उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में शादी-विवाह के जश्न के माहौल के बीच एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। घर में गूंज रही शहनाइयों की आवाजों के बीच जब शादी की रस्मों के लिए दुल्हन और परिवार की अन्य महिलाओं को पहनाने के लिए तिजोरी खोली गई, तो अलमारी के अंदर का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए। अलमारी के लॉकर में रखे लगभग 25 लाख रुपये की कीमत के सोने, चांदी और हीरे के कीमती जेवरात पूरी तरह गायब थे।जिस घर में कुछ देर पहले तक ढोल-नगाड़ों की थाप पर खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां पल भर में सन्नाटा पसर गया। आनन-फानन में पूरे घर के चप्पे-चप्पे को खंगाला गया, लेकिन गहनों का कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित परिवार ने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन को इस बड़ी चोरी की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।लॉकर का ताला सलामत फिर भी गहने पार, महिला रिश्तेदार पर पुलिस का पहला शकघटना की शुरुआती जांच में पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को जो सबसे चौंकाने वाली बात मिली, वह यह थी कि अलमारी या उसके मुख्य लॉकर के ताले के साथ कोई तोड़फोड़ नहीं की गई थी। अलमारी का ताला पूरी तरह सुरक्षित था, जिससे साफ जाहिर होता है कि चोरी की इस वारदात को किसी बाहरी चोर ने नहीं, बल्कि घर के ही किसी भेदिया ने बेहद शातिराना अंदाज में अंजाम दिया है। चोर को चाबियां कहां रखी जाती हैं, इसकी पूरी जानकारी थी।परिजनों ने पुलिस के सामने अपने ही घर में ठहरी एक करीबी महिला रिश्तेदार पर चोरी का गहरा संदेह जताया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, उक्त महिला रिश्तेदार पिछले कुछ दिनों से शादी के सिलसिले में उनके घर पर ही रुकी हुई थी और उसका बेडरूम तथा अलमारी वाले कमरे में लगातार आना-जाना था। परिजनों का आरोप है कि महिला रिश्तेदार ने मौका पाकर चाबियों के जरिए अलमारी खोली और 25 लाख रुपये के भारी-भरकम जेवरात पार कर दिए। जब गहनों के गायब होने की बात सामने आई, तो महिला रिश्तेदार के व्यवहार में भी अजीब सी घबराहट और हड़बड़ाहट देखी गई।फॉरेंसिक टीम ने जुटाए फिंगरप्रिंट्स, पुलिस की कई टीमें जांच में जुटींघटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और डॉग स्क्वायड की टीम ने घटनास्थल का बारीक मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने अलमारी के हैंडल, लॉकर और आसपास की जगहों से संदिग्ध उंगलियों के निशान (Fingerprints) एकत्र किए हैं। इसके अलावा, घर के आसपास और मुख्य रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि घटना के समय की हर गतिविधि को ट्रैक किया जा सके।पुलिस ने पीड़ित मकान मालिक की तहरीर के आधार पर अज्ञात तथा संदिग्ध महिला रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों की शंका के आधार पर संदिग्ध महिला रिश्तेदार को हिरासत में लेकर महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में गहन पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही घर में काम करने वाले नौकरों और शादी के सिलसिले में आने-जाने वाले अन्य रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) के आधार पर मामले का बहुत जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।शादी-विवाह और बड़े घरेलू आयोजनों में कीमती सामान की सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्सशादी वाले घरों में मेहमानों की लगातार आवाजाही और गहनों-कैश के बार-बार इस्तेमाल के कारण चोरों और शातिर दिमाग लोगों की नजर ऐसे मौकों पर बनी रहती है। पुलिस प्रशासन और सुरक्षा विशेषज्ञों ने बड़े घरेलू कार्यक्रमों के दौरान चोरी से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:1. चाबियों की कस्टडी सीमित रखेंअलमारी या लॉकर की चाबियां हमेशा घर के किसी एक ही जिम्मेदार व्यक्ति के पास होनी चाहिए। चाबियों को किसी ऐसे स्थान पर न छुपाएं जहां आने-जाने वाले मेहमानों या दूर के रिश्तेदारों की नजर आसानी से पड़ सके।2. बैंक लॉकर का अधिकतम इस्तेमाल करेंशादी के दिन या रस्म वाले दिन से ठीक पहले ही गहनों को बैंक लॉकर से घर लाएं। रस्म खत्म होते ही अतिरिक्त कीमती जेवरातों को घर में रखने के बजाय सुरक्षित स्थान या बैंक के लॉकर में वापस जमा करा दें।3. सीसीटीवी कैमरे और डिजिटल लॉकर का प्रयोग करेंजिस कमरे में नकदी और आभूषण रखे जाएं, उस कमरे के प्रवेश द्वार पर सीसीटीवी कैमरा जरूर लगवाएं। इसके अलावा, चाबी वाले सामान्य लॉकर के बजाय नंबर कोड या बायोमेट्रिक वाले डिजिटल सेफ का इस्तेमाल करें।4. अनजान या संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखेंशादी वाले घर में कई बार अनजान लोग भी रिश्तेदार बनकर दाखिल हो जाते हैं। ऐसे में कैटरिंग स्टाफ, डेकोरेशन वर्क्स और नए मिलने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जांच करनी चाहिए।
इंसान की फितरत होती है कि वह मीठे शब्दों, झूठी तारीफों और बनावटी मुस्कान के पीछे अपनी असली नीयत को छुपाने की पूरी कोशिश करता है। कई बार हम किसी व्यक्ति पर भरोसा कर लेते हैं और बाद में धोखा खाने पर पछताते हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि किसी की नीयत जानने के लिए उससे तीखे सवाल पूछने पड़ेंगे या कोई इंटरव्यू लेना पड़ेगा, लेकिन मनोविज्ञान (Psychology) कहता है कि ऐसा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।इंसान की बोली और उसके शब्द जितने झूठे हो सकते हैं, उसकी बॉडी लैंग्वेज (Body Language), बिना सोचे-समझे किए गए व्यवहार और अवचेतन मन की हरकतें उतनी ही सच्ची होती हैं। मनोविज्ञान के अनुसार, जब कोई व्यक्ति सतर्क नहीं होता, तब उसकी असली नीयत अपने आप छनकर बाहर आ जाती है। यदि आप भी अपने आसपास मौजूद दोस्तों, सहकर्मियों या रिश्तेदारों की सच्ची नीयत को बिना कोई सवाल पूछे परखना चाहते हैं, तो मनोविज्ञान के ये 5 अचूक और व्यावहारिक तरीके आपके बहुत काम आएंगे।1. अपने से कमज़ोर और वेटर/ड्राइवर के साथ उनका बर्ताव (The Waiter Test)किसी भी इंसान के चरित्र और उसकी नीयत की सबसे बड़ी कसौटी यह होती है कि वह अपने से कमज़ोर, अधीनस्थ (Subordinates) या सेवा करने वाले लोगों के साथ कैसा व्यवहार करता है। मनोविज्ञान में इसे 'द वेटर टेस्ट' (The Waiter Test) कहा जाता है।जब आप किसी व्यक्ति के साथ किसी रेस्तरां, ऑफिस या सार्वजनिक स्थान पर हों, तो ध्यान दें कि वह वेटर, सफाई कर्मचारी, सिक्योरिटी गार्ड या ड्राइवर से किस लहजे में बात करता है। जो व्यक्ति अपने बराबर या अपने से ऊंचे पद वाले लोगों से बहुत मीठा और विनम्र बनता है, लेकिन वेटर या ड्राइवर पर रोब झाड़ता है, उसे आदेश देता है या बदतमीजी से बात करता है, तो समझ जाइए कि उस इंसान की नीयत में खोट है। ऐसा व्यक्ति केवल अपने स्वार्थ के आधार पर लोगों को इज्जत देता है। जिसकी नीयत साफ और दिल सच्चा होता है, वह हर छोटे-बड़े इंसान के साथ समान आदर और संवेदनशीलता से पेश आता है।2. संकट और अचानक आई मुसीबत के वक्त उनका तात्कालिक रिएक्शनकहते हैं कि इंसान की असली पहचान तब नहीं होती जब सब कुछ ठीक चल रहा हो, बल्कि तब होती है जब अचानक कोई बड़ी मुसीबत या संकट आ खड़ा हो। जब परिस्थितियां अनुकूल होती हैं, तो हर कोई बहुत मददगार और सहृदय होने का नाटक कर सकता है। लेकिन जैसे ही कोई अचानक आपातकालीन स्थिति (Emergency) आती है या किसी का कोई बड़ा नुकसान होता है, तो इंसान के मन का नकाब उतर जाता है।बिना एक भी सवाल पूछे बस यह देखिए कि जब आपके या किसी तीसरे व्यक्ति के ऊपर अचानक कोई संकट आता है, तो उस व्यक्ति का पहला रिएक्शन क्या होता है? क्या वह तुरंत मदद के लिए आगे बढ़ता है, या फिर बहाना बनाकर खिसकने की कोशिश करता है? चालाक और मतलबी नीयत वाले लोग मुसीबत देखते ही सबसे पहले अपना बचाव ढूंढते हैं या जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं, साफ नीयत वाले लोग बिना अपनी परवाह किए दूसरों को सहारा देने का प्रयास करते हैं।3. बॉडी लैंग्वेज और असली-नकली मुस्कान का सूक्ष्म अंतर (Micro-expressions)इंसानी चेहरा भावनाओं का आईना होता है, लेकिन ज्यादातर लोग नकली मुस्कान बिखेरने में माहिर होते हैं। हालांकि, मनोविज्ञान में 'डचेन स्माइल' (Duchenne Smile) का एक सिद्धांत है जो असली और नकली मुस्कान के अंतर को तुरंत पकड़ लेता है।जब कोई व्यक्ति दिल से खुश होता है या आपकी ओर अच्छी नीयत रखता है, तो हंसते समय उसकी आंखों के कोनों में छोटी-छोटी झुर्रियां (Crow's Feet) बनती हैं और उसके चेहरे की मांसपेशियां स्वाभाविक रूप से ऊपर उठती हैं। लेकिन अगर किसी की नीयत में खोट है या वह आपसे ईर्ष्या करता है, तो उसकी मुस्कान केवल होंठों तक सीमित रहेगी, उसकी आंखें ठंडी और भावहीन रहेंगी। इसके अलावा, जब आप किसी से बात कर रहे हों, तो उसकी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें। यदि कोई आपसे बात करते समय अपने पैर या शरीर का ऊपरी हिस्सा दूसरी तरफ मोड़कर रखता है, हाथ-पैर क्रॉस करके बैठता है, या बार-बार नजरें चुराता है, तो यह दर्शाता है कि उसकी नीयत में चोर है और वह उस बातचीत में ईमानदार नहीं है।4. दूसरों की सफलता और आपकी खुशी पर उनकी पहली प्रतिक्रियासच्चा और साफ नीयत वाला इंसान वही है जो आपकी या किसी अन्य व्यक्ति की सफलता पर दिल से खुश हो सके। किसी की असली नीयत को बिना कुछ पूछे परखने का एक बेहतरीन तरीका यह है कि जब भी आपके सामने किसी तीसरे व्यक्ति की बड़ी कामयाबी, प्रमोशन या खुशी की चर्चा हो, तो उस इंसान के चेहरे के भावों को ध्यान से देखें।ईर्ष्यालु और बुरी नीयत वाले लोग दूसरों की सफलता सुनते ही या तो चुप हो जाते हैं, या फिर उस सफलता को किस्मत का खेल बताकर कम आंकने (Devalue) की कोशिश करते हैं। कई बार वे ऊपर से तो बधाई देते हैं, लेकिन उनके चेहरे पर एक पल के लिए हताशा या कड़वाहट की लकीरें उभर आती हैं, जिन्हें माइक्रो-एक्सप्रेशन्स (Micro-expressions) कहते हैं। अगर कोई व्यक्ति दूसरों की खुशी में मुस्कुराने के बजाय उसमें कमियां ढूंढने लगे या तुरंत विषय बदलने की कोशिश करे, तो समझ लीजिए कि उसकी नीयत कभी आपके लिए भी साफ नहीं हो सकती।5. बिना किसी स्वार्थ और लेन-देन (Transactional) के मदद करने की आदतआज की दुनिया में ज्यादातर रिश्ते 'गिव एंड टेक' यानी लेन-देन के सिद्धांत पर चलने लगे हैं। लेकिन एक इंसान की असली नीयत इस बात से पता चलती है कि वह तब कैसा व्यवहार करता है जब उसे सामने वाले व्यक्ति से किसी भी तरह के फायदे या रिटर्न (Return) की उम्मीद नहीं होती।गौर करें कि क्या वह व्यक्ति केवल उन्हीं लोगों की मदद करता है जिनसे उसका कोई काम निकलने वाला है? क्या वह बिना किसी स्वार्थ के चिड़ियों को दाना डालने, आवारा पशुओं की देखभाल करने या किसी अनजान बुजुर्ग की मदद करने में रुचि दिखाता है? जो व्यक्ति बिना किसी पब्लिसिटी, कैमरे या स्वार्थ के दूसरों की भलाई करता है, उसकी नीयत सोने की तरह खरी होती है। इसके विपरीत, जो इंसान हर काम करने के बाद उसका अहसान जताता है या भविष्य में बदले की उम्मीद रखता है, उसकी नीयत में निस्वार्थ प्रेम नहीं बल्कि केवल गणित और सौदेबाजी होती है।कैसे रखें खुद को चालाक और दोहरे चरित्र वाले लोगों से सुरक्षित?जब आप इन 5 मनोवैज्ञानिक तरीकों से किसी व्यक्ति की नीयत को पहचान लें, तो आपको उससे झगड़ा करने या उसे बेनकाब करने की जरूरत नहीं है। समझदारी इसी में है कि अपनी समझ को अपने तक सीमित रखें और ऐसे लोगों से अपनी निजी जिंदगी, गुप्त योजनाएं और वित्तीय बातें शेयर करना बंद कर दें।अपनी नीयत और सोच को हमेशा साफ रखें, लेकिन दूसरों की नीयत को परखने के लिए अपनी आंखें और कान खुले रखें। भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) का यही तकाजा है कि आप दुनिया के सामने दयालु रहें, लेकिन किसी को अपनी मासूमियत का फायदा न उठाने दें।
करियर में ग्रोथ, बेहतर सैलरी पैकेज या अपनी पसंद के रोल के लिए जॉब चेंज (Job Switch) करना एक सामान्य प्रक्रिया है। हालांकि, नई कंपनी से मिलने वाले ऑफर लेटर और जॉइनिंग की खुशी में अक्सर कर्मचारी पुरानी कंपनी से बाहर निकलते समय जरूरी कागजी कार्रवाई में लापरवाही बरत देते हैं। कॉरपोरेट नियमों के अनुसार, जब आप किसी संस्थान को अलविदा कहते हैं, तो सही तरीके से अपना ऑफबोर्डिंग (Offboarding Process) पूरा करना और एचआर (HR Department) से अपनी सेवाओं से जुड़े तमाम दस्तावेज हासिल करना बेहद आवश्यक होता है।आजकल लगभग सभी छोटी-बड़ी कंपनियां नए कर्मचारियों को ऑनबोर्ड करने से पहले थर्ड-पार्टी एजेंसियों के जरिए बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification - BGV) करवाती हैं। ऐसे में यदि आपके पास पुरानी कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज नहीं हैं, तो आपकी नई जॉइनिंग अटक सकती है, सैलरी होल्ड पर जा सकती है या भविष्य में टैक्स फाइलिंग के दौरान भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है। किसी भी कंपनी से इस्तीफा (Resignation) देने के बाद और अपनी अंतिम कार्यतिथि (Last Working Day) से पहले एचआर से मांग लेने योग्य 15 सबसे महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट निम्नलिखित है:1. रिलीविंग लेटर (Relieving Letter)रिलीविंग लेटर आपकी पुरानी कंपनी की तरफ से जारी किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज है। यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण होता है कि आपने कंपनी की नोटिस पीरियड (Notice Period) की शर्तों को नियमानुसार पूरा किया है और कंपनी ने आपको आपके पदों व दायित्वों से मुक्त कर दिया है। नई कंपनी में आपकी जॉइनिंग के समय बीजीवी (BGV) टीम सबसे पहले रिलीविंग लेटर की ही मांग करती है।2. एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट (Experience Certificate)अनुभव प्रमाण पत्र यानी एक्सपीरियंस लेटर में कंपनी में आपके कुल कार्यकाल (जॉइनिंग डेट से लेकर लास्ट वर्किंग डे तक), आपके पद (Designation) और आपके कार्य प्रदर्शन का स्पष्ट उल्लेख होता है। भविष्य में जब भी आप किसी नई जगह आवेदन करेंगे, तो यह पत्र आपके कार्य अनुभव का आधिकारिक सबूत बनेगा।3. पिछले 3 से 6 महीने की सैलरी स्लिप (Salary Slips)पुरानी कंपनी से निकलने से पहले अपनी कम से कम पिछले 3 से 6 महीनों की पे-स्लिप (Pay Slips) जरूर डाउनलोड या ईमेल पर मंगवा लें। सैलरी स्लिप में आपकी बेसिक सैलरी, अलाउंस, टैक्स कटौती और पीएफ योगदान का विस्तृत विवरण होता है। नई कंपनी में सैलरी हाइक की बातचीत (Salary Negotiation) और इन-हैंड सैलरी तय करने में यह प्राथमिक दस्तावेज माना जाता है।4. फॉर्म 16 और टीडीएस सर्टिफिकेट (Form 16 / TDS Certificate)इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने के लिए फॉर्म 16 बेहद अनिवार्य है। आपकी पुरानी कंपनी ने आपकी सैलरी से जो भी टीडीएस (TDS) काटा है, उसका पूरा हिसाब-किताब फॉर्म 16 के पार्ट-ए और पार्ट-बी में दर्ज होता है। यदि आप साल के बीच में नौकरी बदलते हैं, तो नई कंपनी को अपना पिछला टीडीएस रिकॉर्ड दिखाने और दोहरे टैक्स से बचने के लिए फॉर्म 16 की सख्त जरूरत पड़ती है।5. फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट स्टेटमेंटफुल एंड फाइनल सेटलमेंट शीट में आपकी बची हुई सैलरी, बची हुई छुट्टियों का पैसा (Leave Encashment), पेंडिंग बोनस, ग्रेच्युटी और कंपनी द्वारा काटे गए किसी भी प्रकार के डिडक्शन का विस्तृत हिसाब होता है। एचआर से यह लिखित स्टेटमेंट जरूर लें ताकि आपको पता रहे कि आपके खाते में कितना पैसा आना बाकी है या कोई कटौती किस आधार पर की गई है।6. यूएएन (UAN) और पीएफ अकाउंट डिटेल्स (PF Account Details)भविष्य निधि (Provident Fund) का पैसा सुरक्षित ट्रांसफर करने के लिए आपके पास अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पुरानी कंपनी की पीएफ मेंबर आईडी (PF Member ID) होना जरूरी है। हालांकि यूएएन एक ही रहता है, लेकिन पुरानी कंपनी द्वारा आपके पीएफ खाते में अंतिम योगदान और 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) की सही एंट्री दर्ज की गई है या नहीं, इसका दस्तावेज या पासबुक कॉपी जरूर चेक कर लें।7. नो ऑब्जेक्शन / नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NOC / No Dues Certificate)नो ड्यूज सर्टिफिकेट इस बात का प्रमाण है कि पुरानी कंपनी के किसी भी विभाग (आईटी, एडमिन, फाइनेंस, एचआर) का आप पर कोई बकाया नहीं है। कंपनी के लैपटॉप, एक्सेस कार्ड, पेनड्राइव या कोई अन्य एसेट जमा करने के बाद सभी विभागों के साइन वाला नो ड्यूज फॉर्म अपने पास संभालकर रखें, ताकि भविष्य में कोई वित्तीय या कानूनी विवाद न खड़ा हो।8. कंपनी एसेट्स सरेंडर रसीद (Asset Return Acknowledgment)ऑफिस छोड़ते समय जब आप कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, आईडी कार्ड या वाहन जमा करते हैं, तो आईटी और एडमिन विभाग से उसकी लिखित रसीद या ईमेल एक्नॉलेजमेंट (Acknowledgment) जरूर लें। कई बार एसेट खोने या डैमेज होने के झूठे दावों के कारण कर्मचारियों का एफ़ एंड एफ़ सेटलमेंट रोक दिया जाता है, जिससे यह रसीद आपको बचाती है।9. ग्रेच्युटी क्लेम फॉर्म और स्टेटमेंट (Gratuity Statement)यदि आपने किसी एक कंपनी में लगातार 4 साल 240 दिन या 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है, तो आप पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत ग्रेच्युटी के हकदार बन जाते हैं। एचआर से ग्रेच्युटी कैलकुलेशन शीट और क्लेम फॉर्म का स्टेटस जरूर मांग लें, ताकि आपके बैंक खाते में सही राशि ट्रांसफर हो सके।10. अप्रेजल लेटर और इंक्रीमेंट लेटर्स (Appraisal & Increment Letters)आपकी पुरानी कंपनी में समय-समय पर हुए अप्रेजल, प्रमोशन और सैलरी इंक्रीमेंट के लेटर्स आपके करियर ग्रोथ को दर्शाते हैं। नई कंपनी में अपने पिछले रिकॉर्ड को साबित करने और डेसिग्नेशन में बढ़ोतरी हासिल करने के लिए इन पत्रों की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी पास होना काफी मददगार साबित होता है।11. ओरिजिनल ऑफर लेटर और जॉइनिंग लेटर (Offer & Joining Letter)जब आपने पुरानी कंपनी जॉइन की थी, तब आपको जो ऑफर लेटर और अपॉइंटमेंट लेटर (Appointment Letter) मिला था, उसकी कॉपी भी संभालकर रखें। बैकग्राउंड वेरिफिकेशन एजेंसियां कई बार जॉइनिंग के समय तय की गई शर्तों और आपकी शुरुआती पदस्थता की पुष्टि के लिए इन दस्तावेजों की मांग करती हैं।12. टैक्स प्रोजेक्शन शीट और इंवेस्टमेंट डिक्लेरेशन (Tax Projection Sheet)वित्त वर्ष के बीच में जॉब बदलने पर पुरानी कंपनी द्वारा तैयार की गई टैक्स प्रोजेक्शन शीट (Tax Projection Sheet) एचआर से मांग लें। इसमें दर्ज जानकारी को अपनी नई कंपनी के एचआर के साथ साझा करें, ताकि वे साल के बचे हुए महीनों में सही टैक्स कैलकुलेट कर सकें और आपकी सैलरी से अधिक टीडीएस न कटे।13. ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेबिलिटी/क्लोजर डॉक्यूमेंटयदि आपकी पुरानी कंपनी में आपका और आपके परिवार का कॉरपोरेट ग्रुप मेडिक्लेम (Group Health Insurance) चल रहा था, तो कंपनी छोड़ने के साथ ही वह पॉलिसी समाप्त हो जाती है। आप एचआर या इंश्योरेंस ब्रोकर से क्लोजर लेटर लेकर उस पॉलिसी को इंडिविजुअल रिटेल पॉलिसी में पोर्ट (Portability) करा सकते हैं, जिससे आपकी पुरानी वेटिंग पीरियड की अवधि बेकार नहीं जाती।14. एनपीएस (NPS / PRAN) डिटेल्सयदि आपकी पुरानी कंपनी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में योगदान दे रही थी, तो अपना परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN Card) और कॉर्पोरेट-टू-कॉर्पोरेट शिफ्टिंग फॉर्म एचआर से प्राप्त करें। इससे आप अपने एनपीएस खाते को नई कंपनी के कॉर्पोरेट प्लान से आसानी से टैग करवा सकेंगे।15. सर्विस / आचरण प्रमाण पत्र (Conduct & Service Certificate)खासकर बैंकिंग, डिफेंस, पीएसयू (PSU), सरकारी संस्थानों या विदेशी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में नौकरी बदलने पर कर्मचारी के आचरण और सत्यनिष्ठा (Integrity and Conduct Certificate) का प्रमाण पत्र मांगा जाता है। यह लेटर यह प्रमाणित करता है कि आपके खिलाफ कार्यकाल के दौरान कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) नहीं हुई थी।एचआर से बातचीत करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी बातेंलिखित ईमेल द्वारा अनुरोध करें: अपने पर्सनल और ऑफिशियल दोनों ईमेल आईडी से एचआर को इन सभी दस्तावेजों की सूची भेजकर लिखित में अनुरोध दर्ज कराएं।लास्ट वर्किंग डे से पहले फॉलो-अप करें: नोटिस पीरियड के दौरान ही अपने सभी क्लीयरेंस पूरे कर लें ताकि अंतिम दिन कोई कागजी अड़चन न रहे।ऑफीशियल ईमेल और पोर्टल का बैकअप लें: कंपनी छोड़ने से पहले अपने सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 और अप्रेजल लेटर्स को अपने पर्सनल मेल या गूगल ड्राइव पर डाउनलोड करके रख लें, क्योंकि लास्ट वर्किंग डे के बाद आपका ऑफिशियल ईमेल एक्सेस बंद कर दिया जाता है।सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखें: एचआर और अपने मैनेजर के साथ हमेशा प्रोफेशनल और शांतिपूर्ण संबंध (Professional Offboarding) बनाए रखकर ही एग्जिट प्रक्रिया पूरी करें, क्योंकि भविष्य के रेफरेंस चेक (Reference Check) में उनकी फीडबैक बहुत मायने रखती है।इस्तीफा देने के बाद इन 15 दस्तावेजों को समय रहते प्राप्त कर लेने से आपका करियर ट्रांजिशन (Career Transition) बिल्कुल तनावमुक्त और सुरक्षित हो जाता है।
वास्तु शास्त्र में घर में रखी हर एक चीज का सीधा संबंध उसमें रहने वाले सदस्यों की ऊर्जा, मानसिक स्थिति और आर्थिक प्रगति से होता है। घड़ी केवल समय देखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की गति और भाग्य को भी संचालित करती है। सही स्थान पर लगी घड़ी जहां जीवन में उन्नति, सकारात्मकता और धन का आगमन लाती है, वहीं गलत दिशा में टंगी घड़ी घर की पूरी सुख-शांति को छिन्न-भिन्न कर सकती है। वास्तु नियमों के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा (South Direction) में गलती से भी दीवार घड़ी नहीं टांगनी चाहिए।वास्तु ग्रंथों और पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, दक्षिण दिशा को यमराज (मृत्यु के देवता) और पितरों की दिशा माना गया है। यह दिशा ठहराव, गतिहीनता और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। जब आप दक्षिण दीवार पर घड़ी लगाते हैं, तो समय सूचक यंत्र यम की दिशा से ऊर्जा ग्रहण करने लगता है। इसका सीधा असर घर के मुखिया की सेहत और घर की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। दक्षिण दिशा में लगी घड़ी परिवार के सदस्यों की प्रगति में रुकावट पैदा करती है, व्यापार व नौकरी में नुकसान कराती है और घर में लगातार बीमारियों व तनाव का माहौल बनाए रखती है।दरवाजे के ऊपर घड़ी टांगने की न करें भूल, रुक जाता है सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाहकई लोग स्थान की कमी या सजावट के चक्कर में कमरे या मुख्य द्वार के दरवाजे के ठीक ऊपर (Above the Door) घड़ी टांग देते हैं। वास्तु की दृष्टि से यह एक गंभीर दोष माना जाता है। चाहे वह घर का मुख्य प्रवेश द्वार हो या बेडरूम का दरवाजा, दरवाजे के ऊपर घड़ी लगाने से चौखट से गुजरने वाले व्यक्ति पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव पड़ता है।जब भी कोई व्यक्ति दरवाजे के नीचे से गुजरता है, तो घड़ी से निकलने वाली समय की ऊर्जा उस व्यक्ति के औरा (Aura) को प्रभावित करती है। इससे व्यक्ति में मानसिक बेचैनी, सिरदर्द, तनाव और काम में ध्यान न लगने की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा, दरवाजे के हिलने-डुलने से घड़ी की स्थिरता भी प्रभावित होती है, जो वास्तु के अनुसार शुभ नहीं माना जाता। इसलिए दरवाजे के ठीक ऊपर या उसके बिल्कुल सामने कभी भी घड़ी नहीं लगानी चाहिए।बंद और टूटी घड़ियां घर में लाती हैं कंगाली और बीमारियों का दौरघर में रखी बंद घड़ी या टूटा हुआ कांच प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ा रोड़ा बनता है। वास्तु शास्त्र में बंद घड़ी को 'रुके हुए समय' का प्रतीक माना गया है। यदि आपके घर में कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, उसकी बैटरी खत्म हो गई है या उसकी सुइयां रुक चुकी हैं, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या बदल दें।घर में बंद घड़ी रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और व्यक्ति का जीवन भी ठहर सा जाता है। यह स्थिति आर्थिक तंगी, कर्ज वृद्धि और बनते कामों के अचानक बिगड़ने का कारण बनती है। इसी तरह, धुंधले कांच वाली या टूटी हुई घड़ी घर में वास्तु दोष उत्पन्न करती है, जिससे परिवार के सदस्यों के बीच कलह और मानसिक बीमारियां पनपती हैं। समय को हमेशा गतिमान और साफ-सुथरा रखना ही समृद्धि की चाबी है।घर में घड़ी लगाने की सबसे शुभ दिशाएं: उत्तर, पूर्व और पश्चिमयदि आप अपने जीवन में सफलता, धन-धान्य और मान-सम्मान बढ़ाना चाहते हैं, तो घड़ी को वास्तु अनुसार सही दिशा में लगाना बेहद जरूरी है:1. उत्तर दिशा (North Direction) - कुबेर का स्थान:वास्तु शास्त्र में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर और बुद्ध ग्रह की दिशा माना गया है। उत्तर दीवार पर घड़ी लगाने से घर में धन का आगमन बढ़ता है, नए व्यावसायिक अवसर प्राप्त होते हैं और घर के बच्चों का पढ़ाई में मन लगता है। उत्तर दिशा के लिए हल्के नीले, हरे या सफेद रंग की घड़ी सबसे शुभ मानी जाती है।2. पूर्व दिशा (East Direction) - सूर्य का प्रभाव:पूर्व दिशा भगवान इंद्र और सूर्य देव की दिशा है, जो विकास, ऊर्जा और प्रसिद्धि की प्रतीक है। पूर्व दीवार पर घड़ी टांगने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, समाज में प्रतिष्ठा बढ़ती है और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। पूर्व दिशा के लिए लकड़ी का फ्रेम या हल्के पीले व भूरे रंग की घड़ी अत्यंत फलदायी होती है।3. पश्चिम दिशा (West Direction) - स्थिरता और संतुष्टि:यदि उत्तर या पूर्व दिशा में जगह न हो, तो आप पश्चिम दिशा का चयन कर सकते हैं। यह वरुण देव की दिशा मानी जाती है, जो जीवन में स्थिरता और अनुकूलता लाती है। पश्चिम दीवार पर गोल या ओवल (अंडाकार) आकार की घड़ी लगाना शुभ माना जाता है।घड़ी के रंग, आकार और वास्तु से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण नियमदिशा के साथ-साथ घड़ी के रंग और आकार का ध्यान रखना भी वास्तु दोष से बचने के लिए जरूरी है:आकार कैसा होना चाहिए: घर या कार्यालय के लिए गोल (Round), अंडाकार (Oval) या वर्ग (Square) आकार की घड़ियां सबसे उत्तम मानी जाती हैं। ये आकार ऊर्जा के सामंजस्य को बनाए रखते हैं। नुकीले, त्रिकोण (Triangle) या अजीबोगरीब डिजाइन वाली घड़ियों से बचना चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मक तरंगें पैदा करती हैं।रंग का चयन: घर में गहरे काले (Black), गहरे लाल (Red) या नीले रंग की बहुत बड़ी घड़ी लगाने से बचें। लाल रंग अग्नि तत्व को दर्शाता है, जिसे गलत दिशा में लगाने से घर में बेवजह का गुस्सा और विवाद बढ़ता है।समय को हमेशा रखें आगे: वास्तु के अनुसार घड़ी के समय को कभी भी वास्तविक समय से पीछे (Slow) नहीं रखना चाहिए। घड़ी का समय हमेशा सही या 2-3 मिनट आगे (Fast) होना चाहिए। समय से पीछे चलने वाली घड़ी व्यक्ति को जीवन की दौड़ में पीछे धकेलती है।पेंडुलम वाली घड़ी: हॉल या लिविंग रूम की उत्तर या पूर्व दीवार पर पेंडुलम वाली घड़ी (Pendulum Clock) लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इसकी ध्वनि और निरंतर गति से घर में सकारात्मक तरंगें फैलती हैं और सोई हुई किस्मत जगती है।वास्तु शास्त्र के इन छोटे लेकिन असरदार नियमों का पालन करके आप अपने घर से नकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह से दूर रख सकते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि व तरक्की के द्वार खोल सकते हैं।
90,000 पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन की महा-जांच, केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने दिया अंतिम फैसला
देश भर के वाहन चालकों और पेट्रोल पंपों पर लंबे समय से जारी ई-20 (E20 Petrol - 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) ईंधन की गुणवत्ता को लेकर विवाद पर आखिरकार पूर्ण विराम लग गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) – इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ-साथ केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देशव्यापी गहन जांच के बाद अपना अंतिम फैसला सार्वजनिक कर दिया है।देश भर के लगभग 90,000 खुदरा ईंधन आउटलेट्स (पेट्रोल पंपों) पर की गई विस्तृत जांच में ई-20 पेट्रोल गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा है। सरकार और तेल कंपनियों ने सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में किए जा रहे पानी की मिलावट (Moisture Ingress) और अत्यधिक क्लोराइड की मौजूदगी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि ई-20 ईंधन देश भर की गाड़ियों के लिए शत-प्रतिशत सुरक्षित है और उपभोक्ता बिना किसी हिचकिचाहट के इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।क्यों शुरू हुई थी देशव्यापी जांच? जानिए क्या थे मिलावट के दावेपिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और कुछ उपभोक्ता संघों द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि ई-20 पेट्रोल में इथेनॉल की अधिक मात्रा के कारण भूमिगत टैंकों में नमी और पानी जम रहा है। इसके साथ ही यह भी अफवाह फैलाई जा रही थी कि ई-20 ईंधन में क्लोराइड का स्तर कई सौ पीपीएम (PPM) तक पहुंच चुका है, जिससे वाहनों के इंजन, फ्यूल पाइप और स्पार्क प्लग में जंग (Corrosion) लग रही है और माइलेज में भारी गिरावट आ रही है।इन अफवाहों और उपभोक्ता शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय और सरकारी तेल कंपनियों ने तुरंत एक्शन लिया। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्देश पर एक विशेष क्रैक टीम का गठन किया गया और देश भर के डिस्टिलरी, रिफाइनरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंपों तक पूरी सप्लाई चेन की वैज्ञानिक जांच का आदेश जारी किया गया।लैब टेस्ट से लेकर अंडरग्राउंड टैंकों तक: ऐसे हुई E20 ईंधन की टेस्टिंगतेल कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ई-20 पेट्रोल की शुद्धता परखने के लिए बहु-स्तरीय परीक्षण प्रणाली लागू की गई थी। इस राष्ट्रव्यापी जांच अभियान के तहत निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए:भूमिगत टैंकों का नियमित निरीक्षण: देश के लगभग 90,000 पेट्रोल पंपों पर स्थित अंडरग्राउंड फ्यूल स्टोरेज टैंकों की प्रतिदिन 8 से 12 बार अनिवार्य जांच की गई, ताकि पानी के किसी भी प्रकार के रिसाव या जमाव का पता लगाया जा सके।डिस्टिलरी टेस्ट: देश की 80 से अधिक इथेनॉल डिस्टिलरीज से लिए गए नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम (Parts Per Million) से भी कम पाई गई।रिफाइनरी स्तर पर सैंपलिंग: रिफाइनरियों से एकत्र किए गए 100 से अधिक पेट्रोल नमूनों में क्लोराइड का स्तर केवल 1 पीपीएम या उससे नीचे पाया गया।पेट्रोल पंपों से सीधे सैंपल की जांच: देश भर के खुदरा आउटलेट्स से 160 से अधिक ई-20 पेट्रोल के यादृच्छिक (Random) सैंपल लिए गए। टेस्ट रिपोर्ट में क्लोराइड का स्तर 0 से 3 पीपीएम के बीच पाया गया, जो कि कई सौ पीपीएम के भ्रामक दावों के पूरी तरह विपरीत है।मोबाइल क्वालिटी टेस्टिंग लैब: जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सचल प्रयोगशालाओं (Mobile Fuel Quality Testing Labs) को भी तैनात किया गया।पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान: विवाद खड़ा करने की थी साजिशएक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ई-20 ईंधन को लेकर चल रहे भ्रम पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि देश के कुल 1,07,000 पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 6 से 7 करोड़ ग्राहक ईंधन भरवाते हैं। इतने बड़े नेटवर्क में अत्यंत दुर्लभ मामलों को अपवाद मानकर पूरे इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम पर सवाल उठाना और अनावश्यक विवाद खड़ा करना पूरी तरह अनुचित है।पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि शिकायत पत्र मिलने से दो हफ्ते पहले ही मंत्रालय ने एहतियातन गहन जांच शुरू कर दी थी। गठित विशेष टीमों द्वारा देश भर के पेट्रोल पंपों की जांच में महज चार स्थानों पर मामूली तकनीकी त्रुटियां पाई गईं, जिन्हें तुरंत ठीक कर लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने निर्धारित समय सीमा से 5 साल पहले ही 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल किया है, जिससे देश के अरबों रुपये के विदेशी मुद्रा भंडार की बचत हो रही है और किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है।क्या E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के इंजन को होता है नुकसान? संसद में सरकार की सफाईसंसद में भारी उद्योग मंत्रालय ने लिखित जवाब दाखिल करते हुए स्पष्ट किया कि ई-20 ईंधन को भारतीय सड़कों पर उतारने से पहले ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM), इंडियन ऑयल (IOC) और देश की प्रमुख कार निर्माता कंपनियों द्वारा व्यापक लैब परीक्षण और फील्ड ट्रायल किए गए हैं।देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने वित्तीय वर्ष में अपनी वर्कशॉप में सर्विस के लिए आई 2.84 करोड़ से अधिक गाड़ियों का रीयल-वर्ल्ड डेटा विश्लेषित किया। इनमें 1.5 करोड़ से अधिक पुरानी गाड़ियां शामिल थीं। मारुति सुजुकी और टोयोटा किर्लोस्कर दोनों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ई-20 पेट्रोल के उपयोग से इंजन में किसी भी प्रकार का असामान्य घिसाव, जंग या पार्ट्स की खराबी का कोई मामला सामने नहीं आया है।सरकार ने यह भी दोहराया कि अप्रैल 2023 के बाद निर्मित सभी बीएस-VI फेज-2 वाहन पूरी तरह से ई-20 कंप्लायंट हैं, और ऑटोमोबाइल कंपनियां ई-20 ईंधन पर चलने वाली गाड़ियों की वारंटी (Warranty Obligations) को पूरी तरह मान रही हैं।ऑटोमोबाइल वारंटी और माइलेज पर ई-20 का क्या पड़ता है असर?उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी चिंता वाहनों के माइलेज और वारंटी को लेकर रही है। इस पर सरकार और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों ने तकनीकी स्थिति स्पष्ट की है:माइलेज में मामूली अंतर: पुरानी गाड़ियों (अप्रैल 2023 से पहले की) में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में महज 3% से 5% का सूक्ष्म अंतर आ सकता है। हालांकि, इथेनॉल का ऑक्टेन नंबर (Octane Rating) अधिक होने के कारण इंजन को बेहतर पिकअप, तेज कंबशन और सुचारू एक्सीलेरेशन मिलता है।इंजन क्लीनर के रूप में काम: इथेनॉल एक स्वच्छ ईंधन है जो इंजन के अंदर कार्बन जमने नहीं देता, जिससे इंजन की लाइफ लंबी होती है और प्रदूषण में भारी कमी आती है।वारंटी पर कोई संकट नहीं: भारतीय कार निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि मानक के अनुरूप ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से किसी भी वाहन की वारंटी रद्द नहीं होगी।कंज्यूमर्स के लिए आगे की राह: तेल कंपनियों ने जारी किया भरोसा पत्रजांच के नतीजे आने के बाद इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने संयुक्त बयान जारी कर देश के करोड़ों वाहन चालकों को आश्वस्त किया है। OMCs ने कहा है कि ई-20 पेट्रोल की गुणवत्ता की निगरानी रिफाइनरी से लेकर पेट्रोल पंप की नोजल तक रियल-टाइम सिस्टम से की जा रही है। जांच के सभी विस्तृत आंकड़े और रिपोर्ट 'सेंटर फॉर High Technology' (CHT) की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा दिए गए हैं।यदि किसी ग्राहक को किसी विशेष पेट्रोल पंप पर ईंधन की गुणवत्ता को लेकर संदेह होता है, तो वह सीधे पंप पर मौजूद वाटर-इंडेक्टर पेस्ट (Water Indicator Paste) टेस्ट और डेंसिटी चेक (Density Test) की मांग कर सकता है, जो प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निपुण कर्मचारियों द्वारा मुफ्त किया जाता है। 90,000 पेट्रोल पंपों पर हुई व्यापक जांच के बाद ई-20 पेट्रोल को पूर्णतः स्वच्छ, सुरक्षित और मानकों के अनुकूल पाया गया है। सरकार के इस अंतिम फैसले से देश के करोड़ों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली है।
Sukhbir Badal ने महिला आरक्षण बिल तुरंत लागू करने की मांग की, Delimitation Bill पर भी समर्थन का ऐलान
शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को यहां अपने वरिष्ठ नेताओं की बैठक में महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग की। बैठक के बाद SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने X पर एक पोस्ट में कहा कि शिरोमणि अकाली दल को सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने महिलाओं के सम्मान, समानता और समान अधिकारों की वकालत की थी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अपनी सभा में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था करके पहले ही एक मिसाल कायम की है। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy: Babulal Marandi बोले- बातचीत के बहाने JPSC-JSSC मुद्दे को न भटकाए JMM सरकार बादल ने कहा कि संसद के सामने अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद, SAD ने एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिसीमन की भी मांग की, जिससे सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व मिल सके। उन्होंने लिखा कि शिरोमणि अकाली दल ने उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसे भारत सरकार ने सदन में सभी राज्यों की सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी के लिए पेश किया था। बादल ने पोस्ट में कहा कि पार्टी ने ज़ोर दिया कि महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन का काम तुरंत किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Prashant Kishor संग Sunetra Pawar की भेंट से BJP में बेचैनी, महायुति में भी खलबली सरकार मौजूदा मॉनसून सत्र में विपक्षी नेताओं और NDA सहयोगियों से संपर्क करके, 2029 में विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने के लिए संविधान संशोधन बिल पास कराने की नई कोशिश कर रही है। पिछली बार के सत्र में यह संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो पाया था। शिरोमणि अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि आज हुई बैठक के बारे में मैं अभी ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता। मैंने आपको लिए गए फैसलों के बारे में बताया है, खासकर महिला आरक्षण बिल को लागू करने और सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए परिसीमन के फॉर्मूले के बारे में... शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष किसी भी मामले पर, या पंजाब के व्यापक हित में उनसे (PM से) मिल सकते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के पूर्व पति और देश के जाने-माने उद्योगपति संजय कपूर (Sunjay Kapur) से जुड़े 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित पारिवारिक संपत्ति विवाद में एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ आया है। भारत की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने इस मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि कपूर परिवार के आंतरिक मतभेदों को आपसी बातचीत और मध्यस्थता के जरिए सुलझाए जाने के मजबूत आसार नजर आ रहे हैं। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों के सकारात्मक रुख को देखते हुए संकेत दिए हैं कि लंबे समय से अदालतों में उलझा यह हाई-प्रोफाइल कॉर्पोरेट और पारिवारिक झगड़ा जल्द ही एक सर्वसम्मति वाले समझौते पर खत्म हो सकता है।जस्टिस की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब परिवार के सदस्य आपस में बैठकर बात करने और कानूनी लड़ाई को खत्म करने के लिए तैयार हैं, तो अदालत को उन्हें सौहार्दपूर्ण समाधान खोजने का पूरा मौका देना चाहिए। अदालत की इस टिप्पणी के बाद ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली देश की प्रमुख दिग्गज कंपनियों में शुमार 'सोना ग्रुप' (Sona Group / Sona Comstar) के स्वामित्व से जुड़े इस भारी-भरकम संपत्ति विवाद के शांत होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।30,000 करोड़ रुपये का बिजनेस साम्राज्य: जानें क्या है सोना ग्रुप का यह पूरा कानूनी विवादयह पूरा मामला ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के बड़े नाम स्वर्गीय डॉ. सुरिंदर कपूर (Dr. Surinder Kapur) द्वारा स्थापित 'सोना ग्रुप' की अकूत संपत्ति और शेयरों के बंटवारे से जुड़ा हुआ है। डॉ. सुरिंदर कपूर के निधन के बाद परिवार के सदस्यों के बीच कंपनी के मालिकाना हक, ट्रस्ट्स के कंट्रोल और पारिवारिक जायदाद के हिस्से को लेकर मतभेद शुरू हो गए थे। इस विवाद की मुख्य धुरी संजय कपूर, उनकी मां रानी कपूर (Rani Kapur) और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच संपत्ति के अधिकारों को लेकर अदालती जंग रही है।लगभग 30,000 करोड़ रुपये के मूल्यांकन वाले इस औद्योगिक साम्राज्य में कई होल्डिंग कंपनियां, अंतरराष्ट्रीय ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और बहुमूल्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। रानी कपूर और परिवार के कुछ सदस्यों ने याचिका दायर कर आरोप लगाए थे कि संपत्ति के प्रबंधन और पारिवारिक ट्रस्टों के संचालन में नियमों की अनदेखी की गई, जबकि संजय कपूर पक्ष का तर्क रहा है कि सभी व्यावसायिक फैसले कंपनी कानूनों और बोर्ड के दिशानिर्देशों के तहत ही लिए गए हैं। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक पहुंचा, जहां अब दोनों पक्षों ने आपसी समझ से इसका अंतिम हल निकालने की इच्छा जताई है।करिश्मा कपूर संग विवाह, 2016 में तलाक और मौजूदा पारिवारिक ताना-बानाबिजनेस वर्ल्ड के इस बड़े विवाद का कनेक्शन बॉलीवुड से होने के कारण यह मामला हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहता है। उद्योगपति संजय कपूर ने साल 2003 में प्रसिद्ध अभिनेत्री करिश्मा कपूर से शादी की थी। हालांकि, शादी के कुछ वर्षों बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई और वर्ष 2016 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक (Divorce) ले लिया। करिश्मा और संजय के दो बच्चे- समायरा और कियान हैं। तलाक के समय बच्चों के पालन-पोषण, ट्रस्ट फंड्स और वित्तीय देनदारियों को लेकर करिश्मा और संजय के बीच अलग से सेटलमेंट पूरा हो चुका था।करिश्मा से अलग होने के बाद संजय कपूर ने मॉडल व बिजनेसवुमन प्रिया सचदेव (Priya Sachdev) से शादी की। हालांकि, करिश्मा कपूर से जुड़ा पिछला सेटलमेंट पूरी तरह से अंतिम रूप ले चुका है, लेकिन संजय कपूर के पिता की वसीयत और सोना ग्रुप की कुल पारिवारिक संपत्तियों पर अधिकार को लेकर चल रहा वर्तमान मुकदमा उनकी मां रानी कपूर और परिवार के अन्य वारिसों के बीच का मुख्य विषय बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में चल रही मध्यस्थता का उद्देश्य इसी पारिवारिक संपत्ति का स्थायी और न्यायसंगत बंटवारा करना है।मध्यस्थता और सर्वसम्मत समझौते से कॉर्पोरेट जगत को मिलेगी बड़ी राहतसुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्यस्थता (Mediation) को बढ़ावा दिए जाने के फैसले से न केवल कपूर परिवार को वर्षों लंबी और खर्चीली अदालती प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी, बल्कि यह 'सोना कॉमस्टार' (Sona Comstar) जैसी शेयर बाजार में सूचीबद्ध बड़ी कंपनियों के निवेशकों के हित में भी होगा। कॉर्पोरेट विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी बड़ी कंपनी के प्रमोटर परिवार में जारी अंदरूनी विवाद से निवेशकों का भरोसा डिगने का खतरा रहता है। यदि सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में 30,000 करोड़ रुपये की इस जायदाद का शांतिपूर्ण विभाजन या समझौता हो जाता है, तो इससे कंपनी के गवर्नेंस और बाजार मूल्य पर बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।सर्वोच्च अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों को अगली सुनवाई की तारीख तक समझौते का अंतिम ड्राफ्ट तैयार करने और आपस में बैठकर शर्तों को अंतिम रूप देने का समय दिया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े पारिवारिक संपत्ति विवादों में से एक का अंत शांतिपूर्ण तरीके से हो जाएगा।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण नींद न आने (Insomnia) की समस्या बेहद आम हो चुकी है। देर रात तक बिस्तर पर करवटें बदलना और फोन स्क्रीन देखना कई लोगों की रात की मजबूरी बन चुका है। लेकिन अमेरिका के मशहूर स्लीप एक्सपर्ट डॉक्टर माइकल ब्रूस (Dr. Michael Breus) के अनुसार, इस समस्या का समाधान बेहद सरल है। रात को सोने से ठीक पहले सिर्फ 1 चम्मच कच्चा शहद (Raw Honey) खाने से आपका दिमाग शांत होता है और प्राकृतिक रूप से गहरी नींद आने लगती है।शहद और नींद का वैज्ञानिक कनेक्शन (How Raw Honey Promotes Deep Sleep)रात में बार-बार आंख खुलने या नींद न आने का एक मुख्य कारण मस्तिष्क में ग्लाइकोजन (Glycogen) का स्तर गिरना होता है। जब आप सो रहे होते हैं, तब भी आपका दिमाग लगातार काम करता है और ऊर्जा के लिए लिवर में जमा ग्लाइकोजन का उपयोग करता है। रात के समय यदि यह ऊर्जा खत्म हो जाती है, तो शरीर कॉर्टिसोल (Cortisol) और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स रिलीज करने लगता है, जिससे अचानक रात 2 या 3 बजे आंख खुल जाती है।सोने से ठीक पहले 1 चम्मच कच्चा शहद लेने से लिवर को पर्याप्त ग्लाइकोजन रीचार्ज मिलता है। यह प्रक्रिया रातभर ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखती है। साथ ही, शहद शरीर में इंसुलिन का स्तर हल्का सा बढ़ाता है, जिससे ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) नाम का अमीनो एसिड दिमाग तक पहुंचता है। मस्तिष्क इस ट्रिप्टोफैन का उपयोग सेरोटोनिन और फिर मेलाटोनिन (Melatonin - स्लीप हार्मोन) बनाने के लिए करता है, जिससे नींद तुरंत और गहरी आती है।इस्तेमाल का सही तरीका और जरूरी सावधानियांसेवन का तरीका: रात को सोने से लगभग 20 से 30 मिनट पहले 1 चम्मच शुद्ध ऑर्गैनिक या कच्चा शहद खाएं। आप चाहें तो इसमें एक चुटकी सेंधा नमक (Himalayan Pink Salt) भी मिला सकते हैं, जो तनाव घटाने वाले हार्मोन्स को संतुलित करता है।विकल्प: यदि आपको मीठा पसंद नहीं है, तो 1 चम्मच बादाम का मक्खन (Almond Butter) भी एक बेहतरीन विकल्प है, जिसमें मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं।सावधानी: डायबिटीज (Diabetes) के मरीज या किसी अन्य चिकित्सीय स्थिति से गुजर रहे लोग इस उपाय को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
मेडिकल कॉलेजों में बढ़ रही है छात्रों की संख्या, सामने आए नए आंकड़े
NEET-UG परीक्षा में दिन पर दिन बढ़ता युवाओं की दिलचस्पी और मेडिकल सीटों को लेकर एक नया आंकड़ा सामने आया है. पिछले सात सालों में NEET-UG देने वाले अभ्यर्थियों की संख्या में करीब 42.5 की बढ़ोतरी हुई है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2019 में जहां 14.10 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर करीब 20 लाख पहुंच गई.
भारत की भौगोलिक और सामरिक सुरक्षा में 'सिलीगुड़ी कॉरिडोर' यानी 'चिकन नेक' सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। पश्चिम बंगाल में स्थित महज 22 किलोमीटर चौड़ी यह जमीन की पट्टी पूरे पूर्वोत्तर भारत (North-East) को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है। चीन की नजर हमेशा इस इलाके पर रही है, क्योंकि युद्ध जैसी किसी भी विषम परिस्थिति में इस एक संकरे रास्ते को काटकर पूर्वोत्तर के आठों राज्यों को देश से अलग-थलग करने की रणनीति पर काम किया जा सकता है।इसी भू-राजनीतिक कमजोरी को पूरी तरह खत्म करने के लिए भारत ने अपनी 'ऐक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) के तहत भारत-म्यांमार-थाईलैंड (IMT) ट्राइलेटरल हाईवे प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाना शुरू किया है। लगभग 1,400 किलोमीटर लंबा यह हाईवे मणिपुर के मोरेह (Moreh) से शुरू होकर म्यांमार के रास्ते थाईलैंड के माई सोत (Mae Sot) शहर तक जाता है। यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह चिकन नेक का एक ऐसा शक्तिशाली रणनीतिक और व्यापारिक विकल्प है जो भारत को सीधे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (ASEAN) से स्थलीय मार्ग द्वारा जोड़ता है।निशाना 1: चिकन नेक की रणनीतिक निर्भरता खत्म और वैकल्पिक भूमि मार्गIMT प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा भारत को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर मिला है। सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर किसी भी प्रकार के सैन्य संकट या प्राकृतिक आपदा के समय यह हाईवे भारत के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा। यदि कभी चिकन नेक के रास्ते में कोई बाधा आती है, तो भारत म्यांमार और आसियान देशों के रास्ते अपने पूर्वोत्तर राज्यों तक आपूर्ति और रसद आसानी से पहुंचा सकता है। इसके अलावा, भारत का 'कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट' (Kaladan Project) और IMT हाईवे मिलकर एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार करते हैं जो पूर्वोत्तर भारत की मुख्य भूमि से कनेक्टिविटी को हर परिस्थिति में सुरक्षित रखता है।निशाना 2: पूर्वोत्तर भारत (North-East) की आर्थिक और सामाजिक कायाकल्पपूर्वोत्तर के आठ राज्य लंबे समय तक भौगोलिक अलगाव और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण मुख्यधारा के आर्थिक विकास से पिछड़े रहे। IMT हाईवे के पूरी तरह चालू होने से मणिपुर, नागालैंड, असम, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश सीधे अंतरराष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क से जुड़ जाएंगे।पूर्वोत्तर भारत अब केवल दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवेश द्वार ही नहीं रहेगा, बल्कि एक बहुत बड़ा लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब बनकर उभरेगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे, टूरिज्म (पर्यटन) को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में उग्रवाद (Insurgency) को हमेशा के लिए समाप्त करने में मदद मिलेगी।निशाना 3: आसियान (ASEAN) बाजार में सीधी पहुंच और व्यापार में बड़ा उछालभारत और आसियान देशों के बीच व्यापार का एक बड़ा हिस्सा अब तक केवल समुद्री मार्गों पर निर्भर रहा है, जिसमें समय और लागत दोनों ज्यादा लगती है। IMT ट्राइलेटरल हाईवे के जरिए भारत अब सड़क मार्ग से थाईलैंड, म्यांमार और आगे चलकर वियतनाम, लाओस व कंबोडिया तक अपने सामान की सीधी और तेज डिलीवरी कर सकेगा।सड़क संपर्क बेहतर होने से कृषि उत्पाद, दवाइयां (Pharmaceuticals), ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात कई गुना बढ़ जाएगा। यह हाईवे भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को नई ऊर्जा देगा और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा।निशाना 4: म्यांमार और मलय प्रायद्वीप में चीन की दादागिरी का माकूल जवाबदक्षिण-पूर्व एशिया में चीन अपने 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (BRI) और 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स' (String of Pearls) नीति के तहत म्यांमार और थाईलैंड में भारी निवेश करके भारत को घेरने की साजिश रचता रहा है। म्यांमार में चीन की उपस्थिति भारत की बंगाल की खाड़ी की सुरक्षा के लिए चुनौती रही है।IMT प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत ने म्यांमार में अवसंरचना निर्माण, पुलों के नवीनीकरण और सड़कों के चौड़ीकरण में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत का यह सॉफ्ट-पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मॉडल चीन के 'डेट-ट्रैप' (कर्ज जाल) नीति का सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है। इससे म्यांमार और थाईलैंड जैसे देशों की चीन पर निर्भरता कम हो रही है और क्षेत्र में भारत का सामरिक दबदबा मजबूत हुआ है।निशाना 5: कंबोडिया, लाओस और वियतनाम (CLMV) तक विस्तार का मास्टरप्लानभारत की योजना केवल थाईलैंड तक सीमित रहने की नहीं है। रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, IMT हाईवे का विस्तार आगे कंबोडिया, लाओस और वियतनाम (CLMV Countries) तक करने का प्रस्ताव है। इस विस्तारित नेटवर्क को 'ग्रेटर मेकांग सब-रीजन' (GMS) कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।इसका सीधा अर्थ यह है कि भारत का एक ट्रक मणिपुर से चलकर प्रशांत महासागर के तट पर बसे वियतनाम के बंदरगाहों तक सीधे पहुंच सकेगा। यह कनेक्टिविटी न केवल व्यापार को आसान बनाएगी, बल्कि दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रवैये के खिलाफ भारत को इन देशों के साथ मिलकर एक मजबूत कूटनीतिक गुट बनाने का अवसर देगी।निशाना 6: ऊर्जा कूटनीति, पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों का पुनरुद्धारIMT हाईवे सिर्फ गाड़ियों के आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का मार्ग भी है। म्यांमार और थाईलैंड प्राकृतिक गैस और खनिजों के बड़े स्रोत हैं। इस कॉरिडोर के साथ-साथ भविष्य में ऑयल एंड गैस पाइपलाइन और पावर ग्रिड इंटरकनेक्शन स्थापित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।इसके साथ ही, भारत के बौद्ध सर्किट (जैसे बोधगया, सारनाथ) को म्यांमार और थाईलैंड के ऐतिहासिक बौद्ध मठों से जोड़कर 'स्पिरिचुअल टूरिज्म' को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिलेगा। दोनों देशों के बीच प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध पुनः जीवित होंगे, जिससे पीपुल-टू-पीपुल (जन-से-जन) संपर्क को मजबूती मिलेगी।IMT प्रोजेक्ट की राह में मौजूद चुनौतियां और भारत की आगे की रणनीतिहालांकि IMT हाईवे प्रोजेक्ट का अधिकांश हिस्सा बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन म्यांमार में पिछले कुछ वर्षों से जारी आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता और गृहयुद्ध जैसे हालात के कारण कई स्थानों पर निर्माण कार्य की गति धीमी रही है। म्यांमार के काचिन और कायाह राज्यों में सुरक्षा स्थितियां और दुर्गम पहाड़ी इलाके इस परियोजना के लिए मुख्य चुनौतियां रहे हैं।फिर भी, भारत सरकार म्यांमार की वर्तमान स्थिति के बीच कूटनीतिक रास्ते निकालकर और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का काम तेजी से पूरा करके इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द चालू करने के लिए प्रतिबद्ध है। म्यांमार में कई महत्वपूर्ण पुलों के निर्माण और सड़कों को चार लेन बनाने का काम भारतीय एजेंसियों द्वारा तेजी से निपटाया जा रहा है।निष्कर्षतः, IMT ट्राइलेटरल हाईवे भारत की विदेश नीति और रक्षा रणनीति का एक ऐसा मास्टरस्ट्रोक है जो आने वाले दशकों में दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के शक्ति संतुलन को पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ देगा।
