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Devendra Fadnavis के APTEL पत्र को Congress ने बताया पाखंड, उठाए कई सवाल

कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कथित तौर पर लिखा वह पत्र ‘‘पाखंड से भरा कदम’’ है, जिसमें उन्होंने अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) पर निजी बिजली कंपनियों के पक्ष में पक्षपात करने का आरोप लगाया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि फडणवीस को उन फैसलों पर भी सवाल उठाना चाहिए जिनसे अडाणी समूह को लाभ हुआ है। रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री से शिकायत की है कि अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) निजी बिजली कंपनियों के पक्ष में ‘‘भारी पक्षपात’’ कर रहा है। रमेश का कहना था, ‘‘2025 और 2026 में महाराष्ट्र में एपीटीईएल की मेहरबानियों का सबसे बड़ा लाभार्थी मोडानी समूह रहा है। कम से कम चार मामलों में उसके पक्ष में फैसला किया गया है।’’कांग्रेस ‘मोडानी’ शब्द का इस्तेमाल अडाणी समूह और मोदी सरकार के बीच कथित मिलीभगत का आरोप लगाने के लिए करती है। रमेश ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने न केवल बिजली परियोजनाओं में बल्कि धारावी जैसी रियल एस्टेट विकास परियोजनाओं में भी ‘मोडानी’ को लाभ पहुंचाने के लिए हरसंभव कोशिश की है। उन्होंने दावा किया, ‘‘मोडानी के प्रति मुख्यमंत्री का अचानक गुस्सा पाखंड से भरा कदम है। प्रधानमंत्री को उनकी शिकायत किसी अन्य निजी कंपनी, जेएसडब्ल्यू के पक्ष में एपीटीईएल के एक फैसले से प्रेरित लगती है।’’रमेश ने कहा, ‘‘अगर मुख्यमंत्री अपनी बात को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें उन सभी पिछले फैसलों पर सवाल उठाना चाहिए, जिनसे राज्य सरकार और उपभोक्ताओं की कीमत पर मोडानी को फायदा हुआ है।’’उनकी यह टिप्पणी मीडिया में उन खबरों के कुछ दिनों बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर बिजली क्षेत्र की शीर्ष अपीलीय संस्था के मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि एपीटीईएल के हालिया कई फैसले सरकारी स्वामित्व वाली बिजली कंपनियों के बजाय निजी बिजली कंपनियों के पक्ष में रहे हैं।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:42 pm

मुश्किल दौर में कैंसर के नए इलाज की दो दवाएं, भारत के बाजार में राह खुली

भारतीय मरीजों के आंकड़ों की समीक्षा के बाद कैपिवासर्टिब को मंजूरी की सिफारिश, फ्रूक्विन्टिनिब के मामले में एक्सपर्ट कमेटी ने देश में इलाज की जरूरत को माना अहम। भारत में हर साल करीब 15.7 लाख नए कैंसर मामलों के बढ़ते बोझ के बीच नए और प्रभावी इलाज के विकल्पों की उपलब्धता एक राहत भरी खबर लेकर आई है।

तहलका 26 Aug 2026 4:29 pm

Nepal Flood: बिहार में हाई अलर्ट, अमित शाह ने CM सम्राट से की बात, PM Modi की भी नजर

नेपाल में भारी बारिश के कारण बिहार में बाढ़ के खतरे को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फ़ोन पर बात की। गृह मंत्री ने राज्य सरकार को संभावित संकट से निपटने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) को तैनात किया जा रहा है। बिहार CMO का कहना है है कि एक हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेपाल से बिहार में बाढ़ का पानी आने की आशंका को देखते हुए संबंधित जिलों में खास सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नज़र रखने के लिए कहा गया है। इसे भी पढ़ें: Tejashwi Yadav ने PMCH में घायल छात्रों से की मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप इसमें यह भी कहा गया है कि सभी तटबंधों की मज़बूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनकी लगातार निगरानी की जानी चाहिए। बांधों और तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें रात में गश्त पर खास ज़ोर दिया गया है। जोखिम वाले और प्रभावित इलाकों में लाउडस्पीकर या माइक्रोफ़ोन का इस्तेमाल करके लोगों तक ज़रूरी जानकारी और चेतावनी लगातार पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, प्रधानमंत्री मोदी की सरकार देश के किसी भी राज्य की मदद के लिए तैयार है, जहां ऐसी स्थिति पैदा हो। मॉनसून से पहले ही, गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। बाढ़ का सामना कर रहे किसी भी राज्य या इलाके की मदद की जाएगी। NDRF की टीम स्टैंडबाय पर है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में टीमें पहले ही भेजी जा चुकी हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नेपाल में गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक बाढ़ (flash flood) का खतरा पैदा होने और पानी के बहाव में अचानक तेज़ी आने की संभावना को देखते हुए बिहार में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने बताया है कि गंडक नदी के किनारे बसे ज़िलों में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी ज़रूरी तैयारियाँ की जा रही हैं। इसे भी पढ़ें: Bihar में Samrat Choudhary का बड़ा ऐलान: 3 नई योजनाओं से महिलाएं बनेंगी 'लखपति दीदी', सशक्त होगा बिहार पूर्वानुमान में नेपाल के गंडक जलग्रहण क्षेत्र में आने वाले रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ ज़िलों के साथ-साथ कोसी जलग्रहण क्षेत्र के दोलखा और सिंधुपालचोक ज़िलों में भी अचानक बाढ़ का ज़्यादा खतरा होने की चेतावनी दी गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई, जिसमें प्रभावित जिलों के जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:27 pm

फोन पर मग्न बाइक सवार, बचाने में खाई में गिरी कार, लोगों बचाने पानी में कूदे राहगीर

लखीमपुर खीरी के निघासन-पलिया स्टेट हाईवे पर बाइक सवार को बचाने के प्रयास में एक कार अनियंत्रित होकर पानी से भरी गहरी खाई में जा गिरी. कार में दो पुरुष और तीन महिलाएं सवार थीं. कार को डूबता देख राहगीरों ने तुरंत खाई में छलांग लगा दी और पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.

आज तक 26 Aug 2026 4:25 pm

Nepal Flash Flood: जलप्रलय से कई लोगों की मौत, 105 Kailash Mansarovar Yatri लापता, Bihar में बाढ़ का अलर्ट

नेपाल के हिमालयी सीमावर्ती जिले रसुवा में आज सुबह आई अचानक और भीषण बाढ़ ने तबाही की ऐसी तस्वीर पेश की है, जिसने नेपाल के साथ-साथ भारत की चिंता भी कई गुना बढ़ा दी है। चीन की सीमा और तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक आए उफान ने देखते ही देखते बस्तियों, बाजारों, पुलों, वाहनों, सीमा व्यापार ढांचे और जलविद्युत परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। दर्जनों लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। सबसे गंभीर खबर यह है कि लापता लोगों की प्रारंभिक सूची में 105 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की बताई जा रही है। साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि नेपाल में आई आपदा के चलते बिहार के कम से कम आधा दर्जन जिलों पर खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, बाढ़ का सबसे विनाशकारी असर रसुवागढ़ी-तिमुरे क्षेत्र में सुबह करीब नौ बजे दिखाई दिया। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक असामान्य रूप से बढ़ा और पानी का तेज बहाव तिमुरे तथा स्याफ्रुबेसी क्षेत्रों में फैल गया। नेपाल सेना के अनुसार, इस अचानक आई जलप्रलय ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। वाहन, व्यापारिक सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। सीमा शुल्क परिसर में खड़े वाहन और वहां रखा सामान भी पानी की भेंट चढ़ गया, जबकि हाल ही में बनाया गया एक पुल तक बह गया। धादिंग जिले के गजुरी में भी एक पुल के बहने की खबर है। इसे भी पढ़ें: Gandak नदी का जलस्तर बढ़ा, Bihar में बाढ़ का खतरा; CS ने की आपात बैठक रसुवा जिला प्रशासन ने शुरुआत में ही स्वीकार किया कि तिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत बाजार और आवासीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रसुवा के अलावा नुवाकोट और धादिंग के निचले इलाकों तक खतरा फैल गया। बाढ़ से प्रभावित बस्तियों में स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खाल्टी बस्ती, सोले, त्रिशूली और बत्तार जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं इस आपदा ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले लोगों को लेकर सबसे बड़ी चिंता पैदा की है। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक सूची के अनुसार, 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी यात्रियों में 105 भारतीय हैं। सूची में ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों के नाम भी शामिल हैं। हालांकि नेपाल पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह सूची प्रारंभिक है और ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों, स्थानीय प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के साथ इसका सत्यापन किया जा रहा है। बताया गया है कि बुधवार को करीब 390 यात्रियों को तिब्बत सीमा पार करनी थी। इनमें 93 नेपाली नागरिक भी शामिल थे। दोपहर तक अधिकांश यात्रियों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका था। इसीलिए 105 भारतीयों के लापता होने की सूचना ने भारत में उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में खोज अभियान चलाया जा रहा है। कई रिपोर्टों के अनुसार हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है। उधर, बाढ़ की प्रकृति ने इस आपदा को और रहस्यमय तथा चिंताजनक बना दिया है। नेपाल के जल एवं मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि रसुवा में हुई बारिश इस बाढ़ का कारण नहीं थी। यानी पानी का यह प्रचंड सैलाब स्थानीय वर्षा से पैदा नहीं हुआ। शुरुआती संकेत बताते हैं कि घटना का स्रोत तिब्बत की ओर हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि वहां भूस्खलन से किसी नदी का प्रवाह अस्थायी रूप से रुक गया और बाद में जमा पानी अचानक टूटकर नेपाल की ओर बह निकला। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट यानी हिमनदीय झील के अचानक फटने की संभावना भी जांच के दायरे में है। हालांकि अभी तक वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। देखा जाये तो यह आशंका इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पिछले वर्ष भी इसी भोटेकोशी नदी में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी। उस समय जांच में सामने आया था कि एक पहले से पहचानी न गई ‘सुप्राग्लेशियल’ झील के अचानक खाली होने से बाढ़ आई थी। अब एक बार फिर बिना स्थानीय बारिश के नदी का अचानक उफान इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में बदलते जलवायु पैटर्न, ग्लेशियरों की अस्थिरता और सीमा पार से आने वाले जल खतरों की ओर इशारा कर रहा है। इस आपदा का आर्थिक असर भी गहरा है। रसुवा और नुवाकोट क्षेत्र की आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 354 मेगावाट है, प्रभावित हुई हैं। इनमें 111 मेगावाट की रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना, 78 मेगावाट की संजेन खोला परियोजना और 60 मेगावाट की अपर त्रिशूली-3ए परियोजना प्रमुख हैं। इसके अलावा पांच निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है। नेपाल के लिए यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि ऊर्जा ढांचे और सीमा व्यापार पर सीधा प्रहार है। रसुवागढ़ी सीमा चौकी, जो नेपाल और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है, उसका बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है। भारत की दृष्टि से सबसे बड़ा और तात्कालिक संकट 105 भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है। कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी है और हर वर्ष बड़ी संख्या में भारतीय श्रद्धालु नेपाल के रास्ते तिब्बत पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों का संपर्क टूटना, सीमावर्ती मार्गों का बह जाना और संचार व्यवस्था का प्रभावित होना भारत के लिए बड़ी चुनौती है। भारतीय नागरिकों की सही स्थिति का जल्द पता लगाने के प्रयास शुरू हो गये हैं तथा नेपाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर बचाव और निकासी में सहयोग करने की तैयारी भी तेज हो गयी है। इस पूरे घटनाक्रम का एक चिंताजनक पहलू सीमा पार जल आपदाओं का भी है। यदि बाढ़ का वास्तविक स्रोत तिब्बत में भूस्खलन, ग्लेशियल झील का फटना या किसी नदी का अवरुद्ध होकर अचानक टूटना साबित होता है, तो यह पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए चेतावनी है। हिमालय में बनने वाली ऐसी झीलें, अचानक भूस्खलन और जल प्रवाह में अवरोध केवल नेपाल तक सीमित खतरा नहीं हैं। नेपाल की नदियां अंततः भारत की विशाल नदी प्रणालियों से जुड़ती हैं। इसलिए ऊपरी हिमालय में किसी भी बड़े जल विस्फोट का प्रभाव नीचे बसे भारतीय क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। उधर, नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। लेकिन असली सवाल इससे आगे का है। सवाल यह है कि क्या हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियल झीलों, भूस्खलन से बनने वाली अस्थायी झीलों और सीमा पार जल प्रवाह की निगरानी पर्याप्त है? भोटेकोशी की यह त्रासदी एक बार फिर बता रही है कि हिमालय में आपदा की चेतावनी केवल मौसम पूर्वानुमान से नहीं मिल सकती। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है, मृतकों और लापता लोगों की संख्या बदल सकती है तथा 105 भारतीयों की सूची का सत्यापन अभी जारी है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि रसुवा की यह जलप्रलय केवल नेपाल की एक स्थानीय आपदा नहीं है। यह भारत, नेपाल और पूरे हिमालयी क्षेत्र के सामने खड़े उस नए खतरे की चेतावनी है, जिसमें पिघलते ग्लेशियर, अस्थिर पर्वत, अचानक बनने वाली झीलें और सीमा पार से आने वाला अनियंत्रित जल प्रवाह किसी भी समय हजारों लोगों की जिंदगी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को संकट में डाल सकता है। भोटेकोशी का उफान थम भी जाए, लेकिन इसके पीछे उठे सवाल अब लंबे समय तक शांत नहीं होंगे।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:24 pm

BGMI Lite की धमाकेदार वापसी! प्री-रजिस्ट्रेशन शुरू

BGMI Lite की वापसी से कम कीमत वाले फोन यूजर्स को बड़ी राहत मिल सकती है. गेम का साइज कम होगा और लो-एंड डिवाइस में भी इसे आसानी से खेलने का दावा किया जा रहा है.

आज तक 26 Aug 2026 4:23 pm

कुकू कोहली के निधन से दर्द में अजय देवगन, हुए इमोशनल

बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर कुकू कोहली का 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया, उनका अंतिम संस्कार मुंबई में हुआ जिसमें कई बॉलीवुड हस्तियां शामिल हुईं. कुकू

आज तक 26 Aug 2026 4:16 pm

Gen Alpha मैदान में, पटना BPSC प्रदर्शन में 6 साल के आदित्य आया सुर्खियों में, CM सम्राट चौधरी के इस्तीफे की कर दी मांग

बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को बीपीएससी परीक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के बीच एक झुग्गी बस्ती में रहने वाला 6 साल का बच्चा आदित्य अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। टी-शर्ट, डेनिम की पैंट और माथे पर तिलक ...

वेब दुनिया 26 Aug 2026 4:15 pm

भारतीय ट्रेन में विदेशी महिला, वीडियो में दिखाया 1AC केबिन का नजारा

विदेशी ट्रैवल क्रिएटर कारा वाइल्डबर ने मुंबई से गोवा तक करीब 12 घंटे की ट्रेन यात्रा का वीडियो शेयर किया है. उन्होंने फर्स्ट क्लास स्लीपर कोच के प्राइवेट केबिन, AC, बेड और दूसरी सुविधाएं दिखाईं. हालांकि, ट्रेन के टॉयलेट देखकर उन्होने मुंह बना लिया, उनका वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है.

आज तक 26 Aug 2026 4:14 pm

'दलदल से निकलना है...' शादी के लिए PAK से क्यों आईं 150 लड़कियां?

Pakistan Sindhi Brides: पाकिस्तान से 150 से लड़कियां भारत आई हैं, जिनकी शादी भारत में हुई हैं. तो जानते हैं कि आखिर ये लड़कियां भारत में शादी क्यों कर रही हैं?

आज तक 26 Aug 2026 4:14 pm

गर्दन से घुसकर मुंह से पार हुआ 3 फीट का सरिया, तीसरी मंजिल से गिरा बच्चा

Surat Miraculous Rescue News: सूरत में 3rd फ्लोर से गिरे 10 साल के बच्चे के गर्दन से मुंह पार हुआ लोहे का सरिया! न्यू सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने 1 घंटे के जटिल ऑपरेशन के बाद बचाई जान.

आज तक 26 Aug 2026 4:13 pm

'पहले गुटखा छोड़ो' शस्त्र लाइसेंस मांगने पहुंचे युवक से बोले DM

कलक्ट्रेट में जनता दर्शन के दौरान शस्त्र लाइसेंस अपने नाम कराने आए एक युवक को जिलाधिकारी ने अनोखी शर्त दे दी. डीएम ने युवक को पान मसाला छोड़ने की नसीहत देते हुए इसके लिए घर वालों और ग्राम प्रधान से शपथपत्र लाने के निर्देश दिए हैं.

