पैरेंट्स की शादी पर सलमान ने खोला बड़ा राज, खिलाफ थे नाना
सलमान खान ने 'बिग बॉस 20' में बताया कि उनके माता-पिता की शादी के बाद, उनके नाना ने पांच साल तक सलीम खान से बात नहीं की थी. उन्होंने आगे बताया कि बाद में उनके नाना को इस बात का पछतावा हुआ.
राजधानी दिल्ली के बाजारों में चल रहे लगातार विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा पाबंदियों के बीच व्यापारिक समुदाय में गहरा असंतोष फैल गया है। त्योहारी सीजन और आगामी शादियों के कारोबार पर पड़ रहे गंभीर असर को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक पत्र लिखा है। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने और राष्ट्रीय राजधानी में 31 जनवरी 2027 तक सभी प्रकार के राजनीतिक प्रदर्शनों, रैलियों और सड़क जाम को स्थगित या प्रतिबंधित करने की मांग की है। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (BUVM) और अन्य स्थानीय मार्केट एसोसिएशनों ने न केवल प्रधानमंत्री मोदी, बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से भी पत्र लिखकर इस अवधि में व्यापक जनहित और अर्थव्यवस्था की खातिर प्रदर्शन टालने की गुहार लगाई है।रोजाना 100 करोड़ रुपये का भारी नुकसान और खाली पड़े प्रमुख बाजारकनॉट प्लेस (CP), पालिका बाजार, जनपथ, लाजपत नगर, शंकर मार्केट और चांदनी चौक जैसे दिल्ली के प्रमुख रिटेल और थोक बाजारों के दुकानदारों का कहना है कि प्रदर्शनों के कारण कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। एसोसिएशनों के अनुसार, सुरक्षा घेराबंदी, बैरिकेडिंग और रास्तों के बंद होने की वजह से बाजारों में ग्राहकों की संख्या नगण्य हो गई है, जिससे अकेले दिल्ली के बाजारों को रोजाना 100 करोड़ रुपये तक का सीधा कारोबारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों ने दावा किया कि अक्टूबर से लेकर जनवरी तक का समय रिटेल सेक्टर के लिए साल का सबसे अहम वक्त होता है, जब नवरात्रि, धनतेरस, दिवाली और शादियों के सीजन में साल की लगभग 40 से 50 प्रतिशत बिक्री होती है। व्यापारियों ने पहले से ही करोड़ों रुपये का नया स्टॉक उधार और निवेश कर मंगवाया हुआ है, लेकिन ग्राहक न आने से यह पूंजी फंस गई है।नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के ग्राहकों की आवाजाही ठपव्यापारियों ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में रेखांकित किया है कि दिल्ली के बाजारों की आजीविका केवल स्थानीय निवासियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद जैसे एनसीआर शहरों से रोजाना लाखों खरीदार दिल्ली आते हैं। प्रदर्शनों और पुलिस सुरक्षा के चलते जब प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू होता है या नजदीकी मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए जाते हैं, तो एनसीआर के ग्राहक दिल्ली आने से पूरी तरह परहेज करने लगते हैं। इसके अलावा, माल की आवाजाही और डिलीवरी लॉजिस्टिक्स में भारी रुकावट आ रही है, जिससे थोक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो गई है।लोकतांत्रिक अधिकार बनाम आजीविका: व्यापारियों ने मांगा संतुलनव्यापारिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह पत्र या मांग किसी के भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि वे विरोध करने के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन यह विरोध आम नागरिकों, दुकानदारों, कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका को बंधक बनाकर नहीं होना चाहिए। पत्र में कहा गया है कि कारोबार में भारी गिरावट के बावजूद दुकानदारों को भारी-भरकम किराया, बिजली के बिल, कर्मचारियों का वेतन और बैंक लोन की ईएमआई चुकानी पड़ती है। यदि 31 जनवरी 2027 तक बाजारों को राजनीतिक तनाव और प्रदर्शनों से मुक्त नहीं रखा गया, तो छोटे दुकानदार और मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।कानूनी सुरक्षा और सरकार से मुआवजे की भी मांगबाजार प्रतिनिधियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष भी अपनी परेशानियां रखी हैं और सरकार से मांग की है कि बार-बार होने वाले इन प्रदर्शनों के लिए विशेष वैकल्पिक स्थल तय किए जाएं ताकि वाणिज्यिक हब बाधित न हों। साथ ही, कुछ एसोसिएशनों ने अनिश्चितता और अशांति के कारण हुए करोड़ों के वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए राहत पैकेज या मुआवजे की भी अपील की है। व्यापारियों ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस प्रशासन त्योहारी सीजन की संवेदनशीलता को समझते हुए बाजारों के निर्बाध संचालन के लिए कड़े कदम उठाएंगे।
सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए सरकारी बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से सबसे भरोसेमंद विकल्प रही है। देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की 390 दिनों की स्पेशल एफडी इस समय कम समय में आकर्षक ब्याज पाने के लिए एक लोकप्रिय अवधि बनी हुई है। अगर आप 390 दिनों (लगभग 1 वर्ष 25 दिन) की अवधि के लिए ₹5 लाख की एकमुश्त राशि जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो बैंक की तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding) व्यवस्था के तहत आपको शानदार रिटर्न मिलता है।PNB 390 दिन FD: ब्याज दरें और पात्रता श्रेणियांपंजाब नेशनल बैंक 390 दिनों की अवधि के लिए जमाकर्ताओं को उम्र के आधार पर तीन अलग-अलग स्लैब में ब्याज दरें उपलब्ध कराता है:सामान्य नागरिक (Regular / General Citizens - 60 वर्ष से कम): 6.30% से 6.40% वार्षिकसीनियर सिटिजन (Senior Citizens - 60 से 80 वर्ष): 6.80% से 6.90% वार्षिक (0.50% अतिरिक्त ब्याज)सुपर सीनियर सिटीजन (Super Senior Citizens - 80 वर्ष और उससे अधिक): 7.10% से 7.20% वार्षिक (0.80% तक अतिरिक्त ब्याज)₹5 लाख जमा पर ब्याज और मैच्योरिटी का पूरा कैलकुलेशनबैंकों में 1 वर्ष से अधिक की एफडी पर ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि (Quarterly Compounding Formula: $A = P imes (1 + r/4)^{4 imes t}$) के आधार पर की जाती है। 390 दिन (लगभग 1.068 वर्ष) की अवधि पर ₹5 लाख के मूलधन पर मिलने वाला रिटर्न विवरण:जमाकर्ता श्रेणीलागू वार्षिक ब्याज दर (p.a.)मूलधन (Principal)390 दिन में कुल अर्जित ब्याजमैच्योरिटी पर कुल राशिसामान्य नागरिक (Regular)6.40%₹5,00,000~₹35,040₹5,35,040सीनियर सिटिजन (60+ वर्ष)6.90%₹5,00,000~₹37,860₹5,37,860सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष)7.20%₹5,00,000~₹39,560₹5,39,560(नोट: गणना तिमाही चक्रवृद्धि और 390 दिन की अवधि के वास्तविक दिनों के आधार पर अनुमानित है। ब्याज दर में मामूली स्लैब बदलाव के अनुसार कुल राशि में कुछ रुपयों का अंतर संभव है।)PNB की इस एफडी स्कीम के मुख्य फायदे और सुविधाएं390 दिन की एफडी उन निवेशकों के लिए आदर्श मानी जाती है जो अपने फंड को 2 या 3 साल जैसी लंबी अवधि के लिए लॉक नहीं करना चाहते, लेकिन 1 साल की तुलना में ज्यादा रिटर्न चाहते हैं:लोन और ओवरड्राफ्ट सुविधा: आपातकाल की स्थिति में एफडी तोड़ने के बजाय आप जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट बेहद कम ब्याज दर पर उठा सकते हैं।सुरक्षित सरकारी गारंटी: PNB एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, जिसमें DICGC के तहत जमाकर्ताओं के ₹5 लाख तक के मूलधन और ब्याज को कानूनी सुरक्षा प्राप्त होती है।समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal): जरूरत पड़ने पर बैंक के तय नियमों के अनुसार मामूली पेनाल्टी देकर एफडी को समय से पहले भी बंद किया जा सकता है।टैक्स और टीडीएस (TDS) के नियमआयकर नियमों के तहत बैंक एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-योग्य होता है:TDS सीमा: एक वित्तीय वर्ष में सामान्य नागरिकों के लिए ब्याज ₹40,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से अधिक होने पर बैंक स्रोत पर कर (TDS) काटता है।₹5 लाख पर स्थिति: 390 दिन के इस निवेश में सामान्य नागरिकों का कुल ब्याज लगभग ₹35,040 रहेगा, जो ₹40,000 की सीमा के भीतर है, इसलिए यदि बैंक में आपकी कोई अन्य एफडी नहीं है, तो बैंक द्वारा टीडीएस नहीं काटा जाएगा।टैक्स छूट फॉर्म: यदि आपकी कुल वार्षिक आय कर-योग्य सीमा से कम है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G (सामान्य नागरिकों के लिए) या फॉर्म 15H (सीनियर सिटिजन्स के लिए) जमा करके टीडीएस कटौती से बच सकते हैं।
ग्रेटर नोएडा: 5 मौतों के मामले में नया मोड़, मृतक की 2 बहनों- बहनोई पर FIR
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आया है. मृतक महेश के साले की शिकायत पर उसकी दो बहनों और एक बहनोई के खिलाफ प्रताड़ना के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है.
