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'असम पुलिस ने आशुतोष रांका समेत 40 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया', अभिजीत दीपके का दावा

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि असम पुलिस ने सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और 40 कार्यकर्ताओं को गुवाहाटी में हिरासत में लिया है।

जागरण 28 Sep 2026 12:52 am

एलपीयू में थम नहीं राह छात्रों का गुस्सा, कैंपस में सुने गए धमाके; जलाईं पुलिस की गाड़ियां

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को यूनिवर्सिटी के कैंपस में धमाका सुना गया। इसमें कई पुलिसवाले भी घायल हो गए। भीड़ ने पुलिस के तीन वाहनों में भी आग लगा दी।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Sep 2026 12:41 am

त्रिपुरा में आज ग्राम समिति चुनाव: 1,095 केंद्रों पर 6.65 लाख मतदाता डालेंगे वोट, 7,300 मतदानकर्मी तैनात

त्रिपुरा में आज ग्राम समिति चुनाव: 1,095 केंद्रों पर 6.65 लाख मतदाता डालेंगे वोट, 7,300 मतदानकर्मी तैनात- Tripura Gram Samiti elections today 6.65 lakh voters to cast ballots 7300 polling personnel deployed

अमर उजाला 28 Sep 2026 12:40 am

पढ़ें 28 सितम्बर के मुख्य और ताजा समाचार - लाइव ब्रेकिंग न्यूज

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अमर उजाला 28 Sep 2026 12:40 am

पश्चिम बंगाल: कोलकाता के एसआरएफटीआई में भिड़े एसएफआई और ग्राहक पंचायत के लोग, जानें किस बात पर हुआ विवाद?

पश्चिम बंगाल: कोलकाता के एसआरएफटीआई में भिड़े एसएफआई और ग्राहक पंचायत के लोग, जानें किस बात पर हुआ विवाद?- SFI and Grahak Panchayat members clash at West Bengal Kolkata SRFTI find out what sparked the dispute

अमर उजाला 28 Sep 2026 12:40 am

यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस और जर्मनी के विदेश मंत्रियों की हुई मीटिंग, क्या हैं इसके मायने

जर्मनी में AfD के बढ़ते कदमों से अब सरकार रूस के मामले में नरम रुख अपनाने पर बाध्य हो रही है. ये यूक्रेन के लिए खतरे की बात है, क्योंकि जर्मनी यूक्रेन का सबसे बड़ा समर्थक अब तक इस युद्ध में रहा है. अगर उसने भी अपने पैर खींच लिए तो फिर अन्य देश भी पीछे हटने से नहीं चूकेंगे.

NDTV इंडिया 28 Sep 2026 12:08 am

लद्दाख हिंसा का एक साल: सोनम वांगचुक ने कर दी बड़ी मांग, पुलिस एक्शन पर उठाए सवाल

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख हिंसा के एक साल बाद न्यायिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पीड़ितों को अधिक मुआवजा देने और जवाबदेही तय करने की मांग की है।

जागरण 28 Sep 2026 12:02 am

'राम जन्मभूमि आंदोलन से देश को जोड़ा', अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह में बोले चंपत राय

चंपत राय ने अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी पर राम जन्मभूमि आंदोलन में उनके योगदान और राष्ट्र को एकजुट करने के प्रयासों को याद किया।

जागरण 27 Sep 2026 11:56 pm

Bank Strike Deferred:

Bank Strike Deferred:

वन इंडिया 27 Sep 2026 11:55 pm

UP में AI और Semiconductor हब बनेगा नया आधार, सुनील शर्मा बोले- कृषि से जुड़ेगा तकनीक का भविष्य

उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि राज्य अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण का केंद्र नहीं बल्कि कृत्रिम मेधा (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। शर्मा ने ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य में एआई और आईटी का कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि अधिकतर स्टार्टअप खाद्य आपूर्ति क्षेत्र से जुड़े हैं, जबकि कृषि में एआई के इस्तेमाल वाले स्टार्टअप की संख्या कम है। शर्मा ने कहा कि यह एक बड़ा अवसर है और तकनीक आधारित समाधानों से किसानों की आय तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए नीतियों में लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है और पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 11:53 pm

ड्यूटी पर तैनात महिला SI से बदसलूकी, फिटनेस क्लब के मालिक के खिलाफ केस दर्ज

हैदराबाद में गणेश विसर्जन बंदोबस्त ड्यूटी कर रही एक महिला सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप में एक फिटनेस क्लब के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

आज तक 27 Sep 2026 11:52 pm

आज से होने वाली बैंकों की हड़ताल टली, IBA और UFBU की बैठक के बाद फैसला

सोमवार से तीन दिनों तक होने वाली बैंकों की हड़ताल टल गई है। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद तीन दिनों की बैंक हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया गया।

खबर इंडिया टीवी 27 Sep 2026 11:52 pm

आंध्र प्रदेश में सहकारी चीनी मिलों के निजीकरण पर भड़की YSRCP, TDP सरकार से की फैसले वापस लेने की मांग

युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आंध्र प्रदेश में तेदेपा-नीत गठबंधन सरकार द्वारा सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों के मुद्रीकरण और बिक्री के निर्णय का कड़ा विरोध किया है।

जागरण 27 Sep 2026 11:49 pm

AIIMS Jodhpur के कार्यकारी निदेशक का दिल्ली तबादला, रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म

राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन पुरी का रविवार को तत्काल प्रभाव से दिल्ली तबादला किये जाने के बाद प्रथम वर्ष के एक रेजिडेंट चिकित्सक की मौत को लेकर पिछले पांच दिन से प्रदर्शन कर रहे रेजिडेंट चिकित्सकों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली। एम्स-जम्मू के निदेशक डॉ. संजीव सिन्हा को एम्स-जोधपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बातचीत के बाद सरकार ने चिकित्सकों की मांगें मान लीं। एनेस्थीसिया विभाग के प्रथम वर्ष के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. राज नरेश यादव (29) गत 22 सितंबर को चिकित्सकों के विश्राम कक्ष के शौचालय में मृत पाए गए थे। आशंका जताई गई थी कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद करीब 450 रेजिडेंट चिकित्सकों ने 24 सितंबर से हड़ताल शुरू कर दी थी। वे एम्स प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई और कामकाज की परिस्थितियों से जुड़े अन्य उपायों को लागू करने की मांग कर रहे थे। शेखावत ने कहा कि रेजिडेंट चिकित्सक शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और जोधपुर के प्रतिनिधि के तौर पर इसका समाधान निकालना उनकी जिम्मेदारी थी, खासकर इसलिए क्योंकि इससे मरीज भी प्रभावित हो रहे थे। शनिवार को शेखावत ने एम्स-जोधपुर का दौरा किया और रेजिडेंट चिकित्सकों से बातचीत की। उन्होंने नड्डा के सामने उनकी मांगों की सूची रखी और रेजिडेंट चिकित्सकों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की। रविवार दोपहर को मंत्री ने खुद प्रदर्शनकारियों को सरकार के फैसलों के बारे में जानकारी दी। डॉ. पुरी के तबादले के अलावा, सरकार ने काम के अधिक बोझ और तनाव को देखते हुए रेजिडेंट चिकित्सकों के लगातार ड्यूटी के घंटों को ज्यादा से ज्यादा 12 घंटे तक सीमित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही एम्स-जोधपुर का पुस्तकालय भी छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे खुला रहेगा।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 11:43 pm

बेंगलुरु में बड़ा हादसा टला, रनवे से टकराया IndiGo का विमान, हादसे के बाद रोकी प्लेन की उड़ान

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान आज इंडिगो की एक फ्लाइट के साथ बड़ा विमान हादसा टल गया। गुवाहाटी से आ रही फ्लाइट 6E 6542 को पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान को वापस ऊपर उठाना पड़ा। दूसरी बार लैंडिंग करते समय विमान की पूंछ रनवे से टकरा ...

वेब दुनिया 27 Sep 2026 11:41 pm

भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में उतरा करंट, BJYM नेता की तड़पकर मौत

भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात करंट लगने से भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई. वह परिवार के साथ डीबी मॉल पहुंचे थे. सड़क पार करते समय खंभा पकड़ते ही उन्हें करंट लग गया. उनकी पत्नी भी चपेट में आईं, लेकिन अलग हो गईं. पुलिस ने CPR के बाद अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित किया गया.

आज तक 27 Sep 2026 11:40 pm

रामदास आठवले ने CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव किया, SIR को बताया चुनावी शुचिता के लिए जरूरी

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताया।

जागरण 27 Sep 2026 11:37 pm

CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पत्र फर्जी, Election Commission ने किया स्पष्ट

निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कथित त्यागपत्र को रविवार को ‘फर्जी’ करार दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित और कुमार के कथित हस्ताक्षर वाले एक पत्र को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त पद से उनके इस्तीफे की घोषणा का दावा किया गया था। इस कथित ‘‘त्यागपत्र’’ पर प्रतिक्रिया देते हुए निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने इसे ‘‘फर्जी’’ बताया। विपक्ष, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसलों और आदेशों को लेकर निर्वाचन आयुक्तों एस एस संधू और विवेक जोशी तथा कुमार के बीच कथित मतभेदों की खबर के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को बताया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े सभी आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बाद ही जारी किए गए हैं। आयोग ने यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 11:33 pm

भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया, गिल-कोहली का शतक

भारत ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में 8 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान शुभमन गिल ने 110 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए।

आज तक 27 Sep 2026 11:32 pm

केशव मौर्य ने कहा कि SIR पर राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी दुष्प्रचार बंद कर देश से माफी मांगें

श्री मौर्य ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता को भ्रमित करने की राजनीति अधिक समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि एक गांव में एक व्यक्ति रहता था, जो बिना भेड़िया आए बार-बार चिल्लाता था—‘भेड़िया आया, भेड़िया आया।’ जब वास्तव में भेड़िया आया तो उसकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा। विपक्ष के नेताओं की स्थिति भी कुछ ऐसी ही हो गई है। झूठ इतना ही बोलना चाहिए जितना जनता के बीच चल सके, लेकिन विपक्ष के लोग सत्ता वियोग में झूठ बोलने की ऑटोमैटिक मशीन बन चुके हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब दुष्प्रचार और झूठ की राजनीति को समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि PDA का कोई भविष्य नहीं है। भाजपा ही वास्तविक अर्थों में समाज के हर वर्ग, गरीब, किसान, नौजवान, महिला और वंचित समाज की सेवा कर रही है और आगे भी करती रहेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 11:27 pm

भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने पर जुटा, Rajnath Singh ने चुनौतियों के बीच जताया अडिग संकल्प

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है और इस राह में चुनौतियां होंगी, लेकिन देश का संकल्प अडिग है। सिंह ने कहा कि भारत अगले दो दशकों के युद्ध को ध्यान में रखते हुए अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहा है। पाकिस्तान की ओर परोक्ष इशारा करते हुए सिंह ने यह भी कहा कि जब तक ‘‘हमारा पड़ोसी देश आतंकवाद को सरकार की नीति के रूप में जारी रखता है, तब तक भारत उसके खिलाफ हर तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।’’सिंह ‘एनडीटीवी रक्षा सम्मेलन’ के एक सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस सत्र में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सशस्त्र बलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं। सिंह ने यह भी कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी। उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया। विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है। हमारा लक्ष्य है - बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 11:23 pm

बैंक यूनियनों ने टाली अपनी हड़ताल, आम लोगों के लिए बड़ी राहत

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच रविवार को हुई बैठक के बाद प्रस्तावित बैंक हड़ताल टाल दी गई है.

आज तक 27 Sep 2026 11:21 pm

'शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहें', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि वह अपनी 'सरकारी नीति के तहत आतंकवाद' जारी रखता है, तो भारत किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।

जागरण 27 Sep 2026 11:16 pm

बाप-बेटे को पीटा, डेढ़ लाख रुपये और चेन लूटी... 2 इनामी आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के धौलपुर में नमकीन फैक्ट्री संचालक पिता-पुत्र पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दोनों पर 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित था. 21 अगस्त को बदमाशों ने फैक्ट्री में घुसकर लाठी-डंडे और बेसबॉल बैट से हमला किया था. वारदात CCTV में कैद हुई थी.

आज तक 27 Sep 2026 11:14 pm

प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक नीति से खुल रहे उ0प्र0 में दुनिया के बाजार: केशव प्रसाद मौर्य

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी विदेश नीति और वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती आर्थिक पहचान का लाभ उत्तर प्रदेश के किसानों, उद्यमियों और व्यापारियों को मिल रहा है। दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत के बढ़ते व्यापारिक संबंधों ने प्रदेश के स्थानीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार के नए द्वार खोले हैं। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 इसी बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है।उत्तर प्रदेश मंडप में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 (यूपीएफपीपी-2023) के अंतर्गत लाभान्वित उद्यमियों के लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।खाद्य एवं प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने बताया कि विभाग द्वारा विभिन्न देशों के साथ किये गये व्यापारिक समझौते इस प्रकार हैं -1 किसान मल्टीपर्पज प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, मेरठ द्वारा एस्टोनिया की एवीटेरा (AVETERA) के साथ गुड़/चीनी उत्पादों के संबंध में जापान के साथ बेकरी एवं गुड़ उत्पादों के संबंध में व्यापारिक समझौता हुआ।2 भगवती गुड़ उद्योग, बिजनौर द्वारा ताइवान की इंडिया शॉप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।3 जैंक्रिकेशन एलएलपी, लखनऊ द्वारा ऑस्ट्रेलिया की हरिओम फूड प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 5,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुआ।4 बेसिक आयुर्वेदा लिमिटेड, गाजियाबाद द्वारा यूरोप की केपीएम ग्रुप के साथ लगभग 1,000 अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते का विवरण।5 अनुभी एंटरप्राइजेज, मेरठ द्वारा वियतनाम की ए. तुआन खान्ह ज्वाइंट स्टॉक कंपनी के साथ व्यापारिक समझौता।6 अमृत एग्रो फूड प्रोडक्ट्स, गोरखपुर द्वारा क्यूबा की सांता क्लारा, क्यूबा स्थित व्यापारिक संस्था के साथ व्यापारिक समझौता।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 11:13 pm

Pravesh Verma के थप्पड़ मारने पर BJP ने जताया खेद, आप विधायक पर लगाया उकसाने का आरोप

तिलक नगर में एक सड़क निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारे जाने की घटना पर खेद जताते हुए भाजपा की दिल्ली इकाई ने रविवार को दावा किया कि उक्त व्यक्ति आदतन अपराधी है और पहले नगर निगम (एमसीडी) के एक कर्मचारी के साथ मारपीट के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने एक बयान में यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह निरीक्षण के दौरान पार्टी के 50 कार्यकर्ताओं को साथ लाकर वर्मा को उकसाने और ‘‘अशोभनीय एवं असभ्य’’ व्यवहार करने लगे थे। इससे पहले वर्मा ने दावा किया था कि सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान जरनैल सिंह के सहयोगी बताए जा रहे साहेब सिंह ने उनके परिवार के खिलाफ अपशब्द कहे थे। भाजपा ने आरोप लगाया कि साहेब सिंह ‘‘आदतन अपराधी’’ है और उसके खिलाफ एमसीडी के एक कर्मचारी के साथ मारपीट का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। कपूर ने कहा, ‘‘विकासपुरी में जो हुआ, वह गलत था और पीडब्ल्यूडी मंत्री ने भी इसे स्वीकार किया है। हम सभी को इसका खेद है। लेकिन विधायक जरनैल सिंह को बताना चाहिए कि मंत्री द्वारा पहले से सूचित किए जाने के बावजूद वह 45 मिनट देर से क्यों पहुंचे और भीड़ के साथ क्यों आए?’’कपूर ने आरोप लगाया कि जरनैल सिंह ने जिस तरह “जानबूझकर वर्मा को उकसाया”, उससे उन्हें याद आया कि आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने इसी तरह की “साजिश” के जरिए दिल्ली के मुख्य सचिव और अपनी ही पार्टी की एक सांसद के साथ मारपीट करवाई थी।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 11:12 pm

36 हजार करोड़ के गंगा एक्सप्रेसवे पर भरा पानी, मछली पकड़ने पहुंचे लोग

Ganga Expressway Waterlogging Unnao: 36 हजार करोड़ की लागत से बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक (उन्नाव) टोल प्लाजा पर भरा पानी. जलमग्न रोड पर जाल डालकर मछली पकड़ते दिखे लोग. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

आज तक 27 Sep 2026 11:11 pm

द्वितीया तिथि का श्राद्ध कल, जानें तर्पण-पिंडदान का श्रेष्ठ समय और विधि

शास्त्रों में पितरों के तर्पण और श्राद्ध के लिए कुतुप वेला को सबसे उत्तम माना गया है. यह समय दोपहर के आस-पास पड़ता है. 28 सितंबर को कुतुप काल दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा. लेकिन अलग-अलग शहरों में इसका समय एक-दूसरे से थोड़ा अलग हो सकता है.

आज तक 27 Sep 2026 11:09 pm

LPU कैंपस में फिर बवाल: हिंसक छात्रों ने वाहनों में लगाई आग, कई पुलिसकर्मी घायल, आखिर क्यों फूटा गुस्सा?

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह को लेकर छात्रों का प्रदर्शन हिंसक हो गया. छात्रों और पुलिस के बीच झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया. देर रात तक विश्वविद्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा.

NDTV इंडिया 27 Sep 2026 11:08 pm

'ई-रिक्शा ले लो, नौकरी छोड़ो', UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के वायरल वीडियो का क्या है सच?

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का ई-रिक्शा वाला वीडियो वायरल हुआ. एनडीटीवी की पडताल में इसका सच सामने आया.