आज तक 26 Aug 2026 4:13 pm

UP में 50 हजार छात्राओं को Scooty देंगे CM Yogi Adityanath, अक्टूबर में वितरण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दी जाएंगी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने यहां ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत की, जिसके तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाएं अपने एक सहयात्री के साथ रोडवेज और सिटी बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। योगी ने कहा कि महिला स्वावलंबन और सम्मान की बात होने पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का नाम श्रद्धा से लिया जाता है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई साहस और स्वाभिमान की प्रतीक थीं, इसलिए योजना का नाम उनके नाम पर रखा गया है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 12 करोड़ आधी आबादी है और सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन व नेतृत्व की यात्रा में सहभागी है। उन्होंने कहा, ‘‘हर बेटी-बहन-माता आत्मनिर्भर महसूस करे, यही हमारी नीति है। ‘डबल-इंजन’ सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, रोजगार, आय और उसके सपनों की उड़ान को परिवेशी तंत्र से जोड़ने का काम किया है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रदेश में मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित ‘सेफ सिटी’ नेटवर्क तथा 1090 और 112 का एकीकृत प्रतिक्रिया प्रणाली मौजूद है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘देश जब मुगल आक्रांताओं की चपेट में था, उस समय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने सुशासन, आध्यात्मिक/सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व महिला स्वावलंबन का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया था। काशी विश्वनाथ, सोमनाथ समेत देश में सैकड़ों मंदिर का पुनरुद्धार लोकमाता ने किया था।’’उन्होंने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी सभी जनपदों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था रहेगी। योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘2017 के पहले ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा तत्कालीन शासन मॉडल का नाम था, जब हर बेटी की सुरक्षा पर संकट था। सुरक्षा, सम्मान नहीं था तो स्वावलंबन कहां से होता। एकीकृत हेल्पलाइन, कमान प्रणाली, सीसीटीवी नेटवर्क, महिला बीट प्रणाली, महिला हेल्पडेस्क भी नहीं थी। पेंशन व छात्रवृत्ति बिचौलिए तय करते थे। पुष्टाहार पर माफिया का नियंत्रण था। उत्सव से पहले उपद्रव होते थे। कर्फ्यू लगने पर माताओं-बहनों को सर्वाधिक परेशानी होती थी।’’उन्होंने कहा कि देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती हुई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं, अब यह संख्या 45,000 हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने पुलिस भर्ती में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य की। अभी 32 हजार भर्ती प्रक्रिया में है। पहले बेटी की सुरक्षा किस्मत पर निर्भर थी, आज सिस्टम, डेटा व टेक्नोलॉजी पर है। बेटी घर से निकले, काम/कारोबार करे और रात में सुरक्षित घर लौट आए, सरकार यह गारंटी दे रही है।’’योगी ने कहा कि सम्मान तब आता है, जब महिला के घर में शौचालय, बिजली, रसोई में धुआंमुक्त ईंधन, नल में जल और खाते में सीधे पैसा पहुंचे और विपत्ति में सरकार साथ खड़ी हो। उन्होंने कहा, ‘‘हर घर शौचालय माताओं, बहनों की गरिमा का आधार था। ‘उज्ज्वला’ ने केवल धुएं से राहत नहीं दी, बल्कि फेफड़े खराब होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दी। पक्के घरों ने परिवारों को सुरक्षा दी तो जल जीवन मिशन ने समय व श्रम की दिशा में बड़ा बदलाव किया है। डीबीटी ने बिचौलियों को हटाकर सीधे लाभार्थियों के खाते में पैसा देना प्रारंभ किया।’’इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि जीवनभर परिवार और समाज की राह आसान बनाने वाली मातृशक्ति की यात्रा को सुगम और सम्मानपूर्ण बनाने का संकल्प सरकार साकार कर रही है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 4:12 pm

चंद दिन का इंतजार, फिर चीनी मिलेगी 60 रुपये किलो से भी कम में

घरेलू बाजार में किसी भी तरह की किल्लत की आशंका को खत्म करने और आपूर्ति को मजबूत करने के लिए सरकार ने विदेशी बाजारों से चीनी आयात करने के रास्ते खोल दिए.

आज तक 26 Aug 2026 4:08 pm

बेंगलुरु पर बढ़ता बोझ, एक्सपर्ट्स ने बताया कैसे बचेगा शहर

इंडिया टुडे कर्नाटक समिट 2026 में विशेषज्ञों ने इस बात पर चर्चा की कि बेंगलुरु अपनी तेज़ी से हो रही बढ़त को कैसे संभाल सकता है, बिना उस खासियत को खोए जो इसे भारत के सबसे आकर्षक शहरों में से एक बनाती है.

आज तक 26 Aug 2026 4:05 pm

तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही

तिब्बत से आई बाढ़ ने नेपाल में मचाई तबाही, क्या बिहार पर भी बढ़ रहा है खतरा? नेपाल के रसुवा जिले में लेन्दे खोला यानी भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी सबसे ज्यादा नुकसान टिमुरे बाजार और रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में हुआ.

आज तक 26 Aug 2026 4:03 pm

यूपी चुनाव से पहले सपा का बड़ा ऐलान, सरकार बनी तो महिलाओं को हर साल मिलेंगे 40 हजार रुपये

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का ऐलान किया है। सपा सरकार बनने पर महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने का वादा किया गया है।

देशबन्धु 26 Aug 2026 4:01 pm

नेपाल में हवा की रफ्तार से आया सैलाब, लोहे का पुल, इमारतें सब बहा ले गया, Video

अब बात नेपाल में आई भीषण बाढ़ की भयानक तस्वीर से. तिब्बत से आए अचानक बाढ़ के पानी ने रसुवा में भारी तबाही मचाई. सैलाब में कई गाड़ियां..तीन पुलिस चौकी भी तबाह, कई हाइड्रोपावर को नुकसान.. बाढ़ से रसुवा सीमा नाके पर बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, टिमुरे सहित आसपास के दो बाजार बाढ़ से पूरी तरह तहस-नहस हो गए हैं. देखें...

आज तक 26 Aug 2026 3:58 pm

'लीड रोल चाहिए तो...', चैनल के शख्स ने रखी शर्त, घबराई एक्ट्रेस

शगुन शर्मा ने हाल ही में इंडस्ट्री में होने वालेकास्टिंग काउच पर बात की. एक्ट्रेस ने बताया कि लीड रोल के बदले उनसे कंप्रोमाइज करने की डिमांड की गई थी.

आज तक 26 Aug 2026 3:56 pm

जुलाई में 194% बढ़ी इस स्कूटर की सेल, कंपनी की हुई बल्ले-बल्ले

सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया के लिए जुलाई का महीना शानदार रहा है. इस महीने कंपनी ने 1,23,216 टू-व्हीलर्स बेचे हैं. पिछले साल जुलाई में कंपनी ने सिर्फ 96,029 गाड़ियां बेची थी. यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल कंपनी की सेल 28 फीसदी बेहतर हुई है.

आज तक 26 Aug 2026 3:55 pm

सुबह-दोपहर-शाम, रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कब रहेगा?

रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए दो अलग-अलग शुभ मुहूर्त बताए गए हैं. पहला सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 05:58 बजे से सुबह 10:53 बजे तक रहेगा. इसके बाद अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:53 बजे तक बताया गया है. इस अबूझ घड़ी में भी भाई की कलाई पर राखी बांधना उत्तम माना गया है.

आज तक 26 Aug 2026 3:53 pm

Akhilesh Yadav का ऐलान: 2027 UP Election में महिलाओं को BJP से ज्यादा टिकट देगी सपा

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में तो नारी केवल नारा बनकर रह गई है और उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिलाओं को भाजपा से अधिक टिकट देगी। यादव ने उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने पर स्त्री सम्मान समृद्धि योजना शुरू करने की घोषणा करने के लिए यहां सपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी सरकार में तो नारी केवल नारा बनकर रह गई है।’’उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून पहले ही पारित हो चुका है और सवाल किया कि भाजपा सरकार इसे लागू करने में देरी क्यों कर रही है। यादव ने कहा, महिला आरक्षण पारित हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी क्यों देरी कर रही है? यादव ने मांग की कि भाजपा महिला आरक्षण कानून को अगले चुनाव में लागू करे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार रक्षा बंधन के अवसर पर विशेष उपायों की घोषणा कर सकती है और बसें चला सकती है, तो उसे महिला आरक्षण लागू करने के बारे में भी ईमानदार होना चाहिए। यादव ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव में महिलाओं को भाजपा की तुलना में अधिक विधानसभा टिकट देगी। उन्होंने कहा, हम भाजपा से ज्यादा महिलाओं को टिकट देंगे। यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सबसे अधिक अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा, अगर कोई ऐसी जगह है जहां बेटियों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है, तो वह उत्तर प्रदेश है। अगर आप सभी तरह की घटनाओं को देखें, तो उनमें से ज्यादातर ऊंची जाति की आबादी के साथ हो रही हैं। पार्टी द्वारा घोषित स्त्री सम्मान समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए यादव ने कहा कि सपा इस योजना को लोगों तक ले जाएगी और 2027 के चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में अपनी प्रतिबद्धताओं को शामिल करेगी। उन्होंने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आधी आबादी की प्रगति जरूरी है। यादव ने कहा कि पिछली सपा सरकारों द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सुरक्षा में लिए गए फैसले उदाहरण बनते रहे। यादव ने पिछली सपा सरकार के दौरान शुरू की गई महिला हेल्पलाइन 1090 और डायल 100 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का हवाला देते हुए कहा कि ये पहल महिला सुरक्षा के प्रति उनकी पार्टी की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक जापानी प्रतिनिधिमंडल को महिला सुरक्षा उपायों के उदाहरण के रूप में 1090 प्रणाली भी दिखाई गई थी। उन्होंने कहा, मैं महिलाओं को आश्वस्त कर सकता हूं कि समाजवादी पार्टी सरकार में उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रस्तावित योजना का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि प्रस्तावित योजना के तहत महिलाओं को हर साल 40,000 रुपये मिलेंगे, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत होने और आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, यह आधी आबादी की पूर्ण आजादी का संकल्प है। यादव ने महिलाओं के लिए समाजवादी सरकार की पेंशन योजना को भी याद किया, जिसके तहत 500 रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए थे, उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस राशि को उत्तरोत्तर बढ़ाने की योजना बनाई थी। उन्होंने सपा सरकार की लैपटॉप वितरण योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इसने छात्रों को उस समय प्रौद्योगिकी प्रदान की थी जब प्रौद्योगिकी तक पहुंच तुलनात्मक रूप से सीमित थी। यादव ने कहा, भविष्य में इंटरमीडिएट पास करने वाली हर लड़की को समाजवादी सरकार में एक लैपटॉप दिया जाएगा ताकि उसे आगे बढ़ने का मौका मिले। भाजपा सरकार के टैबलेट वितरण कार्यक्रम पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उपकरण ठीक से काम नहीं करते हैं तो केवल उनका वितरण करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सपा महिलाओं और लड़कियों में असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए भी काम करेगी। यादव ने कहा कि पिछली सपा सरकार के दौरान छात्रों को जो साइकिल बांटी गई थीं, उन्हें भविष्य में फिर से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि अगर सपा सत्ता में लौटती है तो बंद किए गए 26,000 प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोला जाएगा, इससे लड़कियों को अपने घरों के करीब पढ़ने में मदद मिलेगी और शिक्षा के लिए कहीं और यात्रा करने से जुड़ी असुरक्षा कम होगी। उन्होंने कहा, सबसे बड़ा संकट या समस्या बेटियों में असुरक्षा की भावना है। उन्हें पढ़ाई के लिए अपना गांव नहीं छोड़ना चाहिए। यादव ने आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति की भी आलोचना की और पिछले दशक में केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकारों के प्रदर्शन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, अगर आप आंगनबाड़ियों के संबंध में सामने आ रहे आंकड़ों को देखेंगे तो आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे कि ‘डबल-इंजन’ सरकार ने उनके साथ क्या किया है। उन्होंने पोषण मिशन का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की पहल पहले भी की गई है। यादव ने नारी वंदन की बात करने वाले भाजपा नेताओं से राज्य में महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों और समस्याओं को भी याद रखने का आग्रह किया। सपा प्रमुख यादव ने कहा कि उनकी पार्टी के प्रस्तावित उपाय महिलाओं की गरिमा, आर्थिक सशक्तिकरण, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा पर केंद्रित होंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उसके व्यापक एजेंडे का हिस्सा होंगे।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 3:52 pm

प्यार भरा एक आत्मिक सफ़र रिश्तों की डोर से डिजिटल युग तक 

एकआत्मिकसफ़ररिश्तोंकीडोरसेडिजिटलयुगतक The post प्यारभराएकआत्मिकसफ़ररिश्तोंकीडोरसेडिजिटलयुगतक appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 26 Aug 2026 3:48 pm

शाम के नाश्ते में 10 मिनट में बनाएं मसाला मखाना, रेसिपी है आसान

Masala Makhana Recipe: अगर आपको शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा और टेस्टी खाने का मन करता है लेकिन आप ज्यादा ऑयली स्नैक्स से बचना चाहते हैं तो मसाला मखाना ट्राई कर सकते हैं. इसे बनाना बेहद आसान है और यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है.

आज तक 26 Aug 2026 3:47 pm

हिजाब से क्यों दिक्कत? हाईकोर्ट के फैसले पर बोले सपा नेता एसटी हसन

इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा स्कूल में हिजाब की अनुमति न देने के फैसले पर सपा नेता डॉ. एसटी हसन ने असहमति जताई है. उन्होंने कहा कि भारत की पहचान विविधता और भाईचारे में है. किसी पर जबरन हिजाब पहनाना या उतरवाना गलत है और धार्मिक पहचान के आधार पर समाज में विभाजन नहीं होना चाहिए.

आज तक 26 Aug 2026 3:43 pm

लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो फ्लाइट को बम की धमकी, एयरपोर्ट पर सुरक्षा अलर्ट

लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो फ्लाइट 6E231 को बम की धमकी मिलने के बाद केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। विमान सुरक्षित लैंड हुआ और जांच शुरू हुई।

देशबन्धु 26 Aug 2026 3:42 pm

Raghubar Das बोले MMDR Act से Jharkhand को होगा फायदा, अवैध खनन पर लगेगी रोक

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बुधवार को कहा कि एमएमडीआर कानून राज्य और देश के हितों को पूरा करेगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता दास ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस गठबंधन इस कानून के बारे में भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह कर रहा है। दास ने यहां भाजपा की झारखंड इकाई के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते कहा, ‘‘भाजपा इस कानून को लेकर झामुमो और कांग्रेस की ओर से भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की आलोचना करती है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद, बोकारो, चतरा, हजारीबाग, साहेबगंज और दुमका समेत राज्य के कई जिलों में बड़े पैमाने पर ‘कोयला, बालू और पत्थरों की लूट’ हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हाल में संशोधित कानून राज्य और देश, दोनों के हितों को पूरा करेगा। यह अवैध खनन पर रोक लगाएगा तथा पारदर्शिता के साथ कानून सम्मत खनन को बढ़ावा देगा, जिससे राज्य को ज्यादा से ज्यादा फायदा होगा। खनन क्षेत्र से मिलने वाले कुल कर का 90 प्रतिशत हिस्सा राज्य को जाता है और यह व्यवस्था जारी रहेगी।’’दास ने कहा कि रॉयल्टी के अलावा, केंद्र सरकार ने 2015 में खनन से प्रभावित इलाकों के विकास के लिए ‘डीएमएफटी’ फंड भी शुरू किया था। उन्होंने कहा कि केंद्र ने झारखंड में 34 कोयला ‘ब्लॉक’ को मंजूरी दी है, लेकिन अभी सिर्फ चार कोयला ‘ब्लॉक’ ही चालू हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘राज्य सरकार अभी तक बाकी 30 कोयला ब्लॉक में काम शुरू नहीं कर पाई है, जो राज्य की गंभीरता की कमी को दिखाता है।’’कांग्रेस की झारखंड इकाई ने मंगलवार को दावा किया कि हाल में संशोधित कानून से राज्य के खजाने को 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, जिससे कई सामाजिक कल्याण योजनाओं, खासकर महिलाओं पर केंद्रित मइयां सम्मान योजना पर असर पड़ेगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोध कांत सहाय ने प्रेसवार्ता में कहा था कि उपकर और रॉयल्टी से मिलने वाली 14,000 करोड़ रुपये की यह रकम राज्य के 2026-27 वित्तीय वर्ष के सालाना बजट में शामिल है। कांग्रेस ने संसद में विधेयक पास होने के विरोध में 27 अगस्त से चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है। संसद ने पिछले दिनों खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी थी। इस विधेयक का मकसद खनिज अधिकारों और खनिज संपदा वाली ज़मीनों पर कर लगाने के राज्यों के अधिकारों को सीमित करना है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 3:42 pm

ब्रेकफास्ट और डिनर किस समय करना फायदेमंद, रिसर्च से चला पता

नई रिसर्च में पाया गया है कि सुबह का पहला खाना और रात का आखिरी खाना खाने का समय मौत के रिस्क और जीवनकाल से जुड़ा हुआ है. यह स्टडी European Journal of Clinical Nutrition में पब्लिश हुई है.

आज तक 26 Aug 2026 3:41 pm

जनक दीदी पौधे लगाकर मनाएंगी अपना 41वाँ रक्षा-बंधन

'जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट' की निदेशक और प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ. जनक पलटा मगिलिगन (जिन्हें सभी प्यार से 'जनक दीदी' कहते हैं) इस वर्ष अपना 41वाँ रक्षा-बंधन का पावन पर्व एक अनूठे और प्रेरणादायक अंदाज़ में मनाने जा रही हैं। पिछले ...

वेब दुनिया 26 Aug 2026 3:40 pm

8000mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme का फोन, 3000 की छूट

Realme P4s 5G स्ममार्टफोन भारत में लॉन्च हो गया है, जिसमें 8000mAh बैटरी, डुअल चिपसेट और 50 मेगापिक्सल का रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. साथ ही इस हैंडसेट पर 3 हजार रुपये का कैशबैक मिलेगा.

