Revanth Reddy ने Rahul Gandhi की हिरासत को बताया गैरकानूनी, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
हैदराबाद, सात अक्टूबर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की निंदा करते हुए इसे ‘‘गैरकानूनी’’ और एक ‘‘नाकाम’’ सरकार के अहंकार का परिचायक बताया है। रेड्डी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार भारत, उसके संविधान और लोगों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में जारी संघर्ष से डरी हुई है। उन्होंने मौजूदा कार्रवाई की तुलना ब्रिटिश सरकार द्वारा लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों को मामूली आधार पर गिरफ्तार किए जाने से की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन अब जब लाखों नागरिक, खासकर युवा, मतदान के अधिकारों, लोकतंत्र और देश के भविष्य की रक्षा के इस संघर्ष का हिस्सा बन चुके हैं तो ऐसी कार्रवाइयां विपक्ष को रोक नहीं पाएंगी बल्कि अनजाने में हमें और मजबूत ही करेंगी।’’रेड्डी ने कहा, ‘‘ ‘ब्रिटिश जनता पार्टी’ यह समझ ले कि देश के लिए सब कुछ दांव पर लगाने के हमारे संकल्प और दृढ़ निश्चय में कोई कमी नहीं आएगी। भारत अपनी पूरी क्षमता के साथ तब तक संघर्ष करता रहेगा, जब तक राहुल गांधी के नेतृत्व वाली लोकतांत्रिक ताकतों की जीत नहीं हो जाती।’’राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा उन करीब 250 लोगों में शामिल हैं जिन्हें दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी भवन परिसर में आठ घंटे से अधिक समय तक धरना देने के बाद मंगलवार रात हिरासत में लिया था। इससे पहले उन्हें दिल्ली में निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने से रोक दिया गया था।
शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड्स के उतार-चढ़ाव से दूर रहने वाले पारंपरिक निवेशकों के लिए इंडिया पोस्ट (डाकघर) की बचत योजनाएं हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रही हैं। इनमें पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (Post Office Time Deposit - TD) उन निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है जो बिना किसी बाजार जोखिम के अपनी जमा पूंजी पर तय और गारंटीड मुनाफा चाहते हैं। यह योजना बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की तरह ही काम करती है, लेकिन इसमें केंद्र सरकार की 100% सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) मिलती है। यदि कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस टीडी में एकमुश्त ₹5,00,000 (₹5 लाख) जमा करने की योजना बना रहा है, तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि वह 3 साल की अवधि चुने या 5 साल की? दोनों ही अवधियों में ब्याज दर, कुल रिटर्न और टैक्स बेनिफिट्स के मामले में काफी अंतर है।3 साल और 5 साल की टीडी की मौजूदा ब्याज दरें और ब्याज गणना का नियमवित्त मंत्रालय द्वारा लघु बचत योजनाओं के लिए तय की गई ब्याज दरों के अनुसार, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट पर आकर्षक रिटर्न दिया जा रहा है:3-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (3-Year TD): इस पर 7.10% वार्षिक ब्याज दर लागू है।5-वर्षीय टाइम डिपॉजिट (5-Year TD): इस पर 7.50% वार्षिक ब्याज दर मिल रही है।ब्याज गणना का नियम: पोस्ट ऑफिस टीडी में ब्याज की गणना तिमाही आधार पर कंपाउंडिंग (Quarterly Compounding) के जरिए होती है, लेकिन इसका भुगतान सालाना आधार पर निवेशक के बचत खाते में जमा किया जाता है। मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ कंपाउंडेड ब्याज जुड़कर एकमुश्त बड़ी रकम बन जाती है।₹5 लाख जमा पर 3 साल बनाम 5 साल की टीडी: रिटर्न का पूरा गणितपैरामीटर3-वर्षीय पोस्ट ऑफिस TD5-वर्षीय पोस्ट ऑफिस TDजमा राशि (Principal)₹5,00,000₹5,00,000लागू ब्याज दर (Interest Rate)7.10% वार्षिक7.50% वार्षिकब्याज की गणना (Compounding)त्रैमासिक (Quarterly)त्रैमासिक (Quarterly)कुल अर्जित ब्याज (Total Interest)₹1,17,466₹2,24,974मैच्योरिटी पर कुल रकम (Maturity Value)₹6,17,466₹7,24,974धारा 80C टैक्स छूट (Tax Benefit)उपलब्ध नहीं₹1.5 लाख तक उपलब्ध (Old Regime)अतिरिक्त ब्याज का लाभ—₹1,07,508 अधिक कमाई₹5 लाख जमा पर किसमें मिलेगा कितना फायदा?ऊपर दी गई गणना से स्पष्ट है कि अवधि और ब्याज दर के अंतर से रिटर्न में बड़ा फासला पैदा होता है:3 साल की टीडी का गणित: ₹5,00,000 की राशि 7.10% वार्षिक (तिमाही कंपाउंडिंग) की दर से 3 साल में बढ़कर लगभग ₹6,17,466 हो जाएगी। यानी निवेशक को शुद्ध रूप से लगभग ₹1,17,466 का ब्याज मुनाफा मिलेगा।5 साल की टीडी का गणित: यदि यही ₹5 लाख की राशि 5 साल के लिए 7.50% वार्षिक दर पर जमा रखी जाती है, तो मैच्योरिटी पर कुल रकम बढ़कर ₹7,24,974 हो जाएगी। इस विकल्प में कुल ब्याज आय ₹2,24,974 होगी।सीधा अंतर: 5 साल की अवधि चुनने पर न केवल 0.40% ज्यादा ब्याज दर मिलती है, बल्कि लंबी अवधि के कंपाउंडिंग प्रभाव के चलते कुल रिटर्न में ₹1,07,508 का अतिरिक्त फायदा मिलता है।5 साल की टीडी का सबसे बड़ा एडवांटेज: धारा 80C के तहत टैक्स छूटरिटर्न के अलावा जो सबसे बड़ा कारक 5 साल की टीडी को 3 साल की टीडी से बेहतर बनाता है, वह है टैक्स छूट (Income Tax Deduction):इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 80C: यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) चुनते हैं, तो 5 साल की पोस्ट ऑफिस टीडी में जमा की गई राशि पर वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.50 लाख तक की टैक्स कटौती (Deduction) का क्लेम किया जा सकता है।3 साल की टीडी में कोई टैक्स छूट नहीं: 1, 2 और 3 साल की टीडी में निवेश करने पर धारा 80C के तहत कोई टैक्स बेनेफिट नहीं मिलता।ब्याज पर टैक्स का नियम: ध्यान रहे कि टीडी से मिलने वाला ब्याज निवेशक की कुल आय में जुड़ता है और उसके टैक्स स्लैब के अनुसार कर-योग्य होता है। यदि वित्तीय वर्ष में कुल ब्याज बैंक/डाकघर की सीमा से अधिक होता है, तो टीडीएस (TDS) काटा जा सकता है, जिसे फॉर्म 15G/15H जमा करके रोका जा सकता है।प्री-मैच्योर क्लोजर (समय से पहले निकासी) के क्या हैं नियम?पोस्ट ऑफिस टीडी में आपातकालीन स्थिति में खाता समय से पहले बंद कराने के सख्त नियम निर्धारित हैं:खाता खोलने की तारीख से 6 महीने पूरे होने से पहले कोई भी प्री-मैच्योर विड्रॉल संभव नहीं है।यदि खाता 6 महीने के बाद और 1 साल से पहले बंद कराया जाता है, तो उस पर टीडी की दर के बजाय केवल पोस्ट ऑफिस बचत खाते (Post Office Savings Account) का सामान्य ब्याज (वर्तमान में 4%) ही दिया जाएगा।2, 3 या 5 साल की टीडी को यदि 1 साल के बाद समय पूर्व बंद कराया जाता है, तो जितने पूरे साल खाता चला है, उस पर निर्धारित टीडी दर से 2% कम ब्याज काटकर भुगतान किया जाएगा।आपके लिए 3 साल या 5 साल: कौन सा विकल्प है सबसे बेहतर?वित्तीय योजनाकारों के अनुसार, दोनों अवधियों का चयन आपकी व्यक्तिगत वित्तीय जरूरतों पर निर्भर करता है:3-Year TD चुनें यदि: आपका कोई वित्तीय लक्ष्य (जैसे बच्चे की उच्च शिक्षा की अगली किस्त, गाड़ी की डाउनपेमेंट या घर का रिनोवेशन) अगले 3 साल के भीतर है और आप अपने पैसे को 5 साल तक लॉक नहीं करना चाहते।5-Year TD चुनें यदि: आपका लक्ष्य लंबी अवधि के लिए सुरक्षित वेल्थ क्रिएशन है, आप 80C के तहत ₹1.5 लाख की टैक्स बचत चाहते हैं और 7.50% की उच्चतम ब्याज दर के साथ ₹1.07 लाख से अधिक का एक्स्ट्रा मुनाफा कमाना चाहते हैं।
दिल्ली-एनसीआर से सटे हाईटेक शहर नोएडा में बीते 24 घंटे किसी बुरे सपने की तरह सामने आए हैं, जहाँ एक के बाद एक लगातार 15 मौतों की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शहर की अलग-अलग कॉलोनियों और सोसायटियों से आई इन खबरों ने हर किसी को सन्न कर दिया है-एक तरफ जहाँ 6 लोगों ने रहस्यमयी परिस्थितियों में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी, वहीं दूसरी तरफ 9 लोगों की अचानक हुई संदिग्ध मौतों ने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। क्या यह महज एक खौफनाक इत्तेफाक है, कोई गहरा मानसिक अवसाद या फिर पर्दे के पीछे छुपा कोई अदृश्य खौफ? एक ही दिन में घटी इन सनसनीखेज घटनाओं ने शहर में खामोश दहशत फैला दी है, और अब हर किसी की निगाहें पुलिस की उस अनसुलझी जांच पर टिकी हैं जो इन 15 मौतों के पीछे के काले सच को सामने लाएगी। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि नोएडा सेक्टर-39 थाना क्षेत्र की सदरपुर कॉलोनी में रहने वाले राजीव (40) ने मंगलवार रात अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। वह मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का रहने वाला था। पुलिस घटना के कारणों का पता लगा रही है। उन्होंने बताया कि सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला गांव में रहने वाले राजू (42) ने भी बीती रात अपने किराये के मकान में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसे भी पढ़ें: Greater Noida में युवती की खुदकुशी के बाद प्रेमी दीपक सोलंकी पर FIR आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-126 थाना क्षेत्र के असगरपुर गांव में रहने वाली सायरा बानो (24) ने मंगलवार रात अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर के जहांगीरपुर निवासी अंकित (26) ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के कारण जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसे भी पढ़ें: Guwahati के होमस्टे में छात्रा की संदिग्ध मौत, पुलिस ने साथी आशिक अली को दबोचा बीटा-2 थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि फेस-1 थाना क्षेत्र के नया बांस गांव निवासी अफजल (28) और बिसरख थाना क्षेत्र की एक सोसाइटी में रहने वाले मयंक गुप्ता (34) ने भी मंगलवार रात अपने-अपने घरों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। इसके अलावा दादरी थाना क्षेत्र में रहने वाले टीपू सुल्तान (28) और गुड़िया (32), बिसरख थाना क्षेत्र निवासी पुलकित गौतम (26), सेक्टर-39 थाना क्षेत्र निवासी संजय कुमार (30), बीटा-2 थाना क्षेत्र निवासी अखिलेश (25), खोड़ा कॉलोनी निवासी दिनेश उर्फ गुड्डू (40), सूरजपुर थाना क्षेत्र निवासी सोनू (32), फेस-2 थाना क्षेत्र निवासी मनीष (19) और जेवर थाना क्षेत्र के चरौली गांव निवासी कर्मवीर (48) की भी मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दिनेश उर्फ गुड्डू को उपचार के लिए नोएडा के सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सभी मामलों में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की आगामी समीक्षा बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों और बैंकिंग हलकों में हलचल तेज हो गई है। वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू खुदरा महंगाई के रुख को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दर यानी रेपो रेट (Repo Rate) में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) तक की बढ़ोतरी कर सकता है। रेपो रेट वह मानक दर है जिस पर वाणिज्यिक बैंक अपनी तात्कालिक जरूरतों के लिए केंद्रीय बैंक से उधारी लेते हैं। इसमें होने वाला कोई भी फेरबदल देश के पूरे बैंकिंग ढांचे, खुदरा ऋणों और सावधि जमा योजनाओं को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली और मुंबई सहित देश भर के कर्जदारों और बचतकर्ताओं के लिए यह जानना जरूरी है कि इस संभावित बढ़ोतरी के बाद किसे सीधा फायदा मिलने वाला है और किसकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।रेपो रेट बढ़ने से किसे होगा नुकसान?नीतिगत ब्याज दरों में इजाफे का सबसे पहला और नकारात्मक असर उन लोगों पर पड़ता है जो बैंक से कर्ज लिए हुए हैं या नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं:होम लोन धारक (Home Loan Borrowers): बैंकों के अधिकांश फ्लोटिंग रेट होम लोन 'एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट' (EBLR/RLLR) से जुड़े होते हैं। रेपो रेट बढ़ते ही बैंक अपनी उधारी दरों में स्वतः वृद्धि कर देते हैं। इससे या तो ग्राहक की मासिक ईएमआई बढ़ जाती है या फिर बैंक लोन की कुल अवधि (Tenure) 1 से 2 साल आगे बढ़ा देते हैं, जिससे कुल चुकाया जाने वाला ब्याज काफी बढ़ जाता है।कार, टू-व्हीलर और पर्सनल लोन उपभोक्ता: त्योहारी सीजन में नई कार या उपभोक्ता सामग्री खरीदने के लिए पर्सनल लोन लेने वालों को अब पहले के मुकाबले अधिक ब्याज दरों पर लोन मिलेगा, जिससे मासिक किस्त महंगी हो जाएगी।रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर: कर्ज महंगा होने से नए मकानों, फ्लैट्स और चौपहिया वाहनों की मांग पर अल्पकालिक सुस्ती आ सकती है, जिससे रियल्टी और ऑटो कंपनियों के शेयरों पर दबाव देखने को मिलता है।छोटे और मध्यम व्यवसायी (MSMEs): कार्यशील पूंजी (Working Capital) और बिजनेस क्रेडिट महंगा होने से उत्पादन और परिचालन लागत में इजाफा होता है, जिससे छोटे कारोबारियों का मुनाफा प्रभावित हो सकता है।रेपो रेट बढ़ने से किसे मिलेगा सीधा फायदा?जहां कर्जदारों के लिए यह खबर जेब पर भारी पड़ती है, वहीं बचतकर्ताओं और फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए ब्याज दरों का बढ़ना एक बड़ा अवसर लेकर आता है:बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशक: जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैंकों को अपनी क्रेडिट जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार से अतिरिक्त पूंजी जुटानी पड़ती है। इसके चलते वाणिज्यिक और स्मॉल फाइनेंस बैंक अपनी एफडी दरों में 15 से 35 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करते हैं।सीनियर सिटीजन्स और पेंशनभोगी: सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक जो अपनी आजीविका के लिए बैंक एफडी के तिमाही या मासिक ब्याज पर निर्भर हैं, उन्हें अब अपनी जमा पूंजी पर 8% से लेकर 8.50% तक का आकर्षक रिटर्न मिल सकता है, जिससे उनकी नियमित पेंशन आय में इजाफा होगा।नया डेट और बॉन्ड निवेशक: बॉन्ड यील्ड में सुधार होने से डेट म्यूचुअल फंड्स, सरकारी सिक्योरिटीज और कॉरपोरेट बॉन्ड्स में नए पैसे लगाने वाले निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बनती है।रुपये को मजबूती और महंगाई पर नियंत्रण: मौद्रिक सख्ती से बाजार में अत्यधिक लिक्विडिटी नियंत्रित होती है, जिससे लंबे समय में दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आती है और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को मजबूती मिलती है।रेपो रेट में 0.25% बढ़ोतरी: नफा और नुकसान का पूरा तुलनात्मक चार्टवर्ग / संपत्ति श्रेणीसंभावित प्रभावअसर की प्रकृतिमुख्य कारणहोम लोन (Floating EMI)ईएमआई या अवधि में इजाफानुकसानEBLR/RLLR सीधे रेपो रेट से जुड़ा होता है, बैंक तुरंत दरें बढ़ाते हैं।बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)1 से 3 साल की एफडी पर अधिक ब्याजफायदाबैंक अतिरिक्त जमा पूंजी आकर्षित करने के लिए दरें 0.20%-0.35% बढ़ाते हैं।सीनियर सिटीजन्समासिक/तिमाही ब्याज आय में बढ़ोतरीफायदा8.25% से 8.50% तक एफडी रिटर्न मिलने से पेंशन आय बढ़ती है।ऑटो व पर्सनल लोननए रिटेल लोन महंगे होंगेनुकसानउधारी की लागत बढ़ने से मासिक किस्त और प्रोसेसिंग खर्च बढ़ता है।रियल एस्टेट व रियल्टी स्टॉक्समकानों की खरीदारी में हल्की सुस्तीनुकसानहोम लोन महंगे होने से मध्यमवर्गीय खरीदार निर्णय टाल सकते हैं।आम उपभोक्ता (मुद्रास्फीति)महंगाई दर पर नियंत्रण की उम्मीदफायदामांग और लिक्विडिटी संतुलित होने से आवश्यक वस्तुओं के दाम स्थिर होते हैं।होम लोन की ईएमआई पर कैसे पड़ेगा असर? (₹40 लाख के लोन का गणित)यदि किसी उपभोक्ता का ₹40 लाख का होम लोन 20 वर्ष की अवधि के लिए 8.50% की ब्याज दर पर चल रहा है:वर्तमान ईएमआई: 8.50% की दर पर वर्तमान मासिक किस्त लगभग ₹34,713 बनती है।0.25% बढ़ोतरी के बाद (8.75%): नई मासिक ईएमआई बढ़कर ₹35,348 हो जाएगी।कुल वित्तीय प्रभाव: हर महीने ₹635 का अतिरिक्त खर्च और 20 वर्षों की पूरी अवधि में लगभग ₹1.52 लाख का अतिरिक्त ब्याज बैंक को चुकाना होगा।कर्जदारों के लिए 3 जरूरी बचाव उपायवार्षिक आंशिक पूर्व-भुगतान (Prepayment): यदि आपकी ईएमआई बढ़ती है, तो साल में एक बार अपनी बचत या बोनस से मूलधन का मात्र 5% हिस्सा चुकाएं। इससे लोन की बढ़ी हुई अवधि 3 से 4 साल घट जाती है।अवधि बढ़ाने के बजाय ईएमआई बढ़वाएं: बैंक अक्सर बिना पूछे लोन का कार्यकाल (Tenure) बढ़ा देते हैं। बैंक को लिखित निर्देश देकर कार्यकाल स्थिर रखें और मामूली बढ़ी हुई ईएमआई का भुगतान करें, ताकि कुल ब्याज का नुकसान न हो।बैलेंस ट्रांसफर की संभावना तलाशें: यदि आपका मौजूदा लेंडर अत्यधिक स्प्रेड वसूल रहा है, तो कम ब्याज दर और कम प्रोसेसिंग फीस वाले दूसरे बैंक में लोन ट्रांसफर का विकल्प जांचें।
अदन एयरपोर्ट पर हूतियों ने दागी दो मिसाइलें, PAK-तुर्की ने भेज दी मदद?
