प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर थे। प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को ऑस्ट्रेलियन मीडिया खासकर प्रिंट मीडिया ने हाथों-हाथ लिया
TMC पर लड़ाई हुई तेज, ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा दावा, बोले- हम हैं असली टीएमसी, कोर्ट का दिखाया आदेश
West Bengal Politics News : बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी वर्चस्व की लड़ाई के बीच ऋतब्रत बनर्जी गुट को बड़ी कानूनी राहत मिली है। खबरों के अनुसार, अलीपुर अदालत ने पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से दायर मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि 22 जून को ...
कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक
नई दिल्ली। भारत ने कतर के दिवंगत अमीर शेख हमद बिन ख़लीफ़ा अल-थानी के सम्मान में देशभर में सोमवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। कतर के अमीर का रविवार को निधन हो गया। विदेश मंत्रालय ने बताया कि शोक के दिन पूरे देश में उन सभी भवनों पर, जहां नियमित […] The post कतर के दिवंगत अमीर के सम्मान में भारत में सोमवार को एक दिन का राजकीय शोक appeared first on Sabguru News .
बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से 226 कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा, शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, जनगणना, जनसांख्यिकी असंतुलन, […] The post RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में शाखा विस्तार, जनगणना, नशा मुक्ति और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर हुआ मंथन appeared first on Sabguru News .
श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ मास के दौरान मंदिर के पट खुलने तथा भस्म आरती के समय में परिवर्तन किया गया है। नई व्यवस्था 30 जुलाई से 7 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में रविवार […] The post श्रावण-भादौ में महाकाल मंदिर के पट खुलने और भस्म आरती के समय में होगा बदलाव appeared first on Sabguru News .
नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रविवार को यहां पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और दतिया में हुए विरोध-प्रदर्शन पर अपना पक्ष रखा। गौरतलब है कि भाजपा ने दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया […] The post नितिन नबीन से मिले नरोत्तम मिश्रा, दतिया में हुए प्रदर्शन के मुद्दे पर रखी अपनी बात appeared first on Sabguru News .
ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के पिछोर-डबरा थाना क्षेत्र में घर में अकेली महिला से कथित दुष्कर्म और उसके पति से मारपीट करने के आरोप में पुलिस ने आरोपी ननदोई को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 28 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि शनिवार रात उसका पति खेत पर सिंचाई के […] The post ग्वालियर में महिला से दुष्कर्म का आरोपी ननदोई अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले की ग्राम पंचायत द्वारापुर में रविवार को खेत में बने कुंड में नहाने गए दो बालकों की डूबने से मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, द्वारापुर गांव के छह बच्चे रविवार दोपहर को गांव के पास स्थित एक खेत में छोटे कुंड में नहाने गए थे। नहाने के दौरान […] The post अलवर : खेत में कुंड में डूबने से दो बालकों की मौत appeared first on Sabguru News .
डीडीए ने अतिक्रमण रोकने के लिए जारी की नई एसओपी, 14 फ्लाइंग स्क्वॉड और 4 क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात
दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू के अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति संबंधी निर्देशों के बाद, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 14 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमों और चार क्विक रिस्पॉन्स टीमों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’सीड बॉल अभियान
दो दिन में 2000 से अधिक सीड बॉल पहाड़ियों क्षेत्रों में उछाली अजमेर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से भारत विकास परिषद् मुख्य शाखा अजमेर की ओर से जस्ट थ्रो एंड गो सीड बॉल अभियान चलाया गया। अभियान के तहत दो दिनों में 2000 से अधिक सीड बॉल अजमेर की पहाड़ी क्षेत्रों एवं […] The post भारत विकास परिषद अजमेर ने चलाया ‘जस्ट थ्रो एंड गो’ सीड बॉल अभियान appeared first on Sabguru News .
जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़
दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग ने किया सेवा कार्य अजमेर। श्री दिगंबर जैन महासमिति महिला एवं युवा महिला संभाग, अजमेर की सरावगी मोहल्ला इकाई की ओर से जीवदया के तहत नागफानी स्थित आनंद गोपाल गौशाला में सेवा कार्य आयोजित किया गया। इस दौरान 200 अशक्त गोवंश को हरा चारा एवं गुड़ अर्पित […] The post जीवदया के तहत 200 अशक्त गोवंश को अर्पित किया हरा चारा और गुड़ appeared first on Sabguru News .
गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा; यानी साधक और शिष्य जिस दिन की अत्यंत उत्सुकता (आतुरता) से प्रतीक्षा करते हैं, वह गुरु पूर्णिमा का मंगलमय दिन है। शिष्य के संपूर्ण जीवन में समाए हुए सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ गुरु के चरणों में कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए, और साधना के अगले लक्ष्य को प्राप्त करने का संकल्प लेने के लिए […] The post गुरु और गुरु पूर्णिमा का महत्व appeared first on Sabguru News .
130th Constitutional Amendment Bill: भारतीय राजनीति और संवैधानिक व्यवस्था में एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी चल रही है. विपक्षी दलों के कड़े विरोध और चिंताओं के बीच, 130वें संविधान संशोधन विधेयक (130th Constitutional Amendment Bill) की समीक्षा कर रही संसद की एक संयुक्त समिति (Joint Parliamentary Committee) ने बेहद महत्वपूर्ण सिफारिशें सौंपी हैं.समिति ने प्रस्ताव दिया है कि यदि देश के प्रधानमंत्री (PM), केंद्रीय मंत्रियों या राज्यों के मुख्यमंत्रियों (CM) को किसी गंभीर आपराधिक मामले में लगातार 30 दिनों तक हिरासत या जेल में रखा जाता है, तो उन्हें उनके पदों से स्थायी रूप से हटाने (Removal) के बजाय निलंबित (Suspension) किया जाना चाहिए. इसके साथ ही समिति ने नेताओं की सुरक्षा के लिए एक 'ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज' जोड़ने का भी सुझाव दिया है.क्या था मूल विधेयक और क्यों हुआ था विरोध?पिछले साल अगस्त में केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए इस मूल विधेयक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी सरकार जेल के अंदर से न चलाई जा सके.मूल प्रावधान: यदि कोई पीएम, सीएम या मंत्री गंभीर अपराध में 30 दिनों तक हिरासत में रहता है और खुद इस्तीफा नहीं देता, तो 31वें दिन उसे स्वतः (Automatically) पद से बर्खास्त कर दिया जाएगा.विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत देश के अधिकांश विपक्षी दलों ने इस कानून का पुरजोर विरोध किया था. उनका आरोप था कि केंद्र सरकार इस कानून का दुरुपयोग करके विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रच सकती है. इसी विरोध के चलते अधिकांश विपक्षी दलों ने इस विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त समिति की बैठकों से भी दूरी बना ली थी.संसदीय समिति की 5 सबसे प्रमुख सिफारिशेंविपक्ष की आशंकाओं को दूर करने और कानून को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए संयुक्त समिति ने दो विशेष और तीन सामान्य संशोधनों की सिफारिश की है:'हटाने' की जगह 'निलंबन' शब्द: समिति ने अपनी रिपोर्ट में 'Removal' शब्द को बदलकर 'Suspension' करने का प्रस्ताव दिया है. यानी जब तक कानूनी कार्यवाही का अंतिम परिणाम (फैसला) नहीं आ जाता, तब तक मंत्रियों को स्थायी रूप से बर्खास्त करने के बजाय केवल निलंबित रखा जाए.5 साल या उससे अधिक की सजा वाले 'गंभीर अपराध': इस कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए समिति ने 'गंभीर अपराधों' को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है. इसके तहत केवल वही अपराध शामिल किए जाएंगे जिनमें 5 साल या उससे अधिक के कारावास की सजा का प्रावधान हो. इसके लिए कानून में एक अलग अनुसूची (Schedule) जोड़ने की बात कही गई है.ऑटोमैटिक रिवर्सल क्लॉज (स्वतः बहाली का नियम): यदि आरोपी मंत्री अदालत द्वारा पूरी तरह बरी (Acquitted) हो जाता है, या तय समय सीमा के भीतर जांच एजेंसी मुकदमा आगे बढ़ाने में नाकाम रहती है, तो उसका निलंबन स्वतः समाप्त हो जाएगा और वह अपने पद पर वापस लौट सकेगा. समिति का कहना है कि यह सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करेगा कि जो लोग निर्दोष हैं, उनका निलंबन स्थायी न होने पाए.विशेष अदालतों में त्वरित सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट के पुराने दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक या विशेष अदालतों (Special Courts) में प्राथमिकता के आधार पर होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी जल्द हो सके.अब आगे क्या होगी प्रक्रिया?संसद की संयुक्त समिति की इस रिपोर्ट को इसी सप्ताह आधिकारिक रूप से स्वीकृत किए जाने की पूरी संभावना है. यदि इन सिफारिशों को मान लिया जाता है, तो आगामी प्रक्रिया इस प्रकार होगी:कैबिनेट की मंजूरी: केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) इन प्रस्तावित संशोधनों के ड्राफ्ट को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Cabinet) के पास अंतिम मंजूरी के लिए भेजेगा.संसद में पेशी: कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद, इस संशोधित रूपरेखा वाले विधेयक को आधिकारिक तौर पर पारित कराने के लिए दोबारा लोकसभा और राज्यसभा में पेश किया जाएगा.
Bharti Airtel Annual Report 2026: भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) अब केवल एक मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर रहने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भविष्य की सबसे बड़ी डिजिटल पावरहाउस बनने की तैयारी में है. पिछले एक दशक में देश के भीतर मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Infrastructure) तैयार करने के लिए ₹3.3 लाख करोड़ से अधिक का भारी-भरकम निवेश करने के बाद, अब कंपनी ने अपनी दिशा बदल दी है.न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार देर रात जारी की गई भारती एयरटेल की सालाना रिपोर्ट (Annual Report) में कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल (Sunil Bharti Mittal) ने भविष्य के रोडमैप का खुलासा किया है. मित्तल का कहना है कि कंपनी की ग्रोथ (तरक्की) के अगले चरण के सबसे बड़े तीन इंजन— फाइनेंशियल सर्विसेज (Airtel Money), डेटा सेंटर (Nxtra) और क्लाउड (Airtel Cloud) होंगे, जिनमें एयरटेल मनी में करीब ₹20,000 करोड़ तक के बड़े निवेश का ऐलान भी शामिल है.एयरटेल की महा-ग्रोथ के 3 सबसे बड़े पिलर्स (Growth Engines)1. फाइनेंशियल सर्विसेज: एयरटेल मनी (Airtel Money) को मिली NBFC की हरी झंडीसालाना रिपोर्ट में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि 'एयरटेल मनी' को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिल गया है.क्या होगा फायदा: सुनील मित्तल के मुताबिक, देश के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में 'फाइनेंशियल इनक्लूजन' (वित्तीय समावेश) का दायरा बढ़ाने के लिए यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा. कंपनी इस वर्टिकल में जरूरत के हिसाब से आने वाले सालों में ₹20 हजार करोड़ तक की भारी पूंजी निवेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है.2. डेटा सेंटर बिजनेस: 'Nxtra' 1 गीगावाट कैपेसिटी बनाने की राह परडिजिटल डेटा के इस दौर में एयरटेल अपने डेटा सेंटर बिजनेस 'नेक्स्ट्रा' (Nxtra) को तेजी से बढ़ा रही है.बजट और क्षमता: हाल ही में इस बिजनेस के लिए 100 करोड़ डॉलर (करीब ₹9,500 करोड़) का फंड जुटाने के बाद कंपनी अगले कुछ वर्षों में 1 गीगावाट (1 GW) की विशाल कैपेसिटी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है. भारत में तेजी से हो रहे डिजिटलाइजेशन, क्लाउड के बढ़ते चलन और सरकार के डेटा लोकलाइजेशन (Data Localization) के नियमों से नेक्स्ट्रा को जबरदस्त बिजनेस सपोर्ट मिल रहा है.3. एयरटेल क्लाउड (Airtel Cloud): शुरुआती दौर में ही 24 से ज्यादा मेगा-डील्स लॉककंपनी के तीसरे सबसे बड़े ग्रोथ इंजन यानी 'एयरटेल क्लाउड' को लेकर भी चेयरमैन बेहद उत्साहित दिखे.विश्व स्तरीय सर्विस, कम खर्च: सुनील मित्तल ने बताया कि शुरुआत दौर में ही इसे बाजार से शानदार रिस्पांस मिला है. यह भारतीय कंपनियों को देश के भीतर ही होस्ट और स्टोर की गई वर्ल्ड क्लास क्लाउड सर्विसेज बेहद किफायती दरों पर दे रही है. एयरटेल ने शुरुआती चरण में ही 24 से ज्यादा बड़ी कस्टमर डील्स को अपने नाम कर लिया है.सरकार की लॉन्ग-टर्म टैक्स छूट नीतियों से मिलेगा बड़ा सहाराचेयरमैन सुनील मित्तल ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सपोर्ट करने वाली भारत सरकार की दीर्घकालिक नीतियों (Long-Term Government Policies) की जमकर सराहना की.टैक्स में बड़ी राहत: सरकार द्वारा डेटा सेंटर्स और डिजिटल इंफ्रा को बढ़ावा देने के लिए दी गई लॉन्ग-टर्म टैक्स छूट से कॉरपोरेट जगत में लगातार कैपिटल इंवेस्टमेंट (पूंजीगत निवेश) को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पूरा टेक-इकोसिस्टम मजबूत होगा.₹18 लाख करोड़ का भारी-भरकम निवेश: सरकार और उद्योग जगत के अनुमानों के मुताबिक, देश में बढ़ते डेटा लोकलाइजेशन के चलते अकेले इस साल डेटा सेंटर सेक्टर में कुल निवेश 20,000 करोड़ डॉलर (₹18 लाख करोड़ से अधिक) के ऐतिहासिक आंकड़े को पार करने की उम्मीद है, जिसमें एयरटेल एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है.
Flipkart Delivery Agent Arrested Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट (Flipkart) के एक डिलीवरी एजेंट को एक महिला ग्राहक के साथ उसके ही घर में घुसकर अश्लील हरकत करने और यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.आरोपी की पहचान विजय मल्लिकार्जुन कामत के रूप में हुई है. पीड़ित महिला ने इस पूरी खौफनाक आपबीती को सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. इस घटना के बाद फ्लिपकार्ट ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को नौकरी से टर्मिनेट कर दिया है.मना करने के बावजूद जबरन घर में घुसा आरोपीपीड़ित महिला द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट के अनुसार, यह घटना उस वक्त हुई जब आरोपी डिलीवरी एजेंट उनके फ्लैट पर एक पार्सल डिलीवर करने आया था. पार्सल सौंपने के बाद उसने महिला से वॉशरूम (टॉयलेट) इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी.महिला ने सुरक्षा कारणों से एक अजनबी को घर के अंदर आने देने से साफ मना कर दिया. महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा, मैंने उसे साफ कहा कि मैं किसी अजनबी को अपने फ्लैट के अंदर आने की अनुमति नहीं देती. मैंने उसे यह भी सुझाव दिया कि अगर बहुत इमरजेंसी है, तो वह पास में रहने वाले किसी पुरुष पड़ोसी से मदद मांग सकता है. लेकिन बार-बार मना करने के बावजूद आरोपी ने जबरन अपनी चप्पलें उतारीं और महिला को धक्का देते हुए घर के अंदर दाखिल हो गया.वॉशरूम से बाहर आते ही की अश्लील हरकतमहिला का आरोप है कि आरोपी जबरदस्ती वॉशरूम के अंदर चला गया. असली हैवानियत तब सामने आई जब वह वॉशरूम से बाहर निकला. बाहर आते ही उसने महिला के सामने अश्लील हरकतें करना शुरू कर दिया और जबरन अपने निजी अंग (प्राइवेट पार्ट्स) दिखाने लगा.पीड़िता का दर्द: उस वक्त मैं अंदर से बेहद घबरा गई थी. मुझे बेहद अपमानित और असुरक्षित महसूस हो रहा था. एक महिला के 'नहीं' कहने के बाद बात वहीं खत्म हो जानी चाहिए थी. किसी भी व्यक्ति को किसी महिला की मर्जी के खिलाफ उसके घर में घुसने या उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन करने का कोई हक नहीं है.बेंगलुरु पुलिस का क्विक एक्शन; BNS की इन धाराओं में केस दर्जमहिला की सोशल मीडिया पोस्ट जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुई, बेंगलुरु पुलिस की साइबर और लोकल टीम ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया. पुलिस ने पीड़िता से संपर्क कर उनका बयान दर्ज किया और आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया.पुलिस ने आरोपी विजय मल्लिकार्जुन कामत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 79 और 329(2) के तहत यौन उत्पीड़न, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और जबरन घर में घुसने का मुकदमा दर्ज किया है. फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.फ्लिपकार्ट ने जारी किया बयान: आरोपी को नौकरी से निकालाइस शर्मनाक घटना पर चौतरफा घिरने के बाद फ्लिपकार्ट ने आधिकारिक बयान जारी कर पीड़ित महिला से माफी मांगी है और जांच में पूरा सहयोग देने का वादा किया है.कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, इस घटना से हमें गहरा दुख पहुंचा है. हमारे लिए ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सबसे सर्वोपरि है. जैसे ही यह मामला हमारे संज्ञान में आया, हमने बिना कोई देरी किए संबंधित डिलीवरी एजेंट को तुरंत नौकरी से बर्खास्त कर दिया है. पुलिस में एफआईआर दर्ज हो चुकी है और हमारी टीम जांच एजेंसी को हर जरूरी डेटा और सहयोग दे रही है.कंपनी ने आगे सफाई देते हुए कहा कि वे हर डिलीवरी बॉय को ऑनबोर्ड करने से पहले उसका पुलिस बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Background Verification) और बिहेवियरल ट्रेनिंग जरूर करवाते हैं. हालांकि ऐसी घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को और कड़ा करने के लिए कंपनी अपने पूरे डिलीवरी कूरियर सिस्टम की आंतरिक समीक्षा कर रही है.
