अमेरिका में नॉर ईस्टर तूफान का कहर, 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल
अमेरिका के ईस्ट कोस्ट में नॉर ईस्टर तूफान की वजह से हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं. 400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं, जबकि कई राज्यों में हजारों घरों और कारोबारों की बिजली चली गई. खराब मौसम के बीच तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है.
असम में युवती की मौत: रात दो बजे मां को फोन पर मारपीट, सांस में तकलीफ की शिकायत की थी, क्या 'लव जिहाद' मामला?
'भारत को मिले स्थायी सीट, पश्चिम को नहीं...' , UNSC में रूस का खुला समर्थन
UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को रूस का खुला समर्थन मिला है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस मुद्दे पर दूसरे देशों की तरफ से भी अलग-अलग विचार सामने आए हैं. सुरक्षा परिषद में बदलाव को लेकर कई देशों ने ज्यादा प्रतिनिधित्व की जरूरत पर जोर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट ने वायु सेना को पूर्व शार्ट सर्विस कमीशन अधिकारी प्रियंका सक्सेना को स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर बहाल किया फिर से बहाल करने का निर्देश दिया है।
रायपुर से बलौदाबाजार जा रही जय अंबे की यात्री बस शनिवार शाम करीब छह बजे विधानसभा थाना क्षेत्र के सारागांव के पास कोल्हान नाले में तेज बहाव के बीच फंस गई। बस में करीब 70 यात्री सवार थे।
चुनावी चंदा-कर चोरी मामले में तीन राजनीतिक दलों पर FIR, गुजरात सीआईडी जांच में जुटी
चुनावी चंदा- कर चोरी मामले में गुजरात सीआईडी ने शनिवार को तीन राजनीतिक दलों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआइआर) दर्ज की। इन दलों पर वित्त वर्ष 2022 से 2025 के बीच ‘चुनावी चंदा घोटाले’ के जरिये सरकारी खजाने को 314 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के लंबे समय तक सहयोगी रहे मेहली मिस्त्री ने टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 30 सितंबर को समाप्त हो रहे अपने कार्यकाल के बाद दोबारा चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है।
हुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास तरंग शक्ति-2026 शनिवार से राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर शुरू हुआ है। 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस युद्धाभ्यास में भारत सहित नौ देशों की वायुसेना के तीन हजार जवान हिस्सा ले रहे हैं।
ओडिशा में बारिश से तबाही: सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाए गए 70 हजार लोग, नदियां उफान पर, हीराकुंड के 16 गेट खुले- Rain-induced havoc in Odisha 70000 people moved to safe locations 16 gates of Hirakud Dam opened
Capricorn Aaj Ka Rashifal: यात्रा या गैजेट पर बढ़ सकता है खर्च, खरीदारी से पहले जरूरत का आकलन करें
Capricorn Horoscope Today 27 September 2027, Makar Rashifal: स्वास्थ्य में हाथ, कंधे या गर्दन पर अधिक दबाव पड़ने से असुविधा हो सकती है. अपनी बात स्पष्ट रखें, लेकिन सामने वाले को जवाब देने का अवसर भी दें.
Sagittarius Horoscope Today 27 September 2027, Dhanu Rashifal: व्यवसाय में कार्यालय या कार्यस्थल से जुड़ा कोई खर्च सामने आ सकता है. यदि खरीद-बिक्री का निर्णय लेना है तो केवल मौखिक आश्वासन पर भरोसा न करें.
Scorpio Horoscope Today 27 September 2027, Vrishchik Rashifal: स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक थकान और अनियमित दिनचर्या पर ध्यान दें.व्यवसाय में अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा को इस्तेमाल करने का अवसर मिल सकता है.
Libra Aaj Ka Rashifal: छोटी गलती बन सकती है परेशानी का कारण, समय रहते सुधारने से मामला संभल सकता है
Libra Horoscope Today 27 September 2027, Tula Rashifal: आर्थिक मामलों में कर्ज या नियमित भुगतान को लेकर योजना बनाना उपयोगी रहेगा.आपकी शांत प्रतिक्रिया सामने वाले के आक्रामक रवैये को भी कमजोर कर सकती है.
Virgo Horoscope Today 27 September 2027, Kanya Rashifal: आज आपको अपने व्यक्तित्व के उस पक्ष पर काम करने की जरूरत महसूस हो सकती है जो दूसरों के साथ व्यवहार से जुड़ा है. नौकरी करने वालों के लिए टीमवर्क आज चुनौती और अवसर दोनों लेकर आ सकता.
Cancer Horoscope Today 27 September 2027, Kark Rashifal: आज किसी पुराने मतभेद को जीत-हार का विषय बनाने से बचना चाहिए. कामकाज में दूर के शहर या दूसरे स्थान से जुड़े लोगों के साथ संवाद बढ़ सकता है.
Gemini Horoscope Today 27 September 2027, Mithun Rashifal: घर से जुड़ी किसी छोटी जिम्मेदारी को लगातार टालना बाद में परेशानी पैदा कर सकता है. ऑफिस की राजनीति या किसी सहकर्मी की टिप्पणी में उलझने से आपकी ऊर्जा व्यर्थ हो सकती है.
Taurus Horoscope Today 27 September 2027, Vrishabh Rashifal: आज आपकी प्रतिष्ठा आपके काम के साथ-साथ व्यवहार से भी प्रभावित होगी. . यदि धन किसी योजना में लगाना चाहते हैं तो केवल आकर्षक रिटर्न देखकर फैसला न करें.
'सांसद जी, बसपा जॉइन कर ली क्या?' रवि किशन को पार्षद ने सुनाई खरी-खरी-VIDEO
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बारिश के बाद जलभराव को लेकर पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने रवि किशन से फोन पर बात की. बातचीत के दौरान सपा को लेकर सवाल उठा, जिसके जवाब में पार्षद ने बसपा का जिक्र करते हुए पलटवार किया.
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EC ज्ञानेश कुमार को गर्दन काटने की धमकी, नोएडा के युवा शक्ति दल अध्यक्ष का VIDEO
एक शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गर्दन काटने की बात कहता नजर आ रहा है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को फिर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोला। दीपके ने कहा, ‘ज्ञानू को जाना ही होगा’। दीपके का यह बयान केरल के पूर्व मुख्य सचिव के बयान के बाद आया है।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपने गठन के नौवें दशक में प्रवेश कर चुका है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना और इसके लिए ...
DGP विनय कुमार ने लिया VRS, बिहार सरकार ने तुरंत बना दिया CIC
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली है. इसके साथ ही उन्हें अब बिहार का राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है.
ट्रेन हादसे में टिकट नहीं मिला फिर भी मिलेगा मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ट्रेन हादसे में यात्री के पास टिकट न मिलने पर भी मुआवजे का दावा खारिज नहीं होगा।
Yamuna Expressway बस हादसे पर Allahabad High Court सख्त, यूपी सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यमुना एक्सप्रेसवे पर एक स्लीपर बस में आग लगने से नौ लोगों की मौत के मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने अधिकारियों से पूछा कि पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश में कितनी स्लीपर बसों को परमिट जारी किए गए और परमिट जारी करने से पहले क्या निर्धारित मानकों का सत्यापन किया गया था। अदालत ने यह भी जानकारी मांगी कि क्या सुरक्षा मानकों से समझौता करते हुए बसों के डिजाइन में बदलाव किए गए या उनमें वाणिज्यिक पार्सल ढोए जा रहे थे। उच्च न्यायालय ने अधिकारियों को 13 अक्टूबर से पहले हलफनामा दाखिल कराने को कहा। अदालत ने हलफनामे में यह भी बताने को कहा कि निरीक्षकों ने यात्रियों के बयान दर्ज किए या नहीं, अग्निशमन उपकरणों की जांच की गई या नहीं और चालक एवं परिचालक प्रशिक्षित हैं या नहीं, इसकी पुष्टि की गई या नहीं। अदालत ने पिछले तीन वर्षों में इसी तरह की दुर्घटनाओं में की गई कार्रवाई का विवरण भी अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट और राज्यसभा में पेश आंकड़ों का संज्ञान लिया। खबर के मुताबिक, जनवरी 2023 से दिसंबर 2025 के बीच देश में स्लीपर बसों में आग लगने की 45 घटनाएं हुईं, जिनमें 64 लोगों की मौत हुई और 145 लोग झुलसे। अदालत ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि एसी स्लीपर बसें उचित जांच और सुरक्षा उपायों के बिना सड़कों पर दौड़ रही हैं। यह भी प्रतीत होता है कि इन बसों के चालक और परिचालक किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी से कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित नहीं हैं।’’अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि अगर दुर्घटनाग्रस्त बस के मामले में सरकारी नियमों का पालन नहीं पाया जाता है तो चालक, परिचालक और लाइसेंस धारक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अदालत ने कहा कि साथ ही ऐसे लाइसेंस धारक की बसों के परिचालन पर रोक लगाने पर भी विचार किया जाए।
ग्रेटर नोएडा में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश पुलिस का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां अत्याधुनिक हथियारों, साइबर सुरक्षा तकनीकों और डायल 112 की नई व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है.
समुद्र से आसमान तक, बदलते युद्ध के साथ कितनी बदली नौसेना? देखें वंदे मातरम्
भारतीय नौसेना समुद्र के ऊपर और नीचे देश की रक्षा में तैनात रहती है. लेकिन आज वंदे मातरम् में जानेंगे आसमान में नौसेना की भूमिका के बारे में. स्क्वाड्रन 311 जो मुख्य रूप से नौसेना की INAS 311 वायु स्क्वाड्रन से संबधित है, जिसे 24 मार्च 2009 को विशाखापत्तनम के INS देगा में कमीशन किया गया था. भारतीय देखिए नौसेना की ताकत पर आजतक की ये खास रिपोर्ट.
बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, नीले ड्रम में मिला ज्वैलर का शव
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में 50 वर्षीय हिंदू ज्वैलर निरंजन चंद्र सूत्रधार का शव एक प्लास्टिक के ड्रम में पाया गया. पुलिस ने शव की पहचान उसके ट्राउज़र की जेब में मिले कोऑपरेटिव क्रेडिट यूनियन के टोकन से की. निरंजन 20 सितंबर से लापता थे और उनके शव पर चोट के निशान पाए गए हैं.
जयशंकर ने कहा कि दुनिया के मौजूदा हालात को देखते हुए, UN के हर सदस्य को खुद से यह पूछना चाहिए कि वे क्या कर सकते हैं? जहां तक भारत की बात है, इसके समावेशी विकास और सर्वांगीण प्रगति ने दुनिया की एक-छठी आबादी के लिए बेहतर भविष्य की उम्मीदें जगाई हैं.
सर्वसम्मति से लिया गया था SIR पर फैसला... मतभेद की खबरों पर चुनाव आयोग
SIR पर आयोग ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस प्रक्रिया को शुरू करने का 24 जून, 2025 का आदेश आयोग की सर्वसम्मति से जारी किया गया था. उसने कहा कि बाद के शेड्यूल भी सर्वसम्मति से जारी किए गए थे और बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मूल SIR आदेश को सही ठहराया था.
एक 'प्लास्टिक' ने दिल्ली पुलिस की करवा दी फजीहत, घंटों की जांच के बाद खुला पूरा मामला
दिल्ली के डीडीयू मार्ग पर मिले कथित इंसानी कंकाल ने पुलिस और फॉरेंसिक टीम को घंटों तक उलझाए रखा. जांच के बाद पता चला कि यह किसी अपराध का सबूत नहीं, बल्कि स्कूल की साइंस लैब में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक का पॉलिमर कंकाल था.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने राज्य के स्कूलों और पंजीकृत मदरसों में वंदे मातरम का गायन अनिवार्य कर दिया है। उन्होंने यह बात कोलकाता स्थित नेशनल लाइब्रेरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही। सीएम ...
CEC ज्ञानेश कुमार पर बड़ा आरोप, केरल के पूर्व मुख्य सचिव बोले- BJP टिकट का दिया था ऑफर
वहीं आयोग के अनुसार, दोनों राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया है. दिल्ली में मसौदा मतदाता सूची पर दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अक्टूबर कर दी गई है.
