पाकिस्तान के मंत्री का अजीबोगरीब दावा, कहा उनके हिस्से का पानी राेकने वाले हाथों को काट देंगे
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने एक बहुत अजीबोगरीब बयान में दावा करते हुए कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। मलिक ने यह बात एक संवाददाता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसा ऐलान ही नहीं […] The post पाकिस्तान के मंत्री का अजीबोगरीब दावा, कहा उनके हिस्से का पानी राेकने वाले हाथों को काट देंगे appeared first on Sabguru News .
सूरतगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटर शो रूम में आग लगी
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ शहर में हनुमानगढ़ बायपास मार्ग पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटी शोरूम में मंगलवार को आग लगने से लाखों रुपये की स्कूटी नष्ट हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह साढ़े आठ बजे पड़ोस का एक दुकानदार अनिल मुंजाल अपनी दुकान पर आया तो उसने पास में ही वर्मा इलेक्ट्रिक […] The post सूरतगढ़ में इलेक्ट्रिक स्कूटर शो रूम में आग लगी appeared first on Sabguru News .
सूरतगढ़ थर्मल विद्युत संयंत्र में गिरने से मजदूर की मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के राजियासर थाना क्षेत्र में सूरतगढ़ थर्मल विद्युत संयंत्र में मंगलवार को गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान अर्जुन (24) के रूप में हुई है। अर्जुन संयंत्र की यूनिट नंबर दो एवं तीन में एक निजी कंपनी में काम करता था। […] The post सूरतगढ़ थर्मल विद्युत संयंत्र में गिरने से मजदूर की मौत appeared first on Sabguru News .
कथित देहव्यापार गिरोह में फंसी हुई थी दो अभिनेत्रियां, मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के गिरगांव इलाके में एक होटल से संचालित होने वाले कथित देहव्यापार गिरोह का पर्दाफाश करने के कुछ दिनों बाद, मुंबई पुलिस ने इस नेटवर्क के मनोरंजन उद्योग से संभावित संबंधों, वित्तीय लेनदेन और होटल प्रबंधन की भूमिका की जांच के लिए अपना दायरा बढ़ा दिया है। यह कार्रवाई अपराध […] The post कथित देहव्यापार गिरोह में फंसी हुई थी दो अभिनेत्रियां, मुंबई पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में 6000 रुपए रिश्वत लेते कोतवाली थाने का कांस्टेबल अरेस्ट
भीलवाड़ा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भीलवाड़ा में मंगलवार को कोतवाली थाने के कांस्टेबल को छह हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि परिवादी ने एसीबी के भीलवाड़ा कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोतवाली थाने में दर्ज एक मामले में उसे […] The post भीलवाड़ा में 6000 रुपए रिश्वत लेते कोतवाली थाने का कांस्टेबल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 15 किलोग्राम सोना जब्त, 4 अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने 15 किलोग्राम सोना जब्त किया और चार लोगों को गिरफ्तार किया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर और आरोपियों के पास से जब्त किया गया तस्करी का सोना विदेशी मूल का था। खुले बाजार में इसकी […] The post दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 15 किलोग्राम सोना जब्त, 4 अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
संसदीय समिति की अहम बैठक 1 जुलाई को, एनटीए में सुधार और नीट-यूजी पुनर्परीक्षा पर होगी चर्चा
1 जुलाई को संसदीय समिति की एक अहम बैठक होने वाली है। बुधवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर अंडरग्रेजुएट्स (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से मिले प्रमुख सबकों की समीक्षा की जाएगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) में आवश्यक सुधारों पर चर्चा होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी शिक्षा सुधारों को नई ऊंचाई देते हुए अब कक्षा-कक्ष में होने वाले वास्तविक अधिगम को शिक्षा नीति का केंद्र बना दिया है। प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के अनुभव, बच्चों के सीखने के ...
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गए। प्रदर्शनकारियों ने खुलकर इस्लामाबाद के अधिकार को चुनौती देते हुए कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के ...
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था व विरासत के अपमान पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग 2017 से पहले कांवड़ यात्रा रोकने, त्योहारों पर बंदिशें लगाने और 'जय श्रीराम' बोलने पर लाठी-गोली चलवाते थे, आज वे ...
'कपिल मुनि की तपोस्थली राजगढ़ जिला जल संचय के कार्यों में अग्रणी बना है। यह जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले 6 जिलों में शामिल है। राज्य सरकार ने 19 मार्च से 30 जून तक 100 दिन के अभियान में कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों, ...
ITR, Aadhaar, Passport, EPFO के साथ ही 1 जुलाई से बदलेंगे 6 नियम, आप पर क्या होगा असर, जरूर पढ़ें
अगर आपका आधार अपडेट करना है, नया पासपोर्ट बनवाना है, क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं या नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 जुलाई से लागू होने वाले नए नियम आपके लिए अहम हैं। पीएफ निकालने को लेकर भी बड़ा बदलाव हो सकता है। न बदलावों की जानकारी ...
सिया के प्रेमी चेतन का होगा गेट एनालिसिस, आखिर क्या होता है यह टेस्ट और इस मामले में क्यों जरूरी है?
Chetan Chaudhary Gait Analysis Test: लोनावला के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले में 18 जून को हुए रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच को एक नया और बेहद वैज्ञानिक मोड़ दे दिया है। पुलिस ने अब मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का ...
इन दिनों यूरोप भीषण हीटवेव (Heatwave) की चपेट में है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट ने नई बहस छेड़ दी। अगर यूरोप और भारत दोनों जगह तापमान 43 डिग्री सेल्सियस है, तो फिर यूरोप में इतनी चिंता क्यों? भारत में तो कई शहरों में तापमान 48 ...
मध्यप्रदेश कांग्रेस के बड़े नेताओं के बीच अब आर-पार की लड़ाई होती दिख रही है। मंगलवार को मध्यप्रदेश कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी की बैठक में वीर भारत न्यास के मुद्दें को लेकर जीतू पटवारी औऱ दिग्विजय सिंह के आमने सामने होने से पार्टी की हो रही ...
OnePlus Nord N6 5G लॉन्च, 19,999 रुपए में 8,000mAh बैटरी, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा
OnePlus ने भारतीय बाजार में अपना नया OnePlus Nord N6 5G स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह बजट सेगमेंट में सबसे आकर्षक 5G स्मार्टफोन्स में से एक है। फोन की शुरुआती कीमत 19,999 रुपये रखी गई है और इसमें 8,000mAh की बड़ी बैटरी, 120Hz ...
फिरोजाबाद में आंधी का कहर, ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 की मौत
फिरोजाबाद। उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले के फरिहा क्षेत्र में सोमवार शाम तेज आंधी में एक विशालकाय नीम का पेड़ ई रिक्शा के ऊपर गिर गया। इस हादसे में रिक्शा पर सवार पांच यात्रियों की मौत हो गयी जबकि मां बेटे घायल हो गए। मृतकों के परिवारों को देवी आपदा कोष से सभी को चार […] The post फिरोजाबाद में आंधी का कहर, ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 की मौत appeared first on Sabguru News .
लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक जोड़ी नेत्रदान
अजमेर। सेवा और मानवता के क्षेत्र में सक्रिय लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक और प्रेरणादायक नेत्रदान संपन्न हुआ। शास्त्री नगर निवासी स्वर्गीय महेंद्र सेवदा के निधन के बाद उनके परिजनों ने सहमति देकर नेत्रदान कराया, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नई रोशनी आने की उम्मीद जगी है। क्लब अध्यक्ष लायन […] The post लायंस क्लब अजमेर आस्था की प्रेरणा से एक जोड़ी नेत्रदान appeared first on Sabguru News .
राजस्थान के भीलवाड़ा में चोर नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर आए और दुकान से 40 मोबाइल चुराकर ले गए
rajasthan bhilwara mobile theft: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। एक चोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर मोबाइल फोन की दुकान में घुसपैठ की और लगभग 40 मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। घटना का पूरा ...
चीन के नए ‘राष्ट्रीय एकता’ कानून की निंदा, मानवाधिकारों पर खतरे की जताई आशंका
अल्पसंख्यकों की भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्वतंत्रता पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव नई दिल्ली। चीन सरकार द्वारा लागू किए गए नए राष्ट्रीय एकता कानून को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठनों ने जारी बयान में कहा कि यह कानून राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के नाम पर जातीय अल्पसंख्यक समुदायों पर […] The post चीन के नए ‘राष्ट्रीय एकता’ कानून की निंदा, मानवाधिकारों पर खतरे की जताई आशंका appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और केंद्र सरकार के बीच एथेनॉल आवंटन प्रक्रिया से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. ...
मॉनसून ने यूपी, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में रफ्तार पकड़ ली है। जानिए दिल्ली-NCR में मॉनसून कब पहुंचेगा, किन राज्यों में रेड अलर्ट जारी हुआ है और अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जयपुर नगर निगम हेरिटेज के कनिष्ठ अभियंता (JEN) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी एक निर्माण को सील नहीं करने और उसके खिलाफ कार्रवाई रोकने की एवज में मोटी रकम वसूल रहा था। एसीबी की इस अचानक हुई कार्रवाई से नगर निगम मुख्यालय और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।2 लाख रुपये का था पूरा सौदा, जाल बिछाकर दबोचाएसीबी के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ने ब्यूरो के कार्यालय में आकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि जयपुर नगर निगम हेरिटेज इलाके में उसके निर्माण कार्य को अवैध बताकर सील करने की धमकी दी जा रही थी। इस सीलिंग की कार्रवाई को रुकवाने के लिए नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता (JEN) ने पीड़ित से सीधे 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने फौरन मामले का गोपनीय सत्यापन करवाया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि सही पाई गई।पहली किस्त लेते ही चढ़ गया कानून के हत्थेसत्यापन पूरा होने के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एक मजबूत जाल बिछाया। तय रणनीति के मुताबिक, पीड़ित रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 80 हजार रुपये लेकर कनिष्ठ अभियंता के पास पहुंचा। जैसे ही आरोपी JEN ने पीड़ित से रिश्वत की वह राशि अपने हाथ में ली, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद खड़ी एसीबी की स्पेशल टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के हाथों को धुलवाया, जिससे रिश्वत के रासायनिक रंग साफ उभर आए।घर और ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन जारीरंगे हाथों गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की अलग-अलग टीमों ने आरोपी कनिष्ठ अभियंता के कार्यालय कक्ष, सरकारी आवास और अन्य संभावित ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी के पास आय से अधिक संपत्ति या अन्य अवैध संपत्तियों के दस्तावेज तो नहीं हैं। इसके साथ ही इस बात की भी गहन जांच की जा रही है कि इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल में नगर निगम के कुछ अन्य बड़े अधिकारी या दलाल भी शामिल थे या नहीं।
राजस्थान का शेखावाटी क्षेत्र एक बार फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगी गई मोटी फिरौती को लेकर दहल उठा है। इस बार बदमाशों के निशाने पर झुंझुनूं के एक प्रतिष्ठित डिफेंस एकेडमी के संचालक आए हैं। शातिर अपराधियों ने लॉरेंस गैंग का खौफ दिखाकर एकेडमी संचालक से सीधे 5 करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की है। इतनी बड़ी रकम मांगने के साथ ही बदमाशों ने पीड़ित को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि रकम समय पर नहीं मिली, तो अंजाम बेहद खौफनाक होगा। इस सनसनीखेज धमकी के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।विदेशी नंबर से आया कॉल और उड़ गए होशमिली जानकारी के अनुसार, डिफेंस एकेडमी के संचालक के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था, जो संभवतः वर्चुअल या इंटरनेशनल नंबर बताया जा रहा है। फोन उठाने पर सामने वाले शख्स ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खास गुर्गा बताया। उसने बिना किसी भूमिका के सीधे 5 करोड़ रुपये की डिमांड रख दी। जब संचालक ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो कॉलर ने उनके पूरे परिवार और एकेडमी को बम से उड़ाने और जान से मारने की सीधी धमकी दे डाली। फोन कटने के बाद पीड़ित ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी।झुंझुनूं पुलिस अलर्ट, एक्टिव हुई स्पेशल टीमेंमामले की गंभीरता और लॉरेंस गैंग का नाम सामने आते ही झुंझुनूं पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस के साथ-साथ साइबर सेल और तकनीकी एक्सपर्ट्स की एक विशेष टीम को इस केस को क्रैक करने के लिए लगाया गया है। पुलिस सबसे पहले उस कॉल सोर्स को ट्रेस करने में जुटी है जिससे धमकी दी गई थी। इसके साथ ही पीड़ित संचालक के आवास और डिफेंस एकेडमी के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।शेखावाटी में बढ़ते रंगदारी के मामले बने सिरदर्दराजस्थान के झुंझुनूं, सीकर और चूरू जैसे जिलों में पिछले कुछ समय से व्यापारियों, कोचिंग संचालकों और नामी लोगों को लॉरेंस गैंग या अन्य स्थानीय गैंगस्टर्स के नाम पर धमकी भरे फोन आने के मामले लगातार बढ़े हैं। पुलिस इस एंगल पर भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या वाकई यह कॉल लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़ा है या फिर किसी स्थानीय अपराधी ने महज दहशत फैलाकर मोटी रकम वसूलने के लिए इस बड़े गैंग के नाम का इस्तेमाल किया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों को दबोचने का दावा कर रही है।
भाजपा अपने काम के दम पर चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस की नाकामियों पर नहीं : नितिन नबीन
हैदराबाद। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंगलवार को कहा कि पार्टी भविष्य के चुनाव कांग्रेस की नाकामियों के बजाय अपने खुद के काम के दम पर लड़ेगी। साथ ही, उन्होंने तेलंगाना में पार्टी कार्यकर्ताओं से 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी कोशिशें तेज करने का आह्वान […] The post भाजपा अपने काम के दम पर चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस की नाकामियों पर नहीं : नितिन नबीन appeared first on Sabguru News .
