कौन हैं गुरु शरणानंद महाराज? अपर्णा यादव ने क्यों लिया संतों का आशीर्वाद
उत्तर प्रदेश की धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में इन दिनों मथुरा के संत समाज और राजनेताओं के बीच मुलाकातों का दौर चर्चा का विषय बना हुआ है। हाल ही में उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय और अपनी बेबाक शैली के लिए पहचानी जाने वाली नेता अपर्णा यादव ने मथुरा के प्रसिद्ध रमणरेती आश्रम पहुंचकर वहां के पीठाधीश्वर और आध्यात्मिक गुरु शरणानंद महाराज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संत से आशीर्वाद लिया और उनके साथ आध्यात्मिक विषयों पर लंबी चर्चा की। इस मुलाकात के बाद से ही सोशल मीडिया और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में यह सवाल तेजी से गूंज रहा है कि आखिर गुरु शरणानंद महाराज कौन हैं और उनके आश्रम की सनातन परंपरा में इतनी बड़ी महत्ता क्यों है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बने रमणरेती आश्रम और महाराज जी के जीवन से जुड़े अनछुए पहलुओं को जानना हर सनातन प्रेमी के लिए बेहद दिलचस्प है।#1. कौन हैं गुरु शरणानंद महाराज? जानिए मथुरा के रमणरेती आश्रम के पीठाधीश्वर का परिचयउत्तर प्रदेश के पावन तीर्थ स्थल मथुरा-वृंदावन क्षेत्र के गोवर्धन मार्ग पर स्थित 'रमणरेती आश्रम' (Raman Reti Ashram) आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस रमणीय और आध्यात्मिक भूमि के पीठाधीश्वर स्वामी गुरु शरणानंद महाराज (Guru Sharananand Maharaj) देश के उन चुनिंदा उच्च कोटि के संतों और विद्वानों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, गोसेवा, और जनसेवा को समर्पित कर दिया है। महाराज जी की वाणी में ऐसा सम्मोहन और ज्ञान है कि उनके प्रवचन सुनने के लिए देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़े-बड़े उद्योगपति, राजनेता, फिल्मी हस्तियां और आम श्रद्धालु खींचे चले आते हैं। उनकी सादगी, करुणा और वेद-पुराणों पर गहरी पकड़ उन्हें अन्य संतों से अलग पहचान दिलाती है।#1. अपर्णा यादव का रमणरेती आश्रम दौरा: क्यों लिया संतों का आशीर्वाद?हाल ही में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव मथुरा के रमणरेती आश्रम पहुंची थीं। वहां उन्होंने पीठाधीश्वर गुरु शरणानंद महाराज के दर्शन किए और विधि-विधान से उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने आश्रम की व्यवस्थाओं, गौसेवा प्रकल्पों और चल रहे धार्मिक आयोजनों का भी जायजा लिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने के लिए राजनेता अक्सर संतों का मार्गदर्शन प्राप्त करने पहुंचते हैं। अपर्णा यादव और गुरु शरणानंद महाराज की इस भेंट को आध्यात्मिक शांति और लोक कल्याण के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई थीं।#1. रमणरेती आश्रम की महिमा और वहां संचालित होने वाले विशाल सेवा कार्यरमणरेती वही पवित्र भूमि है जहां भगवान श्री कृष्ण अपने बाल्यकाल में ग्वालबालों के साथ लीलाएं किया करते थे और ब्रज की धूल में खेला करते थे। इसी ऐतिहासिक और पावन धरा पर गुरु शरणानंद महाराज के सान्निध्य में कई बड़े सामाजिक और धार्मिक प्रकल्प चलाए जा रहे हैं। आश्रम के अंतर्गत गोसेवा (गौवंश संरक्षण) का अभूतपूर्व कार्य किया जाता है, जहां हजारों बेसहारा और बीमार गायों की दिन-रात सेवा की जाती है। इसके अलावा, गरीब बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा शिविर और जरूरतमंदों को भोजन कराने जैसे मानवीय कार्य इस आश्रम की मुख्य विशेषता हैं। महाराज जी का मानना है कि जीवों की सेवा ही सच्ची माधव सेवा है।#1. आधुनिक युग में आध्यात्मिक जागरण और सनातन संस्कृति का प्रचारआज के इस भौतिकवादी और तनावपूर्ण युग में जहां लोग मानसिक शांति की तलाश में भटक रहे हैं, गुरु शरणानंद महाराज के उपदेश लोगों को आंतरिक संतोष और सकारात्मकता प्रदान करते हैं। उनके द्वारा दी जाने वाली जीवन की सीखें इंसानी रिश्तों, धर्म के सही मार्ग और मानसिक दृढ़ता को मजबूत करती हैं। महाराज जी का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, वेद-वेदांत और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से जोड़ना है। यही वजह है कि अपर्णा यादव जैसी राजनीतिक शख्सियतें हों या आम नागरिक, हर कोई उनके चरणों में आकर धन्य महसूस करता है और ब्रज भूमि की इस पावन ऊर्जा से ओत-प्रोत होकर लौटता है।
ग्लेन मैक्सवेल ने अचानक 'आधी रात' को वनडे संन्यास से उठाया पर्दा
आस्ट्रेलियाई क्रिकेट के धाकड़ ऑलराउंडर और सफेद गेंद के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शुमार ग्लेन मैक्सवेल (Glenn Maxwell) के एक फैसले ने दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। मैदान पर अपनी अतरंगी और विस्फोटक बल्लेबाजी से असंभव को संभव बनाने वाले मैक्सवेल ने अचानक 'आधी रात' को एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए वनडे अंतरराष्ट्रीय (ODI) क्रिकेट से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी। अपने फैसले की वजह बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि बढ़ती उम्र और शरीर की रिकवरी में लग रहे समय के कारण यह कदम उठाना उनके लिए जरूरी हो गया था। इसके साथ ही संन्यास का ऐलान करते वक्त वे 2023 वनडे विश्व कप के दौरान अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी उस अविश्वसनीय और ऐतिहासिक दोहरे शतक की पारी को याद करना नहीं भूले, जिसे आज भी क्रिकेट जगत में 'डेडमैन' (Deadman) की चमत्कारिक पारी के नाम से जाना जाता है।#1. क्यों लिया ग्लेन मैक्सवेल ने अचानक आधी रात को संन्यास का फैसला?ग्लेन मैक्सवेल का यह फैसला काफी हद तक अचानक और अप्रत्याशित माना जा रहा था। सोशल मीडिया पर देर रात साझा किए गए अपने लंबे संदेश में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने लिखा कि वनडे फॉर्मेट में अब उनका शरीर 50 ओवरों की फील्डिंग और आक्रामक बल्लेबाजी के तनाव को लगातार झेलने में सक्षम नहीं महसूस कर रहा है। बार-बार होती चोटों और रिकवरी प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि यह संन्यास लेने का बिल्कुल सही समय है। मैक्सवेल ने साफ किया कि वह अपने देश के लिए अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट खेलते रहेंगे और फ्रेंचाइजी लीग में अपनी सेवाएं देते रहेंगे, लेकिन वनडे प्रारूप को अलविदा कहकर वह युवा खिलाड़ियों के लिए ऑस्ट्रेलिया की 50 ओवरों की टीम में रास्ता साफ कर रहे हैं।#1. 2023 विश्व कप की वो 'डेडमैन' वाली पारी: जब पैर काम नहीं कर रहे थे, तब जड़ा दोहरा शतकअपने करियर के सबसे यादगार लम्हों को याद करते हुए ग्लेन मैक्सवेल ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 7 नवंबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई अपनी एतिहासिक पारी का विशेष जिक्र किया। उस मैच में 292 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम महज 91 रन पर 7 विकेट गंवाकर हार की कगार पर खड़ी थी। पीठ की ऐंठन और दोनों पैरों में भयानक मांसपेशियों के खिंचाव (Severe Cramps) के कारण मैक्सवेल मैदान पर चल भी नहीं पा रहे थे। डॉक्टर और फिजियो उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर जाने की सलाह दे रहे थे, लेकिन मैक्सवेल एक पैर पर खड़े होकर केवल अपनी ऊपरी बॉडी (हाथों की ताकत) के सहारे अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर टूट पड़े। उन्होंने दर्द से तड़पते हुए महज 128 गेंदों में नाबाद 201 रनों की नाबाद और चमत्कारी पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया को न केवल जीत दिलाई, बल्कि इतिहास के पन्नों में अमर हो गए।#1. 142 वनडे मैचों का शानदार सफर: छक्कों, स्विक-रिवर्स और ऑलराउंडर प्रदर्शन का दौरग्लेन मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलियाई जर्सी पहनकर वनडे क्रिकेट में एक बेहद प्रभावशाली और यादगार सफर तय किया है। 142 वनडे मैचों में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करते हुए मैक्सवेल ने 3,500 से अधिक रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 125 से भी अधिक का रहा, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे बेहतरीन माना जाता है। बल्ले से छक्के बरसाने और स्विच-हिट के जरिए गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ने के अलावा, उन्होंने अपनी उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से 70 से अधिक विकेट भी हासिल किए। वे 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के मुख्य स्तंभों में से एक रहे।#1. क्रिकेट जगत और प्रशंसकों ने दी मैक्सी को शानदार विदाईजैसे ही मैक्सवेल के संन्यास की खबर फैली, पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों, उनके साथी खिलाड़ियों और दुनिया भर के लाखों प्रशंसकों ने उन्हें शुभकामनाएं देनी शुरू कर दीं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और क्रिकेट बोर्ड ने उनके दिए योगदान की खुले दिल से सराहना की। 'मैड मैक्सी' के नाम से मशहूर इस खिलाड़ी ने वनडे क्रिकेट को जो नया आयाम, आक्रामकता और मनोरंजन दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बना रहेगा। हालांकि फैंस उन्हें वनडे जर्सी में फिर कभी नहीं देख पाएंगे, लेकिन 201 रनों वाली वह 'डेडमैन' पारी जब भी याद की जाएगी, ग्लेन मैक्सवेल का नाम क्रिकेट के सुनहरे अक्षरों में चमकता रहेगा।
10 अक्टूबर को पाकिस्तान से महामुकाबला, 7 नवंबर को भी हो सकती है टक्कर
दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों और भारतीय फैंस का इंतजार अब खत्म होने की ओर है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा 2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप (ODI World Cup 2027) का पूरा खाका तैयार हो चुका है। इस मेगा टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मुकाबलों का शेड्यूल बेहद रोमांचक नजर आ रहा है। क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी और हाई-वोल्टेज जंग यानी भारत और पाकिस्तान का महामुकाबला 10 अक्टूबर 2027 को वांडरर्स स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके साथ ही, टूर्नामेंट के प्रारूप को देखते हुए दोनों टीमों के बीच सुपर-8 चरण में 7 नवंबर 2027 को एक और हाई-वोल्टेज मैच होने की प्रबल संभावना बन रही है। आइए जानते हैं 2027 वनडे विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम का पूरा संभावित और आधिकारिक शेड्यूल क्या रहने वाला है।#1. 10 अक्टूबर को पाकिस्तान से होगी पहली टक्कर, 7 नवंबर को फिर हो सकता है महामुकाबलाक्रिकेट फैंस के लिए 10 अक्टूबर 2027 का दिन बेहद खास रहने वाला है, जब दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग स्थित द वांडरर्स स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। इस मैच के लिए अभी से दुनिया भर से टिकटों की रिकॉर्ड मांग देखने को मिल रही है। हालांकि, रोमांच यहीं खत्म नहीं होता; 2027 विश्व कप के नए फॉर्मेट के तहत अगर भारत और पाकिस्तान दोनों अपनी-अपनी ग्रुप स्टेज की बाधा पार कर सुपर-8 चरण में जगह बनाते हैं, तो 7 नवंबर 2027 को प्रशंसकों को एक बार फिर इन दो चिर-प्रतिद्वंद्वियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है। एक ही टूर्नामेंट में दो-दो बार भारत-पाक भिड़ंत की संभावना ने दर्शकों के उत्साह को दोगुना कर दिया है।#1. जानिए 2027 वनडे विश्व कप में भारत का पूरा ग्रुप स्टेज शेड्यूल और मैदानदक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के प्रमुख क्रिकेट मैदानों पर खेले जाने वाले इस विश्व कप में भारतीय टीम को कठिन मुकाबलों से गुजरना होगा। टीम इंडिया के ग्रुप चरण के प्रमुख मुकाबलों का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:7 अक्टूबर 2027: भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया (केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका)10 अक्टूबर 2027: भारत बनाम पाकिस्तान (वांडरर्स, जोहान्सबर्ग)14 अक्टूबर 2027: भारत बनाम अफगानिस्तान (सेंचुरियन)17 अक्टूबर 2027: भारत बनाम क्वालिफायर टीम A (ब्लॉमफोंटेन)24 अक्टूबर 2027: भारत बनाम जिम्बाब्वे (विक्टोरिया फॉल्स, जिम्बाब्वे)टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया जैसी पांच बार की चैंपियन टीम के खिलाफ शुरुआती मुकाबले से लेकर जिम्बाब्वे और अफगानिस्तान जैसी अप्रत्याशित टीमों का सामना करने तक, भारत का यह सफर बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।#1. क्या है 2027 वनडे विश्व कप का नया फॉर्मेट? जानिए सुपर-8 और नॉकआउट का रास्ता2027 का वनडे विश्व कप पिछले 2023 टूर्नामेंट से अलग और 2003 के प्रारूप की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है। इसमें कुल 14 टीमें भाग ले रही हैं, जिन्हें 7-7 के दो अलग-अलग ग्रुपों (ग्रुप A और ग्रुप B) में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष 3-3 टीमें अगले दौर यानी 'सुपर-8' चरण के लिए क्वालिफाई करेंगी। सुपर-8 में पहुंचने वाली टीमें दूसरे ग्रुप की शीर्ष टीमों के साथ मुकाबले खेलेंगी, जिसके आधार पर अंक तालिका की टॉप 4 टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। यही वजह है कि 7 नवंबर 2027 को सुपर-8 राउंड के दौरान भारत और पाकिस्तान के दोबारा टकराने का मजबूत समीकरण बन रहा है।#1. रोहित-विराट के दौर के बाद नई टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती2027 का वनडे विश्व कप भारतीय क्रिकेट के लिए एक नए युग की शुरुआत जैसा होगा। दक्षिण अफ्रीकी पिचों की तेज गति, अतिरिक्त उछाल और जिम्बाब्वे के अनुकूल हालात में भारतीय युवा ब्रिगेड और अनुभवी खिलाड़ियों को एक साथ बेहतर तालमेल दिखाना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के वांडरर्स, सेंचुरियन और केप टाउन जैसे मैदानों पर तेज गेंदबाजों की भूमिका बेहद निर्णायक होगी। भारतीय टीम प्रबंधन ने अभी से इस मेगा इवेंट को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों के रोटेशन और वनडे स्पेशलिस्ट्स की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है, ताकि 12 साल से चले आ रहे आईसीसी वनडे ट्रॉफी के सूखे को खत्म किया जा सके।
भारत-पाकिस्तान महामुकाबले के लिए 84 लाख टिकटों की रिकॉर्ड डिमांड
क्रिकेट के मैदान पर जब भी चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने आती हैं, तो दुनिया भर के खेल प्रेमियों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। खेल के इतिहास में इन दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला हमेशा से ही सबसे ज्यादा रोमांचक और हाई-वोल्टेज माना जाता रहा है। आगामी 2027 वनडे विश्व कप (ODI World Cup 2027) को लेकर अभी से जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उन्होंने तमाम पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले महामुकाबले के लिए टिकटों की मांग ने सभी सीमाओं को पार कर लिया है। इस ऐतिहासिक मैच को देखने के लिए दुनिया भर से लगभग 84 लाख (8.4 मिलियन) से अधिक टिकटों की रिक्वेस्ट मिल चुकी है, जबकि इस मैच की मेजबानी करने वाले प्रतिष्ठित 'द वांडरर्स स्टेडियम' की दर्शक क्षमता महज 34 हजार के आसपास ही है।#1. मांग और आपूर्ति में भारी अंतर: 34 हजार सीटों के लिए मिले 84 लाख आवेदनअंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के टिकट बैलेट के आंकड़ों के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले इस ब्लॉकबस्टर मैच के लिए कुल 83,97,294 (लगभग 84 लाख) लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि दक्षिण अफ्रीका के प्रसिद्ध 'द वांडरर्स स्टेडियम' (The Wanderers Stadium) में अधिकतम केवल 34,000 दर्शक ही बैठकर मैच का आनंद ले सकते हैं। यानी उपलब्ध सीटों की संख्या की तुलना में टिकटों के लिए लगभग 247 गुना अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस अभूतपूर्व मांग ने साबित कर दिया है कि क्रिकेट फैंस के बीच भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत को लेकर दीवानगी आज भी सातवें आसमान पर है और यह दुनिया का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल मुकाबला बना हुआ है।#1. वर्ल्ड कप फाइनल से भी ज्यादा क्रेज, विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी मांगदिलचस्प बात यह है कि इस बहुप्रतीक्षित टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला भी उसी मैदान पर खेला जाना है, जिसके लिए लगभग 79 लाख (7.9 मिलियन) टिकटों के आवेदन आए हैं। इसके बावजूद, भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले ग्रुप मैच ने फाइनल मुकाबले को भी पीछे छोड़ते हुए टिकटों की डिमांड में पहला स्थान हासिल कर लिया है। वैश्विक स्तर पर क्रिकेट प्रेमियों में इस मैच को लेकर मचे इस उन्माद ने खेल आयोजकों को भी चौंका दिया है। 193 देशों के 28 लाख से अधिक अनोखे (unique) फैंस ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान टिकट बैलेट के लिए पंजीकरण कराया है, जिससे यह साफ है कि 2027 का यह विश्व कप इतिहास के सबसे सफल और लोकप्रिय टूर्नामेंटों में दर्ज होने जा रहा है।#1. कैसे काम कर रहा है ICC का टिकट बैलेट सिस्टम और क्या है प्रक्रिया?टिकटों की इस भारी-भरकम मारामारी और कालाबाजारी (Black Marketing) को रोकने के लिए ICC ने पूरी तरह से पारदर्शी डिजिटल बैलेट प्रणाली अपनाई है। इस व्यवस्था के तहत टिकट का आवेदन करने के लिए फैंस को पहले से कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है, और न ही यह प्रक्रिया 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर काम करती है। बैलेट की निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद कंप्यूटर-जनित रैंडम पद्धति के जरिए सफल आवेदकों का चयन किया जाएगा, जिन्हें ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा। भारी मांग के चलते अधिकांश प्रशंसकों को निराशा हाथ लगना तय माना जा रहा है, क्योंकि करोड़ों फैंस की चाहत के बावजूद स्टेडियम की दीवारें केवल 34 हजार लोगों को ही अपने अंदर समेट सकती हैं।#1. भारत-पाकिस्तान की ऐतिहासिक भिड़ंत और फैंस की उम्मीदेंवनडे विश्व कप के इतिहास में भारत का पलड़ा हमेशा से पाकिस्तान के खिलाफ भारी रहा है और टीम इंडिया ने अपने इस अजेय क्रम को हमेशा कायम रखा है। यही वजह है कि दोनों देशों के करोड़ों दर्शक इस मुकाबले को अपनी आंखों से देखने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। हालांकि स्टेडियम में जगह सीमित होने के कारण गिने-चुने नसीब वाले दर्शकों को ही मैदान के अंदर बैठकर इस महामुकाबले का गवाह बनने का अवसर मिलेगा, जबकि बाकी के करोड़ों प्रशंसक टीवी और डिजिटल स्क्रीन के जरिए ही इस ऐतिहासिक जंग का लुत्फ उठाएंगे।
सुबह नाश्ते के तुरंत बाद नहाना पड़ सकता है भारी! सेहत पर पड़ता है खतरनाक असर
भागदौड़ भरी आधुनिक जीवनशैली में हर इंसान सुबह के वक्त अपने रोजमर्रा के कामों को जल्दी से जल्दी निपटाने की फिराक में रहता है। कोई ऑफिस जाने की जल्दी में होता है, तो कोई स्कूल-कॉलेज के बच्चों का टिफिन पैक करने में जुटा रहता है। इस सुस्ती और हड़बड़ी के चक्कर में अक्सर लोग सुबह उठकर सबसे पहले भारी-भरकम नाश्ता कर लेते हैं और उसके तुरंत बाद सीधे बाथरूम में नहाने के लिए चले जाते हैं। यदि आप भी अपनी दिनचर्या में इसी आदत को अपनाए हुए हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी और चौंकाने वाली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार, नाश्ता करने के तुरंत बाद नहाना हमारे शरीर के पाचन तंत्र (Digestive System) और संपूर्ण स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डाल सकता है। इससे न केवल गैस और अपच की शिकायत होती है, बल्कि लंबे समय में यह कई गंभीर बीमारियों को भी न्योता दे सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि खाने के बाद तुरंत नहाने से शरीर पर क्या और क्यों बुरा प्रभाव पड़ता है।#1. क्या है विज्ञान का तर्क? जानिए क्यों नाश्ते के तुरंत बाद नहाना पाचन के लिए है खतरनाकजब हम सुबह के समय पौष्टिक और भरपेट नाश्ता करते हैं, तो हमारे शरीर का पूरा पाचन तंत्र उस भोजन को पचाने और उससे ऊर्जा निकालने के काम में जुट जाता है। इस प्रक्रिया के तहत हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) पेट और आंतों की तरफ केंद्रित हो जाता है, ताकि पाचन अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और ऊर्जा मिल सके। लेकिन जैसे ही हम खाने के तुरंत बाद ठंडे या सामान्य पानी से नहाते हैं, हमारे शरीर का तापमान अचानक से बदलने लगता है। इस तापमान के असंतुलन के कारण मस्तिष्क शरीर की बाहरी त्वचा और मांसपेशियों की तरफ ब्लड सर्कुलेशन को डायवर्ट कर देता है। नतीजतन, पेट के हिस्से में रक्त का प्रवाह अचानक कम हो जाता है, जिससे पाचन प्रक्रिया बीच में ही धीमी या बाधित हो जाती है और खाया हुआ भोजन सही से पच नहीं पाता है।