड़ी पर लोन बकाया है, तो बीमा कंपनी पहले बैंक का बकाया लोन चुकता करती है और शेष बची राशि वाहन मालिक के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देती है। यदि गाड़ी पूरी तरह कर्जमुक्त है, तो पॉलिसी की पूरी आईडीवी राशि सीधे ग्राहक के खाते में एनईएफटी/आरटीजीएस के जरिए भेज दी जाती है। पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 60 से 120 दिन का समय लगता है, लेकिन सही समय पर सही दस्तावेज जमा करने से क्लेम बिना किसी अड़चन के शत-प्रतिशत पास हो जाता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:57 pm

ATM से नकदी नहीं निकली, लेकिन खाते से पैसे कट गए? घबराएं नहीं, 5 दिनों में रिफंड न मिलने पर बैंक देगा ₹100 प्रतिदिन का हर्जाना

डिजिटल दौर में भी आपातकालीन जरूरतों के लिए एटीएम (ATM) से नकद निकासी जीवन का अहम हिस्सा है। कई बार ऐसा होता है कि आप एटीएम मशीन में कार्ड स्वाइप करते हैं, पिन दर्ज करते हैं, मशीन से नोट गिनने की आवाज आती है, लेकिन स्क्रीन पर 'ट्रांजैक्शन फेल्ड' (Transaction Failed) या 'टाइम आउट' का मैसेज आ जाता है। कुछ ही सेकंडों में मोबाइल पर एसएमएस आ जाता है कि आपके खाते से पैसे कट गए हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी ग्राहक का घबरा जाना स्वाभाविक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के वित्तीय अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद कड़े दिशानिर्देश तय कर रखे हैं? यदि तय समय सीमा के भीतर बैंक आपके कटे हुए पैसे वापस नहीं लौटाता है, तो बैंक को अपनी जेब से प्रतिदिन ₹100 का जुर्माना (Compensation) ग्राहक को देना पड़ता है।क्या है RBI का 'T+5 दिन' का अनिवार्य ऑटो-रिवर्सल नियम?रिजर्व बैंक के सर्कुलर के अनुसार, एटीएम में लेन-देन विफल होने पर स्वतः समाधान (Harmonisation of Turn Around Time - TAT) की स्पष्ट समयसीमा तय है:T+5 कार्यदिवस का नियम: यहां 'T' का अर्थ ट्रांजैक्शन की तारीख (Date of Transaction) है। जिस दिन आपका लेनदेन फेल हुआ, उस दिन से अगले 5 बैंकिंग कार्यदिवसों (Business Days) के भीतर बैंक को विफल लेनदेन की राशि ग्राहक के खाते में स्वतः रिवर्स (Credit) करनी होती है।₹100 प्रतिदिन का मुआवजा: यदि बैंक निर्धारित T+5 कार्यदिवसों के भीतर पैसा वापस करने में विफल रहता है, तो 6वें दिन से जब तक पैसा खाते में क्रेडिट नहीं होता, तब तक बैंक को बिना किसी अनुरोध के स्वतः ₹100 प्रति कैलेंडर दिन के हिसाब से मुआवजा ग्राहक के खाते में जमा कराना कानूनी रूप से अनिवार्य है।चाहे किसी भी बैंक का हो एटीएम: यह नियम सभी प्रकार के एटीएम पर समान रूप से लागू होता है—चाहे आपने अपने मूल बैंक (Home Bank) के एटीएम का इस्तेमाल किया हो या किसी अन्य बैंक (White Label/Third Party ATM) के एटीएम से निकासी की कोशिश की हो। मुआवजे का भुगतान करने की प्राथमिक जिम्मेदारी आपके खाताधारक बैंक (Issuer Bank) की होती है।एटीएम पर ट्रांजैक्शन फेल होते ही तुरंत क्या करें: 4 जरूरी कदमयदि आपके साथ ऐसा हादसा होता है, तो घबराने या मशीन पर दोबारा बार-बार पिन डालने के बजाय निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:ट्रांजैक्शन स्लिप सुरक्षित रखें: यदि मशीन से पर्ची निकली है, तो उसे फेंकें नहीं। उस पर ट्रांजैक्शन आईडी (Txn ID), एटीएम आईडी, तारीख और समय का सटीक ब्योरा होता है। यदि पर्ची नहीं निकली, तो मोबाइल पर आए बैंक एसएमएस का स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।कुछ मिनट मशीन के पास रुकें: कभी-कभी नेटवर्क धीमा होने के कारण 1-2 मिनट बाद मशीन नकदी उगल देती है। सुनिश्चित करें कि स्क्रीन पर 'वेलकम' या 'ट्रांजैक्शन कैंसिल्ड' आ जाए।कस्टमर केयर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं: अपने बैंक के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें और घटना का ब्योरा देकर शिकायत दर्ज कराएं। कॉल पर मिलने वाला 'शिकायत निवारण नंबर' (Ticket/Complaint Reference Number) डायरी में नोट कर लें।नेट बैंकिंग या बैंक ऐप से ऑनलाइन शिकायत: बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग पोर्टल में 'Dispute Transaction' या 'Report Failed ATM Withdrawal' विकल्प चुनकर सीधे क्लेम दर्ज करें।5 दिन बीतने के बाद भी रिफंड न मिले तो कहां करें शिकायत?यदि 5 कार्यदिवस बीतने के बाद भी आपके पैसे वापस नहीं आते हैं और बैंक मुआवजा देने में आनाकानी करता है, तो आप चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर सकते हैं:बैंक के प्रिंसिपल नोडल अधिकारी को लिखें: सबसे पहले अपनी शिकायत को अपने बैंक के जोनल या मुख्य नोडल अधिकारी (Principal Nodal Officer) के पास ऑनलाइन एस्केलेट करें।आरबीआई के एकीकृत लोकपाल (Banking Ombudsman) से संपर्क: यदि शिकायत दर्ज करने के 30 दिनों के भीतर बैंक आपकी समस्या का समाधान नहीं करता है या संतोषजनक उत्तर नहीं देता है, तो आप भारतीय रिजर्व बैंक के सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आरबीआई लोकपाल के हस्तक्षेप के बाद बैंक को मूल राशि के साथ-साथ देरी के प्रत्येक दिन का ₹100 हर्जाना भी ब्याज सहित चुकाना पड़ता है।आरबीआई के इस पारदर्शी नियम के चलते अब बैंकों के लिए तकनीकी खामियों की आड़ में ग्राहकों का पैसा अटकाए रखना नामुमकिन हो गया है। सजग रहें, अपने अधिकारों को जानें और ऐसी स्थिति आने पर पैनिक होने के बजाय निर्धारित बैंकिंग नियमों के तहत अपना पूरा रिफंड और मुआवजा हासिल करें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:56 pm

दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, अक्टूबर में टूटा 4 साल का रिकॉर्ड

दिल्ली में सोमवार तड़के हुई तेज बारिश ने अक्टूबर में चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. सफदरजंग में 41.6 मिमी बारिश दर्ज की गई. बारिश के बाद तापमान सामान्य से नीचे रहा और दिल्ली का औसत AQI 83 दर्ज किया गया.

आज तक 12 Oct 2026 10:54 pm

क्लेम करने से पहले समझें ये 4 छिपी शर्तें, कहीं फायदे के चक्कर में न हो जाए बड़ा नुकसान

