श्राद्ध नहीं कर पा रहे तो करें ये आसान काम, मिलेगा लाभ
पितृपक्ष 26 सितंबर 2026 से शुरू होगा. अगर आप पैतृक घर से दूर हैं और श्राद्ध नहीं कर पा रहे हैं, तो पक्षियों को दाना-पानी देना, गौसेवा, पौधरोपण और जरूरतमंदों की मदद जैसे तरीकों से पूर्वजों का स्मरण कर सकते हैं. वीडियो में जानें सही विधि और क्या करें क्या न करें.
वडोदरा में ब्रह्माकुमारीज के वृहद कार्यक्रम
वडोदरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने वडोदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम 'विश्व नवीनीकरण केलिए आध्यात्मिक ज
'गटर शो बंद करो', सलमान से बोले सुनील पाल, लिया पंगा!
कॉमेडियन सुनील पाल ने सलमान खान और उनके होस्ट किए जाने वाले रियलिटी शो 'बिग बॉस' पर कड़ी आलोचना की है. सुनील पाल ने शो को गटर बताते हुए इसे बंद करने की मांग की है.
नानी ने बना ली Notes की पूरी कॉपी, Blinkit सीखने का Video Viral
सोशल मीडिया पर एक नानी का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह Blinkit से ऑनलाइन ग्रॉसरी मंगाना सीख रही हैं. खास बात यह है कि नानी सिर्फ फोन पर तरीका समझने के बजाय हर स्टेप अपनी कॉपी में लिख रही हैं. यहां तक कि उन्होंने सामान कितनी देर में आएगा, यह भी नोट्स में लिख लिया. वीडियो के आखिर में जब उनका ऑर्डर घर पहुंचता है तो उनकी खुशी देखने लायक होती है.
CEC अकेले फैसले नहीं ले सकते, Himanta Biswa Sarma बोले- Election Commission सामूहिक संस्था है
गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर हो रहे विवादों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि CEC की आलोचना विपक्ष की हताशा को दिखाती है, और उन्होंने विपक्ष को दिमागी नक्सली करार दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरमा ने ज़ोर देकर कहा कि चुनाव आयोग के फ़ैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं और CEC अन्य चुनाव आयुक्तों की भागीदारी के बिना अकेले कोई फ़ैसला नहीं ले सकते। इसे भी पढ़ें: Maithili Thakur बोलीं- बिहार में सुरक्षित हूं, तो भड़के लेखक Neeraj Pandey ने याद दिला दी जमीनी हकीकत! हिमंत बिस्वा सरमा ने समझाया कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त या अन्य चुनाव आयुक्त अल्पमत में हों, तो चुनाव आयोग कोई फ़ैसला नहीं ले सकता। चुनाव आयोग के हर फ़ैसले को बहुमत से पारित या लिया जाना चाहिए, क्योंकि यह एक सामूहिक संस्था है। उन्होंने आगे कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को ऐसे व्यक्ति के तौर पर दिखाना जो एकतरफा फ़ैसले लेते हैं, उस संवैधानिक ढांचे के ख़िलाफ़ है जिसके तहत चुनाव आयोग काम करता है। सरमा ने कहा कि इसलिए, देश भर में यह संदेश देना कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अकेले ही फ़ैसले लिए हैं, संवैधानिक व्यवस्था के हिसाब से सही नहीं है। फ़ैसले लेने से पहले चर्चा करना अलग बात है, लेकिन चुनाव आयोग का कोई भी फ़ैसला आम सहमति या बहुमत की राय से ही लिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर ध्यान केंद्रित करना एक तरह का राजनीतिक अभियान है। इसे भी पढ़ें: Nandigram Bypoll: BJP प्रत्याशी की उम्र विवाद पर Calcutta High Court में सुनवाई उन्होंने कहा कि इसीलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाना एक राजनीतिक अभियान है। मुझे नहीं लगता कि मुख्य चुनाव आयुक्त, दूसरे चुनाव आयुक्तों से सलाह लिए बिना कोई फ़ैसला ले सकते हैं। इसलिए, मुख्य चुनाव आयुक्त को निशाना बनाना सिर्फ़ विपक्ष और ‘दिमागी नक्सलियों’ की हताशा को दिखाता है। ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा 10 महीने की अवधि में मतदाता सूची प्रक्रियाओं और SIR से जुड़े मुद्दों पर कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताने की खबरों के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है।
तमिलनाडु में थेनी की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 13-वर्षीय एक लड़की को धमकाने, उसकी अश्लील तस्वीरें खींचने और उसका यौन उत्पीड़न करने के मामले में दो लोगों को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। यौन उत्पीड़न के अपराध के कारण लड़की गर्भवती हो गयी थी। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की विशेष अदालत के न्यायाधीश एझिल ने बुधवार को उथमापालयम तालुक के एक गांव के रहने वाले दोनों आरोपियों- राजा पेरुमल (38) और अय्यासामी (56) को इस अपराध का दोषी पाया और प्रत्येक पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न चुकाने पर उन्हें तीन महीने की अतिरिक्त जेल होगी। यह अपराध 2023 में उस वक्त सामने आया था जब पीड़िता के माता-पिता उसे एक बीमारी के कारण स्थानीय अस्पताल ले गए। चिकित्सकीय परीक्षण से पता चला कि लड़की गर्भवती है, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया था। माता-पिता द्वारा पूछे जाने पर पीड़िता ने खुलासा किया कि राजा पेरुमल और अय्यासामी ने उसका यौन शोषण किया था। उसके माता-पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उथमापालयम महिला पुलिस थाने ने मामला दर्ज किया और दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया था। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश एझिल ने पॉक्सो अधिनियम की धारा-छह के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 450 के तहत 10 साल की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना, तथा आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत एक महीने की कैद और 5,000 रुपये का जुर्माना सुनाया। न्यायाधीश ने आदेश दिया कि जेल की सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अतिरिक्त, अदालत ने तमिलनाडु सरकार को पीड़िता को सात लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया। फैसला आने के बाद पुलिस ने दोषी व्यक्तियों को मदुरै केंद्रीय कारागार पहुंचाया।
26 को पूर्णिमा और 27 को प्रतिपदा! किस दिन शुरू होगा पितृ पक्ष?
Pitra Paksha 2026: इस बार पितृ पक्ष की तिथि को लेकर भ्रम बना हुआ है. कुछ लोगों के मुताबिक पितृ पक्ष 26 से शुरू होगा और कुछ का कहना है कि श्राद्ध 27 सितंबर से शुरू होगा. इस अवधि में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का महत्व है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, श्राद्ध कर्म अपने कुल और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार करना चाहिए.
मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने, जो MPs और MLAs से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है, महाराष्ट्र के मंत्री और NCP नेता छगन भुजबल को भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी कर दिया है। यह मामला मुंबई यूनिवर्सिटी के कलीना कैंपस में सेंट्रल लाइब्रेरी के कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा था। यह केस एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 2015 में तब दर्ज किया था, जब भुजबल महाराष्ट्र के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के मंत्री थे। कोर्ट ने गुरुवार को भुजबल और दूसरे आरोपियों को बरी कर दिया। हालांकि, इस फैसले का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं था। कलिना लाइब्रेरी केस क्या है? ACB ने जून 2015 में मुंबई यूनिवर्सिटी के कलिना कैंपस में सेंट्रल लाइब्रेरी बनाने का कॉन्ट्रैक्ट देने में कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में यह केस दर्ज किया था। उस समय PWD मंत्री रहे भुजबल पर जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि उन्हें इस कॉन्ट्रैक्ट के बदले कथित तौर पर रिश्वत मिली थी। इसके बाद ACB ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की। उस समय एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, भुजबल से जुड़े एक ट्रस्ट को किए गए पेमेंट का संबंध लाइब्रेरी प्रोजेक्ट का कॉन्ट्रैक्ट देने से था। आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया था। यह मामला उन भ्रष्टाचार के मामलों में से एक था जो भुजबल के कार्यकाल के दौरान पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) द्वारा संभाले गए कॉन्ट्रैक्ट्स में कथित गड़बड़ियों की व्यापक जांच से सामने आए थे। इसे भी पढ़ें: Maharashtra Drought: सूखा प्रबंधन पर 3 दिन में पहली अधिसूचना जारी करेगी सरकार, बोले CM Devendra Fadnavis दूसरे आरोपी कौन थे? यह मामला भुजबल और उस समय PWD से जुड़े कई सरकारी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोपियों में गजानन सावंत (तत्कालीन सब-डिविजनल इंजीनियर), हरीश पाटिल (तत्कालीन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर), अनिलकुमार गायकवाड़ (तत्कालीन सुपरिटेंडिंग इंजीनियर), संजय सोलंकी (तत्कालीन अंडर-सेक्रेटरी) और MS शाह (तत्कालीन कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट सेक्रेटरी) शामिल थे। दूसरे आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही भी स्पेशल कोर्ट में लंबित थी। ताजा आदेश के साथ, इस मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। इसे भी पढ़ें: इधर विपक्ष चुनाव आयोग पर हमला करता रह गया, उधर भाजपा ने बड़ा खेल कर दिया, जारी हो गयी BJP Pradesh Prabharis List एक मामला जो सालों तक पेंडिंग रहा कलीना लाइब्रेरी का मामला भुजबल की उन लंबी कानूनी लड़ाइयों का हिस्सा रहा है, जो PWD मंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल में दिए गए कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े आरोपों की वजह से शुरू हुई थीं। ACB ने 2016 में एक डिटेल्ड चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें लाइब्रेरी बनाने का कॉन्ट्रैक्ट देने में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। एजेंसी का आरोप था कि भुजबल से जुड़े एक ट्रस्ट को किए गए पेमेंट, प्रोजेक्ट में शामिल डेवलपर को दिए गए फायदों से जुड़े थे। इन कथित लेन-देन और कॉन्ट्रैक्ट देने के तरीके पर बाद में स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई।
'प्रमोशन नहीं, डिमोशन!' पढ़ें सिलिकॉन वैली के इंजीनियर की कहानी
क्या बड़ा पद और मोटी सैलरी ही कामयाबी की गारंटी है? Meta के पूर्व सीनियर इंजीनियर फिलिप सु की कहानी इस सोच पर करारा तमाचा है. सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंचने के बाद जब काम का तनाव बर्दाश्त से बाहर हो गया, तो उन्होंने खुशी-खुशी डिमोशन स्वीकार कर ली. पढ़िए यह खास रिपोर्ट, जो बताती है कि कॉर्पोरेट की इस अंधी दौड़ में आखिर असली जीत किसे कहते हैं.
सास हो तो ऐसी: एक फैसले से बदल दी बहू की दुनिया!
यूपी के मुजफ्फरनगर में एक सास ने समाज के सामने अनोखी मिसाल पेश की है. बेटे की मौत के महज एक महीने बाद सास ने अपनी बहू को बेटी मानकर उसकी दूसरी शादी करा दी. इस भावुक शादी में देवर ने भाई बनकर अपनी भाभी का कन्यादान किया.
CEC Gyanesh Kumar पर भड़के VIP Chief Mukesh Sahani, बोले- एक खून माफ होता तो गोली मार देता
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर उन्हें एक हत्या के लिए माफ़ी मिल जाती तो वह उन्हें गोली मार देते। उनकी यह टिप्पणी 'इंडियन एक्सप्रेस' की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आई है जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची की प्रक्रियाओं से जुड़े फैसलों और आदेशों पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, Cockroach Janata Party ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम ज्ञानेश कुमार का ज़िक्र करते हुए साहनी ने पत्रकारों से कहा कि मैं ज्ञानेश कुमार से कहना चाहता हूँ... थोड़ी शर्म करो कि तुम देश के संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हो। अगर एक हत्या करने पर माफ़ी मिल जाती, तो मैं ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता। भारत के चुनाव आयोग के साथ चल रहे विवाद के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, इस राष्ट्रीय दबाव समूह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मुख्य मांग की। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो ग्रुप विरोध प्रदर्शन करेगा। इसके साथ ही, ग्रुप ने चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को रोकने और आने वाले सभी चुनावों पर रोक लगाने की भी मांग की है। अभिजीत दिपके ने कहा कि कल चुनाव आयोग के बारे में आई एक रिपोर्ट से साबित होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। वह देश के सबसे बड़े राष्ट्र-विरोधी हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए... वह भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं... जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट देगा और कौन नहीं। क्या यही लोकतंत्र है?... कुल मिलाकर, 13 करोड़ से ज़्यादा वोट हटा दिए गए हैं। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी (NDA) के बीच का अंतर सिर्फ़ 2% था। 13 करोड़ वोट हटाना, कुल वोटों का लगभग 13% से 14% हिस्सा हटाने के बराबर है। क्या ज्ञानेश कुमार जानबूझकर उस 2% के अंतर को बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हैं ताकि वे कभी सत्ता से न हटें? ऐसा क्यों किया जा रहा है? इतने सारे वोट हटाने की क्या ज़रूरत थी? इसे भी पढ़ें: CEC Gyanesh Kumar पर चले देशद्रोह का केस, Congress MP Priyanka Gandhi ने की मांग दिपके ने कहा कि बीजेपी 2024 के चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर पाई। जब वे बहुमत से पीछे रह गए तो हड़कंप मच गया... उन्हें तब एहसास हुआ कि देश का मूड बदल रहा है और क्षेत्रीय ताकतें बहुत मजबूती से उभर रही हैं - चाहे वह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे हों, एनसीपी, स्टालिन, पिनाराई विजयन, अरविंद केजरीवाल या ममता बनर्जी। इन मुख्यमंत्रियों को एक-एक करके निशाना बनाया गया और हराया गया। यह महज संयोग नहीं हो सकता; इसके पीछे एक साफ पैटर्न है... पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र से 50,000 वोट हटा दिए गए और वे लगभग 15,000 वोटों के अंतर से हार गईं। एमके स्टालिन के निर्वाचन क्षेत्र में 1,00,000 वोट हटा दिए गए और वे लगभग 45,000 वोटों से हार गए।
Milan Pradhan के खिलाफ 12 अक्टूबर तक न हो कार्रवाई, Nandigram उपचुनाव पर High Court सख्त
कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को फिर कहा कि गिरफ्तार कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान को नंदीग्राम उपचुनाव ठीक से लड़ने की इजाज़त दी जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि उन्हें 2007 के उस मामले में गिरफ्तार नहीं माना जाएगा जिसमें निचली अदालत ने उन्हें 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। नंदीग्राम में उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है और प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म होगा। कोर्ट प्रधान के वकील की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को 2007 के एक और आपराधिक मामले में गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया है, जबकि 22 सितंबर को हाई कोर्ट के सामने 11 मामलों का ज़िक्र किया गया था। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य ने ऐसा कोई दस्तावेज़ पेश नहीं किया जिससे यह साबित हो सके कि प्रधान को प्रोडक्शन वारंट दिया गया था। जज ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूर्वी मेदिनीपुर ज़िले के खेजुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज 2007 के केस नंबर 45 के सिलसिले में 12 अक्टूबर तक प्रधान के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई न करें, और कहा कि उस आपराधिक मामले में उन्हें गिरफ़्तार नहीं माना जाएगा। इसे भी पढ़ें: Nandigram Bypoll: BJP प्रत्याशी की उम्र विवाद पर Calcutta High Court में सुनवाई अदालत ने कहा यह हैरानी की बात है कि उक्त आपराधिक मामला 2007 का है और जांच अधिकारी ने 19 सितंबर को याचिकाकर्ता को 'गिरफ़्तार दिखाया' (shown arrest) मानने का अनुरोध किया। जस्टिस भट्टाचार्य ने अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार से मौखिक रूप से यह भी कहा कि वे प्रधान को चुनाव लड़ने दें। 22 सितंबर को जस्टिस भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील से मौखिक रूप से कहा था कि कांग्रेस उम्मीदवार को नंदीग्राम उपचुनाव ठीक से लड़ने दिया जाए, बशर्ते उन्हें उन पांच आपराधिक मामलों में ज़मानत मिल जाए जिनमें उन्हें गिरफ़्तार किया गया था। गुरुवार को कोर्ट ने गौर किया कि प्रधान को 22 सितंबर के बाद खेजुरी पुलिस स्टेशन वाले मामले में गिरफ़्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने सवाल किया कि 22 सितंबर के आदेश के बाद प्रधान को एक और मामले में क्यों आरोपी बनाया गया, जबकि राज्य ने बताया था कि उनके खिलाफ़ पाँच आपराधिक मामले लंबित हैं। 2007 में पूर्वी मेदिनीपुर ज़िले के नंदीग्राम और खेजुरी पुलिस स्टेशनों में प्रधान के खिलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। इसे भी पढ़ें: नंदीग्राम उपचुनाव: Congress प्रत्याशी Milan Pradhan 2007 के मामले में 7 अक्टूबर तक जेल भेजे गए प्रधान ने अपने खिलाफ़ दर्ज छह अन्य मामलों में सख़्त कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करते हुए एक अर्ज़ी दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए, 22 सितंबर को हाई कोर्ट को राज्य ने बताया था कि उनमें से पाँच मामले पिछली सरकार ने वापस ले लिए थे और छठे मामले में उनकी ज़रूरत नहीं थी। कोर्ट को यह भी बताया गया था कि प्रधान को पाँच अन्य आपराधिक मामलों के सिलसिले में गिरफ़्तार करके न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
'उस रात नींद नहीं आई...', वैभव के लिए संजू बाहर? गंभीर ने खोला राज
गौतम गंभीर ने बताया कि भारत के कोचिंग कार्यकाल में संजू सैमसन को इंग्लैंड T20I सीरीज के दौरान बाहर करना उनका सबसे कठिन फैसला था. वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के लिए लिया गया यह फैसला उन्हें रातभर सोने नहीं देता था. गंभीर ने कहा कि संजू लंबे समय से अच्छा कर रहे थे, लेकिन टीम को सीरीज जीतनी थी और वैभव भी शानदार फॉर्म में थे.
