Nana Patekar Funeral And Last Rites Videos:
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर 2026 को अभिनेता के निधन की खबर सामने आने के बाद से ही उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी है। इस बीच गोवा पुलिस ने उनकी मौत के ...
'मरते-मरते भी मुझे परेशान कर गया', नाना के लिए बोलीं तनुश्री
नाना पाटेकर के निधन के बाद तनुश्री दत्ता ने उन्हें 'Evil Dead' कहा, जिससे विवाद और ट्रोलिंग शुरू हो गई. उन्होंने इंस्टाग्राम वीडियो में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और मीटू मूवमेंट के बाद हुई परेशानियों का खुलासा किया.
जब शाहरुख खान को जाना पड़ा था जेल, तब नाना पाटेकर ने की थी मदद, सालों पुराना किस्सा फिर चर्चा में
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के रिश्ते में सिर्फ फिल्मी जान-पहचान नहीं, बल्कि अपनापन भी रहा है। नाना पाटेकर के निधन के बाद शाहरुख से जुड़ा एक पुराना किस्सा फिर चर्चा में है। यह उस दौर का वाकया है, जब एक पत्रकार से विवाद ...
संतोष दावखर द्वारा लिखी और डायरेक्ट की गई फिल्म 'गोंधल', एक बेहद इंटेंस मराठी फोक-थ्रिलर है। इस फिल्म की कास्ट की बात करें तो इसमें किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी और निषाद भोईर जैसे टैबेहद टैलेंटेड एक्टर्स अहम भूमिकाओं में हैं। वहीं, फिल्म की ...
एक्ट्रेस कटरीना कैफ ने डिलीवरी के बाद लुक को लेकर हुईं ट्रोलिंग पर जवाब दिया है। उन्होंने ट्रोलिंग से अपनी सेल्फ-वर्थ को बचाकर रखने की सलाह दी है। यूके में अपने कॉस्मेटिक ब्रांड की सालगिरह के कार्यक्रम के दौरान कटरीना ने कहा कि दूसरों की बातों पर ध्यान देने से खुद के फैसले लेने की क्षमता प्रभावित होती है। 43 साल की कटरीना ने कहा कि जिंदगी के हर दौर में खुद को स्वीकार करना जरूरी है। दूसरों की सुनते रहेंगे तो जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। कटरीना कैफ का यह बयान उनके पोस्टपार्टम लुक को लेकर सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के एक महीने बाद आया है। हाल ही में मां बनीं कटरीना को अंबानी परिवार के गणेश चतुर्थी उत्सव में उनके बढ़े हुए वजन के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था। 'ऑनलाइन चल रही बातों को हावी ना होने दें' कटरीना कैफ ने कहा कि सोशल मीडिया पर हर किसी की अपनी राय होती है। ऐसे में ऑनलाइन चल रही बातों को अपने आत्मसम्मान पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप हर इंसान की राय के हिसाब से चलने लगेंगे, तो अपने लिए फैसले लेने की क्षमता खो देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार दुनिया आपका जश्न मनाती है और कई बार आपको खुद ही अपना सबसे बड़ा सपोर्टर बनना पड़ता है। 'दूसरों की सुनने से आगे बढ़ना मुश्किल होगा' कटरीना ने आगे बताया कि लगातार दूसरों की बातों पर प्रतिक्रिया देने से इंसान खुद को आगे बढ़ाने में असमर्थ महसूस कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वे हर आलोचना या टिप्पणी को अपने फैसलों पर हावी होने देतीं, तो जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पातीं। उनके मुताबिक, आत्मविश्वास और खुद को देखने का जरिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कुछ दिन बहुत अच्छे होते हैं और कुछ दिनों में खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जिंदगी के हर पड़ाव को स्वीकारना जरूरी कटरीना कैफ ने इस बात पर जोर दिया कि इंसान को मौजूदा वक्त में अपनी असल पहचान के साथ रहना चाहिए। व्यक्तिगत सुधार और बदलाव एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने सलाह दी कि खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने की बजाय जिंदगी के उतार-चढ़ाव को सामान्य तरीके से स्वीकार करना चाहिए। अपनी भावनाओं और हालातों में आने वाले बदलावों को समझना ही खुद के साथ सहज होना सिखाता है। कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के थे। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि कटरीना को ट्रोल किया गया। उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। नवंबर 2025 में दिया बेटे को जन्म कटरीना कैफ ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, ‘हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की।’ अब तक कपल ने बेटे की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है।ये खबर भी पढ़ें मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। पूरी खबर पढ़ें
नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए अमिताभ बच्चन, KBC के सेट से सामने आया इमोशनल वीडियो
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक हुए निधन से पूरा देश और बॉलीवुड स्तब्ध है। नाना ने 75 वर्ष की उम्र में गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राज्य सम्मान के साथ किया गया।
नाना पाटेकर की मौत पर मुस्कुराकर बोलीं तनुश्री- 'जो गुजर गया वो गुजर गया... 5 साल बहुत झेला..'
Tanushree Dutta On Evil Dead:
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन से पूरा देश और हिंदी सिनेमा जगत शोक में डूबा हुआ है। हर कोई नाना को याद कर इमोशनल हो रहे हैं। वहीं अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने एक्टर के निधन पर अलग ही रिएक्शन दिया है, जिसने कईयों को चौंका दिया है।
'मेरे साथ सोना पड़ेगा', बूढ़े डायरेक्टर ने रखी डिमांड, डरी एक्ट्रेस
नीति टेलर ने कहा कि साउथ के एक डायरेक्टर ने उनसे भद्दी डिमांड की थी. जिसके बाद एक्ट्रेस ने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था.
नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली, दोस्ती का सुनाया अनसुना किस्सा
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से देशभर में शोक की लहर है। एक्टर का बीते दिन 75 वर्ष की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया है। नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार पुणे के पास डोनजे स्थित उनके फार्महाउस पर राजकीय सम्मान ...
गोवा पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में मेडिको-लीगल 'अप्राकृतिक मौत' (UD) का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके चलते पुलिस केस दर्ज करना जरूरी था। वहीं, पुणे के फार्महाउस में देर रात हुए अंतिम संस्कार को लेकर बेटे मल्हार पाटेकर ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि गोवा से पार्थिव शरीर लाने में देरी होने और सुबह ही निधन हो जाने के कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गोवा पुलिस ने BNS की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया है और पीएसआई नितिन नाइक इसकी जांच कर रहे हैं। पणजी में दर्ज केस की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित ओशन पार्क से मणिपाल अस्पताल, बांबोलिम लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों की जांच करेगी। अस्पताल ने कहा- मृत लाया गया था, कार्डियक अरेस्ट की आशंका मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत अवस्था में ही लाया गया था। इसी वजह से नियमानुसार पुलिस केस दर्ज कराना पड़ा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेजा गया। डॉक्टर के मुताबिक प्राथमिक तौर पर यह कार्डियक अरेस्ट का मामला लगता है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर पहले से दिल की बीमारी के मरीज थे और उनका इलाज चल रहा था। बेटे मल्हार ने बताई देर रात अंतिम संस्कार की वजह समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बेटे मल्हार पाटेकर ने देर रात अंतिम संस्कार करने की वजह बताई। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन मल्हार ने कहा कि परिवार गोवा में था और पार्थिव शरीर को पुणे स्थित गांव के फार्महाउस लाने में समय लग गया। चूंकि निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने गुरुवार को ही इसे संपन्न करने का निर्णय लिया। पिता का विजन और 'नाम फाउंडेशन' का काम रहेगा जारी मल्हार पाटेकर ने कहा कि नाना साहब जैसे इंसान अपनी उपलब्धियों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में 'नाम फाउंडेशन' के जरिए चल रहे सामाजिक काम बंद नहीं होंगे। इस संबंध में उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात हुई है और यह काम सीईओ गणेश थोरात की देखरेख में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पुणे के फार्महाउस में 3-गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने उन्हें 3-गन सैल्यूट दिया। इस दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला समेत कई फिल्मी हस्तियां और राजनेता शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
'5 साल बहुत झेला है', नाना पर क्यों किया कमेंट? तनुश्री की सफाई
नाना पाटेकर की मौत के बाद तनुश्री दत्ता ने इसे 'ईवल डेड' कहकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने अपने पिछले पांच वर्षों की परेशानियों का जिक्र किया.
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (75) का बृहस्पतिवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन से पूरा देश और भारतीय फिल्म उद्योग शोक में डूब गया है। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने करीबी मित्र और सह-कलाकार नाना पाटेकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी बेबाकी, सादगी और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को याद किया। इसे भी पढ़ें: गुजरात में अवैध दवा कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक! वडोदरा और सूरत में 4 कंपनियों पर गाज, 2 के लाइसेंस परमानेंट रद्द बच्चन ने पाटेकर को ‘‘अद्वितीय कलाकार’’, मित्र, शुभचिंतक और असाधारण समाजसेवी बताया। उन्होंने कहा कि पाटेकर का निधन न केवल भारतीय फिल्म उद्योग, बल्कि उन सभी लोगों के लिए क्षति है, जो उन्हें जानते थे। अपने मशहूर शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के ताजा एपिसोड में बच्चन ने कहा कि पाटेकर के सामाजिक कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘नाना, आपको व्यक्तिगत श्रद्धांजलि। आपकी कला को सादर नमन, जिसे आपने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ जिया।’’ बच्चन ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 16वें संस्करण में पाटेकर की उपस्थिति को भी याद किया, जहां अभिनेता ने एक विशेष एपिसोड में हिस्सा लिया था और अपनी जीती हुई राशि सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दी थी। अभिनेता नाना पाटेकर का महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित उनके फार्महाउस में बृहस्पतिवार रात पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पाटेकर (75) का आज सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया था। इसे भी पढ़ें: हूती लड़ाकों के हमले के बाद रियाद की उड़ानें ठप: एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने 10 अक्टूबर तक रद्द कीं फ्लाइट्स पूरे राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार सुबह गोवा के डोना पाउला स्थित आवास पर अचानक तबियत बिगड़ने के बाद नाना पाटेकर का निधन हो गया था। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पुणे लाया गया, जहाँ महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित उनके फार्महाउस (डोंजे गांव) पर बृहस्पतिवार रात पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। अंतिम यात्रा में बॉलीवुड के कई जाने-माने सितारों, राजनेताओं और प्रशंसकों ने उपस्थित होकर उन्हें अंतिम विदाई दी।
'मौत के लिए तैयार थे नाना, इकट्ठी की थी लकड़ियां', देखकर शॉक्ड था दोस्त
नाना पाटेकर के निधन और अंतिम संस्कार के बाद अतुल कस्बेकर ने उनका एक पुराना किस्सा सुनाया. नाना ने अपने अंतिम संस्कार की लकड़ियां पहले ही सुखाकर रखी थीं, ताकि धुएं से लोग न रोएं.