यमन के अदन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह हूतियों ने दो मिसाइलें दागीं. हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यमनी सरकारी सेना बाब अल-मंदेब के आसपास हूतियों के खिलाफ बड़ा अभियान चला रही है और सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन उसे हवाई मदद दे रहा है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय द्विमासिक समीक्षा बैठक के फैसलों की औपचारिक घोषणा आज सुबह 10:00 बजे गवर्नर द्वारा की जाएगी। वित्तीय बाजारों, अर्थशास्त्रियों और करोड़ों बैंक उपभोक्ताओं की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को 5.25% पर बरकरार रखेगा या फिर महंगाई को थामने के लिए नीतिगत दर में 25 बेसिस प्वाइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% पर ले जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में कुल 125 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती करने के बाद रिजर्व बैंक पिछली चार बैठकों से लगातार रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर बनाए हुए था। यदि आज यह वृद्धि घोषित होती है, तो यह फरवरी 2023 (जब दरें 6.50% तक बढ़ाई गई थीं) के बाद पहली बार दर वृद्धि (Rate Hike) का कदम होगा।पिछली 4 बार से क्यों स्थिर था रेपो रेट और अब बढ़ोतरी की अटकलें क्यों?पिछले चार द्विमासिक चक्रों के दौरान केंद्रीय बैंक ने देश में औद्योगिक गतिविधियों और विकास की रफ्तार को सहारा देने के लिए अपने रुख को 'न्यूट्रल' रखते हुए दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। हालांकि, मौजूदा बैठक में आर्थिक समीकरण तेजी से बदले हैं:खुदरा महंगाई में उछाल: खाद्य पदार्थों और सब्जियों की अस्थिर कीमतों के चलते खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) में हालिया महीनों में तेजी आई है।अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें: पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई तेजी से आयात बिल बढ़ने और चालू खाता घाटे पर दबाव की स्थिति बनी है।वैश्विक केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख: अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित वैश्विक वित्तीय बाजारों में बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तरों पर बने रहने से पूंजी निकासी का जोखिम बढ़ गया है, जिसे नियंत्रित करने के लिए घरेलू ब्याज दरों को आकर्षक बनाना जरूरी माना जा रहा है।संभावित 25 bps बढ़ोतरी (5.25% → 5.50%) का सीधा असरवित्तीय घटकमौजूदा स्थिति (5.25%)25 bps बढ़ोतरी के बाद (5.50%)आम जनता और बाजार पर तात्कालिक प्रभावहोम लोन ईएमआई (RLLR/EBLR)औसतन 8.50% वार्षिक दरबढ़कर 8.75% होने का अनुमान₹40 लाख के 20 वर्षीय लोन पर मासिक ₹635 और कुल ब्याज में ~₹1.5 लाख का इजाफाबैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)7.00% - 7.75% p.a.15 से 25 bps तक बढ़ने की संभावनावरिष्ठ नागरिकों और बचतकर्ताओं की फिक्स्ड ब्याज आय में बढ़ोतरीऑटो व पर्सनल लोनफ्लोटिंग दरें निम्नतम स्तर परनए व फ्लोटिंग कर्ज 0.25% महंगेत्योहारी सीजन में नई कार या कंज्यूमर ड्यूरेबल्स लोन की लागत में मामूली वृद्धिशेयर बाजार (Equities)संवेदनशील स्तर पर कारोबाररियल्टी और ऑटो शेयरों पर अल्पकालिक दबावबैंकिंग व एनबीएफसी सेक्टर के मार्जिन पर मिला-जुला असरकर्जदारों की ईएमआई पर कैसे पड़ेगा सीधा प्रहार?देश के सभी प्रमुख वाणिज्यिक बैंक (जैसे SBI, PNB, HDFC Bank, ICICI Bank) अपने फ्लोटिंग रेट रिटेल लोन्स को रेपो लिंक्ड एक्सटर्नल लेंडिंग रेट (EBLR/RLLR) से जोड़ते हैं। आरबीआई द्वारा रेपो रेट में बदलाव करते ही बैंक स्वतः अपनी उधारी दरें बढ़ा देते हैं। यदि किसी कर्जदार का ₹30 लाख का होम लोन 20 साल के लिए चल रहा है, तो 0.25% ब्याज दर बढ़ते ही या तो उसकी मासिक किस्त में लगभग ₹475 की वृद्धि हो जाएगी, अथवा बैंक लोन की अवधि (Tenure) 8 से 12 महीने आगे बढ़ा देगा।फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अवसरऋणधारकों के लिए जहां दर-वृद्धि चिंता का कारण बनती है, वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारियों और फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए यह फायदेमंद साबित होती है। रेपो रेट में इजाफा होने के बाद बैंकों को क्रेडिट ग्रोथ को पूरा करने के लिए जमा राशि आकर्षित करनी पड़ती है, जिसके चलते कमर्शियल और स्मॉल फाइनेंस बैंक अपनी 1 से 3 साल की एफडी दरों में 15 से 30 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी करेंगे। वरिष्ठ नागरिकों को चुनिंदा बैंकों में 8.25% से 8.50% तक के रिटर्न मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी।कर्ज के बढ़ते बोझ को संतुलित रखने के लिए 3 जरूरी सुझावआंशिक पूर्व-भुगतान (Part Prepayment): यदि आपकी ईएमआई बढ़ती है, तो साल में एक बार अपने बोनस या अतिरिक्त बचत से मूलधन का 5% चुकाएं; इससे बढ़ी हुई अवधि स्वतः घटकर पुरानी सीमा में आ जाती है।ईएमआई का विकल्प चुनें, अवधि का नहीं: बैंक सामान्यतः बिना पूछे लोन की अवधि बढ़ा देते हैं। बैंक को लिखित निर्देश देकर अवधि स्थिर रखते हुए मासिक ईएमआई बढ़वा लें, ताकि कुल ब्याज का भुगतान सीमित रहे।कम ब्याज वाले बैंक में बैलेंस ट्रांसफर: यदि आपका मौजूदा बैंक अत्यधिक लेंडिंग स्प्रेड ले रहा है, तो प्रतिस्पर्धी दरों वाले किसी अन्य बैंक में कम प्रोसेसिंग चार्ज पर होम लोन ट्रांसफर कराने का विकल्प देखें।
'बहन' संग कोजी हुआ यूट्यूबर! शेयर किया बेड, भावुक हुई GF
गेमिंग दुनिया के जाने-माने क्रिएटर स्काउट ओपी इस समय ट्रोल्स के निशाने पर हैं. एक्ट्रेस लव गिल को बहन बताने पर उनके लिए प्यार वाली फीलिंग्स का इजहार करने पर लोग स्काउट पर सवाल उठा रहे हैं. अब उनकी गर्लफ्रेंड काशवी का रिएक्शन भी सामने आ गया है.
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7000mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन Amazon India पर शुरू होने वाली सेल के दौरान सस्ते में मिलेगा. इस स्मार्टफोन का नाम OnePlus Nord CE6 Lite है. सेल के दौरान इस स्मार्टफोन पर 3,500 रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
आसमान में एक साथ गरजे कई देशों के विमान: तरंग शक्ति का भारतीय वायुसेना ने दिखाया शानदार नजारा; क्या है खास?
सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद नियमित मासिक या तिमाही आय सुनिश्चित करना हर वरिष्ठ नागरिक की पहली प्राथमिकता होती है। मौजूदा समय में जब एक तरफ केंद्र सरकार की गारंटी वाली सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) में 8.2% का आकर्षक वार्षिक ब्याज मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ चुनिंदा स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) और निजी बैंक स्पेशल टेन्योर एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को 8.25% से 8.50% (कुछ में 9% तक) का रिटर्न ऑफर कर रहे हैं। ऐसे में रिटायरमेंट ग्रैच्युटी, पीएफ या जीवनभर की जमा पूंजी को कहां पार्क किया जाए, यह सवाल लाखों पेंशनभोगियों और बुजुर्गों के सामने खड़ा है। केवल 'हेडलाइन रिटर्न' देखकर फैसला लेना नुकसानदेह हो सकता है; इसके लिए सॉवरेन गारंटी, टैक्स देनदारी, पेआउट फ्रीक्वेंसी और लिक्विडिटी को समझना जरूरी है।सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): 8.2% रिटर्न के साथ 100% सॉवरेन गारंटीडाकघर और अधिकृत राष्ट्रीयकृत/निजी बैंकों के जरिए संचालित होने वाली यह योजना भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा पूरी तरह समर्थित है:वर्तमान ब्याज दर और लॉक-इन: मौजूदा समय में SCSS पर 8.2% वार्षिक ब्याज मिल रहा है। इसका खाता 5 साल के लिए खुलता है, जिसे मैच्योरिटी के बाद 3 साल के अतिरिक्त ब्लॉक के लिए बढ़ाया जा सकता है।निवेश सीमा: एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम ₹30 लाख तक निवेश कर सकता है। यदि पति-पत्नी दोनों वरिष्ठ नागरिक हैं, तो दोनों अलग-अलग खाते खोलकर कुल ₹60 लाख तक निवेश कर सकते हैं।सुरक्षा: यह केंद्र सरकार की योजना है, इसलिए इसमें जमा मूलधन और ब्याज पर 100% सॉवरेन गारंटी (Sovereign Guarantee) होती है, यानी डूबने का जोखिम शून्य है।ब्याज भुगतान: इसका ब्याज हर तिमाही (1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी) सीधे आपके बैंक खाते में जमा होता है। इसमें मासिक भुगतान का विकल्प नहीं होता।टैक्स लाभ: ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत धारा 80C में ₹1.5 लाख तक की डिडक्शन मिलती है।बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): 8.5% तक रिटर्न, लेकिन क्या है रिस्क और शर्तें?बड़े कमर्शियल बैंक (SBI, HDFC, ICICI) जहां वरिष्ठ नागरिकों को 5 साल की एफडी पर लगभग 7.25% से 7.75% ब्याज दे रहे हैं, वहीं यूनिटी, सूर्योदय, उत्कर्ष और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक जैसे संस्थान 2 से 3 साल की विशेष अवधि पर 8.25% से 8.50% तक ब्याज की पेशकश कर रहे हैं:डीआईसीजीसी (DICGC) का ₹5 लाख सुरक्षा कवच: बैंक एफडी में आपका पैसा तभी तक पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है जब तक वह आरबीआई के डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के ₹5 लाख (मूलधन + ब्याज मिलाकर) के बीमा कवर के दायरे में है। ₹5 लाख से अधिक की जमा पर बैंक की वित्तीय सेहत का जोखिम रहता है।फ्लेक्सिबल पेआउट और टेन्योर: बैंक एफडी में आप अपनी जरूरत के अनुसार 1 साल, 2 साल, 3 साल या 5 साल का कार्यकाल चुन सकते हैं। साथ ही मासिक, तिमाही, छमाही या मैच्योरिटी पर एकमुश्त ब्याज (Cumulative) का विकल्प मिलता है।SCSS बनाम बैंक एफडी: आमने-सामने की विस्तृत तुलनाफीचर्स / पैरामीटरसीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS)बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (Bank FD)वर्तमान ब्याज दर8.20% p.a. (स्थिर दर)7.25% - 8.50% p.a. (बैंक और अवधि अनुसार)निवेश की अधिकतम सीमाअधिकतम ₹30 लाख प्रति व्यक्तिकोई ऊपरी सीमा नहीं (असीमित)पूंजी की सुरक्षा100% सॉवरेन गारंटी (भारत सरकार)DICGC के तहत प्रति बैंक अधिकतम ₹5 लाख तक बीमितअवधि (Tenure)5 वर्ष (3 वर्ष के लिए विस्तार संभव)7 दिन से 10 वर्ष (पसंदीदा विकल्प)ब्याज निकासी (Payout)केवल तिमाही (Quarterly)मासिक, तिमाही, वार्षिक या मैच्योरिटी परटैक्स छूट (Section 80C)₹1.5 लाख तक उपलब्ध (ओल्ड टैक्स रिजीम)केवल 5-वर्षीय टैक्स सेवर FD पर उपलब्धब्याज पर टैक्स (Section 80TTB)₹50,000 तक का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री₹50,000 तक का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्रीप्री-मैच्योर विड्रॉल1 साल बाद जुर्माने (1% से 1.5%) के साथ0.5% से 1% पेनाल्टी के साथ कभी भी संभवटैक्स देनदारी का गणित: 8.5% और 8.2% में हाथ में कितना बचेगा?वरिष्ठ नागरिकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि दोनों ही विकल्पों में अर्जित ब्याज आयकर स्लैब के अनुसार कर-योग्य (Taxable) होता है।आयकर कानून की धारा 80TTB के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सभी बैंक और डाकघर की जमा योजनाओं से मिलने वाले कुल ₹50,000 तक के वार्षिक ब्याज पर पूर्ण टैक्स छूट मिलती है।यदि आपकी कुल कर-योग्य आय टैक्स स्लैब के दायरे में आती है (जैसे 20% या 30%), तो 8.5% की बैंक एफडी का पोस्ट-टैक्स (टैक्स कटने के बाद) रिटर्न घटकर लगभग 5.95% से 6.80% रह जाएगा।अतः केवल 0.20% से 0.30% के अतिरिक्त ब्याज के लालच में किसी गैर-रेटेड या अत्यधिक जोखिम वाले संस्थान में पूरी जमा पूंजी लगा देना समझदारी नहीं है।निवेश का सबसे सुरक्षित और संतुलित 'हाइब्रिड फॉर्मूला'वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपनी पूंजी को किसी एक जगह लगाने के बजाय 'डायवर्सिफिकेशन' (विभाजन) का रास्ता अपनाना सबसे सुरक्षित माना जाता है:पहला कदम (SCSS को प्राथमिकता): यदि आपके पास रिटायरमेंट कॉर्पस उपलब्ध है, तो सबसे पहले अपनी ₹30 लाख की पूरी सीमा SCSS में निवेश करें। इससे 8.2% की दर पर हर तिमाही ₹61,500 (सालाना ₹2,46,000) की 100% सुरक्षित और गारंटीड आय सुनिश्चित हो जाएगी।दूसरा कदम (बैंक एफडी ₹5 लाख नियम): इसके अतिरिक्त बची हुई पूंजी को उच्च ब्याज देने वाले स्मॉल फाइनेंस या निजी बैंकों में लगाएं, लेकिन ध्यान रखें कि किसी भी एक बैंक में आपका कुल डिपॉजिट (मूलधन + ब्याज) ₹5 लाख से अधिक न हो। अलग-अलग 2 से 3 बैंकों में ₹4.5-₹4.5 लाख की एफडी कराकर आप 8.5% रिटर्न का लाभ भी ले सकते हैं और आपकी पूरी रकम डीआईसीजीसी के दायरे में सुरक्षित भी रहेगी।तीसरा कदम (इमरजेंसी लिक्विडिटी): 6 महीने के घरेलू खर्च के बराबर रकम (लगभग ₹2 से ₹3 लाख) किसी बड़े सरकारी बैंक (जैसे SBI) की फ्लेक्सी या ऑटो-स्वीप एफडी में रखें, ताकि अस्पताल या आपात स्थिति में बिना किसी भारी पेनाल्टी के तुरंत पैसा निकाला जा सके।
DU में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन, अच्छे पैकेज के साथ मिलेगा नौकरी का मौका
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए नौकरी और इंटर्नशिप का खास मौका है. आज कैंपस में प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन होना है. इसमें छात्रों को सबसे ज्यादा 10 लाख से ज्यादा का पैकेज और इंटर्नशिप में चयन होने वाले छात्रों को हर महीने 60,000 तक का स्टाइपेंड मिलेगा.
