रोज एक कीवी खाने से कब्ज, खराब कोलेस्ट्रॉल, शुगर और वजन पर पड़ता है असर
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली और गलत खान-पान की आदतों के कारण आज के समय में शायद ही कोई ऐसा घर होगा जहां लोग किसी न किसी स्वास्थ्य समस्या से परेशान न हों। कोई मोटापे से जूझ रहा है, तो किसी का बढ़ा हुआ ब्लड शुगर और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) रातों की नींद उड़ा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का हमेशा से यह जोर रहा है कि अगर हम अपनी डाइट में कुछ सुपरफूड्स को शामिल कर लें, तो कई बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। हाल ही में जानी-माने न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटीशियन डॉ. समीक्षा कालरा ने कीवी फल के फायदों को लेकर एक बहुत ही रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी साझा की है, जिसमें उन्होंने यह समझाया है कि रोजाना सिर्फ एक कीवी खाने से हमारे शरीर में कौन-कौन से बड़े और सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह छोटा सा हरा फल हमारी सेहत के लिए कितना जादुई साबित हो सकता है।कीवी को स्वास्थ्य की दुनिया में एक बेहतरीन पोषक तत्वों से भरपूर फल माना जाता है, जिसमें विटामिन सी, विटामिन के, विटामिन ई, पोटेशियम और भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाए जाते हैं। बहुत से लोग इसे केवल स्वाद के लिए या बीमार होने पर ही खाते हैं, लेकिन डॉक्टर समीक्षा कालरा के अनुसार यदि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना लिया जाए, तो यह शरीर की कई अंदरूनी समस्याओं को जड़ से ठीक करने की ताकत रखता है। आइए एक-एक करके जानते हैं कि कब्ज, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और वजन घटाने के मामले में कीवी किस तरह से हमारे शरीर पर असर डालती है और इसके सेवन का सही तरीका क्या है।पेट की जिद्दी कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं से हमेशा के लिए राहतआज के दौर में खराब पाचन और कब्ज (Constipation) एक आम समस्या बन चुकी है, जिससे हर उम्र के लोग परेशान रहते हैं। सुबह पेट साफ न होने के कारण पूरा दिन सुस्ती और थकान में गुजरता है, जिससे कार्यक्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है। डाइटीशियन डॉ. समीक्षा कालरा बताती हैं कि कीवी में प्रचुर मात्रा में नेचुरल सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर पाए जाते हैं, जो आंतों की सेहत के लिए किसी टॉनिक की तरह काम करते हैं। जब आप नियमित रूप से कीवी का सेवन करते हैं, तो यह मल को मुलायम बनाता है और आंतों की मूवमेंट (Peristalsis) को बेहतर करता है, जिससे पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या भी धीरे-धीरे दूर होने लगती है।इसके अलावा, कीवी में एक्टिनिडिन (Actinidin) नाम का एक विशेष प्राकृतिक एंजाइम पाया जाता है, जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन में मौजूद प्रोटीन को तेजी से पचाने में मदद करता है। जिन लोगों को अक्सर ब्लोटिंग (Bloating), गैस या अपच की शिकायत रहती है, उनके लिए भोजन के बाद या दिन के समय एक कीवी खाना बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह पेट को ठंडक देता है और गट हेल्थ (Gut Health) को मजबूत बनाकर संपूर्ण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, जिससे शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस होता है।बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कंट्रोल कर दिल की सेहत को रखता है मजबूतखराब खान-पान और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण शरीर में लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन यानी खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर दिल की बीमारियों का खतरा पैदा कर देता है। डॉ. समीक्षा कालरा के अनुसार, कीवी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पोटेशियम हमारे कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह फल न केवल बढ़े हुए खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, बल्कि गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को संतुलित बनाए रखने में भी सहायक होता है।कीवी में मौजूद पोटेशियम रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को आराम पहुंचाता है, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। जिन लोगों को दिल से जुड़ी शुरुआती समस्याएं हैं या जो अपने हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहते हैं, वे अगर अपनी डेली डाइट में इस खट्टे-मीठे फल को शामिल कर लें, तो वे कई गंभीर जोखिमों से सुरक्षित रह सकते हैं। यह प्राकृतिक रूप से रक्त को साफ करने और नसों में ब्लॉकेज की संभावना को कम करने में भी मददगार माना जाता है।डायबिटीज के मरीज भी बेझिझक खा सकते हैं कीवी, ब्लड शुगर रहता है नियंत्रितअक्सर डायबिटीज के मरीजों के मन में यह सवाल रहता है कि मीठे फल खाने से उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है, इसलिए वे फलों से दूरी बना लेते हैं। लेकिन डॉ. समीक्षा कालरा ने इस भ्रम को दूर करते हुए बताया है कि कीवी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index - GI) काफी कम होता है, जिसका मतलब है कि यह शरीर में जाने के बाद ग्लूकोज को बहुत धीरे-धीरे रिलीज करता है। यही वजह है कि ब्लड शुगर के मरीजों के लिए यह एक बेहद सुरक्षित और फायदेमंद फल माना जाता है, जो अचानक शुगर स्पाइक (Sugar Spike) का खतरा पैदा नहीं करता।कीवी में मौजूद फाइबर्स और विटामिन्स इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में मदद करते हैं, जिससे शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रण में रहता है। डायबिटीज के मरीज यदि अपनी दिनचर्या में सीमित मात्रा में कीवी को शामिल करते हैं, तो इससे न केवल उनकी मीठे की क्रेविंग शांत होती है, बल्कि उन्हें भरपूर पोषण भी मिलता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य स्थिति में अपने डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेना हमेशा सबसे अच्छा विकल्प होता है ताकि शरीर की व्यक्तिगत जरूरतों के हिसाब से सही डाइट प्लान तैयार किया जा सके।बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान लोगों के लिए फैट बर्नर का करता है कामआज के समय में बढ़ता वजन और पेट की चर्बी (Belly Fat) हर दूसरे व्यक्ति के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन चुके हैं, जिसके लिए लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं और डाइटिंग करते हैं। डॉ. समीक्षा कालरा के अनुसार, वजन घटाने की प्रक्रिया में कीवी एक बेहतरीन और मददगार फल साबित हो सकता है। कीवी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है और फाइबर बहुत अधिक होता है, जिसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास होता है, जिससे बार-बार कुछ न कुछ अनहेल्दी खाने की इच्छा (Cravings) नियंत्रित हो जाती है।जब आप कम कैलोरी और उच्च पोषक तत्वों वाले आहार का सेवन करते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म (Metabolism) तेज हो जाता है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी तेजी से बर्न होने लगती है। इसके अलावा, कीवी शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में भी मदद करता है, जिससे टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और त्वचा पर भी एक अलग ही प्राकृतिक चमक देखने को मिलती है। वजन घटाने के सफर में यदि सही वर्कआउट के साथ कीवी को जोड़ा जाए, तो परिणाम बेहद चौंकाने वाले और सकारात्मक मिल सकते हैं।त्वचा में चमक और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मिलती है अद्भुत मजबूतीशरीर की अंदरूनी सेहत के साथ-साथ हमारी बाहरी खूबसूरती और इम्युनिटी पर भी खान-पान का गहरा असर पड़ता है। कीवी में संतरे और नींबू से भी अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व माना जाता है। मजबूत इम्युनिटी होने पर मौसमी बीमारियां, सर्दी-जुकाम और इंफेक्शन आसानी से पास नहीं फटकते। इसके अलावा, इसमें मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन सेल्स को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं, जिससे झुर्रियां कम होती हैं और चेहरे पर हमेशा एक नेचुरल ग्लो बना रहता है।
होठों के आकार और टेक्सचर के हिसाब से परफेक्ट लिपस्टिक लगाने का प्रोफेशनल तरीका
मेकअप की दुनिया में लिपस्टिक एक ऐसा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट है जो आपके पूरे चेहरे के लुक को पल भर में पूरी तरह से बदल सकता है। एक सही शेड और सही तरीके से लगाई गई लिपस्टिक न केवल आपके चेहरे पर निखार लाती है, बल्कि आपके कॉन्फिडेंस को भी कई गुना बढ़ा देती है। इसके बावजूद, बहुत सी महिलाओं और लड़कियों की यह शिकायत रहती है कि वे चाहे कितनी भी महंगी लिपस्टिक क्यों न खरीद लें, वह होठों पर या तो फैल जाती है, कुछ ही घंटों में उतर जाती है या फिर होठों के आकार को अजीब दिखाने लगती है। इसकी मुख्य वजह यह है कि हर किसी के होठों का आकार (Lip Shape), साइज और टेक्सचर (Texture) अलग-अलग होता है, और हर एक स्टाइल हर किसी पर फिट नहीं बैठती। यदि आप भी यह सीखना चाहती हैं कि अपने होठों की बनावट के अनुसार लिपस्टिक कैसे लगाई जाए ताकि आपका लुक एकदम परफेक्ट और प्रोफेशनल लगे, तो यह गाइड आपके लिए बेहद काम की साबित होने वाली है।होठों की सही तैयारी और एक्सफोलिएशन का महत्वकिसी भी खूबसूरत मेकअप की शुरुआत हमेशा एक साफ और तैयार बेस से होती है, और लिपस्टिक लगाने की प्रक्रिया में भी यही नियम सबसे पहले लागू होता है। अक्सर हम बिना सोचे-समझे सीधे होठों पर लिपस्टिक लगा लेते हैं, जिससे पपड़ी जमने लगती है और होंट फटे हुए नजर आते हैं। होठों को मुलायम और खूबसूरत बनाने के लिए सबसे पहले उनका एक्सफोलिएशन (Exfoliation) करना बेहद जरूरी है। इसके लिए आप चीनी और शहद का घरेलू स्क्रब इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर एक नरम टूथब्रश की मदद से हल्के हाथों से होठों की डेड स्किन को हटा सकती हैं। डेड स्किन हटने के बाद होठों पर एक अच्छी क्वालिटी का लिप बाम या मॉइस्चराइजर लगाएं और उसे कुछ मिनट के लिए छोड़ दें ताकि होंट पूरी तरह से हाइड्रेट हो जाएं। इसके बाद किसी टिशू पेपर से अतिरिक्त नमी को हल्का सा सोख लें, जिससे आपका लिप कलर लंबे समय तक टिका रहेगा और फैलेगा नहीं।होठों के आकार (Lip Shapes) को समझें और उसके अनुसार लगाएं लिपस्टिकहर महिला के होठों का शेप अलग होता है, और यदि आप अपने होठों के प्राकृतिक आकार को ध्यान में रखकर लिपस्टिक और लिप लाइनर का इस्तेमाल करती हैं, तो आपका मेकअप आर्टिस्टिक और गॉर्जियस नजर आता है। यदि आपके होंट बहुत पतले (Thin Lips) हैं, तो आपको डार्क शेड्स के बजाय हमेशा लाइट और न्यूड शेड्स चुनने चाहिए, क्योंकि डार्क रंग पतले होठों को और ज्यादा पतला दिखाते हैं। पतले होठों को थोड़ा भरा हुआ दिखाने के लिए लिप लाइनर का इस्तेमाल हमेशा होठों की प्राकृतिक रेखा से हल्का सा बाहर की तरफ (Over-lining) करें और शिमरी या ग्लॉसी लिपस्टिक लगाएं। इसके विपरीत, यदि आपके होंट बहुत मोटे या चौड़े (Full Lips) हैं, तो आपको लिप लाइनर का इस्तेमाल होठों के अंदरूनी हिस्से पर करना चाहिए और हमेशा मैट लिपस्टिक चुननी चाहिए, ताकि होठों पर अतिरिक्त चमक न फैले और वे संतुलित तथा आकर्षक दिखें।लिप टेक्सचर (Lip Texture) और मौसम के हिसाब से चुनें सही फॉर्मूलाहोठों का टेक्सचर इस बात को तय करता है कि आपके होठों पर लिक्विड मैट लिपस्टिक अच्छी लगेगी या क्रीमी और साटन फिनिश वाली लिपस्टिक। यदि आपके होंट बहुत जल्दी सूखते हैं और उन पर दरारें पड़ जाती हैं, तो आपको मैट या लिक्विड लिपस्टिक के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि यह फॉर्मूला होठों की नमी को पूरी तरह खींच लेता है जिससे होंट और अधिक फटे हुए नजर आने लगते हैं। ऐसे टेक्सचर वाले होठों के लिए हाइड्रेटिंग लिपस्टिक, टिंटेड बाम या मॉइस्चराइजिंग ग्लॉस सबसे बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। वहीं, अगर आपके होंट चिकने और सामान्य हैं, तो आप किसी भी प्रकार की लॉन्ग-वेअर लिक्विड मैट लिपस्टिक का खुलकर इस्तेमाल कर सकती हैं जो बिना फैले घंटों तक टिकी रहती है। इसके अलावा, बदलते मौसम के साथ अपने लिप प्रोडक्ट्स में बदलाव करना भी उतना ही जरूरी है जितना कि स्किनकेयर रूटीन में बदलाव करना।लंबे समय तक लिपस्टिक टिकाए रखने के आसान और प्रोफेशनल टिप्सकई बार ऑफिस या पार्टी में जाने के कुछ ही घंटों बाद लिपस्टिक बीच से गायब होने लगती है या फीकी पड़ जाती है, जिससे बार-बार टच-अप करने की जरूरत पड़ती है। अपनी लिपस्टिक को वाटरप्रूफ और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए मेकअप आर्टिस्ट एक खास तकनीक का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लेयरिंग कहा जाता है। सबसे पहले लिप बाम लगाने के बाद पूरे होठों पर लिप लाइनर से एक बेस तैयार करें, क्योंकि इससे लिपस्टिक को पकड़ने के लिए एक मजबूत आधार मिल जाता है। पहली कोट लगाने के बाद होठों के बीच एक पतला टिशू पेपर रखें और उसके ऊपर से हल्का सा ट्रांसलूसेंट पाउडर डस्ट करें, जिससे अतिरिक्त नमी सोख ली जाती है। इसके बाद लिपस्टिक की दूसरी कोट लगाएं, और आप खुद देखेंगी कि आपकी लिपस्टिक सुबह से शाम तक बिना जरा भी हिले एकदम परफेक्ट बनी रहती है।