एक तरफ ‘स्ट्रीट फाइटर’ की दुनिया, दूसरी तरफ हॉलीवुड के बड़े-बड़े नाम और इनके बीच भारत का एक ऐसा एक्टर, जिसने अपनी पहचान किसी फिल्मी खानदान या स्टारडम से नहीं, बल्कि अपनी बॉडी, ब्रीदिंग और मार्शल आर्ट्स से बनाई। विद्युत जामवाल अब धलसिम बनकर ग्लोबल स्क्रीन पर उतर रहे हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि विद्युत इस किरदार को कोई बहुत बड़ा चैलेंज मानते ही नहीं। उनके लिए ढालसिम का मिलना कुछ ऐसा था, जैसे किस्मत ने दरवाजा खटखटाया और उन्होंने बस दरवाजा खोल दिया। लास वेगास में गायत्री मंत्र से लेकर जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स के साथ बिताए 45 दिनों तक, धलसिम के गंजे लुक से लेकर टाइगर श्रॉफ के साथ आने वाली फिल्म तक- विद्युत ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कई ऐसी बातें कहीं, जिनमें उनका एक्शन स्टार वाला अंदाज भी है और जिंदगी को देखने का बिल्कुल अलग नजरिया भी। सवाल: जब ‘स्ट्रीट फाइटर’ के धलसिम का ऑफर आया तो क्या लगा- ‘ये किरदार तो मेरे लिए ही बना है’ या फिर सामने एक बड़ा चैलेंज दिखा? जवाब: चैलेंज तो बिल्कुल नहीं लगा। डायरेक्टर ने मुझे फोन किया तो उन्होंने मेरे बारे में पूरी रिसर्च की हुई थी। उन्हें पता था कि मैं कौन हूं और मैं इस किरदार के साथ क्या कर सकता हूं। वो कॉल ही बहुत बेहतरीन था। मुझे लगा कि किस्मत बहुत अच्छी चीज है। आप बस थम जाइए, चीजें अपने आप आपके पास पहुंचती रहेंगी। मेरे लिए शायद यही फॉर्मूला काम कर गया। उन्हें दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स की तलाश थी और उन्होंने मुझे तलाश लिया। योग और कलरीपायट्टु का जो मिश्रण इस किरदार में है, वो मेरे लिए कमाल था। सवाल: धलसिम और विद्युत में सबसे बड़ा फर्क क्या है और सबसे बड़ा कनेक्शन क्या है? जवाब: फर्क ये है कि धलसिम बाल-बच्चों वाला आदमी है। उसकी पत्नी है, बच्चे हैं। लेकिन हम दोनों में एक खूबी बहुत मिलती है- वो दूसरों के लिए लड़ता है, अपने लिए नहीं। मेरे लिए भी लड़ाई के पीछे कोई मकसद होना चाहिए। कोई कारण नहीं है तो लड़ने की जरूरत ही क्या है? सवाल: धलसिम के किरदार में आपका योग, मेडिटेशन, ब्रीदिंग और कंट्रोल भी दिखाई देता है। क्या आपको लगता है कि आज के युवाओं को भी इन चीजों की जरूरत है? जवाब: यूथ को जो करना है, वो करना चाहिए। उन्हें जो फॉलो करना है, वो करें। वो होशियार हैं, समझदार हैं। सवाल: लेकिन आज की जनरेशन के आसपास इतना शोर है कि खुद पर कंट्रोल रखना मुश्किल है। ऐसे में वो दुनिया में भारत का नाम कैसे रोशन करेंगे? जवाब: शायद ये चीजें उनमें नहीं होंगी, तभी तो वो दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। हमसे पुरानी पीढ़ियां इन्हीं चीजों को पाने के चक्कर में काफी समय लगा चुकी हैं। आज की जनरेशन बहुत उम्दा है। इनके दिमाग अलग हैं, इनकी सोच अलग है। हमारा सिर्फ एक काम है- इनकी सोच को मत रोको। इन्हें उड़ने दो। अगर आपके बच्चे हैं तो उनसे कहिए- ‘तुम जो करना चाहते हो करो, मैं संभाल लूंगा।’ बस इतना याद रखना कि कुछ चीजें दायरे में की जाती हैं। और वो दायरा ये बच्चे जानते हैं। सवाल: आप योग, कलरीपायट्टु, ब्रीदिंग और खुद को जानने की बात करते हैं। असल में यूथ को इनमें से क्या सीखना चाहिए? जवाब: हमने इन सबको अलग-अलग नाम दे दिए हैं- डिसिप्लिन, योग वगैरह। असल में ये सिर्फ खुद को जानने की कोशिश है। आप योग से खुद को जानें, मार्शल आर्ट्स से जानें, आर्ट से जानें या कुकिंग से। बस खुद को जानने की कोशिश रुकनी नहीं चाहिए। आप खुद को जितना जान जाएंगे, किसी को कुछ समझाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योग इसलिए अच्छा माध्यम है क्योंकि वो आपको बेसिक्स सिखाता है- आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार। कैसे सांस लेनी है, कैसे बैठना है, कैसे चलना है। जिसे सही चलना और बैठना आ गया, वो सही सोचना भी सीख सकता है। सवाल: लास वेगास में ट्रेलर लॉन्च के दौरान आपने गायत्री मंत्र, सूर्य और चंद्र का पाठ किया। वहां मौजूद हॉलीवुड सितारे आपको देखते रह गए। उस वक्त आपके दिमाग में क्या चल रहा था? जवाब: दरअसल, मैं पहला आदमी था जिसे माइक दे दिया गया था। मुझे लगा कि जब डर लगे तो गायत्री मंत्र का जाप कर लेना चाहिए। गायत्री मंत्र हो गया तो लगा कि अब सूर्य चालीसा भी पढ़ लो और फिर चंद्र भी कर ही लो! लेकिन जिस तरह वहां पूरा माहौल शांत हो गया, वो बहुत अच्छा था। कई चीजों को भाषा की जरूरत नहीं होती। वो सिर्फ एक एहसास होता है। इन मंत्रों में वो शक्ति है जो आपको शांत कर देती है। वहां बैठे हर आदमी के अंदर एक शांति आ गई थी। बहुत अच्छी फीलिंग थी। सवाल: जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स जैसे बड़े नाम एक ही सेट पर हों तो क्या वहां स्टारडम का माहौल रहता था? जवाब: फनी या सीरियस जैसा कुछ नहीं था। सब दिग्गज हैं। 50 सेंट, रोमन रेंस, जेसन मोमोआ, कोडी रोड्स- इनके साथ बैठना और नॉर्मल बातें करना बहुत सहज था। आपने जिंदगी में क्या किया है, वो अलग बात है और आप असल में क्या हैं, वो अलग चीज है। आप जैसे हैं वैसे रहें तो सब सही रहता है। कभी मजाक हुआ तो सब हंसे। सब कुछ बहुत नॉर्मल था। सवाल: इंडिया को लेकर भी इन सितारों से बातचीत हुई? जवाब: ये लोग इंडिया कई बार आ चुके हैं और इंडियंस को जानते हैं। रोमन रेंस को इंडिया बहुत पसंद है। उसके मुताबिक डब्ल्यूडब्ल्यूई की असली ऑडियंस इंडिया ही है। उसने यहां का पागलपन देखा है। कोडी की इंडिया आने की दिली तमन्ना है। 50 सेंट ने इंडिया में कई शोज किए हैं। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी बात ये थी कि मैं एक ऐसे मार्शल आर्टिस्ट को रिप्रेजेंट कर रहा था जिसने इस पारंपरिक कला में काम किया है। उनके साथ 45 दिन बिताने के बाद इंसान की असलियत दिख जाती है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि दुनिया में हर इंडियन मार्शल आर्टिस्ट की कद्र होगी। सवाल: धलसिम के गंजे लुक पर घरवालों और दोस्तों का क्या रिएक्शन था? जवाब: मैं तो हैरान हूं कि सबको गंजे आदमी पसंद आ रहे हैं! मैं अपने सभी गंजे दोस्तों से कह रहा हूं- ‘तुम लोग बाल क्यों उगा रहे हो?’ जो गेमर्स हैं, वो जानते हैं कि ढालसिम के बाल नहीं हो सकते क्योंकि वो योगी है। जो गेमर्स नहीं हैं, उन्हें सिर्फ एंटरटेनमेंट दिख रहा है। किसी ने बहुत प्यारा कमेंट किया- ‘क्यूट लग रहे हो।’ मुझे समझ नहीं आया कि गंजा आदमी क्यूट कैसे लग सकता है, लेकिन लोगों ने कहा तो ठीक है! सवाल: हर फिल्म के साथ फैंस की उम्मीदें बढ़ती हैं। क्या इसका दबाव महसूस होता है? जवाब: कोई जिम्मेदारी नहीं है। जिम्मेदारी आपकी खुद की तरफ होती है कि आप सही काम करें, खुश रहें और खुद को निखारते रहें। शूटिंग के दौरान भी मैं यही सोचता था कि मैं अपनी मार्शल आर्ट्स की वजह से यहां तक पहुंचा हूं। अब ये इम्तिहान का वक्त है और मुझे अपना बेस्ट देना है। बस यही जिम्मेदारी थी। सवाल: टाइगर श्रॉफ के साथ आपकी अगली फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। दोनों साथ आए तो स्क्रीन पर क्या होने वाला है? जवाब: टाइगर और मैं अभी एक फिल्म पर काम कर रहे हैं। उसे जानने के बाद पता चला कि हम दोनों में जो क्षमता है, जब वो फिल्म आएगी तो सच में कमाल होगा। आज तक हमें कोई ऐसा डायरेक्टर नहीं मिला जो हम दोनों को हमारी काबिलियत से भी आगे ले जा सके। इसलिए मैं इस जोड़ी को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं।
मुंबई की एक स्कूल गर्ल ने 13-14 साल की उम्र में फिल्म साइन की थी। शायद उन्हें भी नहीं पता था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यह फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा। शुरुआत आसान नहीं थी। पहली फिल्म नहीं चली, साउथ में नई भाषा और माहौल से जूझना पड़ा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक सीन करने में असहजता जताने पर फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया। सेट पर उनके सामने कहा गया- ‘हीरोइन बदल दो।’ लेकिन तमन्ना पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपनी सीमा से समझौता नहीं किया और उस घटना को आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दिया। हैप्पी डेज और कल्लूरी से पहचान मिली, अयान और ‘100 प्रतिशत लव’ ने उन्हें मजबूत अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। 2015 की बाहुबली: द बिगिनिंग ने उन्हें देशभर के दर्शकों तक पहुंचा दिया। दो दशक से ज्यादा के करियर के बाद तमन्ना सफलता को अवॉर्ड या किसी एक ब्लॉकबस्टर से नहीं, बल्कि लगातार काम और नए किरदार निभाने के मौकों से जोड़ती हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में तमन्ना भाटिया के करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें 13 साल की उम्र में साइन की पहली फिल्म तमन्ना भाटिया का जन्म 21 दिसंबर 1989 को मुंबई में सिंधी मूल के पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता संतोष भाटिया डायमंड मर्चेंट हैं। उनकी परवरिश और पढ़ाई-लिखाई मुंबई में हुई। तमन्ना 13 साल की उम्र से पृथ्वी थिएटर से जुड़ गई थीं और स्टेज परफॉर्म किया करती थीं। एक्टिंग के हुनर से उन्होंने कम उम्र में पहचान बना ली थी। 2005 में उन्होंने हिंदी फिल्म ‘चांद सा रोशन चेहरा’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म साइन करते वक्त उनकी उम्र करीब 13.5 साल थी। प्रमोशन के दौरान वह 15 साल की थीं और दसवीं की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। इसके बाद तमन्ना के लिए काम पाना मुश्किल हो रहा था। करियर में बड़े बदलाव के लिए उन्होंने साउथ सिनेमा का रुख किया। डायरेक्टर-प्रोड्यूसर का कहना था- तुम लड़कों जैसे चलती हो। करियर के शुरुआती दिनों के बारे में तमन्ना ने कहा था कि उन्हें इंडस्ट्री में आए ज्यादा समय नहीं हुआ था। तब एक डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था- तुम एक्ट या डांस लड़कों से जैसे करती हो। अपने एक्ट में लड़कियों जैसी लचक लाओ। तमन्ना ने आगे कहा था- मैं तब भी लड़कियों जैसी ही चलती थी, लेकिन उनके कहने के बाद मैंने और मेहनत की। हिंदी फिल्म नहीं चली तो साउथ में शुरू हुआ असली संघर्ष 2005 में तमन्ना ने तेलुगु फिल्म श्री से साउथ सिनेमा में एंट्री की और 2006 में तमिल फिल्म केडी में नजर आईं। उस समय वह ऐसी इंडस्ट्री में काम कर रही थीं, जिसकी भाषा और संस्कृति उनके लिए नई थी। तमन्ना ने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें साउथ इंडियन सिनेमा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्हें बस एक्टिंग करनी थी। उन्होंने कहा था कि उस समय सफलता की गणना के बजाय उनका ध्यान काम करते रहने और सीखने पर था। यहां उनका संघर्ष सिर्फ फिल्मों के ऑडिशन या रिजेक्शन तक सीमित नहीं था। उन्हें नई भाषाएं सीखनी थीं, नए निर्देशकों के साथ काम करना था और ऐसे माहौल में खुद को साबित करना था, जहां वह बाहर से आई कलाकार थीं। तमन्ना के मुताबिक, साउथ सिनेमा में काम करने से उन्हें फिल्मों में मौके ही नहीं मिले, बल्कि अलग संस्कृति और भाषाओं को समझने का अनुभव भी मिला। बाद में वह तमिल और तेलुगु दोनों भाषाओं में काम करने लगीं। सेट पर मिला सबसे बड़ा झटका- ‘हीरोइन बदल दो’ तमन्ना के शुरुआती करियर का सबसे चौंकाने वाला किस्सा वह है, जब कम उम्र में उन्हें एक फिल्म के सेट पर अपनी बात रखने की कीमत चुकानी पड़ी। तमन्ना ने द लल्लनटॉप के ‘न्यूजरूम’ में बताया था कि वह साउथ के एक बड़े स्टार के साथ फिल्म कर रही थीं। एक सीन को लेकर वह सहज नहीं थीं। उन्होंने साफ कहा कि वह सीन नहीं करना चाहतीं। तमन्ना के मुताबिक, सीन इंटीमेट नहीं था, लेकिन उसमें कुछ ऐसा था जिसे करने में वह सहज महसूस नहीं कर रही थीं। उन्होंने अपनी बात रखी तो सामने से जवाब मिला- ‘हीरोइन बदल दो।’ एक नई और कम उम्र की अभिनेत्री के लिए यह बड़ा झटका हो सकता था। उस समय डर हो सकता था कि अगर एक फिल्म हाथ से निकल गई तो आगे क्या होगा। लेकिन तमन्ना ने इस घटना को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। तमन्ना ने बाद में कहा कि उन्हें उस समय के रिएक्शन पर गर्व है। उन्होंने न अपना आपा खोया और न यह सोचकर टूट गईं कि रिप्लेस किए जाने के बाद उनका करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में वही लोग उनका सम्मान करते हैं, क्योंकि उन्होंने दबाव में समझौता नहीं किया। तमन्ना ने सीखा- अपनी बात रखने के लिए शोर मचाना जरूरी नहीं इस घटना से तमन्ना ने एक महत्वपूर्ण बात सीखी। उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति आपके साथ गलत व्यवहार करता है तो जरूरी नहीं कि आप भी उसी तरह प्रतिक्रिया दें। उन्होंने कहा कि बिना चिल्लाए, बिना लड़ाई किए और बिना व्यवहार खराब किए भी अपनी बात पर कायम रहा जा सकता है। उनके शब्दों में, कई बार आक्रामकता से ज्यादा ताकत शांति में होती है। ‘हैप्पी डेज’ ने बदली तस्वीर, ‘कल्लूरी’ ने तमिल सिनेमा में पहचान दिलाई 2007 तमन्ना के करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसी साल तेलुगु में हैप्पी डेज और तमिल में कल्लूरी रिलीज हुईं। दोनों फिल्मों में उन्होंने कॉलेज स्टूडेंट के किरदार निभाए और युवा दर्शकों के बीच पहचान बनाई। हैप्पी डेज की सफलता ने तेलुगु सिनेमा में उनकी स्थिति मजबूत की, जबकि कल्लूरी ने तमिल दर्शकों के बीच पहचान दी। तमन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें आज भी कल्लूरी और हैप्पी डेज जैसे शुरुआती कामों को याद किया जाना वैलिडेटिंग लगता है। उनके लिए सिर्फ बॉक्स ऑफिस सफलता महत्वपूर्ण नहीं रही, बल्कि ज्यादा मायने रखता है कि दर्शक वर्षों बाद भी उनके किरदारों को याद करते हैं। ‘अयान’ और ‘100 प्रतिशत लव’ ने बनाई मजबूत पहचान 2009 में तमन्ना को तमिल सिनेमा की अयान जैसी सफल फिल्म मिली। इसके बाद ‘100 प्रतिशत लव’ ने उनके करियर को और मजबूती दी। ‘100 प्रतिशत लव’ के बाद तमन्ना ने माना था कि वह फिल्म इंडस्ट्री को ज्यादा गंभीरता से देखने लगी थीं। इससे पहले वह लगातार काम कर रही थीं, लेकिन इस दौर में उन्हें करियर को लेकर चुनाव करने की जरूरत महसूस होने लगी। यहीं से तमन्ना के करियर में बदलाव आया। उन्होंने एक ही तरह के किरदारों को दोहराने के बजाय अलग-अलग भूमिकाएं चुनने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा था कि इस इंडस्ट्री में करियर को पूरी तरह प्लान नहीं किया जा सकता, क्योंकि यहां अनिश्चितता बहुत है। इसलिए रणनीति भी बदलती रहनी चाहिए और कोशिश होनी चाहिए कि वह खुद को दोहराएं नहीं। असफल फिल्मों के दौर में भी तमन्ना ने जारी रखा कामयाबी का सिलसिला तमन्ना की कहानी को सिर्फ हिट फिल्मों की कहानी कहना अधूरा होगा। उनके करियर में कई ऐसी फिल्में भी आईं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। अनंद तांडवम, एंडुकांटे प्रेमंता, हिम्मतवाला, हमशकल्स और आगाडु जैसी फिल्मों को वह सफलता नहीं मिली, जिसकी उम्मीद थी। खासकर हिंदी सिनेमा में हिम्मतवाला और हमशकल्स के बाद सवाल था कि क्या वह बॉलीवुड में अपनी जगह स्थायी तौर पर बना पाएंगी। लेकिन तमन्ना का जवाब किसी बयान से नहीं, बल्कि लगातार काम करने से आया। वह साउथ में काम करती रहीं, हिंदी फिल्मों में लौटती रहीं और धीरे-धीरे ऐसा करियर तैयार करती गईं, जिसमें एक इंडस्ट्री की सफलता दूसरी इंडस्ट्री के अवसरों का रास्ता खोलती रही। 