सैलरी ही नहीं मिलती! शहजाद पूनावाला ने खोला बीजेपी छोड़ने का राज, बताया अब क्या है आगे का प्लान?
Shehzad Poonawalla New Role:
कौन हैं लक्ष्मणन मय्यप्पन? 16 साल की उम्र में बन गए यंगेस्ट CA
16 साल 141 दिन की उम्र में दुबई के लक्ष्मणन मय्यप्पन ने अपने नाम एक बेहद शानदार रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है. बस इतना ही नहीं अपनी इस उपलब्धि के दम पर उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी अपना नाम शामिल करवा लिया है. उनके नाम सबसे कम उम्र के चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का ताज सज गया है.
अफसरों की संख्या घटाएगी हिमाचल सरकार, सीएम सुक्खू ने किया ऐलान
हिमाचल प्रदेश में IAS, IPS और IFS अधिकारियों की संख्या घटाई जाएगी. सीएम सुक्खू ने ये एलान किया है. सीएम का कहना है कि राज्य में काम कम और अफसर ज्यादा है. सेंट्रल डेपुटेशन पर जाने के इच्छुक अफसरों की फाइलें क्लियर की जा रही हैं.
'मां ने दूध पिलाया है तो हराकर दिखाओ', सपा विधायक की चुनौती
किठौर से समाजवादी पार्टी के विधायक शाहिद मंजूर का स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में दिया गया बयान चर्चा में है. विरोधियों को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि मां ने दूध पिलाया है तो मैदान में आकर हराओ. इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
छात्र आंदोलन में सीवान में चला था AK-47, SC में बिहार सरकार का कुबूलनामा
बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. सरकार ने बल प्रयोग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि कई जगह प्रदर्शन हिंसक हो गए थे. 22 से 25 जुलाई के बीच 69 FIR दर्ज हुईं और करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
बुखार डेंगू का है या मलेरिया का, ऐसे करें पहचान
डेंगू और मलेरिया मच्छरों से फैलने वाली गंभीर बीमारियां हैं, दोनों में बुखार आता है, लेकिन लक्षण और इलाज अलग होते हैं. एक्सपर्ट ने इन बीमारियों के लक्षणों और इलाज पर विस्तार से बताया है.
बुध के अस्त होने से 30 दिन 4 राशियां रहेंगी मालामाल! होगा लाभ
Budh Asta 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुध का अस्त होना बहुत ही अशुभ कहलाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक, बुध के अस्त होने से 4 राशियों के करियर और कारोबार में बड़ा उछाल आने वाला है? आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में.
देवेंद्र महतो ने कहा कि सोनम सर से प्रेरणा लेकर लड़ी लड़ाई
रांची में JSSC-CGL और TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन से छात्रों को आंदोलन की प्रेरणा मिली।
Pawan Singh Third Marriage:
क्योंकि यूपी में चुनाव है...टीम बीजेपी में स्मृति ईरानी को क्यों दी गई बड़ी पोस्ट?
बीजेपी की नई टीम में स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। जानकारों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के चुनाव को देखते हुए उनकी अहमियत बढ़ी है। वहीं महिला वोटों में पैठ लगाने के लिए भी स्मृति ईरानी अच्छा चेहरा हैं।
'पहले से ज्यादा खुश हूं', 25 साल टेक जॉब की, अब चला रहे स्कूल बस
कहते हैं, जिंदगी उम्मीदों का नाम है. दुनियाभर के लोगों की जिंदगी से जुड़े मसलों की बात करें तो रोजगार सबसे बड़ी चिंताओं में से एक है.एक कहानी अमेरिका के एक टेक एक्सपर्ट की है. करीब 25 साल तक टेक इंडस्ट्री में काम करने के बाद अब वह स्कूल बस चला रहे हैं.
चचेरे भाई ने की बहन की हत्या, नाइट चेकिंग के दौरान पुलिस ने पकड़ा
दिल्ली के बुराड़ी इलाके से पुलिस ने सूटकेस से एक नाबालिग युवती का शव बरामद किया है. नाइट चेकिंग के दौरान एक युवक की संदिग्ध गतिविधियों की वजह से पुलिस ने उससे पूछताछ की. इस दौरान खुलासा हुआ कि उसने अपनी बहन की हत्या कर उसका शव सूटकेस में बंद किया और सुनसान इलाके में ठिकाने लगाने की फिराक में था. लेकिन शव फेंककर जाते वक्त पुलिस ने उसे पकड़ लिया. युवक की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया। आरोपी का नाम अविनाश है. पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अविनाश ने बताया कि उसे अपनी चचेरी बहन पर प्रेम प्रसंग का शक था. इसीलिये मौत के घाट उतार दिया.
एक जींस की फिटिंग के ₹4000! अमेरिका में इतनी होती है टेलर की कमाई
अगर आपको सिलाई का काम आता है, तो अमेरिका में यह हुनर अच्छी कमाई का जरिया बन सकता है. वहां एक टेलर करीब 25 डॉलर (करीब 2,300 रुपये) प्रति घंटे तक कमा सकता है, जबकि जींस की छोटी-सी फिटिंग के लिए भी 40 डॉलर (करीब 4,000 रुपये) तक लिए जा सकते हैं.
Live: भारत की खराब शुरुआत, 0 पर पवेलियन लौटे जायसवाल
IND vs SL 1st Test, Day 4 Live Cricket Score: चौथे दिन के शुरुआती सेशन में यशस्वी जायसवाल खाता नहीं खोल सके. श्रीलंका के गेंदबाजों ने शुरुआती ओवर में ही विकेट लेने में कामयाबी हासिल की.
घर में घुसा, प्राइवेट पार्ट छुआ... छात्रा का मकान मालिक ने किया यौन उत्पीड़न
बेंगलुरु के शांतिनगर में थर्ड ईयर की एक कॉलेज छात्रा ने अपने 60 वर्षीय मकान मालिक कमलेश कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. शिकायत के मुताबिक 15 अगस्त की शाम आरोपी मरम्मत के अधूरे काम का निरीक्षण करने और किराया लेने उसके अपार्टमेंट पहुंचा था. इसी दौरान उसने उसका यौन उत्पीड़न किया.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है नाम? जुड़वाने को मिलेगा एक और मौका, जानिए
दिल्ली में एसआईआर के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को प्रकाशित होनी है. वोटर लिस्ट ड्राफ्ट में अगर कोई नाम प्रकाशित होने से रह जाए, तो इसके लिए दूसरा मौका भी मिलेगा.
हमसे सब छिन जाएगा... JSSC-CGL रद्द होने पर रोने लगे पास अभ्यर्थी
JSSC-CGL रद्द होने के बाद वो अभ्यर्थी सामने आ गए हैं जो पहले इस परीक्षा को पास कर चुके थे. उनका कहना है कि हम एक निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए शामिल हुए थे तो फिर ऐसा कदम क्यों उठाया जा रहा है? हमारा कहना है कि आप जांच करवाइए. जांच में जो गड़बड़ मिलेगा, उसे हटाइए न, हम लोग आपसे सहमत हैं.
मुंबई में मराठी न बोलने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों पर एक्शन शुरू, तुरंत कैंसिल नहीं होगा लाइसेंस
परिवहन मंत्री शिंदे गुट नेता प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि जिन लगभग 1.25 लाख चालकों ने मराठी भाषा का कोर्स पूरा कर लिया है और सर्टिफिकेट प्राप्त कर चुके हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. इन चालकों को घबराने की जरूरत नहीं है.
DU प्रोफेसर को थप्पड़ मारने का छात्र पर लगा आरोप, किया गया सस्पेंड
दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर पर हमले का मामला सामने आया है... लॉ फैकल्टी के एक PhD स्कॉलर पर प्रोफेसर को थप्पड़ मारने और हमला करने का आरोप है.... घटना CCTV में कैद हुई है... मामले में DU प्रॉक्टर ने छात्र को सस्पेंड करने का आदेश दिया है और जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है...
भिंड में भीषण सड़क हादसा, पिकअप-डंपर की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत; 25 घायल
मध्य प्रदेश के भिंड में एनएच-719 पर पिकअप और डंपर की टक्कर में 8 मजदूरों की मौत और 25 घायल हो गए। मजदूर धान की रोपाई के बाद लखीमपुर खीरी लौट रहे थे।
ATC बिल्डिंग में लगी आग, कोलकाता एयरपोर्ट पर हड़कंप- VIDEO
अधिकारियों और एयरपोर्ट निदेशक विक्रम सिंह के मुताबिक आग एटीसी या मौसम विभाग के उपकरणों तक नहीं पहुंची. उड़ान सेवाएं सामान्य रहीं और शुरुआती जांच में स्वतंत्रता दिवस की सजावटी लड़ी में शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है. हालांकि सही कारण की जांच अभी जारी है.
KPSC भर्ती घोटाले में 13 ठिकानों पर ED की रेड, जानें क्या है मामला
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) की वेटरिनरी ऑफिसर भर्ती में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 13 ठिकानों पर छापेमारी की है. PMLA एक्ट के तहत ये रेड किए गए हैं.
रिटायरमेंट के 15 दिन पहले पति का मर्डर, 80 लाख फंड का लालच, बीवी ने मूसल से मार डाला
Telangana News: तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में एक महिला ने अपने पति को रिटायरमेंट के 15 दिन पहले ही मौत के घाट उतार दिया. महिला पति के रिटायरमेंट का पैसा खुद के नाम पर करवाना चाहती थी, जिसको लेकर दोनों में विवाद चल रहा था.
कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर भारी भूस्खलन, मंदिर परिसर को नुकसान; चमोली में लगातार बारिश बनी मुसीबत
उत्तराखंड के चमोली जिले में लगातार बारिश के चलते आपदाओं का सिलसिला जारी है. जोशीमठ ब्लॉक स्थित पंच केदारों में शामिल कल्पेश्वर मंदिर के ऊपर देर रात भारी भूस्खलन हुआ, जिससे मंदिर परिसर और आसपास के ढांचों को नुकसान पहुंचा. राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
30 हजार तक महंगी हो गईं Maruti Suzuki की कारें, Alto से लेकर Baleno तक पर असर, देखें पूरी लिस्ट
Maruti Suzuki ने अगस्त 2026 में Arena और Nexa कारों की कीमत बढ़ा दी है. Baleno सबसे ज्यादा 30,000 रुपये महंगी हुई, जबकि eVitara की कीमत 20,000 रुपये बढ़ी.
ओडिशा के गांव में बिगड़ी अमेरिकी टूरिस्ट की तबीयत, इलाज के बाद बिल देखकर रह गए दंग, देखें VIDEO
American tourist Odisha hospital: ओडिशा के एक ग्रामीण सरकारी अस्पताल में फ्री इलाज मिलने के बाद अमेरिकी टूरिस्ट माइक ने भारत के हेल्थकेयर सिस्टम की जमकर तारीफ की है. सोशल मीडिया पर अब उनका वीडियो खूब वायरल हो रहा है.
पिछले दिनों जंतर-मंतर पर और बिहार में हुए प्रोटेस्ट के दौरान हुए पुलिस एक्शन के दावों पर किरेन रिजिजू ने बयान दिया है. उन्होंने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि सीरियस इंजरी के साथ कोई हॉस्पिटल में नहीं है.
अभिजीत दीपके हमारा अपना ही लड़का, बौद्ध है; तारीफ कर केंद्रीय मंत्री ने खड़े किए सवाल
जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन से उभरे युवा नेतृत्व पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सवाल खड़े किए। अभिजीत दिपके को लेकर कहा कि वह महाराष्ट्र से हैं, लेकिन वह आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं।
टीआईएसएस के 86वें दीक्षांत समारोह में बड़ा बदलाव हुआ है। सीजेआई सूर्यकांत अब मुख्य अतिथि नहीं होंगे। 22 अगस्त को डॉ. सी. एस. प्रमेश समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
Delhi Lakshmi Yojana 2026 : दिल्ली सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 2500 रुपये देने जा रही है. यहां जानते हैं कब आएगी पहली किस्त और कैसे करें अपना स्टेटस चेक?
फिलीपींस में छात्र ने स्कूल में बॉडी कैमरा पहन LIVE बरसाईं गोलियां, साथी को मारा, खुद भी मरा
Philippines School shooting: हमलावर छात्र ने पहले एक टीचर पर गोली चलाई. लेकिन यह साफ नहीं हो पाया कि टीचर को गोली लगी या नहीं. अब पुलिस कह रही कि सब कंट्रोल में है.
‘किसी को नहीं बख्शेंगे’: शाहरुख-अजय-टाइगर को नोटिस जारी करने वाले FDA कमिश्नर का सख्त रुख, कहा- सब है जवाबदेह
Delhi Voter List Revision: दिल्ली में वोटर लिस्ट समीक्षा में करीब एक तिहाई वोटरों के नाम शामिल नहीं होंगे. ड्रॉफ्ट मतदाता सूची 24 अगस्त को जारी होगी और इसमें करीब 47 लाख नाम शामिल नहीं होंगे. ओखला, आरके पुरम, कस्तूरबा नगर और कालकाजी का सबसे बुरा हाल है.
रक्षाबंधन पर यात्रियों के लिए Good न्यूज, कोटा मंडल से चलेगी तीन राखी स्पेशल ट्रेनें
सोगरिया-मथुरा, सोगरिया-जबलपुर और कोटा-हजरत निजामुद्दीन के बीच विशेष रेल सुविधा मिलेगी, जिससे यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होगी.
मेरठ के होटल में हिंदू लड़की संग पकड़ा गया फरदीन, हुआ बवाल
मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र स्थित होटल रंजीत में हिंदू संगठन के लोगों ने छापेमारी कर एक नाबालिग हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवक फरदीन (23) को पकड़ा. आरोप है कि युवक ने पहचान छिपाकर दोस्ती की और शोषण किया. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
बिहार के पूर्णिया निवासी मो. जफर को यूपी एटीएस ने मेरठ से आतंकी फंडिंग के आरोप में गिरफ्तार किया है। जैश-ए-मुहम्मद कनेक्शन, क्रिप्टो ट्रांसफर और कथित नेटवर्क की जांच जारी है।
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान की चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट और उस पर आधारित कार्य योजना (Action Plan) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई करेगा। लखनऊ डिविज़नल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय SIT - जिसमें IG रेंज किरण एस. और स्पेशल सेक्रेटरी (वित्त) नील रतन कुमार शामिल थे - ने 23 जून को सौंपी गई अपनी शुरुआती रिपोर्ट में कई कड़े सुझाव दिए थे। इसे भी पढ़ें: शादी के 150 दिन और अनगिनत ज़ख्म... क्यों सुसाइड के लिए मजबूर हुई ट्विशा शर्मा? CBI की 1,000 पन्नों की चार्जशीट में पति और पूर्व जज सास पर गंभीर आरोप SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर, 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई, जिसमें आठ लोगों और कुछ अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्री राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में दर्ज इस FIR (क्राइम नंबर 90/2026) में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और अन्य अज्ञात लोगों के नाम शामिल थे। आरोपियों के खिलाफ IPC की धाराओं 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61, 3(5) और PC एक्ट की धारा 13(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने पहले स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अपनी जांच में तेज़ी लाने और उसे तार्किक नतीजे तक पहुँचाने को कहा था। चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने SIT को निर्देश दिया था कि वह कथित दान चोरी मामले की जांच में हुई प्रगति की स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफ़ाफ़े में जमा करे। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने भारत के चुनावी मॉडल की तारीफ कर America में फोटो ID अनिवार्य करने की वकालत की CJI की बेंच ने कहा, SIT, जिसमें एक फोरेंसिक ऑडिटर भी शामिल है, सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफ़ाफ़े में स्टेटस रिपोर्ट सौंपेगी। हम पहले इस रिपोर्ट की जांच करेंगे और तय करेंगे कि इसे सभी पक्षों को जारी किया जाए या नहीं। राजनीतिक घमासान राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले कहा था कि प्रधानमंत्री दान चोरी जैसे गंभीर आरोपों पर अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते। खड़गे ने कहा, उन्हें सदन को बताना चाहिए कि ED, CBI, इनकम टैक्स और दूसरी जांच एजेंसियां कहां हैं? जो लोग भगवान राम के नाम पर लूट-पाट करते हैं, उन्हें पूरे देश से माफ़ी मांगनी चाहिए और देश को गुमराह करना बंद करना चाहिए। X पर एक पोस्ट में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और इसमें कीमती चढ़ावे, नकद दान, ज़मीन की खरीद और मैनेजमेंट में गड़बड़ी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह करोड़ों भक्तों की आस्था का मामला है। इस ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और प्रधानमंत्री मोदी ने खुद सदन में इसकी घोषणा की थी। केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को 70 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन सौंपी है और प्रधानमंत्री मोदी भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह तक हर अहम मौके पर मौजूद रहे हैं। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के सदस्यों से उसी मुद्दे को बार-बार उठाने और सदन का कीमती समय बर्बाद करने के लिए माफ़ी की मांग की है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
क्या है बोनालु उत्सव, जहां शामिल होने पर फारिया अब्दुल्ला हुईं ट्रोल?
Bonalu Festival: तेलगु एक्ट्रेस फारिया अब्दुल्ला हैदराबाद के प्रसिद्ध बोनालु त्योहार में शामिल होने को लेकर सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल हो रही हैं. आइए विस्तार से इस त्योहार के बारे में जानते हैं.
पुराना वीडियो शेयर कर फंसी सुप्रिया श्रीनेत, नेहा सिंह राठौर! FIR दर्ज
स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व मंत्री का पुराना वीडियो शेयर करने के आरोप में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और अन्य सोशल मीडिया पेज के खिलाफ FIR हुई है.
ईरान ने बदली जंग की रणनीति, ग्राउंड ऑपरेशन की चेतावनी से भड़का
अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव के संकेत दिए हैं. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अब तक की कार्रवाई रक्षात्मक थी, लेकिन आगे इसका रुख आक्रामक हो सकता है. उन्होंने 'रणनीतिक सरप्राइज' के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है.
सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया है कि ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह द्वारा लगातार मानसिक प्रताड़ना के कारण मॉडल-एक्ट्रेस ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उनके पास अपनी जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। चार्जशीट में जांच के दौरान इकट्ठा किए गए सबूतों में काउंसलिंग रिकॉर्ड, व्हाट्सएप मैसेज और गवाहों के बयान शामिल हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।समर्थ से शादी के पांच महीने बाद त्विषा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पायी गयी थीं। भोपाल में न्यायाधीश शोभना भलावी की विशेष अदालत के समक्ष दायर लगभग 1,000 पन्नों के आरोपपत्र में सीबीआई ने दहेज की मांग और कथित दहेज हत्या के दावों की जांच को खुला रखते हुए गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए। अधिकारियों ने बताया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि समर्थ और उसकी मां गिरिबाला, दोनों ने त्विषा पर मानसिक अत्याचार किया, जिससे उसके पास अपनी जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।त्विषा के भाई आशीष शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि सीबीआई ने त्विषा के साथ की गई प्रताड़ना के अलावा इस बात की भी तथ्यात्मक जानकारी दी है कि पीड़िता के साथ किसने क्या किया। इसमें त्विषा को दी गई मानसिक प्रताड़ना का भी उल्लेख है। आशीष ने कहा कि इन सभी बातों से यह स्पष्ट हो गया कि त्विषा के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।त्विषा के परिवार ने समर्थ और गिरिबाला पर मानसिक शोषण, शारीरिक हिंसा और दहेज से संबंधित प्रताड़ना का आरोप लगाया था। त्विषा के परिवार के वकील अंकुर पांडे के अनुसार, सीबीआई ने आरोप पत्र के साथ पर्याप्त सबूत पेश किए हैं।त्विषा के परिवार के एक अन्य वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर सबूतों से छेड़छाड़ समेत और भी आरोप जोड़े जा सकते हैं और आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है। इसे भी पढ़ें: Global Warming से बुजुर्गों को कम तापमान पर है बड़ा खतरा, Lancet Study त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने पीटीआई-को बताया कि चालान (आरोपपत्र) में लगाए गए आरोप लगभग वही हैं जो प्राथमिकी में लगाए गए हैं।उन्होंने कहा कि एफएसएल (फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) की कुछ रिपोर्टों के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।त्विषा ने पिछले साल दिसंबर में समर्थ से शादी की थी और 12 मई को वह अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं।प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि समर्थ उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भोपाल ले गए थे। उन्होंने दावा किया था कि त्विषा ने रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर घर में फांसी लगा ली थी। प्राथमिकी के अनुसार, एम्स के डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि अस्पताल तक पहुंचने से पहले ही त्विषा की मौत हो चुकी थी। इसके बाद चिकित्सकीय-कानूनी मामला दर्ज किया गया।प्रारंभिक पुलिस जांच के बाद मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने मामले में महत्वपूर्ण संदेह दूर करने और एम्स, भोपाल द्वारा किए गए पहले पोस्टमार्टम में कथित खामियों से जुड़े परिवार के आरोपों की जांच के लिए दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश दिया था। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने भारत के चुनावी मॉडल की तारीफ कर America में फोटो ID अनिवार्य करने की वकालत की इसके बाद सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली और समर्थ तथा गिरिबाला को गिरफ्तार किया। दूसरा पोस्टमार्टम एम्स-दिल्ली के चार-सदस्यीय चिकित्सकीय दल ने 24 मई को भोपाल में ही किया था।परिवार ने अपने बयानों में आरोप लगाया कि त्विषा के ससुराल वाले उन्हें प्रताड़ित करते थे और नौ दिसंबर, 2025 को हुई शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। परिवार ने मानसिक प्रताड़ना और घरेलू हिंसा के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि कथित प्रताड़ना के कारण 33-वर्षीय त्विषा ने यह कदम उठाया। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनावी व्यवस्था का हवाला देते हुए अमेरिका में वोटर आईडी अनिवार्य करने की मांग की। उन्होंने सीईसी ज्ञानेश कुमार और सेव अमेरिका एक्ट का जिक्र किया।
Global Warming से बुजुर्गों को कम तापमान पर है बड़ा खतरा, Lancet Study
वैश्विक तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने पर भारत, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बुजुर्ग आबादी पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इन चार देशों में करीब 1.5 अरब लोग, यानी दुनियाभर में प्रभावित होने वाली कुल आबादी का 73 प्रतिशत इस जोखिम के दायरे में आ सकते हैं। ‘द लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ’ पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है। अध्ययन में पाया गया कि बुजुर्गों को पहले के अनुमानों की तुलना में कम तापमान पर भी गर्मी से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। स्टैनफोर्ड और पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी समेत विभिन्न संस्थानों के शोधकर्ताओं ने कहा कि दक्षिण एशिया और फारस की खाड़ी के क्षेत्र सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं। वैश्विक तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक की वृद्धि होने पर इन क्षेत्रों में बुजुर्गों को लगातार करीब तीन महीने तक दिन-रात खतरनाक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती उन देशों के सामने होगी, जहां गर्मी का अत्यधिक जोखिम, गरीबी की ऊंची दर और ठंडक उपलब्ध कराने वाली सुविधाओं तक सीमित पहुंच है। इनमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमा और नाइजर शामिल हैं। बुजुर्ग अधिक तापमान और आर्द्रता की स्थिति में अपने शरीर का तापमान नियंत्रित करने में कम सक्षम होते हैं। इसका कारण यह है कि उन्हें अपेक्षाकृत कम पसीना आता है, उनकी रक्त वाहिकाएं धीमी प्रतिक्रिया देती हैं और गर्मी में उनके हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। शोधकर्ताओं ने बताया कि पिछले अध्ययनों में मुख्य रूप से स्वस्थ युवा वयस्कों पर किए गए परीक्षणों के आंकड़ों का इस्तेमाल यह अनुमान लगाने के लिए किया गया था कि किस तापमान और आर्द्रता पर गर्मी मानव शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले अध्ययनों में अत्यधिक गर्मी से जोखिम वाले बुजुर्गों की संख्या कम से कम दोगुनी कम आंकी गई हो सकती है। शोधकर्ताओं ने अपने नए अध्ययन में अलग-अलग समूह बनाए, जिनमें तीन आयु वर्गों की गर्मी सहने की क्षमता अलग-अलग मापी गई थी - युवा वयस्क (15-39 वर्ष), मध्यम आयु वर्ग (40-59 वर्ष) और बुजुर्ग (60 वर्ष या उससे अधिक)। इसके बाद शोधकर्ताओं ने अलग-अलग परिस्थितियों में यह पता लगाया कि प्रत्येक आयु वर्ग के लिए किस क्षेत्र में गर्मी खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है और कितने लोग इससे प्रभावित होंगे। अध्ययन के लेखकों ने कहा, ‘‘भारत, चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश में कुल 1.48 अरब लोग गर्मी के जोखिम के दायरे में हैं, जो दुनियाभर में जोखिम वाली 2.03 अरब आबादी का 72.6 प्रतिशत है।’’लेखकों ने लिखा, ‘‘बुजुर्गों को कहीं अधिक बार और बड़े क्षेत्र में ऐसी गर्मी का सामना करना पड़ता है, जिसे उनका शरीर पर्याप्त रूप से सहन या नियंत्रित नहीं कर सकता। वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की स्थिति में बुजुर्गों गर्मी से उतना जोखिम हो सकता है, जितना युवा वयस्कों को चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि पर होता है।’’शोधकर्ताओं ने कहा कि असहनीय गर्मी से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या पहले के अनुमान से कहीं अधिक हो सकती है। इसका प्रभाव बड़े भौगोलिक क्षेत्रों में और पहले की अपेक्षा अधिक लंबी अवधि तक रहने की आशंका है।
Bhind road accident: 8 मजदूरों की मौत और 32 अन्य घायल, सड़क पर मवेशी आने से हादसा
मध्यप्रदेश के भिंड जिले में सोमवार देर रात को एक पिकअप वाहन के ट्रक से टकरा जाने से आठ मजदूरों की मौत हो गई और 32 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। यह हादसा भिंड-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग पर छिमका गांव के पास देर रात करीब एक बजे हुआ। पुलिस ने बताया कि मजदूर ग्वालियर में धान की रोपाई का काम पूरा करने के बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे। गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, राजमार्ग पर बैठे मवेशियों को बचाने की कोशिश में मजदूरों के वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया जिससे वाहन गलत दिशा में चला गया और सामने से आ रहे डंपर ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई मजदूर उसमें फंस गए। यादव ने बताया कि आठ मजदूरों की मौत हुई है। इनमें से पांच ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीन की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। हादसे में 32 अन्य मजदूर घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल गोहद के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
बताया जा रहा है कि नौसेना का जवान लंबे समय से भारी पारिवारिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहा था. उसका मुंबई के अस्पताल में इलाज भी चल रहा था.
सोमवार को, भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही, जो 24 जुलाई के बाद से सबसे लंबी गिरावट का दौर है. सेंसेक्स 281.09 अंक या 0.36% गिरकर 77,728.16 पर बंद हुआ था.
'राहुल ब्रिगेड का काम हंगामा करना': रिजिजू ने कांग्रेस की विचारधारा पर उठाए सवाल; 'दिमागी नक्सल' पर क्या कहा?
गुजरात के वेरावल समुद्र तट पर मृत मिली 40 फीट लंबी हंपबैक व्हेल, लोगों की उमड़ी भीड़
गुजरात के गिर सोमनाथ जिले के वेरावल समुद्र तट पर करीब 40 फीट लंबी हंपबैक व्हेल का शव मिला है. वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में किसी बड़े ट्रॉलर से टक्कर की आशंका जताई गई है.
कर्ज में इतना डूबा यह राज्य IAS, IPS तक कम करने को तैयार; केंद्र सरकार से लगाएगा गुहार
हिमाचल सरकार IAS, IPS और IFS कैडर की स्वीकृत संख्या घटाने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी। सरकार का दावा है कि बड़े कैडर पर सालाना करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होते हैं।
'तारक मेहता' एक्ट्रेस को पिलाई ड्रिंक, जबरन किया Kiss!
नेहल वडोलिया ने एक पॉडकास्ट में इंडस्ट्री की पोल खोली है. उन्होंने कहा कि लोग उनके काम को लेकर जज करते हैं. उन्हें गलत नजरिए से देखते हैं.
VIDEO: दुनिया के सबसे खुशहाल देश फिनलैंड को छोड़ मुंबई बसा ये परिवार, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
Finnish family moves to Mumbai: दुनिया के सबसे खुशहाल देश फिनलैंड में हर कोई बसना चाहता है, लेकिन एक फिनिश फैमली ने इसके ठीक उलट ऐसा फैसला लिया, जिसकी चर्चा इन दिनों सोशल मीडिया पर हर जगह हो रही है.
बीजेपी की टीम रिशफलिंग में छिपा है 2027 से 2029 तक का चुनावी प्लान! समझें कैसे
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित कार्यकारिणी के माध्यम से पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2029 के लोकसभा चुनावों तक के लिए अपनी संगठनात्मक तैयारी मजबूत कर ली है. इस नई टीम में 51 नए चेहरों और वरिष्ठ नेताओं के समावेश के साथ-साथ क्षेत्रीय, सामाजिक और लैंगिक संतुलन साधने का प्रयास किया गया है.
E20 पेट्रोल पर CEA नागेश्वरन ने उठाए सवाल, E-10 पर लौटने की दी सलाह
E20 पेट्रोल पर जारी घमासान के बीच भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण के फायदे असीमित नहीं हैं। इंडियन एक्सप्रेस में लिखे एक संपादकीय में नागेश्वरन ने कहा है कि 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल ...
राशिफल: आज वृषभ और धनु राशि वालों के लिए बन सकते हैं लाभ के अवसर, मिथुन और तुला रहें सतर्क
18 अगस्त 2026, मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है। कुछ लोगों को कार्यक्षेत्र में सफलता और आर्थिक लाभ के संकेत मिल सकते हैं, जबकि कुछ राशियों को महत्वपूर्ण फैसले लेते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी......
पैसा कमाते हैं तो 4 बातें जरूर जानें, विदुर नीति बताएगी कैसे बढ़ेगा धन
Quote of the Day Vidur Niti :विदुर नीति में धन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं. जानें पैसा कमाने के साथ बचत और धन बढ़ाने के लिए किन 4 बातों का ध्यान रखना चाहिए.
शेयर बाजार के अनिश्चित उतार-चढ़ाव और म्यूचुअल फंड्स के मार्केट रिस्क के बीच यदि आप अपनी गाढ़ी कमाई पर बिना किसी वित्तीय जोखिम के एक तय और सुरक्षित मासिक आमदनी चाहते हैं, तो डाकघर (Post Office) की लघु बचत योजनाएं आज भी देश का सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं। भारत सरकार के संचार मंत्रालय के अधीन संचालित 'पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम' (Post Office MIS / POMIS) मध्यम वर्गीय परिवारों, वरिष्ठ नागरिकों और रिटायर हो चुके कर्मचारियों के बीच एक बेहद लोकप्रिय निवेश माध्यम बनकर उभरी है। इस सरकारी योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको केवल एक बार एकमुश्त (Lump-sum) पैसा जमा करना होता है और उसके बाद अगले 5 वर्षों तक हर महीने एक निश्चित रकम सीधे आपके बैंक या डाकघर बचत खाते में पेंशन की तरह आती रहती है। यदि कोई निवेशक अपने जीवनसाथी या परिवार के किसी सदस्य के साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट खोलता है, तो वह हर महीने बिना किसी टेंशन के पूरे ₹9,250 की नियमित कमाई सुनिश्चित कर सकता है।7.4% ब्याज दर और ₹9,250 की मासिक आय का पूरा गणितपोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में मिलने वाले रिटर्न की गारंटी स्वयं केंद्र सरकार देती है, इसलिए इसमें मूलधन के डूबने का जोखिम शून्य (Zero Risk) होता है। वर्तमान में वित्त मंत्रालय द्वारा इस योजना पर 7.4 प्रतिशत प्रति वर्ष का आकर्षक ब्याज दर दिया जा रहा है। इस ब्याज की गणना वार्षिक आधार पर की जाती है, लेकिन इसका भुगतान निवेशक को प्रति माह 12 समान किस्तों में किया जाता है।स्कीम के तहत हर महीने मिलने वाली आय का गणितीय विश्लेषण इस प्रकार है:अधिकतम जॉइंट निवेश: ₹15,00,000 (पंद्रह लाख रुपये)लागू वार्षिक ब्याज दर: 7.4% प्रति वर्षकुल वार्षिक ब्याज: $15,00,000 imes 7.4\% = ₹1,11,000$मासिक ब्याज (हर महीने मिलने वाली रकम): $frac{1,11,000}{12} = ₹9,250$इस प्रकार, यदि कोई परिवार योजना में अधिकतम सीमा तक निवेश करता है, तो उसे 5 साल की पूरी अवधि के दौरान कुल ₹5,55,000 ($9,250 imes 60 ext{ महीने}$) की शुद्ध ब्याज आय प्राप्त होगी और 5 साल की मैच्योरिटी पूरी होने पर जमा किया गया मूलधन ₹15 लाख भी शत-प्रतिशत वापस मिल जाएगा।सिंगल बनाम जॉइंट अकाउंट: किसमें कितना कर सकते हैं निवेश?डाकघर मंथली इनकम स्कीम में व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर दो तरह से खाता खोलने की सुविधा मिलती है:सिंगल अकाउंट (Single Account): यदि कोई व्यक्ति अकेले अपने नाम पर खाता खुलवाता है, तो वह न्यूनतम ₹1,000 और अधिकतम ₹9,00,000 तक जमा कर सकता है। ₹9 लाख के अधिकतम निवेश पर 7.4% की दर से हर महीने ₹5,550 की मासिक ब्याज आय मिलती है।जॉइंट अकाउंट (Joint Account): इस योजना में अधिकतम तीन वयस्क (Adults) मिलकर एक संयुक्त खाता खोल सकते हैं। जॉइंट अकाउंट में अधिकतम निवेश सीमा ₹15,00,000 निर्धारित की गई है। इस खाते में सभी खाताधारकों का जमा राशि में बराबर-बराबर हिस्सा माना जाता है और इसी पर अधिकतम ₹9,250 प्रति माह का भुगतान मिलता है।नाबालिग (Minor) के नाम पर खाता: 10 वर्ष से अधिक उम्र के नाबालिग के नाम पर भी अभिभावक द्वारा खाता खोला जा सकता है, जिसकी अधिकतम निवेश सीमा ₹3 लाख होती है।5 साल की मैच्योरिटी और प्री-मैच्योर विड्रॉल (समय से पहले निकासी) के कड़े नियमपोस्ट ऑफिस एमआईएस खाते की आधिकारिक मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष (60 महीने) तय की गई है। पांच साल पूरे होने पर आप चाहें तो मूलधन वापस निकाल सकते हैं या उस समय लागू ब्याज दरों के आधार पर नया एमआईएस खाता खोलकर निवेश को आगे जारी रख सकते हैं।यदि किसी आपातकालीन परिस्थिति में आपको 5 साल से पहले पैसा निकालने की आवश्यकता पड़ती है, तो डाकघर कुछ शर्तों और जुर्माने के साथ समयपूर्व निकासी (Pre-mature Closure) की अनुमति देता है:1 वर्ष से पहले: खाता खुलने की तारीख से 1 वर्ष पूरा होने से पहले जमा राशि में से एक भी रुपया नहीं निकाला जा सकता।1 वर्ष से 3 वर्ष के बीच निकासी: यदि खाता 1 साल पूरा होने के बाद और 3 साल से पहले बंद किया जाता है, तो मूलधन में से 2 प्रतिशत की कटौती की जाती है और शेष राशि वापस लौटाई जाती है।3 वर्ष से 5 वर्ष के बीच निकासी: यदि खाता 3 साल पूरा होने के बाद और 5 साल से पहले बंद किया जाता है, तो मूलधन में से 1 प्रतिशत की कटौती की जाती है।टैक्स नियम और मासिक ब्याज के ऑटो-क्रेडिट की आसान सुविधानिवेशकों को इस योजना के टैक्स प्रावधानों और भुगतान प्रणाली को भी स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए:इनकम टैक्स के नियम: पोस्ट ऑफिस एमआईएस में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है। इसके अलावा, हर महीने मिलने वाला ₹9,250 का ब्याज करदाता की कुल वार्षिक आय में 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' के तहत जोड़ा जाता है और निवेशक के संबंधित इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार उस पर टैक्स लागू होता है।टीडीएस (TDS) से राहत: डाकघर द्वारा दिए जाने वाले मासिक ब्याज पर कोई स्रोत पर कर कटौती (TDS) नहीं काटी जाती, लेकिन करदाता को अपनी आयकर रिटर्न (ITR) में इस आय को खुद घोषित करना अनिवार्य होता है।ऑटो-क्रेडिट और आरडी लिंकेज की सुविधा: हर महीने मिलने वाले ब्याज को लेने के लिए डाकघर जाने की जरूरत नहीं होती। निवेशक इसे अपने पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट या बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विस (ECS/NACH) के जरिए सीधे ट्रांसफर करवा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि आपको हर महीने उस पैसे की जरूरत नहीं है, तो आप उस ₹9,250 के मासिक ब्याज से डाकघर में 5 साल की 'रेकरिंग डिपॉजिट' (RD) खाता शुरू करवाकर चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) का दोहरा लाभ भी कमा सकते हैं।डाकघर में POMIS खाता कैसे खुलवाएं? स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियादेश के किसी भी नजदीकी डाकघर में जाकर यह खाता बेहद आसानी से ऑफलाइन माध्यम से खुलवाया जा सकता है:अपने नजदीकी डाकघर (Head Post Office या Sub Post Office) जाएं और 'National Savings Monthly Income Account' का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें।फॉर्म में सभी व्यक्तिगत विवरण, खाता का प्रकार (Single/Joint) और नॉमिनी (Nominee) का नाम सावधानीपूर्वक भरें।पहचान और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड (PAN Card) और पासपोर्ट साइज फोटो की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।निवेश की जाने वाली राशि का भुगतान चेक (Cheque) या नकद के माध्यम से करें (बड़ी रकम के लिए चेक अनिवार्य है)।खाता खुलते ही डाकघर द्वारा एक पासबुक जारी की जाएगी, जिसमें जमा मूलधन, मासिक देय ब्याज और भुगतान की तारीख दर्ज होगी।किन निवेशकों के लिए सबसे मुफीद है यह सरकारी योजना?पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम उन सभी लोगों के लिए एक बेहतरीन वित्तीय साधन है जो बिना किसी मानसिक तनाव के हर महीने घर खर्च, बच्चों की ट्यूशन फीस, बुजुर्गों की नियमित दवाइयों के बिल या यूटिलिटी खर्चों को निकालना चाहते हैं। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी या पीएफ के एक हिस्से को सुरक्षित निवेश में बदलकर एक समानांतर पेंशन व्यवस्था बनाने के लिए यह स्कीम सबसे सशक्त और सुरक्षित विकल्प मानी जाती है।