जब भी कोई बैंक या वित्तीय संस्थान आपको क्रेडिट कार्ड जारी करता है, तो रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और लाउंज एक्सेस के साथ-साथ ब्रोशर में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा होता है—₹1 करोड़ तक का कॉम्प्लिमेंट्री एयर एक्सीडेंट कवर या ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा। अधिकांश ग्राहक इसे केवल एक मार्केटिंग हथकंडा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर यह मान बैठते हैं कि कार्ड वॉलेट में होने मात्र से वे और उनका परिवार हर वित्तीय व शारीरिक जोखिम से पूरी तरह सुरक्षित हैं। वास्तविकता यह है कि क्रेडिट कार्ड के साथ कई प्रकार के बीमा कवर वास्तव में मुफ्त (Inbuilt/Complimentary) मिलते हैं, लेकिन उनके पीछे इतने कड़े तकनीकी नियम और छिपी हुई शर्तें (Hidden Clauses) बंधी होती हैं कि जरा सी चूक होने पर इंश्योरेंस कंपनी क्लेम को एक झटके में खारिज कर देती है। यदि समय रहते इन नियमों को न समझा जाए, तो आपातकाल के समय पीड़ित परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह के भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है।क्रेडिट कार्ड पर आमतौर पर कौन-कौन से इंश्योरेंस कवर मिलते हैं?बैंक अपने कार्ड के वेरिएंट (क्लासिक, गोल्ड, प्लेटिनम, सिग्नेचर या इनफिनिट) के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बीमा सुरक्षा प्रदान करते हैं:व्यक्तिगत दुर्घटना मृत्यु कवर (Personal Accidental Death Cover): सड़क, रेल या किसी अन्य दुर्घटना में कार्डधारक की मृत्यु होने या स्थायी रूप से विकलांग होने पर नॉमिनी को निश्चित बीमा राशि मिलती है।एयर एक्सीडेंटल इंश्योरेंस (Air Accident Cover): विमान दुर्घटना में कार्डधारक की मृत्यु होने पर यह कवर मिलता है, जिसकी राशि प्रीमियम कार्डों पर ₹50 लाख से लेकर ₹1 करोड़ या उससे भी अधिक हो सकती है।जीरो लॉस्ट कार्ड लायबिलिटी व फ्रॉड प्रोटेक्शन (Zero Liability/Fraud Cover): यदि कार्ड खो जाता है, चोरी हो जाता है या ऑनलाइन क्लोनिंग के जरिए अनधिकृत लेनदेन होता है, तो बैंक को सूचित करने के बाद हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है।परचेज प्रोटेक्शन और वारंटी एक्सटेंशन: क्रेडिट कार्ड से खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल या कीमती वस्तुओं के चोरी होने या दुर्घटनावश टूटने पर खरीद की तारीख से 90 से 180 दिनों तक का कवर मिलता है।इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस: विदेश यात्रा के दौरान सामान खोने (Baggage Loss), पासपोर्ट चोरी, फ्लाइट में देरी या अचानक मेडिकल इमरजेंसी के खर्चों की प्रतिपूर्ति की जाती है।4 बड़ी छिपी शर्तें: जिनकी अनदेखी से 90% क्लेम हो जाते हैं रिजेक्टमुफ्त बीमा के नाम पर होने वाले अधिकांश विवादों के पीछे निम्नलिखित शर्तें होती हैं, जिन्हें बैंक अक्सर बारीक अक्षरों (Fine Print) में लिखते हैं:एक्टिव कार्ड नियम (The 30/90 Days Rule): यह सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। बीमा कंपनियां केवल उसी कार्ड पर क्लेम स्वीकार करती हैं जो घटना की तारीख से ठीक पहले के 30 से 90 दिनों के भीतर 'सक्रिय' (Active) रहा हो। यदि आपका कार्ड 3 महीने से दराज में बंद पड़ा है और उस पर कोई लेन-देन (स्वाइप या ऑनलाइन पेमेंट) नहीं हुआ है, तो दुर्घटना होने पर नॉमिनी को फूटी कौड़ी भी नहीं मिलेगी।उसी कार्ड से टिकट बुकिंग की अनिवार्यता: एयर एक्सीडेंट कवर पाने के लिए अनिवार्य शर्त यह होती है कि विमान का टिकट उसी विशिष्ट क्रेडिट कार्ड से बुक किया गया हो। यदि आपने टिकट कैश, नेट बैंकिंग या किसी अन्य कार्ड से बुक किया है, तो जेब में रखा प्रीमियम क्रेडिट कार्ड एयर एक्सीडेंट के समय शून्य मूल्य का साबित होगा।समय पर सूचना देने की सख्त मियाद (Reporting Window): क्रेडिट कार्ड चोरी होने या फ्रॉड लेनदेन होने की स्थिति में अधिकांश बैंक 24 से 72 घंटे के भीतर कस्टमर केयर या ऐप पर रिपोर्ट दर्ज कराना अनिवार्य करते हैं। देर से दी गई सूचना पर जीरो लायबिलिटी का कोई लाभ नहीं मिलता और पूरा नुकसान ग्राहक को ही वहन करना पड़ता है।प्राकृतिक मृत्यु या बीमारी पर कवर नहीं: यह जीवन बीमा (Life Insurance/Term Plan) नहीं है। बीमारी, हृदय गति रुकने, उम्र संबंधी समस्याओं या आत्महत्या की स्थिति में क्रेडिट कार्ड का एक्सीडेंटल कवर लागू नहीं होता।क्लेम करते समय किन दस्तावेजों की होगी जरूरत और क्या है सही प्रक्रिया?यदि किसी कार्डधारक के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसके नॉमिनी या परिजनों को बीमा राशि पाने के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए:त्वरित बैंक सूचना: घटना की जानकारी मिलते ही सबसे पहले कार्ड जारीकर्ता बैंक की नोडल शाखा या हेल्पलाइन पर लिखित में क्लेम की सूचना दर्ज कराएं।आवश्यक दस्तावेज जुटाएं:पुलिस प्राथमिकी (FIR) और पंचनामा की प्रमाणित प्रति।अस्पताल का डिस्चार्ज समरी, मेडिकल रिकॉर्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) और बिसरा रिपोर्ट (यदि लागू हो)।एयर एक्सीडेंट के मामले में ओरिजिनल बोर्डिंग पास, एयरलाइन टिकट और क्रेडिट कार्ड का मासिक स्टेटमेंट जिसमें टिकट बुकिंग का लेनदेन दिख रहा हो।नॉमिनी का केवाईसी (आधार, पैन, कैंसिल चेक) और कार्डधारक के साथ संबंध का कानूनी प्रमाण।क्लेम फॉर्म भरना: बैंक द्वारा अधिकृत जनरल इंश्योरेंस पार्टनर के क्लेम फॉर्म को पूरी तरह भरकर सभी दस्तावेजों के साथ 30 से 60 दिनों के भीतर जमा करें।कार्डधारकों के लिए विशेषज्ञ सलाह: क्रेडिट कार्ड को न समझें पूर्ण बीमा पॉलिसीवित्तीय सलाहकारों का साफ कहना है कि क्रेडिट कार्ड के साथ मिलने वाला बीमा केवल एक पूरक लाभ (Add-on Benefit) है, इसे कभी भी एक समर्पित 'टर्म इंश्योरेंस' (Term Plan) या 'हेल्थ इंश्योरेंस' का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपने परिवार की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक अलग स्टैंडअलोन टर्म प्लान लेना ही समझदारी है। क्रेडिट कार्ड इंश्योरेंस का वास्तविक लाभ उठाने के लिए समय-समय पर अपने कार्ड से छोटा-मोटा बिल पेमेंट करते रहें ताकि कार्ड हमेशा 'एक्टिव स्टेटस' में रहे, अपने कार्ड में नॉमिनी का नाम बैंक रिकॉर्ड में विधिवत अपडेट करवाएं, और अपने परिवार के सदस्यों को यह स्पष्ट रूप से बताकर रखें कि आपके पास कौन से क्रेडिट कार्ड हैं और उनके साथ क्या-क्या बीमा सुविधाएं जुड़ी हुई हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:54 pm

आधार कार्ड को कैसे करें डीएक्टिवेट? किसी की मौत के बाद क्यों लॉक करवाना जरूरी

मृत व्यक्ति का आधार कार्ड सक्रिय रहने पर साइबर ठग या असामाजिक तत्व उसका दुरुपयोग कर सकते हैं. इसके जरिए फर्जी सिम कार्ड जारी कराना, बैंक खाते से अवैध निकासी करना या लोन लेना जैसे फ्रॉड किए जा सकते हैं.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:53 pm

Election Commission के खिलाफ विपक्ष का Delhi में मार्च, Supreme Court में याचिका दायर

अलग-अलग रंगों के झंडे, हाथों में पोस्टर और ‘‘वोट चोर-गद्दी छोड़’’ के नारों के बीच सोमवार को उस समय निर्वाचन आयोग के मामले में विपक्ष के अभियान को नई ताकत मिलती दिखाई दी, जब कई राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ ही युवा, नागरिक समाज के सदस्य और बहुत सारे आम लोग लोकतंत्र के लिए मार्च का हिस्सा बने। भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच बाराखंबा रोड से उच्चतम न्यायालय तक निकले इस मार्च में प्रदर्शनकारियों ने कई जगह अवरोधक पार किए और आखिरकार उन्हें भगवानदास रोड पर रोक लिया हुआ। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने एसआईआर तथा कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ याचिका दायर की। कनॉट प्लेस में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारी झंडे और पोस्टर लेकर बाराखंबा रोड की ओर बढ़े। मार्च जैसे-जैसे आगे बढ़ा, समर्थकों की संख्या बढ़ती गई और सड़क पर अलग-अलग दलों के झंडों के साथ ‘‘वोट चोरी बंद करो’’ और वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे सुनाई देने लगे। भगवान दास रोड पर पुलिस ने मार्च को रोकने की कोशिश की। इस दौरान राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव समेत कई नेता एक वाहन पर चढ़ गए। समर्थकों ने पुलिस अवरोधकों को पार किया और मार्च आगे बढ़ गया। मार्च में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के डी. राजा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एम. ए. बेबी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। विपक्षी नेताओं ने ‘‘वोट चोरी’’ रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रोकने और कागज के मतपत्र से चुनाव कराने की मांग की। विपक्ष की संयुक्त याचिका में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और एसआईआर में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। यह याचिका प्रधान न्यायाधीश द्वारा दोनों सदनों के नेता प्रतिपक्ष के साथ इस मुद्दे पर मुलाकात से इनकार किए जाने के एक दिन बाद दायर की गई। प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि मामला विचाराधीन है। मार्च में राजनीतिक नारों के बीच ‘बैटमैन’ के मुखौटे पहने युवाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा। राहुल गांधी जिस बस में सवार थे, उसमें एक ‘बैटमैन’ का मुखौटा पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने हाथ में उठाकर भीड़ को दिखाया। समर्थकों ने जोरदार नारे लगाकर इसका स्वागत किया। बाद में राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को भी वह मुखौटा पहना दिया। ‘बैटमैन’ का यह प्रसंग राहुल गांधी के अगस्त में किए गए सोशल मीडिया मजाक से जुड़ा है। इंस्टाग्राम पर छात्रों और ‘जेन जी’ के साथ संवाद के दौरान जब उनसे पूछा गया था कि क्या वह ‘बैटमैन’ हैं, तो उन्होंने कहा था कि उन्हें और बैटमैन को कभी एक ही कमरे में किसी ने नहीं देखा। इसके बाद कांग्रेस के इंदिरा भवन मुख्यालय और मध्य दिल्ली के अन्य स्थानों पर राहुल को ‘‘द रियल लाइफ बैटमैन’’ बताते हुए पोस्टर लगाए गए थे। सोमवार को उसी मजाक की झलक सड़क पर दिखी, जब कई युवा ‘‘बैटमैन’’ के मुखौटे और पोशाक पहनकर मार्च में शामिल हुए। ‘‘बैटमैन’’ डीसी कॉमिक्स का एक लोकप्रिय काल्पनिक सुपरहीरो है। उसका असली नाम ब्रूस वेन है। वह गोथम सिटी में अपराधियों से लड़ता है। उसके पास कोई अलौकिक शक्ति नहीं है। वह अपनी बुद्धि, शारीरिक प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करता है। वह काले रंग की पोशाक और मुखौटा पहनता है। विपक्षी नेता दोपहर करीब सवा दो बजे कंस्टिट्यूशन क्लब से पांच बसों में रवाना हुए थे। कांग्रेस, सपा और वाम संगठनों के कार्यकर्ता उनके साथ पैदल चल रहे थे। बाराखंबा रोड पर कई कार्यालयों से लोग बाहर निकलकर मार्च की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:53 pm

AIADMK में सबकुछ ठीक नहीं: बागी विधायक अलग रास्ता चुनने की तैयारी में, बनेगा असेंबली ग्रुप?

Tamil Nadu Politics: उपचुनावों में ताजा हार के बाद AIADMK का अंदरूनी संकट फिर से उभर आया है। सोमवार को चेन्नई में असंतुष्ट नेताओं की बैठक हुई, जिसमें उन्होंने हार की समीक्षा के साथ-साथ विधानसभा में अलग समूह बनाकर काम करने और आगे के राजनीतिक विकल्पों पर चर्चा की।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:52 pm

'CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने तक जारी रहेगा आंदोलन', राहुल गांधी का बड़ा दावा

राहुल गांधी ने कथित वोट चोरी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

जागरण 12 Oct 2026 10:50 pm

खबरदार: क्यों राहुल गांधी ने CEC को लेकर विपक्ष के अभियान को शिव की बारात से जोड़ा?

विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला. ये पहली बार है जब विपक्षी नेताओं ने किसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला हो. करीब एक किमी लंबे मार्च में विपक्ष के नेता बस में, पैदल और वाहन में सवार हुए साढ़े छह बजे के आसपास सुप्रीम कोर्ट में याचिका देने के लिए दाखिल हुए. विपक्षी एकता इस मुद्दे पर आज दिखी. देखें...

आज तक 12 Oct 2026 10:48 pm

'आज रात ही लड़ने को तैयार', NATO के सुप्रीम कमांडर ने रूस को चेताया, बताया विक्ट्री प्लान

नाटो कमांडर एलेक्सस ग्रिनकेविच ने कहा कि उनका फोकस दुश्मनों को पैर जमाने से रोकना और उनकी युद्ध लड़ने की क्षमताओं को खत्म करना है. उन्होंने वारसॉ सुरक्षा फोरम में कहा कि नाटो किसी भी हमले को रोकने, कुंद करने और तोड़ने के लिए तैयार है.

