4 कहानियां-नया लस्ट, ‘लस्ट स्टोरीज 3’ की रिलीज डेट आउट
नेटफ्लिक्स की एमी-नॉमिनेटेड एंथोलॉजी लस्ट स्टोरीज का तीसरा पार्ट रिलीज होने वाला है. पिछले दो पार्ट के बाद, अब चार नए डायरेक्टर्स ने मिलकर इस फिल्म को बनाया है, जिसमें नई कास्ट भी शामिल की गई है.
‘हनुमान अंश’ की शूटिंग में थे सख्त नियम, सेट पर गाली-गलौज से लेकर नॉन-वेज और शराब तक पर थी पाबंदी
लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने हाल ही में खुलासा किया है कि फिल्म ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के दौरान सेट पर आध्यात्मिकता और अनुशासन से जुड़े कई सख्त नियमों का पालन किया जाता था। नीम करोली बाबा की कहानी पर आधारित इस फिल्म की शूटिंग के दौरान सेट पर ...
निर्देशक के मुताबिक, शूटिंग के हर दिन की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से होती थी और जब भी संभव होता, दिन का अंत भी हनुमान चालीसा के साथ किया जाता था। उनका मानना है कि यह प्रार्थना शूटिंग के दौरान आने वाली कई मुश्किलों को दूर करने में टीम के लिए मददगार साबित हुई।
'जवान' में दीपिका पादुकोण की ऐश्वर्या राठौर के रूप में मौजूदगी फिल्म के 3 साल पूरे होने के बाद भी ध्यान खींचती है। फिल्म में उनकी शानदार एंट्री से लेकर भावनाओं से भरे सफर ने ही सिर्फ दर्शकों का ध्यान नहीं खींचा है बल्कि इस एक्सटेंडेड कैमियो में उनके ...
‘गार्डन से रिपोर्टिंग लाइव’, नए शो में रोहित का 'शाणा' अंदाज
रोहित शर्मा का नया रियलिटी शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' अब जल्द ही टीवी पर आने वाला है. ऐसे में इसका लेटेस्ट प्रोमो सामने आया, जिसमें हिटमैन की मस्ती और उनके स्टाइल को देखा गया.
सलमान खान के बहुप्रतीक्षित रियलिटी शो 'Bigg Boss 20' का इंतजार आखिरकार खत्म हो रहा है। शो का धमाकेदार प्रीमियर कल (6 सितंबर) होने जा रहा है। यह सीज़न Colors TV पर प्रसारित होने के साथ-साथ Jio Hotstar पर स्ट्रीम किया जाएगा। इस बार मेकर्स ने इंटरनेशनल फैंस का ध्यान रखते हुए UK, कनाडा और सिंगापुर में भी 24x7 लाइव फ़ीड और प्रीमियर एक्सेस देने का फैसला किया है। लाइनअप की बात करें तो, पहले ईशा रिक्खी, अमन गांधी, आम्रपाली दुबे, कुशल तंवर (जिन्हें गुल्लू के नाम से भी जाना जाता है), खुशी दुबे और शोविक चक्रवर्ती जैसे नामों के शामिल होने की अटकलें थीं। हालाँकि, मेकर्स ने अब आधिकारिक तौर पर Bigg Boss 20 के लिए दो कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की पहचान का खुलासा कर दिया है। Bigg Boss 20 के लिए दो कन्फर्म कंटेस्टेंट्स Bigg Boss 20 के मेकर्स ने आधिकारिक Colors TV इंस्टाग्राम पेज के माध्यम से दो कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की झलक दिखाई है। हालाँकि उनके चेहरे स्पष्ट रूप से नहीं दिखाए गए थे, लेकिन फैंस ने पहले ही पता लगा लिया है कि वे कौन हैं। पहले प्रोमो में एक युवती को डांस करते हुए दिखाया गया है। वीडियो देखने के बाद, फैंस ने तुरंत उन्हें टेलीविज़न अभिनेत्री कनिका मान के रूप में पहचान लिया। संभावित Bigg Boss 20 प्रतिभागी अमन गांधी: टेलीविज़न अभिनेता जो लोकप्रिय हिंदी टीवी शो में अपने काम के लिए जाने जाते हैं। ईशा रिक्खी: पंजाबी अभिनेत्री और मॉडल जो 'जट्ट यमला पगला दीवाना 2' जैसी फिल्मों में दिखाई दी हैं। मैरी कॉम: छह बार की विश्व मुक्केबाजी चैंपियन और भारत की ओर से 2012 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता। आम्रपाली दुबे: भोजपुरी फिल्म उद्योग की सबसे जानी-मानी अभिनेत्रियों में से एक, जो 'निरहुआ हिंदुस्तानी' जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। कुशल तंवर उर्फ गुल्लू: सोशल मीडिया पर्सनैलिटी और डिजिटल क्रिएटर, जिनसे कथित तौर पर शो के लिए संपर्क किया गया है। खुशी दुबे: टेलीविज़न अभिनेत्री जो 'आशिक़ाना' और 'शरारत' जैसे शो के लिए जानी जाती हैं। काज़ी तौकीर: गायक और कलाकार जो संगीत-आधारित रियलिटी टेलीविज़न के माध्यम से लोकप्रिय हुए। कनिका मान: टेलीविज़न अभिनेत्री जो 'गुड्डन तुमसे ना हो पाएगा' में गुड्डन की भूमिका निभाने के लिए सबसे ज्यादा जानी जाती हैं। अरिशफ़ा खान: अभिनेत्री और डिजिटल क्रिएटर जिन्होंने एक बाल कलाकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और बाद में सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग बनाई। यंग DSA उर्फ़ येडा यंग: रैपर और डिजिटल क्रिएटर, जो अपने म्यूज़िक और ऑनलाइन मौजूदगी के लिए जाने जाते हैं। उदिति सिंह: मॉडल और एक्ट्रेस, जिनका नाम बिग बॉस 20 की संभावित लाइनअप की रिपोर्ट में सामने आया है। शोविक चक्रवर्ती: रिया चक्रवर्ती के भाई, जिनका नाम आने वाले सीज़न से जोड़ा जा रहा है। माही विज: टेलीविज़न एक्ट्रेस, जो 'बालिका वधू' और 'लागी तुझसे लगन' जैसे शो के लिए जानी जाती हैं। गीता बसरा: एक्ट्रेस, जो कई हिंदी फ़िल्मों में नज़र आ चुकी हैं और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह की पत्नी हैं। रोहेद खान: मॉडल और एक्टर, जिनका नाम शो से जोड़ा गया है और जो 'सरज़मीन' में नज़र आ चुके हैं। रिया अहीर: सोशल मीडिया पर्सनैलिटी, जो एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ी से जुड़े वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आईं। लव गिल: पंजाबी एक्टर और मॉडल, जिनका नाम शो की संभावित लाइनअप के सिलसिले में सामने आया है। रीति तिवारी: टेलीविज़न पर्सनैलिटी, जिनका नाम संभावित प्रतिभागियों में सामने आया है। नीतीश राजपूत: लोकप्रिय यूट्यूबर और डिजिटल क्रिएटर, जो सामाजिक, ऐतिहासिक और समसामयिक मुद्दों पर वीडियो बनाने के लिए जाने जाते हैं। आसिफ़ खान: एक्टर, जो 'पंचायत' और 'मिर्ज़ापुर' में अपनी परफॉर्मेंस के लिए पहचाने जाते हैं। बिग बॉस 20 की इंटरनेशनल स्ट्रीमिंग हॉटस्टार अपनी स्ट्रीमिंग सर्विस का इंटरनेशनल लेवल पर विस्तार कर रहा है। यूके और कनाडा के दर्शक 24x7 लाइव फ़ीड देख सकेंगे, जबकि कनाडा के दर्शक टीवी पर प्रसारण से सात दिन पहले ही 'बिग बॉस हिंदी' देख सकेंगे। यह शो कलर्स टीवी पर प्रसारित होगा और साथ ही जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। बिग बॉस 20 में नया क्या है? बिग बॉस के 20वें सीज़न की थीम 'वरदान' (एक्स्ट्रा लाइफ़लाइन) है। इस नए ट्विस्ट के तहत, गेम के दौरान घर से बाहर होने वाला कंटेस्टेंट तुरंत घर नहीं छोड़ेगा। इसके बजाय, उन्हें कॉम्पिटिशन में लौटने का एक और मौका दिया जाएगा। इस ट्विस्ट की झलक प्रोमो में दिखाई गई थी, जिसमें सीज़न के नए फ़ॉर्मेट को दिखाया गया था। सलमान खान ने हाल ही में शो के प्रीमियर की शूटिंग भी शुरू कर दी है।
'ये मेरा काम नहीं है...', Bigg Boss 20 के सेट पर पैपराजी पर भड़के सलमान खान
भारतीय टेलीविजन का सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस' अपने 20वें सीजन के साथ एक बार फिर धमाकेदार वापसी के लिए तैयार है। शो के प्रीमियर से ठीक पहले इसके सेट से एक बड़ी खबर सामने आई है। शो के होस्ट और बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को 'बिग बॉस ...
मिर्जापुर द मूवी ने पहले दिन ₹25.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। जिसके बाद यह एक्सेल एंटरटेनमेंट के 25 साल के इतिहास में सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। सैक्निल्क के मुताबिक, फिल्म ने 8 साल से कायम फिल्म गोल्ड का रिकॉर्ड तोड़ा है। गोल्ड ने पहले दिन ₹25.25 करोड़ कमाए थे। इस तरह मिर्जापुर द मूवी ने नया रिकॉर्ड ₹0.50 करोड़ के अंतर से बनाया है। एक्सेल की बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ा मिर्जापुर द मूवी ने एक्सेल एंटरटेनमेंट की पिछली बड़ी फिल्मों गोल्ड, रईस, गली बॉय और फुकरे 3 से बेहतर शुरुआत की है। यह स्टूडियो के 25 साल के इतिहास में नंबर-1 ओपनर बन गई। फिल्म की ओपनिंग रईस से ₹5 करोड़ से ज्यादा, गली बॉय से ₹6 करोड़ से ज्यादा और डॉन 2 से ₹10 करोड़ से ज्यादा आगे है। एक्सेल एंटरटेनमेंट की प्रमुख फिल्में एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 2001 में दिल चाहता है के साथ शुरुआत की थी। इसके बाद स्टूडियो ने लक्ष्य, डॉन और रॉक ऑन!! जैसी फिल्में दीं। 2011 से 2019 के दौर में स्टूडियो की प्रमुख फिल्मों में जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, फुकरे, दिल धड़कने दो, रईस और गली बॉय शामिल रहीं। 2020 से 2023 के OTT दौर में तूफान, हैलो चार्ली, फोन भूत और फुकरे 3 रिलीज हुईं। 2024 से 2026 के थिएट्रिकल रिसर्जेंस दौर में मडगांव एक्सप्रेस, सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव और मिर्जापुर द मूवी प्रमुख फिल्में हैं। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 2018 में शुरुआत के बाद मिर्जापुर भारतीय स्ट्रीमिंग की सबसे ज्यादा चर्चित, मीम्स में इस्तेमाल होने वाली और दोबारा देखी जाने वाली सीरीज में शामिल रही है। फिल्म की रिलीज से पहले नेशनल चेन्स में एडवांस बुकिंग 55,000 से ज्यादा टिकट तक पहुंच गई थी। शुरुआती ट्रैकर्स ने फिल्म के ₹25 करोड़ से ज्यादा की ओपनिंग करने की संभावना जताई थी। फिल्म ने यह आंकड़ा लगभग उसी स्तर पर हासिल किया। दूसरी ओर शुक्रवार को ‘हनुमान अंश’ ने 5,055 शोज के साथ ₹10.00 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹97.77 करोड़ और नेट कलेक्शन ₹82.88 करोड़ हो गया। करण जौहर ने कहा- ‘सॉलिड, कड़क और मसालेदार फिल्म’फिल्ममेकर करण जौहर ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ देखने के बाद फिल्म की तारीफ की है। फिल्म रिलीज होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसका ट्रेलर शेयर किया और अपना रिएक्शन दिया।करण जौहर ने लिखा, “मिर्जापुर एक सॉलिड, कड़क और मसालेदार फिल्म है। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद है और मैंने फिल्म को भी खूब एंजॉय किया। सभी पुराने और फेमस किरदार शानदार हैं और नए किरदारों के लिए भी जगह बनाते हैं। अगर आपने सीरीज नहीं भी देखी है, तब भी आपको फिल्म पसंद आएगी।” गौरतलब है कि मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 'मिर्जापुर' सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं। .............यह खबर भी पढ़ें… मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा, ‘मिर्जापुर’ में फिर गरजी बंदूकें, लेकिन कहानी हुई लंबी मिर्जापुर की दुनिया में कानून से ज्यादा ताकतवर है बंदूक और बंदूक से ज्यादा ताकतवर है सही वक्त पर चली गई चाल। तीन सीजन तक ओटीटी पर इस दुनिया का भौकाल देखने के बाद अब गुरमीत सिंह इसे बड़े पर्दे पर लेकर आए हैं। अच्छी बात यह है कि फिल्म को सिर्फ सीरीज का लंबा एपिसोड बनाने की कोशिश नहीं की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'लस्ट स्टोरीज 3' का हुआ ऐलान, इस दिन Netflix पर होगी स्ट्रीम, जानें स्टार कास्ट और डायरेक्टर्स
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बोल्ड, इमोशनल और इंसानी रिश्तों के पेचीदा पहलुओं को दिखाने वाली लोकप्रिय फ्रेंचाइजी 'लस्ट स्टोरीज' एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नेटफ्लिक्स इंडिया ने आधिकारिक तौर पर 'लस्ट स्टोरीज 3' की घोषणा कर दी
इन दिनों छोटे बजट की फिल्मों का ट्रेंड है। ‘हनुमान अंश’ ने भारत में ₹72.88 करोड़ नेट और ₹85.97 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया है। वहीं, इस फिल्म का बजट 1.8-2 करोड़ रु. के बीच रहा। फिल्म ने 500% से ज्यादा रिटर्न दिया है। हनुमान अंश ने बड़े बजट की फिल्मों को भी प्रदर्शन के मामले में पीछे छोड़ दिया। इसी तरह हाल ही में रिलीज हुई ‘अवारापन 2’ ने भारत में ₹148.40 करोड़ नेट कलेक्शन किया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस ₹210.20 करोड़ रहा। करीब ₹65 करोड़ के बजट वाली फिल्म ने 128% रिटर्न हासिल किया है। भारत में बनी 6 फिल्मों का संपूर्ण बजट 102 करोड़ रु. रहा, इनकी कुल कमाई करीब 756 करोड़ रु. पहुंच गई है, यानी बजट से औसतन 7 गुना कमाई। इनमें हॉलीवुड फिल्में शामिल नहीं हैं। साउथ की इन 4 फिल्मों ने बनाए रिकॉर्ड अनगनागा ओका राजू: 8 करोड़ रुपए के बजट में बनी थी। फिल्म ने भारत में लगभग ₹53.4 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹100.20 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। वाजा-2: मलयालम फिल्म ‘वाजा II’ करीब ₹13 करोड़ रुपए के बजट में बनी। फिल्म ने दुनियाभर में करीब ₹235.26 रुपए करोड़ कमाए और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। थाई किझावी: तमिल फिल्म ‘थाई किझावी’ करीब ₹10 करोड़ रुपए के बजट में बनी। दुनियाभर में इस फिल्म ने करीब ₹80-85 करोड़ रु. का कलेक्शन किया। इसे स्लीपर ब्लॉकबस्टर कहा गया। विथ लव: तमिल रोमांटिक ड्रामा ‘विथ लव’ को बनाने में करीब ₹4 करोड़ खर्च हुए। इस फिल्म ने दुनियाभर में करीब ₹39-40 रुपए करोड़ का कलेक्शन किया। हॉलीवुड में भी यही चलन ऑब्सेशन: यह ₹6.29 करोड़ ($7.5 लाख) के बजट में बनी थी। इसने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर ₹3,381.97 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई की। बैकरूम्स: यह हॉरर फिल्म ₹83.92 करोड़ के मामूली बजट में बनी थी और इसका वैश्विक कलेक्शन ₹3,307.28 करोड़ तक पहुंचा। पेगासस 3: बजट ₹62.94 करोड़ था, जिसके मुकाबले फिल्म ने दुनियाभर में ₹5,508.00 करोड़ का विशाल ग्रॉस कलेक्शन खड़ा किया। यह फिल्म मेगा ब्लॉकबस्टर घोषित हुई हैं।
'वेश्यावृत्ति भारत में लीगल करें', एक्ट्रेस बोली- मर्दों का स्ट्रेस होता है कम
पूनम पांडे अपनी बोल्ड पर्सनैलिटी और विवादित बयानों के लिए जानी जाती हैं. पूनम ने अब एडल्ट कंटेंट को लेकर एक बड़ा बयान दे डाला है. उन्होंने डिमांड की है कि प्रोस्टिट्यूशन को भारत में लीगल कर देना चाहिए.
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
'काम के लिए एक्टर-प्रोड्यूसर संग सोई', एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी
रेहाना की जिंदगी में एक पल ऐसा भी आया, जब उन्हें काम से ब्रेक लेना पड़ा. जिंदगी उनकी ओर मुश्किलें फेंकती गई और वो हर मुश्किल से लड़ती गईं.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में समय-समय पर ऐसी फिल्में आती हैं जो बड़े सितारों और भारी-भरकम बजट के मिथक को तोड़कर इतिहास रच देती हैं। आध्यात्मिक गुरु नीम करोली बाबा के जीवन और विचारों पर आधारित भक्ति ड्रामा फिल्म 'हनुमान अंश' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर ऐसा ...
पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने रैपर-सिंगर बादशाह से अलग होने की पहली बार पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनों अलग हो चुके हैं, लेकिन वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक तमाशा नहीं बनाना चाहतीं। ईशा रिखी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, “कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती। यह सब अतीत में है और मैं अपनी जिंदगी के इस अध्याय को सम्मान के साथ खत्म करना चाहती हूं।” ईशा ने कहा, “मैं सार्वजनिक तौर पर अपनी निजी जिंदगी का तमाशा नहीं बनाना चाहती। मैं लोगों के सामने अपने निजी रिश्ते की गंदगी नहीं फैलाऊंगी, क्योंकि मैं ऐसी नहीं हूं।” जब उनसे बादशाह के साथ मौजूदा रिश्ते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “यह बहुत जटिल है। मैं उस दिन का इंतजार कर रही हूं, जब मैं इस बारे में पूरी तरह बात कर सकूं। जब मुझमें सभी सवालों का सामना करने और उनके जवाब देने की ताकत होगी। लेकिन अभी मैं ऐसी लड़ाई लड़ रही हूं।” ईशा ने कहा, “मैं सिर्फ इसलिए कड़वी इंसान नहीं बनना चाहती, क्योंकि मेरे साथ कुछ खराब चीजें हुईं। लेकिन मुझे पता है कि मुझे ठीक होने में काफी समय लग सकता है।” सोशल मीडिया के जरिए की तलाक की घोषणा रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने सोशल मीडिया के जरिए सीक्रेट शादी के 5 महीने बाद ही एक-दूसरे से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बादशाह ने लिखा, हमारा यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। हम सभी से गुजारिश करते हैं कि इस समय हमारी प्राइवेसी का ध्यान रखें। इस मुद्दे पर हमारा यह पहला और आखिरी बयान है, इसलिए हमारी रिलेशनशिप को लेकर आगे कोई अंदाजा न लगाया जाए। ईशा रिखी ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यही बयान शेयर किया है। जुलाई से सामने आ रही थीं अनबन की खबरेंबादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में तनाव की खबरें जुलाई के महीने में आनी शुरू हुई थीं। 26 जुलाई को ईशा ने बादशाह के साथ अपनी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए एक पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने 'हर तूफान एक सीख है' लिखकर दिल टूटने वाला इमोजी लगाया था। इसके बाद ईशा ने एक नोट में लिखा था कि वे लंबे समय तक डर की वजह से चुप रहीं, लेकिन अब वे अपने आत्मसम्मान के लिए बोल रही हैं। इसी बीच ईशा की मां पूनम रिखी ने भी सोशल मीडिया पर कर्म से जुड़ी पोस्ट शेयर की थीं। जून में ही किया था शादी का खुलासाईशा रिखी ने इसी साल जून में इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के दौरान बादशाह के साथ अपनी शादी की पुष्टि की थी। हालांकि शादी के बाद भी दोनों सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बारे में ज्यादा बात करने से बचते रहे। वहीं अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईशा रिखी जल्द ही सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' का हिस्सा बन सकती हैं। बादशाह का दूसरा तलाक, पहली पत्नी से है एक बेटीयह रैपर बादशाह का दूसरा तलाक है। इससे पहले उन्होंने 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। साल 2017 में दोनों की एक बेटी हुई, जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है। हालांकि मतभेदों के बाद बादशाह और जैस्मिन साल 2020 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। इसके बाद बादशाह की जिंदगी में ईशा रिखी की एंट्री हुई थी। तलाक के ऐलान के बीच बादशाह का नया गाना रिलीजबादशाह, जिनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है, ने अपने संगीत सफर की शुरुआत साल 2006 में 'माफिया मुंडीर' ग्रुप से की थी। साल 2013 में दिलजीत दोसांझ के साथ आए पंजाबी गाने 'प्रॉपर पटोला' और साल 2015 के 'डीजे वाले बाबू' से उन्हें देशभर में बड़ी पहचान मिली। इसके बाद साल 2014 में उन्होंने फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' के गाने 'सैटरडे सैटरडे' और 'खूबसूरत' के गाने 'अभी तो पार्टी शुरू हुई है' से बॉलीवुड में कदम रखा। पर्सनल लाइफ में चल रही हलचल के बीच बादशाह का नया मराठी हिप-हॉप गाना 'चिमना' 31 अगस्त को रिलीज हुआ है। इसमें उन्होंने दिव्या कुमार और मराठी लोक कलाकार नागेश मोरवेकर के साथ काम किया है। बादशाह के करियर से जुड़े विवाद ……………………………………. ये खबर भी पढ़ें हनी सिंह ने बादशाह को नालायक औलाद कहा:बादशाह बोले थे- मैंने अपना नाम खुद चुना; यो यो ने पुरानी क्लिप शेयर कर सच बताया रैपर बादशाह और यो यो हनी सिंह का पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। कॉमेडियन समय रैना के शो के दौरान समय ने बादशाह से उनके स्टेज नाम 'बादशाह' को लेकर सवाल किया। पूरी खबर पढ़ें
बादशाह संग तलाक पर दूसरी पत्नी ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- तमाशा...