सत्ता में नरेंद्र मोदी के 25 साल... देशभर मे बीजेपी के कार्यक्रम, जापान से आई बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी और तब से लगातार 25 साल तक सरकार के मुखिया के रूप में सेवा दी है.
'PCS हूं, कुंवारी हूं' 12 साल घटाई उम्र, शादी के बाद खुली दुल्हन की पोल
फतेहगढ़ साहिब में शादी के लिए महिला को PCS अधिकारी और कुंवारी बताकर शादी करने के मामले में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. आरोप है कि उम्र कम दिखाने के लिए भी आधार कार्ड और पैन कार्ड में बदलाव किया गया. जन्मतिथि में 1980 से 1992 का बदलाव कर उम्र 12 साल कम दिखाई गई. पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू की है.
केदारनाथ में मौसम की मार, बिगड़ रही श्रद्धालुओं की तबीयत
केदारनाथ धाम की यात्रा में बदलता मौसम श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बना हुआ है. बारिश, बर्फबारी, तेज धूप, ठंड और ऑक्सीजन की कमी के चलते कई यात्रियों की तबीयत अचानक बिगड़ रही है. ऐसे समय में पुलिस और एसडीआरएफ के जवान बीमार श्रद्धालुओं को दुर्गम रास्तों से सुरक्षित हेलीपैड तक पहुंचा रहे हैं. चिकित्सकों की सलाह के बाद जरूरतमंद मरीजों को एयर एम्बुलेंस से एयर लिफ्ट किया जा रहा है.
Kainchi Dham में दर्शन के लिए प्रशासन का नया नियम!
कैंची धाम में पिछले सप्ताहांत 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन को लेकर बड़ा कदम उठाया है. कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रद्धालुओं के अनिवार्य पंजीकरण, पार्किंग, यातायात, शटल सेवा और मंदिर में अलग प्रवेश-निकास व्यवस्था पर चर्चा हुई. फिलहाल 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं की संख्या को संभालने योग्य सीमा मानने का प्रस्ताव है. शासन की मंजूरी के बाद व्यवस्था लागू होगी.
7 अक्टूबर, लखनऊ। यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 1,01,970 करोड़ रुपये का आईटी-आईटीईएस निर्यात हुआ। पांच साल पहले 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।आईटी-आईटीईएस निर्यात में यह बढ़ोतरी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), दोनों में दर्ज हुई है। पांच साल के आंकड़े देखें तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से कुछ ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।एसटीपीआई से निर्यात हुआ दोगुनाएसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।एसईजेड की रफ्तार ज्यादाविशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 1,01,970 करोड़ रुपये पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।बढ़ेंगे रोजगार के अवसरमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दिखाता है।
राहुल-प्रियंका पर केस दर्ज करने की मांग, आकाशवाणी भवन में घुसने का आरोप
आकाशवाणी भवन में एंट्री को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस को शिकायत मिली है. शिकायत में नेताओं पर जबरन परिसर में घुसने का आरोप लगाया गया है. पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है.
5 स्टार होटल की पार्किंग में नागालैंड की लड़की से बदसलूकी, दोस्तों पर हमला
दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित एक फाइव-स्टार होटल की पार्किंग में नागालैंड की युवती और उसके दोस्तों पर हॉकी स्टिक और लोहे की रॉड से हमला हुआ. पुलिस ने तीन आरोपियों दिव्यांशु, गौरव और मोहित को गिरफ्तार किया है.
पढ़ें 7 अक्टूबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टी20 टीम में धमाकेदार वापसी हुई है. भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी टी20 मैच साल 2022 में खेला था.
देश की प्रमुख सरकारी तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL)—ने आज बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 की सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नवीनतम खुदरा मूल्य जारी कर दिए हैं। वैश्विक कच्चे तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के लिए आज राहत भरी खबर है। तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा रेट चार्ट के अनुसार, आज देश भर के प्रमुख महानगरों और राज्यों में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है और दरें स्थिर बनी हुई हैं। त्योहारी सीजन के आगाज के साथ ही रोजमर्रा के आवागमन, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स से जुड़े कारोबारियों के लिए ईंधन के दामों में स्थिरता एक बड़ा संबल बनकर उभरी है, जिससे आवश्यक वस्तुओं और सब्जियों की परिवहन लागत नियंत्रित रहने की उम्मीद है।दिल्ली, मुंबई, लखनऊ से पटना तक: महानगरों में क्या हैं आज के ताजा रेट?राज्य स्तर पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (VAT), स्थानीय उपकर और मालभाड़े (Freight Charges) के अंतर के चलते देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भिन्न दर्ज की जाती हैं। आज 7 अक्टूबर को देश के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है।आर्थिक राजधानी मुंबई: पेट्रोल ₹111.21 प्रति लीटर और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में स्थानीय निकाय कर और वैट की ऊंची दरों के कारण ईंधन अन्य महानगरों से महंगा बना हुआ है।उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में आज पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर के स्तर पर दर्ज किया गया है।नोएडा व ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे यूपी के इस औद्योगिक शहर में पेट्रोल ₹101.96 प्रति लीटर और डीजल ₹95.12 प्रति लीटर बिक रहा है।कोलकाता (पश्चिम बंगाल): महानगर कोलकाता में पेट्रोल की कीमत ₹113.51 प्रति लीटर और डीजल ₹99.85 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है।चेन्नई (तमिलनाडु): दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में पेट्रोल ₹107.74 प्रति लीटर और डीजल ₹99.55 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।बिहार की राजधानी पटना: पटना में पेट्रोल ₹105.48 प्रति लीटर और डीजल ₹92.27 प्रति लीटर के आसपास दर्ज किया गया है।बेंगलुरु और हैदराबाद: आईटी हब बेंगलुरु में पेट्रोल लगभग ₹102.86 प्रति लीटर और हैदराबाद में ₹107.41 प्रति लीटर के आसपास कारोबार कर रहा है।अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का बाजार और घरेलू कीमतों का सीधा कनेक्शनभारतीय खुदरा ईंधन बाजार अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कच्चे तेल (Brent Crude Oil) की कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर पर गहराई से निर्भर करता है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरतों का 85% से अधिक हिस्सा विदेशों से आयात करता है। हालिया दिनों में पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और लाल सागर मार्ग में आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें 75 से 78 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में झूल रही हैं। हालांकि, वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती और चीन में ऊर्जा मांग की धीमी रफ्तार ने तेल की कीमतों में बेतहाशा उछाल पर ब्रेक लगा रखा है। भारतीय तेल विपणन कंपनियां 15 दिनों के अंतरराष्ट्रीय औसत मूल्य और विदेशी मुद्रा दरों का आकलन करने के बाद दैनिक आधार पर घरेलू कीमतों को संतुलित करती हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय झटकों का सीधा असर आम भारतीय उपभोक्ता की जेब पर न पड़े।हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम अलग क्यों होते हैं?अक्सर आम नागरिकों के मन में यह सवाल उठता है कि दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के करीब है, जबकि मुंबई या कोलकाता में यह ₹111 से ₹113 तक क्यों पहुंच जाता है। इसके पीछे भारत का जटिल कर ढांचा जिम्मेदार है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल भारत पहुंचता है, तो रिफाइनरियां उसे पेट्रोल और डीजल में परिवर्तित करती हैं। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty), तेल कंपनियों का रिफाइनरी और ट्रांसपोर्टेशन मार्जिन, पेट्रोल पंप डीलर का कमीशन और अंत में संबंधित राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला वैट (Value Added Tax) जुड़ता है। चूंकि हर राज्य की सरकार अपनी वित्तीय नीतियों और राजस्व जरूरतों के अनुसार वैट की दरें अलग-अलग तय करती है, इसलिए राज्य की सीमा बदलते ही पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में 5 से 12 रुपये तक का भारी अंतर देखने को मिलता है।घर बैठे अपने मोबाइल से कैसे चेक करें आज का सटीक पेट्रोल-डीजल रेटयदि आप सुबह गाड़ी की टंकी फुल कराने पेट्रोल पंप पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो आप घर से निकलने से पहले ही मात्र एक साधारण एसएमएस (SMS) भेजकर अपने नजदीकी पंप का आज का सटीक रेट जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के उपभोक्ता: अपने फोन के मैसेज बॉक्स में जाएं, टाइप करें RSP पेट्रोल पंप डीलर कोड और इसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: टाइप करें RSP डीलर कोड और इसे 9223112222 पर सेंड करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के उपभोक्ता: टाइप करें HPPRICE डीलर कोड और इसे 9222201122 पर एसएमएस करें।एसएमएस भेजते ही कुछ ही सेकंड्स में संबंधित तेल कंपनी की ओर से आपके मोबाइल पर एक जवाबी संदेश आएगा, जिसमें आपके क्षेत्र में आज का लागू पेट्रोल और डीजल का प्रति लीटर भाव साफ-साफ दर्ज होगा। इसके अतिरिक्त इंडियन ऑयल के 'IndianOil ONE' ऐप और बीपीसीएल के 'Urja' ऐप के जरिए भी जीपीएस लोकेशन के आधार पर आसपास के सभी फिलिंग स्टेशनों के लाइव रेट देखे जा सकते हैं।त्योहारी सीजन में ईंधन स्थिरता का घरेलू बजट पर क्या होगा असरअक्टूबर का महीना भारत में आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है। नवरात्रि से शुरू होकर दशहरा, करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली तक चलने वाले इस लंबे त्योहारी सीजन में निजी वाहनों का आवागमन कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियों की डिलीवरी, कपड़ा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कृषि उपज की मंडियों तक ढुलाई में डीजल का भारी उपयोग होता है। ऐसे नाजुक समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों का स्थिर रहना महंगाई दर को नियंत्रित रखने में ढाल का काम करेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के नीचे टिकी रहीं, तो आगामी हफ्तों में भी घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों में कोई बड़ी बढ़ोतरी होने की आशंका नहीं है, जो मध्यमवर्ग और छोटे व्यवसायियों के लिए एक बड़ी वित्तीय राहत है।
शादी के बीच आचानक झुकने लगी छत... कुर्सियां लेकर दौड़े गेस्ट, VIDEO वायरल
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में शादी की रिसेप्शन पार्टी के दौरान अचानक तेज बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई. छत पर पानी और ओलों का वजन बढ़ने से वह नीचे झुकने लगी. इसके बाद मेहमानों ने कुर्सियों से छत को सहारा देने की कोशिश की.
Pak सॉन्ग 'चलड़े चलड़े वाल' इंडिया में बना सेंसेशन, धड़ल्ले से बने रील
पाकिस्तानी सरायकी लोकगीत 'चलड़े चलड़े वाल' सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस गाने को पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के रीमेक ने भारत में लोकप्रियता दिलाई है. जानें इस गाने का इतिहास...
थाई महिला से शादी रचाने वाला 3 बच्चों का बाप इरफान गिरफ्तार!
कानपुर में थाईलैंड की महिला की शिकायत पर पुलिस ने कारोबारी मोहम्मद इरफान को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इरफान ने खुद को अविवाहित बताकर उससे शादी की, ₹60 लाख ठगे और बाद में धर्मांतरण का दबाव बनाया. पीड़ित के घर पहुंचने पर विवाद के बाद अनवरगंज पुलिस ने मामला दर्ज किया.
श्रेयस अय्यर ब्रिगेड 9 अक्टूबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी 20 मैच के लिए आज रांची पहुंच रही है। 9 अक्टूबर के लिए रांची शहर में कई मार्गों पर पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है।
महाअष्टमी और महानवमी कब है? दूर करें तिथि का कंफ्यजून
Shardiya Navratri Maha Ashtami & Maha Navami 2026: इस बार नवरात्र में महाअष्टमी और महानवमी की तारीख को लेकर कई लोगों के मन में भ्रम बना हुआ है. आखिर महाअष्टमी कब मनाई जाएगी और महानवमी किस दिन पड़ेगी? कन्या पूजन, हवन और मां दुर्गा की विशेष आराधना के लिए सही तिथि जानना बेहद जरूरी है.
क्या आपकी EMI बढ़ेगी? लोन लेने वालों को झटका या राहत... थोड़ी देर में RBI का फैसला
RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आज रेपो रेट को लेकर बड़ा ऐलान करने वाला है. गवर्नर संजय मल्होत्रा महज कुछ देर बाद MPC Meeting में लिए गए फैसलों की जानकारी देंगे.
गार्डन की कटी घास से बनाएं खाद, तेजी से बढ़ेंगी हरी सब्जियां
How To Make Nitrogen Rich Liquid Fertilizer From Cut Grass: लॉन या गार्डन की कटाई के बाद निकलने वाली कटी घास केवल कचरा नहीं, बल्कि पौधों के लिए पोषण का बड़ा खजाना है. कटी घास को पानी में 10-14 दिनों तक गलाकर तैयार की जाने वाली ये लिक्विड खाद पालक, मेथी, धनिया और लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियों को भरपूर नाइट्रोजन देती है. जानिए घर पर ही फ्री में ऑर्गेनिक लिक्विड फर्टिलाइजर बनाने का आसान तरीका.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को कहा कि राहुल गांधी से हाथापाई करने और उन्हें हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें देखकर वह बहुत परेशान हैं। उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित किए जाने के विरोध में हुए प्रदर्शन पर सरकार की प्रतिक्रिया शर्मनाक है। थरूर ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों के साथ संसद भवन परिसर से यहां निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक निकाले गए मार्च में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि वह जर्मनी के बर्लिन में थे। उन्होंने भरोसा जताया कि न्याय जरूर मिलेगा। थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से हाथापाई करने और उन्हें हिरासत में ले जाने की तस्वीरें देखकर मैं बहुत परेशान हूं। उन्होंने कहा, चार महीने पहले बर्लिन में एक सम्मेलन में जाने की प्रतिबद्धता के कारण मैं केवल दूर से अपनी एकजुटता व्यक्त कर सकता हूं। लेकिन मेरा दिल नयी दिल्ली में है। यह बयान तब आया जब दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA ब्लॉक के कई अन्य नेताओं को आकाशवाणी भवन परिसर से हिरासत में ले लिया। इससे पहले विपक्ष ने संसद से निर्वाचन सदन (ECI मुख्यालय) तक मार्च निकाला था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए की गई थी। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी बिना अनुमति परिसर में घुस आए थे और उन्होंने धरना दिया था। आरोप है कि गांधी ने वह जगह खाली करने से इनकार कर दिया और कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक वहीं रहेंगे जब तक सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को ECI अधिकारियों से मिलने का समय नहीं दिया जाता। पुलिस ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 10:30 बजे सोशल मीडिया के ज़रिए संसद भवन से निर्वाचन सदन तक INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च के बारे में पता चला। पुलिस का कहना है कि मार्च की अनुमति के लिए नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के कार्यालय में कोई आवेदन नहीं दिया गया था, और इसलिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस के अनुसार, बार-बार निर्देश न मानने पर 10 सांसदों सहित लगभग 260 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं को किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइंस ले जाया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। इससे पहले, जब INDIA ब्लॉक के नेताओं को ECI की ओर बढ़ने से रोका गया, तो कांग्रेस नेताओं ने आकाशवाणी भवन में धरना शुरू कर दिया था। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा कि प्रदर्शनकारी तब तक नहीं हटेंगे जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता। वेणुगोपाल ने X पर एक पोस्ट में कहा, अडिग। बेफिक्र। हम तब तक नहीं हटेंगे जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक हमारे लोकतंत्र को 'वोट चोरों' से बचाया नहीं जाता। यह विरोध प्रदर्शन, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के व्यापक लोकतंत्र बचाओ अभियान का हिस्सा था। ये घटनाक्रम 'इंडियन एक्सप्रेस' की उस रिपोर्ट के बाद सामने आए जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया के दौरान 14 आपत्तियां उठाई थीं। चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। विपक्षी पार्टियों ने भी फ़ॉर्म 6 में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि उसने SIR प्रक्रिया के दौरान नए वोटरों को रजिस्टर करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फ़ॉर्म 6 के किसी भी बदले हुए वर्शन को मंज़ूरी नहीं दी है।
VIDEO: कुएं में गिरा तेंदुआ, वन विभाग ने ऐसे किया रेस्क्यू
गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के सावनी गांव में एक तेंदुआ अचानक कुएं में गिर गया. कुएं में तेंदुए को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और वन विभाग को सूचना दी गई. जानकारी मिलते ही वेरावल वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सावधानी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
कपड़ों के नीचे छिपाया 2.25 करोड़ का सोना, DRI ने यात्री को दबोचा
DRI ने हैदराबाद के शमशाबाद एयरपोर्ट पर करीब 2.25 करोड़ रुपये का सोना जब्त किया है. अधिकारियों ने एक यात्री को गिरफ्तार किया है. उसके बैग में कपड़ों के नीचे 1.481 किलो सोने के बिस्किट छिपाए गए थे.
