नीति आयोग के सदस्य ने राजस्थान को 'उपलब्धि हासिल करने वाला राज्य' बताया
नीति आयोग के सदस्य प्रोफेसर केवी राजू ने राजस्थान को 'उपलब्धि संपन्न राज्य' बताते हुए पेयजल आपूर्ति और ग्रामीण विकास में हुई प्रगति की प्रशंसा की।
अजीत डोभाल और वांग यी की मुलाकात, भारत-चीन रिश्तों में बढ़ते भरोसे पर चर्चा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की
'दिल्ली में जनता को बिजली देने में नाकाम सरकार', आतिशी का बयान
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने बिजली वितरण कंपनियों के सीएजी ऑडिट और ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के आरोपों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
लखनऊ अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई – चार अधिकारी निलंबित, जांच तेज
राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित उषा मेहता मार्ग पर सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। खबरों के मुताबिक इस अग्निकांड में 9 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा ...
CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, स्वतंत्रता दिवस पर उपलब्धियां बताएंगे प्रभारी मंत्री
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 22 जून को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर होने वाले कार्यक्रमों में जिलों के प्रभारी मंत्री, जिलों में हुए विकास कार्यों और ...
भिवाड़ी : गृहशांति का झांसा देकर बीस लाख रुपए की ठगी
खैरथल-तिजारा। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोशल मीडिया पर घरेलू समस्याओं के समाधान और गृहशांति का झांसा देकर लाखों रुपए और सोने के आभूषण ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम में […] The post भिवाड़ी : गृहशांति का झांसा देकर बीस लाख रुपए की ठगी appeared first on Sabguru News .
UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) की ओर कदम बढ़ा चुके हैं। इसी सिलसिले में समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने 22 जून को प्रशासन अकादमी में राज्य ...
धोखाधड़ी मामले में आरसीएफएल एवं आरएचएफएल के दो अधिकारी अरेस्ट
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) देवांग मोदी और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल) के पूर्व सीईओ रवींद्र सुधालकर को सरकारी बैंकों से लिए गए ऋण में हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरसीएफएल मामले में आरोपियों पर 13 […] The post धोखाधड़ी मामले में आरसीएफएल एवं आरएचएफएल के दो अधिकारी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
कल दिनांक 23-06-2026 को करीबसमय 15.15 बजे अयोध्या पहॅुॅुॅुचेगे केशव प्रसाद मौर्य, अयोध्या भ्रमण पर पहले सर्किट हाउस, अयोध्या में पार्टी पदाधिकारियों/कार्यकर्ताओं एवं मा0 जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगेतथा विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक के उपरान्त जनपद की विकासशील/निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षणकरीबसमय 16.10 बजेश्री मणिराम दास जी छावनी, अयोध्या के पीठाधीश्वर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महन्त श्री नृत्य गोपाल दास जी महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।उसके बाद लगभगसमय 17.05 बजेहनुमानगढ़ी, अयोध्या मन्दिर के दर्शन एवं पूजन करेंगे औरसमय 17.45 बजेश्री राम जन्मभूमि परिसर स्थित श्रीशेषावतार मन्दिर ध्वजारोहण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे तथा दर्शन-पूजन करने की जानकारी प्राप्त हुई हैा
कांग्रेस ने चिंटू चौकसे को इंदौर नगर निगम नेता प्रतिपक्ष पद हटाया, सोनिला मिमरोट को मिली जिम्मेदारी
इंदौर नगर निगम चुनाव में एक वर्ष से कुछ ज्यादा वक्त ही बचा है। उससे पूर्व कांग्रेस बड़ा बदलाव किया है। नेता प्रतिपक्ष रहे चिंटू चौकसे को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया गया है। वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट को नगर निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष ...
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 31 जनपदों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला दुग्ध उत्पादकों को संगठित कर उन्हें दुग्ध व्यवसाय से जोड़कर वर्तमान में महिला समूहों द्वारा ₹5000 करोड़ से अधिक का दुग्ध कारोबार किया जा रहा है, जो ग्रामीण महिलाओं की बढ़ती आर्थिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रमाण है। उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इसमें महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ग्रामीण महिलाओं अर्थात आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना विकास की परिभाषा अपूर्ण प्रतीत होगी। इसलिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और खाद्य प्रसंस्करण संयुक्त रूप से महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को बेहतर नस्ल के दुग्ध पशुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आधुनिक पशुपालन तकनीकों की जानकारी देने तथा दुग्ध उत्पादों के निर्माण एवं विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रही है। इसके साथ ही दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन की सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है ताकि महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।श्री मौर्य ने कहा कि जिस प्रकार श्वेत क्रांति में पुरुषों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उसी प्रकार आज आवश्यकता है कि महिलाओं को भी समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराकर उनके योगदान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति के पुरुषों के बराबर महिलाओं को खड़ा करना समय की मांग है और यही प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का स्पष्ट उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को शत-प्रतिशत आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। महिलाओं की आर्थिक उन्नति से न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना समृद्ध और विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना अधूरी है।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने आज जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु दूरभाष के माध्यम से जिलाधिकारी उन्नाव, प्रतापगढ़, इटावा, बरेली, फतेहपुर, बहराइच, बाराबंकी एवं अयोध्या से वार्ता की। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुलिस आयुक्त प्रयागराज एवं आगरा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या, लखीमपुर खीरी, चन्दौली, शाहजहाँपुर, कुशीनगर एवं अम्बेडकर नगर तथा मण्डलायुक्त अयोध्या से भी संवाद स्थापित कर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।जनता दर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे और उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। जनता दर्शन में सड़क, बिजली, पानी, राजस्व, पेंशन, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से संबंधित अनेक प्रकरण प्राप्त हुए। उप मुख्यमंत्री ने प्राप्त शिकायतों एवं प्रार्थना-पत्रों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्युत आपूर्ति से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए प्रबन्ध निदेशक, विद्युत पश्चिमांचल से भी दूरभाष पर वार्ता की तथा संबंधित समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पास सुविधा की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
अजमेर। सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों ने पास सुविधा की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में सोमवार को अजमेर स्टेशन पर सैकड़ों पेंशनर्स ने प्रदर्शन किया। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलॉइज यूनियन अजमेर के सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ ऑल इंडिया रेलवे पेंशनर्स वेलफेयर फेडरेशन के सचिव सुमेर सिंह शेखावत ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद रेल […] The post पास सुविधा की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
अलीगंज, लखनऊ में हुई अग्नि दुर्घटना पर उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने जताया गहरा शोक
उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने अलीगंज, लखनऊ में हुई दुर्भाग्यपूर्ण अग्नि दुर्घटना में जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक एवं दुःखद है। उन्होंने दिवंगतों के शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहन संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।ॐ शांति!
WhatsApp के नए प्रमुख बने CRED के संस्थापक कुणाल शाह, Meta ने किया बड़ा नेतृत्व परिवर्तन
दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने नेतृत्व स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए भारतीय फिनटेक कंपनी CRED के संस्थापक और सीईओ कुणाल शाह को WhatsApp का नया प्रमुख (Head of WhatsApp) नियुक्त किया है। वह वर्ष 2019 से इस ...
निपुण भारत मिशन को रफ्तार देने में जुटी योगी सरकार, मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का दूसरा चरण शुरू
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए शिक्षकों के क्षमता संवर्धन की मजबूत शृंखला तैयार कर रही है। इसी क्रम में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों में आधारभूत ...
बारां में नाइट्रिक एसिड से भरे टैंकर में रिसाव से हड़कम्प मचा
बारां। राजस्थान में बारां जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर रविवार देर रात नाइट्रिक एसिड से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव होने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग के दल तत्काल मौके पर पहुंच गये और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार टैंकर में तकनीकी […] The post बारां में नाइट्रिक एसिड से भरे टैंकर में रिसाव से हड़कम्प मचा appeared first on Sabguru News .
पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला, बदली होम स्टे नीति
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही पर्यटन गतिविधियों और पर्यटकों की संख्या को देखते हुए योगी सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम स्टे नीति-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत होम स्टे और बीएंडबी इकाइयों के लिए पंजीकरण ...
राजस्व मंडल की ओर से प्रकाशित राविरा के 132वें अंक का विमोचन
अजमेर। राजस्व मंडल अध्यक्ष अजिताभ शर्मा ने राविरा पत्रिका के 132वें अंक का विमोचन सोमवार को किया। राजस्व मंडल की ओर से प्रकाशित इस अंक में राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार, न्यायालय कार्य निष्पादन में व्यावहारिक समस्याएं, उनका समाधान, काश्तकार वर्ग के हितों में ऑनलाइन सेवाओं की सुलभता एवं लाभ, जनसाधारण के लिए […] The post राजस्व मंडल की ओर से प्रकाशित राविरा के 132वें अंक का विमोचन appeared first on Sabguru News .
सेना अधिकारी को थाने में बंद करने के मामले में थानाधिकारी लाइन हाजिर
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के खेड़ली मोड़ थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा सेना अधिकारी मेजर शैलेन्द्र सिंह को रविवार रात गिरफ्तार करके उन्हें हवालात में बंद करने के साथ अपमानित करने के मामले में सोमवार को मचे बवाल के बाद थानाधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार छुट्टियों में अपने गांव […] The post सेना अधिकारी को थाने में बंद करने के मामले में थानाधिकारी लाइन हाजिर appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश शिक्षा सुधारों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी सक्रिय कदम उठा रहा है। भारत ...
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में उस जगह पहुंचे जहां आग लगने की घटना हुई थी, घटना में 14 लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ से कार्यक्रम रद्द कर ...
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू), मेरठ के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे शोध का खुलासा किया है, जो आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में किए ...
इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp एंड्रॉयड यूजर्स के लिए 2 नए फीचर्स पर काम कर रहा है। इन अपडेट्स का उद्देश्य यूजर्स के लिए ऑनलाइन स्टेटस देखना और चैट बैकअप को मैनेज करना पहले से अधिक आसान बनाना है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक कोचिंग-कम-गेमिंग जोन में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मीडिया खबरों के मुताबिक इसमें 13 लोगों की मौत की आशंका जताई गई है। मृतकों में बच्चे बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ...
भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ से बिहार की सियासत में खलबली मची हुई है। बिहार के भोजपुर जिले में 26 वर्षीय भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद गहरा गया है। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। विपक्ष पर ...
जम्मू स्थित माता खीर भवानी मंदिर में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
जम्मू। कश्मीरी पंडितों ने जनीपुर इलाके के भवानी नगर में स्थित रागन्या देवी (माता खीर भवानी) मंदिर में सोमवार को खीर भवानी त्योहार के अवसर पर वैदिक मंत्रों और घंटियों की गूंज के बीच पूजा-अर्चना की। समुदाय के सदस्यों ने मंदिर में इलाके में शांति के लिए प्रार्थना की और आशीर्वाद मांगा। भक्तों ने श्रीनगर […] The post जम्मू स्थित माता खीर भवानी मंदिर में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण, 150 पन्नों की रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट के पुनर्गठन के भी संकेत
अयोध्या में रामलला के दरबार से आई एक ऐसी खबर ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में भूकंप ला दिया है, जिसने आस्था और व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में हुए 7 करोड़ ...
बिना चीनी-गुड़ के घर पर बनाएं ये पौष्टिक आहार; खाने के नखरे होंगे खत्म
अक्सर माताओं की सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि उनका बच्चा बहुत दुबला-पतला है और बाहर का 'जंक फूड' तो शौक से खाता है, लेकिन घर का पौष्टिक खाना खाने में हजार नखरे करता है। 1 से 5 साल की उम्र बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उन्हें जरूरी पोषक तत्व मिलना बहुत जरूरी है। अगर आप भी इसी समस्या से जूझ रही हैं, तो यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर पूनम देवनानी द्वारा सुझाई गई यह 'मैजिकल लड्डू' रेसिपी आपकी सारी चिंता दूर कर देगी।क्यों खास हैं ये हेल्दी लड्डूइन लड्डुओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें चीनी या गुड़ का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसमें अंजीर, खुबानी, बादाम, छुहारा और किशमिश जैसे सुपरफूड्स का उपयोग किया गया है, जो न केवल बच्चे का वजन बढ़ाने में मदद करते हैं, बल्कि उनमें आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन की कमी को भी पूरा करते हैं। गेहूं का आटा बच्चे का पेट भरने और उन्हें लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखने में मददगार है।सामग्री (Ingredients)इन लड्डू को बनाने के लिए आपको चाहिए:1.5 कप गेहूं का आटा10 सूखे अंजीर और 10 सूखी खुबानी30-35 बादाम (ममरा)8-9 छुहारे (बीज निकले हुए)1/2 कप किशमिश1/2 कप शुद्ध देसी घी (1/4 कप + 1/4 कप)बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)भिगोना और पेस्ट बनाना: अंजीर और खुबानी को साफ पानी से धोकर 2-3 घंटे के लिए भिगो दें। फूल जाने के बाद इनका बारीक पेस्ट तैयार कर लें।ड्राई फ्रूट्स का पाउडर: बादाम और छुआरे को मिक्सर में अलग-अलग पीसकर दरदरा पाउडर बना लें।आटा भूनना: एक कड़ाही में घी डालें और गेहूं के आटे को धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक सुनहरा होने तक भूनें।मिक्सचर तैयार करना: एक अन्य पैन में घी डालकर अंजीर-खुबानी के पेस्ट को भूनें जब तक कि घी अलग न होने लगे। अब इसमें भुना हुआ आटा, बादाम और छुहारे का पाउडर मिलाएं। अंत में किशमिश डालकर अच्छी तरह चलाएं।लड्डू बांधना: मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें और छोटे-छोटे लड्डू तैयार कर लें।कैसे और कब खिलाएंइन लड्डुओं को एक एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रिज में रखें। रोजाना खिलाने से 15 मिनट पहले इन्हें बाहर निकाल लें। अगर बच्चे की उम्र 5 साल से अधिक है तो एक लड्डू और उससे कम है तो आधा लड्डू देना पर्याप्त है। याद रखें, बच्चे को कभी भी खाली पेट यह लड्डू न दें। यह लड्डू न केवल बच्चे का वजन बढ़ाएंगे, बल्कि उन्हें एक्टिव और हेल्दी भी रखेंगे।
गुरदासपुर में नहर टूटने से बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न
गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर जिले में अप्पर बारी दोआब (यूबीडीसी) नहर में आई बड़ी टूट के कारण आसपास के गांवों, रिहायशी इलाकों और कृषि भूमि में पानी भर गया, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। घटना के बाद किसानों और स्थानीय निवासियों में भारी चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार सठियाली हेडवर्क्स […] The post गुरदासपुर में नहर टूटने से बाढ़ जैसे हालात, सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न appeared first on Sabguru News .
भरत तिवारी मुठभेड़ मामले की जांच डीआईजी शाहाबाद करेंगे, पांच पुलिसकर्मी निलंबित
बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने सोमवार को भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी मुठभेड़ मामले और नीट पुनर्परीक्षा में सामने आए फर्जीवाड़े को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच के लिए शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को पुलिस मुख्यालय की ओर से अधिकृत किया गया है।
Electric Scooter : बिना लाइसेंस चला सकेंगे यह सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर, फीचर्स भी हैं दमदार
कंपनी ने Reo VYB की बैटरी पर 3 साल या 30,000 किलोमीटर (जो पहले पूरा हो) की वारंटी देने की घोषणा की है। Ampere का कहना है कि बैटरी को लंबी उम्र और बेहतर टिकाऊपन को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। किफायती इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग के बीच ...
ब्रिटेन : कीर स्टारमर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे का किया ऐलान
लंदन। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान किया। इसके साथ ही लेबर पार्टी के नेता का पद भी छोड़ दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने भावुक बयान में स्टारमर ने कहा कि कार्यालय में मेरा लिया हर फैसला अपने प्यारे देश को […] The post ब्रिटेन : कीर स्टारमर ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे का किया ऐलान appeared first on Sabguru News .
'बारिश में गल गया सोना, बंदर उठा ले गए', पुलिस की दलील पर कोर्ट सख्त; 18 साल पुराने मामले ने चौंकाया
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित लखीमपुर खीरी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। पुलिस ने दावा किया कि मालखाने में सुरक्षित रखी गई लाखों रुपये मूल्य की सोने की पोटली बारिश में गल गई। इसके बाद आभूषणों ...
हरियाणा और राजस्थान में 4 ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी
नई दिल्ली। रेलवे ने हरियाणा और राजस्थान के में चलने वाली चार ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी प्रदान की है। रेलवे ने सोमवार को बताया कि स्थानीय यात्रियों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रेल का इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों की मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या […] The post हरियाणा और राजस्थान में 4 ट्रेनों के अतिरिक्त ठहराव को मंजूरी appeared first on Sabguru News .