NDTV इंडिया 27 Sep 2026 11:06 pm

कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म इंस्टीट्यूट में झड़प; कई छात्र और प्रोफेसर घायल, भारी पुलिस तैनात

छात्रों ने आरोप लगाया कि अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत (ABGP) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने बेहद भड़काऊ भाषण दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो संगठन के सदस्यों ने उनकी पिटाई कर दी।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 11:05 pm

होर्मुज पर ईरान का 7 दिन वाला ऑफर, शर्तें माने अमेरिका तो खोल देंगे जलडमरूमध्य; ट्रंप ने ठुकराया प्रस्ताव

ईरान ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए 7 दिन का प्रस्ताव दिया है, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और संपत्ति जारी करने की शर्तें शामिल हैं।

जागरण 27 Sep 2026 11:04 pm

Election Commission के खिलाफ शिवाजी पार्क में कॉजपा के प्रदर्शन पर Mumbai Police की रोक

मुंबई पुलिस ने रविवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के दो अक्टूबर को शिवाजी पार्क में निर्वाचन आयोग (ईसीआई) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। पुलिस ने उच्च न्यायालय के निर्देशों, नगर निकाय की अनुमति न होने और यातायात में बाधा की आशंका का हवाला देते हुए ऐसा किया। एक अधिकारी ने बताया कि अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाले संगठन के विरोध प्रदर्शन की अनुमति के लिए 26 सितंबर को सामाजिक कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे द्वारा एक आवेदन प्रस्तुत किया गया था। शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन द्वारा जारी औपचारिक पत्र में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मौजूदा आदेशों और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के तहत पुलिस विभाग को इस मैदान में सार्वजनिक सभाओं की अनुमति देने का अधिकार नहीं है। पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया कि आवेदक मैदान के उपयोग के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) का अनिवार्य अनुमति पत्र प्रस्तुत करने में विफल रहा। पुलिस ने कहा कि शिवाजी पार्क एक घोषित शांत क्षेत्र है, जो आवासीय क्षेत्रों से घिरा हुआ है, जिससे ध्वनि प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं। इसके अलावा, अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से भारी यातायात जाम होने और आसपास स्थित कई प्रमुख अस्पतालों के लिए आपातकालीन वाहनों (जैसे एम्बुलेंस) की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। आयोजक को मुंबई में अन्य वैकल्पिक स्थानों की तलाश करने की सलाह देते हुए पुलिस ने कहा कि यदि किसी अन्य स्थान के लिए नया आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो सक्षम प्राधिकार लागू नियमों और विनियमों के अनुसार उस पर विचार करेगा। कॉजपा ने पहले घोषणा की थी कि वह मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह लामबंदी एक समाचार रिपोर्ट के बाद सामने आई है, जिसमें कहा गया था कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से संबंधित निर्णयों और आदेशों पर कई अवसरों पर आपत्तियाँ जताई थीं। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतभेद और अलग-अलग विचार संस्थागत चर्चाओं का एक सामान्य हिस्सा हैं, और उसके सभी आदेशों को पूर्ण कानूनी मान्यता प्राप्त है और वे वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 11:03 pm

असम पुलिस की हिरासत से छूटे कॉकरोच के आशुतोष रांका, क्यों कहा- सॉरी शक्तिमान

कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संस्थापक आशुतोष रांका रविवार को असम पुलिस की हिरासत से छूट गए। इसको लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया। आशुतोष ने लिखा कि असम पुलिस की गैरकानूनी हिरासत खत्म हो गई।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 11:00 pm

UPI New MDR Row: मोबाइल दुकानों पर 2 अक्टूबर को ढक दिए जाएंगे QR कोड! 0.4% चार्ज के विरोध में 'नो यूपीआई डे' का ऐलान

देश भर में डिजिटल पेमेंट की रीढ़ बन चुके यूपीआई (UPI) के कमर्शियल मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर खुदरा व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) मनाने की घोषणा की है। इस दिन देश भर के लाखों मोबाइल रिटेलर्स अपनी दुकानों पर लगे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम और भारतपे जैसे सभी यूपीआई क्यूआर कोड्स (QR Codes) को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे और दिन भर किसी भी ग्राहक से यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यह विरोध 15 अक्टूबर से लागू होने वाले उस नए नियम के खिलाफ है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया है।2 अक्टूबर को क्यूआर कोड क्यों ढक रहे हैं मोबाइल रिटेलर्स?एसोसिएशन के अनुसार, यह कदम सरकार या डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं, बल्कि कम मार्जिन पर काम करने वाले खुदरा व्यापारियों की आजीविका को बचाने का एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध है।काले कपड़े से ढकेंगे क्यूआर कोड: 2 अक्टूबर को मोबाइल स्टोर्स पर क्यूआर स्टैंड्स को काले कपड़े से कवर किया जाएगा, ताकि ग्राहकों और सरकार का ध्यान इस नए वित्तीय बोझ की ओर आकर्षित किया जा सके।नकद और कार्ड से ही होगा काम: इस एक दिन के लिए मोबाइल फोन विक्रेता केवल कैश (नकदी) या पारंपरिक माध्यमों से ही भुगतान लेंगे, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यदि डिजिटल भुगतान महंगा हुआ, तो व्यापारी पुनः नकदी की ओर लौटने को मजबूर हो जाएंगे।15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है: 0.4% MDR का पूरा गणितनए भुगतान फ्रेमवर्क के तहत, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के कमर्शियल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शंस पूरी तरह निःशुल्क नहीं रहेंगे:0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट: ₹2,000 से अधिक की खरीदारी पर मर्चेंट को 0.4 प्रतिशत का शुल्क चुकाना होगा। उदाहरण के लिए, यदि ग्राहक ₹5,000 का स्मार्टफोन एक्सेसरी खरीदता है तो दुकानदार को ₹20 कटेंगे। यदि ₹50,000 का फोन खरीदा जाता है, तो दुकानदार के खाते से सीधे ₹200 का एमडीआर काट लिया जाएगा।अधिकतम सीमा (Cap): ₹75,000 या उससे अधिक के किसी भी बड़े बिल पर एमडीआर की अधिकतम सीमा ₹300 तय की गई है।छोटे वेंडर्स सुरक्षित: महीने में ₹1 लाख तक का टर्नओवर लेने वाले छोटे रेहड़ी-पटरी वालों और किराना दुकानदारों (P2PM श्रेणी) तथा आम नागरिकों के आपसी ट्रांसफर (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।मोबाइल विक्रेताओं का तर्क: स्मार्टफोन रिटेल में मार्जिन पहले से ही बेहद कममोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन बिक्री का बिजनेस बहुत पतले ग्रॉस मार्जिन (2% से 4%) पर चलता है:सीधा मासिक नुकसान: यदि एक सामान्य छोटा दुकानदार महीने में 5 लाख से 30 लाख रुपये का फोन स्टॉक यूपीआई से बेचता है, तो उसे ₹2,000 से लेकर ₹12,000 प्रति माह का शुद्ध नुकसान केवल एमडीआर शुल्क के रूप में उठाना पड़ेगा।सालाना 500 करोड़ का बोझ: एसोसिएशन का अनुमान है कि 0.4% का यह मामूली दिखने वाला शुल्क देश भर के मोबाइल दुकानदारों पर सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का असहनीय वित्तीय बोझ डाल देगा।'जीरो एमडीआर' की मांग: रिटेलर्स की साफ मांग है कि यदि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है, तो यूपीआई मर्चेंट भुगतानों को हमेशा की तरह 0% एमडीआर के दायरे में ही रखा जाना चाहिए।सरकार और वित्त मंत्रालय का पक्ष: आम जनता की जेब से नहीं कटेगा पैसाइस विवाद के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बैंकिंग तंत्र ने साफ किया है कि यह शुल्क कोई सरकारी टैक्स या सेस नहीं है और इसका पैसा भारत सरकार के खजाने में नहीं जाएगा। यह पेमेंट इकोसिस्टम (जैसे अधिग्रहणकर्ता बैंक, ग्राहक का बैंक और यूपीआई नेटवर्क प्रदाता) के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए तय की गई सेवा लागत है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इसका भार अंतिम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।हालांकि, मोबाइल रिटेलर्स का कहना है कि दुकानदारों के मार्जिन से पैसा कटना सीधे तौर पर उनके मुनाफे पर चोट है, जिसके चलते 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' के जरिए वे अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:57 pm

LPG Cylinder New Rules 2026: 1 अक्टूबर से बदल गए एलपीजी गैस सिलेंडर के 5 बड़े नियम! बुकिंग से पहले जान लें, वरना अटक जाएगी रिफिल और सब्सिडी

रसोई गैस का उपयोग करने वाले देश के 30 करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर से एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, सब्सिडी और डिलीवरी से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने सरकारी सब्सिडी के दुरुपयोग, कमर्शियल इस्तेमाल और फर्जी गैस कनेक्शनों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए नए दिशा-निर्देश अनिवार्य कर दिए हैं। यदि आपने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की अनिवार्य बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है या नए बुकिंग नियमों की जानकारी नहीं रखी है, तो 1 अक्टूबर से आपकी सब्सिडी रुक सकती है और रिफिल बुकिंग में गंभीर अड़चनें आ सकती हैं। त्योहारों के सीजन में गैस चूल्हा ठंडा न पड़े, इसके लिए इन 5 बड़े बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।1. बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA/e-KYC) हुआ अनिवार्य1 अक्टूबर से लागू हो रहे नियमों में सबसे अहम बदलाव बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता है। सरकार के अनुसार, घरेलू सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर का फायदा केवल वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए प्रत्येक कनेक्शन को उपभोक्ता के आधार बायोमेट्रिक से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। देश में लगभग 90 प्रतिशत सक्रिय उपभोक्ता यह सत्यापन पूरा करा चुके हैं। जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी भी लंबित है, उनके लिए 1 अक्टूबर से सब्सिडी दर पर रिफिल बुकिंग की सुविधा तब तक रोक दी जाएगी जब तक वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेते।2. ई-केवाईसी न कराने पर रुकेगी सब्सिडी, चुकाना होगा पूरा बाजार भावजिन उपभोक्ताओं ने 30 सितंबर तक अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं कराया है, उनका गैस कनेक्शन काटा नहीं जाएगा, लेकिन उन्हें मिलने वाली प्रति सिलेंडर सरकारी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। ऐसे उपभोक्ताओं को नॉन-सब्सिडी श्रेणी में डालकर केवल मार्केट रेट (पूरी बाजार कीमत) पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी कराने में असमर्थ या अनिच्छुक है, तो उसे तेल कंपनियों के पोर्टल पर घोषणा दर्ज करनी होगी और उसे बिना सब्सिडी के केवल 5 या 10 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर ही उपलब्ध कराए जाएंगे।3. बुकिंग इंटरवल में बदलाव: अब 25 दिन का समान नियमसरकार ने दो सिलेंडर बुकिंग के बीच के अनिवार्य समयांतराल (Booking Interval Gap) के नियमों को भी एक समान कर दिया है। पहले जहां ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरी रिफिल बुक कराने के लिए 45 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब देश भर के सभी शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि घटाकर एक समान 25 दिन कर दी गई है। यानी पिछला सिलेंडर घर पहुंचने के ठीक 25 दिन पूरे होने के बाद ही सिस्टम अगले सिलेंडर की बुकिंग स्वीकार करेगा, जिससे ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगेगी।4. डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के बिना नहीं मिलेगा सिलेंडरसुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) प्रणाली को और सख्त कर दिया गया है। जब भी कोई ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से रिफिल बुक करेगा, तो उसके मोबाइल पर 4 या 6 अंकों का एक यूनिक डीएसी (DAC) कोड एसएमएस के जरिए भेजा जाएगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंचेगा, तो उसे यह कोड बताना अनिवार्य होगा। डिलीवरी पर्सन अपनी मोबाइल मशीन में कोड दर्ज करेगा, तभी डिलीवरी सफल मानी जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति या गलत पते पर सिलेंडर पहुंचाने की हेराफेरी रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।5. 1 अक्टूबर को जारी होंगी नई कीमतें, फर्जी कनेक्शन होंगे ब्लॉकहर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अक्टूबर को भी अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस की दरों के आधार पर घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के संशोधित दाम घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही, तेल कंपनियां नए डेटाबेस की मदद से एक ही नाम, एक ही पते या फर्जी आधार पर चल रहे डुप्लीकेट और अवैध कनेक्शनों को चिन्हित कर स्थायी रूप से ब्लॉक करने की कार्रवाई शुरू कर रही हैं।घर बैठे या डिलीवरी के समय कैसे पूरी करें बायोमेट्रिक e-KYC?उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को बेहद आसान और तीन अलग-अलग विकल्पों के साथ उपलब्ध कराया है:घर बैठे मोबाइल ऐप से: गूगल प्ले स्टोर से अपनी गैस एजेंसी का ऐप (जैसे Indane का IndianOil ONE, Bharatgas का HelloBPCL या HP Gas का HP Pay) डाउनलोड करें। साथ ही यूआईडीएआई का 'Aadhaar FaceRD' ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में लॉगिन कर 'Aadhaar e-KYC' विकल्प पर जाएं और कैमरे के सामने पलकें झपकाकर फेस-ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी पूरी करें।सिलेंडर डिलीवरी के समय: जब डिलीवरी बॉय आपके घर रिफिल देने आए, तो आप उसके पास मौजूद पीओएस (POS) मशीन या कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप से अपने फिंगरप्रिंट या चेहरे का स्कैन कराकर मौके पर ही सत्यापन करा सकते हैं।गैस एजेंसी जाकर: आप अपने मूल आधार कार्ड और गैस पासबुक के साथ अपनी नजदीकी गैस एजेंसी/डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तर जाकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर 2 मिनट में ई-केवाईसी करा सकते हैं।असुविधा और वित्तीय नुकसान से बचने के लिए 1 अक्टूबर से पहले अपने कनेक्शन की ई-केवाईसी स्थिति की जांच MyLPG.in पोर्टल पर जाकर अवश्य कर लें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:56 pm

तेज हवाओं के बीच बेंगलुरु में इंडिगो विमान की लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा टला, पिछला हिस्सा जमीन से टकराया

विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है। इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि विमान के मेंटेनेंस की जांच की जा रही है।

खबर इंडिया टीवी 27 Sep 2026 10:55 pm

Mutual Fund SIP vs Direct Equity: हर महीने ₹5,000 की SIP या सीधे शेयर? 20 साल बाद कौन बनाएगा असली धनवान; समझिए पूरा गणित

लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन यानी बड़ा फंड बनाने की बात आते ही भारतीय खुदरा निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अनुशासित तरीके से म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) करें या फिर सीधे चुनिंदा मजबूत कंपनियों के शेयर (Direct Stocks) खरीदकर पोर्टफोलियो बनाएं।दोनों ही रास्तों की अपनी खूबियां और जोखिम हैं। जहां म्यूचुअल फंड पेशेवर फंड मैनेजर के अनुभव और डायवर्सिफिकेशन के साथ स्थिर कंपाउंडिंग देते हैं, वहीं सही शेयरों का चुनाव असाधारण (Multibagger) रिटर्न देकर दौलत को कई गुना तेजी से बढ़ा सकता है। लेकिन 20 साल की लंबी अवधि में ₹5,000 प्रति माह के निवेश पर कौन सा विकल्प असली वेल्थ बनाएगा, इसे ठोस वित्तीय गणित और आंकड़ों से समझना जरूरी है।20 साल बाद कॉर्पस का पूरा कैलकुलेशन: समझिए चक्रवृद्धि का अंतरयदि आप हर महीने ₹5,000 का निवेश लगातार 20 वर्षों (240 महीनों) तक जारी रखते हैं, तो आपकी जेब से जाने वाली कुल मूल राशि होगी:$$ ext{कुल निवेश} = ₹5,000 imes 240 = ₹12,00,000 ext{ (12 लाख रुपये)}$$परिदृश्य 1: इंडेक्स / डाइवर्सिफाइड म्यूचुअल फंड SIP (13% औसत रिटर्न)भारत के ब्रॉड मार्केट इंडेक्स (जैसे Nifty 50 या Nifty 500) और अच्छे एक्टिव फ्लेक्सी-कैप फंड्स ने ऐतिहासिक रूप से 12% से 14% के बीच सीएजीआर (CAGR) दिया है।अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 13%20 साल बाद कुल वेल्थ: ₹57,28,980 (लगभग ₹57.3 लाख)शुद्ध वेल्थ गेन (मुनाफा): ₹45,28,980परिदृश्य 2: डायरेक्ट इक्विटी पोर्टफोलियो (16% औसत रिटर्न)यदि कोई निवेशक बैलेंस शीट, कैश फ्लो और बिजनेस मोटो को समझकर 10-15 दिग्गज लार्ज और मिड-कैप कंपनियों का पोर्टफोलियो बनाकर टिके रहता है:अनुमानित वार्षिक रिटर्न: 16%20 साल बाद कुल वेल्थ: ₹87,41,600 (लगभग ₹87.4 लाख)शुद्ध वेल्थ गेन (मुनाफा): ₹75,41,600अंतर का असर: मात्र 3% के अतिरिक्त रिटर्न से 20 साल के अंत में कुल कॉर्पस में ₹30.12 लाख से अधिक का सीधा फासला बन जाता है।दोनों विकल्पों की विस्तृत तुलना: रिस्क, रिटर्न और मेहनतपैरामीटरम्यूचुअल फंड SIPडायरेक्ट स्टॉक्स (सीधे शेयर)अनुमानित ऐतिहासिक रिटर्न12% – 14% CAGR15% – 20% CAGR (सफल चुनाव पर)पोर्टफोलियो रिस्कमध्यम (40-60 कंपनियों में बंटा)उच्च (गलत शेयर चुनने पर पूंजी घटने का खतरा)समय और शोध की जरूरतनगण्य (फंड मैनेजर संभालता है)अत्यधिक (तिमाही नतीजे, बैलेंस शीट, सेक्टर ट्रैकिंग)लागत (Expense Ratio)0.5% – 1.5% सालानाकेवल ब्रोकरेज, एसटीटी व डीपी चार्जअनुशासन और साइकोलॉजीऑटो-डेबिट के जरिए आसानबाजार की गिरावट में घबराहट (Panic Selling) का भारी जोखिमशुरुआती पूंजी का फैलाव₹5,000 में ही 50 कंपनियों का एक्सपोजर₹5,000 में महंगे शेयर (जैसे MRF, पेज इंडस्ट्रीज) के 1 शेयर भी नहीं आतेडायरेक्ट स्टॉक्स में क्या हैं सबसे बड़ी जमीनी चुनौतियां?कागजों पर 16% या 18% का रिटर्न बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन ₹5,000 प्रति माह से सीधे शेयर खरीदने में खुदरा निवेशकों के सामने तीन बड़ी अड़चनें आती हैं:डायवर्सिफिकेशन की सीमा: हर महीने मात्र ₹5,000 में 10-12 अलग-अलग मजबूत कंपनियों के शेयर एक साथ खरीद पाना संभव नहीं होता। इसके चलते शुरुआती वर्षों में पोर्टफोलियो 1 या 2 शेयरों पर ही केंद्रित रह जाता है।बिहेवियरल रिस्क (मनोवैज्ञानिक दबाव): जब बाजार में 20-30% का बड़ा करेक्शन आता है, तो सीधे खरीदे गए शेयरों की कीमत 40-50% तक गिर जाती है। पर्याप्त अनुभव न होने पर अधिकांश खुदरा निवेशक निचले स्तरों पर शेयर बेचकर भारी नुकसान उठा लेते हैं।कंपनियों का पतन: पिछले 20 सालों का इतिहास गवाह है कि कई शीर्ष कंपनियां (जैसे रिलायंस कम्युनिकेशंस, यस बैंक, डीएचएफएल, यूनिटेक) बाजार से साफ हो गईं। यदि आपके पोर्टफोलियो का कोई बड़ा हिस्सा ऐसे शेयर में फंस गया, तो कंपाउंडिंग का गणित बिगड़ जाता है।म्यूचुअल फंड SIP क्यों बन जाता है सुरक्षित वेल्थ क्रिएटर?प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजमेंट: आपके ₹5,000 के छोटे निवेश को सेबी-पंजीकृत फंड मैनेजर और पूरी रिसर्च एनालिस्ट टीम ट्रैक करती है।ऑटो-रीबैलेंसिंग: यदि किसी कंपनी के फंडामेंटल खराब होते हैं, तो फंड मैनेजर उसे तुरंत पोर्टफोलियो से बाहर कर अच्छी कंपनी को शामिल कर लेता है।रुपी कॉस्ट एवरेजिंग: जब बाजार गिरता है तो आपको ज्यादा एनएवी यूनिट्स मिलती हैं, और जब बाजार चढ़ता है तो पोर्टफोलियो की वैल्यू तेजी से बढ़ती है।20 साल में असली धनवान बनने का सबसे सटीक फॉर्मूलायदि आपके पास वित्तीय बाजारों का गहरा ज्ञान नहीं है और आप रोजाना कंपनियों की खबरें व बैलेंस शीट नहीं पढ़ सकते, तो म्यूचुअल फंड एसआईपी आपके लिए सबसे सुरक्षित, तनावमुक्त और सुनिश्चित वेल्थ क्रिएटर साबित होगा।एक समझदारी भरी रणनीति यह हो सकती है:80% कोर पोर्टफोलियो (₹4,000/माह): 1 निफ्टी 50 इंडेक्स फंड और 1 फ्लेक्सी-कैप एक्टिव फंड में SIP करें।20% सैटेलाइट पोर्टफोलियो (₹1,000/माह): इस बची हुई राशि से अपनी समझ की 2-3 दिग्गज कंपनियों के शेयर सीधे खरीदें, ताकि आप बाजार को प्रैक्टिकली सीख भी सकें और कोर पूंजी सुरक्षित भी रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:55 pm

TRAI New Rules: अब साल में 13 नहीं, सिर्फ 12 बार कराना होगा फोन रिचार्ज! राघव चड्ढा की मांग पर TRAI का बड़ा फैसला

