बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को ऑस्ट्रेलिया की लॉ ट्रोब यूनिवर्सिटी ने 'डॉक्टर ऑफ लेटर्स' (D.Litt.) की मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया है। स्टेज पर यह सम्मान लेते व्यक्त रानी मुखर्जी भावुक दिखाई दीं। मेलबर्न के फेडरेशन स्क्वेयर में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 के दौरान 14 अगस्त को आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। उन्हें तीन दशक के करियर और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में योगदान के लिए रानी को यह सर्वोच्च उपाधि मिली है। वे शाहरुख खान के बाद ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से यह सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय कलाकार बन गई हैं। शाहरुख के बाद सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय कलाकारला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने इससे पहले साल 2019 में शाहरुख खान को सिनेमा और सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट दी थी और उनके नाम पर पीएचडी स्कॉलरशिप की घोषणा की थी। यूनिवर्सिटी के चांसलर जॉन ब्रम्बी एओ ने कहा कि रानी मुखर्जी के काम ने सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रहकर सामाजिक न्याय, समानता और समावेश जैसे विषयों पर चर्चा शुरू की है। यूनिवर्सिटी ने महिलाओं, बच्चों और वंचित समुदायों के लिए उनके निरंतर काम की सराहना की। शुरुआत से ही जोखिम भरे रोल चुने: रानी मुखर्जीसमारोह में सम्मान स्वीकार करते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे विनम्र और भावुक पलों में से एक है। बचपन में वे अपने माता-पिता और देश को गौरवान्वित करना चाहती थीं और सिनेमा उस सपने को पूरा करने का माध्यम बन गया। रानी ने बताया कि उन्होंने करियर की शुरुआत से ही जोखिम भरे रोल चुने हैं। वे हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनीं, जिन्होंने सबसे पहले उनके दिल को छुआ और लोगों को प्रेरित किया। एक्टिंग में एक्सीलेंस के लिए भी विशेष सम्मान आईएफएफएम 2026 में रानी मुखर्जी को उनकी बेहतरीन एक्टिंग और वैश्विक पहचान के लिए एक विशेष प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा कि यह सम्मान रानी की कला और सिनेमा की उस ताकत का जश्न है जो दो देशों को जोड़ती है। 13 से 23 अगस्त तक चलने वाले इस फेस्टिवल में भारतीय फिल्मों और कहानियों के प्रभाव को दिखाया जा रहा है। तीन दशक का करियर और सामाजिक मुद्दों पर फिल्मेंरानी मुखर्जी ने 1990 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 'गुलाम', 'कुछ कुछ होता है', 'साथिया', 'हम तुम', 'बंटी और बबली' और 'युवा' जैसी हिट फिल्मों में काम किया। इसके बाद उन्होंने 'ब्लैक', 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी, 'नो वन किल्ड जेसिका', 'हिचकी' और 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' जैसी फिल्मों के जरिए लैंगिक न्याय, महिलाओं के अधिकार, दिव्यांगों के समावेश और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को बड़े पर्दे पर मजबूती से रखा।
आवारापन 2 आज सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, लेकिन इस मूवी की रिलीज का पूरा फायदा पाकिस्तानी सिंगर ने उठाया है और कल्ट गाने 'तेरा मेरा रिश्ता' का 2.0 वर्जन रिलीज कर दिया है।
Awarapan 2 सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है, यह फिल्म 2007 में रिलीज हुई आवारापन का सीक्वल है जिसे मोहित सूरी ने डायरेक्ट किया था। तो आखिर इसके सीक्वल को डायरेक्टर करने से वे पीछे क्यों हटे? आइए जानते हैं-
'मैं तुम्हारे साथ क्यों काम करूं...' Vikrant Massey से डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने कही थी ऐसी बात
विक्रांत मैसी ने शेखर सुमन के शो में '12th फेल' और विधु विनोद चोपड़ा के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे चोपड़ा ने शुरुआत में उनके टीवी एक्टर होने पर सवाल उठाया और शूटिंग के दौरान उन्हें 300 रुपये दिए।
इमरान हाशमी की बहुचर्चित फिल्म आवारापन 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसे बॉक्स ऑफिस पर बेहद शानदार शुरुआत मिली है। स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर आई इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही करोड़ों रुपये का बेहतरीन कारोबार कर लिया था। अब फिल्म के पहले दिन के रिव्यू भी सामने आ चुके हैं, जहां दर्शक इसकी कहानी और गानों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इमरान हाशमी की बेहतरीन एक्टिंग और उनका वही पुराना अंदाज है, जो दर्शकों को बहुत पसंद आ रहा है। View this post on Instagram A post shared by Prabhasakshi (@prabhasakshi) इसे भी पढ़ें: Shweta Tiwari संग शादी की अफवाहों पर भड़के Vishal Aditya Singh, ट्रोलर्स को लताड़ा दर्शकों से मिल रहा जबरदस्त रिस्पॉन्स सिनेमाघरों में रिलीज होते ही फिल्म छा गई है और इसे देखने के बाद लोग काफी खुश होकर बाहर निकल रहे हैं। फिल्म देखकर आए एक दर्शक का कहना है कि इसकी शुरुआत बेहद दमदार है, जो शुरू से अंत तक बांधकर रखती है। इसके अलावा, मेकर्स ने इस सीक्वल में फैंस के लिए एक बहुत ही खास सरप्राइज भी रखा है, जो दर्शकों का दिल जीत रहा है। View this post on Instagram A post shared by Prabhasakshi (@prabhasakshi) इसे भी पढ़ें: Batwara 1947 Public Review: दर्शकों का दिल छूने में नाकाम रही फिल्म, सिनेमा हॉल के अंदर दिखा शांत माहौल फिल्म की स्टार कास्ट और पुरानी यादें नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी इस फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी और शबाना आजमी भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। इस फिल्म को साल 2007 में आई पहली आवारापन की लोकप्रियता का भरपूर फायदा मिल रहा है, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।
क्या आप जानते हैं भारत की पहली देशभक्ति फिल्म कौन सी थी? 8 दशक पहले भारत स्वतंत्र हुआ था, लेकिन यह देशभक्ति फिल्म आजादी के पहले ही बन गई थी।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के एट होम रिसेप्शन में शामिल होंगे अभिनेता कार्तिक आर्यन
कार्तिक आर्यन के लिए यह निमंत्रण उनके करियर के एक बेहद खास दौर में आया है। हाल ही में उन्हें कबीर खान की फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में अपने अभिनय के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला।
श्रीदेवी (Sridevi) ने शेखर कपूर की फिल्म 'मिस्टर इंडिया' में काम किया, डायरेक्टर ने अब कहा है कि उनके बिना ये फिल्म नहीं बन सकती थी।
Priyanka Chopra Shah Rukh Khan Relation:
रामायण में क्या बने हैं चेतन हंसराज, एक साथ निभाएंगे 7 किरदार!