राजस्थान और मध्य प्रदेश के चंबल संभाग में कभी आतंक का पर्याय रहे पूर्व इनामी डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई संदिग्ध मौत के बाद धौलपुर में सियासी और सामाजिक पारा गरमा गया है। जगन गुर्जर की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों और समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया। परिवार ने जेल प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे सोची-समझी हत्या करार दिया है। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक इस पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की घोषणा नहीं की जाती, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में जुटे परिजनों के धरने पर बैठ जाने से स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।जेल में बिगड़ी थी तबीयत या मामला कुछ और?आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जेल में बंद जगन गुर्जर की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन का दावा है कि मौत प्राकृतिक कारणों या बीमारी की वजह से हुई है। वहीं दूसरी ओर, जगन गुर्जर के भाई और पत्नी ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि जेल के भीतर जगन के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसे साजिश के तहत मौत के घाट उतारा गया है। परिवार का कहना है कि उन्हें जगन की सुरक्षा को लेकर पहले से ही अंदेशा था।अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील, पोस्टमार्टम पर सस्पेंसघटना के बाद से ही धौलपुर जिला अस्पताल परिसर और मोर्चरी के बाहर तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों के उग्र रुख और संभावित बवाल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार परिजनों को समझाने और पोस्टमार्टम के लिए राजी करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन परिवार अपनी मांगों से टस से मस होने को तैयार नहीं है। उनकी स्पष्ट मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच या केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।चंबल में जगन गुर्जर के आतंक और समर्पण की कहानीजगन गुर्जर का नाम चंबल के बीहड़ों में दशकों तक गूंजता रहा है। उस पर राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में डकैती, हत्या का प्रयास, अपहरण और रंगदारी के दर्जनों मामले दर्ज थे। सरकार ने उस पर लाखों रुपये का इनाम भी घोषित किया था। कई बार आत्मसमर्पण करने और फिर से अपराध की दुनिया में लौटने वाले जगन गुर्जर की जेल के भीतर इस तरह मौत होना कई अनसुलझे सवाल खड़े करता है। यही वजह है कि स्थानीय राजनीति भी इस मुद्दे पर गरमाने लगी है और प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
पंजाब में कानून की आंखों में धूल झोंककर पिछले 6 महीने से सरकारी सुविधाओं का मुफ्त मजा ले रहे एक फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर जालसाज खुद को विजिलेंस ब्यूरो का बड़ा अफसर बताकर न सिर्फ पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी की बसों में मुफ्त सफर कर रहा था, बल्कि टोल प्लाजा और सार्वजनिक जगहों पर वीआईपी ट्रीटमेंट का फायदा भी उठा रहा था। लेकिन कहते हैं न कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक न एक दिन कानून के शिकंजे में आ ही जाता है। इस बार भी एक छोटी सी चूक ने इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया।ऐसे हुआ शक और खुली फर्जी अफसर की पोलपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह फर्जी इंस्पेक्टर पिछले लंबे समय से अलग-अलग रूट की सरकारी और निजी बसों में विजिलेंस का रौब दिखाकर बिना टिकट यात्रा कर रहा था। बीते दिन जब यह एक बस में सवार हुआ, तो सफर के दौरान बस के कंडक्टर को उसके हाव-भाव और बातचीत के तरीके पर कुछ शक हुआ। कंडक्टर ने जब उससे उसका आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने को कहा, तो वह हड़बड़ा गया और टालमटोल करने लगा। आरोपी की घबराहट देखकर कंडक्टर का शक यकीन में बदल गया, जिसके बाद तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए नजदीकी पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी गई।पुलिस की मुस्तैदी और रंगे हाथों गिरफ्तारीसूचना मिलते ही लोकल पुलिस की टीम ने तुरंत नाकाबंदी की और बस के पहुंचते ही संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। पुलिस स्टेशन लाकर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई और उसके दस्तावेजों की जांच की गई, तो वह कोई भी वैध सरकारी पहचान पत्र पेश नहीं कर पाया। पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे आरोपी ज्यादा देर टिक नहीं सका और उसने कबूल कर लिया कि वह कोई असली विजिलेंस अधिकारी नहीं है, बल्कि सिर्फ मुफ्त सफर, वीआईपी ट्रीटमेंट और लोगों पर रौब झाड़ने के लिए फर्जी इंस्पेक्टर बना हुआ था।छह महीने से दे रहा था सिस्टम को चकमाशुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले छह महीने से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था। वह न केवल बसों में मुफ्त घूमता था, बल्कि कई जगहों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने का काम भी करता था। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या उसने इस फर्जी पहचान के दम पर किसी से मोटी रकम की ठगी या जबरन वसूली भी की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारी का फर्जी रूप धारण करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पंजाब की राजनीति में इन दिनों एक बहुत बड़ा वैचारिक और रणनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिसने राज्य के पारंपरिक सियासी समीकरणों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। सूबे की सियासत एक बार फिर पूरी तरह से धर्म और पंथक मुद्दों के इर्द-गिर्द सिमटने लगी है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और धार्मिक विमर्श के हावी होने के बाद, शिरोमणि अकाली दल से लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तक के नेताओं की धड़कनें बढ़ गई हैं। सभी दलों को डर सता रहा है कि पंजाब का पारंपरिक 'पंथक वोट बैंक' इस बार किसी एक पाले में जाने के बजाय बुरी तरह बिखर सकता है, जिसके चलते सभी दल अब नए सिरे से नफा-नुकसान का आकलन करने में जुट गए हैं।पारंपरिक पंथक राजनीति के गढ़ में सेंधमारी का बढ़ा खतरापंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) को हमेशा से सिखों और पंथक हितों का सबसे बड़ा पैरोकार माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ चुनावों से इस वोट बैंक में लगातार सेंधमारी हुई है। अब नए और कट्टर धार्मिक मुद्दों के दोबारा उभरने से यह पारंपरिक वोट बैंक पूरी तरह त्रिशंकु की स्थिति में नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब का ग्रामीण और सिख बहुल मतदाता अब पारंपरिक चेहरों के बजाय वैचारिक शुद्धता और धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। यही वजह है कि अकाली दल अपने बिखरे हुए कुनबे को समेटने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है, ताकि उनकी मुख्य राजनीतिक जमीन बची रहे।आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी की रणनीतियों में बड़ा बदलावइस धार्मिक ध्रुवीकरण और पंथक वोट बैंक के बिखरने की आशंका ने सिर्फ क्षेत्रीय दलों को ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पार्टियों को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार जहां विकास और कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ खुद को धार्मिक संवेदनशीलता से जोड़कर देख रही है, वहीं कांग्रेस भी पंजाब के मालवा और माझा जैसे क्षेत्रों में अपने पारंपरिक वोट आधार को बचाने के लिए फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी पंजाब के शहरी और सिख बुद्धिजीवियों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए लगातार बड़े सिख चेहरों और धार्मिक इतिहास को सम्मान देने जैसी रणनीतियों पर काम कर रही है।माझा, मालवा और दोआबा के जमीनी समीकरणों को साधने की होड़भौगोलिक और क्षेत्रीय दृष्टिकोण से देखें तो पंजाब के तीन मुख्य क्षेत्रों—माझा, मालवा और दोआबा—में धार्मिक और पंथक मुद्दों का असर अलग-अलग तरीके से देखा जाता है। माझा को जहां पंथक राजनीति का मुख्य केंद्र माना जाता है, वहीं मालवा राजनीतिक सत्ता की चाबी रखता है। इन क्षेत्रों के स्थानीय डेरों और धार्मिक संस्थाओं का झुकाव किस तरफ होगा, इसे लेकर अंदरूनी सर्वे और खुफिया आकलन किए जा रहे हैं। कोई भी दल इस समय ऐसा कोई बयान या कदम नहीं उठाना चाहता जिससे बहुसंख्यक या अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाएं आहत हों। आने वाले स्थानीय और राज्य स्तर के चुनावों में यह धार्मिक ध्रुवीकरण पंजाब के भविष्य की एक बिल्कुल नई सियासी तस्वीर पेश कर सकता है
पंजाब के जालंधर जिले में अघोषित बिजली कटौती को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। भीषण गर्मी और धान की बुआई के इस सीजन में पावर कट से परेशान किसानों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने जालंधर स्थित बिजली विभाग के मुख्य कार्यालय 'शक्ति सदन' का अनिश्चितकालीन घेराव कर दिया है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचे आक्रोशित किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम (PSPCL) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि यदि उन्हें खेती और घरेलू इस्तेमाल के लिए तुरंत निर्बाध बिजली नहीं मिली, तो यह प्रदर्शन एक बड़े सूबेव्यापी आंदोलन का रूप ले लेगा।धान की सीजन में अघोषित पावर कट से फसलें सूखने की कगार परप्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए रोजाना 8 घंटे निर्बाध बिजली देने का वादा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जालंधर के ग्रामीण इलाकों जैसे नकोदर, शाहकोट, भोगपुर और करतारपुर में मुश्किल से 3 से 4 घंटे ही बिजली मिल पा रही है, वह भी भारी उतार-चढ़ाव (लो वोल्टेज) के साथ। धान की रोपाई के लिए पानी की भारी जरूरत होती है, लेकिन बिजली न रहने से नलकूप और ट्यूबवेल ठप पड़े हैं। किसानों को डर है कि अगर यही स्थिति रही तो उनकी महंगी फसलें खेतों में ही सूख जाएंगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।शक्ति सदन के बाहर भारी पुलिस बल तैनात, अफसरों के छूटे पसीनेकिसानों के अचानक हुए इस उग्र घेराव के बाद जालंधर पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। शक्ति सदन परिसर के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शनकारी किसानों को समझाने और ग्रिड की तकनीकी कमियों को जल्द दूर करने का आश्वासन देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, किसान किसी भी खोखले वादे को मानने के लिए तैयार नहीं हैं और वे मौके पर ही लिखित गारंटी और पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग पर अड़े हुए हैं।स्थानीय व्यापार और आम जनता भी बिजली किल्लत से बेहालयह संकट सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है। जालंधर शहर और इसके आसपास के कस्बों में भी अघोषित बिजली कटौती ने आम नागरिकों और स्थानीय छोटे व्यापारियों का जीना मुहाल कर दिया है। उमस भरी गर्मी के बीच घंटों बत्ती गुल रहने से इनवर्टर भी जवाब दे गए हैं, जिससे पेयजल संकट भी गहराने लगा है। स्थानीय फैक्ट्रियों और एमएसएमई (MSME) उद्योग में काम ठप होने से कारोबारी नुकसान झेल रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो वे जालंधर-अमृतसर नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर देंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नई और बेहद दिलचस्प प्रशासनिक हलचल ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठीक बगल में अब उनके बेटे निशांत कुमार का नया ठिकाना बनने जा रहा है। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद कयासों का बाजार बेहद गर्म हो गया है। मुख्यमंत्री आवास के बिल्कुल करीब निशांत कुमार को आवास आवंटित होने से यह साफ है कि पिता-पुत्र के बीच अब मुलाकातों और मशवरों का दौर और तेज होगा। राजनीतिक पंडित इस नए ठिकाने को सिर्फ एक घर के बदलाव के तौर पर नहीं, बल्कि बिहार के आगामी सियासी समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।