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न्यूज डायरी: डीजीसीए के उपनिदेशक रिश्वत मामले में गिरफ्तार; ओवैसी बोले- वोट कटवाने की ताक में भाजपा कार्यकर्ता

न्यूज डायरी: डीजीसीए के उपनिदेशक रिश्वत मामले में गिरफ्तार; ओवैसी बोले- वोट कटवाने की ताक में भाजपा कार्यकर्ता

अमर उजाला 5 Oct 2026 12:40 am

पढ़ें 5 अक्टूबर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज

Latest and Breaking News - Read today's latest and breaking news in hindi on Amarujala. यहां पढ़ें देश, दुनिया, खेल, मनोरंजन, धर्म, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और आर्थिक जगत की खबरों का लाइव अपडेशन

अमर उजाला 5 Oct 2026 12:40 am

असम में बाढ़ राहत पर सियासत: सीएम सरमा बोले- अखिल गोगोई को श्रेय नहीं लेने दूंगा; मदद में क्यों हो रही देरी?

असम में बाढ़ राहत पर सियासत: सीएम सरमा बोले- अखिल गोगोई को श्रेय नहीं लेने दूंगा; मदद में क्यों हो रही देरी?

अमर उजाला 5 Oct 2026 12:40 am

ट्रंप से जुड़ी कंपनी का पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता, अमेरिका के बदलते रुख पर खड़े हुए सवाल

अमेरिका की ट्रंप परिवार से जुड़ी एक डिफेंस स्टार्ट-अप कंपनी पावरस ने पाकिस्तानी सेना के साथ रक्षा समझौता किया है। यह सौदा भारत-अमेरिका संबंधों और दक्षिण एशियाई शक्ति संतुलन पर सवाल खड़े कर रहा है।

जागरण 5 Oct 2026 12:01 am

केंद्र के ‘बड़े प्लान’ का दावा, सौरभ भारद्वाज ने बजाया अलर्ट

आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पार्टी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है

देशबन्धु 5 Oct 2026 12:00 am

पंजाब चुनाव की रणनीति: Pargat Singh ने KC Venugopal से की अहम बैठक

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर कांग्रेस की पंजाब इकाई के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने रविवार को यहां कांग्रेस के प्रभारी महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए जारी पार्टी की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सिंह सभी को साथ लेकर चलेंगे और 2027 में पार्टी को बड़ी जीत दिलाने के लिए सफल चुनाव प्रचार अभियान चलाएंगे। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज शाम, नवनियुक्त पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह जी से मुलाकात हुई। हमने राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जारी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।”सिंह ने कहा कि उन्होंने वेणुगोपाल के साथ कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने और पंजाब में पार्टी को आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 11:52 pm

दशमी तिथि का श्राद्ध कल, जानें तर्पण-पिंडदान का मुहूर्त और विधि

दशमी तिथि 5 अक्टूबर को तड़के 03:53 बजे शुरू होगी. इसका समापन 6 अक्टूबर को तड़के 2:07 बजे होगा. पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध करने के लिए कुतुप वेला को सबसे उत्तम माना जाता है. 5 अक्टूबर को कुतुप वेला सुबह 11:46 से लेकर दोपहर 12:33 बजे तक रहने वाली है.

आज तक 4 Oct 2026 11:45 pm

मां के प्रेमी पर भड़का बेटा, पेट्रोल छिड़का और लगा दी आग

बांदा के अतर्रा में एक युवक पर मां से बातचीत करने वाले शख्स को पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगा है. दोनों के बीच पहले बातचीत को लेकर विवाद हुआ था. आरोप है कि युवक ने उसे महिला के पास आने-जाने से मना किया, लेकिन वह नहीं माना. इसके बाद पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे पीड़ित गंभीर रूप से झुलस गया.

आज तक 4 Oct 2026 11:43 pm

Congress Chief Mallikarjun Kharge ने तमिलनाडु में तीन नई कमेटियों को दी मंजूरी

चेन्नई, चार अक्टूबर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के लिए तत्काल प्रभाव से तीन समितियों के गठन को मंजूरी दी है, जिनमें राजनीतिक मामलों की समिति, सलाहकार समिति और अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति शामिल हैं। यह घोषणा रविवार शाम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में की गई। विज्ञप्ति के अनुसार, राजनीतिक मामलों की समिति में तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी. मणिकम टैगोर और एस. ज्योतिमणि समेत विभिन्न सदस्य शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि सात सदस्यीय अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की अध्यक्षता के. आर. रामासामी करेंगे, जबकि जयकुमार एस एस, रामासुब्बू, यू बालारामन, आर एन पलानीसामी, सुधा रामकृष्णन और अमीर खान सदस्य होंगे। इन समितियों का उद्देश्य राज्य में पार्टी के राजनीतिक कामकाज, आंतरिक प्रशासन और नीतियों से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करना है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 11:42 pm

अखिलेश से दूरी, कांग्रेस से नजदीकी! राहुल गांधी से मिले क्षेत्रीय दलों के नेता

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. कई क्षेत्रीय दल और नेता अब कांग्रेस के करीब आ रहे हैं, जिससे सियासी हलचल तेज हो गई है. स्वामी प्रसाद मौर्य, संजय चौहान, पंकज निरंजन जैसे नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की है. कांग्रेस अब क्षेत्रीय दलों को जोड़कर अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है.

आज तक 4 Oct 2026 11:41 pm

कर्नाटक में मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा, फॉर्म-7 भरने पर प्राथमिकी दर्ज

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान फर्जी फॉर्म-7 भरने के मामले में बेंगलुरु में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जागरण 4 Oct 2026 11:41 pm

US से तनाव के बीच बड़ा फैसला, ईरान के तेल मंत्री का इस्तीफा

ईरान के तेल मंत्री मोहसेन पाकनेजाद ने इस्तीफा दे दिया है. राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने इस्तीफा मंजूर कर लिया है और सरकारी तेल कंपनी नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के सीईओ हामिद बोवार्ड को कार्यवाहक तेल मंत्री बनाया गया है. सरकारी मीडिया ने रविवार को यह खबर दी, पर इस्तीफे की वजह नहीं बताई.

आज तक 4 Oct 2026 11:37 pm

13 करोड़ में से 10 करोड़ नाम मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट, SIR पर SC की मुहर के बाद भी विपक्ष का EC पर हमला

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर प्रक्रिया को वैध ठहराए जाने के बावजूद विपक्ष 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर चुनाव आयोग पर हमलावर है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इनमें से अधिकांश नाम मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट हैं।

जागरण 4 Oct 2026 11:36 pm

जयशंकर से मिले अमेरिकी कमांडर एडमिरल सैमुअल, हिंद-प्रशांत में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में अमेरिकी प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो से मुलाकात की, जिसमें सुरक्षा साझेदारी और समुद्री सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

जागरण 4 Oct 2026 11:35 pm

बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप से भारत लाई गईं म्यांमार की 4 युवतियां, शादी के नाम पर तस्करी का खुलासा

भारत लाई जा रही म्यांमार की चार युवतियों को बरामद किया गया है। पुलिस ने मामले में म्यांमार के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो युवतियां नाबालिग बताई जा रही हैं।

खबर इंडिया टीवी 4 Oct 2026 11:24 pm

घाव भरने के लिए शहद इस्तेमाल करता था आतंकी मूसा, जंगल में कराता था आयुर्वेदिक इलाज

पाकिस्तान का एक शीर्ष आतंकवादी जम्मू-कश्मीर के घने जंगल में छिपे रहने के दौरान गोली लगने से हुए घावों को जल्दी भरने के लिए शहद के इस्तेमाल की पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धति का सहारा ले रहा था।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 11:18 pm

'रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा भारत', बोले विदेश मंत्री जयशंकर

भारत ने यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए अपने प्रयासों को तेज किया है, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव और मॉस्को दोनों से बातचीत की पुष्टि की है।

जागरण 4 Oct 2026 11:13 pm

45 में दिखेंगी 25 की! अलसी के जेल में मिलाकर लगाएं ये एक चीज

How to Get Glowing skin: आजकल के दौर में खराब खानपान, पोषण की कमी और तनाव की वजह से वक्त से पहले ही स्किन पर बुढ़ापे के निशान दिखने लगते हैं. ऐेसे में अगर आप भी अपनी स्किन पर को टाइट और सुंदर रखना चाहते हैं तो यहां हम आपको घर पर ही एक बेहतनी एंटी एजिंग क्रीम बनाने की ट्रिक बता रहे हैं जो समय से पहले बूढ़ी हो रही आपकी स्किन को टाइट और सुंदर कर सकती है.

आज तक 4 Oct 2026 11:13 pm

मृत कुत्तों को रस्सी से घसीटने का VIDEO वायरल, 3 कर्मचारियों पर एक्शन

बस्ती के कप्तानगंज कस्बे में हाईवे पर मृत पड़े दो कुत्तों को हटाने के दौरान संवेदनहीनता का वीडियो वायरल हुआ है. NHAI की पेट्रोलिंग टीम पर शवों को रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटने का आरोप लगा है. वीडियो सामने आने के बाद हाईवे के सिविल विंग ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की. ड्राइवर को सस्पेंड किया गया, जबकि सह चालक और एक अन्य कर्मचारी बर्खास्त कर दिए गए.

आज तक 4 Oct 2026 11:12 pm

आरक्षण पर दिए बयान पर अड़े Shankersinh Vaghela, बोले- माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता

अहमदाबाद, चार अक्टूबर गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने आरक्षण से जुड़े अपने विवादित बयान के लिए माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने यह बयान “पूरी जिम्मेदारी के साथ” दिया था और अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी अपनी किसी बात से पीछे नहीं हटे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने गांधी जयंती पर नर्मदा जिले के सागबारा में आदिवासी किसानों की एक सभा में जो बातें कही थीं, वे केंद्र और गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों पर लक्षित थीं, जो “आरक्षण-विरोधी” हैं। उन्होंने कहा, “शंकरसिंह वाघेला अपनी जिंदगी में कभी अपने बयानों से पीछे नहीं हटे हैं। मैंने जो कुछ भी कहा, वह कह दिया और उसके लिए माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं उठता।”वाघेला ने कहा कि यह बात भाजपा सरकार और आरक्षण के प्रति उसके “विरोध” के संदर्भ में कही गई थी। उन्होंने कहा, “ये लोग समाज का 70 प्रतिशत हिस्सा हैं। भाजपा सरकार इनका विरोध करती है। मैंने इस बारे में बात की कि आरक्षण आखिर क्यों दिया गया था।”वाघेला ने शुक्रवार को यह कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया था कि अगर “पटेल, बनिया या ब्राह्मण” समुदायों के लोग हाथ से मैला उठाने का काम करने को तैयार हों, तो वे उन्हें हर महीने 50,000 रुपये देंगे। उन्होंने ऐतिहासिक रूप से पिछड़े समुदायों के लिए आरक्षण का समर्थन करते हुए यह टिप्पणी की थी। वाघेला ने कहा था, “आरक्षण कोई एहसान के तौर पर नहीं मिला है; यह जीवन भर की तकलीफों और संघर्ष से हासिल किया गया है।”यह विवाद ऐसे समय में पैदा हुआ है, जब 86 वर्षीय वाघेला के एक बार फिर कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वह दलित समुदाय के साथ ऐतिहासिक रूप से हुए भेदभाव की बात कर रहे थे, जिसमें मंदिरों और पीने के पानी तक पहुंच से वंचित किया जाना और बारात निकालने से रोका जाना शामिल है। उन्होंने कहा, “मैंने इस बारे में बात की कि आरक्षण क्यों दिया गया था। दलित समुदाय के संदर्भ में—जिन्हें हाथ से मैला उठाना पड़ता था, जो मंदिरों में नहीं जा सकते थे, जिनके पास पीने के पानी की सुविधा नहीं थी और जो गांव में बारात नहीं निकाल सकते थे—मैंने कहा कि आरक्षण उनके लिए मुआवजा था।”वाघेला ने इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि उनकी टिप्पणी ब्राह्मणों या किसी अन्य “अगड़ी जाति” के खिलाफ थी। उन्होंने पूछा, “मुझे समझाएं कि मैं ब्राह्मण-विरोधी कैसे हूं। (जब मैं मुख्यमंत्री था) परशुराम जयंती की छुट्टी की अनुमति किसने दी थी? जिस व्यक्ति ने ब्राह्मण समाज को भगवान परशुराम जयंती की छुट्टी दी, क्या वह आज आपका विरोधी हो सकता है?”वाघेला ने पूछा कि क्या कोई ऐसी घटना बता सकता है, जब उन्होंने पटेल समुदाय का विरोध किया हो। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आरक्षण के बारे में एक साल पहले भी ऐसी ही बातें कही थीं और सवाल किया कि तब किसी ने आपत्ति क्यों नहीं जताई थी। वाघेला ने भाजपा पर विवाद खड़ा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ थी। उन्होंने कहा, “भाजपा के लोग ही आरक्षण-विरोधी हैं।”वाघेला ने कहा कि उनकी टिप्पणी का मकसद अलग-अलग समुदायों के अधिकारों का समर्थन करना था। उन्होंने कहा, “मैंने जो कुछ भी कहा है, पूरी जिम्मेदारी के साथ कहा है। मैंने दलित समुदाय, आदिवासियों, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के आरक्षण के अधिकारों के लिए ये बातें कहीं।”पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “शंकरसिंह वाघेला कभी भी किसी अगड़ी जाति के विरोधी नहीं हो सकते।”भाजपा की गुजरात इकाई के पूर्व मीडिया समन्वयक और ‘समस्त ब्रह्म समाज’ के समन्वयक यज्ञेश दवे ने शनिवार को वाघेला की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि समुदायों या जातियों के बीच दुश्मनी पैदा करना गलत है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 11:12 pm

दिल्ली पुलिस ACP अपूर्वा वर्मा ने UPSC में रचा इतिहास, अब लिखा- क्या आपने मेरा दूल्हा देखा?

दिल्ली पुलिस में ACP रहते UPSC CSE 2025 में 42वीं रैंक हासिल करने वाली अपूर्वा वर्मा इन दिनों अपनी शादी की वायरल इंस्टाग्राम पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं. बिहार की रहने वाली अपूर्वा ने नौकरी के साथ तैयारी कर सफलता हासिल की और अब IAS कैडर मिलने की उम्मीद है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 11:11 pm

बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द होने पर फूटा अभ्यर्थियों का गुस्सा, सोमवार को CM आवास का घेराव

पटना में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार मुख्य परीक्षा का परिणाम बहाल करें और परीक्षा रद्द करने के फैसले को वापस ले.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 11:06 pm

AISA अध्यक्ष Neha की हिरासत पर भड़के INDIA गठबंधन के नेता, पुलिस कार्रवाई की निंदा

(तस्वीरों के साथ)नयी दिल्ली, चार अक्टूबर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं ने रविवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा का समर्थन किया, जिन्हें पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि उन्हें एक ऐसी निजी गाड़ी में ले जाया गया, जिस पर आधिकारिक नंबर प्लेट नहीं थी, जिसके कारण शुरुआत में उनके सहयोगियों और समर्थकों को उनके ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। आइसा के सदस्यों ने आरोप लगाया कि गाड़ी में कोई भी महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि नेहा को ले जाए जाने के बाद से वे उनसे संपर्क करने में असमर्थ थे। ‘ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक विमेंस एसोसिएशन’ (एआईडीडब्ल्यूए) की नेता आशा शर्मा और मैमूना मुल्ला, आरटीआई कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज, सामाजिक कार्यकर्ता नवशरण सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता संसद मार्ग थाने पहुंचे। वे नेहा और अन्य महिला कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारी लेने गए थे, जिन्हें कथित तौर पर बिना नंबर वाली निजी कारों में ले जाया गया था। बाद में, नेहा को नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि नेहा को (पुलिस द्वारा) ले जाए जाने की खबर मिलने के बाद से वह काफी चिंतित थे। ओ ब्रायन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘काफी चिंतित था... यह जानकर राहत मिली कि पुलिस कार में जबरन धकेले जाने के बाद, अब नेहा को नरेला थाने से रिहा कर दिया गया है। बैठकों से परे, ‘इंडिया’ (गठबंधन) जमीन पर मजबूती से खड़ा है।’’भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने इससे पहले कहा कि नेहा को हिरासत में लेना ‘‘अपहरण’’ के समान है और दिल्ली पुलिस तुरंत उनके ठिकाने का खुलासा करे। उनकी रिहाई के बाद, भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि नेहा को नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने से रिहा कर दिया गया है। भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘अभी-अभी खबर मिली है कि कॉमरेड नेहा को नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाने से रिहा कर दिया गया है। एक महिला कार्यकर्ता को केवल पुरुषों से भरी बिना नंबर वाली गाड़ी में जबरन उठा ले जाना और फिर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के बाद रिहा करना... यह दिल्ली पुलिस के लिए भी गिरावट का एक नया निचला स्तर है!’’राजद सदस्य मनोज झा ने भी पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भले ही दिल्ली पुलिस किसी ‘शहंशाह’ के इशारे पर काम कर रही हो, लेकिन उसे कम से कम एक बार ठहरकर यह जरूर सोचना चाहिए कि वे अपने जैसे ही परिवारों के सदस्यों के साथ ऐसा बर्बर व्यवहार क्यों कर रहे हैं।’’झा ने कहा, ‘‘ये तस्वीरें लंबे समय तक लोगों के दिलो-दिमाग को झकझोरती रहेंगी। इतिहास गवाह है कि कोई भी ‘शाह’ हमेशा के लिए शाह नहीं रहता।’’आइसा ने कहा कि नेहा को थाने से रिहा कर दिया गया, लेकिन कथित तौर पर उनका फोन और बैग उनके पास नहीं था। यह घटनाक्रम तब हुआ जब आइसा के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार तीसरे दिन जंतर-मंतर लौटने का प्रयास किया।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 11:03 pm

दिल्ली में ज्ञानेश के इस्तीफे पर संग्राम, बैरिकेड टूटे, 15 पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 110 लोगों को हिरासत में लिया गया. प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के करीब 15 जवान घायल हुए, जिनका मेडिकल कराया जा रहा है. AAP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है.

आज तक 4 Oct 2026 11:02 pm

अमेरिका: जॉर्जिया में ब्लॉक पार्टी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग, 2 की मौत

अमेरिका के जॉर्जिया में एक स्थानीय ब्लॉक पार्टी के दौरान फायरिंग हुई. इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 35 लोग घायल हो गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे. अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.

आज तक 4 Oct 2026 10:59 pm

शनि गोचर, पितृपक्ष समाप्त! कुंभ सहित 5 राशियों के लिए लकी रहेगा नया सप्ताह

अक्टूबर का नया सप्ताह सप्ताह 5 अक्टूबर से लेक 11 अक्टूबर तक रहने वाला है. इस सप्ताह 9 अक्टूबर को शनि रेवती नक्षत्र से निकलकर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर भी करने वाले हैं. दूसरा, पितृपक्ष का समापन भी इसी सप्ताह 10 अक्टूबर को होगा.

आज तक 4 Oct 2026 10:57 pm

'Gen-Z नहीं, युवाओं को कहें तरुण भारत', नरेंद्र तोमर ने क्यों दी सलाह?

MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने इन्दौर में कहा कि 'Gen-Z' की जगह 'तरुण भारत' शब्द का प्रयोग किया जाना चाहिए. उन्होंने युवाओं की सोच और स्टार्ट-अप्स की सराहना की. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

आज तक 4 Oct 2026 10:55 pm

दो महिलाओं की मौत के बाद सदर अस्पताल में बवाल, शव रखकर परिजनों का विरोध

बिहार के जमुई सदर अस्पताल में कुछ घंटों के अंतराल में दो महिलाओं की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर प्रदर्शन किया. परिवारों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. एक महिला का शनिवार रात सी-सेक्शन हुआ था, जबकि दूसरी की रविवार को डिलीवरी होनी थी. पुलिस के मुताबिक, मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है और जांच के बाद स्थिति साफ होगी.

आज तक 4 Oct 2026 10:53 pm

उत्तर भारत में फिर बदलेगा मौसम, पंजाब-दिल्ली और यूपी समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना

उत्तर भारत में मानसून की वापसी के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश की संभावना है। 6 से 12 अक्टूबर के बीच दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिससे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में वर्षा हो सकती है।

जागरण 4 Oct 2026 10:53 pm

Hardoi Police ने कार से 14 किलो गांजा किया बरामद, महिला समेत 4 तस्कर अरेस्ट

हरदोई (उत्तर प्रदेश), पांच अक्टूबर हरदोई जिले में मादक पदार्थों की तस्करी करने के आरोप में एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद सुरसा पुलिस ने इलाके में जांच अभियान चलाया और गिरफ्तारियां कीं। पुलिस टीम ने एक लग्जरी कार को रोककर उसकी तलाशी ली, जिसमें से करीब 14 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद कार में सवार चारों लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि आरोपियों की पहचान सीतापुर निवासी शालिनी, पंकज और नितिन तथा हरदोई के रहने वाले शिवा के रूप में हुई है। एसपी ने बताया कि पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रतिबंधित सामग्री कहां से लाई गई थी और कहां पहुंचाई जानी थी। इसके अलावा, तस्करी के नेटवर्क में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बताया कि गांजे को जब्त कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ कानून की संबंधित धाराओं के तहत विस्तृत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 10:53 pm

खटमल फिर से चारों ओर फैल गए, लोग अलर्ट रहें; CJP प्रोटेस्ट के बीच बोले शुभेंदु अधिकारी

अधिकारी ने कहा कि बहुत से खटमल फिर से चारों तरफ दिखाई देने लगे हैं। हमें सतर्क और एकजुट रहना होगा। उन्होंने यह टिप्पणी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दो अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन के बाद की है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 10:50 pm

ममता बनर्जी का बागी विधायकों, सांसदों को 15 दिन का अल्टीमेटम, बोलीं- वापस आ जाओ वरना...