1973 में देव आनंद की फिल्म आई थी 'छुपा रुस्तम' इस फिल्म में देव साहब के साथ हेमा मालिनी की जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई थी. इस फिल्म का एक गाना भी काफी पसंद किया गया था जिसे किशोर कुमार ने अपने अंदाज से सुपरहिट बना दिया.
यूपी के शिक्षामित्रों को दिवाली से पहले मिलेगी डबल से ज्यादा सैलरी, सरकार ने जारी किया बजट
UP Shiksha Mitra Mandeya 2026: उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया गया था, जिसके बाद अब उन्हें दो महीने की बढ़ी हुई सैलरी दी जा रही है. त्योहारों से पहले हजारों सिक्षामित्रों के लिए ये एक बड़ा तोहफा है.
राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले लोगों को फिलहाल गर्मी, तीखी धूप और चिपचिपी उमस से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए साप्ताहिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में 12 अक्टूबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। मानसून के आधिकारिक तौर पर वापस लौटने के बाद आसमान पूरी तरह साफ और आंशिक रूप से बादलों वाला (Partly Cloudy) बना रहेगा, जिसके चलते दिन के समय धूप की तपिश लोगों को पसीने से तरबतर करेगी। लखनऊ, जयपुर और चंडीगढ़ की तरह दिल्ली-एनसीआर के इलाकों—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद—में भी उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं के सक्रिय होने से अक्टूबर के महीने में भी तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है।36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा पारा: जानिए पूरे हफ्ते के तापमान का अनुमानमौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (RWFC Delhi) के आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे हफ्ते दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक बने रहने के आसार हैं:अधिकतम तापमान (Day Temperature): 8 अक्टूबर से 12 अक्टूबर के बीच दिन का पारा 33C से लेकर 36C के आसपास झूलता रहेगा। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप के कारण चुभन भरी गर्मी का अहसास होगा।न्यूनतम तापमान (Night Temperature): रात के समय तापमान 20C से 24C के बीच रिकॉर्ड किया जा सकता है। देर रात और तड़के हल्की ठंडक महसूस होगी, लेकिन दिन चढ़ते ही सूरज की किरणें फिर से गर्मी का माहौल बना देंगी।बारिश का अलर्ट नहीं: मौसम वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि आने वाले 5 से 6 दिनों में कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) मैदानी इलाकों को प्रभावित नहीं कर रहा है, जिससे दिल्ली में बारिश की संभावना लगभग शून्य है।प्रदूषण और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का हाल: हवा हुई 'मध्यम' श्रेणी में दर्जगर्मी के साथ-साथ दिल्लीवासियों के लिए सांसों का संकट भी धीरे-धीरे सिर उठाने लगा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वायु गुणवत्ता बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) फिलहाल 'मध्यम' (Moderate) श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है:प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों का हाल: राजधानी के आनंद विहार में एक्यूआई 111, अशोक विहार में 116, आया नगर में 118, चांदनी चौक में 155, आईजीआई एयरपोर्ट पर 141 और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 145 दर्ज किया गया है। वहीं, नरेला और आईआईटी दिल्ली जैसे कुछ इलाकों में एक्यूआई 197 से 199 तक पहुंच गया है, जो 'खराब' श्रेणी के मुहाने पर है।हवा की धीमी रफ्तार बनी मुसीबत: बारिश न होने और हवा की गति धीमी (Calm to 4-8 किमी/घंटा) रहने के कारण स्थानीय स्तर पर वाहनों के धुएं, निर्माण कार्य की धूल और कचरा जलाने से निकलने वाले प्रदूषक कण वायुमंडल के निचले स्तर पर ही फंस रहे हैं।आने वाले दिनों में पराली और ग्रैप (GRAP) के कड़े नियमों की आहटअक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में जैसे-जैसे पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान की कटाई के बाद पराली जलाने (Stubble Burning) की घटनाएं रफ्तार पकड़ेंगी, वैसे ही दिल्ली की हवा में 'जहरीले स्मॉग' (Smog) की चादर गहरी होने की आशंका बढ़ जाएगी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। यदि एक्यूआई 200 के पार जाकर 'खराब' (Poor) या 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में प्रवेश करता है, तो दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण तुरंत लागू किया जा सकता है, जिसके तहत खुले में निर्माण सामग्री रखने, सड़कों पर धूल उड़ाने और डीजल जनरेटर के अनियंत्रित उपयोग पर सख्त पाबंदियां लगेंगी।डॉक्टर्स की सलाह: अक्टूबर की धूप और बदलते मौसम से ऐसे करें बचावमौसम में आ रहे इस दोहरे बदलाव (दिन में तेज गर्मी और रात में हल्की ठंडक) के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है:डिहाइड्रेशन से बचें: दोपहर के समय बाहर निकलते समय पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नींबू पानी का सेवन करें ताकि पसीने से शरीर में पानी की कमी न हो।मास्क का इस्तेमाल: सुबह की सैर पर जाने वाले बुजुर्गों और सांस के मरीजों को धूल-धक्कड़ और बढ़ते पीएम 2.5 के असर से बचने के लिए मास्क पहनने की सलाह दी जाती है।एसी और पंखे का तापमान: दिन में चिलचिलाती गर्मी के बाद अचानक अत्यधिक ठंडे कमरे (लो टेंपरेचर एसी) में जाने से बचें, क्योंकि तापमान के अचानक बदलाव से मौसमी वायरल, खांसी-जुकाम और गले में खराश की समस्या तेजी से फैलती है।
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसमी गतिविधियों ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पूर्वी असम व आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला तेज होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि भले ही उत्तर भारत में धीरे-धीरे गुलाबी ठंड की दस्तक हो रही हो, लेकिन पूर्वी सीमाओं पर बादलों का जमावड़ा बना हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर अचानक तेज आंधी और आकाशीय बिजली (Lightning Strikes) गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।बंगाल से सिक्किम तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी: भूस्खलन का बढ़ा खतरामौसम विभाग ने विशेष रूप से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल (Sub-Himalayan West Bengal) और सिक्किम के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में 8 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक तेज पानी बरसने के आसार हैं। सिक्किम के उच्च और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी के जलस्तर में इजाफा होने और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए पर्यटकों व स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही गंगीय पश्चिम बंगाल (कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना) में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और छिटपुट बारिश का अनुमान है।इन सात राज्यों में बिजली गिरने (Lightning) और आंधी का अलर्टआईएमडी द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, वायुमंडलीय अस्थिरता और बादलों के तीव्र घर्षण के कारण निम्नलिखित सात राज्यों में वज्रपात (ठनका गिरने) और तेज गरज-चमक का मुख्य अलर्ट जारी किया गया है:1. असम: ब्रह्मपुत्र घाटी और कछार के निचले इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की प्रबल संभावना।2. मेघालय: खासी और जयंतिया हिल्स के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का खतरा।3. अरुणाचल प्रदेश: सीमावर्ती पहाड़ी जिलों में भारी बादलों की गर्जना और बिजली का अलर्ट।4. नागालैंड: कोहिमा और दीमापुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ वज्रपात का जोखिम।5. मणिपुर: घाटी और पहाड़ी दोनों इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका।6. मिजोरम: दक्षिणी और मध्य भागों में तेज बौछारों के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी।7. त्रिपुरा: अगरतला समेत राज्य के सभी जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट।किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरीआकाशीय बिजली से होने वाले जान-माल के नुकसान से बचाव के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग ने विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहें: गरज-चमक शुरू होते ही खेतों, खुले मैदानों या अकेले ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें, क्योंकि बिजली सबसे ऊंचे बिंदुओं पर गिरने की संभावना अधिक होती है।इलेक्ट्रिक उपकरणों और जलस्रोतों से दूरी: बारिश और बिजली कड़कने के दौरान तालाबों, नदियों और गीले बिजली के खंभों से दूर रहें। घरों के भीतर टीवी, कंप्यूटर और फ्रिज जैसे उपकरणों के प्लग निकाल दें।दामिनी ऐप (Damini App) का उपयोग: नागरिक अपने स्मार्टफोन में मौसम विभाग का 'दामिनी' ऐप डाउनलोड करें, जो 20 से 40 मिनट पहले ही आपके स्थान पर संभावित बिजली गिरने की सटीक पूर्व चेतावनी देता है।
वैश्विक वित्तीय बाजारों से आ रहे आर्थिक संकेतों के बीच बहुमूल्य धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में सुस्ती और मुनाफावसूली का दौर देखा जा रहा है। विदेशी वायदा बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर सोने और चांदी के भाव ऊपरी स्तरों से फिसलकर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जिसका सीधा असर भारतीय घरेलू बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी साफ देखने को मिल रहा है। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे प्रमुख सर्राफा बाजारों में त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं और लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह नरमी चर्चा का विषय बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) में आई मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के नीतिगत रुख को लेकर बने सतर्क माहौल के चलते विदेशी ट्रेडर्स ने गोल्ड और सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स में हल्की बिकवाली की है, जिससे बुलियन कीमतों में यह तकनीकी सुधार (Correction) दर्ज हुआ है।आखिर विदेशी बाजारों में क्यों सस्ता हुआ सोना और चांदी?विदेशी बाजारों में कीमती धातुओं के टूटने और दाम नीचे आने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार माने जा रहे हैं:मजबूत डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के स्थिर और मजबूत होने से अन्य विदेशी मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी तात्कालिक मांग पर दबाव पड़ता है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त भी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों (Non-Yielding Assets) जैसे सोने के प्रति आकर्षण को थोड़ा सीमित करती है।फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर नजर: अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के भविष्य के पथ और आर्थिक आंकड़ों को लेकर आ रहे बयानों ने सटोरियों को अपनी लॉन्ग पोजीशंस हल्की करने पर मजबूर किया है। जब तक ब्याज दरों में कटौती का स्पष्ट और आक्रामक रोडमैप सामने नहीं आता, तब तक बड़े संस्थागत निवेशक ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली करते दिख रहे हैं।तकनीकी मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले सत्रों में सोने और चांदी द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड स्तरों के बाद ट्रेडर्स ने सुरक्षित मुनाफा बांधने के लिए बिकवाली की। विशेष रूप से चांदी में, जहां औद्योगिक मांग के साथ-साथ भारी उतार-चढ़ाव रहता है, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स की तरफ से मुनाफावसूली ज्यादा तेज देखी गई।घरेलू सर्राफा और एमसीएक्स पर क्या है मौजूदा रुझान?विदेशी बाजारों में आई इस नरमी का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजारों पर पड़ा है। एमसीएक्स (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे खुदरा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में कुछ सौ रुपयों की राहत देखने को मिली है। चांदी की कीमतों में भी प्रति किलोग्राम स्तर पर तकनीकी गिरावट आई है। हालांकि, भारतीय बाजार में रुपये और डॉलर (USD/INR) की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव और आयात शुल्क के गणित के कारण अंतरराष्ट्रीय गिरावट का पूरा लाभ कभी-कभी घरेलू खरीदारों को सीधे नहीं मिल पाता, फिर भी मौजूदा स्तरों को त्योहारी सीजन से ठीक पहले एक राहत भरा तकनीकी सुधार माना जा रहा है।मौजूदा गिरावट में निवेशकों को किन 5 अहम बातों पर रखना चाहिए फोकस?यदि आप सोने या चांदी में नया निवेश करने की सोच रहे हैं या पहले से निवेशक हैं, तो बाजार विश्लेषकों के अनुसार इन पांच बुनियादी बिंदुओं पर ध्यान देना बेहद जरूरी है:एकमुश्त खरीदारी के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' (Buy on Dips): कमोडिटी बाजार में कभी भी सारा पैसा एक ही झटके में न लगाएं। विदेशी बाजारों में आई इस तरह की 1% से 2% की हर गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से (Staggered Manner) छोटी-छोटी किस्तों में खरीदारी करें। यह रणनीति आपकी औसत खरीद लागत को संतुलित रखती है।फिजिकल गोल्ड बनाम डिजिटल/ईटीएफ विकल्प: आभूषण खरीदने पर 10% से 25% तक मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी लगता है, जिससे रीसेल वैल्यू घटती है। यदि आपका उद्देश्य केवल विशुद्ध निवेश और वेल्थ क्रिएशन है, तो गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या गोल्ड म्यूचुअल फंड्स का विकल्प चुनें, जहां न तो शुद्धता का कोई झंझट होता है और न ही स्टोरेज व मेकिंग चार्ज का नुकसान।चांदी में उतार-चढ़ाव (Volatility) के लिए तैयार रहें: सोना एक पारंपरिक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है, जबकि चांदी एक हाइब्रिड धातु है जिसकी लगभग 50% से अधिक खपत सौर ऊर्जा (Solar PV Cells), इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में होती है। इसलिए वैश्विक मंदी या औद्योगिक सुस्ती के दौर में चांदी सोने की तुलना में ज्यादा तेजी से गिरती या चढ़ती है। चांदी में निवेश करते समय कम से कम 3 से 5 साल का लंबी अवधि का नजरिया रखें।भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर सतर्क नजर: पश्चिम एशिया और पूर्वी यूरोप में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण सोने को हमेशा एक मजबूत अंडरलाइंग सपोर्ट हासिल रहता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई अप्रत्याशित संकट गहराता है, निवेशक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर सोने की ओर दौड़ते हैं, जिससे कीमतें दोबारा उछल सकती हैं। इसलिए किसी भी अचानक गिरावट को घबराहट की बिक्री में न बदलें।पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन का नियम (10-15% आवंटन): वित्तीय योजनाकारों का स्पष्ट नियम है कि अपने कुल वित्तीय पोर्टफोलियो का 10% से अधिकतम 15% हिस्सा ही सोने-चांदी में रखना चाहिए। इसे महंगाई से बचाव (Hedge against Inflation) और शेयर बाजार की मंदी के खिलाफ सुरक्षा कवच के रूप में देखें, न कि रातों-रात अमीर बनने वाले सट्टा साधन के रूप में।त्योहारी सीजन और शादियों की मांग से कीमतों को मिलेगा सहाराअक्टूबर का महीना भारत में नवरात्रि, करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों का समय होता है, जिसके तुरंत बाद देश भर में शादियों का सघन सीजन शुरू हो जाता है। ऐतिहासिक रूप से भारतीय घरेलू बाजार में त्योहारी मांग के चलते अक्टूबर और नवंबर के महीनों में फिजिकल गोल्ड और सिल्वर की खपत चरम पर रहती है। सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी बाजारों में आई यह नरमी घरेलू खरीदारों के लिए एडवांस बुकिंग और ज्वेलरी खरीदारी का बेहतर मौका दे रही है। जैसे ही त्योहारी सीजन की फिजिकल लिवाली रफ्तार पकड़ेगी, स्थानीय प्रीमियम के चलते घरेलू कीमतों को निचली सतह से मजबूत सपोर्ट मिलने की पूरी संभावना है।
भारत-WI मैच में बखेड़ा... कैच लिया, फिर भी OUT नहीं हुए ईशान
लखनऊ में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज को करारी हार झेलनी पड़ी. वेस्टइंडीज के लिए सबसे बड़ी निराशा यही रही कि अहम मौकों पर मिले मौके हाथ से निकलते गए, जबकि भारतीय टीम ने उनका पूरा फायदा उठाकर मुकाबला एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया.
जनसेवा के 25 साल... श्री विनायक मंदिर में PM की पूजा, जापानी PM ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्षों का कार्यकाल पूरा होने पर दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की. जापान के प्रधानमंत्री ने भी सोशल मीडिया पर PM मोदी को बधाई दी.
ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर कपिल सिब्बल की तारीफ करने लगे रिजिजू, उनका भाषण भी सुनाया
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा सांसद और यूपीए सरकार में मंत्री रह चुके कपिल सिब्बल का एक पुराना भाषण शेयर कर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर सवाल उठाया है।
यूट्यूबर अनुराग डोभाल एक बार फिर से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में आ गए हैं. इस बार उन पर मारपीट के आरोप लगे हैं. पुलिस ने बताया कि सोमवार रात हरिद्वार बाईपास रोड के पास हुए झगड़े के बाद अनुराग और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया.
ऑस्ट्रेलिया छोड़ 1 करोड़ की कार के साथ भारत लौटा NRI कपल, कहा- 'यहीं बसेंगे'
NRI लवलीन वत्स अपनी पत्नी कोर्टनी वत्स और अपने 5 बच्चों के साथ भारत वापस लौट आए हैं. उनका कहना है कि वो अब वापस उस देश नहीं जाएंगे.
27 KM का माइलेज, सनरूफ के साथ दमदार SUV, 5.64 लाख से कीमत शुरू, दशहरा में ले आएं घर
लगभग 5 लाख की शुरुआती रेंज में आप इलेक्ट्रिक सनरूफ और 27.1km तक माइलेज वाली शानदार SUV घर ला सकते हैं. इस लिस्ट में Tata Punch, Hyundai Exter और Maruti Brezza शामिल हैं.
75 लाख का बनाया घर, बेटे-बहू ने निकाला बाहर? बुजुर्ग दंपती का वीडियो वायरल
आगरा के एक बुजुर्ग दंपती ने आरोप लगाया कि उनके बेटे और बहू ने उन्हें घर से निकाल दिया. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले पर प्रतिक्रिया दी. पुलिस के मुताबिक, मामला संपत्ति के मालिकाना हक और बंटवारे से जुड़ा है और अदालत में चल रहा है.