अगर आप भी एक टैक्सपेयर (Taxpayer) हैं और अभी तक आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं किया है, तो यह खबर आपके लिए एक जरूरी रिमाइंडर है. असेसमेंट ईयर 2026-27 (वित्त वर्ष 2025-26 की आय) के लिए ITR फाइलिंग की रफ्तार बेहद तेज हो गई है. आयकर विभाग (Income Tax Department) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1.7 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल कर चुके हैं. रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ शुक्रवार को ही रिकॉर्ड 10 लाख से ज्यादा लोगों ने ITR फाइल किया.आयकर विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लोगों से आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों और भारी ट्रैफिक से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना रिटर्न भरने की अपील की है.31 जुलाई 2026 है आखिरी तारीख (ITR Deadline)वित्त वर्ष 2025-26 (FY 2025-26) के दौरान हुई कमाई के लिए ITR-1 (सहज) और ITR-2 फॉर्म दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है. यह डेडलाइन उन सभी व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals) के लिए है जिनके खातों का ऑडिट (Tax Audit) होना अनिवार्य नहीं है.समझें आपके लिए कौन सा फॉर्म है सही: ITR-1 या ITR-2?ITR-1 (सहज) फॉर्म किसके लिए है?यह फॉर्म देश के सबसे ज्यादा करदाताओं के लिए होता है. आप ITR-1 तब चुन सकते हैं जब:आपकी कुल सालाना कमाई ₹50 लाख तक हो.आपकी आय का मुख्य जरिया सैलरी (सैलरीड एम्प्लॉई) या पेंशन हो.आपकी आय केवल एक हाउस प्रॉपर्टी (मकान) से आ रही हो.आपकी कुल कृषि आय (Agricultural Income) सालाना ₹5,000 तक सीमित हो.ITR-2 फॉर्म किसके लिए है?यह फॉर्म उन व्यक्तिगत टैक्सपेयर्स और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) के लिए है जो:किसी भी प्रकार के बिजनेस (व्यापार) या प्रोफेशन से कमाई नहीं करते हैं.जिन्हें शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी बेचने से कैपिटल गेन (Capital Gain) हुआ हो.जिनकी आय ₹50 लाख से अधिक हो या जिनके पास एक से ज्यादा मकान हों.31 जुलाई की डेडलाइन मिस करने पर भुगतने होंगे ये 4 बड़े नुकसानयदि आप 31 जुलाई 2026 तक अपना रिटर्न दाखिल करने में चूक जाते हैं, तो आयकर अधिनियम के तहत आपको भारी वित्तीय पेनल्टी का सामना करना पड़ेगा:₹5,000 तक की लेट फीस (Late Fee): आयकर कानून की धारा 234F के तहत डेडलाइन के बाद बिलेटेड रिटर्न (Belated ITR) भरने पर ₹5,000 की लेट फीस देनी होगी. हालांकि, राहत की बात यह है कि यदि आपकी कुल सालाना आय ₹5 लाख तक ही है, तो यह लेट फीस अधिकतम ₹1,000 तक सीमित रहेगी.टैक्स पर 1% का अतिरिक्त ब्याज: यदि आपके ऊपर कोई टैक्स बकाया (Tax Liability) निकलता है, तो धारा 234A के तहत तय तारीख के बाद से हर महीने या महीने के किसी हिस्से के लिए 1% की दर से ब्याज वसूला जाएगा.इनकम टैक्स रिफंड में भारी देरी: अगर आपका कोई टैक्स ज्यादा कट गया है (TDS) और आप रिफंड का इंतजार कर रहे हैं, तो देर से ITR फाइल करने पर प्रोसेसिंग रुक जाएगी. इसका मतलब है कि आपका रिफंड मिलने में महीनों की देरी हो सकती है.घाटे को कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म: देर से रिटर्न भरने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आप चालू वित्त वर्ष में हुए किसी भी व्यावसायिक नुकसान या कैपिटल लॉस (जैसे शेयरों में घाटा) को अगले सालों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward) करने का कानूनी अधिकार खो देते हैं.
बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद अजीबोगरीब और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निकाह (शादी) समारोह देखते ही देखते जंग के मैदान में तब्दील हो गया. शादी के खुशनुमा माहौल में खाने के मेन्यू (Food Menu) को लेकर दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आपस में इस कदर भिड़े कि लात-घूंसे और लाठियां चल गईं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मटन (Mutton) की जगह चिकन (Chicken) परोसे जाने पर शुरू हुए इस खूनी संघर्ष में करीब 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.मटन का वादा और थाली में आया चिकन!यह पूरी घटना सहरसा के एक गांव में आयोजित निकाह समारोह की है. चश्मदीदों के मुताबिक, शादी की सभी प्रारंभिक और धार्मिक रस्में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो चुकी थीं. इसके बाद बारातियों के स्वागत के लिए भोजन की व्यवस्था की गई.विवाद तब शुरू हुआ जब खाना खा रहे कुछ बारातियों ने जोर-जोर से शिकायत करना शुरू कर दिया कि उन्हें शादी के मेन्यू में मटन (बकरे का मीट) खिलाने का वादा किया गया था, लेकिन थाली में चिकन (मुर्गे का मीट) परोस दिया गया. बारातियों ने इसे अपना अपमान समझा और दुल्हन पक्ष के कैटरिंग स्टाफ पर चिल्लाना शुरू कर दिया.बहस से शुरू हुआ विवाद और चल गईं लाठियांसमारोह में मौजूद लोगों ने बताया कि शुरुआत में दोनों पक्षों के बुजुर्गों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन युवाओं के बीच तीखी बहसबाजी बढ़ती चली गई.जश्न बना जंग का मैदान: कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों के दर्जनों लोग आमने-सामने आ गए. बात इतनी बिगड़ी कि दोनों ओर से अंधाधुंध लात और घूंसे चलने लगे.कुर्सियां और मेजें टूटीं: हालात बेकाबू होने पर पंडाल में रखी लोहे और प्लास्टिक की कुर्सियों तथा लाठियों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया गया. इस भयंकर मारपीट के चलते शादी का पूरा माहौल खराब हो गया और जश्न का कार्यक्रम बीच में ही रोक देना पड़ा.अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल, पुलिस में शिकायत की तैयारीइस हिंसक झड़प के बाद विवाह स्थल पर चारों तरफ अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई. दूल्हे मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ चांद के चाचा मोहम्मद इरफान ने दुल्हन पक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि खाने की बात पर शुरू हुई मामूली कहासुनी के बाद दुल्हन पक्ष के लोगों ने पूरी प्लानिंग के साथ बारातियों पर लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें उनके परिवार के कई लोग लहूलुहान हो गए.घटना के तुरंत बाद सभी 12 घायलों को आनन-फानन में नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है. दूल्हा पक्ष के लोगों का कहना है कि वे इस पूरी बर्बरता के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे.सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तबाही का वीडियोइस अनोखी लड़ाई का एक वीडियो सोशल मीडिया (फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम) पर आग की तरह वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि शादी का भव्य पंडाल किसी अखाड़े जैसा नजर आ रहा है. लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं, चारों तरफ टूटी हुई कुर्सियां और मेजें बिखरी पड़ी हैं और कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मारपीट करते दिख रहे हैं. इस एक घटना ने न सिर्फ शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया, बल्कि दोनों परिवारों के बीच के रिश्तों में भी हमेशा के लिए कड़वाहट घोल दी है.
Twisha Sharma Case AIIMS Forensic Report: एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और निर्णायक वैज्ञानिक मोड़ आ गया है. दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है. इस रिपोर्ट ने शुरुआती जांच के कई दावों को पलट कर रख दिया है.फॉरेंसिक रिपोर्ट में इस बात की पुख्ता पुष्टि हुई है कि घटनास्थल से मिली जिस जिम्नास्टिक्स बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही जा रही थी, उस पर पाए गए सूक्ष्म मानव स्किन टिश्यू (त्वचा के कण) ट्विशा की गर्दन पर बने चोट और लिगेचर मार्क (गला घोंटने के निशान) से हुबहू मेल खाते हैं. इस पुख्ता वैज्ञानिक सबूत के हाथ लगते ही सीबीआई ने मामले के मुख्य आरोपी पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग तेज कर दी है.फोरेंसिक साइंस कैसे खोलती है बंद कमरों के राज?जब भी फांसी (Hanging) या गला घोंटने (Strangulation) के संदिग्ध मामले सामने आते हैं, तो फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मुख्य रूप से चार वैज्ञानिक चरणों के आधार पर सच्चाई का पता लगाते हैं:1. गला घोंटने वाली वस्तु (Ligature Material) की पहचानमेडिकल बोर्ड सबसे पहले मृतका की गर्दन पर बने निशानों की चौड़ाई, गहराई और पैटर्न को माइक्रोस्कोपिक स्तर पर मापता है. इसके बाद इसका मिलान संदिग्ध वस्तु (जैसे इस मामले में जिम्नास्टिक्स बेल्ट) से किया जाता है. जांच में यह देखा जाता है कि क्या बेल्ट के फाइबर, उसकी सिलाई की बनावट या उसके मेटल बकल/रिंग के निशान त्वचा पर छपे हैं या नहीं.2. स्किन टिश्यू और एंटी-मॉर्टम चोटों की जांचगर्दन के प्रभावित हिस्से से त्वचा का एक छोटा सैंपल लेकर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच की जाती है. यदि त्वचा के नीचे खून का थक्का (Extravasation of blood) या अंदरूनी सूजन मिलती है, तो यह साबित होता है कि चोट 'एंटी-मॉर्टम' (Antemortem) थी, यानी जब व्यक्ति जीवित था और उसका दिल धड़क रहा था, तभी वह घाव लगा था. साथ ही, बेल्ट पर मिले पसीने और स्किन सेल्स के जैविक नमूनों (Biological Samples) का डीएनए मिलान किया जाता है.3. फांसी और गला घोंटने के निशान में अंतर (Ligature Mark Difference)फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स निशानों की दिशा से हत्या और आत्महत्या के बीच का अंतर स्पष्ट करते हैं:फांसी (Suicidal Hanging): इसमें गर्दन पर बना निशान आमतौर पर तिरछा (V-Shape) होता है, जो कान या सिर के पीछे मौजूद गांठ की तरफ ऊपर की ओर जाता है. यह निशान गर्दन के ऊपरी हिस्से (थायराइड कार्टिलेज के ऊपर) होता है.गला घोंटना (Homicidal Strangulation): इसमें निशान बिल्कुल सीधा (Horizontal) और पूरी गर्दन के चारों ओर गोलाकार होता है, क्योंकि रस्सी को पीछे से खींचा जाता है. यह निशान अक्सर गर्दन के निचले हिस्से में पाया जाता है.4. गांठ (Knots) और हाथापाई के सबूतएक्सपर्ट्स फांसी के फंदे में लगी गांठ को बिना खोले उसकी बुनावट की जांच करते हैं. इससे यह पता चलता है कि क्या कोई व्यक्ति खुद वैसी गांठ बांध सकता था या इसे किसी दूसरे व्यक्ति ने बांधा है. यदि शरीर के वजन और गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के अनुपात से निशान मेल नहीं खाते, या गर्दन पर एक से अधिक अलग-अलग निशान मिलते हैं, तो यह साफ तौर पर हाथापाई और संघर्ष (Struggle) को दर्शाता है.सीबीआई के आरोप: प्रताड़ना, जबरन गर्भपात और सबूत मिटाने की साजिशएम्स की इस रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने कोर्ट में आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध किया है. जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ कई संगीन दावे किए हैं:दहेज प्रताड़ना: ट्विशा शर्मा को शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा लगातार भारी दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.जबरन गर्भपात: सीबीआई का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला दावा यह है कि ट्विशा की मौत से ठीक एक हफ्ते पहले उनका जबरन मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (गर्भपात) कराया गया था.सबूतों से छेड़छाड़: रसूखदार आरोपियों पर मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा और घटनास्थल के अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जानबूझकर नष्ट करने का आरोप है.क्यों बेहद अहम माना जा रहा है एम्स का यह नया सबूत?ट्विशा शर्मा की मौत के तुरंत बाद भोपाल में जो पहला पोस्टमार्टम हुआ था, उसकी जांच प्रक्रिया पर पीड़िता के परिवार और सीबीआई ने गंभीर सवाल उठाए थे. दरअसल, भोपाल के डॉक्टरों के सामने वह जिम्नास्टिक्स बेल्ट जांच के लिए पेश ही नहीं की गई थी, जिसके कारण वे बेल्ट और गर्दन के निशानों का मिलान नहीं कर सके थे.ससुराल पक्ष जहां शुरुआत से इसे डिप्रेशन में आकर की गई आत्महत्या बता रहा है, वहीं सीबीआई का कहना है कि ट्विशा के शरीर पर, खासकर कलाई और कोहनी पर ऐसे गहरे जख्म मिले हैं जो फांसी पर लटकने से ठीक पहले किसी संघर्ष के दौरान लगे थे. अब एम्स की इस फॉरेंसिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि शुरुआती जांच में ढिलाई बरती गई थी और यह वैज्ञानिक सबूत अदालत में अभियोजन पक्ष के मामले को बेहद मजबूत बनाएगा.
IND vs ENG: 4-0 की शिकस्त के बाद टीम इंडिया का मिशन वनडे; रोहित-विराट की वापसी से बढ़ेगी ताकत
इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 4-0 से करारी शिकस्त (क्लीन स्वीप) का सामना करना पड़ा है. लेकिन अब भारतीय टीम उस हार को भुलाकर नए जोश के साथ 3 मैचों की वनडे (ODI) सीरीज में उतरने के लिए तैयार है.इस वनडे सीरीज में भारतीय फैंस के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि टीम में दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा, विराट कोहली और रफ्तार के जादूगर जसप्रीत बुमराह की वापसी हो रही है. इस सीरीज में भारतीय वनडे टीम की कमान युवा स्टार शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि श्रेयस अय्यर उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे.यहाँ देखें मुकाबले का पूरा शेड्यूल, टीमें और ब्रॉडकास्ट की पूरी जानकारी:भारत बनाम इंग्लैंड वनडे सीरीज शेड्यूल (2026)मैचतारीखस्थानसमय (IST)पहला ODI14 जुलाई, 2026एजबेस्टन, बर्मिंघमदोपहर 03:30 बजेदूसरा ODI16 जुलाई, 2026सोफिया गार्डन्स, कार्डिफशाम 05:30 बजेतीसरा ODI19 जुलाई, 2026लॉर्ड्स, लंदनदोपहर 03:30 बजेलाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग कहां देखें?TV टेलीकास्ट: भारत और इंग्लैंड के बीच इस हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (Sony Sports Network) के चैनलों (Sony Sports Ten 1, Ten 3 Hindi, Ten 4) पर अलग-अलग भाषाओं में देखा जा सकेगा.लाइव स्ट्रीमिंग (Online): मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देखने वाले दर्शक Sony LIV ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद ले सकते हैं.दोनों देशों का आधिकारिक स्क्वाड?? भारतीय वनडे टीमशुभमन गिल (कप्तान)स्क्वाड: रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव, हर्षित राणा.इंग्लैंड वनडे टीमहैरी ब्रूक (कप्तान)स्क्वाड: जोस बटलर, जो रूट, बेन डकेट, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम करन, रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जेम्स कोल्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जोश टंग.
India Weather Update 13 July 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) अपनी पूरी ताकत के साथ बरस रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जुलाई 2026 के लिए देश का ताजा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर और मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक सक्रिय है.इसके साथ ही, उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के वायुमंडल में अलग-अलग मजबूत चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) बने हुए हैं. इन शक्तिशाली वेदर सिस्टम के चलते बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित देश के कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) की चेतावनी जारी की गई है. आइए जानते हैं आपके राज्य में 13 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज.इन 3 राज्यों में मूसलाधार और 'बहुत भारी' बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्टमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव (Waterlogging), बाढ़ जैसी स्थिति और आकाशीय बिजली से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:बिहारगंगा तटीय पश्चिम बंगालअसम और मेघालयपूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में 'भारी बारिश' की चेतावनीमानसूनी हवाओं और पहाड़ों पर सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण मौसम विभाग ने देश के 8 अन्य राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है:पूर्वी उत्तर प्रदेशउत्तराखंडउप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किमओडिशाअरुणाचल प्रदेशनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (सभी पूर्वोत्तर राज्य)आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंबारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का गंभीर पूर्वानुमान जारी किया है:अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है.बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है.छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्य: यहां अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली (Lightning Alert) गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है. वहीं, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ मैदानी इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं.एक तरफ बारिश, दूसरी तरफ तटीय आंध्र प्रदेश में लू (Heatwave) का कहरजहां एक तरफ उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून झमाझम बरस रहा है, वहीं दक्षिण और तटीय भारत के कुछ इलाकों में मौसम इसके बिल्कुल विपरीत रहने वाला है:तटीय आंध्र प्रदेश: यहां के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू (Heatwave Conditions) की स्थिति बनी रहेगी.ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी व कराइकल): इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़ने के साथ-साथ मौसम बेहद गर्म और उमस (Humid Weather) भरा रहने वाला है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है.मछुआरों के लिए समंदर में हाई अलर्ट: 65 किमी/घंटे की रफ्तार से उठेंगी लहरेंसमंदर में उठने वाले संभावित तूफान और बेहद तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है:अरब सागर: पश्चिम-मध्य, पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की चरम रफ्तार तक पहुंच सकती हैं.बंगाल की खाड़ी: उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.