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी छोड़कर जाने वाले विधायकों और सांसदों के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर यह लोग 15 दिनों के अंदर वापस आना चाहते हैं, तो आ सकते हैं। इसके बाद इनके लिए यहां कोई जगह नहीं होगी।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 10:50 pm

संजय राउत की चेतावनी, बोले- नहीं मानी मांगें तो सड़कों पर उतरेगा पूरा महाराष्ट्र

पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मिले शिवसेना (UBT) नेता, MPSC चेयरमैन को हटाने की मांग; बोले- सरकार ने मांगें मान ली हैं तो छात्र अब भी प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

आज तक 4 Oct 2026 10:47 pm

रिश्वतखोरी मामले में DGCA के डिप्टी डायरेक्टर गिरफ्तार, सीबीआई करेगी पूछताछ

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के एक उप निदेशक को सीबीआई ने तमिलनाडु में रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी आरोपी अधिकारी को पूछताछ के लिए दिल्ली लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड मांगेगी।

जागरण 4 Oct 2026 10:46 pm

CJI सूर्यकांत का NALSAR छात्रों ने किया था विरोध, अब जस्टिस उज्जवल भुइयां ने दे दी शाबाशी

अपने भाषण में जस्टिस भुइयां ने केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कुलपति प्रोफेसर श्रीकृष्ण देवा राव की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने अपने दायित्वों का बेहतरीन तरीके से निर्वहन किया है और वही किया है जिसकी एक विश्वविद्यालय शिक्षक से अपेक्षा होती है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 10:46 pm

उमेश पाल मर्डर: आरोपी अरमान गया जेल से UP रवाना, माता-पिता बोले- एनकाउंटर मत करना, जो सजा मिले कोर्ट से मिले

2023 के उमेश पाल हत्याकांड के मामले में आरोपी अरमान की कस्टडी यूपी पुलिस को मिल गई है. उसे गया जेल से यूपी लाया जा रहा है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 10:45 pm

स्मार्ट मीटर से कहीं ज्यादा तो नहीं आ रहा बिल? इन 5 आसान तरीकों से घर बैठे करें टेस्ट

Smart Meter Testing at Home: बिजली बिल की सही रीडिंग और डिजिटल ट्रैकिंग के लिए देशभर में तेजी से स्मार्ट मीटर (Smart Meter) लगाए जा रहे हैं. अगर आपको भी अपने स्मार्ट मीटर पर संदेह है, तो बिना किसी लैब टेस्ट के अपने घर पर ही 5 आसान तरीकों से मीटर की जांच कर सकते हैं. जानिए स्मार्ट मीटर खराब है या सही, यह पता लगाने के सटीक तरीके और बिजली विभाग में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 10:43 pm

Press Club of India ने CEC विरोध के दौरान पत्रकारों से बदसलूकी की निंदा की

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के बर्ताव की रविवार को निंदा की और पुलिसकर्मियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। प्रेस क्लब का यह बयान शनिवार को विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाये जाने के एक दिन बाद आया है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे उनकी शिकायतें मिली हैं और उसने ‘‘निष्पक्ष जांच’’ के लिए उन्हें अपराध शाखा को सौंप दिया गया है। प्रेस क्लब ने एक बयान में कहा, ‘‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया शुक्रवार और शनिवार को जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के बर्ताव और कार्रवाई से स्तब्ध और निराश है।’’बयान में कहा गया है कि एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने उनके साथ छेड़खानी की और गलत तरीके से छुआ तथा शनिवार रात प्राथमिकी दर्ज कराने की कोशिश के दौरान उन्हें संसद मार्ग पुलिस थाने में कई घंटे रूकना पड़ा। प्रेस क्लब ने कहा है कि स्वतंत्र संगठनों और समाचार पोर्टलों के पत्रकारों ने शिकायत की है कि प्रेस कार्ड होने और खुद को मीडियाकर्मी बताने के बावजूद, पुलिस ने उनके साथ आक्रामक व्यवहार किया और कुछ पत्रकारों को तो प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में भी ले लिया गया। बयान के अनुसार, लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं माना जा सकता तथा पत्रकारों को निर्भिक होकर मुक्त रूप से काम करने दिया जाए। प्रेस क्लब ने मांग की कि दिल्ली पुलिस महिला पत्रकार की शिकायत पर कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि मीडियाकर्मी बिना किसी हमले या धमकी के अपना काम कर सकें। महिला पत्रकारों ने उक्त आरोप राष्ट्रीय राजधानी में उन विरोध प्रदर्शनों के बीच लगाए, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सीईसी के इस्तीफे की मांग की गई है। शुक्रवार को, आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं आतिशी और सौरभ भारद्वाज समेत 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों और छात्र व युवा संगठनों के सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया। ये लोग निषेधाज्ञा के बावजूद जंतर-मंतर पर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा इंतजामों के तहत मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और 12 मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश एवं निकास को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। शनिवार को प्रदर्शनकारी फिर से जंतर-मंतर पर पहुंचे, जहां भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, नागरिक अधिकार कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत लगभग 150 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। रविवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहे। छात्र समूहों ने इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक मार्च का आह्वान किया और पुलिस ने मध्य दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी। प्रेस क्लब ने शुक्रवार को जंतर-मंतर और उसके आस-पास इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की भी निंदा की और कहा कि इस कदम से विरोध प्रदर्शनों की कवरेज कर रहे पत्रकारों को परेशानी हुई। प्रेस क्लब ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह मनमाने ढंग से इंटरनेट बंद करने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 10:43 pm

असम में पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे रिटायर्ड सैन्यकर्मी समेत 2 गिरफ्तार, हनीट्रैप से जुटा रहे थे रक्षा जानकारियां

असम में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में एक सेवानिवृत्त सैनिक और एक अन्य व्यक्ति को गुवाहाटी से गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय एजेंसियों की सूचना पर असम एसटीएफ ने यह कार्रवाई की।

जागरण 4 Oct 2026 10:40 pm

CEC ज्ञानेश कुमार पर ‘एकतरफा फैसलों’ के आरोप, सुप्रीम कोर्ट में आज होगी बड़ी सुनवाई

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी। याचिकाओं में SIR से जुड़े फैसलों, कथित एकतरफा निर्णयों, सॉफ्टवेयर बदलाव और मतदाता सूची से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

खबर इंडिया टीवी 4 Oct 2026 10:35 pm

उत्तराखंड राज्यसभा चुनाव: BJP ने दिनेश आर्य को बनाया अपना उम्मीदवार

देहरादून, चार अक्टूबर भाजपा ने उत्तराखंड की राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में दिनेश आर्य को उम्मीदवार बनाकर सबको चौंका दिया है। आर्य प्रदेश की राजनीति में कोई जाना-पहचाना नाम नहीं हैं। प्रदेश भाजपा सूत्रों की मानें तो केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से आर्य के नाम की घोषणा किए जाने से राज्य में पार्टी के नेताओं के साथ ही आर्य से जुड़े लोग भी हैरत में पड़ गए। आर्य नैनीताल के भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। फिलहाल उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है और वह राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने कहा कि आर्य को उम्मीदवार बनाने से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि भाजपा निष्ठावान, समर्पित कार्यकर्ता तथा कमजोर वर्ग के उत्थान के प्रति पूर्णतया प्रतिबद्ध है। उन्होंने आर्य को बधाई देते हुए कहा, “भाजपा ही एकमात्र ऐसी लोकमांत्रिक पार्टी है, जहां एक साधारण और जमीनी कार्यकर्ता के समर्पण और निष्ठा का सदैव मूल्यांकन एवं सम्मान किया जाता है।”उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय भले विपक्ष के लिए चौंकाने वाला हो लेकिन भाजपा मूल कार्यकर्ताओं को लेकर कितनी संजीदा है, यह पहले भी कई बार साबित हुआ है। भट्ट ने उम्मीद जताई कि आर्य के लंबे सार्वजनिक जीवन और सांगठानिक अनुभव का लाभ प्रदेशवासियों को राज्यसभा की सदस्यता के रूप में मिलेगा। इससे पहले, भाजपा ने 2022 में हुए राज्यसभा चुनाव में भी कल्पना सैनी को उच्च सदन का टिकट देकर सबको हैरत में डाला था। माना जा रहा है कि भाजपा ने हल्द्वानी में शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस द्वारा पार्टी को दलित विरोधी के रूप में पेश किए जाने की काट के रूप में आर्य को उम्मीदवार बनाया है। जुलाई में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद रैली स्थल पर किए गए शुद्धिकरण हवन को लेकर कांग्रेस भाजपा पर हमलावर थी। राज्य में रिक्त हो रही राज्यसभा की एकमात्र सीट पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। भाजपा सांसद नरेश बंसल का 25 नवंबर को कार्यकाल समाप्त होने के कारण यह सीट खाली हो रही है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 10:33 pm

अमृतसर: अजनाला थाने के ASI पर अंधाधुंध फायरिंग, बाल-बाल बची जान, अस्पताल में भर्ती

अमृतसर में अजनाला थाने में तैनात ASI सुखचैन सिंह पर जगदेव खुर्द के पास फायरिंग की गई. गोली उनकी बाजू को छूकर निकल गई, जिससे वह घायल हो गए. उन्हें अजनाला के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है.

आज तक 4 Oct 2026 10:32 pm

लग्जरी कार से 14 किलो गांजा बरामद, महिला समेत 4 तस्कर गिरफ्तार

हरदोई में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार से करीब 14 किलो गांजा बरामद किया है. सुरसा पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार को रोककर तलाशी ली, जिसमें नशीला पदार्थ मिला. मौके से एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब तस्करी के स्रोत, सप्लाई की जगह और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है.

आज तक 4 Oct 2026 10:31 pm

गेहूं के आटे से बनाएं चीज कॉर्न रोल्स, बिना डीप फ्राई होंगे क्रिस्पी

Cheese Corn Rolls Recipe: ठंड के मौसम में चाय के साथ कुछ क्रिस्पी खाने का मन है तो आटे के चीज कॉर्न रोल बनाएं. कॉर्न, चीज और सब्जियों से भरे ये रोल बिना डीप फ्राई किए भी एकदम कुरकुरे बनते हैं और एयर फ्रायर में भी आसानी से तैयार हो जाते हैं.

आज तक 4 Oct 2026 10:30 pm

पंजाब कांग्रेस में बदलाव के बाद एकजुटता पर जोर, अध्यक्ष बनते ही परगट सिंह दिल्ली में एक्टिव; चुनावी रणनीति पर मंथन तेज

पंजाब कांग्रेस में संगठन में बदलाव के बाद अब पार्टी एकजुटता पर जोर दे रही है। नए अध्यक्ष परगट सिंह ने दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात कर चुनावी कार्यक्रमों पर मंथन तेज कर दिया है।

जागरण 4 Oct 2026 10:29 pm

बंगाल में 90 लाख वोटरों के अधिकार छिनने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने ठोस कदम नहीं उठाया: पूर्व जज

जस्टिस नरीमन ने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनावों में 90 लाख वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 10:29 pm

भदोही के नौजवानों की डिग्री पर होगी अब अपने जिले की पहचान, काशी नरेश विश्वविद्यालय की मिलेगी उपाधि: सीएम योगी

भदोही, 4 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संत रविदास नगर भदोही के युवाओं को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए कहा कि अब यहां के नौजवानों की डिग्री पर उनके अपने जिले और अपने विश्वविद्यालय की पहचान होगी। जिले के पीजी कॉलेज को काशी नरेश विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दिए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के युवाओं की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। जिले के कॉलेजों को विश्वविद्यालय से जोड़ने की कार्रवाई आगे बढ़ चुकी है। अब यहां के नौजवानों को मिलने वाली डिग्री पर काशी नरेश विश्वविद्यालय, संत रविदास नगर भदोही का नाम होगा। मुख्यमंत्री ने इसे केवल एक विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं, बल्कि जिले की अपनी शैक्षणिक पहचान स्थापित होने से जोड़ते हुए कहा कि सरकार इस संस्था में बेहतरीन सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी।मुख्यमंत्री भदोही, औराई एवं ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹1,340 करोड़ से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, चाभी और नियुक्ति पत्र भी वितरित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि आज जो ये पैसा इन तीर्थों के विकास के लिए खर्च हो पा रहा है, विरासत और पूर्वजों की धरोहर का संरक्षण का कार्य और उसका सुंदरीकरण हो रहा है। 2017 के पहले यह पैसा, इन तीर्थों को नहीं मिलता था। यही पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के नाम पर जमीनों को कब्जा करने का माध्यम बन जाता था। डबल इंजन की सरकार ने उस कब्जे की प्रवृत्ति को रोका, विरासत का संरक्षण करते हुए तीर्थों के विकास को और आस्था को सम्मान देने का काम किया। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया और माफिया मुक्त, कर्फ्यू मुक्त उत्तर प्रदेश बना कर, उपद्रव मुक्त उत्तर प्रदेश बना करके अब उत्सव युक्त उत्तर प्रदेश बनाने का काम किया है।विश्वविद्यालय में विकसित की जाएंगी आधुनिक सुविधाएंमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय की सौगात को भदोही की वर्षों पुरानी आकांक्षा से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में वर्षों से लंबित परियोजनाओं को उनकी सरकार ने फिर से आगे बढ़ाने का काम किया है। इसी क्रम में भदोही के लोग लंबे समय से अपने जिले में विश्वविद्यालय की मांग कर रहे थे। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की स्थापना पहले ही की जा चुकी थी, लेकिन भदोही के जनप्रतिनिधियों ने उनसे मिलकर जिले के लिए अलग विश्वविद्यालय की आवश्यकता बताई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भदोही आने पर उन्होंने यहां विश्वविद्यालय बनाने का वादा किया था। आज उन्हें यह बताते हुए प्रसन्नता है कि काशी नरेश विश्वविद्यालय के रूप में यहां के पीजी कॉलेज को मान्यता दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भदोही के युवाओं को मिलने वाली डिग्री उनके अपने जिले के विश्वविद्यालय के नाम से होगी। उन्होंने कहा कि अपने जिले की पहचान अपने विश्वविद्यालय से, अपनी संस्थाओं से होती है। सरकार काशी नरेश विश्वविद्यालय को केवल नाम तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि यहां बेहतरीन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि विश्वविद्यालय के विकास की आगे की रूपरेखा भी तैयार है। उन्होंने कहा कि वह विश्वविद्यालय के लिए अलग से भदोही आएंगे। तब विश्वविद्यालय का विधिवत लोकार्पण होगा, उसके लोगो, कुलगीत और थीम गीत को आगे बढ़ाया जाएगा तथा नए भवन के निर्माण का शिलान्यास भी कराया जाएगा।विश्वविद्यालय के बाद मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी आगे बढ़ रहा भदोहीमुख्यमंत्री ने भदोही के लिए उच्च शिक्षा के साथ स्वास्थ्य शिक्षा की दिशा में भी आगे बढ़ने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की है। भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय बन चुका है और आने वाले समय में यहां मेडिकल कॉलेज का कार्य भी आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि विकास के सारे काम एक-एक कर पूरे किए जा रहे हैं। विकास के साथ विरासत का सम्मान और गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के गरीब, युवा, महिला, कारीगर और श्रमिक तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भदोही की बदलती पहचान को उसके विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि संत रविदास नगर भदोही पहले से कालीन उद्योग के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब तेजी से हो रहे विकास के साथ यह नई पहचान लेकर आगे बढ़ रहा है। इंडिया कारपेट एक्सपो के गोल्डन जुबली आयोजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें करीब 250 एग्जीबिटर्स और 450 विदेशी खरीदार आए हैं। इनमें 106 खरीदार ब्रिक्स देशों से हैं और कुल 65 देशों से आए खरीदार भदोही के कारीगरों के हुनर को वैश्विक पहचान दे रहे हैं। सरकार कारीगरों को टेक्नोलॉजी, ट्रेड और एक्सपोर्ट की सुविधा देने के साथ कारपेट एक्सपो जैसे आयोजनों के माध्यम से उनके उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचा रही है।विंध्य एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा संत रविदास नगरमुख्यमंत्री ने भदोही की भौगोलिक स्थिति को विकास की बड़ी संभावना बताते हुए कहा कि एक ओर बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी वाराणसी और दूसरी ओर संगम नगरी प्रयागराज है तथा दोनों के बीच संत रविदास नगर स्थित है। यहां विरासत भी है और डबल इंजन सरकार की गति से विकास भी। उन्होंने बताया कि जब गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को विंध्य एक्सप्रेसवे के रूप में आगे बढ़ाने की बात आई तो उन्होंने संत रविदास नगर को भी इससे जोड़ने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास एकांगी नहीं हो सकता, विकास सबको साथ लेकर चलता है और इसी भावना के साथ सरकार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने भदोही की पहचान को सद्गुरु संत रविदास की विरासत से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ही यह बात कही गई थी कि कालीन उद्योग के लिए विख्यात भदोही आने वाले समय में समाज को जोड़ने का संदेश देने वाले सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम से भी जाना जाएगा। संत रविदास के समतामूलक समाज के संदेश का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 600 वर्ष पहले उन्होंने ऐसे राज की कामना की थी, जहां सभी को अन्न मिले और बिना भेदभाव के सभी को सुविधाएं प्राप्त हों। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है। ऐसे में जिले की पहचान संत रविदास नगर भदोही के रूप में होना और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना प्रासंगिक है।सीतामढ़ी से सेमराधनाथ धाम तक संवर रहे आस्था के केंद्रमुख्यमंत्री ने कहा कि औराई तहसील स्थित संत रविदास कुटिया आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी को रामायण सर्किट से जोड़ने का काम किया गया है। बाबा सेमराधनाथ धाम मंदिर परिसर का सुंदरीकरण और गंगा घाट का विकास किया गया है। तीर्थयात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय एवं अन्य सुविधाएं विकसित हुई हैं। गोपीगंज स्थित ज्ञानानंद मंदिर के गंगा किनारे घाट का पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण किया गया है। बाबा हरिहरनाथ मंदिर, सीता समाहित स्थल और चकवा महादेव मंदिर का पर्यटन विकास हुआ है। 52 बीघा तीर्थ क्षेत्र के विकास को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। बाबा बड़े शिवधाम, प्राचीन बाबा बुढ़ेनाथ मंदिर, सायरकोट और डीघ के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों का भी शिलान्यास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे सरकार की ‘विकास भी, विरासत का सम्मान भी’ की नीति से जोड़ते हुए कहा कि आज तीर्थों के विकास पर धन खर्च हो रहा है, पूर्वजों की धरोहर का संरक्षण और सुंदरीकरण हो रहा है तथा आस्था को सम्मान मिल रहा है।बीमारू से टॉप-थ्री राज्यों में पहुंचा उत्तर प्रदेशमुख्यमंत्री ने प्रदेश में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि अब कोई उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य नहीं कहता और न ही प्रदेश पर दंगाग्रस्त होने का कलंक लगाया जा सकता है। जो उत्तर प्रदेश पहले देश के निचले तीन राज्यों में गिना जाता था, आज उसकी गिनती टॉप-थ्री राज्यों में होती है। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के नौजवान को प्रदेश के बाहर पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। बेटी और व्यापारी के सामने सुरक्षा का संकट नहीं है और कारीगरों को पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ रहा। किसानों के लिए बीज से बाजार तक व्यवस्था बनाई गई है, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है और युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट एवं मिशन रोजगार के जरिए अवसर तैयार किए गए हैं।साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरी, छह महीने में एक लाख और देने का वादासमाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि मैंने समाजवादी पार्टी और युवाओं की नौकरी पर डकैती डालने वालों से कहा है कि गिनते रहो, अगले छह महीने के अंदर यूपी गवर्नमेंट एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी और देने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति युवाओं की नौकरी में सेंध लगाएगा, जेल जाएगा, प्रॉपर्टी जब्त होगी और जो भी बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर खतरा पैदा करेगा, तो जेल और जहन्नुम के रास्ते उसके लिए खुले होंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के समय में युवा हो या कारीगर, किसान हो या महिला, ये उनके एजेंडे के हिस्से नहीं थे। उनके एजेंडे के हिस्से में केवल परिवार था, तुष्टीकरण था, अराजकता थी, दंगाई थे, उपद्रवी थे, इन्हीं का महिमामंडन और माफिया के सामने घुटने टेक करके नाक रगड़ने के सिवाय इनके पास कुछ भी नहीं था।हर जिले के उत्पाद से व्यंजन तक को मिलेगी पहचानमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रत्येक जिले की विशिष्ट पहचान को आगे बढ़ा रही है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ के बाद अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ के माध्यम से हर जिले के अपने व्यंजन को भी पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। जौनपुर की इमरती का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भदोही के उत्पादों को भी वैश्विक मान्यता दिलाई जाएगी। इससे रोजगार का सृजन होगा और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने खेलों में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण स्तर से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।इस अवसर पर सांसद डॉ. विनोद बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडे, पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र, पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष वंशीलाल मौर्य, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडे, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला प्रसाद पाठक मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को किया सम्मानित▪️एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्त पोषण योजना के अंतर्गत विनीत राय को कालीन व्यवसाय के लिए ₹2 करोड़ के ऋण का डेमो चेक▪️मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत पवन कुमार को हैंडल बैग एवं पेपर बैग निर्माण के लिए ₹5 लाख का डेमो चेक▪️प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत गौरव सिंह को ऑयल मिल के लिए ₹10 लाख का डेमो चेक▪️प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत संतोष तिवारी को मशरूम उत्पादन के लिए ₹16 लाख 30 हजार रुपये का डेमो चेक▪️राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत काजल गौतम को आरएफ एवं सीआईएफ के लिए ₹4 करोड़ 46 लाख का डेमो चेक▪️मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जयदेव को उनके आवास की चाबी प्रदान की गई▪️कृषि यांत्रिकीकरण योजना के अंतर्गत अभिषेक सिंह को कंबाइन हार्वेस्टर हेतु चाबी▪️नव-नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नेहा को आंगनवाड़ी केंद्र सरायभान सिंह के लिए नियुक्ति पत्र▪️नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्रिंसी को नियुक्ति पत्र▪️आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत यमुना देवी को आयुष्मान भारत योजना का डेमो कार्ड ।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:25 pm

सीएम योगी के निर्देश पर लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत अभियान, डीएम ने संभाली कमान