ओमान के पास जहाज पर हमला, भारतीय नाविक की मौत; 19 भारतीयों को बचाया गया
ओमान के पूर्वी तट के पास बुधवार, 23 सितंबर को एक वाणिज्यिक जहाज MV Cape Dao पर हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले इस बल्क कैरियर पर दो टॉरपीडो से हमला किया गया। उस समय जहाज मीना साकर से भारत की ओर जा […] यह लेख ओमान के पास जहाज पर हमला, भारतीय नाविक की मौत; 19 भारतीयों को बचाया गया सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Jaunpur में जबरन वसूली के मामले में SIT ने दो पुलिसकर्मियों समेत 3 को दबोचा
वर्दी और पद की आड़ में जबरन वसूली और लूट के दो मामलों में जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने महज 24 घंटे में आरोपी दो पुलिसकर्मियों समेत तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दो नामजद आरोपियों ने पुलिस दबिश के दबाव में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस मामले में सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पहला मामला थाना जलालपुर में 17 सितंबर को दर्ज हुआ था जिसमें संकीत सिंह, विकास और चार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। जलालपुर निवासी विजय राजभर के मुताबिक 15 सितंबर को संकीत सिंह पीड़ित को अपने साथ ले गया। वहां चार पहिया वाहन में पहले से मौजूद चार लोगों ने कथित तौर पर उसे जबरन वाहन में बैठाया और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद रुपये की मांग की गई। आरोप है कि पीड़ित का मोबाइल छीनकर यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में करीब 2.15 लाख रुपये स्थानांतरित कराए गए। दूसरा मामला सुरेरी थाने में 22 सितंबर को दर्ज हुआ जिसमें राजेंद्र दूबे निवासी फुलवरिया, थाना बड़ागांव, कमिश्नरेट वाराणसी को नामजद किया गया। सादे कपड़ों में मौजूद तीन-चार अज्ञात पुलिसकर्मियों और खाताधारक वंशनरायन गिरी को आरोपी बनाया गया। पुलिस के मुताबिक पीड़ित ने आरोप लगाया कि 13 सितंबर को राजेंद्र दूबे ने उसे फोन करके मिलने के लिए बुलाया था। वहां सादे कपड़ों में मौजूद तीन-चार लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और उसे वाहन में बैठाकर सुरेरी थाने ले गए जहां करीब 1.65 लाख रुपये की वसूली की गई तथा यूपीआई के माध्यम से वंशनरायन गिरी के खाते में रकम स्थानांतरित कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन सुरेरी थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह को 18 सितंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र ने 22 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की। एसआईटी की जांच में पुलिस के अनुसार घटना में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आने के बाद 23 सितंबर को तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार लोगों में मनीष पटेल, निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और निलंबित आरक्षी विष्णु सिंह शामिल हैं। इसी बीच पुलिस की लगातार दबिशों के बाद जलालपुर प्रकरण में वांछित बताए जा रहे संकीत पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह और विकास पुत्र रविंद्र प्रताप सिंह ने 23 सितंबर को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
15 साल की एक्ट्रेस को जबरन किया Kiss! एक्टर बोला- बेडरूम...
बिस्वजीत ने 1969 की फिल्म 'दो शिकारी' के सेट पर रेखा के साथ विवादित किसिंग सीन के आरोपों पर रिएक्ट किया है. यासिर उस्मान की किताब में बताया गया कि उस समय 15 साल की रेखा को बिना सहमति किस किया गया था, जिससे वह गुस्से में थीं.
भाजपा ने नियुक्त किए 24 नए संगठन महासचिव, यूपी में किसे कमान? देखें- पूरी लिस्ट
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अलग-अलग राज्यों में पार्टी के राज्य महासचिव (संगठन) और राज्य संयुक्त महासचिव नियुक्त किए हैं।
ताबूत बनती बसें... दिल्ली-जयपुर से लेकर लखनऊ तक यात्रियों की सुरक्षा का Reality Check
आजतक की टीम ने दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में चल रही स्लीपर और मोडिफाइड बसों का रियलिटी चेक किया, जिसमें सुरक्षा से जुड़ी कई बड़ी खामियां सामने आईं. दिल्ली से जम्मू-कटरा जाने वाली बस में इमरजेंसी एग्जिट जाम मिला, कश्मीरी गेट पर राज कल्पना बस का एग्जिट लॉक था. आनंद विहार में एक बस को 2x1 से 2x2 सीट व्यवस्था में बदल दिया गया था. जयपुर में फायर सिलेंडर ही गायब मिले और इमरजेंसी गेट सामान रखने की जगह बन गए थे. लखनऊ में भी कई बसों के एग्जिट लॉक मिले.
सोशल मीडिया और गूगल सर्च पर अचानक 'गैस' कीवर्ड ट्रेंड करने लगा। हजारों लोग इंटरनेट पर यह जानने के लिए सर्च करते रहे क
GMADA दफ्तर में ED की रेड, बाहर AAP का हंगामा... गाड़ी का शीशा तोड़ा
मोहाली में ED की GMADA दफ्तर में चल रही कार्रवाई के विरोध में AAP कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. उन्होंने ED की गाड़ी में तोड़फोड़ की. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया. ED की जांच जमीन के इस्तेमाल, बकाया राशि और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी है. पंजाब सरकार ने ED की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया है.
जयशंकर ने रुबियो से की मुलाकात, रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी कानून को लेकर जताई चिंता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 23 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक के दौरान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बैठक में अमेरिका के नए कानून को लेकर चर्चा हुई, जिसका असर रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर पड़ सकता है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई […] यह लेख जयशंकर ने रुबियो से की मुलाकात, रूस से तेल खरीदने पर अमेरिकी कानून को लेकर जताई चिंता सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
48 घंटे के अंदर इस्तीफा दें CEC... CJP ने खोला मोर्चा
कॉकरोच जनता पार्टी ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है. इसके साथ ही 48 घंटे में इस्तीफा देने की मांग की है. ऐसा न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.
CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग, Cockroach Janata Party ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
भारत के चुनाव आयोग के साथ चल रहे विवाद के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, इस राष्ट्रीय दबाव समूह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मुख्य मांग की। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो ग्रुप विरोध प्रदर्शन करेगा। इसके साथ ही, ग्रुप ने चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को रोकने और आने वाले सभी चुनावों पर रोक लगाने की भी मांग की है। इसे भी पढ़ें: Congress का CEC Gyanesh Kumar पर बड़ा हमला, Goa में ECINet सिस्टम से वोटर्स के नाम हटाने का आरोप अभिजीत दिपके ने कहा कि कल चुनाव आयोग के बारे में आई एक रिपोर्ट से साबित होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। वह देश के सबसे बड़े राष्ट्र-विरोधी हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए... वह भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं... जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट देगा और कौन नहीं। क्या यही लोकतंत्र है?... कुल मिलाकर, 13 करोड़ से ज़्यादा वोट हटा दिए गए हैं। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी (NDA) के बीच का अंतर सिर्फ़ 2% था। 13 करोड़ वोट हटाना, कुल वोटों का लगभग 13% से 14% हिस्सा हटाने के बराबर है। क्या ज्ञानेश कुमार जानबूझकर उस 2% के अंतर को बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हैं ताकि वे कभी सत्ता से न हटें? ऐसा क्यों किया जा रहा है? इतने सारे वोट हटाने की क्या ज़रूरत थी? दिपके ने कहा कि बीजेपी 2024 के चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर पाई। जब वे बहुमत से पीछे रह गए तो हड़कंप मच गया... उन्हें तब एहसास हुआ कि देश का मूड बदल रहा है और क्षेत्रीय ताकतें बहुत मजबूती से उभर रही हैं - चाहे वह महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे हों, एनसीपी, स्टालिन, पिनाराई विजयन, अरविंद केजरीवाल या ममता बनर्जी। इन मुख्यमंत्रियों को एक-एक करके निशाना बनाया गया और हराया गया। यह महज संयोग नहीं हो सकता; इसके पीछे एक साफ पैटर्न है... पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र से 50,000 वोट हटा दिए गए और वे लगभग 15,000 वोटों के अंतर से हार गईं। एमके स्टालिन के निर्वाचन क्षेत्र में 1,00,000 वोट हटा दिए गए और वे लगभग 45,000 वोटों से हार गए। इसे भी पढ़ें: इस्तीफा, गिरफ्तारी और दोबारा चुनाव की मांग: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद हुआ विपक्ष, पढ़ें 10 बड़े नेताओं के तीखे हमले उन्होंने कहा कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र से 40,000 वोट हटा दिए गए और वे 4,000-5,000 वोटों के अंतर से हार गए। पिनाराई विजयन जीत सकते थे, लेकिन केरल में वोट हटाए जाने के कारण वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। क्या यह कदम सिर्फ मजबूत विपक्षी नेताओं को खत्म करने के लिए उठाया गया था? अब, विपक्ष या किसी खास पार्टी के प्रति हमारा कोई खास लगाव नहीं है। लेकिन लोकतंत्र में, अगर आप पूरे विपक्ष को ही खत्म कर दें, तो क्या उसे लोकतंत्र कहा जा सकता है? क्या यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव है?
दही मिलाकर घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसी मिक्स वेज, आसान है रेसिपी
शादी-पार्टी और रेस्टोरेंट में मिलने वाली मिक्स वेज का स्वाद घर पर भी पाया जा सकता है. इसके लिए आपको फूलगोभी, गाजर, बीन्स, आलू और मटर को रिच ग्रेवी में पकाना होगा. काजू पेस्ट, क्रीम और मसालों से सब्जी का स्वाद और भी लाजवाब हो जाएगा. आइए आपको इसकी रेसिपी बताते हैं.
बरेली के मौलाना तौकीर रजा के घर पहुंचे अजय राय, क्या मैसेज?
यूपी में 'मिशन 2027' की तैयारी में जुटी कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं को साधने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है. इसी सिलसिले में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बरेली पहुंचकर जेल में बंद मौलाना तौकीर रज़ा के परिजनों से मुलाकात की और योगी सरकार पर तीखा निशाना साधा.
मार्क जकरबर्ग लेकर आए सबसे छोटा AI गैजेट, स्मार्टफोन होगा खत्म?
मेटा सीईओ मार्क जकरबर्ग ने एक छोटू AI डिवाइस लॉन्च किया है जो तेजी से वायरल हो रहा है. ये AI डिवाइस आपका काम आसान कर सकता है. कुछ लोग मान रहे हैं कि आने वाले समय में ये स्मार्टफोन की जगह भी ले सकता है.
2027 चुनाव से पहले अखिलेश का रायबरेली से शक्ति प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच रायबरेली से पीडीए रथ यात्रा शुरू की है. दौरे में वह सपा विधायक राहुल लोधी और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे. सपा के मुताबिक यात्रा संगठन और कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने का अभियान है. वहीं राजनीतिक विश्लेषण इसे पीडीए सामाजिक समीकरण और सपा-कांग्रेस के संभावित सीट बंटवारे की चर्चा के संदर्भ में भी देख रहे हैं.
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर फिर पत्थरबाजी, पहाड़ी से वाहनों पर फेंके पत्थर
Delhi Mumbai Expressway Stone Pelting Case: रतलाम-झाबुआ एक्सप्रेस-वे पर पुलिस बैठक के अगले ही दिन पत्थरबाजी, ट्रक का कांच टूटा. जीतू पटवारी ने कसा तंज. अज्ञात पत्थरबाजों पर एफआईआर दर्ज. पूरी खबर पढ़ें.
