कौन हैं कुमार विश्वास की पत्नी? सरकारी पद पर छिड़ा था विवाद
Kumar Vishwas Wife Manju Sharma: कुमार विश्वास भले ही लाइमलाइट में बने रहते हैं, लेकिन उनकी पत्नी शोबिज की चकाचौंध और ग्लैमर से दूर ही रहती हैं. आइए जानते हैं कुमार विश्वास की पत्नी कौन हैं और वो क्या करती हैं?
खुलते ही शेयर बाजार में कोहराम, अरबों रुपये स्वाहा, निफ्टी 23000 से नीचे...
Stock Market Crash: सोमवार को शेयर बाजार खुलते ही तबाही का मंजर देखने को मिला. लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप तक शेयर लाल रंग में कारोबार करते नजर आए. BSE Sensex ने 750 अंक का गोता लगाया, तो निफ्टी 23,000 के नीचे लुढ़क गया.
Eyewitness Unravel the Mystery Behind Ketan Death Kicked Leg Before Being Pushed Witness Recounts What He Saw
रूस-यूक्रेन में फिर ‘ड्रोन वॉर’, कीव से सुमी तक धमाकों में 9 की मौत
UN में युद्ध पर बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन में हमले और तेज हो गए. रविवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ड्रोन और मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए. इन हमलों में यूक्रेन में 8 और रूस में एक व्यक्ति की जान चली गई. यह हमला युद्ध रोकने और तनाव खत्म करने की कोशिशों के बीच शुरू हुआ.
'सपा नेता आत्मनिर्भर हो गए', राजभर ने सपा-कांग्रेस की लड़ाई पर कसा तंज
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर हमला बोला है. उन्होंने इस गठबंधन को 'ठगबंधन' कहा और अंदरूनी लड़ाई और विवादों का जिक्र किया. राजभर ने दावा किया कि सपा नेता 'आत्मनिर्भर' होकर काम कर रहे हैं.
पितृ पक्ष में 5 राशियां जिएंगी राजा जैसी जिंदगी! 4 ग्रह होंगे वक्री
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष के दौरान शनि, राहु, केतु और शुक्र वक्री स्थिति में रहेंगे. पूर्वजों के आशीर्वाद और इन ग्रहों के विशेष योग से कुछ जातकों के जीवन से आर्थिक तंगी दूर होगी और अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
MP के ऊपर बना लो-प्रेशर एरिया, अजीब मौसम का PAK कनेक्शन!
सितंबर 2026 में बंगाल की खाड़ी के डीप डिप्रेशन के बाद बने लो-प्रेशर एरिया और पश्चिमी विक्षोभ ने मिलकर उत्तर भारत में भारी बारिश कराई है. मजबूत अल-नीनो के बावजूद ये मौसमी सिस्टम्स पूर्वी-मध्य भारत को नमी दे रही हैं, जिससे बाढ़, लैंडस्लाइड और एवलांच जैसी घटनाएं हो रही हैं.
पेंटागन विवाद के बाद Anthropic CEO से मिलेंगे ट्रंप, डिनर टेबल पर AI का मुद्दा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एंथ्रोपिक कंपनी के सीईओ डारियो अमोडेई के साथ डिनर मीटिंग करने वाले हैं. एआई सुरक्षा और सैन्य उपयोग को लेकर चल रही बहस के बीच इस डिनर को अहम माना जा रहा है. ट्रंप और अमोडेई की इस बैठक में एआई के भविष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा होगी.
सेहत पर सख्त नियम: एसिडिटी की दवा डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी, पेट दर्द में नया विकल्प क्या?
सेहत पर सख्त नियम: एसिडिटी की दवा डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी,पेट दर्द में नया विकल्प क्या?
बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत, सोमवार को खुलेंगे सभी बैंक
28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल फिलहाल टल गई है. रविवार रात भारतीय बैंक संघ और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच हुई बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया. पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था और हर शनिवार छुट्टी की मांग पर चर्चा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने पर सहमति बनी है. फिलहाल बैंक मौजूदा व्यवस्था के तहत काम करेंगे और हर शनिवार छुट्टी लागू नहीं हुई है
ईरान के हाथ लगा US का दूसरा अंडरवॉटर जासूस? IRGC का दावा
ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी Remus 600 अंडरवॉटर ड्रोन को कब्जे में लिया है. ईरान ने इसका वीडियो भी जारी किया है और कहा है कि ड्रोन जासूसी के लिए इलाके में काम कर रहा था.
समंदर पार से कैसे यूपी में दाखिल हुई बेल्जियम की विशालकाय मशीन?
बेल्जियम से उड़ीसा के रास्ते उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जा रही बायो पॉलीमर प्लांट की मशीन लादे 308 पहियों वाला महाबली ट्रक पिछले तीन दिनों से चंदौली में रुका हुआ है. रास्ते में आ रही रुकावटों के कारण इसे आगे बढ़ाने के लिए जेसीबी से नया मार्ग बनाया जा रहा है.
18 साल में डेब्यू, लंच से पहले शतक… इस धुरंधर की बैटिंग थी सबसे अलग
80 साल पहले आज ही के दिन 18 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले पाकिस्तान के दिग्गज मजिद खान का जन्म हुआ था. माजिद ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई थी. 1976 में लंच से पहले टेस्ट शतक जड़कर उन्होंने इतिहास रचा दिया था.
फगवाड़ा में LPU छात्रों के प्रदर्शन के बाद NH 44 पर 15 घंटे बाद यातायात बहाल
पंजाब के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) के छात्रों द्वारा 15 घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। फगवाड़ा स्थित एलपीयू के छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा से कथित रूप से ‘‘दुष्कर्म किए जाने के दावे’’ को लेकर रविवार को परिसर में तोड़फोड़ की थी और परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया था। जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह ने बताया कि रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि को राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया और स्थिति शांतिपूर्ण है। एलपीयू के बाहर सोमवार सुबह भी पुलिस बल तैनात रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सोमवार से 10 दिन के लिए कक्षाएं स्थगित किए जाने के बाद कई छात्र परिसर से अपने घर जाते दिखाई दिए। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई हैं। एलपीयू ने छात्रों को अनुमति दी है कि वे चाहें तो अपने माता-पिता या अभिभावकों से परामर्श के बाद इस अवधि के दौरान घर जा सकते हैं। विश्वविद्यालय ने कहा कि परिसर में रुकने वाले छात्रों को उनकी सुरक्षा के मद्देनजर सलाह दी गई है कि वे छात्रावासों या अपने निवास स्थान पर ही रहें, अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और किसी भी तरह के प्रदर्शन या हंगामे में शामिल न हों। अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा पुलिसकर्मियों पर पथराव करने और उनके वाहनों पर हमला किए जाने के बाद हिंसा फिर भड़क उठी जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) एम. एफ. फारूकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रविवार देर रात परिसर में दाखिल हुए और वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने फ्लैग मार्च किया। जालंधर के पुलिस आयुक्त सतिंदर सिंह, जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नवीन सिंगला और कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव तूरा भी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस रविवार सुबह आठ बजे से परिसर के बाहर एनएच-44 को अवरुद्ध कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने की जब शाम को कोशिश कर रही थी, तभी कुछ छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पानी की बोतलें फेंकीं। उन्होंने बताया कि छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और छात्र परिसर की ओर भाग गए। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में पहुंचने के बाद छात्रों ने पुलिस पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने रविवार को कहा था कि छात्रों की शिकायत पर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। हालांकि, विश्वविद्यालय ने परिसर में ऐसी घटना होने के दावे को ‘‘अफवाह’’ बताया है। एलपीयू परिसर में हिंसा की यह घटना पटियाला के चितकारा विश्वविद्यालय में दो छात्राओं के कथित तौर पर आत्महत्या करने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों द्वारा एक पुलिस वाहन में आग लगाए जाने के एक दिन बाद हुई। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी परिसर में खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते तथा कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखाई दिए। वीडियो में पृष्ठभूमि में ‘‘हम न्याय चाहते हैं’’ के नारे भी सुनाई दे रहे हैं।
बच्चों की निगरानी जरूरी:स्क्रीन के ज्यादा उपयोग से रीढ़ व गर्दन को नुकसान, अभिभावकों को क्या करने की सलाह?
राशिफल: 28 सितंबर को इन राशियों को मिलेगा धन लाभ का मौका, जानें मेष से मीन तक का हाल
ऊर्जा और उत्साह बढ़ेगा। नकारात्मक विचारों और ऐसे कार्यों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम......
श्राद्ध में बिना प्याज-लहसुन बनाएं आलू-मटर सब्जी, झटपट होगी तैयार
Pitra Paksha 2026 Special: पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध के भोजन के लिए बिना प्याज-लहसुन का सात्विक खाना बनता है. आलू-मटर की सब्जी ज्यादातर घरों में बनती है. आज हम आपको बिना-प्याज लहसुन के आलू-मटर की सब्जी बनाना सिखाएंगे, जो कुकर में झटपट तैयार हो जाएगी. इस रेसिपी में खास मसालों का इस्तेमाल किया जाता है, जो बिना प्याज-लहसुन के भी सब्जी का स्वाद और खुशबू बढ़ा देते हैं.
LIVE: भारत-AFG मैच पर बारिश का खतरा, मैच धुला तो क्या होगा?
IND vs AFG Asian Games, Live Updates: निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारत और अफगानिस्तान की टीम्स आमने-सामने हैं. भारतीय मेन्स क्रिकेट टीम ने पिछले एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. अब वो बार भी स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरी है.
मध्य प्रदेश के सिंगरौली से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 30 साल की न
LIC की धांसू स्कीम, डबल बोनस के साथ ₹25 लाख का हो जाएगा जुगाड़
LIC Best Policy: एलआईसी में हर उम्र के लिए प्लान मौजूद हैं. ये लाइफ टाइम पेंशन की गारंटी देते हुए रेग्युलर इनकम पक्की करते हैं, तो वहीं kg: एलआईसी स्कीम ऐसी हैं जिनमें एक साथ कई फायदे मिल जाते हैं.
शुक्र और गुरु के गोचर से चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य!
अक्टूबर 2026 में ज्योतिष गणना के अनुसार कई ग्रहों की चाल और राशि परिवर्तन से अलग-अलग शुभ योग बनने की बात कही जा रही है. 4 से 6 अक्टूबर तक त्रिग्रही योग, 17 अक्टूबर को बुधादित्य राजयोग और 20 अक्टूबर को लक्ष्मी नारायण व मालव्य राजयोग बनने का उल्लेख है. 31 अक्टूबर को गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का असर कर्क, सिंह, तुला और वृश्चिक राशि पर पड़ सकता है.
फरीदाबाद में 300 फीट गहरे बोरवेल से निकली नेहा जिंदगी की जंग हारी, 10 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
फरीदाबाद के सीही गांव में खेलते समय 3 साल की एक बच्ची बोरवेल में गिर गई. पुलिस की टीम ने 10 घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को बोरवेल से निकाला गया, लेकिन तब तक बच्ची दम तोड़ चुकी थी.
'CJP को अपना नाम बदल लेना चाहिए', ज्ञानेश कुमार के बचाव में उतरे अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के दबाव में इस्तीफा नहीं देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पारदर्शी मतदाता सूची का विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का विरोध करने जैसा है.
33.73 KM तक का माइलेज, कीमत 6.45 लाख से शुरू, अगस्त में इन CNG कारों की बंपर सेल
अगस्त में भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली CNG कार Maruti Ertiga बनी. जानें 34km/kg तक का माइलेज देने वाली Wagon R, 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली नई Dzire और Brezza CNG की कीमतें व बिक्री के आंकड़े.