अभिनेता चेतन हंसराज ने बताया कि राजा माली इतिहास का एक अहम किरदार है. फिल्म में रावण बने यश के साथ मेरे सीन बेहतरीन हैं. यश को पर्दे पर देखना बेहतरीन है. मेरे लिए उनके साथ काम करने का अनुभव शानदार था.
साल 2021 में यश के एक फैन ने सुसाइड लेटर में ये इच्छा जताई थी कि टॉक्सिक स्टार उसका अंतिम संस्कार अटेंड करें, लेकिन अभिनेता ने ऐसा नहीं किया। अब 5 साल बाद यश ने फ्यूनरल अटेंड न करने की वजह बताई।
Exclusive: 'Mirzapur' के खूनी भौकाल में सुरीला धमाका, फिल्म के कल्ट गीत को श्रेया घोषाल देंगीं आवाज
मिर्जापुर: द मूवी (Mirzapur: The Movie) में अब मशहूर 'वारूं' गाने का नया वर्जन 'वारूं फॉरएवर' सुनाई देगा, जिसे श्रेया घोषाल और रूमी ने अपनी आवाज दी है।
हाल ही में गोविंदा (Govinda) को मुंबई एयरपोर्ट पर अपनी नई हीरोइन रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया। इसके बाद सुनीता आहुजा ने इस पर रिएक्शन दिया है।
बाबा बुल्ले शाह की शायरी पर बना बॉलीवुड का सबसे आइकॉनिक गाना, GenZ भी थिरकने पर हो जाते हैं मजबूर
बाबा बुल्ले शाह (Baba Bulleh Shah) की शायरी से इंस्पायर्ड बॉलीवुड में एक आइकॉनिक गाना बना जो 28 साल बाद भी सुपरहिट है।
Traitors में मुनव्वर के खिलाफ हुई 'सर्जिकल स्ट्राइक', हुए बाहर
मुनव्वर फारूकी ने पहली बार इस बात पर खुलकर बात की है कि शो में उन्हें निशाना बनाया जा रहा था, जबकि बाकी सभी कंटेस्टेंट जानते थे कि वह गद्दार नहीं थे.
अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने पति पर तीखा हमला बोला है। सुनीता ने गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल रॉय के साथ एयरपोर्ट पर दिखने पर कड़ी नाराजगी जताई। सुनीता ने कहा कि गोविंदा को बेटी की उम्र की लड़की के साथ इस तरह घूमने पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कोमल के कपड़ों पर भी तंज कसा। सुनीता ने कहा कि बिना फिल्म बने कोई प्रमोशन नहीं होता, यह सब घटिया सोच को दिखाता है। 'बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहा है' सुनीता से गोविंदा के कोमल रॉय के साथ दोबारा नजर आने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कड़े शब्दों में जवाब दिया। सुनीता ने कहा कि फिल्म बनने के बाद ही उसका प्रमोशन किया जाता है, बिना किसी फिल्म के यह सब करने का क्या मतलब है। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनोसुनीता आहूजा ने केवल गोविंदा ही नहीं, बल्कि उनके साथ दिख रही कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थेगोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमलगोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।
90 के दशक में एक ऐसा सिंगर आया, जिन्होंने एक से बढ़कर एक कल्ट क्लासिक गाने दिए। इस नायाब हीरे को होटल से उठाकर बॉलीवुड में लाने वाले कोई और नहीं, बल्कि जगजीत सिंह थे।
15 अगस्त पर देखने के लिए 8 बेहतरीन देशभक्ति फिल्में, Shershaah से लेकर Baby तक
15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। इस खास मौके पर बॉलीवुड भी तिरंगे के रंग में रंगा हुआ है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेश हैं 8 ऐसी फिल्में जो पिछले कुछ वर्षों में ही रिलीज हुई हैं और देखने लायक हैं।
रुक्मिणी वसंत ने टॉक्सिक को बताया, अब तक किए हर काम से बिल्कुल अलग
टॉक्सिक को अपने लिए खास बताते हुए रुक्मिणी ने कहा, टॉक्सिक मेरे लिए, और इस फिल्म का हिस्सा रहे हर इंसान के लिए बेहद स्पेशल फिल्म है। ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं जिनके बारे में मैं बात कर सकती हूं।
सलमान खान संजय दत्त ने सालों बाद स्क्रीन पर की वापसी, 7 डॉग्स में मचा दी तबाही
Salman Khan Sanjay Dutt 7 Dogs:
बॉलीवुड के दिग्गज बच्चन परिवार का नाम दशकों से हिंदी सिनेमा की पहचान और विरासत से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम सवाल उठाए हैं। आराध्या बच्चन की सेहत को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है? अगर हां, तो क्या यह लीगेसी अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकती है? आराध्या बच्चन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा को लीगेसी की तरह अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है? अगर मिल सकती है, तो यह सुरक्षा कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगी? जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि किसी ट्रेडमार्क की पहचान उसके प्रोडक्ट या सर्विस की वजह से बनती है। लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार के नाम की पहचान उसकी उपलब्धियों, काम और समाज में उसकी प्रतिष्ठा से बनती है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह प्रतिष्ठा भी परिवार की लीगेसी की तरह आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने तीन बड़े सवाल उठाए- पहला सवाल- क्या परिवार की प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक जा सकती है?कोर्ट यह देखेगा कि अगर किसी परिवार के नाम की प्रतिष्ठा ट्रेडमार्क जैसी मानी जाए, तो क्या यह प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक बनी रह सकती है? अगर हां, तो इसकी कानूनी सीमा क्या होगी? दूसरा सवाल- क्या फेक न्यूज भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन है?कोर्ट यह भी देखेगा कि अगर किसी सेलिब्रिटी या उसके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और झूठी खबरें फैलाई जाती हैं, तो क्या इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन माना जा सकता है? तीसरा सवाल- क्या मानहानि को भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जोड़ा जा सकता है?कोर्ट यह समझने की कोशिश करेगा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली मानहानि को क्या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत लाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि ये सवाल अंतिम नहीं हैं और मामले में आगे और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बच्चन परिवार की लीगेसी का भी मुद्दा आराध्या की तरफ से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि मामला सिर्फ आराध्या की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि पूरे बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा का है। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि बच्चन परिवार की तस्वीरों और ‘बच्चन’ नाम का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें आराध्या की मौत या कैंसर जैसी झूठी बातें कही गईं। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यही वजह है कि अब कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल है कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है और क्या उस लीगेसी को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है? 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को करेगा। इस दौरान परिवार की प्रतिष्ठा, फेक न्यूज, मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े सवालों पर आगे चर्चा होगी। इस मामले का फैसला सिर्फ बच्चन परिवार के लिए नहीं, बल्कि दूसरे सेलिब्रिटी परिवारों के लिए भी अहम हो सकता है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी परिवार के नाम, पहचान, तस्वीर और प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानून किस तरह सुरक्षा देता है।
आराध्या बच्चन फेक न्यूज मामले में High Court ने पूछा क्या परिवार का सरनेम और साख ट्रेडमार्क है?