ईडी ने कॉर्पोरेट घरानों, PSU और बैंकों से जुड़े 200 करोड़ रुपये के CSR फंड रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है।
बांग्लादेश ने भारत पर उठाई उंगली, गंगा जल समझौते पर बोला- अब इसे बदलना होगा
भारत-बांग्लादेश के बीच गंगा जल समझौते को लेकर बांग्लादेशी नदी विशेषज्ञ ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने मौजूदा समझौते को दोषपूर्ण बताते हुए पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और नदी के प्रवाह को शामिल करने वाले नए समझौते की जरूरत बताई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का 7 और 8 अक्टूबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा टाल दिया गया है।
नेता हो तो ऐसा! फ्रांस में छात्रों को पुलिस के लाठीचार्ज से बचाने के लिए ढाल बने मेयर, वीडियो वायरल
पूरे फ्रांस में 15 से 17 साल के बच्चों वाले सैकड़ों हाई स्कूलों के गेट पर छात्र और टीचर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. वे टीचरों की कमी, बहुत ज्यादा काम वाले टाइम-टेबल, खराब सुविधाओं वाले क्लासरूम और बढ़ती गर्मी में बिना एसी वाली इमारतों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.
Shreyas Iyer के शतक से टीम इंडिया की धमाकेदार जीत
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारत ने पहले टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. 172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रेयस अय्यर ने नाबाद 102 रन की तूफानी पारी खेली. ईशान किशन ने भी नाबाद 37 रन बनाए. इससे पहले नमन धीर ने पदार्पण मैच में 3 विकेट लेकर गेंदबाजी में कमाल किया.
इंडिया मोबाइल कांग्रेस आज से दिल्ली में शुरू, कल PM करेंगे उद्घाटन
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 की आज से शुरूआत होने जा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल इसका उद्घाटन करेंगे. इसमें देश-विदेश से कई लोग, कंपनियां और स्टार्टअप आदि शामिल होंगे. यह इवेंट नई दिल्ली में हो रहा है और इस दौरान 6G व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर फोकस रहेगा.
RBI MPC Meeting के फैसलों का ऐलान थोड़ी देर में होने वाला है. बुधवार को रेपो रेट 25 bps बढ़कर 5.50% होने की उम्मीद है. महंगाई, क्रूड और बाजार की नजर RBI के आगे के रुख पर है.
पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण भू-राजनीतिक संघर्ष और लगातार बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के घातक हमले की तीसरी बरसी पर देश भर में 'सर्वोच्च अलर्ट' (High Alert) घोषित कर दिया है। तीन साल पहले आज ही के दिन हमास के लड़ाकों ने गाजा पट्टी से इजरायल के दक्षिणी इलाकों में घुसकर इतिहास के सबसे बड़े और खौफनाक आतंकी हमलों में से एक को अंजाम दिया था। अब खुफिया एजेंसियों से मिले विशिष्ट इनपुट्स और ईरान तथा उसके सहयोगी संगठनों द्वारा प्रतीकात्मक तारीख पर बड़े जवाबी हमले करने की धमकियों के मद्देनजर इजरायल रक्षा बल (IDF), मोसाद, शिन बेट और आंतरिक पुलिस तंत्र को चौबीसों घंटे युद्ध स्तर पर तैनात कर दिया गया है। तेल अवीव, यरुशलम, हाइफा से लेकर गाजा और लेबनान सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा बलों ने जमीन से लेकर आसमान तक कड़ा पहरा बिठा दिया है।ईरान और 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' से चौतरफा हमले की आशंकाइजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) और सैन्य कमांडरों का मानना है कि इस संवेदनशील तारीख का इस्तेमाल तेहरान और उसके प्रॉक्सी नेटवर्क—जिन्हें 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' कहा जाता है—प्रतीकात्मक बदला लेने और मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने के लिए कर सकते हैं।बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन खतरे: हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच सीधे हुए मिसाइल टकरावों के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) बैलिस्टिक मिसाइलों और लंबी दूरी के सुसाइड ड्रोन से इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।लेबनान से हिजबुल्लाह का मोर्चा: उत्तरी सीमा पर हिजबुल्लाह के बचे हुए लड़ाके सीमावर्ती बस्तियों और सैन्य चौकियों पर रॉकेटों की सघन बौछार कर सकते हैं।हूती विद्रोही और इराकी मिलिशिया: यमन के हूती विद्रोही लाल सागर और इजरायल के दक्षिणी बंदरगाह शहर इलात को निशाना बनाकर क्रूज मिसाइलें दाग सकते हैं, जबकि इराक स्थित शिया मिलिशिया समूहों की ओर से भी ड्रोन हमलों का इनपुट मिला है।एयर डिफेंस सिस्टम्स सक्रिय: आयरन डोम और एरो-3 24 घंटे तैनातसंभावित मिसाइल और हवाई हमलों को बेअसर करने के लिए इजरायल ने अपनी बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली (Multi-Tier Air Defense) को पूर्ण युद्धक स्थिति में एक्टिवेट कर रखा है:आयरन डोम (Iron Dome): गाजा और लेबनान से दागे जाने वाले कम दूरी के रॉकेटों और मोर्टार हमलों को हवा में ही ध्वस्त करने के लिए सभी बैटरियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।डेविड्स स्लिंग (David's Sling): मध्यम दूरी की भारी मिसाइलों और भारी गाइडेड रॉकेटों को रोकने के लिए तैनात है।एरो-2 और एरो-3 (Arrow Defense System): वायुमंडल के बाहर से आने वाली लंबी दूरी की ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने के लिए एरो सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही अमेरिकी नौसेना और क्षेत्रीय सहयोगियों के रडार व मिसाइल इंटरसेप्टर जहाज भी पूर्वी भूमध्य सागर और लाल सागर में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार खड़े हैं।सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सेना और नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरीआईडीएफ ने गाजा सीमा और लेबनान के ब्लू लाइन से सटे इलाकों में अतिरिक्त इन्फैंट्री ब्रिगेड और बख्तरबंद दस्तों की तैनाती की है। इजरायल के होम फ्रंट कमांड (Home Front Command) ने नागरिकों के लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी की हैं:तेल अवीव, हाइफा और यरुशलम समेत बड़े शहरों में सार्वजनिक सभाओं और 7 अक्टूबर के स्मृति कार्यक्रमों पर कड़ी सुरक्षा और सीमित संख्या के नियम लागू किए गए हैं।नागरिकों को अपने मोबाइल फोन पर इमरजेंसी सायरन अलर्ट ऐप को एक्टिव रखने और सायरन बजते ही 90 सेकंड के भीतर नजदीकी 'बॉम्ब शेल्टर' (सुरक्षित बंकर) में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।वेस्ट बैंक (यहूदिया और सामरिया) में संभावित आतंकी वारदातों और लोन-वुल्फ हमलों को रोकने के लिए चेकपोस्ट्स पर वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है।इसके साथ ही इजरायल सरकार ने विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों और यहूदी समुदाय के लिए भी वैश्विक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भीड़भाड़ वाली जगहों पर हिब्रू भाषा बोलने से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।तीन साल बाद भी अनसुलझा पश्चिम एशिया का सबसे बड़ा संकट7 अक्टूबर 2023 की घटना को आज तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। उस दिन हुए हमले में लगभग 1,200 से अधिक इजरायली नागरिक मारे गए थे और 250 से अधिक लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था। इसके बाद शुरू हुए युद्ध ने पूरे पश्चिम एशिया को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें गाजा में बड़े पैमाने पर तबाही हुई और संघर्ष लेबनान, सीरिया, यमन व ईरान तक फैल गया। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक सभी बंधकों की वापसी नहीं हो जाती और हमास व अन्य आतंकी नेटवर्कों की सैन्य रीढ़ पूरी तरह नहीं टूट जाती, तब तक इजरायल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। दुनिया भर की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद मध्य पूर्व में शांति बहाली एक पेचीदा चुनौती बनी हुई है, और आज की तीसरी बरसी पर दोनों पक्षों के बीच किसी भी अप्रत्याशित सैन्य टकराव से क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा युद्ध भड़कने का खतरा मंडरा रहा है।
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह का नया भोजपुरी गाना ‘बिहारी के दम’ रिलीज होते ही छा गया है. गाने में नीलम गिरी संग उनकी केमिस्ट्री और जोशीला अंदाज देखने को मिल रहा है.
बंगाल में ASDD वोटर लिस्ट ऑनलाइन, नाम छूटा है तो फिर भर सकेंगे Form 6
SIR के दौरान ASDD कैटेगरी में दर्ज वोटरों की लिस्ट पश्चिम बंगाल में ऑनलाइन कर दी गई है. पात्र मतदाता नाम छूटने पर ऑनलाइन या BLO के जरिए Form 6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं.
पश्चिमी यूरोपीय देश फ्रांस एक बार फिर बड़े पैमाने पर नागरिक अशांति और सड़कों पर तीखे विरोध प्रदर्शनों की आग में घिर गया है। सरकारी शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर, स्कूलों के वार्षिक बजट में भारी कटौती और शिक्षकों के हजारों रिक्त पदों को समाप्त करने की सरकारी योजना के विरोध में पूरा देश हड़ताल की चपेट में आ गया है। शिक्षक यूनियनों, छात्र संगठनों और आम नागरिकों के संयुक्त आह्वान पर राजधानी पेरिस समेत देश के कई बड़े शहरों में जबरदस्त रैलियां निकाली गईं। आंतरिक मंत्रालय और मजदूर यूनियनों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 2.66 लाख से अधिक प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ आरोप है कि इमैनुएल मैक्रों प्रशासन सरकारी स्कूलों की उपेक्षा कर निजीकरण को बढ़ावा दे रहा है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।पेरिस, ल्योन और मार्सिले में भड़की हिंसा: पुलिस ने बरसाईं लाठियां और छोड़े आंसू गैस के गोलेराजधानी पेरिस की सड़कों पर स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब 'प्लेस डी ला रिपब्लिक' और 'प्लेस डे ला नेशन' के बीच मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के मुख्य जुलूस में कुछ उपद्रवी तत्व घुस गए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्रालय की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कई स्थानों पर कचरे के डिब्बों में आग लगाकर बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने और सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए तैनात फ्रांसीसी दंगा रोधी पुलिस (CRS) ने भारी वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले (Tear Gas) दागे। ल्योन, मार्सिले, टूलूज़ और नैनटेस जैसे शहरों में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें दर्ज की गईं, जहां दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया और कई पुलिसकर्मी व प्रदर्शनकारी घायल हो गए।आखिर क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें और हड़ताल की वजहफ्रांस के प्रमुख शिक्षक यूनियनों (FSU, CGT duc'action और SUD ducation) ने सरकार के आगामी बजट ड्राफ्ट के खिलाफ मोर्चा खोला है। शिक्षकों और अभिभावकों के मुख्य विरोध बिंदु इस प्रकार हैं:शिक्षकों के पदों में भारी कटौती का विरोध: सरकार ने वित्तीय घाटे को पाटने के लिए प्राथमिक और माध्यमिक सरकारी स्कूलों से हजारों शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है, जिसका सीधा असर क्लासरूम में छात्रों की संख्या पर पड़ेगा।वेतन वृद्धि और बेहतर कार्य परिस्थितियां: बढ़ती मुद्रास्फीति और जीवन-यापन के भारी खर्च के मुकाबले शिक्षकों के वेतन में लंबे समय से कोई ठोस संशोधन नहीं हुआ है, जिससे योग्य युवा इस पेशे से दूर हो रहे हैं।स्कूलों के बुनियादी ढांचे के लिए फंड की कमी: कई ग्रामीण और उपनगरीय इलाकों के सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं, हीटिंग और बुनियादी शैक्षणिक संसाधनों के लिए बजट में लगातार कटौती की जा रही है।निजी स्कूलों के पक्षपात का आरोप: यूनियनों का दावा है कि सरकारी खजाने का पैसा निजी और संभ्रांत स्कूलों को सब्सिडी देने में खर्च हो रहा है, जबकि आम जनता के पब्लिक स्कूल उपेक्षा के शिकार हैं।सार्वजनिक सेवाओं और स्कूल संचालन पर पड़ा देशव्यापी असरइस व्यापक विरोध प्रदर्शन और हड़ताल के चलते पूरे फ्रांस में प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में ताले लटक गए हैं। कई बड़े शहरों में लगभग 40% से 50% प्राथमिक स्कूल पूरी तरह बंद रहे, जिससे लाखों कामकाजी अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों के समर्थन में रेलवे, मेट्रो और बस परिवहन यूनियनों के आंशिक रूप से शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी चरमरा गई। अस्पतालों और नगरपालिका कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडलों ने भी शिक्षा बचाओ मार्च में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे यह आंदोलन केवल शिक्षकों तक सीमित न रहकर एक व्यापक सामाजिक आक्रोश में बदल चुका है।मैक्रों सरकार के सामने नई राजनीतिक और सामाजिक चुनौतीसंसदीय गतिरोध और आर्थिक सुधारों को लेकर पहले से दबाव झेल रही फ्रांसीसी सरकार के लिए यह जनविद्रोह एक नई और गंभीर चुनौती बन गया है। विपक्षी दलों ने संसद में शिक्षा बजट को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है और तत्काल आपातकालीन फंडिंग जारी करने की मांग की है। वहीं, प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्रालय ने स्थिति को शांत करने के लिए यूनियन नेताओं को वार्ता की मेज पर आने का न्योता दिया है, लेकिन यूनियनों ने साफ कर दिया है कि जब तक बजट कटौती का फैसला वापस नहीं लिया जाता और नए शिक्षकों की भर्ती सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक देशव्यापी आंदोलन और हड़ताल का यह सिलसिला अनवरत जारी रहेगा।
विपक्ष के हंगामे के बीच टला मुख्य चुनाव आयुक्त का छत्तीसगढ़ दौरा: जानिए क्या है पूरा मामला?
दिल्ली में SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़ते टकराव के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा टल गया है। CEC आज छत्तीसगढ़ दौरे पर जाने वाले थे। विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 6 दिनों से प्रदर्शन कर ...
टेलीविजन के सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो बिग बॉस 20 (Bigg Boss 20) के घर में इन दिनों हाई-वोल्टेज ड्रामा, तीखे विवाद और बदलते समीकरण दर्शकों को लगातार बांधे हुए हैं। घर के भीतर दोस्ती और दुश्मनी के पैमाने हर बीतते दिन के साथ बदल रहे हैं, लेकिन हालिया एपिसोड में कुछ ऐसा देखने को मिला जिसने न केवल दर्शकों को भावुक कर दिया बल्कि शो की पूर्व विजेता और जानी-मानी अभिनेत्री गौहर खान (Gauahar Khan) को भी झकझोर कर रख दिया। संगीत रियलिटी शो 'फेम गुरुकुल' के विजेता रह चुके और अपनी सादगी के लिए पहचाने जाने वाले कंटेस्टेंट काजी तौकीर (Qazi Touqeer) जब अपने ही करीबी दोस्तों के विश्वासघात के बाद फूट-फूट कर रोते नजर आए, तो गौहर खान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। गौहर ने सोशल मीडिया पर खुलकर काजी के समर्थन में आवाज उठाई और घर के स्वार्थी व मौकापरस्त कंटेस्टेंट्स की धज्जियां उड़ाते हुए सख्त टिप्पणी की।आखिर क्या था वह वाकया जिसने काजी तौकीर को रोने पर किया मजबूरबिग बॉस 20 के घर में हुए हालिया लग्जरी बजट और नॉमिनेशन टास्क के दौरान काजी तौकीर के साथ उनके ही तथाकथित 'फ्रेंडशिप ग्रुप' ने बड़ा खेल कर दिया। जिस ग्रुप के लिए काजी पहले दिन से अपनी वफादारी निभाते आ रहे थे और हर संकट में ढाल बनकर खड़े रहे, उसी समूह के सदस्यों ने रणनीतिक फायदे और खुद को सुरक्षित करने के लिए ऐन मौके पर काजी की पीठ में छुरा घोंप दिया। टास्क के दौरान जब काजी को अपनी टीम से सुरक्षा और समर्थन की उम्मीद थी, तब उनके अपने ही दोस्तों ने योजनाबद्ध तरीके से उन्हें नॉमिनेट कर दिया और विरोधी गुट के साथ गुप्त समझौता कर लिया। दोस्तों के इस दोहरे चरित्र और अचानक हुए विश्वासघात को काजी सहन नहीं कर पाए। वे गार्डन एरिया और बाथरूम कॉर्नर में अकेले बैठकर फफक-फफक कर रोते दिखाई दिए, जिसे देखकर दर्शकों और टीवी इंडस्ट्री के सितारों का दिल पसीज गया।गौहर खान ने लगाई कंटेस्टेंट्स की क्लास: 'अल्लाह ऐसे दोस्त किसी को ना दे'बिग बॉस सीजन 7 की विनर रहीं और शो की हर बारीक रणनीति को अच्छी तरह समझने वाली गौहर खान हमेशा से सच के साथ खड़ी नजर आती हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम स्टोरी पर काजी के रोने वाले वीडियो क्लिप पर तीखी प्रतिक्रिया दी। गौहर ने लिखा, काजी तौकीर का यह दर्दनाक रूप देखकर मेरा दिल टूट गया है। वह एक सच्चा, संवेदनशील और साफ दिल का इंसान है जो इस शो में दिखावे के बिना अपने जज्बातों के साथ खेल रहा है। लेकिन उसके तथाकथित दोस्तों ने जिस बेशर्मी से अपने फायदे के लिए उसकी भावनाओं का सौदा किया, वह बेहद घिनौना है। अल्लाह ऐसे मतलबी दोस्त किसी को ना दे जो सामने से गले लगाएं और पीठ में खंजर घोंप दें। काजी, तुम मजबूत रहो, पूरी जनता तुम्हारी सच्चाई देख रही है! गौहर के इस कड़े बयान ने सोशल मीडिया पर आग की तरह सुर्खियां बटोर ली हैं।सोशल मीडिया पर काजी तौकीर को मिला भारी जनसमर्थनगौहर खान के इस मुखर पोस्ट के बाद इंटरनेट पर काजी तौकीर के समर्थन में भारी लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर #StandWithQazi, #QaziTouqeer और #BiggBoss20 जैसे हैशटैग्स तेजी से ट्रेंड करने लगे हैं। लाखों फैंस ने गौहर की बात का पुरजोर समर्थन करते हुए उन कंटेस्टेंट्स को सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया है जिन्होंने काजी को धोखा दिया था। नेटिजन्स का कहना है कि बिग बॉस के घर में रणनीतिक खेल खेलना जायज है, लेकिन किसी इंसान की मासूमियत और भरोसे का इस तरह सरेआम मजाक बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। कई पूर्व कंटेस्टेंट्स और टेली-सेलेब्स ने भी काजी के शांत स्वभाव और उनके वास्तविक व्यक्तित्व की सराहना करते हुए उन्हें बिना डरे आगे का खेल खेलने की सलाह दी है।क्या 'वीकेंड का वार' पर सलमान खान लेंगे धोखेबाजों की क्लास?इस पूरे भावनात्मक घटनाक्रम और बाहर उपजे भारी जनआक्रोश के बाद अब दर्शकों की निगाहें आने वाले 'वीकेंड का वार' (Weekend Ka Vaar) एपिसोड पर टिक गई हैं। घर के भीतर जिस तरह से काजी को कॉर्नर करके उन्हें मानसिक रूप से आहत किया गया, उसको लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि शो के होस्ट सलमान खान (Salman Khan) इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। फैंस मांग कर रहे हैं कि सलमान उन कंटेस्टेंट्स के दोहरे चेहरे को सबके सामने बेनकाब करें जिन्होंने दोस्ती की आड़ में काजी के साथ विश्वासघात किया। गौहर खान की इस बेबाक प्रतिक्रिया ने शो के अंदरूनी समीकरणों को बाहर से एक नई दिशा दे दी है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि काजी इस झटके के बाद खुद को कैसे संभालते हैं और विरोधियों को अपने खेल से क्या जवाब देते हैं।
पंजाब में CBI की गाड़ी पर कौन और क्यों बरसाने लगा फूल
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर घुम्मन के खिलाफ CBI कार्रवाई के बाद संगरूर में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. CBI टीम की गाड़ियों पर फूल बरसाए गए और ढोल-भांगड़े के साथ कार्रवाई का स्वागत किया गया.