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 75 जिलों की महिला उद्यमियों ने ग्रामीण उत्पादों का प्रदर्शन किया। मसाले, इत्र, हर्बल चाय, पॉटरी और हस्तशिल्प ने खींचा ध्यान।
ब्रिटेन के ग्लॉस्टरशायर स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण रॉयल एयर फोर्स (RAF) फेयरफोर्ड एयरबेस के पास एक बड़ी और खौफनाक आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया गया है। ब्रिटिश आतंकवाद-रोधी पुलिस (Counter Terrorism Policing), ग्लॉस्टरशायर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान चलाते हुए आतंकी घटना को अंजाम देने की तैयारी के आरोप में 5 संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह एयरबेस अमेरिकी वायुसेना के रणनीतिक बॉम्बर्स और ऑपरेशन्स के लिए प्रमुख फॉरवर्ड बेस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और पुलिस ने इसे 'मेजर इंसिडेंट' (बड़ी घटना) करार दिया।स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बेस से महज कुछ दूरी पर स्थित वेलफोर्ड गांव के पास तीन संदिग्ध वैन और चेहरे पर नकाब पहने संदिग्ध युवकों की हलचल देखी गई थी। ग्रामीणों द्वारा अलर्ट किए जाने के तुरंत बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। एहतियात के तौर पर गांव के करीब 85 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया और बम निरोधक रोबोट की मदद से संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी ली गई। ब्रिटेन के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि समय रहते खुफिया जानकारी मिलने से एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय हमला टल गया है।अमेरिकी दूतावास ने जारी किया सुरक्षा अलर्ट, नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देशइस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के तुरंत बाद लंदन स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका के दूतावास (US Embassy London) ने ब्रिटेन में मौजूद अपने सभी नागरिकों के लिए आधिकारिक सुरक्षा परामर्श (Security Advisory) जारी कर दिया है। दूतावास ने चेतावनी दी है कि ब्रिटिश अधिकारियों के आकलन के मुताबिक यूके में आतंकी खतरे का स्तर 'गंभीर' (Severe) बना हुआ है, जिसका सीधा अर्थ है कि आतंकी हमले की प्रबल संभावना है। दूतावास ने विशेष रूप से यह आगाह किया है कि अमेरिकी हितों, राजनयिक प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और अमेरिकी नागरिकों से जुड़े आयोजनों को निशाना बनाए जाने का खतरा अधिक हो सकता है।अमेरिकी सुरक्षा परामर्श में नागरिकों को कड़े सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। इनमें अपने आस-पास के माहौल पर पैनी नजर रखना, स्थानीय सुरक्षा बलों व आपातकालीन सेवाओं के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों में जाने से बचना और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से लगातार अपडेट रहना शामिल है। अमेरिकी विदेश विभाग के स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) के तहत सभी प्रवासियों को अपनी लोकेशन और सुरक्षा स्थिति दर्ज कराने को कहा गया है।RAF फेयरफोर्ड का सामरिक महत्व: ईरान और मध्य पूर्व ऑपरेशन्स से जुड़े तारआरएएफ फेयरफोर्ड एयरबेस पर आतंकी साजिश का खुलासा कोई सामान्य घटना नहीं है। यह एयरबेस अमेरिकी ग्लोबल स्ट्राइक कमांड और 501st कॉम्बैट सपोर्ट विंग का अहम ऑपरेशनल केंद्र माना जाता है। ऐतिहासिक रूप से खाड़ी युद्ध और इराक युद्ध के दौरान भी अमेरिकी बी-52 और बी-1 लांसर्स जैसे भारी बमवर्षक विमानों ने यहीं से उड़ान भरी थी। हाल के दिनों में मध्य पूर्व और ईरान समर्थित ठिकानों के खिलाफ चले रक्षात्मक अभियानों में फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल काफी बढ़ गया था, जिसके चलते यह अंतरराष्ट्रीय आतंकियों और प्रॉक्सी गुटों के निशाने पर आ गया था।अमेरिकी नेतृत्व ने इस संयुक्त अभियान की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की खुफिया एजेंसियां इन संदिग्धों की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखे हुए थीं और वे बड़े ठिकानों को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। वहीं ब्रिटिश प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय ने सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की और आम जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।यूरोप में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद: भारतीय और विदेशी यात्रियों के लिए क्या हैं दिशा-निर्देश?ब्रिटेन में आतंकी साजिश के पर्दाफाश के बाद लंदन, बर्मिंघम, मैनचेस्टर और अन्य प्रमुख शहरों के रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण सरकारी व कूटनीतिक परिसरों के बाहर सुरक्षा पहरा कड़ा कर दिया गया है। भारत, अमेरिका और दुनिया भर से ब्रिटेन में अध्ययन, व्यापार या पर्यटन के सिलसिले में रहने वाले प्रवासियों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी संदिग्ध बैग, लावारिस वाहन या असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों पर देने की सलाह दी है।
युद्धग्रस्त पश्चिम एशियाई देश यमन में शांति की कोशिशों को एक बार फिर गहरा झटका लगा है। दक्षिण-पश्चिमी यमन के अशांत ताइज (Taiz) प्रांत में एक भीड़भाड़ वाले स्थानीय बाजार पर हुए भीषण हवाई हमले में कम से कम 7 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक हताहत होने वालों में मासूम बच्चे और दुकानदार भी शामिल हैं। रविवार को हुआ यह हमला ताइजिया जिले के माविया जंक्शन (Mawiyah Junction) के पास स्थित बाजार में हुआ, जहां सुबह के समय लोग रोजमर्रा की खरीदारी के लिए जमा थे। चश्मदीदों के अनुसार, अचानक हुए जोरदार धमाकों से पूरा बाजार दहल उठा, कई व्यावसायिक दुकानें पलक झपकते ही मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं और आसपास खड़ी गाड़ियां व मोटरसाइकिलें आग की लपटों में घिर गईं।हमले के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी। स्थानीय बचाव कर्मियों और नागरिकों ने मलबे में दबे घायलों को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय ने इस हमले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि नागरिक ठिकानों और बाजारों पर किए जाने वाले हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं।हूतियों का आरोप बनाम सरकारी बलों का दावा: हमले के पीछे असल टारगेट क्या था?इस घातक हमले के बाद दोनों पक्षों की ओर से परस्पर विरोधी बयान सामने आ रहे हैं। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी और उनके मीडिया संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह कायराना हमला सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और यमन के सरकारी बलों द्वारा जानबूझकर आम नागरिकों व बाजार की दुकानों को निशाना बनाकर किया गया है। हूतियों ने इसे युद्ध अपराध करार देते हुए चेतावनी दी है कि इस रक्तपात का कड़ा और गंभीर जवाब दिया जाएगा।दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार और सैन्य सूत्रों ने हूतियों के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सरकारी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि उनकी सेना ने बाजार के बिल्कुल समीप माविया जंक्शन पर हाल ही में स्थापित किए गए हूती विद्रोहियों के एक गुप्त सैन्य कैंप और हथियारों से लैस वाहनों को सटीक निशाना बनाया था। सरकार का आरोप है कि हूती विद्रोही जानबूझकर नागरिक बस्तियों, बाजारों और रिहायशी ढांचों के पास अपने सैन्य ठिकाने बनाते हैं ताकि किसी भी सैन्य कार्रवाई के दौरान आम जनता को ढाल (Human Shield) के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। दोनों पक्षों के दावों के बीच स्वतंत्र स्रोतों से असल नुकसान की पुष्टि होना अभी बाकी है।यमन में 2014 से जारी गृहयुद्ध: लाल सागर और क्षेत्रीय शांति पर बढ़ता खतरायमन में साल 2014 से भीषण गृहयुद्ध चल रहा है, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना पर कब्जा कर निर्वाचित सरकार को बेदखल कर दिया था। इसके बाद यमन सरकार की बहाली के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। हालांकि साल 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से एक अनौपचारिक संघर्ष विराम (सीजफायर) हुआ था, जिससे नागरिकों को कुछ समय के लिए राहत मिली थी। लेकिन हाल के महीनों में यह संघर्ष विराम पूरी तरह चरमरा गया है और मिसाइल, ड्रोन व हवाई हमलों का सिलसिला एक बार फिर तेज हो चुका है।संयुक्त राष्ट्र के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, बीते दो महीनों के भीतर फिर से भड़की इस जंग में 700 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 80 हजार से अधिक नागरिक अपने घरों से विस्थापित होकर अस्थायी तंबुओं में रहने को मजबूर हुए हैं। यमन की भौगोलिक स्थिति रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab el-Mandeb Strait) और लाल सागर के व्यापारिक गलियारे के मुहाने पर स्थित है। हाल ही में हूतियों ने पश्चिमी तटवर्ती इलाकों और अहम द्वीपों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का दावा किया है, जिससे यूरोप और एशिया के बीच होने वाले समुद्री व्यापार पर भी युद्ध के काले बादल मंडराने लगे हैं।अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता: क्या पूरे पश्चिम एशिया में फैलेगी बारूद की गंध?ताइज के बाजार पर हुए इस हमले ने क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीति के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हूती विद्रोही लगातार सीमा पार सऊदी अरब के रियाद, खमिस मुशैत और अन्य ठिकानों पर ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहे हैं, जिन्हें सऊदी एयर डिफेंस द्वारा इंटरसेप्ट किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यमन में हूतियों और सरकारी गठबंधन के बीच टकराव इसी तरह अनियंत्रित रहा, तो इसका असर सीधे तौर पर पहले से सुलग रहे पूरे पश्चिम एशिया (Middle East) के शक्ति संतुलन पर पड़ेगा।विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि सैन्य अभियानों में जब तक आम नागरिकों और सार्वजनिक बाजारों को सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी, तब तक मानवीय संकट भयावह होता जाएगा। युद्ध में घिरे आम यमनी नागरिक बुनियादी भोजन, स्वच्छ पानी और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में पहले से ही भुखमरी के कगार पर हैं। विश्व नेताओं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर अब यह दबाव बढ़ रहा है कि वे दोनों पक्षों को तुरंत युद्ध विराम की मेज पर लाएं, ताकि निर्दोष बच्चों और नागरिकों की जान बचाई जा सके।
'भाई बचा लो, डर लग रहा', LPU हिंसा के वक्त छात्राओं का रो-रोकर बुरा हाल
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में रविवार रात हुई हिंसा और तोड़फोड़ के बाद प्रशासन ने 10 दिन के लिए कक्षाएं बंद कर दी हैं और मिड टर्म परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर प्रकृति का भयानक प्रकोप देखने को मिला है। लगातार हो रही भारी बारिश के बीच गौरीकुंड और केदारनाथ के बीच पड़ने वाले दुर्गम पैदल ट्रैक पर अचानक हुए भीषण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) ने तबाही मचा दी। पहाड़ी से भारी मात्रा में गिरे मलबे, भारी बोल्डरों और पत्थरों की चपेट में आने से एक 5 वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद यात्रा मार्ग पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिरोधी बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया।हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को अस्थायी रूप से रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यात्री अपनी धुन में बाबा केदार के जयकारे लगाते हुए पैदल आगे बढ़ रहे थे, तभी ऊपर पहाड़ी ढलान से भारी गड़गड़ाहट के साथ पत्थर और मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा सीधे रास्ते पर आ गिरा। मलबे की तेज रफ्तार ने यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। बदहवास परिजनों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, लेकिन 5 साल का बच्चा मलबे के भारी दबाव में फंस गया। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्चे को मलबे से बाहर निकालकर नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर के बाद केदारघाटी में शोक की लहर दौड़ गई है।एसडीआरएफ और एनडीआरएफ का महा-अभियान: रातभर में 1100 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालाहादसे के बाद पैदल मार्ग पर दोनों तरफ सैकड़ों तीर्थयात्री फंस गए थे। लगातार गिरते पत्थरों और अंधेरे के बावजूद बचाव दलों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक विशाल संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन संचालित किया। एसडीआरएफ, पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से जोखिम भरे इलाके को पार कराया गया। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए खतरनाक जोन में फंसे 1100 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर सोनप्रयाग, गौरीकुंड और सुरक्षित पड़ावों तक पहुंचाया।फंसे हुए यात्रियों में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे शामिल थे, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के साथ ही भोजन, गर्म पानी, दवाइयां और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रातभर कैंप कर पूरे राहत एवं बचाव कार्य की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग की। रेस्क्यू किए गए यात्रियों ने प्रशासन और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य तब तक पूरी मुस्तैदी से जारी रहा जब तक कि उस संवेदनशील हिस्से से आखिरी श्रद्धालु को सुरक्षित नहीं निकाल लिया गया।संवेदनशील जोन और मौसम का मिजाज: केदारनाथ मार्ग पर क्यों बार-बार हो रहे हैं भूस्खलन?केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी, भीमबली, लिंचोली और छानी कैंप के आसपास के कई हिस्से भूगर्भीय रूप से बेहद संवेदनशील और फ्रैजाइल माने जाते हैं। अत्यधिक मानसूनी बारिश और पहाड़ी मिट्टी के ढीले होने के कारण इन खड़ी ढलानों पर पत्थरों का खिसकना बेहद आम हो जाता है। भूवैज्ञानिकों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक नमी के कारण पहाड़ों की पकड़ कमजोर हो जाती है, जिससे बिना किसी पूर्व चेतावनी के बोल्डर नीचे गिरने लगते हैं। इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं पैदल यात्रियों और खच्चर संचालकों दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती हैं।आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें अब भारी पोकलैंड और जेसीबी मशीनों के साथ पैदल मार्ग पर जमे विशाल मलबे को हटाने और रास्ते को समतल करने के कार्य में जुटी हुई हैं। हालांकि, रुक-रुक कर हो रही बारिश और ऊपर से लगातार गिर रहे छोटे पत्थरों के कारण मार्ग बहाली के काम में बाधा आ रही है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी और संबंधित निर्माण एजेंसियों को मार्ग के दोनों तरफ अतिरिक्त सुरक्षा जाल (Safety Netting) और संवेदनशील स्थानों पर वॉच टावर सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी खतरे की सूचना पहले ही मिल सके।यात्रियों के लिए प्रशासन की सख्त एडवाइजरी: मौसम साफ होने तक यात्रा टालने की अपीलइस दुखद घटना के बाद उत्तराखंड सरकार और रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर आ रहे सभी देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक विस्तृत और सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा मौसम पूर्वानुमान और प्रशासन के आधिकारिक बुलेटिन को देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। जब तक मौसम सामान्य नहीं होता और मार्ग को तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक यात्रियों को ऋषिकेश, हरिद्वार, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग में बने सुरक्षित यात्री हॉल्ट्स पर ही रुकने की सलाह दी गई है।तीर्थयात्रियों को हिदायत दी गई है कि वे अंधेरा होने के बाद या भारी बारिश के दौरान पैदल ट्रैक पर चलने का कतई जोखिम न उठाएं। केवल पंजीकृत और अधिकृत मार्गों का ही उपयोग करें तथा किसी भी शॉर्टकट या वैकल्पिक जंगली रास्ते से जाने से बचें। आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए जिला आपदा कंट्रोल रूम और पुलिस हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे चालू रखे गए हैं। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि बाबा केदार के दर्शन के साथ-साथ प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा सर्वोपरि है, और मार्ग पूरी तरह सुचारू होने के बाद ही चरणबद्ध तरीके से यात्रा को पुनः शुरू किया जाएगा।
समंदर में मिली तीन होंठों वाली मकड़ी! चलने के काम नहीं आती इसकी टांग, जानिए कितनी खतरनाक
अब तक समुद्री मकड़ियों की करीब 1,400 प्रजातियां पहचानी जा चुकी हैं. माना जाता है कि समुद्री मकड़ियां करीब 50 करोड़ साल पहले अस्तित्व में आई थीं. जानिए खोजी गईं दो नई मकड़ियां स्पेशल क्यों हैं.
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) टियर 1 परीक्षा में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार समाप्त हो चुका है। आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर टियर 1 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड और एडमिशन सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर अपने लॉगिन क्रेडेंशियल्स दर्ज करके सीधे अपना हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। देश भर के विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में ग्रुप 'बी' और 'सी' के पदों पर चयन के लिए यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जा रही है।एसएससी द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, परीक्षा देश भर के 100 से अधिक शहरों में बहु-चरणीय पालियों (मल्टीपल शिफ्ट्स) में संचालित होगी। आयोग ने परीक्षा से कुछ दिन पहले ही उम्मीदवारों की एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी की थी, जिससे वे अपनी यात्रा और रहने की योजना बना सकें। अब विस्तृत एडमिट कार्ड जारी होने के बाद परीक्षा केंद्र का पूरा पता, रिपोर्टिंग समय, शिफ्ट की टाइमिंग और गेट बंद होने के समय से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां सार्वजनिक हो गई हैं।SSC CGL Tier 1 Admit Card ऑनलाइन कैसे करें डाउनलोड? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाएसएससी सीजीएल टियर 1 परीक्षा का एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से कुछ सरल चरणों का पालन करना होगा:सबसे पहले कर्मचारी चयन आयोग की नई आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।होमपेज पर दाईं ओर दिए गए 'Login / Register' विकल्प पर क्लिक करें।अपना रजिस्ट्रेशन नंबर (यूजरनेम) और पासवर्ड या जन्मतिथि दर्ज करके सबमिट करें।लॉगिन होने के बाद डैशबोर्ड में दिए गए SSC CGL परीक्षा के सेक्शन पर जाएं।वहां दिख रहे 'Tier 1 Admit Card / Admission Certificate' लिंक पर क्लिक करें।स्क्रीन पर आपका एडमिट कार्ड प्रदर्शित हो जाएगा, जिसमें आपका नाम, रोल नंबर, परीक्षा केंद्र और शिफ्ट विवरण मौजूद होगा।एडमिट कार्ड को पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ तथा परीक्षा केंद्र पर ले जाने के लिए इसका स्पष्ट प्रिंटआउट निकाल लें।एडमिट कार्ड में इन जानकारियों को जरूर जांचें उम्मीदवारएडमिट कार्ड डाउनलोड करने के तुरंत बाद उम्मीदवारों को उसमें दर्ज अपने व्यक्तिगत और परीक्षा से जुड़े सभी विवरणों का मिलान कर लेना चाहिए। किसी भी विसंगति की स्थिति में परीक्षा केंद्र पर प्रवेश में कठिनाई आ सकती है। प्रमुख रूप से उम्मीदवार का पूरा नाम और उसकी स्पेलिंग, पिता का नाम, रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन संख्या, जन्मतिथि, श्रेणी (Category), लिंग और फोटो व हस्ताक्षर की स्पष्टता जांचना अनिवार्य है।इसके साथ ही परीक्षा केंद्र का नाम, केंद्र कोड, रिपोर्टिंग टाइम, परीक्षा प्रारंभ होने का समय और गेट बंद होने का समय भी ध्यानपूर्वक देख लें। आयोग के सख्त नियमों के अनुसार, निर्धारित गेट क्लोजिंग टाइम के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।परीक्षा केंद्र पर क्या ले जाना अनिवार्य है और किन चीजों पर है सख्त प्रतिबंध?परीक्षा के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा या मानसिक तनाव से बचने के लिए आवश्यक दस्तावेजों की तैयारी पहले से कर लेना आवश्यक है। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर अपने साथ एसएससी सीजीएल टियर 1 एडमिट कार्ड का स्पष्ट प्रिंटआउट अनिवार्य रूप से ले जाना होगा। इसके साथ ही कम से कम दो हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ ले जाएं। पहचान के प्रमाण के तौर पर एक मूल वैध फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस) साथ रखना जरूरी है। ध्यान रहे कि पहचान पत्र पर दर्ज जन्मतिथि और नाम एडमिट कार्ड में दर्ज विवरण से पूरी तरह मेल खाते होने चाहिए।परीक्षा हॉल में किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, डिजिटल कैलकुलेटर, ईयरफोन, पेन ड्राइव या कोई भी लिखित सामग्री ले जाना पूरी तरह वर्जित है। यदि किसी अभ्यर्थी के पास ऐसे प्रतिबंधित उपकरण पाए जाते हैं, तो उसका अभ्यर्थन तुरंत निरस्त कर आयोग की आगामी परीक्षाओं से डिबार भी किया जा सकता है।SSC CGL टियर 1 परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीमएसएससी सीजीएल टियर 1 परीक्षा 60 मिनट (1 घंटे) की अवधि का वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Multiple Choice) का टेस्ट है। इसमें कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो अधिकतम 200 अंकों के होते हैं। प्रश्न पत्र चार मुख्य भागों में विभाजित होता है: जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग (25 प्रश्न, 50 अंक), जनरल अवेयरनेस (25 प्रश्न, 50 अंक), क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (25 प्रश्न, 50 अंक) और इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन (25 प्रश्न, 50 अंक)।प्रत्येक सही उत्तर के लिए अभ्यर्थी को 2 अंक दिए जाते हैं। इस परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान है, जिसके तहत प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.50 अंक काट लिए जाते हैं। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे तुक्का लगाने से बचें और केवल उन्हीं सवालों को प्राथमिकता दें जिन पर उन्हें पूरा भरोसा हो, ताकि नकारात्मक अंकन से फाइनल स्कोर प्रभावित न हो।
दिल्ली के 11 हजार अवैध कालोनियों पर MCD मेहरबान, सिर्फ 25% खर्चे पर मिलेगा मालिकाना हक
MCD House Regularisation Process: एमसीडी दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में पीएम उदय (PMUDAY) योजना के तहत प्रॉपर्टी को नियमित कराने पर लगने वाले टैक्स में 75 प्रतिशत तक की छूट को मंजूरी दी है. जानिए नियमितीकरण शुल्क, हटाए गए चार्जेस और आवेदन की पूरी प्रक्रिया.