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर कूटनीतिक और आर्थिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते के पहले चरण (First Tranche) को अंतिम रूप देने की कवायद अब अपने आखिरी पड़ाव में पहुंच चुकी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा और उच्चस्तरीय वार्ताओं के बीच यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों वैश्विक साझेदार टैरिफ में कटौती और बाजार पहुंच को लेकर आपसी सहमति बनाने के बेहद करीब हैं। इस समझौते के तहत जहां भारत अपने कपड़ा, जेनेरिक दवाओं, ऑटो कंपोनेंट्स, मसालों और आईटी उत्पादों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल अमेरिकी बाजार में तरजीही व शुल्क-मुक्त पहुंच चाहता है, वहीं वाशिंगटन की नजर भारतीय कृषि और उपभोक्ता बाजार पर टिकी है। हालांकि, फल, नट्स, सोयाबीन तेल और वाइन जैसी वस्तुओं पर रियायत मिलने की संभावनाओं के बावजूद भारतीय डेयरी क्षेत्र और पशुपालकों के हित अब भी इस पूरी बातचीत का सबसे संवेदनशील और पेचीदा मुद्दा बने हुए हैं।अमेरिकी फल, नट्स और सोयाबीन तेल: भारतीय बाजार में क्या सस्ता हो सकता है?व्यापार समझौते के मसौदे के तहत भारत चुनिंदा अमेरिकी कृषि और प्रसंस्कृत उत्पादों पर सीमा शुल्क यानी बेसिक कस्टम्स ड्यूटी में चरणबद्ध कटौती या उसे पूरी तरह समाप्त करने पर विचार कर रहा है। इसमें अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के सेब, प्रीमियम चेरी, बादाम, अखरोट (Tree Nuts) और क्रैनबेरी जैसे फल प्रमुख हैं। इसके अलावा, अमेरिकी सोयाबीन तेल और पशु आहार के लिए प्रयुक्त होने वाले डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेंस (DDGS) के आयात नियमों को सुगम बनाने पर बातचीत चल रही है। यदि इन पर टैरिफ कम होता है, तो भारत के महानगरों और खुदरा बाजारों में प्रीमियम अमेरिकी फल और पैकेज्ड ड्राई फ्रूट्स अधिक प्रतिस्पर्धी दामों पर उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही, पोल्ट्री और पशु आहार उद्योग को उच्च प्रोटीन वाला चारा रियायती दरों पर मिलने की उम्मीद है, जिससे लागत नियंत्रण में मदद मिल सकती है।प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स: घरेलू उद्योग की सुरक्षा के साथ न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तअमेरिकी कैलिफोर्निया वाइन और बोर्बोन व्हिस्की के भारतीय बाजार में प्रवेश को लेकर भी लंबे समय से बहस चल रही है। वर्तमान में भारत विदेशी शराब पर 150 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क वसूलता है। प्रस्तावित व्यापार ढांचे में अमेरिकी वाइन और स्पिरिट्स पर टैरिफ को घटाने का प्रस्ताव तो शामिल है, लेकिन भारत सरकार ने इसके लिए सख्त 'न्यूनतम आयात मूल्य' (Minimum Import Price - MIP) का सुरक्षा कवच तैयार किया है। इसका सीधा मतलब यह है कि टैरिफ रियायत केवल उच्च मूल्य वाली प्रीमियम वाइन और स्पिरिट्स पर ही लागू होगी। इस संतुलनकारी फॉर्मूले से भारत का उद्देश्य महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के घरेलू वाइन उत्पादकों को सस्ते विदेशी आयात की डंपिंग से बचाना है, ताकि स्थानीय शराब और स्पिरिट्स उद्योग का कारोबारी ढांचा सुरक्षित बना रहे।डेयरी सेक्टर पर भारत का कड़ा रुख: आखिर कहां फंसा है पेंच?भारत और अमेरिका के बीच इस ऐतिहासिक ट्रेड डील में सबसे बड़ी दीवार डेयरी उत्पाद ही बने हुए हैं। अमेरिका अपने चीज, मक्खन, स्किम्ड मिल्क पाउडर और मट्ठा (Whey) उत्पादों के लिए भारतीय बाजार को पूरी तरह खोलने का दबाव बनाता रहा है। दूसरी ओर, भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपने करोड़ों छोटे और सीमांत दूध उत्पादक किसानों की आजीविका पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।इस गतिरोध के पीछे दो बड़े और गैर-परक्राम्य (Non-negotiable) कारण हैं:सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता: भारत का सख्त नियम है कि देश में केवल उसी डेयरी उत्पाद के आयात की अनुमति दी जा सकती है, जो ऐसे दुधारू पशुओं से प्राप्त हुआ हो जिन्हें कभी रक्त का भोजन, आंतरिक अंग या जुगाली करने वाले पशुओं के मांस का आहार (Ruminant Feed / Blood Meal) न दिया गया हो। चूंकि अमेरिकी डेयरी फार्मिंग में पशुओं के चारे में ऐसे तत्वों का उपयोग आम है, इसलिए भारत इसके प्रमाणन पर पूरी तरह अड़ा हुआ है।लाखों ग्रामीण परिवारों की आजीविका: भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और यह क्षेत्र अमूल, पराग, नंदिनी जैसी सहकारी समितियों और ग्रामीण महिलाओं की रीढ़ पर टिका है। सब्सिडी-आधारित विशाल अमेरिकी डेयरी कंपनियों को बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश देने से घरेलू दूध की कीमतें क्रैश हो सकती हैं, जिसका सीधा नुकसान भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को उठाना पड़ेगा। इसी कारण भारत ने डेयरी, मुख्य अनाज (गेहूं-चावल) और जीएम (GM) फसलों को अपनी सख्त 'नेगेटिव लिस्ट' में बनाए रखा है।घरेलू किसानों और सोयाबीन उत्पादकों की चिंताएंव्यापार समझौते की खबरों के बीच मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक के सोयाबीन किसानों और किसान संगठनों ने भी चिंताएं जाहिर की हैं। अमेरिका में सोयाबीन की खेती बड़े पैमाने पर आधुनिक मशीनों और भारी सरकारी सब्सिडी के दम पर की जाती है, जिसके चलते वहां की उत्पादन लागत काफी कम है। भारतीय किसान संगठनों का तर्क है कि यदि अमेरिकी सोयाबीन तेल या प्रसंस्कृत सोयाबीन उत्पादों को बिना पर्याप्त सुरक्षा शुल्क के बड़े पैमाने पर भारत आने दिया गया, तो स्थानीय मंडियों में तिलहन की फसल औंधे मुंह गिर सकती है। वाणिज्य मंत्रालय ने हालांकि स्पष्ट किया है कि जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) सोयाबीन के सीधे दाने के आयात की अनुमति नहीं होगी और घरेलू कीमतों की सुरक्षा के लिए रेगुलेटरी मैकेनिज्म हमेशा सक्रिय रहेगा।वैश्विक भू-राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा समीकरणयह व्यापार वार्ता केवल कृषि उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक भू-राजनीति से भी जुड़े हैं। वैश्विक टैरिफ दबावों और तेल आपूर्ति के बदलते समीकरणों के बीच भारत अमेरिका से तेल, प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और उच्च तकनीक वाले डेटा सेंटर कंपोनेंट्स की खरीद बढ़ाकर व्यापार घाटे को संतुलित करने की दिशा में बढ़ रहा है। विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के वार्ताकारों का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत को अमेरिकी बाजार में वियतनाम, चीन या बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर या समान प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिले।आने वाले हफ्तों में मुंबई और नई दिल्ली में होने वाली द्विपक्षीय बैठकों के बाद यह तय होगा कि क्या दोनों महाशक्तियां डेयरी के पेंच को सुलझाकर या उसे अलग रखकर पहले चरण के अंतरिम समझौते (Interim Deal) पर औपचारिक मुहर लगाती हैं। भारत का संदेश पूरी तरह स्पष्ट है—व्यापारिक सहयोग का स्वागत है, लेकिन देश के अन्नदाता और पशुपालकों के हितों की बलि देकर कोई भी डील स्वीकार्य नहीं होगी।
आकाश आनंद पर मायावती मेहरबान, अशोक सिद्धार्थ की वापसी पर लगाया फुल स्टॉप
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद की पार्टी में वापसी के बाद उनकी जमकर तारीफ की है. वहीं, उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी कीमत पर पार्टी में वापस नहीं लिया जाएगा.
देश भर में चाय की चुस्की के साथ बड़े चाव से खाए जाने वाले बिस्किट को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। भारत के लोकप्रिय स्नैक ब्रांड्स में शुमार 'प्रियागोल्ड' (Priyagold Biscuits) बनाने वाली प्रमुख कंपनी 'सूर्या फूड एंड एग्रो लिमिटेड' (Surya Food & Agro Ltd.) के खिलाफ भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बड़ा कानूनी शिकंजा कस दिया है। खाद्य सुरक्षा नियामक द्वारा की गई उच्चस्तरीय जांच और फैक्ट्री परिसर के औचक निरीक्षण में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बिस्किट निर्माण में फाइबर (Fiber) के स्रोत के रूप में उस चोकर (Bran) का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो इंसानों के खाने के लिए नहीं बल्कि पशुओं के चारे (Cattle Feed) के लिए चिह्नित था। इस अक्षम्य लापरवाही और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर कड़ा रुख अपनाते हुए FSSAI ने कंपनी का विनिर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और अदालत में आपराधिक मुकदमा (Prosecution) चलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।प्रियागोल्ड बिस्किट फैक्ट्री में जांच के दौरान क्या मिला?उपभोक्ताओं और सूत्रों से मिली शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक विशेष टीम ने विनिर्माण संयंत्र का सघन मुआयना किया था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की आंखें तब फटी रह गईं, जब फैक्ट्री परिसर में भारी मात्रा में ऐसी बोरियां बरामद हुईं, जिन पर स्पष्ट रूप से 'पशु आहार' (Cattle Feed / Animal Feed Bran) लिखा हुआ था। जांच में साबित हुआ कि कंपनी लागत घटाने और बिस्किट में फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए इंसानी उपभोग के मानकों पर पूरी तरह अयोग्य इस चोकर को कच्चे माल की तरह धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रही थी। इसके अतिरिक्त, प्लांट के भीतर हाइजीन और सैनिटेशन के बुनियादी नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। कच्चे माल के भंडारण में फंगस और गंदगी का जोखिम, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में घोर लापरवाही, कीट नियंत्रण (Pest Control) के पुख्ता इंतजाम न होना और अधबने मिश्रण को खुले में रखने जैसी कई गंभीर अनियमितताएं मौके पर पकड़ी गईं।पशु चारे वाला चोकर इंसानी सेहत के लिए कितना खतरनाक?स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फूड साइंटिस्ट्स के अनुसार, पशुओं के लिए तैयार किए जाने वाले चोकर और इंसानों के खाने योग्य खाद्य-ग्रेड चोकर के प्रसंस्करण मानकों में जमीन-आसमान का अंतर होता है। पशु आहार के लिए प्रयुक्त चोकर में धूल-मिट्टी, माइकोटॉक्सिन (फंगल जहर), भारी धातुएं, कीटनाशकों के अत्यधिक अवशेष और हानिकारक बैक्टीरिया जैसे ई-कोलाई व साल्मोनेला की मौजूदगी का भारी जोखिम रहता है। जब ऐसे दूषित चोकर को बिस्किट जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है, तो यह बच्चों और वयस्कों के पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसके नियमित सेवन से पेट में गंभीर संक्रमण, लिवर और आंतों की सूजन, फूड पॉइजनिंग और दीर्घकालिक रूप से प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।