लखनऊ, 4 अक्टूबर। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद लखनऊ में जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। रविवार को जिलाधिकारी विशाख जी. और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने बरावन कला, सैथा, जेहटा, माल रोड और फैजुल्लागंज समेत प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय और नाव से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षित शिफ्टिंग पर जोरग्राम सैथा में निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने के लिए तत्काल 10 नावों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं की भी जानकारी ली गई और जरूरतमंदों को पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।घर-घर पहुंच रही राहत किट, भोजन और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्थाजिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने बताया कि सुबह से ही प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें सक्रिय हैं। नावों के माध्यम से घर-घर राहत किट पहुंचाई जा रही है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त भूसा एवं चारे की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं की पर्याप्त किट तैयार कर प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने को कहा गया है।रात में भी निगरानी, दाऊद नगर में बनेगा अतिरिक्त कंट्रोल रूमफैजुल्लागंज में जिलाधिकारी और संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने नाव से प्रभावित बस्तियों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से संवाद कर राहत व्यवस्था की जानकारी ली। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावित इलाकों में रात्रिकालीन पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। दाऊद नगर में अतिरिक्त कंट्रोल रूम स्थापित करने को कहा गया है, ताकि नागरिकों की शिकायतों और जरूरतों पर तत्काल कार्रवाई हो सके। अधिकारियों को गोमती के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने तथा मौके पर मौजूद रहकर राहत-बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:23 pm

नेकां ने अधिकारों की लड़ाई को सिर्फ राज्य के दर्जे तक समेटा: सांसद Ruhullah Mehdi

श्रीनगर, चार अक्टूबर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के खिलाफ बगावती रुख रखने वाले पार्टी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने रविवार को जम्मू कश्मीर सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इसने लोगों के अधिकारों के संघर्ष को केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तक सीमित कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह जनादेश के साथ “विश्वासघात” है। यहां आयोजित पांचवें ‘हल्ला बोल’ सम्मेलन में मेहदी ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पांच अगस्त 2019 को वापस लिए गए लोगों के संवैधानिक अधिकारों को बहाल कराने के लिए संघर्ष शुरू करना तो दूर, अभी तक इसकी शुरुआत भी नहीं की है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आरएसएस के साथ उनके “अनगिनत” वैचारिक मतभेद हैं, लेकिन उससे एक बात जरूर सीखी जा सकती है कि वह अपने “त्रुटिपूर्ण उद्देश्यों” को हासिल करने के लिए एक आंदोलन जैसे अनुशासनबद्ध तरीके से काम करता है। उन्होंने कहा, “2024 के विधानसभा चुनावों में जनता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को स्पष्ट जनादेश दिया था कि बाकी सब कुछ छोड़कर अपने दायित्व को पूरा करें। लोगों ने हमें अपनी पहचान और अपने संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने की जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए उन्होंने हमें जनादेश सौंपा था—एक स्पष्ट जनादेश, जो एक भरोसे के रूप में हमें दिया गया था।’’श्रीनगर के सांसद ने कहा कि देशभर में लोग सीएए, किसानों से जुड़े मुद्दों, परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और यहां तक कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने जैसे कई मुद्दों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हर कोई अपनी-अपनी लड़ाई लड़ रहा है। और जिसे सबसे बड़ी लड़ाई लड़नी थी, जिसे सबसे मजबूती से शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करना था—वही नेशनल कॉन्फ्रेंस, जनादेश मिलने के बाद, इस लड़ाई से बचने के लिए बहाने बना रही है।’’लद्दाख और वहां चल रहे राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए मेहदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर अपने पूर्ववर्ती क्षेत्र (लद्दाख) की तुलना में अधिक अधिकार-संपन्न था। उन्होंने कहा, “लद्दाख ने भाजपा के खिलाफ संघर्ष किया और उसे बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर किया। लेकिन हमने दो वर्षों में इस लड़ाई को क्यों नहीं लड़ना चाहिए, इसके लिए हर संभव बहाना तलाश लिया।”मेहदी ने कहा कि उनका मानना है कि केंद्र की भाजपा सरकार जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल नहीं करेगी, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो यह नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए “अपमानजनक” बात होगी।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 10:23 pm

चप्पल सिलवाने के ₹20 मांगने पर कहासुनी, बुजुर्ग मोची का मर्डर

Nagpur News: नागपुर के बुटीबोरी में चप्पल मरम्मत के ₹20 मांगने पर 35 वर्षीय दिलीप पवार ने 76 साल के बुजुर्ग जयसिंह भैंसवार पर मोची के लोहे के औजार से हमला कर हत्या कर दी. आरोपी गिरफ्तार, पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 4 Oct 2026 10:22 pm

'लोगों को मताधिकार से वंचित करना दोयम दर्जे का नागरिक बनाना है', SC के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां का बड़ा बयान

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जवल भूइयां ने कहा कि नागरिकता और वोट देने का अधिकार एक-दूसरे से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि किसी भारतीय नागरिक को मताधिकार से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 326 और 14 का उल्लंघन होगा.

आज तक 4 Oct 2026 10:22 pm

सुल्तानपुर हादसा: मुख्यमंत्री ने मुआवजे का किया ऐलान

लखनऊ, 4 अक्टूबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस पर हुए एम्बुलेंस हादसे में शोक जताया। इस दुःखद घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन/पुलिस के आलाधिकारियों से समुचित जानकारी भी हासिल की। उन्होंने ईश्वर से चारों मृतकों के परिजनों के संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।सड़क हादसे के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। सीएम ने सुल्तानपुर/देवरिया के अधिकारियों से मृतकों के परिवारों से बात कर उन्हें हरसंभव मदद देने के भी निर्देश दिए हैं।बता दें कि एम्बुलेंस चंडीगढ़ से शहीद सूबेदार का शव लेकर देवरिया जा रहा था। इसमें शहीद के परिजन भी मौजूद थे। पूर्वांचल एक्सप्रेस पर एम्बुलेंस की एक वाहन से टक्कर हो गई, जिसमें ड्राइवर समेत चार लोगों के मौत की सूचना प्राप्त हुई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:22 pm

पत्नी को पति की इस दिशा में नहीं सोना चाहिए, वास्तु और शास्त्रों के अनुसार जानिए सुखी दांपत्य के सही नियम

भारतीय सनातन परंपरा और वास्तु शास्त्र में गृहस्थ जीवन को सुखी, समृद्ध और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए ऊर्जा के संतुलन पर विशेष बल दिया गया है। घर की चारदीवारी केवल ईंट और गारे का ढांचा नहीं होती, बल्कि वहां रहने वाले सदस्यों के मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्पंदन से संचालित होने वाला एक जीवंत ऊर्जा केंद्र होती है। इनमें भी सबसे संवेदनशील स्थान माना जाता है दांपत्य शयनकक्ष यानी मास्टर बेडरूम, जहां पति-पत्नी दिनभर की भागदौड़ के बाद विश्राम करते हैं और अपने रिश्ते को भावनात्मक मजबूती देते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, शयनकक्ष में सोने की दिशा, सिरहाने की स्थिति और बिछावन पर पति-पत्नी के लेटने का क्रम सूक्ष्म चुंबकीय और जैविक तरंगों को सीधे प्रभावित करता है। कई बार अनजाने में की गई गलतियों, गलत दिशा में सोने या विपरीत क्रम में लेटने की वजह से दांपत्य जीवन में अकारण तनाव, कलह, अनिद्रा और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां घर करने लगती हैं। हमारे प्राचीन ग्रंथों और वास्तु विशेषज्ञों ने विशेष रूप से यह स्पष्ट किया है कि बिछावन पर पत्नी को पति की किस दिशा या बाजू में सोना चाहिए और किस तरफ लेटने से बचना चाहिए ताकि रिश्ते में मधुरता, आपसी सामंजस्य और सुख-समृद्धि बनी रहे।पत्नी को पति के दाईं ओर क्यों नहीं सोना चाहिए: जानिए शास्त्रीय आधारवास्तु शास्त्र और पौराणिक विधानों के अनुसार, नियमित रात्रि विश्राम के समय पत्नी को पति के दाईं ओर (Right Side) नहीं सोना चाहिए। शास्त्रों में स्त्री को 'वामांगी' यानी पति के बाएं अंग का स्थान दिया गया है। जब पत्नी पति के दाईं ओर सोती है, तो वास्तु और ज्योतिषीय ऊर्जा चक्रों के अनुसार पुरुष तत्व (सौर नाड़ी या पिंगला) और स्त्री तत्व (चंद्र नाड़ी या इड़ा) के बीच असंतुलन पैदा होने लगता है। सौर ऊर्जा का प्रभाव अधिक होने से दोनों के बीच अहंकार का टकराव, बात-बात पर चिड़चिड़ापन, वैचारिक मतभेद और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लंबे समय तक इस क्रम में सोने से पति-पत्नी के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ने का जोखिम रहता है। इसके विपरीत, जब पत्नी पति के बाईं ओर (Left Side) सोती है, तो इसे अत्यंत शुभ, प्राकृतिक और फलदायी माना जाता है। वामांगी होने के कारण बाईं ओर लेटने से चंद्र नाड़ी की शीतलता और शांति दोनों के संबंधों को मधुर बनाए रखती है, जिससे दांपत्य जीवन में गहरा प्रेम, परस्पर सम्मान और मानसिक शांति का संचार होता है।किन विशेष परिस्थितियों में पत्नी को दाईं ओर बैठने का विधान है?सनातन धर्म में स्त्री के स्थान को लेकर बेहद सूक्ष्म और स्पष्ट नियम तय किए गए हैं, जिन्हें जानना हर गृहस्थ के लिए जरूरी है। हर परिस्थिति में पत्नी केवल बाईं ओर ही नहीं रहती, बल्कि कुछ विशेष धार्मिक अनुष्ठानों में उसके दाईं ओर बैठने का भी शास्त्रीय नियम है। शास्त्रों के अनुसार, जब कोई दंपत्ति कन्यादान कर रहा हो, किसी पवित्र नदी या तीर्थ में स्नान-संकल्प ले रहा हो, गुरुजनों या संतों से आशीर्वाद ग्रहण कर रहा हो अथवा अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण कर्म कर रहा हो, तब पत्नी को पति के दाईं ओर बैठना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, दैनिक रात्रि विश्राम, सिंदूर दान, पाणिग्रहण (विवाह के फेरे), यज्ञ, सामान्य पूजा-अर्चना और भोजन के समय पत्नी का स्थान हमेशा पति के बाईं ओर निर्धारित है। शयनकक्ष में विश्राम एक दैनिक सांसारिक क्रिया है, इसलिए वहां वामांग यानी बाएं हिस्से का नियम ही पूर्णतः लागू होता है। इन सूक्ष्म मर्यादाओं का पालन करने से पारिवारिक जीवन में कभी क्लेश नहीं पनपता।सिरहाने की सही दिशा: उत्तर की ओर सिर करके सोने से क्यों बचना चाहिए?शयनकक्ष में बिछावन पर लेटने के क्रम के अलावा यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि सोते समय सिर किस दिशा में रखा गया है। वास्तु शास्त्र और आधुनिक भू-चुंबकीय विज्ञान दोनों इस बात पर पूरी तरह एकमत हैं कि कभी भी उत्तर दिशा (North) की ओर सिर करके नहीं सोना चाहिए। पृथ्वी का चुंबकीय उत्तरी ध्रुव और मानव शरीर का सिर दोनों धनात्मक (Positive) ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब उत्तर की ओर सिर किया जाता है, तो चुंबकीय प्रतिकर्षण (Magnetic Repulsion) के कारण रक्त संचार मस्तिष्क की ओर असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप अनिद्रा, डरावने सपने, सिरदर्द, उच्च रक्तचाप और सुबह उठने पर भारीपन महसूस होता है। दंपत्ति के लिए सोने की सर्वश्रेष्ठ दिशा दक्षिण (South) मानी गई है, जहां सिर दक्षिण में और पैर उत्तर की ओर हों। इससे शरीर को गहरी नींद मिलती है और दांपत्य स्वास्थ्य उत्तम रहता है। दूसरा उत्तम विकल्प पूर्व दिशा (East) का है, जो मानसिक शांति और बौद्धिक ऊर्जा प्रदान करता है। पश्चिम दिशा मध्यम फलदायी है, लेकिन उत्तर दिशा में सिर करना पूर्णतः वर्जित माना गया है।दांपत्य बेडरूम के लिए वास्तु के अन्य अत्यंत जरूरी नियमपति-पत्नी के कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बनाए रखने के लिए कुछ अन्य वास्तु नियमों का ध्यान रखना भी अनिवार्य है। सबसे पहले, मास्टर बेडरूम हमेशा घर के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम दिशा) में होना चाहिए, जो स्थिरता, स्थायित्व और मुखिया के वर्चस्व का प्रतीक है। कमरे का बेड हमेशा ठोस लकड़ी का होना चाहिए; लोहे या मेटल के पलंग से बचना चाहिए क्योंकि वे नकारात्मक चुंबकीय तरंगों को आकर्षित करते हैं। बिछावन पर हमेशा एक ही गद्दे (Single Mattress) का उपयोग करना चाहिए, दो अलग-अलग गद्दों को जोड़कर सोने से पति-पत्नी के विचारों में अलगाव की भावना जन्म लेती है। बिस्तर के ठीक सामने कभी भी शीशा (ड्रेसिंग टेबल या आईना) नहीं होना चाहिए जिसमें सोते समय शरीर का प्रतिबिंब दिखाई दे; यदि हटाना संभव न हो तो रात को उस पर पर्दा डाल देना चाहिए। इसके अलावा, कमरे में बहते पानी के फव्वारे, युद्ध या उदासी की तस्वीरें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का अनावश्यक जमावड़ा नहीं होना चाहिए। हल्के गुलाबी, बादामी या क्रीम रंगों का इस्तेमाल कमरे के वातावरण को सुखद और प्रेममय बनाए रखता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:18 pm

चाणक्य नीति और श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ उपदेश: क्या सच में कभी नहीं मिटती स्त्री की ये 4 इच्छाएं? जानिए श्लोक का असली रहस्य

भारतीय नीतिशास्त्र और वैदिक परंपरा में स्त्री को केवल एक सांसारिक इकाई नहीं बल्कि शक्ति, बुद्धि और सहनशीलता की सजीव प्रतिमूर्ति माना गया है। प्राचीन भारत के महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और समाजशास्त्री आचार्य चाणक्य ने अपनी प्रसिद्ध रचना 'चाणक्य नीति' में समाज, राजनीति, दांपत्य और मानव व्यवहार के अनेक रहस्यों का विशद विश्लेषण किया है। आज के इंटरनेट और सोशल मीडिया के युग में अक्सर 'औरत की ये 4 भूख कभी नहीं मिटती' जैसे सनसनीखेज शीर्षकों के साथ भ्रामक धारणाएं फैलाई जाती हैं, जबकि वास्तविक शास्त्रों में 'भूख' शब्द का अर्थ केवल उदर पूर्ति यानी भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की स्वाभाविक शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक प्रवृत्तियों का द्योतक है। आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र के प्रथम अध्याय के 17वें श्लोक में पुरुषों की तुलना में स्त्रियों की चार प्रमुख स्वाभाविक ऊर्जाओं और इच्छाओं का तुलनात्मक वर्णन किया है। वहीं, कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य संदेश यह स्पष्ट करता है कि किसी भी प्रकार की अनियंत्रित कामना या तृष्णा जब आत्मा के विवेक पर हावी होती है, तो उसका अंत पतन की ओर ले जाता है। इन दोनों महान ग्रंथों के परिप्रेक्ष्य में इन चार प्रवृत्तियों का सही, संतुलित और सम्मानजनक अर्थ समझना अत्यंत आवश्यक है।चाणक्य नीति का प्रमाणिक श्लोक और 4 स्वाभाविक प्रवृत्तियों का वास्तविक स्वरूपआचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति के प्रथम अध्याय में पुरुषों और स्त्रियों के शारीरिक व मानसिक गठन की तुलना करते हुए एक बेहद प्रसिद्ध श्लोक लिखा है:स्त्रीणां द्विगुण आहारो लज्जा चापि चतुर्गुणा ।साहसं षड्गुणं चैव कामश्चाष्टगुणः स्मृतः ॥इस श्लोक का अक्षरशः अर्थ यह है कि पुरुषों की तुलना में स्त्रियों में आहार (भोजन/ऊर्जा की आवश्यकता) दोगुना, लज्जा (संकोच/मर्यादा या बुद्धि) चौगुनी, साहस छह गुना और काम (सृजन/प्रेम/इच्छा शक्ति) आठ गुना माना गया है। कई प्रतियों में 'लज्जा' के स्थान पर 'बुद्धिस्तासां चतुर्गुणा' का उल्लेख भी मिलता है, जिसका अर्थ चार गुना तीव्र बुद्धि और निर्णय क्षमता है। जब जनसाधारण में इसे '4 भूख' के रूप में पेश किया जाता है, तो वास्तव में उनका तात्पर्य इन्हीं चार मूल प्रवृत्तियों—आहार, सम्मान/मर्यादा, साहस और प्रेम/सृजन की निरंतर आवश्यकता से होता है।1. आहार और पोषण की भूख: मातृत्व और शारीरिक ऊर्जा का वैज्ञानिक आधारचाणक्य के अनुसार स्त्री का आहार पुरुष की तुलना में दोगुना बताया गया है। इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि स्त्रियां पुरुषों से अधिक भोजन करती हैं या पेटूपन दिखाती हैं। चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद दोनों इस बात की पुष्टि करते हैं कि एक स्त्री का शरीर जैविक रूप से अत्यंत जटिल जैविक प्रक्रियाओं—जैसे मासिक धर्म चक्र, गर्भावस्था, स्तनपान और संतान के लालन-पालन से गुजरता है। इन जैविक बदलावों के चलते स्त्री शरीर को निरंतर आंतरिक ऊर्जा, सूक्ष्म पोषक तत्वों, कैल्शियम और आयरन के पुनर्भरण की आवश्यकता होती है। प्राचीन समय में संयुक्त परिवारों में अक्सर महिलाएं सबकी सेवा करने के बाद अंत में भोजन करती थीं, जिसके कारण वे कुपोषण का शिकार हो जाती थीं। आचार्य चाणक्य का यह सूत्र वास्तव में समाज को यह सचेत करने के लिए था कि स्त्री के शरीर को भीतर से सशक्त बनाए रखने के लिए उसे पर्याप्त और पौष्टिक आहार की सर्वाधिक आवश्यकता होती है। यह 'भूख' उसके अपने स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानव पीढ़ी को जन्म देने और उसका पोषण करने की जैविक मांग है।2. मर्यादा, सम्मान और आत्मगौरव की भूख: चार गुना संकोच और विवेक का कवचश्लोक के दूसरे हिस्से में 'लज्जा चापि चतुर्गुणा' और 'बुद्धिस्तासां चतुर्गुणा' का उल्लेख मिलता है। भारतीय संस्कृति में लज्जा को कोई कमजोरी नहीं, बल्कि स्त्री का सर्वश्रेष्ठ आभूषण और सुरक्षा कवच माना गया है। लज्जा का अर्थ केवल शर्म नहीं, बल्कि आत्म-मर्यादा, पारिवारिक प्रतिष्ठा की रक्षा और सामाजिक संस्कारों के प्रति स्वाभाविक संकोच है। जब कोई स्त्री किसी घर में बहू या गृहलक्ष्मी बनकर जाती है, तो उसकी सबसे बड़ी स्वाभाविक आकांक्षा या भूख यह होती है कि उसके आत्मसम्मान, उसकी निजता और उसकी निष्ठा का हर पल आदर किया जाए। उसे भौतिक आभूषणों या धन-दौलत से ज्यादा उस परिवार में एक सम्मानजनक स्थान और पहचान की दरकार होती है। गीता में श्रीकृष्ण भी कहते हैं कि जिस समाज में स्त्री के शील और मर्यादा का हनन होता है, वह समाज और कुल बहुत तेजी से विनाश की ओर अग्रसर हो जाता है। इसलिए सम्मान और मर्यादा की यह चाहत जीवन के किसी भी पड़ाव पर कम नहीं होती।3. असीम साहस की भूख: पुरुषों से छह गुना अधिक आत्मबल और धैर्यसामान्यतः पितृसत्तात्मक सोच यह मान बैठती है कि स्त्रियां कोमल और अबला होती हैं, लेकिन चाणक्य ने इस मिथक को तोड़ते हुए स्पष्ट लिखा कि स्त्रियों में पुरुषों की अपेक्षा छह गुना अधिक साहस होता है। यदि इतिहास और वर्तमान का निष्पक्ष विश्लेषण किया जाए, तो अपने परिवार, बच्चों और कुल पर जब भी कोई संकट आता है, तो एक शांत और संकोची दिखने वाली स्त्री साक्षात चंडी और दुर्गा का रूप धारण कर लेती है। प्रसव की असहनीय पीड़ा को हंसते-हंसते सहना, विपरीत से विपरीत पारिवारिक परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और संकट के समय घर को बिखरने से बचाना स्त्री के असीम आत्मबल का प्रमाण है। यह साहस की भूख उसे जीवन के हर कठिन मोड़ पर लड़ने, अडिग रहने और अपने प्रियजनों की रक्षा करने के लिए प्रेरित करती है। वह समाज के तानों, गरीबी या बीमारी के सामने कभी घुटने नहीं टेकती, बल्कि अपने आंतरिक संकल्प के बल पर हर आपदा को अवसर में बदल देती है।4. प्रेम, समर्पण और सृजन की भूख: आठ गुना काम और भावनात्मक जुड़ावचाणक्य के श्लोक में 'कामश्चाष्टगुणः स्मृतः' का उल्लेख आता है, जिसे विकृत मानसिकता वाले लोग केवल शारीरिक कामुकता या वासना के संकीर्ण चश्मे से देखने की भूल करते हैं। संस्कृत वांग्मय में 'काम' का व्यापक अर्थ केवल दैहिक सुख नहीं, बल्कि प्रेम, अनुराग, भावनात्मक संतुष्टि और सृजन (Creation) की गहन अभिलाषा है। स्त्री का संपूर्ण अस्तित्व प्रेम, वात्सल्य और अपनत्व के ताने-बाने से बुना होता है। वह अपने पति से केवल रोटी और कपड़ा नहीं मांगती, बल्कि वह अटूट निष्ठा, सच्चा समर्पण और भावनात्मक निकटता चाहती है। यदि उसे अपने दांपत्य में सम्मान और निश्छल प्रेम न मिले, तो महल जैसी सुख-सुविधाएं भी उसके लिए व्यर्थ हो जाती हैं। मातृत्व का सुख, बच्चों को पालने का आनंद और परिवार को स्नेह के सूत्र में पिरोने की यह 'भावनात्मक भूख' कभी समाप्त नहीं होती। यह जीवन के अंतिम क्षणों तक उसके हृदय में एक बहती हुई पावन नदी की तरह सक्रिय रहती है।श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य उपदेश: काम, वासना और अनंत इच्छाओं का नियंत्रणजब बात इच्छाओं और तृष्णा की कभी न मिटने वाली भूख की आती है, तो श्रीमद्भगवद्गीता का दर्शन संपूर्ण मानव जाति (चाहे वह पुरुष हो या स्त्री) के लिए ज्ञान का सर्वोच्च मार्ग दिखाता है। गीता के तीसरे अध्याय के 37वें श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण स्पष्ट कहते हैं:काम एष क्रोध एष रजोगुणसमुद्भवः ।महाशनो महापाप्मा विद्ध्येनमिह वैरिणम् ॥अर्थात्, यह काम (भोग की अनियंत्रित लालसा) ही है, जो रजोगुण से उत्पन्न होता है और बाद में क्रोध में बदल जाता है। यह 'महाशनः' यानी कभी न तृप्त होने वाला और अत्यधिक भक्षण करने वाला है; इसे ही मनुष्य का सबसे बड़ा वैरी यानी शत्रु जानो। भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को समझाते हैं कि जिस प्रकार अग्नि में कितना भी घी डाला जाए, उसकी लपटें शांत होने के बजाय और अधिक धधकने लगती हैं, ठीक उसी प्रकार इंद्रियों के भोगों से मन की तृष्णा कभी शांत नहीं होती। गीता मनुष्य को यह सिखाती है कि चाहे वह भोजन की भूख हो, काम की लालसा हो या यश और धन का लालच—जब तक व्यक्ति निष्काम कर्मयोग और आत्म-संयम का आश्रय नहीं लेता, तब तक भौतिक जगत की कोई भी वस्तु मन की भूख को हमेशा के लिए नहीं मिटा सकती। गीता का उपदेश किसी एक लिंग पर आक्षेप लगाने के बजाय हर जीवात्मा को अपनी आंतरिक वृत्तियों को अनुशासित करने और परमात्मा में स्थित होने की प्रेरणा देता है।रूढ़िवादिता और शास्त्रों के दुरुपयोग से बचने की आवश्यकताआज के समाज में यह बेहद जरूरी हो गया है कि हम प्राचीन ग्रंथों के श्लोकों को उनके ऐतिहासिक, दार्शनिक और आध्यात्मिक संदर्भ में समझें। चाणक्य नीति के व्यावहारिक सूत्रों को तोड़-मरोड़ कर स्त्रियों को कमजोर, अधिक वासनामयी या लालची साबित करने की कोशिशें पूरी तरह अनुचित और शास्त्र-विरोधी हैं। चाणक्य ने स्त्री की शारीरिक आवश्यकताओं, उसकी उच्च बौद्धिक क्षमता, उसके असीम धैर्य और उसकी गहन भावनात्मक शक्ति को रेखांकित करते हुए समाज को उसका सम्मान करने का निर्देश दिया था। वहीं गीता हमें सिखाती है कि इंद्रिय सुखों की क्षणिक भूख के पीछे भागने के बजाय आत्मा की मुक्ति और धर्म के मार्ग पर चलना ही जीवन का वास्तविक ध्येय है। जब परिवार और समाज में स्त्री को समुचित पोषण, मर्यादा, सम्मान और निश्छल प्रेम का वातावरण मिलता है, तो वह पूरे कुल का उद्धार कर देती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:15 pm