2015- ‘बाहुबली’ बनी करियर की सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट फिर आया 2015 एसएस राजामौली की बाहुबली: द बिगिनिंग में तमन्ना ने अवंतिका का किरदार निभाया। फिल्म सिर्फ बड़ी हिट नहीं बनी, बल्कि भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई। इस फिल्म ने तमन्ना को उन दर्शकों तक पहुंचाया, जो शायद उनके पहले के तमिल और तेलुगु काम से परिचित नहीं थे। तमन्ना बाहुबली को अपने करियर का गेम चेंजर मानती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि बाहुबली ने उनके नजरिए को व्यापक किया और इसके बाद उनके करियर का बड़ा हिस्सा खुद को लगातार रीइन्वेंट करने की कोशिश रहा। बाहुबली के बाद 2017 में बाहुबली 2: द कन्क्लूजन ने उस पहचान को और बड़ा कर दिया। अब तमन्ना सिर्फ साउथ की अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि देशभर में पहचाना जाने वाला नाम बन चुकी थीं। ‘सफलता’ की तमन्ना की परिभाषा अलग है आज जब तमन्ना अपने करियर को पीछे मुड़कर देखती हैं तो सफलता का पैमाना सिर्फ अवॉर्ड, बॉक्स ऑफिस या किसी एक सुपरहिट फिल्म को नहीं मानतीं। उनके लिए सबसे बड़ी सफलता है कि एक कलाकार को दोबारा मौका मिले। तमन्ना का मानना है कि आज के दौर में अगर दर्शक किसी कलाकार को अलग-अलग किरदारों में बार-बार देखना चाहते हैं, तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यही वजह है कि वह खुद को किसी एक बॉक्स में बंद नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, “मैं आज खुद को किसी तरह के बॉक्स में बंधा हुआ महसूस नहीं करती। मुझे लगता है कि मैं किसी भी तरह का किरदार कर सकती हूं।” यह बात उनके करियर पर भी फिट बैठती है। कॉलेज गर्ल से लेकर कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन, गंभीर किरदारों से लेकर डांस नंबर और ओटीटी प्रोजेक्ट्स तक- तमन्ना ने खुद को एक ही छवि में कैद नहीं होने दिया। ‘अभी पहली बार खुद को सबसे ज्यादा फ्री महसूस कर रही हूं’ तमन्ना के करियर के मौजूदा दौर की खासियत यही है कि अब उन्हें किसी एक तरह की भूमिका के साथ नहीं जोड़ा जाता। एक समय था जब किसी अभिनेत्री की खास इमेज बन जाती थी और उससे बाहर निकलना मुश्किल होता था। तमन्ना ने इस दबाव को धीरे-धीरे तोड़ा। उन्होंने कहा कि आज वह अपने करियर में पहली बार खुद को ज्यादा फ्री महसूस कर रही हैं। अब उन पर किसी खास तरह के रोल करने की बाध्यता नहीं है। दर्शकों ने उन्हें अलग-अलग तरह के काम में स्वीकार किया है। यही स्वीकार्यता उन्हें नए किरदारों और प्रयोगों की आजादी देती है। ‘करियर की सबसे मुश्किल चीज थी- टिके रहना’ दो दशक से ज्यादा लंबे करियर के बारे में जब तमन्ना से पूछा गया कि सबसे मुश्किल क्या रहा, तो उनका जवाब सीधा था- ‘स्टेइंग पुट’ यानी टिके रहना। किसी फिल्म का चलना मुश्किल नहीं, बल्कि हर उतार-चढ़ाव के बाद अगली सुबह फिर सेट पर पहुंचना मुश्किल होता है। किसी अभिनेता को एक हिट मिल सकती है, लेकिन उसके बाद लगातार काम मिलना, खुद को दोहराने से बचना, असफलताओं से निकलना और दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाए रखना कहीं ज्यादा कठिन है। तमन्ना के करियर में यही लगातार बने रहने की क्षमता सबसे बड़ा फैक्टर रही है। उन्होंने यह भी माना कि हर दिन अच्छा नहीं होता। लेकिन अगर किसी कलाकार को लंबे समय तक इस इंडस्ट्री में रहना है तो उसे टिके रहना सीखना होगा। तमन्ना के लिए यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उन्हें अपने काम से प्यार है। एक्टिंग और परफॉर्म करने का जुनून उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। ‘आज की रात’ से फिर दिखा डांस का जलवा तमन्ना की पैन-इंडिया लोकप्रियता का एक और बड़ा अध्याय स्त्री 2 के गाने आज की रात से जुड़ा है। यह गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। तमन्ना के डांस और स्क्रीन प्रेजेंस की खूब चर्चा हुई। इस गाने के पीछे उनकी मेहनत भी कम नहीं थी। तमन्ना ने बताया कि उन्होंने लगभग 15 से 20 दिन इसकी रिहर्सल की थी। कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने उनके शरीर और क्षमता के हिसाब से स्टेप्स तैयार किए थे, ताकि मूवमेंट उनके लिए नैचुरल और प्रभावी लगे। खास बात यह है कि तमन्ना खुद मानती हैं कि वह पारंपरिक अर्थों में ट्रेंड डांसर नहीं हैं। इसलिए कोरियोग्राफर का कलाकार की क्षमता समझकर काम करना महत्वपूर्ण था। गाने की शूटिंग भी आसान नहीं थी। आज की रात की शूटिंग लगभग 5 डिग्री तापमान में हुई थी और तमन्ना ने इसे अपने जन्मदिन पर शूट किया था। उन्होंने इसे खास अनुभव बताया और कहा था कि किसी कलाकार के लिए काम करते हुए जन्मदिन मनाना बड़ी खुशी की बात है। विजय गांगुली को नेशनल अवॉर्ड मिलने पर तमन्ना ने जताई खुशी 2026 में आज की रात के कोरियोग्राफर विजय गांगुली को इस गाने के लिए बेस्ट कोरियोग्राफी का नेशनल अवॉर्ड मिला। गांगुली ने अवॉर्ड के बाद तमन्ना की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उन्होंने इतनी शानदार परफॉर्मेंस नहीं दी होती तो कोरियोग्राफी वैसी नहीं दिखती। उन्होंने इसे पूरी टीम की मेहनत बताया। तमन्ना ने भी गांगुली के काम की तारीफ की है। उनका मानना है कि क्रिएटिव काम में ईगो को अलग रखना जरूरी है। असली बात यह है कि कलाकार अपने काम के सामने कितना सरेंडर और कितनी ईमानदारी से अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकता है। यह सोच तमन्ना के करियर पर भी लागू होती है। उन्होंने हर दौर में खुद को बदलने की कोशिश की है। ‘अभी मेरा सफर खत्म नहीं हुआ’ 20 साल से ज्यादा समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी तमन्ना को लगता है कि उनके सफर को कुछ मिनटों में सेलिब्रेट करके खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, अभी बहुत काम बाकी है। तमन्ना की फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' हाल में रिलीज हुई है। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं। लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. डॉक्टर बनने का मौका छोड़ा, ट्रेनों में गाकर पैसे कमाए:‘विक्की डोनर’ से बदली किस्मत, आयुष्मान खुराना बोले- रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं आयुष्मान खुराना आज बॉलीवुड के उन एक्टर्स में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में पहचान बनाई। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चंडीगढ़ से निकले आयुष्मान ने थिएटर किया, रेडियो जॉकी बने, एमटीवी पर वीजे रहे और कई ऑडिशन दिए। उन्हें इंडियन आइडल-2 में भी रिजेक्शन मिला।पूरी खबर पढ़ें..
KBC 18 के मंच पर भावुक हुए बिग बी, नाना पाटेकर को याद कर छलके आंसू
नाना पाटेकर के अचानक हुए निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में गम का माहौल है. इस बीच बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने नाना को इमोशनल विदाई दी.
नाना पाटेकर का आखिरी सफर जारी है. उनका पार्थिव शरीर ‘नानाची वाड़ी’ में रखा गया है, जहां फैंस और करीबी अंतिम दर्शन कर रहे हैं. जल्द ही नाना पंचतत्व में विलीन होंगे.
अभिनेता नाना पाटेकर पर 2018 में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने बृहस्पतिवार को दिग्गज अभिनेता के निधन पर उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया सोच-समझकर देंगी। पाटेकर का बृहस्पतिवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पचहत्तर-वर्षीय अभिनेता गोवा स्थित अपने अपार्टमेंट में बेहोश पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दत्ता ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा किए एक वीडियो में कहा कि उन्हें पाटेकर के निधन की खबर मिली है, लेकिन वह ‘‘पहले यह तय करेंगी कि उन्हें किस तरह की प्रतिक्रिया देनी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि वह लखनऊ में एक कार्यक्रम के लिए जा रही हैं और फिलहाल उसी पर ध्यान देना चाहती हैं। उन्होंने पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। वर्ष 2018 में दत्ता ने 2009 की फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज़’ की शूटिंग के दौरान पाटेकर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद भारत में ‘‘मी टू’’ आंदोलन को गति मिली थी। पाटेकर ने आरोपों से लगातार इनकार किया था। बाद में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने के कारण मामले को बंद कर दिया गया था।
'हलाला' कराने की मजबूरी का सच दिखाएंगी दिव्या अग्रवाल, प्रोमो जारी
बिग बॉस ओटीटी विनर, और द 50 जैसे शोज से अपना नाम बना चुकीं दिव्या अग्रवाल अब एक बवालिया सीरीज हलाला लेकर आने वाली हैं. इसका प्रोमो जारी हो चुका है, हालांकि अभी रिलीज डेट अनाउंस बाकी हैं.
नाना पाटेकर के निधन से टूटे सलमान खान, पोस्टपोन कर दिया मुंबई इवेंट, किया भावुक पोस्ट
Salman Khan On Nana Patekar:
नाना पाटेकर के निधन के बाद सलमान का बड़ा फैसला, रद्द किया इवेंट
सलमान खान को GB रियल्टी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गुरिंदर भट्टी के साथ GB रियल्टी द्वारा आयोजित एक इवेंट में शामिल होना था. नाना पाटेकर के निधन की वजह से ये इवेंट टाल दिया गया है.
फॉर्म हाउस पर नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े फैंस और करीबी (वीडियो)
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए फॉर्म हाउस पर रखा गया है। यहां फैंस, रिश्तेदार, दोस्त और आम लोग अपने प्रिय अभिनेता को आखिरी विदाई देने पहुंच रहे हैं। सामने आए फुटेज में लोग नाना के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि ...
रामनगर में कॉर्बेट प्रशासन की ओर से आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन मशहूर गायक जुबिन नौटियाल पहुंचे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है। डॉ. साकेत बडोला के कहने पर फेस्टिवल में पहुंचे जुबिन नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आयोजन में अच्छे फोटोग्राफर और स्टोरीटेलर शामिल हो रहे थे। इस पहल से प्रभावित होकर उन्होंने तुरंत कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया। कॉर्बेट को बताया उत्तराखंड और देश की पहचान जुबिन नौटियाल ने कॉर्बेट नेशनल पार्क को उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश की पहचान बताया। उन्होंने डॉ. साकेत बडोला और उनकी टीम की ओर से वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट से पूरे देश को सीखने की जरूरत है। बोले- बेवजह के मुद्दों पर नहीं, प्रकृति पर ध्यान दें जुबिन नौटियाल ने कहा कि कई बार समाज ऐसे मुद्दों पर आपस में लड़ता है, जो उतने महत्वपूर्ण नहीं होते। असली मुद्दा प्रकृति और पर्यावरण है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल को इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। नाना पाटेकर के निधन पर जताई संवेदना फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर जुबिन नौटियाल ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नाना जी ने उन्हें हमेशा बहुत प्यार और अपनापन दिया। जुबिन ने कहा कि छोटे शहरों से मुंबई पहुंचने वाले कलाकारों के लिए जब बड़े कलाकार प्यार और गर्मजोशी से बात करते हैं तो उन्हें लगता है कि वे भी इस दुनिया का हिस्सा हैं। जुबिन नौटियाल ने नाना पाटेकर के परिवार, उनके प्रशंसकों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति है।
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी गुरुवार को उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्राद्ध पक्ष के अवसर पर उन्होंने अपने पूर्वजों की स्मृति में विशेष पूजा भी कराई और बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। केदारपुरी की आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से हुईं अभिभूत तीर्थ पुरोहित हिमांशु तिवारी ने रानी मुखर्जी को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान अभिनेत्री ने केदारनाथ धाम में काफी समय बिताया और तीर्थ पुरोहितों से बातचीत की। उन्होंने केदारपुरी की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण की भी तारीफ की। रानी मुखर्जी ने कहा कि बाबा केदार की नगरी स्वर्ग के समान है और यहां पहुंचकर मन को शांति का अनुभव होता है। पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं की ली जानकारी पूजा के दौरान रानी मुखर्जी ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। तीर्थ पुरोहित के मुताबिक, अभिनेत्री धाम के आध्यात्मिक वातावरण और हिमालयी सुंदरता को देखकर काफी प्रसन्न नजर आईं। केदारनाथ पहुंचने की खबर के बाद उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता देखने को मिली। बदरीविशाल के दरबार में पहुंचकर की पूजा-अर्चना केदारनाथ के बाद रानी मुखर्जी बदरीनाथ धाम पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से अभिनेत्री का स्वागत किया गया। समिति पदाधिकारियों ने उन्हें बदरीविशाल और बाबा केदार का प्रसाद भेंट किया। दोनों धामों की आध्यात्मिक अनुभूति को बताया अद्भुत रानी मुखर्जी ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की आध्यात्मिक अनुभूति और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की ओर से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी तारीफ की। बद्रीनाथ में प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी, प्रोटोकॉल अधिकारी राकेश सेमवाल, मंदिर अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ समेत योगंबर नेगी, राहुल नेगी, वैभव उनियाल, राकेश झिंक्वाण और विकास सनवाल मौजूद रहे।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर शाहरुख खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अपनी शुरुआती फिल्म 'राजू बन गया जेंटलमैन' के दिनों को याद करते हुए शाहरुख ने बताया कि पहली मुलाकात में नाना ने उनके बाल संवारने पर टोकते ...
