रणथंभौर में दिखे इब्राहिम और पलक तिवारी, उड़ीं डेटिंग की अफवाहें
इब्राहिम अली खान, पलक तिवारी के साथ रणथंभौर में टाइगर सफारी पर गए, जिसका वीडियो भी सामने आया है. हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर साथ देखे जाने के बाद, इस सफारी ने उनके कथित रिश्ते को लेकर फिर से चर्चा छेड़ दी है.
नुसरत भरूचा एयर एंबुलेंस से मुंबई पहुंचीं, फैंस की बढ़ी चिंता
रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद नुसरत भरूचा को बाली से मुंबई एयरलिफ्ट किया गया. मुंबई पहुंचने का एक्ट्रेस का एक वीडियो देखकर फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंतित हो गए हैं.,
सिग्मा देखने थिएटर पहुंचीं थलपति विजय की पत्नी संगीता, वीडियो वायरल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पत्नी संगीता सोरनालिंगम, अपनी बेटी दिव्या के साथ कमला सिनेमाज़ में अपने बेटे जेसन संजय की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'सिग्मा' देखने पहुंचीं.
रोहित शेट्टी का ओरी के रील पर ‘रुक टेलर भेजता हूं’ वाला कमेंट, इंटरनेट पर छाई मजेदार नोकझोंक
ओरी की हालिया सोशल मीडिया रील ने ‘खतरों के खिलाड़ी’ के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ उनकी मजेदार बातचीत को लेकर खूब ध्यान खींचा है...
बढ़े वजन पर ट्रोल हुईं कटरीना, विक्की बोले- पत्नी को खुश देखा
कटरीना कैफ को कुछ वक्त पहले भयंकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था, क्योंकि मां बनने के बाद उनका वजन बढ़ा. अब कटरीना की लाइफ के इस फेज पर विक्की कौशल ने बात की और बताया कि कैसे वो एक्ट्रेस के लिए खुश हैं.
दृश्यम ने चला बॉक्स ऑफिस पर पुराना दांव! अजय का आया रिएक्शन
‘दृश्यम 3’ की रिलीज के बीच अजय देवगन ने बताया कि सीक्वल की सफलता में फिल्म से ज्यादा किरदारों का जुड़ाव मायने रखता है. जानें विजय सलगांवकर, गोपाल और सिंघम पर उन्होंने क्या कहा और किरदारों से अटैचमेंट को लेकर उनका नजरिया क्या है.
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने हनुमान अंश और सनातन संस्कृति पर बन रही फिल्मों की सफलता पर अपनी राय रखी है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति जितनी स्पिरिचुअल है, उतनी ही साइंटिफिक भी है। आज दर्शक अपनी संस्कृति के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं। डिमांड के कारण ऐसी कहानियां बनाई जा रही हैं और लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। इस बीच सनातन थीम पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने 56 दिनों में दुनियाभर में 414.06 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है। साइंस और स्पिरिचुअलिटी एक ही सिक्के के दो पहलू तमन्ना भाटिया ने कहा कि अर्बन इंडिया के लिए अपनी जड़ों और कल्चर को समझना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग हर बात का पहले सबूत मांगते हैं और फिर विश्वास करते हैं, जबकि अध्यात्म का नियम है कि आप विश्वास करें तो अनुभव खुद मिल जाएगा। अपनी फिल्म 'वन' में निभाए किरदार का हवाला देते हुए तमन्ना ने बताया कि साइंस और स्पिरिचुअलिटी अलग नहीं हैं, दोनों एक ही बात को कहने के दो अलग तरीके हैं। 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर से हुई थी मुलाकात तमन्ना ने बताया कि कुछ समय पहले एक पब्लिक वॉशरूम में उनकी मुलाकात 'हनुमान अंश' की महिला प्रोड्यूसर से हुई थी। वहां बातचीत के दौरान तमन्ना ने उन्हें फिल्म की सफलता पर बधाई दी। तमन्ना ने कहा कि मेकर्स ने बहुत कठिनाइयों के साथ यह फिल्म बनाई है और आज इसे जो रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे वे काफी खुश हैं। जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़े आंकड़े लेकर आती है, तो उसकी सफलता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। 'सनातन फिल्मों का हिस्सा बनने में दिक्कत नहीं' आगे भी धार्मिक या पौराणिक विषयों पर काम करने के सवाल पर तमन्ना ने कहा कि अगर किसी कहानी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है तो वे ऐसी फिल्मों का हिस्सा जरूर बनना चाहेंगी। भारतीय पौराणिक कथाओं में कई ऐसे किरदार हैं जिन्हें पर्दे पर उतारा जा सकता है। अपने एक पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने छठी मैया का गाना किया था, तब पटना के एक कॉलेज में किसी ने उनसे कहा था कि ऊपर वाले ने इस काम के लिए खुद आपको चुना है। 'हनुमान अंश' ने 56 दिनों में कमाए 414.06 करोड़ रुपए सनातन और पौराणिक बैकग्राउंड पर बनी फिल्मों की सफलता का बड़ा उदाहरण 'हनुमान अंश' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन है। फिल्म ने अपनी रिलीज के 56वें दिन 4,345 शो के जरिए 2.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 317.38 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 374.86 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने 56वें दिन 0.10 करोड़ रुपए जोड़कर कुल 39.20 करोड़ रुपए की कमाई की है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 414.06 करोड़ रुपए हो गया है।
संजय दत्त ने पितृपक्ष में किया माता-पिता का पिंड दान, ब्राह्मणों संग पूरे विधि-विधान से की पूजा
Sanjay Dutt Pind Daan:
एक्टर डीनो मोरिया के शुक्रवार को गिरफ्तार होने की खबर सामने आई है। सुबह वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के सामने उनकी पेशी हुई। उनसे पूछताछ की जा रही है। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग (गाद निकालना) घोटाले का है। दावा है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर हुए 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है, जिन लोगों ने मुंबई में बाढ़ से बचाव और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए दिए गए सरकारी फंड में हेराफेरी की थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डीनो, दिशा सालियन की मौत के मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ED ने डीनो के घर छापा मारा था 2025 में भी ED ने मुंबई और कोच्चि में 15 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का घर भी शामिल था। इन छापों में उन लोगों और संगठनों को निशाना बनाया गया जो जांच के दायरे में आए कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या था मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट मीठी नदी से गाद निकालने यानी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और दूसरी सिविक एजेंसियों ने की थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मलबे को हटाकर और नदी के तल का रखरखाव करके बाढ़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना था। बाद की जांच में डीसिल्टिंग के बताए गए काम और असल में किए गए काम के बीच अंतर मिला, जिससे प्रोजेक्ट के फंड के इस्तेमाल पर शक पैदा हुआ। मई 2025 की पहली FIR में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें 3 BMC अधिकारी, ठेकेदार, बिचौलिए और निजी कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। ………… यह खबर भी पढ़ें... एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
एक्टर डीनो मोरिया के गिरफ्तार होने की खबर:मीठी नदी डीसिल्टिंग घोटाले से जुड़ा है मामला
एक्टर डीनो मोरिया शुक्रवार को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार होने की खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के सामने उनकी पेशी हुई। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग स्कैम का है। दावा है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर हुए 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है। इन लोगों पर मुंबई में बाढ़ से बचाव और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए दिए गए सरकारी फंड में हेराफेरी करने का शक है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डीनो, दिशा सालियन की मौत के मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ED ने डीनो के घर छापा मारा था 2025 में भी ED ने मुंबई और कोच्चि में 15 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का घर भी शामिल था। इन छापों में उन लोगों और संगठनों को निशाना बनाया गया जो जांच के दायरे में आए कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या था मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और अन्य सिविक एजेंसियों ने की थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मलबे को हटाकर और नदी के तल का रखरखाव करके बाढ़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना था। बाद की जांच में डीसिल्टिंग के बताए गए काम और असल में किए गए काम के बीच अंतर मिला, जिससे प्रोजेक्ट के फंड के इस्तेमाल पर शक पैदा हुआ। खबर अपडेट की जा रही है…. ………… यह खबर भी पढ़ें... एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
Mithi River Scam: मुंबई पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे Dino Morea, ईओडब्ल्यू की जांच में हुए शामिल
मुंबई की मीठी नदी से गाद निकालने के कथित घोटाले की जांच के बीच अभिनेता डिनो मोरिया मुंबई पुलिस आयुक्त के कार्यालय पहुंचे हैं। वह मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं। ईओडब्ल्यू इस मामले में डिनो मोरिया की कथित कड़ियों को लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान डिनो मोरिया का नाम सामने आया था। इससे पहले भी ईओडब्ल्यू उनसे पूछताछ कर चुकी है। जांच एजेंसी ने उनके कुछ कथित वित्तीय लेन-देन को इस मामले में गिरफ्तार आरोपी केतन कदम से जोड़ा था। मई 2025 में ईओडब्ल्यू ने डिनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से पूछताछ की थी। #WATCH | Mumbai | Actor Dino Morea reaches Mumbai Police Commissioner’s Office to join the investigation in Mithi River desilting alleged scam being investigated by Mumbai EOW pic.twitter.com/BXZ5TnJjV4 — ANI (@ANI) October 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Hanuman Ansh 2 का बजट बढ़ेगा या नहीं? निर्माता Anupriya Nagar ने साफ किया प्लान क्या है मीठी नदी गाद निकालने का मामला? मुंबई की मीठी नदी की सफाई और उससे गाद निकालने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की ओर से अलग-अलग ठेके दिए गए थे। ईओडब्ल्यू की जांच में 2021-22 और 2022-23 के गाद निकालने के ठेकों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि कुछ ठेकों में फर्जी दस्तावेज और गलत बिलिंग की गई। इसके अलावा गाद को दूसरी जगह ले जाकर डालने से जुड़े रिकॉर्ड में भी कथित तौर पर गड़बड़ी की गई। ईओडब्ल्यू ने इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें बीएमसी के अधिकारी, ठेकेदार और कथित बिचौलिए शामिल थे। एजेंसी के मुताबिक, बीएमसी को 65.54 करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित नुकसान की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कुछ ऐसे समझौता ज्ञापन भी सामने आए, जिनमें गाद डालने की जगहों का जिक्र था। ईओडब्ल्यू ने आरोप लगाया कि कुछ दस्तावेज फर्जी थे। एक मामले में ऐसी जमीन के मालिक के नाम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई, जिसकी करीब दो दशक पहले मौत हो चुकी थी। इसे भी पढ़ें: काम के लिए बाली गई थीं Nushrratt Bharuccha, हादसे ने बदला पूरा शेड्यूल; अब मुंबई में होगी सर्जरी डिनो मोरिया से क्यों हो रही पूछताछ? जांच के दौरान ईओडब्ल्यू को डिनो मोरिया और गिरफ्तार आरोपी केतन कदम के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली थी। रिपोर्टों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने इन लेन-देन और दोनों के बीच संबंधों को लेकर मोरिया से पूछताछ की थी। अब डिनो मोरिया मुंबई पुलिस आयुक्त के कार्यालय पहुंचे हैं और इस मामले की जांच में शामिल हो रहे हैं। ईओडब्ल्यू उनसे कथित वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर सवाल-जवाब कर सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति से पूछताछ होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। डिनो मोरिया के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। फर्जी फोटो-वीडियो जमा करने के आरोप में गिरफ्तारी मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ईओडब्ल्यू अलग-अलग आरोपियों, ठेकेदारों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अगस्त 2025 में ईओडब्ल्यू ने एक ठेकेदार को कथित तौर पर गाद निकालने के काम के फर्जी फोटो और वीडियो जमा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
तेज प्रताप की गोद में बैठकर नाची हसीना, बोले- बिहार में...
राइज एंड फॉल 2 के नए प्रोमो में तेज प्रताप यादव का मस्तमौला और कभी-कभी अग्रेसिव अंदाज देखने को मिला. पंजाबी एक्ट्रेस-सिंगर सारा गुरपाल ने तेज प्रताप की गोद में बैठकर रोमांटिक डांस किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
Rasik Dulare Sharan New CCTV Video:
सिनेमा ने महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के जीवन के हर पहलू को पर्दे पर उतारा है और अब नए फिल्ममेकर नए दौर में कुछ नई कहानियां कहने के लिए तैयार है।
Nushrratt Bharuccha बाली में हादसे का शिकार, सर्जरी के लिए एयर एम्बुलेंस से लाई जाएंगी Mumbai
अभिनेत्री नुसरत भरूचा इंडोनेशिया की राजधानी बाली में एक हादसे का शिकार हो गई हैं, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। उनकी प्रचार टीम ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें मुंबई लाया जा रहा है जहां उनकी सर्जरी होगी। प्रचार टीम ने बताया कि अभिनेत्री फिलहाल बाली के एक अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में हैं, जहां वह काम करने के साथ ही छुट्टियां मनाने के लिए गई हुई थीं। इसे भी पढ़ें: काम के लिए बाली गई थीं Nushrratt Bharuccha, हादसे ने बदला पूरा शेड्यूल; अब मुंबई में होगी सर्जरी एक बयान में कहा गया, ‘‘काम और छुट्टियां मनाने के लिए बाली गईं नुसरत भरूचा एक हादसे का शिकार हो गई हैं और उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। वह फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं। चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद नुसरत की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी की जाएगी।’’ बयान में कहा गया, ‘‘इस समय हमारी पहली प्राथमिकता उनका स्वास्थ्य और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। हम नुसरत को ‘एयर एम्बुलेंस’ के जरिए बाली से मुंबई लाने के इंतजाम कर रहे हैं, जहां उनकी सर्जरी की जाएगी।’’ बयान के अनुसार, चोट की गंभीरता और सर्जरी को देखते हुए भरूचा को आराम और उबरने के लिए समय चाहिए होगा, जिससे अगले कुछ हफ्तों के उनके काम पर असर पड़ सकता है। प्रचार टीम ने लोगों से अभिनेत्री की गोपनीयता का सम्मान करने और उन्हें अपने इलाज तथा स्वास्थ्य सुधार पर ध्यान केंद्रित करने देने का अनुरोध किया है। बयान में कहा गया, ‘‘हम सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए आभारी हैं तथा उचित समय आने पर आगे की जानकारी साझा करेंगे।’’ भरूचा ने 2006 में आई फिल्म ‘जय संतोषी मां’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, लेकिन उन्हें पहचान 2010 की फिल्म ‘लव सेक्स और धोखा’ और 2011 में कार्तिक आर्यन के साथ आई ‘प्यार का पंचनामा’ से मिली। इसे भी पढ़ें: Tihar Jail में गैंगस्टर नवीन बाली और ढिल्लू का हंगामा, अधिकारियों से की हाथापाई भरूचा जल्द ही रेमो डीसूजा के निर्देशन में बन रही एक एक्शन फिल्म में टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आएंगी।
कभी ट्रेनों में गाते थे, आज बॉलीवुड के सुपरस्टार: जानिए कैसे एक रिस्क ने बदली आयुष्मान खुराना की जिंदगी
एक्ट्रेस गिरिजा ओक ने खोला फेम का दूसरा पहलू
बॉलीवुड एक्ट्रेस गिरिजा ओक सालों से इंडस्ट्री में काम कर रही हैं. उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी सिनेमा में भी काम किया है. गिरिजा पिछले दो दशक से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. कुछ वक्त पहले गिरिजाकी इंटरनेट पर बोल्ड तस्वीरें सामने आई थीं.
50 के दशक में हिंदी फिल्मों में एक से बढ़कर एक 300 गाने लिखने वाले दिग्गज गीतकार ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ ऐसा क्या लिखा था कि उन्हें दो साल तक जेल में रहना पड़ा, पढ़ें उनसे जुड़ा किस्सा।
बाली में नुसरत के साथ बड़ा हादसा, रीढ़ की हड्डी फ्रैक्चर
नुसरत भरूचा बाली में वर्क-कम-हॉलिडे के दौरान एक दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी सर्जरी मुंबई में की जाएगी.