राजधानी दिल्ली में मानसूनी सीजन के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। दिल्ली में इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू वायरस के बढ़ते मामलों के बीच एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक ही परिवार की दो सगी मासूम बहनों की महज तीन दिन के अंतराल में मौत हो गई। इस घटना के बाद से दिल्ली-एनसीआर के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है और डॉक्टरों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सख्त सलाह दी है।अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, तीन साल 11 महीने की छोटी बच्ची को बेहद गंभीर हालत में बीएलके-मैक्स अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। जब बच्ची की मेडिकल जांच की गई तो उसमें H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इतना ही नहीं, बच्ची के एमआरआई (MRI) स्कैन में 'एक्यूट नेक्रोटाइजिंग एन्सेफैलोपैथी' (ANEC) के लक्षण पाए गए, जो फ्लू के बाद होने वाली एक बेहद दुर्लभ और जानलेवा दिमागी जटिलता मानी जाती है। डॉक्टरों की टीम द्वारा तमाम जीवनरक्षक प्रयासों के बावजूद बच्ची ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि इससे ठीक तीन दिन पहले उनकी बड़ी बेटी की भी अचानक तेज बुखार और सर्दी-जुकाम के बाद मौत हुई थी, जिसमें भी ठीक इसी तरह के लक्षण देखे गए थे।दिल्ली में 1300 से अधिक मरीज, अस्पतालों में अचानक बढ़े ICU एडमिशनमानसून की रफ्तार पकड़ने के साथ ही दिल्ली में H1N1 के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में इस साल अब तक H1N1 स्वाइन फ्लू के 1,349 कन्फर्म मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि डेंगू के भी 1,379 मरीज सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार स्वाइन फ्लू के मामले न केवल तेजी से बढ़ रहे हैं, बल्कि मरीजों में फेफड़ों और मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर जटिलताएं भी देखी जा रही हैं।राजधानी के प्रमुख अस्पतालों जैसे सफदरजंग, बीएलके-मैक्स और पीएसआरआई (PSRI) में फ्लू के मरीजों की कतारें लग रही हैं। पीएसआरआई अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक, उनके अस्पताल में H1N1 के मामलों में अचानक करीब चार गुना तक की बढ़ोतरी हुई है। कई मरीजों की हालत इतनी बिगड़ रही है कि उन्हें फेफड़ों में गंभीर संक्रमण होने पर वेंटिलेटर सपोर्ट और आईसीयू (ICU) में भर्ती करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सभी सरकारी अस्पतालों को इलाज की पर्याप्त व्यवस्था और बेड सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।जानिए क्या है H1N1 वायरस और शरीर पर कैसे करता है हमलाH1N1 एक संक्रामक सांस की बीमारी है, जिसे आम भाषा में 'स्वाइन फ्लू' कहा जाता है। यह वायरस इन्फ्लूएंजा ए श्रेणी का एक म्यूटेटेड स्ट्रेन है, जो एक संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या हवा में मौजूद ड्रॉपलेट्स के जरिए तेजी से फैलता है। जब यह वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो सबसे पहले ऊपरी श्वसन तंत्र (नाक, गला और फेफड़े) को प्रभावित करता है।अधिकतर मामलों में यह सामान्य फ्लू की तरह ही ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ दुर्लभ स्थितियों में यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को प्रभावित करके गंभीर निमोनिया या मस्तिष्क की सूजन पैदा कर सकता है। जब वायरस मस्तिष्क के टिश्यू को नुकसान पहुंचाता है, तो उसे एक्यूट नेक्रोटाइजिंग एन्सेफैलोपैथी (ANEC) कहा जाता है, जो बच्चों में बेहद घातक साबित हो सकती है।H1N1 स्वाइन फ्लू के मुख्य लक्षण: इन संकेतों पर तुरंत सतर्क होंयदि आपको या आपके परिवार में किसी को नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो इसे सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम समझने की गलती न करें:अचानक तेज बुखार आना: ठंड लगने के साथ तेज बुखार होना।लगातार खांसी और गले में खराश: सूखी या बलगम वाली खांसी का बने रहना।शरीर और मांसपेशियों में भयंकर दर्द: सिरदर्द के साथ-साथ हाथ-पैरों और पीठ में तेज जकड़न महसूस होना।अत्यधिक थकान और कमजोरी: थोड़ा सा काम करने पर भी बहुत ज्यादा निढाल महसूस होना।सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द: सांस फूलना या सीने में भारीपन होना।बच्चों में खतरे के संकेत: बच्चों में अत्यधिक सुस्ती, बेहोशी, दौरे (Fits) पड़ना, लगातार उल्टी होना या सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होना।बच्चों, बुजुर्गों और क्रॉनिक मरीजों के लिए हाई अलर्टस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि H1N1 का वायरस किसी भी उम्र के व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, लेकिन कुछ विशेष समूह (High-Risk Groups) के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है। 5 साल से छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से डायबिटीज, अस्थमा, हृदय रोग या किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे लोगों में वायरस बहुत तेजी से गंभीर रूप धारण कर लेता है। इसलिए इस वर्ग को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचना चाहिए और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।H1N1 से बचाव के लिए अपनाएं ये 5 सबसे जरूरी उपायस्वाइन फ्लू से सुरक्षित रहने के लिए डॉक्टरों ने दैनिक जीवन में निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:1. नियमित रूप से हाथ साफ करेंदिन में कई बार साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक अच्छी तरह धोएं या अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।2. खांसते और छींकते समय सावधानी रखेंखांसते या छींकते समय हमेशा टिशू, रुमाल या अपनी कोहनी से मुंह और नाक को ढके रहें।3. भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनेंसार्वजनिक स्थानों, अस्पतालों या मेट्रो में यात्रा के दौरान मास्क का उपयोग जरूर करें।4. बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेंबुखार या फ्लू के लक्षण दिखने पर खुद से दवाइयां या एंटीबायोटिक्स न खाएं, तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच करवाएं।5. इन्फ्लूएंजा (Flu) का टीका लगवाएंबच्चों और बुजुर्गों को डॉक्टर की सलाह पर सालाना फ्लू शॉट (Flu Vaccine) जरूर दिलवाएं, जिससे शरीर में इस वायरस के खिलाफ सुरक्षा कवच बन सके।
Delimitation पर CM विजय की बैठक से DMK-AIADMK का बायकॉट, सियासी पारा हाई
तमिलनाडु के ज़्यादातर सांसदों ने शनिवार को मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल न होने का फ़ैसला किया। यह बैठक परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। इसे मुख्यमंत्री सी. विजय जोसेफ के लिए एक प्रतीकात्मक झटके के तौर पर देखा जा सकता है। ANI न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय ने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया पर राज्य की ओर से एक साझा रुख तय करने के लिए यह बैठक बुलाई थी। इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई थी कि इससे दक्षिणी राज्यों की संसदीय सीटों की संख्या कम हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Delimitation पर Tamil Nadu CM Vijay की बैठक का द्रमुक करेगी बहिष्कार ANI के अनुसार, तमिलनाडु के 57 सांसदों में से केवल 20 के ही इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद थी, जबकि 37 सांसदों ने बैठक से दूर रहने का फैसला किया। इससे मुख्यमंत्री की इस पहल पर आम सहमति न होने का संकेत मिल रहा है। हाज़िरी के विवरण के अनुसार, बैठक में शामिल होने वाले 20 सांसद ज़्यादातर कांग्रेस और उसके छोटे सहयोगियों से हैं। कांग्रेस के 12 सांसद मौजूद हैं, जबकि VCK, CPI और CPI(M) के दो-दो सांसद हैं, और MDMK तथा IUML का एक-एक सांसद है। इस बीच, DMK ने बैठक का बहिष्कार किया है और उसके सभी 30 सांसद इसमें शामिल नहीं हुए। AIADMK ने भी इस कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी और उसके चार सांसद इसमें शामिल नहीं हुए। PMK, MNM और DMDK ने भी बहिष्कार में हिस्सा लिया है; इन पार्टियों का एक-एक सांसद इसमें शामिल नहीं हुआ। बैठक में शामिल न होने वाले सांसदों ने TVK के नेतृत्व वाली सरकार पर कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu CM Vijay Sanghita Divorce | विजय की पत्नी संगीता ने वापस ली तलाक की अर्जी, कोर्ट ने मामले को किया निपटाया यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सरकार की ओर से बिल को पास कराने की नई कोशिशों की खबरें आ रही हैं और ऐसी अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार आने वाले मॉनसून सत्र में इस कानून को फिर से पेश कर सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
9 अगस्त को इन जिलों में IMD का अलर्ट, जानें कहां बरसेंगे बादल
9 अगस्त को यूपी में मानसून सक्रिय रहेगा. पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, सहारनपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश की संभावना अधिक है. मौसम विभाग ने जलभराव और खराब दृश्यता को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है.
'इस्लामिक नाटो' का आगाज! जानिए कैसे पाकिस्तान समेत तीन मुल्कों की डील ने बढ़ाई भारत की टेंशन
Mecca Joint Defence Agreement: पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने एक ऐतिहासिक और रणनीतिक 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' (Mecca Joint Defence Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं।
नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर खाना बांटने वाले मोहम्मद जुनैद के खिलाफ एक महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने जुनैद पर अनुचित व्यवहार और महिलाओं को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मांग की कि जुनैद को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
समय रैना ने असम बाढ़ पीड़ितों को दिए ₹10 लाख, फैंस बोले- FIR वापस लो
कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना ने असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹10 लाख का योगदान दिया है. . वहीं फैंस ने सीएम से कहा कि अब समय पर लगी FIR वापस ले लो.
राघव चड्ढा की पीएम मोदी से मुलाकात, पंजाब चुनाव में मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
राघव चड्ढा ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इसकी जानकारी सोशल मीडिया साइट पर डालते हुए राघव ने इसे यादगार सुबह करार दिया। राघव और पीएम मोदी की यह पिछले कुछ दिनों में दूसरी बातचीत है।
150 से 5 लाख के कांवड़... दुकानदारों ने बताया क्या डिमांड कर रहे 'भोले'
सावन के महीने में कांवड़ बाजार पूरी तरह सज चुके हैं. इस बार 150 रुपये की साधारण कांवड़ से लेकर 5 लाख रुपये तक की लग्जरी कांवड़ बिक रही हैं. जानिए महंगी कांवड़ में क्या खास होता है, इन्हें कैसे बनाया जाता है, कौन-कौन से कारीगर मिलकर तैयार करते हैं और आखिर इनकी कीमत लाखों रुपये तक क्यों पहुंच जाती है.
परिसीमन बैठक का DMK ने किया बहिष्कार, बोली- मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश
तमिलनाडु में परिसीमन को लेकर बुलाई गई विजय सरकार की सर्वदलीय बैठक का DMK ने बहिष्कार कर दिया है. पार्टी ने बैठक बुलाने के समय और मकसद पर सवाल उठाए हैं.
600 से ज्यादा विकेट, फिर भी टीम इंडिया में चांस नहीं... जडेजा की अनकही कहानी
भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं, जिन्होंने वर्षों तक लगातार शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन टीम इंडिया का दरवाजा उनके लिए नहीं खुल सका. धर्मेंद्रसिंह जडेजा भी ऐसे ही खिलाड़़ियों में शामिल हैं. धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने 600 से ज्यादा विकेट हासिल किए हैं, लेकिन अब तक उन्हें टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका नहीं मिला.
विदेश जाने की जिद्द! हाईकोर्ट से झटका लगते ही SC पहुंचे अभिषेक बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं दी गई थी. हाईकोर्ट ने यह आदेश इसलिए दिया क्योंकि बनर्जी मेडिकल बोर्ड के सामने जांच कराने को तैयार नहीं थे. सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट को एक सप्ताह में इस याचिका पर सुनवाई करने को कहा था.
रूसी मिसाइल हमलों से दहल उठा यूक्रेन का कीव, देखन दुनिया आजतक
रूसी मिसाइल हमलों से एक बार फिर यूक्रेन की राजधानी कीव दहल उठी. बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में तीन लोगों की जान चली गई. मरने वालों में एक बच्चा भी शामिल है. हमलों के बाद शहर में हुए कई धमाके सुनाई दिए. कीव मेयर ने दो जिलों में हमलों के बाद आग भड़कने की बात कही. देखें दुनिया आजतक.
कुंभ राशि के शुभ कार्यों में वृद्धि होगी, आपके लिए कल कैसा रहेगा दिन?
कुंभ राशि के लिए आर्थिक और वाणिज्यिक पक्ष मजबूत रहने के संकेत हैं. मित्रों का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में सबका समर्थन पाएंगे. शुभ कार्यों में वृद्धि होगी. व्यापार का दायरा बढ़ सकता है. शिक्षा और प्रबंधन से जुड़े कार्यों में आगे रहेंगे. योग, ध्यान और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं.
IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह में पहुंचे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए और छात्रों को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह “बाबा बागेश्वर” नहीं हैं, लेकिन हर छात्र के मन में भविष्य को लेकर अलग-अलग सपने और योजनाएं जरूर चल रही होंगी।
Splendor-पैशन के बाद बड़ी तैयारी में हीरो, ला रहा दो नई बाइक्स
भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में अभी स्कूटर्स का कब्जा है. बाइक्स की सेल नाम मात्र की है. इसकी एक बड़ी वजह इलेक्ट्रिक बाइक सेगमेंट में बड़े ब्रांड्स का ना होना है. रॉयल एनफील्ड ने इस सेगमेंट में फ्लाइंग फ्ली से एंट्री की है, लेकिन अभी बाइक की उपलब्धता सीमित है. अब इस सेगमेंट हीरो की एंट्री होने वाली है. आइए जानते हैं हीरो क्या प्लान कर रहा है.
Deepfakes और Propaganda पर प्रहार, MeitY ने Meta को Algorithm बदलने और Roadmap देने का दिया निर्देश
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा से कहा है कि वह अपने एल्गोरिदम में बदलाव करे और डीपफेक, प्रोपेगैंडा और दूसरे हेरफेर किए गए या गैर-कानूनी कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर फैलने से रोकने के लिए एक कंप्लायंस रोडमैप (नियमों के पालन की योजना) तैयार करे। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने मेटा के एल्गोरिदम में ये खास बदलाव करने के लिए कहा है, ताकि नुकसानदायक और हेरफेर किए गए कंटेंट का पता लगाने और उसे हटाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सके। MeitY के अधिकारियों ने कंपनी से अपने कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को मजबूत करने, अधिकृत सरकारी एजेंसियों से मिलने वाले कंटेंट हटाने के अनुरोधों पर तेजी से कार्रवाई करने और डेटा लोकलाइजेशन की शर्तों का पालन करने के लिए भी कहा है। इसे भी पढ़ें: Meta टीम से सरकार ने Deepfake और AI कंटेंट पर ठोस कदम उठाने की रिपोर्ट मांगी सूत्रों के अनुसार, सरकार ने डीपफेक, मॉर्फ़ की गई तस्वीरों और गुमराह करने वाली पोस्ट का पता लगाने और उन्हें हटाने की प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए मेटा के साथ और बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश की है। ये निर्देश शुक्रवार को मेटा की टेक्निकल टीम और MeitY (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) के अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद दिए गए। इस बैठक में कंपनी ने बताया कि उसके मौजूदा सिस्टम ऑनलाइन हानिकारक कंटेंट की पहचान कैसे करते हैं और उनसे कैसे निपटते हैं। हालांकि, सरकारी अधिकारियों ने मेटा के प्लेटफ़ॉर्म पर प्रोपेगैंडा, डीपफेक और हेरफेर किए गए मीडिया के प्रसार को रोकने के लिए खास एल्गोरिदम में बदलाव करने पर ज़ोर दिया। ये ताज़ा बातचीत, मेटा के प्लेटफ़ॉर्म पर हानिकारक और गैर-कानूनी कंटेंट से निपटने के तरीकों को लेकर सरकार और मेटा के बीच हुई कई बैठकों की कड़ी का हिस्सा है। इसे भी पढ़ें: अमेरिका की अदालत का बड़ा फैसला: युवाओं को नुकसान पहुंचाने के मामले में Meta पर $56.7 करोड़ का जुर्माना सूत्रों ने बताया कि बातचीत के दौरान मेटा ने अपने मौजूदा सिस्टम में कमियों को स्वीकार किया और डीपफेक व अन्य तरह के सिंथेटिक कंटेंट से निपटने के लिए उठाए जा सकने वाले टेक्निकल उपायों के बारे में जानकारी दी। दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं और अगले हफ़्ते एक और बैठक होने की उम्मीद है। हाल के दिनों में मेटा के प्लेटफ़ॉर्म पर डीपफेक, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) और अन्य हानिकारक कंटेंट को लेकर चिंताओं के कारण सरकार की ओर से मेटा की निगरानी और जांच तेज़ हो गई है। भारतीय सरकार द्वारा चिंता जताए जाने के बाद, मेटा के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कंपनी के प्लेटफॉर्म पर कृत्रिम कृत्रिम सामग्री (सीएसएएम) और डीपफेक सामग्री से संबंधित त्रुटियों के लिए पहले ही माफी मांग ली थी। इसे भी पढ़ें: Meta को उठानी होगी यूजर्स को दिखने वाले कंटेंट की जिम्मेदारी, Deepfake पर केंद्र ने मांगी कार्ययोजना ये ताज़ा चर्चाएँ ऐसे समय में हो रही हैं जब भारत ने डीपफेक सहित कृत्रिम रूप से निर्मित सामग्री के लिए अपने नियामक ढांचे को और सख्त कर दिया है। सरकार ने इस वर्ष की शुरुआत में सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमों में संशोधन किया था ताकि कृत्रिम रूप से निर्मित जानकारी को एक विशिष्ट नियामक ढांचे के अंतर्गत लाया जा सके और ऑनलाइन मध्यस्थों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकताएँ लागू की जा सकें। इन नियमों का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा निर्मित और हेरफेर की गई सामग्री के लिए जवाबदेही को मजबूत करना है, जिसमें पहचान और लेबलिंग की आवश्यकताएँ भी शामिल हैं।
लक्ष्मी शेखावत: पहले मौत को मात दी! अब टीम इंडिया की उपकप्तान, भाई ने नहीं टूटने दिया हौसला
दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी टूटने के बाद भी राजस्थान की लक्ष्मी शेखावत ने हिम्मत नहीं हारी. 14वीं एशियन नेटबॉल चैंपियनशिप (हांगकांग) में भारतीय टीम की उपकप्तान बनकर देश का नाम रोशन करने वाली लक्ष्मी के अदम्य साहस, संघर्ष और मैदान पर शानदार कमबैक की पूरी प्रेरणादायक कहानी पढ़ें.
सीलबंद बोतल का पानी पीने के बाद एक ही परिवार के चार लोगों की हालत खराब, गोदाम सील
अपोलो प्लस कंपनी की सीलबंद बोतल से पानी पीने के बाद एक ही परिवार के चार लोग बीमार पड़ गए. इसके बाद अधिकारियों ने अपोलो प्लस की दुकान और गोदाम को सील कर दिया है.