आज तक 26 Aug 2026 3:38 pm

यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी

यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने आंधी, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है।

देशबन्धु 26 Aug 2026 3:36 pm

बेटी ने दिया कुकू कोहली की अर्थी को कंधा, हुई इमोशनल

बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर कुकू कोहली का 77 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार मुंबई में 26 अगस्त को हुआ, जिसमें कई दिग्गज अभिनेता-अभिनेत्रियां शामिल हुईं. सोशल मीडिया पर उनके अंतिम संस्कार के भावुक वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें उनकी बेटी करिश्मा कोहली उन्हें कंधा देते हुए दिख रही हैं.

आज तक 26 Aug 2026 3:36 pm

Bansuri Swaraj का Rahul Gandhi पर वार, बोलीं- 'पितृसत्ता खत्म' की बात सिर्फ Pune तक क्यों?

भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान पर आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने एक ज्वेलरी ब्रांड के त्योहारों से जुड़े विज्ञापन को लेकर मचे विवाद के बीच एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन किया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने सेनन का बचाव किया। सेनन को ज्वेलरी ब्रांड GIVA के रक्षाबंधन विज्ञापन में पहने गए अपने कपड़ों को लेकर ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा था। गांधी ने कहा कि महिलाओं को अपने कपड़े चुनने की आज़ादी है और उन्होंने ऑनलाइन ट्रोल करने वालों से महिलाओं को निशाना बनाना बंद करने को कहा। इसे भी पढ़ें: Punjab में 'Mission 117' पर BJP, Satish Poonia बोले - ड्रग्स से मुक्ति दिलाएंगे इसके जवाब में, स्वराज ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर गांधी के रुख में निरंतरता की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने कई ऐसे मौकों का ज़िक्र किया जब गांधी ने महिलाओं के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा नहीं की थी। उन्होंने कहा कि जब कंगना रनौत के ख़िलाफ़ अपशब्द कहे गए, तो राहुल गांधी चुप रहे। साथ ही, एक बार हेमा मालिनी के ख़िलाफ़ भी अपमानजनक टिप्पणी की गई थी, लेकिन राहुल गांधी की तरफ़ से एक भी बयान नहीं आया। अधीर रंजन चौधरी ने भारत की राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कांग्रेस के कई नेताओं ने महिलाओं के ख़िलाफ़ बातें कहीं, फिर भी राहुल गांधी चुप रहे, और अब वह पितृसत्ता को खत्म करने की बात कर रहे हैं। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहती हूँ कि कर्नाटक और हिमाचल में एक भी महिला नेता क्यों नहीं है? उन्होंने महिला आरक्षण बिल का विरोध क्यों किया? और आप महिलाओं के सशक्तिकरण की बात कर रहे हैं? उन्होंने आगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला-नेतृत्व वाले विकास के नज़रिए पर ज़ोर देते हुए कहा कि आप हमेशा नरेंद्र मोदी पर हमला करते रहते हैं। नरेंद्र मोदी एक ऐसे नेता हैं जो हमेशा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम कर रहे हैं। भारत की 48 प्रतिशत महिलाएँ दुनिया भर में स्टार्टअप्स का नेतृत्व कर रही हैं। राहुल गांधी, मैं आपकी महिला-विरोधी सोच पर सवाल उठा रही हूँ। यह देश आपसे बेहतर विपक्ष का नेता पाने का हकदार है, मिस्टर राहुल गांधी। इसे भी पढ़ें: बीजेपी संसदीय बोर्ड में बड़ा फेरबदल संभव, 4 CMs को मिलेगी जगह; Modi-Nabin के अलावा कौन-कौन? उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में एक नई झूठी कहानी गढ़ने की कोशिश की। वह पितृसत्ता को खत्म करने की बात करते हैं—एक ऐसी सोच जिसका मैं पूरी तरह समर्थन करता हूँ। हालाँकि, मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूँ: क्या आप पितृसत्ता को खत्म करने का नारा सिर्फ़ पुणे के मंच तक ही सीमित रखते हैं? और क्या आप अपनी ही कांग्रेस पार्टी के भीतर राजनीतिक पितृसत्ता को बढ़ावा देते रहते हैं? राहुल गांधी के पास न तो कोई विज़न है और न ही कोई सकारात्मक एजेंडा। नतीजतन, वह अपनी रिसर्च टीम द्वारा दिए गए नोट्स का इस्तेमाल करके देश के युवाओं और सम्मानित मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। आइए उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखें—आइए कांग्रेस पार्टी के रिपोर्ट कार्ड पर नज़र डालें। आखिरकार, अगर कोई सच में पितृसत्ता को खत्म करना चाहता है, तो राहुल गांधी को इसकी शुरुआत कांग्रेस पार्टी से ही करनी चाहिए। उन्होंने 22 अगस्त को पुणे के मंच पर यह बयान दिया था; फिर भी, ठीक दस दिन पहले, उन्होंने एक महिला प्रधानमंत्री—खासकर हमारे मित्र देश इटली की मौजूदा प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी—पर किए गए एक भद्दे मज़ाक में हिस्सा लिया था। यह लॉकर रूम में लड़कों की बातचीत सुनने जैसा था; उन्होंने सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरने के लिए सस्ते इशारों और सनसनीखेज बातों का सहारा लिया। इस बीच, ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने कृति सेनन वाले विज्ञापन को उसके कंटेंट को लेकर मिली चिंताओं के बाद हटा लिया। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में कंपनी ने कहा कि हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का बहुत सम्मान करते हैं। एक ब्रांड के तौर पर, हम हमेशा पूरे परिवार के साथ इन खुशियों भरे पलों को मनाने में विश्वास रखते हैं और इस बार हम अपने पालतू जानवरों को भी इस प्यार और जश्न में शामिल करना चाहते थे। अगर हमारे हालिया विज्ञापन से अनजाने में समाज के कुछ वर्गों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो हमारा ऐसा कोई इरादा बिल्कुल नहीं था। सम्मान के तौर पर, हमने उस विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया है। इस त्योहार के मौसम में आप सभी को ढेर सारा प्यार और सकारात्मकता मिले! देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 3:35 pm

फायर ब्रिगेड से धुलवाई BJP विधायक की कार ! वीडियो देख MLA बोले- मैं थोड़ी गाड़ी धोता हूं, ड्राइवर से पूछो

सिंगरौली के बीजेपी विधायक रामनिवास शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें उनके आवास पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी से इनोवा कार धोती दिखाई दे रही है. वीडियो के बाद सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग को लेकर विवाद खड़ा हो गया. विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, जबकि विधायक ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:34 pm

27वीं मंजिल से गिरकर PhD छात्र की मौत, नहीं मिला सुसाइड नोट

गाजियाबाद की प्रतीक ग्रैंड सिटी सोसायटी में मंगलवार देर शाम 23 साल के पीएचडी स्कॉलर वैभव सिंह की 27वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई. वैभव राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला था और पिछले एक हफ्ते से अपनी बुआ और फूफा के घर रह रहा था. वह दिल्ली के देशबंधु कॉलेज से पीएचडी कर रहा था. मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.

आज तक 26 Aug 2026 3:34 pm

अमेरिका का वीजा चाहिए तो जान लें ये बदलाव, देखें नया अपडेट

अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है. ट्रंप प्रशासन ने दुनियाभर में अमेरिकी वीजा इंटरव्यू अपॉइंटमेंट प्रक्रिया में अस्थायी बदलाव किया है. वैश्विक ट्रेनिंग प्रोग्राम के चलते कई आवेदकों की पहले से तय अपॉइंटमेंट दोबारा शेड्यूल की जा रही हैं.

आज तक 26 Aug 2026 3:32 pm

Congress ने MP Cabinet बर्खास्त करने की मांग President से की, Vijay Shah मामला

कांग्रेस ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बुधवार को मंत्री विजय शाह के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की मांग की। कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे एक पत्र में कहा कि राज्य सरकार द्वारा विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन की स्वीकृति नहीं देने का निर्णय एक ‘बड़बोले मंत्री’ को राजनीतिक संरक्षण देने के साथ उस व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह है, जिसमें सत्ता अपने राजनीतिक व्यक्ति को जवाबदेही से बचाने के लिए न्यायिक प्रक्रिया के सामने दीवार बनकर खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अभियोजन की स्वीकृति की मांग की है। ऐसे में सरकार का रुख देश के सामने एक गंभीर संवैधानिक प्रश्न खड़ा करता है कि क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून से ऊपर हैं।’’पटवारी ने यह पत्र मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के एक दिन बाद लिखा, जिसमें आदिम जाति कल्याण मंत्री शाह के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं आया। मंत्रिमंडल के बाद हुए संवाददाता सम्मेलन में जब लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह से इस विषय में सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव मंत्रिमंडल में नहीं आया। बाद में ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने भी इसकी पुष्टि की। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अभियोजन की स्वीकृति पर निर्णय ले। इस मामले में उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवाई 31 अगस्त को होने वाली है। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि मंत्रिमंडल की मंगलवार की बैठक में सरकार इस संबंध में कोई निर्णय ले सकती है। लेकिन सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों ने ही पुष्टि की कि इस संबंध में कोई प्रस्ताव मंत्रिमंडल में नहीं आया। पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा कि मध्यप्रदेश के राजनीतिक इतिहास का यह एक ‘अत्यंत शर्मनाक अध्याय’ है, जहां सवाल अब केवल विजय शाह के आचरण का नहीं, मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल की संवैधानिक एवं नैतिक जवाबदेही का है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अब पूरे मंत्रिमंडल को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।’’पटवारी ने कहा कि राष्ट्रपति सेना एवं संविधान की सर्वोच्च संरक्षक हैं और देश की जनता उनसे अपेक्षा करती है कि संविधान की मर्यादा, न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और भारतीय सेना के सम्मान की रक्षा के लिए वह अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन करेंगी। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रपति से तत्काल दखल का अनुरोध करते हुए उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस पूरे प्रकरण पर देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे तथा किसी भी राजनीतिक प्रभाव को न्यायिक प्रक्रिया में बाधा नहीं बनने देंगे। ज्ञात हो कि शाह से जुड़ा यह पूरा मामला मई 2025 का है जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया को देने वाली सैन्य अधिकारियों की टीम में कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल थीं। शाह ने इंदौर के निकट महू के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी की थी, जिसे उनके धर्म और पहलगाम हमले के आतंकियों के समुदाय से जोड़कर देखा गया। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने उनकी टिप्पणी का स्वत: संज्ञान लिया और शाह की टिप्पणी को बेहद आपत्तिजनक मानते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद शाह ने इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। शीर्ष अदालत ने शाह के बयानों की निंदा करते हुए इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की रिपोर्ट अदालत के सामने प्रस्तुत होने के बाद उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिया था कि वह शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में अभियोजन की स्वीकृति पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय ले। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी अपनी जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर चुका है, लेकिन राज्य सरकार की स्वीकृति का इंतजार है। अदालत ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 के तहत अपराध का संज्ञान लेने के लिए यह मंजूरी आवश्यक है। धारा 196 सांप्रदायिक वैमनस्य और घृणा को बढ़ावा देने से संबंधित है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 3:32 pm

राखी कोरा रक्षा कवच नहीं, नारी-सम्मान का संकल्प बने

रक्षाबंधन (28 अगस्त 2026) The post राखी कोरा रक्षा कवच नहीं, नारी-सम्मान का संकल्प बने appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 26 Aug 2026 3:28 pm

कॉकरोच पार्टी ने बदली भारतीय राजनीति की राह? पीएम मोदी और राहुल गांधी दोनों को फायदा

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के बाद पीएम मोदी और राहुल गांधी दोनों ही सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। दोनों ही नेता लगातार वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। ऐसे में दोनों की ही सोशल मीडिया रीच में तेजी देखने को मिली है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 3:26 pm

IND vs SL: कैच हो तो ऐसा! गिल ने मैदान पर किया करिश्मा?

शुभमन गिल ने पीछे की तरफ दौड़ते हुए एक जबरदस्त कैच पकड़ने में सफलता हासिल की. गिल के इस कैच ने लंबे समय से चली आ रही है भारतीय टीम के विकेट के सूखे को भी खत्म किया.

आज तक 26 Aug 2026 3:26 pm

नेपाल में अचानक आई बाढ़ में 142 भारतीय पर्यटक लापता, इन देशों के नागरिक भी हैं लापता

नेपाल के तिब्बत से लगती सीमा इलाके में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ के बाद से 142 भारतीय पर्यटकों समेत 291 पर्यटक लापता बताए गए हैं. इस बाढ में 93 नेपाली नागरिक भी लापता हो गए हैं. प्रशासन उनकी तलाश में जुटा हुआ है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:24 pm

10 किलोग्राम वाला FTL LPG सिलेंडर बाजार में हुआ लॉन्च, जानें खासियत और कीमत

इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने 10 किलोग्राम वाला FTL सिलेंडर प्रयागराज और गुरुग्राम में लॉन्च किया है. सबसे खास बात यह है कि सिलेंडर बुक करने के 4 घंटे के अंदर इसकी डिलीवर किया जा रहा है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:23 pm

कौन है स्नेहा राजगुरु, 29 साल में ले ली रिटायरमेंट? अब कर रही हैें ये काम

29 साल की उम्र में जहां लड़कियां अपने करियर में आ बढ़ने के लिए मेहनत करती है लेकिन पुणे की एक कंपनी में काम करने वाली ये महिला ने इस उम्र में रिटायरमेंट लेने का फैसला किया. उनकी कहानी सोशल मीडिया पर उनकी कहानी तेजी से वायरल हो रही है. इसके बाद उन्होंने शहर की भागदौड़ से दूर एक धीमी और खेती पर आधारित जिंदगी अपनाई.

आज तक 26 Aug 2026 3:23 pm

Tejashwi Yadav ने PMCH में घायल छात्रों से की मुलाकात, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से बुधवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में मुलाकात की और आरोप लगाया कि सरकार युवाओं का भविष्य कुचल रही है। तेजस्वी ने राज्य की राजधानी स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन छात्रों से बातचीत की। मंगलवार को हजारों छात्रों और अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने की कोशिश की थी। पुलिस द्वारा रोके जाने पर हिंसक झड़प हुई। इस दौरान कई छात्र घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। तेजस्वी ने ‘एक्स’ पर कहा, “पीएमसीएच में पटना के लोकतांत्रिक प्रदर्शन के दौरान पुलिस के बर्बर लाठीचार्ज में घायल छात्रों से मिला। ‘इमरजेंसी’ वार्ड में भर्ती छात्रों को घंटों तक इलाज तक नहीं मिला।”उन्होंने केंद्र और राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा, “देश में सबसे अधिक युवा आबादी वाले राज्य बिहार में छात्रों का भविष्य मोदी एंड कंपनी द्वारा बेरहमी से कुचला जा रहा है। अपने अधिकारों और हक की आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियों पर एके-47 से गोलियां चलाई जा रही हैं और लाठीचार्ज किया जा रहा है।”राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को “दुर्घटनावश मुख्यमंत्री” बताते हुए कहा कि उन्हें पुलिस कार्रवाई के लिए छात्रों से तत्काल माफी मांगनी चाहिए। तेजस्वी द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह पीएमसीएच में घायल छात्रों से बातचीत करते नजर आए। एक छात्रा ने दावा किया कि अस्पताल लाए जाने के “तीन घंटे बाद” उसके सिर में टांके लगाए गए। वहीं, एक छात्र ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उसे “निशाना बनाकर” पीटा और उसके सिर में 13 टांके लगे। वीडियो में मौजूद एक चिकित्सक ने तेजस्वी से कहा कि सीटी स्कैन में घायल छात्र के सिर में सूजन पाई गई है। वहीं, पटना के गर्दनीबाग में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सौरभ कुमार सिंह ने दावा किया कि उनके समूह के करीब 40 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था और कई अभ्यर्थी घायल हुए, जिनमें दो गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने कहा, “पुलिस ने आधी रात तक हिरासत में लिए गए सभी लोगों को एक-एक कर रिहा कर दिया। हमारे दो गंभीर रूप से घायल साथी पीएमसीएच में उपचाराधीन हैं।”सिंह ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आपसी विचार-विमर्श के बाद अगले कुछ दिनों में बिहार बंद का आह्वान किया जा सकता है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 3:22 pm

रसुवा में भीषण बाढ़ से 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स प्रभावित

रसुवा की भीषण बाढ़ से 13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुईं. संचालन में 8 प्रोजेक्ट्स की 354 मेगावाट और निर्माणाधीन 5 की 394 मेगावाट समेत कुल 748 मेगावाट क्षमता प्रभावित.