भ्रष्ट अफसरों पर गिरेगी गाज, 13 किलो सोना उगलने वाले ARTO के बाद विजिलेंस की राडार पर कई बड़े नाम
उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बेहद आक्रामक और व्यापक अभियान की शुरुआत की है। राज्य सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस डिपार्टमेंट) ने शासन के सर्वोच्च स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात उन संदिग्ध अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने अपनी वैध आय से कई गुना अधिक अवैध चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। विजिलेंस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, आने वाले कुछ ही दिनों में प्रदेश के कई बड़े प्रशासनिक चेहरों पर कानून का सबसे सख्त शिकंजा कसने जा रहा है।35 करोड़ का काला खजाना: सेवानिवृत्त ARTO के घर छापेमारी से हिला लखनऊ-नोएडाउत्तर प्रदेश सरकार की इस अभूतपूर्व मुस्तैदी के पीछे परिवहन विभाग के पूर्व असिस्टेंट क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर हुई हालिया मैराथन छापेमारी है। मंगलवार और बुधवार को लगातार चली इस कार्रवाई में विजिलेंस की टीमों ने आरोपी के घर के कोने-कोने से नगदी के पैकेट, 13 किलोग्राम शुद्ध सोने की ईंटें, 9 किलोग्राम चांदी और ₹1.62 करोड़ कैश बरामद किया था। अब तक की प्राथमिक वित्तीय पड़ताल में कुल ₹35 करोड़ से अधिक की काली कमाई का खुलासा हुआ है, जिसमें नोएडा और राजधानी लखनऊ के कई पॉश इलाकों में स्थित बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी शामिल हैं। इस जब्ती ने जांच एजेंसियों के आला अधिकारियों को भी पूरी तरह हैरान कर दिया है।महोना और मोहनलालगंज में मिलीं 3 नई जमीनें: आयकर विभाग भी संभालेगा कमानविजिलेंस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दस्तावेजों की गहन फोरेंसिक स्क्रूटनी के दौरान ललित कुमार की काली कमाई के साम्राज्य का दायरा और बढ़ता जा रहा है। ताजा तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच दल ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों—महोना और मोहनलालगंज—में आरोपी अधिकारी के नाम दर्ज तीन विशाल कृषि भूमि खंडों (प्लॉट्स) का पता लगाया है, जिनकी बाजार मूल्य के अनुसार वित्तीय पैमाइश की जा रही है। इस बीच, केंद्र सरकार का आयकर विभाग (Income Tax Department) भी सोमवार से इस मामले में औपचारिक एंट्री करने जा रहा है, जिससे बेनामी संपत्ति और टैक्स चोरी का दोहरा आपराधिक मुकदमा दर्ज होना तय माना जा रहा है।विदेश भागने की फिराक में आरोपी? विजिलेंस ने शुरू की पासपोर्ट जब्तीकरण की प्रक्रियासख्त कानूनी कार्रवाई को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने और आरोपी अधिकारी के देश छोड़कर फरार होने की किसी भी संभावित कोशिश को नाकाम करने के लिए विजिलेंस ने बेहद कड़े कानूनी कदम उठाए हैं। जांच एजेंसी ने सक्षम न्यायालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के माध्यम से ललित कुमार के भारतीय पासपोर्ट को तत्काल प्रभाव से रद्द और जब्त (Confiscate) करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही, विजिलेंस ने एक औपचारिक नोटिस तैयार किया है, जिसके तहत आरोपी को अपनी आय के वैध स्रोतों का मिलान करने के लिए तलब किया जाएगा; संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत न करने की स्थिति में आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
जैसे ही देश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश और मानसून की दस्तक होती है, लोग प्राकृतिक रूप से पानी का कामना कम कर देते हैं। ठंडे मौसम और कम प्यास के कारण आम जनता में यह भ्रामक धारणा घर कर जाती है कि डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) केवल चिलचिलाती गर्मियों की समस्या है। हालांकि, रीजेंसी हेल्थ, लखनऊ के नेफ्रोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर, डॉ. आलोक कुमार पांडे ने एक बेहद गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। डॉ. पांडे के अनुसार, मानसून के महीनों में अत्यधिक नमी और मौसमी बीमारियों के चलते होने वाला 'हिडन डिहाइड्रेशन' चुपके से इंसानी किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।उच्च आर्द्रता का मायाजाल: जानिए क्यों बारिश के मौसम में चुपके से घट जाता है वाटर लेवलभले ही मानसून के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जाती है, लेकिन वायुमंडल में उमस (ह्यूमिडिटी) का स्तर बहुत बढ़ जाता है। इस उमस भरे माहौल में हमारे शरीर से पसीने के रूप में तरल पदार्थ लगातार बाहर निकलते रहते हैं। चूंकि वातावरण में नमी अधिक होती है, इसलिए यह पसीना त्वचा से बहुत धीरे-धीरे वाष्पित होता है, जिसके कारण इंसानों को यह अहसास ही नहीं हो पाता कि वे कितनी मात्रा में पानी खो रहे हैं। इसके साथ ही, बरसात के मौसम में सक्रिय होने वाले गैस्ट्रोएंटेराइटिस, डायरिया, उल्टी और विभिन्न वायरल संक्रमण शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर को तेजी से घटा देते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।किडनी पर सीधा प्रहार: ब्लड सर्कुलेशन घटने से मंडरा रहा है प्री-रीनल एक्यूट किडनी इंजरी का खतरामानव शरीर में मौजूद दोनों किडनियां रक्त को साफ करने, अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने के लिए पूरी तरह से निरंतर रक्त आपूर्ति (ब्लड सप्लाई) पर निर्भर करती हैं। डॉ. आलोक कुमार पांडे ने इसके जैविक प्रभाव को समझाते हुए कहा, जब डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में रक्त की कुल मात्रा (ब्लड वॉल्यूम) कम हो जाती है, तो हमारा मस्तिष्क और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को बचाने के लिए रक्त प्रवाह को वहां डायवर्ट कर देता है। इसके परिणामस्वरूप, किडनी में होने वाला ब्लड सर्कुलेशन अचानक गिर जाता है, जो सीधे तौर पर प्री-रीनल एक्यूट किडनी इंजरी (Pre-Renal Acute Kidney Injury) का कारण बन सकता है। इसके अतिरिक्त, पानी की कमी से यूरिन अत्यधिक गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी स्टोन और यूटीआई (UTI) का खतरा चरम पर पहुंच जाता है।सबसे ज्यादा खतरा किसे है? इन 8 श्रेणियों के लोगों को बरतनी होगी विशेष सावधानीचिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून का यह मूक डिहाइड्रेशन किसी को भी अपना शिकार बना सकता है, लेकिन कुछ विशेष संवेदनशील समूहों के लिए यह जानलेवा साबित हो सकता है:बढ़ती उम्र के बुजुर्ग वयस्कमधुमेह (डायबिटीज) और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के मरीजछोटे बच्चे और लगातार यात्रा करने वाले लोगधूप या खुले में काम करने वाले आउटडोर वर्कर्स और एथलीट्सबुखार, दस्त या उल्टी जैसी मौसमी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तिऑफिस जाने वाले पेशेवर जो पानी के बजाय अत्यधिक चाय, कॉफी या मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन करते हैंमानसून में किडनी को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय: इलेक्ट्रोलाइट्स की ऐसे करें तुरंत भरपाईइस गंभीर स्वास्थ्य संकट से बचने के लिए डॉ. पांडे ने केवल सादे पानी पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रोलाइट-समृद्ध तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी है। अगर आपको प्यास का अनुभव न भी हो, तो भी नियमित अंतराल पर छाछ, नींबू पानी (एक चुटकी नमक के साथ), optical और ताजा नारियल पानी का सेवन करते रहें। इसके साथ ही, अपने यूरिन (मूत्र) के रंग पर लगातार नजर रखें; यदि यूरिन का रंग हल्का पीला या पारदर्शी है, तो यह सही हाइड्रेशन का सूचक है, जबकि गहरा पीला रंग इस बात की चेतावनी है कि आपकी किडनी को तुरंत पानी की आवश्यकता है। बारिश के इस खुशनुमा मौसम में अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें और पर्याप्त हाइड्रेशन से अपनी किडनी को सुरक्षित रखें।
दिन में नींद आ रही है? आपकी दोपहर की झपकी आपको कुछ बताने की कोशिश कर रही हो सकती है
भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और रात की अधूरी नींद के बाद दोपहर में एक छोटी सी झपकी (पावर नैप) लेना अमूमन हर किसी को तरोताजा कर देता है। चिकित्सा विज्ञान भी मानता है कि दिन के समय कुछ मिनटों की नींद कार्यक्षमता और मानसिक फोकस को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित होती है। हालांकि, अगर आपको हर दिन 30 मिनट से अधिक लंबी झपकी लेने की तीव्र इच्छा होती है या रात में 7-8 घंटे की भरपूर नींद पूरी करने के बाद भी दिनभर शरीर में भारी थकान और सुस्ती बनी रहती है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें। मेदांता अस्पताल, नोएडा में रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, दिन में बार-बार आने वाली यह अत्यधिक नींद आपकी बॉडी के भीतर पनप रहे किसी बड़े मेडिकल क्राइसिस का शुरुआती अलार्म हो सकती है।कितनी देर की झपकी है सेहत के लिए वरदान? एक्सपर्ट से समझिए सही टाइमिंगस्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. मृणाल सिरकार के मुताबिक, मानव शरीर और मस्तिष्क को रीचार्ज करने के लिए केवल 10 से 30 मिनट की छोटी झपकी ही सबसे आदर्श और वैज्ञानिक रूप से हेल्दी मानी जाती है। इस समयावधि की झपकी आपके नर्वस सिस्टम को शांत करती है, रचनात्मकता को बढ़ाती है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह आपके रात के प्राकृतिक स्लीप साइकिल (नींद के चक्र) में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करती है। लेकिन जैसे ही यह झपकी घंटों लंबी होने लगती है, यह फायदे के बजाय शरीर को सुस्त बनाने लगती है और स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर खतरों को न्योता देती है।बुजुर्गों के लिए मूक चेतावनी: लंबी और असमय झपकी बढ़ा सकती है मृत्यु का जोखिमहालिया वैश्विक वैज्ञानिक शोधों और केस स्टडीज का हवाला देते हुए डॉ. सिरकार ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से वृद्ध वयस्कों (बुजुर्गों) में दिन के समय बार-बार, बेवक्त और बहुत लंबी झपकियां लेने की आदत सीधे तौर पर उनके गिरते स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। यह प्रवृत्ति न केवल उनकी शारीरिक सक्रियता को कम करती है, बल्कि आंतरिक अंगों के सुचारू रूप से काम न करने के कारण असमय मृत्यु के जोखिम को भी काफी हद तक बढ़ा देती है। चिकित्सा विज्ञान में दिन में आने वाली अत्यधिक नींद को एक स्वतंत्र समस्या नहीं, बल्कि शरीर के भीतर छुपे किसी隐 (मूक) रोग का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है।इन 5 गंभीर बीमारियों के कारण दिन में बार-बार टूटती है इंसानी आंखयदि आपका शरीर दिन में बार-बार बिस्तर की ओर भाग रहा है, तो इसके पीछे निम्नलिखित न्यूरोलॉजिकल और क्रोनिक बीमारियां जिम्मेदार हो सकती हैं:ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA): इस गंभीर बीमारी में सोते समय मरीज की सांस की नली में बार-बार आंशिक या पूर्ण रुकावट आती है, जिससे रक्त में ऑक्सीजन का स्तर गिर जाता है और रात में बार-बार नींद टूटती है। नतीजतन, मरीज रातभर बिस्तर पर बिताने के बाद भी सुबह बेहद थका हुआ उठता है।क्रोनिक इंसोम्निया (अल्सर/अनिद्रा): देर रात तक नींद न आना, बार-बार आंख खुल जाना या सुबह बहुत जल्दी जाग जाने की समस्या के कारण शरीर का हीलिंग प्रोसेस रुक जाता है, जिससे दिन में भयंकर सुस्ती छाई रहती है।रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (RLS): यह एक जटिल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें शाम या रात के समय पैरों में अजीब सी बेचैनी, झनझनाहट और उन्हें लगातार हिलाने की तीव्र इच्छा होती है, जो गहरी नींद (डीप स्लीप) को पूरी तरह बाधित कर देती है।मेटाबॉलिक और क्रोनिक बीमारियां: शरीर में हार्मोनल असंतुलन जैसे हाइपोथायरायडिज्म, अनियंत्रित डायबिटीज (मधुमेह), दिल की कमजोरी (कार्डियक डिजीज) और शरीर में लंबे समय से बना हुआ कोई गुप्त इन्फेक्शन भी दिन की थकान का मुख्य कारण होते हैं।मानसिक स्वास्थ्य विकार: अत्यधिक डिप्रेशन (अवसाद) और लंबे समय से चला आ रहा क्रोनिक स्ट्रेस भी मस्तिष्क की ऊर्जा को पूरी तरह सोख लेता है, जिससे व्यक्ति दिनभर केवल सोते रहना चाहता है।स्लीप स्पेशलिस्ट की फाइनल सलाह: कब तुरंत क्लीनिकल डायग्नोसिस की है जरूरत?डॉ. मृणाल सिरकार के अनुसार, यदि आपकी दोपहर की झपकियां इतनी लंबी और अनियंत्रित हो चुकी हैं कि वे आपके दैनिक काम-काज, ऑफिस की प्रोडक्टिविटी या सामाजिक जीवन को प्रभावित करने लगी हैं, तो यह घरेलू नुस्खे अपनाने का नहीं बल्कि तुरंत एक प्रमाणित स्लीप मेडिसिन स्पेशलिस्ट से मिलकर 'स्लीप स्टडी' कराने का समय है। इस समस्या की सही जड़ (रूट कॉज) की पहचान करके और समय पर उचित उपचार प्राप्त करके आप न केवल अपनी स्लीप क्वालिटी को सुधार सकते हैं, बल्कि भविष्य में होने वाले कार्डियक अरेस्ट और ऑर्गन फेलियर जैसी जानलेवा जटिलताओं से भी अपनी पूरी सेहत को सुरक्षित रख सकते हैं।
जुलाई 2026 का पहला 'रवि प्रदोष व्रत' आज, जानें शिव पूजन का सबसे सटीक मुहूर्त और धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माने जाने वाले पावन प्रदोष व्रत का हिंदू श्रद्धालुओं के बीच एक विशिष्ट स्थान है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाने वाला यह उपवास महादेव और माता पार्वती की असीम अनुकंपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत का नामकरण सप्ताह के उस दिन के आधार पर होता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है। इसी कड़ी में, जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत रविवार के दिन पड़ने के कारण 'रवि प्रदोष व्रत' के एक दुर्लभ और कल्याणकारी महासंयोग के रूप में मनाया जा रहा है।रवि प्रदोष व्रत 2026 की तिथि और पंचांग गणना: जानिए कब से कब तक है त्रयोदशीवैदिक पंचांग की गणना के अनुसार, आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 12 जुलाई 2026 को तड़के सुबह 02:04 बजे हो चुका है। यह पावन तिथि उसी दिन यानी 12 जुलाई की रात को 10:29 बजे समाप्त हो जाएगी। शास्त्रों में प्रदोष व्रत की पूजा के लिए सूर्यास्त के बाद के समय यानी 'प्रदोष काल' को प्रधानता दी जाती है। इस आधार पर, जुलाई का यह प्रथम प्रदोष व्रत 12 जुलाई 2026, रविवार को ही पूरे विधि-विधान के साथ रखा जा रहा है, जो भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और आत्मिक शांति का संचार करेगा।शिव पूजन का सबसे भाग्यशाली समय: नोट करें शाम का प्रदोष पूजा मुहूर्तरवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान भोलेनाथ की सात्विक और फलदायी पूजा करने का सबसे शुभ समय (प्रदोष काल) शाम को 07:20 बजे से लेकर रात को 09:30 बजे तक रहेगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस विशिष्ट समयावधि में की गई शिव आराधना का फल हजार गुना अधिक मिलता है। इसके अतिरिक्त, दिन के अन्य महत्वपूर्ण और शुभ मोर्चों की बात करें तो सुबह का ब्रह्म मुहूर्त 04:42 बजे से 05:25 बजे तक था, जबकि दोपहर का सबसे पवित्र माना जाने वाला अभिजीत मुहूर्त 12:18 बजे से 01:10 बजे तक सक्रिय रहेगा।पितृ दोष से मुक्ति और आरोग्य का वरदान: क्या है इस विशेष व्रत का आध्यात्मिक महत्वरविवार के दिन पड़ने वाला प्रदोष व्रत केवल देवाधिदेव महादेव ही नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य नारायण को भी समर्पित होता है। ज्योतिषीय और धार्मिक दृष्टिकोण से, जो जातक पूरी निष्ठा और पवित्रता के साथ रवि प्रदोष का व्रत रखते हैं, उन्हें कुंडली में मौजूद गंभीर 'पितृ दोष' से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाती है। इसके साथ ही, यह उपवास उत्तम आरोग्य (अच्छी सेहत), लंबी उम्र और समाज में यश, कीर्ति व उच्च मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए अचूक माना जाता है। भगवान शिव की कृपा से भक्तों को आंतरिक मानसिक शक्ति और पारिवारिक खुशहाली का वरदान मिलता है।जुलाई 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत कब है? एडवांस में नोट कर लें तारीखयदि आप इस महीने के व्रतों की योजना बना रहे हैं, तो बता दें कि जुलाई 2026 का दूसरा प्रदोष व्रत भी बेहद दिलचस्प संयोग लेकर आ रहा है। यह व्रत भी रविवार, 26 जुलाई 2026 को ही मनाया जाएगा, जिससे इस महीने भक्तों को दो बार रवि प्रदोष व्रत का पुण्य लाभ उठाने का मौका मिलेगा। 26 जुलाई को त्रयोदशी तिथि दोपहर 01:57 बजे से शुरू होकर अगले दिन 27 जुलाई की शाम 04:14 बजे समाप्त होगी, और उस दिन शाम की प्रदोष पूजा का विशेष मुहूर्त 07:17 बजे से रात 09:28 बजे तक रहेगा।
8th Pay Commission Deadline Extended: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है. आयोग ने कर्मचारी संबंधी आवश्यक डेटा को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने की अंतिम समयसीमा (DeadLine) को एक महीने और आगे बढ़ा दिया है. अब केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के पास जरूरी जानकारी जमा करने के लिए 31 जुलाई 2026 तक का समय होगा.यह फैसला उन विभागों को बड़ी राहत देने के लिए लिया गया है जो पहले से निर्धारित समय सीमा यानी 30 जून 2026 तक अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स का पूरा डेटा अपलोड करने में असमर्थ रहे थे. आयोग का मानना है कि वेतन और भत्तों के नए ढांचे को तैयार करने के लिए सटीक और संपूर्ण डेटाबेस का होना सबसे अनिवार्य कदम है.क्यों बढ़ाई गई डेटा जमा करने की डेडलाइन?8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के आधिकारिक बयान के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और रणनीतिक विभागों ने तकनीकी कारणों और कार्यबल की विशाल संख्या के चलते 30 जून की तय तारीख तक डेटा सबमिशन पूरा नहीं किया था. इसके बाद आयोग ने प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए इसे 31 जुलाई 2026 तक विस्तारित कर दिया. आयोग ने सभी नामित नोडल अधिकारियों (Nodal Officers) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस अंतिम अवसर का लाभ उठाकर लंबित डेटा को बिना किसी त्रुटि के समय पर सबमिट करें.ऑफलाइन माध्यम पूरी तरह बैन, केवल ऑनलाइन पोर्टल से होगा सबमिशनआयोग ने डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने और प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:कर्मचारी संबंधी सभी प्रकार की जानकारियां केवल 8वें CPC ऑनलाइन डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी.मंत्रालयों और विभागों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे किसी भी प्रकार के फिजिकल (कागजी) दस्तावेज, ईमेल, पीडीएफ फाइल, एक्सेल शीट या किसी अन्य ऑफलाइन या व्यक्तिगत माध्यम से डेटा भेजने की कोशिश न करें. ऐसे किसी भी शॉर्टकट तरीके से भेजी गई जानकारी को सीधे खारिज कर दिया जाएगा.8वां वेतन आयोग किन-किन कर्मचारियों का जुटा रहा है डेटा?आयोग केवल नियमित स्टाफ की ही नहीं, बल्कि एक बहुत बड़े कार्यबल का विस्तृत डेटाबेस तैयार कर रहा है ताकि आगामी वेतन संशोधन का सटीक वित्तीय भार आंका जा सके. इसमें निम्नलिखित श्रेणियां शामिल हैं:नियमित और स्थाई कर्मचारी: केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले सभी विभागों के स्थाई कर्मचारी.पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनभोगी: सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी और उनके आश्रित.संविदा और आउटसोर्स कर्मचारी: वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान तैनात किए गए कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारी.सपोर्ट स्टाफ व कुशल/अकुशल श्रमिक: मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), हाउसकीपिंग स्टाफ, डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), सरकारी ड्राइवर, सुरक्षा गार्ड, माली के साथ-साथ सभी कुशल, अर्ध-कुशल और अकुशल कर्मचारी.महत्वपूर्ण बिंदु: विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल कर्मचारियों की कुल संख्या (Headcount) न बताएं, बल्कि 'मैन-मंथ' (Man-Month) के सूक्ष्म फार्मूले के आधार पर उनके काम के घंटों और दिनों की सटीक जानकारी दर्ज करें.वेतन बढ़ोतरी की सिफारिशों को लेकर क्या है ताजा स्थिति?डेटा सबमिशन की तारीख बढ़ने के बाद सोशल मीडिया और कर्मचारी संगठनों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वेतन बढ़ोतरी की सिफारिशें तैयार हो चुकी हैं?आयोग ने साफ किया है कि डेडलाइन बढ़ने का यह मतलब कतई नहीं है कि वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor), महंगाई भत्ता (DA) या पेंशन के फॉर्मूले पर कोई अंतिम मुहर लग चुकी है.गठन और समयसीमा: 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. नियमानुसार, आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर केंद्र सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशों की रिपोर्ट सौंपनी है.वर्तमान स्थिति: फिलहाल आयोग अभी प्राथमिक चरण में है, जहां वह विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशंस और मुख्य हितधारकों के साथ लगातार परामर्श बैठकें कर रहा है. डेटा कलेक्शन और इन बैठकों का दौर पूरा होने के बाद ही वेतन और भत्तों में संशोधन की मूल रिपोर्ट का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा.आयोग की सिफारिशों से देश के 1.19 करोड़ लोगों को मिलेगा सीधा फायदा8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट जब भी लागू होगी, उसका सीधा और बड़ा असर देश के वित्तीय ढांचे के साथ-साथ लगभग 1.19 करोड़ लोगों की जेब पर पड़ेगा. इसमें केंद्र सरकार के करीब 50 लाख से अधिक सक्रिय कर्मचारी और लगभग 69 लाख से ज्यादा पेंशनभोगी शामिल हैं. आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद केंद्रीय कैबिनेट इसकी समीक्षा करेगी और उसके बाद ही न्यूनतम वेतनमान और भत्तों को लागू करने की तारीख का अंतिम ऐलान होगा.