काम के लिए बाली गई थीं Nushrratt Bharuccha, हादसे ने बदला पूरा शेड्यूल; अब मुंबई में होगी सर्जरी
अभिनेत्री नुसरत भरुचा बाली में काम के साथ छुट्टियां मनाने गई थीं। इसी दौरान उनका हादसा हो गया, जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। अब उन्हें इलाज के लिए हवाई एंबुलेंस से मुंबई लाया जाएगा, जहां उनकी रीढ़ की सर्जरी होगी। उनके प्रचारक ने आज एक बयान जारी कर यह जानकारी दी। नुसरत फिलहाल बाली के एक अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सर्जरी और इलाज के बाद उन्हें आराम और ठीक होने के लिए समय की जरूरत होगी। इसका असर आने वाले दिनों में उनके काम से जुड़े कार्यक्रमों पर भी पड़ सकता है। नुसरत की टीम ने जारी किया बयान नुसरत के प्रचारक की ओर से जारी बयान में कहा गया, हम सभी से इस समय उनकी निजता का सम्मान करने और उन्हें अपने इलाज और ठीक होने पर ध्यान देने के लिए जरूरी समय देने का अनुरोध करते हैं। हम सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए आभारी हैं और जब उचित होगा, तब आगे की जानकारी साझा करेंगे। एक दिन पहले एनडीटीवी को विशेष जानकारी मिली थी कि नुसरत बाली में हादसे का शिकार हो गई हैं और उन्हें वहां अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया था, नुसरत भरुचा का बाली में एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ है। वह वहां काम से जुड़े एक कार्यक्रम के लिए गई थीं और उन्होंने अपना ठहरना कुछ दिनों के लिए बढ़ा दिया था। हादसे में उन्हें चोट लगी है और फिलहाल बाली में उनका इलाज चल रहा है। इसे भी पढ़ें: Drishyam 3 को लेकर दर्शकों का रिएक्शन, क्लाइमैक्स ने चौंकाया या नहीं? पढ़ें जनता का रिव्यू टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म में नजर आएंगी नुसरत काम की बात करें तो नुसरत भरुचा के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की टीम में शामिल होने की खबर है। यह फिल्म टाइगर श्रॉफ और नुसरत भरुचा की पहली साथ काम करने वाली फिल्म होगी। फिल्म से जुड़े एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, टीम को ऐसी अभिनेत्री चाहिए थी जो कहानी में मजबूती के साथ भावनात्मक गहराई भी ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में से एक थीं। उनका किरदार दमदार है और दर्शकों को उन्हें एक नए और दिलचस्प अंदाज में देखने का मौका मिलेगा। फिलहाल नुसरत के किरदार से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म में उनके किरदार को कहानी में काफी अहम जगह दी गई है। यह भी कहा जा रहा है कि उनका किरदार सिर्फ पारंपरिक महिला सह-कलाकार तक सीमित नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Hrithik Roshan-Saba Azad की रोमांटिक तस्वीरें हुईं वायरल, एक्स वाइफ सुजैन के कमेंट ने लूट ली लाइमलाइट फिल्म में ये कलाकार भी आएंगे नजर बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इस फिल्म के जरिए निर्माता विक्की जैन भी एक नए प्रोडक्शन बैनर वीजे फ्रेम्स के तहत निर्माता के तौर पर शुरुआत कर रहे हैं। नुसरत भरुचा को आखिरी बार कॉमेडी थ्रिलर फिल्म उफ्फ ये सियापा में सोहम शाह के साथ देखा गया था।
लस्ट स्टोरीज में दिए स्टीमी सीन्स, अब कराया न्यूड फोटोशूट, चर्चा में एक्टर
रणवीर सिंह के बाद अब गुरफतेह पीरजादा के न्यूड फोटोशूट ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है. हॉस्टल के कमरे में ऐसी तस्वीर देख वरुण सूद भी कमेंट करने से खुद को रोक नहीं पाए.
Drishyam 3 को लेकर दर्शकों का रिएक्शन, क्लाइमैक्स ने चौंकाया या नहीं? पढ़ें जनता का रिव्यू
अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 का सिनेमाघरों में आने का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था। अब सस्पेंस से भरपूर दृश्यम: द कन्क्लूजन सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस फिल्म को समीक्षकों से काफी अच्छे रिव्यू मिले हैं। हालांकि, टिकट लेकर सिनेमाघरों में पहुंचे दर्शकों को फिल्म कैसी लगी, यह जानना भी जरूरी है। दर्शकों ने एक्स पर दृश्यम 3 को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी, आइए जानते हैं। क्या दर्शकों को पसंद आई दृश्यम 3? अजय देवगन ने कपिल शर्मा के नेटफ्लिक्स शो में बताया था कि यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म का आखिरी हिस्सा है। ऐसे में दर्शकों के मन में यह सवाल था कि दृश्यम 3 का क्लाइमैक्स पहले और दूसरे हिस्से से बेहतर होगा या नहीं। फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शकों को अपने सवालों के जवाब मिल गए हैं। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं के मुताबिक, कई लोगों को अजय देवगन की दृश्यम 3 पहले और दूसरे हिस्से से बेहतर लगी है। एक यूजर ने फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा, दृश्यम 3 का इंटरवल बहुत ही शानदार है। पार्ट 1 और पार्ट 2 दोनों का ही फिल्म में रिफरेंस दिया गया है, ताकि दर्शकों को प्लॉट ट्विस्ट समझने में मुश्किल न आए। इसे भी पढ़ें: Bollywood अभिनेता Kay Kay Menon का 60वां जन्मदिन, Theatre से लेकर OTT तक ऐसा रहा सफर क्लाइमैक्स ट्विस्ट ने चौंकाया एक दूसरे यूजर ने फिल्म की तारीफ करते हुए लिखा, दृश्यम वन और टू से कई ज्यादा शानदार दृश्यम 3 का क्लाइमैक्स ट्विस्ट है। इसका सेटअप और टेंस मोमेंट जो फिल्म में दिखाए गए हैं वह दोनों ही पार्ट्स से काफी अच्छे हैं। एक अन्य यूजर ने लिखा, दृश्यम 3 का फर्स्ट हाफ माइंड ब्लोइंग है। विजय सलगांवकर को इससे पहले इतना हेल्पलेस कभी महसूस नहीं हुआ है। टेंशन बढ़ रही है और अजय देवगन की साइलेंस सब कुछ कह रही है। इंटरवल के डायलॉग्स भी बहुत ही शानदार हैं। इसे भी पढ़ें: Hrithik Roshan-Saba Azad की रोमांटिक तस्वीरें हुईं वायरल, एक्स वाइफ सुजैन के कमेंट ने लूट ली लाइमलाइट पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर बड़ी कमाई की उम्मीद दृश्यम 3 की बॉक्स ऑफिस कमाई को लेकर फैंस की काफी उम्मीदें हैं। फिल्म की एडवांस बुकिंग और टिकट बिक्री को देखते हुए यह माना जा रहा है कि सस्पेंस थ्रिलर घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये तक की ओपनिंग ले सकती है। वहीं, दुनियाभर में फिल्म की कमाई 100 करोड़ रुपये के पार जाने की उम्मीद है।
Bollywood अभिनेता Kay Kay Menon का 60वां जन्मदिन, Theatre से लेकर OTT तक ऐसा रहा सफर
बॉलीवुड के मंझे हुए अभिनेता के के मेनन आज यानी की 02 अक्टूबर को अपना 60वां जन्मदिन मना रहे हैं। फिल्मों में आने से पहले वह थिएटर करते थे, जहां पर उन्होंने अपने अभिनय को निखारा। इसके बाद उन्होंने टीवी और फिर ओटीटी और बॉलीवुड फिल्मों में अपना जादू चलाया। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर अभिनेता के के मेनन के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार केरल के तिरुवनंतपुरम में 2 अक्टूबर 1966 को के के मेनन का जन्म हुआ था। इनका पूरा नाम कृष्णा कुमार मेनन है। इनकी परवरिश महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुई थी और इन्होंने यहीं से अपनी पढ़ाई भी पूरी की। के के मेनन ने एमबीए किया और मुंबई से फिजिक्स में बैचलर डिग्री हासिल की। थिएटर से की एक्टिंग की शुरूआत कॉलेज में पढ़ाई खत्म करने के बाद केके मेनन ने एक एड कंपनी में नौकरी की। वहीं उनके अभिनय करियर की शुरूआत थिएटर से हुई। थिएटर में उनको पहली बार जाने-माने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के साथ काम करने का मौका मिला। इस दौरान उन्होंने नसीरुद्दीन के नाटक 'महात्मा वर्सेज गांधी' काम किया। फिर वह सालों तक थिएटर से जुड़कर काम करते रहे। टीवी डेब्यू थिएटर में अच्छा-खासा एक्सपीरियंस होने के बाद उनको टीवी में काम करने का मौका मिला। केके मेनन की सीरियल 'डर' से छोटे पर्दे पर शुरूआत हुई। इस सीरियल में अभिनेता ने इंस्पेक्र अविनाश का रोल निभाया था। फिर अभिनेता ने प्रधानमंत्री नाम के शो में काम किया था। केके मेनन ने छोटे पर्दे पर 'प्रधानमंत्री टाइम बम', 'सैटरडे सस्पेंस' और 'स्टार बेस्ट सेलर', जैसे शो में काम किया। इसके अलावा साल 1999 में उन्होंने अनुराग कश्यप के डायरेक्शन में बनी शॉर्ट फिल्म 'लास्ट ट्रेन टू महाकाली' में भी काम किया। बॉलीवुड में बनाई पहचान फिल्म 'नसीम' से केके मेनन ने बॉलीवुड में कदम रखा। लेकिन अभिनेता को असली पहचान फिल्म सत्या से मिली थी। इसके बाद उन्होंने साल 1998 में आई फिल्म 'बॉम्बे बॉयज' में काम किया। फिर वह कई फिल्मों में नजर आए। उन्होंने 'बेबी', 'गाजी अटैक', 'लाइफ इन ए मेट्रो', 'सरकार', 'ब्लैक फ्राइडे', 'गुलाल' और 'हैदर' सहित कई शानदार फिल्मों में नजर आए और उन्होंने खुद को एक बेहतरीन अभिनेता के तौर पर इंडस्ट्री में साबित किया। ओटीटी पर चलाया जादू केके मेनन ओटीटी पर भी अपने बेहतरीन अभिनय की छाप छोड़ चुके हैं। हॉटस्टार की 'स्पेशल ऑप्स' वेब सीरीज में केके मेनन ने हिम्मत सिंह नाम के रोल से दर्शकों का दिल जीता। इसके अलावा कॉमेडी शो 'आदर्श बाल विद्यालय' में भी उनके किरदार को काफी पसंद किया गया।
एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। टीम के मुताबिक, चोट और सर्जरी की वजह से नुसरत को आराम करने और ठीक होने में समय लगेगा। इसका असर आने वाले हफ्तों में उनकी काम से जुड़ी जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है। टीम ने सभी से उनकी निजता का सम्मान करने और उन्हें इलाज पर ध्यान देने देने की अपील की है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं। …………… नुसरत भरूचा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... नुसरत भरूचा ने बताया-शादी की बात पर माता-पिता को दिया था 'धोखा', बोलीं-वे चाहते थे अरेंज मैरिज के लिए लड़कों से मीटिंग करूं बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी एक्टिंग करियर की शुरुआत के तुरंत बाद उनकी फैमिली चाहती थी कि उनकी शादी हो जाए। साथ ही उन्होंने कहा था कि मैंने अपने पेरेंट्स को सालों से धोखा दिया है। नुसरत ने बताया था कि वो कुछ लड़कों से भी मिली थीं, इसलिए उनकी फैमिली ने उनके सिंगल होने की शिकायत नहीं की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
Dadasaheb Phalke Award विजेता Asha Parekh का 84वां Birthday, हिंदी सिनेमा में दिया बड़ा योगदान
हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख का आज यानी की 02 अक्टूबर को अपना 84वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में एक्टिंग, डांस और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी से दर्शकों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। हालांकि उनका यह सफर इतना आसान नहीं रहा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस आशा पारेख के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मुंबई के सांता क्रूज में 02 अक्टूबर 1942 को आशा पारेख का जन्म हुआ था। उनको बचपन से ही डांस में दिलचस्पी थी। ऐसे में 8 साल की उम्र में उन्होंने स्कूल में एक कार्यक्रम में डांस किया था। फिर आशा पारेख ने कथक और भरतनाट्यम की ट्रेनिंग भी ली। फिल्मी सफर निर्देशक बिमल रॉय ने आशा पारेख को एक स्टेज कार्यक्रम में डांस करते देखा। वह उनके डांस से इस कदर प्रभावित हुए कि आशा पारेख को फिल्म 'बाप बेटी' में बतौर बाल कलाकार काम करने का मौका दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्म 'आसमान', 'मां' और 'श्री चैतन्य महाप्रभु' जैसी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया। एक फिल्म से कर दिया गया बाहर एक्ट्रेस के फिल्मी करियर का एक अहम मोड़ फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' से जुड़ा है। इस फिल्म में आशा पारेख को बतौर एक्ट्रेस साइन किया गया और 11 रुपए उनको साइनिंग अमाउंट के रूप में दिए गए। इस फिल्म को लेकर एक्ट्रेस काफी उत्साहित भी थीं। लेकिन कुछ दिनों की शूटिंग के बाद उनको यह कहकर फिल्म से कहा दिया गया कि वह 'स्टार मैटीरियल' नहीं हैं। यह घटना एक्ट्रेस के लिए बड़ा झटका थी। इस फिल्म से बदली किस्मत फिल्म 'गूंज उठी शहनाई' से बाहर होने के बाद एक्ट्रेस ने फिल्म 'दिल देके देखो' के लिए स्क्रीन टेस्ट दिया। इस फिल्म में आशा को शम्मी कपूर के साथ मुख्य कैरेक्टर मिल गया। यह फिल्म सफल रही और आशा पारेख को बतौर एक्ट्रेस पहचान मिली। इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली और उनको कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ी। इन फिल्मों से मिली पहचान साल 1960 और 1970 के दशक में आशा पारेख को हिंदी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में गिना जाने लगा। अभिनेत्री ने 'जब प्यार किसी से होता है', 'लव इन टोक्यो', 'मेरे सनम', 'तीसरी मंजिल', 'आन मिलो सजना', 'आए दिन बहार के', 'कटी पतंग', 'मेरा गांव मेरा देश', 'उपकार', 'कारवां' जैसी फिल्मों में काम किया था। फिल्म 'कटी पतंग' में अभिनेत्री के अभिनय को काफी ज्यादा पसंद किया गया। इस फिल्म के लिए आशा पारेख को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। सम्मान अभिनेत्री आशा पारेख को हिंदी सिनेमा में उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मान से नवाजा गया। साल 1992 में उनको 'पद्मश्री' और साल 2002 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद साल 2020 में भारत सरकार द्वारा आशा पारेख को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
अजय देवगन का लग्जूरियस घर, 'शिवशक्ति' रखा नाम
Ajay Devgn House Tour: ‘दृश्यम 3’ के अजय देवगन असल जिंदगी में बेहद आलीशान घर में रहते हैं. देखिए काजोल संग उनके 60 करोड़ के ‘शिवशक्ति’ बंगले की अंदर की तस्वीरें और खासियतें.