हिंद महासागर से भी आगे बढ़ेगा अब युद्ध? अमेरिका को बड़ा झटका देने की तैयारी में ईरान
ईरान और अमेरिका युद्ध के और तेज होने की आशंका बढ़ गई है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि अगर अमेरिका की तरफ से नया हमला होता है। तो यह युद्ध होर्मुज से आगे बढ़कर हिंद महासागर या उससे आगे भी फैल सकता है।
Allahabad High Court का फैसला, पीड़ित की बिना अर्जी भी अदालतें बढ़ा सकती हैं मुआवजा
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि मोटर दुर्घटना के मामले में अपील सुनने वाली अदालत मुआवज़े की रकम बढ़ा सकती है, भले ही पीड़ितों या उन पर निर्भर लोगों ने अलग से कोई अपील या क्रॉस-ऑब्जेक्शन न किया हो; बशर्ते बीमा कंपनी ने तय की गई मुआवज़े की रकम को चुनौती दी हो। कोर्ट ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम एक कल्याणकारी कानून है और अदालतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ितों और उन पर निर्भर लोगों को कानून के मुताबिक उचित और सही मुआवज़ा मिले। लखनऊ बेंच के जस्टिस प्रशांत कुमार ने फ़ैज़ाबाद मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। बीमा कंपनी की अपील को खारिज करते हुए, हाई कोर्ट ने सभाजीत तडमाली के परिवार के लिए मुआवज़े की रक़म 7.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 11,43,565 रुपये कर दी और सालाना ब्याज दर को 7 प्रतिशत पर ही बनाए रखा। यह मामला 16 नवंबर 2017 को हुए एक हादसे से जुड़ा है, जब ताडमाली अंबेडकर नगर में पैदल चल रहे थे। एक SUV ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके परिवार ने 49.70 लाख रुपये के मुआवज़े की मांग की थी। बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि दुर्घटना से पहले ही गाड़ी चोरी हो गई थी और उस समय वह गाड़ी के मालिक या ड्राइवर के पास नहीं थी। कंपनी ने ड्राइवर की पहचान पर भी सवाल उठाए और चार्जशीट तथा ड्राइविंग लाइसेंस के रिकॉर्ड में उसके नाम में अंतर की ओर इशारा किया। इसे भी पढ़ें: घर छोड़ने पर तलाक के बाद भी महिला Maintenance की हकदार : Allahabad High Court चोरी के दावे को खारिज करते हुए, कोर्ट ने कहा कि गाड़ी के मालिक ने न तो कोई FIR दर्ज कराई थी और न ही ऐसा कोई ठोस सबूत पेश किया जिससे यह साबित हो सके कि दुर्घटना से पहले SUV चोरी हुई थी। कोर्ट ने यह भी माना कि ड्राइवर के नाम में अंतर होने की वजह से अभियोजन पक्ष और दावा करने वालों के मामले पर अविश्वास नहीं किया जा सकता। उम्र के सवाल पर, कोर्ट ने कहा कि आधार में दर्ज उम्र को ताडमाली की जन्मतिथि का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने गौर किया कि परिवार रजिस्टर में उनके जन्म का साल 1967 दर्ज था, हालांकि सही तारीख और महीना उपलब्ध नहीं था। इसलिए, कोर्ट ने दुर्घटना के समय उनकी उम्र 50 साल मानी और 13 का मल्टीप्लायर लागू किया। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court: कर्मचारियों को Santa Claus की टोपी पहनने के लिए बाध्य करना गलत हाई कोर्ट ने मृतक की मासिक आय को भी ट्रिब्यूनल द्वारा तय 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,400.46 रुपये कर दिया, जो अकुशल श्रमिक के लिए न्यूनतम मजदूरी के बराबर है। इसके अलावा, कोर्ट ने मृतक की पत्नी और दो बच्चों में से प्रत्येक को 48,400 रुपये का 'कंसोर्टियम' (पारिवारिक नुकसान के लिए मुआवजा) भी दिया। कोर्ट ने कहा कि दुर्घटना पीड़ितों और उन पर निर्भर लोगों को उचित मुआवजा दिलाने में तकनीकी बातें बाधा नहीं बननी चाहिए।
कानपुर में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने सीखी साइन लैंग्वेज
कानपुर पुलिस ने बधिर और बोलने में असमर्थ लोगों तक पुलिस सेवाओं की पहुंच आसान बनाने के लिए खास पहल की है. इंटरनेशनल साइन लैंग्वेज डे पर 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को साइन लैंग्वेज की ट्रेनिंग दी गई. इसमें इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर और मिशन शक्ति से जुड़े पुलिसकर्मी शामिल रहे.
IIT बॉम्बे में मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टलीं, साहिल वकोडे सुसाइड केस के बीच संस्थान का फैसला
IIT बॉम्बे ने छात्र साहिल वकोडे की आत्महत्या के बाद चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
‘संविधान के दुश्मन बेनकाब’... SIR विवाद के बीच आज 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी का यह ऐलान एक अंग्रेजी अखबार की उस खोजी रिपोर्ट के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें चुनाव आयोग के भीतर की खींचतान का बड़ा खुलासा किया गया है।
महाराष्ट्र के बीड में ड्राइवर का नियंत्रण खोने के बाद पलटी बस, 20 यात्री घायल
महाराष्ट्र के बीड जिले में अहिल्यानगर-पाथर्डी हाइवे पर एक निजी बस पलटने से 20 यात्री घायल हो गए। यह हादसा बस में तकनीकी खराबी के कारण हुआ, जिसके बाद ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया।
कितनी सुरक्षित हैं दिल्ली-जयपुर की स्लीपर बसें? देखें आजतक का रियलिटी चेक
दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के पास अचानक भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में नौ यात्रियों की झुलसने और दम घुटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई. हादसे की शुरुआती जांच में कई लापरवाहियां सामने आई हैं. आज तक की टीम ने जब अन्य बसों का रियलिटी चेक किया, तो दिल्ली और जयपुर के कई बस अड्डों पर भी सुरक्षा नियमों की ऐसी ही धज्जियां उड़ती दिखीं.
तस्वीर में छिपे '23' को खोज पाएंगे आप? 90% लोग जवाब देने में फेल!
Optical Illusion: इस ऑप्टिकल इल्यूजन और ब्रेन टीजर के बीच '23' नंबर छिपा हुआ है. क्या आप इसे सिर्फ 10 सेकंड में ढूंढ सकते हैं? तस्वीर को ध्यान से देखिए और अपना ऑब्जर्वेशन टेस्ट कीजिए.
सबरीमाला में भगवान अयप्पा का सोने का मुकुट चोरी, स्ट्रॉन्ग रूम में नकली मुकुट रखा मिला
तिरुवनंतपुरम। केरल के प्रसिद्ध में भगवान अयप्पा के सोने के मुकुट के कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है। मंदिर के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा 55.75 सॉवरेन वजन का मुकुट अपनी जगह नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वहां असली मुकुट के स्थान पर नकली मुकुट रखा हुआ पाया गया। इस घटना […] The post सबरीमाला में भगवान अयप्पा का सोने का मुकुट चोरी, स्ट्रॉन्ग रूम में नकली मुकुट रखा मिला appeared first on Sabguru News .
कल 5 राशियों पर मेहरबान सितारे, जानें क्या कहती है आपकी राशि?
Kal Ka Rashifal 25 September 2026: कार्यक्षेत्र में सावधानी रखें. विरोधियों से सतर्क रहें और जरूरी फैसले सोच-समझकर लें. अनुशासन और धैर्य से काम करना लाभकारी रहेगा.
रीजनल सिनेमा की दुनिया में जब भी डांस, फिटनेस और अनफिल्टर्ड ग्लैमर का जिक्र होता है, तो अभिनेत्री और मॉडल नम्रता मल्ला (Namrita Malla) का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। भोजपुरी इंडस्ट्री में अपनी जबरदस्त बेली डांसिंग स्किल्स, टोन्ड एब्स और सुपरबोल्ड पर्सनैलिटी के जरिए नम्रता ने एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जहां उनकी बराबरी करना किसी भी समकालीन कलाकार के लिए आसान नहीं है। सोशल मीडिया पर आए दिन अपने सिजलिंग अवतार से सनसनी मचाने वाली नम्रता ने एक बार फिर अपनी कुछ बेहद हसीन और हॉट तस्वीरें साझा की हैं। इन नई तस्वीरों में उनका कातिलाना अंदाज और दिलकश अदाएं देखकर इंटरनेट का पारा चढ़ गया है और फैंस उनके हुस्न की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।बिकिनी और ब्रालेट में दिखाया कर्वी फिगर: कैमरे के सामने दिए सुपरबोल्ड पोजसामने आई ताजा तस्वीरों में नम्रता मल्ला बेहद रिवीलिंग और डिजाइनर ब्रालेट-स्कर्ट सेट में अपने सुडौल बदन को आत्मविश्वास के साथ फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। उनके वॉशबोर्ड एब्स और टोंड लेग्स यह साफ दर्शाते हैं कि वे अपनी फिटनेस को लेकर कितनी गंभीर हैं। खुले घुंघराले बाल, स्मोकी आई मेकअप, न्यूड लिपस्टिक और चेहरे पर बेबाक मुस्कान के साथ नम्रता ने कैमरे के लेंस के सामने कई हॉट और सिजलिंग पोज दिए हैं। समंदर किनारे और स्टूडियो के इनडोर सेट्स पर खींची गई इन तस्वीरों में उनका हर एक अंदाज सोशल मीडिया यूजर्स की धड़कनें तेज करने के लिए काफी है।पवन सिंह और खेसारी लाल के साथ गानों से यूट्यूब पर काटा गदरनम्रता मल्ला केवल सोशल मीडिया सनसनी ही नहीं हैं, बल्कि भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री की सबसे बड़ी हिटमेकर भी मानी जाती हैं। पावरस्टार पवन सिंह के साथ उनका ब्लॉकबस्टर गाना 'लाल घाघरा' (Lal Ghaghra) आज भी शादियों और पार्टियों की जान बना हुआ है, जिसने यूट्यूब पर सैकड़ों मिलियन व्यूज का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा खेसारी लाल यादव और अन्य दिग्गज गायकों के साथ भी नम्रता के डांस ट्रैक्स रिलीज होते ही ट्रेंडिंग लिस्ट में शीर्ष पर पहुंच जाते हैं। उनके डांस में लचक, एनर्जी और इंटरनेशनल बेली डांसिंग का ऐसा अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है जो दर्शकों को स्क्रीन से पलकें तक नहीं झपकाने देता।प्रोफेशनल बेली डांसर और कोरियोग्राफर: फिटनेस का चलाती हैं अपना डांस स्कूलबहुत कम लोग जानते हैं कि नम्रता मल्ला केवल एक ग्लैमरस मॉडल नहीं हैं, बल्कि वे एक सर्टिफाइड और पेशेवर बेली डांसर व कोरियोग्राफर भी हैं। दिल्ली और मुंबई में अपने करियर की शुरुआत करने वाली नम्रता सालों से डांस और फिटनेस को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए हुए हैं। वे अपना खुद का डांस और फिटनेस इंस्टीट्यूट भी चलाती हैं, जहां वे युवाओं को बेली डांसिंग, जुम्बा और बॉडी टोनिंग की ट्रेनिंग देती हैं। उनका मानना है कि बेली डांसिंग शरीर के कोर मसल्स को मजबूत करने और लचीलापन बढ़ाने का सबसे बेहतरीन और खूबसूरत जरिया है।लखनऊ से पटना तक सोशल मीडिया पर नम्रता की तस्वीरों की धूमनम्रता मल्ला के इंस्टाग्राम पर लाखों फॉलोअर्स हैं और उनकी हर नई पोस्ट मिनटों में वायरल हो जाती है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी से लेकर बिहार के पटना और गया तक के युवा सिनेप्रेमी उनकी रील्स और तस्वीरों पर दिल खोलकर लाइक्स और कमेंट्स की बारिश कर रहे हैं। कई फैंस कमेंट सेक्शन में उन्हें 'भोजपुरी की नोरा फतेही' कह रहे हैं, तो कुछ यूजर्स का कहना है कि उनकी हॉटनेस के आगे बॉलीवुड की बड़ी-बड़ी हीरोइनें भी फीकी पड़ जाती हैं। नम्रता बिना किसी झिझक के अपनी बॉडी पॉजिटिविटी और बोल्डनेस को सेलिब्रेट करती हैं, जो उनके फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आता है।आने वाले म्यूजिक वीडियोज और प्रोजेक्ट्स से फिर मचेगा धमाललगातार चर्चा में रहने वाली नम्रता मल्ला के पास इस समय कई बड़े म्यूजिक वीडियोज, स्टेज शोज और ब्रांड एंडोर्समेंट्स के ऑफर्स हैं। वे भोजपुरी के साथ-साथ साउथ सिनेमा और हिंदी म्यूजिक वीडियोज में भी अपनी धमाकेदार एंट्री दर्ज कराने की पूरी तैयारी कर रही हैं। अपनी मेहनत, अद्भुत डांस टैलेंट और दिलकश हुस्न के दम पर नम्रता मल्ला ने यह साबित कर दिया है कि वे सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में लंबे समय तक राज करने वाली सुपरस्टार हैं।
आपने फिर कैसे किया गिरफ्तार? नंदीग्राम उपचुनाव कैंडिडेट केस में शुभेंदु सरकार को HC की फटकार
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले की एक अदालत ने नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में बुधवार को सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: 6 राज्यों से जुड़ा बस का कनेक्शन!
ग्रेटर नोएडा बस हादसे की जांच में वाहन से जुड़े कई राज्यों और नियम उल्लंघनों की जानकारी सामने आई है. बस मध्य प्रदेश से संचालित थी, पंजीकरण बिहार का था, फिटनेस राजस्थान और प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी हुआ था. बस पर 1.75 लाख रुपये के 19 चालान भी बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद चालक और परिचालक हिरासत में हैं और जांच जारी है. पूरे मामले की पड़ताल.
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में जहां पारंपरिक परिधानों और देसी किरदारों का दबदबा लंबे समय से रहा है, वहीं नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों ने ग्लैमर और बोल्डनेस की नई परिभाषा गढ़ी है। इस नए दौर की सबसे चर्चित और स्टाइलिश अभिनेत्रियों में एक नाम सबसे तेजी से उभरकर सामने आया है—प्राची सिंह। अपनी सुपरहॉट पर्सनैलिटी, टोंड फिगर, बेहतरीन डांसिंग स्किल्स और मॉडर्न फैशन सेंस की वजह से प्राची को इंडस्ट्री और फैंस के बीच 'भोजपुरी की सनी लियोन' तक का खिताब मिल चुका है। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और रील्स आते ही वायरल हो जाती हैं और यूपी-बिहार से लेकर दिल्ली-मुंबई तक सिनेप्रेमियों के बीच वे सनसनी बनी हुई हैं।मॉडलिंग के रैंप से भोजपुरी सिनेमा के बड़े पर्दे तक का सफरमूल रूप से ग्लैमर इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाने वाली प्राची सिंह ने अपने करियर की शुरुआत बतौर मॉडल की थी। उनकी तीखी नैन-नक्श, आत्मविश्वास और शानदार कद-काठी ने उन्हें फैशन शोज और विज्ञापनों में जल्दी नोटिस कराया। इसके बाद उन्होंने रीजनल सिनेमा की सबसे तेजी से बढ़ती इंडस्ट्री यानी भोजपुरी फिल्मों का रुख किया। बड़े पर्दे पर कदम रखते ही उन्होंने अपने मॉडर्न और ग्लैमरस अंदाज से दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पारंपरिक भोजपुरी हीरोइनों के मुकाबले उनका वेस्टर्न और अल्ट्रा-ग्लैमरस लुक निर्देशकों और निर्माताओं को खूब भाया, जिसके चलते उन्हें बैक-टू-बैक बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने लगे।बोल्डनेस और बेबाक फैशन से सोशल मीडिया पर लगाई आगप्राची सिंह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, विशेष रूप से इंस्टाग्राम पर बेहद सक्रिय रहती हैं। वे अपने बोल्ड फोटोशूट्स, बिकिनी लुक्स, बॉडीकॉन ड्रेसेस और जिम वर्कआउट के वीडियोज अक्सर फैंस के साथ साझा करती रहती हैं। उनके कातिलाना एक्सप्रेशंस और सिजलिंग पोज फैंस के दिलों की धड़कनें तेज कर देते हैं। जहां कई अभिनेत्रियां बोल्ड फोटोशूट से कतराती हैं, वहीं प्राची अपने फैशन चॉइस और बॉडी को लेकर पूरी तरह कॉन्फिडेंट नजर आती हैं। लखनऊ, वाराणसी, पटना और गोरखपुर जैसे शहरों के युवा दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच उनके इंस्टाग्राम रील्स मिनटों में लाखों व्यूज पार कर जाते हैं।सुपरहिट गाने और फिल्मों में छोड़ी गहरी छापप्राची सिंह ने भोजपुरी के कई बड़े सुपरस्टार्स और गायकों के साथ स्क्रीन साझा की है। वे 'मेरे प्यार से मिला दे', 'कोहिनूर' और 'पाप' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस का लोहा मनवा चुकी हैं। फिल्मों के अलावा उनके म्यूजिक वीडियोज यूट्यूब पर रिकॉर्डतोड़ ट्रेंड करते हैं। उनके गानों के डांस स्टेप्स में ऊर्जा, वेस्टर्न फ्लेवर और जबरदस्त ग्रेस देखने को मिलता है। कोरियोग्राफर्स का भी मानना है कि प्राची बहुत जल्दी कठिन से कठिन डांस मूव्स को सीखकर कैमरे के सामने सहजता से पेश कर देती हैं, जो उन्हें अन्य समकालीन अभिनेत्रियों से अलग कतार में खड़ा करता है।फिटनेस फ्रीक हैं प्राची: जानिए क्या है उनके कर्वी और टोंड फिगर का सीक्रेटप्राची सिंह अपनी फिटनेस को लेकर किसी भी बॉलीवुड दीवा से कम सजग नहीं हैं। वे हफ्ते के सातों दिन हार्डकोर वर्कआउट रूटीन को फॉलो करती हैं, जिसमें पाइलेट्स, वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ एक्सरसाइज शामिल हैं। इसके साथ ही वे अपनी डाइट को लेकर बेहद अनुशासित रहती हैं। अधिक चीनी, जंक फूड और ऑयली खानपान से दूरी बनाकर वे हाई-प्रोटीन और डिटॉक्स ड्रिंक्स को प्राथमिकता देती हैं। प्राची का मानना है कि अभिनय की दुनिया में लंबे समय तक टिके रहने के लिए चेहरे की चमक के साथ-साथ शरीर की ऊर्जा और शारीरिक फिटनेस का दुरुस्त होना सबसे ज्यादा जरूरी है।आने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स और भविष्य की योजनाएंइंडस्ट्री में लगातार अपनी धाक जमा रहीं प्राची सिंह के पास इस समय कई बड़ी बजट की भोजपुरी और रीजनल फिल्मों के ऑफर्स हैं। वे केवल बोल्ड किरदारों तक सीमित न रहकर अब महिला-केंद्रित और एक्शन से भरपूर भूमिकाओं में भी हाथ आजमा रही हैं। इसके अलावा वे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और हिंदी वेब प्रोजेक्ट्स की दुनिया में भी कदम रखने की तैयारी कर रही हैं। अपनी मेहनत, बेबाकी और ग्लैमर के अनूठे मेल के दम पर प्राची सिंह आने वाले दिनों में भोजपुरी सिनेमा के साथ-साथ पैन-इंडिया लेवल पर भी अपनी अलग पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
क्या अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक के नाम पर मिसाइल टेस्ट कर रहा था PAK?