इस हफ्ते किन राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा? जानें नौकरी, कारोबार और धन लाभ का पूरा हाल
ज्योतिषीय गणनाओं और नक्षत्रों की चाल के आधार पर हर नया हफ्ता हमारे जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर गहरा प्रभाव डालता है, जिसमें आर्थिक स्थिति, नौकरी और व्यापार सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। नया सप्ताह यानी 21 से 27 सितंबर 2026 का यह समयावधि वित्तीय दृष्टिकोण से सभी बारह राशियों के लिए बेहद खास रहने वाली है। ग्रहों के गोचर और उनकी बदलती स्थितियों के कारण कुछ जातकों को जबरदस्त धन लाभ और करियर में तरक्की के नए अवसर मिलने की पूरी संभावना है, तो वहीं कुछ अन्य राशियों को इस हफ्ते पैसों के लेन-देन और व्यावसायिक निवेश के मामले में बहुत अधिक सतर्कता बरतनी होगी। आइए मशहूर ज्योतिषीय विश्लेषण के आधार पर विस्तार से जानते हैं कि मेष से लेकर मीन राशि तक सभी जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक रूप से कैसा बीतने वाला है और किसे मिलेगी सफलता तथा किसे करना पड़ सकता है संघर्ष।धन, समृद्धि और करियर की स्थिरता हर इंसान के जीवन का एक अहम हिस्सा होती है, और हर कोई यह जानना चाहता है कि आने वाले सात दिनों में उसकी वित्तीय स्थिति कैसी दिशा तय करेगी। क्या आपको नौकरी में प्रमोशन या इन्क्रिमेंट मिलने वाला है? क्या आपका नया व्यापारिक समझौता आपको मुनाफा देगा या फिर घाटे का सौदा साबित होगा? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आइए मेष से लेकर मीन राशि तक के संपूर्ण साप्ताहिक आर्थिक राशिफल का विश्लेषण करते हैं और समझते हैं कि सितारों की चाल आपके बैंक बैलेंस पर क्या असर डालने जा रही है।मेष, वृषभ और मिथुन राशि: इस हफ्ते किसे मिलेगा छप्परफाड़ धन लाभ और किसे संभालना होगा बजट?मेष राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह सप्ताह आर्थिक मोर्चे पर मिला-जुला लेकिन सकारात्मक परिणाम लेकर आया है। यदि आप पिछले कुछ समय से किसी नए व्यवसाय में निवेश करने की सोच रहे थे, तो इस हफ्ते आपको कोई बेहतरीन डील मिल सकती है, हालांकि कागजी कार्रवाई में पूरी सावधानी बरतें। नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में सीनियर अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं। वृषभ राशि वाले जातकों के लिए यह हफ्ता वित्तीय स्थिरता लेकर आया है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है, जिससे आपका बैंक बैलेंस मजबूत होगा। शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में सोच-समझकर किया गया निवेश आपको भविष्य में बड़ा मुनाफा दे सकता है, लेकिन शॉर्टकट अपनाने से बचें।मिथुन राशि के जातकों को इस सप्ताह अपने खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखने की सख्त जरूरत है। अनावश्यक चीजों पर पैसा खर्च करने के कारण महीने के अंत में बजट गड़बड़ा सकता है। हालांकि, व्यापार से जुड़े लोगों को विदेशी स्रोतों या ऑनलाइन माध्यमों से अचानक धन लाभ होने की प्रबल संभावना है। यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, तो अपने साझीदार के साथ पारदर्शिता बनाए रखें ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय विवाद से बचा जा सके। स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च आपकी बचत को प्रभावित कर सकता है, इसलिए अपनी जीवनशैली को संतुलित रखना आपके लिए इस हफ्ते सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।कर्क, सिंह और कन्या राशि: करियर में आएगी जबरदस्त तेजी, कारोबारियों को मिलेगी नई व्यावसायिक ऊंचाइयांकर्क राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता धन संचय के लिहाज से बहुत उत्तम रहने वाला है। आप अपनी सूझबूझ और वाणी के बल पर अटके हुए पुराने पैसों को वापस पाने में कामयाब रहेंगे। नौकरीपेशा वर्ग के जातकों को ऑफिस में कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जिससे भविष्य में वेतन वृद्धि के रास्ते खुलेंगे। सिंह राशि के जातकों का आत्मविश्वास इस सप्ताह सातवें आसमान पर रहेगा, जिसके दम पर आप अपने कारोबार को एक नई दिशा देने में सफल होंगे। सरकारी क्षेत्र से जुड़े कामों में रुकावटें दूर होंगी और ठेकेदारों को बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल हो सकते हैं। परिवार के साथ किसी धार्मिक या मांगलिक कार्य में धन खर्च होने के योग हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।कन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह कड़ी मेहनत और शानदार आर्थिक रिटर्न दोनों लेकर आया है। यदि आपने बैंक से कोई लोन या कर्ज ले रखा है, तो इस हफ्ते आप उसका एक बड़ा हिस्सा चुकाने में सफल रहेंगे, जिससे मानसिक तनाव कम होगा। मीडिया, कला, तकनीक या शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आय के नए स्रोत विकसित होंगे। निवेश के मामले में किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना आपके लिए बेहद फायदेमंद रहेगा। सप्ताह के मध्य में अचानक किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है, जो भविष्य में आपके व्यावसायिक संपਰकों को मजबूत करने का काम करेगी।तुला, वृश्चिक और धनु राशि: आर्थिक योजनाओं को मिलेगी गति, वित्तीय मामलों में बरतनी होगी विशेष सावधानीतुला राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह सप्ताह आर्थिक दृष्टिकोण से बहुत ही प्रगतिशील रहने वाला है। आपकी व्यावसायिक योजनाएं पटरी पर लौटेंगी और बाजार में आपकी साख बढ़ेगी। यदि आप नया मकान, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो इस हफ्ते इस दिशा में उठाया गया कदम बेहद शुभ साबित होगा। वृश्चिक राशि के जातकों को इस हफ्ते पैसों के लेन-देन में थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और कागजों पर हस्ताक्षर करने से पहले हर शर्त को अच्छी तरह पढ़ लें। नौकरी में बदलाव का विचार बना रहे लोगों को अभी कुछ दिनों के लिए इंतजार करना बेहतर रहेगा।धनु राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह करियर में तरक्की के नए द्वार खोलने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा ट्रांसफर या प्रमोशन मिलने की खुशखबरी मिल सकती है। व्यापार में यदि पिछले कुछ समय से मंदी का दौर चल रहा था, तो इस हफ्ते ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने से मुनाफे में भारी उछाल देखने को मिलेगा। परिवार के बुजुर्गों की सलाह से किए गए वित्तीय निवेश आपको लंबे समय तक आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगे। छात्रों को अपनी पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए स्कॉलरशिप या आर्थिक सहायता मिलने की संभावना है।मकर, कुंभ और मीन राशि: निवेश के नए अवसर और आकस्मिक धन लाभ के बन रहे हैं प्रबल योगमकर राशि के जातकों के लिए यह हफ्ता आर्थिक मामलों में बहुत संभलकर चलने वाला है। हालांकि आपकी आमदनी स्थिर बनी रहेगी, लेकिन बढ़ते हुए घरेलू खर्च और पारिवारिक जरूरतों के कारण आपको थोड़ा आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। किसी भी प्रकार के सट्टेबाजी या जोखिम भरे निवेश से पूरी तरह दूर रहें, अन्यथा बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह बेहद भाग्यशाली साबित होने वाला है। आपको किसी पैतृक संपत्ति या अचानक हुए लॉटरी/शेयर लाभ से भारी मात्रा में धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं। व्यापारी वर्ग के लोग अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए नई शाखाएं खोल सकते हैं, जिसमें बैंक या निवेशकों से आसानी से लोन मिल जाएगा।मीन राशि के जातकों के लिए 21 से 27 सितंबर 2026 का यह सप्ताह मानसिक शांति और आर्थिक संतुलन लेकर आया है। आपके सोचे हुए सभी कार्य समय पर पूरे होंगे, जिससे आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। जीवनसाथी के सहयोग से आपको किसी बड़े निवेश में मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा। कला, संगीत, लेखन या अभिनय के क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस हफ्ते अपनी कला के दम पर बड़ी आर्थिक सफलता और मान-सम्मान दोनों की प्राप्ति होगी। कुल मिलाकर यह सप्ताह सभी राशियों के लिए अपनी आर्थिक रणनीतियों को बेहतर बनाने और भविष्य की प्लानिंग करने का सबसे सही समय साबित होगा।
23 या 24 सितंबर, कब रखा जाएगा भाद्रपद माह का अंतिम प्रदोष व्रत
सनातन धर्म में पंचांग और व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व माना गया है, जिनमें प्रदोष व्रत का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी कहा गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत रखा जाता है। भाद्रपद मास का यह अंतिम प्रदोष व्रत इस बार किस दिन रखा जाएगा, इसको लेकर श्रद्धालुओं के मन में काफी असमंजस और दुविधा की स्थिति बनी हुई है कि व्रत 23 सितंबर को रखा जाए या 24 सितंबर को। इस तिथि के संशय को दूर करने के लिए देश के प्रमुख ज्योतिषीय और धार्मिक केंद्र उज्जैन के प्रसिद्ध आचार्यों ने स्पष्ट गणना के आधार पर सही तिथि, व्रत के नियम और पूजा-पाठ के शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी साझा की है। यदि आप भी भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के सही समय और पूजन विधान को जानना आपके लिए बेहद आवश्यक है।भगवान शिव की आराधना का यह पावन व्रत न केवल भक्तों के सभी संकटों को दूर करता है, बल्कि उन्हें मानसिक शांति, उत्तम स्वास्थ्य और अमोघ पुण्य की प्राप्ति भी कराता है। प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के ठीक पहले और बाद का समय भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। भाद्रपद माह के समापन की ओर बढ़ते हुए यह अंतिम प्रदोष व्रत इसलिए भी खास हो जाता है क्योंकि इस दिन व्रत रखने से चातुर्मास के दौरान मिलने वाली विशेष शिव कृपा का पूरा लाभ मिलता है। आइए जानते हैं कि उज्जैन के विद्वान आचार्यों के अनुसार इस बार प्रदोष व्रत की वास्तविक और शास्त्र-संमत तिथि कौन सी है और किस दिन व्रत रखना सबसे अधिक फलदायी रहेगा।उज्जैन के आचार्य ने दूर किया संशय: जानिए क्या है 23 या 24 सितंबर में से सही तिथिभाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथियों के घट-बढ़ होने के कारण अक्सर व्रत की तारीखों को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। उज्जैन के जाने-माने ज्योतिष आचार्य और पंचांगकर्ताओं ने इस विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया है कि उदया तिथि और प्रदोष व्यापिनी त्रयोदशी के नियमों का पालन करना सबसे जरूरी होता है। आचार्य के अनुसार, यदि त्रयोदशी तिथि का विस्तार प्रदोष काल (संध्या के समय) तक रहता है, तो उसी दिन का व्रत सबसे उत्तम माना जाता है। पंचांग की सटीक गणना के मुताबिक, इस वर्ष भाद्रपद माह का अंतिम प्रदोष व्रत किस तारीख को सूर्य की स्थिति और चंद्रमा के गोचर के आधार पर मान्य होगा, इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है ताकि भक्तों को पूजा में किसी भी प्रकार की दुविधा का सामना न करना पड़े।विद्वानों का कहना है कि शास्त्रों में प्रदोष व्रत के लिए प्रदोष काल को मुख्य आधार माना गया है। यदि किसी दिन द्वादशी समाप्त होकर त्रयोदशी तिथि शाम के समय यानी सूर्यास्त के आसपास शुरू होती है या पूरे प्रदोष काल में व्याप्त रहती है, तो वह दिन व्रत के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। इसलिए, जिन लोगों को 23 सितंबर को लेकर संशय था, उन्हें पंचांग के सही नियमों के अनुसार ही अपना उपवास रखना चाहिए ताकि उनकी पूजा का पूर्ण प्रतिफल मिल सके। आचार्य ने यह भी सलाह दी है कि व्रत का संकल्प हमेशा सही तिथि और पंडितों द्वारा बताए गए मुहूर्त के अनुसार ही लेना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की धार्मिक त्रुटि से बचा जा सके।