फेमस पंबाजी एक्ट्रेस ईशा रिखी की सिंगर-रैपर बादशाह संग शादी टूट गई है. बीते दिनों बादशाह और ईशा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अलग होने का ऐलान किया.
विशाल ददलानी के पुणे स्थित फार्महाउस पहुंचीं फराह खान
म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी के पुणे स्थित लेकसाइड डुप्लेक्स फार्महाउस की झलक फराह खान के व्लॉग में देखने को मिली। घर का व्हाइट और मिनिमल लुक, पूल, गार्डन और झील का शानदार व्यू खास आकर्षण हैं।
बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मिर्ज़ापुर: द मूवी' आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। इस फिल्म में कालीन भैया, मुन्ना, गुड्डू, बबलू, गोलू, बीना और स्वीटी जैसे लोकप्रिय किरदार एक बार फिर दर्शकों के सामने हैं। हालांकि, फिल्म की कहानी वेब सीरीज की हूबहू नकल न होकर एक पूरी तरह से अलग और नई दिशा में आगे बढ़ती है। फिल्म का क्लाइमैक्स इस नए बदलाव का सबसे बड़ा आकर्षण है। इसमें पहले से मौजूद किरदारों और उनके रिश्तों को घटनाओं के एक अलग क्रम में दिखाया गया है, जिससे कहानी कई जगहों पर नई दिशा लेती है। फ़िल्म का क्लाइमैक्स इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। इसे भी पढ़ें: चाय के कप से ऑक्टोपस तक... Bigg Boss 20 का घर बना 'अजीबोगरीब सपनों की दुनिया', देखें क्या है खास मुन्ना और गुड्डू के बीच दुश्मनी? मुन्ना भैया और गुड्डू पंडित के बीच की दुश्मनी हमेशा से मिर्ज़ापुर की कहानी का अहम हिस्सा रही है। वेब सीरीज़ के दूसरे सीज़न में, मुन्ना की मौत गुड्डू के हाथों होती है। इसलिए, उन्हें फ़िल्म में एक साथ देखकर दर्शकों के मन में एक बड़ा सवाल उठता है: इस बार उनके बीच क्या होगा? हालाँकि उनकी पुरानी दुश्मनी बनी रहती है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी क्लाइमैक्स की ओर बढ़ती है, हालात पूरी तरह बदल जाते हैं। जब कालीन भैया पर एक बड़ा खतरा मंडराता है, तो गुड्डू और मुन्ना अपनी दुश्मनी भुलाकर एक हो जाते हैं। उनका साझा मकसद कालीन भैया को बचाना बन जाता है। इस तरह, फ़िल्म में मुन्ना और गुड्डू की कहानी का रास्ता वेब सीरीज़ से काफी अलग हो जाता है, और दोनों इस बड़ी लड़ाई से ज़िंदा बच निकलते हैं। बब्बन यादव के साथ बड़ी टक्कर रवि किशन फ़िल्म में बब्बन यादव का किरदार निभाते हैं। बब्बन की नज़र मिर्ज़ापुर की सत्ता पर है; वह कालीन भैया को खत्म करके उस सत्ता पर कब्ज़ा करना चाहता है। यह महत्वाकांक्षा फ़िल्म के क्लाइमैक्स में एक बड़ी टक्कर का आधार बनती है। जैसे-जैसे कहानी अपने अंजाम तक पहुँचती है, बब्बन और कालीन भैया के गुट आमने-सामने आ जाते हैं। यह टकराव जैसलमेर में होता है, जहाँ दोनों पक्ष अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं। इसी बीच, मुन्ना, गुड्डू और बबलू मिलकर कालीन भैया को बचाने के लिए एकजुट होते हैं और उन्हें जानलेवा संघर्ष से सुरक्षित बाहर निकाल लेते हैं। इसे भी पढ़ें: जिस पर किया भरोसा, वही निकली ट्रेटर! Krystal Dsouza-Rida Tharana ने ऐसे पलट दिया The Traitors 2 का पूरा गेम क्या कालीन भैया मर जाते हैं? क्लाइमेक्स में, कालीन भैया को बहुत बड़े खतरे का सामना करना पड़ता है और उन्हें किडनैप भी कर लिया जाता है, फिर भी वे आखिरकार हमले से बच जाते हैं। मुन्ना, गुड्डू और बबलू की कोशिशों से वे इस खतरनाक स्थिति से बच निकलते हैं, यानी इस मामले में फिल्म वेब सीरीज़ से अलग है। हालांकि, कालीन भैया का बचना ही आखिरी बात नहीं है; फिल्म का अंत कहानी को आगे बढ़ाने की गुंजाइश छोड़ता है। अलग-अलग किरदारों से जुड़े बदलते हालात और घटनाओं को देखते हुए, ऐसा लगता है कि मिर्ज़ापुर की दुनिया में अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है । मोहित मलिक द्वारा निभाए गए बिरजू लोहार के किरदार के ज़रिए एक अहम नया पहलू सामने आता है; कहानी आखिर में कालीन भैया के दुश्मन की असली पहचान और उनकी दुश्मनी की वजह का खुलासा करती है, हालांकि सबसे अहम बात यह है कि कालीन भैया इस खतरे से भी बच जाते हैं। आखिरी सीन में बीना भाभी से जुड़ा एक चौंकाने वाला ट्विस्ट है जो दर्शकों को हैरान कर देगा। इसके अलावा, पोस्ट-क्रेडिट सीन में एक और ट्विस्ट का इंतज़ार है। फिल्म के अंत का क्या मतलब है? 'मिर्ज़ापुर: द मूवी' का क्लाइमेक्स पुराने किरदारों को एक साथ लाता है और कहानी को एक नई दिशा देता है। मुन्ना और गुड्डू के बीच गठबंधन, बबलू की मौजूदगी और कालीन भैया का बचना फिल्म को वेब सीरीज़ से अलग पहचान देते हैं। वहीं, बब्बन यादव के साथ टकराव पूरी स्थिति को और गंभीर बना देता है। कहानी को पूरी तरह खत्म करने के बजाय, फिल्म कुछ सवालों के जवाब अधूरे छोड़ देती है। यही वजह है कि दर्शक इस बात को लेकर उत्सुक रहते हैं कि इस दुनिया में आगे क्या होगा; मिर्ज़ापुर की गद्दी के लिए लड़ाई तो बस अभी खत्म हुई है। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Pankaj Tripathi (@pankajtripathi)
'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा इतिहास, चौथे हफ्ते में 6337% की ग्रोथ, आंकड़े कर देंगे हैरान
बॉक्स ऑफिस पर 'हनुमान अंश' की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। जिस फिल्म की शुरुआत बेहद मामूली रही थी, उसने चौथे हफ्ते में ऐसा पलटवार किया है कि उसके आंकड़े देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। फिल्म ने चौथे हफ्ते में पहले हफ्ते के मुकाबले 6337% की ...
आज यानी की 05 सितंबर को बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने साइड और सपोर्टिंग रोल करके फैंस का दिल जीता है। फिल्मी दुनिया में अपना नाम बनाने के लिए उनको काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन अपनी मेहनत और दमदार अभिनय से पंकज त्रिपाठी हर किसी के दिल पर राज करते हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेता पंकज त्रिपाठी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव में 05 सितंबर 1976 को पंकज त्रिपाठी का जन्म हुआ था। उनके पिता चाहते थे कि वह पढ़-लिखकर डॉक्टर बनें और लोगों की सेवा करें। लेकिन एक समय पर पंकज का रुझान राजनीति में हो गया था। कॉलेज के दिनों में वह स्टूडेंट्स पॉलिटिक्स में सक्रिय थे। वहीं 10वीं क्लास में उन्होंने अपना सरनेम तिवारी से त्रिपाठी कर लिया था। विद्यार्थी परिषद में रहते हुए पंकज त्रिपाठी को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। एक्टिंग फील्ड डॉक्टर की पढ़ाई में मन न लगने के बाद पंकज त्रिपाठी का मन राजनीति से भी हटने लगा। उन्होंने फिर अभिनय की दुनिया में आने का फैसला किया। एक बार वह अपने दोस्त के साथ 'अंधा कुंआ' नाम का नाटक देखने के लिए गए थे। इसके बाद उन्होंने पूरी तरह से मन बना लिया कि उनको एक्टिंग ही करनी है। 2004 में आए मुंबई पंकज त्रिपाठी ने पटना में रहते हुए एक के बाद एक थिएटर में काम करते हुए कई नाटक किए। लोगों को उनका काम पसंद आने लगा था। धीरे-धीरे उनको भी इसमें मजा आने लगा। साल 1995 से लेकर 2001 तक पंकज त्रिपाठी ने पटना में नाटक किया। इसके बाद वह फिल्मों की दुनिया में काम करने का सपना लेकर साल 2004 में मुंबई आ गए। काम के लिए भटके मुंबई आने के बाद पंकज त्रिपाठी को काम पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उस मुश्किल समय में उनकी पत्नी मृदुला त्रिपाठी ने घर संभाला भी और चलाया भी था। अभिनेता ने बताया कि उन्होंने साल 2004 से लेकर 2010 तक कुछ नहीं कमाते थे। वह अंधेरी में घूमते और काम की तलाश करते थे। इस फिल्म से बदले दिन साल 2004 में आई फिल्म 'रन' में पंकज त्रिपाठी को छोटा सा रोल मिला। इस फिल्म में भूमिका चावला और अमिताभ बच्चन थे। वहीं साल 2012 में आई फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से अभिनेता को बड़ा ब्रेक और पहचान मिली थी। इसमें पंकज त्रिपाठी ने सुल्तान कुरैशी का रोल निभाया था। इस फिल्म से अन्य स्टार्स ऋचा चड्ढा, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और हुमा कुरैशी को पहचान मिली थी। ओटीटी पर छाए इसके बाद पंकज त्रिपाठी ने 'न्यूटन', 'बरेली की बर्फी', 'मसान', 'ओएमजी 2' और 'मिमी' फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। साल 2018 में वेब सीरीज 'मिर्जापुर' से पंकज त्रिपाठी ने ओटीटी पर डेब्यू किया था। इस सीरीज के आते ही हर किसी की जुंबा पर 'कालीन भैया' का नाम था। यह किरदार पंकज त्रिपाठी की बड़ी पहचान साबित हुआ। उन्होंने 'सेक्रेड गेम्स' और 'क्रिमिनल जस्टिस' में भी अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया।
ओटीटी की दुनिया पर राज करने के बाद पूर्वांचल के बाहुबलियों ने बड़े पर्दे पर कदम रख दिया है। पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल और दिव्येंदु शर्मा स्टारर 'मिर्जापुर: द मूवी' ने सिनेमाघरों में दस्तक देते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। फिल्म का दर्शकों और ...
बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल ने निर्देशक इम्तियाज अली की आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'ओ साथी रे' (O Sathi Re) की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस फिल्म में उनके साथ अदिति राव हैदरी और अविनाश तिवारी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद अर्जुन ने सोशल मीडिया पर इम्तियाज अली और अदिति के साथ की कुछ खास तस्वीरें शेयर कर अपनी खुशी जाहिर की। एक्टर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर अपनी को-स्टार और फ़िल्ममेकर के साथ बिताए पलों की झलक शेयर की। तस्वीरों के साथ अर्जुन ने कहा कि उन्होंने बहुत टैलेंटेड और खास लोगों के साथ कुछ खास पूरा किया है और कहा कि उन्हें उनके साथ काम करने की याद आएगी। इसे भी पढ़ें: जिस पर किया भरोसा, वही निकली ट्रेटर! Krystal Dsouza-Rida Tharana ने ऐसे पलट दिया The Traitors 2 का पूरा गेम अर्जुन रामपाल ने 'ओ साथी रे' की शूटिंग पूरी की 'ओ साथी रे' फ़िल्ममेकर इम्तियाज़ अली के साथ अर्जुन रामपाल का पहला कोलेबोरेशन है। दिलचस्प बात यह है कि प्रोफेशनल तौर पर साथ काम करने से पहले एक्टर और अली कॉलेज के दोस्त थे। प्रोजेक्ट को लेकर अपना उत्साह ज़ाहिर करते हुए अर्जुन ने लिखा कि अपने कॉलेज के दोस्त के डायरेक्शन में काम करना बहुत अच्छा रहा। उन्होंने #OsathiRe हैशटैग का इस्तेमाल किया और नेटफ्लिक्स को टैग किया, जिससे पता चलता है कि फ़िल्म स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर रिलीज़ होगी। अदिति राव हैदरी ने भी अर्जुन की पोस्ट पर रिएक्शन दिया। उन्होंने बिना किसी कोशिश के शानदार होने के लिए एक्टर का शुक्रिया अदा किया और कहा कि वह हमेशा उन्हें सपोर्ट करती रहेंगी। अर्जुन ने अदिति की तारीफ़ करते हुए और मज़ाक में साथ किए गए लंच का ज़िक्र करते हुए जवाब दिया। इसे भी पढ़ें: कौन हैं Kanika Mann? गुड्डन से मिली पहचान, अब Bigg Boss 20 में आने की चर्चा 'ओ साथी रे' किस बारे में है? इम्तियाज़ अली ने 'ओ साथी रे' को पुराने ज़माने के एहसास वाली एक मॉडर्न कहानी बताया है। फ़िल्ममेकर ने इसे मेट्रोपॉलिटन ज़िंदगी की भागदौड़ के बीच एक जादुई परी कथा भी कहा है। जहाँ अली फ़िल्म से राइटर और शो-रनर के तौर पर जुड़े हैं, वहीं उनके भाई आरिफ़ अली ने इस प्रोजेक्ट को डायरेक्ट किया है। फ़िल्म में अर्जुन रामपाल, अदिति राव हैदरी और अविनाश तिवारी मुख्य भूमिकाओं में हैं। उम्मीद है कि 'ओ साथी रे' आज के शहरी माहौल में रिश्तों और भावनाओं को दिखाएगी, साथ ही इम्तियाज़ अली की रोमांटिक और अनोखी कहानी कहने की शैली को भी बनाए रखेगी। अर्जुन रामपाल के नए लुक से एक और फ़िल्म का संकेत मिला 'ओ साथी रे' की शूटिंग पूरी होने की तस्वीरें शेयर करने के तुरंत बाद, अर्जुन ने फ़ैंस को अपने नए लुक की झलक दिखाई। एक्टर ने सेलिब्रिटी हेयरस्टाइलिस्ट आलिम हकीम से हेयरकट करवाने के बाद तस्वीरें पोस्ट कीं। अर्जुन ने बताया कि उनका यह नया लुक एक दूसरी फ़िल्म के लिए है, जिसकी घोषणा वह जल्द ही करने वाले हैं। उन्होंने देर रात उनके लुक पर काम करने के लिए हकीम का शुक्रिया अदा किया और #newlook, #newfilm और #newme जैसे हैशटैग्स के साथ फ़ैन्स को उत्साहित किया। उम्मीद है कि एक्टर हंसल मेहता की आने वाली फ़िल्म 'बिलियनेयर' पर भी काम शुरू करेंगे। अर्जुन रामपाल के हालिया प्रोजेक्ट्स अर्जुन रामपाल थिएटर और स्ट्रीमिंग, दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहे हैं। उन्हें हाल ही में 'सतलुज' में देखा गया था, और वह 'धुरंधर' फ़्रैंचाइज़ी का भी हिस्सा रहे हैं। 'ओ साथी रे' की शूटिंग पूरी होने और एक और प्रोजेक्ट के आने की तैयारी के साथ, रामपाल के पास कई नई रिलीज़ और कोलैबोरेशन लाइन में हैं। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Arjun Rampal (@rampal72)
रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण के मेकर्स ने जन्माष्ठमी के दिन रावण का पोस्टर शेयर कर दिया, जिसके चलते उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ यूजर्स इस चूक से हैरान हैं, तो वहीं कुछ का मानना है कि चर्चा में आने के लिए मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलतियां करते हैं। सवाल ये है कि अगर मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलती करें, तो नेगेटिव पब्लिसिटी से उन्हें क्या फायदा मिलेगा। दरअसल, फिल्मों से जुड़ी ट्रोलिंग या विवाद अगर सिर्फ चर्चा पैदा करता है तो फिल्म को फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर विवाद इतना बढ़ जाए कि दर्शकों की धारणा फिल्म के खिलाफ हो जाए, तो नुकसान भी हो सकता है। एक नजर जानिए, कैसे पड़ता है नेगेटिव पब्लिसिटी का फिल्म पर असर- रामायण मेकर्स ने पोस्ट किया रावण का पोस्टर ये पोस्टर फिल्म रामायण के पेज से शुक्रवार शाम को पोस्ट किया गया था। साथ लिखा गया था, देव लोक, पृथ्वी लोक, पाताल लोक, तीनों लोकों में एख ही राज होगा, रावण राज। पोस्टर आते ही सोशल मीडिया पर मेकर्स की आलोचना शुरू होने लगी। लोगों ने इस पर कई सवाल खड़े किए। पोस्टर से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं पहला सवाल- क्या मेकर्स जानबूझकर, पब्लिसिटी बटोरने और चर्चा में आने के लिए ऐसा कर रहे हैं? दूसरा सवाल- क्या फिल्म से जुड़ी सोशल मीडिया टीम ने गलती से पोस्टर शेयर किया? क्या 4 हजार करोड़ के मेगा बजट की इस फिल्म की रिसर्च टीम इतनी कमजोर है, जिन्हें ये भी नहीं पता कि जन्माष्ठमी में क्या पोस्ट करना चाहिए? इन सवालों के जवाब जानिए- नेगेटिव पब्लिसिटी से फिल्मों को कैसे फायदा होता है? 1. फिल्म की फ्री पब्लिसिटी किसी फिल्म का ट्रेलर, गाना या स्टार उतनी चर्चा न पैदा करे, जितनी कोई विवाद पैदा कर देता है। तो मेकर्स को इसका फायदा मिलता है। मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया बहस फिल्म का नाम लगातार लोगों के सामने रखती है। 2. लोगों की उत्सुकता बढ़ती है अगर फिल्म लगातार विवादों में रहती है, तो दर्शक के मन में सवाल उठता है कि आखिर फिल्म में ऐसा क्या है कि इतना विवाद हो रहा है? यही उत्सुकता कई बार टिकट खरीदने की वजह बन जाती है। इसे इन फिल्मों के उदाहरण से समझिए- 'द कश्मीर फाइल्स' (2022):फिल्म की रिलीज से पहले और बाद में इसके कंटेंट और राजनीतिक इंटरप्रेटेशन को लेकर जबरदस्त बहस हुई। विवाद ने फिल्म को लगातार हैडलाइन में बनाए रखा। नतीजा यह हुआ कि कम बजट की फिल्म को कई लोगों ने देखा, जिससे फिल्म हिट हुई। अगर फिल्म से जुड़ा कोई विवाद न होता, तो फिल्म चर्चा में न आती। 'पद्मावत' (2018): फिल्म को लेकर राजपूत संगठनों का विरोध, कर्णी सेना का आंदोलन, शूटिंग के दौरान तोड़फोड़ और रिलीज रोकने की मांग तक हुई। विवाद इतना बड़ा हुआ कि फिल्म की रिलीज से पहले ही इसका नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लगातार टलने वाली फिल्म जब रिलीज हुई, तो लोग विवाद समझने के लिए ही बढ़-चढ़कर फिल्म देखने गए, जिससे फिल्म के कलेक्शन में फायदा हुआ। 'द केरला स्टोरी' (2023): फिल्म के कथानक और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद हुआ। कुछ राज्यों में इसे लेकर विरोध और प्रतिबंध की खबरें आईं, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे देखने की अपील की। इससे फिल्म को जबरदस्त एक्सपोजर मिला और फिल्म हिट रही। नेगेटिव पब्लिसिटी हमेशा काम नहीं करती? कंट्रोवर्सी तभी फायदा देती है जब दर्शकों की उत्सुकता, फिल्म के खिलाफ बनी नेगेटिविटी से ज्यादा मजबूत हो। इसके उलट कुछ फिल्मों में विवाद ने दर्शकों को फिल्म से दूर भी किया। 'लक्ष्मी' (2020): फिल्म के टाइटल और कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को लेकर विवाद हुआ। बॉयकॉट की मांग हुई और सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। फिल्म विवाद से चर्चा में रही, लेकिन विवाद इतना बड़ा नहीं था, जो उत्सुकता पैदा कर सके। 'आदिपुरुष' (2023): फिल्म के डायलॉग, VFX और रामायण के किरदारों को मॉडर्नाइजेशन कर दिखाने को लेकर रिलीज के बाद भारी आलोचना हुई। यहां नेगेटिव पब्लिसिटी, फिल्म के कॉन्सेप्ट से आगे निकल गई। दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा फिल्म की आलोचना करने लगा और वर्ड ऑफ माउथ खराब हुआ। लगातार हो रही है रामायण की आलोचना कास्टिंग पर विवादः बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले 'ग्लैमरस लुक' पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवालः फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचनाः ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवालः श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी सेना का चित्रण मंगोल लुटेरों की तरह किया गया था। इस भारी विरोध के कारण करोड़ों के बजट में बनी वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।
शॉर्ट फिल्म से बॉलीवुड तक, जानिए विधु विनोद चोपड़ा कैसे बने इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्ममेकर
बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म निर्माता-निर्देशक और स्क्रीन राइटर विधु विनोद चोपड़ा 74 वर्ष के हो गए हैं। विधु विनोद चोपड़ा का जन्म 5 सितंबर 1952 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हुआ था। विधु विनोद चोपड़ा को हमेशा से ही फिल्मों से प्यार था। उन्होंने फिल्म ...
