राशिफल: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन
काम पर ध्यान केंद्रित करने में कुछ कठिनाई हो सकती है। अपेक्षित सहयोग न मिलने से खर्च बढ़ सकता है। हालांकि मनोरंजन और....
IRGC के ठिकानों पर अमेरिका के ताजा हमले, देखें US Top-10
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. अमेरिका ने IRGC के ठिकानों पर ताजा हमले किए हैं. जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे. ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान की तरफ से दोबारा हमला हुआ जवाब और भी कड़ा होगा. देखें यूएस टॉप-10.
नेपाल में 600 विदेशी नागरिक अब भी लापता, 1,222 शव बरामद
नेपाल में बाढ़ और आपदा के बाद खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है. नेपाल पुलिस के ताजा अपडेट के मुताबिक अब तक 1,222 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 4,875 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज है. लापता लोगों में 601 विदेशी नागरिक शामिल हैं. राहत और बचाव अभियान में अब तक 6,006 लोगों को बचाया गया है.
नौशाद के बाद आदिल का एनकाउंटर... कौशांबी पटाखा ब्लास्ट केस में एक्शन
कौशांबी के मोहम्मदपुर मनौरी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी आदिल को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी आदिल के दोनों पैरों में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर में भर्ती कराया गया है.
अमेरिका ने भारत को धमकाने की कोशिश, PM मोदी की किस मुलाकात पर भड़का?
इससे पहले पीएम मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन से इतर पेजेश्कियान के साथ बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात के बाद बताया था कि बैठक के दौरान दोनों ने ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने के संकल्प को दोहराया।
राम मंदिर में बदलेगा 6 साल पुराना सिस्टम, CEO की होंगी ये जिम्मेदारियां
राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ की नियुक्ति के बाद मंदिर प्रबंधन, व्यवस्था संचालन का पूरा मॉडल बदल जाएगा. सीईओ के पास कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी.
राहगीरों को देख घबराया आरोपी, फुटपाथ पर छोड़ गया शव
लखनऊ के मानकनगर में 55 वर्षीय धीरज सोनकर पर 28 साल की लिव-इन पार्टनर पूजा की हत्या का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, 50 हजार रुपये को लेकर विवाद के बाद वारदात हुई. आरोपी शव को ई-रिक्शे से नहर में फेंकने पहुंचा, लेकिन राहगीरों को देखकर शव छोड़कर भाग गया.
CEO की नियुक्ति के बाद होगा ये पहला बड़ा बदलाव, अब मशीनें करेंगी काम
अयोध्या राम मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती अब मशीनों से कराने की तैयारी है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसके लिए दो बैंकों और आईआईटी के विशेषज्ञों से प्रस्ताव लिए हैं. हाई-स्पीड नोट काउंटिंग मशीन, ऑटोमेटिक सिक्का गिनने वाली मशीन और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम पर विचार हो रहा है. नई व्यवस्था में चढ़ावे का डिजिटल रिकॉर्ड बनेगा और पूरी प्रक्रिया CCTV निगरानी में रखने की योजना है.
रिस्क 'Zero', मंथली ₹20500 की कमाई... सिर्फ एक बार करना है निवेश
Post Office Regular Income Scheme: पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स में हर निवेश पर सुरक्षा की गारंटी खुद सरकार लेती है, तो वहीं इनमें से कई योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज, बड़े बैंकों की Bank FD से भी ज्यादा होता है.
किसी के गमले से लाए मनी प्लांट? ऐसे लगाएं, होगा हरा-भरा
Money Plant Growing Tips: मनी प्लांट की टहनी या डंठल से घर पर नया पौधा तैयार करना चाहते हैं? इसके लिए आपको बाजार से नया पौधा खरीदने की जरूरत नहीं है. बस सही कटिंग चुनकर उसे पानी या मिट्टी में सही तरीके से लगाएं. जानें मनी प्लांट की कटिंग लगाने का आसान तरीका, सही मिट्टी, पानी और रोशनी से जुड़ी जरूरी बातें, ताकि टहनी जल्दी जड़ पकड़ सके और कुछ ही समय में हरी-भरी बेल तेजी से फैलने लगे.
'इसमें तो कोई जांच ही नहीं हुई', बिहार के 25 साल पुराने मर्डर केस को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने 2001 के एक हत्या मामले में बिहार पुलिस के सबूतों को खारिज करते हुए छह आरोपियों को बरी कर दिया।
सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर कैसे आया सबसे बड़ा संकट, देखें गुजरात आजतक
एक तरफ देश की GDP तेज रफ्तार से दौड़ रही है, वहीं सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री मंदी के दौर से गुजर रही है. महंगाई बढ़ने से लागत बढ़ गई, मगर बाजार में कपड़े की कीमत नहीं बढ़ी। ऊपर से डिमांड और कम हो गई है. अब सूरत के बड़े कपड़ा कारोबारी टेंशन में हैं. देखें गुजरात आजतक.
5 रन देकर 7 विकेट, हैट्रिक... इस गेंदबाज ने रचा नया इतिहास
मुकाबले में श्रीलंकाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 124 रन बनाए थे. जवाब में चमारी अटापट्टू की फिरकी के सामने इंडोनेशियाई बल्लेबाज टिक ही नहीं सकीं और पूरी टीम 49 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका ने 75 रनों से मुकाबला अपने नाम किया और ग्रुप-बी में अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली.
सिर पर कैप, माला और केक... भैंस 'बसंती' का खास अंदाज में मनाया बर्थडे
यूपी के बलिया में एक भैंस का जन्मदिन अनोखे अंदाज में मनाया गया. राजेश कुमार वर्मा ने अपनी भैंस 'बसंती' का चौथा जन्मदिन मनाया. गुब्बारों से सजावट हुई, सिर पर 'Happy Birthday' की कैप पहनाई गई, गले में फूलों की माला डाली गई और सामने दो-दो केक रखे गए. केक काटकर बसंती को खिलाया गया और गांव वालों ने तालियां बजाकर बधाई दी.
सरकारी दफ्तरों में करप्शन पर ED ने क्या किया खुलासा? देखें पंजाब आजतक
पंजाब में ED की रिपोर्ट से सियासी हलचल तेज है. रिपोर्ट में ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर, CLU और पॉलिसी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप हैं. इस घोटाले के तार मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है. इस खुलासे के बाद ED की रिपोर्ट को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं. देखें पंजाब आजतक.
कुकी और मैतेई समुदाय के बीच फासला मिटाने की कोशिश, तीन साल में पहली बार 2 Kuki MLA पहुंचे इंफाल
तीन साल बाद दो कुकी विधायकों ने समुदाय के निर्देशों को दरकिनार कर इंफाल में मणिपुर विधानसभा सत्र में भाग लिया।
PAK क्रिकेट में 3 साल से महासर्कस... न कप्तान बचा, न कोच अब 7 खिलाड़ी भी 'हिटविकेट'
पाकिस्तान क्रिकेट टीम मौजूदा समय में अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है, कुछ दिग्गज पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों पर सवाल उठा रहे हैं तो कुछ का कहना है कि इसके पीछे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी PCB का हाथ है. आखिर पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पतन की कहानी क्या है, आइए समझने की कोशिश करते हैं. लेकिन पाकिस्तान टीम के पतन की कहानी शुरू होती है 2023 के वर्ल्ड कप के बाद से ...
5 तारीख तक सैलरी, PF-EPF और 40 लाख तक का बीमा; नई व्यवस्था में क्या बदला
यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है. अब आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी 1 से 5 तारीख के बीच सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा. आउटसोर्स कर्मचारियों की PF, EPF और ESI से जुड़ी सुविधाओं को भी व्यवस्थित किया जाएगा. कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य कवर और 20 से 40 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा समेत कई सुविधाएं मिलेंगी.
PM Narendra Modi ने जल संरक्षण के लिए AI और आधुनिक तकनीक अपनाने पर दिया जोर
नयी दिल्ली, दो सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को शहरीकरण से पैदा होने वाली उन चुनौतियों के प्रति शहरी स्थानीय निकायों को संवेदनशील बनाने का आह्वान किया, जिनमें बढ़ती आबादी और भविष्य में पानी की जरूरतें शामिल हैं। मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय के दो दिवसीय राष्ट्रीय विभागीय जल शिखर सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए पानी बचाने वाली तकनीकों को अधिक से अधिक अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों की जानकारी देने के लिए विशेष प्रदर्शनियों और कार्यशालाओं के आयोजन का सुझाव दिया, ताकि भारतीय निर्माता और संबंधित पक्ष जल संरक्षण के प्रभावी समाधान विकसित करने और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने में सक्षम हो सकें। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शहरीकरण से उत्पन्न चुनौतियों, विशेष रूप से बढ़ती आबादी और भविष्य में पानी की जरूरतों को लेकर शहरी स्थानीय निकायों को जागरूक करने पर जोर दिया। जन भागीदारी की जरूरत पर जोर देते हुए मोदी ने लोगों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘जल उत्सव’ को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। उन्होंने गाद निकालने के काम को नियमित प्रक्रिया बनाने और इसके लिए स्पष्ट मानदंड तथा मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने का आह्वान किया। बांधों की सुरक्षा के संबंध में प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मानसून से पहले व्यापक तैयारियां करने, निर्धारित सावधानियों का पालन करने और स्कूली छात्रों में जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया। उन्होंने इसके लिए पाठ्यक्रम में उपयुक्त सामग्री शामिल करने का भी सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में जल प्रबंधन से जुड़ी जानकारी तथा क्षमता को मजबूत करने का भी आह्वान किया। मोदी ने दो दिवसीय सम्मेलन में हुई गहन चर्चा की सराहना की और कहा कि इससे सामने आए व्यावहारिक एवं समयबद्ध कार्य बिंदुओं पर लगातार समीक्षा और सीखने की प्रक्रिया के जरिए काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक बार होने वाली कवायद बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसकी लगातार समीक्षा और आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों को शामिल करते हुए राज्यों के बीच योजनाबद्ध अध्ययन दौरों का सुझाव दिया, ताकि व्यावहारिक सीख हासिल की जा सके और उन्हें अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके। उन्होंने जल संबंधी आंकड़ों के बेहतर प्रबंधन की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि जल क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों को एक जगह लाकर व्यवस्थित तरीके से प्रबंधित, विश्लेषित और प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मोदी ने एक समान प्रारूप के जरिए आंकड़े जुटाने और उनके विश्लेषण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल की वकालत की। उन्होंने जल संकट से निपटने के लिए पहले से तैयारी करते हुए एकीकृत योजना बनाने पर जोर दिया। इसके तहत उपचारित पानी का कृषि और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उचित इस्तेमाल किया जा सकता है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि व्यवस्थित योजना, प्रतिबद्धता, पर्याप्त संसाधनों और सक्षम अधिकारियों की तैनाती के जरिए पानी की कमी की स्थितियों को अवसरों में बदला जा सकता है। बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जल सुरक्षा भारत और हमारे ग्रह के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके लिए नए विचारों, प्रौद्योगिकी और सबसे बढ़कर जन भागीदारी की जरूरत है।
दिल्ली के नरेला में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या, जिम से बाहर निकलते ही मारी गोली
नरेला में 36 साल के प्रॉपर्टी कारोबारी प्रमोदहर रोज की तरह ही गुरुवार सुबह जिम में एक्सरसाइज करने गए थे. जिम के बाहर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. फिलहाल हत्या की वजह साफ नहीं हो सकी है.