'आतंकवाद के जनक को ही अपनी हरकतें सुधारनी होंगी', UN में जयशंकर ने पाकिस्तान को लताड़ा
जयशंकर ने कहा कि कि आतंकवाद शांति के लिए एक लगातार खतरा बना हुआ है। यह खतरा राज्य-प्रायोजित हो सकता है और इसका मकसद सीमा-पार की गतिविधियों को अंजाम देना हो सकता है, जो इसे वैश्विक व्यवस्था के लिए सीधी चुनौती बनाता है।
पटना के रामकृष्णा नगर में गैरेज संचालक पर ताबड़तोड़ फायरिंग, घात लगाए अपराधियों ने मारी 4 गोलियां
गैरेज से निकलते ही घात लगाए अपराधियों ने अंजनी नंदन कुमार को चार गोलियां मारीं. गंभीर हालत में उसे इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
Election Commission के स्पष्टीकरण से NDA सहयोगियों की चिंता दूर, चिराग और नायडू ने किया समर्थन
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर उठाई गई आपत्तियों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तीन घटक दलों के अधिक स्पष्टीकरण मांगे जाने के एक दिन बाद, शनिवार को भाजपा के सहयोगी दलों ने कहा कि आयोग के बयान से उनकी चिंताओं का समाधान हो गया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने कहा कि आयोग ने अब सभी प्रमुख मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने शुक्रवार को कहा था कि चुनावों में जनता का विश्वास दांव पर है और निर्वाचन आयोग से इस संबंध में बनी आशंकाओं को दूर करने का आग्रह किया था। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण ने देश की संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को फिर से साबित किया है तथा इससे जुड़ी सभी गलतफहमियों को दूर कर दिया है। जद(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने विपक्षी दलों पर निर्वाचन आयोग को लेकर गलतफहमियां फैलाने का आरोप लगाया। इन नेताओं की टिप्पणियों से राजग के घटक दलों के रुख में बदलाव का संकेत मिला है। इससे एक दिन पहले लोजपा (रामविलास), नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने इस विवाद को लेकर निर्वाचन आयोग से अधिक स्पष्टीकरण पर जोर दिया था। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एसआईआर से जुड़े सभी आदेश तीनों आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे और मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है। पासवान ने आयोग के शनिवार के बयान का स्वागत किया। उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि उनका मकसद ‘‘किसी संवैधानिक संस्था का बचाव करना’’ नहीं है और लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग को इस मामले पर और स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘जनता के मन में उठने वाले किसी भी सवाल या चिंता को सामने रखना और यह सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है कि उनका स्पष्ट रूप से समाधान किया जाए। दरअसल, इसी जिम्मेदारी की भावना के साथ हमने एसआईआर को लेकर जनता की चिंताओं को निर्वाचन आयोग के सामने रखा था।’’पासवान ने कहा, ‘‘आज निर्वाचन आयोग ने सभी प्रमुख मुद्दों पर बिंदुवार अपना रुख स्पष्ट किया है। एसआईआर प्रक्रिया, तीनों निर्वाचन आयुक्तों के बीच सर्वसम्मति और कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक से जुड़े तथ्यों को भी स्पष्ट रूप से सामने रखा गया है। इस स्पष्टता से लोकतंत्र में जनता का विश्वास और मजबूत होगा। झा ने कहा कि निर्वाचन आयोग के बयान से यह साबित हो गया है कि ‘‘संवैधानिक संस्थाओं को लेकर फैलाई जा रही गलतफहमियां निराधार हैं।’’उन्होंने विपक्ष पर यह ‘‘गलत धारणा’’ फैलाने का आरोप लगाया कि एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर कोई सहमति नहीं थी। उन्होंने कहा कि आधिकारिक रिकॉर्ड ने ऐसे दावों को खारिज कर दिया है। झा ने घर-घर जाकर फॉर्म जमा करने, बुजुर्गों, बेघर और गरीब लोगों के लिए विशेष शिविर लगाने तथा ऑनलाइन सुनवाई के संबंध में निर्वाचन आयोग के फैसलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि ये फैसले आयोग की निष्पक्षता और लोगों की सुविधा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे उसके खिलाफ आने पर वह निर्वाचन आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठाता है, जबकि चुनाव जीतने पर चुप रहता है। शिंदे ने कहा, ‘‘अगर कुछ गलत हुआ है, तो इसकी पूरी जांच की जाएगी।” उन्होंने कहा कि जब भी जनादेश विपक्ष के खिलाफ जाता है, तब संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देना ‘‘पूरी तरह गलत’’ है।
DDLJ Song: आज हम आशा भोसले के उस गाने के बारे में बात करेंगे, जिसे उन्हें 90 के ब्लॉक बस्टर फिल्म में गाया था. फिल्म हिट हुई थी और आशा भोसले के गाए गाने ने तो रिकॉर्ड ही तोड़ दिए. यह गाना आज भी हर जेनरेशन का फेवरेट है.
ईरान ने अमेरिका को सशर्त प्रस्ताव भेजा था, जिसमें कहा गया था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ईरान की शर्तें मान लेंगे तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सात दिनों के भीतर खोल दिया जाएगा। लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
Rajasthan में Congress MLA Chetan Patel पर FIR दर्ज, Tika Ram Jully ने BJP सरकार को घेरा
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कांग्रेस विधायक एवं 27 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने को लेकर शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनप्रतिनिधि की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। कोटा जिले में सुल्तानपुर नगर पालिका के अध्यक्ष के चुनाव के दौरान हुए विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में कांग्रेस विधायक चेतन पटेल और 27 अन्य लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और सड़क जाम करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जूली ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘राजस्थान में क्या अब सत्ता से सवाल पूछना भी अपराध हो गया है और अगर सवाल विपक्ष का विधायक पूछ ले तो सरकार उसे अपराधी साबित करने पर ही तुल जाती है।’’उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को डराना- धमकाना, पुलिस-प्रशासन के जरिए दबाव डालना और फिर प्राथमिकी दर्ज उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा है। विपक्ष के नेता ने सवाल किया कि पीपल्दा से विधायक चेतन पटेल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराकर आखिर सरकार क्या संदेश देना चाहती है? उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री जी, सत्ता के मद में यह मनमानी ठीक नहीं है। इसे अपनी कार्यशैली मत बनाइए। आज कुर्सी का गुरूर है, कल वक्त का दस्तूर होगा, समय बदल रहा है।’’कोटा ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार रात जिले के सुल्तानपुर थाने में पटेल और लगभग 20 अन्य लोगों के खिलाफ सड़क रोकने और सरकारी अधिकारियों को राजकार्य करने से रोकने का मामला दर्ज किया। विधायक के खिलाफ दर्ज मामले को आगे की जांच के लिए अपराध जांच विभाग (सीआईडी-सीबी) को सौंप दिया गया है। पटेल और उनके समर्थकों पर 21 सितंबर को चुनाव के दौरान राजकार्य में बाधा डालने और यातायात जाम की स्थिति पैदा करने का आरोप है। यह घटना सोमवार शाम को हुई जब विधायक को कथित तौर पर मतदान स्थल में प्रवेश करने से रोक दिया गया। हालांकि वह शुरू में वहां से चले गए लेकिन कांग्रेस पार्षद और पार्टी पदाधिकारी वहीं रुके रहे और विरोध किया। जब भारतीय जनता पार्टी के पार्षद की गाड़ी को अंदर जाने की अनुमति दी गई तो उन्होंने उस कार को रोकने की कोशिश की। पटेल घटनास्थल पर लौटे तथा उसके बाद थाने में तीखी बहस और हंगामा हुआ। पुलिस ने बताया कि विधायक और उनके समर्थकों ने सड़क जाम कर दी, पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और तीखी बहस की और पार्षदों को वोट डालने से रोकने की कोशिश की। जूली ने एक अन्य बयान में कहा कि हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देने के बाद कांग्रेस अपनी यह लड़ाई आगामी पंचायती राज चुनावों में भी जारी रखेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाय चुनावों में भाजपा की नींद उड़ा दी और वे राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अपना अभियान और तेज करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, “पार्टी ने नगर निकाय चुनावों में भाजपा की नींद उड़ा दी थी और पंचायत राज चुनावों में उसकी हालत खराब कर देंगे।”कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने नगर निकाय चुनाव में अपनी पूरी मशीनरी लगा दी। जूली ने दावा किया कि मुख्यमंत्री, कई मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव के प्रचार अभियान में भाग लिया, इसके बावजूद कांग्रेस ने कई प्रमुख नगर निकायों में भाजपा को कड़ी टक्कर दी।
छत पर पानी निकालने गए पति को लगा करंट, बचाने पहुंची पत्नी ने भी तोड़ा दम
बिहार के गोपालगंज में बारिश का पानी निकालने निर्माणाधीन मकान की छत पर गए 55 वर्षीय संतोष साह करंट की चपेट में आ गए. पति को बचाने के लिए पहुंची 50 वर्षीय बसंती देवी भी बिजली के संपर्क में आ गईं. स्थानीय लोग दोनों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत आने वाले करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए पीएफ खाते में जमा होने वाला वार्षिक ब्याज उनकी भविष्य की वित्तीय सुरक्षा का अहम हिस्सा होता है। वित्तीय वर्ष के लिए तय की गई ब्याज दर की सरकारी अधिसूचना और वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी के बाद ईपीएफओ द्वारा सब्सक्राइबर्स के खातों में ब्याज की राशि क्रेडिट करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाती है। हालांकि, कई बार देखने को मिलता है कि कुछ कर्मचारियों की पासबुक में ब्याज का पैसा दिख जाता है, जबकि अन्य सहयोगियों की पासबुक में यह 'शून्य' या अपडेट नहीं दिखाता। यदि आपके खाते में भी अब तक ब्याज की रकम दिखाई नहीं दे रही है, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। ईपीएफओ ने कई बार आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया है कि सॉफ्टवेयर अपडेशन और फील्ड ऑफिस स्तर पर प्रक्रियाधीन रहने के कारण प्रविष्टि में देरी हो सकती है, लेकिन सदस्य का एक दिन का भी ब्याज नुकसान नहीं होता है।क्या ब्याज का पैसा अटक सकता है: ईपीएफओ का आधिकारिक नियमअक्सर पीएफ खाताधारकों के मन में यह आशंका घर कर जाती है कि देरी होने से उन्हें ब्याज का घाटा होगा। इस पर ईपीएफओ का नियम बिल्कुल स्पष्ट है:बैकडेटेड क्रेडिट (Backdated Interest Credit): ईपीएफओ जब भी किसी खाते में ब्याज क्रेडिट करता है, वह उस वित्तीय वर्ष की पहली तारीख (1 अप्रैल) से लागू माना जाता है। भले ही आपकी पासबुक में एंट्री 3 से 6 महीने बाद दिखे, आपको पूरे वर्ष का पूरा चक्रवृद्धिकारी ब्याज प्राप्त होता है।सॉफ्टवेयर और डेटा माइग्रेशन प्रक्रिया: देश भर में 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य हैं और सैकड़ों क्षेत्रीय कार्यालय हैं। सभी जोनल सर्वरों पर एक साथ करोड़ों खातों में गणना और प्रविष्टि करने में तकनीकी समय लगता है।संस्थान का डिफॉल्ट: यदि आपके नियोक्ता (कंपनी) ने ईपीएफओ में मासिक अंशदान समय पर जमा नहीं किया है, तो उस महीने के लिए ब्याज गणना प्रभावित हो सकती है। इसलिए नियमित अंतराल पर पासबुक जांचते रहना आवश्यक है।तरीका 1: EPFO मेंबर ई-पासबुक पोर्टल पर ऐसे चेक करें स्टेटसकंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र के माध्यम से अपनी विस्तृत पासबुक देखने का यह सबसे प्रामाणिक माध्यम है:सबसे पहले ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पासबुक पोर्टल (passbook.epfindia.gov.in) पर जाएं।अपना 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करके लॉगिन करें।लॉगिन के बाद 'Select Member ID' विकल्प में अपनी मौजूदा या पिछली कंपनी की मेंबर आईडी चुनें।अब 'View Passbook (New)' पर क्लिक करें।पासबुक के अंतिम कॉलम में 'Interest Credited for the Financial Year' के तहत ब्याज की कुल राशि और क्लोजिंग बैलेंस दर्ज दिखाई देगा।तरीका 2: उमंग (UMANG) मोबाइल ऐप से मिनटों में देखें पासबुकस्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकारी 'उमंग ऐप' सबसे तेज और सुविधाजनक विकल्प है:अपने फोन में गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से UMANG App डाउनलोड करें और लॉगिन करें।ऐप के सर्च बार में 'EPFO' टाइप करें और प्रदर्शित सेवाओं में जाएं।'View Passbook' विकल्प का चयन करें।अपना यूएएन (UAN) दर्ज करें और 'Get OTP' पर क्लिक करें।आपके यूएएन से लिंक्ड रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त 6 अंकों का ओटीपी दर्ज कर सबमिट करें।संबंधित संस्थान की आईडी पर क्लिक करते ही आपकी मासिक कटौती और वित्तीय वर्ष का ब्याज विवरण स्क्रीन पर खुल जाएगा।तरीका 3: एसएमएस (SMS) के माध्यम से बैलेंस चेक करनायदि आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या आप तुरंत संक्षिप्त बैलेंस जानना चाहते हैं, तो ईपीएफओ की एसएमएस सेवा का उपयोग करें:अपने यूएएन रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के मैसेज बॉक्स में जाएं।टाइप करें: EPFOHO UAN HIN (यदि आप हिंदी में जानकारी चाहते हैं) या EPFOHO UAN ENG (अंग्रेजी के लिए)।इस संदेश को 7738299899 पर भेज दें।कुछ ही पलों में ईपीएफओ की ओर से एक रिटर्न एसएमएस आएगा, जिसमें आपके खाते का कुल बैलेंस और अंतिम अंशदान व ब्याज की स्थिति दर्ज होगी।तरीका 4: टोल-फ्री मिस्ड कॉल सुविधायह पूरी तरह से मुफ्त और सबसे आसान तरीका है:अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर एक मिस्ड कॉल दें।दो रिंग के बाद कॉल अपने आप कट जाएगी।इसके तुरंत बाद आपके फोन पर ईपीएफओ से एक संदेश आएगा जिसमें सदस्य आईडी, अंतिम जमा राशि और कुल उपलब्ध फंड का विवरण लिखा होगा।यदि लंबे समय तक ब्याज न दिखे तो क्या करेंयदि सभी साथियों का ब्याज आ चुका है और महीनों बाद भी आपके खाते में शून्य दिख रहा है, तो इन बातों की जांच करें:केवाईसी (KYC) अधूरा होना: सुनिश्चित करें कि आपका आधार (Aadhaar), पैन कार्ड (PAN) और बैंक खाता यूएएन पोर्टल पर पूरी तरह सत्यापित (Verified) और लिंक्ड हैं।ईपीएफओ ग्रीवेंस पोर्टल (EPFiGMS): किसी भी विसंगति के समाधान के लिए epfigms.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। अपनी शिकायत में मेंबर आईडी और स्क्रीनशॉट संलग्न करें, जिस पर ईपीएफओ टीम आमतौर पर 7 से 15 कार्यदिवसों के भीतर आधिकारिक जवाब देती है।