देश भर के 100 करोड़ से अधिक प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स के नियमों में ऐतिहासिक संशोधन करते हुए 'टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशंस, 2026' जारी कर दिया है। इस नए नियम के तहत अब टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi, BSNL) को 28 दिनों के कथित 'मंथली पैक' के बजाय पूरे 30 दिनों की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान और हर महीने की समान तारीख पर रिन्यू होने वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने होंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि उपभोक्ताओं को अब साल भर में 13 बार के बजाय केवल 12 बार ही मोबाइल रिचार्ज कराना पड़ेगा। संसद में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा द्वारा 28 दिन की वैलिडिटी के इस खेल के खिलाफ आवाज उठाए जाने के बाद ट्राई ने यह कड़ा कदम उठाया है।28 दिनों का गणित: कैसे एक साल में चुपके से कटता था 13वां रिचार्ज?लंबे समय से भारत की प्रमुख निजी टेलीकॉम कंपनियां अपने मंथली प्रीपेड प्लान्स में 30 या 31 दिन के बजाय महज 28 दिनों की वैधता देती आ रही थीं। आम उपभोक्ता इसे महीने का प्लान समझकर रिचार्ज कराता था, लेकिन इसके पीछे कंपनियों का एक बड़ा वित्तीय गणित छिपा था।एक वर्ष में 365 दिन होते हैं। यदि 365 दिनों को 28 दिन के चक्र से विभाजित किया जाए, तो कुल 13 चक्र बनते हैं और 1 दिन शेष बचता है ($$28 imes 13 = 364$$दिन)। यानी हर महीने के 2 से 3 दिन काटकर कंपनियां साल के अंत तक उपभोक्ता से अनजाने में एक अतिरिक्त महीने का यानी 13वां रिचार्ज वसूल लेती थीं। राघव चड्ढा ने संसद के उच्च सदन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा था कि यह 125 करोड़ प्रीपेड ग्राहकों की जेब पर बिना उनकी जानकारी के डाला गया एक बड़ा अप्रत्यक्ष वित्तीय बोझ है। ट्राई के नए 30-दिवसीय और मासिक रिन्यूअल नियमों से अब उपभोक्ताओं को साल भर में सीधे-सीधे एक महीने के रिचार्ज की बचत होगी।राघव चड्ढा ने संसद में उठाया था मुद्दा, अब गिनाए फैसले के बड़े फायदेसंसद में आम जनता के इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ट्राई और केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के जरिए इसके बड़े फायदे गिनाए हैं:13 की जगह सिर्फ 12 रिचार्ज: अब ग्राहकों को 28 दिन के चक्र से मुक्ति मिलेगी और कैलेंडर वर्ष के अनुसार साल में सिर्फ 12 बार ही रिचार्ज कराना होगा।सस्ते वॉयस और SMS-ओनली प्लान: वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और कम आय वर्ग के करोड़ों लोग ऐसे हैं जो सिर्फ फोन पर बात करने या ओटीपी/एसएमएस के लिए मोबाइल रखते हैं, उन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती। नए नियमों के बाद कंपनियों को बिना बंडल डेटा वाले सस्ते 'वॉयस + एसएमएस' स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) लॉन्च करने होंगे।सेकेंडरी सिम एक्टिव रखना होगा आसान: कई लोग एक से ज्यादा सिम कार्ड केवल बैंकिंग या पर्सनल नंबर के तौर पर एक्टिव रखते हैं। उन्हें जबरन 200-300 रुपये का महंगा डेटा पैक नहीं लेना पड़ेगा, बल्कि वे बहुत कम खर्च में सिम चालू रख सकेंगे।फिक्स्ड रिन्यूअल डेट: ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित तारीख (जैसे हर महीने की 1 तारीख या बिलिंग डेट) पर रिन्यूअल का विकल्प मिलेगा, जिससे बार-बार रिचार्ज की तारीख याद रखने की झंझट खत्म होगी।ट्राई के 13वें संशोधन रेगुलेशन 2026 में क्या-क्या है खास?ट्राई द्वारा अधिसूचित नए फ्रेमवर्क में टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए कई कड़े दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:30-डे वैलिडिटी अनिवार्य: टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ बास्केट में 30 दिनों की स्पष्ट वैलिडिटी वाले वाउचर्स शामिल करने होंगे।मासिक रिन्यूअल वाउचर: एक ऐसा प्लान देना होगा जिसकी रिन्यूअल डेट हर महीने वही रहेगी जिस दिन पहली बार रिचार्ज किया गया था। यदि किसी महीने में वह तारीख नहीं है (जैसे 31 तारीख), तो वह उस महीने के अंतिम दिन रिन्यू होगा।कैलेंडर मंथ प्लान्स का विस्तार: बंडल डेटा प्लान के साथ-साथ केवल कॉलिंग वाले लंबी अवधि (जैसे 84 दिन या 365 दिन) के प्लान्स में भी वॉयस-ओनली विकल्प आनुपातिक रूप से कम कीमत पर उपलब्ध कराने होंगे।आम उपभोक्ताओं की जेब पर कितना पड़ेगा सकारात्मक असर?वर्तमान में एक सामान्य 28-दिवसीय प्रीपेड प्लान (जिसमें डेली 1.5GB डेटा और कॉलिंग मिलती है) की औसत कीमत लगभग 299 रुपये से 349 रुपये के बीच होती है। साल भर में 13 बार रिचार्ज कराने पर एक यूजर को औसतन लगभग 3,900 से 4,500 रुपये खर्च करने पड़ते थे। अब साल में केवल 12 रिचार्ज होने से सीधे तौर पर 300 से 350 रुपये की सालाना बचत होगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों और सामान्य फीचर फोन उपयोगकर्ताओं के लिए वॉयस-ओनली प्लान आने से उनका मासिक टेलीकॉम खर्च 50 से 60 प्रतिशत तक घट जाएगा।ट्राई के इस सख्त फैसले से भारतीय टेलीकॉम बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को अपनी वास्तविक जरूरत के मुताबिक ही भुगतान करने की पूरी आजादी मिलेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:50 pm

एक ही गड्ढा, दो हादसे... रात में बस खाई में पलटी, सुबह कार भी गिरी-VIDEO

आजमगढ़-जौनपुर मार्ग पर एक ही जगह कुछ घंटों के भीतर दो वाहन हादसे का शिकार हो गए. शनिवार रात श्रद्धालुओं से भरी बस क्षतिग्रस्त सड़क के गड्ढे में जाकर खाई में पलट गई, जिसमें 13 लोग घायल हो गए. सुबह करीब 5:13 बजे उसी स्थान पर एक कार भी गड्ढे में जा गिरी. दोनों घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं.

आज तक 27 Sep 2026 10:49 pm

‘वोट चोरी’ केवल नतीजा नहीं, बल्कि उसके बाद का अहंकार भी लाती है : राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार के एक मंत्री वीडियो में एक नौजवान को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। उसका गुनाह? वो वीडियो बना रहा था। मंत्री के सामने सड़क खोदकर दिखाई जा रही थी, और उसके हाथ में कैमरा था।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 10:49 pm

Job Switch EPFO Rule: नौकरी बदलते ही न भूलें यह एक कागज! जानिए PF से भी ज्यादा क्यों जरूरी है 'स्कीम सर्टिफिकेट'

नौकरी बदलने या करियर में कुछ समय का ब्रेक लेने पर ज्यादातर कर्मचारी केवल अपने प्रोविडेंट फंड (PF) का बैलेंस ट्रांसफर करने या उसे निकालने पर ही ध्यान देते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के एकीकृत पोर्टल पर लॉगिन करके पीएफ पासबुक का स्टेटस चेक करना और ऑनलाइन क्लेम फाइल करना अब बेहद आसान हो चुका है, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में 90 प्रतिशत से अधिक नौकरीपेशा लोग एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं। इस दस्तावेज का नाम है 'स्कीम सर्टिफिकेट' (Scheme Certificate)।वित्तीय और पेंशन मामलों के विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय में यह एक कागज आपके पीएफ फंड से भी कहीं अधिक मूल्यवान साबित होता है। यदि आप नौकरी छोड़ रहे हैं, दूसरी कंपनी ज्वाइन करने में वक्त है या किसी कारणवश कुछ साल के लिए काम से ब्रेक ले रहे हैं, तो स्कीम सर्टिफिकेट न लेना आपके बुढ़ापे की पेंशन को हमेशा के लिए खतरे में डाल सकता है।क्या होता है EPFO का स्कीम सर्टिफिकेट (Scheme Certificate)?ईपीएफओ के तहत हर महीने आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 12 प्रतिशत हिस्सा ईपीएफ में कटता है, और इतनी ही राशि नियोक्ता (कंपनी) द्वारा दी जाती है। कंपनी के इस 12 प्रतिशत अंशदान में से 8.33 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस (EPS - Employee Pension Scheme, 1995) में जाता है, जबकि शेष 3.67 प्रतिशत ईपीएफ में जुड़ता है।स्कीम सर्टिफिकेट ईपीएफओ द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक प्रमाणपत्र है, जो फॉर्म 10C के माध्यम से प्राप्त होता है। यह सर्टिफिकेट इस बात का पक्का कानूनी और प्रमाणित रिकॉर्ड होता है कि आपने कितने वर्षों और महीनों तक ईपीएस में योगदान दिया है। सरल शब्दों में कहें तो यह आपकी पेंशन सेवा अवधि (Pensionable Service Period) को सुरक्षित रखने वाली एक पासबुक है।नौकरी बदलने पर क्यों है यह पीएफ से भी ज्यादा जरूरी?जब आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में जाते हैं, तो आमतौर पर ऑनलाइन पोर्टल से आपका पीएफ बैलेंस ट्रांसफर हो जाता है। लेकिन कई मामलों में—विशेष रूप से जब पिछली और नई कंपनी के ट्रस्ट अलग हों, बीच में सर्विस ब्रेक आ जाए, या आप तुरंत कोई नई नौकरी ज्वाइन न कर रहे हों—पेंशन का सर्विस रिकॉर्ड अधूरा रह जाता है।पेंशन के लिए 10 साल की अनिवार्य शर्त: ईपीएस नियमों के अनुसार, 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए किसी भी कर्मचारी का कुल सेवा काल (Total Service) कम से कम 10 वर्ष (120 महीने) होना अनिवार्य है।सर्विस पीरियड का क्लब होना: यदि आपने पहली कंपनी में 4 साल काम किया और दूसरी में 6 साल, तो इन दोनों अवधियों को जोड़ने के लिए पेंशन रिकॉर्ड का ट्रांसफर होना जरूरी है। स्कीम सर्टिफिकेट पिछली सर्विस को नई सर्विस के साथ जोड़ता है।रिकॉर्ड खोने से बचाव: यदि बीच में कंपनी बंद हो जाए या उसका रिकॉर्ड ईपीएफओ पोर्टल पर मिसमैच हो जाए, तो स्कीम सर्टिफिकेट आपके पास मौजूद ठोस कानूनी साक्ष्य होता है जिसके आधार पर ईपीएफओ आपकी पुरानी सर्विस को खारिज नहीं कर सकता।9.5 साल से कम और ज्यादा सर्विस पर क्या हैं नियम?ईपीएस नियमों के तहत नौकरी छोड़ने पर सर्विस की अवधि के आधार पर नियम पूरी तरह बदल जाते हैं:10 साल से कम की सेवा (Service Less than 9.5 Years): यदि आपकी कुल सेवा 9.5 साल से कम है और आप बेरोजगार हैं, तो आपके पास दो विकल्प होते हैं—या तो फॉर्म 10C भरकर पेंशन का पैसा एकमुश्त विड्रॉ (Withdraw) कर लें, या फिर 'स्कीम सर्टिफिकेट' ले लें। जानकारों की सलाह होती है कि कभी भी पेंशन का पैसा बीच में न निकालें, बल्कि स्कीम सर्टिफिकेट लें ताकि भविष्य में जब भी नई नौकरी लगे, यह अवधि अगली नौकरी में जुड़ सके और आप 10 साल की पात्रता पूरी कर सकें।10 साल से अधिक की सेवा (Service 10 Years or More): यदि आपकी कुल सेवा 10 साल पूरी हो चुकी है, तो नियम के तहत आप ईपीएस से पैसा निकाल ही नहीं सकते। ऐसी स्थिति में स्कीम सर्टिफिकेट लेना कानूनन अनिवार्य हो जाता है। यह सर्टिफिकेट इस बात की गारंटी देता है कि 50 या 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर आपको आजीवन पेंशन मिलेगी।परिवार और नॉमिनी के लिए सबसे बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवचस्कीम सर्टिफिकेट केवल कर्मचारी के लिए ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के लिए भी एक बड़ा ढाल है।यदि किसी कारणवश कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो वैध स्कीम सर्टिफिकेट होने पर उसके आश्रित जीवनसाथी (विधवा/विधुर पेंशन) और दो बच्चों (25 वर्ष की उम्र तक) को तुरंत पारिवारिक पेंशन (Family Pension) मिलने लगती है। यदि कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन का पैसा निकाल लिया होता और नई नौकरी में सर्विस नहीं जोड़ी होती, तो परिवार इस आजीवन सुरक्षा कवच से पूरी तरह वंचित रह जाता।स्कीम सर्टिफिकेट के लिए कैसे करें आवेदन?स्कीम सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित है और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से लिया जा सकता है:फॉर्म 10C का उपयोग: ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य सेवा पोर्टल (Member Portal) पर जाएं।ऑनलाइन क्लेम: 'Online Services' टैब के तहत 'Claim (Form-31, 19, 10C & 10D)' पर क्लिक करें।विकल्प का चयन: जब फॉर्म 10C का चयन करें, तो 'Withdrawal Benefit' चुनने के बजाय 'Scheme Certificate' का विकल्प चुनें।दस्तावेज: अपने बैंक खाते का कैंसिल्ड चेक, सर्विस हिस्ट्री और परिवार/नॉमिनी का विवरण सबमिट करें।सर्टिफिकेट प्राप्ति: सत्यापन के बाद संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय द्वारा आपके पंजीकृत पते पर भौतिक सर्टिफिकेट भेजा जाता है या पोर्टल से डिजिटल रूप से जारी किया जाता है।नई कंपनी में ज्वाइन करते समय आपको केवल इस स्कीम सर्टिफिकेट का नंबर और कॉपी नए एचआर को देनी होती है, जिससे आपकी पुरानी पेंशन सेवा बिना किसी रुकावट के नए यूएएन (UAN) खाते से सीधे जुड़ जाती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:49 pm

बेंगलुरु में गो-अराउंड के दौरान इंडिगो A321 के टेल में हुई टक्कर, दूसरी कोशिश में विमान की सुरक्षित लैंडिंग

बेंगलुरु में इंडिगो के एयरबस A321 विमान में 'गो-अराउंड' के दौरान टेल स्ट्राइक की घटना सामने आई, हालांकि दूसरी कोशिश में विमान सुरक्षित उतर गया।

जागरण 27 Sep 2026 10:47 pm

Festival Inflation Shock: 1 अक्टूबर से महंगे होंगे AC, TV और वॉशिंग मशीन, त्योहारों से ठीक पहले जेब पर पड़ेगा भारी असर

दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगने जा रहा है। देश की प्रमुख कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनियों ने 1 अक्टूबर से एयर कंडीशनर (AC), टेलीविजन (Smart TV), वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर की कीमतों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। आमतौर पर त्योहारी सीजन में कंपनियां आकर्षक डिस्काउंट, ऑफर्स और ईएमआई स्कीम्स पेश करती हैं, लेकिन इस बार इनपुट लागत में भारी उछाल और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने की वजह से कंपनियों को अपनी कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में त्योहारों के दौरान नए अप्लायंसेज खरीदकर घर को अपग्रेड करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ना तय है।कच्चे माल की कीमतों में जबरदस्त उछाल और सप्लाई चेन का संकटइलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों के महंगे होने के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रमुख बुनियादी कच्चे माल की कीमतों में आई भारी तेजी है।धातुओं के भाव रिकॉर्ड स्तर पर: टीवी, एसी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन के निर्माण में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले कॉपर (तांबा), एल्युमिनियम और स्टील के वैश्विक दामों में पिछले कुछ महीनों में 15 से 20 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है।कंप्रेसर और मोटर की लागत बढ़ी: एयर कंडीशनर और रेफ्रिजरेटर में इस्तेमाल होने वाले कंप्रेसर तथा वॉशिंग मशीन की मोटरों में तांबे की भारी खपत होती है, जिससे उपकरणों के इन मुख्य पुर्जों की निर्माण लागत सीधे तौर पर बढ़ गई है।ओपन-सेल और डिस्प्ले पैनल्स महंगे: स्मार्ट टीवी की कुल लागत का लगभग 60 से 65 प्रतिशत हिस्सा उसके डिस्प्ले पैनल (Open-Cell) का होता है। वैश्विक स्तर पर पैनल निर्माताओं द्वारा उत्पादन में कटौती और आपूर्ति बाधित होने के चलते ओपन-सेल के आयात मूल्य में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।समुद्री भाड़ा और लॉजिस्टिक्स लागत में कई गुना इजाफाकच्चे माल के अलावा अंतरराष्ट्रीय माल ढुलाई (Global Shipping & Freight Rates) में आया भारी उछाल भी कीमतों में आग लगाने का बड़ा कारण बना है।कंटेनर दरों में तेजी: भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक व्यापारिक जलमार्गों में सुरक्षा जोखिमों के चलते कंटेनर शिपिंग चार्ज पिछले कुछ महीनों में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं।आयात निर्भरता का असर: हालांकि भारत में 'मेक इन इंडिया' के तहत असेंबलिंग बढ़ी है, लेकिन सेमीकंडक्टर चिप्स, हाई-एंड डिस्प्ले और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लिए घरेलू कंपनियां अभी भी चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और वियतनाम जैसे देशों से होने वाले आयात पर निर्भर हैं। माल ढुलाई का यह अतिरिक्त खर्च कंपनियां सीधे तौर पर अंतिम ग्राहकों की जेब पर डालने जा रही हैं।किस उपकरण पर कितना बढ़ेगा दाम: संभावित बजट का गणित1 अक्टूबर से लागू होने वाले नए मूल्य निर्धारण के तहत विभिन्न श्रेणियों के उपकरणों पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की अतिरिक्त वृद्धि देखने को मिल सकती है:स्मार्ट टीवी (Smart TV): 32-इंच के बजट मॉडल्स में 800 से 1,500 रुपये तक और 43-इंच से लेकर 55-इंच व उससे बड़े 4K टीवी मॉडल्स की कीमतों में 2,500 से 4,500 रुपये तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।एयर कंडीशनर (AC): स्प्लिट और इन्वर्टर एसी की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है, जिससे प्रति यूनिट 1,500 से 3,000 रुपये तक का अंतर आएगा।रेफ्रिजरेटर (Refrigerator): सिंगल डोर फ्रिज में 800 से 1,200 रुपये और डबल-डोर या फ्रॉस्ट-फ्री मॉडल्स में 2,000 से 3,500 रुपये तक का इजाफा देखा जा सकता है।वॉशिंग मशीन (Washing Machine): सेमी-ऑटोमैटिक और फुली-ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीनों की कीमतों में 1,000 से 2,500 रुपये तक की बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।कंपनियों का रुख: मार्जिन बचाने के लिए दाम बढ़ाना मजबूरीएलजी (LG), सैमसंग (Samsung), वोल्टास (Voltas), डाइकिन (Daikin), पैनासोनिक (Panasonic) और हायर (Haier) जैसी प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से बढ़ी हुई इनपुट लागत का बोझ खुद वहन कर रहे थे ताकि मांग बनी रहे। लेकिन अब कच्चे माल और शिपिंग लागत का दबाव इतना अधिक हो चुका है कि मार्जिन को सुरक्षित रखने के लिए कीमतों में संशोधन करना अपरिहार्य हो गया है।कंपनियों का यह भी कहना है कि वे त्योहारी सीजन को देखते हुए आक्रामक बैंक कैशबैक, नो-कॉस्ट ईएमआई और एक्सचेंज ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश करेंगी, लेकिन बेस प्राइस में इजाफे का असर अंतिम बिल पर जरूर झलकेगा।ग्राहकों के लिए सलाह: क्या 1 अक्टूबर से पहले खरीदारी करना सही कदम है?बाजार विशेषज्ञों और खुदरा विक्रेताओं का मानना है कि यदि किसी परिवार ने इस त्योहारी सीजन में टीवी, फ्रिज, एसी या वॉशिंग मशीन खरीदने की पक्की योजना बना रखी है, तो 1 अक्टूबर से पहले चल रहे स्टॉक पर खरीदारी कर लेना वित्तीय रूप से समझदारी भरा कदम हो सकता है। फिलहाल रिटेल स्टोर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पुराना इनवेंटरी स्टॉक मौजूद है, जो पुरानी कीमतों पर ही उपलब्ध है। मूल्य वृद्धि प्रभावी होने से पहले खरीदारी करके उपभोक्ता 2,000 से 5,000 रुपये तक की सीधी बचत कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:47 pm

ऐसा क्या हुआ कि लैंड करते ही रनवे से टकरा गया इंडिगो विमान? बाल-बाल बचे यात्री

इंडिगो का एक विमान लैंडिंग के दौरान रनवे से टकरा गया. ये हादसा बेंगलुरु के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ. गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई.