सड़क हादसों में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया है। देश भर के प्रमुख शहरों, चौराहों और एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की धरपकड़ के लिए विशेष सघन चेकिंग अभियान (Special Enforcement Drive) शुरू किया गया है।इस अभियान के दौरान विशेष रूप से बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों और बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (Third-Party Insurance) के दौड़ रही गाड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक नियमों का एक साथ उल्लंघन पाए जाने पर वाहन चालकों की जेब पर ₹5,000 तक का संयुक्त चालान गिर सकता है, साथ ही वाहन जब्त होने और ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित होने का भी पूरा खतरा है।मोटर वाहन अधिनियम: नियमों के उल्लंघन पर कितना लगेगा जुर्माना?संशोधित मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत ट्रैफिक नियमों को न मानने पर भारी जुर्माने और कानूनी कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है:बिना हेलमेट दोपहिया चलाना (धारा 194D):चालक (Rider) या पीछे बैठी सवारी (Pillion Rider) में से किसी ने भी बीआईएस/आईएसआई (ISI) प्रमाणित हेलमेट नहीं पहना है, तो ₹1,000 का चालान कटेगा।इसके साथ ही संबंधित चालक का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित (Disqualify/Suspend) किया जा सकता है।बिना वैध इंश्योरेंस के वाहन चलाना (धारा 196):पहली बार पकड़े जाने पर: ₹2,000 का जुर्माना अथवा 3 महीने तक की जेल (या दोनों)।दूसरी या बार-बार पुनरावृत्ति (Repeat Offence) पर: ₹4,000 का जुर्माना या जेल का प्रावधान।इसके अलावा वैध बीमा प्रस्तुत न करने तक मौके पर ही गाड़ी जब्त (Impound) की जा सकती है।संयुक्त उल्लंघन पर ₹5,000 तक की चपत:यदि कोई चालक बिना हेलमेट (₹1,000), बिना इंश्योरेंस (₹2,000) और साथ में बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC - ₹10,000 तक) या बिना सीटबेल्ट/लाइसेंस के पकड़ा जाता है, तो मौके पर ई-चालान की कुल राशि ₹5,000 से भी ऊपर पहुंच जाती है।हाई-टेक ANPR कैमरे और ई-चालान प्रणाली: छिपना हुआ नामुमकिनअब चौराहों पर पुलिसकर्मी के सामने न होने पर भी चालान से बचना मुमकिन नहीं रह गया है:शहरों के प्रमुख चौराहों, फ्लाईओवर और टोल प्लाजा पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरे और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी सर्विलांस लगाए गए हैं।ये कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को सीधे केंद्रीय 'वाहन' (VAHAN) पोर्टल के डेटाबेस से मैच करते हैं। यदि गाड़ी का इंश्योरेंस या फिटनेस एक्सपायर है, तो बिना रोके सीधे आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ई-चालान का एसएमएस पहुंच जाता है।हेलमेट के मामले में कैमरे द्वारा चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों के चेहरों को स्कैन कर फोटो युक्त डिजिटल चालान जनरेट किया जा रहा है।केवल जुर्माने की बात नहीं: बिना इंश्योरेंस गाड़ी चलाना क्यों है भारी जोखिम?कई वाहन चालक प्रीमियम बचाने के चक्कर में इंश्योरेंस रिन्यू कराने में लापरवाही बरतते हैं। लेकिन यह जानलेवा भूल साबित हो सकती है:थर्ड-पार्टी देनदारी का बोझ: यदि बिना बीमा वाली गाड़ी से कोई सड़क दुर्घटना हो जाती है, तो पीड़ित व्यक्ति को मिलने वाले लाखों-करोड़ों रुपये के मुआवजे (Compensation) का भुगतान बीमा कंपनी नहीं, बल्कि सीधे वाहन मालिक को अपनी निजी संपत्ति या जेब से करना पड़ता है।नो क्लेम बोनस (NCB) का नुकसान: यदि पॉलिसी की समाप्ति तिथि के 90 दिनों के भीतर रिन्यू नहीं कराया गया, तो वर्षों से संचित किया गया 20% से 50% तक का नो-क्लेम बोनस पूरी तरह शून्य हो जाता है।सड़क पर निकलने से पहले इन बातों को अवश्य जांच लेंडिजिटल दस्तावेज साथ रखें: यदि कागजी दस्तावेज घर छूट गए हैं, तो केंद्र सरकार के mParivahan या DigiLocker ऐप में मौजूद डिजिटल आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस को वैध माना जाता है।मानक हेलमेट ही पहनें: केवल कैप-स्टाइल या लोकल प्लास्टिक हेलमेट मान्य नहीं हैं; हेलमेट पर बीआईएस (BIS) का होलोग्राम/आईएसआई मार्क होना चाहिए और स्ट्रैप (फीता) ठीक से बंधा होना अनिवार्य है।पेंडिंग चालान चेक करें: परिवहन विभाग के आधिकारिक पोर्टल (echallan.parivahan.gov.in) पर जाकर अपने वाहन का नंबर डालें और देखें कि कोई पुराना चालान लंबित तो नहीं है। समय पर भुगतान न करने पर वर्चुअल कोर्ट से समन जारी हो सकता है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए जीवनदायिनी संबल बनी हुई है। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की गारंटी मिलती है।अक्सर परिवारों में शादी के बाद नई बहू के आने पर या बच्चे के जन्म के बाद यह सवाल उठता है कि पहले से बने परिवार के आयुष्मान कार्ड में उस नए सदस्य का नाम कैसे जोड़ा जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है; आप अपने स्मार्टफोन या लैपटॉप से घर बैठे कुछ ही मिनटों में परिवार के किसी भी नए सदस्य का नाम आयुष्मान कार्ड सूची में जोड़ सकते हैं।नए सदस्य का नाम जोड़ने के लिए जरूरी दस्तावेज (Documents Required)प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास निम्नलिखित वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं:परिवार के मुखिया/मौजूदा सदस्य का विवरण: परिवार के जिस सदस्य का आयुष्मान कार्ड पहले से बना हुआ है, उसका आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड नंबर।नए सदस्य का आधार कार्ड: जिस व्यक्ति का नाम जोड़ना है, उसका आधार कार्ड (ध्यान रहे कि आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है, ताकि ओटीपी वेरिफिकेशन हो सके)।संबंध प्रमाण पत्र (Proof of Relationship):शादी के बाद बहू का नाम जोड़ने के लिए: विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) या संयुक्त राशन कार्ड जिसमें बहू का नाम दर्ज हो।नवजात शिशु या बच्चे का नाम जोड़ने के लिए: जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या अपडेटेड राशन कार्ड।सक्रिय मोबाइल नंबर: ओटीपी सत्यापन (OTP Verification) के लिए चालू मोबाइल नंबर।स्टेप-बाय-स्टेप: आधिकारिक पोर्टल से ऐसे जोड़ें नया नामराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आधिकारिक बेनेफिशियरी पोर्टल के माध्यम से नाम जोड़ने की प्रक्रिया इस प्रकार है:स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र में NHA का आधिकारिक पोर्टल (beneficiary.nha.gov.in) खोलें।स्टेप 2: बेनेफिशियरी लॉगिन करें होमपेज पर 'Beneficiary' विकल्प चुनें, अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और 'Verify' पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर आए ओटीपी और कैप्चा कोड को डालकर लॉगिन करें।स्टेप 3: परिवार का विवरण खोजें लॉगिन करने के बाद अपना राज्य (State), स्कीम (PMJAY), जिला (District) और सर्च का माध्यम (Aadhaar Number, Family ID या Ration Card) चुनें और 'Search' आइकन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपके परिवार के सभी मौजूदा सदस्यों की सूची खुल जाएगी।स्टेप 4: 'Add Member' विकल्प का चयन करें सूची के दाईं ओर आपको 'Add Member' (प्लस का निशान) का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।स्टेप 5: मौजूदा सदस्य का प्रमाणीकरण (Authentication) सुरक्षा के लिए परिवार के किसी भी मौजूदा सत्यापित सदस्य के आधार नंबर पर एक ऑथेंटिकेशन ओटीपी जाएगा। उस ओटीपी को दर्ज कर सत्यापित करें।स्टेप 6: नए सदस्य की जानकारी भरें अब एक नया फॉर्म खुलेगा जिसमें नए सदस्य का पूरा विवरण दर्ज करना होगा:नए सदस्य का नाम, लिंग, जन्मतिथि और पिता/पति का नाम।परिवार के मुखिया के साथ संबंध (जैसे Wife, Son, Daughter आदि)।नए सदस्य का आधार नंबर दर्ज करें और आधार ओटीपी के जरिए ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा करें।स्टेप 7: संबंध प्रमाण पत्र अपलोड करें रिलेशनशिप डॉक्यूमेंट के कॉलम में मैरिज सर्टिफिकेट या बर्थ सर्टिफिकेट की स्कैन की गई कॉपी (पीडीएफ या जेपीजी फॉर्मेट में) अपलोड करें।स्टेप 8: लाइव फोटो और सबमिट मोबाइल कैमरे या वेबकैम से नए सदस्य की एक स्पष्ट लाइव फोटो कैप्चर करें और सभी विवरण जांचने के बाद 'Submit' बटन पर क्लिक कर दें।आयुष्मान ऐप (Ayushman App) से भी कर सकते हैं अप्लाईयदि आप कंप्यूटर का उपयोग नहीं करते हैं, तो गूगल प्ले स्टोर से आधिकारिक 'Ayushman App' डाउनलोड करके भी यही प्रक्रिया अपना सकते हैं। ऐप में भी 'Beneficiary' मोड में लॉगिन करके परिवार की आईडी सर्च करनी होती है और 'Add Member' फीचर के जरिए आधार फेस-आरडी (Aadhaar FaceRD) या ओटीपी का उपयोग करके नए सदस्य का नाम आसानी से दर्ज किया जा सकता है।नाम जुड़ने के बाद कितने दिन में बनेगा कार्ड?आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद आपको स्क्रीन पर एक रेफरेंस नंबर (Acknowledgment Number) प्राप्त होगा।स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जिला नोडल एजेंसी द्वारा आपके अपलोड किए गए दस्तावेजों (राशन कार्ड/बर्थ सर्टिफिकेट/मैरिज सर्टिफिकेट) का सत्यापन किया जाता है।सामान्यतः 7 से 15 कार्य दिवसों के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो जाती है।अप्रूवल मिलते ही नए सदस्य का आयुष्मान कार्ड पोर्टल पर एक्टिवेट हो जाता है, जिसे आप उसी पोर्टल या आयुष्मान ऐप से सीधे पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।यदि किसी कारणवश ऑनलाइन प्रक्रिया में तकनीकी समस्या आती है, तो आप अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC सेंटर) या किसी भी सरकारी जिला अस्पताल में बने आयुष्मान मित्र केंद्र पर जाकर भी मूल दस्तावेजों के साथ नए सदस्य का नाम निःशुल्क या नाममात्र शुल्क पर जुड़वा सकते हैं।
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में निजी कंपनियों द्वारा हालिया समय में की गई टैरिफ दरों में बढ़ोतरी के बाद आम मोबाइल उपभोक्ताओं की जेब पर खासा असर पड़ा है। रिलायंस जियो (Reliance Jio) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के सामान्य 28 दिनों वाले 1.5GB से 2GB प्रतिदिन के प्लान्स अब ₹350 से ₹400 के दायरे में पहुंच चुके हैं।इस बढ़ती महंगाई के बीच यदि कोई यूजर ₹300 से कम के बजट में पूरे महीने के लिए बेरोकटोक कॉलिंग और भरपूर डेटा की तलाश कर रहा है, तो सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी BSNL (भारत संचार निगम लिमिटेड) और Vodafone Idea (Vi) के कुछ चुनिंदा प्लान्स निजी दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। ये किफायती प्लान्स उन उपभोक्ताओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं जो बिना ज्यादा खर्च किए डिजिटल कनेक्टिविटी बनाए रखना चाहते हैं।BSNL ₹299 प्लान: पूरे 30 दिन तक रोजाना 3GB हाई-स्पीड डेटासरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL इस सेगमेंट में सबसे आक्रामक ऑफर पेश कर रही है:प्लान की कीमत: ₹299वैलिडिटी: पूरे 30 दिन (अधिकांश निजी कंपनियों के 28 दिनों के चक्र के विपरीत)डेटा बेनिफिट: 3GB प्रतिदिन हाई-स्पीड डेटा (कुल 90GB डेटा)कॉलिंग और एसएमएस: किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग + रोजाना 100 फ्री एसएमएसपोस्ट-FUP स्पीड: दैनिक 3GB डेटा सीमा समाप्त होने के बाद भी इंटरनेट पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि 40 Kbps की अनलिमिटेड स्पीड से चलता रहता है।BSNL देश भर में अपने 4G नेटवर्क का विस्तार स्वदेशी तकनीक के साथ तेजी से पूरा कर रहा है, जिससे उन क्षेत्रों में जहां नेटवर्क मजबूत है, यह प्लान वैल्यू-फॉर-मनी के मामले में निजी ऑपरेटरों से कहीं आगे निकल जाता है।Vodafone Idea (Vi) ₹299 प्लान: 'हीरो अनलिमिटेड' और रात में फ्री डेटायदि आप निजी नेटवर्क और बेहतर कवरेज की तलाश में हैं, तो वोडाफोन-आइडिया का ₹299 वाला प्लान जियो और एयरटेल के मुकाबले डेटा के मामले में अनोखे फीचर्स पेश करता है:प्लान की कीमत: ₹299वैलिडिटी: 28 दिनरेगुलर डेटा: 1GB या 1.5GB प्रतिदिन हाई-स्पीड डेटा (सर्कल के आधार पर)कॉलिंग: सभी नेटवर्क्स पर अनलिमिटेड फ्री वॉइस कॉलिंग + 100 SMS/दिनबिंग ऑल नाइट (Binge All Night): रात 12:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक बिना किसी डेटा कटौती के ट्रू अनलिमिटेड हाई-स्पीड डेटा। यानी रात में आप जितनी चाहें फिल्में, सीरीज या फाइल्स डाउनलोड कर सकते हैं, आपके दिन का कोटा खर्च नहीं होगा।वीकेंड डेटा रोलओवर (Weekend Data Rollover): सोमवार से शुक्रवार तक बचा हुआ अनयूज्ड डेटा शनिवार और रविवार को इस्तेमाल किया जा सकता है।जियो और एयरटेल के ₹300 के इर्द-गिर्द के प्लान्स की क्या है स्थिति?जियो और एयरटेल दोनों ही कंपनियों ने अपने बेस डेटा प्लान्स की कीमतें बढ़ा दी हैं:टेलीकॉम कंपनीप्लान कीमतवैलिडिटीडेटा कोटाअतिरिक्त लाभBSNL₹29930 दिन3GB / दिन (कुल 90GB)अनलिमिटेड कॉलिंग, 100 SMS/दिनVodafone Idea (Vi)₹29928 दिन1.5GB / दिनरात 12 से सुबह 6 अनलिमिटेड, डेटा रोलओवरJio₹29928 दिन1.5GB / दिन (कुल 42GB)अनलिमिटेड कॉलिंग, जियो ऐप्स एक्सेसAirtel₹29928 दिन1GB या 1.5GB / दिनअनलिमिटेड कॉलिंग, विंक म्यूजिक, अपोलो 24/7जियो और एयरटेल के ₹299 वाले प्लान्स में कॉलिंग तो अनलिमिटेड मिलती है, लेकिन डेटा के मोर्चे पर BSNL दोगुना डेटा (3GB/दिन) और 2 दिन की अतिरिक्त वैलिडिटी देता है, जबकि Vi रात भर बिना किसी लिमिट के डेटा की सुविधा उपलब्ध कराता है।उपभोक्ताओं के लिए कौन-सा विकल्प है सबसे मुफीद?हेवी डाउनलोडर्स और यूट्यूब लवर्स: यदि आप देर रात तक वीडियो स्ट्रीमिंग या डाउनलोडिंग करते हैं, तो Vi का ₹299 प्लान बेस्ट है क्योंकि इसमें 'बिंग ऑल नाइट' के तहत रात का डेटा बिल्कुल मुफ्त रहता है।मैक्सिमम डेटा और बजट प्राथमिकता: यदि आपके क्षेत्र में BSNL का 4G नेटवर्क स्थिर है और आप प्रतिदिन 3GB डेटा के साथ पूरे 30 दिन की वैधता चाहते हैं, तो BSNL का ₹299 प्लान मार्केट में सबसे किफायती विकल्प है।5G नेटवर्क प्राथमिकता: यदि आप हाई-स्पीड 5G डेटा कनेक्टिविटी चाहते हैं, तो जियो और एयरटेल पर आपको ₹349 या उससे ऊपर के प्लान्स की ओर रुख करना होगा, क्योंकि ₹300 से कम के प्लान्स में अब कंपनियों ने अनलिमिटेड 5G डेटा बंडलिंग बंद कर दी है।
शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में फरार शूटरों पर बढ़ा ईनाम
शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में फरार शूटर सत्यम कादयान और आर्यन पर पुलिस ने एक-एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया है. GPS ट्रैकिंग और CCTV फुटेज से जांच में अहम खुलासे हुए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
'स्वरा की जुबान काटने वाले को 1.51 लाख का इनाम', भड़के प्रदर्शनकारी
‘पद्मावत’ में जौहर के चित्रण पर स्वरा भास्कर की टिप्पणी से आगरा में विवाद बढ़ गया. योगी यूथ ब्रिगेड ने प्रदर्शन कर पोस्टर जलाए और जुबान काटने पर ₹1.51 लाख के इनाम का ऐलान किया.
