देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों के साथ हुए टकराव के बाद दंगारोधी विशिष्ट बल रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने एक बेहद संवेदनशील और ऐतिहासिक फैसला किया है। भविष्य में होने वाले किसी भी आंदोलन या भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान अब जवानों द्वारा पैलेट गन (Pellet Guns) और इलेक्ट्रिक शॉक देने वाले आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाएगा। रैपिड एक्शन फोर्स के आला अधिकारियों ने इन घातक और विवादित उपकरणों के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, जिसे देश की आंतरिक सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिहाज से एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।जंतर-मंतर के प्रदर्शनों के बाद क्यों लेना पड़ा यह फैसला?पिछले कुछ दिनों में जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों के बड़े आंदोलनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। इस दौरान भीड़ को तितर-बितर करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ आधुनिक हथियारों, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक शॉक स्टिक और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। कई मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज ने इन हथियारों से प्रदर्शनकारियों को होने वाली गंभीर चोटों पर गहरी आपत्ति जताई थी। इसी फीडबैक और आंतरिक समीक्षा के बाद आरएफ ने अपनी रणनीतियों में यह बड़ा और मानवीय बदलाव करने का फैसला किया।अब उपद्रवियों से निपटने के लिए क्या होगी सुरक्षा बलों की नई रणनीति?इस नए आदेश के बाद रैपिड एक्शन फोर्स ने अपने जवानों के लिए भीड़ प्रबंधन (Crowd Control) के नियमों को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया है। पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक हथियारों की जगह अब गैर-घातक (Non-Lethal) और सुरक्षित विकल्पों पर जोर दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन, आधुनिक आंसू गैस के गोलों और हल्के लाठीचार्ज जैसे पारंपरिक लेकिन सुरक्षित तरीकों का ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके साथ ही जवानों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे बिना किसी को गंभीर नुकसान पहुंचाए कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल रख सकें।दिल्ली-NCR की सुरक्षा और स्थानीय कानून व्यवस्था पर इसका सीधा असरइस फैसले का सीधा असर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे संवेदनशील दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा, जहां आए दिन बड़े धरने और प्रदर्शन होते रहते हैं। दिल्ली पुलिस और आरएएफ की संयुक्त टुकड़ियां अब नए प्रोटोकॉल के तहत ही तैनात की जाएंगी। जानकारों का मानना है कि इस कदम से जहां एक ओर पुलिस और जनता के बीच टकराव के दौरान होने वाली गंभीर हिंसक घटनाओं और मौतों में कमी आएगी, वहीं दूसरी ओर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने वाले नागरिकों में भी सुरक्षा बलों के प्रति एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
पश्चिम बंगाल की धरती से इस वक्त की एक बेहद संवेदनशील और बड़ी सामाजिक-धार्मिक खबर सामने आ रही है। राज्य में एक प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर को लेकर अचानक विवाद गहरा गया है। करीब 650 साल पुराने एक ऐतिहासिक मंदिर परिसर और उसकी जमीनी विरासत को लेकर हिंदू संगठनों ने अब सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। तनावपूर्ण माहौल के बीच भारी संख्या में जुटे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं ने मंदिर के ठीक पास में ही बड़े स्तर पर पूजा-अर्चना और महा-आरती का आयोजन किया है, जिसके बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और बैकस्टेज एक बहुत बड़ी धार्मिक रणनीति की तैयारी चल रही है।प्राचीन विरासत को बचाने के लिए एकजुट हुए संगठनस्थानीय सूत्रों और ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, यह 650 साल पुराना मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र रहा है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि इस प्राचीन मंदिर की भूमि और इसके ऐतिहासिक स्वरूप के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिर की सुरक्षा और इसके जीर्णोद्धार की मांग को लेकर संगठनों ने एक बड़ी जन-जागृति मुहिम शुरू कर दी है। पास में ही की गई इस विशेष पूजा-अर्चना के जरिए शासन-प्रशासन को एक सीधा संदेश देने का प्रयास किया गया है कि बहुसंख्यक समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है।इलाके में सुरक्षा सख्त और आगे के आंदोलन की बड़ी तैयारीइस औचक धार्मिक आयोजन और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए बंगाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और खुफिया विभाग भी स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है। वहीं दूसरी ओर, हिंदू संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस 650 साल पुराने मंदिर के गौरव को वापस लौटाने और इसके आसपास के अतिक्रमण को पूरी तरह मुक्त कराने के लिए एक बड़े राज्यव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें देश भर के संतों को भी आमंत्रित करने की योजना है।लोकल सेंटीमेंट्स और बंगाल की राजनीति पर सीधा असरइस नए विवाद का सीधा असर कोलकाता, हुगली और हावड़ा जैसे पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों के स्थानीय बाजारों और सामाजिक ताने-बाने पर भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोग अपनी सदियों पुरानी विरासत को लेकर काफी भावुक हैं, जिसके चलते सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड करने लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति का एक मुख्य केंद्र बन सकता है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ इस प्राचीन मंदिर के ऐतिहासिक तथ्यों की जांच के लिए स्थानीय बुद्धिजीवियों और पुरातत्व प्रेमियों ने भी सरकार से हस्तक्षेप की मांग तेज कर दी है।
ब्रांड HMD (Human Mobile Devices) ने चीनी बाजार में अपना एक अनोखा और स्मार्ट फीचर फोन HMD Touch AI पेश किया है। यह फोन उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो पुराने नोकिया लूमिया (Nokia Lumia) सीरीज़ वाले एस्थेटिक और कॉम्पैक्ट साइज को पसंद करते हैं, लेकिन साथ ही आज के आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स का भी इस्तेमाल करना चाहते हैं।यह एक हाइब्रिड-स्टाइल फीचर फोन है जिसमें कीपैड की जगह 3.2-इंच की टचस्क्रीन दी गई है और यह बाइटडांस (ByteDance) के प्रसिद्ध Doubao AI मॉडल पर काम करता है। आइए एक टेक रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इस नए फोन की कीमत, फीचर्स और डिजाइन की मुख्य बातें।1. कीमत, रंग और डिजाइन (Price & Design)कीमत: IT Home की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में HMD Touch AI की कीमत 469 चीनी युआन (लगभग ₹6,700 रुपये) रखी गई है। फिलहाल इसे चीन में प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध कराया गया है।लूमिया इंस्पायर्ड लुक: फोन का बॉडी स्ट्रक्चर और घुमावदार किनारे पुराने मशहूर Nokia Lumia स्मार्टफोन्स (Fabula Design) की याद दिलाते हैं।इंटरचेंजेबल कवर्स: यह हैंडसेट क्लासिक सियान (Cyan) रंग में पेश हुआ है। इसके अलावा, यूजर अपनी पसंद के अनुसार लुक बदलने के लिए पीले (Yellow), नीले (Blue) और सफेद (White) रंग के रियर कवर अलग से खरीद सकते हैं।2. Doubao AI और स्मार्ट फीचर्सइस छोटे से 3.2-इंच टचस्क्रीन डिवाइस में AI की कई उन्नत क्षमताएं जोड़ी गई हैं:छह एआई असिस्टेंट: फोन में बाइटडांस का Doubao AI मॉडल मौजूद है। यह यूजर्स को रियल-टाइम ट्रांसलेशन, कहानियों का वाचन, भाषा सीखने और बच्चों के होमवर्क को समझाने में मदद करता है।AI आर्टवर्क और इमेज जनरेशन: यूजर केवल लिखकर (Text Prompts) AI की मदद से तस्वीरें जनरेट कर सकते हैं।क्लीन OS और पैरेंटल कंट्रोल: यह ऑपरेटिंग सिस्टम पूरी तरह डिस्ट्रेक्शन-फ्री रखा गया है। इसमें थर्ड-पार्टी ऐप्स या शॉर्ट-वीडियो ऐप्स (टॉकटॉक/रील्स) डाउनलोड नहीं किए जा सकते। इसमें पैरेंटल कंट्रोल, एमपी3 प्लेयर, स्नेक गेम और कैलकुलेटर जैसी जरूरी सुविधाएं दी गई हैं।3. कैमरा, बैटरी और कनेक्टिविटी (Specs & Hardware)कैमरा: फोन में रियर और फ्रंट दोनों तरफ 2-मेगापिक्सल के कैमरे दिए गए हैं। रियर कैमरा AI इमेज रिकग्निशन के साथ-साथ फोटोज को कॉमिक, एनीमेशन या ट्रेडिशनल चाइनीज पेंटिंग स्टाइल में बदलने का काम भी करता है।बैटरी और SOS बटन: इसमें 1,950 mAh की रिमूवेबल बैटरी मिलती है जो USB Type-C पोर्ट से चार्ज होती है। फोन के टॉप पर एक कस्टमाइज़ होने वाला बटन दिया गया है, जिसे इमरजेंसी में टॉर्च या SOS बटन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।कनेक्टिविटी: यह डुअल 4G, VoLTE, डुअल नैनो सिम, वाई-फाई (Wi-Fi), हॉटस्पॉट शेयरिंग और मोबाइल पेमेंट (Alipay) सपोर्ट के साथ आता है।
देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक खबर आ रही है। देश में पिछले काफी समय से चल रहे नीट (NEET) और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक विवाद ने अब एक उग्र राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस बार सीधे पीड़ित छात्राओं और महिला अभ्यर्थियों की टोली को लेकर जंतर-मंतर पर मैदान में उतर आए हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए राहुल गांधी ने सीधे देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की है और साफ कर दिया है कि उन्हें सिर्फ मंत्रालय का फेरबदल कतई मंजूर नहीं होगा।पीड़ित छात्राओं के आंसू देख भावुक हुए राहुल, सरकार को घेराजंतर-मंतर पर आयोजित इस विशाल विरोध प्रदर्शन में देश के कोने-कोने से आई उन छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिनकी सालों की मेहनत परीक्षाओं में हुई धांधली की वजह से बेकार हो गई। छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए राहुल गांधी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह सिर्फ किसी एक परीक्षा का फेलियर नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं और विशेष रूप से हमारी बेटियों के भविष्य के साथ किया गया एक क्रूर मज़ाक है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष अब चुप बैठने वाला नहीं है।मंत्रालय बदलना सिर्फ लीपापोती, अब सीधे इस्तीफे पर अड़ा विपक्षप्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने एक बेहद आक्रामक रुख अपनाया। राजनीतिक गलियारों में चल रही उन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए, जिसमें शिक्षा मंत्री का विभाग बदलने की अटकलें लगाई जा रही थीं, राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि देश के छात्रों को सरकार की यह लीपापोती मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से पूरी तरह से बर्खास्त नहीं किया जाता, तब तक यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी। विपक्ष का मानना है कि परीक्षा सिस्टम में बैठे बड़े चेहरों पर कार्रवाई किए बिना सिस्टम को नहीं सुधारा जा सकता।दिल्ली-NCR और लोकल युवाओं के बीच बढ़ा उबालराहुल गांधी के इस जंतर-मंतर मार्च के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम सहित पूरे देश के कोचिंग हब्स में पढ़ने वाले छात्रों के बीच एक नई ऊर्जा और उबाल देखने को मिल रहा है। स्थानीय छात्र संगठनों ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवाओं और विशेषकर महिला छात्रों से जुड़ा यह मुद्दा अब सीधे तौर पर आने वाले विधानसभा चुनावों और देश के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की ताकत रखता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों नौकरीपेशा सदस्यों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तय 8.25% की वार्षिक ब्याज दर की राशि सदस्यों के कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खातों में क्रेडिट (जमा) करना शुरू कर दिया है। देश भर के कई पीएफ खाताधारकों को ब्याज जमा होने का आधिकारिक एसएमएस (SMS) मिलना शुरू हो चुका है।यदि आपके मोबाइल पर अभी तक ब्याज जमा होने का मैसेज नहीं आया है, तो घबराने या परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। EPFO ब्याज जमा करने की इस प्रक्रिया को चरणबद्ध (Phase-wise/Batch-wise) तरीके से पूरा करता है। आइए एक पर्सनल फाइनेंस और टेक रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि आप बिना SMS के भी अपने पीएफ खाते का बैलेंस और ब्याज कैसे चेक कर सकते हैं।15 जुलाई से प्रक्रिया शुरू: इन 3 तरीकों से मिनटों में चेक करें पीएफ बैलेंसEPFO ने 15 जुलाई 2026 से ब्याज की रकम खातों में ट्रांसफर करना शुरू किया है। यदि आपके पासबुक में अभी अपडेटेड बैलेंस नहीं दिख रहा है, तो आप नीचे दिए गए तरीकों से कभी भी अपने बैलेंस की जांच कर सकते हैं:1. EPFO मेंबर पासबुक पोर्टल (Online Portal)EPFO के आधिकारिक Unified Member Portal पर जाएं और 'Member Passbook' के विकल्प को चुनें।अपना UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) और पासवर्ड दर्ज करके लॉग इन करें।अपनी मेंबर आईडी (Member ID) चुनें और पासबुक डाउनलोड या व्यू करें। यदि ब्याज क्रेडिट हो चुका होगा, तो वह पासबुक के अंतिम क्रेडिट कॉलम में स्पष्ट दिखेगा।2. मिस्ड कॉल सेवा (Missed Call Service)यदि आपका मोबाइल नंबर आपके UAN के साथ पंजीकृत है, तो अपने रजिस्टर्ड नंबर से 011-22901406 पर मिस्ड कॉल दें।दो घंटी बजने के बाद कॉल अपने आप कट जाएगी और कुछ ही सेकंड में आपको SMS के जरिए कुल पीएफ बैलेंस, आखिरी योगदान और ब्याज की जानकारी मिल जाएगी।(ध्यान दें: इस सेवा के लिए आपका UAN आधार, पैन और बैंक खाते से लिंक/सीडेड होना अनिवार्य है।)3. SMS भेजकर जानें बैलेंसअपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7738299899 पर एक टेक्स्ट मैसेज भेजें।मैसेज फॉर्मेट दर्ज करें: EPFOHO UAN ENGयदि आप हिंदी या किसी अन्य क्षेत्रीय भाषा में जानकारी चाहते हैं, तो 'ENG' की जगह उस भाषा के शुरुआती तीन अक्षर लिखें (जैसे हिंदी के लिए HIN, मराठी के लिए MAR)।