'मेरे हीरो एक्टर,' नाना पाटेकर के निधन से टूटा शाह रुख खान का दिल, पोस्ट में छलका किंग खान का दर्द
सुपरस्टार शाह रुख खान ने नाना पाटेकर के निधन को लेकर सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट साझा किया है।
दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर ने दो साल पहले सनी देओल के साथ एक खास वादा किया था।
Nana Patekar Last Wish:
नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में गहरा सदमा है। उनके को-प्रोड्यूसर सुभाष काले ने बताया कि दो दिन पहले ही नाना से उनकी बात हुई थी।
निखिल द्विवेदी ने नाना पाटेकर को यूं किया याद, बोले ‘सब हो जाएगा’ का वो छोटा-सा भरोसा आज भी याद है
अभिनेता से फिल्ममेकर बने निखिल द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। नाना पाटेकर की एक तस्वीर शेयर करते हुए निखिल ने उनसे अपनी पहली मुलाकात का एक ऐसा किस्सा साझा किया, जो सालों बाद भी उनकी यादों में उतना ही ताजा है।
'एक मच्छर...', नाना का वो डायलॉग जो फिल्म और किरदार से भी बड़ा हो गया
नाना पाटेकर वो शख्सियत रहे... जिन्हें याद करने के लिए किसी मोमेंट की जरूरत नहीं. आखिर कैसे यशवंत लोहार का 'एक मच्छर…', उस दृश्य और यहां तक कि अभिनेता से भी बड़ा हो गया- एक ऐसा संवाद, जिसे पीढ़ियां आज भी याद करती हैं, भले ही उन्हें यह पता न हो कि वह आया कहां से था.
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के जाने से सदमे में इंडस्ट्री
नाना पाटेकर के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है. 75 साल की उम्र में अभिनेता ने दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके निधन पर तनुश्री दत्ता ने भी प्रतिक्रिया दी है. दोनों के बीच 2018 में #MeToo अभियान के दौरान विवाद हुआ था. तनुश्री ने नाना पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिन्हें अभिनेता ने खारिज किया था. अब उनके निधन पर तनुश्री ने परिवार के प्रति संवेदना जताई है.
नाना पाटेकर के निधन के बाद Salman Khan ने लिया बड़ा फैसला, कैंसिल कर दिया ग्रैंड इवेंट
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद सुपरस्टार सलमान खान ने बड़ा फैसला लिया है।
गोवा का 'विश्वनाथ' कैसे बना बॉलीवुड का नाना पाटेकर?
नाना पाटेकर, जिनका 8 अक्टूबर 2026 को 75 साल की उम्र में निधन हो गया, हिंदी और मराठी सिनेमा में सिर्फ 'नाना' के नाम से जाने जाते थे. लेकिन उनका असली नाम 'नाना' नहीं था.
नाना पाटेकर ने अपनी कल्ट फिल्म वेलकम (Welcome) की स्क्रिप्ट सुनने से इनकार कर दिया था। अनीस बज्मी ने इसका खुलासा किया था।
नाना पाटेकर की पत्नी कौन थीं? 1978 में हुई थी शादी, फिर क्यों अलग रहने लगे दोनों, जानिए अनकही कहानी
नाना पाटेकर और नीलकांति पाटेकर की शादी 1978 में हुई थी। नीलकांति मराठी थिएटर से जुड़ी अभिनेत्री थीं और शुरुआती दौर में बैंक अधिकारी के तौर पर काम करती थीं। नाना ने माना था कि उनके संघर्ष के दिनों में पत्नी की आर्थिक मदद और भरोसे ने उन्हें अभिनय में ...
नाना पाटेकर के निधन से भावुक हुए अन्नू कपूर, याद किए पुराने किस्से
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से पूरा फिल्म जगत और उनके प्रशंसक बेहद दुखी हैं. फिल्म 'अभय' के निर्माता और निर्देशक ने इस दुखद समाचार पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने बताया कि भोपाल एयरपोर्ट पर उन्हें नाना पाटेकर के जाने की खबर मिली, जिस पर विश्वास करना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है. उन्होंने नाना पाटेकर के साथ जुड़े अपने पुराने दिनों को याद करते हुए इसे अपनी व्यक्तिगत क्षति बताया.
नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। नाना अपने पीछे फिल्मों के साथ कई ऐसे किस्से छोड़ गए, जिनसे उनकी जिंदगी के संघर्ष और रिश्तों की झलक मिलती है। दिसंबर 2024 में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने पिता के साथ रिश्ते को लेकर बात की थी। नाना ने बचपन में वह खुद को दूसरों से कमतर समझते थे। उन्हें लगता था कि वह दिखने में अपने दोनों भाइयों से कम अच्छे हैं। इसी वजह से उनके मन में यह बात भी बैठ गई थी कि उनके पिता बाकी भाइयों को उनसे ज्यादा प्यार करते हैं। बचपन में नाना गांव और आसपास होने वाले नाटकों में हिस्सा लेते थे। एक बार उन्होंने (वाल्मीकि) नाटक में काम किया। खास बात यह थी कि उनका अभिनय देखने के लिए उनके पिता मुंबई से गांव आए थे। नाना के लिए यह पल बेहद खास था। उन्हें महसूस हुआ कि उनके पिता को भी उनकी कला पर गर्व है। इसी अनुभव ने उनके मन में पिता को लेकर बनी गलतफहमी को काफी हद तक दूर कर दिया। आखिरी दिनों में नाना से गहरी दोस्ती हो गई थी नाना ने बताया था कि पिता के आखिरी दिनों में दोनों के बीच रिश्ता बहुत गहरा हो गया था। उनके पिता कभी उनका हाथ पकड़कर कहते थे कि उन्हें हमेशा लगता रहा कि नाना के मन में यह बात होगी कि भाइयों से उन्हें ज्यादा प्यार मिला। नाना ने कहा था कि उन्हें पिता से कोई शिकायत नहीं थी। हालांकि, उन्हें जिंदगी भर इस बात का दुख रहा कि जब पिता का निधन हुआ, तब वह उनके लिए कुछ कर नहीं पाए। उनके पिता का निधन कॉरपोरेशन के अस्पताल में हुआ था और इलाज के लिए दवाइयों के पैसे की जरूरत थी। उस वक्त नाना के दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। ...........… यह खबर भी पढ़ें… रेपिस्ट के रोल पर नाना ने डायरेक्टर को गालियां दीं:'परिंदा' के क्लाईमैक्स में आग से झुलसे, आर्मी जॉइन करने के लिए रक्षामंत्री को फोन किया नाना पाटेकर ने अपने करीब पांच दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए थे। नाना अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। एक बार डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने उन्हें फिल्म में रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो नाना भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे दीं। बाद में स्मिता पाटिल के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और नाना को फिल्म में अहम विलेन का किरदार मिला। (परिंदा) की शूटिंग के दौरान भी उनका डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा से विवाद हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बहुमुखी प्रतिभा के धनी और भारतीय सिनेमा में अपनी दमदार संवाद अदायगी के लिए मशहूर 75 वर्षीय दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के आकस्मिक निधन से सिनेमा जगत में गहरा शोक फैल गया है। बृहस्पतिवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। अक्षय कुमार, आर. माधवन, कंगना रनौत सहित सिनेमा जगत की तमाम हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी और पर्दे पर दमदार मौजूदगी के लिए मशहूर 75 वर्षीय अभिनेता का बृहस्पतिवार तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पणजी के निकट डोना पाउला स्थित अपने अपार्टमेंट में वह बेहोश पाए गए थे जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अक्षय कुमार ने 2007 की कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम’ में पाटेकर के साथ काम किया था। फिल्म में पाटेकर द्वारा निभाया गया डॉन उदय शेट्टी का किरदार काफी लोकप्रिय हुआ था। इसे भी पढ़ें: जब दिलीप कुमार ने कहा था, नाना पाटेकर के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा ‘क्रांतिवीर’ का नाम अक्षय ने अभिनेता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। अक्षय ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नाना जी के निधन की खबर से वास्तव में बहुत दुखी हूं। वह उन दुर्लभ अभिनेताओं में से थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती थी। उनकी आवाज, वह तीव्रता, हर अभिनय में वह ईमानदारी... वह पूरी तरह अपने आप में एक अलग शख्सियत थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनके साथ फिल्म के सेट पर बिताई बहुत सी यादें हमेशा मेरे दिल के करीब रहेंगी। नाना जी वास्तव में बेमिसाल थे। यह विश्वास करना मुश्किल है कि आप नहीं रहे। इन सभी यादों के लिए धन्यवाद। आपकी कमी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।’’ इसे भी पढ़ें: Nana Patekar का निधन, Air Chief Marshal ने सराही क्षमता, देश भर की बड़ी खबरें अक्षय ने 2025 में आई फिल्म ‘हाउसफुल 5’ में आखिरी बार पाटेकर के साथ काम किया था। आर माधवन ने पाटेकर को ‘‘दिग्गज’’ बताते हुए कहा कि 1991 की समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में उनके अभिनय से वह बेहद प्रभावित और प्रेरित हुए थे। माधवन ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कहा, ‘‘एक दिग्गज हमसे हमेशा के लिए दूर चला गया। रंगमंच पर दिए अविस्मरणीय पलों और अभिनेताओं को दिए अमूल्य सबक के लिए धन्यवाद। मुझे आज भी याद है कि ‘प्रहार’ देखने के बाद मैं कितना प्रभावित और प्रेरित हुआ था। सर, आपके जैसा दूसरा कोई नहीं होगा। आत्मा को शांति मिले।’’ कंगना रनौत ने कहा कि पाटेकर को स्वस्थ देखकर उनके निधन की खबर विशेष रूप से स्तब्ध करने वाली है। उन्होंने लिखा, ‘‘यह बेहद दुखद और त्रासद खबर है, खासकर इसलिए क्योंकि नाना जी बिल्कुल स्वस्थ और फिट नजर आते थे। ॐ शांति।’’ अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने भी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पाटेकर की एक तस्वीर साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भूमि पेडनेकर ने भी पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, ‘‘सर, आपकी आत्मा को शांति मिले। ॐ शांति। आपके परिवार और सभी प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं।’’ इसे भी पढ़ें: Goa में Nana Patekar के निधन पर श्रद्धांजलि देने GMCH पहुंचे Sharad Pawar कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबड़ा ने कहा कि वह इस खबर से ‘‘स्तब्ध’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह विश्वास करना मुश्किल है। नाना भाई, आपकी आत्मा को शांति मिले।’’ भारतीय सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में शामिल पाटेकर ने 1978 में ‘गमन’ से फिल्मों में कदम रखा था। उन्हें सफलता 1989 में आई ‘परिंदा’ से मिली, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘अंगार’, ‘अपहरण’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘अब तक छप्पन’, ‘राजनीति’ और मराठी फिल्म ‘नटसम्राट’ शामिल हैं। पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
जब दिलीप कुमार ने कहा था, नाना पाटेकर के साथ हमेशा जुड़ा रहेगा ‘क्रांतिवीर’ का नाम
‘सलाम बॉम्बे!’, ‘खामोशी’ और ‘वेलकम’ जैसी अनगिनत यादगार फिल्मों में अपने जीवंत और बहुमुखी अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाले दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 76 वर्ष की आयु में गोवा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। नाना पाटेकर के सिनेमाई सफर का जिक्र जब भी होगा, 1994 में आई उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘क्रांतिवीर’ का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म के सुपरहिट और प्रतिष्ठित होने से बहुत पहले ही हिंदी सिनेमा के ‘ट्रेजेडी किंग’ दिलीप कुमार ने भविष्यवाणी कर दी थी कि यह फिल्म नाना पाटेकर की पहचान बन जाएगी। दिलीप कुमार की इस टिप्पणी का किस्सा ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार ने दो साल पहले फिल्म के 30 साल पूरे होने के मौके पर सुनाया था। कुमार ने यूट्यूब चैनल ‘बॉलीवुड ठिकाना’ को बताया था कि दिलीप कुमार ने सुनील दत्त के ‘अजंता आर्ट्स’ में ‘क्रांतिवीर’ की फिल्म का ट्रायल देखा था। इस दौरान दिलीप कुमार, सायरा बानो और उनके परिवार के कुछ सदस्य मौजूद थे। मेहुल कुमार के अनुसार, फिल्म खत्म होने के बाद दिलीप कुमार बाहर आए और एक संगमरमर की कुर्सी पर बैठे, जिसके पीछे नरगिस की तस्वीर थी। इसे भी पढ़ें: Nana Patekar का निधन, Air Chief Marshal ने सराही क्षमता, देश भर की बड़ी खबरें उन्होंने बताया, ‘‘दिलीप साहब ने मुझे बुलाया और कहा कि आपने ऐसी फिल्म बनाई है कि इसका खुमार लोगों पर बना रहेगा।’’ उनके अनुसार, नरगिस की तस्वीर की ओर इशारा करते हुए दिलीप कुमार ने बताया कि ‘मदर इंडिया’ का ट्रायल देखने के बाद इसी जगह उन्होंने नरगिस से कहा था कि इसके बाद वह चाहे जो भी करें, ‘मदर इंडिया’ का नाम हमेशा उनके साथ जुड़ा रहेगा। मेहुल कुमार ने कहा, ‘‘दिलीप साहब ने मुझसे कहा कि आप नाना को बता देना कि वह इसके बाद चाहे जो भी करें, ‘क्रांतिवीर’ का नाम हमेशा उनके साथ जुड़ा रहेगा।’’ उन्होंने बताया कि दिलीप कुमार ने फिल्म की काफी सराहना की थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं घर गया और नाना को फोन करके बताया कि दिलीप साहब ने फिल्म देखी है और कहा है कि नाना इसके बाद चाहे जो भी करें, ‘क्रांतिवीर’ का नाम जिंदगी भर उनके साथ रहेगा। और आज देखिए, ‘क्रांतिवीर’ और नाना आज भी एक-दूसरे से अलग नहीं हैं।’’ इसे भी पढ़ें: Goa में Nana Patekar के निधन पर श्रद्धांजलि देने GMCH पहुंचे Sharad Pawar संयोग से नाना पाटेकर को मिला एकमात्र फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार ‘क्रांतिवीर’ के लिए था और यह पुरस्कार उन्हें दिलीप कुमार ने ही प्रदान किया था। बाद में एक साक्षात्कार में पाटेकर ने बताया था कि फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने के बाद दिलीप कुमार ने उन्हें अपने घर बुलाया था। नाना पाटेकर ने कहा था, ‘‘मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसे दिग्गजों से मिलने का मौका मिला। दिलीप कुमार ने एक बार मुझे अपने घर बुलाया था। बारिश हो रही थी और मैं पूरी तरह भीग गया था। उन्होंने मुझे देखा और सबसे पहले तौलिया लाकर खुद मुझे सुखाया। फिर अपना एक कुर्ता लाकर मुझे दिया।’’ पाटेकर ने कहा था कि इसके बाद उन्हें किसी और पुरस्कार की जरूरत नहीं है। 1994 में आई ‘क्रांतिवीर’ का निर्देशन और निर्माण मेहुल कुमार ने किया था। फिल्म में नाना पाटेकर, डिंपल कपाड़िया, अतुल अग्निहोत्री और ममता कुलकर्णी ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। फरीदा जलाल, परेश रावल, टीनू आनंद और डैनी डेंग्जोंगपा ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। फिल्म ने चार फिल्मफेयर पुरस्कार और एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था। इसे भी पढ़ें: कारगिल में 60 दिन रहे थे Nana Patekar, George Fernandes से मांगी थी इजाजत नाना पाटेकर को उस वर्ष ‘क्रांतिवीर’ में उनके अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार दोनों मिले थे। पाटेकर ने फिल्म में एक स्वतंत्रता सेनानी के अड़ियल बेटे की भूमिका निभाई थी, जो बाद में गरीबों के कल्याण के लिए संघर्ष करने वाला व्यक्ति बन जाता है। फिल्म में पाटेकर का चर्चित संवाद ‘‘ये मुसलमान का खून, ये हिंदू का खून, बता इसमें मुसलमान का कौन सा, हिंदू का कौन सा, बता’’ आज भी मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों में सांप्रदायिक सौहार्द पर बने प्रभावशाली दृश्यों में गिना जाता है।
जज्बा, मराठी अस्मिता और राष्ट्रवाद... देश-समाज पर क्या था नाना का थॉट प्रोसेस?