रणवीर सिंह ने 'डार्क' बताकर ठुकराई थी ये ब्लॉकबस्टर फिल्म
बॉलीवुड गलियारों में अक्सर 'मिस' हुई फिल्मों की कहानियां काफी दिलचस्प होती हैं। ऐसी ही एक कहानी है 2019 में बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लाने वाली फिल्म 'कबीर सिंह' की। शाहिद कपूर के करियर की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर मानी जाने वाली इस फिल्म के पीछे एक ऐसा राज छिपा है जिसे जानकर फैंस आज भी हैरान रह जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि संदीप रेड्डी वांगा की इस फिल्म के लिए शाहिद कपूर पहली पसंद नहीं थे, बल्कि यह भूमिका सुपरस्टार रणवीर सिंह को ऑफर की गई थी?रणवीर सिंह को क्यों लगी थी 'डार्क'?फिल्म के निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि जब वे 'अर्जुन रेड्डी' की हिंदी रीमेक 'कबीर सिंह' पर काम कर रहे थे, तो उनके दिमाग में सिर्फ रणवीर सिंह का नाम था। निर्देशक ने उन्हें अप्रोच भी किया था, लेकिन रणवीर सिंह ने इस किरदार को निभाने से साफ इनकार कर दिया। इसकी मुख्य वजह फिल्म का 'डार्क' और एग्रेसिव मिजाज था। उस समय रणवीर शायद ऐसे किरदार के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थे, जिसे उन्होंने अपने करियर के लिए बहुत ज्यादा नकारात्मक मान लिया था।शाहिद कपूर का रिस्क और ऐतिहासिक सफलतारणवीर सिंह के बाद यह फिल्म शाहिद कपूर की झोली में गिरी। उस समय शाहिद के करियर का ग्राफ काफी संघर्षपूर्ण था। उनकी कोई भी सोलो फिल्म 100 करोड़ के आंकड़े को छूने में नाकाम रही थी, जिसके चलते फिल्ममेकर्स शाहिद को बड़ी फिल्में देने में हिचकिचा रहे थे। लेकिन शाहिद ने 'कबीर सिंह' का रिस्क लिया और अपने अभिनय से कबीर के कैरेक्टर में जान फूंक दी। फिल्म का परिणाम ऐसा रहा कि महज 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 379 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जो फिल्म की लागत का लगभग 6 गुना था।क्या अर्जुन कपूर भी थे दौड़ में?मीडिया रिपोर्ट्स और कई चर्चाओं के अनुसार, संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म के लिए अर्जुन कपूर का नाम भी सोचा था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। अंततः, शाहिद कपूर ने इस भूमिका को स्वीकार किया और साबित कर दिया कि वह किसी भी तरह के किरदार को निभाने में सक्षम हैं। आज 'कबीर सिंह' शाहिद के करियर की एक ऐसी फिल्म बन गई है, जिसने उनके स्टारडम को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और साबित किया कि कभी-कभी जो फिल्में स्टार्स छोड़ देते हैं, वे इतिहास रच देती हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की तारीख तय करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह रजिस्ट्रार के समक्ष मामले का उल्लेख करे, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। इस याचिका में घटना की सीबीआई जांच कराने और सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित करने की मांग की गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा एक्शन, ओलंपिक साइक्लिस्ट डेविड हर्न समेत कई गिरफ्तार
अमेरिका के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्मारकों में से एक, 'लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल' में हुई तोड़फोड़ की घटना ने पूरे देश में खलबली मचा दी है। राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खुद इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर जानकारी दी कि अमेरिकी पार्क पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ट्रंप ने इसे राष्ट्रीय विरासत पर हमला करार देते हुए चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों को लंबी जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।ओलंपिक पदक विजेता पर लगा गंभीर आरोपइस मामले में सबसे चौंकाने वाला नाम ओलंपिक साइक्लिस्ट डेविड हर्न का सामने आया है। 'द वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, हर्न उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप दर्ज किया गया है। हर्न को आगामी नौ जुलाई को डीसी सुपीरियर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है। एक प्रतिष्ठित एथलीट का नाम इस तरह की घटना में आने से खेल जगत के साथ-साथ आम जनता भी हैरान है।'सिर्फ छूकर देखना चाहते थे'—हर्न की सफाईगिरफ्तारी के बाद डेविड हर्न ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई पेश की है। हर्न का दावा है कि वे साइकिलिंग के बाद वहां आराम करने के लिए रुके थे। उन्होंने देखा कि हाल ही में नवीनीकृत (Renovated) किए गए रिफ्लेक्टिंग पूल का 'अमेरिकन फ्लैग ब्लू' लाइनर अपनी जगह से उखड़ गया था। हर्न के अनुसार, वे केवल उस सामग्री की बनावट को करीब से देखने के लिए पानी में हाथ डाल रहे थे, तभी पार्क पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। हालांकि, पुलिस का नजरिया इससे बिल्कुल अलग है और वे इसे सरकारी संपत्ति को जानबूझकर पहुंचाए गए नुकसान के रूप में देख रहे हैं।ट्रंप का सख्त रुख और मरम्मत की तैयारीराष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय स्मारकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हाल ही में हुए रिफ्लेक्टिंग पूल के नवीनीकरण कार्य को जिस तरह निशाना बनाया गया, वह प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। ट्रंप ने कहा है कि पूल की मरम्मत का काम जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा ताकि इसकी भव्यता को बहाल किया जा सके। वॉशिंगटन डीसी प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या यह कोई सोची-समझी साजिश थी या मात्र एक लापरवाही।
अमेरिका-ईरान वार्ता में निकले बड़े नतीजे, जानें क्या है 60 दिनों का 'पीस रोडमैप'
स्विट्जरलैंड के बर्न में आयोजित 'लेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन' (Lake Lucerne Summit) के नतीजे सामने आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख्त धमकियों और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वार्ता से वॉकआउट करने जैसे नाटकीय घटनाक्रमों के बावजूद, अंततः अमेरिका और ईरान ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते की नींव रख दी है। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता ने दुनिया को राहत की सांस दी है।ट्रंप की सख्त चेतावनी और ईरानी टीम का वॉकआउटशांति वार्ता के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को चेतावनी दी। ट्रंप ने लेबनान में ईरान समर्थित गुटों द्वारा फैलाई जा रही अराजकता को रोकने की बात कही और धमकी दी कि यदि ईरान नहीं माना, तो अमेरिका पिछले हमलों से भी अधिक खतरनाक हमला करेगा। तनाव तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने ईरानी नेगोशिएटिंग टीम को लेकर कथित तौर पर कड़ी टिप्पणी की, जिसके जवाब में ईरानी टीम वार्ता स्थल छोड़कर बाहर चली गई थी। हालांकि, कतर और पाकिस्तान के राजनयिकों ने पर्दे के पीछे से बातचीत को संभाला और सोमवार तड़के तक इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया।शांति समझौते के मुख्य बिंदु: किन मुद्दों पर बनी सहमति?इस वार्ता के जरिए दोनों देशों के बीच भविष्य के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है:60 दिनों का डेडलाइन: दोनों देशों ने अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की है। इसके लिए तकनीकी वार्ताएं तुरंत शुरू की जाएंगी।होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सैन्य टकराव को टालने के लिए दोनों देशों ने एक 'डायरेक्ट कम्युनिकेशन लाइन' स्थापित करने पर सहमति जताई है, ताकि वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।स्पेशल सेल का गठन: अमेरिका, ईरान और लेबनान के बीच एक स्पेशल सेल बनाया जाएगा, जिसका एकमात्र काम लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करना और युद्धविराम का सख्ती से पालन कराना होगा।निगरानी समिति: समझौते को लागू करने और परमाणु कार्यक्रम व प्रतिबंधों से जुड़े मामलों पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय राजनीतिक समिति का गठन किया गया है।प्रतिबंधों में ढील और ईरान को मिली बड़ी राहतईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस समझौते को एक बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है। समझौते के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटा दिया गया है, नाकाबंदी में ढील दी गई है और ईरान की कुछ जब्त संपत्तियों को जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही, ईरान के लिए एक बड़े पुनर्निर्माण और विकास योजना की भी घोषणा की गई है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।क्या यह शांति स्थायी है?यद्यपि दोनों पक्ष युद्धविराम और प्रतिबंधों में ढील पर सहमत हुए हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख अभी भी बना हुआ है। 'लेक ल्यूसर्न' शिखर सम्मेलन ने एक खिड़की तो खोली है, लेकिन इसकी असल परीक्षा लेबनान में शांति बनाए रखने और परमाणु कार्यक्रमों को लेकर होने वाली भविष्य की तकनीकी वार्ताओं में होगी। कतर और पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे शांति मिशन में निर्णायक
छत्तीसगढ़ की राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने सूबे के सियासी तापमान को अचानक सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। राजधानी रायपुर में कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की एक बेहद हाई-प्रोफाइल और सीक्रेट 'पाठशाला' सजी। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानदंडों के अनुसार, इस मैराथन बैठक में छत्तीसगढ़ के सभी 41 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों, शीर्ष नेताओं और रणनीतिकारों ने हिस्सा लिया। आगामी चुनावों और संगठन की मजबूती को लेकर राहुल गांधी ने सीधे कप्तानों से संवाद किया और उन्हें जमीन पर काम करने का अचूक मंत्र दिया। इस बंद कमरे की बैठक से जो छनकर बाहर आ रहा है, उसके मुताबिक कांग्रेस अब एक बेहद संवेदनशील मुद्दे को लेकर पूरे प्रदेश और देश में एक बहुत बड़े और आक्रामक आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है।बूथ लेवल मैनेजमेंट और 41 जिला अध्यक्षों को मिला राहुल गांधी का कड़ा टास्करायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ से आए कांग्रेस के 41 जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि अब गुटबाजी और सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नेताओं को जमीनी स्तर पर जाकर आम जनता, आदिवासियों, किसानों और युवाओं से सीधा जुड़ाव बनाने का सख्त निर्देश दिया है। बैठक में मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारियों के अनुसार, राहुल गांधी ने हर एक जिला अध्यक्ष से उनके क्षेत्र का ग्राउंड रियलिटी फीडबैक लिया और बूथ लेवल मैनेजमेंट (Booth Level Management) को और अधिक आक्रामक बनाने को कहा। कांग्रेस का मुख्य फोकस इस बार उन सीटों पर है जहां मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।जानिए किस बड़े और संवेदनशील मुद्दे पर आंदोलन छेड़ने जा रही है कांग्रेसइस हाई-प्रोफाइल पाठशाला का सबसे बड़ा टेकअवे वह ज्वलंत मुद्दा है, जिसे लेकर कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक सरकार को घेरने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में स्थानीय संसाधनों, जल-जंगल-जमीन के अधिकारों, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई के साथ-साथ जातिगत जनगणना (Caste Census) के मुद्दे पर कांग्रेस एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने जा रही है। राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों को स्पष्ट रूप से कहा कि इस मुद्दे को हर गांव और हर घर तक पहुंचाया जाए, ताकि जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके और सत्ता पक्ष को बैकफुट पर लाया जा सके।सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर बीजेपी के खिलाफ चक्रव्यूह तैयारगूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और आधुनिक डिजिटल न्यूज फीड्स के अनुसार, इस बैठक के बाद से छत्तीसगढ़ कांग्रेस की डिजिटल और ग्राउंड विंग पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आ रही है। स्थानीय ज्योग्राफिकल और पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि रायपुर में हुई इस पाठशाला के जरिए राहुल गांधी ने न केवल संगठन में नई ऊर्जा फूंकने का काम किया है, बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है। जिला अध्यक्षों को अब सीधे जनता के बीच चौपाल लगाने और सोशल मीडिया पर आक्रामक कैंपेन चलाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी का यह 'जीत का मंत्र' छत्तीसगढ़ की सियासत में आने वाले दिनों में क्या नया बड़ा बदलाव लेकर आता है।
यूक्रेन के हमले से दहला रूस, चार एयरपोर्ट्स पर थम गईं उड़ानें; जानें क्या है ताजा स्थिति
रूस-यूक्रेन के बीच जारी भीषण जंग अब सीधे रूसी राजधानी मॉस्को तक पहुँच चुकी है। सोमवार को यूक्रेन ने मॉस्को को निशाना बनाकर एक साथ दर्जनों ड्रोन्स से हमला कर दिया, जिससे रूसी प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस हमले के बाद एहतियात के तौर पर राजधानी के चार प्रमुख हवाई अड्डों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया और उड़ानों को रोक दिया गया। शहर में चारों तरफ सायरन की गूंज और आसमान में धमाकों की आवाज से लोगों में दहशत का माहौल है।59 ड्रोन मार गिराए, मेयर ने दी जानकारीमॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने टेलीग्राम के माध्यम से इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि यूक्रेन ने यह हमला पूरी योजना के साथ किया था। रूसी वायु रक्षा प्रणालियों (Air Defense Systems) ने अत्यधिक तत्परता दिखाते हुए कुल 59 यूक्रेनी ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह मॉस्को पर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक था, जिसे रूसी सेना ने समय रहते नाकाम कर दिया है, जिससे एक बड़े संभावित खतरे को टाला जा सका है।एयरपोर्ट्स बंद, हवाई सेवा बाधितड्रोन हमले के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को सक्रिय कर दिया गया है। मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों पर विमानों की आवाजाही को रोक दिया गया, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, रूसी अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में बता रहे हैं और जल्द ही हवाई संचालन बहाल करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल, राजधानी के ऊपर उड़ रहे किसी भी संदिग्ध ऑब्जेक्ट पर सेना की पैनी नजर है।ओडेसा में रूस का पलटवार, बैलिस्टिक मिसाइल से तबाहीउधर, रूस ने भी अपना रुख आक्रामक बनाए रखा है। रविवार शाम को रूसी सेना ने यूक्रेन के दक्षिणी ओडेसा क्षेत्र पर इस्कंदर (Iskander) बैलिस्टिक मिसाइल से भीषण हमला किया। इस हमले में एक नागरिक की मौत की खबर है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। ओडेसा जिले में स्थित एक कृषि संयंत्र पर हुए इस हमले के कारण वहां खड़े वाहनों और ईंधन भंडारण टैंकों में भीषण आग लग गई, जिससे भारी नुकसान हुआ है। यूक्रेन के आपातकालीन दल फिलहाल राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं।
पंजाब से छत्तीसगढ़ तक फैला शक का जाल! अकलतरा से दबोचा गया संदिग्ध ISI एजेंट
देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जिसने भारत के खिलाफ सरहद पार से रची जा रही एक बेहद खतरनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के स्लीपर सेल और जासूसी नेटवर्क का एक ऐसा जाल सामने आया है, जो पंजाब से शुरू होकर सीधे छत्तीसगढ़ के दिल तक पहुंच रहा है। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा इलाके से सुरक्षा एजेंसियों और एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर एक बेहद शातिर संदिग्ध आईएसआई एजेंट को धर दबोचा है। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानदंडों के अनुसार, इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे देश के सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस एजेंट के तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े होने के पुख्ता संकेत मिले हैं।शांत राज्य छत्तीसगढ़ में कैसे पनप रहा था देशविरोधी जासूसी का यह खतरनाक मॉड्यूलप्रयागराज, चंडीगढ़, रायपुर और बिलासपुर के वरिष्ठ सुरक्षा विश्लेषकों और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किया गया संदिग्ध अकलतरा के एक सामान्य इलाके में छुपकर रह रहा था ताकि किसी को उस पर कोई शक न हो। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह संदिग्ध पंजाब में सक्रिय आईएसआई के कुछ बड़े हैंडलर्स के साथ लगातार संपर्क में था। वह भारत के संवेदनशील और सैन्य प्रतिष्ठानों (Military Installations), रेलवे रूटों और सुरक्षा बलों की आवाजाही से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारियां और तस्वीरें इकट्ठा कर सीमा पार पाकिस्तान भेज रहा था। जांच अधिकारियों का कहना है कि शांत दिखने वाले छत्तीसगढ़ राज्य को इस नेटवर्क ने अपना नया और सुरक्षित ठिकाना बनाने की कोशिश की थी, जिसे वक्त रहते नाकाम कर दिया गया।जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल सबूतों ने खोले पाकिस्तान से फंडिंग के बड़े राजगूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और डिजिटल न्यूज फीड्स के अनुसार, इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता संदिग्ध के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स हैं। सुरक्षा बलों ने मौके से कई हाई-टेक स्मार्टफोन, सिम कार्ड, एक लैपटॉप और कुछ डायरियां जब्त की हैं। इन डिजिटल सबूतों की शुरुआती फॉरेंसिक जांच में कई ऐसे व्हाट्सएप चैट्स, एन्क्रिप्टेड ईमेल और कॉलिंग रिकॉर्ड्स मिले हैं, जो सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों के हैंडल से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही संदिग्ध के बैंक खातों की जांच में पंजाब और जम्मू-कश्मीर के रास्ते आए कुछ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन (Funding) का भी पता चला है। इन पैसों का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर जासूसी नेटवर्क को मजबूत करने और नए युवाओं को बरगलाने के लिए किया जा रहा था।केंद्रीय जांच एजेंसियां अलर्ट पर, अकलतरा से जुड़े पंजाब के और भी कई बड़े नामइस बड़ी कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियां (IB) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पकड़े गए संदिग्ध को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया गया है, जहां देश के शीर्ष जांच अधिकारी उससे गहन पूछताछ कर रहे हैं। स्थानीय ज्योग्राफिकल और नेशनल सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस नेटवर्क का असली मकसद आगामी त्योहारों और चुनावों से पहले देश में किसी बड़ी अशांति या अप्रिय घटना को अंजाम देना था। जांच अधिकारियों को अकलतरा के इस मॉड्यूल से पंजाब के कई अन्य वांटेड अपराधियों और स्लीपर सेल्स के जुड़े होने की पूरी आशंका है, जिसके चलते आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।
रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में दक्षिण भारत गए उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिकों के साथ धोखाधड़ी और शोषण की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। लेकिन इस बार तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से एक ऐसा बेहद संवेदनशील और परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। चेन्नई में फंसी कई युवतियों ने सोशल मीडिया पर एक रोते हुए वीडियो जारी कर अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है। युवतियों का आरोप है कि उन्हें वहां बेहद खराब परिस्थितियों में रखा गया है और जब वे अपने घर वापस लौटना चाहती हैं, तो उनसे कथित तौर पर प्रति व्यक्ति 10-10 हजार रुपये की मोटी रकम मांगी जा रही है। क्रेडिबल एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के मानदंडों के अनुसार, इस वीडियो के लाइव होते ही यूपी और बिहार के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में रो-रोकर बयां की अपनी आपबीतीप्रयागराज, लखनऊ और पटना के प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवतियां एक तंग कमरे में बंद हैं और बेहद डरी हुई हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि एक स्थानीय ठेकेदार और कंपनी के कुछ लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। काम के बदले उचित मजदूरी देना तो दूर, उन्हें पेट भर खाना भी नसीब नहीं हो रहा है। जब इन युवतियों ने हिम्मत जुटाकर अपने माता-पिता के पास वापस लौटने की इच्छा जताई, तो दबंगों ने उनके दस्तावेज और सामान जब्त कर लिए और घर जाने की एवज में 10-10 हजार रुपये की अवैध डिमांड रख दी। इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करने में असमर्थ इन युवतियों के पास वीडियो बनाकर मदद मांगने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।यूपी और बिहार सरकार एक्शन में, चेन्नई पुलिस से किया गया संपर्कगूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस और डिजिटल न्यूज फीड्स के अनुसार, यह मामला जैसे ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संज्ञान में आया, तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय और बिहार के श्रम संसाधन विभाग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। प्रयागराज और वाराणसी जोन के आला अधिकारियों ने तमिलनाडु के उच्च पुलिस अधिकारियों और चेन्नई के स्थानीय प्रशासन से सीधा संपर्क साधा है। चेन्नई पुलिस की एक विशेष टीम को वीडियो के आधार पर युवतियों की लोकेशन ट्रेस करने और उस अवैध परिसर पर छापेमारी करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां इन्हें बंधक बनाकर रखने का दावा किया जा रहा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी बेटियों को बेहद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर वापस उनके गृह जनपद लाया जाएगा।रोजगार के नाम पर फर्जी ठेकेदारों के चंगुल में फंसने से कैसे बचेंइस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर बाहरी राज्यों में काम करने जाने वाले कामगारों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ज्योग्राफिकल और लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अक्सर ग्रामीण इलाकों की युवतियों और युवाओं को मोटी सैलरी का लालच देकर फर्जी और गैर-पंजीकृत प्लेसमेंट एजेंसियों या बिचौलियों द्वारा दूसरे राज्यों में भेज दिया जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी बाहरी राज्य में काम पर जाने से पहले उस कंपनी का पूरा ब्योरा, अपने स्थानीय थाने में रजिस्ट्रेशन और सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी अपने पास जरूर रखनी चाहिए, ताकि मुसीबत के समय इस तरह के शोषण और ब्लैकमेलिंग से तुरंत बचा जा सके।
पीएम कीर स्टारमर ने दिया इस्तीफा, डाउनिंग स्ट्रीट में एक और कार्यकाल का हुआ अंत
ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा सियासी धमाका हुआ। लेबर पार्टी के भीतर मची भारी उथल-पुथल और नेतृत्व परिवर्तन की बढ़ती मांगों के दबाव में आकर प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। महज कुछ ही समय पहले कंजर्वेटिव पार्टी के 14 साल के शासन को खत्म कर ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता में आए स्टारमर का इस्तीफा ब्रिटेन की अस्थिर राजनीति को एक बार फिर दर्शाता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपना फैसला किंग को सौंप दिया है और नए प्रधानमंत्री के चयन तक वे कार्यवाहक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।इस्तीफे के पीछे क्या हैं प्रमुख कारण?61 वर्षीय कीर स्टारमर जुलाई 2024 में ब्रिटेन के 58वें प्रधानमंत्री बने थे। उस वक्त उन्होंने देश को एक नई दिशा और ठोस परिणाम देने का वादा किया था। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों से उनकी सरकार चुनौतियों से घिरी हुई थी। गिरती हुई अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक सेवाओं की बदहाली और पार्टी के अंदर ही नेताओं के बीच बढ़ते असंतोष ने स्टारमर के लिए सरकार चलाना मुश्किल कर दिया था। भारी बहुमत के बावजूद, जनता के बीच घटता समर्थन और पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की तेज होती आवाजों ने अंततः उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर कर दिया।क्या ब्रिटेन की राजनीति में फिर दिखेगा नया चेहरा?स्टारमर का जाना ब्रिटेन में 'छोटे कार्यकाल' वाले प्रधानमंत्रियों की लिस्ट को और लंबा कर गया है। चुनाव में जीत के बाद स्टारमर ने अपने पूर्ववर्ती ऋषि सुनक की सराहना करते हुए जो बदलाव की उम्मीद जगाई थी, वह आर्थिक चुनौतियों और राजनीतिक मतभेदों के चलते पूरी नहीं हो सकी। अब देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि लेबर पार्टी किसे अगला प्रधानमंत्री चुनती है। क्या पार्टी किसी नए चेहरे को मौका देगी या कोई अनुभवी नेता संकट के इस दौर में बागडोर संभालेगा? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा।राजनीतिक अस्थिरता का नया दौरब्रिटेन में पिछले कुछ वर्षों से सत्ता का तेजी से हस्तांतरण हो रहा है, जो वहां की राजनीतिक अस्थिरता को दर्शाता है। कीर स्टारमर का यह इस्तीफा न केवल लेबर पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह देश के भविष्य के लिए भी अनिश्चितता पैदा करता है। फिलहाल, जब तक नया प्रधानमंत्री पद नहीं संभाल लेता, तब तक देश में प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रखने के लिए स्टारमर ही कार्यवाहक पीएम की भूमिका में बने रहेंगे। ब्रिटेन का सियासी गलियारा फिलहाल नए उत्तराधिकारी के नाम को लेकर गर्म है।
संत समाज की भूमिका सदैव प्रेरणादायी : CM धामी
CM Pushkar Singh Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रायवाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं विशाल संत सम्मेलन में कहा कि सनातन परंपरा के संरक्षण और समाज को सही दिशा देने में संत समाज की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है। ...