क्या ब्याज देर से क्रेडिट होने पर कोई आर्थिक नुकसान होगा?कई खाताधारकों के मन में यह सवाल रहता है कि यदि उनके पीएफ खाते में ब्याज का पैसा देर से क्रेडिट होता है, तो क्या उन्हें ब्याज का नुकसान उठाना पड़ेगा?इसका जवाब है—बिलकुल नहीं!EPF योजना 1952 (पैराग्राफ 60) का नियम: ईपीएफ नियमों के अनुसार, ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस (Monthly Running Balance) के आधार पर की जाती है।भले ही ब्याज का पैसा खाते में देर से दिखे या प्रोसेस हो, EPFO आपको 1 अप्रैल से लेकर पूरे वित्त वर्ष के लिए घोषित 8.25% की पूरी दर से ही ब्याज देगा। देरी होने की स्थिति में भी सदस्य का एक रुपये का भी नुकसान नहीं होता है।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के सबसे अशांत समुद्री रास्ते लाल सागर (Red Sea) से इस वक्त की सबसे बड़ी और दिल दहला देने वाली भू-राजनीतिक खबर आ रही है। सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) के बीच एक बार फिर सीधी और खतरनाक जंग छिड़ गई है। सऊदी अरब द्वारा हूतियों के खिलाफ शुरू की गई इस नई सैन्य कार्रवाई के बाद हूती कमांडरों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए सऊदी शासन को खुली धमकी दी है। हूतियों ने सीधे लफ्जों में कहा है कि वे सऊदी अरब को 'जहन्नुम की आग' दिखाएंगे, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं।लाल सागर बना बारूद का ढेर, जहाजों की आवाजाही ठपसऊदी अरब की वायुसेना और नौसेना ने हूतियों के रणनीतिक ठिकानों और मिसाइल लॉन्च पैड्स पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं। इस जवाबी और आक्रामक कार्रवाई से बौखलाए हूती विद्रोहियों ने लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और सऊदी के तेल टैंकरों को निशाना बनाने की कसम खाई है। लाल सागर, जो वैश्विक व्यापार का एक लाइफलाइन रूट माना जाता है, इस समय पूरी तरह से बारूद के ढेर में तब्दील हो चुका है। कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने इस रूट से अपने जहाजों को हटाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पूरी तरह चरमराने की कगार पर पहुंच गई है।हूतियों की 'जहन्नुम' वाली धमकी से दुनिया भर के देश अलर्टहूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि उनके पास ऐसे घातक ड्रोन और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं जो रियाद और जेद्दा जैसे बड़े सऊदी शहरों के आर्थिक ठिकानों को पल भर में तबाह कर सकती हैं। हूतियों ने कहा कि सऊदी ने इस जंग को छेड़कर अपने लिए तबाही का रास्ता चुन लिया है। इस गंभीर धमकी के बाद अमेरिकी और ब्रिटिश नौसेना बल भी लाल सागर में अत्यधिक सक्रिय हो गए हैं, जिससे यह टकराव अब केवल दो देशों के बीच न रहकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है।भारत सहित वैश्विक तेल बाजारों पर टूटेगा बड़ा संकटलाल सागर में बढ़े इस भीषण बवाल का सीधा और बड़ा असर भारत के स्थानीय बाजारों और घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना तय है। भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री रास्ते के जरिए आयात और निर्यात करता है। मुंबई और गुजरात के बंदरगाहों पर आने वाले माल ढुलाई (Freight Rates) के दामों में भारी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अगर यह जंग लंबी खिंचती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने और महंगाई का एक नया दौर शुरू होने का सीधा खतरा मंडराने लगा है।
देश की कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल और करदाता-अनुकूल (Taxpayer-Friendly) बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियमों का ईमानदारी से पालन करने वाले करदाताओं पर किसी भी तरह का अनावश्यक दबाव या बोझ नहीं पड़ना चाहिए।वित्त मंत्री ने दोटूक शब्दों में कहा कि टैक्स चोरी करने वालों और फर्जी क्लेम करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहनी चाहिए, लेकिन देश के ईमानदार करदाताओं के लिए टैक्स असेसमेंट और नोटिस की प्रक्रिया बेहद सरल, सुविधाजनक और भरोसेमंद होनी चाहिए। आइए एक इकोनॉमिक्स और टैक्स पॉलिसी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं वित्त मंत्री के इन नए निर्देशों के 4 सबसे बड़े पहलू।1. 'टैक्स वसूली ही मकसद नहीं, भरोसा बनाना प्राथमिकता'वित्त मंत्री ने आयकर अधिकारियों को अपना कार्य रवैया (Work Culture) बदलने का निर्देश देते हुए कहा कि कर प्रशासन का उद्देश्य केवल राजस्व या टैक्स वसूलना नहीं है, बल्कि करदाता और विभाग के बीच 'भरोसे का रिश्ता' कायम करना है।अनुपालन (Compliance) आसान बने: सरकार का जोर स्वैच्छिक कर अनुपालन पर है। जब नियम सरल और पारदर्शी होंगे, तो लोग खुद आगे आकर टैक्स भरेंगे।अनावश्यक जांच से राहत: ईमानदार टैक्सपेयर्स को छोटी-छोटी कमियों या क्लैरिफिकेशन के लिए बार-बार स्क्रूटनी (Scrutiny) या आयकर विभाग के चक्कर नहीं कटवाए जाएंगे।2. टैक्स चोरी पकड़ने के लिए AI और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमालसीतारमण ने कहा कि तकनीक के दौर में ईमानदार और बेईमान के बीच फर्क करना बेहद आसान हो गया है:डेटा एनालिटिक्स से निगरानी: आयकर विभाग को आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए ताकि जहां वास्तविक टैक्स चोरी हो रही है, केवल वहीं सटीक कार्रवाई की जा सके।सटीक नोटिस: एआई आधारित निगरानी से एक ओर टैक्स चोरी पर शिकंजा कसेगा, तो दूसरी ओर सामान्य टैक्सपेयर्स को बेवजह के नोटिसों से राहत मिलेगी।3. असेसमेंट ईयर 2026-27: 3.34 करोड़ ITR दाखिल, 2 करोड़ का त्वरित निपटारासरकार द्वारा बीते कुछ वर्षों में किए गए डिजिटल सुधारों (फेशलेस असेसमेंट, ई-फाइलिंग पोर्टल और तेज रिफंड सिस्टम) का असर आंकड़ों में साफ दिख रहा है:3.34 करोड़ से अधिक ITR: चालू आकलन वर्ष (AY 2026-27) के लिए अब तक 3.34 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल किए जा चुके हैं।2 करोड़ रिफंड/प्रोसेसिंग पूरे: दाखिल किए गए रिटर्न में से करीब 2 करोड़ ITR का प्रोसेसिंग और निपटारा विभाग द्वारा रिकॉर्ड समय में पूरा भी कर लिया गया है।4. लंबित टैक्स विवादों के जल्द निपटारे पर जोरवित्त मंत्री ने ट्रिब्यूनल और अदालतों में लंबित पड़े हजारों करोड़ रुपये के टैक्स विवादों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि लंबी कानूनी प्रक्रियाओं में फंसे राजस्व को निकालने के लिए टाइम-बाउंड (समयबद्ध) समाधान निकाले जाएं। इससे न केवल सरकार को अपना राजस्व (Revenue) समय पर मिलेगा, बल्कि कारोबारियों और करदाताओं को भी सालों-साल चलने वाले मुकदमों से मुक्ति मिलेगी।
अमेरिका में खसरे के बाद डायरिया का हाहाकार: अमेरिकी डॉक्टर्स अब दे रहे भारत के आयुर्वेद की सलाह
सुपरपावर अमेरिका इस समय एक के बाद एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझ रहा है। हाल ही में फैले खसरे (Measles) के गंभीर मामलों के बाद, अब पूरे अमेरिका में डायरिया (Diarrhea) यानी दस्त का भीषण प्रकोप देखने को मिल रहा है। वहां के प्रमुख शहरों में पेट के इन्फेक्शन और डिहाइड्रेशन के मामलों में अचानक भारी उछाल आया है। इस गंभीर संकट के बीच सबसे हैरान और गर्व करने वाली बात यह सामने आ रही है कि अमेरिकी डॉक्टर्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स अब इस बीमारी से निपटने के लिए भारत की सदियों पुरानी पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और घरेलू उपचारों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।अमेरिकी अस्पतालों में बढ़े मरीज, मॉडर्न मेडिसिन के साथ आयुर्वेद का मेलन्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और टेक्सास जैसे बड़े अमेरिकी राज्यों के अस्पतालों में पेट से संबंधित बीमारियों और गंभीर डायरिया से पीड़ित मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ी है। अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक संस्थाओं के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) को तुरंत रोकने के लिए वहां के पीडियाट्रिशियन और फिजिशियन अब भारतीय आयुर्वेद का रुख कर रहे हैं। डॉक्टर्स का मानना है कि पेट के इन्फेक्शन को शांत करने और आंतों (Gut Health) को मजबूत बनाने में भारत के पारंपरिक तरीके बेहद कारगर साबित हो रहे हैं।डॉक्टर बता रहे भारत के ये अचूक आयुर्वेदिक और घरेलू इलाजअमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को रिकमेंड किए जा रहे भारतीय इलाज में सबसे ऊपर ओआरएस (ORS) के देसी विकल्प के रूप में नींबू-पानी, नमक और चीनी का घोल शामिल है। इसके अलावा, आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार आंतों के गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के लिए छाछ (Buttermilk), भुना हुआ जीरा, सोंठ (सूखा अदरक) और बेल के शर्बत के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। अमेरिकी डॉक्टर्स अब मरीजों को हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे मूंग की दाल की खिचड़ी और केला खाने की सलाह दे रहे हैं, जो भारत के हर घर में डायरिया के दौरान सदियों से इस्तेमाल होता आ रहा है।क्यों हो रहा है भारतीय आयुर्वेद की तरफ वैश्विक झुकाव?ग्लोबल मेडिकल साइंस अब धीरे-धीरे यह स्वीकार कर रहा है कि पेट से जुड़ी बीमारियों में केमिकल युक्त दवाओं के बजाय प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचार शरीर को बिना किसी साइड इफेक्ट के जल्दी ठीक करते हैं। अमेरिका के स्थानीय क्लीनिकों में अब 'बैलेंस्ड डाइट' और 'हर्बल रेमेडीज' के नाम पर भारतीय नुस्खों का बकायदा पर्चा बनाया जा रहा है। लोकल अमेरिकी नागरिकों के बीच भी इन भारतीय उपचारों को लेकर काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और योग-आयुर्वेद की साख एक बार फिर आसमान छू रही है।
परमाणु बम का असली 'सुपरबॉस': क्या पाकिस्तान में अब सिर्फ शोपीस रह गए हैं प्रधानमंत्री
पड़ोसी देश पाकिस्तान से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी राजनीतिक-सैन्य खबर सामने आ रही है। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों (Nuclear Weapons) पर अब वहां की चुनी हुई नागरिक सरकार का नियंत्रण पूरी तरह से खत्म हो चुका है। देश के सैन्य ढांचे में हुए एक बड़े और ऐतिहासिक पुनर्गठन के बाद, पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (Field Marshal Asim Munir) अब देश के नए 'सुपरबॉस' बन गए हैं। इस नए बदलाव के तहत पाकिस्तान के परमाणु बम का रिमोट कंट्रोल और लॉन्चिंग बटन सीधे तौर पर सेना और आसिम मुनीर के हाथों में शिफ्ट हो गया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की हैसियत महज एक 'शोपीस' जैसी रह गई है।नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड का गठन और चीन वाला मॉडलइस्लामाबाद से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए लेफ्टिनेंट जनरल आमिर रजा को फोर स्टार जनरल के पद पर प्रमोट किया है और उन्हें नवगठित 'नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड' (NSC) का पहला कमांडर नियुक्त कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरा ढांचा काफी हद तक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैन्य मॉडल पर आधारित है। इस नई सेंट्रलाइज्ड जॉइंट ऑपरेशन कमांड के तहत पाकिस्तान की थल सेना, नौसेना, वायुसेना, रॉकेट फोर्स और स्ट्रैटेजिक कमांड को एक साथ लाया गया है, जिसके सर्वोच्च कमांडर खुद आसिम मुनीर हैं।प्रधानमंत्री के हाथ से निकली असली ताकत, सिर्फ जानकारी तक सीमितइस नए बदलाव से पहले तक पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर पारंपरिक रूप से नागरिक सरकार के नेतृत्व वाली नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) का दखल माना जाता था, जिसमें प्रधानमंत्री की मुख्य भूमिका होती थी। लेकिन इस नए मिलिट्री ओवरहॉल के बाद अब प्रधानमंत्री की भूमिका सिर्फ परमाणु फैसलों और रणनीतियों की जानकारी लेने (Information Recipient) तक ही सीमित कर दी गई है। अब किसी भी बड़े रणनीतिक या परमाणु एक्शन का अंतिम फैसला सीधे तौर पर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) और आर्मी चीफ दोनों पदों को संभाल रहे आसिम मुनीर के पास सुरक्षित रहेगा।कोर्ट भी नहीं दे सकता मुनीर के फैसले को चुनौतीदिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान की संसद में हुए संवैधानिक संशोधनों के जरिए सेना के इस नए पावर स्ट्रक्चर को पूरी तरह से कानूनी कवच दे दिया गया है। इस नए नियम के तहत नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड के कमांडर की नियुक्ति, दोबारा नियुक्ति या उनके कार्यकाल को बढ़ाने के फैसले को देश की किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है। न्यायिक समीक्षा से बाहर होने के कारण आसिम मुनीर की ताकत अब पाकिस्तान में असीमित हो गई है। इस सैन्य तानाशाही वाले नए समीकरण ने न केवल पाकिस्तान के भीतर लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि दक्षिण एशिया और वैश्विक पटल पर भी परमाणु सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
Instagram की बड़ी कार्रवाई, Meta Smart Glass से बने आपत्तिजनक POV वीडियो हटाए जाएंगे
इंस्टाग्राम का यह फैसला प्लेटफॉर्म की अब तक की सबसे सख्त कंटेंट मॉडरेशन कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। हाल के महीनों में स्मार्ट ग्लास से रिकॉर्ड किए गए ऐसे वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे, जिससे गोपनीयता और डिजिटल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे।
राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। कहा- सरकार मेट्रो, सड़कें और दुकानें बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक नहीं रोक पाई।
आस्था की विजय: जब पंढरपुर में एक बालक के रक्षक बने स्वयं विट्ठल
एक पारिवारिक संस्मरण, जो बताता है कि श्रद्धा का सबसे बड़ा प्रमाण अनुभव होता है, भारत की सांस्कृतिक परंपरा में कुछ पर्व केवल तिथियां नहीं होते, वे लोकजीवन की आत्मा बन जाते हैं। आषाढ़ी एकादशी ऐसा ही एक महापर्व है, जो महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के ...
महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक मामले में बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी वीरेंद्र कुमार गुप्ता बिहार से गिरफ्तार
मुंबई महाराष्ट्र के चर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने मुख्य आरोपियों में शामिल वीरेंद्र कुमार गुप्ता को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश के लिए महाराष्ट्र पुलिस की विशेष टीम लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। आखिरकार भिवंडी पुलिस की विशेष टीम ने बिहार में अभियान चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
सीजेपी प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा, 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल; 15 एफआईआर दर्ज
दिल्ली में सीजेपी के 20 जुलाई के 'संसद चलो' प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा। 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 एफआईआर दर्ज, एफआरएस कैमरों से 2,000 से अधिक लोगों की पहचान।
दिल्ली में सुरक्षा कारणों से शराब की दुकानों का समय बदला। अब सप्ताहांत तक सभी सरकारी शराब की दुकानें रात 8 बजे बंद होंगी। CJP प्रदर्शन के बीच प्रशासन ने लिया फैसला।
सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत से पहले संगठन ने केंद्र को चेतावनी दी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, मुआवजे और दर्ज मामलों की वापसी को लेकर CJP अपने रुख पर कायम है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब देश में परीक्षा प्रणाली और शिक्षा सुधार को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध वाले क्षेत्रों में इस प्रकार की तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी, परिवार, मातृत्व और भारतीय संस्कृति पर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे हर बात का तर्क चाहते हैं और परिवारों में संवाद बढ़ाने की जरूरत है।
6 दिन बाद फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, 6,269 श्रद्धालुओं का जत्था बालटाल मार्ग से रवाना
लगातार छह दिनों तक स्थगित रहने के बाद, दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित अमरनाथ गुफा, कटड़ा में माता वैष्णो देवी मंदिर और जम्मू क्षेत्र के रियासी जिले में स्थित शिव खोड़ी मंदिर की यात्रा भी आज शुरू हो गई हैं।
दिल्ली में आज 18 मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच DMRC का बड़ा फैसला
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए आज सुबह 7.30 बजे से अगली सूचना तक 18 मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। पिछले कई दिनों से मेट्रो बंद होने की वजह से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राजधानी दिल्ली में जारी प्रदर्शनों और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी (Traffic Advisory) जारी की है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील इलाकों में भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत सख्त पाबंदियां लागू की गई हैं।पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे नई दिल्ली जिले के मुख्य क्षेत्रों में बिना किसी बेहद जरूरी काम के जाने से बचें और अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर निकलें।इन इलाकों में यात्रा से बचने की सलाहदिल्ली पुलिस ने विशेष रूप से निम्नलिखित संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही न करने का आग्रह किया है:जंतर-मंतर और संसद भवन परिसरसेंट्रल विस्टा (Central Vista)कनॉट प्लेस (Connaught Place)संपूर्ण नई दिल्ली जिलावाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे इन क्षेत्रों की तरफ जाने वाले रास्तों के बजाय वैकल्पिक मार्गों (Alternate Routes) का चयन करें और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।कैब, फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स सेवाओं के लिए निर्देशदिल्ली पुलिस ने ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म्स (जैसे- ओला, उबर, जोमैटो, स्विगी और क्विक-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स) को भी विशेष सलाह जारी की है:सेवाओं पर नियंत्रण: कंपनियों से कहा गया है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में अपनी डिलीवरी और राइड सेवाओं को जरूरत के अनुसार नियंत्रित रखें।जियो-फेंसिंग (Geo-Fencing) तकनीक: कंपनियों को संवेदनशील क्षेत्रों में जियो-फेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल करने या अस्थायी रूप से सेवाएं निलंबित रखने की सलाह दी गई है।सुरक्षा प्राथमिकता: पुलिस के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य डिलीवरी पार्टनर्स, कैब ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।आपातकालीन सेवाएं और हेल्पलाइन नंबरइमरजेंसी गाड़ियां रहेंगी फ्री: दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अधिकृत सरकारी वाहनों जैसी सभी आपातकालीन सेवाओं पर कोई रोक नहीं रहेगी और वे बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी।अफवाहों से बचें: लोगों से केवल आधिकारिक घोषणाओं और पुलिस अपडेट पर ही भरोसा करने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए नागरिक दिल्ली पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं।
हिंदू धर्म में आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवशयनी एकादशी (हरिशयनी एकादशी) का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज 25 जुलाई 2026 को भगवान श्री हरि विष्णु पाताल लोक में योग निद्रा के लिए चले जाते हैं और इसी के साथ चार महीनों का चतुर्मास (सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक) प्रारंभ हो जाता है।चतुर्मास के दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है और सृष्टि के संचालन का कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं। अब कार्तिक शुक्ल एकादशी यानी 'देवउठनी एकादशी' पर भगवान विष्णु के जागने के बाद ही पुनः शुभ कार्य शुरू होंगे।देवशयनी एकादशी पर भद्रा का समयपंचांग के अनुसार, आज देवशयनी एकादशी पर सुबह से ही भद्रा काल लग रहा है:भद्रा काल का समय: सुबह 05:27 बजे से सुबह 11:34 बजे तक।राहत की बात: इस दिन चंद्रमा वृश्चिक राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे ज्योतिषीय गणना के अनुसार भद्रा का निवास पाताल/स्वर्ग लोक में होगा और पृथ्वी लोक पर इसका अशुभ प्रभाव नहीं माना जाएगा।एकादशी तिथि और पारण का समयएकादशी तिथि प्रारंभ: 24 जुलाई 2026 को सुबह 09:12 बजेएकादशी तिथि समाप्त: 25 जुलाई 2026 को सुबह 11:34 बजेव्रत का पारण (26 जुलाई): 26 जुलाई 2026 को सुबह 05:28 बजे से सुबह 08:10 बजे के बीच द्वादशी तिथि में व्रत का पारण करना शुभ रहेगा।आज पूजा के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:03 बजे से 04:45 बजे तकअभिजित मुहूर्त: सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक (पूजा के लिए अति श्रेष्ठ)विजय मुहूर्त: दोपहर 02:28 बजे से दोपहर 03:22 बजे तकगोधूलि मुहूर्त: शाम 06:58 बजे से शाम 07:19 बजे तकअमृत काल: रात 09:41 बजे से रात 11:29 बजे तकदेवशयनी एकादशी: क्या करें और क्या न करें?क्या करें (Dos):सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले या सात्विक वस्त्र धारण करें।भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा में पीले फल, पीले फूल, चंदन और तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) अवश्य चढ़ाएं।'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल या फल का दान करें।क्या न करें (Don'ts):एकादशी के दिन चावल (अक्षत) का सेवन भूलकर भी न करें (व्रत न रखने वालों के लिए भी वर्जित)।तुलसी के पौधे में जल न चढ़ाएं, न ही आज के दिन तुलसी पत्र तोड़ें (पूजा के लिए एक दिन पहले ही तोड़ कर रखें)।तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा) से दूर रहें।किसी के प्रति मन में गलत विचार न लाएं और न ही किसी का अपमान करें।
देशभर के सराफा बाजारों में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है। 25 जुलाई 2026 की सुबह राजधानी दिल्ली समेत देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट गोल्ड के दामों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिल्ली में 24 कैरेट सोना फिसलकर ₹1,44,470 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि एक दिन पहले ही इसमें ₹2,000 की भारी नरमी दर्ज की गई थी।घरेलू बाजार में कमजोर खरीदारी और स्थानीय मांग में आई सुस्ती के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) $4,052.78 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से नीचे आने के कारण वैश्विक बाजार में सोने को हल्का सहारा मिला है, लेकिन घरेलू बाजार में कमजोरी हावी है।देश के प्रमुख शहरों में आज का गोल्ड रेट (₹/10 ग्राम)शहर22 कैरेट सोने का भाव (₹)24 कैरेट सोने का भाव (₹)दिल्ली₹1,32,440₹1,44,470मुंबई₹1,32,290₹1,44,320कोलकाता₹1,32,290₹1,44,320चेन्नई₹1,32,290₹1,44,320लखनऊ₹1,32,440₹1,44,470जयपुर₹1,32,440₹1,44,470अहमदाबाद₹1,32,340₹1,44,370भोपाल₹1,32,340₹1,44,370चंडीगढ़₹1,32,440₹1,44,470हैदराबाद₹1,32,290₹1,44,320चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावटसोने के साथ-साथ चांदी (Silver) की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 25 जुलाई की सुबह घरेलू बाजार में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,34,900 प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है, जबकि इससे पहले दिल्ली सराफा बाजार में चांदी ₹5,000 तक टूट चुकी है।वैश्विक बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर मामूली बढ़त के साथ $58.11 प्रति औंस और प्लेटिनम $1,587.17 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।क्यों बदलती हैं सोने-चांदी की कीमतें?भारत में सोने और चांदी के भाव केवल घरेलू मांग और आपूर्ति पर निर्भर नहीं करते, बल्कि इन मुख्य कारकों से भी तय होते हैं:वैश्विक आर्थिक स्थिति व अंतरराष्ट्रीय दरें: अमेरिका और वैश्विक बाजारों में ब्याज दरों का असर।डॉलर-रुपया विनिमय दर: भारतीय रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी।कच्चे तेल की कीमतें: ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले उतार-चढ़ाव।इंपोर्ट ड्यूटी और टैक्स: भारत सरकार द्वारा लगाए जाने वाले सीमा शुल्क और स्थानीय वैट (VAT)/जीएसटी।
हर दिन सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) पेट्रोल और डीजल की नई दरें जारी करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में होने वाले बदलावों का सीधा असर इन दामों पर पड़ता है।वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी हलचल के बीच आज यानी 25 जुलाई 2026 को भारतीय तेल कंपनियों ने राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। आइए जानते हैं देश के प्रमुख शहरों में आज 1 लीटर पेट्रोल और डीजल का क्या भाव है:देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल-डीजल भाव (₹/लीटर)शहरपेट्रोल का भाव (₹/लीटर)डीजल का भाव (₹/लीटर)नई दिल्ली₹102.12₹95.20मुंबई₹111.21₹97.83कोलकाता₹113.51₹99.82चेन्नई₹107.77₹99.55लखनऊ₹101.89₹95.36नोएडा₹102.12₹97.56गुरुग्राम₹102.77₹95.44चंडीगढ़₹101.51₹89.47पटना₹113.37₹99.36हैदराबाद₹115.69₹103.82जयपुर₹112.66₹97.78बेंगलुरु₹110.93₹98.80भोपाल₹114.57₹99.64रांची₹105.26₹100.49(नोट: राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले स्थानीय वैट (VAT) और माल भाड़े की वजह से हर शहर में पेट्रोल-डीजल के दामों में थोड़ा अंतर होता है।)क्यों तय होती हैं अलग-अलग राज्यों में अलग कीमतें?ईंधन का खुदरा मूल्य मुख्यतः 5 कारकों पर निर्भर करता है:अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत: वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल का रेट।डॉलर-रुपया विनिमय दर: आयात के लिए डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य।सरकारी टैक्स: केंद्र सरकार द्वारा लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT)।रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्टेशन खर्च: कच्चे तेल को प्रोसेस करने और पंपों तक पहुंचाने की लागत।डीलर कमीशन: पेट्रोल पंप संचालकों का तय मार्जिन।SMS के जरिए ऐसे जानें अपने शहर का ताजा भावआप घर बैठे केवल एक SMS भेजकर अपने शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जान सकते हैं:Indian Oil (IOCL): अपने फोन से RSP शहर का कोड लिखकर 9224992249 पर भेजें।BPCL: RSP शहर का कोड लिखकर 9223112222 पर भेजें।HPCL: HPPRICE शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर भेजें।
राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शनिवार, 25 जुलाई 2026 को मौसम सुहावना बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और हल्की से बहुत हल्की बारिश होने की संभावना है।शुक्रवार को हुई बूंदाबांदी और हल्की फुहारों के बाद दिल्लीवासियों को काफी समय से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को भी बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान नियंत्रण में रहेगा।आज कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम और तापमान?मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक:बादल और बारिश: शनिवार सुबह से ही आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम फुहारें पड़ सकती हैं, जबकि दोपहर और शाम के वक्त भी रुक-रुक कर हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।तेज हवाएं: दिन के दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं।तापमान में गिरावट: आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 33C से 35C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24C से 26C के आसपास दर्ज किया जा सकता है।बीते 24 घंटों में कैसा रहा मौसम?शुक्रवार को दिनभर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में छिटपुट बारिश दर्ज की गई, जिससे पारा सामान्य से नीचे बना रहा:सफदरजंग: अधिकतम तापमान 34.6C दर्ज किया गया।पालम: अधिकतम तापमान 32.9C रहा।लोधी रोड और रिज: दोनों मौसम केंद्रों पर तापमान 33.3C रिकॉर्ड हुआ।आया नगर: अधिकतम तापमान 33.3C रहा।बारिश के आंकड़ों की बात करें तो बीते 24 घंटों के दौरान पालम में 3.3 मिमी, सफदरजंग में 0.6 मिमी और रिज क्षेत्र में 3.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।दिल्ली की हवा हुई साफ, AQI 'संतोषजनक' श्रेणी मेंमानसून की लगातार गतिविधियों और बारिश के कारण दिल्ली की आबोहवा में बड़ा सुधार देखने को मिला है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार शाम को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 70 दर्ज किया गया, जो 'संतोषजनक' (Satisfactory) श्रेणी में आता है। साफ हवा और सुहावने मौसम के कारण सप्ताहांत (Weekend) पर लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
