Sabeer Bhatia की पोस्ट की गई विवादित डॉक्यूमेंट्री पर Mumbai Police ने 24 X हैंडल को भेजा नोटिस
मुंबई पुलिस ने मशहूर उद्यमी सबीर भाटिया की ओर से कुछ दिन पहले पोस्ट की गई एक विवादित डॉक्यूमेंट्री को साझा करने वाले 24 एक्स उपयोगकर्ताओं को कानूनी नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस 18 अक्टूबर को जारी किए गए। डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी के बारे में कथित तौर पर झूठे और अपमानजनक दावे किए गए थे, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। नोटिस में कहा गया है कि साइबर पुलिस को एक औपचारिक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कई एक्स अकाउंट से एक प्रमुख कारोबारी समूह को निशाना बनाते हुए अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई है। नोटिस में दिए गए लिंक भाटिया के एक्स खाते पर ले जाते थे। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित सामग्री में कंपनी के खिलाफ कथित तौर पर झूठे, भ्रामक और अपमानजनक बयान एवं आरोप थे, जिन्हें बिना किसी तथ्यात्मक या कानूनी आधार के प्रसारित किया गया। इसमें कहा गया है कि इससे कंपनी की प्रतिष्ठा, साख और सार्वजनिक छवि को लगातार नुकसान पहुंचा। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की सामग्री प्रकाशित करना मंच के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 356 (मानहानि) के तहत दंडनीय अपराध है। नोटिस में मंच (एक्स) और उपयोगकर्ताओं से आपत्तिजनक पोस्ट की तत्काल समीक्षा करने तथा संबंधित सामग्री को हटाने या उस तक पहुंच बंद करने को कहा गया है। वर्ष 1996 में पहली मुफ्त वेब-आधारित ईमेल सेवा हॉटमेल डॉट कॉम की सह-स्थापना करने वाले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी भाटिया ने एक्स पर कहा, मुंबई पुलिस ने मुझसे कुछ बेहद आपत्तिजनक ट्वीट हटाने को कहा। मैंने निर्देश का पालन किया और उन्हें हटा दिया। उन्होंने कहा, इस बेहद आपत्तिजनक ट्वीट में केवल सत्ता के सर्वोच्च स्तरों पर कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया गया था।
K Annamalai ने Delhi में प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर उठाए सवाल, केंद्र को घेरा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने नयी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। अन्नामलाई ने अपने आलोचकों को स्पष्ट रूप से याद दिलाया कि उन्होंने इस साल जून में ही भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। अपनी प्रेस वार्ता की आलोचना के बाद अन्नामलाई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में नरेन्द्र मोदी के 2011 के उस बयान का जिक्र किया, जो उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दिया था। मोदी ने तब रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर आधी रात को की गई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘‘2011 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि अगर उनके हाथ बंधे न होते, तो वह दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जंग छेड़ देते।’’अन्नामलाई ने कहा, ‘‘मेरी राय में माननीय प्रधानमंत्री ने उस समय जो कहा था, वह बिल्कुल सही था और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’’उन्होंने कहा, ‘‘आज आपको अनिश्चितकाल के लिए जेल भेजा जा सकता है, आपके जमानतदारों के बॉण्ड खारिज किए जा सकते हैं और हैरानी की बात यह है कि निवारक बॉण्ड से जुड़े मामलों से निपटने का अधिकार मिलने पर एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट आपको अपने इशारों पर नचा सकता है।’’अन्नामलाई ने कहा, ‘‘अगर आप लोकतंत्र में कानून की उचित प्रक्रिया के उल्लंघन पर सवाल उठाते हैं, तो आपको भला-बुरा कहा जाएगा और आप पर हमलों की झड़ी लग जाएगी, जिसमें आपको विदेशी एजेंट करार देना भी शामिल होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब से मैंने नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए कहा है, तब से मुझ पर लगातार हमले हो रहे हैं। लेकिन मैंने इन पर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि मुझे लगा कि तमिलनाडु में जमीनी मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।’’अन्नामलाई ने कहा,‘‘एक तरह से मुझे इसमें मजा भी आया, क्योंकि इससे मेरे ऊपर लगा भाजपा की बी-टीम होने का ठप्पा जल्द ही हट जाएगा और यह बात भी गलत साबित हो जाएगी कि मुझे तमिलनाडु में एक धुरंधर के तौर पर भेजा गया है।’’मंगलवार की अपनी प्रेस वार्ता का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा, ‘‘मैंने कॉजपा के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दिल्ली पुलिस के तरीकों पर सवाल उठाए थे।’’उन्होंने कहा कि इस प्रेस वार्ता के बाद, जैसा कि उम्मीद थी, हमले फिर से शुरू हो गए हैं। अन्नामलाई ने कहा, ‘‘भाजपा के कुछ लोगों के लिए, मैं यह बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं - अगर आप कुछ बातें भूल गए हैं तो याद दिला दूं- कि मैंने पांच जून 2026 को भाजपा छोड़ दी थी।’’अन्नामलाई ने कहा, ‘‘जैसा कि मैंने कल कहा था कि हो सकता है कि मैं कॉजपा की रणनीतियों से सहमत न होऊं और मुझे लगता है कि उनकी कई रणनीतियां गलत दिशा में हैं। लेकिन अगर आप मुझसे पूछें कि क्या उन्हें किसी ऐसे मुद्दे पर विरोध करने, बहस करने या प्रदर्शन करने का अधिकार है, जिसे वे महत्वपूर्ण मानते हैं, तो मैं साफ तौर पर कहूंगा - हां।’’उन्होंने तर्क दिया, ‘‘इसलिए मैं चाहता हूं कि लोग ये सवाल फिर से पूछें, भले ही उनमें से कुछ लोगों को असहज महसूस हो। मेरी इच्छा है कि केंद्र सरकार ‘दूसरों ने भी ऐसा किया है’ जैसी दलीलें देने के बजाय इन सवालों के जवाब दे।’’
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की
फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे और यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों से सतर्क रहने, भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से बचने की अपील की है. वहीं, फ्रांस में हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी पर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नाराजगी जताई.
Meerut Court: सौरभ हत्याकांड में फांसी की सजा पाने वाली मुस्कान की बेटी की परवरिश के लिए अर्जी
मुंबई के ‘सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर’ फैजान अंसारी ने सौरभ राजपूत हत्याकांड में हाल में मुस्कान को मृत्युदंड सुनाये जाने के बाद उसकी 10 माह की बेटी के भरण-पोषण, शिक्षा और चिकित्सा का खर्च उठाने की अनुमति मांगते हुए बुधवार को मेरठ जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देने का दावा किया। अंसारी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उन्होंने मुस्कान की 10 माह की बेटी मन्नत उर्फ राधा की परवरिश से लेकर उसकी शिक्षा, चिकित्सा और विवाह तक का खर्च उठाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए अपनी आर्थिक क्षमता की जांच कराने को भी तैयार हैं। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता के.के. चौबे ने कहा कि बच्ची के संबंध में कोई भी निर्णय लेते समय उसकी मां की इच्छा और संबंधित कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखना होगा। चौबे के मुताबिक, प्रशासन के माध्यम से बच्ची को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत विचार किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत में प्रार्थना पत्र देने मात्र से बच्ची की अभिरक्षा या उसका संरक्षक बनने का अधिकार नहीं मिल जाता। पुलिस के मुताबिक अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले गिरफ्तारी के समय मुस्कान गर्भवती थी और उसने जेल में बेटी मन्नत उर्फ राधा को जन्म दिया था। फैजान अंसारी की ओर से बच्ची के भरण-पोषण की जिम्मेदारी लेने का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब उसके भविष्य, देखभाल और शिक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि सौरभ राजपूत की मां रेनू देवी ने बच्ची को अपनाने से साफ इनकार कर दिया है। मार्च 2025 में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान और उसके कथित प्रेमी साहिल को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में रखा गया था। इस मामले में अदालत ने गत 14 अक्टूबर को मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनायी थी।
Bengaluru की निर्माणाधीन इमारत में बैटरी धमाका, दो श्रमिक घायल
बेंगलुरु में एक निर्माणाधीन इमारत में मंगलवार दोपहर हुए विस्फोट में दो लोग घायल हो गए। पुलिस को संदेह है कि बैटरी में विस्फोट होने के कारण यह घटना हुई। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि विस्फोट के कारण का अभी पता नहीं लगाया जा सका है। उन्होंने लोगों से जांच पूरी होने तक अटकलें नहीं लगाने की अपील की। पुलिस के अनुसार, विस्फोट मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलकेशीनगर थानाक्षेत्र के अंतर्गत जार्मिया रोड पर स्थित एक इमारत की चौथी मंजिल पर हुआ। उस समय इमारत में निर्माण कार्य जारी था। विस्फोट के बाद आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाई। बताया जा रहा है कि घायलों में नेपाल का एक सुरक्षाकर्मी और एक मजदूर शामिल हैं। दोनों को इलाज के लिए बॉरिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खरगे ने बताया कि विस्फोट में एक व्यक्ति के हाथ की एक उंगली कट गई, जबकि दूसरे को मामूली चोटें आई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल मैं आपको इतना ही बता सकता हूं कि विस्फोट हुआ है।’’खरगे ने बताया कि जांचकर्ता उपलब्ध सबूतों की जांच कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या विस्फोट में किसी विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल हुआ था, खरगे ने कहा कि अभी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है और प्राधिकारियों ने खुद इस घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘यह किसी रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण हुआ या इसमें किसी आईईडी (तात्कालिक विस्फोटक उपकरण) का इस्तेमाल किया गया या फिर कोई अन्य कारण था, हम इसकी जांच कर रहे हैं। मैं किसी की कही बात को बिना जांच-पड़ताल के यूं ही नहीं दोहरा सकता।’’पास की एक इमारत में रहने वाले प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘‘धमाके की आवाज बहुत तेज थी। एक पल के लिए मुझे लगा कि दिवाली आ गई है।’’प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसके घर के अंदर भी कंपन महसूस हुई। बेंगलुरु के पुलिस उपायुक्त (पूर्वी संभाग) विक्रम आमटे ने घटनास्थल का दौरा किया। वहीं, पुलकेशीनगर पुलिस ने विस्फोट के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। बम निरोधक दस्ते, आतंकवाद रोधी दस्ते और फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने भी घटनास्थल तथा उस वस्तु की जांच की, जिसमें विस्फोट होने का संदेह है। पुलिस को संदेह है कि बैटरी जैसी किसी वस्तु में विस्फोट हुआ होगा। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं लगाया जा सका है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस घटना का बेंगलुरु में पहले हुए उन विस्फोटों से कोई संबंध है, जो विस्फोटक सामग्री बनाने से जुड़े थे। दशहरा पर्व के दौरान एक निर्माणाधीन इमारत में हुए विस्फोट से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त श्रीमंत कुमार सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि यह घटना उस निर्माणाधीन मकान में हुई, जहां कुछ परिवार पहले से रह रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया, “इमारत का ढांचा तैयार हो चुका है। कुछ घरों में अंदर के हिस्से का काम चल रहा है। जिस घर में यह घटना हुई, वहां भी अंदर के हिस्से का काम जारी था और वहां कोई रह नहीं रहा था। वहां दो कर्मचारी मौजूद थे, जिनमें से एक निर्माण मजदूर और दूसरा इमारत का सुरक्षा गार्ड है।”सिंह ने बताया कि हादसा उस समय हुआ, जब उनमें से एक व्यक्ति ने बैटरी से चलने वाली टॉर्च का बटन दबाया। उन्होंने बताया कि बटन दबाते ही अचानक तेज धमाका हो गया। सिंह ने कहा, हमारी टीम जांच कर रही हैं कि यह घटना कैसे हुई और बैटरी में किस तरह की सामग्री मौजूद थी। तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने के लिए हमारे आतंकवाद रोधी प्रकोष्ठ (एटीसी) और फोरेंसिक विभाग की टीम मंगलवार रात ही मौके पर पहुंच गई थी।
सेहत से जुड़ी बात: असंतुलित खानपान और जींस के मेल से बढ़ रहा है कोलेस्ट्रॉल का खतरा, बचाव के उपाय क्या?
ट्रंप प्रशासन को SC का झटका, ट्रांसजेंडर कैदियों के हेल्थकेयर बैन पर रोक
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को झटका देते हुए संघीय जेलों में बंद ट्रांसजेंडर कैदियों के लिए जेंडर-अफर्मिंग हेल्थकेयर पर लगाए गए प्रतिबंधों को तुरंत लागू करने से रोक दिया है. कोर्ट ने जस्टिस डिपार्टमेंट की अपील खारिज कर निचली अदालत की रोक को बरकरार रखा.
Aaj Ka Rashifal 22 October 2026: 22 अक्टूबर 2026 का राशिफल आचार्य मदन मोहन ने बताया कि मेष, कर्क और मकर राशि वालों को आर्थिक लाभ मिल सकता है. तुला राशि का रुका धन मिलने और कुंभ राशि वालों को पदोन्नति के अवसर मिलने की संभावना है. शुभ रंग, भाग्य अंक और दान जानें.