FSSAI का कड़ा एक्शन: लाइसेंस रद्द की तैयारी और कोर्ट में चलेगा केसखाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (FSSA Act 2006) के तहत किसी भी खाद्य उत्पाद में असुरक्षित, घटिया और इंसानी उपभोग के अयोग्य सामग्री का इस्तेमाल गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है। FSSAI के सक्षम प्राधिकारी ने जांच रिपोर्ट और लैब निष्कर्षों की समीक्षा के बाद सूर्या फूड एंड एग्रो के खिलाफ सक्षम अदालत में आपराधिक अभियोजन (Criminal Prosecution) शुरू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कानून के जानकारों का कहना है कि यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपनी प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों को भारी आर्थिक जुर्माने के साथ-साथ कई वर्षों की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है। नियामक ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे सुरक्षा प्रोटोकॉल और कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित यूनिट से उत्पादन और वितरण पर रोक बरकरार रहेगी।डोडला डेयरी और अन्य खाद्य कंपनियों पर भी गिरी गाजFSSAI द्वारा चलाए जा रहे इस देशव्यापी सख्त अभियान की जद में सिर्फ प्रियागोल्ड ही नहीं, बल्कि कई अन्य नामी कंपनियां भी आई हैं। नियामक ने 'डोडला डेयरी लिमिटेड' (Dodla Dairy) के फुल क्रीम दूध के नमूनों की जांच के बाद उसके खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है। रेफरल फूड लैबोरेटरी की जांच में डोडला डेयरी के दूध में फैट तय मानक से काफी कम पाया गया, वहीं कथित तौर पर डिटर्जेंट या कास्टिक सोडा जैसे संदूषकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिससे दूध को 'असुरक्षित' श्रेणी में डाला गया। इसके अलावा, 'यूईआईआर ऑर्गेनिक फूड्स' (Ueir Organic Foods) की पीली किशमिश में स्वीकार्य सीमा से कई गुना अधिक खतरनाक कीटनाशक (थायमेथोक्सम और फ्लूओपाइराम) पाए जाने पर उस पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं नरपधम फूड्स, सन रिजेस हेल्थ केयर्स और शा कांतिलाल जयंतिलाल को भी स्वच्छता और लाइसेंस उल्लंघन पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।उपभोक्ता कैसे रहें सतर्क और मिलावट पर कहां करें शिकायत?इस बड़े खुलासे ने एक बार फिर पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री की विश्वसनीयता और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लखनऊ, दिल्ली-एनसीआर, कानपुर और देश के किसी भी शहर में रहने वाले जागरूक उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी पैकेटबंद खाद्य सामग्री को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग, FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच नंबर और इंग्रेडिएंट लिस्ट की बारीकी से जांच करें। यदि आपको किसी भी बिस्किट, बेकरी उत्पाद या डिब्बाबंद खाद्य सामग्री के स्वाद, गंध या गुणवत्ता में कोई असामान्यता महसूस होती है, तो तुरंत FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' (Food Safety Connect App / foscos.fssai.gov.in) पर सीधे शिकायत दर्ज कराएं या टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर संपर्क करें। खाद्य सुरक्षा विभाग को हर नागरिक की शिकायत पर अनिवार्य जांच करनी होती है।
वित्तीय स्वतंत्रता हासिल करने और रिटायरमेंट या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 1 करोड़ रुपये का फंड बनाना अधिकांश कामकाजी पेशेवरों का एक प्राथमिक वित्तीय लक्ष्य होता है। म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए नियमित निवेश कर कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) की शक्ति का लाभ उठाकर यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। लंबी अवधि के इक्विटी म्यूचुअल फंड (Nifty 50 या ब्रॉड मार्केट इंडेक्स फंड्स) में ऐतिहासिक रूप से औसतन 12% का वार्षिक चक्रवृद्धि रिटर्न (CAGR) एक व्यावहारिक और यथार्थवादी पैमाना माना जाता है।SIP गणना का वित्तीय मॉडल और फॉर्मूलाम्यूचुअल फंड एसआईपी में भविष्य का कुल कोष (Future Value) ज्ञात करने का वित्तीय सूत्र निम्नलिखित है:$$FV = P imes frac{(1 + r)^n - 1}{r} imes (1 + r)$$यहाँ:$FV$ (Future Value): लक्षित फंड = ₹1,00,00,000$r$ (Monthly Interest Rate): $12\% div 12 div 100 = 0.01$ प्रति माह$n$ (Total Months): निवेश के कुल महीनों की संख्या ($Years imes 12$)$P$ (Monthly SIP): प्रति माह आवश्यक निवेश राशि10, 15 और 20 वर्षों में ₹1 करोड़ के लिए मासिक SIP का तुलनात्मक हिसाबयदि आप 12% वार्षिक रिटर्न का अनुमान लगाते हैं, तो अलग-अलग समय सीमाओं के अनुसार आवश्यक मासिक निवेश और आपकी जेब से जाने वाली कुल लागत का विवरण नीचे दिया गया है:निवेश अवधि (समय)आवश्यक मासिक SIP (P)आपकी कुल निवेशित पूंजीअनुमानित अर्जित वेल्थ (ब्याज/रिटर्न)कुल कॉर्पस (लक्ष्य)10 वर्ष (120 माह)₹43,041 / माह₹51,64,920 (51.6%)₹48,35,080 (48.4%)₹1,00,00,00015 वर्ष (180 माह)₹19,819 / माह₹35,67,420 (35.7%)₹64,32,580 (64.3%)₹1,00,00,00020 वर्ष (240 माह)₹10,009 / माह₹24,02,160 (24.0%)₹75,97,840 (76.0%)₹1,00,00,000नोट: यदि रिटर्न की दर 12% से बदलकर 10% (कंजर्वेटिव) या 14% (एग्रेसिव) होती है:10 वर्ष में: 10% रिटर्न पर लगभग ₹48,414/माह, जबकि 14% पर लगभग ₹38,245/माह।15 वर्ष में: 10% रिटर्न पर लगभग ₹23,928/माह, जबकि 14% पर लगभग ₹16,390/माह।20 वर्ष में: 10% रिटर्न पर लगभग ₹13,169/माह, जबकि 14% पर लगभग ₹7,535/माह।इंटरएक्टिव SIP वेल्थ सिमुलेशन: समय और कंपाउंडिंग का प्रभावनीचे दिए गए सिमुलेशन विजेट के जरिए आप समय क्षितिज (Years), मासिक योगदान (Monthly SIP) और अपेक्षित रिटर्न दर (Rate) को एडजस्ट करके देख सकते हैं कि आपकी संपत्ति समय के साथ किस तरह बढ़ती है:लक्ष्य हासिल करने के लिए 3-सूत्रीय व्यावहारिक कार्ययोजनासमय पर निवेश शुरू करें (Start Early): 10 साल में ₹1 करोड़ बनाने के लिए आपको ₹43,000 से अधिक प्रति माह लगाने होंगे, जबकि 20 साल का समय देने पर मात्र ₹10,000 प्रति माह में यह लक्ष्य पूरा हो जाता है। 10 साल की अतिरिक्त अवधि आपकी जेब से जाने वाली लागत को सीधे आधा कर देती है।10% वार्षिक स्टेप-अप (Step-Up SIP) अपनाएं: यदि शुरुआत में ₹20,000 या ₹43,000 प्रति माह निकालना संभव न हो, तो छोटी राशि (जैसे ₹10,000/माह) से शुरू करें और अपनी आय में वृद्धि के साथ हर साल SIP राशि में 10% की बढ़ोतरी करें। इससे आप कम प्रारंभिक पूंजी के साथ भी 12-14 साल में ₹1 करोड़ का पड़ाव पार कर सकते हैं।पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन: ₹1 करोड़ के लक्ष्य के लिए केवल एक फंड पर निर्भर न रहें। अपने मासिक आवंटन को 50% लार्ज/इंडेक्स फंड (स्थिरता के लिए), 30% फ्लेक्सी-कैप फंड, और 20% मिड-कैप फंड में विभाजित रखें ताकि जोखिम नियंत्रित रहे और रिटर्न का संतुलन बना रहे।यदि आप अपनी वर्तमान मासिक आय, बचत क्षमता या मौजूदा निवेश पोर्टफोलियो के अनुसार इस योजना को कस्टमाइज करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विकल्पों के जरिए अतिरिक्त विवरण जोड़ सकते हैं:
नवजात बच्चों के पोषण और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने एक ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। नियामक संस्था ने 6 महीने तक के बच्चों के लिए बनने वाले व्यावसायिक शिशु आहार यानी इन्फेंट मिल्क फॉर्मूला और बेबी फूड में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त चीनी यानी एडेड शुगर (Added Sugar) मिलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का नया ड्राफ्ट प्रस्ताव तैयार किया है। देश भर में बाल रोग विशेषज्ञों, पोषण वैज्ञानिकों और जागरूक अभिभावकों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगों के बाद FSSAI ने खाद्य सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर अपग्रेड करने की दिशा में यह ठोस पहल की है। इस नए नियम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले डिब्बाबंद शिशु आहार में केवल प्राकृतिक रूप से मौजूद शर्करा ही रहे, ताकि शुरुआती महीनों से ही बच्चों के शरीर में रिफाइंड या कृत्रिम मिठास का प्रवेश न हो सके।नवजात शिशुओं के भोजन में एडेड शुगर पर पूरी रोक का नया मसौदाFSSAI द्वारा तैयार किए गए नए मसौदे के तहत खाद्य सुरक्षा और मानक (विशेष आहार उपयोग या विशेष चिकित्सीय उपयोग या कार्यात्मक खाद्य पदार्थ या नए खाद्य पदार्थ) विनियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। नए दिशानिर्देशों के अनुसार, छह महीने तक की उम्र के बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले इन्फेंट फॉर्मूला में सुक्रोज, कॉर्न सिरप, फ्रुक्टोज या किसी भी प्रकार के रिफाइंड स्वीटनर का अलग से इस्तेमाल पूरी तरह गैर-कानूनी होगा। उत्पाद में केवल वही शर्करा मान्य होगी जो दूध के प्राकृतिक घटक लैक्टोज (Lactose) के रूप में स्वाभाविक तौर पर मौजूद रहती है। यदि कोई बहुराष्ट्रीय या घरेलू कंपनी छह महीने तक के नवजातों के आहार में अतिरिक्त मिठास या फ्लेवर्ड शुगर मिलाती पाई गई, तो उत्पाद को सीधे तौर पर मिलावटी और स्वास्थ्य मानकों के प्रतिकूल घोषित किया जाएगा।शुरुआती उम्र में अतिरिक्त चीनी से बच्चों की सेहत को क्या खतरे हैं?बाल स्वास्थ्य और पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि जन्म के पहले छह महीनों में शिशु का पाचन तंत्र, लिवर और अग्न्याशय (Pancreas) बहुत संवेदनशील होते हैं। इस नाजुक दौर में यदि बच्चों को एडेड शुगर वाला डिब्बाबंद आहार दिया जाए, तो उनके शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने लगता है और मीठे स्वाद की लत पड़ जाती है। यही लत आगे चलकर बचपन में ही मोटापे (Childhood Obesity), दांतों के सड़ने, कमजोर मेटाबॉलिज्म और भविष्य में टाइप-2 डायबिटीज व हृदय रोगों का मुख्य कारण बनती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी पहले छह महीने तक केवल स्तनपान और उसके बाद सुरक्षित, बिना अतिरिक्त चीनी वाले पूरक आहार की सिफारिश करता है। FSSAI के इस कदम से शिशुओं की पोषण संबंधी नींव प्राकृतिक और सुरक्षित रूप से मजबूत होगी।बेबी फूड कंपनियों की पैकेजिंग और लेबलिंग पर क्या लागू होंगे नियम?