मुख्यमंत्री आवास के पास बंगला मिलने की क्या है असली वजहप्रशासनिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, सुरक्षा और पारिवारिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री आवास के बिल्कुल नजदीक वाले वीवीआईपी बंगले को निशांत कुमार के लिए तैयार किया गया है। चूंकि निशांत अमूमन लाइमलाइट और सक्रिय राजनीति से दूर ही रहते हैं, इसलिए अचानक मुख्यमंत्री के ठीक बगल वाले घर में उनका शिफ्ट होना हर किसी को चौंका रहा है। इस नए ठिकाने की वजह से अब दोनों के बीच रोजाना का आना-जाना बेहद आसान हो जाएगा, जिसे लेकर पटना के पोलो रोड और राजभवन के पास के सियासी हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।परदे के पीछे से नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की अटकलें हुई तेजनिशांत कुमार को नीतीश कुमार के बगल में जगह मिलने के बाद विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक के नेता इसके मायने निकालने में जुट गए हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा बेहद तेज है कि क्या नीतीश कुमार अपने बेटे को धीरे-धीरे शासन और राजनीति के तौर-तरीके सिखाने की तैयारी कर रहे हैं? हालांकि जेडीयू (JDU) के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह से एक पारिवारिक और सुरक्षा से जुड़ा मामला है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसके बावजूद, कयास लगाए जा रहे हैं कि भविष्य में निशांत कुमार परदे के पीछे से कोई बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।पटना से लेकर दिल्ली तक बिहार के नए सियासी भविष्य पर टिकीं नजरेंबिहार की इस नई 'बंगला पॉलिटिक्स' ने पटना के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भी हलचल बढ़ा दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित अन्य विपक्षी दल इस मामले पर बारीक नजर रखे हुए हैं। आम जनता और सोशल मीडिया पर भी यह सवाल तैर रहा है कि क्या बिहार में कोई नया उत्तराधिकारी तैयार हो रहा है? आने वाले दिनों में यह नया ठिकाना बिहार की जेडीयू-बीजेपी सरकार और विपक्षी दलों के बीच बयानों का नया मुद्दा बन सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ आने की पूरी उम्मीद है।
सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बेहद क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की लेटलतीफी और गायब रहने की शिकायतों पर हमेशा के लिए लगाम लगने जा रही है। नई गाइडलाइन के मुताबिक, अस्पताल में डॉक्टर किस समय ड्यूटी पर आए, उन्होंने पूरे दिन में कौन-कौन से मरीजों का इलाज किया, क्या डायग्नोसिस किया और वे किस वक्त अस्पताल से रवाना हुए, इन सब बातों का पल-पल का डेटा डिजिटल तौर पर लाइव रिकॉर्ड किया जाएगा। इस हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए स्वास्थ्य मंत्री खुद पूरी व्यवस्था पर सीधे नजर रखेंगे।हाई-टेक डिजिटल सिस्टम से ट्रैक होगी डॉक्टरों की हर एक्टिविटीअस्पतालों में अक्सर मरीजों की यह शिकायत रहती है कि डॉक्टर समय पर ओपीडी (OPD) में नहीं बैठते या ड्यूटी ऑवर्स के दौरान गायब रहते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीक और एआई-संचालित सॉफ्टवेयर का सहारा लिया जा रहा है। अस्पताल परिसरों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस के साथ-साथ एक विशेष ट्रैकिंग मैकेनिज्म लागू किया जाएगा। इसके तहत डॉक्टरों द्वारा मरीजों को देखने, उनके पर्चे बनाने और वार्ड राउंड लेने के समय को रियल-टाइम में सिस्टम पर दर्ज करना अनिवार्य होगा, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर की गुंजाइश नहीं बचेगी।स्वास्थ्य मंत्री के डैशबोर्ड से सीधे जुड़ेंगे देश और प्रदेश के मुख्य अस्पतालइस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका पूरा कंट्रोल और लाइव डेटा सीधे स्वास्थ्य मंत्री के कार्यालय में बने विशेष डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध रहेगा। स्वास्थ्य मंत्री किसी भी समय, किसी भी सरकारी अस्पताल का लाइव स्टेटस देख सकेंगे कि वहां कितने डॉक्टर मौजूद हैं और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं या नहीं। स्थानीय और जिला स्तर के अस्पतालों से लेकर बड़े मेडिकल कॉलेजों को इस केंद्रीयकृत (Centralized) सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सके।मरीजों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समय पर सटीक इलाजइस कड़े कदम का सीधा और सबसे बड़ा फायदा आम जनता और गरीब मरीजों को होगा, जो दूर-दराज के इलाकों से इलाज कराने सरकारी अस्पतालों में आते हैं। डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित होने से ओपीडी में लगने वाली लंबी कतारें छोटी होंगी और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह नियम डॉक्टरों को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने और जनता के बीच सरकारी चिकित्सा प्रणाली के प्रति खोए भरोसे को वापस जगाने के लिए लागू किया जा रहा है।
देश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। आगामी 1 जुलाई से बिजली बिल के भुगतान से जुड़े एक बेहद महत्वपूर्ण नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अक्सर देखा जाता है कि व्यस्त दिनचर्या या किसी तकनीकी खराबी के कारण उपभोक्ता तय तारीख पर अपना बिजली बिल जमा नहीं कर पाते हैं, जिसके बाद विभाग द्वारा उन पर भारी-भरकम लेट फीस या जुर्माना ठोक दिया जाता है। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को इस मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना से बड़ी मुक्ति मिलने जा रही है।एक-दो दिन की लेटलतीफी पर विभाग देगा विशेष राहतनए संशोधन के तहत यदि कोई उपभोक्ता अपने बिजली बिल की देय तिथि (Due Date) से महज एक या दो दिन की देरी से भुगतान करता है, तो उससे किसी भी प्रकार का भारी जुर्माना या सरचार्ज नहीं वसूला जाएगा। बिजली नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस 'ग्रेस पीरियड' या अतिरिक्त समय की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इस फैसले से विशेषकर मध्यमवर्गीय परिवारों और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अक्सर सैलरी आने या बैंकिंग सर्वर डाउन होने की वजह से एक-दो दिन लेट हो जाते थे।डिजिटल पेमेंट और तकनीकी समस्याओं को ध्यान में रखकर लिया फैसलाबिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, कई बार ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने, यूपीआई ऐप में तकनीकी खराबी आने या बिजली विभाग के अपने सर्वर में दिक्कत होने के कारण उपभोक्ताओं का भुगतान समय पर नहीं हो पाता था। बिना किसी गलती के भी जनता को पेनल्टी भरनी पड़ती थी, जिससे उपभोक्ताओं में काफी असंतोष था। नए नियमों को डिजिटल फ्रेंडली और एआई-संचालित आधुनिक प्रणालियों के अनुकूल बनाया गया है, ताकि तकनीकी गड़बड़ियों का खामियाजा आम जनता को न भुगतना पड़े।1 जुलाई से पूरे देश के विभिन्न राज्यों में लागू व्यवस्थायह नया नियम 1 जुलाई से लागू होने जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली और राजस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों के विद्युत वितरण निगमों (Discoms) को अपनी प्रणाली अपडेट करने के निर्देश दे दिए गए हैं। स्थानीय बिजली दफ्तरों को भी सख्त हिदायत दी गई है कि वे नए सॉफ्टवेयर के तहत ही बिलिंग प्रक्रिया संचालित करें। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल उपभोक्ताओं का पैसा बचेगा, बल्कि बिजली विभागों के प्रति जनता का भरोसा भी और ज्यादा मजबूत होगा।
दो देशों के 5 शहरों से होकर गुजरेगा खामेनेई का जनाजा, छठे दिन पैतृक शहर में होंगे सुपुर्द-ए-खाक
तेहरान। ईरान इतिहास के सबसे बड़े राजकीय जनाजे की तैयारी कर रहा है। शनिवार से शुरू होने वाले छह दिवसीय अंतिम संस्कार कार्यक्रम ईरान और इराक के पांच शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के दौरान 28 फ़रवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला […] The post दो देशों के 5 शहरों से होकर गुजरेगा खामेनेई का जनाजा, छठे दिन पैतृक शहर में होंगे सुपुर्द-ए-खाक appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला किया। पार्टी ने चंदा चोरी पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि अगर प्रधानमंत्री किसी काम का श्रेय लेते हैं तो उन्हें जिम्मेदारी भी लेनी होगी।
नोएडा की रिहायशी सोसाइटी में 18वीं मंजिल से कूदकर महिला ने दी जान
नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर 39 थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित लोटस स्पेसिया सोसाइटी में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। सोसाइटी की 18वीं मंजिल से छलांग लगाकर 46 वर्षीय महिला ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। घटना के बाद सोसाइटी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने घटना की जानकारी […] The post नोएडा की रिहायशी सोसाइटी में 18वीं मंजिल से कूदकर महिला ने दी जान appeared first on Sabguru News .
भारतीय रेलवे (Indian Railways) की सबसे प्रीमियम और हाई-स्पीड ट्रेनों में शुमार 'वंदे भारत एक्सप्रेस' (Vande Bharat Express) से सफर करने वाले करोड़ों रेल यात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की सहूलियत को बढ़ाने और ऐन वक्त पर यात्रा का प्लान बनाने वाले लोगों के लिए टिकट बुकिंग की पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया को बदल दिया है। रेलवे द्वारा लागू किए गए इस नए और क्रांतिकारी नियम के तहत अब पैसेंजर्स को चार्ट बनने के बाद भी ट्रेन छूटने से मात्र 15 मिनट पहले तक कंफर्म टिकट बुक करने का एक शानदार मौका मिलेगा। इस आधुनिक कदम से दलालों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी और आम यात्रियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा।जानिए क्या है रेलवे का नया 15 मिनट का कूटनीतिक नियम और कैसे काम करेगा यह सिस्टमरेलवे बोर्ड के आधिकारिक नोटिफिकेशन और इनसाइड सोर्सेज से मिली जानकारी के अनुसार, इस नए नियम को 'लास्ट मिनट सीट अलॉटमेंट सिस्टम' के तहत डिजाइन किया गया है। आमतौर पर किसी भी ट्रेन का पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेन खुलने के 4 घंटे पहले और दूसरा चार्ट 30 मिनट पहले तैयार हो जाता था, जिसके बाद बुकिंग बंद हो जाती थी। लेकिन अब नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए करंट टिकट काउंटर और आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या वेबसाइट पर बुकिंग विंडो को ट्रेन के प्रस्थान समय से ठीक 15 मिनट पहले तक खुला रखा जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर चार्ट बनने के बाद भी कोई सीट खाली रह जाती है, तो आप स्टेशन पहुंचकर भी बहुत आसानी से अपनी सीट पक्की कर सकते हैं।दिल्ली से लखनऊ और मुंबई तक, पैसेंजर्स को मिलेगा इस डिजिटल अपग्रेड का सीधा फायदाभौगोलिक (Geographical) और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो देश के प्रमुख रूटों जैसे दिल्ली-वाराणसी, लखनऊ-दिल्ली, मुंबई-अहमदाबाद, और पटना-रांची के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेनों में सीटों की डिमांड हमेशा चरम पर रहती है। कई बार व्यावसायिक या पारिवारिक इमरजेंसी के कारण लोगों को अचानक यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में यह 15 मिनट का करंट बुकिंग फॉर्मूला यात्रियों के लिए किसी लाइफ-लाइन से कम साबित नहीं होगा। टीटीई (TTE) के पास मौजूद हैंडहेल्ड टर्मिनल्स (HHT) को भी इस नए सेंट्रल सर्वर से कूटनीतिक रूप से जोड़ दिया गया है, जिससे चलती ट्रेन में भी खाली सीटों की रीयल-टाइम जानकारी पारदर्शी तरीके से पैसेंजर्स को मिल सकेगी।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार कैसे करें सबसे फास्ट टिकट बुकिंगआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल बैंकिंग ट्रेंड्स के अनुसार, साल 2026 में रेल यात्रियों का सर्च पैटर्न पूरी तरह बदल चुका है। लोग अब तुरंत और पेपरलेस बुकिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। टेक एक्सपर्ट्स की कूटनीतिक सलाह के अनुसार, इस 15 मिनट के नियम का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को अपने आईआरसीटीसी (IRCTC) वॉलेट या यूपीआई (UPI) को पहले से रीचार्ज रखना चाहिए ताकि पेमेंट फेल होने की गुंजाइश न रहे। रेलवे का यह डिजिटल और आधुनिक कदम न केवल रिफंड और कैंसिलेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा, बल्कि भारतीय रेलवे के राजस्व को बढ़ाने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