NDTV इंडिया 27 Sep 2026 10:45 pm

UP Budget: सीएम Yogi Adityanath ने दो माह में 70 फीसदी वित्तीय स्वीकृतियां देने का दिया निर्देश

लखनऊ 27 सितंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में बजट प्रावधानों के सापेक्ष वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने और खर्च की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने रविवार शाम एक महत्वपूर्ण बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के बजट प्रावधानों, वित्तीय स्वीकृतियों और वास्तविक व्यय की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, बैठक में प्रदेश के सर्वाधिक बजट वाले 30 प्रमुख विभागों के कार्यों और वित्तीय प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने बताया कि आदित्यनाथ ने कहा कि वित्तीय वर्ष की पहली छमाही समाप्त होने वाली है, ऐसे में जिन विभागों में बजट खर्च की गति अपेक्षित नहीं है, वहां तत्काल सुधार किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अगले दो माह में हर हाल में 70 प्रतिशत वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जाएं और कुल आवंटित बजट के सापेक्ष कम से कम 60 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल धनराशि आवंटित करना नहीं, बल्कि उसका समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करते हुए उसका लाभ जनता तक पहुंचाना है। आदित्यनाथ ने बैठक में मौजूद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को निर्देश दिए कि विभागीय मंत्रियों के साथ बैठक कर बजट खर्च की नियमित और बिंदुवार समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में नीतिगत, प्रक्रियात्मक या तकनीकी कारणों से स्वीकृतियों अथवा व्यय में अड़चन आ रही है, उनका तत्काल समाधान कराया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बैंकों के क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात में सुधार पर भी जोर दिया। केंद्र सहायतित योजनाओं की समीक्षा के दौरान आदित्यनाथ ने कहा कि जिन योजनाओं में भारत सरकार से धनराशि प्राप्त होनी है, उनमें विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से सीधे संवाद कर लंबित धनराशि और स्वीकृतियों से जुड़े विषयों का समाधान कराएं, ताकि केंद्रीय सहायता से संचालित योजनाओं की गति प्रभावित न हो। समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में उत्तर प्रदेश का कुल बजट 9,99,056.48 करोड़ रुपये है, जिसमें विकास योजनाओं के लिए 5,01,957.09 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक शासन स्तर से 5,15,918.44 करोड़ रुपये यानी 51.6 प्रतिशत की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 10:43 pm

विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में किया ये कारनामा!

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 27 सितंबर खेला गया. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में हुआ .

आज तक 27 Sep 2026 10:41 pm

गर्भवती महिला को पीट-पीटकर किया बेहोश, बीड से अपहरण कर धुले में जिंदा जलाया

महाराष्ट्र के धुले में गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं, जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल दो आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

आज तक 27 Sep 2026 10:38 pm

2 अक्टूबर को UPI यूज नहीं कर पाएंगे? मोबाइल रिटेलर्स मनाएंगे 'नो यूपीआई डे', काले कपड़े से ढकेंगे QR कोड

मोबाइल रिटेलर्स 2 अक्टूबर को यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दिन वे अपने यूपीआई क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।

जागरण 27 Sep 2026 10:37 pm

बंद पुल, लाखों की भीड़ और शून्य ट्रैफिक जाम: गणपति की विदाई के लिए ये था “सत्यनारायण” का मास्टर प्लान

ट्रैफिक पुलिस की ओर से वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिये 51 वॉच टॉवर लगाये गये थे. इतने बड़े आयोजन को संभालने के लिये सत्यनारायण चौधरी के पास सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के कुल मिलाकर सिर्फ 3800 कर्मचारी ही थे. फिर भी ये सफलता से हो गया.

NDTV इंडिया 27 Sep 2026 10:36 pm

जींस का सबसे सस्ता मार्केट... जहां 100-100 रुपये में मिलती है एक जींस?

दिल्ली में कम कीमत में जींस खरीदनी है तो रघुबीर नगर की घोड़े वाली मंदिर मार्केट और गांधी नगर मार्केट के बारे में जानिए. यहां अलग-अलग कीमतों में जींस और दूसरे कपड़े मिलते हैं.

आज तक 27 Sep 2026 10:35 pm

EPFO Withdrawal Rules Debate: मेहनत की कमाई पर सरकार का पहरा क्यों? जानिए पीएफ निकासी की शर्तों के पीछे का पूरा आर्थिक और सामाजिक गणित

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर वेतनभोगी वर्ग के बीच यह बहस अक्सर देखने को मिलती है कि जब हर महीने कटने वाला अंशदान कर्मचारी की अपनी मेहनत की कमाई है, तो इसे निकालने की तारीख, सीमा और शर्तें तय करने का अधिकार सरकार या ईपीएफओ (EPFO) के पास क्यों होना चाहिए। बहुत से कर्मचारियों का मानना है कि बैंक में जमा साधारण बचत की तरह पीएफ खाते पर भी उनका पूर्ण और बिना शर्त नियंत्रण होना चाहिए। हालांकि, नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और सामाजिक सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफ केवल एक नियमित बचत खाता (Savings Account) नहीं है, बल्कि यह एक 'अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा तंत्र' (Mandatory Social Security Scheme) है। सरकार द्वारा निकासी के नियम तय करने के पीछे कई दीर्घकालिक वित्तीय, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कारण हैं।ईपीएफ बचत खाता नहीं, बल्कि वैधानिक रिटायरमेंट सुरक्षा कवच हैकर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत ईपीएफ का गठन आम उपभोग के लिए नहीं, बल्कि वृद्धावस्था सुरक्षा (Old-Age Financial Security) के उद्देश्य से किया गया था। भारत में अधिकांश संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के पास कोई अन्य सरकारी पेंशन सुरक्षा नहीं होती। यदि पीएफ निकासी को एटीएम की तरह पूरी तरह लचीला बना दिया जाए, तो अधिकांश लोग अपनी कार्यशील उम्र (Working Age) के दौरान ही उपभोक्ता खर्चों, गैजेट्स या छुट्टियों में यह पूंजी खर्च कर बैठेंगे।अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सिद्धांतों के तहत प्रत्येक कल्याणकारी राज्य की यह जिम्मेदारी होती है कि वह अपने नागरिकों के लिए रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन का एक न्यूनतम वित्तीय सहारा सुनिश्चित करे। यही कारण है कि कानूनन इसे लंबे समय के लिए लॉक-इन रखा जाता है।कंपाउंडिंग का जादुई फायदा और सुरक्षित रिटर्न का संरक्षणईपीएफ पर मिलने वाला सालाना ब्याज (जो आमतौर पर 8% से अधिक रहता है) पूरी तरह सरकारी गारंटी से सुरक्षित होता है। जब पैसा लगातार खाते में बना रहता है, तो उस पर चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding Interest) काम करता है।समय से पहले निकासी का नुकसान: यदि कोई कर्मचारी 30-35 वर्ष की आयु में 5 या 10 लाख रुपये निकाल लेता है, तो वह केवल उस मूल राशि को ही नहीं गंवाता, बल्कि अगले 20-25 वर्षों में उस पर बनने वाले 40 से 50 लाख रुपये के संभावित कंपाउंडिंग रिटर्न को भी खो देता है।रिटायरमेंट पर आर्थिक संकट: सरकार का प्रयास रहता है कि 58 या 60 वर्ष की आयु तक पहुंचते-पहुंचते कर्मचारी के पास इतना बड़ा रिटायरमेंट फंड (Corpus) तैयार हो जाए कि उसे वृद्धावस्था में किसी पर निर्भर न रहना पड़े।यदि पूरी छूट दे दी जाए, तो क्या होगा?बिहेवियरल इकोनॉमिक्स (व्यवहारवादी अर्थशास्त्र) के अनुसार, इंसान स्वभाव से भविष्य की तुलना में वर्तमान जरूरतों और इच्छाओं को ज्यादा प्राथमिकता देता है।यदि पीएफ से मनचाही निकासी की खुली छूट दे दी जाए:उपभोग में पैसा खर्च होना: तात्कालिक आकर्षणों या गैर-जरूरी खर्चों के चलते रिटायरमेंट फंड समय से पहले समाप्त हो जाएगा।अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य संकट: उम्र के आखिरी पड़ाव में जब आय बंद हो जाती है और मेडिकल खर्च कई गुना बढ़ जाते हैं, तब बिना फंड वाले बुजुर्ग नागरिकों की जिम्मेदारी सीधे तौर पर सरकार और समाज पर आ जाती है।आर्थिक अनुशासन: ईपीएफ अनिवार्य बचत की आदत डालता है, जिससे आपात स्थिति के अलावा पैसे को छूने से बचा जा सके।क्या सरकार बिल्कुल पैसा नहीं निकालने देती? जानिए आपातकालीन निकासी के नियमयह धारणा पूरी तरह सही नहीं है कि सरकार पैसे को पूरी तरह फ्रीज कर देती है। जीवन की वास्तविक जरूरतों और संकटों को ध्यान में रखते हुए ईपीएफओ ने कई परिस्थितियों में आंशिक निकासी (Partial Withdrawal/Advance) की छूट दी हुई है:घर खरीदने या निर्माण के लिए: 5 वर्ष की सेवा के बाद घर या जमीन खरीदने के लिए पीएफ से बड़ा हिस्सा निकाला जा सकता है।बच्चों की उच्च शिक्षा व शादी: 7 वर्ष की न्यूनतम सेवा पूरी होने पर बच्चों की शादी या उच्च शिक्षा के लिए निकासी की अनुमति है।गंभीर बीमारी के इलाज के लिए: स्वयं या परिवार के सदस्यों (माता-पिता, जीवनसाथी, बच्चे) के गंभीर चिकित्सीय उपचार के लिए बिना किसी न्यूनतम सेवा शर्त के तुरंत एडवांस लिया जा सकता है।बेरोजगारी या नौकरी छूटने पर: नौकरी छूटने के 1 महीने बाद 75% तक और 2 महीने से अधिक बेरोजगार रहने पर पूरा 100% फंड निकालने का अधिकार कर्मचारी के पास होता है।भविष्य निधि के इन नियमों का संतुलन क्यों जरूरी है?संक्षेप में, पीएफ के पैसों पर सरकारी नियमों का नियंत्रण किसी पर पाबंदी लगाने के लिए नहीं, बल्कि व्यक्ति के भविष्य को उसके वर्तमान के अनियोजित खर्चों से सुरक्षित रखने का एक कानूनी ढाल है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी तर्क है कि निकासी की ऑनलाइन प्रक्रिया को कागजी अड़चनों और तकनीकी रिजेक्शन से मुक्त कर और अधिक पारदर्शी व तेज बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरत के समय कर्मचारी को अपने ही पैसे के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:33 pm

Srinagar में Mehbooba Mufti ने Mirwaiz Umar Farooq से की मुलाकात, राजनीतिक हालात और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को यहां कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक से उनके आवास पर मुलाकात की और इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के साथ-साथ युवाओं में मादक पदार्थों की बढ़ती लत समेत गंभीर सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा की। यह बैठक उत्तर कश्मीर की गुरेज घाटी में प्रस्तावित ‘तंत्र इन साइलेंस’ रिट्रीट को लेकर दोनों नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा चिंताएं जताए जाने के कुछ दिनों बाद हुई है। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि इस कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। मीरवाइज ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘‘महबूबाजी आज मुझसे मिलने आईं। हमने हमारे सामने मौजूद सामाजिक चिंताओं और चुनौतियों तथा सभी हितधारकों को साथ लेकर मिल-जुलकर उनका समाधान करने की आवश्यकता पर बातचीत की। हमने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की। कुल मिलाकर यह एक अच्छी बातचीत रही।’’पीडीपी प्रमुख के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कश्मीर के युवाओं, विद्वानों, महिलाओं, हितधारकों, कलाकारों और सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ घाटी के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों को लेकर प्रमुख धार्मिक नेता से मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की चिंताओं को उचित स्तर पर उठाया जा रहा है और मीरवाइज को वर्तमान में कश्मीर के सामने मौजूद सामाजिक मुद्दों से अवगत कराया गया। यह बैठक कश्मीर में मादक पदार्थों और युवाओं के सामने मौजूद अन्य चुनौतियों को लेकर धार्मिक एवं सामुदायिक नेताओं के बीच बढ़ती चिंता की पृष्ठभूमि में भी हुई है। यह बैठक गुरेज में प्रस्तावित रिट्रीट को लेकर महबूबा और मीरवाइज के बीच हाल में सार्वजनिक रूप से बनी सहमति के बाद हुई। मीरवाइज ने गुरेज घाटी में 24 से 27 सितंबर के बीच ‘तंत्र इन साइलेंस’ नामक कार्यक्रम आयोजित करने की खबरों पर चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों से कश्मीर के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक लोकाचार का दोहन रोकने की अपील की थी। महबूबा मुफ्ती ने भी इससे पहले एक पोस्ट में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पुलिस से मामले में हस्तक्षेप करने और उचित कार्रवाई करने की अपील की थी।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 10:33 pm

राजमा भिगोना भूल गए? कैसरोल 1 घंटे में करेगा काम, जानें ट्रिक

How To Soak Rajma Without Soaking Overnight: अगर आप राजमा भिगोना भूल गए हैं तो अब 7-8 घंटे इंतजार करने की जरूरत नहीं है. उबले पानी और कैसरोल के इस आसान किचन हैक से सिर्फ 1 घंटे में राजमा अच्छी तरह फूल जाएगा. जानिए पूरा तरीका.

आज तक 27 Sep 2026 10:30 pm

'आंटी ऊपर जाइए...', 16 लाख फॉलोअर्स वाली इन्फ्लुएंसर ने क्यों दी जान

Nidhi Tiwari Singrauli Case: सिंगरौली में 16 लाख फॉलोअर्स वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी ने फांसी लगाकर दी जान. फोन पर बात करते समय उठाया कदम. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

आज तक 27 Sep 2026 10:27 pm

Parvesh Verma Slap Video: तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान प्रवेश वर्मा का 'थप्पड़ कांड', केजरीवाल का मोदी सरकार पर तीखा हमला

राजधानी दिल्ली के तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य के निरीक्षण के दौरान भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा का एक युवक को सरेआम थप्पड़ जड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही दिल्ली की सियासत में भूचाल आ गया है। कथित तौर पर घटिया सड़क निर्माण की पोल खोलने और मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करने के दौरान मंत्री जी का आपा खोने का यह मामला अब पूरी तरह राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे भाजपा का 'गुंडाराज' और सत्ता का अहंकार करार देते हुए मंत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर दी है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए इसे युवाओं की आवाज दबाने की तानाशाही कोशिश बताया है।तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान क्या हुआ: पूरी घटना का सचयह पूरा घटनाक्रम दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर (विकासपुरी रिंग रोड) में उस समय हुआ, जब पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा स्थानीय अधिकारियों के साथ हाल ही में बनी सड़क का जायजा लेने पहुंचे थे।प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो फुटेज के अनुसार, सड़क निरीक्षण के दौरान स्थानीय आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह के सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर साहिब सिंह अपने मोबाइल कैमरे से सड़क की स्थिति को रिकॉर्ड कर रहे थे। युवक का दावा था कि हाल ही में बनी सड़क की ऊपरी परत हाथों से ही उखड़ रही है और डामरीकरण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है।वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब युवक सड़क की खराब गुणवत्ता पर सवाल उठा रहा था और मंत्री की तरफ कैमरा घुमाया, तो प्रवेश वर्मा भड़क गए। उन्होंने पहले युवक का मोबाइल नीचे किया और फिर आवेश में आकर उसके चेहरे पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में हुई इस हाथापाई के बाद मौके पर भारी हंगामा शुरू हो गया।पीड़ित युवक का आरोप: भ्रष्टाचार उजागर करने पर हाथ उठाया और मिली धमकियांथप्पड़ का शिकार हुए युवक साहिब सिंह ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि उसने केवल सच दिखाने की कोशिश की थी।युवक ने कहा:पीडब्ल्यूडी विभाग ने हमें सड़क निरीक्षण के लिए बुलाया था। मैंने मंत्री जी को दिखाया कि कैसे नई बनी सड़क उखड़कर बिखर रही है। इस पर मंत्री जी अपना आपा खो बैठे और उन्होंने पुलिस के सामने ही मुझे थप्पड़ मार दिया।युवक ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थप्पड़ मारने के बाद मंत्री के साथ मौजूद समर्थकों ने उसे जान से मारने की धमकियां दीं।युवक और स्थानीय विधायक की टीम ने मामले को लेकर स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर और निलंबन की मांग की है।प्रवेश वर्मा की सफाई: 'मेरे परिवार को दी गई गाली, आवेश में आकर उठा हाथ'सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जो हुआ वह नहीं होना चाहिए था।प्रवेश वर्मा ने अपनी सफाई में कहा:विकासपुरी रिंग रोड पर कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। वहां के स्थानीय आप विधायक जरनैल सिंह पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों पर ठेकेदारों से कमीशन दिलवाने का दबाव बना रहे थे। जब उन्हें कमीशन नहीं मिला, तो वे रात में बनी सड़क को उखाड़कर झूठा करप्शन वीडियो बनाने की साजिश कर रहे थे।मंत्री ने आगे दावा किया, मैंने खुद विधायक को मौके पर बुलाया था। जब वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ आए तो उन्होंने आते ही बदतमीजी शुरू कर दी। उनके एक कार्यकर्ता ने मेरे परिवार के बारे में अत्यंत अभद्र और गंदी गालियां दीं। जब कोई आपके परिवार को सरेआम गाली देगा, तो किसी को भी गुस्सा आ सकता है और उसी आवेश में यह घटना घटी। लेकिन सरकारी काम में बाधा डालने और कमीशनखोरी को हमारी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।केजरीवाल का मोदी सरकार पर सीधा हमला: 'मंत्री को तुरंत गिरफ्तार करो'इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोल दिया है। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा।केजरीवाल ने पोस्ट किया:मोदी जी के एक मंत्री ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर सरेआम एक नौजवान लड़के को थप्पड़ जड़ दिया। ऐसे अहंकारी मंत्री को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। मैं खुद कल तिलक नगर जाऊंगा और उस सड़क के निर्माण की जांच करूंगा।वहीं आप नेता और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंत्री के आचरण को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस सुरक्षा के घेरे में एक निहत्थे युवक पर हाथ उठाना भाजपा की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। विपक्ष ने यह भी तंज कसा कि एक तरफ मोदी सरकार Gen-Z (युवा पीढ़ी) तक पहुंचने की बात करती है, और दूसरी तरफ उनके मंत्री सवाल पूछने वाले युवाओं पर हाथ छोड़ रहे हैं।दिल्ली की सड़कों पर गरमाई राजनीति: भ्रष्टाचार बनाम कमीशनखोरीइस थप्पड़ कांड ने दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। जहां आम आदमी पार्टी इसे बुनियादी ढांचा निर्माण में भारी घोटाले, कमीशनखोरी और सरेआम गुंडागर्दी का प्रमाण बताकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं भाजपा इसे अपने विकास कार्यों को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बता रही है। तिलक नगर की इस सड़क को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थाने की चौखट और कानूनी कार्रवाई तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होना तय माना जा रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:27 pm

सेंचुरी वाला संडे... एक ही दिन में 6 शतक, कोहली-गिल का बड़ा धमाका

एक ही दिन में खेले गए अलग-अलग मुकाबलों में बल्लेबाजों ने कोहराम मचाते हुए कुल 6 शानदार शतक जड़ दिए. लेकिन इन सभी शतकों में विराट कोहली द्वारा लगाए गए शतक ने फैन्स को सबसे ज्यादा प्रभावित किया.

आज तक 27 Sep 2026 10:27 pm

हापुड़ में पकौड़े की दुकान पर पैसों के लिए भारी बवाल!

पकौड़े की दुकान पर चले लाठी-डंडे, उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पकौड़े की दुकान के बाहर पैसों के मामूली लेनदेन को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी झड़प हो गई.