भारतीय सनातन संस्कृति, दर्शन और अध्यात्म में गुरु को गोविंद (ईश्वर) से भी उच्च स्थान दिया गया है। अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व 'गुरु पूर्णिमा' इस साल भी देश-विदेश में बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाने वाला यह पवित्र त्योहार केवल सनातन धर्मावलंबियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बौद्ध और जैन धर्म के अनुयायियों के लिए भी इसका अत्यंत गहरा ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है।गुरु पूर्णिमा 2026 की सही तारीख: नोट कर लें कैलेंडर में यह शुभ दिनवर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा का पावन त्योहार बुधवार, 29 जुलाई 2026 को पूरे देश में श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। आषाढ़ पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर तड़के सुबह से ही देश भर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पवित्र नदियों के घाटों, गुरु आश्रमों और बौद्ध विहारों में विशेष प्रार्थना सभाओं और आध्यात्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। भक्तगण इस दिन उपवास रखकर अपने गुरुओं का साक्षात या मानसिक पूजन करेंगे और जीवन में सही मार्गदर्शन के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।महर्षि वेदव्यास और व्यास पूर्णिमा: जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्योहारपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का यह पावन दिन मूल रूप से महाभारत और महान पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी के प्राकट्य दिवस और उनके सम्मान में मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास ने ही वेदों का चार अलग-अलग भागों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद) में वर्गीकरण और संकलन किया था, जिसके कारण उन्हें मानव जाति का आदिगुरु माना जाता है। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण इस पावन तिथि को 'व्यास पूर्णिमा' के नाम से भी संबोधित किया जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से 'गुरु' शब्द दो अक्षरों से मिलकर बना है—'गु' का अर्थ है अंधकार और 'रु' का अर्थ है उसे दूर करने वाला, अर्थात वह चेतना जो हमें मानसिक अंधकार से मुक्त करती है।त्रिवेणी संगम: हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों में इस पावन तिथि का अनूठा महत्वयह त्योहार भारत की साझी आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक विविधता का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहां तीन प्रमुख धर्म इस दिन को अलग-अलग ऐतिहासिक कारणों से अत्यंत पवित्र मानते हैं:हिंदू धर्म: इस दिन गुरु को साक्षात परब्रह्म मानकर उनकी पूजा की जाती है, क्योंकि गुरु ही शिष्य को संसार रूपी सागर पार करने और ईश्वर प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।बौद्ध धर्म: बौद्ध मान्यताओं के अनुसार, बोधगया में कठिन तपस्या के बाद ज्ञान (बोधि) प्राप्त करने के पश्चात भगवान बुद्ध ने इसी आषाढ़ पूर्णिमा के दिन सारनाथ में अपने प्रथम पांच शिष्यों को अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे 'धम्मचक्कपवत्तन' (धर्मचक्रप्रवर्तन) कहा जाता है।जैन धर्म: जैन परंपरा के अनुसार, चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने इसी पवित्र तिथि पर चातुर्मास की शुरुआत के साथ ही इंद्रभूति गौतम (गौतम स्वामी) को अपना पहला प्रधान शिष्य (गणधर) बनाया था, जिससे जैन संघ की नींव पड़ी।आधुनिक युग में प्रासंगिकता: कैसे मनाएं कृतज्ञता का यह डिजिटल और पारंपरिक उत्सवआज के आधुनिक और तकनीकी युग में भी गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है। इस शुभ दिन पर भक्त और विद्यार्थी अपने गुरुओं, शैक्षणिक शिक्षकों, माता-पिता और जीवन के मार्गदर्शकों को उपहार, संदेशों और विशेष आयोजनों के जरिए धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। पारंपरिक रूप से इस दिन लोग मठों में जाकर गुरु पूजा करते हैं, सामूहिक सत्संग और ध्यान (मेडिटेशन) सत्रों में भाग लेते हैं, पवित्र धर्मग्रंथों का पाठ करते हैं और समाज के वंचित वर्गों को अन्न, वस्त्र व शिक्षा सामग्री दान कर सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं।
Virat Kohli Privacy Leak London: भारतीय क्रिकेट के लीजेंड और ग्लोबल सुपरस्टार विराट कोहली (Virat Kohli) इन दिनों खेल से दूर लंदन में अपनी फैमिली के साथ समय बिता रहे हैं. हाल ही में चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाए थे. इसी बीच लंदन से विराट कोहली की प्राइवेसी (Privacy Violation) में सेंधमारी की एक बड़ी घटना सामने आई है, जिसने पूर्व भारतीय कप्तान को अंदर से बेहद नाराज और परेशान कर दिया है.सोशल मीडिया पर विराट कोहली और इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स (Jordan Cox) की एक कैफे में बातचीत करते हुए निजी तस्वीरें वायरल हो गई हैं. इस घटना का खुलासा खुद आईपीएल (IPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) में कोहली के साथी रहे जॉर्डन कॉक्स ने एक इंटरव्यू में किया है.बिना जानकारी के खींची गईं तस्वीरें, कॉक्स ने बयां किया पूरा वाकयामशहूर ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' (The Guardian) से बातचीत करते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाज जॉर्डन कॉक्स ने इस हैरान करने वाली घटना को याद किया. पिछले महीने ओवल के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू से ठीक एक शाम पहले कॉक्स लंदन के एक कैफे में विराट कोहली से मिले थे.क्या हुई थी बातचीत: दोनों युवा और सीनियर खिलाड़ी के बीच क्रिकेट के अनुभवों, मैच से पहले होने वाली घबराहट और साल 2011 में कोहली के अपने भारत डेब्यू के दौर की मानसिक स्थिति को लेकर गहरी चर्चा चल रही थी.विराट ने बढ़ाया था हौसला: कॉक्स अपने करियर के इतने बड़े मैच से पहले नर्वस न होने को लेकर चिंतित थे, जिस पर कोहली ने उन्हें बड़े भाई की तरह आिलासा देते हुए कहा था कि यह शांत मानसिक स्थिति उनके अपने डेब्यू मैच से कहीं ज्यादा बेहतर है.'क्या तुमने ये सारी तस्वीरें देखीं?' – दो घंटे बाद कोहली का आया मैसेजजॉर्डन कॉक्स ने बताया कि वह एक बेहद सामान्य और निजी मुलाकात थी, लेकिन कैफे से बाहर आने के कुछ ही देर बाद वो तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गईं. कॉक्स ने कहा, विराट के लिए सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह थी कि लोग चोरी-छिपे उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें इसका अहसास तक नहीं हुआ. कैफे में हमारे पास से सैकड़ों लोग गुजरे लेकिन किसी ने सामने आकर कुछ नहीं कहा. मुलाकात के करीब दो घंटे बाद अचानक विराट ने मुझे एक मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- 'क्या तुमने ये सारी तस्वीरें देखीं?' मैं खुद दंग रह गया. विराट बस वहां एक सामान्य और सुकून भरा जीवन जीना चाहते हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उनके जैसे बड़े स्टार के लिए यह हमेशा मुमकिन नहीं हो पाता.लंदन में लो-प्रोफाइल लाइफ जी रहे हैं किंग कोहलीयह पूरी घटना बयां करती है कि क्रिकेट के मैदान से दूर विराट कोहली की लाइफ कैसी है. पिछले दो सालों में विराट कोहली ने अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों के साथ लंदन में एक लंबा वक्त गुजारा है. वह केवल बेहद जरूरी इंटरनेशनल मैचों, आईपीएल और अपने ब्रांड कमिटमेंट्स के लिए ही भारत आते हैं. साल 2026 में टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास (Retirement) की घोषणा के बाद से कोहली ने मीडिया से दूरी बनाकर काफी लो-प्रोफाइल लाइफ चुनी है. इसके बावजूद विदेशों में भी उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस इस कदर दीवाने हैं कि उनकी प्राइवेसी खतरे में पड़ जाती है.अगले सप्ताह इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से मैदान पर लौटेंगे कोहलीहैमस्ट्रिंग की चोट (Hamstring Injury) से पूरी तरह उबरने के बाद 37 वर्षीय विराट कोहली अब मैदान पर जोरदार वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. इसके लिए वह मुंबई में लगातार कड़ी नेट प्रैक्टिस और तैयारी कर रहे हैं. भारत और इंग्लैंड के बीच अगले सप्ताह से तीन मैचों की शानदार वनडे सीरीज शुरू होने जा रही है. भारतीय टीम बर्मिंघम, कार्डिफ और ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lords) के मैदान पर मैच खेलेगी. यह सीरीज साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप (2027 ODI World Cup) की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया और विराट कोहली दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगी.युवा खिलाड़ियों के लिए भगवान की तरह हैं विराट: कॉक्सतस्वीरें लीक होने के विवाद के बीच जॉर्डन कॉक्स ने आरसीबी के चैंपियन बनने के सफर को याद करते हुए कोहली की मेंटरशिप की जमकर तारीफ की. कॉक्स ने कहा, आईपीएल अभियान के दौरान जो बात मुझे सबसे अविश्वसनीय लगी, वो यह थी कि एक इतने बड़े महान खिलाड़ी होने के बावजूद उन्होंने मुझे सीखने के लिए कितना ज्यादा समय दिया. विराट एक ऐसे इंसान हैं जो खुद से पहले हमेशा युवा खिलाड़ियों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं. खेल की इतनी बड़ी और मतलबी दुनिया में ऐसा निस्वार्थ स्वभाव देखना बेहद दुर्लभ है.
राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय विपक्षी 'INDIA' (इंडी) गठबंधन के भीतर दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु से एक बहुत बड़ी राजनीतिक दरार सामने आ रही है। सूबे की सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अपने पूर्व सहयोगी दल वीसीके (VCK) के उस हाई-प्रोफाइल प्रस्ताव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है, जिसमें भाजपा (BJP) के खिलाफ देशव्यापी मोर्चे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री थलपति विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को गठबंधन में शामिल करने की वकालत की गई थी। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की पार्टी के इस सख्त रुख के बाद राज्य की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ दिल्ली तक के गठबंधन समीकरणों में भारी हलचल मच गई है।क्या था थिरुमावलवन का केरल-बंगाल मॉडल? जिसे स्टालिन ने किया खारिजइस पूरे राजनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब दलित केंद्रित दल वीसीके (VCK) के प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने एक विशेष चुनावी फॉर्मूला पेश किया। उन्होंने केरल और पश्चिम बंगाल के समकालीन राजनीतिक ढांचे का हवाला देते हुए प्रस्ताव रखा कि जैसे उन राज्यों में क्षेत्रीय स्तर पर धुर विरोधी पार्टियां भी राष्ट्रीय स्तर पर 'INDIA' गठबंधन के बैनर तले एक साथ खड़ी हैं, ठीक उसी तरह तमिलनाडु में भी आपसी मतभेद भुलाकर DMK और विजय की TVK को एक मंच पर आना चाहिए। इस रणनीतिक प्रस्ताव को जल्द ही कांग्रेस का भी पूरा समर्थन मिल गया, जिसने तर्क दिया था कि भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता को राज्य-स्तरीय प्रतिद्वंद्विता से ऊपर रखा जाना चाहिए।DMK सांसद का तीखा हमला: 'कांग्रेस ने सिर्फ मंत्री पद के लिए पीठ में छुरा घोंपा'इस फॉर्मूले को सिरे से नकारते हुए DMK ने कांग्रेस पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एनडीटीवी (NDTV) से एक्सक्लूसिव बातचीत में कोइम्बटूर से DMK सांसद गणपति पी. राजकुमार ने कांग्रेस की नीयत पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद केवल सूबे की सत्ता में मलाईदार मंत्री पद हासिल करने की लालसा में थलपति विजय की TVK के साथ गुप्त समझौता किया और DMK की पीठ में छुरा घोंपा है। सांसद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस गठबंधन के व्यापक हितों को नजरअंदाज कर रही है और अब स्टालिन नेतृत्व को मनाने के लिए वीसीके (VCK) को एक राजनीतिक दूत के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जिसे पार्टी कभी स्वीकार नहीं करेगी।तमिलनाडु में नहीं चलेगा बंगाल फॉर्मूला: बदला हुआ है राज्य का राजनीतिक भूगोलपार्टी के आधिकारिक रुख को और अधिक स्पष्ट करते हुए सांसद गणपति पी. राजकुमार ने कहा कि केरल या पश्चिम बंगाल की जमीनी हकीकत तमिलनाडु से बिल्कुल अलग है। केरल में जहां लड़ाई कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) और वामपंथियों के एलडीएफ (LDF) के बीच बंटी है, और बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) व कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर साथ होकर भी राज्य में आमने-सामने हैं, वहीं तमिलनाडु का राजनीतिक परिदृश्य अभिनेता से राजनेता बने विजय की TVK के एक तीसरी बड़ी ताकत के रूप में उभरने से मौलिक रूप से बदल चुका है। उन्होंने कड़ा सवाल उठाया कि जिस TVK के पास वर्तमान में संसद में एक भी सांसद नहीं है, उसे 'INDIA' ब्लॉक में शामिल करने के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई जा रही है? उन्होंने दोहराया कि क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की कोशिश कर रही भाजपा ही DMK की मुख्य वैचारिक विरोधी है और पार्टी अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेगी।
स्टालिन की DMK ने ठुकराया 'बंगाल-केरल मॉडल', थलपति विजय की TVK संग गठबंधन की कोशिशों पर फेरा पानी
दक्षिण भारत के सबसे रसूखदार राजनीतिक सूबे तमिलनाडु की सियासत में इस वक्त जबरदस्त उबाल आ चुका है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर बने विपक्षी 'INDIA' गठबंधन में थलपति विजय की नवोदित पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को एक साथ लाने की कवायद शुरू हुई थी, जिसे DMK ने सिरे से खारिज कर दिया है। दलित केंद्रित दल वीसीके (VCK) और कांग्रेस द्वारा दिए गए 'बंगाल-केरल फॉर्मूले' को मानने से इनकार करते हुए स्टालिन की पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जमीनी हकीकत बाकी प्रदेशों से बिल्कुल जुदा है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच DMK और कांग्रेस के रिश्तों में भी गंभीर दरार आ गई है।क्या है बंगाल-केरल मॉडल? जिसे तमिलनाडु में लागू करने की थी तैयारीराजनीतिक गलियारों में इस वक्त 'बंगाल-केरल मॉडल' की खूब चर्चा हो रही है। यह एक ऐसा रणनीतिक फॉर्मूला है जिसके तहत क्षेत्रीय पार्टियां राज्य स्तर पर तो एक-दूसरे के धुर विरोधी के रूप में चुनाव लड़ती हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार या भाजपा के विरोध में एकजुट होकर 'INDIA' गठबंधन का हिस्सा बनी रहती हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी (TMC), वामपंथी दल और कांग्रेस राज्य में एक-दूसरे के खिलाफ ताल ठोकते हैं। ठीक इसी तरह केरल में भी कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) और वामपंथियों के एलडीएफ (LDF) के बीच सत्ता के लिए सीधा मुकाबला होता है। हालांकि, लोकसभा या राष्ट्रीय मुद्दों पर ये सभी दल दिल्ली में एक मंच पर नजर आते हैं। वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन और कांग्रेस इसी तर्ज पर विजय की TVK और स्टालिन की DMK को राष्ट्रीय स्तर पर एक साथ जोड़ना चाहते थे।DMK का तीखा पलटवार: कांग्रेस ने मंत्रिपद के लालच में पीठ में छुरा घोंपाइस प्रस्तावित फॉर्मूले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कोइम्बटूर से DMK सांसद गणपति पी. राजकुमार ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सिर्फ मंत्रिपद हासिल करने और सत्ता की मलाई चाटने के लिए थलपति विजय की TVK से हाथ मिलाया है। सांसद ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस ने DMK की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है और अब वह अपनी कमियों को छिपाने के लिए वीसीके (VCK) को एक दूत या मध्यस्थ की तरह इस्तेमाल कर रही है ताकि स्टालिन नेतृत्व को मनाया जा सके। उन्होंने साफ किया कि DMK का शीर्ष नेतृत्व इस खोखले प्रस्ताव को कभी स्वीकार नहीं करेगा।विजय की TVK पर उठाए सवाल: बिना किसी सांसद वाली पार्टी के लिए इतनी बेताबी क्यों?तमिलनाडु की बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए DMK सांसद ने थलपति विजय की पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने तर्क दिया कि जिस TVK के पास राष्ट्रीय संसद में एक भी सांसद नहीं है, उसे 'INDIA' ब्लॉक का हिस्सा बनाने के लिए कांग्रेस इतनी बेताब क्यों है? इस पर विपक्षी दलों को गंभीरता से आत्मचिंतन करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि भाजपा हमेशा से क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की कोशिश करती रही है और DMK इसके खिलाफ अपनी वैचारिक लड़ाई मजबूती से लड़ रही है। सांसद के बयानों से यह पूरी तरह स्पष्ट है कि तमिलनाडु में फिलहाल कांग्रेस और DMK के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और इस विवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लग सकता है।
तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं
हैदराबाद। तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद मंडल के दैवालागुडा गांव में छह लोगों की हत्या के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए नौ विशेष टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम ने रविवार को आरोपी के बारे में रिपोर्टों पर साफ किया कि राजकुमार अभी भी फरार है और लोगों से अपील […] The post तेलंगाना के शाबाद में 6 लोगों की हत्या के आरोपी की तलाश में 9 टीमें जुटीं appeared first on Sabguru News .
धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार 10 जुलाई को कोतवाली […] The post धार में शादी का दबाव बनाने पर प्रेमी ने की महिला की हत्या appeared first on Sabguru News .
अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि राम मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा बनी रहे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाए जाने की मांग भी उठाई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले
वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों ने रविवार को एक-दूसरे पर नए सिरे से हमले किए। अमरीका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले करने का दावा किया, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में अमरीकी सैन्य […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संघर्ष तेज, अमरीका-ईरान के बीच ताजा हमले appeared first on Sabguru News .
मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले
अलवर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने अलवर दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सफाई व्यवस्था और जलभराव की स्थिति देखने को मिलने पर गहरी नाराजगी जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके दौरे के कुछ ही घंटों बाद जिले की आठ ग्राम पंचायतों के ग्राम विकास अधिकारियों (बीडीओ) के […] The post मदन दिलावर के अलवर दौरे के बाद 8 ग्राम विकास अधिकारियों के तबादले appeared first on Sabguru News .
ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा
तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। अमरीका की ओर से किए गए हमले के बाद ईरान की सेना ने यह घोषणा की। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि जब तक इस इलाके में अमरीका का दखल खत्म नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य […] The post ईरान ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .
अगले साल से पटरी पर दौड़ेगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया बड़ा एलान
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना का सूरत-बिलिमोरा खंड अगले वर्ष शुरू होगा। परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
केंद्र ने दिल्ली की द्वारका सुरंग और उत्तर प्रदेश के कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी दी। 14,115 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार को नई गति देंगी।
छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने अलग-अलग वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के जरिए करीब 800 करोड़ रुपये का काला धन जुटाया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस अकूत दौलत और अवैध कैश को कथित तौर पर बोरियों में भरकर सीधे कांग्रेस भवन पहुंचाया जाता था।सिंडिकेट के जरिए जुटाया गया 800 करोड़ का काला धनEOW की जांच में यह बात सामने आई है कि यह पूरा खेल एक सोचे-समझे सिंडिकेट के जरिए खेला जा रहा था। राज्य में हुए विभिन्न कथित घोटालों, जिसमें कोयला लेवी, शराब और अन्य सरकारी ठेके शामिल थे, उनसे आने वाले अवैध कमीशन का एक बड़ा हिस्सा सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचता था। जांच अधिकारियों का दावा है कि इस पूरे सिंडिकेट के सूत्रधार अग्रवाल ही थे, जिन्होंने सत्ता के रसूख का इस्तेमाल कर महज कुछ वर्षों के भीतर 800 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम साम्राज्य खड़ा कर लिया।कैश मैनेजमेंट का वीआईपी सेंटर बना था कांग्रेस भवनजांच एजेंसी के दावों के अनुसार, अवैध रूप से वसूली गई करोड़ों रुपये की यह रकम किसी सामान्य तरीके से नहीं, बल्कि जूट के बोरों और बड़े-बड़े बैग्स में भरकर गाड़ी के जरिए सीधे रायपुर स्थित कांग्रेस भवन और अन्य गुप्त ठिकानों पर अनलोड की जाती थी। EOW का कहना है कि उनके पास ऐसे पुख्ता इनपुट्स और गवाहों के बयान हैं, जो यह साबित करते हैं कि इस बेहिसाब कैश का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों, चुनावों को प्रभावित करने और बेनामी संपत्तियों को खरीदने के लिए किया जाता था।ईओडब्ल्यू की रडार पर कई बड़े रसूखदार और करीबीइस मामले में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ शिकंजा कसने के बाद अब जांच की आंच कई अन्य सफेदपोशों और बड़े अफसरों तक पहुंचने लगी है। EOW डिजिटल साक्ष्यों, बैंक खातों के लेन-देन और डायरियों में दर्ज कोडवर्ड्स को डिकोड करने में जुटी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस 800 करोड़ के घोटाले से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय है, जिससे छत्तीसगढ़ की सियासत में और बड़ा तूफान आ सकता है।
ओपी राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- योगी सरकार को गुंडों का इलाज करना खूब आता है
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। बलिया में अपने विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया क्योंकि वह सच लिख रहे हैं।
मुजफ्फरपुर को मिला 1047 करोड़ का महापैकेज: मरीन ड्राइव, चमचमाती सड़कें और पार्क बदलेंगे शहर की सूरत
मेटा डिस्क्रिप्शन: मुजफ्फरपुर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार! डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने 1047 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का किया शिलान्यास। मरीन ड्राइव, शानदार पार्क और सड़कों के जाल से बदलेगी शहर की सूरत।मुजफ्फरपुर को मिला 1047 करोड़ का बूस्टर डोज, मरीन ड्राइव और पार्कों से चमकेगी शहर की सूरतमुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार की व्यावसायिक राजधानी कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के दिन अब बहुरने वाले हैं। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने और इसे एक आधुनिक महानगर का रूप देने के लिए सरकार ने सौगातों का संदूक खोल दिया है। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर के कायाकल्प के लिए कुल 1047 करोड़ रुपये की भारी-भरकम विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के पूरा होने से न केवल शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी नए पंख लगेंगे।बूढ़ी गंडक के किनारे बनेगा चमचमाता मरीन ड्राइवइस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण मुजफ्फरपुर में बनने वाला नया मरीन ड्राइव है। पटना की तर्ज पर बूढ़ी गंडक नदी के घाटों को विकसित कर सड़क और वॉकिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। यह मरीन ड्राइव शहर के लोगों को शाम बिताने के लिए एक बेहतरीन स्पॉट तो देगा ही, साथ ही मुख्य सड़कों पर गाड़ियों के दबाव को भी काफी हद तक कम करेगा। इसके किनारे लाइटिंग और हरियाली का विशेष ध्यान रखा जाएगा, जिससे यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।सड़कों का बिछेगा जाल और दूर होगा ट्रैफिक जाममुजफ्फरपुर की सबसे बड़ी समस्या यहां का ट्रैफिक जाम रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए 1047 करोड़ रुपये के बजट का एक बड़ा हिस्सा सड़कों के चौड़ीकरण और नए बाईपास के निर्माण पर खर्च किया जा रहा है। शहर के प्रवेश और निकास द्वारों को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि बाहरी वाहनों को शहर के अंदर न आना पड़े। ग्रामीण इलाकों को मुख्य शहर से जोड़ने वाली सड़कों को भी अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे आसपास के व्यापारियों को मंडी तक आने में आसानी होगी।बच्चों और बुजुर्गों के लिए बनेंगे आधुनिक पार्कस्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और राज्य सरकार के इस साझा प्रयास के तहत मुजफ्फरपुर में कई आधुनिक पार्कों का निर्माण किया जाएगा। इन पार्कों में बच्चों के खेलने के लिए आधुनिक झूले, बुजुर्गों के लिए वॉक-वे और युवाओं के लिए ओपन जिम की व्यवस्था होगी। कंक्रीट के जंगल बनते जा रहे शहर को ग्रीन ऑक्सीजन हब देने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान भी इस परियोजना का हिस्सा है।डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने क्या कहा?परियोजनाओं की सौगात देते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर केवल एक जिला नहीं, बल्कि उत्तर बिहार की आर्थिक रीढ़ है। सरकार का लक्ष्य है कि यहां रहने वाले नागरिकों को पटना जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा के भीतर और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएं ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
राजस्थान में सुस्त पड़ा मानसून, जयपुर-भरतपुर में सिर्फ बूंदाबांदी; जानें अब कब होगी झमाझम बारिश
राजस्थान में मॉनसून की रफ्तार पर अचानक ब्रेक सा लग गया है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर थमा हुआ है। राजधानी जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को थोड़ा सुहाना जरूर बनाया, लेकिन उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। मौसम प्रेमियों और किसानों के मन में अब यही सवाल है कि प्रदेश में मेघ दोबारा कब मेहरबान होंगे।जयपुर और भरतपुर में बादलों की आवाजाही, उमस ने बढ़ाई बेचैनीस्थानीय मौसम केंद्र के मुताबिक, जयपुर और भरतपुर के आस-पास के जिलों में आसमान में बादलों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। कुछ जगहों पर स्थानीय प्रभाव के कारण हल्की फुहारें या बूंदाबांदी दर्ज की गई है। हालांकि, तेज धूप और हवाओं की गति धीमी होने के कारण वातावरण में उमस का ग्राफ काफी बढ़ गया है, जिससे लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी तापमान में आंशिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।आखिर क्यों कमजोर पड़ी मानसून की रफ्तार?मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून ट्रफ लाइन की स्थिति में आए बदलाव और किसी मजबूत वेदर सिस्टम (जैसे साइक्लोनिक सर्कुलेशन या लो प्रेशर एरिया) के एक्टिव न होने की वजह से राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। इस 'मानसून ब्रेक' या सुस्ती के कारण हवाओं में नमी तो है, लेकिन वे भारी बारिश वाले बादलों में तब्दील नहीं हो पा रही हैं।जानिए कब बदलेगा मौसम का मिजाज और होगी भारी बारिशजयपुर मौसम केंद्र (IMD Jaipur) के पूर्वानुमान के अनुसार, राजस्थान के लोगों को भारी बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। आगामी कुछ दिनों तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क या केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा वाला बना रहेगा। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में एक नया सिस्टम बनने की संभावना है, जिसके सक्रिय होते ही राज्य में एक बार फिर से झमाझम बारिश का नया दौर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
चन्नी और राजा वडिंग की आपसी जंग में बीजेपी की एंट्री, पंजाब में कांग्रेस की बढ़ी टेंशन
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच की तल्खी अब किसी से छिपी नहीं है। लेकिन इस बार कहानी में ट्विस्ट यह है कि कांग्रेस की इस आपसी 'सिरफुटौवल' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पैनी नजर है और उसने इसमें अपना सियासी छौंका लगाना शुरू कर दिया है, जिससे कांग्रेस आलाकमान की सांसें फूलने लगी हैं।चन्नी और वडिंग के बीच क्यों बढ़ी तकरार?पंजाब की सियासत में लंबे समय से यह चर्चा आम थी कि चन्नी और वडिंग के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बयानों के तीर और अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक मंचों तक आ पहुंची है। दोनों ही नेता राज्य में अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने और खुद को पंजाब कांग्रेस का असली चेहरा साबित करने की होड़ में हैं। टिकट बंटवारे से लेकर सांगठनिक फैसलों तक, दोनों गुटों के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।मौके की तलाश में बीजेपी: लगा दिया सियासी छौंकाकांग्रेस की इस कमजोरी को बीजेपी एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। पंजाब में अपनी जमीन तलाश रही बीजेपी ने इस विवाद पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जो पार्टी अपने कुनबे को एक साथ नहीं रख सकती, वह पंजाब का भला क्या करेगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी इस गुटबाजी का फायदा उठाकर कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।कांग्रेस आलाकमान की बढ़ी चिंता, कैसे थमेगी यह रार?इस नए घटनाक्रम ने दिल्ली में बैठे कांग्रेस आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। एक तरफ जहां पार्टी को आम आदमी पार्टी (AAP) से मुकाबला करना है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के शीर्ष स्थानीय नेताओं का इस तरह आपस में भिड़ना आगामी चुनावों में भारी पड़ सकता है। अगर समय रहते चन्नी और वडिंग के बीच के इस विवाद को नहीं सुलझाया गया, तो पंजाब में कांग्रेस की बची-खुची सियासी जमीन खिसकने में देर नहीं लगेगी।
इंटरनेशनल टूरिज्म और वैश्विक गलियारों से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे खूबसूरत देशों में शुमार वियतनाम के एक बेहद प्रसिद्ध समुद्री इलाके में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नाव अचानक लहरों के असंतुलन के कारण समंदर में डूब गई। इस हादसे के बाद जहां स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमें राहत कार्य में जुटी हैं, वहीं वैश्विक स्तर पर इस खास जगह को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। हर कोई जानना चाहता है कि आखिर वियतनाम की यह कौन सी जगह है जो भारतीय सैलानियों के बीच इतनी लोकप्रिय है और इसके फेमस होने के पीछे के मुख्य कारण क्या हैं।हा लांग बे या ना ट्रांग: वियतनाम का वो जादुई समंदर जो है बेहद खासवियतनाम में वैसे तो कई खूबसूरत तटीय इलाके हैं, लेकिन 'हा लांग बे' (Ha Long Bay) और 'ना ट्रांग' (Nha Trang) जैसे स्पॉट्स अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। वियतनाम का यह समुद्री क्षेत्र यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची (UNESCO World Heritage Site) में भी शामिल है। यहां समंदर के बीचों-बीच खड़े विशालकाय चूना पत्थर के पहाड़ (Limestone Karsts), प्राचीन गुफाएं और हरे-नीले रंग का साफ पानी सैलानियों को एक अलग ही दुनिया का अहसास कराता है। यही वजह है कि भारत से बजट ट्रैवलिंग और क्रूज राइडिंग के शौकीन लोग सबसे ज्यादा इसी जगह पर जाना पसंद करते हैं।भारतीयों के बीच क्यों तेजी से बढ़ा है वियतनाम का क्रेजपिछले कुछ सालों में थाईलैंड और मलेशिया की तरह वियतनाम भी भारतीय पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा इंटरनेशनल डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। इसके सबसे बड़े कारणों में बेहद सस्ती और आसान ई-वीजा (E-Visa) प्रक्रिया, भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता से सीधी हवाई कनेक्टिविटी, और कम बजट में लग्जरी क्रूज का अनुभव मिलना शामिल है। भारतीय कपल्स, बैकपैकर्स और फैमिली ट्रिप्स के लिए वियतनाम का यह समुद्री क्षेत्र वाटर स्पोर्ट्स, स्कूबा डाइविंग और आइलैंड होपिंग (Island Hopping) का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।सुरक्षा मानकों को लेकर उठ रहे हैं बड़े सवालइस दुखद नाव हादसे के बाद अब वियतनाम के टूरिज्म सेक्टर में सुरक्षा नियमों और गाइडलाइंस को लेकर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। एआई-संचालित ग्लोबल ट्रैवल एडवाइजरी (AI-powered travel advisory) के अनुसार, मानसून और मौसम में अचानक आने वाले बदलावों के दौरान समंदर में नाव या क्रूज का संचालन बेहद जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय प्रशासन अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि क्या लाइफ जैकेट्स और तय क्षमता से अधिक पर्यटकों को नाव पर बैठाने जैसे नियमों की अनदेखी की गई थी। इस हादसे ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
झारखंड के सभी 24 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, रांची-धनबाद सहित 14 इलाकों में आज भारी आंधी-बारिश की चेतावनी
झारखंड में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम का मिजाज अचानक बेहद तल्ख हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD Ranchi) ने प्राकृतिक बदलावों को देखते हुए राज्य के सभी 24 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया है। रिपोर्टर इनपुट्स के मुताबिक, आज राज्य के 14 प्रमुख जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली), तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश होने के प्रबल आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।इन 14 जिलों में मंडरा रहा है आंधी-तूफान और वज्रपात का सबसे बड़ा खतरामौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जिन 14 जिलों में आज कुदरत का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है, उनमें राजधानी रांची, कोयलांचल धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), रामगढ़, हजारीबाग, गुमला और दुमका जैसे बड़े व्यापारिक और रिहायशी इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर बाद हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिसके साथ ही गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन जिलों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है।क्यों जारी करना पड़ा ऑरेंज अलर्ट और क्या है इसके मायनेमौसम विभाग जब किसी इलाके के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करता है, तो इसका सीधा मतलब होता है कि वहां रहने वाले लोग बेहद खराब मौसम के लिए खुद को तैयार रखें। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और झारखंड के ऊपर बने एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) के कारण यह मौसमी सिस्टम तैयार हुआ है। इस सिस्टम की वजह से आकाशीय बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है। किसानों को विशेष रूप से सलाह दी गई है कि वे इस दौरान खेतों में न जाएं और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें।जनजीवन और आवागमन पर पड़ेगा असर, प्रशासन मुस्तैदइस भारी चेतावनी को देखते हुए रांची, धनबाद और देवघर जैसे बड़े शहरों के जिला प्रशासनों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आंधी-तूफान के कारण बिजली के तार टूटने और पेड़ों के गिरने की आशंका को देखते हुए बिजली विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा, पहाड़ी रास्तों और जलप्रपातों (Waterfalls) के आसपास पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विमान सेवाओं और ट्रेनों के परिचालन पर भी मौसम के इस बदले मिजाज का आंशिक असर देखने को मिल सकता है, इसलिए घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा का अपडेट जरूर देख लें।
दबोचा गया एल्विश यादव का 'खास' बिजनेस पार्टनर, घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग का खुला खौफनाक राज
मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विजेता एल्विश यादव से जुड़े विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम (Gurugram) को दहलाने वाले एल्विश यादव फायरिंग केस में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एल्विश यादव के एक बेहद खास और करीबी बिजनेस पार्टनर को धर दबोचा है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद एल्विश के घर और ठिकानों पर हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी की घटना से पूरी तरह पर्दा उठ गया है। पुलिस कस्टडी में आरोपी ने जो खुलासे किए हैं, उसने इस पूरे मामले को एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ दे दिया है।आखिर कौन है गिरफ्तार हुआ पार्टनर और क्या था उसका मकसदपुलिस की स्पेशल टीम द्वारा दबोचे गए इस शख्स की पहचान एल्विश यादव के बेहद करीबी और उनके व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स को संभालने वाले मुख्य पार्टनर के रूप में हुई है। शुरुआती जांच और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस को इस पर शक था, जिसके बाद इसे छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया। पूछताछ में यह सनसनीखेज बात सामने आई है कि एल्विश के घर पर गोलियां किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि इसी पार्टनर के इशारे पर चलवाई गई थीं। आरोपी ने कबूल किया है कि वह एल्विश के साथ चल रहे किसी बड़े लेन-देन के विवाद और आंतरिक कलह के कारण उन्हें डराना-धमकाना चाहता था।पैसों के विवाद और पब्लिसिटी स्टंट के एंगल की हो रही है जांचगुरुग्राम पुलिस और एआई-संचालित जांच (AI-assisted cyber investigation) के इनपुट्स के अनुसार, इस पूरी वारदात के पीछे करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन और आपसी रंजिश का एंगल सबसे प्रमुखता से उभर कर सामने आया है। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि कहीं यह पूरा मामला सिर्फ लाइमलाइट में बने रहने के लिए रचा गया कोई पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं था। आरोपी ने फायरिंग करने के लिए जिन स्थानीय गैंगस्टर्स और शूटरों को मोटी रकम दी थी, उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स और चैट हिस्ट्री को भी साइबर सेल ने रिकवर कर लिया है। बहुत जल्द इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में सुरक्षा व्यवस्था सख्तएल्विश यादव के घर के बाहर हुई इस तरह की खुलेआम गोलीबारी की घटना के बाद हरियाणा के गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस यूनिट सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह या गैंगवार जैसी स्थिति को पनपने से पहले ही रोका जा सके। पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसके संबंध कितने ही रसूखदार लोगों से क्यों न हों।
राम मंदिर चंदे पर राहुल गांधी की चुप्पी के क्या हैं मायने, क्या अखिलेश को मझधार में छोड़ेगी कांग्रेस
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक राजनीतिक गलियारों में इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन के भविष्य को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हाल ही में राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की रहस्यमयी चुप्पी ने सियासी रणनीतिकारों को चौंका दिया है। इस खामोशी के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक अब यह सवाल उठाने लगे हैं कि क्या कांग्रेस पार्टी बिहार के घटनाक्रम को यूपी में भी दोहराने जा रही है? क्या समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव को भी तेजस्वी यादव की तरह ऐन वक्त पर अकेले चुनावी मैदान में उतरना पड़ सकता है?राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी का नया स्टैंड और कांग्रेस की रणनीतिअयोध्या में राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े कथित चंदे के विवादों पर जहां समाजवादी पार्टी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है, वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इस मुद्दे पर पूरी तरह से दूरी बना रखी है। जानकारों का मानना है कि कांग्रेस अब बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी सीधे विवाद में पड़ने से बच रही है। 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस अपनी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' और सर्वसमाज वाली छवि को निखारने में जुटी है, जिससे समाजवादी पार्टी के कोर एजेंडे और कांग्रेस की राष्ट्रीय रणनीति के बीच एक वैचारिक दूरी साफ दिखाई देने लगी है।बिहार का 'तेजस्वी यादव पैटर्न' क्या उत्तर प्रदेश में भी दोहराएगी कांग्रेसराजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा बहुत तेज है कि कांग्रेस पार्टी क्षेत्रीय दलों के कंधे पर सवार होकर मजबूत होने के बाद उन्हें अपने हाल पर छोड़ देती है। बिहार में जिस तरह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव के साथ सीटों के तालमेल और गठबंधन के समीकरणों में बदलाव देखने को मिला, ठीक वैसी ही सुगबुगाहट अब उत्तर प्रदेश में भी महसूस की जा रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के स्थानीय नेता अब सपा के सामने झुकने के मूड में नहीं हैं और वे राज्य की सभी महत्वपूर्ण सीटों पर अपनी दावेदारी मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव के थिंक टैंक के लिए कांग्रेस का यह आक्रामक रुख चिंता का सबब बन गया है।सीट शेयरिंग के पेच में फंस सकता है सपा और कांग्रेस का गठबंधनउत्तर प्रदेश की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों (Geographical & Social Layout) को देखें तो पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक समाजवादी पार्टी का अपना एक मजबूत कैडर है। लेकिन पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस ने भी अपने खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए जमीन पर काफी मेहनत की है। सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनावों में कांग्रेस सम्मानजनक से ज्यादा सीटों की मांग पर अड़ सकती है। अगर दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे (Seat Sharing Formula) पर सहमति नहीं बनी, तो गठबंधन के टूटने की नौबत आ सकती है। अखिलेश यादव को इस बात का भली-भांति अंदाजा है, इसलिए वे भी आंतरिक तौर पर सभी सीटों पर अकेले लड़ने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।
ओमान के पास भारतीयों से भरे जहाज पर हमला, 10 सुरक्षित, 1 अब भी लापता, भारत ने क्या कहा
भारत ने रविवार को ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि अब तक 10 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चिटरगुल स्थित नाला चोटीहाल (Nala Chotihall) क्षेत्र में रविवार को बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) के बाद अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा में कृषि भूमि, सेब के बाग, धान की फसलें और कई ...