पोस्टर पेंटर से पद्मश्री तक, गरीबी में तपे नाना के लिए देश, माटी और समाज सिर्फ नारे नहीं थे. उन्होंने इन्हें रंगमंच, पर्दे, सेना और किसानों के बीच अपने काम से जिया. नाना पाटेकर को समझने के लिए पढ़ें पूरी कहानी.
Indian 3: लौटकर आ रहा है 'सेनापति'! कमल हासन की अपकमिंग फिल्म 'इंडियन 3' का हुआ एलान
साउथ सिनेमा के वेटरन एक्टर कमल हासन की अगली फिल्म इंडियन 3 का एलान हो गया है।
रामायण ने रिलीज से पहले कैसे कर ली एक बाजी अपने नाम, देखें मूवी मसाला
मूवी मसाला में आज बात होगी फिल्म रामायण की, जिसने IMDB की लिस्ट में हासिल की है नंबर वन पोजिशन. बताएंगे सिद्धार्थ और कियारा ने फैंस को दी कौन-सी गुड न्यूज, साथ ही बताएंगे किस फिल्म में फिर साथ नजर आने वाली है करीना कपूर और किंग खान की जोड़ी. मनोरंजन से जुड़ी हर चटपटी खबर के लिए देखें मूवी मसाला. लेकिन शुरुआत इंटरटेनमेंट जगत की 10 बड़ी खबरों के साथ.
33 साल पहले आया Nana Patekar का सबसे आइकॉनिक गाना, आज भी 'यारी' के लिए गुनगुनाते हैं जिगरी यार
90s में नाना पाटेकर (Nana Patekar) पर फिल्माया गया एक गीत बहुत पॉपुलर हुआ था। वह गीत 33 साल बाद भी यारियों की पार्टी की शान है।
'अबे, तुझसे पैसे लूंगा...', रोहित शेट्टी की ब्लॉकबस्टर फिल्म के लिए Nana Patekar ने छोड़ी थी फीस
निर्देशक रोहित शेट्टी ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद अपनी एक ब्लॉकबस्टर फिल्म का रोचक किस्सा साझा किया है।
दीवाली के पहले ही रिलीज हो जाएगी रणबीर कपूर की Ramayana? इस तारीख को सिनेमाघरों में देगी दस्तक
नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण: पार्ट वन' की भारत में रिलीज डेट सामने आ गई है। इसका पेड प्रिव्यू पहले जारी किया जाएगा।
बॉलीवुड के सुपरस्टार नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित घर में कार्डियक अरेस्ट हुआ। मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। घटना के वक्त नाना के साथ घर पर परिवार का कोई सदस्य नहीं था। उनके दोस्त और केयरटेकर मौजूद थे। अब शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। नाना पाटेकर पंजाबियों को बहुत पसंद करते थे। 17 साल पहले वह पंजाब में शूटिंग कर रहे थे तो उन्होंने पंजाबी सीखी। उन्होंने कहा था कि पंजाबी उन्हें बहुत पसंद हैं। चंडीगढ़ में वेलकम की शूटिंग के दौरान उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के किसान पिता की बाइपास सर्जरी के लिए तुरंत 3 लाख रुपए दे दिए थे। इसके अलावा नाना पाटेकर जनवरी 2018 में पत्नी नीलकांति पाटेकर के साथ अमृतसर आए थे। यहां उन्होंने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। यह गोल्डन टेंपल के दर्शन के बाद नाना ने कहा था- रब का शुक्र है कि जीते जी मुझे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने का मौका मिला इस दौरान उन्होंने गोल्डन टेंपल की पूरी परिक्रमा की और फिर लंगर हॉल में जूठे बर्तन भी मांजे थे। इसके बाद जब वे फिर अमृतसर आए तो वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी में भी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने BSF की नशा विरोधी दौड़ में भी हिस्सा लिया था। नाना ने कहा था- ऐसी शांति कहीं नहीं मिलीनाना पाटेकर ने गोल्डन टेंपल के दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मुझे यहां आकर बहुत शांति मिली है, ऐसी शांति मैंने कभी कहीं और महसूस नहीं की। यहां के लोगों की सेवा और श्रद्धा देखकर मैं बहुत हैरान हूं। मैं सोच रहा हूं कि मैं पहले कभी यहां क्यों नहीं आया। यहां कोई छोटा-बड़ा या किसी तरह का भेदभाव नहीं है। अगर पूरा देश इस बात को समझ ले और अपनी जिंदगी में अपना ले तो हमारा देश सोने जैसा बन जाएगा। नाना पाटेकर ने पंजाब में शूटिंग के दौरान पंजाबी सीखी थीसाल 2009 में एक: द पॉवर ऑफ वन की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर चंडीगढ़ और पंजाब में शूटिंग कर रहे थे। फिल्म में उन्हें CBI अधिकारी का किरदार निभाना था और उनके कई सीन पंजाब में लोगों से बातचीत करते हुए थे। अपने मराठी लहजे के बावजूद संवादों को पंजाबी अंदाज में बोलने के लिए उन्होंने बाकायदा स्थानीय पंजाबी महिलाओं से पंजाबी एक्सेंट सीखने की कोशिश की थी। उस दौरान एक रिपोर्ट में नाना ने कहा था कि मुझे पंजाबी पसंद हैं। मेरे पिता भी फर्राटेदार पंजाबी बोलते थे, क्योंकि टेक्सटाइल प्रिंटिंग के कारोबार में उनका रोजाना पंजाबियों से संपर्क रहता था। नाना पाटेकर को खेती-किसानी भी खूब पसंद थी। उन्होंने चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं प्रकृति के करीब रहना पसंद करता हूं और “दिल से किसान” हूं। चंडीगढ़ में असिस्टेंट डायरेक्टर के पिता को तुरंत मदद दीसाल 2007 में फिल्म ‘वेलकम’ की शूटिंग के दौरान नाना को पता चला कि यूनिट के एक असिस्टेंट डायरेक्टर बिट्टू चंडोक के चाचा अवतार सिंह चंडीगढ़ में रहते हैं और किसान हैं। वह गंभीर रूप से बीमार थे और बाईपास सर्जरी के लिए करीब 3 लाख रुपये की जरूरत थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नाना ने तुरंत 3 लाख रुपये का चेक दे दिया था। नाना ने इस मदद को ‘दान’ मानने से भी इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि अवतार सिंह उनके पिता की उम्र के हैं, इसलिए यह ऐसा था जैसे वह अपने पिता के लिए कुछ कर रहे हों। उन्होंने यह भी कहा था कि एक समय उनके पास कुछ नहीं था और जो कुछ उनके पास है, वह लोगों की वजह से है।
नाना पाटेकर सिर्फ पर्दे के फौजी नहीं थे, कारगिल में भी जवानों के साथ रहे, 76 से 56 किलो हुआ वजन
नाना पाटेकर का कारगिल से रिश्ता उनकी फिल्मों से कहीं ज्यादा दिलचस्प था। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से अनुमति लेकर सैनिकों के साथ करीब 60 दिन बिताए थे। नाना ने बाद में बताया था कि वह क्विक रिएक्शन टीम ...
कारगिल युद्ध में 60 दिन Nana Patekar ने की थी देश की सेवा, करियर के पीक पर छोड़ दी थी एक्टिंग
नाना पाटेकर (Nana Patekar) ने 60 दिन के लिए फिल्में छोड़ इंडियन आर्मी (Indian Army) में सेवा की थी, वो भी कारगिल युद्ध के दौरान। जानिए कैसे...
तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर के निधन पर परिजनों के प्रति जताई संवेदना,8 साल पहले लगाया था गंभीर आरोप
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेता के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
नाना पाटेकर के निधन पर तनुश्री दत्ता का फटा कलेजा, रूआंसा होकर कही ये बात, की दुआ
Tanushree Dutta Reacts Nana Patekar Death:
पर्दे पर आखिरी बार दिखेगी Nana Patekar की झलक, मौत से पहले पूरी कर ली थी हॉरर कॉमेडी फिल्म
अभिनेता नाना पाटेकर के एक्टिंग करियर की आखिरी फिल्म का जानकारी सामने आ गई है।
27 एकड़ में फैला नाना का घर, न फैंसी डेकोर-न लग्जरी, दिखेगी सादगी
नाना का गोवा के अलावा पुणे में भी घर था. उनका पुणे वाला फार्महाउस उनकी सादगी भरी जिंदगी और खेती बाड़ी को लेकर उनके पैशन की झलक देता है.
रात 2:30 बजे नाना पाटेकर ने दोस्त को किया था मैसेज- ‘तबीयत ठीक नहीं’, फिर 3 घंटे में बदल गया सबकुछ
नाना पाटेकर के निधन से पहले के आखिरी घंटों की पूरी कहानी सामने आई है। डॉक्टर शेखर साल्कर के मुताबिक, रात करीब 2:30 बजे नाना ने दोस्त को मैसेज कर तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। दोस्त करीब 4 बजे उनके घर पहुंचा, लेकिन तब तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी। ...
नाना पाटेकर को एक बार लगा था कि रजनीकांत राजनीति के लिए बहुत सीधे-सादे हैं और उन्होंने अपने करीबी दोस्त को पब्लिक लाइफ़ में आने के खतरों के बारे में चेतावनी भी दी थी। सालों बाद, गुरुवार को 75 साल की उम्र में पाटेकर के निधन के बाद, सुपरस्टार की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बारे में उनकी बेबाक बातें उनकी दोस्ती की एक दिलचस्प झलक दिखाती हैं। रजनीकांत ने 2017 के आखिरी दिन राजनीति में आने का ऐलान किया, जिससे सालों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। लेकिन पाटेकर, जो सुपरस्टार को व्यक्तिगत रूप से जानते थे और हाल ही में पा रंजीत की 'काला' में उनके साथ काम कर चुके थे, पूरी तरह से आश्वस्त नहीं थे कि राजनीति उनके दोस्त के लिए सही जगह है। 'मिड-डे' के साथ एक पुराने इंटरव्यू में पाटेकर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि रजनीकांत ने यह साहसिक फैसला लिया है, लेकिन उन्हें चिंता थी कि उनकी सादगी और ईमानदारी राजनीति में उनके खिलाफ जा सकती है। उन्होंने मज़ाक में कहा, बहुत सी ऐसी चीज़ें हैं जो राजनेता नहीं कर सकते। उन्हें किसी से सवाल पूछने का अधिकार नहीं होता। राजनीति में आने पर वे गाली देने का अधिकार भी खो देते हैं। पाटेकर ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से रजनीकांत को आगाह किया था कि राजनीति में आने का मतलब लोगों को उनसे सवाल पूछने का अधिकार देना भी होगा, जैसा वे पहले नहीं करते थे। उन्होंने आगे कहा, उन्हें अपने फैसले के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए। मैंने उनसे कहा, 'जो लोग आज आपको प्यार करते हैं और पूजते हैं, वे राजनीति में आने के बाद आपसे सवाल पूछ सकते हैं, क्योंकि आप उन्हें वह अधिकार दे रहे हैं।' अगर राजनीतिक वादे पूरे नहीं होते हैं, तो उससे होने वाला विरोध उनकी फिल्मों पर भी असर डाल सकता है। 'वह बहुत सीधे-सादे हैं; इसलिए मुझे डर लगता है' पाटेकर, जो खुद 'नाम फाउंडेशन' के ज़रिए समाज सेवा और एक्टिविज़्म से जुड़े थे, ने कहा कि उन्हें रजनीकांत के पीछे-पीछे राजनीति में आने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनका मानना था कि राजनीति के मैदान का स्वभाव ऐसे गुणों की मांग करता है जो न तो उनमें थे और न ही सुपरस्टार में। मैंने उनसे कहा कि वे पॉलिटिशियन बनने लायक नहीं हैं। सिर्फ़ अच्छा और ईमानदार होना ही काफ़ी नहीं है। वे बहुत सीधे-सादे हैं; इसीलिए मुझे उनके लिए डर लगता है। पॉलिटिशियन को चालाक और कूटनीतिज्ञ होना पड़ता है, और हम [रजनी और पाटेकर] ऐसा नहीं कर सकते। पाटेकर को इस बात की भी चिंता थी कि राजनीति में आने के बाद किसी एक्टर की बहुत ज़्यादा लोकप्रियता उनके लिए मुश्किल का सबब बन सकती है। उनके मुताबिक, जनता का एक्टर के लिए प्यार उनके काम से जुड़ा होता है, जबकि पॉलिटिकल पार्टी के कामों से बिल्कुल अलग तरह की जवाबदेही तय हो सकती है। कलाकारों को पॉलिटिकल पार्टी नहीं बनानी चाहिए और न ही राजनीति में आना चाहिए, क्योंकि आम लोग उन्हें स्क्रीन पर उनके काम की वजह से पसंद करते हैं। अगर मैं राजनीति में आ जाऊँ और मेरी पार्टी के लोग कोई गलती करें, तो उसका दोष मुझ पर मढ़ा जाएगा। यह मुमकिन नहीं है कि टीम का हर सदस्य नेक हो। अगर कोई एक्टर राजनीति में आना चाहता है, तो उसे एक्टिंग छोड़ देनी चाहिए। आप दोनों चीज़ों को मिला नहीं सकते, उन्होंने समझाया। पाटेकर और रजनीकांत ने पा रंजीत की 2018 की तमिल फ़िल्म 'काला' में साथ काम किया था, जिसमें पाटेकर ने विलेन 'हरि दादा' का रोल निभाया था।
नाना के निधन पर तनुश्री ने किया रिएक्ट, 8 साल पहले किया था केस
नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में गोवा स्थित घर पर कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया. बॉलीवुड के तेज-तर्रार अभिनेता के निधन से पूरा देश शोक में डूब गया है. उनके निधन पर अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने भी प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने पहले नाना पर गंभीर आरोप लगाए थे.