बलूचिस्तान के आसमान में चमकीली वस्तु दिखाई पड़ी है. इसे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च माना जा रहा है. कुछ रिपोर्ट्स में हाइपरसोनिक परीक्षण और री-एंट्री व्हीकल का भी जिक्र है. 23 सितंबर का अघोषित परीक्षण फेल होने का शक है.
भोजपुरी फिल्म उद्योग आज केवल क्षेत्रीय सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका ग्लैमर, म्यूजिक और स्टारडम बॉलीवुड को भी सीधी टक्कर दे रहा है। एक दौर था जब भोजपुरी सिनेमा में सिर्फ पुरुष अभिनेताओं का ही दबदबा माना जाता था, लेकिन आज की अभिनेत्रियों ने अपनी बोल्डनेस, बेजोड़ अदाकारी और जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर इस समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है। पर्दे पर अपनी दिलकश अदाओं से करोड़ों दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली ये अभिनेत्रियां कमाई के मामले में भी नए रिकॉर्ड बना रही हैं।आम्रपाली दुबे: भोजपुरी सिनेमा की 'यूट्यूब क्वीन' और सबसे महंगी स्टारभोजपुरी इंडस्ट्री में जब भी सबसे सफल और लोकप्रिय अभिनेत्री की बात होती है, तो आम्रपाली दुबे का नाम सबसे ऊपर आता है। दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के साथ सुपरहिट जोड़ी बनाने वाली आम्रपाली अपनी खूबसूरती, नजाकत और ग्लैमरस स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जानी जाती हैं। वे बॉक्स ऑफिस पर फिल्म हिट कराने की सबसे बड़ी गारंटी मानी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स और ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक, आम्रपाली दुबे एक फिल्म के लिए लगभग 25 से 35 लाख रुपये तक चार्ज करती हैं, जो उन्हें भोजपुरी सिनेमा की सबसे महंगी अभिनेत्रियों की पहली कतार में खड़ा करता है।अक्षरा सिंह: ग्लैमरस लुक्स और गायकी से बनाई पैन-इंडिया पहचानअक्षरा सिंह न केवल एक शानदार अभिनेत्री हैं, बल्कि एक बेहतरीन गायिका और परफॉर्मर भी हैं। रियलिटी शो 'बिग बॉस' में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद उनकी लोकप्रियता पूरे देश में फैल गई। अपनी बोल्ड पर्सनैलिटी, सोशल मीडिया पर सिजलिंग फोटोशूट्स और बेबाक अंदाज के चलते वे हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। अक्षरा सिंह फिल्मों के अलावा म्यूजिक वीडियोज और स्टेज शोज के जरिए भी मोटी कमाई करती हैं। एक फीचर फिल्म के लिए उनकी फीस लगभग 20 से 30 लाख रुपये के आसपास बताई जाती है।मोनालिसा (अंतरा बिस्वास): बोल्डनेस की बेताज मल्लिका और नेशनल सेंसेशनभोजपुरी सिनेमा में अपनी कातिलाना अदाओं और बोल्ड सीन्स से तहलका मचाने वाली मोनालिसा आज हिंदी टेलीविजन और ओटीटी की दुनिया का भी बड़ा नाम बन चुकी हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर अपनी बिकिनी और वेस्टर्न आउटफ़िट्स की बोल्ड तस्वीरों से इंटरनेट का पारा चढ़ाने वाली मोनालिसा की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है। भोजपुरी की 100 से अधिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने वाली मोनालिसा प्रति प्रोजेक्ट या फिल्म के लिए लगभग 20 से 25 लाख रुपये तक फीस लेती हैं।काजल राघवानी: मासूमियत और हुस्न का बेजोड़ संगमकाजल राघवानी अपनी चुलबुली अदाओं, शानदार डांस मूव्स और ग्लैमरस अंदाज के लिए पूरे यूपी-बिहार में बेहद लोकप्रिय हैं। खेसारी लाल यादव और पवन सिंह जैसे सुपरस्टार्स के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने अनगिनत ब्लॉकबस्टर गाने और फिल्में दी हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली काजल अपने ग्लैमरस अवतार से युवाओं के बीच काफी क्रेज रखती हैं। इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार, काजल राघवानी एक फिल्म का लगभग 18 से 25 लाख रुपये चार्ज करती हैं।रानी चटर्जी: 'क्वीन ऑफ भोजपुरी' जिसने अकेले दम पर बॉक्स ऑफिस हिलायारानी चटर्जी को भोजपुरी सिनेमा की 'लेडी सिंघम' और एक्शन-क्वीन माना जाता है। 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकीं रानी ने अपनी शुरुआती फिल्मों से ही बोल्ड और सशक्त किरदारों के जरिए इंडस्ट्री में अलग मुकाम बनाया। वे उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिनकी फिल्में किसी बड़े मेल एक्टर के बिना भी सिनेमाघरों में भारी भीड़ खींचने का माद्दा रखती हैं। फिटनेस और ग्लैमर का बेहतरीन संतुलन रखने वाली रानी चटर्जी एक फिल्म के लिए लगभग 15 से 25 लाख रुपये तक की फीस लेती हैं।
BJP नेता माधवी लता के कर्नाटक के बागलकोट जिले में घुसने पर रोक लगा दिया गया है। जिले के डिप्टी कमिश्नर ने ये आदेश जारी किया है। माधवी लता यहां गणपति विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने वाली थीं।
NEET-PG रिजल्ट घोषित! NBEMS की वेबसाइट पर करें चेक, जानिए कट-ऑफ
उम्मीदवार अपना व्यक्तिगत स्कोरकार्ड 1 अक्टूबर 2026 से बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड कर पाएंगे. स्कोरकार्ड जारी होने की तारीख से केवल 6 महीने तक ही वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. इसके बाद ईमेल या पोस्ट के जरिए स्कोरकार्ड भेजने का कोई अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा.
'इस बेकार सॉफ्टवेयर को हटाएं', ECINet एप को लेकर शशि थरूर ने की चुनाव आयोग से मांग
चुनाव आयोग के ECINet सॉफ्टवेयर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे रद करने की मांग की है।
हैदराबाद में मिलावटखोरी पर प्रहार, 730KG अदरक-लहसुन पेस्ट जब्त
अदरक-लहसुन पेस्ट, जो रोजमर्रा के खाने का स्वाद बढ़ाता है, अब मिलावट के शक में जांच के घेरे में है. हैदराबाद के हयात नगर में छापेमारी के दौरान 730 किलो संदिग्ध पेस्ट बरामद हुआ. यूनिट में अस्वच्छ हालात और संदिग्ध घोल व फूड कलर मिलने से मामला गंभीर हो गया है. एक व्यक्ति हिरासत में है और जांच जारी है.
'नहीं चाहिए बैर', बिजनौर में मस्जिद कमेटी ने खुद तोड़ा विवादित निर्माण
Bijnor Mosque Disputed Structure Demolished: बिजनौर के बनखला में मस्जिद कमेटी ने खुद तोड़ा विवादित निर्माण. कुएं के दावे पर आपसी सहमति से हुई 4 फीट खुदाई. गांव में बना सौहार्द का माहौल. पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट.
कड़कड़ाते नोटों की दीवार, किलोभर सोना और चांदी की ऐसी चमक कि आंखें चौंधिया जाएं. उदयपुर के इस गणेश पंडाल में बप्पा का ऐसा अलौकिक श्रृंगार किया गया है, जिसकी कुल कीमत आपको हैरान कर देगी.
गैंगस्टर को शादी के लिए मिली 12 घंटे की पैरोल; कंबोडिया की दुल्हन; रात होते ही दोबारा जाएगा अंदर
इससे पहले 2018 में जब मैनपाल ढिल्ला को पैरोल मिली थी, तब वह कंबोडिया भाग गया। यहीं उसकी मुलाकात मेटा चैन से हुई। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे। दोनों के चार बच्चे हैं। 3 बच्चे शादी में हिस्सा लेने भी आए हैं।
BJP में केंद्र और राज्यों के संगठन महामंत्रियों के बीच काम का बंटवारा कर दिया है।
मधुमक्खी का छत्ता कैसे हटाएं? मधुमक्खी भगाने की कौन सी दवा है, जानिए यहां
मधुमक्खी भगाने की कौन सी दवा है? घर में मधुमक्खी ने छत्ता बना लिया है, तो टेंशन मत होइए बस यह काम करने से मिनटों में भाग जाएंगी सारी मधुमक्खी.
एक वक्त था जब पाकिस्तान को दुनिया के बड़े नेताओं के सामने अपनी पहचान बताने के लिए खुद को भारत का पड़ोसी बताना पड़ता था. एक पॉडकास्ट में पाकिस्तान के पत्रकार हामिद मीर ने सुनाया नेल्सल मंडेला के साथ हुआ एक किस्सा.
अफगानिस्तान पर हमले के बाद रूस ने PAK पर टेढ़ी की नजर, तालिबान बोला- इंशाअल्लाह... माकूब जवाब देंगे
पाकिस्तान के एयर स्ट्राइक पर अफगानिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे बेशर्म आक्रमकता कहा है. तालिबान ने कहा है कि इंशाअल्लाह इसका माकूल जवाब दिया जाएगा. पाकिस्तान के इस हमले में 4 लोगों की मौत हो गई है.
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने खर्च किए 529 करोड़ रुपये, बंगाल में सबसे ज्यादा रकम
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने कुल 286.99 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 217.16 करोड़ रुपये चुनाव प्रचार पर लगाए गए, जबकि 69.83 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से संबंधित खर्च में गए। पांचों राज्यों को मिलाकर बीजेपी के कुल 529.38 करोड़ रुपये के खर्च में बंगाल की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही।
तिजारा में घर में घुसकर परिवार पर जानलेवा हमला, 10 से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने मचाया उत्पात
खैरथल-तिजारा। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा कस्बे में बुधवार रात एक परिवार पर हुए हमले से इलाके में सनसनी फैल गई। तिजारा के वार्ड नंबर चार में 10 से अधिक अज्ञात बदमाशों ने एक घर में घुसकर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। अचानक हुई इस वारदात से परिवार में अफरा-तफरी मच गई, […] The post तिजारा में घर में घुसकर परिवार पर जानलेवा हमला, 10 से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने मचाया उत्पात appeared first on Sabguru News .
36 साल बाद खुला कश्मीर का शीतलनाथ मंदिर, गूंजा मंत्र, पंडितों ने की पूजा
श्रीनगर के ऐतिहासिक शीतलनाथ मंदिर में 36 साल बाद दोबारा पूजा-पाठ शुरू हुआ है. इस दौरान कश्मीरी पंडितों और स्थानीय मुस्लिम पड़ोसियों के बीच सांस्कृतिक मेलजोल देखा गया. 1990 के बाद मंदिर बंद था, अब दोबारा खुलने से विस्थापित कश्मीरी पंडितों को अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिला है.
विराट बेफिक्र, रोहित पर तलवार? 2027 वर्ल्ड कप से पहले असली सवाल यही
रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 वनडे वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर चर्चा लगातार तेज है. वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में दोनों की वापसी ने फिलहाल उनके भविष्य को लेकर तस्वीर साफ की है. रोहित के सामने जहां अपनी जगह बनाए रखने की चुनौती है, वहीं विराट का वनडे रिकॉर्ड और अनुभव उन्हें अलग मजबूती देता है. सवाल यही है कि 2027 तक टीम इंडिया के लिए इन दोनों दिग्गजों का अनुभव कितना अहम रहेगा.
सड़क पर खड़ी थी Audi, हटाने को कहा तो युवक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में हर्षा सिटी मॉल के बाहर रोडरेज का मामला सामने आया है. आरोप है कि बीच सड़क पर Audi खड़ी करके शराब पी रहे युवकों को गाड़ी हटाने के लिए कहना एक युवक को भारी पड़ गया. पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई है.
