नितिन नवीन का मिशन: 6-7 जुलाई को जम्मू-कश्मीर दौरा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन 6 और 7 जुलाई को दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर के दौरे पर रहेंगे। भाजपा अध्यक्ष यहां कई संगठनात्मक और जनसंपर्क कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
भारत-नेपाल सीमा पर गैर कानूनी गतिविधियों पर पूर्ण निगरानी रखें: सीएम सम्राट चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक एवं विकासात्मक विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की प्रयोगशाला बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में 'इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ' के अन्तर्गत जुलाई माह का गतिविधि कैलेंडर जारी ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 8 जुलाई वाराणसी में शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे। योजना के माध्यम से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के पात्र शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को आयुष्मान भारत ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की नौकरशाही अब पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं है, बल्कि पूरी तेजी के साथ विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दौड़ने को तैयार है। विकसित भारत की आधारशिला उत्तर प्रदेश बनेगा और इसके लिए ...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पारदर्शी प्रशासन और सख्त निगरानी व्यवस्था का असर लगातार स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए ...
मथुरा में मानसून की धमाकेदार एंट्री, पहली ही बारिश में शहर डूबा, नगर निगम के दावों की खुली पोल
उत्तर भारत में मानसून की दस्तक के साथ शुक्रवार को मथुरा में आधे घंटे की मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। तेज हवाओं के साथ मानसून की पहली ही बारिश ने नगर निगम और जिला प्रशासन की मानसून पूर्व तैयारियों की पोल खोल कर रख दी। महज कुछ मिनट की ...
भारत में ज्यादातर वाहन 2023 से पहले के हैं, जो E10 (10 फीसदी इथेनॉल) या शुद्ध पेट्रोल के लिए बने थे। ऐसे में लाखों कार मालिक सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उनपर ई20 या इससे आगे E85 या E100 थोपने की कोशिश की जा रही है। इस पर केंद्रीय पेट्रोलियम और ...
मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान में बालोतरा जिले के पचपदरा में शनिवार को देश की प्रथम ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स राष्ट्र को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी इससे पहले जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री शनिवार को पूर्वाह्न लगभग 10:45 बजे इस टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और […] The post मोदी शनिवार को एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी राष्ट्र को करेंगे समर्पित appeared first on Sabguru News .
अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
किशनगढ़/अजमेर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एवीवीएनएल) किशनगढ़ के टेक्नीशियन-प्रथम बबलेश कुमार शर्मा को पॉली हाउस के लिए विद्युत कनेक्शन जारी करने की एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी इंटेलिजेंस अजमेर को […] The post अजमेर जिले में AVVANL का टेक्नीशियन 10 हजार रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी थाना क्षेत्र में एक मंदिर में चोरी की घटना का पुलिस ने तत्परता खुलासा करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चक 4 केएसपी स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर से चांदी के कई छोटे-बड़े छत्र और दानपात्र की नकदी चुरा ले गए थे। रमण पूनिया ने […] The post हनुमानगढ़ में इच्छापूर्ण मंदिर में चोरी करने वाले 3 चोर अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
धीरेन्द्र शास्त्री चोर है! बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़के भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार?
Vinay Katiyar on Dhirendra Shastri: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में बजरंग दल के संस्थापक और भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार इन दिनों काफी सुर्खियों में बने हुए हैं। अयोध्या कांड को लेकर वे काफी मुखर हैं। इस बीच, उन्होंने बागेश्वर धाम के ...
गुणवत्ता, विश्वास व वैश्विक मानकों पर खरा उतरे यूपी का आम : योगी आदित्यनाथ
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने स्टॉल्स का अवलोकन कर आम की 800 से अधिक प्रजातियों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ...
दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने वालों के लिए एक नई व्यवस्था की घोषणा की है, जिससे उपभोक्ताओं को तेजी से सब्सिडी और रिफंड मिल सकेगा। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने EV नीति के तहत सभी प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया ...
अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे
अजमेर। रेलवे प्रशासन द्वारा अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर स्थापित ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (एटीवीएम) से अनारक्षित टिकट जारी करने के लिए फैसिलिटेटरों की नियुक्ति हेतु सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और सामान्य जनता से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मंडल मिहिर देव के अनुसार इस योजना के तहत अजमेर मंडल […] The post अजमेर मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर 53 एटीवीएम फैसिलिटेटर नियुक्त होंगे appeared first on Sabguru News .
जेपीएससी पीटी-2025 का रिजल्ट जारी, 2,204 अभ्यर्थी सफल; 18 जुलाई से होगी मुख्य परीक्षा
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा-2025 का परिणाम जारी कर दिया है। आयोग ने देर रात झारखंड हाईकोर्ट के 30 जून 2026 के आदेश के आलोक में अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर परिणाम प्रकाशित किया। पीटी परीक्षा में कुल 2,204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है, जो अब […] The post जेपीएससी पीटी-2025 का रिजल्ट जारी, 2,204 अभ्यर्थी सफल; 18 जुलाई से होगी मुख्य परीक्षा appeared first on Sabguru News .
विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट
चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कद्दावर नेता और विधायक अनिता आर राधाकृष्णन को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में शुक्रवार को थूथुकुडी जिले के आतुर में गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी मद्रास हाईकोटग् द्वारा मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में श्री राधाकृष्णन […] The post विजय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मामले में द्रमुक नेता अनिता राधाकृष्णन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी अब अपने घर में ही घिर गए है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच छिड़े विवाद के बीच पूर्व प्रदेश महासचिव ने पार्टी छोड़ दी है। इंदौर से आने वाले पूर्व प्रदेश महासचिव ...
एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया
हैदराबाद। तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस), हैदराबाद में तैनात पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान भ्रष्टाचार और गलत तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति अर्जित की। […] The post एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में तेलंगाना के डीएसपी पर मामला दर्ज किया appeared first on Sabguru News .
E20 पेट्रोल और एथेनॉल मिश्रण पर फिर छिड़ी बहस, मनीष कश्यप का वीडियो क्यों हो रहा है वायरल
सोशल मीडिया पर पूर्व भाजपा नेता मनीष कश्यप से जुड़ा एक वीडियो और दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने भारत में लागू किए जा रहे E20 एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। इस वायरल बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि ...
राजस्थान की किन्नर रेशमा और मध्यप्रदेश के सागर ने मंदिर में लिए सात फेरे
बारां। राजस्थान में बारां जिले के शाहाबाद उपखंड क्षेत्र में गुरुवार शाम को एक अनोखा विवाह हुआ जो चर्चा का विषय बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहाबाद उपखंड के देवरी निवासी किन्नर सोनू उर्फ रेशमा ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के कोलीपुरा निवासी सागर राजपूत के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिये […] The post राजस्थान की किन्नर रेशमा और मध्यप्रदेश के सागर ने मंदिर में लिए सात फेरे appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से रामभक्त आहत, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो : RSS
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने राम मंदिर चढ़ावा-चोरी प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि इससे राम भक्तों की भावनाएं आहत हुई हैं और इस मामले के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने इस प्रकरण पर पहली बार एक वक्तव्य में कहा कि अयोध्या […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से रामभक्त आहत, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो : RSS appeared first on Sabguru News .
रेनो इंडिया ने क्विड का नया संस्करण पेश किया
नई दिल्ली। फ्रांसीसी वाहन निर्माता रेनो ग्रुप की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रेनो इंडिया ने शुक्रवार को नयी रेनो क्विड बाजार में उतारने की घोषणा की। कंपनी ने बताया कि इस नए संस्करण में डिजाइन, वेरिएंट लाइन-अप और कीमतों में बदलाव किए गए हैं। इसका उद्देश्य पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों के लिए […] The post रेनो इंडिया ने क्विड का नया संस्करण पेश किया appeared first on Sabguru News .
मोदी सरकार लोगों पर जबरदस्ती थोप रही 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल : केजरीवाल
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लोगों पर जबरदस्ती 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल थोपने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि मोदी सरकार के लिए पूरा देश प्रयोगशाला है। केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि सरकार लोगों पर जबरदस्ती 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल थोप रही है। जबकि […] The post मोदी सरकार लोगों पर जबरदस्ती थोप रही 20 प्रतिशत इथेनॉल मिला पेट्रोल : केजरीवाल appeared first on Sabguru News .
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बस के खाई में गिरने से 40 यात्रियों की मौत, 8 घायल
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलूचिस्तान के शेरानी ज़िले में शुक्रवार को एक यात्री बस के गहरी खाई में गिरने से कम से कम 40 यात्रियों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के राजनीतिक एवं मीडिया मामलों के सहायक शाहिद रिंद ने बताया कि अस्पताल ले जाते समय […] The post पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बस के खाई में गिरने से 40 यात्रियों की मौत, 8 घायल appeared first on Sabguru News .
भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्पण, जिलाध्यक्ष के लिए खून प्रदेशअध्यक्ष के लिए सेब!
सबगुरु न्यूज – सिरोही। सिरोही में भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष के बीच एक लाइन खींच दी। देखने में ये सामान्य लगेगा लेकिन, गहराई से समझने पर भावनाओं से जुड़ाव समझ में आएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गुरुवार को जन्मदिन था। पद पर हैं तो स्थानीय स्तर पर पद […] The post भाजपा कार्यकर्ताओं का समर्पण, जिलाध्यक्ष के लिए खून प्रदेशअध्यक्ष के लिए सेब! appeared first on Sabguru News .
आंध्र प्रदेश में तेज रफ्तार लॉरी की टक्कर से ऑटो सवार 4 लोगों की मौत
ओंगोल। आंध्र प्रदेश के मार्कापुर जिला में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे चार लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। हादसा कंभम कस्बा के बाहरी क्षेत्र में अमरावती–अनंतपुर राजमार्ग पर उस समय हुआ, जब सड़क किनारे खड़े एक ऑटो-रिक्शा को लॉरी ने […] The post आंध्र प्रदेश में तेज रफ्तार लॉरी की टक्कर से ऑटो सवार 4 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
WhatsApp Username विवाद बढ़ा, सरकार की रडार पर Telegram और Signal, Arattai भी हटाएगा यूजरनेम फीचर
WhatsApp के नए Username फीचर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। भारत सरकार की आपत्तियों के बाद अब सिर्फ WhatsApp ही नहीं, बल्कि Telegram, Signal और भारतीय मैसेजिंग ऐप Arattai भी सरकार की जांच के दायरे में आ गए हैं। इसी बीच Zoho के सह-संस्थापक ...
डीग में ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता ने की आत्महत्या
डीग। राजस्थान में डीग जिले के खोह थाना क्षेत्र में निगोही गांव में पड़ोसी युवक की ब्लैकमेलिंग से परेशान एक विवाहिता ने गुरुवार देर रात दुपट्टे से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सूचना मिलने पर आज तड़के पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका रेनू का शव […] The post डीग में ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता ने की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
भरतपुर : होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 9 लड़कियां अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर सारस चौराहे पर स्थित एक होटल में दबिश देकर देह व्यापर में लिप्त 9 लड़कियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार देह व्यापार के इस सेक्स रैकेट को चलाने के आरोपी जघीना गांव निवासी होटल मालिक राकेश खंडेलवाल के खिलाफ […] The post भरतपुर : होटल में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 9 लड़कियां अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
उज्जैन का त्रिनेत्र मॉडल शहरों की सुरक्षा एवं स्मार्ट निगरानी व्यवस्था का बनेगा आधार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन ने डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 2 दिवसीय 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन में श्री महाकालेश्वर मंदिर ...
धौलपुर में बच्चों के झगड़े में युवक की मौत
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र में विपरपुर गांव में बच्चों के बीच हुई कहासुनी के दौरान गुरुवार देर रात हुई हिंसक झड़प में एक युवक की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए […] The post धौलपुर में बच्चों के झगड़े में युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
एटा में सड़क किनारे खड़ी बस में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 मरे 11 घायल
एटा। उत्तर प्रदेश में एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की रात एक भीषण सड़क हादसे में खराब खड़ी रोडवेज बस के बाहर सड़क पर खड़े पांच यात्रियों की ट्रक की टक्कर से मौत हो गई, जबकि 11 अन्य यात्री घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते […] The post एटा में सड़क किनारे खड़ी बस में ट्रक ने मारी टक्कर, 5 मरे 11 घायल appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर RSS की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई। दत्तात्रेय होसबाले ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और पारदर्शी जांच की मांग की।
गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद के कथित स्लीपर सेल की साजिश का खुलासा। गुजरात और मध्य प्रदेश से 8 संदिग्ध गिरफ्तार, पाकिस्तान से इंटरनेट के जरिए संपर्क की जांच तेज।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई का कार्यक्रम तय हो चुका है। छह दिनों तक चलने वाले इस राजकीय शोक समारोह में दुनिया के अनेक देशों के शीर्ष प्रतिनिधियों और लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। ...
मानसून की लेट होने और अल्पवर्षा के पूर्वानुमान के मद्देजनर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को चुनौती नहीं, बल्कि बेहतर ...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर लंबे संघर्ष और करोड़ों भक्तों के समर्पण का प्रतीक है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में गरीबों के आशियाने पर चली बुलडोजर कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रात के अंधेरे में गरीबों का आशियाना उजाड़ने वाले लोग माफी के लायक नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन की इस कार्रवाई को क्रूरता की पराकाष्ठा बताते हुए कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के किसी का घर तोड़ना कानून और मानवीय मूल्यों के विरुद्ध है।प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवालबृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास के नाम पर गरीबों को बेघर करना किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई में न तो मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखा गया और न ही कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भीषण गर्मी और बारिश का मौसम हो, तब प्रशासन ने किस आधार पर लोगों को सड़क पर ला दिया? अग्रवाल ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में जो भी अधिकारी या दोषी शामिल हैं, उनके खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी कर्मचारी इस तरह की मनमानी न कर सके।पीड़ितों को न्याय और मुआवजे की मांगअग्रवाल ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवारों को तुरंत न्याय नहीं मिला और उन्हें बसाने की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे इस मुद्दे को लेकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। उन्होंने मांग की है कि आशियाना खोने वाले प्रत्येक परिवार को न केवल रहने के लिए सुरक्षित जगह मुहैया कराई जाए, बल्कि उनके नुकसान का उचित मुआवजा भी दिया जाए। इस बयान के बाद इलाके के प्रभावित परिवारों को एक बड़ा संबल मिला है और प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार क्या बृजमोहन अग्रवाल की मांगों पर अमल करती है या फिर यह मामला और अधिक तूल पकड़ेगा।
छत्तीसगढ़ की 'महतारी वंदन योजना' को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। हाल ही में पूर्व विधायक शैलेश पाण्डेय ने इस योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पाण्डेय ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इस योजना के नाम पर प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं के साथ छलावा किया जा रहा है और पात्रता के कठिन नियमों के चलते उनका निवाला छीना जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो रही हैं, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है।पात्र महिलाएं हो रही योजना से बाहरपूर्व विधायक ने दावा किया कि जमीनी स्तर पर स्थितियां कागजी दावों से बिल्कुल उलट हैं। कई ऐसी महिलाएं जो योजना की शर्तों को पूरा करती हैं, उन्हें तकनीकी खामियों या अस्पष्ट नियमों के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। पाण्डेय का कहना है कि सरकार को प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए था, लेकिन इसके विपरीत जटिल प्रक्रियाओं ने गरीब और बुजुर्ग महिलाओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना का उद्देश्य माताओं और बहनों को आर्थिक संबल प्रदान करना था, लेकिन वर्तमान में यह केवल एक राजनीतिक स्टंट बनकर रह गई है।सरकार से तुरंत सुधार की मांगशैलेश पाण्डेय ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि जल्द ही पात्रता नियमों में ढील नहीं दी गई और योजना को पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार उन सभी महिलाओं की सूची सार्वजनिक करे जो योजना से बाहर की गई हैं और इसके कारणों का स्पष्टीकरण दे। विपक्ष की इस आक्रामक रणनीति के बाद अब सरकार पर भी दबाव बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय है कि क्या वास्तव में योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है या यह केवल प्रशासनिक दांव-पेच में उलझकर रह गई है।
बिहार में पुलिस का बड़ा एनकाउंटर: सीएसपी लूटकांड का मास्टरमाइंड मुठभेड़ में ढेर, पैर में लगी गोली
बिहार पुलिस ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपना 'जीरो टॉलरेंस' रुख कायम रखते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में राज्य में चर्चा का विषय बने सीएसपी (CSP) लूटकांड का मास्टरमाइंड पुलिस के साथ हुई एक तीखी मुठभेड़ में ढेर हो गया है। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में कुख्यात अपराधी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू में किया गया। इस एनकाउंटर ने राज्य भर में फैले उन गिरोहों के बीच खौफ पैदा कर दिया है, जो सीएसपी सेंटरों और बैंकिंग संस्थानों को निशाना बनाकर लूट की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।सीएसपी लूटकांड का हुआ बड़ा खुलासापुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मास्टरमाइंड लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। पिछले कुछ दिनों में हुई सीएसपी लूट की कई वारदातों में इसी गिरोह का हाथ होने के संकेत मिल रहे थे। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की, तो अपराधियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। अपनी जान की परवाह न करते हुए पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और सटीक जवाबी कार्रवाई की। इस घटना के साथ ही पुलिस ने सीएसपी लूटकांड से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ के लिए भी अभियान तेज कर दिया है।अपराधियों में खौफ, आम लोगों में राहतपुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। सीएसपी सेंटरों को निशाना बनाए जाने से आम लोगों में भय का माहौल था, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां बैंकिंग सुविधाएं इन सेंटरों पर ही निर्भर हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी को फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से ठीक होने के बाद उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। यह मुठभेड़ पुलिस की सतर्कता और आधुनिक तकनीकी सर्विलांस का नतीजा है, जिसने अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।
नालंदा डबल मर्डर पर चिराग पासवान का बड़ा ऐलान: पीड़ित परिवार को मिलेगी नौकरी