कॉलेज में किसी पर दिल आ जाए तो लगता है कहानी बस इतनी सी है, लेकिन कभी प्यार पूरा होने से पहले ही कोई नया मोड़ आ जाता है और फिर वही कहानी चार साल बाद एक बिल्कुल अलग दुनिया में लौटती है। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ इसी प्यार, दोस्ती और जिंदगी के बदलते रंगों को हल्के फुल्के अंदाज में लेकर चलती है। फिल्म हंसाती है, रिलेट करती है और बीच बीच में जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी सच्चाई भी दिखा देती है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी बनारस के इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू होती है। एडमिशन के दौरान विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैयद) पहली बार आमने सामने आते हैं। पहली मुलाकात नोकझोंक में बदलती है और दोनों एक दूसरे को श्राप दे बैठते हैं कि चार साल तक विशाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनेगी और सुहानी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं होगा। इसके बाद दोनों अलग अलग कॉलेज चले जाते हैं। चार साल की कॉलेज लाइफ में विशाल की जिंदगी में प्यार की दस्तक तो होती है, लेकिन बात मुकम्मल नहीं हो पाती। उधर सुहानी अपनी पढ़ाई और फिर करियर की तरफ बढ़ती है। चार साल बाद दोनों की जिंदगी कॉलेज से निकलकर नौकरी की दुनिया में पहुंच चुकी है। सुहानी को अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि विशाल को करियर और जिंदगी की अपनी जद्दोजहद से गुजरना पड़ता है। फिर दोनों की मुलाकात होती है और यहीं से पुरानी कहानी नए हालात में दोबारा खुलती है। फिल्म सिर्फ यह नहीं पूछती कि दोनों प्यार में पड़ेंगे या नहीं, बल्कि यह भी देखती है कि वक्त के साथ बदले दो लोग एक दूसरे की जिंदगी में फिर जगह बना पाएंगे या नहीं। इसी के साथ दोस्ती, परिवार और जिम्मेदारियां कहानी को थोड़ा और बड़ा बनाती हैं। फिल्म में एक्टिंग कैसी है वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज हैं। कॉलेज के मस्तमौला लड़के से लेकर जिंदगी की परेशानियों से जूझते युवा तक वह किरदार के बदलाव को स्वाभाविक रखते हैं। आफिया सैयद की यह पहली फिल्म है और वह सुहानी के किरदार में फ्रेश लगती हैं। वीर के साथ उनकी नोकझोंक और केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्सों में अच्छी लगती है। निखिल विजय फिल्म की जान हैं। मगन अरोड़ा बनकर उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंच और वीर के साथ झगड़बंदी कई जगह जबरदस्त मजा देती है। कहानी जहां थोड़ी धीमी पड़ती है, निखिल वहां माहौल फिर से गर्म कर देते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार को पूरे अंदाज में निभाया है और उसे इंटरेस्टिंग रखा है। हां, किरदार की लिखावट थोड़ी और मजबूत होती तो उनकी परफॉर्मेंस का असर और बढ़ सकता था। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को हल्का और यूथफुल रखा है। कॉलेज की मस्ती से लेकर नौकरी और जिम्मेदारियों वाली जिंदगी तक टोन बदलता है, लेकिन फिल्म जरूरत से ज्यादा भारी नहीं होती। राइटर दीपक किंगरानी, जिन्हें सिर्फ एक बंदा काफी है के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है, ने रिश्तों, दोस्ती और कॉमेडी को सहज अंदाज में पिरोया है। स्क्रीनप्ले की अच्छी बात यह है कि कहानी सिर्फ रोमांस पर नहीं टिकी। परिवार और दोस्ती को भी जगह मिलती है। हां, बीच में रफ्तार थोड़ी ढीली पड़ती है और कुछ मोड़ पहले से भांपे जा सकते हैं। इमोशनल हिस्सों में थोड़ा और ठहराव होता तो कहानी का असर और बढ़ता। तकनीकी तौर पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट रंगीन और यूथफुल है। कॉलेज और बनारस का माहौल कहानी को अपनी अलग फील देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘कहो तो’, ‘तू मेरा रइयो’ और ‘इश्क का गुलाम’ फिल्म के रोमांटिक और यूथफुल मूड को अच्छे से सपोर्ट करते हैं। गाने कहानी से अलग नहीं लगते और फिल्म की फील को बनाए रखते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट प्यार की मस्ती, दोस्ती की शरारत और जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी मिठास, ‘प्रेम कीटाणु’ इन तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन है। निखिल विजय खूब हंसाते हैं, वीर और आफिया की जोड़ी जमती है। थोड़ी कसावट की कमी जरूर है, लेकिन ये फिल्म मुस्कुराने और पुराने कॉलेज वाले दिनों को याद करने का अच्छा बहाना है।
2 अक्टूबर का सच ‘दृश्यम’ के हर फैन को पता है। पाव भाजी, सत्संग, फिल्म और फिर विजय सलगांवकर का वो खेल, जिसने पुलिस को सालों तक उलझाए रखा, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ 2 अक्टूबर पर नहीं रुकी है। अब एक और तारीख सामने है- 23 जुलाई। आखिर उस दिन विजय कहां था? क्या हुआ था? और क्या इस तारीख के जरिए पुलिस विजय की बनाई पूरी कहानी को पलट सकती है? यहीं से फिल्म अपना असली खेल शुरू करती है। सामने हैं पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर, जिनके पास सवाल भी हैं और विजय को घेरने का इरादा भी। दूसरी तरफ विजय है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसका दिमाग है। फिल्म कई बार आपको यकीन दिलाती है कि इस बार विजय फंस गया। फिर विजय चुप हो जाता है। आप सोचने लगते हैं कि उसके दिमाग में आखिर क्या चल रहा है? यही फिल्म का मजा है। हालांकि हर चाल उतनी दमदार नहीं है और कुछ जगह कहानी थोड़ी आसान लगती है। फिल्म की कहानी कैसी है सलगांवकर परिवार अपनी पुरानी जिंदगी में लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सैम देशमुख की मौत का दर्द मीरा देशमुख के अंदर अब भी जिंदा है। मीरा और महेश देशमुख के लिए मामला खत्म नहीं हुआ। केस दोबारा खुलता है और पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर की एंट्री होती है। राजवीर पुराने सबूतों को नए नजरिए से देखता है। विजय सलगांवकर फिर पुलिस की नजर में आ जाता है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि विजय ने 2 अक्टूबर को क्या किया था। सवाल यह भी है कि 23 जुलाई को विजय कहां था और इस तारीख का पुराने केस से क्या संबंध है? वकील इंद्रजीत शेट्टी भी इस खेल में उतरते हैं। इंस्पेक्टर गायतोंडे अपने पुराने अंदाज में केस को थोड़ा हल्का रखते हैं। इसके बाद शुरू होती है विजय और राजवीर की दिमागी टक्कर। एक तरफ कानून है। दूसरी तरफ विजय है, जो कानून की किताबें नहीं पढ़ता, लेकिन कानून को अपने हिसाब से घुमाना जानता है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अजय देवगन और जयदीप अहलावत की टक्कर है। अजय देवगन का विजय अब सिर्फ एक किरदार नहीं रहा। चेहरे पर ज्यादा हलचल नहीं है। आवाज में भी ज्यादा बदलाव नहीं है, लेकिन उनकी आंखें बहुत कुछ कहती हैं। आप विजय को देखते हैं और सोचते हैं कि आखिर वह इतना शांत क्यों है? यही शांति कहानी का रोमांच बढ़ाती है। दूसरी तरफ जयदीप अहलावत हैं। राजवीर के रूप में उनका अंदाज शांत है। वह धीरे-धीरे विजय के करीब आते हैं। यही उनका सबसे बड़ा हथियार है। शुरुआत में दोनों की टक्कर फिल्म को बांधे रखती है। कुछ जगह फिल्म धीमी पड़ती है, लेकिन अजय और जयदीप के आमने-सामने आते ही रोमांच फिर बढ़ जाता है। प्रकाश राज भी अपने किरदार में शानदार हैं। उनके डायलॉग्स और अंदाज कोर्ट के सीन को मजबूत बनाते हैं। श्रेया सरन को इस बार पहले दोनों हिस्सों के मुकाबले कम जगह मिली है। हालांकि, उनके इमोशनल सीन असर छोड़ते हैं। तब्बू और रजत कपूर अपने बेटे को खोने का दर्द लेकर लौटे हैं। दोनों के किरदारों में बेचैनी साफ नजर आती है। फिर आते हैं गायतोंडे। सीरियस कहानी के बीच यह किरदार हंसी का मौका देता है। 2 अक्टूबर के मीम्स, पाव भाजी और अपनी पुलिसिया परेशानियों के साथ गायतोंडे फिल्म का तनाव हल्का करते हैं। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अभिषेक पाठक की अच्छी बात यह है कि उन्होंने तीसरे हिस्से को पहले दो हिस्सों की नकल नहीं बनाया। कहानी में नए सवाल जोड़े गए हैं। इनमें 23 जुलाई वाली कड़ी सबसे दिलचस्प है। फिल्म जल्दी कहानी में उतर जाती है। ज्यादा समय यह बताने में नहीं लगाया गया कि कौन कौन है। दर्शक पहले से विजय की दुनिया जानता है। इसलिए फिल्म सीधे खेल शुरू करती है। लेकिन यही इसकी कमजोरी भी है। विजय और उसके परिवार के बीच का इमोशनल रिश्ता पहले दो हिस्सों में ज्यादा मजबूत था। इस बार कहानी ज्यादा इस बात पर टिकी है कि विजय अगली चाल क्या चलेगा। रोमांच बढ़ा है। परिवार वाला भाव थोड़ा कम हुआ है। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कैसा है स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी ताकत यह है कि फिल्म जवाब देने के बजाय लगातार नए सवाल खड़े करती है। 23 जुलाई क्या है? राजवीर के पास ऐसा क्या है, जिससे विजय परेशान है? विजय इतना शांत क्यों है? और सबसे बड़ा सवाल- क्या इस बार उसकी कोई चाल काम नहीं करेगी? यही सवाल आपको आगे ले जाते हैं। इंटरवल के आसपास फिल्म अच्छी पकड़ बनाती है। दूसरे हिस्से में विजय की योजना सामने आने लगती है। लेकिन कुछ मोड़ ऐसे हैं, जहां आपको लगेगा- यह इतनी आसानी से कैसे हो गया? पहले दो हिस्सों में विजय की योजनाएं बहुत मजबूत लगती थीं। इस बार कुछ जगह कहानी को आगे बढ़ाने के लिए आसान रास्ता लिया गया है। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है गोवा इस बार भी कहानी का हिस्सा लगता है। यह सिर्फ खूबसूरत जगह दिखाने के लिए नहीं है। कैमरे का काम रोमांच वाला माहौल बनाए रखता है। फिल्म की कटिंग भी ज्यादातर जगह तेज है। ढाई घंटे की फिल्म होने के बावजूद यह बेवजह लंबी नहीं लगती। हालांकि बीच के कुछ सीन और छोटे किए जा सकते थे। फिल्म का म्यूजिक कैसा है फिल्म में गानों की जरूरत कम है। अच्छी बात है कि कहानी पर गानों का बोझ नहीं डाला गया। अमर मोहिले का बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म की बड़ी ताकत है। जैसे-जैसे विजय की योजनाएं सामने आती हैं, संगीत रोमांच बढ़ाता है। कई सीन में आपको पता होता है कि कुछ होने वाला है। फिर भी संगीत बेचैनी बढ़ा देता है। ‘मुस्कुरा दो’ भावनात्मक हिस्सों को सहारा देता है। लेकिन फिल्म की असली ताकत बैकग्राउंड म्यूजिक ही है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ में कई शानदार रोमांचक पल हैं। हालांकि हर जगह पहले दोनों हिस्सों जैसा असर नहीं बन पाता। अजय देवगन और जयदीप अहलावत की टक्कर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। गायतोंडे तनाव के बीच हंसी देते हैं। अमर मोहिले का पार्श्व संगीत माहौल बनाए रखता है। बीच में रफ्तार थोड़ी गिरती है। कुछ योजनाएं जरूरत से ज्यादा आसान लगती हैं, लेकिन 23 जुलाई का सवाल और विजय के दिमाग में चल रहा खेल इतना मजबूत है कि आखिरी मिनट तक नजर स्क्रीन से हटती नहीं।
GF की बांहों ऋतिक, हुए रोमांटिक, Ex वाइफ ने किया रिएक्ट
हाल ही में ऋतिक और सबा ने अपने रिलेशनशिप के पांच साल पूरे किए. इस खास मौके पर ऋतिक ने सोशल मीडिया पर एक प्यारी पोस्ट शेयर कर अपने रिश्ते का जश्न मनाया.
गुड न्यूज! नाना बने नवजोत सिंह सिद्धू, बेटी ने नन्ही परी को दिया जन्म
नवजोत सिंह सिद्धू के घर खुशियों ने दस्तक दी है. बेटी इनाया ने नन्ही परी को जन्म दिया है. जानिए सिद्धू ने अपनी नातिन का नाम क्या रखा है.
मांग में सिंदूर देख भड़कीं दिव्या खोसला, कोमल रानी पर फूटा गुस्सा
दिव्या खोसला ने कोमल रानी स्वर्णकार से लालबागचा राजा में गोविंदा के साथ उनके दिखने और उनकी मांग में दिख रहे सिंदूर को लेकर सवाल उठाए हैं.
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों अपनी नई फिल्म 'द वन' को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनका किरदार और खासतौर पर 'छठी मैया' गाना चर्चा में है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तमन्ना ने छठ महापर्व से अपने भावनात्मक जुड़ाव, स्पिरिचुअलिटी और सनातन पर खुलकर बात की। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं; लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। सवाल: 'द वन' की स्क्रिप्ट जब पहली बार आपके पास आई, तो आपने इसमें काम करने के लिए 'हां' क्यों कहा?जवाब: मुझे लगा कि यह बहुत ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, जो लोककथा, फैंटेसी और आस्था को एक साथ लेकर आता है। हमारे देश में ऐसी कई कथाएं हैं जो अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंची हैं। छठ महापर्व को करीब 30 से 40 करोड़ लोग मनाते हैं। हमने होली-दिवाली तो फिल्मों में बहुत देखी है, लेकिन छठ जैसे महापर्व को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। साथ ही, इस एक्शन फिल्म के केंद्र में एक गहरा इमोशन है। मुझे बचपन से ही 'द ममी' जैसी फिल्में पसंद रही हैं, जिनमें मैजिक और फोकलोर होता है। इसलिए मुझे लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर देख सकती है। सवाल: फिल्म में 'छठी मैया' का गाना करते समय आप इमोशनल हो गईं थी। आपके अंदर क्या भावनात्मक और आध्यात्मिक बदलाव आए?जवाब: जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। सवाल: थिएटर से दर्शकों का किस तरह का रिएक्शन मिल रहा है, क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी?जवाब: सच कहूं तो हमने फिल्म बनाते समय ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। लेकिन अब जब मैं रील्स और वीडियो देख रही हूं, तो लोग सिनेमाघर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। लोग हॉल में पॉपकॉर्न छोड़ ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार, पटना और झारखंड से जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वैसा मैंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा। कई लोग थिएटर में भावुक होकर रो रहे हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा है। यह देखना मेरे लिए बहुत मैजिकल है। सवाल: आप खुद शिव भक्त हैं और स्पिरिचुअल हैं। क्या इस जुड़ाव ने आपको इस रोल को निभाने में मदद की?जवाब: बिल्कुल। करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। सवाल: आजकल सनातन और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। इस दौर को आप कैसे देखती हैं?जवाब: यह बहुत जरूरी दौर है, खासकर अर्बन इंडिया के लिए। हम हर चीज को लॉजिक और सबूत से तौलने की कोशिश करते हैं। सनातन संस्कृति में जो बातें कही गई हैं, वे जितनी स्पिरिचुअल हैं, उतनी ही साइंटिफिक भी हैं। स्पिरिचुअलिटी कहती है कि आप पहले विश्वास कीजिए, अनुभव अपने आप मिल जाएगा। आज लोग अपनी संस्कृति के बारे में और जानना चाहते हैं, इसलिए जब उन्हें ऐसी सच्ची कहानियां मिलती हैं, तो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सवाल: फिल्मों में सिनेमैटिक लिबर्टी और कल्चरल ऑथेंटिसिटी के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है?जवाब: आपका इरादा सही होना चाहिए। जब हमने छठ का पूरा सीक्वेंस शूट किया, तो सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा। हमारे डायरेक्टर दीपक यूपी-बिहार बेल्ट से हैं, इसलिए वे बहुत पर्टिकुलर थे। हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे थे, बल्कि एक कहानी के जरिए छठ की आस्था और इमोशन को लोगों तक पहुंचा रहे थे। उस इमोशन को फील कराने के लिए थोड़ी सिनेमैटिक लिबर्टी लेनी पड़ती है, ताकि दर्शक उस श्रद्धा को गहराई से महसूस कर सकें। 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने अपनी रिलीज के छठे दिन 7,070 शो के जरिए ₹4.25 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। इस कमाई के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹49.10 करोड़ और कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹58.42 करोड़ तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट की बात करें तो फिल्म ने छठे दिन ₹0.50 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹5.00 करोड़ हो गया है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब ₹63.42 करोड़ हो चुका है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी।