देश-दुनिया की बड़ी खबरें: PM Modi का संबोधन और बस हादसे में 9 की मौत
नयी दिल्ली, 24 सितंबर की विभिन्न फाइल से बृहस्पतिवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: प्रादे26 : एनसीआर बस तीसरी लीड आगग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी भयंकर आग, नौ लोगों की मौतनोएडा (उप्र), दिल्ली से महोबा जा रही एक स्लीपर बस में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। प्रादे27 : मप्र सेवा यात्रा लीड मोदीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘कितनी ही बड़ी सत्ता मिल जाए, हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा’देवास (मध्यप्रदेश), प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही भारतीय जनता पार्टी की शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और पार्टी सेवा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होगी। प्रादे40 : केरलम सीईसी लीड प्रियंका‘अनुचित’ चुनाव होने देने के लिए सीईसी पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए: प्रियंका गांधी वाद्रावायनाड (केरलम), कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को मांग की कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाकर कथित तौर पर जानबूझकर ‘‘अनुचित चुनाव’’ होने देने के लिए ‘‘देशद्रोह’’ के अपराध में आपराधिक मुकदमा चलाया जाना चाहिए। प्रादे23 : झारखंड हादसा मंत्री लीड बेटीझारखंड की मंत्री की बेटी समेत चार लोगों की सड़क हादसे में मौत, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोकजमशेदपुर (झारखंड), झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा समेत चार लोगों की बृहस्पतिवार तड़के तब मौत हो गई, जब उनकी कार जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र में मरीन ड्राइव रोड पर खड़े एक ट्रक से टकरा गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। दि12 : न्यायालय ममता निर्वाचन आयोगतृणमूल कांग्रेस विवाद: न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से अंतिम फ़ैसले के लिए समयसीमा बताने को कहानयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के दो विरोधी गुटों के भीतर पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न ‘जोड़ा घास फूल’ को लेकर जारी विवाद में अंतिम निर्णय लेने संबंधी समयसीमा की जानकारी प्रदान करे। वि2 : अमेरिका रूबियो जयशंकरभारत, अमेरिका ने ‘रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कानून’ पर चर्चा की: अमेरिकी विदेश मंत्रालयन्यूयॉर्क, भारत और अमेरिका ने रूस तथा ईरान के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों पर लगाए जा सकने वाले ‘‘प्रतिबंधों’’ पर चर्चा की और इस दौरान अमेरिका ने कहा कि वह क्षेत्रीय साझेदारों की ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने में मदद करने के लिए तैयार है। वि5 : संरा जयशंकर कैरिकॉमभारत तथा कैरिकॉम को आर्थिक, डिजिटल संबंध और मजबूत करने चाहिए: विदेश मंत्री जयशंकरन्यूयॉर्क, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत एवं कैरेबियाई देशों को आर्थिक, डिजिटल तथा आवागमन के क्षेत्रों में अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहिए। खेल31 : खेल एशियाड बैडमिंटन भारत संभावनाएशियाई खेल बैडमिंटन: लक्ष्य, सिंधू के लिये कठिन ड्रॉ, सात्विक. चिराग की नजरें स्वर्ण परनागोया, लक्ष्य सेन और पी वी सिंधू को एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में कठिन ड्रॉ मिले हैं जबकि गत चैम्पियन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की सेमीफाइनल तक की राह आसान लग रही है। खेल29 : खेल एशियाड लीड भारतअनाहत-तन्वी क्वार्टर फाइनल में आमने-सामने, अभय, चोटरानी और जोशना-सेंथिल भी आगेनागोया, अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर चोटरानी ने एशियाई खेलों की स्क्वॉश स्पर्धा के एकल क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, जबकि जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी मिश्रित युगल के अंतिम आठ में पहुंची। अर्थ11 : बंगाल अदाणी निवेशअदाणी समूह 2035 तक बंगाल में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश करेगा: गौतम अदाणीकोलकाता, अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बृहस्पतिवार को कहा कि समूह 2035 तक पश्चिम बंगाल में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगा।
अगर, आप किसी को डेट कर रहे हैं, तो सिर्फ प्यार ही नहीं बल्कि कुछ संकेतों पर भी ध्यान देना जरूरी है. रिश्तों की शुरुआत में कई बार ऐसे संकेत मिलते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यहां जानिए 7 साइन जो बताएं आपके लिए ये रिश्ता ठीक नहीं है.
'मैंने ऐसा क्यों कहा?' बातचीत खत्म होने के बाद भी क्यों सोचते रहते हैं हम?
Psychology Facts: अगर किसी से बात करने के बाद आपका दिमाग भी उसी बातचीत को बार-बार दोहराने लगे, तो आप अकेले नहीं हैं. बातचीत खत्म हो जाती है, सामने वाला चला जाता है, लेकिन दिमाग में उसकी कही बातें चलती रहती हैं. कभी लगता है, 'मैंने ऐसा क्यों कहा?', तो कभी मन करता है, 'काश, उस समय कुछ और बोल दिया होता.
मां का दर्द काफी... परिणीति के 'शक' में इतना ट्विस्ट की सिर चकरा जाए
‘शक’ यानी संदेह शायद यही इस शो का सबसे बड़ा मिस्ड प्वॉइन्ट है. शो चाहता है कि दर्शक हर किसी पर शक करेलेकिन खुद मुख्य किरदार को शायद ही कभी किसी पर वास्तव में शक करने की ठोस वजह दी जाती हैऔर यह पूरी तरह उसकी गलती नहीं, बल्कि कमजोर लेखन का नतीजा है.
तमिलनाडु: पॉक्सो केस में बिजनेसमैन वीरमणि का सहयोगी भी गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला?
सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने नाबालिग यौन शोषण से जुड़े पॉक्सो मामले में व्यवसायी वीरमणि के सहयोगी गणेशन को गिरफ्तार किया है। यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है।
रायबरेली में सपाइयों ने बुलडोजर से किया अखिलेश का स्वागत
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से 2027 यूपी विधानसभा चुनाव का प्रचार अभियान शुरू किया. बछरावां में कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर से फूल बरसाकर उनका स्वागत किया. सपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है.
आधुनिक जीवनशैली में तनाव, अनियमित खानपान, घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत और शारीरिक निष्क्रियता ने लोगों के स्वास्थ्य को भीतर से खोखला करना शुरू कर दिया है। इसी अस्वस्थ दिनचर्या की देन है—मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic Syndrome)। इसे चिकित्सा विज्ञान की भाषा में 'सिंड्रोम एक्स' (Syndrome X) या 'इंसुलिन रेजिस्टेंस सिंड्रोम' भी कहा जाता है। यह अपने आप में कोई एक बीमारी नहीं है, बल्कि पांच गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का एक घातक समूह है। जब किसी व्यक्ति के शरीर में ये स्थितियां एक साथ विकसित होने लगती हैं, तो हृदय रोग (हार्ट अटैक), स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा तीन गुना से पांच गुना तक बढ़ जाता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने चुपचाप उभरते हैं कि लोग इन्हें सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर मानकर पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं।क्या होता है मेटाबॉलिक सिंड्रोम? जानिए इसके 5 मुख्य चिकित्सीय आधारविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में नीचे दी गई पांच स्थितियों में से कोई भी तीन या अधिक स्थितियां एक साथ पाई जाती हैं, तो उसे चिकित्सकीय रूप से मेटाबॉलिक सिंड्रोम से पीड़ित माना जाता है:पेट और कमर के आसपास अत्यधिक चर्बी (Abdominal Obesity): पुरुषों में कमर का घेरा 40 इंच (102 सेमी) से अधिक और महिलाओं में 35 इंच (88 सेमी) से अधिक होना (भारतीय मानकों के अनुसार पुरुषों में 35.5 इंच यानी 90 सेमी और महिलाओं में 31.5 इंच यानी 80 सेमी से अधिक होना जोखिम माना जाता है)।हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप): रक्तचाप का लगातार 130/85 mmHg या उससे ऊपर बने रहना, या इसके लिए बीपी की दवाएं लेना।हाई फास्टिंग ब्लड शुगर: बिना कुछ खाए सुबह का ब्लड शुगर लेवल 100 mg/dL या उससे अधिक होना, जो प्रीडायबिटीज का स्पष्ट संकेत है।हाई ट्राइग्लिसराइड्स: खून में फैट (वसा) का स्तर यानी ट्राइग्लिसराइड्स 150 mg/dL या उससे अधिक दर्ज होना।कम एचडीएल यानी गुड कोलेस्ट्रॉल: पुरुषों में एचडीएल का स्तर 40 mg/dL से कम और महिलाओं में 50 mg/dL से नीचे गिरना।7 शुरुआती संकेत जिन्हें लोग अक्सर कर देते हैं नजरअंदाजमेटाबॉलिक सिंड्रोम की शुरुआत सीधे तौर पर कोई तीव्र दर्द या अचानक लक्षण पैदा नहीं करती। शरीर धीरे-धीरे कई सूक्ष्म संकेत देता है, जिन्हें समय पर पहचानना जरूरी है:कमर के घेरे का लगातार बढ़ना (Apple-Shaped Body): शरीर के बाकी हिस्से पतले होने के बावजूद केवल पेट और नाभि के आसपास फैट जमा होना सबसे पहला और स्पष्ट चेतावनी संकेत है। यह विसरल फैट (आंतरिक अंगों के आसपास की चर्बी) होता है, जो विषाक्त रसायनों का स्राव कर इंसुलिन की कार्यक्षमता को बाधित करता है।भोजन के तुरंत बाद अत्यधिक सुस्ती और ब्रेन फॉग: भारी या कार्बोहाइड्रेट युक्त खाना खाने के बाद यदि आपको असहनीय नींद, भारीपन या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस होती है, तो यह 'इंसुलिन स्पाइक' और इंसुलिन रेजिस्टेंस की ओर इशारा करता है।गर्दन और बगलों की त्वचा का काला पड़ना (Acanthosis Nigricans): गर्दन के पीछे, बगल (आर्मपिट्स) या कोहनी के जोड़ों के पास की त्वचा का रंग अचानक मखमली काला या गहरा भूरा होने लगना। लोग अक्सर इसे मैल समझ लेते हैं, जबकि यह खून में इंसुलिन की अधिकता का डर्मेटोलॉजिकल संकेत है।त्वचा पर मस्से या स्किन टैग्स (Skin Tags): चेहरे, गर्दन या शरीर के मुड़ने वाले हिस्सों पर अचानक छोटे-छोटे बिना दर्द वाले त्वचा के उभार या मस्से उभरना भी अत्यधिक इंसुलिन स्तर और हार्मोनल असंतुलन से जुड़ा होता है।मीठा और रिफाइंड कार्ब्स खाने की तीव्र तलब (Sugar Cravings): जब कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी हो जाती हैं, तो वे रक्त से ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में सोख नहीं पातीं। इसके चलते शरीर ऊर्जा की कमी महसूस करता है और दिमाग बार-बार चीनी, चाय, पेस्ट्री या मैदे से बनी चीजें खाने का सिग्नल भेजता रहता है।बार-बार पेशाब आना और अत्यधिक प्यास लगना: रात के समय बार-बार यूरिन के लिए उठना और मुंह सूखने की समस्या तब शुरू होती है जब किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए अधिक मेहनत करने लगती है।अस्पष्ट थकान और पूरे दिन ऊर्जा का अभाव: रात में 7 से 8 घंटे की पूरी नींद लेने के बावजूद सुबह उठते ही थकान महसूस होना और सीढ़ियां चढ़ते समय हल्की सांस फूलना शरीर के मेटाबॉलिज्म के लड़खड़ाने का प्रमाण है।मेटाबॉलिक सिंड्रोम को रिवर्स करने के अचूक और वैज्ञानिक उपायमेटाबॉलिक सिंड्रोम कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। लाइफस्टाइल में समय रहते कुछ बुनियादी बदलाव करके इसे न केवल रोका जा सकता है बल्कि पूरी तरह रिवर्स (उल्टा) भी किया जा सकता है:आहार से चीनी और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स को हटाएं: पैकेटबंद चिप्स, कोल्ड ड्रिंक्स, सफेद ब्रेड, मैदा और अतिरिक्त चीनी का सेवन बंद करें। थाली में आधा हिस्सा हरी पत्तेदार सब्जियों, सलाद, दालों और साबुत अनाजों (बाजरा, ज्वार, रागी) से भरें।दैनिक शारीरिक गतिविधि: हफ्ते में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता का कार्डियो (जैसे तेज चलना या जॉगिंग) और हफ्ते में दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। मांसपेशियों के सक्रिय रहने से इंसुलिन संवेदनशीलता तुरंत सुधरने लगती है।पेट की चर्बी कम करना: अपने कुल शरीर के वजन का केवल 7% से 10% वजन कम करने से ही ट्राइग्लिसराइड्स, फास्टिंग शुगर और ब्लड प्रेशर में चमत्कारी सुधार देखा जा सकता है।तनाव नियंत्रण और 7 घंटे की गहरी नींद: क्रोनिक स्ट्रेस शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन को बढ़ाता है, जो पेट पर चर्बी जमा करने और ब्लड प्रेशर बढ़ाने का काम करता है। प्राणायाम, ध्यान और निश्चित समय पर सोने की आदत बनाएं।नियमित जांच: डॉक्टर से कब और कौन से टेस्ट करवाएं?यदि आपकी उम्र 30 वर्ष से अधिक है और आपकी जीवनशैली गतिहीन है, तो साल में कम से कम एक बार अपना लिपिड प्रोफाइल (Lipid Profile), फास्टिंग ब्लड शुगर, एचबीए1सी (HbA1c - तीन महीने का शुगर औसत), और यूरिक एसिड टेस्ट जरूर करवाएं। शुरुआती दौर में पकड़े जाने पर मेटाबॉलिक सिंड्रोम को बिना किसी आजीवन दवाओं के केवल खानपान और व्यायाम के दम पर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
Election Commission निष्पक्ष रहे, ISF सिंबल मामले में Calcutta High Court की तीखी टिप्पणी
कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग के उस फ़ैसले की आलोचना की, जिसमें उसने पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनावों के लिए 'लिफ़ाफ़ा' चुनाव चिह्न तृणमूल कांग्रेस के ऋतब्रत बनर्जी वाले गुट को आवंटित किया था। यह चिह्न पहले इंडियन सेक्युलर फ़्रंट (ISF) इस्तेमाल करता था। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष रूप से काम करना चाहिए और सवाल उठाया कि जब 183 अन्य चिह्न उपलब्ध थे, तो आयोग ने ऋतब्रत गुट के लिए लिफ़ाफ़ा चिह्न ही क्यों चुना। कानूनी वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार, कोर्ट ने कहा अथॉरिटी को निष्पक्ष और सही तरीके से काम करना चाहिए। कुछ महीने पहले ही एक आपत्ति जताई गई थी, जिसका इस्तेमाल किसी दूसरी पार्टी ने किया और आपके पास 183 सिंबल हैं? उसे क्यों शामिल किया गया? और निष्पक्ष होने के बजाय आप नियम बना रहे हैं। कोर्ट ने यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की विपक्षी पार्टी ISF की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। इस याचिका में 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए चुनाव आयोग द्वारा रिताब्रता बनर्जी की 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' को 'लिफ़ाफ़ा' (envelope) सिंबल आवंटित करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। इसे भी पढ़ें: Supreme Court ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में AAP नेता Deepak Singla की जमानत याचिका पर ED से मांगा जवाब लाइव-लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने कोर्ट को बताया कि ISF को पहले लिफ़ाफ़ा (envelope) का चुनाव चिह्न दिया गया था, लेकिन यह चिह्न पार्टी के लिए आरक्षित (reserved) होने के बजाय एक 'फ़्री' चिह्न ही बना रहा। चुनाव आयोग ने तर्क दिया कि ISF एक गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है, इसलिए वह किसी आरक्षित चुनाव चिह्न पर अपना दावा नहीं कर सकती। कोर्ट ने पूछा कि आपके अधिकारी ऐसा क्यों कर रहे हैं? वे ऐसे विवादों में क्यों पड़ रहे हैं? उनके पास कितने सिंबल हैं? 183? आप लिफ़ाफ़े क्यों रख रहे हैं? हाई कोर्ट ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग की हरकतें राजनीतिक पार्टियों को बेवजह कानूनी लड़ाई में धकेल रही हैं। इसे भी पढ़ें: US Court का बड़ा आदेश: Donald Trump की मीडिया संस्थानों पर White House रोक 14 दिनों के लिए निलंबित कोर्ट ने टिप्पणी की, क्या आपके अधिकारी कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए लोगों को परेशान कर रहे हैं? क्या यही उनके काम करने का तरीका है? कोर्ट ने पूछा कि आपके अधिकारी ऐसा क्यों कर रहे हैं? वे ऐसे विवादों में क्यों पड़ रहे हैं? उनके पास कितने सिंबल हैं? 183? आप लिफ़ाफ़े क्यों रख रहे हैं? हाई कोर्ट ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग की हरकतें राजनीतिक पार्टियों को बेवजह कानूनी लड़ाई में धकेल रही हैं। कोर्ट ने टिप्पणी की,क्या आपके अधिकारी कानूनी कार्यवाही शुरू करने के लिए लोगों को परेशान कर रहे हैं? क्या यही उनके काम करने का तरीका है?