बॉलीवुड के 'दबंग' स्टार सलमान खान (Salman Khan) इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और देश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।अब सलमान खान ने देर रात (तड़के सुबह 3 बजे) इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर कर अपने आलोचकों और ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है।सुबह 3 बजे शेयर की शर्टलेस फोटो और क्रिप्टिक कैप्शनसलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी दो तस्वीरें पोस्ट की हैं, जिसमें वे अपने मस्कुलर एब्स और टोन्ड फिजीक दिखाते नजर आ रहे हैं। इस शर्टलेस फोटो के साथ उन्होंने जो कैप्शन लिखा है, उसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है।सलमान खान ने लिखा:सलमान खान डर गया... हम्म्म! जो डर गया वो समझो मर गया।यह क्रिप्टिक कैप्शन तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है और फैंस इसे ट्रोलर्स के लिए सलमान का 'डायरेक्ट अटैक' मान रहे हैं।क्यों ट्रोल हुए थे सलमान खान?दरअसल, सलमान खान ने गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर एक लंबा-चौड़ा नोट शेयर किया था।पीएम मोदी के ट्वीट का हवाला: सलमान ने लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है, इसलिए अब छात्रों और उनके माता-पिता को घबराने की जरूरत नहीं है।सोनम वांगचुक से अपील: उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की गुजारिश करते हुए लिखा था: सोनम भाई, अब सब हो गया, इसे आगे मत बढ़ाइए। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो फिर लड़ाई लड़ेंगे। अब कुछ खा लीजिए, चाहें तो मैं अपने घर से खाना भिजवा दूंगा।सलमान की इस पोस्ट पर कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि वे गंभीर मुद्दे को हल्का बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी ट्रोलिंग के जवाब में सलमान ने अपना नया पोस्ट शेयर किया है।सलमान खान की अपकमिंग फिल्मेंकाम के मोर्चे की बात करें तो सलमान खान आखिरी बार पैन-इंडिया फिल्म 'सिकंदर' (Sikandar) में नजर आए थे, जिसमें उनके साथ रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थीं।अब सलमान अपनी अगली बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मातृभूमि' (Matrubhoomi) की तैयारियों में जुटे हैं, जो 2020 के ऐतिहासिक 'बैटल ऑफ गलवान' (Galwan Valley Clash) पर आधारित एक देशभक्ति एक्शन ड्रामा फिल्म है।
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलपति विजय (Thalapathy Vijay) की बहुप्रतीक्षित और सिनेमाई करियर की आखिरी फिल्म 'जना नायकन' (Jana Nayagan) आखिरकार भारी विवादों और सर्टिफिकेशन की अड़चनों के बाद सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला 'द ओडिसी', 'धमाल 4' और 'इविल डेड बर्न' जैसी बड़ी फिल्मों से देखने को मिल रहा है।जहां पहले दिन फिल्म ने ₹41.6 करोड़ का धमाकेदार ओपनिंग कलेक्शन किया था, वहीं दूसरे दिन (शुक्रवार) इसकी कमाई में लगभग 50% की गिरावट दर्ज की गई है। ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन भारत में लगभग ₹21.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है।2 दिनों में 50 करोड़ पार, 100 करोड़ क्लब पर नजरदूसरे दिन की कमाई को मिलाकर 'जना नायकन' ने महज 2 दिनों के भीतर भारत में ₹63.85 करोड़ नेट का आंकड़ा पार कर लिया है।पहला दिन (Day 1): ₹42.70 करोड़दूसरा दिन (Day 2): ₹21.15 करोड़कुल भारत कलेक्शन (Net): ₹63.85 करोड़वर्ल्डवाइड ग्रॉस (Worldwide Gross): ओवरसीज मार्केट के शानदार रिस्पॉन्स के बदौलत फिल्म का दुनियाभर में कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹112.50 करोड़ पहुंच गया है।₹300-350 करोड़ का बजट और वीकेंड से उम्मीदेंमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'जना नायकन' का अनुमानित बजट ₹300 से ₹350 करोड़ के आसपास है। शुक्रवार को वर्किंग डे होने की वजह से कलेक्शन में कमी देखी गई, लेकिन ट्रेड एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि शनिवार और रविवार के वीकेंड पर इसकी कमाई में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। अगर वीकेंड पर रफ्तार बनी रही तो यह फिल्म जल्द ही 200 करोड़ क्लब की ओर कदम बढ़ा सकती है।थलपति विजय की आखिरी फिल्म'जना नायकन' थलपति विजय की फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म है, क्योंकि वे अब पूरी तरह से राजनीति में कदम रख चुके हैं।निर्देशक व निर्माता: फिल्म का निर्देशन एच. विनोद (H. Vinoth) ने किया है और इसे केवीएन प्रोडक्शंस (KVN Productions) के बैनर तले वेंकट के. नारायणन ने प्रोड्यूस किया है।स्टारकास्ट: फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज, प्रियमाणी और ममिता बैजू जैसे सितारे मुख्य भूमिकाओं में हैं।क्या है फिल्म की कहानी?फिल्म की कहानी एक पूर्व पुलिस अधिकारी (थलपति विजय) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने दिवंगत दोस्त की बेटी का लालन-पालन करता है और उसे भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करता है। इस दौरान उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। इसके साथ ही फिल्म में समाज में फैली भ्रष्टाचार और राजनीतिक अव्यवस्था जैसी गंभीर समस्याओं पर भी कड़ा प्रहार किया गया है।
आमतौर पर जब भी देश में रिकॉर्ड तोड़ और मूसलाधार बारिश का जिक्र होता है, तो मेघालय के चेरापूंजी और मौसिनराम का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। लेकिन इस बार दक्षिण गुजरात के वलसाड (Valsad) जिले ने बारिश के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।वलसाड में महज कुछ ही घंटों के भीतर 46 इंच (लगभग 1,200 मिलीमीटर) रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई, जिसने पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया। इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व जलप्रलय के कारण अब वलसाड को देश का नया 'चेरापूंजी' कहा जा रहा है।भारत के इतिहास की तीसरी सबसे भीषण बारिशवलसाड से भाजपा सांसद धवल लक्ष्मणभाई पटेल के अनुसार, दक्षिण गुजरात और विशेषकर वलसाड में हुई यह बारिश कोई सामान्य मानसूनी गतिविधि नहीं है। यह भारत के आधुनिक इतिहास की तीसरी सबसे भीषण बारिश मानी जा रही है।अचानक हुई 46 इंच बारिश के कारण वलसाड का संपर्क आसपास के जिलों से पूरी तरह कट गया है। नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, बस्तियां, सड़कें, सरकारी इमारतें और कृषि योग्य भूमि कई-कई फीट पानी में डूबी हुई हैं।12,000 से अधिक लोगों का रेस्क्यू और राहत कार्यबाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) ने युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया:सुरक्षित रेस्क्यू: बाढ़ के पानी में फंसे 12,000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाया गया।राशन व मेडिकल किट: दूर-दराज के जलमग्न गांवों में फंसे परिवारों तक बोट्स और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से सूखा राशन और इमरजेंसी फूड किट्स पहुंचाए जा रहे हैं।गृह मंत्री का दौरा: गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने स्वयं प्रभावित इलाकों का दौरा कर जमीनी स्तर पर राहत कार्यों का जायजा लिया।मुआवजा व सर्वे: सरकार द्वारा बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है, जिसके बाद प्रभावित परिवारों को सीधे बैंक खातों में वित्तीय सहायता दी जाएगी।वलसाड में क्यों हुई इतनी भयानक और रिकॉर्ड तोड़ बारिश?मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वलसाड में हुई इस ऐतिहासिक बारिश के पीछे कई मौसमी और भौगोलिक कारण एक साथ सक्रिय थे:अरब सागर का मजबूत वेदर सिस्टम: अरब सागर के ऊपर बना एक बेहद कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) दक्षिण गुजरात के तटीय क्षेत्र के ऊपर आकर स्थिर (Stationary) हो गया।मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ का मिलना: मानसून ट्रफ रेखा और पश्चिमी विक्षोभ के एक साथ सक्रिय होने से वलसाड के आसमान पर अत्यधिक नमी वाले घने बादलों का जमावड़ा हो गया।भौगोलिक स्थिति (ओरोग्राफिक इफ़ेक्ट): वलसाड पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के करीब स्थित एक तटीय जिला है। जब अरब सागर से उठी मानसूनी हवाएं इन पहाड़ियों से टकराईं, तो बादलों को आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिला और वे एक ही जगह रुककर बरसते रहे।ग्लोबल वार्मिंग का असर: समुद्र के तापमान में वृद्धि के कारण बादलों की नमी सोखने और धारण करने की क्षमता कई गुना बढ़ गई, जिसके कारण कम समय में इतना बड़ा बादल फटने जैसी बारिश हुई।
Top News : 26 दिन के अनशन समाप्त होने के बाद ईमानदारी पर उठ रहे सवालों पर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भड़क गए। जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए 18 मेट्रो स्टेशन बंद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और युवाओं ...
आज 25 जुलाई 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र है। आज से भगवान श्री हरि विष्णु 4 महीनों के लिए योगनिद्रा में प्रवेश कर रहे हैं, जिसे हरिशयनी या देवशयनी एकादशी कहा जाता है। यह समय मन की शुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ाने का माना जाता है।ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के अनुसार, आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक लाभ और सफलता लेकर आ रहा है। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. अजय भांबी के अनुसार आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का आज का राशिफल, शुभ रंग, भाग्यशाली अंक और अचूक उपाय:1. मेष राशि (Aries)आज का दिन: किसी शुभचिंतक की प्रेरणा से लक्ष्य हासिल होगा। संतान पक्ष से खुशखबरी मिल सकती है। बीमा व कमीशन से जुड़े लोग टारगेट पूरा करेंगे। अत्यधिक काम से थकान महसूस हो सकती है।उपाय: शिवालय जाकर सुगंधित जल से भगवान शिव का अभिषेक करें।भाग्यशाली रंग: बादामी | भाग्यशाली अंक: 72. वृष राशि (Taurus)आज का दिन: संपत्ति से जुड़ा रुका हुआ काम हल होगा। कार्यक्षेत्र में किए गए बदलावों के निकट भविष्य में शुभ परिणाम मिलेंगे। पुराने मित्र से मुलाकात होगी। पेट का थोड़ा ध्यान रखें।उपाय: लक्ष्मी-नारायण भगवान के स्वरूप के दर्शन करें और मंत्र जाप करें।भाग्यशाली रंग: पीला | भाग्यशाली अंक: 53. मिथुन राशि (Gemini)आज का दिन: भाइयों के साथ चल रही गलतफहमियां दूर होंगी। व्यापारिक व्यवस्था में सुधार के प्रयास सफल होंगे। प्रेम संबंधों में एक-दूसरे का सम्मान करें। एसिडिटी से बचें।उपाय: प्रातः काल प्रकृति के सानिध्य में कुछ समय व्यतीत करें।भाग्यशाली रंग: हरा | भाग्यशाली अंक: 44. कर्क राशि (Cancer)आज का दिन: घर के रखरखाव पर चर्चा होगी। अपनी योग्यता के बल पर बाजार में नई उपलब्धियां मिलेंगी। दोस्तों के साथ गेट-टुगेदर का प्लान बनेगा। दांतों में दर्द की समस्या हो सकती है।उपाय: जरूरतमंद लोगों को फल या दूध का दान करें।भाग्यशाली रंग: बादामी | भाग्यशाली अंक: 15. सिंह राशि (Leo)आज का दिन: बच्चों की उपलब्धियों से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग हैं। आय अच्छी रहेगी, हालांकि खर्च भी बढ़ेंगे। गैस या पेट दर्द से सावधान रहें।उपाय: शिव-पार्वती के स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना करें।भाग्यशाली रंग: लाल | भाग्यशाली अंक: 66. कन्या राशि ( कन्या - Virgo)आज का दिन: सपनों और महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का दिन है। व्यक्तिगत जीवन में किसी का हस्तक्षेप न होने दें। फाइनेंस और कंसल्टेंसी के काम में बड़ी सफलता मिलेगी।उपाय: मंदिर जाकर देव दर्शन करें और बुजुर्गों या ब्राह्मणों का आशीर्वाद लें।भाग्यशाली रंग: गुलाबी | भाग्यशाली अंक: 37. तुला राशि (Libra)आज का दिन: अनुभवी लोगों के सानिध्य में सीखने को मिलेगा। नया काम शुरू करने के लिए उचित समय है। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। पैसों को लेकर किसी रिश्तेदार से विवाद से बचें।उपाय: भगवान गणेश का ध्यान करें और मोदक/लड्डू का भोग लगाएं।भाग्यशाली रंग: लाल | भाग्यशाली अंक: 58. वृश्चिक राशि (Scorpio)आज का दिन: चुनौतियों का डटकर सामना करेंगे। व्यापार में कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा सुलझ जाएगा। प्रेम संबंध विवाह में बदलने के योग हैं। शारीरिक थकान व बदन दर्द हो सकता है।उपाय: जल को व्यर्थ बहाने से बचाएं और संरक्षण करें।भाग्यशाली रंग: केसरिया | भाग्यशाली अंक: 39. धनु राशि (Sagittarius)आज का दिन: अपनी पसंद के कामों के लिए समय निकालें, मानसिक शांति मिलेगी। फाइनेंस से जुड़े फैसलों में खुद पर भरोसा रखें। प्रेम संबंधों में पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी।उपाय: श्री सूक्त या पुरुष सूक्त का पाठ करें अथवा श्रवण करें।भाग्यशाली रंग: आसमानी | भाग्यशाली अंक: 210. मकर राशि (Capricorn)आज का दिन: रुके हुए व्यक्तिगत मामले हल होंगे। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए अपनी योजनाएं गुप्त रखें। व्यावसायिक गतिविधियों में लापरवाही न बरतें। घर का माहौल खुशनुमा रहेगा।उपाय: एकांत में प्रकृति के करीब कुछ समय बिताएं।भाग्यशाली रंग: हरा | भाग्यशाली अंक: 811. कुंभ राशि (Aquarius)आज का दिन: अस्त-व्यस्त दिनचर्या में सुधार आएगा। व्यापार के विस्तार को लेकर अहम चर्चा होगी। व्यर्थ के प्रेम संबंधों में समय व पैसा बर्बाद न करें। सेहत का ध्यान रखें।उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें।भाग्यशाली रंग: ऑरेंज | भाग्यशाली अंक: 712. मीन राशि (Pisces)आज का दिन: भविष्य की योजनाओं में निवेश से अच्छा मुनाफा होगा। दूसरों के गुस्से के सामने शांत रहें। घर में मेहमानों के आने से उत्सव जैसा माहौल रहेगा। जोड़ों के दर्द से बचें।उपाय: अपनी बहन या बेटियों का सत्कार करें और उन्हें उपहार दें।भाग्यशाली रंग: नीला | भाग्यशाली अंक: 9
सरकार के साथ CJP की बैठक आज, संसद मार्च पर हो सकता बड़ा ऐलान
आज यानि शनिवार को जंतर-मंतर पर सुरक्षा के इंतजाम और सख्त कर दिए गए हैं। आज केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के साथ तीसरे दौर की बैठक तय है
महाराष्ट्र: दिल्ली में छात्र विरोध प्रदर्शन स्थल पहुंचे रोहित पवार, सरकार पर साधा निशाना
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन स्थल का दौरा कर एकजुटता व्यक्त की
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से युवक घायल, दोषी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हो: अलका लांबा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक युवक पेलेट गन से घायल हो गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को युवक को मीडिया के सामने लाकर यह दावा किया
बांकीपुर में भाजपा को रोकने के लिए तेज प्रताप यादव ने किया प्रशांत किशोर का समर्थन
बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी का समर्थन देने की घोषणा की है
सोनम वांगचुक का टूटा दिल, बोले- अनशन पर सवाल उठाने वालों पर धिक्कार
नीट पेपर लीक विरोध और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिनों तक अनशन पर बैठे रहे सोनम वांगचुक का दिल टूट गया है
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने पर कांग्रेस का तंज, 'छात्रों की मांग अब भी बरकरार'
कांग्रेस नेता कुलदीप राठौर ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल समाप्त करने के घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने घायल छात्र को पेशकर लगाया आरोप, छात्रों पर पेलेट गन चलाकर सच छिपा रही सरकार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन पर अपना हमला तेज करते हुए शुक्रवार को केंद्र पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। यह आरोप जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले विरोध कर रहे छात्रों पर पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर लगाया गया
कैबिनेट ने 'भव्य-रसायन योजना' को मंजूरी दी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में तीन समर्पित रासायनिक पार्क स्थापित करने के लिए भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन या भव्य-रसायन योजना को मंजूरी दी है
PM मोदी ने छात्रों के लिए जारी किया एक और वीडियो, बोले- Thank you friends
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन युवाओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनका वीडियो देखा और उस पर अपने सुझाव दिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों और युवाओं की सकारात्मक प्रतिक्रिया तथा ...