आयुष्मान खुराना आज बॉलीवुड के उन एक्टर्स में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में पहचान बनाई। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चंडीगढ़ से निकले आयुष्मान ने थिएटर किया, रेडियो जॉकी बने, एमटीवी पर वीजे रहे और कई ऑडिशन दिए। उन्हें इंडियन आइडल-2 में भी रिजेक्शन मिला। 2012 में ‘विक्की डोनर’ से फिल्मी करियर शुरू हुआ। पहली फिल्म हिट हुई, लेकिन इसके बाद लगातार तीन फिल्में नहीं चलीं। फिर ‘दम लगा के हईशा’ से करियर ने दोबारा रफ्तार पकड़ी। इसके बाद ‘बरेली की बर्फी’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘अंधाधुन’, ‘बधाई हो’, ‘आर्टिकल 15’, ‘ड्रीम गर्ल’ और ‘बाला’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। आज की सक्सेस स्टोरी में आयुष्मान खुराना के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें... चंडीगढ़ में हुआ जन्म, पिता ज्योतिषी आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर 1984 को चंडीगढ़ में हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के सेंट जॉन्स हाई स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई की और पंजाब यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। उनके पिता पी. खुराना जाने-माने ज्योतिषी थे, जबकि मां पूनम खुराना ने हिंदी में एमए किया था। परिवार का माहौल पढ़ाई, साहित्य और कला से जुड़ा रहा। आयुष्मान ने कॉलेज के दिनों में थिएटर किया और दो थिएटर ग्रुप भी बनाए। डॉक्टर बनने का सपना था, डेंटिस्ट की सीट भी मिली थी एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले आयुष्मान ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उन्होंने 11वीं में साइंस ली थी और कर्नाटक के एक डेंटल कॉलेज में उन्हें सीट भी मिल गई थी। लेकिन तभी उनका रुझान थिएटर की तरफ बढ़ा। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर आर्ट्स और थिएटर चुना। डीएवी कॉलेज में उन्होंने थिएटर ग्रुप बनाए और स्ट्रीट प्ले किए। थिएटर में काम करते हुए आयुष्मान ने सामाजिक मुद्दों को समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी फिल्मों के विषयों में भी दिखाई दिया। रोडीज जीते, लेकिन तुरंत मुंबई नहीं आए 2004 में आयुष्मान ने एमटीवी रोडीज सीजन-2 जीता। इसके बाद उन्हें पहचान मिलने लगी, लेकिन उन्होंने तुरंत मुंबई जाकर फिल्मों में किस्मत नहीं आजमाई। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने रेडियो में काम शुरू किया। बाद में वे एमटीवी के वीजे बने और कई शो होस्ट किए। फिल्मों में आने से पहले आयुष्मान ने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे सितारों का इंटरव्यू भी लिया था। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि इन सितारों से बातचीत ने उन्हें समझने में मदद की कि स्टार भी आम इंसानों की तरह होते हैं। पिता ने कहा- अभी मुंबई जाओ, वरना दो साल नौकरी नहीं मिलेगी आयुष्मान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दो महीने का ब्रेक लेकर एक्टिंग की तैयारी करना चाहते थे। लेकिन उनके पिता ने उन्हें तुरंत मुंबई जाने के लिए कहा। आयुष्मान के मुताबिक, उनके पिता ने कहा था कि अगर अभी नहीं गए तो दो साल तक नौकरी नहीं मिलेगी। इसके बाद वह मुंबई आ गए। शुरुआती दिनों में उनके पास रहने की जगह भी नहीं थी। वह अपने डॉक्टर दोस्त के साथ केईएम हॉस्पिटल के हॉस्टल में रहे और ऑडिशन देते रहे। ट्रेन में गाने से कमाए पैसे फिल्म स्टार बनने से बहुत पहले आयुष्मान और उनके दोस्त ट्रेनों में परफॉर्म करते थे। उन्होंने बताया था कि कॉलेज के दौरान वे पश्चिम एक्सप्रेस में दोस्तों के साथ चढ़ते और अलग-अलग कोच में गाना-परफॉर्म करना शुरू कर देते थे। यात्रियों से मिलने वाले पैसे इकट्ठा किए जाते थे और आयुष्मान के मुताबिक, इतनी कमाई हो जाती थी कि दोस्तों ने उससे गोवा ट्रिप तक स्पॉन्सर की थी। इंडियन आइडल से भी हुए रिजेक्ट आयुष्मान का स्ट्रगल सिर्फ एक्टिंग ऑडिशन तक सीमित नहीं था। उन्होंने इंडियन आइडल-2 में भी हिस्सा लिया था, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह मुंबई राउंड तक पहुंचे थे और वहां उन्हें रिजेक्शन मिला। उनके मुताबिक, मुंबई आने से पहले भी उन्हें कई रिजेक्शन मिल चुके थे। 2012 में ‘विक्की डोनर’ पहली ही फिल्म ने बदल दी जिंदगी 2012 में आयुष्मान ने शूजित सरकार की ‘विक्की डोनर' से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म का विषय उस दौर के लिए काफी असामान्य था और आयुष्मान ने स्पर्म डोनर का किरदार निभाया। फिल्म सफल रही और आयुष्मान को रातोंरात पहचान मिली। उन्हें फिल्म के लिए बेस्ट मेल डेब्यू के साथ प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी अवॉर्ड मिला। लेकिन पहली फिल्म की सफलता के बाद उनका सफर उतना आसान नहीं रहा, जितना बाहर से दिखाई देता था। पहली फिल्म के बाद लगातार तीन फ्लॉप, करियर पर लगा ब्रेक ‘विक्की डोनर’ के बाद आयुष्मान की ‘नौटंकी साला!’, ‘बेवकूफियां’ और ‘हवाईजादा’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। खुद आयुष्मान ने माना कि ‘विक्की डोनर' के बाद वह काफी कन्फ्यूज थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस तरह की फिल्में करनी चाहिए। उन्होंने बाद में बताया कि तीन लगातार फिल्मों के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के बाद उनका नजरिया बदला। ‘दम लगा के हईशा’ ने फिर बदली कहानी 2015 में आई ‘दम लगा के हईशा’ आयुष्मान के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म में उन्होंने ऐसे लड़के का किरदार निभाया जो पढ़ाई में कमजोर है और जिसकी शादी उससे ज्यादा पढ़ी-लिखी और वजनदार लड़की से हो जाती है। फिल्म की कहानी आम बॉलीवुड रोमांस से अलग थी और आयुष्मान की परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया। आयुष्मान बताते हैं कि ‘दम लगा के हईशा’ के आने के बाद उनके करियर की दिशा बदल गई। फिर शुरू हुआ अलग कहानियों का दौर इसके बाद आयुष्मान ने एक के बाद एक ऐसे विषय चुने, जिनसे मुख्यधारा के कई अभिनेता दूरी बनाते रहे। ‘बरेली की बर्फी’ में छोटे शहर की कहानी, ‘शुभ मंगल सावधान’ में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसा संवेदनशील विषय, 'अंधाधुन’ में ब्लाइंड पियानो प्लेयर, ‘बधाई हो’ में उम्रदराज माता-पिता की प्रेग्नेंसी, ‘आर्टिकल 15’ में जातिगत भेदभाव, ‘ड्रीम गर्ल’ में फोन पर लड़की की आवाज निकालने वाला युवक और 'बाला’ में समय से पहले बाल झड़ने की समस्या जैसे विषय सामने आए। यहीं से आयुष्मान की एक अलग तरह की फिल्मी पहचान बनने लगी। आयुष्मान कहते हैं कि उनका पूरा करियर रिस्क से बना है और वह सामान्य कमर्शियल फिल्म में खुद को आसानी से नहीं देख पाते। ‘अंधाधुन’ और ‘बधाई हो’ ने स्टारडम मजबूत किया 2018 आयुष्मान के करियर के सबसे महत्वपूर्ण सालों में रहा। ‘अंधाधुन’ ने उन्हें अभिनेता के तौर पर नई ऊंचाई दी, जबकि ‘बधाई हो’ ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। ‘अंधाधुन’ ने भारत के अलावा चीन में भी जबरदस्त कारोबार किया। वहीं ‘बधाई हो’ ने भारत में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया। इसी दौर में आयुष्मान ने साबित किया कि कम बजट और असामान्य विषय वाली फिल्में भी दर्शकों तक पहुंच सकती हैं। पत्नी ताहिरा ने स्क्रिप्ट चुनने में निभाई अहम भूमिका आयुष्मान और ताहिरा कश्यप की मुलाकात किशोरावस्था में हुई थी और दोनों ने 2008 में शादी की। ताहिरा लेखक, निर्देशक और क्रिएटिव प्रोफेशनल हैं। आयुष्मान कई बार बता चुके हैं कि फिल्म साइन करने से पहले वह ताहिरा की राय लेते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद वह ताहिरा को भी देते हैं। दोनों स्क्रिप्ट पर विस्तार से चर्चा करते हैं और मतभेद होने पर उसके फायदे-नुकसान देखते हैं। आयुष्मान ने ताहिरा को अपना ‘लाइफ कोच’ भी बताया है। सफलता के बाद भी फ्लॉप का दौर आया आयुष्मान के करियर में सिर्फ सफलता नहीं रही। ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’, ‘अनेक’, ‘डॉक्टर जी’ और ‘एन एक्शन हीरो’ जैसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर वैसी सफलता नहीं मिली, जैसी उनके सफल दौर में मिली थी। इससे साफ हुआ कि अलग विषय चुनने का मतलब हर बार बॉक्स ऑफिस सफलता की गारंटी नहीं है। लेकिन आयुष्मान ने अपने करियर की दिशा पूरी तरह नहीं बदली। उन्होंने अलग जॉनर और नए किरदार आजमाने जारी रखे। ‘हर फिल्म रिस्क थी, इसलिए अब डर नहीं सकता’ आयुष्मान के करियर की खास बात यही है कि उन्होंने शुरुआत ही एक रिस्की विषय से की थी। उनके शब्दों में- तक पहुंचा हूं, तो मैं डर नहीं सकता हूं। मेरी हर फिल्म रिस्क थी, शायद बाकी एक्टर्स के मुकाबले। मैं रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं, तो मैं डर नहीं सकता हूं।” यही सोच उनके करियर में बार-बार दिखाई देती है। कभी स्पर्म डोनर, कभी नपुंसकता से जूझता युवक, कभी अंधा पियानो प्लेयर, कभी जातिगत भेदभाव के खिलाफ खड़ा पुलिस अफसर और कभी माता-पिता की प्रेग्नेंसी से परेशान बेटा। 40 की उम्र के बाद भी प्रयोग जारी आयुष्मान ने उम्र बढ़ने के साथ अपने करियर का दायरा भी बढ़ाया है। ‘डॉक्टर जी’ और ‘एन एक्शन हीरो’ के बाद उन्होंने अलग जॉनर आजमाए। 2025 में वह ‘थामा' में नजर आए, जो मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा थी। फिल्म में उनके साथ रश्मिका मंदाना, परेश रावल और नवाजुद्दीन सिद्दीकी थे। 2026 में भी उनका प्रयोग जारी है। उनकी आने वाली फिल्मों में ‘ये प्रेम मोल लिया’ और ‘उड़ता तीर’ शामिल हैं। ‘उड़ता तीर’ 9 अक्टूबर को रिलीज होगी। वहीं राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान शरवरी वाघ के साथ नजर आएंगे। यह फिल्म 27 नवंबर को रिलीज होगी। इसका निर्देशन सूरज बड़जात्या ने किया है। एक्टिंग के साथ सिंगिंग में भी बनाई पहचान आयुष्मान खुराना की पहचान सिर्फ एक्टर के तौर पर नहीं है। वह अच्छे सिंगर भी हैं और कॉलेज के दिनों से संगीत उनके करियर का हिस्सा रहा है। उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान अपने दोस्त रोचक कोहली के साथ मिलकर ‘पानी दा रंग’ गाना लिखा और कंपोज किया था। यह गाना उन्होंने 2003 में लिखा था, लेकिन इसे रिलीज होने का मौका करीब 9 साल बाद मिला। 2012 में फिल्म ‘विक्की डोनर’ से आयुष्मान ने बॉलीवुड डेब्यू किया और इसी फिल्म के गाने ‘पानी दा रंग’ को अपनी आवाज भी दी। उन्होंने गाना सिर्फ गाया नहीं, बल्कि रोचक कोहली के साथ इसे कंपोज भी किया था। गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आयुष्मान को फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर मिला। इसके बाद आयुष्मान ने ‘नौटंकी साला’, ‘बेवकूफियां’ जैसी फिल्मों के लिए भी प्लेबैक सिंगिंग की। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह खुद को ‘एक्टर-सिंगर’ मानते हैं और म्यूजिक को अपने करियर का समानांतर हिस्सा समझते हैं। आयुष्मान की संगीत की ट्रेनिंग भी रही है। उन्होंने बताया था कि वह बचपन से गाते थे और उन्हें वोकल ट्रेनिंग मिली थी, हालांकि यह ट्रेनिंग औपचारिक तरीके से नहीं हुई थी। उनके पिता भी संगीत में रुचि रखते थे और बांसुरी बजाते थे। ____________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. पहली फिल्म बंद हुई, अंडे-शकरकंद खाकर गुजारा किया:सिद्धार्थ मल्होत्रा बोले- ढीठपन और अड़ियलपन ने बचाया, ‘शेरशाह’ ने दी नई पहचान दिल्ली के मिडिल क्लास, आर्मी-मर्चेंट नेवी बैकग्राउंड वाले परिवार से निकले सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कभी खुलकर नहीं कहा था कि उन्हें एक्टर बनना है। स्कूल-कॉलेज में एमबीए और कॉर्पोरेट नौकरी का प्लान था, लेकिन अंदर छिपा एक्टर मॉडलिंग के रास्ते सामने आया। 21 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे तो फिल्म साइन होने के बावजूद प्रोजेक्ट बंद हो गया।पूरी खबर पढ़ें..
'पहली फिल्म में ही कर दी गलती', नीरजा की शूटिंग को याद कर बोले जिम सर्भ
एक्टर जिम सर्भ ने फिल्म इंडस्ट्री में हायरार्की को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म नीरजा का एक किस्सा शेयर किया, जिसमें उन्होंने गलती से सोनम कपूर के मुंह पर बंदूक लगा दी थी.
रजनीकांत के सामने नोरा ने दिखाया सिजलिंग अवतार, Photos
सुपरस्टार रजनीकांत की मचअवेटेड फिल्म 'जेलर 2' अपनी थिएटर रिलीज के बेहद करीब है और इसे लेकर फैंस का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच मेकर्स ने फिल्म का प्रमोशन और तेज करते हुए इसके म्यूज़िक एल्बम में एक और धमाकेदार गाना जोड़ दिया है.
गुलशन देवैया और रसिका दुगल अभिनीत फिल्म 'लिटिल थॉमस' का ट्रेलर जारी हो गया है, जो गोवा के एक परिवार की प्यारी और मजेदार कहानी दिखाता है।
'माफ करना शाहरुख भाई', मन्नत के बाहर खड़े होकर बोले अभिजीत दिपके
2 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन से पहले शाहरुख खान के मन्नत के बाहर एक फैन गर्ल ने अभिजीत दिपके से मिलने के लिए अपनी कार रोकी. जानिए उन्होंने क्या कहा.
अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) के दादाअल्लू रामलिंगैया सिनेमा के बड़े सुपरस्टार थे। पुष्पा स्टार ने दादा की बर्थ एनिवर्सरी पर
स्वरा भास्कर ने ओटीटी शो 'राइज एंड फॉल 2' में 'तनु वेड्स मनु' के बाद एक डायरेक्टर द्वारा परेशान किए जाने का खुलासा किया।
'सुरों के सरताज' Gurdas Maan की खूबसूरत आवाज से खिल उठेगा दिल्ली, कब और कहां होगा कॉन्सर्ट?
पंजाबी गायक गुरदास मान (Gurdas Maan Concert) का दिल्ली में कॉन्सर्ट होने वाला है। जानिए यह कॉन्सर्ट कब और कहां होगा।
Swara Bhaskar Rise And Fall 2:
'द लीजेंड ऑफ हनुमान' सीजन 7 का अनाउंसमेंट, होगा रावण का अंत
'द लीजेंड ऑफ हनुमान' में भगवान हनुमान के उस सफर को दिखाया गया है, जिसमें वे बदलते हैं और भगवान राम से मिलने के बाद उनकी सेवा करने का फैसला करते हैं. अब ये सीरीज रावण के अंत तक पहुंच गई है.
लव रंजन की फिल्म पहला प्यार दूसरी बार (Pehla Pyaar Doosri Baar) का गाना रिलीज हो गया है। इस गाने को अरिजीत सिंह (Arijit Singh) ने अपनी आवाज दी।
जिम सार्भ ने फिल्म 'नीरजा' की शूटिंग के पहले दिन सोनम कपूर को गलती से बंदूक मार दी थी, जिससे वह काफी डर गए थे।
किशोर कुमार के बड़े भाई और हिंदी सिनेमा के दादामुनि फिल्मों में पहला रैप लेकर आए। उन्होंने 58 साल पहले एक लय में ऐसा गाना गाया, जिसमें 28 स्टेशन और 4 शहरो नाम शामिल हैं। यह बॉलीवुड का सबसे अनोखा गाना है।
'मंजूरी चाहिए थी,' Ajay Devgn ने मोहलाल को किया था फोन, 'दृश्यम 3' के लिए मांगा अप्रूवल
अजय देवगन ने खुलासा किया है कि दृश्यम 3 के लिए उन्होंने साउथ सुपरस्टार मोहनलाल को कॉल किया था।
फिल्म 'धर्मात्मा' का 1975 का गीत आज भी बॉलीवुड के सबसे रोमांटिक गानों में से एक है। यह गाना इंदीवर की कविता से बना था।
नुसरत भरूचा का एक्सिडेंट, आनन फानन में हॉस्पिटल में भर्ती, बाली में हुआ हादसा
Nushrratt Bharuccha Accident:
भोजपुरी स्टार पवन सिंह (Pawan Singh) का एक भोजपुरी गीत ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बन गया। इस गीत को 848 मिलियन व्यूज मिले हैं।
40 साल, दो विमान! जान पर खेल यात्रियों को बचाने वाले 2 भारतीयों की कहानी
सोचिए, एक तरफ कॉकपिट में घायल पड़ा पायलट, दूसरी तरफ हमलावर और तीसरी तरफ सैकड़ों यात्रियों से भरा विमान, जो तेजी से नीचे जा रहा था. ऐसे वक्त में स्मित ने हार नहीं मानी. उन्होंने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे. इससे केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला.
हादसे का शिकार हुईं Nushrratt Bharuccha, चोटिल होने के बाद अस्पताल में भर्ती एक्ट्रेस?
बी टाउन एक्ट्रेसनुसरत भरूचा को लेकर बड़ी खबर आ रही है कि वह हादसे का शिकार हो गई हैं।
October Release In Theatres: बॉलीवुड से हॉलीवुड तक सिनेमाघरों में अक्टूबर के महीने में मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्में रिलीज होने वाली हैं। यहां देखिए पूरी लिस्ट...