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को JMM के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और कहा कि उसे प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत के बहाने परीक्षाओं में गड़बड़ी के मुद्दे से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। आज, रांची में JPSC और JSSC की परीक्षाओं के लिए प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की। पिछली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों का ज़िक्र करते हुए, बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार नहीं चाहती कि उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी मिले। बीजेपी नेताओं ने पत्रकारों से कहा सरकार को बातचीत शुरू करनी चाहिए; इससे मसले को सुलझाने में मदद मिलेगी। हालांकि, सरकार को बातचीत के बहाने मुद्दे से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए। यह मामला बहुत गंभीर है। परीक्षा में जिस तरह की गड़बड़ियां हुईं, उनमें शामिल लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Jharkhand में JPSC धांधली पर छात्र आंदोलन 15वें दिन जारी, 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी उन्होंने आगे कहा जनवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने CTET के बजाय JTET के पक्ष में फ़ैसला सुनाया और सरकार से तीन महीने के अंदर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने को कहा। लेकिन सरकार ने लंबे समय तक प्रक्रिया शुरू नहीं की; इसके बजाय, उसने कोर्ट में हलफ़नामा दायर करके भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी। सरकार नहीं चाहती थी कि झारखंड के छात्रों को नौकरी मिले। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में हाल ही में हुई गड़बड़ियों के कारण उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया और पारदर्शिता व संरचनात्मक बदलावों की मांग की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी आज विरोध प्रदर्शन किया। राज्य विधानसभा की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी सुरक्षा बल और बैरिकेडिंग लगाई गई थी। इसे भी पढ़ें: Jharkhand JPSC-JSSC विवाद पर Government से वार्ता विफल, छात्रों का Protest तेज JPSC JSSC रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद, झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने नीतिगत सुधारों के लिए छात्रों और संबंधित लोगों से सुझाव लेने के लिए एक खास ईमेल आईडी जारी की है। पत्रकारों से बात करते हुए, मंत्री सोनू ने कहा कि सरकार सामूहिक निर्णय लेने के लिए सभी छात्र समूहों के साथ बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Karnataka Congress में अंदरूनी कलह पर बोले MB Patil, High Command सुलझाएगा परिवार जैसी उलझन
कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने शनिवार को कहा कि सरकार और कांग्रेस नेतृत्व के बीच कोई भी मतभेद परिवार के भीतर होने वाले मामूली अंतर जैसा ही है और इसे मिलकर सुलझा लिया जाएगा। मंत्री एमबी पाटिल ने कहा सरकार या कांग्रेस पार्टी में कोई बड़ी उलझन नहीं है। जिस तरह परिवार में मामूली मतभेद होते हैं, उसी तरह पार्टी में भी उनका होना स्वाभाविक है। मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और हाई कमान मिलकर सब कुछ सुलझा लेंगे। शनिवार को बल्लारी में बोलते हुए, पाटिल ने कैबिनेट पदों को लेकर बढ़ते दबाव पर बात की। उन्होंने कहा कि हालांकि पहले की कैबिनेट में ज़्यादा जगहें होती थीं, लेकिन मौजूदा सीमाओं के कारण सीमित क्षमता के भीतर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, जातिगत समीकरणों और लोगों की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाना ज़रूरी है। इसे भी पढ़ें: BJP ने Karnataka Cabinet विस्तार में मंत्री पद बिक्री के आरोप पर Congress को घेरा उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सभी विधायकों में मंत्री बनने की काबिलियत है। मंत्री बनने की इच्छा रखना स्वाभाविक है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। इससे स्वाभाविक रूप से कुछ दबाव भी बनता है। कैबिनेट का गठन कई बातों को ध्यान में रखकर किया जाता है, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन भी शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी नेता मिलकर इस मामले को सुलझा लेंगे। पाटिल ने कहा इसके अलावा, AICC अध्यक्ष भी हमारे ही बीच से हैं। वह सब कुछ संभाल लेंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में महिलाओं को निश्चित रूप से मौका दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि संदूर की विधायक अन्नपूर्णा तुकाराम को मंत्री बनाने का फैसला हाईकमान को करना है। उन्होंने कहा उनमें मंत्री बनने की काबिलियत है। हमें यह देखना होगा कि कैबिनेट में संतुलन कैसे बनाया जाए। सांसद ई. तुकाराम ने बहुत अच्छा काम किया है। उनकी पत्नी अन्नपूर्णा को मंत्री बनाने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान का होगा। इसे भी पढ़ें: Women Reservation Bill पर बोले DK Shivakumar- Kiren Rijiju को कांग्रेस की चिंता करने की ज़रूरत नहीं इस बीच, बल्लारी से कांग्रेस सांसद ई तुकाराम ने कहा कि वह हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हैं और खुद को पार्टी का अनुशासित सिपाही मानते हैं। तुकाराम ने कहा मैं कांग्रेस पार्टी का अनुशासित सिपाही हूं। कांग्रेस मेरे खून में है। मैं पार्टी हाईकमान के निर्देशों के अनुसार काम करूंगा। मैंने 2018 में भी यही कहा था। पार्टी नेताओं ने हमसे कहा था, 'हम आपके राजनीतिक भविष्य को आकार देंगे।' इसलिए, मैं पार्टी के फैसले का सम्मान करता हूं। सोनिया गांधी के बाद कांग्रेस के टिकट पर बल्लारी से जीतने पर मुझे गर्व है। हाईकमान के निर्देशों के अनुसार, मैंने लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बना। लोकसभा उपचुनाव के दौरान सर्वे हमारे पक्ष में था। उसी के आधार पर हमने अपनी पत्नी अन्नपूर्णा को मैदान में उतारा और जीत हासिल की।
कम तेल में ऐसे बनाएं टेस्टी क्रिस्पी ब्रेड रोल, मिलेगा लाजवाब स्वाद
Tawa Bread Roll Recipe: तवा ब्रेड रोल एक टेस्टी और हेल्दी स्नैक है, जिसे कम तेल में तवे पर बनाया जा सकता है. इसमें मसालेदार आलू और सब्जियों की स्टफिंग होती है जो बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आती है. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
मलाइका के वेकेशन की तस्वीरें नेट पर धूम मचा रहीं हैं
मलाइका अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वेकेशन से अपनी कई किलर तस्वीरें शेयर की हैं. किसी तस्वीर में वो बिकिनी पहनेचिल करती हुई दिखाई दे रही हैं, तो किसी फोटो में उनका बोल्ड अवतार देखने को मिला.
Women Reservation Bill पर बोले DK Shivakumar- Kiren Rijiju को कांग्रेस की चिंता करने की ज़रूरत नहीं
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान का जवाब दिया जिसमें उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं को और मज़बूत बनाएगी और रिजिजू को कांग्रेस पार्टी की हालत के बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ज़ोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही महिला आरक्षण बिल पेश किया था। डीके शिवकुमार ने कहा कि हमने ही महिला आरक्षण बिल पेश किया था... हम महिलाओं को और मज़बूत बनाएंगे... किरेन रिजिजू को कांग्रेस पार्टी के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। इसे भी पढ़ें: Congress ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर Amit Shah से जवाब मांगा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के महिलाओं की अभिव्यक्ति की आज़ादी के आह्वान के बाद कांग्रेस को महिला आरक्षण बिल का बिना शर्त समर्थन करने की चुनौती दी थी। इसके बाद डीके शिवकुमार का यह बयान आया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने वीडियो में कहा था कि देश की राजनीति का मकसद यह होना चाहिए कि लोगों को यह समझाया जाए कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना हमारा देश अधूरा और पिछड़ा हुआ है। रिजिजू ने इसे कांग्रेस की ओर से एक सकारात्मक संदेश बताया। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का Rijiju से सवाल: महिला आरक्षण Bill को Delimitation से क्यों जोड़ रही Modi सरकार? केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश लगता है। श्री राहुल गांधी जी की महिलाओं के प्रति सोच में साफ़ बदलाव दिख रहा है। अब, मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल का बिना शर्त समर्थन करेगी। हालांकि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है, लेकिन उन्होंने परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया है, जिसका मकसद संसद के निचले सदन में सीटों की संख्या बढ़ाना है। विपक्ष ने महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से अलग करने की मांग की है।
राशिद खान ने रच दिया इतिहास, ODI में ऐसा करने वाले पहले स्पिनर
वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत से ज्यादा चर्चा राशिद खान के खास रिकॉर्ड की हो रही है. राशिद ने वनडे इंटनरेशनल में ऐसा कारनाम किया है, जो इससे पहले कोई स्पिन गेंदबाज नहीं कर पाया था.
देश के शिक्षा जगत से इस वक्त एक ऐसा सनसनीखेज और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। उच्च शिक्षा और यूनिवर्सिटी के नाम पर ठगी का यह खेल किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, जहां शातिर ठगों ने बाहरी राज्यों के सीधे-साधे छात्रों को एडमिशन का लालच देकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना शुरू किया था। इस शातिर गिरोह ने अपनी ठगी को असली जामा पहनाने के लिए एक शानदार दफ्तर किराए पर लिया, कर्मचारियों को लुभावनी सैलरी का झांसा देकर रखा और फिर शुरू हुआ लूट का ऐसा काला खेल जिसने कई युवाओं की जिंदगियों को खतरे में डाल दिया है। पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियों की जांच में इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।फर्जी दफ्तर, मोटी सैलरी का लालच और छात्रों को फंसाने का पूरा जालइस शातिर गिरोह ने अपने काले कारोबार को छिपाने के लिए एक शहर के पॉश इलाके में आलीशान दफ्तर खोला था। यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी एडमिशन रैकेट चलाने वाले इन आरोपियों ने टेलीकॉलर और अन्य स्टाफ को नौकरी पर रखने के लिए अच्छी-खासी सैलरी देने का वादा किया था, ताकि किसी को उन पर शक न हो। ये कर्मचारी अलग-अलग राज्यों के उन छात्रों को निशाना बनाते थे जो दूरदराज के इलाकों से यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए इंटरनेट पर सर्च करते थे। छात्रों को सस्ते में मनचाहा कोर्स, स्कॉलरशिप और कैंपस प्लेसमेंट का झूठा भरोसा देकर उनसे भारी-भरकम फीस वसूल ली जाती थी, लेकिन जब छात्र एडमिशन कंफर्म होने के बाद यूनिवर्सिटी पहुंचते थे, तब उन्हें अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का अहसास होता था।प्रशासन की कार्रवाई और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स में उजागर होता फ्रॉडआधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में इस तरह के फर्जी शिक्षण संस्थानों, जॉब स्कैम और एजुकेशन फ्रॉड से जुड़ी खबरों को लोग इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं ताकि वे ऐसे जालसाजों से बच सकें। इस मामले का खुलासा होने के बाद स्थानीय पुलिस और शिक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं और इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। कुल मिलाकर, शिक्षा के मंदिर को कमाई का जरिया बनाने वाले इन ठगों का यह खेल अब बेनकाब हो चुका है, जिससे अभिभावकों और छात्रों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग हत्याकांड से की और कहा कि Gen Z ने केंद्र सरकार को घुटनों पर ला दिया है। मीडिया से बात करते हुए, पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने युवाओं की उम्मीदों का जवाब बेहद कठोर और बेरहम कार्रवाई से दिया। ठाकरे ने कहा अभी इस बात पर चर्चा हो रही है कि कैसे Gen Z ने सरकार को घुटनों पर ला दिया। इस पीढ़ी का समर्थन करने के बजाय, उन पर बहुत ज़्यादा और बेरहम ज़ुल्म किए गए... देश में क्या हो रहा है... युवा पीढ़ी के साथ क्या हो रहा है, उन पर पैलेट गन चलाई जा रही हैं और जलियांवाला बाग की तरह लाठियां बरसाई जा रही हैं? आज पूरा विपक्ष और देश प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब मांग रहा है: 'आप युवाओं पर ये ज़ुल्म क्यों कर रहे हैं?' लेकिन, प्रधानमंत्री का बोलने का कोई इरादा नहीं है और गृह मंत्री में हिम्मत नहीं है! पूरे सिस्टम को बदला जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के चुनिंदा लोगों से मिलने के तरीके पर कड़ा हमला करते हुए, ठाकरे ने आरोप लगाया कि शीर्ष नेतृत्व के पास राजनीतिक दल बदलने वालों के लिए तो समय है, लेकिन वे विरोध कर रहे युवाओं से बचते हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री गद्दारों से तो मिल रहे हैं, लेकिन युवा पीढ़ी के छात्रों से नहीं मिल रहे। शिवसेना के बागी सांसद प्रधानमंत्री से मिलने गए... क्या आपके पास उन युवाओं से मिलने का समय नहीं है जो न्याय और अधिकारों के लिए विरोध कर रहे हैं? और बेशर्मी से आप गद्दारों से मिलते हैं और उनसे कहते हैं 'मैं तुम्हारे साथ हूँ'? मोदी इन गद्दारों से कहते हैं डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ। यह बात युवाओं से कही जानी चाहिए थी कि मैं तुम्हारे साथ हूँ, लेकिन प्रधानमंत्री के पास इन छात्रों को जवाब देने का समय नहीं है। मौजूदा सरकार को इंस्टाग्राम सरकार बताते हुए उन्होंने नेतृत्व और छात्रों के बीच असल दुनिया से जुड़ाव की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा प्रधानमंत्री आधी रात को युवाओं से नहीं मिलते... इसलिए वे इंस्टाग्राम पर मैसेज भेजते हैं। जब मैं फेसबुक लाइव करता था, तो लोग कहते थे कि मैं उपदेश दे रहा हूँ, और अब उन्हें इंस्टाग्राम पर सरकार चलानी पड़ रही है। उन्होंने वह कर दिखाया जो कांग्रेस नहीं कर पाई... कांग्रेस को कभी इतनी बेइज्जती नहीं झेलनी पड़ी जितनी उन्हें झेलनी पड़ रही है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा 'जेन-ज़ी' (नई पीढ़ी) तक पहुँचने की कोशिशों का ज़िक्र करते हुए, यूबीटी सेना प्रमुख ने दावा किया कि युवा पीढ़ी अब आरएसएस नेतृत्व की बातों में दिलचस्पी नहीं रखती है। इसे भी पढ़ें: Yes Milord: सब CJP में लगे थे, इधर कोर्ट में शिवसेना टूट की कहानी क्या पलटने वाली है? शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा युवा पीढ़ी मोहन भागवत की बात सुनने को तैयार नहीं है। हमने सुना है कि उनकी बातें सुनने के बाद छात्र क्या जवाब दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, देश के युवा अब गुस्से में हैं, और मोदी चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, वे उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
संभल में 137 बीघा जमीन कब्जामुक्त... प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
संभल में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के लिए प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है. चंदौसी तहसील के जनेटा और नरौली गांव में तालाब, झील और वृक्षारोपण के नाम पर दर्ज करीब 137 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत मिली थी. जांच के बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया है.
छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है, जहां राज्य सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 5 वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में अचानक बड़े पैमाने पर फेरबदल कर दिया है। प्रशासनिक अमले में हुए इस अचानक हुए फेरबदल के बाद से ही मंत्रालयों और जिलों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। शासन की तरफ से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण विभागों की कमान नए अधिकारियों के हाथों में सौंपी गई है, ताकि विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत किस अफसर को कौन सा नया प्रभार मिला है और इस पूरी सूची में किन बड़े नामों को शामिल किया गया है, आइए जानते हैं पूरी विस्तृत जानकारी।किन प्रमुख आईएएस अधिकारियों के हुए तबादले और किसे मिला कौन सा विभागसामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी ट्रांसफर लिस्ट के अनुसार, राज्य के अलग-अलग जिलों और प्रमुख विभागों में सेवाएं दे रहे 5 तेज-तर्रार आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। सरकार ने प्रशासनिक कसावट लाते हुए कुछ अधिकारियों को मैदानी postings दी है तो कुछ को सचिवालय स्तर पर महत्वपूर्ण कमान सौंपी है। शासन का यह कदम आगामी विकास योजनाओं और प्रशासनिक कसावट के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र की कार्यशैली में और अधिक पारदर्शिता और गति आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। संबंधित विभागों ने भी नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना शुरू कर दिया है।प्रशासनिक फेरबदल के मायने और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स पर इसका प्रभावआधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में इस तरह की प्रशासनिक नियुक्तियों, तबादला सूचियों और सरकारी आदेशों से जुड़ी खबरों को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजा जाता है। छत्तीसगढ़ के इन 5 आईएएस अफसरों के तबादलों के बाद से ही राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में इसके दूरगामी प्रभावों पर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। कुल मिलाकर, शासन स्तर पर हुआ यह प्रशासनिक बदलाव राज्य की कार्यप्रणाली को एक नई रफ्तार देने के उद्देश्य से किया गया है, जिस पर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं।
भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ नहीं मिली राहत
छत्तीसगढ़ की राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक पुराने फैसले के खिलाफ राहत पाने के लिए भूपेश बघेल शीर्ष अदालत पहुंचे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि एक प्रमुख बीजेपी नेता द्वारा उनकी विधायकी और चुनाव जीतने के तौर-तरीकों को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की गई थी, जिस पर चल रही कानूनी लड़ाई में कांग्रेस नेता की मुश्किलें अब और ज्यादा बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। इस न्यायिक घटनाक्रम के बाद से राज्य के राजनीतिक खेमों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और दोनों ही दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।क्या है पूरा मामला और क्यों बीजेपी नेता ने दी थी विधायकी को चुनौतीयह पूरा कानूनी विवाद पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान दाखिल की गई उस चुनाव याचिका से जुड़ा है, जिसमें विपक्षी दल के नेता ने भूपेश बघेल के निर्वाचन और चुनाव प्रचार के दौरान अपनाए गए तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए थे। हाई कोर्ट में इस मामले को आगे बढ़ाने और सुनवाई के खिलाफ भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, ताकि उन्हें इस कानूनी पचड़े से राहत मिल सके। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसका मतलब यह है कि अब इस मामले की नियमित सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया निचली या उच्च अदालत के तय नियमों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी। राजनेताओं के बीच चल रही इस कानूनी जंग ने राज्य की सियासत में एक नया भूचाल ला दिया है।राजनीतिक हलचल और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स पर इसका असरआधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में इस तरह की बड़ी राजनीतिक-कानूनी खबरों, सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और नेताओं के बयानों को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजा जाता है। इस बड़े झटके के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी मंथन शुरू हो गया है, क्योंकि आने वाले दिनों में यह कानूनी लड़ाई राजनीतिक रूप से और ज्यादा तूल पकड़ सकती है। कुल मिलाकर, भूपेश बघेल के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह रुख एक बड़ा कानूनी इम्तिहान साबित होने जा रहा है, जिस पर पूरे देश और छत्तीसगढ़ की जनता की पैनी नजर टिकी हुई है।
शादी का बंधन सिर्फ दो लोगों का ही नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन होता है, और इस नए सफर की शुरुआत करने के लिए हर कपल एक परफेक्ट और रोमांटिक हनीमून की तलाश में रहता है। अगर आप भी अपनी शादी के बाद इस ट्रिप को बेहद खास और हमेशा के लिए यादगार बनाना चाहते हैं, तो दुनिया की कुछ चुनिंदा लग्जरी लोकेशंस इस समय कपल्स के बीच सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रही हैं। अपनी प्राइवेसी, अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, विश्वस्तरीय आतिथ्य और रोमांस से भरपूर वातावरण के कारण ये डेस्टिनेशन्स नवविवाहित जोड़ों की पहली पसंद बन चुकी हैं। व्यस्त दिनचर्या और शादी की भागदौड़ से दूर इन खूबसूरत वादियों में बिताए गए पल आपके जीवन के सबसे बेहतरीन और हसीन लम्हे साबित होने वाले हैं, आइए जानते हैं ऐसी ही 5 शानदार जगहों के बारे में।1. मालदीव के वाटर विला और प्राइवेट रिजॉर्ट्स का जादुई रोमांसहनीमून डेस्टिनेशन्स की सूची में मालदीव का नाम सबसे ऊपर आता है, जो अपनी नीले रंग की क्रिस्टल क्लियर पानी वाली बीच और आलीशान ओवर-वाटर विला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां की शांत और रोमांटिक आबोहवा में कपल्स को पूरी प्राइवेसी मिलती है, जहां वे समुद्र के बीचों-बीच बने विला में रहकर सनसेट का लुत्फ उठा सकते हैं। स्कuba डाइविंग, कैंडल लाइट डिनर और स्पा ट्रीटमेंट जैसी लग्जरी सुविधाएं इस ट्रिप को और भी ज्यादा खास बना देती हैं।2. स्विट्जरलैंड की बर्फीली वादियां और आल्प्स पहाड़ों की हसीन वादियांअगर आपको प्रकृति की गोद में बर्फ से ढके पहाड़ और खूबसूरत वादियां पसंद हैं, तो स्विट्जरलैंड से बेहतर हनीमून डेस्टिनेशन आपके लिए कोई दूसरा नहीं हो सकता है। बॉलीवुड फिल्मों जैसी रोमांटिक लोकेशन, खूबसूरत झीलों में बोटिंग और लग्जरी स्विस ट्रेनों का सफर कपल्स को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है। यहां की आबोहवा नवविवाहित जोड़ों के बीच प्यार के रंगों को और ज्यादा गहरा कर देती है।3. बाली के प्राचीन मंदिर, संस्कृति और लग्जरी जंगल रिजॉर्ट्सइंडोनेशिया का बाली द्वीप अपनी समृद्ध संस्कृति, हरे-भरे जंगलों, प्राइवेट इन्फिनिटी पूल वाले विला और शानदार बीच क्लब्स के लिए जाना जाता है। बजट फ्रेंडली होने के साथ-साथ यह जगह कपल्स को एक अल्ट्रा-लग्जरी और रिलैक्सिंग अनुभव प्रदान करती है, जहां वे योग, ट्रेकिंग और बेहतरीन स्पा का आनंद ले सकते हैं। बाली का शांत वातावरण और स्थानीय आतिथ्य हर टूरिस्ट का दिल जीत लेता है।4. ग्रीस के सेंटोरिनी द्वीप की नीली गुंबद वाली इमारतें और सनसेटसफेद रंग की खूबसूरत इमारतों और नीले गुंबद वाले चर्चों के लिए प्रसिद्ध ग्रीस का सेंटोरिनी द्वीप रोमांस का दूसरा नाम माना जाता है। एजियन सागर के किनारे बैठकर दुनिया का सबसे खूबसूरत सूर्यास्त (Sunset) देखना किसी जादुई अहसास से कम नहीं होता है। यहां के लग्जरी क्लिफ-साइड होटल्स से समंदर का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है, जो हनीमून को हमेशा के लिए यादगार बना देता है।5. पेरिस—यानी दुनिया की प्रेम नगरी एफिल टॉवर का शहरफ्रांस की राजधानी पेरिस को यूं ही 'सिटी ऑफ लव' नहीं कहा जाता, क्योंकि यहां की ऐतिहासिक इमारतें, कला दीदार और एफिल टॉवर की जगमगाती रोशनी प्रेमियों के दिलों को गहराई से छू लेती है। सीन नदी के किनारे क्रूज डिनर और खूबसूरत कैफे में बिताए गए पल कपल्स के रिश्ते में मिठास भर देते हैं। आधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में कपल्स ट्रैवल गोल्स और बेस्ट हनीमून पैकेजेस से जुड़ी जानकारियों को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। कुल मिलाकर, ये पांचों लग्जरी डेस्टिनेशन्स आपकी नई जिंदगी की शुरुआत को बेहद शानदार और यादगार बना देंगी।
अर्जुन कपूर संग डेटिंग पर पामेला सेरेना तोड़ी चुप्पी
अर्जुन कपूर का नाम दुबई की पामेला सेरेना संग जोड़ा जा रहा है। ‘लॉक अप’ शो के बाद दोनों की डेटिंग की चर्चा तेज हुई, जिस पर पामेला ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी।
Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को लेकर फिर हलचल तेज है. यहां संतों ने कारसेवा का ऐलान कर दिया है, इसके लिए राजस्थान से पत्थर भी मंगा लिए हैं.