'मिर्जापुर द मूवी' में छाए मुन्ना भैया, इंटीमेट सीन्स से मचाई सनसनी
मिर्जापुर फ्रेंचाइजी की पहली थिएट्रिकल फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' 4 सितंबर 2026 को रिलीज हुई. फिल्म के डार्क टोन और इंटीमेट सीन्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. दिव्येंदु शर्मा और रसिका दुग्गल के इंटीमेट सीन फैन्स के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं.
'शूर्पणखा है' स्वरा के जौहर बयान पर तिलमिलाए भक्ति स्वामी
बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने जन्माष्टमी पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें कमेंट सेक्शन रिस्ट्रिक्ट था.पद्मावत के जौहर सीन पर उनके बयान विवादित रहे, जिसके कारण उन्हें धार्मिक नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आलोचना की राजकोट में हुए धार्मिक समारोह में भक्ति स्वामी ने उन्हें 'शूर्पणखा' कहा और विश्व हिंदू परिषद के मंत्री ने महिला शक्ति के लिए कलंक बताया.
सलमान खान बिग बॉस 20 के सेट पर उन्हें कवर करने आए पैपराजी पर भड़क गए। सलमान ने सरेआम फोटोग्राफर्स को फटकारा, जिसका वीडियो अब सामने आया है। दरअसल, सलमान टी-शर्ट, जींस और काऊबॉय हेट पहने, बिग बॉस 20 के मंच पर शूटिंग के लिए पहुंचे थे। सलमान पोज दे रहे थे तभी एक फोटोग्राफर ने- बाबा.., बाबा…, चिल्लाते हुए उनसे पोज देने की डिमांड की। ये सुनते ही सलमान नाराज हो गए और गुस्से में कहा- बाबा? ये तेरा काम नहीं है। मुझे कैमरे के आगे आने की कोई जरुरत नहीं है। इस घटना के कुछ समय बाद फिर पैपराजी बार-बार फोटो लेने के लिए उतावले दिखे, जिससे सलमान के चेहरे पर गुस्सा आ गया। बिग बॉस 20 की शूटिंग शुरू टेलीविजन रियलिटी शो बिग बॉस 20, 6 सितंबर से शुरू हो रहा है। बिग बॉस हाउस का फर्स्ट लुक भी सामने आ चुका है। ये है इस तरह की चौथी घटना सलमान पिछले कुछ दिनों से लगातार पैपराजी पर नाराजगी जता रहे हैं। ये इस तरह की चौथी घटना है, जब सलमान ने पैपराजी को फटकारा है। अस्पताल के बाहर शोर मचाने पर डांटा कुछ महीनों पहले सलमान किसी करीबी से मिलने अस्पताल गए थे। वह जैसे ही बाहर आए, पैपराजी तस्वीर लेने के लिए आवाज लगाने लगे। शोर होता देख, सलमान भड़क गए और जमकर खरी-खोटी सुनाई। बाद में सलमान ने की अटपटी सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कीं। कुछ समय बाद जब सलमान रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तो पैपराजी ने सलमान को घेर कर माफी मांगी थी। पैपराजी के शोर से परेशान हुए सलमान रियलिटी शो बिग बॉस 19 की सक्सेस पार्टी में भी ऐसा ही हुआ। सलमान जैसे ही पोज देने पहुंचे, पैपराजी उनकी तस्वीर लेते हुए शोर करने लगे, इसके बाद सलमान ने इशारे में हल्ला न करने के लिए कहा था। भांजी डिस्टर्ब हुई तो नाराज हुए सलमान कुछ महीनों पहले सलमान खान वर्ल्ड पैडल लीग के एक इवेंट का हिस्सा बने, जिसमें उनकी भांजी आयत भी पहुंची थी। इवेंट के बाद सलमान भांजी को गोद में लिए निकल रहे थे, तभी फोटोग्राफर्स ने उन्हें घेर लिया। सलमान ने तब गुस्से में पैपराजी से दूर हटने को कहा था। मां की फोटो लेने से रोका कुछ साल पहले सलमान खान, मां के साथ भाई सोहेल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे थे। जैसे ही उनकी मां कार से उतरने को हुईं, सलमान ने इशारा कर सभी पैपराजी को वहां से हटा दिया। इन सेलेब्स की भी पैपराजी से हुई बहस मलाइका अरोड़ाः कुछ दिनों पहले मलाइका का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वो एक शख्स से बात करती नजर आईं। जैसे ही पैपराजी उनके करीब जाने लगे, तो मलाइका गुस्सा हो गईं। गोविंदाः गोविंदा के सिक्योरिटी गार्ड से हाल ही में पैपराजी की धक्का-मुक्की हो गई। गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था। मौनी रॉयः हाल ही में मौनी रॉय को मुंबई में स्पॉट किया गया था। वो जैसे ही कार में बैठीं पैपराजी की फ्लैश लाइट उनके चेहर पर पड़ने लगी। इस पर एक्ट्रेस भड़क गईं और फटकार लगा दी। सरेआम कपड़े बदलने की मांग पर भड़की थीं जरीन खान एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा की मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। दरअसल जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना। यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता है। नेहा धूपिया ने बैक शॉट पर जताई थी नाराजगी इससे पहले गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’
'महाभारत' का 'अभिमन्यु' बन मिली शोहरत, शोबिज छोड़ कहां हुए गायब?
मयूर वर्मा, जिन्होंने महाभारत में अभिमन्यु का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाई, अब शोबिज से दूर वेल्स में बस गए हैं. उन्होंने एक्टिंग छोड़कर अपने बच्चों के लिए शांत और साधारण जीवन चुना. मयूर ने शुरुआती उम्र से ही अभिनय किया और कई फिल्मों में काम किया, लेकिन बाद में असिस्टेंट डायरेक्टर और टीवी प्रेजेंटर के रूप में भी काम किया.
बॉक्स ऑफिर पर मचा मिर्जापुर का भौकाल, जानें पहले दिन कितने कमाए
मिर्जापुर द मूवी ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ाने का काम किया है. हनुमान अंश की आंधी के बावजूद, मिर्जापुर को पहले दिन बेहतरीन ओपनिंग मिली है.
‘तारे जमीन पर’ से ‘सुपर 30’ तक, Teacher's Day पर देखें ये 5 फिल्में
एक टीचर और स्टुडेंट का रिश्ता होता ही ऐसा हैं जो स्टुडेंड को अपने मंजिल तक पहुंचने में सहयोग करते हैं. बॉलीवुड में भी ऐसी कई सारी फिल्म हैं जो टीजर की कहानी दिखाई गई है, जिन्होंने अपने छात्रों की जिंदगी बदल दी.
दिग्गज अभिनेता पंकज त्रिपाठी का आज 50वां जन्मदिन है। पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। दरअसल, फिल्मों में पहचान बनाने से पहले पंकज त्रिपाठी पटना के होटल मौर्य की किचन में सुपरवाइजर के तौर पर काम करते थे। वह होटल में काम करने के साथ-साथ थिएटर भी किया करते थे। पंकज ने कपिल शर्मा के शो में बताया था कि वो मनोज बाजपेयी के बहुत बड़े फैन थे। उन्हें जब पता चला कि मनोज बाजपेयी होटल में रुके हुए हैं, तो उन्होंने होटल के स्टाफ से कहा था कि मनोज बाजपेयी के रूम से कोई भी ऑर्डर आए तो सीधे उनको बताना। जब मनोज के कमरे से ऑर्डर आया तब पंकज ने होटल में मौजूद ढेर सारे सेबों में से सबसे अच्छे सेब चुनवाए और उन्हें अच्छी तरह पैक करवाकर एक्टर के कमरे में भेजा था। इसके साथ ही उन्होंने वेटर से कह दिया था कि मनोज जी से कहना कि एक लड़का उनसे मिलना चाहता है और वह थिएटर करता है। इसके बाद पंकज खुद मनोज के कमरे में पहुंचे। उन्होंने मनोज को प्रणाम किया, पैर छुए और बताया कि वह भी थिएटर करते हैं। कुछ देर उनसे मिलने के बाद पंकज वहां से वापस आ गए। मनोज की चप्पल होटल में छूट गई थी पंकज ने बताया था कि अगले दिन सुबह मनोज बाजपेयी होटल से चेकआउट करके एयरपोर्ट के लिए निकल गए। हालांकि, मनोज की एक हवाई चप्पल होटल के कमरे में छूट गई। जिसके बाद हाउसकीपिंग के कर्मचारी ने पंकज से कहा, “तुम्हारे मनोज बाजपेयी चप्पल छोड़ गए हैं।” यह सुनते ही पंकज ने कहा कि चप्पल हाउसकीपिंग में जमा मत करो, उन्हें दे दो। इसके पीछे की वजह बताते हुए पंकज ने कहा था, “एकलव्य की तरह अगर मैं इनके खड़ाऊं में अपना पैर डाल लूंगा…” यह कहते-कहते पंकज शो में भावुक हो गए थे। उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। पंकज की जिंदगी में एक नहीं, दो जन्मतिथियां पंकज त्रिपाठी की जन्मतिथि को लेकर भी एक दिलचस्प किस्सा है। दस्तावेजों और कई आधिकारिक प्रोफाइल में उनकी जन्मतिथि 5 सितंबर 1976 दर्ज है। हालांकि, पंकज ने खुद बताया था कि उनका जन्म वास्तव में 28 सितंबर 1976 को हुआ था। उन्होंने बताया था कि बचपन में स्कूल में नामांकन के दौरान उनके भाई से जन्मतिथि पूछी गई थी। भाई को सही तारीख याद नहीं थी, इसलिए 5 सितंबर दर्ज हो गया। जिसके चलते यही तारीख उनकी जन्मतिथि बन गई। पंकज त्रिपाठी ने 7 दिन जेल में बिताए थे कॉलेज के दिनों में पंकज त्रिपाठी का सामना जेल से भी हुआ था। साल 1993 में वह छात्र राजनीति से जुड़े थे और एक आंदोलन के दौरान उन्हें पटना की बेऊर जेल में करीब सात दिन बिताने पड़े। दरअसल, मधुबनी में छात्रों पर हुई गोलीबारी के विरोध में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ प्रदर्शन किया था। जिसके चलते उन्हें राजनीतिक कैदी के रूप में जेल में रहना पड़ा था। जेल में बिताए इन सात दिनों ने पंकज की सोच पर गहरा असर डाला। इसी दौरान उन्हें किताबें पढ़ने का शौक लगा। जेल में बंद अलग-अलग लोगों और उनके स्वभाव को करीब से देखने का मौका मिला, जिसे बाद में उन्होंने अपने अभिनय और किरदारों को समझने में भी इस्तेमाल किया। एक नजर पंकज त्रिपाठी के करियर पर पंकज त्रिपाठी को फिल्मों में शुरुआती दौर में छोटे किरदार मिले। ‘रन’ और ‘ओमकारा’ जैसी कई फिल्मों में नजर आने के बाद उन्हें 2012 में आई अनुराग कश्यप की ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से पहचान मिली। फिल्म में उनका सुल्तान कुरैशी का किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद पंकज ने फुकरे, मसान, निल बट्टे सन्नाटा, बरेली की बर्फी, न्यूटन और स्त्री जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाए। OTT पर सेक्रेड गेम्स, मिर्जापुर और क्रिमिनल जस्टिस जैसी सीरीज ने उनकी लोकप्रियता को और बढ़ाया। मिमी में उनके अभिनय के लिए पंकज त्रिपाठी को 69वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का पुरस्कार मिला था। यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले आज वियतनाम में होगा। इस प्रतियोगिता में निकिता पोरवाल भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। भारत में इस पेजेंट का प्रसारण जियाहॉटस्टारt पर होगा। लाइवस्ट्रीम शाम 5:30 बजे से शुरू होगा। फिनाले वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में होगा। ब्यूटी पेजेंट का यह 73वां संस्करण है और यह इस संस्था की 75वीं वर्षगांठ का जश्न है। पिछले साल ओपल सुचाता ने खिताब जीता था।मिस वर्ल्ड 2025 का फिनाले पिछले साल 31 मई 2025 को हैदराबाद के हाइटेक्स एग्जीबिशन सेंटर में हुआ था। इस मुकाबले में 108 देशों की कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया था। थाइलैंड की ओपल सुचाता चुआंगश्री ने मिस वर्ल्ड 2025 का खिताब अपने नाम किया था। इथियोपिया की हासेट डेरेज फर्स्ट रनर-अप रही थीं। वहीं, पोलैंड की माजा क्लाज्दा सेकेंड रनर-अप और मार्टिनिक की ओरेली जोआचिम थर्ड रनर-अप रही थीं। मिस वर्ल्ड खिताब हासिल करने के बाद ओपल सुचाता ने भावुक होकर कहा था- ये मेरी निजी जीत नहीं बल्कि उन युवा लड़कियों की भी जीत है, जो दिखना, सुनना और बदलाव करना चाहती हैं। इस लीगेसी को रिप्रजेंट करने और मिस वर्ल्ड के इस समय में असल बदलाव लाने के लिए गर्व महसूस कर रही हूं। पिछले साल भारत की नंदिनी गुप्ता प्रतियोगिता में टॉप-20 तक पहुंची थीं। हालांकि, वह टॉप-8 में जगह नहीं बना सकी थीं। नंदिनी ने टॉप मॉडल का टाइटल जीता था। फिनाले में बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद को उनके सामाजिक काम के लिए मिस वर्ल्ड ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड दिया गया था। वह जूरी का हिस्सा भी थे और उन्होंने ओपल से फाइनल सवाल पूछा था। जैकलीन फर्नांडिस और ईशान खट्टर ने फिनाले में परफॉर्म किया था। एक नजर मिस वर्ल्ड के इतिहास पर- ब्यूटी नहीं बिकिनी कॉन्टेस्ट था पहला मिस वर्ल्ड 1951 में इंग्लैंड के टीवी होस्ट एरिक मोर्ले ने फेस्टिवल ऑफ ब्रिटेन सेलिब्रेशन में बिकिनी को बढ़ावा देने के लिए बिकिनी कॉन्टेस्ट आयोजित किया था। इसका उद्देश्य भीड़ बढ़ाना था। ये अपनी तरह का इकलौता कॉन्टेस्ट था, जिसमें कई देशों की 27 मॉडल बिकिनी में रैंप वॉक करने वाली थीं। विदेशी मीडिया ने इसे मिस वर्ल्ड नाम दिया था। इसकी पहली विजेता स्वीडन की कर्स्टीन मार्गरेटा उर्फ कीकी हकानसन रहीं। उन्होंने क्राउनिंग के दौरान बिकिनी पहनी थी। जैसे ही ये कॉन्टेस्ट टेलीविजन पर प्रसारित हुआ तो उस समय के पोप ने इसकी जमकर आलोचना की। उन्होंने इसे धर्म और समाज के विरुद्ध माना। कई देशों ने भी अपनी कंटेस्टेंट्स भेजने से इनकार कर दिया। विवादों से ये बिकिनी कॉन्टेस्ट सुर्खियों में आ गया। पॉपुलैरिटी के चलते एरिक मोर्ले ने इस कॉन्टेस्ट को मिस वर्ल्ड नाम के साथ रजिस्टर करवाया और इसे सालाना प्रतियोगिता बना दिया। मिस वर्ल्ड से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 1970- फिनाले के दौरान मंच पर फेंका गया बम 20 नवंबर 1970 को लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में मिस वर्ल्ड का फिनाले हो रहा था, तभी अचानक 60 फेमिनिस्ट प्रोटेस्टर्स वहां पहुंचकर मंच पर आटा बम फेंकने लगीं। शो के होस्ट इससे घबरा गए और सेरेमनी रोक दी गई। वे कॉन्टेस्ट में महिलाओं की प्रदर्शनी से नाराज थीं। इससे पहले भी सेरेमनी शुरू होने से पहले हॉल के बाहर खड़ी BBC की ब्रॉडकास्ट वैन पर ब्रिटिश टेररिस्ट ग्रुप ने बम से हमला किया था। खुशकिस्मती से दोनों धमाकों में कोई नुकसान नहीं हुआ था। 1970- ब्लैक वुमन मिस वर्ल्ड बनीं तो हुआ विरोध प्रदर्शन 1970 में ही कैरेबियन देश ग्रेनाडा की मिस ग्रेनाडा जेनिफर होस्टन मिस वर्ल्ड जीतने वाली पहली ब्लैक वुमन बनी थीं। विनर अनाउंस होने के बाद लोगों ने मिस वर्ल्ड का विरोध शुरू कर दिया। ब्रॉडकास्ट पार्टनर BBC को भी कई खत मिले, जिसमें रिजल्ट का विरोध हुआ। बाद में ये भी सामने आया कि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर सर एरिक गैरी ज्यूरी में शामिल थे। सबसे ज्यादा वोट मिस स्वीडन को मिले थे, हालांकि ग्रेनाडा के प्राइम मिनिस्टर के दबाव में जेनिफर होस्टन को जिताया गया। 1973- अफेयर सामने आया तो छीन लिया गया मिस वर्ल्ड का खिताब 1973 में मार्जोरी वैलेस मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने वाली पहली US कंटेस्टेंट रहीं। हालांकि, उनके कई अफेयर और किसिंग फोटो सामने आने के बाद क्राउनिंग के 104 दिन बाद उनसे मिस वर्ल्ड का खिताब छीन लिया गया था। 1980- न्यूड फोटोशूट करवाया तो जर्मनी की मिस वर्ल्ड को क्राउन लौटाना पड़ा 1980 की मिस वर्ल्ड विजेता रहीं जर्मनी की गैब्रिएला ब्रूम ने ये कहते हुए क्राउन लौटा दिया था कि उनके बॉयफ्रेंड को इससे आपत्ति है। हालांकि, बाद में सामने आया कि मैगजीन में न्यूड तस्वीरें छपने के बाद उनसे ये खिताब छीन लिया गया था। 2000- नाइजीरिया में फिनाले रखा गया तो कई देशों ने छोड़ा कॉन्टेस्ट मिस वर्ल्ड 2000 नाइजीरिया में होने वाला था, लेकिन कई यूरोपियन देशों की कंटेस्टेंट्स ने पेजेंट का बॉयकॉट कर दिया। सेरेमनी शुरू होने से पहले नाइजीरिया के कदुना शहर में धार्मिक दंगे शुरू हो गए, जिसमें 200 लोग मारे गए। आखिरकार सेरेमनी लंदन में हुई। देश बदलने से वो कंटेस्टेंट्स भी इसमें शामिल हुईं, जिन्होंने पेजेंट छोड़ दिया था। 2020- कोरोना के चलते मिस वर्ल्ड 2020 रद्द कर दिया गया था। 2021- फिनाले के दिन 23 कंटेस्टेंट्स हो गई थीं कोविड पॉजिटिव मिस वर्ल्ड 2021 प्यूर्टो रिको में 16 दिसंबर 2021 को होने वाला था। सेरेमनी से ठीक एक दिन पहले 17 कंटेस्टेंट्स और टेक्नीशियन कोविड पॉजिटिव हो गए। उन्हें क्वारैंटाइन कर दिया गया और फिनाले में आने से रोक दिया गया। सेरेमनी के दिन 23 कंटेस्टेंट्स कोविड पॉजिटिव पाई गईं, जिसके बाद मिस वर्ल्ड 2021 को पोस्टपोन कर दिया गया। इसके बाद मिस वर्ल्ड 2021 का आयोजन अगले साल 2022 में हुआ। मिस इंग्लैंड ने फिनाले से पहले ऑर्गेनाइजर्स पर लगाए आरोप, कॉन्टेस्ट छोड़ा 2025- मिस वर्ल्ड 2025 का आयोजन भारत के हैदराबाद में हुआ। हालांकि, फिनाले से चंद दिनों पहले ही मिस इंग्लैंड मिला मैगी ने ये कहते हुए पेजेंट छोड़ दिया कि ऑर्गनाइजर्स उन पर फाइनेंसर्स का मनोरंजन करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पेजेंट में वैश्या जैसा महसूस करवाया गया। प्रियंका चोपड़ा की जीत पर हुआ था विवाद प्रियंका चोपड़ा ने साल 2000 में 108 देशों की कंटेस्टेंट्स को पीछे कर मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। उनकी जीत के 22 साल बाद को-कंटेस्टेंट रहीं मिस बारबाडोस लीलानी मेककॉने ने आरोप लगाया था कि मिस वर्ल्ड 2000 फिक्स था और प्रियंका को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता था। यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट कर लीलानी ने कहा था कि उस साल स्पॉन्सर इंडियन केबल स्टेशन जीटीवी था। ऐसे में प्रियंका चोपड़ा की गाउन दूसरी कंटेस्टेंट्स से बेहतर पाई गई थी। स्विमसूट राउंड में सभी ने बिकिनी पहनी थी, लेकिन प्रियंका को सारोंग दिया गया था। उस समय वो कोई स्किन टोन ठीक करने वाली क्रीम लगाती थीं, जिससे उनके शरीर पर धब्बे आ गए थे। इसे छिपाने के लिए उन्होंने सारोंग पहना था। उन्हें खाना कमरे में मिलता था। ऑर्गनाइजर्स दूसरी लड़कियों के साथ भेदभाव करते थे, जिस वजह से कोई प्रियंका को पसंद नहीं करता था।
'राजनीतिक सवाल पूछने का क्या मतलब है?', नाराज हुई मिर्जापुर एक्ट्रेस
एक्ट्रेस श्वेता त्रिपाठी अपने दमदार एक्टिंग के लिए जानी जाती है. उनका मानना है कि एक्टर्स को अपने एक्टिंग पर ही फोकस करना चाहिए. इसलिए जब उनसे राजनीति पर सवाल किया गया तो जानें वो क्या बोलीं.