बॉलीवुड एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर इब्राहिम अली खान पटौदी गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया। यहां से वे सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के लिए रवाना हुए। जानकारी के मुताबिक- दोनों रणथंभौर में टाइगर सफारी देखने पहुंचे हैं। दोनों का दो दिन यहां रुकने का कार्यक्रम है। जयपुर एयरपोर्ट पर इब्राहिम अपने खास मजाकिया अंदाज में भी नजर आए। उनके हाथ में कॉफी का गिलास था। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों और पैपराजी से बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- आज मेरी कॉफी नहीं गिरेगी। उनका यह कमेंट हाल ही वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा था, जिसमें इब्राहिम के हाथ से कॉफी गिर गई थी। इसी बीच जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेता, मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन भी नजर आए। एयरपोर्ट पर एक फैन ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई तो मिलिंद ने मजाकिया अंदाज में कहा- फोटो से पहले 20 पुशअप लगाने पड़ेंगे। उनके इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी चौंक गए। सेल्फी लेते हुए गिर गई थी कॉफी दरअसल, 30 सितंबर को सामने आए एक वीडियो में इब्राहिम एक फैन के साथ सेल्फी लेते समय गलती से अपनी कॉफी कपड़ों पर गिरा बैठे थे। वीडियो में वे अचानक नीचे देखते हुए कॉफी के दाग को चेक करते नजर आए। उनके इस रिएक्शन पर लोगों ने कई तरह के कमेंट किए थे। रणथंभौर में टाइगर सफारी का प्लान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की रणथंभौर में यात्रा ऐसे समय हुई, जब मानसून के तीन महीने के बाद 1 अक्टूबर से नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए फिर खुला है। पहले दिन देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। पलक और इब्राहिम के एक साथ नजर आने की खबर भी उनके फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों इससे पहले भी कई मौकों पर साथ नजर आ चुके हैं। सैफ अली के बेटे इब्राहिम, टीवी एक्ट्रेस श्वेता की बेटी पलक इब्राहिम अली खान बॉलीवुड के चर्चित फिल्मी परिवार से आते हैं। वे अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री अमृता सिंह के बेटे हैं। उनकी बहन सारा अली खान भी बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। वहीं दादी शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। इब्राहिम ने बतौर अभिनेता 2025 में फिल्म ‘नादानियां’ से शुरुआत की। इसमें वे खुशी कपूर के साथ नजर आए थे। इसके बाद वे ‘सरजमीन’ में काजोल और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ दिखाई दिए। वहीं पलक तिवारी भी टीवी और बॉलीवुड के चर्चित परिवार से आती हैं। वे अभिनेत्री श्वेता तिवारी और अभिनेता राजा चौधरी की बेटी हैं। श्वेता तिवारी ने पलक की परवरिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पलक ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ से की थी। इसके बाद वे सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में नजर आईं। इसके अलावा वे ‘द भूतनी’, ‘रोमियो एस3’ और ‘रोजी: द सैफ्रॉन चैप्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। इस साल वे सीरीज ‘लुक्खे’ में भी नजर आईं। मॉडलिंग, एक्टिंग और फिटनेस का कॉम्बो मिलिंद सोमन लंबे समय से मॉडलिंग, अभिनय और फिटनेस के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के तैराक रह चुके हैं। मॉडलिंग के बाद साल 1995 में अलीशा चिनॉय के लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो ‘मेड इन इंडिया’ से उन्हें देशभर में खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन पर ‘कैप्टन व्योम’ सहित कई प्रोजेक्ट्स किए और फिल्मों में भी काम किया। ‘16 दिसंबर’, ‘अग्निवर्षा’, ‘भेजा फ्राय’, ‘पैय्या’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘शेफ’ जैसी फिल्मों में उनके काम को देखा गया।
2 October को रिलीज होंगी ये फिल्में और सीरीज, Drishyam 3 से Verity तक देखें पूरी लिस्ट
अक्टूबर का महीना सिनेप्रेमियों के लिए खास होने वाला है। इस महीने कई बड़ी फिल्में और सीरीज रिलीज होने वाली हैं। अक्टूबर के पहले शुक्रवार की रिलीज की लिस्ट सामने आ चुकी है, जिसमें कुल 6 फिल्में और सीरीज शामिल हैं। आइए जानते हैं कि 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के मौके पर ओटीटी और सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए क्या नया आने वाला है। दृश्यम 3 में फिर दिखेगा विजय सलंगावकर का किस्सा अक्टूबर की बड़ी रिलीज में अजय देवगन की दृश्यम 3 शामिल है। फिल्म अपनी तीसरी कड़ी के साथ लौट रही है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस सस्पेंस थ्रिलर में इस बार विजय सलंगावकर का किस्सा आर-पार होता नजर आएगा। उन पर एक नहीं, बल्कि कई पुलिस अधिकारियों की नजर है। फिल्म में अजय देवगन के साथ मुख्य भूमिका में जयदीप अहलावत भी नजर आएंगे। रिलीज डेट: 2 अक्टूबर प्लेटफॉर्म: सिनेमाघर जॉनर: सस्पेंस थ्रिलर इसे भी पढ़ें: 2 अक्टूबर का वो दिन फिर याद दिलाने आ रहे विजय सलगांवकर! Drishyam 3 की रिलीज़ से पहले जानें पहली दो फ़िल्मों के वो भयानक राज़ लव में प्यार की थ्योरी का होगा टेस्ट लव की कहानी दो अलग-अलग डेटिंग ऐप के संस्थापकों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो प्यार को लेकर अपनी-अपनी सोच को असल जिंदगी में आजमाते हैं। फिल्म में ऐश्वर्या लक्ष्मी और अर्जुन दास मुख्य भूमिका में हैं। एक तरफ तारा का मानना है कि प्यार गणना के आधार पर होता है, वहीं मैथ्यू की सोच इससे बिल्कुल अलग है। रिलीज डेट: 2 अक्टूबर प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्स जॉनर: रोमांटिक पूजा मेरी जान में कोर्टरूम तक पहुंचेगी कहानी पूजा मेरी जान एक मनोवैज्ञानिक रोमांचक फिल्म है, जिसकी कहानी अदालत के इर्द-गिर्द घूमती है। पूजा की जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है, जब उसके द्वारा ठुकराया गया लड़का आत्महत्या कर लेता है। इसके बाद पूजा को गंभीर कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फिल्म में मृणाल ठाकुर अहम भूमिका में हैं। रिलीज डेट: 2 अक्टूबर प्लेटफॉर्म: जी5 जॉनर: कोर्टरूम ड्रामा इसे भी पढ़ें: Stree 3 को लेकर बड़ा अपडेट, 2028 में रिलीज होगी Shraddha Kapoor की फिल्म दुपहिया सीजन 2 में फिर मचेगी धड़कपुर में हलचल धड़कपुर में एक बार फिर चोरी को लेकर हलचल मचने वाली है। दुपहिया के पहले सीजन को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। अब अमेजन प्राइम वीडियो इसका दूसरा सीजन लेकर आया है। नए सीजन में भोजपुरी स्टार निरहुआ भी नजर आएंगे। रिलीज डेट: 1 अक्टूबर प्लेटफॉर्म: अमेजन प्राइम वीडियो जॉनर: ग्रामीण कॉमेडी ड्रामा वैरायटी में दिखेगी मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की कहानी हिंदी में जहां दृश्यम 3 सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है, वहीं कोलीन हूवर के चर्चित उपन्यास पर आधारित फिल्म वैरायटी भी गांधी जयंती के मौके पर रिलीज होगी। यह हॉलीवुड की मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म है। रिलीज डेट: 2 अक्टूबर प्लेटफॉर्म: सिनेमाघर जॉनर: मनोवैज्ञानिक थ्रिलर प्रेम कीटाणू में दिखेगी दोस्तों की मजेदार कहानी प्रेम कीटाणू एक हिंदी रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें वीर पहाड़िया मुख्य भूमिका में हैं। कहानी उत्तर प्रदेश के उन दोस्तों की है, जिन्होंने अपनी जिंदगी में अभी तक कुछ हासिल नहीं किया है। स्कूल में उनके नंबर खराब आए, प्यार में उनका दिल टूटा और माता-पिता के दबाव का भी उन्हें सामना करना पड़ा। इन्हीं हालात के बीच फिल्म की कहानी आगे बढ़ती है। रिलीज डेट: 2 अक्टूबर प्लेटफॉर्म: सिनेमाघर जॉनर: कॉमेडी ड्रामा
एल्विश यादव का फार्म टूर! दिखाई 30 गिर गाय
सोशल मीडिया स्टार एल्विश यादव ने पहली बार अपने नमो नारायण फार्म की झलक फैंस को दिखाई है. गुरुग्राम से दूर इस फार्म पर कई गिर गायें और एक भैंस भी नजर आई. एल्विश दोस्तों के साथ फार्म पहुंचे और अपनी गायों से फैंस को मिलवाया. उन्होंने बताया कि इसी फार्म से नमो नारायण ब्रांड के दूध और घी की सप्लाई होती है. फार्म की हरियाली और गायों की देखभाल ने फैंस का ध्यान खींचा.
शहजाद पूनावाला ने कहा 'टुकड़े गैंग', स्वरा का रिएक्शन वायरल
राइज एंड फॉल 2 शो में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला के बीच बातचीत ने राजनीतिक रंग ले लिया है. दोनों के बीच शुरू में तनाव था, लेकिन अब धीरे-धीरे दोस्ती भी बनती दिख रही है.
एक्ट्रेस नुसरत भरुचा का बाली में एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उन्हें चोट लगी है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नुसरत भरुचा बाली में एक काम के सिलसिले में गई थीं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, इलाज के चलते नुसरत को बाली में अपना स्टे बढ़ाना पड़ा है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत भरुचा के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत भरुचा साल 2023 में नुसरत भरुचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत भरुचा की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई नुसरत भरुचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।
इंटरनेशनल कॉफी डे: कॉफी और बॉलीवुड सितारों का खास कनेक्शन, जानिए किसे कैसी कॉफी है पसंद
1 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इंटरनेशनल कॉफी डे के मौके पर आइए जानते हैं कि सितारों का कॉफी से कैसा कनेक्शन है।
उदित नारायण 90 के दौर के वो सिंगर हैं, जिन्होंने एक से बढ़कर एक गाने दिए हैं। 24 साल पहले उन्होंने एक ऐसा गाना गाया था, जिसके बिना इतने सालों बाद भी दोस्त की शादी अधूरी सी लगती है।
पलाश मुच्छल ने कहा, तेरा साई के सेट पर हम सभी के लिए यह बेहद सुंदर और भावुक पल था। संजय सर का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतना हम सभी के लिए अत्यंत गर्व की बात है। जिस ईमानदारी और गहराई के साथ वह साईं बाबा के चरित्र को जीवंत कर रहे हैं, उसे देखना मेरे लिए एक असाधारण अनुभव रहा है।
दिग्गज अभिनेता रहे ऋषि कपूर के एक कल्ट क्लासिक गीत को कुमार सानू ने महज 9 मिनट में रिकॉर्ड कर लिया था।
मुकेश खन्ना ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम के चित्रण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फिल्म में ज्यादा VFX और एक्शन दिखाने पर आपत्ति जताई। मुकेश खन्ना ने कहा कि फिल्म में भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम की खूबियों के बजाय एक्शन हीरो जैसा दिखाया गया है। उन्होंने रणबीर कपूर के पेड़ पर चढ़कर तीर चलाने वाले सीन पर भी सवाल उठाया। बॉलीवुड नाउ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। मुस्कुराते थे। श्रीराम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन बना दिया, रजनीकांत बना दिया।” भगवान राम के एक्शन सीन पर सवाल मुकेश खन्ना ने उस सीन पर खास तौर पर आपत्ति जताई, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में पेड़ पर चढ़कर तीर चलाते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामायण के जिन संस्करणों को उन्होंने पढ़ा या देखा है, उनमें भगवान राम को इस तरह नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा, “रामजी ऐसे फाइट नहीं करते थे।” मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि किरदार को ‘मैन ऑफ एक्शन’ बना दिया गया है। उन्होंने भगवान राम की तुलना क्लिंट ईस्टवुड से भी की। VFX के इस्तेमाल पर भी आपत्ति मुकेश खन्ना ने ‘रामायण’ में किए गए बड़े पैमाने के विजुअल इफेक्ट्स यानी VFX पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दर्शक फिल्म को बड़े स्तर की फैंटेसी फिल्म के रूप में देख सकते हैं। वहीं, भारतीय दर्शक भगवान राम के चित्रण को धार्मिक और सांस्कृतिक नजरिए से देखेंगे। उन्होंने कहा, “लेकिन भारत में अगर आप राम दिखा रहे हो, तो आस्था से दिखाओ।” रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता: शिव सागर इससे पहले फिल्ममेकर और 1987 की चर्चित टीवी सीरीज ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने रणबीर कपूर की कास्टिंग पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि ‘एनिमल’ में रणबीर का किरदार देखने के बाद उनके लिए उन्हें भगवान राम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल है। शिव सागर के मुताबिक, भगवान राम जैसे किरदार के लिए किसी फ्रेश फेस को चुना जाना चाहिए था। उनका कहना है कि नए चेहरे के साथ दर्शकों की पहले से कोई इमेज नहीं जुड़ी होती। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें रणबीर कपूर की एक्टिंग से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने रणबीर को अच्छा एक्टर बताया था। शिव सागर ने फिल्म की बाकी कास्टिंग, खासकर यश और साई पल्लवी की भी तारीफ की थी। पूरी खबर यहां पढे़ं… रणबीर ने दिया था जवाब जुलाई में फिल्म के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन शोकेस के दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम के किरदार के लिए अपनी कास्टिंग पर हुई आलोचना का जवाब दिया था। रणबीर ने कहा था, “रामायण देखने वाले हर व्यक्ति की भगवान राम को लेकर अपनी एक अलग छवि और व्याख्या होती है। इसका कोई एक तय चेहरा नहीं है। बहुत से लोग सोच सकते हैं कि मैं गलत कास्टिंग हूं, तो कुछ को लगेगा कि मैं सही कास्टिंग हूं। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो राम के किरदार के लिए सही कास्टिंग वही अभिनेता होगा, जिसके पास सही नीयत, विश्वास और इस यात्रा के प्रति आस्था हो।” ……………………… रामायण से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज: भगवान राम-सीता के विवाह की झलक दिखी; श्रेया घोषाल-अरिजीत सिंह ने आवाज दी फिल्म ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर रिलीज हुआ था। गाने को श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। इसके म्यूजिक को ए.आर. रहमान ने कंपोज, प्रोड्यूस और अरेंज किया है। गाने के लिरिक्स डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अभिनेत्री यामी गौतम ने हाल ही 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब अपने नाम किया है।
रणबीर स्टारर 'रामायण' को लेकर क्या अपडेट आया सामने? देखें मूवी मसाला
बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण' अब बड़े पर्दे पर आने वाली है. अब इसके पहले अध्याय का टाइटल भी तय हो गया है. 'रामायण- राइज ऑफ ए लेजेंड' के नए पोस्टर में रणबीर कपूर भगवान राम और यश रावण के किरदार में आमने-सामने नजर आ रहे हैं. देखें मूवी मसाला.
Stree 3 को लेकर बड़ा अपडेट, 2028 में रिलीज होगी Shraddha Kapoor की फिल्म
‘स्त्री’ फ्रेंचाइजी के तीसरे पार्ट का इंतजार कर रहे फैंस के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव और एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर की मशहूर हॉरर-कॉमेडी फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म ‘स्त्री 3’ की रिलीज को लेकर निर्माता दिनेश विजन ने जानकारी दी है। मुंबई में आयोजित फिक्की फ्रेम्स के 26वें संस्करण के दौरान उन्होंने फिल्म की शूटिंग और रिलीज की समयसीमा के बारे में बताया। इस बातचीत में फिल्म के मुख्य अभिनेता राजकुमार राव भी शामिल हुए। दोनों फिलहाल अपनी आने वाली फिल्म ‘प्रहार’ को लेकर चर्चा में हैं। 2028 में रिलीज हो सकती है ‘स्त्री 3’ दिनेश विजन ने बताया कि ‘स्त्री’ फ्रेंचाइजी के तीसरे पार्ट पर काम शुरू हो चुका है। फिल्म का निर्देशन अमर कौशिक करेंगे। हालांकि, फिलहाल अमर कौशिक अपनी दूसरी बड़ी फिल्म ‘महावतार’ पर काम कर रहे हैं। दिनेश विजन के मुताबिक, अमर कौशिक ‘महावतार’ की शूटिंग जनवरी 2027 के अंत तक शुरू करेंगे और इसे जून तक पूरा करने का प्लान है। इसके बाद वह ‘स्त्री 3’ पर काम शुरू करेंगे। इसी टाइमलाइन को देखते हुए ‘स्त्री 3’ के 2028 में रिलीज होने की उम्मीद है। फिल्म अगले साल के अंत तक फ्लोर पर जा सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। इसे भी पढ़ें: अंकित से शादी, नमिक से हुकअप और... Priyanka Chahar Choudhary का रैपिड फायर हुआ वायरल ‘स्त्री 3’ की स्क्रिप्ट हो चुकी है पूरी दिनेश विजन ने बताया कि अमर कौशिक ने ‘स्त्री 3’ की स्क्रिप्ट पूरी कर ली है। उन्होंने फिल्म की कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन बताया कि इस बार दर्शकों को पहले से ज्यादा ट्विस्ट देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म में फ्रेंचाइजी से जुड़ी वही चीजें देखने को मिलेंगी, जिन्हें दर्शकों ने पहले पसंद किया है। इसे भी पढ़ें: Baby Girl On The Way... Alanna Panday और Ivor McCray के घर आएगी बेटी स्वतंत्रता दिवस या क्रिसमस पर आ सकती है फिल्म ‘स्त्री 3’ की रिलीज को लेकर स्वतंत्रता दिवस या क्रिसमस 2028 के आसपास का समय भी विचार में हो सकता है। हालांकि, अभी तक फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है।
जिसे पाकिस्तान मानता है दुश्मन, उसी इजरायल की 'फौदा' पर क्यों फिदा?
पाकिस्तान में फौदा देखने के क्रेज के पीछे एक बड़ा फैक्टर दुश्मन की कहानी को लेकर क्यूरोसिटी बताई जा रही है. फौदा इजरायली अंडरकवर ऑपरेटिव और फिलिस्तीनी मिलिटेंट के कॉन्फ्लिक्ट को दिखाती है. पाकिस्तानी दर्शकों के लिए इजरायल-फिलीस्तीन संघर्ष पहले से ही पॉलिटिकली और इमोशनली रेलेवेंट है.