यदि आप भी उत्तर-पूर्व भारत के बेहद खूबसूरत राज्य मेघालय में स्थित और 'एशिया के सबसे स्वच्छ गांव' के रूप में विश्व प्रसिद्ध 'मावलिननांग' (Mawlynnong) की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह बड़ी खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बेमिसाल कूटनीतिक स्वच्छता और अद्भुत 'लिविंग रूट ब्रिज' के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले इस गांव ने एक बेहद चौंकाने वाला और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब से रविवार यानी संडे को इस गांव में किसी भी बाहरी पर्यटक या सैलानी को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। गांव की स्थानीय परिषद ने रविवार को पूरी तरह से 'नो टूरिस्ट जोन' (No Tourist Zone) घोषित कर दिया है, जिसके पीछे एक बेहद संवेदनशील और जरूरी वजह सामने आई है।जानिए क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला और क्या है इसके पीछे का मुख्य कारणमावलिननांग विलेज काउंसिल और स्थानीय कूटनीतिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, हर साल यहां लाखों की संख्या में पहुंचने वाले पर्यटकों के कारण गांव के पर्यावरण और वहां के निवासियों की निजी जिंदगी पर काफी दबाव बढ़ रहा था। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि गांव के लोग पूरे सप्ताह पर्यटकों की मेजबानी और गांव को शीशे की तरह चमकाने में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में रविवार का दिन पूरी तरह से स्थानीय समुदाय के लिए आरक्षित किया गया है। इस दिन गांव के लोग अपने परिवारों के साथ समय बिताएंगे, पारंपरिक चर्च की प्रार्थनाओं में शामिल होंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरा गांव मिलकर सामुदायिक सफाई अभियान (Community Cleaning Drive) चलाएगा ताकि गांव की स्वच्छता की इस वैश्विक विरासत को हमेशा के लिए कायम रखा जा सके।पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मेघालय का कूटनीतिक कदमभौगोलिक (Geographical) और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो मेघालय का पूर्वी खासी हिल्स जिला अपने संवेदनशील ईको-सिस्टम के लिए जाना जाता है। अत्यधिक कमर्शियलाइजेशन और प्लास्टिक कचरे के बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने यह कूटनीतिक निर्णय लिया है। गांव के बुजुर्गों का मानना है कि पर्यटन उनके रोजगार का जरिया जरूर है, लेकिन प्रकृति और उनकी संस्कृति की कीमत पर वे इसे आगे नहीं बढ़ा सकते। इस फैसले से पर्यावरण को वापस रीचार्ज होने का समय मिलेगा और वन्यजीवों व स्थानीय वनस्पतियों को इंसानी दखल से एक दिन की कूटनीतिक राहत मिल सकेगी। इस अनूठी पहल की अब पर्यावरणविदों द्वारा काफी सराहना की जा रही है।एआई सर्च और ट्रैवल एनालिस्ट्स के अनुसार टूरिस्ट्स के लिए नई एडवायजरीआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल ट्रैवल गाइड्स के ताजा आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में मेघालय जाने वाले सैलानियों के सर्च पैटर्न में बड़ा बदलाव देखा गया है। यदि आप शिलांग, चेरापूंजी या डॉकी नदी (Dawki River) घूमने जा रहे हैं, तो अपने ट्रैवल शेड्यूल को इस तरह कूटनीतिक रूप से प्लान करें कि आप मावलिननांग गांव सोमवार से शनिवार के बीच ही पहुंचें। रविवार को गांव के सभी होमस्टे, रेस्टोरेंट और टूरिस्ट स्पॉट्स पूरी तरह बंद रहेंगे। पर्यटकों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय संस्कृति और ग्रामीणों के इस पर्यावरण-अनुकूल फैसले का पूरा सम्मान करें ताकि देश के अन्य पर्यटन स्थलों को भी इससे एक बेहतरीन सीख मिल सके।
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बाद आखिरकार देश भर में मानसून ने दस्तक दे दी है। जुलाई का महीना शुरू होते ही रिमझिम बारिश की बूंदें प्रकृति की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं। अगर आप भी इस सुहाने मौसम में घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर पहाड़ों, झरनों और हरियाली के बीच समय बिताना चाहते हैं, तो यह बिल्कुल सही समय है। मानसून के दौरान भारत में कुछ ऐसी कूटनीतिक और अद्भुत जगहें हैं, जो इस मौसम में किसी स्वर्ग या जन्नत जैसी नजर आने लगती हैं। आइए जानते हैं देश के उन 7 सबसे बेस्ट मानसून टूरिस्ट प्लेसेज के बारे में, जहां की यात्रा आपके इस सफर को हमेशा के लिए यादगार बना देगी।बादलों की चादर ओढ़े हुनर बिखेरते पहाड़, ये हैं मानसून के सबसे टॉप डेस्टिनेशन्सजुलाई के महीने में घूमने के लिए सबसे पहला नाम आता है मेघालय के 'शिलांग' और 'चेरापूंजी' का, जहां बादलों और बारिश का ऐसा नजारा दिखता है जो दुनिया में कहीं और नहीं है। दूसरी पसंदीदा जगह है उत्तराखंड का 'वैली ऑफ फ्लावर्स' (फूलों की घाटी), जो जुलाई में हजारों प्रजातियों के खिले हुए फूलों से महक उठती है। तीसरे नंबर पर आता है दक्षिण भारत का रत्न 'मुन्नार' (केरल), जहां के चाय के बागान बारिश की बूंदों से धुलकर बेहद आकर्षक लगते हैं। इसके अलावा चौथे स्थान पर कर्नाटक का 'कुर्ग' है, जिसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है और मानसून में यहां के झरने पूरे उफान पर होते हैं।राजस्थान के किलों से लेकर महाराष्ट्र के घाटों तक, हर तरफ दिखेगा प्राकृतिक सौंदर्यइस लिस्ट में पांचवीं सबसे खूबसूरत जगह है राजस्थान का 'उदयपुर'। झीलों की इस नगरी में मानसून के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरी-भरी हो जाती हैं और झीलों का जलस्तर बढ़ने से महलों की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। छठे नंबर पर महाराष्ट्र का 'लोनावला और खंडाला' आता है, जो मुंबई और पुणे के लोगों के लिए वीकेंड का सबसे कूटनीतिक और पसंदीदा हॉटस्पॉट है। सातवीं और सबसे अनोखी जगह है मध्य प्रदेश का 'मांडू', जो मानसून के इतिहास और हरियाली का एक बेजोड़ मेल प्रस्तुत करता है। इन सभी जगहों पर इस मौसम में घूमना एक अलग ही रूहानी सुकून देता है।लोकल ट्रैवल गाइडलाइंस और एआई सर्च के अनुसार यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यानभौगोलिक (Geographical) और लोकल ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो मानसून में पहाड़ी इलाकों जैसे हिमाचल, उत्तराखंड या पश्चिमी घाटों की यात्रा करते समय स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों पर पैनी नजर रखनी चाहिए। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और ट्रैवल विश्लेषकों के ताजा इनपुट के अनुसार, जुलाई में इन खूबसूरत जगहों पर भारी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, इसलिए होटल और गाड़ियों की बुकिंग एडवांस में कूटनीतिक रूप से कर लेना ही समझदारी है। यात्रा के दौरान अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट और जरूरी दवाएं ले जाना बिल्कुल न भूलें, ताकि आप बिना किसी बाधा के प्रकृति के इस असीम सौंदर्य का पूरा आनंद उठा सकें।
केवल 2 महीने जमकर खा लें प्रकृति का यह वरदान! लिवर रहेगा एकदम फिट, तेजी से कंट्रोल होगी शुगर
खराब खानपान, शारीरिक सक्रियता की कमी और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड के सेवन के कारण आज के समय में फैटी लिवर, मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियां घर-घर की कहानी बन चुकी हैं। इन गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए लोग अक्सर महंगी दवाओं और सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, जिनके कई साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रकृति ने हमें एक ऐसा मौसमी फल दिया है, जिसे अगर आप साल में सिर्फ 2 महीने भी नियम से खा लें, तो यह आपके पूरे शरीर को अंदर से डिटॉक्स (Detox) कर सकता है? यह जादुई फल न केवल आपके लिवर को फौलाद जैसा मजबूत बनाएगा, बल्कि आपकी इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारकर शुगर को भी कंट्रोल में रखेगा।फैटी लिवर की होगी छुट्टी और नेचुरल तरीके से काम करेगा बॉडी का फिल्टरलिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण पावरहाउस और नेचुरल फिल्टर है, जो खून की अशुद्धियों को साफ करने का काम करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और न्यूट्रिशनिस्ट्स के मुताबिक, इस विशिष्ट मौसमी फल में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन-सी और खास तरह के प्लांट कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो लिवर की कोशिकाओं की सूजन को तेजी से कम करते हैं। अगर कोई व्यक्ति फैटी लिवर (Fatty Liver) की शुरुआती स्टेज से जूझ रहा है, तो 2 महीने तक इस फल का नियमित सेवन लिवर में जमा अतिरिक्त जिद्दी फैट को पिघलाकर बाहर निकाल देता है, जिससे डाइजेशन सिस्टम भी कूटनीतिक रूप से मजबूत हो जाता है।डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण, ब्लड शुगर स्पाइक को तुरंत रोकेगा यह फलबढ़ती हुई शुगर को कंट्रोल करने के मामले में यह फल किसी वरदान से कम नहीं है। इस फल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) बेहद कम होता है, जिसके कारण इसे खाने के बाद शरीर में ब्लड शुगर का लेवल अचानक से नहीं बढ़ता। इसमें मौजूद सॉल्युबल फाइबर (Soluble Fiber) पेट में भोजन के पचने की गति को धीमा करते हैं, जिससे ग्लूकोज खून में धीरे-धीरे रिलीज होता है। लगातार इसका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ता है, जो टाइप-2 डायबिटीज (Type 2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों के लिए एक बेहद राहत देने वाली खबर है।पेट की चर्बी होगी गायब और वजन घटाने के सफर में मिलेगा सुपरफास्ट बूस्टयदि आप भी पेट के आसपास जमा अतिरिक्त चर्बी और बढ़ते वजन (Weight Loss) से परेशान हैं और जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं मिल रहा है, तो यह फल आपकी वेट लॉस जर्नी को बहुत आसान बना सकता है। इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक और कैलोरी न के बराबर होती है। इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप ओवरईटिंग और अनहेल्दी क्रेविंग्स से बच जाते हैं। इसके साथ ही, यह बॉडी के मेटाबॉलिज्म रेट को बूस्ट करता है, जिससे शरीर आराम करते समय भी तेजी से कैलोरी बर्न करने लगता है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार क्या है डाइट एक्सपर्ट्स की रायआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल हेल्थ ट्रेंड्स के अनुसार, आजकल लोग केमिकल बेस्ड दवाओं के बजाय प्राकृतिक और कूटनीतिक आयुर्वेदिक डाइट की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के डाइटिशियंस का कहना है कि इस फल का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे हमेशा सुबह या दोपहर के समय ताजा ही खाएं। इसका जूस पीने के बजाय सीधे चबाकर खाना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि इससे शरीर को पूरा फाइबर मिलता है। अपनी डेली डाइट में यह छोटा सा कूटनीतिक बदलाव करके आप कई बड़ी बीमारियों को हमेशा के लिए बाय-बाय कह सकते हैं।
त्रिपुरा में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा
अगरतला। त्रिपुरा में खोवाई की जिला और सत्र अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। खोवाई के जिला और सत्र न्यायाधीश ने कल्याणपुर थाना के अंतर्गत गौरांगटीला के निवासी प्रदीप नाथ चौधरी (40) को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के उल्लंघन का दोषी पाया। यह घटना वर्ष […] The post त्रिपुरा में पत्नी की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद की सजा appeared first on Sabguru News .