आज तक 26 Aug 2026 3:20 pm

लखनऊ से बेंगलुरु जा रहे विमान में बम होने की धमकी, टिश्यू पेपर पर लिखा हुआ था मैसेज

लखनऊ से बेंगलुरु जाने वाले विमान में बम की धमकी वाला एक लेटर मिला है। ये धमकी एक टिश्यू पेपर पर लिखी हुई थी। फ्लाइटसुरक्षित रूप से लैंड कर गई है और विमान की जरूरी सुरक्षा जांच की जा रही है।

खबर इंडिया टीवी 26 Aug 2026 3:18 pm

39 साल पुराने इस गाने के बाद 'मिस हवा हवाई' बन गई थीं श्रीदेवी, कविता कृष्णमूर्ति से हुआ था ब्लंडर, एक्ट्रेस की कॉमेडी और एक्सप्रेशन ने लिया बचा

39 साल पहले रिलीज हुआ'हवा हवाई' सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि श्रीदेवी के करियर की पहचान बन गया था. दिलचस्प बात यह है कि रिकॉर्डिंग के दौरान हुई कविता कृष्णमूर्ति की एक छोटी सी गलती को भी मेकर्स ने नहीं सुधारा और वही गाने की खास याद बन गई.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:16 pm

बायसेक्सुअल हैं आकांक्षा, बहू का सच जानकर चिल्लाए सास-ससुर?

आकांक्षा चमोला ने शो में बताया कि वो बायसेक्सुअल हैं. लड़कियों को लेकर उनके दिल में फीलिंग पैदा होती हैं. ये बात शादी से पहले गौरव को पता थी.

आज तक 26 Aug 2026 3:15 pm

CJP को तेजस्वी सूर्या की नसीहत, सत्ता में कोई भी हो, मुद्दों पर स्वतंत्र रहें

‘इंडिया टुडे कर्नाटक राउंडटेबल’ में सूर्या ने कहा कि चुनिंदा मुद्दों पर सवाल उठाने से संगठन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं, उन्होंने CJP को गंभीर आत्म-मंथन की सलाह भी दी।

आज तक 26 Aug 2026 3:15 pm

24 साल बाद टीवी पर होस्ट बनकर लौट रहीं माधुरी दीक्षित, 'कोण होणार करोडपती' में दिखेगा नया अंदाज

बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने अपने लंबे फिल्मी करियर में एक्टिंग और डांस से तो दर्शकों का दिल जीता ही है

खास खबर 26 Aug 2026 3:15 pm

IITs में पिछले पांच सालों में कितने छात्रों की हुई मौत? दिल्ली केस के बीच देख लीजिए आंकड़े

आईआईटी दिल्ली में छात्र खुदकुशी के बाद कैंपस में गुस्सा है. कुछ महीने पहले भी यहां एक छात्र ने जान दे दी थी. आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 सालों में देश के इन टॉप इंस्टीट्यूट में ऐसे केस काफी ज्यादा बढ़ गए हैं. इसके आंकड़े काफी डराने वाले हैं.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:14 pm

छोटा शहर-मिडिल क्लास परिवार, OTT पर खूब पसंद की गई थी 5 एपिसोड की ये वेब सीरीज, अब आ रहा सीजन-2, ट्रेलर रिलीज

द वायरल फीवर की इस पॉपुलर वेब सीरीज का प्रीमियर फरवरी 2026 को हुआ था. अब 6 महीने के अंदर की इसके दूसरे सीजन का अनाउंसमेंट हो गई और साथ ही साथ ट्रेलर भी रिलीज कर दिया गया है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:14 pm

Tibet Flood:

China Tibet Avalanche Nepal Flood Bihar High Alert:

वन इंडिया 26 Aug 2026 3:13 pm

'रिजेक्शन झेलें, बेचना सीखें', वेंबू ने बताया सफल बिजनेस का सीक्रेट

जोहो के फाउंडर श्रीधर वेंबू ने नए उद्यमियों को बिजनेस की सफलता का एक अहम मंत्र बताया है. उनका कहना है कि सिर्फ शानदार प्रोडक्ट या मजबूत टेक्निकल नॉलेज से कंपनी सफल नहीं होती. फाउंडर्स को खुद सेल्स कॉल्स पर जाना चाहिए, ग्राहकों से बातचीत करनी चाहिए और रिजेक्शन का सामना करना सीखना चाहिए.

आज तक 26 Aug 2026 3:13 pm

सांप को पकड़ने के लिए क्या करना चाहिए? घर में सांप ना आए इसके लिए क्या करना चाहिए

सांप को पकड़ने के लिए क्या करना चाहिए? बरसात के मौसम में अकसर सांप घर में घुस जाते हैं. आप इन्‍हें भगा तो देते हैं, मगर इससे सांप के फ‍िर आने का डर बना रहता है. ऐसे में सांप को भगाने के बजाय पकड़ना बेहतर होता है.

NDTV इंडिया 26 Aug 2026 3:10 pm

राजस्थान हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश को पद से हटाने की मांग, जस्टिस संदीप मेहता ने लिखा पत्र

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक (एक्टिंग) चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश (एसपी) शर्मा को हटाने की मांग उठी है। उच्चतम न्यायायल के जस्टिस संदीप मेहता ने सीजेआई सूर्यकांत को पत्र लिखकर राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करने की भी मांग की। जस्टिस संदीप मेहता ने संजीव प्रकाश शर्मा पर प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप लगाकर उन्हें पद से हटाए जाने की मांग की है। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि संजीव प्रकाश शर्मा अक्सर अपने साथी जजों को ट्रांसफर जैसी कार्रवाई की धमकी देते हैं। वहीं खुद को सीजेआई के करीबी होने का दावा करते हैं। जस्टिस मेहता ने सीजेआई को पत्र लिखकर कहा कि मैं आपसे बार-बार यह अनुरोध करता रहा हूं कि राजस्थान हाईकोर्ट में किसी अन्य राज्य से मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का निर्णय लिया जाए, ताकि इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को रोका जा सके। उन्होंने बोल दिया कि मेरे विचार में इस अनुरोध की लगातार अनदेखी करना संस्था के हित के पूरी तरह से खिलाफ है। इस संबंध में वह अभी तक तीन पत्र लिख चुके हैं। PC:jagran

समाचार जगत 26 Aug 2026 3:10 pm

Bihar में Samrat Choudhary का बड़ा ऐलान: 3 नई योजनाओं से महिलाएं बनेंगी 'लखपति दीदी', सशक्त होगा बिहार

सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर राज्य सरकार के ज़ोर को रेखांकित करते हुए, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के उद्देश्य से तीन प्रमुख योजनाओं की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पंचायतों से लेकर प्रशासन तक महिलाओं की भागीदारी बिहार में समाज की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। हाल ही में शुरू किए गए 'पुलिस दीदी' अभियान के तहत, लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Punjab में 'Mission 117' पर BJP, Satish Poonia बोले - ड्रग्स से मुक्ति दिलाएंगे फील्ड ड्यूटी के दौरान उनकी आवाजाही को आसान बनाने के लिए महिला कर्मियों को लगभग 2,700 स्कूटी और 2,000 से अधिक मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि वर्तमान में राज्य पुलिस बल में लगभग 40,000 महिला पुलिस कर्मी कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 'डायल 112' हेल्पलाइन के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) घटकर 10 मिनट से कम हो गया है, और प्रशासन का लक्ष्य इसे और कम करके 5-7 मिनट तक लाना है। आर्थिक आत्मनिर्भरता पर ज़ोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 1.81 करोड़ महिलाएं 'जीविका' (JEEViKA) पहल से जुड़ी हैं, जिनमें से 70 लाख से अधिक 'जीविका दीदियां' सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 43 लाख महिलाएं पहले ही 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, और अगले दो वर्षों में एक लाख और महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तो पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होता है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता एक नए और समृद्ध बिहार की पहचान बनेगी। 2047 तक 'विकसित भारत' के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस विजन को और मजबूत करेगी। इसे भी पढ़ें: बीजेपी संसदीय बोर्ड में बड़ा फेरबदल संभव, 4 CMs को मिलेगी जगह; Modi-Nabin के अलावा कौन-कौन? बिहार में बेहतर सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने सुधा मूर्ति की राज्य यात्रा का भी जिक्र किया और बताया कि उन्होंने बिहार की सड़कों और यात्रा से जुड़ी सुविधाओं की तारीफ की। इससे पहले मंगलवार को चौधरी ने छात्रों की शिकायतों, समस्याओं और सुझावों के तुरंत समाधान के लिए स्टूडेंट सपोर्ट कैंप पहल शुरू करने की घोषणा की। X पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये कैंप हर महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्र सीधे सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि छात्र स्टूडेंट सपोर्ट पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 के जरिए ऑनलाइन अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे और अपनी शिकायतों की स्थिति भी जान सकेंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 3:07 pm

दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत, 2,500 महिलाओं को मिले स्वीकृति पत्र; 1 सितंबर से मिलेगा ₹2,500 मासिक लाभ

नई दिल्ली, 26 अगस्त: दिल्ली सरकार ने बुधवार को अपनी महत्वाकांक्षी दिल्ली लक्ष्मी योजना की औपचारिक शुरुआत की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में करीब 2,500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र प्रदान किए। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। 1 सितंबर से खाते में […]

तहलका 26 Aug 2026 3:04 pm

जहां ठहरेंगे ब्रिक्स समिट में आए विदेशी मेहमान, वहां कॉकरोचों और मक्खियों का अंबार; एक्स्पायर्ड फूड भी मिले

FSSAI की टीम ने 22 जून को होटल ‘अंदाज़ दिल्ली’ का निरीक्षण किया था। वहां किचन में शाकाहारी और मांसाहारी खाने को अलग-अलग नहीं रखा गया था। जांच में 87 किलो एक्सपायर्ड मिठाइयां मिलीं, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 3:04 pm

रोज की दाल छोड़ें, झटपट बनाएं प्रोटीन से भरपूर काला चना सोयाबीन सब्जी

Kala Chana Soyabean: अगर आप भी रोज-रोज हरी सब्जी या दाल खाकर बोर हो जाते हैं और आपको समझ नहीं आता कि क्या नया बनाया जाए तो आज हम आपको काले चने और सोयाबीन की बड़ी वाली टेस्टी और प्रोटीन रिच सब्जी की रेसिपी बता रहे हैं. खास बात है कि इसके लिए आपको न छौंक लगाना होगा और न ही घंटों तक मसाला भूनना होगा.

आज तक 26 Aug 2026 3:03 pm

जेल की जगह पहुंचा अस्पताल, मिला स्पेशल कमरा ... गर्लफ्रेंड को बुलाता था आरोपी अफसर, ऐसे खुला राज

कर्नाटक लोकायुक्त ने जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े विभाग के सहायक निदेशक मोहम्मद हुसैन को कथित अवैध खातों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जेल भेजा जाना था। लेकिन जेल जाने के बजाय उन्हें मांड्या इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (MIMS) अस्पताल में भर्ती करा दिया गया

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 3:03 pm

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद : मनुस्मृति बयानबाजी को बताया सनातन विरोधी, कहा- असत्य और भ्रम फैलाना तुरंत बंद करें कांग्रेस नेता

छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और धार्मिक गलियारों से इन दिनों एक बहुत बड़ी और तीखी बयानबाजी सामने आ रही है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने देश के प्रमुख विपक्षी नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बेहद कड़ा हमला बोला है। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के दौरे के दौरान और वहां से जारी किए गए एक आधिकारिक प्रेस नोट के माध्यम से शंकराचार्य ने राहुल गांधी द्वारा हिंदू धर्मग्रंथ 'मनुस्मृति' को लेकर दिए गए बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। शंकराचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा है कि राहुल गांधी की यह मानसिकता पूरी तरह से सनातन विरोधी और धर्मशास्त्र विरोधी है, और उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए हिंदू धर्म के ग्रंथों के खिलाफ असत्य तथा भ्रम फैलाने वाले बयान देना तुरंत बंद कर देना चाहिए। उनके इस आक्रामक रुख के बाद से कांग्रेस और साधु-संतों के बीच वैचारिक टकराव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिससे राजनीतिक बाजारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।क्या था राहुल गांधी का वह बयान जिस पर भड़के ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य?पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने अपने विभिन्न जनसभाओं और भाषणों के दौरान प्राचीन भारतीय ग्रंथ 'मनुस्मृति' और सामाजिक व्यवस्था को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं जिन्हें विपक्षी नेताओं और आलोचकों ने हिंदू धर्म की मान्यताओं पर हमला करार दिया था। राहुल गांधी ने अपने बयानों में यह आरोप लगाया था कि इस तरह के प्राचीन ग्रंथों और व्यवस्थाओं के कारण समाज में भेदभाव और असमानता को बढ़ावा मिला है। उनके इन बयानों को लेकर देश भर के कई वैचारिक मंचों पर बहस छिड़ गई थी। इसी कड़ी में जब ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में थे, तो उन्होंने इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए एक प्रेस नोट जारी किया। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि बिना ग्रंथों के वास्तविक अध्ययन और उनके संदर्भ को समझे बिना इस प्रकार की भ्रामक बातें करना न केवल सनातन धर्म का अपमान है, बल्कि यह देश के बहुसंख्यक समाज की भावनाओं को आहत करने का एक सुनियोजित प्रयास भी है।शंकराचार्य के कड़े शब्द: सनातन विरोधी मानसिकता और भ्रमित प्रचार स्वीकार नहींशंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने बयान में बहुत कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि आज के समय में राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सनातन धर्म, उसके ग्रंथों और धार्मिक परंपराओं को निशाना बनाना एक फैशन बन गया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि धर्मशास्त्रों के अपने नियम और ऐतिहासिक संदर्भ होते हैं, और उन्हें राजनीतिक चश्मे से देखकर जनता के बीच गलत संदेश फैलाना सरासर अनुचित है। शंकराचार्य ने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म हमेशा से सहिष्णुता, न्याय और सबका कल्याण चाहने वाला धर्म रहा है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए जानबूझकर हिंदू समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह के असत्य और भ्रामक प्रचार से देश की वैचारिक एकता को नुकसान पहुंच रहा है, जिसे देश का संत समाज कभी सफल नहीं होने देगा।छत्तीसगढ़ की धरती से उठी वैचारिक गूंज और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौरछत्तीसगढ़ के बेमेतरा से शंकराचार्य द्वारा उठाया गया यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य और देश की राजनीति में वैचारिक ध्रुवीकरण काफी तेज हो चुका है। छत्तीसगढ़ में इस बयान के आने के बाद से ही राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरू हो गई हैं। जहां एक तरफ सत्ता पक्ष और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शंकराचार्य के इस बयान का समर्थन करते हुए राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं का यह कहना है कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और वे हमेशा संविधान तथा सामाजिक न्याय के पक्ष में बात करते हैं। इसके बावजूद, शंकराचार्य जैसे सर्वोच्च आध्यात्मिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार खुलकर किसी राष्ट्रीय नेता के बयानों की आलोचना करना यह साबित करता है कि धार्मिक ग्रंथों और आधुनिक राजनीति का यह टकराव आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ने वाला है।धर्मशास्त्रों की गरिमा और राजनेताओं के बयानों की बढ़ती सीमाएंयह पूरा घटनाक्रम इस बात पर गंभीर सवाल खड़े करता है कि क्या राजनीतिक लाभ के लिए प्राचीन ग्रंथों और धार्मिक मान्यताओं का इस तरह सार्वजनिक मंचों पर उपयोग करना उचित है। भारत जैसी विविधता से भरी संस्कृति में जहां आस्था और धर्म का लोगों के जीवन में एक विशेष स्थान है, वहां इस तरह के बयान अक्सर गहरी सामाजिक और राजनीतिक बहस का रूप ले लेते हैं। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का यह बयान केवल एक तीखी प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के संरक्षकों की ओर से दी गई एक वैचारिक चेतावनी है कि धर्म और ग्रंथों के मामलों में बयानबाजी करते समय राजनीतिक मर्यादाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। जैसे-जैसे देश में चुनावी सरगर्मी और वैचारिक बहस तेज होगी, यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लंबे समय तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराता रहेगा, और जनता भी यह देख रही है कि कैसे आस्था और राजनीति के इस खेल में शब्दों के बाण लगातार चलाए जा रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 3:01 pm

वाराणसी में डूबा मणिकर्णिका घाट, च‍िताएं जलाने नहीं जगह, देखें

वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप अब जिंदगी से लेकर अंतिम विदाई तक की तस्वीर बदल रहा है. मणिकर्णिका घाट पूरी तरह डूबा तो चिताएं अब ऊंची छतों और संकरी गलियों में जल रही हैं. चारों तरफ बाढ़ का पानी और उसके बीच उठता धुआं बेबसी की तस्वीर दिखा रहा है. दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी पानी में डूब गई है, जबकि अस्सी घाट पर नावों का संचालन बंद है. उधर BHU परिसर में घुटनों तक पानी भरने से क्लास और आवाजाही प्रभावित हुई है. गंगा का बढ़ता जलस्तर अब वाराणसी के घाटों, गलियों और जिंदगी की रफ्तार सबको अपने आगोश में ले रहा है.

आज तक 26 Aug 2026 3:00 pm

वर्दी में सड़क पर लेट गया! कन्नौज में PRD जवान का वीडियो वायरल

कन्नौज में एक PRD जवान का सड़क पर लेटकर हंगामा करने का वीडियो वायरल हो रहा है. पुलिस के मुताबिक, तिर्वा क्रॉसिंग पर वर्दी में मिले राम सिंह यादव नशे की हालत में थे और Breath Analyzer जांच में 565 mg/100 ml अल्कोहल पाया गया. हालांकि जवान ने शराब पीने के आरोप से इनकार करते हुए अधिकारियों पर प्रताड़ित करने और मारपीट का आरोप लगाया है.

