एसी, TV से वाशिंग मशीन तक होंगे महंगे, 1 अक्टूबर से 8% बढ़ सकते हैं दाम!
1st October Price Hike: त्योहारी सीजन में टीवी, एसी, वाशिंग मशीन, फ्रिज खरीदना महंगा होने वाला है. एलजी से लेकर गोदरेज, ब्यू स्टार समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों ने कीमतों में इजाफा करने की पुष्टि की है.
'हमने 24 में हराया था, 27 में भी हराएंगे', अखिलेश का BJP पर निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने 24 में उन्हें हराया था, 27 में भी हराएंगे. साथ ही सपा प्रमुख ने खिलाड़ियों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यूपी में सरकार बनने पर खिलाड़ियों और कलाकारों को 21 लाख रुपये की सम्मान राशि और 50 हजार रुपये मासिक दिए जाएंगे.
कोई मिग-23 पर चढ़ गया, कई छात्र सेना के टैंक पर; LPU में हंगामे के दौरान क्या-क्या हुआ
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला और कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
'VFX नहीं आस्था जरूरी', रणबीर की रामायण पर मुकेश खन्ना का वार
4000 करोड़ वाली रामायण में रणबीर कपूर के राम बनने पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं. इसमें से अब मुकेश खन्ना भी एक हैं. उन्होंने हाल ही में रामायण फिल्म के चित्रण और रणबीर की कास्टिंग पर सवाल उठाए हैं.
तेलंगाना में कांग्रेस को तगड़ा झटका, कई सीनियर नेताओं ने छोड़ी पार्टी; आखिर क्या वजह?
केटीआर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकाल को तीन साल पूरे होने वाले हैं औरै और इस दौरान दमन का सहारा लिया जा रहा है। हैदराबाद में संगीत और डीजे पर पाबंदियों का जिक्र करते हुए उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
ज्ञानेश कुमार नहीं...किसी और मुद्दे को लेकर दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को लिखी थी चिट्ठी!
यह जानकारी चुनाव आयोग के शनिवार को जारी उस स्पष्टीकरण के ठीक एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें आयोग ने कहा था कि इस पत्र का चुनाव आयोग के किसी नीतिगत फैसले या IT डिवीजन से कोई लेना-देना नहीं था।
जयपुर मेट्रो में पहली बार बैठी रूसी महिला, बोली- ‘दुबई मेट्रो जैसी है’
पहली बार जयपुर मेट्रो में सफर करने वाली रूसी महिला स्टेशन और प्लेटफॉर्म देखकर इतनी इंप्रेस हुई कि उसने इसे 10 में 10 नंबर दे दिए
संतरा खाकर फेंक देते हैं छिलके? इकट्ठा कर इन 7 कामों में करें यूज
Orange Peel Uses: अगर आप भी संतरा खाकर उसके छिलके फेंक देते हैं तो आज हम आपको इसके ऐसे फायदे और इस्तेमाल बताएंगे कि आप दोबारा इन्हें फेंकने की गलती नहीं करेंगे.
पुलिस ने कोयंबटूर के पास डेली जांच के दौरान एक कार को रोका था। पुलिसकर्मियों ने कार के पीछे कई बोरियां रखी देखीं, जिसके बाद उन्हें शक हुआ। जब एक सब-इंस्पेक्टर बोरियों की जांच करने के लिए आगे बढ़ा, तो तीनों संदिग्धों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को धक्का दिया
'मन की बात' में सर्जिकल स्ट्राइक और जनगणना पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया. इस संबोधन में उन्होंने देश की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर चर्चा की. पीएम मोदी ने बताया कि 28-29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के अब 10 साल पूरे होने जा रहे हैं.
कूटनीति से राजनीति तक: जानिए विदेश मंत्री एस जयशंकर के सफर की पूरी कहानी
एस जयशंकर भारत के एक ऐसे विदेश मंत्री हैं जिन्होंने वैश्विक कूटनीति में देश की आवाज को बेहद मजबूत किया है. इस विशेष कार्यक्रम में उनके कूटनीतिक और राजनीतिक सफर की पूरी कहानी को जानेंगे. करीब चार दशकों तक एक कुशल राजनयिक के तौर पर काम करने वाले एस जयशंकर ने चीन से लेकर अमेरिका तक भारत की कूटनीति का नेतृत्व किया है. देखें कहानी .
भाजपा से कांग्रेस और अब लेफ्ट... ममता बनर्जी की बदलती राजनीति के पीछे क्या है सियासी रणनीति?
ममता बनर्जी पहले भाजपा सरकार में मंत्री रहीं, फिर कांग्रेस के साथ सरकार में गईं। अब बंगाल में अपने पुराने दुश्मन लेफ्ट से बात कर रही हैं। सीपीआई(एम) महासचिव एमए बेबी के पत्र के बाद दोनों ने फोन पर बात की। मुद्दा चुनाव आयोग और एसआईआर पर विपक्ष को एक करना है।
देश की पहली LNG ट्रेन, डुअल-फ्यूल सिस्टम से लैस, देखें झलक
India's First LNG Train: गृहमंत्री अमित शाह ने देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है. हाइड्रोजन ट्रेन के बाद अब LNG Train रेलवे के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
21 साल में कमा लिए 2.64 करोड़ रुपये, शौक को बनाया बिजनेस
21 साल की उम्र में एक ओर बच्चे यही नहीं सोच पाते हैं कि उन्हें आगे क्या पढ़ाई करनी है, वहीं एक लड़के ने 2.64 करोड़ का बिजनेस खड़ा कर दिया है. उनकी इस जर्नी के बारे में जानकर हर कोई हैरान हो गया है.
विश्व पर्यटन दिवस 2026: AI और डिजिटल तकनीक के दौर में भारत में पर्यटन का बदलता स्वरूप
विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए पर्यटन को नया स्वरूप देने पर केंद्रित है। भारत में ऑनलाइन बुकिंग, यात्रा योजना, स्थानीय सेवाओं की खोज और पर्यटन स्थलों के प्रबंधन में तकनीक की भूमिका बढ़ रही है। आधिकारिक वैश्विक समारोह की मेजबानी अल सल्वाडोर कर रहा है।
साध्वी से बोल्ड हुईं ममता कुलकर्णी, जमकर मटकाई कमर
जयपुर में आयोजित राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में ममता कुलकर्णी अपने पुराने ग्लैमरस अवतार में नजर आईं. संन्यास और आध्यात्मिक रूप के बाद वेस्टर्न आउटफिट में ममता ने अपनी सुपरहिट फिल्मों के गानों पर जमकर डांस किया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
जयपुर में पुजारी को पीटा, कपड़े तक फाड़ डाले; कैमरे में कैद हुई करतूत
Jaipur Temple Pujari Assault Case: जयपुर के करधनी में साउंड की आवाज को लेकर विवाद के बाद 63 साल के पुजारी से मारपीट. CCTV में कैद हुई घटना, पुलिस ने पिता-पुत्र को लिया हिरासत में. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.
'बस आधे घंटे मेरे साथ रहो...', कोहली ने खोला ड्रेसिंग रूम का राज
विराट कोहली ने एक बार कपिल शर्मा के शो में ईशांत शर्मा की नकल कर सबको जमकर हंसाया था. उन्होंने ईशांत के बात करने के स्टाइल और उनके हाव-भाव की शानदार नकल करके दिखाया था. इन दिनों विराट कोहली का एक और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
बारिश, बेबसी और बुझे चूल्हे... महोबा में सड़क पर चल रही नाव
यूपी में महोबा के बीजा नगर में सड़क पर नाव चल रही है, घरों में पानी घुसा है और चूल्हों की आग बुझ चुकी है. जिला मुख्यालय 2 किलोमीटर दूर है, लेकिन रास्ता ऐसा कि पैदल निकलें तो कमर तक पानी है. 38 घंटे की बारिश ने सिर्फ गांव को नहीं डुबोया, लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी रोक दी. ये कहानी है उस गांव की, जहां बारिश थम गई... लेकिन बेबसी अब भी है.
Eknath Shinde ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- चुनाव हारने पर ही EVM और EC पर सवाल उठाती है कांग्रेस
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो वह निर्वाचन आयोग पर हमला नहीं करती। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की घटक शिवसेना के प्रमुख शिंदे ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव हारने के बाद ही निर्वाचन आयोग और ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। उपमुख्यमंत्री की यह टिप्पणी कांग्रेस और कई अन्य दलों तथा संगठनों की ओर से कुमार को हटाने की मांग के बीच आई है। यह मांग ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की हालिया जांच रिपोर्ट के बाद उठी, जिसमें दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से निर्वाचन आयोग के निपटने के तरीके पर औपचारिक आपत्ति जताई थी। शिंदे ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। जब कांग्रेस तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और केरल में चुनाव जीतती है, तो विपक्ष निर्वाचन आयोग पर कोई टिप्पणी नहीं करता।’’उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग के खिलाफ केवल तब टिप्पणी करते हैं, जब फैसले उनके पक्ष में नहीं होते। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ईवीएम की शुरुआत कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने नियमों में संशोधन कराया था और निर्वाचन आयोग को सुझाव दिया था कि चुनाव ईवीएम के जरिए कराए जाएं। शिंदे ने कहा कि हर गलत काम की जांच की जाएगी और इस बात पर जोर दिया कि वह किसी के समर्थन में बात नहीं कर रहे हैं।
Thailand के गणेश भक्त पंथौन थीरखानोन की पीएम मोदी ने की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में थाईलैंड के ‘गणेश भक्त’ पंथौन थीरखानोन की प्रशंसा की। पीएम मोदी ने उनकी गणेश भक्ति का जिक्र करते हुए बताया कि उनके प्रयासों से थाईलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है। पीएम मोदी ने कहा कि इस महीने देशभर में लोगों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ गणेश उत्सव मनाया। हर जगह भक्तिभाव से गणपति बप्पा का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि यह पावन अवसर पूरे वातावरण को उमंग और उल्लास से भर देता है। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में क्या कहा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश ज्ञान, बुद्धि और शुभ कार्यों की शुरुआत के प्रतीक हैं। उनके प्रति गहरी श्रद्धा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी है। थाईलैंड के पंथौन थीरखानोन का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि थाईलैंड में भगवान श्री गणेश की पूजा ‘फ्रा फिकानेत’ के रूप में की जाती है। जब पंथौन थीरखानोन 19 साल के थे, तब उनके पिता ने उन्हें भगवान श्री गणेश की एक तस्वीर भेंट की थी। पीएम मोदी के अनुसार, यहीं से उनके मन में भगवान गणेश के प्रति गहरी भक्ति जागी। भगवान श्री गणेश के प्रति आस्था भारत से भी आगे तक फैली हुई है... थाईलैंड के गणेश हिमाल म्यूज़ियम में गणेश जी की 10,000 से ज़्यादा मूर्तियां हैं, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती हैं। मेरी कामना है कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी पर हमेशा बना रहे। - पीएम… pic.twitter.com/XjxVdr6jWe — BJP (@BJP4India) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: जनगणना, 9/11 और सर्जिकल स्ट्राइक... Mann Ki Baat में PM Modi ने इन मुद्दों पर की बात चार दशक से ज्यादा समय से कर रहे अध्ययन पीएम मोदी ने बताया कि पंथौन थीरखानोन भगवान श्री गणेश से जुड़ी परंपराओं के अध्ययन में चार दशक से भी ज्यादा समय बिता चुके हैं। उन्होंने भारत और नेपाल समेत एशिया के कई देशों की यात्रा की है। महाराष्ट्र से उनका विशेष लगाव रहा है। अष्टविनायक परंपरा के बारे में जानने के बाद वे कई बार महाराष्ट्र आ चुके हैं। पीएम मोदी ने कहा कि उनके प्रयासों से थाईलैंड के श्रद्धालुओं के बीच भी अष्टविनायक यात्रा लोकप्रिय हो चुकी है। थाईलैंड में बनाया गणेश संग्रहालय प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2002 में पंथौन थीरखानोन ने उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम की स्थापना की थी। आज इस संग्रहालय में 10 हजार से ज्यादा गणेश प्रतिमाएं हैं। इसे भी पढ़ें: Rajeev Chandrasekhar का राहुल गांधी पर हमला, पीएम मोदी और चुनाव आयोग से माफी की मांग की भारत नहीं आ पाने वाले भक्तों के लिए भी अष्टविनायक प्रतिमाएं पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में बताया कि इस संग्रहालय में उन भक्तों के लिए अष्टविनायक की प्रतिमाएं भी मौजूद हैं, जो भारत नहीं आ सकते। यहां हर रविवार सुबह करीब 10 बजे गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है। गणपति से जुड़े खास मौकों पर भी यहां अनुष्ठान होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिखाता है कि भारत की आस्था, कला और सांस्कृतिक परंपराएं दूसरे देशों में भी लोकप्रिय हो रही हैं। अंत में पीएम मोदी ने देशवासियों के लिए कामना की कि गणपति बप्पा का आशीर्वाद सभी पर हमेशा बना रहे।
300 किलो गुटखा, भागती कार, छत पर पुलिसवाला, 40 KM तक चला खतरनाक पीछा
पुलिस ने गुटखा तस्करी के आरोपियों को पकड़ने के लिए कोयंबटूर में 40 किलोमीटर तक कार का पीछा किया. हेड कॉन्स्टेबल वेलमुरुगन ने कार की छत पर चढ़कर बहादुरी दिखाई. पुलिस ने 300 किलो गुटखा और प्रतिबंधित तंबाकू जब्त कर लिया है. घटना सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रही है.