जयपुर: पिता और मामा पर नाबालिग को चार लाख रुपये में बेचने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
राजस्थान में झालावाड़ जिले में एक पिता और मामा पर अपनी नाबालिग बेटी का सौदा करने का आरोप लगा है। पिता और मामा पर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को चार लाख रुपये में 36 साल के एक व्यक्ति को बेचकर उससे विवाह करवाने का आरोप है।
छत्तीसगढ़ के कारोबारी की चंडीगढ़ में होटल में संदिग्ध मौत, साथ आई महिला से पूछताछ
रायपुर के कारोबारी और आमासिवनी स्थित संजय ग्रेन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक दीपक मित्तल (56) की चंडीगढ़ के होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वे मार्कफेड की बैठक में शामिल होने चंडीगढ़ गए थे।
Pisces Tarot Card Rashifal: परिवार के साथ तालमेल बेहतर बनाए रखें, पैसे को लेकर रहें सावधान
Pisces Tarot Card Horoscope 22 October:- Temperance की ऊर्जा अपनी मानसिक शांति को बनाए रखने की कोशिश, व्यर्थ की बातों से दूर रहने का प्रयास और कार्यों को सही तरीके से पूरा कर आगे बढ़ाने की बात लेकर आ सकती हैं.आईए जानते हैं, मीन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो,आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
मध्य प्रदेश: खंडवा में विसर्जन चल समारोह के दौरान महाकाली की मूर्ति में लगी आग, मची अफरा तफरी
देवी मूर्तियों के चल समारोह के दौरान खंडवा में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब बांबे बाजार में आतिशबाजी के दौरान फ्रेंड्स कॉलोनी की महाकाली की मूर्ति में आग लग गई।
'आपके आदेशों का पालन करके खुशी होगी, जान हाजिर है', दास-रंका की रिहाई पर बोले दीपके
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका की रिहाई का स्वागत किया। उन्होंने दोनों नेताओं को खुद से ‘बहुत, बहुत बड़ा नेता’ बताते हुए कहा कि वह उनके निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार हैं।
Capricorn Tarot Card Rashifal: गलत कार्य का समर्थन करने से बचें, खुद के लिए निकाले समय
Capricorn Tarot Card Horoscope 22 October:- The Hanged Man की ऊर्जा अपने कार्यों का अवलोकन कर गलतियों में सुधार लाने का प्रयास, पारिवारिक जीवन में बदलाव और सही निर्णय लेने की आवश्यकता तथा साझेदार के व्यवहार को समझने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, मकर राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
'सवाल पूछो तो विदेशी एजेंट', CJP पर एक्शन को लेकरअन्नामलाई का तंज
तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने CJP नेताओं पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि कानून की प्रक्रिया पर सवाल उठाने वालों को 'विदेशी एजेंट' बताया जा रहा है.
Sagittarius Tarot Card Horoscope 22 October:- The Chariot की गतिमान ऊर्जा जीवन में व्यर्थ की बातों में आकर कार्यों की गति धीमी न करने का प्रयास, स्वयं में कुछ बदलाव लाने की आवश्यकता पर विचार और परिवार में किसी गलत व्यक्ति के आगमन की मंशा से परेशान होने की बात लेकर आ सकती है. आईए जानते हैं, धनु राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
ई-मुद्रा के डिजिटल सर्टिफिकेट किसी भी ब्राउजर को यह पुष्टि करने में मदद करते हैं कि कोई वेबसाइट असली है या नहीं। मंत्रालय ने कहा कि यह घटना मुख्य रूप से वैश्विक सर्टिफिकेट कारोबार से जुड़ी है और भारतीय वेबसाइटों तथा एप पर असर बहुत सीमित है।
Aaj Ka Panchang: भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास है गुरुवार, जानें राहुकाल और शुभ समय
Aaj ka Panchang 22 October 2026: 22 अक्टूबर 2026 को आश्विन शुक्ल द्वादशी और गुरुवार का संयोग है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए खास है. जानिए इस दिन का शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल और पंचांग की जरूरी जानकारी.
Scorpio Tarot Card Rashifal: जीवनसाथी से दूर हो सकती है नाराजगी, अपने कार्यों को व्यवस्थित करें
Scorpio Tarot Card Horoscope 22 October:- Ten of cups की ऊर्जा परिवार की सुख शांति और समृद्धि को बनाए रखने का प्रयास, बड़े बुजुर्ग की असहमति के चलते प्रिय से विवाह की बात अटकने की स्थिति और कार्य क्षेत्र में अपनी अनुपस्थिति से दूसरों को लाभदायक फायदा ना देने की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं, वृश्चिक राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
महाराष्ट्र के भयंदर रेलवे स्टेशन और पुलिस थाने को उड़ाने की धमकी, ईमेल से मचा हड़कंप
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भयंदर रेलवे स्टेशन और एक स्थानीय पुलिस स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से बुधवार को हड़कंप मच गया। हालांकि, दोनों स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाने के बाद कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
मध्य प्रदेश: शिवपुरी कोतवाली में ही भिड़ गए दो पुलिसवाले, लाइसेंसी बंदूक से दागे तीन फायर
दशहरा पर्व पर ड्यूटी में तैनात हवलदार विनय कुमार और शरद यादव के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों में मारपीट शुरू हो गई।
बड़े बदलाव के आसार: अंतरिक्ष का कचरा बदल सकता है आसमान में बर्फ बनने का तरीका, मौसम पर भी होगा असर
बड़े बदलाव के आसार: अंतरिक्ष का कचरा बदल सकता है आसमान में बर्फ बनने का तरीका, मौसम पर भी होगा असर
मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध का खतरा? दूतावासों से कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में अमेरिका
अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अपने कुछ दूतावासों से कर्मचारियों और उनके परिवारों को हटाने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम यमन में ईरान समर्थित हूती मिलिशिया के साथ फिर से संघर्ष शुरू होने की आशंका के बीच उठाया जा रहा है.
Gemini Tarot Card Horoscope 22 October: Seven of swords की ऊर्जा. किसी पुरानी बात के सामने आने से परिवार में कलह का वातावरण बन सकता है. आइए जानते हैं, मिथुन राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
CJP को बड़ा बना रही BJP? सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई के बाद पूर्व भाजपा नेता ने उठाया सवाल
भाजपा से इस्तीफा दे चुके अन्नामलाई ने कॉकरोच पार्टी के नेताओं के रिहा होने के बाद सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि क्या भारतीय जनता पार्टी सीजेपी को बड़ा बनाकर विपक्ष के वोट काटना चाहती है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सीजेपी को फ्री की पब्लिसिटी दे रही है।
Taurus Tarot Card Horoscope 22 October:- Nine of wands की ऊर्जा. अपनी योग्यता और कौशलता से दूसरों पर प्रभाव डालने का प्रयत्न कर सकते हैं. आइए जानते हैं, वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तों, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में.
गुजरात के स्कूलों में बिना इजाजत एंट्री बैन, सरकार ने लागू किया नया नियम
गुजरात सरकार ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश को लेकर नए नियम जारी किए हैं. अब किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रधानाचार्य/संस्था प्रमुख की पूर्व लिखित अनुमति लेनी होगी और विजिटर रजिस्टर में विवरण दर्ज करना होगा.
डिजिटल प्रमाण जारी करने वाली कंपनी ईमुद्रा में ही गड़बड़ी, केंद्र सरकार ने दिए जांच के आदेश
साइबर सिक्योरिटी के लिए डिजिटल प्रमाण पत्र जारी करने वाली कंपनी ईमुद्रा में खामियां सामने आई हैं। इसके बाद गूगल, मोजिला और ऐपल जैसे ब्राउजर ने इसके प्रमाण पत्रों को ब्लॉक कर दिया है।
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AI से बनाया विधानसभा को उड़ाने का वीडियो, बिहार का युवक अरेस्ट
बेंगलुरु पुलिस ने विधान सौधा में AI से बनाए गए बम धमाके के फर्जी वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करने के आरोप में बिहार के 25 वर्षीय प्रवासी मजदूर हजरत अली को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में विधान सौधा में धमाका दिखाया गया था.
दस्तक: लॉरेंस गैंग कैसे लड़कियों की मदद से जुर्म का धंधा चला रहा?
आज दसतक में बात लॉरेंस बिश्नोई की लेडी गैंग की. अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कातिलाना हमला हुआ. अगर राधा और बबीता नाम की दो लड़कियां लॉरेंस गैंग का हिस्सा नहीं होती तो हमला नहीं होता. यकीन मानिए, बॉलीवुड में लॉरेंस बिश्नोई की दहशत हैं तो एक बड़ी वजह गैंग में शामिल लड़कियां हैं. वही गुमनाम लड़कियां जो लॉरेंस के क्राइम सिंडिकेट की सीक्रेट एजेंट हैं. लॉरेंस गैंग जिस गोली पर एक्टरों का नाम लिखता है उस गोली से लेड़ी ब्रिगेड का गहरा रिश्ता है. देखें...
INS विक्रांत पर गरजने को तैयार राफेल मरीन; गोवा के नेवल बेस पर फाइनल ट्रायल शुरू
भारतीय नौसेना गोवा में राफेल मरीन लड़ाकू विमानों के ट्रायल कर रही है। ये परीक्षण आईएनएस विक्रांत पर विमान को संचालित करने के लिए जरूरी संशोधनों की पुष्टि के लिए किए जा रहे हैं।
सेना कमांडरों का सम्मेलन शुरू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जारी करेंगे ‘स्थल युद्ध सिद्धांत’
सेना कमांडरों का तीन दिवसीय सम्मेलन नई दिल्ली में शुरू हुआ, जहाँ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 'स्थल युद्ध सिद्धांत' जारी करेंगे। यह सिद्धांत बदलते युद्ध स्वरूप और भविष्य के संघर्षों के लिए सेना को तैयार करने का व्यापक ढांचा प्रदान करेगा।
Gujarat Schools Entry Rules: बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगी रोक, लिखित अनुमति अनिवार्य
गुजरात सरकार ने बुधवार को स्कूलों को प्रवेश संबंधी नियम सख्त करने और बिना पूर्व अनुमति के परिसर में बाहरी लोगों के आने पर रोक लगाने का निर्देश दिया। स्कूल आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश के लिए प्रधानाचार्य या संस्थान के प्रमुख से पहले लिखित अनुमति लेनी होगी। हालांकि, इसमें कहा गया है कि केवल अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के लिए विधिवत अधिकृत सरकारी अधिकारियों को इस नियम से छूट दी जाएगी। परिपत्र के अनुसार, स्कूल आने वाले सभी लोगों का विवरण आगंतुक पंजी में दर्ज करना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्राधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे विद्यार्थियों की तस्वीरों, वीडियो और निजी जानकारी को इस तरह एकत्र करने, प्रकाशित करने या प्रसारित करने से रोकें, जिससे उनकी सुरक्षा, गरिमा या निजता प्रभावित हो सकती है।
अब इस पूरे विवाद में दलेर मेहंदी के भाई और मशहूर गायक मीका सिंह की एंट्री हो गई है. मीका सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री के उस दावे पर सवाल खड़े किए, जिसमें कार्यक्रम के लिए बड़ी रकम दिए जाने की बात कही गई थी.
UPSC में 6 बार आजमाई किस्मत, आखिर IPS बन गया भाई तो बहन ने सैल्यूट कर सुनाई सक्सेस स्टोरी
छह वर्षों के संघर्ष और कई असफलताओं के बाद मुकुंद सिंह चाहर ने IPS बनने का सपना पूरा किया. SVPNPA की पासिंग आउट परेड के बाद उनकी बहन प्रियम्बदा सिंह का भावुक वीडियो वायरल है, जिसमें उन्होंने भाई के जज्बे और सफलता को सलाम किया.
सैयद सोहेल शो: कॉकरोच पुतला दहन पर सियासी संग्राम, AAP ने कपिल मिश्रा समेत आयोजकों पर FIR की मांग
दिल्ली में दशहरा समारोह के दौरान 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का दहन राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है.
सोशल मीडिया पर ट्रेनों के समय पालन में गिरावट के दावे भ्रामक, रेल मंत्रालय ने किया स्पष्ट
रेल मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर ट्रेनों के समय पालन में गिरावट के दावों को भ्रामक बताया है। मंत्रालय के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और समय पालन 77% से अधिक रहा है।
Poland PM Donald Tusk पहुंचे नई दिल्ली, PM Modi संग करेंगे रणनीतिक वार्ता
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर बुधवार को नयी दिल्ली पहुंचे। इस यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपाय तलाशेंगे। पोलैंड के प्रधानमंत्री के तौर पर टस्क की भारत की यह दूसरी यात्रा है। इससे पहले, वह 2010 में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भारत आए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के नयी दिल्ली आगमन पर उनका हार्दिक स्वागत है। हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नयी गति प्रदान करेगी और हमारे दीर्घकालिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाएगी।’’विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि टस्क 22 अक्टूबर को मोदी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं का जायजा लेंगे। अगस्त 2024 में मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाया गया था। विदेश मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी बयान के अनुसार, “पोलैंड के प्रधानमंत्री बृहस्पतिवार सुबह विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह राजघाट जाएंगे और महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।”बयान के मुताबिक, “राजघाट से टस्क हैदराबाद हाउस जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत करेंगे। दोनों नेता प्रेस के लिए संयुक्त बयान भी जारी करेंगे।”
टाइगर श्रॉफ के शूटर्स के निशाने पर थे रणबीर कपूर! एक्टर के घर की हुई थी रेकी
सूत्रों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर हमले के आरोपी शूटरों ने रणबीर कपूर के बांद्रा स्थित घर की भी रेकी की थी.इससे पहले जानकारी मिली थी कि शूटर्स ने सलमान खान के घर की रेकी की थी.