बिहार के नालंदा में हुए जघन्य डबल मर्डर केस ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद घटना के बाद पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बड़ा और मानवीय ऐलान किया है। चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने घोषणा की है कि उनकी पार्टी और वे व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवार को हर महीने आर्थिक सहायता पहुँचाएंगे और परिवार के सदस्यों को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने में पूरी मदद करेंगे।बच्चों के बेहतर भविष्य का संकल्पइस घटना में परिवार ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है, जिससे बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इसे देखते हुए चिराग पासवान ने यह भी संकल्प लिया है कि वे पीड़ित परिवार के बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और उन्हें बेहतरीन शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलाने से लेकर उनके करियर को संवारने तक की पूरी जिम्मेदारी वे खुद निभाएंगे। उनका यह कदम नालंदा के स्थानीय निवासियों के बीच काफी सराहा जा रहा है, जो इसे एक बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं।अपराध के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगचिराग पासवान ने इस दोहरे हत्याकांड पर सख्त तेवर अपनाते हुए बिहार सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा कर सख्त से सख्त सजा दिलानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नालंदा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार को आत्मचिंतन करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी खौफनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए उन्होंने विश्वास दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में वे उनके साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
बिहार: भाई के हत्यारे की जेल में संदिग्ध मौत, अपनों का खून बहाने वाले की कहानी का हुआ अंत
बिहार की जेल से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने राज्य के अपराध जगत में हलचल मचा दी है। अपने ही सगे भाई की हत्या के जुर्म में सजा काट रहे एक कैदी की जेल परिसर के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। हत्या के अपराध में जेल की सलाखों के पीछे गए इस कैदी की मौत को लेकर अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह तनाव के चलते उठाया गया आत्महत्या का कदम है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है, इसे लेकर पुलिस और जेल प्रशासन की टीम गहन जांच में जुट गई है।जेल परिसर में मौत और उठते सवालघटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मृतक कैदी लंबे समय से हत्या के मामले में जेल में बंद था और उस पर अपने ही भाई की नृशंस हत्या का आरोप था। जेल अधिकारियों के अनुसार, कैदी को मृत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों के बीच इस मौत को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे प्रायश्चित की अंतहीन पीड़ा और मानसिक तनाव का नतीजा बता रहे हैं, तो कुछ लोगों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।पुलिस जांच और फोरेंसिक टीम की सक्रियताघटना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले में फॉरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। जेल के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना के समय वहां कौन मौजूद था और कैदी के आखिरी पल कैसे बीते। इस मामले ने एक बार फिर जेल के अंदर कैदियों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। अभी फिलहाल क्षेत्र में इस खबर को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
राज्य में प्रशासनिक तबादलों को लेकर सरकार ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित बना दिया है। हाल ही में हुए IAS तबादलों से जुड़े विवादों और प्रशासनिक खींचतान के बाद, सरकार ने अब तबादलों की समय-सीमा बढ़ाकर 10 जुलाई तक कर दी है। नई व्यवस्था के तहत, अब कोई भी ट्रांसफर लिस्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की स्पष्ट मंजूरी और गहन समीक्षा के बिना जारी नहीं की जा सकेगी। इस निर्णय को प्रशासनिक दक्षता और कामकाज में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।क्यों ली गई यह सख्ती?विगत कुछ समय से तबादलों को लेकर उठ रहे सवालों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच सामंजस्य की कमी की खबरों ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। इन परिस्थितियों को भांपते हुए सरकार ने 'कंट्रोल एंड कमांड' के तहत लगाम कसी है। अब विभागों को अपने स्तर पर सूची तैयार करने के बाद उसे CMO को भेजना अनिवार्य होगा, जहां उसकी बारीकी से जांच की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि तबादले केवल प्रशासनिक आवश्यकता और योग्यता के आधार पर हों, न कि किसी निजी आग्रह या विवादित कारणों से।सरकारी कामकाज और आम जनता पर असरतबादलों की इस प्रक्रिया में देरी से कई बार जिलों में विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती थी। नई व्यवस्था के तहत समय-सीमा निर्धारित होने से अधिकारियों को अपने नए कार्यक्षेत्र में सेटल होने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा, जिससे सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्बाध रूप से चल सके। साथ ही, फील्ड में तैनात अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी शासन है। जानकारों का मानना है कि 10 जुलाई तक की डेडलाइन के बाद प्रशासनिक नियुक्तियों में स्थिरता आएगी, जो राज्य में शासन-प्रशासन के स्तर पर एक नई व्यवस्था को जन्म देगी।
राजस्थान के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो चुकी है और इसके साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बने एक नए लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area) के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस मौसमी बदलाव के चलते अब प्रदेश के सूखे इलाकों को भी जल्द ही झमाझम बारिश की सौगात मिलने की उम्मीद है, जिससे किसानों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है।इन संभागों में बरसेगा मानसून का पानीमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय हुए नए सिस्टम का असर सबसे पहले दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के संभागों में देखने को मिलेगा। कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, जयपुर और अजमेर संभाग के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन ने निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए स्थानीय निकायों को सतर्क रहने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।किसानों के लिए वरदान और आम जन के लिए चेतावनीमानसून की इस सक्रियता को रबी और खरीफ की बुवाई के लिहाज से बेहद शुभ माना जा रहा है। जिन इलाकों में लंबे समय से बारिश का इंतजार किया जा रहा था, वहां अब जलाशयों में पानी की आवक शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए आम जनता को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से जलभराव वाले रास्तों, कच्चे मकानों और बिजली के तारों के पास जाने से बचने को कहा गया है। आप अपने जिले के सटीक मौसम अपडेट के लिए स्थानीय वेदर बुलेटिन और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें, क्योंकि आने वाले दिनों में राजस्थान का मौसम और अधिक सुहावना होने वाला है।
राजस्थान में कानून का दुरुपयोग करने वालों की अब खैर नहीं है। प्रदेश में झूठी FIR दर्ज कराने की बढ़ती प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए न्यायपालिका ने अब सख्त रुख अपना लिया है। राज्य की अदालतों ने हाल ही में करीब 1870 ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान लिया है जिनमें पुलिस रिपोर्ट के बाद जांच में शिकायतें पूरी तरह फर्जी पाई गई थीं। न्यायालय की इस ऐतिहासिक सख्ती के बाद अब उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है, जो व्यक्तिगत द्वेष या अन्य कारणों से पुलिस और कानून का इस्तेमाल अपनी निजी दुश्मनी निकालने के लिए करते थे।कोर्ट का सख्त संदेश: कानून का दुरुपयोग बर्दाश्त नहींअदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस का कीमती समय और संसाधनों का दुरुपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कानूनी प्रावधानों के तहत, झूठी सूचना देने या पुलिस को गुमराह करने वालों को अब जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। इस 1870 मामलों की सूची में वे केस शामिल हैं जिनमें एफआईआर के बाद फाइनल रिपोर्ट (FR) लग चुकी है, लेकिन अब कोर्ट यह जांचेगा कि क्या इन शिकायतों को दर्ज कराने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत मुकदमा चलना चाहिए या नहीं। इस फैसले से प्रदेश में चल रहे फर्जी केसों के ट्रेंड पर बड़ा ब्रेक लगने की उम्मीद है।पुलिस और प्रशासन को मिली बड़ी राहतइस सख्ती का सीधा फायदा उन निर्दोष लोगों को होगा, जो सालों तक अदालतों के चक्कर और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बनते रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इससे न केवल पुलिस पर काम का बोझ कम होगा, बल्कि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में भी तेजी आएगी। राजस्थान के गृह विभाग और पुलिस महकमे ने भी कोर्ट के इस निर्देश का स्वागत किया है और सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि वे अब से शिकायतों के सत्यापन को लेकर अधिक सतर्क रहें। कोर्ट की इस पहल को 'सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन' और 'AI सर्च' के नजरिए से प्रदेश में न्याय व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम के रूप में देखा जा रहा है।
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राम मंदिर अब किसी और वजह से चर्चा में है। सांसदों और विधायकों को तोड़ा जा रहा है और इस पूरी प्रक्रिया को 'ऑपरेशन' कहा जा रहा है। क्या भाजपा 'ऑपरेशन राम मंदिर' चला रही है?
बारिश का मौसम अपने साथ हरियाली और ठंडक तो लाता है, लेकिन यही मौसम अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है। मानसून में हवा में नमी का स्तर बढ़ जाता है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। क्या आप जानते हैं कि इस दौरान आपके खाने-पीने में की गई एक छोटी सी लापरवाही आपको गंभीर इंफेक्शन, पेट के रोगों और एलर्जी का शिकार बना सकती है? सेहत विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान कुछ विशेष सब्जियों का सेवन करना आपके पाचन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि वे कौन सी सब्जियां हैं जिनसे आपको इस मौसम में दूरी बना लेनी चाहिए और क्यों।किन सब्जियों से करें परहेज और क्यों?मानसून के दौरान सबसे अधिक खतरा पत्तेदार सब्जियों जैसे पालक, मेथी, बथुआ और पत्तागोभी से होता है। इन सब्जियों की पत्तियों के बीच बहुत छोटे और कीड़े पनपने की संभावना सबसे ज्यादा होती है, जिन्हें साधारण तरीके से धोने पर भी हटाना मुश्किल होता है। इसके अलावा, बारिश में नमी के कारण इनमें बैक्टीरिया का संक्रमण बहुत जल्दी फैलता है, जिससे पेट दर्द, उल्टी और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही, बैंगन और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों में भी इस मौसम में कीड़े लगने का खतरा अधिक रहता है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस मौसम में इन सब्जियों के बजाय ताजी और सीजनल सब्जियों का चुनाव करना चाहिए जिन्हें अच्छी तरह पकाकर खाया जा सके।सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये सावधानियांअगर आपको सब्जियां खानी ही हैं, तो उन्हें इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का खास ख्याल रखें। सबसे पहले तो कोशिश करें कि बारिश के दौरान बाजार में मिलने वाली कटी-फटी सब्जियों को बिल्कुल न खरीदें। सब्जियों को नमक वाले गुनगुने पानी में 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह भिगोकर रखें, ताकि कीड़े और गंदगी निकल जाए। इसके बाद उन्हें साफ पानी से धोकर ही इस्तेमाल करें। सलाद के रूप में कच्ची सब्जियां खाने से बचें, क्योंकि कच्ची सब्जियों में बैक्टीरिया के संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इन्हें हमेशा उबालकर या भाप में पकाकर ही सेवन करें। अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो इस बारिश के मौसम में आप न केवल बीमारियों से बचे रहेंगे बल्कि अपने परिवार की सेहत को भी सुरक्षित रख पाएंगे।
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का अत्यधिक महत्व है, विशेषकर जब यह रविवार के दिन पड़ता है, जिसे 'रवि प्रदोष व्रत' कहा जाता है। जुलाई 2026 में आने वाला पहला प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने का एक अद्भुत संयोग लेकर आ रहा है। यह व्रत न केवल स्वास्थ्य में सुधार के लिए जाना जाता है, बल्कि यह मान-सम्मान और दीर्घायु की प्राप्ति का भी सबसे सरल मार्ग है। भक्त बेसब्री से इस दिन का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे महादेव की विशेष पूजा-अर्चना कर सकें। यदि आप भी इस व्रत को रखने की योजना बना रहे हैं, तो इसकी सही तिथि और पूजा की विधि को समझना आपके लिए अनिवार्य है।जुलाई 2026 प्रदोष व्रत की सही तारीख और शुभ मुहूर्तधार्मिक पंचांग के अनुसार, जुलाई महीने का पहला प्रदोष व्रत रविवार को पड़ रहा है। इस दिन त्रयोदशी तिथि का विशेष महत्व है। पूजा का सबसे उत्तम समय सूर्यास्त के ठीक पहले से लेकर सूर्यास्त के लगभग सवा घंटे बाद तक का माना जाता है। भक्त इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर संकल्प लें और पूरे दिन सात्विक नियमों का पालन करें। प्रदोष काल में भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती और गणेश जी की पूजा करना भी फलदायी होता है। पंचांग के अनुसार, इस दिन का शुभ मुहूर्त श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शक्तिशाली है, जो सुख-समृद्धि के द्वार खोल सकता है।सूर्यास्त के बाद ही क्यों होती है पूजा?अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि प्रदोष व्रत की पूजा केवल सूर्यास्त के बाद ही क्यों की जाती है? शास्त्रों के अनुसार, 'प्रदोष' का शाब्दिक अर्थ ही 'संध्या बेला' है। मान्यता है कि इसी समय भगवान शिव कैलाश पर्वत पर अपनी रौद्र और आनंदमयी मुद्रा में नृत्य करते हैं। सूर्यास्त के बाद का समय 'संधि काल' होता है, जो दिन और रात का मिलन बिंदु है। इस समय की गई पूजा महादेव को सीधे स्वीकार्य होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्रदोष काल में पूजा करने से चंद्र देव का कष्ट दूर हुआ था और उन्हें पुनः तेज प्राप्त हुआ था। इसलिए, प्रदोष व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए सूर्यास्त के बाद ही दीप जलाना और विधिपूर्वक आरती करना सबसे शुभ माना जाता है।
सावन के महीने में सोमवार का विशेष महत्व होता है, लेकिन इस साल सावन का पहला सोमवार कई मायनों में बेहद खास और मंगलकारी माना जा रहा है। भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा होता है, और जब इसमें सोमवार का दिन जुड़ जाए, तो यह भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने वाला सबसे बड़ा अवसर बन जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन महादेव की विधिवत पूजा करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं भी स्वतः समाप्त हो जाती हैं। यदि आप भी महादेव की कृपा पाना चाहते हैं, तो सावन के पहले सोमवार को पूरी भक्ति और सही विधि-विधान से पूजा करना न भूलें।क्यों खास है सावन का पहला सोमवार?शिव पुराण के अनुसार, सोमवार का दिन चंद्रमा का होता है और चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं। सावन में सोमवार का व्रत और पूजा करने से कुंडली में स्थित चंद्र दोष और शनि की साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव भी कम होते हैं। सावन का पहला सोमवार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन किए गए अनुष्ठान का फल पूरे महीने की पूजा के बराबर माना जाता है। महादेव को प्रसन्न करने के लिए भक्त इस दिन विशेष रूप से व्रत रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं और बेलपत्र, धतूरा व दूध अर्पित कर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं। यह दिन न केवल व्रत रखने वालों के लिए, बल्कि उन लोगों के लिए भी विशेष है जो अपने करियर और व्यक्तिगत जीवन में सफलता की कामना करते हैं।इस दिन क्या करना होता है सबसे शुभ?सावन के पहले सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करना सबसे उत्तम माना गया है। इसके बाद शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर पंचामृत अर्पित करें और 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। शुभ फलों की प्राप्ति के लिए शिवलिंग पर गाय का कच्चा दूध, शहद, घी और बेलपत्र चढ़ाना न भूलें। इसके अलावा, इस दिन जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करना या गरीबों को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है। कोशिश करें कि इस दिन सात्विक भोजन ग्रहण करें और क्रोध या नकारात्मक विचारों से दूर रहें। माना जाता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा के साथ महादेव की शरण में जाते हैं, उनके जीवन के सभी दुख और संकट का नाश निश्चित रूप से हो जाता है।
ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्मफल दाता और कुबेर देव को धन का अधिपति माना गया है। यदि आप भी लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं या मेहनत का पूरा फल नहीं मिल रहा है, तो समझ लीजिए कि आपके कुंडली में शनि और कुबेर के बीच का तालमेल बिगड़ा हुआ है। शनि देव आपके कर्मों का लेखा-जोखा रखते हैं, जबकि कुबेर देव आपकी तिजोरी भरने का काम करते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) में ही आपकी आर्थिक सफलता का राज छिपा है? अगर आप सही समय पर सही उपाय कर लें, तो शनि की कृपा से आपके कर्म निखर जाएंगे और कुबेर देव आपकी तिजोरी को धन-धान्य से भर देंगे।शनि-कुबेर का गणित: कर्म और धन का गहरा कनेक्शनशनि देव न्याय के देवता हैं, वे अनुशासन और मेहनत को पसंद करते हैं। वहीं कुबेर देव की कृपा पाने के लिए व्यक्ति का ईमानदार होना और कर्मठ होना अनिवार्य है। यदि आपकी जन्मतिथि का अंक शनि के प्रभाव (जैसे 8, 17, 26) में आता है, तो आपको विशेष रूप से अनुशासन का पालन करना होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जिस जातक की कुंडली में शनि और कुबेर का सीधा संबंध बनता है, उसे अचानक धन लाभ और पैतृक संपत्ति मिलने के योग प्रबल हो जाते हैं। इसके लिए बस जरूरत है अपनी जन्मतिथि के आधार पर अपनी राशि के अनुकूल सटीक उपायों को करने की, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे और रुके हुए काम तेजी से पूरे हों।धनवान बनने के अचूक और सरल उपायअपनी जन्मतिथि से जुड़े अंक के आधार पर शनि और कुबेर को प्रसन्न करना बहुत सरल है। यदि आप शनिवार के दिन शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाकर 'ओम शं शनैश्चराय नमः' का जाप करते हैं, तो शनि देव आपके मार्ग की बाधाओं को दूर करते हैं। इसके बाद, कुबेर देव की कृपा पाने के लिए उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित करें और नियमित रूप से वहां अक्षत और पुष्प अर्पित करें। इसके अतिरिक्त, अपनी जन्मतिथि का शुभ अंक जानकर उस दिन किसी जरूरतमंद को दान देना, आपके भाग्य के बंद दरवाजे खोलने की चाबी साबित हो सकता है। ध्यान रहे, इन उपायों को पूरी श्रद्धा के साथ करने से कुछ ही दिनों में आपके जीवन में आर्थिक बदलाव महसूस होने लगेंगे।
ई-रिक्शा को दूर से रोकने वाले दो चीनी ऐप्स अब बंद होंगे। केंद्र सरकार ने BAT-BMS नाम के इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने का आदेश दे दिया है। पिछले कुछ दिनों से इन ऐप्स को लेकर लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा का बाजार गर्म था।
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना किसी के लिए भी सपना हो सकता है, लेकिन इस सफलता के पीछे उनका सालों का कड़ा संघर्ष और अनुशासन छिपा है। हाल ही में बिग बी ने अपने शुरुआती करियर के उन दिनों को याद किया जब वे एक साथ 10-15 फिल्मों में काम करते थे। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनके मन में हमेशा एक डर बना रहता था कि कहीं यह काम हाथ से निकल न जाए और भविष्य में उन्हें काम मिलना बंद न हो जाए। इसी असुरक्षा की भावना ने उन्हें इतनी मेहनत करने पर मजबूर किया कि वे कभी रुकना नहीं जानते थे। अपनी बात रखते हुए उन्होंने मौजूदा पीढ़ी के अभिनेताओं के काम करने के तरीके पर भी एक बड़ी टिप्पणी की है।असुरक्षा का डर और सफलता की सीढ़ीअमिताभ बच्चन के अनुसार, उनके समय में काम की तलाश बेहद मुश्किल थी और हर फिल्म एक नए अवसर जैसी होती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का हमेशा डर सताता था कि अगर उन्होंने आज लापरवाही बरती, तो शायद कल उन्हें कोई काम न मिले। यही कारण था कि वे अपनी एनर्जी को बचाने के बजाय काम में झोंक देते थे, भले ही इसके लिए उन्हें अपनी निजी जिंदगी और सेहत के साथ समझौता क्यों न करना पड़ा हो। उन्होंने साझा किया कि एक समय ऐसा था जब उनके पास फिल्मों की इतनी लंबी कतार थी कि उन्हें दिन-रात काम करना पड़ता था। वह दौर उन्हें आज भी एक ऐसी सीख देता है कि करियर की शुरुआत में कभी भी 'आराम' को प्राथमिकता नहीं देनी चाहिए।आज के एक्टर्स और काम का नया नजरियामौजूदा दौर के एक्टर्स के काम करने के तरीके पर टिप्पणी करते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत अधिक 'प्लान्ड' (योजनाबद्ध) है, जो अच्छी बात है लेकिन कभी-कभी वे काम की उस व्यापकता को खो देते हैं जो सालों के अनुभव से आती है। उन्होंने संकेत दिया कि आज के कलाकार फिल्मों के चयन में बहुत अधिक सतर्क हैं और वे हर काम को एक प्रोजेक्ट की तरह देखते हैं। बिग बी ने सलाह दी कि अभिनेता को हमेशा एक छात्र की तरह सीखना चाहिए और किसी भी भूमिका को छोटा नहीं समझना चाहिए। उनका यह अनुभव न केवल नए कलाकारों के लिए एक सबक है, बल्कि यह भी बताता है कि सिनेमा जगत में टिके रहने के लिए 'काम के प्रति जुनून' और 'असुरक्षा का डर' दोनों का सही संतुलन होना बेहद जरूरी है।
बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गदर' की शूटिंग के दौरान का एक पुराना किस्सा आज भी फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उस वक्त जब फिल्म की शूटिंग जोरों पर थी, अभिनेत्री अमीषा पटेल (सकीना) के प्रति लोगों की दीवानगी इस कदर थी कि एक मौके पर बॉबी देओल को ही प्रशंसकों के गुस्से का सामना करना पड़ गया। दरअसल, सेट पर अमीषा को देखते ही फैंस बेकाबू हो गए और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। भीड़ में से किसी ने बॉबी देओल को सीधे ललकारते हुए कहा, 'ये तेरे भाई की अमानत है, इसे छूना भी मत!' यह वाकया न केवल हैरान करने वाला था, बल्कि यह भी दिखाता है कि 'सकीना' का किरदार दर्शकों के दिलों में किस कदर बसा हुआ था।सेट पर मच गई थी अफरा-तफरीउस दौर में 'गदर: एक प्रेम कथा' की लोकप्रियता किसी सुनामी से कम नहीं थी। जब भी फिल्म की स्टारकास्ट शूटिंग के लिए बाहर निकलती, हजारों की संख्या में फैंस उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ते थे। शूटिंग के दौरान का यह किस्सा तब हुआ जब बॉबी देओल वहां किसी काम से मौजूद थे। फैंस का 'सकीना' के लिए इतना गहरा जुड़ाव था कि वे रील लाइफ की कहानी को हकीकत मान बैठे थे। बॉबी देओल के लिए यह अनुभव काफी अजीब था, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि एक फिल्म के किरदार को लेकर लोग इतने ज्यादा भावुक और रक्षात्मक कैसे हो सकते हैं।किरदार की सादगी और फैंस का प्यारअमीषा पटेल ने 'सकीना' के किरदार में जो सादगी और मासूमियत बिखेरी थी, उसने पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया था। यह घटना साबित करती है कि भारतीय दर्शकों के लिए फिल्में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाएं होती हैं। प्रशंसकों का यह 'भाई की अमानत' वाला बयान आज भी इंटरनेट पर फैंस को पुरानी यादों में ले जाता है। हालांकि, बॉबी देओल ने इस पूरे वाकये को बहुत ही खेल भावना और सहजता के साथ लिया था। आज वर्षों बाद भी, जब इस कहानी का जिक्र होता है, तो फैंस की वह दीवानगी और 'गदर' के प्रति उनका प्यार सभी को उस सुनहरे दौर की याद दिला देता है।
रिजल्ट आते ही शुरू होगा मेडिकल कॉलेज का सफर, जानिए काउंसलिंग में सिलेक्शन पाने की पूरी प्रक्रिया
नीट यूजी (NEET UG 2026) का रिजल्ट जारी होते ही देश भर के लाखों छात्रों की नजरें मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया पर टिक जाएंगी। नीट की परीक्षा पास करना तो केवल पहली सीढ़ी है, लेकिन असली चुनौती तो अब शुरू होगी—'काउंसलिंग'। एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) की प्रतिष्ठित सीटों के लिए काउंसलिंग का दौर बेहद महत्वपूर्ण होता है, जहां छोटी सी चूक भी आपके सपनों के कॉलेज में दाखिले का रास्ता रोक सकती है। जैसे ही स्कोरकार्ड आपके हाथों में होगा, काउंसलिंग का पोर्टल खुल जाएगा, इसलिए आपको पहले से ही अपनी पूरी तैयारी और रणनीति तैयार रखनी होगी।ऐसे काम करती है नीट काउंसलिंग की पूरी प्रणालीनीट काउंसलिंग मुख्य रूप से दो स्तरों पर होती है: ऑल इंडिया कोटा (AIQ - 15%) और स्टेट कोटा (85%)। एमसीसी (MCC) द्वारा आयोजित ऑल इंडिया काउंसलिंग में भाग लेने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जहां आप अपनी पसंद के कॉलेजों और कोर्सों को प्राथमिकता के आधार पर चुनते हैं। वहीं, स्टेट कोटा के लिए आपको संबंधित राज्य की मेडिकल काउंसलिंग की वेबसाइट पर अलग से पंजीकरण करना अनिवार्य है। कॉलेज अलॉटमेंट पूरी तरह से आपकी नीट रैंक, कैटेगरी और सीटों की उपलब्धता पर निर्भर करता है, इसलिए चॉइस फिलिंग के दौरान बहुत सावधानी बरतें।काउंसलिंग में सफलता पाने के लिए जरूरी टिप्सएडमिशन पक्का करने के लिए केवल अच्छे अंक ही काफी नहीं, बल्कि सही काउंसलिंग रणनीति भी जरूरी है। सबसे पहले अपने सभी दस्तावेज जैसे—नीट एडमिट कार्ड, स्कोरकार्ड, कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, जाति प्रमाण पत्र और पहचान पत्र तैयार रखें। कॉलेज चुनते समय केवल टॉप कॉलेजों के नाम ही न भरें, बल्कि अपने रैंक के अनुसार उन कॉलेजों की लिस्ट भी तैयार रखें जहाँ पिछले सालों में कट-ऑफ आपके स्कोर के दायरे में रही हो। काउंसलिंग के दौरान हर राउंड की तारीखों और दिशा-निर्देशों पर पैनी नजर रखें। याद रखें, रजिस्ट्रेशन से लेकर कॉलेज रिपोर्टिंग तक की हर प्रक्रिया समयबद्ध होती है, इसलिए किसी भी स्टेप को अंतिम समय के लिए न छोड़ें।
सीबीएसई कक्षा 10वीं के लाखों छात्रों के दिल की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि बोर्ड कभी भी रिजल्ट का ऐलान कर सकता है। परिणाम घोषित होते ही सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर लाखों छात्रों का ट्रैफिक एक साथ उमड़ पड़ेगा, जिससे सर्वर क्रैश या धीमा होने की संभावना प्रबल है। हर साल की तरह इस बार भी रिजल्ट के समय 'साइट नॉट रिस्पॉन्डिंग' की समस्या छात्रों के लिए तनाव का सबब बन सकती है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपको बताएंगे वो अचूक तरीके जिनसे आप बिना किसी परेशानी के अपना स्कोरकार्ड सबसे पहले चेक कर पाएंगे।रिजल्ट चेक करने के आसान और वैकल्पिक तरीकेजब आधिकारिक पोर्टल सीबीएसई रिजल्ट्स डॉट निक डॉट इन (cbseresults.nic.in) पर लोड ज्यादा हो, तो आपको धैर्य रखते हुए अन्य आधिकारिक विकल्पों का इस्तेमाल करना चाहिए। छात्र अपना परिणाम 'डिजीलॉकर' (DigiLocker) और 'उमंग' (UMANG) ऐप के जरिए आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा, बोर्ड की ओर से एसएमएस (SMS) और आईवीआरएस (IVRS) सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। इन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रैफिक कम होता है, जिससे आप बिना साइट क्रैश के अपना रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ डालकर तुरंत अपनी मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं।वेबसाइट क्रैश होने पर क्या है आपका 'प्लान बी'?यदि आप आधिकारिक वेबसाइट पर बार-बार रिफ्रेश कर रहे हैं और पेज नहीं खुल रहा है, तो तुरंत अपने ब्राउज़र की 'कैश' (Cache) मेमोरी क्लियर करें या 'इनकॉग्निटो मोड' (Incognito Mode) का उपयोग करें। कई बार ब्राउज़र हिस्ट्री फुल होने के कारण भी वेबसाइट एरर दिखाती है। साथ ही, घबराहट में बार-बार पेज रिफ्रेश करने से बचें, क्योंकि इससे सर्वर पर और दबाव पड़ता है। याद रखें, रिजल्ट आने के तुरंत बाद ही सर्वर पर दबाव सबसे अधिक होता है, इसलिए 15-20 मिनट का धैर्य रखें। अपना एडमिट कार्ड पास रखें और सही क्रेडेंशियल्स का उपयोग करें ताकि एक ही बार में आपका रिजल्ट स्क्रीन पर हो।
उम्र सिर्फ एक नंबर है और सीखने की कोई सीमा नहीं होती, इसे सच कर दिखाया है 75 साल के मिल्खी राम ने। आज की युवा पीढ़ी जहां पढ़ाई के नाम पर अक्सर थक जाती है, वहीं मिल्खी राम का जुनून किसी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। उन्होंने अब तक एक-दो नहीं, बल्कि कुल 32 डिग्रियां हासिल की हैं, जिनमें पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा भी शामिल है। लेकिन उनका सफर यहीं खत्म नहीं हुआ। शिक्षा के प्रति अपनी अटूट भूख को शांत करने के लिए उन्होंने फिर से कलम उठाई है और इस बार वे इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) से 'आचार्य' (मास्टर डिग्री) की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। उनकी यह कहानी साबित करती है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो हर मंजिल छोटी पड़ जाती है।डिग्रियों का शतक लगाने की तैयारीमिल्खी राम का नाम अब शैक्षणिक जगत में एक मिसाल बन चुका है। इतनी डिग्रियां लेने के बाद भी उनका उत्साह किसी नए छात्र से कम नहीं है। उनके करीबियों का कहना है कि वे हमेशा नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने में यकीन रखते हैं। मिल्खी राम की माने तो शिक्षा केवल करियर बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व को निखारने का एक निरंतर चलने वाला सफर है। इग्नू में उनके सहपाठी और शिक्षक भी उनके समर्पण को देखकर हैरान रह जाते हैं। एक बुजुर्ग व्यक्ति को लाइब्रेरी और कक्षाओं में मेहनत करते देख हर कोई उनसे प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाता। उनका अगला लक्ष्य क्या है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि वे अभी रुकने वाले नहीं हैं।युवाओं के लिए एक जीता-जागता उदाहरणआज के दौर में जब छात्र बहुत जल्दी तनाव और हताशा का शिकार हो जाते हैं, मिल्खी राम का जीवन हमें सिखाता है कि सीखने का जुनून ही आपको उम्र के हर पड़ाव पर जवान बनाए रख सकता है। उन्होंने समाज के उस रूढ़िवादी ढांचे को तोड़ा है, जिसमें माना जाता था कि रिटायरमेंट के बाद जीवन का एक ही पड़ाव शेष रहता है। मिल्खी राम न केवल खुद पढ़ रहे हैं, बल्कि अपने क्षेत्र के अन्य बुजुर्गों को भी शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका यह जज्बा न केवल शैक्षिक उपलब्धियों का उदाहरण है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच का भी एक बड़ा प्रमाण है। उनकी यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि सपनों को पूरा करने की कोई समय सीमा नहीं होती।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव प्रदेश की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है। प्रदेश की सबसे हाईप्रोफइल सीट माने जाने वाली दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए ...
पीएम मोदी का राजस्थान-गुजरात दौरा: 4 जुलाई को 1 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान और गुजरात के दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी दोनों राज्यों को विकास की एक बड़ी सौगात देने वाले हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस दौरे में करीब 1 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। यह दौरा बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राजस्थान और गुजरात की जनता के लिए यह दिन कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होने वाला है, क्योंकि इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर और क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा।राजस्थान में विकास की नई इबारतप्रधानमंत्री के राजस्थान दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। राज्य में जिन परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, वे मुख्य रूप से सड़क नेटवर्क, जल प्रबंधन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हैं। पीएम मोदी का यह दौरा न केवल राज्य की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को भी नई रफ्तार देगा। राज्य के लोगों को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से लंबे समय से अटके विकास कार्य तेजी से पूरे होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को संजीवनी मिलेगी।गुजरात को मिलेगा ऊर्जा और बुनियादी ढांचे का तोहफागुजरात में प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान कई बड़े औद्योगिक और ऊर्जा परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इनमें ग्रीन एनर्जी और पोर्ट कनेक्टिविटी से जुड़ी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। गुजरात का बुनियादी ढांचा हमेशा से देश के लिए एक मॉडल रहा है और पीएम मोदी की यह यात्रा इस मॉडल को और अधिक आधुनिक बनाने पर केंद्रित होगी। 1 लाख करोड़ रुपये की कुल सौगात में बड़ा हिस्सा गुजरात के औद्योगिक विस्तार को समर्पित है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल राज्य के विकास को गति मिलेगी, बल्कि यह राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
सोनम रघुवंशी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी ने कानूनी गलियारों में चर्चा छेड़ दी है। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब कोर्ट के समक्ष केतन और सिया के नाम का जिक्र हुआ। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर कोर्ट में इन नामों का कनेक्शन क्या है और इसके बावजूद सर्वोच्च अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज क्यों नहीं किया? न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद कोर्ट का यह रुख कानून के जानकारों के लिए भी समझने योग्य रहा है।कोर्ट में क्यों उछला केतन-सिया का नाम?सुनवाई के दौरान जब यह मामला सामने आया, तो केतन और सिया के नामों का जिक्र केस की कड़ियों को जोड़ने के उद्देश्य से किया गया था। इस नाम के उल्लेख का मकसद केस में किसी तीसरे पक्ष या साजिश की संभावना को टटोलना था। हालांकि, कोर्ट ने इस नाम के उल्लेख को पूरी तरह से ठोस सबूत के बजाय परिस्थितियों के एक हिस्से के रूप में देखा। कानूनी जानकारों का मानना है कि अदालत का ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि क्या आरोपी का इन नामों से जुड़ाव इतना पर्याप्त है कि उसे जमानत से वंचित किया जाए या नहीं।सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी जमानत?सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत खारिज करने के लिए केवल किसी नाम का उल्लेख पर्याप्त आधार नहीं है। अदालत ने मामले की गंभीरता और अब तक हुई जांच की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया। जमानत को खारिज न करने के पीछे मुख्य तर्क यह था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ऐसे निर्णायक सबूत पेश नहीं कर पाया जो यह सिद्ध कर सकें कि आरोपी के बाहर रहने से जांच प्रभावित होगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि न्याय का सिद्धांत केवल आरोपों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों की मजबूती पर आधारित होता है।
शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 500 अंक उछला, निफ्टी ने 24,350 का आंकड़ा किया पार
भारतीय शेयर बाजार में आज शुक्रवार को जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार ने शानदार बढ़त के साथ शुरुआत की और पूरे दिन तेजी का सिलसिला कायम रखा। सेंसेक्स में 500 अंकों से अधिक की उछाल दर्ज की गई है, जबकि निफ्टी भी 24,350 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है। निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल है और बाजार के सभी प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जो भारतीय बाजारों के प्रति मजबूत सेंटिमेंट को दर्शाता है।आईटी और मेटल सेक्टर की रही चांदीआज की इस तेजी के पीछे आईटी (IT) और मेटल (Metal) सेक्टर का बड़ा हाथ है। आईटी कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखने को मिल रही है, जिससे इस सेक्टर के इंडेक्स में अच्छी बढ़त बनी हुई है। वहीं, मेटल शेयरों में भी वैश्विक और घरेलू मांग की उम्मीदों के चलते निवेशकों ने जमकर दांव लगाया है। जानकारों का मानना है कि सेक्टर-विशिष्ट तेजी ने बाजार को सहारा दिया है, जिससे निफ्टी को नई ऊंचाई पर पहुंचने में मदद मिली है। चुनिंदा लार्ज-कैप शेयरों में खरीदारी ने बाजार के मूड को और बेहतर बना दिया है।बाजार की अगली चाल क्या होगी?बाजार में जारी इस रौनक को देखते हुए विश्लेषक इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। निफ्टी का 24,350 के स्तर के ऊपर टिकना यह बताता है कि आने वाले दिनों में बाजार में और भी खरीदारी देखने को मिल सकती है। हालांकि, निवेशकों को अब आने वाले तिमाही नतीजों और ग्लोबल संकेतों पर नजर रखनी होगी। बाजार की मौजूदा चाल से यह स्पष्ट है कि निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम आ रही है। यदि बाजार इस स्तर को बनाए रखता है, तो आगामी सत्रों में नए रिकॉर्ड देखने को मिल सकते हैं।
राजा रघुवंशी मर्डर केस: सोनम को फिलहाल राहत, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाने से किया इनकार
राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया। जानिए अदालत की टिप्पणी, मेघालय सरकार की दलील और पूरे मामले का अपडेट।
भारत में सर्विस सेक्टर की रफ्तार धीमी, 17 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा PMI
देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक संकेत सामने आया है। भारत के सेवा क्षेत्र (Service Sector) की गतिविधियों में जून महीने के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इंडिया सर्विस पीएमआई (India Services PMI) 17 महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण घरेलू मांग में आई सुस्ती को माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मांग घटने से सर्विस सेक्टर की कंपनियों की ग्रोथ पर सीधा असर पड़ा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।मांग में नरमी और कारोबार पर दबावजून महीने में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में यह गिरावट उस वक्त दर्ज की गई है, जब बाजार को काफी उम्मीदें थीं। पीएमआई के आंकड़े बताते हैं कि नए ऑर्डर्स में कमी के चलते कंपनियों ने अपने विस्तार की योजनाओं को फिलहाल के लिए धीमा कर दिया है। घरेलू बाजार में ग्राहकों की तरफ से मांग में आई कमी ने सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। हालांकि, कंपनियां अब भी लागत में हो रही वृद्धि और प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच अपने मार्जिन को बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई हैं।भविष्य पर क्या है विशेषज्ञों की रायअर्थशास्त्रियों का मानना है कि सेवा क्षेत्र में यह नरमी अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर आने वाले महीनों में घरेलू मांग में सुधार नहीं होता है, तो इसका असर रोजगार दर और कंपनियों की भर्ती योजनाओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार की नजरें आरबीआई की मौद्रिक नीति और आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि सर्विस सेक्टर कब तक अपनी पुरानी रफ्तार हासिल कर पाएगा।
राजा रघुवंशी हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने सोनम की जमानत पर रोक से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर रोक से इनकार कर दिया। मेघालय पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत से सोनम की जमानत रोकने की अपील की थी। मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
बेंगलुरु डे-केयर केस में पहली गिरफ्तारी, मासूमों को टॉर्चर करने वाली महिला को पुलिस ने पकड़ा
यह मामला बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड इलाके में स्थित 'सोसाइटी जनरल बेबी केयर सेंटर' का है, जो कैपजेमिनी के एचएएल परिसर में संचालित होता है। आरोप है कि यहां दो से तीन वर्ष तक के बच्चों को अनुशासन के नाम पर प्रताड़ित किया जाता था।
अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, कहा-बिना एडवांस पंजीकरण न आएं
जम्मू-कश्मीर के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने श्री अमरनाथ यात्रा-2026 को लेकर श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अमरनाथ यात्रा मार्ग पर प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या निर्धारित की गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा के सुचारु संचालन के लिए इस निर्धारित सीमा का पालन करना अनिवार्य है।
पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ...
उत्तर प्रदेश में सुशासन, जवाबदेह शासन प्रणाली और लोकसेवा (Public Service) की गुणवत्ता को एक बिल्कुल नए मुकाम पर ले जाने के लिए योगी सरकार एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को नवाबों के शहर लखनऊ में ₹464 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम लागत से बनकर तैयार हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (RUPAAM/UPAM) के अत्याधुनिक नवीन परिसर का भव्य लोकार्पण करेंगे.कुल 22.5 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला यह भव्य परिसर राज्य की सात दशक से भी अधिक पुरानी प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था (Administrative Training System) का कायाकल्प कर देगा. वैश्विक और आधुनिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया यह सेंटर राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और भविष्योन्मुखी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.एक नजर में: क्या है नए परिसर की भव्यता?अकादमी के महानिदेशक एम. देवराज के मुताबिक, इस नए कैंपस को सिर्फ एक सरकारी इमारत नहीं, बल्कि देश के सबसे बेहतरीन 'नॉलेज हब' के रूप में तैयार किया गया है:क्षेत्रफल और लागत: यह नया परिसर सुल्तानपुर रोड (चकगंजरिया सिटी) के पास जी.जी.सी.टी. इलाके में 22.5 एकड़ के हरित क्षेत्र में फैला है, जिसकी कुल निर्माण लागत ₹464 करोड़ से ज्यादा है.बड़ी क्षमता: अकादमी में एक साथ करीब 1,200 प्रशिक्षणार्थियों (Trainees) को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ उच्च स्तरीय ट्रेनिंग देने की क्षमता विकसित की गई है.विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर: परिसर में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित करने के लिए हाई-टेक डिजिटल ऑडिटोरियम और स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं.मिशन कर्मयोगी को मिलेगी रफ्तार: इस आधुनिक परिसर के लाइव होने से केंद्र सरकार के 'मिशन कर्मयोगी' प्लेटफॉर्म पर यूपी के सरकारी कर्मचारियों की ऑनबोर्डिंग और ऑनलाइन कोर्स कम्प्लीशन जैसे डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों को एक नई और अभूतपूर्व गति मिलेगी.तकनीक-सक्षम शिक्षण और समकालीन विषयों पर रहेगा फोकसइस विश्वस्तरीय संस्थान में केवल पारंपरिक प्रशासनिक नियम ही नहीं पढ़ाए जाएंगे, बल्कि आज के डिजिटल युग की प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया गया है. अधिकारियों और कर्मचारियों को मुख्य रूप से इन समकालीन विषयों (Contemporary Issues) पर प्रशिक्षित किया जाएगा:डिजिटल गवर्नेंस (E-Governance): सरकारी कामकाज को पेपरलेस और पूरी तरह ऑनलाइन बनाने की आधुनिक तकनीक.नीति क्रियान्वयन (Policy Implementation): सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भ्रष्टाचार के समाज के आखिरी व्यक्ति तक तेजी से कैसे पहुंचे.नेतृत्व विकास (Leadership Development) और नवाचार: विषम परिस्थितियों में तुरंत सही फैसले लेने की कला और प्रशासन में नए आविष्कारों का प्रयोग.नागरिक-केंद्रित संवेदनशीलता: जनता की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करना और जनसेवा के प्रति जवाबदेह रहना.हरित परिसर और वर्ल्ड-क्लास आवासीय सुविधाएंप्रशिक्षण लेने आने वाले प्रदेश के आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) और अन्य राजपत्रित अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए परिसर के भीतर ही फाइव-स्टार रेटिंग जैसी आवासीय सुविधाएं (Residential Facilities) विकसित की गई हैं. पूरा कैंपस पूरी तरह इको-फ्रेंडली, प्लास्टिक-मुक्त और हरित ऊर्जा (Green Energy) पर आधारित है. सुरक्षित और सुव्यवस्थित शांत वातावरण के बीच यहां कंप्यूटर लैब्स, डिजिटल लाइब्रेरी और उन्नत ज्ञान संसाधनों (Advanced Learning Tools) का एक मजबूत जाल बिछाया गया है.यह ऐतिहासिक संस्थान आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप एक ऐसा दक्ष, संवेदनशील और लोक कल्याण के प्रति समर्पित प्रशासनिक नेतृत्व प्रदान करेगा, जो 'विकसित उत्तर प्रदेश' के संकल्प को सच करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा.