व्यंजन: याद आने लगे भूले-बिसरे स्वाद
तहलका ब्यूरो भारत की पाक विरासत का वर्णन अक्सर उसके मशहूर व्यंजनों के जरिए किया जाता है- समृद्ध ग्रेवी, त्योहारों की मिठाइयां, विस्तृत थालियां और चर्चित स्ट्रीट फूड। लेकिन देश की कुछ सबसे पौष्टिक खाद्य परंपराएं अब भी चर्चा के केंद्र से बाहर रही हैं। ‘मिलेट आधारितह्ण, ‘प्लांट-फॉरवर्ड’ और ‘मौसमी भोजन’ जैसे शब्द प्रचलन में […]
बेटी दिवस 2026: डर के रास्तों से विश्व मंच तक, अपनी पहचान खुद लिख रही हैं बेटियां
बेटी दिवस पर यह रिपोर्ट दिल्ली की छात्राओं की सुरक्षित रास्तों की मांग से लेकर भारतीय महिलाओं की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों तक की कहानी रखती है। सवाल यह है कि शिक्षा, रोजगार और खेल में आगे बढ़ती बेटियों को सार्वजनिक जीवन में समान सुरक्षा और अवसर कब मिलेंगे।
Election Commission पर सवाल उठाकर हार छिपा रही कांग्रेस, CM Bhajan Lal Sharma का आरोप
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कांग्रेस पर चुनावी हार छिपाने के लिए निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को गंभीर आरोप लगाने से पहले आरोपों के समर्थन में तथ्य और दस्तावेज पेश करने चाहिए। भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल पिछले चार-पांच दिन से निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाकर अपनी चुनावी हार छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते समय दावों का आधार स्पष्ट होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग में कथित मतभेद का क्या प्रमाण है और कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को एसआईआर से जोड़ने का आधार क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आयोग में मतभेद का ‘‘झूठा माहौल’’ बनाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की। शर्मा ने निर्वाचन आयोग के शनिवार के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर शुरू करने का आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था और उच्चतम न्यायालय ने भी इसे बरकरार रखा था। उन्होंने कहा कि आयोग ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट सचिव को भेजा गया पत्र किसी नीतिगत मामले से नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक अधिकारी के कामकाज से संबंधित था। उन्होंने कांग्रेस से एसआईआर और फार्म-6 को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा। शर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए कदम उठाए हैं और ऐसे लोग निरंतर अद्यतन प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद तथ्यहीन आरोप लगाती है और अपनी जिम्मेदारी तय करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को आरोप लगाने के साथ उनके तथ्य और आधार भी सामने रखने चाहिए।
केजरीवाल से मिले CPI(M) महासचिव एमए बेबी, EC के मुद्दे पर मांगा साथ
CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद पर चर्चा की.
इतिहास रचने से चूकीं अनाहत, मलेशियाई प्लेयर ने तोड़ा दिल
एशियन गेम्स 2026 के महिला स्क्वैश सिंगल्स फाइनल में अनाहत सिंह को मलेशिया की शिवसंगारी सुब्रमण्यम ने 3-0 से हरा दिया है. अनाहत ने सिल्वर मेडल जीता है.
200 की डिश, 50% OFF का ऑफर... फिर फूड ऐप्स का बिल इतना ज्यादा कैसे?
फूड डिलीवरी ऐप पर बड़ा डिस्काउंट देखकर अक्सर लगता है कि खाना सस्ते में मिल रहा है. लेकिन कई बार ऑफर के बाद भी फाइनल बिल उम्मीद से ज्यादा हो सकता है. आखिर 50% ऑफ के बावजूद खाना महंगा कैसे पड़ जाता है? समझिए पूरा गणित.
वर्तमान में इस क्षेत्र के लगभग 32 रिहाइशी मकान, चार सरकारी आवासीय परिसर और कई अन्य कच्चे व अर्ध-पक्के ढांचे पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
250 से शुरू किया काम, होने लगी कमाई... मां का सहारा बन रहीं बेटियां
एक के हाथ में क्रोशिया की सुई है, दूसरी रिबन से फूल बना रही है. सामने कोई बड़ी दुकान नहीं, न लाखों का निवेश... बस घर में रखा सामान, थोड़ा हुनर और अपने पैरों पर खड़े होने की जिद... सहारनपुर की आयुषी धीमान ने सिर्फ 250 रुपये से क्रोशिया का काम शुरू किया. बहन ने घर में पड़े रिबन से अपना काम खड़ा कर लिया. पिता के बाद बेटियां मां का सहारा बनने की कोशिश कर रही हैं.
स्टेट वॉच — गोवा: कानून जो अपनों के विरोध से ही रुका
तहलका ब्यूरो 25 अगस्त को गोवा की बीजेपी सरकार ने एक फैसला लिया जो राज्य के लिए असामान्य था। मंत्रिमंडल ने ‘गोवा प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्ज़न ऑफ रिलीजन बिल, 2026’ को मंजूरी दे दी — एक ऐसा कानून जो जबरदस्ती, लालच, धोखे या शादी के जरिए कराए गए धर्म-परिवर्तन पर उम्र-कैद तक की सजा का […]
यूपी से बिहार तक बारिश से हाहाकार, घरों में घुसा नदी का पानी, बाढ़ जैसे हालात
पूर्वी और मध्य भारत में पिछले 48 घंटों से भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है. बिहार और छत्तीसगढ़ में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से हालात बिगड़े हैं. वहीं, उत्तराखंड में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है.
'27 लाख नाम कटने के लिए ममता जिम्मेदार', SIR विवाद पर CM शुभेंदु का दावा
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने SIR में 27 लाख नाम कटने के लिए ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया है. अधिकारी ने ममता पर आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद वो अपनी नाकामियों का दोष दूसरों पर मड़ रही हैं.
Amit Shah ने रवाना की देश की पहली LNG Train, 1,500 करोड़ से ज्यादा की रेल परियोजनाओं का शुभारंभ
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन से देश की पहली एलएनजी से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान साबरमती डिवीजन की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और शुभारंभ भी किया गया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इन परियोजनाओं में डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव रखरखाव शेड, स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली, कवच सुरक्षा प्रणाली और साबरमती-सरखेज रेल लाइन का दोहरीकरण शामिल है। अमित शाह ने इस दौरान रेलवे के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और नई तकनीक के इस्तेमाल पर भी बात की। साबरमती स्टेशन के बदलाव पर बोले अमित शाह अमित शाह ने कहा कि दिल्ली से यात्रा करते समय वह कई बार साबरमती रेलवे स्टेशन पर उतर चुके हैं। लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने रेलवे के अधिकारियों और पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा, “साबरमती रेलवे डिवीजन से लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव तक पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई। इतने लंबे समय बाद साबरमती स्टेशन को इस रूप में देखना बेहद खास है।” इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र में SIR के बाद 3 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की आशंका, Rohit Pawar का आरोप 700 करोड़ रुपये से बना डब्ल्यूएजी-12 रखरखाव शेड अमित शाह ने बताया कि करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से साबरमती में डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव रखरखाव शेड तैयार किया गया है। यह शेड 300 डब्ल्यूएजी-12 उच्च क्षमता वाले बिजली से चलने वाले रेल इंजनों के रखरखाव के लिए बनाया गया है। डब्ल्यूएजी-12 इंजन करीब 12,000 हॉर्स पावर की क्षमता वाला है और भारी तथा लंबी मालगाड़ियों को चलाने के लिए बनाया गया है। अमित शाह ने इसे रेलवे के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। माल ढुलाई में बढ़ेगी क्षमता अमित शाह ने कहा कि डब्ल्यूएजी-12 इंजन भारी मात्रा में माल ढोने में सक्षम है। उनके अनुसार, एक डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव करीब 600 ट्रकों के बराबर माल ढोने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि पहले भारी माल ढुलाई के लिए दो लोकोमोटिव लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव यह काम कर सकता है। कवच और सिग्नलिंग से जुड़े काम साबरमती से जुड़े रेलखंडों पर कवच और स्वचालित सिग्नलिंग से जुड़े काम भी परियोजनाओं का हिस्सा हैं। अहमदाबाद-पालनपुर और अहमदाबाद-सामाखियाली रेलखंड पर करीब 404 किलोमीटर के हिस्से में कवच प्रणाली लगाने की योजना है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 411 करोड़ रुपये है। वहीं, साबरमती-कलोल-भांडू मोटीदाऊ और साबरमती-साणंद-जखवाड़ा रेलखंड पर 122.57 किलोमीटर में स्वचालित ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू की गई है। इसकी लागत करीब 118.83 करोड़ रुपये बताई गई है। यह प्रणाली ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। इसे भी पढ़ें: बंगाल में 27 लाख नाम हटने पर Election Commission का बचाव, सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को घेरा साबरमती-सरखेज रेल लाइन का होगा दोहरीकरण अमित शाह ने साबरमती-सरखेज रेल लाइन के दोहरीकरण का भी जिक्र किया। करीब 313.27 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना 21 किलोमीटर लंबे रेलखंड से जुड़ी है और इसे मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस परियोजना में साबरमती, गांधीग्राम, वस्त्रापुर और सरखेज स्टेशनों से जुड़े काम के साथ पुलों और सड़क के नीचे से गुजरने वाले रास्तों से जुड़े काम भी शामिल हैं। देश की पहली एलएनजी से चलने वाली ट्रेन शुरू अमित शाह ने देश की पहली एलएनजी आधारित ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन में डीजल और एलएनजी, दोनों से चलने वाली प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है। साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो की दो 1,400 हॉर्स पावर वाली ड्राइविंग पावर कारों में यह प्रणाली लगाई गई है। इसमें एलएनजी करीब 40 प्रतिशत तक डीजल की जगह ले सकती है। अमित शाह ने रेलवे में वैकल्पिक ईंधन और नई तकनीक के इस्तेमाल को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस पहल से ईंधन की लागत और कुछ प्रदूषक उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे में नई तकनीक पर जोर अमित शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद रेलवे में कई नई सुविधाएं और तकनीकें लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ सुरक्षा, माल ढुलाई और यात्री सुविधाओं से जुड़े कामों पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई परियोजनाओं और आधुनिक तकनीक के जरिए रेलवे को अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सिपाही को दिया धक्का, फिर नदी में कूदकर फरार हो गया बदमाश- VIDEO
बिहार के भागलपुर में आर्म्स एक्ट के आरोपी संतोष यादव के पुलिस को चकमा देकर चांदन नदी में छलांग लगाने का वीडियो वायरल हो रहा है. 25 सितंबर को जगदीशपुर पुलिस ने सैदपुर घाट के पास उसे देसी कट्टा और कारतूस के साथ पकड़ा था.