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के दौरान इस्तीफा देने का दावा कर सुर्खियों में आए उत्तराखंड पुलिस के पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेर सिंह पहले से ही निलंबित हैं ...
कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश जारी कर न्यायालय की कार्यवाही के ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग को बिना संबंधित न्यायालय की पूर्व अनुमति के सोशल मीडिया तथा अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डालने, एडिट करने, शेयर करने या उससे कमाई करने पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची […] The post कोर्ट की कार्यवाही को अनधिकृत रूप से सोशल मीडिया मंचों पर डालने, साझा करने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक appeared first on Sabguru News .
रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति का जताया आभार
रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया
नई दिल्ली। केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि भारत के […] The post रवनीत सिंह बिट्टू ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया appeared first on Sabguru News .
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और परीक्षा सुधारों को लेकर लगातार जारी छात्रों का आंदोलन अब देश की शीर्ष अदालत पहुंच गया है। गत 20 जुलाई को संसद मार्च ('चलो संसद') के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं।सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार, 27 जुलाई 2026 को सुनवाई करने की सहमति दे दी है।सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकीलों ने रखा पक्षशुक्रवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष इस मामले को मेंशन किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान और गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत का ध्यान छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता की ओर आकर्षित किया।वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ से तत्काल सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा:पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा सख्त और हिंसक बल प्रयोग किया जा रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी घटनाएं रोजाना हो रही हैं। ऐसे में पुलिस और आम छात्रों के बीच सिर्फ अदालत ही सुरक्षा का सहारा है।अदालत को सूचित किया गया कि रजिस्ट्री की ओर से याचिकाओं को नंबर आवंटित कर दिए गए हैं, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।क्या हुआ था 20 जुलाई की झड़प में?गौरतलब है कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।इस झड़प में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। छात्रों की प्रमुख मांग है कि:नीट परीक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में पारदर्शिता और कड़े सुधार लाए जाएं।पेपर लीक विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।दिल्ली हाई कोर्ट में भी जारी है सुनवाईइससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी 20 जुलाई की घटना को लेकर याचिकाएं दायर की गई थीं। हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियोग्राफी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं।अब देखना यह होगा कि 27 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले और पुलिस की कार्रवाई पर क्या कड़ा रुख अपनाता है।
देश की सबसे बड़ी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ही अपने होम ब्रॉडबैंड ग्राहकों को एक बड़ा सरप्राइज दिया है। अगर आप भी हर महीने ब्रॉडबैंड, टीवी या OTT सब्सक्रिप्शन का रिचार्ज कराने के झंझट से परेशान रहते हैं, तो जियो का नया प्लान आपके लिए बेहद काम का साबित हो सकता है।कंपनी ने अपने JioFiber और Jio AirFiber यूजर्स के लिए चुपके से ₹10,000 की कीमत वाला Freedom Pack लॉन्च किया है। इस प्लान की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि इसमें यूजर्स को पूरे 15 महीने की लंबी वैलिडिटी के साथ 100 Mbps की हाई-स्पीड इंटरनेट सर्विस और ढेरों एंटरटेनमेंट ऐप्स का सपोर्ट मिलता है।Jio ₹10,000 Freedom Pack के प्रमुख फायदेजियो के इस ऑल-इन-वन फ्रीडम पैक में यूजर्स को निम्नलिखित सुविधाएं दी जा रही हैं:100 Mbps की हाई-स्पीड इंटरनेट: पूरे 15 महीने तक 100 Mbps की डाउनलोड और अपलोड स्पीड बिना किसी रुकावट के मिलेगी।अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग: लैंडलाइन या फ्री वॉइस कॉलिंग का लाभ भी इसमें शामिल है।फ्री सेट-टॉप बॉक्स (STB): प्लान के साथ जियो यूजर्स को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फ्री 4K स्मार्ट सेट-टॉप बॉक्स दिया जाएगा, जिससे अलग से DTH कनेक्शन की जरूरत खत्म हो जाएगी।1000+ लाइव टीवी चैनल्स: JioTV ऐप के माध्यम से 1,000 से अधिक लाइव टीवी चैनल्स देखने को मिलेंगे।12 प्रीमियम OTT एप्लिकेशंस: प्लान में मनोरंजन के लिए 12 प्रमुख OTT ऐप्स का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलेगा, जिनमें JioHotstar, SonyLIV, ZEE5, SunNXT, HoiChoi, Discovery+, TimesPlay, TarangPlus, ErosNow, Lionsgate Play, ShemarooMe और ETV Win शामिल हैं।JioPC का सपोर्ट: टीवी पर क्लाउड कंप्यूटिंग के जरिए JioPC फीचर का उपयोग किया जा सकता है।बचत के हिसाब से क्यों खास है यह प्लान?जियो वर्तमान में 100 Mbps स्पीड वाले 3 महीने (तिमाही) के प्लान ₹3,333 और ₹4,444 की कीमत पर ऑफर करता है। अगर हिसाब लगाएं, तो 12 महीने के रिचार्ज की कुल लागत ₹13,000 से भी अधिक हो जाती है। वहीं, ₹10,000 के फ्रीडम पैक में यूजर्स को पूरे 15 महीने (1 साल + 3 महीने) की वैलिडिटी मिल रही है, जो आर्थिक रूप से काफी फायदेमंद और बचत कराने वाला सौदा है।
स्वप्न शास्त्र (Dream Astrology) के अनुसार, सोते समय देखे गए हर सपने का एक खास अर्थ और संकेत होता है। ऐसा माना जाता है कि हमारे सपने भविष्य में घटने वाली घटनाओं का पहले से ही पूर्वाभास करा देते हैं। खासकर जब सपने में देवी-देवता या उनसे जुड़ी चीजें दिखाई दें, तो इन्हें बेहद शुभ माना जाता है।यदि शनिवार की रात (Saturday Night) आपको शनिदेव से जुड़े कुछ विशेष सपने आते हैं, तो यह सीधे तौर पर शनिदेव के प्रसन्न होने और उनकी कृपा प्राप्त होने का अद्भुत संकेत है। आइए जानते हैं कि शनिवार की रात दिखने वाले कौन-से 4 सपने आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं:1. सपने में काला कुत्ता देखनाशनिवार की रात को अगर सपने में काला कुत्ता दिखाई दे, तो स्वप्न शास्त्र में इसे बेहद फलदायी माना गया है। काला कुत्ता शनिदेव को अत्यंत प्रिय है। यह सपना संकेत देता है कि शनिदेव आपसे प्रसन्न हैं और जल्द ही आपकी कड़ी मेहनत और कर्मों का सकारात्मक फल आपको मिलने वाला है।2. सपने में काले रंग का शिवलिंग दिखनाअगर शनिवार की रात आपको काले रंग का शिवलिंग नजर आता है, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। इसका अर्थ है कि आपके जीवन पर भगवान शिव और शनिदेव दोनों की संयुक्त कृपा होने वाली है। यह सपना करियर में रुकी हुई तरक्की के दरवाजे खोलता है और आर्थिक व पारिवारिक स्थिति में मजबूती लाता है।3. सपने में शनि मंदिर के दर्शन होनाशनिवार की रात सपने में शनिदेव का मंदिर दिखना भी एक सकारात्मक संकेत है। इसका सीधा अर्थ है कि आपके कष्टों और परेशानियों का अंत निकट है। यह सपना दुर्भाग्य के दूर होने और जीवन में भाग्य का साथ मिलने का प्रतीक माना जाता है।4. स्वयं को शनिदेव की पूजा करते देखनायदि आप शनिवार की रात देखते हैं कि आप स्वयं शनिदेव की विधिवत पूजा-अर्चना कर रहे हैं, तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह दर्शाता है कि शनिदेव आपकी भक्ति से प्रसन्न हैं। ऐसा सपना आने पर सुबह उठकर शनिदेव के दर्शन करें, ओम शं शनैश्चराय नमः का जाप करें और काले तिल या उड़द की दाल का दान करें। इससे व्यापार और नौकरी में बड़ी सफलता मिलती है।
वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 बेहद करीब आ गई है। आयकर विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना रिटर्न फाइल कर चुके हैं।यदि आप नौकरीपेशा हैं या आपकी आय कर योग्य सीमा (Taxable Income) में नहीं भी आती है, तब भी ITR दाखिल करना आपके वित्तीय रिकॉर्ड के लिए बेहद फायदेमंद होता है। कई करदाता इस उम्मीद में बैठे हैं कि आयकर विभाग अंतिम तिथि आगे बढ़ाएगा, लेकिन बिना किसी आधिकारिक घोषणा के अंतिम समय का इंतजार करना भारी पड़ सकता है।31 जुलाई की डेडलाइन मिस होने पर क्या होगा?अगर आप 31 जुलाई 2026 तक अपना ITR फाइल करने में असफल रहते हैं, तो आयकर नियमों के तहत आपको बिलेटेड रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने का अवसर मिलता है। हालांकि, बिलेटेड रिटर्न दाखिल करने पर आपको भारी वित्तीय नुकसान, लेट फीस और ब्याज का भुगतान करना पड़ता है।डेडलाइन छूटने पर होने वाले प्रमुख नुकसान31 जुलाई के बाद रिटर्न फाइल करने पर करदाताओं को निम्नलिखित परेशानियों और पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है:धारा 234F के तहत लेट फीस (Late Fee):यदि आपकी कुल वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक है, तो 31 जुलाई के बाद ITR फाइल करने पर ₹5,000 तक की लेट फीस देनी होगी।यदि आपकी कुल आय ₹5 लाख या उससे कम है, तो लेट फीस की राशि ₹1,000 होगी।बकाया टैक्स पर ब्याज (Interest under Section 234A):अगर आपका कोई टैक्स बकाया (Tax Due) निकलता है, तो 31 जुलाई की तारीख बीतने के बाद धारा 234A के तहत हर महीने या महीने के हिस्से पर 1% की दर से अतिरिक्त ब्याज वसूला जाएगा।TDS रिफंड में देरी:यदि आपका टीडीएस (TDS) कटा हुआ है और आप रिफंड के हकदार हैं, तो डेडलाइन मिस करने पर रिफंड मिलने में काफी देरी होगी और आपको मिलने वाले ब्याज का भी नुकसान हो सकता है।आयकर विभाग का नोटिस:समय पर ITR फाइल न करने की स्थिति में आयकर विभाग आपको धारा 142(1) के तहत नोटिस या स्क्रूटनी (Scrutiny) का नोटिस जारी कर सकता है।क्या है समझदारी भरा कदम?अंतिम समय में इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। किसी भी तरह के कानूनी झंझट, आर्थिक पेनल्टी और स्क्रूटनी से बचने के लिए समय रहते 31 जुलाई 2026 से पहले ही अपना ITR सफलता पूर्वक सबमिट और ई-वेरिफाई (e-Verify) कर लें।
साल 2026 में सिनेमाघरों में एक से बढ़कर एक फिल्में रिलीज हुई हैं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर न सिर्फ धमाकेदार कमाई की बल्कि अब ओटीटी पर भी जलवा बिखेर रही हैं। हालांकि, इनमें सबसे ज्यादा ध्यान हॉरर (Horror) कैटेगरी की फिल्मों ने खींचा है। ऐसी ही एक नई डरावनी फिल्म इन दिनों बड़े पर्दे पर दर्शकों की चीखें निकाल रही है।महज 14 दिनों के भीतर कई बड़ी हॉरर फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ने वाली इस फिल्म को देखने के लिए आज भी लोग थिएटर्स का रुख कर रहे हैं। इस बहुचर्चित और खौफनाक फिल्म का नाम ‘इविल डेड बर्न’ (Evil Dead Burn) है।नामचीन मेकर्स और दमदार स्टारकास्टइस डरावनी फिल्म का निर्देशन मशहूर फ्रांसीसी डायरेक्टर सेबेस्टियन वानीसेक ने किया है। उन्होंने अपने सह-लेखक के साथ मिलकर इसकी सांसें थमा देने वाली पटकथा (Screenplay) तैयार की है।फिल्म में सूहेला याकूब, टैंडी राइट, हंटर डूहान, लुसिएन बुकानन, एरोल शैंड और मॉड डेवी जैसे मंझे हुए अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की टोली नजर आ रही है। सबसे खास बात यह है कि इस पूरे प्रोजेक्ट को सैम राइमी और रॉब टैपर्ट जैसे हॉरर जॉनर के दिग्गज प्रोड्यूसर्स का साथ मिला है।रोंगटे खड़े कर देने वाली है कहानीफिल्म की कहानी एक ऐसी महिला और उसके परिवार के ईद-गिर्द घूमती है, जिसके पति की अचानक मौत हो जाती है। खुद को संभालने के लिए वह महिला अपने ससुराल वालों के पास रहने जाती है। लेकिन वहां एक प्राचीन और खतरनाक शैतानी शक्ति एक्टिव हो जाती है।धीरे-धीरे परिवार के सदस्य उस बुरी ताकत (डेडाइट्स) के कब्जे में आने लगते हैं और एक-दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। जब महिला को समझ आता है कि पूरा परिवार खत्म होने की कगार पर है, तो वह निडर होकर उन खौफनाक शैतानी शक्तियों का सामना करती है।14 दिनों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शनबॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने दूसरे मंगलवार को नॉर्थ अमेरिका में $857k की कमाई की।14 दिनों का घरेलू कलेक्शन (US): $25.4 मिलियन (जो अब बढ़कर $27.2 मिलियन हो चुका है)।वर्ल्डवाइड कलेक्शन (Worldwide): फिल्म ने अब तक दुनिया भर में $52.6 मिलियन (लगभग 440 करोड़ रुपये) का शानदार कारोबार कर लिया है।हालांकि, सैम राइमी की 2013 में आई रिबूट फिल्म ‘इविल डेड’ ने दुनिया भर में $97.5 मिलियन कमाए थे, जिससे ‘इविल डेड बर्न’ अभी लगभग $50 मिलियन पीछे है, फिर भी इसकी रफ्तार बॉक्स ऑफिस पर बनी हुई है।ऑडियंस रिएक्शन और IMDb रेटिंगदर्शकों का रिस्पॉन्स: दुनिया भर के हॉरर लवर्स इस फिल्म के खौफनाक सीन्स, जंप स्केयर्स और टेंशन से भरे बैकग्राउंड स्कोर की जमकर तारीफ कर रहे हैं। भारत में भी इस फिल्म को लेकर हॉरर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।IMDb रेटिंग: फिल्म को रिव्यू एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म IMDb पर 10 में से 6.7 की रेटिंग मिली है, जो हॉरर कैटेगरी की फिल्मों के लिहाज से एक बेहतरीन स्कोर माना जाता है।तेजी से आगे बढ़ती कहानी और बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की बदौलत 'इविल डेड बर्न' साल 2026 की सबसे चर्चित और डरावनी फिल्मों की लिस्ट में अपनी जगह पक्की कर चुकी है।