#1. पेट में गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग और मरोड़ जैसी समस्याओं का बढ़ जाता है खतरापाचन तंत्र की यह रुकावट हमारे शरीर में कई तरह की शारीरिक परेशानियों को जन्म देती है। जब भोजन पेट में लंबे समय तक बिना पचे सड़ने लगता है, तो लोगों को भारी मात्रा में गैस, एसिडिटी, पेट फूलना (ब्लोटिंग), खट्टी डकारें और पेट में मरोड़ या भारीपन महसूस होने लगता है। कई बार लोगों को समझ ही नहीं आता कि वे तो हेल्दी ब्रेकफास्ट कर रहे थे, फिर भी उनका पेट रोज क्यों खराब रहता है। इसकी मुख्य वजह यही गलत आदत होती है। इसके अलावा, जिन लोगों को पहले से ही बदहजमी या कब्ज की समस्या है, उनके लिए तो खाने के तुरंत बाद स्नान करना किसी बड़े जोखिम से कम नहीं माना गया है।#1. आयुर्वेद के अनुसार क्या है भोजन करने और स्नान करने का सही नियम?आयुर्वेद में हमारे दैनिक जीवन के खानपान और दिनचर्या को लेकर बेहद सटीक और वैज्ञानिक नियम बताए गए हैं। आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, हमारे शरीर में 'अग्नि तत्व' (पाचन अग्नि) भोजन को पचाने का मुख्य कार्य करता है। जब हम पेट भरकर भोजन करते हैं, तो यह जठराग्नि पूरी तरह सक्रिय होती है। यदि इसके तुरंत बाद स्नान कर लिया जाए, तो जल के ठंडे प्रभाव से शरीर की वह आंतरिक अग्नि ठंडी पड़ जाती है, जिसे आयुर्वेद में 'अग्निमांद्य' कहा जाता है। यही कारण है कि आयुर्वेद हमेशा यह सलाह देता है कि या तो स्नान हमेशा भोजन करने से कम से कम आधे से एक घंटे पहले किया जाना चाहिए, या फिर यदि नाश्ते के बाद नहाना जरूरी हो, तो भोजन और स्नान के बीच कम से कम 45 मिनट से 1 घंटे का पर्याप्त अंतराल जरूर रखना चाहिए।#1. सेहतमंद रहने के लिए अपनी सुबह की दिनचर्या में करें ये छोटे बदलावयदि आप अपनी और अपने परिवार की सेहत को दुरुस्त रखना चाहते हैं, तो अपनी सुबह की आदतों में थोड़ा सा सुधार करना बेहद जरूरी है। सुबह उठकर सबसे पहले गुनगुना पानी पिएं, थोड़ा टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें। इसके बाद स्नान के कार्य को पूरा कर लें और तरोताजा होने के बाद इत्मीनान से संतुलित और पौष्टिक नाश्ता करें। यदि किसी मजबूरीवश आपको पहले नाश्ता करना भी पड़े, तो कम से कम एक घंटे का गैップ देने के बाद ही शावर लें। इन छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियों को अपनाकर आप अपने पाचन तंत्र को मजबूत रख सकते हैं और दिनभर खुद को तरोताजा तथा ऊर्जावान महसूस कर सकते हैं।
क्या सच में गेहूं के जवार का जूस कम कर सकता है आपका शुगर और कोलेस्ट्रॉल
आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब जीवनशैली के दौर में हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद सतर्क हो गया है। शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने और बीमारियों को कोसों दूर रखने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे अपना रहे हैं। इसी कड़ी में पिछले कुछ समय से 'व्हीटग्रास जूस' यानी गेहूं के जवार का रस स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया से लेकर फिटनेस एक्सपर्ट्स तक, हर कोई इसे एक चमत्कारी नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में पेश कर रहा है। दावा किया जाता है कि सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से न केवल शरीर की गंदगी बाहर निकलती है, बल्कि यह डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल और दिल के रोगियों के लिए बैड कोलेस्ट्रॉल को भी तेजी से नियंत्रित कर सकता है। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या वाकई यह हरा जूस किसी वरदान से कम नहीं है या इसके पीछे सिर्फ मेडिकल मिथक हैं? आइए आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के आधार पर व्हीटग्रास जूस के असली फायदों और सच्चाई की पूरी पड़ताल करते हैं।#1. क्या है व्हीटग्रास जूस और क्यों कहा जाता है इसे पावरफुल 'नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक'?गेहूं के पौधे के शुरुआती दिनों में जो बिल्कुल ताजे, हरे और कोमल घास जैसे अंकुर निकलते हैं, उन्हें ही 'व्हीटग्रास' कहा जाता है। जब ये पौधे करीब 7 से 10 दिन के होते हैं और इनमें बालियां नहीं आई होती हैं, तब इनके पत्तों का रस निकाला जाता है। आयुर्वेद और नेचुरोपैथी में इसे 'संजीवनी बूटी' के समान माना गया है। व्हीटग्रास में क्लोरोफिल (हरितद्रव्य) की मात्रा प्रचुर होती है, जो पौधों को हरा रंग देता है। यही क्लोरोफिल जब इंसानी शरीर में जाता है, तो यह रक्त को शुद्ध करने (Blood Purification) का काम करता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए, सी, ई, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और कई प्रकार के अमिनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत बनाते हैं और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाते हैं।#1. क्या सच में शुगर (ब्लड ग्लूकोज) को कंट्रोल कर सकता है व्हीटग्रास जूस?मधुमेह (Diabetes) के मरीजों के लिए अपने बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करना एक रोज की चुनौती होती है। वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, व्हीटग्रास में कुछ ऐसे सक्रिय एंजाइम्स और यौगिक पाए जाते हैं जो इंसुलिन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसके सेवन से शरीर में ग्लूकोज का अवशोषण संतुलित होता है, जिससे अचानक शुगर स्पाइक होने का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, डॉक्टर यह भी स्पष्ट करते हैं कि व्हीटग्रास जूस किसी भी डायबिटिक दवा या इंसुलिन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह एक बेहतरीन सप्लीमेंट के रूप में ब्लड शुगर को मैनेज करने में सहायक जरूर साबित हो सकता है। यदि इसका सेवन नियमित रूप से सही मात्रा में किया जाए, तो यह पैंक्रियास की कार्यकुशलता को सहारा देता है।#1. बैड कोलेस्ट्रॉल घटाने और दिल की सेहत सुधारने में कितना कारगर है यह हरा रस?खराब खानपान और शारीरिक श्रम की कमी के कारण शरीर में एलडीएल (LDL) यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना आम समस्या बन गई है, जो आगे चलकर हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। कई न्यूट्रिशियन स्टडीज में यह बात सामने आई है कि व्हीटग्रास में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर्स शरीर से अतिरिक्त चर्बी और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। यह रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) में जमी गंदगी और ब्लॉकेज को साफ करने की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे दिल तक खून का संचार सुचारू रूप से होता है। नियमित रूप से ताजे व्हीटग्रास का रस पीने वाले लोगों में मेटाबॉलिक रेट बेहतर देखा गया है, जो वजन घटाने में भी मददगार होता है।#1. व्हीटग्रास जूस पीने का सही तरीका, सावधानियां और संभावित साइड इफेक्ट्सकिसी भी चीज का फायदा तभी मिलता है जब उसे सही तरीके और निश्चित मात्रा में लिया जाए। व्हीटग्रास जूस का स्वाद बहुत तेज और कसैला होता है, इसलिए शुरुआत में इसे केवल 30 मिलीलीटर (लगभग दो चम्मच) पानी में मिलाकर ही पीना चाहिए। इसे हमेशा सुबह खाली पेट पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, जिन लोगों को गेहूं या ग्लूटेन से एलर्जी है, या जो गर्भवती महिलाएं हैं, उन्हें इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। ज्यादा मात्रा में पीने से शुरुआत में हल्का मितली या पेट खराब होने की समस्या भी हो सकती है। शुद्ध और जैविक (Organic) तरीके से उगाए गए व्हीटग्रास का ही जूस बनाना चाहिए ताकि शरीर को इसके शत-प्रतिशत प्राकृतिक लाभ मिल सकें।
त्योहारों के मौसम में पुणे के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे मेट्रो ट्रेन का उद्घाटन किया। हिंजेवाड़ी से शिवाजी नगर के बीच मेट्रो शुरू होने से शहर के आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इस दौरान पीएम मोदी ...
डिजिटल दौर में किसी की निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल रोकना जरूरी है। लेकिन अगर इसी मकसद से बना कानून पत्रकारों के लि
'धनंजय, अभय और ब्रजेश सिंह मेरी दरबारी करते हैं, मैं सबसे बड़ा गुंडा'
योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बांदा में एक सभा के दौरान दावा किया कि धनंजय सिंह, अभय सिंह और बृजेश सिंह जैसे बाहुबली उनकी दरबारी करते हैं. उन्होंने खुद को सबसे बड़ा गुंडा बताते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता की तरफ आंख उठाने वाले की आंख निकालने की क्षमता रखते हैं. राजभर ने अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले और विपक्ष पर भी निशाना साधा.
'रमीज ने कई साल किया शोषण', KGMU मामले में पीड़िता के आरोप
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी धर्मांतरण मामले में पीड़िता का बयान सामने आया है. पीड़िता के मुताबिक आरोपी डॉक्टर रमीज ने साल 2012 में नशीला पदार्थ खिलाकर यौन शोषण का प्रयास किया और फिर तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल किया. उस पर जबरन धर्मांतरण, बुर्का पहनने और गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया. इस मामले में केजीएमयू के कई अन्य लोगों के शामिल होने का भी खुलासा हुआ है.
बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर शेख हसीना ने जताई चिंता
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए राजनीतिक उत्पीड़न, महिलाओं और बच्चों की असुरक्षा तथा अल्पसंख्यकों को डराए जाने का आरोप लगाया है.
दीया मिर्जा के वीडियो विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट नाराज, जानें मामला
बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी द्वारा अभिनेत्री दिया मिर्जा का प्रदूषण जागरूकता वीडियो हटाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है. कोर्ट ने कहा कि मुंबई शहर एकजुटता पर टिका है और संविधान में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए वीडियो को पुनः अपलोड किया जाना चाहिए. मेयर की आपत्तियों के बाद यह कदम उठाया गया था। हालांकि अदालत ने वीडियो वापस डालने का कोई लिखित आदेश नहीं दिया है, लेकिन इसे बीएमसी के स्वविवेक पर छोड़ते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर सभी को साथ मिलकर काम करना चाहिए.