अनिरुद्धाचार्य ने स्वरा भास्कर को बताया 'चरित्रहीन'? बोले- जौहर जैसी बातें नहीं समझेंगी
Anirudhacharya On Swara Bhaskar:
मोहनलाल स्टारर L367 को लेकर बढ़ा सस्पेंस, कल सुबह 11:11 बजे डायरेक्टर विष्णु मोहन करेंगे बड़ी घोषणा
मोहनलाल की आगामी फिल्म 'L367' को लेकर दर्शकों में उत्साह है, जिसके निर्देशक विष्णु मोहन कल सुबह 11:11 बजे एक बड़ी घोषणा करेंगे।
दो दशक पहले उदित नारायण (Udit Narayan) नेनिरहुआ (Nirahua) कोएक कल्ट भोजपुरी गीत दिया था जो अमर हो गया।
'कैमरा के सामने आने की जरूरत नहीं', किसपर गुस्सा हुए सलमान? Video
सलमान खान का बिग बॉस 20 के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो अचानक किसी पर गुस्सा होते नजर आए. कुछ देर के लिए उनका पारा हाई दिखा, लेकिन जल्द ही वो नॉर्मल भी हो गए.
'जो चरित्रवान नहीं...', स्वरा का जौहर पर कमेंट सुन बौखलाए अनिरुद्धाचार्य
स्वरा भास्कर ने पद्मावत फिल्म के जौहर सीन की आलोचना कर विवाद खड़ा कर दिया है. इस पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने स्वरा को कड़ी प्रतिक्रिया दी है और जौहर को पवित्र चरित्र की रक्षा के रूप में बताया है.
पवन सिंह को भोजपुरी इंडस्ट्री का पॉवर स्टार कहा जाता है। उनका यह वायरल गाना आज भी शादियों और पार्टियों में खूब बजता है।
'बहुत तकलीफ होती थी...', बेवजह फिल्मों से निकाले जाने पर Tara Sutaria का छलका दर्द
टॉक्सिक एक्ट्रेस तारा सुतारिया (Tara Sutaria) ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में फिल्मों से बिना बताए हटाए जाने के दर्द को साझा किया।
हिंदी सिनेमा को वो अभिनेता जो एक डायलॉग के चलते इतने मशहूर हो गए कि आज भी लोग उन्हें 'कपटी लाला' के नाम से जानते हैं। जानिए उनके बारे में...
ब्लॉकबस्टर फिल्म लगान में काम करने के बावजूद अमीन हाजी को बाद में काम मिलना बंद हो गया। एक्टर ने इसकी एक बड़ी ही खास वजह बताई है।
सत्यजीत और राज कपूर को कहा ना... अमिताभ के दौर में भी छाया ‘महानायक’
1950 के दशक में उत्तम कुमार ने खुद को बांग्ला सिनेमा के सबसे प्रमुख युवा अभिनेताओं में स्थापित कर लिया.इस दौरान उन्होंने कई बार लगातार हिट फिल्में दींलेकिन 1960 वह साल था, जब उन्हें ‘महानायक’ कहे जाने की शुरुआत हुई.उस साल वह नौ फिल्मों में नजर आए और बॉक्स ऑफिस पर सभी नौ फिल्में सफल रहीं.
हैवान में असरानी का आखिरी शॉट देख भावुक हुए अक्षय, बोले- याद आएगी
बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार असरानी एक आखिरी बार अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म हैवान में नजर आने वाले हैं. उन्हें ट्रिब्यूट देने के लिए अक्षय ने फिल्म से उनका आखिरी शॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
100 कंटेस्टेंट, बिना दर्शकों का एरिना और दिमागी खेल:ऐसा है अनिल कपूर के ‘इंडिया के टॉप 1%’ का सेट
मुंबई में ‘इंडिया के टॉप 1%’ का सेट किसी सामान्य क्विज शो के सेट जैसा नहीं है। यहां न दर्शकों के लिए अलग सीटिंग है और न ही एक कंटेस्टेंट हॉट सीट पर बैठकर सवालों का जवाब देता है। इसके बजाय पूरे एरिना में देशभर से आए 100 प्रतिभागी एक साथ खेलते हैं। सेट के बीचों-बीच अनिल कपूर के लिए कोई पारंपरिक हॉट सीट भी नहीं है। वे इन 100 कंटेस्टेंट्स के बीच घूमते हुए सवाल पूछेंगे। करीब एक महीने में तैयार किए गए इस विशाल सेट पर 100 से ज्यादा लोगों ने काम किया। सेट डिजाइनर वर्षा जैन के मुताबिक इसकी सबसे बड़ी चुनौती एक साथ 100 प्रतिभागियों के लिए तकनीकी व्यवस्था तैयार करना था। आंखों देखा हाल: 100 लोगों के लिए तैयार किया गया विशाल एरिना सेट में कदम रखते ही सबसे पहले इसका विशाल आकार ध्यान खींचता है। पूरा एरिना इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक साथ 100 प्रतिभागी बैठकर गेम खेल सकें। यहां पारंपरिक क्विज शो की तरह दर्शकों की भीड़ नहीं है। जो लोग दिखाई देंगे, वे सभी खेल का हिस्सा होंगे। सेट का पूरा डिजाइन प्रतिभागियों और होस्ट अनिल कपूर के बीच सीधा कनेक्शन बनाने के हिसाब से तैयार किया गया है। अनिल कपूर किसी एक कंटेस्टेंट के सामने बैठकर सवाल नहीं पूछेंगे, बल्कि 100 लोगों के बीच मौजूद रहकर उनसे सवाल करेंगे। अनिल कपूर के लिए नहीं है पारंपरिक ‘हॉट सीट’ सेट के बीच में एक खास सीट नजर आती है, जिसे देखकर पहली नजर में इसे हॉट सीट समझा जा सकता है। हालांकि, यह पारंपरिक हॉट सीट नहीं है। अनिल कपूर इस सीट पर बैठकर गेम होस्ट नहीं करेंगे। वे इसके आसपास घूमते हुए पूरे एरिना में मौजूद 100 प्रतिभागियों से सवाल करेंगे। यानी होस्ट और कंटेस्टेंट के बीच की दूरी को सेट डिजाइन के स्तर पर ही कम रखा गया है। छत पर लगी हैं 100 खास लाइट्स इस सेट की सबसे दिलचस्प चीजों में से एक इसकी लाइटिंग है। वर्षा जैन के मुताबिक सेट की छत पर 100 लाइट पॉइंट लगाए गए हैं। हर लाइट एक प्रतिभागी के लिए है। गेम के दौरान किसी सवाल के जवाब के हिसाब से इन लाइट्स को प्रोग्राम किया जाएगा। सही और गलत जवाब के साथ लाइटिंग में बदलाव होगा, जिससे पूरे एरिना में गेम का असर दिखाई देगा। वर्षा जैन ने बताया कि 100 लोगों के लिए एक साथ कैमरा और लाइटिंग को प्रोग्राम करना तकनीकी तौर पर काफी चुनौतीपूर्ण था। यही वजह है कि सेट तैयार होने के बाद भी करीब 10 दिन तक तकनीकी जांच और रिहर्सल चलती रही। एक महीने में तैयार हुआ सेट इस विशाल सेट को तैयार करने में करीब एक महीने का समय लगा। हालांकि, इसकी प्लानिंग इससे पहले ही शुरू हो गई थी और डिजाइन तैयार करने में करीब दो महीने लगे। वर्षा जैन के मुताबिक सेट पर काम करने के दौरान रोजाना 100 से ज्यादा लोग जुटे रहे। सेट तैयार होने के बाद कैमरों, लाइट्स और तकनीकी सिस्टम की लगातार जांच की गई, ताकि शूटिंग के दौरान 100 प्रतिभागियों के साथ गेम को आसानी से संचालित किया जा सके। वर्षा जैन ने बताया कि इंटरनेशनल फॉर्मेट होने के कारण सेट डिजाइन में तय गाइडलाइन का भी पालन करना था। इसके साथ भारतीय दर्शकों और शो की जरूरत के मुताबिक अपनी क्रिएटिव व्याख्या भी जोड़ी गई। ‘केबीसी’ जैसा दिखता है, लेकिन गेम बिल्कुल अलग पहली नजर में ‘इंडिया के टॉप 1%’ का सेट देखने पर इसे अमिताभ बच्चन के ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से जोड़ा जा सकता है, लेकिन दोनों के फॉर्मेट में बड़ा अंतर है। वर्षा जैन के मुताबिक ‘केबीसी’ में होस्ट एक समय में एक कंटेस्टेंट के साथ खेलते हैं और आसपास दर्शक मौजूद रहते हैं। ‘इंडिया के टॉप 1%’ में ऐसा नहीं है। यहां अनिल कपूर एक साथ पूरे 100 प्रतिभागियों के साथ खेलते हैं और सेट पर अलग से दर्शकों की मौजूदगी नहीं है। उनके मुताबिक शो की वाइब, होस्ट की एनर्जी, सवालों का अंदाज और सेट का लुक- सब कुछ ‘केबीसी’ से अलग रखा गया है। क्या है ‘इंडिया के टॉप 1%’ का कॉन्सेप्ट? ‘इंडिया के टॉप 1%’ लोकप्रिय ब्रिटिश गेम शो ‘द 1% क्लब’ का भारतीय संस्करण है। शो में देशभर से अलग-अलग पेशों और बैकग्राउंड के 100 लोग एक साथ गेम खेलते हैं। इसकी खासियत यह है कि इसमें इतिहास, भूगोल या किताबों से जुड़े सामान्य ज्ञान के सवालों पर ज्यादा जोर नहीं है। यहां कंटेस्टेंट की रीजनिंग, लॉजिक, ऑब्जर्वेशन, पैटर्न पहचानने की क्षमता, कॉमन सेंस और प्रेजेंस ऑफ माइंड को परखा जाता है। शो के कंसल्टेंट सिद्धार्थ बसु के मुताबिक इसका मकसद सिर्फ यह देखना नहीं है कि किसी व्यक्ति ने कितना किताबी ज्ञान हासिल किया है, बल्कि यह देखना है कि वह अपने सामने मौजूद चीजों को किस तरह समझता और उसका लॉजिक पकड़ता है। 90% से शुरू होकर 1% तक पहुंचता है खेल इस गेम का तरीका भी दूसरे क्विज शो से अलग है। शुरुआत में सवाल ऐसा होता है, जिसका जवाब देश के करीब 90% लोग दे सकते हैं। इसके बाद सवालों का स्तर धीरे-धीरे कठिन होता जाता है। इसके बाद 80%, 70%, 60% और आगे बढ़ते हुए सवालों का स्तर उस मुकाम तक पहुंचता है, जहां सिर्फ 1% लोग ही उसका सही जवाब दे पाते हैं। यही इस शो का मूल कॉन्सेप्ट है- देखना कि कौन-सा प्रतिभागी अपनी सोच और समझ के दम पर भारत के उस 1% लोगों में शामिल हो सकता है, जो सबसे मुश्किल सवाल का जवाब दे पाए। हर एपिसोड में 100 नए खिलाड़ी शो में हर एपिसोड 100 लोग गेम खेलते हैं। खास बात यह है कि इसमें प्राइज मनी का सफर भी इसी गेम के साथ आगे बढ़ता है। शो में प्रतिभागियों को पहले से एक लाख रुपए की राशि दी जाती है और गेम के दौरान वे आगे बढ़ते हुए बड़ी रकम जीत सकते हैं। शो में अधिकतम प्राइज मनी 1 करोड़ रुपए तक है। सिद्धार्थ बसु के मुताबिक हर एपिसोड में यह देखा जाएगा कि 100 में से कौन प्रतिभागी गेम में सबसे आगे तक पहुंच पाता है। इसमें किसी एक एपिसोड की रकम को अगले एपिसोड में ले जाने वाला रोलओवर सिस्टम नहीं है। ‘1%’ तक पहुंचने के लिए नहीं चाहिए बड़ी डिग्री इस गेम की एक खास बात यह भी है कि इसमें किसी खास शैक्षणिक डिग्री या प्रोफेशनल बैकग्राउंड की जरूरत नहीं है। सिद्धार्थ बसु ने अनिल कपूर को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को सफल होने के लिए जरूरी नहीं कि उसने इंजीनियरिंग या मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की हो या यूपीएससी जैसी परीक्षा की तैयारी की हो। उनके मुताबिक शो इस बात पर केंद्रित है कि किसी व्यक्ति के भीतर मौजूद समझ, तर्क और सोचने की क्षमता उसे कितना आगे ले जा सकती है। अनिल कपूर को क्यों चुना गया होस्ट? ‘इंडिया के टॉप 1%’ को अनिल कपूर होस्ट कर रहे हैं। सिद्धार्थ बसु के मुताबिक जब उन्हें बताया गया कि अनिल कपूर जैसे अभिनेता और परफॉर्मर को शो से जोड़ा जा रहा है, तो उन्हें लगा कि वे इस कॉन्सेप्ट के लिए बिल्कुल सही उदाहरण हैं। उनका कहना है कि अनिल कपूर ने अपने करियर में लंबे समय तक मेहनत, लगन और अपने काम के प्रति समर्पण के दम पर अपनी पहचान बनाई है। इसलिए वे शो के उस विचार से भी मेल खाते हैं कि किसी व्यक्ति की सफलता सिर्फ उसकी डिग्री या किताबी ज्ञान से तय नहीं होती। सिद्धार्थ बसु ने यह भी बताया कि वे इस शो के निर्माता या निर्देशक नहीं हैं, बल्कि कंसल्टेंट के तौर पर इससे जुड़े हैं। अनिल कपूर के साथ पहले भी काम कर चुके हैं सिद्धार्थ बसु सिद्धार्थ बसु और अनिल कपूर का इससे पहले भी काम का अनुभव रहा है। उन्होंने बताया कि ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के दौरान भी अनिल कपूर से जुड़े ट्रेनिंग और शूटिंग के हिस्से में उनकी कंपनी और उन्होंने काम किया था। इसी अनुभव के कारण वे अनिल कपूर की तैयारी और काम के प्रति लगन से परिचित हैं। उनके मुताबिक अनिल कपूर जिस मेहनत और समर्पण के साथ किसी प्रोजेक्ट के लिए तैयारी करते हैं, वही इस शो के लिए भी दिखाई दे रहा है। शो में कैसे ले सकते हैं हिस्सा? ‘इंडिया के टॉप 1%’ में हिस्सा लेने के लिए शो की ओर से ओपन कॉल फॉर एंट्री का प्रोसेस रखा गया है। इच्छुक प्रतिभागी बताए गए माध्यम से रजिस्टर कर सकते हैं। इसके बाद उनसे कुछ सवाल पूछे जाते हैं। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को अगले चरण के लिए चुना जाता है। इसके बाद स्टेज-बाय-स्टेज सिलेक्शन प्रोसेस के जरिए प्रतिभागी शो तक पहुंचते हैं। शो से जुड़े नियम और सिलेक्शन की जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती है। 19 सितंबर से शुरू होगा शो ‘इंडिया के टॉप 1%’ का प्रीमियर 19 सितंबर 2026 से रात 8 बजे स्टार प्लस पर होगा। शो को जियोहॉटस्टार पर भी देखा जा सकेगा। कुल मिलाकर यह शो सामान्य क्विज शो से अलग इस सवाल पर केंद्रित है कि 100 लोगों में से कौन अपनी सोच, लॉजिक और ऑब्जर्वेशन के दम पर उस 1% तक पहुंच सकता है। वहीं इसका विशाल एरिना, 100 प्रतिभागियों के लिए तैयार की गई लाइटिंग और उनके बीच घूमते हुए गेम होस्ट करने वाले अनिल कपूर इसे टीवी के दूसरे क्विज शो से अलग लुक देते हैं।
सलमान खान ने अपनी दोस्त सृष्टि साहनी के मुंबई के बांद्रा में खुले नए कैफे 'द टक शॉप एट सेवियोज' का वीडियो शुक्रवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया। साथ ही सलमान ने दोस्त को कैफे की हाइजीन बनाए रखने की मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। सलमान ने लिखा, “सृष्टि मेरी कॉफी रिफिल करना प्लीज। कीमत मत बढ़ाना, क्वालिटी मेंटेन करना। हाइजीन मेंटेन रखना, वरना मैं HIM को भेज दूंगा और काम हो जाएगा, बहन।” सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “HIM” का इशारा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ओर माना जा रहा है। यह बात ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई तेज है। सलमान ने अपने मशहूर “इट्स डन, ब्रो” कैचफ्रेज को भी अलग अंदाज में इस्तेमाल किया। उन्होंने मैसेज के आखिर में “इट्स डन, सिस” लिखा। सलमान की चेतावनी महाराष्ट्र में खाने-पीने की जगहों पर बढ़ी निगरानी के बीच आई। पिछले कुछ महीनों में FDA ने फूड सेफ्टी, हाइजीन और लाइसेंस से जुड़े उल्लंघनों को लेकर रेस्टोरेंट्स और दूसरे संस्थानों पर जांच और कार्रवाई तेज की है। तुकाराम मुंढे ने 26 मई 2026 को महाराष्ट्र FDA कमिश्नर का पद संभाला था। उनके पद संभालने के बाद विभाग ने रेस्टोरेंट्स, होटल्स, क्लब्स, फास्ट-फूड आउटलेट्स और संस्थागत किचन में जांच बढ़ाई है। मुंढे के कमिश्नर बनने के शुरुआती दो महीनों में FDA ने 3,000 से ज्यादा जांच कीं। करीब 165 फूड संस्थानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए। इस कार्रवाई में खराब हाइजीन, खाने में मिलावट, नकली पनीर, मिलावटी दूध और जरूरी लाइसेंस के बिना कारोबार करने जैसी शिकायतों पर ध्यान दिया गया। मुंढे के सख्त रवैये के चलते सोशल मीडिया पर उन्हें रियल-लाइफ सिंघम का नाम भी मिला है। स्वतंत्रता दिवस पर छात्रों को संबोधित करते हुए मुंढे ने फूड सेफ्टी और पब्लिक हेल्थ की जरूरत पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “मेरा मानना है कि स्वस्थ देश के लिए स्वस्थ लोगों का होना जरूरी है। स्वस्थ लोगों के लिए अच्छा खाना और दवाइयां जरूरी हैं। इसके लिए रेगुलेटर्स को इस लक्ष्य की दिशा में काम करना चाहिए।” FDA ने शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस भेजा गौरतलब है कि महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इन तीनों अभिनेताओं ने 'विमल इलायची' का विज्ञापन किया था। इस मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को नोटिस मिलने के 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया था। 'सीएनएन-न्यूज18' की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। FDA ने उनसे विज्ञापन से जुड़े एग्रीमेंट, कैंपेन ब्रीफ और अन्य दस्तावेज भी मांगे थे। शाहरुख ने जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने या जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भ्रामक खाद्य विज्ञापन के मामले में FSS एक्ट की धारा 53 के तहत 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
आज के समय में नेपोटिज्म बॉलीवुड में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है, लेकिन हाल ही में जीनत अमान ने बताया कि ये उस दौर में भी था, जब वह इंडस्ट्री में आईं थीं।
27 साल पहले एक ऐसा गाना आया था, जो आज भी यूपी और बिहार की साइड की शादियों में आज भी खूब बजाया जाता है। गाना बजते ही बाराती झूम उठते हैं।
फिल्म निर्माता बोनी कपूर और दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी की छोटी बेटी खुशी कपूर ने मुंबई के सबसे पॉश इलाकों में शुमार बांद्रा वेस्ट में एक नया अपार्टमेंट खरीदा है। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डेटा एनालिटिक्स फर्म CRE Matrix के दस्तावेजों के अनुसार, खुशी कपूर ...
हिंदी सिनेमा में यह पहली बार होने जा रहा है, जब बिहार का महापर्व 'छठ पूजा' को परदे पर फैंस देखेंगे। क्या है छठ पूजा और द वन की कहानी के बीच कनेक्शन पढ़ें खबर।
कृति खरबंदा की रहस्यमयी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ ने बढ़ाई उत्सुकता, क्या होने वाला है कोई बड़ा ऐलान?
कृति खरबंदा ने अपनी हालिया इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के जरिए फैंस के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। अभिनेत्री ने एक के बाद एक कुछ ऐसी तस्वीरें साझा की हैं, जिन्होंने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि शायद वह जल्द ही किसी खास घोषणा की तैयारी में हैं।
Review: मिर्जापुर का फिर मचा भौकाल, भरपूर हैं सीटीमार मोमेंट्स
मिर्जापुर की दुनिया में से एक फिल्म का जन्म हुआ है, जो वही 8 साल पुराना भौकाल मचाने का वादा करता है. पुराने किरदारों के साथ-साथ कुछ नए किरदार भी इस गद्दी की लड़ाई में जुड़े. कैसी है ये मिर्जापुर द मूवी? पढ़िए हमारा रिव्यू...
39 साल पहले आई एक फिल्म का सीन महाभारत के द्रौपदी के चीरहरण से प्रेरित था। बोल्ड और इंटेंट सीन देने वाली एक्ट्रेस रातों-रात एक जाना पहचाना चेहरा बन गई थीं।
भारतीय सिनेमा में दशकों तक मॉडर्न लव स्टोरीज, हाई-वोल्टेज फैमिली ड्रामा और भव्य गानों के लिए पहचाने जाने वाले दिग्गज फिल्ममेकर करण जौहर अब एक ऐसा कदम उठाने जा रहे हैं, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले अब भारतीय ...