त्योहारी सीजन और नए वित्तीय तिमाही की शुरुआत के साथ ही 1 अक्टूबर से देश की बैंकिंग व्यवस्था में कई अहम और दूरगामी बदलाव प्रभावी होने जा रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों और विभिन्न वाणिज्यिक बैंकों द्वारा लागू की जा रही नीतियों का सीधा प्रभाव देश के करोड़ों आम खाताधारकों, नौकरीपेशा वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों और निवेशकों की जेब पर पड़ने वाला है। इनमें बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरों के निर्धारण, पारदर्शिता के नियम, एटीएम (ATM) से नकदी निकालने की मासिक फ्री लिमिट और उस पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं।दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई जैसे महानगरों से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के ग्रामीण व अर्ध-शहरी अंचलों तक फैले बैंक शाखा नेटवर्क पर यह नए नियम एक समान रूप से प्रभावी होंगे। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में इन बदलावों की जानकारी हर नागरिक को होना बेहद जरूरी है, ताकि महीने की शुरुआत में किसी भी प्रकार के अनपेक्षित वित्तीय झटके या बैंक पेनल्टी से बचा जा सके। जहां एक तरफ आरबीआई का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाना और ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है, वहीं दूसरी तरफ कुछ बैंकों द्वारा एटीएम सेवा और ट्रांजैक्शन लिमिट को लेकर की जा रही सख्ती आम उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के बजट को प्रभावित कर सकती है।फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नए नियम: सभी शाखाओं में एक समान ब्याज और बल्क डिपॉजिट पर बड़ा फैसला1 अक्टूबर से लागू होने वाले बदलावों में सबसे प्रमुख विषय फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों से जुड़ा हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सभी कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs), लोकल एरिया बैंकों और अर्बन को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट फ्रेमवर्क को संशोधित किया है। नए नियमों के तहत अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में एक ही तारीख और समान अवधि वाली एफडी पर एक समान ब्याज दर देना अनिवार्य कर दिया गया है। पूर्व में अक्सर यह देखा जाता था कि कुछ बैंक शाखाएं अपने स्थानीय स्तर पर या चुनिंदा ग्राहकों को अलग ब्याज दरें ऑफर कर देती थीं, लेकिन अब यह शाखा-स्तरीय भेदभाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।आरबीआई के नए निर्देश के अनुसार, अब बैंकों को अपनी सामान्य एफडी दरें पहले से ही सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होंगी। इसके अतिरिक्त, 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की सिंगल डिपॉजिट को अब 'बल्क डिपॉजिट' (थोक जमा) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बैंकों को प्रत्येक कामकाजी दिन सुबह 10:00 बजे तक (अधिकतम 10 मिनट के ग्रेस पीरियड के साथ यानी 10:10 बजे तक) अपनी वेबसाइट पर बल्क डिपॉजिट की संशोधित ब्याज दरें अपलोड करनी होंगी। जो दरें वेबसाइट पर प्रकाशित होंगी, वही दरें सभी पात्र जमाकर्ताओं पर लागू होंगी।आम रिटेल निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि जिन लोगों ने पहले से अपनी एफडी बुक कर रखी है, उनके मौजूदा ब्याज दर और मैच्योरिटी रिटर्न पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे अनुबंध के नियमों से सुरक्षित हैं। हालांकि, 1 अक्टूबर के बाद नई एफडी खोलने या ऑटो-रिन्यूअल कराने वाले ग्राहकों को पूरी तरह पारदर्शी और संशोधित व्यवस्था के तहत ही प्रतिफल मिलेगा।ATM कैश विड्रॉल और चार्ज में बदलाव: फ्री ट्रांजैक्शन सीमा और लगने वाली फीस की पूरी जानकारीएटीएम से पैसे निकालने के नियमों को लेकर भी देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) समेत कई अन्य वित्तीय संस्थानों में नए दिशा-निर्देश चर्चा का विषय बने हुए हैं। बैंक बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) और जनधन खातों के साथ-साथ सैलरी पैकेज खातों के तहत मिलने वाले फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन की सीमाओं को अधिक कड़ाई से लागू कर रहे हैं।बीएसबीडी खाताधारकों को महीने में अधिकतम 4 बार अपने बैंक के एटीएम या अन्य माध्यमों से मुफ्त कैश निकालने की सुविधा मिलती है। 4 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पार होने के बाद अब प्रति निकासी 15 रुपये और उस पर लागू जीएसटी (GST) अतिरिक्त शुल्क के रूप में काटा जाएगा। यह नियम आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AePS) और मिनी-एटीएम के जरिए की जाने वाली नकद निकासी पर भी लागू होगा। हालांकि, डिजिटल माध्यमों जैसे यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप से किए जाने वाले वित्तीय लेनदेन पूरी तरह मुफ्त बने रहेंगे।इसके साथ ही, सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम और ऑटोमेटेड डिपॉजिट एंड विड्रॉल मशीनों (ADWMs) पर मुफ्त लेनदेन की संख्या को नियंत्रित करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। यदि ग्राहक अपने निर्धारित मासिक कोटे (मेट्रो शहरों में 3 और गैर-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजैक्शन) से अधिक बार अन्य बैंकों के एटीएम का उपयोग करते हैं, तो उन्हें प्रति वित्तीय लेनदेन 21 रुपये प्लस टैक्स तक का भुगतान करना पड़ सकता है। बैंकों का यह कदम नकदी के परिचालन को हतोत्साहित करने और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में देखा जा रहा है।बैंकिंग फ्रॉड रोकने के लिए TRAI के सख्त नियम: बैंक SMS और OTP सुरक्षा में नया सिस्टमबैंकिंग ट्रांजैक्शन केवल एटीएम और एफडी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल लेन-देन के दौरान आने वाले वन टाइम पासवर्ड (OTP) और ट्रांजैक्शनल अलर्ट पर भी 1 अक्टूबर से एक बड़ा तकनीकी पहरा लगने जा रहा है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए सुरक्षा नियमों के तहत सभी टेलीकॉम कंपनियों और बैंकों को बल्क एसएमएस और ओटीपी के लिए अनिवार्य प्री-टैगिंग और ट्रेसिबिलिटी सिस्टम को लागू करना होगा।इस नई व्यवस्था का प्राथमिक उद्देश्य साइबर ठगी, फर्जी बैंक कॉल्स और लिंक भेजकर खाता खाली करने वाले स्कैमर्स पर नकेल कसना है। अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा भेजे जाने वाले किसी भी मैसेज के अंदर दिए जाने वाले वेब लिंक, एपीके (APK) फाइल लिंक या हेल्पलाइन नंबर पहले से दूरसंचार कंपनियों की सुरक्षित व्हाइटलिस्ट में रजिस्टर्ड होने चाहिए। यदि किसी मैसेज का फॉर्मेट या यूआरएल अधिकृत डेटाबेस से मेल नहीं खाएगा, तो टेलीकॉम सिस्टम उस एसएमएस को ब्लॉक कर देगा और वह ग्राहक के फोन तक नहीं पहुंचेगा।इसका मतलब यह है कि बैंक ग्राहकों को ऑनलाइन शॉपिंग, नेट बैंकिंग लॉगिन या फंड ट्रांसफर के दौरान आने वाले ओटीपी अब अधिक सुरक्षित नेटवर्क से मिलेंगे। साथ ही, बैंक ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बैंक खाते में सही और चालू मोबाइल नंबर ही अपडेट रखें, ताकि तकनीकी स्क्रबिंग के कारण कोई महत्वपूर्ण वित्तीय संदेश अटकने की समस्या न आए।आम खाताधारकों के लिए जरूरी टिप्स: 1 अक्टूबर से पहले क्या सावधानियां बरतें?बैंकिंग नियमों में हो रहे इन व्यापक परिवर्तनों के बीच आम नागरिकों को अपनी वित्तीय आदतों में थोड़ा अनुशासन लाने की आवश्यकता है। सबसे पहले, यदि आप नकदी के लिए एटीएम पर ज्यादा निर्भर रहते हैं, तो महीने की शुरुआत में ही अपने खर्च का आकलन कर लें और बार-बार 500 या 1000 रुपये निकालने के बजाय एक या दो बार में जरूरत की रकम निकालें, जिससे फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन लिमिट समाप्त न हो। छोटे भुगतानों के लिए यूपीआई (UPI) और मर्चेंट क्यूआर कोड का इस्तेमाल करें, जिस पर कोई निकासी शुल्क नहीं लगता।दूसरा महत्वपूर्ण कदम अपनी बचत को लेकर उठाएं। यदि आप फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो 1 अक्टूबर से पहले विभिन्न बैंकों की मौजूदा ब्याज दरों की तुलना कर लें। चूंकि आरबीआई द्वारा रेपो रेट और तरलता समीक्षा के आधार पर बैंक समय-समय पर अपनी दरें समायोजित करते हैं, इसलिए वर्तमान में मिल रही उच्च ब्याज दरों को सुरक्षित करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त 0.50% से 0.75% तक ब्याज का लाभ मिलता है, जिसका सही समय पर चयन करना चाहिए। इसके अलावा, अपने बैंक खाते का केवाईसी (KYC) विवरण और मोबाइल नंबर तुरंत जांचें ताकि ओटीपी और सुरक्षा अलर्ट निर्बाध रूप से प्राप्त होते रहें।
इंटरनेट डेस्क। देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज भी लगभग बीस राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उनमें राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्य शामिल है। राजस्थान में मानसून की विदाई के बीच राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के असर से राजस्थान में आज और कल बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। विभाग ने आज के लिए प्रदेश के 17 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सीकर और आसपास के इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तीव्र मेघगर्जन की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। जयपुर सहित इन जिलों के लिए जारी हुआ है अलर्ट मौसम विभाग ने आज के लिए पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर में मेघगर्जन, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी विभाग ने जारी की है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है। इससे अभी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली हुई है। PC:indiatv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
आज के डिजिटल और स्मार्टफोन दौर में चार्जिंग केबल और पोर्ट्स हमारे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं। जब भी हम नया फोन, लैपटॉप या चार्जर खरीदते हैं, तो अक्सर दो सबसे आम नाम सामने आते हैं—USB Type-A और USB Type-C। हालांकि दोनों का प्राथमिक काम डिवाइस को पावर देना और डेटा ट्रांसफर करना है, लेकिन इनकी आंतरिक तकनीक, बनावट और कार्यक्षमता में जमीन-आसमान का फर्क है।USB Type-A वह पारंपरिक, चौकोर और आयताकार पोर्ट है जिसे हम दशकों से डेस्कटॉप कंप्यूटर, पुराने लैपटॉप, टीवी, कार म्यूजिक सिस्टम और सामान्य चार्जर एडॉप्टर में देखते आए हैं। Type-A की सबसे बड़ी सीमा यह है कि यह वन-वे डिजाइन (One-directional) के साथ आता है, यानी इसे केवल एक ही सीधी दिशा में प्लग किया जा सकता है। गलत दिशा में केबल लगाने पर अक्सर पोर्ट के अंदर की पिन टूटने या ढीली होने का जोखिम रहता है।दूसरी तरफ, USB Type-C एक आधुनिक, अंडाकार और बेहद कॉम्पैक्ट कनेक्टर है जिसने ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में क्रांति ला दी है। Type-C पोर्ट का सबसे बड़ा आकर्षण इसका रिवर्सिबल डिजाइन (Reversible Design) है, जिसका मतलब है कि आप केबल को चाहे सीधा लगाएं या उल्टा, यह बिना किसी रुकावट के तुरंत फिट हो जाता है। इसके अलावा, Type-C पोर्ट में 24 पिन का अत्याधुनिक सर्किट होता है, जबकि पुराने Type-A पोर्ट में आमतौर पर केवल 4 से 9 पिन ही मौजूद होती हैं। यही कारण है कि Type-C न केवल हल्का और पतला है, बल्कि आधुनिक स्लिम स्मार्टफोन्स, टैबलेट और अल्ट्राबुक्स के लिए सबसे मुफीद पोर्ट बन चुका है।फास्ट चार्जिंग में कौन है बाजीगर: पावर डिलीवरी (PD) और वॉट क्षमता की हकीकतजब बात स्मार्टफोन को पलक झपकते चार्ज करने की आती है, तो USB Type-C अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी USB Type-A को कोसों पीछे छोड़ देता है। इसका मुख्य कारण USB-C के साथ काम करने वाला 'USB Power Delivery' (USB-PD) प्रोटोकॉल है।पारंपरिक USB Type-A पोर्ट की तकनीकी सीमाएं काफी सीमित हैं। आम तौर पर Type-A पोर्ट अधिकतम 5V और 2.4A (लगभग 12W) तक की पावर सप्लाई कर सकता है। हालांकि कुछ ब्रांड्स जैसे शाओमी, ओप्पो या रियलमी ने अपने कस्टमाइज्ड प्रोटोकॉल्स (जैसे क्विक चार्ज या डार्ट चार्ज) के जरिए Type-A केबल से भी 33W या 65W तक पावर भेजी है, लेकिन यह एक यूनिवर्सल स्टैंडर्ड नहीं है और इसके लिए विशेष हार्डवेयर की जरूरत होती है।इसके विपरीत, USB Type-C को शुरुआत से ही भारी पावर आउटपुट को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। स्टैंडर्ड USB-PD तकनीक के तहत Type-C पोर्ट 100 वॉट (20V/5A) तक की पावर आसानी से डिलीवर कर सकता है, और नए USB PD 3.1 मानकों के साथ यह क्षमता 240 वॉट तक पहुंच चुकी है। इसका सीधा मतलब यह है कि Type-C पोर्ट न केवल आपके स्मार्टफोन को 15 से 30 मिनट में सुपरफास्ट चार्ज कर सकता है, बल्कि इसी एक केबल से आप भारी-भरकम गेमिंग लैपटॉप, टैबलेट, कैमरा और ड्रोन को भी पूरी रफ्तार से पावर दे सकते हैं।फोन की बैटरी हेल्थ और सुरक्षा: किस पोर्ट के साथ स्मार्टफोन रहता है सुरक्षित?उपभोक्ताओं के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या बहुत तेज चार्जिंग फोन की बैटरी को जल्दी खराब कर देती है, और इस मामले में Type-A और Type-C में से कौन सा विकल्प बैटरी की उम्र के लिए सुरक्षित है। तकनीकी दृष्टि से देखें तो स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ के लिए USB Type-C कहीं अधिक सुरक्षित और स्मार्ट विकल्प साबित होता है।