वाराणसी: एयर शो को लेकर एडवाइजरी जारी, लापरवाही पर होगा एक्शन
वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो को लेकर नगर निगम ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. एयर शो के दौरान जर्जर छतों और बालकनी पर लोगों के जुटने पर रोक रहेगी. शहर के चार जोन में 424 जर्जर भवन चिन्हित किए गए हैं.
ऑटो से किडनैप, मारपीट और फिर जबरन दिलवाया लोन... चेन्नई में 21 साल के लड़के से 9,500 लूटे
चेन्नई के पल्लिकरनई में लूट का अनोखा मामला सामने आया है, जहां चार लोगों ने 21 साल के लड़के को ऑटो से किडनैप किया और फिर लूट लिया.
नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस पर FSSAI सख्त, भ्रामक दावों के लेकर जारी किया नोटिस
भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को उनके उत्पादों के विज्ञापनों में भ्रामक दावों के लिए नोटिस जारी किया है।
ऊधम सिंह नगर के किच्छा हाईवे पर शिमला पिस्तौर के पास सड़क पर पड़े पत्थर पर चढ़ने से बाइक बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई।
शहरी विकास भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो, Vishnu Deo Sai ने दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के शहरों का विकास वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित न रहकर आने वाले दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुनियोजित, समावेशी, टिकाऊ और आर्थिक रूप से सक्षम होना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि साय ने नवा रायपुर स्थित एक रिजॉर्ट में आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो विषयक पहली क्षेत्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शहर केवल आवास और नागरिक सुविधाओं के केंद्र नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, उद्योग, व्यापार, रोजगार और नवाचार के प्रमुख आधार भी हैं। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में शहरी विकास को नई दिशा और गति मिली है। उन्होंने कहा, “‘अर्बन चैलेंज फंड’ जैसे प्रयास शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का अवसर प्रदान करते हैं। राज्य के नगरीय निकायों को इसका लाभ उठाकर गुणवत्तापूर्ण परियोजनाएं तैयार करनी चाहिए।”अधिकारियों के अनुसार, कार्यशाला के दौरान नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नगरीय निकायों की तकनीकी एवं संस्थागत क्षमता मजबूत करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता हुडको और राज्य के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा इस विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ। साय ने कहा कि इन समझौतों से नगरीय निकायों को परियोजनाओं की बेहतर योजना बनाने, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता हासिल करने और प्रशिक्षण में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है, इसके अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विकसित छत्तीसगढ़ का ‘विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार किया है और उसे लागू करने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शहर विकसित करने की जरूरत है, जो निवेश आकर्षित करें, उद्योग और व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण बनाएं, रोजगार के नए अवसर सृजित करें तथा नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
लोग ड्राइविंग लाइसेंस की एक्सपायरी डेट पर ध्यान नहीं देते. आप चाहें तो DL के एक्सपायर होने से पहले रिन्यू के लिए आवेदन कर सकते हैं. भारतीय मोटर वाहन नियम लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए स्पष्ट नियम और समय-सीमा तय की गई है.
मणिपुर के कामजोंग जिले में एक खाली कुकी गांव में संदिग्धों द्वारा आग लगाए जाने से तनाव फिर बढ़ गया है।
Baba Siddique Murder Case: Anmol Bishnoi की कस्टडी पर Mumbai Court ने मांगी रिपोर्ट
मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को मुंबई पुलिस को निर्देश दिया कि वह 28 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई तक बताए कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में आरोपी और प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की हिरासत हासिल करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने यह निर्देश बचाव पक्ष की ओर से लगाए गए इस आरोप के बाद दिया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर कार्यवाही में देरी कर रहा और अदालत के पिछले आदेशों का पालन नहीं कर रहा। इससे पहले, विशेष मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) अदालत के न्यायाधीश महेश जाधव ने 10 जुलाई को पुलिस को अनमोल बिश्नोई को अदालत के सामने पेश करने के लिए कानून के तहत संभव सभी कदम उठाने का आदेश दिया था। यह आदेश बाबा सिद्दीकी के परिवार की याचिका पर दिया गया था, जिसमें अभियोजन पक्ष को अनमोल बिश्नोई की हिरासत हासिल करने के लिए उचित निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। पांच अगस्त को विशेष अदालत ने कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि 10 जुलाई के आदेश में दिए गए सुझाव के अनुसार, अनमोल बिश्नोई को वीडियो लिंक के जरिये पेश करने में कथित रूप से विफल रहने पर जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए। बुधवार को सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) महेश मुले ने अदालत को बताया कि जांच अधिकारी उपस्थित नहीं थे और उनकी खुद की तबीयत भी ठीक नहीं है। मुले ने और समय देने का अनुरोध करते हुए कहा कि अगली सुनवाई में वह अदालत को बताएंगे कि अनमोल बिश्नोई की हिरासत हासिल करने के लिए अभियोजन पक्ष ने क्या कदम उठाए हैं। हालांकि, बाबा सिद्दीकी के परिवार की ओर से पेश वकील प्रदीप घरत और त्रिवंकुमार करनानी ने सुनवाई टालने की अपील का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अभियोजन पक्ष जानबूझकर कार्यवाही में देरी कर रहा है और अदालत के पिछले आदेशों का पालन करने में विफल रहा है। विशेष लोक अभियोजक की दलीलों पर विचार करते हुए अदालत ने उन्हें उचित पक्ष रखने के लिए सुनवाई की अगली तारीख यानी 28 अक्टूबर तक का समय दिया। महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी (66) की 12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा (पूर्व) इलाके में उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी बनाया गया है।
दिल्ली में 25 अक्टूबर तक बंद रहेगा पुराना RTR फ्लाईओवर
दिल्ली में पुराने RTR फ्लाईओवर पर दरारें मिलने के बाद 25 अक्टूबर तक ट्रैफिक बंद किया गया है. IGI एयरपोर्ट से वसंत विहार जाने वाले वाहन सर्विस रोड से निकलेंगे. राजघाट के आसपास भी ट्रैफिक डायवर्जन संभव है. जानें क्या है मामला.
पन्ना में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, बांध में डूबने से 2 युवकों की मौत, 3 घायल
मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र के देवेंद्रनगर-बड़ागांव बांध में प्रतिमा विसर्जन करते समय गहरे पानी में डूबने से 2 युवकों की मौत हो गई जबकि 3 अन्य युवक डूबने से बच गए, लेकिन ...
अभिनेता मनोज बाजपेयी ने बॉलीवुड हस्तियों को हाल में मिल रही धमकियों और उनके खिलाफ गोलीबारी की घटनाओं को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए बुधवार को कहा कि फिल्म उद्योग हमेशा से ही ‘‘आसान निशाना’’ रहा है। बाजपेयी ने गोलीबारी की हालिया घटना में टाइगर श्रॉफ के बाल-बाल बचने पर राहत जताई। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह (गोलीबारी की घटना) दुर्भाग्यपूर्ण है और राहत की बात है कि टाइगर सुरक्षित हैं और ठीक हैं। उनके चालक की हालत में सुधार हो रहा है। फिलहाल, हमारे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है, क्योंकि जांच जारी है। देखते हैं कि आगे क्या होता है।’’रविवार को मुंबई के उपनगरीय जुहू इलाके में हमलावरों ने टाइगर की कार पर गोलीबारी की थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। इस घटना में उनका चालक और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी और अभिनेता सलमान खान को हाल में मिली सुरक्षा संबंधी धमकियों के बारे में बाजपेयी ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या फिल्म उद्योग में 1990 के दशक के आखिरी और 2000 के शुरुआती वर्षों जैसा दौर लौट रहा है, जब फिल्मी हस्तियों को मिलने वाली धमकियां चिंता का विषय थीं, बाजपेयी ने कहा, ‘‘फिल्म उद्योग हमेशा से ही आसान निशाना रहा है। लेकिन मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि हम कानून के विशेषज्ञ नहीं हैं और (पुलिस) विभाग सख्त कदम उठा रहा है। हमें इस बारे में कोई संदेह नहीं है।’’सुरक्षा संबंधी धमकियों के फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों पर पड़ने वाले मानसिक प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेता ने स्वीकार किया कि लगातार खतरे का माहौल हर किसी को प्रभावित करता है। बाजपेयी ने कहा, ‘‘इसका निश्चित रूप से हर व्यक्ति पर असर पड़ता है, क्योंकि आप असहाय महसूस करते हैं।’’बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘गजब रात’ के प्रचार में व्यस्त हैं। रितेश शाह के निर्देशन में और नीरज पांडे के बैनर ‘फ्राइडे स्टोरीटेलर्स’ तले बनी ‘गजब रात’ 23 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।
'जेल से बाहर निकालकर पीटना चाहिए...', लॉरेंस बिश्नोई पर भड़के राज ठाकरे
राज ठाकरे ने लॉरेंस बिश्नोई को जेल से बाहर निकालकर पीटने की बात कही. साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में RSS और देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी निशाना साधा.
जामनगर रिफाइनरी से US में दूर होगा ऊर्जा संकट? समझिए रुबियो के भारत दौरे के मायने
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल साइट रिफाइनरी का दौरा किया. इस दौरे का मकसद भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को मजबूत करना है. ये समझौता अमेरिकी ऊर्जा संकट को कम करने और भारत के वैश्विक रिफाइनिंग प्रभुत्व को बढ़ावा देने में खास भूमिका निभाएगा.
हैवानियत की हद पार, कार की छत पर लिटाया, शीशों में हाथ फंसाकर 1.5 Km घसीटा
कानपुर में 37 वर्षीय बीरू सिंह भदौरिया की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि पुरानी रंजिश में आरोपियों ने उन्हें कार की छत पर डालकर दोनों हाथ खिड़कियों में फंसा दिए और करीब डेढ़ किलोमीटर तक घसीटा. आरोप है कि बाद में उनके ऊपर कार चढ़ाकर आरोपी फरार हो गए. पुलिस जांच कर रही है.
ऑनलाइन सामान मंगाते हैं तो हो जाएं सावधान: जेप्टो, ब्लिंकिट समेत कई क्विक कॉमर्स को FSSAI का नोटिस
भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म को खराब गुणवत्ता और एक्सपायरी सामान भेजने पर नोटिस जारी किए हैं।
दिल्ली में एक विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (एसईएम) ने बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया। दोनों ने हलफनामा दिया कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जब तक जंतर-मंतर अधिसूचित धरना स्थल नहीं है, तब तक वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया। दोनों ने मुचलके भर दिए, जिसके बाद विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य कर रहीं सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रितु राज ने कॉजपा नेताओं को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले पुलिस ने दास और रांका की न्यायिक हिरासत तीन दिन बढ़ाने का अनुरोध किया था। पुलिस ने दलील दी थी कि दोनों के पिछले आचरण और मीडिया में दिए गए बयानों को देखते हुए शांति भंग होने तथा कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। पुलिस ने यह भी दलील दी कि दास और रांका ने इसी तरह की गतिविधियों से दूर रहने की अपनी इच्छा को लेकर अदालत और मीडिया के सामने विरोधाभासी बयान दिए थे। वहीं, कॉजपा ने दास और रांका की रिहाई का स्वागत किया। संगठन की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने कहा कि यह फैसला पहले ही आ जाना चाहिए था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘...लेकिन अब भी देर नहीं हुई है।’’सिंह ने कहा कि पार्टी के सदस्य भावुक हैं और दास तथा रांका से मिलने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘टीम भी इस समय बहुत भावुक है। वे उनसे मिलना चाहते हैं, क्योंकि काफी समय से किसी की उनसे मुलाकात नहीं हुई है।’’सिंह ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जमानतदारों से जुड़ी समस्याओं या तकनीकी कारणों से किसी की स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जाएगा। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कॉजपा के एक अन्य सदस्य के उस बयान का भी हवाला दिया, जो पिछली सुनवाई के बाद नेताओं को तिहाड़ जेल ले जाते समय मीडिया में दिया गया था। पुलिस ने दलील दी कि इस बयान से विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत की अवमानना हुई। दास और रांका के वकील ने बिना शर्त माफी मांगी और अदालत को आश्वासन दिया कि इस तरह का आचरण दोबारा नहीं किया जाएगा। हालांकि, मजिस्ट्रेट ने कहा कि शांति और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल निवारक उपायों की जरूरत दोनों नेताओं से मुचलके भरवाकर और उनके लिखित हलफनामे लेकर पर्याप्त रूप से पूरी की जा सकती है। अदालत ने कहा कि उसके समक्ष दिए गए आश्वासनों को देखते हुए इस चरण में दोनों को आगे न्यायिक हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है। दास और रांका ने अपने अलग-अलग हलफनामों में शांति भंग नहीं करने का वादा किया और एसईएम अदालत सहित न्यायपालिका तथा उसकी संस्थाओं में विश्वास जताया। उन्होंने विशेष रूप से आश्वासन दिया कि जब तक कानून के अनुसार जंतर-मंतर अधिसूचित धरना स्थल नहीं है, तब तक वे वहां विरोध प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे। दोनों ने कहा कि उनके द्वारा किया जाने वाला कोई भी विरोध प्रदर्शन संवैधानिक दायरे में रहेगा। मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई पर जमानतदारों के सत्यापन की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया। दोनों नेताओं और उनके जमानतदारों को भी अगली सुनवाई पर उपस्थित रहने को कहा गया है। अदालत ने दास और रांका को कार्यवाही की प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहने और अपने मुचलकों तथा स्वेच्छा से दिए गए हलफनामों की शर्तों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। आदेश में कहा गया कि जांच कानून के अनुसार जारी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को अपराह्न तीन बजे निर्धारित की गई है। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत से रिहा करने संबंधी विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आशुतोष और सौरव को जमानत मिलने पर बहुत बधाई। ऐसे ही देश के लिए संघर्ष करते रहें। पूरा देश आपके साथ है।’’भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि दास और रांका को राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश करने के लिए नहीं बल्कि शांति बनाए रखने के बॉण्ड का उल्लंघन करने के कारण न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जंतर-मंतर के गैर-अधिसूचित विरोध स्थल में कथित तौर पर प्रवेश और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉण्ड का उल्लंघन करने के आरोप में हिरासत में लिए जाने के बाद दोनों को 14 अक्टूबर को शुरुआत में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अदालत ने 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी थी, जो बुधवार को समाप्त होनी है। इससे पहले दिन में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दास और रांका की न्यायिक हिरासत के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने उन्हें एसईएम के समक्ष निर्धारित सुनवाई के नतीजे का इंतजार करने और शिकायत बरकरार रहने पर अपीलीय अदालत का रुख करने को कहा था। प्रदर्शनों के दौरान शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर, संसद मार्ग थाने की पुलिस ने निवारक कार्रवाई के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धाराओं 126 और 170 के तहत दोनों नेताओं के खिलाफ कार्यवाही शुरू की थी।
लिखित माफीनामे के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश दिया गया। दोनों से लिखित में माफीनामा और शपथ पत्र लेने के बाद जमानत पर छोड़ा गया है।
प्रदूषण के बीच 22 अक्टूबर से बढ़ेंगी मेट्रो की 20 अतिरिक्त ट्रिप, GRAP-I लागू
दिल्ली में GRAP-I लागू होने के बाद DMRC 22 अक्टूबर से वर्किंग डेज में मेट्रो की 20 अतिरिक्त ट्रिप चलाएगा. निर्माण स्थलों पर धूल और प्रदूषण कम करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा. जानें पूरी कहानी.