58 साल पुराना Janmastami का सबसे वायरल गाना, लता मंगेशकर की आवाज में आज भी हिट है सदाबहार गीत
कृष्ण जी के जन्मदिन के अवसर पर 58 साल पुराना गीत 'ओ कन्हैया' काफी ज्यादा वायरल हो रहा है। लता मंगेशकर ने इसे अपनी आवाज से सजाया है।
Karishma Tanna ने बेटे का नाम रखा Ved, जन्माष्टमी पर फैंस के साथ शेयर की खुशखबरी
टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना (Karishma Tanna) इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत दौर का आनंद ले रही हैं। पति वरुण बंगेरा (Varun Bangera) के साथ अपने पहले बच्चे का स्वागत करने के कुछ दिनों बाद अब एक्ट्रेस ने अपने बेटे का नाम भी फैंस के साथ शेयर कर दिया है। करिश्मा तन्ना ने इसके लिए जन्माष्टमी 2026 का खास दिन चुना। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक प्यारी पोस्ट शेयर करते हुए अपने बेटे का नाम बताया और उसके खूबसूरत मतलब के बारे में भी जानकारी दी। क्या है करिश्मा तन्ना के बेटे का नाम? करिश्मा तन्ना ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। इसमें उन्होंने बताया कि उनके बेटे का नाम वेद तन्ना बंगेरा (Ved Tanna Bangera) रखा गया है। एक्ट्रेस ने बताया कि यह नाम संस्कृत मूल का है। 'वेद' का मतलब पवित्र ज्ञान, बुद्धि और प्रकाश से जुड़ा है। करिश्मा ने अपने बेटे का नाम भगवान कृष्ण के आशीर्वाद से जोड़ते हुए फैंस के साथ यह खुशखबरी शेयर की। View this post on Instagram A post shared by Karishma K Tanna (@karishmaktanna) इसे भी पढ़ें: चाय के कप से ऑक्टोपस तक... Bigg Boss 20 का घर बना 'अजीबोगरीब सपनों की दुनिया', देखें क्या है खास जन्माष्टमी पर बेटे के नाम का किया खुलासा करिश्मा तन्ना ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर कान्हा के आशीर्वाद से वह अपने छोटे से चमत्कार का नाम फैंस के साथ शेयर कर रही हैं। एक्ट्रेस ने आगे बताया कि वेद नाम का अर्थ पवित्र ज्ञान, बुद्धि और प्रकाश है। पोस्ट के आखिर में करिश्मा और वरुण ने अपने बेटे के लिए प्यार जाहिर किया। करिश्मा की इस पोस्ट के बाद फैंस और इंडस्ट्री के उनके दोस्तों ने कपल को जमकर बधाइयां दीं। सोशल मीडिया पर भी उनके बेटे के नाम की चर्चा हो रही है। इसे भी पढ़ें: जिस पर किया भरोसा, वही निकली ट्रेटर! Krystal Dsouza-Rida Tharana ने ऐसे पलट दिया The Traitors 2 का पूरा गेम गुरु पूर्णिमा पर हुआ था बेटे का जन्म करिश्मा तन्ना और वरुण बंगेरा ने इसी साल गुरु पूर्णिमा के दिन अपने पहले बच्चे का स्वागत किया था। एक्ट्रेस ने 29 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर बताया था कि उनके घर बेटे का जन्म हुआ है। उन्होंने एक तस्वीर के साथ 'It's a boy' लिखकर फैंस के साथ यह खुशखबरी शेयर की थी। करिश्मा ने बताया था कि उनका बेटा 29 जुलाई 2026 को इस दुनिया में आया। एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट में लिखा था कि गुरु पूर्णिमा के पवित्र दिन उनके जीवन में सबसे बड़ी खुशी आई है और उन्होंने अपने नन्हे बेटे का दुनिया में स्वागत किया है।
चाय के कप से ऑक्टोपस तक... Bigg Boss 20 का घर बना 'अजीबोगरीब सपनों की दुनिया', देखें क्या है खास
बिग बॉस 20 शुरू होने से पहले ही अपने नए और अनोखे घर को लेकर चर्चा में आ गया है। हर सीजन की तरह इस बार भी बिग बॉस के घर में ड्रामा और एंटरटेनमेंट का तड़का देखने को मिलेगा, लेकिन सीजन 20 का घर पहले से कहीं ज्यादा रंगीन, अजीबोगरीब और दिलचस्प बनाया गया है। सलमान खान एक बार फिर शो को होस्ट करते नजर आएंगे और इस बार शो को पहले से बड़ा और ग्रैंड बनाने की तैयारी है। घर को एक ऐसे सपनों की दुनिया जैसा लुक दिया गया है, जहां रोजमर्रा की चीजों को बिल्कुल अलग अंदाज में पेश किया गया है। घर के फर्नीचर से लेकर अलग-अलग इंस्टॉलेशन तक, हर कोने में कुछ ऐसा है जिसे देखकर आप एक बार जरूर रुकेंगे। डुअलिटी थीम पर तैयार किया गया बिग बॉस 20 का घर इस बार बिग बॉस के घर की सबसे खास बात इसकी 'डुअलिटी' थीम है। डिजाइन में ऐसी चीजों को एक साथ रखा गया है, जिनका आमतौर पर एक-दूसरे से कोई मेल नहीं होता। रोजमर्रा की चीजों को नए और अनोखे तरीके से डिजाइन किया गया है। घर का रंग-बिरंगा और मॉडर्न लुक इसे काफी यूथफुल बनाता है। वहीं, जगह-जगह लगाए गए अजीबोगरीब इंस्टॉलेशन घर को बाकी सीजन से अलग बनाते हैं। View this post on Instagram A post shared by JioHotstar (@jiohotstar) इसे भी पढ़ें: कौन हैं Kanika Mann? गुड्डन से मिली पहचान, अब Bigg Boss 20 में आने की चर्चा सोफे पर 'पानी डालता' नजर आएगा विशाल चाय का कप बिग बॉस 20 के घर में सबसे पहले ध्यान खींचने वाली चीजों में एक विशाल चाय का कप (Giant Teapot) शामिल है। इस चाय के कप की टोंटी से ऐसा लगता है जैसे चाय सीधे सोफे पर गिर रही हो। एक साधारण किचन आइटम को फर्नीचर का हिस्सा बनाकर डिजाइनरों ने घर में एक अलग ही ट्विस्ट दिया है। शतरंज के मोहरों को पकड़ेगा विशाल ऑक्टोपस घर में एक विशाल ऑक्टोपस भी बनाया गया है, जिसके टेंटेकल्स में शतरंज के मोहरे नजर आते हैं। यह डिजाइन काफी दिलचस्प है, क्योंकि इसमें समुद्र की अनिश्चितता और शतरंज के सोच-समझकर खेले जाने वाले खेल को एक साथ दिखाया गया है। यह कॉन्सेप्ट बिग बॉस के गेम से भी काफी मेल खाता है, जहां हर कंटेस्टेंट को हर कदम सोच-समझकर उठाना पड़ता है। घर में दोस्ती, दुश्मनी, गठबंधन और रणनीति कब बदल जाए, इसका कोई भरोसा नहीं होता। हॉट एयर बैलून बना बैठने की जगह बिग बॉस 20 के घर में एक हॉट एयर बैलून को भी अलग अंदाज में इस्तेमाल किया गया है। आमतौर पर हॉट एयर बैलून को उड़ान और नई जगहों की खोज से जोड़ा जाता है, लेकिन यहां इसे बैठने की आरामदायक जगह में बदल दिया गया है। इसके अलावा फूलों वाला एक अनोखा नल भी घर की खूबसूरती बढ़ाता है। साधारण नल से निकलते फूल ने नेचर और मॉडर्न डिजाइन का अनोखा मेल तैयार किया है। हर तरफ नजर आएंगी आंखें, क्या है इसका मतलब? बिग बॉस के घर में जगह-जगह आंखों के डिजाइन भी देखने को मिलेंगे। इनका कनेक्शन सीधे शो की उस खासियत से है, जिसमें कंटेस्टेंट्स पर हर वक्त नजर रखी जाती है। घर में होने वाली हर बातचीत, हर हरकत और हर रिएक्शन कैमरे की नजर में रहता है। ऐसे में आंखों का डिजाइन दर्शकों को लगातार यह याद दिलाएगा कि बिग बॉस के घर में कोई भी चीज कैमरों से छिपी नहीं रहती। रूम नंबर 20 में छिपा है बड़ा राज इस बार घर का रूम नंबर 20 भी खास है। फिलहाल इस कमरे को लेकर सस्पेंस बरकरार रखा गया है और इसे दर्शकों के सामने पूरी तरह से रिवील नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि इस कमरे का सरप्राइज शो आगे बढ़ने के साथ सामने आएगा। ऐसे में कंटेस्टेंट्स के घर में कदम रखने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि रूम नंबर 20 में आखिर क्या खास रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Bigg Boss 20 में एंट्री ले सकते हैं मशहूर YouTuber Nitish Rajput, जानें कौन हैं सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाले यह कंटेंट क्रिएट आर्ट डायरेक्टर ने बताया घर के डिजाइन का आइडिया बिग बॉस Hindi सीजन 20 की आर्ट डायरेक्टर वर्षा जैन ने घर के डिजाइन के पीछे की सोच के बारे में बताया। उनके मुताबिक, इस बार कोशिश ऐसी दुनिया बनाने की थी जो दर्शकों की सोच और चीजों को देखने के तरीके को चुनौती दे। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की पहचान वाली चीजों को नए तरीके से पेश किया गया है। इसी वजह से चाय का कप सोफा बन गया, ऑक्टोपस शतरंज खेलने वाला नजर आया और हॉट एयर बैलून को लोगों के बैठने की जगह में बदल दिया गया। बिग बॉस 20 के कंटेस्टेंट्स की लिस्ट बिग बॉस 20 के कंटेस्टेंट्स की आधिकारिक लिस्ट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में कई नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। रिपोर्ट्स में कुशाल तंवर (गुल्लू), काजी तौकीर, अरिश्फा खान, युंग डीएसए (येडा युंग), उदिति सिंह, शोविक चक्रवर्ती, खुशी दुबे, कनिका मान, फैसल खान, माही विज, अमन गांधी, गीता बसरा, आम्रपाली दुबे, रोहेद खान, मैरी कॉम, रिया अहिर, लव गिल, रिती तिवारी और नितीश राजपूत जैसे नामों की चर्चा है। हालांकि, इन सभी नामों को कन्फर्म कंटेस्टेंट मानना अभी सही नहीं होगा। शो के प्रीमियर के करीब या आधिकारिक घोषणा के बाद ही कंटेस्टेंट्स की सही तस्वीर साफ होगी। कब शुरू होगा बिग बॉस 20? बिग बॉस सीजन 20 का प्रीमियर 6 सितंबर को होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक शो जियोहॉटस्टार पर रात 9 बजे और कलर्स पर रात 10:30 बजे प्रसारित होगा। अब देखना होगा कि इस बार सलमान खान की होस्टिंग और घर की अनोखी थीम के साथ बिग बॉस 20 दर्शकों का कितना मनोरंजन कर पाता है।
इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े और विजनरी फिल्ममेकर्स में से एक, संजय लीला भंसाली आने वाले साल में अपने फैंस को अपनी मंच वेटेड फिल्म 'लव एंड वॉर' की रिलीज के साथ एंटरटेन करने के लिए तैयार हैं। इस फिल्म में टैलेंटेड स्टार्स जैसे रणबीर कपूर, आलिया ...
द ट्रेटर्स सीजन 2 (The Traitors Season 2) का फिनाले काफी चौंकाने वाला रहा। भरोसे, धोखे और रणनीति से भरे इस खेल में क्रिस्टल डिसूजा (Krystal Dsouza) और रिदा थाराना (Rida Tharana) ने बाजी मार ली। दोनों ने फिनाले में बड़ा उलटफेर करते हुए शो की ज्वाइंट विनर बनने का खिताब अपने नाम किया। इतना ही नहीं, दोनों ने मिलकर 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी जीत ली। शो के आखिरी दौर में जिस तरह दोनों ने एक-दूसरे पर भरोसा किया, उसने पूरे गेम का रुख ही बदल दिया। फिनाले में क्रिस्टल ने चली बड़ी चाल द ट्रेटर्स 2 के आखिरी दौर यानी सर्कल ऑफ शाक में क्रिस्टल डिसूजा के सामने एक बड़ा फैसला लेने का मौका था। उन्होंने शालिनी पासी को धोखा देकर रिदा थाराना को बचाने का फैसला किया। इसके बाद खेल में सिर्फ क्रिस्टल और रिदा ही बचीं। दोनों ने एक-दूसरे पर भरोसा जताने का फैसला किया। लेकिन जब उन्हें अपनी असली पहचान बताने के लिए कहा गया, तो नतीजा बेहद चौंकाने वाला था। दरअसल, क्रिस्टल और रिदा दोनों ही ट्रेटर्स निकलीं। इस तरह दोनों ने एक-दूसरे को बाहर करने के बजाय साथ मिलकर गेम खत्म किया और शो की ज्वाइंट विनर बन गईं। View this post on Instagram A post shared by Krystle Dsouza (@krystledsouza) इसे भी पढ़ें: कौन हैं Kanika Mann? गुड्डन से मिली पहचान, अब Bigg Boss 20 में आने की चर्चा इन कंटेस्टेंट्स को दी कड़ी टक्कर शो में क्रिस्टल और रिदा का मुकाबला कई इनोसेंट्स से था। इनमें मल्लिका शेरावत, साहिल सलाथिया, शालिनी पासी और दलीप ताहिल जैसे नाम शामिल थे। क्रिस्टल डिसूजा की खास बात यह रही कि वह पहले एपिसोड से ही ट्रेटर के तौर पर गेम में बनी हुई थीं। उन्होंने अपने साथी ट्रेटर्स कुल्लू, शाहनील गिल और हरमन सिंघा को पीछे छोड़ते हुए फिनाले तक का सफर तय किया। वहीं, शो के सातवें एपिसोड में क्रिस्टल ने रिदा को अपने साथ ट्रेटर के रूप में शामिल करने का फैसला किया था। रिदा ने भी उनका यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और इसके बाद दोनों ने मिलकर गेम को आगे बढ़ाया। इसे भी पढ़ें: Asim Riaz-Himannshi Khurrana के विवाद में Vishal Aditya Singh की एंट्री, 'बुआ जी' वाले कमेंट ने मचा दी हलचल करण जौहर ने भी की क्रिस्टल की तारीफ शो के होस्ट करण जौहर भी क्रिस्टल डिसूजा की गेम स्ट्रैटेजी से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने क्रिस्टल के सावधानी से खेले गए गेम की तारीफ की। क्रिस्टल की रणनीति की बात करते हुए करण जौहर ने उनकी समझदारी और सही समय पर चाल चलने की क्षमता को सराहा। उन्होंने बताया कि क्रिस्टल ने बिना ज्यादा कुछ जाहिर किए गेम में कई अहम चालें चलीं। आखिरकार क्रिस्टल की यही रणनीति उन्हें फिनाले तक ले गई और रिदा के साथ मिलकर उन्होंने द ट्रेटर्स 2 की ट्रॉफी और 66 लाख रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम कर ली।
सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर चल रही बहस पर अपनी राय रखी। उनकी यह टिप्पणी सीनियर एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर के उस बयान के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने वंदे मातरम् के पूरे गीत को गाने के बजाय केवल शुरुआती अंतरों को गाने की बात कही थी। ‘द फ्री प्रेस जर्नल’ से बातचीत के दौरान मुकेश खन्ना से शर्मिला टैगोर के कथित सुझाव को लेकर कहा, “वह अपनी समझ के हिसाब से बोल रही हैं। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। शायद अपनी बात समझाते हुए उनके मुंह से यह निकल गया कि दूसरे धर्मों के लोग इसे समझ या स्वीकार नहीं कर पाएंगे।” मुकेश खन्ना ने कहा, “आप बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां काली पूजा इतने बड़े स्तर पर मनाई जाती है। आप बंगाली संस्कृति और बंगाली फिल्मों के बीच बड़ी हुई हैं। फिर आज आपको समझ में आ रहा है कि एक धर्म वाला इसको एक्सेप्ट नहीं करे। उस वक्त नहीं आया था। हम क्या शादी करने के बाद आपको मालूम पड़ा?” उन्होंने सवाल उठाया, जब आप नवाब की बेगम बन गईं। तब आपको मालूम पड़ा कि अरे मुस्लिम धर्म भी है। अरे ये लोग तो मानते नहीं हैं। अल्लाह को मानते हैं। ये लोग तो हमारे देवी को भी नहीं मानते। बोलेंगे हम लोग बहुत सारे भगवान में बिलीव नहीं करते। उन्होंने आगे कहा, शादी के लिए आयशा बेगम बन गईं, लेकिन आज आप बात कर रही हैं आयशा बेगम बनकर। आज आपको मुस्लिम धर्म समझ में आ रहा है। हिंदू धर्म क्या भूल गई आप? वंदे मातरम् पर पुराने विरोध का भी किया जिक्र मुकेश खन्ना ने वंदे मातरम् को लेकर ऐतिहासिक तौर पर उठाई गई आपत्तियों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों की आपत्ति केवल गीत के बाद के हिस्सों में हिंदू देवी-देवताओं के संदर्भों को लेकर नहीं थी। उन्होंने कहा कि एक आपत्ति यह भी थी कि मुस्लिम केवल खुदा के सामने झुकते हैं। मुकेश ने दावा किया, “इस पर आपत्ति आज से शुरू नहीं हुई है। तर्क यह दिया जाता रहा है कि वे केवल खुदा के सामने झुकते हैं और इसलिए किसी और के सामने नहीं झुकेंगे।” अभिनेता ने वंदे मातरम् के अलग-अलग गायन संस्करणों का भी जिक्र किया। उन्होंने लता मंगेशकर, हेमंत कुमार और एआर रहमान से जुड़े संस्करणों का उदाहरण दिया। एआर रहमान के ‘मां तुझे सलाम’ का दिया उदाहरण मुकेश खन्ना ने मातृभूमि के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति को समझाने के लिए एआर रहमान के गीत ‘मां तुझे सलाम’ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “वह कहते हैं ‘मां तुझे सलाम’। वह उसे मां कह रहे हैं और उन्हें सलाम कर रहे हैं।” अभिनेता ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने का मतलब किसी को जबरन झुकने के लिए मजबूर करना नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने वंदे मातरम् गाने पर आपत्ति को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “हम भारत माता के सामने झुकते हैं। अगर कोई झुकना नहीं चाहता तो ठीक है, हम उसे झुकने के लिए मजबूर नहीं कर रहे। लेकिन फिर यह कहना कि वंदे मातरम् ही नहीं गाया जाना चाहिए, यह बात मेरी समझ में नहीं आती।” शर्मिला टैगोर ने क्या कहा था शर्मिला टैगोर ने न्यूज एजेंसी IANS के साथ बातचीत में कहा, 'बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र है। जो लोग एक धर्म, एक ईश्वर में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें तो वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।' हालांकि, शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना के कमेंट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनोट ने कहा था कि हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए। कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया था। उन्होंने लिखा, 'मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है। विवेकानंद ने कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो। विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए। भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार तरीके से गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसे आप हमेशा मिलती हैं।' ………….. यह खबर भी पढ़ें… शर्मिला टैगोर ने शादी के बाद इस्लाम अपनाया था:बेटी सबा बोलीं- हमारे घर में मंदिर नहीं था; मां ने हमें इस्लाम के बारे में बताया एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की बेटी सबा अली पटौदी ने हाल ही में अपने माता-पिता की अंतरधार्मिक शादी और धार्मिक परवरिश पर बात की है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनकी मां ने इस्लाम अपनाया था और बच्चों को भी इसके बारे में सिखाया। सबा ने यह बात यूट्यूब चैनल ‘बिग बॉलीवुड बफ्स’ से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें, सैफ अली खान और सोहा अली खान को कोई धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'मिर्जापुर: द मूवी' में रवि किशन की एंट्री पर बोले फैंस- फुल पैसा वसूल!
फिल्म के फर्स्ट हाफ को लेकर भी ज्यादातर प्रतिक्रियाएं सकारात्मक हैं. एक दर्शक ने इसे 'कड़क' बताया. हालांकि, उसने माना कि फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी है, लेकिन आगे बढ़ने के साथ यह बेहतर होती जाती है.
संजय लीला भंसाली की मच अवेटेड फिल्म 'लव एंड वॉर' की रिलीज डेट का एलान हो गया है।
हनुमान अंश में नीम करोली बाबा के किरदार में दिखे शोभिनव सत्या ने बताया कि शूटिंग के दौरन उन्हें काफी दिक्कतें आ रही थी। हालांकि, हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए ऐसा चमत्कार हुआ कि सब हैरान रह गए।
कार्तिक आर्यन से लेकर कृति सेनन तक कई फिल्मी सितारों को अक्सर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। इस ट्रोलिंग के पीछे करोड़ों का दांव खेला जा रहा है।
‘मिर्जापुर द मूवी’ रिव्यू: गद्दी की जंग में फिर लौटा वही देसी स्वैग
‘मिर्जापुर द मूवी’ उसी चर्चित दुनिया को बड़े पर्दे पर लेकर आती है, लेकिन कहानी नई है। कालीन भैया, गुड्डू और मुन्ना के बीच वर्चस्व की लड़ाई के साथ गद्दी पर कई लोगों की नजर है। राजनीति, अपराध, षड्यंत्र और विश्वासघात के बीच रवि किशन के बब्बन यादव की ...
Tulip Singh Casting Couch:
'द वन' का पहला गाना 'समझो ना' रिलीज, सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना की जोड़ी ने मचाया धमाल
बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द वन' का पहला गाना 'समझो ना' रिलीज हो गया है। गाने में पहली बार सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना रोमांटिक जोड़ी के रूप में नजर आ रहे हैं। दोनों की फ्रेश ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों से खूब पसंद किया जा रहा है और सोशल मीडिया पर ...