इस्लामिक दर्शन और सूफी तालीम के मुताबिक, इंसान इस खूबसूरत जमीन का मालिक नहीं, बल्कि खुदा की तरफ से भेजा गया एक 'अमीन' यानी अमानतदार है. पवित्र कुरआन हमेशा इंसाफ करने, संसाधनों की फिजूलखर्ची से बचने और धरती पर किसी भी तरह का फसाद या बिगाड़ न फैलाने की सख्त तालीम देता है. इसी दार्शनिक और अखलाकी (नैतिक) नजरिए से अगर देखा जाए, तो जब भी कोई सरकारी नीति पानी, खेती, पर्यावरण और एक अदने से आम आदमी की जिंदगी पर कोई दूरगामी असर डालती है, तो उस पर स्वस्थ जम्हूरी (लोकतांत्रिक) बहस करना बेहद जरूरी हो जाता है.इसी संदर्भ में देश के मौजूदा फ्यूल सिस्टम में लागू हो रहे E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल मिश्रण) नीति पर गहराई से गौर करने की आवश्यकता है. केंद्र सरकार का तर्क है कि इस कदम से कच्चे तेल का आयात घटेगा, भारी विदेशी मुद्रा की बचत होगी, किसानों की आमदनी बढ़ेगी और पर्यावरण को फायदा होगा. सरकार के ये मकसद यकीनन बेहद नेक हैं, लेकिन देश के नीतिगत और वैज्ञानिक गलियारों में इस बात को लेकर एक गंभीर बहस छिड़ गई है कि क्या इस मुकाम को हासिल करने का यही सबसे सही और टिकाऊ रास्ता है?1. पानी का महा-संकट: क्या ईंधन के लिए 'भूजल' की बलि चढ़ाना सही है?E20 पॉलिसी के सामने सबसे पहला और सबसे बुनियादी सवाल देश के जल संसाधनों का है. भारत आज इतिहास के सबसे गंभीर जल संकट (Water Crisis) के दौर से गुजर रहा है. भारत में उत्पादित होने वाले एथेनॉल का एक बहुत बड़ा हिस्सा गन्ने (Sugarcane) और मक्के जैसी फसलों के जरिए तैयार किया जाता है.कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, गन्ना एक ऐसी नकदी फसल है जिसे उगाने में बेहिसाब पानी की जरूरत होती है. जब देश के कई प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों में भूजल (Groundwater) का स्तर लगातार खतरनाक ढंग से नीचे जा रहा हो, तब गाड़ियों को दौड़ाने वाले ईंधन को तैयार करने के लिए पानी की इतनी बड़ी मात्रा को झोंक देना कहाँ तक मुनासिब है? एक तरफ सरकार आम जनता से पानी की हर एक बूंद बचाने की अपील करती है, वहीं दूसरी तरफ उसी पानी का इस्तेमाल ईंधन बनाने में हो रहा है— यह एक बड़ा नीतिगत विरोधाभास (Tazad) है.2. 'फूड बनाम फ्यूल' की जंग और घटता माइलेजआम उपभोक्ता की जेब पर असर: एथेनॉल की आंतरिक ऊर्जा क्षमता (Energy Density) शुद्ध पेट्रोल के मुकाबले काफी कम होती है. यही वजह है कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ मानते हैं कि E20 ईंधन का इस्तेमाल करने पर गाड़ियों के माइलेज में कमी आ सकती है. यदि पेट्रोल के दाम जस के तस रहें और आपकी गाड़ी का माइलेज घट जाए, तो आखिरकार इस महंगाई का सीधा बोझ आम उपभोक्ता की जेब पर ही पड़ेगा.थाली या गाड़ियों का टैंक?: इससे भी बड़ा संकट फूड बनाम फ्यूल (भोजन बनाम ईंधन) का है. जब अनाज, मक्का और गन्ने का एक बड़ा हिस्सा इंसानों के पेट के बजाय गाड़ियों के फ्यूल टैंक में जाने लगेगा, तो खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजिमी है. भारत जैसे विशाल देश में, जहाँ आज भी एक बहुत बड़ी आबादी सरकारी राशन और सस्ती खाद्य व्यवस्था पर निर्भर है, वहाँ इस संवेदनशील पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.3. करोड़ों पुराने वाहनों की तकनीकी चुनौतियांभारत की सड़कों पर आज भी करोड़ों की तादाद में ऐसे पुराने दोपहिया (Bikes) और चारपहिया (Cars) वाहन दौड़ रहे हैं, जिन्हें E20 या उससे अधिक एथेनॉल मिश्रण के हिसाब से डिजाइन ही नहीं किया गया था. ऑटोमोबाइल दिग्गजों और मैकेनिकल इंजीनियर्स का कहना है कि पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 10% से ज्यादा होने पर पुरानी गाड़ियों की रबर सील, फ्यूल लाइन्स, कार्ब्युरेटर और कुछ खास प्लास्टिक पुर्जों में जंग लगने या उनके गलने का खतरा बढ़ जाता है. अगर भविष्य में सामान्य पेट्रोल मिलना पूरी तरह बंद हो जाए, तो इन करोड़ों पुरानी गाड़ियों के मालिकों के सामने एक बड़ा तकनीकी और आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा.4. पर्यावरण का असली सच: वेल-टू-व्हील (Well-to-Wheel) एनालिसिस정부 (सरकार) का दावा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों से निकलने वाले हानिकारक कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो कि आंशिक रूप से सच भी है. लेकिन वैज्ञानिक समुदाय का कहना है कि हमें सिर्फ गाड़ी के साइलेंसर से निकलने वाले धुएं को नहीं देखना चाहिए.हमें पूरी प्रक्रिया का मूल्यांकन 'वेल-टू-व्हील' (कुएं से लेकर पहिए तक) के आधार पर करना होगा. यानी गन्ना उगाने, उसकी सिंचाई करने, रासायनिक खाद डालने, फसल को चीनी मिलों तक ढोने और फिर डिस्टिलरी में एथेनॉल तैयार करने में जो भारी मात्रा में बिजली, डीजल और कोयला जलता है, उसका कुल कार्बन फुटप्रिंट भी जोड़ा जाना चाहिए. खुद नीति आयोग की 2021 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पारंपरिक ईंधन के मुकाबले E20 का कुल ग्रीनहाउस गैस (GHG) फायदा सिर्फ 18% के आसपास ही बैठता है, न कि 50% जैसा कि अक्सर विज्ञापनों में प्रचारित किया जाता है.5. वैश्विक विकल्प और टिकाऊ तरक्की का रास्ताजर्मनी और कई यूरोपीय मुल्कों ने जब अपने यहाँ एथेनॉल मिश्रित ईंधन को लॉन्च किया, तो उन्होंने आम उपभोक्ताओं से उनके चुनाव का हक नहीं छीना. वहाँ आज भी पुरानी और नई गाड़ियों की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग फ्यूल डिस्पेंसर (विकल्प) पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध हैं. भारत में भी अगर संक्रमण काल (Transition Period) के दौरान E20 के साथ-साथ कम मिश्रण वाला ईंधन (जैसे E10 या शुद्ध पेट्रोल) पर्याप्त मात्रा में मिलता रहे, तो जनता बेबस महसूस नहीं करेगी.दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाएं आज सिर्फ एथेनॉल पर निर्भर नहीं हैं. वे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ग्रीन हाइड्रोजन, मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों और सेकंड जनरेशन (2G) बायोफ्यूल (जो फसल के बचे हुए कचरे या पराली से बनता है) पर तेजी से काम कर रही हैं. किसी भी एक तकनीक को अंतिम और इकलौता हल मान लेना दूरअंदेशी नहीं है.
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में हर साल सैकड़ों खूबसूरत हसीनाएं टॉप स्टार बनने का हसीन सपना लेकर मुंबई नगरी कदम रखती हैं. लेकिन इनमें से कुछ ही अभिनेत्रियां सफलता के शिखर तक पहुंच पाती हैं, जबकि कुछ का करियर बुलंदियों को छूने से पहले ही किसी एक अनचाहे मोड़ पर आकर बिखर जाता है. आज हम बात कर रहे हैं 45 वर्षीय बंगाली मूल की एक ऐसी ही बोल्ड एक्ट्रेस के बारे में, जिनका पूरा फिल्मी करियर और पब्लिक इमेज सिर्फ एक कथित वीडियो क्लिप लीक होने की वजह से पूरी तरह तहस-नहस हो गई.2005 का वो विवाद: जब इंटरनेट पर वायरल हुआ देश का पहला बड़ा MMSआज के समय में सोशल मीडिया पर आए दिन किसी न किसी सेलिब्रिटी के वीडियो और तस्वीरें वायरल होना एक आम बात बन चुका है. लेकिन आज से ठीक दो दशक पहले जब देश में इंटरनेट अपनी शुरुआती स्टेज में था और 'वायरल कंटेंट कल्चर' पैर पसार ही रहा था, तब इस 45 वर्षीय एक्ट्रेस का एक बेहद निजी वीडियो इंटरनेट पर लीक हो गया था.साल 2005 में सामने आई इस एक एमएमएस (MMS) क्लिप ने समूची एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और देश के गॉसिप कॉलम्स में भूचाल ला दिया था. यह वीडियो क्लिप कथित तौर पर उस दौर के उभरते हुए बॉलीवुड एक्टर अश्मित पटेल और इस बंगाली सुंदरी का बताया गया. इस एक घटना ने उस समय की एक बेहद होनहार और तेजी से उभर रही एक्ट्रेस को रातों-रात सिर्फ और सिर्फ एक विवादित चेहरा बनाकर छोड़ दिया. सस्पेंस को खत्म करते हुए आपको बता दें कि हम बात कर रहे हैं बंगाल के बेहद संभ्रांत और शाही घराने से ताल्लुक रखने वाली एक्ट्रेस रिया सेन (Riya Sen) की.बंगाल के दिग्गज फिल्मी घराने से है गहरा ताल्लुकरिया सेन को एक्टिंग और खूबसूरती विरासत में मिली थी. वे बंगाल की मशहूर और बेहद ग्लैमरस एक्ट्रेस मून मून सेन की बेटी हैं और भारतीय सिनेमा की सबसे दिग्गज व सदाबहार अदाकारा सुचित्रा सेन की पोती (Granddaughter) हैं. उनकी बहन राइमा सेन भी बंगाली और हिंदी सिनेमा का एक जाना-माना नाम हैं.इतने तगड़े और रसूखदार फिल्मी बैकग्राउंड से आने के बावजूद रिया सेन ने इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए काफी मेहनत की थी. उन्होंने साल 2001 में आई कल्ट कॉमेडी फिल्म 'स्टाइल' (Style) से बॉलीवुड में एक लीड एक्ट्रेस के तौर पर कदम रखा था. फिल्म सुपरहिट रही और रिया का अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आया. इसके बाद उन्होंने 'झंकार बीट्स' और 'अपना सपना मनी मनी' जैसी कई मल्टीस्टारर फिल्मों में काम किया, लेकिन तभी 2005 का वो स्कैंडल सामने आ गया.वीडियो का सच आज तक है अनसुलझा, करियर पर लगा ब्रेकइस कथित लीक वीडियो के पीछे का असली सच क्या था, इसका पता आज तक कोई नहीं लगा पाया है. उस दौर में न तो रिया सेन ने और न ही अश्मित पटेल ने इस क्लिप को पूरी तरह से स्वीकार किया था. रिया सेन ने हमेशा इसे एक गहरी साजिश और फेक वीडियो बताया था.इसके बावजूद, टैब्लॉइड्स और गॉसिप मीडिया ने इस मामले को सालों तक जिंदा रखा, जिसने रिया सेन की पब्लिक इमेज पर एक गहरा नकारात्मक असर डाला. इस विवाद का सबसे बुरा असर उनके फिल्मी करियर पर पड़ा. बड़े डायरेक्टर्स ने उन्हें अपनी ए-लिस्ट फिल्मों में लीड रोल देने से परहेज करना शुरू कर दिया, जिससे उनके करियर की रफ्तार अचानक बेहद धीमी हो गई.विवादों से रहा चोली-दामन का साथ: क्रिकेटर श्रीसंत संग जुड़ा नामएमएमएस स्कैंडल के बाद भी रिया सेन की पर्सनल लाइफ लगातार मीडिया के रडार पर बनी रही. उनकी हर एक छोटी-बड़ी गतिविधि को गॉसिप का हिस्सा बनाया जाने लगा:क्रिकेटर श्रीसंत संग रूमर्स: साल 2011 में आईपीएल (IPL) के दौर के दौरान मीडिया में खबरें उड़ीं कि रिया सेन भारतीय तेज गेंदबाज एस. श्रीसंत को डेट कर रही हैं और दोनों जल्द शादी कर सकते हैं. हालांकि, रिया ने तुरंत सोशल मीडिया पर इन खबरों को पूरी तरह बकवास और रूमर बताते हुए खारिज कर दिया था.गर्लफ्रेंड किसिंग कॉन्ट्रोवर्सी: इसके ठीक एक साल बाद, यानी साल 2012 में रिया सेन एक बार फिर विवादों में आईं, जब इंटरनेट पर उनकी एक प्राइवेट पार्टी की फोटो लीक हो गई. इस वायरल तस्वीर में वे अपनी एक महिला मित्र को किस (Kiss) करती हुई नजर आ रही थीं, जिसे लेकर रूढ़िवादी समाज में काफी हंगामा हुआ था.ओटीटी और रीजनल सिनेमा में किया काम, पर नहीं बन पाईं 'सुपरस्टार'इन तमाम बड़े और मानसिक रूप से परेशान करने वाले विवादों के बावजूद रिया सेन ने कभी हार नहीं मानी और फिल्म इंडस्ट्री में अपना काम जारी रखा. उन्होंने हिंदी के अलावा कई शानदार बंगाली, तमिल और तेलुगु फिल्मों में अपनी अदाकारी के जलवे बिखेरे. बाद के दिनों में उन्होंने रागिनी एमएमएस रिटर्न्स और पॉइंट ब्लैंक जैसी कई लोकप्रिय ओटीटी (OTT) वेब सीरीज में भी मैच्योर किरदार निभाए.साल 2017 में उन्होंने अपने लॉन्ग-टाइम बॉयफ्रेंड शिवम तिवारी से एक बेहद निजी समारोह में शादी कर ली और अपनी जिंदगी में सेटल हो गईं. आज वे 45 साल की उम्र में भी बेहद फिट और ग्लैमरस दिखती हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अगर 2005 का वो एक वीडियो कांड न हुआ होता, तो शायद रिया सेन आज बॉलीवुड की टॉप-लीग सुपरस्टार्स की कतार में खड़ी होतीं.