10 साल छोटे क्रिकेटर को डेट कर रहीं मृणाल, तोड़ी चुप्पी?
बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर का एक कमेंट सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि एक्ट्रेस ने क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल संग अपनी डेटिंग पर रिएक्ट किया है. मृणाल के वायरल कमेंट का आखिर सच क्या है?
UP चुनाव की तैयारियां तेज! BJP ने नए जिला प्रभारियों का किया ऐलान
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हैं. चुनाव से पहले संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. प्रदेश में नए जिला प्रभारियों का ऐलान किया गया है.
बिहार के ऐतिहासिक शहर आरा में स्थित वीर कुंवर सिंह पार्क इन दिनों शहरवासियों और दूर-दूर से आने वाले पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अपनी खूबसूरती और अनूठी संरचना के कारण यह पार्क अब सिर्फ एक सामान्य पार्क नहीं बल्कि आधुनिक वास्तुकला और प्रकृति का एक बेहतरीन संगम बन चुका है। इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसके बीचों-बीच बना वह अद्भुत और आकर्षक 'पानी पर तैरता हुआ बागीचा' (Floating Garden) है, जो देखने वाले हर शख्स का मन मोह लेता है। शाम के वक्त जब इस पार्क में रंग-बिरंगी आधुनिक लाइटें जगमगाती हैं, तो यहां का नजारा किसी परीलोक या फिल्मी सेट से बिल्कुल कम नहीं लगता, जिसे देखने के लिए हर रोज शाम को सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है।पानी पर तैरते बागीचे का अनूठा कॉन्सेप्ट और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की पसंदवीर कुंवर सिंह पार्क के भीतर विकसित किए गए इस तैरते हुए बागीचे में विभिन्न प्रकार के सुंदर पौधे और जलीय वनस्पतियां उगाई गई हैं, जो पानी की सतह पर तैरते हुए बेहद मनमोहक रूप बिखेरती हैं। पार्क के चारों तरफ बने सुंदर वॉकवे, हरी-भरी घास के मैदान और बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक झूले इस जगह को फैमिली पिकनिक और इवनिंग वॉक के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी से सुकून के कुछ पल बिताने के लिए यह पार्क आरा शहर का सबसे बेहतरीन और शांत कोना है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन द्वारा इस पार्क की देखरेख और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने के कारण इसकी खूबसूरती दिन-प्रतिदिन और अधिक बढ़ती जा रही है।शाम की लाइटिंग और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स में छाई आरा की यह पहचानआधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में लोग वीकेंड घूमने की जगहें, खूबसूरत पार्क और स्थानीय पर्यटन स्थलों से जुड़ी जानकारियों को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। शाम ढलते ही जब फव्वारों और तैरते बागीचे के चारों ओर मद्धम रोशनी फैलती है, तो युवा इसे अपने कैमरों और सोशल मीडिया रील्स में कैद करने से नहीं चूकते। कुल मिलाकर, आरा का यह वीर कुंवर सिंह पार्क अब केवल एक पार्क नहीं बल्कि शहर की सांस्कृतिक और आधुनिक शान बन चुका है, जहां आने वाला हर सैलून और पर्यटक एक कभी न भूलने वाला अनुभव लेकर लौटता है।
भरतपुर की यह खूबसूरत जगह: पहाड़ों से कल-कल बहता झरना देखने के लिए उमड़ पड़ी पर्यटकों की भारी भीड़
राजस्थान के रेगिस्तानी और गर्म इलाकों के रूप में पहचाने जाने वाले भरतपुर जिले में सावन के महीने में एक ऐसा जादुई और मनमोहक नजारा देखने को मिल रहा है, जो किसी हिल स्टेशन या जन्नत से बिल्कुल कम नहीं लगता है। बारिश के इस सुहाने मौसम में भरतपुर की एक प्रसिद्ध प्राकृतिक और पर्यटन स्थल पर पहाड़ों की गोद से झर-झर गिरता पानी और चारों तरफ फैली हरियाली देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का दिल जीत रही है। इस अद्भुत और रमणीय दृश्य को अपनी आंखों से देखने और कैमरे में कैद करने के लिए इन दिनों राज्य भर से वीकेंड और छुट्टियों के दौरान पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। इस छिपे हुए प्राकृतिक खजाने ने इस बार सावन के सीजन में पर्यटन के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे स्थानीय कारोबारियों और पर्यटन प्रेमियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।प्रकृति की गोद में बसा यह अनूठा पर्यटन स्थल और सावन के झरने का रोमांचसावन की फुहारों के बीच जब भरतपुर के इन प्राचीन पहाड़ों और चट्टानों के बीच से पानी नीचे की तरफ गिरता है, तो यहां का पूरा वातावरण किसी प्राकृतिक झरने के संगीत से गूंज उठता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ जयपुर, आगरा, दिल्ली और मथुरा जैसे नजदीकी बड़े शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों और दोस्तों के साथ इस खूबसूरत नज़ारे का लुत्फ उठाने पहुंच रहे हैं। हर तरफ फैली हरियाली, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी हवाओं का झोंका आने वाले पर्यटकों को एक अलग ही सुकून का अहसास कराता है। जिला प्रशासन और स्थानीय स्तर पर भी पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि लोग इस प्राकृतिक सौंदर्य का बिना किसी परेशानी के आनंद ले सकें।पर्यटन को बढ़ावा और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स में छाई भरतपुर की यह जगहआधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में लोग मानसून वीकेंड गेटअवे, ऑफबीट ट्रैवल डेस्टिनेशंस और प्राकृतिक झरनों से जुड़ी जगहों को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। भरतपुर की यह खूबसूरत जगह अब सोशल मीडिया रील्स और वायरल वीडियो के जरिए देश भर के ट्रैवल लवर्स की विशलिस्ट में सबसे ऊपर शामिल हो चुकी है। कुल मिलाकर, सावन के इस पावन महीने में भरतपुर का यह रूप पर्यटकों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है, जहां हर कोई प्रकृति के इस अद्भुत रूप को निहारने के लिए खींचा चला आ रहा है।
भारत पर 100% टैरिफ लगाने निकले ट्रंप को बड़ा झटका, अमेरिकी सांसदों ने ही खोल दिया मोर्चा
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अमेरिकी योजना अब खुद अमेरिका में राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है
महिला से दोस्ती और भेज दिए डिफेंस सीक्रेट्स... हनीट्रैप में फंसा विंग कमांडर
डिफेंस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार IAF के विंग कमांडर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जांच में सामने आया है कि अधिकारी को कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंसाया गया था.
भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनों श्रीलंका दौरे पर है और मुख्य मुकाबलों से पहले खेले जा रहे वार्म-अप (प्रैक्टिस) मैच से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। श्रीलंका बोर्ड इलेवन (SLC XI) के खिलाफ खेले जा रहे इस महत्वपूर्ण अभ्यास मैच में टीम इंडिया के युवा और आक्रामक ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का बल्ला पूरी तरह खामोश नजर आया। मैच की शुरुआत में ही बिना कोई बड़ा स्कोर बनाए मात्र 2 गेंदों पर आउट होकर पवेलियन लौट जाने के बाद ड्रेसिंग रूम में बैठे हेड कोच गौतम गंभीर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस शुरुआती झटके और स्टार बल्लेबाज के सस्ते में आउट होने के बाद क्रिकेट गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है कि आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से पहले टीम की ओपनिंग रणनीति पर एक बार फिर विचार किया जा सकता है।प्रैक्टिस मैच में यशस्वी जायसवाल का फ्लॉप शो और कोच का गुस्साश्रीलंका के खिलाफ इस अभ्यास मुकाबले में जब यशस्वी जायसवाल क्रीज पर उतरे तो उनसे एक बड़ी और शानदार पारी की उम्मीद की जा रही थी, ताकि वे आगामी मैचों के लिए अपनी लय हासिल कर सकें। लेकिन विपक्षी टीम के गेंदबाज की एक सटीक लाइन-लेन्थ वाली गेंद पर वे गच्चा खा गए और सिर्फ 2 ही गेंदों का सामना करने के बाद अपना विकेट गंवा बैठे। बाउंड्री लाइन पार करने से पहले ही इस तरह जल्दी आउट होकर लौटने वाले युवा बल्लेबाज के इस खराब प्रदर्शन को देखकर डगआउट में मौजूद कोच गौतम गंभीर काफी नाराज नजर आए। खिलाड़ियों के अनुशासन और मैदान पर उनकी गंभीरता को लेकर सख्त माने जाने वाले गौतम गंभीर का यह रिएक्शन कैमरे में कैद हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।आगामी मुकाबलों की प्लेइंग-11 और टीम की रणनीति पर असरइस प्रैक्टिस मैच में टॉप ऑर्डर के फ्लॉप होने के बाद अब टीम मैनेजमेंट के सामने बल्लेबाजी क्रम को लेकर नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में क्रिकेट फैंस खिलाड़ियों के अभ्यास मैचों के स्कोरकार्ड, कोच के रिएक्शन और प्लेइंग-11 से जुड़ी अपडेट्स को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। हालांकि यह सिर्फ एक अभ्यास मैच है, लेकिन मुख्य श्रृंखला से पहले इस तरह की गलतियां टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय जरूर बन सकती हैं। कुल मिलाकर, यशस्वी जायसवाल के इस सस्ते आउट होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे अगले मैच में किस तरह से जोरदार वापसी करते हैं।
'घास खाने' को मजबूर छात्र, स्कूल टीचर परीक्षा में पास; नियुक्ति पत्र क्यों नहीं हो रहा जारी
प्रदर्शनकारी के मुताबिक, सरकार ने उनसे दो महीने का समय मांगा है, लेकिन उन्हें इसके लिए 2 महीने की जरूरत क्यों है। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अलग-अलग तरह से प्रोटेस्ट कर चुके हैं, लेकिन सरकार की तरफ से जवाब नहीं आया।
Jharkhand JPSC-JSSC विवाद पर Government से वार्ता विफल, छात्रों का Protest तेज
भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के 15वें दिन, शनिवार को झारखंड सरकार ने कई छात्र संगठनों के साथ बातचीत की। हालांकि, इन बैठकों से कोई समाधान नहीं निकल सका और प्रदर्शनकारी उम्मीदवारों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यह ताज़ा बातचीत शुक्रवार रात सरकार की JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के 10-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के एक दिन बाद हुई। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का Rijiju से सवाल: महिला आरक्षण Bill को Delimitation से क्यों जोड़ रही Modi सरकार? शनिवार को, तीन मंत्रियों वाले पांच-सदस्यीय सरकारी पैनल ने पहले JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले गुट से मुलाकात की और बाद में कांग्रेस समर्थित NSUI, ACS और झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) के प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा की। शनिवार को पहली बैठक महतो के JPSC-JSSC कैंडिडेट्स फोरम के साथ हुई और यह लगभग दो घंटे तक चली। इस मुद्दे पर महतो की भूख हड़ताल का सातवां दिन था। सरकारी पैनल में शामिल राज्य के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने बैठक के बाद कहा, विरोध कर रहे उम्मीदवारों की मांगें जायज़ हैं; हम इन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखेंगे। राज्य की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और छात्रों द्वारा उठाई गई भर्ती से जुड़ी गड़बड़ियों को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए उम्मीदवारों से सुझाव मांगने के मकसद से एक ईमेल एड्रेस, jpsc.jssc.feedback@gmail.com, भी जारी किया है। JPSC-JSSC कैंडिडेट्स फोरम ने कहा कि सरकार ने उन्हें मीटिंग में उठाए गए मुद्दों पर जल्द फ़ैसला लेने का भरोसा दिलाया है। इसे भी पढ़ें: Raghav Chadha ने PM Modi से मुलाकात कर जताया आभार, बोले- यादगार सुबह और ज्ञानवर्धक बातचीत हालाँकि, फोरम के एक नेता ने कहा कि जब तक 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने समेत सभी माँगें मान नहीं ली जातीं, तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। महतो ने कहा कि प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड PSC सिविल सेवा परीक्षा और उस एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को तुरंत रद्द करने की माँग कर रहे थे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
टीम इंडिया का यह स्टार क्रिकेटर बना दूल्हा: खूबसूरत एक्ट्रेस के साथ गुपचुप रचाई शादी
भारतीय क्रिकेट टीम के गलियारों से इस वक्त एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने फैंस के बीच सनसनी फैला दी है। टीम इंडिया के एक जाने-माने और स्टार क्रिकेटर ने लाइमलाइट से दूर बेहद गुप्त तरीके से एक लोकप्रिय अभिनेत्री (एक्ट्रेस) के साथ सात फेरे ले लिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल और सीक्रेट वेडिंग की भनक जैसे ही सोशल मीडिया पर लगी, फैंस ने बधाइयों का तांता लगा दिया। सबसे खास बात यह रही कि इस गुपचुप शादी में टीम इंडिया के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह समेत कुछ चुनिंदा करीबी दोस्त बतौर बाराती शामिल हुए, जिनकी तस्वीरें अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इस सरप्राइज मैरिज ने एक बार फिर क्रिकेट और ग्लैमर की दुनिया के पुराने रिश्ते को ताजा कर दिया है।बेहद गुपचुप तरीके से हुई शादी और सामने आईं खास तस्वीरेंक्रिकेटर्स की शादियां हमेशा से ही देश भर में चर्चा का विषय रहती हैं, लेकिन इस स्टार खिलाड़ी ने अपनी शादी को मीडिया और चकाचौंध से बिल्कुल दूर रखा। शादी के इस गुप्त समारोह में परिवार के सदस्यों के अलावा सिर्फ बेहद करीबी दोस्तों को ही न्योता दिया गया था। भारतीय टीम के स्टार पेसर अर्शदीप सिंह के इस शादी समारोह में शामिल होने और दूल्हे-दुल्हन को आशीर्वाद देने की तस्वीरों ने इस खबर पर मुहर लगा दी है। जैसे ही सोशल मीडिया पर इस नवविवाहित जोड़े की तस्वीरें सामने आईं, क्रिकेट प्रेमियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई कि आखिर यह स्टार क्रिकेटर कौन है और किस खूबसूरत एक्ट्रेस ने उनका दिल चुराया है।सोशल मीडिया पर वायरल ट्रेंड और फैंस की प्रतिक्रियाएंआधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में खिलाड़ियों की पर्सनल लाइफ, सेलिब्रिटी वेडिंग्स और सोशल मीडिया वायरल ट्रेंड्स को लोग इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। फैंस लगातार इस जोड़ी को अपनी शुभकामनाएं दे रहे हैं और इनकी लव स्टोरी के बारे में जानने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। कुल मिलाकर, टीम इंडिया के इस स्टार खिलाड़ी की गुपचुप शादी इस समय खेल जगत की सबसे बड़ी और मजेदार गपशप बनी हुई है, जिस पर हर किसी की नजर टिकी है।
देवदत्त पडिक्कल ने दूर की टीम इंडिया की बड़ी टेंशन, नंबर-3 पर शानदार शतक जड़कर पक्की कर ली अपनी जगह
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए लंबे समय से टेस्ट फॉर्मेट में नंबर-3 की पोजीशन पर एक भरोसेमंद और आक्रामक बल्लेबाज की तलाश चल रही थी, जिसे अब युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने अपनी बेहतरीन और जादुई पारी से पूरी तरह खत्म कर दिया है। हाल ही में खेले जा रहे मुकाबलों के दौरान नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने मैदान के चारों और क्लासिकल शॉट्स की बरसात करते हुए एक धमाकेदार शतक जड़ दिया है। इस रिकॉर्डतोड़ और ऐतिहासिक शतकीय पारी के बाद से ही क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि उन्होंने आगामी गॉल टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। घरेलू सर्किट से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक उनके इस प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं और कप्तान का सिरदर्द काफी हद तक कम कर दिया है।नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए पडिक्कल ने दिखाया गजब का संयम और आक्रामकताजब टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष क्रम पर विकेट जल्दी गिर जाते हैं, तो नंबर-3 के बल्लेबाज पर पारी को संभालने और स्कोरबोर्ड को गति देने की दोहरी जिम्मेदारी होती है। देवदत्त पडिक्कल ने इस दबाव भरी परिस्थिति का बेहद परिपक्वता के साथ सामना किया और क्रीज पर कदम रखते ही गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान उन्होंने डिफेंस और एग्रेसन का ऐसा शानदार संतुलन दिखाया जिसे देखकर विरोधी टीम के गेंदबाज भी हैरान रह गए। उनकी इस शानदार तकनीक और रन बनाने की भूख ने यह साबित कर दिया है कि वे भविष्य में भारतीय टेस्ट बैटिंग लाइनअप के एक सबसे मजबूत और स्थाई स्तंभ बनने की पूरी क्षमता रखते हैं।गॉल टेस्ट की प्लेइंग-11 में चयन और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स का प्रभावआधुनिक एआई सर्च (AI Search) और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में क्रिकेट प्रेमियों द्वारा खिलाड़ियों के प्रदर्शन, प्लेइंग-11 की भविष्यवाणियों और स्कोरकार्ड्स को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा है। देवदत्त पडिक्कल के इस शतक के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्पोर्ट्स पोर्टल्स तक हर जगह उनकी ही चर्चा हो रही है और क्रिकेट पंडित यह मान रहे हैं कि गॉल टेस्ट की अंतिम एकादश में उन्हें मौका मिलना अब पूरी तरह तय है। कुल मिलाकर, पडिक्कल के बल्ले से निकला यह शतक उनके करियर का एक नया टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है, जिससे भारतीय टीम मैनेजमेंट को भी एक बेहतरीन विकल्प मिल गया है।
मुर्गे के चक्कर में पिंजरे में फंसा गुलदार... अब जंगल में छोड़ा जाएगा
बिजनौर में कांवड़ यात्रा के बीच शिवभक्तों के लिए राहत की खबर है. कांवड़ियों के रास्ते में खौफ का सबब बने एक गुलदार को वन विभाग ने पिंजरे में कैद कर लिया. गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे में मुर्गा छोड़ा गया था. उसकी आवाज सुनकर शिकार के लिए पहुंचा गुलदार जैसे ही पिंजरे के अंदर गया, दरवाजा बंद हो गया. दहाड़ सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी.