बॉलीवुड कलाकार अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन की बेटी आराध्या बच्चन एक बार फिर खबरों में हैं। साल 2023 में आराध्या बच्चन ने अपने स्वास्थ्य और निजी जिंदगी को लेकर यूट्यूब पर डाली गई झूठी खबरों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस अर्जी में उन्होंने अपने अधिकारों और निजता की सुरक्षा की मांग की थी। अब इस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने कुछ अहम कानूनी सवाल पूछे हैं। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनवाई के दौरान जस्टिस अनूप जे भंभानी ने कहा कि किसी प्रोडक्ट या सर्विस का नाम और उसकी कीमत ट्रेडमार्क से जुड़ी होती है, लेकिन किसी व्यक्ति के मामले में स्थिति अलग होती है। जस्टिस भंभानी ने सवाल उठाया कि अगर किसी परिवार के नाम और इज्जत को ट्रेडमार्क की तरह माना जाए, तो यह इज्जत आने वाली पीढ़ियों तक किस हद तक जाती है? उन्होंने पूछा कि क्या किसी खास सरनेम की पहचान और साख आगे की पीढ़ियों को अपने आप मिल जाती है, और यदि हां, तो इसकी सीमा क्या है? इसे भी पढ़ें: सुपरस्टार Yash की फिल्म Toxic को मिला A सर्टिफिकेट, 26 अगस्त को सिनेमाघरों में होगी रिलीज बच्चन परिवार के वकील की दलील बच्चन परिवार की तरफ से पेश हुए वकील प्रवीण आनंद ने कोर्ट में दलील दी कि परिवार की साख और नाम का गलत फायदा उठाने या उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यूट्यूब पर पूरे परिवार की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और बच्चन नाम को झूठी खबरों से जोड़ा जा रहा है, जिससे परिवार की छवि खराब होती है। इसे भी पढ़ें: Box Office पर Awarapan 2 ने Batwara 1947 को पछाड़ा, एडवांस बुकिंग में कमाए 3.26 करोड़ रुपये कोर्ट का पिछला फैसला इससे पहले 20 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट ने कई यूट्यूब चैनलों को आराध्या के स्वास्थ्य के बारे में गलत जानकारी फैलाने से रोक दिया था। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा था कि किसी बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में ऐसी झूठी बातें फैलाना बहुत खराब मानसिकता को दर्शाता है। कोर्ट ने यह भी साफ किया था कि गूगल को अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसी चीजों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए और हर बच्चे को सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है। इस मामले की अगली सुनवाई अब सितंबर में होगी।
इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया। ये मामले दिव्यांग बच्चे को लेकर की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़े थे। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा- ये युवा प्रतिभाशाली हैं सुप्रीम कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। कोर्ट ने कहा कि पांचों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म की जाती है। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े बड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायतें और आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था? नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
सबा संग हुआ ऋतिक का ब्रेकअप? डेटिंग ऐप पर ढूंढ रहे पार्टनर!
ऋतिक रोशन और सबा आजाद पिछले काफी वक्त से रिलेशनशिप में हैं. इंटरनेट पर अटकलें हैं कि उनका रिश्ता टूट गया है. जानें ऐसा क्यों कहा जा रहा है.
अभिनेता सनी देओल अपनी नई फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के सिलसिले में कोलकाता पहुंचे थे। फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के साथ आयोजित एक कार्यक्रम में सनी ने फैंस से सीधी बातचीत की। इस दौरान एक फैन के कहने पर उन्होंने मशहूर एनिमेटेड शो 'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' का एक डायलॉग अपनी आवाज में बोलकर सुनाया। हिंदी में डब हुए इस कार्टून शो में जैक नाम के किरदार की आवाज सनी देओल की मिमिक्री स्टाइल में रखी गई है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बिना शो देखे बोले 'मैं पापा हूं, दुनिया का पापा'कोलकाता के ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम के दौरान एक फैन ने सनी देओल से कार्टून शो से जुड़ा एक डायलॉग बोलने का निवेदन किया। फैन ने एक्टर को बताया कि 'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' शो में उनकी आवाज जैसी डबिंग में एक लाइन है, 'ओये मैं पापा हूं, दुनिया का पापा'। सनी देओल ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने यह शो कभी नहीं देखा है, लेकिन वे कोशिश करते हैं। इसके बाद सनी ने अपने सिग्नेचर पंजाबी और हिंदी अंदाज में जोर से यह डायलॉग बोला, जिसे सुनकर पूरे हॉल में मौजूद फैंस ने जमकर तालियां बजाईं। भारत में 'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' की डबिंग का कनेक्शन'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' मूल रूप से कनाडा का एक लोकप्रिय एनिमेटेड शो है, जिसे जीन-इवेस रायमबॉड ने बनाया था। 1998 से 2019 के बीच इसके 7 सीजन प्रसारित हुए थे। भारत में यह शो साल 2009 में निकलोडियन चैनल पर पहली बार दिखाया गया था। इसके बाद 2012 में जब यह कार्टून नेटवर्क पर आया, तो इसके किरदारों को बॉलीवुड स्टार्स की मिमिक्री आवाज में डब किया गया। इसमें जैक नाम की हरी बिल्ली के किरदार की आवाज सनी देओल की स्टाइल में रखी गई थी, जो भारत के बच्चों और युवाओं के बीच काफी मशहूर हुई थी। सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'बंटवारा 1947'सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं, जो देश के विभाजन के समय पाकिस्तान चला जाता है। वहां उसे अपने नए घर में एक हिंदू महिला मिलती है, जिसका किरदार शबाना आजमी ने निभाया है। फिल्म की कहानी में सनी उस महिला और अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाते नजर आते हैं। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म में प्रीति जिंटा, करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह और कनिष्का कपूर ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यूः बंटवारा 1947:सनी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, भारत-पाक बंटवारे की दर्दनाक, इंसानियत भरी कहानी जो दिल दहला दे राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी जब साथ आती है तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। घायल, दामिनी और घातक के बाद बटवारा 1947 में यह जोड़ी 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि में फिर से नजर आती है। पूरी खबर पढ़ें
ग्रैंड पियानो के साथ तारा सुतारिया का विंटेज अवतार, ब्लैक ड्रेस में दिखीं बेहद हसीन
बॉलीवुड की 'फैशन क्वीन' तारा सुतारिया एक बार फिर अपने अट्रैक्टिव और ग्लैमरस अंदाज को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में तारा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिन्हें देखकर फैंस अपनी नजरें नहीं हटा पा रहे हैं। ग्रैंड पियानो के ...
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रानी मुखर्जी को ऑस्ट्रेलिया की ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने भारतीय सिनेमा में करीब तीन दशक के उल्लेखनीय योगदान तथा महिलाओं, बच्चों और वंचित समुदायों के लिए उनके निरंतर कार्य के लिए मानद डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट.) की उपाधि से ...