PoK में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया है। रावलाकोट में 80 हजार लोगों की रैली में पाकिस्तान सेना पर गंभीर आरोप लगाए गए। जानिए 38 मांगों, भारत से संवाद की मांग और पूरे घटनाक्रम की पूरी जानकारी।
तकनीक और गैजेट्स के इस दौर में जब भी गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, हमारा पूरा ध्यान एसी (AC), एयर कूलर और पानी की बोतलों पर चला जाता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि इस चिलचिलाती धूप और उमस के बीच आपके किचन का कौन सा उपकरण बिना रुके, 24 घंटे सबसे ज्यादा दबाव में काम कर रहा है? वह है आपका फ्रिज (Refrigerator).इस मौसम में फ्रिज का सही तरीके से काम करना सिर्फ ठंडे पानी के लिए ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीजों को बैक्टीरिया से बचाने के लिए भी बेहद जरूरी है. अच्छी बात यह है कि अपने फ्रिज की सेहत दुरुस्त रखने के लिए आपको किसी महंगे मैकेनिक या टूल की जरूरत नहीं है, बल्कि आपके प्रिंटर में रखा एक साधारण A4 साइज का कागज ही आपकी जेब और फ्रिज दोनों को बड़े नुकसान से बचा सकता है. आइए जानते हैं क्या है एक्सपर्ट्स की पसंदीदा 'कागज वाली ट्रिक'.'हीट डोम' के इस दौर में फ्रिज पर बढ़ रहा है डबल प्रेशरवर्तमान में दुनिया के कई हिस्सों के साथ-साथ भारत के कई राज्यों में भयंकर 'हीट डोम' (Heat Dome) और लू का असर देखा जा रहा है. यह अत्यधिक बाहरी तापमान न सिर्फ इंसानों को बेहाल करता है, बल्कि घर में रखे फ्रिज पर भी दोहरा दबाव (Double Pressure) बनाता है.बाहर की भीषण गर्मी के बीच फ्रिज के अंदर का तापमान बनाए रखने के लिए इसके कंप्रेसर (Compressor) को बार-बार और बिना थमे लगातार चलना पड़ता है. इसका सीधा मतलब यह है कि आपका फ्रिज सामान्य दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली की खपत करने लगता है और अत्यधिक लोड के कारण उसके महंगे पार्ट्स के जल्दी खराब होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है.क्या है 30 सेकंड का 'कागज वाला ट्रिक' (Dollar Bill Test)?अपने फ्रिज की कूलिंग क्षमता और उसकी कंडीशन जांचने का यह सबसे आसान और अचूक तरीका है. इसके लिए आपको बस ये छोटे से स्टेप्स फॉलो करने हैं:1.कागज लें:स्टेप 1.अपने घर या प्रिंटर ट्रे से एक साधारण A4 साइज का सादा कागज (या एक करेंसी नोट) लें.2.दरवाजे में फंसाएं:स्टेप 2.फ्रिज का दरवाजा खोलें और कागज को इस तरह रखें कि उसका आधा हिस्सा फ्रिज के अंदर हो और आधा हिस्सा बाहर की तरफ निकला रहे.3.दरवाजा बंद करें:स्टेप 3.अब फ्रिज के दरवाजे को सामान्य रूप से कसकर बंद कर दें, जिससे कागज रबर सील के बीच में दब जाए.4.कागज खींचें:स्टेप 4.बाहर निकले हुए कागज के हिस्से को अपने हाथ से धीरे से बाहर की तरफ खींचने की कोशिश करें.टेस्ट का परिणाम: यदि कागज खींचते समय आपको अच्छी-खासी रुकावट या थोड़ा जोर (Resistence) महसूस होता है, तो बधाई हो! आपके फ्रिज की रबर सील (Gasket) एकदम एयरटाइट और दुरुस्त है. लेकिन, अगर वह कागज बिना किसी रुकावट के मक्खन की तरह आसानी से बाहर सरक आता है, तो समझ लीजिए कि आपके फ्रिज का दरवाजा ठीक से बंद नहीं हो रहा है.अमेरिकी ऊर्जा विभाग भी मुहर लगाता है इस हैक परयह इंटरनेट पर वायरल होने वाला कोई फर्जी या साधारण लाइफ-हैक नहीं है. खुद अमेरिकी ऊर्जा विभाग (U.S. Department of Energy) का 'एनर्जी सेवर प्रोग्राम' भी आधिकारिक तौर पर यह मानता है कि घरों में बिजली और ऊर्जा की बर्बादी को रोकने का सबसे कारगर और मुफ़्त तरीका फ्रिज के दरवाजे की रबर सील (Gasket) की समय-समय पर जांच करना है. अगर सील एयरटाइट नहीं है, तो उसे तुरंत ठीक करना या बदलना बेहद जरूरी है.ढीली रबर सील कैसे लगाती है आपकी जेब को चंपत?एक खराब, ढीली या कटी-फटी रबर सील आपके घर का बजट दो तरफ से बिगाड़ती है:कूलिंग का नुकसान: ढीली सील फ्रिज के भीतर की बेशकीमती ठंडी हवा को लगातार बाहर निकालती रहती है और कमरे की गर्म, नमी युक्त हवा को अंदर जाने देती है. इससे कंप्रेसर को अंदर का तापमान मेंटेन करने के लिए दिन-रात ओवरटाइम काम करना पड़ता है.बिजली का भारी बिल: जब कंप्रेसर चौबीसों घंटे बिना ट्रिप हुए चलेगा, तो आपका बिजली का बिल गर्मी के दिनों में सीधे आसमान छूने लगेगा. इसके अलावा, एनर्जी स्टार (ENERGY STAR) के मानकों के अनुसार, खाने को सुरक्षित और बैक्टीरिया-फ्री रखने के लिए फ्रिज का आंतरिक तापमान 35F से 38F (लगभग 1.6C से 3.3C) होना चाहिए, जो सील खराब होने पर किसी भी हाल में मुमकिन नहीं हो पाता और खाना जल्दी सड़ जाता है.अगर आपका फ्रिज 'पेपर टेस्ट' में फेल हो जाए, तो क्या करें?यदि कागज आसानी से बाहर आ जाता है, तो तुरंत नया फ्रिज खरीदने या मैकेनिक बुलाने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही ये आसान उपाय आजमा सकते हैं:गुनगुने पानी से सफाई: कई बार सील टूटी नहीं होती, बल्कि उस पर जमी गंदगी, ग्रीस, चिपचिपे जूस या खाने के कणों की वजह से मैग्नेट काम नहीं करता. एक सूती कपड़े को गुनगुने पानी और हल्के लिक्विड सोप में डुबोकर सील और दरवाजे के फ्रेम को अच्छे से साफ करें.हेयरड्रायर की ट्रिक: अगर फ्रिज की रबर सील लंबे समय से इस्तेमाल के कारण सख्त या कड़क हो गई है, तो उस पर थोड़ा सा गर्म पानी डालें या ब्लो ड्रायर (Hairdryer) को लो-हीट पर रखकर सील पर हवा मारें. इससे रबर गर्म होकर फिर से लचीली (Flexible) हो जाएगी और दरवाजे से चिपकने लगेगी.सील बदलना: यदि रबर पूरी तरह फट चुकी है या सड़ गई है, तो आप ऑनलाइन या नजदीकी स्पेयर पार्ट्स की दुकान से बेहद कम दाम में नई रबर गैस्केट खरीदकर उसे घर पर ही आसानी से बदल सकते हैं.इस 30 सेकंड की मुफ्त आदत को अपने मंथली होम-मेंटेनेंस रूटीन का हिस्सा बनाएं, खासकर गर्मियों की शुरुआत में इसे जरूर आजमाएं. ब्रेड को टोस्ट करने से भी कम समय में होने वाला यह छोटा सा टेस्ट आपको भविष्य के बड़े कंप्रेसर खर्चों और मानसिक परेशानी से बचा सकता है.
वैश्विक और घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. पिछले कुछ समय से लगातार गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने वाले सोने के भाव में अब अचानक तेजी का दौर शुरू हो गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस हालिया तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श का एक ताजा बयान है.केविन वॉर्श ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बहुत अधिक आक्रामक बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. फेड चेयरमैन के इस बयान के बाद निवेशकों की चिंताएं दूर हुईं और मंदी की मार झेल रहे सोने ने जबरदस्त यू-टर्न (U-Turn) लिया है. इससे पहले, ब्याज दरों में लगातार बढ़ोतरी की आशंका के चलते जून तिमाही में सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन अब यह सिलसिला थम गया है.वैश्विक बाजार (COMEX) में आई भारी तेजी, चांदी भी चमकीअमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख में नरमी के संकेतों का असर शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट पर साफ दिखाई दिया:सोने का भाव (COMEX Gold): शुक्रवार सुबह वैश्विक बाजार कॉमेक्स पर सोना 57 डॉलर प्रति औंस की भारी छलांग लगाकर 4,182 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया.चांदी का भाव (COMEX Silver): सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी एक डॉलर से ज्यादा का उछाल आया और यह मजबूत होकर 62.425 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड करती दिखी.घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव: जनवरी के हाई से 12% से ज्यादा टूट चुका है सोनावैश्विक स्तर पर शुक्रवार को तेजी होने के बावजूद, भारतीय घरेलू बाजार (MCX) में गुरुवार शाम को सोने और चांदी के दामों में मामूली सुस्ती दर्ज की गई थी. दरअसल, जून के आखिरी हफ्तों में आई भारी मंदी के कारण कई घरेलू निवेशकों ने बाजार से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया था, जिसका असर अभी भी हाजिर बाजार पर दिख रहा है.अगर लंबी अवधि के ट्रेंड को देखें, तो इस साल की शुरुआत यानी जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाला गोल्ड जून तिमाही में 12 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है. वहीं इस दौरान चांदी में भी 17 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. हाजिर बाजार (Spot Market) की बात करें तो जनवरी में जो सोना 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था, वह हाल ही में गिरकर 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था.MCX पर सोने और चांदी के वायदा भाव का ताजा अपडेटमल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार शाम को कारोबारी सत्र की क्लोजिंग कुछ इस प्रकार रही:सोना वायदा (Gold Future): आगामी अगस्त डिलीवरी वाला सोना गुरुवार शाम को मामूली गिरावट के साथ 1,45,758 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. हालांकि, इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान इसने 1,46,666 रुपये का ऊपरी स्तर (High) भी छुआ था.चांदी वायदा (Silver Future): सितंबर डिलीवरी वाली चांदी मामूली गिरावट के साथ 2,33,304 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई (इंट्राडे हाई 2,36,575 रुपये रहा). वहीं, 31 अगस्त की शॉर्ट-टर्म डिलीवरी वाली चांदी 2,487 रुपये की बढ़त के साथ 2,33,413 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई.IBJA रेट्स: जानिए 18, 22 और 24 कैरेट सोने का आधिकारिक भावइंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा गुरुवार शाम 5 बजे जारी किए गए आधिकारिक हाजिर भाव के मुताबिक, शुद्धता के आधार पर सोने-चांदी के रेट निम्नलिखित रहे:24 कैरेट सोना (99.9% प्योरिटी): ₹1,43,003 प्रति 10 ग्राम22 कैरेट सोना (ज्वैलरी मेकिंग): ₹1,30,990 प्रति 10 ग्राम18 कैरेट सोना (डायमंड ज्वैलरी): ₹1,07,252 प्रति 10 ग्रामचांदी (Silver Spot Rate): ₹2,28,850 प्रति किलोग्राम
तकनीक के इस आधुनिक दौर में जहाँ हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी बेहद आसान और डिजिटल हो रही है, वहीं साइबर खतरों (Cyber Threats) का दायरा भी तेज़ी से पैर पसार रहा है. हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ कुछ शरारती तत्व सड़क पर चलते हुए ई-रिक्शा (E-Rickshaw) को दूर बैठे ही अचानक बंद कर दे रहे हैं. इसके लिए वे अपने स्मार्टफोन में 'BAT-BMS' नाम के एक साधारण ऐप और ब्लूटूथ कनेक्शन (Bluetooth Connection) का इस्तेमाल कर रहे हैं.पहली नज़र में कुछ लड़कों को यह एक साधारण मज़ाक, रील बनाने का जरिया या प्रैंक (Prank) लग सकता है, लेकिन कानूनी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज़ से यह एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध है. आइए विस्तार से जानते हैं कि यह पूरा तकनीकी खेल क्या है और देश का कानून इस पर क्या सख्त रुख अपनाता है.ई-रिक्शा अब सिर्फ एक गाड़ी नहीं, पहियों पर दौड़ता कंप्यूटर हैआज के समय में भारतीय सड़कों पर चलने वाले ई-रिक्शा तकनीकी रूप से काफी एडवांस और डिजिटल हो चुके हैं. इंटरनेशनल कमीशन ऑन साइबर सिक्योरिटी लॉ के चेयरमैन और देश के जाने-माने साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल के मुताबिक, आज का आधुनिक ई-रिक्शा महज लोहे और पहियों का एक सामान्य वाहन नहीं है, बल्कि यह कानूनी रूप से एक 'डिजिटल कंप्यूटर सिस्टम' की तरह काम करता है.चूंकि यह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल फॉर्मेट पर ऑपरेट होता है, इसलिए इसमें बाकायदा डेटा स्टोरेज, मेमोरी फंक्शन्स और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलिंग यूनिट्स (ECUs) होते हैं. इसी एडवांस तकनीक का गलत फायदा उठाकर कुछ हैकर्स और प्रैंकस्टर्स इसके सिस्टम में अनधिकृत रूप से (Unauthorized Access) सेंध लगा रहे हैं.BAT-BMS ऐप और ब्लूटूथ का यह खतरनाक और जानलेवा खेलदरअसल, ई-रिक्शा की जान उसकी लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरी होती है. इस बैटरी की सुरक्षा, चार्जिंग और ओवरहीटिंग को मैनेज करने के लिए उसमें एक बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा होता है. बाजार में मौजूद 'BAT-BMS' जैसे कई मोबाइल ऐप्स इस बीएमएस को ब्लूटूथ के जरिए ट्रैक और मॉनिटर करने की आधिकारिक सुविधा देते हैं.लेकिन समस्या तब खड़ी होती है जब सड़क पर चल रहे किसी ई-रिक्शा के ब्लूटूथ सिग्नल को ये शरारती तत्व अपने फोन से बिना मालिक की अनुमति या जानकारी के कनेक्ट कर लेते हैं. एक बार कनेक्शन स्थापित होने के बाद, ऐप के भीतर मौजूद रिमोट कंट्रोल फीचर का इस्तेमाल करके वे बैटरी की मेन पावर सप्लाई को अचानक 'कट' (Power Off) कर देते हैं. इसके परिणामस्वरूप चलती हुई गाड़ी बीच सड़क पर, बिना किसी चेतावनी के अचानक ठप हो जाती है. यह न केवल रिक्शा चालक और उसमें बैठी सवारियों के लिए मानसिक परेशानी का सबब है, बल्कि पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों के कारण एक भीषण और जानलेवा सड़क हादसे को सीधा न्यौता देता है.मज़ाक नहीं, सीधे जेल ले जाएगी यह हरकत: आईटी एक्ट की धाराएं सक्रियअगर कोई युवा या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इसे महज मनोरंजन या यूट्यूब प्रैंक वीडियो बनाने का जरिया समझ रहा है, तो उसे तुरंत सावधान होने की जरूरत है. साइबर पुलिस और कानून के जानकारों ने साफ किया है कि यह कोई खेल नहीं बल्कि एक गंभीर साइबर अपराध (Cyber Crime) है. भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (Information Technology Act 2000) की धारा 43 और धारा 66 के तहत यह पूरी तरह से दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है. किसी भी वाहन या डिवाइस के कंप्यूटर नेटवर्क में उसकी मर्जी के बिना अवैध प्रवेश करना डेटा चोरी और सिस्टम हैकिंग माना जाता है.3 साल की कठोर जेल की सजा और 5 लाख रुपये का भारी जुर्मानाकानूनी तौर पर इस तरह के डिजिटल प्रैंक के लिए बेहद सख्त सजा के प्रावधान तय किए गए हैं:जेल की सजा: यदि कोई भी व्यक्ति जानबूझकर, मज़ाक में या किसी धोखाधड़ी/बदला लेने के इरादे से किसी के ई-रिक्शा को इस तरह रिमोटली बंद करता हुआ रंगे हाथों या सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पकड़ा जाता है, तो उसे 3 साल तक की जेल की कठोर सजा हो सकती है.आर्थिक जुर्माना: जेल के साथ-साथ दोषी पाए जाने पर उस व्यक्ति पर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है. डिजिटल सुरक्षा के उल्लंघन और सार्वजनिक जीवन को खतरे में डालने को लेकर देश की अदालतें और पुलिस बेहद सख्त रुख अपना रही हैं.डिजिटल हैकिंग से बचने के लिए ई-रिक्शा चालक तुरंत करें ये उपायइस नए तरह के साइबर खतरे या अनधिकृत रिमोट एक्सेस से खुद को और अपनी गाड़ी को सुरक्षित रखने के लिए ई-रिक्शा चालकों को अपनी तकनीक को थोड़ा अपग्रेड और सुरक्षित करना होगा:डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदलें: सबसे पहला और महत्वपूर्ण काम यह करें कि अपने ई-रिक्शा के BMS ब्लूटूथ का डिफ़ॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदल दें. अक्सर लोग कंपनी या मैन्युफैक्चरर द्वारा दिए गए साधारण पासवर्ड (जैसे 1234, 0000 या 8888) को कभी नहीं बदलते, जिससे कोई भी बाहरी ऐप आसानी से उसे बिना अनुमति के पेयर (Pair) कर लेता है.कस्टम और मजबूत पासवर्ड: अपने ब्लूटूथ सेटिंग्स में जाकर एक मजबूत और कस्टमाइज्ड पासवर्ड सेट करें. ऐसा करने से कोई भी बाहरी व्यक्ति आपके चलते रिक्शा की बैटरी को रिमोटली एक्सेस नहीं कर पाएगा. अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक और सतर्क रहना ही इस नए साइबर प्रैंक के खतरे से बचने का एकमात्र और अचूक उपाय है.
पब्लिक सेक्टर के दिग्गज बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने वेस्ट एशिया के सबसे बड़े कॉर्पोरेट घोटालों में से एक 'एनएमसी हेल्थ' (NMC Health) मामले में चल रहे सालों पुराने विवाद को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया है. बैंक ने इस जटिल कानूनी लड़ाई को अदालत के बाहर (Out of Court Settlement) सुलझाने के लिए जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स को 600 मिलियन डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम भुगतान करने पर सहमति जताई है. इस ऐतिहासिक सेटलमेंट के बाद अबू धाबी, ब्रिटेन और भारत समेत कई देशों में चल रही फ्रॉड व इन्सॉल्वेंसी की कार्यवाही अब पूरी तरह बंद हो जाएगी. हालांकि, इस समझौते की सबसे खास बात यह रही कि दोनों में से किसी भी पक्ष ने अदालत के सामने अपनी किसी भी तरह की गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है.क्या है 5-6 अरब डॉलर का NMC हेल्थ घोटाला, जिसने हिला दिया था बैंकिंग सेक्टर?यह पूरा मामला एनआरआई (NRI) बिजनेसमैन डॉ. बीआर शेट्टी द्वारा प्रमोटेड हेल्थकेयर ग्रुप 'एनएमसी हेल्थ' से जुड़ा है, जो साल 2020 में अचानक ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गया था. एक स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि कंपनी के प्रबंधन ने कर्जदाताओं की आंखों में धूल झोंककर करीब 5 से 6 अरब डॉलर (लगभग 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये) का भारी कर्ज बही-खातों से पूरी तरह छिपाकर रखा था.इस बड़े वित्तीय फ्रॉड के सामने आने के बाद वैश्विक बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया और कई देशों की जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं. चूंकि बैंक ऑफ बड़ौदा इस ग्रुप को यूएई (UAE) और भारत में लोन देने वाले सबसे प्रमुख बैंकों में से एक था, इसलिए इस कानूनी पचड़े में बैंक का नाम भी घसीटा गया था.बैंक ऑफ बड़ौदा पर क्या थे आरोप और कहां जाएगा सेटलमेंट का पैसा?एनएमसी हेल्थ के दिवालिया होने के बाद कंपनी का कामकाज संभाल रहे जॉइंट एडमिनिस्ट्रेटर्स का आरोप था कि बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ की गई कुछ वित्तीय व्यवस्थाओं और क्रेडिट सुविधाओं के कारण ही एनएमसी को अपना डूबता हुआ कर्ज छिपाने में मदद मिली थी. एडमिनिस्ट्रेटर्स का दावा था कि इसी वजह से कंपनी पूरी तरह खोखली होने के बावजूद लंबे समय तक बाजार में बनी रही और लेनदारों को भारी नुकसान हुआ.पैसे का इस्तेमाल: समझौते के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा दिए जाने वाले ₹5,700 करोड़ एनएमसी की उस संपत्ति (एस्टेट) में ट्रांसफर किए जाएंगे, जिसे कोर्ट द्वारा नियुक्त एडमिनिस्ट्रेटर्स देख रहे हैं.किसे मिलेगा फायदा: इस विशाल फंड का उपयोग उन वैश्विक बैंकों, बॉन्डहोल्डर्स और कमर्शियल क्रेडिटर्स का बकाया पैसा चुकाने के लिए किया जाएगा, जिनका अरबों रुपया एनएमसी हेल्थ के डूबने की वजह से अधर में लटक गया था.बिजनेस पर नहीं पड़ेगा कोई बुरा असर, Q1 में जमा और लोन में बंपर उछालभले ही बैंक ऑफ बड़ौदा को एकमुश्त ₹5,700 करोड़ की भारी रकम चुकानी पड़ रही है, लेकिन बैंक के मुख्य बैंकिंग बिजनेस और बैलेंस शीट की सेहत पर इसका कोई खास नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा. बैंक ने अपनी ताजा वित्तीय रिपोर्ट में साफ किया है कि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में उसके कोर बिजनेस ने शानदार प्रदर्शन किया है:घरेलू जमा (Domestic Deposits): सालाना आधार पर 14.7 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 14.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.घरेलू लोन (Domestic Advances): क्रेडिट ग्रोथ में 16.1 प्रतिशत का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिसके बाद कुल लोन बुक 11.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गई है.खबर आते ही शेयर बाजार में निवेशकों ने शुरू की बिकवाली, शेयर 4% से ज्यादा टूटाबिजनेस फंडामेंटल्स मजबूत होने के बावजूद, शेयर बाजार के निवेशकों ने ₹5,700 करोड़ के अचानक आए इस तात्कालिक वित्तीय झटके को भांपते हुए मुनाफावसूली और बिकवाली का रुख अपना लिया. बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा इस मेगा सेटलमेंट की आधिकारिक घोषणा किए जाने के तुरंत बाद गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान इसके शेयरों पर भारी दबाव देखा गया. चौतरफा बिकवाली के चलते बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर (BoB Share Price) 4 प्रतिशत से अधिक की बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ. हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सालों पुराने इस कानूनी विवाद का हमेशा के लिए खत्म होना लंबी अवधि में बैंक की साख के लिए एक पॉजिटिव कदम साबित हो सकता है.