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने दावा किया था कि दिल्ली पुलिस के दो कर्मी आशीष जोशी को मॉर्निंग वॉक के दौरान नेहरू पार्क से ले गए थे और कई घंटों तक उनके बारे में कुछ पता नहीं था.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे खौफनाक, रोंगटे खड़े कर देने वाले और मनोरोगी (Psychopathic) खलनायकों की सूची बनती है, तो साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म 'संघर्ष' (Sangharsh) के विलेन 'लज्जा शंकर पांडे' का नाम हमेशा शीर्ष पर रहता है। लाल साड़ी, माथे पर बड़ा सा सिंदूर, आंखों में वहशीपन और हाथ में त्रिशूल लिए मासूम बच्चों की बलि चढ़ाने वाले उस किरदार को अभिनेता आशुतोष राणा ने इस कदर जीवंत कर दिया था कि सिनेमाघरों में बैठे दर्शक सचमुच सिहर उठे थे।इस फिल्म का एक सीन आज भी बॉलीवुड के सबसे आइकॉनिक दृश्यों में गिना जाता है—जब पुलिस कस्टडी में हथकड़ी पहने लज्जा शंकर पांडे अचानक कैमरे की ओर घूरते हुए अपनी जीभ को तेजी से बाहर निकालकर एक अजीब और दिल दहला देने वाली आवाज में चीखता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह दृश्य न तो फिल्म की बाउंड स्क्रिप्ट में लिखा गया था और न ही इसके लिए कोई पहले से रिहर्सल की गई थी।न स्क्रिप्ट में था, न रिहर्सल: सेट पर अचानक क्या हुआ था?फिल्म की निर्देशक तनुजा चंद्रा और निर्माता-लेखक महेश भट्ट ने उस सीन को बेहद सामान्य तरीके से प्लान किया था। सीन यह था कि सीआईडी ऑफिसर रीत ओबेरॉय (प्रीति जिंटा) लज्जा शंकर पांडे से पूछताछ करने और उसे कोर्ट ले जाने के लिए पुलिस वैन के पास पहुंचती हैं। स्क्रिप्ट के अनुसार, आशुतोष राणा को केवल खिड़की से प्रीति जिंटा को एक खतरनाक और ठंडी मुस्कान के साथ घूरना था ताकि हीरोइन के मन में बैठा डर बाहर आ सके।लेकिन कैमरे का रोल शुरू होते ही आशुतोष राणा के भीतर का मेथड एक्टर पूरी तरह जाग उठा:जैसे ही तनुजा चंद्रा ने 'एक्शन' बोला, आशुतोष राणा ने सीधे प्रीति जिंटा की आंखों में देखा।उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी जीभ को मुंह से बाहर निकाला, उसे तेजी से दाएं-बाएं हिलाया और गले से एक भयानक उल्लूक ध्वनि (Ululation—एक तरह की धार्मिक व तांत्रिक चीख) निकाली।वह आवाज इतनी तेज, कर्कश और अस्वाभाविक थी कि सेट पर मौजूद लाइटमैन, कैमरामैन और अन्य क्रू मेंबर्स के हाथ-पैर सुन्न पड़ गए।प्रीति जिंटा सच में सहम गईं, सन्नाटे में डूब गया था पूरा सेटउस पल सेट पर क्या हुआ, इसका जिक्र खुद आशुतोष राणा और तनुजा चंद्रा कई साक्षात्कारों में कर चुके हैं। सामने खड़ी अभिनेत्री प्रीति जिंटा को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि आशुतोष ऐसा कुछ करने वाले हैं।आशुतोष के उस अप्रत्याशित और हिंसक रूप को देखकर प्रीति जिंटा कैमरे के सामने सचमुच दहशत में आ गईं और दो कदम पीछे हट गईं।कैमरे के पीछे बैठे निर्देशक और तकनीशियन इतने स्तब्ध थे कि कुछ पलों के लिए किसी के मुंह से 'कट' तक नहीं निकला।जब शॉट पूरा हुआ और कट बोला गया, तो पूरे सेट पर कई सेकंड तक श्मशान जैसा सन्नाटा पसरा रहा। सभी लोग एक-दूसरे का मुंह ताक रहे थे कि आखिर यह हुआ क्या था।कहां से आया था जीभ हिलाकर चीखने का यह विचार?आशुतोष राणा ने बाद में खुलासा किया कि यह आइडिया उनके दिमाग में उनके गृह राज्य मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में होने वाले पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों से आया था:भारत के कई ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में महिलाएं या तांत्रिक किसी विशेष पूजा या देवी जागरण के दौरान अपनी जीभ को तेजी से हिलाते हुए एक विशेष लयबद्ध ध्वनि (जिसे लोकभाषा में 'हूल' या 'उलू-ध्वनि' कहते हैं) निकालते हैं।आशुतोष राणा ने सोचा कि लज्जा शंकर पांडे कोई साधारण अपराधी या माफिया नहीं है, बल्कि वह अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और मानसिक विक्षिप्तता की पराकाष्ठा पर खड़ा व्यक्ति है।एक तांत्रिक और साइकोपैथ के पागलपन को बिना कोई लंबा डायलॉग बोले केवल एक भाव से पर्दे पर उतारने के लिए उन्होंने सहज रूप से (Impromptu) यह प्रयोग किया, जो सिनेमा के इतिहास में अमर हो गया।जब महेश भट्ट ने गले लगाकर कहा था— 'तुमने कमाल कर दिया'शॉट खत्म होने के बाद जब टीम ने मॉनिटर पर वह टेक दोबारा देखा, तो महेश भट्ट और तनुजा चंद्रा खुशी से झूम उठे। महेश भट्ट ने तुरंत आशुतोष राणा को गले लगा लिया और कहा कि इस एक सेकंड के इम्प्रोवाइजेशन ने फिल्म के उस दृश्य को साधारण से उठाकर कल्ट बना दिया है।इस फिल्म के लिए आशुतोष राणा को वर्ष 1999 के फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड से नवाजा गया था (इससे ठीक एक साल पहले 1998 में वह फिल्म 'दुश्मन' के लिए भी यह अवॉर्ड जीत चुके थे)। आज ढाई दशक बीत जाने के बाद भी जब दर्शक 'संघर्ष' के उस सीन को देखते हैं, तो आशुतोष राणा की वह खौफनाक चीख आज भी रीढ़ की हड्डी में सिहरन पैदा कर देती है।
अभिनंदन की नई उड़ान... अब फाइटर नहीं, उड़ाएंगे यात्री विमान
पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र सम्मानित अभिनंदन वर्धमान ने गोवा की रीजनल एयरलाइन फ्लाई91 में पायलट के तौर पर नई भूमिका शुरू की है. 2019 की हवाई मुठभेड़ के बाद चर्चा में आए अभिनंदन की यह नई पारी फाइटर कॉकपिट से यात्री विमान तक उनके सफर को दिखाती है.
कोरोना महामारी के खौफनाक दौर से अभी दुनिया पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थी कि एक और जानलेवा वायरस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खतरे की घंटी बजा दी है। मध्य अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला वायरस का प्रकोप अब तक के सबसे घातक और अनियंत्रित रूप में तब्दील हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, बीते चार महीनों के भीतर संक्रमण के 6,186 से अधिक पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, जबकि इस जानलेवा बीमारी से 3,007 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इसे 'पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न' (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद अब यह आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो यह 2014-2016 के पश्चिम अफ्रीकी इबोला संकट (जिसमें 11,000 से ज्यादा जानें गई थीं) का रिकॉर्ड भी तोड़ सकता है।दुर्लभ 'बुंडिबुग्यो' स्ट्रेन: वैक्सीन और इलाज का अभाव बना सबसे बड़ा संकटविशेषज्ञों की सबसे बड़ी चिंता इस बार इबोला का स्ट्रेन है। यह मौजूदा प्रकोप इबोला के दुर्लभ बुंडिबुग्यो वायरस (Bundibugyo virus) स्ट्रेन के कारण फैला है।बाजार में पहले से मौजूद अनुमोदित टीके और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार मुख्य रूप से इबोला के 'जायर' (Zaire) स्ट्रेन के खिलाफ प्रभावी रहे हैं।बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई विशिष्ट स्वीकृत टीका (Vaccine) या सटीक एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मियों को एहतियातन 'एरवेबो' (Ervebo) वैक्सीन दी जा रही है ताकि क्रॉस-प्रोटेक्शन मिल सके, लेकिन आम जनता के लिए इसका सुरक्षा कवच अभी सीमित है।इस प्रकोप में मृत्यु दर (Fatality Rate) करीब 45 से 50 प्रतिशत तक बनी हुई है, और 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यह दर 60 प्रतिशत तक दर्ज की जा रही है।WHO ने क्या बताई बीमारी तेजी से फैलने की 4 मुख्य वजहें?विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस और सीडीसी (CDC) की रिपोर्ट के अनुसार, इस वायरस के जंगल की आग की तरह फैलने के पीछे कई जटिल जमीनी कारण हैं:1. सर्विलांस और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का टूटना: डब्ल्यूएचओ के अनुसार, लगभग 60 प्रतिशत मौतें अस्पतालों या उपचार केंद्रों के बाहर (घरों और जंगलों में) हो रही हैं। केवल 15 से 20 प्रतिशत नए मरीज ही ज्ञात संपर्कों से ट्रेस हो पा रहे हैं, यानी वायरस की अधिकांश ट्रांसमिशन चेन स्वास्थ्य अधिकारियों की रडार से बाहर चल रही हैं।2. पूर्वी कांगो में गृहयुद्ध और हिंसा: जिस क्षेत्र (इतुरी और उत्तरी किवु प्रांत) में बीमारी सबसे भीषण है, वहां विद्रोही गुटों और मिलिशिया के बीच लगातार सशस्त्र संघर्ष चल रहा है। हिंसा के चलते स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले हो रहे हैं, जिसके कारण मेडिकल टीमें प्रभावित गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।3. खनिकों और आबादी का भारी विस्थापन: सोने और कोलटन की खदानों में काम करने वाले प्रवासी खनिक और हिंसा से भागे लाखों विस्थापित लोग लगातार एक प्रांत से दूसरे प्रांत जा रहे हैं, जिससे वायरस छह अलग-अलग प्रांतों में फैल चुका है।4. पारंपरिक अंतिम संस्कार और अंधविश्वास: स्थानीय समुदायों में मृतकों के शवों को पारंपरिक रूप से धोने और छूने की परंपरा है। इबोला से मरे व्यक्ति के शरीर और तरल पदार्थों में वायरस की सघनता सबसे अधिक होती है, जिससे अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक साथ संक्रमित हो रहे हैं।इबोला के लक्षण क्या हैं और यह शरीर पर कैसे वार करता है?इबोला एक वायरल रक्तस्रावी बुखार (Viral Hemorrhagic Fever) है। इसका इनक्यूबेशन पीरियड 2 से 21 दिनों का होता है:शुरुआती लक्षण: अचानक तेज बुखार, कंपकंपी, तेज सिरदर्द, गले में खराश और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी।गंभीर लक्षण: उल्टी, दस्त, पेट में असहनीय दर्द, स्किन रैशेज और लिवर-किडनी का फेल होना।अंतिम चरण (Hemorrhagic Phase): मसूड़ों, नाक, कान, मल-मूत्र और त्वचा के भीतरी अंगों से आंतरिक और बाहरी रक्तस्राव (Bleeding) शुरू हो जाता है, जिससे मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण मरीज की मृत्यु हो जाती है।संक्रमण का माध्यम: यह हवा से नहीं फैलता, बल्कि संक्रमित व्यक्ति के रक्त, पसीने, उल्टी, लार, वीर्य या दूषित सुइयों और कपड़ों के सीधे संपर्क से फैलता है।भारत पर कितना खतरा? स्वास्थ्य मंत्रालय ने बढ़ाई सतर्कताभारत में अभी तक इबोला का कोई भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन वैश्विक जोखिम को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक उड्डयन विभाग ने पहले ही सतर्कता बढ़ा दी है:अफ्रीकी देशों और विशेष रूप से कांगो, युगांडा या रवांडा की यात्रा करके आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 'Air Suvidha 2.0' पोर्टल पर डिजिटल हेल्थ डिक्लेरेशन अनिवार्य किया गया है।दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग और संदिग्ध लक्षण (बुखार/रैशेज) दिखने पर अलग आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि इबोला कोरोना की तरह हवा (Airborne) से नहीं फैलता, इसलिए इसका विश्वव्यापी लॉकडाउन जैसी स्थिति में बदलना बेहद मुश्किल है, लेकिन इसकी अत्यधिक उच्च मृत्यु दर इसे दुनिया का सबसे खौफनाक पैथोजन बनाती है।
Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर आधी रात कान्हा का जन्म खीरे से करने की परंपरा है. जानें लड्डू गोपाल के नाल छेदन, पंचामृत अभिषेक, श्रृंगार, भोग और पूजा की आसान विधि. इसके अलावा, सभी श्रद्धालु श्रद्धा से आरती, मंत्र जाप और श्रीकृष्ण चालीसा का पाठ करें.
क्या भगवान श्री कृष्ण ने सच में की थीं 16,108 शादियां? जानें रहस्य
Krishna Janmashtami 2026: क्या वाकई भगवान श्रीकृष्ण की 16,108 पत्नियां थीं? यह सवाल अकसर पूछा जाता है. लेकिन, कोई भी इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे पाता है. कोई कहता है सिर्फ 8, वहीं कोई 16,108 बताता है. तो चलिए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य.