प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त और पूजा का सबसे उत्तम समयकिसी भी व्रत और अनुष्ठान की सफलता उसके सही मुहूर्त पर निर्भर करती है। प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा प्रदोष काल में ही की जाती है, जो सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले शुरू होती है और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक रहती है। इस विशेष कालखंड में भगवान शिव अपने पूरे परिवार यानी माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी जी के साथ कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में विराजमान होते हैं। इस दौरान की गई पूजा से साधक की सभी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के इस अंतिम प्रदोष व्रत के दिन संध्याकाल का मुहूर्त अत्यंत ही ऊर्जावान और पावन रहेगा, जिसमें भगवान शिव का अभिषेक करना विशेष रूप से कल्याणकारी माना गया है।पूजा के समय व्रतियों को शाम के वक्त स्नान करके साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने चाहिए और प्रदोष काल शुरू होने से पहले ही अपने घर के मंदिर या किसी शिवालय में पूजा की पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए। प्रदोष काल में भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, और बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, चंदन, धूप-दीप व नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। इस दिन 'ॐ नमः शिवाय' महामंत्र का निरंतर जाप करना और प्रदोष व्रत की कथा का श्रवण करना अत्यंत शुभ फल देता है। पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती कर अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगनी चाहिए और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करनी चाहिए।प्रदोष व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम और सावधानियांप्रदोष व्रत अन्य व्रतों की तुलना में थोड़ा अलग और विशेष नियमों वाला माना जाता है। इस व्रत को रखने वाले श्रद्धालुओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और दिनभर मन में भगवान शिव का स्मरण रखना चाहिए। इस दिन अन्न का सेवन नहीं किया जाता है, और जो लोग पूरी तरह निर्जला व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं, वे फलाहार या केवल दूध और जल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं। व्रत के दिन किसी भी प्रकार के असत्य, क्रोध, वाद-विवाद या नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि भगवान शिव निर्मल मन और सच्चे भाव से की गई भक्ति से ही सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं।इसके अलावा, प्रदोष व्रत के दिन बाल और नाखून काटने जैसी क्रियाओं से बचना चाहिए तथा ब्रह्मचर्य नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। सूर्यास्त के बाद एक बार पुनः स्नान या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनकर ही प्रदोष काल की पूजा में बैठना चाहिए। पूजा संपन्न होने के बाद ही अन्न या फलाहार ग्रहण करना चाहिए। जो लोग विधि-विधान से इन सभी नियमों का पालन करते हैं, उन्हें महादेव की असीम कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन के सभी कष्ट व बाधाएं हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं।भगवान शिव की कृपा और प्रदोष व्रत का अलौकिक आध्यात्मिक महत्वसनातन परंपरा में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की प्राप्ति और उनके आशीर्वाद का सबसे सरल मार्ग माना गया है। ऐसी मान्यता है कि जो मनुष्य प्रदोष व्रत के नियमों का पालन करते हुए सच्चे मन से शिव-पार्वती की आराधना करता है, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता और उसके जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं। भाद्रपद माह का यह अंतिम प्रदोष व्रत चातुर्मास के बीच आने के कारण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन चार महीनों में भगवान विष्णु योगनिद्रा में होते हैं और सृष्टि का संचालन और संरक्षण भगवान शिव के हाथों में विशेष रूप से माना जाता है। इस दौरान शिव आराधना करने से साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और उसकी हर मनोकामना पूरी होती है।
पद्मा एकादशी पर हरिवासर का दुर्लभ संयोग: बैकुंठ धाम में स्थान पाने के लिए ऐसे करें व्रत
सनातन धर्म और हिंदू पंचांग में एकादशी व्रत का विशेष और आध्यात्मिक महत्व बताया गया है, जिसे सभी व्रतों में अत्यंत फलदायी माना जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मुख्य रूप से पद्मा एकादशी या परिवर्तिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस पावन अवसर पर इस बार एक बेहद दुर्लभ और शुभ संयोग यानी 'हरिवासर' का महासंयोग बन रहा है, जिसने इस व्रत के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व को कई गुना बढ़ा दिया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु क्षीरसागर में अपनी करवट बदलते हैं, इसीलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। जो भी श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान के साथ इस उपवास को संपन्न करते हैं, उन्हें मृत्यु के पश्चात सीधे बैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है। आइए इस विशेष पर्व के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इसके अलौकिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं।हिंदू संस्कृति में एकादशी का व्रत केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, मानसिक शांति और ईश्वर की आराधना का सबसे उत्तम मार्ग है। पद्मा एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा-अर्चना का विधान है। पुराणों के अनुसार, इस दिन व्रत रखने वाले मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे अश्वमेघ यज्ञ के समान पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। जैसे-जैसे इस पावन तिथि की तैयारियां शुरू होती हैं, देश भर के मंदिरों और श्रद्धालुओं के घरों में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है। व्रत के नियमों का पालन करते हुए भगवान विष्णु के श्री चरणों में अपनी हाजिरी लगाने के लिए भक्तगण सुबह से ही मंदिरों में अपनी तैयारियां पूरी करने में जुट जाते हैं।पद्मा एकादशी और हरिवासर का दुर्लभ संयोग: क्या है इसका ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व?पंचांग के अनुसार, इस वर्ष पद्मा एकादशी के पावन पर्व पर 'हरिवासर' का विशेष संयोग बन रहा है। हरिवासर वह समय अवधि होती है जो एकादशी तिथि के शुरुआती चरणों में आती है, और इसे भगवान हरि की आराधना के लिए सबसे अधिक पवित्र और ऊर्जावान माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का कहना है कि हरिवासर के दौरान किए गए जप, तप, दान और व्रत का पुण्य साधारण दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होता है। इस काल में भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। पितरों की शांति और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए भी इस एकादशी को बहुत चमत्कारिक माना गया है, क्योंकि इस दिन किए गए अनुष्ठान सीधा भगवान विष्णु के चरणों तक पहुंचते हैं।धार्मिक कथाओं के अनुसार, राजा बलि के अहंकार को चूर करने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार धारण किया था और इसी एकादशी के दिन उन्होंने अपनी योगनिद्रा के दौरान करवट बदली थी। यही कारण है कि इसे परिवर्तिनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से जीवन में आने वाले सभी प्रकार के संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं। जो लोग लंबे समय से मानसिक तनाव या आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह व्रत किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है। भगवान विष्णु की कृपा से भक्तों के सभी रुके हुए कार्य पूर्ण होने लगते हैं और घर में माता लक्ष्मी का स्थायीि वास होता है।पद्मा एकादशी व्रत का शुभ मुहूर्त और पारण का सही समयकिसी भी व्रत की पूर्णता उसके सही मुहूर्त और विधि-विधान पर निर्भर करती है। पद्मा एकादशी तिथि का आरंभ और समापन पंचांग के अनुसार निश्चित होता है, और उसी के आधार पर व्रतियों को अपनी पूजा और उपवास का संकल्प लेना चाहिए। पूजा का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त या सुबह का समय होता है, जब स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण किए जाते हैं। इसके पश्चात भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर को चौकी पर स्थापित कर उनका षोडशोपचार पूजन किया जाता है। हरिवासर के समय को ध्यान में रखते हुए भक्तों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे इस पवित्र अवधि के दौरान भगवान के ध्यान में लीन रहें और किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों से दूर रहें।व्रत का पारण (व्रत खोलना) द्वादशी तिथि के दिन सूर्योदय के पश्चात और हरिवासर की समाप्ति के बाद ही किया जाना चाहिए। बिना हरिवासर के समाप्त हुए या बिना द्वादशी के पारण किए व्रत अधूरा माना जाता है। पारण के दिन सुबह भगवान विष्णु की पुनः पूजा कर ब्राह्मणों को भोजन कराना और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दक्षिणा देना अत्यंत पुण्य का काम माना गया है। इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत का समापन किया जाता है। जानकारों का कहना है कि यदि इन सभी नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया जाए, तो व्रत का संपूर्ण फल साधक को अवश्य प्राप्त होता है।पद्मा एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि और ध्यान रखने योग्य जरूरी नियमपद्मा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद पीले वस्त्र धारण करना बेहद शुभ माना जाता है, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को अति प्रिय है। इसके बाद एक साफ चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। पूजा के दौरान भगवान को रोली, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल, मौसमी फल, पंचामृत और मिष्ठान का भोग लगाएं। इस व्रत में तुलसी के पत्तों का विशेष महत्व होता है, इसलिए भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें, क्योंकि इसके बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। पूजा के समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना मानसिक शांति प्रदान करता है।व्रत के दौरान खान-पान को लेकर भी कुछ कड़े नियम बताए गए हैं। इस दिन अन्न का सेवन बिल्कुल नहीं किया जाता है, और जो लोग निर्जला व्रत रखने में सक्षम नहीं हैं, वे फलाहार या दूध-जल ग्रहण करके उपवास रख सकते हैं। दिनभर मन में भगवान का स्मरण रखें और किसी भी प्रकार के झूठ, क्रोध या कटु वचन से दूर रहें। रात्रि के समय भगवान के जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन करना इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। जो लोग पूरी रात जागकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं, उनके समस्त पाप धुल जाते हैं और उन्हें भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।बैकुंठ धाम की प्राप्ति और जीवन के अंतिम लक्ष्यों का आध्यात्मिक मार्गसनातन परंपरा में बैकुंठ धाम को भगवान विष्णु का परम लोक कहा जाता है, जहां पहुंचकर मनुष्य जन्म-मरण के चक्र से पूरी तरह मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि जो मनुष्य अपने जीवनकाल में पद्मा एकादशी का व्रत नियमपूर्वक रखता है, उसके लिए बैकुंठ के द्वार स्वतः खुल जाते हैं। कलियुग में पापों के प्रायश्चित और आत्मा की शुद्धि के लिए एकादशी के व्रतों को सबसे सरल और प्रभावशाली साधन माना गया है। यह व्रत न केवल हमें धार्मिक रूप से अनुशासित बनाता है, बल्कि हमारे भीतर सेवा, करुणा और समर्पण के भाव को भी जागृत करता है।
कॉफी पीने के इतनी देर बाद लें जरूरी दवाएं, तभी मिलेगा पूरा फायदा
कॉफी के साथ या कुछ देर बाद कुछ खास प्रकार की दवाएं लेने से उनके एब्जॉर्प्शन पर असर पड़ सकता है, जिससे शरीर को पूरा फायदा नहीं मिलता है. डॉक्टरों से जानते हैं कि कॉफी पीने के बाद सप्लीमेंट्स और दवाएं लेने के लिए कितने घंटे का गैप रखना जरूरी होता है.