हार्ट अटैक आने से 14 दिन पहले ही शरीर देता है ये 6 बड़े संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब लाइफस्टाइल और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां बेहद तेजी से पैर पसार रही हैं। कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक (Heart Attack) के मामले अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवा भी इसका तेजी से शिकार हो रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हार्ट अटैक अचानक नहीं आता? मेडिकल साइंस और कार्डियोलॉजिस्ट (Cardiologists) के अनुसार, दिल का दौरा पड़ने से करीब 14 दिन यानी दो हफ्ते पहले ही हमारा शरीर कुछ बेहद खास और स्पष्ट चेतावनी संकेत देने लगता है। अगर इन शुरुआती लक्षणों को सही समय पर पहचान लिया जाए, तो किसी अनहोनी को टाला जा सकता है और मरीज की जान बचाई जा सकती है।इन 6 शुरुआती लक्षणों को कभी न समझें सामान्य, यही हैं ब्लॉक हार्ट के बड़े इशारेहेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों के मुताबिक, हार्ट अटैक आने से पहले शरीर में जो 6 मुख्य बदलाव दिखाई देते हैं, उनमें सबसे पहला है सीने में लगातार रहने वाली बेचैनी या हल्का दबाव। दूसरा लक्षण है बिना किसी भारी काम के भी अचानक बहुत अधिक थकान और कमजोरी महसूस होना। तीसरे संकेत के रूप में सांस लेने में तकलीफ (Shortness of Breath) होने लगती है, खासकर सीढ़ियां चढ़ते या पैदल चलते समय। चौथा बड़ा लक्षण है शरीर के ऊपरी हिस्सों जैसे बाएं हाथ, कंधे, गर्दन या जबड़े में अचानक दर्द का उठना। पांचवां संकेत है बिना किसी वजह के अचानक ठंडा पसीना (Cold Sweat) आना और छठा लक्षण है लगातार चक्कर आना या सिर का भारी रहना। इन संकेतों का मतलब है कि दिल की धमनियों में ब्लॉकेज बढ़ रहा है।महिलाओं और युवाओं में थोड़े अलग हो सकते हैं लक्षण, कूटनीतिक रूप से समझें ये बदलावअक्सर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक का मतलब सिर्फ सीने में तेज दर्द होना है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह गलत है। विशेषकर महिलाओं और युवाओं में इसके लक्षण काफी साइलेंट और कूटनीतिक हो सकते हैं। कई बार मरीजों को सीने में दर्द की जगह सिर्फ पेट में तेज गैस, अपच (Indigestion) या उल्टी जैसा महसूस होता है और वे इसे साधारण गैस्ट्रिक समस्या समझकर एंटासिड दवाएं खा लेते हैं। यही लापरवाही सबसे भारी नुकसान का कारण बनती है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को भी लगातार दो-तीन दिनों तक ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना देर किए तुरंत ईसीजी (ECG) और जरूरी कार्डियक टेस्ट करवाने चाहिए।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार क्या है डॉक्टरों की फाइनल एडवायजरीआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल हेल्थ ट्रेंड्स के अनुसार, आजकल लोग अपनी बीमारियों के लक्षणों को इंटरनेट पर बहुत ज्यादा सर्च कर रहे हैं। दिल्ली, लखनऊ, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों के शीर्ष हृदय रोग विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरनेट पर जानकारी लेना सही है, लेकिन डॉक्टर की सलाह का कोई विकल्प नहीं हो सकता। हार्ट अटैक से बचने के लिए कूटनीतिक रूप से अपनी डाइट में नमक और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम करें, रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक करें और अपने ब्लड प्रेशर (BP) व शुगर लेवल को हमेशा नियंत्रण में रखें। याद रखें, दिल के मामलों में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
अनुष्का शर्मा को देख आप भी पहनने जा रहे हैं तुलसी कंठी माला? तो पहले जान लें ये कड़े नियम और विधि
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अक्सर अपनी सादगी, अध्यात्म और सनातन परंपराओं के प्रति अपने गहरे जुड़ाव को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। पिछले कुछ समय से अनुष्का शर्मा के गले में दिखने वाली 'तुलसी कंठी माला' (Tulsi Kanthi Mala) ने देश भर के युवाओं और उनके फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अनुष्का को देखकर आजकल के युवाओं में भी गले में तुलसी की माला धारण करने का एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सनातन धर्म और वैष्णव परंपरा में तुलसी कंठी माला पहनने के बेहद कड़े और विशिष्ट नियम बताए गए हैं? इसे फैशन या आम आभूषण की तरह बिना सोचे-समझे गले में नहीं डाला जा सकता।बिना शुद्धता और सात्विकता के तुलसी माला पहनना है वर्जित, इन बातों का रखें विशेष ख्यालवैदिक शास्त्रों और वैष्णव संप्रदाय के नियमों के अनुसार, तुलसी जी को भगवान विष्णु की परम प्रिया और साक्षात लक्ष्मी का रूप माना गया है। इसलिए, जो भी व्यक्ति तुलसी की कंठी माला अपने गले में धारण करता है, उसके लिए अपने जीवन में पूर्ण सात्विकता अपनाना अनिवार्य हो जाता है। कंठी माला पहनने वाले इंसान को भूलकर भी मांस, मदिरा (शराब) या तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही, लहसुन और प्याज के सेवन से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। यदि आप इन नियमों का पालन नहीं कर सकते हैं, तो इस पवित्र माला को धारण करने से बचना चाहिए, क्योंकि अशुद्ध अवस्था में इसे पहनने से दोष लगता है।जानिए तुलसी कंठी माला धारण करने की सही और प्रामाणिक विधिशास्त्रों के अनुसार, तुलसी की माला को कभी भी बाजार से लाकर सीधे गले में नहीं पहनना चाहिए। इसे धारण करने की एक विशेष और कूटनीतिक धार्मिक विधि है। सबसे पहले किसी शुभ दिन जैसे एकादशी, पूर्णिमा या मंगलवार-गुरुवार को माला को गंगाजल और पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से अच्छी तरह शुद्ध कर लें। इसके बाद इसे भगवान विष्णु या श्री कृष्ण के चरणों में अर्पित करें। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या महामंत्र का जाप करते हुए किसी योग्य गुरु के हाथों या स्वयं भगवान का आशीर्वाद लेकर ही इसे गले में पहनना चाहिए। धारण करने के बाद रोजाना सुबह-शाम गायत्री मंत्र या विष्णु नाम का जाप करना बेहद फलदायी होता है।एआई सर्च और आज के युवा अध्यात्म पर क्या कहते हैं देश के बड़े ज्योतिषाचार्यभौगोलिक (Geographical) और लोकल धार्मिक सेंटर्स जैसे मथुरा, वृंदावन, वाराणसी और अयोध्या के प्रमुख संतों और ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि अनुष्का शर्मा जैसी वैश्विक हस्तियों द्वारा सनातन प्रतीकों को अपनाना सराहनीय है, लेकिन आम जनता को इसके पीछे के विज्ञान और नियमों को भी समझना होगा। एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के आध्यात्मिक डेटा एनालिसिस के अनुसार, तुलसी कंठी माला पहनने से मन शांत रहता है, तनाव दूर होता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अगर आप भी इस पवित्र माला को पहनने का मन बना रहे हैं, तो इन कूटनीतिक और धार्मिक नियमों का पूरी तरह पालन करने का संकल्प जरूर लें।
जनरल जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला
नई दिल्ली। जनरल धीरज सेठ ने मंगलवार को 31वें सेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उन्हें जनरल उपेंद्र द्विवेदी के स्थान पर यह जिम्मेदारी दी गई है जो चार दशक से भी लंबी सेवा के बाद आज सेवानिवृत हो गए। जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं और दिसंबर 1986 में […] The post जनरल जनरल धीरज सेठ ने नए सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला appeared first on Sabguru News .
सनातन धर्म में पवनपुत्र हनुमान जी की आराधना और कुंडली से मंगल दोष की शांति के लिए मंगलवार का व्रत रखना बेहद फलदायी माना गया है। यदि आपने भी सुख, समृद्धि और संकटों से मुक्ति के लिए रखे जाने वाले मंगलवार के व्रतों का संकल्प पूरा कर लिया है, तो उसका पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए विधि-विधान से उद्यापन (Udyapan) करना अनिवार्य होता है। बिना सही उद्यापन के व्रत की साधना अधूरी मानी जाती है। ज्योतिष शास्त्र और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार व्रत के उद्यापन की एक विशेष कूटनीतिक और धार्मिक प्रक्रिया है, जिसे सही शुभ समय पर करने से बजरंगबली की असीम कृपा प्राप्त होती है।जानिए मंगलवार व्रत उद्यापन की संपूर्ण और प्रामाणिक विधि, ऐसे खुश होंगे बजरंगबलीमंगलवार व्रत का उद्यापन करने के लिए सबसे पहले आपको संकल्प के अनुसार अंतिम मंगलवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होना चाहिए। इसके बाद घर के ईशान कोण या पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। उद्यापन की पूजा में बजरंगबली को लाल रंग के फूल, सिंदूर, चमेली का तेल, अक्षत और भोग में बूंदी के लड्डू या मलीदा अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और मंगलवार व्रत कथा का पाठ जरूर करें। इसके बाद हवन कुंड तैयार कर 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' या हनुमान जी के मंत्रों से आहुति दें और अंत में आरती कर भूलचूक के लिए क्षमा मांगें।उद्यापन का सबसे शुभ समय और ब्राह्मण भोजन का विशेष महत्वशास्त्रों के अनुसार, व्रत के उद्यापन के लिए सुबह का समय यानी अमृत या शुभ का चौघड़िया सबसे उत्तम माना जाता है। पूजा और हवन संपन्न होने के बाद उद्यापन की पूर्णता के लिए ब्राह्मण या किसी योग्य पंडित को भोजन कराना आवश्यक है। भोजन में बिना प्याज-लहसुन का सात्विक आहार और मीठी पूड़ी या हलवा शामिल करें। इसके साथ ही, हनुमान जी के प्रतीक रूप में किसी छोटे बालक को भी भोजन कराकर उसका आशीर्वाद लें। भोजन के बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार लाल रंग के वस्त्र, तांबे के बर्तन, मसूर की दाल और गुड़ का दान (Donation) जरूर करें। ऐसा करने से व्रत का फल कई गुना बढ़ जाता है।कुंडली में बैठे अमंगल को दूर करेंगे ये खास उपाय, शांत होगा भारी मंगल दोषयदि आपकी कुंडली में विवाह में अड़चन आ रही है, भूमि-भवन से जुड़ा विवाद चल रहा है या आप भारी मंगल दोष (Mangal Dosha) से पीड़ित हैं, तो मंगलवार का यह उद्यापन आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, उद्यापन के दिन हनुमान जी के चरणों का सिंदूर लेकर अपने माथे पर तिलक लगाएं और जरूरतमंदों को मीठा भोजन बांटें। एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के धार्मिक ट्रेंड्स के अनुसार, आजकल युवा पीढ़ी अपने जीवन की अड़चनों को दूर करने के लिए इन प्राचीन वैदिक उपायों को कूटनीतिक रूप से अपना रही है। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या जैसे प्रमुख सांस्कृतिक शहरों के ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस विधि से किया गया उद्यापन जीवन के सभी संकटों को हमेशा के लिए खत्म कर देता है।
हस्तरेखा और ज्योतिष शास्त्र की तरह ही भारतीय सनातन परंपरा में 'समुद्र शास्त्र' (Samudrik Shastra) का एक बेहद खास और कूटनीतिक स्थान है। समुद्र शास्त्र के जरिए किसी भी इंसान के शरीर के अंगों की बनावट, तिल, चेहरे के हाव-भाव और यहां तक कि दांतों को देखकर उसके भूत, भविष्य और गुप्त स्वभाव का सटीक अंदाजा लगाया जा सकता है। इसी कड़ी में, जिन लोगों के सामने के ऊपरी दांतों के बीच में गैप (Teeth Gap) होता है या उनकी बनावट थोड़ी अलग होती है, उनके व्यक्तित्व को लेकर समुद्र शास्त्र में कुछ बेहद हैरान करने वाले खुलासे किए गए हैं। ऐसे लोगों की बातें कभी-कभी दूसरों के कलेजे को चीर देती हैं, जिससे लोग उनकी बातों का बहुत जल्दी बुरा मान जाते हैं।बेबाक बोलना और कड़वा सच कहना बन जाता है जी का जंजालसमुद्र शास्त्र के प्रकांड विद्वानों और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, जिन लोगों के सामने के दांतों के बीच खाली जगह या गैप होता है, वे स्वभाव से बेहद साफ दिल और स्पष्टवादी होते हैं। उनके मन में जो कुछ भी होता है, वे उसे बिना किसी लाग-लपेट या कूटनीति के सीधे सामने वाले के मुंह पर बोल देते हैं। हालांकि वे ऐसा किसी दुर्भावना से नहीं करते, लेकिन आज के समाज में हर किसी को मीठा झूठ सुनने की आदत हो चुकी है। यही वजह है कि जब ये लोग अपनी आदत के मुताबिक बिल्कुल सीधा और कड़वा सच बोलते हैं, तो सामने वाले व्यक्ति को उनकी बातें तीर की तरह चुभती हैं और लोग बहुत जल्दी बुरा मानकर उनसे दूरी बना लेते हैं।बेहद ऊर्जावान और करियर के मामले में कूटनीतिक रूप से होते हैं भाग्यशालीहालांकि, समाज में भले ही इनकी बातों का लोग बुरा मान जाते हों, लेकिन समुद्र शास्त्र में ऐसे दांतों वाले लोगों को बेहद भाग्यशाली और ऊर्जावान (Energetic) भी माना गया है। ऐसे लोग कभी भी हार न मानने वाले जज्बे से भरे होते हैं। पैसे के प्रबंधन और करियर के मामले में इनका दिमाग बेहद तेज चलता है। ये अपनी कूटनीतिक सोच और कड़ी मेहनत के बल पर जीवन में एक ऊंचा मुकाम हासिल करते हैं। ये लोग स्वभाव से थोड़े खर्चीले जरूर हो सकते हैं, लेकिन इनके पास धन के आगमन के नए-नए रास्ते हमेशा खुलते रहते हैं। इन्हें अपनी बुद्धिमानी के कारण समाज में देर-सवेर एक बड़ा सम्मान भी मिलता है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO) के अनुसार क्या कहते हैं लोगआधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO), एआई सर्च और डिजिटल ट्रेंड्स के मुताबिक, आजकल युवा पीढ़ी अपने व्यक्तित्व को समझने के लिए फेस रीडिंग और समुद्र शास्त्र की प्राचीन विधाओं पर बहुत ज्यादा भरोसा कर रही है। दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना जैसे सांस्कृतिक केंद्रों से मिल रहे कूटनीतिक फीडबैक के अनुसार, लोग अपनी शारीरिक बनावट के इन संकेतों को जानकर अपने व्यवहार में जरूरी बदलाव कर रहे हैं। अगर आपके या आपके किसी जानने वाले के दांतों में भी ऐसा गैप है, तो आपको अपनी बेबाक जुबान पर थोड़ा नियंत्रण रखने की जरूरत है ताकि लोग आपकी बातों का गलत मतलब न निकालें।
अब कैसी है जैस्मिन भसीन की आंखों की हालत? एक्ट्रेस ने खुद दिया अपना लेटेस्ट हेल्थ अपडेट
टेलीविजन और ओटीटी (OTT) की दुनिया की बेहद लोकप्रिय और खूबसूरत अभिनेत्री जैस्मिन भसीन पिछले कुछ दिनों से एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी का सामना कर रही हैं। एक इवेंट के दौरान आंखों में लेंस लगाने की वजह से उनके कॉर्निया को पहुंचे गंभीर नुकसान (Corneal Damage) की खबर ने उनके करोड़ों फैंस और टीवी इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया था। हर कोई लगातार उनकी सलामती और आंखों की रोशनी के लिए दुआएं मांग रहा था। इस बीच जैस्मिन भसीन ने सोशल मीडिया पर आकर अपनी सेहत को लेकर एक ताजा और बेहद भावुक करने वाला हेल्थ अपडेट साझा किया है, जिसने उनके चाहने वालों को थोड़ी राहत दी है।जैस्मिन भसीन ने बयां किया आंखों का हाल, धीरे-धीरे रिकवर हो रही है रोशनीअपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए जैस्मिन भसीन ने बताया कि उनकी आंखों की हालत में अब पहले से काफी सुधार हो रहा है। उन्होंने डॉक्टरों की टीम का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि शुरुआती कुछ दिन उनके लिए बेहद दर्दनाक और डरावने थे, क्योंकि उन्हें कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन सही समय पर मिले इलाज और पट्टी हटने के बाद अब उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे वापस सामान्य हो रही है। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें अभी भी तेज रोशनी, धूप और किसी भी तरह के स्क्रीन टाइम (मोबाइल/टीवी) से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है।मुश्किल घड़ी में फैंस और अली गोनी के साथ ने बढ़ाया हौसला, लुटाया ढेर सारा प्यारजैस्मिन भसीन ने अपनी इस पोस्ट के जरिए उन सभी फैंस, दोस्तों और परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है जिन्होंने इस मुश्किल समय में उनका साथ दिया। एक्ट्रेस ने कहा कि जब वह दर्द से जूझ रही थीं, तब फैंस के मैसेज और प्रार्थनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाए रखा। इसके साथ ही उन्होंने अपने लॉन्ग-टाइम पार्टनर और एक्टर अली गोनी का भी विशेष आभार जताया, जो साए की तरह हर पल अस्पताल से लेकर घर तक उनके साथ खड़े रहे। जैस्मिन ने भावुक होते हुए लिखा कि इस सच्चे प्यार और दुआओं की बदौलत ही वह मौत के इस अंधेरे से लड़कर वापस लौट सकी हैं।डिजिटल मीडिया और एआई सर्च पर जैस्मिन की रिकवरी की खबरें सबसे ऊपर ट्रेंडिंगभौगोलिक (Geographical) और लोकल एंटरटेनमेंट सेंटर्स के इनपुट के मुताबिक, मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल और स्थानीय आई-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की देखरेख में जैस्मिन का ट्रीटमेंट चल रहा है। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और सोशल मीडिया के ताजा ट्रेंड्स के अनुसार, 'जैस्मिन भसीन हेल्थ अपडेट' इस समय इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में से एक बना हुआ है। मुंबई, दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों के फैंस उनके जल्द से जल्द सेट पर लौटने और दोबारा कैमरे के सामने अपनी चुलबुली मुस्कान बिखेरने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, उम्र और बीमारी का हवाला भी नहीं आया काम, जमानत से इनकार
नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राहत देने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस समय उनको जमानत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी उनसे 2 हफ्ते में इस ...