बांध टूटा तो भड़के लोग, JE और SDO को नदी में फेंकने की कोशिश, VIDEO

सारण के पानापुर में भगवानपुर तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. निरीक्षण करने पहुंचे जल संसाधन विभाग के जूनियर इंजीनियर और SDO को लोगों ने घेर लिया. आरोप है कि कुछ ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को पकड़कर बाढ़ के पानी में फेंकने की कोशिश की. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे अधिकारी ने 3 अक्टूबर का बताया है.

आज तक 4 Oct 2026 10:12 pm

पीपल के पत्ते और लौंग से वशीकरण टोटके का दावा: जानिए लोक मान्यताओं का सच, मनोवैज्ञानिक पहलू और रिश्तों की हकीकत

भारतीय समाज में पारंपरिक मान्यताओं, लोक कथाओं और तंत्र-मंत्र से जुड़े अंधविश्वासों का इतिहास काफी पुराना रहा है। जब भी किसी व्यक्ति के वैवाहिक जीवन में तनाव आता है, प्रेम संबंधों में खटास पैदा होती है या आपसी बातचीत बंद हो जाती है, तो कई बार लोग मानसिक हताशा और भावनात्मक दबाव में आकर शॉर्टकट रास्तों की तलाश करने लगते हैं। इंटरनेट, सोशल मीडिया और पारंपरिक पंचांगों के इर्द-गिर्द अक्सर 'पीपल के पत्ते और लौंग से अचूक वशीकरण' जैसे दावों का जमकर प्रचार-प्रसार देखने को मिलता है। इन दावों में यह कहा जाता है कि पीपल के पेड़ के पत्ते पर अमुक व्यक्ति का नाम लिखकर, उस पर दो साबुत लौंग रखकर विशेष मंत्रों का जाप करने या उसे किसी भारी पत्थर के नीचे दबाने से सामने वाला इंसान सम्मोहित हो जाता है और आपकी हर बात मानने लगता है। हालांकि, आधुनिक वैज्ञानिक युग, कानूनी प्रावधानों और व्यावहारिक मनोविज्ञान के नजरिए से देखें तो किसी भी इंसान के स्वतंत्र मस्तिष्क, भावनाओं या इच्छाशक्ति को किसी पत्ते, लौंग या टोटके के जरिए नियंत्रित करने का कोई वैज्ञानिक या तार्किक आधार मौजूद नहीं है। यह पूरी तरह से मानवीय कमजोरी और डर का फायदा उठाकर फैलाया गया एक भ्रमजाल है, जिसे समझना हर समझदार व्यक्ति के लिए जरूरी है।पीपल और लौंग का वास्तविक धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व क्या है?भारतीय सनातन परंपरा और आयुर्वेद में पीपल के वृक्ष और लौंग को अत्यंत पवित्र और औषधीय दृष्टि से चमत्कारी माना गया है, लेकिन इसका किसी को वश में करने या सम्मोहित करने से कोई सरोकार नहीं है। वनस्पति विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार पीपल का पेड़ 24 घंटे ऑक्सीजन उत्सर्जित करने वाले दुर्लभ पेड़ों में से एक है, जिसकी छाया और छाल वातावरण को शुद्ध करती है और तनाव दूर करने में सहायक होती है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा है—'अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां' यानी वृक्षों में मैं पीपल हूं। इसी पावन भावना के कारण पीपल को जल चढ़ाने और उसकी परिक्रमा करने की परंपरा हमारे पूर्वजों ने प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण के उद्देश्य से बनाई थी। दूसरी ओर, लौंग एक अत्यंत गुणकारी मसाला और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है, जिसका उपयोग दांत दर्द, गले की खराश, सर्दी-जुकाम और पाचन विकारों के इलाज में सदियों से किया जाता रहा है। पूजा-पाठ और हवन में लौंग का इस्तेमाल वातावरण से नकारात्मक जीवाणुओं को नष्ट करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए किया जाता था। कालान्तर में कुछ स्वार्थी तत्वों और ढोंगी तांत्रिकों ने प्रकृति के इन दो अत्यंत उपयोगी उपादानों को 'वशीकरण और टोटके' के भ्रामक आवरण में लपेटकर अंधविश्वास का कारोबार खड़ा कर दिया।वशीकरण के दावों का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण: 'कन्फर्मेशन बायस' का खेलमनोवैज्ञानिकों का स्पष्ट मानना है कि वशीकरण जैसे टोटके वास्तव में एक मनोवैज्ञानिक भ्रम (Psychological Illusion) के अलावा कुछ नहीं होते। जब कोई व्यक्ति किसी समस्या से जूझ रहा होता है और वह किसी तथाकथित टोटके को आजमाता है, तो उसके भीतर एक 'प्लेसीबो इफेक्ट' (Placebo Effect) काम करने लगता है। टोटका करने के बाद व्यक्ति के अपने व्यवहार में अनजाने में बदलाव आता है—उसका गुस्सा कुछ शांत होता है, वह सामने वाले के प्रति थोड़ा विनम्र या सचेत हो जाता है, और जब परिस्थितियों के स्वाभाविक सुधार या समय बीतने पर सामने वाले का मिजाज थोड़ा ठीक होता है, तो व्यक्ति इसका पूरा श्रेय पीपल के पत्ते या लौंग को दे बैठता है। मनोविज्ञान की भाषा में इसे 'कन्फर्मेशन बायस' (Confirmation Bias) कहा जाता है, जहां व्यक्ति अपनी पूर्व-निर्धारित धारणाओं को सही साबित करने वाली घटनाओं को ही याद रखता है और असफलता को पूरी तरह भूल जाता है। किसी भी स्वतंत्र चेतना वाले इंसान के व्यवहार, भावनाओं और निर्णयों को किसी वस्तु से 'वश' में नहीं किया जा सकता; हर व्यक्ति अपने संस्कारों, विचारों, प्राथमिकताओं और परिस्थितियों के अनुसार ही प्रतिक्रिया देता है।अंधविश्वास के रास्ते में छिपे आर्थिक और भावनात्मक खतरेवशीकरण और तांत्रिक टोटकों के जाल में उलझने वाले लोगों को अक्सर भारी कीमत चुकानी पड़ती है। आज डिजिटल युग में साइबर ठग और स्वयंभू तांत्रिक इंटरनेट पर लुभावने विज्ञापन चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। शुरुआत में मुफ्त या नाममात्र की पूजा के नाम पर बात शुरू होती है और फिर धीरे-धीरे 'दोष निवारण', 'विशेष हवन सामग्री' और 'संकट टालने' के नाम पर पीड़ितों से हजारों-लाखों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। कई मामलों में तो ब्लैकमेलिंग और व्यक्तिगत तस्वीरों के दुरुपयोग जैसी गंभीर आपराधिक घटनाएं भी सामने आती हैं। कानूनन, भारत के कई राज्यों में जादू-टोना, अंधविश्वास और काले जादू की आड़ में धोखाधड़ी करने पर कड़े दंड और जेल का प्रावधान है। वित्तीय नुकसान के अलावा, सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि व्यक्ति वास्तविक समस्या को सुलझाने के बजाय अंधविश्वास के सहारे हाथ पर हाथ धरकर बैठा रहता है, जिससे रिश्ते में सुधार की बची-खुची गुंजाइश भी खत्म हो जाती है और संबंध हमेशा के लिए टूट जाते हैं।रूठे जीवनसाथी या बिगड़े रिश्तों को सुधारने का सही और स्थायी तरीकायदि दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध या पारिवारिक रिश्ते में दूरियां आ गई हैं, तो पीपल के पत्ते या लौंग पर निर्भर रहने के बजाय व्यावहारिक और मानवीय तरीकों को अपनाना ही एकमात्र समाधान है। किसी भी रिश्ते की नींव प्यार, विश्वास, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान पर टिकी होती है, न कि किसी पर जबरन नियंत्रण स्थापित करने पर। रिश्ते सुधारने का सबसे पहला और कारगर कदम 'खुली बातचीत' (Open Communication) है। अपनी गलतियों को स्वीकार करना, सामने वाले की शिकायतों को बिना किसी पूर्वाग्रह के ध्यान से सुनना और अपनी उम्मीदों को स्पष्ट रूप से साझा करना किसी भी समस्या की आधी गांठ खोल देता है। दूसरा उपाय है 'सहानुभूति और समय'। यदि आप अपने पार्टनर को समय देते हैं, उनकी प्राथमिकताओं का आदर करते हैं और उनके सुख-दुख में बिना शर्त भागीदार बनते हैं, तो कोई भी रिश्ता स्वतः ही मजबूत होने लगता है। यदि विवाद बहुत गहरा है, तो किसी पेशेवर मैरिज काउंसलर या पारिवारिक परामर्शदाता की मदद लेना सबसे सुरक्षित और समझदारी भरा रास्ता है। वास्तविक समर्पण, मधुर वाणी और निस्वार्थ प्रेम ही वह सबसे बड़ा 'वशीकरण' है जो इंसान के दिल को हमेशा के लिए जीत सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:12 pm

इन 3 जगहों पर अपनी पत्नी को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, शास्त्र और व्यवहारिक जीवन में छिपे हैं गहरे मायने

भारतीय संस्कृति और पारिवारिक व्यवस्था में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि सात जन्मों का एक अटूट और पवित्र आत्मिक बंधन माना गया है। वैदिक परंपरा में पति को 'भर्ता' यानी भरण-पोषण करने वाला और 'पति' यानी रक्षा करने वाला संरक्षक कहा गया है, जबकि पत्नी को अर्धांगिनी और गृहलक्ष्मी का सर्वोच्च स्थान दिया गया है। जब दो लोग अग्नि को साक्षी मानकर जीवन भर साथ निभाने के सात फेरे लेते हैं, तो उनमें से एक सबसे प्रमुख वचन यह होता है कि सुख हो या दुख, अनुकूलता हो या विपत्ति, पति हर कदम पर अपनी पत्नी की ढाल बनकर खड़ा रहेगा। आज के आधुनिक, बदलते और भागदौड़ भरे सामाजिक परिवेश में भले ही महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर, सशक्त और आत्मविश्वास से लबरेज हैं, लेकिन रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव, आपसी साझेदारी और सुरक्षा का महत्व कभी कम नहीं होता। हमारे प्राचीन ग्रंथों, नीतिशास्त्रों और आधुनिक पारिवारिक मनोवैज्ञानिकों ने कुछ ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों और स्थानों का विशेष उल्लेख किया है, जहां एक समझदार पति को अपनी पत्नी को कभी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। इन मौकों पर पति की शारीरिक मौजूदगी और उसका मौन समर्थन न केवल स्त्री के आत्मसम्मान की रक्षा करता है, बल्कि वैवाहिक रिश्ते को जीवन भर के लिए अटूट और गहरा बना देता है।1. अस्पताल या गंभीर बीमारी के दौरान: सबसे नाजुक मोड़ पर चाहिए मजबूत सहाराजीवन में सबसे पहला और अत्यंत संवेदनशील स्थान होता है अस्पताल, क्लीनिक या वह परिस्थिति जब पत्नी किसी शारीरिक बीमारी अथवा मानसिक पीड़ा से गुजर रही हो। विशेष रूप से गर्भावस्था, प्रसव का समय, कोई गंभीर शल्य चिकित्सा (सर्जरी) या लंबी बीमारी के दौरान एक महिला शारीरिक रूप से अत्यधिक कमजोर और भावनात्मक रूप से बेहद संवेदनशील स्थिति में होती है। ऐसे समय में दवाइयां और डॉक्टर अपना चिकित्सकीय काम करते हैं, लेकिन मरीज के भीतर ठीक होने का आत्मविश्वास और आंतरिक संबल केवल अपने जीवनसाथी की निकटता से पैदा होता है। जब एक पति अस्पताल के गलियारों में पत्नी का हाथ थामे खड़ा रहता है, जांच रिपोर्टों की चिंता में उसके साथ बैठता है या उसके दर्द को अपनी आंखों से समझता है, तो वह अकेलापन और अनजाना भय पत्नी के मन से पूरी तरह दूर हो जाता है। इसके विपरीत, यदि ऐसी गंभीर और नाजुक घड़ियों में पति काम का बहाना बनाकर या अन्य जिम्मेदारियों की आड़ में पत्नी को रिश्तेदारों अथवा आया के भरोसे अकेला छोड़ दे, तो वह अकेलापन महिला के दिल में एक गहरी भावनात्मक खाई पैदा कर देता है। इसलिए स्वास्थ्य संकट या अस्पताल के माहौल में पति की मौजूदगी किसी भी दवा से बड़ी संजीवनी साबित होती है।2. अनजान, सुनसान या असुरक्षित माहौल: जहां हर पल जरूरी है सुरक्षा का घेरादूसरा स्थान जहां एक पति को कभी भी अपनी पत्नी को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, वह है कोई अनजान शहर, सुनसान इलाका, भीड़भाड़ वाला असुरक्षित स्थान या देर रात का कोई अपरिचित सफर। यद्यपि आज की महिलाएं अपने अधिकारों और आत्मरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग हैं, फिर भी एक जिम्मेदार जीवनसाथी होने के नाते बाहरी दुनिया के असामाजिक तत्वों और अप्रत्याशित खतरों से अपने परिवार को सुरक्षित रखना पुरुष का पहला नैतिक कर्तव्य बनता है। यदि आप किसी नए शहर में यात्रा पर गए हैं, किसी ऐसे सार्वजनिक स्थल पर हैं जहां माहौल संदिग्ध या असहज जान पड़ता है, या फिर किसी ऐसे समागम में हैं जहां पत्नी उस परिवेश और लोगों से बिल्कुल अपरिचित है, तो वहां उसका साथ छोड़ देना उसे असहज और असुरक्षित कर सकता है। ऐसे वातावरण में पति का साए की तरह साथ रहना महिला को मानसिक शांति और सुरक्षा की गहरी अनुभूति कराता है। यह कोई बंदिश या अविश्वास नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति प्रेम, परवाह और स्वाभाविक जिम्मेदारी का प्रकटीकरण है, जिससे किसी भी अनहोनी या असहज परिस्थिति से समय रहते बचा जा सकता है।3. जहां उसके आत्मसम्मान पर सवाल उठे: अपनों के बीच भी ढाल बनना जरूरीतीसरा और सामाजिक रूप से सबसे जटिल स्थान वह होता है जहां किसी पारिवारिक विवाद, सामाजिक सभा या रिश्तेदारों के बीच पत्नी के मान-सम्मान, चरित्र या आत्मगौरव पर अनुचित सवाल उठाए जा रहे हों। कई बार संयुक्त परिवार या नाते-रिश्तेदारों के जमावड़े में ऐसी असहज परिस्थितियां बन जाती हैं जहां किसी बात को लेकर पत्नी को अनावश्यक आलोचना, ताने या मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे नाजुक मौकों पर यदि पति चुप्पी साध ले या पत्नी को उन कटु परिस्थितियों में अकेले जूझने के लिए छोड़ दे, तो यह उस रिश्ते के लिए सबसे बड़ा आघात होता है। एक स्त्री अपने मायके, बचपन के आंगन और परिजनों को छोड़कर पूरी तरह पति के विश्वास पर एक नए परिवार में आती है; इसलिए जब कभी उसके आत्मसम्मान पर आंच आए, तो पति का दायित्व है कि वह निष्पक्षता, मर्यादा और दृढ़ता के साथ उसके पक्ष में खड़ा रहे। इसका अर्थ परिवार से लड़ना या अकारण विवाद खड़ा करना नहीं है, बल्कि अपनी उपस्थिति से यह स्पष्ट संदेश देना है कि उसकी पत्नी अकेली नहीं है और उसका स्वाभिमान दोनों का साझा सम्मान है। जब एक महिला देखती है कि विपरीत परिस्थितियों में भी उसका पति उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, तो उसका दांपत्य पर भरोसा अगाध हो जाता है।भावनात्मक उपस्थिति और भरोसे की नींव से संवरता है गृहस्थ जीवनरिश्तों का गणित केवल भौतिक सुख-सुविधाएं जुटाने या आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि जब मन में कोई भय, शंका या परेशानी हो तो जीवनसाथी कितनी मजबूती से साथ खड़ा है। जीवन में कई ऐसे चौराहे आते हैं जहां एक स्त्री को शब्दों से ज्यादा पति की उपस्थिति और उसकी आंखों में छिपे भरोसे की जरूरत होती है। जब एक पति अपनी पत्नी की शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ उसकी मानसिक और सामाजिक स्थिति का ख्याल रखता है, तो घर का वातावरण हमेशा सकारात्मक और तनावमुक्त बना रहता है। शास्त्रों में भी बार-बार यह रेखांकित किया गया है कि जिस घर में स्त्री को सुरक्षा, सम्मान और संबल मिलता है, वहां समृद्धि, शांति और दैवीय कृपा का वास होता है। इसलिए दांपत्य की इस गाड़ी को सुचारू रूप से चलाने के लिए दोनों पहियों का एक-दूसरे के प्रति सजग, समर्पित और सुरक्षात्मक होना अनिवार्य है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:10 pm

थर्मामीटर की कीमत कितनी होती है और ये शरीर का तापमान कैसे मापता है? जानें पारा, डिजिटल और इंफ्रारेड का पूरा साइंस

मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, फ्लू या किसी अंदरूनी संक्रमण की आहट सबसे पहले शरीर के बढ़ते तापमान के रूप में सामने आती है। ऐसे में डॉक्टर के पास भागने से पहले या घर पर प्राथमिक उपचार शुरू करने के लिए जो मेडिकल उपकरण सबसे पहले हाथ में आता है, वह है थर्मामीटर। मेडिकल साइंस में थर्मामीटर को मानव शरीर का प्राथमिक डायग्नोस्टिक टूल माना जाता है, जो यह बताता है कि हमारा इम्यून सिस्टम किसी बाहरी वायरस या बैक्टीरिया से लड़ते हुए कितना गर्म हो रहा है। आम दिनों में लोग इसे केवल बुखार नापने वाली छोटी सी छड़ी समझते हैं, लेकिन बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रकार के थर्मामीटरों के पीछे जटिल भौतिकी और सेंसर तकनीक काम करती है। आज के समय में जब हेल्थकेयर अवेयरनेस काफी बढ़ चुकी है, घर की दवा पेटी में एक सटीक और भरोसेमंद थर्मामीटर का होना अनिवार्य हो गया है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि एक अच्छे थर्मामीटर की वास्तविक कीमत क्या होती है, कौन सा थर्मामीटर सबसे सटीक नतीजा देता है और आखिर कांच की नली या डिजिटल स्क्रीन के भीतर ऐसी कौन सी तकनीक छिपी होती है जो चंद सेकंडों में हमारे शरीर की गर्मी को डिग्री फारेनहाइट या सेल्सियस में बदलकर सामने रख देती है।बाजार में थर्मामीटर के प्रमुख प्रकार और उनकी वर्तमान कीमतेंभारतीय बाजार और स्थानीय मेडिकल स्टोर्स पर मुख्य रूप से तीन प्रकार के क्लिनिकल थर्मामीटर उपलब्ध हैं, जिनकी कीमतें उनकी तकनीक, ब्रांड और फीचर्स के आधार पर तय होती हैं। सबसे पारंपरिक श्रेणी में पारा (मर्करी) ग्लास थर्मामीटर आता है, जिसकी कीमत लगभग ₹50 से लेकर ₹150 के बीच होती है। हालांकि पारे के जहरीले होने और कांच टूटने के खतरे के चलते अब कई अस्पतालों में इसका इस्तेमाल सीमित कर दिया गया है। दूसरी और सबसे लोकप्रिय श्रेणी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक थर्मामीटर की है, जो आज हर मध्यमवर्गीय परिवार की पहली पसंद बन चुका है। बेसिक डिजिटल थर्मामीटर की शुरुआती कीमत ₹100 से ₹150 से शुरू होकर डॉक्टर मोरपेन, हिक्स या सिटिजन जैसे ब्रांड्स में ₹250 से ₹500 तक जाती है। इनमें लचीली नोक (फ्लेक्सिबल टिप), वाटरप्रूफ बॉडी, लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले और बीप साउंड जैसी सुविधाएं मिलती हैं। तीसरी आधुनिक श्रेणी नॉन-कॉन्टैक्ट इंफ्रारेड थर्मामीटर (थर्मल गन) की है, जो बिना मरीज को छुए माथे से तापमान माप लेती है। यह तकनीक नवजात शिशुओं, बच्चों और क्लिनिकों के लिए मुफीद मानी जाती है। अच्छे ब्रांड्स जैसे ओमरॉन या डॉ. ट्रस्ट की इंफ्रारेड गन की कीमत आमतौर पर ₹800 से लेकर ₹2,500 के बीच होती है। इसके अलावा कानों के जरिए तापमान मापने वाले टिम्पेनिक (Ear) थर्मामीटर भी बाजार में ₹1,200 से ₹3,000 के ब्रैकेट में मिल जाते हैं।पारा थर्मामीटर कैसे काम करता है: थर्मल एक्सपेंशन का सीधा विज्ञानपारंपरिक कांच वाले क्लिनिकल थर्मामीटर का काम करने का तरीका शुद्ध रूप से भौतिक विज्ञान के 'थर्मल एक्सपेंशन' (ऊष्मीय प्रसार) नियम पर आधारित होता है। इस थर्मामीटर के निचले सिरे पर एक पतली धातु या कांच का बल्ब होता है, जिसके भीतर तरल पारा यानी मर्करी भरी होती है। पारा एकमात्र ऐसी धातु है जो सामान्य कमरे के तापमान पर भी द्रव अवस्था में रहती है और तापमान के मामूली उतार-चढ़ाव पर बहुत तेजी से फैलती या सिकुड़ती है। जब थर्मामीटर के बल्ब को मरीज की जीभ के नीचे या कांख (आर्मपिट) में रखा जाता है, तो शरीर की आंतरिक ऊष्मा बल्ब के जरिए पारे तक ट्रांसफर होती है। गर्मी पाकर पारे के अणुओं में गतिज ऊर्जा बढ़ती है और वह फैलने लगता है। चूंकि बल्ब के आगे केवल एक बेहद बारीक कांच की केशिका नली (Capillary Tube) होती है, इसलिए फैलने के लिए पारे के पास ऊपर चढ़ने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता। केशिका नली के आधार पर एक संकीर्ण मोड़ (Constriction) बना होता है, जो तापमान नापने के बाद थर्मामीटर को मुंह से बाहर निकालने पर पारे को अपने-आप तुरंत नीचे गिरने से रोकता है। कांच पर बने 95F से 108F (या 35C से 42C) के चिह्नों को देखकर डॉक्टर यह तय करते हैं कि पारा किस निशान तक चढ़ा है, और फिर उसे जोर से झटक कर पारा वापस नीचे बल्ब में भेजा जाता है।डिजिटल थर्मामीटर का अंदरूनी तंत्र: थर्मिस्टर और माइक्रोप्रोसेसर का खेलआज घरों में इस्तेमाल होने वाले डिजिटल थर्मामीटर में किसी प्रकार का तरल पदार्थ या पारा नहीं होता, बल्कि यह पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक सर्किट पर काम करता है। इसके नुकीले सिरे (मेटल टिप) के ठीक पीछे एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट लगा होता है जिसे थर्मिस्टर (Thermistor - थर्मल रेजिस्टर) कहा जाता है। थर्मिस्टर की बनावट सेमीकंडक्टर धातु ऑक्साइड से होती है, जिसका विद्युत प्रतिरोध (Electrical Resistance) तापमान बदलने पर अत्यधिक संवेदनशीलता से बदलता है। आमतौर पर इसमें नेगेटिव टेम्परेचर कोएफिशिएंट (NTC) तकनीक होती है, जिसका अर्थ है कि जैसे ही मरीज के शरीर की गर्मी से टिप गर्म होती है, थर्मिस्टर का विद्युत प्रतिरोध तेजी से घटने लगता है। थर्मामीटर के भीतर लगी एक छोटी सी बटन सेल बैटरी सर्किट में एक हल्का करंट प्रवाहित करती है। जब प्रतिरोध बदलता है, तो करंट के बहाव में भी ठीक उसी अनुपात में बदलाव आता है। अंदर मौजूद एक माइक्रोप्रोसेसर चिप इस करंट परिवर्तन को मिलीसेकंड्स में कैलकुलेट करती है और उसे एक एनालॉग-टू-डिजिटल कनवर्टर (ADC) के जरिए सटीक संख्यात्मक तापमान में बदल देती है। जैसे ही तापमान बढ़ना स्थिर होता है, सर्किट में लगा बीपर बज उठता है और एलसीडी स्क्रीन पर अंतिम तापमान दर्ज हो जाता है।इंफ्रारेड थर्मामीटर की बिना छुए मापने वाली तकनीक: थर्मोपाइल और इन्फ्रारेड किरणेंकोविड महामारी के बाद से नॉन-कॉन्टैक्ट इंफ्रारेड थर्मामीटर सार्वजनिक स्थलों, अस्पतालों और घरों में काफी लोकप्रिय हुए हैं। इस थर्मामीटर का सिद्धांत इस प्राकृतिक वैज्ञानिक सत्य पर काम करता है कि परम शून्य तापमान (-273.15C) से ऊपर मौजूद ब्रह्मांड की प्रत्येक वस्तु और जीवित शरीर अदृश्य 'थर्मल रेडिएशन' यानी इंफ्रारेड किरणें उत्सर्जित करता है। जब किसी व्यक्ति का शरीर जितना ज्यादा गर्म होगा, उसकी त्वचा से निकलने वाली इंफ्रारेड किरणों की तीव्रता उतनी ही अधिक होगी। इंफ्रारेड थर्मामीटर के आगे एक ऑप्टिकल लेंस लगा होता है, जो मरीज के माथे या कनपटी से निकलने वाली थर्मल किरणों को इकट्ठा करके भीतर लगे थर्मोपाइल सेंसर (Thermopile Sensor) पर केंद्रित करता है। थर्मोपाइल वास्तव में कई छोटे थर्मोकपल्स का समूह होता है, जो इंफ्रारेड विकिरण की ऊष्मा को सीधे माइक्रोवोल्ट बिजली में बदल देता है। डिवाइस का आंतरिक कंप्यूटर प्रोग्राम इस वोल्टेज को फारेनहाइट या सेल्सियस तापमान में डिकोड करता है और मात्र एक से दो सेकंड के भीतर स्क्रीन पर रिजल्ट डिस्प्ले कर देता है। इसमें मरीज को छूने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण फैलने का खतरा शून्य हो जाता है।शरीर का सही तापमान मापने के बुनियादी नियम और सही तरीकाथर्मामीटर चाहे कितना भी महंगा हो, यदि उसका इस्तेमाल गलत तरीके से किया जाए तो गलत रीडिंग आ सकती है, जिससे इलाज की दिशा भटक सकती है। एक स्वस्थ वयस्क का सामान्य शारीरिक तापमान लगभग 98.6F (37C) माना जाता है, हालांकि दिन के समय और शारीरिक गतिविधियों के आधार पर इसमें 97.8F से 99F तक का सामान्य उतार-चढ़ाव संभव है। यदि आप डिजिटल थर्मामीटर से मुंह (ओरल) में रीडिंग ले रहे हैं, तो टिप को जीभ के ठीक नीचे पीछे की तरफ रखें और मुंह बंद रखें; ध्यान रहे कि तापमान नापने से कम से कम 15 मिनट पहले तक मरीज ने कुछ ठंडा या बहुत गर्म न खाया-पिया हो। यदि कांख (Axillary) में तापमान नापा जा रहा है, तो टिप को पसीने से सुखाकर त्वचा से सटाकर रखें; कांख की रीडिंग सामान्यतः ओरल रीडिंग से लगभग 0.5F से 1F कम आती है, इसलिए डॉक्टर अक्सर उसमें 1 डिग्री जोड़कर कुल बुखार का आकलन करते हैं। बच्चों के मामले में इंफ्रारेड गन का प्रयोग करते समय माथे से पसीना पोंछ लें और डिवाइस को माथे से 1 से 3 सेंटीमीटर की निर्धारित दूरी पर ही रखें।थर्मामीटर की सफाई, रखरखाव और घर के लिए बेस्ट विकल्पथर्मामीटर की सटीकता बनाए रखने के लिए उसका सही रखरखाव बेहद जरूरी है। हर इस्तेमाल के बाद डिजिटल थर्मामीटर की टिप को 70% आइसोप्रोपिल अल्कोहल या सैनिटाइजिंग वाइप से अच्छी तरह साफ करना चाहिए; इसे कभी भी उबलते पानी में न धोएं क्योंकि इससे इलेक्ट्रॉनिक सर्किट या बैटरी खराब हो सकती है। जब डिस्प्ले पर बैटरी का इंडिकेटर धीमा या ब्लिंक करता दिखे, तो तुरंत नया सेल डालें क्योंकि कमजोर बैटरी के कारण कई बार थर्मामीटर गलत रीडिंग दिखाने लगता है। यदि आपके घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, तो फ्लेक्सिबल सॉफ्ट टिप वाला वाटरप्रूफ डिजिटल थर्मामीटर सबसे मुफीद और सुरक्षित विकल्प है। वहीं नवजात शिशुओं के लिए बिना छुए सेकंडों में रीडिंग देने वाली इंफ्रारेड गन सबसे सुविधाजनक साबित होती है। पारे वाले थर्मामीटर को घर में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि यदि वह दुर्घटनावश फर्श पर गिरकर टूट जाए, तो पारे की जहरीली वाष्प सांस के जरिए फेफड़ों और तंत्रिका तंत्र को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:08 pm

'ये यौन उत्पीड़न के बराबर', NTR संग AI वीडियो पर बोलीं जाह्नवी

देवरा फिल्म के गाने चुट्टामल्ले का एक AI से बनाया डीपफेक वीडियो काफी वायरल हुआ था, जिसपर जूनियर एनटीआर ने नाराजगी जताई थी. अब जाह्नवी कपूर ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है, और इस घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया है.

आज तक 4 Oct 2026 10:06 pm

'वोट के अधिकार से वंचित करना अपने आप में मनमाना है', SIR विवाद के बीच जस्टिस भुइयां की टिप्पणी

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि वोट के अधिकार के बिना लोगों का मूल्य ही क्या रहेगा? वोट से वंचित कर दूसरे दर्जे का नागरिक बनाना मनमाना है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 10:05 pm

हर महीने ₹8,000 की SIP से कितना बनेगा फंड? 10, 15 और 20 साल में कितनी रकम होगी तैयार, समझें पूरा कैलकुलेशन

बढ़ती महंगाई और अनिश्चित आर्थिक परिदृश्यों के बीच अपने भविष्य, बच्चों की उच्च शिक्षा या रिटायरमेंट के लिए एक मजबूत फंड तैयार करना हर वेतनभोगी और कारोबारी की पहली प्राथमिकता बन चुका है। पारंपरिक बचत योजनाओं जैसे बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट या रिकरिंग डिपॉजिट में मिलने वाला ब्याज अक्सर मुद्रास्फीति को मात देने में असमर्थ साबित होता है। ऐसे में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी (SIP) मध्यम वर्ग और छोटे निवेशकों के लिए सबसे शक्तिशाली वेल्थ क्रिएशन टूल बनकर उभरा है। एसआईपी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें आपको एकमुश्त भारी रकम की दरकार नहीं होती; आप अपनी मासिक आमदनी में से एक निश्चित हिस्सा हर महीने अनुशासित तरीके से इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर सकते हैं। जब आप हर महीने ₹8,000 जैसी व्यावहारिक रकम को लंबी अवधि के लिए बाजार में लगाते हैं, तो रुपया लागत औसत (Rupee Cost Averaging) और चक्रवृद्धि ब्याज यानी कंपाउंडिंग (Power of Compounding) का ऐसा जादू चलता है कि आपका छोटा सा मासिक योगदान आने वाले वर्षों में करोड़ों रुपये के विशाल वित्तीय सुरक्षा कवच में तब्दील हो जाता है।10 साल का सफर: पहले दशक में निवेश और अनुमानित रिटर्न का गणितयदि कोई निवेशक हर महीने बिना रुके ₹8,000 की एसआईपी शुरू करता है और इसे लगातार 10 वर्षों यानी 120 महीनों तक जारी रखता है, तो एक ठोस वित्तीय आधार तैयार होता है। भारतीय शेयर बाजार और डाइवर्सिफाइड लार्ज व फ्लेक्सी-कैप इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का दीर्घकालिक ऐतिहासिक ट्रैक रिकॉर्ड लगभग 12 प्रतिशत का वार्षिक सीएजीआर (CAGR) रिटर्न दिखाता रहा है। इस 12% के मानक अनुमानित रिटर्न के आधार पर 10 साल का पूरा गणित इस प्रकार बैठता है: 10 वर्षों में आपकी जेब से कुल जमा की गई मूल पूंजी ₹9,60,000 (लगभग ₹9.60 लाख) होगी। वहीं इस अवधि में 12% वार्षिक अनुमानित रिटर्न के फॉर्मूले से आपको मिलने वाला कुल अनुमानित वेल्थ गेन लगभग ₹8,99,000 होगा। इस प्रकार 10 साल पूरे होने पर आपका कुल मैच्योरिटी फंड लगभग ₹18.59 लाख (करीब ₹18.6 लाख) का तैयार हो जाएगा। यह फंड किसी भी आकस्मिक जरूरत, बच्चे की शुरुआती कॉलेज फीस या कार की खरीद के लिए एक मजबूत सहारा बनता है, जहां आपकी कुल पूंजी लगभग दोगुनी हो चुकी होती है।15 साल में दिखेगा कंपाउंडिंग का असली असर: कॉर्पस पहुंचेगा ₹40 लाख के पारकंपाउंडिंग की असली खूबसूरती समय के साथ निखरती है; एसआईपी जितनी पुरानी होती जाती है, रिटर्न की रफ्तार उतनी ही तेज होती जाती है। यदि आप अपनी ₹8,000 की मासिक एसआईपी को 10 साल पर रोकने के बजाय अगले 5 और वर्षों यानी कुल 15 साल (180 महीने) तक अनवरत चालू रखते हैं, तो परिणाम चौंकाने वाले होते हैं। 15 वर्षों के दौरान आपकी कुल निवेशित राशि ₹14,40,000 (₹14.40 लाख) होगी। अब ध्यान देने वाली बात यह है कि इस अवधि में 12% के औसत रिटर्न से आपका अनुमानित ब्याज या वेल्थ गेन उछलकर लगभग ₹26,00,000 के आसपास पहुंच जाएगा। यानी आपने जितना पैसा अपनी जेब से लगाया, उससे लगभग दोगुना लाभ आपको केवल कंपाउंडिंग ब्याज के रूप में हासिल होगा। इस तरह 15 साल की समाप्ति पर आपका कुल पोर्टफोलियो मूल्य लगभग ₹40.37 लाख (करीब ₹40.4 लाख) का भारी-भरकम फंड बन जाएगा। यह वह दौर होता है जब आपका पैसा आपके लिए खुद काम करना शुरू कर देता है और ब्याज पर भी चक्रवर्ती ब्याज जुड़ने लगता है।20 साल का चमत्कार: महज ₹19 लाख का निवेश और हाथ में आएगा ₹80 लाख का फंडजब कोई निवेशक वित्तीय अनुशासन का परिचय देते हुए 20 साल (240 महीने) के लंबे समय तक टिके रहने का धैर्य दिखाता है, तो वह सही मायनों में 'वेल्थ क्रिएशन' के ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंचता है। 20 वर्षों में हर महीने ₹8,000 जमा करने पर आपकी जेब से कुल निवेशित राशि सिर्फ ₹19,20,000 (₹19.20 लाख) ही होगी। लेकिन 12% के अनुमानित वार्षिक रिटर्न के साथ इस अवधि में आपको मिलने वाला वेल्थ गेन लगभग ₹60,73,000 हो जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि 20 साल बाद आपका कुल मैच्योरिटी कॉर्पस लगभग ₹79.93 लाख (यानी पूरे ₹80 लाख के बराबर) तैयार हो जाएगा। यदि बाजार का प्रदर्शन थोड़ा और बेहतर रहा और फंड ने औसतन 14% से 15% का सालाना रिटर्न दे दिया, तो यही ₹8,000 की एसआईपी 20 साल में ₹1 करोड़ से लेकर ₹1.2 करोड़ का विशाल फंड भी बना सकती है। यह फंड रिटायरमेंट के बाद बिना किसी पर निर्भर रहे एक तनावमुक्त और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पर्याप्त होता है।स्टेप-अप एसआईपी: आमदनी बढ़ने के साथ हर साल जोड़ें 10% और देखें करोड़ों का जादूयदि आप सामान्य एसआईपी की जगह 'स्टेप-अप एसआईपी' (Step-Up SIP) का आधुनिक तरीका अपनाते हैं, तो यही रिटर्न दोगुने से भी अधिक हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों का वेतन हर साल इंक्रीमेंट के साथ बढ़ता है, इसलिए वित्तीय योजनाकार सलाह देते हैं कि अपनी एसआईपी में भी हर साल कम से कम 10% का ऑटो-इंक्रीज (टॉप-अप) सेट करें। उदाहरण के लिए, पहले साल आपने हर महीने ₹8,000 दिए, दूसरे साल 10% बढ़ाकर ₹8,800 प्रति माह, तीसरे साल ₹9,680 प्रति माह और इसी क्रम में आगे बढ़ते रहे। इस 10% स्टेप-अप रणनीति से 20 साल में आपकी जेब से कुल निवेश लगभग ₹55 लाख के आसपास जाएगा, लेकिन 12% के रिटर्न पर 20 साल बाद मिलने वाला कुल मैच्योरिटी फंड सीधे ₹1.5 करोड़ से ₹1.8 करोड़ के पार पहुंच जाएगा। स्टेप-अप एसआईपी न केवल आपकी बढ़ती क्रय शक्ति को संतुलित करती है, बल्कि आपको समय से कई साल पहले करोड़पति क्लब में शामिल होने का मौका भी देती है।एसआईपी शुरू करते समय ध्यान रखने योग्य जरूरी नियम और जोखिम प्रबंधनम्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करना बेहद आसान है, लेकिन अधिकतम मुनाफा कमाने के लिए कुछ बुनियादी नियमों की गांठ बांधना जरूरी है। सबसे पहली बात यह है कि किसी एक ही फंड में पूरा ₹8,000 लगाने के बजाय जोखिम को बांटने के लिए इसे दो या तीन अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करें; जैसे ₹4,000 एक अच्छे लार्ज एंड मिड-कैप फंड में, ₹2,500 फ्लेक्सी-कैप फंड में और ₹1,500 किसी स्मॉल-कैप फंड में। दूसरी अहम बात यह है कि जब भी शेयर बाजार में भारी गिरावट आए या मंदी का दौर चले, तो घबराकर कभी भी अपनी एसआईपी बंद न करें। बाजार की गिरावट में आपको उसी ₹8,000 में म्यूचुअल फंड की ज्यादा एनएवी (NAV) यूनिट्स मिलती हैं, जो बाजार में तेजी आते ही रिटर्न को रॉकेट बना देती हैं। अंत में, हमेशा 'डायरेक्ट प्लान' (Direct Plan) और 'ग्रोथ ऑप्शन' (Growth Option) का ही चयन करें, क्योंकि रेगुलर प्लान में बिचौलियों का कमीशन कटने से लंबे समय में लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 10:03 pm

इंस्पेक्टर की बहादुरी से पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी

गुजरात के नडियाद रेलवे स्टेशन पर 3.75 करोड़ रुपये के सोने की लूट का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया. अहमदाबाद ग्रामीण पुलिस और रेलवे पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 2.90 किलो पूरा सोना बरामद किया. आरोपियों से दो कारें, मोबाइल फोन और नकदी भी मिली. पुलिस कार्रवाई के दौरान इंस्पेक्टर गढ़वी ने जोखिम उठाकर भागती कार रोककर आरोपियों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई.