दशहरा और नवरात्रि के पावन पर्व पर यदि आप अपने परिवार के साथ देश के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्रा का मन बना रहे हैं, तो इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने श्रद्धालुओं के लिए एक शानदार और किफायती स्पेशल टूर पैकेज पेश किया है। इस विशेष धार्मिक यात्रा पैकेज के तहत यात्रियों को उत्तर प्रदेश के तीन सबसे बड़े आध्यात्मिक केंद्रों—प्रभु श्रीराम की पावन नगरी 'अयोध्या', भगवान शिव की नगरी 'काशी' (वाराणसी) और तीर्थराज 'प्रयागराज' के दर्शन कराए जा रहे हैं। लगभग ₹35,000 प्रति व्यक्ति के बजट में मिलने वाले इस पैकेज में आरामदायक ट्रेन यात्रा, वातानुकूलित (AC) होटलों में ठहरने, तीनों समय के सात्विक भोजन, लोकल साइटसीइंग और टूरिस्ट गाइड की संपूर्ण व्यवस्था शामिल है। त्योहारों की छुट्टियों में बिना किसी भागदौड़ और अलग-अलग बुकिंग के झंझट के यह पैकेज बुजुर्गों और परिवारों के लिए सबसे सुगम विकल्प बनकर उभरा है।धार्मिक त्रिवेणी का महासंगम: अयोध्या, काशी और प्रयागराज का आध्यात्मिक महत्वहिंदू धर्म में अयोध्या, काशी और प्रयागराज की यात्रा को मोक्षदायिनी माना गया है। अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लोकार्पण के बाद से देश-विदेश से आने वाले रामभक्तों की संख्या में ऐतिहासिक इजाफा हुआ है। वहीं वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के निर्माण ने बाबा के दर्शन को अत्यंत सुगम और दिव्य बना दिया है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का पावन त्रिवेणी संगम पापों का नाश करने वाला माना जाता है।आईआरसीटीसी का यह दशहरा स्पेशल पैकेज इन तीनों पवित्र धामों को एक ही सुनियोजित सर्किट में जोड़ता है, जिससे श्रद्धालु बहुत कम समय और सीमित बजट में अपनी पूरी आध्यात्मिक यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न कर सकते हैं।दशहरा स्पेशल टूर पैकेज का दिन-वार संपूर्ण यात्रा शेड्यूल (Day-wise Itinerary)यह संपूर्ण टूर 5 रात और 6 दिनों के सुनियोजित कार्यक्रम पर आधारित है, जिसे विशेष रूप से त्योहारों की भीड़भाड़ को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है:पहला दिन: यात्रा का शुभारंभ और वाराणसी आगमन निर्धारित बोर्डिंग स्टेशनों से विशेष पर्यटक ट्रेन या सुपरफास्ट ट्रेन द्वारा यात्रा शुरू होगी। ट्रेन में आरामदायक यात्रा के बाद शाम तक वाराणसी (कैंट/बनारस रेलवे स्टेशन) आगमन। स्टेशन पर आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि द्वारा स्वागत और एसी बस के जरिए होटल में चेक-इन। शाम के समय प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली भव्य एवं अलौकिक 'गंगा आरती' का दर्शन। इसके बाद होटल में रात्रि विश्राम और शुद्ध रात्रिभोज।दूसरा दिन: बाबा काशी विश्वनाथ, काल भैरव दर्शन और सारनाथ भ्रमण सुबह सवेरे पवित्र गंगा नदी में नौकायन (वैकल्पिक) और गंगा स्नान। इसके बाद नवनिर्मित 'श्री काशी विश्वनाथ धाम' में जलाभिषेक और दर्शन। काशी के कोतवाल कहे जाने वाले 'काल भैरव मंदिर' और माता अन्नपूर्णा के दर्शन। दोपहर के भोजन के बाद भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली 'सारनाथ' का भ्रमण, जहां धमेक स्तूप और पुरातत्व संग्रहालय देखा जाएगा। रात में होटल में डिनर और विश्राम।तीसरा दिन: वाराणसी से प्रयागराज प्रस्थान और संगम स्नान सुबह के नाश्ते के बाद होटल से चेक-आउट और एसी डीलक्स बस द्वारा तीर्थराज प्रयागराज के लिए प्रस्थान (लगभग 3 घंटे का सफर)। प्रयागराज पहुंचकर होटल में चेक-इन। दोपहर में पावन 'त्रिवेणी संगम' में पवित्र स्नान और पूजा-अर्चना। इसके पश्चात प्रसिद्ध 'लेटे हुए हनुमान जी' (बड़े हनुमान मंदिर), अक्षयवट और ऐतिहासिक 'आनंद भवन' का दर्शन। शाम को संगम तट पर सूर्यास्त का विहंगम दृश्य और रात्रि में होटल विश्राम।चौथा दिन: प्रयागराज से प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या आगमन नाश्ते के बाद प्रयागराज से अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान (सड़क मार्ग से लगभग 3.5 घंटे)। अयोध्या आगमन पर होटल में चेक-इन। दोपहर बाद 'हनुमानगढ़ी' में दर्शन, जहां मान्यता है कि रामलला के दर्शन से पहले भक्त हनुमान जी की आज्ञा लेते हैं। शाम को पावन 'सरयू नदी' के तट पर नया घाट पर भव्य 'सरयू महाआरती' में सहभागिता और राम की पैड़ी पर लाइट एंड साउंड शो का आनंद।पांचवां दिन: राम जन्मभूमि मंदिर दर्शन और कनक भवन प्रातः काल भव्य और दिव्य 'श्रीराम जन्मभूमि मंदिर' में रामलला के दर्शन। मंदिर परिसर की अद्वितीय नागर शैली वास्तुकला का अवलोकन। इसके बाद माता सीता के 'कनक भवन', दशरथ महल और 'सुग्रीव किला' के दर्शन। शाम के समय स्थानीय बाजारों में अयोध्या के प्रसिद्ध स्मृति चिन्हों और प्रसाद की खरीदारी। रात्रि भोजन के बाद वापसी यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन प्रस्थान।छठा दिन: वापसी और यात्रा का सफल समापन ट्रेन के माध्यम से अपने मूल गंतव्य स्टेशनों पर सुरक्षित वापसी। आईआरसीटीसी की आरामदायक सेवाओं के साथ एक अविस्मरणीय और भक्तिमय यात्रा का सुखद समापन।दशहरा टूर पैकेज का किराया ढांचा और सुविधाएं: जानिए ₹35,000 में क्या-क्या मिलेगाआईआरसीटीसी ने इस यात्रा पैकेज को यात्रियों की सुविधा और बजट के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है। औसतन डबल ऑक्यूपेंसी (दो लोगों के साथ रहने पर) इसका किराया लगभग ₹35,000 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है:डबल शेयरिंग (Comfort Class): लगभग ₹34,500 से ₹36,000 प्रति व्यक्ति।ट्रिपल शेयरिंग (Family/Group): लगभग ₹31,000 से ₹33,000 प्रति व्यक्ति।सिंगल ऑक्यूपेंसी (अकेले यात्रा करने पर): लगभग ₹42,000 से ₹45,000।बच्चों का किराया (5 से 11 वर्ष बेड सहित): लगभग ₹22,000 से ₹25,000।पैकेज में शामिल मुख्य सुविधाएं (Inclusions):ट्रेन में 3-टियर एसी (3AC) या 2-टियर एसी (2AC) का कन्फर्म आरक्षित टिकट।सभी शहरों (वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या) में 3-स्टार समतुल्य प्रीमियम एसी होटलों में ठहराव।सुबह की चाय, दैनिक बुफे नाश्ता (Breakfast) और शुद्ध शाकाहारी रात्रिभोज (Dinner)।सभी शहरों में स्थानीय भ्रमण और दर्शन के लिए वातानुकूलित (AC) डीलक्स बस/टेंपो ट्रैवलर।प्रत्येक ग्रुप के साथ आईआरसीटीसी का अनुभवी टूर मैनेजर और पेशेवर गाइड।सभी सह-यात्रियों के लिए यात्रा दुर्घटना बीमा (Travel Insurance)।सभी लागू जीएसटी और स्थानीय टोल/पार्किंग टैक्स।पैकेज में क्या शामिल नहीं है (Exclusions):मंदिरों में व्यक्तिगत वीआईपी दर्शन या विशेष पूजा की रसीद।गंगा और सरयू नदी में निजी नाव की सवारी का खर्च।स्मारकों (जैसे सारनाथ म्यूजियम, आनंद भवन) का प्रवेश शुल्क।मिनरल वॉटर, लॉन्ड्री, रूम सर्विस या व्यक्तिगत खरीदारी का कोई भी अतिरिक्त खर्च।घर बैठे IRCTC पोर्टल से कैसे करें ऑनलाइन बुकिंग?इस पैकेज में सीटों की संख्या सीमित होती है और दशहरा सीजन में मांग बहुत अधिक रहती है। बुकिंग के लिए इन आसान चरणों का पालन करें:सबसे पहले आईआरसीटीसी की आधिकारिक टूरिज्म वेबसाइट irctctourism.com पर जाएं या 'IRCTC Tourism' मोबाइल ऐप खोलें।सर्च बार में 'Dussehra Special Ayodhya Kashi Prayagraj' या संबंधित पैकेज कोड टाइप करें।यात्रा की तारीख, प्रस्थान स्टेशन और यात्रियों की संख्या (Single/Double/Triple) चुनें।अपनी व्यक्तिगत जानकारी, आधार नंबर और संपर्क विवरण भरें।सरकारी कर्मचारियों के लिए इसमें एलटीसी (LTC/LTA) का बिलिंग विकल्प भी उपलब्ध रहता है।क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या यूपीआई (UPI) के जरिए सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान करें।भुगतान सफल होते ही आपकी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी और मोबाइल पर ई-टिकट, होटल वाउचर और टूर गाइड का संपर्क नंबर भेज दिया जाएगा।त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए 4 जरूरी टिप्सपहचान पत्र अनिवार्य: यात्रा के दौरान सभी वयस्कों को अपना मूल आधार कार्ड या वैध सरकारी पहचान पत्र साथ रखना आवश्यक है, क्योंकि होटलों और मंदिर सुरक्षा जांच में इसकी आवश्यकता होती है।आरामदायक जूते और पारंपरिक वस्त्र: मंदिरों में परिक्रमा और दर्शन के लिए काफी चलना पड़ता है, इसलिए आरामदायक फुटवियर पहनें। कई प्रमुख मंदिरों में पारंपरिक भारतीय परिधान (धोती-कुर्ता, साड़ी/सूट) पहनना अनिवार्य या अनुशंसित है।दवाइयां और मेडिकल किट: वरिष्ठ नागरिकों की नियमित दवाइयां, दर्द निवारक स्प्रे और जरूरी मेडिकल पर्चे अपने हैंडबैग में रखें।समय पर रिपोर्टिंग: दशहरा के समय अयोध्या और काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, इसलिए टूर मैनेजर द्वारा तय किए गए समय पर ही होटल लॉबी में एकत्रित हों ताकि दर्शन में किसी प्रकार का विलंब न हो।
'5 एक्स्ट्रा वोटर', इस फॉर्मूले से सपा अपना वोट बेस बढ़ाने की तैयारी में
समाजवादी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से तैयारी में जुट गई है. सूत्रों का दावा है कि सपा ने अपने बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) को हर बूथ पर पांच नए वोटर्स को जोड़ने का निर्देश दिया है.
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के बाद अधिकांश करदाताओं को अपने रिफंड या रिटर्न प्रोसेसिंग के इंटीमेशन (धारा 143(1)) का इंतजार रहता है। कई बार रिटर्न सबमिट होने के कुछ ही दिनों या हफ्तों के भीतर आयकर विभाग के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) से ईमेल और एसएमएस पर एक अलर्ट आता है, जिसमें लिखा होता है कि आपका रिटर्न 'डिफेक्टिव' (Defective Return) घोषित कर दिया गया है और धारा 139(9) के तहत नोटिस जारी किया गया है। 'डिफेक्टिव नोटिस' का नाम सुनते ही आम करदाता घबरा जाते हैं और इसे कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माना मान बैठते हैं। वास्तविकता यह है कि धारा 139(9) का नोटिस कोई पेनल्टी या सजा नहीं है, बल्कि आयकर विभाग द्वारा आपको दी गई एक आधिकारिक चेतावनी और सुधार का अवसर है। विभाग आपको सूचित करता है कि आपके द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न में कुछ तकनीकी, गणितीय या दस्तावेजी त्रुटियां हैं, जिन्हें ठीक किया जाना अनिवार्य है।धारा 139(9) क्या है और डिफेक्टिव रिटर्न का असली मतलब क्या होता है?आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(9) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को यह अधिकार देती है कि यदि किसी करदाता द्वारा दाखिल किया गया रिटर्न अधूरा, त्रुटिपूर्ण या नियमों के विपरीत है, तो उसे 'डिफेक्टिव' माना जाए।सीधे शब्दों में कहें तो जब आपके आईटीआर फॉर्म में भरी गई जानकारी और आयकर विभाग के पास मौजूद वित्तीय डेटा में गंभीर विसंगति (Mismatch) होती है, या आपने कोई अनिवार्य शेड्यूल खाली छोड़ दिया होता है, तो सीपीसी का ऑटोमेटेड सिस्टम उस रिटर्न को प्रोसेस करने से रोक देता है। कानूनन, डिफेक्टिव नोटिस मिलने के बाद करदाता को उस त्रुटि को सुधारने के लिए नोटिस जारी होने की तारीख से 15 दिनों का समय दिया जाता है।आयकर विभाग क्यों भेजता है धारा 139(9) का नोटिस? ये हैं 6 सबसे बड़ी वजहेंकरदाताओं द्वारा रिटर्न भरते समय की जाने वाली कुछ सामान्य गलतियां इस नोटिस का कारण बनती हैं:गलत आईटीआर फॉर्म का चयन (Wrong ITR Form Selection): यह डिफेक्टिव नोटिस आने का सबसे आम कारण है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी शेयर बाजार में ट्रेडिंग (Capital Gains या F&O) या व्यावसायिक आय है, लेकिन आपने केवल सैलरी मानकर ITR-1 (सहज) या ITR-4 (सुगम) भर दिया, तो सिस्टम इसे अमान्य घोषित कर 139(9) का नोटिस भेज देता है।26AS, AIS/TIS और रिटर्न में टीडीएस का मिसमैच: यदि आपने अपने रिटर्न में किसी टीडीएस (TDS) कटौती पर टैक्स छूट या रिफंड का दावा किया है, लेकिन संबंधित आमदनी को कुल ग्रॉस इनकम में नहीं जोड़ा है, तो सिस्टम सीधे डिफेक्ट जनरेट करता है। विभाग का नियम स्पष्ट है—टीडीएस का लाभ तभी मिलेगा जब उससे जुड़ी सकल आय भी घोषित हो।टैक्स देनदारी का भुगतान किए बिना रिटर्न सबमिट करना: यदि रिटर्न कैलकुलेशन में आपका 'सेल्फ-असेसमेंट टैक्स' (Self-Assessment Tax) या ब्याज बकाया निकल रहा था और आपने उसका चालान भरे बिना (Unpaid Tax Liability) सीधे रिटर्न वेरिफाई कर दिया, तो रिटर्न को डिफेक्टिव मान लिया जाएगा।बहीखातों और बैलेंस शीट की अधूरी जानकारी (Balance Sheet / P&L Missing): यदि कोई करदाता गैर-वेतनभोगी या व्यापारिक श्रेणी में आता है और उसने लाभ-हानि खाता (P&L Account) और बैलेंस शीट के अनिवार्य कॉलम नहीं भरे हैं या प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (Section 44AD/44ADA) के न्यूनतम टर्नओवर नियमों की अनदेखी की है।टर्नओवर और जीएसटी डेटा में भारी अंतर: फॉर्म में घोषित कुल ग्रॉस रिसिप्ट्स/टर्नओवर और जीएसटी रिटर्न (GSTR-1 या GSTR-3B) में दाखिल किए गए आंकड़ों में बिना किसी स्पष्टीकरण के बड़ा अंतर होना।टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल न करना: यदि आपका टर्नओवर अनिवार्य ऑडिट की सीमा में आता है और आपने धारा 44AB के तहत किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से ऑडिट कराए बिना या ऑडिट रिपोर्ट की तिथि व विवरण दर्ज किए बिना सीधे आईटीआर फाइल कर दिया।15 दिनों की समयसीमा: नोटिस को नजरअंदाज करने पर क्या होगा नुकसान?धारा 139(9) के नोटिस को नजरअंदाज करना या 15 दिनों के भीतर इसका जवाब न देना करदाता के लिए बेहद महंगा साबित हो सकता है।यदि तय 15 दिनों की समयसीमा के भीतर त्रुटि को ठीक नहीं किया जाता (या समय विस्तार की मांग नहीं की जाती), तो आयकर विभाग उस रिटर्न को 'अमान्य' (Invalid Return) घोषित कर देता है। इसका कानूनी अर्थ यह होगा कि आपने उस वित्तीय वर्ष के लिए कभी आईटीआर दाखिल ही नहीं किया था। इसके परिणामस्वरूप:आपका रुका हुआ टैक्स रिफंड पूरी तरह निरस्त हो जाएगा।रिटर्न न भरने के कारण धारा 234A, 234B और 234C के तहत भारी मासिक ब्याज लगना शुरू हो जाएगा।धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फाइलिंग फीस की पेनल्टी लग सकती है।आप चालू वर्ष के शेयर बाजार या व्यावसायिक घाटे (Losses) को भविष्य के वर्षों में 'कैरी फॉरवर्ड' (Carry Forward) करने का अधिकार हमेशा के लिए खो देंगे।15 दिनों में डिफेक्टिव नोटिस का ऑनलाइन समाधान करने का 5-स्टेप प्रोसेसआयकर विभाग के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर आप बेहद आसानी से इस नोटिस का जवाब दाखिल कर सकते हैं:स्टेप 1: ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें सबसे पहले आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometax.gov.in पर जाएं। अपने पैन कार्ड (User ID) और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें।स्टेप 2: 'e-Proceedings' या 'Pending Actions' मेन्यू में जाएं डैशबोर्ड खुलने के बाद ऊपर दिए गए नेविगेशन बार में 'Pending Actions' टैब पर क्लिक करें और ड्रॉपडाउन से 'e-Proceedings' विकल्प चुनें।स्टेप 3: डिफेक्टिव नोटिस और एरर कोड (Error Description) देखें ई-प्रोसीडिंग्स पेज पर आपको धारा 139(9) के तहत जारी नोटिस की सूची दिखाई देगी। वहां 'View Details' और 'Notice PDF' पर क्लिक करके नोटिस डाउनलोड करें। नोटिस में सीपीसी द्वारा स्पष्ट रूप से 'Error Code' और यह लिखा होगा कि आपके रिटर्न के किस विशिष्ट शेड्यूल या गणना में गलती हुई है।स्टेप 4: 'Agree' या 'Disagree' विकल्प का चयन करें नोटिस के ठीक सामने आपको 'Submit Response' का बटन मिलेगा। इस पर क्लिक करने पर दो विकल्प आएंगे:यदि आप विभाग की बात से सहमत हैं (Agree): यदि आपको लगता है कि आपसे सचमुच फॉर्म चुनने या टीडीएस भरने में गलती हुई है, तो 'Agree' चुनें। इसके बाद आपको ऑफलाइन यूटिलिटी या ऑनलाइन माध्यम से एक संशोधित 'करेक्टेड रिटर्न' (JSON फाइल) तैयार करनी होगी। 'Select ITR Form' में सही फॉर्म चुनें और नई फाइल अपलोड कर दें। इसमें नोटिस का 'Communication Reference Number' स्वतः लिंक हो जाएगा।यदि आप विभाग की बात से असहमत हैं (Disagree): यदि आपको लगता है कि आपका मूल रिटर्न पूरी तरह सही था और सिस्टम ने गलती से नोटिस भेजा है, तो 'Disagree' चुनें। इसके बाद ड्रॉपडाउन से कारण चुनें और टेक्स्ट बॉक्स में अपना विस्तृत कानूनी/तथ्यात्मक स्पष्टीकरण (Justification) लिखें तथा संबंधित दस्तावेज (जैसे बैंक स्टेटमेंट, फॉर्म 16 या चालान रसीद) पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें।स्टेप 5: रिस्पॉन्स सबमिट करें और ई-वेरिफाई करें सभी विवरण जांचने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक करें। सफल सबमिशन के बाद स्क्रीन पर एक 'एक्नॉलेजमेंट नंबर' (Acknowledgment Number) जनरेट होगा। यदि आपने नया रिटर्न अपलोड किया है, तो उसे आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या ईवीसी (EVC) के जरिए तुरंत ई-वेरिफाई कर दें।यदि 15 दिन का समय कम पड़े तो क्या करें? टाइम एक्सटेंशन का नियमयदि आपके रिटर्न में कोई जटिल विसंगति है, जिसके समाधान के लिए आपको अपने नियोक्ता से संशोधित फॉर्म 16, बैंक से नया सर्टिफिकेट या सीए से ऑडिट रिपोर्ट की आवश्यकता है और इसमें 15 दिन से अधिक समय लग सकता है, तो आप घबराएं नहीं।ई-फाइलिंग पोर्टल पर 'e-Proceedings' में नोटिस के आगे 'Request for Adjournment / Extension of Time' का विकल्प मौजूद होता है। आप वहां अतिरिक्त 15 से 30 दिनों के समय विस्तार के लिए आवेदन कर सकते हैं और कारण दर्ज कर सकते हैं। असेसिंग ऑफिसर (AO) द्वारा स्वीकृति मिलने पर आपको जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त कानूनी समय मिल जाता है।भविष्य में डिफेक्टिव नोटिस से बचने के 4 सुनहरे नियमरिटर्न दाखिल करने से पहले पोर्टल से अपना वार्षिक सूचना विवरण (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) डाउनलोड करके अपने बैंक ब्याज, डिविडेंड और शेयर खरीद-बिक्री के आंकड़ों का अक्षरशः मिलान करें।कभी भी अनुमान के आधार पर टैक्स फॉर्म न चुनें; यदि सैलरी के अलावा थोड़ा भी कैपिटल गेन या फ्रीलांसिंग आय है, तो सीधे ITR-2 या ITR-3 का चयन करें।आईटीआर में 'टैक्स पेएबल' (Tax Payable) कॉलम में शून्य दिखने के बाद ही रिटर्न को ई-वेरिफाई करें; यदि कोई टैक्स देनदारी शेष है, तो पहले ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) के जरिए चालान भरें और उसका बीएसआर कोड व चालान नंबर रिटर्न में दर्ज करें।रिटर्न सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसे ई-वेरिफाई करना न भूलें और पोर्टल पर समय-समय पर 'e-Proceedings' टैब चेक करते रहें।
अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज और उसके परिवार को सबसे बड़ा मानसिक संबल इस बात का होता है कि उनके पास एक व्यापक हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी (Health Insurance Policy) मौजूद है। इलाज पूरा होने और डिस्चार्ज के वक्त जब अस्पताल का टीपीए (TPA) डेस्क अंतिम बिल थमाता है, तो अधिकांश पॉलिसीधारकों को तगड़ा झटका लगता है। अस्पताल का कुल बिल यदि ₹5 लाख का होता है, तो बीमा कंपनी अक्सर ₹3.5 लाख या ₹4 लाख का ही क्लेम पास करती है और शेष ₹1 लाख से ₹1.5 लाख का भुगतान मरीज को अपनी जेब (Out-of-pocket Expense) से करना पड़ता है। चाहे कैशलेस क्लेम (Cashless Claim) हो या रीइंबर्समेंट (Reimbursement), क्लेम सेटलमेंट में होने वाली यह कटौती उपभोक्ताओं में भारी असंतोष और असमंजस पैदा करती है। बीमा कंपनियां मनमाने ढंग से पैसे नहीं काटतीं, बल्कि इसके पीछे पॉलिसी बॉन्ड में दर्ज कई तकनीकी शर्तें, हिडन क्लॉज और नॉन-पेएबल आइटम्स की लंबी सूची होती है। यदि आप भी इस कटौती के पीछे का गणित समझना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि अनुचित कटौती होने पर अपना पैसा कैसे वापस पाया जाए, तो इसके हर पहलू को विस्तार से जानना जरूरी है।क्लेम सेटलमेंट में पैसे कटने के 6 सबसे बड़े और तकनीकी कारणबीमा कंपनियों और थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर्स (TPA) द्वारा क्लेम राशि में कटौती करने के पीछे मुख्य रूप से निम्नलिखित 6 कारण जिम्मेदार होते हैं:1. नॉन-मेडिकल आइटम्स और कंज्यूमेबल्स (Consumables & Non-Payable Items)अस्पताल के कुल बिल में 10% से 15% हिस्सा उन उपभोग्य सामग्रियों (Consumables) का होता है, जिन्हें मेडिकल काउंसिल और आईआरडीएआई (IRDAI) द्वारा 'नॉन-मेडिकल एक्सपेंस' माना गया है। इनमें सर्जिकल ग्लव्स, पीपीई किट, मास्क, सिरिंज, कॉटन, बैंडेज, थर्मामीटर, सैनिटाइजर, डायपर, टिश्यू पेपर, एडमिशन फीस, बायो-मेडिकल वेस्ट चार्ज, फाइल चार्ज और मरीज के अटेंडेंट के खाने-पीने का खर्च शामिल होता है। यदि आपकी पॉलिसी में बेसिक कवर है, तो बीमा कंपनी इन सभी मदों का पैसा सीधे तौर पर काट लेती है।2. रूम रेंट कैपिंग और प्रोपोर्शनेंट डिडक्शन का घातक जाल (Room Rent Capping)यह क्लेम में होने वाली सबसे भारी और अप्रत्याशित कटौती का मुख्य कारण है। अधिकांश पुरानी या कम प्रीमियम वाली पॉलिसियों में कुल सम इंश्योर्ड का 1% (प्रतिदिन रूम रेंट) और 2% (आईसीयू चार्ज) की सीमा तय होती है। यदि आपका सम इंश्योर्ड ₹5 लाख है, तो आपके कमरे का किराया अधिकतम ₹5,000 प्रतिदिन होना चाहिए। यदि आप अस्पताल में ₹8,000 प्रतिदिन वाले कमरे में भर्ती हो जाते हैं, तो बीमा कंपनी न केवल कमरे के किराए का अंतर काटती है, बल्कि 'प्रोपोर्शनेंट डिडक्शन' (आनुपातिक कटौती) का नियम लागू कर देती है। इसके तहत डॉक्टर की विजिटिंग फीस, सर्जन चार्ज, ऑपरेशन थिएटर (OT) चार्ज, नर्सिंग चार्ज और डायग्नोस्टिक टेस्ट के बिलों में भी उसी अनुपात में (लगभग 37.5%) कटौती कर दी जाती है, जिससे क्लेम का एक बड़ा हिस्सा कट जाता है।3. को-पेमेंट क्लॉज (Co-payment Clause)को-पेमेंट पॉलिसी का वह अनिवार्य नियम है, जिसके तहत क्लेम आने पर अस्पताल के कुल स्वीकृत बिल का एक निश्चित प्रतिशत पॉलिसीधारक को खुद वहन करना होता है। वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) की हेल्थ पॉलिसियों या किसी विशिष्ट जोन (Zone-based Pricing) में इलाज कराने पर अक्सर 10%, 20% या 30% तक का को-पेमेंट क्लॉज लगा होता है। यदि ₹3 लाख का क्लेम स्वीकृत हुआ है और पॉलिसी में 20% को-पेमेंट है, तो कंपनी ₹2.40 लाख ही देगी और ₹60,000 का भुगतान अनिवार्य रूप से आपको अपनी जेब से करना होगा।4. पॉलिसी डिडक्टिबल्स (Voluntary / Compulsory Deductibles)कई उपभोक्ता प्रीमियम कम रखने के चक्कर में 'डिडक्टिबल' (Deductible) वाली पॉलिसी या सुपर टॉप-अप प्लान चुनते हैं। डिडक्टिबल वह न्यूनतम सीमा है, जिसके नीचे का खर्च बीमा कंपनी नहीं उठाती। उदाहरण के लिए, यदि आपकी पॉलिसी में ₹25,000 का डिडक्टिबल क्लॉज है और आपका अस्पताल बिल ₹1 लाख आता है, तो पहले ₹25,000 आपको खुद चुकाने होंगे और कंपनी केवल बाकी बचे ₹75,000 का ही भुगतान करेगी।5. स्पेसिफिक डिसीज सब-लिमिट्स (Specific Ailment Sub-limits)कई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में कुछ सामान्य सर्जरी और बीमारियों के इलाज पर अधिकतम खर्च की एक पूर्व-निर्धारित सीमा (Sub-limit) तय होती है। भले ही आपका कुल बीमा कवर ₹10 लाख का हो, लेकिन पॉलिसी में मोतियाबिंद (Cataract) के लिए ₹30,000, हर्निया के लिए ₹50,000, पथरी (Kidney Stone) के लिए ₹40,000 या घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement) के लिए ₹2 लाख की कैपिंग हो सकती है। यदि अस्पताल का वास्तविक खर्च इस सब-लिमिट से अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि क्लेम से काट ली जाती है।6. ओपीडी खर्चे, अनकवर्ड इन्वेस्टिगेशन और बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाइयांहेल्थ इंश्योरेंस मुख्य रूप से न्यूनतम 24 घंटे के हॉस्पिटलाइजेशन या डे-केयर प्रोसीजर्स को कवर करता है। यदि अस्पताल के बिल में ऐसे डायग्नोस्टिक टेस्ट (जैसे रूटीन ब्लड टेस्ट, विटामिन प्रोफाइल) शामिल हैं जिनका बीमारी के मुख्य इलाज से सीधा संबंध डॉक्टर के डिस्चार्ज समरी में नहीं दर्शाया गया है, तो बीमा कंपनी उन्हें रिजेक्ट कर देती है। इसके अलावा टॉनिक, फूड सप्लीमेंट्स और अस्पताल में भर्ती होने से पहले के ऐसे बिल जिनकी मूल रसीदें संलग्न नहीं हैं, उनकी कटौती कर दी जाती है।क्लेम सेटलमेंट में अनावश्यक कटौती दिखे तो क्या करें? अपनाएं ये 5 जरूरी कदमयदि आपको लगता है कि बीमा कंपनी या टीपीए ने आपके क्लेम में गलत या मनमाने तरीके से कटौती की है, तो चुपचाप बैठने के बजाय अपने हक का पैसा वापस पाने के लिए इन 5 चरणों का पालन करें:स्टेप 1: सेटलमेंट वाउचर और EOB की बारीकी से जांच करें क्लेम प्रोसेस होते ही बीमा कंपनी से 'एक्सप्लेनेशन ऑफ बेनिफिट्स' (EOB) या क्लेम सेटलमेंट समरी मांगें। इसमें हर एक मद के सामने कटौती का कारण (Reason / Deduction Code) लिखा होता है। अस्पताल के विस्तृत बिल और इस शीट का मिलान करें कि किस मद में कटौती पॉलिसी की शर्तों के बाहर जाकर की गई है।स्टेप 2: अस्पताल से संशोधित क्लेम ब्रेकडाउन और जस्टिफिकेशन लेटर लें कई बार अस्पताल की बिलिंग टीम द्वारा सही मेडिकल कोडिंग न करने या विस्तृत ब्रेकअप न देने के कारण टीपीए क्लेम काट लेता है। अपने कंसल्टिंग डॉक्टर से एक 'मेडिकल जस्टिफिकेशन लेटर' (Justification Certificate) लिखवाएं, जिसमें यह प्रमाणित हो कि इस्तेमाल की गई दवाइयां, इंजेक्शंस या टेस्ट मरीज की जान बचाने और इलाज के लिए चिकित्सकीय रूप से अनिवार्य थे।स्टेप 3: बीमा कंपनी के ग्रीवेंस सेल (GRO) में लिखित शिकायत दर्ज करें संशोधित दस्तावेजों और मेडिकल जस्टिफिकेशन के साथ संबंधित बीमा कंपनी के 'ग्रीवेंस रिड्रेसल ऑफिसर' (Grievance Redressal Officer - GRO) को ईमेल या पोर्टल के माध्यम से औपचारिक री-कंसीडरेशन अपील (Claim Review Request) भेजें। नियमानुसार बीमा कंपनी को 14 से 15 दिनों के भीतर इस पर लिखित जवाब देना अनिवार्य होता है।स्टेप 4: IRDAI के 'बीमा भरोसा' पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं यदि कंपनी के स्तर पर आपकी सुनवाई नहीं होती है या उनका जवाब असंतोषजनक रहता है, तो आप बीमा नियामक आईआरडीएआई के ऑनलाइन पोर्टल 'Bima Bharosa' (bimabharosa.irdai.gov.in) पर या टोल-फ्री नंबर 155255 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। नियामक के हस्तक्षेप के बाद कंपनियां क्लेम की दोबारा समीक्षा करने के लिए बाध्य होती हैं।स्टेप 5: इंश्योरेंस लोकपाल (Insurance Ombudsman) के पास केस ले जाएं यदि विवाद ₹50 लाख तक का है और कंपनी ने क्लेम अनुचित तरीके से काटा है, तो आप अपने नजदीकी 'बीमा लोकपाल' के कार्यालय में मुफ्त में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। लोकपाल एक अर्ध-न्यायिक संस्था है, जहां बिना किसी वकील के महज एक सादे आवेदन पर सुनवाई होती है। अधिकांश मामलों में यदि कटौती नियमों के विपरीत होती है, तो लोकपाल बीमा कंपनी को ब्याज सहित कटौती की गई राशि का भुगतान करने का आदेश देता है।भविष्य में जीरो कटौती पाने के लिए पॉलिसी में शामिल करें ये 3 स्मार्ट ऐड-ऑनकंज्यूमेबल्स कवर राइडर (Consumables Cover): इस ऐड-ऑन को अपनी मूल पॉलिसी में जोड़ने से दस्ताने, सिरिंज, कॉटन और पीपीई किट जैसे सभी नॉन-मेडिकल सामानों का 100% खर्च बीमा कंपनी वहन करती है।नो रूम रेंट कैपिंग राइडर (No Room Rent Limit): यह राइडर आपको अपनी पसंद का सिंगल प्राइवेट एसी रूम या डीलक्स रूम चुनने की पूरी आजादी देता है और आनुपातिक कटौती के खतरे को पूरी तरह समाप्त कर देता है।जीरो को-पेमेंट और नो क्लेम सब-लिमिट विकल्प: नई पॉलिसी लेते समय हमेशा ऐसी पॉलिसी चुनें जिसमें किसी भी बीमारी पर कोई सब-लिमिट न हो और न ही कोई अनिवार्य को-पेमेंट क्लॉज जुड़ा हो।हेल्थ इंश्योरेंस केवल क्लेम के समय काम आने वाला दस्तावेज नहीं है, बल्कि उसके नियमों और शर्तों की पहले से स्पष्ट जानकारी होना आपकी गाढ़ी कमाई को अस्पताल के बिलिंग काउंटर पर कटने से बचाने का सबसे बड़ा हथियार है।
यूपी:आउटसोर्स कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी,जानें कितना पैसा मिलेगा बढ़कर
योगी सरकार ने आउटसोर्स कार्मिकों के मानदेय में जुलाई से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है. यह फैसला अभी उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में कार्यरत कर्मचारियों के लिए है. इसका लाभ 249 कंप्यूटर ऑपरेटर, 35 लेखाकार कम टैली ऑपरेटर और 26 प्रोग्रामर समेत कुल 310 कर्मचारियों को मिलेगा. कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय करीब 20,655 से बढ़कर 21,420 रुपये और प्रोग्रामर का करीब 42,000 से बढ़कर 43,313 रुपये होगा.
EPFO Pension Alert: पेंशनभोगियों की एक छोटी सी लापरवाही और बंद हो जाएगी हर महीने आने वाली पेंशन
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत 'कर्मचारी पेंशन योजना 1995' (EPS-95) के माध्यम से निजी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हर महीने एक निश्चित मासिक पेंशन दी जाती है। बुढ़ापे के इस सबसे बड़े आर्थिक सहारे को लेकर लाखों पेंशनर्स अक्सर एक बुनियादी नियम की अनदेखी कर बैठते हैं, जिसके चलते उनके बैंक खाते में हर महीने आने वाली पेंशन अचानक रुक जाती है। पेंशन बंद होते ही बुजुर्ग पेंशनर्स घबरा जाते हैं और उन्हें लगता है कि शायद कोई बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हो गई है या पेंशन हमेशा के लिए बंद हो गई है। हकीकत यह है कि 90% मामलों में पेंशन रुकने की मुख्य वजह समय पर 'डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' (Jeevan Pramaan Patra / DLC) जमा न करना या बैंक-केवाईसी में विसंगति होना होता है। यदि आपकी या आपके परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य की ईपीएफओ पेंशन रुक गई है, तो परेशान होने के बजाय कुछ बेहद आसान डिजिटल और ऑफलाइन तरीकों को अपनाकर इसे तुरंत दोबारा शुरू कराया जा सकता है।ईपीएफओ का 12 महीने का रोलिंग नियम: क्यों रुक जाती है पेंशन?केंद्र और राज्य सरकार के सिविल पेंशनर्स के लिए हर साल नवंबर के महीने में जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है, लेकिन ईपीएफओ के ईपीएस-95 पेंशनधारकों के लिए नियम थोड़ा अलग और लचीला है। ईपीएफओ ने 'रोलिंग 12-मंथ वैलिडिटी' (Rolling 12-Month Validity) का नियम लागू कर रखा है।इसका सीधा मतलब यह है कि आपने जिस महीने और तारीख को अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा किया था, वह ठीक अगले 12 महीने (365 दिन) तक के लिए मान्य रहता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी पेंशनर ने पिछले साल 15 मई को अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा किया था, तो उसका सर्टिफिकेट अगली 14 मई तक वैध रहेगा। यदि 15 मई तक नया प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया, तो जून के पहले हफ्ते से ईपीएफओ का ऑटोमेटेड सिस्टम पेंशन रिलीज करना स्वतः रोक देता है। जैसे ही पेंशनर नया जीवन प्रमाण पत्र सबमिट करता है, सिस्टम अगले बिलिंग चक्र में रुकी हुई पेंशन को फिर से चालू कर देता है।पेंशन रुकने के 4 सबसे बड़े कारण: जीवन प्रमाण पत्र के अलावा भी हैं कई पेंचयदि जीवन प्रमाण पत्र वैध होने के बाद भी पेंशन खाते में नहीं आ रही है, तो इसके पीछे नीचे दिए गए 4 प्रशासनिक या बैंकिंग कारण हो सकते हैं:डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) की समयसीमा समाप्त होना: तय 12 महीने की अवधि पूरी होने पर नया जीवन प्रमाण पत्र न भरना सबसे बड़ा कारण है।बैंक खाता निष्क्रिय (Dormant/Inactive) होना: यदि पेंशन खाते में लंबे समय से कोई अन्य वित्तीय लेनदेन नहीं हुआ है या बैंक ने केवाईसी (KYC) अपडेट न होने के कारण खाते पर 'डेबिट/क्रेडिट होल्ड' लगा दिया है, तो ईपीएफओ द्वारा भेजी गई पेंशन की रकम बैंक सर्वर से बाउंस हो जाती है।बैंकों के विलय के बाद बदला हुआ IFSC कोड: पिछले कुछ वर्षों में कई राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय हुआ है। यदि पेंशनर ने अपने पीपीओ रिकॉर्ड में नया आईएफएससी (IFSC Code) और संशोधित खाता संख्या अपडेट नहीं कराई है, तो ऑटोमेटेड एनएसीएच (NACH) पेमेंट फेल हो जाता है।आधार कार्ड और ईपीएफओ रिकॉर्ड में नाम या जन्मतिथि का मिसमैच: आधार कार्ड और ईपीएफओ डेटाबेस में नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम या जन्मतिथि में मामूली अंतर होने पर बायोमेट्रिक या फेस वेरिफिकेशन रिजेक्ट हो जाता है।रुकी हुई पेंशन दोबारा शुरू कराने के 5 सबसे आसान और तेज तरीकेयदि आपकी पेंशन रुक चुकी है, तो उसे दोबारा एक्टिवेट कराने के लिए नीचे दिए गए 5 माध्यमों में से किसी भी एक विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है:1. घर बैठे मोबाइल से फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Face RD) के जरिए: अब किसी बुजुर्ग पेंशनर को फिंगरप्रिंट स्कैनर या बैंक जाने की कोई मजबूरी नहीं है। आप घर पर किसी भी एंड्रॉयड स्मार्टफोन से महज 2 मिनट में चेहरा स्कैन करके लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर सकते हैं:गूगल प्ले स्टोर से AadhaarFaceRD ऐप और Jeevan Pramaan ऐप डाउनलोड करें।जीवन प्रमाण ऐप खोलें और ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन के लिए पेंशनर या परिवार के किसी सदस्य का आधार नंबर व मोबाइल दर्ज करें।इसके बाद 'Pensioner Authentication' में पेंशनर का आधार नंबर, पीपीओ नंबर (PPO Number), पेंशन का प्रकार (EPS-95) और बैंक खाता संख्या दर्ज करें।फोन के फ्रंट कैमरे से पेंशनर का चेहरा स्कैन करें (आंखें झपकाएं)।फेस मैच होते ही स्क्रीन पर 'प्रमाण आईडी' (Pramaan ID) जनरेट हो जाएगी और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सीधे ईपीएफओ के सर्वर पर अपडेट हो जाएगा।2. डाकिया को घर बुलाएं (India Post Payments Bank Doorstep Service): इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) पेंशनर्स के लिए 'डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट' सेवा प्रदान करता है।आप डाक विभाग के 'Post Info' ऐप के जरिए या नजदीकी डाकघर में संपर्क करके डाकिया को घर बुलाने की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं।डाकिया अपने साथ माइक्रो-एटीएम और बायोमेट्रिक डिवाइस लेकर घर आता है।पेंशनर के आधार और उंगलियों के निशान से फिंगरप्रिंट स्कैन करके तुरंत डीएलसी सबमिट कर दिया जाता है। इसके लिए मात्र ₹50 का सांकेतिक सरकारी शुल्क लगता है।3. नजदीकी सीएससी (CSC) या जन सेवा केंद्र पर जाकर: गांव या कस्बे में रहने वाले पेंशनर्स अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), ई-मित्र या ग्राहक सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक आईरिस (आंखों की पुतली) या फिंगरप्रिंट डिवाइस के जरिए अपना जीवन प्रमाण पत्र 5 मिनट में ऑनलाइन अपलोड करवा सकते हैं।4. संबंधित बैंक शाखा में जाकर: जिस बैंक खाते में आपकी पेंशन आती है, आप उसकी नजदीकी शाखा में जाकर 'Pension Seva Desk' पर संपर्क कर सकते हैं। वहां पेंशनर का भौतिक सत्यापन करके या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए बैंक अधिकारी सिस्टम में लाइफ सर्टिफिकेट की एंट्री कर देते हैं।5. ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय (EPFO Regional Office) में संपर्क: यदि किसी तकनीकी त्रुटि के कारण ऑनलाइन बायोमेट्रिक या फेस रिकग्निशन सफल नहीं हो पा रहा है, तो पेंशनर अपने नजदीकी ईपीएफओ फील्ड ऑफिस जा सकते हैं। वहां पीपीओ बुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ 'फिजिकल लाइफ सर्टिफिकेट' फॉर्म भरकर जमा किया जा सकता है।क्या रुकी हुई पुरानी पेंशन (Arrears) का पैसा डूब जाता है?पेंशनभोगियों के मन में सबसे बड़ा डर यह होता है कि जितने महीने पेंशन रुकी रही, क्या वह पैसा हमेशा के लिए कट गया। ईपीएफओ के नियमानुसार, पेंशन का एक भी रुपया डूबता नहीं है।जैसे ही आपका नया डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ईपीएफओ सिस्टम में स्वीकृत (Approved) हो जाता है, उसके ठीक अगले महीने के पेंशन चक्र में वर्तमान महीने की पेंशन के साथ-साथ पिछले सभी रुके हुए महीनों का पूरा बकाया (Arrears) एकमुश्त आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दिया जाता है।बैंक और केवाईसी से जुड़ी रुकावटों को कैसे ठीक करें?यदि आपकी पेंशन जीवन प्रमाण पत्र के बजाय बैंक खाते की तकनीकी समस्या के कारण रुकी है, तो इन कदमों को उठाएं:सबसे पहले अपने पेंशन बैंक खाते की होम ब्रांच में जाकर अपनी री-केवाईसी (Re-KYC) कराएं और सुनिश्चित करें कि खाता पूरी तरह 'एक्टिव' स्थिति में है।यदि बैंक का आईएफएससी कोड बदल गया है, तो बैंक से एक कैंसिल्ड चेक या बैंक मैनेजर द्वारा सत्यापित पासबुक की कॉपी लें।ईपीएफओ के 'Unified Member Portal' पर लॉगिन करके या नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय में जाकर 'Non-CBS to CBS / Bank Account Modification' फॉर्म भरकर नया बैंक खाता और आईएफएससी कोड पीपीओ के साथ लिंक करवाएं।बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए 4 जरूरी सावधानियांअपने पीपीओ नंबर को हमेशा डायरी में सुरक्षित नोट करके रखें क्योंकि हर साल लाइफ सर्टिफिकेट भरते समय 12-अंकों का PPO नंबर दर्ज करना अनिवार्य होता है। जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के बाद मिले 'Pramaan ID' के जरिए jeevanpramaan.gov.in पोर्टल पर जाकर सर्टिफिकेट का स्टेटस जरूर चेक कर लें कि वह 'Accepted by EPFO' दिख रहा है या नहीं। बैंक खाते में अपना आधार और वर्तमान में चालू मोबाइल नंबर हमेशा लिंक रखें ताकि पेंशन क्रेडिट होने का एसएमएस तुरंत मिल सके। हर साल अपनी डायरी या मोबाइल कैलेंडर में वह तारीख मार्क कर लें जिस दिन आपने लाइफ सर्टिफिकेट भरा था, ताकि 12 महीने पूरे होने से 15 दिन पहले ही आप नया सर्टिफिकेट जमा कर सकें और पेंशन में एक दिन का भी विराम न आए।
ट्रंप से मुलाकात, UNGA से दूरी... शी जिनपिंग के US दौरे का आया शेड्यूल
शी जिनपिंग 11 साल बाद अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं. जिनपिंग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात करेंगे, लेकिन न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में शिरकत नहीं करेंगे.
सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछने होंगे, किरण बेदी बोलीं; नेताओं को भी हिदायत
किरण बेदी ने नेताओं को सलाह दी है कि नागरिकों के साथ बैठकें की जाएं, ताकि उनकी परेशानियों को सुना जा सके। वहीं, उन्होंने लोगों से भी सवाल उठाने और पूछने की अपील की है। कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व IPS ने अनुभव साझा किए।
रिटायरमेंट के बाद टैक्स का हिसाब: वो 7 कमाई जिन पर सीनियर सिटीजन को देना होता है इनकम टैक्स
भारत में नौकरीपेशा और कामकाजी लोगों के बीच यह एक बहुत बड़ा और आम भ्रम है कि 60 वर्ष की आयु पूरी करने और सेवानिवृत्त (Retirement) होने के बाद उनकी सारी कमाई टैक्स-फ्री हो जाती है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार उम्र 60 या 80 साल होने से आपकी कर देनदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि केवल बेसिक टैक्स छूट सीमा (Basic Exemption Limit) और कुछ कटौतियों का दायरा बदलता है। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक की विभिन्न स्रोतों से होने वाली कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा से अधिक हो जाती है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से इनकम टैक्स देना होता है और आईटीआर (ITR) फाइल करना पड़ता है। अक्सर टैक्स नियमों की सटीक जानकारी न होने के कारण कई बुजुर्ग अनजाने में टैक्स चुकाने से चूक जाते हैं, जिसके चलते बाद में उन्हें आयकर विभाग से भारी जुर्माने और ब्याज के साथ डिमांड नोटिस का सामना करना पड़ता है। यदि आप या आपके परिवार में कोई वरिष्ठ नागरिक हैं, तो रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली उन 7 प्रमुख आय स्रोतों को समझना बेहद जरूरी है जिन पर सरकार टैक्स वसूलती है।1. मासिक और अनकम्यूटेड पेंशन: 'सैलरी' हेड के तहत पूरी तरह टैक्सेबलरिटायरमेंट के बाद हर महीने बैंक खाते में आने वाली नियमित मासिक पेंशन (Uncommuted Pension) को आयकर अधिनियम के तहत 'इनकम फ्रॉम सैलरी' (वेतन से आय) माना जाता है। चाहे पेंशन केंद्र सरकार, राज्य सरकार या निजी क्षेत्र के नियोक्ता से मिल रही हो, वह वरिष्ठ नागरिक के संबंधित टैक्स स्लैब के अनुसार पूरी तरह से कर-योग्य होती है।हालांकि, राहत की बात यह है कि पेंशनभोगियों को भी नौकरीपेशा लोगों की तरह स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) का लाभ मिलता है। इसके विपरीत, यदि किसी कर्मचारी ने रिटायरमेंट के समय अपनी पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त (Commuted Pension) ले लिया था, तो वह सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है और गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी नियमों के तहत आंशिक रूप से कर-मुक्त होता है। वहीं मृत कर्मचारी के आश्रितों को मिलने वाली फैमिली पेंशन (Family Pension) 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' के तहत टैक्स के दायरे में आती है।2. बैंक एफडी, आरडी और बचत खाते पर मिलने वाला ब्याजवरिष्ठ नागरिकों की आय का सबसे मुख्य और सुरक्षित जरिया फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रेकरिंग डिपॉजिट (RD) और सेविंग्स अकाउंट होता है। कई बुजुर्ग यह मान लेते हैं कि बैंक से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त है, जबकि ऐसा नहीं है।ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत आयकर की धारा 80TTB वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या अधिक) को बैंक, सहकारी बैंक और डाकघर के सभी ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹50,000 तक की विशेष टैक्स छूट देती है। यदि पूरे साल में कुल ब्याज ₹50,000 से ₹1 भी अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि आपकी कुल आय में जुड़ जाती है और उस पर टैक्स लगता है। इसके अतिरिक्त, यदि बैंक में ब्याज ₹50,000 की सीमा को पार करता है, तो बैंक स्वतः 10% की दर से टीडीएस (TDS) काट लेते हैं। यदि आपकी कुल आय कर योग्य सीमा से कम है, तो टीडीएस कटने से बचाने के लिए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बैंक में 'फॉर्म 15H' जमा करना अनिवार्य होता है। न्यू टैक्स रिजीम में धारा 80TTB की छूट उपलब्ध नहीं होती है।3. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस योजनाएंकेंद्र सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित 'सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम' (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) में निवेश पर आकर्षक और सुरक्षित रिटर्न मिलता है।एससीएसएस में किए गए निवेश पर ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत धारा 80C में ₹1.5 लाख तक की छूट जरूर मिलती है, लेकिन इससे मिलने वाला तिमाही ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है। डाकघर या बैंक इस योजना के तहत मिलने वाले ब्याज पर वरिष्ठ नागरिक के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर टीडीएस की कटौती करते हैं। यह पूरी ब्याज राशि वरिष्ठ नागरिक की कुल आय में 'अदर सोर्सेज' के रूप में जोड़ी जाती है।रिटायरमेंट के बाद इनकम टैक्स का हिसाब: समझें बाकी 4 अहम आमदनी और टैक्स नियम4. प्रॉपर्टी और मकान से मिलने वाला किराया (Rental Income)कई वरिष्ठ नागरिक रिटायरमेंट के बाद अपनी दूसरी संपत्ति, दुकान, व्यावसायिक जगह या मकान के किसी हिस्से को किराए पर देकर नियमित आमदनी हासिल करते हैं। किराए से होने वाली यह कमाई 'इनकम फ्रॉम हाउस प्रॉपर्टी' (Income from House Property) हेड के तहत सीधे तौर पर कर-योग्य होती है।किराए की आय की गणना करते समय सरकार मकान मालिक को कुछ राहतें देती है। कुल प्राप्त किराए में से नगर निगम टैक्स (Municipal Taxes) घटाने के बाद बची हुई शुद्ध राशि पर 30% का सीधा 'मानक कटौती' (Standard Deduction) मिलता है, जो घर के रखरखाव और मरम्मत के लिए माना जाता है। इसके बाद बची हुई 70% रेंटल इनकम पर वरिष्ठ नागरिक को अपने टैक्स स्लैब के अनुसार कर का भुगतान करना पड़ता है।5. म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और प्रॉपर्टी की बिक्री से कैपिटल गेन्सरिटायरमेंट के बाद चिकित्सा खर्चों, बच्चों की शादी या किसी अन्य जरूरत के लिए जब बुजुर्ग अपने पुराने निवेश—जैसे इक्विटी म्यूचुअल फंड, शेयर, सोना या कोई अचल संपत्ति (जमीन/मकान)—बेचते हैं, तो उस पर होने वाला मुनाफा 'पूंजीगत लाभ' (Capital Gains) कहलाता है और उस पर भारी टैक्स लगता है:इक्विटी म्यूचुअल फंड और शेयर्स (LTCG): 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए शेयर्स या इक्विटी फंड्स को बेचने पर एक वित्तीय वर्ष में ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स-फ्री होता है। इसके ऊपर के किसी भी मुनाफे पर फ्लैट 12.5% की दर से टैक्स लागू होता है।शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG): एक साल से पहले बेचे गए इक्विटी फंड्स और शेयर्स के मुनाफे पर फ्लैट 20% टैक्स लगता है।रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी: जमीन या मकान की बिक्री पर बिना इंडेक्सेशन लाभ के 12.5% की दर से लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देना होता है।6. एनपीएस (NPS) और इंश्योरेंस कंपनियों से मिलने वाली नियमित एन्युइटीनेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या किसी बीमा कंपनी की रिटायरमेंट/पेंशन पॉलिसी (Annuity Plans) में जब कोई व्यक्ति 60 की उम्र में रिटायर होता है, तो कुल जमा फंड का कम से कम 40% हिस्सा एन्युइटी खरीदने में लगाना अनिवार्य होता है।एनपीएस से निकाली गई 60% एकमुश्त रकम पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है, लेकिन जो 40% रकम एन्युइटी सर्विस प्रोवाइडर (बीमा कंपनी) के पास जाती है और जिसके बदले जीवन भर हर महीने या हर तिमाही 'एन्युइटी पेंशन' मिलती है, वह रकम पूरी तरह कर-योग्य होती है। यह एन्युइटी पेआउट हर साल आपकी आमदनी में जुड़ता है और उस पर लागू टैक्स स्लैब के हिसाब से इनकम टैक्स काटा जाता है।7. कंसल्टेंसी, पार्ट-टाइम काम और गैर-रिश्तेदारों से मिले उपहारकई वरिष्ठ नागरिक अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर रिटायरमेंट के बाद भी खाली बैठने के बजाय किसी कंपनी में एडवाइजर, लीगल/टेक्निकल कंसलटेंट, बोर्ड मेंबर या पार्ट-टाइम फ्रीलांसर के रूप में सेवाएं देते हैं।इस काम के बदले मिलने वाली फीस या मानदेय 'प्रॉफिट्स एंड गेन्स फ्रॉम बिजनेस ऑर प्रोफेशन' (PGBP) के तहत टैक्सेबल होती है। इस पर धारा 194J के तहत कंपनियां 10% टीडीएस काटकर भुगतान करती हैं। इसके अलावा, यदि किसी वित्तीय वर्ष में वरिष्ठ नागरिक को अपने सगे रिश्तेदारों (माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी, बच्चे) के अलावा किसी बाहरी मित्र या परिचित से ₹50,000 से अधिक का कोई नकद उपहार या कीमती गिफ्ट मिलता है, तो वह पूरी गिफ्ट राशि 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज' के तहत टैक्सेबल मानी जाती है।वरिष्ठ नागरिकों को इनकम टैक्स में मिलने वाली 3 बड़ी विशेष राहतेंधारा 194P के तहत ITR फाइलिंग से छूट: 75 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे सुपर सीनियर सिटीजन, जिनकी आय का स्रोत केवल पेंशन और उसी बैंक खाते से मिलने वाला ब्याज है, उन्हें आईटीआर दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होती। संबंधित बैंक खुद उनका टैक्स कैलकुलेट करके काट लेता है।एडवांस टैक्स (Advance Tax) से पूरी मुक्ति: 60 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिनका कोई व्यावसायिक या व्यापारिक आय (Business Income) नहीं है, उन्हें साल में चार बार एडवांस टैक्स की किस्तों का भुगतान करने से छूट मिलती है। वे साल के अंत में सेल्फ-असेसमेंट टैक्स जमा कर सकते हैं।मेडिकल इंश्योरेंस और इलाज पर छूट (80D व 80DDB): वरिष्ठ नागरिक अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम और मेडिकल खर्चों पर धारा 80D के तहत ₹50,000 तक और गंभीर बीमारियों के इलाज पर धारा 80DDB के तहत ₹1,00,000 तक की टैक्स कटौती का दावा कर सकते हैं।सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय रूप से सुरक्षित और चिंतामुक्त रहने के लिए जरूरी है कि आप अपनी सभी आय का सही ब्योरा रखें, समय पर फॉर्म 15H जमा करें और यदि कुल आय कर योग्य सीमा से अधिक हो तो नियमानुसार अपना इनकम टैक्स रिटर्न जरूर दाखिल करें।
भारत-AFG की आर्थिक साझेदारी से क्षेत्र में कनेक्टिविटी होगी बेहतर
काबुल में तालिबान की सत्ता वापसी के 5 साल पूरे होने पर दिल्ली स्थित अफगान दूतावास में आयोजित कार्यक्रम में अफगान राजदूत नूर अहमद नूर ने भारत के साथ मजबूत राजनीतिक भरोसे, आर्थिक साझेदारी और कूटनीतिक जुड़ाव पर जोर दिया.
CJI सूर्यकांत अब नहीं होंगे दीक्षांत समारोह के चीफ गेस्ट, TISS ने आखिरी समय में बदला फैसला
TISS ने 22 अगस्त को होने वाले 86वें दीक्षांत समारोह के लिए CJI सूर्यकांत की जगह टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. सीएस प्रमेश को चीफ गेस्ट बनाया है।
दोस्ती, रिश्तेदारी या सामाजिक शिष्टाचार के दबाव में आकर अक्सर लोग बिना सोचे-समझे किसी जानने वाले के लोन दस्तावेजों पर 'गारंटर' (Loan Guarantor) के तौर पर हस्ताक्षर कर देते हैं। ज्यादातर लोगों को यह गलतफहमी होती है कि गारंटर बनना केवल एक औपचारिकता है, जिसमें वे बैंक को यह भरोसा दिला रहे हैं कि वे उस व्यक्ति को जानते हैं। बैंकिंग नियम और भारतीय कानून की हकीकत इससे बिल्कुल उलट और बेहद कठोर है। जब आप किसी के लोन एग्रीमेंट पर गारंटर के रूप में दस्तखत करते हैं, तो आप केवल एक गवाह नहीं बनते, बल्कि उस पूरे कर्ज की वित्तीय और कानूनी जिम्मेदारी अपने सिर ले लेते हैं। यदि आपका दोस्त किसी भी कारण से ईएमआई (EMI) चुकाने में विफल रहता है, तो बैंक की पहली गाज आपके सिबिल स्कोर, आपकी बचत और आपकी निजी संपत्तियों पर गिरती है।कानूनी रूप से सिर्फ 'गवाह' नहीं, बल्कि 'सह-कर्जदार' होते हैं आपभारतीय अनुबंध अधिनियम 1872 (Indian Contract Act, 1872) की धारा 128 के अनुसार, गारंटर की देनदारी मुख्य कर्जदार (Principal Borrower) के बिल्कुल 'सह-विस्तृत' (Co-extensive) होती है। इसका सीधा कानूनी अर्थ यह है कि जिस क्षण मूल कर्जदार अपनी ईएमआई देने में चूक करता है, उसी क्षण से बैंक उस पूरे कर्ज की वसूली के लिए गारंटर को कानूनी रूप से उतना ही जिम्मेदार मान लेता है जितना कि लोन लेने वाले को।बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को यह पूरा अधिकार होता है कि वे मुख्य कर्जदार के खिलाफ कोई लंबी कानूनी प्रक्रिया शुरू किए बिना भी सीधे गारंटर से पूरे बकाया पैसे की मांग कर सकते हैं। लोन के कागजों पर हस्ताक्षर करते ही आप बैंक को यह कानूनी वचन दे चुके होते हैं कि अगर कर्जदार ने पैसा नहीं लौटाया, तो आप पाई-पाई चुकाएंगे।CIBIL स्कोर और क्रेडिट प्रोफाइल पर सीधा और जानलेवा हमलालोन गारंटर बनने का सबसे पहला और तत्काल नुकसान आपके क्रेडिट स्कोर (CIBIL Score) को होता है। क्रेडिट इंफॉर्मेशन ब्यूरो (जैसे TransUnion CIBIL, Experian, Equifax, CRIF High Mark) के सिस्टम में आपके द्वारा गारंटी दिया गया लोन आपकी खुद की क्रेडिट रिपोर्ट के साथ सीधे जुड़ जाता है।ईएमआई बाउंस होने पर सिबिल में गिरावट: यदि आपका दोस्त किसी महीने की ईएमआई 30 दिन या 90 दिन तक नहीं चुकाता है, तो बैंक उस डिफॉल्ट की रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो को भेजता है। इसके चलते मुख्य कर्जदार के साथ-साथ आपके सिबिल स्कोर में भी 50 से 100 अंकों की भारी गिरावट दर्ज हो जाती है, भले ही आपने अपने बाकी सभी पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर भरे हों।'डिफॉल्टर' या 'राइट-ऑफ' का धब्बा: यदि वह लोन लंबे समय तक नहीं चुकाया जाता और नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) बन जाता है, तो आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर 'Settled', 'Written Off' या 'Default' का स्थायी टैग लग जाता है, जो अगले 7 वर्षों तक आपकी साख को खराब बनाए रखता है।आपकी खुद की लोन पात्रता (Borrowing Capacity) हो जाती है ब्लॉकजब भी आप भविष्य में अपने लिए होम लोन, कार लोन, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन या किसी मेडिकल इमरजेंसी के लिए पर्सनल लोन लेने बैंक जाएंगे, तो बैंक आपका 'फिक्स्ड ऑब्लिगेशन टू इनकम रेशियो' (FOIR) जांचेगा।बैंक आपके द्वारा गारंटी दिए गए लोन के कुल बकाया अमाउंट को आपकी 'संभावित देनदारी' (Contingent Liability) मानते हैं। मान लीजिए आपकी मासिक आय ₹1 लाख है और आपने अपने दोस्त के ₹30 लाख के होम लोन की गारंटी दी है, तो बैंक यह मानेगा कि आप पर पहले से ही एक बड़ा वित्तीय बोझ है। इसके परिणामस्वरूप, बैंक या तो आपके खुद के लोन आवेदन को सीधे खारिज कर देगा, या फिर आपको मिलने वाले लोन की स्वीकृत राशि में भारी कटौती कर देगा और उस पर ऊंची ब्याज दरें लागू करेगा।रिकवरी एजेंटों की कॉल, लीगल नोटिस और संपत्ति की जब्ती का खतराजब कोई लोन एनपीए घोषित हो जाता है, तो बैंक केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं रहते। वसूली की पूरी आक्रामक मशीनरी सक्रिय हो जाती है:रिकवरी एजेंटों का मानसिक दबाव: बैंक और उसकी अधिकृत रिकवरी एजेंसियां गारंटर के घर और दफ्तर के पते पर तकादा करना शुरू कर देती हैं, जिससे सामाजिक प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लगता है।सरफेसी एक्ट और कानूनी मुकदमे: सिक्योर्ड लोन (जैसे होम लोन या मॉर्गेज लोन) के मामले में बैंक 'सरफेसी एक्ट' (SARFAESI Act, 2002) के तहत बिना अदालत जाए संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। अनसिक्योर्ड पर्सनल या बिजनेस लोन के मामलों में बैंक 'ऋण वसूली न्यायाधिकरण' (DRT) या सिविल कोर्ट में गारंटर के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकता है।बैंक खातों और सैलरी अटैचमेंट का जोखिम: अदालत के आदेश के बाद बैंक गारंटर के बचत खातों को फ्रीज कर सकता है और गारंटर की नौकरी की सैलरी से मासिक कटौती (Salary Attachment) करवा सकता है। यदि गारंटर की कोई अचल संपत्ति है, तो कर्ज की भरपाई के लिए उसे नीलाम करने की नौबत भी आ सकती है।अगर मजबूरी में बनना ही पड़े गारंटर, तो इन 5 सावधानियों का रखें ध्यानयदि परिवार के किसी बेहद करीबी सदस्य (जैसे सगे भाई-बहन या जीवनसाथी) के लिए गारंटर बनना अपरिहार्य हो, तो आंख मूंदकर कागजों पर हस्ताक्षर करने के बजाय इन सख्त नियमों का पालन करें:कर्जदार की वित्तीय क्षमता की निष्पक्ष जांच: केवल भावनात्मक बातों में न आएं। यह देखें कि लोन लेने वाले के पास आय का स्थिर स्रोत क्या है, उसका खुद का पुराना सिबिल रिकॉर्ड कैसा है और क्या वह हर महीने समय पर ईएमआई चुकाने में सक्षम है।लोन प्रोटेक्शन / टर्म इंश्योरेंस अनिवार्य कराएं: मुख्य कर्जदार से कहें कि वह लोन राशि के बराबर का एक 'लोन टर्म इंश्योरेंस' (Loan Cover Policy) जरूर ले। इससे दुर्भाग्यवश कर्जदार की मृत्यु या गंभीर दुर्घटना की स्थिति में बीमा कंपनी बैंक का पूरा कर्ज चुका देती है और गारंटर पर कोई वित्तीय बोझ नहीं आता।त्रैमासिक स्टेटमेंट की मांग: कर्जदार से हर तीन महीने में बैंक का 'लोन रीपेमेंट स्टेटमेंट' मांगें ताकि आपको यह जानकारी रहे कि ईएमआई समय पर कट रही है या कोई बकाया बाकी है।लिमिटेड गारंटी एग्रीमेंट: जहां तक संभव हो, बैंक से 'अनलिमिटेड कंटिन्यूइंग गारंटी' के बजाय 'लिमिटेड गारंटी' (Limited Liability Guarantee) की मांग करें, जिसमें आपकी कानूनी जिम्मेदारी केवल एक निश्चित राशि या सीमित अवधि तक ही तय हो।लोन गारंटर रिप्लेसमेंट का प्रावधान: यदि भविष्य में आपकी वित्तीय स्थिति बदलती है या आप खुद बड़ा लोन लेना चाहते हैं, तो बैंक से बातचीत करके मुख्य कर्जदार की तरफ से कोई दूसरा को-ऐप्लिकेंट या दूसरा गारंटर जमा करवाकर खुद को उस गारंटी से बाहर (Release) करवाने की प्रक्रिया शुरू करें।गारंटर बनने से विनम्रतापूर्वक कैसे करें इनकार?दोस्ती या रिश्तेदारी में किसी को 'ना' कहना असहज हो सकता है, लेकिन भविष्य की वित्तीय बर्बादी और कानूनी मुकदमों से बचने के लिए एक पल की हिचकिचाहट को तोड़ना बेहद जरूरी है। आप सामने वाले को स्पष्ट और तार्किक रूप से समझा सकते हैं कि आप खुद निकट भविष्य में एक बड़ा होम लोन या बिजनेस लोन लेने की प्रक्रिया में हैं और आपके सीए/वित्तीय सलाहकार ने सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी अन्य लोन में गारंटर बनने से आपकी खुद की लोन फाइल निरस्त हो जाएगी।वित्तीय समझदारी का सबसे बुनियादी नियम यही है कि कभी भी किसी ऐसे कर्ज की जिम्मेदारी अपने सिर न लें जिसका पैसा आपने खुद इस्तेमाल नहीं किया है। समझदारी और सतर्कता ही आपकी गाढ़ी कमाई और क्रेडिट स्कोर की असली सुरक्षा है।
दिल्ली: बहन की हत्या कर सूटकेश में भरकर फेंका शव, ऐसे खुला राज
दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सूटकेस के अंदर युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई. पुलिस ने मामले में मृतका के कजन भाई अविनाश को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने प्रेम प्रसंग के शक में कथित तौर पर अपनी बहन की हत्या की और शव को सूटकेस में बंद कर अजीत विहार की सुनसान जगह पर फेंक दिया.