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक मोड़ पर पहुंच गया है। कांग्रेस के मार्च के बाद, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा की गई एक विस्तृत पोस्ट में ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की मंशा और पुलिस कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगाने वाले मामले में शिक्षा मंत्री का बचाव करने के लिए इतनी उतावली क्यों दिख रही है।छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस की कार्रवाई बर्बरममता बनर्जी ने दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई की सख्त निंदा की। उन्होंने लिखा:अस्वीकार्य कार्रवाई: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस का बल प्रयोग, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ना और पैलेट गन का इस्तेमाल बेहद परेशान करने वाला और पूरी तरह से अमानवीय है।भविष्य की लड़ाई: यह लड़ाई केवल एक परीक्षा घोटाला (NEET Scam) में न्याय पाने की नहीं है, बल्कि देश के हर युवा के भविष्य को सुरक्षित करने का आंदोलन है।लोकतांत्रिक आंदोलन से क्यों डरी हुई है सरकार?केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करना तथा प्रदर्शनकारी छात्रों पर कड़े कानून लगाना यह दर्शाता है कि सरकार इस लोकतांत्रिक आंदोलन से घबराई हुई है।उन्होंने पूछा कि अगर लाखों अभ्यर्थियों का जीवन और करियर प्रभावित करने वाले आरोपी खुले घूम रहे हैं और जवाबदेही से बच रहे हैं, तो सरकार आखिर किस-किस को बचाने का प्रयास कर रही है।छात्रों के साथ खड़ा है पूरा विपक्षपूर्व सीएम ने देश के युवाओं के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इस कठिन परिस्थिति में छात्रों और अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने लाठियों, पुलिस कार्रवाई और सरकारी दबाव के आगे न झुकने के लिए युवाओं के अटूट साहस को सलाम किया।आपको बता दें कि इससे पहले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी छात्रों की मांगों के समर्थन में अनशन पर थे, जिन्होंने हाल ही में सरकार से मिले आश्वासन के बाद अपनी 26 दिन पुरानी भूख हड़ताल खत्म की है। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा सुधारों को लेकर विभिन्न संगठनों का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है।
देशभर के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह से मेहरबान है, लेकिन गुजरात में इस समय बारिश ने हाहाकार मचा रखा है। खासकर दक्षिण गुजरात (South Gujarat) में तो महज एक ही दिन में इतनी भीषण मूसलाधार बारिश हुई कि कई इलाकों में जलप्रलय और बाढ़ जैसे भयावह हालात पैदा हो गए।घर, दुकानें, मुख्य सड़कें, गाड़ियां और रेलवे ट्रैक सब पानी में डूब गए। आखिर गुजरात के एक ही हिस्से में अचानक इतनी भयानक बारिश क्यों हुई और मौसम विभाग (IMD) का इस पर क्या कहना है? आइए समझते हैं।क्यों हुई गुजरात में इतनी भयावह बारिश?भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस अप्रत्याशित और मूसलाधार बारिश के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े मौसमी कारण (Weather Systems) जिम्मेदार हैं:मजबूत दक्षिण-पश्चिम मानसून: गुजरात के ऊपर दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय अपने चरम पर है।अरब सागर से उठती नमी: अरब सागर से लगातार नमी से भरी मानसूनी हवाएं बिना किसी रुकावट के गुजरात के तटीय अंचलों की ओर आ रही हैं।एक ही जगह पर रुका वेदर सिस्टम: पश्चिमी भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure System) एक ही जगह पर स्थिर हो गया। इसके चलते दक्षिण गुजरात के सीमित दायरे में लगातार बादलों का जमावड़ा बना रहा और कई घंटों तक मूसलाधार बारिश होती रही।इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा रिकॉर्ड तोड़ बारिशस्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के आंकड़ों के मुताबिक, बारिश ने बीते 24 घंटों में सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं:उंबरगांव (Umargam): सबसे ज्यादा 906 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से कई गुना अधिक और बेहद दुर्लभ श्रेणी में आती है।कपाराडा: 731 मिलीमीटरनानापोंधा: 643 मिलीमीटरधरमपुर: 499 मिलीमीटरपारडी: 448 मिलीमीटरवापी व वलसाड: वापी में 413 mm और वलसाड में 403 mm बारिश दर्ज हुई।तापी व डांग: तापी के डोलवन में 378 mm और डांग के वघई में 369 mm बारिश हुई।सामान्य से 4 गुना ज्यादा बरसा पानी, आगे भी राहत नहींमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 204.5 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश होती है, तो उसे 'अत्यधिक भारी बारिश' (Extremely Heavy Rainfall) की श्रेणी में रखा जाता है। लेकिन गुजरात के उंबरगांव, कपराडा और वलसाड जैसे इलाकों में इस मानक से 3 से 4 गुना ज्यादा पानी एक ही दिन में बरस गया।भारी बारिश के कारण नदियों-नालों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, पटरियों पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक गुजरात में मानसूनी सिस्टम ऐसा ही बना रहेगा और भारी बारिश से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
देशभर में नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर मचे बवाल और छात्रों के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच पूर्व मिस वर्ल्ड और बॉलीवुड अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने अभ्यर्थियों के हक में अपनी आवाज उठाई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा करते हुए मानुषी ने कहा कि जो लोग इस स्थिति में आसानी से कह देते हैं कि 'बस परीक्षा दोबारा लिख लो', वे असल में एक छात्र के संघर्ष, रातों की नींद और सालों की कड़ी मेहनत को नहीं समझ पा रहे हैं।'2015 में मुझे भी दोबारा देनी पड़ी थी परीक्षा'मानुषी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए खुलासा किया कि साल 2015 में जब वे खुद मेडिकल की तैयारी कर रही थीं, तब पेपर लीक होने के कारण उन्हें भी दोबारा परीक्षा देनी पड़ी थी।उन्होंने लिखा कि एक एस्पिरेंट के लिए यह सिर्फ एक एग्जाम नहीं होता, बल्कि यह सालों की तपस्या, अनगिनत त्यागों और अपने सपनों को पूरा करने की जिद होती है। बार-बार परीक्षा रद्द होने या लीक होने से छात्रों का मनोबल पूरी तरह टूट जाता है।सिस्टम की खामियों और मिडिल क्लास के संघर्ष पर उठाए सवालमानुषी ने उन वित्तीय और मानसिक चुनौतियों का खास जिक्र किया, जिनसे एक परीक्षार्थी का पूरा परिवार गुजरता है। उन्होंने कहा:माता-पिता का त्याग: डॉक्टर बनने का सपना सिर्फ बच्चे का नहीं होता। कोचिंग सेंटरों में उन माता-पिता को देखना दर्दनाक होता है जो अपनी हैसियत से ज्यादा कर्ज लेकर बच्चों की फीस भरते हैं।समानता का जरिया: इस असमानता से भरी दुनिया में शिक्षा ही मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आगे बढ़ने और बराबरी हासिल करने का एकमात्र जरिया है।सिस्टम में सुधार जरूरी: परीक्षा प्रणाली की इन गहरी और पुरानी समस्याओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।'संवाद और सुधार ही समाधान'अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी यह अपील किसी संस्थान के खिलाफ नहीं है, बल्कि देश की व्यवस्था को और बेहतर बनाने के विश्वास पर टिकी है। भारत के लोकतंत्र और संविधान में आस्था जताते हुए उन्होंने कहा कि कड़े से कड़े संकट का समाधान आपसी बातचीत, करुणा और सम्मान से ही निकल सकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से युवाओं के भविष्य की खातिर संवेदनशील रुख अपनाने की अपील की।12वीं में 96% मार्क्स और ऑल इंडिया टॉपर रही हैं मानुषीआपको बता दें कि अभिनय जगत में कदम रखने से पहले मानुषी छिल्लर एक बेहद होनहार मेडिकल स्टूडेंट थीं:12वीं में शानदार रिकॉर्ड: उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96% अंक हासिल किए थे और CBSE के इंग्लिश विषय में ऑल इंडिया टॉपर रही थीं।मेडिकल कॉलेज में एडमिशन: NEET की परीक्षा सफलतापूर्वक क्रैक करने के बाद उन्होंने सोनीपत (हरियाणा) के प्रतिष्ठित 'भगत फूल सिंह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज' में MBBS में दाखिला लिया था।मिस वर्ल्ड का ताज: अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने साल 2017 में मिस वर्ल्ड (Miss World 2017) का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया, जिसके बाद उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा।
जब भी हम किसी मंदिर में भगवान के दर्शन करने जाते हैं, तो एक खास बात अक्सर देखने को मिलती है। गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने के बाद श्रद्धालु तुरंत पीछे मुड़कर नहीं चलते, बल्कि उल्टे कदमों से पीछे हटते हुए बाहर आते हैं। यानी जब तक वे मंदिर परिसर या गर्भगृह से बाहर न निकल जाएं, तब तक वे भगवान की तरफ पीठ नहीं करते हैं।यह केवल सदियों पुरानी कोई अंध परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे बेहद गहरे धार्मिक, आध्यात्मिक, मानसिक और व्यावहारिक कारण छिपे हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि दर्शन के बाद उल्टे पैर पीछे हटने के पीछे क्या वजहें हैं:1. ईश्वर के प्रति सर्वोच्च सम्मान और आदर की भावनाहमारी भारतीय संस्कृति में बड़ों, माता-पिता और गुरुओं का आदर करना सबसे पहला धर्म माना गया है। जैसे हम किसी पूजनीय या बड़े व्यक्ति से बात करने के बाद तुरंत उनके सामने पीठ मोड़कर नहीं भागते, ठीक वैसे ही भगवान तो पूरी सृष्टि के स्वामी हैं। उनके सामने से अचानक पीठ फेरकर चले जाना अनादर का प्रतीक माना जाता है। जब तक हम मंदिर परिसर से बाहर नहीं आते, हमारा ध्यान और चेहरा ईश्वर की ओर ही रहता है, जो हमारी सच्ची श्रद्धा को दर्शाता है।2. सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) को अपने अंदर समेटनाविज्ञान और अध्यात्म दोनों मानते हैं कि मंदिर का गर्भगृह और मूर्ति स्थल सकारात्मक ऊर्जा का बहुत बड़ा केंद्र होता है। जब हम हाथ जोड़कर ईश्वर के समक्ष खड़े होते हैं, तो वह पवित्र ऊर्जा हमारे शरीर और आभामंडल (Aura) में प्रवेश करती है। यदि हम दर्शन के तुरंत बाद सीधे मुड़ जाते हैं, तो उस ऊर्जा का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो जाता है। उल्टे कदमों से बाहर आने का सांकेतिक अर्थ यही है कि हम उस दिव्य शांति, शक्ति और आशीर्वाद को अपने भीतर सहेजकर घर ले जा रहे हैं।3. अहंकार और घमंड का नाशसीधे पीठ मोड़कर चले जाना कभी-कभी इंसान के अनजाने अहंकार को दर्शाता है—मानो काम खत्म हुआ और हम चलते बने। इसके विपरीत, धीरे-धीरे पीछे की तरफ कदम बढ़ाना हमारी नम्रता और समर्पण भाव को प्रकट करता है। यह परंपरा इंसान को यह याद दिलाती है कि ईश्वर के सामने हमारा अस्तित्व बहुत छोटा है और जो कुछ भी हमारे पास है, वह सब उन्हीं की कृपा है।4. ध्यान और मन की एकाग्रता बनाए रखनाजैसे ही इंसान मंदिर से बाहर जाने के लिए पीठ मोड़ता है, उसका ध्यान तुरंत सांसारिक बातों—जैसे बाहर खड़े जूते-चप्पल, गाड़ियां या रोजमर्रा की चिंताओं में उलझ जाता है। लेकिन जब हम भगवान के श्रीविग्रह को देखते हुए पीछे हटते हैं, तो हमारा ध्यान अंतिम समय तक मूर्ति पर ही टिका रहता है। इससे मंदिर में मिली असीम मानसिक शांति लंबे समय तक मन में बनी रहती है।
अगर आप भी शहर की भागदौड़, भारी ट्रैफिक और रोजमर्रा के तनाव से ब्रेक लेकर कुछ दिन सुकून के बिताना चाहते हैं, तो उत्तर-पूर्व (North-East) की खूबसूरत वादियां आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। ऊंचे-बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल, शांत वातावरण और कुदरती सुंदरता से भरपूर यह क्षेत्र छुट्टियां बिताने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है।पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने एक खास 'अरुणोदय अरुणाचल' (Arunoday Arunachal) फ्लाइट टूर पैकेज लॉन्च किया है। इस पैकेज के जरिए आप बिना किसी झंझट के उत्तर-पूर्व के सबसे खूबसूरत स्थलों की यात्रा कर सकते हैं।किन-किन खूबसूरत जगहों को करेंगे एक्सप्लोर?IRCTC के इस स्पेशल फ्लाइट टूर पैकेज के तहत पर्यटकों को असम और अरुणाचल प्रदेश के कई प्रसिद्ध और दर्शनीय स्थलों की सैर कराई जाएगी:गुवाहाटी (Guwahati): असम का यह प्रमुख शहर उत्तर-पूर्व का प्रवेश द्वार माना जाता है, जहां से इस यादगार यात्रा की शुरुआत होगी।तेजपुर (Tezpur): पवित्र ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, चाय के बागानों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है।दिरांग (Dirang): अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों में बसा यह छोटा सा कस्बा अपनी हरियाली, ठंडे मौसम और सुरम्य नजारों के लिए पर्यटकों का दिल जीत लेता है।तवांग (Tawang): समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित तवांग अपने बर्फ से ढके पहाड़ों, विशाल व प्राचीन बौद्ध मठों (Tawang Monastery) और खूबसूरत झीलों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।क्यों खास है यह 'अरुणोदय अरुणाचल' टूर पैकेज?अनछुई प्राकृतिक सुंदरता: शहर के प्रदूषण से दूर साफ हवा, कल-कल बहते झरने और हरियाली आपको पूरी तरह से तरोताजा कर देगी।हिमालय के विहंगम दृश्य: बादलों से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और पहाड़ियों के नजारे आपके सफर को जीवनभर के लिए यादगार बना देंगे।आध्यात्मिक शांति: तवांग के प्रसिद्ध बौद्ध मठों में जाकर आपको अनोखी मानसिक शांति और संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलेगा।एडवेंचर और रोड ट्रिप: घुमावदार पहाड़ी रास्ते और ऊंचे दर्रे एडवेंचर और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं।कितना आएगा खर्च और क्या मिलेंगी सुविधाएं?IRCTC के इस 'अरुणोदय अरुणाचल' फ्लाइट टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹53,500 प्रति व्यक्ति रखी गई है।