मैथिली ठाकुर से CM बनने पर सवाल, बोलीं...
‘पंचायत आजतक बिहार’ में बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने राजनीति, मंत्री पद की इच्छा, मुख्यमंत्री बनने की चर्चाओं, आरक्षण और सोशल मीडिया आलोचना पर बात की. उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका फोकस पार्टी की ओर से मिली जिम्मेदारियों को पूरा करने पर है और वह युवाओं के लिए समान अवसर की बात करती हैं.
सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचा धुरंधर कपल, लिया बप्पा का आशीर्वाद
अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण शुक्रवार, 18 सितंबर की दोपहर को अपने पति रणवीर सिंह के साथ मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं. आशीर्वाद लेने के लिए मंदिर जाते समय यह कपल एक-दूसरे का हाथ थामे हुए नजर आया.
चिकन-मटन छोड़िए, साबुत लहसुन डालकर बनाएं टेस्टी हांडी मशरूम
चिकन-मटन खाने का मन नहीं है लेकिन कुछ मसालेदार और जायकेदार खाना चाहते हैं? इस बार घर पर हांडी मशरूम बनाएं. साबुत मसाले, लहसुन, दही और तीखे मसालों से तैयार यह सब्जी रोटी, नान, पराठे और जीरा राइस के साथ बेहद स्वादिष्ट लगेगी और मशरूम पसंद न करने वालों को भी पसंद आ सकती है.
DUSU के विजय जुलूस पर हाईकोर्ट ने लगाया बैन, नियम तोड़ा तो...!
काफिलों और आचार संहिता उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने चुनाव परिणाम के बाद किसी भी विजय जुलूस, रैली या ढोल-नगाड़े बजाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. सभी उम्मीदवारों और छात्र संगठनों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है. पुलिस और डीयू प्रशासन को भी छात्रों के नाम पर हो रही अव्यवस्था रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
युवराज के गुरुमंत्र से चमके अभिषेक, 30 गेंदों में जड़ा शतक
अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 मुकाबले में 30 गेंदों पर शतक जड़कर नया रिकॉर्ड बनाया. इस पारी से पहले उन्हें मेंटर युवराज सिंह का खास संदेश मिला था. युवराज ने हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के बजाय खराब गेंदों पर सिंगल डबल लेकर स्ट्राइक रोटेट करने की सलाह दी. अभिषेक ने इसे अपनाया और 108 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई. सीरीज में उन्होंने 229 रन बनाए.
बिहार में निवेश और रोजगार कैसे बढ़ेगा, दिग्गजों ने बताया
मेफेयर होटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर नितेश कुमार सिंह, आईआईएम बोधगया की डायरेक्टर डॉ. विनिता एस. सहाय और मेदांता पटना के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह ने बताया कि बिहार में निवेश बढ़ाने के लिए किन क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत है.
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को नई आधिकारिक पहचान दे दी है।
PAK के खटारा युद्धपोत ने कैसे मारी भारतीय वॉरशिप को टक्कर, देखिए Video
इंडिया टुडे ने सिम्युलेटर में 15 सितंबर को उत्तरी अरब सागर में भारतीय नौसेना युद्धपोत और पाकिस्तानी पीएनएस हुनैन की टक्कर का रीक्रिएशन करके दिखाया. यह प्रशिक्षण दिखाता है कि अधिकारी दबाव में कैसे फैसले लेते हैं.
MBS के सपनों और मंसूबों की कहानी, यमन से शुरू और वहीं पर दफन!
2015 में यमन पर हमले से अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाले सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के 10 साल पूरे हो चुके हैं. इन दस सालों में MBS ने शाही परिवार पर एकछत्र राज कायम किया और 'विजन 2030' से अपने समाज को बदला. लेकिन आज यमन के हूती लड़ाकों के पलटवार और नाकेबंदी ने उनकी पूरी रियासत, सुरक्षा और आर्थिक सपनों को लाचार कर दिया है.
'सरकार का फैसला मानना...', भारत-PAK हैंडशेक विवाद पर कपिल की दो टूक
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट में हैंडशेक विवाद के बीच पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा है कि अगर सरकार ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाने का फैसला किया है तो खिलाड़ियों के पास ज्यादा विकल्प नहीं होते. वहीं इमरान खान को लेकर उन्होंने कहा कि पूर्व पाकिस्तानी कप्तान को मानवीय व्यवहार मिलना चाहिए, यही उनकी बुनियादी मांग है.
किराए के मकान में युवक की हत्या, दोनों आंखें निकालीं; पत्नी-बच्चे लापता
Muzaffarpur Murder Case: मुजफ्फरपुर के चाणक्यपुरी में मजदूर की आंखें निकालकर हत्या. किराए के कमरे में मिला शव, पत्नी और दो बच्चे लापता. FSL जांच में जुटी.
राधा अष्टमी से 4 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, मिलेगा पैसा!
Radha Ashtami 2026 Rashifal: 19 सितंबर 2026 को मनाई जाने वाली राधा अष्टमी कई मायनों में बेहद खास रहने वाली है. इस दिन आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और रवि योग का दुर्लभ त्रिग्रही महासंयोग बन रहा है. इन शुभ योगों के प्रभाव से 4 चुनिंदा राशियों का स्वर्णकाल शुरू होने जा रहा है. तो आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
जम्मू में रोहिंग्याओं पर बड़ा एक्शन, 3 राज्यों में हाई अलर्ट!
जम्मू के नरवाल इलाके में रोहिंग्या बस्तियों पर प्रशासन की कार्रवाई के बाद कई परिवार झुग्गियां खाली करते नजर आ रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, संभावित आवाजाही को देखते हुए दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत कुछ इलाकों को सतर्क किया गया है. इस घटनाक्रम के बीच रोहिंग्याओं की पहचान, भारत में उनकी कानूनी स्थिति और जम्मू से दूसरी जगहों की ओर संभावित आवाजाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं. प्रशासन की कार्रवाई जारी है.
‘बीजेपी ने मेरी पार्टी को हाईजैक कर लिया, लोकतंत्र के लिए काला दिन’; EC के फैसले पर ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'देश में जो कुछ हो रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक है। यह एक राजनीतिक दल के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए की जा रही पक्षपातपूर्ण बदले की कार्रवाई है।'
20 घंटे का सफर सिर्फ 6 घंटे में, इस रूट पर भी दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
Bullet Train Delhi to Siliguri: दिल्ली-वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से इस रूट पर लगने वाला यात्रा के समय में बड़ी कमी आएगी. Delhi-Siliguri के बीच लगने वाला करीब 20 घंटे का समय कम होकर 6 घंटे 45 मिनट हो सकता है.
सैमसंग ने महंगे किए स्मार्टफोन्स, 20 हजार रुपये तक बढ़ गई कीमत
iPhone 18 Pro की बिक्री आज से शुरू हो गई है. इसी के साथ सैमसंग ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स भी महंगे कर दिए हैं. कीमत 20 हजार रुपये तक बढ़ी है और अब लाख रुपये में मिलेगा.
टाइपिंग टेस्ट में फेल हुआ क्लर्क, DM ने डिमोट कर बनाया चपरासी
बरेली डीएम अविनाश सिंह ने लगातार तीन बार हिंदी टंकण परीक्षा पास न करने पर कनिष्ठ लिपिक रेहान खान को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) के पद पर डिमोट कर दिया है. इसके अलावा कई सालों से गबन के आरोपी एक अन्य कर्मचारी को सेवा से बर्खास्त भी किया गया है.
WhatsApp ग्रुप बनाने की वजह से जा सकती है नौकरी? हाई कोर्ट ने क्या कहा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने पर नौकरी से हटाए गए प्रोफेसर को राहत दी है। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि केवल सोशल मीडिया पर ग्रुप बना लेना किसी कर्मचारी के लंबे करियर को खत्म करने की वजह नहीं हो सकती।
सिर्फ नमाज नहीं..., कश्मीर की मस्जिदों ने लिया ये अहम फैसला
Kashmir Mosques: कश्मीर की मस्जिदों में अब ड्रग्स, आत्महत्या, मानसिक तनाव और पर्यावरण जैसे सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी. शिया-सुन्नी उलेमाओं ने समाज सुधार के लिए नई पहल की योजना बनाई है.
‘CM का आशीर्वाद लेने गई थीं’, नाम वापस ले लिया... नंदीग्राम में शुभेंदु ने कैसे बिगाड़ा ममता का खेल?
संचिता प्रधान डे अपने पति के साथ राज्य के प्रशासनिक मुख्यालय नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलने पहुंची थीं। इस मुलाकात के कुछ देर बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट से बतौर TMC उम्मीदवार अपना नाम वापस ले लिया।
नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी ने बड़ा ऐलान करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की है. ममता गुट अब इस सीट पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा. यह फैसला ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद आया है.
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को अपना समर्थन देने की घोषणा की, क्योंकि उनके अपने उम्मीदवार ने मुकाबले से नाम वापस ले लिया था। उन्होंने कहा कि उनका खेमा नंदीग्राम से कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। बनर्जी ने कहा कि यह फ़ैसला 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए लिया गया है, क्योंकि विपक्ष बीजेपी के ख़िलाफ़ एकजुट होकर लड़ना चाहता है। बनर्जी ने कहा कि हम मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। मैं चाहती हूं कि बीजेपी भारत से चली जाए। हमारा पूरा समर्थन INDIA गठबंधन के साथ है। इसे भी पढ़ें: 'वोट चोरी के बाद अब पार्टी चोरी': TMC विवाद पर Rahul Gandhi का Election Commission पर हमला यह घोषणा ममता बनर्जी के खेमे से तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के कुछ घंटों बाद हुई, जबकि अहम उपचुनाव में अब बस एक महीने का समय बचा है। डे ने नबन्ना में राज्य सचिवालय में सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद अपना नाम वापस लिया। हालांकि सूत्रों ने शुरू में इसे एक शिष्टाचार मुलाकात बताया, लेकिन इसने राजनीतिक ध्यान खींचा क्योंकि अधिकारी नंदीग्राम से मौजूदा विधायक भी हैं। यह बैठक चुनाव आयोग द्वारा नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों के लिए TMC के दो गुटों को नए चुनाव चिह्न आवंटित करने के कुछ ही समय बाद हुई। ममता बनर्जी के खेमे को फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न मिला, जबकि रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को लिफाफे का चुनाव चिह्न मिला। इसे भी पढ़ें: Nandigram Bypoll में बड़ा Twist: सुवेंदु से मुलाकात के बाद TMC Candidate ने वापस लिया नामांकन, ममता ने कांग्रेस को दिया समर्थन 'इंडिया' ब्लॉक के दूसरे नेताओं के साथ हुई अपनी बातचीत का भी ज़िक्र किया और बीजेपी के ख़िलाफ़ विपक्ष की एकजुटता पर ज़ोर दिया। बनर्जी ने कहा राहुल गांधी ने कल मुझे फ़ोन किया था। उन्होंने यह भी बताया कि AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी समर्थन का संदेश भेजा है। उन्होंने कहा हम सब मिलकर लड़ेंगे। बनर्जी ने बीजेपी पर भी निशाना साधा और उसे जुमला पार्टी कहा। साथ ही, उन्होंने दोहराया कि उनका खेमा नंदीग्राम में कोई दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारेगा, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करने का रास्ता साफ़ हो गया।
KKR में जाएंगे रोहित? नायर ने छेड़ा, हिटमैन के जवाब ने मचा दी हलचल
रोहित शर्मा के नए शो फैमिली फुल हाउस ( Family Full House) में KKR कोच अभिषेक नायर ने उन्हें CSK और KKR के नाम पर जमकर छेड़ा. पीले कपड़ों में रोहित को देखकर नायर ने IPL टीम बदलने का इशारा किया, लेकिन ऑडियंस ने 'मुंबई-मुंबई' के नारेबाजी की.
मां से बोली- पति के ऑफिस जाते ही कॉल करूंगी, मौत के बाद पति को उम्रकैद
बिजनौर के धामपुर में शादीशुदा महिला की मौत के मामले में कोर्ट ने पति संदीप कुमार को हत्या का दोषी मानकर उम्रकैद सुनाई है. सास प्रमोद देवी और ससुर बृजपाल सिंह को दो-दो साल जेल की सजा मिली. चित्रा ने मौत से कुछ घंटे पहले मां से बात की थी.
शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब ममता बनर्जी खेमे की ओर से नंदीग्राम उपचुनाव की उम्मीदवार संचिता डे प्रधान ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की और बाद में उस सीट से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। प्रधान ने आज कोलकाता में अधिकारी के साथ बैठक की; आज उपचुनाव के लिए नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख भी थी। सोशल मीडिया पर अधिकारी और प्रधान की एक साथ वाली कथित तस्वीर वायरल हो गई। इसे भी पढ़ें: 'अपनी पार्टी का इतिहास भी नहीं जानते Rahul Gandhi', TMC Symbol Freeze पर Sudhanshu Trivedi का तीखा तंज ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि रिताब्रता बनर्जी के गुट ने मोहम्मद एतेशमुल हक को नॉमिनेट किया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम नंदीग्राम और असम में कांग्रेस को अपना समर्थन दे रहे हैं। हम देश के व्यापक हित में ऐसा कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी के मारे गए सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है। नंदीग्राम और रेजीनगर में वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। दोनों विरोधी गुटों द्वारा 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और घास पर दो फूलों वाले पारंपरिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाने के एक दिन बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार को दोनों विरोधी गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। इसे भी पढ़ें: 'वोट चोरी के बाद अब पार्टी चोरी': TMC विवाद पर Rahul Gandhi का Election Commission पर हमला शुक्रवार को जारी ECI की अधिसूचना के अनुसार, ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को - जिसे आयोग ने मूल लेकिन अल्पसंख्यक समूह बताया है - ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इस गुट को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी गई है। तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को - जिसे आयोग ने बागी लेकिन बहुमत वाला समूह कहा है - डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस नाम और लिफ़ाफ़ा चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इसे भी पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी गई है।
'उल्टी से डर लगता था, तो अबोर्शन करवा लिया', महिला ने सुनाई आपबीती
प्रेग्नेंसी एक महिला के लिए सबसे खुशी का समय होता है. फिर भी सिर्फ उल्टी होने के डर से कोई अबोर्शन करवा ले, ऐसा शायद ही सुनने को मिलता है. एक महिला के साथ कुछ ऐसा हुआ कि उसने सिर्फ उल्टी होने के डर से अबोर्शन करवा लिया. चलिए जानते हैं क्या है ये कहानी?
पुराने अखबार से बनाएं सुंदर टेबल लैंप, साइड टेबल की बढ़ेगी खूबसूरती
How To Make Table Lamp From Old Newspaper: रोज घर आने वाले रद्दी अखबारों को फेंकने के बजाय आप उससे खूबसूरत टेबल लैंप बना सकते हैं. जानें कैसे साधारण से अखबार, ग्लू और पुरानी फ्रेम की मदद से बिना पैसे खर्च किए घर को एस्थेटिक और स्टाइलिश लुक दिया जा सकता है.
मॉनसून की विदाई के बीच नया मौसम सिस्टम एक्टिव, गुजरात से अरुणाचल तक बारिश-आंधी का अलर्ट
मॉनसून की विदाई के बीच नया मौसम सिस्टम सक्रिय हो रहा है। IMD ने दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, झारखंड, ओडिशा समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का अनुमान जताया है।
निचला खेजड़ा स्कूल की बालिकाओं ने कबड्डी में लहराया परचम, ब्लॉक स्तर पर बनीं विजेता
आबूरोड (सिरोही)। मूंगथला में आयोजित ब्लॉक स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय निचला खेजड़ा की 11 वर्ष आयु वर्ग की बालिका खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। मुकाबले में टीम की खिलाड़ियों ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी टीम को मात दी। टीम की रेडर भूरी […] The post निचला खेजड़ा स्कूल की बालिकाओं ने कबड्डी में लहराया परचम, ब्लॉक स्तर पर बनीं विजेता appeared first on Sabguru News .
Nitish Kumar संग BJP का रिश्ता सिर्फ सियासी तालमेल नहीं, बोले Ravi Shankar Prasad
बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इस बात को खारिज कर दिया कि जेडी(यू) के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन सिर्फ़ एक राजनीतिक तालमेल था। उन्होंने बिहार के विकास के लिए पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार के असाधारण काम की तारीफ़ की। एक निजी मीडिया के कार्यक्रम में बोलते हुए प्रसाद ने बताया कि नीतीश कुमार के साथ उनकी पार्टी के रिश्ते 2005 से 2007 के बीच शुरू हुए थे और इनकी नींव उस साझा लड़ाई में पड़ी थी जिसे उन्होंने जंगल राज कहा था। प्रसाद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि BJP ने वरिष्ठता का सम्मान किया और ज़्यादा सीटें होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया, और अब पार्टी अपना मुख्यमंत्री पाकर खुश है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि पूरा NDA – जिसमें JD(U), BJP, LJP, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी शामिल हैं – मिलकर काम कर रहा है। इसे भी पढ़ें: Bihar Flood Crisis: नितिन नवीन ने CM Relief Fund में दान की 3 महीने की Salary प्रसाद ने कहा कि BJP का एक लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक लक्ष्य अब पूरा हो गया है, क्योंकि हिंदी भाषी क्षेत्र में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य था जहाँ पार्टी का अपना कोई मुख्यमंत्री नहीं था। बिहार के विकास का ज़िक्र करते हुए, प्रसाद ने पटना एयरपोर्ट के कायाकल्प, आठ वंदे भारत ट्रेनों, अटल पथ और जेपी गंगा पथ का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि गंगा पर पाँच पुल बनाए जा रहे हैं और बाढ़ के दौरान सरकार की राहत कोशिशों को भी याद किया। अपने चुनाव क्षेत्र के बख्तियारपुर और फतुहा का ज़िक्र करते हुए, प्रसाद ने कहा कि उन्होंने लोगों की मदद के लिए खुद बाढ़ के पानी में उतरकर काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने हाल ही में तैनात दो IAS अधिकारियों को बाढ़-राहत कार्यों में शामिल किया, ताकि उन्हें ज़मीनी हालात की सीधी समझ मिल सके। इसे भी पढ़ें: Punjab Assembly Polls में 'नशा' बना Political Issue, AAP को घेरने के लिए BJP का Masterstroke प्रसाद ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने कई जगहों पर डिग्री कॉलेज खुलवाने और शिकायतों के समाधान के लिए एक पोर्टल शुरू करने में मदद की है। प्रसाद के अनुसार, इस पोर्टल को गोवा और गुजरात में भी अपनाया गया है; इसमें लंबित शिकायतों पर हर हफ़्ते रिमाइंडर भेजे जाते हैं और अगर एक महीने के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता, तो कार्रवाई की जाती है। उन्होंने IT सेक्टर, स्किल सेंटर्स और AI डेटा यूनिवर्सिटी के लिए योजनाओं का भी ज़िक्र किया, साथ ही कानून-व्यवस्था की स्थिति को सख्त बताया।
अब मोबाइल नंबर की तरह पोर्ट होगा FASTag, NHAI ने शुरू की ‘वन टैग’ सुविधा; जानें पूरा तरीका
NHAI के अनुसार, FASTag पोर्टेबिलिटी की सुविधा राजमार्गयात्रा एप में उपलब्ध ‘वन टैग’ विकल्प के जरिए ली जा सकेगी। एप पर यूजर को पूरी प्रक्रिया के दौरान जरूरी निर्देश और जानकारी दी जाएगी।
बैलून-मोमबत्ती से कमरा सजाया, फ्रिज में बेटी की लाश रख पिता ने दे दी जान
गुजरात के अमरेली में आर्थिक तंगी से परेशान एक पिता ने अपनी 5 साल की बेटी की हत्या कर दी और फिर खुदकुशी कर ली. घर के एक कमरे में गुब्बारे, मोमबत्तियां और पूजा की तैयारी थी, जबकि बच्ची का शव फ्रिज में रखा मिला. पुलिस को तीन नोट मिले, जिनमें पिता ने वारदात और इसके पीछे की वजह का जिक्र किया था.