UP में भारी बारिश और बाढ़ पीड़ितों को तत्काल मिले मुआवजा, CM Yogi Adityanath का आदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बारिश के कारण जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। योगी ने फसल नुकसान का तत्काल आकलन कराने और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य पूरी गंभीरता के साथ चलाए जाएं, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को तत्काल सुनकर उपलब्ध संसाधनों से उनका समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए और कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
नई दिल्ली। आगामी दशहरा और दिवाली के त्योहारी सीजन से पहले देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें केंद्र सरकार के बहुप्रतीक्षित फैसले पर टिकी हुई हैं। बढ़ती खुदरा महंगाई और त्योहारों के दौरान घरेलू खर्चों के दबाव को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) से 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की औपचारिक घोषणा जल्द से जल्द करने की मांग उठाई है। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के ताजा आंकड़ों के आधार पर इस बार केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज एंड वर्कर्स' के महासचिव एम. एस. वेंगटेसन द्वारा सरकार को लिखे गए पत्र में आग्रह किया गया है कि बिना किसी अनावश्यक देरी के डीए और डीआर के प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकारी (केंद्रीय मंत्रिमंडल) के समक्ष रखा जाए। कर्मचारियों का कहना है कि वे किसी अतिरिक्त अग्रिम भुगतान की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि नियमानुसार जुलाई से देय किस्त की समय पर घोषणा चाहते हैं ताकि त्योहारों से पहले संशोधित वेतन और पिछले महीनों के एरियर का भुगतान नियमित वेतन चक्र के साथ हो सके।वर्तमान में 60% है डीए: 63% या 64% होने की मजबूत संभावना7वें वेतन आयोग (7th Central Pay Commission) के तहत वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को उनकी बेसिक सैलरी का 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू हुआ था। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के लेबर ब्यूरो द्वारा जारी किए गए औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत के आधार पर नई दर तय की जाती है:3% बढ़ोतरी (63% DA): जून 2026 तक के 12 महीनों के औसत सूचकांक के विश्लेषण के आधार पर गणना 63.78 प्रतिशत पर पहुंचती है, जिसे सरकारी राउंडिंग-डाउन नियमों के अनुसार कम से कम 63 प्रतिशत माना जा रहा है। इससे कुल डीए 60% से बढ़कर 63% हो जाएगा।4% बढ़ोतरी (64% DA): जुलाई में सूचकांक 1.3 अंक बढ़कर 153.2 के स्तर पर पहुंचने के बाद गणना 64.38 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई है। यदि सरकार इस व्यापक उछाल को आधार मानती है, तो कर्मचारियों का डीए सीधे 4 फीसदी उछलकर 64 प्रतिशत के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।वेतन पर कितना पड़ेगा असर: ₹720 से लेकर ₹2,244 तक मासिक इजाफामहंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी के बेसिक वेतन (Basic Pay) के आधार पर की जाती है। यदि सरकार 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो विभिन्न पे-मैट्रिक्स स्तरों पर वेतन में इस प्रकार सीधा लाभ देखने को मिलेगा:न्यूनतम बेसिक वेतन (₹18,000): वर्तमान 60% की दर पर ₹10,800 डीए मिलता है। 64% होने पर यह बढ़कर ₹11,520 हो जाएगा, यानी हर महीने ₹720 की सीधी बढ़ोतरी होगी।मध्यम स्तर का बेसिक वेतन (₹44,900): 60% की दर से वर्तमान में ₹26,940 मिलता है, जो 64% होने पर ₹28,736 हो जाएगा। इससे वेतन में हर महीने ₹1,796 का इजाफा होगा।वरिष्ठ स्तर का बेसिक वेतन (₹56,100): वर्तमान ₹33,660 के मुकाबले 64% डीए होने पर ₹35,904 मिलेंगे, यानी मासिक वेतन में ₹2,244 की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।(नोट: यदि कैबिनेट द्वारा 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी स्वीकृत की जाती है, तो ₹18,000 बेसिक पे पर मासिक ₹540 और ₹56,100 बेसिक पे पर ₹1,683 का इजाफा होगा।)3 महीने के एरियर के साथ होगा एकमुश्त भुगतानकेंद्र सरकार द्वारा साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) महंगाई भत्ते में संशोधन किया जाता है। ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार, जुलाई से प्रभावी होने वाले डीए की औपचारिक घोषणा केंद्र सरकार आमतौर पर सितंबर के अंतिम सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में कैबिनेट बैठक के जरिए करती है।चूंकि यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएगी, इसलिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर—कुल 3 महीनों का बकाया एरियर (Arrears) अक्टूबर के वेतन के साथ एकमुश्त मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे दिवाली और छठ पूजा के दौरान कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और बाजार में भी खुदरा मांग को नई गति मिलेगी।
नई दिल्ली/जिनेवा। कोरोना महामारी के लंबे झटके के बाद वैश्विक यात्रा और पर्यटन उद्योग (Global Travel & Tourism Industry) ने जोरदार वापसी की है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, होटल बुकिंग और सैलानियों की संख्या में लगातार हो रहा इजाफा यह साबित करता है कि पर्यटन क्षेत्र पूरी तरह पटरी पर लौट चुका है। हालांकि, इस आर्थिक उछाल के पीछे एक बेहद चिंताजनक और असमान तस्वीर उभरकर सामने आई है। विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum - WEF) द्वारा जारी किए गए नवीनतम यात्रा एवं पर्यटन विकास सूचकांक और रिपोर्ट में यह कड़वी सच्चाई सामने आई है कि वैश्विक स्तर पर पर्यटन के पुनरुद्धार की गति जिस तेजी से बढ़ी है, उसके अनुरूप स्थानीय समुदायों (Local Communities) को उसका वास्तविक आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।विश्व आर्थिक मंच (WEF) के विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन से होने वाली रिकॉर्ड कमाई का एक बड़ा हिस्सा बहुराष्ट्रीय कंपनियों, बड़ी एयरलाइंस शृंखलाओं, लक्जरी होटल समूहों और वैश्विक ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसियों (OTAs) के खातों में केंद्रित होकर रह गया है। वहीं दूसरी ओर, जिन प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटक भारी संख्या में उमड़ रहे हैं, वहां के मूल निवासियों को अनियंत्रित भीड़, बेतहाशा महंगाई, संसाधनों की किल्लत और पर्यावरणीय गिरावट का दंश झेलना पड़ रहा है।रिकॉर्ड राजस्व के बावजूद स्थानीय आबादी हाशिए पर: रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षडब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट के अनुसार, कई देशों में अंतरराष्ट्रीय सैलानियों के आगमन से सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों में तो चमक दिख रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर समावेशी विकास (Inclusive Growth) नदारद है:आर्थिक रिसाव (Economic Leakage): विकासशील और लोकप्रिय पर्यटन देशों में एक पर्यटक द्वारा खर्च किए गए प्रत्येक $100 में से मात्र $5 से $10 ही वास्तव में उस स्थानीय अर्थव्यवस्था में रह पाते हैं। बाकी लगभग 90 फीसदी राशि विदेशी एयरलाइंस, वैश्विक टूर ऑपरेटर्स और बहुराष्ट्रीय होटल ब्रांड्स के पास वापस चली जाती है।असंगठित और कम वेतन वाला रोजगार: स्थानीय युवाओं को मिलने वाले अधिकांश रोजगार मौसमी (Seasonal), कम वेतन वाले और बिना किसी सामाजिक सुरक्षा के होते हैं। उच्च-स्तरीय प्रबंधकीय पदों और निवेश पर मुनाफे का नियंत्रण बाहरी संस्थाओं के हाथ में ही रहता है।पारंपरिक आजीविका का संकट: कई तटीय, पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रिसॉर्ट्स और बुनियादी ढांचा विकसित होने से स्थानीय किसानों, मछुआरों और पारंपरिक दस्तकारों की भूमि छिन रही है या उनकी पहुंच प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित हो गई है।ओवरटूरिज्म की मार: रहने की लागत में बेतहाशा वृद्धि और बुनियादी ढांचे पर दबावरिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि पर्यटन में आई अचानक तेजी ने दुनिया के कई प्रमुख शहरों और गंतव्यों में 'ओवरटूरिज्म' (Overtourism) का गंभीर संकट पैदा कर दिया है:आवास संकट (Housing Crisis): बार्सिलोना, वेनिस, एम्स्टर्डम से लेकर भारत के गोवा और मनाली जैसे शहरों में आवासीय संपत्तियों को शॉर्ट-टर्म रेंटल (होमस्टे/एयरबीएनबी) में बदले जाने से स्थानीय किराए में भारी उछाल आया है। स्थानीय निवासियों और मध्यम वर्ग के लिए अपने ही शहर में घर का किराया देना असंभव होता जा रहा है।दैनिक जीवन में महंगाई: पर्यटकों की उच्च क्रय शक्ति के चलते स्थानीय बाजारों में फल, सब्जियां, राशन और परिवहन के दाम कई गुना बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के मासिक बजट पर पड़ा है।संसाधनों की किल्लत: पानी की गंभीर कमी, सीवरेज सिस्टम का चरमराना, ट्रैफिक जाम और कचरे के अनियंत्रित ढेर ने स्थानीय पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।नीतिगत बदलाव की जरूरत: 'वैल्यू ओवर वॉल्यूम' मॉडल अपनाने की सलाहविश्व आर्थिक मंच ने सभी देशों की सरकारों और पर्यटन नीति-निर्माताओं को अपनी रणनीतियों में आमूलचूल बदलाव करने की कड़ी सिफारिश की है। संस्था का मानना है कि अब समय आ गया है जब किसी देश की पर्यटन सफलता को केवल सैलानियों के कुल सिर गिनने (Headcounts) के आधार पर न आंका जाए:कम्युनिटी-लेड टूरिज्म (समुदाय-संचालित पर्यटन): पर्यटन की योजनाओं को तैयार करने और उनका प्रबंधन करने में स्थानीय पंचायतों, नगर पालिकाओं और स्थानीय निवासियों को निर्णय लेने का मुख्य अधिकार मिलना चाहिए।स्थानीय आपूर्ति शृंखला को अनिवार्य करना: बड़े होटलों और रिसॉर्ट्स के लिए यह वैधानिक रूप से अनिवार्य किया जाना चाहिए कि वे अपने कुल खाद्य पदार्थों, सजावटी सामानों और सेवाओं की खरीद का न्यूनतम 50 प्रतिशत स्थानीय किसानों, कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों से ही करें।टूरिज्म टैक्स का स्थानीय उपयोग: पर्यटकों पर लगाए जाने वाले पर्यावरण और एंट्री सेस (Tourist Tax) का सीधा उपयोग उस शहर के सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन में होना चाहिए, न कि उसे सामान्य राजकोष में मिला दिया जाए।जब तक पर्यटन उद्योग स्थानीय लोगों के जीवन स्तर, संस्कृति और पर्यावरण की रक्षा करते हुए उन्हें सीधे आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बनाता, तब तक इस क्षेत्र का कोई भी पुनरुद्धार टिकाऊ नहीं माना जा सकता। पर्यटन का असली विकास वही है जहां मेहमान के आनंद के साथ-साथ मेजबान की खुशहाली भी सुनिश्चित हो।
ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल का मोदी-शाह पर बड़ा आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें चुनावों में “मैच-फिक्सिंग” की जिम्मेदारी दी गई। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।