आज तक 4 Oct 2026 10:01 pm

दिवाली और छठ पर अब सभी को मिलेगी सीट, दिल्ली-मुंबई से यूपी-बिहार के रूट पर रेलवे चलाएगा ट्रेन ऑन डिमांड 

Indian Railways News: भारतीय रेलवे ने दिवाली और छठ पूजा 2026 की भारी भीड़ को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. जिन रूट्स पर वेटिंग लिस्ट बहुत ज्यादा लंबी है, वहां ट्रेन ऑन डिमांड योजना के तहत तुरंत नई ट्रेनें चलाई जाएंगी. जानिए इस सुविधा का पूरा लाभ उठाने का तरीका.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 9:57 pm

आधी रात बुलेट से दादा के घर पहुंची पोती, क्रिकेट बैट से वार कर मार डाला

Indore Crime News: इंदौर के एरोड्रम में पोती ने बुलेट से पहुंचकर सो रहे दादा की क्रिकेट बैट से हत्या की. डीसीपी नरेंद्र रावत के मुताबिक, 7-8 साल पुरानी प्रताड़ना के गुस्से में की वारदात. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 4 Oct 2026 9:55 pm

Guru Pradosh Vrat Katha: अक्टूबर में गुरु प्रदोष व्रत कब है? जानें प्रदोष व्रत कथा, पूजा-विधि और शुभ मुहूर्त

अक्टूबर के महीने में पहला प्रदोष व्रत गुरुवार को रखा जाएगा, इसलिए इसे गुरु प्रदोष व्रत भी कहा जाता है. यहां जानिए गुरु प्रदोष व्रत कथा और पूजा विधि.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 9:55 pm

बम बनाने से कार चुराने तक... AI का हो रहा दुरुपयोग, हूती विद्रोहियों ने मिसाइल बनाने में किया इस्तेमाल

एआई का दुरुपयोग अब साइबर अपराध और डीपफेक से आगे बढ़कर बम बनाने और कार चुराने जैसे गंभीर आपराधिक कार्यों में हो रहा है।

जागरण 4 Oct 2026 9:54 pm

अब हम खुद बनाएंगे सड़क... बिहार में खतरनाक सड़क को लेकर सोता रहा प्रशासन, ग्रामीणों ने चंदा कर की मरम्मत

युवाओं ने आपस में चंदा जुटाकर सीमेंट, बालू और गिट्टी की व्यवस्था की और श्रमदान करते हुए NH 31 सड़क पर बने गड्ढे को भरकर उसकी मरम्मत की. युवाओं के इस कदम से राहगीरों को तत्काल राहत मिली है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 9:53 pm

Supreme Court जज की टिप्पणी के बाद CEC ज्ञानेश कुमार पद पर रहने का नैतिक हक खो चुके: Congress

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश उज्ज्वल भुइयां द्वारा मतदान के अधिकार को लेकर दिये गये बयान का हवाला देते हुए रविवार को दावा किया कि उनकी टिप्पणियों से यह साबित होता है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ने संविधान की भावना और उसके प्रावधानों का उल्लंघन किया है। विपक्षी दल ने कहा कि न्यायमूर्ति भुइयां की टिप्पणी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को “पूरी तरह बेनकाब कर दिया है” और अब उनके पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक खबर साझा की, जिसमें न्यायमूर्ति भुइयां के हवाले से कहा गया है कि यदि किसी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिक अपने ही देश में दोयम दर्जे के नागरिक बन जाएं और उनके पास मतदान का अधिकार न रहे, तो ऐसी प्रक्रिया पूरी तरह से मनमानी है। रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश उज्ज्वल भुइयां पर्यावरण संरक्षण के मुखर समर्थक रहे हैं।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अब इस साहसी न्यायविद् ने जोरदार ढंग से यह मत व्यक्त किया है कि मतदान का अधिकार संविधान की मूल संरचना का अभिन्न हिस्सा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह निर्णायक रूप से साबित करता है कि संवैधानिक पद पर बैठे होने के बावजूद सीईसी ने संविधान की भावना और उसके प्रावधानों का उल्लंघन किया है।’’रमेश ने कहा, ‘‘न्यायमूर्ति भुइयां ने इससे कहीं अधिक कहा है और उन्होंने सीईसी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। ज्ञानेश कुमार के पास अब पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है।’’कांग्रेस नेता का यह बयान समाचारपत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज कराई थी।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 9:52 pm

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार SC में सुनवाई, CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने पेश होगा मामला

याचिका में SIR के दौरान कथित रूप से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग या विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की गई है.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 9:51 pm

School Holiday: 5

School Holiday 5 October 2026: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और खराब मौसम का अलर्ट है। ऐसे में क्या 5 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे? जानें किन राज्यों में बारिश के आसार हैं और छुट्टी को लेकर क्या है अपडेट।

मौसम ब्रेकिंग 4 Oct 2026 9:50 pm

135 साल पुरानी लाइब्रेरी और 8.5 लाख किताबों का क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्री भवन से 135 साल पुरानी केंद्रीय सचिवालय पुस्तकालय (सीएसएल) को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास के तहत स्थानांतरित करने के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया है।

जागरण 4 Oct 2026 9:46 pm

जान्हवी कपूर ने अपने फेक AI वीडियो पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं यह यौन उत्पीड़न जैसा ही

जान्हवी कपूर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में जूनियर एनटीआर समेत उन तमाम सितारों को शुक्रिया कहा जिन्होंने इस मुद्दे पर उनका साथ दिया और AI फेक वीडियोज के खिलाफ आवाज उठाई.

NDTV इंडिया 4 Oct 2026 9:45 pm

कर्नाटक में BJP कार्यकर्ताओं पर FIR कराने का पुलिस पर दबाव: BY Vijayendra

बेंगलुरु, चार अक्टूबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य की कांग्रेस सरकार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रपत्र-7 आवेदनों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज करने के लिए पुलिस पर दबाव बना रही है। राज्य के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों और विधायकों के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) वी. अनबुकुमार के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे और एसआईआर के दौरान कथित ‘‘चुनावी धोखाधड़ी’’ को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। विजयेंद्र ने कहा कि भाजपा ने इस मुद्दे को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एम. ए. सलीम के समक्ष उठाया है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा, विपक्ष के नेता आर. अशोक और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को डीजीपी से मुलाकात की थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रही, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। विजयेंद्र ने तुमकुरु जिले के गुब्बी विधानसभा क्षेत्र में ‘बूथ विजय संकल्प यात्रा’ के दौरान पत्रकारों से कहा, ‘‘प्रपत्र-7 को बहाना बनाकर डी. के. शिवकुमार यह भूल गए हैं कि वह राज्य के मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने सीईओ के कार्यालय में धरना दिया। इसके परिणामस्वरूप, कांग्रेस सरकार पुलिस विभाग पर दबाव बना रही है और भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा रही है।’’उन्होंने कहा कि प्रपत्र-7 मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत एक प्रावधान है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज दोहरे या मृत मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जा सकता है। विजयेंद्र ने कहा, ‘‘हमारे द्वारा जमा किया गया प्रपत्र-7 यदि वैध है, तो उसे स्वीकार किया जाएगा। लेकिन केवल ऐसा प्रपत्र जमा करने के आधार पर पुलिस विभाग को आपराधिक मामला दर्ज करने का कोई अधिकार नहीं है। हमने कल डीजीपी एम. ए. सलीम से यही बात कही थी।’’भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार इस विश्वास में सत्ता और धन का दुरुपयोग कर रही है कि वह कोई भी चुनाव जीत सकती है। उन्होंने कहा कि भाजपा उसे ‘‘उचित सबक सिखाएगी’’। उन्होंने आरोप लगाया कि सूखे के बीच राज्य सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 2,500 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक यह राशि जारी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए कम से कम 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग की है। विजयेंद्र ने कहा, ‘‘राज्य की वित्तीय स्थिति बेहद खराब हो गई है।’’ उन्होंने कर्नाटक की वित्तीय स्थिति पर श्वेतपत्र जारी करने की अपनी मांग दोहराई। कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिंचाई और सड़कों की मरम्मत के लिए धनराशि जारी करने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ विभागों में वेतन के भुगतान में भी देरी हुई है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 9:42 pm

उर्वशी रौतेला ने मेल मॉडल संग दिए इंटीमेट पोज, यूजर ने पूछे सवाल

उर्वशी रौतेला अपने बयानों के साथ-साथ अपने लुक्स को लेकर भी सुर्खियों में बनी रहती हैं. उनकी एक रील खूब सुर्खियां बंटोर रही है. सोशल मीडिया पर यूजर्स काफी रिएक्शन दे रहे हैं.

आज तक 4 Oct 2026 9:39 pm

ट्रेन से साइकिल, बाइक या स्कूटर ले जाना है? जानिए बुकिंग का आसान तरीका, जरूरी डॉक्यूमेंट्स और कितना आएगा खर्च

भारतीय रेलवे देश के हर कोने को आपस में जोड़ने वाली सबसे भरोसेमंद जीवनरेखा है, जो केवल यात्रियों को ही उनकी मंजिल तक नहीं पहुंचाती बल्कि उनके सामान और वाहनों को भी सुरक्षित गंतव्य तक ले जाती है। नौकरी में ट्रांसफर होना हो, उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहर शिफ्ट करना हो या फिर लंबी छुट्टी पर अपनी ही बाइक से नई सड़कें नापने का रोमांच, अक्सर लोग इस उलझन में पड़ जाते हैं कि अपनी साइकिल, स्कूटर या भारी-भरकम मोटरसाइकिल को दूसरे शहर कैसे ले जाएं। निजी ट्रांसपोर्ट या सड़क मार्ग से ट्रक में वाहन भेजना न केवल जेब पर भारी पड़ता है बल्कि रास्तों के झटकों से गाड़ी में टूट-फूट का जोखिम भी बहुत ज्यादा बना रहता है। ऐसे में भारतीय रेल सबसे किफायती, सुरक्षित और समय पर डिलीवरी देने वाला विकल्प बनकर सामने आती है। रेलवे के जरिए आप अपनी साइकिल या दोपहिया वाहन को दो अलग-अलग तरीकों से भेज सकते हैं, पहला तरीका है लगेज बुकिंग और दूसरा तरीका है पार्सल बुकिंग। यदि आपको उसी ट्रेन में सफर करना है जिसमें आपकी गाड़ी जाएगी तो लगेज बुकिंग सबसे मुफीद साबित होती है, जबकि बिना खुद यात्रा किए सिर्फ गाड़ी को दूसरे स्टेशन भेजने के लिए पार्सल सेवा का इस्तेमाल किया जाता है। बहुत से लोग रेलवे के नियमों की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण पार्सल ऑफिस के चक्कर काटते रहते हैं और बिचौलियों के चंगुल में फंसकर अतिरिक्त पैसे गंवा बैठते हैं। सही प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेजों की अग्रिम तैयारी और पैकिंग के बुनियादी नियमों को समझकर आप चंद मिनटों में अपनी गाड़ी बुक करवा सकते हैं।लगेज और पार्सल बुकिंग के बीच का बुनियादी अंतर और सही विकल्प का चुनावरेलवे से दोपहिया वाहन बुक करने से पहले यह तय करना बेहद आवश्यक है कि आपकी प्राथमिकता क्या है और आप किस श्रेणी के तहत बुकिंग करना चाहते हैं। लगेज बुकिंग की सुविधा उन मुसाफिरों के लिए होती है जिनके पास उसी ट्रेन का कन्फर्म या वैध यात्रा टिकट मौजूद होता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि जैसे ही आपकी ट्रेन गंतव्य स्टेशन पर रुकती है, आप पार्सल वैन से अपनी बाइक या साइकिल उसी समय तुरंत अनलोड करवाकर घर ले जा सकते हैं। इसमें गाड़ी के गुम होने या किसी दूसरे स्टेशन पर छूटने की गुंजाइश न के बराबर होती है। इसके विपरीत पार्सल बुकिंग का विकल्प तब चुना जाता है जब वाहन मालिक खुद ट्रेन से यात्रा नहीं कर रहा होता या फिर उसकी ट्रेन में पार्सल वैन की जगह उपलब्ध नहीं होती। पार्सल बुकिंग में रेलवे अपनी सुविधा और रूट के रैक लोड के मुताबिक गाड़ी को उपलब्ध मालगाड़ी या एक्सप्रेस ट्रेन के पार्सल यान में लोड करता है। पार्सल के जरिए भेजी गई गाड़ी आमतौर पर गंतव्य स्टेशन तक पहुंचने में लगेज के मुकाबले कुछ घंटों या एक-दो दिन का अतिरिक्त वक्त ले सकती है। पार्सल पहुंचने के बाद संबंधित स्टेशन के पार्सल घर से सूचना मिलने पर या ट्रैकिंग विवरण के आधार पर रिसीवर को तय समय सीमा के भीतर गाड़ी छुड़वानी होती है, अन्यथा रेलवे प्लेटफॉर्म पर गाड़ी रखने का विलंब शुल्क यानी वेयरहाउस चार्ज वसूलता है। इसलिए यदि आपको तुरंत गाड़ी की दरकार है तो कन्फर्म टिकट के साथ लगेज बुकिंग का चयन करें, और यदि समय को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है तो पार्सल बुकिंग सबसे उपयुक्त माध्यम है।बुकिंग के लिए जरूरी दस्तावेज और पहचान पत्र की अनिवार्यतारेलवे पार्सल कार्यालय में किसी भी वाहन को बुक करने से पहले सुरक्षा और कानूनी मानकों को पूरा करना अनिवार्य होता है ताकि चोरी या लावारिस वाहनों के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। सबसे पहला और महत्वपूर्ण दस्तावेज गाड़ी का मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी है, जो यह साबित करता है कि वाहन पूरी तरह कानूनी है। आरसी की ओरिजिनल कॉपी के साथ-साथ उसकी कम से कम दो-तीन साफ फोटोकॉपी अपने पास रखना जरूरी है। इसके अलावा वाहन का वैध बीमा यानी इंश्योरेंस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है, जिसकी अवधि समाप्त न हुई हो। इंश्योरेंस पेपर इसलिए भी जरूरी होता है क्योंकि बुकिंग फॉर्म भरते समय गाड़ी का घोषित मूल्य यानी डिक्लेयर्ड वैल्यू तय की जाती है, जिसके आधार पर ही किसी दुर्घटना या नुकसान की स्थिति में रेलवे से क्लेम तय होता है। गाड़ी का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र यानी पीयूसी भी संलग्न करना होता है। भेजने वाले व्यक्ति का सरकारी पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस की स्व-सत्यापित प्रति जमा करनी होती है। यदि आप लगेज के तौर पर गाड़ी ले जा रहे हैं तो आपका यात्रा टिकट दिखाना आवश्यक होगा। यदि गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है और उसे आप भेज रहे हैं, तो ऐसी दशा में मूल मालिक की ओर से जारी किया गया अथॉरिटी लेटर और मालिक के आधार कार्ड की कॉपी साथ लगाना अनिवार्य होता है। साइकिल भेजने के मामले में किसी आरसी की आवश्यकता नहीं होती, वहां केवल खरीद की रसीद या पहचान पत्र के आधार पर सामान्य बुकिंग फॉर्म भरकर काम चल जाता है।पेट्रोल टंकी खाली करने का कड़ा नियम और सुरक्षित पैकिंग की तरकीबट्रेन से पेट्रोल चालित कोई भी वाहन भेजते समय सुरक्षा मानकों का सबसे कड़ाई से पालन किया जाता है। रेलवे एक्ट के तहत चलती ट्रेन में किसी भी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ ले जाना गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है, इसलिए स्टेशन ले जाने से पहले या पार्सल शेड में बाइक अथवा स्कूटर की पेट्रोल टंकी को पूरी तरह खाली करना पड़ता है। पार्सल क्लर्क गाड़ी को हरी झंडी देने से पहले कार्बोरेटर और फ्यूल टैंक की सघन जांच करता है; यदि टंकी में थोड़ा भी पेट्रोल बच जाता है तो रेलवे भारी जुर्माना ठोंक सकता है और बुकिंग रद्द कर सकता है। टंकी से पेट्रोल निकालने के बाद स्टेशन के बाहर या पार्सल शेड के पास मौजूद अधिकृत पैकर्स से गाड़ी की मुकम्मल पैकिंग करवानी चाहिए। पैकिंग के दौरान हेडलाइट, इंडिकेटर, रियर व्यू मिरर, एग्जॉस्ट पाइप और स्पीडोमीटर जैसे नाजुक हिस्सों पर बबल रैप, कार्डबोर्ड और मजबूत गनी बैग यानी टाट के बोरे की दोहरी परत लपेटकर सुतली से कसकर बंधवाना चाहिए। यह सुरक्षित पैकिंग रास्ते में अन्य भारी पार्सलों के रगड़ खाने या झटकों से गाड़ी के पेंट और पुर्जों को खरोंच लगने से बचाती है। पैकिंग पूरी हो जाने के बाद सफेद कपड़े की पट्टी पर मार्कर से ओरिजिन स्टेशन, डेस्टिनेशन स्टेशन, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर, बुकिंग पर्ची संख्या और रिसीवर का पूरा नाम व मोबाइल नंबर साफ अक्षरों में लिख दिया जाता है, जिसे रेलवे की भाषा में मार्किंग कहते हैं। साइकिल को भेजते समय उसके पैडल को उल्टा घुमाकर बांध देना चाहिए और हैंडल को सीधा करके फ्रेम के साथ टाई कर देना चाहिए ताकि वह पार्सल वैन में कम से कम जगह घेरे।स्टेप-बाय-स्टेप बुकिंग प्रक्रिया और ऑनलाइन पार्सल पोर्टल का उपयोगगाड़ी बुक करने के लिए आपको ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से कम से कम चार से छह घंटे पहले संबंधित रेलवे स्टेशन के मुख्य पार्सल कार्यालय पहुंचना चाहिए। वहां जाकर पार्सल फॉरवर्डिंग नोट या लगेज फॉर्म प्राप्त करें और उसमें वाहन का पूरा विवरण, चेसिस नंबर, इंजन नंबर, गाड़ी का बाजार मूल्य, अपना स्थायी पता और गंतव्य स्टेशन का पिन कोड दर्ज करें। फॉर्म के साथ आरसी, इंश्योरेंस, पीयूसी और अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी संलग्न करके वजन काउंटर पर जमा करें। रेलवे का तुलाई बाबू गाड़ी का वजन करेगा, जिसके आधार पर सिस्टम जनरेटेड रेलवे रसीद यानी आरआर बनाई जाएगी। इसी आरआर पर आपका पार्सल ट्रैकिंग नंबर अंकित होता है। अब भारतीय रेलवे ने पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम को काफी हाई-टेक कर दिया है, जिससे आप घर बैठे पार्सल वेबसाइट पर जाकर दरों का अनुमान लगा सकते हैं और लगेज स्पेस की उपलब्धता जांच सकते हैं। काउंटर पर निर्धारित शुल्क का नकद या डिजिटल माध्यम से भुगतान करने के बाद आपको आरआर की मूल प्रति सौंपी जाएगी। यह पर्ची सबसे अहम दस्तावेज है, क्योंकि इसके बिना गंतव्य स्टेशन पर गाड़ी की डिलीवरी कतई नहीं दी जाएगी। यदि आप पार्सल के तौर पर गाड़ी भेज रहे हैं तो इस रसीद की फोटो या मूल प्रति उस व्यक्ति को समय रहते सुरक्षित भेज दें जिसे दूसरे शहर में गाड़ी रिसीव करनी है।दूरी और वजन के आधार पर कितना आएगा खर्चरेलवे द्वारा तय किया जाने वाला भाड़ा मुख्य रूप से यात्रा की कुल दूरी, ट्रेन की श्रेणी (राजधानी, मेल-एक्सप्रेस या साधारण पार्सल ट्रेन) और गाड़ी के कुल वजन पर निर्भर करता है। भारतीय रेलवे के मानक नियमों के मुताबिक 100 सीसी से 150 सीसी तक की सामान्य कम्यूटर बाइक का अनुमानित वजन लगभग 100 से 150 किलोग्राम आंका जाता है, जबकि बुलेट या भारी क्रूजर बाइक का वजन 200 किलोग्राम तक माना जाता है। साइकिल का वजन सामान्यतः 20 से 25 किलोग्राम के न्यूनतम स्लैब में रखा जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि आप 500 से 1000 किलोमीटर के दायरे में बाइक पार्सल करते हैं, तो रेलवे का मूल मालभाड़ा लगभग 800 रुपये से लेकर 2000 रुपये के बीच बैठता है। इसके अलावा कुल घोषित मूल्य पर रेलवे एक फीसदी का इंश्योरेंस चार्ज या रिस्क प्रीमियम जोड़ता है। स्टेशन पर निजी पैकर्स द्वारा पैकिंग कराने का खर्च 300 से 600 रुपये के आसपास आता है, जिसमें टाट, गत्ते और मजदूरी शामिल होती है। अनलोडिंग और पोर्टर चार्ज के रूप में 100 से 200 रुपये की कानूनी पर्ची कटती है। इस प्रकार एक सामान्य बाइक को 1000 किलोमीटर दूर भेजने का कुल बजट लगभग 1500 से 2800 रुपये के बीच सिमट जाता है। साइकिल भेजने का कुल खर्च तो महज 300 से 600 रुपये के भीतर आ जाता है। यह खर्च किसी भी प्राइवेट मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी के मुकाबले तीन गुना तक सस्ता और बेहद सुरक्षित पड़ता है।गंतव्य स्टेशन पर डिलीवरी लेने का आसान नियम और सावधानियांजब ट्रेन आपके बताए हुए गंतव्य स्टेशन पर पहुंचती है, तो पार्सल वैन से गाड़ी को उतारकर स्टेशन के पार्सल गोदाम में सुरक्षित रखवा दिया जाता है। यदि आपने लगेज के तहत बुकिंग की है, तो आप प्लेटफॉर्म पर ही ट्रेन रुकते ही अपनी मूल रेलवे रसीद और टिकट दिखाकर तुरंत गाड़ी का गेट पास बनवा सकते हैं। यदि पार्सल के तहत गाड़ी आई है, तो माल गोदाम में जाकर आपको पार्सल क्लर्क को अपनी मूल आरआर पर्ची और खुद का पहचान पत्र दिखाना होगा। वहां रिकॉर्ड का मिलान होने के बाद क्लर्क गेट पास जारी करेगा। गेट पास मिलने के बाद जब आप अपनी गाड़ी रिसीव करें, तो तुरंत पैकिंग खोलने से पहले गाड़ी का चारों तरफ से मुआयना कर लें कि कहीं कोई बड़ा डेंट या नुकसान तो नहीं हुआ है। यदि गाड़ी में कोई टूट-फूट नजर आती है, तो डिलीवरी रजिस्टर में साइन करने से पहले स्टेशन ड्यूटी ऑफिसर से डैमेज नोट बनवा लें ताकि इंश्योरेंस का दावा किया जा सके। एक और बेहद जरूरी बात यह ध्यान रखें कि स्टेशन से बाहर निकलने के लिए आपकी गाड़ी में पेट्रोल नहीं होगा, इसलिए अपने साथ एक बोतल में पेट्रोल लेकर जाएं या स्टेशन के बाहर नजदीकी पेट्रोल पंप से ईंधन लाकर टंकी में डालें, क्योंकि सूखी टंकी के साथ स्टेशन से बाहर गाड़ी को धकेलकर ले जाना थकाऊ साबित हो सकता है। डिलीवरी छुड़ाने में 6 से 12 घंटे से ज्यादा की देरी न करें, क्योंकि निर्धारित मुफ्त समय के बाद रेलवे हर घंटे के हिसाब से डेमरेज और वॉर्फेज चार्ज जोड़ना शुरू कर देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 9:35 pm

गुरुग्राम में 25 एकड़ में विकसित होगा विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान गुरुग्राम में 25 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किए जाने वाले प्रस्तावित विश्व स्तरीय कन्वेंशन सेंटर से संबंधित व्यवस्थाओं और सुविधाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सिंगापुर स्थित प्रसिद्ध सनटेक सिटी में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने वहां संचालित कन्वेंशन सेंटर […]