नाना पाटेकर-तनुश्री दत्ता का वो विवाद, जिसने बॉलीवुड हिला दिया था, निधन के बाद एक्ट्रेस ने क्या कहा?
नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता का साल 2008 का विवाद बॉलीवुड के सबसे चर्चित मामलों में रहा। तनुश्री ने ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान नाना पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिन्हें अभिनेता ने खारिज किया था। 2019 में पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं ...
एक साक्षात्कार में कहा था कि अंतिम संस्कार के लिए 12 मन लकड़ी की जरूरत पड़ती है। अंतिम समय में उनकी इतनी ही संपत्ति रहेगी। ये लकड़िया उन्होंने संग्रह कर रखी हुई हैं।
एक्टर नहीं शेफ भी थे नाना पाटेकर! सेट पर खुद बनाते थे मटन, पूरी यूनिट को खिलाने का था शौक
नाना पाटेकर अपनी दमदार एक्टिंग के साथ बेहतरीन कुकिंग के लिए भी जाने जाते थे। खासकर मटन उनका पसंदीदा था। शूटिंग के दौरान वह कई बार पूरी फिल्म यूनिट के लिए अपने हाथों से मटन बनाते थे। कलाकारों से लेकर टेक्नीशियन और स्पॉट बॉय तक, वह सभी के साथ खाना ...
हिंदी और मराठी सिनेमा के शिखर पुरुष नाना पाटेकर (विश्वनाथ पाटेकर) का 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने इस दुखद खबर की पुष्टि की। एक अभिनेता, निर्देशक और लेखक के रूप में नाना का सफलता तक का सफर अपार संघर्षों, व्यक्तिगत त्रासदियों और सामाजिक प्रतिबद्धता से भरा रहा। उनके परिवार में उनकी पत्नी नीलकंती और बेटा मल्हार पाटेकर हैं। नाना पाटेकर की निजी ज़िंदगी नाना पाटेकर ने 1978 में नीलकंती पाटेकर से शादी की थी। बाद में यह कपल अलग-अलग रहने लगा। उनका एक बेटा है, मल्हार पाटेकर, जिसने गुरुवार, 8 अक्टूबर को नाना के निधन की पुष्टि की। नाना की निजी ज़िंदगी में दुखद नुकसान भी हुए। उनके बड़े बेटे, दुर्वासा की बचपन में ही मौत हो गई थी। नाना ने अपने पिता को भी खो दिया था जब वह लगभग 28 साल के थे। उनके दो भाई हैं, अशोक और दिलीप पाटेकर। बाद के सालों में, नाना ने अपनी पारिवारिक ज़िंदगी के बारे में खुलकर बात की और अपनी ज़िंदगी में नीलकंती के योगदान को माना। सिनेमा में नाना पाटेकर का सफ़र नाना का जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुद-जंजीरा में हुआ था। उनका बचपन आसान नहीं था। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। शुरुआती सालों में उन्होंने मुंबई के चुनाभट्टी इलाके में फ़िल्मों के पोस्टर भी पेंट किए और कहा जाता है कि वे महीने में लगभग 35 रुपये कमाते थे। उनके फ़िल्मी करियर की शुरुआत 1978 में 'गमन' फ़िल्म से हुई। इसके बाद उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा में कई अहम भूमिकाएँ निभाईं। उनके करियर में एक बड़ा मोड़ 1989 में 'परिंदा' फ़िल्म से आया। इस फ़िल्म में उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड और फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने 'अंगार', 'तिरंगा', 'क्रांतिवीर', 'अग्नि साक्षी', 'खामोशी: द म्यूज़िकल', 'शक्ति', 'अपहरण' और 'राजनीति' जैसी फ़िल्मों में कई तरह के किरदार निभाए। 'क्रांतिवीर' (1994) में उनके काम की बहुत तारीफ़ हुई और उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिला। उन्हें 'अग्नि साक्षी' और 'परिंदा' के लिए भी नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। नाना उन चुनिंदा एक्टर्स में से एक थे जिन्हें बेस्ट एक्टर, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर और बेस्ट विलेन - तीनों कैटेगरी में फ़िल्मफेयर अवॉर्ड मिले। बाद में उन्होंने 'वेलकम' फ़िल्म में उदय शेट्टी का किरदार निभाकर अपना कॉमिक अंदाज़ दिखाया। यह किरदार उनके सबसे यादगार कॉमिक रोल्स में से एक बन गया, और 'वेलकम' व 'वेलकम बैक' दोनों ही फ़िल्में बहुत पॉपुलर कमर्शियल फ़िल्में साबित हुईं। मराठी सिनेमा से नाना पाटेकर का गहरा नाता नाना पाटेकर का मराठी थिएटर और सिनेमा से गहरा जुड़ाव था। 'नटसम्राट' में गणपतराव बेलवलकर का उनका किरदार उनके करियर की सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक बन गया। 'नटसम्राट' के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का फ़िल्मफेयर मराठी अवॉर्ड मिला। नाना ने 'प्रहार: द फ़ाइनल अटैक' के साथ डायरेक्शन में भी हाथ आज़माया और कैमरे के पीछे भी अपनी पहचान बनाई। एक्टिंग करियर के साथ-साथ वे लेखन और फ़िल्म निर्माण में भी सक्रिय रहे। नाना पाटेकर और 'नाम फ़ाउंडेशन' नाना पाटेकर किसानों की मदद करने के अपने कामों के लिए भी जाने जाते थे। एक्टर मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने 'नाम फ़ाउंडेशन' शुरू किया, जिसका मकसद महाराष्ट्र में सूखे से प्रभावित किसानों और उनके परिवारों की मदद करना था। 2015 के सूखे के दौरान, नाना ने महाराष्ट्र में प्रभावित किसान परिवारों को व्यक्तिगत रूप से आर्थिक मदद भी दी। नाना पाटेकर के अवॉर्ड्स और सम्मान अपने करियर के दौरान, नाना पाटेकर को उनकी एक्टिंग के लिए कई बड़े अवॉर्ड्स मिले, जिनमें तीन नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, कई फ़िल्मफेयर अवॉर्ड और अन्य सम्मान शामिल हैं। 2013 में उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया। नाना पाटेकर के आखिरी पल ताज़ा जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा में निधन हो गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उनके निधन की पुष्टि की। उनके पार्थिव शरीर को दोपहर बाद पुणे लाया जाएगा। पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है।
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी आखिरी फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ चर्चा में है। 75 वर्षीय अभिनेता ने मई में फिल्म की शूटिंग शुरू की थी और निधन से पहले अपना हिस्सा पूरा कर लिया था। अनीत पड्डा की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में नाना कथित तौर पर तांत्रिक का ...
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी दरियादिली से जुड़ा एक किस्सा चर्चा में है। उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये की कार खरीदने के बजाय किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों की मदद करने का फैसला किया था। 15-15 हजार रुपये के चेक बांटने के साथ उन्होंने नाम फाउंडेशन ...
Nana Patekar Death: जब नाना पाटेकर ने कहा था उन्हें मौत का नहीं है डर, बोले- 'जब निकलना है तो है...'
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। उनके निधन के बाद उनका एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है।
नाना पाटेकर के आखिरी 3 घंटे, दोस्त देख लेता ये मैसेज तो बच सकती थी जान... मरना नहीं चाहते थे नाना
Nana Patekar Last Message and Timeline:
नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों ने नाना को श्रद्धांजलि दी। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दूसरे दिन पीएम मोदी ने कहा कि नाना असाधारण कलाकार थे, जिन्होंने अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। PM मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर जी का जीवन तिरंगे की आन, बान और शान के लिए समर्पित रहा। वह बंधनों में नहीं रहे, परिंदे की तरह फिल्मों के आसमान में उड़े। उन्होंने समाज में व्याप्त व्यवस्था पर अपनी फिल्मों के माध्यम से करारा प्रहार किया। उन्होंने आगे कहा कि वे एक ऐसे क्रांतिवीर थे, जिन्होंने बुराइयों के विरुद्ध काम किया। उनकी वाणी जितनी तेज थी, उनकी खामोशी भी उतनी ही प्रभावी थी। वह देश विरोधियों पर निरंतर अंकुश के समर्थक थे। मैं नाना पाटेकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारजनों और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। अक्षय कुमार बोले- यकीन करना मुश्किल है कि आप चले गए अक्षय कुमार ने नाना के साथ (वेलकम) और हाल ही में (हाउसफुल 5) में काम किया था। उन्होंने कहा कि नाना उन दुर्लभ कलाकारों में थे, जिन्हें दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं थी। अक्षय ने उनकी आवाज, इंटेंसिटी और हर परफॉर्मेंस में ईमानदारी को याद किया। उन्होंने लिखा कि नाना की कमी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। रितेश देशमुख बोले- एक युग का अंत रितेश देशमुख ने नाना के निधन पर कहा कि उनके पास शब्द नहीं हैं और यह खबर सुनकर ऐसा लगा जैसे उन पर ट्रक चढ़ गया हो। रितेश ने उन्हें बेमिसाल अभिनेता बताया। उन्होंने (ब्लफमास्टर) और (हाउसफुल 5) में नाना के साथ काम किया था। रितेश ने कहा कि नाना के साथ मराठी फिल्म में काम करना उनकी अधूरी इच्छा रह गई। मेहुल कुमार बोले- नाना पाटेकर हमेशा जमीन से जुड़े इंसान रहे दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में डायरेक्टर मेहुल कुमार ने नाना पाटेकर को याद करते हुए कहा कि उनके साथ तिरंगा, क्रांतिवीर और कोहराम जैसी तीन यादगार फिल्में कीं। उन्होंने बताया कि नाना बेहद जमीन से जुड़े और सच्चाई के साथ चलने वाले इंसान थे। फिल्मों की सफलता और कई अवॉर्ड मिलने के बाद भी उनका व्यवहार कभी नहीं बदला। मेहुल कुमार ने बताया कि नाना ने किसी और डायरेक्टर के साथ तीन फिल्में नहीं की थीं। क्रांतिवीर को लेकर दिलीप कुमार ने भी कहा था कि नाना को लोग हमेशा इस किरदार के नाम से याद रखेंगे। उन्होंने बताया कि कोहराम के दौरान अमिताभ बच्चन को शुरुआत में नाना के साथ काम करने में थोड़ा संकोच था, लेकिन नाना और अमिताभ की बाद में अच्छी दोस्ती हो गई। वहीं (तिरंगा) के सेट पर नाना और राज कुमार के बीच भी अच्छी बॉन्डिंग बन गई थी। मेहुल कुमार ने कहा कि नाना सिर्फ एक स्टार नहीं थे, बल्कि अच्छे इंसान भी थे। उन्होंने गरीबों और किसानों की काफी मदद की। उनका नाम हमेशा याद रखा जाएगा। उदित नारायण बोले- नाना के निधन की खबर सुनकर हिल गया हूं दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में सिंगर उदित नारायण ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि सुबह-सुबह यह खबर सुनकर उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि 75 साल की उम्र में नाना का जाना फिल्म इंडस्ट्री और देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। बतौर एक्टर उनका कोई जवाब नहीं था और बतौर इंसान भी उनकी शानदार पर्सनालिटी थी। उदित ने बताया कि उन्हें नाना के साथ काम करने का मौका मिला था। एक फिल्म की रिकॉर्डिंग के दौरान नाना ने खुद माइक पर गाकर बताया था कि वह गाने को किस तरह चाहते हैं। उदित ने उनके लिए एक टेक में गाना गाया, जिसके बाद नाना ने उनकी तारीफ की थी। उन्होंने (तिरंगा) में भी नाना के साथ काम की यादें साझा कीं। जूनियर NTR बोले- हर किरदार में दिखती थी ईमानदारी साउथ स्टार जूनियर NTR ने नाना को भारतीय सिनेमा के बेहतरीन कलाकारों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नाना के हर किरदार में एक खास ईमानदारी और इंटेंसिटी नजर आती थी। उनकी परफॉर्मेंस अभिनय जैसी नहीं, बल्कि पर्दे पर जिंदगी के सामने आने जैसी लगती थी। NTR ने कहा कि भारतीय सिनेमा में नाना का योगदान पीढ़ियों तक याद किया जाएगा। प्रकाश राज बोले- बातचीत और बहसें हमेशा याद रहेंगी एक्टर प्रकाश राज ने नाना को याद करते हुए कहा कि वह उनके साथ बिताए पलों, बातचीत, बहसों और नाना के हाथ का बना खाना हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने नाना से मिली सीख को भी याद किया और कहा कि उनकी जिंदगी में आने के लिए वह हमेशा आभारी रहेंगे। नितिन गडकरी ने दोस्ती को किया याद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनके और नाना पाटेकर के बेहद करीबी और दोस्ताना संबंध थे। उन्होंने नाना के पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर और उनकी खास डायलॉग डिलीवरी को याद किया। गडकरी ने (नाम फाउंडेशन) के जरिए किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए नाना के काम को भी श्रद्धांजलि में याद किया। सुवेंदु अधिकारी बोले- भारतीय सिनेमा ने खास आवाज खो दी पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने नाना को भारतीय सिनेमा की बेबाक और खास आवाज बताया। उन्होंने (परिंदा), (क्रांतिवीर), (प्रहार) और (अब तक छप्पन) में उनके अभिनय को याद किया। उन्होंने नाना के सामाजिक काम और ग्रामीण समुदायों के लिए किए गए प्रयासों का भी जिक्र किया। नाना का करीब पांच दशक का करियर नाना पाटेकर ने 1978 में गमन से फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने हिंदी और मराठी सिनेमा के साथ थिएटर में भी काम किया। परिंदा, क्रांतिवीर, प्रहार, अब तक छप्पन, नटसम्राट, वेलकम और हाउसफुल 5 जैसी फिल्मों में उनके किरदार यादगार रहे। उन्हें तीन नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले थे और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
नाना पाटेकर के निधन पर मनीषा कोइराला का छलका दर्द, कभी दोनों के अफेयर की खबरों ने मचाई थी हलचल
नाना पाटेकर के निधन पर उनकी को-स्टार मनीषा कोइराला ने भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नाना को महान अभिनेता और अभिनय का सच्चा दिग्गज बताया। ‘खामोशी: द म्यूजिकल’ और ‘अग्निसाक्षी’ में साथ काम करने के दौरान दोनों के रोमांस की खबरों ने भी खूब सुर्खियां ...