क्रिस्टल डिसूजा ने एग्स फ्रीजिंग पर खुलकर रखी अपनी बात
टीवी एक्ट्रेस क्रिस्टल डिसूजा ने शादी और मातृत्व को लेकर अपनी सोच साझा की है। 36 वर्षीय क्रिस्टल ने कहा कि वह भविष्य में मां बनना चाहती हैं और एग्स फ्रीज कराने के बारे में सोच रही हैं। उन्होंने इसे देर से बच्चे चाहने वालों के लिए एक विकल्प बताया और नेचुरली मां बनने की उम्मीद जताई।
दूरदर्शन शो के टाइटल सॉन्ग में गूंजी थी Kishore Kumar की आवाज, 42 सालों से यादगार बना हुआ पुराना गीत
महान गायक किशोर कुमार ने 42 साल पहले दूरदर्शन के एक टीवी शो का टाइटल सॉन्ग गाया था।
रणवीर सिंह की Pralay के लिए साउथ एक्ट्रेस ने छोड़ा घर, इस वजह से मुंबई हुईं शिफ्ट?
अभिनेता रणवीर सिंह की अगली फिल्म प्रलय के लिए साउथ एक्ट्रेस ने अपना घर छोड़ दिया है।
मनोज तिवारी की Ex वाइफ संग तोड़ी शादी, सिंगर का बड़ा ऐलान
पंजाबी सिंगर एकम बावा ने अपनी एक्स वाइफ रानी तिवारी और उनकी बेटी रिति तिवारी से आधिकारिक तौर पर अलगाव की घोषणा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर इसे अपनी पर्सनल विक्ट्री बताया है.
'Rise & Fall' सीज़न 2 में बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला का सफर काफी उथल-पुथल भरा रहा है। यह उनका पहला रियलिटी शो है, लेकिन इसके बावजूद वे सह-प्रतिभागियों के साथ हाथापाई, तीखी बहस और अपनी सार्वजनिक छवि को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हालिया एपिसोड में पूर्व 'रोडीज़' स्टार सिवेट तोमर के साथ हुई शारीरिक हाथापाई और प्रियंका चाहर चौधरी के साथ विवाद के बाद शहज़ाद का एक अलग ही रूप सामने आया, जहाँ उन्होंने दरियादिली दिखाते हुए सिवेट को शो से बाहर न निकालने की गुजारिश की। सिवेट तोमर के साथ लड़ाई के बाद, शहज़ाद ने बताया कि असल में वह नहीं चाहते थे कि सिवेट को शो से निकाला जाए। एक और हिस्से में, उन्हें स्वरा भास्कर के साथ घुलते-मिलते देखा गया, जिनके साथ पहले उनकी हमेशा अनबन रहती थी। इसे भी पढ़ें: महंगाई का बड़ा झटका! विमान ईंधन ATF ₹16/लीटर तो कमर्शियल LPG ₹62.59 हुआ महंगा, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर शहज़ाद ने बताया कि वह क्यों चाहते थे कि सिवेट शो में बने रहें इरीना रुडाकोवा से बात करते हुए, शहज़ाद ने प्रियंका चाहर चौधरी के साथ बहस के बाद अपनी मनःस्थिति के बारे में बताया। उन्होंने पहले प्रियंका को गोल्ड डिगर कहा था। बाद में उन्होंने उन्हें अस्थिर व्यक्ति बताया और कहा कि उन्हें चिंता है कि वह ऐसे आरोप लगा सकती हैं जिनका इस्तेमाल उनके विरोधी उनके ख़िलाफ़ कर सकते हैं। इरीना ने उन्हें शो छोड़ने से मना किया और सुझाव दिया कि वह प्रियंका के साथ स्थिति को सुलझाने की कोशिश करें। हालाँकि, शहज़ाद को लगा कि उनसे बार-बार समझौता करने की उम्मीद की जा रही थी। फिर उन्होंने सिवेट के साथ हुई हाथापाई के बाद की घटना को याद किया। शहज़ाद ने कहा कि इलाज के दौरान भी उन्होंने शो के मेकर्स से सिवेट को एक और मौका देने के लिए कहा था। जब मुझे मारा गया और मैं बाहर गया, तो इलाज के दौरान दो घंटे के भीतर ही मैंने मेकर्स से कहा, 'उसे बाहर मत भेजो, उसे यहीं रखो। उसे माफ़ कर दो।' जानते हो मैंने ऐसा क्यों कहा? क्योंकि वह लड़का 29-30 साल का है। यह उसकी रोज़ी-रोटी का ज़रिया है। यह मेरी रोज़ी-रोटी का ज़रिया नहीं है। तो जब मैं सिवेट को माफ़ कर सकता हूँ, तो क्या आपको लगता है कि मैं प्रियंका से माफ़ी नहीं माँग सकता? शहज़ाद ने आगे कहा कि उन्हें इस बात से परेशानी थी कि उस घटना को किस तरह से दिखाया गया। उन्हें लगा कि उन्हें दोषी ठहराया जा रहा है और माफ़ी मांगने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि उन्हें नहीं लगता था कि उन्होंने कुछ गलत किया है। शहज़ाद और स्वरा की बातचीत दोस्ताना मोड़ लेती है एक और सेगमेंट के दौरान, शहज़ाद और स्वरा भास्कर के बीच बातचीत हुई जो एक неожидан (अचानक) मोड़ पर पहुँच गई। दोनों की राजनीतिक सोच बहुत अलग है, लेकिन 'राइज़ एंड फ़ॉल 2' में उनकी बातचीत से उनके बीच एक अनपेक्षित तालमेल का भी संकेत मिला है। स्वरा ने शहज़ाद को ठीक से खाने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी। शहज़ाद ने जवाब दिया कि वह अपने शरीर को अच्छी तरह समझते हैं और राजनीति में रहने के दौरान इससे कहीं ज़्यादा तनावपूर्ण स्थितियों का सामना कर चुके हैं। इसे भी पढ़ें: Afghanistan Earthquake | धराशायी होने से बाल-बाल बचा अफगानिस्तान! हिंदू कुश में 126 KM नीचे हिली धरती, 5.3 की तीव्रता से कांपे लोग जब शहज़ाद ने कहा कि वह शो के बाद स्वरा से मिलेंगे, तो उन्होंने मज़ाक में कहा कि वह उन्हें सभी वामपंथियों (लेफ़्टिस्ट) के साथ एक कमरे में बंद कर देंगी। उन्होंने उन्हें बेसमेंट में अपने दोस्तों के साथ कुछ समय बिताने के लिए भी प्रोत्साहित किया। जाते समय शहज़ाद ने कहा, आप लोगों का जो गैंग है न... स्वरा ने उनसे पूछा कि वह किस गैंग की बात कर रहे हैं। शहज़ाद ने जवाब दिया, टुकड़े। 'राइज़ एंड फ़ॉल सीज़न 2' को वीरेंद्र सहवाग होस्ट कर रहे हैं। यह शो हर दिन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होता है और इसके नए एपिसोड रोज़ दोपहर 12 बजे आते हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के सुसाइड केस में अभिनेता राहुल राज सिंह को डिस्चार्ज यानी आरोपमुक्त कर दिया। प्रत्युषा बनर्जी को टीवी शो ‘बालिका वधू’ में आनंदी के किरदार से पहचान मिली थी। 1 अप्रैल 2016 को उन्हें मुंबई के गोरेगांव स्थित किराए के फ्लैट में मृत पाया गया था। कोर्ट ने 1 अप्रैल 2016 को प्रत्युषा की मौत से कुछ समय पहले हुई आखिरी फोन बातचीत को अहम माना। जस्टिस एसजी डिगे की बेंच ने कहा कि बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट में एक्ट्रेस के एक्स बॉयफ्रेंड राहुल उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोकते दिख रहे हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपनी कार वापस मोड़ ली है और प्रत्युषा से मिलने जा रहे हैं। बातचीत से यह भी पता चला कि प्रत्युषा परेशान थीं और अपने माता-पिता समेत कई लोगों को अपनी हालत के बारे में बता रही थीं। माता-पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप प्रत्युषा के माता-पिता ने राहुल पर सुसाइड के लिए उकसाने, मारपीट और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। राहुल उस समय प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड थे और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। राहुल पर प्रत्युषा को सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई 2016 में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। चार्जशीट के बाद से चल रही थी कानूनी लड़ाई पुलिस ने 2018 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने केस से डिस्चार्ज करने के लिए सेशंस कोर्ट में याचिका दायर की। सेशंस कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। राहुल के वकीलों ने क्या दलील दी राहुल की ओर से सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा और एडवोकेट श्रेयांश मिठारे ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि आखिरी बातचीत से साफ है कि राहुल ने प्रत्युषा को कोई बड़ा कदम उठाने से रोकने की कोशिश की थी। वकीलों ने कहा कि राहुल उस समय प्रत्युषा के फ्लैट की ओर जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस नहीं बनता। राहुल के वकीलों के मुताबिक, आखिरी बातचीत में प्रत्युषा अपनी स्थिति के लिए कई लोगों को जिम्मेदार बता रही थीं। इनमें उनके माता-पिता भी शामिल थे। वकीलों ने यह भी सवाल उठाया कि सुसाइड नोट नहीं मिलने के बावजूद राहुल के खिलाफ जल्दबाजी में FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि ट्रायल जारी रखना ‘कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग’ होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका मंजूर कर ली और उन्हें केस से डिस्चार्ज कर दिया। इसका मतलब है कि प्रत्युषा की मौत से जुड़े इस मामले में राहुल के खिलाफ ट्रायल नहीं चलेगा। राहुल ने प्रत्युषा से आखिरी बातचीत के बारे में बताया था सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में राहुल ने प्रत्युषा के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत के बारे में बताया था। राहुल के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 से 4 बजे वह लोखंडवाला बैक रोड पर थे। उन्हें मीत ब्रदर्स से मिलने जाना था। इसी दौरान प्रत्युषा का फोन आया। राहुल ने बताया कि फोन पर प्रत्युषा ने सबसे पहले उनसे कहा, “बेबी, आई लव यू।” राहुल ने भी जवाब में कहा, “आई लव यू टू।” राहुल ने बताया था कि उन्होंने प्रत्युषा से पूछा कि क्या हुआ है। इस पर प्रत्युषा ने कहा कि वह उनकी परेशानी नहीं समझ सकते, क्योंकि वह वहां काम करने के दौरान कथित तौर पर परेशान हो रही थीं। राहुल के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रत्युषा ने अपने पिता को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि प्रत्युषा अपने पिता को लेकर काफी परेशान थीं। राहुल ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि वह ऐसी बातें न करें। राहुल ने बताया था कि इसके बाद उन्होंने प्रत्युषा से कहा कि वह तुरंत वापस आ रहे हैं। उन्होंने फोन पर उन्हें शांत रहने के लिए कहा और प्यार से बात की। राहुल के मुताबिक, प्रत्युषा ने उनसे कहा कि वह फोन रख दें। इसके बाद राहुल ने अपनी कार घुमाई और उनके पास जाने के लिए वापस निकल पड़े। प्रत्युषा बनर्जी का करियर प्रत्युषा बनर्जी ने साल 2010 में टीवी शो ‘रक्त संबंध’ से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में वाणी के किरदार में नजर आईं। प्रत्युषा को बड़ी पहचान ‘बालिका वधू’ से मिली। साल 2010 में उन्होंने शो में आनंदी का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्हें लोग आनंदी के नाम से भी जानने लगे। ‘बालिका वधू’ की सफलता के बाद प्रत्युषा ने डांस रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा’ के पांचवें सीजन में हिस्सा लिया। हालांकि, डांस की रिहर्सल में सहज महसूस नहीं करने के कारण उन्होंने शो छोड़ दिया। साल 2013 में वह ‘बिग बॉस 7’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं। इसके बाद उन्होंने ‘हम हैं ना’, ‘ससुराल सिमर का’ और ‘गुलमोहर ग्रैंड’ जैसे टीवी शोज में काम किया। उन्होंने अपने पार्टनर राहुल राज सिंह के साथ रियलिटी शो ‘पावर कपल’ में भी हिस्सा लिया था।
अमिताभ बच्चन ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के सेट पर फिसल गए। इससे उनके बाएं घुटने में चोट आई है। हालिया एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने इस हादसे की जानकारी दी। अमिताभ आमतौर पर शो की शुरुआत विंग्स से दौड़कर आते हुए और स्टेज के सेंटर में खड़े होकर अपने मोनोलॉग से करते हैं। हालांकि, पैर में दर्द के कारण उन्होंने इस बार बैठकर एपिसोड की शुरुआत की। उन्होंने दर्शकों से कहा कि चोट गंभीर नहीं है और वे कंटेस्टेंट्स के साथ खड़े होकर ही गेम होस्ट करेंगे। शूटिंग के दौरान फिसल गया था पैर अमिताभ बच्चन ने शो की शुरुआत में ही अपने फैंस और दर्शकों को इस घटना के बारे में बताया। उन्होंने अपने बाएं घुटने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बीते दिन शूटिंग के समय उनका पैर फिसल गया था। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वे सेंटर में खड़े होकर अपनी बात रखते हैं, लेकिन आज खड़े होने में थोड़ी तकलीफ हो रही है। अमिताभ साल 2000 से 'केबीसी' होस्ट कर रहे 'कौन बनेगा करोड़पति' का 18वां सीजन दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अमिताभ बच्चन साल 2000 से इस क्विज शो को होस्ट करते आ रहे हैं। केवल तीसरे सीजन को छोड़कर, जिसे शाहरुख खान ने होस्ट किया था, बाकी सभी सीजन्स में अमिताभ ही शो का मुख्य चेहरा रहे हैं। 83 से अधिक उम्र में भी उनकी फिटनेस और काम के लिएसमर्पण की लोग तारीफ करते हैं। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके हैं। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब एक्स-रे हुआ लेकिन अब भी सही कारण नहीं पता चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुई तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर इसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फंट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने माने सर्जन एच.एस.भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फंट चुकी हैं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वो 4 दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई जा रही थी तो कहीं यज्ञ। जया बच्चन खुद भी अमिताभ की सलामती के लिए सिद्धि विनायक गई थीं, लेकिन जब वो पहुंचीं तो देखा कि उनसे पहले ही कई लोग बिग बी के लिए वहां पूजा कर रहे थे। लोगों की दुआएं रंग लाईं। एक नजर अमिताभ बच्चन की जिंदगी पर-
प्राइम वीडियो की वेब सीरीज ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन आज रिलीज हो चुका है। पहले सीजन में गांव की सादगी और दिलचस्प किरदारों से दर्शकों का मनोरंजन करने के बाद यह सीरीज नए ट्विस्ट और खुलासों के साथ लौट रही है। इस सीजन में अपराध, प्यार, जुगाड़, अंधविश्वास और पेपर लीक जैसे मुद्दे देखने को मिलेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभिनेता भुवन अरोड़ा, अभिनेत्री शिवानी रघुवंशी और निर्देशक सोनम नायर ने सीरीज के किरदारों, उनकी बारीकियों, शूटिंग के अनुभवों और असल जिंदगी से जुड़ी समानताओं पर बात की। उन्होंने सीरीज से जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी साझा किए। सवाल: पहले सीजन में धड़कपुर काफी सीधा-सादा नजर आया था। इस बार यह ‘मिर्जापुर’ जैसा क्यों बनता दिख रहा है? जवाब/सोनम नायर: पिछले सीजन में हमने दिखाया था कि धड़कपुर में बिल्कुल भी अपराध नहीं होता। वहां के लोग बहुत भोले-भाले और सीधे-साधे हैं। लेकिन कहानी के अंत तक पता चलता है कि जो लोग खुद को जितना सीधा दिखा रहे थे, वे वास्तव में उतने सीधे नहीं हैं। अब सबका पर्दाफाश हो चुका है और उनकी असलियत सामने आ गई है। इस सीजन में इन किरदारों का असली रूप देखने को मिलेगा। सवाल: भुवन और शिवानी से पहली मुलाकात में आपका क्या इम्प्रेशन था? जवाब/सोनम नायर: जब मैं भुवन से अमावस के रोल के लिए मिली थी, तो शुरुआत में हमने रोल की बात ही नहीं की। करीब आधे-एक घंटे तक हम सिर्फ हंसते रहे। भुवन मुझे बिहार और अपने ससुराल की कहानियां सुना रहे थे। मुझे लगा कि इनके साथ सेट पर बहुत मजा आएगा। रोल तो ये अच्छे एक्टर हैं, कर ही लेंगे, लेकिन सेट पर भी मजा आना चाहिए। मेरा पहला इम्प्रेशन यही था कि अगर भुवन होंगे तो मैं एंजॉय करूंगी। शिवानी को मैंने पहली बार एक पार्टी में देखा था। वहां सभी लोग हंस-खुलकर मिल रहे थे, लेकिन शिवानी चुपचाप एक कोने में खड़ी थीं। वह किसी से ज्यादा बात नहीं कर रही थीं और हाथ में डाइट कोक था। मुझे लगा कि ग्लैमर वर्ल्ड में रहने के बावजूद उनमें अलग तरह की मासूमियत है। हमें जिस तरह की लड़की चाहिए, वो यही हैं। सवाल: भुवन, आप पढ़ाई के मामले में कैसे थे? दो महीने पहले से तैयारी करने वाले या परीक्षा से एक रात पहले पढ़ने वाले? जवाब/भुवन अरोड़ा: मैं तो रट्टा मारकर पास होता था। आज भी लंबे-लंबे डायलॉग याद करने में यह आदत मेरे बहुत काम आती है। लोग अक्सर पूछते हैं कि तुम्हें इतनी जल्दी डायलॉग कैसे याद हो जाते हैं। मैं कहता हूं कि मैंने स्कूल ही रट्टे मार-मारकर पास किया है। लास्ट मिनट तो छोड़िए, मैं आखिरी सेकंड तक पढ़ता रहता था। आप अक्सर देखेंगे कि डायलॉग याद करते वक्त मेरी आंखें ऊपर की तरफ रहती हैं, जैसे मेरे अंदर कोई आत्मा आ गई हो और मैं कुछ न कुछ रट रहा हूं। मैं इसी तरीके से पास हुआ हूं। सवाल: सोनम, दोनों में वन-टेक आर्टिस्ट कौन है और परफेक्शनिस्ट कौन है? जवाब/सोनम