तहलका 4 Oct 2026 9:29 pm

174 जिंदगियां बचाने वाले पायलट स्मित के लिए महामृत्युंजय जाप और हवन

कैप्टन स्मित मछार के जल्द स्वस्थ होने की कामना के लिए महामृत्युंजय जाप, हवन और यज्ञ किया गया है. यह धार्मिक अनुष्ठान आसनसोल स्थित धेमोमेन कोलियरी के शिव मंदिर परिसर में किया गया. कैप्टन स्मित 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में सह-पायलट द्वारा किए गए हमले में घायल हो गए थे. इसके बावजूद उन्होंने बड़ी बहादुरी से विमान में बैठे 174 लोगों की जान बचाई थी

आज तक 4 Oct 2026 9:24 pm

Pakistan को सेना की गोपनीय सूचनाएं भेजने के आरोप में असम से दो गिरफ्तार

गुवाहाटी, चार अक्टूबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि सुरक्षा संबंधी जानकारी पाकिस्तान को मुहैया कराने के आरोप में सेना के एक सेवानिवृत्त जवान समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शर्मा ने कहा कि सेना के सेवानिवृत्त जवान को अनुबंध के आधार पर फिर से नियुक्त किया गया था। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसियों से मिली सूचना के आधार पर की गई। शर्मा ने एक संवाददाता सम्मेलन में जासूसी के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘आज केंद्रीय एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर असम पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक सेना का सेवानिवृत्त जवान है जो फिलहाल सेना में अनुबंध के आधार पर काम कर रहा था।’’उन्होंने कहा, ‘‘आरोप है कि वे पाकिस्तान के संपर्क में थे और सेना की गतिविधियों के बारे में जानकारी दे रहे थे। हम उन्हें केंद्रीय एजेंसियों को सौंप देंगे।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों को कथित तौर पर उन लोगों ने ‘मोहपाश’ में फंसाया था, जो उनसे जानकारी हासिल कर रहे थे। इससे पहले रविवार को असम पुलिस ने एक बयान में कहा था कि विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने यहां किराये के मकान में रह रहे बिहार निवासी एक व्यक्ति को कथित जासूसी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया है। बयान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सुरक्षा बलों से संबंधित गोपनीय जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े व्यक्ति को कथित तौर पर मुहैया कराने समेत ऐसी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता सामने आई है। आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी अभिषेक कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि संदिग्ध के बारे में शुरुआती सूचना तेजपुर स्थित गजराज कोर की सैन्य खुफिया इकाई ने साझा की थी। पुलिस के अनुसार, एसटीएफ ने सोनितपुर पुलिस के साथ समन्वय करके सिंह के बारे में और जानकारी जुटाई। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े व्यक्ति के निर्देश पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह था। पुलिस ने कहा, ‘‘इस सूचना के आधार पर तीन और चार अक्टूबर की दरम्यानी रात असम एसटीएफ ने अभियान चलाया और गुवाहाटी स्थित किराये के मकान से 31 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।’’अभियान के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, सिम कार्ड और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। बयान में कहा गया, ‘‘मामले में आगे की जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 9:23 pm

'संविधान की मूल भावना पर प्रहार', बड़ी संख्या में वोटरों के नाम हटाने पर बोले जस्टिस उज्ज्वल भुइयां

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों का वोट देने का अधिकार छीनने वाली कोई भी प्रक्रिया संवैधानिक उल्लंघन है।

जागरण 4 Oct 2026 9:19 pm

Post Office MIS Scheme: पोस्ट ऑफिस में ₹6 लाख जमा करने पर हर महीने कितने रुपये मिलेंगे? जानिए ब्याज दर, मैच्योरिटी और कमाई का पूरा गणित

शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और म्यूचुअल फंड में निहित वित्तीय जोखिमों के बीच आम भारतीय निवेशक आज भी अपनी गाढ़ी कमाई के लिए पूरी तरह सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाले विकल्पों की तलाश में रहता है। अगर आप भी रिटायरमेंट के बाद अपनी रोजमर्रा की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई के खर्च या घर के मासिक बजट को संभालने के लिए बिना किसी बाजार जोखिम के हर महीने एक निश्चित रकम पाना चाहते हैं, तो डाकघर की मंथली इनकम स्कीम यानी पोस्ट ऑफिस एमआईएस (POMIS) एक बेजोड़ वित्तीय साधन साबित होती है। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अधीन संचालित डाक विभाग की यह लघु बचत योजना सीधे केंद्र सरकार द्वारा समर्थित है, जिसका सीधा मतलब यह है कि इसमें आपका जमा किया गया एक-एक पैसा शत-प्रतिशत सुरक्षित है और इस पर मिलने वाले ब्याज पर संप्रभु गारंटी (Sovereign Guarantee) लागू होती है। बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में जहां बार-बार ब्याज दरें बदलने का डर रहता है, वहीं पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में खाता खुलवाते ही जिस दिन की ब्याज दर तय हो जाती है, पूरे पांच साल की अवधि तक आपको उसी दर से बिना किसी कटौती के हर महीने निश्चित आय मिलती रहती है।₹6 लाख के एकमुश्त निवेश पर हर महीने कितने रुपये आएंगे खाते में? जानिए रिटर्न का पूरा हिसाबवित्तीय वर्ष 2026 की मौजूदा तिमाहियों के अनुसार केंद्र सरकार पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम पर 7.4 फीसदी का सालाना ब्याज दे रही है, जिसकी गणना वार्षिक आधार पर होती है लेकिन इसका भुगतान हर महीने निवेशक के खाते में सीधे किया जाता है। यदि कोई निवेशक इस योजना में ₹6,00,000 (छह लाख रुपये) का एकमुश्त निवेश करता है, तो 7.4 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर के हिसाब से एक साल का कुल ब्याज ₹44,400 (चौवालीस हजार चार सौ रुपये) बनता है। अब चूंकि यह योजना मासिक भुगतान प्रणाली पर काम करती है, इसलिए इस पूरे सालाना ब्याज को 12 महीनों में बराबर बांट दिया जाता है, जिसके तहत निवेशक को हर महीने ठीक ₹3,700 (तीन हजार सात सौ रुपये) की मासिक आय प्राप्त होती है। यह ₹3,700 की रकम हर महीने आपके पोस्ट ऑफिस बचत खाते या आपके बैंक बचत खाते में इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ECS/NACH) के जरिए अपने आप क्रेडिट हो जाती है। पांच साल की कुल अवधि यानी 60 महीनों के दौरान आपको केवल ब्याज के रूप में कुल ₹2,22,000 (दो लाख बाईस हजार रुपये) की पक्की कमाई होती है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस दौरान आपके द्वारा निवेश किया गया मूलधन ₹6,00,000 पूरी तरह सुरक्षित बना रहता है और 5 साल पूरे होते ही आपको वापस मिल जाता है। इस तरह 5 साल में आपकी कुल प्राप्त रकम (मूलधन + ब्याज) ₹8,22,000 हो जाती है।पात्रता, खाता प्रकार और अधिकतम निवेश सीमा के कड़े नियमपोस्ट ऑफिस एमआईएस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई भी भारतीय नागरिक नजदीकी डाकघर में जाकर आसानी से आवेदन कर सकता है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी वयस्क व्यक्ति अपने नाम से सिंगल खाता खुलवा सकता है, जबकि 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर भी उसके अभिभावक की देखरेख में खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध है। निवेश सीमा की बात करें तो सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिए इसमें काफी विस्तार किया है; वर्तमान नियमों के तहत एक अकेला व्यक्ति (Single Account) अधिकतम ₹9 लाख तक जमा कर सकता है, जबकि दो या तीन वयस्क मिलकर जॉइंट अकाउंट (Joint Account) खोलते हैं तो उसमें अधिकतम ₹15 लाख तक की एकमुश्त रकम निवेश की जा सकती है। यदि आप ₹6 लाख का निवेश करना चाहते हैं, तो आप इसे अकेले अपने सिंगल खाते में भी आसानी से जमा कर सकते हैं क्योंकि यह ₹9 लाख की तय सीमा के भीतर आता है। इसके अलावा, यदि पति-पत्नी मिलकर यह खाता खोलते हैं, तो दोनों का संयुक्त खाता होने पर भी यह निवेश सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सकता है। खाते में नॉमिनेशन की सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाती है ताकि किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में जमा पूंजी बिना किसी कानूनी अड़चन के वारिस को सौंपी जा सके।5 साल की मैच्योरिटी, प्री-मैच्योर विड्रॉल और पेनाल्टी के महत्वपूर्ण नियमडाकघर की यह मासिक आय योजना ठीक 5 साल (60 महीने) की अवधि के लिए होती है, यानी जिस तारीख को खाता खुला है, उससे ठीक 5 वर्ष बाद खाता मैच्योर हो जाता है। मैच्योरिटी पूरी होने के बाद निवेशक अपना पूरा ₹6 लाख मूलधन वापस निकाल सकता है या फिर उस समय लागू नियमों के तहत उस पैसे को दोबारा नई एमआईएस योजना अथवा अन्य डाकघर योजनाओं जैसे सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) या टाइम डिपॉजिट (TD) में री-इन्वेस्ट कर सकता है। हालांकि, आपातकालीन जरूरतों के लिए सरकार इसमें समय से पहले खाता बंद करने की छूट भी देती है, लेकिन इसके कुछ सख्त वित्तीय नियम हैं। खाता खुलने के पहले 1 साल तक आप किसी भी सूरत में पैसे नहीं निकाल सकते। यदि आप खाता खुलने के 1 साल के बाद और 3 साल से पहले पैसे निकालते हैं, तो आपके जमा मूलधन से 2 प्रतिशत की पेनाल्टी काटकर बाकी राशि वापस की जाती है, यानी ₹6 लाख पर सीधे ₹12,000 कट जाएंगे। वहीं अगर आप 3 साल पूरे होने के बाद और 5 साल पूरे होने से पहले निकासी करते हैं, तो मूलधन से 1 प्रतिशत की राशि यानी ₹6,000 काटकर शेष ₹5,94,000 वापस किए जाएंगे। इसलिए वित्तीय विशेषज्ञों की सलाह यही रहती है कि इस स्कीम में पैसा तभी लगाएं जब आप पूरे 5 साल तक अपने मूलधन को लॉक रखने के लिए मानसिक रूप से तैयार हों।टैक्स के नियम और मासिक आमदनी को दोगुना करने का स्मार्ट तरीकापोस्ट ऑफिस एमआईएस से मिलने वाले रिटर्न पर टैक्स नियमों को समझना भी बेहद जरूरी है। इस योजना में जमा की जाने वाली रकम पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है। इसके अलावा, योजना के तहत हर महीने मिलने वाले ब्याज पर डाकघर कोई टीडीएस (TDS) तो नहीं काटता, लेकिन यह मासिक ब्याज निवेशक की सालाना आय में 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' के तहत जुड़ता है और निवेशक के संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर कर देय होता है। जो निवेशक इस ₹3,700 की मासिक आय को तुरंत खर्च नहीं करना चाहते, उनके लिए एक बेहतरीन वेल्थ क्रिएशन रणनीति भी मौजूद है। आप डाकघर को एक ऑटो-डेबिट निर्देश देकर इस ₹3,700 के मासिक ब्याज को पोस्ट ऑफिस रेकरिंग डिपॉजिट (RD) खाते में ट्रांसफर करवा सकते हैं। पांच साल तक हर महीने ₹3,700 आरडी में जाने से आपको उस ब्याज पर भी लगभग 6.7 प्रतिशत का चक्रवृद्धि ब्याज मिलने लगता है, जिससे 5 साल बाद आपकी कुल संपत्ति का रिटर्न सामान्य से कहीं अधिक बढ़ जाता है। देश के छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं की तुलना में डाकघर का व्यापक नेटवर्क होने के कारण स्थानीय लोगों के लिए यह योजना बुढ़ापे की लाठी और सुरक्षित मासिक पेंशन का सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 9:18 pm

फंस गए तमिलनाडु सीएम थलपति विजय, इस योजना के खिलाफ विधवा महिला पहुंची हाईकोर्ट

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक विधवा महिला ने उनकी सरकार की एक स्कीम के खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी डालते हुए उसे असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Oct 2026 9:15 pm

पंजाब 2027: राजनीतिक एस्ट्रोटर्फ पर परगट सिंह का सबसे कठिन मैच

परगट सिंह हॉकी के मैदान पर भारत की कप्तानी कर चुके हैं। लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में पंजाब कांग्रेस की कमान संभालना उनके लिए अब तक का सबसे कठिन मुकाबला साबित हो सकता है। उनकी बेदाग छवि, खेलों से आई अनुशासनप्रियता और संतुलित व्यवहार निश्चित रूप से एक उम्मीद जगाते हैं। लेकिन इस राजनीतिक […]

तहलका 4 Oct 2026 9:14 pm

Life Insurance Claim Process: पॉलिसीधारक की मौत के बाद कैसे मिलेगा बीमा का पैसा? जानिए IRDAI के कड़े नियम और क्लेम कटने की असली वजह

जिंदगी की सबसे बड़ी कड़वी सच्चाई यह है कि अनहोनी कभी बताकर नहीं आती, लेकिन ऐसे मुश्किल वक्त में किसी परिवार के लिए भावनात्मक सदमे के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। अक्सर देखा जाता है कि घर के मुखिया या कमाने वाले सदस्य ने अपने पीछे परिवार को सुरक्षित रखने के लिए जीवन बीमा पॉलिसी तो ले रखी होती है, मगर अचानक उनकी मृत्यु के बाद नॉमिनी या परिजनों को यह जानकारी ही नहीं होती कि बीमा कंपनी से वह क्लेम का पैसा कैसे हासिल करें। दुख और परेशानी के उस दौर में कागजी प्रक्रियाओं की उलझन अक्सर लोगों को हताश कर देती है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी IRDAI के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि डेथ क्लेम की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को दफ्तरों के गैर-जरूरी चक्कर न काटने पड़ें। पॉलिसीधारक के निधन के तुरंत बाद सबसे पहला और अनिवार्य काम होता है बीमा कंपनी को घटना की औपचारिक सूचना देना, जिसे इंश्योरेंस की भाषा में 'क्लेम इंटिमेशन' कहा जाता है। यह सूचना जितनी जल्दी दी जाए, प्रक्रिया उतनी ही तेजी से आगे बढ़ती है। आज के डिजिटल दौर में आप संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी शाखा कार्यालय में जाकर सीधे सूचना दर्ज करा सकते हैं। इस सूचना के साथ पॉलिसी नंबर, पॉलिसीधारक का पूरा नाम, मृत्यु की सही तारीख, समय, स्थान और कारण के साथ-साथ नॉमिनी का मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी दर्ज कराना होता है। कंपनी इस सूचना को दर्ज करते ही एक यूनिक 'क्लेम रेफरेंस नंबर' जारी करती है, जिसके जरिए पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकता है।डेथ क्लेम के लिए आवश्यक दस्तावेजों की पूरी चेकलिस्ट और वेरिफिकेशन प्रक्रियाएक बार जब क्लेम इंटिमेशन दर्ज हो जाता है, तो बीमा कंपनी नॉमिनी को एक क्लेम फॉर्म जारी करती है, जिसे पूरी सावधानी के साथ भरकर जरूरी कानूनी कागजात संलग्न करने होते हैं। दस्तावेजों की तैयारी में किसी भी तरह की लापरवाही या अस्पष्टता क्लेम सेटलमेंट में अनावश्यक देरी का सबसे बड़ा कारण बनती है। सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज स्थानीय नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी मूल 'डेथ सर्टिफिकेट' (मृत्यु प्रमाण पत्र) होता है। इसके अलावा पॉलिसी बॉन्ड का मूल दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होता है, हालांकि यदि पॉलिसी बॉन्ड खो गया हो तो क्षतिपूर्ति बॉन्ड (Indemnity Bond) देकर काम चलाया जा सकता है। नॉमिनी को अपनी पहचान और पते का प्रमाण प्रस्तुत करना होता है, जिसके लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड की सत्यापित प्रति दी जा सकती है। इसके साथ ही, जिस बैंक खाते में क्लेम की रकम ट्रांसफर की जानी है, उस खाते का एक कैंसिल्ड चेक या बैंक पासबुक के पहले पन्ने की स्पष्ट कॉपी देना आवश्यक है ताकि एनईएफटी (NEFT) के जरिए पैसा सीधे खाते में आ सके। यदि मृत्यु सामान्य बीमारी से अस्पताल में हुई है, तो डिस्चार्ज समरी, मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टर का डेथ समरी सर्टिफिकेट और इनडोर केस पेपर्स संलग्न करने पड़ते हैं। वहीं यदि मृत्यु किसी दुर्घटना, हत्या, आत्महत्या या किसी संदिग्ध परिस्थिति में हुई हो, तो पुलिस एफआईआर (FIR), पंचनामा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा जांच रिपोर्ट (यदि लागू हो) का अनिवार्य रूप से होना जरूरी है। सभी दस्तावेजों की जांच के बाद कंपनी का इन्वेस्टिगेशन विंग कागजातों का भौतिक और डिजिटल मिलान करता है।IRDAI के सख्त नियम: क्लेम सेटलमेंट की समयसीमा और ब्याज का प्रावधानबीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने पॉलिसीधारकों और उनके आश्रितों के अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद कड़े कानून बनाए हैं, ताकि कोई भी बीमा कंपनी बेवजह क्लेम अटका न सके। IRDAI के मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, यदि किसी क्लेम में किसी अतिरिक्त जांच या फील्ड वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं है, तो बीमा कंपनी को सभी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने की तारीख से ठीक 30 दिनों के भीतर क्लेम का भुगतान करना होगा। यदि मामला संवेदनशील है और कंपनी को संदेह के आधार पर अतिरिक्त जांच करानी है, तो यह जांच प्रक्रिया इंटिमेशन मिलने के 90 दिनों के भीतर हर हाल में पूरी करनी होगी, और जांच पूरी होने के अगले 30 दिनों के भीतर क्लेम पर अंतिम फैसला लेना अनिवार्य है। अगर बीमा कंपनी निर्धारित 30 दिनों की समयसीमा के भीतर क्लेम का निपटारा करने में विफल रहती है या बिना किसी ठोस कारण के प्रक्रिया में देरी करती है, तो नियामक के नियमों के तहत कंपनी को बैंक दर से 2 प्रतिशत अधिक ब्याज के साथ क्लेम राशि का भुगतान नॉमिनी को करना पड़ता है। इसके अलावा, भारतीय बीमा कानून की 'धारा 45' (Section 45 of Insurance Act) पॉलिसीधारकों के लिए सुरक्षा की एक मजबूत ढाल का काम करती है। इस कानून के तहत यदि किसी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को जारी हुए या रिवाइव हुए लगातार 3 साल पूरे हो चुके हैं, तो उसके बाद बीमा कंपनी किसी भी आधार पर—चाहे वह गलत बयानी हो या तथ्यों को छिपाना—क्लेम को खारिज नहीं कर सकती। यह नियम देश भर के लाखों परिवारों को मनमाने रिजेक्शन से कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है।बीमा कंपनियां कब काट लेती हैं पैसा और किन हालातों में क्लेम होता है रिजेक्ट?अक्सर लोगों की यह शिकायत होती है कि बीमा कंपनी ने पूरे सम एश्योर्ड का भुगतान नहीं किया और बीच में कुछ पैसे काट लिए, या फिर पूरा क्लेम ही रिजेक्ट कर दिया। इसके पीछे कई तकनीकी और वित्तीय कारण होते हैं जिन्हें समझना जरूरी है। सबसे पहला कारण होता है पॉलिसी पर लिया गया लोन; यदि पॉलिसीधारक ने अपने जीवनकाल में बीमा पॉलिसी के एवज में कोई व्यक्तिगत ऋण लिया था और उसकी मूल रकम या ब्याज बकाया रह गया था, तो कंपनी क्लेम सेटल करते वक्त कुल भुगतान राशि में से उस बकाया लोन और ब्याज को स्वतः काटकर शेष रकम ही नॉमिनी के खाते में भेजती है। दूसरा कारण होता है ग्रेस पीरियड के दौरान अनहोनी होना; यदि प्रीमियम की अंतिम तिथि निकल चुकी थी और ग्रेस पीरियड के दौरान पॉलिसीधारक का निधन हुआ, तो कंपनी उस वर्ष का बकाया प्रीमियम काटकर बाकी क्लेम का भुगतान करती है। इसके अतिरिक्त, यदि पॉलिसी फॉर्म भरते समय पॉलिसीधारक ने अपनी सही उम्र छुपाई थी और दस्तावेजों की जांच में उम्र अधिक पाई जाती है, तो कंपनी वास्तविक उम्र के हिसाब से प्रीमियम का पुनर्निर्धारण करती है और अंतर की राशि काटकर भुगतान करती है। हालांकि, कुछ गंभीर परिस्थितियों में क्लेम पूरी तरह खारिज भी कर दिया जाता है। यदि पॉलिसी लेते समय पहले से मौजूद किसी गंभीर या जानलेवा बीमारी (Pre-existing disease) जैसे कैंसर, हृदय रोग, किडनी फेलियर आदि की जानकारी छिपाई गई हो और पॉलिसी के 3 साल के भीतर मौत हो जाए, तो इसे गैर-प्रकटीकरण (Non-disclosure) मानकर क्लेम खारिज कर दिया जाता है। शराब, नशीले पदार्थों के अत्यधिक सेवन, पॉलिसी शुरू होने के 12 महीनों के भीतर आत्महत्या करने या किसी गैर-कानूनी और आपराधिक गतिविधि में शामिल होने के कारण हुई मृत्यु पर भी बीमा कंपनियां क्लेम देने से साफ इनकार कर देती हैं। इसलिए जीवन बीमा लेते समय और क्लेम करते वक्त हर तथ्य का पारदर्शी होना ही परिवार की सुरक्षा तय करता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 9:14 pm

परिवार-संपत्ति को लेकर होता था झगड़ा, पत्नी ने बेल्ट से घोंटा पति का गला

केरलम के कोल्लम में एक महिला ने अपने पति की गला घोंटकर हत्या कर दी. शुरुआत में उसने मौत को प्राकृतिक बताया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा हुआ. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच कर रही है. अब तक की जांच के मुताबिक दोनों में परिवार और संपत्ति को लेकर अक्सर झगड़े होते थे.