Type-C केवल बिजली भेजने वाला एक साधारण तार नहीं है, बल्कि यह चार्जर और फोन के बीच दोतरफा डिजिटल संवाद (Two-way Handshake) स्थापित करता है। USB Type-C और PD चार्जिंग में शामिल स्मार्ट चिपसेट फोन के तापमान, बैटरी के करंट लेवल और वोल्टेज की रीयल-टाइम निगरानी करते हैं। उदाहरण के लिए, जब फोन की बैटरी 0 से 50 प्रतिशत तक होती है, तो Type-C अधिकतम वॉट पर करंट भेजता है। जैसे ही बैटरी 80 प्रतिशत के पार पहुंचती है और गर्म होने लगती है, Type-C का इंटेलिजेंट सर्किट करंट को धीमा (ट्रिकल चार्जिंग) कर देता है, जिससे ओवरहीटिंग और बैटरी पर पड़ने वाला रासायनिक दबाव खत्म हो जाता है।वहीं दूसरी ओर, पुराने Type-A पोर्ट्स में तापमान और स्मार्ट वोल्टेज मॉड्यूलेशन की क्षमता सीमित होती है। अगर कोई सस्ता या गैर-मानक Type-A एडॉप्टर इस्तेमाल किया जाए, तो उसमें वोल्टेज के अचानक उतार-चढ़ाव (Voltage Fluctuation) को रोकने की पर्याप्त तकनीक नहीं होती, जिससे बैटरी समय से पहले फूलने या खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बैटरी की दीर्घकालिक सुरक्षा और स्थिरता के मामले में USB Type-C पूरी तरह से एक कदम आगे है।डेटा ट्रांसफर स्पीड और भविष्य की कनेक्टिविटी: Type-C क्यों है यूनिवर्सल किंग?पावर और चार्जिंग के अलावा डेटा ट्रांसफर की गति में भी दोनों के बीच का अंतर चौंकाने वाला है। पारंपरिक USB Type-A पोर्ट (विशेष रूप से USB 2.0) पर अधिकतम डेटा ट्रांसफर स्पीड केवल 480 Mbps तक ही सीमित रहती है। अगर आप 10 GB की कोई भारी वीडियो फाइल पीसी से फोन में कॉपी कर रहे हैं, तो इसमें कई मिनटों का समय लग जाता है।इसके उलट, USB Type-C पोर्ट आधुनिक USB 3.2, USB4 और थंडरबोल्ट (Thunderbolt 3/4) प्रोटोकॉल्स को पूरी तरह सपोर्ट करता है। इसके जरिए 10 Gbps, 20 Gbps और थंडरबोल्ट के साथ 40 Gbps तक की अल्ट्रा-फास्ट स्पीड से डेटा ट्रांसफर किया जा सकता है। यानी गीगाबाइट्स का भारी डेटा केवल कुछ ही सेकंड्स में ट्रांसफर हो जाता है।इतना ही नहीं, USB Type-C मल्टी-फंक्शनल है। यह केवल चार्जिंग और डेटा तक सीमित नहीं है, बल्कि 'डिस्प्लेपोर्ट अल्टरनेट मोड' की मदद से एक ही Type-C केबल के जरिए आप अपने फोन या लैपटॉप की स्क्रीन को 4K या 8K मॉनिटर पर सीधे मिरर या कास्ट कर सकते हैं। यूरोपीय यूनियन (EU) और भारत सरकार द्वारा सभी स्मार्ट गैजेट्स के लिए 'यूनिवर्सल कॉमन चार्जर' (Type-C) को अनिवार्य किए जाने के बाद अब भविष्य पूरी तरह से Type-C का ही है। अगर आप अपने स्मार्टफोन की तेज चार्जिंग, टिकाऊ बैटरी हेल्थ और झंझट-मुक्त कनेक्टिविटी चाहते हैं, तो USB Type-C हर कसौटी पर सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।
भगत सिंह की जयंती पर CM योगी ने युवाओं को लिखी भावुक 'पाती', बोले- ज्ञान और जिज्ञासा को रखें जिंदा
महान क्रांतिकारी और भारत मां के अमर सपूत शहीद-ए-आजम भगत सिंह की पावन जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश और देश के युवाओं को एक विशेष संदेश दिया है। सीएम योगी ने युवाओं के नाम एक बेहद भावुक और प्रेरक ‘पाती’ (पत्र) लिखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि आज का युवा केवल वर्तमान का निर्माता ही नहीं, बल्कि भविष्य का सबसे मजबूत आधार स्तंभ भी है। उन्होंने अमर बलिदानी भगत सिंह के जीवन दर्शन को याद दिलाते हुए कहा कि जिस उम्र में युवा अक्सर दिशाहीन हो जाते हैं, उस छोटी सी उम्र में भगत सिंह ने अपने गहन अध्ययन, वैचारिक स्पष्टता और अदम्य साहस से ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी।मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में इस बात पर विशेष बल दिया कि भगत सिंह केवल एक बंदूक उठाने वाले क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि वे एक प्रखर विचारक, गंभीर पाठक और दूरदर्शी लेखक थे। जेल की चारदीवारी के भीतर भी उन्होंने किताबों का साथ कभी नहीं छोड़ा। फांसी के फंदे पर झूलने से चंद मिनट पहले तक भी वे लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे। सीएम ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब दुनिया तेजी से बदल रही है, हमारे युवाओं को भगत सिंह के इस अध्ययनशील पहलू को अपनाने की सबसे ज्यादा जरूरत है।'ज्ञान और जिज्ञासा को बनाए रखें जिंदा'—मुख्यमंत्री का युवाओं को मूलमंत्रसीएम योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की तरक्की तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी के भीतर सीखने की ललक और नई जिज्ञासाएं लगातार जीवित रहें। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल और तकनीकी युग में युवाओं को सतही सूचनाओं से आगे बढ़कर गहरे ज्ञान की ओर बढ़ना होगा। केवल सोशल मीडिया के स्क्रॉलिंग कल्चर में खो जाने के बजाय चिंतन और मनन की आदत डालनी होगी। उन्होंने युवाओं से कहा, अपने भीतर के सवाल पूछने के स्वभाव और जिज्ञासा को कभी मरने न दें, क्योंकि जब तक जिज्ञासा जिंदा है, तब तक नवाचार और प्रगति का रास्ता खुला हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छी पुस्तक किसी भी नौजवान के जीवन में एक नए और क्रांतिकारी विचार का बीज बो सकती है। वही एक नया विचार पूरे समाज को एक सकारात्मक दिशा देने और रूढ़ियों को तोड़ने की ताकत रखता है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान ही वह अचूक शक्ति है, जिसके दम पर भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाया जा सकता है। यदि युवा अपने ज्ञान को समाज के कल्याण और राष्ट्र के उत्थान से जोड़ लें, तो कोई भी वैश्विक चुनौती भारत की प्रगति को नहीं रोक सकेगी।ज्ञानवान, संस्कारवान और सामर्थ्यवान उत्तर प्रदेश के निर्माण का आह्वानअपनी पाती के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को एक समृद्ध और सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बनने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और पारदर्शी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ज्ञानवान, संस्कारवान और सामर्थ्यवान बनाना है, जिसमें युवाओं की ऊर्जा सबसे बड़ा इंजन बनेगी।सीएम योगी ने कहा कि भगत सिंह का त्याग, उनका समर्पण और भारत माता के प्रति उनका अनन्य प्रेम सदियों तक हर पीढ़ी को अपनी जिम्मेदारी का बोध कराता रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शहीदों के बलिदान को केवल नारों और प्रतीकों तक सीमित न रखें, बल्कि उनके सपनों के भारत को साकार करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। इस पाती ने सोशल मीडिया और शैक्षणिक गलियारों में युवाओं के बीच एक नई ऊर्जा और वैचारिक चेतना का संचार किया है।
देश के कई हिस्सों में मानसून के उग्र रूप और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा, नदियों के उफान और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से जारी भारी बारिश के रेड और ऑरेंज अलर्ट के बाद बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के कई जिलों में स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के चलते सड़कों पर पानी भर गया है और यातायात ठप हो गया है, जिससे अभिभावक और छात्र दोनों परेशान हैं।पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम का मिजाज बेहद बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति के कारण जिलाधिकारियों ने संबंधित शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि छात्रों को किसी भी तरह के जोखिम में न डाला जाए। सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी प्रकार के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में स्थिति सामान्य होने तक शैक्षणिक कार्य स्थगित रखने या अवकाश घोषित करने की प्रक्रिया तेजी से लागू की गई है।उत्तर प्रदेश: बरेली, मुरादाबाद, पीलीभीत समेत कई जिलों में डीएम का अवकाश आदेशउत्तर प्रदेश के मध्य, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। राजधानी लखनऊ, कानपुर, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद, लखीमपुर खीरी और फर्रुखाबाद जैसे क्षेत्रों में असाधारण बारिश रिकॉर्ड की गई है। जलभराव और जर्जर भवनों के खतरे को देखते हुए मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत और आसपास के जिलों में जिला प्रशासन ने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी बोर्डों के स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है। कुछ जिलों में केवल प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों को बंद रखा गया है, जबकि गंभीर जलभराव वाले जिलों में इंटरमीडिएट तक के सभी संस्थानों को बंद रखने का आदेश है।स्थानीय जिलाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मौसम की गंभीरता के आधार पर स्कूल प्रबंधन को दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। बिजली के खंभों में करंट आने के खतरे, नदियों के किनारे कटान और सड़कों के धंसने के चलते बच्चों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई है। अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी आपात सूचना या अवकाश की पुष्टि के लिए संबंधित स्कूल प्रशासन या आधिकारिक जिला पोर्टल के संपर्क में रहें।उत्तराखंड में रेड अलर्ट के बीच स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, चारधाम यात्रा भी प्रभावितपहाड़ी राज्य उत्तराखंड में स्थिति और भी ज्यादा संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विभाग द्वारा बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और पौड़ी जनपदों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों में भूस्खलन, मलबा गिरने और संपर्क मार्ग टूटने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही कई प्रभावित जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों के साथ-साथ सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया है। भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर भी आवाजाही सीमित की गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि संवेदनशील पहाड़ी ढलानों और बरसाती नालों के पास रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। जब तक मौसम की स्थिति में स्पष्ट सुधार नहीं हो जाता, तब तक पर्वतीय जनपदों में स्कूल खोलने का जोखिम नहीं लिया जा रहा है।बिहार और अन्य राज्यों की स्थिति: नेपाल से छोड़े गए पानी और बारिश ने बढ़ाई चिंताउत्तर भारत के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी हालात चिंताजनक हैं। नेपाल के तराई क्षेत्रों और बिहार के पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी और आसपास के जिलों में भारी वर्षा के चलते गंडक और कोसी जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। वाल्मीकिनगर और बीरपुर बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण कई निचले गांवों में पानी घुस चुका है। स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित अंचलों में स्कूलों के संचालन को फिलहाल टाल दिया है और प्रभावित भवनों को राहत शिविरों में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है।दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर है, इसलिए वहां सामान्य रूप से स्कूल खुले रहने की संभावना है। हालांकि, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में स्थानीय बारिश के चलते क्षेत्रीय आधार पर छुट्टियां घोषित की गई हैं। शिक्षा विभागों ने निर्देश दिया है कि मौसम में सुधार होते ही कक्षाओं को दोबारा शुरू किया जाएगा, लेकिन जब तक अलर्ट जारी है, तब तक बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी।
ब्रिटेन में अमेरिकी बेस के पास पकड़े गए 5 लोग कौन? क्या है ईरान कनेक्शन
ब्रिटेन में RAF फेयरफोर्ड के पास पांच लोगों को आतंकी कार्रवाई की तैयारी के शक में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस तीन संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही है. इस एयरबेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में हुआ है, इसलिए मामले में ईरान कनेक्शन की भी जांच हो रही है.
मुंबई से 2°C ठंडा रहता है अरबपति का पेंटहाउस! जानें क्या है राज
मुंबई के पवई में बना रियल एस्टेट बिजनेसमैन निरंजन हीरानंदानी का 25,000 स्क्वायर फीट का पेंटहाउस पूरे शहर से करीब 2C ठंडा रहता है. बिना किसी खास कूलिंग सिस्टम के, सिर्फ हरियाली और बेहतर अर्बन प्लानिंग के दम पर बने इस अनोखे घर की खासियतें जानें.
हाथरस में रिटायर्ड फौजी और पत्नी की हत्या, घर के अंदर मिला शव
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सादाबाद में रविवार सुबह पूर्व फौजी और उनकी पत्नी की घर के अंदर हत्या से सनसनी फैल गई. 58 वर्षीय शमशुद्दीन और उनकी पत्नी सद्दो बेगम के शव खून से लथपथ हालत में मिले.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, बीरभूम में मचा हड़कंप
इस वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव और राजनीतिक गहमागहमी फैल गई है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 46 साल के चंदन भल्ला के रूप में हुई है।
Chachundar and Rats ke Katne se Kya Hota Hai: मौसम बदलते ही घर में चूहों और छछूंदरों का आना बढ़ सकता है. पुदीना, तेजपत्ता, लहसुन-प्याज जैसी तेज गंध वाली चीजें इन्हें दूर रखने में मदद कर सकती हैं. हालांकि घर की सफाई, खाना ढककर रखना और दरारें बंद करना जरूरी है.