धनतेरस पर लाए नए बर्तन और शुभ वस्तुओं का क्या करना चाहिए
सनातन धर्म में दिवाली से ठीक दो दिन पहले मनाया जाने वाला धनतेरस (धन्वंतरि जयंती) का पावन पर्व धन, वैभव और आरोग्य की प्राप्ति का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस शुभ अवसर पर हर कोई अपनी सामर्थ्य के अनुसार नए बर्तन, झाड़ू, सोने-चांदी के सिक्के, धातु की वस्तुएं और साबुत धनिया खरीदकर अपने घर लाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में 13 गुना समृद्धि और खुशहाली लाती हैं। हालांकि, अक्सर लोग बाजार से इन शुभ चीजों को घर लाने के बाद इन्हें सीधे अलमारी या रसोई में रख देते हैं, जो कि वास्तु और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सही नहीं है। प्रसिद्ध पंडितों और वास्तु आचार्यों के अनुसार, धनतेरस पर खरीदी गई हर एक वस्तु को इस्तेमाल करने और पूजा में शामिल करने के कुछ विशेष शास्त्र सम्मत नियम होते हैं, जिनका पालन करने पर ही मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की असीम कृपा प्राप्त होती है।#1. धनतेरस पर लाए नए बर्तनों का क्या करें? भूलकर भी खाली बर्तन न रखें घर के अंदरधनतेरस के दिन पीतल, तांबे या चांदी के नए बर्तन खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। यदि आप भी इस दिन नए बर्तन खरीदकर घर ला रहे हैं, तो सबसे पहला नियम यह है कि इन्हें घर के भीतर कभी भी खाली (खाली पेट) न लाएं। खाली बर्तन नकारात्मकता का प्रतीक माने जाते हैं। बाजार से लाते समय या घर के मुख्य द्वार से प्रवेश करते वक्त इन बर्तनों में थोड़ा सा अक्षत (चावल), पानी, दूध, गुड़ या कोई भी मीठी चीज अवश्य भर लें। इसके बाद बर्तनों को शुद्ध पानी से धोकर गंगाजल से पवित्र करें। दिवाली पूजन की रात इन नए बर्तनों को लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा के समक्ष रखें और उसमें भोग अर्पित करें। इसके बाद ही इन बर्तनों का दैनिक रसोई में इस्तेमाल शुरू करना चाहिए, ऐसा करने से अन्नपूर्णा देवी का वास बना रहता है।#1. नई झाड़ू लाने के बाद क्या करें? जानिए इसे छिपाकर रखने और पुरानी झाड़ू हटाने का नियमधनतेरस पर झाड़ू खरीदना मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सबसे अचूक उपाय माना जाता है, क्योंकि झाड़ू को दरिद्रता दूर करने और समृद्धि लाने का प्रतीक माना गया है। नई झाड़ू घर लाने के बाद उसे सीधे इस्तेमाल में न लाएं। सबसे पहले उस पर सफेद रंग का धागा या कलावा बांधें और थोड़ा सा कुमकुम-अक्षत लगाकर पूजा करें। झाड़ू को घर में ऐसी जगह रखें जहां बाहरी लोगों की सीधी नजर उस पर न पड़े। धनतेरस की रात और दिवाली के दिन नई झाड़ू से घर की सफाई करना अत्यंत शुभ होता है। ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को दिवाली पूजन से पहले घर से बाहर न निकालें; दिवाली पूजा के अगले दिन ही पुरानी झाड़ू को आदरपूर्वक किसी सुनसान स्थान पर फेंकना चाहिए।#1. चांदी के सिक्के और पीतल के सामान का पूजा में इस्तेमाल और तिजोरी के नियमधनतेरस के दिन खरीदे गए सोने या चांदी के सिक्कों को सीधे अलमारी में बंद करके नहीं रखना चाहिए। दीपावली की मुख्य पूजा के दौरान इन सिक्कों को पंचामृत से स्नान कराकर, गंगाजल से शुद्ध करके लक्ष्मी-गणेश जी के चरणों में अर्पित करें। उन पर रोली, अक्षत और कलावा चढ़ाकर विधिवत आरती करें। दिवाली पूजा संपन्न होने के बाद, इन सिद्ध सिक्कों को लाल या पीले रेशमी कपड़े में बांधकर अपने घर की तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। ऐसा करने से पूरे वर्ष धन की आवक बनी रहती है और अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगती है। इसी प्रकार पीतल और तांबे के बर्तनों का प्रयोग भगवान को भोग लगाने या जल अर्पित करने के लिए करना सबसे उत्तम माना गया है।#1. साबुत धनिया का क्या करें? जानें बोने और तिजोरी में रखने की चमत्कारी विधिधनतेरस पर खरीदा गया साबुत धनिया धन वृद्धि का सबसे बड़ा सूचक माना जाता है। दिवाली की रात महालक्ष्मी पूजन के समय एक कटोरी में साबुत धनिया रखकर उस पर थोड़ा सा गुड़ और चांदी का सिक्का रखें। पूजा समाप्त होने के बाद, अगले दिन (गोवर्धन पूजा या भैया दूज के दिन) इस धनिए में से थोड़ा सा हिस्सा अपने घर के बगीचे या किसी गमले में बो दें। यदि इससे हरा-भरा और स्वस्थ पौधा उगता है, तो यह संकेत देता है कि आने वाले वर्ष में आपके घर में आर्थिक स्थिरता और समृद्धि आएगी। बचे हुए साबुत धनिए को एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें। यह प्रयोग आपके घर में बरकत बनाए रखता है और वास्तु दोषों का शमन करता है।
'यह कोई क्लब का मैच नहीं', वनडे मैच से पहले फूटा दिग्गज का गुस्सा
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम ने टी20 सीरीज में दमदार प्रदर्शन करते हुए 3-2 से ट्रॉफी अपने नाम की. अब भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश वनडे सीरीज में भी अपना दबदबा बरकरार रखने की होगी. इस बीच पूर्व भारतीय खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने अपने बयान से फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
रमा एकादशी कब है, कल या परसों? जानें सही तिथि और मुहूर्त
Rama Ekadashi 2026 Date: दिवाली से पहले पड़ने वाली रमा एकादशी के व्रत की तारीख को लेकर लोगों में असमंजस है. ऐसे में जानें 4 या 5 नवंबर में से किस दिन रखा जाएगा व्रत, साथ ही जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण का सही समय.
UP में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ पदयात्रा', विपक्ष के आरोपों पर देंगे जवाब
यूपी में बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू की है. लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान और बरेली में जेपी नड्डा इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं. पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और अराजकता के खिलाफ माहौल बना रहे हैं.
Manipur Violence: जातीय हिंसा और तनाव की आग में झुलस रहे पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में स्थिति एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गई है। पिछले 24 घंटों के भीतर कुकी समुदाय के 5 युवकों की हत्या की खबरें सामने आने के बाद राज्य के पर्वतीय जिलों में उबाल आ ...
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अगले ही दिन उड़ीं धज्जियां, खूब बिक रहे पटाखे; अब होगा ऐक्शन
सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंधों के बावजूद दिल्ली-NCR में पारंपरिक और बिना QR कोड वाले पटाखे खुलेआम बिक रहे हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और पुलिस को नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस बार भाई दूज 10 या 11 नवंबर को? जानिए सही तारीख
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाने वाला भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक पर्व भाई दूज इस वर्ष पंचांगीय गणनाओं के चलते खासी चर्चा में है। दीपावली के ठीक दो दिन बाद आने वाले इस पावन पर्व को लेकर देश भर के परिवारों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि भाई दूज का मुख्य त्योहार वास्तव में 10 नवंबर को मनाया जाएगा या फिर 11 नवंबर को। हिन्दू पंचांग और उदयातिथि के जानकारों के अनुसार, इस साल द्वितीया तिथि की शुरुआत और उसके समापन के समय को लेकर लोगों के मन में संशय है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष भाई दूज की सटीक और शास्त्र सम्मत तारीख कौन सी है, तिलक के लिए सबसे उत्तम शुभ मुहूर्त क्या रहेगा और इस दिन किस विधि से भाई को तिलक करना फलदायी माना गया है।#1. भाई दूज 2026 की सही तारीख: 10 या 11 नवंबर, जानिए पंचांग का सटीक गणितहिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का आरंभ और समापन समय ही पर्व की सही तिथि तय करता है। इस वर्ष उदयातिथि और अपराह्ह व्यापिनी तिथि के आधार पर भाई दूज का पर्व 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाया जाना पूरी तरह से शास्त्र सम्मत और मान्य है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके माथे पर विजय तिलक लगाती हैं। पंचांग भेदों के कारण कुछ लोग इसे लेकर असमंजस में हैं, लेकिन धार्मिक अनुष्ठानों और अधिकांश विद्वानों के मत के अनुसार मुख्य भाई दूज का पर्व 11 नवंबर को ही मनाया जाएगा।#1. भाई दूज 2026 पर तिलक करने का सबसे शुभ और उत्तम मुहूर्तभाई दूज के दिन भाइयों को तिलक लगाने के लिए दोपहर का समय (अपराह्ह काल) सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। पंचांग के अनुसार 11 नवंबर को दोपहर के समय तिलक करने का विशेष शुभ मुहूर्त रहेगा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में यह दोपहर करीब 1 बजकर 09 मिनट से लेकर 3 बजकर 19 मिनट तक की अवधि का रहेगा। इस दो घंटे से अधिक की समयावधि के दौरान बहनें अपने भाइयों को तिलक कर सकती हैं। हालांकि विभिन्न शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में मामूली अंतर के कारण यह मुहूर्त स्थानीय समयानुसार थोड़ा बदल सकता है, लेकिन दोपहर का यह समय संपूर्ण देश के लिए सर्वोपरि माना गया है।#1. भाई दूज की पारंपरिक पूजा विधि और तिलक करने के नियमभाई दूज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दिन बहनें अपने घर के आंगन या लकड़ी के पाटे (चौकी) पर चावल के घोल या पिष्टक से चौक बनाती हैं। इसके बाद उस पर भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाया जाता है। सबसे पहले भाई की हथेली पर रोधी, कुमकुम, चंदन और अक्षत (चावल) का लेप लगाकर उस पर पान का पत्ता, सुपारी, फूल और थोड़े से पैसे रखे जाते हैं और कलावा बांधा जाता है। इसके पश्चात भाई के माथे पर विधिपूर्वक तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र की प्रार्थना की जाती है। तिलक के बाद भाई को मीठा (मिठाई या गुड़-बताशा) खिलाया जाता है और बहन की रक्षा का संकल्प लिया जाता है।#1. क्यों मनाया जाता है भाई दूज? जानिए धार्मिक कथा और इसका महत्वपौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भाई दूज को 'यम द्वितीया' के नाम से भी जाना जाता है। कथा के अनुसार, सूर्यपुत्र यमराज ने अपनी बहन यमुना के बार-बार निमंत्रण देने पर कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन उनके घर जाकर भोजन किया था। यमुना ने अपने भाई का सत्कार कर उनके माथे पर तिलक लगाया था और उनके अमर होने का वरदान मांगा था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के घर जाकर या अपने घर पर पूरी श्रद्धा के साथ बहन के हाथ का बना भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसके जीवन में कभी अकाल मृत्यु या संकट का भय नहीं रहता। यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को और अधिक मजबूत करने का काम करता है।
दिवाली पर बंधनवार खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