आज तक 4 Oct 2026 9:13 pm

42 की उम्र में ब्रावो ने पकड़ा करिश्माई कैच! गेल ने जड़ा अर्धशतक

साउथ अफ्रीका चैम्पियन ने वेस्टइंडीज चैम्पियन के खिलाफ रविवार को बड़ी जीत दर्ज की. लेकिन हार के बावजूद वेस्टइंडीज के पूर्व खिलाड़ियों ने अपनी परफॉर्मेंस से फैन्स का दिल जीत लिया. खासतौर पर क्रिस गेल और ड्वेन ब्रावो इस मुकाबले में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे.

आज तक 4 Oct 2026 9:07 pm

Delhi में राज्यसभा सांसद के घर को चोरों ने बनाया निशाना

दिल्ली के वीआईपी इलाके फिरोजशाह रोड पर राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के घर चोरी से हड़कंप मच गया. कोठी नंबर 18 में घुसे चोर जरूरी सामान के साथ गटर का ढक्कन भी उखाड़कर ले गए. सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर चोरों की पहचान और उनके दाखिल होने के रास्ते का पता लगाने में जुटी है.

आज तक 4 Oct 2026 9:06 pm

FD पर ब्याज से कमाई करने वालों के लिए बड़ा अपडेट: जानें कब कटता है TDS और कितनी आय पर मिलती है पूरी छूट

देश भर में सुरक्षित निवेश और तय मुनाफे के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को हमेशा से आम निवेशकों की पहली पसंद माना जाता है। चाहे सरकारी बैंक हों, निजी बैंक या डाकघर, करोड़ों भारतीय अपनी गाढ़ी कमाई को एफडी में जमा करते हैं। लेकिन अक्सर देखा जाता है कि जब ब्याज खाते में जुड़ता है, तो रकम उम्मीद से कम होती है और लोग सोच में पड़ जाते हैं कि आखिर पैसा कहां कट गया। यह कटौती बैंक द्वारा काटा जाने वाला टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स होता है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार एफडी पर मिलने वाला रिटर्न पूरी तरह टैक्स-फ्री नहीं होता है, बल्कि इस पर एक निश्चित सीमा पार करते ही सीधे स्रोत पर ही टैक्स काट लिया जाता है। अगर आप भी एफडी में निवेश करते हैं या नया डिपॉजिट खोलने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह टीडीएस कब कटता है, कानून के तहत कितनी ब्याज आय पर एक रुपये की भी कटौती नहीं होती और अगर टीडीएस कट जाए तो उसे रिफंड कैसे कराया जा सकता है।FD के ब्याज पर TDS कटने के ताजा नियम और कानूनी प्रावधानआयकर अधिनियम 1961 की धारा 194A के तहत बैंकों, सहकारी बैंकों और डाकघरों को यह कानूनी अधिकार दिया गया है कि वे जमाकर्ताओं के ब्याज भुगतान पर टीडीएस की कटौती करें। कई निवेशकों के मन में यह भ्रांति रहती है कि एफडी की मूल रकम पर टैक्स लगता है, जबकि वास्तविकता यह है कि टैक्स केवल उस जमा पर अर्जित ब्याज पर लागू होता है। बैंक एक वित्तीय वर्ष के दौरान ग्राहक के सभी एफडी और आरडी खातों पर मिलने वाले कुल ब्याज की गणना करते हैं। जैसे ही यह संयुक्त ब्याज सरकार द्वारा निर्धारित सालाना थ्रेशोल्ड सीमा को पार कर जाता है, बैंक उस पर टीडीएस काट लेते हैं। यहां यह समझना आवश्यक है कि टीडीएस कटने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी अंतिम टैक्स देनदारी पूरी हो गई, बल्कि यह सरकार द्वारा अग्रिम रूप से वसूला जाने वाला टैक्स होता है जिसे बाद में आपकी कुल वार्षिक आय के साथ एडजस्ट किया जाता है।कितनी कमाई तक नहीं कटता एक भी रुपया: जानिए सामान्य और सीनियर सिटीजन की सीमाएंआयकर नियमों में जमाकर्ताओं की आयु के आधार पर ब्याज छूट की अलग-अलग सीमाएं तय की गई हैं। यदि आपकी उम्र 60 वर्ष से कम है, यानी आप सामान्य नागरिक की श्रेणी में आते हैं, तो एक वित्तीय वर्ष में किसी एक बैंक से ₹50,000 तक के एफडी ब्याज पर कोई टीडीएस नहीं कटता है। जब तक आपका कुल अर्जित ब्याज इस सीमा के भीतर रहता है, बैंक पूरे ब्याज का भुगतान बिना किसी कटौती के आपके खाते में क्रेडिट करता है।वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए सरकार ने विशेष राहत प्रदान की है। सीनियर सिटीजंस के मामले में टीडीएस छूट की सीमा ₹1,00,000 प्रति वित्तीय वर्ष रखी गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि किसी बुजुर्ग निवेशक को एक वित्तीय वर्ष के भीतर एफडी से एक लाख रुपये तक का ब्याज मिलता है, तो बैंक उनके खाते से टीडीएस के रूप में एक भी रुपया नहीं काट सकता। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी या कॉरपोरेट एफडी के मामले में यह नियम थोड़ा सख्त है, जहां ₹5,000 से ₹10,000 से अधिक ब्याज अर्जित होने पर ही टीडीएस लागू हो जाता है।पैन कार्ड का बड़ा खेल: 10% कटेगा या 20% का लगेगा भारी झटका?टीडीएस की कटौती दर इस बात पर निर्भर करती है कि आपने बैंक में अपना पैन कार्ड यानी स्थायी खाता संख्या जमा की है या नहीं। यदि आपका पैन बैंक रिकॉर्ड में विधिवत अपडेटेड और आधार से लिंक है, तो थ्रेशोल्ड सीमा पार होने पर बैंक 10% की सामान्य दर से टीडीएस काटता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी सामान्य नागरिक को सालभर में ₹60,000 का ब्याज मिला, तो सीमा ₹50,000 पार होते ही पूरे ₹60,000 पर 10% यानी ₹6,000 टीडीएस काटा जाएगा।परंतु यदि निवेशक ने बैंक शाखा में अपना पैन विवरण जमा नहीं कराया है या दिया गया पैन अमान्य है, तो आयकर की धारा 206AA के तहत बैंक को अनिवार्य रूप से 20% की दोहरी दर से टीडीएस काटना पड़ता है। इसलिए एफडी खाता खोलते समय ही अपना वैध पैन कार्ड प्रस्तुत करना समझदारी का पहला कदम है ताकि अनावश्यक अतिरिक्त कटौती से बचा जा सके।बैंक कैसे पकड़ते हैं कुल ब्याज: कोर बैंकिंग सिस्टम का गणित समझेंपहले के दौर में कई लोग अलग-अलग शाखाओं में एफडी खोलकर टीडीएस से बच जाते थे, लेकिन आधुनिक कोर बैंकिंग सिस्टम यानी सीबीएस लागू होने के बाद ऐसा संभव नहीं रह गया है। बैंक अब शाखा के आधार पर नहीं, बल्कि ग्राहक के यूनिक कस्टमर आईडी और पैन नंबर के आधार पर कुल ब्याज की ट्रैकिंग करते हैं। यदि आपका एक ही बैंक की तीन अलग-अलग शाखाओं में खाता है और तीनों से मिलने वाला कुल ब्याज मिलाकर ₹50,000 से अधिक हो जाता है, तो बैंक का केंद्रीय सिस्टम स्वतः टीडीएस काट लेगा। हालांकि, यदि आपने अलग-अलग बैंकों में एफडी करवा रखी है, तो प्रत्येक बैंक केवल अपनी सीमा को परखेगा। इसका अर्थ यह है कि अलग-अलग बैंकों में सीमा से कम ब्याज रहने पर बैंक टीडीएस नहीं काटेंगे, लेकिन आपको आईटीआर फाइल करते समय अपनी कुल आय में उस पूरे ब्याज को अनिवार्य रूप से घोषित करना होगा।फॉर्म 15G और 15H: बिना टैक्स कटौती ब्याज पाने का कानूनी तरीकायदि आपकी कुल वार्षिक आय आयकर छूट सीमा से कम है और आपकी अंतिम टैक्स देनदारी शून्य बनती है, तो आप बैंक को अग्रिम टीडीएस काटने से रोक सकते हैं। इसके लिए आयकर विभाग ने स्व-घोषणा फॉर्म की सुविधा दी है। 60 वर्ष से कम उम्र के भारतीय नागरिक वित्तीय वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म 15G जमा कर सकते हैं। इसके लिए दो शर्तें जरूरी हैं: पहली यह कि आपकी कुल अनुमानित कर योग्य आय बेसिक छूट सीमा से कम हो और दूसरी यह कि एफडी से मिलने वाला कुल ब्याज भी बेसिक छूट सीमा से अधिक न हो।वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए फॉर्म 15H उपलब्ध कराया जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए नियम अधिक लचीला है; यदि उनकी अंतिम कुल कर देनदारी शून्य है, तो वे ब्याज राशि अधिक होने पर भी फॉर्म 15H जमा करके टीडीएस कटौती पूरी तरह शून्य करा सकते हैं। यह फॉर्म वित्तीय वर्ष के पहले महीने यानी अप्रैल में ऑनलाइन नेट बैंकिंग या शाखा में जाकर जमा करना सबसे उत्तम रहता है।टीडीएस कट गया तो क्या करें: रिफंड पाने का सीधा और आसान रास्ताकई बार जानकारी के अभाव में या समय पर घोषणा पत्र जमा न करने की वजह से बैंक खाते से टीडीएस कट जाता है। यदि आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। बैंक द्वारा काटा गया टीडीएस आयकर विभाग के पास जमा कर दिया जाता है और यह आपके फॉर्म 26AS तथा एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट यानी एआईएस में दर्ज हो जाता है। जब आप अपना वार्षिक आयकर रिटर्न यानी आईटीआर दाखिल करते हैं, तो वहां अपनी कुल आय और काटे गए टीडीएस का ब्यौरा दर्ज करें। यदि आपकी वास्तविक आय पर टैक्स देनदारी शून्य निकलती है या काटे गए टीडीएस से कम होती है, तो आयकर विभाग अतिरिक्त कटी हुई पूरी रकम सीधे आपके बैंक खाते में ब्याज सहित रिफंड के तौर पर भेज देता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 4 Oct 2026 9:05 pm

AIIMS Bilaspur के पहले दीक्षांत समारोह में पहुंचेंगी President Droupadi Murmu

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश), चार अक्टूबर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह मंगलवार को आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि होंगी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा भी समारोह में शामिल होंगे। संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि दीक्षांत समारोह के मद्देनजर छह अक्टूबर (मंगलवार) को एम्स बिलासपुर में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी। एम्स बिलासपुर में पहला शैक्षणिक सत्र 12 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ था। मंगलवार को ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध नहीं होगा। एम्स के रजिस्ट्रार राकेश कुमार सिंह ने मरीजों और आम लोगों से छह अक्टूबर को नियमित जांच या चिकित्सकीय परामर्श के लिए एम्स आने की योजना नहीं बनाने का आग्रह किया है। मरीजों को किसी असुविधा से बचने के लिए नियमित स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए किसी अन्य दिन का समय लेने की सलाह दी गई है। हालांकि, ओपीडी बंद रहने के बावजूद एम्स की आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। केंद्रीय मंत्री नड्डा के प्रस्तावित दौरे के लिए जारी कार्यक्रम के अनुसार, वह सोमवार को दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए बिलासपुर पहुंचेंगे और रात अपने पैतृक स्थान विजयपुर में रुकेंगे। प्रदेश भाजपा के सह-प्रभारी स्वदेश ठाकुर ने कहा कि नड्डा के शाम करीब छह बजे चंडीगढ़ से सड़क मार्ग से रवाना होने, रात करीब नौ बजे विजयपुर पहुंचने और मंगलवार को दीक्षांत समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 9:03 pm

FOIR: बस 5 मिनट में समझें बैंकों का यह जादुई फॉर्मूला, खत्म हो जाएगी लोन रिजेक्शन और भारी EMI की टेंशन

जब भी कोई व्यक्ति होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन के लिए किसी बैंक अथवा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) में आवेदन करता है, तो उसके मन में सबसे बड़ा डर लोन रिजेक्ट होने या फिर भविष्य में भारी-भरकम ईएमआई (EMI) के बोझ तले दबने का होता है। अधिकांश लोग यह मान बैठते हैं कि यदि उनका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) 750 या 800 से ऊपर है, तो बैंक आंख मूंदकर उनकी मनचाही रकम का लोन पास कर देगा। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता। लोन अप्रूवल की प्रक्रिया में क्रेडिट स्कोर के साथ-साथ बैंक जिस सबसे महत्वपूर्ण और गोपनीय वित्तीय पैमाने की पड़ताल करते हैं, उसे बैंकिंग की भाषा में FOIR यानी Fixed Obligation to Income Ratio कहा जाता है। यदि आपने लोन के लिए अप्लाई करने से पहले इस 5 मिनट के फॉर्मूले को समझ लिया, तो न केवल आपका लोन पहली बार में बिना रुकावट अप्रूव होगा, बल्कि आप जीवनभर ईएमआई के तनाव और डिफॉल्ट के जोखिम से भी सुरक्षित रहेंगे।क्या है FOIR और बैंक इसे क्यों मानते हैं सबसे बड़ा पैमाना?एफओआईआर (Fixed Obligation to Income Ratio) का हिंदी में सीधा अर्थ है 'निश्चित देनदारी और आय का अनुपात'। यह वित्तीय अनुपात यह दर्शाता है कि आपकी कुल शुद्ध मासिक आय (Net Monthly Take-Home Salary) का कितना प्रतिशत हिस्सा आपकी मौजूदा निश्चित देनदारियों जैसे कि पहले से चल रही ईएमआई, क्रेडिट कार्ड बिल के न्यूनतम भुगतान और नए प्रस्तावित लोन की ईएमआई में जा रहा है। सरल शब्दों में कहें तो यह फॉर्मूला बैंक को यह बताता है कि महीने के सारे कर्ज चुकाने के बाद आपके पास घर का राशन, बच्चों की स्कूल फीस, बिजली-पानी का बिल और मेडिकल इमरजेंसी जैसी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी बचेगी या नहीं। यदि आपकी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज और किस्तों में ही खत्म हो जाएगा, तो बैंक मान लेते हैं कि भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति डगमगा सकती है और आपका लोन आवेदन तुरंत खारिज कर दिया जाता है।FOIR की गणना करने का क्या है आधिकारिक फॉर्मूला?बैंकों की क्रेडिट अंडरराइटिंग टीम FOIR की गणना करने के लिए एक सीधा और पारदर्शी गणितीय फॉर्मूला इस्तेमाल करती है:FOIR = (कुल निश्चित मासिक देनदारियां शुद्ध मासिक आय) 100इस फॉर्मूले में 'कुल निश्चित मासिक देनदारियों' (Total Monthly Debt Obligations) में निम्नलिखित चीजों को शामिल किया जाता है:पहले से चल रहे सभी होम लोन, कार लोन, टू-व्हीलर लोन या पर्सनल लोन की मासिक ईएमआई।क्रेडिट कार्ड के कुल आउटस्टैंडिंग बैलेंस का न्यूनतम 5 प्रतिशत हिस्सा (भले ही आप पूरा बिल भरते हों, बैंक इसे स्थायी देनदारी मानकर गणना में जोड़ते हैं)।वह नया लोन जिसकी ईएमआई आप बैंक से लेना चाह रहे हैं।कानूनी रूप से तय गुजारा भत्ता (Alimony) या कोई अन्य अदालती भुगतान।ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस गणना में आपके सामान्य घरेलू खर्च, जैसे मकान का किराया (जब तक कि वह औपचारिक अनुबंध में न हो), खाने-पीने का खर्च, बीमा प्रीमियम या म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) को देनदारी नहीं माना जाता, क्योंकि आपात स्थिति में निवेशक इन्हें रोक सकते हैं।बैंकों के नजरिए से कितना FOIR माना जाता है सबसे सुरक्षित?भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) जैसे देश के प्रमुख वित्तीय संस्थानों में FOIR की एक तय ऊपरी सीमा (Threshold Limit) निर्धारित होती है:आपकी शुद्ध मासिक आय (Take-Home)अधिकतम स्वीकार्य FOIR सीमाजोखिम की स्थिति₹30,000 से ₹50,000 प्रति माह40% से 45%कम आमदनी के कारण बैंक ज्यादा बफर रखते हैं₹50,000 से ₹1,00,000 प्रति माह50% तकआदर्श और संतुलित श्रेणी मानी जाती है₹1,00,000 से अधिक प्रति माह55% से 60% (कुछ मामलों में 65%)बड़े वेतनभोगियों के पास खर्च के लिए पर्याप्त रकम बचती हैवित्तीय नियम यह कहता है कि यदि आपका कुल FOIR 40% से 50% के भीतर है, तो बैंक आपके आवेदन को 'लो रिस्क' यानी सुरक्षित मानते हैं और तुरंत लोन की मंजूरी दे देते हैं। लेकिन यदि यह अनुपात 55% या 60% के पार चला जाता है, तो बैंक या तो लोन को रिजेक्ट कर देते हैं, या फिर लोन की राशि घटा देते हैं।उदाहरण से समझें सटीक कैलकुलेशन: ₹80,000 की सैलरी पर कितना मिलेगा लोन?मान लीजिए रमेश की हर महीने खाते में आने वाली शुद्ध टेक-होम सैलरी ₹80,000 है। रमेश एक नया होम लोन लेना चाहते हैं, लेकिन उनकी पहले से कुछ देनदारियां चल रही हैं:कार लोन की ईएमआई: ₹12,000 प्रति माहपर्सनल लोन की ईएमआई: ₹8,000 प्रति माहक्रेडिट कार्ड आउटस्टैंडिंग का न्यूनतम अनुमान: ₹2,000 प्रति माहरमेश की कुल मौजूदा निश्चित देनदारियां = ₹12,000 + ₹8,000 + ₹2,000 = ₹22,000 प्रति माह।अब बैंक के 50% के मानक FOIR नियम को लागू करते हैं:रमेश की कुल मासिक आय का 50%: ₹80,000 का 50% = ₹40,000 (यह अधिकतम ईएमआई है जिसे बैंक अनुमति देगा)।रमेश पहले से भर रहे हैं: ₹22,000नए होम लोन के लिए बची हुई ईएमआई क्षमता = ₹40,000 - ₹22,000 = ₹18,000 प्रति माह।इसका सीधा मतलब यह हुआ कि बैंक रमेश को केवल उतने ही रुपये का नया होम लोन मंजूर करेगा, जिसकी मासिक किस्त ₹18,000 से अधिक न हो। यदि रमेश ₹30,000 महीने की ईएमआई वाले बड़े लोन के लिए आवेदन करेंगे, तो उनका कुल FOIR ₹52,000 ₹80,000 = 65% पहुंच जाएगा और बैंक उनका आवेदन सीधे तौर पर अस्वीकार कर देगा।FOIR सुधारने और ज्यादा लोन पाने के 5 अचूक उपाययदि आप बड़ा होम लोन या बिजनेस लोन लेने की योजना बना रहे हैं और आपका FOIR आड़े आ रहा है, तो आवेदन करने से ठीक पहले इन 5 वित्तीय रणनीतियों को अपनाकर अपनी पात्रता बढ़ा सकते हैं:छोटे लोन को पहले बंद करें: नए बड़े लोन के लिए जाने से पहले अपने छोटे पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड ईएमआई या कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन का प्री-पेमेंट (Foreclose) कर दें। इससे आपकी हर महीने की अनिवार्य देनदारी तुरंत घट जाती है और नए लोन के लिए जगह बन जाती है।लोन की अवधि (Tenure) लंबी चुनें: लोन का कार्यकाल 15 वर्ष के बजाय 20 या 25 वर्ष चुनने पर मासिक ईएमआई काफी कम हो जाती है। कम ईएमआई होने से आपका FOIR बैंक की स्वीकार्य सीमा के भीतर आ जाता है। लोन पास होने के बाद आप आगे चलकर अतिरिक्त मूलधन चुकाकर लोन जल्दी बंद कर सकते हैं।सह-आवेदक (Co-Applicant) को शामिल करें: यदि आपकी पत्नी, पिता या भाई कामकाजी हैं, तो उन्हें लोन में को-एप्लीकेंट बनाएं। दोनों की संयुक्त शुद्ध आय जुड़ने से कुल आमदनी का आधार बढ़ जाता है, जिससे FOIR का प्रतिशत स्वतः नीचे आ जाता है और बैंक बड़ी रकम का लोन आसानी से दे देते हैं।अतिरिक्त आय के स्रोत दिखाएं: यदि आपको कोई मकान का किराया (Rental Income), फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट्स या बैंक डिपॉजिट से नियमित ब्याज मिलता है, तो उसके बैंक स्टेटमेंट और आईटीआर (ITR) का ब्योरा बैंक को दें। कुल आय बढ़ने से लोन की पात्रता में सीधा सुधार होता है।क्रेडिट कार्ड की लिमिट का सही प्रबंधन: बैंक में लोन आवेदन करने से कम से कम दो-तीन महीने पहले क्रेडिट कार्ड पर भारी खरीदारी या नई ईएमआई शुरू करने से बचें, ताकि क्रेडिट रिपोर्ट में आपकी गैर-जरूरी देनदारियां न दिखें।सुरक्षित भविष्य के लिए 50/30/20 का गोल्डन रूलवित्तीय योजनाकारों का हमेशा से मानना रहा है कि केवल बैंक के अप्रूवल के लिए ही नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत मानसिक सुकून के लिए भी कभी भी अपनी ईएमआई को कुल आमदनी के 40 से 45 प्रतिशत से ज्यादा नहीं जाने देना चाहिए। लोकप्रिय 50/30/20 बजट नियम के तहत आपकी कमाई का 50 प्रतिशत घर के जरूरी खर्चों और ईएमआई में, 30 प्रतिशत जीवनशैली व मनोरंजन में और न्यूनतम 20 प्रतिशत हिस्सा भविष्य की बचत व इमरजेंसी फंड में अनिवार्य रूप से जाना चाहिए। जब आप इस वित्तीय अनुशासन के साथ आगे बढ़ते हैं, तो बाजार में ब्याज दरें चाहे जितनी बढ़ जाएं या जीवन में कोई भी आपात स्थिति आ जाए, आपके सिर पर कभी डिफॉल्टर बनने या घर नीलाम होने का खतरा नहीं मंडराता।

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