देश भर में विदाई की ओर बढ़ रहे मानसून ने एक बार फिर अपना आक्रामक और तूफानी रुख अख्तियार कर लिया है। बंगाल की खाड़ी से लगातार उठ रही नम पूर्वी हवाओं और दक्षिणी उत्तर प्रदेश व मध्य भारत के ऊपर बने सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते देश के एक बड़े हिस्से पर घने काले बादलों ने डेरा डाल रखा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन में देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है।विशेष रूप से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते चट्टानें दरकने और भूस्खलन (Landslides) का भारी संकट खड़ा हो गया है। पहाड़ी रास्तों पर खतरे को भांपते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों और स्थानीय प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है।19 राज्यों में मानसूनी आफत: कहां-कहां भारी बारिश की चेतावनी?मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत तक मानसूनी ट्रफ पूरी तरह सक्रिय है। इन 19 राज्यों में अगले 24 से 48 घंटे मौसमी गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील रहेंगे:उत्तर और मध्य भारत: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छत्तीसगढ़।पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर।पूर्वी और तटीय भारत: पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड।पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और तमिलनाडु।मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान मैदानी और तटीय इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चल सकती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है।दिल्ली-एनसीआर और यूपी-बिहार: जलभराव और आकाशीय बिजली का सायादिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही जारी है। दोपहर और शाम के समय तेज गरज-चमक के साथ कई दौर की बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।उत्तर प्रदेश: राज्य के 20 से अधिक जिलों में मध्यम से मूसलाधार बारिश का अनुमान है। दक्षिणी यूपी और तराई वाले जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। किसानों को खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।बिहार और झारखंड: पटना, गया, भागलपुर और रांची-जमशेदपुर समेत आसपास के इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात (ठनका) को लेकर यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।पहाड़ों पर खिसक रही हैं चट्टानें: सड़कें बंद, नदियां उफान परपहाड़ी राज्यों में हालात सबसे ज्यादा नाजुक बने हुए हैं:उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश के चलते चारधाम यात्रा मार्गों पर लगातार बोल्डर और मलबा गिर रहा है। कई प्रमुख संपर्क मार्ग बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, शिमला और कुल्लू में भारी बारिश के कारण दर्जनों संपर्क सड़कें और कई राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए हैं। ब्यास, सतलुज और उनकी सहायक खड्डों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब बह रहा है।पर्यटकों और यात्रियों के लिए सख्त एडवाइजरीपहाड़ों में लगातार हो रहे भूस्खलन और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की है:अनावश्यक पहाड़ी सफर से बचें: जब तक मौसम साफ न हो या बहुत जरूरी काम न हो, तब तक ऊंचाई वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों और घाटियों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है।नदी-नालों और झरनों के पास न जाएं: सेल्फी लेने या नहाने के चक्कर में उफनते प्राकृतिक नालों, नदियों और झरनों के किनारे जाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। अचानक जलस्तर बढ़ने (Flash Flood) का खतरा रहता है।रात के समय सफर करने से परहेज: अंधेरे में पहाड़ों से गिरते पत्थरों और मलबे का अंदाजा नहीं लग पाता, इसलिए रात के वक्त पहाड़ी ढलानों और संकरे मोड़ों पर वाहन चलाने से बचें।मौसम और ट्रैफिक अपडेट लेकर ही निकलें: किसी भी मार्ग पर निकलने से पहले राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष (SDRF), स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन और मौसम विभाग के लाइव बुलेटिन की पुष्टि अवश्य करें।आपदा प्रबंधन टीमों और एनडीआरएफ (NDRF) को संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
भारतीय शेयर बाजार में जब वेल्थ क्रिएशन (धन सृजन) की बात आती है, तो इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की स्मॉल कैप कैटेगरी को 'हाई-रिस्क, हाई-रिटर्न' का सबसे बेहतरीन उदाहरण माना जाता है। हालांकि इनमें शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) अधिक रहती है, लेकिन जिन निवेशकों ने धैर्य रखकर 10 साल या उससे अधिक समय तक अपनी एसआईपी (SIP) और निवेश को बनाए रखा, उनके लिए ये फंड्स असल मायनों में 'मुनाफे की मशीन' साबित हुए हैं।स्मॉल कैप फंड्स उन उभरती हुई कंपनियों (मार्केट कैप के लिहाज से 251वीं रैंक से नीचे की कंपनियों) में पूंजी लगाते हैं, जिनमें भविष्य के मिड-कैप और लार्ज-कैप बनने की अपार क्षमता होती है। पिछले 10 वर्षों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर नजर डालें तो शीर्ष 7 स्मॉल कैप फंड्स ने निवेशकों को 17% से 22% तक का सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) दिया है।10 साल में रिकॉर्ड मुनाफा देने वाले टॉप 7 स्मॉल कैप फंड्सडायरेक्ट प्लान (Direct Plan - Growth) के तहत पिछले एक दशक में शीर्ष रिटर्न देने वाले 7 प्रमुख स्मॉल कैप फंड्स का ट्रैक रिकॉर्ड:फंड का नाम (Fund Name)10 साल का CAGR रिटर्न (%)10 साल पहले ₹1 लाख एकमुश्त की आज वैल्यू₹10,000 मासिक SIP (कुल निवेश ₹12 लाख) का फंडफंड साइज (AUM)1. Nippon India Small Cap Fund~21.4%₹6.95 लाख~₹38.5 लाख₹78,900+ करोड़2. Quant Small Cap Fund~20.9%₹6.67 लाख~₹37.2 लाख₹34,000+ करोड़3. Axis Small Cap Fund~19.6%₹5.98 लाख~₹34.4 लाख₹30,000+ करोड़4. SBI Small Cap Fund~19.1%₹5.74 लाख~₹33.3 लाख₹39,900+ करोड़5. Sundaram Small Cap Fund~18.2%₹5.32 लाख~₹31.5 लाख₹3,900+ करोड़6. DSP Small Cap Fund~18.0%₹5.23 लाख~₹31.0 लाख₹20,200+ करोड़7. HDFC Small Cap Fund~17.7%₹5.10 लाख~₹30.4 लाख₹41,600+ करोड़(नोट: आंकड़े डायरेक्ट प्लान ग्रोथ विकल्पों के ऐतिहासिक वार्षिक रिटर्न पर आधारित हैं। म्यूचुअल फंड में पिछला रिटर्न भविष्य में भी उसी दर से मिलने की गारंटी नहीं होता।)स्मॉल कैप फंड्स में निवेश करते समय इन 4 बातों का रखें ध्यानकम से कम 7 से 10 साल का नजरिया: स्मॉल कैप स्टॉक्स बाजार के मंदी के दौर में तेजी से गिरते हैं। इसलिए इसमें केवल वही पैसा लगाएं जिसकी जरूरत अगले 7 से 10 वर्षों तक न हो।SIP का रास्ता अपनाएं: एकमुश्त (Lump-sum) लगाने के बजाय सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश करें। इससे बाजार के गिरने पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं और 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा मिलता है।पोर्टफोलियो में सीमित एलोकेशन: वित्तीय सलाहकारों के अनुसार, किसी भी निवेशक को अपने कुल इक्विटी पोर्टफोलियो का 15% से 25% हिस्सा ही स्मॉल कैप में रखना चाहिए, बाकी पूंजी लार्ज-कैप, फ्लेक्सी-कैप या हाइब्रिड फंड्स में होनी चाहिए।एयूएम (AUM) और कैश फ्लो पर नजर: बहुत बड़ा फंड साइज (AUM) होने पर फंड मैनेजर के लिए स्मॉल कैप स्टॉक्स में खरीदारी और बिकवाली करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसलिए फंड के एयूएम और पोर्टफोलियो टर्नओवर रेशियो की नियमित समीक्षा जरूरी है।
Cost of Living Goa: हिमाचल प्रदेश में मनाली के सियाल गांव में करीब ढाई महीने बीताने के बाद गोवा में बीच के पास 3BHK में रह रहे दिल्ली के युवक अजय शर्मा ने अपना महीने का खर्च सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
शुक्र के गोचर का राशियों पर क्या होगा असर? कैसा रहेगा आपका दिन, देखें भाग्य चक्र
ज्योतिष में ग्रहों की दृष्टि का बड़ा महत्व है. शुक्र ग्रह तुला राशि में प्रवेश कर चुके हैं. 'भाग्य चक्र' में पंडित शैलेंद्र पांडेय आज बताएंगे कि शुक्र के गोचर का किन राशियों पर क्या असर होता है, और किन बातों से सावधान रहना होगा. सक्सेस मंत्र, जरुरी टिप के साथ ही बताएंगे मेष से लेकर मीन तक 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी. देखें वीडियो.
हर मानसून में मिलेनियम सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम की चमचमाती सड़कों का तालाब में तब्दील हो जाना, घंटों लंबा ट्रैफिक जाम और जल निकासी का ध्वस्त बुनियादी ढांचा देश भर की सुर्खियों में रहता है। इसके साथ ही प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म्स और मार्केट रिसर्च रिपोर्ट्स के आंकड़े बताते हैं कि एनसीआर में लगभग 7 करोड़ वर्ग फुट (करीब 65,000 से अधिक मकान) का आवासीय दायरा अनसोल्ड इनवेंटरी (खाली पड़े घरों) के रूप में अटका हुआ है और बीते तिमाहियों में घरों की कुल बिक्री में लगभग 20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।अर्थशास्त्र का बुनियादी नियम कहता है कि जब मांग गिरती है और सप्लाई (इनवेंटरी) ज्यादा होती है, तो कीमतें घटनी चाहिए। लेकिन गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार ने इस नियम को पूरी तरह उलट दिया है। शहर के औसत आवासीय दाम ₹21,000 प्रति वर्ग फीट के पार निकल चुके हैं, जबकि गोल्फ कोर्स रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स में यह दर ₹35,000 से ₹50,000 प्रति वर्ग फीट को भी छू रही है। आखिर इस विरोधाभास के पीछे की असली वजह क्या है?1. 'लक्जरी और अल्ट्रा-लक्जरी' का खेल: अफोर्डेबल हाउसिंग का खात्मागुरुग्राम के प्रॉपर्टी बाजार में औसत कीमतों के ₹21,000/sqft पार जाने की सबसे बड़ी वजह डेवलपर्स द्वारा प्रोडक्ट मिक्स में किया गया बड़ा बदलाव है:किफायती मकानों से किनारा: डेवलपर्स ने ₹50 लाख से ₹1 करोड़ वाले अफोर्डेबल और मिड-सेगमेंट प्रोजेक्ट्स लॉन्च करना लगभग बंद कर दिया है।लक्जरी प्रोजेक्ट्स की बाढ़: अब बाजार में आने वाले अधिकांश नए प्रोजेक्ट्स 'लक्जरी' या 'अल्ट्रा-लक्जरी' (4 BHK, प्राइवेट लिफ्ट, स्काई लाउंज, 3500+ sqft) कैटेगरी के हैं, जिनकी शुरुआती टिकट साइज ही ₹4 करोड़ से ₹12 करोड़ के बीच है।जब बाजार में महंगे प्रोजेक्ट्स का अनुपात 70-80% हो जाता है, तो समग्र शहर का भारित औसत मूल्य (Weighted Average Price) अपने आप ऊपर चला जाता है, भले ही कुल बिकने वाली यूनिट्स की संख्या में 20% की गिरावट आ गई हो।2. 7 करोड़ वर्ग फुट खाली, लेकिन 'तैयार और रहने लायक' घरों का टोटाकागजों पर 7 करोड़ वर्ग फीट खाली इनवेंटरी दिखना एक बात है, लेकिन उसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान करती है:अटकी और लीगल विवाद वाली इनवेंटरी: इस 7 करोड़ वर्ग फीट का एक बड़ा हिस्सा ऐसे प्रोजेक्ट्स का है जो पिछले 8-10 वर्षों से कानूनी मुकदमों, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) या फंड की कमी के चलते अधूरे पड़े हैं। कोई भी वास्तविक खरीदार इन अटके प्रोजेक्ट्स में पैसा नहीं फंसाना चाहता।रेडी-टू-मूव (Ready-to-Move) की भारी कमी: शीर्ष ए-ग्रेड बिल्डरों (जैसे DLF, गोदरेज, एम3एम, शोभा) के ऐसे प्रोजेक्ट्स जो अगले 1-2 साल में पूरे होने वाले हैं या पूरी तरह तैयार हैं, उनकी सप्लाई बेहद सीमित है। इसी सीमित सप्लाई पर पूरी मांग केंद्रित हो जाने से कीमतें रॉकेट बनी हुई हैं।3. 'गेम-चेंजर' इंफ्रास्ट्रक्चर और मेट्रो-एक्सप्रेसवे का हाइपनागरिक सुविधाओं और सीवरेज ड्रेनेज के स्तर पर भले ही नगर निगम और स्थानीय प्रशासन विफल साबित हुआ हो, लेकिन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के मोर्चे पर गुरुग्राम को बड़े प्रोजेक्ट्स का फायदा मिला है:द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway): इस आठ लेन वाले एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने और आईजीआई एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी ने पूरे इलाके में सट्टेबाजी और निवेश को चरम पर पहुंचा दिया है।आगामी मेट्रो विस्तार और एसपीआर (SPR): सदर्न पेरिफेरल रोड और ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट के ऐलान ने निवेशकों में यह भरोसा जगाया है कि आज का ट्रैफिक और जलभराव आने वाले कुछ सालों में ठीक हो जाएगा, जिससे 'फ्यूचर वैल्यू' को आज ही कीमतों में जोड़ लिया गया है।4. NRI और HNI निवेशकों का दबदबा: एंड-यूजर बाजार से बाहररियल एस्टेट रिसर्च के अनुसार, गुरुग्राम में बिकने वाले लक्जरी मकानों के 60 प्रतिशत से अधिक खरीदार सामान्य वेतनभोगी एंड-यूजर (End-User) नहीं, बल्कि हाई नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs), कॉरपोरेट एग्जीक्यूटिव्स और एनआरआई (NRI) निवेशक हैं:शेयर बाजार और स्टार्टअप बूम से बने सरप्लस कैश को रियल एस्टेट में सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा है।एनआरआई निवेशकों के लिए कमजोर रुपये के कारण भारतीय प्रीमियम प्रॉपर्टी में निवेश करना बेहद आकर्षक और सस्ता सौदा साबित होता है।निवेशक प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होते ही 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' (EOI) के जरिए पूरा प्रोजेक्ट कुछ ही घंटों में सोल्ड-आउट करवा देते हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम कमी (Artificial Scarcity) का माहौल बनता है और रीसेल मार्केट में कीमतें और चढ़ जाती हैं।जलमग्न सड़कों और जलभराव की मार झेल रहे आम नागरिकों के लिए यह स्थिति भले ही हैरान करने वाली हो, लेकिन गुरुग्राम का मौजूदा रियल एस्टेट मार्केट जमीनी बुनियादी ढांचे से कटकर विशुद्ध रूप से हाई-एंड लक्जरी, ब्रांडेड डेवलपर्स और वैश्विक निवेशकों की पूंजी पर दौड़ रहा है। जब तक लक्जरी सेगमेंट में निवेशकों की यह लिक्विडिटी बनी रहेगी, तब तक बुनियादी ढांचे की कमियां भी कीमतों की इस रफ्तार को थामने में बेअसर नजर आ रही हैं।
Maharashtra Police ने प्रयागराज से 2 को दबोचा, 139 करोड़ का Drugs रैकेट बेनकाब
पालघर, दो सितंबर मीरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस ने 139 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मेफेड्रोन और रसायनों की जब्ती के सिलसिले में प्रयागराज से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों के पकड़े जाने के साथ ही इस मामले में अब तक कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इस साल जून में नालासोपारा पूर्व में दो लोगों के पास से 3.36 लाख रुपये मूल्य का मेफेड्रोन जब्त होने के बाद, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में यह अभियान चलाया गया। इसके बाद पुलिस ने 69.759 किलोग्राम मादक पदार्थ, रसायन, प्रयोगशाला उपकरण और नकदी जब्त की, जिसकी कुल कीमत 139 करोड़ रुपये से अधिक है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोइफोडे ने कहा, हमारी टीम ने तकनीकी विश्लेषण और गहन जांच के माध्यम से पूरी आपूर्ति श्रृंखला का व्यवस्थित रूप से पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि इसी दौरान गुजरात के कच्छ क्षेत्र के खेत में संचालित हो रही मेफेड्रोन की एक निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया गया, जबकि महाराष्ट्र से प्रयोगशाला के उपकरण जब्त किए गए। डोइफोडे ने कहा कि मुंबई के कुर्ला और जलगांव से भी जब्ती की गई लेकिन अधिकांश प्रतिबंधित सामग्री, रसायन और उपकरण प्रयागराज में एक अवैध कारखाने से बरामद किए गए। उन्होंने कहा, रसायन आपूर्तिकर्ताओं, लैब तकनीशियनों और क्षेत्रीय वितरकों से लेकर जमीनी स्तर पर तस्करों सहित कुल 21 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जांच टीम उनके वित्तीय लेनदेन और मादक पदार्थ नेटवर्क से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की सक्रियता से जांच कर रही है।
पुराने वादों की वापसी, नए मुद्दों पर दांव... अखिलेश यादव का मिशन 2027
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए समाजवादी पार्टी ने अनोखा चुनावी रोडमैप तैयार किया है. इसमें जिलेवार घोषणा पत्र शामिल हैं. इसमें कुछ पुराने वादों की वापसी होगी और कई नए वादे भी किए जाएंगे. पार्टी इस बार युवाओं, महिलाओं और आईटी सेक्टर पर खास ध्यान दे रही है.
रद्दी न समझें! पुराना अखबार घर के 9 काम चुटकियों में करेगा आसान
How To Reuse Old Newspapers: अखबार सिर्फ पढ़ने या सामान की पैकिंग के काम नहीं आता. घर के कई रोजमर्रा के कामों में भी इसका आसान तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. जानिए शीशे साफ करने, कच्चे फल पकाने, पौधों के आसपास घास रोकने, कंपोस्ट बनाने, किचन शेल्फ साफ रखने और गीले जूते सुखाने समेत अखबार के 9 ऐसे घरेलू इस्तेमाल, जो आपके कई काम आसान कर सकते हैं.
जमीन के अंदर क्या है, बताने वाली 8 लाख की मशीन ही ले गया चोर
दिल्ली के डाबड़ी इलाके में चोर ने कोई घर या दुकान नहीं, बल्कि सड़क किनारे रखी करीब 8 लाख रुपये की Digi-Tracker मशीन ही चोरी कर ली. ये मशीन जमीन की डिजिटल सर्वे और पाइपलाइन बिछाने के काम आती है. शिकायत के बाद पुलिस ने करीब 5 किलोमीटर के दायरे में CCTV फुटेज खंगाली और सुराग के जरिए मंगोलपुरी से आरोपी को दबोच लिया.
Zerodha का नया धमाका: SEBI से मिला मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस, जल्द शुरू करेगा IPO और एडवाइजरी सर्विस
जेरोधा (Zerodha) को SEBI से मर्चेंट बैंकिंग का लाइसेंस मिल गया है. जानिए कैसे कामथ ब्रदर्स अब ब्रोकिंग के बाद इन्वेस्टमेंट बैंकिंग और IPO मार्केट में एक बड़ा दांव लगाने जा रहे हैं.
आगामी 2027 चुनाव के मद्देनजर भाजपा-कांग्रेस यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में काफी फोकस्ड है। शुद्धिकरण को लेकर दोनों दल दलितों की नाराजगी का जोखिम लेने की स्थिति में नहीं हैं।
RBI के नियम के तहत बैंक अपने 7 कार्य दिवस में ग्राहक का क्रेडिट कार्ड बंद नहीं करता है या बंद करने में असफल रहता है तो उसे 8वें दिन से फाइन देना होगा.
मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों पर जलवायु के गंभीर खतरे का डर
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट ने पर्यावरणविदों और मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया के मुंबई, कोलकाता और ढाका समेत निचले इलाको में बसे कई शहरों में 1.40 करोड़ लोगों पर निकट भविष्य में विस्थापन का खतरा है। ...
जॉब के दौरान रील्स देखने पर लगेगा बैन? सरकारी कर्मचारियों के लिए 'सोशल मीडिया कोड' लाने की तैयारी
सरकार सरकारी अधिकारियों के लिए 'सोशल मीडिया आचार संहिता' लाने की तैयारी में है ताकि ड्यूटी के दौरान रील्स और व्यक्तिगत पोस्ट पर लगाम लग सके।
ग्रीन पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल पर सरकारी संस्थाओं CSIR-NEERI और CPCB के मतभेद के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह बेरियम के नुकसान का पता लगाने के लिए नए सिरे से टेस्ट करेगी। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेषज्ञों से सलाह लेने के निर्देश के बाद लिया गया है।
रूसी हमले से किस कदर दहला यूक्रेन का ओडेसा, देखें दुनिया आजतक
यूक्रेन के ओडेसा में रूसी सेना ने भीषण बमबारी की. जिसमें एक बच्चा समेत 8 लोग घायल हो गए. रूस ने रिहायशी इलाके को निशाना बनाकर ये हमला किया. जिसमें कई इमारतें और गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं. देखें दुनिया आजतक.
पाकिस्तान को खदेड़ने वाले अभिनंद वर्धमान ने छोड़ी भारतीय वायुसेना, प्राइवेट जॉब करेंगे
साल 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय पाकिस्तान को खदेड़ने वाले जांबाज पायलट अभिनंदन वर्धमान अब भारतीय वायुसेना को अलविदा कह चुके हैं। खबरें हैं कि उन्होंने एक निजी एयरलाइन्स कंपनी के साथ काम करने का फैसला किया है।
जन्माष्टमी 2026 पर खास संयोग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
Krishna Janmashtami 2026: इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी. मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का खास संयोग बनेगा. जानें जन्माष्टमी की तिथि, शुभ पूजा मुहूर्त, लड्डू गोपाल की पूजा विधि और भोग की सामग्री. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी पर श्रद्धा से पूजा करने से सुख-समृद्धि और सकारात्मकता आती है.
'हुक्का पीके आता हूं...', पंत संग पार्टी में धोनी! VIDEO से मचा बवाल
एमएस धोनी और ऋषभ पंत का दोस्तों संग पार्टी करते दिखने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. क्लिप में धोनी कथित तौर पर कहते सुनाई देते हैं, जिसके बाद इस वीडियो को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.
रात गई पर बात नहीं! यासीन मलिक दे रहा तलाक, राम मंदिर को मिला पहला CEO; टॉप 5 रिकैप
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO की नियुक्ति हो गई है। इधर कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने अपनी पत्नी को तलाक देने का फैसला कर लिया है। एक क्लिक पर पढ़ें 2 सितंबर 2026 की बड़ी खबरें-
ऑनलाइन लिया टिकट, तो ना करें ये गलती, रेलवे ने कहा- लगेगा जुर्माना!
अगर आप जनरल टिकट पर सफर करते हैं तो आप स्कीनशॉट या व्हाट्सऐप से किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा भेजे गए टिकट को नहीं दिखा सकते. रेलवे इसे वैलिड नहीं मानेगा. आइए जानते हैं, ऐसा क्यों?
'TMC दफ्तर पर हमला किया, फोन छीने', अभिषेक बनर्जी का BJP पर आरोप
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर पार्टी के कोलकाता के कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय पर हमले का आरोप लगाया है. उन्होंने दफ्तर पर हमले का सीसीटीवी फुटेज भी शेयर किया है और आरोप लगाया है कि इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ भी मारपीट की गई. अभिषेक बनर्जी ने पुलिस के इस मामले में कार्रवाई न करने पर भी सवाल उठाए हैं.
Top News 3 September: 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ईरान युद्ध पर ट्रंप का बड़ा बयान
Top News 3 September : देश के 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ट्रंप का दावा- ज्यादा लंबी नहीं चलेगी जंग। पाकिस्तान में 100 साल पुराना हिंदू मंदिर ढहाए जाने पर भारत ने जताई आपत्ति। राम मंदिर ट्रस्ट के पहले सीईओ ने नई जिम्मेदारी मिलने पर चयन ...
मच्छर का दिमाग पढ़कर डेंगू रोकेंगे वैज्ञानिक! IIT कानपुर की रिसर्च
मच्छर सिर्फ खून नहीं खोजता, वह इंसान को उसकी गंध से भी पहचानता है. IIT कानपुर की रिसर्च इसी 'सूंघने' की क्षमता और दिमाग के कनेक्शन को समझकर डेंगू रोकने का रास्ता तलाश रही है.
अमेरिका से जैवलिन मिसाइल की डील 'आत्मनिर्भर भारत' की परीक्षा? देखें कूटनीति
भारत में अमेरिकी जैवलिन (Javelin) मिसाइलें तैयार होने जा रही हैं. सुनने में यह 'आत्मनिर्भरता' की दिशा में बड़ा कदम लगता है. लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू भी है. इस मिसाइल का मुख्य 'दिमाग' यानी गाइडेंस सिस्टम अमेरिका में ही बनेगा, जबकि भारत में सिर्फ असेंबली होगी. दूसरी तरफ, यूक्रेन युद्ध ने दिखा दिया है कि कैसे एक सस्ता ड्रोन करोड़ों की कीमत वाले टैंक को तबाह कर सकता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या भारत कल की जंग के लिए पुराना हथियार खरीद रहा है? देखें कूटनीति.
'ऑपरेशन अयोध्या'... राम मंदिर मैनेजमेंट के लिए ट्रस्ट एक एयर मार्शल पर ही क्यों?
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद मचे घमासान के बीच ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को मंदिर का पहला सीईओ नियुक्त कर 'ऑपरेशन अयोध्या' की कमान सौंप दी है. दिलचस्प है कि सीईओ पद के लिए चले लंबे खोजी अभियान का एयर मार्शल मिश्र तक आकर खत्म होना.
दाल और छाछ मिलाकर बनाएं महाराष्ट्रीयन दाल अंबोली, आसान है रेसिपी
Dal Amboli Recipe: दाल अंबोली महाराष्ट्र की मशहूर डिश है, जिसे एक-दो नहीं बल्कि 7 तरह की दालों और छाछ के साथ मिलाकर बनाया जाता है. ये देखने में बिल्कुल डोसे जैसी लगती है, लेकिन होती नहीं है. हालांकि, इसका स्वाद बहुत ही बढ़िया होता है.
सुबह सोकर उठने के बाद भी सुस्ती न उतरना, दिनभर भारी थकान, पीठ और घुटनों में लगातार हल्का दर्द, और हाथ-पैरों में चींटियां चलने जैसा अहसास—आजकल लगभग हर दूसरे भारतीय में ये समस्याएं आम हो चुकी हैं। अक्सर लोग इसे काम के तनाव या उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन चिकित्सीय जांच में इसके पीछे सबसे बड़ी वजह विटामिन बी12 (Vitamin B12) और विटामिन डी (Vitamin D) की गंभीर कमी निकलकर सामने आ रही है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विभिन्न नैदानिक अध्ययनों के अनुसार, भारत की लगभग 70 से 80 प्रतिशत शहरी व ग्रामीण आबादी इन दोनों महत्वपूर्ण माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी से जूझ रही है। यह स्थिति केवल सामान्य कमजोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय में यह नर्व डैमेज (तंत्रिका क्षति), हड्डियों के भुरभुरा होने (ऑस्टियोपोरोसिस) और मानसिक अवसाद (Depression) जैसी गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन रही है।विटामिन डी की कमी: धूप वाले देश में हड्डियों का संकट क्यों?भारत एक उष्णकटिबंधीय देश है जहां सालभर प्रचुर मात्रा में धूप निकलती है, फिर भी भारतीयों में विटामिन डी की कमी एक मौन महामारी का रूप ले चुकी है:इनडोर लाइफस्टाइल और स्क्रीन टाइम: अधिकांश कामकाजी लोग और छात्र दिन का सबसे बड़ा हिस्सा वातानुकूलित (AC) कमरों या दफ्तरों में बिताते हैं, जिससे शरीर को प्राकृतिक धूप नहीं मिल पाती।मेलेनिन की मौजूदगी: भारतीय त्वचा में मेलेनिन (Melanin) की मात्रा अधिक होती है। मेलेनिन त्वचा को तेज पराबैंगनी किरणों से बचाता तो है, लेकिन साथ ही यह सनलाइट से विटामिन डी के संश्लेषण (Synthesis) की गति को भी काफी धीमा कर देता है।हड्डियों पर सीधा असर: विटामिन डी आंतों से कैल्शियम को सोखने के लिए अनिवार्य है। इसकी कमी होते ही शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचना शुरू कर देता है, जिससे हड्डियां कमजोर, पोली और दर्दनाक हो जाती हैं।विटामिन बी12 की कमी: नसों की कमजोरी और लगातार थकानविटामिन बी12 हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) के निर्माण और नर्वस सिस्टम (मस्तिष्क व तंत्रिकाओं) को सुचारु रखने के लिए जरूरी है:शाकाहारी भोजन में सीमित स्रोत: प्राकृतिक रूप से विटामिन बी12 मुख्य रूप से एनिमल प्रोडक्ट्स (अंडा, मछली, मीट) में पाया जाता है। चूंकि भारत की एक बड़ी आबादी शुद्ध शाकाहारी है, इसलिए डाइट से इसकी दैनिक जरूरत पूरी नहीं हो पाती।कमजोर अवशोषण (Poor Gut Absorption): अत्यधिक एंटासिड (गैस की गोलियां) खाने, आंतों में सूजन या पेट में इंट्रिन्सिक फैक्टर की कमी के कारण भोजन में मौजूद बी12 ठीक से अवशोषित नहीं हो पाता।मेगालोब्लास्टिक एनीमिया: बी12 की कमी से शरीर में ऑक्सीजन ले जाने वाली स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं कम बनने लगती हैं, जिससे व्यक्ति हमेशा थका हुआ और सांस फूलने जैसा महसूस करता है।शरीर में दिखने वाले प्रमुख चेतावनी संकेतयदि शरीर में इन दोनों विटामिन्स का स्तर खतरनाक रूप से गिर रहा है, तो ये लक्षण स्पष्ट रूप से उभरते हैं:विटामिनकमी के मुख्य लक्षणसंभावित दीर्घकालिक जटिलताएंविटामिन डी (Vitamin D)पीठ के निचले हिस्से और घुटनों में दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, बार-बार संक्रमण (कमजोर इम्युनिटी), बाल झड़ना।ऑस्टियोपीनिया, ऑस्टियोपोरोसिस, बार-बार फ्रैक्चर का जोखिम, रूमेटाइड समस्याएं।विटामिन बी12 (Vitamin B12)हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन (Tingling/Numbness), अत्यधिक थकान, चक्कर आना, जीभ में छाले/लालिमा, याददाश्त में धुंधलापन (Brain Fog)।पेरिफेरल न्यूरोपैथी (नसों का स्थायी नुकसान), एनीमिया, गंभीर मूड स्विंग्स व डिप्रेशन।स्तर सुधारने के लिए क्या करें? एक्सपर्ट गाइडलाइनइन दोनों पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए केवल साधारण खान-पान पर्याप्त नहीं होता, इसके लिए एक सुनियोजित रणनीति आवश्यक है:1. सही समय पर धूप लें: सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच (जब UVB किरणें सक्रिय होती हैं) रोजाना कम से कम 15 से 20 मिनट चेहरे, बांहों और पैरों पर सीधी धूप लगने दें। सनस्क्रीन लगाए बिना यह धूप लेना अधिक प्रभावी होता है।2. आहार में करें सुधार:विटामिन डी के लिए: गाय का फोर्टिफाइड दूध, मशरूम (विशेष रूप से धूप में सुखाए गए), पनीर और अंडे की जर्दी।विटामिन बी12 के लिए: दूध, दही, पनीर, छाछ, फर्मेंटेड फूड्स और फोर्टिफाइड सीरियल्स।3. ब्लड टेस्ट और सप्लीमेंटेशन: साल में कम से कम एक बार सीरम विटामिन बी12 और 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन डी का ब्लड टेस्ट जरूर कराएं। यदि स्तर बहुत कम हैं, तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी के साप्ताहिक पाउच/कैप्सूल और बी12 की गोलियों या इंजेक्शन का निर्धारित कोर्स पूरा करें।लगातार रहने वाली थकान या बदन दर्द को सिर्फ 'काम का बोझ' कहकर टालने के बजाय समय रहते रक्त जांच कराकर इन दोनों विटामिन्स के स्तर को संतुलित करना एक सक्रिय और ऊर्जावान जीवन के लिए बेहद जरूरी है।