आज तक 12 Oct 2026 10:47 pm

लाल कपड़े का इशारा और थम गई ट्रेन... सिलीगुड़ी में 70 से ज्यादा हाथियों की ऐसे बची जान

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में नक्सलबाड़ी और बागडोगरा के बीच रेलवे ट्रैक पार कर रहे 70 से अधिक हाथियों का झुंड एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गया. सिक्किम महानंदा एक्सप्रेस के करीब पहुंचने पर वनकर्मियों ने लाल कपड़ा लहराकर ट्रेन को समय रहते रुकवा दिया.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:46 pm

'न्यायपालिका पर पूरा भरोसा', कांग्रेस ने CJI सूर्यकांत पर केरलम यूनिट की पोस्ट से किया किनारा

कांग्रेस ने अपनी केरल इकाई द्वारा CJI सूर्यकांत को लेकर की गई सोशल मीडिया पोस्ट से असहमति जताई है। पार्टी ने कहा कि उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और पोस्ट करने वाले व्यक्ति को पद से हटा दिया गया है।

जागरण 12 Oct 2026 10:45 pm

UP Assembly Election: Asaduddin Owaisi ने CM Yogi और अखिलेश को दी नई सीटों से लड़ने की चुनौती

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्‍यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। ओवैसी ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से कहा, ‘‘आज अयोध्या में सबसे बड़ा मुद्दा राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए दान में हेराफेरी का है, जो हजारों करोड़ रुपये का है। जो आरोपी अभी जेल में हैं, वे जमानत पाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिन्होंने असल में चोरी की है, वे आजाद घूम रहे हैं।’’उन्होंने अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि वहां ‘नूरा कुश्ती’ जारी है। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ओवैसी ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्हें संभल जाकर कहना चाहिए कि ‘हमने आपकी मस्जिद गिराई थी, इसलिए मुझे वोट दें’। और, ‘इंशा अल्लाह’ वहां की जनता उन्हें हरा देगी।’’एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘‘वहीं, अखिलेश यादव को गोरखपुर जाकर चुनाव लड़ना चाहिए और घोषणा करनी चाहिए कि ‘मैंने’ उस व्यक्ति को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जिसके पिता ने झारखंड में विधायकों को तोड़कर ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार को हराया था’।’’उनका इशारा हाल में सपा की ओर से राज्यसभा सदस्य बने धनराज परिमल नाथवानी की ओर था, जिनके पिता परिमल नाथवानी इस साल जून में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के समर्थन से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने थे। सितंबर में कांग्रेस में शामिल होने से पहले उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रमुख नेता रहे आसिम वकार ने भी इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि ओवैसी खुद लखनऊ से चुनाव लड़ने के बजाय कांग्रेस और सपा नेताओं के लिए चुनाव क्षेत्रों का सुझाव क्यों दे रहे हैं। वकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इससे मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा, है ना?’’ लखनऊ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजनाथ सिंह करते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडेय ही भाजपा सरकार का अहंकार तोड़ने के लिए काफी हैं। सपा प्रमुख की यह टिप्पणी आदित्यनाथ द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या से नामांकन दाखिल करने की यादव की चुनौती को स्वीकार करने के एक दिन बाद आई है। योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उप्र विधानसभा में गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:43 pm

भारतीय वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा, पृथ्वी के मोबाइल नेटवर्क और सैटेलाइट्स पर पड़ सकता है सीधा असर

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय खगोलभौतिकविदों (Indian Astrophysicists) ने एक ऐतिहासिक वैज्ञानिक सफलता हासिल की है। भारतीय वैज्ञानिकों के एक संयुक्त शोध दल ने सूरज के सुदूर और अब तक रहस्यमय माने जाने वाले ध्रुवीय क्षेत्रों (Solar Poles) के आंतरिक चुंबकीय गतिविज्ञान (Internal Magnetic Dynamics) पर एक युगांतरकारी शोध सार्वजनिक किया है। दशकों से वैश्विक सौर भौतिकी में यह पहेली बनी हुई थी कि सूरज के ध्रुवों पर चुंबकीय क्षेत्र कैसे निर्मित होते हैं, कैसे कमजोर पड़ते हैं और प्रत्येक 11 वर्ष के सौर चक्र (Solar Cycle) में कैसे अपनी दिशा उलट (Polarity Reversal) लेते हैं। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा विकसित परिष्कृत सैद्धांतिक मॉडल और उपग्रह डेटा विश्लेषण ने यह साबित कर दिया है कि सूरज के दोनों ध्रुवों में होने वाली सूक्ष्म प्लाज्मा हलचल ही पूरे सौरमंडल में उठने वाले भीषण सौर तूफानों (Solar Storms) की वास्तविक जननी है। यह खोज इसलिए भी अत्यधिक संवेदनशील है क्योंकि मौजूदा समय में सूर्य अपने 25वें सौर चक्र के चरम यानी 'सोलर मैक्सिमम' (Solar Maximum) के दौर से गुजर रहा है।ध्रुवों में ऐसा क्या छिपा है: चुंबकीय ध्रुव पलटने का जटिल चक्रसूरज एक ठोस पिंड न होकर अत्यधिक गर्म, आवेशित गैस यानी प्लाज्मा का एक विशाल धधकता हुआ गोला है।डिफरेंशियल रोटेशन और मेरिडियनल फ्लो: सूर्य की भूमध्य रेखा (Equator) ध्रुवों की तुलना में अधिक तेजी से घूमती है। इसके साथ ही, सूरज की सतह के नीचे प्लाज्मा की विशालकाय नदियां भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बहती हैं, जिसे 'मेरिडियनल सर्कुलेशन' कहा जाता है।ध्रुवों पर चुंबकीय ऊर्जा का संचय: भारतीय शोधकर्ताओं ने पाया कि ध्रुवों के पास प्लाज्मा का यह बहाव एक विशाल चुंबकीय सिंक (Magnetic Sink) की तरह काम करता है, जहां अरबों टन चुंबकीय ऊर्जा दशकों तक दबी रहती है।ध्रुवों का उलटफेर: जब यह संचित ऊर्जा अपनी चरम सीमा पर पहुंचती है, तो सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी चुंबकीय ध्रुव आपस में अपनी स्थिति बदल लेते हैं। इसी प्रक्रिया के दौरान सूर्य के वायुमंडल में विकराल चुंबकीय विस्फोट होते हैं, जो सौर ज्वालाओं (Solar Flares) और कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के रूप में अंतरिक्ष में अरबों किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फैलते हैं।मोबाइल नेटवर्क, जीपीएस और बिजली ग्रिड पर क्यों मंडरा रहा है बड़ा खतरा?सूरज के ध्रुवों में होने वाली इस उथल-पुथल का सीधा और गंभीर प्रभाव पृथ्वी की आधुनिक तकनीकी जीवनरेखा पर पड़ता है:मोबाइल टावर्स और सेलुलर कनेक्टिविटी में व्यवधान: जब सूर्य के ध्रुवों से उत्पन्न तीव्र सौर तूफान पृथ्वी की ओर रुख करते हैं, तो वे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल (Ionosphere) को अत्यधिक आयनित और अशांत कर देते हैं। आयनमंडल के असंतुलित होने से हाई-फ्रीक्वेंसी (HF) रेडियो तरंगें बिखर जाती हैं, जिससे सेलुलर बैकहॉल लिंक, उपग्रह-आधारित मोबाइल कनेक्टिविटी और ग्राउंड कम्युनिकेशन में रुकावट या कॉल ड्रॉप की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है।जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम का भटकना: विमानन (Aviation), समुद्री जहाजों और आम नागरिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जीपीएस प्रणाली उपग्रहों से आने वाले सूक्ष्म सिग्नलों पर निर्भर करती है। सौर प्लाज्मा के प्रभाव से जीपीएस सिग्नलों में सेकंड्स के हजारवें हिस्से की देरी आ जाती है, जिसके परिणामस्वरूप नेविगेशन मैप्स पर लोकेशन में कई मीटर से लेकर किलोमीटर तक की गलत रीडिंग आ सकती है।अंतरिक्ष में तैरते सैटेलाइट्स का नष्ट होना: ध्रुवीय विस्फोटों से निकलने वाले आवेशित कण लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में चक्कर लगा रहे संचार और मौसम उपग्रहों के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को जला सकते हैं। साथ ही, वायुमंडलीय खिंचाव (Atmospheric Drag) बढ़ने से उपग्रह समय से पहले अपनी कक्षा से भटककर नष्ट हो सकते हैं।पावर ग्रिड में ब्लैकआउट का जोखिम: भू-चुंबकीय तूफान (Geomagnetic Storms) पृथ्वी की सतह पर शक्तिशाली 'जियोमैग्नेटिकली इंड्यूस्ड करेंट्स' (GIC) उत्पन्न करते हैं। यह अतिरिक्त करंट बिजली कंपनियों के बड़े पावर ट्रांसफार्मरों को ओवरहीट करके जला सकता है, जिससे कई शहरों में घंटों या दिनों तक बिजली गुल होने का खतरा रहता है।भारत के आदित्य-एल1 और ग्राउंड ऑब्जर्वेटरीज की भूमिकाइस शोध में भारत के पहले सूर्य मिशन 'आदित्य-एल1' (Aditya-L1) से प्राप्त डेटा, कोडाइकनाल सोलर ऑब्जर्वेटरी के 100 साल से अधिक पुराने ऐतिहासिक डेटाबेस और अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सिमुलेशन का अत्यंत प्रभावी उपयोग किया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अग्रणी खगोलभौतिकी संस्थानों के वैज्ञानिकों ने यह स्पष्ट किया है कि सौर ध्रुवों के सटीक व्यवहार को समझकर अब वैज्ञानिक सौर तूफानों के पृथ्वी से टकराने की पूर्व चेतावनी (Space Weather Warning) 24 से 48 घंटे पहले जारी करने में सक्षम हो सकेंगे।आधुनिक दुनिया पूरी तरह से डिजिटल नेटवर्क, डिजिटल बैंकिंग, सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और बिजली पर टिकी है। ऐसे समय में भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा सूरज के ध्रुवों के रहस्यों को उजागर करना केवल एक खगोलीय उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह भविष्य में वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और दूरसंचार नेटवर्क को किसी भी अंतरिक्षीय तबाही से सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करने जैसा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:39 pm

‘बैलेट पेपर पर चुनाव लड़कर दिखाएं’, हिमंत सरमा की कांग्रेस को चुनौती; केरलम, कर्नाटक और तेलंगाना की सरकारों से मांगा इस्तीफा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को चुनौती दी है कि अगर कांग्रेस शासित राज्य सरकारें इस्तीफा दें तो वे बैलेट पेपर से चुनाव लड़ने को तैयार हैं।

जागरण 12 Oct 2026 10:39 pm

ग्वालियर: ट्यूशन पढ़ने आई छात्रा से रेप, टीचर ने दी जान से मारने की धमकी

Gwalior Teacher Rape Case: ग्वालियर के थाटीपुर में ट्यूशन पढ़ने आई छात्रा से दुष्कर्म. आरोपी शिक्षक सत्यजीत शाक्य गिरफ्तार. किसी को बताने पर दी थी जान से मारने की धमकी. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 12 Oct 2026 10:39 pm