इस पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एयर टिकट (आने-जाने की फ्लाइट), होटल में ठहरने की व्यवस्था, स्थानीय ट्रांसफर के लिए कैब/बस, और भोजन (BreakFast & Dinner) जैसी प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं। यानी आपको अलग-अलग बुकिंग करने की कोई टेंशन नहीं लेनी होगी। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट के शांत माहौल में एक बजट-फ्रेंडली और आरामदायक ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो यह IRCTC पैकेज आपके लिए एकदम परफेक्ट विकल्प साबित हो सकता है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लाखों सेवारत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों के पे-स्ट्रक्चर, महंगाई भत्ते (DA), पेंशन लाभ और सेवा शर्तों की व्यापक समीक्षा की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।पूर्व केंद्रीय आर्थिक मामलों के सचिव अतनु चक्रवर्ती की अध्यक्षता में इस 4 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। आयोग को 6 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें और अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसे आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार आगे भी बढ़ा सकती है।वेतन आयोग का मुख्य कार्य और उद्देश्यवेतन आयोग सरकार द्वारा गठित एक समीक्षा समिति होती है, जो महंगाई, आर्थिक स्थिति और राज्य की वित्तीय क्षमता के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के पे-स्केल, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों में संशोधन की आवश्यकता की जांच करती है। केंद्र सरकार जहां अपने कर्मियों के लिए केंद्रीय वेतन आयोग का गठन करती है, वहीं राज्य सरकारें अपनी वित्तीय क्षमता और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार अपने आयोग गठित करती हैं।किन-किन विषयों की जांच करेगा 7वां वेतन आयोग?पश्चिम बंगाल के 7वें वेतन आयोग को कर्मचारियों के सेवा ढांचे की विस्तृत जांच का अधिकार दिया गया है। आयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा:मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ता (DA): बेसिक पे, विशेष भत्तों और डीए के पुनरीक्षण पर जोर।अन्य भत्ते व लाभ: यात्रा भत्ता, प्रमोशन पॉलिसी, डेथ-कम-रिटायरमेंट बेनिफिट्स और मेडिकल लाभ।प्रतिभा और दक्षता: सरकारी सेवाओं में कुशल प्रतिभाओं को आकर्षित करने और बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस बनाने के लिए आकर्षक पैकेज का सुझाव देना।पेंशन पुनरीक्षण: सेवानिवृत्त कर्मियों और पेंशनभोगियों की पेंशन संशोधन प्रक्रिया को सरल बनाना।महंगाई भत्ता (DA) की समीक्षा क्यों है बेहद खास?पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों के लिए डीए की समीक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। वर्तमान में राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डीए में अंतर है। राज्य सरकार की मंशा एक ही बार में भारी बढ़ोतरी करने के बजाय केंद्र और राज्य के डीए अंतर को चरणबद्ध (धीरे-धीरे) तरीके से खत्म करने की है। आयोग इसके लिए एक उपयुक्त और स्थायी फॉर्मूले की सिफारिश करेगा।क्या कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन तुरंत बढ़ जाएगी?नहीं, इस चरण में वेतन तुरंत नहीं बढ़ेगा।वेतन आयोग का गठन होने का अर्थ तुरंत सैलरी या पेंशन में वृद्धि होना नहीं है। प्रक्रिया के तहत:आयोग पहले मौजूदा वेतन ढांचे का गहन अध्ययन करेगा।विभिन्न कर्मचारी संगठनों और हितधारकों से बातचीत कर परामर्श मांगेगा।6 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगा।सिफारिशें मिलने के बाद राज्य सरकार वित्तीय आंकलन कर उन्हें लागू करने का अंतिम फैसला लेगी।8वें केंद्रीय वेतन आयोग का क्या पड़ेगा असर?राज्य सरकार के संकल्प के मुताबिक, आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के फैसलों को ध्यान में रख सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि राज्य सरकार केंद्रीय पे-स्ट्रक्चर को पूरी तरह अपनाएगी। राज्य आयोग स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगा और सिफारिशें राज्य की प्रशासनिक जरूरतों व बजट पर आधारित होंगी।
देशभर में मानसूनी हवाओं के असर से मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो गया है। यूपी से लेकर गुजरात और असम तक नदियां उफान पर हैं और कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी कर गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी-तूफान और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) की वजह से गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में असाधारण रूप से भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड तोड़ बारिशIMD के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में गुजरात रीजन के कुछ स्थानों पर 230 सेमी तक की रिकॉर्ड तोड़ असाधारण बारिश दर्ज की गई।अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी): कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, सौराष्ट्र और कच्छ।बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी): गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक।भारी बारिश (7-11 सेमी): जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पूर्वी यूपी, राजस्थान, एमपी, असम और केरल।क्षेत्रवार मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट1. पश्चिम भारत: गुजरात और महाराष्ट्र में रेड अलर्टदक्षिण-पूर्वी राजस्थान पर बने दबाव के चलते गुजरात राज्य में 24 और 25 जुलाई को असाधारण रूप से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। सौराष्ट्र-कच्छ में 26 जुलाई तक और गुजरात रीजन में 27 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कोंकण और गोवा में 25 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी।2. उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी और पहाड़ी राज्यों का हालपहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 30 जुलाई तक अधिकांश स्थानों पर बारिश जारी रहेगी। उत्तराखंड में 27 से 29 जुलाई के दौरान अत्यंत तेज बारिश का अनुमान है।मैदानी इलाके: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 और 29 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 29-30 जुलाई और पूर्वी यूपी में 28-29 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।राजस्थान: पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 24-25 जुलाई को भारी बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।3. मध्य भारत: एमपी और छत्तीसगढ़पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में 26 से 30 जुलाई के दौरान व्यापक और भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ क्षेत्र में 28 और 29 जुलाई को मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।4. पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारतगांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड में 28 जुलाई तक गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में 30 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।5. दक्षिण भारत: आंधी और बिजली गिरने का अलर्टतटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 30 जुलाई तक बारिश जारी रहेगी। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) तथा सुशासन की नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में मा० उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी के निर्देशों के अनुपालन में गंभीर प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के संबंध में संयुक्त आयुक्त (मनरेगा), ग्राम्य विकास, संजय कुमार पाण्डेय के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।संजय कुमार पाण्डेय द्वारा जनपद उन्नाव में उपायुक्त (स्वतः रोजगार), राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के पद पर तैनाती के दौरान वित्तीय अनियमितताएं किए जाने के आरोपों की जांच में प्रथमदृष्टया उन्हें गंभीर प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं का दोषी पाए जाने पर मा० उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।साथ ही, संजय कुमार पाण्डेय के विरुद्ध प्रस्तावित अनुशासनिक कार्यवाही को दृष्टिगत रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम-4 के अंतर्गत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है तथा वे नियमानुसार ग्राम्य विकास विभाग मुख्यालय सम्बद्ध रहेंगे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए शुक्रवार को 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई एजेंसी में व्यापक सुधार प्रक्रिया के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई केवल सेवा […] The post राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त appeared first on Sabguru News .
उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के हिरन मगरी थाना क्षेत्र में लकड़वास गांव में शुक्रवार को 11 केवी बिजली लाइन के तार की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लहरी लाल बागरिया (48) शुक्रवार सुबह दूध लेने के लिए घर से निकला, जहां पास ही बिजली की […] The post उदयपुर में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में संदिग्ध उर्वरक कारखाने में कृषि विभाग की कार्रवाई
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भादरा क्षेत्र में किसानों को नकली या अवैध री-पैक उर्वरक बेचने वाले एक संदिग्ध कारखाने पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की है। खुफिया सूचना के आधार पर हुई इस छापेमारी में फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में खाद, उर्वरक और पैकिंग सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक जांच में लाइसेंस […] The post हनुमानगढ़ में संदिग्ध उर्वरक कारखाने में कृषि विभाग की कार्रवाई appeared first on Sabguru News .
बालोद में 14 साल की सगी बेटी से रेप, आरोपी पिता अरेस्ट
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के एक गांव में 14 साल की सगी बेटी से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपी 37 वर्षीय पिता को गिरफ्तार कर रिमांड में भेजा। स्वास्थ्य परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर दुष्कर्म की पुष्टि पुलिस ने किया है। रिश्ता शर्मसार करने वाली इस घटना के संबंध में टीआई ने बताया […] The post बालोद में 14 साल की सगी बेटी से रेप, आरोपी पिता अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण
नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान के मीडिया में आ रही इन रिपोर्टों को पूरी तरह से निराधार बताया है जिनमें आरोप लगाया गया है कि भारत जानबूझकर पानी छोड़ कर पाकिस्तान में बाढ की स्थिति उत्पन्न कर रहा है। भारत का कहना है कि चेनाब नदी में पानी की वृद्धि जम्मू और आसपास के क्षेत्रों […] The post पाक मीडिया की रिपोर्ट निराधार, भारत जानबूझकर नहीं छोड़ रहा पानी, मानसूनी बारिश है कारण appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह
बारबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के कोतवाली फतेहपुर में तैनात रहे सिपाही की मदद से युवक ने पहले तो किशोरी का ब्रेनवाश कर धर्मांतरण कराया फिर मजार पर मौलाना के पास जा कर निकाह करा दिया। आरोप है कि आरोपी लगातार किशोरी का यौन उत्पीड़न करता रहा। गर्भवती होने पर दो बार गर्भपात तक […] The post बाराबंकी में किशोरी का धर्मांतरण कर कराया निकाह appeared first on Sabguru News .
सहारनपुर पटाखा फैक्ट्री में बड़ा हादसा, विस्फोट में 2 कारीगरों की मौत, 2 मजदूर लापता, जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के चलते दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि दो मजदूर अभी तक लापता है, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यहां घटना गंगोह थाना क्षेत्र के नया गांव (बसी कुंडा) में चल रही एक पटाखा ...
जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को नई दिशा मिली हैं और उनके नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के इन्हीं प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में जल प्रबंधन एवं जल संचयन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। शर्मा शुक्रवार को यहां जयपुर […] The post जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा राजस्थान : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
आगरा में विकास की नई रफ्तार, मेट्रो और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से उभर रहा इंडस्ट्रियल हब
बीते 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आगरा जनपद ने विकास की नई इबारत लिखी है। ताजनगरी अब केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेजी से एक आधुनिक और औद्योगिक शहर के रूप में विकसित हुई है।
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की दूरदराज और दुर्गम पांगी घाटी में शुक्रवार को भारी चट्टान गिरने के कारण एक टाटा सूमो वाहन मलबे में दब गया। इस हादसे में 6 महीने के एक मासूम सहित 13 लोगों की मौत हो गई।
CM योगी का आगरा दौरा, 342 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, 36 योजनाओं का करेंगे शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार से आगरा के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ताजनगरी को 342 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 53 बड़ी विकास परियोजनाओं की शानदार सौगात देंगे। मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम फतेहाबाद रोड स्थित ...
अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट
कोलोराडो। अपने एनबीए करियर के दौरान 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपए) से अधिक की कमाई करने वाले अमरीका की प्रसिद्ध बास्केटबॉल टीम डेनवर नगेट्स के पूर्व पॉइंट गार्ड टाइ लॉसन को 34 डॉलर (लगभग 2800 रुपए) की वोदका की बोतल चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 38 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी को […] The post अरबपति बॉस्केटबॉल खिलाड़ी टाइ लॉसन वोदका चुराने के आरोप में अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा
ढाका। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था, लेकिन उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से करीब दो साल पहले ही त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। इसके बाद […] The post बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने खराब सेहत का हवाला देकर पद छोड़ा appeared first on Sabguru News .
जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध-प्रदर्शन में अपने छात्रों और अन्य संबंधित लोगों को शामिल होने से बचने की नसीहत देते हुए सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का सख्ती से पालन करने को एडवाइजरी जारी किया है। गौरतलब है कि यह एडवाइजरी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे […] The post जेएनयू ने छात्रों को सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने की दी नसीहत appeared first on Sabguru News .
पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी
नई दिल्ली। नीट यूजी पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक के दोषियों को कड़ी सजा देने के प्रावधान वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय […] The post पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा वाले संशोधन विधेयक के मसौदे को मंत्रिमंडल की मंजूरी appeared first on Sabguru News .
NEET पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारियों पर कार्रवाई
सीजेपी प्रोस्टेट के बीच शिक्षा मंत्रालय ने एनटीए को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। एनटीए के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। कुछ अफसरों पर कानूनी कार्रवाई भी की गई है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई NTA में बड़े सुधार और जवाबदेही तय करने के लिए ...
भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना क्षेत्र में आंट गांव स्थित एक सौर संयंत्र परिसर से अज्ञात बदमाश करीब पांच हजार मीटर लंबा ताम्बे का तार काटकर ले गए। चोरी गए तार की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपए बताई जा रही है। चोर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके पर लगे […] The post भीलवाड़ा में आंट गांव स्थित सौर संयंत्र लाखों रुपए के ताम्बे के तार चोरी appeared first on Sabguru News .
पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के बंशी पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार की रात एक सुरक्षा गार्ड की एक अन्य यात्री ने पत्थर मार कर हत्या कर दी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सूत्रों ने बताया कि गुजरात में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करने वाले संतोष को लखनऊ में उतरकर हरदोई जाना था। सफर के दौरान ट्रेन […] The post पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड की पत्थर मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .
प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा
मुंबई। अभिनेत्री और पर्यावरण संरक्षण की मुखर समर्थक दिया मिर्ज़ा ने कहा है कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे से अलग नहीं हैं तथा धरती ही हमारी असली पहचान है। दिया मिर्ज़ा के सहयोग से बनी लघु फिल्म ‘पन्हा’ को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल रही है। फिल्म को ऑल लिविंग थिंग्स […] The post प्रकृति से अलग होने का सवाल ही नहीं : दिया मिर्ज़ा appeared first on Sabguru News .
सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में सूरतगढ़ में विगत मंगलवार को एक बुजुर्ग लक्ष्मीनारायण सोनी (71) की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दामाद को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि लक्ष्मीनारायण सोनी की पुत्री रेखा का विवाह सूरतगढ़ निवासी राधाकृष्ण सोनी (37) से हुआ था। पति-पत्नी का आपस में विवाद चल रहा […] The post सूरतगढ़ में ससुर की हत्या करने के आरोप में दामाद अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्नपत्र लीक के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान सुनिश्चित करने के लिए एक विधेयक के मसौदे को शुक्रवार को मंजूरी दे दी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि अगले हफ्ते संसद ...
गुजरात में कॉन्ट्रैक्ट नौकरियों में आरक्षण लागू करने की तैयारी में सरकार
Gujarat Contracts Jobs Quota News: गुजरात सरकार ने लंबी विचार-विमर्श के बाद राज्य की संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) नौकरियों में आरक्षित वर्ग के लिए सीटें सुरक्षित करने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यदि यह नीति लागू होती है, तो भविष्य में सभी ...
CM योगी का 150 लोगों को भरोसा, निश्चिंत रहें सबकी समस्याओं पर होगा एक्शन
CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन का आयोजन किया। जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर उन्होंने समस्या-शिकायत लेकर आए ...
योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत नकली दवा फैक्ट्री पर छापा, दो गिरफ्तार
Fake Medicine Raid Dehradun: उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के अमीनाबाद में बरामद नकली Flozen दवा के सैंपल से शुरू हुई जांच ने ...
सोशल मीडिया के इस दौर में विरोध और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। हाल ही में मुंबई की सड़कों पर एक मॉडल द्वारा पुलिस की गाड़ी रोककर अपनी बात रखने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, उसने एक बार फिर इंटरनेट पर हलचल पैदा कर दी।
'सरकार छात्रों को डराना-धमकाना और मारना बंद करे', पेपर लीक प्रदर्शन पर राहुल गांधी का केंद्र पर हमला
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। मीडिया से बातचीत के दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया और कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं।
होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर
नई दिल्ली। होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय बाजार के लिए 10 नई मोटरसाइकिलों और स्कूटरों का विस्तारित पोर्टफोलियो पेश किया जिनमें सात बिल्कुल नए मॉडल है जबकि तीन मॉडल नए रंग विकल्पों के साथ अपडेट किए गए हैं। कंपनी ने बताया कि यह लाइनअप क्रूज़िंग, एडवेंचर टूरिंग, रोडस्टर, लाइफस्टाइल राइडिंग, इलेक्ट्रिक […] The post होंडा ने लॉन्च की सात नई मोटरसाइकिल और स्कूटर appeared first on Sabguru News .
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेतृत्व में कथित NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन ...
अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ
वाशिंगटन। अमरीका ने भारत समेत दुनिया के 60 देशों की ओर से बंधुआ मजदूरी और श्रम कानूनों का उल्लंघन कर बने सामान के आयात पर कड़ा प्रतिबंध न लगाने के कारण इन देशों पर विशेष सीमा शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्पष्ट निर्देशों […] The post अमरीका ने भारत समेत 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ appeared first on Sabguru News .
Raksha Bandhan Essay: राखी पर्व पर हिन्दी निबंध: वर्तमान समय में रक्षा बंधन का त्योहार
Essay on Raksha Bandhan: वर्तमान समय में रक्षा बंधन का त्योहार अपनी पारंपरिक जड़ों को कायम रखते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ रहा है। इसने प्रेम व सुरक्षा के अर्थ को अधिक व्यापक बनाया है। भले ही इसे मनाने के साधन बदल गए हों, लेकिन कलाई पर बंधा वह धागा ...
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक धरा पर एक बार फिर से भगवान श्रीराम के प्रति अगाध प्रेम और अनोखी आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलने वाला है। छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल यानी 'भांचा श्रीराम' के रूप में मानने की यहाँ की प्राचीन और अनूठी परंपरा रही है। इसी सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से न्यायधानी बिलासपुर में आगामी तीन दिनों तक एक ऐतिहासिक 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' का भव्य आयोजन किया जाने वाला है। इस तीन दिवसीय धार्मिक और आध्यात्मिक यात्रा को लेकर बिलासपुर शहर के कोने-कोने में जबरदस्त उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, और राम भक्तों द्वारा इस यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।छत्तीसगढ़ की खास पहचान 'भांचा श्रीराम', आस्था के सम्मान में सजेगी यह यात्रादेशभर में जहां भगवान श्रीराम को आराध्य भगवान के रूप में पूजा जाता है, वहीं छत्तीसगढ़ में एक विशेष और अनूठा रिश्ता है, जहां लोग उन्हें अपने परिवार के 'भांजे' यानी 'भांचा श्रीराम' के रूप में मानते हैं। इसी लोक-संस्कृति और अटूट आस्था के सम्मान में बिलासपुर में निकलने वाली यह 3 दिवसीय 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' विशेष महत्व रखती है। इस यात्रा के दौरान शहर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूपों की झांकियां सजाई जाएंगी। धार्मिक अनुष्ठानों, भजनों और राम नाम के जयकारों से पूरा बिलासपुर शहर राममय होने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रहा है।तीन दिनों तक चलेंगे विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार, यह तीन दिवसीय 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' बिलासपुर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और मंदिरों से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं और पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया जाएगा। इन तीन दिनों के भीतर संध्या के समय विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों, राम कथा और भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से आने वाले प्रख्यात संत और कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस आयोजन में शामिल होने के लिए आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और जिलों से भी हजारों की संख्या में राम भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने भी सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं।बिलासपुर में बयार बहेगी भक्ति की, सनातन संस्कृति का दिखेगा अद्भुत नजाराइस भव्य 'श्रीराम श्रद्धा यात्रा' के आयोजन से न केवल बिलासपुर का माहौल पूरी तरह से आध्यात्मिक हो गया है, बल्कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति और लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक बेहतरीन माध्यम भी बन रहा है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक सौहार्द की भावना मजबूत होती है। बिलासपुर के हर वर्ग और आयु के लोगों में इस यात्रा को लेकर भारी उत्सुकता बनी हुई है, और हर कोई इस ऐतिहासिक और पावन पल का साक्षी बनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को आश्वासन दिया कि वह छात्रों की सुरक्षा और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की शुचिता बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। यह आश्वासन न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ के समक्ष इस वर्ष कथित नीट प्रश्न पत्र लीक […] The post नीट पेपर लीक : केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा-छात्रों के हित सुरक्षित करने के लिए 10 कदम आगे बढ़ रही है सरकार appeared first on Sabguru News .
छत्तीसगढ़ में नीट विवाद को लेकर गरमाई सियासत; थाने के बाहर बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेसी नेता
देशभर में चर्चा का विषय बने नीट (NEET) परीक्षा के मुद्दों को लेकर अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भारी उबाल आ गया है। राज्य की राजधानी समेत विभिन्न जिलों में इस गंभीर मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग अब थाने की दहलीज तक पहुंच गई है। विपक्षी दल कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नजदीकी थाने के बाहर इकट्ठा हो गए और उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि जिस तरह से उनके कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, उसी प्रकार सत्ताधारी दल के बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी तत्काल प्रभाव से काउंटर एफआईआर (Counter FIR) दर्ज की जानी चाहिए। इस घटना के बाद से राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गरमा गया है और पुलिस प्रशासन के लिए भी स्थिति को संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है।नीट परीक्षा विवाद और पुलिस थाने के बाहर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शनपूरा मामला नीट परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और उसके विरोध में चल रहे राजनीतिक प्रदर्शनों से उपजा है। हाल ही में जब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आए, तो प्रशासनिक और राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी के कई प्रमुख नेता और स्थानीय कार्यकर्ता अचानक थाने के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है और केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ ही मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष के नेताओं द्वारा भी नियमों की अनदेखी की गई है। थाने के बाहर उमड़ी इस भीड़ के कारण पुलिस अधिकारियों को भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।काउंटर एफआईआर की मांग पर अड़े कांग्रेसी, बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोपथाने के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी तरह के दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं के इशारे पर पुलिस प्रशासन काम कर रहा है और बिना निष्पक्ष जांच के कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि यदि उनके लोगों पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, तो उसी आधार पर बीजेपी के उन नेताओं के खिलाफ भी तुरंत काउंटर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून हाथ में लिया था। इस राजनीतिक ड्रामे के चलते छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और दोनों दल एक-दूसरे पर हमलावर नजर आ रहे हैं।छत्तीसगढ़ की राजनीति में गर्माया पारा, आगामी दिनों में बढ़ सकता है सियासी टकरावनीट के मुद्दे पर सड़क से लेकर थाने तक पहुंचे इस घमासान ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ने वाला है। एक तरफ जहाँ विपक्षी कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी दल के नेता भी पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार कर रहे हैं। इस सियासी उठापटक के बीच आम जनता के बुनियादी मुद्दे पीछे छूटते नजर आ रहे हैं और पूरा प्रशासनिक अमला राजनीतिक दलों के इस हंगामे को शांत करने में उलझ कर रह गया है।
सूरजपुर में खाकी पर जानलेवा हमला! वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से कानून-व्यवस्था को हिला देने वाली एक बेहद दहला देने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले के एक गांव में किसी मामले में वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची स्थानीय पुलिस टीम पर उग्र ग्रामीणों ने अचानक हमला बोल दिया। देखते ही देखते स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि भीड़ ने पुलिसर्किमयों पर चारों तरफ से पथराव शुरू कर दिया, जिसमें एक डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारी समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष और हिंसक झड़प के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है, और स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर रवाना किया गया है।वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान अचानक कैसे भड़की हिंसा?प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार, सूरजपुर पुलिस को लंबे समय से फरार चल रहे एक वारंटी की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस विभाग की एक टीम तय रणनीति के तहत संबंधित गांव में दबिश देने और आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। जैसे ही पुलिस ने वारंटी को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू की, गांव के कुछ असामाजिक तत्वों और ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिस दल को चारों तरफ से घेरकर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से पुलिसकर्मियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कई जवान लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।डीएसपी समेत 24 से ज्यादा जवान घायल, अस्पतालों में मची अफरातफरीइस भीषण पथराव और हिंसक झड़प में पुलिस विभाग को भारी क्षति उठानी पड़ी है। हमले की चपेट में आने वाले अधिकारियों में एक डीएसपी रैंक के तेज-तर्रार अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। इसके अलावा थाने के कई एसआई, हेड कांस्टेबल और आरक्षक भी इस खूनी हमले में घायल हुए हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों और जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के तमाम आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस बल पर हुए इस तरह के हमले से पूरे महकमे में आक्रोश का माहौल है।पुलिस प्रशासन का सख्त एक्शन, आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिशखाकी पर हुए इस कातिलाना हमले को पुलिस प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिस बल पर जानलेवा हमला करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और क्यूआरटी के जवानों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने वीडियोग्राफी और फोटोग्राफ्स के आधार पर उपद्रवियों की पहचान करनी शुरू कर दी है और रातभर छापेमारी कर कई संदिग्धों को हिरासत में भी ले लिया है। इस बड़ी घटना के बाद से पूरे सूरजपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है और तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

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