घर में किचन की टाइल्स को साफ करने के लिए आपको बाजार से महंगे-महंगे क्लीनर्स लाने की जरूरत नहीं है. आप कुछ आसान घरेलू हैक्स की मदद से किचन की टाइल्स को नया जैसा चमका सकते हैं.
भारत में परिवहन और आवागमन का परिदृश्य बीते कुछ वर्षों में बुनियादी तौर पर बदल चुका है। कभी एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए जाम, टूटी सड़कें और सुस्त रफ्तार वाली रेलगाड़ियां यात्रियों के घंटों बर्बाद कर देती थीं। आज वही सफर विश्वस्तरीय एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे और स्वदेशी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनों के जरिए फर्राटेदार और बेहद सुगम बन चुका है। केंद्र सरकार की 'भारतमाला परियोजना', 'गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान' और भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान ने मिलकर देश के प्रमुख औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक केंद्रों के बीच की दूरियों को समय के पैमाने पर आधा कर दिया है।एक्सप्रेसवे क्रांति: सड़कों पर 100 से 120 किमी/घंटा की निर्बाध रफ्तारदेश में आधुनिक एक्सप्रेसवे का बढ़ता नेटवर्क केवल कंक्रीट की सड़कें नहीं, बल्कि आर्थिक विकास की नई जीवनरेखा बन चुका है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, समृद्धि महामार्ग (मुंबई-नागपुर), और बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स ने अंतर-शहर यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। इन 6 से 8 लेन वाले नियंत्रित-पहुंच मार्गों पर बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल या स्थानीय रुकावट के वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ते हैं। उदाहरण के तौर पर, लखनऊ से गाजीपुर तक 340 किलोमीटर से अधिक लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों की दूरी जो पहले 10 से 12 घंटे लेती थी, अब घटकर महज 4 से 5 घंटे रह गई है। इसी तरह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के तालमेल ने राजधानी लखनऊ से दिल्ली तक का सड़क मार्ग का सफर 6 से 7 घंटे के भीतर समेट दिया है।वंदे भारत और नमो भारत: रेलवे के बदलते ट्रैक और घटते घंटेसड़क परिवहन के साथ-साथ भारतीय रेलवे ने भी गति और आराम के मामले में लंबी छलांग लगाई है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों ने देश के कोने-कोने में लंबी दूरी के सफर को घंटों छोटा कर दिया है। 130 से 160 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति वाली इन चेयर-कार और स्लीपर ट्रेनों ने यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा अनुभव पटरियों पर दिया है। दिल्ली से वाराणसी, दिल्ली से कटरा, मुंबई से अहमदाबाद, और चेन्नई से मैसूरु जैसे व्यस्त रेल रूटों पर यात्रा समय में 25% से 40% तक की भारी कटौती दर्ज की गई है। इसके समानांतर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में संचालित 'नमो भारत' (RRTS - रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) ने दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच आवागमन को अभूतपूर्व गति दी है, जिससे दैनिक यात्रियों को जाम से पूरी मुक्ति मिली है।लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और व्यापारिक गतिविधियों को मिला बूस्टएक्सप्रेसवे और तेज रेल कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा लाभ देश की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिल रहा है। पहले जहां भारी ट्रकों और मालवाहक वाहनों को एक राज्य से दूसरे राज्य जाने में टोल नाकों, खराब सड़कों और शहरी जाम के कारण कई दिन लग जाते थे, वहीं अब समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor - DFC) और एक्सप्रेसवे के जरिए माल ढुलाई का समय 50% तक कम हो गया है। समय की बचत से ईंधन की भारी खपत घटी है, वाहनों का रखरखाव खर्च कम हुआ है और देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाकर वैश्विक मानकों के करीब लाने में बड़ी सफलता मिल रही है। औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और विनिर्माण इकाइयों को नई गति मिली है।टियर-2 और टियर-3 शहरों का मेट्रो शहरों से सीधा जुड़ावइस बुनियादी ढांचे की क्रांति ने देश के छोटे शहरों की किस्मत बदल दी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, और वाराणसी जैसे शहर अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से इतने करीब महसूस होते हैं कि लोग सुबह निकलकर शाम तक अपना काम निपटाकर वापस लौट सकते हैं। दक्षिण भारत में बेंगलुरु और चेन्नई के बीच नए एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से दोनों आईटी हब के बीच की दूरी महज दो से तीन घंटे की रह जाएगी। पश्चिमी भारत में मुंबई और नागपुर के बीच का फासला समृद्धि महामार्ग के कारण 16 घंटे से घटकर लगभग 8 घंटे पर आ चुका है। इस तेज कनेक्टिविटी ने न केवल पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा तक आम जनता की पहुंच को आसान बनाया है, बल्कि रियल एस्टेट और स्थानीय उद्योगों में भी भारी उछाल ला दिया है।
गर्भावस्था का दौर हर महिला के जीवन का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस दौरान खानपान से लेकर लाइफस्टाइल की छोटी से छोटी आदत का सीधा असर गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर पड़ता है। अक्सर महिलाएं प्रेगनेंसी की शुरुआत में दूध, चीनी और तेज पत्ती वाली पारंपरिक चाय से परहेज करने के लिए उसे 'हेल्दी' विकल्प मानकर ग्रीन टी से बदल देती हैं। समाज में ग्रीन टी को वजन घटाने, डिटॉक्सिफिकेशन और एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार माना जाता है, जिसके चलते गर्भवती महिलाएं इसे बेझिझक दिन में कई बार पीने लगती हैं। लेकिन क्या यह फैसला वाकई अजन्मे बच्चे और मां की सेहत के लिए सुरक्षित है? स्त्री रोग विशेषज्ञों (Gynaecologists) के अनुसार, ग्रीन टी पूरी तरह हानिकारक नहीं है, लेकिन इसकी सीमित मात्रा और सही समय की जानकारी न होना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।ग्रीन टी पूरी तरह कैफीन-मुक्त नहीं: समझिए असली सचअधिकांश महिलाओं के मन में यह गलत धारणा होती है कि ग्रीन टी एक हर्बल ड्रिंक है और इसमें कैफीन बिल्कुल नहीं होता। वास्तविकता यह है कि ग्रीन टी भी उसी पौधे (Camellia sinensis) से बनती है जिससे सामान्य काली चाय तैयार होती है। भले ही इसमें सामान्य चाय या कॉफी की तुलना में कैफीन की मात्रा कम होती है, लेकिन एक कप (लगभग 200 से 240 मिलीलीटर) ग्रीन टी में 25 से 45 मिलीग्राम तक कैफीन मौजूद होता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियंस एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान एक महिला को पूरे दिन में 200 मिलीग्राम से अधिक कैफीन का सेवन किसी भी रूप में नहीं करना चाहिए। यदि आप दिनभर में 3 से 4 कप ग्रीन टी पी लेती हैं और साथ में चॉकलेट या अन्य पेय पदार्थ भी लेती हैं, तो यह कैफीन की सुरक्षित सीमा को पार कर जाता है। शरीर में कैफीन की अधिकता प्लेसेंटा को पार करके सीधे बच्चे के रक्तप्रवाह तक पहुंच सकती है, जिससे गर्भस्थ शिशु के दिल की धड़कन तेज हो सकती है और जन्म के समय कम वजन (Low Birth Weight) या प्री-टर्म डिलीवरी का जोखिम बढ़ जाता है।फोलिक एसिड के अवशोषण में बाधा: पहली तिमाही में सबसे बड़ा खतरागर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों (First Trimester) में फोलिक एसिड यानी फोलेट सबसे महत्वपूर्ण सप्लीमेंट होता है। यह शिशु के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के सही विकास के लिए अनिवार्य है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स (जैसे स्पाइना बिफिडा) जैसी जन्मजात विकृतियों से बचाता है।चिकित्सा शोधों में पाया गया है कि ग्रीन टी में मौजूद मुख्य एंटीऑक्सीडेंट एपिकैटेचिन गैलेट (EGCG) फोलिक एसिड के अवशोषण में सीधा अवरोध पैदा करता है। यदि कोई गर्भवती महिला फोलिक एसिड की गोली लेने के तुरंत पहले या बाद में ग्रीन टी पीती है, तो उसका शरीर उस जरूरी विटामिन को ठीक से सोख नहीं पाता। यही कारण है कि डॉक्टर गर्भावस्था के शुरुआती 12 हफ्तों में ग्रीन टी से पूरी तरह दूरी बनाने या इसका सेवन बिल्कुल नगण्य रखने की सलाह देते हैं।शरीर में आयरन सोखने की प्रक्रिया होती है प्रभावितभारतीय महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान खून की कमी यानी एनीमिया एक बेहद आम समस्या है। इस दौरान शरीर को अतिरिक्त खून बनाने के लिए भरपूर मात्रा में आयरन की आवश्यकता होती है। ग्रीन टी में उच्च मात्रा में टैनिन (Tannins) और पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं। ये तत्व भोजन में मौजूद नॉन-हीम आयरन (पेड़-पौधों, दालों और हरी सब्जियों से मिलने वाला आयरन) के साथ बंध जाते हैं और उसे आंतों में अवशोषित होने से रोकते हैं।यदि आप खाना खाने के तुरंत बाद ग्रीन टी पीने की आदी हैं, तो आपके द्वारा खाए गए पौष्टिक भोजन का आयरन शरीर को नहीं मिल पाएगा। इसके परिणामस्वरूप हीमोग्लोबिन तेजी से गिर सकता है, जिससे गर्भवती महिला को अत्यधिक थकान, चक्कर आना, कमजोरी और सांस फूलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।गर्भावस्था में ग्रीन टी के सीमित फायदे: कब और कैसे बन सकती है मददगार?यदि सही समय और सीमित मात्रा का ध्यान रखा जाए, तो दूसरी और तीसरी तिमाही में ग्रीन टी के कुछ लाभ भी मिल सकते हैं। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स शरीर की सूजन को कम करते हैं और फ्री रेडिकल्स से कोशिकाओं की रक्षा करते हैं। इसके अलावा, यह प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले मूड स्विंग्स को शांत करने और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में हल्की सहायता कर सकती है। हालांकि, ये सभी फायदे केवल तभी सुरक्षित हैं जब इसका सेवन प्रतिदिन 1 या अधिकतम 2 छोटे कप तक ही सीमित रखा जाए।ग्रीन टी पीते समय इन 4 जरूरी नियमों का करें कड़ाई से पालनयदि आप अपने डॉक्टर से परामर्श के बाद ग्रीन टी पीना जारी रखना चाहती हैं, तो इन आवश्यक बातों को अपनी दिनचर्या में जरूर बांध लें:खाली पेट कभी न पिएं: सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने से एसिडिटी, गैस, सीने में जलन और उल्टी की समस्या बढ़ सकती है, जो प्रेगनेंसी में पहले से ही मॉर्निंग सिकनेस के कारण परेशान करती है।भोजन के तुरंत बाद से बचें: लंच या डिनर करने के कम से कम एक से दो घंटे बाद ही ग्रीन टी पिएं, ताकि खाने का आयरन और जरूरी पोषक तत्व शरीर में पूरी तरह सोख लिए जाएं।दवाओं के साथ न लें: अपनी प्रसवपूर्व विटामिन की गोलियां (Prenatal Vitamins), आयरन सप्लीमेंट्स या फोलिक एसिड की दवा को केवल सादे पानी से ही लें, कभी भी ग्रीन टी के साथ न गटकें।शाम के बाद परहेज करें: ग्रीन टी में मौजूद कैफीन रात की नींद में खलल डाल सकता है। अनिद्रा और बेचैनी से बचने के लिए दोपहर के बाद इसका सेवन न करें।ग्रीन टी के सुरक्षित और बेहतर विकल्पयदि आप गर्भावस्था में गर्म पेय पदार्थ की चुस्कियां लेना चाहती हैं, तो ग्रीन टी के बजाय अधिक सुरक्षित प्राकृतिक विकल्पों को चुन सकती हैं। गुनगुने पानी में थोड़ा नींबू और शहद डालकर पीना, भुने जीरे का पानी, पुदीने की ताजी पत्तियों की चाय, या अदरक की हल्की बिना कैफीन वाली हर्बल चाय पेट के लिए बेहद सुखदायक होती है। इसके अलावा, नारियल पानी और ताजा छाछ शरीर को हाइड्रेटेड रखने के सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। किसी भी नए हर्बल ड्रिंक या सप्लीमेंट को अपनी डाइट का हिस्सा बनाने से पहले अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य इतिहास के आधार पर स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
झांसी: अघोरी के भेष में आए ठग ने उड़ाया सोना
झांसी के मऊरानीपुर में अघोरी बाबा के भेष में एक शख्स सर्राफा दुकान पहुंचा और व्यापारी को बातचीत में उलझाकर कथित तौर पर सोना और नकदी लेकर चला गया. व्यापारी के मुताबिक, उसे करीब 10 ग्राम सोना और 50 हजार रुपये दिए गए थे. आरोपी पर 17 हजार रुपये निकालने का आरोप है. पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है. पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है.
तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों की लिस्ट में शुमार है. इसके 7वें दरवाजें के पीछे के खजाने का रहस्य आज भी लोगों के बीच चर्चाओं का विषय है.
'बर्निंग बस' का मालिक कौन? आरोपी ड्राइवर-कंडक्टर की भी जानिए डिटेल
यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में लगी आग इतनी भयावह थी कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला. हादसे के बाद FIR में यात्री सुनील कुमार ने दावा किया कि आग से पहले बस में जलने की बदबू आ रही थी और यात्रियों ने ड्राइवर से बस रोकने को कहा था. अब सामने आए पुराने चालानों का रिकॉर्ड इस हादसे की जांच को एक और दिशा देता है.
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्र साहिल वाकोडे के परिवार के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए संस्थान के परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहीं कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़, पार्टी के कई कार्यकर्ताओं और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बृहस्पतिवार को हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। आईआईटी मुंबई में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र वाकोडे (22) को 18 सितंबर की शाम छात्रावास के कमरे में फंदे से लटका पाया गया था। यह घटना उस समय हुई जब कुछ घंटे पहले उसे ‘मिड-सेमेस्टर’ परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन से चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उसके माता-पिता ने दावा किया है कि उसने उन्हें अपने साथ जाति आधारित अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के बारे में बताया था। गायकवाड़, कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं और पार्टी के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को संस्थान के पवई परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सांसद और महिला कार्यकर्ताओं सहित कई अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय थाने ले जाया गया। प्रदर्शन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में गायकवाड़ ने सत्तारूढ़ पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और इस घटना को ‘‘संस्थागत हत्या’’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा और आरएसएस ने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस मृतक छात्र के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और (पार्टी सांसद) राहुल गांधी ने उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।’’किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संस्थान के प्रवेश द्वार के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े और स्थानीय सहायक पुलिस आयुक्तों सहित वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की समीक्षा करने के लिए मौके पर मौजूद थे।
पेंशन देने में देरी की तो अफसरों की सैलरी रोक दी
ट्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) ने एक पूर्व कर्मचारी की लंबित पेंशन और रिटायरमेंट लाभ के मामले में ग्रुप A और B अधिकारियों का वेतन रोक दिया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई है.