श्रीगंगानगर में युवक को अगवा करके नहर में फेंका
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र में दो गाड़ियों में आए 10 से अधिक युवकों के एक युवक को अगवा करके बुरी तरह से मारपीट करके नहर में फेंक देने की घटना सामने आई है। पुलिस ने नहर पर पहुंचकर इस युवक को बचाया और अस्पताल में भर्ती करवाया। घटना के पीछे एक […] The post श्रीगंगानगर में युवक को अगवा करके नहर में फेंका appeared first on Sabguru News .
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा, क्या इसमें हैं ट्रंप कनेक्शन?
लेबर पार्टी में बगावत और राजनीतिक दबाव के चलते ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केर स्टार्मर ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वे जुलाई 2024 से ब्रिटेन की कमान संभाल रहे थे। स्टार्मर 10 साल में प्रधानमंत्री पद छोड़ने वाले छठे नेता है। र्स्टामर के ...
पश्चिम बंगाल बजट : सरकार ने एक लाख नौकरियों की घोषणा की
कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में अलग-अलग सरकारी विभागों में एक लाख कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा की है। वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत की […] The post पश्चिम बंगाल बजट : सरकार ने एक लाख नौकरियों की घोषणा की appeared first on Sabguru News .
अयोध्या के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए एसआईटी गठित की और भरोसा जताया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से बयानबाजी जारी है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि जो कल तक राम को काल्पनिक मानते थे, वे इस मुद्दे पर बयानबाजी कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की सरकारों में राम भक्तों पर तो गोलियां तक चलाई गई थीं। कांग्रेस के लिए गांधी परिवार ही भगवान है पर हमारे लिए तो राम, कृष्ण सहित अन्य देवी देवता ही भगवान हैं, जिन्हें हम पूजते हैं।
त्रिपुरा में नाबालिग पोती से रेप करने के आरोप में दादा अरेस्ट
अगरतला। त्रिपुरा के सेपाहिजाला जिले के विशालगढ़ में एक बुज़ुर्ग व्यक्ति को अपनी नाबालिग पोती के साथ दुष्कर्म करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान विष्णुपद सरकार के रूप में हुई है। पुलिस ने कहा कि पीड़िता के माता-पिता रामायण कीर्तन के आयोजन में शामिल होने के लिए नाबालिग लड़की को […] The post त्रिपुरा में नाबालिग पोती से रेप करने के आरोप में दादा अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के ढाई साल पूरा होने के बाद अ्ब मंत्रिमंडल के नए सिरे से गठन की कवायद शुरु हो गई है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में मोहन कैबिनेट का विस्तार कभी भी हो सकता है। कैबिनेट विस्तार में कई पुराने चेहरों को बाहर का रास्ता दिखा कर नए ...
बंगाल बजट : सरकारी कर्मचारियों का डीए 20 प्रतिशत बढ़ा, कुल डीए बढ़कर होगा 38 प्रतिशत
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने सोमवार को वर्ष 2026 के राज्य बजट में राज्य सरकार के कर्मचारियों, अर्ध-सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए एक बड़े राहत पैकेज की घोषणा की। बजट की घोषणा के अनुसार मौजूदा 18 प्रतिशत महंगाई भत्ते के अलावा अतिरिक्त 20 प्रतिशत डीए दिया जाएगा, जिससे […] The post बंगाल बजट : सरकारी कर्मचारियों का डीए 20 प्रतिशत बढ़ा, कुल डीए बढ़कर होगा 38 प्रतिशत appeared first on Sabguru News .
भारतीय परिवारों में अक्सर एक अजीब सा समीकरण देखने को मिलता है। अमूमन बच्चों का अपनी मां के साथ एक बेहद गहरा और भावुक रिश्ता (Emotional Bond) होता है, जहां वे दिल की हर बात बिना झिझक कह देते हैं। इसके ठीक उलट, पिता के साथ एक अनकहा 'इमोशनल डिस्टेंस' यानी भावनात्मक दूरी बनी रहती है। पिता हर मुश्किल परिस्थिति में ढाल बनकर हमारा साथ देते हैं, लेकिन उनके साथ बैठकर बातें करने में बच्चों को हमेशा एक हिचकिचाहट महसूस होती है। पापा के साथ बातचीत कम होने की वजह से यह बॉन्ड वक्त के साथ थोड़ा कमजोर दिखने लगता है। लेकिन यकीन मानिए, आप अपनी रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके अपने पापा के साथ इस दूरी को हमेशा के लिए खत्म कर सकते हैं और रिश्ते को फौलाद जैसा मजबूत बना सकते हैं।1. प्यार और सम्मान को खुलकर जाहिर करें, झिझक छोड़ेंयह बात पूरी दुनिया जानती है कि पिता अपने बच्चों से बेइंतहा प्यार करते हैं, लेकिन उनका स्वभाव ऐसा होता है कि वे कभी भी अपने इमोशंस को खुलकर शेयर नहीं कर पाते। एक पिता हमेशा अपनी भावनाओं को छिपाकर रखता है ताकि परिवार को मजबूत बनाए रख सके। ऐसे में पहल आपको करनी होगी। पापा के पास बैठें, उनसे संवाद करें और उनके प्रति अपना आदर और प्यार खुलकर व्यक्त करें। जब आप खुलकर बात करना शुरू करेंगे, तो सालों से रिश्ते में जमी बर्फ पिघल जाएगी और आई हुई खटास या दूरी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।2. दिन में कम से कम एक बार साथ में करें लंच या डिनरआज की भागदौड़ भरी और बेहद बिजी लाइफस्टाइल में लोगों के पास अपनी फैमिली के लिए समय निकालना मुश्किल हो गया है। अक्सर बच्चे अपने कमरों में या फोन पर व्यस्त रहते हैं और पापा अपने काम में। इस आदत को बदलिए। 24 घंटे में कम से कम एक बार (चाहे लंच हो या डिनर) अपने पिता के साथ बैठकर भोजन जरूर करें। डाइनिंग टेबल पर साथ खाना खाने से न सिर्फ बातचीत का मौका मिलता है, बल्कि पूरे दिन की बातें और सुख-दुख साझा करने से पारिवारिक रिश्ते बेहद मजबूत होते हैं।3. पापा की पसंदीदा एक्टिविटीज और हॉबीज में लें हिस्साअपने पिता के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप उनकी पसंदीदा चीजों में रुचि दिखाएं। अगर आपके पापा को सुबह-शाम अखबार या अच्छी किताबें पढ़ना पसंद है, तो उनके साथ उस विषय पर चर्चा करें। यदि उन्हें पुराना संगीत सुनना, बागवानी (Gardening) करना या कभी-कभी कुकिंग करना पसंद है, तो आगे बढ़कर इन एक्टिविटीज में उनका हाथ बटाएं। जब आप उनकी दुनिया का हिस्सा बनेंगे, तो उनके चेहरे की खुशी देखने लायक होगी और आपका बॉन्ड बेहद खास हो जाएगा।4. पापा के संघर्ष और उनकी लाइफ के बारे में बात करेंहर पिता के भीतर एक ऐसा इंसान छिपा होता है, जिसके पास अनुभवों का खजाना है। कभी फुर्सत में उनके पास बैठकर उनके बचपन, स्कूल और कॉलेज के दिनों के बारे में पूछें। उनसे जानें कि जब उन्होंने अपनी पहली नौकरी शुरू की थी, तो उनके सामने क्या चुनौतियां थीं और उन्होंने अपनी यंग एज में कैसे संघर्ष किया। जब आप उनकी जिंदगी के अनुभवों और सीख को सम्मान देंगे, तो उन्हें महसूस होगा कि उनके बच्चे उन्हें सचमुच समझते हैं। यह एक आदत आपके और पापा के बीच के रिश्ते को एक नए और दोस्ताना मुकाम पर ले जाएगी।
भारतीय समाज में शादी केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का अटूट रिश्ता होती है। अमूमन देखा जाता है कि माता-पिता अपनी बेटी के लिए वर (लड़का) तलाशते समय सबसे पहले उसकी सरकारी नौकरी, बड़ा बिजनेस या मोटी सैलरी को ही खुशहाल वैवाहिक जीवन की गारंटी मान लेते हैं। बेशक, आज के दौर में आर्थिक रूप से सुरक्षित होना बेहद जरूरी है, लेकिन केवल एक अच्छा बैंक बैलेंस किसी सफल और खुशहाल शादी की कसौटी नहीं हो सकता। पैसा आज है, कल नहीं, लेकिन इंसान का स्वभाव और उसकी सोच जीवनभर साथ निभाती है। अगर आप भी अपनी लाडली के लिए लड़का देख रहे हैं, तो अंतिम फैसला लेने से पहले होने वाले दूल्हे से कुछ बेहद महत्वपूर्ण सवाल जरूर करें, ताकि आपकी बेटी का भविष्य सुरक्षित और आदरयुक्त रहे।1. शादी और आपसी रिश्ते को लेकर क्या है उनकी सोच?सबसे पहले यह जानने और समझने की कोशिश करें कि लड़का शादी के बंधन को किस नजरिए से देखता है। उसके लिए शादी केवल एक सामाजिक औपचारिकता या माता-पिता के दबाव में ली गई जिम्मेदारी है, या फिर वह इसे दो दिलों के बीच प्यार, बराबरी और सम्मान का खूबसूरत रिश्ता मानता है। शादी के बाद जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती, उसमें कई तरह के उतार-चढ़ाव, खुशियां और मुश्किलें आती हैं। ऐसे में एक समझदार और सुलझा हुआ इंसान ही विपरीत परिस्थितियों में भी रिश्ते को पूरी मजबूती के साथ लंबे समय तक संभाल सकता है।2. करियर और भविष्य की प्लानिंग को लेकर क्या हैं विचार?आज के बदलते दौर में लड़का वर्तमान में क्या काम कर रहा है, केवल यह देखना काफी नहीं है। आपको उसके भविष्य के विजन और प्लानिंग के बारे में भी खुलकर बात करनी चाहिए। उससे जानने की कोशिश करें कि वह आने वाले 5 या 10 सालों में खुद को कहां देखता है और अपने करियर को किस दिशा में ले जाना चाहता है। इस सवाल से आपको यह अंदाजा हो जाएगा कि लड़का अपने जीवन में पर्सनल ग्रोथ (तरक्की) और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी (आर्थिक स्थिरता) को कितनी गंभीरता और महत्व देता है। एक लक्ष्यहीन व्यक्ति जीवन में कभी भी सही फैसले नहीं ले पाता।3. कामकाजी पत्नी और उसके सपनों को लेकर क्या है नजरिया?आज के समय में बेटियां पढ़-लिखकर हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं और आत्मनिर्भर हैं। ऐसे में लड़के से यह सवाल करना बेहद अनिवार्य हो जाता है कि शादी के बाद वह पत्नी के करियर, उसकी नौकरी और उसके सपनों को लेकर क्या सोच रखता है। क्या वह शादी के बाद भी अपनी पत्नी को आगे बढ़ने, काम करने और अपने लक्ष्यों को पूरा करने की पूरी आजादी और मानसिक सपोर्ट देगा? अगर लड़का आपकी बेटी के सपनों का सम्मान करता है और उसे एक इंडिपेंडेंट पार्टनर के रूप में स्वीकार करता है, तो यह एक बेहद सकारात्मक और अच्छे जीवनसाथी का संकेत है।4. घरेलू जिम्मेदारियों को आपस में बांटने पर क्या है राय?एक सफल गृहस्थी गाड़ी के दो पहियों की तरह होती है, जिसे दोनों पार्टनर्स को मिलकर चलाना होता है। इसलिए, लड़के से यह जरूर जानें कि वह घर और परिवार की जिम्मेदारियों को आपस में बांटने (Shared Responsibilities) को लेकर क्या राय रखता है। क्या उसकी सोच आज भी रुढ़िवादी है कि घर की साफ-सफाई, खाना बनाना और बच्चों की देखरेख करना केवल महिलाओं का ही काम है? इन छोटे-छोटे लेकिन गंभीर सवालों के जरिए आप सामने वाले लड़के के वास्तविक व्यवहार, परवरिश और आधुनिक सोच का सटीक आकलन कर सकते हैं, जो आपकी बेटी की खुशियों के लिए सबसे जरूरी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन की दिशा में एक ऐतिहासिक घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि प्रदेश की बहुप्रतीक्षित 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के तहत आगामी 1 जुलाई से पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सम्मान राशि भेजनी शुरू कर दी जाएगी। सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा देते हुए तय किया है कि योजना की पहली किस्त के रूप में तीन महीने का पैसा एक साथ (एकमुश्त) ट्रांसफर किया जाएगा।अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹4500, अन्य श्रेणियों को मिलेंगे ₹3000फतेहगढ़ साहिब के ऐतिहासिक गांव चनारथल कलां में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने योजना के वित्तीय ढांचे का पूरा ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पहली किस्त में कुल 4500 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, अन्य सभी श्रेणियों (General/OBC) की पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रति महीने के हिसाब से पहली किस्त के रूप में 3000 रुपये की राशि जारी की जाएगी।बिना बिचौलिए के सीधा ट्रांसफर, 97% महिलाओं को मिलेगा लाभमुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की कि 1 जुलाई को 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं के मोबाइल फोन पर उनके बैंक खातों में राशि जमा होने का सीधा संदेश (SMS) पहुंच जाएगा। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पैसा बिना किसी बिचौलिए या दलाल के, सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों के खातों में जाएगा। राहत की बात यह भी है कि जो बुजुर्ग या बेसहारा महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठाने की पूरी हकदार होंगी। सरकार का दावा है कि पंजाब की करीब 97 फीसदी महिलाओं को इस दायरे में लाया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने 9,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।विपक्ष पर बरसे सीएम मान; कहा- 'पहले के मुख्यमंत्रियों ने सिर्फ अपनी तिजोरियां भरीं'अपने संबोधन के दौरान सीएम भगवंत मान ने पूर्व की सरकारों और विपक्षी दलों पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए। शिरोमणि अकाली दल और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि इन नेताओं का पंजाब की जमीनी हकीकत और लोगों की समस्याओं से कभी कोई जुड़ाव रहा ही नहीं। उन्होंने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पार्टी पंजाब में अपनी दिशा खो चुकी है। मान ने आरोप लगाया कि पूर्व के मुख्यमंत्री जनता से दूर महलों में रहते थे और केवल सत्ता का दुरुपयोग कर निजी संपत्तियां बनाने में व्यस्त थे, लेकिन पंजाब की जागरूक जनता अब इनके झूठे वादों और राजनीतिक दुष्प्रचार के झांसे में आने वाली नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की एसआईआर (SIR) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए यह भी आशंका जताई कि भाजपा इसका इस्तेमाल वैध वोटों को काटने के लिए कर सकती है, लेकिन पंजाब सरकार हर असली वोटर के अधिकार की रक्षा करेगी।बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक संशोधन कानून; मानसिक बीमारी का बहाना बनाने वालों की अब खैर नहींमुख्यमंत्री ने 'जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026' का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए इसे अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों के समय जब भी बेअदबी की घटनाएं हुईं, तो सिख समुदाय और दुनिया भर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची, लेकिन अकालियों ने न्याय दिलाने के बजाय इस पर सिर्फ राजनीति की।नए सख्त कानून के प्रावधानों को समझाते हुए सीएम मान ने कहा कि अब तक अपराधी 'मानसिक रूप से अस्वस्थ' होने का नाटक करके कड़े कानून और सजा से बच निकलते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई सचमुच विक्षिप्त है, तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही निशाना क्यों बनाता है? वह किसी ट्रेन के आगे क्यों नहीं कूद जाता? उन्होंने एलान किया कि नए कानून के तहत यदि कोई आरोपी चिकित्सकीय रूप से मानसिक रोगी पाया भी जाता है, तब भी उसके माता-पिता, अभिभावक या देखभाल करने वालों को आपराधिक साजिश और आरोपों का सामना करना पड़ेगा। अब किसी भी दोषी को कोई ढील नहीं दी जाएगी।90% घरों को मुफ्त बिजली और ₹10 लाख तक का मुफ्त इलाजसरकार के काम का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों का बिजली बिल जीरो आ रहा है और किसानों को खेती के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली मिल रही है। स्वास्थ्य क्रांति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' के तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे अब तक जनता को 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज मिल चुका है। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार सभी चुनावी गारंटियों को पूरा कर सूबे को 'रंगला पंजाब' बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सड़क हादसे में भूपालपल्ली के जिला परिवहन अधिकारी वेंकन्ना की मौत
हैदराबाद। तेलंगाना में भूपालपल्ली जिले के घनपुरम मंडल में चेलपुर के पास क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के सामने सोमवार को गाड़ियों की जांच करते समय जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) वेंकन्ना (47) की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटना तब हुई जब गाड़ी की जांच के दौरान जब्त किए गये एक हार्वेस्टर […] The post सड़क हादसे में भूपालपल्ली के जिला परिवहन अधिकारी वेंकन्ना की मौत appeared first on Sabguru News .