नई दिल्ली। भारत के प्रमुख फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) और आयुर्वेदिक उत्पाद निर्माता डाबर इंडिया लिमिटेड (Dabur India) को अपने पोर्टफोलियो विस्तार के तहत बड़ी नियामक सफलता मिली है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने सेसा केयर प्राइवेट लिमिटेड (Sesa Care Private Limited) के डाबर इंडिया के साथ विलय (Merger) की समग्र योजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस वैधानिक स्वीकृति के बाद भारतीय पर्सनल केयर और हेयर केयर बाजार में डाबर की स्थिति पहले से कहीं अधिक आक्रामक और मजबूत होने जा रही है।भारतीय कॉस्मेटिक और हेयर केयर उद्योग में उपभोक्ता अब केमिकल-आधारित उत्पादों के स्थान पर प्राकृतिक, हर्बल और चिकित्सीय (Therapeutic) समाधानों को प्राथमिकता दे रहे हैं। डाबर का 'डाबर आंवला', 'वाटिका' और 'बादाम तेल' जैसे स्थापित ब्रांड्स के साथ हेयर ऑयल मार्केट में दशकों से दबदबा रहा है। हालांकि, प्रीमियम और औषधीय आयुर्वेदिक हेयर ऑयल (Medicinal Ayurvedic Hair Oil) श्रेणी में सेसा केयर एक बेहद लोकप्रिय और विश्वसनीय ब्रांड के रूप में पहचाना जाता रहा है। एनसीएलटी से हरी झंडी मिलने के बाद अब सेसा केयर के संपूर्ण उत्पाद, विनिर्माण सुविधाएं, शोध व विकास (R&D) और आपूर्ति नेटवर्क डाबर इंडिया के विशाल वितरण तंत्र का हिस्सा बन जाएंगे।एनसीएलटी की मंजूरी और विलय प्रक्रिया की मुख्य रूपरेखाकंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई वैधानिक सूचना और नियामक फाइलिंग के अनुसार, संबंधित पक्षों और लेनदारों के अनुमोदन के बाद ट्रिब्यूनल ने इस समामेलन (Amalgamation) को स्वीकृत किया है:नियामक औपचारिकताएं पूर्ण: एनसीएलटी द्वारा विलय आदेश जारी किए जाने के बाद अब कंपनी रजिस्ट्रार (RoC) के पास आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके साथ ही विलय की प्रभावी तिथि लागू होगी।एकीकृत संचालन ढांचा: विलय के पश्चात सेसा केयर की स्वतंत्र वित्तीय और परिचालन जिम्मेदारियां डाबर इंडिया की बैलेंस शीट और आपूर्ति शृंखला का अभिन्न अंग बन जाएंगी।लागत और परिचालन तालमेल (Synergies): इस एकीकरण से डाबर को कच्चे माल की खरीद (Procurement), विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स में बड़े पैमाने पर लागत दक्षता (Cost Optimization) हासिल होगी।औषधीय आयुर्वेदिक हेयर ऑयल में डाबर की पकड़ होगी अभेद्यभारतीय हेयर केयर बाजार में सामान्य कॉस्मेटिक हेयर ऑयल और औषधीय यानी 'प्रॉब्लम-सॉल्विंग' हेयर ऑयल के बीच स्पष्ट विभाजन देखने को मिलता है। सेसा केयर का मुख्य उत्पाद 'सेसा आयुर्वेदिक हेयर ऑयल' बालों के झड़ने (Hair Fall), डैंड्रफ और समय से पहले बालों के सफेद होने जैसी समस्याओं के आयुर्वेदिक उपचार के लिए चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित माना जाता है:क्षुर पाक विधि की विरासत: सेसा का फॉर्मूलेशन 18 से अधिक दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और तिल के तेल के साथ पारंपरिक 'क्षुर पाक विधि' (दूध आधारित निष्कर्षण) पर आधारित है, जिसे उपभोक्ता वर्ग में भारी निष्ठा हासिल है।मध्यम और प्रीमियम सेगमेंट का विस्तार: जहां डाबर आंवला मुख्य रूप से मास और वैल्यू-फॉर-मनी सेगमेंट का नेतृत्व करता है, वहीं सेसा के जुड़ने से डाबर को मध्यम और प्रीमियम चिकित्सकीय हेयर ऑयल सेगमेंट में सीधा प्रवेश और बढ़त मिलेगी।प्रतिस्पर्धा में बढ़त: इस कदम से डाबर को मैरिको (Marico), इमामी (Emami) के 'केश किंग' (Kesh King) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के 'इंदुलेखा' (Indulekha) जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी बाजार हिस्सेदारी (Market Share) को तेजी से बढ़ाने में निर्णायक सहायता मिलेगी।डाबर के विशाल वितरण नेटवर्क का मिलेगा सेसा को लाभसेसा केयर के पास मजबूत ब्रांड इक्विटी और क्षेत्रीय लोकप्रियता होने के बावजूद, स्वतंत्र रूप से पूरे भारत के ग्रामीण और दूरदराज के खुदरा बाजारों तक पहुंचना एक वित्तीय चुनौती थी। अब डाबर के वैश्विक और अखिल भारतीय वितरण बुनियादी ढांचे का लाभ सेसा को मिलेगा:70 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट्स तक सीधी पहुंच: डाबर का व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क देश के 70 लाख से ज्यादा किराना और रिटेल स्टोर्स तक फैला हुआ है। सेसा के उत्पादों को तुरंत डाबर के इस स्थापित चैनल के माध्यम से ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों की अलमारियों पर जगह मिल सकेगी।ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स पर आक्रामक विस्तार: मेट्रो और टियर-1 शहरों में ब्लिंकिट, जेप्टो, इंस्टामार्ट और अमेजन जैसे डिजिटल व क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर प्रीमियम आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग में तेज वृद्धि देखी जा रही है। डाबर इस डिजिटल उपस्थिति को सेसा के लिए भुनाने की तैयारी में है।वैश्विक निर्यात के द्वार: डाबर की मौजूदगी मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट), अफ्रीका, अमेरिका और यूरोप के 100 से अधिक देशों में है। इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए सेसा के भारतीय आयुर्वेदिक उत्पादों का विदेशी बाजारों में निर्यात आसान हो जाएगा।पर्सनल केयर सेक्टर में भविष्य की रणनीतिउद्योग विश्लेषकों का मानना है कि यह विलय डाबर की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह अपने कोर आयुर्वेदिक और हेल्थकेयर डीएनए को आधुनिक उपभोक्ता जरूरतों के अनुरूप ढाल रहा है। आने वाले तिमाहियों में डाबर सेसा ब्रांड के तहत शैम्पू, सीरम, हेयर मास्क और स्कैल्प ट्रीटमेंट जैसी नई श्रेणियों में उत्पाद श्रृंखला (Line Extensions) पेश कर सकता है।एफएमसीजी सेक्टर में चल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच डाबर का यह रणनीतिक कदम न केवल उसकी टॉप-लाइन और बॉटम-लाइन वृद्धि को रफ्तार देगा, बल्कि औषधीय हेयर केयर बाजार में कंपनी को एक निर्विवाद लीडर के रूप में स्थापित करेगा।
एअर इंडिया विमान हादसा: 'तकनीकी पहलुओं को न करें नजरअंदाज', पायलट संगठन की मांग
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए इस हादसे की जांच के अंतिम चरण में है। इस हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी।
UP में भारी बारिश के बीच विद्युत आपूर्ति पर UPPCL की सख्त निगरानी, फॉल्ट तुरंत ठीक करने के आदेश
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच राज्य सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव एवं उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी करने और खराबी को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर लाइनमैन तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य पूरा करें। प्रसाद ने बताया कि स्थानीय फॉल्ट की जानकारी संचार माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं तक भी पहुंचाई जाए। बयान के अनुसार, बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और अनुरक्षण कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कराने के निर्देश दिए गए। बयान में बताया गया कि अप्रत्याशित भारी बारिश के कारण प्रदेश में ब्रेकडाउन की घटनाएं बढ़ी हैं। बयान के मुताबिक, ज्यादातर फॉल्ट पेड़ या उनकी टहनियां गिरने के कारण हुए हैं। लखनऊ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, 11 किलोवॉट (केवी) के 716 फीडर और 33 केवी के 173 उपकेंद्रों के बंद होने की सूचना मिली है, जिनकी लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
अक्टूबर 2026 में आयकर की महत्वपूर्ण नियत तिथियां: ITR, TDS और अनिवार्य टैक्स कंप्लायंस की पूरी लिस्ट
नई दिल्ली। वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के तहत आयकर विभाग के वैधानिक कैलेंडर में अक्टूबर का महीना व्यक्तिगत करदाताओं, व्यापारियों, कंपनियों और टैक्स पेशेवरों के लिए अत्यधिक व्यस्त और महत्वपूर्ण रहता है। जहां गैर-ऑडिट श्रेणी वाले सामान्य वेतनभोगी और छोटे करदाताओं के लिए आईटीआर दाखिल करने की सामान्य तारीख 31 जुलाई को समाप्त हो चुकी होती है, वहीं ऑडिट के दायरे में आने वाले व्यवसायियों, फर्मों और कंपनियों के लिए आयकर रिटर्न (ITR) जमा करने की अंतिम समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तय है। इसके अतिरिक्त, दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के टीडीएस/टीसीएस रिटर्न और विभिन्न चालान-कम-स्टेटमेंट दाखिल करने की नियत तिथियां भी इसी महीने आ रही हैं।केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नियमों के अनुसार समय पर टैक्स अनुपालन न करने पर धारा 234F के तहत लेट फीस और धारा 234A/B/C के तहत ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है। इसके साथ ही देरी से रिटर्न दाखिल करने पर व्यापारिक और पूंजीगत हानियों (Losses) को आगे ले जाने (Carry Forward) का अधिकार भी छिन जाता है। किसी भी प्रकार के वित्तीय दंड और नोटिस से बचने के लिए करदाताओं को अक्टूबर 2026 की सभी जरूरी नियत तिथियों पर नजर रखनी चाहिए।31 अक्टूबर 2026: टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं के लिए ITR की अंतिम तिथिअक्टूबर महीने की सबसे बड़ी और अहम डेडलाइन 31 अक्टूबर 2026 है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत निम्नलिखित करदाताओं को अपना आयकर रिटर्न अनिवार्य रूप से 31 अक्टूबर तक दाखिल करना होगा:टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले कारोबारी व पेशेवर: ऐसे व्यवसाय जिनका वार्षिक टर्नओवर निर्धारित सीमा (धारा 44AB) से अधिक है और ऐसे प्रोफेशनल्स जिनकी सकल प्राप्तियां सीमा पार करती हैं, उन्हें अपना ऑडिटेड रिटर्न (ITR-3 / ITR-5) 31 अक्टूबर तक जमा करना होगा। (ध्यान रहे कि इनके लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फॉर्म 3CA/3CB और 3CD जमा करने की नियत तारीख 30 सितंबर होती है)।कॉर्पोरेट करदाता (कंपनियां): सभी प्राइवेट और पब्लिक लिमिटेड कंपनियों (ITR-6) के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है।ऑडिटेड फर्मों के साझेदार: किसी ऐसी पार्टनरशिप फर्म या एलएलपी (LLP) के भागीदार, जिनके खातों का ऑडिट अनिवार्य है, उनके व्यक्तिगत रिटर्न की अंतिम तिथि भी 31 अक्टूबर ही मान्य होती है।ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट (फॉर्म 3CEB): जिन अंतरराष्ट्रीय या विशिष्ट घरेलू लेनदेन वाली संस्थाओं पर ट्रांसफर प्राइसिंग लागू होती है, उनके लिए धारा 92E के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा फॉर्म 3CEB अपलोड करने की नियत तिथि 31 अक्टूबर 2026 है (इनका अंतिम ITR 30 नवंबर तक भरा जाता है)।अक्टूबर 2026 में TDS और TCS से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियांकर कटौतीकर्ताओं (Tax Deductors) और संग्राहकों के लिए अक्टूबर महीने में टीडीएस और टीसीएस से जुड़े कई जरूरी कंप्लायंस निर्धारित हैं:07 अक्टूबर 2026: सितंबर 2026 के महीने में काटे गए या एकत्र किए गए सभी प्रकार के टीडीएस (TDS) और टीसीएस (TCS) को सरकारी खाते में चालान 281 के जरिए जमा कराने की अंतिम तिथि।15 अक्टूबर 2026: वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर 2026) के लिए टीसीएस विवरण (Form 27EQ) दाखिल करने की अंतिम तारीख।30 अक्टूबर 2026: दूसरी तिमाही (Q2) के लिए एकत्रित किए गए टैक्स का टीसीएस सर्टिफिकेट (Form 27D) जारी करने की आखिरी तारीख।31 अक्टूबर 2026 (Q2 TDS रिटर्न): जुलाई से सितंबर तिमाही के लिए त्रैमासिक टीडीएस रिटर्न—वेतनभोगियों के लिए फॉर्म 24Q और गैर-वेतन भुगतानों (ठेकेदारों, वेंडर्स, रेंट, प्रोफेशनल फीस आदि) के लिए फॉर्म 26Q व 27Q—दाखिल करने की वैधानिक अंतिम तारीख।संपत्ति खरीद और किराए पर TDS चालान (Form 26QB, 26QC, 26QD)जो व्यक्ति रियल एस्टेट या उच्च मूल्य वाले भुगतानों पर टीडीएस काटते हैं, उनके लिए 30 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण है:30 अक्टूबर 2026 (फॉर्म 26QB): सितंबर 2026 में ₹50 लाख से अधिक की अचल संपत्ति (Immovable Property) खरीदने पर धारा 194-IA के तहत काटे गए टीडीएस का चालान-सह-विवरण (Challan-cum-statement) जमा करने की अंतिम तिथि।30 अक्टूबर 2026 (फॉर्म 26QC): व्यक्तिगत करदाताओं या एचयूएफ द्वारा प्रति माह ₹50,000 से अधिक किराया देने पर धारा 194-IB के तहत सितंबर में काटे गए टीडीएस को फॉर्म 26QC में जमा करने की नियत तिथि।30 अक्टूबर 2026 (फॉर्म 26QD): व्यक्तियों द्वारा ठेकेदारों या पेशेवरों को एक वित्तीय वर्ष में ₹50 लाख से अधिक का भुगतान करने पर धारा 194M के तहत काटे गए टैक्स को जमा कराने की डेडलाइन।अक्टूबर 2026 आयकर कैलेंडर: एक नजर मेंकरदाताओं की सुविधा के लिए पूरे महीने की अनिवार्य समय-सीमाओं को इस तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:नियत तिथिफॉर्म / कंप्लायंसविवरण एवं प्रयोजन07 अक्टूबर 2026चालान 281सितंबर 2026 में काटे गए सरकारी व गैर-सरकारी TDS/TCS को जमा करना।15 अक्टूबर 2026फॉर्म 27EQदूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए त्रैमासिक TCS रिटर्न।30 अक्टूबर 2026फॉर्म 27Dजुलाई से सितंबर तिमाही के लिए TCS प्रमाणपत्र जारी करना।30 अक्टूबर 202626QB / 26QC / 26QDसितंबर माह में संपत्ति, किराये या अनुबंध भुगतानों पर काटे गए TDS का चालान।31 अक्टूबर 2026ITR (ऑडिट केस)कंपनियों और टैक्स ऑडिट वाले व्यापारियों के लिए AY 2026-27 का ITR फाइलिंग।31 अक्टूबर 202624Q / 26Q / 27QQ2 (जुलाई-सितंबर) के लिए वेतन व गैर-वेतन TDS रिटर्न दाखिल करना।31 अक्टूबर 2026फॉर्म 3CEBअंतरराष्ट्रीय/घरेलू लेनदेन के लिए ट्रांसफर प्राइसिंग सीए रिपोर्ट।डेडलाइन चूकने पर क्या होगा नुकसानयदि निर्धारित तारीख तक आईटीआर या टीडीएस रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो करदाताओं को भारी वित्तीय भार वहन करना पड़ सकता है:धारा 234F के तहत लेट फीस: समय पर आईटीआर न भरने पर ₹5,000 तक की पेनल्टी लगती है। हालांकि, ₹5 लाख से कम आय वाले करदाताओं के लिए यह लेट फीस ₹1,000 सीमित रहती है।बकाया टैक्स पर मासिक ब्याज: देय कर पर धारा 234A के तहत प्रति माह 1% की दर से साधारण ब्याज देय होता है।TDS रिटर्न में देरी पर ₹200 प्रतिदिन का शुल्क: धारा 234E के अनुसार, नियत तिथि के बाद टीडीएस रिटर्न दाखिल करने पर चूक जारी रहने तक ₹200 प्रतिदिन की लेट फाइलिंग फीस काटी जाती है।करदाताओं और लेखाकारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि के तकनीकी ट्रैफिक या सर्वर धीमा होने के जोखिम से बचने के लिए अपने खातों का समाधान (Reconciliation) पहले ही पूरा कर लें और समय रहते ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपना कंप्लायंस पूर्ण करें।