इजरायली सैनिकों को क्यों आते हैं बुरे सपने?
युद्ध ने इजरायली सैनिकों के शरीर पर ही नहीं, उनके दिमाग पर भी गहरे निशान छोड़े हैं. किसी को रात में डरावने सपने आते हैं, किसी को अचानक फ्लैशबैक परेशान करते हैं, तो किसी के लिए आवाज और गंध तक पुराने युद्ध की यादें जगा देती हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, PTSD और दूसरी मानसिक परेशानियों के मामले तेजी से बढ़े हैं
संभल: रसगुल्ला फैक्ट्रियों पर एक्शन, प्रधान के घर से 4500 KG माल जब्त
यूपी के संभल में प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने नकली रसगुल्ला बनाने वाली फैक्ट्रियों पर बड़ी छापेमारी की है. ग्राम प्रधान के घर से 4500 किलो रसगुल्ले जब्त किए गए हैं. दूध खरीद का हिसाब न मिलने पर सैंपल लेकर विशेष मैसेंजर से मेरठ लैब भेजे गए हैं.
Batwara 1947 box office collection day 4:सनी देओल की बंटवारा 1947 इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' के साथ रिलीज हुई है. इससे बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्मों के बीच मुकाबला और भी कड़ा हो गया है.
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों के उग्र विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित की गई सभी परीक्षाओं, उनके परिणामों और एजेंसी की अन्य समस्त गतिविधियों को पूरी तरह से रद्द करने की घोषणा की है। इसके साथ ही विवादों में रही JSSC-CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा को भी निरस्त कर दिया गया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार परीक्षा में 'गड़बड़ियों' को लेकर छात्रों के विरोध को लेकर चिंतित है। सोरेन ने कहा, इस मामले के सभी पहलुओं पर विचार करते हुए, हमने TDPL से जुड़ी हर चीज़ को रद्द करने का फ़ैसला किया है—इसमें आयोजित परीक्षाएं, घोषित नतीजे, चुने गए या शामिल हुए उम्मीदवार और TDPL द्वारा की गई अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को सुलझाने के लिए सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह फ़ैसला लिया गया। CGL परीक्षा रद्द सोरेन ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा को रद्द करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, आज कैबिनेट ने JSSC-CGL परीक्षाओं को भी रद्द करने का फ़ैसला किया। इसके अलावा, 2014 से हुई सभी गलतियों—चाहे वे छोटी हों या बड़ी—की व्यापक जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्र द्वारा माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट में किए गए संशोधनों की भी समीक्षा करेगी और ज़रूरत पड़ने पर इस मुद्दे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी। उन्होंने कहा, हम केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए संशोधनों पर चर्चा के लिए जल्द ही बैठक करेंगे; अगर ज़रूरत पड़ी, तो हम इस खास मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेष सत्र भी बुला सकते हैं। सोरेन ने कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की जांच में कई गंभीर बातें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि जांच जारी रहने के दौरान विवरण का खुलासा नहीं किया जा सकता। SIT और CID दोनों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चूंकि जांच चल रही है, इसलिए हर जानकारी को खुलकर बताना संभव नहीं है; हालांकि, यह देखा गया है कि CGL प्रक्रिया के ज़रिए नियुक्त किए गए लोगों को अब JPSC परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों में गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके अलावा, ऐसा लगता है कि इसमें कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क शामिल है, जिन्होंने अलग-अलग समय पर यहां काम किया है, मुख्यमंत्री ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि जांच से कई कंपनियों के एक जटिल नेटवर्क का पता चला है, जिन्होंने अलग-अलग समय पर झारखंड में काम किया था। सोरेन ने कहा, जांच का दायरा 2014 से लेकर अब तक हुई सभी परीक्षाओं तक फैला है। हमने संबंधित विभाग और CID को निर्देश दिया है कि चूंकि जांच शुरू हो चुकी है, इसलिए इसे पूरी तरह से और बारीकी से किया जाना चाहिए। भर्ती परीक्षा में सुधार के लिए समिति की सिफारिश मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा और भर्ती प्रणाली में सुधार की सिफारिश करने के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति बनाएगी। सोरेन ने कहा कि परीक्षा आयोजित करने के लिए पहले से ही मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) मौजूद हैं और ज़ोर दिया कि अगर उनका सख्ती से पालन किया जाता तो गड़बड़ियों को रोका जा सकता था। इसे भी पढ़ें: Donald Trump ने की भारतीय चुनाव प्रणाली की तारीफ़, भारत की तर्ज पर अमेरिका में भी लागू हो 'SAVE अमेरिका एक्ट' उन्होंने आगे कहा, सरकार सुधारों में पारदर्शिता के साथ काम करेगी। परीक्षा कैसे आयोजित की जानी चाहिए, इसके लिए पहले से ही एक SOP है। अगर SOP का पालन किया गया होता, तो ये गड़बड़ियां नहीं होतीं। उस सुधार में कुछ और महत्वपूर्ण बातें जोड़ी जाएंगी। सुधारों के लिए एक IAS अधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। उम्मीदवार भावुक हुए, विरोध जारी रहेगा राज्य सरकार द्वारा उनकी कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के उम्मीदवार भावुक और खुश दिखे। यह खुशी मुख्यमंत्री सोरेन की उस घोषणा के बाद मनाई गई जिसमें कहा गया था कि JSSC CGL परीक्षा और TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द कर दी जाएंगी। यह निर्णय भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर उम्मीदवारों के लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच लिया गया है। इसे भी पढ़ें: Afghanistan-India संबंधों से दोनों देशों को मिलेगा लाभ, दूतावास में बोले नूर अहमद नूर हालांकि, छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक CBI जांच की उनकी मांग स्वीकार नहीं कर ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, CBI जांच की मांग अभी तक स्वीकार नहीं की गई है। जब तक CBI जांच की मांग स्वीकार नहीं हो जाती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे। हमने एक बड़ी लड़ाई जीती है, लेकिन अभी और भी लड़ना बाकी है। पासवान ने 24 दिनों के विरोध-प्रदर्शन के बाद उनकी मांगों पर ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री सोरेन का धन्यवाद किया, लेकिन कहा कि जब तक सरकार CBI जांच के लिए सहमत नहीं होती, तब तक छात्र अपनी भूख हड़ताल जारी रखेंगे। मुख्यमंत्री सोरेन की घोषणा के बाद, छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि छात्र सरकार और मुख्यमंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने उनकी चिंताओं को गंभीरता से लिया और उनकी मांगों को स्वीकार किया।उन्होंने कथित अनियमितताओं की चल रही जांच का भी स्वागत किया और कहा कि अधिकारी इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं और इस कथित रैकेट के मुख्य दोषियों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। महतो ने कहा, हम छात्र इस जांच और इस भ्रष्ट व्यवस्था को जड़ से खत्म करने की कोशिश का समर्थन करते रहेंगे। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
Jio Prime Membership 300 में दोबारा लॉन्च हो गई है. ग्राहक सितंबर 2027 तक मौजूदा प्लान की कीमत लॉक कर सकते हैं और कैशबैक पा सकते हैं. हालांकि, यूजर्स इसका विरोध भी कर रहे हैं.
382 करोड़ में बिकी 6 करोड़ की EV! किसने खरीदी ये कार
Ferrari Luce: लॉन्च के वक्त फेरारी की इस इलेक्ट्रिक कार के डिजाइन की खूब आलोचना हुई थी. बावजूद इसके कंपनी का दावा है कि, इसके टार्गेटेड सभी 500 यूनिट की बिक्री हो चुकी है. इसके पहले यूनिट 382.4 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया है. तो आइये जानें क्यों ख़ास है ये कार और किसने खरीदा है इसे.
सनातन धर्म में मनाए जाने वाले तमाम तीज-त्योहारों और जयंतियों के बीच 'कल्कि जयंती' (Kalki Jayanti) अपने आप में सबसे अनूठा, रहस्यमयी और आशा से भरा पर्व है। सामान्यतः जयंतियां उन महान विभूतियों या ईश्वरीय अवतारों की मनाई जाती हैं जो अतीत में इस धरती पर अवतरित हो चुके हैं, लेकिन कल्कि जयंती एक ऐसे अवतार का जन्मोत्सव है जिसका जन्म अभी भविष्य में होना बाकी है। यह एक ऐसा आध्यात्मिक वचन और कालजयी विश्वास है जिसकी प्रतीक्षा सदियों से की जा रही है। श्रीमद्भागवत महापुराण और कल्कि पुराण के अनुसार, जब कलयुग में अधर्म, पाप, अनाचार और पाखंड अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएगा, तब धर्म की पुनर्स्थापना और दुष्टों के संहार के लिए भगवान श्रीहरि विष्णु अपने दसवें और अंतिम 'कल्कि अवतार' के रूप में प्रकट होंगे। पंचांग के अनुसार आज, 18 अगस्त 2026 (श्रावण शुक्ल षष्ठी) को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ कल्कि जयंती का व्रत एवं पूजन किया जा रहा है।दशावतार का अंतिम चरण: कौन हैं भगवान कल्कि और क्या है इनका दिव्य स्वरूप?हिन्दू धर्मग्रंथों में भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से 10 प्रमुख अवतारों (दशावतार) का विशेष वर्णन मिलता है। इनमें से 9 अवतार—मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, श्रीराम, श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध—मानव सभ्यता के विभिन्न युगों (सत्ययुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग) में अवतरित होकर अपने दिव्य उद्देश्यों को पूरा कर चुके हैं। अब केवल दसवां 'कल्कि अवतार' शेष है।पौराणिक ग्रंथों और 'कल्कि पुराण' में भगवान कल्कि के रूप का अत्यंत तेजस्वी और पराक्रमी वर्णन मिलता है। वे 'देवदत्त' (Devadatta) नाम के एक दिव्य और तीव्रगामी श्वेत (सफेद) अश्व पर सवार होकर प्रकट होंगे। उनके एक हाथ में चमकती हुई रत्नजड़ित दिव्य तलवार होगी, जो अधर्म और अज्ञान के अंधकार को काट देगी। भगवान कल्कि के गुरु स्वयं अमर चिरंजीवी भगवान परशुराम होंगे, जो उन्हें समस्त वेदों का ज्ञान और दिव्य अस्त्रास्त्रों की दीक्षा देंगे। भगवान कल्कि कलयुग के अधिष्ठाता 'कलि' और उसकी तामसिक सेना का संपूर्ण विनाश करके पुनः 'सत्ययुग' (स्वर्ण युग) की स्थापना करेंगे।यूपी के संभल में होगा कल्कि अवतार: पुराणों में दर्ज है इस पावन धरती का रहस्यभगवान कल्कि के जन्म स्थान को लेकर सबसे प्रामाणिक और विस्तृत उल्लेख 'श्रीमद्भागवत महापुराण' के 12वें स्कंध के दूसरे अध्याय में मिलता है। श्लोक के अनुसार:शम्भल ग्राम मुख्यस्य ब्राह्मणस्य महात्मनः। भवने विष्णुयशसः कल्किः प्रादुर्भविष्यति॥शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु उत्तर प्रदेश के रुहेलखंड क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक जनपद 'संभल' (Sambhal) में एक अत्यंत धर्मनिष्ठ और तपस्वी ब्राह्मण 'विष्णुयश' (Vishnuyasha) और उनकी धर्मपत्नी 'सुमति' (Sumati) के घर पुत्र रूप में जन्म लेंगे। उनके तीन ज्येष्ठ भाई—सुमंत, प्राज्ञ और कवि होंगे, जो देवताओं के अंश स्वरूप होंगे और धर्म की स्थापना में उनका सहयोग करेंगे।पौराणिक काल-गणना के अनुसार, कलयुग की कुल आयु 4,32,000 मानव वर्ष मानी गई है, जिसमें से अभी केवल लगभग 5,127 वर्ष ही व्यतीत हुए हैं। अतः कल्कि का यह महा-अवतार कलयुग के अंतिम चरण और सतयुग के प्रारंभ यानी 'युग संधि' (Sandhi Kaal) के समय होगा। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के संभल में भगवान कल्कि के कई प्राचीन मंदिर स्थापित हैं और वहां एक भव्य 'श्री कल्कि धाम' का निर्माण भी तेजी से चल रहा है, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है।कल्कि जयंती 2026: शुभ तिथि, पूजा मुहूर्त और समयपंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रारंभ 17 अगस्त को सायं 05:00 बजे से हुआ है और इसका समापन 18 अगस्त 2026 को सायं 05:50 बजे होगा। उदयातिथि और संध्या व्यापिनी तिथि के आधार पर कल्कि जयंती का मुख्य उत्सव आज, मंगलवार 18 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है।शुभ पूजा मुहूर्त: सायं 04:21 बजे से सायं 05:50 बजे तक।मुहूर्त की कुल अवधि: 01 घंटा 29 मिनट।व्रत पारण का समय: सायं कालीन पूजा और भगवान को भोग लगाने के पश्चात सात्विक फलाहार के साथ पारण किया जा सकता है।कल्कि जयंती पर कैसे करें 10वें अवतार की संपूर्ण पूजा विधि?भगवान कल्कि के पूजन की विधि अत्यंत सरल, सात्विक और मन को शांति प्रदान करने वाली है। इस दिन घर में विधि-विधान से पूजा करने पर सभी प्रकार के भय, पाप, मानसिक संताप और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है:प्रातः काल की तैयारी: सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और पीले या स्वच्छ श्वेत वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान की गंगाजल छिड़ककर शुद्धि करें और भगवान श्रीहरि के समक्ष हाथ में जल व अक्षत लेकर व्रत या पूजन का संकल्प लें।वेदी निर्माण एवं मूर्ति स्थापना: पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर भगवान विष्णु, भगवान श्रीकृष्ण या भगवान कल्कि की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। यदि कल्कि भगवान की विशेष प्रतिमा न हो, तो भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप का ही पूजन किया जाता है।पंचामृत अभिषेक और तिलक: प्रतिमा को शुद्ध जल और फिर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान कराएं। तत्पश्चात प्रतिमा पर पीले चंदन, केसर और कुमकुम का तिलक लगाएं।पुष्प और तुलसी दल अर्पण: भगवान को पीले पुष्प, गेंदे की माला और सबसे महत्वपूर्ण—भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय ताजे 'तुलसी के पत्ते' अनिवार्य रूप से अर्पित करें, क्योंकि बिना तुलसी के विष्णु जी की कोई भी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती।धूप, दीप और नैवेद्य: गाय के शुद्ध घी का दीपक और सुगंधित धूपबत्ती प्रज्वलित करें। भगवान को मौसमी फल, पीले मिष्ठान, मखाने की खीर या पंजीरी का भोग लगाएं।मंत्र जाप और स्तोत्र पाठ: पूजा के दौरान एक स्थान पर बैठकर 'विष्णु सहस्रनाम' या 'श्रीमद्भगवद्गीता' के ग्यारहवें/बारहवें अध्याय का पाठ करें। इस दिन इन सिद्ध मंत्रों का कम से कम 108 बार तुलसी की माला से जप करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है:ॐ नमो कल्किदेवाय क्लीं नमःॐ श्री कल्कि अवताराय नमःॐ नमो भगवते वासुदेवायआरती और क्षमा प्रार्थना: पूजा के अंत में कपूर और घी के दीपक से भगवान विष्णु व कल्कि देव की आरती उतारें। पूजा में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए हाथ जोड़कर क्षमा याचना करें और सभी उपस्थित जनों में चरणामृत व प्रसाद वितरित करें।दान-पुण्य और सेवा का महत्वकल्कि जयंती के दिन जरूरतमंदों, निर्धनों और असहाय लोगों की सेवा का विशेष फल मिलता है। इस दिन अन्न (विशेष रूप से पीले चावल या चने की दाल), वस्त्र, छाता, धार्मिक पुस्तकें और जल का दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, गौशाला में जाकर गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाना तथा पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करना भगवान विष्णु को अत्यंत प्रसन्न करता है।कल्कि अवतार का गहरा आध्यात्मिक और दार्शनिक संदेशस्थूल और ऐतिहासिक संदर्भों के अलावा सनातन दर्शन में कल्कि अवतार का एक गहरा सूक्ष्म और प्रतीकात्मक अर्थ भी है। संभल का शाब्दिक अर्थ होता है—'सम-भाव' अथवा 'शांति का स्थान'। कलयुग केवल एक कालखंड नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के अज्ञान, क्रोध, वासना, ईर्ष्या और लालच का प्रतीक है।कल्कि का अवतरण इस बात का प्रतीक है कि जब बाहरी संसार में विकृतियां और भीतर अंधकार हावी हो जाए, तब मनुष्य को अपने भीतर विवेक, सत्य, सदाचार और सत्वगुण की तलवार उठाकर अपनी आंतरिक बुराइयों (कलि) का संहार करना चाहिए। यही सत्य ज्ञान का उदय है और यही सतयुग की वास्तविक शुरुआत है। कल्कि जयंती हमें यह अटूट विश्वास दिलाती है कि समय चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, अंत में विजय सदैव सत्य, धर्म और न्याय की ही होती है।
साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के असामयिक और दुखद निधन के बाद भारतीय टेलीविजन और सोशल मीडिया के इतिहास का सबसे आक्रामक मीडिया ट्रायल देखने को मिला था। इस पूरे विवाद के केंद्र में रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने घटना के छह साल बाद अपनी जिंदगी के सबसे काले और दर्दनाक दौर को लेकर खुलकर बात की है। एक हालिया साक्षात्कार और अपने पॉडकास्ट के दौरान रिया ने बयां किया कि कैसे उस एक विवाद ने केवल उनका करियर ही नहीं छीना, बल्कि उनके पूरे परिवार के आत्मसम्मान, आजीविका और मानसिक शांति को तहस-नहस कर दिया। रिया ने बेहद भावुक होते हुए खुलासा किया कि उनके खिलाफ चले सुनियोजित नफरत के अभियान की कीमत उनके बेकसूर माता-पिता और छोटे भाई को चुकानी पड़ी। उनके पिता, जो भारतीय सेना में डॉक्टर के पद से सेवानिवृत्त होकर एक कॉर्पोरेट अस्पताल में काम कर रहे थे, को केवल विवाद से बचने के लिए रातों-रात नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।'चक्रवर्ती' सरनेम बना अछूत: पिता की नौकरी गई और बैंक खातों पर लगा ग्रहणरिया चक्रवर्ती ने बातचीत के दौरान बताया कि जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से किसी बड़े विवाद का शिकार बनता है, तो समाज अक्सर उसके पीछे खड़े पूरे परिवार को बिना किसी सबूत के दोषी मान लेता है। रिया के पिता लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) डॉ. इंद्रजीत चक्रवर्ती देश की सेवा करने के बाद एक प्रतिष्ठित निजी स्वास्थ्य संस्थान में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। जैसे ही नेशनल मीडिया पर 24 घंटे चलने वाली बहसों में रिया का नाम उछाला जाने लगा, उनके पिता के कार्यस्थल पर भी भारी दबाव बनने लगा।कंपनी प्रबंधन ने उनसे सीधे तौर पर कह दिया कि उनके नाम से संस्थान की ब्रांड इमेज खराब हो रही है और उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया। रिया ने कहा कि उस दौर में स्थिति इतनी भयावह हो गई थी कि किसी भी फॉर्म, बैंक दस्तावेज या आधिकारिक काम के लिए जब वे अपना उपनाम 'चक्रवर्ती' बोलते थे, तो सामने बैठे अधिकारी और कर्मचारी अजीब नज़रों से देखने लगते थे। लोगों ने उनसे हाथ मिलाना, फोन उठाना और सामान्य बातचीत करना बंद कर दिया था। परिवार के बैंक खाते फ्रीज हो चुके थे और आर्थिक रूप से उन्हें पूरी तरह पंगु बना दिया गया था।जेल की सलाखें, मीडिया की गाड़ियां और बेबुनियाद नफरत का तूफानउस दौर को याद करते हुए रिया ने बताया कि उनके घर के बाहर 50 से अधिक मीडिया ओबी वैन और सैकड़ों कैमरामैन चौबीसों घंटे डेरा डाले रहते थे। जब भी उनके बुजुर्ग माता-पिता आवश्यक दवाइयां या राशन लेने के लिए बाहर निकलते, तो माइक उनके मुंह पर ठूंस दिए जाते थे और उन पर अपराधी की तरह चिल्लाया जाता था। रिया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की जांच के दौरान भायखला जेल में 28 दिन बिताने पड़े थे।रिया के अनुसार, जेल में बिताया गया वह समय उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। वहां उन्होंने देखा कि कैसे समाज के सबसे वंचित लोग भी एक-दूसरे का दर्द बांटते हैं, जबकि बाहर की तथाकथित सभ्य दुनिया उनके पूरे परिवार को जिंदा जलाने पर तुली थी। रिया ने कहा कि जेल की चारदीवारी के भीतर उन्होंने अपनी आत्मा को मजबूत किया और तय किया कि वह इस अन्याय के आगे कभी घुटने नहीं टेकेंगी। जब वह जमानत पर बाहर आईं, तो उन्होंने पाया कि उनका घर एक युद्ध क्षेत्र बन चुका था और उनके आसपास के अधिकांश दोस्त व रिश्तेदार डर के मारे गायब हो चुके थे।