100 फीट लंबा, 308 पहिये, 2 करोड़ का डीजल... 'बाहुबली' ट्रक के काफिले की देशभर में हो रही चर्चा
बेल्जियम से आई 200 टन की चीनी मिल मशीन ले जा रहा बाहुबली ट्रक दिन में 10 से 20 किमी ही चलता है। अब तक 2 करोड़ का डीजल खर्च हो चुका है।
6 महीने जेल, फायरिंग में 4 मौतें... सोनम वांगचुक ने एक साल बाद मांगा जवाब
पर्यावरण एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने लेह में हुई फायरिंग की न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मृतकों के परिवारों को अधिक मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने अपनी हिरासत और लद्दाख में दर्ज आपराधिक मामलों पर भी सवाल उठाए.
पहाड़ों में अकेले घूमने का है शौक? ये 5 जगहें रहेंगी आपके लिए बेस्ट
Best Hill Stations for Solo Travel: अगर आप अकेले घूमने का प्लान बना रहे हैं तो भारत में कई ऐसी पहाड़ी जगहें हैं, जहां आप प्रकृति के करीब समय बिता सकते हैं. यहां खूबसूरत झरनों से लेकर ट्रेकिंग और शांत माहौल तक, सोलो ट्रैवलर्स के लिए काफी कुछ है.
अब अभिजीत दीपके ने असम CM हिमंत को दिया चैलेंज, अगर आशुतोष रांका को नहीं छोड़ा तो...
आशुतोष रांका और उनकी टीम को गुवाहाटी में हिरासत में लिया गया है। इस पर कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके भड़क गए। उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा को चैलेंज तक दे डाला कि वह उन सबको गिरफ्तार करें।
5, 8 या 11? घर में कितनी सीढ़ियां होना माना जाता है शुभ
Vastu Tips: घर में सीढ़ियों की संख्या का वास्तु में खास महत्व माना जाता है. जानें 5, 8 या 11 में से कितनी सीढ़ियां शुभ मानी जाती हैं और सीढ़ियों से जुड़े जरूरी वास्तु नियम
सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने से पर्यावरण तक...देखें 'मन की बात' में PM का संबोधन
पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात’ के 138वें एपिसोड को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के 10 साल पूरे होने का जिक्र किया. पीएम ने साथ ही आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, जनगणना से लेकर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर जोर दिया. देखें पीएम मोदी का पूरा संबोधन।
महाराष्ट्र में SIR के बाद 3 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की आशंका, Rohit Pawar का आरोप
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने रविवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हटाए गए मतदाताओं की संख्या मौजूदा 2.07 करोड़ से बढ़कर करीब तीन करोड़ तक पहुंच सकती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए पवार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले निर्वाचन क्षेत्रों के स्तर पर इस्तेमाल की जाने वाली चुनावी शक्तियों को अब निर्वाचन आयोग के पास केंद्रीकृत कर दिया गया है, जिससे दिल्ली से मतदाताओं के नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं। पवार ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के बजाय ‘‘टेबल सर्वे’’ किया और जानकारी भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से दी जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि पुणे, नासिक और ठाणे में ऐसे मामले सामने आए हैं और चुनाव अधिकारियों को शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाया। पवार ने कहा, ‘‘जांच के दायरे में आए 1.22 करोड़ मतदाताओं में से कुछ लोगों को निश्चित रूप से अयोग्य ठहराया जाएगा और हटाए गए 2.07 करोड़ मतदाताओं की संख्या और बढ़ सकती है तथा यह तीन करोड़ तक भी पहुंच सकती है।’’एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में 9.78 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जबकि प्रक्रिया के दौरान 2.07 करोड़ मतदाताओं से जुड़े गणना फॉर्म एकत्र नहीं हो सके। अधिकारियों ने ऐसे मामलों का कारण मतदाताओं की मृत्यु, उनका पता नहीं चल पाना, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो जाना या एक से अधिक प्रविष्टियां होना बताया है। पवार ने दावा किया कि बड़ी संख्या में बाहर किए गए या सत्यापित नहीं हो सके मतदाताओं ने चिंता पैदा की है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड की जांच के दायरे में आए 1.22 करोड़ मतदाताओं में से भी बड़ी संख्या में लोगों के नाम अंततः मतदाता सूची से बाहर किए जा सकते हैं। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद भी मतदाता रिकॉर्ड में गलतियां बनी हुई हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में जीवित लोगों को मृत दिखाया गया है और कुछ मतदाता रिकॉर्ड में तस्वीर तथा लैंगिक विवरण मेल नहीं खाते। उन्होंने दावा किया कि जारी एसआईआर प्रक्रिया और परिसीमन संविधान तथा लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से मतदान के अधिकार और आरक्षण की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण चारधाम यात्रा रोक दी गई है। रुद्रप्रयाग में करीब 4000 यात्री फंसे हैं और कई जिलों में रेड-अलर्ट जारी है।
हमास का दरिंदा... 3 साल पहले महिलाओं का अपहरण कर भागा, अब इजरायल ने किया ढेर
इजरायली सेना और शिन बेट ने गाजा में एक व्यक्ति को मार गिराया. आरोप है कि वह 7 अक्टूबर के हमले में नोआ अर्गमनी और अविनतन ओर के अपहरण में शामिल था. नुसेरात में हुए हमले में वह मारा गया.
सिराज OUT, नमन धीर IN... टीम इंडिया की प्लेइंग-11 ने चौंकाया
नमन धीर के लिए यह मौका काफी खास है. घरेलू क्रिकेट और IPL में प्रभाव छोड़ने के बाद अब उन्हें भारतीय टीम की जर्सी में खुद को साबित करने का मौका मिला है. उनकी गेंद और बल्ले दोनों से भूमिका अहम हो सकती है.
आतंकवाद के खिलाफ हर जवाब के लिए तैयार भारत, राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को दिया सख्त संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के खिलाफ जवाब देने के लिए तैयार है। जानें उनका पूरा बयान।
परिदृश्य/ झारखंड – बिहार वर्ष 2000 की एक ठंडी नवंबरी शाम, जब झारखंड ने बिहार से अपनी अलग पहचान बनाई, तो दोनों के बीच बंटवारे में घर, जमीन, खनिज और नौकरियां बंटीं लेकिन एक चीज अधूरी रह गई: सोन नदी का पानी। अगले 25 साल तक यही अधूरापन दो भाई राज्यों के बीच की सबसे […]
DRI का बड़ा एक्शन, 475 करोड़ के 318 किलो सोने की तस्करी का खुलासा
मुंबई DRI ने 'ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट' के तहत 475 करोड़ रुपये के 318 किलो सोने की तस्करी का खुलासा किया है. मामले में 11 आरोपी गिरफ्तार और 6.61 किलो सोना बरामद हुआ है. पढ़ें इस खास ऑपरेशन की पूरी कहानी.
नेपाल के पानी से डरने की जरूरत नहीं! बिहार का जल संसाधन विभाग दे रहा गारंटी
बिहार में हर साल मानसून के दौरान नेपाल से आने वाली नदियों के पानी और उससे पैदा होने वाली बाढ़ की विभीषण स्थिति से हर कोई वाकिफ है। उत्तर बिहार के लाखों लोग हर साल बाढ़ के तांडव और अपनी उपजाऊ जमीन के कटाव का दर्द झेलते हैं। लेकिन इस बार राज्य के जल संसाधन विभाग ने एक बहुत बड़ा और भरोसा देने वाला बयान जारी किया है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलती दिख रही है। विभाग का साफ तौर पर कहना है कि नेपाल की ओर से आने वाले पानी और भारी उफान से अब डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने इस बार बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए पहले से ही चाक-चौबंद और अत्याधुनिक तैयारियां कर ली हैं। पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए जल संसाधन विभाग ने कमजोर तटबंधों को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक से निगरानी रखने और संवेदनशील इलाकों में युद्ध स्तर पर सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए हैं, जिससे किसी भी आपदा का डटकर मुकाबला किया जा सके।नेपाल से आने वाले पानी का सटीक आकलन और आधुनिक तकनीक से निगरानीबिहार की मुख्य नदियां जैसे कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों से होकर बहती हैं, और वहां होने वाली भारी बारिश का सीधा असर बिहार के मैदानी इलाकों पर पड़ता है। पारंपरिक रूप से नेपाल में अचानक आने वाले बाढ़ के पानी से राज्य में हाहाकार मच जाता था, क्योंकि समय रहते जलस्तर की सटीक जानकारी मिलना मुश्किल होता था। लेकिन इस बार जल संसाधन विभाग ने नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में मौसम और जलस्तर की सटीक निगरानी के लिए अत्याधुनिक टेलीमेट्री सिस्टम और रियल-टाइम डेटा शेयरिंग नेटवर्क को मजबूत किया है। इसके माध्यम से बिहार के इंजीनियरों को कई घंटे पहले ही पानी के डिस्चार्ज और उसके बहाव की सटीक जानकारी मिल जाती है, जिससे प्रशासन तुरंत अलर्ट मोड पर आकर निचले इलाकों को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त समय पा लेता है।तटबंधों की मजबूती और संवेदनशील बिंदुओं पर इंजीनियरों की चौबीसों घंटे पहरेदारीबिहार में बाढ़ नियंत्रण का सबसे बड़ा आधार राज्य के हजारों किलोमीटर लंबे तटबंध (Embankments) हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इस साल मानसून से पहले ही जल संसाधन विभाग ने राज्य के सभी संवेदनशील, अतिसंवेदनशील और मध्यम संवेदनशील तटबंधों की विशेष जांच कराई और जहां कहीं भी थोड़ी सी भी कमजोरी या कटाव की आशंका थी, वहां जियो-बैग्स (Geo-bags), पाइलिंग और स्टोन पिचिंग के जरिए उन्हें पूरी तरह मजबूत कर दिया है। इसके अलावा, बाढ़ सुरक्षा कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों और डिजिटल मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने बाढ़ के दिनों में इंजीनियरों और तकनीकी अमले की 24 घंटे की शिफ्ट में तैनाती की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति या रिसाव की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके और किसी भी बड़े खतरे को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।उत्तर बिहार के जिलों में प्रशासनिक सतर्कता और मॉक ड्रिल का आयोजननेपाल के पानी के खतरे को देखते हुए उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों जैसे सुपौल, मधुबनी, अररिया, पूर्णिया, पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर के जिला प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान और मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आपातकाल के समय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों पर तैनात किया गया है। नाविकों और लाइफ जैकेट्स की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है ताकि नदी पार के इलाकों से तुरंत संपर्क साधा जा सके और किसी भी अनहोनी की स्थिति में जनजीवन को सुरक्षित रखा जा सके।जल संसाधन विभाग की गारंटी से आम जनता के मन में जगा विश्वासबिहार के जल संसाधन विभाग द्वारा उठाए गए इन ठोस और समयबद्ध कदमों के बाद अब बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों के मन से नेपाल के पानी का खौफ धीरे-धीरे कम होने लगा है। सरकार की तरफ से दी गई इस गारंटी का उद्देश्य न केवल लोगों की जान-माल की रक्षा करना है, बल्कि किसानों की फसलों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को हर साल होने वाले करोड़ों रुपये के नुकसान से बचाना भी है। हालांकि प्रकृति के आगे मनुष्य की सीमाएं होती हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण, बेहतर इंजीनियरिंग और प्रशासनिक मुस्तैदी के साथ इस बार बिहार सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी आपदा का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर यह पुख्ता व्यवस्था धरातल पर इसी तरह काम करती रही, तो इस बार उत्तर बिहार के लोगों को बाढ़ के प्रकोप से काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
पंचायत चुनाव में चुनावी खर्च की लिमिट फाइनल, उम्मीदवारों के लिए नए नियम और जरूरी शर्तें