UPI पर 0.4% MDR का पैसा किसकी जेब में जाएगा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ की तस्वीर, जानें आम जनता पर असरमेटा डिस्क्रिप्शन:15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा यूपीआई लेन-देन पर लागू होने वाले 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा बयान दिया है। जानिए यह शुल्क सरकार के खजाने में जाएगा या बैंकों व फिनटेक कंपनियों में, और इसका पूरा 40:30:20:10 का फॉर्मूला क्या है।नई दिल्ली। डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में दुनिया भर में मिसाल कायम करने वाले भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर पिछले कुछ दिनों से मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) पर भारी बहस छिड़ी हुई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लगाने के सर्कुलर के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। कई विपक्षी दलों ने इसे जनता पर नया परोक्ष कर और बाहरी दबाव में लिया गया फैसला करार दिया। इस पूरे विवाद पर विराम लगाते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट शब्दों में स्थिति साफ की है। वित्त मंत्री ने दो टूक कहा कि यह कोई सरकारी टैक्स, सेस या सरचार्ज नहीं है और इसका एक भी पैसा भारत सरकार की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में नहीं जाएगा। यह डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के तकनीकी रखरखाव, साइबर सुरक्षा और सर्वर क्षमता को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए पेमेंट प्रतिभागियों द्वारा लिया गया एक विशुद्ध पेशेवर निर्णय है।कहां जाएगा 0.4% शुल्क: 40:30:20:10 का तय हुआ फॉर्मूलावित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि एकत्रित किए जाने वाले एमडीआर का एक-एक पैसा उन वित्तीय और तकनीकी संस्थानों में विभाजित होगा जो यूपीआई नेटवर्क को 24 घंटे बिना रुकावट चलाने में अपनी सेवाएं देते हैं। अब तक शून्य-शुल्क व्यवस्था (Zero MDR) के कारण बैंकों और फिनटेक कंपनियों को बुनियादी ढांचे पर होने वाले भारी खर्च का बोझ खुद उठाना पड़ रहा था। नई व्यवस्था के तहत 0.4 प्रतिशत एमडीआर से आने वाली राशि का बंटवारा इस प्रकार किया जाएगा:40% हिस्सा ग्राहक के बैंक (Remitter Bank) को: सबसे बड़ा 40 फीसदी हिस्सा उस बैंक को मिलेगा जिसमें लेन-देन करने वाले ग्राहक का खाता है। बैंकों को हर सेकंड लाखों ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के लिए कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) और विशाल सर्वर इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना पड़ता है, जिसके लिए यह आय प्राथमिक संबल बनेगी।30% हिस्सा पेमेंट गेटवे व एग्रीगेटर्स को: 30 प्रतिशत राशि उन पेमेंट गेटवे कंपनियों को जाएगी जो व्यापारी के बैंक खाते और डिजिटल नेटवर्क के बीच सुरक्षित तकनीकी ब्रिज तैयार करती हैं और धोखाधड़ी रोधी टूल्स संचालित करती हैं।20% हिस्सा यूपीआई ऐप्लिकेशन को: PhonePe, Google Pay, Paytm या BHIM जैसे फ्रंट-एंड यूपीआई ऐप्स को 20 फीसदी हिस्सा प्राप्त होगा। इससे इन फिनटेक कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, यूजर इंटरफेस और ग्राहक सहायता तंत्र को वित्तीय रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी।10% हिस्सा स्पॉन्सरिंग बैंक को: शेष 10 प्रतिशत हिस्सा उस स्पॉन्सरिंग बैंक के पास जाएगा जो यूपीआई ऐप को बैंकिंग ग्रिड और एनपीसीआई स्विच से जोड़कर सेटलमेंट की कानूनी व वित्तीय गारंटी लेता है।छोटे व्यापारियों के लिए 5% का विशेष फंड: इसके अतिरिक्त कुल एमडीआर संग्रह का 5 प्रतिशत हिस्सा एक समर्पित फंड में जाएगा, जिसका उपयोग ग्रामीण और छोटे कस्बों के व्यापारियों के बीच क्यूआर कोड लगाने, डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा।वित्त मंत्री का विपक्ष को करारा जवाब: 'न कोई टैक्स है, न विदेशी दबाव'न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार ने अमेरिका या विदेशी वित्तीय संस्थानों के दबाव में आकर यूपीआई पर चार्ज लगाने की अनुमति दी है। वित्त मंत्री ने कहा, यह आरोप पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन है। मैं इसका पूरी तरह खंडन करती हूं। विपक्ष बिना विषय को समझे केवल मुद्दा तलाशने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने अपनी तरफ से कोई आदेश थोपने के बजाय भुगतान प्रणाली के विभिन्न पक्षों—एनपीसीआई, पेमेंट बैंक, मर्चेंट बैंक और फिनटेक फर्मों—को आपस में मिलकर एक व्यावहारिक व आत्मनिर्भर राजस्व ढांचा तय करने की स्वायत्तता दी है। उन्होंने याद दिलाया कि क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के स्वाइप पर व्यापारी पहले से ही 1 से 2 प्रतिशत तक का एमडीआर चुकाते रहे हैं, जबकि यूपीआई पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत दर वैश्विक मानकों की तुलना में बेहद मामूली है।क्या आम उपभोक्ता की जेब कटेगी: 96% लेन-देन रहेंगे पूरी तरह मुफ्तइस नए नियम से आम नागरिकों और छोटे दुकानदारों पर पड़ने वाले असर को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को खारिज करते हुए सरकार और एनपीसीआई ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:P2P ट्रांसफर पर शून्य शुल्क: एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खाते में पैसे भेजने (Person-to-Person) पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। आप अपने मित्र, परिजन या किसी भी परिचित को चाहे ₹100 भेजें या ₹50,000, यह सेवा पूरी तरह मुफ्त रहेगी।₹2,000 से कम के सभी मर्चेंट भुगतान फ्री: सब्जी, दूध, चाय, नाश्ता, ऑटो किराया या राशन जैसी रोजमर्रा की खरीदारी के लिए ₹2,000 तक का कोई भी क्यूआर कोड भुगतान पूर्णतः शून्य एमडीआर पर रहेगा।96% छोटे व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित: एनपीसीआई के नियमों के तहत जो छोटे व्यापारी महीने में यूपीआई क्यूआर के जरिए ₹1 लाख तक का डिजिटल कारोबार करते हैं, वे इस शुल्क से शत-प्रतिशत बाहर रहेंगे। भारत में होने वाले कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन का लगभग 96 फीसदी हिस्सा इसी दायरे में आता है।ग्राहकों से वसूली पर कड़ा प्रतिबंध: वित्त मंत्रालय और बैंकों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि एमडीआर का खर्च केवल बड़े मर्चेंट उठाएंगे। यदि कोई दुकानदार क्यूआर पेमेंट करने पर ग्राहक से अतिरिक्त पैसे वसूलने की कोशिश करता है, तो उसके मर्चेंट खाते पर कानूनी व बैंकिंग प्रतिबंध लगाया जा सकता है।जरूरी सेवाओं और कैपिटल मार्केट के लिए तय हुईं विशेष रियायतेंआम जनता की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए एनपीसीआई के संशोधित फ्रेमवर्क में विशेष कैटेगरीज तय की गई हैं:रेलवे, फ्यूल और इंश्योरेंस: रेलवे टिकट बुकिंग, पेट्रोल पंप पर ईंधन, टेलीकॉम रिचार्ज और बीमा प्रीमियम जैसे जरूरी क्षेत्रों में ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर 0.4% के बजाय केवल ₹5 का फ्लैट टोकन शुल्क तय किया गया है।कैपिटल मार्केट और म्यूचुअल फंड: शेयर ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े लेन-देन पर मात्र 0.02 प्रतिशत की नाममात्र दर लागू होगी, जिस पर अधिकतम ₹300 का कैप रहेगा।अधिकतम शुल्क की सीमा (Cap): बड़े लेन-देन (₹75,000 या उससे अधिक) के लिए भी किसी भी व्यापारी पर अधिकतम एमडीआर ₹300 से ज्यादा नहीं लगाया जा सकेगा।15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली यह व्यवस्था भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सर्वर डाउन होने की समस्याओं को खत्म करने और साइबर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से लाई गई है, जिससे देश का डिजिटल लेन-देन भविष्य में और अधिक सुरक्षित व टिकाऊ बन सके।
SIR विवाद: 'सभी गलतफहमियां दूर हुईं', NDA के सहयोगियों ने चुनाव आयोग की बैठक और फैसले का किया स्वागत
एनडीए के सहयोगी दलों ने शनिवार को चुनाव आयोग के प्रेस नोट का स्वागत किया। यह नोट मीडिया रिपोर्ट के जवाब में जारी किया गया था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के बीच एसआईआर को लेकर दरार होने का दावा किया गया था।
'आतंकवाद पर हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी', UNGA में बोले विदेश मंत्री जयशंकर
'यूक्रेन युद्ध दुनिया के लिए चिंता का विषय', UNGA में बोले जयशंकर
अहमदाबाद/गांधीनगर। भारतीय रेलवे ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और किफायती परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी छलांग लगाई है। देश को अपनी पहली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) आधारित ट्रेन मिलने जा रही है, जो पारंपरिक डीजल इंजन की तुलना में कहीं अधिक पर्यावरण-अनुकूल और ईंधन-दक्ष होगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 27 सितंबर को गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन से इस पहली एलएनजी-संचालित ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे गुजरात और अहमदाबाद रेल मंडल के लिए 1,542 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा व सुरक्षा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे।इस ऐतिहासिक समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, रेल राज्य मंत्री, स्थानीय सांसद और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। रेलवे का यह कदम 'नेट जीरो कार्बन एमिशन' के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक ट्रेनों के सफल विस्तार के बाद एलएनजी आधारित ट्रेन की शुरुआत भारतीय रेल के आधुनिक और हरित इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रही है।कैसे काम करती है देश की पहली LNG ट्रेन: ड्यूल-फ्यूल तकनीक की अनूठी खासियतभारतीय रेलवे के इतिहास में यह पहला अवसर है जब ट्रेन के ड्राइविंग पावर कार (DPC) में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) आधारित ड्यूल-फ्यूल सिस्टम को सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में 1,400 हॉर्स पावर (HP) क्षमता वाले दो ड्राइविंग पावर कारों को अत्याधुनिक डीजल-एलएनजी दोहरे ईंधन इंजन में परिवर्तित किया गया है।इस प्रणाली की सबसे बड़ी तकनीकी खूबी यह है कि ट्रेन का इंजन आवश्यकता और ईंधन की उपलब्धता के अनुसार एलएनजी और डीजल के बीच बिना किसी रुकावट के तुरंत स्विच कर सकता है। यदि किसी रूट पर एलएनजी भरने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो ट्रेन पूरी तरह से सामान्य डीजल पर भी संचालित हो सकेगी। रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार, इस तकनीक से इंजन की शक्ति, खिंचाव क्षमता और परिचालन विश्वसनीयता में कोई गिरावट नहीं आती, बल्कि इंजन पहले से अधिक सुचारू और शांत रूप से काम करता है।40% तक घटेगी डीजल की खपत, हर साल लाखों रुपये की भारी बचतइस नई तकनीक के प्रयोग से रेलवे को वित्तीय और परिचालन दोनों स्तरों पर बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है:डीजल पर निर्भरता में 40% की कटौती: इस ड्यूल-फ्यूल इंजन में लगभग 40 प्रतिशत तक डीजल की खपत को सीधे तौर पर एलएनजी से प्रतिस्थापित किया जा सकेगा।लाखों रुपये की वार्षिक बचत: ट्रायल के दौरान मिले आंकड़ों के मुताबिक, एलएनजी की कीमत डीजल की तुलना में काफी सस्ती होने के कारण 8-कोच वाले रैक के संचालन में प्रतिवर्ष लगभग ₹23.9 लाख से ₹25 लाख तक की शुद्ध ईंधन बचत होगी।विदेशी मुद्रा की बचत: देश में आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता घटेगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से रेलवे के बजट पर पड़ने वाला दबाव कम होगा।2,000 किमी से अधिक का सफल ट्रायल: इस तकनीक को वाणिज्यिक मंजूरी देने से पहले दोनों ड्राइविंग पावर कारों पर 2,000 किलोमीटर से अधिक का कड़ा और सफल फील्ड ट्रायल पूरा किया गया, जिसमें इसकी सुरक्षा और क्षमता शत-प्रतिशत खरी उतरी है।2,200 लीटर का विशाल LNG टैंक: लंबी दूरी तक नहीं होगी रीफ्यूलिंग की जरूरतट्रेन के डिजाइन और ईंधन भंडारण क्षमता को लेकर रेलवे इंजीनियर्स ने विशेष सुरक्षा मानकों का पालन किया है:टैंक क्षमता: प्रत्येक डीपीसी में लगभग 2,200 लीटर की धारिता वाला क्रायोजेनिक एलएनजी टैंक स्थापित किया गया है। इसमें एक बार में लगभग 950 से 1,000 किलोग्राम उपयोगी लिक्विफाइड गैस भरी जा सकती है।लंबा परिचालन दायरा: पूर्ण एलएनजी भराव के बाद यह ट्रेन एक बार में बिना दोबारा ईंधन भरे लगभग 444 किलोमीटर से अधिक के दैनिक परिचालन को सुगमता से पूरा कर सकती है।सुरक्षा उपाय: एलएनजी को अत्यंत नियंत्रित तापमान और उच्च-दबाव वाले डबल-लेयर्ड इंसुलेटेड सिलेंडरों में रखा गया है। इसमें लीकेज डिटेक्शन सेंसर और ऑटोमैटिक शट-ऑफ वाल्व लगे हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में ईंधन आपूर्ति को सेकंड के हिस्से में रोक देते हैं।जहरीले धुएं और प्रदूषण से मुक्ति: पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थरशहरी और उपनगरीय रेल मार्गों पर चलने वाली पारंपरिक डीजल ट्रेनों से निकलने वाला काला धुआं वायु प्रदूषण का बड़ा कारण रहा है। एलएनजी एक स्वच्छ जीवाश्म ईंधन है, जिसके जलने से बहुत कम विषाक्त गैसें निकलती हैं।रेलवे के तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, एलएनजी के इस्तेमाल से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) और महीन कणों (Particulate Matter - PM) के उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इससे रेलवे ट्रैक के आसपास बसे रिहायशी इलाकों की हवा साफ रहेगी और भारतीय रेलवे के ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन मिशन को भारी मजबूती मिलेगी।1,542 करोड़ रुपये के अन्य बड़े रेल प्रोजेक्ट्स: कवच, WAG-12 शेड और डबलिंगअमित शाह द्वारा साबरमती में आयोजित समारोह में केवल एलएनजी ट्रेन ही नहीं, बल्कि गुजरात के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने वाली ₹1,542 करोड़ की चार अन्य प्रमुख परियोजनाओं की भी शुरुआत की जाएगी:₹411 करोड़ की लागत से 'कवच' प्रणाली का शिलान्यास: अहमदाबाद मंडल के 404 किलोमीटर लंबे नेटवर्क पर स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 'कवच' (Kavach) लगाया जाएगा। इसमें 157 किमी लंबा अहमदाबाद-पालनपुर और 247 किमी लंबा अहमदाबाद-समाखियाली रेल खंड शामिल है। यह प्रणाली ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर रोकने और ओवरस्पीडिंग से बचाव में अचूक साबित होगी।₹700 करोड़ का WAG-12 लोकोमोटिव शेड: साबरमती में नवनिर्मित अत्याधुनिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का उद्घाटन होगा, जो 12,000 हॉर्स पावर वाले 300 भारी मालवाहक इलेक्ट्रिक इंजनों (WAG-12) के रखरखाव की क्षमता रखता है।ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग: साबरमती-कलोल-भांडू मोतीदाउ और साबरमती-सानंद-जखवाड़ा के बीच 122.57 किलोमीटर रेल खंड पर ₹118.83 करोड़ की लागत से ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू की गई है, जिससे ट्रेनों की रफ्तार और ट्रैक की क्षमता बढ़ेगी।साबरमती-सरखेज रेल लाइन दोहरीकरण: ₹313.27 करोड़ की लागत से 21 किलोमीटर लंबे साबरमती-सरखेज खंड के दोहरीकरण का कार्य मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) की कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलेगा।देश की पहली एलएनजी ट्रेन का साबरमती से शुरू होना भारतीय रेलवे की तकनीकी आत्मनिर्भरता, पर्यावरण के प्रति उसकी संवेदनशीलता और भविष्य के हरित भारत की ओर बढ़ाया गया एक निर्णायक कदम है।