ट्रंप के 'एनर्जी सीजफायर' के चंद घंटों बाद यूक्रेन पर बरसे रूसी ड्रोन: खारकीव के गैस प्लांट और बिजली घर पर भीषण हमला, भड़के जेलेंस्की ने वाशिंगटन से लगाई गुहार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच तथाकथित 'एनर्जी सीजफायर' (ऊर्जा संघर्ष विराम) के तत्काल प्रभाव से लागू होने के ऐतिहासिक ऐलान को चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि जमीन पर युद्ध ने और अधिक उग्र रूप ले लिया। रूस की सेना ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव (Kharkiv) में स्थित रणनीतिक गैस उत्पादन संयंत्र और थर्मल पावर स्टेशन पर रॉकेट-संचालित ड्रोनों (Rocket-Powered Drones) और ग्लाइड बमों से ताबड़तोड़ हमले कर दिए। इस भीषण हवाई हमले में यूक्रेनी सरकारी ऊर्जा कंपनी 'नैफ्टोगाज' (Naftogaz) के गैस संयंत्र में भीषण आग लग गई और महत्वपूर्ण मशीनरी व उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही खारकीव के एक कंबाइंड हीट एंड पावर प्लांट को भी निशाना बनाया गया। इस घटनाक्रम ने व्हाइट हाउस के उस राजनयिक दावे की हवा निकाल दी है, जिसमें दोनों देशों के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की कथित सहमति की बात कही गई थी।नैफ्टोगाज गैस संयंत्र पर हमला: आग बुझाने और बहाली में जुटे तकनीकी दलयूक्रेन की राष्ट्रीय तेल व गैस कंपनी नैफ्टोगाज के कार्यवाहक प्रमुख सेरही फेडोरेंको (Sergii Fedorenko) ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रात के समय रूसी सेना ने खारकीव क्षेत्र में कंपनी के प्रमुख गैस निष्कर्षण और उत्पादन केंद्र पर सीधे ड्रोन दागे।अग्निकांड और नुकसान: तेज धमाके के बाद गैस स्टेशन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में आग भड़क उठी, जिसे दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद काबू में किया। गनीमत यह रही कि सायरन बजते ही संयंत्र के कर्मचारी भूमिगत बंकरों (Shelters) में चले गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन उपकरण जलने से उत्पादन व्यवस्था को गंभीर धक्का पहुंचा है।बिजली संयंत्र भी हुआ धुआं-धुआं: गैस फैसिलिटी के अलावा रूसी वायुसेना ने खारकीव के पावर ग्रिड और ताप बिजली घर को भी निशाना बनाया, जिससे शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई और स्थानीय आबादी के बीच दहशत फैल गई।जेलेंस्की का तीखा पलटवार: हमारे लिए यह खबर नई थी, अब अमेरिका पुतिन को रोकेहमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने राष्ट्र के नाम वीडियो संबोधन और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहद कड़ा रुख अपनाया।समझौते की जानकारी मीडिया से मिली: जेलेंस्की ने खुलासा किया कि उन्हें ट्रंप के इस 'एनर्जी सीजफायर' की जानकारी मीडिया के जरिए मिली थी और कीव के साथ इस पर पहले से कोई औपचारिक रूपरेखा साझा नहीं की गई थी।अमेरिका से ठोस गारंटी की मांग: जेलेंस्की ने कहा, यूक्रेन शांति चाहता है और हमने अपनी सेना को उचित निर्देश दे रखे हैं। लेकिन रविवार रात रूस की किसी भी तेल रिफाइनरी में आग नहीं लगी, जबकि इसके ठीक उलट मॉस्को ने हमारे गैस प्लांट और पावर स्टेशनों पर बम बरसाए। अगर अमेरिकी प्रशासन वास्तव में आगे बढ़कर रूस को इस समझौते का सम्मान करने के लिए बाध्य करे, तभी यह संघर्ष विराम काम कर सकता है। पुतिन की जुबान पर भरोसा करने के बजाय अमेरिका को ठोस सुरक्षा गारंटी सुनिश्चित करनी होगी।ट्रंप के रुख से क्यों नाराज है कीव: रूसी डीजल खरीद और नेतृत्व बदलने का बयानयह ताजा सैन्य और कूटनीतिक संकट ऐसे समय गहराया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति और जेलेंस्की के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच चुकी है:रूसी रिफाइनरियों पर हमले रोकने का दबाव: ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से जेलेंस्की को चेतावनी दी थी कि वे रूसी तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमले तुरंत बंद करें, क्योंकि इससे वैश्विक तेल बाजारों और अमेरिका में डीजल की कीमतों पर असर पड़ रहा है।रूसी डीजल आयात का सौदा: ट्रंप प्रशासन ने घरेलू ईंधन की कीमतें कम करने के नाम पर रूस से डीजल आयात के समझौते का संकेत दिया था, जिसे यूक्रेन ने अपने साथ 'साझेदारों का खुला विश्वासघात' करार दिया है।नेतृत्व बदलने की टिप्पणी: ट्रंप ने यह तक कह दिया था कि यूक्रेन को एक नया नेता चुनना चाहिए क्योंकि जेलेंस्की युद्ध समाप्त करने के अवसर गंवा रहे हैं। इसके जवाब में जेलेंस्की ने दो टूक कहा था कि यूक्रेन का नेतृत्व कौन करेगा, यह फैसला केवल देश की जनता कर सकती है, कोई बाहरी शक्ति नहीं।सर्दियों से पहले यूक्रेन को अंधेरे में धकेलने की रूसी रणनीतियुद्ध विश्लेषकों का मानना है कि मॉस्को रणनीतिक रूप से सर्दियों की शुरुआत से ठीक पहले यूक्रेन के पूरे पावर ग्रिड, हीटिंग सिस्टम और घरेलू गैस नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। कड़ाके की ठंड में बिजली और हीटिंग बंद होने से यूक्रेनी नागरिकों का मनोबल तोड़ना रूस का मुख्य उद्देश्य है। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने ट्रंप के सीजफायर ऐलान पर आधिकारिक तौर पर न तो सहमति जताई है और न ही खंडन किया है, बल्कि जमीन पर हमले जारी रखकर यह संदेश दिया है कि वह अमेरिका की शर्तों पर एकतरफा रियायत देने के मूड में नहीं है। खारकीव में गैस प्लांट पर हुए इस ताजे हमले ने साबित कर दिया है कि बिना ठोस अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सख्त प्रतिबंधों के, केवल सोशल मीडिया पर घोषित संघर्ष विराम युद्ध के मैदान में टिक नहीं सकते।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:38 pm

राहुल गांधी समेत विपक्ष की याचिका में 14 खामियां, कल नहीं होगी सुनवाई: सूत्र

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी तथा INDIA गठबंधन को शुरुआती झटका लगा है.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:37 pm

त्योहारी सीजन में UP के मिठाई प्रेमियों के लिए बड़ा फैसला: 15 अक्टूबर से खुली और पैक्ड मिठाइयों पर 'यूज बाय डेट' अनिवार्य

दशहरा, धनतेरस और दीपावली के त्योहारी सीजन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। 15 अक्टूबर से प्रदेश भर के सभी हलवाइयों, स्वीट कॉर्नर्स और मिठाई निर्माताओं के लिए अपनी दुकानों में बिकने वाली हर प्रकार की मिठाई—चाहे वह डिब्बाबंद (Packaged) हो या काउंटर की ट्रे में रखी खुली (Loose) मिठाई—पर 'यूज बाय डेट' (Use-by Date यानी उपभोग की अंतिम तारीख) प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है।खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. रोशन जैकब द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब कोई भी दुकानदार बिना उपभोग तिथि अंकित किए मिठाइयों की बिक्री नहीं कर सकेगा। 15 अक्टूबर से पूरे राज्य के सभी 75 जिलों में यह नियम शत-प्रतिशत लागू हो जाएगा।नए नियम के तहत मिठाई कारोबारियों के लिए क्या हैं 4 प्रमुख शर्तें?ट्रे और डिस्प्ले काउंटर पर स्पष्ट प्रदर्शन: हलवाई जिस ट्रे या रैक में मिठाइयां सजाकर रखते हैं, उस ट्रे के आगे स्पष्ट रूप से एक लेबल या स्लिप लगानी होगी, जिस पर मिठाई बनाने की तारीख (Date of Manufacturing) और उसके उपभोग की अंतिम सुरक्षित तारीख (Use-by Date) बड़े अक्षरों में लिखी हो।डिब्बों पर भी दर्ज होगी तारीख: काउंटर से मिठाई पैक करते समय डिब्बे (Sweet Box) के ऊपर भी यह तारीख लिखना अनिवार्य होगा ताकि ग्राहक घर ले जाकर भी जान सके कि मिठाई कब तक खाने योग्य है।शेल्फ लाइफ के अनुसार वर्गीकरण: सभी मिठाइयों की उम्र एक समान नहीं होती। एफएसडीए ने सामग्री के आधार पर मिठाइयों की शेल्फ लाइफ 1 दिन से लेकर 30 दिन तक निर्धारित की है:छेना और बंगाली मिठाइयां (रसगुल्ला, रसमलाई, चमचम आदि): अधिकतम 1 से 2 दिन (फ्रिज में)।खोया और मावा से बनी मिठाइयां (पेड़ा, बर्फी, गुलाब जामुन): 2 से 4 दिन।घी और बेसन की सूखी मिठाइयां (लड्डू, मैसूर पाक, सोंठ के लड्डू): 7 से 15 दिन।काजू कतली, ड्राय फ्रूट्स व डिब्बाबंद सोन पापड़ी/पेठा: 15 से 30 दिन।घोषित तारीख तक गुणवत्ता की सीधी जिम्मेदारी: दुकानदार जो 'यूज बाय डेट' लिखेंगे, उस तारीख तक उत्पाद की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने की कानूनी जवाबदेही सीधे व्यापारी की होगी।जहरीले कूलेंट पर भी रोक: डेयरी और खोया इकाइयों में एथिलीन ग्लाइकोल पूरी तरह प्रतिबंधितत्योहारों पर बड़े पैमाने पर बिकने वाले मिलावटी खोये और पनीर पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने दुग्ध प्रसंस्करण और दूध ठंडा करने वाली इकाइयों (Milk Chilling & Processing Plants) में औद्योगिक कूलेंट के रूप में 'एथिलीन ग्लाइकोल' (Ethylene Glycol) और 'डायथिलीन ग्लाइकोल' (Diethylene Glycol) के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ये जहरीले रासायनिक तत्व अक्सर लीकेज के जरिए दूध व दूध उत्पादों में मिलकर जानलेवा साबित होते हैं। अब इनके स्थान पर केवल खाद्य-ग्रेड कूलेंट्स (Food-Grade Coolants) के इस्तेमाल की ही अनुमति दी गई है।15 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में औचक निरीक्षण: नियम तोड़ा तो होगा कड़ा एक्शनखाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 15 अक्टूबर से प्रदेश के सभी मंडलों और जिलों में स्पेशल टास्क फोर्स और फूड सेफ्टी इंस्पेक्टर्स की टीमें लगातार औचक निरीक्षण (Surprise Raids) करेंगी:बिना 'यूज बाय डेट' के बेची जा रही मिठाइयों को तुरंत जब्त कर नष्ट कराया जाएगा।खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act, 2006) की धाराओं के तहत दुकानदारों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ-साथ गंभीर उल्लंघनों पर दुकान का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।त्योहारों पर अक्सर दुकानों में पुरानी व बासी मिठाइयों को चाशनी में डुबोकर या नया रूप देकर बेचने की शिकायतें आती थीं। उत्तर प्रदेश सरकार के इस सख्त फैसले से जहां मिलावटखोरों और मुनाफाखोरों पर अंकुश लगेगा, वहीं ग्राहकों को शुद्ध, ताजी और भरोसेमंद मिठाइयां खरीदने का कानूनी अधिकार मिलेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:37 pm