प्रभास ने 7 साल बाद बदली इंस्टाग्राम DP, 'फौजी' के खूंखार लुक से मचाया तहलका
पैन-इंडिया सुपरस्टार प्रभास जब भी पर्दे पर आते हैं, तो एक नया इतिहास रचते हैं। लेकिन इस बार प्रभास ने सोशल मीडिया की दुनिया में ऐसा कदम उठाया है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। अभिनेता ने लगभग 7 सालों के लंबे अंतराल के बाद अपने आधिकारिक ...
कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।
'आवारापन' एक्ट्रेस ने छोड़ा शोबिज, 19 साल बाद पहचानना मुश्किल
मृणालिनी 'प्रीमियर हैंडबॉल लीग' की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर और को-फाउंडर हैं. बतौर को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर वो एक बड़ी जिम्मेदारी निभा रही हैं.
17वें इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का शानदार आगाज और समापन भारतीय सिनेमा के रंगों से सराबोर रहा। ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर आयोजित इस प्रतिष्ठित फिल्म अवॉर्ड्स में भारत और उपमहाद्वीप की बेहतरीन फिल्मों, कलाकारों और निर्देशकों को सम्मानित किया गया।
जब कॉमेडी किंग जॉनी लीवर पर लगा तिरंगे के अपमान का आरोप, जानें क्या था पूरा मामला
फिल्मों में अपनी कॉमेडी से जबरदस्त पहचान बनाने वाले एक्टर जॉनी लीवर 14 अगस्त को अपना जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। जॉनी का असली नाम जॉन प्रकाश राव जनुमाला है। उन्होंने अपने करियर में 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और अपनी कॉमेडी से लोगों को जमकर ...
रेटिंग: 3.5ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनीडायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।
Sunidhi Chauhan Birthday: 18 की उम्र में Divorce और आर्थिक तंगी, ऐसे बनीं Bollywood की Singing Queen
आज यानी की 14 अगस्त को बॉलीवुड सिंगर सुनिधि चौहान अपना 43वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। सुनिधि ने कम उम्र में शादी कर ली थी। इस शादी के लिए वह अपने परिवार के खिलाफ गई थीं। लेकिन उनकी शादी 1 साल में ही टूट गई। उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट के दम पर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सिंगर सुनिधि चौहान के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार नई दिल्ली में 14 अगस्त 1983 को सुनिधि चौहान का जन्म हुआ था। उनका असली नाम निधि चौहान था। उनके पिता थिएटर से जुड़े थे, इसलिए उनको बचपन से ही संगीत और मंच का माहौल मिला। महज 4-5 साल की उम्र में ही सुनिधि स्थानीय कार्यक्रमों और छोटे मंचों पर गाने लगी थीं। वहीं 11 साल की उम्र में उनका परिवार मुंबई आ गया। यहां पर वह संगीतकार कल्याणजी के संगीत अकादमी से जुड़ गईं। बाद में वह 'लिटिल वंडर्स' ग्रुप की प्रमुख गायिका बन बनीं। सिंगिंग करियर साल 1996 में सुनिधि ने फिल्म 'शस्त्र' के गाने 'लड़की दीवानी देखो' से बॉलीवुड में एंट्री की। इसी साल सुनिधि ने दूरदर्शन के सिंगिंग रियलिटी शो 'मेरी आवाज सुनो' में हिस्सा लिया और उसकी विनर भी बनीं। इस दौरान सुनिधि चौहान की उम्र 13 साल की थी। उनको ट्रॉफी महान सिंगर लता मंगेशकर ने दी थी। टॉप सिंगर्स में हुईं शामिल साल 1999 में सुनिधि को फिल्म 'मस्त' के गाने 'रुकी रुकी सी जिंदगी' में गाने का मौका मिला। यह उनके सिंगिंग करियर के लिए बड़ा ब्रेक साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने 'धूम मचाले', 'महबूब मेरे', 'ये मेरा दिल', 'देशी गर्ल', 'बीड़ी', 'शीला की जवानी' और 'कमली' जैसे गाने गाए। इस तरह से वह इंडस्ट्री की टॉप सिंगर्स में शामिल हो गईं। हालांकि करियर के शुरूआत में सुनिधि की आवाज को लेकर उनको आलोचकाओं का सामना करना पड़ा था। शादी और फिर तलाक सुनिधि चौहान की पर्सनल लाइफ भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। महज 18 साल की उम्र सुनिधि चौहान ने कोरियोग्राफर और निर्देशक बॉबी खान से शादी की थी। लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। करीब 1 साल बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए। तलाक के बाद आर्थिक और निजी परेशानियों के बाद सुनिधि ने अपने करियर पर ध्यान दिया। बाद में सुनिधि चौहान ने संगीतकार हितेश सोनिक से शादी की और दोनों का एक बेटा है। शानदार सिंगिंग करियर में सुनिधि चौहान को कई सम्मान मिले। जिनमें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी शामिल है।
BB 20 Confirm Contestant: Bigg Boss
Bigg Boss 20 Confirm Contestant:
'फाड़ दूंगा...' श्वेता तिवारी संग शादी की खबरों पर भड़का एक्टर
श्वेता तिवारी संग अफेयर की खबरों पर रिएक्ट करते हुए विशाल ने कहा- सोशल मीडिया है. कोई कुछ भी बोल सकता है. इसकी वजह से वो इंसान भी बोल रहा है, जिसकी औकात नहीं है.