ई-वीज़ा से लेकर क्रूज़ हब तक: विश्व पर्यटन दिवस और भारत के पर्यटन उछाल के 10 महत्वपूर्ण तथ्य
नई दिल्ली। हर साल 27 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाने वाला 'विश्व पर्यटन दिवस' (World Tourism Day) इस बार भारत के लिए दोहरी खुशियों और ऐतिहासिक उपलब्धियों का गवाह बन रहा है। ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों का केंद्र रहे भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी पर्यटन नीति को 'आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर', 'डिजिटल सुगमता' और 'अनुभव आधारित यात्रा' (Experiential Tourism) के मॉडल में बदल दिया है। इलेक्ट्रॉनिक वीज़ा (e-Visa) की सरलीकृत व्यवस्था से लेकर तटीय और अंतर्देशीय क्रूज़ हब के विस्तार तक, भारत वैश्विक पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा और सुलभ गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है। आइए जानते हैं विश्व पर्यटन दिवस और भारत के पर्यटन उछाल से जुड़े 10 सबसे महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी तथ्य।1. विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल एजेंडासंयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN Tourism) द्वारा इस वर्ष विश्व पर्यटन दिवस की आधिकारिक वैश्विक थीम डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ पर्यटन का पुनर्रचना (Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism) रखी गई है। यह थीम दर्शाती है कि कैसे तकनीक और डेटा विश्लेषण पर्यटन क्षेत्र को स्मार्ट, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल बना रहे हैं। भारत ने इस दिशा में भारत मंडपम से लेकर डिजिटल हेरिटेज गाइड तक कई अत्याधुनिक तकनीकी पहलों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया है।2. ई-वीज़ा का महा-विस्तार: 170 से अधिक देशों के नागरिकों को मिला सीधा लाभअंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की यात्रा को झंझट-मुक्त बनाने के लिए भारत की ई-वीज़ा (e-Visa) प्रणाली दुनिया के सबसे सफल मॉडलों में से एक बन चुकी है। वर्ष 2014 में केवल 43 देशों के साथ शुरू हुई यह डिजिटल सुविधा अब बढ़कर 170 से अधिक देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इसके तहत ई-टूरिस्ट, ई-बिजनेस, ई-मेडिकल और ई-कॉन्फ्रेंस वीज़ा घर बैठे ऑनलाइन जारी किए जाते हैं, जिन्हें 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और प्रमुख बंदरगाहों पर मान्य किया गया है।3. क्रूज़ टूरिज्म में वैश्विक क्रांति: 'क्रूज़ भारत मिशन' और मैरीटाइम इंडिया विजनभारत अपने 7,500 किलोमीटर लंबे समुद्र तट का रणनीतिक उपयोग करते हुए एशिया का शीर्ष क्रूज़ हब बनने की ओर अग्रसर है। केंद्र सरकार के 'क्रूज़ भारत मिशन' और 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' के तहत मुंबई, कोच्चि, चेन्नई, गोवा और विशाखापट्टनम में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनलों का आधुनिकीकरण किया गया है।ई-ग्रुप वीज़ा की शुरुआत: अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ ऑपरेटरों और यात्रियों के लिए विशेष 30 दिवसीय मल्टीपल-एंट्री 'e-Group Visit Visa' की सुविधा शुरू की गई है, जिससे विदेशी क्रूज़ यात्रियों को भारतीय बंदरगाहों पर क्यूआर कोड के जरिए तुरंत इमिग्रेशन क्लीयरेंस मिलता है।जहाजों की संख्या में उछाल: देश में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रूज़ कॉल्स की संख्या को 1,000 वार्षिक कॉल तक पहुंचाने का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है।4. दुनिया की सबसे लंबी रिवर क्रूज़ यात्रा: 'एमवी गंगा विलास' का कीर्तिमानतटीय पर्यटन के साथ-साथ भारत ने अपने अंतर्देशीय जलमार्गों (National Waterways) को पर्यटन की रीढ़ बना दिया है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी से असम के डिब्रूगढ़ (बांग्लादेश होते हुए) तक चलने वाली 'एमवी गंगा विलास' (MV Ganga Vilas) दुनिया की सबसे लंबी नदी यात्रा (लगभग 3,200 किमी) का रिकॉर्ड बना चुकी है। गंगा, ब्रह्मपुत्र और केरल के बैकवाटर में संचालित रिवर क्रूज़ ने विदेशी सैलानियों के लिए ग्रामीण और पारिस्थितिक पर्यटन के नए द्वार खोले हैं।5. वैश्विक मंच पर भारत की सांस्कृतिक साख: 43 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलभारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थापत्य कला विश्वभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। देश में अब कुल 43 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Sites) मौजूद हैं। हाल के वर्षों में शांतिनिकेतन, होयसल के पवित्र मंदिर समूह और मोइदम्स (असम के अहोम राजवंश की टीला-दफन प्रणाली) को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किए जाने से विदेशी पर्यटकों के बीच भारत के सांस्कृतिक हेरिटेज सर्किट की मांग में भारी उछाल दर्ज किया गया है।6. 'स्वदेश दर्शन 2.0' और 'प्रसाद' योजना से तीर्थ व थीम-आधारित सर्किटकेंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की 'स्वदेश दर्शन 2.0' और 'प्रसाद' (PRASHAD) योजनाओं ने देश के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों का कायाकल्प कर दिया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक (उज्जैन), अयोध्या धाम, केदारनाथ धाम और कामाख्या मंदिर जैसे प्रमुख केंद्रों पर विश्वस्तरीय सुविधाओं, पार्किंग और कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। इसके तहत हेरिटेज, वाइल्डलाइफ, वेलनेस, बुद्ध सर्किट और रामायण सर्किट जैसी थीम-आधारित यात्राओं को संगठित रूप दिया गया है।7. आध्यात्मिक व वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक केंद्र: योग, आयुर्वेद और मेडिकल वीज़ाआधुनिक तनाव भरी जीवनशैली के बीच भारत दुनिया के 'ग्लोबल वेलनेस कैपिटल' के रूप में उभरा है। उत्तराखंड का ऋषिकेश, केरल के पारंपरिक आयुर्वेदिक हीलिंग सेंटर्स और कर्नाटक व गोवा के ध्यान केंद्र अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की पहली पसंद हैं। भारत के 'हील इन इंडिया' (Heal in India) अभियान और किफायती विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते मेडिकल टूरिज्म के तहत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या में सालाना 30% से अधिक की वृद्धि देखी जा रही है।8. 'देखो अपना देश' और 'वेड इन इंडिया' अभियानों का घरेलू असरविदेशी पर्यटकों के साथ-साथ घरेलू पर्यटन को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'देखो अपना देश' जन-आंदोलन ने घरेलू यात्राओं को नई ऊर्जा दी है। इसके साथ ही भारतीय शादियों को विदेशों में आयोजित करने के बजाय देश के हेरिटेज महलों (राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा और केरल) में आयोजित करने के लिए 'वेड इन इंडिया' (Wed in India) अभियान को बढ़ावा दिया गया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प और रोजगार को अरबों रुपये का सीधा संबल मिला है।9. बुनियादी ढांचे का सुपर-कनेक्टिविटी नेटवर्क: वंदे भारत और उड़ान योजनापर्यटन उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत तेज और आरामदायक आवागमन होती है। भारतीय रेलवे की सेमी-हाईस्पीड 'वंदे भारत एक्सप्रेस' ट्रेनों ने देश के सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन नगरों (कटरा, वाराणसी, देहरादून, पुरी, अजमेर, तिरुपति) को महानगरों से कुछ ही घंटों की दूरी पर ला दिया है। वहीं दूसरी तरफ, नागर विमानन मंत्रालय की 'उड़ान' (UDAN - उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत छोटे टियर-2 और टियर-3 शहरों व दूरदराज के द्वीपों (लक्षद्वीप, अंडमान) में नए एयरपोर्ट्स और हेलीपोर्ट्स चालू होने से ऑफबीट लोकेशन्स तक पहुंच बेहद आसान हो गई है।10. डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और हॉस्पिटैलिटी का मानकीकरण: NIDHI+ प्लेटफॉर्मपर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने NIDHI+ (National Integrated Database of Hospitality Industry) प्लेटफॉर्म सक्रिय किया है, जिस पर देश के 63,000 से अधिक होटल, होमस्टे और टूर ऑपरेटर्स पंजीकृत हो चुके हैं। भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने विदेशी यात्रियों के लिए बिना स्थानीय करेंसी बदले सेकंडों में डिजिटल भुगतान करना संभव बना दिया है। इसके अलावा गूगल और वैश्विक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी करके ऐतिहासिक स्मारकों के 360-डिग्री वर्चुअल टूर और एआई-संचालित बहुभाषी गाइड की सुविधाएं शुरू की गई हैं।भारत आज न केवल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों और 'अतिथि देवो भव:' के संस्कार को सहेजे हुए है, बल्कि अत्याधुनिक कनेक्टिविटी और डिजिटल सुगमता के दम पर 21वीं सदी के वैश्विक पर्यटन बाजार का सबसे चमकदार सितारा बनकर उभर रहा है।
पता चला है कि लखनऊ से लौटते समय कार का टायर फटने के बाद उनकी गाड़ी पोटा कबूलपुर गांव के पास अनियंत्रित होकर पोल से टकरा गई. हादसे में विधायक समेत दो लोगों के घायल होने की सूचना है.
MP में इस वर्ष 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती होगी, CM Mohan Yadav का इंदौर में ऐलान
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि युवाओं को रोजगार देने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए राज्य में इस साल एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती की जाएगी। यादव ने इंदौर में ‘हिंदू इकोनॉमिक फोरम’ नामक संगठन के कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा,‘‘राज्य में पिछले ढाई साल के दौरान अलग-अलग विभागों के 85,000 से ज्यादा पदों पर सरकारी भर्ती की गई है। इस साल हम करीब एक लाख और सरकारी पदों पर भर्ती करने वाले हैं।’’मुख्यमंत्री ने देश में सबसे सस्ती बिजली, उद्योगों के अनुकूल नीतियों, एक लाख एकड़ के विशाल भूमि बैंक और शांत औद्योगिक वातावरण जैसी खूबियां गिनाते हुए निवेशकों से राज्य में इकाइयां लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सूबे में ऊर्जा, खनन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई साल में वैश्विक निवेशक सम्मेलन और अन्य आयोजनों के दौरान राज्य सरकार ने उद्योगपतियों के साथ करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के करार (एमओयू) किए हैं जिनमें से 33 प्रतिशत प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाए जा चुके हैं। यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए अपनी नागर विमानन नीति के तहत वित्तपोषण करके अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की पहल भी कर रही है। उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत जुलाई में इंदौर से अबू धाबी की उड़ान शुरू हो चुकी है और अगले महीने भोपाल से शारजाह की उड़ान शुरू होने वाली है। यादव ने यह भी कहा कि ‘हिंदुत्व’ देश की राष्ट्रीयता, संस्कारों, जीवन पद्धति और प्रकृति से जुड़ा शब्द है और इसकी अवधारणा में मनुष्य से मनुष्य को जोड़ने का भाव समाहित है। उन्होंने कटाक्ष किया कि इस शब्द से कई लोगों को ठीक उस तरह तकलीफ हो सकती है, जैसे उन्हें किसी बिच्छू ने डंक मारा हो।
पुलिस चौकी में गूंजी किलकारी, जवानों की मदद से महिला ने दिया बच्चे को जन्म
सूरत रेलवे स्टेशन के बाहर मध्य प्रदेश जाने की तैयारी कर रही गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी. हालत बिगड़ती देख ट्रैफिक ब्रिगेड के जवान उसे पास की पुलिस चौकी ले गए और स्टेशन के मेडिकल स्टाफ को बुलाया. डॉक्टर की मदद से महिला ने वहीं सामान्य प्रसव के जरिए बच्चे को जन्म दिया. बाद में जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल भेजा गया.
चुनाव आयोग के मुद्दे पर 30 सितंबर को INDI गठबंधन बड़ी बैठक, ज्ञानेश कुमार को हटाने पर विपक्ष का जोर
इंडी गठबंधन 30 सितंबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए बैठक करेगा।
अभिनेता रणबीर कपूर मुंबई में पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी के 60वें जन्मदिवस समारोह में शामिल हुए, उनके जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया और बताया कि पिता बनने के बाद वे आध्यात्म के और करीब आए हैं.