दुर्गा विसर्जन की खुशियां मातम में बदलीं, बांध में डूबे पांच दोस्त, दो की मौत
पन्ना जिले के देवेंद्र नगर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बांध में पांच दोस्त डूब गए. हादसे में 18 वर्षीय आयुष अग्रवाल और 25 वर्षीय कृष्णा सोनी की मौत हो गई, जबकि साहिल तिवारी, हरिओम द्विवेदी और करण सोनी को बचा लिया गया. सूचना मिलते ही एसपी निवेदिता नायडू और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे.
टाइगर श्रॉफ फायरिंग: पुलिस का ताबड़तोड़ ऐक्शन, अब तक 10 गिरफ्तार; पूरी लिस्ट
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन शूटर्स को 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है, जबकि बाकियों से धीरे-धीरे पूछताछ की जा रही है।
भुवनेश्वर घटना के बाद AAIB की सिफारिश: Alliance Air पायलटों की सिम्युलेटर ट्रेनिंग सुधारे
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने सरकारी विमानन कंपनी एलायंस एयर से अपने पायलटों के लिए ‘सिम्युलेटर’ प्रशिक्षण की आवश्यकताओं को मजबूत करने की सिफारिश की है। एजेंसी ने 2024 में भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर विमान के रनवे से पहले उतर जाने की संभावित वजहों में कई खामियों को भी चिह्नित किया है। यह घटना आठ अक्टूबर, 2024 को हुई थी, जब राउरकेला से आ रहा एलायंस एयर का विमान वीटी-आरकेएफ भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर उतरते समय रनवे से पहले ही जमीन को छू गया था। एटीआर 72-212ए विमान में 43 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई थी। घटना पर अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी करते हुए, एएआईबी ने कहा कि यह घटना विमान को उतारने के दौरान प्रतिकूल मौसम से निपटने, परिस्थितियों के प्रति जागरूकता बनाए रखने और समय पर निर्णय लेने में खामियों को उजागर करती है। एजेंसी ने कहा कि खराब मौसम, कम दृश्यता और ‘गो-अराउंड’ की प्रक्रिया शुरू न करने के कारण यह घटना हुई। ‘गो-अराउंड’ वह प्रक्रिया है जब पायलट विमान को रनवे पर उतरने की कोशिश को बीच में ही रोक देते हैं और विमान को दोबारा हवा में ऊपर ले जाकर फिर से उतारने का प्रयास करते हैं। जांच एजेंसी ने अपनी सिफारिश में कहा कि एलायंस एयर को पायलटों के ‘सिम्युलेटर’ प्रशिक्षण की आवश्यकताओं को और मजबूत करना चाहिए। इसके तहत मूसलाधार बारिश, कम दृश्यता में विमान को उतारने की प्रक्रिया और मौसम बिगड़ने जैसी परिस्थितियों से जुड़े उन्नत अभ्यास शामिल किए जाने चाहिए।
पोल्ट्री फार्मिंग में अंडा या चिकन: कम लागत में किस बिजनेस से होगी बंपर कमाई? समझें पूरा गणित
खेती-किसानी के साथ जब एक स्थिर और सुरक्षित आमदनी की बात आती है, तो ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन हमेशा पहली पसंद बनकर उभरता है। आज के समय में जब पारंपरिक फसलों पर मौसम की अनिश्चितता का साया मंडराता रहता है, ऐसे में पशुपालन का यह मॉडल किसानों और नए युवाओं के लिए रेगुलर कैश फ्लो का एक मजबूत जरिया बन चुका है। लेकिन जब भी कोई नया पशुपालक या युवा उद्यमी इस बिजनेस में कदम रखने की सोचता है, तो उसके सामने सबसे बड़ा बुनियादी सवाल यही खड़ा होता है कि आखिर शुरुआत कहां से की जाए? ब्रायलर फार्मिंग यानी मीट के लिए मुर्गी बेचना ज्यादा फायदेमंद है या फिर लेयर फार्मिंग यानी रोजाना अंडे बेचकर कमाई करना? यह दुविधा सिर्फ मुर्गियों के चुनाव की नहीं, बल्कि आपकी जेब में मौजूद पूंजी, रिस्क उठाने की क्षमता और बाजार की समझ से जुड़ी हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में कई ऐसे युवा हैं जिन्होंने सही मॉडल चुनकर महीने के लाखों रुपये कमाए हैं, वहीं गलत आकलन की वजह से कुछ लोगों को नुकसान भी उठाना पड़ा है। इसलिए दोनों मॉडल्स की बारीकियों, लागत, समय और प्रॉफिट मार्जिन को पूरी गहराई से समझना बेहद जरूरी है।ब्रायलर और लेयर फार्मिंग का बुनियादी अंतर और बिजनेस मॉडलपोल्ट्री फार्मिंग को मुख्य रूप से दो धाराओं में बांटा जाता है, जिसमें पहली है ब्रायलर और दूसरी है लेयर फार्मिंग। ब्रायलर फार्मिंग का सीधा मकसद मुर्गियों को मांस यानी चिकन उत्पादन के लिए तैयार करना होता है। इसमें एक दिन के चूजे (Day Old Chicks) खरीदे जाते हैं और उन्हें पोषक आहार, पानी और सही तापमान देकर तेजी से बड़ा किया जाता है। ब्रायलर मुर्गी का जीवन चक्र काफी छोटा होता है, जो अमूमन 35 से 45 दिनों का रहता है। इस समयावधि में एक मुर्गी का वजन करीब 2 से 2.5 किलोग्राम तक पहुंच जाता है, जिसके बाद इसे सीधे लोकल मंडियों, कसाईखानों या थोक व्यापारियों को वजन के हिसाब से बेच दिया जाता है। दूसरी तरफ लेयर फार्मिंग का पूरा कॉन्सेप्ट रोजाना अंडा उत्पादन पर टिका होता है। इसमें मुर्गियों को मांस के लिए नहीं, बल्कि लगातार अंडों के उत्पादन के लिए पाला जाता है। लेयर बर्ड्स को तैयार होने में लगभग 18 से 20 हफ्ते यानी करीब 4.5 से 5 महीने का लंबा वक्त लगता है। 20 हफ्ते की उम्र के बाद ये मुर्गियां अंडे देना शुरू करती हैं और अगले 72 से 78 हफ्तों तक लगातार अंडे देती रहती हैं। जब इनका अंडा उत्पादन चक्र समाप्त हो जाता है, तब इन्हें 'कल्ल्ड बर्ड्स' के रूप में मीट मार्केट में कम दाम पर बेच दिया जाता है।लागत और शुरुआती निवेश: किसमें चाहिए ज्यादा पूंजी?किसी भी नए बिजनेस की नींव उसकी शुरुआती पूंजी पर टिकी होती है, और यही नियम पोल्ट्री फार्मिंग पर भी लागू होता है। अगर आपके पास सीमित बजट है और आप कम समय में पैसा घुमाना चाहते हैं, तो ब्रायलर फार्मिंग आपके लिए मुफीद साबित होती है। ब्रायलर फार्मिंग में शेड निर्माण, दाना, दवाइयां और चूजे खरीदने के लिए शुरुआती पूंजी की जरूरत सीमित दायरे में होती है। उदाहरण के तौर पर 1500 से 2000 ब्रायलर मुर्गियों का सेटअप 3 से 4 लाख रुपये में तैयार हो सकता है और सबसे बड़ी बात यह है कि 40 दिन बाद मुर्गियां बिकते ही आपकी लागत वापस आपके हाथ में आ जाती है। इसके ठीक उलट लेयर फार्मिंग एक कैपिटल-इंटेन्सिव यानी भारी पूंजी वाला बिजनेस है। इसमें आपको पक्षियों के लिए आधुनिक केज सिस्टम यानी पिंजरे लगवाने होते हैं, जिनमें ऑटोमैटिक फीडिंग और वॉटरिंग सिस्टम शामिल होता है। सबसे अहम बात यह है कि लेयर मुर्गियां पहले दिन से लेकर 20वें हफ्ते तक सिर्फ दाना खाती हैं और एक भी पैसा कमाकर नहीं देतीं। इसका मतलब है कि फार्मर को लगभग 5 महीने तक बिना किसी इनकम के सिर्फ फीड, दवा और रख-रखाव पर लगातार पैसा खर्च करना पड़ता है। 2000 लेयर मुर्गियों का कमर्शियल सेटअप लगाने के लिए कम से कम 10 से 15 लाख रुपये की आवश्यकता होती है।कमाई का चक्र: रोज की आमदनी बनाम हर महीने का एकमुश्त मुनाफामुनाफे के पैटर्न की बात करें तो दोनों ही मॉडल अपनी अलग-अलग वित्तीय खूबियों के साथ आते हैं। ब्रायलर फार्मिंग का सबसे बड़ा आकर्षण इसका टर्नओवर पीरियड है। एक साल में आप आसानी से 5 से 6 लॉट निकाल सकते हैं। यानी हर 40 से 45 दिन में आपको एकमुश्त मोटी रकम हाथ लगती है। अगर एक 2000 मुर्गियों के ब्रायलर बैच पर प्रति मुर्गी 25 से 35 रुपये का शुद्ध मुनाफा बचता है, तो किसान 40 दिनों में लगभग 50,000 से 70,000 रुपये आसानी से बचा लेता है। हालांकि, ब्रायलर में चिकन का बाजार भाव काफी उतार-चढ़ाव भरा रहता है, जिससे कभी-कभी मार्जिन घट भी जाता है। दूसरी ओर लेयर फार्मिंग आपको हर रोज नकदी देती है। एक बार जब मुर्गियां 20 हफ्ते की होकर अंडा देना शुरू करती हैं, तो वे अपनी पीक कैपेसिटी में 90 से 95 प्रतिशत तक प्रोडक्शन देती हैं। यानी 2000 मुर्गियों से रोजाना लगभग 1800 से 1900 अंडे मिलते हैं। इन अंडों को स्थानीय किराना दुकानों, बेकरी, ढाबों और थोक मंडियों में रोज बेचकर किसान के पास हर शाम कैश आ जाता है। रोजमर्रा का खर्चा चलाने और बिजनेस से स्थिर मंथली इनकम बनाने के लिहाज से लेयर फार्मिंग एक एटीएम मशीन की तरह काम करती है, जहां कैश फ्लो कभी नहीं रुकता।जोखिम और प्रबंधन: बीमारी, मौसम और बाजार की मारपोल्ट्री सेक्टर में जितना बड़ा मुनाफा दिखता है, उतना ही बड़ा रिस्क मैनेजमेंट भी जरूरी होता है। ब्रायलर मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद नाजुक होती है, और चूंकि इनका जीवन चक्र 40 दिनों का ही होता है, इसलिए बीमारी फैलने पर फार्मर को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। हल्की सी मौसमी लापरवाही या एवियन फ्लू जैसे संक्रमण से पूरी की पूरी लॉट 24 से 48 घंटे में तबाह हो सकती है। गर्मियों के मौसम में हीट स्ट्रोक से ब्रायलर की मृत्यु दर काफी बढ़ जाती है, जिसके लिए शेड में फॉगर और कूलिंग सिस्टम की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा ब्रायलर का रेट त्योहारों, सावन और नवरात्र जैसे अवसरों पर अचानक धड़ाम हो जाता है। इसके विपरीत लेयर फार्मिंग में पक्षियों की इम्युनिटी अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत होती है और उनका टीकाकरण बेहद सख्त शेड्यूल के तहत 20 हफ्तों के दौरान पूरा कर लिया जाता है। अंडे की डिमांड साल भर एक समान बनी रहती है, और सर्दियों के महीनों में तो इसके दाम काफी बढ़ जाते हैं। लेयर में सबसे बड़ा जोखिम सिर्फ यह होता है कि अगर मुर्गियों के दाने में पोषण की कमी आई या कोई गंभीर बीमारी आई, तो उनका अंडा उत्पादन गिर जाता है, जिसे वापस सामान्य स्तर पर लाने में हफ्तों की मशक्कत करनी पड़ती है।सरकारी मदद, बैंक लोन और अंतिम फैसला: आपके लिए क्या है बेहतर?आज केंद्र और राज्य सरकारें पशुधन विकास मिशन और नेशनल लाइवस्टॉक मिशन (NLM) के तहत पोल्ट्री फार्मिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही हैं। नाबार्ड और सरकारी बैंकों के जरिए फार्म शेड निर्माण, दाना चक्की और चूजों की खरीद पर 25% से लेकर 33% तक की सब्सिडी किसानों और महिला उद्यमियों को दी जा रही है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में कुक्कुट विकास नीति के तहत कई तरह के वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध हैं। अब अगर आखिरी फैसले की बात करें, तो अगर आप इस फील्ड में बिल्कुल नए हैं, आपके पास जमीन कम है, पूंजी 3 से 5 लाख के बीच है और आप जल्दी-जल्दी मुनाफा देखना चाहते हैं, तो आपको निश्चित तौर पर 1000 या 1500 मुर्गियों से ब्रायलर फार्मिंग की शुरुआत करनी चाहिए। इससे आपको मुर्गियों के व्यवहार, दाने और बीमारियों को समझने का जमीनी अनुभव मिलेगा। वहीं दूसरी ओर, यदि आपके पास 10 से 15 लाख रुपये का मजबूत बजट है, आप 5 महीने तक बिना कमाई के लागत लगाने का धैर्य रखते हैं और आप चाहते हैं कि अगले डेढ़-दो साल तक आपके बैंक खाते में रोजाना स्थिर और पक्की आमदनी आती रहे, तो लेयर फार्मिंग यानी अंडे का बिजनेस आपके लिए सबसे सटीक और भरोसेमंद विकल्प है।
मिचेल स्टार्क ने बरपाया कहर! मैक्ग्रा का रिकॉर्ड तोड़कर रचा इतिहास
ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में 450 विकेट लेकर कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. ऐसा करने वाले वह ऑस्ट्रेलिया के चौथे गेंदबाज बन गए हैं, स्टार्क से पहले शेन वॉर्न, ग्लेन मैक्ग्रा और नाथन लायन यह रिकॉर्ड बना चुके हैं.