31 गजलों, 9 ठुमरी और 15 गानों से सजी है बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्म, 90 सालों से नहीं टूटा रिकॉर्ड
94 साल पहले आई इस हिस्टोरिकल फिल्म के नाम सबसे ज्यादा गाने होने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। फिल्म में हर एक कैरेक्टर की एंट्री एक गाने के साथ होती है।
स्टारकास्ट- अली फजल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु शर्मा, रवि किशन, जीतेंद्र कुमार, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी, श्रेया पिलगांवकर डायरेक्टर- गुरमीत सिंह ड्यूरेशन- 3 घंटे 17 मिनट रेटिंग- 3.5/ 5 मिर्जापुर की दुनिया में कानून से ज्यादा ताकतवर है बंदूक और बंदूक से ज्यादा ताकतवर है सही वक्त पर चली गई चाल। तीन सीजन तक ओटीटी पर इस दुनिया का भौकाल देखने के बाद अब गुरमीत सिंह इसे बड़े पर्दे पर लेकर आए हैं। अच्छी बात यह है कि फिल्म को सिर्फ सीरीज का लंबा एपिसोड बनाने की कोशिश नहीं की गई है। इसे सिनेमाई विस्तार दिया गया है। लेकिन 3 घंटे 17 मिनट की इस फिल्म में जहां कई सीक्वेंस बड़े पर्दे पर खूब असर करते हैं, वहीं कुछ जगह कहानी को अपनी मंजिल तक पहुंचने में जरूरत से ज्यादा वक्त लगता है। कैसी है फिल्म की कहानी? ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की कहानी फ्रेंचाइजी की उसी दुनिया में लौटती है, जहां सत्ता की कुर्सी खाली होते ही बंदूकें खुद अपनी भाषा बोलने लगती हैं। फिल्म दरअसल मिर्जापुर की कहानी में एक ऐसा अध्याय खोलती है, जो सीरीज की टाइमलाइन के बीच का हिस्सा है। यानी यह कहानी अचानक किसी दूसरी दुनिया में नहीं चली जाती, बल्कि पुराने किरदारों और उनके रिश्तों के बीच एक नया खेल जोड़ती है। कालीन भैया यानी पंकज त्रिपाठी के लिए सत्ता सिर्फ गद्दी नहीं, विरासत और दबदबे का सवाल है। दूसरी तरफ गुड्डू पंडित यानी अली फजल की दुनिया बदले और ताकत के इर्द-गिर्द घूमती है। और फिर मुन्ना त्रिपाठी यानी दिव्येंदु की मौजूदगी इस पूरे समीकरण को फिर से खतरनाक बना देती है। मुन्ना की वापसी फिल्म का सबसे बड़ा तुरुप का पत्ता है, लेकिन कहानी सिर्फ पुराने चेहरों की वापसी पर निर्भर नहीं रहती। रवि किशन का बब्बुआ यादव इस सत्ता के खेल में नया रंग भरता है। उसके आते ही कहानी में एक अलग किस्म की आक्रामकता दिखाई देती है। बीना त्रिपाठी यानी रसिका दुग्गल भी अपनी चालें चलती हैं और यही मिर्जापुर की खासियत है। यहां कोई किरदार सिर्फ कहानी का हिस्सा नहीं होता, हर कोई किसी न किसी खेल का खिलाड़ी है। कहानी आगे बढ़ती है तो मिर्जापुर की गलियों से निकलकर राजस्थान के रेगिस्तान तक पहुंचती है। बदला, सत्ता, धोखा और वर्चस्व की यह लड़ाई धीरे-धीरे ऐसे मुकाम पर जाती है, जहां पुरानी दुश्मनी और नए समीकरण आमने-सामने खड़े हो जाते हैं। कैसी है कहानी और स्क्रीनप्ले में क्या खास है? पुनीत कृष्णा की लिखाई अब भी इस फ्रेंचाइजी की रीढ़ है। मिर्जापुर का संवाद सिर्फ संवाद नहीं होता, वह किरदार की पहचान बन जाता है। फिल्म में भी कई जगह बातचीत इतनी धारदार है कि गोली चलने से पहले ही सीन में तनाव पैदा हो जाता है। खास बात यह है कि यहां हास्य भी उसी अंधेरी दुनिया से निकलता है। हिंसा के बीच अचानक आने वाला देसी हास्य फिल्म को लगातार गंभीर बने रहने से बचाता है। लेकिन यहीं स्क्रीनप्ले थोड़ी परेशानी पैदा करता है। फिल्म के पास किरदार बहुत हैं, पुराने रिश्ते बहुत हैं और नए समीकरण भी बहुत हैं। इन्हें संभालने की कोशिश में दूसरे हिस्से में कहानी कई जगह आगे बढ़ने के बजाय अपने ही बनाए चक्कर में घूमती हुई लगती है। कुछ हिस्सों को छोटा किया जाता तो फिल्म का असर और तेज हो सकता था। कैसी है स्टारकास्ट कि एक्टिंग? दिव्येंदु शर्मा- दिव्येंदु को मुन्ना के रूप में दोबारा देखना सिर्फ प्रशंसकों के लिए पुरानी याद नहीं है, अभिनय के स्तर पर भी यह फिल्म का बड़ा आकर्षण है। मुन्ना की बेपरवाही, सनक और खतरनाक मासूमियत का जो मिश्रण दिव्येंदु ने बनाया है, वह अब भी काम करता है। पंकज त्रिपाठी- कालीन भैया, दिव्येंदु के किरदार मुन्ना से ठीक उलट है। वह कम बोलते हैं और ज्यादा महसूस कराते हैं। उनका अभिनय शोर नहीं करता, लेकिन सीन पर कब्जा कर लेता है। अली फजल- अली का गुड्डू अब पहले से ज्यादा कठोर और सत्ता के खेल को समझने वाला किरदार है। उनके गुस्से में अब सिर्फ बदला नहीं, सत्ता की भूख भी दिखाई देती है। रवि किशन- इनकी एंट्री फिल्म को जरूरी ऊर्जा देती है। बब्बुआ यादव के किरदार में उनका देसी अंदाज और आक्रामकता मिर्जापुर की दुनिया में नया तड़का लगाती है। रसिका दुग्गल, जितेंद्र कुमार, अभिषेक बनर्जी, राजेश तैलंग और बाकी कलाकार भी अपने किरदारों को उसी दुनिया का हिस्सा बनाए रखते हैं। बड़े पर्दे पर मिर्जापुर का असली फायदा मिर्जापुर की बंदूकें ओटीटी पर भी चलती थीं, लेकिन सिनेमाघर में उनका असर अलग है। गोलियों की आवाज, हाथापाई, खून-खराबा और बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्म को थिएटर वाला स्केल देते हैं। खासकर राजस्थान के रेगिस्तान में फिल्म का प्री-क्लाइमैक्स और क्लाइमैक्स हिस्सा शानदार तरीके से फिल्माया गया है। यहां निर्देशक गुरमीत सिंह को अपनी सबसे ज्यादा आजादी मिलती है और कैमरा लोकेशन को सिर्फ पृष्ठभूमि नहीं रहने देता, बल्कि उसे एक्शन का हिस्सा बना देता है। सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के स्केल को बढ़ाती है। 3 घंटे 17 मिनट भारी पड़ती हैफिल्म की सबसे बड़ी कमी उसकी लंबाई है। पहला हिस्सा कहानी, किरदार और टकराव को तेजी से स्थापित करता है। इंटरवल तक कई जगह फिल्म काफी मनोरंजक रहती है। लेकिन इंटरवल के बाद कुछ हिस्सों में स्क्रीनप्ले जरूरत से ज्यादा समझाता है और रफ्तार गिरती है। यह वही जगह है जहां फिल्म को थोड़ा कसने की जरूरत थी। ताजा प्रतिक्रियाओं में भी ओवर-एक्सप्लेनिंग और पेसिंग को लेकर यही बात सामने आई है। कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें कहानी के लिए जरूरी समझा गया है, लेकिन वे फिल्म की गति को उतना आगे नहीं बढ़ाते। यही वजह है कि करीब 15-20 मिनट की कटौती फिल्म को और प्रभावी बना सकती थी। फिर आखिरी हिस्से में फिल्म दोबारा रफ्तार पकड़ती है और एक्शन के साथ कहानी अपना वजन वापस हासिल करती है। कैसा है डायरेक्शन, टेक्निकली कैसी बनी फिल्म? गुरमीत सिंह ने सबसे मुश्किल काम यह किया है कि मिर्जापुर की ओटीटी वाली पहचान को बड़े पर्दे की भाषा में बदला जाए। इस मामले में वह काफी हद तक सफल रहते हैं। फिल्म में मास एलिवेशन है, लेकिन वह पूरी तरह अपनी मूल दुनिया से बाहर नहीं जाती। बैकग्राउंड स्कोर कई एक्शन और एंट्री सीक्वेंस को जरूरी ताकत देता है। गाने फिल्म का प्रमुख आकर्षण नहीं हैं और उन्हें कहानी पर हावी भी नहीं होने दिया गया है। निर्माण कला और लोकेशन फिल्म की दुनिया को विश्वसनीय बनाए रखते हैं। कैमरा खास तौर पर एक्शन वाले हिस्सों में अच्छा काम करता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यह अपने मूल भौकाल को बड़े पर्दे पर ले जाने में कामयाब रहती है। कालीन भैया का ठहराव, गुड्डू का गुस्सा, मुन्ना का पागलपन और बब्बुआ यादव की नई आक्रामकतास इन सबको मिलाकर फिल्म में कई ऐसे पल बनते हैं जो याद रह जाते हैं। लेकिन अच्छी फिल्म और बेहतरीन फिल्म के बीच का फर्क यहां स्क्रीनप्ले की कसावट पैदा करती है। कहानी में दम है, कलाकारों में दम है, संवादों में दम है और क्लाइमैक्स में भी दम है, मगर बीच का हिस्सा उतना धारदार नहीं रह पाता। कुल मिलाकर, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ भौकाल की वही पुरानी बोली बोलती है, बस इस बार आवाज बड़े पर्दे की है। फिल्म में बारूद खूब है, किरदार भी अपने रंग में हैं, लेकिन अगर कहानी की रफ्तार पर थोड़ी और कैंची चलती तो यह भौकाल और ज्यादा दमदार हो सकता था।
रामायण के क्लाइमेक्स को लेकर क्या है बड़ा अपडेट, देखें मूवी मसाला
मूवी मसाला में आज बात होगी महागाथा रामायण की. जिसके क्लाइमेक्स को लेकर आया है बड़ा अपडेट, बताएंगे बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली हनुमान अंश के सीक्वल के बारे में. बताएंगे कैसा है कुणाल खेमू, प्रीती जिंटा और स्पर्श श्रीवास्तव की फिल्म वाइब का ट्रेलर. साथ ही बात होगी विद्युत जामवाल की हॉलीवुड डेब्यू फिल्म स्ट्रीट फाइटर की. जिसके एक्शन पैक्ड ट्रेलर ने बढ़ा दी है फैंस की एक्साइटमेंट. मनोरंजन से जुड़ी हर चटपटी खबर के लिए देखें मूवी मसाला. लेकिन शुरुआत इंटरटेनमेंट जगत की 10 बड़ी खबरों के साथ.
टीवी के चर्चित स्टार कपल रहे आसिम रियाज (Asim Riaz) और हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस मामले में विशाल आदित्य सिंह (Vishal Aditya Singh) की भी एंट्री हो गई है। विशाल ने एक इंटरव्यू में आसिम और हिमांशी के विवाद पर अपनी राय रखी थी, जो आसिम को बिल्कुल पसंद नहीं आई। इसके बाद आसिम रियाज और विशाल आदित्य सिंह के बीच सोशल मीडिया पर जमकर जुबानी जंग देखने को मिली। मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब हिमांशी और विशाल ने मिलकर आसिम पर ऐसा कमेंट कर दिया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया है। विशाल ने आसिम को दिया 'रूठी हुई बुआ जी' का टैग दरअसल, हिमांशी खुराना ने विशाल आदित्य सिंह के एक पोस्ट पर कमेंट किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें पॉडकास्ट में इस मामले पर बोलने की जरूरत नहीं थी। हिमांशी के इस कमेंट का विशाल ने भी मजेदार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने लिखा, उस पॉडकास्ट के बाद बुरा तुम्हें लगना चाहिए था, लेकिन बुआ जी रूठ गई हमारी। विशाल के इस जवाब में 'बुआ जी' का इशारा आसिम रियाज की तरफ माना जा रहा है। इसके बाद हिमांशी और विशाल की यह बातचीत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और फैंस भी इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं। View this post on Instagram A post shared by Vishal Aditya Singh (@vishalsingh713) इसे भी पढ़ें: Tejasswi Prakash को 'भाभी' कहने वाले Elvish Yadav अब क्यों हुए आगबबूला? वायरल वीडियो ने बढ़ाया बवाल आखिर कैसे शुरू हुआ आसिम और विशाल का विवाद? दरअसल, विशाल आदित्य सिंह ने एक पॉडकास्ट में आसिम रियाज और हिमांशी खुराना के रिश्ते और उनके बीच चल रहे विवाद पर अपनी राय रखी थी। विशाल की बातें आसिम को पसंद नहीं आईं और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसका जवाब दिया। आसिम ने विशाल को जवाब देते हुए बिग बॉस 13 में मधुरिमा तुली के साथ हुए विवाद का जिक्र किया। इतना ही नहीं, आसिम ने विशाल को साइकेट्रिस्ट का नंबर देने की बात तक कह दी थी। इसे भी पढ़ें: Anushka Sharma और Virat Kohli क्यों बसे लंदन? डॉ. श्रीराम नेने ने बताई प्राइवेसी और बच्चों की परवरिश से जुड़ी असल वजह विशाल ने आसिम की रैपिंग पर साधा निशाना आसिम के इस जवाब के बाद विशाल आदित्य सिंह भी चुप नहीं रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर आसिम को जमकर खरी-खोटी सुनाई। विशाल ने इस दौरान आसिम की रैपिंग और टैलेंट पर भी निशाना साधा। विशाल ने आसिम की रैपिंग को लेकर उन्हें जीरो नंबर तक दे दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने मजाकिया अंदाज में आसिम को जिम का कूपन देने की बात भी कही।
PAK में बैन यूट्यूबर की बिग बॉस में एंट्री! टेंपरेचर बढ़ने की गारंटी
सलमान खान के रियलिटी शो बिग बॉस 20 को लेकर फैन्स क्रेजी दिख रहे हैं. शो शुरू होने में मजह 2 दिन बचे हैं. कहा जा रहा है कि यूट्यूबर नीतीश राजपूत शो में हिस्सा लेने जा रहे हैं. शो शुरू हो उससे पहले यूट्यूबर को करीब से जानते हैं.
Tejasswi Prakash को 'भाभी' कहने वाले Elvish Yadav अब क्यों हुए आगबबूला? वायरल वीडियो ने बढ़ाया बवाल
रियलिटी शो प्लेग्राउंड 5 (Playground 5) की शुरुआत में एल्विश यादव और तेजस्वी प्रकाश की बॉन्डिंग ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। एल्विश यादव, करण कुंद्रा को अपना भाई मानते हैं और इसी वजह से वह तेजस्वी प्रकाश को शो में सबके सामने भाभी भी कहते नजर आए थे। हालांकि, अब दोनों के रिश्ते में खटास आती दिख रही है। बीते दिनों शो में एल्विश और तेजस्वी के बीच बहस देखने को मिली थी। अब मामला और बढ़ता नजर आ रहा है। तेजस्वी ने एल्विश पर कथित तौर पर गंदा कंटेंट बनाने का आरोप लगाया है। वहीं, एल्विश ने भी तेजस्वी पर उनकी लड़ाई का वीडियो लीक करने का आरोप लगाया है। तेजस्वी पर भड़के एल्विश यादव एल्विश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर कोई नेशनल टेलीविजन पर उनके बारे में लड़का-लड़की वाला एंगल बनाने की कोशिश करता है, तो वह इसे स्वीकार नहीं करेंगे। एल्विश ने यह भी कहा कि हर बात में जेंडर का एंगल लाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, उन्होंने उसी भाषा में जवाब दिया, जैसी उस स्थिति में जरूरत थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ झूठे इंटरव्यू दिए गए और उनके फैंस के बारे में बदतमीजी से बात की गई। एल्विश ने आगे कहा कि सिर्फ खुद को कूल दिखाने या सामने वाले को गलत साबित करने के लिए शो के सेट से वीडियो लीक करना भी सही नहीं है। इसे भी पढ़ें: Anushka Sharma और Virat Kohli क्यों बसे लंदन? डॉ. श्रीराम नेने ने बताई प्राइवेसी और बच्चों की परवरिश से जुड़ी असल वजह PR पर पैसा बर्बाद न करें इसके बाद एल्विश यादव ने एक और पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, मैं आपको निवेश के बेहतर प्लान बताऊंगा ताकि आपका पैसा सही जगह लगे। इसे PR पर बर्बाद न करें। उनके इस पोस्ट को भी तेजस्वी प्रकाश से जुड़े विवाद के बीच देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों के बीच विवाद की असल वजह और पूरे मामले को लेकर सामने आए दावों पर दोनों पक्षों की बात अलग-अलग है। एल्विश ने वुमन कार्ड का भी किया जिक्र एल्विश यादव ने देर रात एक और पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने अब यह सीख लिया है कि किस व्यक्ति को कितनी अहमियत देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अपने और अपने फैंस के हक में आवाज उठाना गलत माना जाता है, तो उन्हें गलत कहलाने की परवाह नहीं है। एल्विश ने आगे वुमन कार्ड और फेमिनिज्म का जिक्र करते हुए कहा कि हर मुद्दे में इन दोनों को बीच में लाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई वास्तव में फेमिनिज्म में विश्वास करता है तो महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहिए और इसकी शुरुआत खुद को सशक्त बनाने से करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Priyanka Chopra ने शेयर कीं Nick Jonas के साथ डेटिंग के दिनों की अनदेखी तस्वीरें, गोवा ट्रिप की यादें हुईं ताजा तेजस्वी और एल्विश का वीडियो हुआ वायरल इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एल्विश यादव और तेजस्वी प्रकाश का एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो में गाड़ी चलाने को लेकर बातचीत होती है। इसी दौरान एल्विश लड़कियों के गाड़ी चलाने की बात कहते हैं। तेजस्वी बीच में अपनी बात रखने की कोशिश करती हैं, लेकिन दोनों के बीच बहस बढ़ जाती है। वीडियो में एल्विश द्वारा कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी सुना जा सकता है। इसके बाद तेजस्वी भी नाराज हो जाती हैं और एल्विश से कहती हैं कि वह उनसे इस तरह बात नहीं कर सकते। वीडियो सामने आने के बाद दोनों के फैंस के बीच भी सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।
वेब सीरीज ‘द रिवोल्यूशनरीज’ आजादी की लड़ाई के उन युवा क्रांतिकारियों की कहानी है, जिनके बारे में कम चर्चा हुई। यह सीरीज संजीव सान्याल की किताब ‘रेवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वॉन इट्स फ्रीडम’ पर आधारित है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर निखिल आडवाणी ने बताया कि ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के बाद उन्हें लगा कि ऐसी कहानियों में यूथ का नजरिया मिसिंग था। उन्होंने प्रतिभा रांटा की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वह शो के लिए मना कर देतीं तो उनका दिल टूट जाता। निखिल ने मनोज बाजपेयी का किस्सा भी सुनाया, जिन्होंने 25 साल बाद साथ काम करने पर पूछा था- ‘अब आए हो?’ प्रतिभा ने किरदार की तैयारी और रोहित सराफ ने एक्शन को चुनौती बताया। सवाल: पहले भी आपने आजादी से जुड़ी कहानियां कही हैं। ‘द रिवोल्यूशनरीज’ में ऐसा क्या था, जो आपको पहले की कहानियों में मिसिंग लगा? जवाब/निखिल आडवाणी: मुझे लगा कि यूथ मिसिंग था। हमने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, ऊधम सिंह और जलियांवाला बाग के बारे में बहुत पढ़ा है। लेकिन इनसे करीब 10 साल पहले भी एक समानांतर कहानी चल रही थी। रिसर्च करते हुए मुझे लगा कि इन युवाओं की कहानी भी बतानी चाहिए। उस समय के क्रांतिकारियों में एक अलग तरह का जुनून था। उन्होंने तय कर लिया था कि अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना है। कैसे करेंगे, यह बाद की बात थी। यही जुनून मुझे इस कहानी में सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। सवाल: प्रतिभा रांटा में आपको वह प्रतिभा कब नजर आई, जो इस किरदार के लिए जरूरी थी? अगर वह शो करने से मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब/निखिल आडवाणी: मेरे लिए किसी एक्टर के पास जाना सिर्फ कास्टिंग नहीं है। मैं किसी कलाकार के पास तब तक नहीं जाना चाहता, जब तक मेरे पास उसके लिए ऐसा कुछ न हो, जिसमें वह पूरी तरह डूब सके। प्रतिभा के मामले में भी ऐसा ही था। मुझे पता था कि वह बहुत अच्छी एक्टर हैं, लेकिन यह समझना भी जरूरी था कि वह किरदार को किस तरह अपने अंदर उतारेंगी। हमने कई सीन्स पर महीनों चर्चा की। एक-एक लाइन पर बात की कि इसका मतलब क्या है और इसे किस तरह करना है। अगर प्रतिभा ने इस शो के लिए मना कर दिया होता, तो मैं सच में मेरा दिल टूट हो जाता। क्योंकि उन्होंने इस किरदार के लिए जो दिया है, वह बहुत खास है। मैं हमेशा मानता हूं कि एक एक्टर के अंदर यह चुनौती होनी चाहिए कि क्या मैं इस सीन को और बेहतर कर सकता हूं? क्या मैं इसे पेपर पर लिखे हुए सीन से आगे ले जा सकता हूं? अगर यह चुनौती नहीं है तो काम बोरिंग हो जाता है। सवाल: आपने कहा कि आप किसी कलाकार को सिर्फ इसलिए नहीं लेते कि वह बड़ा नाम है। मनोज बाजपेयी का 25 साल वाला किस्सा क्या है? जवाब/निखिल आडवाणी: मनोज बाजपेयी मुझसे करीब 25 साल से कहते रहे थे कि मेरे साथ काम करना है। जब मैं आखिरकार उनके पास ‘सत्यमेव जयते’ लेकर गया तो उन्होंने मुझसे कहा- ‘अब आए हो?’ मैं किसी बिजी स्टार के पीछे भागने में विश्वास नहीं करता। मेरे लिए जरूरी है कि मेरे पास उस कलाकार के लिए सही किरदार हो। मैं किसी एक्टर के पास सिर्फ इसलिए नहीं जाता कि वह बड़ा नाम है। मुझे ऐसा किरदार लेकर जाना होता है, जिसमें वह अपने दांत गड़ा सके और पूरी तरह डूब सके। यही बात प्रतिभा के साथ भी थी। मुझे उनके लिए सही किरदार मिला और फिर हमने साथ में उसे खोजा। सवाल: प्रतिभा, निखिल सर ने आपको किरदार किस तरह समझाया? जवाब/प्रतिभा रांटा: जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी तो उसमें काफी कुछ पहले से मौजूद था, क्योंकि सर और उनकी टीम ने बहुत रिसर्च की थी। लेकिन प्रतिभा के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए दूसरी क्रांतिकारी महिलाओं से भी प्रेरणा ली गई। मैंने भिकाजी कामा और बीबी गुलाब कौर जैसी महिलाओं के बारे में पढ़ा। मुझे फिल्म ‘लिटिल वुमन’ भी बहुत पसंद है और उससे भी मुझे प्रेरणा मिली। सर के साथ लगातार चर्चा होती थी कि प्रतिभा को किस तरह अप्रोच करना है। वह स्क्रीन पर सामान्य लड़की की तरह नहीं दिखती। उसमें आत्मविश्वास और आग है। वह बराबरी का हक मांगती है और अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटती। सवाल: शूटिंग के दौरान कौन सा सीन आपके लिए सबसे खास रहा? जवाब/प्रतिभा रांटा: बाघा जतिन और प्रतिभा के बीच का एक सीन मेरे लिए बहुत खास है। उसमें प्रतिभा उनसे कहती है कि आपको किसने हक दिया कि आप हमारे बारे में फैसला करें? अगर आप अपने लिए फैसले ले सकते हैं तो हम क्यों नहीं ले सकते? उस सीन में प्रतिभा का नजरिया साफ दिखाई देता है। वह महिलाओं को बराबरी से देखती है और अपने फैसले खुद लेना चाहती है। निखिल आडवाणी: यह सीन सुबह करीब 5 बजे शूट हुआ था। शूटिंग में देरी हो गई थी और वह लोकेशन का आखिरी दिन था, इसलिए हम वापस भी नहीं आ सकते थे। प्रतिभा और मैं उस सीन पर महीनों से बात कर रहे थे। वह उस वक्त काफी परेशान थी, लेकिन सुबह 5 बजे उसने जो परफॉर्म किया, वह शानदार था। यह उनके किरदार का बहुत महत्वपूर्ण सीन है और उन्होंने इसे बेहतरीन तरीके से निभाया। सवाल: रोहित, आपके लिए शो में सबसे चुनौतीपूर्ण क्या रहा? जवाब/रोहित सराफ: मेरे लिए राजबिहारी बोस के साथ वाले सीन्स बहुत खास रहे। मुझे ऐसा किरदार निभाने का मौका मिला, जिसे मैं बहुत मानता हूं। उनके साथ इंटरपर्सनल रिलेशनशिप वाले सीन्स करना मेरे लिए बहुत मजेदार था। लेकिन सबसे चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मैंने पहले इतना एक्शन नहीं किया था। इसकी तैयारी की और शूटिंग के दौरान बहुत कुछ सीखा। सवाल: अगर उस दौर का कोई क्रांतिकारी आज आपके सामने आ जाए तो क्या पूछेंगे? जवाब/रोहित सराफ: मैं उनसे पूछूंगा- ‘आप क्या खाकर पैदा हुए थे?’ सच में, क्योंकि उस दौर के लोगों में जिस तरह का जज्बा और जुनून था, उसी की वजह से आज हम यहां हैं। मैं जानना चाहूंगा कि उस तरह सपने देखना कैसा था? सवाल: प्रतिभा के किरदार से आज की लड़कियां क्या सीख सकती हैं? जवाब/प्रतिभा रांटा: सिर्फ लड़कियां ही नहीं, लड़के भी इस किरदार से बहुत कुछ सीख सकते हैं। प्रतिभा जिस तरह दुनिया को समझती है, लोगों को देखती है और बराबरी का हक मांगती है, वह महत्वपूर्ण है। उसके अंदर बराबरी की भावना है। वह मानती है कि अगर लड़के अपने फैसले खुद ले सकते हैं तो लड़कियों को भी अपने फैसले लेने का पूरा हक है। सवाल: क्या ‘द रिवोल्यूशनरीज’ जैसी कहानी पर फिल्म भी बनाई जा सकती है? जवाब/निखिल आडवाणी: बिल्कुल बनाई जा सकती है। लेकिन मुझे सीरीज का फॉर्मेट पसंद है, क्योंकि इसमें किरदारों को ज्यादा गहराई से एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। इसमें रोमांस है, एक्शन है और कई किरदारों की अपनी अलग परतें हैं। अगर यह फिल्म होती तो भी मैं इन्हीं कलाकारों के साथ काम करता। मैंने रोहित, प्रतिभा और बाकी कलाकारों को इसलिए चुना क्योंकि वे मेरे दिमाग में मौजूद किरदारों के लिए बिल्कुल सही थे। मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि फॉर्मेट ओटीटी है या फिल्म। सही कलाकार और सही किरदार सबसे ज्यादा जरूरी हैं।
जब 'कर्ज' की असफलता से टूट गए थे ऋषि कपूर, अस्पताल में होना पड़ा था भर्ती
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर भले ही दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन उनके चाहने वाले अभी भी उन्हें याद करते हैं। 4 सितंबर 1952 को मुंबई में जन्में अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार के रूप में की थी। ऋषि कपूर ने अपने अंदाज और फिल्मों से ...