प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध कल, जानें पिंडदान-तर्पण का मुहूर्त और विधि
Pitra Paksha 2026: पितृपक्ष में तिथिनुसार पितरों का श्राद्ध करने की परंपरा है. यानी पितृ की मृत्यु जिस तिथि पर हुई है, उसका श्राद्ध भी हिंदू पंचांग की उसी तिथि के अनुसार किया जाता है. 27 सितंबर को प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध किया जाएगा.
'ज्ञानेश कुमार ने BJP टिकट का दिया था ऑफर', पूर्व अधिकारी का दावा
केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार गंभीर आरोप लगाया है. उनका दावा है कि ज्ञानेश कुमार ने उन्हें 2016 में BJP की टिकट पर चुनाव लड़ने को कहा था. राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव में मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया.
वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी की मौत
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के मुताबिक दीपक की आश्रम की छत से गिरने के बाद मौत हुई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
ज्ञानेश कुमार पर जारी विवाद के बीच EC की बड़ी बैठक, लिए कई अहम फैसले
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी शामिल हुए. इस बैठक के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि चुनाव आयोग के भीतर सब कुछ ठीक-ठाक है. बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिसमें महाराष्ट्र और दिल्ली में दावों और आपत्तियों की समय सीमा को बढ़ाना भी शामिल है.
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कैप्टन अमरिंदर को मिला सुनील जाखड़ का साथ, बोले- उन्हें अपना नेता मानता हूं
Captain Amarinder singh: कैप्टन अमरिंदर सिंह को भाजपा के साथी नेता सुनील जाखड़ का समर्थन मिला है। जाखड़ ने कहा कि वह कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना नेता मानते हैं। इसके अलावा वह उनके फैन है। उनका कद केवल पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में बड़ा है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में ऊर्जा की पहुंच में हुई ऐतिहासिक वृद्धि की सराहना की है।
Bigg Boss 20 की कंटेस्टेंट रीति तिवारी इन दिनों अपने गाने 'सब घूम रहा है' को लेकर चर्चा में हैं. गाने पर हो रही ट्रोलिंग के बीच भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह उनके सपोर्ट में उतर आई हैं.
वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण बदलती सप्लाई चेन से प्रभावित हो रही है, जिससे महंगाई और खपत में कमी का खतरा बढ़ रहा है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, एसआईआर में पुराने रिकॉर्ड से मिलान न होने या तार्किक विसंगति का नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेज बीएलओ घर जाकर जुटाएंगे। आयोग ने ईसीआईनेट की समीक्षा कराने और दिल्ली तथा महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियों की समयसीमा बढ़ाने की भी घोषणा की है।
सटीक Cancer Care को सस्ता बनाने के लिए 5 साल की नीति जरूरी: डॉ. सिरोही
भारत को कम आय वाले मरीजों के लिए उन्नत जीनोमिक जांच और लक्षित कैंसर उपचार को सुलभ बनाने के लिए पांच वर्षीय नीतिगत एजेंडे की जरूरत है। यह बात देश की अग्रणी कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर भावना सिरोही ने कही। ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में शनिवार को सिरोही ने कहा कि ‘प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी’ में कैंसर के उपचार को बदलने की क्षमता है, लेकिन देश में इलाज की ऊंची लागत, उन्नत जीनोमिक जांच तक सीमित पहुंच और महंगी दवाएं अब भी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। रायपुर स्थित वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन-बाल्को मेडिकल सेंटर में कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और चिकित्सा निदेशक सिरोही, भारत की एकमात्र कैंसर विशेषज्ञ हैं जो ‘प्रिसिजन कैंसर केयर’ (कैंसर का लक्षित इलाज) पर गठित नई ‘लैंसेट ऑन्कोलॉजी कमीशन’ में शामिल हैं। इस कमीशन की शुरुआत शुक्रवार को हांगकांग में आयोजित विश्व कैंसर कांग्रेस में की गई। उन्होंने कहा कि भारत को कैंसर की लक्षित चिकित्सा मुहैया कराने के लिए पांच साल के एजेंडे की जरूरत है, जिसमें परीक्षण और तकनीक के फायदों तथा सीमाओं का नियमित मूल्यांकन किया जाए। ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि पारंपरिक कीमोथेरेपी इलाज के उलट, जो कैंसर वाली और सामान्य दोनों तरह की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है, कैंसर के लक्षित इलाज के तहत कोशिकाओं पर एक खास लक्ष्य या बायोमार्कर की पहचान करके उसके अनुरूप सीटक दवा दी जाती है। उन्होंने कहा कि ‘प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी’ चिकित्सकों को कैंसर के जैविक कारणों की पहचान करने और उसी के अनुसार इलाज चुनने की सुविधा देती है, जिससे हर मरीज के लिए अलग-अलग तरह से इलाज करने और अनावश्यक दुष्प्रभाव को कम करते हुए बेहतर नतीजे पाने में मदद मिलती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ‘मॉलिक्यूलर टेस्टिंग’ और ‘नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग’ (एनजीएस) भी महंगी हो सकती हैं, जबकि ऐसे परीक्षण के आधार पर बताई गई दवाएं भारत में उपलब्ध नहीं भी हो सकती हैं या ज्यादातर मरीजों, खासकर कम और मध्यम आय वाले समूहों की आर्थिक पहुंच से बाहर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर विशेषज्ञ के सामने यह दुविधा होती है कि क्या वे ऐसे कुछ इलाज के बारे में बात करें जो बहुत ज्यादा महंगे हैं और ज्यादातर मरीजों की पहुंच से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी’(मरीज के कैंसर की खास जैविक और आनुवंशिक विशेषताओं के आधार पर सबसे उपयुक्त उपचार का विकल्प चुनना) की सफलता खास तौर पर फेफड़ों के कैंसर में दिखती है, जहां खास ईजीएफआर म्यूटेशन वाले मरीजों का पारंपरिक कीमोथेरेपी के बजाय लक्षित गोलियों से इलाज किया जा सकता है। डॉक्टर सिरोही ने कहा, ‘‘फेफड़ों का कैंसर अब सिर्फ एक तरह का कैंसर नहीं रह गया है, बल्कि यह कई अलग-अलग तरह के कैंसर का समूह है और हर तरह के कैंसर के लिए ‘लक्षित थेरेपी’ का इस्तेमाल किया जाता है।’’उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत ऐसा इलाज उपलब्ध है, लेकिन नई और अधिक असरदार दवाएं अपनी ज्यादा कीमत की वजह से अधिकतर लोगों की पहुंच से बाहर हैं। डॉक्टर सिरोही ने कहा, ‘‘भारत में सभी तरह के कैंसर के इलाज में सटीक इलाज से फायदा हो सकता है, लेकिन इसे हर मरीज तक पहुंचाना एक चुनौती है।’’जब उनसे पूछा गया कि भारत कैसे जीनोमिक टेस्टिंग और मॉलिक्यूलर प्रोफाइलिंग को मरीजों के लिए सस्ता और आसान बना सकता है, तब डॉक्टर सिरोही ने जीनोमिक और मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक टेस्ट को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि हालांकि एर्लोटिनिब और ट्रैस्टुज़ुमैब जैसी लक्षित दवाएं आयुष्मान भारत योजना के दायरे में आती हैं, लेकिन उन मरीजों की पहचान करने के लिए जरूरी जांच का खर्च इसमें शामिल नहीं है, जिन्हें इन दवाओं से फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा, कम आय वाले मरीजों के लिए आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं में डायग्नोस्टिक जीनोमिक पैनल को शामिल करना बहुत जरूरी है। सिरोही ने डायमंड्स परियोजना का भी ज़िक्र किया, जिसे स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद का समर्थन प्राप्त है। इस परियोजना का मकसद ‘एडवांस्ड मॉलिक्यूलर ऑन्कोलॉजी डायग्नोस्टिक’ सेवाओं को मजबूत करना और मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह पहल एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन अभी यह मुख्य रूप से फेफड़ों और स्तन कैंसर तथा कुछ तरह के रक्त कैंसर के लिए चुने गए मार्कर्स पर केंद्रित है। इसके लिए तय क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं ज्यादातर ‘रियल-टाइम पीसीआर’ और ‘इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री’ जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा, ये तकनीकें सिंगल-बायोमार्कर का पता लगाने के लिए तो उपयोगी हैं, लेकिन ‘नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग’ के मुकाबले कमजोर हैं। उन्होंने कहा कि यदि मरीजों को सुझाई गई दवाएं नहीं मिल पाती हैं, तो ‘उन्नत जीनोमिक जांच’ कराने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। डॉक्टर सिरोही ने कहा, यदि हमारे मरीज इन परीक्षण से सुझाई गई दवाएं नहीं खरीद सकते या उन तक उनकी पहुंच नहीं है, तो नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग या मॉलिक्यूलर प्रोफाइलिंग कराने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा, भारत को सटीक कैंसर देखभाल देने के लिए पांच साल के एजेंडा की जरूरत है, जिसमें परीक्षण और तकनीक के फायदे और नुकसान का साफ आकलन हो। जो परीक्षण और तकनीक सभी के लिए उपलब्ध कराई जानी हैं, उन्हें प्रमाणित किया जाना चाहिए और उन्हें वैश्विक और नेशनल पीयर-रिव्यू स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरना चाहिए। सिरोही ने छत्तीसगढ़ में कैंसर के इलाज के बारे में कहा कि राज्य की ग्रामीण और आदिवासी आबादी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे गरीबी, लंबी दूरी की यात्रा, बड़े शहरों के अस्पतालों पर भरोसा न होना और खास इलाज तक ठीक से पहुंच न होना। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिकल सेल बीमारी, थैलेसीमिया और हीमोफिलिया का भी काफी बोझ है, जबकि कैंसर एक और बड़ी स्वास्थ्य समस्या है। सिरोही ने राज्य सरकार के कैंसर को नोटिफिएबल बीमारी (जिसकी जानकारी सरकार को देना जरूरी हो) बनाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे बीमारी के असली बोझ का पता लगाने में मदद मिलेगी और नीति बनाने वालों को स्तन, फेफड़े, सर्वाइकल, मुंह और पेट के कैंसर जैसे प्रमुख कैंसर पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी। चिकित्सक ने कहा कि कैंसर से बचाव और शुरुआती दौर में ही बीमारी का पता लगाने को ज्यादा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सिरोही ने बताया कि बालको मेडिकल सेंटर ने हाल ही में राज्य सरकार के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने का एक प्रोग्राम भी शुरू किया है।
बेमौसम बारिश से उत्तर से दक्षिण तक त्राहिमाम: यूपी में 45 की मौत, 400 गांव डूबे; रेल-हवाई सेवा बाधित
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बेमौसम बारिश ने कई राज्यों में तबाही मचाई है। उत्तर प्रदेश में 45 लोगों की मौत हुई, छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक गांव प्रभावित।
लव जिहाद में गई जान? छात्रा के शरीर पर चोटें, बॉयफ्रेंड बोला-सुसाइड
असम के गुवाहाटी में एक 22 वर्षीय छात्रा का शव होमस्टे में मिलने के बाद मामला गर्म हो गया है। लड़की के बॉयफ्रेंड का दावा है कि उसने आत्महत्या की है। वहीं, लड़की के शव पर चोटों के निशान अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं।
'सहकारी समितियों से महिला सशक्तीकरण ही पीएम मोदी का मुख्य उद्देश्य', केरलम दौरे पर बोले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरलम में कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य लक्ष्यों में से एक है। उन्होंने सहकारिता मंत्रालय के गठन, महिला श्रम शक्ति में वृद्धि और 'लखपति दीदी' जैसी पहलों पर प्रकाश डाला।
छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका अधिकार, न्यायपालिका उनकी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : CJI सूर्यकांत
इस कार्यक्रम में छात्रों ने कानूनी शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत का मुद्दा भी उठाया. उनका कहना था कि महंगी फीस के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र कानून की पढ़ाई करने में कठिनाई महसूस करते हैं.
8 बार विधायक रहे रामगोविंद चौधरी की पूरी राजनीतिक कहानी
बलिया के सिकंदरपुर क्षेत्र के छोटे से गांव से निकलकर छात्र राजनीति, जेपी आंदोलन और करीब 24 महीने की जेल से होते हुए विधानसभा तक पहुंचे रामगोविंद चौधरी का निधन हो गया. आठ बार विधायक रहे चौधरी ने मंत्री से लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक की जिम्मेदारी संभाली. लखनऊ में इलाज के दौरान उनके निधन से समाजवादी राजनीति में एक लंबा अध्याय खत्म हो गया.