नायर: दोनों ही वन-टेक में अच्छा परफॉर्म करते हैं। शुरुआत से ही इनका परफॉर्मेंस अच्छा रहता है। कोई छोटा-मोटा बदलाव करना होता है तो मैं करवा लेती हूं। शिवानी शायद कभी-कभी कहती होंगी कि एक टेक और कर लेते हैं, लेकिन मैं हमेशा नहीं लेती। सवाल: अगर कोई कलाकार इतना अच्छा करने के बाद भी कहता है कि कुछ कमी रह गई है, एक टेक और देना चाहता तो आप क्या करती हैं? जवाब/सोनम नायर: मैं उसे कहती हूं कि आपने इतना अच्छा किया है, मैं बहुत खुश हूं। अपने ऊपर कॉन्फिडेंस रखिए और आगे बढ़िए। हां, अगर कोई बहुत महत्वपूर्ण सीन हो और उन्हें सच में लगे कि एक और टेक जरूरी है, तो मैं उन्हें करने देती हूं। कलाकारों के अंदर कई बार इनसिक्योरिटी होती है कि हम और अच्छा कर सकते हैं। लेकिन अगर मुझे लगता है कि टेक पर्याप्त अच्छा है, तो मैं प्यार से कह देती हूं कि नहीं, बहुत अच्छा है, अब आगे बढ़ते हैं। सवाल: ट्रेलर में शनिवार को लेकर एक डायलॉग है। क्या असल जिंदगी में भी कभी कोई टोटका आपके साथ हुआ है? जवाब/भुवन अरोड़ा: शनिवार वाली बिल्कुल ऐसी ही घटना मेरे साथ हुई है, लेकिन उसमें दुपहिया नहीं, वॉशिंग मशीन थी। दिल्ली में हमने एक वॉशिंग मशीन खरीदी थी और साफ कह दिया था कि शनिवार को हमारे यहां लोहे की चीज घर में नहीं आती। लेकिन शनिवार रात करीब 8-8:30 बजे उसकी डिलीवरी आ गई। डिलीवरी वाले ने मेरी मम्मी से कहा कि मैडम, अब इसे वापस कहां लेकर जाएंगे और दोबारा लेकर आएंगे, आप इसे रख लीजिए। मम्मी को लगा कि बच्चों को दोबारा परेशानी होगी, इसलिए उन्होंने रख लिया। उस वॉशिंग मशीन ने हमें बहुत परेशान किया। कभी चूहे उसके तार काट देते थे, तो कभी कोई और समस्या हो जाती थी। करीब साढ़े तीन महीने तक हम उस परेशानी से जूझते रहे। आखिरकार कंपनी ने मशीन रिप्लेस की। इसलिए हमारे घर में आज भी नियम है कि शनिवार को लोहे की चीज नहीं आती। सवाल: शिवानी, क्या आप भी इन अंधविश्वासों को मानती हैं? जवाब/शिवानी रघुवंशी: मैं इन सब चीजों को नहीं मानती। लेकिन हमारे घर में ऐसी बातें होती रहती हैं। कोई कहता है मंगलवार को यह नहीं करना चाहिए, कोई कहता है गुरुवार को ऐसा नहीं करना चाहिए। अभी मैं फ्लाइट बुक कर रही थी तो घर में कहा गया कि शुक्रवार को एक खास दिशा में नहीं जाना चाहिए। इसे दिशा शूल कहते हैं। मैं इन चीजों को नहीं मानती। मैं कहती हूं कि आज ही जाकर देखती हूं, कुछ होगा तो देखा जाएगा। आज तक मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ। मेरा मानना है कि जो होगा, देखा जाएगा। रोशनी के नेचर में भी यही बात है। वह अंधविश्वास को चुनौती देती है और कहती है कि करके दिखाओ, मेरे साथ क्या होगा। सवाल: भुवन, अमावस और आपकी पर्सनैलिटी में क्या समानता है? भुवन अरोड़ा: अमावस और मेरे अंदर एक चीज बहुत कॉमन है। अगर मैं किसी से प्यार करता हूं तो उसके लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं। हां, एक चीज बिल्कुल कॉमन नहीं है। मैं क्लेप्टोमेनियाक नहीं हूं और किसी का सामान नहीं चुराता। शिवानी रघुवंशी: मेरे और रोशनी में कुछ भी कॉमन नहीं हैं और मैं वो चाहती भी नहीं हूं। सवाल: आपने प्यार के लिए असल जिंदगी में ऐसा क्या किया है, जिसे आप बड़ी कोशिश मानते हैं? जवाब/भुवन अरोड़ा: मुझे याद है, मेरी पत्नी को एक ज्वेलरी पसंद आई थी और वह पुणे में थी। हमारी एनिवर्सरी पर उन्हें वह ज्वेलरी देने के लिए मैं खास तौर पर पुणे गया। ज्वेलर को ऑर्डर दिया और फिर ज्वेलरी लेकर वापस आया। मैं मानता हूं कि पार्टनर के लिए हम छोटी-छोटी चीजें कर सकते हैं। ऐसी कोई नौबत नहीं आई कि जान पर बात आ जाए। टचवुड, ऐसी स्थिति आई ही नहीं। सवाल: सीरीज में अमावस दोस्त के लिए चीटिंग का जुगाड़ करता है। क्या असल जिंदगी में कभी नकल करनी पड़ी? शिवानी रघुवंशी: नहीं, बहुत ज्यादा नहीं। हालांकि मैं स्कूल में बहुत गंदी चीटिंग करती थी। मैं पूरा टर्न लेकर नकल करती थी। मेरे दोस्त कहते थे कि तू आगे रह, हम तेरे पीछे हैं। सवाल: सीरीज में पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया गया है। अगर अमावस को इस समस्या को अपने जुगाड़ से खत्म करना हो तो वह क्या करेगा? जवाब/भुवन अरोड़ा: सबसे पहले तो मैं रोशनी को समझाऊंगा कि इन बेकार के चैलेंज के चक्कर में मत पड़ो। सिर्फ कह दिया है तो जरूरी नहीं कि उसे करके दिखाना ही है। मैं तो खुश ही था कि अगर वह पास हो जाएगी तो शहर चली जाएगी और मुझसे दूर हो जाएगी। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि वह मुझसे दूर जाए। लेकिन इश्क का मारा हूं, क्या करूं? जो कहती है, महबूबा के लिए करना पड़ता है। इसलिए जब तक साथ दे सकता हूं, कोशिश करूंगा। फिर चाहे वह दूर रहे या पास। सवाल: सोनम, आप इस मुद्दे पर कोई समाधान देना चाहेंगी? सोनम नायर: मैं कौन होती हूं समाधान बताने वाली? हमारे सिस्टम को हेड करने वाले बहुत सारे मुझसे ज्यादा पढ़े-लिखे और जिम्मेदार लोग हैं। हम अपनी तरफ से सिर्फ लोगों की कहानियां बता सकते हैं। लोगों को जो समस्याएं होती हैं, उसमें हम अपने स्तर पर क्या बदलाव ला सकते हैं, उस स्तर तक मैं कुछ कह सकती हूं। लेकिन इतनी बड़ी समस्या का समाधान, जब हम सब मिलकर भी नहीं कर पा रहे हैं, तो मैं इसका समाधान नहीं बता सकती। यह भी संयोग की बात है। जब हमने यह शो बनाया था, तब पेपर लीक का मुद्दा इतना सामने या प्रासंगिक नहीं था। मुझे लगता है कि जिस समय यह मुद्दा चर्चा में है, उसी समय हमारा शो भी आ रहा है। हमने इसे काफी पहले शूट किया था। इसलिए यह पूरी तरह संयोग है। सवाल: भुवन, हाल ही में हुए नेशनल अवॉर्ड्स में आपकी दो फिल्मों से जुड़े कलाकारों को सम्मान मिला। आप इसे कैसे देखते हैं? भुवन अरोड़ा: मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं कि उन दोनों बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा बनने का मौका मिला। अगर उनकी कहानी कहने में मैंने थोड़ा सा भी योगदान दिया है, जिसकी वजह से वे इस मुकाम तक पहुंचीं और नेशनल अवॉर्ड जीता, तो मैं बहुत खुश और आभारी हूं। दोनों फिल्में मेरे लिए बहुत खास हैं। दोनों ही वास्तविक जीवन पर आधारित कहानियां हैं। मुझे लगता है कि हमें ऐसी और फिल्में बनानी चाहिए। सवाल: ‘दुपहिया’ में पहली गाड़ी को लेकर भावनात्मक जुड़ाव दिखाया गया है। आपकी पहली बाइक या कार से जुड़ी क्या यादें हैं? भुवन अरोड़ा: जब मैं कॉलेज में पढ़ रहा था, तब मैंने अपनी पहली बाइक खरीदी थी, जो मेरे नाम पर थी। उससे पहले घरवालों ने जो बाइक खरीदकर दी थी, वह उनके नाम पर थी। लेकिन अपनी बुलेट मैंने खुद खरीदी थी। वह बुलेट आज भी मेरे पास है। काफी वक्त हो गया है, मैं उसे चला नहीं पाता और समय भी नहीं मिलता, लेकिन मैंने उसे संभालकर रखा है। वह मेरी पहली ऐसी गाड़ी थी, जो मेरे नाम पर थी। इसलिए वह मेरे लिए बहुत खास है। मुझे नहीं लगता कि मैं उसे कभी बेचूंगा। शिवानी रघुवंशी: जिस गाड़ी पर मैंने ड्राइविंग सीखी थी, वह सफेद रंग की फिएट 118 थी। वह हमारी फैमिली कार थी और मैंने उसी पर गाड़ी चलाना सीखा। मुझे याद है, एक दिन मैं अपनी फैमिली को ड्राइव करके लेकर गई थी। वे बहुत खुश और गर्व महसूस कर रहे थे कि उनकी बेटी गाड़ी चला रही है। इसलिए उस गाड़ी से मेरा खास जुड़ाव है।
‘मैं अकेले ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर,लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।’ इन पंक्तियों को सुनकर लगता है कि इन्हें लिखने वाला शख्स शायद जिंदगी की गहराइयों में डूबा कोई बेहद संजीदा और गंभीर शायर होगा। लेकिन यही मजरूह जब फिल्मों के लिए लिखने बैठे, तो उनकी कलम ने मोहब्बत के ऐसे रंग बिखेरे कि शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान के गाने सालों साल याद गिए गए। ‘पहला नशा… पहला खुमार…’,‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा…’,‘साथिया तूने क्या किया…’,और ‘ऐ काश कि हम होश में अब आने न पाएं…’ये सिर्फ गाने नहीं, बल्कि ऐसी धुनें हैं जिनके साथ कई पीढ़ियों की मोहब्बत, जवानी और यादें जुड़ी हुई हैं। उनके सदाबहार गीतों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि उसे गिनते-गिनते शाम हो जाए। ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ (तीसरी मंजिल, 1966) से लेकर ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ (यादों की बारात, 1973) तक, मजरूह की कलम ने हिंदी सिनेमा को दर्जनों ऐसे गीत दिए, जो वक्त बदलने के बावजूद पुराने नहीं पड़े। उनकी कलम में बगावत की स्याही भी थी। 1949 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ‘हिटलर का चेला’ कहने पर जेल में डाला गया। विकल्प मिला- माफी मांगो या दो साल जेल में रहो। उन्होंने जेल चुनी। 1 अक्टूबर 1919 को जन्मे मजरूह सुल्तानपुरी की आज 107वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस खास मौके पर जानिए कैसे एक शायर की कलम ने मोहब्बत के गीतों को ऐसे शब्द दिए, जिसे वक्त भी नहीं मिटा सका- 1 अक्टूबर 1919, मजरूह सुल्तानपुरी का जन्म ब्रिटिश इंडिया के सुल्तानपुर में हुआ। असली नाम था सरारुल हसन खान, जो आगे जाकर सुल्तानपुर के नाम पर मजरूह सुल्तानपुरी नाम से जाने गए । पिता पुलिस में थे, जिन्होंने उनका दाखिला मदरसे में करवाया, वो अंग्रेजी पढ़ाई के खिलाफ थे। यहीं उन्होंने उर्दू, अरबी, फारसी सीखी। बढ़ती उम्र के साथ उनकी दिलचस्पी गानों में होने लगी। लेकिन पिता ने साफ कह दिया कि तुम्हें मेडिकल की पढ़ाई करनी होगी। पिता की सख्ती के आगे गायिकी का शौक फीका पड़ गया और उनका दाखिला करवाया गया लखनऊ के तामील-उल-तबी यूनानी मेडिसिन कॉलेज में। पढ़ाई पूरी कर वह हकीम बन गए, लेकिन जहन में गायिकी ही चलती थी। एक दिन तहसीलदार की बेटी की नब्ज देखते हुए, वो उसे दिल दे बैठे। दोनों में बातचीत भी शुरू हो गई, लेकिन जल्द ही लड़की के पिता ने दोनों के रास्ते अलग कर दिए। दिल टूटा, तो मजरूह सुल्तानपुरी ने कलम उठाई और दिल का दर्द कागजों में लिखने लगे। जल्द ही शब्द शायरी का रूप लेने लगे। दूसरे शायरों को देखते हुए उन्होंने अपना पेन नेम तखल्लुस रखा, जिसका मतलब था- नसीहत देने वाला। कुछ दिनों बाद दोस्त को बताया, तो उसने कहा- ‘नहीं ये नाम अच्छा नहीं, तुम नाम रखो मजरूह यानी घायल।’ ऐसे उनका नाम तखल्लुस मजरूह हुआ। हर शायरी के नीचे वह यही लिखने लगे। 1941 की बात है, एक रोज वह सुल्तानपुर में हो रहे मुशायरे में पहुंचे। हर कोई मंच पर अपनी-अपनी शायरी सुना रहा था, तो मजरूह सुल्तानपुरी भी अपनी डायरी लेकर पहुंच गए। दो लाइनें पढ़ीं, तो हर ओर से वाह- वाह…, की आवाज आने लगी। वाह-वाह करने वालों में उस दौर के मशहूर शायर जिगर मुरादाबादी भी शामिल थे। वही मशहूर शायर जिनकी कलम से निकली थीं ये पंक्तियां- “ये इश्क नहीं आसां, इतना ही समझ लीजेइक आग का दरिया है और डूब के जाना है।” और “हम को मिटा सके ये जमाने में दम नहीं,हम से जमाना खुद है, जमाने से हम नहीं।” मजरूह सुल्तानपुरी की शायरी जिगर मुरादाबादी को इतनी पसंद आई कि उन्होंने शागिर्द से पूछा- ‘ये इतनी कम उम्र का बच्चा इतनी अच्छी शायरी कर रहा है। कौन है ये?’ जवाब मिला- ‘मजरूह है।’ जिगर मुरादाबादी ने उन्हें पास बुलाकर बात की और अपना शागिर्द बना लिया। मजरूह ने जिगर मुरादाबादी जैसा उस्ताद मिलने के बाद हकीमगिरी बंद कर दी और लिखने में तवज्जो देने लगें। कुछ समय बाद एक मुशायरे में जिगर साहब और मजरूह साहब दोनों थे। यहां फिल्म इंडस्ट्री की कई मशहूर हस्तियां भी थीं। तभी मशहूर प्रोड्यूसर कारदार साहब ने जिगर मुरादाबादी के पास आकर कहा- ‘मैं एक फिल्म बना रहा हूं शाहजहां, चाहता हूं कि आप उसमें गाने लिखें।’ जवाब मिला- ‘ये फिल्मी गाने लिखना मेरे बस की बात नहीं है। ये नौजवान शायर है मजरूह। इसको तुम मुशायरे में सुन चुके हो।’ इस पर जिगर साहब ने मजरूह साहब से कहा- ‘तुम कोशिश करो।’ मजरूह साहब बोले- ‘आप खुद तो मना कर रहे हैं और मुझे लिखने को बोल रहे हैं। मैं भी आपकी तरह साहित्य में, अदब में खुद को बड़ा शायर बनाना चाहता हूं, फिल्मी गीतकार नहीं।’ इस बार जिगर मुरादाबादी ने हल्की सी हंसी के साथ कहा- ‘देखो, तुम अभी जवान हो। 24-25 साल के हो। कल तुम्हारी शादी होगी, बीवी-बच्चे होंगे, जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। मैं अपने तजुर्बे से कह रहा हूं कि सिर्फ शायरी से घर नहीं चलेगा।’ मजरूह साहब, उस्ताद की बात से इनकार नहीं कर सके और ‘शाहजहां’ फिल्म के लिए दो गाने लिखे। पहला गाना था- ‘गम दिए मुस्तकिल, कितना नाजुक है दिल, ये न जाना, हाय हाय ये जालिम जमाना….’, और दूसरा लिखा- ‘जब दिल ही टूट गया, हम जी कर क्या करेंगे….,।’ मशहूर सिंगर के.एल. सहगल एक रोज फिल्मी गाने सुन रहे थे। तभी रेडियो पर गाना बजा- ‘जब दिल ही टूट गया, हम जी कर क्या करेंगे…’। गाना सुनते ही सहगल बोल पड़े- ‘जब मेरी मौत हो, तो मेरी अंतिम यात्रा में यही गाना बजना चाहिए।’ 18 जनवरी 1947 को जब के.एल. सहगल का निधन हुआ, तो उनकी आखिरी विदाई में यही गीत बजा। शाहजहां से बतौर लिरिसिस्ट करियर की शुरुआत करने वाले मजरूह सुल्तानपुरी ने आगे नाटक (1947), डोली (1947), अंजुमन (1948) जैसी कई फिल्मों के गाने लिखे। हालांकि उन्हें असल पहचान महबूब खान की फिल्म अंदाज (1949) से मिली। फिल्म में नरगिस, दिलीप कुमार और राज कपूर पर फिल्माए गए सभी गाने मजरूह सुल्तानपुरी ने ही लिखे। नेहरू जी के खिलाफ लिखने पर हुई जेल 1949 में मजरूह सुल्तानपुरी मजदूर आंदोलन में पहुंचे। मंच पर उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ‘हिटलर का चेला’ कहते हुए एक कविता पढ़ी- मन में जहर डॉलर के बसा के, फिरती है भारत की अहिंसा। खादी की केंचुल को पहनकर, ये केंचुल लहराने न पाए। ये भी है हिटलर का चेला, मार लो साथी जाने न पाए। कॉमनवेल्थ का दास है नेहरू, मार लो साथी जाने न पाए। तत्कालीन गवर्नर मोरारजी देसाई के कहने पर आंदोलन में शामिल एक्टर बलराज साहनी और अन्य लोगों के साथ मजरूह सुल्तानपुरी को भी ऑर्थर रोड जेल में डाल दिया गया। जेल में मजरूह सुल्तानपुरी के सामने साफ विकल्प रखा गया- ‘माफी मांगो या दो साल जेल में रहो।’ मजरूह ने माफी मांगने के बजाय जेल जाना चुना। उनकी कलम सत्ता के सामने झुकने को तैयार नहीं थी। उन्होंने दो साल की सजा काटी। इतना ही नहीं, आगे भी ऐसे कई मौके आए, जब उनकी कविताओं और उनके विचारों की कीमत उन्हें जेल जाकर चुकानी पड़ी। जब मजरूह जेल में बंद थे तब उनकी पहली बेटी हुई। परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इस दौरान मजरूह सुल्तानपुरी ने जेल में रहते हुए कुछ फिल्मों में गीत लिखने की हामी भरी और उनसे मिले पैसे परिवार को पंहुचा दिए। मजरूह 2 साल बाद 1951 के करीब जेल से बाहर आए। मजरूह ने लगभग 350 फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं। उन्होंने आमिर खान स्टारर कयामत से कयामत तक, जो जीता वही सिकंदर, अकेले हम अकेले तुम से लेकर दिल आशना है, अंदाज अपना अपना, खामोशी, दरार, जानम समझा करो, क्या कहना और पुकार जैसी फिल्मों के गाने लिखे। उन्होंने आखिरी बार शाहरुख खान स्टारर फिल्म वन टू का फोर के लिए गाने लिखे, जो उनके निधन के बाद रिलीज हुआ। इस फिल्म का गाना ‘खामोशियां गुनगुनाने…,’ लगीं काफी हिट रहा था। मजरूह सुल्तानपुरी ने अपने करियर में 8 हजार से ज्यादा गाने लिखे हैं। जिसमें से ज्यादातर गाने हिट रहे हैं। मजरूह पहले गीतकार हैं जिन्हें 1993 में दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया है। 24 मई 2000 को उनका लंग्स संबंधित दिक्कतों के चलते 80 साल की उम्र में निधन हो गया। मजरूह की याद में सुल्तानपुर में एक बगीचा बनाया गया जिसका नाम रखा गया मजरूह सुल्तानपुरी उद्यान। सुल्तानपुर में एंट्री के रास्ते में ही उनके नाम का गेट भी बनाया गया है।
'डायन भाभी' बनकर आईं यामी गौतम, मजेदार है 'नई नवेली' का ट्रेलर
यामी गौतम की फिल्म नई नवेली का ट्रेलर 30 सितंबर को रिलीज हो गया है, जो एक अनोखे पारिवारिक रहस्य और धमाकेदार एक्शन से भरपूर है. फिल्म में यामी गौतम एक नई बहू के किरदार में हैं, जो एक अतरंगी परिवार की कहानी को दर्शाती है.