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली भारी बारिश काल बनकर टूटी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मुंबई और तटीय कोंकण क्षेत्र के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किए जाने के बीच, मायानगरी की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लग गया है.सड़कों पर समंदर जैसे हालात और मीलों लंबे ट्रैफिक जाम से ज्यादा इस वक्त मुंबई महानगरपालिका (BMC) और बिजली विभाग (महावितरण) की उस जानलेवा लापरवाही की चर्चा हो रही है, जिसने महज 24 घंटे के भीतर तीन बेकसूर जिंदगियों को लील लिया. चेंबूर, साकीनाका और मुंब्रा में हुए इन तीन अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने प्रशासन के प्री-मानसून तैयारियों के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं, जिससे महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में भी भूचाल आ गया है.चेंबूर में स्कूल बस पर गिरा भारी-भरकम पेड़, माता-पिता की इकलौती संतान की मौतमुंबई के चेंबूर इलाके के रोड नंबर 11 पर एक दिल दहला देने वाला वाकया सामने आया. तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते एक पुराना विशालकाय पेड़ अचानक जड़ से उखड़ गया. यह पेड़ सीधे वहां से गुजर रही एक स्कूल बस पर जा गिरा, जो यूनिवर्सल हाई स्कूल और तिलक नगर स्कूल के मासूम बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी. बस दबते ही बच्चों में चीख-पुकार मच गई.स्थानीय निवासियों और रेस्क्यू टीमों ने तुरंत गैस कटर मशीनों की मदद से बस के मलबे को काटकर बच्चों को बाहर निकाला. हालांकि, इस भयावह हादसे में 11 साल के मासूम बच्चे विहान श्रीवास्तव को बेहद गंभीर चोटें आईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया. विहान अपने माता-पिता की इकलौती संतान था.नेताओं के बयान और आक्रोश: इस घटना पर कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए बीएमसी के दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है. वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. रोहित पवार ने तीखे शब्दों में कहा कि हर साल होने वाले इन दिखावटी प्री-मॉनसून ट्री-ऑडिट्स (पेड़ों की छंटाई) का क्या फायदा, जब हमारे बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं? सिर्फ छोटे कर्मचारियों को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा, बड़े अधिकारियों पर भी गाज गिरनी चाहिए.साकीनाका में खुला मैनहोल बना मौत का कुआं, बिना बैरिकेड के छोड़ दिया था क्रूदूसरा सबसे दर्दनाक हादसा दोपहर करीब 12:26 बजे साकीनाका इलाके में हुआ, जिसे पूरी तरह प्रशासनिक हत्या कहा जा रहा है. यहां बीएमसी के मेंटेनेंस क्रू ने ड्रेनेज की सफाई के लिए सड़क पर बने एक भारी-भरकम मैनहोल का कवर तो हटा दिया, लेकिन काम खत्म होने या बीच में रुकने के दौरान उस खुली जगह पर कोई सेफ्टी बैरिकेड, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया.उसी वक्त 60 वर्षीय बुजुर्ग असलम इसाक शेख वहां से पैदल गुजर रहे थे और फोन पर बात कर रहे थे. मूसलाधार बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा था और उन्हें खुले मैनहोल का बिल्कुल अंदाजा नहीं हुआ. वे सीधे उस गहरे गड्ढे में जा गिरे और ड्रेनेज के तेज बहाव में लापता हो गए. करीब तीन घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दमकल विभाग ने उनकी लाश बरामद की.कार्रवाई की मांग: कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने इस घोर लापरवाही पर बीएमसी अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की एफआईआर दर्ज करने और संबंधित वार्ड ऑफिसर को तुरंत सस्पेंड करने की मांग की है.मुआवजे का ऐलान: विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए सदन में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. वहीं, मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने इसे प्रशासन की गंभीर भूल स्वीकार करते हुए पीड़ित परिवार को ₹10 लाख के मुआवजे का एलान किया है.मुंब्रा में जलभराव के बीच उतरा मौत का करंट, 17 साल की लड़की ने गंवाई जानमुंबई से सटे ठाणे के मुंब्रा इलाके में बिजली विभाग (महावितरण) की एक और बड़ी लापरवाही ने एक हंसती-खेलती 17 साल की नाबालिग लड़की की जान ले ली. मृतक लड़की के चाचा मोहम्मद चांदीवाला ने रोते हुए बताया कि भारी बारिश के दौरान उनकी भतीजी सड़क पार स्थित अपने पिता की दुकान पर जा रही थी.सड़क पर घुटनों तक पानी जमा था, जिसमें पास के बिजली के खंभे या अंडरग्राउंड केबल से करंट उतरा हुआ था. जैसे ही लड़की ने पानी में कदम रखा, उसे बिजली का एक जोरदार झटका लगा और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर गई. आस-पास के लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मुंब्रा पुलिस ने बिजली विभाग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.खारघर टोल प्लाजा पर ट्रक पलटा, दादर-सायन में कमर तक भरा पानीइस आसमानी आफत का सबसे बुरा असर मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों और लोकल रास्तों पर पड़ा है:सायन-पनवेल हाईवे ब्लॉक: खारघर टोल प्लाजा के पास भारी बारिश और कम विजिबिलिटी के कारण एक तेज रफ्तार ट्रक बीच हाईवे पर पलट गया. इस हादसे की वजह से हाईवे की तीन लेन पूरी तरह ब्लॉक हो गईं और नवी मुंबई से मुंबई आने वाले रास्ते पर मीलों लंबा ट्रैफिक जाम लग गया.दादर और सायन जलमग्न: हमेशा की तरह इस पहली बारिश में भी दादर ईस्ट और सायन का गांधी मार्केट इलाका पूरी तरह डूब गया है. यहां सड़कों पर कमर तक पानी भर जाने के कारण गाड़ियों के इंजन ठप हो गए हैं और लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो चुका है.अगले 24 घंटे भारी, प्रशासन की अपील— घरों में ही रहेंभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि मुंबई और उपनगरों में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण अगले 24 घंटों तक बारिश से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं. रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. बिगड़ते हालात को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जब तक कोई बेहद जरूरी या आपातकालीन काम न हो, तब तक वे अपने घरों से बाहर न निकलें और निचले इलाकों में जाने से पूरी तरह बचें.
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' यानी आमिर खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर देश भर में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गए हैं. पिछले काफी समय से आ रही अफवाहों और कयासों पर विराम लगाते हुए खुद आमिर खान ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि वे बहुत जल्द अपनी लॉन्ग-टाइम पार्टनर गौरी स्प्रैट (Gauri Spratt) के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. आमिर खान ने स्वयं मुहर लगाई है कि वे दोनों इसी महीने की 5 तारीख को विवाह करने वाले हैं. इस खबर के बाहर आते ही सोशल मीडिया पर उनके फैंस के बीच तहलका मच गया है और हर कोई इस शादी से जुड़े हर एक अपडेट को जानने के लिए बेहद उत्सुक है.5 जुलाई को घर पर ही होगा प्राइवेट इवेंट, आमिर ने सादगी से दिया जवाबइंटरनेट पर इस समय आमिर खान का एक बिल्कुल नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मीडिया ने जब उनसे शादी की तैयारियों को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने हमेशा की तरह बेहद सादगी और शालीनता से जवाब दिया. आमिर ने मुस्कुराते हुए पैपराजी से कहा, हाँ, शादी 5 जुलाई को है और यह एक छोटा सा पूरी तरह से प्राइवेट इवेंट है.उन्होंने आगे साझा किया कि 5 तारीख का दिन उनके जीवन में एक बहुत ही खास और ऐतिहासिक महत्व रखता है. यह शादी उनके मुंबई स्थित बांद्रा वाले पैतृक घर पर ही संपन्न होगी, जिसमें तामझाम से दूर सिर्फ दोनों परिवारों के सदस्य और कुछ चुनिंदा बेहद करीबी दोस्त ही गवाह बनेंगे. आमिर के इस डाउन-टू-अर्थ और सादगी भरे अंदाज की फैंस सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं.शादी में शामिल होंगी दोनों एक्स-वाइफ किरण और रीना, मेहमानों की लिस्ट तैयारआमिर खान की इस तीसरी शादी की सबसे अनोखी और खूबसूरत बात यह है कि इसमें उनके अतीत और वर्तमान के रिश्तों का एक बेहतरीन तालमेल देखने को मिलेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बेहद निजी घरेलू शादी में महज 150 खास मेहमानों को ही आमंत्रित किया गया है.इस गेस्ट लिस्ट की सबसे बड़ी हाइलाइट यह है कि आमिर की दोनों पूर्व पत्नियां— रीना दत्ता और किरण राव भी इस शादी में नए जोड़े को अपना आशीर्वाद देने शामिल हो सकती हैं. पिता के जीवन के इस नए और बड़े फैसले में उनके तीनों बच्चे— जुनैद खान, इरा खान और आजाद राव खान भी पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं और शादी में मौजूद रहेंगे. आमिर ने अपने सभी चाहने वालों और देश भर के फैंस से जिंदगी के इस नए सफर की शुरुआत के लिए ढेर सारा प्यार, दुआएं और शुभकामनाएं मांगी हैं.25 साल पुरानी दोस्ती ऐसे बदली प्यार में, पिछले साल किया था कबूलनामाआमिर खान और गौरी स्प्रैट की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. ये दोनों पिछले लगभग 25 सालों से एक-दूसरे के बेहद अच्छे और भरोसेमंद दोस्त रहे हैं. सालों तक दोनों के बीच सिर्फ एक सामान्य दोस्ती का रिश्ता रहा, लेकिन वक्त बदलने के साथ-साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ीं.पिछले साल मार्च 2025 में जब आमिर खान ने अपना 60वां जन्मदिन (60th Birthday) सेलिब्रेट किया था, तब उन्होंने पहली बार दुनिया के सामने गौरी स्प्रैट के लिए अपने प्यार का खुलेआम इजहार किया था. उन्होंने बताया था कि सालों पुरानी यह गहरी दोस्ती अब एक पवित्र प्यार में तब्दील हो चुकी है. एक-दूसरे को लंबे समय तक डेट करने और समझने के बाद अब इस मैच्योर कपल ने अपने रिश्ते को शादी का नाम देने का अंतिम फैसला कर लिया है.रीना से लेकर गौरी तक: कैसा रहा आमिर खान की शादियों का सफर?यह आमिर खान की जिंदगी की तीसरी और गौरी स्प्रैट की दूसरी शादी होने जा रही है. गौरी की पहली शादी से एक बेटी भी है. आइए एक नजर डालते हैं आमिर खान के अब तक के वैवाहिक सफर पर:पहली शादी (रीना दत्ता): आमिर खान ने अपने करियर के शुरुआती दौर में रीना दत्ता से शादी की थी. इस शादी से उनके दो बच्चे— जुनैद खान और ईरा खान हैं. आपसी मतभेदों के चलते साल 2002 में शादी के 16 साल बाद दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया था.दूसरी शादी (किरण राव): रीना से अलग होने के बाद आमिर की जिंदगी में फिल्ममेकर किरण राव की एंट्री हुई. साल 2005 में दोनों ने शादी रचाई, जिससे उनका एक बेटा आजाद राव खान है. साल 2021 में इस कपल ने भी बेहद आपसी समझदारी के साथ एक-दूसरे से अलग होने की घोषणा कर दी थी, हालांकि दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: अविनाश शुक्ला पुलिस रिमांड पर, पूछताछ से हो सकते हैं बड़े खुलासे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अविनाश शुक्ला को 13 घंटे की पुलिस रिमांड मिली। पुलिस को पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद, वहीं SIT ने ट्रस्ट पदाधिकारियों से छह घंटे तक पूछताछ की।
Electric Scooter : बरसात में अपने EV scooter का कैसे रखें ध्यान, जानिए 5 iMP टिप्स
मानसून का मौसम भीषण गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) चलाने वालों के लिए यह अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय भी होता है। मानसून के दौरान सही रखरखाव करने से न केवल बैटरी की उम्र बढ़ती है, बल्कि बेहतर रेंज, सुरक्षित ...
यूपी-दिल्ली समेत 15 राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट, तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी
IMD ने यूपी, दिल्ली, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। जानिए किन राज्यों में कब और कितना असर दिखाएगा मॉनसून।
आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Women's T20 World Cup 2026) के खिताबी मुकाबले की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो चुकी है. केनिंग्टन ओवल के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए साउथ अफ्रीका को 40 रनों से धूल चटा दी. इस जीत के साथ ही इंग्लिश टीम ने पांचवीं बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में एंट्री मारी है.अब रविवार, 5 जुलाई 2026 को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले 'लॉर्ड्स' के मैदान पर एक महामुकाबला देखने को मिलेगा. खिताबी जंग में इंग्लैंड का सामना 6 बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से होगा. यह मैच भारतीय समयानुसार रात 8:00 बजे से लाइव खेला जाएगा, जिसके बेहद रोमांचक और कांटेदार होने की उम्मीद है.6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया बनाम 1 बार की विजेता इंग्लैंडविमेंस क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा एकतरफा रहा है. कंगारू टीम ने अब तक सबसे ज्यादा 6 बार (साल 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023) टी20 वर्ल्ड कप की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की है. वहीं दूसरी ओर, मेजबान इंग्लैंड ने सिर्फ एक बार साल 2009 में (टूर्नामेंट के पहले सीजन में) यह खिताब जीता था. इनके अलावा वेस्टइंडीज (2016) और न्यूजीलैंड (2024) भी 1-1 बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को चूम चुके हैं.साइवर-ब्रंट और हीथर नाइट की रिकॉर्ड 133 रनों की पार्टनरशिपइससे पहले, दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर इंग्लैंड को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. इंग्लिश टीम की शुरुआत बेहद खराब और झकझोरने वाली रही. ओपनर एमी जोन्स (2 रन) को शबनम इस्माइल ने जल्दी चलता किया, जबकि डैनी व्याट (12 रन) को मारिजाने कैप ने पवेलियन भेजा. एलिसा कैप्सी भी महज 1 रन बनाकर आउट हो गईं.सिर्फ 23 रन पर 3 विकेट गंवाकर इंग्लैंड की टीम गहरे संकट में नजर आ रही थी. इसके बाद क्रीज पर उतरीं उप-कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और कप्तान हीथर नाइट ने मोर्चा संभाला. दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने सूझबूझ से खेलते हुए चौथे विकेट के लिए महज 90 गेंदों में 133 रनों की रिकॉर्ड तोड़ मैच जिताऊ साझेदारी की.हीथर नाइट: 47 गेंदों में 6 चौके और 1 छक्के की मदद से 58 रन बनाए.नेट साइवर-ब्रंट: 47 गेंदों में 11 चौके और 1 छक्के की बारिश करते हुए 75 रनों की तूफानी पारी खेली.इन दोनों पारियों के दम पर इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 169 रनों का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया. साउथ अफ्रीका की ओर से अनुभवी तेज गेंदबाज शबनम इस्माइल ने 31 रन देकर 2 विकेट और स्पिनर नॉनकुलुलेको म्लाबा ने 25 रन देकर 2 विकेट झटके.170 के लक्ष्य के आगे ढेर हुई प्रोटियाज टीम, नेट साइवर के आगे बेअसर रही कैप170 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका विमेंस टीम को कप्तान लौरा वोल्वार्ट (17 रन) और ताजमिन ब्रिट्स ने सधी हुई शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए 43 रन जोड़े. लेकिन वोल्वार्ट के आउट होते ही साउथ अफ्रीका की पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई.शानदार फॉर्म में चल रही धाकड़ ऑलराउंडर मारिजाने कैप सेमीफाइनल के बड़े मंच पर फ्लॉप रहीं और महज 5 रन बनाकर चार्ली डीन की गेंद पर कैच आउट हो गईं. एनेरी डर्कसेन (3 रन) और सुने लुस (11 रन) भी कुछ खास नहीं कर सकीं. क्लो ट्रायोन को 12 रन के निजी स्कोर पर स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन ने क्लीन बोल्ड कर साउथ अफ्रीका की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया.ओपनर ताजमिन ब्रिट्स ने एक छोर संभाले रखते हुए 45 गेंदों में 51 रनों की दमदार अर्धशतकीय पारी जरूर खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला. अंत में नादिन डी क्लर्क 14 रन बनाकर नाबाद रहीं, लेकिन वे टीम को जीत की दहलीज पार नहीं करा सकीं और साउथ अफ्रीका की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 129 रन ही बना सकी.इंग्लैंड की धारदार गेंदबाजी में लॉरेन बेल ने 28 रन देकर 2 विकेट और चार्ली डीन ने 31 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए, जबकि फ्रेया केम्प और लिन्से स्मिथ को 1-1 सफलता मिली.
आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारों से सजी साल की सबसे बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'अल्फा' (Alpha) आज यानी शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में आधिकारिक तौर पर रिलीज हो गई है. फिल्म की रिलीज से ठीक दो दिन पहले यानी बुधवार को इसकी एडवांस बुकिंग (Advance Bookings) की खिड़की खोली गई थी. टिकटों की बिक्री शुरू होते ही दर्शकों में इस फिल्म को लेकर भारी क्रेज देखा जा रहा है, और शुरुआती ट्रेड अनुमानों के मुताबिक यह एक्शन-एंटरटेनर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बेहद दमदार और रिकॉर्ड तोड़ शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है.एडवांस बुकिंग में बटोरे ₹1.75 करोड़, पहले दिन ₹5 करोड़ पार का अनुमानमशहूर ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने मीडिया से बातचीत में फिल्म की कमाई के शुरुआती आंकड़े साझा किए हैं. उन्होंने बताया कि 'अल्फा' ने रिलीज से पहले केवल एडवांस बुकिंग के जरिए ही 1.75 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर लिया है.रमेश बाला ने आगे अनुमान जताते हुए कहा, फिल्म के हाइप और स्टारकास्ट की तगड़ी फैन फॉलोइंग को देखते हुए यह साफ है कि ओपनिंग डे (पहले दिन) पर यह फिल्म आसानी से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का आंकड़ा पार कर जाएगी. इसके बाद अगर फिल्म की कहानी दर्शकों को पसंद आती है और पॉजिटिव माउथ पब्लिसिटी मिलती है, तो यह अपने पहले वीकेंड (शुरुआती 3 दिनों) में करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक का बिजनेस कर सकती है.बॉक्स ऑफिस पर हुमा कुरैशी की फिल्म से भिड़ंत, रमेश बाला ने दी अपनी रायसिनेमाघरों में 'अल्फा' की सीधी टक्कर बॉलीवुड की एक और टैलेंटेड एक्ट्रेस हुमा कुरैशी की फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ (Baby Do Die Do) के साथ होने जा रही है. बॉक्स ऑफिस पर होने वाले इस दिलचस्प क्लैश पर राय रखते हुए ट्रेड पंडित रमेश बाला ने कहा, 'अल्फा' की राह में इस मुकाबले से कोई बड़ी समस्या खड़ी नहीं होने वाली है. इसकी वजह यह है कि दोनों ही फिल्में बहुत अलग जॉनर (विधा) की हैं और दोनों का टारगेट ऑडियंस (दर्शक वर्ग) पूरी तरह से अलग है.हुमा कुरैशी का बेबाक बयान: सिर्फ लड़कों की फिल्मों में ही क्लैश क्यों हो?फिल्म 'बेबी डू डाई डू' और 'अल्फा' के एक ही दिन रिलीज होने को लेकर जब मीडिया ने हुमा कुरैशी से सवाल किया कि क्या वे इसे फीमेल फॉरवर्ड फ्राइडे (महिलाओं को प्राथमिकता देने वाला शुक्रवार) के रूप में देखती हैं, तो उन्होंने बेहद बेबाकी और सकारात्मकता से इसका जवाब दिया. हुमा ने कहा, मुझे लगता है कि सिनेमा में महिला-केंद्रित कंटेंट (Female-led Content) के लिए यह एक बहुत ही शानदार और ऐतिहासिक समय है.उन्होंने आगे कहा, इंडस्ट्री में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि एक ही फ्राइडे को दो बड़ी फिल्में टकराती हैं और दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं. तो फिर ऐसा क्यों सोचा जाए कि सिर्फ लड़कों (मेल स्टार्स) पर केंद्रित फिल्मों के बीच ही महा-मुकाबला हो सकता है? महिलाओं की फिल्मों में भी यह रेस होनी चाहिए. हालांकि, हमारी फिल्म काफी छोटी है और इसे पूरी तरह से इंडिपेंडेंट (स्वतंत्र) तरीके से बनाया गया है, इसलिए बड़े बजट की फिल्म के बीच हमें बस दर्शकों के दिलों में थोड़ी सी जगह की तलाश है.वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला प्रधान फिल्म: क्यों है खास?ये दोनों फिल्में बजट और स्केल के मामले में एक-दूसरे से जमीन-आसमान जितनी अलग हैं. एक तरफ जहाँ हुमा कुरैशी की 'बेबी डू डाई डू' हाल ही में शुरू हुए 'सलीम सिब्लिंग्स' बैनर के तहत बनी एक छोटे बजट की स्वतंत्र फिल्म है, वहीं दूसरी तरफ 'अल्फा' देश के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस यश राज फिल्म्स (YRF) का एक मेगा-बजट प्रोजेक्ट है.'अल्फा' की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आदित्य चोपड़ा के ब्लॉकबस्टर 'YRF स्पाई यूनिवर्स' (जिसमें पठान, टाइगर और वॉर जैसी फिल्में शामिल हैं) की पहली पूरी तरह से महिला-प्रधान (Female-led) स्पाई फिल्म है. आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की मुख्य भूमिकाओं वाली यह हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म इस साल स्टूडियो की सबसे बड़ी और खास रिलीज में से एक मानी जा रही है, जिस पर पूरे देश के सिनेमा प्रेमियों की निगाहें टिकी हैं.