भारतीय शिक्षा प्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था कई बार ऐसी अजीबोगरीब और हास्यास्पद गलतियों का शिकार हो जाती है, जो किसी भी छात्र के भविष्य को खतरे में डालने के लिए काफी होती हैं। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला हाल ही में सामने आया है, जहां एक छात्र ने अपनी मर्जी और विधिवत नियमों के तहत तीसरी भाषा के रूप में 'पंजाबी' विषय का चयन किया था, लेकिन स्कूल प्रशासन की भारी लापरवाही और मनमानी के चलते उसे पढ़ाई के दौरान अचानक 'संस्कृत' विषय थमा दिया गया। हद तो तब हो गई जब स्कूल में उस भाषा को पढ़ाने के लिए एक भी योग्य टीचर तक मौजूद नहीं था, और इसके बावजूद छात्र पर जबरन परीक्षा देने का दबाव बनाया जाने लगा। इस अन्याय के खिलाफ छात्र ने हार नहीं मानी और न्याय की आस में अदालत का दरवाजा खटखटाया, जहां पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए छात्र को परीक्षा में बड़ी राहत दी है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैला दी है।आज के समय में जब देश के हर कोने में शिक्षा के अधिकार और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई की बातें की जाती हैं, तब जमीनी स्तर पर स्कूलों की यह लापरवाही शिक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल देती है। छात्र जब स्कूल में दाखिला लेता है और अपने भविष्य की नींव रखने के लिए विषयों का चुनाव करता है, तो वह यह मानकर चलता है कि शैक्षणिक संस्थान उसे वे सभी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराएगा जो नियमों के दायरे में आते हैं। लेकिन जब स्कूल प्रबंधन अपनी अकार्यक्षमता को छिपाने के लिए छात्रों के करियर के साथ खिलवाड़ करने लगता है, तो स्थितियां कितनी गंभीर हो जाती हैं, इस मामले ने इसे पूरी तरह से उजागर कर दिया है। आइए जानते हैं कि इस पूरे घटनाक्रम में किस तरह से न्याय की जीत हुई और कैसे अदालत ने छात्र के टूटते हुए सपनों को एक नया जीवनदान दिया है।क्या था पूरा मामला: छात्र की पसंद की अनदेखी कर स्कूल ने थोपी दूसरी भाषाप्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब छात्र ने अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम के तहत तीसरी भाषा के रूप में पंजाबी भाषा का आधिकारिक रूप से चयन किया था। नियमों के मुताबिक छात्र को अपनी पसंद की भाषा चुनने का पूरा अधिकार था और उसने तदनुसार ही अपनी पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन कुछ समय बीतने के बाद स्कूल प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना या वैध कारण के छात्र की चुनी हुई भाषा को बदल दिया और उसकी जगह उसे संस्कृत भाषा पढ़ने और परीक्षा देने का आदेश दे दिया। जब छात्र और उसके परिजनों ने इसका विरोध किया, तो स्कूल के अधिकारियों ने उनकी बात सुनने से साफ इनकार कर दिया और प्रशासनिक रौब दिखाते हुए कहा कि स्कूल के पास पंजाबी पढ़ाने के लिए न तो शिक्षक है और न ही संसाधन, इसलिए छात्र को संस्कृत ही पढ़नी होगी।एक ऐसे विषय की परीक्षा देने का दबाव बनाना जिसे छात्र ने कभी पढ़ा ही नहीं और जिसके लिए स्कूल में कोई फैकल्टी तक उपलब्ध नहीं थी, सरासर मानसिक प्रताड़ना और उसके मौलिक अधिकारों का हनन था। स्कूल प्रशासन का यह रवैया इस बात को साबित करता है कि कई संस्थान अपनी व्यवस्था की कमियों को सुधारने के बजाय उसका पूरा बोझ मासूम छात्रों के कंधों पर डाल देते हैं। छात्र ने जब इस तानाशाही रवैये के खिलाफ आवाज उठाई, तो स्कूल प्रबंधन ने उसे आगामी परीक्षाओं में बैठने से रोकने की धमकी तक दे डाली। ऐसे में छात्र और उसके परिवार के सामने अदालत का दरवाजा खटखटाने के अलावा और कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर उसके पूरे शैक्षणिक वर्ष और भविष्य की दिशा से जुड़ा हुआ था।हाईकोर्ट की कड़ी फटकार: छात्र के मौलिक अधिकारों के पक्ष में आया ऐतिहासिक फैसलाजब यह मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय (High Court) के समक्ष पहुंचा, तो अदालत ने इस पर बेहद गंभीर रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान जब जज के सामने यह तथ्य आया कि स्कूल प्रशासन ने बिना किसी कानूनी आधार के छात्र की भाषा बदली और बिना शिक्षक के पढ़ाई का दबाव बनाया, तो अदालत ने स्कूल अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को यह अधिकार नहीं है कि वह अपनी प्रशासनिक विफलता या शिक्षकों की कमी का खामियाजा किसी छात्र के भविष्य को बलि चढ़ाकर भुगते। अदालत ने अंतरिम राहत देते हुए छात्र को अपनी पसंद की भाषा के आधार पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी और स्कूल प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।कानूनी जानकारों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह फैसला देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक कड़ा संदेश है। अक्सर यह देखा जाता है कि देश के सरकारी और निजी स्कूलों में विषय शिक्षकों की भारी कमी होती है, और जब छात्र उस विषय को चुन लेते हैं, तो स्कूल प्रशासन उन पर दबाव बनाकर विषय बदलने के लिए मजबूर करता है। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि छात्रों की शैक्षणिक स्वतंत्रता सर्वोपरि है और स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ सकता। अदालत के इस न्यायपूर्ण आदेश के बाद छात्र और उसके परिवार ने राहत की सांस ली है, और अब छात्र पूरी, ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ अपनी आगे की परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है।शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत: क्यों भुगतने पड़ते हैं छात्रों को प्रशासनिक खामियों के नतीजे?यह पूरी घटना केवल एक छात्र और एक स्कूल के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की बुनियादी शिक्षा प्रणाली की एक बड़ी विसंगति को उजागर करती है। आज भी हमारे कई सरकारी और अर्ध-सरकारी स्कूलों में विभिन्न भाषाओं और विषयों के ट्रेंड शिक्षकों की भारी कमी है। जब सरकारें या शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय भाषाओं या आधुनिक विषयों को शामिल करने की घोषणा करते हैं, तो उन्हें जमीनी स्तर पर यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि हर स्कूल में उन विषयों को पढ़ाने के लिए योग्य शिक्षक उपलब्ध हों। शिक्षकों की कमी के नाम पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। इस मामले ने एक बार फिर से शिक्षाविदों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारी शिक्षण संस्थाएं वाकई छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार हैं।इसके अलावा, अभिभावकों और छात्रों में भी अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। बहुत से छात्र ऐसी प्रशासनिक ज्यादतियों के आगे घुटने टेक देते हैं और चुपचाप सिस्टम के दबाव को सह लेते हैं, जिससे स्कूलों का हौसला और बढ़ जाता है। लेकिन इस मामले ने यह साबित कर दिया है कि यदि कोई छात्र और उसका परिवार अन्याय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने का साहस जुटाए, तो देश की न्यायपालिका हमेशा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर रहती है। समाज के हर वर्ग को इस बात की सराहना करनी चाहिए कि कैसे एक साधारण छात्र ने सिस्टम की लाचारी के खिलाफ खड़े होकर अपनी जीत सुनिश्चित की और आने वाले समय में अन्य छात्रों के लिए एक मजबूत मिसाल कायम की।भविष्य के लिए सबक: क्या अब बदलेंगी स्कूलों की कार्यप्रणाली?हाईकोर्ट के इस कड़े और स्पष्ट फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि पश्चिम बंगाल या हरियाणा सहित देश के अन्य हिस्सों के स्कूल प्रशासन भी अब अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनेंगे। स्कूलों को यह समझ लेना चाहिए कि वे किसी व्यवसायिक दुकान की तरह नहीं चलाए जा सकते, जहां नियमों को अपनी सुविधा के अनुसार तोड़ा-मरोड़ा जा सके। हर एक छात्र का भविष्य अमूल्य है और उसके शैक्षिक अधिकारों की रक्षा करना शिक्षण संस्थानों का सबसे पहला और परम कर्तव्य है। यदि स्कूल अपनी व्यवस्था सुधारने में असमर्थ हैं, तो उन्हें छात्रों के प्रवेश के समय ही इस बात की पारदर्शी जानकारी देनी चाहिए ताकि कोई भी बच्चा गलतफहमी का शिकार न हो।अंत में यही कहा जा सकता है कि यह मामला अंततः सत्य और न्याय की जीत के रूप में सामने आया है। पंजाबी भाषा चुनने वाले उस छात्र को अदालत से जो संबल मिला है, उसने एक बार फिर से देश की न्यायपालिका पर आम जनता के भरोसे को और अधिक मजबूत किया है। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले इन संस्थानों को अब आत्मમंथन करने की आवश्यकता है कि वे अपनी प्रशासनिक कमियों को छात्रों पर थोपने की बजाय एक पारदर्शी, सहायक और छात्र-अनुकूल माहौल प्रदान करें। उम्मीद है कि इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कोई भी स्कूल प्रशासन दोबारा किसी छात्र के भविष्य के साथ इस तरह की मनमानी करने की हिम्मत नहीं जुटा पाएगा और शिक्षा का स्तर वास्तव में सुधार की ओर अग्रसर होगा।
ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापसी के बाद क्या भारतीय छात्र भूल जाएं अमेरिकन ड्रीम