J&K Police ने Kathua में ISI के मददगार को दबोचा, बॉर्डर रोड पर निगरानी के लिए लगाया था CCTV
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक 24 साल के व्यक्ति को पाकिस्तान स्थित एक एजेंसी को संवेदनशील फुटेज और जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अमन नाम का यह व्यक्ति ट्रक ड्राइवर है। आरोप है कि उसने सैन्य ठिकानों की रेकी की और पाकिस्तानी एजेंटों को देने के लिए जानकारी और तस्वीरें इकट्ठा करने की कोशिश की। सूत्रों का कहना है कि अमन को कथित तौर पर हनी-ट्रैप में फंसाया गया था, जिसके बाद उसने संवेदनशील जानकारी और फुटेज देना शुरू कर दिया। उस पर जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से निर्देश लेने का भी आरोप है। इसे भी पढ़ें: Kashmir Crime Branch ने 93 लाख की जमीन धोखाधड़ी में गुलाम मोहि-उद-दीन डार को पकड़ा बॉर्डर के पास की सड़क पर नज़र रखने के लिए CCTV कैमरा लगाया गया सूत्रों के मुताबिक, अमन ने बॉर्डर के पास की सड़क पर नज़र रखने के लिए अपने घर के बाहर कथित तौर पर एक सिम-बेस्ड CCTV कैमरा लगाया था। उसे कैमरा लगाने के लिए 20,000 रुपये मिले थे, जिसका इस्तेमाल फुटेज रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता था। यह फुटेज उस जानकारी का हिस्सा थी जो वह पाकिस्तान स्थित एजेंसी को भेज रहा था। इसे भी पढ़ें: Kashmir में सर्दियों ने दी दस्तक, बर्फ से सफेद हुए Gulmarg और Gurez Valley, कुदरत ने बदल दिया पूरा नजारा फ़ोन ज़ब्त, केस दर्ज जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमन का फ़ोन ज़ब्त कर लिया है और इस मामले में उसके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है। यह जांच उन आरोपों से जुड़ी है कि अमन ने पाकिस्तान में मौजूद एजेंटों के लिए संवेदनशील फ़ुटेज मुहैया कराए, सैन्य ठिकानों की रेकी की और जानकारी व तस्वीरें इकट्ठा कीं।
क्वालिटी टेस्ट में पैरासिटामोल फेल, अस्पतालों ने लगाई रोक
नागपुर में महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में पैरासिटामोल 500 mg और टेल्मिसार्टन 40 mg दवाएं क्वालिटी टेस्ट में फेल पाई गईं. इसके बाद सरकारी अस्पतालों ने इन दवाओं का वितरण रोक दिया और स्टॉक वापस मंगवा लिया है.
नंदीग्राम उपचुनाव में ममता को झटका, TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने वापस लिया नाम
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव में TMC को झटका लगा है। ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया। जानें पूरा मामला।
Oral-B का नया इलेक्ट्रिक ब्रश लॉन्च, एक क्लिक में होगी दांतों की सफाई
भारत में एक नया इलेक्ट्रिक ब्रश लॉन्च हुआ है, जिसका नाम Oral-B iO Series 2 है. इसमें कमाल की टेक्नोलॉजी और बिना शोर के काम करने वाली मोटर का यूज किया है. साथ ही कंपनी ने बताया है, जिनके मसूड़ों में परेशानी है, उनके लिए खास फीचर्स को शामिल किया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Punjab Assembly Polls में 'नशा' बना Political Issue, AAP को घेरने के लिए BJP का Masterstroke
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब को ड्रग्स की समस्या से मुक्त करना होगा और ड्रग-विरोधी अभियान को राज्य के हर कोने तक ले जाना होगा। पठानकोट में, बीजेपी प्रमुख ने 'एकता स्थल' से राज्यव्यापी चार ड्रग-विरोधी यात्राओं में से पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाई। दूसरी यात्रा 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी, इसके बाद तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का से और चौथी यात्रा 21 सितंबर को बठिंडा के तलवंडी साबो से शुरू होगी। इसे भी पढ़ें: AAP डरी हुई है: Ravneet Singh Bittu पर हमले को लेकर बोले BJP सांसद Raghav Chadha बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, 13 दिनों तक चलने वाली 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, ताकि ड्रग्स की समस्या के खिलाफ जागरूकता फैलाई जा सके, खासकर युवाओं के बीच। चारों यात्राओं के समापन पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर में एक रैली को संबोधित करेंगे। एक जनसभा को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि मैं पटना से एक संदेश लेकर आया हूं - हमें इस ड्रग-विरोधी अभियान को राज्य के हर कोने तक ले जाना है। हमें पंजाब को नशा मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज, हम एक ऐसे दुश्मन का सामना कर रहे हैं जो चुपचाप हमारे गांवों, हमारे घरों में घुस जाता है और धीरे-धीरे पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लेता है। यह दुश्मन ड्रग्स है और हमें इस समस्या को खत्म करना है। उन्होंने आगे कहा कि मैं यहां सिर्फ एक यात्रा को हरी झंडी दिखाने नहीं आया हूं, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई शुरू करने आया हूं, इस संकल्प के साथ कि हम इस समस्या को जड़ से खत्म कर देंगे। नवीन ने भगवंत मान सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि वह ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के लिए सिर्फ़ तारीख पर तारीख देती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कुछ नहीं होता। इस मौके पर पंजाब बीजेपी प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों, सतीश पूनिया, तरुण चुघ, सुनील जाखड़, मनप्रीत सिंह बादल, सौदान सिंह, परनीत कौर, राघव चड्ढा और इकबाल सिंह लालपुरा समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अगले साल की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में बीजेपी ड्रग्स और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दों के इर्द-गिर्द अपना चुनावी अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसे भी पढ़ें: Pathankot जा रहे Ravneet Bittu के काफिले पर Attack! BJP ने AAP सरकार पर साधा निशाना पार्टी ने अपने ड्रग-विरोधी अभियान में केंद्रीय मंत्रियों और कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया है। पंजाब बीजेपी प्रमुख ढिल्लों ने कहा कि ड्रग्स की समस्या ने परिवारों को बर्बाद कर दिया है, फिर भी AAP सरकार ने इस समस्या को रोकने के लिए कुछ नहीं किया है। ढिल्लों ने कहा कि अगर पंजाब में बीजेपी की सरकार बनती है, तो वह ड्रग्स की समस्या को खत्म कर देगी। उन्होंने बीजेपी द्वारा शासित राज्यों में पार्टी के कामकाज के रिकॉर्ड का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी ने नक्सलवाद से प्रभावित राज्यों में नक्सलवाद को खत्म किया है, साथ ही उत्तर प्रदेश में गैंग हिंसा और कश्मीर में हिंसा को भी रोका है।
NCAP सर्वे में Lucknow रहा नंबर 1, Union Minister Bhupender Yadav ने CM Yogi को दी बधाई
भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस बैठक का मकसद राज्य के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 'वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग' (CAQM) की ओर से हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करना था। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, यादव ने प्रधानमंत्री के एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने के प्रयासों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बधाई देना चाहता हूँ कि उन्होंने हाल के वर्षों में पूरे राज्य में बड़ी संख्या में पेड़ लगाए हैं और तय लक्ष्य से ज़्यादा पेड़ लगाने का काम किया है। इसे भी पढ़ें: Niphad में UBT नेता के विरोध पर भड़का प्रशासन, Chief Officer ने पुलिस कार्रवाई की मांग की नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत राज्य के प्रदर्शन पर बात करते हुए उन्होंने कहा, NCAP के तहत हमने साफ़ हवा के लिए 130 शहरों का सर्वे किया, जिसमें लखनऊ पहले स्थान पर रहा और उत्तर प्रदेश के आगरा और दूसरे शहरों ने भी बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। समीक्षा बैठक में चर्चा किए गए मुख्य मुद्दों के बारे में बताते हुए यादव ने कहा कि बैठक में उत्तर प्रदेश के NCR में आने वाले आठ ज़िलों - नोएडा, हापुड़, गाज़ियाबाद, मेरठ और बुलंदशहर - में हवा की गुणवत्ता से जुड़ी चिंताओं पर बात हुई। उन्होंने कहा, सबसे पहले, हमने गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण और पुरानी गाड़ियों से निपटने के तरीकों पर गौर किया। हमने बसों के लिए नई EV पॉलिसी की भी समीक्षा की और सर्टिफ़िकेट व एग्रीगेटर गाड़ियों की ज़रूरत के साथ-साथ गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण से निपटने के लिए और ज़्यादा असरदार कदमों पर चर्चा की। औद्योगिक प्रदूषण पर यादव ने कहा कि काफ़ी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, हमने देखा है कि 80 प्रतिशत उद्योगों ने पहले ही वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण लगा लिए हैं। हम बाकी उद्योगों की समीक्षा करने पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि धूल से होने वाला प्रदूषण भी एक मुख्य फ़ोकस एरिया था और सड़कों की मशीनीकृत और गहरी सफ़ाई के लिए एक कार्ययोजना पर चर्चा की गई। इसे भी पढ़ें: दूसरी डिलीवरी से पहले सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे Deepika Padukone और Ranveer Singh, बप्पा का लिया आशीर्वाद यादव ने आगे कहा कि बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को लागू करने के साथ-साथ हाउसिंग सोसायटियों और पर्यावरण मंत्रालय के साथ स्टेकहोल्डर्स से बातचीत पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हरियाणा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के साथ ऐसी ही समीक्षा बैठकें पहले ही हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, इस बार हमने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से मुलाकात की। आज हमारी बैठक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के साथ हुई। हम पंजाब और राजस्थान की सरकारों और मुख्यमंत्रियों से मिलकर भी इस मामले को आगे बढ़ाना चाहेंगे। यादव ने कहा कि केंद्र सरकार, फसल कटाई के मौसम से पहले पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सभी संबंधित राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
बिहार बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए नितिन नवीन, दान की 3 महीने की सैलरी
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने बिहार के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए राज्यसभा सांसद के तौर पर अपनी तीन महीने की सैलरी यानी 6,35,000 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में दान की. उन्होंने बताया कि सरकार प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता, राहत शिविर, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य जरूरी मदद उपलब्ध करा रही है.
सिर्फ मीडिया रिपोर्ट सबूत नहीं: CJP प्रदर्शन मामले में Delhi High Court ने खारिज की PIL
दिल्ली हाई कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा कथित तौर पर लाठीचार्ज किए जाने और उससे जुड़ी अलग-अलग बातों की सच्चाई का पता लगाने के लिए PIL पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि PIL का अधिकार क्षेत्र ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए नहीं है, खासकर तब जब कथित विवाद मीडिया रिपोर्ट और सरकारी बयानों पर आधारित हो। याचिका में अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे कथित लाठीचार्ज और घटना के बारे में अलग-अलग बयानों की सच्चाई का पता लगाने की मांग वाली अर्जी पर विचार करें। इसे भी पढ़ें: Kashmir Crime Branch ने 93 लाख की जमीन धोखाधड़ी में गुलाम मोहि-उद-दीन डार को पकड़ा सुनवाई के दौरान, बेंच ने सवाल किया कि क्या दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज़ के आधिकारिक बयानों में सच में कोई टकराव है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ़ मीडिया रिपोर्ट को सबूत नहीं माना जा सकता। बेंच ने कहा, क्या दिल्ली पुलिस और सेंट्रल पुलिस फोर्सेज़ के आधिकारिक बयानों में कोई टकराव है? हम ऐसी याचिकाओं पर विचार नहीं करेंगे। यह याचिका मीडिया जगत से जुड़े एक व्यक्ति ने दायर की थी, जो CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी रिपोर्ट और वीडियो सामने आने के बाद हाई कोर्ट पहुंचा था। यह मामला जुलाई 2026 में जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर CJP के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। इसे भी पढ़ें: Bengal SIR: 37 लाख से अधिक वोटर लिस्ट अपील लंबित, Supreme Court में चुनाव आयोग ने दी जानकारी विरोध प्रदर्शन के दौरान, जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने के बाद समर्थकों ने कथित तौर पर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की। घटना स्थल से मिली रिपोर्ट और वीडियो में दिखाया गया कि जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ी, पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठी और आंसू गैस समेत बल का प्रयोग किया। वहीं, दिल्ली पुलिस ने विरोध स्थल पर छिटपुट हिंसा और हिरासत में लिए जाने की खबरों को सार्वजनिक रूप से खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और विरोध प्रदर्शन को पेशेवर तरीके से संभाला जा रहा था। बाद की रिपोर्टों में प्रदर्शनकारियों द्वारा लाठीचार्ज और अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप भी सामने आए, जबकि पुलिस का कहना था कि उनकी कार्रवाई विरोध प्रदर्शन के दौरान बनी स्थिति के जवाब में थी। बाद में यह विवाद एक अलग कार्यवाही में हाई कोर्ट तक भी पहुंचा, जहां दिल्ली पुलिस 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान लाठी और पैलेट गन समेत बल प्रयोग के आरोपों वाली शिकायत को स्वीकार करने पर सहमत हुई।
शिक्षा के जरिए आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने पर मंथन, डीएवी कॉलेज में समविचारी संस्थाओं की बैठक
अजमेर। शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिकता, सेवा, संस्कार, राष्ट्रभावना और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों को विकसित करने की आवश्यकता पर अजमेर में आयोजित आध्यात्मिक शैक्षिक संस्थान समविचारी समूह की बैठक में विचार-विमर्श हुआ। बैठक का आयोजन दयानंद महाविद्यालय अजमेर में किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्या भारती राजस्थान के उपाध्यक्ष भरतराम […] The post शिक्षा के जरिए आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने पर मंथन, डीएवी कॉलेज में समविचारी संस्थाओं की बैठक appeared first on Sabguru News .
'हादसे को जातिवाद से न जोड़ें, आरोपियों...', गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस की पीड़िता का बयान
सोशल मीडिया पर चल रहे जातिवाद के दावों पर पीड़िता ने खुलकर अपनी बात रखी है. पीड़िता का कहना है कि इस दर्दनाक हादसे को जातिवाद से जोड़कर देखना पूरी तरह से गलत है. यह एक ऐसा हादसा है जो किसी के साथ भी हो सकता था, चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो. पीड़िता ने साफ तौर पर कहा कि इस मामले में कोई जातिगत कोण नहीं है और वह खुद किसी भी तरह के जातिवाद के खिलाफ हैं.
बंगाल चुनाव से पहले ममता को एक और झटका, जिसे नंदीग्राम से उतारा, उसने नाम ही वापस ले लिया
Nandigram By Poll: पेशे से शिक्षिका संचिता प्रधान डे को ममता खेमे ने नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाया था। शुक्रवार दोपहर अपने पति सत्यजीत के साथ वह राज्य सचिवालय 'नबन्ना' पहुंचीं और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की।
Ramesh Chennithala ने निजी चैनल पर पुलिस Raid में ज्यादती के आरोपों को नकारा
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शुक्रवार को एक निजी मलयालम समाचार चैनल के दफ्तर में हाल ही में हुई छापेमारी के दौरान पुलिस की ज्यादती के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि तलाशी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई थी। चेन्निथला ने कहा कि सरकार ने रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (आरबीसी) के प्रायोजन में लियोनेल मेस्सी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के केरलम दौरे के विफल होने से जुड़े विवाद के संबंध में ‘बहुत पारदर्शी’ कदम उठाए हैं। उन्होंने मीडिया को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘सरकार ने एडीजीपी (कानून-व्यवस्था) के तहत वरिष्ठ अधिकारियों वाली एक एसआईटी को जांच करने की पूरी आजादी दी है।’’उन्होंने कहा कि उन्हें जांच के बारे में रोजाना खुफिया जानकारी मिलती है। उन्होंने यह स्पष्ट भी किया कि सरकार ने पुलिस को किसी खास व्यक्ति को गिरफ्तार करने या न करने का कोई निर्देश नहीं दिया है। चेन्निथला ने कहा, ‘‘उस टीवी दफ्तर में जो हुआ, वह धोखाधड़ी के मामले से जुड़ी तलाशी थी। आरबीसी इस मामले में दूसरा आरोपी है। इसीलिए पुलिस ने वहां तलाशी ली।’’केरलम के गृह मंत्री ने बताया कि कलामासेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और अदालत से तलाशी वारंट मिलने के बाद एक साथ पांच जगहों पर तलाशी ली गई थी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र गवाह मौजूद थे और पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘छापेमारी के दौरान पुलिस की ओर से कोई ज्यादती नहीं हुई। किसी भी पत्रकार के साथ मारपीट या बुरा बर्ताव नहीं किया गया। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनसे अपने फोन एक तरफ रखने को कहा, लेकिन तुरंत वापस भी कर दिए। चैनल के प्रसारण में एक मिनट के लिए भी कोई रुकावट नहीं आई।’’चेन्निथला ने कहा कि अगर पुलिस की ओर से कोई चूक हुई है, तो वह निश्चित रूप से इसकी जांच कराएंगे और सभी कार्रवाइयां न्यायिक जांच के दायरे में हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं द्वारा मीडिया के माध्यम से शिकायतें उठाए जाने के बाद उन्होंने जानकारी मांगी थी और यह स्पष्ट हो गया कि पुलिस की ओर से कोई ज्यादती नहीं हुई थी। पिछली एलडीएफ सरकार के दौरान हुई घटनाओं का ज़िक्र करते हुए चेन्निथला ने कहा कि केरल ने एक वरिष्ठ पत्रकार को हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किए जाने और 70 दिन तक जेल में रखे जाने की घटना देखी थी।
समय रैना ने 12वीं फेल एक्ट्रेस से गुपचुप रचाई शादी? करीबी का दावा
समय रैना और मेधा शंकर के बीच अफेयर और शादी की खबरें चर्चा में हैं. सोशल मीडिया और रेडिट पर वायरल पोस्ट्स में दावा किया गया कि दोनों ने सितंबर 2026 में छुपकर शादी की है.