रेटिंग- 4 स्टार्सड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्ट- सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमीडायरेक्टर- राजकुमार संतोषी राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी जब साथ आती है तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। घायल, दामिनी और घातक के बाद बटवारा 1947 में यह जोड़ी 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि में फिर से नजर आती है। इस बार कहानी में गुस्सा और बदला कम और इंसानियत और रिश्तों की बात ज्यादा है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल असर है, खासकर सनी देओल और शबाना आजमी के बीच बनने वाला रिश्ता। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी बंटवारे के समय लाहौर पहुंचे सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) और उनके परिवार के आसपास घूमती है। उन्हें एक घर मिलता है जहां पहले से एक बुजुर्ग हिंदू महिला माई (शबाना आजमी) रह रही होती हैं और वह घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ नया देश, बदलते हालात और परिवार की मुश्किलें हैं, दूसरी तरफ माई का अपने घर से गहरा लगाव है। इन हालात में सिकंदर और माई के बीच रिश्ता धीरे-धीरे बदलता है। जो शुरुआत में एक दूसरे के लिए परेशानी होते हैं, वही आगे चलकर एक परिवार जैसा जुड़ाव बना लेते हैं। यही बदलाव फिल्म का सबसे मजबूत और दिल को छूने वाला हिस्सा है। सिकंदर की पत्नी हमीदा (प्रीति जिंटा) और बाकी किरदार भी अपनी सोच और डर के साथ कहानी में आते हैं, लेकिन फिल्म के दूसरे हिस्से में सबके नजरिए में बदलाव दिखता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? सनी देओल इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। सिकंदर के किरदार में उनका गुस्सा और दमदार डायलॉग तो है ही, लेकिन इस बार उनके चेहरे पर डर, दर्द और बेबसी भी साफ दिखती है। शबाना आजमी माई के रोल में बहुत ही सहज और सच्ची लगती हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की जान बन जाती है। प्रीति जिंटा लंबे समय बाद एक गंभीर रोल में अच्छी लगती हैं और अपना असर छोड़ती हैं। करण देओल भी अपने पिता के सामने कई सीन में ठीक ठाक परफॉर्म करते हैं, कुछ जगह अच्छे लगते हैं और कुछ जगह और बेहतर हो सकते थे। अभिमन्यु सिंह और बाकी सपोर्टिंग कलाकार अपने हिस्से में ठीक काम करते हैं। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन? राजकुमार संतोषी अपनी पुरानी स्टाइल से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। फिल्म में अच्छे डायलॉग, इमोशनल सीन और ड्रामा है, लेकिन इस बार उनका फोकस बदले से ज्यादा भावनाओं और रिश्तों पर है। सिकंदर और माई के रिश्ते को धीरे धीरे दिखाना अच्छा लगता है और इसमें जबरदस्ती का फील नहीं आता। लेकिन कुछ जगह फिल्म की रफ्तार धीमी हो जाती है और कुछ सीन थोड़े लंबे लगते हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल एस्पेक्ट्स? फिल्म का सेटअप अच्छा है। लाहौर की गलियां, घर और भीड़ का माहौल उस समय को दिखाने की कोशिश करता है। कैमरा वर्क ठीक है, कुछ जगह और बेहतर हो सकता था। प्रोडक्शन डिजाइन में मेहनत दिखती है लेकिन 1947 के समय को और ज्यादा बारीकी से दिखाया जा सकता था ताकि फिल्म और असली लगे। कुछ सीन में इमोशन थोड़ा ज्यादा ड्रामेटिक हो जाता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ ठीक चलता है और ज्यादा हावी नहीं होता। बैकग्राउंड म्यूजिक इमोशनल सीन को सपोर्ट करता है खासकर जब कहानी रिश्तों और बिछड़ने की बात करती है। लेकिन कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो लंबे समय तक याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? Batwara 1947 एक इमोशनल फिल्म है जो बंटवारे को नफरत की जगह इंसानियत की नजर से दिखाती है। सिकंदर और माई का रिश्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है।कुल मिलाकर यह एक ऐसी फिल्म है जिसमें अच्छी परफॉर्मेंस और दिल को छूने वाली कहानी है जिसे देखा जा सकता है।
कियारा ने प्रेग्नेंसी में की 'टॉक्सिक', परेशान थे यश, बने बॉडीगार्ड!
मूवी टॉक्सिक की रिलीज डेट नजदीक है. गुरुवार को इसके एल्बम लॉन्च इवेंट में यश ने फिल्म की हीरोइनों की तारीफ की. खासतौर पर कियारा आडवाणी के डेडिकेशन की उन्होंने सराहना की.
'7 डॉग्स' में छाए संजय दत्त-सलमान, दिखा जलवा
सलमान खान और संजय दत्त की नई फिल्म '7 डॉग्स' का ट्रेलर जारी हो गया है, जो एक अंतरराष्ट्रीय एक्शन-थ्रिलर फिल्म है. फिल्म 21 अगस्त को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भारत में रिलीज होगी. आइए जानते हैं कि फिल्म का ट्रेलर कैसा है.
3 घंटे 14 मिनट तक थर्रा उठेंगे थिएटर्स, यश की 'टॉक्सिक' सेंसर से पास
कन्नड़ सुपरस्टार यश की 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' एक आने वाली एक्शन-एंटरटेनर फिल्म है, इसका निर्देशन गीतू मोहनदास कर रही हैं. सेंसर बोर्ड की तरफ से इसे पास कर दिया गया है.
आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है... उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: 'उरी' नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पूरे देश के युवा शामिल नहीं थे। वहां जुटी 10 हजार की भीड़ में आधे युवा थे, जबकि बाकी शबाना आजमी की उम्र के लोग थे। कंगना ने कहा कि उनका इरादा पूरी पीढ़ी को 'गटर छाप' कहने का नहीं था और उन पर युवा-विरोधी होने का झूठा एजेंडा चलाया जा रहा है। जंतर-मंतर पर 2 हजार युवा थे, शबाना आजमी का नाम घसीटाकंगना रनोट ने वीडियो में कहा कि देश में जेन जी की आबादी लगभग 30 से 35 करोड़ है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में केवल 10 हजार के करीब लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। कंगना ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई उनका ऐसा बयान दिखाए जिसमें उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने कहा किया कि वे खुद युवा हैं, राहुल गांधी की तरह 50 साल की युवा नहीं। 