इस नए प्रस्ताव के लागू होने के बाद बेबी फूड और इन्फेंट न्यूट्रिशन बनाने वाली सभी कंपनियों को अपनी पैकेजिंग, सामग्री सूची और पोषण लेबल में भारी बदलाव करने होंगे। निर्माताओं को डिब्बे के फ्रंट पैनल पर स्पष्ट और बड़े अक्षरों में यह घोषित करना होगा कि उत्पाद में 'शून्य अतिरिक्त चीनी' (No Added Sugar) है। इसके अलावा किसी भी तरह के भ्रामक दावों, जैसे कि मिठास को प्राकृतिक बताकर सिरप मिलाने की अनुमति नहीं होगी। खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार से बिकने वाले फॉर्मूला मिल्क के बैच की रैंडम लैब जांच करेगा, जिसमें कार्बोहाइड्रेट प्रोफाइल का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा ताकि प्राकृतिक लैक्टोज और जोड़ी गई अतिरिक्त चीनी के बीच अंतर को तकनीकी रूप से पकड़ा जा सके।सार्वजनिक सुझावों के बाद देश भर में लागू होगा अंतिम कानूनFSSAI ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को विस्तृत परामर्श के लिए सार्वजनिक दायरे में रखा है, ताकि सभी संबंधित पक्षों को अपनी राय देने का अवसर मिले। निर्धारित 60 दिनों की समय सीमा के भीतर बाल रोग विशेषज्ञ, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उपभोक्ता अधिकार मंच, माता-पिता और खाद्य उद्योग के प्रतिनिधि अपने तकनीकी सुझाव और प्रतिक्रियाएं दर्ज करा सकेंगे। सभी सुझावों की समीक्षा और वैज्ञानिक पैनल के अंतिम अनुमोदन के बाद इसे आधिकारिक तौर पर राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा। कानून के लागू होते ही नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाने, उत्पाद का स्टॉक जब्त करने और विनिर्माण लाइसेंस रद्द करने जैसे कड़े दंडात्मक प्रावधान प्रभावी हो जाएंगे।
Kolkata भगदड़ के बाद Amit Shah ने रद्द किए दुर्गा पूजा कार्यक्रम, अस्पताल जाकर घायलों से मिलेंगे
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में घायल हुए लोगों से रविवार को मुलाकात करेंगे। शाह ने इस हादसे के बाद पश्चिम बंगाल में अपने निर्धारित दुर्गा पूजा कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। उत्तरी कोलकाता में शनिवार शाम बारिश के बीच दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी, जिसमें कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर शनिवार शाम कोलकाता आए शाह के यहां कॉलेज स्ट्रीट इलाके में स्थित कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जाने की संभावना है, जहां अधिकतर घायलों का इलाज जारी है। उनके आधिकारिक कार्यक्रम में किए गए बदलावों की घोषणा अभी नहीं की गई है। पंडाल में दर्शन के लिए आए घायलों में से दो को सरकारी एसएसकेएम (सेठ सुखलाल करनानी मेमोरियल) अस्पताल के ट्रॉमा केयर सेंटर में भी भर्ती कराया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शाह उनसे मिलने भी जाएंगे या नहीं। शाह ने शनिवार को कोलकाता पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘मुझे अभी-अभी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की अत्यंत हृदयविदारक खबर मिली है। मैंने इस संबंध में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात की है। मैं इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और उनके परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’उन्होंने कहा था, ‘‘प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि घायलों को हरसंभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मैं पश्चिम बंगाल में कल के अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर घायलों से मिलने अस्पताल जाऊंगा। मैं मां दुर्गा से सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’शाह के पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें रविवार सुबह बेलूर मठ स्थित रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय जाना था और इसके बाद दिन में हावड़ा और कोलकाता में कई सामुदायिक दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल होना था। उन्हें उत्तरी कोलकाता के शोभाबाजार राजबाड़ी में दुर्गा पूजा में भी शामिल होना था। शोभाबाजार राजबाड़ी में 250 से अधिक वर्षों से दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। राजबाड़ी एक शाही महल है, जहां राजा नवकृष्ण देब के वंशज रहते हैं। शाह का दोपहर में दिल्ली लौटने का कार्यक्रम था। शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा था कि इस हादसे के मद्देनजर शाह ने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया है और वह अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होंगे।
बैंक की शाखा में चेक ड्रॉप बॉक्स में डालने या काउंटर पर रसीद लेकर जमा करने के बाद कई बार ग्राहक हफ्तों तक खाते में पैसे आने का इंतजार करते रहते हैं। बाद में पता चलता है कि चेक बैंक से ही कहीं खो गया है या क्लीयरिंग हाउस के रास्ते में गुम हो गया है। ऐसी स्थिति में आम खाताधारक अक्सर घबरा जाते हैं कि उनके पैसे डूब गए या चेक का कोई गलत इस्तेमाल कर लेगा। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के ग्राहक सेवा और 'चेक कलेक्शन पॉलिसी' (Cheque Collection Policy) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक में जमा होने के बाद चेक सुरक्षित रखने और उसे भुनाने की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होती है। यदि बैंक की लापरवाही या ट्रांजिट में चेक खो जाता है, तो बैंक अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता।बैंक से चेक खो जाने पर किसकी होगी जिम्मेदारी?RBI के स्पष्ट नियमों के मुताबिक, जब कोई ग्राहक चेक बैंक में जमा कर देता है और पावती (Acknowledgement Slip) प्राप्त कर लेता है, तब वह चेक बैंक की कस्टडी में माना जाता है। क्लीयरिंग प्रक्रिया (CTS Clearing) या एक शाखा से दूसरी शाखा तक चेक भेजने (Transit) के दौरान यदि दस्तावेज खोता है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी कलेक्टिंग बैंक या संबंधित पेइंग बैंक की होती है। उपभोक्ता संरक्षण कानून और बैंकिंग लोकपाल के आदेशों के तहत इसे 'सेवा में कमी' (Deficiency in Service) माना गया है। बैंक ग्राहक को यह कहकर वापस नहीं लौटा सकता कि चेक का खोना उसकी गलती नहीं है।चेक खो जाने पर ग्राहक को तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए?अगर आपके खाते में निर्धारित समय (लोकल चेक के लिए सामान्यतः 2-3 कार्यदिवस) के बाद भी राशि क्रेडिट नहीं हुई है, तो बिना देरी किए निम्नलिखित कदम उठाएं:बैंक से लिखित सूचना और मिसिंग सर्टिफिकेट लें: सबसे पहले होम ब्रांच जाकर शाखा प्रबंधक से मिलें और चेक जमा करने की मूल पर्ची (Deposit Slip) दिखाएं। बैंक यदि स्वीकार करता है कि चेक खो गया है, तो उनसे लिखित में 'चेक लॉस्ट सर्टिफिकेट' (Lost Cheque Certificate / Non-Payment Certificate) जारी करने की मांग करें।ड्रॉअर (चेक देने वाले) को तुरंत अलर्ट करें: जिसने आपको चेक जारी किया था, उसे तुरंत फोन और ईमेल पर सूचित करें कि बैंक से चेक गुम हो गया है। उनसे कहें कि वे अपने बैंक खाते में जाकर संबंधित चेक नंबर पर तत्काल 'Stop Payment' का निर्देश दर्ज करवा दें, ताकि किसी भी स्थिति में उस खोए हुए चेक का गलत इस्तेमाल न हो सके।डुप्लीकेट चेक का अनुरोध करें: चेक जारीकर्ता को बैंक द्वारा जारी किया गया लॉस्ट सर्टिफिकेट या लिखित पुष्टि दिखाएं और उसी राशि का नया या डुप्लीकेट चेक जारी करने का अनुरोध करें।RBI नियमों के तहत मुआवजे और खर्च की भरपाई का नियमचेक खोने की स्थिति में ग्राहक को होने वाली परेशानी और वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए RBI ने सख्त दिशा-निर्देश तय किए हैं:स्टॉप पेमेंट और डुप्लीकेट चेक का खर्च: चेक देने वाले (ड्रॉअर) के बैंक द्वारा स्टॉप पेमेंट लगाने पर लगने वाले बैंक चार्ज और डुप्लीकेट चेक जारी करने के सभी प्रशासनिक खर्चों की भरपाई कलेक्टिंग बैंक को ही करनी होगी।ब्याज सहित हर्जाना: यदि चेक खोने की सूचना बैंक ने संग्रह अवधि (Collection Period) समाप्त होने के बाद दी है, तो बैंक को देरी की अवधि के लिए लागू बचत बैंक या फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दर के अनुसार हर्जाना देना होगा। इसके अतिरिक्त, डुप्लीकेट चेक प्राप्त होने तक लगने वाले समय (आमतौर पर 15 दिन या उससे अधिक) के लिए भी बैंक को अतिरिक्त ब्याज अदा करना पड़ता है।लापरवाही पर मुआवजा: यदि बैंक असहयोग करता है या ग्राहक को लॉस्ट सर्टिफिकेट देने से मना करता है, जिसके कारण भुगतान पूरी तरह अटक जाता है, तो बैंक पर उपभोक्ता अदालत या बैंकिंग लोकपाल भारी हर्जाना लगा सकता है।यदि बैंक मदद न करे तो कहां और कैसे करें शिकायत?यदि शाखा प्रबंधक आपकी शिकायत पर ध्यान नहीं देता है या लिखित प्रमाण देने में टालमटोल करता है, तो आप इन चरणों में अपनी कानूनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:बैंक के आंतरिक शिकायत निवारण (Internal Grievance Cell): बैंक के नोडल अधिकारी या प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर (PNO) को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लिखित शिकायत भेजें।आरबीआई एकीकृत लोकपाल (RBI Integrated Ombudsman): यदि बैंक में शिकायत दर्ज कराने के 30 दिनों के भीतर संतोषजनक समाधान नहीं मिलता है या बैंक शिकायत खारिज कर देता है, तो आप आरबीआई के सीएमएस पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर सीधे बैंकिंग लोकपाल के समक्ष शिकायत दर्ज कर सकते हैं।उपभोक्ता फोरम (Consumer Commission): सेवा में घोर लापरवाही और मानसिक प्रताड़ना के लिए आप जिला उपभोक्ता आयोग (District Consumer Disputes Redressal Commission) का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं, जहां कोर्ट बैंक को चेक राशि व मानसिक क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का आदेश दे सकती है।