गोविंदा और कोमल को साथ देख अफेयर की अटकलें तेज
सुपरस्टार गोविंदा 7 साल बाद फिल्म 'रूपा' से बड़े पर्दे पर कमबैक करने के लिए तैयार हैं. दूसरी ओर उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई है. शुक्रवार को गोविंदा एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए.
मेरठ में CM Yogi ने कांवड़ियों पर बरसाए फूल, बोले- 4 से 5 करोड़ शिव भक्तों के आने की उम्मीद
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ में कांवड़ियों और भगवान शिव के भक्तों पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं और चल रही कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री योगी ने कांवड़ यात्रा के लिए की गई तैयारियों का जायजा लेने के लिए हेलीकॉप्टर से मेरठ इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। मेरठ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के लाखों भक्त कांवड़ यात्रा में शामिल हो रहे हैं और 'जलाभिषेक' करने के लिए पवित्र शिव मंदिरों की ओर जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का Rijiju से सवाल: महिला आरक्षण Bill को Delimitation से क्यों जोड़ रही Modi सरकार? उन्होंने कहा कि सावन शिवरात्रि तक कांवड़ यात्रा में लगभग 4 से 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। CM योगी ने कहा कि सावन के महीने में पवित्र कांवड़ यात्रा चल रही है। भगवान शिव के भक्त, यानी कांवड़िए, हरिद्वार में 'हर की पौड़ी' से पवित्र जल लेकर अपनी मंज़िल की ओर बढ़ रहे हैं। मेरा मानना है कि सावन शिवरात्रि तक, 4 से 4.5 करोड़ भक्त हरिद्वार से पवित्र जल लेकर शिव के पवित्र मंदिरों में जलाभिषेक करेंगे। हम अभी मेरठ पहुँचे हैं, जहाँ मुझे कांवड़ियों पर फूलों की पंखुड़ियाँ बरसाने का मौका मिला। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार की ओर से, मैं उन सभी कांवड़ियों का स्वागत और अभिनंदन करता हूँ जो इतनी गहरी श्रद्धा और उत्साह के साथ इस पवित्र यात्रा में शामिल होने आए हैं। हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनका गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अपनी भक्ति के अलावा, वे समर्पण, सामाजिक एकता, सामाजिक समानता और राष्ट्रीय अखंडता की मिसाल पेश कर रहे हैं। जाति, प्रांत और क्षेत्र की सीमाओं से ऊपर उठकर, वे भगवान शिव को समर्पित हर साँस के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Raghav Chadha ने PM Modi से मुलाकात कर जताया आभार, बोले- यादगार सुबह और ज्ञानवर्धक बातचीत सावन के महीने में होने वाली सालाना कांवड़ यात्रा देश भर से लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है। यह यात्रा भगवान शिव को पवित्र जल चढ़ाने के लिए की जाने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है, जो लोगों की गहरी आस्था और भक्ति को दर्शाती है। हिंदू धर्म में श्रावण (या सावन) का बहुत महत्व है। माना जाता है कि श्रावण का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय है। इस महीने में शिव की पूजा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस साल, सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सरकारी अस्पताल में अचानक गुल हुई बिजली, डॉक्टरों ने टॉर्च जलाकर किया ट्रीटमेंट- VIDEO
सासाराम सदर अस्पताल के मॉडल हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में बिजली गुल होने के बाद मरीजों का इलाज मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में करना पड़ा. घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
बारिश के कारण गिरी पार्किंग की दीवार, कई गाड़ियां मलबे में- VIDEO
शुक्रवार को दिल्ली NCR के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश के कारण देवली इलाके में एक पार्किंग की दीवार अचानक गिर गई. दीवार गिरने के कारण पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं.
दिल्ली के दिल जंतरमंतर पर अब सिर्फ प्रदर्शन नहीं बल्कि संवैधानिक बहस भी खड़ी हो गई है। एक तरफ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सख्त जवाब मांगा तो दूसरी तरफ दिल्ली हाईकोर्ट ने सीधा सवाल दाग दिया। आखिर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए बंद क्यों नहीं कर दिया जाता? देश की राजधानी में विरोध प्रदर्शनों का सबसे बड़ा प्रतीक जंतर-मंतर अब अदालत की कसौटी पर है। सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से साफ जवाब मांगा है कि क्या बड़े स्तर के धरनों के लिए कोई वैकल्पिक और ज्यादा व्यवस्थित जगह तय की जा सकती है। दरअसल चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने याचिकाकर्ता सतीश चंद्र कौशिक ने दलील दी कि जंतर-मंतर अब बड़े प्रदर्शनों के लिए व्यवहारिक नहीं रहा। यहां ना पर्याप्त पानी है, ना शौचालय, ना ही बुनियादी व्यवस्थाएं। लंबा धरना हो तो प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोग भी परेशान होते हैं। इसे भी पढ़ें: Calcutta High Court ने स्वैच्छिक रक्तदान शिविर रोकने पर West Bengal सरकार से मांगी रिपोर्ट जंतर-मंतर पर सुविधाओं की कमी, ट्रैफिक और आम लोगों की परेशानी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है। कुछ लोगों का मानना है कि जंतर-मंतर पर सुविधाओं का अभाव है। इससे आम जनता और प्रदर्शनकारी दोनों प्रभावित होते हैं। इसी बीच में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट को लेकर अपनी राय रखी है। एक्स पर लिखा हमसे हमारी विरोध करने की -जगह छीनने की कोशिश करने से पहले हमें यह बताएं कि क्या आप इंडिया गेट को ऐसी जगह के तौर पर तय करेंगे जहां हम शांतिपूर्ण विरोध करने के लिए अपने मौलिक अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। आपने इंडिया गेट तो छीन ही लिया। अब हम अपना जंतर-मंतर भी छीने जाने को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हालांकि जंतर-मंतर पर सिर्फ सुविधाएं ही नहीं ट्रैफिक भी बड़ा मुद्दा बन गया है। दिल्ली के बीचों-बीच होने वाले इन प्रदर्शनों से यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है। एंबुलेंस से लेकर आम राहगीर तक हर कोई इसकी मार झेलता है। इसी बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मुद्दे पर और भी सख्त रुख दिखाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से सीधा सवाल किया। जंतर- मंतर को बंद क्यों नहीं कर देते? जंतर-मंतर को प्रदर्शन की तय जगह बनाए रखने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि शहर को बेवजह बंधक क्यों बनाया जाए? साथ ही, केंद्र सरकार से पूछा कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में बंद क्यों नहीं कर देते ? जस्टिस अमित महाजन ने ऑल इंडिया दलित क्रिश्चियन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये बातें कहीं। संगठन ने दिल्ली पुलिस को निर्देश देने की मांग की थी कि 10 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगने से जुड़े आवेदन पर फैसला करे। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय घोष ने कहा कि हम अधिकतम 75 लोग आएंगे। इस पर जस्टिस महाजन ने एएसजी चेतन शर्मा से कहा, आप इसे बंद क्यों नहीं कर देते? एएसजी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट इस सवाल पर विचार कर रहा है। इस पर घोष ने पूछा कि क्या दिल्ली में विरोध प्रदर्शन नहीं हो सकता? जस्टिस महाजन ने कहा, यह पुलिस तय करेगी। हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को संगठन के आवेदन पर 8 अगस्त तक फैसला करने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। इसे भी पढ़ें: Telangana High Court ने मुफ़्त योजनाओं पर जताई चिंता, कहा खजाने पर पड़ रहा वित्तीय बोझ 33 साल से धरने देख रहा जंतर-मंतर... बैन लगा तो सुप्रीम कोर्ट ने हटाया 1988 में किसान आंदोलन के बाद बोट क्लब पर प्रदर्शन रोक दिए गए थे। इसके बाद 1993 में जंतर-मंतर पर पहला प्रदर्शन हुआ था। जंतर-मंतर को धरना स्थल बनाने संबंधी किसी आदेश का रिकॉर्ड नहीं है। यह पुलिस की प्रशासनिक व्यवस्था के रूप में विकसित हुआ। स्थानीय लोगों की शोर, प्रदूषण जैसी शिकायतों पर एनजीटी ने 2017 में यहां प्रदर्शन रोक दिए। धरने-प्रदर्शन रामलीला मैदान में करने को कहा। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने प्रतिबंध हटाकर नियंत्रित प्रदर्शन की व्यवस्था बनाने को कहा। अब सुप्रीम कोर्ट में फिर वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल की मांग लंबित है। बहरहाल,अब यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक भी बनता जा रहा है। सवाल यह है कि क्या सरकार प्रदर्शन की आजादी और आम जनता की सुविधा के बीच संतुलन बना पाएगी? क्या जंतर-मंतर का ऐतिहासिक महत्व खत्म कर दिया जाएगा या फिर इसे नए सिस्टम के तहत बदला जाएगा? दरअसल जंतर-मंतर जो कभी लोकतंत्र की आवाज का प्रतीक था अब उसी लोकतंत्र की व्यवस्था के सामने चुनौती बनकर खड़ा है। फैसला सरकार को करना है लेकिन नजरें अब सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।
पडिक्कल ने गॉल टेस्ट के लिए ठोका दावा, प्रैक्टिस मैच में जड़ा शतक
गॉल टेस्ट मैच से पहले देवदत्त पडिक्कल ने टीम इंडिया की टेंशन काफी हद तक दूर कर दी है. श्रीलंका क्रिकेट एकादश के खिलाफ अभ्यास मुकाबले के दूसरे दिन बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शानदार शतक लगाया. पडिक्कल ने 103 रनों की पारी खेली और गॉल में होने वाले पहले टेस्ट की प्लेइंग इलेवन के लिए मजबूत दावा पेश किया.
नहीं मिले ठोस सबूत, 17 साल जेल में बिताने के बाद दो सगे भाई बरी; हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा रद्द की
जांच अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि एफआईआर किसने लिखी थी और इसे तैयार करने वाले अधिकारी को गवाही के लिए पेश नहीं किया गया. मृतक के बेटे के अनुसार थाने से बाहर निकलते ही मौत हो गई थी, पत्नी के अनुसार अस्पताल तक जीवित थे.
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी से शिखर धवन हुए प्रभावित
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी से शिखर धवन प्रभावित हुए हैं। धवन ने कहा कि कम उम्र में इंटरनेशनल स्तर तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन वैभव का बेखौफ अंदाज उन्हें खास बनाता है। उन्होंने भरोसा जताया कि वैभव का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।
बिना चीनी सिर्फ 2 चीजों से बनाएं क्रंची गुड़ मखाना पाग, आसान है बनाना
Sawan Somwar Vrat Special: सावन और जन्माष्टमी के व्रत के लिए अगर आप घर में कुछ मीठा बनाने की सोच रहे हैं तो यहां हम आपको बिना चीनी और चाशनी के बनने वाले टेस्टी और क्रंची गुड़ मखाना पाग की रेसिपी बता रहे हैं. ये पोषण से भरपूर होता है और खाने में भी बहुत टेस्टी लगता है.
घर छोड़कर तालाब में क्यों रहने लगा 16 साल का लड़का? हैरत में डाल देगी ये कहानी
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 16 साल का एक लड़का है, जिसकी जिंदगी पिछले पांच साल से तालाब के पानी में बीत रही है. इकबाल शेख कभी चार-पांच दिन तो कभी सात दिनों तक पानी में ही रहता है. उसका कहना है कि शरीर में ऐसी बेचैनी और जलन होती है कि पानी से बाहर निकलते ही हालत खराब होने लगती है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि 11 साल की उम्र में घर छोड़कर तालाबों में रहने लगा ये लड़का?
यूपी बीजेपी में बड़ा सांगठनिक फेरबदल: पार्टी ने जारी की क्षेत्रीय और मोर्चा प्रभारियों की नई लिस्ट
उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी संगठनात्मक रणनीतियों को धार देने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सत्तारूढ़ दल ने उत्तर प्रदेश में पार्टी के विभिन्न क्षेत्रीय अध्यक्षों, सांगठनिक मोर्चों और प्रमुख प्रभारियों की नई और विस्तृत सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। इस फेरबदल के तहत पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप पटेल (Dilip Patel) को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील और अहम माने जाने वाले अवध क्षेत्र (Awadh Region) का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस ताबड़तोड़ नई नियुक्तियों के सामने आने के बाद से राज्य की राजधानी लखनऊ से लेकर सुदूर जिलों तक पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, जो आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।सांगठनिक मजबूती और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए बीजेपी का बड़ा दांवभारतीय जनता पार्टी हमेशा से अपने मजबूत संगठन और समय-समय पर होने वाले आंतरिक बदलावों के लिए जानी जाती है, और यह ताजा सूची उसी सोची-समझी रणनीति का एक हिस्सा है। अवध क्षेत्र के प्रभारी के रूप में दिलीप पटेल की नियुक्ति को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इस क्षेत्र में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय करने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसके अलावा, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अन्य प्रमुख सांगठनिक विंग्स में भी नए और ऊर्जावान चेहरों को प्रभार सौंपा गया है ताकि पार्टी की योजनाओं और संदेश को बूथ स्तर तक पूरी ताकत के साथ पहुंचाया जा सके। जानकारों का कहना है कि इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी कमर अभी से कस ली है।नई ट्रांसफर और प्रभारी लिस्ट में किसे क्या मिला नया प्रभारपार्टी मुख्यालय की तरफ से जारी की गई इस नई सूची में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों जैसे काशी, गोरखपुर, ब्रज, कानपुर और पश्चिम क्षेत्र के लिए भी प्रमुख प्रभारियों की घोषणा कर दी गई है। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में राजनीतिक फेरबदल, पार्टी लिस्ट और प्रशासनिक नियुक्तियों से जुड़ी खबरों को लोग इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। कार्यकर्ता और स्थानीय नेता लगातार यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि उनके जिलों और क्षेत्रों में किसे नया प्रभार मिला है। कुल मिलाकर, बीजेपी के इस सांगठनिक विस्तार ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी ने चुनावी और सांगठनिक तैयारियों के लिहाज से अभी से ही पूरी ताकत झोंकना शुरू कर दिया है।
सावन के पवित्र महीने में वेज की जगह आया नॉनवेज, जब कस्टमर ने की शिकायत तो डिलीवरी बॉय ने पीटा
पवित्र सावन के महीने में जहां चारों तरफ लोग पूरी तरह से सात्विक भोजन और धार्मिक अनुष्ठानों में लीन रहते हैं, वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक ग्राहक ने ऑनलाइन ऐप के जरिए अपने घर पर खाने का शुद्ध शाकाहारी यानी वेज ऑर्डर मंगाया था, लेकिन जब डिलीवरी बॉय ने पैकेट डिलीवर किया तो अंदर नॉनवेज निकला। इस गंभीर लापरवाही की जब ग्राहक ने डिलीवरी कंपनी और संबंधित व्यक्ति से शिकायत की, तो गुस्से में आगबबूला हुए डिलीवरी बॉय ने ग्राहक के साथ ऐसी मारपीट की कि उसका कान का पर्दा ही फट गया। इस खौफनाक घटना ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स की सुरक्षा व्यवस्था और उनके डिलीवरी एजेंट्स के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।सावन में खाने की बड़ी गलती पर जब ग्राहक ने की शिकायतघटना की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित ग्राहक ने सावन के पावन और पवित्र दिनों की मर्यादा का ध्यान रखते हुए खाने का आर्डर पूरी तरह वेज सोचकर बुक किया था, लेकिन डिलीवरी मिलने पर जब डिब्बा खुला तो उसमें नॉनवेज देखकर उसकी भावनाएं आहत हुईं। किसी भी ग्राहक का यह अधिकार होता है कि वह गलत या मनमुताबिक ऑर्डर मिलने पर उसकी शिकायत करे और रिप्लेसमेंट या रिफंड मांगे, और इसी हक का इस्तेमाल करते हुए ग्राहक ने डिलीवरी बॉय से इस पर आपत्ति जताई। लेकिन बात को प्यार से सुलझाने के बजाय आरोपी डिलीवरी बॉय अपनी गलती स्वीकार करने से मुकर गया और ग्राहक के साथ बहस करने लगा, जो कुछ ही पलों में इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट और हाथापाई तक जा पहुंचा।बेरहमी से की गई पिटाई और पुलिस कार्रवाई का पूरा मामलाझगड़े के दौरान आरोपी डिलीवरी बॉय ने पीड़ित पर इस कदर हमला किया कि उसके कान पर गंभीर चोट आई, जिससे बाद में मेडिकल जांच में कान का पर्दा फटने की पुष्टि हुई। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी फ्रॉड, कस्टमर सेफ्टी और इस तरह की स्थानीय आपराधिक घटनाओं को इंटरनेट पर सबसे ज्यादा खोजते हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश तेज कर दी है। कुल मिलाकर, फूड डिलीवरी से जुड़ा यह विवाद अब एक बड़े कानूनी पचड़े में बदल चुका है, जिससे आम जनता के बीच ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं पर भरोसा करने को लेकर बड़ा डर बैठ गया है।
Gen Z अगर कभी घर ही न खरीदें तो देश की इकोनॉमी का क्या होगा? ज्यादा सोचिए मत ये रिपोर्ट पढ़िए
Gen Z के घर खरीदने के फैसले में बदलाव से रियल एस्टेट, बैंकिंग और राज्य सरकारों की कमाई पर असर पड़ सकता है. हालांकि युवाओं का पैसा खत्म नहीं होगा, बल्कि दूसरे निवेश विकल्पों की ओर जा सकता है.
बिना किसी फिल्म या किसी प्रमोशन के ये गाना सुपरहिट पार्टी सॉन्ग बन गया है. रूपिंदर हांडा की आवाज और नरिंदर बाठ के बोलों से सजे इस गाने को 42 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. पार्टियों में बजते ही लोग इस पर झूमने लगते हैं.
आगरा में बारिश के बीच दो मंजिला इमारत अचानक गिरी
यूपी के आगरा में लगातार हो रही बारिश के बीच एक जर्जर दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसा थाना छत्ता क्षेत्र के बेलनगंज बाजार में हुआ. इमारत के गिरते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
कौन है ये 13 साल का बच्चा, JPSC प्रोटेस्ट में जिसकी इंग्लिश सुन हैरान हुए लोग
झारखंड में सैकड़ों छात्र परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान 13 साल का क्लास 6वीं में पढ़ने वाला बच्चा वायरल हो रहा है. जो न केवल सरकार से सीधा सवाल कर रहा है बल्कि फर्राटेदार में बात कर रहा है. इसे देखने के बाद लोग जंतर मंतर पर वायरल हुए इरफान को भी याद कर रहे है. लेकिन ऐसा क्या है जो लोग इस बच्चे की तारीफ करते थक नहीं रहे हैं.