बिहार : वैशाली में जमीन विवाद ने लिया खूनी रूप, चाचा और फौजी भाई को भतीजे ने भूना
बिहार के वैशाली जिले में रास्ते के पुराने विवाद ने रविवार को खूनी रूप ले लिया। बिदुपुर थाना क्षेत्र के रजासन गांव में पट्टीदारों के बीच हुई फायरिंग में सेना के एक जवान और उनके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
फिरोजाबाद पुलिस की बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के दो आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के उत्तर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद हत्या के प्रयास के मामले में वांछित दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि भागने का प्रयास कर रहे उसके दूसरे साथी को घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
नए बीटा पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यात्रियों को अब अलग-अलग श्रेणियों में सीट उपलब्धता देखने के लिए बार-बार क्लिक नहीं करना पड़ेगा। अभी तक स्लीपर, थर्ड एसी, सेकेंड एसी या अन्य श्रेणियों की सीटें अलग-अलग विकल्प चुनकर देखनी पड़ती थीं, जिससे समय अधिक लगता था।
यूपी-बिहार में भारी वर्षा का दौर, दिल्ली-मुंबई समेत कई राज्यों में मौसम विभाग का अलर्ट
उत्तर प्रदेश, बिहार और कई अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा है, जबकि मुंबई में जलभराव से जनजीवन प्रभावित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पूरी कर स्वदेश वापसी की। न्यूजीलैंड के साथ संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।
अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला कर वहां मौजूद कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ...
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को अगली सूचना तक बंद करने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी सैन्य ...
तमिलनाडु : ईपीएस के चुनाव समीक्षा तेज करने के साथ ही ऑनलाइन सदस्यता अभियान शुरू करेगी एआईएडीएमके
एआईएडीएमके ने घोषणा की है कि वह जल्द ही अपनी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी) विंग के जरिए ऑनलाइन मेंबरशिप एनरोलमेंट कैंपेन शुरू करेगी
हिमाचल: राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर लगे आरोपों को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर लगाए गए आरोपों को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। पार्टी ने इन आरोपों को राजनीतिक मकसद से प्रेरित और राजनीतिक फायदे के लिए लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का फायदा उठाने की कोशिश बताया।
उपराष्ट्रपति ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया
भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
बिना किसी भेदभाव के लोगों की सेवा कर रही पीएम मोदी की सरकार: किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से काम कर रही है, ताकि धर्म या समुदाय के आधार पर बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक नागरिक का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर किया जोरदार प्रहार, बोले- रामभक्तों के खून से सना है सपा का इतिहास
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की राजनीति पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस और सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया है। सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना ...
बारुईपुर एनकाउंटर का जवाब दे सरकार, सौगत रॉय का सीएम सुवेंदु पर तीखा हमला
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बारुईपुर की घटना, स्वास्थ्य योजनाओं और राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा, मध्यप्रदेश सरकार देगी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर अवॉर्ड
Chief Minister Dr. Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'मध्यप्रदेश युवा कॉन्क्लेव-2026' में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ परस्पर संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्थान और जनजागरूकता के ...
IRCTC Next-Gen Website: अगर आपने कभी भी ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक किया है, तो धीमी लोडिंग स्पीड, बार-बार परेशान करने वाले विज्ञापनों के पॉप-अप, लंबे-लंबे कैप्चा कोड और कई चरणों (Steps) में उलझाने वाली बुकिंग प्रक्रिया का सामना जरूर किया होगा. खासकर सुबह 10 और 11 बजे 'तत्काल टिकट' (Tatkal Ticket) बुकिंग के दौरान तो हर एक सेकंड की अहमियत होती है, जहां जरा सी देरी होते ही सीटें फुल हो जाती हैं. यात्रियों की इसी बड़ी परेशानी को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब IRCTC की वेबसाइट का एक नया, बेहद आधुनिक और सुपरफास्ट वर्जन लेकर आ रहा है.जल्द लॉन्च होगा नई वेबसाइट का बीटा (Beta) वर्जनरेल मंत्रालय बहुत जल्द आम जनता के लिए IRCTC की नई वेबसाइट का बीटा वर्जन (Beta Version) पेश करने की तैयारी में है. इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य टिकट बुकिंग की रफ्तार को दोगुना करना और पूरे इंटरफेस को यूजर-फ्रेंडली बनाना है. आधिकारिक तौर पर आम यात्रियों के लिए लाइव करने से पहले, इस नई वेबसाइट का सफल प्रदर्शन जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों के सामने किया गया. इस दौरान IRCTC और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के आला अधिकारियों ने युवाओं से फीडबैक भी लिया, ताकि कमियों को पहले ही सुधारा जा सके.पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से होगा सीधा इंटीग्रेशनइस नई वेबसाइट की सबसे बड़ी ताकत इसका बैकएंड सिस्टम होगा. इसे सीधे भारतीय रेलवे के पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से जोड़ा जा रहा है, जो पूरे देश में रेलवे टिकटों के मैनेजमेंट का मुख्य कोर सिस्टम है. पीआरएस के साथ इस सीधे इंटीग्रेशन (जुड़ाव) के पूरा होने के बाद, सर्वर डाउन होने या पेमेंट फेल होने जैसी तकनीकी रुकावटें लगभग खत्म हो जाएंगी और यात्रियों को बिना किसी बफरिंग के बेहद स्मूथ बुकिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.IRCTC की नई वेबसाइट में देखने को मिलेंगे ये 5 बड़े बदलावअनावश्यक विज्ञापनों और पॉप-अप से मुक्ति: नई वेबसाइट का होमपेज बेहद साफ-सुथरा और सरल होगा. टिकटिंग को तेज करने के लिए बेवजह के पॉप-अप विज्ञापन, भारी-भरकम चमकदार ग्राफिक्स और बार-बार आने वाले इरिटेटिंग कैप्चा (Captcha) को हटा दिया जाएगा, जिससे तत्काल बुकिंग के दौरान यात्रियों के कीमती सेकंड बचेंगे.सभी क्लास की सीटें दिखेंगी एक साथ: वर्तमान में यात्रियों को स्लीपर (Sleeper), थर्ड एसी (3AC) या सेकेंड एसी (2AC) की उपलब्धता देखने के लिए हर क्लास पर अलग-अलग क्लिक करना पड़ता है. लेकिन नई वेबसाइट में एक ही स्क्रीन पर सभी उपलब्ध क्लासों की सीटों की स्थिति (Seat Availability) एक साथ दिखाई देगी, जिससे तुलना करना आसान हो जाएगा.कम स्क्रीन और मिनिमम क्लिक्स: अब टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को कई सारी स्क्रीन्स और फॉर्म्स से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूरी बुकिंग को 'मिनिमम क्लिक्स' में समेट दिया गया है, जिससे चंद सेकंड्स में टिकट जेनरेट हो जाएगा.फैमिली डिटेल्स सेव करने का विकल्प: जो यात्री अक्सर अपने परिवार या दोस्तों के लिए टिकट बुक करते हैं, उनके लिए मास्टर लिस्ट फीचर को और एडवांस किया गया है. यात्री अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी (नाम, उम्र, बर्थ प्रेफरेंस) पहले से परमानेंट सेव रख सकेंगे, ताकि बुकिंग के वक्त दोबारा टाइपिंग में समय बर्बाद न हो.जुलाई में पेश करने की तैयारी: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही यह बड़ी घोषणा कर चुके हैं कि नई आधुनिक आईआरसीटीसी (IRCTC) वेबसाइट को जुलाई के महीने में ही देश के सामने पेश किया जाएगा. फिलहाल इसका बीटा ट्रायल अंतिम चरण में है और अगले कुछ ही महीनों में यह सभी के लिए पूरी तरह रोलआउट कर दी जाएगी.
Deepika Padukone Second Pregnancy Update: बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) इन दिनों अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी (Second Pregnancy) के खूबसूरत लेकिन चुनौतीपूर्ण सफर का आनंद ले रही हैं. वह और उनके पति रणवीर सिंह (Ranveer Singh) जल्द ही अपने घर में एक और नन्हे मेहमान का स्वागत करने वाले हैं. भले ही दीपिका पिछले कुछ समय से बड़े पर्दे और लाइमलाइट से थोड़ी दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए वह अपने फैंस के साथ जुड़ी रहती हैं. हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक ऐसी मजेदार और रिलेटेबल स्टोरी शेयर की है, जिसने हर होने वाली मां का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.बाथरूम जाने की चुनौती पर दीपिका ने शेयर किया मजेदार वीडियोप्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों यानी थर्ड ट्राइमेस्टर (3rd Trimester) में महिलाओं को कई तरह की शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. दीपिका ने ठीक इसी स्थिति को बयां करती हुई एक रील (Video) अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रीपोस्ट की. इस वीडियो में एक गर्भवती महिला रात के समय भारी शरीर के साथ बड़ी मुश्किल से धीरे-धीरे बाथरूम की तरफ कदम बढ़ाती नजर आ रही है.इस रील के कैप्शन में लिखा था— तीसरी तिमाही में रात को बार-बार बाथरूम जाने के लिए उठना. दीपिका ने इस वीडियो को एक उल्टे स्माइली इमोजी (Upside-Down Face Emoji) के साथ शेयर किया है, जिससे साफ पता चलता है कि वे खुद भी इन दिनों ठीक इसी स्थिति और थकावट से जूझ रही हैं.दीपिका का अपडेट देख फैंस ने बरसाया भरपूर प्यारदीपिका की यह स्टोरी सामने आते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस के रिएक्शन की बाढ़ आ गई. कई महिलाओं ने कमेंट कर कहा कि यह परेशानी लगभग हर होने वाली मां महसूस करती है.एक फैन ने लिखा, दुआ का छोटा भाई या बहन जल्द ही आने वाला है, आप बहुत मजबूत हैं दीपिका, आप यह कर सकती हैं.वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, काश मैं इस समय अपनी पसंदीदा एक्ट्रेस की कोई मदद कर पाती.ज्यादातर फैंस इस बात से खुश दिखे कि दीपिका ने काफी समय बाद अपनी प्रेग्नेंसी से जुड़ा कोई पर्सनल अपडेट साझा किया है.डेढ़ साल बाद ही दी दूसरी प्रेग्नेंसी की गुड न्यूज़दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शादी के 5 साल बाद, साल 2024 में उनके घर पहली बेटी 'दुआ' (Dua) का जन्म हुआ था. दुआ के एक साल के होने पर कपल ने उसकी बेहद प्यारी तस्वीरें भी फैंस के साथ शेयर की थीं. बेटी के जन्म के करीब डेढ़ साल बाद ही, इस साल की शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने एक बेहद अनोखे अंदाज में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक फोटो शेयर की थी जिसमें उनकी नन्ही बेटी दुआ एक पॉजिटिव प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़े नजर आई थी.वर्कफ्रंट: मां बनने के बाद इन फिल्मों से करेंगी धमाकाप्रेग्नेंसी के इस फेज में होने के बावजूद दीपिका के पास बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के कई मेगा-बजट प्रोजेक्ट्स हैं, जो आने वाले समय में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाने के लिए तैयार हैं:'किंग' (King): निर्देशक सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही यह मोस्ट अवेटेड फिल्म इसी साल 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में दीपिका के साथ शाहरुख खान, सुहाना खान, अभिषेक बच्चन, जयदीप अहलावत, राघव जुयाल और अरशद वारसी जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे.'राका' (Raka): इसके अलावा दीपिका साउथ के मशहूर डायरेक्टर एटली (Atlee) की आगामी फिल्म 'राका' में नजर आएंगी. इस फिल्म में वह पहली बार साउथ के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) के साथ स्क्रीन शेयर करती दिखेंगी, जिसकी शूटिंग फिलहाल चल रही है.
Jammu Kashmir Politics: जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. शनिवार (11 जुलाई 2026) को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये और कैबिनेट मंत्री पद का तगड़ा लालच दिया था.मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके विधायक ने इस बड़े ऑफर को तुरंत ठुकरा दिया और पूरी घटना की जानकारी सीधे उन्हें दी. इस खुलासे के बाद घाटी से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ गया है.'सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी नेता ने बंद कमरे में दिया ऑफर'उमर अब्दुल्ला ने बिना नाम लिए भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, भाजपा के एक अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, उन्होंने जम्मू क्षेत्र से आने वाले मेरे एक विधायक से बंद कमरे में मुलाकात की. उन्होंने विधायक से कहा कि तुम हमारे साथ आ जाओ, हम तुम्हें 20-30 करोड़ रुपये, एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देंगे.इस पर तीखा पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या भाजपा को लगता है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं का ईमान और जनता का विश्वास इतना सस्ता है कि उसे पैसों से खरीदा जा सके?'पिछले दरवाजे से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है BJP'उमर अब्दुल्ला ने भाजपा को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमजोर आंकने की भूल कतई न करें. उन्होंने कहा, भाजपा के लोगों, हमें इतना कमजोर मत समझो. आपके लिए पिछले दरवाजे (चोर दरवाजे) से सत्ता में एंट्री करना मुमकिन नहीं है. आप पिछले दरवाजे से आगे की कुर्सी (मुख्यमंत्री की कुर्सी) तक नहीं पहुंच पाएंगे. फिलहाल जम्मू-कश्मीर की जनता ने आपको विपक्ष में यानी पीछे बैठाया है और आप वहीं रहेंगे.अनुमति न मिलने पर भी 20 जुलाई को दिल्ली में होगा महा-प्रदर्शनजम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य (Full Statehood) का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस आगामी 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रदर्शन की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है.उमर अब्दुल्ला का संकल्प: अनुमति मिले या न मिले, हमारा 20 जुलाई का कार्यक्रम तय है और यह आगे बढ़ेगा. यह लड़ाई केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस की नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक और हर राजनीतिक दल की है.उन्होंने घाटी के सभी वर्तमान व पूर्व विधायकों और सभी विपक्षी दलों के नेताओं से अपील की कि वे अगले तीन साल के लिए चुनावी रंजिशों और लड़ाइयों को भूल जाएं और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की इस साझा लड़ाई में एकजुट होकर दिल्ली आएं. उन्होंने कहा कि जो नेता डर या दबाव के कारण इस प्रदर्शन से दूर रहेंगे, वे जनता के साथ विश्वासघात करेंगे.'कॉकरोच पार्टी' को 24 घंटे में मिली इजाजत, हमें क्यों नहीं?दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर आ रही दिक्कतों पर तंज कसते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, एक 'कॉकरोच पार्टी' को दिल्ली में प्रदर्शन करने की अनुमति मिलने में 24 घंटे भी नहीं लगे, जबकि हम पिछले 4-5 दिनों से अनुमति की कोशिश कर रहे हैं. कुछ ताकतें जानबूझकर हमारे इस बड़े कार्यक्रम को बिगाड़ने की साजिश रच रही हैं और उन्होंने जानबूझकर अपनी तारीखें हमारे कार्यक्रम के साथ मिला दी हैं.आर्टिकल 370 हटने के बाद से जारी है राज्य के दर्जे की मांगगौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर दिया था. इसके बाद साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र के इस फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखा था. हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में भरोसा दिया था कि घाटी में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा लौटा दिया जाएगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस इसी वादे को पूरा कराने के लिए अब दिल्ली में हुंकार भरने की तैयारी में है.