राजस्थान में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनावों (Rajasthan Panchayat Chunav) को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां पूरी तेज कर दी हैं। चुनाव के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने और बढ़ते खर्चों पर लगाम कसने के उद्देश्य से आयोग ने विभिन्न पदों के लिए चुनाव प्रचार और चुनावी खर्च की नई सीमाएं (Election Expense Limit) तय कर दी हैं। ग्रामीण इलाकों में होने वाले इन चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं कि वे प्रचार में कितना पैसा खर्च कर सकते हैं और उनके लिए क्या नए नियम व शर्तें लागू की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के इन दिशानिर्देशों के बाद अब भावी प्रत्याशियों के लिए अपनी चुनावी रणनीति तय करना काफी हद तक आसान हो गया है, साथ ही तय सीमा से अधिक खर्च करने वालों पर कड़ी नजर भी रखी जाएगी।विभिन्न पदों के लिए तय की गई नई चुनावी खर्च की सीमाएंमहंगाई और चुनाव प्रचार की बदलती शैली को ध्यान में रखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए खर्च की सीमाओं में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अब पहले के मुकाबले अधिक बजट के साथ मैदान में उतर सकेंगे। इसी प्रकार पंचायत समिति सदस्यों और सरपंच पद के लिए भी निर्वाचन व्यय की नई सीमाएं स्पष्ट कर दी गई हैं ताकि छोटे स्तर के चुनावों में भी वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे। जानकारों का मानना है कि खर्च की इन सीमाओं के दायरे में रहकर ही प्रत्याशियों को अपने प्रचार-प्रसार का पूरा लेखा-जोखा निर्धारित समय के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।चुनाव आयोग के कड़े नियम और हिसाब-किताब जमा करने की प्रक्रियापंचायती राज चुनाव लड़ने वाले हर एक उम्मीदवार के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद निर्धारित दिनों के भीतर अपने संपूर्ण चुनावी खर्च का ब्योरा आधिकारिक रूप से जमा कराएं। आयोग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी उम्मीदवार तय सीमा से ज्यादा धन का इस्तेमाल न कर सके, जिससे चुनाव में धनबल के प्रभाव को कम किया जा सके। इसके लिए वीडियोग्राफी, लाउडस्पीकर के इस्तेमाल, वाहन अनुमति और बैठकों के आयोजनों पर भी प्रशासनिक अमले की पैनी नजर रहेगी। यदि कोई प्रत्याशी आयोग द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमाओं का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसकी उम्मीदवारी रद्द करने के साथ-साथ भविष्य के चुनावों के लिए भी अयोग्य घोषित किए जाने का प्रावधान है।ग्रामीण विकास और स्थानीय मुद्दों पर आधारित होगा इस बार का चुनावराजस्थान के गांवों की सरकार चुनने के लिए होने वाले इन चुनावों में इस बार विकास, सड़क, पानी, बिजली और स्थानीय बुनियादी समस्याएं मुख्य मुद्दा बनने जा रही हैं। खर्च की सीमा तय होने से अब आम और छोटे आय वाले जमीनी कार्यकर्ता भी बिना किसी आर्थिक दबाव के मजबूती के साथ चुनाव में अपनी किस्मत आजमा सकेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि प्रशासन की इस पारदर्शिता से बाहुबल और धनबल की राजनीति पर काफी हद तक अंकुश लगेगा। चुनाव आयोग के इन सख्त नियमों और बदली हुई गाइडलाइंस के बीच गांवों के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं और हर कोई अपने अपने क्षेत्र में जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में जुट गया है।
धनिया और मिश्री को पानी में मिलाकर पीने से क्या होता है?
खराब पाचन और एसिडिटी को कहिए अलविदा, अपनाएं धनिया-मिश्री का यह पारंपरिक और शानदार नुस्खा.
कोयला चोरी और अवैध खनन को बढ़ावा देने के लिए MMDR का विरोध
झारखंड की राजनीतिक फिजा इन दिनों गरमाई हुई है, और चुनावी व प्रशासनिक मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता अन्नपूर्णा देवी ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और कांग्रेस पार्टी पर बेहद गंभीर और तीखे हमले किए हैं। अन्नपूर्णा देवी ने आरोप लगाया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस नीत गठबंधन सरकार राज्य में कोयले की अवैध चोरी, माफिया राज और बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन को संरक्षण देने के लिए एमएमडीआर (MMDR - Mines and Minerals Development and Regulation) अधिनियम के संशोधनों और नियमों का विरोध कर रही है। केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है, क्योंकि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड में अवैध खनन लंबे समय से एक संवेदनशील और बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है।MMDR अधिनियम और खनिज संसाधनों के प्रबंधन को लेकर छिड़ा सियासी संग्रामखान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम यानी एमएमडीआर एक्ट केंद्र सरकार द्वारा देश में खनिज संपदा के दोहन, पारदर्शिता और पर्यावरण सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। इस कानून में समय-समय पर किए गए सुधारों का उद्देश्य अवैध खनन पर लगाम लगाना और खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का तर्क है कि झारखंड सरकार जिस प्रकार से इन केंद्रीय नियमों या संशोधनों का विरोध कर रही है, उसके पीछे राज्य के प्रशासनिक सुधार की मंशा नहीं, बल्कि उनके चहेते खनन माफियाओं और सिंडिकेट्स के स्वार्थ छिपे हुए हैं। उनका कहना है कि यदि पारदर्शी नियम सख्ती से लागू हो जाएं, तो अवैध सिंडिकेट्स की दुकानें बंद हो जाएंगी, जो राज्य के वर्तमान शासकों को कतई मंजूर नहीं है।कोयला चोरी और अवैध खनन से झारखंड को हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दाझारखंड को भारत का पावर हाउस कहा जाता है क्योंकि देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा यहाँ की खदानों से निकलने वाले कोयले और खनिजों पर निर्भर है। लेकिन विडंबना यह है कि इतनी अपार प्राकृतिक संपदा होने के बावजूद राज्य के कई हिस्से और आम लोग कुपोषण और गरीबी से जूझ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बड़े पैमाने पर होने वाली कोयला चोरी और अवैध खनन है। अन्नपूर्णा देवी ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में जेएमएम और कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान राज्य में अवैध खनन का कारोबार फूला-फूला है। खुली गाड़ियों और ट्रकों के जरिए रातों-रात कोयले की अवैध तस्करी की जाती है, जिससे न केवल केंद्र और राज्य के खजाने को भारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंचती है। प्रशासन की कथित मिलीभगत के बिना इस स्तर पर अवैध धंधा चलना असंभव माना जाता है।केंद्र सरकार की पारदर्शी नीतियां बनाम राज्य सरकार की राजनीतिक आपत्तियांभारतीय जनता पार्टी का हमेशा से यह रुख रहा है कि देश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग देश और राज्य के विकास के लिए होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल के नेताओं या बिचौलियों की जेब भरने के लिए। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए प्रावधानों का उद्देश्य खदानों के आवंटन में भ्रष्टाचार को पूरी तरह समाप्त करना है। इसके विपरीत, झारखंड की मौजूदा सरकार इन नियमों को संघीय ढांचे में दखल या अपने अधिकारों का हनन बताकर इसका विरोध करती रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य सरकार अपने ऊपर उठने वाले इन सवालों से बचने के लिए अक्सर केंद्र पर असहयोग का आरोप मढ़ देती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि खनिज माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए जितने कड़े प्रशासनिक कदमों की जरूरत है, वे राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण उठाए नहीं जा रहे हैं।आने वाले चुनावों पर इस तीखे राजनीतिक टकराव का पड़ेगा गहरा असरझारखंड में जैसे-जैसे राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं, भ्रष्टाचार, कोयला चोरी और अवैध खनन जैसे मुद्दे जनता के बीच सबसे बड़े चुनावी हथियार बनते जा रहे हैं। अन्नपूर्णा देवी द्वारा इस आक्रामक अंदाज में राज्य सरकार को घेरना इस बात का संकेत है कि बीजेपी इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में बिल्कुल नहीं है। आम जनता भी अब यह भली-भांति समझ रही है कि उनकी धरती के संसाधनों की लूट के पीछे किन लोगों का संरक्षण काम कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इन गंभीर आरोपों का क्या जवाब देती है और क्या केंद्रीय नियमों के अनुपालन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई कड़ा बदलाव देखने को मिलता है या फिर यह राजनीतिक बयानबाजी यूं ही जारी रहती है।
देश की पहली LNG-डीजल डुअल-फ्यूल ट्रेन को अमित शाह ने साबरमती स्टेशन से हरी झंडी दिखाई। रेलवे को डीजल खपत में 40% तक कमी और ईंधन लागत बचत की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों बयानबाजी का दौर अपने चरम पर है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हर मुद्दे पर तीखी तकरार देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेष रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर एक बेहद तीखा और करारा राजनीतिक प्रहार किया है। सीएम योगी ने विपक्ष के उस रवैये पर जमकर निशाना साधा जिसमें वे चुनावी हार-जीत के लिए संवैधानिक संस्थाओं और विशेषकर चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि विपक्ष का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुका है, क्योंकि वे जब चुनाव जीतते हैं तो उसे अपने 'पुरुषार्थ' और ताकत का नतीजा बताते हैं, लेकिन जब जनता उन्हें नकार देती है और वे हार जाते हैं, तो अपनी नाकामी छुपाने के लिए वे सीधे तौर पर चुनाव आयोग और ईवीएम (EVM) पर झूठे आरोप मढ़ने लगते हैं।विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल और लोकतंत्र का अपमानमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान विपक्ष के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाएं देश के लोकतंत्र की रीढ़ होती हैं, लेकिन अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख कुछ दल लगातार इन संस्थाओं की विश्वसनीयता पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और देश की जनता अब इतनी समझदार हो चुकी है कि वह विपक्ष के इस ओछे राजनीतिक ड्रामे को अच्छी तरह समझती है। जब चुनावी परिणाम उनके पक्ष में आते हैं, तो वे निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हैं, लेकिन जैसे ही जनता उन्हें नकार देती है, वे तुरंत आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र और संविधान का प्रत्यक्ष अपमान करार देते हुए कहा कि हार की बौखलाहट में इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाना विपक्षी नेताओं की पुरानी और आदत बन चुकी है, जिससे वे अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बचाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।डबल इंजन सरकार की नीतियों और विकास कार्यों पर जनता का अटूट विश्वाससीएम योगी ने आगे बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा जनता के कल्याण, सुरक्षा और राज्य के सर्वांगीण विकास को सर्वोपरि रखा है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बुनियादी ढांचे में हुए ऐतिहासिक सुधारों के कारण आज प्रदेश की जनता पूरी तरह से विकास के साथ खड़ी है। डबल इंजन सरकार की पारदर्शी नीतियों और योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग तक पहुंच रहा है, जिसके चलते जनता का विश्वास लगातार बीजेपी पर मजबूत हो रहा है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दलों के पास जनता को दिखाने के लिए न तो कोई ठोस विजन है और न ही विकास का कोई मॉडल, यही कारण है कि वे चुनाव आने से पहले ही अपनी हार के बहाने ढूंढना शुरू कर देते हैं और अपनी कमियों का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं के सिर फोड़ देते हैं।उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक संस्कृति और जनता की जागरूकतापिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां जाति और तुष्टिकरण की राजनीति की जगह अब विकास, सुरक्षा और सुशासन ने ले ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश की जनता अब गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के दौर को पीछे छोड़ चुकी है। विपक्षी दल भले ही जनता को बरगलाने और भ्रामक प्रचार करने की कितनी भी कोशिश कर लें, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जनता ने विकास के पहिये को आगे बढ़ाने का मन बना लिया है। मुख्यमंत्री के इस तीखे बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर से जुबानी जंग तेज हो गई है, और विपक्षी दलों की तरफ से भी इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे आने वाले चुनावी माहौल में गर्माहट बनी हुई है।