पोछा हो गया है चिकना और बदबूदार? इन 4 तरीकों से करें साफ
How To Clean Dirty-Greasy Mop: पोछा बार-बार धोने के बाद भी चिकना और बदबूदार रहता है? कई बार सिर्फ पानी से धोने पर पोछे में जमी गंदगी, तेल के दाग और चिपचिपाहट दूर नहीं होती. ऐसे में बेकिंग सोडा, डिशवॉश और सफेद सिरके जैसे ऑप्शंस पोछे की सफाई में मदद कर सकते हैं. चलिए जानते हैं पोछे को इस्तेमाल के बाद पोछे को कैसे धोएं और सुखाएं, ताकि वो साफ रहे और उसमें बार-बार बदबू न आए.
भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में गाड़ियों की मजबूती और पैसेंजर सेफ्टी को लेकर ग्राहकों की प्राथमिकताएं तेजी से बदली हैं। इसी जरूरत को समझते हुए दक्षिण कोरियाई वाहन निर्माता कंपनी हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) अपनी बहुप्रतीक्षित कॉम्पैक्ट एसयूवी हुंडई बेयोन (Hyundai Bayon) को भारतीय बाजार में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर इस नई कार के सेफ्टी फीचर्स और सुरक्षा तकनीक से पर्दा उठा दिया है, जिसने सेगमेंट में मौजूद प्रतिद्वंद्वी गाड़ियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हुंडई के पोर्टफोलियो में यह नई एसयूवी सब-कॉम्पैक्ट वेन्यू (Venue) और मिड-साइज क्रेटा (Creta) के बीच अपनी जगह बनाएगी। कंपनी का दावा है कि इसे आधुनिक इंजीनियरिंग और मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर के साथ तैयार किया गया है ताकि यह सुरक्षा के मामले में एक नया मानक स्थापित कर सके।80 से ज्यादा सुरक्षा फीचर्स और 35 स्टैंडर्ड सेफ्टी सुविधाएंहुंडई बेयोन की सबसे बड़ी खासियत इसका सुरक्षा पैकेज है। कंपनी के मुताबिक, इस गाड़ी में कुल मिलाकर 80 से ज्यादा एडवांस सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें से 35 से अधिक सेफ्टी फीचर्स बेस वेरिएंट से ही स्टैंडर्ड के तौर पर मिलेंगे। इसका मतलब यह है कि बजट वेरिएंट खरीदने वाले ग्राहकों को भी सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं करना पड़ेगा। कार के सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), व्हीकल स्टेबिलिटी मैनेजमेंट (VSM), हिल-स्टार्ट असिस्ट, हाई-लाइन टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), रियर पार्किंग सेंसर्स, चारों पहियों में ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, इमरजेंसी स्टॉप सिग्नल और बच्चों की सुरक्षा के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स स्टैंडर्ड रूप से मिलेंगे। इसके अलावा, सभी सीटों के लिए 3-पॉइंट सीटबेल्ट और सीटबेल्ट रिमाइंडर सिस्टम भी अनिवार्य तौर पर जोड़ा गया है।5-स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग वाली इंजीनियरिंग और 69% हाई-स्ट्रेंथ स्टीलकंपनी का कहना है कि बेयोन को भारत एनकैप (Bharat NCAP) और ग्लोबल सेफ्टी मानकों के अनुसार 5-स्टार सेफ्टी रेटिंग हासिल करने के लक्ष्य से इंजीनियर किया गया है। कार के क्रैश स्ट्रक्चर को बेहद मजबूत बनाने के लिए इसके बॉडी फ्रेम में 69 प्रतिशत एडवांस्ड मल्टी-ग्रेड हाई-स्ट्रेंथ स्टील (AHSS) और हॉट-स्टैम्प्ड कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया गया है। यह मजबूत ढांचा किसी भी संभावित दुर्घटना के समय बाहर से आने वाले जोरदार झटके और प्रभाव ऊर्जा (Impact Energy) को चारों तरफ बांट देता है, जिससे गाड़ी का केबिन सुरक्षित रहता है और यात्रियों को गंभीर चोट से बचाया जा सकता है। हाल के दिनों में हुंडई ने अपनी गाड़ियों की सुरक्षा रेटिंग पर विशेष ध्यान दिया है और बेयोन का यह ढांचा उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।स्मार्टसेंस लेवल-2 ADAS के साथ 23 ऑटोनॉमस सेफ्टी फंक्शन्सहुंडई बेयोन को सेगमेंट में तकनीकी रूप से सबसे आगे रखने के लिए इसमें हुंडई स्मार्टसेंस लेवल-2 (Level-2 ADAS) टेक्नोलॉजी दी गई है। यह सिस्टम गाड़ी के चारों ओर नजर रखने के लिए 3 रडार और 12 अल्ट्रासोनिक सेंसर्स के साथ हाई-डेफिनिशन कैमरों का इस्तेमाल करता है। इस एडीएएस पैकेज के तहत 23 लाइफ-सेविंग फंक्शन्स मिलते हैं। इनमें फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग और अवॉयडेंस असिस्ट, लेन कीप असिस्ट, लेन डिपार्चर वार्निंग, स्मार्ट क्रूज कंट्रोल विद स्टॉप एंड गो, हाई-बीम असिस्ट, ब्लाइंड-स्पॉट व्यू मॉनिटर और रियर क्रॉस-ट्रैफिक कोलिजन वार्निंग शामिल हैं। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर आसानी से गाड़ी पार्क करने के लिए इसमें 360-डिग्री सराउंड व्यू कैमरा और सेफ एग्जिट वार्निंग जैसे स्मार्ट सेंसिंग टूल्स भी दिए गए हैं।दमदार 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन, प्रीमियम इंटीरियर और पैनोरमिक सनरूफहुंडई बेयोन में परफॉर्मेंस के लिए 1.5-लीटर 4-सिलेंडर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन का विकल्प मिलेगा, जो लगभग 113 से 115 बीएचपी की पावर और 144 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है। ड्राइविंग को स्मूथ और सहूलियत भरा बनाने के लिए इसमें 6-स्पीड मैनुअल और इंटेलिजेंट वेरिएबल ट्रांसमिशन (IVT / CVT ऑटोमैटिक) गियरबॉक्स के ऑप्शंस दिए जाएंगे। गाड़ी का इंटीरियर भी बेहद लग्जरी और टेक-लोडेड रखा गया है। केबिन में डुअल 12.3-इंच की कर्व्ड इंटीग्रेटेड डिस्प्ले स्क्रीन मिलेगी, जिसमें एक तरफ डिजिटल ड्राइवर क्लस्टर और दूसरी तरफ इंफोटेनमेंट स्क्रीन होगी। इसके अलावा वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, पैनोरमिक सनरूफ, 8-स्पीकर वाला प्रीमियम बोस (Bose) ऑडियो सिस्टम, एम्बिएंट लाइटिंग, वायरलेस स्मार्टफोन चार्जर और 70 से ज्यादा ब्लूलिंक कनेक्टेड कार फीचर्स इस कार को प्रीमियम फील देते हैं।किस दिन होगी लॉन्च और कितनी हो सकती है संभावित कीमत?हुंडई ने आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि नई हुंडई बेयोन को भारत में 26 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया जाएगा। कंपनी की अधिकृत डीलरशिप्स और ऑफिशियल ऑनलाइन पोर्टल पर इस कार की प्री-बुकिंग टोकन राशि के साथ पहले ही शुरू की जा चुकी है, जबकि इसकी डिलीवरी नवंबर महीने से ग्राहकों को मिलना शुरू हो जाएगी। कीमत की बात करें तो भारतीय ऑटो मार्केट में इसे लगभग ₹10 लाख से ₹17.5 लाख (एक्स-शोरूम) के बीच पेश किए जाने का अनुमान है। लॉन्च होने के बाद हुंडई बेयोन का सीधा मुकाबला भारतीय बाजार में टाटा नेक्सन, किआ सोनेट, महिंद्रा XUV 3XO, मारुति ब्रेजा और मारुति फ्रॉन्क्स जैसी लोकप्रिय सब-कॉम्पैक्ट और कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर एसयूवी से होगा।
सौरव और आशुतोष कोर्ट से रिहा हुए हैं बरी नहीं, जानें कानूनी दांव-पेच
सौरव दास और आशुतोष रांका जेल से रिहा हो गए हैं, लेकिन अभी बरी नहीं हुए हैं. कोर्ट के इस फैसले के पीछे क्या है कानूनी पेच, जानिए.