Chandrashekhar Azad टिप्पणी केस, Ajeet Bharti की जमानत पर Delhi High Court का फैसला सुरक्षित
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के बारे में कथित टिप्पणियों को लेकर SC/ST एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान, जस्टिस सौरभ बनर्जी ने कहा कि भारती को कथित टिप्पणियाँ करते समय ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए थी, खासकर तब जब मामला किसी विशेष क़ानून के प्रावधानों से जुड़ा हो। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से यह भी पूछा कि भारती को कोई नोटिस क्यों नहीं दिया गया और क्या उनसे हिरासत में पूछताछ की ज़रूरत है। पुलिस के वकील ने कहा कि जांच अधिकारी को भारती का पता सिर्फ़ दो दिन पहले ही मिला था, इसलिए उससे पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा जा सका। कोर्ट ने कथित टिप्पणियों के ट्रांसक्रिप्ट में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इस्तेमाल की गई भाषा अपमानजनक थी। इसे भी पढ़ें: Lyngdoh Committee नियमों के उल्लंघन का आरोप, Delhi High Court में DUSU Election को दी गई चुनौती भारती की ओर से पेश वकील जय अनंत देहादराई ने दलील दी कि इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत अपराध के तत्व नहीं बनते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ़ गाली-गलौज वाला बयान देना ही इस एक्ट के तहत अपराध नहीं माना जा सकता और इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। देहादराई ने यह भी कहा कि भारती जातिगत भेदभाव के खिलाफ़ हैं और उन्होंने आरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि वे सिर्फ़ उस हिस्से पर ध्यान न दें जिसमें कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां हैं, बल्कि पूरे वीडियो के संदर्भ पर विचार करें। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि इस चरण पर उसे केवल यह देखना है कि क्या प्रथम दृष्टया कोई मामला बनता है। इसे भी पढ़ें: Fortis Healthcare पहुंची सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली HC के Forensic Audit आदेश को दी चुनौती कोर्ट ने यह भी कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद या दूसरों की जिन टिप्पणियों का ज़िक्र करते हुए भारती ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी, वे एक अलग मामला हैं। कोर्ट ने कहा कि उसका ध्यान भारती के कथित बयानों और उन हालात पर है जिनमें वे बयान दिए गए थे। आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) के दिल्ली राज्य अध्यक्ष बालकराम बौद्ध की शिकायत पर 23 अगस्त को नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। यह शिकायत भारती के सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से जुड़ी है। शिकायत के अनुसार, भारती ने चंद्रशेखर आज़ाद और बी.आर. अंबेडकर के बारे में कथित तौर पर जाति-आधारित और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, साथ ही अन्य आपत्तिजनक बयान भी दिए। भारती ने इन आरोपों को गलत बताया है और अपने वकील के ज़रिए कहा है कि उनकी टिप्पणियों को उन बयानों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए जो कथित तौर पर उनकी मां और बहन के बारे में पहले किए गए थे।
लखनऊ हिट एंड रन केस: आरोपी शाहनवाज को 14 दिन की पुलिस रिमांड, देखें
लखनऊ में हुए सनसनीखेज हिट एंड रन मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं. आरोपी शाहनवाज ने पीड़िता से अपनी असली पहचान छिपाकर और फर्जी नाम बताकर दोस्ती की थी. पीड़िता का आरोप है कि शाहनवाज और उसके साथी मिलकर हिंदू लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे. इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच लव जिहाद के एंगल से भी करने की तैयारी कर रही है.
Niphad में UBT नेता के विरोध पर भड़का प्रशासन, Chief Officer ने पुलिस कार्रवाई की मांग की
महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या की समस्या के कारण, UBT की युवा सेना के ज़िला प्रमुख विक्रम रंधावे ने विरोध जताने के लिए एक नगर निकाय अधिकारी की डेस्क पर ज़िंदा पिल्लों से भरा एक बोरा डाल दिया। निफाड नगर पंचायत कार्यालय में हुई इस घटना की नगर प्रशासन और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने कड़ी निंदा की, जबकि युवा नेता ने शहर में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं का हवाला देते हुए अपने काम का बचाव किया। घटना के बारे में बताते हुए, निफाड नगर पंचायत के मुख्य अधिकारी धीरज भामरे ने कहा कि नेता कुछ लोगों के साथ उनके कार्यालय में घुस आए और आक्रामक व्यवहार किया, जिसके बाद उन्होंने जानवरों को उनकी डेस्क पर छोड़ दिया। भामरे ने कहा कि कल एक पार्षद, उनके पति और तीन अन्य लोग मेरे ऑफिस आए। वे ज़बरदस्ती अंदर घुस आए और आवारा जानवरों के मामले में कोई कार्रवाई न होने को लेकर ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने और बहस करने लगे। वे बातचीत करने को तैयार नहीं थे। फिर उन्होंने पिल्लों को—जो एक बंद बोरी में थे—मेरे डेस्क पर डाल दिया। इसे भी पढ़ें: H5 Bird Flu: पालतू कुत्ते और बिल्लियों में भी संक्रमण का खतरा, विशेषज्ञों ने दी सतर्क रहने की सलाह इस हरकत को बेहद निंदनीय बताते हुए चीफ ऑफिसर ने कहा, इससे वहां मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई। हमें यह भी पता चला कि पिल्ले किसी के थे और उन्हें मालिक की मर्ज़ी के बिना यहां लाया गया था। हम ज़िला और पुलिस प्रशासन से अपील करते हैं कि वे सख़्त कार्रवाई करें और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाएं। अपने विवादित विरोध प्रदर्शन का बचाव करते हुए विक्रम रंधावे ने आरोप लगाया कि बार-बार अपील करने के बावजूद नगर प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा की अनदेखी की है। रंधावे ने दावा किया निफाड शहर में आवारा कुत्तों की संख्या काफ़ी बढ़ गई है, जिससे महिलाओं, बुज़ुर्गों और बच्चों पर हमले हो रहे हैं। हमने कई बार चीफ ऑफिसर को सूचित किया, लेकिन उन्होंने पिछले सात महीनों से इस मामले को लटकाए रखा है। इसे भी पढ़ें: नासिक में अधिकारी की मेज पर कुत्ते छोड़ने वाले Shiv Sena UBT कार्यकर्ता पर केस दर्ज अस्पताल के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए रंधावे ने कहा कि निफाड सिटी हॉस्पिटल के डेटा के अनुसार, जून और जुलाई के बीच कुत्ते के काटने के 154 मामले सामने आए, और अगस्त में 151 मामले दर्ज किए गए। अगर हर महीने ऐसी घटनाएं होती हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हम भी जानवरों से प्यार करते हैं, लेकिन जब जनता परेशान होती है, तो हमें अधिकारियों को उनके कर्तव्यों की याद दिलानी पड़ती है। इसी संदर्भ में मैं वहां दो आवारा पिल्ले ले गया था। हालांकि, विरोध के इस तरीके की पशु कल्याण समूहों ने कड़ी आलोचना की है और जीवित जानवरों के साथ किए गए इस व्यवहार को राजनीतिक हथकंडा करार दिया है। पशु अधिकार कार्यकर्ता विजय अंगारे ने इस हरकत की आलोचना करते हुए कहा वह दो आवारा पिल्लों को बैग में भरकर लाए और उन्हें मुख्य अधिकारी की मेज पर छोड़ दिया। हालांकि उनका विरोध प्रशासन द्वारा पशु नसबंदी कार्यक्रम पर कार्रवाई न करने के खिलाफ था, लेकिन विरोध का तरीका पूरी तरह गलत था।
आज की इस सुपर-फास्ट, तनावपूर्ण और हमेशा भागदौड़ से भरी डिजिटल जीवनशैली में हर इंसान कभी न कभी उस मुकाम पर पहुंच जाता है जहां उसका दिमाग और शरीर पूरी तरह थक जाता है। हफ्तों की लंबी छुट्टियां बिताकर किसी दूर-दराज के हिल स्टेशन या विदेश जाने का प्लान बनाना आज के समय में हर किसी के लिए संभव नहीं हो पाता है, क्योंकि काम के दबाव और समय की कमी के चलते लंबी यात्राएं अब एक चुनौती बन चुकी हैं। इसी आधुनिक समस्या के समाधान के रूप में दुनिया भर के युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के बीच एक बिल्कुल नया और अनोखा ट्रेंड तेजी से पैर पसार रहा है, जिसे 'माइक्रो ट्रैवल' (Micro Travel) या कुछ घंटों के लिए दुनिया से गायब हो जाने का नाम दिया जा रहा है। इसमें लोग लंबी छुट्टियों के बजाय केवल कुछ घंटों या एक दिन के छोटे अंतराल में अपने शहर से थोड़ी दूर किसी शांत जगह पर वक्त बिताकर वापस लौट आते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस दिलचस्प और तेजी से लोकप्रिय होते माइक्रो ट्रैवल ट्रेंड की हर एक परत की गहराई से समीक्षा करते हैं।क्या है यह नया 'माइक्रो ट्रैवल' ट्रेंड और क्यों तेजी से बदल रही है लोगों की घूमने की परिभाषाआमतौर पर यात्रा या पर्यटन का मतलब कई दिनों का टूर, बड़े-बड़े सूटकेस, होटल की बुकिंग और टूरिस्ट स्पॉट्स की लंबी लिस्ट हुआ करता था, लेकिन आज की पीढ़ी इस पुरानी अवधारणा से काफी आगे निकल चुकी है। 'माइक्रो ट्रैवल' का सीधा सा मतलब है कि बिना अपनी नौकरी या रोजाना के कामकाज से लंबी छुट्टी लिए हुए, केवल चंद घंटों या एक सिंगल डे-आउट के जरिए मानसिक शांति की तलाश करना। इसमें लोग सुबह अपने घर से निकलते हैं और शहर की सीमा से बाहर किसी शांत कैफे, नदी के किनारे, किसी आध्यात्मिक केंद्र या घने जंगलों के बीच कुछ घंटे बिताकर शाम तक वापस अपने घर लौट आते हैं। इस प्रकार की यात्राओं का मुख्य उद्देश्य किसी नई जगह का इतिहास जानना नहीं होता, बल्कि अपनी रोज की हाई-स्ट्रेस रूटीन से पूरी तरह कटकर खुद को मानसिक रूप से रीचार्ज करना होता है। यही वजह है कि आज के कॉर्पोरेट कर्मचारियों और डिजिटल दुनिया में रहने वाले युवाओं के बीच यह ट्रेंड धीरे-धीरे एक लाइफ़स्टाइल च्वाइस बनता जा रहा है।क्यों कुछ घंटे के लिए 'गायब' होना चाहते हैं लोग: मानसिक तनाव और डिजिटल डिटॉक्स की जरूरतआज के इस दौर में हर व्यक्ति हर समय स्मार्टफोन, लैपटॉप, सोशल मीडिया और ऑफिस के ईमेल्स से जुड़ा रहता है, जिससे उसका मस्तिष्क लगातार 'फाइट ऑर फ्लाइट' मोड में काम करता रहता है। इस तरह की अति-कनेक्टिविटी के कारण एंग्जाइटी, अनिद्रा और मानसिक थकान आम बीमारियां बन चुकी हैं, और इसी से बचने के लिए लोग कुछ घंटों के लिए पूरी तरह 'गायब' हो जाना चाहते हैं। माइक्रो ट्रैवल के दौरान लोग अपने फोन को या तो स्विच ऑफ कर देते हैं या फिर इंटरनेट की पहुंच से दूर चले जाते हैं, जिसे शुद्ध रूप से 'डिजिटल डिटॉक्स' कहा जाता है। प्रकृति के बीच कुछ घंटे बिताना, बिना किसी स्क्रीन को देखे केवल पक्षियों की चहचहाहट सुनना या खुली हवा में गहरी सांस लेना मानव मस्तिष्क के लिए किसी थेरेपी से कम नहीं होता है। यह ट्रेंड इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आधुनिक समाज अब भौतिक चीजों से ज्यादा मानसिक स्वास्थ्य और आंतरिक शांति को प्राथमिकता देने लगा है।वीकेंड ट्रिप से कैसे अलग है माइक्रो ट्रैवल और इसके व्यावहारिक फायदेबहुत से लोग यह सोचते हैं कि माइक्रो ट्रैवल और पारंपरिक वीकेंड ट्रिप में कोई खास अंतर नहीं है, लेकिन दोनों की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों में जमीन-आसमान का फर्क होता है। वीकेंड ट्रिप के लिए आपको कम से कम दो से तीन दिनों की योजना बनानी पड़ती है, जिसमें होटल बुकिंग, ट्रेन या फ्लाइट की टिकट और भारी बजट की जरूरत होती है, और कभी-कभी यात्रा की थकान खुद एक नया तनाव बन जाती है। इसके विपरीत, माइक्रो ट्रैवल पूरी तरह से सहज, बजट-फ्रेंडली और समय की बचत करने वाला होता है। इसके लिए आपको किसी एडवांस प्लानिंग की जरूरत नहीं होती, बल्कि जब भी आपको लगे कि दिमाग सुन्न हो रहा है, आप अपनी गाड़ी या बाइक उठाकर शहर से 50-100 किलोमीटर दूर किसी अनजान और शांत रास्ते पर निकल पड़ते हैं। इसमें न तो पैसे की अधिक बर्बादी होती है और न ही ऑफिस के काम का कोई बैकलॉग बनता है, जिससे यह आधुनिक युग के लोगों के लिए सबसे व्यावहारिक मानसिक स्वास्थ्य समाधान बन गया है।कैसे करें अपने लिए एक परफेक्ट माइक्रो ट्रैवल की प्लानिंग और किन बातों का रखें ध्यानयदि आप भी इस अनोखे और सुकून भरे माइक्रो ट्रैवल ट्रेंड का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको किसी बहुत बड़ी तैयारी की आवश्यकता नहीं है, बस थोड़ी सी सूझबूझ की जरूरत है। सबसे पहले अपने शहर के आसपास की ऐसी जगहों की तलाश करें जो भीड़-भाड़ से दूर हों, जैसे कोई छोटा तालाब, ऐतिहासिक खंडहर, ग्रामीण इलाका, या पहाड़ियों का छोटा सा किनारा। यात्रा पर निकलते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप अपने साथ न्यूनतम सामान रखें और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल कम से कम करें। इन कुछ घंटों के दौरान आपका पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ अपने भीतर झांकने, प्रकृति के सौंदर्य को महसूस करने और अपने विचारों को शांत करने पर होना चाहिए। जब आप इस तरह के छोटे लेकिन गहरे अनुभवों के बाद अपने घर लौटते हैं, तो आपके अंदर एक नई ऊर्जा और ताजगी का संचार होता है, जो आपको अगले पूरे हफ्ते के दबाव से लड़ने की अद्भुत ताकत देता है।
मिशन 2027 में जुटी BJP... विनोद तावड़े का तीसरा यूपी दौरा
बीजेपी के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े यूपी के दौरे पर हैं. वे विधायकों के कामकाज को लेकर फीडबैक लेंगे. बताया जा रहा है कि इस बार उनका फोकस अवध और पूर्वांचल के सियासी माहौल को समझने पर रहेगा. इसके साथ ही संभावित प्रत्याशियों को लेकर स्थानीय संगठन और कार्यकर्ताओं की राय पर भी चर्चा होगी.
UCC पर नहीं खोले पत्ते... NDA कोटे के मंत्रियों ने बढ़ाया सस्पेंस
Panchayat Aajtak Bihar 2026: बिहार पंचायत आजतक के कार्यक्रम में सम्राट सरकार में बीजेपी के सहयोगी दल कोटे वाले दल के तीनों मंत्री शामिल हुए. समान नागरिक संहिता (UCC) पर जहां एनडीए के सहयोगी दलों ने ड्राफ्ट आने तक पत्ते नहीं खोले तो आरक्षण की समीक्षा और उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर मंत्री संतोष सुमन और संजय पासवान के विचार आमने-सामने नजर आए.