आज तक 26 Aug 2026 2:59 pm

अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघिन के खौफनाक हमले से 25 वर्षीय युवक की मौत, प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने पर हुआ बड़ा हादसा

छत्तीसगढ़ के वन्यजीव बहुल इलाकों और जंगलों से एक बेहद दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आ रही है। राज्य के मुंगेली जिले के अंतर्गत आने वाले विश्व प्रसिद्ध अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) से जुड़ी इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एटीआर के लोरमी बफर जोन के भीतर एक वन्यजीव हमले में 25 वर्षीय एक युवक की जान चली गई है, जिससे मृतक के परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वन विभाग और स्थानीय पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बांधा गांव का रहने वाला एक युवा ग्रामीण नियमों को ताक पर रखकर प्रतिबंधित वन क्षेत्र के अंदर दाखिल हुआ था, जहां घात लगाए बैठी एक खूंखार बाघिन ने अचानक उस पर हमला कर दिया। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से अचानकमार टाइगर रिजर्व के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली तथा सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।क्या है पूरा घटनाक्रम: कैसे अचानक हुआ बाघिन का यह जानलेवा हमला?प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुंगेली जिले के बांधा गांव का निवासी 25 वर्षीय धरमजीत धृतलहरे अपने चार अन्य साथियों के साथ किसी व्यक्तिगत या स्थानीय उद्देश्य से अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित बफर क्षेत्र में दाखिल हुआ था। यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह से संवेदनशील और आम नागरिकों की आवाजाही के लिए प्रतिबंधित घोषित किया गया है, ताकि इंसानों और खतरनाक वन्यजीवों के बीच किसी भी प्रकार के टकराव को रोका जा सके। जब धरमजीत अपने अन्य साथियों के साथ जंगल के इस घने और संवेदनशील हिस्से से गुजर रहा था, तभी वहां पहले से मौजूद एक बाघिन ने अचानक उन पर धावा बोल दिया। बाघिन के इस आक्रामक और अचानक हुए हमले को देखकर बाकी ग्रामीण तो जान बचाकर भागने में सफल रहे, लेकिन धरमजीत बाघिन के चंगुल से नहीं निकल पाया और खूंखार जानवर ने उसे अपना शिकार बना लिया। इस खौफनाक मंजर को देखने वाले उसके साथियों ने जब गांव लौटकर पूरी घटना की जानकारी दी, तो पूरे इलाके में कोहराम मच गया।वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और मौके पर पहुंचे राहत दलघटना की सूचना मिलते ही अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) के वन अधिकारी, स्थानीय रेंजर, गार्ड और पुलिस प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं और भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुईं। प्रतिबंधित क्षेत्र होने के कारण सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ वन विभाग के कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और जंगल के भीतर से युवक के क्षत-विक्षत शव को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि हमला करने वाली बाघिन थी और यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व का कोर या संवेदनशील बफर जोन होने के कारण पूरी तरह से प्रतिबंधित है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को शोकाकुल परिजनों को सौंप दिया जाएगा। इस घटना के बाद वन विभाग ने जंगलों के आसपास गश्त और निगरानी को और अधिक बढ़ा दिया है ताकि कोई अन्य ग्रामीण गलती से भी इस खतरनाक जोन में प्रवेश न कर सके।इंसान और वन्यजीवों का बढ़ता टकराव और सुरक्षा नियमों का उल्लंघनअचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के सबसे महत्वपूर्ण और जैव-विविधता से भरपूर संरक्षित वनों में से एक है, जहां बाघ, तेंदुए, भालू और कई अन्य दुर्लभ वन्यजीव स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं। सरकार और वन विभाग द्वारा बार-बार यह चेतावनी जारी की जाती है कि स्थानीय ग्रामीण या मवेशी चराने वाले लोग रिजर्व के कोर और प्रतिबंधित बफर क्षेत्रों में प्रवेश न करें, क्योंकि ऐसा करना न केवल कानूनी रूप से अपराध है बल्कि उनके अपने जीवन के लिए भी घातक सिद्ध हो सकता है। इसके बावजूद जागरूकता की कमी या आजीविका की मजबूरी के चलते कई बार ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इन जंगलों के भीतर चले जाते हैं, जो अक्सर इस तरह की दर्दनाक त्रासदियों का कारण बनता है। विशेषज्ञों का यह मानना है कि वन विभाग और स्थानीय पंचायतों को मिलकर ग्रामीणों के बीच जागरूकता अभियान चलाने की सख्त जरूरत है ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में मानवीय दखलंदाजी को पूरी तरह से बंद किया जा सके।ग्रामीणों में व्याप्त खौफ और सरकार की ओर से मिलने वाली सहायताइस हृदयविदारक हादसे के बाद से मुंगेली जिले के बांधा गांव सहित अचानकमार टाइगर रिजर्व से सटे दर्जनों गांवों में भय का वातावरण व्याप्त है। लोग अब अकेले जंगलों की तरफ जाने से भी कतरा रहे हैं और वन विभाग से यह मांग कर रहे हैं कि बाघिन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए ताकि वह रिहायशी इलाकों के करीब न आ सके। राज्य शासन के नियमों के अनुसार वन्यजीवों के हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाती है, और प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। हालांकि किसी भी मुआवजे से एक युवा कीमती जान की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन यह घटना पूरे समाज और प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि प्रकृति के नियमों और कानूनों का उल्लंघन करने पर कितना भारी मूल्य चुकाना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस बात को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है कि कोई भी व्यक्ति प्रतिबंधित जंगलों की सीमा को पार न करे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:59 pm

छत्तीसगढ़ के विकास के लिए फ्लाईओवर, फोरलेन और सड़कों के निर्माण समेत तीन बड़ी और अहम मांगें रखकर की खास चर्चा

छत्तीसगढ़ की राजनीति और राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने की दिशा में इन दिनों दिल्ली से लेकर रायपुर तक सरगर्मी काफी तेज बनी हुई है। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ के कद्दावर और सक्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में देश के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) से एक उच्चस्तरीय और बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संसदीय क्षेत्र और समग्र छत्तीसगढ़ राज्य के सड़क नेटवर्क को अत्याधुनिक बनाने तथा यातायात व्यवस्था को सुगम करने के लिए तीन बेहद अहम और बड़े प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी अपनी कार्यकुशलता और देश भर में सड़कों का जाल बिछाने के लिए 'रोड मैन' के रूप में जाने जाते हैं, और जब छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़ा कोई प्रस्ताव उनके सामने रखा जाता है, तो उस पर विशेष गंभीरता से विचार किया जाता है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा उठाई गई इन मांगों से राज्य के नागरिकों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस बैठक की चर्चा जोरों पर है।क्या हैं वे तीन बड़ी मांगें जो छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे की तस्वीर बदल देंगी?केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सौंपे गए प्रस्ताव पत्र और लंबी चर्चा के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्य रूप से तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को जल्द से जल्द हरी झंडी दिखाने की मांग की है। इन प्रस्तावों में प्रमुख रूप से छत्तीसगढ़ के व्यस्त शहरी और ग्रामीण मार्गों पर यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए आधुनिक फ्लाईओवर (Flyovers) का निर्माण, प्रमुख मार्गों को फोरलेन (Four-lane Highways) में तब्दील करना और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों के सुदृढ़ीकरण शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और शहरी क्षेत्रों में वाहनों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण आए दिन मुख्य चौराहों और राजमार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। सांसद ने केंद्रीय मंत्री को इन तमाम जमीनी समस्याओं से अवगत कराते हुए यह तर्क दिया कि यदि समय रहते इन कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स को मंजूरी नहीं मिली, तो आने वाले दिनों में आम जनता और माल ढुलाई करने वाले ट्रांसपोर्टर्स को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।रायपुर और आसपासAdd News के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए फ्लाईओवर और फोरलेन की सख्त जरूरतछत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और उसके आसपास के औद्योगिक तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में सड़क परिवहन की स्थिति को बेहतर बनाना राज्य के आर्थिक विकास के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता माना जाता है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक के दौरान विशेष रूप से उन संवेदनशील और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों का जिक्र किया जहां आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं और घंटों गाड़ियां जाम में फंसी रहती हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए उन्होंने रायपुर के प्रमुख मार्गों पर नए फ्लाईओवर बनाने तथा महत्वपूर्ण सड़क मार्गों को डबल लेन से बढ़ाकर फोरलेन या सिक्स लेन में अपग्रेड करने का आग्रह किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन सभी मांगों को बहुत ही ध्यान से सुना और संबंधित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को इस पर तत्काल प्रभाव से तकनीकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ की जनता में एक उम्मीद की नई किरण जाग उठी है।केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय का सकारात्मक रुख और विकास को मिलने वाली गतिकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय हमेशा से देश भर में सड़क के बुनियादी ढांचे को विश्व स्तरीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल और नितिन गडकरी के बीच हुई इस मुलाकात के बाद मंत्रालय के सूत्रों से यह संकेत मिले हैं कि छत्तीसगढ़ के इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर अमलीजामा पहनाया जा सकता है। सड़क और परिवहन के क्षेत्र में जब इस तरह के बड़े निवेश और निर्माण कार्य होते हैं, तो न केवल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं, बल्कि लॉजिस्टिक्स कॉस्ट (Logistics Cost) कम होने से स्थानीय उद्योगों और किसानों को भी अपनी उपज व उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल की यह पहल राज्य के विकास को एक नई गति देने वाली साबित होगी, क्योंकि बेहतर सड़कें ही किसी भी राज्य की प्रगति का असली द्वार खोलती हैं।जनता की उम्मीदें और आगामी विकास कार्यों पर टिकी सबकी निगाहेंजैसे ही सांसद बृजमोहन अग्रवाल और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच हुई इस बैठक और तीन बड़ी मांगों की खबरें सार्वजनिक हुईं, छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों, व्यापारियों और वाहन चालकों ने इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि ये फ्लाईओवर और फोरलेन प्रोजेक्ट्स समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतर जाते हैं, तो उनका रोजाना का सफर सुरक्षित और सुगम हो जाएगा। छत्तीसगढ़ में आने वाले समय में सड़क निर्माण के इन नए प्रस्तावों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी से फाइलें आगे बढ़ने की उम्मीद है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी यह विश्वास दिलाया है कि वे इन विकास कार्यों को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए लगातार केंद्रीय मंत्रियों के संपर्क में रहेंगे और राज्य की जनता से किए गए हर वादे को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करते रहेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:58 pm

दवा नहीं दे रहीं थीं 215 फार्मेसियां, सरकार ने लिया बड़ा एक्शन

राजस्थान सरकार ने आरजीएचएस योजना के तहत काम कर रही 215 निजी फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. यह वे फार्मेसियां थीं जो दो महीने से मरीजों को दवा नहीं दे रही थीं. सबसे ज्यादा 39 फार्मेसियां जयपुर में बंद हुई हैं.

आज तक 26 Aug 2026 2:57 pm

70 फीट की ऊंचाई से गिरता झारखंड का छिपा हुआ खजाना: बारिश में और अधिक अद्भुत हो गया हजारीबाग का सिकरी फॉल

झारखंड की धरती अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, प्राचीन पहाड़ियों और अनछुए झरनों के लिए पूरे देश में एक अलग ही पहचान रखती है। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से महसूस करने के लिए दूर-दूर से पर्यटक खींचे चले आते हैं। इन दिनों हजारीबाग जिले (Hazaribagh District) का एक ऐसा ही खूबसूरत और प्राकृतिक नज़ारा सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। हम बात कर रहे हैं हजारीबाग के प्रसिद्ध सिकरी फॉल (Sikri Fall) की, जो लगभग 70 फीट की ऊंचाई से मूसलाधार अंदाज में नीचे गिरता है। खासकर मानसून के इस सुहाने और बारिश के मौसम में इस झरने की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है, जिसे देखने के बाद हर किसी का मन प्रफुल्लित हो उठता है। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी और उमस भरे माहौल से दूर यदि आप किसी ऐसी शांत और प्राकृतिक जगह की तलाश में हैं जहां आपको सुकून और रोमांच दोनों का अहसास हो, तो हजारीबाग का यह सिकरी फॉल आपके लिए इस मानसून सीजन का सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। आइए आपको इस खूबसूरत झरने और वहां की यात्रा से जुड़ी हर एक खास बात विस्तार से बताते हैं।क्या है सिकरी फॉल की खासियत और मानसून में क्यों बढ़ जाती है इसकी खूबसूरती?झारखंड के विभिन्न जिलों में प्रकृति ने अपने खजाने दिल खोलकर लुटाए हैं, और हजारीबाग का सिकरी फॉल इसका एक बेहतरीन जीवंत उदाहरण है। जब आसमान में काले बादल छाए होते हैं और चारों तरफ हरियाली की चादर बिछ जाती है, तब लगभग 70 फीट की ऊंचाई से चट्टानों के बीच नीचे गिरता हुआ सफेद दूधिया पानी एक अद्भुत और सम्मोहित कर देने वाला दृश्य प्रस्तुत करता है। गर्मियों के दिनों में जहां इस प्रकार के कई झरने सूख जाते हैं या उनका जलस्तर काफी कम हो जाता है, वहीं मानसून की पहली फुहार के साथ ही ये झरने जीवंत हो उठते हैं। पानी की तेज धार जब नीचे गिरती है, तो आसपास का पूरा वातावरण ठंडी हवा और जल की नन्ही बूंदों से सराबोर हो जाता है। प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है, क्योंकि यहां कैमरे के फ्रेम में कैद करने के लिए एक से बढ़कर एक मनमोहक प्राकृतिक नजारे मिल जाते हैं।हजारीबाग से सिकरी फॉल तक पहुंचने का रास्ता और सटीक लोकेशनआपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर प्रकृति के इस अनमोल खजाने तक कैसे पहुंचा जा सकता है और इसकी सटीक लोकेशन क्या है? हजारीबाग जिला मुख्यालय से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह झरना मुख्य सड़कों से थोड़ा अंदर घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए पक्के रास्तों के साथ-साथ कुछ दूर का सफर कच्ची पगडंडियों और छोटे ट्रेकिंग ट्रेल्स के जरिए तय करना पड़ता है, जो इस यात्रा के रोमांच को और अधिक बढ़ा देता है। आप हजारीबाग शहर से अपनी निजी गाड़ी, टैक्सी या बाइक के जरिए आसानी से इस क्षेत्र के पास पहुंच सकते हैं। रास्ते में मिलने वाले ग्रामीण परिवेश, खेत-खलिहान और छोटे-छोटे पहाड़ी नाले आपकी इस पूरी यात्रा को एक यादगार रोड ट्रिप में बदल देते हैं। स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग भी अब इन ऑफबीट जगहों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है।वीकेंड पर पर्यटकों की उमड़ती भीड़ और स्थानीय पर्यटन को मिल रहा बढ़ावापिछले कुछ समय से सोशल मीडिया रील्स, यूट्यूब वीडियो और ट्रैवल ब्लॉग्स के माध्यम से हजारीबाग के इन अनछुए पर्यटक स्थलों के बारे में लोगों को तेजी से जानकारी मिल रही है। यही कारण है कि इन दिनों वीकेंड (शनिवार और रविवार) के मौके पर झारखंड के विभिन्न जिलों जैसे रांची, रामगढ़, कोडरमा और गया से बड़ी संख्या में पर्यटक सिकरी फॉल का दीदार करने के लिए पहुंच रहे हैं। परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए यह जगह बेहद लोकप्रिय होती जा रही है। झरने के आसपास बैठकर ठंडे पानी के बीच समय बिताना और ग्रामीण आबोहवा का आनंद लेना पर्यटकों को बेहद भाता है। इस बढ़ती हुई लोकप्रियता से न केवल स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों के युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं, जो क्षेत्रीय विकास के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।मानसून यात्रा के दौरान सुरक्षा और सावधानी से जुड़ी जरूरी बातेंचूंकि सिकरी फॉल एक प्राकृतिक और थोड़ा कच्चा इलाका है, इसलिए मानसून के मौसम में यहां घूमने जाते वक्त कुछ जरूरी सावधानियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। बारिश के दिनों में झरने के पास की चट्टानें और पत्थर काफी फिसलन भरे हो जाते हैं, इसलिए पानी के बहुत ज्यादा करीब जाने से बचें और सुरक्षित दूरी से ही इस सुंदर नजारे का आनंद लें। अचानक बारिश होने पर जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए मौसम के मिजाज को ध्यान में रखते हुए ही अपनी योजना बनाएं। अपने साथ पीने का पानी, कुछ सूखा स्नैक्स और फर्स्ट-एड्स किट जरूर रखें, क्योंकि जंगल के आसपास तुरंत दुकानें उपलब्ध नहीं होती हैं। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी इस यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और आनंददायक बना सकते हैं, और हजारीबाग की इस खूबसूरत प्राकृतिक धरोहर की अनमोल यादें अपने साथ लेकर लौट सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:56 pm

नेपाल में जलप्रलय से 8 लोगों की मौत, कई शहरों में तबाही!

Nepal Flood Live Updates: तिब्बत की ओर से अचानक आई बाढ़ ने नेपाल में भारी तबाही मचाई है. अब तक आठ लोगों की मौत हो गई है. जबकि 13 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं. बचाव के लिए 15 हेलीकॉप्टर भी उतारे गए हैं.प्रभावित इलाकों में मेडिकल और बचाव टीमें तैनात की गई हैं.