आज तक 27 Sep 2026 10:26 pm

Tata Punch Sales Record: ₹6 लाख वाली टाटा की इस छोटी SUV ने बिगाड़ा Brezza और Fronx का खेल! बनी देश की नंबर-1 बेस्ट सेलिंग कार

भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लंबे समय तक मारुति सुजुकी की हैचबैक और कॉम्पैक्ट कारों का एकछत्र राज रहा है, लेकिन सब-कॉम्पैक्ट और माइक्रो-एसयूवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स की 'टाटा पंच' (Tata Punch) ने बिक्री के सारे पुराने समीकरण उलट दिए हैं। करीब 5.5 से 6 लाख रुपये की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत वाली इस माइक्रो-एसयूवी ने न केवल अपनी ही श्रेणी के प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा है, बल्कि उससे ऊपरी सेगमेंट में आने वाली मारुति सुजुकी ब्रेजा (Maruti Brezza) और मारुति फ्रॉन्क्स (Maruti Fronx) जैसी स्थापित गाड़ियों के लिए भी कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।मासिक बिक्री चार्ट में 21,000 से अधिक यूनिट्स की डिस्पैच दर्ज कर टाटा पंच देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार (Best Selling Car in India) के शीर्ष पायदान पर लगातार अपनी दावेदारी मजबूत बनाए हुए है।सेल्स रिपोर्ट का उलटफेर: नंबर-1 की कुर्सी पर टाटा पंच का कब्जाहालिया वाहन बिक्री आंकड़ों के अनुसार, सब-4 मीटर और कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में टाटा पंच लगातार 21,000+ यूनिट्स प्रति माह की बिक्री के साथ पहले स्थान पर काबिज है। वहीं मारुति सुजुकी की क्रॉसओवर फ्रॉन्क्स करीब 18,000 से 18,700 यूनिट्स और मारुति ब्रेजा लगभग 15,000 यूनिट्स के दायरे में सिमट कर रह गई हैं।टाटा पंच की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 90 से 99 प्रतिशत तक की भारी सालाना बढ़ोतरी (YoY Growth) दर्ज की गई है। एक छोटी और बजट-फ्रेंडली कार का मारुति के प्रीमियम नेक्सा और एरीना मॉडलों से आगे निकल जाना भारतीय ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को साफ दर्शाता है।पंच की इस आंधी के आगे क्यों लड़खड़ाई ब्रेजा और फ्रॉन्क्स?मारुति ब्रेजा और फ्रॉन्क्स बेहतरीन इंजन, रिलायबिलिटी और माइलेज के लिए जानी जाती हैं, लेकिन टाटा पंच ने कई मोर्चों पर ग्राहकों को वैल्यू-फॉर-मनी विकल्प दिया है:आक्रामक प्राइसिंग (Price Advantage): मारुति ब्रेजा की बेस वेरिएंट की कीमत लगभग 8.34 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है, जबकि फ्रॉन्क्स की शुरुआती कीमत करीब 7.51 लाख रुपये है। इसके विपरीत, टाटा पंच का बेस मॉडल करीब 5.75 से 6.13 लाख रुपये के बजट में उपलब्ध हो जाता है। यानी ग्राहक को 2 से 2.5 लाख रुपये कम खर्च में एसयूवी जैसा लुक और अनुभव मिल जाता है।5-स्टार सुरक्षा रेटिंग का भरोसा: भारतीय खरीदारों के बीच अब क्रैश टेस्ट रेटिंग एक बड़ा फैक्टर बन चुकी है। टाटा पंच को भारत एनसीएपी (Bharat NCAP) और ग्लोबल एनसीएपी दोनों में वयस्कों की सुरक्षा के लिए 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल है। मारुति फ्रॉन्क्स जहां बिना टेस्टेड बॉडीशेल के साथ बेची जा रही है, वहीं पंच का मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर परिवारों के लिए पहली पसंद बना।एसयूवी वाला स्टांस और ग्राउंड क्लीयरेंस: फ्रॉन्क्स दिखने में हैचबैक आधारित क्रॉसओवर लगती है, जबकि पंच में 187 से 193 मिमी का शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस, मस्कुलर व्हील आर्च, 90-डिग्री तक खुलने वाले दरवाजे और हाई सीटिंग पोजिशन मिलती है। इससे ड्राइवर को सड़क पर एक बड़ी गाड़ी चलाने जैसा कमांडिंग व्यू मिलता है।पावरट्रेन के भरपूर विकल्प: पेट्रोल, ट्विन-सिलेंडर सीएनजी और इलेक्ट्रिकटाटा पंच की सफलता के पीछे कंपनी की मल्टी-पावरट्रेन रणनीति सबसे बड़ा हथियार साबित हुई है:1.2 लीटर रेवोट्रॉन पेट्रोल इंजन: यह इंजन दैनिक शहरी आवागमन और कभी-कभार हाईवे ड्राइव के लिए पर्याप्त पावर और माइलेज देता है। इसमें 5-स्पीड मैनुअल और एएमटी (ऑटोमैटिक) दोनों विकल्प मौजूद हैं।ट्विन-सिलेंडर iCNG टेक्नोलॉजी: पारंपरिक सीएनजी कारों में सिलेंडर की वजह से बूट स्पेस (डिक्की) पूरी तरह खत्म हो जाता था। टाटा ने दो छोटे सिलेंडरों को बूट फ्लोर के नीचे फिट कर 210 लीटर का उपयोगी बूट स्पेस बचा लिया। इस इनोवेशन ने मारुति के सीएनजी एकाधिकार को सबसे तगड़ा झटका दिया।टाटा पंच ईवी (Electric Vehicle): एक्टिवा.ईवी (Acti.EV) आर्किटेक्चर पर बनी पंच ईवी उन खरीदारों को आकर्षित कर रही है जो 300 से 400 किमी की रियल-वर्ल्ड रेंज के साथ पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक टेक फीचर्स वाली गाड़ी चाहते हैं।प्रीमियम फीचर्स और केबिन कम्फर्ट ने खींचे युवा खरीदारटाटा ने समय-समय पर पंच को अपडेट करते हुए इसमें वे फीचर्स जोड़ दिए हैं जो आमतौर पर 10-12 लाख रुपये की गाड़ियों में मिलते हैं। इसमें 10.25-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले, वॉयस-असिस्टेड इलेक्ट्रिक सनरूफ, कूल्ड ग्लोवबॉक्स, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज कंट्रोल और वायरलेस फोन चार्जर शामिल हैं। इन आधुनिक फीचर्स ने पहली बार कार खरीदने वाले बजट खरीदारों को महंगे मॉडलों की तरफ जाने से रोक दिया।भारतीय ऑटो बाजार 2026: क्या मारुति पलट पाएगी बाजी?टाटा पंच की इस रिकॉर्डतोड़ सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय खरीदार अब सिर्फ माइलेज या रीसेल वैल्यू के पीछे नहीं भागते, बल्कि वे मजबूत बिल्ड क्वालिटी, आधुनिक डिजाइन, बूट स्पेस और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि, मारुति सुजुकी भी अपनी फ्रॉन्क्स में हाइब्रिड तकनीक और ब्रेजा के नए अपग्रेड्स पर काम कर रही है, लेकिन 6 लाख के बजट ब्रैकेट में टाटा पंच ने जो मजबूत पकड़ बना ली है, उसे भेद पाना किसी भी प्रतिद्वंद्वी के लिए आसान नहीं रहने वाला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:24 pm

Maharajganj District Court में महिला पर हमले के आरोप में पति और देवर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में पारिवारिक विवाद की सुनवाई के लिए जिला अदालत आई एक महिला का कथित रूप से गला घोंटने का प्रयास करने और उसे पीटने के आरोप में उसके पति व देवर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 24 सितंबर को पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के समरधीरा चौराहा निवासी प्रिया त्रिपाठी अपने पति मनीष कुमार मिश्रा से जुड़े भरण-पोषण के मामले की सुनवाई के लिए अपने पिता लक्ष्मीकांत और बहन प्रियंका के साथ अदालत आई थी। पुलिस के मुताबिक, सुनवाई के बाद जब प्रिया अपने पिता व बहन के साथ अदालत कक्ष से बाहर निकली और नीचे पहुंची, तभी वहां उसका पति मनीष, देवर प्रिंस मिश्रा व सतीश मिश्रा नामक एक अन्य व्यक्ति पहुंचे और उसपर हमला कर दिया। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया, जिसमें एक व्यक्ति एक महिला के बाल खींचकर उसे घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस के मुताबिक, प्रिया द्वारा दर्ज कराई गयी शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने उसका गला घोंटने का प्रयास किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पर उसके पिता और बहन के साथ भी मारपीट की गई। हंगामा होने पर अदालत परिसर में मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप किया। पुलिस ने बताया कि प्रिया ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने मामला आगे बढ़ाने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मनीष और उसके भाई प्रिंस को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रिया ने पहले अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था तथा महराजगंज कुटुम्ब अदालत में भरण-पोषण का मामला भी जारी है।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 10:23 pm

छात्रों के आंदोलन के आगे झुका आयोग: देर से ही सही मानी बड़ी गलती, अब मेरिट लिस्ट में जुड़ेंगे छूटे अभ्यर्थियों के नाम

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के कड़े संघर्ष, कानूनी दबाव और अनवरत विरोध-प्रदर्शन के आगे आखिरकार भर्ती चयन आयोग को झुकना ही पड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के परिणाम और मेरिट सूची में गंभीर विसंगतियों, पात्र अभ्यर्थियों के नाम गायब होने और आरक्षण व कट-ऑफ नियमों की अनदेखी को लेकर उपजे भारी विवाद के बाद आयोग ने अपनी चूक सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर ली है। आयोग ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि परिणाम तैयार करने के दौरान सॉफ्टवेयर स्तर पर तकनीकी और लिपिकीय त्रुटि (Clerical Error) हुई थी, जिसके चलते मेरिट में स्थान पाने वाले कई मेधावी अभ्यर्थियों के नाम अंतिम चयन सूची से छूट गए थे। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही संशोधित मेरिट सूची (Revised Merit List) प्रकाशित कर सभी वंचित पात्र अभ्यर्थियों के नाम जोड़े जाएंगे।छात्रों का अनवरत धरना और आयोग के गेट पर फूटा आक्रोशविवाद की शुरुआत तब हुई जब आयोग द्वारा जारी किए गए परिणाम में भारी गड़बड़ी के आरोप सामने आए। कट-ऑफ से अधिक अंक हासिल करने के बावजूद दर्जनों अभ्यर्थियों के नाम सूची में नहीं थे, जबकि उनसे कम अंक वाले उम्मीदवारों का चयन दर्शाया गया था। इस विसंगति के सामने आते ही छात्रों में तीव्र असंतोष फैल गया।राजधानी में आयोग मुख्यालय के बाहर हजारों अभ्यर्थियों ने भीषण गर्मी और बारिश की परवाह किए बिना अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी 'रिजल्ट सुधारो' और 'आयोग जवाब दो' जैसे हैशटैग कई दिनों तक ट्रेंड करते रहे। छात्रों का सीधा तर्क था कि वर्षों की कठिन तपस्या, कोचिंग का खर्च और पारिवारिक उम्मीदें आयोग की एक तकनीकी लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ सकतीं।कोर्ट की सख्त फटकार और प्रशासनिक जांच का बढ़ा दबावसड़क पर प्रदर्शन के साथ-साथ पीड़ित अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया। कोर्ट में दाखिल याचिका में ओएमआर शीट, आंसर-की और नॉर्मलाइजेशन के फार्मूले पर गंभीर सवाल उठाए गए।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग से बिंदुवार जवाब-तलब किया और यह सख्त टिप्पणी की कि किसी भी संवैधानिक या स्वायत्त भर्ती संस्था की चूक के कारण योग्य युवाओं का भविष्य अंधकार में नहीं डाला जा सकता। न्यायालय द्वारा दिए गए कड़े अल्टीमेटम और शासन स्तर से गठित उच्चस्तरीय आंतरिक जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी परिणाम संकलन के दौरान सॉफ्टवेयर खामियों की पुष्टि हुई। कानूनी और प्रशासनिक घेराबंदी बढ़ने के बाद आयोग के पास अपनी गलती स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।आयोग ने क्या दी सफाई: कैसे हुई इतनी बड़ी मानवीय व तकनीकी चूकआयोग के वरिष्ठ अधिकारियों और परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्वीकार किया गया है कि डेटा प्रोसेसिंग और डिजिटल स्क्रूटनी के दौरान कुछ तकनीकी अड़चनों के कारण कुछ श्रेणियों के डेटा का सही मिलान नहीं हो सका था।आयोग ने स्पष्ट किया:सॉफ्टवेयर मैपिंग में त्रुटि: नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया और विभिन्न पालियों के स्कोरकार्ड को मर्ज करते समय कुछ विशेष रोल नंबर कोड्स का डेटा फिल्टर से बाहर रह गया।दस्तावेज सत्यापन का मिसमैच: कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अपलोड किए गए आरक्षण, जाति या ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्रों के सत्यापन में गलत कोडिंग के कारण उनके अंक कट-ऑफ से ऊपर होने के बावजूद अनक्वालिफाइड मार्क हो गए थे।निगरानी में चूक: परिणाम जारी करने से पहले होने वाले अनिवार्य क्रॉस-वेरिफिकेशन और ऑडिट में इस विसंगति को समय रहते नहीं पकड़ा जा सका, जिसे आयोग ने अपनी प्रशासनिक भूल माना है।संशोधित मेरिट लिस्ट का प्रारूप: किसी चयनित अभ्यर्थी का नहीं कटेगा नामआयोग ने आंदोलनकारी छात्रों और पहले से चयनित उम्मीदवारों के बीच संतुलन साधते हुए स्पष्ट किया है कि सुधार प्रक्रिया के दौरान किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।अतिरिक्त पूरक सूची (Supplementary List): जिन पात्र उम्मीदवारों के नाम गलती से छूटे हैं, उन्हें शामिल करने के लिए एक विशेष अनुपूरक या संशोधित मेरिट सूची जारी की जाएगी।पहले से चयनित सुरक्षित: आयोग ने स्पष्ट किया है कि वैध रूप से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा, बल्कि छूटे हुए योग्य अभ्यर्थियों को समायोजित करने के लिए नियमों के तहत अतिरिक्त पद या वेटिंग क्लीयरेंस का प्रावधान किया जाएगा।पारदर्शी स्कोरकार्ड: सभी अभ्यर्थियों के वास्तविक अंक, नॉर्मलाइज्ड अंक और श्रेणीवार संशोधित कट-ऑफ को दोबारा आधिकारिक पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह के संशय की गुंजाइश न रहे।छात्र शक्ति और लोकतांत्रिक विरोध की बड़ी जीतइस फैसले के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और युवा संगठनों में उत्साह की लहर है। छात्र नेताओं ने इसे पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक विरोध की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि वे तब तक सतर्क रहेंगे जब तक आयोग की वेबसाइट पर उनके रोल नंबर और नामों के साथ संशोधित सूची आधिकारिक रूप से अपलोड नहीं हो जाती।विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से देश और राज्यों के सभी भर्ती बोर्डों को यह कड़ा सबक मिला है कि डिजिटल युग में परिणाम निर्माण की प्रक्रिया को फुल-प्रूफ और त्रि-स्तरीय ऑडिट से गुजारे बिना सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए, ताकि लाखों युवाओं के करियर और मानसिक स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:22 pm

'बाहुबली की तरह लड़ेंगे', UN में पेजेश्कियन के तीखे तेवर; ईरानी दूतावास ने शेयर किया वीडियो

ईरानी दूतावास ने हैदराबाद में एक वीडियो साझा किया है, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए भाषण की तुलना बाहुबली फिल्म के युद्ध दृश्यों से की गई है।

जागरण 27 Sep 2026 10:21 pm

Saudi vs Iran Asymmetric Warfare: ईरान से 11 गुना ज्यादा रक्षा बजट, फिर भी हूती हमलों के आगे क्यों लाचार दिखा सऊदी अरब? समझिए पूरा गणित

मध्य पूर्व (Middle East) की भू-राजनीति में सऊदी अरब और ईरान के बीच की प्रतिद्वंद्विता दशकों से शक्ति संतुलन के केंद्र में रही है। अगर सैन्य खर्च और अत्याधुनिक हथियारों की बात करें, तो सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े रक्षा खरीदारों में शुमार है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब का सालाना सैन्य खर्च 70 से 83 अरब डॉलर के आसपास रहता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहे ईरान का आधिकारिक रक्षा बजट महज 7 से 8 अरब डॉलर के करीब सीमित है। यानी कागजों पर सऊदी अरब का सैन्य बजट ईरान से लगभग 11 गुना ज्यादा है। इसके बावजूद जब यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ युद्ध और सीमा पार से होने वाले हमलों की बात आई, तो सऊदी अरब के सामने गंभीर रणनीतिक चुनौतियां खड़ी हो गईं।बजट का विरोधाभास: 83 अरब डॉलर बनाम 7.4 अरब डॉलर का खर्चसऊदी अरब अपनी सुरक्षा के लिए मुख्य रूप से पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन से खरीदे गए आधुनिक हथियारों पर निर्भर रहा है। सऊदी वायुसेना के पास F-15SA, यूरोफाइटर टाइफून जैसे उन्नत लड़ाकू विमान और जमीन पर अमेरिकी पैट्रियट (Patriot PAC-3) और थाड (THAAD) मिसाइल डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं।दूसरी ओर, ईरान दशकों से कड़े अमेरिकी व अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, वित्तीय सीमाओं और पुरानी वायुसेना के साथ काम कर रहा है। इस भारी आर्थिक और तकनीकी असमानता के बावजूद युद्ध के मैदान में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के तेल रिफाइनरी प्रतिष्ठानों (जैसे अरामको), हवाई अड्डों और सैन्य अड्डों को सटीक निशाना बनाए जाने ने रक्षा विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या केवल भारी रक्षा बजट से आधुनिक युद्ध जीता जा सकता है।असिमेट्रिक वॉरफेयर: सस्ते ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का घातक जालइस सैन्य असमानता के पीछे सबसे बड़ा कारण 'असिमेट्रिक वॉरफेयर' (Asymmetric Warfare) यानी असममित युद्ध रणनीति है।ईरान का स्वदेशी मॉडल: महंगे पारंपरिक लड़ाकू विमान खरीदने में असमर्थ ईरान ने अपनी पूरी ताकत कम लागत वाली बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और 'कामिकेज़' (आत्मघाती) ड्रोन्स (जैसे शहाब, कुद्स और समद सीरीज) के विकास में झोंक दी।हूतियों को तकनीकी ट्रांसफर: ईरान ने इस तकनीक और पुर्जों को यमन के हूती विद्रोहियों तक पहुंचाया, जिन्होंने स्थानीय वर्कशॉप्स में इन्हें असेंबल कर सऊदी अरब के खिलाफ रणनीतिक हथियार बना लिया।लागत का विनाशकारी खेल: हूती विद्रोही जिस ड्रोन से हमला करते हैं, उसकी निर्माण लागत महज 15,000 से 20,000 डॉलर (लगभग 15 से 20 लाख रुपये) होती है। वहीं, सऊदी अरब को उस एक ड्रोन को हवा में नष्ट करने के लिए अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल दागनी पड़ती है, जिसके एक इंटरसेप्टर रॉकेट की कीमत 30 लाख से 40 लाख डॉलर (लगभग 25 से 35 करोड़ रुपये) होती है।आर्थिक रूप से घाटे का सौदा: 20 हजार डॉलर के ड्रोन को गिराने के लिए 40 लाख डॉलर का हथियार खर्च करना लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में किसी भी देश के खजाने के लिए टिकाऊ नहीं हो सकता।भौगोलिक जटिलता और यमन के बीहड़ पहाड़ों की चुनौतीयमन का भूगोल किसी भी पारंपरिक और आधुनिक सेना के लिए सबसे बड़ा दुस्वप्न माना जाता है।गुरिल्ला रणनीति: हूती विद्रोही यमन के उत्तरी पहाड़ी इलाकों (जैसे सादा और सना) की गुफाओं, संकरी घाटियों और बीहड़ों में छिपे रहते हैं। वे आधुनिक सेना की तरह किसी बैरक या छावनी में नहीं रहते, बल्कि छोटे-छोटे दस्तों में बंटकर मोबाइल लॉन्चर्स से मिसाइल दागते हैं और तुरंत गायब हो जाते हैं।हाई-टेक हथियारों की सीमाएं: अरबों डॉलर के स्टील्थ फाइटर जेट्स और सैटेलाइट गाइडेड मिसाइलें उन लक्ष्यों पर बहुत कम प्रभावी होती हैं जो ठोस चट्टानों और गहरी गुफाओं के भीतर छिपे हों। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हजारों हवाई हमले किए, लेकिन वे हूतियों की मिसाइल लॉन्चिंग क्षमता को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाए।आर्थिक बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता और तेल बाजार का दबावसऊदी अरब की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार उसका तेल उद्योग और बुनियादी ढांचा है। देश के विजन 2030 के तहत रियाद अंतरराष्ट्रीय निवेश, पर्यटन और बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स (जैसे नियोम सिटी) पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।सऊदी के पास खोने के लिए बहुत कुछ: सऊदी अरब जैसे संपन्न देश में यदि एक भी ड्रोन किसी रिफाइनरी या एयरपोर्ट पर गिरता है, तो वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच जाता है। 2019 में सऊदी अरामको के अबकैक (Abqaiq) और खुरैस संयंत्रों पर हुए ड्रोन-मिसाइल हमलों ने दुनिया की 5 प्रतिशत तेल आपूर्ति को एक झटके में रोक दिया था।हूतियों के पास खोने के लिए कुछ नहीं: युद्धग्रस्त और मानवीय संकट से जूझ रहे यमन में हूतियों के पास ऐसा कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक संपत्ति नहीं थी जिसके नष्ट होने का उन्हें डर हो। इस मनोवैज्ञानिक और आर्थिक लाभ ने हूतियों के हाथ में बढ़त बनाए रखी।प्रॉक्सी वॉर और डायरेक्ट टकराव से बचने की ईरानी कूटनीतिईरान ने इस पूरे संघर्ष में 'एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस' (Axis of Resistance) के जरिए प्रॉक्सी रणनीति को अपनाया। ईरान ने कभी भी सऊदी अरब से सीधा युद्ध नहीं लड़ा, जिससे वह पश्चिमी प्रतिबंधों और सीधे सैन्य जवाबी हमले के जोखिम से बचता रहा।यमन के हूतियों, लेबनान के हिजबुल्लाह और इराक-सीरिया के मिलिशिया समूहों को हथियार, प्रशिक्षण और खुफिया जानकारी देकर तेहरान ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को उनके ही घर की सीमाओं पर घेर कर रखा। सऊदी अरब को अपनी 1,400 किलोमीटर लंबी दक्षिणी सीमा की रक्षा के लिए अरबों डॉलर की सेना और एयर डिफेंस तैनात रखने पड़े, जबकि ईरान को इस पूरे ऑपरेशन के लिए अपने वार्षिक बजट का एक बहुत छोटा हिस्सा ही खर्च करना पड़ा।सामरिक सीख: तकनीक से बड़ा सबक बना आधुनिक युद्ध का यह टकरावयमन संघर्ष और हूती हमलों ने वैश्विक सैन्य विश्लेषकों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी के युद्ध केवल सबसे महंगे फाइटर जेट्स, टैंक और विशाल रक्षा बजट से नहीं जीते जा सकते। सस्ते मानवरहित ड्रोन (UAV), हाइपरसोनिक व क्रूज मिसाइलों के स्वदेशी भंडार और असममित रणनीतियों ने आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों को उजागर किया है। यही वजह रही कि सऊदी अरब ने अंततः सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक रास्तों, संघर्ष विराम और क्षेत्रीय स्थिरता के विकल्पों को प्राथमिकता देना शुरू किया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:20 pm