अगर आपको भी ऐसा लगता है कि देश में लोग और बड़ी कंपनियां इन दिनों कर्ज (Loan) लेने से कतरा रही हैं, तो वित्तीय बाजारों से आ रहे ताजा आंकड़े आपकी इस सोच को पूरी तरह बदल देंगे। देश में बैंक लोन बांटने की रफ्तार में अप्रत्याशित तेजी आई है और यह पिछले करीब 10 साल के सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंच चुकी है। राहत की बात यह है कि यह बूम सिर्फ होम लोन या पर्सनल लोन तक सीमित नहीं है, बल्कि कॉरपोरेट जगत, एमएसएमई (MSME) और सर्विस सेक्टर भी बिजनेस बढ़ाने के लिए बैंकों से जमकर पैसा उठा रहे हैं।हर तरफ लोन की भारी डिमांड, 17.7% की रिकॉर्ड ग्रोथमशहूर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 के आखिर तक भारतीय बैंकिंग सिस्टम में कर्ज वृद्धि (Credit Growth) 17.7 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले कई सालों का सबसे मजबूत आंकड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, जीएसटी (GST) नियमों में राहत, रिजर्व बैंक (RBI) की ग्रोथ सेंट्रिक नीतियां और घरेलू अर्थव्यवस्था में चौतरफा तेजी इसके पीछे की मुख्य वजह हैं।आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल 2026 तक:रिटेल लोन सेगमेंट: 16.4 फीसदी की वृद्धिसर्विस सेक्टर लोन: 17.0 फीसदी की वृद्धिइंडस्ट्री (उद्योग) लोन: 16.5 फीसदी की वृद्धिविशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ महीनों पहले तक इंडस्ट्री सेक्टर में लोन की मांग काफी सुस्त थी, लेकिन अब बड़ी कंपनियों और एमएसएमई को वर्किंग कैपिटल के लिए ज्यादा फंड की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा, बॉन्ड मार्केट से पैसा जुटाना महंगा होने के कारण भी कॉरपोरेट जगत ने बैंकों का रुख किया है। गाड़ियों के लिए मिलने वाले वाहन लोन (Vehicle Loan) की मांग सबसे तेज है, जिसमें 18 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है, हालांकि क्रेडिट कार्ड लोन की रफ्तार अभी भी थोड़ी सुस्त है।सरकारी बैंकों (PSU Banks) की दमदार वापसी, बाजार हिस्सेदारी 53% हुईकुछ साल पहले तक देश के प्राइवेट बैंक तेजी से सरकारी बैंकों की बाजार हिस्सेदारी (Market Share) छीन रहे थे, लेकिन अब पासा पलट चुका है। मार्च 2026 तक कुल बैंकिंग लोन डिस्ट्रीब्यूशन में सरकारी बैंकों की हिस्सेदारी बढ़कर 53 फीसदी तक पहुंच गई है। यह लगातार दूसरा साल है जब पीएसयू बैंकों ने प्राइवेट दिग्गजों को पछाड़कर अपनी हिस्सेदारी मजबूत की है।हालांकि, रिपोर्ट का अनुमान है कि आने वाले समय में प्राइवेट बैंक कॉरपोरेट लोन, बिजनेस बैंकिंग और एमएसएमई फाइनेंसिंग के दम पर फिर से वापसी करेंगे। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में प्राइवेट बैंकों की लोन ग्रोथ 14.8 फीसदी और सरकारी बैंकों की 12.8 फीसदी रहने का अनुमान है।बैंकों के सामने 'डिपॉजिट संकट', लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो 83% के पारलोन की रफ्तार तो बुलेट ट्रेन जैसी है, लेकिन बैंकों के पास पैसा जमा होने (Deposit Growth) की रफ्तार पैसेंजर ट्रेन जैसी बनी हुई है, जो इस समय बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी चुनौती है। 31 मई 2026 तक जहां लोन ग्रोथ 17.7 फीसदी थी, वहीं डिपॉजिट ग्रोथ महज 12.2 फीसदी पर अटकी रही। नतीजा यह हुआ कि बैंकिंग सिस्टम का लोन-टू-डिपॉजिट रेशियो (LDR) बढ़कर करीब 83 फीसदी तक पहुंच गया है, जिसे काफी संवेदनशील और ऊंचा स्तर माना जाता है।हालांकि, इस मोर्चे पर आरबीआई की हालिया घोषणाएं (FCNR(B) डिपॉजिट और विदेशी उधारी में राहत) गेमचेंजर साबित हो सकती हैं। इससे भारत में 40 से 50 अरब डॉलर ($40-50 Billion) तक विदेशी पूंजी आने की उम्मीद है, जिससे बैंकिंग सिस्टम में करीब 4 से 4.5 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त लिक्विडिटी (जमा राशि) आएगी और बैंकों पर से डिपॉजिट जुटाने का दबाव काफी कम हो जाएगा।अगले दो साल में मुनाफे में 15% का तगड़ा उछाल संभवग्लोबल मोर्चे पर पश्चिम एशिया में तनाव कम होने, रुपये में मजबूती आने और सरकारी बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) नीचे गिरने से बैंकों के लिए फंड जुटाना अब सस्ता हो गया है। मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच बैंकिंग सेक्टर की कुल कमाई सालाना करीब 15 फीसदी की कंपाउंडेड दर से बढ़ सकती है, जिसका मुख्य जरिया नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) होगी। इस मुनाफे की रेस में प्राइवेट बैंक आगे रह सकते हैं, जिनकी कमाई में सालाना 21 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है, जबकि सरकारी बैंकों के लिए यह अनुमान 8 फीसदी रखा गया है।ब्रोकरेज की नजर: इन 4 बैंकिंग शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजीमजबूत क्रेडिट डिमांड, नकदी (Liquidity) की स्थिति में सुधार और बेहतर आर्थिक माहौल को देखते हुए मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर के इन चार प्रमुख स्टॉक्स पर सबसे बड़ा भरोसा जताया है और इन्हें अपनी टॉप-पिक्स लिस्ट में शामिल किया है:आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank)
10 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची देश की लोन ग्रोथ, ICICI, HDFC और SBI बने एक्सपर्ट्स की पहली पसंद
भारतीय बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर से देश की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाली एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। देश में क्रेडिट यानी लोन लेने की रफ्तार (Loan Growth) पिछले 10 साल के सबसे ऊंचे और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। उद्योगों के विस्तार, बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास और आम जनता के बीच होम लोन, कार लोन तथा पर्सनल लोन की बढ़ती मांग के चलते बैंकों के लोन पोर्टफोलियो में यह ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया गया है। लोन ग्रोथ के इस मजबूत आंकड़े को देखते हुए घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज हाउस बैंकिंग शेयरों पर बेहद बुलिश हो गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस क्रेडिट बूम का सबसे बड़ा फायदा देश के दिग्गज बैंकों को मिलने वाला है।क्रेडिट बूम से चमकेगी बैंकों की किस्मत और बढ़ेगा मुनाफाबैंकिंग सेक्टर के जानकारों और मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि लोन ग्रोथ का 10 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना यह दर्शाता है कि देश की आर्थिक गतिविधियां बेहद मजबूत स्थिति में हैं। मुंबई के दलाल स्ट्रीट से लेकर दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े कॉरपोरेट हब्स में क्रेडिट की मांग लगातार बढ़ रही है। बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार और कम होते एनपीए (NPA) के बीच लोन की इस भारी डिमांड से आने वाली तिमाहियों में बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और शुद्ध मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। यही वजह है कि बड़े निवेशक अब अपना फोकस बैंकिंग इंडेक्स पर बढ़ा रहे हैं।ब्रोकरेज की पसंदीदा लिस्ट में शामिल हुए ये 3 बड़े दिग्गज बैंकबाजार में आई इस तेजी के बीच दिग्गज ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म्स ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर के तीन सबसे बड़े खिलाड़ियों पर अपना सबसे मजबूत भरोसा जताया है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, प्राइवेट सेक्टर के महारथी ICICI Bank, देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank और सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) को 'टॉप पिक' यानी सबसे पसंदीदा शेयरों की श्रेणी में रखा गया है। ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि इन तीनों बैंकों के पास मजबूत डिपॉजिट बेस, देशव्यापी नेटवर्क और बेहतरीन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जो इन्हें इस लोन ग्रोथ का सबसे ज्यादा फायदा उठाने में मदद करेगा।निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की राय और नए टारगेट प्राइसअगर आप शेयर बाजार के निवेशक हैं या बैंकिंग सेक्टर्स के शेयरों में लंबी अवधि के लिए दांव लगाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है। ICICI Bank की लगातार मजबूत परफॉर्मेंस, मर्जर के बाद स्थिरता की ओर बढ़ रहे HDFC Bank और मजबूत रिटेल लोन बुक वाले SBI के शेयरों के टारगेट प्राइस में ब्रोकरेज ने बड़ा इजाफा किया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इन हैवीवेट शेयरों में निवेश करने से न केवल पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी, बल्कि आने वाले समय में निवेशकों को बंपर और सुरक्षित रिटर्न भी मिल सकता है।
डॉलर की आमद पर RBI की चौबीसों घंटे नजर; बैंकों को रोज शाम 6 बजे तक डेटा देने का अल्टीमेटम
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग सेक्टर के लिए एक नया और कड़ा फरमान जारी किया है। केंद्रीय बैंक ने सभी वाणिज्यिक बैंकों (Commercial Banks) से कहा है कि वे विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक-खाता यानी FCNR(B) जमा के साथ-साथ विशेष रियायती योजना के तहत जुटाई गई बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ECB) और विदेशी मुद्रा में उधारी (OFCB) से जुड़े तमाम आंकड़े रोजाना आधार पर साझा करें। बैंकिंग रेगुलेटर के इस कदम के बाद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई इन आंकड़ों को नियमित अंतराल पर, विशेष रूप से हर हफ्ते सार्वजनिक कर सकता है, ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।आज से लागू हुआ नया नियम, शाम 6 बजे तक देनी होगी रिपोर्टआरबीआई द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, सभी वाणिज्यिक बैंकों को आज यानी सोमवार, 22 जून 2026 से हर दिन शाम 6 बजे तक वित्तीय बाजार परिचालन विभाग (FOMD) को FCNR(B) जमा, ECB और OFCB के सटीक आंकड़े अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में आ रहे विदेशी फंड की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करना है।डॉलर लाने के लिए RBI खुद उठाएगा हेजिंग का खर्चइस साल 8 जून से 30 सितंबर 2026 के बीच जमा होने वाली FCNR(B) जमा राशियां आरबीआई की विशेष स्वैप (मुद्रा अदला-बदली) सुविधा के दायरे में आएंगी। केंद्रीय बैंक ने निवेशकों को लुभाने के लिए एक बड़ा दांव खेला है—वह तय शर्तों को पूरा करने वाले डिपॉजिट्स पर हेजिंग (Hedging) से जुड़ी पूरी लागत खुद वहन करेगा। आसान शब्दों में कहें तो हेजिंग निवेश के लिए एक 'बीमा' की तरह काम करती है, जो विदेशी मुद्रा की विनिमय दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव के जोखिम को पूरी तरह खत्म या संतुलित कर देती है।एक सरकारी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने इस पर अपनी राय देते हुए कहा:FCNR(B) के जरिए देश में आने वाले विदेशी फंड पर पैनी नजर रखकर आरबीआई यह देखना चाहता है कि उसके नीतिगत फैसले उम्मीद के मुताबिक विदेशी मुद्रा देश में ला पा रहे हैं या नहीं। केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जो लक्ष्य तय किया गया है, वह हकीकत में तब्दील हो।नोमुरा का बड़ा दावा: इस बार आ सकते हैं रिकॉर्ड 55 अरब डॉलर!वैश्विक ब्रोकरेज फर्म नोमुरा (Nomura) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2013 के मुकाबले विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों (NRIs) की आबादी में 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट कहती है कि प्रवासी भारतीयों का भारत के प्रति भरोसा हमेशा मजबूत रहता है, जिसके चलते वे कम 'कंट्री रिस्क प्रीमियम' पर भी भारत में निवेश करने को तैयार हो जाते हैं।नोमुरा का अनुमान है कि साल 2026 की इस FCNR(B) विशेष योजना के जरिए भारतीय अर्थव्यवस्था में करीब 55 अरब डॉलर (लगभग $55 Billion) की भारी-भरकम आमद हो सकती है। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा अगस्त और सितंबर के महीनों में आने की उम्मीद जताई गई है। नोट में यह भी कहा गया है कि भले ही 2013 की तुलना में आज डॉलर काफी महंगा है, लेकिन 2026 की यह योजना वैश्विक निवेशकों को बेहतर रिटर्न और निवेश के शानदार अवसर दे रही है।2013 के मुकाबले इस बार बड़ी चुनौती, RBI बढ़ाएगा समयसीमायह पहला मौका नहीं है जब आरबीआई डॉलर की आमद बढ़ाने के लिए ऐसी स्कीम लेकर आया है। इससे पहले साल 2013 में (4 सितंबर से 30 नवंबर) जब ऐसी ही योजना आई थी, तब इसके जरिए 26 अरब डॉलर देश में आए थे। हालांकि, उस दौरान आरबीआई ने केवल चार बार ही आंकड़े सार्वजनिक किए थे। लेकिन इस बार कहानी अलग है।इस साल (2026) इस योजना की अवधि करीब 4 महीने की है, जो 2013 के मुकाबले काफी अधिक है। एक निजी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने बताया कि इस बार रकम जुटाने का पैमाना और लक्ष्य 2013 के मुकाबले बहुत बड़ा है, इसलिए बाजार के सेंटिमेंट को मजबूत रखने के लिए अधिक बार रिपोर्टिंग और पारदर्शिता की जरूरत है।पिछले साल की भारी गिरावट को पाटने की कोशिशआरबीआई का यह आक्रामक रुख इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान FCNR(B) की आमद में अप्रत्याशित गिरावट देखी गई थी। पिछले वित्त वर्ष में जहां 7.08 अरब डॉलर भारत आए थे, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा सिमटकर महज 94.6 करोड़ डॉलर रह गया था। हालांकि, 31 मार्च 2026 तक भारत के पास कुल बकाया FCNR(B) जमा 33.8 अरब डॉलर दर्ज की गई थी। बाजार के जानकारों का कहना है कि डेटा नियमित रूप से जारी होने से निवेशकों और फॉरेक्स मार्केट को आरबीआई के इस मास्टरस्ट्रोक के जमीनी असर का सटीक अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी।
मानसून पर 'विलेन' अल नीनो का ग्रहण : 5 राज्यों में सूखे का खतरा, IMD की चिंताजनक चेतावनी
IMD Weather Update 2026: प्रशांत महासागर में सक्रिय अल नीनो भारत के मानसून पर भारी पड़ सकता है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और कर्नाटक में सूखे का खतरा बढ़ा। जानिए किसानों, शहरों और महंगाई पर इसका संभावित असर।