भागदौड़ भरी जीवनशैली, अत्यधिक मानसिक तनाव और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खानपान का सबसे सीधा असर महिलाओं के एंडोक्राइन सिस्टम पर पड़ता है। आजकल युवतियों और कामकाजी महिलाओं में अनियमित पीरियड्स (Irregular Periods), अत्यधिक दर्दनाक ऐंठन (Dysmenorrhea), हैवी ब्लीडिंग या फिर महीनों तक माहवारी न आने की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं।अक्सर लोग इसे सिर्फ हार्मोनल गड़बड़ी मानकर दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं, जबकि इसका मुख्य स्रोत प्लेट में रखा असंतुलित आहार होता है। अत्यधिक मैदा, रिफाइंड शुगर, पैकेटबंद स्नैक्स और ट्रांस फैट्स शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और सिस्टमिक इन्फ्लेमेशन पैदा करते हैं, जिससे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ जाता है। खानपान में कुछ प्राकृतिक और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करके माहवारी चक्र को दोबारा नियमित किया जा सकता है।1. कच्चा पपीता और अनानास: गर्भाशय की मांसपेशियों को सक्रिय करने वाले फलकच्चा पपीता और अनानास पारंपरिक रूप से मासिक धर्म को नियमित करने के लिए सबसे प्रभावी माने जाते हैं:कच्चा पपीता: इसमें 'कैरोटीन' और 'पैपेन' नामक एंजाइम पाए जाते हैं, जो गर्भाशय की दीवारों (Uterine Wall) में संकुचन को उत्तेजित करते हैं। यह रुकी हुई माहवारी को समय पर लाने में मदद करता है।अनानास: इसमें 'ब्रोमेलैन' (Bromelain) एंजाइम प्रचुर मात्रा में होता है, जो पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो को सुचारु करता है और गर्भाशय की आंतरिक परत को समय पर शेड होने में सहायता प्रदान करता है।2. 'सीड साइकिलिंग' (Seed Cycling): हार्मोन्स को प्राकृतिक रूप से बैलेंस करने की थेरेपीहार्मोनल संतुलन के लिए बीजों का सही चक्र में सेवन एक वैज्ञानिक और प्राकृतिक तरीका है:दिन 1 से 14 (फॉलिक्युलर फेज): पीरियड्स शुरू होने के पहले दिन से लेकर 14वें दिन तक रोजाना 1 चम्मच पिसे हुए अलसी के बीज (Flaxseeds) और कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) खाएं। इनमें मौजूद लिग्नान और जिंक एस्ट्रोजन के स्तर को संतुलित रखते हैं।दिन 15 से 28 (ल्यूटियल फेज): 15वें दिन से अगले पीरियड तक 1 चम्मच तिल के बीज (Sesame Seeds) और सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds) लें। इनमें मौजूद विटामिन ई और सेलेनियम प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन को बूस्ट करते हैं।3. आयरन और फोलेट रिच सुपरफूड्स: खून की कमी और थकान का खात्मापीरियड्स के दौरान रक्तस्राव के कारण हीमोग्लोबिन स्तर गिरना आम है, जिससे कमजोरी और अनियमितता बढ़ जाती है:पालक, चुकंदर और अनार: ये शरीर में आयरन और रेड ब्लड सेल्स (RBC) के निर्माण को तेज करते हैं।गुड़ और भुना चना: गुड़ की तासीर गर्म होती है और इसमें प्राकृतिक आयरन व मैग्नीशियम भरपूर होता है। शाम को गुड़-चने का सेवन मासिक धर्म की रुकावट को दूर करने में बेहद गुणकारी है।4. अदरक और दालचीनी: क्रैम्प्स और इंसुलिन रेजिस्टेंस में रामबाणरसोई में मौजूद ये मसाले केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट हैं:अदरक: इसमें 'जिंजरॉल' होता है, जो प्रोस्टाग्लैंडीन (दर्द पैदा करने वाले रसायन) के स्तर को कम करता है। दिन में एक बार अदरक का गुनगुना काढ़ा पीने से पेट और कमर की ऐंठन में तुरंत राहत मिलती है।दालचीनी: यह इंसुलिन संवेदनशीलता को सुधारती है, जो पीसीओडी या अनियमित साइकल से जूझ रही महिलाओं के लिए ओव्यूलेशन ट्रिगर करने में सीधी मदद करती है।5. ओमेगा-3 और हेल्दी फैट्स: सूजन और मूड स्विंग्स पर लगाममासिक धर्म से पहले होने वाले प्री-मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS), चिड़चिड़ापन और जोड़ों के दर्द को नियंत्रित करने के लिए अच्छे वसा की जरूरत होती है:अखरोट, भीगे हुए बादाम और देसी घी का सीमित सेवन पेल्विक टिशूज को लुब्रिकेट रखता है और सूजन को रोकता है।आहार में परिष्कृत रिफाइंड तेल की जगह सरसों के तेल या कोल्ड-प्रेस्ड तेलों का उपयोग करें।किन चीजों से तुरंत दूरी बनाना जरूरी है?पीरियड्स को ट्रैक पर लाने के लिए जितना जरूरी सही चीजें खाना है, उतना ही जरूरी नुकसानदेह चीजों को छोड़ना है:सफेद चीनी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स: ये अचानक ब्लड शुगर स्पाइक करते हैं, जिससे कोर्टिसोल (तनाव हॉर्मोन) बढ़ता है और ओव्यूलेशन रुक जाता है।अत्यधिक कैफीन (कॉफी/चाय): ज्यादा कैफीन गर्भाशय की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती है, जिससे पीरियड्स के दौरान तेज ऐंठन और ब्लोटिंग होती है।डीप-फ्राइड और पैकेज्ड फूड: इनमें ट्रांस फैट्स और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो एस्ट्रोजन के प्राकृतिक मेटाबॉलिज्म को लिवर में बाधित करते हैं।संतुलित खानपान के साथ रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद और 30 मिनट की सामान्य वॉक या योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर दवाओं के बिना भी स्वस्थ और नियमित मासिक धर्म चक्र वापस पाया जा सकता है।
वर्तमान समय में तनाव, प्रोसेस्ड खान-पान, देर रात तक जागने और शारीरिक निष्क्रियता के कारण महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर (PCOD) और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक गंभीर एंडोक्राइन समस्या बन चुका है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग हर 10 में से एक महिला इस समस्या से जूझ रही है।पीसीओडी के कारण पीरियड्स का अनियमित होना, वजन का तेजी से बढ़ना, चेहरे पर अनचाहे बाल आना और सबसे गंभीर—ओवरी में फॉलिकल्स का ठीक से विकसित न होना (Anovulation), जिसके चलते नेचुरल कंसेप्शन (प्राकृतिक गर्भाधान) लगभग असंभव सा लगने लगता है। कई महिलाएं सालों तक एलोपैथी, हॉर्मोनल पिल्स और आईवीएफ (IVF) के असफल चक्रों से गुजरने के बाद मानसिक रूप से टूट जाती हैं। हालांकि, आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों—दोष संतुलन, पंचकर्म शोधन और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों के सुनियोजित प्रयोग से शरीर के हॉर्मोनल सिस्टम को रीसेट कर स्वाभाविक रूप से गर्भधारण करना संभव हुआ है।आयुर्वेद में PCOD का दृष्टिकोण: कफ-वात असंतुलन और 'आर्तव क्षय'पारंपरिक आयुर्वेदिक ग्रंथों (चरक संहिता व काश्यप संहिता) में पीसीओडी के लक्षणों की तुलना 'आर्तव क्षय' (Aarthava Kshaya), 'पुष्पघ्नी जातहारिणी' या 'आर्तव दुष्टि' से की गई है।दोषों का खेल: आयुर्वेद के अनुसार, खराब लाइफस्टाइल से मंदाग्नि (कमजोर पाचन अग्नि) होती है, जिससे शरीर में 'आम' (Toxins) का संचय होता है।यह टॉक्सिन और बढ़ा हुआ कफ दोष मिलकर शरीर के सूक्ष्म स्रोतों (चैनल्स) को अवरुद्ध कर देते हैं।जब अपान वायु और कफ का संतुलन बिगड़ता है, तो ओवरी में बनने वाले अंडे पूरी तरह परिपक्व होकर बाहर नहीं निकल पाते, बल्कि पानी की छोटी-छोटी थैलियों (Cysts) के रूप में जमा होने लगते हैं।आयुर्वेदिक चिकित्सा केवल हॉर्मोन के लक्षणों को दबाने का काम नहीं करती, बल्कि शरीर की शुद्धि कर ओवरी की प्राकृतिक कार्यप्रणाली को पुनः सक्रिय करती है।पंचकर्म शोधन चिकित्सा: ओव्यूलेशन और फर्टिलिटी रीसेट का आधारआयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय से चली आ रही इनफर्टिलिटी में सबसे पहले शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन (शुद्धि) किया जाता है:1. वमन और विरेचन (Detoxification): औषधीय काढ़ों के जरिए आंतों और लिवर से अतिरिक्त कफ और पित्त दोष को बाहर निकाला जाता है, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधरती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है।2. बस्ती चिकित्सा (Medicated Enema): वात दोष को संतुलित करने के लिए सहचर तेल और औषधीय काढ़ों की बस्ती दी जाती है, जो गर्भाशय और पेल्विक अंगों में रक्त संचार को कई गुना बढ़ा देती है।3. उत्तर बस्ती (Uttara Vasti): स्त्री रोग और बांझपन में उत्तर बस्ती को सबसे शक्तिशाली उपचार माना जाता है। इसमें गर्भाशय मार्ग से औषधीय घृत या तेल (जैसे शतापुष्पा तेल) का प्रवेश कराया जाता है, जिससे फैलोपियन ट्यूब्स की रुकावटें दूर होती हैं, ओवरी के सिस्ट घुलते हैं और एंडोमेट्रियम (गर्भाशय की आंतरिक परत) भ्रूण प्रत्यारोपण के लिए तैयार होती है।हार्मोनल बैलेंस और एग क्वालिटी सुधारने वाली प्रमुख औषधियांपंचकर्म के बाद दी जाने वाली 'शमन चिकित्सा' में विशेष जड़ी-बूटियां शामिल होती हैं:शतावरी (Asparagus racemosus): इसे महिलाओं के लिए अमृत माना जाता है। यह एस्ट्रोजन हॉर्मोन को संतुलित करती है और अंडों (Ovum) की गुणवत्ता में सुधार लाती है।शतापुष्पा और कृष्ण जीरक: यह मासिक धर्म चक्र को समय पर लाने और ओव्यूलेशन ट्रिगर करने में अत्यधिक प्रभावी हैं।कांचनार गुग्गुलु और चंद्रप्रभा वटी: ओवरी में मौजूद सिस्ट्स के आकार को सिकोड़ने, सूजन घटाने और हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने के लिए दी जाती हैं।दालचीनी और गिलोय (Guduchi): इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करती हैं, जिससे पीसीओडी का मूल कारण ठीक होता है।आहार और दिनचर्या में ये 4 बदलाव हैं सबसे जरूरीबिना लाइफस्टाइल में सुधार के कोई भी औषधि पूर्ण लाभ नहीं दे पाती:लो-ग्लाइसेमिक और फाइबर युक्त आहार: मैदा, सफेद चीनी, पैकेटबंद जंक फूड और अत्यधिक मीठे से पूरी तरह परहेज करें। बाजरा, ज्वार, रागी, हरी पत्तेदार सब्जियां और अलसी के बीज (Flaxseeds) को डाइट में शामिल करें।सर्कैडियन रिदम और नींद: रात 10 बजे तक सोने और सुबह जल्दी उठने की आदत डालें। नींद की कमी से कोर्टिसोल (स्ट्रेस हॉर्मोन) बढ़ता है, जो ओव्यूलेशन को रोकता है।फर्टिलिटी योग और प्राणायाम: कपालभाति, अनुलोम-विलोम, तितली आसन (बटरफ्लाई पोज), भुजंगासन और सुप्त बद्धकोणासन पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो को बढ़ाते हैं।पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं को यह समझना जरूरी है कि यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, बल्कि एक जीवनशैली से जुड़ी समस्या है। किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में 3 से 6 महीने का समर्पित उपचार, खान-पान में अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण रखकर बिना किसी आक्रामक सर्जरी या आईवीएफ के भी प्राकृतिक गर्भधारण का सुख प्राप्त किया जा सकता है।
इंस्टाग्राम रील्स, लिंक्डइन पर साथियों की सफलता का दिखावा, करियर की अंधी दौड़, ओवरथिंकिंग और तुरंत परिणाम (Instant Gratification) की भूख—यह आज की युवा पीढ़ी यानी GenZ की दैनिक हकीकत बन चुकी है। 10 मिनट में खाना डिलीवर होने और एक स्वाइप पर खुशियां ढूंढने वाले इस डिजिटल युग में सबसे बड़ी मार युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ी है। छोटी-छोटी असफलताओं पर अवसाद, भविष्य की अनिश्चितता को लेकर बेचैनी और 'लोग क्या कहेंगे' का डर हर किसी को बर्नआउट (Burnout) की कगार पर धकेल रहा है।ऐसे दौर में हज़ारों साल पहले कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को दिया गया भगवान श्रीकृष्ण का वह अमर संदेश—कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन—महज एक धार्मिक श्लोक नहीं, बल्कि मानसिक शांति, आधुनिक मैनेजमेंट और उत्पादकता (Productivity) का सबसे अचूक फॉर्मूला साबित होता है।1. प्रोसेस पर फोकस, आउटकम पर नहीं: एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग का स्थायी इलाजआज की युवा पीढ़ी काम शुरू करने से पहले ही उसके अंतिम परिणाम के बारे में सोचकर तनावग्रस्त हो जाती है—क्या मुझे पैकेज मिलेगा?, क्या मेरी पोस्ट वायरल होगी?, अगर स्टार्टअप फेल हो गया तो क्या होगा?कान्हा जी की सीख: श्रीकृष्ण कहते हैं कि तुम्हारा नियंत्रण सिर्फ अपने प्रयास, समय और इनपुट (Process) पर है; परिणाम (Output) हजारों बाहरी कारकों पर निर्भर करता है।जब आप अपनी 100% ऊर्जा सिर्फ उस काम में लगाते हैं जो इस पल आपके हाथ में है, तो मस्तिष्क से भविष्य की चिंता गायब हो जाती है। यह आधुनिक मनोविज्ञान का 'फ्लो स्टेट' (Flow State) है, जो उत्पादकता को दोगुना और तनाव को शून्य कर देता है।2. डिटैच्ड अटैचमेंट: काम से प्यार करें, उसके अहंकार से नहींसोशल मीडिया के दौर में GenZ किसी भी काम की सफलता या विफलता को सीधे अपनी आत्म-संतुष्टि और पहचान (Self-Worth) से जोड़ लेती है। परीक्षा में कम नंबर या नौकरी का इंटरव्यू न निकलना उन्हें अंदर तक तोड़ देता है।कान्हा जी की सीख: श्रीकृष्ण जीवन भर हर रिश्ते और कर्तव्य में 100% समर्पित रहे, लेकिन किसी भी परिस्थिति से बंधे नहीं। उन्होंने राजा बनकर शासन भी किया और सारथी बनकर घोड़े भी हांके।किसी भी प्रोजेक्ट या लक्ष्य के प्रति जुनूनी होना अच्छा है, लेकिन परिणाम के साथ अपना आत्मसम्मान बांध लेना आत्मघाती है। जीत में हवा में न उड़ना और हार में खुद को बेकार न समझना—यही असली परिपक्वता है।3. FOMO (छूट जाने का डर) को कहें अलविदा: अपना 'स्वधर्म' पहचानेंसाथी युवा 22 साल की उम्र में करोड़ों की फंडिंग उठा रहे हैं या लग्जरी गाड़ियां खरीद रहे हैं—इस तुलना (Comparison Trap) ने युवाओं से उनकी वर्तमान शांति छीन ली है।कान्हा जी की सीख: गीता में श्रीकृष्ण स्पष्ट कहते हैं—श्रेयान्स्वधर्मो विगुणः परधर्मात्स्वनुष्ठितात् यानी दूसरों की नकल करके बहुत अच्छा करने से बेहतर है कि आप अपनी स्वाभाविक क्षमता (स्वधर्म) के अनुसार काम करें, भले ही शुरुआत साधारण हो।हर किसी की टाइमलाइन अलग है। जब आप दूसरों की रील देखकर अपनी रियल लाइफ का आकलन करना बंद कर देंगे, तो खुद की अद्वितीय प्रतिभा को निखार पाएंगे।4. हर परिस्थिति में मुस्कान: कूल रहने का असली फलसफाकान्हा जी का पूरा जीवन चुनौतियों और संकटों से भरा रहा। जन्म जेल की कालकोठरी में हुआ, बचपन से ही राक्षसों के जानलेवा हमले झेले, मथुरा छोड़ना पड़ा, द्वारका बसाई और महाभारत जैसे विनाशकारी युद्ध का साक्षी बनना पड़ा।कान्हा जी की सीख: इतने उतार-चढ़ाव के बावजूद भगवान कृष्ण के चेहरे से बांसुरी और मुस्कान कभी गायब नहीं हुई। वे किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं हुए।जीवन अनिश्चितताओं का नाम है। चुनौतियां आएंगी, योजनाएं बिखरेंगी; लेकिन हर झटके को मुस्कुराहट और सहजता के साथ स्वीकार कर आगे बढ़ना ही श्रीकृष्ण का सबसे बड़ा लाइफ हैक है।5. दोस्ती और लीडरशिप: बिना ईगो के सारथी बनने का हुनरकॉर्पोरेट संस्कृति और निजी जीवन में आज की पीढ़ी अक्सर क्रेडिट लेने या वर्चस्व की होड़ में उलझ जाती है।कान्हा जी की सीख: महाभारत में संपूर्ण सामर्थ्य होने के बावजूद कृष्ण ने स्वयं हथियार नहीं उठाए; वे अर्जुन के रथ के 'सारथी' बने। उन्होंने जीत का पूरा सेहरा अर्जुन के सिर बांधा।एक सच्चा लीडर वह नहीं होता जो आगे रहकर हुक्म चलाए, बल्कि वह होता है जो दूसरों को रास्ता दिखाए, उनके कठिन समय में ढाल बने और बिना किसी अहंकार के टीम को जीत दिलाए।
आ रहा है Xiaomi 18 Fold, इस दिन लॉन्चिंग, बदलेगा मार्केट का ट्रेंड?