आज तक 26 Aug 2026 2:56 pm

अगस्त में चकराता घूमने का बना रहे हैं प्लान? इन जादुई और खूबसूरत जगहों को बिल्कुल न करें मिस

यदि आप मानसून के इस सुहाने मौसम में भीड़भाड़ वाले हिल स्टेशनों से दूर किसी शांत, हरी-भरी और प्रकृति की गोद में बसी अनछुई जगह की तलाश कर रहे हैं, तो उत्तराखंड का यह छिपा हुआ रत्न यानी चकराता आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य प्रमुख शहरों से महज कुछ ही घंटों की दूरी पर स्थित चकराता अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बादलों से घिरे पहाड़ों और देवदार के ऊंचे-ऊंचे जंगलों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। खासकर अगस्त के महीने में जब मानसून अपने चरम पर होता है, तब यहां की वादियां, कलकल करते झरने और सर्पीली सड़कें किसी जन्नत से कम नहीं लगती हैं। यदि आपने इस बार अगस्त ट्रिप के लिए चकराता को चुना है, तो आपकी यात्रा तब तक अधूरी है जब तक आप यहां की कुछ चुनिंदा और सबसे खूबसूरत जगहों का दीदार नहीं कर लेते। आइए आपको विस्तार से बताते हैं कि अगस्त के महीने में चकराता की यात्रा के दौरान आपको किन शानदार और दर्शनीय स्थलों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए, जो आपकी इस छुट्टियों को जीवन भर के लिए यादगार बना देंगी।टाइगर फॉल (Tiger Falls): मानसून में पानी का रोमांच और अद्भुत नजाराचकराता से कुछ ही दूरी पर स्थित टाइगर फॉल यहां का सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण माना जाता है, और मानसून के दिनों में इसका रूप देखने लायक होता है। जब पहाड़ों से भारी बारिश के बाद पानी का यह विशाल झरना लगभग 300 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है, तो इसकी गर्जना और आसपास उड़ती हुई जल की बूंदें एक जादुई वातावरण का निर्माण करती हैं। अगस्त के महीने में चारों तरफ फैली हरियाली के बीच इस झरने को देखना पर्यटकों के लिए किसी विजुअल ट्रीट से कम नहीं होता है। झरने के पास का इलाका फोटोग्राफी और वीडियो शूट के शौकीनों के लिए एकदम परफेक्ट है, हालांकि बारिश के दिनों में पत्थरों पर थोड़ी फिसलन हो सकती है, इसलिए सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इसका आनंद लें। प्रकृति प्रेमियों के लिए टाइगर फॉल के ठंडे पानी में कुछ पल बिताना और इसकी खूबसूरती को अपनी आंखों में बसाना एक बेहद सुकून भरा अनुभव होता है।चिरमिरी डे और मुर्डा टॉप (Chilmiri Neck & Chotta Kailash): बादलों के बीच सूर्यास्त का अद्भुत नजारायदि आप चकराता की सबसे ऊंची चोटी से पूरे इलाके का 360-डिग्री पैनोरमिक व्यू देखना चाहते हैं, तो आपको चिरमिरी नेक (Chilmiri Neck) जरूर जाना चाहिए। यह जगह चकराता के मुख्य बाजार से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यहां से सूर्यास्त (Sunset) तथा सूर्योदय का नजारा देखना पर्यटकों के लिए किसी सपने जैसा होता है। मानसून के इस मौसम में जब बादलों के टुकड़े पहाड़ों के इर्द-गिर्द तैरते हुए नजर आते हैं, तो ऐसा लगता है कि आप बादलों के बिल्कुल ऊपर खड़े हैं। इसके साथ ही पास ही स्थित चौटा कैलाश और मुर्डा टॉप भी अपनी धार्मिक और प्राकृतिक महत्ता के लिए जाने जाते हैं। इन जगहों पर पहुंचकर आपको जो मानसिक शांति और ताजी हवा मिलती है, वह शहर की घुटन भरी जिंदगी और शोर-शराबे से आपको पूरी तरह से दूर ले जाती है।व्यासी और यमुना एडवेंचर स्पॉट: नदी के किनारे बिताए गए कुछ हसीन पलचकराता के पास से बहने वाली पवित्र यमुना नदी और उसके आसपास के इलाके मानसून के दौरान एक अलग ही रंग में रंग जाते हैं। व्यासी और उसके आसपास के क्षेत्र में नदी का वेग और उसके किनारे फैली प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यदि आपको वॉटर स्पोर्ट्स या नदी के किनारे शांत वातावरण में समय बिताना पसंद है, तो यह जगह आपके लिए बहुत खास होने वाली है। मानसून के दिनों में नदी के दोनों तरफ के पहाड़ हरे-भरे पेड़ों और छोटे-छोटे झरनों से भर जाते हैं, जो इस पूरे रूट को एक बेहतरीन ड्राइव बनाते हैं। ड्राइव करते हुए इन नजारों का लुत्फ उठाना किसी भी रोड ट्रिप के शौकीन के लिए सबसे बड़ा तोहफा होता है, जहाँ आप अपनी गाड़ी रोककर प्रकृति के इस अनमोल खजाने को कैमरे में कैद कर सकते हैं।चकराता यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी और उपयोगी बातेंअगस्त के महीने में किसी भी पहाड़ी या ऑफबीट जगह की यात्रा करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियों का पालन करना बेहद आवश्यक होता है। चूंकि इस समय मानसून अपनी पूरी रफ्तार पर होता है, इसलिए पहाड़ी रास्तों पर चलते समय अपनी गाड़ी की रफ्तार धीमी रखें और लैंडस्लाइड जैसी संभावित बाधाओं को लेकर सतर्क रहें। अपने साथ छाता, रेनकोट, अच्छी ग्रिप वाले वॉकिंग शूज और जरूरी दवाइयां रखना बिल्कुल न भूलें। चकराता में कई जगह मोबाइल नेटवर्क की थोड़ी समस्या हो सकती है, इसलिए ऑफलाइन गूगल मैप्स का इस्तेमाल करना समझदारी होगी। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपनी चकराता की इस अगस्त यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, रोमांचक और आनंददायक बना सकते हैं, जो आपको हमेशा याद रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:54 pm

मानसून के इस सुहाने मौसम में यहां दिखता है धरती का स्वर्ग, एक बार जानेंगे लोकेशन तो तुरंत बना लेंगे वीकेंड ट्रिप का प्लान

भागदौड़ भरी जिंदगी, कंक्रीट के जंगलों और ऑफिस की monotonous routine से ऊब चुके दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए यदि कोई सबसे बड़ी राहत की बात होती है, तो वह है किसी शांत, ठंडी और खूबसूरत जगह पर कुछ दिन बिताना। अक्सर जब भी वीकेंड या छोटी छुट्टियों का नाम आता है, तो लोगों के जहन में सबसे पहले शिमला, मनाली या मसूरी जैसी प्रसिद्ध जगहों का नाम आता है, जो इन दिनों भारी भीड़भाड़ और ट्रैफिक जाम का शिकार बन चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश की राजधानी दिल्ली से महज कुछ ही घंटों की दूरी पर एक ऐसा जादुई और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन बसा हुआ है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं? मानसून के इन दिनों में जब पहाड़ों पर धुंध चादर ओढ़ लेती है, झरने जीवंत हो उठते हैं और चारों तरफ हरियाली की बहार छा जाती है, तब यह जगह किसी जन्नत या स्वर्ग से कम नहीं लगती है। यदि आप भी इस बारिश के मौसम में अपनी फैमिली, दोस्तों या पार्टनर के साथ किसी ऐसी ही अद्भुत जगह की तलाश में हैं जहां शांति और कुदरत का बेहतरीन मेल देखने को मिले, तो यह लेख आपके लिए बेहद खास होने वाला है। आइए आपको बताते हैं इस छिपे हुए पर्यटन स्थल की सटीक लोकेशन और वहां से जुड़ी सारी अहम जानकारियां जो आपकी यात्रा को यादगार बना देंगी।मानसून में क्यों बन जाता है यह अनजान हिल स्टेशन पर्यटकों की पहली पसंद?मानसून का मौसम अपने साथ एक अलग ही जादू लेकर आता है, और जब बादलों की लुकाछिपी पहाड़ों के बीच चलती है, तो उसका नजारा देखने लायक होता है। दिल्ली के पास स्थित यह ऑफबीट हिल स्टेशन (Offbeat Hill Station Near Delhi) अपनी अनछुई खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। आम पहाड़ी पर्यटक स्थलों के उलट, यहां आपको व्यावसायिक शोर-शराबा और पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को नहीं मिलेगी, जिससे आप पूरी तरह से प्रकृति के सान्निध्य में वक्त बिता सकते हैं। बारिश की फुहारों के बीच जब यहां के जंगलों से गुजरती हुई सर्पीली सड़कें और बादलों के आगोश में लिपटी पहाड़ियां पर्यटकों का स्वागत करती हैं, तो मन प्रफुल्लित हो उठता है। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों के लिए यह जगह किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यहां हर मोड़ पर कैमरे में कैद करने के लिए एक से बढ़कर एक प्राकृतिक नजारे मिल जाते हैं। मानसून के दौरान यहां का तापमान बेहद सुहावना रहता है, जो आपको शहर की उमस भरी गर्मी से तुरंत राहत दिला देता है और आप तरोताजा महसूस करते हैं।क्या है इस खूबसूरत डेस्टिनेशन की सटीक लोकेशन और दिल्ली से वहां पहुंचने का आसान रास्ता?अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर यह जादुई हिल स्टेशन कहां स्थित है और वहां तक कैसे पहुंचा जा सकता है? हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित एक बेहद खूबसूरत और शांत पहाड़ी कस्बे चकराता (Chakrata) या उसके आसपास के सुरम्य इलाकों की, जो दिल्ली से लगभग 300 से 350 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सड़क मार्ग के जरिए दिल्ली से यहां पहुंचने में लगभग 7 से 8 घंटे का समय लगता है, जो इसे वीकेंड गेटअवे (Weekend Getaway) के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाता है। आप अपनी पर्सनल कार या कैब के जरिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और सहारनपुर-देहरादून मार्ग होते हुए आसानी से यहां पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, यदि आप ट्रेन से सफर करना चाहते हैं, तो निकटतम रेलवे स्टेशन देहरादून है, जहां से टैक्सी या बस के जरिए आसानी से इस खूबसूरत सफर को तय किया जा सकता है। रास्ते में मिलने वाले पहाड़ी रास्ते और देवदार के ऊंचे-ऊंचे पेड़ आपकी इस पूरी यात्रा को और भी ज्यादा रोमांचक बना देते हैं।इस ऑफबीट जगह पर घूमने लायक प्रमुख आकर्षण और करने योग्य रोमांचक गतिविधियांजब आप इस खूबसूरत हिल स्टेशन पर पहुंचेंगे, तो यहां घूमने और देखने के लिए कई शानदार जगहें आपका इंतजार कर रही होंगी। यहां के मुख्य आकर्षणों में विशाल और मनमोहक टाइगर फॉल (Tiger Falls) शामिल है, जो घने जंगलों के बीच से गिरता है और मानसून के दौरान इसका रूप बेहद विकराल और सुंदर हो जाता है। इसके अलावा, प्रकृति प्रेमियों के लिए ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग और कैंपिंग करने के लिए यहां असीम संभावनाएं मौजूद हैं। आप यहां की शांत वादियों में लंबी वॉक पर निकल सकते हैं, स्थानीय पहाड़ी संस्कृति से रूबरू हो सकते हैं और वहां के स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठा सकते हैं। प्राचीन मंदिर, गुफाएं और ऊंचे पहाड़ी व्यूपॉइंट्स इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं, जहां से सूर्यास्त और सूर्योदय का नजारा देखना अपने आप में एक अलग ही मानसिक शांति का अहसास कराता है।मानसून यात्रा के लिए जरूरी टिप्स और ट्रैवल गाइडकिसी भी पहाड़ी या ऑफबीट जगह की यात्रा करने से पहले कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है, खासकर जब आप मानसून के सीजन में सफर कर रहे हों। चूंकि बारिश के दिनों में पहाड़ों पर कई बार छोटे-मोटे भूस्खलन (Landslides) का खतरा रहता है, इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें और अपने साथ आवश्यक दवाइयां, छाता, रेनकोट और वार्म कपड़े रखना न भूलें। अपनी गाड़ी की सर्विसिंग पहले ही करवा लें ताकि पहाड़ी रास्तों पर किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस मानसून अपनी रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालिए, अपने बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए दिल्ली के पास इस छिपे हुए स्वर्ग की सैर पर, जो आपको जिंदगी भर के लिए खूबसूरत यादें और सुकून देने का वादा करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:53 pm

ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज विल पुकोवस्की ने कम उम्र में संन्यास की वजह बताते हुए अपने स्कूल पर ठोका भारी मुकदमा

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत से एक बेहद चौंकाने वाली, दिल दहला देने वाली और खेल प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। आधुनिक क्रिकेट में अपनी क्लासिकल बल्लेबाजी और तकनीक के लिए जाने जाने वाले ऑस्ट्रेलिया के युवा और प्रतिभावान बल्लेबाज विल पुकोवस्की (Will Pucovski) का क्रिकेट करियर महज 27 साल की कम उम्र में हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है। बार-बार लगने वाले गंभीर कॉनकशर (सिर पर चोट / Concussion) की समस्या के कारण उन्हें मजबूरन खेल को अलविदा कहना पड़ा था, लेकिन अब इस मामले ने एक नया और कानूनी मोड़ ले लिया है। विल पुकोवस्की ने अपने करियर और स्वास्थ्य को बर्बाद करने के लिए अपने स्कूल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए अदालत में एक भारी-भरकम मुकदमा दायर कर दिया है। इस चौंकाने वाले कानूनी कदम के बाद से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड, शैक्षणिक संस्थानों और खेल प्रशासन में खलबली मच गई है, क्योंकि यह मामला अब केवल एक खिलाड़ी के निजी संघर्ष का नहीं, बल्कि स्कूली स्तर पर बच्चों की सुरक्षा और खेल संस्कृति से जुड़ा एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है।क्या था वह दर्दनाक सिलसिला जिसके कारण समय से पहले बुझ गया क्रिकेट का यह सिताराविल पुकोवस्की को एक समय ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का भविष्य और महान बल्लेबाजों की अगली पीढ़ी का नेतृत्व करने वाला खिलाड़ी माना जाता था। उनकी तकनीक और धैर्य को देखकर विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे थे कि वे लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर राज करेंगे। हालांकि, उनके करियर के शुरुआती दिनों से ही उनके साथ एक अनहोनिया साया जुड़ा रहा, जो था क्रिकेट खेलते समय सिर या हेलमेट पर गेंद का लगातार लगना। मैच के दौरान शॉर्ट पिच गेंदों का सामना करते हुए उनके सिर पर कई बार गंभीर चोटें (Concussion) आईं। हर बार जब वे मैदान पर वापसी की कोशिश करते, तो पुराना आघात फिर से उभर आता और डॉक्टरों ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि यदि उन्होंने खेलना जारी रखा, तो उनके मस्तिष्क और स्वास्थ्य को स्थायी क्षति पहुंच सकती है। महज 27 साल की उम्र में, जब किसी खिलाड़ी का करियर अपने चरम पर होना चाहिए, तब पुकोवस्की को मजबूरी में यह स्वीकार करना पड़ा कि वे अब कभी पेशेवर क्रिकेट नहीं खेल पाएंगे।स्कूल पर मुकदमा: विल पुकोवस्की के गंभीर आरोप और कानूनी लड़ाई की वजहअपने करियर के इस मर्मस्पर्शी अंत के बाद विल पुकोवस्की ने चुप्पी तोड़ने का फैसला किया और कानूनी रास्ता अपनाया। उन्होंने अपने स्कूल (जहां वे अपने शुरुआती दौर में क्रिकेट खेलते थे) के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि जब वे स्कूली छात्र और कम उम्र के थे, तब उनके स्कूल और खेल कोचों द्वारा उन्हें उचित सुरक्षा उपकरण (Protective Gear) मुहैया कराने में गंभीर लापरवाही बरती गई। इसके अलावा, जब उन्हें पहली या दूसरी बार सिर पर चोट लगी थी, तब स्कूल प्रबंधन और मेडिकल स्टाफ ने स्थिति की गंभीरता को समझे बिना उन्हें दोबारा मैदान पर खेलने के लिए उतार दिया, जिससे उनके मस्तिष्क पर बार-बार आघात लगा और यह पुरानी समस्या लाइलाज बन गई। पुकोवस्की का यह कदम खेल जगत में एक बड़ी बहस छेड़ रहा है कि क्या शिक्षण संस्थान युवा एथलीटों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त रूप से जवाबदेह हैं या नहीं।खेल जगत में हड़कंप और 'कॉनकशन' (Concussion) को लेकर गंभीर होती वैश्विक बहसविल पुकोवस्की का यह मामला सामने आने के बाद से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) और दुनिया भर के तमाम क्रिकेट बोर्ड्स पर यह दबाव बढ़ गया है कि वे जूनियर स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त बनाएं। आधुनिक क्रिकेट में शॉर्ट पिच गेंदबाजी और बाउंसरों का सामना करना बल्लेबाजों के लिए हमेशा से एक चुनौती रहा है, लेकिन खेल के दौरान सिर की चोटों को लेकर अब चिकित्सा विज्ञान और खेल प्रशासक जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने लगे हैं। खेल प्रेमियों और पूर्व खिलाड़ियों ने विल पुकोवस्की के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा है कि एक प्रतिभावान खिलाड़ी का इस तरह से असमय सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कानूनी लड़ाई आने वाले समय में यह तय करेगी कि खेल अकादमियों और स्कूलों में पढ़ने वाले युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य के प्रति संस्थान कितने जिम्मेदार और जवाबदेह होंगे।युवा एथलीटों के भविष्य और खेल प्रबंधन के लिए एक बड़ी चेतावनीयह पूरा प्रकरण इस बात का एक कड़वा सच उजागर करता है कि किस तरह खेल के रोमांच और जीत के जुनून के पीछे कई बार युवा खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर दिया जाता है। विल पुकोवस्की का संघर्ष और उनका यह कानूनी कदम दुनिया भर के उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए एक मिसाल बन गया है जो चुपचाप अपनी चोटों को सहकर खेलते रहते हैं। जब तक खेल प्रबंधन, स्कूल और कोच खिलाड़ियों की सुरक्षा को अपने मुनाफे या जीत की भूख से ऊपर नहीं रखेंगे, तब तक ऐसे कई और होनहार सितारे अपनी चमक बिखेरने से पहले ही अंधेरे में खो जाएंगे। क्रिकेट फैंस और खेल जगत की निगाहें अब इस बात पर टिकी हुई हैं कि अदालत इस ऐतिहासिक मामले में क्या फैसला सुनाती है, जो आने वाले दिनों में खेल संस्थानों की कार्यशैली को हमेशा के लिए बदलने की ताकत रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:52 pm

नेपाल में बाढ़ से तबाही, कोसी-गंडक-गंगा से सटे बिहार के 6 जिलों में खौफ

नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में हाई अलर्ट जारी किया गया है. नेपाल-चीन सीमा के पास त्रिशूली नदी में अचानक बढ़े जलस्तर के बाद गंडक नदी में बाढ़ की लहर आने की आशंका है. बिहार-यूपी के सीमावर्ती जिलों को सतर्क रहने और गंडक बैराज के गेट सावधानी से संचालित करने की सलाह दी गई है. नेपाल के रसुवा में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है.