बाइक से टक्कर, मौत और फिर खुला राज... पत्नी समेत 3 पुलिस हिरासत में

महाराष्ट्र के जालना में 26 वर्षीय शुभम वाघ की मौत को पहले सड़क हादसा माना गया था. मृतक के पिता की शिकायत के बाद पुलिस जांच में हत्या का मामला दर्ज किया गया. शिकायत में पत्नी के कथित प्रेम संबंध को हत्या की वजह बताया गया है. पुलिस ने शुभम की पत्नी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 30 सितंबर तक हिरासत में भेजा है.

आज तक 27 Sep 2026 10:19 pm

Krishi Puraskar 2026: किसानों को मिलेगा ₹25,000 का नकद इनाम, 15 सितंबर तक करें आवेदन; जानिए पूरी प्रक्रिया

देश भर में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा निरंतर प्रोत्साहन योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में प्राकृतिक खेती, जैविक तकनीक, फसल विविधीकरण (Crop Diversification) और जल संरक्षण जैसे नवाचार अपनाने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के लिए विशेष पुरस्कार योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत चयनित उत्कृष्ट किसानों को 25,000 रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यदि आप भी पारंपरिक खेती से इतर वैज्ञानिक व टिकाऊ तरीके अपनाकर बेहतर उत्पादन ले रहे हैं, तो 15 सितंबर की अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन संबंधित कृषि विभाग के पोर्टल या कार्यालय में जमा कर सकते हैं।योजना का मुख्य उद्देश्य: आधुनिक और नवाचारी खेती को बढ़ावा देनारासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से घटती मिट्टी की उर्वरा शक्ति और गिरते भूजल स्तर के दौर में टिकाऊ खेती वक्त की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। सरकार का मुख्य मकसद उन जमीनी किसानों को मंच और आर्थिक प्रोत्साहन देना है जिन्होंने सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य किया है।इस योजना के तहत निम्नलिखित श्रेणियों में काम करने वाले कृषकों को प्राथमिकता दी जा रही है:प्राकृतिक एवं जैविक खेती: रसायनों का पूर्ण त्याग कर जीवामृत, बीजामृत और कंपोस्ट खाद के जरिए उच्च गुणवत्ता वाली फसल तैयार करना।सूक्ष्म सिंचाई (Micro Irrigation): ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम का उपयोग कर कम से कम पानी में अधिकतम पैदावार लेना।फसल अवशेष प्रबंधन: पराली या कृषि अपशिष्ट को जलाने के बजाय इन-सीटू या एक्स-सीटू प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना।बागवानी एवं नकदी फसलें: पारंपरिक गेहूं-धान चक्र से निकलकर फल, फूल, औषधीय पौधों या सब्जियों की सफल व्यावसायिक खेती करना।₹25,000 नकद राशि और मिलने वाले अन्य लाभचयनित किसानों को मिलने वाले लाभ केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उन्हें सामाजिक प्रतिष्ठा और कृषि विशेषज्ञ का दर्जा भी दिलाते हैं:सीधे खाते में ₹25,000 की राशि: पुरस्कार राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे किसान के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाएगी।राज्य व जिला स्तर पर सम्मान: जिला कृषि महोत्सव या किसान दिवस (23 दिसंबर) के अवसर पर जिला कलेक्टर और कृषि मंत्रियों द्वारा प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया जाएगा।कृषि मास्टर ट्रेनर बनने का अवसर: पुरस्कृत किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) और आत्मा (ATMA) योजना के तहत मास्टर ट्रेनर बनाया जाता है, जिससे वे अन्य किसानों को प्रशिक्षण देकर अतिरिक्त मानदेय भी अर्जित कर सकते हैं।सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता: कृषि यंत्र सब्सिडी, पॉलीहाउस निर्माण या कोल्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में ऐसे प्रगतिशील किसानों के आवेदनों को वरीयता दी जाती है।कौन कर सकता है आवेदन: पात्रता और आवश्यक शर्तेंइस पुरस्कार योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवेदक को कुछ निर्धारित मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है:सक्रिय किसान होना जरूरी: आवेदक के नाम पर वैध कृषि भूमि होनी चाहिए और वह स्वयं सक्रिय रूप से खेती करता हो।नवाचार का प्रमाण: किसान ने पिछले कम से कम 2 से 3 वर्षों से जैविक, प्राकृतिक या उन्नत कृषि पद्धति को सफलतापूर्वक लागू किया हो।उत्पादन और आय का रिकॉर्ड: अपनाई गई तकनीक से लागत में कमी और शुद्ध आय में बढ़ोतरी का स्पष्ट ब्योरा होना चाहिए।स्थानीय निवासी: आवेदक संबंधित राज्य का मूल निवासी होना चाहिए और उसके पास वैध किसान पंजीकरण (Farmer ID) होना चाहिए।आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Checklist)15 सितंबर से पहले आवेदन फॉर्म भरते समय इन दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां संलग्न करना अनिवार्य है:आधार कार्ड और मूल निवास प्रमाण पत्रभूमि संबंधी दस्तावेज (खतौनी, खसरा या जमाबंदी की नकल)बैंक पासबुक की प्रति (खाता आधार और एनपीसीआई से लिंक होना चाहिए)किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) या राज्य किसान पंजीकरण संख्याखेत और फसल के वास्तविक फोटोग्राफ या वीडियो लिंकग्राम प्रधान, सरपंच या स्थानीय कृषि प्रसार अधिकारी (ADO Ag) की अनुशंसा रिपोर्ट15 सितंबर तक कैसे करें ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन?योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं:ऑनलाइन प्रक्रिया:राज्य कृषि विभाग के आधिकारिक डीबीटी पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में upagriculture.com, बिहार में dbtagriculture.bihar.gov.in या संबंधित राज्य पोर्टल) पर जाएं।होमपेज पर 'प्रगतिशील किसान पुरस्कार योजना / नवाचार प्रोत्साहन' लिंक पर क्लिक करें।अपनी किसान आईडी दर्ज कर फॉर्म में अपनी फसल, अपनाई गई तकनीक और वार्षिक आय का विवरण भरें।आवश्यक दस्तावेज और खेत के फोटो अपलोड कर फाइनल सबमिट करें और रसीद सुरक्षित रख लें।ऑफलाइन प्रक्रिया: जो किसान ऑनलाइन आवेदन में असमर्थ हैं, वे अपने ब्लॉक के 'कृषि बीज भंडार', उप-कृषि निदेशक (DD Agriculture) कार्यालय या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जाकर निशुल्क फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरकर 15 सितंबर को शाम 5 बजे से पहले भौतिक रूप से जमा कराएं।चयन प्रक्रिया: कैसे तय होंगे विजेता किसान?15 सितंबर को आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के बाद मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और उप-कृषि निदेशक की अध्यक्षता में एक तकनीकी मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी। यह समिति आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद चुनिंदा किसानों के खेतों का औचक निरीक्षण (Physical Verification) करेगी। निरीक्षण के दौरान फसल की गुणवत्ता, मिट्टी की सेहत और किसान के दावों की सत्यता परखी जाएगी। इसके बाद जिलेवार मेरिट सूची तैयार कर अंतिम विजेताओं की घोषणा की जाएगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:16 pm

Public Toilet Access Order: आम जनता के लिए खुले होटल, रेस्टोरेंट और पेट्रोल पंप के शौचालय, मना करने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

सड़कों पर सफर करने वाले राहगीरों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार और नगर प्रशासन ने एक ऐतिहासिक व जनहितैषी कदम उठाया है। अब देश भर के किसी भी छोटे-बड़े होटल, रेस्तरां, ढाबे या पेट्रोल पंप पर आम नागरिक बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी शुल्क के शौचालय (Washroom/Toilet) और पीने के साफ पानी की सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। अक्सर यह देखा जाता था कि सड़कों पर सार्वजनिक शौचालयों की कमी के चलते राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता था। कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान या होटल यह कहकर लोगों को प्रवेश देने से मना कर देते थे कि वे उनके ग्राहक नहीं हैं। सरकार द्वारा जारी नए सख्त दिशा-निर्देशों के बाद अब यह बहाना पूरी तरह गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है।सराय अधिनियम और स्वच्छ भारत मिशन की संयुक्त पहल का बड़ा फैसलाइस आदेश की कानूनी जड़ें भारत के ऐतिहासिक 'द सराय एक्ट, 1867' (The Sarais Act, 1867) और आधुनिक 'स्वच्छ भारत मिशन' (शहरी व ग्रामीण) की गाइडलाइंस में निहित हैं। सराय अधिनियम के तहत किसी भी होटल, सराय या धर्मशाला के लिए यह अनिवार्य वैधानिक शर्त है कि वह किसी भी राहगीर को मुफ्त में पीने का स्वच्छ पानी और शौचालय का उपयोग करने की अनुमति दे।शहरी विकास मंत्रालय और विभिन्न राज्य सरकारों के नगर विकास विभागों ने स्वच्छता और नागरिक अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए इस प्रावधान को नए सिरे से कड़ाई से लागू करने का आदेश जारी किया है। नगर निगमों के अनुसार, शहर की स्वच्छता, खुले में शौच से मुक्ति (ODF++) और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जनहित में अपनी बुनियादी सुविधाओं को सार्वजनिक रूप से साझा करना होगा।पेट्रोल पंपों पर पहले से अनिवार्य है नियम: जानिए क्या हैं 'मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस'पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की 'मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस' (MDG) के तहत देश के सभी अधिकृत पेट्रोल पंपों (IOCL, BPCL, HPCL, Reliance आदि) पर निम्नलिखित सुविधाएं आम नागरिकों को पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराना अनिवार्य है:साफ और स्वच्छ शौचालय: महिला एवं पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग, सुव्यवस्थित और स्वच्छ वॉशरूम होना अनिवार्य है।पेयजल की उपलब्धता: आरओ या साफ पीने के पानी की निरंतर व्यवस्था होनी चाहिए।इमरजेंसी कॉल और फर्स्ट एड: आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा किट और फोन कॉल की सुविधा।मुफ्त हवा: वाहनों के टायरों में हवा भरने की निःशुल्क सुविधा।यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक शौचालय पर ताला लगाकर रखता है या 'आउट ऑफ सर्विस' का झूठा बोर्ड लगाकर आम जनता को उपयोग करने से रोकता है, तो इसे डीलरशिप समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाता है।क्या होटल में बिना खाना ऑर्डर किए शौचालय जाना कानूनी अधिकार है?सरकार के हालिया आदेश ने स्थिति को बिल्कुल शीशे की तरह साफ कर दिया है। किसी भी व्यक्ति को किसी 5-स्टार, 3-स्टार, बजट होटल, कैफे या रेस्टोरेंट में केवल शौचालय का उपयोग करने या पानी पीने के लिए कोई भोजन या पेय पदार्थ खरीदना जरूरी नहीं है।यदि आप किसी बाजार, हाईवे या मुख्य मार्ग से गुजर रहे हैं और आपको प्राकृतिक क्रिया के लिए जाना है, तो आप सीधे किसी भी नजदीकी प्रतिष्ठान में जा सकते हैं। कोई भी बाउंसर, सुरक्षा गार्ड या होटल स्टाफ आपको गेट पर यह कहकर नहीं रोक सकता कि यह सुविधा सिर्फ 'डाइनिंग कस्टमर्स' के लिए आरक्षित है। ऐसा करना न केवल प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों और मानवीय गरिमा का भी खुला हनन है।मना करने या बदसलूकी करने पर प्रतिष्ठान पर होगा भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्दनए प्रशासनिक आदेश में यह स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि जो भी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप आम जनता को वॉशरूम का उपयोग करने से रोकेगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी:ट्रेड और हेल्थ लाइसेंस का निलंबन: नगर निगम या स्थानीय निकाय संबंधित होटल या रेस्टोरेंट का ट्रेड लाइसेंस और फूड सेफ्टी (FSSAI) लाइसेंस निलंबित कर सकते हैं।आर्थिक जुर्माना: पहली बार शिकायत मिलने पर प्रतिष्ठान पर 10,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर दुकान या आउटलेट को सील किया जा सकता है।पेट्रोल पंप की डीलरशिप पर एक्शन: पेट्रोल पंप द्वारा सुविधा न देने पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा पंप की सप्लाई अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है और जुर्माने की राशि सीधे डीलर के कमीशन से काटी जा सकती है।यदि कोई उपयोग करने से रोके, तो तुरंत कहां और कैसे करें शिकायत?यदि किसी नागरिक को किसी होटल, रेस्टोरेंट या पेट्रोल पंप पर शौचालय का उपयोग करने से मना किया जाता है या उनसे बदसलूकी की जाती है, तो वे तुरंत इन माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:स्वच्छता ऐप (Swachhata App): केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के 'स्वच्छता ऐप' पर उस प्रतिष्ठान की लोकेशन और फोटो के साथ तत्काल शिकायत दर्ज की जा सकती है, जिस पर नगर निगम की टीम को 24 घंटे के भीतर संज्ञान लेना होता है।स्थानीय नगर निगम हेल्पलाइन: अपने शहर के नगर निगम, नगर पालिका या जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम नंबर पर कॉल करके प्रतिष्ठान के नाम और पते की सीधी शिकायत दर्ज कराएं।पेट्रोल पंप शिकायत निवारण पोर्टल: पेट्रोल पंप की रसीद या बोर्ड पर लिखे ऑयल कंपनी के टोल-फ्री नंबर (जैसे IOCL: 1800 2333 555, BPCL: 1800 22 4344) अथवा पेट्रोलियम मंत्रालय के 'CPGRAMS' पोर्टल पर सीधी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।सरकार के इस आदेश से आम लोगों, विशेषकर कामकाजी महिलाओं, गर्भवती माताओं, बच्चों और लंबी यात्रा करने वाले मुसाफिरों को शहरों और राजमार्गों पर एक बड़ी मानसिक व शारीरिक राहत मिली है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:15 pm

Ayushman Card 2026: अब मात्र 24 घंटे में बनकर तैयार होगा आयुष्मान भारत कार्ड, जानिए ऑनलाइन आवेदन और डाउनलोड का सबसे आसान तरीका

भारत सरकार द्वारा देश के गरीब, मध्यमवर्गीय और वरिष्ठ नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से संचालित 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (AB-PMJAY) को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ा डिजिटल अपग्रेड किया गया है। अब पात्र लाभार्थियों को अपना आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए हफ्तों का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के अत्याधुनिक पोर्टल, आधार फेस-ऑथेंटिकेशन और ऑटोमेटेड ई-केवाईसी सिस्टम के जरिए अब आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के महज 24 घंटे के भीतर आयुष्मान कार्ड डिजिटल रूप से अप्रूव होकर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को देश भर के सरकारी और पैनलबद्ध निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस एवं पूरी तरह मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया जाता है।आयुष्मान कार्ड के तहत मिलने वाले प्रमुख वित्तीय व स्वास्थ्य लाभकेंद्र सरकार की यह स्वास्थ्य सुरक्षा योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी वित्तपोषित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है। इस कार्ड के माध्यम से लाभार्थियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्राप्त होती हैं:₹5,00,000 का वार्षिक मुफ्त इलाज: योजना से जुड़े परिवार को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइजेशन पूरी तरह कैशलेस मिलता है।पूर्व-मौजूदा बीमारियों का पहले दिन से कवर: कई निजी बीमा पॉलिसियों के विपरीत, आयुष्मान भारत योजना में कार्ड बनते ही पुरानी बीमारियां (जैसे हृदय रोग, कैंसर, किडनी विकार, डायबिटीज से जुड़ी जटिलताएं) पहले दिन से कवर होती हैं।दवाएं, जांच और भोजन खर्च शामिल: अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाओं, नैदानिक परीक्षणों (लैब टेस्ट) और अस्पताल में रहने का खर्च इसी में शामिल रहता है।पोर्टेबिलिटी की सुविधा: यदि आप किसी भी राज्य में रहते हैं, तो देश भर के किसी भी राज्य में स्थित सूचीबद्ध प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में इस कार्ड का उपयोग कर सकते हैं।वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष विस्तार: 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आय सीमा के बिना आयुष्मान वय वंदना कार्ड के तहत अतिरिक्त सुरक्षा का प्रावधान भी जोड़ा गया है।कौन हैं पात्र: अपनी पात्रता (Eligibility) मिनटों में कैसे जांचें?आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपका या आपके परिवार का नाम योजना के डेटाबेस में दर्ज है या नहीं। यह योजना सामाजिक, आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC 2011) और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) राशन कार्ड डेटाबेस के आधार पर संचालित होती है।आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक लाभार्थी पोर्टल beneficiary.nha.gov.in पर विजिट करें या गूगल प्ले स्टोर से 'Ayushman App' डाउनलोड करें।लॉगिन प्रक्रिया: पोर्टल पर 'Beneficiary' विकल्प चुनें, अपना 10 अंकों का सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें और प्राप्त ओटीपी के जरिए लॉगिन करें।डेटा सर्च करें: राज्य, योजना (PMJAY), जिला चुनें और फिर अपना आधार नंबर, फैमिली आईडी (राशन कार्ड नंबर) या नाम दर्ज करके सर्च पर क्लिक करें।स्टेटस चेक: स्क्रीन पर आपके परिवार के सभी सदस्यों के नाम आ जाएंगे। यदि नाम के आगे हरा रंग है तो कार्ड पहले से एक्टिव है; यदि पीला या ग्रे रंग है और 'Action/eKYC' का विकल्प दिख रहा है, तो आप तुरंत कार्ड बनवा सकते हैं।सिर्फ 24 घंटे में कैसे बनेगा आयुष्मान कार्ड: स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन आवेदननए डिजिटल इंटरफेस के जरिए अब कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकता है:स्टेप 1 - ई-केवाईसी का चयन: परिवार के जिस सदस्य का कार्ड बनाना है, उसके नाम के आगे दिए गए 'e-KYC' बटन पर क्लिक करें।स्टेप 2 - ऑथेंटिकेशन माध्यम चुनें: सत्यापन के लिए आधार ओटीपी (Aadhaar OTP), फिंगरप्रिंट या मोबाइल कैमरे से फेस-ऑथेंटिकेशन (Aadhaar FaceRD App) का विकल्प चुनें। आधार से लिंक मोबाइल पर आए 6 अंकों के ओटीपी को सबमिट करें।स्टेप 3 - लाइव फोटो कैप्चर करें: सिस्टम आवेदक की आधार प्रोफाइल से 80 प्रतिशत से अधिक मैच होने वाली लाइव सेल्फी खींचने को कहेगा। कैमरे के सामने पलकें झपकाकर लाइव फोटो कैप्चर करें।स्टेप 4 - अतिरिक्त जानकारी भरें: मोबाइल नंबर, जन्म का वर्ष, पिन कोड और ग्रामीण/शहरी क्षेत्र जैसी बुनियादी जानकारियों को क्रॉस-चेक करके 'Submit' पर क्लिक करें।स्टेप 5 - अप्रूवल और डाउनलोड: यदि आधार डेटा और राशन कार्ड डेटा में 80% से अधिक मिलान होता है, तो ऑटो-अप्रूवल ट्रिगर हो जाता है। आम तौर पर 2 से 24 घंटे के भीतर आपका आयुष्मान कार्ड डिजिटल रूप से वेरिफाई होकर तैयार हो जाता है, जिसे उसी पोर्टल से पीडीएफ फॉर्मेट में तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है।ऑफलाइन आवेदन का विकल्प: सीएससी और सरकारी अस्पतालयदि किसी आवेदक के पास स्मार्टफोन नहीं है या आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने के कारण ओटीपी नहीं आ रहा है, तो वे ऑफलाइन माध्यम का सहारा ले सकते हैं:नजदीकी सीएससी (CSC) या जनसेवा केंद्र: अपने मूल आधार कार्ड और राशन कार्ड के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं। वहां वीएलई (VLE) बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैनर के जरिए आपकी ई-केवाईसी पूरी कर देगा।सरकारी अस्पताल में आयुष्मान मित्र: किसी भी जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) या सूचीबद्ध निजी अस्पताल के 'आयुष्मान सहायता केंद्र' पर जाकर भी आयुष्मान मित्र की सहायता से 24 घंटे में कार्ड बनवाया जा सकता है।सरकार की इस त्वरित और आधुनिक पहल से उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सबसे बड़ी राहत मिली है, जिन्हें किसी आपातकालीन बीमारी की स्थिति में तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:14 pm