Xiaomi 7 सितंबर को अपना नया स्मार्टफोन लेकर आ रही है, जिसका नाम Xiaomi 18 Fold होगा. कंपनी ने इसको मिक्स फोल्ड नाम दिया है और यह Samsung Galaxy Z Fold 8 जैसे डिजाइन से प्रेरित है, जिसका नाम पासपोर्ट स्टाइल है. इसमें 200 मेगापिक्सल का कैमरा और फास्ट चार्जर आदि मिलेगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है, लेकिन मानसूनी बारिश का असमान और अनिश्चित वितरण अब देश के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर चिंता का सबब बन गया है। कागजी तौर पर भले ही समग्र मानसूनी आंकड़े कई जगह सामान्य के आसपास नजर आ रहे हों, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद नाजुक है। केंद्र सरकार द्वारा संभावित एल नीनो और कमजोर मानसून के जोखिम के आधार पर चिह्नित किए गए 315 अति-संवेदनशील जिलों में से 147 जिलों (लगभग 47%) में 1 जून से 30 अगस्त के बीच सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय जल आयोग (CWC) की ताजा रिपोर्ट ने नीति-निर्माताओं की नींद उड़ा दी है, जिसके अनुसार देश के 54 प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडारण सामान्य स्तर के 80 प्रतिशत से भी नीचे गिर चुका है, जिससे आने वाले महीनों में खरीफ फसलों, पेयजल आपूर्ति और पनबिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।315 संवेदनशील जिलों की पड़ताल: 147 जिलों में सूखे जैसे हालातकेंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने मानसून की शुरुआत में ही कमजोर वर्षा और एल नीनो के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए देश के 25 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 315 जिलों को तीन प्राथमिक श्रेणियों में बांटा था:हाई-प्रायोरिटी जिले (111 जिले): ऐसे जिले जहां 25 प्रतिशत से भी कम कृषि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है और खेती पूरी तरह बारिश पर टिकी है।मीडियम-प्रायोरिटी जिले (76 जिले): जहां 25 से 50 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचित है।लो-प्रायोरिटी जिले (128 जिले): जहां 50 प्रतिशत से अधिक हिस्से में नहरी या ट्यूबवेल सिंचाई की व्यवस्था है।डाउन टू अर्थ (DTE) की ताजा एनालिसिस रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति उन 111 हाई-प्रायोरिटी जिलों की है, जहां के किसान पूरी तरह बादलों पर निर्भर हैं। इन 111 जिलों में से 40 जिलों (करीब 36%) में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। वहीं मीडियम-प्रायोरिटी के 76 जिलों में से 43 जिलों (करीब 57%) और लो-प्रायोरिटी के 128 जिलों में से 64 जिलों (50%) में मानसूनी बारिश में भारी घाटा दर्ज किया गया है। 'इंडिया ड्रॉट मॉनिटर' (India Drought Monitor) के नवीनतम आकलन के अनुसार, वर्तमान में देश का 39.8 प्रतिशत भूभाग सूखे के विभिन्न स्तरों की चपेट में आ चुका है।कहां बरसी आफत, कहां प्यासी रह गई धरती?बारिश की कमी का सबसे कड़ा प्रहार दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कुछ इलाकों पर हुआ है:कर्नाटक: राज्य के रामनगर जिले में 1 जून से 30 अगस्त के बीच सामान्य 283.5 मिमी के मुकाबले मात्र 19 मिमी बारिश दर्ज की गई, यानी यहां सीधे तौर पर 93 प्रतिशत बारिश की भारी कमी रही। इसके अलावा हासन जिले में 63 प्रतिशत कम बारिश हुई है।पूर्वोत्तर भारत: असम के 8 अति-संवेदनशील जिलों में से 7 जिलों में 21 से 54 फीसदी तक बारिश कम हुई है। मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स में 72 प्रतिशत और नॉर्थ गारो हिल्स में 67 प्रतिशत बारिश की कमी आंकी गई है।महाराष्ट्र: राज्य के 22 संवेदनशील जिलों में से 7 जिलों में सामान्य से 28 से 40 प्रतिशत तक कम बादल बरसे हैं।दूसरी तरफ, इसी मानसून में मौसम की भारी विषमता भी देखने को मिली है। जहां 147 जिले पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं, वहीं 30 संवेदनशील जिलों में सामान्य से अत्यधिक ज्यादा बारिश हुई है। उदाहरण के लिए, उत्तराखंड के बागेश्वर में सामान्य से 152 प्रतिशत अधिक बारिश ने तबाही मचाई, जबकि महाराष्ट्र के नासिक में शुरुआती चार हफ्ते सूखे जैसे रहने के बाद अचानक इतनी भारी बारिश हुई कि कुल आंकड़ा सामान्य से 55 फीसदी ऊपर निकल गया।54 बड़े जलाशयों में पानी का टोटा: 22 बांधों में आधा भी नहीं बचा पानीकेंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा 166 प्रमुख जलाशयों की साप्ताहिक निगरानी रिपोर्ट से जो आंकड़े सामने आए हैं, वे भयावह जल संकट की चेतावनी दे रहे हैं:देश के 166 प्रमुख बांधों और जलाशयों में से 54 जलाशयों में लाइव स्टोरेज सामान्य के 80% से नीचे चला गया है।इनमें से 22 जलाशय ऐसे हैं जिनमें सामान्य भंडारण का 50 प्रतिशत (आधा) या उससे भी कम पानी शेष रह गया है।सबसे विकट स्थिति दक्षिण भारत की है, जहां के 47 प्रमुख जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का मात्र 30.26 प्रतिशत पानी ही बचा है।तेलंगाना के जलाशयों में सामान्य से 57 प्रतिशत कम पानी दर्ज हुआ है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के प्रमुख बांध जैसे श्रीशैलम, नागार्जुन सागर, तुंगभद्रा, कृष्णराज सागर (KRS), पेरियार, वैगई, सिंगूर और मऊदाहा जल भंडारण के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं।खेती, बिजली और खाद्य महंगाई पर क्या पड़ेगा असर?मानसून के अंतिम महीने में यदि अच्छी बारिश नहीं होती है, तो इसके बहुआयामी दुष्परिणाम देखने को मिल सकते हैं:खरीफ उत्पादन में गिरावट: धान, दलहन (अरहर, उड़द), तिलहन और मोटे अनाजों की फसलों को पकने के लिए अंतिम चरण में पानी की सख्त दरकार होती है। बारिश की कमी से उत्पादन प्रभावित होने और पैदावार घटने का सीधा खतरा है।रबी फसलों की बुवाई पर संकट: जलाशयों में कम पानी का सीधा मतलब है कि सर्दियों में आने वाली रबी फसलों (गेहूं, चना, सरसों) की सिंचाई के लिए नहरों में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा जा सकेगा, साथ ही भूजल का स्तर भी पर्याप्त रूप से रीचार्ज नहीं हो पाएगा।हाइड्रोपावर और पेयजल किल्लत: दक्षिण और मध्य भारत के प्रमुख शहरों में गर्मियों से पहले ही पीने के पानी की राशनिंग की नौबत आ सकती है, जबकि प्रमुख बांधों में पानी कम रहने से पनबिजली (Hydroelectric Power) उत्पादन में गिरावट आ सकती है।विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के विदाई के दौर में यदि बंगाल की खाड़ी से कोई मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्यान्न महंगाई (Food Inflation) को नियंत्रित रखना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।
Supreme Court ने नाबालिग होने पर रद्द की 20 साल पुरानी Conviction
नयी दिल्ली, दो सितंबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एक व्यक्ति की 20 साल पुरानी दोषसिद्धि यह कहते हुए रद्द कर दी कि ‘‘एक बच्चे को अपराधी नहीं माना जाना चाहिए।’’ कथित अपराध के समय व्यक्ति नाबालिग था। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रक्रिया के समाप्त होने और ‘‘तकनीकी बाध्यताओं’’ का इस्तेमाल किसी किशोर को कानून के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित करने के लिए नहीं किया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि कोई बच्चा किसी परिस्थितियों में फंसकर सामाजिक-आर्थिक या भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक कारणों से कभी-कभी अपराध की दुनिया की ओर आकर्षित हो जाता है। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने कहा, ‘‘राज्य की जिम्मेदारी है कि वह किशोरों को स्थायी रूप से कलंकित करने के बजाय उन्हें समाज में फिर से शामिल करे।’’पीठ ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत नाबालिगों को उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में जागरूकता की कमी का उल्लेख किया और कहा कि ‘‘इस अदालत में पहली बार किशोर होने का दावा करने वाले मामलों की बढ़ती संख्या से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि संबंधित पक्षों के बीच कानून की समझ में बहुत बड़ा अंतर है।’’शीर्ष अदालत ने अपीलकर्ता महावीर उर्फ अवनीश के खिलाफ फैसला पलटते हुए कहा कि ‘‘साक्ष्य मिटाने’’ के अपराध में उसकी दोषसिद्धि न केवल प्रक्रियागत रूप से त्रुटिपूर्ण थी, बल्कि कानूनी रूप से भी टिकाऊ नहीं थी। पीठ की ओर से फैसला लिखते हुए न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर ने मामले के तथ्यों का उल्लेख किया और किशोर कानून के क्रियान्वयन में बाधा डालने वाले एक गंभीर मुद्दे को रेखांकित किया। फैसले में कहा गया, ‘‘हमें याद रखना चाहिए कि औद्योगीकरण, शहरीकरण और प्रवासन के प्रभाव ने लोगों के दैनिक जीवन को बदल दिया। इसके परिणामस्वरूप लोग ग्रामीण इलाकों से शहरों की ओर पलायन करने लगे और आबादी में भारी वृद्धि हुई... गरीबी, असमानता, निरक्षरता और भेदभावपूर्ण माहौल, जिसमें बच्चा बड़ा होता है, उसमें अपराधी व्यवहार को जन्म देते हैं और वह अपराध का शिकार बन जाता है।’’पीठ ने कहा कि कानून की समझ को लेकर हितधारकों के बीच बहुत बड़ा अंतर है। उसने कहा, ‘‘जांच अधिकारी आम तौर पर दोषी को सजा दिलाने के उद्देश्य में इस कदर लगे रहते हैं कि जिस अदालत के समक्ष किशोर को पेश किया जाता है, वह उसकी उम्र के आकलन पर पर्याप्त ध्यान नहीं देती।’’पीठ ने कहा, ‘‘यह अच्छी तरह याद रखना चाहिए कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जो मानसिक रूप से सजग, शारीरिक रूप से स्वस्थ और नैतिक रूप से सुदृढ़ हों ताकि समाज की बेहतरी में योगदान दे सकें।’’पीठ ने कहा कि बच्चों पर राज्य द्वारा किए गए खर्च का सबसे बड़ा प्रतिफल एक सशक्त मानव संसाधन के रूप में मिल सकता है, जो राष्ट्र की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो। पीठ ने कहा, ‘‘निष्कर्ष रूप में, मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने, जांच प्रक्रियाओं की प्रभावी निगरानी करने और वैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की जरूरत है।’’यह मामला सितंबर 2004 का है, जब मध्य प्रदेश के मुरैना में एक महिला भूरी और उसकी नवजात बेटी के शव रेलवे पटरी पर मिलने के बाद मामला दर्ज किया गया था। महावीर और उसके परिवार के सदस्यों पर हत्या, दहेज हत्या और भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत साक्ष्य मिटाने के आरोप लगाए गए थे। वर्ष 2005 में गवाहों के मुकर जाने के बाद निचली अदालत ने परिवार के सदस्यों को हत्या और दहेज हत्या के आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, अदालत ने महावीर को भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत दोषी ठहराते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। कई वर्ष बाद महावीर ने किशोर होने का दावा किया और कहा कि घटना के समय उसकी उम्र महज 17 वर्ष थी। किशोर न्याय बोर्ड की जांच में उसकी जन्मतिथि एक जुलाई 1987 पाई गई, जिससे यह साबित हुआ कि 2004 में वह नाबालिग था। हालांकि, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। उच्च न्यायालय ने कहा था कि चूंकि मामला पहले ही उच्चतम न्यायालय तक पहुंच चुका है था, इसलिए उसके पास अंतिम रूप ले चुके फैसले को ‘‘दोबारा खोलने’’ का अधिकार क्षेत्र नहीं। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय की ‘‘अति-सतर्कता’’ की आलोचना की और कहा कि उसने ‘‘रिकॉर्ड संबंधी त्रुटि’’ की है। पीठ ने स्पष्ट किया कि महावीर की पिछली याचिका उच्चतम न्यायालय में इस उद्देश्य से वापस ली गई थी कि किशोर होने का दावा विशेष रूप से उठाया जा सके। इसलिए मामला अंतिम स्थिति में नहीं पहुंचा था जो अधिकार क्षेत्र से जुड़ी गलती को सुधारने से रोकती हो। पीठ ने दोहराया कि किशोर कानून की धारा 7ए के तहत किशोर होने का दावा किसी भी अदालत के समक्ष किसी भी समय उठाया जा सकता है, यहां तक कि मामले के अंतिम निपटारे के बाद भी। उसने कहा कि राज्य और अदालतों का कर्तव्य है कि वे बच्चों के सर्वोत्तम हित में काम करें और यह सुनिश्चित करें कि ‘‘कानून की समझ में कमी’’ के कारण उन्हें कानूनी संरक्षण से वंचित न किया जाए।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात अभी से बिछनी शुरू हो गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक केंद्र सहारनपुर पहुंचे समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, सड़कों के गड्ढों और बदहाल कानून व्यवस्था से त्रस्त हो चुकी है और 2027 में पूर्ण बहुमत के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनना तय है। इस दौरान पश्चिमी यूपी की लाइफलाइन माने जाने वाले गन्ना किसानों को साधते हुए अखिलेश यादव ने बड़ा सियासी दांव चला और सरकार बनने पर मिलों द्वारा गन्ना खरीद के 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे किसानों के खाते में भुगतान सुनिश्चित करने का वादा किया।24 घंटे में गन्ना भुगतान: किसानों के हक पर बड़ा ऐलानसहारनपुर में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय चौधरी यशपाल सिंह के आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने गन्ना किसानों की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।सपा प्रमुख ने कहा कि वर्तमान सरकार में महीनों तक गन्ना किसानों को अपनी ही फसल के बकाये के लिए मिलों और दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही ऐसी ठोस पारदर्शी व्यवस्था और फंड बनाया जाएगा, जिससे पर्ची कटते ही अधिकतम 24 घंटे के भीतर किसान के बैंक खाते में गन्ने का भुगतान पहुंच जाएगा।किसानों को उत्तम गुणवत्ता के उन्नत बीज, रियायती दरों पर कीटनाशक, आधुनिक प्रशिक्षण और उपज की सही कीमत दी जाएगी ताकि खेती घाटे का सौदा न बने।'चीनी और एथेनॉल से मुनाफा कमा रहे उद्योगपति, किसान क्यों खाली हाथ?'त्योहारी सीजन से ठीक पहले बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों और एथेनॉल उत्पादन को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए:उन्होंने आरोप लगाया कि त्योहार आते ही चीनी के दाम आसमान छूने लगते हैं, जिसका सीधा फायदा सत्ता के करीबी बड़े उद्योगपतियों की जेब में जा रहा है।गन्ने से बड़े पैमाने पर एथेनॉल बनाया जा रहा है और कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं, लेकिन इस पूरी वैल्यू चेन में जिस किसान ने दिन-रात पसीना बहाकर गन्ना उगाया, उसे उचित लाभांश नहीं दिया जा रहा।सपा सरकार बनने पर एथेनॉल और चीनी से होने वाली अतिरिक्त कमाई का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाने की नीति बनाई जाएगी।सहारनपुर के लिए बनेगा अलग चुनावी मैनिफेस्टोअखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक और सामाजिक जरूरतें बाकी हिस्सों से अलग हैं, इसलिए सहारनपुर के लिए पार्टी एक समर्पित स्थानीय घोषणापत्र (Local Manifesto) जारी करेगी:विश्वप्रसिद्ध वुड कार्विंग (काष्ठ कला) उद्योग: सहारनपुर के पारंपरिक लकड़ी नक्काशी उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए कारीगरों को आधुनिक तकनीक, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और विशेष वित्तीय सब्सिडी दी जाएगी।स्वास्थ्य और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर: क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए सहारनपुर में एक अत्याधुनिक 'कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट' स्थापित करने का वादा किया। इसके साथ ही युवाओं के लिए स्पोर्ट्स सिटी और नए स्टेडियम विकसित किए जाएंगे।अग्निवीर योजना का विरोध: अखिलेश ने दोहराया कि सेना में लागू संविदा आधारित अग्निवीर व्यवस्था को खत्म कर पुरानी स्थायी भर्ती प्रक्रिया को बहाल करने की लड़ाई जारी रहेगी।जातिगत जनगणना, आरक्षण और एक्सप्रेसवे की खामियों पर घेराप्रेस वार्ता के दौरान सपा मुखिया ने आरक्षण और जातिगत जनगणना के मुद्दे पर पार्टी का रुख दोहराते हुए कहा कि आरक्षण था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि जब तक जातिगत जनगणना कराकर 'जिसकी जितनी आबादी, उसका उतना हक' नहीं दिया जाता, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा रहेगा।इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में बारिश के दौरान लखनऊ-कानपुर और गंगा एक्सप्रेसवे पर आई दरारों और धंसने की घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर दावों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के डिजाइन में भारी खामियां हैं और सरकार गड्ढों पर पंखे चलाकर या कालीन बिछाकर अपनी कमियां छिपाने की कोशिश कर रही है।इस दौरे में अखिलेश यादव ने पश्चिमी यूपी के कद्दावर मुस्लिम और किसान नेताओं को एक मंच पर लाकर सियासी समीकरण साधने का भी साफ संदेश दिया। मौसम की खराबी के कारण हालांकि उनकी प्रस्तावित जनसभा को स्थगित करना पड़ा, लेकिन उन्होंने एलान किया कि चुनावी अभियान के दौरान वह दोबारा सहारनपुर आकर ऐतिहासिक रैली करेंगे।
F-16 को मार गिराने वाले अभिनंदन ने छोड़ी वायुसेना की नौकरी, प्राइवेट एयरलाइंस से पायलट के तौर पर जुड़े
KFC से लेकर डोमिनोज साफ सफाई लेकर हुए सतर्क, FDA के एक्शन के बाद ब्रांड्स ने बढ़ाई किचन की निगरानी
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर सरकार और खाद्य सुरक्षा नियामकों द्वारा देश भर में की जा रही सख्त कार्रवाई के बीच प्रमुख रेस्टोरेंट और फूड ब्रांड्स ने सतर्कता बढ़ा दी है।
भारत की दुनिया में वाहवाही, 35 साल बाद मिली A रेटिंग; जापान ने दिया तोहफा
भारत के लिए बड़ी खुशखबरी है। जापान ने 3 दशक से ज्यादा समय के बाद भारत को ए रेटिंग दी है। कहा जा रहा है कि इसका बड़ा असर होम लोन, कारोबार के लिए कर्ज जैसे क्षेत्रों में बड़ा असर पड़ सकता है। वहीं, विदेशी निवेश भी लाभ के आसार हैं।
मोनोकनी में अनाया बांगड़, थाइलैंड पहुंचते ही लगाई हुस्न की आग, VIDEO
अनाया बांगड़ इन दिनों थाईलैंड में हैं और उन्होंने वहां से अपना ग्लैमरस अंदाज शेयर किया है. मोनोकनी में उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा में है. पोस्ट के साथ अनाया ने लिखा कि अब वह अपने शरीर को अपना घर मानती हैं. उन्होंने इसे 'जेंडर यूफोरिया' बताया. पोस्ट पर यूजर्स ने प्यार दिखाया.