बोलते हैं विधायक बना दीजिए, फिर पत्नी के लिए टिकट मांगते हैं; नितिन गडकरी का किसपर निशाना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान जातिवाद की राजनीति करने वालों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर टिकट लेने वाले समुदाय के लिए काम नहीं करते।
डिजिटल दुनिया की रंगीन चमक और लाखों फॉलोअर्स की तालियों के पीछे कई बार कितना गहरा सन्नाटा और अकेलापन छिपा होता है, इसकी एक दिल दहला देने वाली बानगी फिर सामने आई है। एक चर्चित युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने अपनी जान देकर सभी को स्तब्ध कर दिया है। आत्महत्या से पहले छोड़े गए एक बेहद भावुक और मार्मिक संदेश में उन्होंने लिखा, इस अधूरे दिल को किसी ने पूरा नहीं किया। इस अंतिम वाक्य ने सोशल मीडिया पर मानसिक तनाव, अकेलेपन और वर्चुअल दुनिया के खोखलेपन को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट और इन्फ्लुएंसर की अंतिम सोशल मीडिया पोस्ट्स से यह साफ झलकता है कि वह काफी समय से किसी गहरे भावनात्मक संघर्ष और अवसाद के दौर से गुजर रही थीं। बाहरी दुनिया को अपनी रील्स और वीडियोज के जरिए खुशियां बांटने वाली यह युवा प्रतिभा अंदर ही अंदर टूट चुकी थी। परिजनों और दोस्तों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस बात पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि हर वक्त चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाली यह लड़की इतना आत्मघाती कदम उठा सकती है। पुलिस ने उनके कमरे से सुसाइड नोट सहित मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल गैजेट्स जब्त कर लिए हैं ताकि घटना के पीछे की असल वजहों की गहराई से पड़ताल की जा सके।'इस अधूरे दिल को किसी ने पूरा नहीं किया'—अंतिम शब्दों में छलका गहरा अकेलापनसुसाइड नोट में लिखे शब्द न केवल दिल को झकझोर देने वाले हैं बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि वह किस कदर रिश्तों और मानसिक तन्हाई से जूझ रही थीं। उन्होंने अपने अंतिम संदेश में लिखा कि इस चकाचौंध भरी जिंदगी में भीड़ तो बहुत थी, लेकिन इस अधूरे दिल को समझने और पूरा करने वाला कोई नहीं मिला। यह दर्दनाक वाक्य सीधे तौर पर आधुनिक रिश्तों की कड़वी सच्चाई और उस मानसिक अवसाद की तरफ इशारा करता है, जिसे इंसान चाहकर भी दुनिया के सामने बयां नहीं कर पाता।सोशल मीडिया पर जहां हर कोई अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और परफेक्ट पलों को पेश करने की होड़ में लगा रहता है, वहीं असल जिंदगी में कई लोग भारी भावनात्मक दबाव और अलगाव महसूस करते हैं। मनोचिकित्सकों का मानना है कि लाखों लाइक्स और कमेंट्स कभी भी किसी इंसान के वास्तविक सामाजिक सहारे की जगह नहीं ले सकते। जब वर्चुअल दुनिया की वाहवाही खत्म होती है, तो कई बार व्यक्ति खुद को बेहद तन्हा पाता है। इस इन्फ्लुएंसर के अंतिम शब्दों ने समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम अपने करीबियों की खामोशी और उनकी मानसिक स्थिति को समझने में नाकाम हो रहे हैं।पुलिस जांच में जुटी: प्रेम प्रसंग, डिप्रेशन या कुछ और? हर पहलू की पड़तालस्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर सघन जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का मिलान करवा रहे हैं और यह भी परख रहे हैं कि क्या किसी ने उन्हें ऐसा कदम उठाने के लिए उकसाया था। उनके मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड्स (CDR), व्हाट्सएप चैट्स और सोशल मीडिया डायरेक्ट मैसेज की भी फोरेंसिक टीम द्वारा बारीकी से जांच की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में हर संभव एंगल से तफ्तीश कर रहे हैं। क्या यह किसी असफल प्रेम प्रसंग का नतीजा था, करियर या फॉलोअर्स की घटती-बढ़ती संख्या से उपजा डिप्रेशन, अथवा कोई व्यक्तिगत पारिवारिक संकट? पुलिस ने उनके करीबी दोस्तों, सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुरुआती बयानों से पता चला है कि पिछले कुछ हफ्तों से उन्होंने खुद को लोगों से काटना शुरू कर दिया था और वे ज्यादातर समय अपने कमरे में अकेले ही बिताती थीं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और डिप्रेशन का साया: युवाओं के लिए गंभीर चेतावनीयह कोई पहला मामला नहीं है जब किसी युवा डिजिटल क्रिएटर या सोशल मीडिया स्टार ने इतनी कम उम्र में ऐसा खौफनाक फैसला लिया हो। पिछले कुछ समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां रील्स, व्लॉग्स और लाइफस्टाइल कंटेंट से मशहूर हुए युवाओं ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली। हर रोज नया कंटेंट बनाने का प्रेशर, एल्गोरिद्म की दौड़ में बने रहने की मजबूरी, ट्रोलिंग और वास्तविक रिश्तों से दूरी युवाओं को मानसिक रूप से खोखला कर रही है।विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया की वैलिडेशन कभी भी मानसिक शांति की गारंटी नहीं हो सकती। यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे, वह गुमसुम रहने लगे, अकेलेपन की बातें करे या सोशल मीडिया पर निराशाजनक पोस्ट डाले, तो परिजनों और दोस्तों को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करना और जरूरत पड़ने पर पेशेवर काउंसलर या हेल्पलाइन की मदद लेना बेहद जरूरी है। इस युवा इन्फ्लुएंसर की दुखद मौत ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि बाहरी मुस्कान के पीछे के दर्द को समय रहते पहचानना कितना जरूरी है।
प्रवेश वर्मा के थप्पड़ वाले वीडियो पर राहुल गांधी का हमला, बोले- सड़क पर सवाल पूछो तो थप्पड़
दिल्ली के तिलक नगर में प्रवेश वर्मा से जुड़े थप्पड़ वाले वीडियो पर राहुल गांधी ने भाजपा पर निशाना साधा। AAP ने कार्रवाई की मांग की, जबकि वर्मा ने घटना पर अपना पक्ष रखा।
टेलीविजन जगत में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो समय की सीमाओं को पार कर हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों में बस जाते हैं। ऐसा ही एक अविस्मरणीय और बेहद लोकप्रिय किरदार है 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' की 'बबीता जी' का, जिसे जीवंत किया है अभिनेत्री मुनमुन दत्ता ने। पश्चिम बंगाल के एक छोटे से शहर दुर्गापुर से निकलकर मायानगरी मुंबई में अपनी खास पहचान बनाने वाली मुनमुन दत्ता आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। जब मुनमुन ने इस शो में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 20 वर्ष थी। इतनी छोटी उम्र में एक परिपक्व, आधुनिक और संजीदा महिला का किरदार निभाना और उसे भारतीय टेलीविजन के इतिहास के सबसे चर्चित किरदारों में शुमार करवा देना कोई साधारण उपलब्धि नहीं थी। गोकुलधाम सोसाइटी की सबसे स्टाइलिश महिला के रूप में उन्होंने पहले ही दिन से जो जादू बिखेरा, वह आज लगभग दो दशकों बाद भी बदस्तूर जारी है।मुनमुन दत्ता का जन्म 28 सितंबर 1987 को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक संगीत प्रेमी बंगाली परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता शास्त्रीय संगीत से जुड़े हुए थे, जिसके चलते मुनमुन का झुकाव भी बचपन से ही कला और संस्कृति की तरफ रहा। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की बाकायदा शिक्षा भी ली थी, लेकिन उनकी किस्मत के सितारे उन्हें अभिनय और ग्लैमर की दुनिया में ले जाने का इशारा कर रहे थे। दुर्गापुर और कोलकाता से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए पुणे आ गईं, जहां उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही मुनमुन ने मॉडलिंग की दुनिया में अपने कदम रख दिए थे और कई फैशन शो व विज्ञापनों में अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास का लोहा मनवाया।बॉलीवुड का सफर और बड़े पर्दे पर शुरुआती संघर्ष की हकीकतमायानगरी मुंबई आने वाले हर कलाकार की तरह मुनमुन दत्ता की आंखों में भी बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर छा जाने का सपना था। साल 2005 में उन्होंने बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता कमल हासन की फिल्म 'मुंबई एक्सप्रेस' से हिंदी सिनेमा में अपना डेब्यू किया। इसके बाद साल 2006 में उन्होंने पूजा भट्ट निर्देशित थ्रिलर फिल्म 'हॉलिडे' में काम किया, जिसमें उनके अभिनय की काफी सराहना की गई। मुनमुन में प्रतिभा की कोई कमी नहीं थी, उनका स्क्रीन प्रेजेंस शानदार था और वे हर तरह के रोल के लिए तैयार थीं, लेकिन उस दौर की बॉलीवुड इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों के लिए अपनी जड़ें जमाना बेहद कठिन चुनौती थी।फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें वह पहचान और मुख्य भूमिकाएं नहीं मिल पा रही थीं, जिसकी वे वास्तविक हकदार थीं। छोटे रोल्स और टाइपकास्ट होने का खतरा लगातार बना हुआ था। मुनमुन दत्ता ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए ऑडिशंस दिए, कई जगह सराहना मिली तो कई जगह निराशा हाथ लगी। बॉलीवुड की चकाचौंध और उसकी अनिश्चितताओं के बीच मुनमुन ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने इस बात को बहुत जल्दी समझ लिया था कि कला का माध्यम चाहे बड़ा पर्दा हो या छोटा, सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शक आपके काम से कितना जुड़ाव महसूस करते हैं। यहीं से उनके जीवन में छोटे पर्दे का रुख करने का एक ऐसा मोड़ आया जिसने उनके पूरे करियर की दिशा ही बदल दी।'हम सब बाराती' से 'तारक मेहता' तक: किस्मत का खेल और दिलीप जोशी का साथटेलीविजन पर मुनमुन दत्ता ने साल 2004 में प्रसारित हुए धारावाहिक 'हम सब बाराती' से शुरुआत की थी। इस धारावाहिक में उनके साथ वरिष्ठ अभिनेता दिलीप जोशी भी अहम भूमिका में थे। उस समय शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह मुलाकात भविष्य में भारतीय टीवी के सबसे यादगार स्क्रीन बॉन्ड की नींव रख रही थी। जब साल 2008 में निर्माता असित कुमार मोदी 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के लिए कास्टिंग कर रहे थे, तब बबीता जी के आधुनिक, पढ़ी-लिखी और खूबसूरत किरदार के लिए किसी ऐसे चेहरे की तलाश थी जो चुलबुलेपन के साथ गरिमा को संभाल सके।कहा जाता है कि दिलीप जोशी ने ही मेकर्स को मुनमुन दत्ता के नाम का सुझाव दिया था क्योंकि वे 'हम सब बाराती' के दौरान उनके पेशेवर अंदाज और अभिनय क्षमता से भली-भांति परिचित थे। मेकर्स ने जब मुनमुन का ऑडिशन लिया, तो उन्हें तुरंत एहसास हो गया कि बबीता कृष्णन अय्यर के रोल के लिए मुनमुन से बेहतर कोई दूसरा विकल्प हो ही नहीं सकता। मात्र 20 साल की उम्र में मुनमुन ने इस शो को साइन किया और उसके बाद जो हुआ, वह भारतीय टेलीविजन के इतिहास में दर्ज हो गया। बबीता जी और जेठालाल के बीच की खट्टी-मीठी नोकझोंक, मासूम आकर्षण और संवादों की टाइमिंग ने दर्शकों को टीवी स्क्रीन से बांध दिया।बबीता जी का किरदार और गोकुलधाम की सबसे स्टाइलिश महिला का जलवा'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बबीता जी का किरदार सिर्फ एक पड़ोसी महिला का नहीं है, बल्कि वह गोकुलधाम सोसाइटी की सबसे प्रगतिशील, सुलझी हुई और ग्लैमरस किरदार के रूप में स्थापित हैं। शो में वैज्ञानिक कृष्णन सुब्रमण्यम अय्यर की बंगाली पत्नी के रूप में उनके किरदार ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक मिलन को बेहद खूबसूरती से पेश किया। मुनमुन दत्ता ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और पहनावे से इस रोल में जान फूंक दी।उनके किरदार की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उसमें कहीं भी फूहड़ता नहीं आने दी गई। जेठालाल के साथ उनकी कॉमिक टाइमिंग और जेठालाल के मन ही मन उन पर लट्टू होने के ट्रैक को जिस सादगी और गरिमा के साथ मुनमुन ने निभाया, उसने इस समीकरण को पूरे परिवार के साथ बैठकर देखने लायक मनोरंजन बना दिया। देश के कोने-कोने में, चाहे मेट्रो शहर हों या दूरदराज के गांव, लोग उन्हें मुनमुन के बजाय 'बबीता जी' के नाम से ही जानने और पुकारने लगे। यह किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है कि दर्शक उसे उसके वास्तविक नाम से ज्यादा उसके किरदार से प्यार करने लगें।सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, रियल लाइफ में बेबाक और स्वतंत्र महिला की पहचानमुनमुन दत्ता केवल कैमरे के सामने ही प्रभावशाली नहीं हैं, बल्कि असल जिंदगी में भी वे एक स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और बेबाक महिला के तौर पर जानी जाती हैं। वे सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं और सामाजिक मुद्दों, पशु अधिकारों और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर खुलकर अपनी राय रखती हैं। वे एक उत्साही ट्रैवलर हैं और दुनिया के दर्जनों देशों की यात्रा कर चुकी हैं। उनके ट्रैवल व्लॉग्स और लाइफस्टाइल कंटेंट को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर लाखों प्रशंसकों द्वारा बेहद पसंद किया जाता है।एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर बिना किसी गॉडफादर के मुंबई जैसे महानगर में अपना खुद का आशियाना बनाना, अपनी पहचान स्थापित करना और दो दशकों तक लगातार शीर्ष पर बने रहना मुनमुन दत्ता की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। भले ही बॉलीवुड की फिल्मों ने उनके लिए अपने दरवाजे पूरी तरह नहीं खोले, लेकिन टेलीविजन के जरिए उन्होंने करोड़ों दर्शकों के दिलों में जो जगह बनाई है, वह किसी भी फिल्मी सुपरस्टार के रुतबे से कम नहीं है। मुनमुन दत्ता की यह यात्रा साबित करती है कि अगर प्रतिभा और लगन सच्ची हो, तो कोई भी माध्यम आपको इतिहास रचने से नहीं रोक सकता।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खान-पान और अत्यधिक तनाव के चलते एसिडिटी (Acidity) या एसिड रिफ्लक्स एक बेहद आम समस्या बन चुकी है। बहुत से लोग सुबह उठते ही सीने में जलन (Heartburn), गले में खट्टा पानी आने, भारीपन और पेट फूलने (Bloating) की शिकायत करते हैं। अक्सर लोग इससे फौरी राहत पाने के लिए एंटासिड (Antacid) सिरप या गैस की गोलियों का सहारा लेते हैं, लेकिन दवा का असर खत्म होते ही समस्या फिर से जस की तस लौट आती है।गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, रोज-रोज होने वाली एसिडिटी दवाओं की कमी से नहीं, बल्कि हमारी दैनिक जीवनशैली की कुछ बुनियादी गलतियों का परिणाम होती है। यदि आप अपनी दिनचर्या में केवल 3 छोटी लेकिन महत्वपूर्ण आदतों में सुधार कर लें, तो पेट की इस स्थायी परेशानी से काफी हद तक प्राकृतिक रूप से छुटकारा मिल सकता है।1. डिनर और सोने के बीच 2-3 घंटे का अंतर रखेंएसिडिटी और सीने में जलन की सबसे बड़ी वजह देर रात खाना खाकर सीधे बिस्तर पर चले जाना है:गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत (Gravity & Stomach Acid): जब आप खाना खाते ही लेट जाते हैं, तो पेट में भोजन को पचाने के लिए बनने वाला हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) और पाचक रस आसानी से उल्टी दिशा में बहकर भोजन नली (Esophagus) में आ जाते हैं। इसे मेडिकल भाषा में 'एसिड रिफ्लक्स' या जीईआरडी (GERD) कहा जाता है।क्या करें: रात का भोजन सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले कर लें। भोजन के बाद तुरंत बैठने या लेटने के बजाय 15 से 20 मिनट टहलें (शतपावली)। इससे पेट का खाना नीचे छोटी आंत की तरफ आसानी से खिसक जाता है और एसिड ऊपर नहीं चढ़ता।सोने की सही मुद्रा: सोते समय बाईं करवट (Left Side Sleeping) लेकर सोएं। एनाटॉमी के अनुसार, बाईं करवट सोने से पेट का जंक्शन एसोफैगस के स्तर से नीचे रहता है, जिससे रात में एसिड वापस गले तक नहीं पहुंचता।2. चाय-कॉफी का खाली पेट सेवन बंद करें और पानी पीने का नियम सुधारेंसुबह की शुरुआत कैसे होती है, इसका सीधा असर आपके पूरे दिन के पाचन पर पड़ता है:खाली पेट कैफीन से नुकसान: सुबह उठते ही सबसे पहले खाली पेट कड़क चाय या ब्लैक/मिल्क कॉफी पीना पेट के अंदरूनी अस्तर (Gastric Mucosa) को सीधे उत्तेजित करता है। कैफीन लोअर एसोफेगल स्फिंक्टर (LES) को ढीला कर देता है, जिससे एसिड तेजी से ऊपर की ओर भागता है।भोजन के ठीक साथ पानी पीना: खाना खाते समय या तुरंत बाद 2-3 गिलास ठंडा पानी पीने से पेट में मौजूद पाचक अग्नि और एंजाइम्स पतले (Dilute) हो जाते हैं। इससे भोजन सड़ने लगता है, जिससे गैस और खट्टी डकारें बनती हैं।क्या करें: सुबह की शुरुआत गुनगुने पानी, भिगोए हुए मुनक्के का पानी या सौंफ-जीरे के पानी से करें। भोजन के 45 मिनट पहले या 45 मिनट बाद ही भरपूर पानी पिएं।3. भोजन की गति और मात्रा पर नियंत्रण (Mindful Eating)एसिडिटी सिर्फ इस बात से नहीं होती कि आप क्या खाते हैं, बल्कि इस बात से भी होती है कि आप कैसे और कितना खाते हैं:जल्दबाजी में खाना निगलना: जब आप बिना ठीक से चबाए जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं, तो पेट को उसे प्रोसेस करने के लिए अतिरिक्त एसिड स्रावित करना पड़ता है। साथ ही खाने के साथ हवा भी अंदर चली जाती है जो ब्लोटिंग पैदा करती है।ओवरईटिंग (Overeating): एक ही बार में पेट को 100% भर लेना पेट के वॉल्व पर अतिरिक्त दबाव डालता है।क्या करें: भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाएं, ताकि लार (Saliva) खाने में मिल सके। लार क्षारीय (Alkaline) होती है जो पेट के एसिड को प्राकृतिक रूप से न्यूट्रलाइज करती है।छोटे भोजन लें: दिन में 2 बार भारी भोजन करने के बजाय 3 से 4 बार हल्का और संतुलित भोजन लें।घरेलू बचाव के त्वरित उपाययदि कभी अचानक एसिडिटी महसूस हो, तो तुरंत दवा खाने के बजाय इन घरेलू नुस्खों को आजमाएं:ठंडा दूध: आधा कप बिना चीनी का ठंडा दूध पेट की परत को तुरंत ठंडक पहुंचाता है।सौंफ और मिश्री: भोजन के बाद आधा चम्मच सौंफ चबाने से पाचक रसों का संतुलन बना रहता है।केला: पका हुआ केला एक प्राकृतिक एंटासिड के रूप में काम करता है क्योंकि इसमें पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है।अपनी दैनिक जीवनशैली में ये तीन आसान सुधार अपनाकर आप न केवल एसिडिटी से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि अपने पूरे पाचन तंत्र को मजबूत और ऊर्जावान बनाए रख सकते हैं।
फोन पर बात, बहस और फिर बंद हुआ कमरा... निधि केस में जीजा के खुलासे
सिंगरौली में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी. घटना के वक्त निधि अपने कमरे में पंजाब निवासी इंजीनियर सोनू से फोन पर बात कर रही थीं. परिजनों के मुताबिक, बातचीत के दौरान बहस हुई और कुछ देर बाद कमरा अंदर से बंद मिला.