ग्लोबल टेक दिग्गज गूगल (Google) इस साल स्मार्टफोन मार्केट में एक बहुत बड़ा धमाका करने के लिए तैयार है. टेक गलियारों में चल रही चर्चाओं और ताजा लीक्स के मुताबिक, गूगल अपनी फ्लैगशिप Google Pixel 11 सीरीज को जल्द ही वैश्विक मंच पर पेश कर सकता है. इस नई प्रीमियम लाइनअप में चार शानदार स्मार्टफोन— Pixel 11, Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और फोल्डेबल सेगमेंट में Pixel 11 Pro Fold शामिल हो सकते हैं. हालांकि, गूगल ने हमेशा की तरह अभी तक इन स्मार्टफोन्स के आधिकारिक लॉन्च या तारीख की पुष्टि नहीं की है, लेकिन 'Made by Google' इवेंट के पुराने इतिहास को देखें तो यह सीरीज अगस्त के मध्य तक लॉन्च हो सकती है. आइए जानते हैं कि इस बार पिक्सेल सीरीज में क्या कुछ क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं.TSMC के 2nm प्रोसेसर से लैस होगा 'Tensor G6' चिपसेटमशहूर टिपस्टर 'Mystic Leaks' और टेक रिपोर्ट्स के अनुसार, Google Pixel 11 सीरीज में गूगल का अब तक का सबसे एडवांस और इन-हाउस Tensor G6 प्रोसेसर देखने को मिलेगा. स्मार्टफोन इंडस्ट्री में यह एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है क्योंकि इस चिपसेट को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित चिप निर्माता कंपनी TSMC की अत्याधुनिक 2nm (नैनोमीटर) प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर डिजाइन किया जा रहा है.इस छोटे और बेहद पावरफुल 2nm आर्किटेक्चर की बदौलत फोन की परफॉर्मेंस कई गुना बढ़ जाएगी. इसे मुख्य रूप से भारी-भरकम ऑन-डिवाइस AI वर्कलोड (Gemini AI फीचर्स), बेहतर बैटरी बैकअप और फोन को गर्म होने से बचाने के लिए एडवांस थर्मल मैनेजमेंट पर फोकस करते हुए ट्यून किया गया है. इसके अलावा, बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए इस बार सैमसंग की जगह MediaTek M90 मॉडम का इस्तेमाल किया जा सकता है.'टिटैनियम मोचा' लुक और चौकोर बॉक्सी डिजाइन की एंट्रीअगर लुक और फील की बात करें तो Google Pixel 11 का डिजाइन इस बार काफी प्रीमियम होने वाला है. कई लीक रेंडर्स से संकेत मिले हैं कि इस बार पिक्सेल का ओवरऑल बॉडी लुक पहले से ज्यादा चौकोर (Boxier) और फ्लैट होगा, जो इसे एक क्लासिक और मॉडर्न ग्रिप देगा.इस साल का सबसे बड़ा हाइलाइट इसका नया एक्सक्लूसिव कलर वेरिएंट 'Titanium Mocha' हो सकता है. टिपस्टर्स का मानना है कि एप्पल और सैमसंग की राह पर चलते हुए गूगल भी इस बार प्रो मॉडल्स में एल्युमीनियम की जगह टिटैनियम बॉडी (Titanium Build) दे सकता है. इस आकर्षक कलर के अलावा फोन Titanium Cloud, Charcoal Grey और Mist Blue जैसे स्टाइलिश रंगों में भी मार्केट में उतारा जा सकता है. फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स के साथ एक बड़ी फ्लैट स्क्रीन देखने को मिलेगी.3100 निट्स की ब्राइटनेस और दमदार 5000mAh बैटरीडिस्प्ले: लीक्स की मानें तो स्टैंडर्ड Google Pixel 11 में 6.3-इंच का स्मूथ OLED पैनल दिया जाएगा, जो 120Hz के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा. आउटडोर विजिबिलिटी को बेहतरीन बनाने के लिए इसमें 3100 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलने की उम्मीद है, जिससे तेज धूप में भी स्क्रीन बिल्कुल साफ दिखेगी. (प्रो मॉडल्स में यह ब्राइटनेस 3600 निट्स तक जा सकती है).रैम और स्टोरेज: फोन को मल्टीटास्किंग में सुपरफास्ट बनाने के लिए इसे 8GB और 12GB रैम ऑप्शंस के साथ पेश किया जा सकता है. वहीं बेस स्टोरेज 128GB या सीधे 256GB से शुरू हो सकती है.बैटरी और चार्जिंग: लंबे बैकअप के लिए इस स्मार्टफोन में 5,000mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो 30W की वायर्ड फास्ट चार्जिंग और नए Qi2 वायरलेस चार्जिंग स्टैंडर्ड को सपोर्ट करेगी.प्रो-लेवल ट्रिपल कैमरा सेटअप और ऑन-डिवाइस AI वीडियोगूगल के पिक्सेल फोन हमेशा से अपनी बेहतरीन फोटोग्राफी के लिए जाने जाते हैं. Pixel 11 में इस बार एक शानदार ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप (Triple Camera Setup) देखने को मिल सकता है:प्राइमरी कैमरा: 50MP का मुख्य सेंसर, जो लो-लाइट में बेहतरीन तस्वीरें खींचेगा.अल्ट्रा-वाइड कैमरा: 48MP का लेंस, जो वाइड-एंगल शॉट्स के लिए होगा.टेलीफोटो कैमरा: 12MP का सेंसर (कुछ लीक्स में 5x ऑप्टिकल ज़ूम वाला 10.8MP सेंसर भी बताया गया है).सेल्फी के शौकीनों के लिए फ्रंट में 12MP से लेकर 32MP तक का दमदार पंच-होल कैमरा मिल सकता है. सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर यह फोन Android 17 आउट ऑफ द बॉक्स पर चलेगा. इसमें 'Ultra-low-light' ऑन-डिवाइस वीडियो मोड, 4K सिनेमैटिक ब्लर और एआई वीडियो रीलाइटिंग जैसे जादुई फीचर्स मिलेंगे, जिसके लिए क्लाउड सर्वर पर डेटा भेजने की जरूरत नहीं होगी.भारत में क्या होगी Google Pixel 11 की अनुमानित कीमत?गूगल ने अभी तक कीमत को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में इसकी शुरुआती कीमत $799 के आसपास रहने का अनुमान है. भारतीय बाजार (Indian Smartphone Market) के टैक्स स्ट्रक्चर और हाल ही में रैम की कीमतों में हुई वैश्विक बढ़ोतरी को देखते हुए, भारत में स्टैंडर्ड Google Pixel 11 की अनुमानित कीमत ₹79,990 से ₹84,999 के बीच तय हो सकती है.महत्वपूर्ण नोट: ध्यान रहे कि ऊपर दी गई सभी जानकारियां और स्पेसिफिकेशन्स पूरी तरह से इंटरनेट पर मौजूद लीक्स और टेक एक्सपर्ट्स के दावों पर आधारित हैं. फोन के वास्तविक फीचर्स और कीमत में लॉन्च के समय बदलाव संभव है, इसलिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना ही सबसे सही होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने खुशी जताई है और कहा कि न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण देश है।
यदि आप भी अपनी थकान मिटाने, वर्कआउट से पहले या दिनभर खुद को एक्टिव रखने के लिए रेड बुल या स्टिंग जैसी तथाकथित एनर्जी ड्रिंक्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश के छह सबसे बड़े और लोकप्रिय बेवरेज (पेय पदार्थ) ब्रांड्स को एनर्जी ड्रिंक शब्द का अवैध इस्तेमाल करने और कथित तौर पर उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले भ्रामक दावे करने के आरोप में कड़ा कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. देश के सर्वोच्च फूड रेगुलेटर के मुताबिक, भारतीय खाद्य नियमों के तहत अभी तक एनर्जी ड्रिंक नाम की किसी भी आधिकारिक कैटेगरी या प्रोडक्ट का कोई मानक (Standard) तय ही नहीं किया गया है.सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर रेगुलेटर द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, FSSAI ने खुद को 'एनर्जी ड्रिंक' बताने वाले कई नामी बेवरेज ब्रांड्स को गलत ब्रांडिंग (Misbranding) और विज्ञापनों में गुमराह करने वाले बड़े-बड़े दावों के लिए नोटिस जारी कर सख्त जवाब मांगा है.रेड बुल से लेकर स्टिंग और कैम्पा तक, इन दिग्गजों पर गिरी गाजFSSAI की रडार पर आए इन ब्रांड्स की लिस्ट में ग्लोबल मार्केट से लेकर भारतीय बाजार के कई बड़े नाम शामिल हैं. रेगुलेटर ने जिन छह प्रमुख ब्रांड्स को नोटिस थमाया है, वे निम्नलिखित हैं:Red Bull (रेड बुल)Sting (स्टिंग)Monster (मॉन्स्टर)Campa Energy (कैम्पा एनर्जी)Hell Energy (हेल एनर्जी)Adrenaline Rush / Gold Boost (एड्रेनालाईन रश और गोल्ड बूस्ट)फूड सेफ्टी अथॉरिटी का सीधा आरोप है कि ये सभी कंपनियां अपने-अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विज्ञापनों के जरिए आम ग्राहकों को गुमराह कर रही हैं. हालांकि, नोटिस जारी होने के बाद इन मल्टीनेशनल और डोमेस्टिक कंपनियों की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या सफाई सामने नहीं आई है.FSSAI ने क्यों की यह कार्रवाई? समझिए नियमों का खेलFSSAI ने नोटिस जारी करने के पीछे मुख्य कानूनी और तकनीकी वजह स्पष्ट की है. रेगुलेटर का कहना है कि भारत के खाद्य सुरक्षा नियमों (Food Safety Rules) में 'Energy Drink' नाम की कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी है ही नहीं. वर्तमान में जो 'फूड कैटेगरी सिस्टम' मौजूद है, वह केवल सरकार और रेगुलेटर के प्रशासनिक वर्गीकरण (Administrative Classification) के लिए बनाया गया है. कंपनियां इस प्रशासनिक शब्द को अपने फायदे के लिए प्रोडक्ट का नाम या मार्केटिंग टर्म (विपणन शब्द) बनाकर बाजार में नहीं बेच सकतीं. ऐसा करना पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन और अवैध माना जाएगा.दिमाग तेज करना और कमजोरी दूर करना जैसे दावों पर पूरी तरह रोकविज्ञापनों में दिखाए जाने वाले चमत्कारी दावों पर FSSAI ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. रेगुलेटर ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी सामान्य खाद्य या पेय उत्पाद (Food Products) पर ऐसे दावे कतई नहीं किए जा सकते जो सीधे तौर पर शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली या दवाइयों से जुड़े हों (Functional or Therapeutic Claims).FSSAI के अनुसार, कंपनियों द्वारा डिब्बों और बोतलों पर लिखे जाने वाले निम्नलिखित दावे पूरी तरह से गैर-कानूनी और भ्रामक हैं:“शरीर और दिमाग को तुरंत मजबूत करना”“फोकस और ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ाना”“एनर्जी लेवल को रॉकेट की तरह बढ़ाना”“शारीरिक कमजोरी और थकान को पल भर में दूर करना”रेगुलेटर ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों पर इस तरह के बड़े दावे करना 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' (FSS Act 2006) और उसके तहत बनाए गए कड़े नियमों के खिलाफ है, क्योंकि इनके पीछे कोई ठोस वैज्ञानिक या मेडिकल आधार नहीं होता.एक्शन मोड में रेगुलेटर: ग्राहकों की शिकायतों पर हो रही है सीधी कार्रवाईपिछले कुछ महीनों में FSSAI ने बाजार में बिकने वाले नकली, मिलावटी और भ्रामक विज्ञापनों वाले फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBOs) के खिलाफ अपनी कार्रवाई को काफी ज्यादा तेज कर दिया है. रेगुलेटर अब न सिर्फ खुद जांच कर रहा है, बल्कि आम ग्राहकों से नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन या सोशल मीडिया पर मिलने वाली शिकायतों (Complaints) के आधार पर भी त्वरित एक्शन ले रहा है. ग्राहकों के बीच फूड सेफ्टी और रेगुलेटरी नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ही विभाग अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी खुलकर साझा कर रहा है ताकि जनता जागरूक हो सके.
भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में 'गुरु पूर्णिमा' का दिन एक बेहद पवित्र और ऐतिहासिक महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर देश भर में ज्ञान के प्रदाता गुरुओं, शिक्षकों और माता-पिता के प्रति कृतज्ञता जाहिर करने के लिए विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की धूम रहती है. हिंदू शास्त्रों में गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर (गोविंद से भी ऊंचा) माना गया है, क्योंकि गुरु ही वह मार्गदर्शक है जो अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर हमें सत्य, सदाचार और सही-गलत का बोध कराता है. आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह उत्सव सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवन में सही राह दिखाने वाले हर उस मार्गदर्शक के प्रति आभार व्यक्त करने का महा-संस्कार है.कब है गुरु पूर्णिमा 2026? उदया तिथि के अनुसार नोट करें सही तारीखपंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि का शुभारंभ 28 जुलाई 2026 को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होने जा रहा है. यह तिथि अगले दिन 29 जुलाई 2026 को रात 8 बजकर 05 मिनट पर समाप्त होगी. सनातन धर्म की परंपरा के मुताबिक, चूंकि सूर्योदय कालीन तिथि यानी उदया तिथि को ही त्योहार मनाने का नियम है, इसलिए देश भर में गुरु पूर्णिमा का महापर्व बुधवार, 29 जुलाई 2026 को ही पूरी श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा.ज्योतिषी से जानिए गुरु पूर्णिमा की सटीक और सरल पूजा विधिऋषिकेश के प्रसिद्ध ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के मुताबिक, गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह के समय कुछ विशेष नियमों का पालन करने से जीवन में ज्ञान और सुख-समृद्धि का विस्तार होता है:ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: इस पवित्र दिन पर सुबह सूर्योदय से पहले जल्दी उठें. घर की साफ-सफाई करने के बाद पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें और स्वच्छ, हल्के रंग के (अधिमानतः पीले या सफेद) वस्त्र धारण करें.ध्यान और पूजन: घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें. इसके बाद अपने गुरु (या जिन्हें आप गुरु मानते हैं) की तस्वीर के सम्मुख बैठकर उनका ध्यान करें. यदि गुरु साक्षात उपस्थित हैं, तो उनके चरण पखारें, तिलक लगाएं और पैर छूकर उनका परम आशीर्वाद लें.संकल्प और दान: इस पावन दिन पर अपने गुरु द्वारा दिए गए मूल मंत्रों का जाप करें और उनके बताए गए सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लें. पूजा के बाद सामर्थ्य अनुसार गरीबों या ब्राह्मणों को दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.दिखावा नहीं, श्रद्धा की दें भेंट: गुरु को गिफ्ट करने के लिए बेस्ट ऑप्शंसशास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि गुरु दक्षिणा या उपहार में मूल्य से ज्यादा साधक का भाव और समर्पण मायने रखता है. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप अपने गुरुदेव को पूर्ण सम्मान के साथ निम्नलिखित चीजें भेंट कर सकते हैं:ज्ञान के प्रतीक: आप अपने गुरु को कोई अच्छी ज्ञानवर्धक किताबें, आध्यात्मिक या धार्मिक ग्रंथ और एक सुंदर पेन (कलम) या डायरी उपहार में दे सकते हैं.पारंपरिक वस्तुएं: साफ-सुथरे नए वस्त्र (जैसे शॉल या धोती-कुर्ता), मौसमी फल और शुद्ध देसी घी से बनी मिठाइयां भेंट करना भी बहुत शुभ माना जाता है.प्रकृति की भेंट: आज के आधुनिक दौर में ज्ञान और निरंतर तरक्की के प्रतीक के रूप में अपने गुरु को एक सुंदर इंडोर या औषधीय पौधा (जैसे तुलसी या मनी प्लांट) गिफ्ट करना एक बेहतरीन और सकारात्मक विचार है.भूलकर भी न करें ये गलतियां, लग सकता है गुरु दोषगुरु पूर्णिमा के इस परम पवित्र दिन पर कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि अनजाने में भी आपसे कोई भूल न हो. इस दिन किसी भी हाल में अपने गुरु, शिक्षकों या बुजुर्गों का अनादर या अपमान नहीं करना चाहिए. यदि किसी विषय पर आपका अपने गुरु से मतभेद या वैचारिक अंतर भी हो, तब भी इस विशेष दिन पर उनके सामने पूरी विनम्रता और संयम बनाए रखें.यदि आपके जीवन में वर्तमान में कोई प्रत्यक्ष गुरु नहीं हैं, तो शास्त्रों के अनुसार आप भगवान शिव (आदिगुरु), भगवान कृष्ण (जगतगुरु) या फिर अपने जन्मदाता माता-पिता और पहले शिक्षकों को ही अपना परम गुरु मानकर उनके प्रति अपनी पूरी कृतज्ञता और आदर भाव जाहिर कर सकते हैं.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से उड़ान भरने का इंतजार कर रहे यात्रियों और दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए एक बेहद शानदार खुशखबरी सामने आई है. एयरपोर्ट आने-जाने वाले मुसाफिरों को अब महंगे कैब कप्तानों या निजी गाड़ियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने कनेक्टिविटी को सुपरफास्ट बनाने के लिए कमर कस ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार एयरपोर्ट को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के सभी प्रमुख इलाकों से सीधे जोड़ने के लिए एक धमाकेदार और नियमित सरकारी बस सेवा शुरू करने जा रही है. इस शानदार पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्लान का सीधा मकसद सफर को सस्ता, सुरक्षित और बेहद सुगम बनाना है, जिसके तहत दिनभर तय टाइमिंग पर बसें फर्राटा भरेंगी.सुबह 6 बजे से मिलेगी धड़ाधड़ सर्विस, हर 15 मिनट में मिलेगी बसयूपीएसआरटीसी (UPSRTC) के आला अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट के लिए विशेष बस सेवाएं रोज सुबह 6:00 बजे से ही पूरी क्षमता के साथ शुरू हो जाएंगी. वहीं, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल से अलग-अलग रूटों के लिए आखिरी बस रात को 11:30 बजे रवाना होगी. पैसेंजर्स के बढ़ते लोड को देखते हुए तेल और समय की बचत के साथ बसें हर 15 से 30 मिनट के अंतराल पर स्टैंड से उपलब्ध रहेंगी. हालांकि, नोएडा से एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि वहां से जेवर के लिए आखिरी बस रात को ठीक 8:00 बजे मिलेगी.नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मोहन नगर के 3 सबसे बड़े रूट्स की गाइडयात्रियों की सहूलियत के लिए परिवहन निगम ने तीन सबसे बड़े और व्यस्त रूट्स का खाका तैयार किया है, जहां से सबसे ज्यादा पैसेंजर्स के आने की उम्मीद है:नोएडा रूट: यह बस सर्विस नोएडा के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट हब सेक्टर-37 (बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन) से शुरू होगी. यहां से बैठकर सवारी सीधे परी चौक और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते होते हुए जेवर एयरपोर्ट पहुंचेगी.ग्रेटर नोएडा रूट: ग्रेटर नोएडा और नोएडा एक्सटेंशन से चलने वाली बसें इकोटेक-16, गौर सिटी, चार मूर्ति चौराहा, सूरजपुर और परी चौक को कवर करते हुए सीधे एयरपोर्ट के भीतर एंट्री लेंगी.गाजियाबाद (मोहन नगर) रूट: गाजियाबाद या मोहन नगर की तरफ से सफर शुरू करने वाले यात्री लालकुआं, चार मूर्ति, सूरजपुर, परी चौक, दनकौर और रबूपुरा के रास्ते आसानी से एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे.इसके अलावा, यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के मुख्य रिहायशी सेक्टरों और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी (GNU) कैंपस से भी छात्रों और नागरिकों के लिए डायरेक्ट बसें चलाई जाएंगी.डबल-डेकर बसों का बढ़ा रूट और 100+ इलेक्ट्रिक बसों का अभेद्य जालइस पूरे ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान में सबसे बड़ा और दिलचस्प बदलाव डबल-डेकर बसों को लेकर किया गया है. UPSRTC ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक से एयरपोर्ट के बीच चलने वाली दो आलीशान डबल-डेकर बसों के रूट को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है. इस बढ़े हुए नेटवर्क की वजह से अब ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के प्रमुख इलाके जैसे गौर सिटी, इकोटेक-16, खैरपुर और ग्रेटर नोएडा यूनिवर्सिटी भी सीधे तौर पर जेवर एयरपोर्ट से कनेक्ट हो गए हैं.अधिकारियों ने बताया कि इस रूट पर पहले से ही 100 से ज्यादा मॉडर्न इलेक्ट्रिक बसें सफलतापूर्वक चल रही हैं. इसके साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों को फ्लाइट छूटने के डर से बचाने के लिए हर 15 मिनट में टर्मिनल तक ड्रॉप करने वाली एक प्रीमियम और स्पेशल शटल सर्विस भी लाइव कर दी है. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले एक बार अपने नजदीकी डिपो या ऑनलाइन माध्यम से रूट और टाइमिंग जरूर री-चेक कर लें.