प्राइम वीडियो की दो सीजन और 16 एपिसोड वाली वेब सीरीज, जिसका बजट100 करोड़ था. इस सीरीज में 56 सेलेब्स ने कैमियो किया था. अमीरों की चकाचौंध वाली जिंदगी के अंदर की सच्चाई दिखाती है ये दो सीजन वाली सीरीज.
देश के करोड़ों बैंक ग्राहकों, होम लोन धारकों और वित्तीय बाजारों की नजरें आज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता में चल रही मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक बैठक के फैसलों पर टिकी हुई हैं। वित्तीय बाजारों, अर्थशास्त्रियों और बैंकिंग विशेषज्ञों के बीच इस बात की प्रबल संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय बैंक बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं पर लगाम लगाने के लिए नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी का कड़ा फैसला ले सकता है। यदि आज यह वृद्धि लागू होती है, तो रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% के स्तर पर पहुंच जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह कदम करीब 44 महीने (फरवरी 2023 के बाद) के लंबे अंतराल के बाद उठाया जाने वाला पहला दर-वृद्धि (Rate Hike) फैसला होगा। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों के कारोबारी गलियारों से लेकर आम नौकरीपेशा वर्ग तक इस संभावित फैसले के नफा-नुकसान का आकलन शुरू हो चुका है, क्योंकि रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर बैंक कर्ज, फिक्स्ड डिपॉजिट और दैनिक घरेलू बजट पर पड़ता है।आखिर 44 महीने बाद आरबीआई को क्यों उठाना पड़ रहा है यह सख्त कदम?अर्थव्यवस्था में लंबे समय तक नीतिगत दरों को स्थिर रखने के बाद केंद्रीय बैंक के सामने ऐसे कई गंभीर आर्थिक कारक आ खड़े हुए हैं, जिन्होंने दरों में बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं:खुदरा महंगाई (CPI Inflation) का दबाव: खाद्य पदार्थों की अस्थिर कीमतों और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती लागत के चलते खुदरा मुद्रास्फीति रिजर्व बैंक के 4% के मध्यम अवधि लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है। आगामी तिमाहियों में महंगाई के 5% के पार जाने के जोखिम को नियंत्रित करने के लिए मौद्रिक सख्ती जरूरी मानी जा रही है।अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी भारत जैसे प्रमुख आयातक देश के लिए आयात बिल और चालू खाता घाटे का दबाव बढ़ा रही है।डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिरता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व और प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली और मजबूत डॉलर इंडेक्स के चलते भारतीय रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी से रुपये को सहारा मिलने और पूंजी के बहिर्गमन को थामने में मदद मिलेगी।मजबूत घरेलू मांग और क्रेडिट ग्रोथ: भारतीय अर्थव्यवस्था में निजी खपत और बैंक ऋण की मांग में मजबूत विस्तार देखा जा रहा है। अत्यधिक लिक्विडिटी के कारण अर्थव्यवस्था के ओवरहीट होने के जोखिम को टालने के लिए भी केंद्रीय बैंक 'हॉकिश' रुख अपना सकता है।आम कर्जदारों पर सीधा प्रहार: होम, कार और पर्सनल लोन की ईएमआई में इजाफायदि रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो जाता है, तो इसका सबसे त्वरित और सीधा असर आम कर्जदारों की जेब पर पड़ेगा। देश के अधिकांश वाणिज्यिक बैंक (जैसे SBI, HDFC Bank, ICICI Bank, PNB) अपने फ्लोटिंग रेट रिटेल लोन्स को रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR/EBLR) से जोड़कर रखते हैं।होम लोन पर असर: लंबी अवधि के होम लोन पर 0.25% की वृद्धि भी कुल ब्याज देनदारी में लाखों रुपये का इजाफा कर देती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी ग्राहक का ₹40 लाख का होम लोन 20 वर्ष की अवधि के लिए 8.50% की दर पर चल रहा है, तो उसकी वर्तमान ईएमआई लगभग ₹34,713 है। ब्याज दर बढ़कर 8.75% होते ही मासिक ईएमआई बढ़कर ₹35,348 हो जाएगी, यानी हर महीने ₹635 और पूरे 20 वर्षों में लगभग ₹1.52 लाख का अतिरिक्त ब्याज भार वहन करना होगा।ईएमआई बनाम लोन अवधि का विस्तार: अक्सर बैंक ग्राहकों की मासिक ईएमआई बढ़ाने के बजाय उनके लोन का कार्यकाल (Tenure) 1 से 2 साल आगे बढ़ा देते हैं। इससे मासिक किस्त स्थिर दिखने के बावजूद कर्जदार को कई अतिरिक्त महीनों तक बैंक की किस्तें चुकानी पड़ती हैं।पर्सनल व ऑटो लोन: नए कार लोन और फ्लोटिंग पर्सनल लोन की ब्याज दरों में तुरंत 0.25% की वृद्धि दर्ज की जाएगी, जिससे त्योहारी सीजन में नई गाड़ी या उपभोक्ता उत्पाद खरीदने का बजट थोड़ा महंगा हो सकता है।फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) निवेशकों के लिए अच्छे दिन: सीनियर सिटीजन्स को मिलेगा फायदाऋण लेने वालों के लिए रेपो रेट बढ़ना भले ही झटका हो, लेकिन बचतकर्ताओं और फिक्स्ड इनकम पर निर्भर वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी साबित होगी।बैंक एफडी पर बढ़ेंगी ब्याज दरें: रेपो रेट में वृद्धि होते ही बैंकों को अपनी जमा पूंजी (क्रेडिट-डिपॉजिट रेश्यो) मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत होगी। इसके चलते सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक 1 से 3 साल की टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दरों में 15 से 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी करेंगे।वरिष्ठ नागरिकों को 8% से अधिक का रिटर्न: वर्तमान में वरिष्ठ नागरिकों को विशेष एफडी योजनाओं में 7.50% से 7.75% तक ब्याज मिल रहा है। इस नई बढ़ोतरी के बाद चुनिंदा अवधियों में यह दर 8% के पार जा सकती है, जिससे पेंशनभोगियों की मासिक और तिमाही ब्याज आय में उल्लेखनीय सुधार होगा।डेट म्यूचुअल फंड्स और बॉन्ड्स: बॉन्ड यील्ड में तेजी आने से नए डेट फंड्स में निवेश करने वाले निवेशकों को बेहतर प्रतिफल का अवसर मिलेगा।शेयर बाजार और रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या होगा तात्कालिक प्रभावशेयर बाजार के नजरिए से ब्याज दरों में बढ़ोतरी को अल्पकाल में नकारात्मक माना जाता है क्योंकि कंपनियों के लिए कर्ज की लागत बढ़ती है और उनके मुनाफे पर दबाव आता है।बैंकिंग और एनबीएफसी स्टॉक्स: बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर इसका मिला-जुला असर दिखेगा, हालांकि फ्लोटिंग रेट लोन तुरंत रीप्राइस होने से लेंडिंग मार्जिन को कुछ समय के लिए समर्थन मिल सकता है।ऑटो और रियल्टी स्टॉक्स पर दबाव: होम लोन और ऑटो लोन महंगे होने से त्योहारी सीजन में मकानों और चौपहिया वाहनों की बिक्री पर मामूली सुस्ती का डर निवेशकों को सतर्क कर सकता है।निवेशकों को जानकारों की सलाह: बाजार जानकारों का कहना है कि किसी एक नीतिगत बैठक के आधार पर घबराहट में इक्विटी पोर्टफोलियो से निकासी न करें। अपनी नियमित म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) को जारी रखें और पोर्टफोलियो में 60-70% इक्विटी तथा 20-30% डेट व गोल्ड का संतुलित आवंटन बनाए रखें।कर्ज के बढ़े हुए बोझ से बचने के लिए ग्राहक क्या करें?यदि आपकी होम लोन ईएमआई बढ़ने जा रही है, तो वित्तीय योजनाकारों द्वारा सुझाई गई इन तीन रणनीतियों पर तुरंत अमल करें:आंशिक पूर्व-भुगतान (Prepayment): वर्ष में एक बार अपने बोनस या बचत से लोन के मूलधन का मात्र 5% अतिरिक्त चुकाएं। इससे लोन की अवधि 3 से 4 साल घट जाती है और अतिरिक्त ब्याज का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो जाता है।होम लोन बैलेंस ट्रांसफर: यदि आपका मौजूदा बैंक अत्यधिक स्प्रेड वसूल रहा है, तो कम ब्याज दर और कम प्रोसेसिंग चार्ज वाले बैंक में अपने लोन को ट्रांसफर कराने का विकल्प तलाशें।ईएमआई बढ़ाने का विकल्प चुनें: यदि आपकी मासिक आय में इजाफा हुआ है, तो बैंक से लोन की अवधि बढ़ाने के बजाय अपनी मासिक ईएमआई 5% से 10% स्वैच्छिक रूप से बढ़वा लें, ताकि कुल ब्याज भुगतान सीमित रहे।
पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे: खास दिन पर गणपति के दरबार में पहुंचे प्रधानमंत्री, लिया आशीर्वाद- PM Modi completes 25 years in public life Prime Minister visits Ganpati's Temple in Delhi on special day
पड़ोसी देश पाकिस्तान ने अपने मिसाइल शस्त्रागार और लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता को धार देते हुए स्वदेशी रूप से विकसित फतह-4 (Fatah-IV) ग्राउंड-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल के विस्तारित रेंज (Extended Range) वाले उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण किया है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मंगलवार को यह परीक्षण देश के अज्ञात परीक्षण स्थल से सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल के विभिन्न सब-सिस्टम्स, नेविगेशन एक्यूरेसी और दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देने की सर्वाइवेबिलिटी से जुड़े सभी तकनीकी पैमानों का व्यापक सत्यापन किया गया। इस सफल परीक्षण को देखते हुए पाकिस्तानी सेना और रणनीतिक कमान के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और इंजीनियर मौके पर मौजूद रहे।पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने थपथपाई वैज्ञानिकों की पीठफतह-4 के सफल उड़ान परीक्षण के तुरंत बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर सहित तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इस अभियान से जुड़े सभी वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और सैन्य कर्मियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि इस सफल परीक्षण ने एक बार फिर देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने की अटूट प्रतिबद्धता को साबित किया है। वहीं सेना प्रमुख असीम मुनीर ने इस उपलब्धि को पाकिस्तान की पारंपरिक निवारक (Conventional Deterrence) क्षमता को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर करार दिया। पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञों का दावा है कि इस मिसाइल के सेना में शामिल होने से थल सेना की रॉकेट फोर्स को सीमा पार गहरे सामरिक ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाने में बड़ी बढ़त मिलेगी।क्या हैं फतह-4 क्रूज मिसाइल की मुख्य तकनीकी विशेषताएंपाकिस्तानी सेना की फतह (F-Series) मिसाइल प्रणाली पारंपरिक आर्टिलरी रॉकेट से विकसित होकर अब अत्याधुनिक क्रूज और गाइडेड हथियारों के दायरे में पहुंच चुकी है। फतह-4 ग्राउंड-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइल की प्रमुख तकनीकी खूबियां इस प्रकार हैं:विस्तारित मारक रेंज: पूर्व में फतह-4 का प्रशिक्षण परीक्षण 750 किलोमीटर की दूरी पर किया गया था, जबकि इस नए एक्सटेंडेड वर्जन की रेंज को और अधिक बढ़ाया गया है, जिससे यह दुश्मन के आंतरिक सैन्य अड्डों, रडार स्टेशनों और कमांड सेंटर्स को सीधे निशाना बनाने में सक्षम है।एडवांस्ड एवियोनिक्स और नेविगेशन: सेना के अनुसार यह मिसाइल अत्याधुनिक एवियोनिक्स, सैटेलाइट नेविगेशन (GNSS) और इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS) के हाइब्रिड मॉडल से लैस है, जो जीपीएस जैमिंग वाले माहौल में भी 'पिन-पॉइंट एक्यूरेसी' सुनिश्चित करता है।टैरेन हगिंग और लो-एल्टीट्यूड फ्लाइट: एक अत्याधुनिक क्रूज मिसाइल होने के नाते फतह-4 जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर पहाड़ों और घाटियों की सतह के समानांतर (Terrain Hugging) उड़ान भरती है, जिससे पारंपरिक रडार और मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए इसे पहले से ट्रैक और इंटरसेप्ट करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।घातक वारहेड क्षमता: यह पारंपरिक विस्फोटक और रणनीतिक पेलोड ले जाने में पूरी तरह सक्षम है, जिससे बंकरों, हवाई पट्टियों और सघन सैन्य ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया जा सकता है।फतह सीरीज का विकास और पाकिस्तान की रक्षा रणनीतिपाकिस्तान पिछले कुछ वर्षों से अपनी 'फतह' मिसाइल श्रृंखला पर तेजी से काम कर रहा है। वर्ष 2021 में फतह-1 (140 किमी रेंज) के परीक्षण से शुरू हुआ यह सफर फतह-2 (400 किमी रेंज) से गुजरते हुए अब फतह-4 और आगे फतह-5 की दिशा में बढ़ रहा है। फतह-4 के इस नए सफल परीक्षण का मुख्य उद्देश्य सीमा पर मोबाइल लॉन्चर ट्रकों के जरिए त्वरित तैनाती और पहले हमले के तुरंत बाद जवाबी स्ट्राइक करने की क्षमता हासिल करना है। रणनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिण एशियाई उपमहाद्वीप में आधुनिक एयर डिफेंस प्रणालियों की तैनाती को देखते हुए पाकिस्तान अपने स्टैंड-ऑफ हथियारों की रेंज और रडार से बचने की तकनीक में लगातार बदलाव कर रहा है।क्षेत्रीय सुरक्षा और शक्ति संतुलन पर क्या पड़ेगा असरफतह-4 के इस ताजा परीक्षण ने दक्षिण एशिया के सैन्य और कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। यद्यपि पाकिस्तान इसे अपनी आत्मरक्षा और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने का वैध प्रयास बता रहा है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार सीमा के निकट लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों की तैनाती क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को संवेदनशील बना सकती है। भारत की एस-400 (S-400 Triumf) और स्वदेशी आकाश-एमआरएसएएम (MRSAM) जैसी आधुनिक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणालियां हालांकि कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम हैं, लेकिन इस तरह के परीक्षण दोनों देशों के बीच मिसाइल तकनीकी होड़ और आधुनिकीकरण की गति को और तेज करने का संकेत देते हैं।
दिल्ली में नागालैंड की एक महिला के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है. घटना चाणक्यपुरी इलाके में स्थित एक फाइव स्टार होटल कैंपस की है. मर्सिडीज सवार तीन युवकों पर मारपीट का आरोप है.