देश में त्योहारों और आगामी मांग के बीच चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और खुदरा कीमतों पर नकेल कसने के लिए चीनी और गन्ने के रस (Sugarcane Juice) से एथेनॉल उत्पादन पर तत्काल प्रभाव से सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs)—इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—को गन्ने के रस, चीनी सिरप और बी-हैवी शीरे (B-Heavy Molasses) से एथेनॉल खरीद पर कड़े अंकुश लगाने को कहा गया है। सरकार का सीधा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि देश के मिलों में मौजूद गन्ने का अधिकतम इस्तेमाल बायोफ्यूल बनाने के बजाय आम नागरिकों के लिए चीनी उत्पादन में हो सके।घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई और कीमतों पर ब्रेक लगाने की तैयारीदेश के खुदरा बाजारों में चीनी की बढ़ती कीमतों और प्रमुख उत्पादक राज्यों में मौसमी अनिश्चितताओं के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे प्रमुख गन्ना बेल्ट में वर्षा के उतार-चढ़ाव और संभावित पैदावार को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं। अगर गन्ने के रस और हाई-ग्रेड शीरे को भारी मात्रा में एथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट कर दिया जाता, तो मिलों में तैयार चीनी का उत्पादन घट सकता था, जिससे आने वाले महीनों में कीमतें आसमान छूने लगतीं। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम उपभोक्ता की रसोई का बजट और खाद्य सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है, जिसके चलते एथेनॉल आपूर्ति चक्र में गन्ने के उपयोग पर यह अस्थायी पाबंदी लगाना आवश्यक हो गया था।तेल कंपनियों के लिए नए निर्देश: अब मक्का और टूटे चावल पर होगा जोरसरकार ने 20 प्रतिशत एथेनॉल सम्मिश्रण (Ethanol Blending) के राष्ट्रीय लक्ष्य को धीमा किए बिना रणनीति में बदलाव किया है। सरकारी तेल कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे गन्ने की जगह अन्य वैकल्पिक स्रोतों से एथेनॉल की आपूर्ति बढ़ाएं। इसके लिए तेल कंपनियों ने 11 अरब लीटर से अधिक एथेनॉल खरीद के टेंडर में मक्का (Corn), क्षतिग्रस्त खाद्यान्न और टूटे हुए चावल (Broken Rice) से बने एथेनॉल को प्राथमिकता दी है। इस कदम से डिस्टिलरीज को खाद्यान्न आधारित एथेनॉल उत्पादन की ओर शिफ्ट होना पड़ेगा, जबकि चीनी मिलें केवल सी-हैवी शीरे (C-Heavy Molasses)—जो चीनी निकालने के बाद बचा हुआ उप-उत्पाद है—का सीमित उपयोग ही एथेनॉल के लिए कर सकेंगी। इससे पेट्रो-ब्लेंडिंग का काम भी जारी रहेगा और चीनी का स्टॉक भी सुरक्षित रहेगा।चीनी मिलों और गन्ना किसानों पर फैसले का क्या प्रभाव होगा?इस फैसले का सीधा असर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक की चीनी मिलों पर पड़ेगा। बीते कुछ वर्षों में मिलों ने एथेनॉल उत्पादन से मिलने वाले त्वरित भुगतान के सहारे किसानों के गन्ना बकाये का तेजी से निपटान किया था। गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने पर रोक लगने से मिलों की नकदी तरलता (Liquidity) पर हल्का दबाव पड़ सकता है, हालांकि बाजार में चीनी की मजबूत मांग से उनके राजस्व का संतुलन बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरनगर, शामली और मेरठ जैसे क्षेत्रों के किसानों के लिए राहत की बात यह है कि पेराई सत्र के दौरान मिलों को चीनी उत्पादन के लिए अधिक गन्ने की जरूरत होगी, जिससे उनके गन्ने की शत-प्रतिशत खरीद सुनिश्चित रहेगी।आम जनता को राहत: त्योहारों और शादियों के सीजन में स्थिर रहेंगे दामकेंद्र सरकार के इस कड़े कदम का सबसे बड़ा फायदा सीधे तौर पर आम मध्यमवर्गीय परिवार और थोक उपभोक्ताओं को मिलने वाला है। मिठाई उद्योग, बेकरी कारोबार, कोल्ड ड्रिंक्स निर्माताओं और आम परिवारों के लिए चीनी के भाव में संभावित उछाल अब पूरी तरह थम जाएगा। बाजार में चीनी का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध रहने से सट्टेबाजी और कृत्रिम जमाखोरी पर भी रोक लगेगी। खाद्य मंत्रालय राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के साथ मिलकर खुदरा कीमतों की साप्ताहिक निगरानी कर रहा है, ताकि मिलों से लेकर खुदरा दुकानों तक उपभोक्ताओं को उचित दर पर चीनी मिलती रहे।
ग्वालियर में दर्दनाक हादसा: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने रौंदा, 14 की मौत
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। हादसा लगभग 1.30 बजे चीनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि नवरात्रि के ...
भारत में सुबह की शुरुआत बिना कड़क चाय की चुस्की के अधूरी मानी जाती है। चाहे दिल्ली की नुक्कड़ वाली टपरी हो, कोलकाता का मिट्टी का कुल्हड़ हो या लखनऊ और कानपुर के चौक, चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि करोड़ों भारतीयों का दैनिक भावनात्मक जुड़ाव है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चाय की प्याली से आपको दिनभर की ताजगी मिलती है, उसमें स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले केमिकल या कीटनाशक भी घुले हो सकते हैं? इसी गंभीर स्वास्थ्य चिंता पर कड़ा संज्ञान लेते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बड़ा कदम उठाया है। नियामक संस्था ने चाय की पत्तियों में पेस्टिसाइड्स की सुरक्षित मात्रा तय करने के लिए एक विस्तृत मसौदा यानी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नए कदम का सीधा मकसद आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा करना और भारतीय चाय की अंतरराष्ट्रीय साख को दोबारा मजबूत बनाना है।चाय में कीटनाशकों की मात्रा पर FSSAI का नया ड्राफ्ट और सुरक्षा सीमादेश की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था FSSAI ने खाद्य सुरक्षा और मानक (संदूषक, विषाक्त पदार्थ और अवशेष) विनियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए विभिन्न कीटनाशकों की अधिकतम अवशेष सीमा यानी मैक्सिमम रेजिड्यू लिमिट (MRL) को वैज्ञानिक आधार पर तय किया है। अक्सर चाय के पौधों को कीटों, फफूंद और विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए बागानों में कीटनाशकों और फंगीसाइड्स का छिड़काव किया जाता है। असम, पश्चिम बंगाल के तराई व दार्जिलिंग, और दक्षिण भारत के नीलगिरि के विशाल चाय बागानों में नमी के कारण कीटों का प्रकोप आम है। कई बार किसान व उत्पादक कीटों से फसल बचाने के चक्कर में अत्यधिक या असंतुलित मात्रा में पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल कर बैठते हैं। यह रसायन पत्तियों की प्रोसेसिंग के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होते और पैकेटबंद चायपत्ती के जरिए सीधे आपकी रसोई और चायदानी तक पहुंच जाते हैं। इसी को रोकने के लिए FSSAI ने स्पष्ट कर दिया है कि किस रसायन की कितनी मात्रा को चाय में स्वीकार्य माना जाएगा और किस स्तर के बाद उत्पाद को सीधे तौर पर असुरक्षित घोषित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।आम जनता की सेहत पर पेस्टिसाइड्स का क्या असर पड़ता है?स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक रसायनों और भारी कीटनाशक अवशेषों वाली चाय का सेवन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर धीमा जहर बनकर असर करता है। इनमें मौजूद कुछ यौगिक लिवर और किडनी पर दबाव बढ़ाते हैं, पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं और हार्मोनल असंतुलन का कारण भी बन सकते हैं। वैज्ञानिक शोधों में यह बात सामने आई है कि पेस्टिसाइड्स के अनियंत्रित अवशेष शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकते हैं। FSSAI का यह नया नियामक ढांचा सीधे तौर पर उपभोक्ता सुरक्षा को केंद्र में रखता है, ताकि जब कोई नागरिक सुबह चाय की चुस्की ले, तो उसे यह भरोसा रहे कि कप में घुली चाय कड़े सुरक्षा परीक्षणों और शुद्धता के सख्त मानकों से गुजरकर आई है।असम से दार्जिलिंग तक चाय बागानों और उद्योगों पर इस फैसले का प्रभावभारत दुनिया के सबसे बड़े चाय उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शुमार है। घरेलू खपत के साथ-साथ भारत से यूरोप, अमेरिका, रूस और खाड़ी देशों को बड़े पैमाने पर प्रीमियम चाय निर्यात की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चाय की खेपों में अत्यधिक केमिकल मिलने के कारण कई बार भारतीय निर्यात को कड़े सवालों और अस्वीकृति का सामना करना पड़ा था। FSSAI के नए ड्राफ्ट नियमों से घरेलू बाजार और वैश्विक निर्यात दोनों में संतुलन बनेगा। इंडियन टी एसोसिएशन और छोटे चाय उत्पादक संघों के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि वे बागान स्तर पर कीटनाशकों के छिड़काव के समय, उनकी मात्रा और तुड़ाई के बीच के सुरक्षित अंतराल का कड़ाई से पालन करें। इस कड़े कदम से असम के डिब्रूगढ़, जोरहाट, बंगाल के सिलीगुड़ी व जलपाईगुड़ी और दक्षिण भारत के मुन्नार क्षेत्र के उत्पादकों को आधुनिक, जैविक व सुरक्षित कृषि पद्धतियों की ओर तेजी से बढ़ना होगा।पारदर्शी प्रक्रिया: आप भी दे सकते हैं अपने सुझाव और आपत्तियांFSSAI ने इस ड्राफ्ट को तुरंत लागू करने से पहले सार्वजनिक डोमेन में रखा है, जिससे सभी हितधारकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिले। ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से 60 दिनों की अवधि के भीतर किसान, चाय बागान मालिक, वैज्ञानिक, खाद्य विशेषज्ञ और आम उपभोक्ता अपनी राय, सुझाव या आपत्तियां आधिकारिक पोर्टल के जरिए दर्ज करा सकते हैं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं और तकनीकी समीक्षा के बाद ही इस मसौदे को अंतिम रूप देकर पूरे देश में कानूनन लागू किया जाएगा। नियमों के प्रभावी होते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाजार से रैंडम सैंपल लेकर लैब्स में जांच करेंगे और मानक टूटने पर कड़े जुर्माने व लाइसेंस रद्द करने जैसी सजा का प्रावधान होगा।अपनी चाय को सुरक्षित रखने के लिए उपभोक्ता क्या करें?नियामक के कड़े नियमों के बीच जागरूक नागरिक के तौर पर उपभोक्ताओं को भी कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी चाहिए। हमेशा FSSAI लाइसेंस नंबर और पैकेजिंग पर गुणवत्ता चिह्न देखकर ही चाय खरीदें। अनब्रांडेड या बिना लेबल वाली खुली चायपत्ती से बचें, क्योंकि उसमें मिलावट और अप्राकृतिक रंगों का जोखिम अधिक रहता है। चाय बनाते समय पहली उबाल के नियमों का ध्यान रखें और संभव हो तो प्रमाणित जैविक यानी ऑर्गेनिक चाय विकल्पों को भी अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। FSSAI की यह नई पहल भारतीय चाय संस्कृति को सुरक्षित, पारदर्शी और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक बेहद जरूरी कदम साबित होगी।
न्यूज डायरी: कर्नाटक में किसान आंदोलन पर अड़े, CM की अपील ठुकराई; लद्दाख में एएचडीसी की चुनाव प्रक्रिया बदली
ग्वालियर में बेकाबू ट्रक का कहर, मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को कुचला, 14 की मौत
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास भीषण सड़क हादसे में 14 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग घायल हुए हैं
बाजार की मिठाई छोड़िए, अष्टमी के व्रत में आज बनाएं साबूदाना की खीर
अगर आप भी अष्टमी के व्रत में कुछ मीठा खाने की सोच रहे हैं तो बाजार से मिठाई लाने की जगह घर पर साबूदाना की टेस्टी खीर बनाइए. यहां हम आपको इसकी आसान रेसिपी बता रहे हैं.