यमुना की सफाई में जुटे ‘बिट्टू तबाही’, IITian CEO बोले- प्रशासन को करारा तमाचा है
बिट्टू तबाही ने स्वयंसेवकों के साथ यमुना किनारे 4.5 घंटे तक सफाई अभियान चलाया और करीब 585 किलो कचरा हटाया। उनके काम की IIT दिल्ली के पूर्व छात्र और उद्यमी आलोक जैन ने तारीफ की और इसे प्रशासन को करारा तमाचा बताया।
जयपुर से 3500 KM तक दौड़ी कार... किसी गांव में हुनर मिला, कहीं इतिहास
राजस्थान को किलों, महलों और रेगिस्तान से आगे समझने के लिए एक Art Car ने 20 दिनों में 3,500 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया. मंडावा से अलवर तक 45 से अधिक जगहों पर पहुंची टीम ने गांवों, कारीगरों, लोककला, पारंपरिक खान-पान और स्थानीय जीवन की अनकही कहानियों को कैमरे में दर्ज किया.
मानव शरीर को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए विटामिन्स और खनिजों की एक संतुलित मात्रा की आवश्यकता होती है। इनमें से एक अत्यंत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जिंक (Zinc), जिसे एक आवश्यक ट्रेस मिनरल माना जाता है। चूंकि हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से जिंक का उत्पादन या भंडारण नहीं कर सकता, इसलिए इसकी दैनिक आपूर्ति पूरी तरह हमारे खानपान पर निर्भर करती है। कोशिकाओं के विभाजन, डीएनए निर्माण, घावों को जल्दी भरने, प्रोटीन संश्लेषण और सबसे बढ़कर इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में जिंक की केंद्रीय भूमिका होती है। जब शरीर में इस महत्वपूर्ण तत्व की कमी होती है, तो शरीर कई ऐसे स्पष्ट संकेत देने लगता है जिन्हें अक्सर लोग सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।शरीर में जिंक की कमी के प्रमुख लक्षण: इन संकेतों को कभी न करें अनदेखाजिंक की कमी होने पर शरीर के अलग-अलग अंगों में कई तरह की परेशानियां उभरने लगती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको लगातार इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर जिंक की कमी का संकेत हो सकता है:बार-बार बीमार पड़ना और कमजोर इम्यूनिटी: यदि आपको मौसम बदलते ही सर्दी, जुकाम या गले में खराश हो जाती है और ठीक होने में लंबा समय लगता है, तो इसका अर्थ है कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ चुकी है। जिंक टी-सेल्स (T-cells) को सक्रिय करता है, जो बाहरी वायरस और बैक्टीरिया से लड़ते हैं।अचानक तेजी से बालों का झड़ना: बालों की जड़ों को मजबूत रखने और स्कैल्प के टिश्यू रिपेयर के लिए जिंक बेहद जरूरी है। शरीर में जिंक का स्तर गिरते ही बाल तेजी से पतले होकर टूटने लगते हैं।घाव या चोट का देर से भरना: त्वचा पर लगा कोई छोटा सा कट या खरोंच यदि कई दिनों तक ठीक नहीं हो रहा है, तो यह जिंक की गंभीर कमी का परिचायक है। जिंक त्वचा की कोशिकाओं को दोबारा जोड़ने और कोलेजन उत्पादन में मदद करता है।स्वाद और गंध की पहचान कम होना: जिंक उन एंजाइम्स को नियंत्रित करता है जो हमारी जीभ और नाक की संवेदी तंत्रिकाओं को सक्रिय रखते हैं। इसकी कमी से खाने का स्वाद फीका लगने लगता है और भूख में भारी गिरावट आती है।त्वचा संबंधी समस्याएं और मुंहासे: त्वचा पर अचानक एक्ने, रैशेज, रूखापन या नाखूनों पर सफेद धारियां उभरना भी शरीर में जिंक के असंतुलन की ओर इशारा करता है।जिंक की कमी को तेजी से पूरा करने वाले बेहतरीन शाकाहारी फूड्सजो लोग पूरी तरह शाकाहारी जीवनशैली का पालन करते हैं, वे अपनी दैनिक डाइट में इन सुपरफूड्स को जोड़कर आसानी से जिंक की कमी को दूर कर सकते हैं:कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds): कद्दू के बीज जिंक के सबसे समृद्ध प्राकृतिक स्रोतों में से एक हैं। रोजाना एक से दो चम्मच भुने हुए कद्दू के बीज खाने से शरीर की जिंक की जरूरत का बड़ा हिस्सा आसानी से पूरा हो जाता है।चना, राजमा और दालें: उबले हुए काबुली चने, काला चना, राजमा, मूंग और मसूर की दाल में प्रोटीन और फाइबर के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में जिंक पाया जाता है। इन्हें स्प्राउट्स या सलाद के रूप में खाना और भी ज्यादा गुणकारी होता है।मेवे (काजू, बादाम और अखरोट): काजू जिंक का बहुत अच्छा स्रोत है। मुट्ठी भर मेवे रोजाना सुबह नाश्ते में लेने से शरीर को तुरंत ऊर्जा और आवश्यक खनिज मिलते हैं।मोटे अनाज (दलिया, रागी और ओट्स): साबुत गेहूं, ओट्स और क्विनोआ जैसे अनाजों में फाइटेट्स को कम करने के लिए इन्हें भिगोकर या पकाकर खाना चाहिए, जिससे जिंक का अवशोषण बेहतर हो सके।डेयरी उत्पाद (दूध, दही और पनीर): दूध और गाढ़ी दही में बायोअवेलेबल जिंक होता है, जिसे शरीर बहुत तेजी से और आसानी से सोख लेता है।नॉन-वेजिटेरियन विकल्प: इन खाद्य पदार्थों से शरीर को मिलता है उच्च गुणवत्ता वाला जिंकमांसाहारी खाद्य पदार्थों में मौजूद जिंक को मानव शरीर बेहद तेजी से अवशोषित करता है। यदि आप नॉन-वेज खाते हैं, तो ये चीजें आपके लिए सबसे उपयुक्त हैं:अंडे (Eggs): अंडे के पीले हिस्से (जर्दी) में अच्छा-खासा जिंक मौजूद होता है। रोजाना एक या दो उबले अंडे नाश्ते में शामिल करने से जिंक के साथ-साथ विटामिन बी12 और प्रोटीन भी मिलता है।चिकन और लीन मीट: चिकन ब्रेस्ट और मटन में जिंक की सघन मात्रा पाई जाती है, जो मांसपेशियों की मरम्मत और इम्यून बूस्टिंग में मददगार साबित होती है।सीफूड (विशेषकर ऑयस्टर और झींगा): ऑयस्टर (सीप) को दुनिया में जिंक का सबसे बड़ा प्राकृतिक पावरहाउस माना जाता है। इसके अलावा टूना, सैल्मन और क्रैब जैसे समुद्री आहार भी जिंक की प्रचुर आपूर्ति करते हैं।जिंक के बेहतर अवशोषण के लिए इन सावधानियों का रखें ध्यानखानपान में केवल जिंक शामिल करना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि शरीर उसे ठीक से सोख पा रहा है। चाय और कॉफी में मौजूद टैनिन जिंक के अवशोषण में बाधा डालते हैं, इसलिए खाना खाने के तुरंत बाद कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन न करें। इसके अलावा, फलियों और दालों को पकाने से पहले कुछ घंटों के लिए पानी में जरूर भिगोएं, जिससे उनमें मौजूद फाइटिक एसिड टूट जाता है और जिंक का एब्जॉर्प्शन बढ़ जाता है।यदि आप जिंक सप्लीमेंट्स या गोलियां लेने की योजना बना रहे हैं, तो हमेशा डॉक्टर या डाइटिशियन से परामर्श लें। आवश्यकता से अधिक जिंक का सेवन शरीर में कॉपर (तांबा) के स्तर को घटा सकता है और मतली या पेट दर्द की समस्या पैदा कर सकता है। प्राकृतिक भोजन से पोषक तत्व प्राप्त करना हमेशा सबसे सुरक्षित और स्थायी विकल्प होता है।
बिहार में गजब घोटाला! सभापति ने सास को दिलाया PM आवास, फिर उसी पर बना दिया ₹70 लाख का आलीशान मकान
हाजीपुर नगर परिषद की सभापति संगीता कुमारी पर 'आय से अधिक संपत्ति' और 'बेनामी संपत्ति' खरीदने का आरोप लगा है. डीएम वर्षा सिंह ने असिस्टेंट कलेक्टर की अध्यक्षता में टीम गठित कर 7 दिन में रिपोर्ट मांगी है.
मानव शरीर की संरचना में हड्डियां वह मजबूत ढांचा हैं जो हमें गतिशीलता, संतुलन और आंतरिक अंगों को सुरक्षा प्रदान करती हैं। आमतौर पर बीस और पच्चीस की उम्र तक हमारी हड्डियां अपने सबसे मजबूत दौर यानी पीक बोन मास (Peak Bone Mass) पर होती हैं। लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति 35 वर्ष की आयु का पड़ाव पार करता है, शरीर में हड्डियों के निर्माण की गति धीमी पड़ने लगती है और हड्डियों का क्षरण यानी बोन लॉस तेजी से होने लगता है। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या आगे चलकर ऑस्टियोपेनिया और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों में बदल जाती है, जिससे मामूली चोट पर भी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है।35 के बाद क्यों कमजोर पड़ने लगती हैं हड्डियां? समझिए जैविक कारण30 से 35 की उम्र के बाद शरीर में हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं। विशेष रूप से महिलाओं में एस्ट्रोजन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर में आने वाला क्रमिक उतार-चढ़ाव हड्डियों की खनिज संरचना (Bone Mineral Density) को प्रभावित करता है। इसके अलावा, आजकल की सेडेंटरी लाइफस्टाइल, धूप की कमी, लगातार कई घंटे एक ही जगह बैठकर काम करना, और जंक फूड का अत्यधिक सेवन हड्डियों से कैल्शियम को सोखने की शरीर की क्षमता को बेहद कमजोर बना देता है। इसका सीधा असर घुटनों के दर्द, पीठ दर्द, कंधों की अकड़न और जल्दी थकान के रूप में दिखने लगता है।डाइट में शामिल करें सुपरफूड्स: सिर्फ दूध ही नहीं, इन देसी चीजों से मिलेगा भरपूर कैल्शियमहड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम सबसे बुनियादी पोषक तत्व है, लेकिन 35 के बाद केवल एक गिलास दूध पीना पर्याप्त नहीं होता। अपने दैनिक भोजन में विविध प्रकार के कैल्शियम स्रोतों को शामिल करना बेहद जरूरी है:डेयरी उत्पाद: गाय या भैंस का ताजा दूध, दही, पनीर और छाछ का नियमित सेवन करें। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के स्वास्थ्य को सुधारकर पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ाते हैं।हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, बथुआ, चौलाई और ब्रोकली में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम पाया जाता है।तिल और चिया सीड्स: सफेद और काले तिल कैल्शियम के सबसे समृद्ध स्रोत माने जाते हैं। रोजाना एक चम्मच भुने हुए तिल का सेवन हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में चमत्कारी भूमिका निभाता है।रागी (मडुआ): मोटे अनाजों में रागी कैल्शियम का पावरहाउस है। गेहूं के आटे में रागी मिलाकर रोटी बनाएं या रागी का डोसा खाएं।मेवे और बीज: बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और अलसी में कैल्शियम के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो जोड़ों की सूजन को कम करते हैं।विटामिन D3 और K2 की कमी को कभी न करें नजरअंदाजआप चाहे जितना भी कैल्शियम युक्त भोजन खा लें, लेकिन अगर आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर कम है, तो आंतें उस कैल्शियम को सोखने में असमर्थ रहेंगी। भारतीय मौसम में सुबह की हल्की धूप में रोजाना 15 से 20 मिनट बिताना विटामिन डी प्राप्त करने का सबसे प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही विटामिन K2 हड्डियों में कैल्शियम को सही जगह यानी दांतों और हड्डियों तक पहुंचाने का काम करता है, ताकि वह धमनियों में जमा न हो। साल में कम से कम एक बार अपने विटामिन डी3 और बी12 के स्तर की जांच जरूर करवाएं और डॉक्टर की सलाह पर ही जरूरी सप्लीमेंट्स लें।वेट-बेयरिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को बनाएं दिनचर्या का हिस्साहड्डियों को मजबूत रखने के लिए शारीरिक व्यायाम उतना ही जरूरी है जितना कि सही खानपान। जब हम हड्डियों और मांसपेशियों पर थोड़ा दबाव डालते हैं, तो शरीर नई बोन सेल्स बनाने के लिए प्रेरित होता है।ब्रिस्क वॉक और जॉगिंग: रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट तेज कदमों से पैदल चलना पैरों और रीढ़ की हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद है।स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: हल्के डंबल्स के साथ व्यायाम, बॉडीवेट स्क्वैट्स और पुश-अप्स मांसपेशियों के साथ-साथ हड्डियों को घनत्व प्रदान करते हैं।योगासन: ताड़ासन, वीरभद्रासन (वॉरियर पोज), त्रिकोणासन और भुजंगासन जैसे योग मुद्राएं रीढ़, कूल्हों और जोड़ों के लचीलेपन और संतुलन को बेहतरीन बनाती हैं।इन बुरी आदतों को कहें अलविदा: हड्डियों को अंदर से खोखला कर देती हैं ये चीजेंहड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए कुछ चीजों से दूरी बनाना बेहद अनिवार्य है। अत्यधिक नमक (सोडियम) का सेवन पेशाब के रास्ते कैल्शियम को शरीर से बाहर निकाल देता है। इसके अलावा, कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे दिन में कई कप चाय-कॉफी, कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और पैकेटबंद प्रोसेस्ड स्नैक्स हड्डियों की डेंसिटी को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं। धूम्रपान (स्मोकिंग) और अत्यधिक शराब का सेवन हड्डियों की नई कोशिकाओं के विकास को पूरी तरह बाधित कर देता है, इसलिए 35 की उम्र के बाद इन आदतों पर तुरंत नियंत्रण लगाना बेहद आवश्यक है।नियमित जांच: बोन मिनरल डेंसिटी (BMD/DEXA) स्कैन क्यों है जरूरी?35 की उम्र के बाद जोड़ों से कट-कट की आवाज आना, लगातार पीठ में खिंचाव रहना या हल्की सी ठोकर पर तेज दर्द महसूस होना खतरे की घंटी हो सकता है। ऐसे लक्षणों को कभी सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज न करें। अपने ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से परामर्श लेकर हर दो साल में एक बार डेक्सा स्कैन (DEXA Scan) जरूर करवाएं। यह टेस्ट आपकी हड्डियों के वास्तविक घनत्व का सटीक आंकड़ा देता है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस की शुरुआती अवस्था में ही सही इलाज, लाइफस्टाइल बदलाव और डाइट प्लान के जरिए समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
Bikaner में Seva Sankalp कार्यक्रम में बोले CM Bhajan Lal Sharma, पंचायती राज चुनाव पर पूरा फोकस
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 24 सितंबर को बीकानेर में राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित ‘सेवा संकल्प’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज आपने हमारे युवाओं की उस यात्रा को देखा, जो माननीय प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वड़नगर, गुजरात से शुरू होकर उनकी कर्मभूमि वाराणसी तक गई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सेवा का संकल्प लेना है। इसे भी पढ़ें: Maithili Thakur बोलीं- बिहार में सुरक्षित हूं, तो भड़के लेखक Neeraj Pandey ने याद दिला दी जमीनी हकीकत! शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीकानेर का दौरा किया क्योंकि वड़नगर से वाराणसी की यात्रा के दौरान यह एक तय पड़ाव था। उन्होंने युवाओं को एक साथ मोटरसाइकिल पर यात्रा करते हुए देखकर खुशी और गर्व महसूस किया। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें शुभकामनाएं दीं। सेवा के काम लगातार किए जा रहे हैं। राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में शर्मा ने कहा कि अब ध्यान पंचायती राज चुनावों पर होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में मिली सफलता के बाद, अब हम पंचायती राज चुनावों की ओर बढ़ रहे हैं। मैं प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान में हुए उन कामों का ज़िक्र करना चाहूंगा, जिन्हें आप लगातार देख रहे हैं। उन्होंने जनता से सीधे जुड़ने में चुने हुए प्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका को माना और मोदी के नेतृत्व में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी सरकार और उसके कार्यकर्ताओं की ऐतिहासिक जीत के लिए राजस्थान की जनता का धन्यवाद किया। शर्मा ने किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों की ज़रूरतों के प्रति बहुत संवेदनशील है। हमारी सरकार लगातार किसानों के कल्याण के लिए काम कर रही है; खास तौर पर, MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर गेहूं की हमारी बढ़ी हुई खरीद से बीकानेर डिवीज़न को सबसे ज़्यादा फ़ायदा हुआ है। हालांकि पूरे राज्य को फ़ायदा हुआ है, लेकिन बीकानेर डिवीज़न को सबसे ज़्यादा लाभ मिला है, जो किसानों के हितों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। इसे भी पढ़ें: Nandigram Bypoll: BJP प्रत्याशी की उम्र विवाद पर Calcutta High Court में सुनवाई पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए, शर्मा ने पिछली सरकार के एक नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने के फैसले पर सवाल उठाया। शर्मा ने कहा उनसे बस इतना पूछिए: जब राजस्थान में आपकी सरकार सत्ता में थी, तो एक नगर निगम को दो हिस्सों में बांटने का क्या कारण था? उन्हें इसके पीछे का मकसद साफ करने दीजिए। चुनाव होने वाले थे; हमारे वार्ड बने हुए एक साल हो चुका था। तब उन्होंने कोई आपत्ति नहीं की थी। चुनाव हारने के बाद ऐसा क्या बदल गया कि अचानक वार्डों के बंटवारे को लेकर शिकायतें होने लगीं?