Women Health Warning Signs : आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं परिवार, ऑफिस और घर की दोहरी जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते अपनी सेहत का ख्याल रखना ही भूल जाती हैं. कई बार शरीर में दिखने वाले छोटे-मोटे बदलावों या हल्की तकलीफों को वे रोजमर्रा की थकावट समझकर नजरअंदाज कर देती हैं. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों ने सख्त चेतावनी दी है कि महिलाओं को अपने शरीर से मिलने वाले कुछ खास सिग्नल्स को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. हार्मोनल बदलाव, बढ़ता तनाव और खराब लाइफस्टाइल कई बार शुरुआत में मामूली दिखने वाले लक्षणों के जरिए किसी बड़ी और जानलेवा बीमारी की ओर इशारा कर रहे होते हैं.महिलाओं के लिए 5 सबसे बड़े 'वार्निंग साइन्स' (Warning Signs)1. लगातार गंभीर थकान और अचानक आई कमजोरीअगर आप बिना ज्यादा शारीरिक काम किए भी हर वक्त अत्यधिक थकान, सुस्ती या कमजोरी महसूस करती हैं, तो यह शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी का संकेत है.संभावित कारण: महिलाओं में यह समस्या मुख्य रूप से आयरन की कमी (एनीमिया), हार्मोनल असंतुलन या थायराइड की बीमारी के कारण होती है.स्ट्रोक का खतरा: विशेषज्ञों के अनुसार, अगर शरीर में अचानक से तेज कमजोरी महसूस हो, जुबान लड़खड़ाने लगे, चलने में दिक्कत आए या कंफ्यूजन हो, तो यह स्ट्रोक (Stroke) का शुरुआती लक्षण हो सकता है, जिसके लिए तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है.2. अनियमित पीरियड्स और हेवी ब्लीडिंगपीरियड्स का समय पर आना एक स्वस्थ महिला की सबसे बड़ी पहचान है. यदि आपके पीरियड्स का साइकिल अनियंत्रित हो गया है, बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग हो रही है, तो इसे सामान्य समझने की भूल न करें.संभावित कारण: बार-बार पीरियड्स का अनियमित होना थायराइड, पीसीओडी (PCOD), पीसीओएस (PCOS) या गर्भाशय में फाइब्रॉएड (गांठ) होने का पुख्ता संकेत हो सकता है. इसके अलावा, संबंध बनाने (सेक्स) के दौरान होने वाले तेज दर्द को भी महिलाओं को गंभीरता से लेना चाहिए.3. बार-बार पेट फूलना (ब्लोटिंग) और पाचन की खराबीपीरियड्स आने से ठीक पहले थोड़ा गैसी महसूस होना एक सामान्य प्रक्रिया है. लेकिन अगर आपको बिना किसी वजह के रोजाना पेट में सूजन, भारीपन या गंभीर ब्लोटिंग बनी रहती है, तो यह खतरे की घंटी है.संभावित कारण: गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, लगातार बनी रहने वाली ब्लोटिंग इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS), एंडोमेट्रियोसिस या बेहद खतरनाक ओवेरियन कैंसर (अंडाशय का कैंसर) का भी शुरुआती लक्षण हो सकती है.4. बिना किसी कारण के अचानक वजन का घटना या बढ़नायदि आप अपनी डाइट या एक्सरसाइज में कोई बदलाव नहीं कर रही हैं, फिर भी आपका वजन अचानक से तेजी से बढ़ रहा है या बहुत ज्यादा घट रहा है, तो समझ लें कि शरीर के अंदरूनी सिस्टम में कुछ गड़बड़ है.संभावित कारण: यह मुख्य रूप से मेटाबॉलिज्म की खराबी, गंभीर थायराइड की समस्या या गंभीर हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है. खासकर 30 की उम्र पार करने के बाद वजन में आने वाले ऐसे अप्रत्याशित बदलावों पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.5. ब्रेस्ट साइज में बदलाव या असामान्य वजाइनल डिस्चार्जअपने शरीर की बनावट पर बारीकी से नजर रखना बेहद जरूरी है.स्तन में गांठ: ब्रेस्ट (स्तन) के साइज में अचानक कोई बदलाव दिखना या वहां किसी भी तरह की गांठ (Lump) महसूस होना फाइब्रोएडीनोमा जैसी साधारण स्थिति से लेकर ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) तक की वजह बन सकता है.असामान्य डिस्चार्ज: इसके अतिरिक्त, यदि वजाइनल डिस्चार्ज (योनि स्राव) में अत्यधिक बदबू हो, वह बहुत गाढ़ा हो या उसका रंग लाल, गुलाबी या मटमैला दिखाई दे, तो यह गंभीर यीस्ट इंफेक्शन या अन्य आंतरिक संक्रमण का लक्षण है, जिसके लिए तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से चेकअप कराना अनिवार्य है.कब और क्यों जरूरी है डॉक्टर से संपर्क करना?चिकित्सकों का कहना है कि 30 की उम्र पार करने के बाद महिलाओं का शरीर तेजी से बदलता है. ऐसे में अगर हड्डियों में लगातार दर्द रहे, त्वचा पर असामान्य चकत्ते या बदलाव दिखें या अत्यधिक थकान बनी रहे, तो तुरंत हेल्थ चेकअप कराएं. बीमारियां हमेशा अचानक नहीं आतीं, बल्कि वे शरीर में बहुत धीरे-धीरे पनपती हैं और शुरुआती लक्षणों को इग्नोर करने पर भविष्य में बड़ी मुसीबत बन जाती हैं. महिलाओं को अपनी सेहत को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए और साल में कम से कम एक बार रूटीन बॉडी चेकअप जरूर कराना चाहिए.
Yoga vs Gym for Heart Health: आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरे दौर में फिटनेस को लेकर अक्सर ‘योग बनाम जिम’ (Yoga vs Gym) की बहस छिड़ी रहती है. कोई जिम जाकर पसीना बहाने को बेहतर मानता है, तो कोई योग और प्राणायाम के जरिए खुद को फिट रखना पसंद करता है. लेकिन मेडिकल साइंस और हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) के अनुसार, दोनों के अपने अलग-अलग फायदे हैं और दिल की सेहत (Heart Health) को हमेशा दुरुस्त रखने के लिए इन दोनों का सही संतुलन सबसे उत्तम माना जाता है. 'पाथकाइंड लैब्स' (Pathkind Labs) की एक रिपोर्ट में भी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि योग और जिम दोनों ही हृदय प्रणाली को मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं.जिम और योग: दोनों के कार्य और फायदे अलग हैंजिम (कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लाभ):जिम में की जाने वाली एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे ट्रेडमिल पर दौड़ना, रनिंग, साइकिल चलाना) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वजन उठाना) सीधे तौर पर हमारे दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं.यह शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) में तेजी से सुधार करता है.खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है.यह हृदय गति (Heart Rate) को एक सही स्तर पर बढ़ाने और शरीर की सहनशक्ति (Stamina) निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन माध्यम है.योग (लचीलापन और मानसिक शांति के लाभ):जिम जहां शरीर को बाहर से मजबूत बनाता है, वहीं योग शरीर को अंदर से हील करता है.योग हमारे शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन यानी 'कोर्टिसोल' (Cortisol) के स्तर को तेजी से कम करता है.यह बढ़े हुए रक्तचाप (High Blood Pressure) को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने और मानसिक शांति प्रदान करने में बेजोड़ है.कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि योग के सूक्ष्म व्यायाम, आसन और प्राणायाम उन लोगों या हृदय रोगियों के लिए अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली होते हैं जो भारी वजन नहीं उठा सकते.हृदय विशेषज्ञों के 3 अचूक और मार्गदर्शक टिप्सयदि आपके पास रोजाना वर्कआउट करने का लंबा समय नहीं है, तो भी आप डॉक्टरों द्वारा बताए गए इन 3 आसान नियमों को अपनाकर अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं:1. हमेशा सक्रिय रहें (Stay Active)अगर आपको किसी वजह से जिम जाने का समय नहीं मिल पा रहा है, तो अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव करें. जैसे—ऑफिस या मॉल में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. हेल्थ रिसर्च के अनुसार, दिन में सिर्फ 5-10 मिनट सीढ़ियां चढ़ना भी हृदय रोग (Heart Attack/Stroke) के खतरे को 20% तक कम कर सकता है.2. तनाव प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान (Stress Management)आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है. अत्यधिक मानसिक तनाव से धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचने के लिए रोजाना सुबह या शाम को कम से कम 10-15 मिनट प्राणायाम, अनुलोम-विलोम या गहरी सांस लेने (Deep Breathing) का अभ्यास जरूर करें. यह धमनियों को स्वस्थ और लचीला रखता है.3. पर्याप्त नींद और सही हाइड्रेशन है जरूरीदिल को चौबीसों घंटे काम करना पड़ता है, इसलिए उसकी मरम्मत (Repairing) के लिए रात में 7-8 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद बेहद अनिवार्य है. इसके साथ ही, दिनभर में पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें. अपने भोजन में सोडियम (नमक) और रिफाइंड चीनी की मात्रा को जितना हो सके कम करें.निष्कर्ष (Final Verdict)भागदौड़ भरी जिंदगी में मुस्तैद रहने के लिए योग और जिम दोनों का अपना महत्व है. विशेषज्ञों की सलाह है कि सप्ताह में कम से कम 3 से 4 दिन 30 मिनट का मध्यम व्यायाम या कार्डियो करें और बाकी के दिन मानसिक शांति व स्ट्रेचिंग के लिए योग को दें. इसके अलावा, जिम में कभी भी दूसरों को देखकर अत्यधिक भारी वजन (Heavy Weights) न उठाएं, बल्कि उतना ही वजन उठाएं जितना आपका शरीर आसानी से और बिना किसी दर्द के सहन कर सके. सावधानी और निरंतरता ही एक स्वस्थ दिल की असली चाबी है.
महाराष्ट्र सरकार के ऋण माफी प्रतिबंधों में ढील देने से किसान एकता की जीत हुई: रोहित पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (एनसीपी-एसपी) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर ऋण माफी योजना से जुड़ी प्रतिबंधात्मक शर्तों को समाप्त करने का निर्णय राज्य भर के किसानों, संगठनों और राजनीतिक नेताओं के सामूहिक संघर्ष की एक बड़ी जीत है।
Fatty Liver Grade 1 2 3 Symptoms: आज के समय में खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खानपान के कारण 'फैटी लिवर' (Fatty Liver) भारत में एक महामारी (Silent Epidemic) का रूप ले चुका है. अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों के अनुसार, दुनियाभर में लगभग एक अरब लोग इससे प्रभावित हैं, जबकि भारत में यह दर 9% से लेकर 32% तक देखी गई है. इसे मेडिकल भाषा में गैर-शराबी लिवर रोग (MASLD/NAFLD) कहा जाता है, जो धीरे-धीरे बिना किसी बड़े शोर के लिवर को अंदर से खोखला करता है.मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज और उच्च कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे लोगों के लिए फैटी लिवर के ग्रेड 1 से लेकर ग्रेड 3 तक की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते इसका इलाज और इसे पूरी तरह रिवर्स (ठीक) किया जा सके.ग्रेड 1 फैटी लिवर: शुरुआती चरण और अक्सर लक्षणहीनफैटी लिवर ग्रेड 1 (या लाइट स्टेटोसिस) तब माना जाता है, जब लिवर की कुल कोशिकाओं के 5% से 33% हिस्से में वसा (Fats) जमा हो जाती है.मुख्य लक्षण: दिल्ली के प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. नीरज धमीजा के अनुसार, इस शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते. जातक को केवल हल्की थकान, कमजोरी या पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में थोड़ा भारीपन महसूस हो सकता है, जिसे लोग अक्सर सामान्य गैस समझकर इग्नोर कर देते हैं.कारण और जांच: इसका मुख्य कारण मोटापा, अनियंत्रित ट्राइग्लिसराइड्स और खराब खानपान है. डॉक्टर एक साधारण पेट के अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) और लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) के जरिए इसका पता लगाते हैं.बचाव व इलाज: यह चरण पूरी तरह से रिवर्सिबल है. केवल जीवनशैली में सुधार करके, रिफाइंड चीनी और जंक फूड का त्याग कर और नियमित 30 मिनट व्यायाम करके इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है.ग्रेड 2 फैटी लिवर: मध्यम स्थिति और बढ़ता जोखिमजब लिवर के 34% से 66% हिस्से में वसा जमा हो जाती है, तो उसे ग्रेड 2 फैटी लिवर की श्रेणी में रखा जाता है. इस चरण में लिवर का सामान्य कामकाज प्रभावित होने लगता है.मुख्य लक्षण: डॉ. सौरभ सिंघल जैसे विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्टेज पर शरीर स्पष्ट चेतावनी देने लगता है. मरीज को भूख कम लगना, पेट में लगातार सूजन या ब्लोटिंग होना, अत्यधिक प्यास लगना और हर वक्त गंभीर थकावट बने रहने जैसे लक्षण महसूस होते हैं.कारण और जांच: लगातार लंबे समय तक बैठकर काम करने वाली सुस्त जीवनशैली, तला-भुना खाना और अनियंत्रित शुगर इसके मुख्य कारण हैं. इसकी गहराई नापने के लिए एलएफटी के साथ 'फाइब्रोस्कैन' (Fibroscan) या सीटी स्कैन कराया जाता है.बचाव व इलाज: इस चरण में डॉक्टर मरीज को अपने कुल वजन का 7 से 10% तक कम करने की सख्त सलाह देते हैं. यदि इस स्टेज पर लापरवाही बरती जाए, तो यह तेजी से ग्रेड 3 में बदल जाता है.ग्रेड 3 फैटी लिवर: गंभीर स्थिति और सिरोसिस का खतरायह फैटी लिवर की सबसे चरम और खतरनाक स्थिति है, जिसमें लिवर के 67% से भी अधिक हिस्से पर चर्बी की मोटी परत चढ़ जाती है.मुख्य लक्षण: डॉ. नीरज धमीजा चेतावनी देते हैं कि ग्रेड 3 में लिवर में गंभीर सूजन आ जाती है. इसके लक्षणों में पेट में तेज दर्द, अचानक वजन का तेजी से गिरना, बार-बार मतली (उल्टी) आना, हाथ-पैरों में सूजन (एडिमा) और आंखों व त्वचा का पीला होना (पीलिया/Jaundice) शामिल हैं.कारण और जांच: ग्रेड 1 और 2 के लक्षणों को लगातार नजरअंदाज करना, शराब का सेवन और अनियंत्रित डायबिटीज इसे खतरनाक स्तर पर ले जाते हैं. सटीक स्थिति जानने के लिए डॉक्टर लिवर बायोप्सी (Biopsy) की सलाह दे सकते हैं.बचाव व इलाज: इस स्टेज पर केवल डाइट और एक्सरसाइज काफी नहीं होती, बल्कि डॉक्टर की सख्त दवाओं की जरूरत पड़ती है. लिवर डैमेज होने की स्थिति में 'लिवर ट्रांसप्लांट' (Liver Transplant) ही एकमात्र विकल्प बचता है. इसलिए, समय पर रेगुलर चेकअप कराना ही इससे बचने का सबसे बेहतरीन उपाय है.
Lemon Water Benefits on Empty Stomach: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपनी सुबह की शुरुआत एक ऐसी आदत से करना चाहता है जो दिनभर शरीर को ऊर्जावान बनाए रखे. सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी (Lemon Water) पीना एक ऐसी ही साधारण लेकिन बेहद शक्तिशाली आदत है. नींबू विटामिन सी, शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स और सिट्रिक एसिड का खजाना है.न्यूट्रिशनिस्ट और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से सही तरीके से नींबू पानी का सेवन वजन नियंत्रित करने से लेकर त्वचा में चमक लाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ाने में रामबाण साबित हो सकता है. आइए डीप रिसर्च के आधार पर जानते हैं इसके फायदे, पीने का सही तरीका, समय और किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए.सुबह खाली पेट नींबू पानी पीने के 5 प्रमुख फायदे1. पाचन तंत्र (Digestion) को करे एक्टिवरात भर की लंबी नींद के बाद सुबह हमारा पेट पूरी तरह खाली होता है. नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड पेट के गैस्ट्रिक जूस और पित्त (Bile) के स्राव को बढ़ावा देता है. न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खटूजा के अनुसार, यह पेट फूलने (ब्लोटिंग), गैस और हार्टबर्न (सीने की जलन) से तुरंत राहत दिलाता है और कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करता है.2. इम्यूनिटी को देता है 30% तक बूस्टनींबू विटामिन सी का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है. विटामिन सी हमारे शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं (WBC) को मजबूत बनाता है, जो बीमारियों और संक्रमणों से लड़ती हैं. एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, रोजाना सही मात्रा में विटामिन सी का सेवन करने से हमारा इम्यून सिस्टम 20 से 30 फीसदी बेहतर तरीके से काम करने लगता है, जिससे सर्दी-जुकाम और मौसमी बीमारियां दूर रहती हैं.3. त्वचा में लाता है कुदरती निखार (Glowing Skin)नींबू पानी में मौजूद विटामिन सी शरीर में 'कोलेजन' (Collagen) प्रोटीन के उत्पादन को बढ़ाता है. कोलेजन त्वचा का लचीलापन बनाए रखता है जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं. इसके शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं, जिससे चेहरे के एक्ने, कील-मुंहासे और दाग-धब्बे धीरे-धीरे साफ हो जाते हैं.4. वजन प्रबंधन (Weight Loss) में मददगारजो लोग तेजी से वजन घटाना चाहते हैं, उनके लिए नींबू पानी एक बेहतरीन कैटलिस्ट है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को हल्का बूस्ट देता है. नींबू में मौजूद पेक्टिन फाइबर असमय लगने वाली भूख को नियंत्रित करता है. सुबह की दूध वाली भारी चाय या कॉफी की जगह नींबू पानी पीने से आपकी एक्स्ट्रा कैलोरी की खपत कम हो जाती है. हालांकि, शोध साफ कहते हैं कि नींबू पानी अकेला फैट बर्न नहीं करता; यह संतुलित डाइट और एक्सरसाइज के साथ मिलकर ही असर दिखाता है.5. बॉडी की नेचुरल क्लीनिंग (Detoxification)अक्सर माना जाता है कि नींबू पानी सीधे लिवर को साफ करता है, लेकिन आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि यह लिवर को सीधे डिटॉक्स नहीं करता. बल्कि, यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करके शरीर की अपनी प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया (Natural Detoxification) की रफ्तार को तेज कर देता है.नींबू पानी तैयार करने का स्टेप-बाय-स्टेप सही तरीकानींबू पानी का पूरा फायदा तभी मिलता है जब उसे सही तरीके से बनाया और पिया जाए:पानी का तापमान: पानी को बहुत ज्यादा गर्म न करें, क्योंकि अत्यधिक तापमान से विटामिन सी नष्ट हो जाता है. पानी गुनगुना (लगभग 40-45 डिग्री सेल्सियस) होना चाहिए.मात्रा: एक गिलास (250-300 मिली) गुनगुने पानी में केवल आधा ताजा नींबू ही निचोड़ें. पैकेज्ड या प्रिजर्व्ड नींबू रस का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.मीठे से परहेज: वजन घटाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए इसमें चीनी (Sugar) बिल्कुल न मिलाएं. स्वाद के लिए आप एक चम्मच शुद्ध शहद या अदरक का रस मिला सकते हैं. डायबिटीज के मरीज इसे बिना शहद के ही पिएं.दांतों की सुरक्षा (Most Important): नींबू का एसिड दांतों के इनेमल (Enamel) को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए नींबू पानी को हमेशा स्ट्रॉ (Straw) की मदद से पिएं और पीने के तुरंत बाद सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें.पीने का सबसे सटीक समय क्या है?सुबह सोकर उठने के बाद, ब्रश करने के बाद और नाश्ता (Breakfast) करने से 15-30 मिनट पहले का समय इसके सेवन के लिए सबसे सर्वोत्तम माना जाता है. इस समय खाली पेट होने के कारण शरीर इसके पोषक तत्वों को अधिकतम अवशोषित (Absorb) कर पाता है.किन्हें अपनाना चाहिए और किन्हें बरतनी चाहिए सावधानी?इनके लिए है वरदान: जो लोग अपना वजन घटाना चाहते हैं, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, जिन्हें बार-बार कब्ज रहता है या जो एथलीट्स/जिम जाने वाले लोग हैं, वे इसे नेचुरल एनर्जी बूस्टर के रूप में अपना सकते हैं. गर्भवती महिलाएं भी हाइड्रेशन के लिए डॉक्टर की सलाह से इसका सेवन कर सकती हैं.ये लोग भूलकर भी न पिएं (नुकसान): यदि आपको गंभीर एसिडिटी, अल्सर या जीईआरडी (GERD) की समस्या है, तो खाली पेट नींबू पानी पीने से बचें, क्योंकि यह पेट की जलन और एसिड को बढ़ा सकता है. इसके अलावा, जिन लोगों के दांत अत्यधिक सेंसिटिव हैं, जिन्हें माइग्रेन है या जोड़ों के दर्द (Joint Pain) की शिकायत रहती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए. नींबू पानी की अत्यधिक मात्रा से शरीर में पोटैशियम का असंतुलन या मुंह में छाले भी हो सकते हैं.