हर दिन चाय की जगह पुदीना समेत 5 हर्बल टी पिएं, गैस और ब्लोटिंग होगी दूर
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और खानपान की अनियंत्रित आदतों के कारण गैस, एसिडिटी, पेट फूलना (ब्लोटिंग) और कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याएं आम बात हो गई हैं। सुबह की शुरुआत या दिनभर में कई कप दूध वाली कैफीनयुक्त चाय पीने की आदत हमारे मेटाबॉलिज्म और पेट की सेहत को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है। यदि आप भी पेट की इन तमाम परेशानियों से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो अपनी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करने की जरूरत है। दूध वाली चाय की जगह यदि आप प्राकृतिक गुणों से भरपूर हर्बल टी (Herbal Tea) को अपनी डाइट का हिस्सा बना लें, तो न केवल आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा, बल्कि गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं भी जड़ से खत्म हो जाएंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट्स का मानना है कि नेचुरल जड़ी-बूटियों से बनी ये चाय शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ ऊर्जावान बनाए रखती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही पांच बेहतरीन हर्बल टी के बारे में जो पेट के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।पुदीना की चाय (Peppermint Tea): पेट की गैस और ऐंठन के लिए सबसे असरदार उपायपुदीना हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। पुदीने की पत्तियों से बनी हर्बल टी पेट की कई गंभीर समस्याओं का रामबाण इलाज मानी जाती है। इसमें मौजूद मेंथॉल (Menthol) और अन्य एंटी-स्पास्मोडिक गुण पेट की मांसपेशियों को आराम पहुंचाते हैं, जिससे गैस, अपच और पेट की ऐंठन तुरंत दूर होती है। यदि खाना खाने के बाद आपको अक्सर ब्लोटिंग या भारीपन महसूस होता है, तो एक कप पुदीने की चाय पीना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह पाचन एंजाइमों के स्राव को भी तेज करती है, जिससे खाया हुआ भोजन आसानी से पच जाता है और शरीर हल्का महसूस करता है।अदरक की चाय (Ginger Tea): डाइजेशन को बूस्ट करने और एसिडिटी भगाने का नुस्खाअदरक का इस्तेमाल भारतीय रसोई में सदियों से औषधीय रूप में किया जाता रहा है। अदरक की हर्बल टी पीने से गैस्ट्रिक जूस का उत्पादन बेहतर होता है, जो भोजन को पचाने में बहुत मदद करता है। जिन लोगों को अक्सर खट्टी डकारें, सीने में जलन या गैस की समस्या परेशान करती है, उन्हें दूध वाली चाय के बजाय अदरक की सादी हर्बल टी का सेवन करना चाहिए। यह शरीर में बल्ड सर्कुलेशन को सुधारने के साथ-साथ आंतों की सूजन को भी कम करती है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है और वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है।कैमोमाइल टी (Chamomile Tea): तनाव को कम करने और पाचन सुधारने का बेहतरीन विकल्पकैमोमाइल के फूलों से बनने वाली यह हर्बल टी अपनी शांत करने वाली खुशबू और बेहतरीन गुणों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है। यह चाय न केवल मानसिक तनाव और एंग्जायटी को दूर करती है, बल्कि पेट की सेहत के लिए भी उतनी ही गुणकारी है। कैमोमाइल टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो आंतों की अंदरूनी परतों को शांत करते हैं। जिन लोगों को तनाव के कारण पेट में गड़बड़ी या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) की शिकायत रहती है, उनके लिए कैमोमाइल टी का सेवन एक बेहतरीन प्राकृतिक चिकित्सा है।सौंफ की चाय (Fennel Tea): ब्लोटिंग और पेट के भारीपन से तुरंत दिलाए राहतसौंफ को हमारे देश में बेहतरीन माउथ फ्रेशनेर और डाइजेशन बूस्टर माना जाता है। भोजन के बाद सौंफ चबाने की परंपरा पुरानी है, लेकिन यदि इसकी चाय बनाकर पी जाए तो इसके फायदे कई गुना बढ़ जाते हैं। सौंफ की हर्बल टी पेट में गैस बनने की प्रक्रिया को रोकती है और आंतों में जमी हुई हवा को बाहर निकालने में मदद करती है। जिन लोगों को अक्सर खाने के बाद पेट फूलने यानी ब्लोटिंग की समस्या सताती है, वे गुनगुनी सौंफ की चाय का सेवन करके तुरंत राहत पा सकते हैं। यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर पेट को ठंडा रखती है।ग्रीन टी (Green Tea): मेटाबॉलिज्म को तेज करने और वजन घटाने में मददगारआज के दौर में फिटनेस प्रेमियों की पहली पसंद बन चुकी ग्रीन टी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी बहुत आगे है। इसमें भरपूर मात्रा में कैटेचिन (Catechins) और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन क्रिया को सुचारू बनाते हैं और हानिकारक बैक्टीरिया से आंतों की रक्षा करते हैं। नियमित रूप से दिन में एक या दो बार ग्रीन टी पीने से शरीर की चर्बी तेजी से घटती है और पेट की चर्बी पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ता है। दूध और चीनी से बनी भारी चाय को छोड़कर यदि इन पांचों नेचुरल हर्बल टी को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए, तो सेहत में चमत्कारी बदलाव देखने को मिलते हैं।
CJP की मीटिंग से पहले पुलिस का एक्शन, कई नेता हिरासत में
असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रस्तावित स्वयंसेवक बैठक शुरू होने से पहले पुलिस ने सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई लोगों को हिरासत में लिया. बैठक 27 सितंबर को आयोजित होनी थी. सीजेपी के मुताबिक, पुलिस ने कार्यक्रम स्थल तक पहुंच रोक दी और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. संगठन ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. वहीं रांका असम में मतदाता सूची पुनरीक्षण और सरकारी स्कूलों से जुड़े मुद्दे उठाने पहुंचे थे.
सड़क चौड़ीकरण के लिए सीएम मोहन यादव ने खुद अपना पैतृक घर तोड़ा
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में विकास की एक अनूठी मिसाल पेश की है. उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है. इस सड़क चौड़ीकरण की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक निवास भी आ रहा था. आम तौर पर जहां वीआईपी कल्चर के तहत नियम बदल दिए जाते हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने एक मिसाल पेश करते हुए खुद अपने पैतृक मकान पर पहला हथौड़ा और कुदाल चलाई.
अब 30 दिन का रीचार्ज, बिना डेटा वाला प्लान; राघव चड्ढा बोले- सरकार ने मान ली मेरी मांगें
देश के मोबाइल ग्राहकों को राहत देते हुए सरकार ने नए प्लान्स को लाने का निर्देश दिया है। भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने इसे जीत बताते हुए कहा कि उन्होंने फरवरी में ही इन मांगों को संसद में उठाया था। सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है।
कमाई को तरसी अंजलि अरोड़ा की रामायण, 2 दिन में बुरा हाल
अंजलि अरोड़ा वाली रामायण शुक्रवार 25 सितंबर को रिलीज हुई थी, जिसका बॉक्स ऑफिस पर इस समय बुरा हाल होता दिखाई दे रहा है. फिल्म की कमाई हर रोज 1 करोड़ के पार भी नहीं जा पा रही है.
बैंकॉक में 48 घंटे लगातार बारिश, 50 जिलों में इमरजेंसी लागू
बैंकॉक में भारी बारिश के बाद बाढ़ आपदा घोषित हुई. करीब 48 घंटे की बारिश से घर, दुकानें और सड़कें जलमग्न हो गईं. प्रधानमंत्री लंदन से वापस लौटे. 50 जिलों में आपदा घोषणा की गई. पानी निकालने के प्रयास जारी हैं.
जानिए कब है अहोई अष्टमी का व्रत, सही तारीख, शुभ मुहूर्त और संतान की लंबी उम्र के लिए इसका खास महत्व
सनातन धर्म में माताएं अपनी संतानों की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य के लिए साल भर में कई कठिन व्रत रखती हैं, जिनमें 'अहोई अष्टमी' का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाने वाला यह व्रत माता और संतान के अटूट प्रेम का प्रतीक है। इस साल यानी 2026 में अहोई अष्टमी का यह पावन व्रत कब है और इसकी सही तिथि क्या है, इसे लेकर माताओं में अभी से उत्सुकता बनी हुई है। पंचांग गणना के अनुसार, इस वर्ष अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर 2026, रविवार के दिन पड़ रहा है। इस दिन माताएं पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और प्रदोष काल में माता अहोई की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करती हैं।अहोई अष्टमी 2026 की सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 1 नवंबर 2026 को दोपहर के समय होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 2 नवंबर को दोपहर में होगा। उदयातिथि और परंपरा के अनुसार, मुख्य व्रत 1 नवंबर 2026 (रविवार) को ही रखा जाएगा। इस दिन पूजा के लिए मिलने वाला शुभ मुहूर्त शाम 05:36 बजे से लेकर शाम 06:54 बजे तक रहेगा। पूजा की कुल अवधि करीब 1 घंटा 18 मिनट की होगी, जिसमें माताएं अपने परिवार और बच्चों की खुशहाली के लिए प्रार्थना करेंगी।तारा दर्शन और चंद्रोदय का समय: जानें कब खुलेगा व्रतअहोई अष्टमी के व्रत में तारों या चंद्रमा को देखने का विशेष विधान होता है। इस दिन माताएं दिनभर भूखे-प्यासे रहकर व्रत रखती हैं और शाम के समय तारों को अर्घ्य देने के बाद ही अपना व्रत खोलती हैं। वर्ष 2026 में अहोई अष्टमी के दिन संध्या बेला में तारे दिखने का समय लगभग शाम 06:00 बजे का है। इसके अलावा, इस दिन चंद्रमा का उदय काफी रात में यानी लगभग 11:40 बजे होने की संभावना है। चूंकि चंद्रोदय बहुत देर से होता है, इसलिए अधिकांश महिलाएं शाम को तारों के दर्शन करके और उन्हें जल अर्पित करके अपना उपवास पूर्ण करती हैं।अहोई माता की पूजा विधि और व्रत का धार्मिक महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अहोई अष्टमी के दिन दीवार पर गेरू या रंगों से अहोई माता का चित्र बनाया जाता है, जिसमें सेह और उसके बच्चों की आकृति भी होती है। माताएं विधि-विधान से रोली, चावल, दूध और भाटे (पुए) का भोग लगाकर अहोई माता की कथा सुनती हैं। इस व्रत को करने से संतान के जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं और उनकी आयु लंबी होती है। इसके अलावा, जो महिलाएं संतान प्राप्ति की कामना रखती हैं, उनके लिए भी यह व्रत अत्यंत फलदायी माना गया है। पूजा के दौरान चांदी की अहोई ( जिसे '्यार' भी कहा जाता है) की पूजा करने का भी विशेष विधान है, जिसे बाद में गले में पहना जाता है।राधा कुंड स्नान का महत्व और इस व्रत से जुड़ी खास बातेंकार्तिक मास के इस पावन पर्व पर उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित पवित्र 'राधा कुंड' में स्नान करने का भी अत्यंत धार्मिक महत्व है। अहोई अष्टमी की अर्धरात्रि को देश भर से लाखों श्रद्धालु और वे दंपत्ति जो संतान सुख से वंचित हैं, राधा कुंड में मध्यरात्रि की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस विशेष रात्रि में जो भी दम्पति श्रद्धा भाव से स्नान करता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है। कुल मिलाकर, अहोई अष्टमी का यह पर्व माताओं के त्याग, समर्पण और बच्चों के प्रति असीम स्नेह का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है।
चैटिंग से डेटिंग तक, जानिए जेन जी की भाषा के 20 जरूरी शब्द
सोशल मीडिया और चैटिंग ने जेन जी की भाषा को भी काफी बदल दिया है. आज रिज, स्ले, डेलुलु, घोस्टिंग और एफओएमओ जैसे शब्द रोजमर्रा की ऑनलाइन बातचीत का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन इनका सही मतलब हर किसी को पता हो, यह जरूरी नहीं. आखिर जेन जी की डिजिटल दुनिया में इस्तेमाल होने वाले इन पॉपुलर शब्दों का मतलब क्या है?