बेड पर मिली सड़ी-गली लाश, घर में खून के निशान, सिंगर की मौत से हड़कंप
पंजाबी सिंगर बलजीत सिंह का शव लुधियाना स्थित घर से बरामद हुआ. घर में खून के निशान मिले, लेकिन पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक से मौत की बात सामने आई.
भारतीय सिनेमा के इतिहास में समय-समय पर ऐसी फिल्में आती हैं, जो बिना किसी बड़े स्टारकास्ट या भारी-भरकम प्रमोशन के बिना सिर्फ अपनी कंटेंट के दम पर इतिहास रच देती हैं। ऐसी ही एक चमत्कारिक सफलता की कहानी लिख रही है फिल्म 'हनुमान अंश'।
कास्ट- अरशद वारसी, विजय राज, संजीदा शेख डायरेक्टर- अभिषेक डोगरा ड्यूरेशन: 1 घंटा 55 मिनट रेटिंग- 3/ 5 एक आदमी अपनी मौत का झूठा नाटक रचता है, करोड़ों का इंश्योरेंस पाने का सपना देखता है और फिर उसकी जिंदगी में ऐसा बवाल शुरू होता है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। ‘जीवन या भीमा कॉन?’ का आइडिया पहली नजर में काफी मजेदार लगता है और फिल्म की शुरुआत भी इसी वजह से उम्मीद जगाती है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, कॉमेडी के साथ उलझन भी बढ़ती जाती है। कुछ सीन खूब हंसाते हैं, कलाकारों की टाइमिंग भी अच्छी है, लेकिन कहानी हर बार अपने ही सेटअप का पूरा फायदा नहीं उठा पाती। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी है जीवन (अरशद वारसी) की, जो एक आम आदमी है और अपनी जमा-पूंजी एक रेस्टोरेंट खोलने में लगा देता है। हालात बिगड़ते हैं, कर्ज बढ़ता है और पैसे की जरूरत ऐसी आती है कि जीवन अपनी मौत का नाटक करने की खतरनाक योजना बना लेता है। किस्मत उसका साथ कुछ इस तरह देती है कि उसे अपने हमशक्ल भीमा (अरशद वारसी) के बारे में पता चलता है। भीमा एक डायमंड स्मगलर है, जिसका संबंध गैंगस्टर विनायक (विजय राज) से है। जीवन और उसकी पत्नी योजना (संजीदा शेख) मिलकर भीमा की पहचान का फायदा उठाकर दो करोड़ रुपए का इंश्योरेंस हासिल करने की कोशिश करते हैं। लेकिन प्लान यहां से बिगड़ना शुरू होता है। भीमा के पीछे पड़े विनायक और उसका साथी मनु (बृजेंद्र काला) उनके घर तक पहुंच जाते हैं। दूसरी तरफ इंश्योरेंस इंस्पेक्टर (अतुल परचुरे) भी क्लेम की जांच में लग जाता है। घर की मालकिन याशिका (पूजा चोपड़ा) की अपनी अलग दिलचस्पी है। इसके बाद हर किरदार दूसरे को शक की नजर से देखने लगता है और शुरू होती है गलत पहचान, झूठ और पैसों के पीछे भागने की कॉमेडी। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? अरशद वारसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। एक तरफ वह परेशान, कर्ज में डूबे जीवान बने हैं और दूसरी तरफ शराबी डायमंड स्मगलर भीमा। दोनों किरदारों के हाव-भाव, बोलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज में फर्क दिखाना आसान नहीं था, लेकिन अरशद इसे अच्छी तरह संभालते हैं। खासकर भीमा वाले हिस्सों में उनका कॉमिक टाइमिंग फिल्म को कई बार बचाता है। संजीदा शेख, योजना के किरदार में अच्छी लगती हैं और अरशद के साथ उनकी केमिस्ट्री भी सहज लगती है। विजय राज अपने अंदाज में फिल्म में क्राइम और कॉमेडी का अच्छा बैलेंस बनाते हैं। बृजेंद्र काला भी अपने किरदार में फिट बैठते हैं और कुछ सीन में अच्छी हंसी निकालते हैं। पूजा चोपड़ा को याशिका के रूप में कुछ मजेदार मौके मिलते हैं, हालांकि उनके किरदार को थोड़ा और इस्तेमाल किया जा सकता था। दिवंगत अतुल परचुरे इंश्योरेंस इंस्पेक्टर के छोटे लेकिन असरदार रोल में अपनी स्वाभाविक कॉमिक टाइमिंग दिखाते हैं। कैसा है डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले और टेक्निकल एस्पेक्ट्स? डायरेक्टर अभिषेक डोगरा ने कहानी को ज्यादातर एक ही घर के अंदर रखा है। इससे फिल्म का सेटअप एक तरह की कमरे में बंद कॉमेडी जैसा बन जाता है, जहां कलाकारों और स्क्रीनप्ले पर पूरा दारोमदार रहता है। शुरुआत में यह तरीका काम करता है, लेकिन बाद में यही सीमित लोकेशन कहानी पर भारी पड़ने लगती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी समस्या यह है कि फिल्म के पास एक अच्छा आइडिया होने के बावजूद उसके साथ लगातार नए और मजेदार खेल नहीं किए जाते। कुछ स्थितियां बार-बार दोहराई जाती हैं। गलत पहचान से पैदा होने वाली कॉमेडी में काफी गुंजाइश थी, लेकिन कहानी उस संभावनाओं को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाती। फिल्म में कुछ वन-लाइनर्स हंसाते हैं, लेकिन कई जगह हास्य जरूरत से ज्यादा साधारण और जबरदस्ती का लगता है। खासकर फार्ट जोक्स और टॉयलेट ह्यूमर हर दर्शक को पसंद आए, यह जरूरी नहीं। फिल्म का दूसरा हिस्सा कुछ जगह खिंचता हुआ महसूस होता है और क्लाइमैक्स भी बहुत ज्यादा चौंकाता नहीं है। टेक्निकल तौर पर फिल्म ठीक-ठाक है। सिनेमैटोग्राफी कहानी के हिसाब से काम करती है और प्रोडक्शन डिजाइन फिल्म के मिडिल क्लास माहौल को सपोर्ट करता है। एडिटिंग पहले हिस्से में ठीक रहती है, लेकिन बाद के हिस्से में कुछ सीन और छोटे किए जा सकते थे। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी पर हावी नहीं होता और ज्यादातर बैकग्राउंड तक ही सीमित रहता है। कोई ऐसा गाना नहीं है जो फिल्म देखने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। हालांकि बैकग्राउंड स्कोर कॉमेडी और क्राइम वाले हिस्सों को सपोर्ट करता है और फिल्म के माहौल के हिसाब से ठीक बैठता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? ‘जीवन या भीमा कॉन?’ के पास एक ऐसा आइडिया है, जिससे एक शानदार कॉमेडी ऑफ एरर्स बनाई जा सकती थी। कलाकार भी अच्छे हैं और अरशद वारसी फिल्म को लगातार संभालते नजर आते हैं। लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, दोहराए गए मजाक, कुछ जबरदस्ती के जोक्स और अनुमान लगाने लायक क्लाइमैक्स फिल्म को उस स्तर तक नहीं पहुंचने देते, जहां यह यादगार कॉमेडी बन सके। फिर भी अगर आप बिना ज्यादा उम्मीद के हल्की-फुल्की कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो फिल्म एक बार मनोरंजन कर सकती है। मसाला मौजूद है, कलाकार भी दमदार हैं, बस कहानी की आंच थोड़ी और तेज होती तो स्वाद काफी बेहतर होता।
ऋषि कपूर ने 14 साल की उम्र में रखा था बॉलीवुड में कदम, ‘बॉबी’ ने रातोंरात बना दिया सुपरस्टार
बॉलीवुड में ऋषि कपूर का नाम ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है, जिन्होंने अपने सदबहार अभिनय से चार दशक तक सिने दर्शकों को अपना दीवाना बनाया। 4 सितंबर 1952 को मुंबई में जन्में ऋषि कपूर को अभिनय की कला विरासत में मिली। उनके पिता राज कपूर फिल्म ...
पान मसाला एड मामले में अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) को अपना जवाब भेज दिया है। वहीं, शाहरुख खान की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। तीनों एक्टर्स को 14 अगस्त को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब देने का आदेश दिया गया था। महाराष्ट्र FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को ‘च्युइंग इलायची’ ब्रांड का विज्ञापन करने के मामले में नोटिस भेजा था। नोटिस में 15 दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। ‘सीएनएन-न्यूज18’ की रिपोर्ट के मुताबिक, रेगुलेटर को अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिल गए हैं। शाहरुख खान का जवाब अभी तक नहीं मिला है और FDA उनके रिप्लाई का इंतजार कर रहा है। रेगुलेटर ने सवाल उठाया है कि क्या यह विज्ञापन विमल पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के बराबर हो सकता है। महाराष्ट्र में पान मसाला के प्रमोशन पर रोक है। FDA का कहना है कि भले ही विज्ञापन इलायची प्रोडक्ट के लिए है, लेकिन इसकी ब्रांडिंग पान मसाला ब्रांड से अप्रत्यक्ष कनेक्शन बना सकती है। तीनों एक्टर्स से मांगे गए थे सबूत FDA ने अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ से इस बात के सबूत मांगे थे कि उन्होंने विमल इलायची का जो विज्ञापन किया है, वह पूरी तरह अलग प्रोडक्ट है। इसके साथ ही उनसे यह भी साबित करने को कहा गया था कि यह विज्ञापन बैन किए गए विमल पान मसाला और तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स के प्रमोशन के लिए बनाया गया सरोगेट विज्ञापन नहीं है। शाहरुख के जवाब नहीं दिया तो लगेगा जुर्माना अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ का जवाब मिलने के बाद अब FDA शाहरुख खान के जवाब का इंतजार कर रहा है। शाहरुख की तरफ से जवाब नहीं मिलने पर FDA क्या कार्रवाई करेगा, यह अभी साफ नहीं है। जानकारी के मुताबिक, समय सीमा तक जवाब न देने की स्थिति में लाखों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पान मसाला एड विवाद पर सेलेब्स के पुराने बयान पान मसाला एड पर लंबे समय से विवाद है। हालांकि एक्टर्स का कहना है कि एड नहीं बल्कि बिक्री पर रोक लगाना चाहिए। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। CNN-IBN को दिए एक पुराने इंटरव्यू में शाहरुख खान से पूछा गया था कि स्वास्थ्य मंत्री ने सेलिब्रिटीज से सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे उत्पादों का विज्ञापन न करने की अपील की है, क्योंकि बच्चे उन्हें देखकर पीने लगते हैं। इस पर शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट या सॉफ्ट ड्रिंक्स खराब हैं, तो सरकार देश में उनकी बिक्री और उत्पादन ही रोक दे। सरकार को मिलता है रेवेन्यू, फिर मेरी कमाई क्यों रोकते हैं - शाहरुख शाहरुख खान ने अपने जवाब में तर्क दिया था कि सरकार ऐसे उत्पादों को इसलिए बंद नहीं करती क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व (रेवेन्यू) का जरिया हैं। शाहरुख ने कहा था कि जब सरकार अपने रेवेन्यू के लिए उत्पादन नहीं रोक रही है, तो उनकी कमाई को भी नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक एक्टर हैं और काम करके कमाना उनका पेशा है। अगर कोई चीज वाकई गलत है, तो उसका बनना ही बंद होना चाहिए। अजय देवगन बोले- मैं केवल इलायची का प्रचार करता हूं साल 2022 में भी जब इस तरह के विज्ञापन पर विवाद बढ़ा था, तब अभिनेता अजय देवगन ने अपना पक्ष रखा था। अजय ने कहा था कि वे केवल 'इलायची' का विज्ञापन करते हैं और सरोगेट एडवरटाइजिंग के आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि किसी उत्पाद को इस्तेमाल करना इंसान की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। अजय ने भी शाहरुख खान की बात से सहमति जताते हुए कहा था कि अगर कोई उत्पाद हानिकारक है, तो सबसे पहले उसके निर्माण पर रोक लगानी चाहिए। सेलेब्स के इन एड पर भी हुआ विवाद- कृति सेनन रक्षाबंधन एड विवादः एक्ट्रेस कृति सेनन हाल ही में जूलरी ब्रांड जीवा के जूलरी ब्रांड में नजर आईं। एड में भाई और कुत्ते को राखी बांधती हुईं कृति ने रिवीलिंग कपड़े पहने, जिससे विवाद हो गया। आलोचना के बीच ब्रांड ने एड हटा दिया। आमिर खान गृहप्रवेश एड विवादः आमिर खान कुछ सालों पहले एक प्राइवेट बैंक के एड में कियारा आडवाणी संग नजर आए। इसमें आमिर शादी के बाद दुल्हन के गृह प्रवेश करने के उलट घर जमाई के रूप में ससुराल में गृह प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। तनिष्क एड पर हिंदू-मुस्लिम विवादः टाटा ग्रुप के मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने कुछ सालों पहले इंटर रिलीजन मैरिज पर आधारित एड जारी किया था। विज्ञापन में एक हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी दिखाई गई है। एड पर जमकर विवाद हुआ, जिसके बाद तनिष्क ने वीडियो को यूट्यूब चैनल से हटा दिया है।
करण जौहर का सबसे बड़ा दांव! राधा-कृष्ण की कहानी पर बनेगी मेगा फिल्म
Janmashtami 2026: करण जौहर अब राधा-कृष्ण की प्रेम कहानी पर फिल्म बनाने की तैयारी में हैं. फिल्म में कृष्ण के जन्म से कंस वध तक का सफर दिखाया जाएगा.
Bigg Boss 20 House: लग्ज़ूरियस इंटीरियर देख चौंक जाएंगे
Bigg Boss 20 के ग्रैंड प्रीमियर से पहले नए BB House की झलक सामने आई है. 100 से ज्यादा कैमरों वाले इस घर में जंगल थीम, शार्क स्टाइल पूल और मिस्ट्री रूम खास आकर्षण हैं. जानें नए घर की पूरी खासियत. एंट्री गेट पर बना विशाल ड्रामेटिक स्टैच्यू भी घर का खास आकर्षण है.