दीपों के महापर्व दिवाली की तैयारियां देशभर में पूरे जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। कार्तिक मास की अमावस्या को मनाए जाने वाले इस पवित्र त्योहार पर धन की देवी मां लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के स्वागत के लिए लोग अपने घरों को बेहद खूबसूरती से सजाते हैं। गृह सज्जा और वास्तु शास्त्र के दृष्टिकोण से घर के मुख्य प्रवेश द्वार (Main Entrance) का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि महालक्ष्मी का आगमन घर के मुख्य द्वार से ही होता है, इसलिए मुख्य द्वार पर सुंदर बंधनवार (तोरण) लगाने की प्राचीन परंपरा रही है। हालांकि, बाजार में मिलने वाले तरह-तरह के आधुनिक और प्लास्टिक के तोरणों के बीच अक्सर लोग बिना विचार किए कोई भी तोरण खरीद लाते हैं। वास्तु शास्त्र के प्रसिद्ध विद्वानों और आचार्यों के अनुसार, गलत सामग्री या गलत दिशा में लगाया गया तोरण घर में वास्तु दोष उत्पन्न कर सकता है, जबकि सही नियमों का पालन करके लगाया गया तोरण घर में सुख, समृद्धि और अपार धन-धान्य लेकर आता है।#1. दिवाली पर तोरण लगाने का धार्मिक और वास्तु महत्व: क्यों जरूरी है बंधनवार?सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में किसी भी मांगलिक कार्य या मुख्य त्योहार पर घर के मुख्य द्वार पर तोरण बांधना बेहद शुभ माना जाता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) और मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है। मुख्य द्वार पर लगा तोरण केवल सुंदरता बढ़ाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक सुरक्षा कवच की भांति काम करता है जो घर के भीतर नकारात्मक शक्तियों, बुरी नजर और राहू-केतु के अशुभ प्रभावों को आने से रोकता है। सही विधि और सही सामग्री से बना तोरण लगाने से घर में वास्तु दोष समाप्त होते हैं और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम, आरोग्य और खुशहाली का वातावरण बना रहता है।#1. तोरण खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान: भूलकर भी न लाएं प्लास्टिक और कृत्रिम तोरणदिवाली के लिए जब आप बाजार से बंधनवार खरीदने जाएं, तो सबसे पहले उसकी सामग्री (Material) का विशेष ध्यान रखें। वास्तु गुरुओं का स्पष्ट कहना है कि आजकल बाजार में मिलने वाले प्लास्टिक, सिंथेटिक या लोहे के बने आर्टिफिशियल तोरण देखने में भले ही आकर्षक लगें, लेकिन वास्तु के दृष्टिकोण से इन्हें मुख्य द्वार पर लगाना अशुभ माना जाता है। प्लास्टिक और कृत्रिम सामग्रियां सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने के बजाय रोकती हैं। इसके विपरीत, हमेशा प्राकृतिक चीजों जैसे आम के पत्तों, अशोक के पत्तों, गेंदे के फूलों या फिर शुद्ध सूती (कपास), रेशम और कौड़ियों से बने पारंपरिक तोरण को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। प्राकृतिक पत्तों और फूलों में जीवन ऊर्जा होती है जो घर के वातावरण को शुद्ध करती है और लक्ष्मी जी को प्रसन्न करती है।#1. वास्तु अनुसार किस दिशा और धातु का तोरण रहेगा शुभ?वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, यदि आपके घर का मुख्य द्वार पूर्व (East) दिशा में है, तो तांबे की धातु, गेंदे के पीले/नारंगी फूल या हरे पत्तों से बना तोरण लगाना सबसे उत्तम होता है। यदि मुख्य द्वार उत्तर (North) दिशा में है, तो कौड़ियों, मोतियों और हरे रंग के कपड़ों से सजा तोरण धन के देवता कुबेर और मां लक्ष्मी की असीम कृपा लाता है। पश्चिम (West) दिशा के द्वार के लिए नीले, सफेद या धातु के प्रतीकों वाला तोरण शुभ माना जाता है, जबकि दक्षिण (South) दिशा वाले मुख्य द्वार पर लाल रंग के धागों, गेंदे के फूलों और शुभ चिन्हों जैसे स्वास्तिक या ॐ वाले तोरण को लगाना चाहिए। इसके अलावा तोरण पर स्वास्तिक, कलश, शुभ-लाभ या लक्ष्मी जी के चरणों के प्रतीक चिन्ह बने होना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है।#1. तोरण टांगने के सही नियम और सावधानियां: कब और कैसे लगाएं बंधनवार?दिवाली के दिन तोरण लगाते समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है। सबसे पहले मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई करें और वहां गंगाजल छिड़ककर पवित्र करें। तोरण को हमेशा द्वार के सबसे ऊपरी हिस्से पर इस तरह बांधें कि वह आने-जाने वाले व्यक्ति के सिर को न छुए और न ही बहुत नीचे लटके। यदि आप आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पत्ते सूखे या कटे-फटे न हों। जैसे ही पत्ते पूरी तरह सूख जाएं, उन्हें आदरपूर्वक निकालकर जल में प्रवाहित कर दें और नया तोरण लगाएं। सूती धागे या प्राकृतिक डोरी से तोरण बांधना सबसे शुभ होता है। इस दिवाली इन आसान वास्तु नियमों को अपनाकर आप भी अपने घर में मां महालक्ष्मी के स्थाई वास का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
सहयोगी के यौन शोषण मामले में दोषी तहलका पत्रिका के पूर्व मुख्य संपादक तरुण तेजपाल की सजा को चुनौती देने वाली याचिका और गोवा सरकार की सजा बढ़ाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। अब सुप्रीम कोर्ट 5 नवंबर को इस मामले में सुनवाई करेगा।
प्रवेश साहिब की दिवाली पार्टी में पहुंचे मनोज तिवारी
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी इन दिनों कपल रियलिटी शो पति पत्नी और पंगा सीजन 2 में पत्नी सुरभि संग नजर आ रहे हैं. टीवी शूट से फ्री होकर कपल सोमवार को कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के घर पर आयोजित दिवाली पार्टी में शामिल हुआ.
आजमगढ़ की वोटर लिस्ट में 13 जगह कैसे 'विकास यादव'? चुनाव अधिकारी से जानें
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट संशोधन और अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए विकास यादव मॉडल पर उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिनवा ने स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने बताया कि तकनीकी त्रुटि के कारण हिंदी नाम में गड़बड़ी हुई थी, जिस पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. मुस्लिम और दलित वोटरों के नाम काटने के दावों को नकारते हुए आंकड़ों से सिद्ध किया गया कि पीलीभीत और तरबगंज में मुस्लिम मतदाताओं का प्रतिशत घटा नहीं बल्कि बढ़ा है.
कालिंजर किले का इतिहास, केन नदी का शजर पत्थर और बुंदेलखंड की पहचान
बुंदेलखंड के पूर्वी हिस्से में बसे बांदा की पहचान कालिंजर किले, केन नदी के शजर पत्थर, प्रमुख मंदिरों और चार विधानसभा सीटों से बनती है. जिले का इतिहास, नदी घाटियों वाला भूगोल, स्थानीय कारीगरों की आजीविका और पिछले चुनाव के नतीजे इसकी सांस्कृतिक और राजनीतिक तस्वीर सामने रखते हैं.
बुलेट ट्रेन चलने वाली है... उसकी पटरियां कैसी होंगी? नॉर्मल ट्रैक से काफी अलग
कुछ सालों में भारत में भी बुलेट ट्रेन दौड़ती हुई नजर आएगी. इसका काम काफी स्पीड से चल रहा है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर बुलेट ट्रैन का ट्रैक कितना अलग होगा?
क्या आप भी घी से परहेज करते हैं? डॉ सरीन ने बताया कितना खा सकते हैं
फैटी लिवर की समस्या न केवल शराब पीने वालों में बल्कि गलत खानपान और फास्ट फूड के कारण भी बढ़ रही है. दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के निदेशक डॉ. शिव कुमार सरीन के अनुसार, घी खाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन कैलोरी का हिसाब रखना जरूरी है.
छात्र कार्यकर्ता नेहा बोरा ने पुजारियों और ब्राह्मणवादी व्यवस्था पर एक विवादित टिप्पणी की है। बीजेपी ने इसे हिंदू धर्म को बदनाम करने वाला बताया और राहुल गांधी के विचारों से प्रेरित होने का आरोप लगाया।
'नया हमला हुआ तो पहले से घातक होगा जवाब', ईरान की US को चेतावनी
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका का कोई भी नया हमला हुआ तो उसके सैन्य ठिकानों और हितों को निशाना बनाया जा सकता है. वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान खाड़ी देशों के साथ मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था चाहता है.
Disney में हजारों नौकरियों पर खतरा, 20% खर्च घटाने की तैयारी
Disney सालाना खर्च में 20% बचत के लिए हजारों नौकरियां और दूसरे खर्च घटाने की तैयारी कर रही है. यह कदम पारंपरिक टेलीविजन की कमाई पर दबाव और ऑनलाइन प्रसारण के ग्राहकों की धीमी बढ़ोतरी के बीच उठाया जा रहा है.
दिल्ली-एनसीआर में इस बार सर्दियों का प्रदूषण दीवाली से पहले ही शुरू हो गया है, जिसमें पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बड़े पैमाने पर पराली जलाने की घटनाओं का अहम योगदान है।
दिल्ली के प्रदूषण का ठीकरा किसानों पर क्यों? BKU नेता ने कर दी बड़ी मांग
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के प्रधान हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि प्रदूषण के लिए निर्माण कार्य, वाहनों और मौसम की परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं. लक्खोवाल ने छोटे किसानों को पराली नहीं जलाने के बदले सीधे सब्सिडी देने की मांग की.
Shafaq Naaz:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से पुणे मेट्रो रेल लाइन 3 का उद्घाटन किया, जो शिवाजीनगर को हिंजेवाड़ी से जोड़ती है। साथ ही, उन्होंने इस नेटवर्क के दूसरे चरण (फेज-II) के विस्तार कार्यों की आधारशिला भी रखी। यह कार्यक्रम बालेवाड़ी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बैडमिंटन कोर्ट में आयोजित किया गया, जिसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मौजूद थे। इसे भी पढ़ें: H-1B वीजा और इमीग्रेशन पॉलिसी से परेशान भारतीय वोटर्स Trump को सिखाएंगे सबक! महंगी पड़ेगी नाराजगी प्रधानमंत्री मोदी ने 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी 23 किलोमीटर लंबी 'पिंक लाइन' का उद्घाटन किया। यह कॉरिडोर 'मान' (Maan) को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा, जिससे हिंजेवाड़ी आईटी हब और शिवाजीनगर के बीच सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिल सकेगी। उन्होंने चरण-II के तहत चार नए मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी, जिसमें लगभग 21,800 करोड़ रुपये का कुल निवेश शामिल है।
सेंट्रल दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता। अदालत ने प्रदर्शनकारियों के अधिकार और व्यापारियों की आजीविका के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया।
दिवाली पर 2 कप बेसन से बनाएं हलवाई जैसा पतीसा, आसान है रेसिपी
घर पर आप बाजार जैसा रेशेदार पतीसा बना सकते हैं, जिसके लिए आपको बेसन और चाशनी की जरूरत होगी. इस दिवाली आप अपने घर पर आसानी से इस रेसिपी को फॉलो करके पतीसा तैयार कर सकते हैं.
अमेरिका का ईरान पर हमला, पलटवार में 2 अमेरिकी ड्रोन बने निशाना
अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप पर मिसाइलों से बड़ा हमला किया है, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया है. अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि की है. वहीं पलटवार करते हुए ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने होरमूज जलडमरूमध्य में अमेरिका के दो ड्रोनों को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के जरिए मार गिराया है. इस घटना से दोनों देशों के बीच युद्ध का खतरा और बढ़ गया है.
पाकिस्तानी धुएं से दमघोंटू होगी दिल्ली की हवा? IMD अलर्ट से बढ़ी चिंता
दिल्ली-NCR की हवा पहले से खराब है और अब पाकिस्तान में जल रही पराली नई चिंता बढ़ा रही है. पाकिस्तान के पंजाब में अक्टूबर के दौरान खेतों में आग की घटनाएं भारतीय पंजाब के मुकाबले 4.2 गुना ज्यादा दर्ज की गईं. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिन उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल सकती हैं. ऐसे में पाकिस्तान का धुआं भारत पहुंचकर प्रदूषण बढ़ा सकता है.
'विरोध स्थल पर कब्जा नहीं कर सकते', जंतर-मंतर पर सुनवाई में बोले CJI सूर्यकांत
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई में सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि किसी विरोध स्थल पर स्थायी कब्जा नहीं किया जा सकता. उन्होंने विरोध के अधिकार को मानते हुए तय समय सीमा और सार्वजनिक जगहों पर दूसरे लोगों की पहुंच बनाए रखने पर जोर दिया.
समंदर के सहारे ही समुद्र के खतरे को कम कर रहा फिलीपींस
फिलीपींस के पमारावान द्वीप पर समुद्र के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ से बचाव के लिए बांस, लकड़ियों और सीप के खोलों से प्राकृतिक अवरोध बनाए जा रहे हैं. इसका लक्ष्य लहरों की गति घटाना, तलछट जमा करना और मैंग्रोव बढ़ाना है.