नेपाल में एवलांच, उत्तराखंड में बर्फबारी... बारिश-बाढ़ से जूझ रहा यूपी-बिहार
नेपाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और थाईलैंड में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. नेपाल में लैंडस्लाइड और हिमस्खलन से 23 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. वहीं यूपी में लगातार बारिश और तूफान से 56 लोगों की जान गई है. कई जिलों में नदियां उफान पर हैं और हजारों मकान तबाह हो गए हैं.
तुर्की से लेकर कोरियन ड्रामा तक अमेजन प्राइम पर ये 6 सीरीज आपको एक रोमांस और रिलेशनशिप की एक अलग ही दुनिया में लेकर जाती हैं. अगर आपने अभी तक ये नहीं देखी हैं तो इंतजार किस बात का.
90 के दशक में 'करण अर्जुन', 'बाजी' और 'आशिक आवारा' जैसी सुपरहिट फिल्मों से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी एक बार फिर सुर्खियों के केंद्र में हैं। करीब 25 वर्षों तक देश से दूर रहने और एक संन्यासिनी के रूप में शांत जीवन बिताने के दावों के बाद जब ममता हाल ही में मुंबई लौटीं, तो उनके बदले हुए अंदाज ने सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत तक हलचल मचा दी। कभी भगवा वस्त्र, माथे पर भस्म और सादगी भरे रूप में दिखने वाली ममता कुलकर्णी जब एक बार फिर आधुनिक परिधानों, मेकअप और ग्लैमरस लुक में नजर आईं, तो इंटरनेट पर यूजर्स ने हैरान होकर सवाल दागने शुरू कर दिए कि ये तो साध्वी बन गई थीं, फिर अचानक यह मॉडर्न अवतार कैसा? अब पूर्व अभिनेत्री ने इन सभी सवालों और ट्रोलिंग पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और अपने आध्यात्मिक सफर व वर्तमान जीवन को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है।संन्यास से ग्लैमर तक का सफर: सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पूछे तीखे सवालममता कुलकर्णी का नाम बॉलीवुड की उन अभिनेत्रियों में गिना जाता है जिनका करियर जितना चमकदार रहा, उनका व्यक्तिगत जीवन उतना ही विवादों और रहस्यों से घिरा रहा। 2000 के दशक की शुरुआत में अचानक हिंदी सिनेमा की चकाचौंध को अलविदा कहने के बाद वे केन्या (नैरोबी) चली गई थीं। कुछ वर्षों बाद जब उनकी तस्वीरें सामने आईं, तो वे पूरी तरह एक साध्वी के वेश में थीं। उन्होंने 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ एन योगिन' (Autobiography of an Yogin) नामक एक किताब भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने दुनिया के सारे भौतिक सुख त्याग दिए हैं और भगवान शिव व मां काली की घोर तपस्या में लीन हो चुकी हैं।यही कारण है कि जब वे हाल ही में ढाई दशक बाद भारत लौटीं और मीडिया के कैमरों के सामने वेस्टर्न और ग्लैमरस कपड़ों में नजर आईं, तो लोगों को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी साध्वी वाली तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि क्या अध्यात्म केवल दिखावा था? वहीं कुछ ने पूछा कि क्या यह किसी नए बॉलीवुड प्रोजेक्ट या रियलिटी शो में वापसी की तैयारी है?'मुझे आध्यात्मिक जीवन बुला रहा था': ममता कुलकर्णी ने दिया आलोचकों को जवाबअपने बदले हुए लुक और लाइफस्टाइल को लेकर उठ रहे सवालों पर ममता कुलकर्णी ने बेहद सहजता और बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अध्यात्म किसी बाहरी वेशभूषा या कपड़ों का मोहताज नहीं होता, बल्कि यह आत्मा के भीतर की एक गहरी अवस्था है।ममता ने मीडिया से बातचीत में कहा:आंतरिक चेतना की पुकार: उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फिल्में छोड़ी थीं, तो वह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उन्हें अंदर से यह महसूस हो रहा था कि आध्यात्मिक जीवन उन्हें पुकार रहा है। उस वक्त उन्हें आत्मा की शांति और ईश्वर की खोज के लिए एकांत और साधना की सख्त जरूरत थी।साधना का 12-14 साल का कठिन दौर: पूर्व एक्ट्रेस के अनुसार, उन्होंने वर्षों तक कठोर तपस्या, उपवास और ध्यान का पालन किया। उस समय उनका मन भौतिक संसार से पूरी तरह विरक्त हो चुका था, जिसके चलते उन्होंने सांसारिक सुख-सुविधाओं को त्याग दिया था।कपड़े तय नहीं करते कि आप कितने आध्यात्मिक हैं: अपने मौजूदा मॉडर्न अवतार पर उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति आज सामान्य या फैशनेबल कपड़े पहन रहा है, तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि उसने अपनी भक्ति या साधना को छोड़ दिया है। उनके अनुसार, मैंने दुनिया को नहीं छोड़ा है, बल्कि दुनिया में रहकर अनासक्त (Detached) रहना सीख लिया है। ईश्वर मेरे भीतर है, चाहे मैं भगवा पहनूं या आधुनिक कपड़े।25 साल बाद भारत वापसी का कारण: क्या बॉलीवुड में फिर होगी एंट्री?ममता कुलकर्णी की भारत वापसी के साथ ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वे एक बार फिर फिल्मों या वेब सीरीज के जरिए अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रही हैं। जब उनसे इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि 25 साल बाद अपनी मातृभूमि पर लौटना उनके लिए बेहद भावुक क्षण है। वे यहां अपने पुराने दोस्तों, रिश्तेदारों से मिलने और मुंबई की हवा को फिर से महसूस करने आई हैं।अभिनय में वापसी के सवाल पर उन्होंने पूरी तरह इनकार तो नहीं किया, लेकिन यह जरूर कहा कि अब वे किसी अंधी दौड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं। यदि कोई ऐसा विषय या प्रोजेक्ट उनके सामने आता है जो सार्थक हो और उनके वर्तमान विचारों से मेल खाता हो, तो वे उस पर विचार कर सकती हैं, लेकिन उनका प्राथमिक लक्ष्य अपने आत्मिक संतुलन को बनाए रखना ही है।ममता कुलकर्णी का यह नया रूप भले ही इंटरनेट पर बहस का विषय बना हुआ हो, लेकिन उनके प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग आज भी उनकी बेबाकी और 90 के दशक की उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को याद कर उनकी सुरक्षित और सुखद वापसी का स्वागत कर रहा है।
दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून, 2020 को दुनिया को अलविदा कह दिया था. उनका निधन का कारण मुंबई स्थित उनके घर पर कथित तौर पर आत्महत्या बताया जाता है.
फोन करके बाहर बुलाया और मार दी गोली! पश्चिम बंगाल में BJP कार्यकर्ता की हत्या
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में बीजेपी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता चंदन भल्ला की रविवार शाम कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक, चंदन भल्ला की उम्र 46 साल थी और मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद सामने आएगी.
यूपी में बारिश का तांडव, 56 की मौत और 1000 से ज्यादा घर ढहे; आज कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से 56 लोगों की मौत और 1000 से ज्यादा घर ढहने की जानकारी है। जानें यूपी, दिल्ली, बिहार और पहाड़ी राज्यों में आज कैसा रहेगा मौसम।
बिना गेंद खेले पाकिस्तानी टीम सेमीफाइनल में, हॉन्ग कॉन्ग OUT
एशियन गेम्स में पाकिस्तानी मेन्स क्रिकेट टीम की कप्तानी साहिबजादा फरहान कर रहे हैं. पाकिस्तानी टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी, जहां उसका मुकाबला हॉन्ग कॉन्ग से होना था. मगर खराब मौसम के चलते ये मैच नहीं हो पाया.
जीवन में कई बार अचानक आपातकालीन परिस्थितियां (Medical Emergency, घर की तत्काल मरम्मत या अल्पकालिक नकदी संकट) सामने आ जाती हैं, जब तत्काल पैसों का प्रबंध करना जरूरी हो जाता है। ऐसे समय में अधिकांश मध्यमवर्गीय निवेशकों का सबसे पहला ध्यान अपने बैंक में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ओर जाता है। लेकिन उस वक्त सबसे बड़ा असमंजस यह होता है कि क्या बीच में ही एफडी को तोड़ (Premature Withdrawal) दिया जाए, या फिर उसी एफडी को गिरवी रखकर उस पर बैंक से लोन (Loan Against FD / Overdraft) ले लिया जाए?सतही तौर पर देखने पर लगता है कि कर्ज लेने से अच्छा है कि अपना ही पैसा निकाल लिया जाए, लेकिन बैंकिंग नियमों और चक्रवृद्धि ब्याज के गणित के लिहाज से यह फैसला हमेशा सही नहीं होता। दोनों विकल्पों का अपना वित्तीय असर होता है, जिसे आंकड़ों के साथ समझना बेहद जरूरी है।एफडी तोड़ने का गणित: 1% पेनल्टी और घटी हुई ब्याज दर का दोहरा झटकाजब आप मैच्योरिटी से पहले किसी एफडी को तोड़ते हैं, तो बैंक आपको उस दर पर ब्याज नहीं देता जिस पर एफडी बुक हुई थी। यहां निवेशक को दोहरे नुकसान का सामना करना पड़ता है:पेनल्टी क्लॉज (0.5% से 1%): अधिकांश बैंक (SBI, HDFC, ICICI, PNB) प्री-मैच्योर विड्रॉल पर 0.50% से 1.00% की पेनल्टी काटते हैं।समय अवधि का नियम (Card Rate Adjustment): बैंक आपको मूल अनुबंध वाली ब्याज दर नहीं देता, बल्कि जितने समय तक वह एफडी बैंक में रही है, उस अवधि के लिए उस समय लागू ब्याज दर (Card Rate) में से पेनल्टी घटाकर ब्याज की गणना करता है।उदाहरण से समझें नुकसान:मान लीजिए आपने ₹5,00,000 की एफडी 5 साल के लिए 7.5% सालाना ब्याज दर पर कराई थी।2 साल बाद आपको अचानक ₹2,00,000 की जरूरत पड़ी और आपने पूरी एफडी तोड़ दी।बैंक देखेगा कि 2 साल की एफडी का तत्कालीन रेट क्या था (मान लें 6.5%)।इसमें से बैंक 1% की पेनल्टी काट लेगा, यानी आपको मात्र 5.5% का ब्याज मिलेगा।परिणाम: आपको पिछले 2 वर्षों पर 7.5% के बजाय केवल 5.5% ब्याज मिला, और आने वाले 3 वर्षों के लिए जो 7.5% पर कंपाउंडिंग होनी थी, वह हमेशा के लिए खत्म हो गई।एफडी पर लोन (Loan Against FD): कैसे काम करता है यह विकल्प?फिक्स्ड डिपॉजिट पर लोन लेना वास्तव में एक सिक्योर्ड लोन (Secured Loan) या ओवरड्राफ्ट (Overdraft Facility) है:लोन की सीमा: बैंक आपकी कुल एफडी वैल्यू (मूलधन + संचित ब्याज) का 90% से 95% तक लोन या क्रेडिट लिमिट के रूप में तुरंत स्वीकृत कर देते हैं। ₹5 लाख की एफडी पर आपको ₹4.5 लाख तक की क्रेडिट लिमिट मिल सकती है।ब्याज दर (FD Rate + 1% to 2%): एफडी पर मिलने वाले ब्याज से आमतौर पर 1% से 2% अतिरिक्त ब्याज लोन पर लिया जाता है। यदि आपकी एफडी 7.5% पर है, तो लोन 8.5% से 9.5% पर मिलेगा।ब्याज केवल उपयोग की गई राशि पर: यदि आपकी स्वीकृत लिमिट ₹4 लाख है और आपने केवल ₹1 लाख निकाले हैं, तो ब्याज केवल उस ₹1 लाख पर और जितने दिनों के लिए पैसा इस्तेमाल किया गया है, सिर्फ उतने ही दिनों का कटेगा।शून्य प्रोसेसिंग फीस और कोई CIBIL जांच नहीं: चूंकि बैंक के पास आपकी एफडी पहले से सुरक्षित है, इसलिए इसमें कोई प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्ज या कठिन आय सत्यापन नहीं होता।दोनों विकल्पों की सीधी तुलना: फायदा बनाम नुकसानवित्तीय मानकएफडी तोड़ना (Breaking FD)एफडी पर लोन (Loan Against FD)मूल एफडी का दर्जाएफडी पूरी तरह समाप्त हो जाती हैएफडी जारी रहती है और 7.5% ब्याज कमाती रहती हैकटौती / चार्ज0.5% से 1% की पेनल्टी ब्याज से कटती हैकोई प्रोसेसिंग या प्री-पेमेंट पेनल्टी नहींप्रभावी ब्याज लागतभविष्य की पूरी कंपाउंडिंग का नुकसानकेवल 1% - 2% का शुद्ध अंतर (Net Cost)पुनर्भुगतान का दबावकोई रीपेमेंट नहीं (पैसा आपका ही था)लचीला पुनर्भुगतान (ब्याज मासिक, मूलधन कभी भी)टैक्स लाभ (यदि 5-वर्षीय 80C FD है)5 साल से पहले तोड़ी ही नहीं जा सकतीटैक्स-सेविंग एफडी पर लोन भी नहीं मिलता₹2,00,000 की आवश्यकता पर व्यावहारिक गणना (Case Study)मान लें आपकी ₹5,00,000 की एफडी 7.5% पर चल रही है और आपको 6 महीने के लिए ₹2,00,000 की आवश्यकता है:यदि एफडी तोड़ते हैं:पूरी ₹5 लाख की एफडी टूट जाएगी। ब्याज दर 7.5% से घटकर 5.5% रह जाएगी। पिछले समय का ब्याज नुकसान और अगले 3 साल की कंपाउंडिंग टूटने से कुल नुकसान लगभग ₹35,000 से ₹50,000 के आसपास बैठता है।यदि 6 महीने के लिए लोन लेते हैं:आपकी एफडी पर 7.5% ब्याज जारी रहेगा (6 महीने में ₹5 लाख पर लगभग ₹18,750 की कमाई)।लोन 8.5% पर मिलेगा। ₹2 लाख पर 6 महीने का ब्याज लगभग ₹8,500 होगा।शुद्ध परिणाम: आपकी एफडी कमाई जारी रही और आपने केवल ₹8,500 ब्याज भरा। आपको सीधे तौर पर हजारों रुपये की बचत हुई।कब एफडी तोड़ना सही है और कब लोन लेना बेहतर?एफडी पर लोन (Loan Against FD) कब चुनें?अल्पकालिक जरूरत (1 से 12 महीने): यदि आपको पता है कि अगले 3, 6 या 12 महीनों में आपके पास बोनस, सैलरी या कोई अन्य फंड आने वाला है जिससे आप लोन चुका देंगे।जरूरत एफडी की कुल रकम से कम हो: यदि एफडी ₹5 लाख की है और जरूरत सिर्फ ₹1 या ₹2 लाख की है।मैच्योरिटी नजदीक हो: यदि एफडी की मैच्योरिटी में केवल कुछ महीने बचे हैं, तो उसे तोड़ने पर भारी नुकसान होगा; ऐसे में लोन लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम है।एफडी तोड़ना (Breaking FD) कब सही है?दीर्घकालिक या अनिश्चित समय: यदि आपके पास अगले 2-3 वर्षों तक लोन चुकाने का कोई निश्चित साधन नहीं है, क्योंकि लंबे समय तक लोन खुला रखने पर ब्याज का बोझ एफडी रिटर्न को पार कर जाएगा।पूरी रकम की आवश्यकता: यदि आपकी एफडी ₹2 लाख की है और आपको पूरे ₹2 लाख की ही जरूरत है।अतः जब भी पैसों की तात्कालिक जरूरत हो, तुरंत एफडी बंद करने के बजाय अपनी पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करें। यदि जरूरत कुछ महीनों की है, तो नेट 1-2% की लागत पर एफडी लोन लेना हमेशा आपकी पूंजी और कंपाउंडिंग को सुरक्षित रखता है।