सोशल मीडिया पर इन दिनों अमेरिका की एक महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने भारत और अमेरिका के घरों के बीच एक ऐसा चौंकाने वाला अंतर बताया है जिसे सुनकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। महिला ने दोनों देशों में अपार्टमेंट कल्चर और रहने के तौर-तरीकों की तुलना करते हुए निर्माण सामग्री (Construction Material) और रोजमर्रा के आराम से जुड़े कुछ बेहद दिलचस्प और जमीनी अंतर साझा किए हैं।'भारत के अपार्टमेंट्स में मिलती है गजब की शांति और प्राइवेसी'वीडियो शेयर करते हुए अमेरिकी महिला ने बताया कि भारत में रहने के दौरान जो सबसे बड़ी और अच्छी चीज उसने महसूस की, वो थी वहां मिलने वाली शांति और प्राइवेसी। उसने कहा कि भारत में ज्यादातर अपार्टमेंट्स और हाईराइज बिल्डिंग्स मजबूत कंक्रीट से बनाई जाती हैं। यह कंक्रीट कई इंच मोटा होता है, जिसकी वजह से पड़ोसियों की आवाज एक घर से दूसरे घर में जाना लगभग नामुमकिन होता है। मोटी कंक्रीट की दीवारों और मजबूत फर्श के कारण घरों के बीच आने-जाने वाला शोर (Sound Pollution) पूरी तरह रुक जाता है। यही वजह है कि भारत के घनी आबादी वाले अपार्टमेंट्स में रहने के बावजूद लोग अंदर एक बेहद शांत और सुकून भरे माहौल का आनंद ले सकते हैं।अमेरिका वापस लौटते ही महिला को लगा तगड़ा झटकाअपने देश वापस लौटने के अनुभव को साझा करते हुए महिला ने कहा, मैं कुछ महीने पहले जब अमेरिका वापस आई, तो मैं यहां का सिस्टम भूल ही चुकी थी। अमेरिका में अपार्टमेंट में रहने का अनुभव आवाज के मामले में बेहद डरावना और अलग है। अमेरिका में हम अपने अपार्टमेंट्स कंक्रीट के बजाय बेहद कमजोर और हल्के मटीरियल से बनाते हैं, जिसे देखकर मुझे एक बड़ा झटका लगा। महिला ने बताया कि अब हालत यह है कि वह सुबह-सुबह अपने पड़ोसियों की बातचीत और कदमों की आवाज से जाग जाती है।आखिर क्यों खोखले और कमजोर होते हैं अमेरिका के घर?समस्या सिर्फ पड़ोसियों की आवाज तक सीमित नहीं है, महिला के मुताबिक घर के अंदर रहने पर भी बाहर सड़क का शोर साफ सुनाई देता है। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ा तकनीकी कारण है। अमेरिका में ज्यादातर कम और मध्यम ऊंचाई वाले अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स कंक्रीट के बजाय लकड़ी के फ्रेम (Wood Framing) और बेहद हल्के मटीरियल से बनाए जाते हैं। निर्माण का यह तरीका बेहद तेज और सस्ता होता है, जिससे वहां के बिल्डर्स और डेवलपर्स घरों की मांग को कम लागत में आसानी से पूरा कर लेते हैं, लेकिन इसमें साउंड इंसुलेशन (Sound Insulation) और प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाती है।अमेरिका में घर लेने वालों को महिला ने दी ये खास सलाहवीडियो के अंत में महिला ने उन लोगों को एक बहुत ही काम की सलाह दी है जो आने वाले समय में अमेरिका में शिफ्ट होने या वहां अपार्टमेंट लेने की सोच रहे हैं। महिला ने कहा, अगर आप अमेरिका के किसी अपार्टमेंट में रहने का मन बना रहे हैं, तो कृपया पहले ही मानसिक रूप से तैयार रहें कि वहां आपको शांति की कमी खल सकती है। मैं बस आपको एक जरूरी जानकारी दे रही हूं। इस वायरल वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि घर का मतलब सिर्फ उसका बड़ा साइज या लग्जरी सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री आपकी रोजमर्रा की जिंदगी, सेहत और मानसिक शांति को तय करती है।
बॉक्स ऑफिस पर 'कॉकटेल 2' का धमाका, 3 दिन में कमाए ₹75 करोड़ से ज्यादा, लेकिन बजट बना बड़ी चुनौती
सिनेमाघरों में एक बार फिर लव ट्राएंगल (Love Triangle) का जादुई दौर लौट आया है। बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की मच-अवेटेड फिल्म 'कॉकटेल 2' को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यही वजह है कि रिलीज के महज 3 दिनों के भीतर ही फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 75 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। कुल मिलाकर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपने पहले वीकेंड में उम्मीद के मुताबिक शानदार ओपनिंग ली है।तीसरे दिन रविवार को आया तगड़ा उछाल, मेकर्स ने ली राहत की सांसहालांकि, फिल्म को लेकर समीक्षकों और आम दर्शकों की राय थोड़ी बंटी हुई नजर आ रही है, लेकिन इसके बावजूद बॉक्स ऑफिस पर फिल्म लगातार मजबूती से अपने पैर जमाए हुए है। ट्रेड एनालिस्ट सैकनिल्क (Sacnilk) की रिपोर्ट के मुताबिक, 'कॉकटेल 2' ने रिलीज के तीसरे दिन यानी रविवार को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर शानदार बढ़त हासिल की। रविवार को देशभर के करीब 10,462 शोज़ से फिल्म ने 17.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। शनिवार को फिल्म ने 16.25 करोड़ कमाए थे, जिसके मुकाबले रविवार को बिजनेस में 9.2% का बड़ा उछाल देखने को मिला है।जानिए 3 दिनों का टोटल वर्ल्डवाइड कलेक्शनशुरुआती तीन दिनों के सफर के बाद अब 'कॉकटेल 2' का भारत में कुल नेट कलेक्शन 47.50 करोड़ रुपये हो चुका है, जबकि घरेलू ग्रॉस कलेक्शन 57 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। विदेशी बाजारों (Overseas) में भी फिल्म को ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिल रहा है, जहां फिल्म ने अब तक 19.25 करोड़ रुपये का ग्रॉस बिजनेस कर लिया है। इन सभी आंकड़ों को मिलाकर 'कॉकटेल 2' का अब तक का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 76.25 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जिसने वीकेंड पर मेकर्स को बड़ी राहत दी है।₹150 करोड़ का भारी-भरकम बजट, मंडे टेस्ट पास करना जरूरीभले ही फिल्म का कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन आगे की राह इतनी आसान नहीं दिख रही है। 'कॉकटेल 2' का कुल बजट करीब 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस भारी-भरकम लागत के लिहाज से फिल्म की इस शुरुआती कमाई को बहुत ज्यादा मजबूत नहीं, बल्कि एक मिला-जुला रिस्पॉन्स ही माना जा रहा है। वीकेंड की छुट्टी का फायदा तो फिल्म को मिल गया, लेकिन असल परीक्षा अब वर्किंग डेज (सोमवार से गुरुवार) में होगी। फिल्म को अपनी लागत निकालने और हिट का टैग हासिल करने के लिए मंडे टेस्ट पास करना बेहद जरूरी होगा।क्या है फिल्म की दिलचस्प कहानी?होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी 'कॉकटेल 2' कुणाल (शाहिद कपूर) और दिया (रश्मिका मंदाना) की कहानी है, जो बचपन के प्रेमी हैं। दोनों के बीच गहरा रिश्ता तो है, लेकिन वे शादी का फैसला लेने से कतराते हैं। कहानी में मोड़ तब आता है जब सिसिली में छुट्टियों के दौरान उनकी मुलाकात दिया की बेहद ग्लैमरस दोस्त एली (कृति सेनन) से होती है। एली के आने के बाद इन तीनों की जिंदगी और रिश्तों का समीकरण पूरी तरह बदल जाता है, जो दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब हो रहा है।
फैंस के पास जाने से बॉडीगार्ड ने जैकलीन को जबरन रोका, कलाई पकड़कर खींचा तो भड़के लोग, वीडियो वायरल
बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस का एक हालिया वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तूल पकड़ रहा है। मुंबई में आयोजित एक भव्य इवेंट में शामिल होने पहुंचीं जैकलीन के साथ वहां कुछ ऐसा हुआ, जिसने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रही एक वीडियो क्लिप में जैकलीन के बॉडीगार्ड का बर्ताव लोगों को बिल्कुल रास नहीं आ रहा है, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों के रवैए को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।कलाई पकड़कर खींचा, फिर भी एक्ट्रेस ने दिखाया बड़प्पनवायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैकलीन फर्नांडिस इवेंट के दौरान अपने फैंस से घिरी हुई हैं और वह उन्हें निराश न करते हुए उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए काफी एक्साइटेड नजर आ रही हैं। लेकिन इसी बीच उनका पर्सनल बॉडीगार्ड सुरक्षा का हवाला देते हुए अचानक एक्ट्रेस की कलाई पकड़ लेता है और उन्हें फैंस के पास जाने से जबरन रोकने की कोशिश करता है। बॉडीगार्ड के इस सख्त रवैए और जबरन स्टेज से दूर ले जाने के प्रयास के बावजूद जैकलीन ने गजब की शालीनता दिखाई। उन्होंने खुद को छुड़ाया और पीछे मुड़कर मुस्कुराते हुए अपने फैंस की ख्वाहिश पूरी की और उनके साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं।'प्रोटेक्टिव होना ठीक, पर छूने का हक किसने दिया?' यूजर्स का फूटा गुस्साइस वीडियो के सामने आने के बाद से ही इंस्टाग्राम पर जैकलीन के बॉडीगार्ड के खिलाफ यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग सुरक्षा के नाम पर किए गए इस तरह के व्यवहार को मर्यादा के खिलाफ बता रहे हैं। एक यूजर ने इस पर नाराजगी जताते हुए कमेंट किया, यह बहुत गलत तरीका है। बॉडीगार्ड एक्ट्रेस का बिल्कुल सम्मान नहीं कर रहा है। वहीं, एक अन्य यूजर ने सवाल उठाते हुए लिखा, सेलिब्रिटी की सुरक्षा करना अपनी जगह ठीक है, लेकिन बॉडीगार्ड को एक्ट्रेस को इस तरह पकड़ने का हक किसने दिया? बिना छुए भी दूर से घेरा बनाकर सुरक्षा दी जा सकती है।बहस के बीच कुछ लोगों ने किया बॉडीगार्ड का बचावहालांकि, इस विवाद के बीच इंटरनेट पर एक धड़ा ऐसा भी है जो बॉडीगार्ड के इस कदम को उसकी ड्यूटी का हिस्सा मान रहा है। बॉडीगार्ड का सपोर्ट करते हुए एक यूजर ने लिखा, इन बॉडीगार्ड्स को पहले से ही सख्त निर्देश दिए जाते हैं कि भीड़ को स्टार्स के करीब न आने दें। वे बस अपना काम कर रहे हैं, वरना कोई अपनी मर्जी से किसी बड़े स्टार को ऐसे कैसे खींच सकता है। खैर, वजह जो भी हो, लेकिन सुरक्षा और सेलिब्रिटी प्राइवेसी के बीच की यह पतली लकीर इस समय टॉक ऑफ द टाउन बनी हुई है।26 जून को 'वेलकम टू द जंगल' में धमाल मचाएंगी जैकलीनविवादों से इतर अगर जैकलीन फर्नांडिस के वर्कफ्रंट की बात करें, तो वह बहुत जल्द बड़े पर्दे पर एक बहुत बड़ी मल्टीस्टारर फिल्म के साथ वापसी कर रही हैं। जैकलीन की आगामी कॉमेडी-एक्शन फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' इसी महीने 26 जून, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस फिल्म को लेकर सिनेमाप्रेमियों में जबरदस्त बज बना हुआ है, क्योंकि इसमें जैकलीन के साथ अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पटानी, रवीना टंडन, लारा दत्ता, अरशद वारसी और परेश रावल जैसे बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार एक साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे।
क्या डायरेक्टर संग अफेयर की वजह से मिला था 'ओए ओए' गाना? 40 साल बाद एक्ट्रेस सोनम ने खोला राज
बॉलीवुड में 90 का दशक बेहद जादुई था, जहां सिर्फ एक गाने या फिल्म से सितारे रातोंरात अर्श पर पहुंच जाते थे। ऐसा ही कुछ हुआ था मशहूर एक्ट्रेस सोनम खान के साथ, जिनकी किस्मत 1989 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'त्रिदेव' के सुपरहिट गाने 'ओए ओए' (तिरछी टोपी वाले) से रातोंरात बदल गई थी। इस गाने में वो दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ थिरकती नजर आई थीं। हालांकि, इस बड़ी सफलता के साथ ही एक ऐसी अफवाह ने भी जन्म लिया, जिसने सालों तक उनका पीछा नहीं छोड़ा। अब करीब 40 साल बाद सोनम खान ने इस राज पर से खुद पर्दा उठा दिया है।'शूटिंग के वक्त हम दोनों के पार्टनर अलग थे'दरअसल, लंबे समय से यह अफवाह गलियारों में तैर रही थी कि 'त्रिदेव' के डायरेक्टर राजीव राय के साथ अफेयर होने की वजह से सोनम को फिल्म में बाकी हीरोइनों से ज्यादा स्क्रीन टाइम और यह मशहूर गाना मिला था। इस बात को इसलिए भी सच मान लिया गया क्योंकि आगे चलकर 1991 में दोनों ने शादी कर ली थी। लेकिन सोनम खान ने अपने इंस्टाग्राम पर गाने की एक क्लिप शेयर करते हुए इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। एक्ट्रेस ने खुलासा किया कि जब फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब वे दोनों किसी और के साथ रिलेशनशिप में थे। राजीव अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कमिटेड थे और सोनम का भी अपना एक बॉयफ्रेंड था, जो अक्सर सेट पर आया करता था।डायरेक्टर तो फिल्म में कास्ट ही नहीं करना चाहते थेसोनम खान ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि असल में निर्देशक राजीव राय उन्हें इस फिल्म में लेना ही नहीं चाहते थे। राजीव ने फिल्म 'विजय' में सोनम के कुछ सीन्स देखे थे, जो उन्हें पसंद नहीं आए थे और उन्होंने किसी दूसरी एक्ट्रेस को लगभग फाइनल कर लिया था। लेकिन जब आखिरी वक्त पर कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा, तब मजबूरी में सोनम को कास्ट किया गया। एक्ट्रेस ने साफ कहा कि न तो सेट पर कोई चोरी-छिपे कॉल्स होते थे और न ही कोई रोमांस था। उन्हें यह गाना किसी पक्षपात या मेहरबानी की वजह से नहीं, बल्कि सिर्फ उनके काम की वजह से मिला था। दोनों के सिंगल होने के बाद फिल्म रिलीज के काफी समय बाद उन्होंने डेटिंग शुरू की थी।सिर्फ 19 की उम्र में शादी और फिर शुरू हुआ संघर्षराजीव राय और सोनम खान ने साल 1991 में शादी की थी, जब सोनम महज 19 साल की थीं। शादी के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपने परिवार और ऑटिस्टिक बेटे के इलाज के लिए फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया। बेटे के बेहतर इलाज के लिए उन्हें सालों तक लंदन, लॉस एंजेलिस और यूरोप के अलग-अलग देशों में भटकना पड़ा। इस कड़े संघर्ष के बीच राजीव और सोनम के रिश्ते में दरार आ गई और साल 2001 में दोनों अलग हो गए, जिसके बाद 2016 में उनका आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया। अब सोनम खान अपने बेटे के साथ वापस भारत लौट आई हैं और सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस से जुड़ी हुई हैं।
चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरियापालयम के पास एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात केंद्र में रविवार को हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे में मृतकों की संख्या सोमवार को बढ़कर पांच हो गई। इस दुर्घटना से बीमार हुए 67 श्रमिकों का सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से कई वेंटिलेटर […] The post तिरुवल्लूर में अमोनिया गैस रिसाव से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 हुई, 67 प्रभावित अस्पतालों में भर्ती appeared first on Sabguru News .