नेपाल में आपस में टकराए लैंडिंग करते 2 हेलिकॉप्टर, वीडियो आया सामने
नेपाल के सोलुखुम्बु में लैंडिंग के दौरान दो हेलीकॉप्टर आपस में टकरा गए. इस भीषण हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि न्यूजीलैंड का एक नागरिक घायल हो गया. हादसे में हेलीकॉप्टर के पंखे टकराने के बाद दोनों हेलीकॉप्टर जमीन पर गिर पड़े. घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि हादसे की वजह, जैसे तकनीकी खराबी या पायलट की चूक, का पता लगाया जा सके.
अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर थी रोक, अब फूलों की बारिश: सीएम योगी
पीलीभीत में श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध था, आज रामभक्तों पर फूलों की वर्षा होती है.
कर्नाटक BJP अध्यक्ष BY Vijayendra ने कांग्रेस नेताओं पर की गई टिप्पणी के लिए मांगी माफी
बेंगलुरु/कोलार, तीन नवंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने राज्य में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए मंगलवार को माफी मांगी और कहा कि उन्होंने कुछ शब्दों का इस्तेमाल गुस्से में किया था और उनका किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। यह घटनाक्रम बेंगलुरु में उनके पिता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के आवास पर विजयेंद्र के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने के बाद सामने आया है। डॉलर्स कॉलोनी स्थित येदियुरप्पा के आवास की चारदीवारी पर विजयेंद्र की आलोचना करते हुए एक पोस्टर चिपकाया गया था। इसे कांग्रेस नेताओं के खिलाफ उनकी हालिया टिप्पणी का परोक्ष तौर पर जवाब माना गया था। बाद में कर्मचारियों ने पोस्टर हटा दिया। विजयेंद्र ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कोलार में पत्रकारों से कहा, मैं स्वीकार करता हूं कि मैंने दावणगेरे में कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था, लेकिन ऐसा जानबूझकर नहीं किया। यदि मेरे शब्दों से कांग्रेस नेताओं को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं की बेरोजगारी और आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये से वह क्षुब्ध थे। उन्होंने कहा, आमतौर पर मैं सार्वजनिक मंचों पर या किसी भी परिस्थिति में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता। मेरे नाराज होने की वजह यह थी कि आज पूरे राज्य में बेरोजगार युवा कांग्रेस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित अनियमितताओं और आरक्षण के मुद्दे का उल्लेख करते हुए विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार सुधार शुरू करने और कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष आरक्षण के मामले को प्रभावी ढंग से रखने में विफल रही है। उन्होंने कहा, इसी तरह, जब सरकार कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष आरक्षण के मुद्दे पर अपना पक्ष ठीक से रखने में विफल रही, तो स्वाभाविक रूप से मुझे गुस्सा आया और मैंने कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, यदि मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं निश्चित रूप से माफी मांगता हूं। मैंने जानबूझकर उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था। मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं आमतौर पर इस तरह नहीं बोलता और न ही कभी ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता हूं। विजयेंद्र ने दावणगेरे में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए उस पर वंचित और पिछड़े समुदायों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, यदि कांग्रेस के इन लोगों में जरा भी सम्मान या आत्मसम्मान होता, तो वे कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष आरक्षण से जुड़े मामले की ठीक से पैरवी करते। इसके बजाय कांग्रेस सरकार केवल नाटक और छल में लगी रही और अदालत में अपना पक्ष सही ढंग से रखे बिना उसने अब वंचित और पिछड़े समुदायों के साथ अन्याय किया है।
UP में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू, दिग्गजों ने संभाली कमान
यूपी में बीजेपी ने विपक्ष के खिलाफ 'लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ' पदयात्रा अभियान शुरू किया है. लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान, बरेली में जेपी नड्डा और गाजियाबाद में सीएम योगी आदित्यनाथ इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत बीजेपी के बड़े दिग्गज मैदान में उतर आए हैं. 20 नवंबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी रैलियां करेंगे.
गंगा का पानी, आर्थिक संकट, बांग्लादेश में क्यों बढ़ रहे भारत विरोधी सुर?
फरवरी में हुए चुनाव के बाद भारत विरोधी बयानबाजी बांग्लादेश में कुछ समय के लिए कम हुई थी. लेकिन अब यह फिर राजनीतिक भाषणों और प्रदर्शनों में सुनाई दे रही है. NCP नेता नाहिद इस्लाम ने गंगा जल बंटवारे को लेकर भारत को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा, 'पानी नहीं तो ट्रांजिट नहीं'.
दीया मिर्जा के दिवाली पर पटाखे न जलाने की अपील वाले वीडियो को हटाने पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने BMC को फटकार लगाई। अदालत ने वीडियो दोबारा जारी करने का निर्देश देते हुए धर्मनिरपेक्षता की याद दिलाई।
धीरेंद्र शास्त्री की भगवान राम और कृष्ण पर टिप्पणी, विवाद बढ़ने पर मांगी माफी
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण की तुलना करने वाला बयान विवादों में घिर गया है. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी विरोध के बाद उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है. उन्होंने कहा कि उनके कहने का गलत अर्थ निकाला गया. पढ़ें पूरी खबर.
ऑकलैंड में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में 2 बदलाव तय! नंबर 4 पर फंसा पेच
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला ऑकलैंड के ईडन पार्क में 4 नवंबर को होना है, जहां भारतीय प्लेइंग तय मानी जा रही है, हालांकि कुछ इनफॉर्म प्लेयर्स को भी बाहर बैठना पड़ सकता है.
कहीं उखड़े पेड़ तो कहीं गिरे बिजली के खंभे, 5 वीडियो में देखें 'मुरासु' का तांडव
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने भारी तबाही मचाई है. आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले में तूफान ने जमकर कहर बरपाया है. इलाके में भारी बारिश हो रही है. ओंगोल में 'मुरासु' के कोथापटनम के पास तट से टकराने के चलते तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई और कई पेड़ उखड़ गए.
Supreme Court ने दिल्ली में पटाखों की अवैध बिक्री पर केंद्र से कार्रवाई करने को कहा
नयी दिल्ली, तीन नवंबर उच्चतम न्यायालय ने पाबंदी के बावजूद दिल्ली के बाजारों में विभिन्न प्रकार के पटाखों की बिक्री संबंधी एक अखबार की खबर का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह उसके आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करे। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी बी वराले की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, ‘‘हिंदुस्तान टाइम्स में आज की खबर में एक तस्वीर है... इसमें कहा गया है कि कल के आदेश के बावजूद अब दुकानों में सब कुछ उपलब्ध है। कृपया इस पर ध्यान दें।’’न्यायमूर्ति सुंदरेश ने कहा, ‘‘खबर में कहा गया है कि बाजार में हर तरह के पटाखे उपलब्ध हैं, चाहे वे लाइसेंस प्राप्त हों या बिना लाइसेंस वाले, उन पर क्यूआर कोड हो या नहीं। कृपया इस पर ध्यान दें।’’उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सात और आठ नवंबर (दीपावली) को सुबह छह से सात बजे और रात आठ से 10 बजे तक हरित पटाखे फोड़ने की अनुमति दी है। पीठ ने 29 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा, ‘‘हालांकि, पूर्ण प्रतिबंध लगाना आदर्श समाधान प्रतीत होता है, लेकिन हमारा मानना है कि इस समय इस अदालत के पास यह तय करने के लिए पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं कि पटाखे फोड़ने से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए पूर्ण प्रतिबंध सबसे बेहतर विकल्प होगा या नहीं।’’ आदेश सोमवार को जारी किया गया। उच्चतम न्यायालय ने उसके पहले के निर्देशों को लागू करने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पटाखे फोड़ने पर रोक के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदमों को लेकर नाराजगी जताई है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि पटाखे फोड़ने से निश्चित रूप से प्रदूषण होगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को किसी विशेष गतिविधि में शामिल होने का अधिकार, भले ही उसका धार्मिक पहलू हो, पूर्ण नहीं है और यह संवैधानिक पाबंदियों से आगे नहीं हो सकता। पीठ ने 15 अक्टूबर 2025 के एक आदेश का हवाला दिया, जिसमें दीपावली के दौरान दिल्ली-एनसीआर में हरित पटाखों की बिक्री और उन्हें फोड़ने की अनुमति दी गई थी। इस आदेश में परंपराओं और पर्यावरण एवं स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए कुछ शर्तें भी लगाई गई थीं। पीठ ने स्पष्ट किया कि पटाखों पर पहले लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध नौ नवंबर से फिर से लागू हो जाएगा। पीठ ने पटाखों पर प्रतिबंध से जुड़े मामले में दायर याचिकाओं पर यह आदेश दिया। उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक और जिला स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा अधिसूचित ध्वनि निषेध क्षेत्रों के 300 मीटर के दायरे में पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। न्यायालय ने कहा कि इन क्षेत्रों को ‘पटाखा-मुक्त क्षेत्र’ घोषित किया जाएगा। इनकी जमीन पर निशानदेही की जाएगी और इन्हें सार्वजनिक भी किया जाएगा।
दिलजीत दोसांझ के 15 नवंबर को इंदौर में होने वाले कॉन्सर्ट से पहले धमकी भरे ई-मेल मिले हैं। महापौर कार्यालय, तीन स्कूलों और अमिताभ बच्चन के बंगले जलसा को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है।
नाम है बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री। इतनी बड़ी उपाधि, लेकिन हरकतों से कुल जमा एक मसखरा रीलबाज बाबा। यानी नाम बड़े और दर्शन खोटे। इतनी बड़ी फॉलोइंग होने के बाद भी अपने मंच से राम और कृष्ण की बेतुकी तुलना कर के अपने दिमागी ...
IPL का सबसे बड़ा फेरबदल! प्रीति जिंटा की टीम से जुड़ेंगे पंड्या?
हार्दिक पंड्या को लेकर पिछले कुछ समय से कई तरह की खबरें सामने आती रही है. आईपीएल में पंड्या अगले सीजन नई टीम की तरफ से खेलते हुए नजर आ सकते हैं. ऐसी खबर है कि हार्दिक पंड्या की नई टीम पंजाब किंग्स हो सकती है.