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का सिंगापुर दौरा संपन्न: जीआईसी, टेमासेक और जेपी मॉर्गन से मिले बड़े निवेश संकेत

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण का 4 दिवसीय सिंगापुर का उच्चस्तरीय आधिकारिक दौरा सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। वैश्विक वित्तीय अनिश्चितता और भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में आयोजित इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों को भारत के तेजी से बढ़ते आर्थिक परिदृश्य, सुधरे हुए विनियामक ढांचे और लंबी अवधि के निवेश अवसरों से जोड़ना था। यात्रा के दौरान वित्त मंत्री ने सिंगापुर के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व—राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम और प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से द्विपक्षीय मुलाकात की, साथ ही सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड्स और दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ कई दौर की रणनीतिक बैठकें और इन्वेस्टर राउंडटेबल सत्र आयोजित किए। इन उच्चस्तरीय चर्चाओं से स्पष्ट संकेत मिला है कि वैश्विक निवेशक भारत को विश्व अर्थव्यवस्था के सबसे मजबूत और आकर्षक 'ग्रोथ इंजन' के रूप में देख रहे हैं।GIC, टेमासेक और जेपी मॉर्गन के साथ अहम बैठकें: इन मुद्दों पर बनी सहमतिसिंगापुर दौरे के दौरान वित्त मंत्री ने दुनिया के सबसे बड़े वेल्थ फंड्स और निवेश बैंकों के शीर्ष नेतृत्व के साथ विशेष आमने-सामने (One-on-One) बैठकें कीं:जीआईसी (GIC) के साथ दीर्घकालिक पूंजी पर चर्चा: वित्त मंत्री ने सिंगापुर के सॉवरेन वेल्थ फंड 'जीआईसी' के सीईओ लिम चो किआट (Lim Chow Kiat) से मुलाकात की। इस दौरान भारत के आर्थिक विकास की निरंतरता, पूंजीगत व्यय (Capex) और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में दीर्घकालिक संस्थागत पूंजी की भागीदारी को और बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।टेमासेक (Temasek) से इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट पर मंथन: टेमासेक होल्डिंग्स के नेतृत्व के साथ बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के जरिए भारत के प्रमुख ग्रोथ सेक्टर्स में प्राइवेट क्रेडिट को बढ़ावा देने और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया गया।जेपी मॉर्गन (J.P. Morgan) व वैश्विक बैंकरों के साथ राउंडटेबल: जेपी मॉर्गन, ब्लैकरॉक और प्रमुख वैश्विक वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भारत के बॉन्ड मार्केट में विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह को सुगम बनाने पर बातचीत हुई। निवेशकों ने भारत के समष्टि-आर्थिक (Macroeconomic) स्थायित्व और राजकोषीय अनुशासन की सराहना की।किन प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर रहा फोकस?वित्त मंत्री ने विदेशी निवेशकों के सामने उन प्रमुख क्षेत्रों का खाका पेश किया, जहां भारत आगामी वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार कर रहा है:सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स: भारत में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और असेंबली यूनिट्स की स्थापना के लिए केंद्र सरकार की पीएलआई (PLI) योजनाओं और मजबूत सप्लाई चेन तंत्र की जानकारी दी गई।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत के विशाल डेटा पारिस्थितिकी तंत्र, ग्रीन डेटा सेंटर्स और नई तकनीकी स्टार्टअप्स में ग्लोबल फंड्स के लिए उपलब्ध अपार संभावनाओं को रेखांकित किया गया।गिफ्ट सिटी (GIFT IFSC) और NIIF: गुजरात के गांधीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (GIFT City) को वैश्विक निवेशकों के लिए एक आदर्श वित्तीय गेटवे के रूप में प्रस्तुत किया गया। निवेशकों को गिफ्ट सिटी के माध्यम से टैक्स-फ्रेंडली और सुगम व्यवस्था के तहत पूंजी लगाने का सीधा निमंत्रण दिया गया।ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर: सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, पोर्ट्स, एक्सप्रेसवे और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सीधे विदेशी निवेश (FDI) के लिए अनुकूल नीतियां साझा की गईं।सिंगापुर-भारत रणनीतिक साझेदारी: आसियान के साथ संबंधों को मिलेगी नई ऊंचाईसिंगापुर भारत के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का सबसे बड़ा स्रोत और आसियान (ASEAN) क्षेत्र में सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है। इस यात्रा के राजनीतिक और रणनीतिक परिणाम भी बेहद अहम माने जा रहे हैं:व्यापक रणनीतिक साझेदारी को विस्तार: दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार, कौशल विकास (Skilling) और फिनटेक कनेक्टिविटी (जैसे UPI और PayNow लिंकेज) के सफल मॉडल को अन्य डिजिटल क्षेत्रों में भी दोहराने पर सहमति जताई।आसियान 2027 की तैयारी: सिंगापुर द्वारा 2027 में आसियान की अध्यक्षता संभालने से पहले भारत-आसियान व्यापक आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए यह दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुआ।वैश्विक निवेशकों का भरोसा: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं मायने?अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों और वैश्विक फंड प्रबंधकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से साफ है कि एफआईआई (FII) और एफडीआई (FDI) प्रवाह के मामले में भारत एक सुरक्षित और उच्च-प्रतिफल (High-Yield) वाला बाजार बना हुआ है। वित्त मंत्रालय का यह आउटरीच देश में न केवल पूंजी के नए प्रवाह को सुनिश्चित करेगा, बल्कि घरेलू शेयर बाजार, सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) और विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत सहारा प्रदान करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:35 pm

गन्ना तौल और रिकवरी में हेराफेरी पर केंद्र का कड़ा चाबुक: 1 हफ्ते में बनेगी उच्चस्तरीय समिति, डिजिटल वे-ब्रिज और GPS ट्रैकिंग से रुकेगी चीनी मिलों की मनमानी

अक्टूबर महीने में नए चीनी पेराई सत्र (Sugar Crushing Season 2026-27) के आगाज के साथ ही गन्ना किसानों के सबसे बड़े दर्द पर केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है। देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों—उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा लंबे समय से यह शिकायत की जा रही थी कि चीनी मिलों और गन्ना क्रय केंद्रों (Purchase Centers) पर धर्मकांटों की तौल में भारी घटतौली (कम वजन तौलना) की जाती है और प्रयोगशालाओं में चीनी की वास्तविक रिकवरी दर (Sugar Recovery Rate) को जानबूझकर घटाकर दिखाया जाता है। इस गंभीर समस्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि एक सप्ताह के भीतर एक उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया जाएगा, जो तौल व रिकवरी में पारदर्शिता लाने के लिए राष्ट्रव्यापी तकनीकी मानक और जवाबदेही तय करेगी।तौल और रिकवरी में धांधली: कैसे होता था किसानों का आर्थिक नुकसान?गन्ना किसानों की आमदनी सीधे तौर पर दो मुख्य कारकों पर निर्भर करती है—गन्ने का कुल वजन और उसमें से निकलने वाले रस की चीनी रिकवरी दर:धर्मकांटों पर घटतौली: ग्रामीण क्रय केंद्रों पर मैनुअल या अन-कैलिब्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक कांटों में छेड़छाड़ कर प्रति ट्रॉली या ट्रक 1 से 3 क्विंटल तक वजन कम आंकने के आरोप लगते रहे हैं। इससे पूरे सीजन में प्रति किसान हजारों रुपये का सीधा नुकसान होता था।चीनी रिकवरी में हेराफेरी: केंद्र सरकार द्वारा घोषित उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 10.25% की बेसिक रिकवरी दर से जुड़ा होता है। यदि मिल में रिकवरी 10.25% से अधिक आती है, तो किसान को प्रति 0.1% की बढ़ोतरी पर अतिरिक्त प्रीमियम मिलना तय होता है। कई निजी चीनी मिलें कागजों पर रिकवरी दर को जानबूझकर 9.5% या 10% के आसपास सीमित दिखा देती थीं, जिससे किसानों को उनके वाजिब प्रीमियम भुगतान से वंचित कर दिया जाता था।केंद्र सरकार की कार्ययोजना: इन 4 बड़े सुधारों पर काम करेगी उच्चस्तरीय समितिकेंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार, बनने वाली समिति राज्य सरकारों, भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA), किसान संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर निम्नलिखित कड़े कदम लागू कराएगी:डिजिटल एवं क्लाउड-कनेक्टेड वे-ब्रिज (Digital Weighbridges): सभी चीनी मिलों और बाह्य गन्ना क्रय केंद्रों पर ऑटोमैटिक इलेक्ट्रॉनिक कांटे लगाए जाएंगे, जिनका डेटा सीधे राज्य गन्ना विभाग और केंद्रीय पोर्टल के सर्वर पर रियल-टाइम अपलोड होगा। वजन दर्ज होते ही किसान के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर तत्काल एसएमएस पर्ची (Digital Slip) जाएगी।सीसीटीवी निगरानी और थर्ड-पार्टी लैब टेस्टिंग: मिलों में रिकवरी जांचने वाली प्रयोगशालाओं की जांच अब थर्ड-पार्टी नेशनल लैब्स या सरकारी पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में होगी, जिससे मिल मालिक मनमाने आंकड़े दर्ज न कर सकें।औचक निरीक्षण और सीलिंग: नाप-तौल विभाग (Legal Metrology) की विशेष टीमें पेराई सत्र के दौरान कभी भी कांटों की औचक जांच (Surprise Inspection) करेंगी। किसी भी कांटे में 100 ग्राम की भी गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित केंद्र व्यवस्थापक और मिल प्रबंधन पर सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा।सख्त पेनल्टी और लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान: घटतौली या रिकवरी छिपाने की पुष्टि होने पर मिलों पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाने और उनका पेराई लाइसेंस निलंबित करने के कड़े नियम शामिल किए जाएंगे।किसानों के लिए क्यों है यह ऐतिहासिक राहत?भारत में लगभग 5 करोड़ किसान परिवार सीधे तौर पर गन्ना की खेती से जुड़े हैं। पेराई सत्र 2026-27 के लिए जहां केंद्र सरकार ने ₹365 प्रति क्विंटल का ऐतिहासिक एफआरपी (Fair and Remunerative Price) तय किया है, वहीं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने हाल ही में राज्य दर बढ़ाकर ₹425 प्रति क्विंटल कर दी है। ऐसे में यदि तौल और रिकवरी दोनों शत-प्रतिशत पारदर्शी हो जाती हैं, तो किसानों को उनकी खून-पसीने की उपज का एक-एक पैसा पूरा मिलेगा।मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के इस त्वरित कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि तकनीक आधारित ऑटोमेशन और सीसीटीवी निगरानी से दशकों पुरानी घटतौली की प्रथा पर पूर्ण विराम लगेगा और अन्नदाता को बिचौलियों व मिल प्रबंधकों के शोषण से वास्तविक मुक्ति मिल सकेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:34 pm

MP में मरीज की मां से लगवाया झाड़ू... दमोह जिला अस्पताल का वीडियो

Damoh Hospital Viral Video: दमोह जिला अस्पताल में मरीज की मां से फर्श और स्टूल साफ कराने का वीडियो वायरल. नर्सिंग स्टाफ पर लगे गंभीर आरोप. अस्पताल प्रबंधन ने बताया वीडियो पुराना. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 12 Oct 2026 10:32 pm

'कांग्रेस विदेशी ताकतों के इशारे पर कर रही काम', सीएम हिमंता का आरोप

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रही है. सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को देश के मुख्य संवैधानिक संस्थानों से नफरत हो चुकी है. उनका मानना है कि राहुल गांधी और कांग्रेस को भारत के चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संसद जैसी सर्वोच्च संस्थाओं पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वे इनसे नफरत करते हैं. इसके अलावा, असम के मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस और राहुल गांधी को देश के युवाओं से भी नफरत है.