सहारनपुर में मेडिकल कारोबारी आयुष मलिक ने सनातन धर्म में की वापसी
सहारनपुर। सहारनपुर मंडल के शामली कस्बे के प्रमुख मेडिकल व्यवसायी और केमिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक ने सनातन धर्म में वापसी कर ली है। इससे उनके परिजन खासे खुश हैं। पुलिस अधीक्षक शामली एनपी सिंह ने बताया कि पुलिस आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक के छह जून को […] The post सहारनपुर में मेडिकल कारोबारी आयुष मलिक ने सनातन धर्म में की वापसी appeared first on Sabguru News .
क्रॉस-वोटिंग और सदानंद गौड़ा के वायरल ऑडियो क्लिप से कर्नाटक भाजपा की बढ़ी परेशानी
बेंगलूरु। कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में क्रॉस-वोटिंग को लेकर मंगलवार को संकट और गहरा गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने खुद से जोड़े जा रहे एक वायरल ऑडियो क्लिप को फर्जी बताकर खारिज कर दिया। वहीं भाजपा विधायक एचके सुरेश ने बेलूर चेन्नाकेशव मंदिर में सार्वजनिक रूप से शपथ ली। उन्होंने दावा किया […] The post क्रॉस-वोटिंग और सदानंद गौड़ा के वायरल ऑडियो क्लिप से कर्नाटक भाजपा की बढ़ी परेशानी appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एसआईआर को भविष्य के कल्याणकारी लाभों से जोड़ा
बेंगलूरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों को हासिल होगा जिनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में दर्ज होगा। उन्होंने नागरिकों से एक महीने तक चलने वाले मतदाता सत्यापन अभियान को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा […] The post कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार ने एसआईआर को भविष्य के कल्याणकारी लाभों से जोड़ा appeared first on Sabguru News .
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दोस्ती से पूरी दुनिया अच्छी तरह वाकिफ है, लेकिन अब इस गहरी केमिस्ट्री से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा सामने आया है। ट्रंप के बेहद करीबी और उनके प्रशासन में अहम जिम्मेदारी संभालने वाले सर्जियो गोर ने एक हालिया इंटरव्यू में खुलासा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप भारत और पीएम मोदी को लेकर कितने गंभीर रहते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिकी समयानुसार सुबह-सुबह ही ट्रंप अपने सबसे भरोसेमंद 'दोस्त' पीएम मोदी से बात करने के लिए बेताब हो गए थे।सुबह के 6 बजे और ट्रंप का पीएम मोदी को फोन मिलाने का फैसलासर्जियो गोर ने उस वाकये को याद करते हुए बताया कि एक दिन सुबह करीब 6 बजे डोनाल्ड ट्रंप अचानक पीएम मोदी से किसी महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हो गए। जब उनके स्टाफ ने समय की तरफ ध्यान दिलाया कि अभी अमेरिका में सुबह के 6 ही बजे हैं, तो ट्रंप ने बेहद गर्मजोशी और विश्वास के साथ जवाब दिया कि कोई बात नहीं, भारत में इस समय शाम या रात का वक्त होगा और मेरे मित्र पीएम मोदी इस समय जाग रहे होंगे। यह किस्सा दिखाता है कि दोनों नेताओं के बीच केवल कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, बल्कि वे एक-दूसरे की दिनचर्या और काम करने के अंदाज से भी बखूबी वाकिफ हैं।वाशिंगटन से नई दिल्ली तक दोनों नेताओं की बेमिसाल केमिस्ट्रीयह पहला मौका नहीं है जब दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच की ऐसी बॉन्डिंग दुनिया के सामने आई है। 'हाउडी मोदी' से लेकर 'नमस्ते ट्रंप' जैसे ऐतिहासिक आयोजनों के बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में एक नया मोड़ आया था। सर्जियो गोर के इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और वैश्विक राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि ट्रंप अपने हर बड़े फैसले या रणनीतिक विचार-विमर्श में भारत और विशेष रूप से पीएम मोदी की राय को कितनी अहमियत देते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यह आपसी विश्वास भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाता है।वैश्विक मंचों पर भारत के बढ़ते दबदबे का बड़ा संकेतइस दिलचस्प वाकये को केवल दो नेताओं की बातचीत के रूप में नहीं बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत होती स्थिति के रूप में भी देखा जा रहा है। एआई सर्च और आधुनिक जियोपॉलिटिकल विश्लेषकों का मानना है कि नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच का यह सीधा संवाद एशिया-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific Region) में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का सुबह-सुबह भारत के प्रधानमंत्री को याद करना यह साफ संकेत देता है कि वैश्विक राजनीति का केंद्र अब काफी हद तक भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
जीनस पावर के निवेशकों को झटका: ₹267 करोड़ की ब्लॉक डील के बाद 10% टूटा शेयर, जानें क्या करें अब
शेयर बाजार में मंगलवार का दिन जीनस पावर (Genus Power) के निवेशकों के लिए चिंता लेकर आया। कंपनी के शेयरों में अचानक करीब 10% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजह [₹267-268 करोड़] की एक बड़ी ब्लॉक डील है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, इस डील के तहत लगभग 88 लाख शेयरों का सौदा हुआ, जो कंपनी की कुल इक्विटी का करीब 2.9% हिस्सा है। हालांकि कंपनी ने खरीदार-विक्रेता की पहचान साझा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि सिंगापुर का सॉवरेन वेल्थ फंड GIC इस बिकवाली के पीछे हो सकता है।निवेशकों में क्यों मची घबराहट?जीनस पावर के मार्च 2026 तक के शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर नजर डालें, तो कंपनी में करीब 1.6 लाख छोटे रिटेल निवेशकों का पैसा लगा है। इतनी बड़ी संख्या में रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी होने के कारण, किसी भी बड़े संस्थागत निवेशक द्वारा बिकवाली करने पर शेयर की कीमतों में तेज हलचल होना स्वाभाविक है। ब्लॉक डील की खबर आते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे शेयर दबाव में आ गया और देखते ही देखते 10% तक नीचे फिसल गया।क्या घबराने की जरूरत है? एक्सपर्ट्स की रायबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लॉक डील का अर्थ हमेशा कंपनी के फंडामेंटल में कमजोरी नहीं होता। बड़े निवेशक अक्सर अपना पोर्टफोलियो रीबैलेंस करने या निवेश की अवधि पूरी होने पर मुनाफा बुक करते हैं। जीनस पावर स्मार्ट मीटरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी है और सरकार की बिजली वितरण सुधार योजनाओं का इसे सीधा फायदा मिल रहा है। नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) को मिले नए बजट आवंटन से भी कंपनी को स्मार्ट मीटर के नए ऑर्डर मिलने की प्रबल संभावना है। इसलिए, यह गिरावट मुख्य रूप से ब्लॉक डील के अल्पकालिक प्रभाव के रूप में देखी जा रही है।आगे की राह और निवेशकों के लिए संकेतवर्तमान में जीनस पावर का शेयर [₹288-289] के आसपास संघर्ष करता दिख रहा है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे केवल इस ब्लॉक डील के आधार पर कोई जल्दबाजी में निर्णय न लें। कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल, ऑर्डर बुक और आने वाली तिमाहियों के परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना अधिक लाभकारी हो सकता है। यदि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत बना रहता है, तो ब्लॉक डील के कारण आई यह गिरावट भविष्य में एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर भी साबित हो सकती है।
'जो जय श्रीराम बोलने पर लाठी चलाते थे, वही आज अयोध्या जाने की बात कर रहे हैं', CM योगी का बड़ा हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 690 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि जो 2017 ...
भजनलाल का यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के यमुना जल परियोजना को लेकर हुए समझौते के बाद मंगलवार को जयपुर पहुंचने पर यहां भव्य स्वागत किया गया। शर्मा के जयपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद मदन राठौड़, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, भाजपा हरियाणा प्रभारी एवं सांसद डॉ. सतीश पूनियां, […] The post भजनलाल का यमुना जल समझौते के बाद जयपुर पहुंचने पर किया गया भव्य स्वागत appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में अज्ञात वाहन से बस के टकराने से 15 लोग घायल
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र में आगरा-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग-21 पर मंगलवार तड़के एक स्लीपर बस के एक वाहन से टकराने से 15 यात्री घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जयपुर से आगरा जा रही एक निजी ट्रेवल्स की बस के चालक को झपकी आने से डहरामोड़ के समीप बस […] The post भरतपुर में अज्ञात वाहन से बस के टकराने से 15 लोग घायल appeared first on Sabguru News .
अलवर : जमीन के अभाव में अटका सरिस्का के 6 गांवों का विस्थापन
अलवर। राजस्थान में अलवर के सरिस्का बाघ अभयारण्य में बसे गांवों के विस्थापन की महत्वाकांक्षी योजना जमीन की कमी के कारण धीमी पड़ गई है। बाघों की सुरक्षा और वन क्षेत्र को मानव हस्तक्षेप से मुक्त करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अब तक अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। 24 […] The post अलवर : जमीन के अभाव में अटका सरिस्का के 6 गांवों का विस्थापन appeared first on Sabguru News .
आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं, तत्काल जमानत देने से इनकार; राजस्थान सरकार से मांगा जवाब
नाबालिग दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से तत्काल जमानत नहीं मिली। अदालत ने राजस्थान सरकार से जवाब तलब करते हुए कहा कि सभी पहलुओं पर विचार के बाद ही फैसला होगा।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मानी गलती
Ayodhya Ram Mandir donation theft case: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए दान चोरी मामले की जांच को यूपी पुलिस और एसआईटी (SIT) ने तेज कर दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के बयान दर्ज किए गए हैं, जिसमें ...