Odisha Flood: नदियां उफान पर, Hirakud Dam के 16 गेट खोले गए और सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए लोग
ओडिशा में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण राज्य की सभी नदियां उफान पर हैं और हीराकुड बांध से महानदी में अतिरिक्त पानी छोड़ने के लिए 16 गेट खोल दिए गए हैं। राज्य सरकार ने शनिवार को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरी, क्योंझर और जगतसिंहपुर जिलों में अचानक बाढ़ आने की खबरें हैं। अकेले बालासोर जिले में नदियों के उफान पर होने से बड़े इलाके में पानी भर गया और 91 गांवों के 14,660 लोग प्रभावित हुए। एक अधिकारी ने बताया कि इन इलाकों से 3,268 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जलाशय से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए शनिवार को हीराकुड बांध के 11 और गेट खोले गए। अधिकारियों ने बताया कि अब बांध के कुल 16 गेट खोल दिए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हमें और गेट खोलने पड़े। फिलहाल जलस्तर 629.56 फुट है, जबकि जलाशय का जलस्तर 530 फुट है। उन्होंने बताया कि बाढ़ वाले मैदानी इलाकों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। बस्ता स्थित मथानी में जलका नदी खतरे के निशान 6.5 मीटर के मुकाबले 6.78 मीटर पर बह रही थी। बालासोर के शोक के नाम से जानी जाने वाली स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ता हुआ दर्ज किया गया, जहाँ जलेश्वर के राजघाट में इसका जलस्तर खतरे के निशान 10.36 मीटर के मुकाबले 10.35 मीटर तक पहुँच गया। विशेषज्ञों ने अनुमान जताया है कि रविवार को नदी का जलस्तर 11.74 मीटर तक पहुंच सकता है। बुधबलंगा नदी भी गोविंदपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (एनएच-16) पर 8.13 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गई है और फिलहाल 8.64 मीटर पर बह रही है। अधिकारियों ने बताया कि बालासोर में कई छोटी नदियां भी उफान पर हैं।
ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 25 वर्षों की विकास यात्रा को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदर्शित किया जा रहा है। एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित ट्रेड शो में हॉल नंबर-3 में लगाए गए यीडा के स्टाल पर प्राधिकरण के वर्तमान विकास के साथ भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की झलक भी देखने को मिल रही है।यीडा के स्टाल पर वर्ष 2041 के प्रथम चरण के मास्टर प्लान का मॉडल आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। मॉडल के माध्यम से प्राधिकरण के विभिन्न सेक्टरों, औद्योगिक क्षेत्रों और कनेक्टिविटी नेटवर्क को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का मॉडल भी यहां रखा गया है, जो क्षेत्र में विकसित हो रहे आधुनिक परिवहन और लॉजिस्टिक इकोसिस्टम को दर्शाता है।स्टाल पर पोस्टरों के माध्यम से पिछले एक वर्ष में हुए प्रमुख औद्योगिक आवंटनों और प्राधिकरण क्षेत्र में आए निवेश की जानकारी दी जा रही है। वहीं इंटरनेशनल फिल्म सिटी, फिनटेक सिटी, अपैरल पार्क, टॉय पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, लॉजिस्टिक पार्क और हेरिटेज सिटी जैसी परियोजनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।भविष्य की योजनाओं में जापान सिटी सेक्टर-5ए, कोरियन सिटी सेक्टर-4ए, सिंगापुर सिटी सेक्टर-7, ताइवान सिटी सेक्टर-6, प्रस्तावित इंटरनेशनल स्टेडियम सेक्टर-23डी, आईएसबीटी सेक्टर-23सी तथा सेक्टर-13 और 14 में प्रस्तावित मेडिकल हब की योजनाएं भी स्टाल पर प्रदर्शित की गई हैं।एक ही मंच पर यीडा की पूरी तस्वीरट्रेड शो के पहले दिन औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने यीडा के स्टाल का उद्घाटन किया और विकास मॉडल एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने विभिन्न उद्योगपतियों से संवाद कर प्राधिकरण की परियोजनाओं और निवेश अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार का स्टाल पर स्वागत करते हुए विभिन्न विकास योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया।शनिवार को उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, उद्योग विभाग एवं यीडा के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी यीडा स्टाल का भ्रमण किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर के चेयरमैन डॉ. राकेश कुमार भी उपस्थित रहे।यीडा का स्टाल ट्रेड शो में आने वाले उद्योगपतियों, निवेशकों, मीडिया प्रतिनिधियों और आगंतुकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक तस्वीर के साथ यह भी प्रदर्शित किया जा रहा है कि योगी सरकार के नेतृत्व में निवेश, औद्योगिक बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और वैश्विक औद्योगिक साझेदारी को एकीकृत करते हुए यीडा क्षेत्र को भविष्य के आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
रेलवे ने आयोजित की ओएचई स्किल एक्सीलेंस प्रतियोगिता, अंबाला मण्डल बना विजेता
रेलवे के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि नॉर्दर्न रेलवे ने 'ओवर हेड इक्विपमेंट (OHE) स्किल एक्सीलेंस कॉम्पिटिशन 2026' आयोजित किया था, जिसे अंबाला डिवीज़न ने जीता।
भारी बारिश से प्रभावितों को तत्काल मिले राहत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश
लखनऊ, 26 सितम्बर। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और इससे उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि अतिवृष्टि के कारण हुई जनहानि और पशुहानि पर नियमानुसार तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बारिश के कारण जिन लोगों के घर गिर गए हैं, उन्हें भी अनुमन्य मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए।मुख्यमंत्री ने फसल बर्बादी का तत्काल आकलन कराने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित किसानों को यथाशीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जाए, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार को कठिन परिस्थिति में तकलीफ न सहना पड़े। सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को तत्काल बाढ़ राहत केंद्रों और शरणालय केंद्रों तक पहुंचाया जाए। इसी तरह जिन लोगों के घर गिरने से वे बेघर हुए हैं, उनके लिए भी राहत केंद्रों एवं शरणालयों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए उन्हें हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।फील्ड में रहें वरिष्ठ अधिकारीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने और प्रभावित परिवारों से संवाद करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याओं को तत्काल सुनकर उपलब्ध संसाधनों से समाधान कराया जाए। अतिवृष्टि से हुई जनहानि और पशुहानि के मामलों में मुआवजा वितरण में देरी न हो। बारिश से घर गिरने के कारण प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता तत्काल देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
'कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने की जरूरत क्यों पड़ी', चुनाव आयोग की सफाई पर ओवैसी ने उठाए सवाल
असदुद्दीन ओवैसी ने अपने क्षेत्र में मतदाता सूची से नाम गायब होने की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कई लोगों के नाम मसौदा सूची में नहीं दिखे और अब वे फॉर्म-6 के जरिए नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
TTE या कोई और... ट्रेन के गेट पर लगी ये सीट किसकी होती है?
ट्रेन के गेट के पास लगी छोटी सीट देखकर अक्सर यात्रियों के मन में सवाल आता है कि यह टीटीई के लिए होती है या आम यात्रियों के लिए. जानिए इस सीट का इस्तेमाल किसके लिए किया जाता है और वहां बैठने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दिनांक 27 एवं 28 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली एवं गौतमबुद्ध नगर के भ्रमण पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री नई दिल्ली में श्रद्धेय अशोक सिंहल की जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होंगे,अपराह्न 03:30 बजे प्लेनरी हॉल, लेवल-3, भारत मंडपम, नई दिल्ली में श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होंगे।श्रद्धेय अशोक सिंहल का सार्वजनिक जीवन सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम उनके योगदान, विचारों एवं राष्ट्र सेवा के प्रति समर्पण के स्मरण का अवसर होगा।
यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते
ग्रेटर नोएडा, 26 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का बड़ा मंच बना रहा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में चल रहे पांच दिवसीय ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों और प्रदेश के प्रतिभागी प्रदर्शकों के बीच शनिवार को करीब 4,700 बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 412 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका अनुमानित व्यावसायिक मूल्य करीब 54.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।दूसरे दिन के ये परिणाम उत्तर प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रुचि तथा प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में ट्रेड शो की भूमिका को रेखांकित करते हैं। रिवर्स बायर-सेलर मीट के माध्यम से विदेशी खरीदारों और प्रदेश के उद्यमियों को आमने-सामने संवाद का अवसर मिल रहा है, जिससे संभावित कारोबारी साझेदारियों को समझौतों में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।पहले दिन भी हुईं 2,800 से अधिक बी2बी बैठकेंयूपीआईटीएस के पहले दिन हॉल नंबर-17 में बने विशेष बी2बी क्षेत्र में 2,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें हुई थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के करीब 500 एमएसएमई ने भाग लिया और लगभग 140 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई। विदेशी खरीदारों और भारतीय विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद से विभिन्न उत्पाद एवं सेवा क्षेत्रों में कारोबारी संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला।योगी सरकार की पहल से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजारयोगी सरकार द्वारा आयोजित यूपीआईटीएस का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, निर्यातकों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ प्रदेश में निवेश और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तैयार करना है। ट्रेड शो में भारतीय निर्माता, निर्यातक, एमएसएमई, निवेशक, वैश्विक खरीदार और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल एक ही मंच पर मौजूद हैं। सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में यह मंच प्रदेश के उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर दे रहा है। विशेष रूप से रिवर्स बायर-सेलर मीट और सुनियोजित बी2बी संवाद के जरिए उत्पादों के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कारोबारी संपर्क और संभावित निर्यात सौदों पर बातचीत हो रही है।29 सितंबर तक जारी रहेगा कारोबार का सिलसिलायूपीआईटीएस-2026 आगामी 29 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बी2बी बैठकें जारी रहेंगी और अधिक व्यापारिक समझौतों तथा कारोबारी परिणामों की संभावना है।
जमुई-समस्तीपुर-बांका के बाद आरा में बवाल, चलती ऑटो में छात्रा से छेड़खानी
बिहार के आरा में कंप्यूटर क्लास से घर लौट रही 19 वर्षीय छात्रा ने ऑटो चालक पर छेड़खानी का आरोप लगाया है. छात्रा के मुताबिक, जब उसने चालक की हरकत का विरोध करते हुए ऑटो रोकने को कहा तो उसने गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी. खुद को मुश्किल में घिरा देख छात्रा ने चलते ऑटो से छलांग लगा दी.
गंगा एक्सप्रेसवे पर BJP विधायक की फॉर्च्यूनर का भीषण एक्सीडेंट, CCTV में कैद हुई घटना
गंगा एक्सप्रेस वे पर शनिवार को बीजेपी के डिबाई सीट से विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी की फॉर्च्यूनर गाड़ी का टायर फटने के बाद भीषण हादसा हो गया. गाड़ी सड़क किनारे मिट्टी में रपटती हुई पोल से टकराई. हादसे में विधायक समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे पर BJP विधायक की फॉर्च्यूनर का भीषण हादसा, CCTV में कैद हुई घटना
गंगा एक्सप्रेसवे पर BJP विधायक की फॉर्च्यूनर का भीषण हादसा, CCTV में कैद हुई घटना
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन का 27 सितंबर से Bengal दौरा, पार्टी संगठन की लेंगे बैठकें
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 27 सितंबर से पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह राज्य के नेताओं, सांसदों, विधायकों और अन्य पदाधिकारियों के साथ कई संगठनात्मक बैठकें करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। भाजपा की ओर से साझा किए गए कार्यक्रम के अनुसार, नवीन रविवार को यहां पहुंचेंगे और पूर्वाह्न 11 बजे न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में प्रधानमंत्री के मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में शामिल होंगे। इसके बाद वह राज्य पदाधिकारियों, विभाग संयोजकों, राज्य मोर्चा अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और जिलाध्यक्षों के साथ संगठनात्मक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में आईटी, मीडिया और सोशल मीडिया से जुड़े पदाधिकारी भी शामिल होंगे। भाजपा अध्यक्ष राज्य के सांसदों और विधायकों के साथ भी बैठक करेंगे, जिसमें संगठनात्मक मुद्दों और निर्वाचित प्रतिनिधियों तथा पार्टी संगठन के बीच समन्वय पर चर्चा होगी। इसके बाद वह राज्य कोर ग्रुप के सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। नवीन शाम को कोलकाता में एक बैठक में प्रमुख हस्तियों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों से भी बातचीत करेंगे। दौरे के दूसरे दिन सोमवार को नवीन उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी जाएंगे, जहां वह सुबह 10:30 बजे लोक संस्कृति भवन में ‘आंगन का मिलन’ सेवा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह दोपहर 12:30 बजे स्पेस सर्किल क्लब में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम ‘युवा संवाद कॉन्क्लेव’ को संबोधित करेंगे। यह दौरा राज्य में भाजपा की ओर से चलाए जा रहे कई संगठनात्मक कार्यक्रमों के बीच हो रहा है। पार्टी ने हाल में राज्य में कई संगठनात्मक पदों पर बदलाव किए हैं, जिनमें महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, प्रदेश समिति और सात संगठनात्मक जिलों में किए गए बदलाव शामिल हैं।
भारी बारिश के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर योगी सरकार अलर्ट
लखनऊ, 26 सितंबर। प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच योगी सरकार ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उ.प्र. पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने लेसा समेत सभी वितरण निगमों के अधिकारियों को बिजली व्यवस्था की लगातार निगरानी और स्थानीय फॉल्ट को कम से कम समय में ठीक करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कहीं भी विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर सक्रिय गैंग तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य पूरा करें। स्थानीय फॉल्ट की जानकारी संचार माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं तक भी पहुंचाई जाए। बारिश के दौरान विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा अनुरक्षण कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ ही कराने के निर्देश दिए गए हैं।अप्रत्याशित भारी बारिश से प्रदेश में ब्रेकडाउन की घटनाएं बढ़ी हैं। अधिकांश फॉल्ट पेड़ या उनकी टहनियां गिरने के कारण हुए हैं। लखनऊ कंट्रोल रूम के अनुसार 11 केवी के 716 फीडर और 33 केवी के 173 सब-स्टेशनों के बंद होने की सूचना है, जिनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।शक्ति भवन में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है, जहां छह अधीक्षण अभियंताओं की तैनाती की गई है। अधिकारी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम से समन्वय कर स्थानीय फॉल्ट, गैंग, सामग्री और 12 घंटे से अधिक समय से बाधित आपूर्ति की जानकारी ले रहे हैं। 1912 पर आने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए हैं।बारिश से बिजली की मांग करीब 28 हजार मेगावाट से घटकर 16 हजार मेगावाट से नीचे आ गई है। मांग कम होने से प्रदेश को कटौती मुक्त कर महानगरों से गांवों तक 24 घंटे आपूर्ति दी जा रही है। अतिरिक्त बिजली पावर एक्सचेंज में बेची जा रही है। अध्यक्ष ने उपभोक्ताओं से किसी भी घटना या ब्रेकडाउन की सूचना तत्काल 1912 पर देने की अपील की है।कंट्रोल रूम के नंबरशक्ति भवन - 0522-2288737, 2288738टोल फ्री - 1912मध्यांचल - 0522-4950397केस्को - 8189045757पूर्वांचल - 0542-2300137दक्षिणांचल - 9412719627पश्चिमांचल - 9412749313
पूर्व DGP विनय कुमार अब बिहार के मुख्य सूचना आयुक्त, IIT खड़गपुर पढ़कर से बने थे IPS
बिहार के DGP विनय कुमार को राज्य का नया मुख्य सूचना आयुक्त बनाया गया है. IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग करने वाले 1991 बैच के IPS अधिकारी विनय कुमार ने SP से लेकर DGP तक लंबी प्रशासनिक पारी खेली है.
'ICU के लिए 6 महीने में हो स्वास्थकर्मियों की भर्ती', सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को 2026 की गाइडलाइंस का पालन करते हुए 6 महीने में स्टाफ भर्ती और 9 महीने में इंफ्रास्ट्रक्चर पूरा करने का निर्देश दिया है।

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