भाई शौविक का टूटा भविष्य और नया घर ढूंढने में आई जिल्लतइस पूरे घटनाक्रम में रिया के छोटे भाई शौविक चक्रवर्ती को भी गंभीर मानसिक और कानूनी आघात का सामना करना पड़ा। शौविक जो उस समय अपनी उच्च शिक्षा और करियर की शुरुआत की तैयारी कर रहे थे, उन्हें भी कई महीनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा। रिया ने बताया कि जब उनका परिवार उस पुराने फ्लैट को छोड़कर किसी नई और शांत जगह किराए का मकान ढूंढने निकला, तो दर्जनों हाउसिंग सोसायटियों ने उनका सरनेम देखते ही फ्लैट देने से साफ मना कर दिया।सोसायटी के सेक्रेटरी और मकान मालिक सीधे मुंह कहते थे कि वे अपने परिसर में 'विवादित लोगों' को नहीं रख सकते क्योंकि इससे पुलिस और मीडिया का जमावड़ा लगेगा। रिया की मां कई रातों तक रोती रहीं और उनका ब्लड प्रेशर लगातार अनियंत्रित रहने लगा। रिया ने कहा कि एक बेटी के रूप में अपने माता-पिता को अपनी वजह से अपमानित होते देखना उनके लिए किसी भी कानूनी सजा या जेल की सजा से हजार गुना ज्यादा दर्दनाक था।'चैप्टर 2' और थेरेपी: अंधेरी खाई से बाहर निकलकर जिंदगी का पुनर्जन्मतमाम मुश्किलों, बहिष्कार और आर्थिक तंगी के बावजूद रिया चक्रवर्ती ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार पेशेवर मनोवैज्ञानिक थेरेपी (Trauma Therapy), ध्यान और योग का सहारा लिया। छह साल के लंबे और कठिन संघर्ष के बाद उन्होंने अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की। उन्होंने 'चैप्टर 2' (Chapter 2) नाम से एक पॉडकास्ट टॉक-शो लॉन्च किया, जहां वे जीवन के कठिन दौर से गुजरने वाले लोगों, कलाकारों और विचारकों से सकारात्मक संवाद करती हैं।रिया ने बताया कि इस पॉडकास्ट का नाम 'चैप्टर 2' रखने के पीछे का उद्देश्य यही है कि हर इंसान की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है जब सब कुछ खत्म लगता है, लेकिन वहीं से दूसरा अध्याय शुरू होता है। उन्होंने कई ब्रांड्स और छोटे प्रोजेक्ट्स के साथ दोबारा काम करना शुरू किया है। रिया मानती हैं कि आज वे जिस मानसिक शांति और मजबूती के मुकाम पर हैं, उसने उन्हें सिखाया है कि बाहरी दुनिया का शोर आपके आंतरिक सच को कभी नहीं मिटा सकता।डिजिटल ट्रोलिंग और न्याय प्रणाली पर रिया का कड़ा संदेशरिया चक्रवर्ती का यह दर्द केवल उनकी व्यक्तिगत कहानी नहीं है, बल्कि यह आज के दौर में सोशल मीडिया पर चलने वाले 'मॉब लिंचिंग कल्चर' और बिना अदालती फैसले के किसी को मुजरिम ठहरा देने वाली खतरनाक मानसिकता पर एक कड़ा तमाचा है। रिया ने कहा कि इंटरनेट पर चंद लाइक्स और टीआरपी के लिए किसी के पूरे परिवार का जीवन तबाह कर देना बहुत आसान है, लेकिन उस बिखरे हुए परिवार को दोबारा खड़ा होने में सालों का खून-पसीना लग जाता है।रिया ने समाज और मीडिया से अपील करते हुए कहा कि कानून और न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखा जाना चाहिए। किसी भी महिला या उसके परिवार को मीडिया की अदालत में कठघरे में खड़ा करके उसका सामाजिक कत्ल करने की अनुमति किसी को नहीं होनी चाहिए। आज छह साल बाद जब वे पीछे मुड़कर देखती हैं, तो उन्हें अपने माता-पिता के धैर्य और साहस पर गर्व होता है जिन्होंने दुनिया के सबसे भयानक तूफान में भी अपनी बेटी का हाथ थामे रखा।
पता नहीं चलता और RAC कंफर्म हो जाती है... ट्रेन में बैठने के बाद कैसे चेक करें?
ट्रेन में RAC टिकट लेकर सफर कर रहे हैं और समझ नहीं आ रहा कि टिकट कंफर्म हुआ या नहीं? ट्रेन चलने के बाद भी आप आसानी से अपने टिकट का स्टेटस चेक कर सकते हैं. पीएनआर स्टेटस के जरिए पता लगाया जा सकता है कि टिकट आरएसी में है या सीएनएफ होकर पूरी बर्थ मिल गई है. इसके अलावा टीटीई से भी सीट का अपडेट लिया जा सकता है.
देवेंद्र मेहतो ने 16 दिन बाद भूख हड़ताल समाप्त की
रांची में छात्र नेता देवेंद्र मेहतो ने 16 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म कर दी। झारखंड सरकार ने TDPL से जुड़ी JPSC CGL समेत सभी परीक्षाएं, परिणाम और चयन रद्द करने का फैसला लिया है। मेहतो ने सरकार से पेपर लीक, धांधली और पैरवी रोकने के लिए पारदर्शी व मजबूत भर्ती व्यवस्था की गारंटी मांगी।
बीजेपी की नई टीम में बड़ा बदलाव, Gen Z कनेक्शन पर फोकस; तेजस्वी सूर्या और अमित मालवीय की छुट्टी
अमित मालवीय ने नई नियुक्तियों के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी की नई टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खास तौर पर दीपक म्हस्के को आईटी सेल की जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी।
उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपने रौद्र रूप में आ चुका है और राज्य के अधिकांश जनपदों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंचलिक मौसम केंद्र, लखनऊ ने 18 अगस्त के लिए प्रदेश के 23 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ अत्यधिक भारी बारिश, तेज झोंकेदार हवाओं और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का गंभीर ऑरेंज व यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, मुरादाबाद और बुंदेलखंड के इलाकों में काले घने बादलों का डेरा है और पिछले 24 घंटों से हो रही अनवरत बारिश के कारण कई शहरों में सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता और विशेष रूप से ग्रामीण व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।मौसम विभाग का ऑरेंज और यलो अलर्ट: इन 23 से अधिक जिलों में होगी मूसलाधार बारिशमौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, वायुमंडलीय परिस्थितियों के चलते प्रदेश के मध्य, तराई, रुहेलखंड और बुंदेलखंड के जिलों में बारिश की तीव्रता सबसे ज्यादा रहने वाली है। अत्यधिक भारी बारिश के लिए संवेदनशील माने गए 23 से अधिक प्रमुख जनपदों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।जिन जिलों में बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है, उनमें बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं शामिल हैं। इन जिलों में 24 घंटे के भीतर 100 मिमी से 150 मिमी तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।इसके साथ ही राजधानी लखनऊ, उन्नाव, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, इटावा, औरैया और झांसी समेत करीब 30 जनपदों में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी ट्रफ: क्यों अचानक बदला यूपी के मौसम का मिजाज?मौसम विज्ञानियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इस समय तीन अलग-अलग मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हो चुकी हैं, जिसके चलते पूरे राज्य में मूसलाधार बारिश का एक विशाल वेदर सिस्टम बन गया है।पहला बड़ा कारण है कि वायुमंडल के निचले क्षोभमंडल (Lower Troposphere) में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तरी हरियाणा के ऊपर अलग-अलग चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। दूसरा महत्वपूर्ण कारक मानसूनी ट्रफ लाइन (Monsoon Trough) का अपनी सामान्य स्थिति से खिसककर उत्तर में हिमालय की तराई की ओर शिफ्ट होना है, जो फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, गोरखपुर से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) से लगातार नम मानसूनी हवाएं मैदानी इलाकों में तेजी से प्रवेश कर रही हैं। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बादलों का घनत्व बहुत बढ़ गया है, जिससे 22-23 अगस्त तक रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।आकाशीय बिजली (वज्रपात) का जानलेवा खतरा: 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंबारिश के साथ-साथ इस मानसूनी चक्र में सबसे बड़ा जानलेवा खतरा आकाशीय बिजली और मेघगर्जन का बना हुआ है। पिछले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों, विशेषकर प्रयागराज और कन्नौज जनपदों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से जनहानि की दुखद घटनाएं सामने आई हैं।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बादलों के घर्षण के कारण खुले मैदानों, खेतों और जलस्रोतों के पास बिजली गिरने की संभावना अत्यधिक है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है, जिससे कमजोर पुराने मकानों, होर्डिंग्स, टिन शेड और पेड़ की डालियों के टूटने का खतरा रहेगा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और चरवाहों को खराब मौसम में ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न होने या बिजली के खंभों के पास न जाने की स्पष्ट एडवाइजरी जारी की है।निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर: शहरों से गांवों तक जनजीवन प्रभावितलगातार हो रही मानसूनी बारिश से जहां एक ओर भीषण गर्मी और उमस से आम जनता को बड़ी राहत मिली है और अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर इसका भारी दबाव देखने को मिल रहा है।प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, लखनऊ और बरेली के निचले रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सोनभद्र, बरेली, फतेहपुर और महोबा में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। गंगा, यमुना, घाघरा, सरयू और बेतवा नदियों के जलस्तर में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जिला प्रशासनों ने नगर निगमों और आपदा राहत टीमों को जल निकासी पंप तैयार रखने, कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और जलभराव वाले क्षेत्रों से तुरंत पानी निकालने के कड़े निर्देश दिए हैं।किसानों के लिए राहत और आफत का मिलाजुला संकेतकृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगस्त के मध्य में हो रही यह झमाझम बारिश धान की रोपाई और तिलहन फसलों के लिए वरदान साबित हो रही है, विशेष रूप से उन इलाकों में जहां सूखे जैसी स्थिति बनी हुई थी। भूमिगत जल स्तर में सुधार होगा और फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी।हालांकि, अत्यधिक मूसलाधार बारिश और खेतों में लंबे समय तक जलभराव होने से दलहन, तिल, सब्जी की अगेती फसलों और मक्के को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी का समुचित प्रबंध करें और बारिश व तेज हवाओं के दौरान फसलों में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या रासायनिक उर्वरक का छिड़काव न करें।खराब मौसम में घर से बाहर निकलते समय क्या करें और क्या न करें? जरूरी गाइडलाइनमौसम विभाग और राज्य प्रशासन ने नागरिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियों की चेकलिस्ट जारी की है:यात्रा से पहले मौसम का हाल जांचें: यदि बहुत जरूरी न हो तो लंबी दूरी की यात्रा या भारी बारिश वाले क्षेत्रों में आवागमन टालें। निकलने से पहले जीपीएस और स्थानीय ट्रैफिक अपडेट जरूर देखें।आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित रहें: बारिश के दौरान कभी भी खुले मैदान में खड़े न रहें और बड़े पेड़ों, मोबाइल टावर या लोहे के खंभों के नीचे शरण न लें। कंक्रीट की पक्की इमारत के भीतर रहना सबसे सुरक्षित है।जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी: पानी से भरी सड़कों पर गाड़ी न दौड़ाएं क्योंकि खुले मैनहोल, गड्ढों या डूबे हुए डिवाइडर का पता नहीं चल पाता। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर गति नियंत्रित रखनी चाहिए।बिजली के उपकरणों और तारों से दूरी: टूटे हुए बिजली के तारों, खंभों और ट्रांसफार्मर से कम से कम 10 मीटर की दूरी बनाए रखें। घर के भीतर भी हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग बिजली कड़कने के दौरान निकाल दें।आपातकालीन नंबर साथ रखें: स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम (1077/112) और एम्बुलेंस (108) के हेल्पलाइन नंबर अपने मोबाइल में सुरक्षित रखें।
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, कहा- फटकारने से आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता
दिल्ली में सिनेमा हॉल खोलना आसान, NOC का चक्कर खत्म, घर बैठे ऐसे मिलेगा लाइसेंस
दिल्ली में अब सिनेमा घर को खोलने के लिए आपको अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. अब आप घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल पर लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं. यहां जानते हैं पूरी खबर-
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के उतार-चढ़ाव के बीच देश की प्रमुख सार्वजनिक तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के लिए पेट्रोल और डीजल के दैनिक खुदरा मूल्य अपडेट कर दिए हैं। राज्य के अधिकांश शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर लगने वाले परिवहन भाड़े (Freight Charges) और क्षेत्रीय वैट (VAT) के मामूली अंतर के कारण अलग-अलग शहरों में दामों में कुछ पैसों का अंतर दिखाई दे रहा है। राजधानी लखनऊ से लेकर एनसीआर के नोएडा-गाजियाबाद और पूर्वांचल के वाराणसी-गोरखपुर तक हर रोज लाखों वाहन चालकों और आम जनता के घरेलू बजट पर पेट्रोल-डीजल के दामों का सीधा असर पड़ता है।यूपी के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा भावउत्तर प्रदेश के प्रमुख महानगरों और जनपदों में आज के ताजा ईंधन रेट इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:राजधानी लखनऊ: लखनऊ में आज पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर के स्तर पर स्थिर बना हुआ है।नोएडा व ग्रेटर नोएडा: गौतमबुद्ध नगर जिले में पेट्रोल ₹101.94 प्रति लीटर और डीजल ₹95.44 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।गाजियाबाद: एनसीआर के गाजियाबाद शहर में पेट्रोल का भाव ₹101.88 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर चल रहा है।कानपुर (शहरी व ग्रामीण): औद्योगिक नगरी कानपुर में पेट्रोल ₹102.26 प्रति लीटर और डीजल ₹95.65 प्रति लीटर के भाव से बिक रहा है।वाराणसी (काशी): धार्मिक नगरी वाराणसी में पेट्रोल की कीमत ₹102.62 प्रति लीटर और डीजल ₹96.05 प्रति लीटर दर्ज की गई है।प्रयागराज (इलाहाबाद): संगम नगरी प्रयागराज में पेट्रोल ₹101.96 प्रति लीटर और डीजल ₹96.17 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।आगरा: ताजनगरी आगरा में 1 लीटर पेट्रोल ₹101.66 से ₹102.26 के बीच और डीजल ₹95.14 से ₹95.74 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है।मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में पेट्रोल ₹102.26 प्रति लीटर और डीजल ₹95.74 प्रति लीटर पर बना हुआ है।गोरखपुर: गोरखपुर में पेट्रोल की कीमत ₹102.08 प्रति लीटर और डीजल ₹95.57 प्रति लीटर पर स्थिर है।बरेली व अलीगढ़: बरेली में पेट्रोल ₹101.78 और डीजल ₹96.07 है, जबकि अलीगढ़ में पेट्रोल ₹101.92 और डीजल ₹95.38 प्रति लीटर मिल रहा है।अयोध्या व बस्ती: अयोध्या में पेट्रोल ₹102.25 व डीजल ₹95.70, जबकि बस्ती में पेट्रोल ₹102.66 और डीजल ₹95.92 प्रति लीटर के स्तर पर है।एक ही राज्य के अलग-अलग शहरों में क्यों बदल जाते हैं रेट?अक्सर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि जब पूरा उत्तर प्रदेश एक ही राज्य है और पूरे प्रदेश में राज्य सरकार का वैट (Value Added Tax) एक समान ढांचे पर लागू होता है, तो फिर लखनऊ, नोएडा, आगरा और वाराणसी के दामों में पैसों का अंतर क्यों होता है।इसके पीछे का मुख्य तकनीकी कारण है 'लोकल फ्रेट चार्ज' (परिवहन लागत)। तेल रिफाइनरियों या मुख्य डिपो (जैसे मथुरा रिफाइनरी, पानीपत या मुगलसराय टर्मिनल) से पेट्रोल पंप तक तेल पहुंचाने की दूरी जितनी अधिक होती है, उस पर लगने वाला ढुलाई का खर्च (Freight Cost) उतना ही बढ़ जाता है। दूरदराज और पूर्वांचल के सीमांत जिलों में मुख्य रिफाइनरी डिपो से दूरी ज्यादा होने के कारण वहां लखनऊ या एनसीआर के मुकाबले ईंधन कुछ पैसे महंगा बिकता है। इसके अलावा कुछ नगर निगम क्षेत्रों में स्थानीय सेस (Local Development Cess) का भी हल्का प्रभाव पड़ता है।पेट्रोल-डीजल के अंतिम बिल का गणित: कैसे तय होती है 1 लीटर की कीमत?जब कोई उपभोक्ता पेट्रोल पंप पर ₹100 से अधिक का भुगतान करता है, तो उसमें वास्तविक कच्चे तेल की कीमत के अलावा टैक्स और कमीशन का बड़ा हिस्सा शामिल होता है। पेट्रोल और डीजल की अंतिम खुदरा कीमत (Retail Selling Price) मुख्य रूप से 5 घटकों से मिलकर बनती है:बेस प्राइस (Base Price): अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल खरीदने, उसे भारत लाने और रिफाइनरी में पेट्रोल-डीजल में बदलने की मूल लागत।केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी (Central Excise Duty): केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में प्रति लीटर तय की जाने वाली निश्चित केंद्रीय उत्पाद शुल्क।डीलर कमीशन (Dealer Commission): पेट्रोल पंप मालिकों और उनके कर्मचारियों के संचालन खर्च व मुनाफे के लिए दिया जाने वाला कमीशन।राज्य सरकार का वैट (State VAT): राज्य सरकारों द्वारा लगाया जाने वाला मूल्य वर्धित कर, जो राज्य के राजस्व का एक बड़ा स्रोत है।परिवहन और स्थानीय शुल्क: डिपो से पंप तक आपूर्ति का लॉजिस्टिक्स खर्च।इन्हीं सभी घटकों के जुड़ने के बाद पेट्रोल पंप पर लगी डिजिटल डिस्पेंसिंग मशीन में अंतिम खुदरा भाव दिखाई देता है।आपकी जेब, रसोई के बजट और महंगाई पर ईंधन की कीमतों का सीधा असरईंधन की कीमतें केवल निजी बाइक या कार चलाने वालों की जेब तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इसका असर पूरे जनजीवन और अर्थव्यवस्था पर व्यापक रूप से पड़ता है।डीजल की कीमत सीधे तौर पर माल ढुलाई (Logistics & Freight Transport) को प्रभावित करती है। देश और राज्य के भीतर फल, सब्जियां, दूध, अनाज, दवाइयां और रोजमर्रा के एफएमसीजी उत्पाद ट्रकों और व्यावसायिक वाहनों के जरिए एक शहर से दूसरे शहर पहुंचते हैं। जब डीजल की कीमतें स्थिर या नियंत्रित रहती हैं, तो थोक और खुदरा बाजारों में जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतें स्थिर बनी रहती हैं। इसके अलावा ग्रामीण उत्तर प्रदेश में डीजल का एक बड़ा उपयोग कृषि कार्यों—जैसे ट्रैक्टर से जुताई, ट्यूबवेल और सिंचाई पंपसेट चलाने में होता है। डीजल के दाम स्थिर रहने से किसानों की फसल लागत नियंत्रित रहती है और कृषि क्षेत्र को बड़ी राहत मिलती है।घर बैठे अपने मोबाइल पर SMS से कैसे चेक करें पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट?तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6:00 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू करती हैं। यदि आप पेट्रोल पंप जाने से पहले अपने शहर या नजदीकी पंप का सही और सटीक रेट जानना चाहते हैं, तो आप घर बैठे अपने मोबाइल से एक साधारण एसएमएस (SMS) भेजकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:इंडियन ऑयल (IOCL) के ग्राहक: अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर टाइप करें RSP और इसे 9224992249 पर भेज दें।भारत पेट्रोलियम (BPCL) के ग्राहक: मैसेज बॉक्स में लिखें RSP और इसे 9223112222 पर सेंड करें।हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के ग्राहक: अपने फोन से टाइप करें HPPRICE और इसे 9222201122 पर भेजें।डीलर कोड हर पेट्रोल पंप पर डिस्पेंसिंग यूनिट के पास बड़े अक्षरों में प्रदर्शित रहता है या आप संबंधित तेल कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट व मोबाइल ऐप (जैसे IndianOil ONE ऐप) पर जाकर भी अपने इलाके का डीलर कोड और लाइव रेट आसानी से देख सकते हैं।
5 सेकेंड में मौत! बिना ड्राइवर दौड़ी बाइक, यूपी में एक्सीडेंट का खौफनाक VIDEO
युवक की गर्दन रस्सी में फंसते ही वह बाइक से नीचे गिर गया और फिर उठ नहीं पाया. युवक की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है.