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी और कभी 'पूरब का मैनचेस्टर' कहे जाने वाले कानपुर के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। शहर में विश्वस्तरीय व्यापारिक सम्मेलनों, ग्लोबल एक्सपो और औद्योगिक प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए ₹96.10 करोड़ की लागत से पहला भव्य और अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। कानपुर नगर निगम और राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर के ऐतिहासिक लेदर (चमड़ा), टेक्सटाइल (वस्त्र), होजरी, केमिकल और इंजीनियरिंग उद्योगों को अपने उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक आधुनिक वैश्विक मंच प्रदान करना है। अब तक शहर में बड़े कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर के अभाव में कानपुर के निर्यातकों और उद्योगपतियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (Buyers) से मिलने के लिए दिल्ली, ग्रेटर नोएडा या मुंबई का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस सेंटर के शुरू होने से यह अड़चन हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।गुजरात मॉडल पर आधारित डिजाइन: जानिए कन्वेंशन सेंटर की अत्याधुनिक खासियतेंकानपुर का यह कन्वेंशन सेंटर आधुनिक वास्तुकला, सुरक्षा मानकों और ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:विशाल प्रदर्शनी हॉल्स (Exhibition Halls): कन्वेंशन सेंटर में दो बड़े अत्याधुनिक प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं, जिनमें से एक हॉल 16,000 वर्ग फुट और दूसरा हॉल 12,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है। यहां एक साथ सैकड़ों स्टॉल लगाकर बड़े व्यापार मेले और ट्रेड एक्सपो आयोजित किए जा सकते हैं।300 सीटर ऑडिटोरियम व कॉन्फ्रेंस हॉल: राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार और कॉर्पोरेट सम्मेलनों के लिए 300 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक से लैस मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल तैयार किया गया है।मीटिंग व बोर्ड रूम्स: बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों और निजी व्यापारिक वार्ताओं के लिए 100-100 सीटों की क्षमता वाले तीन अलग-अलग मीटिंग रूम्स की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।अतिथियों के लिए ठहरने की व्यवस्था: देश-विदेश से आने वाले व्यापारियों, निवेशकों और वीआईपी मेहमानों के लिए परिसर के भीतर ही 6 डीलक्स गेस्ट रूम और 2 लग्जरी सुइट्स बनाए गए हैं।फूड कोर्ट और डायनिंग स्पेस: लगभग 8,000 वर्ग फुट का एक विशाल फूड कोर्ट तैयार किया गया है, जहां कार्यक्रमों के दौरान 1,000 से अधिक लोग एक साथ खान-पान का आनंद ले सकते हैं।मल्टी-लेवल पार्किंग व सुरक्षा: परिसर में वाहनों के सुगम आवागमन के लिए व्यवस्थित पार्किंग, चौड़े रास्ते, हाई-टेक सीसीटीवी सर्विलांस और अत्याधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।लेदर और टेक्सटाइल हब को कैसे मिलेगा नया जीवन?कानपुर देश भर में चमड़े के जूते, काठी (Saddlery), लेदर गारमेंट्स और टेक्सटाइल फैब्रिक के सबसे बड़े निर्यात केंद्रों में से एक है। हालिया वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक मंदी और लॉजिस्टिक्स संकट के बावजूद अकेले कानपुर से हर साल लगभग ₹6,000 करोड़ का लेदर और ₹850 करोड़ से अधिक का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट होता है।इस नए कन्वेंशन सेंटर के शुरू होने से स्थानीय एमएसएमई (MSME) सेक्टर को निम्नलिखित सीधे फायदे मिलेंगे:ग्लोबल बायर्स से सीधा संवाद: अब तक विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के खरीदारों को कानपुर की संकरी गलियों या अलग-अलग फैक्ट्रियों में जाना पड़ता था। अब एक ही छत के नीचे लेदर और टेक्सटाइल फेयर आयोजित हो सकेंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों और निर्माताओं को सीधे बड़े ऑर्डर मिलेंगे।मेगा लेदर क्लस्टर को रफ्तार: रमईपुर में विकसित हो रहे मेगा लेदर पार्क के साथ यह कन्वेंशन सेंटर जुड़कर कानपुर के एक्सपोर्ट नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।ब्रांड कानपुर की री-ब्रांडिंग: कानपुर केवल प्रदूषण या पुरानी मिलों का शहर नहीं, बल्कि हाई-एंड टेक्नोलॉजी, डिफेंस इक्विपमेंट्स और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है। यह सेंटर शहर की औद्योगिक साख को नए आयाम देगा।आईआईएम इंदौर (IIM Indore) के मैनुअल से होगा सेंटर का संचालनपरियोजना की दीर्घकालिक सफलता और पारदर्शी रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए कानपुर नगर निगम ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर (IIM Indore) के साथ मिलकर एक विस्तृत संचालन रणनीति (Strategic Operational Manual) तैयार कराई है। इस मॉडल के तहत कन्वेंशन सेंटर का प्रबंधन पेशेवर इवेंट मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि यह आत्मनिर्भर राजस्व उत्पन्न करने वाला मॉडल बन सके और सरकारी खजाने पर इसका बोझ न पड़े।रोजगार सृजन और शहर की अर्थव्यवस्था को नया संबलव्यापार मेलों और औद्योगिक सम्मेलनों के नियमित आयोजन से कानपुर के हॉस्पिटैलिटी, होटल इंडस्ट्री, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट और लोकल रिटेल सेक्टर को भारी बूस्ट मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के चलते शहर में कैटरिंग, फैब्रिकेशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में हजारों नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के विजन में कानपुर का यह 96 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर एक प्रमुख उत्प्रेरक (Catalyst) साबित होने जा रहा है।
महिला पत्रकार को इशारे कर लगाए ठहाके, PAK मंत्री पर भड़के लोग
न्यूयॉर्क में UN महासभा के दौरान अफगान महिला पत्रकार ने तालिबान और अफगान महिलाओं को लेकर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से सवाल किया. जवाब देने के बजाय आसिफ ने गले पर हाथ फेरने जैसा इशारा किया और उनके साथ मौजूद लोग हंसने लगे.
हैदराबाद में गणेश विसर्जन के दौरान अनोखा पल, SHO पिता संग खाकी में ड्यूटी पर उतरी बेटी; Video वायरल
छोटी अमीक्षा ने हैदराबाद में गणेश विसर्जन के अंतिम दिन अपने इंस्पेक्टर पिता पी. सैदुलू के साथ पुलिस ड्यूटी में शामिल होकर एक यादगार पल बिताया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
कारोबारी हफ्ते के पहले दिन भारतीय सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर डॉलर इंडेक्स में स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुनाफावसूली के चलते घरेलू स्तर पर पीली धातु के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई और दक्षिण के प्रमुख आभूषण बाजार चेन्नई तक 24 कैरेट (शुद्ध सोना) और 22 कैरेट (जेवराती सोना) दोनों के भाव नीचे आए हैं। त्योहारी सीजन (दशहरा और दिवाली) से ठीक पहले आभूषण खरीदारों और निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का एक अनुकूल अवसर लेकर आई है।महानगरों में आज 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के ताजा दामप्रमुख शहरों के खुदरा सर्राफा बाजार में आज प्रति 10 ग्राम सोने के संशोधित रेट इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव फिसलकर लगभग ₹1,52,820 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है, जबकि आभूषण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,40,090 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई।मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹1,52,680 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,39,950 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।चेन्नई: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,52,730 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,000 प्रति ग्राम (यानी ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम) के आसपास बना हुआ है।कोलकाता: कोलकाता के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹1,52,680 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट जेवराती सोना ₹1,39,950 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,830 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,40,100 प्रति 10 ग्राम के आसपास टिका है।सोने के दाम में गिरावट की मुख्य वजहेंकमोडिटी और बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सप्ताह के पहले दिन सोने के भाव में आई इस सुस्ती के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण हैं:अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुनाफावसूली: पिछले कारोबारी सत्रों में रिकॉर्ड तेजी के बाद विदेशी बाजारों (Comex) पर सटोरियों और संस्थागत निवेशकों द्वारा हल्की मुनाफावसूली की गई है, जिससे हाजिर बाजार में दबाव दिखा।मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में आई रिकवरी के कारण गैर-अमेरिकी मुद्रा रखने वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना अस्थायी रूप से महंगा हुआ, जिससे मांग में हल्का ठहराव आया।घरेलू आभूषण मांग में ठहराव: पितृपक्ष की समाप्ति और नवरात्र के औपचारिक आगमन के बीच खुदरा बाजारों में बड़े ऑर्डर से पहले खरीदारों ने सतर्कता बरतते हुए नए सौदे सीमित रखे हैं।खरीदारी से पहले हॉलमार्क (HUID) और बिलिंग का गणित जरूर समझेंसर्राफा विशेषज्ञों की सलाह है कि जब भी सोने की खरीदारी करें, तो केवल दिन के रेट पर ही ध्यान न दें, बल्कि इन जरूरी मानकों की जांच अवश्य करें:छह अंकों का HUID कोड: 1 अप्रैल 2023 से केंद्र सरकार ने 6-अंकीय अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) अनिवार्य कर रखी है। बिना हॉलमार्क वाला गहना न खरीदें।मेकिंग चार्ज और जीएसटी: स्क्रीन पर दिखने वाले सोने के रेट में 3% जीएसटी (GST) और ज्वैलर का मेकिंग चार्ज (जो 5% से 18% तक हो सकता है) शामिल नहीं होता। पक्के बिल पर मेकिंग चार्ज और टैक्स अलग से ब्रेकअप के रूप में जरूर जांचें।कैरेट का अंतर: 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है लेकिन बहुत मुलायम होने के कारण उससे आभूषण नहीं बनते; आभूषणों के लिए 22 कैरेट (91.6% शुद्ध) या 18 कैरेट (75% शुद्ध) सोने का ही उपयोग किया जाता है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 138 वें मन की बात कार्यक्रम में 83 साल की पूर्णिमा रावत का जिक्र किया। पूर्णिमा रावत देश के प्रथम गांव माणा की रहने वाली हैं।
एयरपोर्ट पर पति संग रोमांटिक हुई एक्ट्रेस, कैमरे पर किया Liplock
विद्या को हाल ही में एयरपोर्ट पर उनके पति सिद्धार्थ रॉय कपूर संग स्पॉट किया गया. विद्या और सिद्धार्थ को देखकर पैपराजी ने उन्हें अपने कैमरों में कैद कर लिया.
उत्तरकाशी में फंसे 136 पर्वतारोही-ट्रैकर, चारधाम यात्रा अभी भी बाधित!
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बर्फबारी और लगातार बारिश के कारण 136 पर्वतारोही और ट्रैकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंस गए हैं. जिला प्रशासन, वन विभाग, SDRF, पुलिस और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त टीमों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है. दूसरी तरफ, बारिश और बर्फबारी की वजह से चारधाम यात्रा अभी भी बाधित है.
'जेल भरो आंदोलन शुरू करेगी CJP...', प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं मिलने पर बड़ा ऐलान
CJP ने दावा किया है कि मुंबई पुलिस ने 2 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि अनुमति नहीं मिलने पर गांधी जयंती के दिन मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ किया जाएगा.
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर में छात्रों के उग्र विरोध-प्रदर्शन और तनावपूर्ण माहौल के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। स्थिति को नियंत्रण में लाने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रबंधन ने 28 सितंबर से अगले 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाओं को निलंबित करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में चल रही मध्यावधि परीक्षाओं (Mid-Term Examinations) को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। परिसर में एक छात्रा से कथित दुष्कर्म और अप्रिय घटना से जुड़ी अफवाहों के बाद उपजे भारी आक्रोश के चलते छात्रों ने कैंपस के साथ-साथ नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया था, जिसके बाद भारी पुलिस बल को तैनात करना पड़ा।परिसर में कैसे भड़का विवाद: छात्रों का आक्रोश और एनएच-44 पर चक्काजामविश्वविद्यालय परिसर में तनाव की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन खबरों और अपुष्ट दावों के बाद हुई, जिनमें आरोप लगाया गया था कि परिसर में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार किया गया। हालांकि प्रशासन इन दावों को अफवाह बता रहा है, लेकिन देखते ही देखते हजारों छात्र-छात्राएं हॉस्टलों से बाहर निकल आए और न्याय व सुरक्षा की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा गार्डों और आक्रोशित छात्रों के बीच झड़पें देखने को मिलीं। छात्रों के एक बड़े समूह ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर जीटी रोड (नेशनल हाईवे-44) पर बैठकर दोनों तरफ का यातायात पूरी तरह रोक दिया। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती की कोशिश कर रहा है। स्थिति बिगड़ती देख फगवाड़ा और जालंधर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा और आला प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को समझाने का प्रयास किया।परीक्षाओं को लेकर विश्वविद्यालय का आधिकारिक नोटिस: यूएमएस (UMS) पर मिलेगी नई तारीखहालात की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए एक औपचारिक सर्कुलर जारी किया।विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:कक्षाएं 10 दिन बंद: सोमवार, 28 सितंबर से आगामी 10 दिनों की अवधि के लिए सभी यूजी, पीजी और प्रोफेशनल कोर्सेज की फिजिकल कक्षाएं पूरी तरह निलंबित रहेंगी।मिड-टर्म परीक्षाएं टलीं: सभी संकायों की मध्यावधि परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। संशोधित परीक्षा कार्यक्रम (Revised Exam Schedule) की घोषणा बाद में यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (UMS) के माध्यम से अलग से की जाएगी।घर जाने की छूट: विश्वविद्यालय ने देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने माता-पिता या अभिभावकों की सहमति से इस 10-दिवसीय अवकाश के दौरान अपने गृह नगर जा सकते हैं।हॉस्टल में रहने वालों के लिए नियम: जो छात्र परिसर में ही रुकना चाहते हैं, उन्हें अपने संबंधित हॉस्टल कमरों के अंदर रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी समूह में एकत्रित न होने की सख्त हिदायत दी गई है।पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, मामले की तह तक जाने के लिए एसआईटी (SIT) गठितपरिसर में उपजे गतिरोध को शांत करने के लिए पंजाब पुलिस ने त्वरित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और हॉस्टल के आसपास तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन ने छात्रों और आम जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी, वीडियो या अफवाहें न फैलाएं, क्योंकि माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ भी आईटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कैंपस सुरक्षा और पारदर्शी जांच की मांग पर अड़े छात्रयद्यपि परीक्षाएं स्थगित होने और 10 दिनों की छुट्टी घोषित किए जाने के बाद सैकड़ों छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं, लेकिन छात्र संगठनों का कहना है कि वे इस मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच चाहते हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि परिसर के भीतर बाहरी तत्वों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, छात्राओं के हॉस्टल क्षेत्रों में बायोमेट्रिक सुरक्षा बढ़ाई जाए और एसआईटी की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।फिलहाल, विश्वविद्यालय के सभी प्रवेश द्वारों और संवेदनशील हिस्सों में अर्धसैनिक व पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
विराट कोहली ने अपने आदर्श को पीछे छोड़ बनाया ये रिकॉर्ड
तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इतिहास रच दिया है. कोहली ने वनडे में 15,000 रन पूरे करने वाले वे दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने.