सुनेत्रा पवार ने Mumbai में बुलाई NCP विधायकों की बैठक, 4 महीने बाद देवगिरि में मंथन
अजित पवार के नेतृत्व वाले नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) गुट के भीतर के आंतरिक मतभेद अब और अधिक स्पष्ट रूप से सामने आते दिख रहे हैं। पार्टी के भीतर चल रहे तनाव के बीच, NCP अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार शाम को पार्टी विधायकों की एक बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 7 बजे मुंबई में उनके आधिकारिक आवास 'देवगिरी' पर होगी। चार महीनों में NCP विधायकों की यह पहली बैठक होगी। इसमें आंतरिक गुटबाजी, वित्त मंत्रालय और पार्टी के नेतृत्व सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही, पार्टी को आगे कैसे ले जाया जाए, इस पर विधायकों की राय भी ली जा सकती है। यह बैठक सोमवार शाम को हुई NCP कोर कमेटी की बैठक के एक दिन बाद हो रही है। हालांकि, सुनेत्रा पवार के आवास पर पहुंचने से पहले, पार्टी नेताओं ने वरिष्ठ NCP नेता छगन भुजबल के आवास पर एक अलग बैठक की। आंतरिक मतभेदों के बीच NCP नेताओं ने अमित शाह से मुलाकात की सोमवार को NCP की बैठक लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें नेताओं ने पार्टी संगठन और मंगलवार को होने वाली विधायकों की बैठक पर चर्चा की। इससे पहले दिन में, NCP के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। यह बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसमें पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों पर भी चर्चा होने की खबर है। सूत्रों के अनुसार, NCP मंगलवार की बैठक में कोई बड़ा फैसला ले सकती है। इसे भी पढ़ें: Bangladesh: NCP नेता नाहिद इस्लाम ने भारतीय ट्रांजिट कॉरिडोर के खिलाफ दी चेतावनी नेतृत्व, आंतरिक गुटबाजी और वित्त मंत्रालय एजेंडे में शामिल अजित पवार के नेतृत्व वाले NCP गुट में बेचैनी बढ़ती दिख रही है, और पार्टी के भीतर के मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मौजूदा उथल-पुथल को सुलझाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन साथ ही उस पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सुनेत्रा पवार ने संगठन से जुड़े मुद्दों पर राय जानने के लिए पार्टी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में आंतरिक गुटबाजी, वित्त मंत्रालय और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक से कोई बड़ा फैसला भी सामने आ सकता है। इसे भी पढ़ें: Pune के अस्पताल में भर्ती हुए Sharad Pawar, सांसद Supriya Sule ने दी स्वास्थ्य की जानकारी NCP के भीतर असंतोष क्यों है? सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार और उनके बेटों को महत्वपूर्ण पद दिए जाने से पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पुराने सदस्य असहज हैं। हालांकि किसी भी नेता ने इस मुद्दे पर खुलकर बात नहीं की है, लेकिन पार्टी के भीतर चर्चा तेज हो गई है। सूत्रों का कहना है कि अजित पवार के निधन के बाद से ही NCP में प्रभाव जमाने को लेकर खींचतान शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि पार्टी के पुराने नेता, सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार के कामकाज के तरीके से नाखुश हैं।
UP में BJP के सामने कोर वोटबैंक की टेंशन, UGC पर नाराज सवर्णों को ऐसे साधेगी
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूजीसी विवाद से उपजे असंतोष ने बीजेपी के सामने अपने कोर वोटबैंक (सवर्णों) को साधे रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. इस नाराजगी को दूर करने और विपक्षी नैरेटिव को काउंटर करने के लिए पार्टी ने संघ के साथ मिलकर डैमेज कंट्रोल का नया प्लान तैयार किया है.
आत्मनिर्भरता रणनीतिक जरूरत, Navy को बाहरी दबावों से मुक्त होना होगा: Admiral Swaminathan
नयी दिल्ली, तीन नवंबर नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने मंगलवार को ‘आत्मनिर्भरता’ को ‘‘रणनीतिक आवश्यकता’’ बताते हुए कहा कि ऐसी नौसेना बनाने की जरूरत है जो बाहरी कारकों या निर्भरताओं से बंधे बिना युद्ध लड़ सके, लड़ाई में टिके रह सके और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सके। यहां एक थिंक टैंक की ओर से आयोजित ‘दिल्ली रक्षा संवाद’ में अपने संबोधन के दौरान नौसेना प्रमुख ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ खुद को अलग-थलग करना नहीं है। उन्होंने मित्र देशों के साथ सहयोग करने की वकालत करते हुए कहा कि यह सहयोग ‘‘कमजोरी की स्थिति से नहीं, बल्कि मजबूती की स्थिति से’’ होना चाहिए। नौसेना प्रमुख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते राजनीतिक तनावों ने ‘‘पुराने मतभेदों’’ को फिर से भड़का दिया है। आज स्थिति यह है कि राष्ट्रीय नीति के तहत बल प्रयोग को एक स्वीकार्य साधन या यूं कहें कि एक पसंदीदा साधन के रूप में देखा जाने लगा है। संघर्षों के आपूर्ति श्रृंखला और युद्ध लड़ने की क्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित करते हुए एडमिरल स्वामीनाथन ने 21वीं सदी की ऐसी नौसेना बनाने की वकालत की जो ‘‘किसी बाहरी कारक, व्यक्ति या एजेंसी... अथवा बाहरी निर्भरता से बंधे बिना अपने दम पर युद्ध लड़ सके, अपनी क्षमता बनाए रख सके और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सके।’’अपनी बात को स्पष्ट करने के लिए उन्होंने यूक्रेन में जारी संघर्ष का उदाहरण दिया। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना ‘‘राज्येतर तत्वों’’ के उभार की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण हो गया है और यह ‘अच्छे और बुरे’ दोनों तरह के लोगों के पास उपलब्ध है। नौसेना प्रमुख ने कहा कि महत्वपूर्ण कमियों को दूर करने और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के साथ-साथ विशिष्ट तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में अधिक निवेश करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा नवाचार से लेकर उसे अभियानगत क्षमताओं में बदलने की प्रक्रिया भी उचित समय के भीतर पूरी होनी चाहिए।’’
'तुम कौन से देश की सेवा कर रहे हो?' रणबीर की फिल्मों से खुश नहीं थे ऋषि कपूर
अभिनेता रणबीर कपूर हाल ही में आगामी फिल्म 'रामायण' की टीम के साथ क्विज रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' गए थे। शो के दौरान उन्होंने अपने दिवंगत पिता-अभिनेता ऋषि कपूर से जुड़ा एक दिल छू लेने वाला किस्सा शेयर किया।
अदनान ने 2 साल में घटाया कई किलो वजन, लोग बोले- सर्जरी का कमाल
अदनान सामी एक वक्त पर 230 किलो के हुआ करते थे. लेकिन फिर उन्होंने अपनी मेहनत से इसमें से 130 किलो कम किया. हालांकि लोगों को लगा कि उन्होंने सर्जरी की मदद से अपना वजन घटाया है. अब सिंगर ने बताया कि उन्होंने किस तरह इस मुश्किल काम को आसान किया.
कभी 'कश्मीर का चावल का कटोरा' के रूप में व्यापक रूप से जाना जाने वाला कुलगाम जिला अपने कृषि परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव देख रहा है, जहां सेब की खेती तेजी से धान के खेतों की जगह ले रही है और इसकी ग्रामीण अर्थव्यवस्था के एक प्रमुख चालक के रूप में उभर ...
'विरोध के नाम पर किसी जगह पर कब्जा नहीं कर सकते', दिल्ली में प्रदर्शनों को लेकर CJI की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी जगह पर हमेशा के लिए कब्जा नहीं किया जा सकता, क्योंकि अन्य लोग भी अपनी शिकायतें रखना चाहते हैं।
Bhutan के राजा ने PM Narendra Modi को समर्पित किया 76वां बौद्ध स्तूप
नयी दिल्ली, तीन नवंबर भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने एक बौद्ध स्तूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित किया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने यह जानकारी दी। रीजीजू ने इसके लिए प्रधानमंत्री की असाधारण दूरदृष्टि और भारत-भूटान की मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को श्रेय दिया। रीजीजू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भूटान ने एक नवंबर को महज छह घंटे में 108 बौद्ध स्तूपों का निर्माण कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस कार्य में 40,000 से अधिक स्वयंसेवकों, भिक्षुओं और कारीगरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने मध्यरात्रि के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत के लिए बड़े सम्मान की बात है कि 76वां अत्यंत पवित्र स्तूप माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को समर्पित किया गया है। यह सम्मान उनकी असाधारण दूरदृष्टि और भारत-भूटान की मित्रता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है।’’केंद्रीय मंत्री ने ‘ल्हाबाब डुचेन’ के अवसर पर गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आयोजित समारोह में भी हिस्सा लिया। इस दौरान 108 स्तूपों की स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा की गई और इस मौके पर ‘डुंगचेन’ (पारंपरिक बौद्ध वाद्ययंत्र) भी बजाए गए। रीजीजू ने कहा कि किसी को पवित्र स्तूप समर्पित करना कोई साधारण बात नहीं है बल्कि यह अत्यंत पुण्यकारी, शुभ और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने सोमवार को कहा, ‘‘बौद्ध धर्म में स्तूप केवल एक स्मारक नहीं होता है बल्कि यह बुद्ध के प्रबुद्ध मन का एक भौतिक स्वरूप है।’’रिजिजू ने स्तूप संख्या 76 को प्रधानमंत्री मोदी को समर्पित करने के लिए भूटान के राजा का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मोदी की गहरी समझ और भारत तथा भूटान के बीच की अनूठी, आध्यात्मिक और स्थायी मित्रता के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता में उनकी अहम भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मुझे भूटान के गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी में आयोजित उस पवित्र समारोह में शामिल होने का मौका मिला, जहां ‘ल्हाबाब डुचेन’ के शुभ अवसर पर 108 स्तूपों की स्थापना और उनकी प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान ‘डुंगचेन’ (पारंपरिक वाद्ययंत्र) भी बजाए गए।’’रीजीजू ने कहा कि उन्होंने भूटान के राजा, महारानी ग्याल्त्सुएन, प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और भूटान के लोगों की उपस्थिति में नमन किया और प्रार्थना की। उन्होंने कहा, ‘‘यह अत्यंत अर्थपूर्ण आध्यात्मिक अवसर था, जो भूटान की समृद्ध बौद्ध विरासत और दोनों देशों के बीच मित्रता के गहरे और स्थायी संबंधों को दर्शाता है।’’रीजीजू ने कहा कि उन्हें गेलेफू में भूटान के राजा से मुलाकात करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं और हमारी अनूठी एवं स्थायी द्विपक्षीय साझेदारी के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।’’रीजीजू ने एक नवंबर को भूटान की उस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए भी बधाई दी जिसमें 40,000 से अधिक स्वयंसेवकों, भिक्षुओं और कारीगरों ने मध्यरात्रि के बाद काम शुरू करके मात्र छह घंटों में 108 बौद्ध स्तूपों का निर्माण किया।
'सब कुछ आसानी से मिल रहा है...', पाबंदियों के बावजूद दिल्ली में पटाखों की खुलेआम बिक्री पर SC नाराज
सुप्रीम कोर्ट ने दीवाली से पहले दिल्ली के बाजारों में पारंपरिक और गैर-प्रमाणित पटाखों की खुलेआम बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
कितना मैक्सिमम किराया कर सकती है एयरलाइंस?
इन दिनों एयर फेयर को लेकर नए नियम की चर्चा जोर- शोर से हो रही है. इस बीच एक इस सवाल पर भी खूब चर्चा हो रही है कि आखिर हवाई जहाज का मैक्सिम किराया कितना हो सकता है? चलिए जानते हैं कि मैक्सिमम किराया तय करने को लेकर कोई लिमिट भी तय है या ऐसा कोई नियम भी है?
सिरोही में नालों के बफर जोन फेसिलिटी में डाल रहे हैं कॉलोनाइजर्स!
सबगुरु न्यूज-सिरोही। आप बरसों ने नदी नालों के किनारे विधिक तरीके से रह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशानुसार आपको कमिटमेंट में यानि की आपके अधिकारों को सुरक्षित रखने की श्रेणी में डाल रखा है। इसके बावजूद आप यूआईटी और स्थानीय निकायों द्वारा पर्यावरण कानूनों की दुहाई देकर आपको अपना जीवन स्तर सुधारने […] The post सिरोही में नालों के बफर जोन फेसिलिटी में डाल रहे हैं कॉलोनाइजर्स! appeared first on Sabguru News .