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट की टेल स्ट्राइक, रनवे से टकराया पिछला हिस्सा और फिर...

गुवाहाटी से बेंगलुरु आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 रविवार को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग के दौरान टेल स्ट्राइक का शिकार हो गई। विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। अच्छी बात ये रही कि प्लेन सुरक्षित उतर गया।

लाइव हिन्दुस्तान 27 Sep 2026 10:08 pm

सिर्फ ₹1 में सिम कार्ड के साथ 24GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और SMS! जानिए कंपनी का धमाकेदार प्लान

भारतीय टेलीकॉम बाजार में ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए कंपनियों के बीच डेटा और कॉलिंग वॉर हमेशा चर्चा में रहता है। निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों द्वारा रिचार्ज प्लान्स की कीमतों में समय-समय पर किए जाने वाले बदलावों के बीच कई सरकारी और निजी कंपनियां ऐसे प्रमोशनल ऑफर्स पेश करती हैं, जो पहली नजर में किसी को भी हैरान कर दें। ऐसा ही एक बेहद चर्चा में रहने वाला ऑफर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सुर्खियां बटोर रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि उपभोक्ता मात्र 1 रुपये की टोकन कीमत पर नया सिम कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहकों को 24GB तक हाई-स्पीड इंटरनेट डेटा, देश भर के किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और डेली मुफ्त एसएमएस की सुविधा दी जा रही है। ऐसे में करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए यह समझना जरूरी है कि इस आकर्षक ऑफर का पूरा सच क्या है, यह किस नेटवर्क पर लागू है और इसे कैसे एक्टिवेट कराया जा सकता है।1 रुपये का सिम कार्ड ऑफर: क्या-क्या सुविधाएं मिल रही हैं ग्राहकों को?टेलीकॉम सेक्टर में सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और कुछ चुनिंदा टेलीकॉम प्लेयर्स समय-समय पर नए ग्राहकों को जोड़ने और पोर्ट-इन (MNP) को बढ़ावा देने के लिए ऐसे टोकन प्लान जारी करते हैं। इस खास प्रमोशनल ऑफर के तहत:टोकन सिम चार्ज: नए सिम कार्ड की लागत को घटाकर महज 1 रुपये या नाममात्र का रखा गया है, ताकि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के नए उपभोक्ता आसानी से डिजिटल नेटवर्क से जुड़ सकें।24GB हाई-स्पीड डेटा: एक्टिवेशन के बाद उपयोगकर्ता को कुल 24GB डेटा का बंडल उपलब्ध कराया जाता है। यह डेटा कई मामलों में एकमुश्त या फिर रोजाना सीमित आधार पर (जैसे 1GB या 2GB प्रतिदिन) उपयोग के लिए क्रेडिट होता है।अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग: देश भर में किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर के नेटवर्क (Jio, Airtel, Vi या BSNL) पर बात करने के लिए पूरी तरह फ्री और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग दी जाती है।100 फ्री एसएमएस रोजाना: बैंकिंग ओटीपी, सामान्य मैसेजिंग और जरूरी संवाद के लिए प्रतिदिन 100 लोकल व नेशनल एसएमएस की सुविधा भी इस पैक में शामिल रहती है।नए ग्राहकों और MNP (पोर्टेबिलिटी) यूजर्स के लिए विशेष व्यवस्थाकंपनियों द्वारा इस तरह के अल्ट्रा-अफोर्डेबल ऑफर्स आमतौर पर दो श्रेणियों के ग्राहकों के लिए पेश किए जाते हैं। पहला, वे लोग जो पहली बार संबंधित ऑपरेटर का नया सिम कनेक्शन खरीद रहे हैं। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण वर्ग वे उपभोक्ता हैं, जो अपनी मौजूदा टेलीकॉम कंपनी के महंगे टैरिफ प्लान्स या नेटवर्क समस्याओं से परेशान होकर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए नेटवर्क स्विच करना चाहते हैं।निजी ऑपरेटरों के बढ़ते टैरिफ के दौर में सेकेंडरी सिम के तौर पर नंबर एक्टिव रखने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए ऐसे कम लागत वाले प्लान किसी वरदान से कम नहीं हैं। ग्राहक अपने पुराने नंबर को बरकरार रखते हुए महज 1 रुपये के सिम शुल्क और प्रमोशनल फर्स्ट रिचार्ज कूपन (FRC) के साथ नए नेटवर्क का अनुभव ले सकते हैं।ऑफर पाने के लिए जरूरी नियम, शर्तें और वैलिडिटी का गणितयद्यपि हेडलाइन और विज्ञापनों में 1 रुपये में सिम और फ्री डेटा का प्रचार काफी आकर्षक दिखता है, लेकिन इसके पीछे कुछ तकनीकी और परिचालन नियम (Terms & Conditions) होते हैं जिन्हें समझना आवश्यक है:वैलिडिटी की मियाद: यह 24GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा आमतौर पर 28 दिनों या 30 दिनों की निर्धारित वैधता के साथ आती है। वैधता समाप्त होने के बाद ग्राहक को नियमित टैरिफ प्लान से रिचार्ज कराना अनिवार्य होता है।फर्स्ट रिचार्ज कूपन (FRC): कुछ सर्किलों में सिम कार्ड की कीमत तो 1 रुपये रखी जाती है, लेकिन 24GB डेटा और कॉलिंग का लाभ पाने के लिए न्यूनतम प्रमोशनल FRC रिचार्ज कराना अनिवार्य हो सकता है, जिसे कंपनी पहले महीने के लिए सब्सिडी रेट पर देती है।सर्कल आधारित उपलब्धता: यह ऑफर देश के सभी टेलीकॉम सर्किलों में एक साथ लागू न होकर चुनिंदा राज्यों (जैसे यूपी पूर्व, यूपी पश्चिम, बिहार-झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या पश्चिम बंगाल) के विशेष कस्टमर सर्विस सेंटर्स (CSC) या अधिकृत रिटेलर्स पर ही सीमित समय के लिए उपलब्ध कराया जाता है।1 रुपये में नया सिम कार्ड और 24GB डेटा कैसे हासिल करें?यदि आप भी इस तरह के किफायती टेलीकॉम ऑफर का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसकी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है:नजदीकी अधिकृत रिटेलर या सीएससी केंद्र जाएं: अपने नजदीकी टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक सेवा केंद्र (CSC) या अधिकृत मोबाइल स्टोर पर जाएं।केवाईसी (e-KYC) दस्तावेज: भारत सरकार और दूरसंचार विभाग (DoT) के नियमों के अनुसार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य है। इसके लिए अपना मूल आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन: स्टोर पर एजेंट आपके आधार कार्ड का बायोमेट्रिक या फेस स्कैन के जरिए ई-केवाईसी करेगा।तुरंत एक्टिवेशन: वेरिफिकेशन पूरा होते ही नया सिम कार्ड हैंडओवर कर दिया जाता है, जो टेली-वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही घंटों में सक्रिय हो जाता है और फ्री डेटा व कॉलिंग का लाभ शुरू हो जाता है।टेलीकॉम कंपनियां ऐसे ऑफर्स के जरिए अपने यूजर बेस को तेजी से विस्तार देने का प्रयास करती हैं। यदि आप भी कम खर्च में बेहतर कॉलिंग और पर्याप्त डेटा का लाभ लेना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी रिटेलर से इस प्रमोशनल प्लान की स्थानीय उपलब्धता की पुष्टि कर इसका लाभ उठा सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 10:06 pm

'इसे जब्त कर लेना...', जिस बस में खुद बैठे कलेक्टर, उसी को करा दिया सीज

Rewa Collector Narendra Suryavanshi News: रीवा में जिस बस से कलेक्टर पहुंचे सीएम के कार्यक्रम में, खराब हालत देख उतरते ही उसे कराया सीज. RTO को फिटनेस निरस्त करने का आदेश. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

आज तक 27 Sep 2026 10:04 pm

Maharashtra: देवेंद्र फडणवीस किसानों के मुद्दे सुलझाएं या EC के प्रवक्ता बनें, कांग्रेस नेता का तंज

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राहुल गांधी की आलोचना किए जाने पर पलटवार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने रविवार को कहा कि अगर वह सूखा प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें इस्तीफा देकर निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करना चाहिए। फडणवीस ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ के आरोप को निराधार बताते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं में जनता का विश्वास कमजोर करने और ‘‘अराजकता तथा अव्यवस्था’’ के बीज बोने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। फडणवीस ने निर्वाचन आयोग में मतभेद की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि तीनों निर्वाचन आयुक्तों ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। मुख्यमंत्री के बयान पर सपकाल ने सवाल किया, ‘‘क्या फडणवीस निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता हैं? कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग से पूछे गए सवालों का जवाब वह क्यों दे रहे हैं?’’अखबार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के बाद कांग्रेस और कई अन्य दलों तथा संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। खबर में दावा किया गया था कि दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार एसआईआर प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग के तरीके पर औपचारिक आपत्ति जताई थी। सपकाल ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों से चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा केंद्र में आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने के बजाय, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राहुल गांधी की व्यक्तिगत आलोचना कर रहे हैं। सपकाल ने कहा, ‘‘अगर निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए हैं, तो आयोग को उनका जवाब देना चाहिए। निर्वाचन आयोग का बचाव करने के बजाय मुख्यमंत्री को महाराष्ट्र की जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।’’कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर वह इन मुद्दों का समाधान नहीं कर सकते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर पूर्णकालिक रूप से निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता के तौर पर काम करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 10:03 pm

इंडिगो फ्लाइट की लैंडिंग के दौरान असामान्य रनवे संपर्क, जांच जारी

इंडिगो की फ्लाइट 6E 6542 को केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को तेज हवाओं के बीच असामान्य रनवे संपर्क का सामना करना पड़ा. सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं. विमान की जांच की जा रही है और SOP के तहत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया है.

आज तक 27 Sep 2026 10:01 pm

प्रवेश वर्मा ने जिसे मारा थप्पड़, उस पर पहले से FIR, बीजेपी बोले- ये AAP का गुंडा

दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान PWD मंत्री प्रवेश वर्मा पर एक युवक को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है. आरोप लगाने वाले युवक की पहचान साहिब सिंह के रूप में हुई है. बीजेपी ने युवक को 'AAP का गुंडा' बताया है.

आज तक 27 Sep 2026 9:58 pm

भारत का उत्थान बिना टकराव और विघटन के समावेशी विकास पर आधारित: Rajnath Singh

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत एक ऐसी सभ्यतागत शक्ति है, जिसका उदय टकराव या व्यवधान के बजाय समावेशी विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य बिना किसी विघटन के आगे बढ़ना और संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव लाना है। ‘एनडीटीवी’ के रक्षा सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान सिंह ने यह भी कहा कि जो राष्ट्र प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा, उसे युद्ध के मैदान में बढ़त हासिल होगी। उन्होंने पिछले एक दशक में रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति के साथ-साथ सशस्त्र बलों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए उठाए गए कुछ कदमों को भी रेखांकित किया। विश्व व्यवस्था में भारत की स्थिति पर सिंह ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं। हमारे उत्थान का उद्देश्य किसी दूसरे देश को पीछे छोड़ना या मौजूदा व्यवस्था को खत्म करना नहीं है; बल्कि यह सामूहिक और समावेशी विकास के बारे में है। हमारा लक्ष्य है - बिना विघटन के उत्थान, संघर्ष के बिना सकारात्मक बदलाव।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी दुनिया की कल्पना करते हैं, जहां भारत आगे बढ़े और पूरी दुनिया भी हमारे साथ आगे बढ़े।’’रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आज का युद्ध केवल सैनिक बनाम सैनिक का मामला नहीं है, बल्कि यह कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष, साइबर क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, सूचना युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन और सटीक मारक हथियार शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 9:52 pm

40 की उम्र में 20 जैसा ग्लो! आजमाएं कोरियन गर्ल्स के ये 3 देसी नुस्खे

पिगमेंटेशन और समय से पहले दिखने वाली झुर्रियां महिलाओं के लिए बहुत बड़ी टेंशन बनी हुई है. आइए जानते हैं फ्लॉलेस स्किन पाने के लिए कोरियन ब्यूटी टिप्स कैसे आपकी मदद करेंगी.

आज तक 27 Sep 2026 9:50 pm

मिथुन-धनु की बढ़ेगी इनकम, जानें आपकी राशि के लिए कैसा होगा अक्टूबर

अक्टूबर माह की शुरुआत होने वाली है. वैसे तो यह महीना पितृपक्ष में शुरू हो रहा है. लेकिन इसमें कई बड़े त्योहारों की दस्तक भी होगी. अक्टूबर में शारदीय नवरात्र, दशहरा, शरद पूर्णिमा और करवा चौथ जैसे बड़े त्योहार भी आने वाले हैं. ग्रहों की चाल अक्टूबर माह को कई राशियों के लिए शुभ बता रही है.

आज तक 27 Sep 2026 9:47 pm

'पहले ही कर लें EMI पेमेंट...', हड़ताल से ऐन पहले बैंकों का अलर्ट

Bank's Alert To Customers: सोमवार को बैंक यूनियनों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होने जा रही है. इस बीच कई बड़े बैंकों ने अपने ग्राहकों को अलर्ट किया है कि वे अपनी EMI का भुगतान पहले ही कर लें.

आज तक 27 Sep 2026 9:45 pm

छेड़खानी, मारपीट और जबरन... 4 दिन बाद RJD ने जारी किया CCTV

मुजफ्फरपुर में नाबालिग लड़की से छेड़खानी और मारपीट की 23 सितंबर की घटना का CCTV फुटेज अब सामने आया है. RJD ने घटना के चार दिन बाद वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बिहार सरकार को घेरा है. हालांकि पुलिस के मुताबिक आरोपी ललित कुमार को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया था.

आज तक 27 Sep 2026 9:37 pm

यूपीआईटीएस में दिखा परिवहन विभाग का सड़क सुरक्षा पर जोर, 28 से 30 सितंबर तक चलेगा ऑपरेशन कवच

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। योगी सरकार के कार्यकाल में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भी देखने को मिल रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण में परिवहन विभाग ने अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय सेवाओं, सड़क सुरक्षा और वाहन संबंधी नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। यहीं पर परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि सड़क सुरक्षा के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेश में अनधिकृत बसों के विरूद्ध ऑपरेशन कवच अभियान चलाया जाएगा।28 से 30 सितंबर तक ऑपरेशन कवचपरिवहन विभाग की तकनीकी कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ ऑपरेशन कवच के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य परिवहन नियमों के अनुपालन को प्रभावी बनाना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।एनसीआर के प्रदूषण पर ईओएल वाहनों पर फोकसउन्होंने एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और खराब होती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्र पर स्क्रैप कराने की अपील की। एनसीआर के वाहन स्वामियों से पुराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप जीवन पूरा कर चुके वाहनों को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके।परिवर्तन पोर्टल से पुराने वाहनों को बदलने का लाभउन्होंने परिवहन विभाग की परिवर्तन योजना की जानकारी देते हुए यूरो मानक बीएस 1,2,3 व 4 वाले वाहनों के स्वामियों से परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की। वहीं कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। लोगों से नियंत्रित गति से वाहन चलाने, दोपहिया पर हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, शराब पीकर वाहन न चलाने व ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई।परिवहन विभाग ने बताया कि जनसुविधा के लिए उसकी 52 सेवाओं को फेसलेस किया गया है, जबकि 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में संचालित की जा रही हैं। ट्रेड शो में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी आधुनिक तकनीक और सिमुलेटर के जरिए युवाओं को जानकारी भी दी जा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:37 pm

16 सेकंड में पाइप से सिर पर 14 वार... MP में दिनदहाड़े युवक की हत्या

Sagar Crime News: सागर में पैराडाइज होटल के सामने 28 साल के अंकित पटेल की लोहे के पाइप से पीट-पीटकर हत्या. वारदात का खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने. पुलिस जांच में जुटी. पढ़ें पूरी खबर...