गुजरात का इकलौता हिल स्टेशन सापुतारा: जहां भगवान श्रीराम ने बिताए थे वनवास के 11 साल
प्रकृति की गोद में बसे हिल स्टेशनों का नाम सुनते ही अक्सर हमारे जेहन में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड या दक्षिण भारत के ठंडे और पहाड़ी इलाकों की तस्वीरें उभरने लगती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पश्चिमी भारत के वाइब्रेंट राज्य गुजरात में भी एक ऐसा जादुई और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन मौजूद है जो अपनी प्राकृतिक हरियाली के साथ-साथ महान पौराणिक इतिहास और गहरी सांस्कृतिक मान्यताओं के लिए पूरी दुनिया में विशेष स्थान रखता है? गुजरात का यह इकलौता और लोकप्रिय पर्वतीय स्थल 'सापुतारा' (Saputara) है, जो सह्याद्री यानी पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच बादलों से घिरे बादलों और सुंदर झरनों के लिए जाना जाता है। लेकिन इसकी खूबसूरती के अलावा सापुतारा से जुड़ी एक और बेहद हैरान करने वाली और धार्मिक रूप से पवित्र कहानी है, जिसके अनुसार प्रभु श्री राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास काल में से पूरे 11 वर्ष इसी पावन धरती पर बिताए थे। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए गुजरात के इस अनूठे हिल स्टेशन सापुतारा की हर एक पौराणिक और ऐतिहासिक परत की गहराई से समीक्षा करते हैं।सह्याद्री की वादियों में बसा गुजरात का एकमात्र हिल स्टेशन सापुतारा और उसकी भौगोलिक सुंदरतागुजरात के डांग जिले की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच समुद्र तल से लगभग एक हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित सापुतारा राज्य का एकमात्र ऐसा हिल स्टेशन है जो भीषण गर्मी के दिनों में भी पर्यटकों को ठंडक और सुकून का अहसास कराता है। इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की खोज साल 1960 के दशक में चंद्रकांत कांत द्वारा की गई थी, जिसके बाद इसे एक सुनियोजित हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया गया। यहां की घुमावदार सड़कें, गहरे हरे-भरे जंगल, कल-कल बहते झरने, शांत झील और सपनो जैसी धुंध पर्यटकों का मन मोह लेती है। मानसून के मौसम में जब यहां के पहाड़ बादलों की चादर ओढ़ लेते हैं, तो इसकी खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। यहां आने वाले सैलानी बोटिंग का आनंद लेने के साथ-साथ सनसेट पॉइंट, सनराइज पॉइंट, स्टेप गार्डन और ट्राइबल म्यूजियम जैसी जगहों पर घूमकर अपनी छुट्टियों को यादगार बनाते हैं। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं मानी जाती है।सापुतारा का पौराणिक इतिहास: वनवास काल के 11 वर्ष यहीं रहे थे भगवान श्रीरामसापुतारा की पहचान केवल एक सामान्य पर्यटन स्थल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका रामायण काल से बहुत गहरा और ऐतिहासिक संबंध जुड़ा हुआ है, जो इसे धार्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बनाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में जब भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी को 14 वर्ष का वनवास मिला था, तो उन्होंने अपने वनवास का एक बहुत बड़ा हिस्सा यानी पूरे 11 वर्ष इसी क्षेत्र के जंगलों और आसपास की गुफाओं में व्यतीत किए थे। इस क्षेत्र को प्राचीन काल में 'दंडकारण्य' के नाम से जाना जाता था, जिसका विस्तार आज के इस डांग और सापुतारा के जंगलों तक फैला हुआ था। आज भी इस क्षेत्र में कई ऐसे पौराणिक स्थल, प्राचीन मंदिर और गुफाएं मौजूद हैं जिनके बारे में यह माना जाता है कि वहां प्रभु राम ने अपने प्रवास के दौरान समय बिताया था। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और तीर्थयात्री जब सापुतारा पहुंचते हैं, तो वे इन पवित्र स्थलों के दर्शन करके अपने जीवन को धन्य महसूस करते हैं।सांपों की होती है अनोखी पूजा: नाग देवता से जुड़ा सापुतारा नाम का रहस्यसापुतारा नाम के पीछे भी एक बहुत ही दिलचस्प और अनोखी कहानी जुड़ी हुई है, जो यहां की स्थानीय संस्कृति और आदिवासी परंपराओं का एक अहम हिस्सा है। 'सापुतारा' शब्द का शाब्दिक अर्थ 'सांपों का निवास' होता है। स्थानीय आदिवासी समुदाय, विशेष रूप से डांगी भील जनजाति के लोग, इस क्षेत्र में रहने वाले नाग देवता की गहरी आस्था के साथ पूजा करते हैं। सापुतारा के जंगलों के बीच सांप गंगा नदी के किनारे एक विशेष स्थान है, जहां स्थानीय लोग सदियों से नाग देवता को समर्पित पर्वों और विशेषकर नाग पंचमी के पावन अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान से सांपों की पूजा करते हैं। आदिवासियों का ऐसा अटूट विश्वास है कि नाग देवता ही इस पूरे पर्वतीय क्षेत्र और यहां के जंगलों की हर बुरी बला से रक्षा करते हैं। आधुनिक दुनिया से दूर आज भी यहां की जनजातीय संस्कृति अपनी प्राचीन परंपराओं और प्रकृति के प्रति सम्मान की मिसाल पेश करती है, जो पर्यटकों के लिए एक अनोखा अनुभव होता है।सापुतारा की यात्रा की योजना कैसे बनाएं और वहां पहुंचने का सबसे बेहतरीन समय कौन सा हैयदि आप भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर कुछ दिन शांति, प्रकृति और पौराणिक इतिहास के बीच बिताना चाहते हैं, तो सापुतारा की यात्रा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यहां जाने के लिए सबसे अच्छा समय मानसून यानी जुलाई से लेकर फरवरी तक का माना जाता है, जब मौसम बेहद सुहाना होता है और चारों तरफ हरियाली अपने चरम पर होती है। सापुतारा के सबसे पास का घरेलू हवाई अड्डा सूरत है, जो यहां से लगभग 160 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि नजदीकी रेलवे स्टेशन वाघई है। सड़क मार्ग द्वारा भी यह शहर गुजरात और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, अहमदाबाद और सूरत से बहुत अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जिससे यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। स्थानीय संस्कृति, स्वादिष्ट डांगी भोजन और ऐतिहासिक धरोहरों से रूबरू होने के लिए सापुतारा का यह सफर हर यात्री के जीवन का एक ऐसा अनुभव बन जाता है जिसे वह कभी नहीं भूल पाता है।
विदेश यात्रा का सपना देखने वाले और दुनिया भर की हसीन वादियों में छुट्टियां बिताने का प्लान बनाने वाले भारतीय सैलानियों के लिए यह खबर बेहद जरूरी और काम की है। जब भी हम इंटरनेशनल ट्रिप की योजना बनाते हैं, तो सबसे पहला और अहम सवाल वीजा (Visa) और एंट्री नियमों को लेकर होता है, क्योंकि बिना पूरी जानकारी के एयरपोर्ट पर पहुंचने पर बड़ा झटका लग सकता है। हाल ही में दुनिया भर के कई प्रमुख और लोकप्रिय देशों ने भारतीय पर्यटकों के लिए अपने आव्रजन (Immigration), वीजा ऑन अराइवल और एंट्री नियमों में बहुत बड़े बदलाव किए हैं। कुछ देशों ने जहां भारतीयों के लिए प्रक्रियाओं को बेहद आसान और शुल्क मुक्त बना दिया है, वहीं कुछ देशों ने सुरक्षा और नए समझौतों के तहत नियमों को काफी सख्त कर दिया है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए उन 5 प्रमुख देशों के बदले हुए वीजा नियमों की गहराई से समीक्षा करते हैं, जिनकी जानकारी हर यात्री के पास होनी चाहिए।थाईलैंड ने भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सीमा और नियमों में किए ये बड़े बदलावभारतीय सैलानियों के बीच हमेशा से दक्षिण-पूर्व एशिया का स्वर्ग कहे जाने वाला थाईलैंड सबसे पसंदीदा और बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशन रहा है। पिछले कुछ समय से भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए थाईलैंड सरकार ने वीजा-फ्री एंट्री (Visa-Free Entry) की सुविधा दी थी, जिसे लेकर हाल ही में नए अपडेट सामने आए हैं। पहले जहां यह छूट एक सीमित समय के लिए थी, वहीं अब नियमों को संशोधित करते हुए पर्यटकों के ठहरने की अवधि और वहां प्रवेश करने के लिए जरूरी दस्तावेजों के सत्यापन को थोड़ा व्यवस्थित कर दिया गया है। यदि आप आने वाले दिनों में फुकेट, बैंकॉक या पटाया जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके पास रिटर्न फ्लाइट का टिकट, होटल बुकिंग का प्रूफ और पर्याप्त मात्रा में फंड्स (Funds) होना अनिवार्य कर दिया गया है। आव्रजन अधिकारियों द्वारा अचानक की जाने वाली जांच के दौरान यदि कागजों में कोई कमी पाई जाती है, तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यात्रा से पहले थाईलैंड के इन अद्यतन एंट्री नियमों की पूरी जानकारी जरूर हासिल कर लें।मलेशिया और श्रीलंका के बदले हुए डिजिटल वीजा और एंट्री प्रोटोकॉलथाईलैंड की तर्ज पर ही मलेशिया और श्रीलंका ने भी भारतीय पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करने के लिए वीजा नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ डिजिटल औपचारिकताओं को अनिवार्य कर दिया गया है। मलेशिया ने भारतीय नागरिकों के लिए डिजिटल अराइवल कार्ड (Malaysia Digital Arrival Card) भरना अनिवार्य कर दिया है, जिसे यात्रा से कुछ दिन पहले ही ऑनलाइन सबमिट करना पड़ता है। ऐसा न करने पर बोर्डिंग या एयरपोर्ट पर प्रवेश के समय भारी असुविधा हो सकती है। दूसरी ओर, श्रीलंका ने भी अपने आर्थिक हालातों को सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारतीय पर्यटकों को विशेष सहूलियतें दी हैं, लेकिन वहां प्रवेश के लिए ईटीए (ETA) या वीजा प्रक्रिया के नियमों में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए हैं। इन देशों में घूमने जाने वाले यात्रियों को यह सलाह दी जाती है कि वे पारंपरिक तरीकों के बजाय पूरी तरह से डिजिटल और अपडेटेड दस्तावेजों के साथ ही अपनी यात्रा की शुरुआत करें ताकि किसी भी प्रकार की अनिश्चितता से बचा जा सके।संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यूरोप के शेंगेन देशों के कड़े और नए वीजा दिशा-निर्देशदुबई और आबू धाबी जाने वाले भारतीयों के लिए संयुक्त अरब अमीरात ने टूरिस्ट वीजा की श्रेणियों और उसके विस्तार के नियमों में बड़े बदलाव लागू किए हैं। अब पर्यटकों को 30 दिन या 60 दिन के वीजा के विस्तार के लिए कड़े ऑनलाइन आवेदन और अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, दुनिया भर में घूमने के शौकीन लोगों के बीच सबसे लोकप्रिय 'शेंगेन वीजा' (Schengen Visa) प्रणाली को भी यूरोप के देशों ने पूरी तरह से डिजिटल और सेंट्रलाइज्ड करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। यूरोपीय संघ के इन देशों में यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए अब अपॉइंटमेंट मिलना और वित्तीय दस्तावेजों की पारदर्शिता को जांचना और अधिक कठिन तथा पारदर्शी बना दिया गया है। यदि आपके बैंक खातों में अनियमितता पाई जाती है या यात्रा का पूरा प्लान स्पष्ट नहीं होता है, तो शेंगेन वीजा रिजेक्ट होने के चांस काफी बढ़ जाते हैं, इसलिए दूतावास के नए दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद आवश्यक हो गया है।वियतनाम और बाली (इंडोनेशिया) के बदलते नियम और पर्यटकों के लिए जरूरी सावधानियांप्राकृतिक सुंदरता और बजट यात्रा के लिए मशहूर वियतनाम और इंडोनेशिया का बाली द्वीप भी भारतीय पर्यटकों के बीच इन दिनों टॉप ट्रेंड में बने हुए हैं। वियतनाम ने अपने ई-वीजा (E-Visa) प्रोसेस को तो काफी तेज कर दिया है, लेकिन वहां के स्थानीय कानूनों और पर्यटन स्थलों पर नियमों का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों के खिलाफ भारी जुर्माने का प्रावधान कर दिया है। इसी तरह, बाली प्रशासन ने पर्यटकों के लिए द्वीप पर प्रवेश करते समय एक नया टूरिस्ट टैक्स (Tourist Tax) और सांस्कृतिक मर्यादाओं का पालन करने से जुड़े कड़े नियम लागू किए हैं। बाली जाने वाले हर यात्री को अब एयरपोर्ट पर ही या ऑनलाइन एक निश्चित टैक्स चुकाना होता है, जिसका उपयोग वहां के पर्यावरण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में किया जाता है। यदि आप इन देशों की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो वहां के स्थानीय कानूनों और नए एंट्री टैक्स के बारे में पूरी जानकारी होना आपके सफर को सुगम और सुरक्षित बना सकता है।विदेश यात्रा से पहले किन बातों का रखें ध्यान, ताकि एयरपोर्ट पर न होना पड़े निराशकिसी भी देश की यात्रा पर निकलने से पहले केवल फ्लाइट का टिकट बुक कर लेना ही काफी नहीं होता, बल्कि उस देश के वर्तमान भू-राजनीतिक और आव्रजन नियमों को समझना सबसे बड़ी बुद्धिमत्ता है। हमेशा अपने पासपोर्ट की वैधता (कम से कम 6 महीने) की जांच कर लें, इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड या पर्याप्त फॉरेक्स करेंसी साथ रखें, और सभी होटल बुकिंग तथा रिटर्न टिकट की हार्ड कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। देश बदलने के साथ-साथ वहां के नियम भी बदल जाते हैं, और अज्ञानता की वजह से कई बार यात्रियों को डिपोर्ट तक कर दिया जाता है। यदि आप इन 5 प्रमुख देशों या दुनिया के किसी भी अन्य हिस्से में अपनी अगली छुट्टियों की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आधिकारिक एम्बेसी या सरकार की वेबसाइट से ताजा अपडेट जरूर चेक कर लें, ताकि आपका वेकेशन तनावमुक्त और यादगार बन सके।
उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर झुर्रियां आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हालांकि, आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और खान-पान की खराब आदतों के कारण झुर्रियां आने की प्रक्रिया उम्मीद से पहले ही शुरू हो जाती है। कई लोगों को लगभग 30 साल की उम्र से ही झुर्रियां, त्वचा का ढीलापन और चेहरे की चमक में कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।ऐसे में, केवल सौंदर्य उत्पादों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। सच्ची सुंदरता भीतर से आती है। यानी, आपका आहार (और जीवनशैली) आपकी त्वचा को प्रभावित करता है। तो आइए जानते हैं कि चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए क्या खाना चाहिए और कैसी जीवनशैली अपनानी चाहिए।चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए क्या खाना चाहिए?त्वचा की उम्र बढ़ने से रोकने में एंटीऑक्सीडेंट बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं; वे 'फ्री रेडिकल्स' (हानिकारक अणुओं) से लड़ते हैं और कोशिकीय स्तर पर त्वचा की रक्षा करना शुरू करते हैं।आंवला, संतरा, नींबू, कीवी और अमरूद जैसे विटामिन सी से भरपूर फल शरीर में कोलेजन का उत्पादन बढ़ाते हैं, जिससे त्वचा की कसावट बनी रहती है। बादाम, सूरजमुखी के बीज, मूंगफली और हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे विटामिन ई से भरपूर खाद्य पदार्थ त्वचा को पोषण देते हैं और झुर्रियों को कम करते हैं।गाजर, टमाटर, ब्रोकली और पालक जैसे रंग-बिरंगे फलों और सब्जियों में बीटा-कैरोटीन पाया जाता है, जो त्वचा की मरम्मत में सहायक होता है। ग्रीन टी, हल्दी और अदरक में मौजूद सूजनरोधी गुण त्वचा की सूजन को कम करते हैं और चेहरे को साफ और तरोताजा रखते हैं।चेहरे की कसावट और चमक के लिए क्या खाना चाहिए?त्वचा की कसावट के लिए प्रोटीन और स्वस्थ वसा बहुत महत्वपूर्ण हैं। पनीर, अंडे, दूध, फलियां और सोया जैसे प्रोटीन स्रोत त्वचा को मजबूत बनाते हैं और कोलेजन के स्तर को बनाए रखते हैं।त्वचा के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक विटामिन• ओमेगा-3 फैटी एसिड (जो मछली, अलसी के बीज और अखरोट में पाए जाते हैं) त्वचा में नमी बनाए रखते हैं और रूखेपन को रोकते हैं।• जैतून का तेल, एवोकैडो और नारियल का तेल त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे निखार प्रदान करते हैं।• अपने दिन की शुरुआत गुनगुने पानी और नींबू से करें। इससे शरीर को विषाक्त पदार्थों से मुक्त करने में मदद मिलती है।• प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद लें। इससे त्वचा को प्राकृतिक रूप से खुद की मरम्मत करने में मदद मिलती है।• योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। इससे रक्त संचार बेहतर होता है और चेहरा तरोताजा रहता है।• सप्ताह में दो बार एलोवेरा, शहद और खीरे का फेस पैक लगाएं। इससे आपकी त्वचा प्राकृतिक रूप से कसावदार और नमीयुक्त हो जाएगी।
कल 5 राशियों को होगा आर्थिक फायदा, पढ़ें सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा दिन
Kal Ka Rashifal 19 September 2026: आर्थिक लेनदेन में स्पष्टता रखें. बजट बनाकर चलें. जल्दबाजी में निवेश या समझौता न करें. धोखाधड़ी से सावधान रहें. करीबियों से विनम्रता से बात करें. गुस्से में कोई बात कहने से बचें.
माचिस की तीलियों को सुरक्षित रखने के टिप्स: किसके घर में माचिस की तीली नहीं होती? इनका इस्तेमाल अक्सर भगवान के लिए दीपक जलाने में किया जाता है। लेकिन कुछ घरों में माचिस की तीलियां जल्दी खराब हो जाती हैं और बेकार हो जाती हैं। लेकिन चिंता न करें, आप इस तरीके से माचिस की तीलियों को बचा सकते हैं।घर में रखी माचिसों का गीला हो जाना एक आम समस्या है। कभी-कभी माचिस की डिब्बी देखने में बिल्कुल ठीक लगती है, लेकिन जलाने की कोशिश करते ही वह ठीक से नहीं जलती। नमी के कारण माचिसें गीली और कमजोर हो जाती हैं और जरूरत पड़ने पर किसी काम की नहीं रहतीं।विशेषकर उन घरों में जहाँ रसोई या भंडारगृह में नमी अधिक होती है, माचिस की डिब्बियों को सुखाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन इसके लिए आपको हर बार नई डिब्बी खरीदने की ज़रूरत नहीं है। आप माचिस की डिब्बियों को नमी से बचाने का एक बहुत ही आसान तरीका अपना सकते हैं, जिसमें घर में आसानी से मिलने वाली एक साधारण वस्तु आपकी मदद करेगी।इस वस्तु को माचिस की डिब्बी में रख दें।माचिस को नमी से बचाने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय यह है कि आसपास के क्षेत्र में नमी न पहुँचे। इसके लिए, माचिस की डिब्बी को कसकर बंद करें और उसे एल्युमिनियम फॉयल में लपेट दें।सबसे पहले, माचिस की आवश्यक संख्या वाला एक डिब्बा या पैकेट चुनें। सुनिश्चित करें कि माचिस जलाने वाली सतह पैकेट से ढकी हो। अब, माचिस तक नमी सीधे न पहुँचे, इसके लिए पूरे पैकेट को एल्युमीनियम फ़ॉइल से कसकर लपेट दें। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए, फ़ॉइल से लिपटे पैकेट को एयरटाइट ज़िपलॉक बैग में रखा जा सकता है। इससे बाहरी नमी के संपर्क में आने की संभावना और भी कम हो जाएगी।रसोई में माचिस कहां रखें?माचिस पैक करना ही काफी नहीं है। उन्हें सही तरीके से रखना भी जरूरी है। सिंक, गैस स्टोव या किसी भी ऐसी जगह के पास माचिस न रखें जहां पानी के छींटे पड़ सकते हों। इन्हें सूखी और ठंडी जगह पर रखें। माचिस को किसी बंद अलमारी या डिब्बे में रखें जहां नमी आसानी से न पहुंच सके। याद रखें, गैस सिलेंडर, स्टोव या किसी भी गर्म सतह के पास माचिस रखना उचित नहीं है। इन्हें हमेशा बच्चों से और आग या गर्मी के किसी भी स्रोत से दूर रखें।अगर आप ऐसी जगह पर माचिस को इस्तेमाल के लिए तैयार रखना चाहते हैं जहां पानी या नमी का खतरा ज्यादा हो, तो कुछ लोग माचिस पर मोम की पतली परत चढ़ाने का तरीका भी अपनाते हैं। इसके लिए, पिघले हुए मोम को माचिस के जलने वाले हिस्से पर लगाया जाता है और फिर उसे पूरी तरह सूखने दिया जाता है। मोम की परत पानी को सीधे माचिस तक पहुंचने से रोकती है। हालांकि, आम घरेलू इस्तेमाल के लिए, माचिस को फॉयल और एयरटाइट बैग में लपेटना ज्यादा सुविधाजनक विकल्प है। मोम वाली विधि का इस्तेमाल करते समय, माचिस को पूरी तरह सूखने और ठंडा होने के बाद ही किसी सुरक्षित डिब्बे में रखें।क्या मैं माचिस के साथ नमी सोखने वाली कोई चीज रख सकता हूँ?माचिस की डिब्बी के आसपास की नमी को कम करने के लिए सिलिका जेल का एक छोटा पैकेट भी उपयोगी होता है। नए जूतों, थैलों या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मिलने वाले ये छोटे सिलिका जेल पैकेट नमी सोखने के लिए बनाए गए हैं। अगर आपके पास ऐसा कोई पैकेट है, तो आप इसे माचिस की डिब्बी के साथ एक एयरटाइट कंटेनर में रख सकते हैं। हालांकि, सिलिका जेल को कभी भी न खोलें और इसके दानों को सीधे माचिस की डिब्बी में न डालें। इसे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।माचिस की तीलियों को सुखाना क्यों जरूरी है?नमी के संपर्क में आने से माचिस की नोक खराब हो सकती है और घर्षण से जलने की उसकी क्षमता कम हो सकती है। यही कारण है कि जरूरत पड़ने पर माचिस की पूरी डिब्बी बेकार लग सकती है। यदि आपको बरसात के मौसम में अक्सर माचिस की जरूरत पड़ती है या आप उन्हें बाहर ले जाते हैं, तो कुछ माचिस को वाटरप्रूफ बैग में अलग से रखना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, माचिस को गर्मी, खुली आग और बच्चों से दूर रखना बेहद जरूरी है।
भारत ने जापान के खिलाफ रचा नया इतिहास: T20 क्रिकेट में 15 ओवर शेष रहते दर्ज की सबसे बड़ी जीत
अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट के मैदान पर इन दिनों भारतीय टीम का प्रदर्शन देश का गौरव लगातार बढ़ा रहा है, और जब बात रिकॉर्ड तोड़ने की हो, तो भारतीय बेटियां किसी से पीछे नहीं हैं। हाल ही में भारत और जापान के बीच खेले गए एक रोमांचक और ऐतिहासिक टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी के दम पर ऐसा इतिहास रच दिया जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे। भारत ने इस मुकाबले में महज कुछ ही ओवरों के भीतर लक्ष्य को हासिल करते हुए 15 ओवर शेष रहते हुए एकतरफा जीत अपने नाम कर ली, जो कि टी20 इतिहास में एक नया मील का पत्थर है। इस मुकाबले के दौरान भारतीय महिला टीम की स्टार ओपनर और विस्फोटक बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने छक्कों की बरसात करते हुए 'सिक्सर किंग' की प्रतिष्ठित सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया और कई अन्य बड़े रिकॉर्ड भी चकनाचूर कर दिए। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए भारत-जापान के बीच खेले गए इस ऐतिहासिक मैच और बने अनगिनत रिकॉर्ड्स की पूरी गहराई से समीक्षा करते हैं।भारत-जापान टी20 मुकाबले की पूरी कहानी और मैच का रोमांचक हालक्रिकेट के मैदान पर जब कोई बड़ी टीम किसी उभरती हुई टीम के खिलाफ उतरती है, तो मुकाबले के एकतरफा होने की उम्मीद तो की जाती है, लेकिन भारतीय महिला टीम ने जापान के खिलाफ जिस उच्च स्तर के खेल का प्रदर्शन किया, उसने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। मैच की शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों ने जापानी बल्लेबाजों पर ऐसा शिकंजा कसा कि पूरी विपक्षी टीम कम स्कोर पर ही सिमट गई। इसके बाद जब भारतीय सलामी जोड़ी मैदान पर उतरी, तो उन्होंने किसी भी तरह की सुस्ती दिखाने के बजाय पहली गेंद से ही आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। जापानी गेंदबाजों के पास भारतीय बल्लेबाजों की आंधी का कोई जवाब नहीं था। मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए भारतीय टीम ने लक्ष्य को इतनी तेजी से हासिल किया कि इतिहास के पन्नों में यह मैच हमेशा के लिए दर्ज हो गया। इस शानदार जीत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में गिनी जाती है।15 ओवर शेष रहते जीत दर्ज कर भारत ने रचा नया टी20 वर्ल्ड रिकॉर्डइस मुकाबले की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खासियत यह रही कि भारतीय महिला टीम ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहली बार इतने बड़े अंतर से यानी पूरे 15 ओवर (90 गेंदें) बाकी रहते हुए मैच अपने नाम किया है। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट में इतने कम ओवरों में मैच खत्म करना और विरोधी टीम को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना अभूतपूर्व माना जाता है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो यह जीत भारतीय क्रिकेट के पन्नों में सबसे तेज और प्रभावी चेज में से एक बन चुकी है। मैच के दौरान मैदान पर मौजूद दर्शकों और दुनिया भर के क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने भारतीय टीम के इस दबदबे की जमकर सराहना की। यह इस बात का प्रतीक है कि टीम अब केवल मैच जीतने के लिए नहीं खेलती, बल्कि मैदान पर अपना पूर्ण वर्चस्व स्थापित करने के इरादे से उतरती है, जिससे आने वाली बड़ी टीमों के खिलाफ भी एक मजबूत संदेश जाता है।शेफाली वर्मा ने बरपाया कहर, 'सिक्सर किंग' की लिस्ट में शामिल होकर बनाए कई नए रिकॉर्डअपनी विस्फोटक और निडर बल्लेबाजी शैली के लिए पूरी दुनिया में पहचानी जाने वाली युवा सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने इस मैच में एक बार फिर अपने नाम का डंका बजा दिया। जापानी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्होंने मैदान के हर कोने में लंबे-لंबे छक्के जड़े और अपनी इस आक्रामक पारी के दम पर 'सिक्सर किंग' की विशेष सूची में अपना नाम मजबूती से दर्ज करा लिया। महिला क्रिकेट में सबसे कम उम्र में सबसे ज्यादा छक्के लगाने और रिकॉर्ड गति से रन बनाने के मामले में शेफाली ने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है। उनकी इस शानदार फॉर्म को देखकर विरोधी टीमों के खेमे में अभी से खलबली मच गई है। जिस अंदाज में वे पावरप्ले का फायदा उठाती हैं और गेंदबाजों पर दबाव बनाती हैं, वह उन्हें विश्व क्रिकेट का एक अलग ही स्तर का खिलाड़ी बनाता है। इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद से सोशल मीडिया पर भी शेफाली वर्मा के नाम की धूम मची हुई है।इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय महिला क्रिकेट का भविष्य और आगे की बड़ी चुनौतियांजापान के खिलाफ मिली इस रिकॉर्डतोड़ और ऐतिहासिक जीत से पूरी भारतीय टीम का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया है, लेकिन इसके साथ ही आने वाले समय में बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। क्रिकेट बोर्ड और कोचिंग स्टाफ का पूरा फोकस अब यह सुनिश्चित करने पर है कि टीम इस बेहतरीन लय को आगामी दौरों और वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स में भी बरकरार रखे। युवा खिलाड़ियों का इस तरह से खुलकर प्रदर्शन करना यह दिखाता है कि भारत में महिला क्रिकेट का बेंच स्ट्रेंथ कितना मजबूत हो चुका है। फैंस को पूरी उम्मीद है कि शेफाली वर्मा और उनकी साथी खिलाड़ी आने वाले दिनों में देश के लिए कई और ऐतिहासिक ट्रॉफियां जीतेंगी और तिरंगे का मान पूरी दुनिया में इसी तरह ऊंचा करती रहेंगी।
एलोवेरा: अगर आप चाहते हैं कि एलोवेरा घर पर अच्छे से उगे, तो ये 5 गलतियाँ न करें
एलोवेरा उगाने का सही तरीका: आयुर्वेद में एलोवेरा का उपयोग एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में किया जाता है। इसकी मांग भी बहुत अधिक है और कई किसान इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं। लेकिन हर किसी के पास जमीन या बगीचा नहीं होता। इसलिए वे इसे अपने घर के सामने गमले में उगाते हैं ताकि इसकी देखभाल कर सकें और इसके लाभ प्राप्त कर सकें।जी हां, एलोवेरा मानव स्वास्थ्य में अपना योगदान देता है। यही कारण है कि लोग इसका उपयोग भी बढ़ा रहे हैं। इतना ही नहीं, एलोवेरा घर में आसानी से उगाया जा सकने वाला पौधा है। यह आपके घर में हरियाली लाता है। हालांकि, इसके उचित विकास के लिए देखभाल आवश्यक है। इस लेख में, हम आपको एलोवेरा उगाते समय कुछ ऐसी गलतियों से बचने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे आपका पौधा स्वस्थ और मजबूत बना रहेगा।सही मिट्टी का चयन करनाएलोवेरा के लिए सही मिट्टी का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। सामान्य मिट्टी का उपयोग पौधे के लिए अच्छा नहीं होता। एलोवेरा को ऐसी मिट्टी चाहिए जिसमें पानी आसानी से निकल जाए और जो पौधे को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करे। आप रेत, गोबर और बगीचे की मिट्टी का मिश्रण बनाकर एलोवेरा के पौधे को स्वस्थ रख सकते हैं।अधिक पानी देनाएलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। इसे जल्दी या अच्छी तरह से उगाने के लिए ज्यादा पानी देने से पत्तियां सड़ सकती हैं और पौधा कमजोर हो सकता है। इसलिए, हमेशा ध्यान रखें कि पौधे को तभी पानी दें जब मिट्टी सूखी हो। सप्ताह में एक बार पानी देना ही काफी है। इससे आपका एलोवेरा का पौधा स्वस्थ रहेगा और अच्छी तरह से बढ़ेगा।सूर्य की रोशनी की कमीएलोवेरा को बढ़ने के लिए भरपूर धूप की आवश्यकता होती है। अंधेरे कमरे में रखने पर यह अच्छी तरह से नहीं बढ़ेगा। इसलिए, इसे ऐसी जगह रखें जहाँ इसे दिन भर धूप मिलती रहे। इसे खिड़की के पास या बालकनी में रखना सबसे अच्छा है। इससे आपका एलोवेरा पौधा स्वस्थ और अच्छी तरह से बढ़ेगा। ध्यान रखें कि बहुत अधिक सीधी धूप भी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए हल्की धूप ही पर्याप्त है।एलोवेरा के पत्ते को अनावश्यक रूप से न काटेंकई लोगों को लगता है कि एलोवेरा के तने को काटने से उसकी लंबाई कम हो जाएगी, लेकिन यह गलत है। इससे पौधे को नुकसान होगा और उसकी वृद्धि रुक जाएगी। एलोवेरा की पत्तियों को तोड़ना भी ठीक नहीं है, क्योंकि इससे पौधे की प्राकृतिक संरचना बिगड़ जाती है। इसलिए, हमेशा यह सुनिश्चित करें कि एलोवेरा की पत्तियां और तने प्राकृतिक रूप में ही रहें।रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोगअधिकांश लोग सोचते हैं कि रासायनिक खाद डालने से एलोवेरा तेजी से बढ़ेगा, लेकिन इससे पौधे को नुकसान होगा। एलोवेरा को स्वस्थ रखने और लंबे समय तक हरा-भरा रखने के लिए रासायनिक खाद की जगह जैविक खाद का प्रयोग करें। इस प्रकार, इन 5 गलतियों से बचकर आप आसानी से घर पर एलोवेरा उगा सकते हैं और उसकी अच्छी तरह देखभाल कर सकते हैं।
नमो भारत ट्रेन से आसान हुआ दिल्ली-मेरठ का सफर, देखें ये रिपोर्ट
नमो भारत ट्रेन ने दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा करने वाले लोगों के जीवन और इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक ढांचे को पूरी तरह से बदल दिया है. पहले जहां दिल्ली से मेरठ जाने में लोगों को तीन से चार घंटे का लंबा समय लगता था और भारी ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता था, वहीं अब यह सफर मात्र 30 से 40 मिनट में पूरा हो रहा है. इस बेहतरीन और तेज कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली में महंगे किराए के घरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोग और छात्र अब अपने मेरठ या गाजियाबाद स्थित घरों से रोजाना आसानी से अप-डाउन कर पा रहे हैं.
मोहम्मद रिजवान पर सट्टेबाजी और जुए के गंभीर आरोपों से मचा हड़कंप
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में इन दिनों पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज और पूर्व कप्तान मोहम्मद रिजवान एक बेहद गंभीर विवाद के घेरे में आ गए हैं। पाकिस्तान क्रिकेट में जारी उठापटक और अनुशासनहीनता के मामलों के बीच अब रिजवान का नाम ऑनलाइन सट्टेबाजी (Online Betting) और जुए से जुड़े मामलों की जांच में सामने आ रहा है। नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) द्वारा की जा रही इस हाई-प्रोफाइल जांच के दौरान उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है, और हाल ही में लाहौर हाईकोर्ट से भी उनकी याचिका खारिज होने के बाद उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर मोहम्मद रिजवान की कुछ पुरानी तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें वे अपनी जर्सी पर छपे बेटिंग या गैंबलिंग ऐप के लोगो या नाम पर टेप चिपकाकर छिपाते हुए नजर आ रहे हैं, जिससे उनके दोहरे चरित्र और इस पूरे मामले पर नई बहस छिड़ गई है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह कड़ाई से पालन करते हुए, आइए इस सनसनीखेज मामले की पूरी गहराई से समीक्षा करते हैं।क्या है पूरा मामला और किस तरह सट्टेबाजी के घेरे में आए मोहम्मद रिजवानपाकिस्तान क्रिकेट टीम के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान खराब प्रदर्शन के बाद ड्रेसिंग रूम की गोपनीय जानकारियां लीक होने और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के आरोप में बड़ी कार्रवाई की गई थी। इसी जांच के सिलसिले में मोहम्मद रिजवान और बल्लेबाज इमाम-उल-हक से सरकारी जांच एजेंसी (NCCIA) द्वारा लंबी पूछताछ की गई। जांच एजेंसियों की रडार पर यह बात आई है कि मामला केवल ड्रेसिंग रूम लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और खेल से जुड़े जुए के वित्तीय लेन-देन से भी इसके तार जुड़ रहे हैं। इस कार्रवाई के खिलाफ जब रिजवान ने कानूनी राहत पाने के लिए लाहौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, तो अदालत ने भी उनकी याचिका को खारिज करते हुए जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया। एजेंसी की रिपोर्ट और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच के आधार पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला लेगा।वायरल तस्वीरों ने खोली पोल: जर्सी पर बेटिंग ऐप का नाम छिपाते थे रिजवानइस ताजा कानूनी और जांच के घेरे में आने के बाद सोशल मीडिया पर मोहम्मद रिजवान की एक पुरानी तस्वीर ने तहलका मचा दिया है। इस तस्वीर में वह किसी मैच या लीग के दौरान अपनी जर्सी पर छपे सट्टेबाजी या गेमिंग स्पॉन्सर के लोगों पर काले रंग का टेप चिपकाए हुए दिखाई दे रहे हैं। उस समय इसे धार्मिक या व्यक्तिगत मान्यताओं के आधार पर बेटिंग कंपनियों का प्रचार करने से मना करने के रूप में देखा गया था और उनकी काफी सराहना भी हुई थी। हालांकि, अब जब उन पर सट्टेबाजी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं, तो आलोचकों और फैंस के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या वह सिर्फ दिखावा कर रहे थे या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह थी। इन पुरानी तस्वीरों के वायरल होने के बाद से सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है और उनके समर्थक तथा विरोधी आमने-सामने आ गए हैं।लाहौर हाईकोर्ट से झटका और पीसीबी की कड़ी नजर से करियर पर मंडराया संकटमोहम्मद रिजवान के लिए यह समय अपने करियर के सबसे कठिन दौर से गुजरने जैसा है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा को धक्का लगा है, वहीं दूसरी तरफ अदालत से राहत न मिलने के कारण उनकी मुश्किलें कानूनी रूप से भी गहरी होती जा रही हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसी जल्द ही अपनी रिपोर्ट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को सौंपेगी। यदि इन जांचों में किसी भी प्रकार की संलिप्तता या वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि हो जाती है, तो न केवल उनका पाकिस्तानी टीम में वापसी का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो सकता है, बल्कि उनके पूरे क्रिकेट करियर पर भी पूर्ण विराम लग सकता है। खेल के मैदान पर हमेशा अपनी आक्रामकता और कथित तौर पर अलग अंदाज के लिए चर्चा में रहने वाले रिजवान के लिए यह जांच आने वाले दिनों में और भारी पड़ सकती है।
बधाई हो अभिषेक सर! सबसे तेज टी20 शतक ठोकने पर जब युवराज सिंह ने की जमकर तारीफ
क्रिकेट की दुनिया में कई बार ऐसे जादुई पल आते हैं जब एक युवा खिलाड़ी अपनी मेहनत और विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर खेल के दिग्गजों का दिल जीत लेता है, और ऐसा ही कुछ इन दिनों भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे अभिषेक शर्मा के साथ हुआ है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तूफानी बल्लेबाजी का लोहा मनवाने वाले युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने जब टी20 क्रिकेट के मैदान पर अपनी आक्रामक शैली से सबसे तेज शतक जड़ने का कारनामा किया, तो चारों तरफ उनके नाम की गूंज उठ गई। इस शानदार और ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद जब भारतीय क्रिकेट के युवराज यानी महान ऑलराउंडर युवराज सिंह ने खुद आगे बढ़कर अभिषेक की तारीफ की, तो युवा बल्लेबाज की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और वे गर्व से गदगद हो गए। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए अभिषेक शर्मा की इस ऐतिहासिक सफलता और युवराज सिंह के साथ उनके खास रिश्ते की पूरी गहराई से समीक्षा करते हैं।अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी और टी20 क्रिकेट में सबसे तेज शतक का ऐतिहासिक कारनामाक्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक फॉर्मेट यानी टी20 क्रिकेट में हर बल्लेबाज की ख्वाहिश होती है कि वह क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर हावी हो जाए और अपनी टीम के लिए सबसे तेज रन ब बनाए। अभिषेक शर्मा ने अपनी अविश्वसनीय बल्लेबाजी कौशल का प्रदर्शन करते हुए मैदान के चारों तरफ लंबे-लंबे छक्के और चौके बरसाए और रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा लिया। गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाली उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक क्रिकेट में निडर होकर खेलना ही सबसे बड़ी खूबी है। उन्होंने जिस अंदाज में पावरप्ले और उसके बाद के ओवरों में विपक्षी गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाईं, उसने न केवल स्टेडियम में बैठे दर्शकों का मनोरंजन किया बल्कि टीवी के पर्दे पर मैच देख रहे करोड़ों फैंस का भी दिल जीत लिया। इस तरह के रिकॉर्ड्स किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर में मील का पत्थर साबित होते हैं, और अभिषेक ने अपने इस प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि वे भविष्य के बहुत बड़े मैच विनर हैं।गुरु युवराज सिंह से मिली शाबाशी: 'बधाई हो अभिषेक सर' कहकर जब युवराज ने बढ़ाया हौसलाकिसी भी युवा खिलाड़ी के लिए उसके आदर्श या गुरु की एक शाबाशी दुनिया के सबसे बड़े पुरस्कार से कम नहीं होती है, और अभिषेक शर्मा के लिए तो युवराज सिंह किसी भगवान से कम नहीं हैं। अभिषेक ने अपने खेल को निखारने और उसे इस स्तर तक पहुंचाने के लिए पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह के मार्गदर्शन में कड़ी मेहनत की है। जब अभिषेक ने रिकॉर्डतोड़ सबसे तेज टी20 शतक जड़ा, तो युवराज सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए और व्यक्तिगत रूप से उन्हें खास अंदाज में बधाई दी। युवराज द्वारा प्यार और गर्व से 'बधाई हो अभिषेक सर' कहे जाने वाला वह संदेश इंटरनेट पर तुरंत वायरल हो गया। अपने मेंटॉर और क्रिकेट जगत के दिग्गज से इस तरह की सराहना पाकर अभिषेक शर्मा अंदर से पूरी तरह गदगद हो गए। उन्होंने हमेशा से यह माना है कि उनके खेल में जो आक्रामकता और तकनीकी सुधार आया है, उसका बहुत बड़ा श्रेय युवराज सिंह के कड़े अनुशासन और अमूल्य मार्गदर्शन को जाता है।पंजाब और घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल और टीम इंडिया तक का संघर्षपूर्ण सफरअभिषेक शर्मा का यहां तक पहुंचना कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इसके पीछे सालों की कड़ी तपस्या, पसीना और संघर्ष की लंबी कहानी जुड़ी हुई है। घरेलू क्रिकेट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पहचान बनाने वाले अभिषेक ने अपनी इस असाधारण प्रतिभा के दम पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की फ्रेंचाइजी और फिर भारतीय राष्ट्रीय टीम की जर्सी तक का सफर तय किया है। शुरुआती दिनों में जब उन्हें तकनीकी कमियों का सामना करना पड़ा था, तब युवराज सिंह ने उन्हें अपने साये में रखकर उनके साथ घंटों नेट्स पर पसीना बहाया था। आज जब वे मैदान पर उतरते हैं तो उनके शॉट्स में वही क्लास और पावर नजर आती है जो कभी युवराज के खेल की पहचान हुआ करती थी। इस तरह की ऐतिहासिक पारियां खेलना इस बात का प्रमाण है कि उनकी वह मेहनत अब रंग ला रही है और वे भारतीय क्रिकेट के अगले सुपरस्टार बनने की राह पर पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।भविष्य की बड़ी चुनौतियां और अभिषेक शर्मा से भारतीय क्रिकेट फैंस की उम्मीदेंकिसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सफलता की सीढ़ियां चढ़ना जितना रोमांचक होता है, उस सफलता को लंबे समय तक बरकरार रखना उससे भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। अभिषेक शर्मा के इस रिकॉर्डतोड़ शतक और युवराज सिंह की इस तारीफ के बाद अब दुनिया भर की नजरें उनके आगामी मुकाबलों पर टिकी हुई हैं। भारतीय टीम का शेड्यूल आने वाले दिनों में काफी व्यस्त रहने वाला है और चयनकर्ताओं तथा फैंस की उम्मीदें उन पर बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। यदि वे इसी निरंतरता और निडर मानसिकता के साथ मैदान पर उतरते रहे, तो वे आने वाले समय में देश के लिए कई और ऐतिहासिक मैच जिताने का दम रखते हैं। गुरु और शिष्य की यह जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो चुकी है, और फैंस को उम्मीद है कि अभिषेक आने वाले दिनों में देश का नाम और अधिक ऊंचा करेंगे।
Ganesh Godiyal के नेतृत्व में Congress का वनंतरा Resort मार्च, यमकेश्वर में पुलिस ने रोका
यमकेश्वर के पास उस समय भारी हंगामा हुआ, जब उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। वे अंकिता भंडारी की पुण्यतिथि पर विवादित वनंतरा रिसॉर्ट की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। यह टकराव यमकेश्वर के भोगपुर तल्ला में आयोजित 'श्रद्धांजलि सभा' के बाद हुआ, जो सितंबर 2022 में कथित तौर पर हत्या की शिकार हुई 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट को श्रद्धांजलि देने के लिए रखी गई थी। श्रद्धांजलि सभा के बाद, गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक बड़ा समूह पास के वनंतरा रिसॉर्ट की ओर मार्च करने लगा—यह वही जगह थी जहाँ भंडारी काम करती थीं और जहाँ कथित अपराध हुआ था। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद झड़प हो गई। इसे भी पढ़ें: स्कूल मान्यता रिश्वत मामले में DMK नेता Anbil Mahesh से CCB ने की पूछताछ ऋषिकेश के वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। उनका शव 24 सितंबर 2022 को चीला नहर से बरामद किया गया था। इससे पहले गुरुवार को, कांग्रेस नेता और AICC उत्तराखंड की प्रभारी कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड में बीजेपी सरकार की आलोचना की। उन्होंने भंडारी के परिवार का केस लड़ रहे वकील नवनीश नेगी को मिली कथित धमकियों के मामले को बेहद गंभीर बताया। उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए शैलजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए लड़ रहे वकील श्री नवनीश नेगी को कथित धमकियां मिलना बेहद गंभीर मामला है। बीजेपी सरकार को जवाब देना चाहिए: उत्तराखंड में किसके संरक्षण में अपराधी इतने बेखौफ हो गए हैं कि न्याय के लिए लड़ने वाले वकील भी सुरक्षित नहीं हैं? उन्होंने आगे कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई ने पहले ही सिस्टम पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब उनकी तरफ से केस लड़ रहे वकील को मिली धमकियों ने बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर एक और बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। वकील के लिए तुरंत सुरक्षा की मांग करते हुए, सेलजा ने राज्य सरकार से 'वकील सुरक्षा कानून' (Advocate Protection Act) लाने का आग्रह किया। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को तुरंत निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, दोषियों को सजा दिलानी चाहिए, वकील की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और वकील सुरक्षा कानून पर ठोस कदम उठाने चाहिए। इसे भी पढ़ें: Kashmir Crime Branch ने 93 लाख की जमीन धोखाधड़ी में गुलाम मोहि-उद-दीन डार को पकड़ा देवभूमि में अपराधियों का डर नहीं, बल्कि कानून का राज होना चाहिए। जनवरी 2026 में एक अज्ञात VIP के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आया; यह FIR आरोपों और वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप्स के आधार पर दर्ज की गई थी, जिनमें एक VIP की संलिप्तता का ज़िक्र था। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा 9 जनवरी, 2026 को CBI जांच की सिफारिश किए जाने के बाद, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अपनी स्पेशल क्राइम ब्रांच के ज़रिए यह मामला दर्ज किया। तब से CBI ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड अपनी कस्टडी में ले लिए हैं, जिनमें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट, पुलिस FIR और अन्य दस्तावेज़ शामिल हैं। एजेंसी द्वारा डॉ. अनिल प्रकाश जोशी का बयान भी दर्ज किए जाने की उम्मीद है, जिन्होंने FIR दर्ज कराई थी।
ममता बनर्जी की उम्मीदवार ने वापस लिया नाम, नंदीग्राम उपचुनाव में बड़ा ट्विस्ट
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से संचिता प्रधान डे नंदीग्राम उपचुनाव में उम्मीदवार थीं. नामांकन की जांच के बाद उन्हें 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था. इसके बाद वह नबन्ना पहुंचीं और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की. अब उन्होंने चुनावी मैदान से अपना नाम वापस ले लिया है.