भागदौड़ भरी जिंदगी और प्लानिंग के झंझट से दूर, अगर आप अपने घर के बुजुर्गों को देश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सैर कराना चाहते हैं, तो इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) एक शानदार मौका लेकर आया है. आईआरसीटीसी के 'भारत गौरव टूर पैकेजेस 2026' (Bharat Gaurav Tour Packages 2026) के तहत सीनियर सिटीजंस के लिए पूरी तरह सुरक्षित, आरामदायक और ऑल-इंक्लूसिव ट्रैवल की व्यवस्था की गई है. इस पैकेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको ट्रेन टिकट, होटल, खाना-पीना और गाइड के लिए अलग से एक रुपया भी खर्च नहीं करना पड़ता. आइए जानते हैं कि इस पैकेज में क्या कुछ खास सुविधाएं मिल रही हैं और इसके मुख्य रूट्स कौन से हैं.क्या होता है IRCTC का 'भारत गौरव' टूर पैकेज?IRCTC की भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन पैकेजेस असल में 'ऑल-इन-वन' ट्रैवल डील्स होते हैं. इसमें सिर्फ कंफर्म ट्रेन टिकट ही नहीं मिलता, बल्कि आपकी पूरी जर्नी को आईआरसीटीसी खुद मैनेज करता है. पैकेज के तहत डेस्टिनेशन पर पहुंचने के बाद 2 या 3 स्टार होटलों या बेहतरीन गेस्ट हाउस में रुकने की व्यवस्था, तीनों समय का शुद्ध शाकाहारी खाना, लोकल साइटसीइंग के लिए एसी/नॉन-एसी बसों का इंतजाम और पूरी ट्रिप के दौरान एक प्रोफेशनल टूर गाइड की सुविधा दी जाती है. बुजुर्गों को किसी भी शहर में जाकर होटल खोजने या ऑटो वालों से मोलभाव करने की टेंशन नहीं होती, जिससे उनका सफर बेहद सुगम हो जाता है.2026 के 4 सबसे बड़े धार्मिक रूट्स, जहां करा सकते हैं दर्शनसाल 2026 में आईआरसीटीसी देश के अलग-अलग राज्यों और रेलवे स्टेशनों से कई बड़े धार्मिक पैकेजेस ऑपरेट कर रहा है, जिनमें मुख्य रूप से ये 4 रूट्स सबसे ज्यादा डिमांड में हैं:चार धाम यात्रा रूट: इस पैकेज के तहत उत्तराखंड के चार सबसे पवित्र धामों— यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन कराए जाते हैं. यह यात्रा आमतौर पर दिल्ली या हरिद्वार से शुरू होती है. इसमें ट्रेन के साथ-साथ पहाड़ी रास्तों के लिए सुरक्षित बस ट्रांसफर और मेडिकल टीम साथ चलती है.7 ज्योतिर्लिंग दर्शन रूट: शिव भक्तों के लिए यह सबसे लोकप्रिय रूट है. लगभग 10 से 12 दिनों के इस लंबे टूर में महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, सोमनाथ, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर और नागेश्वर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराए जाते हैं.काशी-अयोध्या-प्रयागराज टूर: उत्तर भारत के सांस्कृतिक केंद्रों को समेटे हुए इस रूट में वाराणसी की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती, अयोध्या में भव्य राम मंदिर के दर्शन और प्रयागराज में त्रिवेणी संगम स्नान का अलौकिक अनुभव एक साथ मिलता है.दक्षिण भारत तीर्थ यात्रा रूट: 9 से 11 दिनों के इस सांस्कृतिक टूर में तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, मदुरै और कन्याकुमारी जैसे ऐतिहासिक मंदिरों और खूबसूरत समुद्र तटों की सैर कराई जाती है.कितना आता है खर्च? देखें बजट और सुविधाएंभारत गौरव ट्रेनों में हर वर्ग के बजट का ध्यान रखते हुए तीन अलग-अलग श्रेणियों (Classes) के तहत बुकिंग की सुविधा दी जाती है. इन पैकेजेस का किराया पूरी तरह फिक्स होता है:यात्रा की श्रेणी (Class)अनुमानित किराया (प्रति व्यक्ति)पैकेज में शामिल सुविधाएंस्लीपर क्लास (Sleeper)₹15,000 से ₹30,000ट्रेन सफर, नॉन-एसी होटल, शाकाहारी भोजन, बस ट्रांसफरथर्ड एसी (3AC)₹25,000 से ₹45,000एसी ट्रेन सफर, अच्छे होटल (Standard), शाकाहारी भोजन, एसी बससेकंड एसी (2AC)₹35,000 से ₹60,000+प्रीमियम एसी सफर, 3-स्टार होटल स्टे, बेहतरीन भोजन और वीआईपी दर्शनघर जैसा खाना और वीआईपी रुकने की व्यवस्थाबुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखते हुए पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन की पैंट्री कार और होटलों में केवल 100% शुद्ध शाकाहारी भोजन ही परोसा जाता है. इसमें सुबह का गरमा-गरम नाश्ता, दोपहर और रात का संतुलित खाना और शाम की चाय-स्नैक्स शामिल होते हैं. भोजन को कम तेल-मसालों के साथ साफ-सफाई से पकाया जाता है ताकि यह आसानी से पच सके. कुछ खास जगहों पर यात्रियों को वहां का प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजन भी चखाया जाता है. ठहरने के लिए जिन होटलों का चयन किया जाता है, वे मुख्य मंदिरों या टूरिस्ट स्पॉट्स के काफी नजदीक होते हैं, जिससे बुजुर्गों को ज्यादा पैदल न चलना पड़े.CCTV सुरक्षा और ऑन-बोर्ड मेडिकल टीम का पहराभारत गौरव स्पेशल ट्रेनों को आधुनिक सुरक्षा मानकों के तहत तैयार किया गया है. सभी कोचों में सुरक्षा के लिहाज से CCTV कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा गार्ड्स तैनात रहते हैं. ट्रेन के भीतर एक डेडिकेटेड टूर मैनेजर और डॉक्टरों की एक विशेष मेडिकल सहायता टीम हमेशा मौजूद रहती है. यदि सफर के दौरान किसी भी बुजुर्ग की तबीयत खराब होती है, तो उन्हें तुरंत ऑन-बोर्ड इलाज और दवाइयां दी जाती हैं. कुछ प्रीमियम पैकेजेस में मॉडर्न किचन, शॉवर रूम और एंटरटेनमेंट सिस्टम जैसी लग्जरी सुविधाएं भी देखने को मिलती हैं.बुजुर्गों के लिए खास छूट और जरूरी सेफ्टी टिप्ससीनियर सिटीजंस के कंफर्ट के लिए आईआरसीटीसी टिकट बुकिंग के समय ही लोअर बर्थ (Lower Berth) को प्राथमिकता देता है. पूरे टूर का शेड्यूल इस तरह बनाया जाता है कि बुजुर्गों को कम से कम पैदल चलना पड़े. यात्रा पर जाने वाले सीनियर सिटीजंस के लिए कुछ जरूरी सेफ्टी टिप्स निम्नलिखित हैं:दवाइयां और पर्चा: अपनी नियमित दवाइयां, मेडिकल हिस्ट्री और डॉक्टर का पर्चा हमेशा अपने हैंडबैग में रखें.इमरजेंसी डाक्यूमेंट्स: अपना ओरिजिनल आधार कार्ड, वोटर आईडी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर की लिस्ट पास रखें.हल्का सामान: ट्रिप पर जितना हो सके कम और व्हील वाले सूटकेस लेकर जाएं ताकि ज्यादा थकान न हो.ग्रुप में रहें: किसी भी भीड़-भाड़ वाले मंदिर या रेलवे स्टेशन पर अपने गाइड और ग्रुप से अलग न हों.कैसे करें बुकिंग? पहले आओ-पहले पाओ का नियमइन स्पेशल टूर पैकेजेस की बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक टूरिज्म वेबसाइट या उनके क्षेत्रीय कार्यालयों (Tourism Portals) के माध्यम से ऑनलाइन की जा सकती है. चूंकि इन ट्रेनों में सीटें पूरी तरह सीमित होती हैं और देश भर से लोग बुकिंग करते हैं, इसलिए सीटें बहुत तेजी से भर जाती हैं. बेहतर बर्थ और होटलों में अच्छे कमरों के लिए समय से 2-3 महीने पहले ही एडवांस बुकिंग करा लेना सबसे समझदारी भरा फैसला होता है.
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बेहतरीन और बड़ा मौका सामने आया है. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फॉरेस्ट गार्ड (वन रक्षक) और वाइल्डलाइफ गार्ड (वन्यजीव रक्षक) मुख्य परीक्षा (PET-2025)/13 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की खिड़की खोल दी है. इस भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पहले 23 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था. इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 708 खाली पदों को भरा जाना है. योग्य और इच्छुक उम्मीदवार बिना आखिरी समय की भागदौड़ के आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर सकते हैं.परीक्षा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण तारीखें एक नजर मेंयूपीएसएसएससी (UPSSSC) फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा 2026 का पूरा शेड्यूल आ चुका है. अभ्यर्थी इन तारीखों को डायरी में नोट कर लें ताकि कोई भी डेडलाइन न छूटे:आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी23 अप्रैल 2026आयोग ने भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और नियम जारी किए.ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत30 जून 2026योग्य उम्मीदवारों के लिए आवेदन पोर्टल को लाइव कर दिया गया.रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख20 जुलाई 2026इस तारीख की रात तक ही नए उम्मीदवार फॉर्म भर सकेंगे.आवेदन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि27 जुलाई 2026फॉर्म में संशोधन और फीस जमा करने का यह आखिरी मौका होगा.ध्यान दें: एडमिट कार्ड, लिखित परीक्षा की तारीख और फाइनल रिजल्ट घोषित होने की तारीखों का ऐलान आयोग द्वारा बहुत जल्द (To Be Announced) किया जाएगा.स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान और डिजिटल है. आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके अपना फॉर्म भर सकते हैं:1.वेबसाइट पर जाएं:स्टेप 1.सबसे पहले उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट करें.2.PET क्रेडेंशियल्स से लॉगिन:स्टेप 2.लॉगिन करने के लिए कैंडिडेट्स को अपना PET-2025 रजिस्ट्रेशन नंबर और मोबाइल/ईमेल पर आया हुआ OTP दर्ज करना होगा.3.डिटेल्स वेरिफाई करें:स्टेप 3.लॉगिन होते ही स्क्रीन पर आपकी पुरानी निजी जानकारियां दिखेंगी, उनकी मदद से डैशबोर्ड में प्रवेश करें.4.दस्तावेज अपलोड:स्टेप 4.अपनी नई शैक्षिक योग्यता की डिटेल्स भरें और अपनी एकदम लेटेस्ट फोटो तथा सिग्नेचर (हस्ताक्षर) की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करें.5.रिव्यू और सबमिट:स्टेप 5.फाइनल सबमिट बटन दबाने से पहले पूरे फॉर्म को एक बार ध्यान से री-चेक कर लें और फिर 'जारी रखें' पर क्लिक करके एप्लीकेशन लॉक करें.आवेदन शुल्क: सभी वर्गों के लिए मात्र ₹25आयोग ने इस भर्ती के लिए आवेदन फीस को बेहद नॉमिनल रखा है ताकि हर वर्ग का युवा आवेदन कर सके. ध्यान रहे कि जब तक आप फीस का भुगतान क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए नहीं करेंगे, तब तक आपका फॉर्म अधूरा माना जाएगा.कैटेगरी / वर्गआवेदन शुल्क (Application Fee)अनरिजर्व्ड (सामान्य / General)₹25अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)₹25अनुसूचित जाति (SC)₹25अनुसूचित जनजाति (ST)₹25पात्रता मापदंड: कौन कर सकता है अप्लाई?शैक्षिक योग्यता: उम्मीदवार का भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड या उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना अनिवार्य है.आयु सीमा (Age Limit): 1 जुलाई 2026 को उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत ऊपरी आयु सीमा में विशेष छूट दी जाएगी.इन अभ्यर्थियों को मिलेगी विशेष प्राथमिकता (Preference):यदि आपके पास टेरिटोरियल आर्मी में न्यूनतम 2 साल काम करने का अनुभव है, या एनसीसी (NCC) का ‘B’ सर्टिफिकेट है, या किसी खेल में राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है, या केंद्र/राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से कंप्यूटर एप्लीकेशन का सर्टिफिकेट है, तो मेरिट लिस्ट में आपको अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी.
हर नए दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की पहली किरण से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों से भी होती है, जो देश के करोड़ों आम नागरिकों और व्यापारियों की जेब पर सीधा असर डालती हैं. रोज सुबह 6 बजे देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियां (OMCs) ईंधन की ताजा दरें जारी करती हैं. ये कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के भाव और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर में होने वाले बदलावों से तय होती हैं. चाहे रोज ऑफिस जाने वाला नौकरीपेशा इंसान हो या मंडियों में फल-सब्जी बेचने वाला छोटा व्यापारी, ईंधन की हर छोटी-बड़ी घट-बढ़ सीधे तौर पर आम बजट को प्रभावित करती है.ऐसे में हर दिन अपने शहर के फ्यूल रेट्स की सही जानकारी रखना सिर्फ जरूरी ही नहीं, बल्कि एक बेहद समझदारी भरा कदम है. सरकार और तेल कंपनियों की यह पारदर्शी डेली प्राइजिंग प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि उपभोक्ताओं तक बिना किसी भ्रम के सटीक और लाइव जानकारी पहुंच सके.महानगरों से लेकर प्रमुख शहरों तक: देखें आज का ताजा भाव (03 जुलाई 2026)भारतीय तेल कंपनियों द्वारा जारी की गई नई रेट लिस्ट के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के खुदरा भाव कुछ इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:शहरपेट्रोल (प्रति लीटर)डीजल (प्रति लीटर)नई दिल्ली102.12 रुपये83.09 रुपयेमुंबई111.18 रुपये86.00 रुपयेकोलकाता113.47 रुपये93.50 रुपयेचेन्नई107.77 रुपये91.50 रुपयेबेंगलुरु110.93 रुपये90.00 रुपयेहैदराबाद115.69 रुपये97.00 रुपयेजयपुर112.66 रुपये90.91 रुपयेलखनऊ102.05 रुपये95.75 रुपयेगुरुग्राम102.77 रुपये91.70 रुपयेनोएडा102.12 रुपये91.70 रुपये(नोट: कुछ अन्य प्रमुख शहरों की बात करें तो भुवनेश्वर में पेट्रोल 109.92 रुपये, चंडीगढ़ में 98.10 रुपये, पटना में 113.35 रुपये और तिरुवनंतपुरम में 115.49 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है. वहीं अहमदाबाद में डीजल 82.25 रुपये और पुणे में 92.50 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.)अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत में कीमतें क्यों हैं स्थिर?अगर हम पिछले दो सालों के रिकॉर्ड को देखें तो देश में ईंधन की कीमतों में एक बड़ी स्थिरता देखने को मिली है. दरअसल, मई 2022 के दौरान केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई बड़ी कटौती और उसके बाद कई राज्य सरकारों द्वारा वैट (VAT) को कम करने की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के दाम नियंत्रण में रहे हैं. हालांकि, इस बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और गिरावट के कई दौर आए हैं, लेकिन भारतीय तेल कंपनियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए घरेलू उपभोक्ताओं पर अंतर्राष्ट्रीय महंगाई का सीधा बोझ नहीं पड़ने दिया है.समझिए वो 5 बड़े कारण, जो तय करते हैं पेट्रोल-डीजल का अंतिम दामभारत में आपके नजदीकी पेट्रोल पंप पर मिलने वाले ईंधन की कीमत तय होने के पीछे मुख्य रूप से पांच कारक काम करते हैं:ग्लोबल क्रूड ऑयल का भाव: चूंकि भारत अपनी जरूरत का लगभग 80-85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतें जैसे ही ऊपर-नीचे होती हैं, घरेलू बाजार पर उसका सीधा असर पड़ता है.डॉलर बनाम रुपया एक्सचेंज रेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का सौदा हमेशा अमेरिकी डॉलर में होता है. यदि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो कंपनियों को तेल आयात के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, जिससे ईंधन महंगा हो जाता है.केंद्रीय एक्साइज और राज्यों का VAT: पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की तरफ से उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और अलग-अलग राज्यों की तरफ से वैल्यू ऐडेड टैक्स (VAT) लगाया जाता है. यही कारण है कि एक ही दिन दिल्ली, यूपी और मुंबई में पेट्रोल के दाम अलग-अलग होते हैं.रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को सीधे गाड़ियों में नहीं डाला जा सकता. इसे देश की बड़ी रिफाइनरियों में साफ करके पेट्रोल, डीजल और गैस में बदला जाता है. इस पूरी प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत भी अंतिम मूल्य में जोड़ी जाती है.डिमांड और सप्लाई का संतुलन: फेस्टिव सीजन, गर्मियों की छुट्टियों या खेती के पीक सीजन में जब देश के भीतर ट्रांसपोर्टेशन बढ़ता है, तो ईंधन की मांग में अचानक तेजी आती है, जो बाजार की कीमतों को प्रभावित करती है.घर बैठे सिर्फ एक SMS से जानें अपने शहर का सटीक लाइव रेटआपको अपने शहर के आज के दाम जानने के लिए कहीं बाहर जाने या परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से एक साधारण एसएमएस (SMS) भेजकर तुरंत ताजा भाव जान सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में RSP अपने शहर का कोड टाइप करें और उसे 9224992249 पर सेंड कर दें.भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: अपने फोन से RSP शहर का कोड लिखकर 9231122222 पर मैसेज करें.हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल से HPPRICE शहर का कोड लिखकर 9222201122 पर भेजें.(नोट: हर शहर का विशिष्ट डीलर कोड संबंधित तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर आसानी से उपलब्ध है.)

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