संयुक्त राज्य अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के एक बार फिर सत्ता संभालने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय राजनीति, व्यापार और आव्रजन नीतियों को लेकर दुनिया भर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के मन में इस समय एक ही बड़ा सवाल कौंध रहा है कि क्या 'अमेरिकन ड्रीम' अब धुंधला पड़ता जा रहा है? हालिया प्रशासनिक बदलावों और आव्रजन नियमों में होने वाले संभावित बदलावों के मद्देनजर अमेरिका में स्टूडेंट वीजा (F-1 Visa) हासिल करना पहले के मुकाबले कहीं अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण हो गया है। वीजा इंटरव्यू के दौरान सख्ती, दस्तावेजों की पैनी जांच और कोटे से जुड़े नियमों के कारण छात्रों के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति पर देश-विदेश के प्रमुख इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स ने विचार व्यक्त करते हुए चार ऐसी बेहद जरूरी बातें साझा की हैं, जिन्हें हर भारतीय छात्र को अमेरिका जाने का प्लान बनाने से पहले जान लेना चाहिए।भारतीय समाज में यह लंबे समय से एक आम मान्यता रही है कि अमेरिका की किसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से डिग्री हासिल करने के बाद करियर की ऊंचाइयां तय करना आसान हो जाता है। हर साल लाखों छात्र अमेरिका जाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते हैं, जीआरई (GRE) और टोफेल (TOEFL) जैसी परीक्षाएं पास करते हैं और भारी-भरकम लोन लेकर अपनी ट्यूशन फीस का इंतजाम करते हैं। लेकिन ट्रंप प्रशासन की वीज़ा नीतियों, वीजा फीस में बढ़ोतरी, और विदेशी छात्रों के प्रति कड़े रवैये ने इस पूरी प्रक्रिया को एक अनिश्चितता के दौर में ला खड़ा किया है। जानकारों का मानना है कि भले ही अमेरिका के दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं, लेकिन अब वहां तक पहुंचने का रास्ता पहले जितना सुगम नहीं रह गया है, जिसके लिए छात्रों को अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव करने की आवश्यकता है।अमेरिका में स्टूडेंट वीजा की प्रक्रिया क्यों हुई जटिल और क्या हैं इसके मुख्य कारण?डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का मुख्य केंद्र हमेशा से 'अमेरिका फर्स्ट' (America First) रहा है, जिसका सीधा प्रभाव स्थानीय नागरिकों के रोजगार और अप्रवासी नीतियों पर पड़ता है। प्रशासन का यह मानना है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र और विदेशी कामगार अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों पर असर डालते हैं, यही वजह है कि वीजा अप्रूवल रेट को लेकर सख्त रुख अपनाया जा रहा है। हाल के दिनों में अमेरिकी दूतावासों और कंसुलेट द्वारा वीजा इंटरव्यू के दौरान छात्रों से बहुत अधिक तीखे और गहराई से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। कई मामलों में मामूली सी कागजी कमी या इंटरव्यू के दौरान आत्मविश्वास में थोड़ी सी भी कमी होने पर वीजा तुरंत रिजेक्ट कर दिया जाता है। इस कठोरता के कारण योग्य छात्रों के मन में भी निराशा का भाव पैदा होने लगा है, क्योंकि वे अपनी पूरी तैयारी के बावजूद केवल वीजा अधिकारी के एक फैसले के कारण अपने सपनों को टूटते हुए देख रहे हैं।इसके अलावा, ऑप्टिकल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) और एच-1बी (H-1B) वीजा के नियमों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। छात्र अक्सर यह सोचकर अमेरिका जाते हैं कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे वहां कुछ साल काम करके अपने एजुकेशन लोन को चुका सकेंगे और फिर परमानेंट रेजिडेंसी (Green Card) की ओर बढ़ेंगे। लेकिन जब वर्क वीजा के नियम कड़े कर दिए जाते हैं, तो छात्रों के सामने पढ़ाई के बाद अमेरिका में टिके रहना एक बहुत बड़ी चुनौती बन जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि छात्रों को केवल दाखिला मिलने से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें लॉन्ग-टर्म इमिग्रेशन पॉलिसीज को भी ध्यान में रखकर ही अपने कदम आगे बढ़ाने चाहिए, अन्यथा उन्हें बीच रास्ते में ही निराशा हाथ लग सकती है।एक्सपर्ट्स की पहली सलाह: आवेदन से पहले अपने कोर्स और यूनिवर्सिटी का चयन बेहद सावधानी से करेंइमिग्रेशन और स्टडी एब्रॉड एक्सपर्ट्स की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि छात्रों को किसी भी एवरेज यूनिवर्सिटी में आंख मूंदकर दाखिला लेने से बचना चाहिए। ट्रंप राज में उन विश्वविद्यालयों के छात्रों पर वीजा अधिकारियों की विशेष नजर रहती है जिनकी साख संदिग्ध होती है या जो केवल नाममात्र के लिए कोर्स चलाते हैं। छात्रों को केवल यूएस न्यूज रैंकिंग या प्रतिष्ठित संस्थानों (Ivy League और टॉप-टियर यूनिवर्सिटीज) को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके अलावा, आपके अकादमिक रिकॉर्ड और आपके चुने गए कोर्स के बीच एक मजबूत तारतम्य (Relevance) होना चाहिए। यदि वीजा ऑफिसर को यह लगता है कि आप केवल अमेरिका में प्रवेश पाने के लिए किसी भी कोर्स में जा रहे हैं, तो आपके वीजा आवेदन को खारिज होने में एक सेकंड का भी समय नहीं लगेगा।यूनिवर्सिटी के चयन के साथ-साथ फाइनेंशियल प्लानिंग यानी वित्तीय तैयारी भी उतनी ही मजबूत होनी चाहिए। केवल पहले साल की फीस दिखाना अब पर्याप्त नहीं माना जाता है, बल्कि आपके पास पूरे कोर्स की अवधि के दौरान के खर्चों को उठाने की पुख्ता और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए। बैंक बैलेंस, स्पॉन्सरशिप के कागजात और टैक्स रिटर्न जैसे दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अस्पष्टता सीधे तौर पर वीजा रिजेक्शन का कारण बन सकती है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि छात्रों को अपने वित्तीय दस्तावेजों को किसी पेशेवर सीए (Chartered Accountant) से पूरी तरह सत्यापित करवा कर ही इंटरव्यू के लिए जाना चाहिए ताकि कोई कानूनी सुराग हाथ न लगे।दूसरी और तीसरी सलाह: सॉलिड एकेडमिक प्रोफाइल और वीजा इंटरव्यू की रिहर्सल पर दें पूरा जोरविशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में सिर्फ अच्छे नंबर ले आना ही काफी नहीं है, बल्कि आपका पूरा प्रोफाइल दमदार होना चाहिए। आपके पास इंटर्नशिप, रिसर्च वर्क, प्रोजेक्ट्स और एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों के पुख्ता प्रमाण होने चाहिए जो यह साबित करें कि आप एक मेधावी छात्र हैं। वीजा इंटरव्यू के दौरान आपको केवल 2 से 3 मिनट का समय मिलता है जिसमें आपको इंटरव्यूअर को यह समझाना होता है कि आप अमेरिका क्यों जा रहे हैं, आप उस कोर्स को क्यों चुन रहे हैं और पढ़ाई पूरी करने के बाद आपके भारत लौटने के क्या इरादे हैं। अमेरिका का कानून यह मांग करता है कि हर स्टूडेंट वीजा आवेदक को यह साबित करना होगा कि उसकी जड़ें अपने देश में मजबूत हैं और वह पढ़ाई के बाद वापस लौट आएगा।वीजा इंटरव्यू के दौरान अक्सर छात्र घबरा जाते हैं और रटी-रटाई बातें बोलने लगते हैं, जिसे अमेरिकी अधिकारी तुरंत भांप लेते हैं। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि छात्रों को मॉक इंटरव्यू (Mock Interviews) की भरपूर प्रैक्टिस करनी चाहिए। आपको अपने भविष्य के करियर गोल्स को लेकर पूरी तरह स्पष्ट होना चाहिए। यदि आप इंटरव्यू में आत्मविश्वास के साथ, बिना किसी हिचकिचाहट के अपने सवालों के सटीक जवाब देते हैं, तो वीजा मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। झूठे दस्तावेज या किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देने की भूल कभी न करें, क्योंकि एक बार रिकॉर्ड खराब होने पर भविष्य में अमेरिका का वीजा मिलना लगभग असंभव हो जाता है।चौथी सलाह: प्लान-बी हमेशा तैयार रखें, यूरोप और अन्य विकल्पों पर भी विचार करेंएक्सपर्ट्स की चौथी और सबसे व्यावहारिक सलाह यह है कि कभी भी अपने सभी अंडे एक ही टोकरी में न रखें। यदि अमेरिका जाने का आपका सपना प्रशासनिक अड़चनों या वित्तीय कारणों से पूरा नहीं हो पा रहा है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके उच्च शिक्षा के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। आज के समय में जर्मनी, फ्रांस, यूके, आयरलैंड, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को उच्च स्तर की शिक्षा और बेहतरीन करियर के अवसर प्रदान कर रहे हैं। इन देशों में वीज़ा और पोस्ट-स्टडी वर्क परमिट के नियम कई मायनों में अमेरिका की तुलना में अधिक स्पष्ट और छात्र-अनुकूल हैं। एक समझदार छात्र वही होता है जो हमेशा एक मजबूत 'प्लान-बी' तैयार रखता है ताकि किसी एक देश के नियमों में बदलाव से उसका पूरा भविष्य दांव पर न लगे।अंत में यही कहा जा सकता है कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिका में स्टूडेंट वीजा हासिल करना भले ही अधिक कठिन हो गया हो, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि भारतीय छात्र अपने 'अमेरिकन ड्रीम' को पूरी तरह से भूल जाएं। जरूरत इस बात की है कि छात्र भावनाओं में बहकर फैसले लेने के बजाय पूरी तरह से रिसर्च करके, अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत रखकर और कानूनी रूप से सभी पैमानों पर खरे उतरते हुए आगे बढ़ें। सही मार्गदर्शन, पुख्ता तैयारी और मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के दम पर आज भी अमेरिका में सफलता के शिखर को छुआ जा सकता है, बशर्ते आप हर चुनौती का सामना करने के लिए मानसिक और कागजी तौर पर पूरी तरह से तैयार हों।
'बदला जरूर लेंगे...' PAK एयरस्ट्राइक पर भड़का अफगानिस्तान, मुनीर की सेना को दी धमकी
अफगान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा की. कुनार में तीन नागरिक मारे गए, पक्तिका में घर और दुकान पर हमला हुआ. उन्होंने उचित जवाब देने की बात कही.
हर समय परफेक्ट दिखने का दबाव? 'मिर्जापुर' एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कैसे करती हैं डील
'मिर्जापुर' फेम एक्ट्रेस हर्षिता गौर ने बताया कि वह हर समय परफेक्ट दिखने के लगातार दबाव से कैसे निपटती हैं। आईएएनएस से खास बातचीत में हर्षिता ने कहा कि यह पूरी तरह से व्यक्ति पर निर्भर करता है कि वह दबाव लेना चाहता है या अपनी असलियत में सहज रहना चाहता है।
अभिजीत के घर में लगी जापानी आर्ट, पेंटिंग्स-अवॉर्ड्स से सजाया घर
Abhiijeet Saawant Home Tour: अभिजीत सावंत ने सफलता हासिल करने के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वो रियलिटी शो स्टार हैं. फैमिली संग आज वो लैविश लाइफ जीते हैं.
‘द रेवोल्यूशनरीज़’ में स्वतंत्रता सेनानी प्रतिभा लाहिड़ी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस प्रतिभा रांटा ने सीरीज में अपने किरदार के बारे में जानकारी दी है।
बिहार के जमुई में एक लड़की से बदसलूकी का मामला सामने आया है. लड़की अपने दोस्त के साथ घूमने निकली थी, तभी कुछ लड़कों ने उसे घेर लिया और फिर उसके साथ छेड़छाड़ की है. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.
यूपी चुनाव: 2 दिवसीय दौरे पर नितिन नवीन, सीएम योगी भी रहेंगे साथ
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए बीजेपी नेता नितिन नवीन का दो दिवसीय महत्वपूर्ण यूपी दौरा आज से शुरू हो रहा है. इस दौरे की शुरुआत मेरठ से होगी, जहां वे युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसके अलावा वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्रों की अहम बैठक में भी हिस्सा लेंगे. नितिन नवीन अपने इस प्रवास के दौरान पार्टी के पूर्व पदाधिकारियों, वर्तमान सांसदों, विधायकों और सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे और आगे की रणनीतियों पर मंथन करेंगे.
MNS की गुंडागर्दी: इन्फ्लुएंसर का मुंह काला कर सिर पर रखवाई चप्पल
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महेश मोटे का चेहरा कथित तौर पर काला करने और उन्हें माफी मांगने के लिए मजबूर करने का आरोप है. MNS नेताओं ने आरोप लगाया कि मोटे ने राज ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक और व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं.