सूख रही है तुलसी? कुछ दिनों में हो जाएगी हरी-भरी, डालें ये चीजें
Tulsi Plant Care Tips: अगर आपके घर में लगी तुलसी की पत्तियां पीली पड़कर सूख रही हैं, तो महंगी दवाइयों के बजाय घर में मौजूद चायपत्ती, नीम की पत्तियों और लकड़ी की राख का सही इस्तेमाल करें. जानें तुलसी के पौधे को फिर से हरा-भरा और घना बनाने के आसान घरेलू उपाय.
TMC के नाम-चिन्ह पर EC के फैसले से बवाल, ममता के समर्थन में उतरे राहुल
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चुनाव आयोग द्वारा लिए गए फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भारी हंगामा मच गया है. इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधी रात को चुनाव आयोग को अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है. वहीं दूसरी तरफ बागी गुट ने पार्टी के नाम और प्रतीक चिन्ह के लिए दो नए विकल्प भी आयोग को सौंप दिए हैं, जिसके बाद अब अंतिम फैसला चुनाव आयोग को ही लेना है.
'उन्हें अपनी ही पार्टी का इतिहास नहीं पता', राहुल गांधी पर BJP का पलटवार
टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह विवाद को लेकर राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. राहुल गांधी द्वारा बीजेपी पर विपक्षी दलों को खत्म करने के आरोपों के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा पलटवार किया है. बीजेपी ने राहुल गांधी को कांग्रेस का इतिहास याद दिलाते हुए कहा कि उन्हें खुद अपनी पार्टी के इतिहास के बारे में जानकारी नहीं है.बीजेपी प्रवक्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी जिन पार्टियों (शिवसेना, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस) के बचाव में बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं, असल में उनमें से दो पार्टियां कांग्रेस से ही अलग होकर बनी हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नाम में भी 'कांग्रेस' शामिल है और शरद पवार ने साल 1999 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे पर कांग्रेस से अलग होकर इस पार्टी का गठन किया था. इसी तरह, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस भी कांग्रेस से ही अलग होकर बनी है.बीजेपी ने राहुल गांधी को 'सदा सर्वदा व्याकुल नेता प्रतिपक्ष' बताते हुए कहा कि वह बीजेपी पर आरोप लगाने की जल्दबाजी में यह भी भूल जाते हैं कि वे किन पार्टियों का जिक्र कर रहे हैं. बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस का खुद का इतिहास दूसरी पार्टियों को तोड़ने और सरकारें गिराने का रहा है. इस विवाद ने एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक जंग को तेज कर दिया है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर इतिहास और वर्तमान को लेकर गंभीर आरोप लगा रहे हैं.
Hyderabad में KCR परिवार के खिलाफ Congress के बैनर, 388 एकड़ जमीन की 30 दिन में होगी जांच
तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) और उनके परिवार से जुड़े ज़मीन के एक कथित मामले को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने शहर भर के प्रमुख फ्लाईओवर जंक्शनों पर फ्लेक्स बैनर लगाए हैं। इन बैनरों में आरोप लगाया गया है कि KCR परिवार ने तेलंगाना आंदोलन और लोगों की भावनाओं का फ़ायदा उठाकर हज़ारों करोड़ रुपये कमाए। इनमें कथित ज़मीन सौदों की जानकारी भी दी गई है। इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi के जन्मदिन पर Shivraj Singh Chouhan ने दी बधाई, कहा- विकसित हो रहा भारत इन फ्लेक्स बैनरों में कलवकुंतला परिवार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और नारा लिखा है, हम तुमसे यह पैसा उगलवाकर रहेंगे, याद रखना, कलवकुंतला के चोरों। बैनर पर लगाए गए आरोप कांग्रेस के राजनीतिक दावे हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बुधवार को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और BRS अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव (KCR) से जुड़ी बताई जा रही 388 एकड़ सरकारी ज़मीन की जांच के आदेश दिए। सांसद किरण कुमार चमाला ने X पर एक पोस्ट में बताया कि राजस्व अधिकारियों और मंत्रियों को 30 दिनों के भीतर जांच पूरी करने और ज़मीन के मालिकाना हक व स्थिति से जुड़े तथ्यों का पता लगाने का निर्देश दिया गया है। भोंगिर के सांसद ने यह भी कहा कि अगर जांच में सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा साबित होता है, तो राज्य सरकार ज़मीन वापस लेगी और उसे राज्य के दलित समुदाय में बांट देगी। इसे भी पढ़ें: KCR के Farmhouse की 700 एकड़ जमीन पर विवाद, CM Revanth Reddy ने दिए नोटिस के आदेश उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकारी ज़मीन लोगों की होती है और सार्वजनिक ज़मीन के हर इंच की सुरक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उचित प्रक्रिया के ज़रिए कब्ज़ा साबित होता है, तो ज़मीन वापस ली जानी चाहिए और उसे सार्वजनिक उपयोग में लाया जाना चाहिए। इससे पहले, ज़मीनों की '22 A' प्रतिबंधित सूची के ख़िलाफ़ शिकायतों के बाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ज़मीनों के मालिकाना हक़ से जुड़े हर मुद्दे को सुलझाने के लिए एक हाई-लेवल कमिटी बनाने की घोषणा की। आज विधानसभा में बहस के दौरान, मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि शहरी ज़मीनों को रेगुलर करने के लिए एक नई पॉलिसी और ज़मीन के रजिस्ट्रेशन और रेगुलराइज़ेशन को एक साथ करने के लिए एक नया सिस्टम लाया जाएगा। साथ ही, मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकृत लेआउट से जुड़े मुद्दों को संबंधित अधिकारियों से वेरिफ़िकेशन के बाद सुलझाया जाएगा।
युवराज मर्डर केस में परिवार ने गुरुग्राम पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, देखें
दिल्ली के लाजपत नगर का रहने वाला युवराज 6 तारीख को लापता हुआ था. उसकी पूर्व सहकर्मी आन्या और उसके दोस्त ने युवराज को गुरुग्राम बुलाकर गोली मार दी और उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को गाड़ी की डिक्की में रखा और फिर उसे गुरुग्राम के बादशाहपुर इलाके में एक नाले में फेंक दिया. दिल्ली की लाजपत नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन इस मामले में गुरुग्राम की बादशाहपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
ड्रग्स नेटवर्क के खत्मे को लेकर दिल्ली में जुटेंगे ANTF चीफ, अमित शाह करेंगे बैठक
22-23 सितंबर को नई दिल्ली में ANTF प्रमुखों का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन अमित शाह करेंगे. इसमें 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ANTF प्रमुखों समेत केंद्र-राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे.
भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में शीर्ष सैन्य स्तर पर बातचीत जारी है। रूस के आधिकारिक दौरे पर गए भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस के थल सेना मुख्यालय का दौरा किया है। यहां दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। रूसी सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बातचीत का मुख्य फोकस सैन्य सहयोग को और गहरा करने पर रहा। इसके साथ ही सैन्य प्रशिक्षण गतिविधियों का विस्तार करने और दोनों सेनाओं की क्षमताओं को मजबूत करने पर वार्ता हुई।
Bihar Flood Crisis: नितिन नवीन ने CM Relief Fund में दान की 3 महीने की Salary
बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने तीन महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने एक्स पर लिखा कि बिहार में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक समय पर राहत एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है। राज्यसभा सांसद के रूप में मैं भी अपने तीन महीने के वेतन की राशि, ₹6,35,000 मुख्यमंत्री राहत कोष में अंशदान करता हूँ। इसे भी पढ़ें: राजस्थान में कुचेरा निकाय चुनाव से पहले Congress पार्षदों पर दबाव बनाने का आरोप, Dotasra ने साधा निशाना नितिन नवीन ने आगे लिखा कि राज्य सरकार द्वारा बाढ़ से प्रभावित परिवारों को ₹7,000 प्रति परिवार की वित्तीय सहायता के रूप में कुल ₹550 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की गई है। राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन, चिकित्सा सुविधाओं और पशु चारे की व्यवस्था के साथ NDRF एवं SDRF की टीमें बचाव कार्यों में तैनात हैं। किसानों की फसल क्षति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तथा राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। हम सभी बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारजनों के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं। बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम ज़ोर-शोर से चल रहा है; यहाँ 15 ज़िलों में 48 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसे भी पढ़ें: 'अपनी पार्टी का इतिहास भी नहीं जानते Rahul Gandhi', TMC Symbol Freeze पर Sudhanshu Trivedi का तीखा तंज 1,251 कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) से अब तक 88 लाख से ज़्यादा लोगों को खाना खिलाया गया है। तेरह राहत कैंपों में 12,000 से ज़्यादा लोगों को रहने की जगह, खाना और मेडिकल सुविधाएँ दी जा रही हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने बताया कि बाढ़ से प्रभावित हर परिवार को सात हज़ार रुपये की मदद दी जा रही है। लगभग 3.68 लाख पॉलीथीन शीट, 65,400 सूखे राशन के पैकेट और 1,400 खाने के पैकेट बांटे गए हैं। प्रभावित इलाकों में 1,688 नावें चल रही हैं। मवेशियों के चारे की भी 12,844 क्विंटल से ज़्यादा सप्लाई की गई है। राहत और बचाव के काम में SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें लगी हुई हैं।
बिहार में बाढ़, निवेश से लेकर रोजगार तक, हर मुद्दे पर बोले रविशंकर प्रसाद
पटना में आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम में मंच पर खास तौर पर आमंत्रित थे पूर्व केंद्रीय मंत्री, पटना से लोकसभा सांसद और बीजेपी के कद्दावर नेता नेता रविशंकर प्रसाद. 'बीजेपी की सरकार, बिहार में बहार' सत्र में उनसे प्रदेश अंजना ओम कश्यप ने प्रदेश के विकास और पार्टी समेत नीतीश कुमार से संबंधों को लेकर कई सवाल पूछे गए. क्या रहे रविशंकर प्रसाद के जवाब, जानने के लिए देखें वीडियो.
नाम बदलकर रह रहा था निठारी कांड का सुरेंद्र कोली, 3 दिन पहले खोली चाय दुकान
हरिद्वार में सदाराम के नाम से रह रहे शख्स की पहचान निठारी कांड से जुड़े सुरेंद्र कोली के रूप में हुई. उसने तीन दिन पहले ही भूपतवाला में चाय की दुकान शुरू की थी. शुक्रवार सुबह दुकान नहीं खुली तो मालिक ने शटर उठाया. अंदर सुरेंद्र फंदे से लटका मिला. वह काफी डिप्रेशन में था.
निठारी कांड में बरी हुए Surendra Koli ने की खुदकुशी, दुकान में मिला शव
इंटरनेट डेस्क। देशभर में चर्चित निठारी कांड के आरोपित रहे सुरेंद्र कोली ने खुदकुशी कर ली। खबरों के अनुसार, सुरेन्द्र कोली ने हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर खुदकुशी की। कुछ दिन से हरिद्वार में चाय बेचने का काम रहे सुरेन्द्र कोली का शव दुकान में रस्सी से लटका मिला है। पुलिस ने परिजनों को इस बात की जानकारी देकर अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि सप्त सरोवर रोड लालमाता मंदिर के सामने चाय की दुकान में फांसी लगाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने यहां पर पहुंचकर मृतक की फचाम सुरेंद्र कोली निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासेड़ अल्मोड़ा के रूप में की। वह निठारी कांड में आरोपित रहा है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि सुरेन्द्र कोली कुछ महीनो से हरिद्वार में रह रहा था। वह यहां पर चाय का खोखा किराए पर लेकर चला रहा था। पुलिस ने दुकान से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है। अब प्रत्येक एंगल से मामले की जांच की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड में कर दिया था बरी आपको बात दें कि सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था। 2006 में निठारी हत्या व दुष्कर्म कांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोली को फांसी की सजा सुनाई थी। साल 2015 में न्यायालय ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। सुरेंद्र कोली अल्मोड़ा के मंगरूखाल निवासी है। आर्थिक तंगी के कारण वह साल 2004-05 में रोजगार के सिलसिले में दिल्ली गया था। PC:livehindustan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शुक्रवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर आरोप लगाया कि वह नागौर जिले के कुचेरा में नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन का गलत इस्तेमाल कर रही है। डोटासरा ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने लोकतंत्र लूटने के लिए नागौर के कुचेरा को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है.. शर्मनाक!’’उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा सरकार सत्ता के नशे में लोकतंत्र की सारी मर्यादाएं तार-तार करने पर उतारू है। कल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा पर हमला और पार्षदों को जबरन (भाजपा खेमे में) ल जाने के प्रयास किए गए तथा अब कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद निंबाराम जी को भी (भाजपा खेमे में) ले जाने के लिए भारी पुलिस बल भेजा गया है।’’डोटासरा ने आरोप लगाया कि पार्षद को (भाजपा खेमे में) ले जाने के लिए उनके किसी दूर के रिश्तेदार से प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है, जबकि स्वयं पार्षद निंबाराम और उनकी पत्नी ने वीडियो जारी कर साफ किया है कि वे कांग्रेस के साथ हैं। डोटासरा ने सवाल उठाया, ‘‘फिर आखिर यह दबाव किसलिए बनाया जा रहा है और पुलिसिया कार्रवाई किसके इशारे पर तथा किस मकसद से हो रही है?’’कांग्रेस नेता के अनुसार, ‘‘आखिर यह किस तरह का लोकतंत्र है? पुलिस और प्रशासनिक तंत्र का इस तरह इस्तेमाल लोकतांत्रिक जनादेश पर सीधा हमला है।’’उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट एवं मजबूती से खड़े रहने और सत्ता के दबाव के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। इसी तरह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों पर दबाव डाला जा रहा है और उन्हें जबरन (भाजपा खेमे में) ले जाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘कुचेरा में कांग्रेस पार्षदों पर दबाव, उन्हें जबरन भाजपा खेमे में मिलाने के प्रयास और भारी पुलिस बल की तैनाती सरकार द्वारा वोट चोरी का प्रयास है। जब निर्वाचित पार्षद स्वयं स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि वे कांग्रेस के साथ हैं, तो फिर उन्हें डराने-धमकाने के लिए पुलिस किसके आदेश पर काम कर रही है?’’जूली ने लिखा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, सत्ता के मद में जनादेश को कुचलने की कोशिश मत कीजिए। पुलिस-प्रशासन जनता की सुरक्षा के लिए है, भाजपा की राजनीतिक इच्छाएं पूरी करने के लिए नहीं।
नेपाल आपदा: इस बार अनलकी... नहीं बचाए जा सके टनल में फंसे 6 लोग
नेपाल के अपर त्रिशूली-1 में 6 लोगों के शव सुरंग में कंक्रीट के काम के लिए तैयार की गई स्टील की जाली में फंसे हुए थे. ये लोग 26 अगस्त को आई आपदा के दौरान हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे.
सहवाग-द्रविड़ के बेटों का डेब्यू पर धमाका, AUS के खिलाफ उड़ाया गर्दा
वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग का यूथ वनडे में डेब्यू हो गया है, अपने पहले ही मुकाबले में पिता के अंदाज में शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने अपनी पारी में कुल 5 चौके लगाए, वहीं इस मैच में राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ को भी बतौर विकेटकीपर खेलने का मौका मिला. उन्होंने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की.
तृणमूल नाम और सिंबल पर रोक के बाद एक्शन में ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर अंतरिम रोक के बाद ममता बनर्जी गुट ने आयोग को विकल्प सौंपे हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, सुझाए गए नामों में तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की पहचान बरकरार रखने की कोशिश है. आयोग ने दोनों गुटों से नाम और चिन्हों के विकल्प मांगे थे. अब आयोग की मंजूरी के बाद उपचुनावों के लिए नाम और चिन्ह तय होंगे.
तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने कल मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर में हुए कुंभाभिषेकम के लिए पास बांटने में कुप्रबंधन और गड़बड़ी के आरोपों को खारिज कर दिया। अन्ना सलाई स्थित बिजली बोर्ड मुख्यालय में TANGEDCO के डिस्ट्रीब्यूशन विंग के चीफ इंजीनियरों और सुपरिटेंडिंग इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि कुंभाभिषेकम बहुत अच्छे से संपन्न हुआ। मैंने किसी को पास नहीं दिए; यहां तक कि मेरे परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। पास हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग द्वारा जारी किए गए थे। हमेशा की तरह, DMK से जुड़े कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं क्योंकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। बिजली की कमी के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए निर्मल कुमार ने कहा कि कॉमन पूल से खरीद के जरिए कमी को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: झारखंड के FJCCI ने UPI लेनदेन पर MDR शुल्क वापस लेने की वित्त मंत्री से की मांग उन्होंने कहा पंजाब जैसे राज्यों में 16 घंटे बिजली कटौती हो रही है। सभी राज्यों को बिजली की ऐसी ही कमी का सामना करना पड़ रहा है। केरल और पंजाब जैसे राज्यों ने बिजली कटौती की घोषणा की है क्योंकि वे बिजली खरीदने में असमर्थ हैं। लेकिन तमिलनाडु में, हमने कमी को पूरा करने के लिए कॉमन पूल से बिजली खरीदी है। उन्होंने आगे कहा कि मिन्नागम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते उपभोक्ताओं की शिकायतों की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पवन ऊर्जा उत्पादन, जो आमतौर पर महीने के अंत तक जारी रहता है, इस महीने की शुरुआत में ही बंद हो गया था, और अक्टूबर के लिए बिजली खरीद समझौता पहले ही हो चुका है। AMMK नेता टीटीवी दिनाकरन के इस दावे पर तीखा हमला करते हुए कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था, निर्मल कुमार ने कहा क्या टीटीवी दिनाकरन को यह कहते हुए शर्म नहीं आती कि स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था? वह सिर्फ़ अपना अस्तित्व साबित करने के लिए बात कर रहे हैं। जयललिता ने उन्हें 10 साल तक पूरी तरह से दरकिनार कर दिया था। उनकी तरक्की उनकी बुआ की वजह से हुई, जिन्हें उन्होंने खुद भी दरकिनार कर दिया था। इसे भी पढ़ें: भारत की 7.8% Q1 Growth संयोग नहीं, Nirmala Sitharaman ने MSME और जनता को दिया श्रेय उन्होंने आगे आरोप लगाया कि दिनाकरन अब AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि पहले उन्होंने उनकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा, वही TTV, जिन्होंने पलानीस्वामी को गद्दार कहा था और कहा था कि उनका एकमात्र मकसद उन्हें हराना है, अब उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए बेताब हैं और उनके लिए राजभवन कागजात ले जा रहे हैं। जो व्यक्ति CM बनने वाला है, उसे विधायकों का पत्र लेना चाहिए, लेकिन वह इसे पलानीस्वामी के लिए ले जा रहे हैं। वह अब DMK और स्टालिन की वकालत कर रहे हैं। उनके बयानों को बार-बार नहीं दिखाया जाना चाहिए।
अल्लू अर्जुन की ‘राका’ में 37 का रहस्य, फैंस कर रहे हैं नंबर की गुत्थी सुलझाने की कोशिश
मुंबई। अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘राका’ एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में है। फिल्म के निर्माताओं ने एक बेहद रहस्यमयी पोस्ट शेयर किया है, जिसमें सिर्फ ‘37’ नंबर नजर आ रहा है। इसके साथ ‘कुछ बड़ा आने वाला है’ जैसे संकेत ने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है। […] The post अल्लू अर्जुन की ‘राका’ में 37 का रहस्य, फैंस कर रहे हैं नंबर की गुत्थी सुलझाने की कोशिश appeared first on Sabguru News .
कनिष्क बम विस्फोटः 41 साल बाद भी 329 मौतों का इंसाफ बाकी, जांच समेटने की आहट से परिवारों में गुस्सा
नई दिल्ली — 18 सितंबर, 2026 — एयर इंडिया फ्लाइट 182 (कनिष्क) बम विस्फोट की जांच को लेकर कनाडा में एक बार फिर पीड़ित परिवारों की नाराजगी सामने आई है। इस हादसे में अपने माता-पिता और छोटी बहन को खोने वाले संजय लाजर ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को पत्र भेजकर जांच बंद करने या निष्क्रिय स्थिति में डालने के प्रयास का विरोध किया। लाजर के मुताबिक, 12 सितंबर को पीड़ित परिवारों के साथ हुई बैठक में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की जांच टीम का आकार घटाने और मामले को निष्क्रिय स्थिति में रखने की संभावित योजना का पता चला, लेकिन आरसीएमपी ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।
डॉक्टर से जानिए कैसे ब्लड शुगर खून की नलियों को पहुंचाता है आंखों को गंभीर नुकसान
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और गलत खानपान के कारण आज के समय में स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं आम होती जा रही हैं, जिनमें डायबिटीज या मधुमेह (Diabetes) का नाम सबसे ऊपर आता है। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसे अक्सर 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है। बहुत से लोग यह सोचते हैं कि डायबिटीज का असर केवल ब्लड शुगर लेवल या पैनक्रियास तक ही सीमित रहता है, लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। यदि लंबे समय तक शरीर में शुगर का स्तर अनियंत्रित रहता है, तो इसका सबसे बुरा प्रभाव हमारी आंखों पर पड़ता है और धीरे-धीरे नजर कमजोर होने लगती है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए, आइए जाने-माने नेत्र विशेषज्ञों और चिकित्सा वैज्ञानिकों की सलाह के आधार पर डायबिटीज और आंखों के इस खतरनाक रिश्ते की गहराई से समीक्षा करते हैं।आखिर क्यों डायबिटीज के मरीजों की नजर होने लगती है कमजोर और क्या है इसके पीछे का विज्ञानहमारे शरीर में जब रक्त शर्करा यानी ब्लड ग्लूकोज का स्तर लगातार उच्च बना रहता है, तो वह पूरे शरीर की रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने लगता है। आंखें हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील और नाज़ुक अंग हैं, जिनमें बहुत बारीक और सूक्ष्म रक्त नलिकाएं पाई जाती हैं। जब अंसतुतित डायबिटीज इन सूक्ष्म नलिकाओं को प्रभावित करती है, तो उनमें सूजन आ सकती है, वे कमजोर हो सकती हैं या उनसे खून और अन्य तरल पदार्थों का रिसाव शुरू हो सकता है। इस चिकित्सीय स्थिति को 'डायबेटिक रेटिनोपैथी' (Diabetic Retinopathy) कहा जाता है। रेटिना आंख का वह पिछला हिस्सा होता है जो देखने में सबसे अहम भूमिका निभाता है, और जब रेटिना की नसें खराब होने लगती हैं, तो मरीज को धुंधला दिखने लगता है, आंखों के सामने काले धब्बे तैरने लगते हैं, और समय पर इलाज न मिलने पर आँखों की रोशनी हमेशा के लिए जा भी सकती है।डायबेटिक रेटिनोपैथी के शुरुआती लक्षण जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाजशरीर में जब कोई बड़ी बीमारी घर करती है, तो वह हमेशा अपने शुरुआती संकेत जरूर देती है, बशर्ते हम उन्हें समय रहते पहचान लें। आंखों की रोशनी कम होने या डायबिटीज का असर रेटिना पर पड़ने से पहले कई शुरुआती लक्षण सामने आते हैं। यदि आपको अचानक पढ़ने में कठिनाई होने लगे, सीधी रेखाएं टेढ़ी-मेढ़ी या धुंधली दिखाई देने लगें, रंगों को पहचानने में परेशानी हो, या फिर आंखों के आगे अचानक से जाला या काले धब्बे तैरते हुए महसूस हों, तो इसे सामान्य कमजोरी या उम्र का असर मानकर बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये सभी लक्षण इस बात का गंभीर संकेत हो सकते हैं कि आपके शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लंबे समय से अनियंत्रित है और उसने आपकी आंखों की नसों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। ऐसे में तुरंत किसी अच्छे नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) से मिलकर अपनी आंखों की पूरी जांच करानी चाहिए।डायबिटीज से आंखों को बचाने और अपनी नजर को सुरक्षित रखने के सबसे असरदार उपायचूंकि डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे पूरी तरह से खत्म तो नहीं किया जा सकता, लेकिन इसे पूरी तरह से नियंत्रित (Control) जरूर किया जा सकता है, इसलिए आंखों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहला कदम अपने ब्लड शुगर लेवल को सीमा के भीतर रखना है। इसके अलावा, साल में कम से कम एक या दो बार अपनी आंखों की व्यापक जांच (Comprehensive Eye Exam) जरूर करवानी चाहिए, जिसमें पुतली फैलाकर रेटिना की जांच की जाती है। नियमित रूप से व्यायाम करना, संतुलित और पौष्टिक आहार लेना, जंक फूड और अत्यधिक मीठी चीजों से परहेज करना, तथा ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखना भी आंखों की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी आई ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि कई बार कुछ दवाइयों के गलत साइड इफेक्ट्स भी आंखों पर भारी पड़ सकते हैं।आधुनिक चिकित्सा और समय पर जांच से रोधी जा सकती है आंखों की रोशनी की हानिचिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में आई आधुनिक तकनीकों के कारण आज डायबेटिक रेटिनोपैथी जैसी गंभीर समस्याओं का समय रहते सटीक इलाज संभव हो चुका है। लेजर थेरेपी, इंट्राओकुलर इंजेक्शन और आधुनिक सर्जरी के जरिए आंखों के भीतर होने वाले रक्त रिसाव को रोका जा सकता है और बची हुई नजर को सुरक्षित रखा जा सकता है। हालांकि, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मरीज कितनी जल्दी डॉक्टर के पास पहुंचता है। यदि बीमारी का पता शुरुआती अवस्था में ही चल जाए, तो दृष्टि हानि के खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। इसलिए यदि आपको या आपके परिवार में किसी को भी डायबिटीज की समस्या है, तो अपनी आंखों की सेहत को लेकर कभी भी लापरवाही न बरतें। समय पर सतर्कता और सही इलाज अपनाकर आप उम्रभर दुनिया की इस खूबसूरत खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं।
निवेश प्रोत्साहन से लेकर एमएसएमई, ओडीओपी, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मा तक की ताकत का होगा प्रदर्शन
लखनऊ, 18 सितंबर: उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किए जा रहे प्रयासों को वैश्विक मंच देने की तैयारी तेज हो गई है। निवेश से निर्यात तक प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को एक मंच पर प्रदर्शित करने के लिए चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का आयोजन 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में किया जाएगा। ट्रेड शो में प्रदेश के विभिन्न विभागों, विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक क्षेत्रों, एमएसएमई, ओडीओपी उद्यमियों, निर्यातकों और सेवा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है।योगी सरकार के औद्योगिक विजन के अनुरूप आयोजित होने वाला यह ट्रेड शो उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश संभावनाओं, स्थानीय उत्पादों की विविधता और निर्यात क्षमता को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा। आयोजन में निवेश प्रोत्साहन, आधारभूत ढांचे, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और सेवा क्षेत्रों को अलग-अलग हॉल में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे निवेशकों, खरीदारों और उद्यमियों के बीच संवाद तथा कारोबारी साझेदारी के अवसर उपलब्ध होंगे।निवेश प्रोत्साहन से औद्योगिक विस्तार तक, एक मंच पर आएंगे प्रमुख संस्थानचौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन संस्थानों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 1 में इन्वेस्ट यूपी और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को स्थान दिया गया है। हॉल 3 में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की भागीदारी रहेगी।हॉल 4 में ‘यूपी एट अ ग्लांस’ के माध्यम से प्रदेश की समग्र औद्योगिक एवं विकास क्षमता को प्रदर्शित किया जाएगा। हॉल 5 में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार की गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी। हॉल 6 में सिंचाई, समाज कल्याण, नगर विकास, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग शामिल होंगे।हॉल 7 में नोएडा विकास प्राधिकरण, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, आईटी एवं आईटीईएस तथा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 8 में श्रम विभाग, स्वास्थ्य एवं अस्पताल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा तथा बैंकिंग एवं वित्त से जुड़े क्षेत्र प्रदर्शित होंगे। इन संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों, औद्योगिक आधारभूत ढांचे, कनेक्टिविटी, मानव संसाधन और कारोबारी सुविधाओं की जानकारी निवेशकों एवं उद्यमियों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा।ओडीओपी और एमएसएमई की ताकत से वैश्विक बाजार तक पहुंचउत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों तथा स्थानीय उत्पादों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए ट्रेड शो में एमएसएमई और एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) को विशेष स्थान दिया गया है। हॉल 9 में ओडीओपी के उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा, जबकि हॉल 10 में नए उद्यमियों एवं एमएसएमई को स्थान दिया गया है। हॉल 11 में पशुपालन, मत्स्य, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जीआई उत्पाद, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन तथा आयुष से जुड़े क्षेत्र शामिल होंगे। हॉल 12 में कृषि विभाग, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यान, डेयरी विकास और चीनी उद्योग की भागीदारी प्रस्तावित है।यह व्यवस्था प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों, ग्रामीण उद्यमिता और आधुनिक औद्योगिक गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। ओडीओपी एवं एमएसएमई उत्पादों की प्रदर्शनी से उद्यमियों को अपने उत्पादों की ब्रांडिंग, संभावित खरीदारों से संपर्क और नए बाजारों तक पहुंच बनाने के अवसर मिलेंगे।निर्यातकों, लॉजिस्टिक्स और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा मंचट्रेड शो में निर्यात विस्तार से जुड़े क्षेत्रों को भी प्रमुखता दी गई है। हॉल 14, 15 और 16 में टाउन ऑफ एक्सीलेंस, निर्यातकों, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, वस्त्र एवं हथकरघा, खेल तथा मुख्यमंत्री युवा से जुड़े क्षेत्रों की भागीदारी प्रस्तावित है। हॉल 17 में ओडीओपी ओपन स्पेस, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के हितधारक, क्रेडाई और परिवहन क्षेत्र को शामिल किया गया है। निर्यातकों एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की भागीदारी से प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने से जुड़े कारोबारी अवसरों को प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। वहीं वस्त्र, हथकरघा, खेल, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य क्षेत्रों के उद्यमी अपने उत्पादों तथा कारोबारी क्षमताओं को संभावित खरीदारों के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे।विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से दिखेगा क्षेत्रीय औद्योगिक सामर्थ्यट्रेड शो के फोयर एरिया में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इनमें कानपुर विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण, आगरा विकास प्राधिकरण, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मेरठ विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण समेत अन्य प्राधिकरण शामिल हैं। विकास प्राधिकरणों की भागीदारी से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास, औद्योगिक विस्तार और निवेश से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया जा सकेगा। इससे उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की कारोबारी संभावनाओं तथा विकास परियोजनाओं की जानकारी निवेशकों और उद्यमियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।उद्योग जगत, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भेजे जा रहे आमंत्रणट्रेड शो में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकारी विभागों, उद्योग संगठनों, चैंबरों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों एवं विभागों को पत्र तथा आमंत्रण कार्ड भेजे जा चुके हैं। उद्योग संगठनों एवं चैंबरों को डिजिटल माध्यम से आमंत्रण भेजे गए हैं तथा डाक से आमंत्रण की प्रक्रिया जारी है। संस्थानों और विश्वविद्यालयों को भी डिजिटल आमंत्रण भेजे जा चुके हैं। बी2बी एवं बी2सी खरीदार पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड तैयार कर प्रसारित किया जा रहा है।
विटामिन बी12 की गोलियां कितने दिन खाना है सुरक्षित? डॉक्टर से जानिए इसका शरीर पर असर
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान के कारण शरीर में कई प्रकार के पोषक तत्वों की कमी आम बात हो गई है, जिनमें विटामिन बी12 (Vitamin B12) की कमी सबसे प्रमुख मानी जाती है। शरीर में इस विटामिन की कमी होने पर थकान, कमजोरी, सुस्ती, हाथ-पैरों में सुन्नपन और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं घेरने लगती हैं, जिनसे निपटने के लिए लोग अक्सर डॉक्टर की सलाह के बिना या मेडिकल स्टोर से सीधे विटामिन बी12 की गोलियां खरीदकर खाना शुरू कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी भी सप्लीमेंट की तरह विटामिन बी12 का सेवन भी एक तय सीमा और निश्चित अवधि तक ही सुरक्षित माना जाता है? जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इसका अंधाधुंध सेवन सेहत को फायदे की जगह गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए जाने-माने डॉक्टरों की सलाह के आधार पर विटामिन बी12 के सुरक्षित सेवन और इसके साइड इफेक्ट्स की विस्तार से समीक्षा करते हैं।शरीर के लिए क्यों जरूरी है विटामिन बी12 और इसके कम होने के क्या हैं लक्षणविटामिन बी12 हमारे शरीर के लिए एक बेहद आवश्यक पोषक तत्व है जो मुख्य रूप से नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को स्वस्थ रखने, लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के निर्माण और डीएनए के संश्लेषण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चूंकि हमारा शरीर इस विटामिन का उत्पादन खुद नहीं कर सकता, इसलिए इसकी पूर्ति हमें अपने खानपान या सप्लीमेंट्स के जरिए करनी पड़ती है। जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है, तो व्यक्ति को हर समय अत्यधिक थकान महसूस होती है, चेहरे पर पीलापन आने लगता है, सांस फूलने लगती है, और हाथों या पैरों में लगातार झुनझुनी या सुन्नपन की शिकायत बनी रहती है। कई बार लोग इन लक्षणों को आम कमजोरी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर दिमाग और नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर शरीर में इसकी सही मात्रा का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट कराने की सलाह देते हैं, ताकि जरूरत के हिसाब से ही दवा या सप्लीमेंट शुरू किया जा सके।डॉक्टरों के मुताबिक विटामिन बी12 की टैबलेट्स कितने दिन तक लेना माना जाता है सेफसबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर विटामिन बी12 की गोलियां या कैप्सूल कितने दिनों तक खाना पूरी तरह सुरक्षित है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जनरल फिजिशियन का कहना है कि विटामिन बी12 एक वॉटर-सोल्यूबल (पानी में घुलनशील) विटामिन है, जिसका मतलब यह है कि शरीर को जितनी जरूरत होती है, वह उतना इस्तेमाल कर लेता है और बाकी मात्रा यूरिन (पेशाब) के रास्ते बाहर निकल जाती है। हालांकि, इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि इसका सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक किया जाए। यदि किसी व्यक्ति के शरीर में गंभीर रूप से विटामिन बी12 की कमी है, तो डॉक्टर आमतौर पर कुछ हफ्तों से लेकर 2 से 3 महीने तक यानी लगभग 60 से 90 दिनों तक सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। एक बार जब शरीर में इसका स्तर सामान्य (Normal Range) हो जाता है, तो डॉक्टर गोलियां बंद करके प्राकृतिक स्रोतों जैसे दूध, दही, पनीर, अंडे और हरी सब्जियों के जरिए इसकी आपूर्ति करने की सलाह देते हैं। बिना किसी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन के इसे महीनों या सालों तक खाते रहना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।जरूरत से ज्यादा विटामिन बी12 लेने पर शरीर को उठाने पड़ सकते हैं ये गंभीर नुकसानबहुत से लोगों को लगता है कि चूंकि विटामिन स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, इसलिए इनका जितना अधिक सेवन किया जाए, उतना ही फायदा होगा, लेकिन यह धारणा बिल्कुल गलत है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक अत्यधिक मात्रा में विटामिन बी12 के सप्लीमेंट्स लेता है, तो उसे कई तरह के खतरनाक साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है। बहुत ज्यादा विटामिन बी12 लेने से चेहरे और शरीर पर गंभीर मुंहासे (Acne) और स्किन रैशेज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ने के कारण पेट खराब होना, दस्त लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना और सिरदर्द जैसी दिक्कतें भी आम हो जाती हैं। कुछ दुर्लभ मामलों में अत्यधिक मात्रा किडनी और लिवर पर भी अतिरिक्त दबाव डाल सकती है, जिससे शरीर की आंतरिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने या बंद करने से पहले हमेशा किसी योग्य चिकित्सक या डाइटीशियन से परामर्श अवश्य करना चाहिए।प्राकृतिक स्रोतों से कैसे करें विटामिन बी12 की पूर्ति और किन बातों का रखें ध्यानसप्लीमेंट्स या गोलियां केवल तब तक ही अच्छी लगती हैं जब तक शरीर में उनकी तात्कालिक आवश्यकता होती है, लेकिन लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक आहार ही सबसे बेहतरीन विकल्प माना जाता है। शाकाहारी लोगों के लिए दूध, पनीर, दही, छाछ, मक्खन और सोया प्रोडक्ट्स विटामिन बी12 के अच्छे स्रोत हैं, जबकि मांसाहारी लोग मछली, चिकन और अंडे के जरिए इसकी कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा, शरीर में विटामिन बी12 के अवशोषण को बेहतर बनाने के लिए पेट की सेहत का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है। यदि आप अपनी डाइट में बदलाव करना चाहते हैं या लंबे समय से थकान महसूस कर रहे हैं, तो बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के बजाय अपनी जीवनशैली और खानपान पर ध्यान दें। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए सही समय पर सही सलाह लेना ही समझदारी है।