आज तक 12 Oct 2026 10:32 pm

बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की तैयारी, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया मेगा लेदर पार्क का निरीक्षण

बिहार मेगा लेदर पार्क और कुमारबाग में सड़क, बिजली और पानी के सुधारों को तेज कर रहा है ताकि निवेश आकर्षित किया जा सके

वन इंडिया 12 Oct 2026 10:31 pm

'अगर संविधान वादा है, तो आयोग उसके रखवालों में से एक', NHRC के 33वें स्थापना दिवस पर बोले CJI सूर्यकांत

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने NHRC के 33वें स्थापना दिवस पर कहा कि आयोग पीड़ितों के लिए एक भरोसेमंद ठिकाना और संविधान का रखवाला है, जो सबसे कमजोर लोगों की आवाज बनता है।

जागरण 12 Oct 2026 10:30 pm

बालकनी को भद्दा लुक देती है जाली? इन 6 स्टाइलिश ऑप्शंस से करें कवर

Balcony Covering Ideas Without Net: बालकनी में कबूतरों के आतंक से छुटकारा पाने के लिए क्या आप भी गंदी और भद्दी जाली लगवाने को मजबूर हैं? अगर आप ऐसा सोचते हैं, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. बिना नेट के बालकनी को खूबसूरत, खुला-खुला और मॉडर्न लुक देने के भी कई ऑप्शंस मौजूद हैं. आप बालकनी को कवर करने के लिए बांस के ब्लाइंड्स, वर्टिकल गार्डन और ग्लास पैनल जैसे 6 बेहतरीन तरीके अपना सकते हैं.

आज तक 12 Oct 2026 10:30 pm

'आज कहां थे लड़कियों को पीटने वाले...', राहुल गांधी ने मार्च के बाद उठाए सवाल, VIDEO

राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और SIR के खिलाफ याचिका दायर की. इस मार्च के दौरान जनसैलाब उमड़ा और विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने नारे लगाकर समर्थन जताया.

आज तक 12 Oct 2026 10:28 pm

जमीन के नीचे 100 किलो सोना दबे होने का दिया लालच, फिर हड़प ली जमीन, 20 लाख रुपये से ज्यादा खर्च भी करा दिए

उत्तराखंड के खटीमा में 100 किलो सोने का लालच देकर जमीन हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है। इस मामले में नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है।

खबर इंडिया टीवी 12 Oct 2026 10:27 pm

क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों की झड़ी के बाद राहुल गांधी को विपक्ष मानेगा अपना लीडर?

राहुल गांधी के लिए यह साल रीलॉन्च या फिर कहें कि इमेज मेकओवर का रहा है. तमिलनाडु में चुनाव हुए तो डीएमके सत्ता से ही बाहर हो गई और टीवीके के साथ कांग्रेस सरकार में बनी हुई है.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:27 pm

नोएडा के सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी को मिली नई जिंदगी: अथॉरिटी ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी, रिवाइज्ड लेआउट प्लान मंजूर; 10,000+ होमबायर्स को बड़ी राहत

नोएडा के सबसे प्रीमियम और पर्यावरण-अनुकूल माने जाने वाले सेक्टर 150 'स्पोर्ट्स सिटी' (Sports City Project) में अपने आशियाने और रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे 10,000 से अधिक होमबायर्स के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Noida Authority) ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में औपचारिक हलफनामा पेश करते हुए जानकारी दी है कि सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी के बहुप्रतीक्षित संशोधित लेआउट प्लान (Revised Layout Plan) को आधिकारिक रूप से अंतिम मंजूरी दे दी गई है। सालों से स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में देरी, बिल्डरों की वित्तीय देनदारियों और विनियामक पेचों के कारण इस पूरे 300 एकड़ के सेक्टर में निर्माण कार्यों, कंप्लीशन सर्टिफिकेट (CC) जारी करने और फ्लैटों की रजिस्ट्री पर जो कठोर रोक लगी हुई थी, अब उसके हटने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। शीर्ष अदालत में दाखिल इस जानकारी के बाद एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार और परेशान खरीदारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।विवाद की पूरी जड़: क्यों लगाई गई थी प्रोजेक्ट्स की रजिस्ट्री और अप्रूवल पर रोक?सेक्टर 150 को मूल रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर की 'स्पोर्ट्स सिटी' के रूप में परिकल्पित किया गया था, जहां मुख्य आवंटियों (कंसोर्टियम लीड्स) को शर्त के तहत कुल भूमि के कम से कम 70 प्रतिशत हिस्से पर विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं—जैसे 9-होल गोल्फ कोर्स, मल्टीपर्पज इंडोर व आउटडोर स्टेडियम, टेनिस कोर्ट, तैराकी परिसर और खेल अकादमियां विकसित करनी थीं। शेष 30 प्रतिशत भूमि पर ही ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल निर्माण की अनुमति थी।बिल्डरों द्वारा शर्तों की अनदेखी: मुख्य डेवलपर्स ने खेल सुविधाएं तैयार किए बिना आवासीय फ्लैट्स बनाकर बेचना शुरू कर दिया और अपनी जमीन को दर्जनों छोटे-छोटे बिल्डरों को सब-लीज पर काट दिया।अथॉरिटी की सख्त कार्रवाई: जब कैग (CAG) की रिपोर्ट और आंतरिक ऑडिट में खेल ढांचे के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, तो नोएडा अथॉरिटी ने वर्ष 2021 के आसपास सेक्टर 150 के सभी प्रोजेक्ट्स के नए नक्शे पास करने, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने और रजिस्ट्री कराने पर पूर्ण प्रतिबंध (Ban) लगा दिया था।होमबायर्स का पिसना: इस प्रतिबंध का खामियाजा उन निर्दोष फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ा, जिन्होंने अपने जीवन भर की गाढ़ी कमाई लगाकर फ्लैट तो बुक करा लिए थे, लेकिन प्रोजेक्ट तैयार होने के बावजूद उन्हें न तो पजेशन मिल पा रहा था और न ही मालिकाना हक यानी रजिस्ट्री हो पा रही थी।सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का असरमामला जब इलाहाबाद हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचा, तो शीर्ष अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि बिल्डरों और विकास प्राधिकरण के बीच के विवाद में उन खरीदारों को बंधक नहीं बनाया जा सकता जिन्होंने पूरा भुगतान कर दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा गठित 'अमिताभ कांत समिति' (Amitabh Kant Committee) की सिफारिशों को लागू करते हुए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए एक व्यावहारिक नीति तैयार की।संशोधित लेआउट में खेल सुविधाओं का पुनर्संतुलन: नए मंजूर लेआउट प्लान में खेल परिसर की भूमि को व्यावहारिक और चरणबद्ध तरीके से विकसित करने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।जीरो पीरियड का लाभ: कोविड काल और अदालती मुकदमों के दौरान के समय को ब्याज माफी (Zero Period) के तहत समायोजित कर बिल्डरों की देनदारियों का पुनर्गठन किया गया है।25% अग्रिम जमा की शर्त: डेवलपर्स को निर्देश दिया गया है कि वे कुल बकाये का 25 प्रतिशत तुरंत प्राधिकरण में जमा कराएं ताकि उनके प्रोजेक्ट्स में फ्लैटों की उप-पट्टा विलेख (Sub-lease Deed/Registry) तत्काल शुरू कराई जा सके।10,000 से अधिक फ्लैट खरीदारों को क्या होगा सीधा फायदा?संशोधित लेआउट प्लान को सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद सेक्टर 150 के लगभग 15 से 20 बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स पर इसका सकारात्मक असर तुरंत देखने को मिलेगा:रजिस्ट्री प्रक्रिया का शुभारंभ: जिन सोसायटियों के टावर पूरी तरह बनकर तैयार हैं और खरीदार बिना रजिस्ट्री के रह रहे थे, उनके लिए अब त्रिपक्षीय रजिस्ट्री (Tripartite Registry) कैंप लगाए जा सकेंगे।अटके कंप्लीशन सर्टिफिकेट (OC/CC) जारी होंगे: कई टावर 95% से अधिक पूरे होकर केवल अथॉरिटी के अप्रूवल के अभाव में फंसे थे, उन्हें अब बिजली-पानी के स्थायी कनेक्शन और अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।वित्तीय तरलता और निर्माण में तेजी: रुके हुए प्रोजेक्ट्स में बैंकों से अतिरिक्त फंडिंग और SWAMIH फंड जैसे राहत पैकेजों के रास्ते खुलेंगे, जिससे अधूरे पड़े टावरों का निर्माण कार्य फिर से तेज गति से शुरू हो सकेगा।संपत्ति के मूल्यों में उछाल: रजिस्ट्री पर रोक हटने से सेक्टर 150 की संपत्तियों की रीसेल वैल्यू और बाजार साख में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा।अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाओं के निर्माण के लिए सख्त समयसीमाअथॉरिटी ने शीर्ष अदालत को यह भी आश्वस्त किया है कि संशोधित लेआउट पास करने का मतलब मूल स्पोर्ट्स सिटी के विजन से समझौता करना बिल्कुल नहीं है। डेवलपर्स को निर्धारित समयसीमा (Time-Bound Timeline) के भीतर गोल्फ कोर्स, स्पोर्ट्स क्लब और स्टेडियम के निर्माण की गारंटी देनी होगी। इसके लिए बिल्डरों से बैंक गारंटी और एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) के जरिए निगरानी रखी जाएगी ताकि खेल ढांचे के नाम पर आवंटित जमीन का कोई अन्य व्यावसायिक दुरुपयोग न हो सके। सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी के इस गतिरोध का टूटना न केवल नोएडा के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि यह उन हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों की सबसे बड़ी कानूनी और नैतिक जीत है जो अपने सपनों के घर का कानूनी मालिकाना हक पाने के लिए वर्षों से दर-दर भटक रहे थे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:25 pm

हैकरों ने फ्रांस के सैंकड़ों सुपरमार्केट के फ़्रिज को गर्म कर आग लगा दिया और खाने-पीने का सामान बर्बाद हो गया

सरकारी वकील के दफ्तर ने कहा कि फ्रांस अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, क्योंकि दूसरे देश भी इससे प्रभावित हो सकते हैं.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:24 pm

त्योहारी सीजन में बैंक जाने से पहले चेक करें कैलेंडर: इस हफ्ते कई राज्यों में बंद रहेंगे बैंक, देखें RBI की छुट्टियों की राज्यवार लिस्ट

शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के साथ ही अक्टूबर महीने में त्योहारी चहल-पहल चरम पर पहुंच चुकी है। त्योहारी सीजन के चलते यदि आपका इस हफ्ते बैंक शाखा जाकर चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट बनवाने, केवाईसी अपडेट या नकद लेनदेन से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो घर से निकलने से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर जरूर जांच लें। रिजर्व बैंक द्वारा 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत जारी अवकाश सूची के अनुसार, इस सप्ताह के अंत में महासप्तमी (दुर्गा पूजा) और साप्ताहिक रविवार के चलते कई प्रमुख राज्यों में बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज पूरी तरह बंद रहेगा। हालांकि डिजिटल भुगतान, एटीएम और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं निर्बाध रूप से चालू रहेंगी।इस हफ्ते किस-किस दिन बंद रहेंगे बैंक: तारीखवार पूरा ब्योराभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस चालू सप्ताह (12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर) के दौरान बैंकों की छुट्टियों का विवरण इस प्रकार है:12 से 16 अक्टूबर (सोमवार से शुक्रवार): इन पांच दिनों में देश भर के सभी राष्ट्रीयकृत, निजी और सहकारी बैंकों की शाखाएं नियमित रूप से खुली रहेंगी और सामान्य बैंकिंग कामकाज चलेगा।17 अक्टूबर (शनिवार) - महासप्तमी / दुर्गा पूजा: इस दिन पश्चिम बंगाल (कोलकाता), त्रिपुरा (अगरतला), असम (गुवाहाटी), सिक्किम (गंगटोक), ओडिशा (भुवनेश्वर), बिहार (पटना), झारखंड (रांची), अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर) और मेघालय (शिलांग) समेत पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में दुर्गा पूजा (महासप्तमी) के उपलक्ष्य में बैंकों में अवकाश रहेगा। चूंकि यह महीने का तीसरा शनिवार है, इसलिए जिन राज्यों में स्थानीय त्योहार की छुट्टी अधिसूचित नहीं है (जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र आदि), वहां बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे।18 अक्टूबर (रविवार) - साप्ताहिक अवकाश / महाअष्टमी: रविवार होने के कारण देश भर के सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे। इसी दिन महाअष्टमी का पावन पर्व भी मनाया जाएगा।अगले हफ्ते भी रहेगी लंबी छुट्टियों की झड़ी: विजयादशमी और दशहरा का असरइस हफ्ते के तुरंत बाद आने वाला हफ्ता बैंकिंग कामकाज के लिहाज से और भी छोटा रहने वाला है। 19 अक्टूबर को महानवमी/आयुध पूजा और 20 अक्टूबर को विजयादशमी (दशहरा) के चलते दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और लखनऊ समेत देश के अधिकांश हिस्सों में बैंकों में लगातार 2 से 3 दिनों तक अवकाश रहेगा। इसके अलावा 24 अक्टूबर को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण भी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि अपने बड़े वित्तीय लेनदेन और कागजी काम समय रहते निपटा लें।शाखाएं बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सुविधाएंबैंक शाखाओं के बंद रहने का असर आपकी आपातकालीन डिजिटल जरूरतों पर नहीं पड़ेगा:एटीएम और कैश रीसाइक्लर मशीनें: नकदी निकालने और जमा करने के लिए सभी एटीएम (ATMs) और सीडीएम मशीनें 24 घंटे काम करती रहेंगी।यूपीआई और आईएमपीएस: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और भीम यूपीआई के जरिए तात्कालिक फंड ट्रांसफर सेवाएं बिना रुकावट चालू रहेंगी।नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप: एनईएफटी (NEFT), आरटीजीएस (RTGS) और बिल पेमेंट्स जैसी ऑनलाइन सेवाएं 24x7 उपलब्ध रहेंगी।चेक क्लीयरेंस में देरी: जिन राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, वहां चेक क्लीयरेंस और ड्राफ्ट बनने की प्रक्रिया अगले कार्यदिवस तक टल सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:24 pm

राहुल की मांग पर CM हिमंत बिस्व सरमा की हुंकार: मैं बैलेट पेपर से चुनाव को तैयार; पर कांग्रेस को दे दी बड़ी टेंशन

हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी और कांग्रेस अपनी सरकारों के इस्तीफे के लिए तैयार हैं, तो मैं मतपत्रों के जरिए चुनाव लड़ने को तैयार हूं।

लाइव हिन्दुस्तान 12 Oct 2026 10:23 pm

LoC पर IED ब्लास्ट में PoJK के चार नागरिकों की मौत, पुंछ में अलर्ट

पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित एक सीमावर्ती गांव में सोमवार को संदिग्ध रूप से आईईडी में विस्फोट में पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर के कम से कम चार लोगों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विस्फोट के बाद सुरक्षा भारतीय सीमा के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि शक्तिशाली विस्फोट पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की हजीरा तहसील के सतवाल-नकी इलाके में हुआ और उस समय लोगों का एक समूह नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट पाकिस्तान के हिस्से में पानी की पाइपलाइन बिछा रहा था। अधिकारियों ने सीमा पार से मिली शुरुआती जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि मृतकों की पहचान बट्टल मंडोल गांव के फैजान सगीर, इश्तियाक, वकास शरीफ और आसिम रफीक के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि ये चारों लोग आपस में भाई थे। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, यह अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि, संदेह है कि आईईडी में विस्फोट होने से यह घटना हुई। अधिकारियों ने बताया कि इन चारों में से किसी के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने की जानकारी तत्काल नहीं मिली है। अधिकारियों के अनुसार, विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे सेक्टर में अलर्ट जारी कर दिया और स्थिति का आकलन करने तथा सुरक्षा में किसी भी संभावित चूक को रोकने के लिए नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर निगरानी बढ़ा दी। एक अन्य घटनाक्रम में, भारतीय सेना के जवानों ने सोमवार को मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में सीमा बाड़ के पास दो पुरानी बारूदी सुरंगों का पता लगाया। अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजकर 25 मिनट और दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर रास्ते के निर्माण के दौरान इन बारूदी सुरंगों का पता चला। सेना के विशेषज्ञों ने बाद में नियंत्रित विस्फोट के जरिए दोनों सुरंगों को नष्ट कर दिया। पिछले एक सप्ताह के दौरान सेना ने इस इलाके में करीब एक दर्जन बारूदी सुरंगों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय किया है।

प्रभासाक्षी 12 Oct 2026 10:23 pm

महंगाई की तपिश से फिर घबराया बाजार: क्या RBI को रेपो रेट में करनी पड़ेगी 1-1.5% की भारी बढ़ोतरी? जानिए होम लोन EMI और आपकी जेब पर असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी और घरेलू स्तर पर खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर में आए उछाल ने केंद्रीय बैंक और वित्तीय विश्लेषकों की पेशानी पर बल ला दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने हाल ही में दरों में 25 आधार अंकों (bps) की वृद्धि कर रेपो रेट को 5.50% पर पहुंचाते हुए अपने रुख को 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) में बदल दिया है। हालांकि, ब्रोकरेज हाउसों, वैश्विक रेटिंग एजेंसियों और अर्थशास्त्रियों की ताजा रिपोर्टों में यह आशंका जताई जा रही है कि यदि भू-राजनीतिक तनावों के चलते कच्चे तेल के भाव ऊंचे बने रहे और खुदरा मुद्रास्फीति (CPI Inflation) 6% के ऊपरी सहनशीलता बैंड (Upper Tolerance Band) को पार कर गई, तो केंद्रीय बैंक को महंगाई पर काबू पाने के लिए आने वाले समय में कुल मिलाकर 100 से 150 आधार अंकों (1 से 1.5%) तक की संचयी (Cumulative) ब्याज दर बढ़ोतरी का कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है।रेपो रेट और महंगाई का चक्र: जब बढ़ती हैं दरें तो कैसे काबू में आती है महंगाई?आम उपभोक्ताओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि महंगाई बढ़ने पर रिजर्व बैंक ब्याज दरें क्यों बढ़ाता है। अर्थशास्त्र के स्थापित नियमों के अनुसार, रेपो रेट वह दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से अल्पकालिक ऋण लेते हैं:कर्ज महंगा होने से मांग पर नियंत्रण: जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए फंड जुटाने की लागत बढ़ जाती है। इसके परिणामस्वरूप बैंक होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में सीधे इजाफा करते हैं।उपभोग और खर्च में सुस्ती: उधारी महंगी होने से बाजार में नकदी (Liquidity) का प्रवाह घटता है। लोग गैर-जरूरी खर्चों को टालते हैं और बचत को प्राथमिकता देते हैं, जिससे कुल मांग (Aggregate Demand) घटती है और विक्रेताओं को कीमतें स्थिर या कम करने पर मजबूर होना पड़ता है।मुद्रा को मजबूती: ऊंची घरेलू ब्याज दरें विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को आकर्षित करती हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को मजबूती मिलती है और आयातित वस्तुओं (विशेषकर क्रूड ऑयल) की लागत कम होती है।यदि 1% से 1.5% बढ़ा रेपो रेट, तो होम लोन की EMI पर कितना पड़ेगा बोझ?आरबीआई के नियमों के अनुसार अधिकांश खुदरा फ्लोटिंग-रेट लोन सीधे 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट' (EBLR/RLLR) यानी रेपो रेट से जुड़े होते हैं। यदि भविष्य में दरों में 100 से 150 आधार अंकों (1% से 1.5%) की सीधी वृद्धि होती है, तो इसका सीधा असर मासिक किस्त (EMI) पर पड़ेगा:लोन की मूल राशि (Loan Amount)मौजूदा ब्याज दर (8.50%)1% बढ़ोतरी के बाद (9.50%)1.5% बढ़ोतरी के बाद (10.00%)मासिक EMI में कुल अतिरिक्त बोझ₹30 लाख (20 वर्ष अवधि)₹26,035₹27,964₹28,951+₹1,929 से +₹2,916 प्रति माह₹50 लाख (20 वर्ष अवधि)₹43,391₹46,607₹48,251+₹3,216 से +₹4,860 प्रति माह₹75 लाख (20 वर्ष अवधि)₹65,087₹69,910₹72,377+₹4,823 से +₹7,290 प्रति माहदीर्घकालिक होम लोन में 1.5% की वृद्धि का अर्थ यह होता है कि 20 साल के पूरे कर्ज चक्र में एक ऋणी को ₹50 लाख के लोन पर 11 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ सकता है या उसके लोन की अवधि (Tenure) कई वर्षों के लिए बढ़ सकती है।जमाकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चांदी: फिक्स्ड डिपॉजिट पर बढ़ेंगे रिटर्नब्याज दरें बढ़ने का प्रभाव हर वर्ग के लिए नकारात्मक नहीं होता। जहां कर्जदारों की जेब ढीली होती है, वहीं बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और आवर्ती जमा (RD) करने वाले रूढ़िवादी निवेशकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनभोगियों के लिए यह राहत भरी खबर होती है:बैंक एफडी पर 8% से अधिक रिटर्न संभव: वर्तमान में अधिकांश प्रमुख बैंक 1 से 3 वर्ष की एफडी पर 6.75% से 7.25% तक ब्याज दे रहे हैं। यदि रेपो रेट में 1% से 1.5% की और बढ़ोतरी होती है, तो बैंकों को जमा जुटाने के लिए एफडी दरों को बढ़ाकर 7.75% से 8.25% (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.75% तक) करना पड़ सकता है।सुरक्षित बचत को प्रोत्साहन: शेयर बाजार में बढ़ती अस्थिरता के दौर में ऊंचे एफडी रेट्स निवेशकों को बिना जोखिम उठाए निश्चित और स्थिर रिटर्न अर्जित करने का शानदार अवसर प्रदान करते हैं।आर्थिक विकास बनाम महंगाई नियंत्रण: RBI के सामने दोहरी चुनौतीहालांकि 1 से 1.5% की आक्रामक ब्याज दर बढ़ोतरी का निर्णय केंद्रीय बैंक के लिए इतना आसान नहीं होगा। यदि आरबीआई दरों में बहुत तेजी से वृद्धि करता है, तो इसका सीधा नकारात्मक असर देश की आर्थिक विकास दर (GDP Growth) पर पड़ सकता है:कॉरपोरेट कैपेक्स पर ब्रेक: महंगी उधारी के कारण कंपनियां नए कारखाने लगाने और विस्तार योजनाओं (Capital Expenditure) को टालने लगती हैं, जिससे नए रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी हो सकती है।ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित: आवास और वाहनों की बिक्री सीधे तौर पर सस्ती फाइनेंसिंग पर निर्भर करती है। ब्याज दरें दोहरे अंकों (10%+) के करीब पहुंचने पर इन दोनों प्रमुख क्षेत्रों में मांग घटने का जोखिम रहता है।संतुलित रास्ता ही विकल्प: अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अचानक एक साथ 1-1.5% की बढ़ोतरी करने के बजाय आर्थिक आंकड़ों (CPI मुद्रास्फीति और कच्चे तेल के स्तर) की कड़ी निगरानी करेगा। यदि वैश्विक स्तर पर कमोडिटी के भाव संभलते हैं, तो आरबीआई आक्रामक दरों में वृद्धि के बजाय अल्पकालिक विराम (Pause) का रुख भी अपना सकता है। आने वाली तिमाहियों के आंकड़े ही तय करेंगे कि भारत में ब्याज दरों का चक्र किस ऊंचाई तक पहुंचेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:22 pm