आज तक 27 Sep 2026 9:35 pm

डिजिटल मार्केट, मजबूत सप्लाई चेन और सुशासन से यूपी के हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान: भूपेंद्र चौधरी

ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स के विशेष सत्र में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो सेंटर बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश को देश के मजबूत ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने का काम हुआ है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ गांव, कारीगर, महिला उद्यमी और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक इकाइयों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है और प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है। डिजिटल मार्केट और सप्लाई चेन को मजबूत करने के साथ एक्सपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं। वाराणसी जैसे प्रमुख केंद्रों पर लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग और कस्टम्स से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है।भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले के कॉमन फैसिलिटी सेंटर को हाईटेक स्टूडियो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ब्रांडिंग, प्रमोशन, 3डी और हाई-डेफिनिशन फोटोग्राफी तथा पैकेजिंग जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे स्थानीय उत्पादों को डिजिटल बाजार में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप प्रस्तुत किया जा सकेगा। महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को ई-कॉमर्स से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, भदोही के कालीन और मुरादाबाद के हस्तशिल्प जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्रमाणन, ऑनलाइन परमिट और ट्रेसबिलिटी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने वैश्विक खरीदारों, निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एक्सपोर्ट इकोसिस्टम से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक विकास यात्रा अभी रुकने वाली नहीं है।डिजिटल मार्केटिंग और ग्लोबल बाजार से जुड़कर बढ़ाएं हैंडीक्राफ्ट्स का कारोबार: के विजयेंद्र पांडियनआयुक्त (उद्योग) के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि भविष्य में कारोबार तेजी से डिजिटल होने वाला है, इसलिए हस्तशिल्प उद्यमियों को इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर जोर देना होगा। उत्तर प्रदेश एमएसएमई और हस्तशिल्प का बड़ा केंद्र है, ऐसे में स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं। कारोबारियों को केवल ट्रेडिंग तक सीमित न रहकर उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बेहतर मार्जिन पर काम करना चाहिए। उन्होंने जनपदों के विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें मॉडल के रूप में विकसित करने, होम डेकोर सहित अन्य उत्पादों के लिए डिजिटल और फिजिकल शोरूम तैयार करने तथा एक्सपोर्ट चैन के जरिए विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों से विशेषज्ञों के सत्रों को ध्यान से सुनने, सफल मॉडलों का अध्ययन करने और अपने सवालों के जवाब लेकर उन्हें अपने कारोबार में लागू करने का आह्वान किया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:34 pm

Election Commission पुनर्गठन और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की झारखंड में वामदलों ने उठाई मांग

झारखंड में वाम दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने, निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की रविवार को मांग की। यहां हुई एक संयुक्त बैठक में भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और एसयूसीआई के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 सितंबर से दो अक्टूबर तक जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का भी फैसला किया। माकपा की झारखंड इकाई के सचिव प्रकाश विप्लव ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। विप्लव ने कहा, ‘‘हम देश में एसआईआर को तत्काल रोकने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन की मांग करते हैं।’’वाम दलों ने उच्चतम न्यायालय से एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग में कथित आंतरिक मतभेदों से संबंधित एक खबर का संज्ञान लेने का भी आग्रह किया। भाकपा (माले) लिबरेशन के राज्य सचिव मनोज भक्त ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए। उन्होंने दावा किया, ‘‘निर्वाचन आयोग द्वारा हाल में झारखंड के लिए जारी किए गए आंकड़े संकेत देते हैं कि यहां बड़ी संख्या में लोग मतदान के अवसर से वंचित हो जाएंगे और उनके नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए जाएंगे।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 9:33 pm

एआई और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में नई छलांग लगा रहा उत्तर प्रदेश: सुनील कुमार शर्मा

ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। ‘यूपीज जर्नी फ्रॉम इलेक्ट्रॉनिक्स लीडर टू एआई एंड सेमीकंडक्टर पावरहाउस’ सत्र को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। आने वाले समय में एआई और आईटी का कृषि तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ाव प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा।मंत्री ने बताया कि हाल में 52 स्टार्टअप के साथ हुई बैठक में सामने आया कि बड़ी संख्या में स्टार्टअप फूड सप्लाई से जुड़े हैं, जबकि कृषि क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल करने वाले स्टार्टअप की संख्या अभी कम है। उन्होंने इसे एक बड़े अवसर के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि एआई और आईटी को कृषि आधारित उद्योगों से जोड़कर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। प्रदेश में मक्का की खेती को इथेनॉल उत्पादन से जोड़ने के बाद किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। भविष्य में इसी तरह तकनीक आधारित समाधान कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव ला सकते हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों को अनुकूल वातावरण देने के लिए लगातार नीतियों में आवश्यक बदलाव कर रही है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप मुख्यमंत्री के स्तर से नीतिगत सुधार किए जाते हैं। निवेशकों को प्रोत्साहन राशि देने की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर विशेष जोर है और विभाग में निवेश प्रोत्साहन से संबंधित कोई फाइल लंबित न रखने की व्यवस्था की गई है। पिछले एक वर्ष में करीब 500 से 600 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन वितरित किए गए हैं।सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते वर्षों में औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखा है। एक्सप्रेसवे, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग तथा एयर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में यूपी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने रक्षा उत्पादन में हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी अवैध हथियार निर्माण की चर्चा होती थी, वहीं आज प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल और एके-203 जैसी आधुनिक रक्षा प्रणालियों के निर्माण की दिशा में काम हो रहा है।उन्होंने प्रदेश के बढ़ते बजट को भी आर्थिक विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि 2017 में राज्य का बजट करीब 3.36 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 9.72 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह बदलाव बढ़ती आर्थिक गतिविधियों, निवेश और राजस्व क्षमता का संकेत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तकनीक और नवाचार के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को हर जिले तक पहुंचाना है। वर्ष 2026-27 के लिए तकनीक और औद्योगिक विकास को प्रदेश के सभी जिलों तक विस्तार देने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया गया है। उन्होंने निवेशकों और तकनीकी विशेषज्ञों से उत्तर प्रदेश के एआई, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का आह्वान किया।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:32 pm

ट्रेड शो में बागपत के घेवर का स्वाद चख बोले लोग, सावन के बाद भी खूब भा रहा

ग्रेटर नोएडा। इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में बागपत का घेवर लोगों को रुकने और स्वाद चखने के लिए मजबूर कर रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन के पवेलियन में बागपत के स्टाल पर पहुंच रहे लोग पहले घेवर को बनते देख रहे हैं और फिर उसका स्वाद ले रहे हैं। दिल्ली, गुरुग्राम और गाजियाबाद से आए लोगों ने घेवर की कुरकुराहट और खोये की परत को पसंद किया। कई लोगों के लिए यह भी आकर्षण का विषय रहा कि आमतौर पर सावन की मिठाई माने जाने वाला घेवर यहां सितंबर में भी ताजा तैयार होकर बिक रहा है।बागपत के अमीनगर सराय निवासी ईश्वर दयाल अग्रवाल के परिवार में तीन पीढ़ियों से घेवर बनाने का कारोबार है। इसी परिवार से जुड़े दीपक गोयल ट्रेड शो में स्टाल का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले कई लोग घेवर देखकर सवाल करते हैं कि यह तो सावन में मिलने वाली मिठाई है, फिर इस समय कैसे तैयार हो रही है। उन्हें बताया जाता है कि बागपत में घेवर की मांग केवल सावन तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को अलग-अलग मौसम में बागपत के घेवर की उपलब्धता की जानकारी मिल रही है।सामने बन रहा ताजा घेवरट्रेड शो में बागपत से पांच कारीगर आए हैं। ये कारीगर स्टाल पर ही लोगों के सामने ताजा घेवर तैयार कर रहे हैं। इससे भी लोगों की उत्सुकता बढ़ रही है। दीपक गोयल के अनुसार रोजाना अच्छी बिक्री हो रही है और यहां घेवर 600 रुपये किलो की दर से बेचा जा रहा है।घेवर की खासियत बताते हुए उन्होंने कहा कि शुद्ध दूध से तैयार खोये का इस्तेमाल स्वाद को अलग पहचान देता है। नीचे का कुरकुरा हिस्सा और ऊपर जमी खोये की परत इसकी विशेषता है। बागपत के अलावा दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इसकी मांग रहती है।दिल्ली की सोनाली, गुरुग्राम की रवीना कश्यप और गाजियाबाद के धर्मेंद्र भारद्वाज समेत ट्रेड शो में पहुंचे लोगों ने घेवर का स्वाद लिया। लोगों ने स्टाल पर रुककर घेवर बनाने की प्रक्रिया भी देखी। लोग विशेष तरीके से घेवर बनता देख उत्साहित दिखाई दिए। पहली बार एक जिला एक व्यंजन के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों के प्रसिद्ध व्यंजनों को ट्रेड शो में जगह दी गई है। बागपत से घेवर को इसमें शामिल किया गया है। इससे जिले की पारंपरिक मिठाई को दूसरे जिलों से आए लोगों तक पहुंचने का अवसर मिला है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:30 pm

बारिश से प्रभावित बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी योगी सरकार

लखनऊ, 27 सितंबर। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से प्रभावित विद्युत आपूर्ति को जल्द सामान्य करने के लिए योगी सरकार ने निगरानी और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर काम कर जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति सामान्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का फीडरवार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और 1912 पर आने वाली प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लिया जाए।प्रमुख सचिव ने निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को यह भी बताया जाए कि उनकी विद्युत आपूर्ति कब तक बहाल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अस्पताल, पेयजल सहित आवश्यक सेवाओं की बिजली आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल की जाए। बारिश और पेड़ों के गिरने से 33 और 11 केवी फीडरों में बड़े पैमाने पर ब्रेकडाउन हुआ है। कई स्थानों पर बिजली के पोल भी टूटे हैं। इन्हें बदलने के साथ ही क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत का काम दिन-रात जारी है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीमें लगातार कार्य कर रही हैं।शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति लगभग सामान्यडिस्कॉम अधिकारियों ने बताया कि लखनऊ सहित प्रदेश के अधिकांश शहरी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति लगभग सामान्य कर दी गई है। मध्यांचल में बरेली मंडल को छोड़कर शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य है। 33 केवी के छह सबस्टेशन बंद हैं, जिन्हें शाम तक चालू करने का लक्ष्य है। पूर्वांचल में बस्ती और संतकबीरनगर को छोड़कर अधिकांश शहरी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य है।पश्चिमांचल में अमरोहा, बिजनौर, संभल और मुरादाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़कर आपूर्ति सामान्य है। दक्षिणांचल में इटावा, कन्नौज, औरैया और फर्रुखाबाद को छोड़कर अन्य शहरों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। केस्को क्षेत्र में 33 केवी का कोई ब्रेकडाउन नहीं है। सब जगह आपूर्ति नॉर्मल कर दी गई है।24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, मैनपावर की कमी ना होअधिक प्रभावित जिलों में अंबेडकरनगर, भदोही, आजमगढ़, बलिया, बहराइच, बस्ती, बरेली, गोंडा, देवरिया, लखीमपुर, मऊ, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, हमीरपुर, शाहजहांपुर, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, बुलंदशहर, गोरखपुर और वाराणसी ग्रामीण शामिल हैं। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यालयों से अधिकारियों को जिलों में भेजा गया है। आरडीएसएस और बिजनेस प्लान के कार्यों में लगी कार्यदायी संस्थाओं को भी अनुरक्षण कार्य में लगाया गया है।शक्तिभवन और डिस्कॉम के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिययूपीपीसीएल अध्यक्ष ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बहाली के कार्य में मैनपावर की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। जिला और फीडरवार लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कार्य कराया जाए और एक भी फीडर छूटने न पाए। अस्पताल, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता है। शक्ति भवन और सभी डिस्कॉम के कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं। डिस्कॉम के प्रबंध निदेशकों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों में आई समस्याओं और चल रहे अनुरक्षण कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक नितेश कुमार ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:29 pm

सीएम योगी के निर्देश पर आपदा पीड़ितों को तत्काल मिल रही राहत, 24 घंटे में चार-चार लाख की आर्थिक सहायता

लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने की संवेदनशीलता और तत्परता दिखाई है। अयोध्या और बस्ती में तेज आंधी-पानी से प्रभावित परिवारों के बीच जनपद के प्रभारी मंत्री एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही पहुंचे और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने सीएम योगी के निर्देश पर प्रभावित परिवारों को दैवीय आपदा राहत कोष से घटना के 24 घंटे के अंदर चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे।अयोध्या में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण चार लोगों की असामयिक मृत्यु हुई। इनमें सोहावल तहसील के शिवदासपुर, शुक्ला का पुरवा निवासी 18 वर्षीय आकाश वर्मा, मिल्कीपुर तहसील निवासी 12 वर्षीय आर्यन, रुदौली तहसील निवासी 76 वर्षीय रामस्वरूप और 40 वर्षीय धर्मराज शामिल हैं। इन सभी की मृत्यु पेड़ गिरने के कारण हुई। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अयोध्या सर्किट हाउस में आकाश वर्मा, रामस्वरूप और धर्मराज के परिजनों को चार-चार लाख रुपये के चेक सौंपे। वहीं बस्ती में भी आपदा प्रभावित दो परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी गई।बस्ती में भी पीड़ित परिवारों को मिली राहतबस्ती सदर तहसील के चौबाह गांव निवासी मोतीराम की आंधी में छप्पर गिरने से मृत्यु हुई थी, उनकी पत्नी कैलाशा देवी को चार लाख रुपये की सहायता दी गई। वहीं महुली पश्चिम के ग्राम बलुआ निवासी प्रशांत की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उनकी माता मीरा देवी को भी चार लाख रुपये का चेक सौंपा गया।हर नागरिक के सुख-दुःख में अभिभावक की तरह खड़ी है सरकारकृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, सेवा और सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री योगी के स्पष्ट निर्देश हैं कि दैवीय या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को अविलंब राहत, चिकित्सीय सुविधा और आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को सभी प्रभावितों को हरसंभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:26 pm

हाइब्रिड के दौर में देसी अनाज की विरासत, यहां किसानों का अनूठा बीज बैंक

Shahdol Baiga Farmers Seed Conservation: शहडोल के मझगवां में बैगा-भूमिया किसानों ने सहेजी देसी बीजों की विरासत. कोदो-कुटकी व धान की दुर्लभ किस्मों से पाई खाद्य आत्मनिर्भरता. पढ़ें पूरी खबर.

आज तक 27 Sep 2026 9:24 pm

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन कौशल विकास मिशन के पवेलियन में हुनर, रचनात्मकता और सीखने का उत्साह 

ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का पवेलियन हुनर, रचनात्मकता और सीखने के उत्साह से गुलजार रहा। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण बड़ी संख्या में परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पवेलियन पहुंचे और यहां न सिर्फ प्रदेश की पारंपरिक कला और उत्पादों को करीब से देखा, बल्कि कई कौशलों को खुद करके सीखने का अनुभव भी लिया।यूपीएसडीएम के ‘स्किल मंच’ पर रविवार को नन्हे-मुन्नों की प्रतिभा ने खास आकर्षण पैदा किया। बच्चों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। युवाओं ने भी गायकी और फाइन आर्ट्स के जरिए अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। ‘हुनर’ थीम पर रंगों के जरिए युवाओं ने अपनी कल्पनाओं को मंच पर आकार दिया।खास बात यह रही कि मंच पर सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। पहली बार शुरू किए गए ‘स्किल मंच’ का उद्देश्य युवाओं और आम लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ कौशल, करियर और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।पवेलियन में विभिन्न कौशलों के लाइव डेमो दर्शकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने। पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, हर स्टॉल पर लोगों को कुछ नया देखने और सीखने को मिला। पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर विजिटर्स ने मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर सुंदर कलाकृतियां बनाने की कोशिश की। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी के स्टॉल पर लोगों ने सुई-धागे से होने वाली बारीक कारीगरी को करीब से समझा और खुद भी इसे आजमाया। यहां कौशल केवल प्रदर्शित नहीं किया गया, बल्कि लोगों को ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ के अंदाज में इससे जोड़ा गया। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक ने अलग-अलग स्टॉल पर पहुंचकर कला और कौशल का अभ्यास किया।यूपीएसडीएम पवेलियन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों की कला और उत्पाद भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बनारस के लकड़ी के खिलौने, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और मथुरा के डेकोरेटिव आइटम्स को देखने और उनके बारे में जानने के लिए विजिटर्स की विशेष रुचि दिखाई दी। प्रतापगढ़ के स्टॉल पर लोगों ने आंवला से बने विभिन्न उत्पादों की जानकारी लेने के साथ उनका स्वाद भी चखा। वहीं, लखनऊ की चिकनकारी ने अपनी बारीक कारीगरी से लोगों का ध्यान खींचा। विजिटर्स उत्पादों को देखने के साथ उनके निर्माण, परंपरा और उनसे जुड़े कौशल की जानकारी भी लेते नजर आए। पवेलियन में इस तरह कला, कौशल, सीखने और अनुभव का संगम देखने को मिल रहा है। पवेलियन की गतिविधियां यह संदेश दे रही हैं कि हुनर सिर्फ देखने की चीज नहीं, बल्कि उसे सीखा, समझा और अपने हाथों से आजमाया भी जा सकता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Sep 2026 9:22 pm

Delhi Police ने गैंगस्टर Kapil Sangwan के नाम पर रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को पकड़ा

दिल्ली पुलिस ने गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ ​​नंदू के नाम पर जबरन वसूली गिरोह चलाने और एक व्यापारी से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी डर पैदा करने के लिए लक्षित लोगों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कथित तौर पर गोलीबारी की योजना भी बना रहे थे। उन्होंने बताया कि द्वारका में रहने वाले रोहित अरोड़ा (47) और उत्तम नगर निवासी सुधीर गहलोत उर्फ छोटा नंदू (44) ने कथित तौर पर रंगदारी की मांग को लेकर द्वारका इलाके के कई कारोबारियों को फोन किया और पैसे न देने पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। अधिकारी के मुताबिक, “आरोपियों ने फोन करते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए कथित तौर पर नकली ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके मोबाइल ऐप से बनाए गए वर्चुअल मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया।”उन्होंने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब आरोपियों के शिकायतकर्ता से तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत के आधार पर छह सितंबर को बिंदापुर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारी के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी ने द्वारका के कम से कम पांच कारोबारियों को निशाना बनाया था, जिनमें तीन जान-पहचान के व्यापारी शामिल थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने शूटर का इंतजाम करने और लक्षित व्यापारियों के घरों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी करवाने की योजना बनाई थी, ताकि उनमें डर पैदा कर रंगदारी देने के लिए मजबूर किया जा सके। अधिकारी ने कहा, “अपराध शाखा की एक टीम ने जांच शुरू की और उस मोबाइल नंबर की तकनीकी निगरानी की, जिसका इस्तेमाल व्यापारी को धमकी देने के लिए किया गया था। एक संदिग्ध नंबर की पहचान की गई, जिसके गहलोत से जुड़े होने की बात सामने आई।”उन्होंने बताया कि इसके बाद 23 सितंबर को अरोड़ा को द्वारका के सेक्टर-11 से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारी ने बताया कि अरोड़ा की निशानदेही पर गहलोत को 24 सितंबर को द्वारका इलाके से पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने जबरन वसूली के मामले में अपनी संलिप्तता का खुलासा किया। अधिकारी के मुताबिक, आरोपियों ने एक प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की मदद से मोबाइल ऐप और फर्जी ईमेल आईडी का इस्तेमाल करके वर्चुअल नंबर बनाए। उन्होंने बताया कि उक्त प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ की पहचान अजय के तौर पर हुई है, जो मध्यप्रदेश के रहने वाला है और जिसे हाल में कनाडा से निर्वासित किया गया था। अधिकारी के अनुसार, “गहलोत जेल में रहने के दौरान गैंगस्टर कपिल सांगवान के भाई ज्योति उर्फ ​​बाबा के संपर्क में आया था और बाद में उसने अपने जान-पहचान वालों के बीच सांगवान के साथ अपने जुड़ाव का जिक्र शुरू कर दिया। दोनों आरोपी क्रिकेट सट्टेबाजी और जुए में भारी नुकसान का सामना कर रहे थे, इसलिए उन्होंने अमीर व्यापारियों से पैसे ऐंठने के लिए सांगवान के नाम का इस्तेमाल करने का फैसला किया।”उन्होंने बताया कि गहलोत ने अरोड़ा से 9,000 रुपये लेने के बाद उसके लिए एक नये स्मार्टफोन का इंतजाम किया और उसे तीन संभावित ‘शिकारों’ के मोबाइल नंबर दिए। आरोप है कि अरोड़ा ने अगस्त के आखिरी दो हफ्तों में इन लोगों को धमकी भरे फोन किए। पुलिस के मुताबिक, बिंदापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अरोड़ा को गिरफ्तारी का डर सताने लगा; उसने फोन करने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल ठिकाने लगा दिया और अपने निजी फोन से सिम कार्ड निकाल दिया। पुलिस के अनुसार, अरोड़ा ने पूछताछ के दौरान बताया कि क्रिकेट सट्टेबाजी में उसे करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ था और उसे घर तथा बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाने में दिक्कत हो रही थी। पुलिस ने बताया कि अरोड़ा और गहलोत ने रंगदारी की रकम का इस्तेमाल अपनी आर्थिक देनदारियों को पूरा करने और खुद का जबरन वसूली का नेटवर्क बनाने के लिए करने की योजना बनाई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उसने बताया कि गहलोत धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और जालसाजी के कई मामलों में पहले से नामजद है, जबकि अरोड़ा के खिलाफ भी धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ा एक मामला दर्ज है।

प्रभासाक्षी 27 Sep 2026 9:13 pm