'जेनरेशन गटर' कहने पर हुआ था विवादइससे पहले कंगना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने प्रदर्शन के वीडियो को देखकर उल्टी आने की बात कही थी और वहां मौजूद लोगों की भाषा पर सवाल उठाए थे। कंगना ने ऐसे प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था। उन्होंने बयान दिया था कि इन युवाओं के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छे नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी जमकर आलोचना हुई थी। अब कहा- खुद को कॉकरोच कहोगे तो गटर ही घर होगाअपने बयान पर मचे बवाल के बाद कंगना ने ANI से बातचीत में तर्क दिया था कि प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच बता रहे थे। उन्होंने कहा था कि कॉकरोच का घर गटर ही होता है। अगर कोई खुद को कॉकरोच कहेगा तो वह गटर में ही रहेगा। कंगना ने कहा था कि वे खुद को कॉकरोच या गटर में रहने वाला नहीं मानती हैं। उनका कहना था कि वे पूरे देश के युवाओं की नहीं, बल्कि सिर्फ उस खास प्रदर्शन में शामिल लोगों की बात कर रही थीं। प्रदर्शन में शामिल हुए थे शबाना आजमी और प्रकाश राजमामले के बैकग्राउंड की बात करें तो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान 75 साल की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे। दोनों कलाकार संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सवार नजर आए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान भीड़ और भाषा को लेकर कंगना ने विवादित टिप्पणी की थी। ये खबर भी पढ़ें नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी? कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। पूरी खबर पढ़ें
शम्मी कपूर को ‘याहू’ की गूंज, बेफिक्र अंदाज और खुलकर नाचने वाले हीरो के तौर पर पूरी पीढ़ी ने याद किया। लेकिन उनके जीवन के कई किस्से स्टारडम से भी ज्यादा दिलचस्प हैं। एक दौर में उनकी ‘Yahoo’ पहचान इतनी मशहूर हो गई थी कि लोग उन्हें याहू कंपनी का मालिक समझने लगे थे। परिवार में भी कन्फ्यूजन था। रणधीर कपूर ने उनसे पूछ लिया था- “अंकल, आपने कंपनी खोली और बताया भी नहीं?” शम्मी कपूर की 15वीं डेथ एनिवर्सरी पर रजा मुराद और अरुण बख्शी ने उनसे जुड़ी यादें साझा कीं। जिस स्टार की फिल्म देखने के लिए घंटों लाइन लगती थी शम्मी कपूर के स्टारडम को समझने के लिए रजा मुराद की कहानी काफी है। जिस अभिनेता के साथ बाद में उन्होंने स्क्रीन शेयर की, कभी उसी की फिल्म देखने के लिए उन्हें घंटों एडवांस बुकिंग की लाइन में खड़ा होना पड़ता था। रजा मुराद बताते हैं कि शम्मी कपूर उनके पसंदीदा सितारों में थे। ‘जंगली’, ‘जानवर’, ‘ब्लफ मास्टर’, ‘राजकुमार’ और ‘सच्चाई’ जैसी फिल्मों के लिए दर्शकों में जबरदस्त क्रेज रहता था। करंट बुकिंग में टिकट मिलना मुश्किल होता था। इसलिए एडवांस बुकिंग के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। नकल नहीं की, अपना अंदाज बनाया शम्मी कपूर की खासियत सिर्फ उनकी लोकप्रियता नहीं थी। उन्होंने किसी दूसरे अभिनेता की नकल करके अपना स्टाइल नहीं बनाया। उनकी अपनी बॉडी लैंग्वेज, ऊर्जा और आत्मविश्वास था। यही वजह थी कि भीड़ में भी वह तुरंत अलग नजर आते थे। फैन से को-स्टार तक का सफर वक्त बदला और वही रजा मुराद फिल्म ‘प्रेम रोग’ के सेट पर शम्मी कपूर के साथ खड़े थे, जिनकी फिल्में देखने के लिए वह कभी लाइन में लगा करते थे। रजा के लिए यह सपने के सच होने जैसा था। लेकिन शम्मी कपूर ने उन्हें कभी छोटा महसूस नहीं कराया। जूनियर कलाकार होने के बावजूद वह उनसे सहजता और बराबरी के भाव से पेश आते थे। रजा मुराद कहते हैं- सेट पर वह प्रैंक और मजाक करते रहते थे। कई बार किसी से आधी बात कहकर अचानक चुप हो जाते। सामने वाला सोचता रह जाता कि आखिर बात क्या है। फिर कुछ देर बाद शम्मी कपूर हंसते हुए बताते कि वह मजाक कर रहे थे। कैमरे का एंगल तक याद रहता था उनके भीतर का बच्चा उम्र के साथ बड़ा नहीं हुआ था। कैमरे के सामने भी वह सजग रहते थे। उन्हें पता रहता था कि कैमरा किस एंगल से उन्हें देख रहा है और फ्रेम में उनका चेहरा किस तरह नजर आएगा। अच्छा खाना उन्हें पसंद था और दोस्तों को खिलाना भी। घर पर दोस्तों के लिए दावतें करना उनके स्वभाव का हिस्सा था। स्टारडम के बावजूद जिंदगी को भरपूर जीने का यह अंदाज आखिरी दौर तक बना रहा। कश्मीर से था खास रिश्ता शम्मी कपूर और कश्मीर का रिश्ता हिंदी सिनेमा की यादों में खास जगह रखता है। ‘जंगली’, ‘कश्मीर की कली’ और ‘जानवर’ जैसी फिल्मों ने कश्मीर की खूबसूरती देशभर के दर्शकों तक पहुंचाई। ‘ये चांद सा रोशन चेहरा’, ‘कश्मीर की कली हूं मैं’ और ‘मेरे यार शब्बा खैर’ जैसे गीतों में नजर आईं वादियां और शम्मी कपूर का मस्तमौला अंदाज दर्शकों के दिल में बस गया। कश्मीर के पर्यटन में भी योगदान रजा मुराद मानते हैं कि कश्मीर के पर्यटन को लोकप्रिय बनाने में शम्मी कपूर की फिल्मों का बड़ा योगदान था। उनका कहना था कि शम्मी कपूर के नाम पर वहां कोई सड़क, बगीचा या मोहल्ला होना चाहिए। वह चाहते थे कि कश्मीर एयरपोर्ट का नाम भी शम्मी कपूर के नाम पर रखा जाता तो यह उनके योगदान का शानदार सम्मान होता। रजा के लिए शम्मी कपूर का पूरा व्यक्तित्व एक ही बात में समाया था- या तो सबसे अच्छे बनो या सबसे अलग। शम्मी कपूर निश्चित रूप से सबसे अलग थे। गीता बाली से मुलाकात और चार महीने का प्यार शम्मी कपूर की निजी जिंदगी का खूबसूरत अध्याय अभिनेत्री गीता बाली से जुड़ा था। दोनों की मुलाकात फिल्मी माहौल में हुई। ‘रंगीली रातें’ की शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए। शम्मी कपूर ने गीता बाली के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने तुरंत हां नहीं की। करीब चार महीने तक दोनों इस बारे में बातचीत करते रहे। फिर एक रात गीता बाली ने कहा कि अगर शादी करनी है तो अभी करनी है। आधी रात मंदिर पहुंचे, पुजारी ने कहा- भगवान सो चुके हैं दोनों अपने दोस्त जॉनी वॉकर और निर्माता हरि वालिया की मदद से बाणगंगा मंदिर पहुंचे। रात काफी हो चुकी थी। पुजारी ने उनसे कहा कि भगवान सो चुके हैं, सुबह करीब चार बजे आइए। दोनों लौटे और सुबह फिर मंदिर पहुंचे। इसके बाद शादी हुई। लिपस्टिक से भरी मांग इस शादी की सादगी भी शम्मी-गीता के रिश्ते जैसी थी। गीता बाली के पास सिंदूर नहीं था। उन्होंने पर्स से लिपस्टिक निकाली और शम्मी कपूर से कहा कि उसी से उनकी मांग भर दें। 