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री और अभद्र टिप्पणियां पोस्ट करने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कानपुर साइबर क्राइम सेल ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले के मुख्य आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल को मध्य प्रदेश के रीवा से गिरफ्तार कर लिया है।डिजिटल ट्रैकिंग से दबोचा गया आरोपी, कोर्ट से मिली जमानतयह पूरी कानूनी कार्रवाई सपा अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव की ओर से दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद शुरू हुई थी। शिकायत मिलते ही कानपुर साइबर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और टेक्निकल सर्विलांस, डिजिटल ट्रैकिंग और पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नागेश्वर सिंह बघेल की सटीक लोकेशन ट्रेस कर उसे धर दबोचा। पुलिस टीम आरोपी को रीवा से कानपुर लेकर आई, जहां उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया। हालांकि, कोर्ट में वैधानिक प्रक्रियाओं के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया है।अमेरिका से ऑपरेट हो रहा था दूसरा अकाउंट, जांच तेजइस हाई-प्रोफाइल मामले में साइबर पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मामले में नामजद अन्य आरोपियों में से एक का सोशल मीडिया अकाउंट भारत से नहीं, बल्कि अमेरिका (USA) से संचालित किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन के सामने आने के बाद साइबर सेल बेहद सतर्क हो गई है और आईपी एड्रेस (IP Address) व अन्य तकनीकी डेटा के जरिए उस हैंडलर की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी साइबर सेलकानपुर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बाकी दोषियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
गोरखपुर में खूनी खेल: पारिवारिक विवाद में नाबालिग ने भाई, भाभी और भतीजे को उतारा मौत के घाट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक रूह कँपा देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ एक घरेलू कलह के चलते नाबालिग ने गुस्से में आकर अपने ही सगे बड़े भाई, भाभी और मासूम भतीजे की कथित तौर पर कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी। एक ही परिवार के तीन लोगों की सामूहिक हत्या से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।मामूली विवाद बना सामूहिक हत्याकांड की वजहमिली जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना गोरखपुर के ग्रामीण इलाके की है, जहां पिछले कुछ समय से परिवार के भीतर संपत्ति या किसी अन्य घरेलू बात को लेकर विवाद चल रहा था। देखते ही देखते इस विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि आरोपी नाबालिग ने आव देखा न ताव और अपने ही परिवार के तीन सदस्यों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस हमले में भाई-भाभी और उनके मासूम बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर जब तक आस-पास के लोग इकट्ठा हुए, तब तक आरोपी वारदात को अंजाम दे चुका था।इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, जांच में जुटी फॉरेंसिक टीमतिहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही आस-पास के गांवों में सन्नाटा पसर गया है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर फॉरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड की टीम भी बुलाई गई है, जो घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल व भौतिक साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेने के लिए टीमें लगा दी गई हैं और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।लखनऊ तक गूंजी वारदात, सख्त कार्रवाई के निर्देशगोरखपुर में हुए इस तिहरे हत्याकांड की गूंज राजधानी लखनऊ के आला अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस जघन्य अपराध की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें। शुरुआती पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि परिवार में अक्सर तनाव रहता था, लेकिन यह विवाद इतने बड़े खूनी खेल में बदल जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
धीमे ओवर रेट के लिए इंग्लैंड पर लगा 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना और 12 डब्ल्यूटीसी अंक कटे
दुबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इंग्लैंड पर ओवल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में धीमे ओवर-रेट के कारण वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) में 12 अंक कांटे गए और उन पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। इंग्लैंड को मैच के दौरान निर्धारित समय से 12 ओवर पीछे पाया गया। वर्ल्ड […] The post धीमे ओवर रेट के लिए इंग्लैंड पर लगा 50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना और 12 डब्ल्यूटीसी अंक कटे appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी, SIT आज सौंप सकती है CM योगी को रिपोर्ट
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हेरफेर और चोरी का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। लखनऊ से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, इस पूरे मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप सकती है। करीब 150 से अधिक पन्नों की इस विस्तृत रिपोर्ट में दान राशि के गबन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था में चूक जैसे कई बेहद संवेदनशील बिंदुओं का खुलासा किया गया है।40 कर्मचारी हटाए गए, 5 के खिलाफ FIR की सिफारिशएसआईटी ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पिछले छह दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। जांच के दौरान मिली प्राथमिक खामियों के बाद दान राशि की गिनती करने वाले करीब 40 गणनाकर्मियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उनकी जगह नए स्टाफ की तैनाती की गई है। इतना ही नहीं, एसआईटी ने अपनी इस प्रारंभिक रिपोर्ट में चोरी और गबन के आरोपी पांच मुख्य लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मजबूत सिफारिश की है। जांच टीम ने छह दिनों के भीतर बड़ी संख्या में संदिग्धों के बयान दर्ज किए हैं और पुख्ता डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए हैं।बैंकिंग सिस्टम और निगरानी व्यवस्था में बड़ी कमियां उजागरइस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि मंदिर में आने वाली दान राशि की गिनती, उसे बैंक में जमा करने की प्रक्रिया और पूरी निगरानी व्यवस्था (CCTV व सुरक्षा ऑडिट) में गंभीर कमियां थीं, जिसका फायदा उठाकर इस हेरफेर को अंजाम दिया गया। एसआईटी ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों, दफ्तर के कर्मचारियों और बैंक से जुड़े लोगों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसआईटी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को फिलहाल अयोध्या में ही कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, ट्रस्ट के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना अनुमति अयोध्या न छोड़ने के लिए कहा गया है।लखनऊ से दिल्ली तक हलचल, हाईकोर्ट में आज सुनवाई संभवचूंकि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार के फैसले के बाद हुआ था, इसलिए इस मामले की गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली के सियासी और प्रशासनिक गलियारों तक सुनाई दे रही है। दोषियों पर क्या और कितनी सख्त कार्रवाई की जाए, इसे लेकर उच्च स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है। आज ही इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई भी संभावित है, जिसमें इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई (CBI) या किसी अन्य स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की गई है। जानकारों का मानना है कि सीएम योगी को रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर बड़ी कानूनी और विभागीय गाज गिरनी तय है। एसआईटी की विस्तृत जांच आगे भी जारी रहेगी, जिसके लिए टीम को कुछ और समय दिया जा सकता है।
चेतावनी के बावजूद पिच पर दौड़ने के लिए हशमतउल्लाह शाहिदी को लगी फटकार
चेन्नई। अफगानिस्तान के कप्तान हशमतउल्लाह शाहिदी को भारत के खिलाफ शनिवार को चेन्नई में खेले गए तीसरे एकदिवसीय मैच के दौरान आईसीसी की आचार संहिता के लेवल 1 के उल्लंघन के लिए फटकार लगाई गई है और उनके खाते में एक डिमेरिट अंक जोड़ा। शाहिदी को खिलाड़ियों और प्लेयर सपोर्ट पर्सनल के अनुच्छेद 2.10.10 के […] The post चेतावनी के बावजूद पिच पर दौड़ने के लिए हशमतउल्लाह शाहिदी को लगी फटकार appeared first on Sabguru News .
NEET Re-Exam 2026: कितना कठिन था पेपर, कट-ऑफ पर क्या होगा असर? एक्सपर्ट्स एनालिसिस
NEET Re-Exam 2026 Analysis: नीट री-एग्जाम 2026 संपन्न हो चुकी है और परीक्षा देकर निकले छात्रों के बीच इसे लेकर मिले-जुले रिएक्शंस देखने को मिल रहे हैं। जहां एक तरफ बायोलॉजी के सवालों ने छात्रों को राहत दी, वहीं फिजिक्स के लंबे और कठिन प्रश्नों ने ...
Gold Rate Today: सोने चांदी की कीमतों में पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से एक बार दोनों धातुओं की कीमतों में तेजी आई। अंतरराष्ट्रीय बाजार, कमोडिटी मार्केट और सर्राफा तीनों ही स्थानों पर इसकी कीमतों ...
कतर में फैक्टरी में विस्फोट से 54 घायल, 18 लापता
दोहा। कतर की एक फैक्टरी में विस्फोट होने से कम से कम 54 लोग घायल हो गये और 18 लापता हैं। देश के आंतरिक मंत्रालय ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह विस्फोट तकनीकी खराबी के कारण रास लफ्फान औद्योगिक शहर में हुआ। इसके बाद लापता लोगों की […] The post कतर में फैक्टरी में विस्फोट से 54 घायल, 18 लापता appeared first on Sabguru News .
ओडिशा के रायगड़ा जिले से भीड़ तंत्र की बर्बरता और संवेदनहीनता का एक बेहद विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां 'बच्चा चोरी' की झूठी अफवाह के चलते उग्र भीड़ ने एक प्रमुख एनजीओ (NGO) के साथ काम कर रहे दो सामाजिक कार्यकर्ताओं (फेलो) पर जानलेवा हमला ...
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 का री-टेस्ट रविवार (21 जून) को कड़े पहरे के बीच संपन्न हो गया। 3 मई को लीक के आरोपों के बाद रद्द हुई परीक्षा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा आयोजित तो कर दिया, लेकिन छात्रों और अभिभावकों ...
CM भूपेंद्र पटेल का युवाओं से आह्वान: विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करेगी युवा शक्ति
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 'विकसित भारत युवा संवाद' कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को नए अवसर मिले हैं। उन्होंने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति की अहम भूमिका पर जोर दिया।
कूनो नेशनल पार्क में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने चीता कमांड-कंट्रोल सेंटर का किया अवलोकन
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कूनो नेशनल पार्क में चीता कमांड और कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। चीता कमांड और कंट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु को चीतों कि निगरानी और ट्रैकिंग की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। श्योपुर आने ...
BMW Accident: 251 Kmph की रफ्तार से दौड़ी कार एक्सप्रेसवे पर पलटी, दो युवाओं की दर्दनाक मौत
BMW Accident : मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर 251 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही एक BMW कार डिवाइडर से टकराकर कई बार पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में जन्मदिन मना रहे दो युवाओं की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह पिचक गई और उसका इंजन ...
राम मंदिर चढ़ावा विवाद की SIT जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। रिपोर्ट के बाद कई सेवादारों पर कार्रवाई, दान गणना व्यवस्था में बदलाव और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर बड़े फैसलों के संकेत मिले हैं।
एक दौर था जब भारत में मानसून के आगमन का मतलब होता था— बारिश के पानी से भरी गलियों में कागज़ की नावें तैराना, गरमा-गरम चाय की प्याली और पकौड़ों का लुत्फ उठाना। अधिकांश भारतीयों के लिए बारिश का मौसम किसी उत्सव से कम नहीं होता था। लेकिन वक्त के साथ यह दौर बदल चुका है। आज मानसून का नाम सुनते ही आम जनता से लेकर सरकार और नीति निर्माताओं (Policy Makers) के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून का देरी से आना या कमजोर पड़ना अब सिर्फ किसानों और खेती-किसानी तक सीमित नहीं रह गया है। इसका सीधा असर देश में खाद्य पदार्थों की कीमतों (सब्जियां-राशन), बिजली के बिल, आम आदमी की आय, महंगाई दर (Inflation) और यहां तक कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नीतिगत फैसलों पर भी पड़ रहा है। वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रशांत महासागर में 'अल नीनो' (El Nio) की स्थिति तेजी से विकसित हो रही है, जो इस साल सूखे जैसे हालात पैदा कर सकती है।इस साल सामान्य से कम बारिश का अनुमान, 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून!पिछले एक दशक की बात करें तो भारत लगातार मौसम के बदलते मिजाज और घटती मानसूनी बारिश से जूझता रहा है। इस साल प्री-मानसून सीजन में चली भीषण लू (Heatwave) ने फसलों की पैदावार को पहले ही भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे बिजली ग्रिडों पर लोड बढ़ा है और रोजमर्रा की जिंदगी तनावपूर्ण हुई है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के भीतर इस वर्ष महज 90% वर्षा होने का अनुमान लगाया है। यदि यह अनुमान सच साबित होता है, तो देश पिछले तीन वर्षों में पहली बार 'सामान्य से कम' मानसून देखेगा। साथ ही, यह साल 2015 के बाद से अब तक का सबसे कमजोर मानसून सीजन साबित हो सकता है।आखिर 'अल नीनो' क्या है, जिससे कांप रही है पूरी दुनिया?वैज्ञानिकों के अनुसार, अल नीनो (El Nio) एक जटिल वैश्विक प्राकृतिक जलवायु घटना है। इसके तहत प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से की सतह का पानी सामान्य के मुकाबले बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है।सामान्य स्थिति: आम दिनों में समुद्री हवाएं गर्म पानी को भाप बनाकर पश्चिम की ओर यानी एशिया (भारत सहित) और ऑस्ट्रेलिया की तरफ धकेलती हैं, जिससे हमारे यहाँ अच्छी बारिश होती है।अल नीनो की स्थिति: अल नीनो के सक्रिय होने पर ये मौसमी हवाएं पूरी तरह कमजोर हो जाती हैं या अपना रास्ता बदल लेती हैं। इसके कारण गर्म पानी से बनने वाली भाप एशिया की तरफ आने के बजाय पूर्व की ओर (अमेरिका की तरफ) बढ़ जाती है। इससे पूरा वैश्विक वायुमंडलीय परिसंचरण (Atmospheric Circulation) बिगड़ जाता है।अल नीनो का इतिहास: यह चक्र हर 2 से 7 साल में एक बार सक्रिय होता है और लगभग 9 से 12 महीने तक पर्यावरण को प्रभावित करता है। भारत में इसका इतिहास हमेशा से कमजोर मानसून और सूखे से जुड़ा रहा है। साल 1950 के बाद से देश ने कुल 16 अल नीनो वर्ष देखे हैं, जिनमें से 7 वर्षों में देश को भीषण सूखे और बेहद कम बारिश का सामना करना पड़ा था।महाराष्ट्र में अटका मानसून: सामान्य से 41% कम बरसे बादलजून का महीना खत्म होने को है, लेकिन मानसून की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है। देश में प्रवेश करने के बाद मानसूनी हवाएं फिलहाल दक्षिण महाराष्ट्र के इलाकों में जाकर अटक गई हैं।आंकड़ों के मुताबिक, देश में 4 जून से 18 जून की अवधि के बीच महज 42.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य स्तर 72.2 मिमी होना चाहिए था। यानी देश में सामान्य से 41% कम बारिश हुई है। क्षेत्रवार कमी का आंकड़ा इस प्रकार है:क्षेत्रबारिश में आई गिरावट (%)मध्य भारत67% कम बारिशपूर्वी व उत्तर-पूर्वी भारत42% कम बारिशदक्षिण प्रायद्वीप22% कम बारिशउत्तर-पश्चिम भारत06% कम बारिशविश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने अनुमान लगाया है कि जून से अगस्त के बीच अल नीनो के सक्रिय रहने की संभावना 80% से 90% तक है। इसी को देखते हुए आईएमडी ने भी मानसूनी बारिश का ग्राफ 92% से घटाकर 90% कर दिया है। इस कमजोर मानसून के कारण उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु समेत देश के 12 बड़े राज्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और किसानों की आमदनी पर सीधा डेंट लगेगा।आसमान छू सकते हैं टमाटर और सब्जियों के दाम; चिंता में RBIकमजोर मानसून और लगातार बढ़ती लू का सबसे पहला और तीखा असर आपकी रसोई के बजट पर पड़ने वाला है। अत्यधिक गर्मी के कारण खेतों में टमाटर, हरी मिर्च और गोभी जैसी जरूरी सब्जियों का उत्पादन भारी मात्रा में घट गया है, जिससे मंडियों में इनकी आवक कम होने से कीमतें बढ़ने लगी हैं। सब्जियां, फल, खाद्य तेल और मसालों के दाम लगातार महंगे हो रहे हैं।'एसबीआई रिसर्च' (SBI Research) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि अल नीनो का प्रकोप इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले हफ्तों में टमाटर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं। देश में महंगाई की इस गंभीर स्थिति और अनिश्चितता को भांपते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति (महंगाई दर) का अपना पुराना अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जिसका सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में बाजार में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बेहद कम है।