'आजा गुफाओं में आ' के बारे में रवीना टंडन ने दूर की गलतफहमी, बोलीं- इसे हॉरर फॉर्मेट देना गलत
अभिनेत्री रवीना टंडन ने अपनी फिल्म अक्स के गाने 'आजा गुफाओं में आ' के रीक्रिएशन पर ऐतराज जताया और इसे हॉरर सॉन्ग मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह गीत डरावना नहीं, बल्कि बेहद खूबसूरत और महिलाओं की शक्ति को दर्शाने वाला गीत है।
'वंदे मातरम्' पर कर्नाटक में हंगामा, 2 स्टैंजा बाद रुका ऑडियो तो BJP ने पूरा गाया
कर्नाटक विधानसभा में 'वंदे मातरम्' का ऑडियो दो स्टैंजा के बाद रोक दिया गया. इसके बाद बीजेपी विधायकों ने बाकी स्टैंजा खुद गाना शुरू कर दिया. पूरा मामला राज्य सरकार के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें सामान्य सरकारी कार्यक्रमों में पहले दो स्टैंजा गाने की व्यवस्था की गई है.
यहां मेन्यू नहीं, आपकी Pulse बताएगी कौन सी कॉकटेल पीनी है!
चीन के शंघाई में एक ऐसा बार चर्चा में है, जहां कॉकटेल ऑर्डर करने से पहले ग्राहकों की पल्स चेक की जाती है. इसके बाद उसके पल्स के आधार पर जड़ी-बूटियों और दूसरी चीजों से खास कॉकटेल तैयार की जाती है.
हर PF अकाउंट होल्डर तुरंत कर लें ये 7 काम; इमरजेंसी में बिना रुकावट निकलेगा फंड
अक्सर पीएफ फंड निकासी का आवेदन गड़बड़ी की वजह से खारिज हो जाता है. ऐसी परेशानियों से बचने के लिए ईपीएफ अकाउंट में इन 7 चीजों से हमेशा अपडेट रखनी चाहिए.जानिए यूएएन एक्टिवेशन से लेकर ई-नॉमिनेशन तक की पूरी लिस्ट, जिससे आपका पीएफ क्लेम चुटकियों में पास हो जाएगा.
नाश्ते में मिनटों में बनाएं क्रिस्पी प्याज-मिर्च चीला, रेसिपी है आसान
Pyaz Mirch Chilla: अगर आप नाश्ते में कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो टेस्टी होने के साथ जल्दी तैयार भी हो जाए तो प्याज-मिर्च चीला ट्राई कर सकते हैं. बेसन और सूजी से बना यह चीला बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट होता है.
कृति सेनन ने अपनी बकेट लिस्ट से पॉटरी आर्ट को पूरा किया: आज ही को अपना 'पहला दिन' बनाएं
एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपनी बकेट लिस्ट से एक और चीज पूरी कर ली है, जिसे वह सालों से सीखना चाहती थीं। 'मिमी' एक्ट्रेस को इंस्टाग्राम पर अपनी लेटेस्ट पोस्ट में पॉटरी (मिट्टी के बर्तन बनाने) की कला सीखते हुए देखा गया।
बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी ने 22 जुलाई को गाजी नजरुल को पार्टी से निकाल दिया था. एक युवती के साथ उनका विवादित वीडियो वायरल हुआ था. तब सांसद गाजी नजरुल ने कहा था कि 19 साल की वह युवती उनकी दूसरी पत्नी है.
घर की छत पर फ्री लगेगा सोलर, बिजली बिल '0' और कमाई भी! करें अप्लाई
दिल्ली सरकार की नई रूफटॉप सोलर योजना के तहत पात्र परिवारों की छत पर 3 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम बिना शुरुआती भुगतान के लगाया जाएगा. 21 सितंबर से आवेदन शुरू हो चुके हैं. मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों को जोड़ने का लक्ष्य है.
वेस्ट यूपी में उतरी बीजेपी की तिकड़ी, नितिन-योगी-पंकज का 71 सीट साधने का क्या है प्लान
2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम यूपी पहुंच रहे हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी के साथ मिलकर वे मेरठ और सहारनपुर मंडल की 71 विधानसभा सीटों की सियासी नब्ज टटोलेंगे और Gen-Z संग संवाद कर 'मिशन-2027' का आगाज करेंगे.
सबसे ज्यादा फ्लर्ट धर्मेंद्र करते थे', जया प्रदा ने सुनाया पुराना किस्सा
एक्ट्रेस जया प्रदा ने एक बार बताया था कि सभी एक्टर्स में धर्मेंद्र सबसे ज्यादा फ्लर्ट करने वाले थे। कपिल शर्मा के शो का एक पुराना क्लिप इंटरनेट पर फिर से सामने आया है, जिसमें एक्ट्रेस पुरानी यादों को ताजा करती हुई दिख रही हैं।
क्या भारत में खत्म हो रहा है 1 BHK, बड़े फ्लैट पर क्यों दांव लगा रहे बिल्डर
भारत के रियल एस्टेट बाजार में 2 और 3 BHK की मांग लगातार बढ़ रही है, जबकि 1 BHK की नई सप्लाई सीमित होती जा रही है. लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि 1 BHK का दौर खत्म हो रहा है? ताजा आंकड़े बताते हैं कि मांग अभी भी मौजूद है, खासकर कुछ बड़े शहरों में.
यूपी के इस शहर में फ्री में दिखाई गई हनुमान अंश, जानिए किसे मिली यह सुविधा
प्रयागराज में बाबा नीब करौरी महाराज के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के विशेष फ्री शो आयोजित किए गए. सेवा संकल्प अभियान के तहत 17 से 20 सितंबर तक विधायक और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ सिविल लाइंस स्थित पीवीआर में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों, पन्ना प्रमुखों और उनके परिवारों के लिए स्क्रीनिंग रखी थी.
राजस्थान में स्वागत के रूप में इस्तेमाल किया जाने वाला गाना पति पत्नी के विरह के दर्द को बयां करता है, जिसे 20 साल पहले फिल्म के गाने में दिखाया गया था.
इधर अल-नीनो एक्टिव, उधर बंगाल की खाड़ी में साइक्लोन अर्नब का खतरा
बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर डीप डिप्रेशन या चक्रवात अर्नब बन सकता है. ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का खतरा. साथ में अल-नीनो भी एक्टिव, जिससे सूखे की आशंका बढ़ी है.
अगर आप अपने लाडले के लिए कोई खास नाम तलाश रहे हैं, तो आज हम आपके लिए भगवान गणेश से प्रेरित कुछ सुंदर नामों की लिस्ट लेकर आए हैं जो आपके बेटे की पहचान को और भी खास बना सकते हैं.
गिरफ्तारी के समय लिखित में बताना होगा आधार, वरना ये गैरकानूनी होगा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने किसी भी कानून के तहत किसी शख्स की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. उन्हें गिरफ्तार का आधार लिखित और आसान भाषा में बताने का आदेश कोर्ट ने दिया है.
24 या 25 सितंबर, कब किया जाएगा बाप्पा का विसर्जन? नोट करें सही डेट
Ganesh Visarjan 2026: गणेश उत्सव के समापन पर गणेश विसर्जन का विशेष महत्व माना जाता है. लेकिन कई लोगों के मन में यह प्रश्न रहता है कि गणेश विसर्जन कब करना चाहिए और इसकी सही विधि क्या है? तो आइए जानते हैं कि गणपति बाप्पा के विसर्जन का शुभ समय, पूजन की संपूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक नियम और वे बातें जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
संगम विहार में चोरी की बड़ी वारदात, 45 मिनट में लाखों के गहने-कैश साफ
संगम विहार के सैनिक बाजार इलाके में रविवार रात घर में बड़ी चोरी हुई. परिवार के बाहर रहने के दौरान गहने और कैश चोरी होने का आरोप है. दिल्ली पुलिस और FSL टीम जांच में जुटी है. पढ़ें पूरी कहानी.
'वाइब' के बाद कुणाल खेमू का इमोशनल पोस्ट, कहा-मैं आपका सारा प्यार देखता हूं
अभिनेता कुणाल खेमू की कॉमेडी, एक्शन और जासूसी थ्रिलर फिल्म 'वाइब' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।
ऑस्कर में 'गोंधल' की एंट्री से सुभाष घई हुए खुश, इशिता देशमुख पर जताया गर्व, फिल्म देखने की अपील
बधाई दी. उन्होंने ‘गोंधळ’ की पूरी रचनात्मक टीम की मेहनत को स्वीकार करते हुए फिल्म की इस उपलब्धि को भारतीय सिनेमा के लिए गौरव का क्षण बताया.
90 के दशक के गानों का क्रेज कभी खत्म नहीं हो सकता और हो भी क्यों ? ये गाने हैं ही इतने खूबसूरत और रूहानी. चाहे वह मिलेनियल्स हों या आज की जेन-जी पीढ़ी, उस दौर की धुनों के जादू से कोई खुद को दूर नहीं रख सकता. आज हम एक ऐसे गाने के बारे में बताने जा रहे हैं...
बॉलीवुड गीत पहेली: 1994 में सुनील शेट्टी और करिश्मा कपूर की एक फिल्म आई थी. जिसमें 'हाय हुक्कू हाय हुक्कू' गाना आया था. अब मजेदार यह है कि क्या आप जानते हैं इस गाने में कुमार सानू और पूर्णिमा ने कितनी बार हाय और हुक्कू शब्दों का इस्तेमाल किया था?
तो मैं तुम्हें मर्द की औलाद मानूंगा...पूर्व वित्त सचिव पर भड़के बीजेपी सांसद; जेल तक की धमकी
गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर मानहानि का केस करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर वह माफी नहीं मागते हैं तो जेल जाना पड़ेगा। पूर्व वित्त सचिव ने जीडीपी के आंकड़ों पर बयान दिया था।
आवारा कुत्तों-मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश पर NHAI ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ये काम स्थानीय एजेंसियों का है. हमें 7,000 करोड़ का खर्च आएगा.
iPhone 18 Pro खरीदने भारत से दुबई जा रहे लोग, बताया कितना पड़ रहा है सस्ता
iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max खरीदने के लिए भारतीय खरीदार दुबई पहुंच जा रहे हैं. आपको बता दें कि भारत के मुकाबले दुबई (UAE) में नया आईफोन 38 हजार रुपये तक सस्ता मिल रहा है.
Imphal Airport से अगवा पश्चिम बंगाल का युवक Bishnupur से सुरक्षित बचाया गया
मणिपुर पहुंचने पर यहां हवाई अड्डे से कथित तौर पर अगवा किए गए पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति को सुरक्षा कर्मियों ने बिष्णुपुर जिले से बचा लिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मोइरांग थाने के कर्मियों ने मोहम्मद वसीम अकरम को 19 सितंबर को नारानसेना इलाके से बचाया। यह स्थान इंफाल हवाई अड्डे से करीब 40 किलोमीटर दूर है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि जिस वाहन से अकरम को अगवा कर ले जाया जा रहा था, उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी नहीं दी कि अकरम का अपहरण कब किया गया, इसके पीछे क्या मकसद था और इस अपराध में कौन शामिल था। पुलिस ने कहा, ‘‘मोइरांग थाने के कर्मियों ने 19 सितंबर को पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद वसीम अकरम को नारानसेना से बचाया। अकरम ने उस वाहन का हैंडब्रेक खींच दिया था जिससे उसे अगवा कर ले जाया जा रहा था। इसके बाद वह अपहरणकर्ताओं के चंगुल से भागकर मदद के लिए सुरक्षा कर्मियों के पास पहुंचा। उसे इंफाल हवाई अड्डा पहुंचने के बाद अगवा कर लिया गया था।’’पुलिस के बयान में कहा गया कि वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है ताकि अन्य संदिग्धों का पता लगाकर उन्हें पकड़ा जा सके। मणिपुर में तीन साल पहले जातीय हिंसा भड़कने के बाद से सुरक्षा बल संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं तथा वहां प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने की कार्रवाई कर रहे हैं। घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
सोनम वांगचुक का नया आंदोलन 2 दिन में, बगैर अभिजीत दीपके सरकार को घेरने निकले?