Delhi Voter List में नाम जुड़वाने के लिए 2.18 लाख से अधिक Form-6 जमा हुए
नयी दिल्ली, दो सितंबर दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सूची में नाम शामिल कराने के लिए एक सितंबर तक कुल 2,18,139 फॉर्म जमा किए गए, जबकि नाम हटाने के लिए 51,000 से अधिक आपत्तियां दर्ज की गईं। आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक कुल 2,14,534 फॉर्म-6 जमा किए गए थे, जबकि एक सितंबर को 3,605 फॉर्म और जमा किए गए। दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू हुई है और 30 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए फॉर्म-7 और पंजीकृत पते में बदलाव के लिए फॉर्म-8 जमा कर सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए सबसे अधिक 29,510 फॉर्म-6 पश्चिमी दिल्ली जिले से जमा किए गए। वहीं मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए सबसे अधिक 14,663 आपत्तियां दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले से दर्ज की गईं। पश्चिमी दिल्ली के बाद दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 25,446, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से 25,010, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से 22,189 और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली से 20,191 फॉर्म-6 जमा किए गए। सोमवार को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद शुरुआती दो दिनों में कुल 51,522 फॉर्म-7 जमा किए गए। इनमें सबसे अधिक दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 14,663, उत्तर दिल्ली से 11,626, पश्चिमी दिल्ली से 8,930 और पूर्वी दिल्ली से 2,621 फॉर्म शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 13 जिलों में दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में मसौदा मतदाता सूची से सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मतदाताओं ने पंजीकृत पते में बदलाव के लिए कुल 2,63,801 फॉर्म-8 जमा किए। इनमें सबसे अधिक 33,083 फॉर्म पूर्वी दिल्ली से आए। इसके बाद उत्तर-पूर्वी दिल्ली से 32,783, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 30,581, दक्षिणी दिल्ली से 26,331 और पश्चिमी दिल्ली से 25,387 फॉर्म जमा किए गए। दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूचियों से कुल 47.50 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि दिल्ली में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 1.45 करोड़ है। अंतिम मतदाता सूची चार नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। मसौदा मतदाता सूची से हटाए गए मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टि वाले नाम (एएसडीडी) तथा अन्य श्रेणियों में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए 43 लाख से अधिक मतदाता अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में आते हैं। निर्वाचन अधिकारियों ने उन मतदाताओं को नोटिस देना भी शुरू कर दिया है, जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में विभिन्न विसंगतियों या गणना चरण के दौरान जमा किए गए फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण के मेल नहीं खाने के कारण शामिल किए गए हैं। नोटिस और सत्यापन की प्रक्रिया 29 अक्टूबर को समाप्त होगी, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची में नाम वाले 33 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस मिलने की संभावना है। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि यदि मतदाताओं के विवरण का 2002 की दिल्ली एसआईआर से मिलान नहीं हो पाया या गणना फॉर्म में उनके व्यक्तिगत विवरण में कोई विसंगति पाई गई, तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अपने वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया है।
ट्रंप की एक दलील नहीं सुनी, अमेरिका के बर्थराइट सिटिजनशिप पर आया बड़ा अपडेट
मैरीलैंड की संघीय जज डेबोरा बोर्डमैन ने ट्रंप प्रशासन के उस नए आदेश पर शुरुआती रोक लगा दी, जो अमेरिका में जन्मे कुछ बच्चों की नागरिकता सीमित करना चाहता था. अदालत ने कहा कि क्लास एक्शन में शामिल बच्चे जन्म से नागरिक हैं, इसलिए एजेंसियां फिलहाल उनकी नागरिकता में दखल नहीं दे सकतीं.
उफनती नदी के ऊपर अधूरा पुल: छत्तीसगढ़ में जान हथेली पर रखकर स्कूल जाने को मजबूर मासूम, वीडियो वायरल
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से बच्चों की शिक्षा और बुनियादी ढांचे की बदहाली को उजागर करने वाली एक बेहद खौफनाक और विचलित करने वाली तस्वीर सामने आई है।
जिस देश ने पाकिस्तान का साथ दिया, भारत पर ताने हथियार; उसका नया प्लान तैयार
भारत और तुर्किये के संबंधों में पाकिस्तान को बड़ा रोड़ा माना जाता है। हालांकि, ताजा गतिविधियों से संकेत मिल रहे हैं कि तुर्किये अब नई दिल्ली के साथ संबंध बेहतर करना चाहता है। इसके अलावा वह SCO का भी सदस्य बनना चाहता है।
हाईवे पर टोल वसूली में बड़ा खेल! फर्जी सॉफ्टवेयर से कटती थीं रसीदें; कैसे हुआ खुलासा?
जांच एजेंसी ने दिल्ली, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल में 14 ठिकानों को खंगाला। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इनकी जांच जारी है।
Muzaffarnagar में मेले के विवाद पर BNS धारा 105 के तहत 5 गिरफ्तार, नहर से शव बरामद
मुजफ्फरनगर (उप्र), दो सितंबर मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र के बेल्डा गांव में मेले के दौरान हुए विवाद और उसके बाद गंगनहर में युवक के लापता होने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया और एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी लक्ष्मण वर्मा ने बताया कि इस मामले में रिजवान, अफजल, भोलू, बख्शी और अजूबा समेत आठ लोगों और एक नाबालिग के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों में से पांच को गिफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है। इस बीच, बेल्डा गांव में मेले में झड़प के दौरान गंग नहर में डूबे 20 वर्षीय वंश कश्यप का शव बुधवार शाम को बरामद किया गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीड़ित परिवार की शिकायत के अनुसार, झड़प के दौरान खुद को बचाने के लिए चार युवक गंग नहर में कूद गए थे। पुलिस ने बताया कि तीन युवक तो बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन वंश नहर में डूब गया था। शव मिलने के बाद बुधवार को नाराज लोगों ने भोपा थाने के बाहर सड़क पर रास्ता जाम करने की भी कोशिश की। अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
तमिलनाडु के मंदिरों में 'फ्लाइट मोड' में मोबाइल, वजह विजय ही जानें!
तमिलनाडु सरकार ने 52 मंदिरों के परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है. विजय सरकार के इस फैसले के बाद ईश्वर को भी शायद यह देखकर राहत मिलेगी कि अब मंदिरों में कंटेंट बनाने पर कम और भक्ति पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा.
'जिस देश ने भी ईरान की मदद की...', पेजेश्कियन से PM मोदी की मुलाकात पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मुलाकात की थी.
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड के बाद गंडक नहीं के रास्ते बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाकों में बड़ी-बड़ी मछलियां देखी जा रही हैं, जिसे लोग प्रकृति का गिफ्ट समझकर खा रहे हैं. इन मछलियों को खाकर कुछ लोग बीमार भी पड़ रहे हैं. यहां जानते हैं इस बारे में-
Weather Update: दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में आज तेज आंधी और बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है. बंगाल की खाड़ी से चलने वाली हवाओं से टेंशन बढ़ सकती है. कई राज्यों में ओले भी गिर सकते हैं.
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को बनाए जाने पर सियासत तेज हो गई है। राम मंदिर ट्रस्ट में इस नियुक्ति पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा मंदिर साधु-संतों की जिम्मेदारी है।
पुलिस को यह पता लगाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है कि आखिर यह महिला यहां तक पहुंची कैसे और इसके पीछे कारण क्या है.
अमेरिका ने रोके 86 जहाज, हूतियों ने दागीं 10 मिसाइलें... होर्मुज से यमन तक टेंशन
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिका की नाकेबंदी जारी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिकी सेना 86 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल चुकी है, 3 जहाजों को निष्क्रिय किया गया. इसी बीच ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने यमन के ताइज और होदेइदाह में 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं.
Sahibganj में CBI अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने व्यक्ति को 'Digital Arrest' कर ऐंठे 1.20 करोड़ रुपये
साहिबगंज, दो सितंबर झारखंड के साहिबगंज जिले में एक व्यक्ति से साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए। ठगों ने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का अधिकारी बताया और करीब दो महीने तक उसे ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ रखा। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। साहिबगंज के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) रविकांत साव ने बताया कि गौतम चंद्र दास को फर्जी सीबीआई मामले में गिरफ्तारी की धमकी दी गई और कथित तौर पर करीब 10 बार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजने के लिए मजबूर किया गया। दास ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह रकम अपनी बेटी की शादी के लिए बचाकर रखी थी। दास को जून में एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम प्रदीप सिंह बताया और खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी बताया। फोन करने वाले ने कथित तौर पर कहा कि दास के खिलाफ एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए दास को ‘‘डिजिटल अरेस्ट’’ में रखा और दावा किया कि उन पर नजर रखी जा रही है।
Hanuman Ansh Box Office Day 27: नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश को 27 दिन बाद भी दर्शकों का प्यार मिल रहा है. फिल्म मंगलवार और बुधवार की कमाई के साथ 60 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है.
खाली दीवार को देना है नया लुक? बिना ड्रिल किए ऐसे सजाएं
No Drill Decor Ideas: किराए के घर में रहते हैं और दीवार में ड्रिल या कील ठोंककर उसे खराब नहीं करना चाहते? परेशान होने की जरूरत नहीं है. एडहेसिव स्ट्रिप्स, वाशी टेप और टेंशन रॉड जैसे आसान तरीकों की मदद से खाली दीवार को स्टाइलिश और खूबसूरत लुक दिया जा सकता है. जानिए बिना ज्यादा खर्च और बिना दीवार को नुकसान पहुंचाए वॉल डेकोरेशन के 5 आसान 'नो-डैमेज' हैक्स.
नोएडा पुलिस ने लिव-इन में रह रहे एक प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़े चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोपी पॉश सोसाइटियों के बंद फ्लैटों में चोरी कर रात में बार और रेस्तरां में पैसे खर्च करते थे.
नेपाल में पुतलों का अंतिम संस्कार! हिंदू धर्म में कितनी पुरानी है ये परंपरा
नेपाल में आए भीषण फ्लैश फ्लड के कारण कई मृतकों के शव नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे परिवार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में कठिनाई का सामना कर रहे हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार, ऐसी स्थिति में कुश घास से प्रतीकात्मक शव बनाकर दाह संस्कार किया जा सकता है.
Odisha में BJD का आरोप, SIR के तहत अल्पसंख्यक वोटरों पर Form 7 का गलत इस्तेमाल
भुवनेश्वर, दो सितंबर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से चुनावी रिकॉर्ड के सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सुनिश्चित करने का आग्रह किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए फॉर्म-7 का दुरुपयोग किया जा रहा है। फॉर्म-7 का इस्तेमाल मौजूदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बीजद के प्रदेश अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने कहा कि उसे ओडिशा के विभिन्न हिस्सों से शिकायतें मिली हैं। इनमें आरोप लगाया गया है कि वास्तविक मतदाताओं, खासकर मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और अन्य पात्र नागरिकों के खिलाफ फॉर्म-7 के जरिए आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘हमने जारी एसआईआर के दौरान वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग के संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तत्काल और कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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