अपना खुद का घर खरीदना हर इंसान के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को पूरा करने में लोग अपने जीवनभर की जमा-पूंजी और बरसों की मेहनत लगा देते हैं। नया घर तय करते समय हम अक्सर उसके लुक, लोकेशन, बजट, इंटीरियर डिजाइन और दीवारों के रंग-रोगन पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज कर देते हैं— और वह है घर का वास्तु (Vastu Shastra)।हिंदू मान्यताओं और प्राचीन भारतीय विज्ञान के अनुसार, किसी भी मकान का वास्तु ही यह तय करता है कि उस चौखट के भीतर सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का वास होगा या नकारात्मकता का। गलत वास्तु वाला घर आपकी तरक्की में रुकावट, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक तंगी और दांपत्य जीवन में मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। इसलिए नया फ्लैट या मकान फाइनल करने से पहले इन 5 बुनियादी वास्तु नियमों को अच्छी तरह जांच लें।1. घर का मुख्य द्वार (Main Gate): खुशियों का प्रवेश द्वारवास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यहीं से घर में ऊर्जा और भाग्य का प्रवेश होता है।सही दिशा: नया घर खरीदते समय ध्यान दें कि उसका मुख्य द्वार केवल उत्तर (North), पूर्व (East) या उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में ही होना चाहिए। इन दिशाओं को समृद्धि लाने वाला माना जाता है।इन बातों का रखें ख्याल: मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई बड़ा पेड़, दीवार, अंधकार या बिजली का खंभा नहीं होना चाहिए। इसे 'द्वार वेध' या वास्तु दोष कहा जाता है, जो प्रगति को रोकता है। प्रवेश द्वार हमेशा साफ-सुथरा, हवादार और पर्याप्त रोशनी वाला होना चाहिए।2. ईशान कोण (North-East Direction) का खुलापन: देवताओं का स्थानघर की उत्तर-पूर्व दिशा को 'ईशान कोण' कहा जाता है। वास्तु में इस दिशा को साक्षात देवताओं और दिव्य शक्तियों का स्थान माना गया है।कैसा होना चाहिए यह हिस्सा: यह कोना हमेशा खुला-खुला, बेहद साफ और हल्का होना चाहिए। अगर मुमकिन हो, तो उत्तर-पूर्व मुखी (North-East Facing) प्रॉपर्टी को प्राथमिकता दें।भूलकर भी न हो ये चीजें: इस पवित्र दिशा में भारी निर्माण, कबाड़ रखने का स्टोर रूम या शौचालय (Toilet) बिल्कुल नहीं होना चाहिए। इस कोने में टॉयलेट होना सबसे गंभीर वास्तु दोष माना जाता है, जो परिवार के सदस्यों की सेहत और बुद्धि पर बुरा असर डालता है।3. पूजा घर (Mandir): मानसिक शांति का केंद्रएक आदर्श घर वही है जहाँ सुबह-शाम ईश्वर की आराधना हो और मन को असीम शांति मिले।सही स्थान: घर खरीदते समय उसके ले-आउट या नक्शे में यह जरूर देखें कि मंदिर या पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व दिशा में जगह दी गई है या नहीं।नियम: पूजा करते समय हमारा मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए, जो आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक एकाग्रता के लिए सर्वोत्तम है।4. रसोई घर (Kitchen): अग्नि तत्व का संतुलनरसोई केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और वित्तीय समृद्धि से जुड़ी होती है। वास्तु में इसे अग्नि देव का स्थान माना गया है।सही दिशा: किचन के लिए घर की दक्षिण-पूर्व (South-East) दिशा यानी आग्नेय कोण को सबसे उत्तम माना गया है।वैकल्पिक दिशा: यदि आग्नेय कोण में जगह उपलब्ध न हो, तो रसोई के लिए दूसरी सबसे बेहतर दिशा उत्तर-पश्चिम (North-West) यानी वायव्य कोण है। घर खरीदते समय ध्यान रखें कि किचन कभी भी टॉयलेट के ठीक ऊपर, नीचे या सामने न हो।5. मास्टर बेडरूम (Master Bedroom): स्थिरता और मजबूती का प्रतीकशयनकक्ष (बेडरूम) हमारे आराम और आपसी रिश्तों को प्रभावित करता है। विशेषकर घर के मुखिया का कमरा सही दिशा में होना बेहद जरूरी है।घर के मुखिया के लिए: वास्तु के नियमों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम (South-West) यानी नैऋत्य कोण में घर के मालिक का बेडरूम होना चाहिए। यह दिशा स्थिरता, नेतृत्व क्षमता और पारिवारिक मजबूती का प्रतीक है।बच्चों के लिए: बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य के लिए उनका कमरा पश्चिम (West) या उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में होना शास्त्रों के अनुसार सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।सुझाव: प्रॉपर्टी डीलर या बिल्डर के झांसे में आकर जल्दबाजी में कोई भी गलत ले-आउट वाला घर न खरीदें। जीवनभर की गाढ़ी कमाई लगाने से पहले किसी अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ (Vastu Expert) से मकान के नक्शे की जांच जरूर करवा लें, ताकि आपका नया घर आपके और आपके परिवार के लिए सौभाग्य, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।
भारतीय टेलीकॉम मार्केट (Indian Telecom Market) में इस समय निजी कंपनियों के बीच जारी रीचार्ज वॉर के बीच सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) ने एक बार फिर बड़ा धमाका कर दिया है। जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया के महंगे होते रीचार्ज प्लान्स से परेशान उपभोक्ताओं को अपनी ओर खींचने के लिए बीएसएनएल ने दो बेहद किफायती और पैसा वसूल प्रीपेड प्लान्स पेश किए हैं। अगर आप भी कम खर्च में भरपूर डेटा और लंबी वैलिडिटी वाला कोई प्लान तलाश रहे हैं, तो BSNL के ये नए ऑफर्स आपके चेहरे पर मुस्कान ला देंगे। आइए जानते हैं इन दोनों प्रीपेड प्लान्स के फायदे और इनकी पूरी डिटेल।BSNL का ₹225 वाला प्लान: 30 दिनों की वैलिडिटी और रोज़ाना 2.5GB डेटाBSNL ने सोशल मीडिया पर अपने नए ₹225 वाले प्रीपेड प्लान का आधिकारिक एलान किया है। यह प्लान विशेष रूप से उन यूज़र्स को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है जो महीने के बीच में बार-बार रीचार्ज खत्म होने की झंझट से मुक्ति चाहते हैं। इस प्लान की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) इसकी पूरे 30 दिनों की कैलेंडर वैलिडिटी है।इस प्लान में मिलने वाले मुख्य फायदे:अनलिमिटेड कॉलिंग: ग्राहकों को देश भर के किसी भी नेटवर्क (लोकल और एसटीडी) पर पूरी तरह मुफ्त और असीमित वॉइस कॉलिंग की सुविधा मिलती है।फ्री नेशनल रोमिंग: यदि आप काम के सिलसिले में या छुट्टियों में देश के किसी भी हिस्से में ट्रैवल करते हैं, तो आपको बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के फ्री रोमिंग का लाभ मिलेगा।बंपर डेटा: डेटा इस्तेमाल करने वाले युवाओं के लिए यह प्लान किसी लॉटरी से कम नहीं है। इसमें रोज़ाना 2.5GB हाई-स्पीड डेटा दिया जा रहा है। यानी 30 दिनों की पूरी अवधि में ग्राहकों को कुल 75GB डेटा इस्तेमाल के लिए मिलेगा।मुफ्त एसएमएस: इसके साथ ही रोज टेक्स्ट मैसेज भेजने वालों के लिए डेली 100 फ्री SMS की सुविधा भी शामिल है।नए ग्राहकों के लिए ₹51 का धमाकेदार प्रमोशनल ऑफर; सिम कार्ड भी बिल्कुल फ्रीBSNL पुराने ग्राहकों को बनाए रखने के साथ-साथ नए यूज़र्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने के लिए एक बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है। कंपनी ने नए ग्राहकों के लिए मात्र ₹51 का एक स्पेशल प्रमोशनल रीचार्ज प्लान पेश किया है। हालांकि, ग्राहकों को यह ध्यान रखना होगा कि यह शानदार ऑफर सिर्फ 30 जून 2026 तक ही वैलिड है।₹51 वाले प्लान की खासियतें:वैलिडिटी और कॉलिंग: इस मामूली कीमत वाले रीचार्ज में नए ग्राहकों को पूरे 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग दी जा रही है।डेली डेटा और एसएमएस: कम कीमत के बावजूद इसमें डेटा से कोई समझौता नहीं किया गया है। यूज़र्स को रोज़ाना 2GB हाई-स्पीड डेटा और साथ में 100 फ्री SMS मिलेंगे।फ्री सिम कार्ड: सबसे मजेदार और आकर्षक बात यह है कि इस प्रमोशनल ऑफर के तहत BSNL से जुड़ने वाले नए ग्राहकों को सिम कार्ड के लिए कोई अलग से पैसे नहीं देने होंगे, सिम कार्ड पूरी तरह मुफ्त (Free SIM) दिया जा रहा है।टेलीकॉम मार्केट में पैर पसारने की बड़ी सरकारी रणनीतिबीएसएनएल का यह मास्टरस्ट्रोक ऐसे समय में आया है जब निजी टेलीकॉम ऑपरेटरों ने अपने प्रीपेड और पोस्टपेड टैरिफ में बढ़ोतरी की है। सरकारी कंपनी इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती है। बीएसएनएल न सिर्फ सस्ते प्लान्स ला रही है, बल्कि देश भर में अपने 4G और 5G नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को भी तेजी से अपग्रेड कर रही है। कम पैसों में बेहतरीन कनेक्टिविटी और बंपर डेटा देने का BSNL का यह दांव ग्राहकों को काफी लुभा रहा है, जिससे पोर्टिंग (MNP) कराने वाले यूज़र्स की संख्या में भी उछाल देखा जा रहा है।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing 2026) दाखिल करने वाले करदाताओं के लिए आयकर विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। विभाग ने असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 (वित्तीय वर्ष 2025-26) के लिए सभी प्रकार के ITR फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। इसके साथ ही, नौकरीपेशा और छोटे बिजनेस व प्रोफेशनल्स से जुड़े करदाताओं के लिए सबसे लोकप्रिय फॉर्म— ITR-1, ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (Sugam) की एक्सेल यूटिलिटी (Excel Utility) भी आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर लाइव कर दी गई है।टैक्सपेयर्स के लिए बिना किसी पेनाल्टी के अपना रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस बार विभाग ने पारदर्शी टैक्स रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने के लिए ITR-4 फॉर्म में किराये से होने वाली आय (Rental Income) को लेकर दो बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक बदलाव किए हैं, जिन्हें समझना हर मकान मालिक के लिए जरूरी है।ITR-4 फॉर्म में क्या हुए हैं 2 नए बदलाव?यदि आप अपनी प्रॉपर्टी से किराये की कमाई करते हैं और इस साल ITR-4 फॉर्म भरने जा रहे हैं, तो आपको नए प्रारूप में ये दो बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे:अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी की सीमा: नए नियमों के तहत अब टैक्सपेयर्स ITR-4 फॉर्म में अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी (मकान या व्यावसायिक संपत्ति) से होने वाली किराये की आय की विस्तृत जानकारी दे सकेंगे। इससे अधिक संपत्ति होने पर फॉर्म का चयन बदलना पड़ सकता है।वसूली न होने वाले किराये (Unrealized Rent) का नया कॉलम: कई बार ऐसा होता है कि किरायेदार बिना किराया चुकाए मकान खाली कर देता है या विवाद के कारण किराया फंस जाता है। ऐसे 'रेंट विच कैनॉट बी रियलाइज्ड' (Rent which cannot be realized) यानी वसूल न हो पाने वाले किराये का ब्यौरा देने के लिए फॉर्म में एक बिल्कुल नया और अलग कॉलम जोड़ दिया गया है, ताकि करदाताओं को फंसे हुए पैसे पर बेवजह टैक्स न देना पड़े।कौन से करदाता भर सकते हैं ITR-4 (सुगम) फॉर्म?ITR-4 फॉर्म हर किसी के लिए नहीं होता। यह फॉर्म विशेष रूप से निम्नलिखित करदाताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है:पात्रता: यह फॉर्म उन व्यक्तिगत करदाताओं (Individuals), हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और पार्टनरशिप फर्मों (LLP को छोड़कर) के लिए है जिनकी कुल सालाना आय ₹50 लाख तक है।बिजनेस और प्रोफेशनल आय: जिनकी आय का मुख्य स्रोत प्रिजम्टिव टैक्सेशन स्कीम (Prescriptive Taxation Scheme) के तहत आयकर अधिनियम की धारा 44AD (छोटे बिजनेसमैन), 44ADA (डॉक्टर, वकील, इंजीनियर जैसे प्रोफेशनल्स) या 44AE (गुड्स कैरिज/ट्रांसपोर्ट बिजनेस) के अंतर्गत आता है।एक ही मकान में खुद रहना और किराया उठाना; कैसे लगेगा टैक्स?आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी एक ही मकान या इमारत में दो या दो से अधिक स्वतंत्र फ्लैट/यूनिट बने हुए हैं, और मकान मालिक उसके एक हिस्से में खुद रहता है जबकि दूसरा हिस्सा किराये पर उठा रखा है, तो टैक्स के गणित में दोनों हिस्सों को दो अलग-अलग संपत्तियां (Properties) माना जाएगा:स्वयं रहने वाला हिस्सा: इस यूनिट की आय का आकलन स्व-आवासीय (Self-Occupied) संपत्ति के नियमों के तहत होगा, जिसका नेट एनुअल वैल्यू शून्य माना जाता है।किराये वाला हिस्सा: इस यूनिट की आय का आकलन लेट-आउट (Let-Out) संपत्ति के कड़े नियमों के अनुसार किया जाएगा और प्राप्त किराये पर नियमानुसार टैक्स लगेगा।बकाया किराया (Arrears of Rent) मिलने पर टैक्स और 30% छूट का गणितअक्सर टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल उठता है कि यदि पुराना फंसा हुआ किराया सालों बाद वापस मिलता है, तो उस पर टैक्स कब और कैसे लगेगा? नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:प्राप्ति का वर्ष: जो किराया अतीत में वसूल नहीं हो पाया था और वह अब अचानक प्राप्त हो जाता है, तो उसे उसी वित्तीय वर्ष की 'हाउस प्रॉपर्टी से आय' (Income from House Property) माना जाएगा, जिस वर्ष वह पैसा असल में आपके हाथ में आया है।30% की बंपर छूट: सबसे राहत की बात यह है कि इस तरह प्राप्त हुए पुराने बकाया किराये पर पूरा टैक्स लगाने से पहले सरकार द्वारा 30 प्रतिशत की फ्लैट स्टैण्डर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) यानी सीधे टैक्स छूट दी जाएगी।स्वामित्व का नियम: यह टैक्स नियम और छूट तब भी समान रूप से लागू रहेगी, जब किराया मिलने वाले वर्ष में आप उस संपत्ति के कानूनी मालिक न भी रहे हों (यानी आपने वह मकान बेच दिया हो)। विभाग का मानना है कि इन नए कॉलम और नियमों से किराये की आय छुपाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और ईमानदार टैक्सपेयर्स को अपनी बात रखने का बेहतर मौका मिलेगा।
आज के दौर में बढ़ती उम्र के लक्षणों को छुपाने और हमेशा जवां दिखने की चाहत हर किसी में होती है। महिलाएं और पुरुष एंटी-एजिंग के लिए महंगे स्किनकेयर रूटीन से लेकर कई तरह के केमिकल और लेजर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं। इसी बीच विज्ञान की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि अब न सिर्फ उम्र के बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है, बल्कि उसे पूरी तरह से 'रिवर्स' (उल्टा) भी किया जा सकता है। इस 'रिवर्स एजिंग' थेरेपी और इसके विशेष इंजेक्शन को लेकर क्लीनिकल ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।इस विषय पर देश की जानी-मानी हेल्थ एक्सपर्ट्स— डॉक्टर नूपूर जैन, डॉक्टर मीरा पाठक, डॉक्टर कनिका तिवारी, मीनल पाठक और निधि भारद्वाज ने अपनी महत्वपूर्ण राय साझा की है कि क्या यह तकनीक वाकई इंसान को हमेशा के लिए जवां बनाए रख सकती है।अमेरिका में हुआ पहला मानव ट्रायल: आंखों की रोशनी पर प्रयोगरिवर्स एजिंग की दिशा में चिकित्सा विज्ञान ने एक बड़ा कदम आगे बढ़ाया है। अमेरिका के बोस्टन में स्थित एक प्रमुख बायोटेक स्टार्टअप 'लाइफ बायोसाइंसेज' (Life Biosciences) ने इंसानों पर इस एंटी-एजिंग थेरेपी का पहला सफल ट्रायल किया है।यह प्रयोग 'काले मोतियाबिंद' (ग्लूकोमा - Glaucoma) से पीड़ित एक मरीज पर किया गया, जिसकी आंखों में विशेष ER-100 रिवर्स एजिंग थेरेपी इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन देने के बाद मरीज को एंटीबायोटिक्स का एक खास कोर्स भी कराया गया। वैज्ञानिकों का मुख्य उद्देश्य आंखों की कमजोर और बूढ़ी हो चुकी कोशिकाओं (Cells) को री-प्रोग्राम करके उन्हें फिर से नया और जवां बनाना था, ताकि मरीज की आंखों की रोशनी वापस लौट सके।क्या वाकई रुक सकती है उम्र? जानिए भारत के टॉप डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स की रायबाजार में आने वाले इस संभावित जादुई इंजेक्शन को लेकर भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का नजरिया बेहद व्यावहारिक और सतर्कता से भरा है:समय और उम्र को रोकना नामुमकिन: सीनियर डॉक्टर मीरा पाठक का कहना है कि ब्रह्मांड के नियम के अनुसार हम समय की गति को नहीं बदल सकते। चिकित्सा विज्ञान की मदद से हम शरीर और त्वचा पर दिखने वाले उम्र के लक्षणों (जैसे झुर्रियां, महीन रेखाएं) को कुछ समय के लिए छुपा या धीमा (Slow down) जरूर कर सकते हैं, लेकिन बढ़ती उम्र को पूरी तरह रोक देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।केमिकल नहीं, नेचुरल वर्कआउट है सबसे बेस्ट: फिटनेस एक्सपर्ट मीनल पाठक ने युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि इंसानों को बिना किसी पुख्ता मेडिकल रिसर्च के अपने शरीर पर ऐसे खतरनाक एक्सपेरिमेंट नहीं करने चाहिए। एंटी-एजिंग के लिए किसी केमिकल या सुई की जरूरत नहीं है; इसके बजाय रोजाना जिम जाएं, योग और हैवी वर्कआउट करें। नियमित एक्सरसाइज और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर डाइट लेने से 45 साल का व्यक्ति भी 25 साल जैसा ऊर्जावान और फिट नजर आ सकता है।भविष्य के साइड-इफेक्ट्स की जानकारी नहीं: डॉक्टर कनिका तिवारी का मानना है कि एक्टिव लाइफस्टाइल से एजिंग की रफ्तार धीमी होती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर भविष्य में इस तरह का कोई सुरक्षित इंजेक्शन मार्केट में आता है, तो लोग इसे हाथों-हाथ लेंगे। लेकिन अभी तक इस थेरेपी से शरीर को होने वाले दीर्घकालिक नुकसान या साइड-इफेक्ट्स के बारे में विज्ञान के पास कोई ठोस जानकारी नहीं है।चमत्कारी दावों पर न करें भरोसा: डॉक्टर निधि भारद्वाज ने सीधे तौर पर स्पष्ट किया कि फिलहाल चिकित्सा जगत में ऐसा कोई जादुई या प्रामाणिक इंजेक्शन मौजूद नहीं है, जिसे लगाते ही बूढ़ा इंसान रातों-रात पूरी तरह जवां हो जाए। उपभोक्ताओं को ऐसी भ्रामक खबरों और विज्ञापनों से सतर्क रहना चाहिए।सफल रहा ट्रायल तो बदल जाएगी दुनिया, सुधरेगा इंसानी DNAयदि अमेरिका में चल रहा यह एडवांस क्लीनिकल ट्रायल पूरी तरह सफल और सुरक्षित साबित होता है, तो आने वाले सालों में दुनिया भर में एक आधिकारिक 'एजिंग थेरेपी' की शुरुआत हो सकती है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह थेरेपी इंसानी जीन्स (Genes) के स्तर पर काम करती है। इसके इस्तेमाल से हमारे डीएनए (DNA) के काम करने के तरीके और उसके एक्सप्रेशन में बहुत बड़ा सुधार हो सकता है, जिससे अंगों के बूढ़े होने की प्रक्रिया पर ब्रेक लगाया जा सकेगा।Disclaimer: प्रिय पाठक, यह खबर केवल आपको चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए आविष्कारों और सामान्य जानकारियों के प्रति जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है। किसी भी प्रकार के एंटी-एजिंग इंजेक्शन, सप्लीमेंट या केमिकल ट्रीटमेंट को अपनाने से पहले किसी योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) या डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं का रिजल्ट कब घोषित किया जाएगा? यह सवाल इस समय देश भर के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है। मुख्य परीक्षा के बाद री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) और अंक वेरिफिकेशन (अंकों की जांच) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्टूडेंट्स बेसब्री से अपने फाइनल स्कोरकार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच, सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) के माध्यम से रिजल्ट को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण संकेत और गाइडेंस जारी की है।सीबीएसई का बड़ा अपडेट: वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के नतीजे जारी होना शुरूसीबीएसई ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर छात्रों को सूचित किया है कि बोर्ड ने कक्षा 12वीं के लिए वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के नतीजे जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन छात्रों ने अपने अंकों की दोबारा जांच के लिए आवेदन किया था, वे अपना अपडेटेड स्टेटस चेक कर सकते हैं।बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों के लिए विशेष मार्गदर्शन (गाइडेंस) जारी करते हुए सलाह दी है कि परिणाम देखने से पहले वे अपनी जरूरी डिटेल्स को अपने पास तैयार रखें ताकि वेबसाइट पर हैवी ट्रैफिक होने की स्थिति में उन्हें परेशानी न हो।रिजल्ट चेक करने के लिए इन 4 जानकारियों को रखें तैयारसीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को अपनी डिजिटल मार्कशीट या स्टेटस देखने के लिए निम्नलिखित क्रेडेंशियल्स की आवश्यकता होगी:रोल नंबर (Roll Number)स्कूल नंबर (School Number)एडमिट कार्ड ID (Admit Card ID)माता का नाम (Mother's Name)कहां और कैसे देख सकेंगे सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट? (Official Sources)सीबीएसई कक्षा 12वीं के परिणाम को पूरी तरह पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए बोर्ड ने कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की व्यवस्था की है। स्टूडेंट्स इंटरनेट न होने की स्थिति में एसएमएस (SMS) के जरिए भी अपना रिजल्ट देख पाएंगे। परिणाम निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होंगे:आधिकारिक वेबसाइट्स: cbse.gov.in और results.cbse.nic.inडिजिटल लॉकर: results.digilocker.gov.in (या डिजिलॉकर ऐप)उमंग ऐप: web.umang.gov.in (या उमंग मोबाइल ऐप)एसएमएस सेवा: बोर्ड द्वारा जारी विशिष्ट नंबर पर मैसेज भेजकर।स्टेप-बाय-स्टेप: ऐसे डाउनलोड करें अपनी डिजिटल मार्कशीटरिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपनी प्रोविजनल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं:सबसे पहले सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in पर जाएं।होमपेज पर एक्टिव होने वाले 'CBSE 12th Result 2026' के लिंक पर क्लिक करें।अब आपके सामने एक नया लॉगिन पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड ID दर्ज करनी होगी।सभी जानकारियां सही-सही भरने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें।आपका स्कोरकार्ड (मार्कशीट) स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।भविष्य के संदर्भ और कॉलेज एडमिशन के लिए इस प्रोविजनल मार्कशीट को डाउनलोड करें और इसका एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।
अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही हाई-प्रोफाइल शांति वार्ता (US-Iran Peace Talks) एक बार फिर कूटनीतिक भंवर में फंसती नजर आ रही है। वैश्विक मंच पर जब भी ऐसा लगता है कि दोनों देशों के बीच युद्ध का तनाव अब खत्म हो जाएगा, तभी कोई नया विवाद खड़ा हो जाता है। कभी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आक्रामक बयान ईरान को भड़का देता है, तो कभी लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेहरान को नागवार गुजरती है।इस बीच, ईरान के साथ चल रही इस नाजुक डील को लीड कर रहे अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के एक हालिया बयान पर भारत में सियासत और सोशल मीडिया का पारा चढ़ गया है। शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद और फायरब्रांड नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने जेडी वेंस की टिप्पणी पर तीखा और करारा तंज कसा है।प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा हमला: जेडी वेंस बने हुए हैं 'नालायक जमाई बाबू'दरअसल, स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की मौजूदगी में जेडी वेंस ने मजाक में कहा था कि उनकी जिंदगी में दो लोगों का बहुत अहम रोल है— एक हिंदुस्तानी (उनकी पत्नी उषा वेंस) और दूसरे पाकिस्तानी (फील्ड मार्शल आसिम मुनीर)।वेंस के इसी बयान पर चुटकी लेते हुए शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर उन्हें 'नालायक जमाई बाबू' कह डाला। प्रियंका चतुर्वेदी ने तंज कसते हुए लिखा कि जेडी वेंस अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर 'नालायक जमाई बाबू' की तरह बर्ताव कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आगे यह भी जोड़ा, हम लोग पूरे विश्व की भलाई और शांति के लिए यही चाहते हैं कि वेंस अपने इस शांति मिशन में कामयाब हों, जो कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बेहद मुश्किल लग रहा है। प्रियंका ने कहा कि इस डील को कराने के चक्कर में खुद अमेरिका को वैश्विक स्तर पर शर्मिंदगी (फजीहत) का सामना करना पड़ रहा है।आखिर 'जमाई बाबू' शब्द का क्या है कनेक्शन और क्यों जुड़ा 'नालायक'?उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, बिहार) से लेकर पश्चिम बंगाल की संस्कृति में 'जमाई बाबू' शब्द का इस्तेमाल बेटी के पति (दामाद) के लिए किया जाता है। इस संबोधन में बेहद गहरा प्यार, सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव झलकता है। चूंकि जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस भारतीय मूल की हैं, इसलिए भारतीय संदर्भ में वेंस को 'भारत का दामाद' या 'जमाई बाबू' कहा जा रहा है।लेकिन प्रियंका चतुर्वेदी ने वेंस द्वारा एक ही सांस में अपनी भारतीय पत्नी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तुलना करने और मुनीर को अपने जीवन का दूसरा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बताने पर आपत्ति जताते हुए 'जमाई बाबू' के आगे 'नालायक' विशेषण जोड़ दिया।जेडी वेंस की पत्नी उषा का भारत से क्या है गहरा नाता?अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस (Usha Vance) की जड़ें पूरी तरह से भारत से जुड़ी हुई हैं। उषा के माता-पिता मूल रूप से आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गोदावरी जिले के रहने वाले थे, जो बाद में जाकर अमेरिका में बस गए थे। जेडी वेंस के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान के दौरान उषा वेंस ने अपनी भारतीय विरासत, समृद्ध संस्कृति और हिंदू रीति-रिवाजों का खुलकर जिक्र किया था, जिससे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खूब सुर्खियां बटोरी थीं। वेंस और उषा की शादी भी हिंदू रीति-रिवाजों और फेरों के साथ संपन्न हुई थी।स्विट्जरलैंड में कूटनीतिक ड्रामा: फोटो सेशन का बायकॉट, कतर के मंत्री ने नहीं मिलाया हाथस्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में चल रही यह वार्ता अब पटरी से उतरती दिख रही है। उम्मीद थी कि पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में दोनों देश 60 दिनों के शांति रोडमैप पर मुहर लगा देंगे, लेकिन ऐन वक्त पर स्थितियां बिगड़ गईं:ट्रंप का भड़काऊ बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे डाली, जिससे गुस्साए ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने आधिकारिक फोटो सेशन का पूरी तरह बायकॉट (बहिष्कार) कर दिया।ईरान की दोटूक चेतावनी: ईरानी डेलिगेशन ने अमेरिका को साफ लहजे में चेतावनी दी कि यदि वे इजरायल को सैन्य और वैचारिक समर्थन देना बंद कर दें, तो ईरान महज एक दिन के भीतर इजरायल को घुटनों पर ला देगा।शहबाज-मुनीर की उड़ी हवाइयां: सेट पर कूटनीतिक तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब कतर के मंत्री ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से हाथ मिलाने तक से इनकार कर दिया और ईरानी प्रतिनिधिमंडल बिना बातचीत के आगे बढ़ गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से वहां मौजूद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के चेहरे का रंग उड़ गया, क्योंकि पाकिस्तान इस पूरी डील में एक 'असफल बिचौलिया' साबित होता दिख रहा है।हालांकि, कूटनीतिज्ञों को अब भी उम्मीद है कि 60 दिनों के इस अंतरिम रोडमैप के भीतर कोई न कोई बीच का रास्ता जरूर निकाल लिया जाएगा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को मिल सकती है अंतिम मंजूरी, इस हफ्ते भारत आएंगे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर इस सप्ताह भारत दौरे पर आ रहे हैं, जहां द्विपक्षीय व्यापार समझौते और अंतरिम डील पर अहम चर्चा होगी।
बॉलीवुड का 90 का दशक (90s Bollywood) एक ऐसा दौर था जिसने कई नए चेहरों को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। इसी दौर की एक बेहद चर्चित एक्ट्रेस सोनम खान (Sonam Khan) ने अपनी पहली ही ब्लॉकबस्टर फिल्म से दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बना ली थी। साल 1989 में आई डायरेक्टर राजीव राय की कल्ट-क्लासिक एक्शन फिल्म 'त्रिदेव' (Tridev) और उसके सुपरहिट गाने 'ओए-ओए' (Oye Oye Song) ने सोनम को स्टारडम के शिखर पर पहुंचा दिया था। इस गाने में वह दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ थिरकती नजर आई थीं।फिल्म की रिलीज के बाद से ही बॉलीवुड गलियारों में यह अफवाह उड़ने लगी थी कि सोनम खान का फिल्म के डायरेक्टर राजीव राय के साथ सीक्रेट अफेयर था, जिसकी वजह से उन्हें इस सुपरहिट गाने का हिस्सा बनने का मौका मिला। चूंकि आगे चलकर दोनों ने शादी भी कर ली, इसलिए इस अफवाह को करीब 40 सालों तक सच माना जाता रहा। अब इतने सालों बाद खुद एक्ट्रेस सोनम खान ने इस गहरे राज से पर्दा उठाते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा-चौड़ा बयान जारी किया है।डायरेक्टर के साथ मेरा कोई अफेयर नहीं था, सेट पर मौजूद थी उनकी गर्लफ्रेंडएक्ट्रेस सोनम खान ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर 'ओये ओये' गाने की एक पुरानी वीडियो क्लिप शेयर करते हुए इन अफवाहों का पूरी तरह खंडन किया है। सोनम ने लिखा, फिल्म 'त्रिदेव' की मेकिंग के दौरान मेरा डायरेक्टर राजीव राय के साथ कोई अफेयर नहीं था। उन्होंने उन चर्चाओं को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा जाता था कि अफेयर की वजह से उन्हें फिल्म की बाकी दो बड़ी लीड एक्ट्रेसेस— माधुरी दीक्षित और संगीता बिजलानी के मुकाबले ज्यादा स्क्रीन स्पेस या फायदा मिला था।सोनम ने सेट का एक बड़ा सीक्रेट शेयर करते हुए बताया, असल कहानी में ट्विस्ट तो यह था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान राजीव सेट पर अपनी तत्कालीन गर्लफ्रेंड के साथ मौजूद थे। सिर्फ इतना ही नहीं, मेरा खुद का बॉयफ्रेंड भी सेट से कुछ ही दूरी पर था। यानी हम दोनों ही उस समय पहले से किसी दूसरे के साथ गंभीर रिलेशनशिप में थे। यह आइकॉनिक गाना मुझे किसी सिफारिश से नहीं, बल्कि पूरी तरह अचानक मिला था।राजीव राय की आखिरी पसंद थीं सोनम, डेब्यू फिल्म देखकर कर दिया था रिजेक्टसोनम खान ने अपने पोस्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उनके एक्स-हसबैंड और डायरेक्टर राजीव राय शुरुआत में उन्हें 'त्रिदेव' में कास्ट करने के मूड में बिल्कुल नहीं थे। राजीव ने इस रोल के लिए लगभग किसी दूसरी एक्ट्रेस का नाम फाइनल कर लिया था। दरअसल, यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी साल 1988 की फिल्म 'विजय' (जो सोनम की डेब्यू फिल्म थी) के कुछ फुटेज देखने के बाद राजीव को सोनम की एक्टिंग पसंद नहीं आई थी।सोनम ने लिखा, हकीकत यह है कि जब उनके पास कोई दूसरा विकल्प या चारा नहीं बचा, तब जाकर मैं इस रोल के लिए उनकी आखिरी पसंद (Last Resort) बनी थी। इसलिए, फिल्म के दौरान न तो कोई रोमांस था, न कोई सीक्रेट फोन कॉल्स और न ही डायरेक्टर की पसंदीदा होने का कोई एक्स्ट्रा एडवांटेज। अगर ऐसा कुछ बैकस्टेज हुआ भी था, तो मुझे उसकी कोई जानकारी नहीं है। सेट पर बस मैं थी और वह शानदार संगीत था।फिल्म सुपरहिट होने के काफी समय बाद शुरू हुई थी डेटिंगसोनम ने स्पष्ट किया कि 'त्रिदेव' के बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर होने और सिनेमाघरों से हटने के काफी समय बाद उन्होंने और राजीव ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। उस समय वे दोनों पूरी तरह सिंगल थे और उन्हें अपने रिश्ते को लेकर किसी को कोई सफाई देने की जरूरत नहीं थी। सोनम ने मजाकिया लहजे में लिखा, तो दोस्तों, त्रिदेव फिल्म को बनाने या उसमें जगह पाने में मेरी पर्सनल लाइफ की कोई भूमिका नहीं थी— जीरो, बिल्कुल जीरो। सोनम के इस बेबाक पोस्ट पर बॉलीवुड एक्ट्रेस डेल्नाज ईरानी ने भी तालियों वाले इमोजी के साथ उनकी ईमानदारी की तारीफ की है।19 की उम्र में शादी, बेटे की बीमारी और 15 साल बाद मिला तलाकसोनम खान और राजीव राय की वास्तविक लव स्टोरी की बात करें तो दोनों ने साल 1991 में शादी की थी, उस वक्त सोनम की उम्र महज 19 साल थी। शादी के बाद राजीव ने सोनम को साल 1992 की अपनी अगली कल्ट थ्रिलर फिल्म 'विश्वात्मा' (Vishwatma) में दोबारा डायरेक्ट किया, जिसमें वे एक बार फिर नसीरुद्दीन शाह की हीरोइन बनीं। इसके बाद उन्होंने करीब तीन साल और फिल्मों में काम किया।इसी दौरान सोनम ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसे शुरुआती सालों में ही 'ऑटिज्म' (Autism) नाम की न्यूरोलॉजिकल बीमारी होने का पता चला। अपने इकलौते बेटे के वर्ल्ड-क्लास इलाज और थेरेपी के लिए सोनम ने अपने करियर के पीक पर एक्टिंग की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया। इसके बाद यह कपल लॉस एंजिल्स, लंदन और यूरोप के कई बड़े शहरों में शिफ्ट हो गया। हालांकि, इस कठिन दौर में दोनों के रिश्ते में दरार आ गई और साल 2001 में वे एक-दूसरे से अलग रहने लगे। अलग होने के लंबे समय बाद, साल 2016 में दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हो गया। सोनम खान अब भारत लौट चुकी हैं और मुंबई में अपने बेटे के साथ एक शांत जीवन बिता रही हैं।
महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए सप्ताह के पहले दिन एक राहत भरी खबर आई है। सोमवार, 22 जून को देश की सरकारी तेल कंपनियों ने एलपीजी (LPG Price Today) गैस सिलेंडर के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। आज घरेलू और कमर्शियल दोनों ही तरह के गैस सिलेंडरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी दाम पूरी तरह स्थिर हैं। इससे पहले आखिरी बार 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के रेट तब ₹42 से ₹53.50 तक बढ़ाए गए थे।वैश्विक मोर्चे पर भारत के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को दोबारा जहाजों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। चूंकि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए बहुत बड़े पैमाने पर आयात (इंपोर्ट) पर निर्भर है, इसलिए इस समुद्री मार्ग के खुलने से गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। आपको बता दें कि जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान युद्ध की स्थिति बनी थी, तब से अब तक घरेलू सिलेंडर की कीमतों में दो बार इजाफा हो चुका है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर के दाम तब से अब तक 79% तक बढ़ चुके हैं।दिल्ली, मुंबई से पटना तक: जानिए अपने शहर का आज का ताजा रेटदेश के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट की वजह से एलपीजी सिलेंडरों के दाम अलग-अलग होते हैं। 22 जून 2026 को देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर और 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के भाव इस प्रकार हैं:दिल्ली और गाजियाबाद: देश की राजधानी नई दिल्ली में आज घरेलू सिलेंडर ₹942.00 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,113.50 के भाव पर मिल रहा है। वहीं, एनसीआर के गाजियाबाद में घरेलू सिलेंडर ₹939.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,113.50 पर स्थिर है।मुंबई और बेंगलुरु: आर्थिक राजधानी मुंबई में घरेलू सिलेंडर का दाम ₹941.50 और कमर्शियल का रेट ₹3,067.50 है। कर्नाटक के बेंगलुरु में घरेलू एलपीजी ₹944.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,198.00 में बिक रहा है।उत्तर और पूर्वी भारत (लखनऊ-पटना): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में घरेलू सिलेंडर ₹979.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,236.00 के स्तर पर है। बिहार के पटना में कीमतें हमेशा की तरह थोड़ी ऊंची हैं, यहाँ घरेलू रसोई गैस ₹1,031.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,400.50 का मिल रहा है। कोलकाता में घरेलू सिलेंडर ₹968.00 और कमर्शियल ₹3,256.00 पर है।चेन्नई और आईजॉल: दक्षिण के प्रमुख महानगर चेन्नई में घरेलू गैस ₹957.50 और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,283.00 पर उपलब्ध है। वहीं, पूर्वोत्तर के आईजॉल में दुर्गम इलाकों के चलते देश में सबसे महंगा गैस सिलेंडर मिल रहा है, यहाँ घरेलू सिलेंडर ₹1,094.00 और कमर्शियल ₹3,598.50 के रिकॉर्ड स्तर पर है।एक नज़र में देखें अपने शहर की कीमतें (Table)शहरघरेलू सिलेंडर की कीमत (14.2 kg)कमर्शियल सिलेंडर की कीमत (19 kg)दिल्ली₹942.0₹3,113.5मुंबई₹941.5₹3,067.5कोलकाता₹968.0₹3,256.0चेन्नई₹957.5₹3,283.0बेंगलुरु₹944.5₹3,198.0आईजॉल₹1,094.0₹3,598.5लखनऊ₹979.5₹3,236.0गाजियाबाद₹939.50₹3,113.50पटना₹1,031.5₹3,400.5अमेरिका और पाकिस्तान से भी सस्ता है भारत में घरेलू गैस सिलेंडरसरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से एक बेहद दिलचस्प तथ्य सामने आया है। भारत में घरेलू रसोई गैस की कीमतें अपने पड़ोसी मुल्कों और कई विकसित पश्चिमी देशों की तुलना में काफी कम हैं। जहां दिल्ली में आम उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर ₹942 में मिल रहा है, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में इसकी कीमत ₹1,046, नेपाल में ₹1,207, बांग्लादेश में ₹1,225 और श्रीलंका में ₹1,241 के बराबर है।विकसित देशों की बात करें तो अमेरिका में एक सिलेंडर के लिए ₹1,755, ऑस्ट्रेलिया में ₹1,765 और कनाडा में ₹2,411 तक चुकाने पड़ते हैं। सबसे खास बात यह है कि भारत सरकार की 'उज्ज्वला योजना' के लाभार्थियों को यही घरेलू सिलेंडर केवल ₹642 में उपलब्ध कराया जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे किफायती दरों में से एक है।सऊदी अरामको ने बढ़ाए दाम, क्या 1 जुलाई से फिर महंगी होगी रसोई गैस?रॉयटर्स की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी 'सऊदी अरामको' (Saudi Aramco) ने जून महीने के लिए एलपीजी के आधिकारिक विक्रय मूल्य (OSP - Official Selling Price) में 1% से 3% तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रोपेन की कीमत में 10 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन की कीमत में 20 डॉलर प्रति मीट्रिक टन का इजाफा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद वैश्विक बाजार में प्रोपेन का नया भाव 760 डॉलर प्रति मीट्रिक टन और ब्यूटेन का रेट 820 डॉलर प्रति मीट्रिक टन के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम शांति समझौते को लेकर बनी कूटनीतिक अनिश्चितता और होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य में दोबारा बंद होने की आशंकाओं के चलते वैश्विक गैस बाजार में यह उबाल देखा जा रहा है। चूंकि सऊदी अरामको द्वारा तय की गई कीमत को पूरी दुनिया में एलपीजी का आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क रेट माना जाता है, इसलिए इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारतीय तेल कंपनियों की इनपुट कॉस्ट पर पड़ेगा। कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में गैस के दाम इसी तरह ऊंचे बने रहे, तो आगामी 1 जुलाई को होने वाली सरकारी तेल कंपनियों की मासिक समीक्षा बैठक में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की जा सकती है।

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