Nana Patekar Death: नाना की 'खामोशी' से टूटीं मनीषा कोइराला, बोलीं- 'एक महान हस्ती को खो दिया'
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) का हाल ही में निधन हुआ है। नाना पाटेकर के निधन पर अब मनीषा कोइराला ने एक खास पोस्ट शेयर किया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
Tanushree Dutta Reaction On Nana Patekar Death:
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। तमाम सिनेमा जगत के सितारों ने नाना की मौत पर शोक जताया है। नाना पाटेकर के देहांत से जुड़े जरूरी अपडेट्स यहां पढ़ें-
Nana Patekar के आखिरी पलों का डॉक्टर ने किया खुलासा
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन से फिल्म जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है. डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना को अचानक सीने में दर्द हुआ और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. नाना के आखिरी पलों की जानकारी ने फैंस को भावुक कर दिया.
पिता का डूबा बिजनेस, नाना ने पेंट किए थे पोस्टर्स, 35 रु. में चलाया घर
नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे. लेकिन अपने शानदार काम की बदौलत वो फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे. नाना ने जिस स्टारडम को पाया, उसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया है। गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के बाद 75 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पाटेकर ने हमें ऐसे किरदार दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। पाटेकर अपने साथियों के बीच अपनी बेबाक और स्पष्ट राय के लिए जाने जाते थे और जो वे मानते थे, उसे कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। पीएम मोदी ने कहा, बहुत कम अभिनेताओं में नाना पाटेकर जैसी तीव्रता, विशिष्टता और दमदार उपस्थिति थी। उन्होंने हर भूमिका में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता दिखाई और हमें ऐसे किरदार दिए जिन्हें पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। वे अपनी बेबाक और स्पष्ट राय के लिए भी जाने जाते थे और जो वे मानते थे, उसे कहने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा था। उनके निधन से एक बड़ी कमी पैदा हुई है। उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं। डॉक्टर ने क्या कहा? पाटेकर डोना पाउला स्थित अपने घर पर बेहोश पाए गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, पाटेकर की मृत्यु सुबह करीब 5:20 बजे हुई। 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) के बावजूद, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉ. सालकर ने बताया कि एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा। परिवार गोवा के लिए रवाना नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने अपने पिता के निधन की पुष्टि की और बताया कि परिवार गोवा के लिए रवाना हो गया है। नाना पाटेकर कुछ निजी काम के सिलसिले में गोवा में थे। मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर दोपहर बाद पुणे लाया जाएगा। नाना पाटेकर का जीवन और फिल्मी करियर नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उनका जन्म 1 जनवरी 1951 को महाराष्ट्र के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा, दोनों में ही एक एक्टर, डायरेक्टर और राइटर के तौर पर अपनी पहचान बनाई। उनका बचपन आर्थिक तंगी में बीता। परिवार की खराब आर्थिक हालत के कारण, उन्होंने कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया था। मुंबई के चुनाभट्टी इलाके में उन्होंने फिल्म पोस्टर पेंटर के तौर पर भी काम किया और शुरुआती दिनों में वे महीने के करीब 35 रुपये कमाते थे। नाना पाटेकर ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1978 की फिल्म 'गमन' से की। इसके बाद उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में कई अहम किरदार निभाए। उनके करियर में एक बड़ा मोड़ 'परिंदा' (1989) फिल्म से आया। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड और फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। बाद में उन्होंने 'अंगार', 'तिरंगा', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'खामोशी: द म्यूजिकल', 'शक्ति', 'अपहरण' और 'राजनीति' जैसी फिल्मों में यादगार एक्टिंग की।
क्रांतिवीर से लेकर वेलकम तक, नाना पाटेकर की सर्वश्रेष्ठ फिल्में; तीन बार जीता था नेशनल अवॉर्ड
अभिनेता नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं रहे। ऐसे में हम आपको उनके करियर की बेस्ट मूवीज के बारे में बताने जा रहे हैं।
नाना पाटेकर के 10 दमदार डायलॉग्स, सिनेमा जगत में रहेंगे अमर; थिएटर्स में जमकर बजी थीं सीटियां
अभिनेता नाना पाटेकर अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनके 10 फिल्मी डायलॉग्स हमेशा-हमेशा के लिए अमर रहेंगे।
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक CPR देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाना पाटेकर का करीब पांच दशक लंबा फिल्मी करियर रहा। उन्होंने थिएटर से शुरुआत की और बाद में फिल्मों का रुख किया। गमन, अंकुश, परिंदा, क्रांतिवीर, तिरंगा, अब तक छप्पन, अपहरण और वेलकम जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाई थीं। 1 जनवरी, 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के गांव मुरुद-जंजीरा में जन्मे विश्वनाथ गजानन पाटेकर, जिन्हें दुनिया ने नाना पाटेकर के नाम से जाना। नाना बचपन से ही बाकी बच्चों से अलग रहे। तेवर में बगावती सुर थे। समाज की कुरीतियों को कला के माध्यम से दिखाना चाहते थे। इसलिए पहले थिएटर में आए, फिर फिल्मों का रुख किया। नाना अपने गुस्सैल स्वभाव के लिए भी चर्चा में रहते थे। जब रवि चोपड़ा ने इन्हें रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो इन्होंने गाली दे दी थी। फिल्म परिंदा की शूटिंग के वक्त नाना और फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा भिड़ गए थे। नाना पाटेकर से जुड़े कुछ खास किस्से..13 साल की उम्र, दिन में 16 किमी पैदल चलते थे नाना के पिता टेक्सटाइल पेंटिंग का एक छोटा सा बिजनेस चलाते थे। नाना जब 13 साल के थे, तभी किसी ने पिता के साथ फ्रॉड कर दिया। रातों-रात बिजनेस चौपट हो गया। सारी प्रॉपर्टी बिक गई। पैसे कमाने के लिए नाना को भी सड़क पर आना पड़ा। वे सुबह स्कूल जाते, शाम में फिल्म के पोस्टर्स पेंट करते थे। जहां पोस्टर पेंट करते थे, वहां से घर की दूरी 8 किलोमीटर थी। इस तरह दिन में 16 किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करते थे। इस काम के लिए हर महीने 35 रुपए मिलते थे। यह बात 1963 के आस-पास की है। पैसों की इतनी किल्लत थी कि कभी-कभार खाना भी नसीब नहीं होता था। लंच या डिनर टाइम में नाना यूं ही अपने दोस्तों से मिलने चले जाते थे। इस उम्मीद में कि सामने से कोई दो रोटी खाने को पूछ ले। टीचर बगल में बिठाते थे, ताकि मारने के लिए बार-बार उठना न पड़े नाना बचपन में बहुत शरारती थे। इतने शरारती कि टीचर इन्हें बगल में बिठाकर रखते थे, ताकि मारने के लिए बार-बार उठना न पड़े। शरारत इतनी बढ़ गई कि नाना की मां ने उन्हें छठी कक्षा के बाद अपनी बहन के गांव भेज दिया। मां को लगा कि दूसरी जगह जाएगा तो सुधर जाएगा। नाना अपनी मौसी के घर एक-दो साल रहे, फिर वापस लौट आए। मौसी ने ही उन्हें वापस भेज दिया। उन्हें डर था कि नाना की संगत में कहीं उन्हीं के बच्चे न बिगड़ जाएं। खुद को बदसूरत समझते थे, पिता को लेकर पाला था भ्रम नाना अपने आप को दूसरों से कमतर आंकते थे। वे अपने आप को बदसूरत मानते थे। नाना के दोनों भाई लुक में उनसे ठीक थे। नाना को लगता था कि पिता बाकी भाइयों को ज्यादा तवज्जो देते हैं। नाना बचपन से ही गांव-दराज में होने वाले नाटक-ड्रामों में भाग लेते थे। एक बार वे गांव में नाटक कर रहे थे। उनके पिता बंबई (अब मुंबई) से सिर्फ नाटक देखने गांव आ गए। उस वक्त नाना का भ्रम टूट गया कि पिता उनसे प्यार नहीं करते। नाना को उस वक्त एहसास हुआ कि जैसे उन्होंने अपनी कला से पिता को प्रभावित किया, वैसे ही पूरी दुनिया को भी कर सकते हैं। पिता हॉस्पिटल में थे, उनकी दवाई के भी पैसे नहीं थे नाना ने पिता को लेकर जो भ्रम पाला था, वह तो समय के साथ खत्म हो गया, लेकिन एक बात का मलाल आज भी है। नाना अपने पिता के हाथ पर एक रुपया तक नहीं रख पाए। नाना ने यह बात दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में कही थी। उन्होंने कहा था, ‘मुझे इस बात का गहरा दुख है कि अपनी कमाई से पिता के लिए कुछ नहीं कर पाया। उनका निधन भी एक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अस्पताल में हुआ था। उस वक्त उनकी दवाई के लिए भी मेरे पास पैसे नहीं थे। मेरे दोस्तों ने काफी मदद की। उन्होंने ही मुझे दवा के पैसे दिए थे।’ रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो रवि चोपड़ा को गालियां बक दीं स्मिता पाटिल ने नाना को बी.आर. चोपड़ा के बेटे रवि चोपड़ा के पास भेजा। रवि चोपड़ा उस वक्त फिल्म ‘आज की आवाज’ बना रहे थे। उन्होंने नाना को रेपिस्ट का रोल ऑफर किया। ऑफर सुनते ही नाना भड़क उठे। उन्होंने सबके सामने रवि को गालियां बक दीं। नाना ने कहा कि तुम मुझे ऐरा-गैरा आदमी समझते हो, क्या मैं ऐसा रोल करूंगा? यह कहकर नाना वहां से लौटने लगे। तभी स्मिता पाटिल वहां पहुंच गईं। उन्होंने नाना और रवि, दोनों को समझाया। तब रवि चोपड़ा ने उन्हें मेन विलेन का रोल ऑफर किया। नाना इस बार भी सीधी तरह नहीं माने। उन्होंने कहा कि मैं कर तो लूंगा, लेकिन अपना किरदार खुद लिखूंगा। आखिरकार उन्होंने फिल्म में काम कर लिया था। विधु विनोद चोपड़ा के साथ हाथापाई, नाना का कुर्ता फट गया फिल्म परिंदा की शूटिंग के दौरान विधु विनोद चोपड़ा और नाना पाटेकर में लड़ाई हो गई थी। यह बात खुद विधु ने एक टीवी रियलिटी शो के दौरान स्वीकारी थी। उन्होंने कहा था, ‘नाना हर सीन में गाली देता था। मुझे यह बात बड़ी अजीब लगती थी। मुझे उस वक्त गालियां नहीं आती थीं। नाना बार-बार गालियां दिए जा रहा था। ऊपर से बिना शूटिंग किए घर जाने लगा। मैंने कहा कि पहले पैसे दो, फिर वापस जाओ। कम से कम मेरा नुकसान तो मत कराओ। यही बात कहते हुए मैंने उसका कुर्ता फाड़ दिया। अभी यह सब चल ही रहा था कि कैमरामैन ने शॉट रेडी कर दिया। आप फिल्म देखिए, एक सीन में नाना बनियान में बैठकर रोता दिखाई देगा। वह शॉट झगड़े के तुरंत बाद लिया गया था। खैर, शॉट परफेक्ट हो गया। बाद में नाना ने मुझे गले लगा लिया।’ सेफ्टी गार्ड पहनने से मना किया, आग में झुलसे तो स्किन उतर गई फिल्म परिंदा के क्लाइमैक्स सीन में नाना पाटेकर को आग में जलते दिखाया गया था। दुर्भाग्यवश, नाना सच में आग में झुलस गए थे। इस वजह से उनकी पूरी स्किन उतर गई थी। दरअसल, उस वक्त की फिल्मों में आर्टिफिशियल फायर जैसी कोई चीज नहीं थी। सेट पर असली आग लगाई जाती थी। फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने नाना को सेफ्टी गार्ड पहनने को कहा था। नाना ने कहा कि अगर वे सेफ्टी गार्ड पहन लेंगे तो एक्टिंग नेचुरल नहीं लगेगी। फिर भी विधु के कहने पर उन्होंने थोड़ा बहुत खुद को ढंक लिया। हालांकि, जब सीन शुरू हुआ तो आग की लपटें उनके शरीर को छू गईं। उनके हाथ-पैर की स्किन ही गायब हो गई। मामला सीरियस हो गया। उन्हें मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद नाना एक साल तक फिल्मों से दूर रहे। फिल्म परिंदा 1989 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में नाना निगेटिव किरदार में थे। इस फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में नाना को आग में जलते दिखाया गया था। सेना के अधिकारी ने रिस्पॉन्स नहीं दिया तो रक्षा मंत्री को लगा दिया फोन नाना पाटेकर बचपन से आर्मी जॉइन करना चाहते थे। 1991 की फिल्म प्रहार के जरिए उनका यह सपना भी पूरा हो गया। आर्मी बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म की तैयारी के लिए नाना ने तीन साल तक आर्मी ट्रेनिंग प्रोग्राम किया था, जहां उन्हें कैप्टन की मानद रैंक दी गई थी। 1999 में पाकिस्तान के साथ कारगिल वॉर में नाना ने भारतीय सेना को अपनी सेवाएं दी थीं। हालांकि इसके पीछे दिलचस्प कहानी है। नाना ने सेना के एक बड़े अधिकारी को फोन किया और आर्मी जॉइन करने की इच्छा जताई। अधिकारी ने कहा कि आप आम नागरिक हैं, हम आपको आर्मी में नहीं ले सकते। नाना ने तब देश के तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को फोन कर दिया। जॉर्ज फर्नांडिस पहले से नाना को जानते थे। पहले तो उन्होंने मना किया, लेकिन जब नाना ने उन्हें अपना आर्मी वाला बैकग्राउंड बताया, तब मान गए। उन्हें हरी झंडी दे दी। नाना कारगिल में दो महीने सेना के साथ जुड़े रहे। वहां वे क्विक रिएक्शन टीम का हिस्सा थे। क्विक रिएक्शन टीम में सिर्फ वहीं लोग काम करते हैं, जो औरों से निपुण हों और हर परिस्थिति में लड़ने को तैयार रहें। परफॉर्मेंस के बीच में जूते बरसाए जाते थे नाना ने एक नाटक पुरुष (1981) में 16 साल अभिनय किया। इस नाटक में वे विलेन बनते थे। उनका रोल इस कदर घिनौना था कि परफॉर्मेंस के बीच में ही महिलाएं जूते बरसाने लगती थीं। जब वे जूते मांगने जातीं तो नाना मना कर देते। वे उन जूतों को सम्मान के तौर पर संभाल कर रखते थे। 1993 मुंबई ब्लास्ट में भाई को खोया, हाथ के कड़े से बॉडी पहचानी 1993 बम ब्लास्ट में नाना ने अपना भाई खो दिया था। उनके भाई जिस बस में बैठे, उसी में ब्लास्ट हो गया था। बॉडी पहचान में नहीं आ रही थी। नाना के भाई हाथ में एक कड़ा पहनते थे। उसी से शव की पहचान हुई थी। जिसमें ब्लास्ट हुआ, उसके आगे वाली बस में नाना की पत्नी नीलकांति बैठी हुई थीं। दरअसल, नाना की पत्नी और भाई साथ ही निकले थे। दोनों एक ही बस में बैठने वाले थे, लेकिन सीट सिर्फ एक ही मिली। नाना के भाई मजबूरन पीछे वाली बस में बैठ गए। अगर उन्हें पहली बस में सीट मिल जाती तो शायद जान बच जाती।
35 रुपये सैलरी, 16 किलोमीटर का पैदल सफर, संघर्ष से सुपरस्टार तक नाना पाटेकर की अनकही कहानी
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है। ऐसे में हम आपको उनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य बताने जा रहे हैं।
जीवंत अभिनय की श्रेष्ठ मिसाल थे नाना पाटेकर, परदे पर छा जाता था किरदार
नाना पाटेकर उन कलाकारों में थे जिनके लिए भाषा कभी सीमा नहीं बनी। हिंदी फिल्मों में उनकी मजबूत पहचान थी, लेकिन मराठी सिनेमा और रंगमंच से उनका रिश्ता हमेशा कायम रहा।.....
बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में गोवा में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। उनके निधन से चार दिन पहले उन्हें गोवा में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया था।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) के कारण 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें डोना पाउला स्थित उनके घर पर बेहोशी की हालत में पाया गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, पाटेकर का निधन सुबह करीब 5:20 बजे हुआ। 45 मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देने के बावजूद, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। डॉ. सालकर ने बताया कि एक मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमॉर्टम के बारे में और जानकारी का इंतज़ार है। अपनी दमदार एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में कई दशकों तक शानदार करियर बनाया। 'क्रांतिवीर', 'परिंदा', 'नटसम्राट', 'अब तक छप्पन' और 'वेलकम' जैसी फिल्मों में उनके बेहतरीन अभिनय ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में से एक के तौर पर स्थापित किया। उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके फैंस को गहरा सदमा लगा है। परिवार गोवा के लिए रवाना नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने उनके निधन की पुष्टि की और बताया कि परिवार गोवा के लिए रवाना हो गया है। नाना पाटेकर कुछ निजी काम के सिलसिले में गोवा में थे। मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर दोपहर बाद पुणे लाया जाएगा। उन्होंने 1978 की फ़िल्म 'गमन' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। 2000 के दशक की शुरुआत में, पाटेकर को 'शक्ति: द पावर' (2002), 'अब तक छप्पन' (2004), 'अपहरण' (2005) और 'टैक्सी नंबर 9211' (2006) में अपनी एक्टिंग के लिए तारीफ़ मिली। उन्हें कॉमेडी फ़िल्म 'वेलकम' (2007) और इसके सीक्वल 'वेलकम बैक' (2015) में गैंगस्टर 'उदय शेट्टी' का किरदार निभाने के लिए भी काफ़ी तारीफ़ मिली। इस एक्टर ने कॉमेडी थ्रिलर 'हाउसफुल 5' में भी एक सपोर्टिंग रोल निभाया। वह पॉलिटिकल थ्रिलर 'राजनीति' (2010) का भी हिस्सा थे - जिसने उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के तौर पर फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड के लिए पाँचवीं बार नॉमिनेशन दिलाया। 2016 में, उन्हें मराठी फ़िल्म 'नटसम्राट' में अपनी एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर का फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला। पाटेकर को पद्म श्री भी मिला था - यह सम्मान उन्हें 2013 में सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया था। वे 'यशवंत' (1997), 'वजूद' (1998) और 'आंच' (2003) जैसी फ़िल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी जाने जाते थे। नाना पाटेकर आखिरी बार चार दिन पहले गोवा के डोना पाउला में सार्वजनिक रूप से देखे गए थे, जहाँ वे 'सम्राट क्लब इंटरनेशनल' के इंस्टॉलेशन समारोह में शामिल हुए और उन्होंने वहाँ लोगों को संबोधित भी किया।
Vivek Agnihotri के बयानों पर भड़का विश्व हिंदू परिषद! पूछा- 'हिंदू धर्म पर सवाल उठाने वाले आप कौन?'
फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री की हिंदू धर्म, धार्मिक स्थलों और अंधविश्वासों को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ा एतराज जताया है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) के जरिए अग्निहोत्री पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया कि आखिर वे हिंदू धर्म पर सवाल उठाने वाले कौन होते हैं और क्या उन्हें अन्य धर्मों में कथित अंधविश्वास और अवैज्ञानिक प्रथाएं नजर नहीं आतीं? विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अग्निहोत्री की यह टिप्पणी कि लोगों को धर्म, खासकर हिंदू धर्म के बारे में “ज्ञान नहीं बांटना चाहिए”, क्योंकि “यहां हर कोई पहले से ही बुद्धिमान है”, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों पर भी लागू होती है। बंसल ने कहा, ‘‘आपकी इस बात से सभी सहमत हैं कि यहां किसी को भी धर्म, खासकर हिंदू धर्म के बारे में ज्ञान बांटने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हर कोई बुद्धिमान है। लेकिन यह बात फिल्मी दुनिया के लोगों पर भी उतनी ही लागू होती है।’’ अग्निहोत्री ने ‘एक्स’ पर अपनी हालिया पोस्ट में श्रद्धालुओं से “विनम्र अनुरोध” करते हुए कहा कि वे इस मंच पर धर्म, खासकर हिंदू धर्म, के बारे में ज्ञान न बांटें, क्योंकि “यहां हर कोई पहले से ही बुद्धिमान है।” उन्होंने यह भी कहा कि वह अक्सर सोचते हैं कि यदि उपनिषदों के रचयिता, महान हिंदू दार्शनिक और स्वामी विवेकानंद आज जीवित होते, तो वे क्या कहते। उन्होंने कहा, “बाकी जहां तक अंधविश्वासों, चमत्कारों, अवैज्ञानिक परिभाषाओं और रील बनाने के लिए जुटने वाली भीड़ का सवाल है- अगर आप इसे ही हिंदू धर्म मानते हैं, तो बेशक अपने विश्वास के साथ आगे बढ़ते रहें।’’ अग्निहोत्री ने कहा, “आखिरकार, भ्रम का कोई इलाज तो है नहीं।” अग्निहोत्री द्वारा धार्मिक स्थलों पर अंधविश्वासों और रील बनाने के लिए जुटने वाली भीड़ का जिक्र किए जाने पर बंसल ने सवाल किया कि क्या उन्हें “मजारों, मदरसों, गिरजाघरों और उपचार के लिए आयोजित होने वाली सभाओं” में ऐसी प्रथाएं दिखाई नहीं देतीं? बंसल ने कथित धर्मांतरण के खिलाफ काम करने वाले एक संगठन के सोशल मीडिया अकाउंट का भी जिक्र किया और कहा कि वहां पीड़ितों के वीडियो देखे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री शायद भविष्य में बनने वाली किसी फिल्म के लिए “सच्चा ज्ञान” उपलब्ध करा सकती है। विहिप प्रवक्ता ने कहा कि वह अग्निहोत्री की इस बात से सहमत हैं कि “भ्रम का कोई इलाज नहीं है”, लेकिन दूसरों के बारे में ऐसी टिप्पणी करने से पहले इंसान को खुद के भीतर मौजूद भ्रम को दूर करना चाहिए। इससे पहले विहिप ने अग्निहोत्री से धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लोगों के संदर्भ में “धर्म पर कर लगाने” संबंधी अपनी टिप्पणी वापस लेने और करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए माफी मांगने को कहा। अग्निहोत्री ने ये टिप्पणियां तब की थीं जब चार अक्टूबर को उत्तराखंड के कैंची धाम में दर्शन के लिए लगी लंबी कतारों में धक्का-मुक्की करती भारी भीड़ का एक वीडियो उन्होंने ‘एक्स’ पर रिपोस्ट किया था। उन्होंने इस पोस्ट के साथ लिखा था कि ‘‘यदि सरकार धर्म पर भी कर लगा पाती तो यकीनन भारत रातोंरात दुनिया का सबसे अमीर देश बन जाता’’। उन्होंने कहा था, ‘‘इसलिए नहीं कि लोग कर देते बल्कि इसलिए कि वे धर्म को छोड़कर नवाचार, प्रगति, उत्पादकता और नए विचारों पर ध्यान देना शुरू कर देते।’’ इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, बंसल ने धर्म को नवाचार और उत्पादकता के खिलाफ खड़ा करने के लिए अग्निहोत्री की आलोचना की। बंसल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘करोड़ों हिंदुओं की तीर्थयात्राओं को ‘चमत्कारों का इंतजार’ बताने और धर्म को नवाचार एवं उत्पादकता के खिलाफ खड़ा करने की क्या जरूरत है? तीर्थस्थल भारत की आत्मा हैं। वे केवल पूजा-स्थल नहीं हैं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, सामाजिक जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।’’ उन्होंने अग्निहोत्री द्वारा ‘‘धर्म पर कर’’ का जिक्र किए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि फिल्म उद्योग अपनी फिल्मों के लिए कर में छूट की मांग करता है। उन्होंने कहा, ‘‘फिल्म उद्योग अपनी फिल्मों के लिए कर में छूट मांगता है, लेकिन जब बात तीर्थस्थलों की आती है, तो धर्म पर कर लगाने की बात क्यों की जाती है?” बंसल ने यह सवाल भी उठाया कि क्या यह टिप्पणी किसी नयी फिल्म के प्रचार से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘विवेक जी, क्या किसी नयी फिल्म के प्रचार के कारण आपके मन में यह अप्रिय विचार आया है? यही आस्थावान, धार्मिक और राष्ट्रवादी हिंदू समाज है, जिसने न केवल आपकी फिल्मों को सफल बनाया और आपको आगे बढ़ने में मदद की, बल्कि आपकी फिल्मों के माध्यम से आपको एक विशेष सम्मान भी दिया। उनकी अटूट आस्था के साथ खिलवाड़ करना आपके लिए उचित नहीं है।
बॉलीवुड से गायब आयशा, सलमान संग हिट देकर छोड़ी एक्टिंग
आयशा टाकिया ने 'टार्जन: द वंडर कार', 'सोचा ना था', 'डोर' और सलमान खान के साथ सुपरहिट फिल्म 'वॉन्टेड' जैसी फिल्मों में एक्टिंग की. हालांकि, अपने करियर के शिखर पर रहने के दौरान ही उन्होंने बॉलीवुड और एक्टिंग की दुनिया से दूरी बना ली.
45 मिनट तक दिया CPR, नहीं संभली हालत...Nana Patekar के निधन के मामले में मेडिको-लीगल केस रजिस्टर
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर को सुबह 5:20 बजे उनके गोवा स्थित घर पर गंभीर कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया।
नहीं रहे दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, 75 की उम्र में निधन; गोवा के घर में मिले थे बेहोश
बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर का निधन हो गया है। वह 75 वर्ष के थे। नाना पाटेकर अपने गोवा स्थित घर में बेहोश मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अटैक आया था। उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। 4 अक्टूबर को गोवा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, VIDEO ‘परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड जीते नाना ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं। 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। 1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया। ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छाए 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस कॉमेडी रोल को काफी पसंद किया गया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए। फिल्म प्रहार के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की थी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े। उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए। कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 2 से 3 सप्ताह यानी 15-20 दिन सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए। इस दौरान वह द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे क्षेत्रों में गए। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ समय बिताया। नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि देश के लिए हर व्यक्ति को अपनी तरफ से कुछ न कुछ करना चाहिए। सेना के जवानों के प्रति उनका सम्मान कई मौकों पर सामने आया है। 2016 में उन्होंने कहा था कि उनके लिए देश सबसे पहले है और जवान ही देश के असली हीरो हैं। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन: 94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का 3 अक्टूबर 2026 को 95 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने ‘पुष्पक विमान’ और ‘आदित्य 369’ समेत कई भाषाओं में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया था। 94 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ का निर्देशन किया था, जो 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
शेफाली बग्गा ने ED को सौंपे बेटिंग ऐप में कमाए पैसे
टीवी प्रेजेंटर और बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा ने महादेव बेटिंग ऐप से प्राप्त पैसे खुद से प्रवर्तन निदेशालय को सौंप दिए हैं. यह कदम जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है.
हनुमान अंश के डायरेक्टर ने गाया भजन, जगजीत सिंह से होने लगी तुलना
7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई हनुमान अंश को दो महीने से ज्यादा हो गए हैं. इन 9 हफ्तों में फिल्म का कारोबार 328 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है. इस बीच डायरेक्टर अपनी सिंगिंग को लेकर चर्चा में है.