EPFO Rules: पीएफ, पेंशन और ₹7 लाख के फ्री बीमा का नहीं रुकेगा पैसा; आज ही पूरे कर लें ये 4 जरूरी काम
निजी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले हर वेतनभोगी कर्मचारी की सैलरी से हर महीने भविष्य निधि यानी पीएफ (Provident Fund) का एक तय हिस्सा कटता है। अधिकांश कर्मचारी इसे सिर्फ रिटायरमेंट सेविंग्स या ब्याज कमाने का जरिया भर मानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि ईपीएफओ खाता अपने सदस्यों को केवल प्रोविडेंट फंड ही नहीं देता, बल्कि बुढ़ापे के लिए एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS-95) और असमय मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने वाला एम्प्लॉई डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम का ₹7 लाख तक का मुफ्त जीवन बीमा भी प्रदान करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बीमा सुरक्षा के लिए कर्मचारी की जेब से एक भी रुपया प्रीमियम के रूप में नहीं कटता, बल्कि इसका पूरा खर्च नियोक्ता यानी कंपनी वहन करती है। हालांकि, अक्सर सही समय पर जरूरी औपचारिकताएं और प्रोफाइल अपडेट न होने के कारण आपात स्थिति में कर्मचारी या उसके आश्रितों को इन योजनाओं का क्लेम हासिल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।पहला काम: ई-नॉमिनेशन तुरंत पूरा करें ताकि न फंसे बीमा का क्लेमकर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत मिलने वाले ₹7 लाख के ईडीएलआई बीमा और पेंशन का लाभ सीधे तौर पर नॉमिनी से जुड़ा होता है। यदि किसी कर्मचारी के साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो उसके परिवार या आश्रितों को पीएफ का संचित फंड, मासिक पेंशन और इंश्योरेंस की रकम तभी बिना कानूनी अड़चन के मिलती है जब खाते में डिजिटल ई-नॉमिनेशन दर्ज हो। ईपीएफओ के मौजूदा नियमों के मुताबिक, ई-नॉमिनेशन न होने पर ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया अटक सकती है और परिवार को डेथ क्लेम के लिए कंपनियों व सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इसे पूरा करने के लिए कर्मचारी को ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर 'मैनेज' सेक्शन में 'ई-नॉमिनेशन' का विकल्प चुनना होता है, जहां परिवार के सदस्यों का आधार, फोटो और बैंक विवरण दर्ज कर आधार-ओटीपी के जरिए मिनटों में ई-साइन किया जा सकता है।दूसरा काम: यूएएन एक्टिवेट रखें और आधार-पैन का सही केवाईसी कराएंहर पीएफ खाताधारक को 12 अंकों का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आवंटित किया जाता है, जो पूरी सेवा अवधि के दौरान उसकी वित्तीय पहचान बना रहता है। कई कर्मचारी नई नौकरी शुरू करने के बाद यूएएन एक्टिवेट करना भूल जाते हैं या उसमें पुराना मोबाइल नंबर ही दर्ज रहने देते हैं। बिना सक्रिय यूएएन और अपडेटेड मोबाइल नंबर के आप न तो अपनी पासबुक देख सकते हैं और न ही किसी तरह का विड्रॉल या क्लेम कर सकते हैं। इसके साथ ही ईपीएफओ नियमों के अनुसार, यूएएन का आधार कार्ड से लिंक और सत्यापित होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि आपके आधार, पैन और ईपीएफओ रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्म तिथि या पिता के नाम में मामूली सा भी अंतर है, तो सिस्टम आपके ऑनलाइन क्लेम को तुरंत रिजेक्ट कर देता है। इसलिए पोर्टल पर जाकर प्रोफाइल सेक्शन में सभी व्यक्तिगत जानकारियों का अक्षरशः मिलान कर केवाईसी सत्यापन सुनिश्चित कर लें।तीसरा काम: बैंक खाता विवरण और आईएफएससी कोड करें अपडेटपीएफ विड्रॉल, एडवांस क्लेम या पेंशन का पैसा सीधे सदस्य के बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर के माध्यम से भेजा जाता है। ऐसे में यदि आपका बैंक अकाउंट इनएक्टिव हो चुका है, बैंक के विलय (Merger) के कारण आईएफएससी कोड बदल गया है, या फिर खाता बंद हो चुका है, तो क्लेम पास होने के बावजूद भुगतान बैंक एंड पर फेल हो जाता है। ईपीएफओ पोर्टल पर हमेशा वही बचत खाता दर्ज रखें जो पूरी तरह सक्रिय हो, जिसमें आपका नाम ठीक वैसा ही लिखा हो जैसा आधार और पीएफ रिकॉर्ड में है। जब आप पोर्टल पर नया बैंक खाता जोड़ते हैं, तो नियोक्ता द्वारा डिजिटल सिग्नेचर के जरिए उसे अप्रूव किया जाता है और इसके बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के जरिए बैंक सत्यापन पूरा होता है, जिससे भविष्य में किसी भी निकासी के समय पैसे अटकने का कोई जोखिम नहीं रहता।चौथा काम: नौकरी बदलते ही पुरानी कंपनी से 'Date of Exit' दर्ज कराएं और फंड ट्रांसफर करेंअक्सर लोग करियर में आगे बढ़ने के लिए एक कंपनी छोड़कर दूसरी कंपनी में चले जाते हैं, लेकिन पुरानी नौकरी छोड़ने के बाद उसका 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) दर्ज कराना भूल जाते हैं। जब तक पुरानी सर्विस का एग्जिट पोर्टल पर अपडेट नहीं होता, तब तक न तो आप पुराने पीएफ बैलेंस को नए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं और न ही आपकी सेवा अवधि लगातार मानी जाती है। लगातार 10 साल की योग्य सेवा पूरी होने पर ही ईपीएफओ सदस्य आजीवन मासिक पेंशन (EPS) का हकदार बनता है। यदि आप बीच में ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो आपकी सर्विस हिस्ट्री टूट सकती है जिसका सीधा नुकसान आपकी भावी पेंशन गणना और ईडीएलआई बीमा की निरंतरता पर पड़ता है। अब ईपीएफओ ने कर्मचारियों को खुद ही मेंबर पोर्टल पर जाकर 'मार्क एग्जिट' करने की सुविधा दे दी है, जिसके बाद फॉर्म-13 के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट सबमिट की जा सकती है।आपात स्थिति में परिवार की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत कवचईपीएफओ की ये तीनों योजनाएं—पीएफ, पेंशन और ग्रुप टर्म इंश्योरेंस—किसी भी कामकाजी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा तंत्र की तरह काम करती हैं। अगर कोई सदस्य सेवा में रहते हुए समय पर ये चारों औपचारिकताएं पूरी कर लेता है, तो किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के समय उसके परिजनों को किसी मध्यस्थ या लंबी कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती और सीधे डीबीटी के माध्यम से बीमा और फंड की राशि खाते में पहुंच जाती है। तकनीक के इस दौर में ईपीएफओ के सारे काम घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप से कुछ ही मिनटों में पूरे किए जा सकते हैं, इसलिए समय रहते अपने पीएफ खाते की जांच करें और इन चारों प्राथमिकताओं को बिना किसी देरी के पूरा कर लें।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में सर्दियों की दस्तक के साथ ही प्रदूषण का साया गहराने लगा है। जैसे ही हवा की गुणवत्ता गिरकर 'खराब' यानी पूअर श्रेणी में पहुंची, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग यानी सीएक्यूएम (CAQM) ने तुरंत एक्शन लेते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का पहला चरण (GRAP-1) प्रभावी कर दिया है। दिल्ली समेत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अब प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश लागू हो चुके हैं। मौसम में ठंडक और धीमी हवाओं के चलते वातावरण में प्रदूषक तत्व जमने लगे हैं, जिससे सांस लेने में भारीपन और आंखों में हल्की जलन का अहसास शुरू हो चुका है। सरकारी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डालते हुए जमीनी स्तर पर सख्त निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारी चालान व दंडात्मक कार्रवाई के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं।GRAP-1 क्या होता है और यह कब एक्शन में आता है?ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-एनसीआर में हवा के बिगड़ते मिजाज को संभालने के लिए तैयार किया गया एक चार-स्तरीय इमरजेंसी फ्रेमवर्क है। सीएक्यूएम की नियमावली के मुताबिक, जब एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 201 से 300 के बीच दर्ज होता है, तो इसे 'खराब' श्रेणी माना जाता है और तत्काल प्रभाव से ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया जाता है। इसके बाद जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ता है, अगले चरण यानी ग्रैप-2 (301-400 एक्यूआई पर), ग्रैप-3 (401-450 एक्यूआई पर) और बेहद गंभीर स्थिति में ग्रैप-4 (450 से अधिक एक्यूआई पर) लागू किए जाते हैं। ग्रैप-1 का मूल उद्देश्य प्रदूषण को अगले खतरनाक स्तर पर पहुंचने से पहले ही उस पर लगाम लगाना है, ताकि आम जनता और खासकर बुजुर्गों व बच्चों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर न पड़े।कंस्ट्रक्शन साइट्स और धूल नियंत्रण पर अब सख्त पाबंदियांग्रैप-1 के लागू होते ही निर्माण और विध्वंस (C&D) से जुड़ी गतिविधियों पर सबसे कड़ी पाबंदी लगाई गई है। 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले किसी भी निर्माण कार्य को बिना पोर्टल पंजीकरण और प्रमाणित डस्ट मैनेजमेंट प्लान के आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। बिल्डरों और ठेकेदारों के लिए निर्माण सामग्री जैसे बालू, सीमेंट और मलबे को पूरी तरह से तिरपाल से ढंकना अनिवार्य कर दिया गया है। सामग्री ले जाने वाले ट्रकों को भी पूरी तरह कवर करना होगा ताकि सड़कों पर उड़ने वाली धूल हवा को जहरीली न बनाए। इसके साथ ही, स्थानीय नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रमुख सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन तैनात करें और मशीनीकृत सफाई (मैकेनाइज्ड स्वीपिंग) के साथ पानी का नियमित छिड़काव सुनिश्चित करें।गाड़ियों के धुएं और पुराने वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस का चाबुकसड़क यातायात से निकलने वाला धुआं सर्दियों में प्रदूषण का एक बड़ा कारक बनता है, जिस पर काबू पाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। ग्रैप-1 के तहत वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की सघन जांच शुरू हो चुकी है और धुआं छोड़ते वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर पूर्ण पाबंदी को सख्ती से लागू किया जा रहा है। जाम के मुख्य हॉटस्पॉट्स पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि गाड़ियों का रुकना कम से कम हो और रेड लाइट पर इंजन बंद रखने के लिए ड्राइवरों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, जिन कमर्शियल ट्रकों का गंतव्य दिल्ली नहीं है, उन्हें ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है।होटल-ढाबों के तंदूर, कचरा जलाने और जेनरेटरों पर बड़ी रोकसर्दियों में सड़क किनारे जलने वाले अलाव और कचरे से निकलने वाला धुआं स्थानीय वायुमंडल को बेहद जहरीला बना देता है। ग्रैप-1 के दिशा-निर्देशों के अनुसार, खुले में कूड़ा-करकट, बायोमास, पत्तियां या प्लास्टिक जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है और ऐसा करने वालों पर एनजीटी के प्रावधानों के तहत पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना ठोका जाएगा। इसके अतिरिक्त, होटलों, रेस्तरांओं और सड़क किनारे ढाबों में कोयले या लकड़ी वाले पारंपरिक तंदूर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है; उन्हें सिर्फ गैस या बिजली आधारित उपकरणों के इस्तेमाल की अनुमति है। बिजली कटौती के दौरान उपयोग होने वाले अनियंत्रित डीजल जनरेटर सेटों के इस्तेमाल पर भी पाबंदियां लागू की गई हैं, और केवल आवश्यक सेवाओं व आपातकालीन स्थितियों में ही निर्धारित मानकों वाले जेनरेटर चलाने की छूट दी गई है।आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी और दिनचर्या में बदलाव की अपीलप्रदूषण के खिलाफ इस साझा लड़ाई में प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की पुरजोर अपील की है। सीएक्यूएम के 'सिटिजन चार्टर' के मुताबिक, लोगों को निजी गाड़ियों की जगह ज्यादा से ज्यादा दिल्ली मेट्रो, आरआरटीएस और इलेक्ट्रिक बसों जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों को कारपूलिंग अपनाने और संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम या हाइब्रिड मॉडल पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अलावा, नागरिकों को समीर (SAMEER) ऐप के जरिए अपने इलाके के रियल-टाइम एक्यूआई पर नजर रखने और कहीं भी कचरा जलने या निर्माण संबंधी नियमों के उल्लंघन की घटना दिखने पर संबंधित सरकारी पोर्टल पर उसकी तुरंत फोटो अपलोड कर रिपोर्ट करने का आग्रह किया गया है।
'बेटी ऐसी-वैसी नहीं, वो पैसों के लालच में नहीं आती', बोली राधा की मां
फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले में हथियारों की आपूर्ति के आरोप में सीतापुर की राधा का नाम सामने आया है. पुलिस मिश्रिख थाना क्षेत्र के कमरसेपुर गांव पहुंची और पड़ोसियों से पूछताछ की. वहीं राधा की मां मैना ने बेटी को निर्दोष बताते हुए गलत तरीके से फंसाए जाने का आरोप लगाया है.