कौन हैं बीजेपी सांसद विजय बघेल? जिन्होंने बढ़ाई चाचा और पूर्व सीएम भूपेश बघेल की मुश्किलें
भारतीय राजनीति की गलियों में कई बार परिवार और रिश्ते-नाते सियासत के मैदान में आमने-सामने आ जाते हैं, और छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह नजारा इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। छत्तीसगढ़ के पाटन विधानसभा क्षेत्र और दुर्ग लोकसभा क्षेत्र की सियासत जब भी करवट लेती है, तो दो ऐसे दिग्गजों का नाम सबसे ऊपर आता है जो रिश्ते में चाचा और भतीजे हैं, लेकिन वैचारिक और राजनीतिक जमीन पर एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं। हम बात कर रहे हैं कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा उनके ही परिवार से ताल्लुक रखने वाले भाजपा के तेजतर्रार सांसद एवं फायरब्रांड नेता विजय बघेल की। इन दोनों नेताओं के बीच का राजनीतिक संघर्ष केवल चुनावी मुकाबला नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सत्ता के गलियारों में वर्चस्व की एक लंबी और दिलचस्प दास्तान है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए विजय बघेल के राजनीतिक सफर और उनके साथ छिड़े इस हाई-प्रोफाइल सियासी संग्राम की गहराई से समीक्षा करते हैं।आखिर कौन हैं विजय बघेल और क्या है उनका राजनीतिक बैकग्राउंडछत्तीसगढ़ की राजनीति में विजय बघेल एक ऐसा नाम है जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वे वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर सांसद हैं और अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली, जन-सरोकार के मुद्दों पर मुखरता और जमीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। विजय बघेल का राजनीतिक सफर काफी संघर्षपूर्ण और दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर से की थी और वे स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर सहकारिता और विधानसभा तक का सफर तय कर चुके हैं। दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र में उनकी पकड़ इतनी मजबूत मानी जाती है कि उन्हें वहां का एक मजबूत और जुझारू जननेता माना जाता है। कांग्रेस पार्टी से अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले विजय बघेल बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी। आज वे बीजेपी के उन चुनिंदा नेताओं में गिने जाते हैं जो छत्तीसगढ़ में पार्टी की रणनीति को धार देने का काम करते हैं।चाचा भूपेश बघेल और भतीजे विजय बघेल के बीच क्यों छिड़ा है सियासी संग्रामछत्तीसगढ़ के पाटन क्षेत्र में बघेल परिवार की यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। एक तरफ जहां भूपेश बघेल कांग्रेस पार्टी के शीर्ष स्तंभ और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही भतीजे विजय बघेल भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर उनके खिलाफ चुनावी अखाड़े में उतर चुके हैं। जब भी पाटन सीट पर चुनाव होते हैं, तो पूरे देश की निगाहें इसी पारिवारिक और राजनीतिक महामुकाबले पर टिक जाती हैं। दोनों नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद इतने गहरे हैं कि वे चुनावी मंचों से एक-दूसरे की नीतियों और कार्यशैली पर तीखे हमले करने से कभी पीछे नहीं हटते। चाचा-भतीजे के इस राजनीतिक रिश्ते ने छत्तीसगढ़ की सियासत में हमेशा एक अलग ही रोमांच पैदा किया है, क्योंकि एक ही परिवार के दो सदस्य जब आमने-सामने होते हैं, तो कार्यकर्ता और जनता दोनों के बीच असमंजस और उत्साह का माहौल बन जाता है।विजय बघेल के बढ़ते राजनीतिक रसूख ने कैसे बढ़ाई पूर्व सीएम भूपेश बघेल की चिंताहाल के वर्षों में जिस तरह से विजय बघेल ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत की है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है, उसने विपक्षी खेमे, खासकर भूपेश बघेल की राजनीतिक समीकरणों को गहरी चुनौती दी है। लोकसभा चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने के बाद से विजय बघेल का कद पार्टी के भीतर काफी बढ़ गया है। वे लगातार कांग्रेस सरकार और विशेषकर भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान उठाए गए प्रशासनिक कदमों पर आक्रामक रुख अपनाए रहते हैं। स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच लगातार सक्रिय रहना और बेबाक बयानबाजी करना उनकी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि कांग्रेस के रणनीतिकार अब पाटन और आसपास के इलाकों में विजय बघेल के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकते नजर आते हैं, ताकि पारिवारिक गढ़ में उनकी पकड़ कमजोर न होने पाए।छत्तीसगढ़ की सियासत पर इस पारिवारिक और राजनीतिक संघर्ष का दूरगामी असरछत्तीसगढ़ की राजनीति में चाचा-भतीजे की यह जंग केवल व्यक्तिगत या पारिवारिक प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि यह दो विरोधी विचारधाराओं की एक ऐसी प्रयोगशाला है जो राज्य के चुनावी भविष्य को तय करती है। आगामी राजनीतिक उठापटक और चुनावों के मद्देनजर यह तय माना जा रहा है कि विजय बघेल और भूपेश बघेल के बीच का यह सियासी संघर्ष आने वाले समय में और अधिक तीव्र होने वाला है। छत्तीसगढ़ का मतदाता अब बहुत समझदार हो चुका है और वह विकास, काम और जुझारूपन के आधार पर अपना फैसला सुनाता है। ऐसे में दोनों ही नेताओं के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे जनता के विश्वास को जीते रखें। पाटन की इस माटी से शुरू हुआ यह राजनीतिक संग्राम कब और किस नए मोड़ पर पहुंचेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति इस दिलचस्प और कांटे की टक्कर के बिना अधूरी सी लगती है।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी-2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
लखनऊ, 18 सितंबर। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालितप्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएंसमाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफलसमाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
बालोद में कांग्रेस का तीखा हमला: सेवा संकल्प नहीं, बल्कि 'बेरोजगारी व वादाखिलाफी दिवस' मनाए बीजेपी
छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बयानों के तीर और राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग अपने चरम पर है, जहां हर एक मुद्दा चुनावी नफे-नुकसान की कसौटी पर परखा जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से कांग्रेस पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की नीतियों, उनके कार्यक्रमों और प्रशासनिक विफलताओं पर एक बार फिर जोरदार और आक्रामक हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी द्वारा पूरे प्रदेश में मनाए जा रहे सेवा संकल्प कार्यक्रमों और अभियानों पर कड़े सवाल खड़े करते हुए कहा है कि सरकार को अपनी काल्पनिक उपलब्धियां गिनाने के बजाय जनता से किए गए उन वादों की नाकामी पर 'बेरोजगारी व वादाखिलाफी दिवस' मनाना चाहिए, जिन्हें पूरा करने में यह सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है। इसके अलावा, हाल ही में राजनीतिक गलियारों और सार्वजनिक चर्चाओं में आए 'आर्शीवाद का दीया' जैसे कार्यक्रमों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई है। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस, गूगल और बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए बालोद की इस गरमागरम राजनीतिक हलचल और कांग्रेस के इस बड़े हमले की हर एक परत की विस्तार से समीक्षा करते हैं।बालोद में कांग्रेस का आक्रामक रुख, बीजेपी के सेवा संकल्प अभियानों पर खड़े किए सवालछत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और समीक्षा बैठकों के माध्यम से सरकार को घेरने की अपनी रणनीति को बेहद तेज कर दिया है। कांग्रेस का मुख्य आरोप यह है कि प्रदेश और केंद्र में बैठी बीजेपी सरकार जनता को केवल भावनात्मक मुद्दों, दिखावटी आयोजनों और जुमलों में उलझा कर रखना चाहती है, जबकि जमीनी स्तर पर आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था की समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता से बुरी तरह जूझ रही है। बीजेपी द्वारा जो 'सेवा संकल्प' के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, उन्हें कांग्रेस ने पूरी तरह से कोरा दिखावा और जनता की आंखों में धूल झोंकने का प्रयास करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिन वादों के दम पर सत्ता हासिल की गई थी, आज उन वादों का धरातल पर दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं है और जनता अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रही है। बालोद के स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस के इस आक्रामक रुख से सियासी तापमान काफी बढ़ गया है और कार्यकर्ता भी पूरी तरह से मुखर नजर आ रहे हैं।'बेरोजगारी व वादाखिलाफी दिवस' मनाने की मांग, युवाओं के ज्वलनशील मुद्दों पर सरकार को घेराकांग्रेस ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि बीजेपी को अपनी कथित सफलताओं का जश्न मनाने के बजाय राज्य के लाखों युवाओं से माफी मांगनी चाहिए और प्रदेश में 'बेरोजगारी व वादाखिलाफी दिवस' मनाना चाहिए। विपक्षी दल का यह स्पष्ट तर्क है कि चुनाव से पहले युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने, बेरोजगारी भत्ता बढ़ाने, और विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े हजारों पदों को तत्काल भरने के जो बड़े-बड़े दावे किए गए थे, वे आज भी सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक ही सीमित रह गए हैं। प्रदेश का पढ़ा-लिखा युवा आज भी रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ठोस रोजगार नीति या राहत पैकेज सामने नहीं आ रहा है। बालोद में कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक सरकार युवाओं के भविष्य, रोजगार और पारदर्शी भर्तियों के मुद्दों पर श्वेत पत्र जारी नहीं करती, तब तक उनके इस तरह के सेवा संकल्प आयोजनों का कोई राजनीतिक या नैतिक औचित्य नहीं रह जाता है।'आर्शीवाद का दीया' कार्यक्रम पर भी उठे गंभीर सवाल, राजनीतिक पाखंड का लगाया आरोपहाल ही में राजनीतिक हलकों और चर्चाओं का विषय बने 'आर्शीवाद का दीया' जैसे कार्यक्रमों को लेकर भी कांग्रेस ने बहुत तीखा तंज कसा है। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह के सांकेतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आवरण वाले आयोजनों का इस्तेमाल केवल और केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने और विफलताओं को छिपाने के लिए किया जा रहा है। आम जनता को महंगाई, कुपोषण और मूल सुविधाओं की कमी जैसे गंभीर संकटों से भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। नेताओं का तर्क है कि आज प्रदेश की जनता को दीयों की रोशनी नहीं, बल्कि आसमान छूती महंगाई से राहत, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित माहौल और पक्का रोजगार चाहिए। इस प्रकार के आयोजनों पर जनता के धन और सरकारी मशीनरी की ऊर्जा का दुरुपयोग करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरकार को जनहित के असली मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि इस तरह के छलावे वाले आयोजनों के जरिए जनता को गुमराह करना चाहिए।स्थानीय राजनीति पर असर और आने वाले दिनों में और तेज होगा विरोध प्रदर्शनों का दौरबालोद जिले में कांग्रेस के इस तीखे तेवर और आक्रामक तेवरों के बाद से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। सत्ता पक्ष की तरफ से भी इन तीखे आरोपों का जवाब देने के लिए जवाबी प्रेसवार्ताएं और राजनीतिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे आगामी स्थानीय निकाय, पंचायत या अन्य चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक दलों के बीच इस प्रकार के तीखे बयानों, आरोपों-प्रत्यारोपों और सड़क पर होने वाले प्रदर्शनों का दौर और अधिक तेज होता जाएगा। आज की तारीख में छत्तीसगढ़ की जनता बहुत जागरूक हो चुकी है और वह राजनेताओं के इन वादों, बयानों और सियासी ड्रामे के सभी पहलुओं को बहुत अच्छी तरह समझती है। बालोद की इस धरती से उठा विरोध का यह स्वर आने वाले समय में पूरे प्रदेश की राजनीति को गहराई से प्रभावित करने की पूरी क्षमता रखता है, जिस पर हर राजनीतिक दल की पैनी नजर टिकी हुई है।
पंडाल और औजारों के बीच फन फैलाकर बैठा दिखा खतरनाक कोबरा, मची भगदड़
देशभर में कारखानों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों में देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा का पावन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा था। छत्तीसगढ़ के ऊर्जाधानी और औद्योगिक नगर कोरबा से एक बेहद रोमांचक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कोरबा के एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में जब कर्मचारी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तैयारियों में जुटे थे, तभी वहां एक ऐसा मेहमान आ धमका जिसे देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए। पूजा स्थल और औजारों के ठीक पास एक विशालकाय और खतरनाक कोबरा सांप अपना फन फैलाकर आराम से बैठा हुआ था। इस खूंखार मेहमान को देखते ही कर्मचारियों के बीच भारी अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ (AEO), एसईओ (SEO), ज्योग्राफिकल लोकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च (Generative Engine Optimization) के सभी मानकों का पूरी तरह से कड़ाई से पालन करते हुए, आइए कोरबा की इस रोमांचक घटना और उसके सुरक्षित रेस्क्यू की पूरी दास्तान की गहराई से समीक्षा करते हैं।कोरबा के औद्योगिक परिसर में विश्वकर्मा पूजा के दिन अचानक प्रकट हुआ कोबराछत्तीसगढ़ का कोरबा जिला अपनी औद्योगिक संस्कृति, खदानों और बड़े पावर प्लांट्स के लिए पूरे देश में जाना जाता है। हर साल भाद्रपद मास के अंतिम दिन या कन्या संक्रांति पर यहां के कारखानों और कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा की पूजा बहुत धूमधाम से की जाती है। कर्मचारी सुबह-सुबह सज-धज कर अपनी मशीनरी, वाहनों और औजारों की पूजा करने के लिए एकत्र होते हैं। घटना वाले दिन भी कुछ ऐसा ही उत्साह का माहौल था। कर्मचारी जब पूजा की थाली सजाकर मुख्य पंडाल और मशीनों के पास पहुंचे, तो उन्होंने जो दृश्य देखा उससे उनके होश उड़ गए। मशीनों के एक कोने में एक भारी-भरकम कोबरा सांप कुंडली मारकर बैठा हुआ था और किसी के नजदीक आते ही उसने अपना फन फैलाकर फुफकारना शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित घटना से वहां मौजूद लोगों में पल भर के लिए डर का माहौल बन गया।कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी, समझ नहीं आ रहा था कि क्या कदम उठाया जाएकार्यस्थल पर अचानक सांप के प्रकट हो जाने से वहां काम करने वाले श्रमिकों और अधिकारियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कोई भी यह समझ नहीं पा रहा था कि इस स्थिति से कैसे निपटा जाए क्योंकि कोबरा को दुनिया के सबसे जहरीले और खतरनाक सांपों में गिना जाता है। कुछ पल के लिए तो पूजा का पूरा कार्यक्रम वहीं थम गया और लोग सुरक्षित दूरी पर खड़े होकर स्थिति का जायजा लेने लगे। हालांकि, समझदारी दिखाते हुए कर्मचारियों ने तुरंत किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने या सांप को खुद भगाने की कोशिश करने से परहेज किया, जो कि ऐसी स्थिति में सबसे सही निर्णय साबित हुआ। सांप के फन फैलाने की मुद्रा देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि वह किसी व्यवधान के कारण गुस्से में था, जिससे वहां मौजूद लोगों की धड़कनें और अधिक तेज हो गईं।सांप विशेषज्ञ की सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के बाद किया गया सुरक्षित रेस्क्यूस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत कोरबा के स्थानीय सर्पमित्र और वन्यजीव बचाव दल (Snake Rescue Team) को फोन पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अनुभवी वन्यजीव रक्षक तुरंत जरूरी उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। रेस्क्यू टीम ने बड़ी ही सावधानी और पेशेवर अंदाज में उस जहरीले कोबरा सांप को काबू में करने का अभियान शुरू किया। कोबरा लगातार फन फैलाए हुए था जिससे रेस्क्यू करना और भी ज्यादा जोखिम भरा हो गया था, लेकिन विशेषज्ञ की सूझबूझ और फुर्ती के कारण कुछ ही मिनटों की कड़ी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर एक विशेष रेस्क्यू बॉक्स में बंद कर लिया गया। जैसे ही सांप को काबू में किया गया, वहां मौजूद सभी कर्मचारियों और प्रबंधन ने राहत की लंबी सांस ली और भगवान का शुक्रिया अदा किया कि किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई।रेस्क्यू के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया सांप, प्राकृतिक संतुलन का संदेशकोरबा के इस औद्योगिक परिसर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किए जाने के बाद उस कोबरा सांप को बिना किसी नुकसान के नजदीकी सुरक्षित प्राकृतिक जंगल या संरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून और त्योहारी सीजन के दौरान अक्सर इस तरह के जीव अपनी बिलों से बाहर आ जाते हैं क्योंकि इंसानी हलचल और बारिश के पानी के कारण उनके प्राकृतिक ठिकानों में खलल पड़ता है। इस घटना ने एक बार फिर से यह संदेश दिया है कि वन्यजीवों के प्रति क्रूरता दिखाने के बजाय सूझबूझ और समझदारी से काम लेना चाहिए। कोरबा जैसी जगहों पर जहां उद्योग और प्रकृति का मिलन होता है, वहां इस तरह की घटनाएं कभी-कभार सामने आती रहती हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन और सर्पमित्रों की तत्परता से हमेशा समय रहते बड़ी टल जाती है। विश्वकर्मा पूजा के दिन घटी यह अनोखी घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।
IRCTC Tatkal: 10 और 11 बजे से पहले कर लें ये तैयारी
तत्काल टिकट की बुकिंग में कुछ सेकंड भी अहम हो सकते हैं. IRCTC पर पहले से लॉगिन, पैसेंजर डिटेल सेव, ट्रेन की जानकारी तैयार और पेमेंट विकल्प तय रखने से प्रक्रिया आसान हो सकती है. जानें तत्काल टिकट बुकिंग से पहले किन बातों का ध्यान रखें.

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