सोनम वांगचुक लद्दाख में बीते साल पुलिस कार्रवाई में मारे गए लोगों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने लद्दाख प्रशासन की तरफ से की गई मुआवजा रकम की घोषणा पर भी नाराजगी जाहिर की है।
ज्यूरिख में विदेश मंत्री जयशंकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
ज्यूरिख, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार को ज्यूरिख एयरपोर्ट पहुंचे।
सूडान में एक हफ्ते में दूसरी बार धंसी सोने की खदान, 11 मजदूरों की मौत
सूडान से एक बेहद दुखद और दर्दनाक खबर सामने आ रही है. यहां एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ है जहां एक सोने की खदान ढह गई है. इस भीषण हादसे में अब तक कम से कम 11 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. मलबे में अभी भी कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है. हैरानी की बात यह है कि सूडान में एक ही हफ्ते के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है.
North Delhi के Sadar Bazar में 11 वर्षीय बच्ची से दरिंदगी, दर्जी गिरफ्तार
उत्तर दिल्ली के सदर बाजार इलाके में 11 वर्षीय बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक दर्जी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दर्ज़ी बच्ची को बहला फुसलाकर अपनी दुकान में ले गया जहां उसे बंधक बनाया गया और उसका कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर की रात को एक नाबालिग पीड़िता के साथ दुकानदार द्वारा यौन उत्पीड़न किए जाने के संबंध में पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को सूचना प्राप्त हुई। अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही सदर बाजार थाने की पुलिस टीम के साथ-साथ सदर बाजार और महिला थाने के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि जांच में आया कि पीड़िता रात करीब 11 बजे स्टेशनरी का कुछ सामान खरीदने के लिए अपने घर से निकली थी और इसी दौरान पड़ोस की दुकान में काम करने वाले एक दर्जी ने उसे फुसलाकर अपनी दुकान के अंदर बुला लिया, उसे बंधक बनाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में उत्तर जिले के महिला थाने में कानून की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी मकसूद को गिरफ्तार कर लिया गया और एक अदालत में पेश किया गया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
होर्मुज संकट में उजागर हुई दुनिया की कमजोरी! भयावह होगा अगला झटका?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आया संकट सिर्फ तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की कमजोर कड़ियों को भी सामने ला दिया. बाजार ने कम खपत, वैकल्पिक रूट और इन्वेंट्री के सहारे झटका संभाला, लेकिन इसकी भी सीमाएं सामने आईं. भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक के लिए यह संकट सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन और स्ट्रेटेजिक रिजर्व की अहमियत बढ़ाता है.
A, B, AB या O... ब्लड ग्रुप से जानें कैसी है आपकी पर्सनैलिटी?
क्या ब्लड ग्रुप से किसी इंसान के स्वभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है? जापान में A, B, AB और O ब्लड ग्रुप को पर्सनैलिटी से जोड़ने वाली एक थ्योरी काफी लोकप्रिय है. चलिए जानते हैं इस थ्योरी में अलग-अलग ब्लड ग्रुप वालों के बारे में क्या कहा गया है.
नौकरी महाकुंभ में सीएम योगी ने बांटे नियुक्ति पत्र, अखिलेश पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'नौकरी महाकुंभ' के दूसरे दिन लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. ये नियुक्तियां पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड की सीधी भर्ती 2023 के तहत की गई हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में भारी विसंगतियां थीं और चारों तरफ भाई-भतीजावाद का बोलबाला था, जिससे युवाओं में भारी निराशा थी. उ
राजस्थान में Ashok Gehlot का BJP पर आरोप, निकाय चुनाव में पुलिस का दुरुपयोग कर रही सरकार
राजस्थान में नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर नवनिर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन व अन्य सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में सिर्फ राजस्थान पुलिस को ही नहीं, हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी, प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस-एसीबी के नोटिस और धमकियां, यह सब कम नहीं था कि अब तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला में रोक लिया गया और पूर्व विधायक संदीप यादव को गुड़गांव में बिना किसी कारण हिरासत में ले लिया गया।’’पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जनता द्वारा चुने हुए पार्षदों को पुलिस के दम पर रोकना और बंधक बनाना दिखाता है कि यह चुनाव नहीं, जनता के जनादेश पर खुला कब्जा है।’’नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘तिजारा में नगर निकायों का बोर्ड बनाने के लिए भाजपा इस कदर गिर चुकी है कि जनता द्वारा चुने हुए कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने रात से दादागीरी से रोक रखा है।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस के पार्षदों को बंधक बनाकर चंडीगढ़ के जंगलों में ले जाया गया है। पूर्व विधायक संदीप यादव को सात घंटे तक हरियाणा पुलिस द्वारा रोककर रखा गया।’’जूली ने कहा, ‘‘भाजपा जनादेश में हार चुकी है और अपनी हार की बौखलाहट में प्रदेश और पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस और प्रशासन को आगे कर लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जनादेश को लूटने का ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा।’’राज्य में 273 नगर निकायों में सभापति व अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को चुनाव हो रहा है। पांच निकायों में अध्यक्ष पदों के लिए 25 सितंबर को चुनाव होगा, वहीं 32 निकायों में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।
शशि थरूर के बेटे हुए आग बबूला, हनुमान जी के खिलाफ बोलने वाले अमेरिकी को लताड़ा
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान अमेरिकी पत्रकारिता जगत में जाना माना नाम हैं। हाल ही में उनकी एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें वह हिंदू धर्म पर बयान को लेकर यूजर को लताड़ लगा रहे हैं।
घर में नहीं टिक रहा पैसा? फ्रिज के ऊपर रख दें बस ये 3 चीजें, दूर होगी तंगी
Fridge Vastu:घर में पैसों की तंगी और नेगेटिविटी से हैं परेशान? किचन में रखा फ्रिज बन सकता है गुड लक का जरिया. जानिए वास्तु के वे आसान उपाय, जिन्हें फ्रिज के ऊपर रखने से घर में आती है बरकत और सकारात्मक ऊर्जा.
आईआईटी बॉम्बे प्रशासन पर बढ़ा दवाब: छात्रों की मांगों पर बोर्ड आज करेगा सुनवाई, मांगपत्र में क्या-क्या शामिल? iit-bombay-board-to-hear-pleas-director-signs-18-point-charter-student-suicide-protests-know-whats-in-it
टीएमसी न्यू सिंबल:10 साल का बैन,सिब्बल का तगड़ा प्लान!|ममता के लिए अच्छी खबर | दल बदल कानून
टीएमसी न्यू सिंबल:10 साल का बैन,सिब्बल का तगड़ा प्लान!|ममता के लिए अच्छी खबर | दल बदल कानून
ईरान ने अमेरिका के सामने रखीं 7 शर्तें, न मानने पर दी महायुद्ध की धमकी
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष और तेज हो गया है, वहीं दूसरी तरफ यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की नाक में दम कर रखा है. इस अशांत माहौल के बीच ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 7 बड़ी शर्तें रखी हैं. ईरान की इन शर्तों में उसकी फ्रीज की गई संपत्ति को मुक्त करना, समुद्री नाकेबंदी को खत्म करना और सभी मोर्चों पर जारी जंग को तुरंत रोकना शामिल है. ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि यदि ये मांगें नहीं मानी गईं, तो अमेरिका को एक निर्णायक और विनाशकारी युद्ध के लिए तैयार रहना होगा.
बेंगलुरु में उलझी 13 साल के प्रज्वल की हत्या की गुत्थी! आरोपी की कहानी में झोल
बेंगलुरु में 13 साल के प्रज्वल के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस कत्ल की असली वजह तलाश रही है. UK से लौटे पड़ोसी भास्कर रेड्डी पर 1.5 करोड़ रुपये फिरौती की साजिश का आरोप है. पढ़ें सनसनीखेज कत्ल की कहानी.
ड्रोन और मिलिट्री सिस्टम होंगे सिक्योर, सेना बनाएगी 6 साइबर लैब
भारतीय सेना ड्रोन और सैन्य प्रणालियों में विदेशी बग्स का पता लगाने के लिए छह आश्वस्त साइबर लैब बना रही है. दिल्ली में लैब शुरू हो चुकी है. खासकर चीनी मूल के बग्स से जोखिम कम करने का लक्ष्य है.
सिर्फ 8 घंटे में दिल्ली से बनारस, चलने जा रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन!
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ऐलान हो चुका और पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने भी लगी है. अब दूसरी वंदे भारत ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है, जो दिल्ली से वाराणसी के बीच चलेगी. माना जा रहा है कि दिवाली के मौके पर इसे चालू किया जा सकता है.
राहुल गांधी के कार्यक्रम में पीएम मोदी की मिमिक्री, बढ़ा सियासी विवाद
इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में एक नया सियासी घमासान खड़ा हो गया है. इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि की एंट्री हुई, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री की. इस मिमिक्री के बाद मंच पर राहुल गांधी और कॉमेडियन के बीच हुए संवाद को लेकर अब बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं. बीजेपी का आरोप है कि इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न केवल मजाक उड़ाया गया, बल्कि 'मां' शब्द का इस्तेमाल कर उनका घोर अपमान किया गया है.
IIT बॉम्बे में छात्र की मौत पर बवाल, माता-पिता ने लगाए गंभीर आरोप
मुंबई के प्रसिद्ध संस्थान आईआईटी बॉम्बे में 22 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल रविंद्र वाकुडी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. छात्र का शव शुक्रवार की शाम को हॉस्टल नंबर 4 के उसके कमरे से बरामद किया गया. इस घटना के बाद से कैंपस में हड़कंप मच गया है और छात्रों ने न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
BJP छोड़ने वाले अजय जायसवाल को बसपा ने बनाया घोसी से प्रत्याशी
मऊ की घोसी विधानसभा सीट पर बसपा ने पूर्व भाजपा नेता अजय जायसवाल को अपना प्रभारी प्रत्याशी घोषित कर दिया है. कोपागंज में आयोजित विशाल कार्यकर्ता महासम्मेलन में मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा ने मायावती के निर्देश पर उनके नाम का ऐलान किया. अजय सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय रहे हैं.
अब मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को आगे बढ़ाया, रणनीति पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की सुप्रीमो मायावती के फैसलों ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है. मायावती ने अपने परिवार के सदस्यों को पार्टी संगठन से दूर रखने का एक बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद और भतीजी दीपिका को पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से अलग कर दिया है. हालांकि, इस फैसले के बाद उन्होंने आकाश आनंद के भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया है, जिससे पार्टी के अंदर और बाहर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
इंटरनेट डेस्क। इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान की गई मिमिक्री को लेकर कांग्रेस सांसद ओर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भाजपा के निशाने पर आ गए है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उनपर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी जो मिमिक्री कर रहे हैं, मैं तो ऐसा मानता हूं कि राहुल गांधी को पार्टी को छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन बनना चाहिए। क्योंकि उनकी पार्टी को तो उन्होंने बेरोजगार कर दिया है। भाजपा के निशाने पर आए खबरों की माने तो राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के तौर-तरीकों और सार्वजनिक रूप से उनके पेश आने वाले अंदाज की मिमिक्री की गई थी। परफॉर्मर ने पीएम मोदी की खास हंसी, हाथों के इशारों और लोगों का अभिवादन करने और गले मिलने के तरीके की नकल की। यह एक्ट राहुल गांधी के संबोधन वाले छात्रों पर केंद्रित कार्यक्रम के दौरान हुआ। मिमिक्री करने वाले कलाकार पुलकित मणि थे, जो एक भारतीय स्टैंड-अप कॉमेडियन और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर हैं। रिजिजू ने लिया आड़े हाथ खबरों की माने तो इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा था। किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस की मिमिक्री वाला क्लिप साझा कर लिखा था कि कांग्रेस पार्टी कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं। pc- aaj tak
15 साल का अनुभव, 98 लाख की सैलरी, जारी हुआ नोटिफिकेशन
SBI ने एक बार फिर सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए खास मौके लेकर आई है. डीन, फैकल्टी और मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया. चयनित उम्मीदवारों को 98 लाख रुपये तक का सालाना पैकेज दिया जाएगा.
ताबूत से आ रही थी गुनगुनाने की आवाज... अंदर जिंदा थी महिला!