'कभी-कभी ऐसे हादसे हो जाते हैं...' भगदड़ में 19 मौतों पर बोले बीजेपी मंत्री
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल हादसे को राज्य के कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों में कभी-कभी ऐसी घटनाएं हो जाती हैं. ऐसे में आयोजकों से ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है.
कोलकाता में भगदड़: 360 डिग्री का घुमावदार रास्ता, पंडाल का एक हिस्सा टूटा; दुर्गा पूजा में कैसे बिगड़े हालात?---Kolkata Durga Puja Pandal Stampede: Several Dead, Many Injured as Rain and Crowds Worsen Situation
Kolkata भगदड़ में 19 मौतों के बाद दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांचेगी उच्चस्तरीय समिति
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कोलकाता के चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना के बाद राज्य के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की। चोरबागान सर्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए हैं। यह समिति प्रमुख पूजा पंडालों में भीड़ प्रबंधन, बाहर निकलने के रास्तों और ढांचागत सुरक्षा की समीक्षा करेगी तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि समिति में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) जावेद शमीम शामिल होंगे। घटना के बाद जारी निर्देशों के अनुसार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के मार्गदर्शन में यह दल प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में जाएगा तथा वहां सुरक्षा व्यवस्था एवं ढांचागत सुरक्षा का निरीक्षण करेगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों में पूजा आयोजकों को समीक्षा दल की सुरक्षा संबंधी सिफारिशों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पंडालों की भव्य संरचनाओं और ‘थीम’ के बजाय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। यदि जटिल संरचनाओं के कारण सुरक्षा को खतरा पैदा होता है या श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित होती है, तो आयोजकों को धार्मिक अनुष्ठान गर्भगृह तक ही सीमित रखने और बाहर एलईडी स्क्रीन लगाने की सलाह दी जाएगी। प्रशासन ने बाहर निकलने के रास्तों को चौड़ा करने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और रस्सियों से बनाए गए घेरों के कारण मार्ग सकरा हो जाने और इससे पैदा होने वाली बाधाओं को दूर करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। दुर्गा पूजा के शेष दिनों में, विशेष रूप से अष्टमी और नवमी पर पंडालों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने और भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। ये कदम शनिवार शाम महा सप्तमी के दिन बारिश के बीच भीड़ बढ़ने के कारण चोरबागान पंडाल में मची भगदड़ के बाद उठाए गए हैं। इस घटना में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य घायल हो गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गए थे जहां घायलों का उपचार किया जा रहा था। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और ‘ग्रुप-डी’ के सरकारी पद पर नौकरी देगी।
लद्दाख के लोगों के लिए बड़ी खबर, हाईकोर्ट की स्थायी बेंच का उद्घाटन आज
लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की स्थायी पीठ का उद्घाटन रविवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत करेंगे. इससे लद्दाख के लोगों को न्याय पाने के लिए श्रीनगर या जम्मू जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
पूजा आयोजक समेत 14 डिटेन, SIT का गठन... कोलकाता हादसे के बाद क्या-क्या एक्शन
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने पूजा आयोजकों समेत 14 लोगों को हिरासत में लिया है. चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास BNS की धारा 163 लागू की गई है.
आज या कल कब है महाष्टमी? कन्या पूजन और व्रत पारण का शुभ मुहूर्त जानें
Navratri 2026 Ashtami: आज 18 अक्टूबर या कल 19 अक्टूबर को करें अष्टमी की पूजा? जानें कन्या पूजन, व्रत पारण का समय, मां महागौरी की पूजा विधि और महानवमी की तारीख.
101 व्यंजन, देवी के 9 रूप और हजारों भक्त...100 साल पुराने मंदिर में अनोखा आयोजन
बिहार के कटिहार में शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर मां दुर्गा के दरबार में अनोखा आयोजन हुआ. कुरसेला के अयोध्यागंज बाजार स्थित करीब 100 साल पुराने मंदिर में मां दुर्गा को 101 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया. नौ कुमारी कन्याएं देवी के नौ रूपों में सजीं और ढोल-नगाड़ों के बीच भव्य झांकी निकाली गई.
'बेटी से हरकत कर रहा था...' महिला ने पति को मारकर पटरी पर फेंकी लाश!
केरल के कोच्चि में रेलवे ट्रैक के पास 31 वर्षीय अजीता नाइक का शव मिलने के बाद पुलिस ने उनकी पत्नी को हिरासत में लिया. महिला ने दावा किया कि पति ने उसकी 16 वर्षीय बेटी के साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की थी. पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंकने का आरोप है. मामले की जांच जारी है.
रूबियो के जामनगर जाने से पहले नरम पड़े मस्क, रिलायंस की करने लगे तारीफ; क्यों ले लिया यू-टर्न?
भारत में इंटरनेट सेवा के लिए प्रयासरत एलन मस्क की स्टारलिंक और जियो के बीच पहले की नोंकझोंक अब नरमी में बदल गई है। मस्क ने जियो के बयान की सराहना की है, जबकि स्टारलिंक पांच साल से लाइसेंस पाने की कोशिश कर रही है।
व्रत में बनाएं लौकी-कुट्टू का चीला, फलाहार के लिए है बेस्ट ऑप्शन
Lauki and Kuttu Chilla Recipe: नवरात्रि व्रत में साबूदाने की खिचड़ी और वड़े खाकर बोर हो गए हैं तो इस बार लौकी और कुट्टू के आटे से बना चीला ट्राई करें. आज हम आपको इसे बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे, जिससे आप बेहद आसानी से टेस्टी फलाहार तैयार कर सकते हैं.
आज का राशिफल: मेष, वृषभ और मिथुन को तरक्की के संकेत, जानें सभी 12 राशियों का हाल
नई योजनाओं से आमदनी बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए काम गति पकड़ेंगे और परिवार के साथ.....
Kolkata Durga Puja भगदड़ मामला: पुलिस ने आयोजकों समेत 12 लोगों को पकड़ा
कोलकाता पुलिस ने उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना की जांच के सिलसिले में शनिवार रात आयोजकों समेत 12 लोगों को हिरासत में ले लिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस घटना में 19 लोगों की मौत हो गई है और 24 अन्य घायल हुए हैं। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद की गई, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का कथित तौर पर निर्वाह नहीं किया। एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने चोरबागान की घटना की जांच के सिलसिले में 12 लोगों को हिरासत में लिया है। हमारे अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना किन कारणों से हुई। यदि किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो हम कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे।’’शनिवार शाम महा सप्तमी के दिन बारिश के बीच अचानक भीड़ बढ़ने के कारण उत्तर कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इससे पहले कहा था कि घटना की जांच कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता वाला विशेष जांच दल (एसआईटी) करेगा। उन्होंने कहा कि एसआईटी में विशेष कार्य बल (एसटीएफ), अपराध जांच विभाग (सीआईडी) और अन्य विभागों के सदस्य शामिल होंगे। कोलकाता पुलिस के ‘एंटी-राउडी सेक्शन’ (एआरएस) ने घटना के समय के सीसीटीवी फुटेज एकत्र किए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम फुटेज की जांच करेंगे और भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे। वह कोई भी हो सकता है.. पूजा समिति का कोई सदस्य, होमगार्ड, अस्थायी कर्मचारी, पुलिसकर्मी या किसी निजी कंपनी का कोई सुरक्षा गार्ड हो सकता है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’
7 मैच बाकी, टीम इंडिया कैसे खेलेगी WTC फाइनल? कितना बदला समीकरण
ऑस्ट्रेलिया ने डरबन टेस्ट में साउथ अफ्रीका को 214 रन से हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) 2025-27 की पॉइंट टेबल में टॉप पोजीशन पर मजबूत कर लिया है. साउथ अफ्रीका तीसरे नंबर पर खिसक गया, जबकि न्यूजीलैंड दूसरे स्थान पर पहुंचा. भारतीय टीम 51.52 प्रतिशत अंकों के साथ पांचवें नंबर पर बरकरार है. ऑस्ट्रेलिया का अंक प्रतिशत 81.82 हो गया है.
देवबंद से लेकर बेहट तक, सहारनपुर की सात सीटों का समझिए पूरा गणित
धार्मिक विरासत, दलित-मुस्लिम आबादी और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर जिला हमेशा से सियासत का अहम केंद्र रहा है. कभी बहुजन समाज पार्टी का प्रभाव, कभी कांग्रेस और सपा की मजबूत मौजूदगी और फिर भारतीय जनता पार्टी का बढ़ता जनाधार. सहारनपुर की राजनीति में समय के साथ कई बदलाव देखने को मिले हैं. जिले की सात विधानसभा सीटों के चुनावी नतीजे भी इसी बदलती राजनीतिक तस्वीर को सामने रखते हैं.
बिजली इस्तेमाल नहीं करने पर भी क्यों आता है बिल?
घर में बिजली का इस्तेमाल नहीं करने पर भी बिल आ सकता है. इसकी वजह फिक्स्ड चार्ज, मीटर शुल्क, न्यूनतम शुल्क या पुराना बकाया हो सकता है. जानें, किन परिस्थितियों में बिना बिजली खर्च किए भी बिल भरना पड़ सकता है.