आज तक 26 Aug 2026 2:52 pm

आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के इस स्टार खिलाड़ी ने किया नंबर-1 गेंदबाज का पद हासिल

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा जारी की गई ताजा और बेहद रोमांचक टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को चौंका कर रख दिया है। पिछले लंबे समय से अपनी घातक गेंदबाजी, अचूक यॉर्कर और स्विंग के दम पर विश्व क्रिकेट के शिखर पर काबिज भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) का दबदबा आखिरकार थम गया है। पिछले 638 दिनों से लगातार आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग (ICC Test Bowling Rankings) में नंबर-1 के सिंहासन पर राज करने वाले जसप्रीत बुमराह अब इस ताज से नीचे खिसक गए हैं। उनकी जगह ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के एक घातक और अनुभवी तेज गेंदबाज ने नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज का प्रतिष्ठित मुकाम हासिल कर लिया है। क्रिकेट के गलियारों में इस बड़े उलटफेर को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है, क्योंकि बुमराह ने जिस तरह से लंबे समय तक इस पायदान पर अपना कब्जा जमाए रखा था, उसे तोड़ना किसी भी गेंदबाज के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती माना जा रहा था।638 दिनों का ऐतिहासिक सफर और जसप्रीत बुमराह का टेस्ट क्रिकेट में जलवाभारतीय गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाने वाले जसप्रीत बुमराह ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी गेंदबाजी के दम पर दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। चाहे SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) की मुश्किल और हरी भरी पिचें हों या फिर उपमहाद्वीप की धीमी और सपाट विकेट्स, बुमराह ने हर जगह अपनी गेंदबाजी का लोहा मनवाया है। यही कारण था कि वे लगातार 638 दिनों तक आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 की कुर्सी पर मजबूती के साथ जमे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में अपनी टीम को अकेले दम पर जीत दिलाई और अपनी सटीक लाइन-लेंथ से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। हालांकि, हालिया अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के न खेलने या रैंकिंग अंक प्रणाली के गणितीय फेरबदल के कारण उन्हें अपने इस नंबर-1 पायदान से हाथ धोना पड़ा है, लेकिन क्रिकेट जगत में उनकी क्षमता और खौफ आज भी पहले जैसा ही बरकरार है।ऑस्ट्रेलिया के किस धुरंधर ने छीना ताज? जानिए रैंकिंग के इस बड़े उलटफेर की पूरी कहानीजसप्रीत बुमराह को पछाड़कर नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज का ताज अपने नाम करने वाला खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य हथियार और अनुभवी तेज गेंदबाज हैं। हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज और शानदार प्रदर्शन के दम पर इस कंगारू गेंदबाज ने रेटिंग अंकों में भारी उछाल हासिल किया, जिसके चलते वे सीधे तालिका के शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं। टेस्ट क्रिकेट में लगातार विकेट चटकाने की उनकी क्षमता और निरंतरता ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच पिछले कुछ समय में खेली गई सीरीज और वैश्विक स्तर पर चल रहे टेस्ट मुकाबलों के बाद आईसीसी की यह ताजा रैंकिंग सामने आई है। इस बदलाव के बाद अब क्रिकेट प्रशंसकों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या जसप्रीत बुमराह आगामी सीरीज में जोरदार वापसी करते हुए एक बार फिर से अपना नंबर-1 का ताज वापस हासिल कर पाएंगे या नहीं।वैश्विक टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग का वर्तमान परिदृश्य और कड़ा मुकाबलाआईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 की दौड़ अब बेहद रोमांचक मोड़ पर आ गई है। जसप्रीत बुमराह के दूसरे या अन्य स्थान पर खिसकने और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज के शीर्ष पर पहुंचने के बाद दुनिया के अन्य शीर्ष गेंदबाजों जैसे रविचंद्रन अश्विन, कागिसो रबाडा और पैट कमिंस के बीच भी अंक तालिका में ऊपर आने की होड़ मच गई है। टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे शुद्ध और कठिन प्रारूप माना जाता है, और ऐसे में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बनना किसी भी खिलाड़ी के लिए उसके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि आधुनिक समय में बल्लेबाजों के आक्रामक रुख के बावजूद टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का जो दबदबा देखने को मिल रहा है, वह खेल के इस प्रारूप को और अधिक रोमांचक बना रहा है। बुमराह और नए नंबर-1 गेंदबाज के बीच अंकों का यह अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, जिसका मतलब है कि आने वाले महीनों में होने वाली टेस्ट सीरीज के बाद इस ताज के लिए और भी कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।भारतीय फैंस की उम्मीदें और जसप्रीत बुमराह का आगामी क्रिकेट शेड्यूलजसप्रीत बुमराह के नंबर-1 की कुर्सी से हटने की खबर सामने आते ही भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच थोड़ी मायूसी जरूर छाई है, लेकिन हर कोई जानता है कि बुमराह का कमबैक कितना खतरनाक हो सकता है। भारतीय टीम के आगामी टेस्ट मैचों और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय calendario को देखते हुए यह पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि वे अपनी बेहतरीन लय और घातक गेंदबाजी के दम पर जल्द ही इस शीर्ष स्थान को दोबारा हासिल कर लेंगे। खेल प्रेमियों और जानकारों का मानना है कि रैंकिंग ऊपर-नीचे होती रहती है, लेकिन मैदान पर जसप्रीत बुमराह का प्रभाव और उनकी उपयोगिता किसी भी रैंकिंग से कहीं ऊपर है। जैसे-जैसे भारत के अगले बड़े टेस्ट दौरे पास आएंगे, सभी की निगाहें एक बार फिर से बुमराह की गेंदबाजी और उनकी रैंकिंग पर टिकी होंगी, जो यह तय करेंगी कि क्रिकेट के इस सिंहासन का असली हकदार कौन है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:51 pm

VIDEO: नेपाल में अचानक कैसे आई इतनी भयानक बाढ़, उजड़े गांव; बिहार तक पहुंचेगा पानी?

नेपाल में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही मच गई है। तिब्बत से आए पानी ने नेपाल में अलर्ट बढ़ा दिया है। जानिए भोटेकोशी-त्रिशूली-नारायणी से गंडक तक कैसे जुड़ा है नदी तंत्र और बिहार पर नजर जरूरी है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 2:50 pm

आर्थर ऐश स्टेडियम में पुराने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबले ने फैंस को दिलाई सुनहरी यादों की याद

टेनिस जगत के इतिहास में जब भी सबसे महान और शालीन खिलाड़ियों की बात होगी, तो स्विट्जरलैंड के लीजेंड रोजर फेडरर (Roger Federer) का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा। खेल को अपनी कला, बेहतरीन वन-हैंडेड बैकहैंड और बेजोड़ अंदाज से पूरी दुनिया में एक अलग पहचान देने वाले फेडरर ने जब साल 2022 में टेनिस कोर्ट को हमेशा के लिए अलविदा कहा था, तो उनके करोड़ों फैंस का दिल टूट गया था। लेकिन, टेनिस प्रेमियों के लिए एक बेहद रोमांचक और कभी न भूलने वाला पल तब आया जब संन्यास के पूरे चार साल बाद रोजर फेडरर एक बार फिर से ऐतिहासिक आर्थर ऐश स्टेडियम (Arthur Ashe Stadium) के नीले कोर्ट पर उतरे। जैसे ही उन्होंने अपने चिर-परिचित और पुराने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलने के लिए रैकेट थामा, पूरा स्टेडियम दर्शकों की गगनभेदी तालियों और 'रोजर-रोजर' के नारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक मुकाबले ने न केवल टेनिस प्रेमियों को उनके सुनहरी दौर की यादें ताजा करा दीं, बल्कि सोशल मीडिया पर इस इवेंट की तस्वीरें और वीडियो भी जंगल की आग की तरह वायरल हो गए।संन्यास के बाद पहली बार कोर्ट पर वापसी का यह जादुई पलजब रोजर फेडरर ने लंदन के लेवर कप (Laver Cup 2022) में अपने आंसूओं के साथ अपने शानदार और लंबे करियर को अलविदा कहा था, तब किसी ने यह नहीं सोचा था कि वे इतनी जल्दी किसी टेनिस कोर्ट पर इस अंदाज में दोबारा नजर आएंगे। चार साल के लंबे अंतराल के दौरान फैंस हमेशा उनकी कमी को महसूस करते रहे और उम्मीद करते रहे कि किसी न किसी बहाने से ही सही, उनका यह चहेता खिलाड़ी एक बार फिर अपने मैजिक शॉट्स से महफिल सजाएगा। आर्थर ऐश स्टेडियम में आयोजित इस विशेष प्रदर्शनी मैच (Exhibition Match) के दौरान जब फेडरर ने कोर्ट पर कदम रखा, तो उनके चेहरे पर वही पुरानी मुस्कान और शरीर में वही गजब की फुर्ती देखने को मिली। हालांकि यह कोई आधिकारिक ग्रैंड स्लैम मुकाबला नहीं था, लेकिन मैदान पर उनकी हर एक शॉट, उनका वह ग्रेसफुल मूवमेंट और कोर्ट पर उनकी मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि क्लास कभी कम नहीं होती, भले ही खिलाड़ी खेल से दूर हो जाए।पुराने प्रतिद्वंद्वी के साथ कोर्ट पर भिड़ंत और मैदान पर दिखा पुराना रोमांचइस खास मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण यह था कि रोजर फेडरर के सामने उनके करियर के उस दौर का पुराना प्रतिद्वंद्वी खड़ा था जिसके साथ उनकी कोर्ट पर हुई जंग ने दुनिया भर के खेलप्रेमियों का मनोरंजन किया था। जैसे ही मैच की शुरुआत हुई, दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी और कोर्ट के चारों तरफ बेहतरीन शॉट लगाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। हालांकि इस मैच में जीत-हार से ज्यादा महत्वपूर्ण वह पल था जब दोनों दिग्गजों ने खेल के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को एक बार फिर से दुनिया के सामने रखा। फेडरर के कुछ經典 (क्लासिक) शॉट और नेट प्ले को देखकर वहां मौजूद कमेंटेटर्स और दर्शक दीर्घा में बैठे दिग्गज भी अपनी कुर्सियों से उठकर तालियां बजाने लगे। यह मुकाबला टेनिस के उस सुनहरी दौर का प्रतीक बन गया जब फेडरर, राफेल नडाल और नोवाक जोकोविच की तिकड़ी इस खेल पर पूरी तरह राज करती थी।टेनिस प्रशंसकों और खेल जगत की भावुक और जोरदार प्रतिक्रियाएंरोजर फेडरर के कोर्ट पर उतरने की खबर जैसे ही पूरी दुनिया में फैली, खेल जगत से लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। टेनिस लवर्स ने लिखा कि चार साल का सूखा खत्म हो गया है और उन्हें अपने टेनिस किंग को एक बार फिर एक्शन में देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। कई पूर्व खिलाड़ियों और खेल विश्लेषकों ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि रोजर फेडरर केवल एक खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि वे टेनिस खेल की आत्मा हैं जिनकी शैली आने वाली कई पीढ़ियों तक खिलाड़ियों को प्रेरित करती रहेगी। आर्थर ऐश स्टेडियम का यह नजारा इस बात का सबूत था कि फेडरर का जादू आज भी उतना ही असरदार है जितना उनके सक्रिय करियर के दिनों में हुआ करता था।खेल के मैदान से दूर रहकर भी दिलों पर राज करने वाले 'फेड-एक्स' की अमर विरासतरोजर फेडरर का यह चार साल बाद कोर्ट पर लौटना इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है कि एक सच्चा चैंपियन केवल अपने ट्रॉफियों की वजह से महान नहीं बनता, बल्कि अपने खेल के प्रति समर्पण और दर्शकों के साथ उसके भावनात्मक जुड़ाव की वजह से अमर हो जाता है। भले ही उन्होंने प्रतिस्पर्धी टेनिस से संन्यास ले लिया हो, लेकिन जब भी वे इस तरह के आयोजनों के जरिए कोर्ट पर वापसी करते हैं, तो वे पूरी दुनिया को यह याद दिला देते हैं कि टेनिस को जेंटलमैन गेम क्यों कहा जाता है। फेडरर की यह छोटी सी वापसी उनके करोड़ों फैंस के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं थी, और यह पल हमेशा के लिए टेनिस इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है, जिसे खेल प्रेमी कभी नहीं भूल पाएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:50 pm

नीतीश कुमार के हवाई सर्वे के बाद केंद्र पर तीखा हमला, कहा- बिहार को बर्बाद कर रही यह नीति

बिहार की राजनीति और जल संसाधनों के प्रबंधन को लेकर एक बार फिर से केंद्र और राज्य के बीच तल्खियां बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने दशकों पुरानी फरक्का बराज संधि (Farakka Barrage Treaty) को लेकर केंद्र सरकार पर बेहद तीखा और आक्रामक हमला बोला है। कुछ समय पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के बाढ़ प्रभावित गंगा बेसिन और कटाव वाले क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण (Aerial Survey) किया था, जिसके बाद से पार्टी का नेतृत्व इस मुद्दे पर पूरी तरह आक्रामक मुद्रा में आ गया है। संजय झा ने दो टूक शब्दों में कहा कि फरक्का संधि के गलत प्रावधानों और कुप्रबंधन के कारण आज बिहार को हर साल भीषण बाढ़, भयंकर नदी कटाव और गाद (Silt Accumulation) की विकराल समस्या झेलनी पड़ रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था और उपजाऊ जमीन तबाह हो रही है। जेडीयू के इस कड़े रुख के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से अंतरराज्यीय जल बंटवारे और बराज नीतियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।क्या है फरक्का संधि का इतिहास और क्यों बिहार के लिए यह बना जी का जंजाल?फरक्का बराज का निर्माण पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में गंगा नदी पर किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य कलकत्ता बंदरगाह (वर्तमान में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट) में नौवहन और जल प्रवाह को बनाए रखना था। इसके लिए वर्ष 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का जल संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि, इस संधि और बराज के संचालन के शुरुआती दिनों से ही बिहार के नेता और जल विशेषज्ञ यह चेतावनी देते आ रहे हैं कि इसके कारण गंगा नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है। नदी में भारी मात्रा में सिल्ट (गाद) जमा होने के कारण तलहटी उथली हो गई है, जिसकी वजह से मानसून के मौसम में जरा सी बारिश या पानी छोड़े जाने पर गंगा का पानी अपने किनारों को तोड़कर रिहायशी इलाकों और उपजाऊ खेतों में तबाही मचा देता है। जेडीयू नेताओं का यह कहना है कि फरक्का बराज ने बिहार के लिए वरदान बनने के बजाय एक स्थायी अभिशाप का रूप ले लिया है, जिसका खामियाजा यहां के करोड़ों किसानों और आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हवाई सर्वे और जमीनी हकीकत का आकलनबिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से गंगा नदी की गाद (Silt Management) और बाढ़ नियंत्रण को लेकर गंभीर रहे हैं। उनका यह स्पष्ट मानना है कि जब तक केंद्र सरकार गंगा नदी के मैदानी इलाकों में गाद के प्रबंधन और फरक्का बराज की तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए कोई राष्ट्रीय नीति नहीं बनाती, तब तक बिहार को बाढ़ और कटाव से पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जा सकता। इसी विजन के तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में गंगा नदी के तटीय इलाकों और कटाव से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों का खुद हवाई सर्वे किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि जिन इलाकों में नदियां तेजी से जमीन काट रही हैं, वहां सुरक्षात्मक कार्य युद्ध स्तर पर किए जाएं। हवाई सर्वे के दौरान सामने आई इस भयानक तसवीर ने राज्य सरकार और जेडीयू नेतृत्व को झकझोर कर रख दिया, जिसके बाद संजय झा ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर पूरी ताकत से उठाते हुए केंद्र सरकार से इस संधि पर पुनर्विचार करने की मांग कर दी है।संजय झा का केंद्र पर बड़ा प्रहार: 'बिहार की उपेक्षा और आर्थिक नुकसान अब बर्दाश्त नहीं'प्रेस कांफ्रेंस और राजनीतिक मंचों के माध्यम से केंद्र सरकार को घेरते हुए संजय झा ने कहा कि बिहार ने हमेशा देश के विकास में अपना योगदान दिया है, लेकिन ऐतिहासिक रूप से जल प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण इस राज्य को हमेशा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि फरक्का बराज की वजह से गंगा के इकोसिस्टम को जो भारी नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई की जानी चाहिए। जेडीयू नेता ने दो टूक कहा कि केवल बराज बना देने से समस्याओं का समाधान नहीं होता, बल्कि यदि उससे किसी दूसरे राज्य की जनता तबाह हो रही है, तो सरकार को उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या एनडीए गठबंधन के भीतर जल और नीतिगत मामलों को लेकर आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक खींचतान देखने को मिल सकती है।भविष्य की चुनौतियां और राष्ट्रीय जल नीति पर उठ रहे बड़े सवालफरक्का संधि को लेकर जेडीयू का यह मुखर विरोध इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय दल अब अपने राज्य के संसाधनों और भौगोलिक सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता करने के मूड में नहीं हैं। बिहार जैसे राज्य के लिए जहां हर साल बाढ़ और कटाव से हजारों परिवार बेघर हो जाते हैं, यह जीवन और मरण का प्रश्न बन चुका है। विशेषज्ञों का भी यह मानना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को मिलकर एक ऐसी वैज्ञानिक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय जल नीति (National Water Policy) बनानी चाहिए जिसमें सिल्ट मैनेजमेंट को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आने वाले समय में जब यह मामला संसद से लेकर राजनीतिक मंचों तक गूंजेगा, तो केंद्र सरकार पर भी इस पुरानी संधि के प्रभावों की समीक्षा करने का भारी दबाव बनेगा। बिहार की जनता और किसान अब यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनके इस दर्द को राष्ट्रीय स्तर पर सुना जाएगा और स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:48 pm