उत्तराखंड में मौसम बिगड़ गया है, लगातार बारिश की वजह से रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड हुआ है. जिसकी वजह से यहां 4000 के आसपास यात्री दोनों तरफ से फंस गए हैं. चारधाम यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है.
UPSC प्रीलिम्स में 27 सवालों पर बढ़ा विवाद, CAT ने मांगा जवाब
देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (UPSC Civil Services Examination) एक बार फिर बड़े कानूनी विवादों के घेरे में आ गई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की इस साल की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में पूछे गए सवालों की शुद्धता को लेकर मामला सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल यानी कैट (CAT) तक पहुंच गया है। शुरुआती दौर में जहां कुछेक सवालों पर आपत्ति जताई गई थी, वहीं अब यह दायरा बढ़कर सीधे तौर पर 27 सवालों तक पहुंच चुका है। उम्मीदवारों का आरोप है कि आयोग की प्रोविजनल आंसर-की (Answer Key) में कई उत्तर या तो तथ्यात्मक रूप से गलत हैं या उनमें भारी अस्पष्टता है। इस कानूनी खींचतान और ट्रिब्यूनल द्वारा जवाब तलब किए जाने के बाद से देश भर के उन सैकड़ों युवाओं में एक नई उम्मीद जाग गई है जो बेहद कम अंकों के अंतर से मुख्य परीक्षा (Mains) की रेस से बाहर हो गए थे।क्या है पूरा मामला और क्यों गरमाया है यूपीएससी प्रीलिम्स का विवादसंघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन (GS Paper-1) और सीसैट के पेपर संपन्न होने के बाद जब आयोग ने अपनी आधिकारिक प्रोविजनल आंसर-की जारी की, तभी से विवादों की शुरुआत हो गई थी। परीक्षा में शामिल होने वाले मेधावी छात्रों और विभिन्न उम्मीदवारों के समूहों ने जब आधिकारिक उत्तर कुंजी का मिलान मानक सरकारी पुस्तकों, प्राथमिक स्रोतों और सांविधिक प्रावधानों से किया, तो उन्हें कई बड़े अंतर नजर आए। छात्रों का आरोप है कि आयोग द्वारा तय किए गए कई उत्तर या तो प्रचलित और प्रामाणिक पाठ्यपुस्तकों के विपरीत हैं या फिर कुछ प्रश्नों के विकल्पों में कोई भी सही उत्तर मौजूद ही नहीं है। इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने पहले आयोग के पोर्टल पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन जब वहां से संतोषजनक परिणाम नहीं मिला और परीक्षा परिणाम घोषित हो गया, तो मामला न्याय के लिए कैट (CAT) की शरण में चला गया।27 सवालों की लंबी फेहरिस्त: ग्रैंड स्लैम से लेकर ऋग्वैदिक काल तक के प्रश्न कटघरे मेंइस कानूनी याचिका के तहत जिन 27 सवालों पर मुख्य रूप से सवाल उठाए गए हैं, उनमें इतिहास, राजव्यवस्था, खेल और करेंट अफेयर्स से जुड़े बेहद पेचीदा विषय शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, टेनिस के ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स के नियमों से जुड़ा एक प्रश्न, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत 'जीरो एफआईआर' (Zero FIR) की प्रक्रिया से जुड़ा सवाल, और प्राचीन इतिहास यानी ऋग्वैदिक काल के दौरान कृषि एवं सिंचाई के साधनों (जैसे 'अश्म चक्र' और 'आहव') से संबंधित प्रश्नों पर भारी तकनीकी और भाषाई अस्पष्टता का दावा किया गया है। उम्मीदवारों का यह भी कहना है कि अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के प्रश्न पत्रों में शब्दों के चयन में अंतर होने के कारण भी सही उत्तर चुनने में भ्रम की स्थिति पैदा हुई, जिससे उनके बहुमूल्य अंक कट गए।सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) का दखल और यूपीएससी को नोटिसमामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल की प्रिंसिपल बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को आधिकारिक रूप से नोटिस जारी कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा है कि उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर आयोग की विशेषज्ञ समितियों ने क्या विचार किया और यदि आपत्तियों को खारिज किया गया, तो उसके पीछे के क्या ठोस आधार थे। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे वकीलों का तर्क है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षा में इस तरह की बार-बार सामने आने वाली तथ्यात्मक त्रुटियां और अस्पष्टताएं सीधे तौर पर उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। कैट ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए आयोग से विस्तृत जवाब मांगा है, जिस पर पूरे देश के प्रशासनिक सेवा के उम्मीदवारों की निगाहें टिकी हुई हैं।सैकड़ों युवाओं के करियर और कटऑफ पर क्या पड़ेगा इसका असरसिविल सेवा परीक्षा के पैटर्न को समझने वाले अच्छी तरह जानते हैं कि प्रीलिम्स चरण में महज एक या दो नंबर का अंतर भी चयन और छंटनी के बीच की दीवार बन जाता है। याचिकाकर्ताओं का अनुमान है कि इन 27 विवादित प्रश्नों और उनके साथ जुड़ी नेगेटिव मार्किंग के प्रभाव के कारण कुल अंकों में 16 से ज्यादा नंबरों का फेरबदल हो सकता है। कई होनहार छात्र जो कटऑफ से केवल कुछ ही दशमलव या अंकों से चूके हैं, वे इस कानूनी लड़ाई के जरिए न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि ट्रिब्यूनल के निर्देश पर आयोग इन विवादित प्रश्नों की दोबारा समीक्षा करता है, या तो इन्हें मूल्यांकन से बाहर करता है (डिलिट करता है) अथवा सही उत्तरों के आधार पर संशोधित परिणाम जारी करता है, तो इससे परीक्षा के फाइनल स्कोरकार्ड और क्वालिफाइड उम्मीदवारों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
चुनाव आयोग पर बरसे ओवैसी, फॉर्म 6 पर उठाए गंभीर सवाल.
असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयुक्तों के बीच तालमेल की भारी कमी है. ओवैसी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्तों द्वारा कई बार अपनी असहमति दर्ज कराने के बावजूद लिए गए फैसलों में पारदर्शिता नहीं दिखती. उन्होंने फॉर्म 6 के डिक्लेरेशन नियमों पर भी आपत्ति जताई और इसे देश में पिछले दरवाजे से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी एनआरसी लागू करने की कोशिश करार दिया.
₹25000 की सैलरी लिमिट, अब आपकी सैलरी से कितना PF कटेगा?
EPFO Salary Limit Change के तहत जो बदलाव होने वाला है, उसे आसान भाषा में समझें, तो अगर आपका पीएफ पहले 15,000 रुपये के आधार पर कटता था, तो अब अब सैलरी लिमिट बढ़ने से 25,000 रुपये के बेस पर कटेगा, जिससे आपकी इन-हैंड सैलरी कम हो सकती है.
Gorakhpur में जलभराव पर MP Ravi Kishan और BJP पार्षद में फोन पर नोकझोंक, Video सामने आया
गोरखपुर में भारी बारिश और जलभराव को लेकर स्थानीय सांसद एवं अभिनेता रवि किशन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी के बीच फोन पर हुई ‘‘नोकझोंक’’ का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो में त्रिपाठी शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या का जिक्र करते हुए किशन से पूछते रहे हैं कि वह कहां हैं। सांसद जवाब देते हैं कि वह तारामंडल में हैं और पार्षद से पूछते हैं कि वह कहां हैं। त्रिपाठी विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव का जिक्र करते हुए आरोप लगाते हैं कि तरकुलही और पाम पैराडाइज के पास बाढ़ नियंत्रण के लिए लगाए गए रेगुलेटर (नियामक) ठीक से काम नहीं कर रहे और वह सांसद से इस संबंध में हस्तक्षेप करने को कहते हैं। रवि किशन यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह इस मामले को देखेंगे और वह पहले से ही क्षेत्र में रहकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। बातचीत के दौरान सांसद कथित मजाकिया लहजे में त्रिपाठी से पूछते हैं कि क्या वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं जिसके जवाब में त्रिपाठी किशन से पूछते हैं कि क्या वह बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गए हैं। यह वीडियो सामने आने के बाद इस बातचीत को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई। त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह बातचीत किसने रिकॉर्ड की या इसे सोशल मीडिया पर किसने साझा किया। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान वह स्थानीय लोगों के साथ बैठे थे और सिंचाई विभाग के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की पहुंच में नहीं थे तथा उनकी शिकायतों का जवाब नहीं दे रहे थे। इसी वजह से उन्होंने सांसद को फोन किया। रवि किशन ने कहा कि वह खुद सड़कों पर उतरकर स्थिति पर नजर रख रहे थे और प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे थे। उन्होंने बारिश को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि गोरखपुर में लगभग दो दशक में इतनी भारी बारिश नहीं हुई और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में असामान्य रूप से अधिक वर्षा हुई है। सांसद ने कहा कि संकट के दौरान प्राथमिकता लोगों की शिकायतों का समाधान करना और सामान्य स्थिति बहाल करना है तथा ऐसी स्थिति का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इस विवाद पर समाजवादी पार्टी (सपा) की भी प्रतिक्रिया आई। सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने कहा कि भाजपा की नीतियों से असंतुष्ट और सत्तारूढ़ दल का विरोध करने वालों के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपाठी पहले सपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा के क्षेत्रीय महामंत्री सत्येंद्र सिन्हा ने कहा कि मामले में कोई भी कार्रवाई पार्टी की अनुशासन समिति तय करेगी। उन्होंने हालांकि कहा कि यह मुद्दा सोशल मीडिया के बजाय पार्टी मंच पर उठाया जाना चाहिए था। सिन्हा ने भारी बारिश को प्राकृतिक आपदा बताते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और सरकारी एजेंसियों ने रातभर काम किया। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाकों से पानी निकाला गया और रविवार सुबह तक बारिश थमने के बाद अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव खत्म हो गया।
सासाराम में दरक रहा शेरशाह सूरी का मकबरा, प्रदूषण और अतिक्रमण से झील बदहाल
सासाराम में शेरशाह सूरी के मकबरे की स्थिति को लेकर ASI की RTI जानकारी से कई सवाल उठे हैं. ASI के रिकॉर्ड के मुताबिक, 9 अगस्त 2026 को मकबरे के गुंबद से पत्थर टूटकर गिरा था, जबकि झील को पानी देने और निकालने वाली नहरें ASI के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं.