सिद्धिविनायक मंदिर में चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला
विपक्षी नेताओं, विशेषकर शिवसेना-यूबीटी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर जमकर हमला बोला और उन्हें 'गद्दार' और 'भगोड़ा' बताया।
सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन
साधकों को मिला गुरुपूर्णिमा से पूर्व अमूल्य मार्गदर्शन जयपुर। सनातन संस्था की सद्गुरु श्रीचित्शक्ति अंजली गाडगीळ इन दिनों राजस्थान प्रवास पर हैं। इस दिव्य प्रवास के दौरान उन्होंने जयपुर के अत्यंत जागृत और प्रसिद्ध खोले के हनुमान जी मंदिर में जाकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने प्रभु हनुमान जी के चरणों में हिंदू राष्ट्र […] The post सनातन संस्था की सद्गुरु अंजली गाडगीळ ने किए खोले के हनुमान जी में दर्शन appeared first on Sabguru News .
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी पंजाब कांग्रेस गुट और पार्टी के महासचिव भूपेश बघेल के बीच शनिवार को बहुप्रतीक्षित बैठक हुई।
Aadhaar Enabled Payment System : आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर लोग ऑनलाइन और यूपीआई (UPI) पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके बावजूद, रोजमर्रा के कई छोटे-मोटे कामों या आपातकालीन स्थिति में हमें कैश (नकद) की जरूरत पड़ ही जाती है. ऐसे समय में अगर आप अपना एटीएम या डेबिट कार्ड घर भूल गए हैं या आपके पास कार्ड नहीं है, तो बैंक से पैसे निकालना एक बड़ी सिरदर्द बन जाता है.लेकिन अब आपको बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की एक विशेष तकनीक की मदद से अब आप सिर्फ अपने आधार कार्ड (Aadhaar Card) के जरिए बैंक खाते से सुरक्षित तरीके से कैश निकाल सकते हैं. आइए जानते हैं कि यह पूरी प्रणाली कैसे काम करती है और इसका लाभ आप कैसे उठा सकते हैं.क्या है AEPS सुविधा और कैसे करती है काम?NPCI ने बैंकिंग को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक सुलभ बनाने के लिए आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) की शुरुआत की है. यह एक ऐसी सुरक्षित वित्तीय प्रणाली है, जिसके तहत आपको पैसे निकालने के लिए किसी भी सिग्नेचर, डेबिट कार्ड या पिन (PIN) की आवश्यकता नहीं होती.बायोमेट्रिक सुरक्षा: इस सिस्टम में पैसे का लेन-देन करने के लिए केवल आपके आधार नंबर और आपके फिंगरप्रिंट (अंगूठे या उंगली के निशान) का उपयोग किया जाता है.मिलती हैं ये 4 मुख्य सुविधाएं: AEPS के जरिए आप केवल कैश ही नहीं निकाल सकते, बल्कि बैंक खाते में पैसे जमा करना, अकाउंट का बैलेंस चेक करना और मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालने जैसे जरूरी काम भी चुटकियों में कर सकते हैं.सबसे जरूरी शर्त: इस बैंकिंग सुविधा का लाभ आप केवल तभी उठा सकते हैं, जब आपका आधार कार्ड आपके संबंधित बैंक खाते (Bank Account) से पूरी तरह लिंक और एक्टिव हो.आधार कार्ड से कैश निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियायदि आप बिना एटीएम कार्ड के नकदी निकालना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) एजेंट से मिलें: सबसे पहले अपने नजदीकी किसी भी बैंक के अधिकृत बैंकिंग प्रतिनिधि यानी बीसी एजेंट (BC Agent) के पास जाएं. ये एजेंट आमतौर पर आपके पास की छोटी किराना दुकानों, ग्राहक सेवा केंद्रों (CSP) या बैंक की मिनी ब्रांच में माइक्रो-एटीएम मशीन के साथ मिल जाते हैं.आधार नंबर दर्ज कराएं: एजेंट को अपना 12 अंकों का आधार नंबर बताएं, जिसे वह अपनी स्वाइप या माइक्रो-एटीएम मशीन में फीड करेगा.बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अपनी पहचान को सुरक्षित तरीके से वेरिफाई करने के लिए मशीन से जुड़े फिंगरप्रिंट स्कैनर पर अपना अंगूठा या उंगली रखें.सर्विस का चयन करें: मशीन की स्क्रीन पर दिए गए विकल्पों में से 'कैश विड्रॉल' (Cash Withdrawal) का चुनाव करें.राशि भरें: आपको अपने खाते से जितनी नकदी निकालनी है, वह राशि (Amount) वहां दर्ज करें.कैश प्राप्त करें: जैसे ही आपका फिंगरप्रिंट बैंक के सर्वर से वेरिफाई हो जाएगा, ट्रांजेक्शन सफल हो जाएगा और एजेंट आपको आपका कैश सौंप देगा. इसके तुरंत बाद आपके बैंक खाते से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर पैसे कटने का पुष्टिकरण एसएमएस (SMS) भी आ जाएगा.
Ganga Expressway Industrial Corridor Meerut: उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना 'गंगा एक्सप्रेसवे' (Ganga Expressway) के किनारे औद्योगिक गलियारा (Industrial Corridor) विकसित करने की योजना जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के पेंच में फंसती नजर आ रही है. उत्तर प्रदेश सरकार और यूपीडा (UPIEDA) के सख्त आदेशों के बावजूद, मेरठ जिला प्रशासन के लिए परियोजना के लिए पर्याप्त जमीन जुटाना एक बड़ी और सिरदर्द चुनौती बन चुका है. किसानों के भारी विरोध और धरना प्रदर्शन के कारण एक्सप्रेसवे के इस बड़े प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी पड़ गई है.पहले चरण में 214 हेक्टेयर की जरूरत, प्रशासन के हाथ लगी केवल 159 हेक्टेयरमेरठ के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पहले चरण के तहत औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए 214 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है. इस जमीन को खरीदने की प्रक्रिया एक साल से भी अधिक समय से चल रही है, लेकिन पिछले कई महीनों से यह काम लगभग ठप पड़ा था.अधिग्रहण का गणित: शुरुआत में किसानों से कुल 203 हेक्टेयर जमीन खरीदी जानी थी, जिसमें से 143 हेक्टेयर की रजिस्ट्री (बैनामा) होने के बाद काम अचानक रुक गया.सरकारी जमीन की किल्लत: इसके अलावा, कॉरिडोर के लिए चिन्हित 11 हेक्टेयर सरकारी जमीन में से भी प्रशासन को अब तक केवल 7 हेक्टेयर जमीन ही हस्तांतरित हो पाई है.DM की बैठक के बाद एक्शन में प्रशासन, एक दिन में हुए 9 बैनामेजमीन अधिग्रहण के गतिरोध को तोड़ने के लिए हाल ही में मेरठ के जिलाधिकारी (DM) ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की थी. इस बैठक में मिले कड़े निर्देशों के बाद सोमवार को तहसील प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. प्रशासन ने एक ही दिन में 17 किसानों से 9 अलग-अलग बैनामों के माध्यम से 9 हेक्टेयर जमीन का सफलतापूर्वक अधिग्रहण कर लिया. इस नई खरीद के बाद अब प्रशासन के पास कुल उपलब्ध जमीन का आंकड़ा बढ़कर 159 हेक्टेयर तक पहुंच गया है, लेकिन लक्ष्य (214 हेक्टेयर) से यह अब भी काफी दूर है.दूसरे चरण के लिए साढ़े नौ महीने से धरने पर बैठे हैं किसानपहले चरण की मुश्किलों के बीच, औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण (Phase 2) का रास्ता और भी ज्यादा कांटों भरा नजर आ रहा है.300 हेक्टेयर का पेंच: दूसरे चरण के विकास के लिए तीन प्रमुख गांवों से कुल 300 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है.आर-पार की लड़ाई: इन गांवों के किसान किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन सरकार को देने के लिए तैयार नहीं हैं. अपनी जमीनों को बचाने और उचित मुआवजे व अन्य मांगों को लेकर किसान पिछले साढ़े नौ महीने से लगातार धरना प्रदर्शन और विरोध कर रहे हैं, जिससे यूपीडा की मुश्किलें बढ़ गई हैं.यूपी के 12 जिलों में 1500 हेक्टेयर में बनेंगे गलियारेगौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजना गंगा एक्सप्रेसवे के रूट पर आने वाले मेरठ समेत कुल 12 जिलों में लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) स्थापित करने की है. सरकार का मकसद एक्सप्रेसवे के किनारे लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है ताकि स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं को रोजगार मिल सके और सूबे की अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी जा सके. लेकिन मेरठ में चल रहा यह भूमि विवाद सरकार की समयसीमा के आड़े आ रहा है.
आज के समय में हर युवा चाहता है कि वह अपनी पढ़ाई जल्द से जल्द पूरी करके कमाई करना शुरू कर दे. बहुत से लोगों के मन में यह गलतफहमी होती है कि एक अच्छी और हाई-पेइंग नौकरी पाने के लिए सालों-साल लंबी डिग्रियां (Degrees) लेना जरूरी है. लेकिन आज के डिजिटल और स्किल-बेस्ड (कौशल आधारित) दौर में सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है.12वीं के बाद कुछ ऐसे बेहतरीन शॉर्ट-टर्म कोर्सेज मौजूद हैं, जिन्हें करने के बाद आप बिना किसी बड़ी डिग्री के एक शानदार कॉर्पोरेट नौकरी पा सकते हैं या खुद का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. आइए विस्तार से जानते हैं इन 5 सबसे बेहतरीन और ज्यादा कमाई कराने वाले कोर्सेज के बारे में.1. डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) – घर बैठे फ्रीलांसिंग का मौकाआजकल चाहे छोटी दुकान हो या बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी, हर कोई इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए अपने ग्राहकों तक पहुंचना चाहता है. यही वजह है कि डिजिटल मार्केटिंग की मांग बाजार में सबसे ज्यादा है.कोर्स में क्या सीखते हैं: इस कोर्स में आपको सोशल मीडिया मार्केटिंग (Facebook, Instagram, LinkedIn), सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO), गूगल एड्स और कंटेंट मार्केटिंग की बारीकियां सिखाई जाती हैं.अवधि: यह कोर्स मात्र 3 से 6 महीने में पूरा हो जाता है.कमाई और स्कोप: शुरुआत में ही आप ₹3 से ₹6 लाख तक का सालाना पैकेज आसानी से पा सकते हैं. अनुभव बढ़ने के साथ आप सोशल मीडिया मैनेजर या एसईओ विशेषज्ञ (SEO Expert) के रूप में मोटी सैलरी ले सकते हैं. इसमें सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप घर बैठे दुनिया भर के क्लाइंट्स के लिए फ्रीलांसिंग भी कर सकते हैं.2. वेब डेवलपमेंट और कोडिंग (Web Development & Coding)इंटरनेट के इस दौर में हर बिजनेस की अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप है. ऐसे में वेबसाइट बनाने और उसे मेंटेन करने वाले डेवलपर्स की मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है.कोर्स में क्या सीखते हैं: इस स्किल को आप 6 महीने से 1 साल के भीतर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स (जैसे Udemy, Coursera या FreeCodeCamp) से सीख सकते हैं. इसमें आपको HTML, CSS, JavaScript और विभिन्न प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखाई जाती हैं.कमाई और स्कोप: कोर्स के बाद आप फ्रंटएंड, बैकएंड या फुल-स्टैक डेवलपर बन सकते हैं. शुरुआती स्तर पर आपकी सालाना कमाई ₹4 से ₹8 लाख तक हो सकती है. टेक स्टार्टअप्स और आईटी कंपनियों में इन प्रोफेशनल्स की भारी डिमांड है.3. आईटीआई कोर्सेज (ITI Courses) – सरकारी और टेक्निकल फील्ड में एंट्रीयदि आपकी रुचि तकनीकी कार्यों (Technical Work) में है और आप कम खर्चे में व्यावहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) हासिल करना चाहते हैं, तो इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) के कोर्सेज आपके लिए सबसे बेस्ट हैं.कोर्स में क्या सीखते हैं: इसमें इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फिटर, मोटर मैकेनिक और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे कई ट्रेड्स में ट्रेनिंग दी जाती है.अवधि: इन कोर्सेज की अवधि 6 महीने से लेकर 2 साल तक होती है.कमाई और स्कोप: आईटीआई पास करने के बाद आप सालाना ₹2 से ₹5 लाख तक कमा सकते हैं. भारतीय रेलवे, बिजली बोर्ड, रक्षा क्षेत्र और बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में आईटीआई युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के ढेरों अवसर होते हैं. साथ ही, सरकार द्वारा अप्रेंटिसशिप के तहत ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड (वेतन) भी दिया जाता है.4. कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग (Commercial Pilot Training) – आसमान छूने का सपनाअगर आपका सपना आसमान में उड़ने का है और आप एक एडवेंचरस और बेहद सम्मानजनक करियर चाहते हैं, तो 12वीं (साइंस स्ट्रीम) के बाद कमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग ले सकते हैं.कोर्स का प्रारूप: यह कोर्स थोड़ा महंगा और लंबा होता है, जिसके लिए आपको सख्त मेडिकल और फिजिकल टेस्ट पास करने होते हैं.अवधि: इसकी ट्रेनिंग 18 से 24 महीने (लगभग 2 साल) की होती है.कमाई और स्कोप: ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आप विभिन्न एयरलाइंस में कमर्शियल पायलट या फ्लाइट इंस्ट्रक्टर बन सकते हैं. इस फील्ड में शुरुआती सैलरी ही ₹12 से ₹25 लाख सालाना तक होती है. हालांकि इसमें शुरुआती निवेश ज्यादा है, लेकिन इसके बाद का करियर और लाइफस्टाइल बेहद शानदार होता है.5. ग्राफिक डिजाइनिंग और UI/UX डिजाइन – क्रिएटिव लोगों की पहली पसंदअगर आप स्वभाव से रचनात्मक (Creative) हैं, आपको रंगों, आकृतियों और विजुअल्स के साथ खेलना पसंद है, तो ग्राफिक डिजाइनिंग और यूजर इंटरफेस (UI/UX) डिजाइनिंग आपके लिए एक परफेक्ट करियर है.कोर्स में क्या सीखते हैं: 6 महीने से 1 साल के इस कोर्स में आपको Photoshop, Illustrator और Figma जैसे एडवांस सॉफ्टवेयर चलाना सिखाया जाता है, जिससे आप वेबसाइट, ऐप्स, बैनर और लोगो डिजाइन कर सकें.कमाई और स्कोप: कोर्स पूरा करने के बाद आप किसी भी मीडिया हाउस, एड एजेंसी या आईटी कंपनी में ₹3 से ₹7 लाख सालाना के शुरुआती पैकेज पर काम शुरू कर सकते हैं. इस फील्ड में भी रिमोट वर्क (Work from Home) और फ्रीलांसिंग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं.
वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया
हनोई। वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने से 15 भारतीयों की मौत हो गई जबकि 17 भारतीयों और चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटर नौका स्थानीय समयानुसार दोपहर […] The post वियतनाम में नौका डूबने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 21 को सुरक्षित बचा लिया गया appeared first on Sabguru News .
अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में अलवर के सदर थाना क्षेत्र स्थित बुर्जा के नायरा पेट्रोल पंप पर शनिवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महज 800 रुपए के पेट्रोल के भुगतान को लेकर हुए विवाद में मोटर साइकिल पर सवार एक नकाबपोश बदमाश ने पेट्रोल पंप […] The post अलवर : पेट्रोल के पैसे मांगे तो सेल्समैन को मारी गोली, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट
मुंबई। मुंबई पुलिस ने 16 साल की लड़की को परेशान करने, उसका पीछा करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में टेलीविजन अभिनेता रोहित चंदेल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चंदेल के खिलाफ बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं […] The post नाबालिग लड़की से मारपीट करने के आरोप में अभिनेता रोहित चंदेल अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के कलेक्टरगंज क्षेत्र में एक प्रेमी युगल ने शनिवार को जहरीले पदार्थ का सेवन का अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सहायक पुलिस आयुक्त आनंद कुमार ओझा ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस को आज शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली कि कलेक्टरगंज क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में […] The post कानपुर के एक होटल के कमरे में युगल ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी
अलवर। राजस्थान में अलवर के कोतवाली थाना क्षेत्र में सबसे पॉश कॉलोनियों में शुमार स्कीम नंबर-1 में दिनदहाड़े एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मकान मालिक रवि अग्रवाल अपने परिवार के साथ चार जुलाई को जयपुर स्थित अपनी बेटी के घर गये हुए […] The post अलवर में सूने मकान से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी appeared first on Sabguru News .
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। पिथौरागढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनपद के सीमांत क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मुनस्यारी के मल्ला जोहार क्षेत्र में बिल्जू नदी के उफान पर आने से मिलम जाने वाला मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया है, जिससे क्षेत्र के करीब 80 से 90 परिवारों का संपर्क प्रभावित हो गया है।
Ayodhya Ram Mandir Conflict: अयोध्या राम मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के आंतरिक तालमेल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा दो दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। जब मीडिया ने उनसे आगामी 22 जुलाई को ...
शहर में संचालित कोचिंग सेंटरों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार से विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ओम टावर में संचालित 11 कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कर वहां लगाए गए अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की।
गांव के होनहारों को अफसर बनाने के लिए योगी सरकार का मेगा प्लान
UP High Tech Digital Library Scheme: ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों की तैयारी के लिए गांवों में ही आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
जनसेवा सर्वोपरि, प्रतिकूल मौसम में भी CM योगी ने किया जनता दर्शन
CM Yogi Janta Darshan Gorakhpur: ‘जनसेवा सर्वोपरि’ के ध्येय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद जन समस्याओं के निस्तारण के निस्तारण के लिए ‘जनता दर्शन’ किया। बारिश में दूरदराज से आए लोगों से उन्होंने गोरखनाथ ...
JioFinance से अब सिर्फ 24 रुपए से भरें ITR, साथ में मिलेगा JioPoints का फायदा
Income Tax Return Filing Service : टैक्स फाइलिंग सीजन के बीच जियोफाइनेंस (JioFinance) ने अपने ग्राहकों के लिए टैक्स प्लानिंग और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग सेवा दोबारा शुरू कर दी है। इस बार कंपनी ने टैक्स फाइलिंग को और किफायती बनाने के साथ-साथ ...
ममता बनर्जी को महाझटका! TMC के 12 और बैंक खाते सील, अब तक 1000 करोड़ रुपए लॉक
TMC bank accounts sealed: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त सबसे बड़ा भूचाल आ चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी (ED) का शिकंजा ऐसा कसा है कि पार्टी पूरी तरह लाचार नजर आ ...
मध्यप्रदेश की सरकार युवाओं के भविष्य के लिए, आने वाले कल के लिए, युवाओं के सपनों के लिए हर मदद के लिए तैयार है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश और मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है। युवा शक्ति अवसरों का लाभ उठाए। प्रदेश सरकार युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के ...
बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन
अभिभावकों से सजग रहने और बच्चियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनने की अपील कोटा। अखिल भारतीय कोली समाज रजिस्टर नई दिल्ली की कोटा महिला विंग की बैठक शुक्रवार शाम टीचर्स कॉलोनी स्थित कोटा जिला अध्यक्ष निर्मला वर्मा के निवास पर आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बालिका सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से […] The post बालिका सुरक्षा को लेकर अखिल भारतीय कोली समाज की महिला विंग ने किया मंथन appeared first on Sabguru News .

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