खेत जुताई के दौरान हादसा! ट्रैक्टर से रोटावेटर पर गिरा लड़का, हुई मौत
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान दर्दनाक हादसे में 16 वर्षीय भूपेंद्र मीणा की मौत हो गई. चतरपुरा की नदी की ढाणी में ट्रैक्टर से गिरने के बाद वह रोटावेटर की चपेट में आ गया. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उसका शव बाहर निकाला. हादसे की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया.
भारतीय क्रिकेटर ने 14 गेंदों में मचाई तबाही, टूटा फिफ्टी का वर्ल्ड रिकॉर्ड
उत्तराखंड की प्रेमा रावत ने महिला टी20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ महज 14 गेंदों में नाबाद 50 रन ठोके और पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना का 15 गेंदों वाला रिकॉर्ड तोड़ दिया.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेत्री दिया मिर्जा के वीडियो को फिर से अपलोड करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने बीएमसी को ये आदेश दिया है.
आगा रुहुल्लाह मेहदी ने छोड़ी नेशनल कॉन्फ्रेंस, लोकसभा से भी दिया इस्तीफा
आगा रुहुल्लाह मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस और लोकसभा से इस्तीफा देने का फैसला किया है. अनुच्छेद 370, संवैधानिक अधिकार और राजनीतिक बंदियों की रिहाई को लेकर पार्टी से थे नाराज. क्या बनेगा नया सियासी मोर्चा?
नेपाल में लैंडिंग के दौरान हेलिकॉप्टरों के रोटर टकराए
नेपाल के सोलुखुम्बु जिले में फेरीचे हेलिपैड पर लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टरों के पंखे आपस में टकरा गए. हादसे में एक विदेशी नागरिक की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हुआ है.
साझा संस्कृति समाज को जोड़ती है, Ayodhya Deepotsav इसका जीवंत उदाहरण: Yogi Adityanath
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश में आगामी दीपोत्सव के समारोहों को लेकर जारी तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इस त्योहार को सामाजिक एकता, साझा आस्था और संस्कृति का प्रतीक बताया जो लोगों को एकजुट करता है। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक संदेश में कहा, ‘‘जाति की जड़ता समाज को बांटती है, जबकि साझा आस्था और संस्कृति उसे एक सूत्र में पिरोती हैं। अयोध्या का दीपोत्सव इसी सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है।’’उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जातीय विभाजन को राजनीति का आधार बनाने वाली सरकारों ने समाज को जोड़ने वाली इस ‘‘सांस्कृतिक शक्ति’’ की पूरी तरह उपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘डबल इंजन सरकार ने 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत कर इस सोच को बदला और रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन के उत्सव में बदल दिया।’’उन्होंने कहा, ‘‘पूज्य संत गण और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में आज धर्माचार्य, विद्यार्थी, स्वच्छताकर्मी, कुम्हार और व्यापारी सभी समान उत्साह और श्रद्धा के साथ इस आयोजन में भाग लेते हैं।’’योगी ने कहा, ‘‘यहां पहचान जाति से नहीं, बल्कि सहभागिता से होती है। दीप अलग-अलग हाथों में जलते हैं, लेकिन उनका प्रकाश पूरे समाज को एक सूत्र में बांधता है। यही दीपोत्सव का संदेश है और यही समरस समाज की संकल्पना है।’’
बहराइच के दादा मियां मेले में लोग जलपरी शो का आनंद ले रहे थे, तभी अचानक 20 हजार लीटर पानी से भरा विशाल ग्लास टैंक फट गया. कांच के टुकड़े और पानी दर्शकों पर गिरने लगे. कुछ ही सेकेंड में चीख-पुकार मच गई. हादसे में चार मासूम घायल हो गए.
EPFO की WhatsApp सेवा अब काम करने लगी है. आज मंगलवार को हमने चेक किया तो सर्विस काम कर रही थी. इसमें आप PF बैलेंस, पिछली 5 ट्रांजैक्शन और पासबुक चेक कर सकते हैं. पूरा अपडेट यहां जान लीजिए.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ थाने पहुंच गए पप्पू यादव, दर्ज करवा दी शिकायत
श्रीकृष्ण को लेकर कथा के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर पप्पू यादव ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि उनसे बयान दिलवाया गया है।
दिवाली में कार खरीदने का प्लान? माइलेज 27 किमी तक, दाम 5.75 लाख से शुरू, कम बजट में बेहतरीन SUV
Best Petrol SUVs under 10 Lakh: इस दिवाली 2026 में नई कार खरीदने का है प्लान? देखें 10 लाख रुपये से कम के बजट में आने वाली Tata Punch, Hyundai Exter, Fronx, Magnite जैसे ऑप्शन्स.
‘पंजाब की कैटरीना कैफ’ कहलाती थी ये एक्ट्रेस, नया वीडियो देख आप भी हो जाएंगे कंफ्यूज, पहचान कौन
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कभी पंजाब की कैटरीना कही जाने वाली एक्ट्रेस का ऐसा लुक सामने आया है, जो बिल्कुल कैटरीना की तरह है. इस वीडियो में कई मूमेंट पर कैटरीना और शहनाज गिल में फर्क कर पाना मुश्किल होता है.
Govardhan Puja 2026: 9 या 10 नवंबर कब है गोवर्धन पूजा? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
गोवर्धन पूजा पर घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है और भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है. आमतौर पर गोवर्धन पूजा दिवाली के अगले दिन होती है लेकिन इस बार इस पर्व की सही तारीख को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है. आइए जानते हैं सही तारीख
11वें सबरंग फिल्म अवॉर्ड्स 2026 में भोजपुरी सितारों का जमावड़ा लगा. ना केवल फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया बल्कि रंगारंग प्रस्तुतियां भी हुईं जिन्होंने सभी का दिल जीता.
इस एक्सप्रेसवे के बनने से लोगों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी साथ ही उनको दिल्ली या नोएडा के ट्रैफिक में नहीं फंसना पड़ेगा. इसके बनने से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, स्याना, शिकारपुर, खुर्जा और आसपास के इलाकों के लोगों का जेवर एयरपोर्ट जाना बहुत ही आसान हो जाएगा.
24 घंटे में ताइवान पहुंचे चीन के 49 फाइटर जेट, क्या नई जंग होगी?
ताइवान के पास चीन की सैन्य गतिविधियां 2026 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं. 24 घंटे में 49 विमान, छह नौसैनिक जहाज और छह पोत देखे गए. 31 विमानों ने मध्य रेखा पार कर ADIZ में प्रवेश किया.
पुरानी घिसी झाड़ू को कचरे में न फेंकें! घर पर बनाएं ये शानदार चीज
Wall Hanging Form Old Broom: पुरानी और घिस चुकी झाड़ू को अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं. लेकिन थोड़े से ऊनी धागे, कार्डबोर्ड और जूट की रस्सी की मदद से आप इसे एक शानदार 'सनबर्स्ट' वॉल हैंगिंग आर्ट में बदल सकते हैं. ये घर की दीवारों को खूबसूरत लुक दे सकता है.
'BMC का एक्शन चिंताजनक...', दीया मिर्जा का दिवाली Video हटने पर HC
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को बीएमसी के प्रदूषण-मुक्त दिवाली अभियान से बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने पर चिंता जताई. हाईकोर्ट ने दिवाली पर दीया मिर्जा का वीडियो बहाल करने का सुझाव दिया है.
Hair Growth Tips: इंवर्जन मेथड इन दिनों बालों की ग्रोथ बढ़ाने के घरेलू तरीके के तौर पर चर्चा में है. इसमें सिर को कुछ मिनट नीचे की ओर रखा जाता है. हालांकि, इससे बाल तेजी से बढ़ने का वैज्ञानिक सर्टिफाइड नहीं है. इसे अपनाने से पहले सावधानी जरूरी है.
पति अमिताभ को 'लंबू जी' बुलाती थीं जया, ससुर ने टोका, रखी थी शर्त
अमिताभ बच्चन ने 'कौन बनेगा करोड़पति' शो में अपनी शादी को लेकर मजेदार खुलासा किया है. अमिताभ ने बताया कि जया बच्चन उन्हें 'लंबू जी' कहकर बुलाती थीं, लेकिन इस नाम से उनके पिता हरिवंश राय बच्चन को ऐतराज था.
'भारतीयों से नफरत...', मिडटर्म चुनाव में हाशमी ने डेमोक्रेट्स के लिए मांगा समर्थन
वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी ने मिडटर्म चुनाव से पहले भारतीय अमेरिकियों और दूसरे प्रवासी समुदायों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए समर्थन मांगा. उन्होंने बढ़ती नफरत, महंगाई और संघीय मदद में कटौती को चुनावी चिंता बताते हुए कांग्रेस में जवाबदेही के लिए डेमोक्रेटिक बहुमत को जरूरी कहा.
केरल हाई कोर्ट के जज जस्टिस थॉमस ने कोर्ट का काम प्रभावित किए बिना अपनी नींद में कटौती कर देश की सबसे कठिन रेस पूरी की. उन्होंने डाइट और कड़ी मेहनत से 11 किलो वजन कम कर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया.
बाल ठाकरे के पोते ऐश्वर्य ठाकरे साइबर धोखाधड़ी के शिकार, विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हुआ ट्रांजैक्शन
ट्रांजैक्शन की जांच में पता चला कि यह पैसा विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे पापा जॉन्स और जॉलीबी के जरिए ट्रांसफर किया गया था. खाते से बिना अनुमति के पैसे निकलने का पता चलते ही ऐश्वर्य ठाकरे ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया.
आखिर धनतेरस को क्यों कहते हैं धन त्रयोदशी? जानें इसका खास मतलब
Dhanteras: धनतेरस को धन त्रयोदशी क्यों कहते हैं? क्या आप जानते हैं इस नाम के पीछे की वजह? जानें इस दिन का महत्व और सोना-चांदी खरीदने की परंपरा.
एक कंपनी का ऑफर छोड़ दूसरी जॉइन की, कहीं लेने के देने न पड़ जाएं!
आपके सामने कई बार इस तरह की खबरें आती होंगी कि किसी एक उम्मीदवार ने पहले किसी कंपनी में इंटरव्यू दिया, ऑफर लेटर लिया और बाद से दूसरी कंपनी जॉइन कर ली. लेकिन कई बार ऐसा करने से कर्मचारी को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कैसे? चलिए जानते हैं.
'8 शतक पक्के हैं', घर की छत पर प्रैक्टिस करते नजर आए रिजवान!
इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान इमाम उल हक और मोहम्मद रिजवान को तीसरे मैच से पहले वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था. अब तो ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों ही खिलाड़ियों को टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से भी बाहर किया जा सकता है.
माचा के दीवाने क्यों हो रहे हैं Gen Z? जानें इसकी खासियत
माचा इन दिनों जेन जी के बीच तेजी से पॉपुलर हो रहा है. कैफे के मेन्यू से लेकर सोशल मीडिया तक इसकी चर्चा है. इसका हरा रंग, अलग टेस्ट और हेल्थ से जुड़े फायदे युवाओं को अट्रैक्ट कर रहे हैं. जानिए माचा क्या है, इसे कैसे बनाया जाता है और ये नॉर्मल ग्रीन टी से कितना अलग है.
दिल्ली पुलिस और वकीलों के बीच कैसी लड़ाई? ACP वशिष्ठ सस्पेंड; समझिए पूरा मामला
पूरा मामला 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस थाने में हुई एक घटना से जुड़ा है। यहां झड़प के दौरान एक वकील के सिर में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद थाने में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच ठन गई। पूरा मामला समझिए

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