बीजेपी में अकेला महसूस कर रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में आए सुनील जाखड़
पंजाब की राजनीति के गलियारों में इन दिनों एक नया सियासी भूचाल आया हुआ है, जिसने राष्ट्रीय राजधानी से लेकर चंडीगढ़ तक के राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कभी कांग्रेस पार्टी के दो दिग्गज और पंजाब की सियासत के मुख्य स्तंभ माने जाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ के बीच का रिश्ता एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। हाल ही में ऐसी राजनीतिक चर्चाएं जोर पकड़ रही थीं कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर खुद को थोड़ा अलग-थलग या असहज महसूस कर रहे हैं। इन तमाम कयासबाजियों और राजनीतिक गलियारों की सुगबुगाहट के बीच पंजाब बीजेपी के प्रमुख चेहरे सुनील जाखड़ खुलकर कैप्टन अमरिंदर सिंह के समर्थन में सामने आ गए हैं। सुनील जाखड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए न केवल कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक कद की खुलकर प्रशंसा की, बल्कि यह भी कहा कि वे उनके बहुत बड़े प्रशंसक हैं और पार्टी में उनके योगदान का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।पंजाब की राजनीति में कैप्टन अमरिंदर सिंह का प्रभाव और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्यकैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम भारतीय राजनीति और विशेष तौर पर पंजाब के इतिहास में एक मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में दर्ज है। दशकों तक कांग्रेस पार्टी की रीढ़ रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी साहसी नीतियों और प्रशासनिक पकड़ के दम पर पंजाब की राजनीति में एकछत्र राज किया है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उनके राजनीतिक सफर में आए बड़े U-टर्न के बाद उन्होंने कांग्रेस से नाता तोड़कर अपनी पार्टी बनाई और बाद में उसे भारतीय जनता पार्टी में विलय कर दिया। वर्तमान समय में जब वे सक्रिय चुनावी राजनीति से थोड़ा पीछे हटते नजर आ रहे हैं और केंद्र या राज्य के संगठनात्मक मामलों में उनकी उपस्थिति पहले जैसी मुखर नहीं दिख रही है, तो राजनीतिक पंडितों द्वारा यह कयास लगाए जाने लगे कि वे पार्टी के भीतर खुद को उपेक्षित या अकेला महसूस कर रहे हैं। इन चर्चाओं ने पंजाब के राजनीतिक बाजार में गर्मजोशी बनाए रखी है।सुनील जाखड़ का बड़ा बयान: 'मैं उनका फैन, उनका कद राजनीति में बहुत बड़ा है'कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर चल रही इन तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए पंजाब बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने बहुत ही स्पष्ट और दो टूक अंदाज में अपनी बात रखी है। सुनील जाखड़ ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक कद इतना बड़ा है कि उन्हें किसी भी पार्टी के भीतर छोटा या अकेला महसूस करने की कोई आवश्यकता ही नहीं है। जाखड़ ने आगे कहा, मैं व्यक्तिगत रूप से उनका बहुत बड़ा फैन रहा हूं। संकट के समय पंजाब और देश के लिए उन्होंने जो कड़े और साहसिक फैसले लिए हैं, वे इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे। सुनील जाखड़ का यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में बीजेपी अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है और पार्टी के भीतर अनुभवी नेताओं के अनुभवों का सही इस्तेमाल करने को लेकर आंतरिक चर्चाएं चल रही हैं।बीजेपी में दिग्गजों के समायोजन और क्षेत्रीय क्षत्रपों की भूमिका पर मंथनभारतीय जनता पार्टी जैसी अनुशासित और कैडर-बेस्ड पार्टी में जब अन्य दलों से बड़े और स्थापित चेहरे शामिल होते हैं, तो उनके समायोजन और पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर अक्सर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं होती हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ दोनों ही ऐसे नेता हैं जो कभी कांग्रेस पार्टी की पंजाब इकाई के मुख्य चेहरे हुआ करते थे और आज बीजेपी का हिस्सा हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब जैसे सीमावर्ती और राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील राज्य में पार्टी को मजबूत करने के लिए इन अनुभवी नेताओं की सूझबूझ और मार्गदर्शन की बहुत आवश्यकता है। सुनील जाखड़ का कैप्टन के समर्थन में खुलकर सामने आना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के बीच का तालमेल और सम्मान अभी भी पूरी तरह बरकरार है।पंजाब के आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इस बयान का क्या होगा असरसुनील जाखड़ द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह की खुलकर सराहना किए जाने के बाद पंजाब के राजनीतिक समीकरणों में एक नया सकारात्मक संदेश गया है। इससे उन तमाम विपक्षी दलों के दावों की हवा निकल गई है जो बीजेपी के भीतर अंदरूनी कलह या वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का प्रोपेगेंडा फैलाने की कोशिश कर रहे थे। पंजाब में आने वाले दिनों में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों और सांगठनिक विस्तार को देखते हुए पार्टी के सभी बड़े नेताओं का एक मंच पर एकजुट दिखना बेहद जरूरी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक अनुभव और सुनील जाखड़ की आक्रामक कार्यशैली का यह मेल यदि पूरी क्षमता से धरातल पर उतरता है, तो यह पंजाब में बीजेपी के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में पार्टी इन वरिष्ठ नेताओं के प्रभाव का उपयोग किस प्रकार करती है।
हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना मांगे रुपये
साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे देश और राज्यों के वीवीआईपी (VVIP) लोगों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला हरियाणा से सामने आया है, जहां राज्य विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के नाम और तस्वीर का दुरुपयोग करके एक फर्जी फेसबुक आईडी तैयार की गई। इस फर्जी अकाउंट के जरिए साइबर अपराधियों ने उनके परिचितों, रिश्तेदारों और आम लोगों को मैसेज भेजकर पैसे की मांग करनी शुरू कर दी। ठगों ने झांसा दिया कि घर का कुछ घरेलू सामान बेचना है, इसलिए जिसे भी जरूरत हो वह तुरंत खरीद ले और पैसे सीधे गूगल पे (Google Pay) या अन्य डिजिटल वॉलेट के जरिए ट्रांसफर कर दे। जैसे ही इस धोखाधड़ी का यह मामला सामने आया, प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई।वीवीआईपी और नेताओं को निशाना बनाने का नया पैंतराआजकल साइबर अपराधियों द्वारा फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाना और उसके जरिए ठगी करना एक बेहद आम अपराध बन गया है, लेकिन जब निशाना किसी राज्य के संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पर साधा जाए तो यह मामला बेहद गंभीर हो जाता है। ठगों ने बहुत ही चालाकी से हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की असली प्रोफाइल से तस्वीरें और जानकारियां चुराकर एक हूबहू मिलती-जुलती फर्जी फेसबुक आईडी (Fake Facebook ID) तैयार की। इसके बाद उन्होंने डिप्टी स्पीकर की फ्रेंड लिस्ट में जुड़े लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजनी शुरू कर दी और जब लोग इसे असली अकाउंट समझकर स्वीकार कर लेते थे, तो चैटिंग के माध्यम से पैसों का खेल शुरू किया जाता था। इस तरह की वारदातों से न केवल राजनेताओं की छवि धूमिल होती है, बल्कि आम जनता में भी एक गलत संदेश जाता है कि इंटरनेट पर कोई भी सुरक्षित नहीं है।घरेलू सामान बेचने का झांसा और डिजिटल पेमेंट का खेलफर्जी आईडी के जरिए ठगी करने वाले शातिर अपराधियों ने लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए एक बहुत ही शातिर कहानी गढ़ी। उन्होंने पीड़ितों को मैसेज भेजा कि वे अपने घर का कुछ पुराना या नया घरेलू सामान (Household Items) जैसे कि फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स या अन्य उपयोग की वस्तुएं बहुत सस्ते दामों में बेचना चाहते हैं। चूंकि मैसेज भेजने वाला अकाउंट किसी बड़े पद पर बैठे व्यक्ति का था, इसलिए लोग आसानी से उस पर भरोसा कर बैठे। ठगों ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि सामान तुरंत डिलीवर कर दिया जाएगा, लेकिन उसके पहले भुगतान ऑनलाइन यानी गूगल पे या फोनपे के जरिए करना होगा। कई लोग जब तक इसकी सच्चाई समझ पाते, तब तक ठगों ने अपने यूपीआई (UPI) हैंडल के जरिए पैसे ऐंठने की पूरी तैयारी कर ली थी।मामले का खुलासा और साइबर सेल द्वारा त्वरित कार्रवाईशुक्र है कि समय रहते इस फर्जीवाड़े की भनक असली अधिकारियों और डिप्टी स्पीकर के सोशल मीडिया प्रबंधकों को लग गई, जिससे एक बड़ा वित्तीय नुकसान होने से बच गया। तुरंत ही इस बात की सूचना हरियाणा पुलिस के साइबर क्राइम विंग (Cyber Crime Wing) को दी गई। पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए उस फर्जी फेसबुक आईडी को ब्लॉक या रिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही आईपी एड्रेस और उन यूपीआई आईडी (UPI IDs) की भी गहनता से जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल पैसे मंगवाने के लिए किया जा रहा था। साइबर पुलिस ने इस मामले में एक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है और अपराधियों को जल्द से जल्द दबोचने के लिए तकनीकी सर्विलांस की मदद ली जा रही है।सोशल मीडिया पर सतर्कता और इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचने के उपायइस पूरी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय कितनी सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि आपके पास भी किसी जाने-माने राजनेता, अधिकारी या परिचित के नाम से ऐसी कोई फेक प्रोफाइल से पैसे मांगने या सामान बेचने का मैसेज आता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। बिना पुष्टि किए कभी भी किसी ऑनलाइन लिंक पर क्लिक न करें और न ही गूगल पे या पेटीएम के जरिए पैसे भेजें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दें। डिजिटल युग में तकनीक जितनी मददगार है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है, इसलिए जागरूकता ही इस प्रकार के साइबर अपराधियों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का ...
एक ही परिवार के 3 लोगों को सांप ने डसा, दो बच्चों की मौत
पटना के फुलवारी शरीफ में एक ही परिवार पर सांप का कहर टूट पड़ा. सोताचक गांव में परिवार के तीन लोगों के सांप ने काट लिया. इनमें दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां की हालत गंभीर है और पटना AIIMS में उनका इलाज चल रहा है. घटना के बाद गांव में मातम के साथ डर का माहौल है.