भारत हमारा अहम सहयोगी, टैरिफ लगाने से पहले अमेरिका को सोचना होगा; मार्को रुबियो बोले
ट्रंप ने इस कानून को फिलहाल रोक दिया है। विदेश मंत्री रुबियो इस महीने के अंत में भारत आने वाले हैं। वह दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक जामनगर का भी दौरा करने वाले हैं।
Gwalior में अनियंत्रित ट्रक ने मंदिर के पास श्रद्धालुओं को रौंदा, 13 की मौत
मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में शनिवार देर रात एक मंदिर के पास खड़े श्रद्धालुओं को एक ट्रक ने कुचल दिया, जिससे 13 लोगों की मौत हो गई और करीब 40 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना देर रात करीब डेढ़ बजे शीतला माता मंदिर मार्ग पर हुई, जब ट्रक चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया कि इसके बाद ट्रक ने वहां खड़े और बैठे श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी और मंदिर की दीवार से टकराकर रुक गया। ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘शीतला माता मंदिर के पास सड़क किनारे इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी जिससे 13 लोगों की मौत हो गई।’’उन्होंने बताया कि हादसे में करीब 40 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार-पांच घायलों की हालत गंभीर है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में बचाव अभियान जारी है।
पश्चिम बंगाल में फिर से हो SIR, बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष ने ही कर दी मांग
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने शनिवार 17 अक्टूबर को बंगाल में दोबारा SIR कराने की मांग की है। समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि TMC के कार्यकर्ताओं ने हिंसा कर SIR प्रक्रिया में बाधा डाली थी।
शराब पीने से रोकने पर पत्नी का मर्डर! जांच के घेरे में पति सहित 5 आरोपी, 4 साल पहले हुई थी शादी
बिहार के सुपौल में शनिवार को एक महिला की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया. मायके वालों ने पति ललन पासवान सहित 5 पर गला दबाकर हत्या का आरोप लगाया है.
भारतीय कंपनियों का डेटा चुरा रहे AI एजेंट? CERT-In की चेतावनी
AI एजेंट के गलत इस्तेमाल को लेकर भारत की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने चेतावनी दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ AI एजेंट भारतीय कंपनियों के लाइव सिस्टम तक पहुंच गए और गोपनीय डेटा एक्सेस किया. ऐसे में कंपनियों को अपने सिस्टम की सुरक्षा मजबूत करने और AI एजेंट की परमिशन पर नजर रखने की जरूरत है.
1 दिन में कितना चावल खाना चाहिए?
चावल अधिकतर लोगों के घरों में बनता है, लेकिन अक्सर इसे लेकर लोग सवाल करते हैं कि पूरे दिन में हमें कितना चावल खाना चाहिए. यहां जानते हैं इस बारे में-
208% बढ़ी 28KM माइलेज वाली SUV की सेल्स, इतने रुपये है कीमत
मारुति सुजुकी के लिए सितंबर का महीना शानदार रहा है. इस महीने कंपनी ने भारतीय बाजार में 1,81,838 गाड़ियों को बेचा है. ईयर-ऑन-ईयर देखा जाए, तो कंपनी की ग्रोथ 37 परसेंट की है. पिछले साल सितंबर में मारुति सुजुकी ने 1,32,821 गाड़ियों को बेचा था. वहीं मंथली ग्रोथ पर नजर डालें, तो कंपनी ने 3 परसेंट की बढ़त हासिल की है.
फिर खुले वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के दरवाजे, जंगल सफारी के लिए उमड़े पर्यटक
बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में नए सीजन में जंगल सफारी फिर शुरू हो गई है. बारिश के मौसम में बंद रही सफारी अब पर्यटकों को घने जंगल, वन्यजीवों और प्राकृतिक खूबसूरती के बीच घूमने का मौका देगी. वन विभाग ने इस बार सफारी के लिए चार रूट तय किए हैं. पिछले दो साल में यहां पर्यटकों की संख्या करीब 89 फीसदी बढ़ी है.
Haryana Weather Today: हरियाणा में 18 अक्टूबर 2026 को बारिश होगी या मौसम साफ रहेगा, इसे लेकर मौसम विभाग के ताजा अपडेट सामने आए हैं। प्रदेश में दिन के समय हल्की गर्मी और सुबह-शाम तापमान में गिरावट महसूस की जा सकती है। जानिए हिसार, रोहतक, अंबाला, करनाल सहित अन्य जिलों के मौसम का हाल और आने वाले दिनों में बारिश की संभावना।
MP के ग्वालियर में 12 श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को धान से भरे एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया।
सरकार ने गन्ने से एथेनॉल बनाने पर लगाई रोक, क्या चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगेगा ब्रेक?
Sugarcane Ethanol Production: गन्ने की कम पैदावार के बीच देश में चीनी की किल्लत न हो और इसकी कीमतें काबू में रहें, इसके लिए सरकार ने गन्ने से एथेनॉल बनाने की खरीद पर रोक लगा दी है. जानिए सरकार के इस फैसले का आम जनता की जेब और चीनी के दामों पर क्या असर पड़ेगा.
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम तेज बारिश और भीड़ के कारण पंडाल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे भगदड़ मच गई. इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हो गए. पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है और SIT जांच कर रही है.
पहाड़ों में बसे 9 खूबसूरत बौद्ध मठ, नजारे देख लौटने का नहीं करेगा मन
Buddhist Monasteries in India: भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जहां खूबसूरत पहाड़ों और वादियों के बीच बने बौद्ध मठ शांति और सुकून का एहसास कराते हैं. तवांग से लेकर लद्दाख और सिक्किम तक, जानिए भारत की 9 ऐसी जगहों के बारे में, जहां आप प्रकृति की खूबसूरती के साथ आध्यात्मिक विरासत को भी करीब से देख सकते हैं.
मुंबई लोकल में चलता-फिरता 'मंदिर', ट्रेन में मां दुर्गा की आरती कर रहे यात्री, सुरक्षा पर सवाल
लोकल ट्रेन के डिब्बे में मंदिर जैसा माहौल है. सभी भक्त माता की भक्ति में सराबोर नजर आ रहे हैं. लेकिन कई लोगों का कहना है कि चलती ट्रेन में दीया जलाने से ट्रेन में आग लगने का खतरा हो सकता है.
इमरान खान ने लीव इंडिया नोटिस को बताया 'असंवैधानिक', कहा- बिना पूछताछ के जारी किया गया
आमिर खान के भांजे और एक्टर इमरान खान ने शनिवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की तरफ से जारी लीव इंडिया नोटिस (LIN) के खिलाफ रिट याचिका दायर की.
Gwalior Accident: शीतला मंदिर के पास बेकाबू ट्रक का कहर, 13 श्रद्धालुओं की मौत, 40 को कुचलने की खबर
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 40 लोग घायल हो गए। हादसा लगभग 1.30 बजे छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ। खबरों के मुताबिक घायलों में ...
रूस पर प्रतिबंध क्यों हटाए? ट्रंप के यू-टर्न पर मार्को रुबियो ने बताई वजह
ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वालों पर 100% टैरिफ लगाने वाले फैसले पर रोक लगा दी है. इसे लेकर विदेश मंत्री मार्को रुबियो का कहना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर के नतीजे को देखने के लिए यह छूट दी गई है.
बंगाल के आसनसोल में निर्माणाधीन पावर प्लांट में बड़ा हादसा, चिमनी ढहने से 4 लोगों की मौत
आसनसोल के जमुड़िया में श्याम SEL एंड पावर लिमिटेड में निर्माणाधीन चिमनी शनिवार शाम ढह गई. अब तक कुल चार मजदूरों की मौत हुई है. हादसे के पीछे की वजहों की जांच हो रही है.
ट्रंप ने टाला 100% टैरिफ लगाने का फैसला, भारत में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
ट्रंप ने शुक्रवार रात एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट के तहत निर्धारित प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों को लागू करने से छूट दे दी।
आज का मौसम: दिल्ली-यूपी में बढ़ेगी ठंड, दक्षिण भारत में बारिश का कहर, IMD का 8 राज्यों में अलर्ट
आज का मौसम, 18 अक्टूबर 2026: दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में मौसम शुष्क रहने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास बढ़ रहा है, जबकि तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश होगी.
एक तरफ CM मोहन का कन्या पूजन, दूसरी तरफ बच्ची से दुर्व्यवहार
इंदौर के कनकेश्वरी गरबा पंडाल में 15 वर्षीय बच्ची के साथ कथित धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार का मामला राजनीतिक विवाद बन गया है. इस मामले में बीजेपी मंडल अध्यक्ष कमल चौहान की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस ने संबंधित नेता को पार्टी से बर्खास्त करने और पुलिस कार्रवाई की मांग की है.
छोटे एक्टर के प्यार में मलाइका की सहेली? Liplock फोटोज पर बवाल
डेलनाज दारूवाला संग अपने रिश्ते को ऑफिशियल करने के कुछ घंटों बाद ही सौरब ने इंटीमेट प्राइवेट तस्वीरों को डिलीट कर दिया. हालांकि, डिलीट करने के बाद भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हो रही हैं.
मध्य प्रदेश: रतलाम आ रही मालगाड़ी में कच्चे तेल के वैगन में लगी आग, गोधरा से आ रही थी ट्रेन
रतलाम रेल मंडल में लगातार तीसरे दिन भी शनिवार को ट्रेन में एक हादसा हो गया। गोधरा से बजरंगगढ़ की ओर कच्चा तेल लेकर आ रही मालगाड़ी के वैगन में रात करीब 8:45 बजे बजरंगगढ़ स्टेशन के समीप आग लग गई।
गोल्ड लोन की EMI छूट गई? जानें कब नीलाम हो सकते हैं आपके गहने
Gold Loan Rules: अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेना आसान विकल्प लगता है, लेकिन ईएमआई चूकने पर गहने खोने की चिंता सताने लगती है. क्या एक या दो किस्तें नहीं भरने पर बैंक सोना नीलाम कर सकता है? जानिए गोल्ड लोन की किस्त चूकने पर आपके अधिकार और गहने बचाने के तरीके.
रामायणम् 5 नवंबर को दीवाली के मौके पर रिलीज होने को तैयार है, जिसमें रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी और सनी देओल जैसे सितारे अहम किरदार में नजर आने वाले हैं. वहीं इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के दामाद भी नजर आएंगे
न्यूजीलैंड दौरे पर कप्तान शुभमन गिल का खास प्लान
न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने खास तैयारी की योजना बनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वह दौरे पर अपने साथ 4 से 5 निजी नेट गेंदबाज ले जा सकते हैं और उनके आने-जाने व रहने का खर्च खुद उठाएंगे।
किराए के मकानों में चल रही थीं सीक्रेट ड्रग्स लैब, NCB ने किया भंडाफोड़
NCB ने ग्रेटर नोएडा के जहांनाबाद कादलपुर गांव में ड्रग्स बनाने वाली दो गुप्त लैब पकड़ी हैं. यहां से 379.740 किलो एम्फेटामाइन युक्त सामग्री और 10 किलो स्यूडोएफेड्रिन बरामद हुआ. NCB के मुताबिक, इस सामग्री से करीब 56 किलो तैयार क्रिस्टलीय एम्फेटामाइन बनाई जा सकती थी.