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावर कपल्स में शुमार आलिया भट्ट और रणबीर कपूर इन दिनों अपनी लाडली बेटी राहा कपूर के साथ जिंदगी के सबसे खूबसूरत और सुकून भरे लम्हों का आनंद ले रहे हैं। अपनी फिल्मों की लगातार व्यस्त शूटिंग और बैक-टू-बैक प्रोजेक्ट्स के बीच से समय निकालकर यह स्टार फैमिली एक शांत समुद्री वेकेशन पर निकली है। अभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस छुट्टियों की कई अनदेखी और दिल छू लेने वाली तस्वीरें साझा की हैं। तस्वीरों में समंदर का नीला पानी, सुनहरी रेत और परिवार के बीच का अटूट प्यार साफ झलक रहा है। जैसे ही ये तस्वीरें इंटरनेट पर सामने आईं, कुछ ही मिनटों में वायरल हो गईं और फैंस से लेकर बॉलीवुड सेलेब्रिटीज तक सभी इस खूबसूरत तिकड़ी पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं।समंदर की लहरें, सफेद रेत और राहा का नटखट अंदाज: तस्वीरों में दिखा सुकून भरा मंजरआलिया भट्ट द्वारा साझा की गई तस्वीरों की श्रृंखला किसी खूबसूरत पेंटिंग जैसी नजर आ रही है। तस्वीरों में किसी ट्रॉपिकल बीच डेस्टिनेशन की शांति और प्राकृतिक सुंदरता को कैद किया गया है। एक तस्वीर में नन्हीं राहा अपने छोटे-छोटे कदमों से गीली रेत पर चलती नजर आ रही हैं, जहां उनके कदमों के निशान लहरों के साथ मिलते दिख रहे हैं। समंदर के किनारे ढलते सूरज की लालिमा (Sunset) के बीच पूरी फैमिली का एक खूबसूरत सिल्हूट फ्रेम फैंस को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है।आलिया ने तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में इस वेकेशन को रूह को सुकून देने वाला और जिंदगी को दोबारा तरोताजा करने वाला पल बताया है। तस्वीरों में किसी भी तरह का बनावटीपन या भारी-भरकम ग्लैमर नहीं है, बल्कि एक आम परिवार की तरह प्रकृति की गोद में शांति से बिताए गए पलों की सहजता है। कभी समंदर किनारे शंख और सीपियां बटोरते तो कभी लहरों के साथ खेलते हुए इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर पॉजिटिव वाइब्स बिखेर दी हैं।रणबीर कपूर का 'डैडी अवतार' और आलिया का नो-मेकअप सन-किस्ड लुकशेयर की गई तस्वीरों में रणबीर कपूर का एक बेहद प्यारा और केयरिंग 'डैडी अवतार' देखने को मिल रहा है। बड़े पर्दे पर इंटेंस और एक्शन किरदारों में नजर आने वाले रणबीर असल जिंदगी में अपनी बेटी राहा के सबसे अच्छे दोस्त बने दिख रहे हैं। एक तस्वीर में रणबीर राहा को गोद में उठाए समंदर की अनंत लहरों को निहारते नजर आ रहे हैं, जो पिता और बेटी के बीच के गहरे रिश्ते को बिना किसी शब्द के बयां कर रही है।वहीं आलिया भट्ट अपने वेकेशन मोड में बेहद सहज और खूबसूरत लग रही हैं। एक्ट्रेस ने फ्लोरल बीचवियर, बड़े सन-हैट और बिना किसी मेकअप वाले 'सन-किस्ड' नेचुरल लुक में अपनी तस्वीरें शेयर की हैं। उनकी मुस्कान यह साफ दर्शा रही है कि काम के भारी दबाव और लगातार कैमरों की चकाचौंध से दूर परिवार के साथ बिताया गया यह वक्त उनके लिए कितना अनमोल है।सोशल मीडिया पर फैंस का उमड़ा प्यार: बॉलीवुड सेलेब्रिटीज ने बरसाए दिलआलिया के पोस्ट करते ही इंस्टाग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कॉमेंट्स और लाइक्स की बाढ़ आ गई। नीतू कपूर, सोनी राजदान, शाहीन भट्ट, करीना कपूर खान और करण जौहर जैसे करीबी पारिवारिक सदस्यों और इंडस्ट्री के दोस्तों ने कमेंट सेक्शन में दिल वाले इमोजी और प्यार भरे संदेश पोस्ट किए।फैंस इस बात की जमकर तारीफ कर रहे हैं कि दोनों स्टार्स अपने इतने बिजी करियर के बावजूद राहा की परवरिश और उसे क्वालिटी टाइम देने में कोई कसर नहीं छोड़ते। कई यूजर्स ने लिखा कि राहा की मासूमियत और इस स्टार फैमिली का सादापन दिल जीत लेता है। सोशल मीडिया पर #AliaBhatt, #RanbirKapoor और #RahaKapoor जैसे हैशटैग्स तेजी से ट्रेंड करने लगे हैं।काम की व्यस्तता के बीच 'क्वालिटी फैमिली टाइम' की अहमियतआज के दौर में जहां वर्क-लाइफ बैलेंस बनाना हर कामकाजी इंसान के लिए चुनौती बन चुका है, वहीं आलिया और रणबीर की यह वेकेशन डायरी एक प्रेरणा देती है। साल भर लगातार फिल्मों के सेट, प्रमोशनल इवेंट्स और ब्रांड शूट्स में उलझे रहने के बावजूद दोनों कलाकार हर कुछ महीनों में अपनी नन्हीं बेटी के साथ दुनिया के किसी शांत कोने में छुट्टियां बिताने जरूर जाते हैं।आलिया ने कई साक्षात्कारों में यह साझा किया है कि राहा के जन्म के बाद उनकी प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं। उनके लिए काम जरूरी है, लेकिन राहा के बचपन के इन अनमोल पलों को जीना उनके जीवन का सबसे बड़ा सुख है। यह वेकेशन उनके लिए काम पर दोबारा लौटने से पहले ऊर्जा और प्रेरणा हासिल करने का एक जरिया है।अपकमिंग प्रोजेक्ट्स: ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर धमाका करने को तैयार आलिया-रणबीरइस सुकून भरे पारिवारिक वेकेशन के तुरंत बाद दोनों ही कलाकार अपने-अपने बड़े प्रोजेक्ट्स की शूटिंग में जुटने वाले हैं। रणबीर कपूर डायरेक्टर नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) और संजय लीला भंसाली की आगामी पीरियड ड्रामा 'लव एंड वॉर' (Love & War) में व्यस्त हैं, जिसमें उनके साथ आलिया भट्ट और विक्की कौशल भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।वहीं आलिया भट्ट यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड एक्शन फिल्म 'अल्फा' (Alpha) और वासन बाला की फिल्म 'जिगरा' के बाद कई अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स की तैयारियों में हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स के भारी शेड्यूल से पहले यह वेकेशन उनके लिए एक बेहतरीन रिफ्रेशमेंट साबित हुआ है।
बांग्लादेश को 'इस्लामिक NATO' में लाने की तैयारी? इस टर्किश अखबार ने बढ़ाई टेंशन
बांग्लादेश के पाकिस्तान-तुर्की-सऊदी अरब के उभरते रक्षा ढांचे में शामिल होने की संभावना को लेकर टर्किश अखबार येनी शफाक ने एक विश्लेषण प्रकाशित किया है. अखबार ने इसे फिलहाल काल्पनिक बताया है, लेकिन उसके मुताबिक ऐसा हुआ तो बांग्लादेश की विदेश और सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव आ सकता है. भारत के लिए भी नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं.
स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट, कैमरा, स्मार्टवॉच और यहां तक कि गेमिंग कंसोल—आजकल हर आधुनिक गैजेट में एक ही तरह का अंडाकार (Oval) पोर्ट दिखाई देता है, जिसे हम सभी 'टाइप-सी' (Type-C) पोर्ट के नाम से जानते हैं। यूरोपीय यूनियन के साझा चार्जिंग नियम और भारत सरकार के वन-केबल-फॉर-ऑल विजन के बाद बाजार में हर तरफ यूएसबी-सी का दबदबा है। जब लोग नया केबल या डॉकिंग स्टेशन खरीदने इलेक्ट्रॉनिक मार्केट या ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर जाते हैं, तो भारी कन्फ्यूजन पैदा होता है। एक केबल ₹150 में मिल रही होती है, जबकि बिल्कुल वैसी ही दिखने वाली दूसरी केबल की कीमत ₹2,500 से ₹3,500 तक होती है। इस भारी कीमत के अंतर के पीछे का असली राज है—USB-C और USB4 के बीच का फर्क। दिखने में दोनों एक जैसे होते हैं, लेकिन इनके अंदरूनी आर्किटेक्चर, डाटा ट्रांसफर स्पीड, वीडियो आउटपुट और चार्जिंग क्षमता में जमीन-आसमान का अंतर है।कनेक्टर बनाम प्रोटोकॉल: सड़क (USB-C) और उस पर दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन (USB4) का अंतरयूएसबी की दुनिया को समझने के लिए सबसे पहले 'कनेक्टर' (Connector) और 'प्रोटोकॉल' (Protocol) के बुनियादी फर्क को समझना जरूरी है।USB-C केवल एक फिजिकल कनेक्टर या पोर्ट का डिजाइन (Form Factor) है। यह 24-पिन का एक प्रतिवर्ती (Reversible) अंडाकार प्लग है, जिसे आप उल्टा या सीधा किसी भी तरह से डिवाइस में लगा सकते हैं। यूएसबी-सी केवल एक ढांचा या रास्ता है।दूसरी तरफ, USB4 एक 'कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल' या डेटा ट्रांसमिशन स्टैंडर्ड है। यह तय करता है कि उस यूएसबी-सी तार के भीतर से कितनी तेजी से डाटा बहेगा, कितनी बिजली प्रवाहित होगी और क्या वह केबल 4K/8K मॉनिटर पर डिस्प्ले आउटपुट दे पाएगी या नहीं। इसे सरल भाषा में समझें तो USB-C एक 8-लेन का खाली एक्सप्रेसवे है, जबकि USB4 उस पर 300 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली सुपरकार है। बाजार में मिलने वाली सभी USB4 केबल्स यूएसबी-सी शेप की ही होती हैं, लेकिन हर USB-C केबल USB4 की स्पीड सपोर्ट नहीं करती। कई सस्ती यूएसबी-सी केबल्स के भीतर आज भी 24 साल पुराना सुस्त 'USB 2.0' का सिस्टम चल रहा होता है।डेटा ट्रांसफर स्पीड का महामुकाबला: 480 Mbps की बैलगाड़ी बनाम 80 Gbps का रॉकेटकेबल का असली दम उसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड में दिखता है। जब आप 100 जीबी की 4K मूवी, गेम फाइल्स या भारी वीडियो फुटेज एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस में ट्रांसफर करते हैं, तब दोनों के बीच का अंतर मिनटों और घंटों का फर्क पैदा कर देता है:बेसिक USB-C (USB 2.0 स्टैंडर्ड): अधिकांश सस्ते स्मार्टफोन्स और बॉक्स में आने वाली बेसिक चार्जिंग केबल्स में USB 2.0 का डाटा आर्किटेक्चर होता है। इसकी अधिकतम ट्रांसफर स्पीड केवल 480 Mbps (लगभग 40-50 MB/s) होती है। 100 GB डाटा ट्रांसफर करने में इसमें 35 से 45 मिनट का समय लग जाता है।USB 3.2 Gen 1 और Gen 2 (Type-C): मध्यम श्रेणी की केबल्स 5 Gbps से 10 Gbps (लगभग 500 MB/s से 1.2 GB/s) की स्पीड देती हैं।USB4 (USB4 Gen 3x2): आधुनिक USB4 केबल न्यूनतम 20 Gbps और अधिकतम 40 Gbps (लगभग 4 GB प्रति सेकंड) की अल्ट्रा-हाई स्पीड ट्रांसफर प्रदान करती है। इसमें 100 GB की भारी फाइल मात्र 25 से 30 सेकंड में ट्रांसफर हो जाती है।USB4 वर्जन 2.0 (नेक्स्ट-जेन): नई पीढ़ी का USB4 2.0 मानक 'पीएएम-3' (PAM-3) एनकोडिंग तकनीक के जरिए 80 Gbps से लेकर असिमेट्रिक मोड में 120 Gbps तक की अकल्पनीय रफ्तार छूने में सक्षम है।डायनामिक बैंडविड्थ और प्रोटोकॉल टनलिंग: USB4 का असली 'दिमाग'USB4 को पुरानी पीढ़ियों से जो चीज सबसे अलग बनाती है, वह है इसकी 'प्रोटोकॉल टनलिंग' (Protocol Tunneling) और 'डायनामिक बैंडविड्थ एलोकेशन' (Dynamic Bandwidth Allocation) क्षमता।पुराने यूएसबी सिस्टम्स में यदि आप एक ही केबल से डिस्प्ले और डाटा दोनों ट्रांसफर कर रहे हों, तो बैंडविड्थ फिक्स हो जाती थी और ट्रांसफर धीमा हो जाता था। USB4 अपने पूरे 40 Gbps बैंडविड्थ को वास्तविक समय (Real-Time) में बुद्धिमानी से विभाजित करता है। यह एक साथ तीन अलग-अलग सिग्नल्स को टनल यानी बिना रुकावट के एक ही तार से गुजार सकता है:डिस्प्लेपोर्ट टनलिंग (DisplayPort 2.1): सिंगल केबल से एक 8K मॉनिटर (60Hz) या दो 4K मॉनिटर्स (120Hz) को लैग-फ्री स्मूथ डिस्प्ले देना।पीसीआईई टनलिंग (PCIe Tunneling): लैपटॉप में एक्सटर्नल ग्राफिक्स कार्ड (eGPU) या अल्ट्रा-फास्ट NVMe SSDs को सीधे मदरबोर्ड की स्पीड पर कनेक्ट करना।यूएसबी डाटा: हाई-स्पीड पेरिफेरल्स के लिए डेटा पैकेट्स का सुगम प्रवाह।पावर डिलीवरी (USB-PD 3.1): 15 वॉट से 240 वॉट तक की हाई-वोल्टेज चार्जिंगचार्जिंग के मामले में भी दोनों के बीच बड़ा अंतर है। एक सामान्य लोकल यूएसबी-सी केबल केवल 5V/3A यानी 15W से 18W की सामान्य चार्जिंग सपोर्ट कर पाती है, जो केवल साधारण मोबाइल चार्ज करने के लिए ठीक है।USB4 केबल्स अनिवार्य रूप से आधुनिक 'USB Power Delivery 3.1' (USB-PD) और 'एक्सटेंडेड पावर रेंज' (EPR) मानकों के साथ आती हैं। इसका मतलब है कि एक सिंगल USB4 केबल 48V/5A के माध्यम से अधिकतम 240W तक की भारी-भरकम बिजली सुरक्षित रूप से ट्रांसफर कर सकती है। इस एक केबल से आप एक छोटे ईयरबड्स से लेकर फ्लैगशिप स्मार्टफोन, टैबलेट, 16-इंच का पावरफुल मैकबुक प्रो और भारी गेमिंग लैपटॉप तक आसानी से सुपरफास्ट चार्ज कर सकते हैं। इसमें बिल्ट-इन थर्मल प्रोटेक्शन होता है, जिससे ओवरहीटिंग और शॉर्ट-सर्किट का जोखिम नहीं रहता।थंडरबोल्ट (Thunderbolt 3 और 4) से क्या है USB4 का नाता?कई तकनीकी उपभोक्ता थंडरबोल्ट और USB4 को लेकर असमंजस में रहते हैं। इंटेल (Intel) ने कुछ साल पहले अपनी मालिकाना हक वाली 'Thunderbolt 3' तकनीक का पेटेंट और स्पेसिफिकेशन यूएसबी प्रमोटर्स ग्रुप (USB-IF) को रॉयल्टी-फ्री सौंप दिया था। उसी थंडरबोल्ट प्रोटोकॉल की नींव पर USB4 का निर्माण किया गया है।USB4 पूरी तरह से Thunderbolt 3 और Thunderbolt 4 के साथ बैकवर्ड कम्पैटिबल (Backward Compatible) है। यदि आपके पास एप्पल का एम-सीरीज मैकबुक, इंटेल ईवो लैपटॉप या हाई-एंड पीसी है जिसमें थंडरबोल्ट पोर्ट है, तो आप उस पर USB4 एक्सेसरीज को बिना किसी परफॉर्मेंस लॉस के आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं।नया केबल खरीदने से पहले इन 4 बातों का रखें खास ध्यान: टेक्निकल ट्रैप से बचेंE-Marker चिप की मौजूदगी: 60W से अधिक पावर (100W/240W) और 10 Gbps से अधिक स्पीड वाली हर प्रामाणिक केबल के कनेक्टर हेड के अंदर एक छोटी स्मार्ट चिप लगी होती है जिसे 'ई-मार्कर' (Electronic Marker) कहा जाता है। यह चिप चार्जर और लैपटॉप के बीच सुरक्षित वोल्टेज व करंट का संचार तय करती है। बिना ई-मार्कर वाली सस्ती केबल्स आपके महंगे लैपटॉप के मदरबोर्ड को जला सकती हैं।केबल की लंबाई और स्पीड का संबंध: USB4 केबल्स में 40 Gbps की स्पीड हासिल करने के लिए सिग्नल्स का बिना लॉस के पहुंचना जरूरी है। पैसिव (Passive) USB4 केबल्स की आदर्श लंबाई 0.8 मीटर से 1 मीटर तक ही होती है। यदि आप 2 मीटर या उससे लंबी 40 Gbps केबल चाहते हैं, तो सुनिश्चित करें कि वह 'एक्टिव केबल' (Active Cable with Re-timer chip) हो।USB-IF सर्टिफाइड लोगो (Logo) की पहचान: किसी भी केबल के डिब्बे पर केवल 'Fast Charging' या 'High Speed' लिखे होने पर भरोसा न करें। यूएसबी इम्प्लीमेंटर्स फोरम (USB-IF) के आधिकारिक लोगो देखें, जिन पर स्पष्ट रूप से '40Gbps 240W' या '20Gbps 100W' का ट्रेडमार्क प्रिंट होता है।अपनी डिवाइस की वास्तविक जरूरत समझें: यदि आपको केवल एक साधारण स्मार्टफोन चार्ज करना है, तो ₹2,000 की USB4 केबल लेने की जरूरत नहीं है; वहां एक सामान्य ₹300-₹400 की 60W USB-C केबल पर्याप्त है। यदि आप कंटेंट क्रिएटर, वीडियो एडिटर, गेमर हैं, या मैकबुक/विंडोज लैपटॉप को 4K मॉनिटर, एक्सटर्नल एसएसडी या डॉक से जोड़ना चाहते हैं, तो USB4 केबल पर निवेश करना ही सबसे समझदारी भरा और फ्यूचर-प्रूफ फैसला है।
Maharashtra: ड्रग्स केस में जमानत पर निकले युवक की हत्या; 105 दिन में 1.25 लाख ऑटो-टैक्सी चालकों ने मराठी सीखी
देश में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को कई रूट्स में चलाया जाएगा. इसके लिए चेन्नई की रेलवे कोच फैक्ट्री में Vande Bharat Sleeper Trains के 50 कोच तैयार किए जाएंगे. इसको लेकर काम कहां तक पहुंचा, इस पर अपडेट सामने आया है.

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