कास्ट- तापसी पन्नू, इश्वाक सिंह, मीता वशिष्ठ, छाया कदम, चंदन रॉय, प्रशांत नारायण डायरेक्टर- देवाशीष मखीजा ड्यूरेशन- 1 घंटा 56 मिनट रेटिंग- 1.5/5 एक मां की बेटी गायब हो जाए, तो उसका दर्द कितना बड़ा होगा, यह समझने के लिए किसी भारी-भरकम डायलॉग की जरूरत नहीं होती। बस उस मां का चेहरा काफी है। ‘गांधारी’ के पास यही सबसे मजबूत हथियार था, एक मां, उसकी खोई हुई बेटी और उसे वापस पाने के लिए किसी भी हद तक जाने का जुनून। लेकिन फिल्म ने इस सीधे और दमदार आइडिया को इतना घुमाया, इतना सजाया और इतने ट्विस्ट डाल दिए कि आखिर में मां की कहानी कम और स्क्रीनप्ले की कसरत ज्यादा नजर आने लगती है। तापसी पन्नू पूरी ताकत से बानी का किरदार निभाती हैं। वह दौड़ती हैं, लड़ती हैं, मार खाती हैं और फिर उठकर लड़ती हैं। फिल्म उनसे हर तरह का इमोशन निकलवाना चाहती है। दिक्कत सिर्फ इतनी है कि जिस कहानी के लिए वह इतना सब कर रही हैं, वही कहानी बार-बार उनके पैरों में आकर गिर जाती है। कैसी है फिल्म की कहानी? बानी (तापसी पन्नू) और गोकुल (इश्वाक सिंह) अपनी बेटी के साथ सफर पर हैं। सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन अचानक बेटी गायब हो जाती है। इसके बाद शुरू होती है एक मां की तलाश। जॉयपुरा नाम के छोटे शहर में पहुंचने के बाद बानी को एहसास होता है कि मामला सिर्फ एक बच्ची के गायब होने का नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क है और शहर में कई चेहरे ऐसे हैं, जिन पर भरोसा करना मुश्किल है। बानी की आंखों की रोशनी भी चली जाती है। लेकिन यहीं से फिल्म का सबसे दिलचस्प आइडिया सामने आता है, वह अपनी हालत को छिपाकर खुद को अंधा दिखाने लगती है, ताकि उन लोगों तक पहुंच सके जो उसकी बेटी के गायब होने के पीछे हैं। कहानी में बाल तस्करी, पुलिस, स्थानीय लोगों की मिलीभगत, धार्मिक प्रतीक और कई रहस्यमय किरदार जुड़ते जाते हैं। मीता वशिष्ठ, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी, जतिन सरना, चंदन रॉय और प्रशांत नारायण जैसे कलाकार कहानी में मौजूद हैं, लेकिन इतने सारे किरदारों के बीच असली कहानी कई बार पीछे छूट जाती है। फिल्म लगातार आपको चौंकाने की कोशिश करती है। समस्या यह है कि कुछ देर बाद ट्विस्ट चौंकाने के बजाय थकाने लगते हैं। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? तापसी पन्नू ने बानी के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। एक्शन सीक्वेंस में उनकी मेहनत साफ दिखाई देती है। वह किरदार की शारीरिक और भावनात्मक मुश्किलों से पूरी तरह गुजरती नजर आती हैं। लेकिन अभिनय तभी असर करता है, जब कहानी उसे सहारा दे। यहां कई जगह तापसी जितना ज्यादा भाव देने की कोशिश करती हैं, फिल्म उतनी ही बनावटी लगने लगती है। इश्वाक सिंह ठीक हैं, लेकिन उनके किरदार को ज्यादा कुछ करने का मौका नहीं मिला। जतिन सरना, मीता वशिष्ठ, छाया कदम, स्वस्तिका मुखर्जी और चंदन रॉय जैसे अच्छे कलाकार भी स्क्रीनप्ले की कमजोरी के आगे ज्यादा असर नहीं छोड़ पाते। प्रशांत नारायण को स्क्रीन पर बहुत कम वक्त मिलता है, लेकिन उनकी मौजूदगी बाकी कलाकारों के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली लगती है। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले? देवाशीष मखीजा की ‘जोरम’ जैसी फिल्म देखने के बाद ‘गांधारी’ से उम्मीद काफी ज्यादा थी। लेकिन यहां निर्देशक अपनी ही कहानी को संभाल नहीं पाए। फिल्म की शुरुआत एक गंभीर क्राइम थ्रिलर की तरह होती है। फिर यह मां की तलाश बनती है, फिर बदले की कहानी और कुछ देर बाद एक्शन फिल्म। एक मां अपनी बेटी को बचाने के लिए लड़ रही है, इससे ज्यादा सीधी और इमोशनल कहानी क्या होगी? लेकिन फिल्म को शायद सरल रहना मंजूर नहीं था। स्क्रीनप्ले हर कुछ मिनट में नया मोड़ लाता है। कुछ ट्विस्ट काम करते हैं, लेकिन ज्यादातर सिर्फ कहानी को और उलझाते हैं। सबसे बड़ी परेशानी बानी का बदलाव है। शुरुआत में वह एक परेशान मां है, लेकिन बाद में फिल्म उसे लगभग सुपर-वुमन बना देती है। वह अकेले कई लोगों से भिड़ती है, मार खाती है और फिर उसी ताकत से वापस खड़ी हो जाती है। पर्दे पर यह देखने में जोश जरूर देता है, लेकिन कहानी के भीतर इसका सफर पूरी तरह विश्वसनीय नहीं लगता। फिल्म में कई प्रतीक और रूपक भी हैं। ‘गांधारी’ का नाम खुद महाभारत की उस महिला से जुड़ा है, जिसने अपने नेत्रहीन पति के साथ रहने के लिए अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। फिल्म इस संदर्भ को अपनी कहानी से जोड़ने की कोशिश करती है, लेकिन कई जगह यह जुड़ाव स्वाभाविक कम और जबरदस्ती का ज्यादा लगता है। एडिटिंग भी कहानी को बचाने के बजाय और परेशान करती है। समय में आगे-पीछे जाना, अचानक फ्लैशबैक और लगातार खुलते राज कहानी को तेज तो बनाते हैं, लेकिन इमोशन को सांस लेने की जगह नहीं देते। और फिर आते हैं एक्शन सीन। कुछ सीक्वेंस अच्छे हैं, लेकिन फिल्म कई जगह यथार्थ से इतनी दूर निकल जाती है कि दर्शक किरदार के दर्द से जुड़ने के बजाय अगला स्टंट देखने लगता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के तनाव को बढ़ाने की कोशिश करते हैं। कुछ जगह माहौल बनता है, लेकिन कई बार संगीत खुद दृश्य से ज्यादा जोर से बोलने लगता है। ‘बिटिया’ जैसे भावनात्मक हिस्से कहानी के मूड के साथ चलते हैं, लेकिन संगीत फिल्म की सबसे बड़ी कमी को नहीं ढक पाता, कमजोर कहानी। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘गांधारी’ में आइडिया खराब नहीं है। बल्कि आइडिया काफी अच्छा है। एक मां अपनी बेटी को बचाने के लिए अपनी कमजोरी को हथियार बना ले, यह कहानी दर्शकों को बांध सकती थी। लेकिन फिल्म ने इस कहानी को इतना घुमा दिया कि भावनाएं रास्ते में कहीं छूट गईं। तापसी पन्नू ने मेहनत की, एक्शन किया और किरदार को पूरी ताकत दी। लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, जरूरत से ज्यादा ट्विस्ट, असमान टोन और कई जगह बनावटी लगने वाला ड्रामा फिल्म को संभाल नहीं पाता। ‘गांधारी’ में मां का गुस्सा बहुत है, लेकिन कहानी में दम कम। तापसी लड़ती बहुत हैं, पर फिल्म खुद से ही हार जाती है। ……………………………………………… फिल्म गांधारी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- नेटफ्लिक्स पर कहानी चोरी का आरोप:राइटर बोले- चोरी कर बनाई गई तापसी पन्नू की फिल्म 'गांधारी'; कंपनी को भेजा लीगल नोटिस तापसी पन्नू स्टारर फिल्म 'गांधारी' के 3 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्क्रीनराइटर कल्याण बंदी ने नेटफ्लिक्स इंडिया और उसकी कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल पर कहानी चोरी का आरोप लगाया है। कल्याण का दावा है कि उन्होंने साल 2019 में 'गांधारी' नाम की अपनी कहानी मोनिका शेरगिल को ईमेल की थी, जिसे तब रिजेक्ट कर दिया गया था। अब उसी टाइटल और कॉन्सेप्ट पर फिल्म बनाई जा रही है। कल्याण ने नेटफ्लिक्स को लीगल नोटिस भी भेजा है, लेकिन कंपनी ने 11 महीने से इसका कोई जवाब नहीं दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
विराट-अनुष्का देखें ‘हनुमान अंश’, बाबा के भक्तों से डायरेक्टर ने जताई ख्वाहिश
‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी चाहते हैं कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी फिल्म देखें. सहवाग की तारीफ से वह बेहद खुश हुए.
कान्हा के रोल में छाए ये सितारे, रातोरात पाई शोहरत
बी.आर. चोपड़ा की मशहूर ‘महाभारत’ में नीतीश भारद्वाज ने भगवान कृष्ण का किरदार निभाया था. उनका अभिनय आज भी भारतीय टेलीविजन के सबसे यादगार पौराणिक किरदारों में गिना जाता है. जब उन्होंने यह भूमिका निभाई, तब वह सिर्फ 23 साल के थे. कृष्ण के किरदार ने उनके करियर को एक अलग पहचान दी.
दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए। फिर एक मोबाइल ऐड के सेट पर हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी। अनुराग कश्यप ने उन्हें गैंग्स ऑफ वासेपुर में मौका दिया। फिल्म हिट हुई, लेकिन हुमा का संघर्ष खत्म नहीं हुआ। बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन, ट्रोलिंग और लिंकअप की अफवाहों के बीच उन्होंने अलग-अलग किरदारों से पहचान बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में हुमा कुरैशी के जीवन और करियर से जुड़ी खास बातें पढ़ाई में तेज थीं, एक्टिंग का शौक बाद में करियर बना हुमा कुरैशी का जन्म 28 जुलाई 1986 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता सलीम कुरैशी रेस्टोरेंट बिजनेस से जुड़े हैं। हुमा ने दिल्ली के गार्गी कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स किया। कॉलेज के दिनों में वह पढ़ाई के साथ ड्रामा, डिबेट और थिएटर में सक्रिय रहीं। वह ड्रामा सोसायटी की प्रेसिडेंट भी बनीं। थिएटर के दौरान एनके शर्मा उनके मेंटर बने। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि एनके शर्मा ने ही उनमें एक्टर बनने की क्षमता सबसे पहले पहचानी। उन्होंने ‘द अमेरिकन पायलट’ जैसे नाटकों में काम किया। हुमा के मुताबिक, एक्टिंग का असली जुनून उन्हें थिएटर के दौरान ही महसूस हुआ। डॉक्टर बनने की पढ़ाई से मुंबई तक का सफर हुमा के परिवार को लगता था कि वह पढ़ाई में अच्छी हैं और आगे अकादमिक करियर बनाएंगी। हुमा ने बताया था कि उनके पिता एक्टिंग के फैसले को लेकर शुरुआत में आश्वस्त नहीं थे। उन्हें अपने माता-पिता को मनाने में करीब छह से आठ महीने लगे। मुंबई आने से पहले उन्हें एक फिल्म का ऑडिशन मिला था। फिल्म में उनका चयन हुआ, लेकिन प्रोजेक्ट कभी बन नहीं सका। इस अनुभव से हुमा को समझ आया कि उन्हें फिल्मों में काम करना है। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया। मुंबई में चार लड़कियों के साथ छोटे से पीजी में रहती थीं मुंबई पहुंचने के बाद हुमा ने कोई आलीशान जिंदगी नहीं जी। वह जुहू में चार दूसरी लड़कियों के साथ छोटे से पीजी में रहती थीं। हर लड़की के पास अपना बेड और एक कैबिनेट था। बाथरूम इस्तेमाल करने को लेकर भी रोजाना झगड़े होते थे। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि ऑडिशन के लिए वह एक बैग लेकर निकलती थीं। उसमें एक सलवार-कमीज, सफेद शर्ट, काली ड्रेस और टिफिन रहता था। कई बार उन्हें बिना ठीक से बातचीत किए ही रिजेक्ट कर दिया जाता था। शुरुआती दौर में वह दादर-जुहू के बीच टैक्सी और ऑटो रिक्शे से सफर करती थीं। पैसे बचाने के लिए कई बार पैदल भी चलती थीं। पहला विज्ञापन मिला तो सिर्फ 5 हजार रुपए फिल्म का सपना पूरा होने में वक्त लग रहा था, इसलिए हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। उनका पहला विज्ञापन एक मोबाइल कंपनी के लिए था। इसमें वह अबिषेक बच्चन का इंटरव्यू करती पत्रकार बनी थीं। इसके लिए उन्हें सिर्फ 5 हजार रुपए मिले थे। इसके बाद हुमा ने आमिर खान, शाहरुख खान समेत कई बड़े सितारों के साथ विज्ञापन किए। यही विज्ञापन आगे उनके फिल्मी करियर का रास्ता खोलने वाला था। आमिर खान के ऐड में अनुराग कश्यप से मुलाकात हुमा ने एक मोबाइल विज्ञापन में आमिर खान के साथ काम किया था। इसकी शूटिंग पंचगनी में चार दिन चली। उस विज्ञापन के डायरेक्टर अनुराग कश्यप थे। हुमा ने इस मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया कि तब वह करीब दस विज्ञापन कर चुकी थीं और खुद को इस मामले में ‘वेटरन’ समझने लगी थीं। सेट पर उन्होंने काफी मेकअप किया हुआ था। अनुराग ने पूछा, ‘ये क्या है?’ तो हुमा ने बेझिझक कहा कि यह उनका पहला ऐड है, जबकि वह दस ऐड कर चुकी हैं। अगले ही दिन अनुराग ने उनसे कहा कि वह अपनी फिल्म में उन्हें कास्ट करेंगे। हुमा को भरोसा नहीं हुआ, लेकिन अनुराग ने अपना वादा निभाया। गैंग्स ऑफ वासेपुर मिली, लेकिन सिर्फ 65 हजार रुपए मिले थे 2012 में हुमा ने गैंग्स ऑफ वासेपुर से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म में उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी के किरदार की पत्नी मोहसिना का रोल निभाया। शूटिंग के वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी भूमिका इतनी अहम होने वाली है। एक इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 65 हजार रुपए मिले थे। उन्होंने कहा कि शूटिंग किसी बड़े स्टार वाली फिल्म जैसी नहीं थी-न फाइव स्टार होटल, न वैनिटी वैन का तामझाम। टीम वाराणसी गई, महीनों शूटिंग की और वापस आ गई। फिल्म रिलीज हुई तो हुमा ने देखा कि उनका चेहरा होर्डिंग पर था। फिल्म हिट हुई, लेकिन इसके बाद आया असली स्ट्रगल गैंग्स ऑफ वासेपुर ने हुमा को पहचान दिला दी। लेकिन सफलता के बाद वह लगातार बड़े स्टार्स वाली फिल्मों की हीरोइन नहीं बन गईं। बर्खा दत्त के इंटरव्यू में हुमा ने कहा था कि पहली कुछ फिल्मों के बाद वह खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगी थीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस दिशा में आगे बढ़ना है। ‘बिल्ला 2’ पहले मिली थी, लेकिन फिल्मी सफर अटक गया गैंग्स ऑफ वासेपुर से पहले हुमा को तमिल फिल्म बिल्ला 2 में अजित कुमार के साथ काम करने का मौका मिला था। उन्होंने करीब 700 उम्मीदवारों के ऑडिशन के बाद यह रोल हासिल किया था। लेकिन फिल्म में देरी हुई और दूसरे कमिटमेंट्स की वजह से हुमा ने यह प्रोजेक्ट छोड़ दिया। ‘बॉडी शेमिंग’ ने आत्मविश्वास तक हिला दिया हुमा के करियर की सबसे मुश्किल लड़ाइयों में से एक वजन और लुक्स को लेकर होने वाली आलोचना रही। हुमा ने बताया कि एक रिव्यू में लिखा गया था कि वह अच्छी एक्ट्रेस हैं, लेकिन मेनस्ट्रीम एक्ट्रेस बनने के लिए पांच किलो ज्यादा वजन है। बाद में फिल्म ‘डबल एक्सएल’ के लिए उन्होंने करीब 20 किलो वजन बढ़ाया। हुमा ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए थेरेपी जैसी थी। 2026 में डबल डेट शो पर भी उन्होंने शुरुआती करियर की ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लगातार नेगेटिव कमेंट्स का उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ा। वह कुछ समय के लिए काफी रिजर्व हो गई थीं। अनुराग कश्यप से लिंकअप की अफवाहें भी झेलनी पड़ीं गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद हुमा और अनुराग कश्यप की दोस्ती को लेकर अफवाहें शुरू हो गईं। दोनों के रिश्ते को लेकर मीडिया में लगातार खबरें आईं। हुमा ने 2013 में इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में इन खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि वह अफवाहों को अपने काम और उन लोगों के साथ रिश्तों पर असर नहीं डालने देंगी, जिन्होंने उन पर भरोसा किया। एक साल बाद अनुराग कश्यप ने भी कहा था कि इन अफवाहों में हुमा को निशाना बनाया जा रहा है और इसका असर उनकी इमेज पर पड़ रहा है। एक और अफवाह- ‘डेढ़ इश्किया’ के डायरेक्टर से सगाई 2014 में हुमा के बारे में सोशल मीडिया पर अफवाह चली कि उन्होंने ‘डेढ़ इश्किया’ के डायरेक्टर अभिषेक चौबे से सगाई कर ली है। हुमा ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी अफवाहें एक आउटसाइडर की मेहनत को कमजोर करती हैं। डेढ़ इश्किया’ से ‘बदलापुर तक, अलग रोल्स चुनती गईं हुमा ने खुद को पारंपरिक ग्लैमरस हीरोइन की छवि तक सीमित नहीं रखा। डेढ़ इश्किया’ से ‘बदलापुर ,जॉली एलएलबी 2 और मोनिका, ओ माई डार्लिंग जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए। यही उनकी करियर रणनीति बनी-हर फिल्म में खुद को दोहराने के बजाय नया किरदार चुनना। हुम कहती हैं कि उनके लिए हर फिल्म दोबारा शुरुआत करने जैसी है। वह एक ही तरह के रोल दोहराना पसंद नहीं करतीं। ओटीटी ने दिया करियर को नया मोड़ फिल्मों के साथ हुमा ने ओटीटी का रुख किया। 2019 में वेब सीरीज लैला में उनका किरदार चर्चा में रहा, लेकिन 2021 की ‘महारानी’ ने उनके करियर को नया मोड़ दिया। रानी भारती का किरदार हुमा के अब तक के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हो गया। सत्ता की राजनीति में एक साधारण महिला का धीरे-धीरे मजबूत होना हुमा ने बेहद प्रभावी तरीके से निभाया। यही दौर था जब उन्हें सिर्फ फिल्मों की अभिनेत्री के बजाय ऐसी कलाकार के तौर पर देखा जाने लगा, जो अलग माध्यमों में भी मजबूत किरदार निभा सकती है। ‘महारानी’ की रानी भारती बनीं जिंदगी बदलने वाला किरदार हुमा ने रानी भारती को अपने करियर का वह रोल बताया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। इस किरदार में उन्होंने ऐसी महिला को निभाया, जो राजनीति, सत्ता और निजी जिंदगी के संघर्षों के बीच धीरे-धीरे खुद को मजबूत करती है। इसके बाद ‘मिथ्या’ और ‘आर्मी ऑफ द डेड’ जैसे प्रोजेक्ट्स से उन्होंने ओटीटी और इंटरनेशनल स्क्रीन पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ट्रोलिंग पर बोलीं- काम करते रहना जरूरी है हुमा ने हालिया इंटरव्यू में ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब वह सोशल मीडिया की नकारात्मकता को अपने ऊपर हावी नहीं होने देतीं। लखनऊ टाइम्स से बातचीत में उन्होंने अपने लुक्स और ट्रोलिंग पर अपने आत्मविश्वास को लेकर जवाब दिया। अब एक्टर के साथ प्रोड्यूसर भी हुमा अब सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं हैं। Baby Do Die Do में उन्होंने एक्टिंग के साथ प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली। फिल्म 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई थी। जिस लड़की ने कभी एक फिल्म मिलने को ही सबसे बड़ी उपलब्धि माना था, वह अब अपनी पसंद की कहानियां बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा चुकी है। 'टॉक्सिक: में दिखा करियर का नया दौर हुमा की हालिया रिलीज फिल्मों में 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' भी शामिल है। यश स्टारर यह फिल्म 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। इसमें यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। _____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. दिशा पाटनी 500 रुपए लेकर मुंबई आई थीं:‘हीरोपंती’ के ऑडिशन में फेल हुईं; इंजीनियरिंग छोड़ी, फिर ‘एमएस धोनी’ से बनीं स्टार दिशा पाटनी की बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बरेली से निकलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच मॉडलिंग शुरू करने वाली दिशा 500 रुपए लेकर मुंबई पहुंची थीं। यहां उन्हें लगातार ऑडिशन देने पड़े और ‘हीरोपंती’ का ऑडिशन फेल हो गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजीनियरिंग छोड़कर एक्टिंग को करियर बना लिया।पूरी खबर पढ़ें..
टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में हुई 2 बार मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। ऋषि के मुताबिक, वहां एक व्यक्ति उनके पास फोन लेकर आया और कहा, “भाई बात करेंगे।” इसके बाद दाऊद ने उन्हें चाय पर घर बुलाया। ऋषि ने कहा था कि उन्हें लगा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि उस समय दाऊद सिर्फ एक भगोड़ा था और उस समय उस पर बाद में होने वाले गंभीर अपराधों के आरोप नहीं थे। यह मुलाकात 1993 के मुंबई धमाकों से पहले हुई थी। ऋषि ने बताया था कि दाऊद के साथ उनकी करीब चार घंटे की मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने दो कप चाय पी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने उन्हें अपने घर बुलाने के लिए रोल्स रॉयस गाड़ी भेजी थी। ‘तवायफ’ फिल्म में ऋषि का नाम था दाऊद ऋषि कपूर ने बताया था कि फिल्म ‘तवायफ’ में उनके किरदार का नाम दाऊद था। यह बात दाऊद इब्राहिम को काफी पसंद आई थी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने कहा था कि उन्होंने उसका नाम अच्छे तरीके से दिखाया है। ऋषि ने यह भी कहा था कि दाऊद ने उनसे कभी कोई तोहफा नहीं लिया। हालांकि, उसने पूछा था, “क्या मैं आपको कुछ दिला सकता हूं?” इस पर ऋषि ने जवाब दिया था, “नहीं, आप मुझे कुछ क्यों दिलाएंगे? मैं अपनी जरूरत की चीजें खरीद सकता हूं।” राज कपूर के निधन के एक दिन बाद जून 1988 में दाऊद ने मुंबई स्थित ऋषि के घर पर शोक जताने के लिए अपना एक आदमी भी भेजा था। ऋषि के मुताबिक, दाऊद उनके पिता राज कपूर का बड़ा फैन था। दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी वहीं, ऋषि कपूर की दाऊद से दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी। यह एक अचानक हुई मुलाकात थी। ऋषि पत्नी नीतू के साथ दुबई के एक जूते के स्टोर में खरीदारी कर रहे थे, जहां दाऊद अपने कुछ बॉडीगार्ड्स के साथ आया और उसने ऋषि को पहचानकर उनसे बातचीत की। दाऊद ने कुछ खरीदकर देने का ऑफर दिया, लेकिन ऋषि ने मना कर दिया था। ऋषि ने कहा था कि उन्हें दाऊद से मिलने में बिल्कुल कुछ गलत नहीं लगा और कभी-कभी फिल्मों के लिए ऐसे लोगों से भी प्रेरणा ली जा सकती है। उन्होंने बताया था कि फिल्म ‘डी-डे’ में दाऊद से प्रेरित किरदार निभाने के लिए उन्होंने उससे जुड़ी चीजों को समझने की कोशिश की थी। एक नजर ऋषि कपूर के करियर पर ऋषि कपूर ने 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उन्होंने अपने पिता राज कपूर के बचपन का किरदार निभाया था। 1973 में फिल्म ‘बॉबी’ से ऋषि कपूर ने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ डिंपल कपाड़िया नजर आई थीं। यह फिल्म बड़ी हिट रही और ऋषि रातोंरात स्टार बन गए। ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई रोमांटिक फिल्मों में काम किया। ‘कर्ज’, ‘चांदनी’, ‘नगीना’, ‘प्रेम रोग’ और ‘सागर’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ हीरो ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह के किरदार भी निभाए। ‘अग्निपथ’, ‘दो दूनी चार’, ‘मुल्क’ और ‘102 नॉट आउट’ में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। उनकी आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ थी। यह फिल्म उनके निधन के बाद 2022 में रिलीज हुई थी। ……………. यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दलीप ताहिल ने अपनी फिल्म 'बाजीगर' में शाहरुख खान के किरदार को मारने पर एक भावुक फैन के सवाल का किस्सा शेयर किया।