'VIP गेट पर तैनात थे सुरक्षाकर्मी...' चोरबागान पंडाल भगदड़ में चश्मदीदों का दावा
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम भीषण भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई. चश्मदीदों और स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन में भारी कमियों और पुलिस की कम तैनाती का आरोप लगाया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस आयोजकों और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है.
कैंसर की 137 दवाएं होंगी सस्ती: 9 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; क्या मरीजों का इलाज होगा कम खर्चीला?
‘बेस्ट ऑफ द बेस्ट’ अवॉर्ड से नवाजी गई थी चोरबागान पूजा, वहीं मची भगदड़
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई और 24 घायल हुए. घटना के बाद पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें आयोजक भी शामिल हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
चावल के दाम बढ़ने के आसार: धान का रकबा घटा, पैदावार में भी कमी का खतरा; रबी पर भी संकट के बादल?
चावल के दाम बढ़ने के आसार: धान का रकबा घटा, पैदावार में भी कमी का खतरा; रबी पर भी संकट के बादल?
रजनीकांत की 'जेलर 2' का तूफान, 3 दिन में 300 करोड़ पार कमाई
नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी फिल्म 'जेलर 2' के साथ रजनीकांत बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रहे हैं. रिलीज के सिर्फ 3 दिनों के अंदर ही इस फिल्म ने अपने नाम एक बड़ा रिकॉर्ड कर लिया है.
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ में 19 लोगों की मौत, चश्मदीदों ने क्या-क्या बताया - BBC
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'मां ने मेरे सामने दम तोड़ दिया...' कोलकाता भगदड़ में अपनों को खोकर बिलखते परिवार
कोलकाता के चोरबगान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी बारिश के दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई. पीड़ित परिवार अपनों को खोने के बाद सदमे में हैं. किसी ने अपनी मां तो किसी ने अपनी बहन को खो दिया.
अमेरिकी द्वीपों की अनकही दुनिया, न्यूयॉर्क-वॉशिंगटन से अलग है असल जिंदगी!
क्या आप ऐसे अमेरिका की कल्पना कर सकते हैं, जहां लोगों के पास पावरफुल पासपोर्ट तो है, लेकिन राशन के एक पैकेट के लिए हफ्तों मौसम साफ होने की दुआ मांगनी पड़ती है? समंदर की लहरों के बीच फैले 18 हजार से ज्यादा द्वीपों का अमेरिका एक ऐसी अनसुलझी दुनिया है, जिसके कायदे-कानून और जिंदगी जीने का तरीका मेनलैंड से एकदम अलग है. आखिर महाशक्ति अमेरिका के इन दूरदराज टापुओं पर कैसे कटती है आम इंसानों की जिंदगी और कैसे ये गुमनाम द्वीप वॉशिंगटन के असली 'ट्रंप कार्ड' बने हुए हैं?
'जिस देश ने हमें गुलाम बनाया', लंदन में संसद के सामने खड़े होकर ध्रुव राठी बोले- यह है लोकतंत्र
ध्रुव राठी ने लंदन पहुंचने के बाद संसद चौक के सामने भीड़ इकट्ठी कर ली और कहा कि देखिए जिस देश के हम गुलाम थे उसकी ही संसद के सामने खड़े होकर बोल रहे हैं। इसे कहते हैं लोकतंत्र।
नाना पाटेकर बॉलीवुड के जाने माने एक्टर है, जिन्होंने खलनायक से कॉमेडी तक का सफर तय किया. लेकिन इस सफर में उन्होंने खुद तो संघर्ष किया ही. जबकि अपने दोस्तों के लिए भी एक ढाल बने. इसका किस्सा नाना पाटेकर के 40 साल पुराने दोस्त ने बताया.
कल महाष्टमी पर कब करें कन्या पूजन? जानें शुभ मुहूर्त और सही समय
Maha Ashtami 2026: कल महाष्टमी पर कब करें कन्या पूजन? जानें 19 अक्टूबर 2026 को महाष्टमी की सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महानवमी से जुड़ी जरूरी जानकारी.
ऑनलाइन मीटिंग में सीनियर IAS कुमार राजीव रंजन ने जूनियर अधिकारी बीनीश वानी के अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. वीडियो वायरल होने के बाद J&K सरकार ने कोड ऑफ कंडक्ट सर्कुलर जारी किया है.
हंसता-मुस्कुराता दिखने वाला व्यक्ति भी हो सकता है डिप्रेशन में, पहचानें ये 7 संकेत
अक्सर हंसते-मुस्कुराते लोगों को हम बहुत ही खुश समझ लेते हैं, लेकिन कई बार ये हमारी गलती हो सकती है. कुछ ऐसे व्यक्ति भी होते हैं, जो दूसरों के सामने मुस्कुराते हैं, लेकिन अंदर से बहुत ही डिप्रेशन में होते हैं. यहां जानते हैं स्माइलिंग डिप्रेशन के बारे में-
झड़पें, आगजनी और लूटपाट... फ्रांस में बेकाबू हुए प्रदर्शनकारी; तख्तियों पर लिखा- 'क्रांति या मौत'
फ्रांस में हालात अब बेकाबू होते जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमकर लूटपाट मचा रही है और सड़कों पर आगजनी कर रही है.
Navratri Ashtami 2026: आज या कल... कब करें मां महागौरी की पूजा? जानें हवन और पारण का समय
Navratri 2026 Ashtami: शारदीय नवरात्रि में अष्टमी की पूजा 18 अक्टूबर को करना उचित बताया गया है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, उदयातिथि मानने वाले 19 अक्टूबर को भी पूजा कर सकते हैं. जानें कन्या पूजन, नवमी हवन और व्रत पारण का समय.
फ़्रांस में हिंसक प्रदर्शन: साढ़े पांच लाख लोग सड़कों पर उतरे, 1,200 गिरफ़्तार - BBC
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दुर्गा पूजा से महाकुंभ तक, देश में कब-कब मची भगदड़?
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत हुई. दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए. देश में इससे पहले भी मंदिरों, पूजा पंडालों, धार्मिक यात्राओं और स्नान पर्वों के दौरान कई बड़े हादसे हो चुके हैं. वैष्णो देवी, प्रयागराज महाकुंभ में हुई घटनाएं इस लिस्ट में शामिल हैं.
कोलकाता भगदड़ः 'मां ने सामने ही दम तोड़ दिया', चश्मदीदों ने बताया कैसे हुआ रूह कंपाने वाला हादसा
कोलकाता के चोरबागान में दुर्गाा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में मरने वालों का आंकड़ा 19 हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पंडाल का प्रवेश द्वार काफी संकरा था और वहां ठीक से लाइटिंग भी नहीं थी।
हर हिल स्टेशन पर क्यों होती है मॉल रोड? जानिए इसके पीछे की कहानी
Why Hill Stations Have Mall Roads: क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर हिल स्टेशनों पर मॉल रोड क्यों होती है? अगर नहीं, तो कोई बात नहीं. आज हम आपको मॉल रोड का दिलचस्प इतिहास और इसके नाम के पीछे की वजह बताएंगे.
शादियों का सीजन शुरू हो गया है, जिसमें कपड़े, खाना और मेकअप की तैयारियां तो लड़कियों ने कर ली होगी. लेकिन अगर हम कहें कि आप एक जरुरी चीज भूल रहे हैं, जो है डांस परफॉर्मेंस. घर की शादी में डांस के बिना कोई भी फंक्शन अधूरा है.
महाष्टमी पर मां महागौरी बरसाएंगी इन 3 राशियों पर कृपा!
शारदीय नवरात्र की महाष्टमी पर गुरु और चंद्रमा के बीच समसप्तक योग बनने की ज्योतिषीय चर्चा है. मान्यताओं के अनुसार, इस योग का मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. इन राशियों को करियर में आगे बढ़ने, नई जिम्मेदारियां मिलने और आर्थिक स्थिति सुधारने के अवसर मिल सकते हैं. हालांकि, ये ज्योतिषीय अनुमान हैं, सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और समझदारी से फैसले लेना जरूरी है.
जब अमेरिका ने अलास्का को खरीद लिया, पहले रूस का था कब्जा
आज का दिन अमेरिका और रूस के रिश्तों के लिहाज से बेहद खास है. इस दिन अमेरिका ने रूस से एक डील की और अलास्का को खरीद लिया था.
हिंदी सिनेमा में किशोर कुमार और मोहम्मद रफी की आवाज का जादू छाया हुआ है. लेकिन उनके दौर में बॉलीवुड में कुछ ऐसे मेल सिंगर्स की भी एंट्री हुई, जिन्होंने फैंस के दिलों में छाप तो छोड़ी.
तनुश्री दत्ता के दावों पर नाना पाटेकर के बेटे मल्हार ने दिया रिएक्शन, कहा- सच नहीं बदलेगा
Nana Patekar son Malhar patekar on Tanushree Dutta claims: दिवंगत एक्टर नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था, जिसके बाद से एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता का एक्टर पर तीखा वार देखने को मिला था. यहां तक कि उन्होंने एक्टर की मौत पर भी सवाल उठा दिए थे.
ग्वालियर में बेकाबू ट्रक ने मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को कुचला, 12 की मौत, 28 घायल
इस हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. पुलिस-प्रशासन और एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया.वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
Durga Puja पर कानून-व्यवस्था संभालने के लिए Bihar Police ने उतारे हजारों जवान
बिहार पुलिस ने दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य के सभी जिलों में अतिरिक्त बल तैनात किए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। तैनाती में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) की 34 कंपनियां, दंगा नियंत्रण बल की 12 कंपनियां, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 11 कंपनियां, 16,624 बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त सिपाही, 5,100 होमगार्ड और अन्य कर्मी शामिल हैं। बयान के अनुसार, इस साल राज्य में करीब 16,800 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की उम्मीद है, जबकि 2025 में यह संख्या 15,550 थी। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों, प्रतिमा विसर्जन मार्गों और नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की है। जरूरत के अनुसार गोताखोर और बचाव दल भी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी, 24 घंटे गश्त और सोशल मीडिया पर नजर बढ़ाई गई है। पुलिस ने डीजे पर प्रतिबंध लगाया है और पूजा समितियों को निर्देश दिया है कि लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि सीमा में चलें तथा रात 10 बजे के बाद बंद कर दिए जाएं। उसने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
नमस्कार! आज है रविवार, 18 अक्तूबर इस खबर के जरिए हम आपको बताएंगे कि आज देश-दुनिया में क्या कुछ होने वाला है? आइए जानते हैं...
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ और बारिश के बीच मची भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हो गए. पुलिस ने पूजा आयोजकों और वॉलंटियर्स समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है.
मध्य प्रदेश: ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास अनियंत्रित ट्रक का तांडव, 12 लोगों की मौत; कई घायल
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
मध्य प्रदेश में भीषण हादसा: ग्वालियर में बेकाबू ट्रक ने कई लोगों को रौंदा, 12 की मौत, देर रात हुई दुर्घटना

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