BSE पर आ गया NSE स्टॉक ... लिस्ट होते ही घंटेभर में 1 करोड़ शेयर ट्रेड!
NSE के शेयरों की ट्रेडिंग गुरुवार से BSE पर शुरू हो गई है. कमजोर लिस्टिंग के बाद एनएसई शेयर ने तेज रफ्तार भी पकड़ी और ये ऐसे समय में देखने को मिली, जबकि शेयर बाजार पूरी तरह क्रैश हो गया.
IRDAI Insurance Reforms: बीमा में बड़ा बदलाव क्यों चाहती है IRDAI? आपकी पॉलिसी, प्रीमियम और एजेंट पर क्या होगा असर भारत में बीमा कारोबार के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी है। बीमा नियामक IRDAI ने एक चर्चा पत्र के जरिए बीमा कंपनियों की ओर से बैंकों, ब्रोकरों और एजेंटों को पॉलिसी बेचने के लिए […] यह लेख IRDAI Insurance Overhaul: कमीशन पर लगाम से क्या सस्ती होगी आपकी बीमा पॉलिसी? समझिए पूरा बदलाव सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
बस बॉडी कोड, सख्त नियम! फिर भी क्यों सड़क पर दौड़ रहे मौत के ताबूत
Greater Noida Bus Fire: केंद्र सरकार ने स्लीपर बसों की सुरक्षा के लिए सख्त नियम बनाए हैं. लोकल और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स पर भी शिकंजा कसने की कोशिश हुई है. फिर भी सड़क पर सवाल वही है. नियम कागज पर हैं या वास्तविकता सड़क पर धू-धू कर जल रही है.
फलों से लिपटे मिले 500 के नोटों के कतरन! वायरल हो रहा ये वीडियो
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि फल की पेटियों में 500 और 100 रुपये के नोटों के कतरन डाले गए हैं. चलिए जानते हैं क्या है ये माजरा?
बॉलीवुड गलियारों से जब भी किसी सितारे की दरियादिली और समाज सेवा की बात आती है, तो अभिनेता विवेक ओबेरॉय का नाम हमेशा अग्रिम पंक्ति में लिया जाता है। हाल ही में कैंसर अवेयरनेस और 'रोज डे' के एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मंच पर एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं। यह कहानी है सहारा शाह की—एक ऐसी जांबाज लड़की, जिसने महज दो साल की मासूम उम्र में ब्लड कैंसर जैसी घातक बीमारी से जंग लड़ी, मौत के मुंह से बाहर निकलीं और अब भारतीय सिनेमा के रुपहले पर्दे पर बतौर अभिनेत्री अपना करियर शुरू करने जा रही हैं। उन्हें गोद लेकर नई जिंदगी देने वाले कोई और नहीं, बल्कि खुद विवेक ओबेरॉय हैं।जब महज दो साल की उम्र में सहारा को हुआ था ल्यूकेमिया, विवेक बने जीवनदातासहारा शाह की जिंदगी की शुरुआत बेहद दर्दनाक और संघर्षपूर्ण रही। जब वे सिर्फ दो वर्ष की थीं, तब डॉक्टरों ने उन्हें एक्यूट लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) डायग्नोज किया। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी सक्षम नहीं थी कि वे महंगे कीमोथेरेपी और अस्पताल के बड़े बिलों का बोझ उठा सकें। उस नाजुक मोड़ पर जब बच्ची की जिंदगी की उम्मीदें टूटने लगी थीं, तब विवेक ओबेरॉय देवदूत बनकर सामने आए। विवेक ने न केवल सहारा के संपूर्ण कैंसर इलाज, दवाओं और थेरेपी का पूरा वित्तीय जिम्मा उठाया, बल्कि भावनात्मक रूप से सहारा को अपनी बेटी की तरह गोद लेकर उनके सिर पर पिता जैसा साया रख दिया। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और विवेक के सहयोग की बदौलत सहारा ने कैंसर को जड़ से हरा दिया और आज वे पूरी तरह से कैंसर-मुक्त (Cancer-Free) स्वस्थ जीवन जी रही हैं।कैंसर अवेयरनेस मंच पर जब छलके आंसू: 'पापा ने मुझे नई सांसें दीं'हाल ही में आयोजित एक सार्वजनिक मंच पर जब सहारा शाह ने माइक थामा, तो उन्होंने भरे गले से अपने संघर्ष और विवेक ओबेरॉय के प्रति अपने सम्मान को साझा किया। सहारा ने कहा कि यदि उस वक्त विवेक ओबेरॉय ने उनका हाथ न थामा होता, तो शायद आज वे इस दुनिया में जीवित न होतीं। उन्होंने विवेक को अपना असली मसीहा और मार्गदर्शक बताया। अपनी बेटी के रूप में पली-बढ़ी सहारा को स्वस्थ और मंच पर आत्मविश्वास से खड़ा देख विवेक ओबेरॉय भी अपने आंसू नहीं रोक पाए और उन्होंने मंच पर ही सहारा को गले लगा लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग विवेक के इस मानवीय कदम की दिल खोलकर सराहना कर रहे हैं।अब फिल्मों में हीरोइन बनेंगी सहारा शाह: एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने की तैयारीकैंसर के खिलाफ जंग जीतना सहारा के हौसले का सिर्फ एक हिस्सा था; उनका असली सपना हमेशा से कला और अभिनय की दुनिया में अपना नाम कमाना रहा है। अब युवा हो चुकीं सहारा शाह ने औपचारिक रूप से एक्टिंग की ट्रेनिंग पूरी कर ली है और वे जल्द ही बड़े पर्दे पर बतौर मुख्य अभिनेत्री अपनी फिल्मी पारी की शुरुआत करने वाली हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, सहारा को एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए कास्ट किया गया है, जिसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। विवेक ओबेरॉय ने भी गर्व से बताया कि सहारा न केवल एक सर्वाइवर हैं बल्कि एक असाधारण प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जो अपनी मेहनत के दम पर सिनेमा में अपनी पहचान बनाएंगी।हजारों कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए मसीहा हैं विवेक ओबेरॉयसहारा शाह की कहानी कोई इकलौता उदाहरण नहीं है। विवेक ओबेरॉय पिछले दो दशकों से 'कैंसर पेशेंट्स एड एसोसिएशन' (CPAA) और अपनी सामाजिक संस्थाओं के जरिए हजारों बच्चों के कैंसर के इलाज का खर्च उठा रहे हैं। उन्होंने अब तक 2.5 लाख से अधिक गरीब बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और पुनर्वास में प्रत्यक्ष मदद की है। जब सुनामी आई थी या अन्य कोई राष्ट्रीय आपदा, विवेक हमेशा जमीन पर उतरकर राहत कार्यों में सबसे आगे रहे हैं। सहारा शाह की यह कामयाबी विवेक के उन अनगिनत परोपकारी प्रयासों का सबसे सुंदर और प्रेरणादायी चेहरा बनकर देश के सामने आई है।
आपका मामला तो 'आया राम, गया राम' जैसा है; कांग्रेस में शामिल हुए MLA से SC ने ऐसा क्यों कहा?
खैराताबाद के विधायक नागेंद्र को 23 अप्रैल 2024 से तेलंगाना विधानसभा के सदस्य के तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया था। BRS विधायक रहते हुए उन्होंने 2024 में कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था।
टेलीविजन जगत की दिग्गज और सबसे चहेती अभिनेत्रियों में शुमार श्वेता तिवारी एक बार फिर अपने कातिलाना अंदाज को लेकर सुर्खियों के केंद्र में आ गई हैं। छोटे पर्दे पर 'कसौटी जिंदगी के' की सीधी-सादी प्रेरणा बनकर घर-घर में पहचान बनाने वाली श्वेता आज असल जिंदगी में फिटनेस और ग्लैमर की सबसे बड़ी मिसाल बन चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नए फोटोशूट की तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें उनका बेबाक और दिलकश अंदाज देखकर फैंस ही नहीं बल्कि इंडस्ट्री के साथी कलाकार भी दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो गए हैं। उम्र के 45वें पड़ाव पर पहुंचकर भी जिस तरह उन्होंने खुद को मेंटेन किया है, वह हर किसी को हैरत में डाल रहा है।बॉडीकॉन ऑउटफिट में बिखेरा हुस्न का जादू: कैमरे के सामने दिए किलर पोज़सामने आई ताजा तस्वीरों में श्वेता तिवारी एक बेहद स्टाइलिश और बॉडी-फिटेड (बॉडीकॉन) ड्रेस में नजर आ रही हैं, जो उनके टोंड और कर्वी फिगर को बखूबी हाइलाइट कर रहा है। ड्रेस का कट और मॉडर्न डिजाइन उनके लुक को बोल्डनेस के साथ-साथ बेहद क्लासी टच दे रहा है। अपने इस सिजलिंग लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने सटल और ग्लोइंग न्यूड मेकअप का चुनाव किया है, जिसमें उनकी कजरारी आंखें और न्यूड शेड लिप्स उनके चेहरे के ग्लो को कई गुना बढ़ा रहे हैं। खुले, वेवी बालों और कानों में मिनिमल एक्सेसरीज के साथ श्वेता ने कैमरे के सामने एक से बढ़कर एक कातिलाना और कॉन्फिडेंट पोज दिए हैं, जिससे नजरें हटाना किसी के लिए भी नामुमकिन सा हो गया है।इंटरनेट पर मची सनसनी: फैंस बोले 'यह तो 25 साल की कॉलेज गर्ल जैसी दिखती हैं'जैसे ही श्वेता तिवारी की ये तस्वीरें इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव हुईं, कमेंट सेक्शन में तारीफों का सैलाब आ गया। फैंस से लेकर तमाम टीवी सेलेब्स तक उनके इस 'बेबी डॉल' लुक पर दिल खोलकर प्यार बरसा रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि श्वेता पर उम्र का कोई असर नहीं दिखता और वे अपनी बेटी पलक तिवारी की बड़ी बहन जैसी नजर आती हैं। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों के फैन पेजों पर उनका यह नया फोटोशूट तेजी से री-शेयर किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि 45 साल की उम्र में इस कदर की फिटनेस और ग्रेस बनाए रखना हर किसी के बस की बात नहीं है।45 की उम्र में भी ढाया कहर: क्या है श्वेता तिवारी की इस रिवर्स एजिंग का राज?श्वेता तिवारी की इस फिटनेस और खूबसूरती को देखकर अक्सर लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि उनकी इस सदाबहार जवानी का राज क्या है। श्वेता कई साक्षात्कारों में यह साफ कर चुकी हैं कि उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन किसी शॉर्टकट का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे वर्षों का सख्त अनुशासन, रोजाना हार्डकोर वर्कआउट और संतुलित खानपान शामिल है। वे नियमित रूप से वेट ट्रेनिंग, कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती हैं। इसके अलावा वे प्रोसेस्ड और ऑयली खाने से दूर रहकर हाई-प्रोटीन और फाइबर युक्त देसी डाइट को प्राथमिकता देती हैं। मानसिक शांति के लिए योग और मेडिटेशन भी उनकी डेली लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा है, जिसका सीधा असर उनके चेहरे की चमक पर झलकता है।छोटे पर्दे की 'प्रेरणा' से लेकर डिजिटल क्वीन तक का शानदार सफरश्वेता तिवारी का करियर केवल उनकी खूबसूरती तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अभिनय के मामले में भी भारतीय टेलीविजन की सबसे सशक्त अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। 'कसौटी जिंदगी के', 'परवरिश', 'मेरे डैड की दुल्हन' जैसे सुपरहिट धारावाहिकों से उन्होंने अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। इसके अलावा वे रियलिटी शो 'बिग बॉस सीजन 4' की विजेता रहीं और 'खतरों के खिलाड़ी' में अपने खतरनाक स्टंट्स से सबको चौंका दिया। आज के दौर में जब कई समकालीन अभिनेत्रियां स्क्रीन से दूर हो चुकी हैं, श्वेता ओटीटी प्रोजेक्ट्स, वेब सीरीज और ग्लैमरस फोटोशूट्स के जरिए लगातार इंडस्ट्री में प्रासंगिक और बेहद लोकप्रिय बनी हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट में MLA नागेंद्र को झटका, पाला बदलने पर कोर्ट ने ये पूछा
तेलंगाना के खैरताबाद से विधायक दानम नागेंद्र की विधानसभा सदस्यता का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. हाईकोर्ट से सदस्यता गंवाने के बाद राहत की उम्मीद लेकर पहुंचे नागेंद्र को शीर्ष अदालत से भी फिलहाल राहत नहीं मिली. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दल-बदल के कानूनी पहलू पर सवाल उठाते हुए पूछा कि किसी विधायक का अपनी पुरानी पार्टी में लौट जाने से क्या उसकी अयोग्यता खत्म हो जाती है.

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