1955 में हुई इस शादी से दोनों के दो बच्चे हुए। करीब दस साल बाद गीता बाली की असमय मौत ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ दिया। गीता के जाने के बाद टूट गए थे शम्मी 1965 में गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी का मुश्किल दौर शुरू हुआ। नीला देवी ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह इस सदमे से लंबे समय तक बाहर नहीं निकल पाए। करीब छह महीने तक वह राज कपूर के घर रहे। कृष्णा कपूर ने उनके बच्चों की देखभाल में मदद की। दर्द में शराब और सिगरेट का सहारा नीला देवी के मुताबिक, इस दौर में शम्मी कपूर ने शराब और सिगरेट का सहारा लिया। एक समय वह दिन में करीब 100 सिगरेट तक पीते थे और काफी शराब लेते थे। गीता बाली की याद उनके जीवन से कभी अलग नहीं हुई। 21 दिन गीता की याद में शराब से दूरी नीला देवी ने बताया कि हर साल 1 जनवरी से 21 जनवरी तक शम्मी कपूर शराब को हाथ नहीं लगाते थे। 21 जनवरी गीता बाली की पुण्यतिथि थी। इन 21 दिनों का संयम उनके लिए गीता को याद करने का तरीका था। धीरे-धीरे उन्होंने शराब कम की और बाद में लगभग छोड़ दी। आधी रात फोन और चार घंटे की बातचीत गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में नीला देवी आईं। इस रिश्ते की शुरुआत भी शम्मी कपूर वाले अंदाज में हुई। एक रात शम्मी कपूर ने नीला देवी को फोन किया। पहले उनकी बहन ने फोन उठाया और आवाज पहचानकर फोन रख दिया। शम्मी कपूर ने कहा कि उन्हें अभी नीला से बात करनी है। इसके बाद करीब चार-पांच घंटे दोनों की बातचीत हुई। एक रात में सुनाई पूरी जिंदगी की कहानी शम्मी कपूर ने नीला देवी को अपने जीवन की कहानी सुनाई- बचपन, परिवार, रिश्ते, गीता बाली, बच्चे और गीता के निधन के बाद की जिंदगी तक। उन्होंने अपनी जिंदगी की अच्छी और बुरी बातें बिना छिपाए बताईं। फिर साफ कहा कि वह उनसे शादी करना चाहते हैं और अगले दिन आकर उन्हें बाणगंगा ले जाएंगे। नीला देवी ने कहा कि शादी परिवार की मौजूदगी में ही होगी। शम्मी कपूर इसके लिए तैयार हो गए। कृष्णा कपूर पहले से नीला देवी को पसंद करती थीं और उन्होंने शम्मी कपूर को उनसे शादी करने की सलाह दी थी। 27 जनवरी 1969 को अचानक हुई शादी 27 जनवरी 1969 को शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी हो गई। तैयारी इतनी अचानक हुई कि नीला देवी के कपड़े बाद में मंगवाए गए। शुरुआत में कृष्णा कपूर को लगा कि शम्मी मजाक कर रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने साफ कर दिया कि वह सचमुच शादी करने जा रहे हैं, तो परिवार तैयार हुआ। कपूर परिवार में नया रिश्ता शादी के कुछ ही दिन बाद रितु नंदा की बड़ी शादी थी। इसलिए कपूर परिवार में शम्मी और नीला की शादी भी चर्चा में रही। नीला देवी के लिए कपूर परिवार में प्रवेश करना आसान नहीं था। जो लोग कल तक उन्हें दोस्त या दूसरे रिश्ते से जानते थे, अब कोई भाभीजी, कोई मामीजी और कोई चाचीजी कह रहा था। लेकिन सबसे अहम था शम्मी कपूर के बच्चों का उन्हें स्वीकार करना। गीता की अंगूठी ने बढ़ाया अपनापन शादी के तीसरे दिन शम्मी कपूर ने गीता बाली की अंगूठी नीला देवी को दी। उस पर हीरे के साथ ‘S’ लिखा था। नीला देवी ने इसे गीता बाली का प्रसाद मानकर स्वीकार किया। इस घटना से कंचन के मन में भी नीला देवी के लिए अपनापन बढ़ा। रिश्ता दो महीने भी नहीं चलेगा, लोगों ने कहा था शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी को लेकर शुरुआत में कई लोगों को भरोसा नहीं था। पत्रकारों और आसपास के लोगों में चर्चा थी कि यह रिश्ता दो महीने भी नहीं टिकेगा। लेकिन शम्मी कपूर और नीला देवी ने यह धारणा गलत साबित कर दी। उनका साथ चार दशक से ज्यादा चला। पर्दे पर मस्त, असल जिंदगी में गुस्सैल नीला देवी बताती हैं कि पर्दे पर हमेशा मस्ती करते नजर आने वाले शम्मी कपूर असल जिंदगी में शर्मीले भी थे। उनका गुस्सा तेज था, हालांकि ज्यादा देर नहीं रहता था। शराब पीने के बाद कभी-कभी उनका गुस्सा बढ़ जाता। अगले दिन पूरी घटना याद नहीं रहती तो वह नीला देवी से पूछते कि पिछली रात क्या हुआ था। सब सुनने के बाद उन्हें अपने व्यवहार पर अफसोस होता और वह माफी मांगते। ‘याहू’ से ऐसा रिश्ता कि लोग मालिक समझ बैठे शम्मी कपूर के नाम के साथ ‘याहू’ इतना गहराई से जुड़ गया था कि एक दौर में लोग सचमुच उन्हें ‘याहू’ कंपनी का मालिक समझने लगे थे। शम्मी कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके भतीजे रणधीर कपूर ने भी उनसे पूछ लिया था कि उन्होंने कभी क्यों नहीं बताया कि ‘याहू’ उनकी कंपनी है। शम्मी ने मजाक में जवाब दिया था कि अगर ‘याहू’ उनकी कंपनी होती तो वह भारत में नहीं बैठे होते, अमेरिका में होते। रणधीर कपूर भी हो गए थे कन्फ्यूज यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर की ‘याहू’ पहचान कितनी मजबूत हो चुकी थी। उनकी फिल्म ‘जंगली’ का ‘याहू’ गीत और उनका उछलता-कूदता अंदाज इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग इस शब्द को उनकी पहचान मानने लगे। याहू के भारत लॉन्च के समय कंपनी के सह-संस्थापक जेरी यांग भारत आए थे। शम्मी कपूर को भी कार्यक्रम में बुलाया गया। वहां उनके पहुंचते ही मशहूर ‘याहू’ गीत बजाया गया। डांस में स्टेप नहीं, बस संगीत का साथ शम्मी कपूर का डांस देखकर लगता था कि वह कोरियोग्राफी नहीं कर रहे, बल्कि संगीत को जी रहे हैं। उनका डांस काफी हद तक एक्सटेम्पोर होता था। तय स्टेप्स को हूबहू दोहराने के बजाय वह संगीत के साथ शरीर को स्वाभाविक रूप से चलने देते थे। उस दौर में हीरो का इस तरह खुलकर नाचना आम नहीं था। शम्मी कपूर ने यह सोच बदल दी। डांस को अभिनय का हिस्सा बनाया उनके लिए डांस सिर्फ गाने के बीच का हिस्सा नहीं था। वह अभिनय का हिस्सा था। उनकी खासियत यह भी थी कि वह किसी दूसरे अभिनेता को फॉलो नहीं करते थे। यही वजह थी कि उनके डांस को देखकर दर्शक तुरंत पहचान जाते थे कि यह शम्मी कपूर का अंदाज है। ‘बंटवारा’ के सेट पर जूनियर से मांगी माफी अरुण बक्शी ने फिल्म ‘बंटवारा’ की शूटिंग का