वो रोया, गिड़गिड़ाया और मदद के लिए पकड़े पैर... बदमाश करते रहे वार

Deoli Tonk Knife Attack: टोंक के देवली में दिनदहाड़े आइसक्रीम पार्लर पर युवक पर चाकू से हमला. पार्लर संचालक के पैर पकड़कर बचाता रहा जान, तमाशा देखते रहे लोग. सीसीटीवी में कैद वारदात, पुलिस जांच में जुटी...

आज तक 12 Oct 2026 10:21 pm

पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 13 लाख वोट कटे, SIR की फाइनल वोटर लिस्ट जारी

पंजाब की अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है. SIR से पहले के मुकाबले अंतिम सूची में 13.60 लाख से ज्यादा मतदाता कम हुए हैं, यानी 6.33 फीसदी की कमी आई है. हालांकि, 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

आज तक 12 Oct 2026 10:20 pm

सुप्रीम कोर्ट से पंजाब के सीएम के ओएसडी को राहत, गिरफ्तारी पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) राजबीर सिंह घुम्मन को अंतरिम राहत देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज मामले में उनके खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। यह मामला कथित भ्रष्टाचार और सरकारी फैसलों को प्रभावित करने के लिए पैसे […]

तहलका 12 Oct 2026 10:20 pm

पहले भारत का प्रोजेक्ट रद्द, अब चीन से करोड़ों का कर्ज... बांग्लादेश का क्या है प्लान?

बांग्लादेश ने चीन से 335.78 मिलियन डॉलर का कर्ज लेने का समझौता किया है. इस पैसे से मोंगला पोर्ट का विस्तार होगा, लेकिन भारत के करीब चीन की बढ़ती मौजूदगी ने इस डील को अहम बना दिया है.

आज तक 12 Oct 2026 10:20 pm

EPFO वेज सीलिंग ₹25,000 होने से अब मिलेगी ₹12,500 तक मासिक पेंशन? जानिए EPS-95 के नए नियम, फॉर्मूला और किसे मिलेगा सीधा फायदा

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सब्सक्राइबर्स और संगठित क्षेत्र के करोड़ों कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार का श्रम एवं रोजगार मंत्रालय बड़ा नीतिगत बदलाव लागू कर चुका है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना के बाद ईपीएफओ की अनिवार्य वैधानिक मजदूरी सीमा (Wage Ceiling) को ₹15,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया गया है। वर्ष 2014 के बाद यानी करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल पर हुई इस वृद्धि से 50 लाख से अधिक नए कर्मचारी अनिवार्य ईपीएफ और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के दायरे में आ चुके हैं। मजदूरी सीमा में हुई ₹10,000 की इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा और बड़ा असर कर्मचारियों की भविष्य की पेंशन सुरक्षा पर पड़ा है। वित्तीय विश्लेषण और आधिकारिक फॉर्मूले के आधार पर अब अधिकतम पेंशन कैप ₹7,500 से बढ़कर सीधे ₹12,500 प्रति माह तक पहुंच सकती है।₹12,500 पेंशन का पूरा गणित: कैसे तय होता है EPS का भुगतान?कर्मचारी पेंशन योजना (EPS 1995) के अंतर्गत किसी भी कर्मचारी की मासिक पेंशन का निर्धारण एक निश्चित वैधानिक फॉर्मूले के आधार पर किया जाता है:$$ ext{मासिक पेंशन} = frac{ ext{पेंशन योग्य वेतन (Pensionable Salary)} imes ext{पेंशन योग्य सेवा अवधि (Pensionable Service)}}{70}$$इस फॉर्मूले के आधार पर पुरानी और नई व्यवस्था का तुलनात्मक अंतर इस प्रकार है:विवरण (Parameter)पुरानी व्यवस्था (Old Cap)नई व्यवस्था (New Cap)बदलाव (Impact)अधिकतम पेंशन योग्य वेतन₹15,000 प्रति माह₹25,000 प्रति माह+₹10,000 की बढ़ोतरीनियोक्ता का EPS अंशदान (8.33%)अधिकतम ₹1,250अधिकतम ₹2,083+₹833 प्रति माह की वृद्धिनियोक्ता का EPF अंशदान (3.67%)₹550₹918पीएफ बैलेंस में वृद्धिअधिकतम सेवा अवधि (पूर्ण करियर)35 वर्ष35 वर्षसमानअधिकतम मासिक पेंशन₹7,500 प्रति माह₹12,500 प्रति माह66.7% की भारी वृद्धिइस प्रकार, यदि कोई कर्मचारी नई वेज सीलिंग (₹25,000) के तहत पूरे 35 वर्ष तक अंशदान करता है, तो फॉर्मूले $frac{25000 imes 35}{70}$ के तहत उसकी मासिक पेंशन ठीक ₹12,500 बनेगी।क्या सभी को तुरंत मिलेगी ₹12,500 पेंशन? 2 महत्वपूर्ण शर्तें और कैविएटसोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट समझना जरूरी है कि ₹12,500 की पेंशन हर मौजूदा रिटायर्ड या सेवारत कर्मचारी को तुरंत नहीं मिलने लगेगी। इसके पीछे दो तकनीकी नियम काम करते हैं:अंतिम 60 महीनों के औसत वेतन का नियम: ईपीएस नियमों के तहत पेंशन की गणना रिटायरमेंट से ठीक पहले के अंतिम 60 महीनों (5 साल) के औसत बेसिक वेतन के आधार पर होती है। चूंकि नया नियम हाल ही में लागू हुआ है, इसलिए जो कर्मचारी अगले 1-2 साल में रिटायर होंगे, उनका औसत वेतन ₹15,000 और ₹25,000 का आनुपातिक (Pro-rata) मिश्रण होगा। पूर्ण ₹25,000 का बेस बनने में कम से कम 5 वर्ष का समय लगेगा।पिछली सेवा पर पुरानी सीलिंग: सेवा अवधि की गणना प्रो-राटा आधार पर की जाती है। यानी अधिसूचना लागू होने से पहले की गई सेवा पर ₹15,000 की सीलिंग के हिसाब से और नई तारीख के बाद की गई सेवा पर ₹25,000 की दर से पेंशन जुड़ेगी। जो नए कर्मचारी अब करियर शुरू कर रहे हैं और पूरे 35 साल तक इस सीलिंग पर योगदान देंगे, वे ₹12,500 की पूरी पेंशन पाने के पूर्ण पात्र होंगे।टेक-होम सैलरी और नियोक्ता के बजट पर क्या पड़ा असर?वेज सीलिंग बढ़ने का सीधा प्रभाव कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी और कंपनियों की लागत (CTC) पर पड़ता है:₹15,001 से ₹25,000 वेतन पाने वाले: पहले यदि किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹25,000 था और कंपनी ₹15,000 की सीलिंग पर पीएफ काटती थी, तो उसका 12% कर्मचारी अंशदान ₹1,800 कटता था। अब ₹25,000 पर पूरा 12% यानी ₹3,000 कटेगा। इससे कर्मचारी की टेक-होम सैलरी में प्रति माह ₹1,200 की कमी आएगी, लेकिन यह रकम उसके ईपीएफ और ईपीएस खाते में सुरक्षित जमा होगी।नियोक्ता की देनदारी: कंपनी को भी अपने हिस्से से ₹1,800 के बजाय ₹3,000 का योगदान देना होगा, जिसमें से ₹2,083 ईपीएस में और ₹917 ईपीएफ में जाएंगे। जिन कंपनियों में पीएफ सीटीसी का हिस्सा होता है, वहां कर्मचारियों की ग्रॉस इन-हैंड में थोड़ा और समायोजन दिख सकता है।₹15,000 से कम वेतन वाले: जिन कर्मचारियों का मूल वेतन ₹15,000 से कम है, उनके वेतन या कटौती में कोई बदलाव नहीं होगा।रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए क्यों ऐतिहासिक है यह फैसला?संगठित क्षेत्र में काम करने वाले मध्यम वर्गीय और निम्न-मध्यम वर्गीय कर्मचारियों के लिए ₹7,500 की पुरानी अधिकतम पेंशन महंगाई के दौर में बेहद नाकाफी साबित हो रही थी। पेंशन की अधिकतम सीमा ₹12,500 होने से वरिष्ठ नागरिकों को रिटायरमेंट के बाद एक सम्मानजनक निश्चित मासिक आय का सहारा मिलेगा। इसके साथ ही, ईपीएफओ से जुड़े कर्मचारियों का एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) के तहत मिलने वाला अधिकतम ₹7 लाख का लाइफ इंश्योरेंस कवर भी इन सभी नए कर्मचारियों को स्वतः प्राप्त हो गया है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए यह कदम दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने वाला एक बड़ा मील का पत्थर है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 12 Oct 2026 10:19 pm

कंजूस कहकर उड़ाया मजाक, गुस्से में आया जैन व्यापारी; अनोखा मंदिर बनाने में लगाया 40 हजार किलो घी

बीकानेर में स्थित 550 साल पुराने भांडशाह जैन मंदिर को बनाने में पानी की जगह 40 हजार किलो देसी घी का इस्तेमाल किया गया था. आज भी जब तपती गर्मी पड़ती है, तो इसकी दीवारों और फर्श से घी की महक और चिकनाई साफ महसूस की जा सकती है.

NDTV इंडिया 12 Oct 2026 10:18 pm