महिलाओं के जीवन में मेनोपॉज (Menopause) एक बेहद स्वाभाविक और शारीरिक बदलाव का दौर होता है, जिसके दौरान हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स और अत्यधिक थकान जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन कठिन लक्षणों से तुरंत राहत पाने के लिए दुनिया भर में लाखों महिलाएं हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी यानी एचआरटी (HRT Treatment) का सहारा ले रही हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसे लंबे समय से राहत का एक बड़ा साधन माना जाता रहा है, लेकिन अब इस लोकप्रिय इलाज से जुड़ा एक ऐसा चिंताजनक पहलू सामने आया है जिसने डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। हाल ही में हुए कुछ बड़े मेडिकल खुलासों के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या इस थेरेपी का लंबे समय तक इस्तेमाल महिलाओं के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।क्या है HRT ट्रीटमेंट और क्यों इसका इस्तेमाल बन रहा है चिंता का विषयहॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के तहत मेनोपॉज के दौरान शरीर में कम होने वाले एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन्स की भरपाई बाहर से दवाइयों या पैच के जरिए की जाती है ताकि महिलाओं को शारीरिक असंतुलन से बचाया जा सके। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स और नई रिसर्च रिपोर्ट्स का कहना है कि एचआरटी का अंधाधुंध या लंबे समय तक उपयोग करने से महिलाओं में कुछ गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों, जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर, ब्लड क्लॉटिंग और स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक बढ़ सकता है। यही वजह है कि जो थेरेपी कभी महिलाओं के लिए वरदान मानी जा रही थी, वह अब चिकित्सीय जगत में बहस का एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है और महिलाओं को इसके इस्तेमाल से पहले सौ बार सोचने पर मजबूर कर रही है।सुरक्षित विकल्पों की तलाश और महिलाओं के लिए जरूरी सावधानियांस्थानीय क्लीनिकों और स्त्री रोग विशेषज्ञों के पास इन दिनों महिलाओं की तरफ से एचआरटी के साइड इफेक्ट्स को लेकर सबसे ज्यादा सवाल पूछे जा रहे हैं। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के मुताबिक भी आज के समय में महिलाएं हेल्थ से जुड़े ऐसे संवेदनशील और जोखिम भरे मेडिकल ट्रीटमेंट्स के बारे में इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च कर रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि मेनोपॉज के लक्षणों से निपटने के लिए केवल हॉर्मोन थेरेपी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी जीवनशैली, खानपान, योग और प्राकृतिक उपायों को अपनाना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है। कुल मिलाकर, एचआरटी का यह चिंताजनक पहलू महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर और अधिक सतर्क और जागरूक होने का स्पष्ट संकेत देता है।
पंजाब में मिलेगा बिग रोल? राघव चड्ढा की PM मोदी से मुलाकात पर होने लगी चर्चा
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात से सियासी गलियारे में खलबली मच गई है. राघव चड्ढा ने इसे एक यादगार सुबह बताया है. पंजाब चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात के बाद अटकलों का बाज़ार गर्म हो गया है.
पप्पू यादव पर हमला करने वाले आरोपियों का माला पहनाकर स्वागत, देखें
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर हमला करने वाले स्वागत हो रहा है... ये हमलावर यूपी के बुलंदशहर का रहने वाला है, जब ये अपने शहर पहुंता तो खुली जीप में इसकी रैली निकाली गई... समाजवदी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसको लेकर सवाल उठा्ए.... अखिलेश यादव ले लिखा कि बीजेपी में अपराधियों की बलिहारी है दोषियों के स्वागत की परंपरा जारी है.
सुबह की शुरुआत हो या दिनभर की थकान मिटानी हो, हममें से ज्यादातर लोगों की पहली पसंद एक कप गर्मागर्म चाय होती है। लेकिन जब बात सेहत और फिटनेस को प्राथमिकता देने की आती है, तो पिछले कुछ सालों से पारंपरिक दूध वाली चाय की जगह ग्रीन टी (Green Tea) और ब्लैक टी (Black Tea) ने हर घर की रसोई में अपनी मजबूत जगह बना ली है। दोनों ही चाय एक ही पौधे यानी 'कैमेलिया साइनेंसिस' (Camellia Sinensis) की पत्तियों से तैयार की जाती हैं, लेकिन इनके प्रोसेसिंग के तरीके और स्वाद में जमीन-आसमान का फर्क होता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने वाले लोगों के मन में यह सवाल अक्सर घूमता रहता है कि आखिर इन दोनों में से कौन सी चाय रोजाना पीने के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है और वजन घटाने से लेकर दिल की सेहत तक में कौन बाजी मारता है। आइए आज विस्तार से जानते हैं कि ग्रीन टी और ब्लैक टी के बीच का असली अंतर क्या है।ग्रीन टी के अनोखे फायदे और इसकी प्रोसेसिंग का तरीकाग्रीन टी को बनाने की प्रक्रिया में पत्तियों को ज्यादा ऑक्सीडाइज यानी सुखाया नहीं जाता है, जिसकी वजह से इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनॉल्स भरपूर मात्रा में सुरक्षित रहते हैं। यही कारण है कि ग्रीन टी का रंग हल्का हरा या पीला होता है और इसका स्वाद थोड़ा कड़वा या घास जैसा लग सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्रीन टी में 'ईजीसीजी' (EGCG) नाम का एक शक्तिशाली कैटेचिन पाया जाता है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने और पेट की जिद्दी चर्बी यानी बेली फैट को तेजी से घटाने में बेहद मददगार साबित होता है। इसके अलावा, यह त्वचा की चमक बनाए रखने, बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने का काम करती है, जिससे जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए यह वरदान मानी जाती है।ब्लैक टी की खासियत और कैफीन कंटेंट का सही गणितदूसरी तरफ, ब्लैक टी यानी काली चाय को पूरी तरह से ऑक्सीडाइज किया जाता है, जिसके कारण इसकी पत्तियां गहरे भूरे या काले रंग की हो जाती हैं और इसका स्वाद काफी मजबूत और कड़क होता है। ब्लैक टी में ग्रीन टी की तुलना में कैफीन की मात्रा थोड़ी अधिक पाई जाती है, जो सुबह के वक्त नींद भगाने और दिमाग को तुरंत एक्टिव व एनर्जेटिक रखने में बहुत असरदार होती है। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के अनुसार भी आज के फिटनेस प्रेमी डाइट और कैलोरी बेनिफिट्स से जुड़े ऐसे सवालों को सबसे ज्यादा इंटरनेट पर खोजते हैं। रिसर्च बताती है कि ब्लैक टी में मौजूद थेफ्लेविन (Theaflavins) और थियोब्रोमीन दिल की सेहत को सुधारने, इम्युनिटी बढ़ाने और मानसिक सतर्कता को बेहतर बनाने का काम करते हैं।रोज पीने के लिए कौन सी चाय है बेहतर और किसे चुनें?अगर बात रोजमर्रा की जिंदगी में पीने की आए, तो दोनों ही चाय के अपने-अपने जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ हैं, लेकिन चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि आपके शरीर की जरूरत क्या है। यदि आपका मुख्य लक्ष्य वजन घटाना, स्किन को ग्लोइंग रखना और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा पाना है, तो दिन में दो से तीन कप ग्रीन टी पीना आपके लिए सबसे बेस्ट रहेगा। वहीं, अगर आपको दिनभर काम करने के लिए ज्यादा फोकस, एनर्जी और थोड़ी स्ट्रॉन्ग टी का स्वाद पसंद है, तो आप बिना दूध और चीनी के ब्लैक टी को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। कुल मिलाकर, दोनों ही चाय सेहतमंद हैं, बशर्ते आप इसमें चीनी या कृत्रिम मिठास मिलाने से बचें।
फिटनेस और सेहतमंद जीवनशैली अपनाने वाले हर शख्स के मन में यह सवाल अक्सर जरूर आता है कि अपनी डाइट में चिकन को शामिल किया जाए या फिर अंडे को, क्योंकि दोनों ही नॉन-वेज खाने वालों के लिए प्रोटीन के सबसे बेहतरीन और प्राथमिक स्रोत माने जाते हैं। जब बात वजन कम करने (Weight Loss), जिम में पसीना बहाकर मसल्स बनाने (Muscle Building) या फिर शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने की आती है, तो इन दोनों की तुलना हमेशा से होती आई है। पोषण विशेषज्ञों (Nutritionists) और डाइटिशियंस के मुताबिक, कैलोरी की मात्रा और प्रोटीन के अनुपात को अगर बारीकी से परखा जाए, तो दोनों के अपने-अपने अनूठे फायदे हैं। आइए आज विस्तार से जानते हैं कि कम कैलोरी में शरीर को ताकतवर बनाने के लिए चिकन और अंडे में से कौन सा विकल्प आपके स्वास्थ्य लक्ष्यों के लिए सबसे ज्यादा असरदार साबित हो सकता है।अंडे के फायदे और इसकी पोषण वैल्यू: कम खर्च में संपूर्ण आहारअंडे को प्रकृति का सबसे संपूर्ण सुपरफूड यूं ही नहीं कहा जाता है, क्योंकि इसमें लगभग वे सभी जरूरी अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं जो मानव शरीर के विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। यदि आप वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं या कम कैलोरी के साथ हाई क्वालिटी प्रोटीन चाहते हैं, तो उबले हुए अंडे का सफेद हिस्सा (Egg White) आपके लिए एकदम परफेक्ट ऑप्शन है, जिसमें कैलोरी बहुत कम और प्रोटीन उच्च मात्रा में होता है। इसके अलावा, अंडे में पाए जाने वाले विटामिन बी-12, कोलीन और अन्य पोषक तत्व मस्तिष्क के विकास और मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करते हैं। बजट के लिहाज से भी हर घर में आसानी से उपलब्ध होने वाला अंडा फिटनेस फ्रीक लोगों की पहली पसंद बना रहता है, खासकर उन लोगों के लिए जो बिना ज्यादा फैट बढ़ाए अपनी डेली प्रोटीन की जरूरत को पूरा करना चाहते हैं।चिकन ब्रेस्ट की ताकत: मसल्स बिल्डिंग और लीन मास के लिए मास्टर चॉइसदूसरी तरफ, अगर आपका मुख्य उद्देश्य जिम में भारी कसरत करके लीन मसल्स बनाना और शरीर को मजबूत शेप देना है, तो चिकन ब्रेस्ट (Chicken Breast) का कोई मुकाबला नहीं है। मांसाहारी आहार लेने वालों के बीच चिकन को उसके हाई प्रोटीन और बेहद कम फैट कंटेंट के कारण फिटनेस का राजा माना जाता है। 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में आपको लगभग 25 से 30 ग्राम तक शुद्ध प्रोटीन मिलता है, वह भी बहुत ही कम कैलोरी और फैट के साथ, जो तेजी से मसल्स रिकवरी में मदद करता है। आधुनिक एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के पैटर्न्स के अनुसार भी आज के फिटनेस प्रेमी अपनी डाइट चार्ट को लेकर कैलोरी काउंट और प्रोटीन वैल्यू से जुड़े ऐसे सवालों को सबसे ज्यादा इंटरनेट पर खोजते हैं। कुल मिलाकर, वजन घटाने के लिए अंडे का सफेद हिस्सा और मसल्स गेनिंग के लिए चिकन ब्रेस्ट दोनों ही अपनी-अपनी जगह बेहतरीन हैं, जिन्हें आप अपनी जरूरत और फिटनेस गोल के हिसाब से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
CM शुभेंदु से अचानक मिले दो मुस्लिम सांसद, PM मोदी से भी की थी मीटिंग
एनसीपीआई के सांसद अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. उन्होंने कहा, हम 'डबल इंजन' सरकार से अपील कर रहे हैं कि ऐसा कुछ न करें जिससे मुसलमानों की भावनाएं आहत हों.
वाराणसी में सो रहे तीन लोगों पर पत्थरों से हमला; साड़ी कारीगर की सिर कुचलकर हत्या, दो अन्य घायल
वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित हनुमान फाटक इलाके में देर रात अज्ञात हमलावरों ने दुकान के बाहर सो रहे तीन लोगों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया. इसमें 40 वर्षीय साड़ी कारीगर पप्पू विश्वकर्मा की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए. पुलिस पुरानी रंजिश और आपसी विवाद के एंगल से जांच कर रही है.
'एक्सीडेंट में पति को मारो वरना...', पत्नी की चैट से खुले गहरे राज, थाने पहुंचा पति
तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और उसके कथित प्रेमी पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है. राजेश्वर राव का दावा है कि पत्नी भवानी ने सैदुलु से पति की हत्या सड़क दुर्घटना के रूप में कराने की बात कही थी.
कहां गायब हो गए हैं किम जोंग उन? 2 महीने से नहीं आए हैं नजर
नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन आमतौर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने का कोई मौका नहीं छोड़ते. कभी मिसाइल टेस्ट के दौरान, कभी सैन्य कार्यक्रम में तो कभी किसी नई इमारत या फैक्ट्री के उद्घाटन में वह नजर आते रहते हैं. लेकिन इस बार करीब दो महीने से पब्लिकली कहीं नजर नहीं आए हैं.
देश को America के हाथों गिरवी रख रहे PM Modi, Trump की गुलामी क्यों: Kejriwal का बड़ा हमला
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वे भारत के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहे हैं। यह आरोप अमेरिकी सीनेट के उस कदम के बीच लगाया गया है जिसमें रूसी तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाला बिल पास करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर ट्रंप के फैसलों को मानकर भारत के हितों से समझौता करने का भी आरोप लगाया और कहा कि ट्रंप देश के मामलों में लगातार दखल दे रहे हैं। इसे भी पढ़ें: BJP ने Karnataka Cabinet विस्तार में मंत्री पद बिक्री के आरोप पर Congress को घेरा X पर एक पोस्ट में केजरीवाल ने कहा कि देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने, ट्रंप की गुलामी स्वीकार करने और भारत को अपमानित कराने के बाद, मोदी जी देश के लिए यह स्थिति ले आए हैं। आज देश के हर छोटे-बड़े फैसले में ट्रंप का दखल है। मोदी जी ट्रंप की हर बात मान लेते हैं, चाहे वह सही हो या गलत। और ट्रंप हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ फैसले लेते हैं। यह बयान अमेरिकी सीनेट द्वारा 'रूस प्रतिबंध बिल' (Russia Sanctions Bill) पास किए जाने के बाद आया है। इस बिल का नाम दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है। यह बिल रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों (जिनमें चीन और भारत भी शामिल हैं) पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है। सीनेट ने इस बिल को 86 के मुकाबले 11 वोटों से (दोनों पार्टियों के समर्थन से) पास किया है। अब कानून बनने के लिए इसे अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की मंज़ूरी की ज़रूरत है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बिल रूस के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों (जिनमें राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं) और रूस के रक्षा उद्योग की मदद करने वाली विदेशी कंपनियों पर अनिवार्य प्रतिबंध लगाएगा। जो देश रूस के कुल प्राकृतिक गैस निर्यात का 15 प्रतिशत से कम आयात करते हैं, उन्हें इस बिल से छूट मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi का Rijiju से सवाल: महिला आरक्षण Bill को Delimitation से क्यों जोड़ रही Modi सरकार? इसके अलावा, केजरीवाल ने लोगों से अपील की कि वे तब तक पेट्रोल और डीज़ल वाली गाड़ियां न खरीदें जब तक सरकार E20 फ़्यूल पर अपनी स्थिति साफ़ न कर दे। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने E20 की पर्याप्त टेस्टिंग नहीं की है और इसके इस्तेमाल से दो-पहिया वाहनों, मोटरसाइकिलों, स्कूटरों, कारों, SUV और अन्य चार-पहिया वाहनों की फ़्यूल एफ़िशिएंसी में 25-30 प्रतिशत की कमी आई है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
आगरा में यमुना किनारे बनेगा खूबसूरत रिवर फ्रंट, रात में ताजमहल का दीदार होगा यादगार
यूपी सरकार की यह पहल स्थानीय लोगों और पर्यटकों को वर्ल्ड-लेवल और आधुनिक 'ग्रीन जोन' उपलब्ध कराएगी. इस परियोजना की आधारशिला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जुलाई, 2026 को रखी थी.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और देवाधिदेव महादेव से प्रदेश और देश में सुख, शांति, समृद्धि एवं सौहार्द की कामना की।मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में दुल्हेड़ा पुलिस चौकी के निकट बनाए गए मंच से योगी आदित्यनाथ ने ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के बीच कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। इस अवसर पर उनके साथ रामानंद सागर के धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे। गोविल, मेरठ से भारतीय जनता पार्टी के सांसद भी हैं। योगी ने अपने संबोधन में कहा, “सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक और धार्मिक संगठनों का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने पूरी श्रद्धा के साथ कांवड़ियों की सुविधाओं का ध्यान रखा है। सावन में कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन रहे सभी शिवभक्तों का अभिनंदन करता हूं और उनकी इस यात्रा के लिए देवाधिदेव महादेव से प्रार्थना करता हूं कि वे उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।”मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश और देश में सुख, शांति, समृद्धि और सौहार्द का माहौल बनाने के लिए देवाधिदेव महादेव की कृपा बनी रहे, इसी भावना के साथ आज मुझे भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है।” उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा अपने समापन की ओर बढ़ रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हुए विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हैं।उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि सावन की शिवरात्रि तक गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच चार से साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु और शिवभक्त इस कांवड़ यात्रा में गंगाजल लेकर शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।”मुख्यमंत्री ने कहा, “आज मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर भारी भीड़ है। अभी मेरठ में मुझे शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने का अवसर मिला है। मेरठ के हमारे सभी जनप्रतिनिधि इस अवसर पर मेरे साथ यहां मौजूद हैं।” योगी ने कहा कि मेरठ के प्रसिद्ध बाबा औघड़नाथ मंदिर, गाजियाबाद के बाबा दूधेश्वरनाथ मंदिर और बागपत के पुरा महादेव मंदिर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आने वाले शिवभक्त इस यात्रा का हिस्सा बने हुए हैं।उन्होंने कहा, “पूरी श्रद्धा, उत्साह और उमंग के साथ यात्रा में शामिल होने आए कांवड़ियों का प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत और अभिनंदन करता हूं।” मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों के राष्ट्र के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि जात-पात, प्रांत और क्षेत्रीयता की सीमाओं से ऊपर उठकर शिवत्व की भावना से एकाकार होने के लिए यह यात्रा उत्साह और उमंग का वातावरण पैदा कर रही है।प्रशासनिक तैयारियों और व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “प्रशासन ने उच्च स्तर की व्यवस्था की है और समाजसेवी संगठनों ने शिविर लगाए हैं तथा कांवड़ियों को सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वास्तव में यह भक्ति की पराकाष्ठा है। मैं सभी कांवड़ यात्रियों का स्वागत करता हूं। आज, कल और परसों यानी शिवरात्रि के दिन यहां पुष्प वर्षा होगी और हमने हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की है।
14 अगस्त को इमरान हाशमी की मोस्ट अवेटेड फिल्म आवारापन 2 रिलीज होने को तैयार है, जिसका हाल ही में ट्रेलर रिलीज किया गया. सोशल मीडिया पर ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है.
स्वरूपरानी या रोशन सिंह? प्रयागराज के सबसे बड़े अस्पताल का नाम किस पर हो, क्यों मचा बवाल
Prayagraj News: प्रयागराज के सबसे बड़े अस्पताल स्वरूप रानी नेहरू का नाम बदलने को लेकर शहर में आंदोलन शुरू हो गया है. इस मांग का समर्थन यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी किया है.
Dhurandhar Became Netflix most-watched non-English film of 2026: नेटफ्लिक्स के सीईओ टेड सारानडोस ने 2026 की सबसे ज्यादा देखी गई नॉन इंग्लिश फिल्म के बारे में बताया और कहा- यह दूसरी इंग्लिश फिल्मों से बड़ी है.
दिल्ली के प्राइवेट यूनिवर्सिटीज में 25% सीटें दिल्ली के छात्रों के लिए आरक्षित रखने के प्रस्ताव को दिल्ली कैबिनेट की ओर से मंजूरी मिल गई है. अब इस बिल को दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा. ये बिल दिल्ली के बच्चों के लिए फायदेमंद होगा.
कैसे मां बनेंगी अनाया बांगड़? बोलीं- स्पर्म फ्रीज कराए
अनाया बांगड़ सर्जरी के बाद लड़की के तौर पर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर चुकी हैं. हालांकि, अभी वो हीलिंग फेज में हैं.
सिर्फ बालकनी नहीं, इन 5 जगहों पर भी उगा सकते हैं हरे-भरे पौधे, घर को बनाएं हरियाली से भरपूर
आजकल मॉडर्न गार्डनिंग काफी प्रसिद्ध हो गई है, क्योंकि इसके लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं पड़ती. बस कंटेनर, गमलों और स्मार्ट प्लेसमेंट की मदद से आप छोटी जगहों को भी खूबसूरत ग्रीन स्पेस में बदल सकते हैं.
महिला आरक्षण पर राहुल गांधी का रिजिजू को जवाब, बोले- 2023 का कानून बिना शर्त लागू करें
राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि तीन साल बाद भी कानून लागू क्यों नहीं हुआ और इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है।

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