कौन हैं गुरुदेवश्री राकेशजी? जिनके आगे रणबीर कपूर ने झुकाए शीष
बॉलीवुड के जाने-माने सुपरस्टार रणबीर कपूर हाल ही में मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी के 60वें जन्मोत्सव (अहो गुरुदेव समारोह) में शिरकत की। इस दौरान अभिनेता ने न केवल उनके समक्ष अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए, बल्कि उन्हें खुले मंच से 'यूथ मैग्नेट' (Youth Magnet) की उपाधि से भी नवाजा। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के बाद से ही देश भर में लोग यह जानने के लिए बेहद उत्सुक हो गए हैं कि आखिर आध्यात्मिक जगत की यह प्रसिद्ध हस्ती कौन हैं और उनकी शिक्षाओं का दायरा कितना व्यापक है। आइए विस्तार से जानते हैं गुरुदेवश्री राकेशजी के जीवन, उनके कार्यों और उनके प्रभाव के बारे में।कौन हैं पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी और उनका शुरुआती जीवनपूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी का जन्म 26 सितंबर 1966 को मुंबई में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उन्हें बचपन से ही अध्यात्म और संतों की जीवनशैली के प्रति गहरी रुचि थी। महज़ आठ वर्ष की उम्र में उनके जीवन में एक ऐसा आध्यात्मिक मोड़ आया जब 19वीं सदी के महान संत और दार्शनिक श्रीमद् राजचंद्रजी की एक तस्वीर को देखकर वे तीन दिनों तक लगातार गहरे ध्यान और समाधि की स्थिति में चले गए थे। उनकी विलक्षण प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने दर्शनशास्त्र (Philosophy) में एम.ए. की डिग्री स्वर्ण पदक (Gold Medal) के साथ हासिल की और बाद में श्रीमद् राजचंद्रजी की प्रसिद्ध रचना 'श्री आत्मीय सिद्धि शास्त्र' पर व्यापक शोध करते हुए पीएचडी (Ph.D.) की उपाधि प्राप्त की।श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर की स्थापना और वैश्विक प्रसारआध्यात्मिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार और समाज सेवा के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वर्ष 1994 में 'श्रीमद् राजचंद्र मिशन धरमपुर' (Shrimad Rajchandra Mission Dharampur) की स्थापना की। दक्षिण गुजरात के धरमपुर में स्थित इसका मुख्य आश्रम आज देश-विदेश के साधकों के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। वर्तमान समय में इस मिशन के केंद्र दुनिया भर के छह महाद्वीपों और 130 से अधिक देशों में फैले हुए हैं। गुरुदेवश्री भगवान महावीर के सिद्धांतों और श्रीमद् राजचंद्रजी के मार्ग का अनुसरण करते हुए लोगों को आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति का मार्ग दिखा रहे हैं। उनके अनुयायी उन्हें बेहद आदर से 'बापा' और 'गुरुदेव' कहकर संबोधित करते हैं।युवाओं के बीच क्यों इतने लोकप्रिय हैं गुरुदेवश्री राकेशजीरणबीर कपूर द्वारा उन्हें 'यूथ मैग्नेट' कहे जाने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण है। गुरुदेवश्री ने आधुनिक पीढ़ी की भाषा और उनकी जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए अध्यात्म को बेहद सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया है। युवाओं को सही दिशा देने के लिए मिशन द्वारा '5 एस' (सत्संग, साधना, सेवा, संस्कृति और खेल) का एक अनूठा ढांचा तैयार किया गया है। दुनिया भर में युवाओं के लिए विशेष केंद्र चलाए जाते हैं, जहां वे अपनी आंतरिक ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाना सीखते हैं। यही वजह है कि देश-विदेश के तमाम युवा, पेशेवर और फिल्मी हस्तियां उनकी सादगी और विचारों से आकर्षित होकर उनके आश्रम से जुड़ती हैं।समाज सेवा, स्वास्थ्य और मानवीय कार्यों में अभूतपूर्व योगदानगुरुदेवश्री राकेशजी केवल प्रवचन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका संगठन बड़े पैमाने पर परोपकारी और मानवीय कार्य करता है। उनके मार्गदर्शन में दक्षिण गुजरात और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। उनके द्वारा संचालित विशाल मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों और मेडिकल कैंपों के माध्यम से लाखों वंचित लोगों का मुफ्त इलाज और ऑपरेशन किया जाता है। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण के तहत आदिवासी महिलाओं को आजीविका का प्रशिक्षण देना, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा का प्रसार और आपदा राहत कार्यों में यह मिशन हमेशा सबसे आगे रहता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसी देश की कई दिग्गज हस्तियों ने भी उनके द्वारा किए जा रहे इन निस्वार्थ सेवा कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है।रणबीर कपूर का आध्यात्मिक जुड़ाव और 'बियॉन्ड' पुस्तक का विमोचनमुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन Center में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने जीवन के निजी अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि पिता बनने के बाद उनका झुकाव अध्यात्म की ओर और अधिक बढ़ गया है। इस विशेष अवसर पर रणबीर कपूर ने गुरुदेवश्री राकेशजी के जीवन और दर्शन पर आधारित एक प्रेरणादायक पुस्तक 'बियॉन्ड' (Beyond) का विमोचन भी किया। इस कार्यक्रम में सिनेमा जगत और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। गुरुदेवश्री राकेशजी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कैसे आधुनिक युग में प्राचीन भारतीय संस्कृति और मूल्यों को सहेजते हुए मानवता की सेवा की जा सकती है।
आतंकवाद पर किसी भी स्ट्राइक के लिए तैयार है भारत, राजनाथ ने पाक को चेताया
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत बातचीत में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई देश आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो बातचीत वहीं खत्म हो जाएगी। भारत सहयोग चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हित की कीमत पर नहीं।
सिंहस्थ की राह में आया CM मोहन यादव का पुश्तैनी घर, खुद तोड़ने पहुंचे
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए अपने पैतृक मकान का एक हिस्सा खुद तोड़ा.
दिल्ली के पास की ये 5 जगहें हैं बेहद खूबसूरत, वीकेंड पर बनाएं प्लान
Best One Day Trips Near Delhi: अगर दिल्ली की भागदौड़ से एक दिन के लिए ब्रेक लेना चाहते हैं तो दूर जाने की जरूरत नहीं है. दिल्ली-एनसीआर के आसपास कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां आप कुछ ही घंटों में पहुंचकर नेचर, इतिहास, आध्यात्मिकता और एडवेंचर का मजा ले सकते हैं.
घर बनाने से पहले खरीद लें 2 रुपये की ये चीज, सालों छत नहीं देखनी पड़ेगी
घर बनाने से पहले, खासकर छत और नींव ढलाई में छोटी से छोटी चीजों का ध्यान रखना पड़ता है. ऐसी ही एक छोटी सी चीज जिसकी कीमत सिर्फ 2 रुपये होती है. उसका इस्तेमाल कई बार लापरवाही की वजह से मिस्त्री नहीं करते हैं और ऐसे में पूरा घर हमेशा के लिए कमजोर हो सकता है.
'फिर पैदा हो गए हैं जिन्ना', SIR पर उठाए सवाल तो असदुद्दीन ओवैसी पर आगबबूला हो गए केंद्रीय मंत्री
गिरिराज सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी और राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में फिर से कई जिन्ना पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ओवैसी देश में शरिया कानून लागू करवाना चाहते हैं।
'राहुल को खुद नहीं पता EC पर हमले की वजह,' BJP नेता ने कसा तंज
BJP नेता चलवाड़ी नारायणस्वामी ने राहुल गांधी पर EC और CEC को जबरन निशाना बनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को खुद नहीं पता कि वे चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त पर हमला क्यों बोल रहे है.
ईरान के युद्धविराम प्रस्ताव को ट्रंप ने किया खारिज, देखें US Top-10
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 7 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया. वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक़, ईरान ने होर्मुज को खोलने और परमाणु बातचीत के बदले बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाने की बात कही थी. रिपोर्ट में दावा है कि नवंबर के मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर फिर हमले के संकेत दिए गए हैं. देखें यूएस टॉप-10.
सीएमआरएल रिश्वत मामला: सिर्फ ED के कहने पर FIR दर्ज नहीं कर सकती सरकार, बोले रमेश चेन्निथला
केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को कहा कि केवल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कहने पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा सकती। चेन्निथला ने कहा कि सीएमआरएल कथित रिश्वत मामले में कुछ मुद्दों पर स्पष्टता नहीं होने के कारण सरकार ने प्रारंभिक जांच का आदेश दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के खिलाफ नहीं है, लेकिन महाधिवक्ता की सलाह के अनुसार पहले प्रारंभिक जांच कराने का फैसला किया गया। पत्रकारों से बातचीत में चेन्निथला ने कहा कि शनिवार को केरल उच्च न्यायालय के समक्ष सरकार का पक्ष रखा गया था। उन्होंने कहा, ‘‘हम मामला दर्ज करने के खिलाफ नहीं हैं। हालांकि, महाधिवक्ता से मिली कानूनी राय के आधार पर हमने फैसला किया कि कुछ मामलों में स्पष्टता नहीं होने के कारण प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगाए गए आरोपों की प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।’’केरल के गृह विभाग ने बुधवार को सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके पति (एवं पूर्व मंत्री) पीए मोहम्मद रियास के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। ईडी ने कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल), जो एक निजी खनन कंपनी है और वीणा की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक के बीच कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर विजयन, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। वीण की कंपनी अब बंद हो चुकी है। चेन्निथला ने कहा कि केवल प्रवर्तन निदेशालय के प्राथमिकी दर्ज करने संबंधी अनुरोध के आधार पर मामला दर्ज नहीं किया जा सकता और सरकार ने प्राप्त कानूनी राय के अनुसार ही कदम उठाया है।
विकाराबाद के घर में लगी भीषण आग, 20 लाख कैश और सोने के गहने जलकर खाक
तेलंगाना के विकाराबाद में घर में लगी भीषण आग में करीब 20 लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए. पुलिस मामले की जांच कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.
रवि किशन का गोरखपुर में 'राजमहल', अंदर से आलीशान है बंगला
Ravi Kishan Gorakhpur Bungalow Tour: भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद ररवि किशन आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं. वो लैविश लाइफ जीते हैं. गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित नौका विहार इलाके में उनका आलीशान बंगला है.
प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली ...
राइज एंड फॉल 2 में सारा ने खोला क्रिकेटर्स के DM का राज!
रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' की प्रीमियर नाइट में सारा गुरपाल ने ऐसा खुलासा किया कि वीरेंद्र सहवाग भी हैरान नजर आए. सारा ने बताया कि कई क्रिकेटर्स उन्हें संदेश भेजते हैं. इसके बाद सहवाग ने उनका फोन देखने की बात कही और चैट देखकर मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी. सहवाग की टिप्पणी वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और शो की चर्चा बढ़ गई है.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने महाराष्ट्र के 75 फीसदी हिस्से में सूखा घोषित होने पर चिंता जताते हुए सरकार की डेटा सेंटर परियोजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि डेटा सेंटर पानी का उपयोग करते हैं, ऐसे में पहले से ही पानी की समस्या से जूझ रहे राज्य के लिए यह योजना ठीक है।
अब NTA की सुरक्षा CISF के पास, नए बदलाव के साथ करेगा काम
पेपर लीक के आरोपों और नीट यूजी परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए हैं. इसके लिए CISF की तैनाती भी की जा रही है.
17 अक्टूबर तक 6 राशियों पर मेहरबान सूर्य, बरसेगा पैसा
Surya Gochar 2026: सूर्य के कन्या राशि में गोचर से 17 अक्टूबर तक 6 राशियों के लिए समय खास माना जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार नौकरी, करियर और धन के मामले में लाभ मिल सकता है.
सऊदी अरब ने यमन के पुल पर बरसाए बम, देखें दुनिया आजतक
यमन में सऊदी अरब ने फिर हवाई हमला किया. इब्ब प्रांत में अल-दलील पुल बुरी तरह तबाह हो गए. हमले के बाद सऊदी अरब, हूती के ठिकानों पर लगातार हवाई हमले कर रहे हैं. देखें दुनिया आजतक.

30 C