सूरजकुंड दिवाली मेला 23 से 26 अक्टूबर होगा आयोजित, कई रास्तों पर प्रतिबंध, ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
सूरजकुंड दिवाली मेले का आयोजन 23 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा. मेले में यातायात व्यवस्था के लिए फरीदाबाद यातायात पुलिस ने एक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की हालिया द्विमासिक समीक्षा बैठक के विस्तृत मिनट्स जारी कर दिए गए हैं, जिसने आम उपभोक्ताओं, होम लोन धारकों और कॉरपोरेट जगत की उम्मीदों पर मिला-जुला असर डाला है। केंद्रीय बैंक के पॉलिसी मिनट्स से स्पष्ट संकेत मिले हैं कि देश के आम आदमी को महंगाई के मोर्चे पर फिलहाल किसी त्वरित राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। खासकर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बने रहने वाले दबाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण खुदरा मुद्रास्फीति को 4 प्रतिशत के तय लक्ष्य पर टिकाऊ रूप से लाना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। मिनट्स में समिति के सदस्यों ने दो टूक शब्दों में रेखांकित किया है कि जब तक महंगाई दर अपने लक्ष्य के दायरे में पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाती, तब तक नीतिगत रेपो रेट (Repo Rate) में किसी भी प्रकार की कटौती की गुंजाइश नहीं बनती है। हालांकि इस सख्त रुख के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती के चलते चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान को बढ़ाया गया है, जो आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से एक सकारात्मक संकेत है।खाद्य महंगाई का जोखिम और रेपो रेट में कटौती पर ब्रेकआरबीआई गवर्नर और एमपीसी के सदस्यों की ओर से दर्ज की गई टिप्पणियों में सबसे बड़ा जोर इस बात पर रहा कि मुख्य मुद्रास्फीति (कोर इन्फ्लेशन) के नियंत्रित दायरे में रहने के बावजूद खाद्य महंगाई लगातार नीतिगत प्राथमिकताओं को प्रभावित कर रही है। सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों की कीमतों में होने वाले मौसमी और आपूर्ति-आधारित उतार-चढ़ाव आम परिवार के घरेलू बजट को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। मिनट्स के अनुसार, समिति के अधिकांश सदस्यों का मानना है कि यदि इस मोड़ पर ब्याज दरों में कटौती की जाती है, तो बाजार में अतिरिक्त तरलता (लिक्विडिटी) आ सकती है, जिससे महंगाई की दर फिर से अनियंत्रित होने का खतरा बढ़ जाएगा। यही कारण है कि समिति ने अपना ध्यान 'महंगाई को लक्ष्य के अनुरूप लाने' पर केंद्रित रखा है और स्पष्ट किया है कि दरों में ढील देने की जल्दबाजी अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिकूल साबित हो सकती है।आम उपभोक्ताओं की ईएमआई और होम लोन की स्थितिआरबीआई मिनट्स के इस रुख का सीधा असर आम नौकरीपेशा वर्ग और उन कर्जदारों पर पड़ेगा जो लंबे समय से अपनी महंगी होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन की ईएमआई (EMI) में कटौती की आस लगाए बैठे थे। चूंकि केंद्रीय बैंक ने दरों में कमी की संभावना को निकट भविष्य के लिए टाल दिया है, इसलिए बैंकों और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों द्वारा ब्याज दरों को जस का तस बनाए रखने की संभावना है। इसका अर्थ यह है कि फ्लोटिंग रेट वाले रिटेल लोन पर ग्राहकों की मासिक किस्तें अभी कुछ और महीनों तक उच्च स्तर पर ही बनी रहेंगी। वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अगर खुदरा महंगाई दर अगली दो तिमाहियों तक 4.5 प्रतिशत से नीचे लगातार बनी रहती है, तभी केंद्रीय बैंक वर्ष के उत्तरार्ध में दरों को घटाने पर विचार करेगा, लिहाजा उपभोक्ताओं को अपने मौजूदा बजट के अनुसार ही वित्तीय नियोजन करना चाहिए।मजबूत घरेलू मांग के दम पर जीडीपी ग्रोथ का अनुमान सुधरामहंगाई की चिंता के विपरीत, भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक गतिशीलता और मांग को लेकर एमपीसी के सदस्यों ने खासा उत्साह दिखाया है। बुनियादी ढांचा क्षेत्र में सरकारी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स), विनिर्माण क्षेत्र की मजबूत गतिविधियां और सेवा क्षेत्र (सर्विसेज सेक्टर) के शानदार प्रदर्शन के दम पर देश की विकास रफ्तार मजबूत बनी हुई है। इसी मजबूती को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया है। मिनट्स में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खपत में सुधार और त्योहारी सीजन के बाद भी शहरी मांग का टिके रहना यह साबित करता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी वैश्विक झटकों को झेलने में सक्षम है। निजी क्षेत्र के निवेश चक्र में भी धीरे-धीरे तेजी देखी जा रही है, जिससे रोजगार सृजन को बल मिल रहा है।वैश्विक कमोडिटी बाजार और भू-राजनीतिक तनाव का सायाएमपीसी सदस्यों ने अपने विश्लेषण में वैश्विक कारकों को भी महंगाई के लिए एक बड़ा संभावित जोखिम माना है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव, लाल सागर संकट के चलते वैश्विक शिपिंग लागत में बढ़ोतरी और कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) के दामों में अनिश्चितता ऐसे तत्व हैं जो कभी भी आयातित महंगाई (इम्पोर्टेड इन्फ्लेशन) को हवा दे सकते हैं। मिनट्स में कहा गया है कि विकसित देशों के केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में होने वाले बदलावों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा और कमोडिटी आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू नहीं हो जाती, तब तक घरेलू स्तर पर रक्षात्मक मौद्रिक रुख अपनाना ही सबसे व्यावहारिक कदम है।लखनऊ सहित गैर-महानगरीय बाजारों में बाजार का मिजाजउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे तेजी से विकसित हो रहे टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट और रिटेल ऑटोमोबाइल सेक्टर ब्याज दरों के प्रति काफी संवेदनशील माने जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों और उद्योग मंडलों का मानना है कि दरों में कटौती न होने से मध्यम आय वर्ग के आवास खरीदार फिलहाल कुछ समय के लिए अपने फैसलों को होल्ड पर रख सकते हैं। हालांकि रियल एस्टेट डेवलपर्स त्योहारी ऑफर्स और सबवेंशन स्कीमों के जरिए मांग बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। दूसरी ओर, लखनऊ के खुदरा बाजारों में खाद्य वस्तुओं के स्थिर दामों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बरकरार रहे और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलती रहे।मौद्रिक नीति का भविष्य का रास्ता और बाजार विश्लेषकों की रायआगामी महीनों में मौद्रिक नीति का स्वरूप कैसा रहेगा, इस पर वित्तीय बाजार के जानकारों का मत है कि आरबीआई डेटा-आधारित दृष्टिकोण (डेटा-डिपेंडेंट अप्रोच) पर ही कायम रहेगा। मिनट्स से साफ है कि गवर्नर और अधिकांश स्वतंत्र सदस्य इस बात पर एकमत हैं कि आर्थिक विकास की गति को नुकसान पहुंचाए बिना केवल महंगाई पर प्रहार करना प्राथमिकता होनी चाहिए। बॉन्ड यील्ड और शेयर बाजार ने भी इन मिनट्स पर सतर्क प्रतिक्रिया दी है। जब तक मानसूनी फसलों की अंतिम आवक और खाद्य मुद्रास्फीति के पुख्ता आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक नीतिगत दरों में स्थिरता ही नई सामान्य स्थिति (न्यू नॉर्मल) बनी रहेगी।
Ladakh हिंसा मामले में राहत, LG ने 10 और लोगों के खिलाफ केस वापस लेने की दी मंजूरी
लद्दाख के उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना ने वर्ष 2025 में लेह में हुई हिंसा के सिलसिले में 10 और लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले वापस लिए जाने को मंजूरी दी है। एलजी ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट कर इस संबंध में जानकारी दी। इस नवीनतम फैसले के साथ ही पिछले तीन महीनों में 87 मामलों में आरोपी कुल 55 लोगों को राहत मिल चुकी है। ये मामले केंद्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची का विस्तार करने की मांग को लेकर पिछले साल 24 सितंबर को हुए प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा से जुड़े हैं। आपराधिक मामले वापस लेना नागरिक समाज संगठनों ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (एलएबी) और ‘करगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ (केडीए) की प्रमुख मांग रही है। ये संगठन केंद्रशासित प्रदेश के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर पिछले पांच वर्षों से केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। लेह में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘लद्दाख में एकता, आपसी सौहार्द और स्थायी शांति को बढ़ावा देने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता के तहत मैंने 10 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने को मंजूरी दे दी है, जो पिछले साल 24 सितंबर को लेह में भड़की दुर्भाग्यपूर्ण हिंसा से जुड़े थे।’’उन्होंने कहा कि यह मंजूरी लद्दाख पुलिस की सिफारिश पर दी गई है। सक्सेना ने कहा, ‘‘इस फैसले से इन लोगों को अपने करियर और जीवन में आगे बढ़ने का सकारात्मक अवसर मिलेगा। यह लंबी कानूनी प्रक्रिया के बजाय न्याय, उपचार और पुनर्वास को प्राथमिकता देता है, जिससे पूरे क्षेत्र में शांति, एकता और सामाजिक सद्भाव की भावना मजबूत होगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘पीड़ितों और उनके परिवारों से जुड़े मामलों में सहानुभूतिपूर्ण और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के लिए मैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।’’सितंबर में उपराज्यपाल ने 20 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने की घोषणा की थी। इससे पहले, अगस्त में प्रशासन ने 25 लोगों के खिलाफ मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की योजना की घोषणा की थी, जिनके खिलाफ हिंसा के सिलसिले में मामला दर्ज किए गए थे।
पटाखों और तेज आवाज पर आदेश लागू करने में देरी, अफसरों को HC की चेतावनी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पटाखों और तेज आवाज से होने वाले प्रदूषण पर आदेश लागू करने में देरी को लेकर BMC और पुलिस को फटकार लगाई है. 24 अक्टूबर तक जागरूकता नोटिस और 26 अक्टूबर को अनुपालन रिपोर्ट मांगी है. पढ़ें पूरी कहानी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी तीज-त्यौहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों के दौरान सभी कलेक्टर्स-एसपी विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करें कि त्यौहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प का उपयोग नहीं हों, क्योंकि ...
आधी रात डबल मर्डर से दहला देवरिया! दो युवकों की चाकू से गोदकर हत्या
देवरिया के मईल थाना क्षेत्र में डबल मर्डर से सनसनी फैल गई. रामजानकी मार्ग के पास सड़क किनारे वकील यादव और विनय यादव के शव मिले.