दुनिया भर में 2 अरब से अधिक लोगों के दैनिक जीवन और बातचीत का प्रमुख जरिया बन चुके मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) ने अपने सुरक्षा और तकनीकी मानकों को अपग्रेड करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यदि आप भी काफी पुराना स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर बेहद जरूरी है। मेटा (Meta) के स्वामित्व वाली कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे चुनिंदा एंड्रॉइड (Android) और एप्पल आईओएस (iOS) डिवाइसेज पर व्हाट्सएप का लॉगिन और सपोर्ट पूरी तरह बंद होने जा रहा है। कंपनी अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और आधुनिक फीचर्स जैसे एआई चैटबॉट और हाई-डेफिनिशन मीडिया शेयरिंग को बनाए रखने के लिए पुराने सॉफ्टवेयर पर काम करना बंद कर रही है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर से लेकर दिल्ली, मुंबई और छोटे शहरों तक ऐसे यूजर्स प्रभावित होंगे जो पुराने हैंडसेट पर बिना सॉफ्टवेयर अपडेट के व्हाट्सएप चला रहे हैं।किन एंड्रॉइड फोन्स पर बंद हो रहा है व्हाट्सएप: न्यूनतम ओएस की शर्तेंव्हाट्सएप के आधिकारिक हेल्प सेंटर द्वारा जारी की गई नई न्यूनतम सिस्टम आवश्यकताओं के अनुसार, कंपनी ने एंड्रॉइड 5.0 (लॉलीपॉप) और 5.1 पर सपोर्ट को समाप्त कर दिया है। अब व्हाट्सएप का सुचारू इस्तेमाल करने और नया लॉगिन करने के लिए डिवाइस में कम से कम Android OS 6.0 (मार्शमैलो) या उससे नया वर्जन होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब यह है कि जो फोन एंड्रॉइड 6.0 पर अपग्रेड नहीं हो सकते, उन पर न तो व्हाट्सएप का नया इंस्टॉलेशन होगा और न ही लॉगिन या चैट बैकअप काम करेगा। इसमें सैमसंग, एलजी, मोटोरोला, एचटीसी और सोनी जैसी कंपनियों के वे पुराने मॉडल शामिल हैं जो 2014-2015 के दौर में लॉन्च हुए थे और जिनमें आगे कोई सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं आया।आईफोन (iPhone) यूजर्स के लिए सख्त डेडलाइन: iOS 15.1 और उससे नीचे पर खतराआईफोन इस्तेमाल करने वाले एप्पल यूजर्स के लिए भी मेटा ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। वर्तमान में व्हाट्सएप के संचालन के लिए कम से कम iOS 15.1 या उससे नया वर्जन आवश्यक है। इसके साथ ही आधिकारिक दिशानिर्देशों के तहत आगामी 30 नवंबर से केवल iOS 15.5 और उससे नए वर्जन पर ही व्हाट्सएप सपोर्ट उपलब्ध रहेगा। इसका सीधा असर आईफोन 6, आईफोन 6 प्लस, आईफोन 5एस और उससे पुराने मॉडल्स पर पड़ेगा, क्योंकि ये डिवाइसेज आईओएस 15 या उसके नए वर्जन को सपोर्ट करने में सक्षम नहीं हैं। जो यूजर्स आईफोन 6एस, 7 या फर्स्ट-जेनरेशन आईफोन एसई इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपने फोन को तुरंत उपलब्ध नवीनतम आईओएस वर्जन पर अपडेट करने की सलाह दी गई है।मेटा क्यों बंद कर रही है पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर सपोर्ट?उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर चालू हालत में मौजूद फोन्स पर व्हाट्सएप बंद क्यों किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार इसके तीन मुख्य तकनीकी कारण हैं:सुरक्षा अपडेट की कमी: पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम्स को गूगल और एप्पल जैसी कंपनियां काफी पहले सुरक्षा पैच देना बंद कर चुकी होती हैं। ऐसे डिवाइसेज पर मैलवेयर और डेटा चोरी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।आधुनिक फीचर्स की असंगति: व्हाट्सएप में लगातार नए फीचर्स जुड़ रहे हैं, जैसे मेटा एआई (Meta AI), स्क्रीन शेयरिंग, एचडी वीडियो कॉलिंग और चैनल्स। इन टूल्स को चलाने के लिए जिस आधुनिक हार्डवेयर और एपीआई (API) की आवश्यकता होती है, वह पुराने फोन्स में मौजूद नहीं होती।यूजर्स की घटती संख्या: कंपनी हर साल उन सिस्टम्स का ऑडिट करती है जिनका उपयोग कुल यूजरबेस का 1% से भी कम रह गया है, ताकि अपने तकनीकी संसाधनों को आधुनिक और सुरक्षित सिस्टम्स पर केंद्रित किया जा सके।अपने फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे चेक करें और डेटा का बैकअप कैसे लेंयदि आपको संदेह है कि आपका फोन इस बदलाव से प्रभावित हो सकता है, तो आप 1 मिनट में अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर इसका पता लगा सकते हैं:एंड्रॉइड में चेक करने का तरीका: अपने फोन की 'Settings' में जाएं > नीचे स्क्रॉल कर 'About Phone' या 'System' पर क्लिक करें > वहां 'Android Version' देखें। यदि यह 6.0 या उससे ऊपर है, तो आपका व्हाट्सएप सामान्य रूप से चलता रहेगा। यदि यह 5.0 है और अपडेट का विकल्प दिख रहा है, तो तुरंत फोन को अपडेट कर लें।आईफोन में चेक करने का तरीका: 'Settings' खोलें > 'General' पर जाएं > 'About' में जाकर 'Software Version' चेक करें। यदि यह 15.5 से नीचे है, तो 'Software Update' में जाकर तुरंत लेटेस्ट ओएस इंस्टॉल करें।चैट और मीडिया का बैकअप तुरंत लें: जिन यूजर्स का फोन अपग्रेड नहीं हो सकता, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे व्हाट्सएप की 'Settings' > 'Chats' > 'Chat Backup' में जाकर अपनी पूरी चैट हिस्ट्री का बैकअप गूगल ड्राइव (Google Drive) या आईक्लाउड (iCloud) पर सुरक्षित कर लें। इसके बाद वे किसी नए सपोर्टेड स्मार्टफोन में अपना सिम डालकर उसी नंबर से लॉगिन करेंगे, तो उनकी पुरानी सारी चैट और फोटो-वीडियो वापस रीस्टोर हो जाएंगी।
हरियाणा के इन 9 जिलों में आज बारिश का यलो अलर्ट, 50 KM/H तक चल सकती हैं तेज हवाएं
Haryana Weather Today 7 October 2026: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा का मौसम बदल गया है। बुधवार को अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद में यलो अलर्ट बताया गया है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक तेज हवाएं चलने […]
भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत प्रमुख नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLC India Limited - NLCIL) ने युवाओं के लिए करियर का शानदार अवसर खोला है। संस्थान ने विज्ञापन संख्या 11/2026 के अंतर्गत विभिन्न ग्रेडों और विंग्स में 145 एग्जीक्यूटिव पदों पर सीधी भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती अभियान कंपनी के थर्मल पावर स्टेशंस, माइंस (खदानों), आगामी प्रोजेक्ट्स और कॉरपोरेट मानव संसाधन (HR) विभागों के लिए संचालित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर से लेकर दिल्ली, तमिलनाडु और राजस्थान तक के योग्य तकनीकी और पेशेवर उम्मीदवारों के लिए केंद्रीय पीएसयू में उच्च वेतनमान और स्थायी सरकारी सेवा में प्रवेश का यह बेहतरीन मौका है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है और पात्र उम्मीदवार आधिकारिक वेब पोर्टल nlcindia.in के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।पदों का वर्गीकरण और पे-स्केल: E-1 से E-7 ग्रेड तक का आकर्षक वेतन ढांचाजारी अधिसूचना के अनुसार, इस भर्ती अभियान में जूनियर मैनेजमेंट से लेकर सीनियर लीडरशिप स्तर तक के विभिन्न पदों को शामिल किया गया है। चयनित उम्मीदवारों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग और आईडीए (IDA) पैटर्न के तहत शानदार मासिक वेतन और भत्ते दिए जाएंगे:डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM - Mechanical, Electrical, Civil): ग्रेड E-7 | पे-स्केल ₹1,00,000 से ₹2,60,000एडिशनल चीफ मैनेजर (Security): ग्रेड E-6 | पे-स्केल ₹90,000 से ₹2,40,000एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (Mechanical, Electrical, Civil, C&I, Environmental, Chemical, Mining, Safety): ग्रेड E-4 | पे-स्केल ₹70,000 से ₹2,00,000डिप्टी मैनेजर (Human Resources एवं Legal): ग्रेड E-3 | पे-स्केल ₹60,000 से ₹1,80,000असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव मैनेजर (Scientific): ग्रेड E-2 | पे-स्केल ₹50,000 से ₹1,60,000असिस्टेंट मैनेजर (Security): ग्रेड E-1 | पे-स्केल ₹40,000 से ₹1,40,000मूल वेतन के अतिरिक्त चयनित अधिकारियों को महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), कैफेटेरिया पर्क्स, मेडिकल कवरेज और पीएफ/ग्रेच्युटी का पूरा लाभ कंपनी के नियमानुसार प्रदान किया जाएगा।शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की विस्तृत शर्तेंअलग-अलग पदों की तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को देखते हुए योग्यता के कड़े मानक तय किए गए हैं:इंजीनियरिंग पद (Executive Engineer & DGM): उम्मीदवार के पास किसी एआईसीटीई (AICTE) मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित ब्रांच (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल, माइनिंग, केमिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, पर्यावरण इंजीनियरिंग) में न्यूनतम 60% अंकों के साथ नियमित B.E. या B.Tech की डिग्री होनी अनिवार्य है।डिप्टी मैनेजर (Legal): किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से 3-वर्षीय या 5-वर्षीय एलएलबी (Degree in Law) उत्तीर्ण होना चाहिए। साथ ही संबंधित कॉरपोरेट या लीगल फर्म में विधिक मामलों का अनुभव आवश्यक है।डिप्टी मैनेजर (Human Resources): एचआर, पर्सनल मैनेजमेंट या इंडस्ट्रियल रिलेशंस में दो वर्षीय पूर्णकालिक पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री (MSW) अथवा एमबीए (MBA - HR) अनिवार्य है।साइंटिफिक व अन्य संवर्ग: संबंधित विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन (M.Sc) और सुरक्षा संवर्ग के लिए प्रासंगिक पृष्ठभूमि की अर्हताएं निर्धारित की गई हैं।वरिष्ठ स्तर के पदों (E-4 से E-7) के लिए निर्धारित वर्षों का संबंधित उद्योग (पावर प्लांट, ओपनकास्ट माइनिंग या भारी इंजीनियरिंग) का अनुभव होना आवश्यक है, जिसका विवरण विस्तृत विज्ञापन में देखा जा सकता है।चयन प्रक्रिया और पोस्टिंग का विवरणउम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, प्रासंगिक कार्य अनुभव और पर्सनल इंटरव्यू में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। प्राप्त आवेदनों की प्राथमिक स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग के बाद योग्य अभ्यर्थियों को व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview) के लिए आमंत्रित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर कनिष्ठ पदों के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) का आयोजन भी किया जा सकता है। अंतिम रूप से सफल होने वाले अधिकारियों को एनएलसी इंडिया के तमिलनाडु (नेवेली), राजस्थान (बरसिंगसर), ओडिशा (तालाबीरा), उत्तर प्रदेश (घाटमपुर पावर प्रोजेक्ट) अथवा कंपनी के अन्य आगामी प्रोजेक्ट्स व क्षेत्रीय कार्यालयों में पदस्थापित किया जा सकता है।nlcindia.in पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइडइच्छुक और पात्र अभ्यर्थी इन आसान चरणों का पालन करके अपना आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर सकते हैं:सबसे पहले एनएलसी इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट nlcindia.in पर जाएं।होमपेज पर शीर्ष पर दिए गए 'Careers' सेक्शन में जाएं और 'Advt. No. 11/2026 - Recruitment of Executives' पर क्लिक करें।दिए गए विस्तृत नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपनी पात्रता सुनिश्चित करें।'Online Application' लिंक पर क्लिक करके अपना वैध ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें।जनरेट हुए लॉगिन क्रेडेंशियल्स के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक व अनुभव संबंधी प्रविष्टियां भरें।निर्धारित प्रारूप में अपना पासपोर्ट साइज फोटो, डिजिटल हस्ताक्षर, डिग्री प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अनुभव प्रमाण पत्र स्कैन करके अपलोड करें।अपनी श्रेणी के अनुसार लागू आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान (नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई) करें।भरे गए फॉर्म को फाइनल सबमिट करें और आगे के संदर्भ के लिए भरे हुए आवेदन पत्र की पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर प्रिंट निकाल लें।
बालों से डैंड्रफ पूरी तरह कैसे साफ करें? एक्सपर्ट ने बताए 3 सबसे असरदार तरीके
फेमस डर्मेटोलॉजिस्ट निरुपमा परवंदा ने डैंड्रफ को साफ करने का सही और असरदार तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार कृति सेनन अपने संजीदा अभिनय के साथ-साथ मुखर और स्पष्ट विचारों के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जारी किए गए एक ब्रांड विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई थी। विज्ञापन में पारंपरिक परिधान और महिलाओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के चित्रण को लेकर इंटरनेट यूजर्स के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी और अभिनेत्री को ट्रोल करने का प्रयास किया था। अब इस पूरे घटनाक्रम और विवाद पर खुद कृति सेनन ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्रोलर्स और रूढ़िवादी सोच रखने वालों को करारा जवाब दिया है। एक हालिया साक्षात्कार में कृति ने बेहद कड़े लहजे में कहा कि किसी महिला को क्या पहनना चाहिए और उसकी चोली या पोशाक का कट कैसा होना चाहिए, इस पर समाज के कुछ चंद लोगों का राय बनाना पूरी तरह बेमानी और गैरजरूरी है।आखिर क्या था वह विज्ञापन जिस पर छिड़ा था सोशल मीडिया पर घमासानविवाद की जड़ एक जाने-माने फैशन और लाइफस्टाइल ब्रांड का रक्षाबंधन स्पेशल वीडियो कैंपेन था। इस विज्ञापन में कृति सेनन पारंपरिक भारतीय लहंगे और आधुनिक डिजाइन वाली चोली में नजर आई थीं। विज्ञापन की कहानी भाई-बहन के आधुनिक रिश्ते, हंसी-मजाक और त्योहार की तैयारियों के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। हालांकि, वीडियो के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—विशेषकर 'एक्स' और इंस्टाग्राम—पर कुछ लोगों ने अभिनेत्री के परिधान की डिजाइन, डीप नेकलाइन और त्योहार के पारंपरिक माहौल के अनुरूप न होने का आरोप लगाते हुए आलोचना शुरू कर दी। देखते ही देखते ब्रांड और अभिनेत्री को लेकर तरह-तरह के मीम्स और आलोचनात्मक पोस्ट्स की बाढ़ आ गई, जिसे लेकर अब कृति ने दो-टूक जवाब दिया है।'मेरी चोली के बारे में 6 लोग तय करेंगे?': कृति का ट्रोलर्स पर सीधा हमलाअपने हालिया इंटरव्यू में जब उनसे इस विवाद के बारे में पूछा गया, तो कृति ने बिना किसी झिझक के अपनी बात रखी। कृति ने कहा, यह बेहद अजीब और हास्यास्पद है कि साल 2026 में भी हम इस बात पर बहस कर रहे हैं कि एक महिला को क्या पहनना चाहिए। किसी कमरे में बैठे पांच या छह लोग मेरी चोली के डिजाइन, उसकी लंबाई या उसके गले के कट के बारे में राय बना रहे हैं और उसे संस्कृति से जोड़ रहे हैं। एक महिला का पहनावा उसकी अपनी पसंद और उसके कम्फर्ट का मामला है। कोई तीसरा व्यक्ति यह तय करने का हक नहीं रखता कि क्या 'संस्कारी' है और क्या नहीं। कृति ने स्पष्ट किया कि पारंपरिक परिधानों में समय के साथ आधुनिकता का समावेश कोई नया चलन नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से सनसनीखेज बनाना संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है।रचनात्मक स्वतंत्रता और महिलाओं की स्वायत्तता पर उठाई आवाजकृति ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब भी किसी त्योहार या संस्कृति से जुड़े विज्ञापन बनते हैं, तो महिलाओं के कपड़ों को हमेशा एक विशेष सूक्ष्मदर्शी लेंस से देखा जाने लगता है। उन्होंने कहा, विज्ञापन का मूल संदेश भाई-बहन के बीच का प्यार, उत्सव की उमंग और एक-दूसरे के प्रति सम्मान था। लेकिन कुछ लोगों ने उस पूरे विचार को नजरअंदाज कर केवल एक परिधान को मुद्दा बना दिया। अगर हम कला, फैशन और रचनात्मकता को इस तरह सीमाओं में बांधेंगे, तो समाज कभी आगे नहीं बढ़ पाएगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महिलाएं अब इस तरह की गैर-जरूरी टीका-टिप्पणियों से असहज होने के बजाय अपनी पसंद पर अडिग रहना जानती हैं।फैंस और इंडस्ट्री से मिला कृति सेनन को भारी समर्थनकृति सेनन के इस बेबाक रुख के सामने आते ही बॉलीवुड गलियारों और उनके लाखों प्रशंसकों की तरफ से उन्हें जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। कई साथी कलाकारों और फैशन डिजाइनर्स ने कृति के बयान की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों की भावना रिश्तों की मिठास में होती है, न कि किसी के कपड़ों की सिलाई मापने में। सोशल मीडिया पर भी युवा वर्ग उनके इस प्रगतिशील और साहसिक बयान की तारीफ कर रहा है। कृति सेनन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वे न केवल स्क्रीन पर मजबूत महिला किरदार निभाती हैं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी रूढ़िवादिता और ऑनलाइन ट्रोलिंग का डटकर मुकाबला करने का माद्दा रखती हैं।
सूर्य गोचर से इन चार राशियों की बढ़ेंगी मुश्किलें
सूर्य 17 अक्टूबर को कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे और 16 नवंबर तक इसी राशि में रहेंगे. ज्योतिष के अनुसार तुला राशि में सूर्य नीच के माने जाते हैं, इसलिए इस दौरान कुछ राशियों को सावधानी बरतनी होगी. मिथुन, कन्या, धनु और कुंभ राशि वालों के लिए आर्थिक, करियर, स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. ऐसे में फैसले सोच-समझकर लेने की सलाह दी गई है.