1 सितंबर को शनि-गुरु का महा-मिलन! 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

Navpancham Rajyog 2026: 1 सितंबर 2026 को कर्मफलदाता शनि और देवगुरु बृहस्पति आपस में 120 डिग्री का कोण बनाकर शक्तिशाली नवपंचम राजयोग का निर्माण करने जा रहे हैं. न्याय और ज्ञान के इन दो बड़े ग्रहों का त्रिकोणीय संबंध से कई राशियों को फायदा होगा.

आज तक 26 Aug 2026 2:47 pm

रेलवे ट्रैक पर Reel बना रही लड़की ट्रेन की चपेट में आई

झारखंड के गढ़वा में रेलवे ट्रैक पर दोस्तों के साथ Reel बना रही 19 साल की पूर्णिमा ट्रेन की चपेट में आ गई. हादसे में उसके दोनों हाथ कट गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गई. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर किया है.

आज तक 26 Aug 2026 2:44 pm

मिलेनियम सिटी गुरुग्राम के 25 फीट गहरे गड्ढे की कहानी

गुरुग्राम के IFFCO चौक पर सड़क धंसने से करीब 25 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसने मिलेनियम सिटी की छवि पर सवाल खड़े कर दिए. कांग्रेस पार्टी ने एक्स पोस्ट के जरिए सरकार पर तंज कसा, वहीं सीएम नायब सैनी पंचकूला में गुरुग्राम के जलभराव पर सवाल पूछे जाने से बचते नजर आए और चुप रहे.

आज तक 26 Aug 2026 2:42 pm

'प्लेन में बम है'; लखनऊ से बेंगलुरु जा रही फ्लाइट को उड़ाने की धमकी

लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिया फ्लाइट में बम की धमकी मिली है। फिलहाल फ्लाइट सुरक्षित रूप से लैंड कर चुकी है। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट के अधिकारी फिलहाल इस विमान की जांच कर रहे हैं। अभी तक कोई संदिग्ध चीज हाथ नहीं आई है।

लाइव हिन्दुस्तान 26 Aug 2026 2:42 pm

UPI का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखा दुकानदारों से करता था ठगी, युवक गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने UPI पेमेंट के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों से ठगी करने वाले 22 वर्षीय निखिल यादव को गिरफ्तार किया है. आरोपी कथित तौर पर पेमेंट न मिलने पर दुकानदारों के मोबाइल तक पहुंच बनाता और बैंकिंग या UPI ऐप से पैसे ट्रांसफर कर देता था.

आज तक 26 Aug 2026 2:39 pm

पहाड़ों से उठा धुएं का गुबार और फिर महाप्रलय... नेपाल में बाढ़ के 4 खौफनाक VIDEO

तिब्बत से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा और नुवाकोट में भारी तबाही मचाई है. टिमुरे बाजार, पुल, सड़कें, वाहन और पुलिस कार्यालय प्रभावित हुए हैं. बाढ़ की भयावहता दिखाने वाले पांच वीडियो सामने आए हैं. दोबारा सैलाब की आशंका के बीच 15 हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में लगाए गए हैं.

आज तक 26 Aug 2026 2:38 pm

पंजाब : सीएम भगवंत मान ने दिया बड़ा तोहफा, मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर सीधा किया 22 हजार रुपये

पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के आर्थिक कल्याण की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक तथा क्रांतिकारी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने राज्य के आदर्श स्कूलों (Adarsh Schools) में अपनी सेवाएं दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी घोषणा करते हुए उनके मासिक मानदेय (Salary Hike) में भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी है। अभी तक इन शिक्षकों को बेहद कम मानदेय के रूप में केवल 10,000 रुपये प्रति माह मिलते थे, जिससे उनके लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना और महंगाई के इस दौर में जीवन यापन करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इस सैलरी को 10,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 22,000 रुपये प्रति महीने कर दिया है। सरकार के इस शानदार फैसले के सामने आने के बाद पंजाब भर के आदर्श स्कूलों के शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और चारों तरफ से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया जा रहा है।आदर्श स्कूलों की पुरानी समस्याएं और शिक्षकों का लंबा संघर्षपंजाब के विभिन्न जिलों में संचालित होने वाले इन आदर्श स्कूलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) या अन्य माध्यमों से चलाया जाता रहा है, लेकिन लंबे समय से इनमें पढ़ाने वाले शिक्षक प्रशासनिक और वित्तीय उपेक्षा का शिकार थे। इन स्कूलों में तैनात शिक्षक पिछले कई सालों से लगातार यह मांग उठा रहे थे कि उन्हें अन्य नियमित सरकारी शिक्षकों की तर्ज पर उचित वेतन और सुविधाएं दी जाएं ताकि वे बिना किसी मानसिक तनाव के पूरी लगन के साथ बच्चों को शिक्षा दे सकें। कम मानदेय मिलने के कारण कई बार शिक्षकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था, जिसका असर कहीं न कहीं शिक्षण कार्य पर भी पड़ता था। शिक्षकों के इस लंबे संघर्ष और उनकी जायज मांगों को संज्ञान में लेते हुए पंजाब सरकार के शिक्षा विभाग ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसके बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन शिक्षकों का मानदेय दोगुने से भी अधिक बढ़ाने का यह बहुप्रतीक्षित निर्णय लिया।शिक्षा के स्तर को सुधारने और शिक्षकों को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदममुख्यमंत्री भगवंत मान का यह मानना है कि जब तक राज्य का शिक्षक आर्थिक रूप से मजबूत और संतुष्ट नहीं होगा, तब तक स्कूली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव नहीं है। दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में भी सरकारी स्कूलों (Government Schools) का कायाकल्प करना आप सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहा है। अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ अब शिक्षकों के मानदेय में की गई इस वृद्धि से यह साबित हो गया है कि सरकार जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को कितना महत्व दे रही है। इस सैलरी हाइक से न केवल शिक्षकों का मनोबल काफी ऊंचा होगा, बल्कि वे और अधिक ऊर्जा और प्रेरणा के साथ छात्रों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान देंगे। शिक्षाविदों ने भी सरकार के इस कदम की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए इसे पंजाब के शैक्षणिक भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया है।पंजाब सरकार की अन्य कल्याणकारी नीतियां और जनता की प्रतिक्रियाआम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार बड़े सुधार देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां हजारों कच्चे शिक्षकों को पक्का किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन करके उन्हें राहत दी जा रही है। आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के मानदेय में हुई इस बढ़ोतरी को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से भी बेहद अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया और विभिन्न शिक्षक संघों के मंचों पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इस फैसले से उनके बरसों पुराने संघर्ष का सुखद अंत हुआ है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि सरकार अपनी गारونियों और वादों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिससे राज्य के आम नागरिकों और नौकरीपेशा वर्ग का सरकार के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:37 pm

Delhi Lakshmi Yojana: CM Rekha Gupta ने बांटे Approval Letters, Women Empowerment और CBDC मॉडल का विस्तृत विश्लेषण

दिल्ली में बुधवार को लक्ष्मी योजना के तहत करीब 2,500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए गए। योजना के तहत पात्र महिलाओं को एक सितंबर से हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को स्वीकृति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की सभी योजनाओं और कार्यक्रमों में महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाएं देवी लक्ष्मी के समान हैं, जो परिवार और समाज को मजबूत करती हैं। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली सरकार के मंत्री मौजूद थे। योजना के तहत करीब 9,13,495 लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है, जिनमें से 6,52,223 ने पूर्ण आवेदन जमा किए हैं। एक सितंबर से पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में हर महीने सीधे 2,500 रुपये की राशि भेजी जाएगी। सरकार ने कहा कि इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करना और उन्हें अधिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार ने सहायता राशि वितरित करने का तरीका भी तय कर लिया है। लाभार्थी चाहें तो 1,000 रुपये केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं और 1,500 रुपये सावधि जमा या आवर्ती जमा में निवेश कर सकते हैं, इसके अलावा वे पूरी 2,500 रुपये की राशि भी जमा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, आवेदकों को आवेदन में दी गई गलत या अधूरी जानकारी को सुधारने या छूटी हुई जानकारी पूरी करने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके लिए जल्द ही दिल्ली लक्ष्मी योजना के पोर्टल पर सुधार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, ऐसे परिवार जिनमें तीन से अधिक बच्चे हैं और जिनकी सालाना घरेलू बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है, उनकी महिलाओं को योजना में शामिल नहीं किया गया है।

प्रभासाक्षी 26 Aug 2026 2:37 pm

रांची और धनबाद समेत 10 जिलों में भारी आंधी-तूफान औरवज्रपात का रेड अलर्ट जारी

झारखंड के मौसम में एक बार फिर से बड़ा और खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे पूरे राज्य में चिंता की लहर दौड़ गई है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा और बेहद गंभीर चेतावनी के अनुसार, राजधानी रांची और कोयलांचल कहे जाने वाले धनबाद समेत राज्य के लगभग 10 प्रमुख जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी आंधी-तूफान, तेज हवाओं और कड़ाके के वज्रपात (Thunderstorm and Lightning) के साथ झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने इन इलाकों के लिए विशेष रूप से चेतावनी जारी करते हुए लोगों को घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है। पिछले कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान जनता को जहां बारिश से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद थी, वहीं इस खतरनाक आंधी-वज्रपात के अलर्ट ने किसानों और आम नागरिकों की धड़कनों को तेज कर दिया है। प्रशासन ने भी किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए सभी जिलों के आपदा प्रबंधन विभागों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए हैं।IMD का गंभीर अलर्ट: इन 10 जिलों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतराभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट बुलेटिन के मुताबिक, मानसून की सक्रियता और ऊपरी वायुमंडल में बने चक्रवात के प्रभाव के कारण झारखंड के कई हिस्सों में मौसम अचानक उग्र हो गया है। जिन 10 प्रमुख जिलों में भारी आंधी और वज्रपात का सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है, उनमें राजधानी रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा, पलामू और लातेहार का नाम मुख्य रूप से शामिल है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो पेड़ों और कच्चे मकानों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। इसके साथ ही मेघगर्जन के दौरान आसमान से बिजली गिरने की आशंका सबसे अधिक है, जिसके चलते मौसम विभाग ने लोगों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।वज्रपात और आंधी-तूफान के समय बरती जाने वाली जरूरी सावधानियांझारखंड में पिछले कुछ वर्षों के दौरान आंधी-तूफान और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से कई बेकसूर लोगों और मवेशियों की जान जा चुकी है, जिसके कारण आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अब इसको लेकर बेहद संवेदनशील हो गया है। मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से बार-बार यह अपील की जाती है कि जब भी आसमान में काले बादल छाए हों और गर्जना हो रही हो, तो लोगों को कुछ बुनियादी नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। खराब मौसम के दौरान कभी भी किसी बड़े या अकेले पेड़ के नीचे शरण न लें, क्योंकि बिजली गिरने का सबसे पहला खतरा ऊंचे पेड़ों पर ही होता है। इसके अलावा, कच्चे मकानों, टीन शेड वाले छप्परों और खुले खेतों में काम कर रहे किसानों को तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित शेड के नीचे चले जाना चाहिए। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल खुले में करने से बचें और बिजली के खंभों या तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भारी नुकसान का सबब बन सकती है।कृषि और ग्रामीण इलाकों पर पड़ने वाला प्रभाव तथा किसानों के लिए सलाहझारखंड एक ऐसा राज्य है जहां की बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए कृषि और खेती-किसानी पर निर्भर करती है। धान और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और देखरेख का यह दौर चल रहा है, ऐसे में अचानक आने वाली इस मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना से किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। तेज हवाओं के कारण खेतों में खड़ी फसलें और हरी सब्जियां गिर सकती हैं, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के सामान्य होने तक खेतों में खुले में जाने से बचें और अपनी कटी हुई फसल या अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन भी लगातार लाउडस्पीकर और मीडिया के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में चेतावनी प्रसारित कर रहे हैं ताकि वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके और हर नागरिक सुरक्षित रह सके।झारखंड के मौसम का हाल और आने वाले दिनों का पूर्वानुमानमौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, झारखंड में मौसम का यह मिजाज अभी अगले दो से तीन दिनों तक ऐसा ही बना रह सकता है। हालांकि इस बारिश से राज्य के तापमान में जरूर गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन इसके साथ आने वाली प्राकृतिक आपदाएं प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सितंबर महीने के शुरुआती हफ्तों तक मानसून की ऐसी ही गतिविधियां राज्य के अलग-अलग कोनों में देखने को मिल सकती हैं। आम जनता से यही अपेक्षा की जाती है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और पूरी सतर्कता बरतें। जब तक आंधी और वज्रपात का यह दौर पूरी तरह से थम नहीं जाता, तब तक बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर निकलने से बचें, ताकि आप और आपका परिवार पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 26 Aug 2026 2:36 pm

फिर शुरू होगी अफगानिस्तान प्रीमियर लीग, 27 दिसंबर से होगा धमाका

अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने अपनी नई फ्रेंचाइजी आधारित T20 लीग, अफगानिस्तान प्रीमियर लीग (APL) की शुरुआत 27 दिसंबर से करने का ऐलान किया है. पहले सीजन के लिए तीन टीमों- एक्सेल यूनाइटेड काबुल, बल्ख जवानन और कंधार वॉरियर्स के नाम सामने आए हैं. टूर्नामेंट UAE में हो सकता है. खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 30 अगस्त से शुरू होगा और ड्राफ्ट 27 सितंबर को होगा.

आज तक 26 Aug 2026 2:34 pm

बिहार के हाजीपुर में 2 महीने में 100 से ज्यादा युवा HIV पॉजिटिव

बिहार में शराबबंदी को लागू हुए कई साल हो चुके हैं. लेकिन अब नशे का एक दूसरा रूप स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता की वजह बन रहा है. हाजीपुर में नशे के लिए इंजेक्शन का इस्तेमाल करने वाले युवाओं में HIV संक्रमण के मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, पिछले करीब डेढ़ से दो महीने में 100 से ज्यादा युवा HIV पॉजिटिव पाए गए हैं. इनमें बड़ी संख्या 25 से 30 साल की उम्र के युवाओं की बताई जा रही है.

आज तक 26 Aug 2026 2:34 pm

घर पर देसी घी से बनाएं ये खास पेड़े, बिना चीनी ऐसे होंगे तैयार

रक्षाबंधन पर बाजार से खरीदकर मिठाई लाने की टेंशन छोड़ दीजिए और घर पर ही शुगर फ्री ड्राई फ्रूट का पेड़ा बनाएं. चीनी और गुड़ वाले पेड़े नहीं इस बार अपने भाई का मुंह ड्राईफ्रूट से बने पेड़े से मुंह मीठा कराएं. शेफ रणवीर बरार की आसान रेसिपी से आप मिनटों में पेड़े बना लेंगे.

आज तक 26 Aug 2026 2:34 pm