अनशन खत्म कराने डिप्टी CM ने लिए थे 500 करोड़? एकनाथ शिंदे vs मनोज जरांगे के बीच अब क्या पंगा
मंगलवार को मनोज जरांगे पाटिल ने एकनाथ शिंदे पर 500 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। जरांगे ने दावा किया था कि शिंदे ने उनका आंदोलन खत्म कराने के लिए BJP से 500 करोड़ रुपये लिए थे।
'भाषा अनेक, भाव एक' के मंत्र के साथ गूंजा ‘सनातनी शंखनाद’
ग्रेटर नोएडा, 21 अक्टूबर। नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय का प्रांगण बुधवार को सनातन संस्कृति और युवा ऊर्जा के संगम का साक्षी बना। उत्तर प्रदेश सूचना विभाग द्वारा आयोजित युवा महोत्सव ‘सनातनी शंखनाद 2026’ के भव्य आयोजन में प्रदेश भर से आए आठ हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया। इन युवाओं ने एक स्वर में कहा- हमारी पूजा पद्धति भले अलग-अलग हो, हमारी भाषा भले भिन्न हो, लेकिन हमारे हृदय का भाव एक है, और यही भाव हमें एकजुट रखता है।संवाद, संस्कृति और साधना का अद्भुत समन्वययुवा महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और विरासत संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना रहा। ‘विविध भारत: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव’ थीम पर आधारित इस महोत्सव में संवाद, संस्कृति और साधना का अद्भुत समन्वय देखने को मिला, जिसमें युवाओं ने खुलकर अपने विचारों को अभिव्यक्त किया।युवाओं की भूमिका पर गहन मंथनकार्यक्रम के वैचारिक सत्रों में सनातन परंपरा का वैज्ञानिक आधार, भारतीय संविधान में निहित धार्मिक स्वतंत्रता, आध्यात्मिक ज्ञान और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन मंथन हुआ। प्रख्यात संत बालकानंद गिरि जी महाराज, सुप्रीम कोर्ट के प्रख्यात अधिवक्ता विष्णु जैन, साध्वी डॉ. शिवानी भारती और काजल हिंदुस्तानी ने युवाओं से संवाद किया। वक्ताओं ने सनातन संस्कृति की तार्किकता, सांस्कृतिक पहचान, युवा शक्ति और वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, धार्मिक पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व बदलावों पर अपने विचार रखे।नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कियासांस्कृतिक मंच पर लोक नृत्य, कथक, भरतनाट्यम, भक्ति संगीत, नाट्य मंचन और शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा को समर्पित विशेष नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए सांस्कृतिक परिवर्तन पर आधारित विशेष गीत एवं दृश्य प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। महोत्सव का समापन केशवम बैंड की ग्रैंड म्यूजिकल नाइट और भजन के अद्भुत संगम के साथ हुआ, जहां आधुनिक संगीत के साथ भक्ति की ऊर्जा ने युवाओं में नया जोश भर दिया।
देश के चीनी उद्योग और खुदरा बाजार में मिठास बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद अहम और दूरगामी फैसला लिया है। घरेलू बाजार में कीमतों को काबू में रखने और त्योहारी सीजन के बाद भी बाजार में आपूर्ति की कोई कमी न हो, इसके मद्देनजर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने टैरिफ रेट कोटा यानी टीआरक्यू के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इस नए आदेश के तहत देश की रिफाइनरियों को 31 दिसंबर तक बिना किसी कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) के कच्ची चीनी का आयात करने की सीधी मंजूरी मिल गई है। सरकार के इस रणनीतिक कदम से न केवल घरेलू स्तर पर चीनी की कीमतों में संभावित उछाल पर ब्रेक लगेगा, बल्कि बंदरगाहों के पास स्थित बड़ी रिफाइनिंग इकाइयों को भी अपनी उत्पादन क्षमता का पूरा उपयोग करने में मदद मिलेगी।TRQ नियमों में बदलाव और सरकार की नई अधिसूचनाडीजीएफटी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, टैरिफ रेट कोटा व्यवस्था के तहत तय मात्रा में कच्ची चीनी का ड्यूटी-फ्री आयात अब 31 दिसंबर तक पूरी तरह वैध रहेगा। पहले लागू प्रावधानों के तहत आयातकों और मिलर्स के सामने कई तरह की समयसीमा और प्रशासनिक शर्तें थीं, जिससे बंदरगाहों पर खेप फंसने का खतरा बना रहता था। अब नियमों को लचीला बनाकर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जिन इकाइयों को टीआरक्यू के तहत कोटा आवंटित किया गया है, वे साल के अंत तक बिना कोई बेसिक कस्टम ड्यूटी चुकाए कच्ची चीनी भारत ला सकती हैं। वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह कदम वैश्विक बाजार में कच्चे माल की उपलब्धता और भारत के घरेलू स्टॉक की समीक्षा के बाद उठाया गया है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित संकट से पहले ही पर्याप्त बफर तैयार रखा जा सके।घरेलू आपूर्ति और त्योहारी सीजन के बाद कीमतों पर असरभारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उपभोक्ताओं में से एक है और यहां हर साल त्योहारी सीजन के दौरान मिठास की मांग अपने चरम पर पहुंच जाती है। हालांकि त्योहारी मांग के बाद भी शादी-ब्याह और शीतकालीन खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में चीनी की भारी खपत होती है। ऐसे में यदि खुले बाजार में आपूर्ति थोड़ी भी लड़खड़ाती है, तो इसका सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ता है। सरकार के इस ताजा फैसले से बाजार में साफ संकेत गया है कि देश में चीनी का कोई संकट नहीं होने दिया जाएगा। थोक बाजारों में सट्टेबाजी और जमाखोरी की संभावनाओं पर भी इससे पूरी तरह लगाम लगेगी। जब रिफाइनरियां सस्ते में कच्चा माल आयात कर उसे प्रोसेस्ड चीनी में बदलेंगी, तो खुदरा बाजार में कीमतें 38 से 44 रुपये प्रति किलोग्राम के सामान्य दायरे में स्थिर बनी रहेंगी।कोस्टल रिफाइनरियों और प्रोसेसिंग प्लांट्स को मिली बड़ी संजीवनीगुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों में स्थित विशाल रिफाइनिंग प्लांट्स के लिए यह नीतिगत बदलाव एक बड़ी राहत बनकर आया है। ये रिफाइनरियां मुख्य रूप से ब्राजील और थाईलैंड जैसे प्रमुख उत्पादक देशों से आयातित कच्ची चीनी को प्रोसेस करके घरेलू बाजार में आपूर्ति करती हैं या फिर उसका मूल्य संवर्धन कर निर्यात करती हैं। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक लॉजिस्टिक्स लागत और शिपिंग फ्रेट में उतार-चढ़ाव के कारण इन इकाइयों पर परिचालन का दबाव बढ़ रहा था। अब 31 दिसंबर तक ड्यूटी-फ्री खिड़की खुली रहने से ये इकाइयां अपने आपूर्ति चक्र को बेहतर ढंग से प्लान कर सकेंगी। मिल संचालकों का कहना है कि ड्यूटी छूट मिलने से उनकी इनपुट लागत घटेगी और वे पूरी क्षमता से काम कर सकेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम और गन्ना किसानों का समीकरणइस फैसले का एक दूसरा और बेहद महत्वपूर्ण पहलू देश का एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (ईबीपी) है। भारत सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। घरेलू चीनी मिलों का एक बड़ा हिस्सा गन्ने के रस और बी-हैवी शीरे को सीधे एथेनॉल उत्पादन में डाइवर्ट कर रहा है। जब देश की प्रमुख घरेलू मिलें ग्रीन एनर्जी की ओर अधिक गन्ना डायवर्ट करती हैं, तो खाद्य श्रेणी की चीनी का उत्पादन सीमित होने का जोखिम रहता है। टीआरक्यू के तहत कच्ची चीनी का आयात खोलकर सरकार ने एक संतुलन साधने की कोशिश की है। इससे एक तरफ ग्रीन फ्यूल के लिए गन्ने का उपयोग जारी रहेगा और दूसरी तरफ आम जनता की रसोई में चीनी की किल्लत नहीं होगी। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के गन्ना किसानों को भी इसका फायदा यह होगा कि मिलों की वित्तीय तरलता बनी रहेगी, जिससे उनके गन्ने के बकाये का भुगतान समय पर हो सकेगा।अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और भारत का रणनीतिक रुखवैश्विक स्तर पर चीनी उत्पादन का परिदृश्य ब्राजील के मौसम और थाईलैंड की फसलों पर काफी हद तक निर्भर करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चीनी के वायदा भाव में हाल के दिनों में कई बार उतार-चढ़ाव देखा गया है। ऐसे समय में भारत द्वारा टीआरक्यू के तहत 31 दिसंबर तक की तय विंडो देना एक सोचा-समझा कूटनीतिक और आर्थिक कदम है। भारतीय आयातक अब अनुकूल वैश्विक कीमतों का लाभ उठाकर तुरंत अनुबंध कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आयात की जाने वाली खेप केवल उन्हीं मानकों पर आधारित हो जो घरेलू उद्योग के हितों को नुकसान न पहुंचाएं। आयातित कच्ची चीनी को रिफाइन करके घरेलू आपूर्ति चेन में जोड़ने की प्रक्रिया को अब कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर सिंगल-विंडो निगरानी में लाया गया है।आम उपभोक्ता और मिष्ठान्न उद्योग के लिए क्या हैं मायनेआने वाले महीनों में सर्दियों और शादियों के सीजन के चलते हलवाइयों, बेकरी, पैकेज्ड फूड कंपनियों और शीतल पेय निर्माताओं की ओर से भारी मांग निकलने वाली है। यदि चीनी के दाम बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर इन सभी क्षेत्रों की उत्पादन लागत पर पड़ता है, जिससे आम आदमी की जेब ढीली होती है। ड्यूटी-फ्री आयात से थोक सप्लायरों को राहत मिलेगी और थोक रेट नियंत्रित रहेंगे। जब थोक बाजार में दरें स्थिर रहती हैं, तो इसका सीधा फायदा आम किराना दुकानों पर खरीदारी करने वाले मध्यम वर्ग को मिलता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति महंगाई दर (सीपीआई) को भी नियंत्रित रखने में भारतीय रिजर्व बैंक और सरकार के प्रयासों को मजबूत समर्थन प्रदान करेगी।
VHP नेता पंकज भारतीय ने Bilaspur में सामाजिक भेदभाव मिटाने की अपील की
हिमाचल प्रदेश में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त प्रांत सचिव पंकज भारतीय ने बुधवार को जाति आधारित भेदभाव, सामाजिक ऊंच-नीच को खत्म करने तथा परिवारों में अच्छे संस्कारों व खुलकर बातचीत को बढ़ावा देने की अपील की। बिलासपुर जिले के कंदरौर क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह के अंतिम चरण के अवसर पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन के बाद भारतीय ने यह बात कही। उन्होंने पर्यावरण की रक्षा करने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तथा देश और समाज के प्रति जिम्मेदारियों को पूरी लगन से निभाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शस्त्र यानी हथियार या शक्ति का उद्देश्य अच्छे लोगों की ताकत को संगठित करना, बुरी शक्तियों का सामना करना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बुरी ताकत सिर न उठा सके। विहिप नेता ने कहा, “शक्ति शांति की रक्षक है, जबकि कमजोरी शांति के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है।”भारतीय ने भारत के युवाओं को ‘जेन-जी’ कहते हुए उन्हें हनुमान चालीसा का पाठ करने और देश के विकास में योगदान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं को ऐसा बनना चाहिए कि दुनिया यह देखकर हैरान रह जाए कि वे दूसरे देशों के युवाओं से अलग हैं। उन्होंने कहा, “युवाओं को भड़काने और उकसाने की कोशिशों के बावजूद वे समझदारी से काम लेते हैं। वे समझते हैं कि केवल तमाशा करने के लिए कोई अपने ही घर में आग नहीं लगाता।”विजयादशमी के साथ पड़ने वाले अपने स्थापना दिवस के अवसर पर आरएसएस ने मंगलवार और बुधवार को बिलासपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में पथ संचलन निकाले। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने गणवेश में मार्च किया। इसके जरिए समाज में अनुशासन, संगठन और एकता का संदेश दिया गया।
इन 3 मुस्लिम देशों के साथ PAK का एक और डिफेंस पैक्ट, मक्का के इतिहास से जुड़ा है नाम
पाकिस्तान ने तीन मुस्लिम देशों के साथ एक और रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किया है. खास बात यह है कि इस समझौते का नाम इस्लाम के इतिहास से जुड़ा है. समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले कतर ने ने कहा कि इससे हर देश की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं का लाभ उठाया जा सकेगा.
भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के पर वाराणसी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो
वाराणसी, 21 अक्टूबर भारतीय सेना और वायु सेना के शौर्य, साहस और सामरिक क्षमता का प्रदर्शन करने वाले एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ को लेकर योगी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस आयोजन में 15 से 20 लाख लोगों के आने का […]
समझौता करीब लेकिन होगी सबसे अलग; भारत के साथ ट्रेड डील पर ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं। ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता अब तक हुए अन्य समझौतों से काफी अलग तरह का हो सकता है।
उत्तराखंड Assembly: गैरसैंण के बजाय देहरादून में कार्य मंत्रणा बैठक पर Congress ने उठाए सवाल
उत्तराखंड विधानसभा के आगामी सत्र से पहले कामकाज और कार्यसूची तय करने वाली कार्य मंत्रणा समिति की बैठक गैरसैंण के बजाए देहरादून में बुलाए जाने पर कांग्रेस ने बुधवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। विधानसभा सत्र 27 अक्टूबर से शुरू होना है। दो दिवसीय विधानसभा सत्र से पहले 24 अक्टूबर को समिति की यह बैठक होनी है। चकराता से कांग्रेस विधायक और समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने यहां जारी एक बयान में इसे ‘सरकार की कथनी और करनी में अंतर का जीता-जागता उदाहरण’ बताया। उन्होंने कहा, “यह फैसला विरोधाभासी और औचित्यहीन है। जब विधानसभा का सत्र गैरसैंण में होना है, तो कार्य मंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं होनी चाहिए। इस फैसले से लगता है कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना महज औपचारिकता बनकर रह गया है और राज्य सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने के प्रति गंभीर नहीं है।”सिंह ने कहा कि जहां एक ओर भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय ले रही है, वहीं दूसरी ओर वह वहां नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने और राज्य की राजधानी के अनुरूप बुनियादी ढांचा विकसित करने के प्रति उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा, “सरकार का यह दोहरा रवैया अब राज्य की जनता के सामने उजागर हो गया है।” विधायक ने विधानसभा सत्र केवल दो दिन के लिए बुलाए जाने पर भी सवाल उठाया। विधायक ने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की चुनौतियों और विकास से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर केवल दो दिन में सार्थक एवं विस्तृत चर्चा कैसे हो सकती है। सिंह ने राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण से कार्य मंत्रणा समिति की बैठक गैरसैंण में आयोजित करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सिंह ने विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की भी मांग की ताकि राज्य की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की जा सके।
17 दिनों से भुखा है लॉरेंस बिश्नोई का भांजा सचिन थापन
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, वे 17-18 दिनों से अन्न-जल त्यागने की बात कह रहा है और इलाज से भी इनकार कर रहा है. वहीं, जेल प्रशासन का कहना है कि सचिन ने कोई लिखित मांग नहीं दी. उसने नवरात्रों का हवाला देकर मौन व्रत की बात कही थी.
गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आए 11 लोग, 3 की मौत
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव में बुधवार शाम डीजे पर लगी लोहे की रेलिंग ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से छू गई। इससे डीजे और उसके आसपास […] The post गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आए 11 लोग, 3 की मौत appeared first on Sabguru News .
दीवाली से पहले प्रदूषण पर लगाम की तैयारी, ईंट भट्ठों का ईंधन बनेगी पराली, इन राज्यों को मिले निर्देश
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का गुजरात के जामनगर में स्वागत किया। जामनगर में दुनिया ...
बच्चों के पोषण उत्पादों पर FSSAI सख्त, नेस्ले-एबॉट-कॉम्प्लान समेत कई कंपनियों को नोटिस
बच्चों के दूध और पोषण उत्पादों पर किए गए दावों को लेकर FSSAI ने कई बड़ी कंपनियों को नोटिस जारी किया है.
हल्ला बोल: विरोध के नाम पर रिजीम चेंज कहना देश के हितों के खिलाफ नहीं है?
रिजीम चेंज के बयानों पर घमासान बढ़ गया है. आज बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ऐसा चाहने वाले देश के दुश्मन हैं. गौरतलब है कि विजयादशमी पर कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को चोट पहुंचाने वाले और समाज को बांटने वाली ताकतों को देश का दुश्मन कहा था. बीजेपी का आरोप है कि विदेश में राहुल गांधी जॉर्ज सोरोस के परिवार से जुड़ते हैं. बीजेपी अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल चुकी है, जिसके आधार पर बीजेपी समर्थकों का दावा है कि राहुल गांधी वियतनाम में हैं. देखें...

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