बारापुला फेज़ 3 फ्लाईओवर पर जाम ही जाम, डिजाइन पर फिर से होगा काम
दिल्ली के तीन लेन वाले बारापुला फेज 3 फ्लाईओवर के खुलने के एक हफ्ते के अंदर ही उस पर जाम की समस्या हो रही है.ट्रैफिक पुलिस ने ड्रोन सर्वे के जरिए समस्या की पुष्टि की है और इसे सुधारने के लिए पुनः डिजाइन की अपील की है.
केदारनाथ आ रहे प्रधानमंत्री मोदी; चारधाम श्रद्धालुओं को सौगात देंगे, 2014 के बाद सातवां दौरा
इसी महीने पीएम नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आ सकते हैं। पीएम मोदी केदारनाथ और टिहरी जाएंगे। चारधाम श्रद्धालुओं को सौगात दे सकते हैं। 2014 के बाद यह उनका सातवां दौरा होगा।
जाम में फंसी गर्भवती... रिक्शा बना डिलीवरी रूम, दिया बच्चे को जन्म- VIDEO
महाराष्ट्र के उल्हासनगर में भीषण ट्रैफिक जाम के चलते एक गर्भवती महिला को रिक्शा में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा. प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद परिवार हरिकला थापा को सरकारी सेंट्रल अस्पताल लेकर जा रहा था, लेकिन न्यू एरिया में रिक्शा 15 से 20 मिनट तक जाम में फंसा रहा. अस्पताल कुछ ही दूरी पर था, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण महिला की रिक्शा में ही डिलीवरी हो गई.
इंस्टाग्राम की रील देखकर बनाए नकली नोट, 100 रुपए के नोट को बनाने की लागत करीब आती थी 15 रुपये
आरोपियों के पास से नकली नोट छापने वाला प्रिंटर, नोटों की कटिंग करने वाली मशीन, एक स्कॉर्पियो कार, चार मोबाइल फोन, आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.
अंडे के छिलके हैं खजाना, 1 चुटकी पाउडर से दूर होंगी 5 परेशानियां
How To Reuse Eggshells: अंडे के छिलके सिर्फ किचन वेस्ट नहीं हैं, बल्कि कैल्शियम का एक पावरफुल नेचुरल सोर्स हैं. इन्हें फेंके बिना पौधों के लिए ऑर्गेनिक खाद बनाने, गमलों से कीड़े भगाने, जली-चिकनी कड़ाही चमकाने और पालतू जानवरों के पोषण में इस्तेमाल किया जा सकता है. जानिए अंडे के छिलकों के 5 अनोखे और असरदार इस्तेमाल.
'डांडिया-गरबा में मुस्लिम बाउंसरों को काम नहीं...', ओवैसी ने उठाए सवाल
तेलंगाना में डांडिया आयोजनों में मुस्लिम बाउंसरों को काम नहीं दिए जाने के आरोपों पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चिंता जताई और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है.
9 अक्टूबर को नक्षत्र बदलेंगे शनि, 5 राशियों की होगी बंपर कमाई!
Shani Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को शनि उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं. अगले 122 दिनों का यह विशेष चक्र कई जातकों के लिए ढेरों खुशियां और आर्थिक लाभ लेकर आ रहा है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
चेहरे की चमड़ी क्यों निकलती है? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे की असली वजह
चेहरे पर चमड़ी निकलने की परेशानी को लोग मौसम का असर समझकर इग्नोर कर देते हैं. यहां जानते हैं किन कारणों से स्किन की चमड़ी निकलती है?
गुरुवार को तांबे के लोटे में रखें ये चीज, घर में होगी सोने की बारिश? एस्ट्रोलॉजर ने बताया उपाय
Remedies for Wealth and Prosperity: गुरुवार के दिन तांबे के लोटे में जल, काली हल्दी और सोने की वस्तु रखकर पूजा करने का उपाय बताया गया है. एस्ट्रोलॉजर रोमन प्रीत सिंह के अनुसार, इसे धन-समृद्धि की धार्मिक मान्यता से जोड़ा जाता है. हालांकि, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
LIVE:पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे, दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में की पूजा
LIVE: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन के बाद आज आम आदमी पार्टी भी विरोध मार्च निकालने जा रही है, कांग्रेस और वामपंथी दल भी इस विरोध का हिस्सा बनेंगे.
विदेशी हसीना को बांहों में लेकर झूमे तेज प्रताप, किया फ्लर्ट
रियलिटी शो राइज एंड फॉल सीजन 2 के हालिया एपिसोड में तेज प्रताप यादव ने बॉलीवुड पार्टी में इरीना रुदकोवा के साथ रोमांटिक डांस किया. उनकी केमिस्ट्री लोगों के बीच छा गई है.
फ्रांस में हिंसा से डरे यहूदी, इजरायल ने पलायन के लिए शुरू की तैयारी
फ्रांस में छात्र प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद इजरायल ने वहां रह रहे यहूदियों के संभावित बड़े पैमाने पर पलायन की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार का कहना है कि सुरक्षा चिंता बढ़ी है और हालात बिगड़ने पर अलीया का दायरा तेजी से बढ़ सकता है.
'गोवा में SIR में कटे मामलों को लेकर न हो सुनवाई', चुनाव आयोग की दलील को बॉम्बे हाई कोर्ट ने ठुकराया
चुनाव आयोग ने बॉम्बे हाई कोर्ट से गोवा में मतदाताओं के नाम हटाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टालने का अनुरोध किया था। हाई कोर्ट ने इस अपील को खारिज कर दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच सिग्नल-फ्री आवाजाही और यात्रा समय को घटाने के लिए तैयार किया गया महत्वाकांक्षी बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर (Barapullah Elevated Corridor) आज खुद लाखों वाहन चालकों के लिए दैनिक सिरदर्द और ट्रैफिक जाम का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान जब इस एलिवेटेड रोड के पहले चरण की शुरुआत हुई थी, तब दावा किया गया था कि सराय काले खां से जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम और आईएनए (INA) तक का सफर महज 10 से 12 मिनट में पूरा हो जाएगा। शुरुआत में इसने रिंग रोड और मथुरा रोड के दबाव को काफी हद तक कम भी किया, लेकिन समय के साथ जैसे-जैसे ट्रैफिक वॉल्यूम बढ़ा और आगे के फेज के विस्तार में लेटलतीफी हुई, इस कॉरिडोर के एग्जिट और एंट्री प्वाइंट्स 'बॉटलनेक' (चोक प्वाइंट) में तब्दील हो गए। आज स्थिति यह है कि पीक आवर्स के दौरान वाहन चालक बारापुला पर चढ़ने और उतरने के चक्कर में 30 से 45 मिनट तक रेंगने को मजबूर हैं।डिजाइन की बुनियादी खामियां बनीं परेशानी का सबब: कहां फंसता है ट्रैफिकयातायात और अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञों के अनुसार, बारापुला फ्लाईओवर की मौजूदा दुर्दशा के पीछे इंजीनियरिंग डिजाइन और ट्रैफिक सर्कुलेशन की कुछ बुनियादी खामियां हैं।आईएनए और रिंग रोड एग्जिट का चोक प्वाइंट: जब बारापुला का एलिवेटेड डेक आईएनए मार्केट और अरबिंदो मार्ग के पास उतरता है, तो वहां कई दिशाओं से आने वाला ट्रैफिक अचानक एक संकरी 2-लेन सड़क पर आपस में मिल जाता है (Traffic Merging Conflict)। यहां से एम्स, सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली हाट और दक्षिण दिल्ली की ओर मुड़ने वाले वाहनों के लिए पर्याप्त डिसपर्सल स्पेस नहीं है।सराय काले खां और आश्रम की तरफ बैक-अप जाम: पूर्वी दिल्ली और नोएडा से आने वाले वाहन जब सराय काले खां से बारापुला पर चढ़ते हैं, तो आश्रम अंडरपास और डीएनडी कनेक्टर्स के वाहनों की भीड़ वहां पहले से मौजूद होती है। सुबह और शाम के पीक समय में यह जाम कई किलोमीटर पीछे तक फैल जाता है।अधूरे फेज-3 का भारी दबाव: मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां को जोड़ने वाले फेज-3 के निर्माण में वर्षों की देरी और जमीन अधिग्रहण के पेंच के कारण जो अतिरिक्त ट्रैफिक लोड सीधे ट्रांस-यमुना की तरफ निकलना चाहिए था, वह बीच रास्ते में ही फंस रहा है।अब बदलेगा बारापुला का डिजाइन: पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस का मास्टरप्लानसमस्या की गंभीरता और दैनिक शिकायतों को देखते हुए दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर (UTTIPEC) के साथ मिलकर बारापुला के मौजूदा डिजाइन को री-इंजीनियर करने का बड़ा फैसला लिया है। नए मास्टरप्लान के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं:नए लूप और डिसपर्सल रैंप (Dedicated Exit Loops): आईएनए और अरबिंदो मार्ग के पास उतरने वाले ट्रैफिक को सीधे बिना रुके निकालने के लिए अतिरिक्त डायवर्जन लूप्स और एलिवेटेड रैंप बनाए जाएंगे, ताकि एम्स और रिंग रोड की तरफ जाने वाले वाहनों को जमीनी ट्रैफिक सिग्नल का सामना न करना पड़े।मर्जिंग पॉइंट्स की लेन चौड़ीकरण: जहां भी एलिवेटेड कॉरिडोर जमीन पर उतरता है, वहां सर्विस रोड और मुख्य कैरिजवे के बीच की डिवाइडिंग ग्रिल्स और फुटपाथ को रि-अलाइन करके अतिरिक्त लेन स्पेस तैयार किया जाएगा। इससे अचानक ब्रेक लगने और गाड़ियों की गति धीमी होने की समस्या खत्म होगी।स्मार्ट सिग्नल और लेन सेग्रीगेशन: सराय काले खां एंट्री प्वाइंट पर भौतिक डिवाइडर लगाकर भारी वाहनों, बसों और निजी कारों के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएगी, ताकि चढ़ाई के वक्त आपस में गाड़ियां न उलझें। इसके साथ ही आईटीएमएस (Intelligent Traffic Management System) के जरिए वाहनों के दबाव के आधार पर सिग्नल्स का टाइमिंग खुद एडजस्ट होगा।रोजाना सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को कैसे मिलेगी राहतबारापुला कॉरिडोर प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख से अधिक वाहनों का भार संभालता है। जब इसका डिजाइन संशोधित होकर पूरी तरह लागू हो जाएगा, तो इसका सीधा लाभ नोएडा, गाजियाबाद, पूर्वी दिल्ली से एम्स, सफदरजंग अस्पताल, चाणक्यपुरी, आईजीआई एयरपोर्ट और गुरुग्राम की ओर जाने वाले दैनिक यात्रियों को मिलेगा।यात्रा समय में 60% तक की कमी: जो दूरी तय करने में आज पीक समय में 40 मिनट लगते हैं, वह सुचारू डिजाइन के बाद घटकर मात्र 12 से 15 मिनट रह जाएगी।ईंधन और पर्यावरण की बचत: जाम में घंटों खड़े रहकर आइडलिंग करने वाले वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण और ईंधन की बर्बादी पर प्रभावी लगाम लगेगी।रिंग रोड और मथुरा रोड पर दबाव घटेगा: बारापुला पर सुचारू प्रवाह सुनिश्चित होने से मुख्य रिंग रोड (आश्रम-लाजपत नगर-मूलचंद स्ट्रेच) पर वाहनों का दबाव स्वतः 25% तक कम हो जाएगा।निर्माण समय-सीमा और दिल्ली सरकार की निगरानीपीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, डिजाइन संशोधनों के लिए फिजिबिलिटी स्टडी और सॉयल टेस्टिंग का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, ताकि मौजूदा ट्रैफिक को पूरी तरह बंद किए बिना रात के समय गर्डर और लूप्स लगाने का काम पूरा किया जा सके। सरकार ने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि फेज-3 के बचे हुए काम और इन सुधारात्मक लूप्स के निर्माण में समय-सीमा का कड़ाई से पालन किया जाए। यदि यह रीडिजाइन योजना समय पर जमीन पर उतरती है, तो बारापुला वास्तव में अपने मूल उद्देश्य को पूरा करते हुए दिल्लीवासियों को जाम-मुक्त और तेज रफ्तार सफर का अनुभव करा सकेगा।
राशिफल 7 अक्टूबर: इन राशियों को संभलकर बढ़ना होगा, जानें मेष से मीन तक का भविष्यफल
आज 7 अक्टूबर का दिन कुछ राशियों के लिए सामान्य तो कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। दिन में भावनात्मक उतार-चढ़ाव और जल्दबाजी में निर्णय लेने की स्थिति बन सकती है।.....
पाकिस्तान के लिए जासूसी? रडार पर भारतीय नेवी के 13 जवान, ऑपरेशन फायरवॉल शुरू
पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क की जांच में 13 नौसेना कर्मियों समेत 18 लोग जांच के घेरे में हैं। आंध्र प्रदेश की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ के तहत 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तलाशी अभियान चलाया।
आंखों में आंसू, पैरों में वही जादू... मेसी ने जीत के साथ ली विदाई
लियोनेल मेसी का इंटरनेशनल करियर जिस अंदाज में शुरू हुआ था, उससे बिल्कुल अलग अंदाज में खत्म हुआ. 2005 में डेब्यू मैच में 90 सेकंड में रेड कार्ड पाने वाला खिलाड़ी 21 साल बाद अर्जेंटीना के लिए आखिरी मैच में गोल और असिस्ट करके विदा हुआ.
बच्चों को हवा में उछालता रहा तांत्रिक, भीड़ तमाशा देखती रही!
सीतामढ़ी के महादेवपट्टी गांव से सामने आया वीडियो हैरान कर देने वाला है. किसी छोटे बच्चे को हवा में उछाला जा रहा था और आसपास खड़ी भीड़ उसे इलाज का हिस्सा मानकर तमाशा देख रही थी. वीडियो में एक तांत्रिक बच्चों को हवा में उछालकर उनका इलाज करने का दावा करता दिख रहा है. वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस तक मामला पहुंचा और तांत्रिक के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई.
Aadhaar-PAN में बदलना है एड्रेस? घर से ही करें अपडेट, जानें आसान तरीका
आधार और पैन कार्ड आज के समय में हर व्यक्ति के लिए जरूरी दस्तावेज बन चुके हैं. बैंकिंग से लेकर टैक्स और सरकारी योजनाओं तक, कई कामों में इनकी जरूरत पड़ती है. ऐसे में अगर आपने हाल ही में घर बदला है, तो दोनों दस्तावेजों में नया पता अपडेट करना जरूरी है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. पहले आधार में पता अपडेट करके फिर Aadhaar-based e-KYC के जरिए PAN में भी नया पता ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता है.
काम न आया इंतजार, मुंबई से गोवा तक अचानक सरिया हो गया महंगा
Saria Price Hike: घर बनवाने का प्लान बना रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है. हाउस कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में बड़ा रोल निभाने वाले सरिया की कीमतों में मुंबई से लेकर गोवा तक जोरदार उछाल आया है.
दिल्ली EC दफ्तर के बाहर जुटेंगे इंडिया ब्लॉक के नेता, AAP भी होगी शामिल
INDIA ब्लॉक के दल दिल्ली में आज चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करेंगे. विपक्षी दल SIR को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. कांग्रेस, CPI, CPI(M), RJD, NCP और RSP समेत कई दल प्रदर्शन में शामिल होंगे.
बिहार का मखाना पहुंचा ग्रीस, चमकी किसानों की किस्मत
बिहार के पूर्णिया से मखाना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. APEDA के सहयोग से पहली बार 1 मीट्रिक टन मखाना ग्रीस को निर्यात किया गया है, जिससे किसानों को वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बनाने और बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है.

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