दिनेश विजन ने 'स्त्री 3' की रिलीज डेट का खुलासा किया है। यह फिल्म निर्देशक अमर कौशिक की 'महावतार' पूरी होने के बाद रिलीज होगी।
यामी गौतम की आगामी फिल्म 'नई नवेली' का ट्रेलर जारी हो गया है, जिसमें वह अवस्थी परिवार की 'परफेक्ट बहू' मोहिनी के रहस्यमय किरदार में हैं।
विशाल जेठवा और अनीत पड्डा अभिनीत फिल्म 'शक्ति शालिनी' की रिलीज डेट पर संशय बना हुआ है।
अंकित से शादी, नमिक से हुकअप और... Priyanka Chahar Choudhary का रैपिड फायर हुआ वायरल
प्रियंका चाहर चौधरी और अंकित गुप्ता कभी टीवी की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में शामिल थे। दोनों जब बिग बॉस में साथ नजर आए तो फैंस ने उनकी बॉन्डिंग को खूब पसंद किया। हालांकि, पिछले साल दोनों के ब्रेकअप की खबर सामने आने के बाद उनके चाहने वाले निराश हो गए थे। अब ब्रेकअप के बाद प्रियंका चाहर चौधरी ने पहली बार अंकित गुप्ता को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने एक बार फिर दोनों के फैंस का ध्यान खींच लिया है। हालांकि, प्रियंका ने भविष्य में दोनों के साथ आने को लेकर भी अपनी बात साफ कर दी। शादी के लिए अंकित गुप्ता को चुना प्रियंका चाहर चौधरी इन दिनों ‘राइज एंड फॉल’ सीजन 2 में नजर आ रही हैं। वह पहले हफ्ते में 4 लाख रुपये की राशि पाकर रूलर बनी हैं। इसी बीच बालाजी टेलीफिल्म्स के पॉडकास्ट ‘ऑनेस्टली वाय नॉट’ में उनका एक बयान चर्चा में आ गया है। पॉडकास्ट में प्रियंका के साथ ‘किल, मैरी और हुकअप’ का रैपिड फायर खेला गया। इसमें उन्हें अभिषेक मल्हान, नमिक पॉल और अंकित गुप्ता में से चुनाव करना था। प्रियंका ने अभिषेक मल्हान को ‘किल’, नमिक पॉल के साथ ‘हुकअप’ और अंकित गुप्ता से शादी करने का विकल्प चुना। प्रियंका ने अपने चुनाव की वजह भी बताई। उन्होंने कहा, “मैं अभिषेक को किल करना चाहूंगी, क्योंकि उससे मेरा थोड़ा झगड़ा चल रहा है। हुकअप मैं अपने को स्टार नमिक पॉल के साथ करुंगी, क्योंकि मैं उनको नाराज नहीं कर सकती। शादी मैं अंकित से करुंगी, क्योंकि वह मैरिज मटीरियल हैं।” इसे भी पढ़ें: Baby Girl On The Way... Alanna Panday और Ivor McCray के घर आएगी बेटी अंकित से ब्रेकअप पर क्या बोलीं प्रियंका? अंकित को ‘मैरिज मटीरियल’ बताने के बाद प्रियंका से पूछा गया कि क्या उन्हें एक्टर से ब्रेकअप का कोई पछतावा है। इस पर ‘नागिन’ एक्ट्रेस ने कहा, “मुझे मेरी जिंदगी में किसी भी चीज का पछतावा नहीं है, जो निर्णय मैंने लिया है, वह मेरे लिए अच्छा है।” इसके बाद उनसे पूछा गया कि क्या वह भविष्य में अंकित गुप्ता के साथ दोबारा रिश्ते में आने के बारे में सोच सकती हैं। इस सवाल पर प्रियंका ने साफ कहा, “एक्स को एक्स ही रहने दो।” इसे भी पढ़ें: Paris Fashion Week 2026 में छाईं Aishwarya Rai अब मुंबई लौटीं, एयरपोर्ट पर स्माइल से जीता दिल ‘उड़ारियां’ के सेट पर हुई थी पहली मुलाकात प्रियंका चाहर चौधरी और अंकित गुप्ता की पहली मुलाकात सरगुन मेहता के शो ‘उड़ारियां’ में हुई थी। यहीं से दोनों की करीबी दोस्ती शुरू हुई। इसके बाद ‘बिग बॉस 16’ में दोनों साथ नजर आए और उनकी बॉन्डिंग और भी मजबूत होती दिखाई दी। दोनों के ब्रेकअप की खबर तब सामने आई, जब प्रियंका और अंकित ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया था।
मुकेश खन्ना ने नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के एक्शन सीन्स और राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' के बजाय एक्शन सुपरस्टार के रूप में दिखाने की आलोचना की है।
20 बार बदला गया था Aamir Khan के गाने का 'मुखड़ा', 36 सालों से उदित नारायण की आवाज में है अमर
36 साल पहले अभिनेता आमिर खान का एक ऐसा गाना रिलीज किया गया था, जिसके मुखड़े को 20 बार बदला गया था।
वासु भगनानी हॉस्पिटल में भर्ती, इनकम टैक्स की छापेमारी के बीच बिगड़ी तबीयत
प्रोड्यूसर वासु भगनानी को लंदन के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. जब उनकी तबीयत के बारे में परिवार वालों से पूछा गया तब उन्होंने प्राइवेसी का हवाला देते हुए कुछ भी बताने से इनकार कर दिया.
एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जयपुर में अपने डांस के कारण चर्चा में हैं। जयपुर में उनके डांस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कुछ यूजर्स ने ट्रोल (मजाक उड़ाना) लिया था। इस पर ममता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर कड़ा जवाब दिया है। ममता ने अपनी पोस्ट में लिखा- अच्छा है उस वक्त इंस्टाग्राम नहीं था, जब श्रीकृष्ण गोपियों के साथ रास करते थे। ये उनको भी दिखाते और कहते कि ये कैसा भगवान जो नाचता है। उस रास में महादेव भी पहुंचे थे, दाढ़ी और मूंछो के साथ। यहां देखिए डांस से जुड़े फोटोज जयपुर में अपने ही हिट गानों पर थिरकी थीं ममता राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का 14वां संस्करण 26 सितम्बर को जयपुर के दीप स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ था। समारोह में ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी दौरान जब उनकी फिल्मों के लोकप्रिय गाने बजाए गए तो ममता ने कुछ स्टेप पर डांस भी किया। वहीं एक दिन पहले भी उन्होंन इसी फेस्टिवल में स्टूडेंट्स के साथ डांस परफॉर्म किया था। उनकी प्रस्तुति में ‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘करण अर्जुन’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’, ‘भंगड़ा पाले’, सबसे बड़ा खिलाड़ी फिल्म का ‘भोली भाली लड़की’ जैसे गीत शामिल रहे। ममता ने विद्यार्थियों के साथ इन गानों पर डांस किया। प्रस्तुति के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और इसके बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। डांस के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा ममता की इस प्रस्तुति की एक वजह यह भी रही कि पिछले कुछ समय से उनकी सार्वजनिक पहचान उनके फिल्मी दौर के बजाय आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी रही हैं। ऐसे में जब वह अचानक अपने 90 के दशक के गानों पर उसी अंदाज में डांस करती नजर आईं तो सोशल मीडिया पर उनके पुराने फिल्मी अवतार की चर्चा शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने उनके डांस को उनके मौजूदा आध्यात्मिक जीवन से जोड़कर प्रतिक्रिया दी। इसी माहौल के बीच ममता की इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आई। पोस्ट में उन्होंने सीधे किसी व्यक्ति या टिप्पणी का नाम नहीं लिया, बल्कि श्रीकृष्ण के गोपियों के साथ रास का उदाहरण देते हुए यह सवाल उठाया कि अगर उस समय सोशल मीडिया का दौर होता तो उस प्रसंग को भी लोग अपनी-अपनी नजर से देखते और सवाल उठाते। ये भी पढ़ें… जयपुर- फिल्म 'करण अर्जुन’ के गाने पर नाचीं ममता कुलकर्णी:कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ किया डांस, बोलीं- डांस और एक्टिंग मनोरंजन नहीं साधना है
सुपरस्टार रजनीकांत अपनी अपकमिंग फिल्म 'धर्मन' की शूटिंग के लिए मैसूर पहुंचे हैं। यहां शूटिंग सेट पर वह सादगी भरे अंदाज में ऑटो-रिक्शा में बैठकर पहुंचे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। ऑटो से उतरने के बाद रजनीकांत ने वहां मौजूद फैंस का अभिवादन किया। अश्वथ मारिमुथु के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को कमल हासन की कंपनी राज कमल फिल्म्स इंटरनेशनल और टरमरिक मीडिया के आर महेंद्रन मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस बीच रजनीकांत की एक और फिल्म 'जेलर 2' भी 15 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। जून में सामने आया था पहला लुक, डॉक्टर के रोल में दिखेंगे फिल्म 'धर्मन' में रजनीकांत के किरदार का पहला पोस्टर इसी साल जून में जारी किया गया था। पोस्टर में रजनीकांत अपने ट्रेडमार्क सनग्लासेस पहने और हाथ में खून से सना सर्जिकल चाकू (स्केल्पल) थामे नजर आए थे। इसके बैकग्राउंड में एक ऑपरेटिंग थिएटर दिखाया गया था। फिल्म में रजनीकांत एक डॉक्टर की भूमिका में हैं। उनके साथ सिमरन बग्गा, राशी खन्ना और योगी बाबू भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म से अलग हो चुके दो डायरेक्टर 'धर्मन' की शुरुआत से अब तक इसके डायरेक्शन डिपार्टमेंट में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। साल 2025 में जब इस प्रोजेक्ट का ऐलान हुआ था, तब सुंदर सी. को डायरेक्टर के तौर पर चुना गया था। हालांकि कुछ कारणों से उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इसके बाद 'डॉन' फेम डायरेक्टर सिबी चक्रवर्ती ने कमान संभाली और प्री-प्रोडक्शन का काम पूरा किया। बाद में वे भी बिना किसी स्पष्ट कारण के फिल्म से अलग हो गए। आखिरकार अश्वथ मारिमुथु को फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी सौंपी गई। 15 अक्टूबर को रिलीज होगी 'जेलर 2' 'धर्मन' की शूटिंग के साथ ही रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' भी रिलीज की तैयारी में है। यह फिल्म 15 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। साल 2023 की ब्लॉकबस्टर 'जेलर' के इस सीक्वल का निर्देशन नेल्सन दिलीपकुमार कर रहे हैं। फिल्म में रजनीकांत एक बार फिर रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में दिखाई देंगे। इस बार कहानी में वे बदला लेने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट से टकराते नजर आएंगे। विद्या बालन समेत कई दिग्गज कलाकार शामिल 'जेलर 2' में पहली फिल्म के कलाकार राम्या कृष्णन और योगी बाबू अपनी भूमिकाएं दोहरा रहे हैं। वहीं इस सीक्वल में विद्या बालन, एस.जे. सूर्या, सूरज वेंजारामूडु, विजय सेतुपति और मिथुन चक्रवर्ती जैसे दिग्गज कलाकारों की नई एंट्री हुई है। इसके अलावा फिल्म में मोहनलाल, शिवा राजकुमार, जैकी श्रॉफ और ऋतिक रोशन के भी कैमियो रोल में नजर आने की खबर है। ये खबर भी पढ़ें सलमान ने पैपराजी से कर ली सुलह:कुछ घंटे पहले नजरअंदाज किया, फिर दिए पोज; ऐश्वर्या ने पैप्स के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं सलमान खान मंगलवार देर रात मुंबई के एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो के बाहर स्पॉट किए गए। टीवी शो बिग बॉस में पैपराजी की आलोचना के बाद उन्होंने पहली बार रुककर फोटोग्राफर्स को पोज दिए। पूरी खबर पढ़ें
मानव कौल ने वेब सीरीज 'रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब' के एमी अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन पर खुशी जताई। उन्होंने भारतीय कंटेंट की वैश्विक पहुंच, कश्मीर की अनकही कहानियों और 'त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर' के दूसरे सीजन पर बात की।
फिल्म 'थानेदार' का एक सुपरहिट गाना बप्पी लहरी ने गाया था। इस गाने में माधुरी दीक्षित के साथ संजय दत्त की जोड़ी नजर आई थी।