दो दिन पहले जिस महिला की मौत हो चुकी थी. वह अचानक जिंदा हो गई. रिश्तेदारों ने उसे ताबूत से बाहर निकाला. कुछ घंटे तक फिर से उसकी सांसें चलती रही. एक दिन बाद फिर से उसकी मौत हो गई.
इटैलियन सोफा, वुडेन फ्लोर... लग्जरी चीजों से भरा है गोविंदा का घर
गोविंदा और सुनीता आहूजा का करीब ₹16 करोड़ का मुंबई वाला घर लग्जरी और आस्था का खूबसूरत कॉम्बिनेशन है. घर में इटैलियन सोफे, Versace कैंडल्स, विंटेज लैंप और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाए गए खूबसूरत डेकोरेटिव आइटम्स नजर आते हैं. वहीं वास्तु का खास ध्यान रखते हुए दो तुलसी के पौधे, साईं बाबा की मूर्ति और भव्य मंदिर के लिए भी खास जगह बनाई गई है.
हामिद अंसारी के हिंदू सांप्रदायिकता वाले बयान पर सीएम योगी का पलटवार
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक हालिया बयान ने देश के राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. अंसारी ने जवाहर लाल नेहरू के पुराने बयानों का हवाला देते हुए सांप्रदायिक राजनीति को भारत के लिए एक बड़ा खतरा बताया है. एजी नूरानी की किताब का संदर्भ देते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि नेहरू ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक में यह चेतावनी दी थी कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है. नेहरू की इस टिप्पणी को तत्कालीन विदेश सचिव गुंडविया के रिकॉर्ड में दर्ज होने का दावा किया गया है.
आंध्र प्रदेश में पूरी तरह सूखी चित्रावती नदी, रेत पर ही करना पड़ा बप्पा का 'विसर्जन' - Jagran
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1990 में आई रोमांटिक फिल्म ने रिकॉर्ड बनाया है कि इसके 9 गानों का एल्बम अब तक की सबसे ज्यादा बिकने वाला साउंडट्रैक है.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पोस्टर वार अगले चरण में पहुंच चुका है. आज कई जगहों पर माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी को पोस्टर लगे हैं. निशाने पर अखिलेश यादव हैं.
ममता बनर्जी ने बनाया नहीं, चुरा लिया था 'जोड़ा फूल' का निशान, कौन हैं आरोप लगाने वाले सोमनाथ चौधरी
चित्रकार सोमनाथ चौधरी ने दावा किया है कि उन्होंने अजीत पांजा के कहने पर दो फूल और घास वाला निशान बनाया था। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने उस निशान को चुरा लिया और मुझे कोई क्रेडिट नहीं दिया गया।
घर पर उबटन बनाने का देसी तरीका क्या है? बस इन 4 चीजों से कर लें तैयार, चमक जाएगा चेहरा
आज हम आपको घर पर ही मौजूद चीजों से उबटन बनाने का सही तरीका बताने जा रहे हैं. इसके इस्तेमाल से न केवल त्वचा से धूल-मिट्टी सफा होगी, बल्कि चेहरा भी चमक जाएगा.
बिहार में बाइक से जा रहे लड़का-लड़की से बदसलूकी-बैड टच, Video में दिखी करतूत
बिहार के जमुई में बाइक से जा रहे नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने सड़क पर रोककर कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया. घटना 19 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच की बताई जा रही है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की.
करीना कपूर की दायरा का बॉक्स ऑफिस पर बुरा हाल, डबल डिजिट में आने के लिए तड़प रही बेबो की फिल्म
दायरा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीना कपूर, पृथ्वीराज सुकुमारन और मेघना गुलजार के लिए हौसले बढ़ाने वाला नहीं है. फिल्म पहले वीकेंड में ही डबल डिजिट के आंकड़े को छूने से कोसों दूर नजर आई.
डिवाइडर से टकराकर कार में लगी आग, जाने-माने न्यूरो सर्जन की मौत
तेलंगाना के सूर्यापेट में एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. सूर्यापेट-खम्मम राष्ट्रीय राजमार्ग 365 पर पिल्ला मर्जी के पास एक तेज रफ्तार वोल्वो कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी तुरंत भीषण आग के गोले में तब्दील हो गई. इस दर्दनाक हादसे में कार सवार खम्मम के प्रसिद्ध ममता अस्पताल के जाने-माने न्यूरो सर्जन डॉ. कासाकुर्थी जगदीश की जिंदा जलकर मौत हो गई. हादसे का एक दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है .
'सांप की मौसी' को भगाने का क्या तरीका है? घर से 'बभनी' भगाने के क्या घरेलू उपाय हैं?
How to keep snakes away from home: स्किंक को आम बोलचाल में 'सांप की मौसी' या 'बभनी' कहा जाता है. यह आमतौर पर इंसानों के लिए हानिरहित होती है और कीड़े खाती है. घर से भगाने के लिए सफाई रखें, छिपने की जगह हटाएं और प्रवेश के रास्ते बंद करें.
AI से बना 2.3 लाख करोड़ का मालिक! OpenAI के इस शख्स ने चौंकाया
OpenAI के Co-founder Greg Brockman पहली बार फोर्ब्स 400 में शामिल हुए हैं. उनकी अनुमानित दौलत 25.5 अरब डॉलर यानी करीब 2.3 लाख करोड़ रुपये है. दिलचस्प बात ये है कि ओपनएआई सीईओ सैम ऑल्टमैन की दौलत इससे काफी कम है. आखिर ब्रॉकमैन ने ओपनएआई से इतनी बड़ी दौलत कैसे बनाई और कंपनी में उनकी कितनी हिस्सेदारी है? जानिए पूरी कहानी.
दिल्ली के सरिता विहार में भीषण सड़क हादसा, 4 लोगों की मौत, 3 गंभीर
दिल्ली के सरिता विहार इलाके में एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है. इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. यह हादसा उस समय हुआ जब कुछ लोग सड़क पर ट्रैफिक पुलिस के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम कर रहे थे. मृतकों के परिजनों का कहना है कि काम के दौरान उनके पास कोई सेफ्टी कवच या सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं था. हादसे के बाद घटना स्थल पर भारी अफरा-तफरी मच गई. सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
Mysaa Teaser: रश्मिका मंदाना की आने वाली फिल्म 'मायसा' को लेकर फैंस के बीच काफी समय से उत्सुकता बनी हुई है. एक्शन और थ्रिल से भरपूर इस फिल्म में वह एक आदिवासी गोंड लड़की का किरदार निभा रही हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संग चुनाव के नतीजों में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI को बड़ा झटका लगा है. चार सीटों में से एक भी सीट NSUI को नहीं मिली. जिसमें टिकट वितरण एक बड़ी कमी के रूप में सामने आया है.
800 सालों की अटूट आस्था: सहारनपुर में शुरू हुआ ऐतिहासिक छड़ी मेला
सहारनपुर में गंगोह रोड स्थित म्हाड़ी पर श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज का 800 साल पुराना ऐतिहासिक छड़ी मेला धूमधाम से आयोजित हो रहा है. तीन दिवसीय इस मेले में श्रद्धालु नीले झंडे और 26 छड़ियों के साथ निशान चढ़ाकर मन्नतें मांग रहे हैं. सुरक्षा के लिए प्रशासन ने सीसीटीवी और पुलिस बल तैनात किया है.
यूक्रेन ने मॉस्को पर दागे 1000 से ज्यादा ड्रोन, रिफाइनरी में मची भीषण तबाही
रूस में जारी संसदीय चुनाव के आखिरी दिन यूक्रेन ने मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है. यूक्रेन की तरफ से किए गए इस ताबड़तोड़ हमले में रूस पर एक हजार से भी ज्यादा ड्रोन और पेलिकन बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं. इस भीषण हमले का मुख्य निशाना मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी थी, जहां ड्रोन गिरने के बाद भीषण आग लग गई और भारी नुकसान की खबर है. रूसी अधिकारियों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों और क्रीमिया क्षेत्र में करीब 1100 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया गया है.
भारत ने जड़ा मेडल का 'सिक्सर', हिमांशु को सिल्वर, रुद्रांक्ष भी छाए
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शूटिंग में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है. मेन्स 10 मीटर एयर राइफल इंडिविजुअल इवेंट में हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक तालिका में इजाफा किया है. चीन के शेंग लिहाओ ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया. हिमांशु ने 252.4 अंक, जबकि रुद्रांक्ष ने 230.9 अंक हासिल किए.
ट्रायल पूरा हुआ... अब सीमाओं पर तैनात होगा दुश्मनों का 'काल'
आईजी डिफेंस द्वारा विकसित KAL लंबी दूरी के वन-वे अटैक ड्रोन ने पोखरण में सफल परीक्षण पूरा किया. यह 1000 किलोमीटर रेंज वाला ड्रोन भारत की स्वदेशी स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करता है.
राजस्थान के इतिहास में पहली बार आधी रात खुला हाईकोर्ट, पार्षदों की गिरफ्तारी पर रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने बीकानेर मेयर चुनाव से पहले नव निर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. रविवार देर रात करीब 12 बजे हाईकोर्ट में विशेष सुनवाई हुई, जिसमें करीब दो माह पुरानी FIR से जुड़े मामले में यह राहत दी गई.
मिनटों में बनाएं फाइबर-प्रोटीन से भरपूर ये हरा सूप, देखें रेसिपी वीडियो
थकान के बाद भारी खाना नहीं, कुछ हल्का पीने का मन है? घर पर बनाएं गरमागरम हरा मूंग दाल सूप, जो टेस्टी होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है.
जब मणिपुर भारत के साथ जुड़ा, कभी था एक स्वतंत्र रियासत
आज के दिन ही मणिपुर भारत का एक अहम हिस्सा बना था. इससे पहले यह एक स्वतंत्र रियासत था. चलिए जानते हैं क्या है मणिपुर का इतिहास और भारत में शामिल होने की कहानी.
मनीष सिसोदिया को डेटा मिसमैच तो जयशंकर को 'अनमैप्ड' का अलर्ट... SIR में VIPs को क्यों आ रहे नोटिस?
दिल्ली में SIR के दौरान कई बड़े नेताओं, अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को वोटर रिकॉर्ड में गड़बड़ी या पुराने रिकॉर्ड से लिंक नहीं होने के चलते नोटिस मिले हैं. जानिए किसे किस वजह से नोटिस मिला और इसका मतलब क्या है.
'दिन में दो-चार बार बीवी से बोलें Love You', ओवैसी का दिखा लव गुरु अवतार
कानपुर में रैली के दौरान असदुद्दीन ओवैसी का अनोखा 'लव गुरु' अवतार देखने को मिला, जहां उन्होंने पुरुषों को सुबह-शाम बीवी से प्यार जताने की सलाह दी. इसके साथ ही उन्होंने 'आई लव मोहम्मद' का नारा लगवाते हुए यूपी चुनाव 2027 के लिए सपा को गठबंधन का अल्टीमेटम भी दे दिया.
हैदराबाद लिफ्ट हॉरर : 90 मिनट तक दीवार-लिफ्ट के बीच फंसा रहा शख्स, पैरों में हुआ फैक्चर
हैदराबाद में एक शख्स ने अपनी पत्नी के साथ दूसरी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट ली, लेकिन जैसे ही वह उतरने लगा तो लिफ्ट अपने आप चलने लगी, जिसकी वजह से शख्स दीवार और लिफ्ट के बीच फंस गया. वह शख्स 90 मिनट तक वहां फंसा रहा, उसे देखने वालों की भी सांसें अटकी रहीं, लेकिन गनीमत ये रही कि उसे बचा लिया गया.
चित्रा नक्षत्र में एक्टिवेट हुए बुध, 4 राशियां रखें फूंक फूंककर कदम!
Budh Nakshatra Parivartan 2026: बुद्धि व व्यापार के कारक बुध देव आज मंगल के स्वामित्व वाले चित्रा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं और 1 अक्टूबर 2026 की सुबह तक यहीं रहेंगे. ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, यह परिवर्तन रिश्तों और वाणी में कड़वाहट ला सकता है. तो आइए जानते हैं कि किन राशियों को सतर्क रहना होगा.

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