राम मंदिर चढ़ावा विवाद में योगी का बड़ा दांव! क्या संघ और भाजपा के भीतर बदल रहे हैं शक्ति समीकरण?
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा और दान अनियमितता विवाद ने केवल एक धार्मिक संस्थान की पारदर्शिता पर सवाल नहीं खड़े किए हैं, बल्कि इसने भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली शक्ति केंद्रों के बीच मौजूद समीकरणों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया ...
Fact Check: क्या दिल्ली में Petrol Bike की बिक्री पर 1 जुलाई 2026 से लग रहा है बैन? जानिए पूरा सच!
दिल्ली सरकार ने अपनी नई Electric Vehicle (EV) Policy 2.0 (2026-2030) को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह नीति 1 जुलाई 2026 से लागू हो रही है। सोशल मीडिया और खबरों में 'पेट्रोल बाइक बैन' को लेकर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं। आइए सीधा फैक्ट-चेक ...
केतन हत्याकांड : सिया गोयल के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस
केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। आरोपी सिया गोयल का वकील बताने वाले एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल गोयल ने मीडिया के सामने उनके खिलाफ झूठे, भ्रामक और मानहानिकारक बयान दिए, जिससे उनकी पेशेवर छवि और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा।
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा, आरएसएस और ट्रस्ट को घेरते हुए बड़ा बयान दिया। चंपत राय पर सवाल उठाए, जबकि कांग्रेस ने भी ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।
रंगदारी की साज़िश में उद्योगपति की पत्नी और गोगी गैंग का कथित साथी अरेस्ट
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लक्ष्मी नगर के एक व्यापारी से 50 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने की साज़िश रचने के आरोप में व्यवसायी की पत्नी सपना जैन और गोगी गैंग के कथित साथी रजत को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस का […] The post रंगदारी की साज़िश में उद्योगपति की पत्नी और गोगी गैंग का कथित साथी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मथुरा में बस ने ट्रेलर को मारी टक्कर, 4 की मौत, 19 गंभीर घायल
मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के राया क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक यात्री बस के गिट्टी भरे ट्रेलर से टकराने के कारण बस में सवार चार लोगों की मृत्यु हो गई जबकि 19 अन्य गंभीर रुप से घायल हो गये। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर तड़के करीब सवा तीन बजे […] The post मथुरा में बस ने ट्रेलर को मारी टक्कर, 4 की मौत, 19 गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया, ब्राउन शुगर के साथ दो अरेस्ट
इंफाल। मणिपुर में सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस ने सोमवार को अलग-अलग अभियानों में बिष्णुपुर और जिरीबाम जिलों से हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का बड़ा जखीरा बरामद किया। इसके अलावा सेनापति जिले में संदिग्ध ब्राउन शुगर के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। मणिपुर पुलिस ने मंगलवार को बताया कि पहले अभियान में सुरक्षा […] The post मणिपुर में सुरक्षा बलों ने हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया, ब्राउन शुगर के साथ दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
फीफा वर्ल्ड कप : पराग्वे ने सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए जर्मनी को किया विश्वकप से बाहर
मैसाचुसेट्स। पराग्वे ने विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए चार की बार की विश्व चैंपियन जर्मनी को राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में हुए पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। फॉक्सबोरो में सोमवार रात खेले गये मुकाबले में पराग्वे के शानदार प्रदर्शन के कारण जर्मनी विश्वकप के राउंड ऑफ […] The post फीफा वर्ल्ड कप : पराग्वे ने सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए जर्मनी को किया विश्वकप से बाहर appeared first on Sabguru News .
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में उस समय नया मोड़ आ गया जब हत्या के आरोप में जेल में बंद सिया गोयल के वकील एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने सिया के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस भेज दिया। इस नोटिस के बाद मामला केवल हत्या की जांच ...
राम मंदिर चढ़ावा चोरी : कहा- इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करना बिल्कुल ठीक नहीं : मायावती
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी राम मंदिर में हुए चंदा चोरी पर जिंता जताई है। इसके साथ ही इस मामले पर राजनीति नहीं करने की भी अपील की है।
अमेरिकी और ईरान के बीच कतर में होने वाली बातचीत को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। अमेरिका का दावा है कि आज कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में MoU पर आगे बढ़ने पर चर्चा होगी। हालांकि ईरान ने अमेरिका के साथ अंतिम समझौता ...
LIVE: सिया के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का नोटिस
Latest News Today Live Updates in Hindi : केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी सिया गोयल के वकील ने उनके भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस भेजा। पल पल की जानकारी...
राज्यसभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प वाकया देखने को मिला। उच्च सदन में जब खरगे दोबारा सांसद के रूप में अपनी पारी शुरू कर रहे थे, तब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने राजनीतिक करियर का एक ऐसा पन्ना पलट दिया, जिसने वहां मौजूद सभी का ध्यान खींच लिया। खरगे के लंबे राजनीतिक अनुभव पर चर्चा करते हुए रिजिजू ने उस पुराने चुनाव को याद किया, जिसने उनके संसदीय सफर की गणित बदल दी थी।खरगे के अनुभव पर चर्चा के दौरान निकली बातशपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक तरफ जहां मल्लिकार्जुन खरगे 5 दशकों से अधिक की अपनी राजनीतिक सक्रियता के साथ राज्यसभा में वापसी कर रहे थे, वहीं पास में मौजूद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, सदन के नेता जेपी नड्डा और एल मुरुगन के बीच अनौपचारिक चर्चा शुरू हो गई। चर्चा का केंद्र खरगे का संसदीय अनुभव था। अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि खरगे का यह चौथा कार्यकाल है। उन्होंने जानकारी दी कि खरगे इससे पहले दो बार लोकसभा में रह चुके हैं और यह राज्यसभा में उनकी दूसरी पारी है। जेपी नड्डा ने इसमें जोड़ते हुए बताया कि संसद में आने से पहले खरगे 9 बार कर्नाटक विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं।रिजिजू का वह 'दर्द' और 2009 का चुनावखरगे के लंबे अनुभव को सुनकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अचानक साल 2009 के चुनावों का जिक्र छेड़ दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर साल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें नहीं हराया होता, तो आज वे भी 5वीं बार सांसद बन चुके होते। रिजिजू के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में पुरानी यादें ताजा कर दीं। बता दें कि किरेन रिजिजू ने अपने संसदीय करियर की शुरुआत 2004 में की थी। 2009 के चुनाव में अरुणाचल पश्चिम सीट से कांग्रेस के ताकम संजय ने रिजिजू को बेहद करीबी मुकाबले में मात्र 1314 मतों के अंतर से हरा दिया था। इसी हार ने उनके लगातार सांसदों के सफर में एक ब्रेक लगा दिया था, जिसका जिक्र उन्होंने आज खरगे के शपथ समारोह में किया।खरगे ने ली शपथ, दी बड़ी जिम्मेदारी की बातसोमवार को मल्लिकार्जुन खरगे के साथ ही अन्य 7 सांसदों ने भी उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद खरगे ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि दोबारा राज्यसभा की शपथ लेना उनके लिए न केवल गर्व की बात है, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने इस गरिमामयी सदन में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी सेवा जारी रखने को सम्मान बताया। खरगे ने अपने इस सफर में सहयोग देने के लिए राज्यसभा के सभापति, उपसभापति हरिवंश, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त किया।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों पर भारतीय सेना का बड़ा बयान। सेना ने एलएसी पर नए अतिक्रमण और सैन्य कैंप की खबरों को फर्जी बताते हुए कहा कि सीमा पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है।
उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा, नैमिषारण्य और विंध्य धाम जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के व्यापक विकास ...
देश की राजनीति और संसद के उच्च सदन (Rajya Sabha) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों के शपथ ग्रहण के साथ ही सदन का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल चुका है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का पलड़ा अब राज्यसभा में पहले से कहीं ज्यादा भारी और मजबूत हो गया है. इस बड़े फेरबदल के बाद मोदी सरकार के पास उच्च सदन में 'दो-तिहाई बहुमत' का ऐतिहासिक आंकड़ा हासिल करने का एक बड़ा मौका बनता दिख रहा है.यदि सरकार आगामी सत्रों में लोकसभा की सीटें बढ़ाने (परिसीमन) और आगामी आम चुनाव से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण को जमीन पर उतारने से जुड़े बड़े संवैधानिक संशोधन विधेयकों को अमलीजामा पहनाने की कोशिश करती है, तो राज्यसभा का यह नया गणित गेमचेंजर साबित होने वाला है.निर्दलीयों और नामांकित सांसदों के दम पर साधारण बहुमत से आगेवर्तमान में 242 प्रभावी सदस्यों वाली राज्यसभा में एनडीए के अपने सांसदों की संख्या बढ़कर 141 हो चुकी है. इसके अलावा, विधायी कामकाज के दौरान सरकार को 10 नामांकित (Nominated) और निर्दलीय सांसदों का भी साथ मिलना तय माना जा रहा है. इन दोनों को मिलाकर एनडीए का पक्का आंकड़ा 151 तक पहुंच जाता है, जो सदन में किसी भी सामान्य बिल को पास कराने के लिए जरूरी साधारण बहुमत के आंकड़े से काफी आगे है. हालांकि, संविधान संशोधन जैसे बड़े फैसलों के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत की दहलीज को छूने के लिए एनडीए अभी भी जादुई आंकड़े से 11 सीट पीछे चल रहा है.बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस संभालेंगी किंगमेकर की भूमिकासंसद के इस नए समीकरण में दो क्षेत्रीय ताकतें- ओडिशा की बीजू जनता दल (BJD- 5 सांसद) और आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP- 4 सांसद) इस समय किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रही हैं. ये दोनों दल न तो एनडीए का हिस्सा हैं और न ही विपक्षी 'INDIA' ब्लॉक से जुड़े हैं. लेकिन संसदीय इतिहास गवाह है कि इन दोनों पार्टियों ने अतीत में भी कई जटिल मुद्दों पर केंद्र सरकार के बड़े और मुख्य लेजिस्लेटिव एजेंडे का खुलकर समर्थन किया है. यदि इन 9 सांसदों का परोक्ष या प्रत्यक्ष साथ सरकार को मिलता है, तो राज्यसभा में एनडीए का ग्राफ सीधा 160 तक पहुंच जाएगा.क्या उपचुनाव और विपक्ष की बगावत दिलाएगी 'जादुई 164'?संविधान संशोधन का गणित: राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत (Two-Third Majority) के लिए पूरे सदन की स्थिति में 164 वोटों की आवश्यकता होती है, और एनडीए अब इसके बेहद करीब है.पश्चिम बंगाल की तीन खाली राज्यसभा सीटों पर आने वाले समय में उपचुनाव होने वाले हैं. राज्य विधानसभा में भाजपा के मौजूदा विधायकों की संख्या को देखते हुए इन सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जिससे यह आंकड़ा 163 तक पहुंच सकता है. इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुटों का दावा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ और सांसद पाला बदल सकते हैं. अगर ऐसा होता है, तो एनडीए के लिए 164 का जादुई आंकड़ा हासिल करना बेहद आसान हो जाएगा.विपक्ष में बिखराव से लोकसभा की राह भी होगी आसान?राज्यसभा में जहां सरकार के लिए रास्ता पूरी तरह साफ दिख रहा है, वहीं असली परीक्षा लोकसभा में होनी है. हालांकि, विपक्षी खेमे में मची आंतरिक कलह ने सत्ता पक्ष की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं. संसद का चौथा सबसे बड़ा दल रहने वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बगावत की सुगबुगाहट है, तो वहीं तमिलनाडु में द्रमुक (DMK) और कांग्रेस के बीच अनबन की खबरों ने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन की स्थिति को कमजोर किया है.अगर लोकसभा स्पीकर द्वारा टीएमसी और शिवसेना (UBT) के बागी धड़ों के विलय को औपचारिक हरी झंडी मिल जाती है, तो लोकसभा में भी एनडीए की संख्यात्मक ताकत अप्रत्याशित रूप से बढ़ जाएगी. हालांकि, इसके बावजूद 540 सदस्यीय निचले सदन में संविधान संशोधन के लिए आवश्यक 360 के विशाल आंकड़े तक पहुंचना एनडीए के लिए अब भी एक चुनौतीपूर्ण डगर होगी.
मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: दिल्ली जा रही बस ट्रेलर में घुसी, 4 की मौत
उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार वाल्वो बस गिट्टी से भरे एक ट्रेलर में पीछे से जा घुसी। भीषण हादसे में मौके पर ही 4 लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि बस में सवार करीब 17 यात्री घायल हो गए।
देशभर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां कुछ इलाकों के लोग अब भी भीषण उमस और बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं देश के एक बड़े हिस्से में मानसून पूरी तरह से मेहरबान होने जा रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून आज, 30 जून से भारत के अधिकांश हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके प्रभाव से पूर्वोत्तर राज्यों, मध्य भारत और तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है.उत्तर प्रदेश और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमानमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, देश के उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही गुजरात और विदर्भ के क्षेत्रों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं, जिससे अगले 24 से 48 घंटों में इन इलाकों में भी झमाझम बारिश की शुरुआत हो सकती है.पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटों पर दिखेगा मानसून का रौद्र रूपइस मानसूनी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर भारत और देश के पश्चिमी तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है. आईएमडी ने असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और सिक्किम में जुलाई के पहले सप्ताह तक लगातार बड़े पैमाने पर वर्षा जारी रहने की उम्मीद है. दूसरी तरफ, समुद्र से आने वाली तेज दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण कोंकण तट, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में भी बारिश की रफ्तार काफी तेज रहेगी.50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने का अलर्टमौसम विभाग की चेतावनी: भारी बारिश के साथ-साथ देश के पूर्वी, मध्य और प्रायद्वीपीय (Peninsular) हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज अंधड़ चलने की भी आशंका है.इस दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गरज के साथ अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन मानसूनी तूफानों के आगे बढ़ने के साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं. ऐसे में खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने की सलाह दी गई है.
आसमान में बादल पर बरस नहीं रही बूंदें; 100 साल का तीसरा सबसे सूखा जून, 'अल नीनो' ने बिगाड़ा खेल
क्या आपको भी लग रहा है कि इस बार जून के महीने में वैसी राहत और बारिश नहीं दिखी, जैसी अमूमन मानसून के दस्तक देने पर होती है? आपका सोचना बिल्कुल सही है. देश में इस साल मानसून की सुस्ती ने ऐसा रुख अख्तियार किया है कि पिछले 100 सालों का रिकॉर्ड टूटने की कगार पर पहुंच गया है. आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी हुई है, लेकिन वे बिना बरसे ही आगे निकल रहे हैं. देश के किसान से लेकर आम शहरी तक हर कोई टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहा है, जबकि मौसम के आंकड़े एक बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहे हैं.आंकड़ों में दर्ज हुआ एक सदी का तीसरा सबसे सूखा जूनभारतीय मौसम विज्ञान के इतिहास में इस साल का जून महीना एक बेहद कमजोर मानसून सीजन के रूप में दर्ज होने जा रहा है. आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 100 वर्षों (साल 1927 से 2026) की अवधि में यह तीसरा सबसे सूखा जून महीना साबित होने की राह पर है. सामान्य तौर पर इस पूरे महीने में देश के भीतर 157.7mm बारिश दर्ज की जानी चाहिए थी, लेकिन इस बार अब तक केवल 92.2mm बारिश ही रिकॉर्ड की जा सकी है. अगर महीने के अंतिम दिनों में कुछ जगहों पर बौछारें पड़ती भी हैं, तो भी कुल आंकड़ा बमुश्किल 100mm के आसपास ही सिमट जाएगा. इससे पहले देश ने साल 2009 में 87.5mm और साल 2014 में 92.1mm की सबसे कम बारिश देखी थी.अल नीनो के प्रभाव से कमजोर पड़ा मानसूनी सिस्टममौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस साल मानसून की इस सुस्त रफ्तार और बेरुखी के पीछे 'अल नीनो' (El Nio) का सीधा असर है. अंतरराष्ट्रीय जलवायु एजेंसियों की रिपोर्ट बताती है कि प्रशांत महासागर का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते अल नीनो अब मध्यम स्तर पर सक्रिय हो चुका है. जब भी अल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, भारतीय उपमहाद्वीप में मानसूनी हवाओं का पैटर्न पूरी तरह प्रभावित होता है. इसके चलते भारत के वायुमंडल में बनने वाले मानसूनी बादल कमजोर हो जाते हैं और देश के मैदानी इलाकों तक पहुंचते-पहुंचते उनकी तीव्रता काफी कम हो जाती है.देश के चारों भौगोलिक क्षेत्रों में भारी कमीइस मानसूनी सीजन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि सूखे का असर देश के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि चारों प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र इसकी जद में हैं. मध्य भारत (Central India) की स्थिति सबसे ज्यादा नाजुक बनी हुई है, जहां सामान्य के मुकाबले 54% कम बारिश रिकॉर्ड हुई है. इसके साथ ही पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में 41%, उत्तर-पश्चिम भारत में 30% और दक्षिण भारतीय राज्यों में 28% बारिश की भारी कमी दर्ज की गई है. देश के सभी रीजन्स में एक साथ मानसून का ग्राफ इस तरह गिरना बेहद दुर्लभ माना जाता है, जो अल नीनो के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है.केरल में कमजोर एंट्री के बाद जुलाई से बंधी उम्मीदेंइस पूरे महीने में केवल एक दिन ऐसा रहा जब देश के कुछ हिस्सों में सामान्य के करीब या उससे थोड़ी बेहतर बारिश दर्ज की गई. केरल के तट पर 4 जून को मानसून की एंट्री काफी धीमी रही थी, जिसके बाद से ही इसके आगे बढ़ने की रफ्तार लगातार प्रभावित होती रही. इसके कारण कृषि क्षेत्रों में बुआई का काम काफी पिछड़ गया है. हालांकि, मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमानों ने एक नई उम्मीद जरूर जगाई है. आईएमडी के अनुसार, जुलाई के पहले सप्ताह से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है. मध्य भारत सहित देश के सूखे प्रभावित इलाकों में अच्छी और समान बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे जून के दौरान हुई कमी की भरपाई होने की पूरी संभावना है.
क्या आपके शहर में भी बदल गए पेट्रोल-डीजल के दाम? जानें यूपी के लखनऊ से नोएडा तक का आज का ताजा रेट
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति के आधार पर देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं. रोज सुबह ईंधन की कीमतों में होने वाला यह बदलाव सीधे तौर पर आम आदमी के बजट को प्रभावित करता है. उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आज की कीमतें सामने आ चुकी हैं, जिनमें मामूली अंतर देखा जा रहा है. अगर आप आज गाड़ी में तेल भरवाने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर के ताजा दाम जरूर नोट कर लें.लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद में आज का ईंधन रेटउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाकों में आज तेल की कीमतों में स्थिरता और कुछ जगहों पर आंशिक बदलाव देखा गया है. लखनऊ में आज पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. वहीं, गाजियाबाद में भी पेट्रोल ₹101.88 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर बना हुआ है. नोएडा की बात करें तो यहां पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.प्रयागराज, वाराणसी और आगरा समेत अन्य शहरों का हालपूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के अन्य प्रमुख शहरों में भी ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर नजर आ रहा है. ताजनगरी आगरा में पेट्रोल ₹101.66 और डीजल ₹95.14 प्रति लीटर है, जो राज्य के अन्य शहरों के मुकाबले थोड़ा किफायती है. इसके विपरीत वाराणसी में पेट्रोल ₹102.23 और डीजल ₹95.72 प्रति लीटर पर पहुंच गया है. प्रयागराज में पेट्रोल ₹101.96 और डीजल ₹95.72 प्रति लीटर की दर से मिल रहा है. अलीगढ़ में पेट्रोल ₹101.92 और डीजल ₹95.38, बागपत में पेट्रोल ₹101.78 और डीजल ₹95.27, जबकि आजमगढ़ में पेट्रोल ₹103.18 और डीजल ₹96.54 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.क्यों आ रहा है कीमतों में यह उछाल?ईंधन की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां और तेल कंपनियों का घाटा मुख्य वजह माना जा रहा है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के दाम जो पहले 64-65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थे, वे बढ़कर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं. इस भारी उछाल और अंडर-रिकवरी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. सरकार की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि वैश्विक दबाव के बावजूद घरेलू बाजार में उपभोक्ताओं पर इसका अत्यधिक बोझ न पड़े, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार के समीकरणों के चलते पिछले कुछ समय में कीमतों में यह संशोधन देखने को मिला है.
अजय राय समेत कई कांग्रेसी नेता जाएंगे अयोध्या, रामलला का करेंगे दर्शन
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित हेरफेर को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के नौ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को अयोध्या जाएगा
Top News : चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से 3 घंटे पूछताछ, भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तय
Top News 30 June : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय से पूछताछ हुई। भारत अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में पहुंची। यूक्रेन पर हमला कर रूस ने 12 लोगों की जान ली। पेराग्वे ने जर्मनी को हराकर फीफ वर्ल्ड कप 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर ...
भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि भारत अफगानिस्तान के इलाके में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कई आम नागरिकों की मौत हुई है।
के. कविता ने रेवंत रेड्डी के क्षेत्र में वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग से मांगा स्पष्टीकरण
तेलंगाना रक्षा सेना की नेता के. कविता ने भारत निर्वाचन आयोग से कोडंगल विधानसभा क्षेत्र में एक लाख मतदाताओं के विवरण में पिछले डेढ़ साल में हुए बदलावों को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की।
महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी पर रोक लगाने के लिए जल्द ही कड़ा कानून लाया जाएगा: बाबासाहेब पाटिल
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पूरे महाराष्ट्र में अवैध रूप से पैसे उधार देने की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लिया है।
गांधी पर सवाल उठाने वाले आजादी के समय कहां थे, राजभर को इलाज की जरूरत: सपा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार की टिप्पणी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान समेत कई मुद्दों पर तल्ख टिप्पणी की
दिल्ली में आयोजित 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' में 'लखपति दीदी डेस्कबोर्ड' का शुभारम्भ किया गया जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अनेक हितधारकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं, नवाचारों तथा सफल मॉडलों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा राज्यों के बीच श्रेष्ठ अनुभवों के आदान-प्रदान पर बल दिया गया। ग्रामीण विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता और देश भर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी राय रखते हुए कहा कियह डेस्कबोर्ड स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की प्रगति की निगरानी, उनकी आय में वृद्धि, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा वास्तविक समय में उपलब्ध आंकड़ों के माध्यम से बेहतर योजना निर्माण एवं नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई गति मिली है। सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है और 'लखपति दीदी' अभियान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है।
नई दिल्ली में 'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' के समापन पर माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी की मीडिया वार्ता के मुख्य अंश:'राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन' के सफल समापन के उपरान्त उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने मीडिया बंधुओं से वार्ता की। बातचीत के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:विकसित भारत और उत्तर प्रदेश का संकल्प: हम 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गाँव' बनाने के लक्ष्य को हर हाल में पूरा करेंगे।अयोध्या बार एसोसिएशन का आभार: अयोध्या बार एसोसिएशन ने प्रारंभ से ही राम लला के मंदिर की कानूनी लड़ाई पूरी दृढ़ता से लड़ी है, हम उनका सहृदय अभिनंदन करते हैं।विपक्ष पर तीखा हमला: विपक्ष घड़ियाली आंसू बहाना बंद करे। राम भक्तों पर लाठी और गोली चलाने वाले असल में 'राम द्रोही' हैं।सपा प्रमुख पर निशाना: समाजवादी पार्टी के प्रमुख (श्री अखिलेश यादव) जानबूझकर राम लला के दर्शन करने अयोध्या नहीं गए।तुष्टिकरण की राजनीति: विपक्ष पूरी तरह से मुद्दाविहीन हो चुका है और वह सिर्फ और सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति कर रहा है।नैतिक अधिकार नहीं: श्री अखिलेश यादव को राम मंदिर के विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या
अजमेर। कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में साथी कैदी द्वारा गला दबाकर हत्या कर दी। 11 लाख रुपए के इनामी रहे पूर्व दस्यु जगन गुर्जर का राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में आतंक फैला हुआ था। जगन गुर्जर राजस्थान का खूंखार अपराधी रहा है। पुलिस ने बताया कि […] The post कुख्यात दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या appeared first on Sabguru News .
अजमेर की बेटी एवं 5 बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का स्वागत
अजमेर। अजमेर की बेटी एवं भारत की प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा धाविका तथा पांच बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का सोमवार सुबह पटेल स्टेडियम में उनके ऐतिहासिक 5,000 किलोमीटर रन अक्रॉस इंडिया (कन्याकुमारी से काराकोरम) अभियान के दौरान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्थान अजमेर एवं टीम ग्रीन […] The post अजमेर की बेटी एवं 5 बार की गिनीज़ विश्व रिकॉर्ड धारक सूफिया सूफी का स्वागत appeared first on Sabguru News .
हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए एक्शन में योगी सरकार, जल जीवन मिशन की होगी जमीनी मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को केवल योजनाओं तक सीमित न रखकर उसकी जमीनी गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में भी लगातार सक्रिय है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की प्रदेश ...
अलवर : कछुए से करोड़ों रुपए कमाने का सपना दिखाकर मजदूर से 10 लाख की ठगी
अलवर। राजस्थान में अलवर के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये कमाने का झांसा देकर एक फैक्ट्री मजदूर से 10 लाख रुपए की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि ठगों ने पहले दुर्लभ कछुए की कीमत एक करोड़ रुपए बताकर उसे खरीदने का झांसा दिया। जब […] The post अलवर : कछुए से करोड़ों रुपए कमाने का सपना दिखाकर मजदूर से 10 लाख की ठगी appeared first on Sabguru News .

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