अक्टूबर में बनेगा शक्तिशाली त्रिग्रही योग! 4 राशियों का चमकेगा भाग्य
Trigrahi Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में त्रिग्रही योग बहुत ही विशेष माना जाता है. 4 अक्टूबर से 6 अक्टूबर तक बनने वाले शक्तिशाली 'त्रिग्रही योग' से 4 भाग्यशाली राशियों को करियर, व्यापार और पैसों के मामले में बड़ी सफलता मिलने वाली है.
एग्जाम रद्द, यूनिवर्सिटी बंद और फ्लैग मार्च... LPU में कैसे हैं हालात
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से रेप की अफवाह फैलने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. हालांकि सोमवार की भोर में पुलिस ने कैंपस में फ्लैग मार्च किया और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.
DA Hike July 2026: क्या 60% से बढ़कर 64% होगा महंगाई भत्ता? जानिए कितनी बढ़ेगी सैलरी और क्या मूल वेतन में होगा डीए का विलय!मेटा डिस्क्रिप्शन:DA Hike July 2026 Calculation & Merger: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) में 4% बढ़ोतरी के संकेत। जानिए 60% से 64% डीए होने पर वेतन वृद्धि और बेसिक पे में विलय का सच।केंद्र सरकार के 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए त्योहारी सीजन से ठीक पहले महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief - DR) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत की दर से डीए मिल रहा है। यदि आगामी कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार 4 प्रतिशत की वृद्धि पर मुहर लगाती है, तो कुल महंगाई भत्ता बढ़कर रिकॉर्ड 64 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। इस संभावित वृद्धि के साथ ही कर्मचारी संघों और प्रशासनिक गलियारों में यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या 60 फीसदी का आंकड़ा पार कर चुके डीए का विलय मूल वेतन (Basic Pay) में किया जाएगा।AICPI-IW आंकड़ों का गणित: 60% से 64% तक कैसे पहुंचेगा महंगाई भत्ता?केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की गणना 12 महीनों के औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आधार पर 7वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित तय फॉर्मूले से की जाती है।इंडेक्स में उछाल: श्रम ब्यूरो द्वारा जारी हालिया मासिक आंकड़ों में सूचकांक 1.3 अंकों की बढ़त के साथ 153.2 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे 12 महीनों का औसत स्कोर 64.38% की सैद्धांतिक डीए दर दर्शाता है।दशमलव का नियम: चूंकि नियमों के तहत डीए की गणना में दशमलव मान को छोड़ दिया जाता है और केवल पूर्णांक (Whole Percentage) को ही स्वीकार किया जाता है, इसलिए यह दर 64 प्रतिशत रहने का अनुमान है।पिछला रुझान: कर्मचारियों का डीए जनवरी 2024 में 50% पर पहुंचा था, जिसके बाद जुलाई 2024 में 53%, जनवरी 2025 में 55%, जुलाई 2025 में 58% और जनवरी 2026 में 60% दर्ज किया गया था। अब जुलाई 2026 के लिए 63% या 64% का स्तर लगभग तय माना जा रहा है।कर्मचारी संघों की मांग: त्योहारों से पहले औपचारिक ऐलान और एरियर का भुगतानआगामी दशहरा, दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (Confederation of Central Government Employees and Workers) ने वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।संगठन के महासचिव एम. एस. वेंकटेशन द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वे किसी अग्रिम या अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि औपचारिक प्रक्रिया को बिना किसी प्रशासनिक देरी के पूरा किया जाए। चूंकि यह संशोधन 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होना है, इसलिए यदि कैबिनेट अक्टूबर में मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का 3 माह का पिछला बकाया (Arrears) वेतन के साथ एकमुश्त मिलेगा।बेसिक सैलरी पर 4% डीए बढ़ोतरी का असर: किसका कितना बढ़ेगा वेतन?महंगाई भत्ते की गणना सीधे तौर पर कर्मचारी के मूल वेतन (Basic Pay) पर की जाती है। यदि डीए 60% से बढ़कर 64% होता है, तो विभिन्न पे-मैट्रिक्स लेवल्स पर मासिक वेतन में होने वाली संभावित वृद्धि इस प्रकार होगी:पे लेवल-1 (न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000):60% पर वर्तमान डीए: ₹10,800 प्रति माह64% पर नया डीए: ₹11,520 प्रति माहमासिक वेतन में सीधी वृद्धि: ₹720 (सालाना ₹8,640 का लाभ)पे लेवल-7 (मध्यम स्तर बेसिक सैलरी ₹44,900):60% पर वर्तमान डीए: ₹26,940 प्रति माह64% पर नया डीए: ₹28,736 प्रति माहमासिक वेतन में सीधी वृद्धि: ₹1,796 (सालाना ₹21,552 का लाभ)पे लेवल-10 (राजपत्रित अधिकारी बेसिक सैलरी ₹56,100):60% पर वर्तमान डीए: ₹33,660 प्रति माह64% पर नया डीए: ₹35,904 प्रति माहमासिक वेतन में सीधी वृद्धि: ₹2,244 (सालाना ₹26,928 का लाभ)इसी अनुपात में केंद्र सरकार के करीब 65 लाख से अधिक पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) में भी समान बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे उनकी मासिक पेंशन में सीधा इजाफा होगा।सबसे बड़ा सवाल: क्या 60% से अधिक डीए होने पर मूल वेतन में होगा विलय?सरकारी हलकों में यह सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है कि क्या डीए के 50% या 60% का आंकड़ा पार करने के बाद इसे मूल वेतन (Basic Pay) में मर्ज (Merge) कर दिया जाएगा?5वें वेतन आयोग का ऐतिहासिक नियम: 5वें केंद्रीय वेतन आयोग (5th CPC) के दौरान यह सिफारिश की गई थी कि जब भी महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत तक पहुंचे, तो 50% डीए को सीधे मूल वेतन (Basic Pay) में मिला दिया जाए, जिसे 'महंगाई वेतन' (Dearness Pay) कहा गया था।7वें वेतन आयोग की वर्तमान व्यवस्था: 7वें वेतन आयोग ने डीए के मूल वेतन में स्वतः विलय (Automatic Merger) के नियम को समाप्त कर दिया था। इसके स्थान पर आयोग ने यह व्यवस्था बनाई थी कि जब डीए 50% को पार करेगा, तो मकान किराया भत्ता (HRA), बाल शिक्षा भत्ता (CEA), हॉस्टल सब्सिडी और ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा जैसी सहायक मदों में 25% तक की स्वतः बढ़ोतरी हो जाएगी।सरकार का स्पष्ट रुख: वित्त मंत्रालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि 7वें वेतन आयोग के ढांचे में 50% या 60% डीए होने पर बेसिक पे में विलय का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। इसलिए 64% डीए होने पर भी यह अतिरिक्त भत्ते के रूप में ही मिलता रहेगा।8वें वेतन आयोग के गठन और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजरेंकर्मचारी संगठनों का मानना है कि डीए का मूल वेतन में विलय अब केवल 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों के तहत ही संभव होगा।आमतौर पर हर 10 साल में नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं। 7वें वेतन आयोग का 10 वर्षीय कार्यकाल पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जब 8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट और नए पे-मैट्रिक्स का गठन करेगा, तब तत्कालीन कुल महंगाई भत्ते (चाहे वह 60% हो, 64% हो या उससे अधिक) को शून्य (0%) करके एक नए 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) के साथ नए बेसिक वेतन में समाहित कर दिया जाएगा।फिलहाल, केंद्रीय मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में जुलाई 2026 की डीए वृद्धि पर आधिकारिक मुहर लगने का इंतजार है, जिससे त्योहारी सीजन में लाखों कर्मचारियों की जेब में अतिरिक्त नकदी का प्रवाह सुनिश्चित होगा।
बिना मैदा गूंथे बनाएं क्रिस्पी 'सूजी-आलू समोसा', चाय लगेगी मजेदार!
Suji Aloo Samosa Recipe: मैदा गूंथे बिना सूजी और आलू से बनाएं एकदम क्रिस्पी और स्वादिष्ट समोसा. इसमें मसालेदार आलू की भरपूर स्टफिंग होती है, जबकि ऊपर से लगी कुरकुरी कोटिंग इसे और भी मजेदार बना देती है. आसान तरीके से तैयार होने वाला ये स्नैक शाम की चाय के साथ सर्व करने के लिए एकदम परफेक्ट है.
लोगों के सामने नीलगाय के बच्चे को निगल गया अजगर - VIDEO
प्रयागराज के इमलहिया गांव में 12 फीट लंबे अजगर के पहुंचने से करीब 6 घंटे तक दहशत का माहौल रहा. अजगर को आबादी की ओर आता देख ग्रामीणों ने बच्चों को घरों में बंद कर दिया और पालतू जानवरों को सुरक्षित जगह पहुंचाया. इसी दौरान अजगर ने करीब 20 किलो के नीलगाय के बच्चे को निगल लिया.
'अब एक-दो गियर ऊपर खेलना है...', कोहली ने जता दिए अपने इरादे
पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली की नजरें अब किसी व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं, बल्कि अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने और टीम के लिए उपयोगी योगदान देने पर है. वेस्टइंडीज के खिलाफ शतकीय पारी में उनके नए और आक्रामक अंदाज की झलक दिखी.
'जय जय राम' गाकर छाई Indian Idol सिंगर, छोटी उम्र में बड़ा डेब्यू
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी फिल्म के लिए ए.आर. रहमान ने म्यूजिक दिया है. इसके लिरिक्स विनायक शशिकुमार ने लिखे हैं. मलयालम वर्जन में रिलीज हुआ गाना “जय जय राम” हरिहरन और अमृता राजन की आवाज में रिकॉर्ड किया गया है.
बड़ी राहत! टल गई तीन दिन की बैंक हड़ताल, आज से खुले रहेंगे सभी बैंक
भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद तीन दिनों की प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल को टाल दिया गया है। रविवार देर रात हुए इस फैसले के बाद, आज बैंक अपने निर्धारित समय के अनुसार सामान्य ...
Maharashtra Two youths die public toilet in Mumbai one in custody what did the police say toxic gas?
'बेहिसाब डोज लेने से बचें', पेनकिलर के ज्यादा इस्तेमाल से किडनी को होने वाले जोखिमों को लेकर नई सलाह
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स के गलत इस्तेमाल पर नई एडवाइजरी जारी की है।
देश के इन राज्यों में तेज बारिश के साथ आंधी-बिजली गिरने का खतरा,IMD ने जारी किया अलर्ट!
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आज भी बारिश-आंधी का अलर्ट, दिल्ली-NCR से दक्षिण भारत तक असर
मॉनसून की वापसी शुरू हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर अभी थमा नहीं है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में बादल बरस सकते हैं. कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है तो कहीं तेज हवाएं मुश्किल बढ़ा सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है.
सऊदी अटैक के बाद पब्लिक मार्केट में तबाही, देखें ताइज का खौफनाक VIDEO
यमन के ताइज के केंद्रीय बाजार के पास हमले को लेकर हूती विद्रोहियों ने सऊदी वायु सेना पर आरोप लगाया है, जिसमें उनके मुताबिक 7 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए. दूसरी तरफ सरकारी पक्ष का कहना है कि निशाना हूतियों का डिपो और वाहन थे, जिससे दावों पर विवाद और जंग का तनाव दोनों और बढ़ गए हैं.
MP में काले कुत्ते का आतंक! 24 घंटे के अंदर 35 लोगों को काटा
शिवपुरी में एक काले कुत्ते ने शनिवार से रविवार के बीच करीब 35 लोगों को काटकर घायल कर दिया. मनियर इलाके से शुरू हुआ कुत्ते का आतंक राजेश्वरी रोड और पुरानी शिवपुरी तक पहुंच गया. बच्चों से लेकर बड़ों तक कई लोग उसके हमले का शिकार बने, जिससे इलाके में दहशत फैल गई.
कौन हैं IFS अफसर संजीव चतुर्वेदी, क्यों इनके मामलों पर सुनवाई से 17 जजों ने बनाई दूरी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक 17 में से अधिकतर मामलों में अदालत के आदेशों में यह नहीं बताया गया कि जजों ने सुनवाई से खुद को अलग क्यों किया। कौन हैं IFS अफसर संजीव चतुर्वेदी?
कपड़े की सिलवटें ही नहीं, घर के इन कामों में भी कमाल करती है प्रेस
How To Use Iron In Home: कपड़ों की सिलवटें हटाने वाली प्रेस घर के कई छोटे-मोटे काम भी आसान कर सकती है. इसकी मदद से मोम और क्रेयॉन के दाग, स्टिकर का गोंद, फर्नीचर के पानी के निशान और कारपेट के गड्ढे तक हटाए जा सकते हैं.
अक्टूबर में बनेगी राजयोगों की चौकड़ी! 4 राशियां होंगी मालामाल
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समरसता व भाईचारे का संदेश: सिंघल जी का जीवन मानवता के कल्याण के लिए समर्पित, व्यक्तिगत उपलब्धियों से अधिक अहम
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बच्चे की आंख में सफेद चमक या तिरछापन दिख रहा है? इसे हल्के में न लें, WHO ने बताया ये हो सकते हैं आंख के कैंसर के शुरुआती संकेत.
7वीं क्लास की छात्रा द्वारा घटना गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र की है. बच्ची के परिजनों का कहना है कि बेटी गणित में कमजोर होने और टीचर की डांट की बात बताती थी. वैसे मामले में पुलिस ने शिकायत देने के लिए कहा, लेकिन परिवार ने कार्रवाई से इनकार कर दिया.
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जिनपिंग को ट्रंप का गजब ऑफर, पूछा- अमेरिकी हथियार खरीदोगे?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अमेरिका से हथियार खरीदने का प्रस्ताव दिया है. अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू ने बताया कि ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में ये ऑफर दिया था. वहीं, जिनपिंग के सामने उन्होंने ताइवान को हथियारों की बिक्री को आम रक्षा डीलों जैसा बताया.

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