किस्सा सुनाया, जो शम्मी कपूर की विनम्रता दिखाता है। शूटिंग के दौरान डायरेक्टर जेपी दत्ता शम्मी कपूर के साथ अरुण बक्शी का लंबा सीन फिल्मा रहे थे। शम्मी कपूर से लगातार रीटेक हो रहे थे। नए कलाकार को लग रहा था गलती उसकी है अरुण बक्शी उस समय नए कलाकार थे। उन्हें डर था कि उनकी वजह से शम्मी कपूर को परेशानी हो रही होगी। हर रीटेक के बाद वह दूर जाकर अपनी लाइनें दोहराने लगते। आखिरकार शॉट ओके हुआ। इसके बाद शम्मी कपूर खुद उनके पास पहुंचे और कहा- “अरुण, सॉरी यार।” इतने बड़े स्टार की माफी भूल नहीं पाए अरुण इतने बड़े स्टार का एक नए कलाकार से माफी मांगना अरुण बक्शी के लिए याद रहने वाला पल बन गया। यह किस्सा बताता है कि स्टारडम कितना भी बड़ा हो, शम्मी कपूर के लिए सामने वाले कलाकार की इज्जत उससे बड़ी थी। सेट से विमान तक जारी रहती थी महफिल ‘बंटवारा’ की शूटिंग के दौरान शम्मी कपूर, धर्मेंद्र और दूसरे कलाकारों के साथ बैडमिंटन खेलने का आनंद लेते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वापसी की फ्लाइट में भी उनकी मस्ती खत्म नहीं हुई। उस दौर में विमान में शराब की अनुमति थी। कलाकार अपने-अपने ब्रांड लेकर बैठे थे। फ्लाइट में जम गई गानों की महफिल विनोद खन्ना ने गाना शुरू किया और शम्मी कपूर भी साथ गाने लगे। अरुण बक्शी ने भी आलाप लगाया। देखते ही देखते विमान में महफिल जम गई। कुछ विदेशी यात्री भी इस माहौल का आनंद लेने लगे। यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर के लिए शूटिंग के बाद भी जिंदगी एक उत्सव थी। फिल्म स्टार से इंटरनेट के शुरुआती दीवानों तक शम्मी कपूर की जिंदगी का एक पहलू उन्हें अपने दौर के बाकी सितारों से अलग बनाता है- टेक्नोलॉजी के प्रति उनका जुनून। जब भारत में इंटरनेट नया था और ज्यादातर लोग कंप्यूटर से परिचित भी नहीं थे, तब शम्मी कपूर कंप्यूटर सीख रहे थे। मैकिंटोश से बदली जिंदगी उन्होंने शुरुआती दौर में मैकिंटोश कंप्यूटर लिया। तकनीक को वह सिर्फ इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, बल्कि समझने की कोशिश करते थे। नीला देवी के मुताबिक, कंप्यूटर ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया। इसी दौर में उन्होंने सिगरेट भी छोड़ दी। एक तरफ वह पुरानी पीढ़ी के लोकप्रिय फिल्म स्टार थे, दूसरी तरफ नई डिजिटल दुनिया को अपनाने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। बीमारी ने शरीर कमजोर किया, हौसला नहीं साल 2003 में शम्मी कपूर के फेफड़ों की हालत गंभीर हो गई। नीला देवी के मुताबिक, वह करीब एक महीने तक ब्रीच कैंडी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे। इलाज के दौरान स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक्स के असर से उनकी किडनी भी प्रभावित हुई और डायलिसिस शुरू हुआ। डायलिसिस के बावजूद घूमना नहीं छोड़ा रजा मुराद ने बताया कि दोनों किडनियों की समस्या के बावजूद शम्मी कपूर के चेहरे से मुस्कान गायब नहीं हुई थी। उनका रवैया था- इलाज करवाना है तो करवाना है और जिंदगी जीनी है तो जीनी है। डायलिसिस के बावजूद उन्होंने दुनिया घूमना नहीं छोड़ा। नीला देवी के साथ उन्होंने स्विट्जरलैंड, लंदन और न्यूयॉर्क तक यात्राएं कीं। अस्पताल के अलावा जिंदगी भी जरूरी थी बाद में जब डायलिसिस सप्ताह में तीन बार होने लगा तो कमजोरी बढ़ गई और यात्राएं मुश्किल हो गईं। लेकिन अस्पताल के अलावा बाकी दिनों में बाहर खाना उनके जीवन का हिस्सा बना रहा। कई वर्षों तक वह नीला देवी को सुबह तैयार होने के बाद किसी अच्छे होटल या रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले जाते थे। ड्राइविंग थी आजादी का अहसास शम्मी कपूर को ड्राइविंग का जबरदस्त शौक था। एक दिन उन्होंने नीला देवी से कहा कि वह सिर्फ कॉफी पीने जा रहे हैं और जल्दी लौट आएंगे। लेकिन वह काफी देर तक नहीं लौटे। फोन करने पर पता चला कि वह खुद गाड़ी चलाकर खंडाला पहुंच गए हैं। ‘ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा’ उनके लिए ड्राइविंग सिर्फ शौक नहीं, बल्कि आजादी का अहसास थी। जब बीमारी के कारण वह खुद गाड़ी चलाने की स्थिति में नहीं रहे तो उन्होंने नीला देवी से कहा- “जब मैं ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा?” नीला देवी ने उन्हें समझाया। यह वाक्य उनके जीवन के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें स्वतंत्रता और सक्रिय रहना उनके लिए जरूरी था। व्हीलचेयर आई, लेकिन जिंदगी नहीं रुकी व्हीलचेयर पर आने के बाद भी उन्होंने खुद को घर में कैद नहीं किया। लोगों से मिलते, बाहर जाते और अस्पताल में दूसरे मरीजों से मिलने की कोशिश करते। बीमारी उनके शरीर को रोक रही थी, लेकिन जिंदगी जीने की उनकी इच्छा को नहीं। बीमारी के बीच आध्यात्मिक बदलाव शम्मी कपूर शुरू में गुरु और आध्यात्मिकता को लेकर बहुत गंभीर नहीं थे। नीला देवी की मां ने उन्हें महावतार बाबाजी की तस्वीर दी थी और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने को कहा था। वह इसे सम्मान के तौर पर करते थे। करीब दो साल बाद उनकी मुलाकात गुरुजी से हुई। नीला देवी के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उनके जीवन में आध्यात्मिक बदलाव आया। भजन में हारमोनियम बजाते थे शम्मी परिवार गुरुजी के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, द्वारका और सोमनाथ जैसी यात्राओं पर गया। भजन-कीर्तन में शम्मी कपूर हारमोनियम बजाकर गाते थे। गुरुजी ने उन्हें फिल्मों या शराब से दूर रहने का आदेश नहीं दिया। नीला देवी के अनुसार, उन्होंने सिर्फ प्यार और आध्यात्मिक मार्ग दिखाया। यही बात शम्मी कपूर को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई। हीरो से कैरेक्टर एक्टर बनने में नहीं झिझके उम्र बढ़ने के साथ जब शम्मी कपूर को चरित्र भूमिकाएं मिलने लगीं तो कुछ लोगों ने कहा कि इतने बड़े स्टार को ऐसे रोल नहीं करने चाहिए। शम्मी कपूर ने नीला देवी से सलाह ली। उनका जवाब था- “आप अभिनेता हैं, अभिनेता कोई भी किरदार कर सकता है।” शम्मी कपूर को यह बात पसंद आई। स्टारडम से बड़ा था अभिनय उन्होंने चरित्र भूमिकाएं स्वीकार करना जारी रखा। उनका मानना था कि घर बैठकर सिर्फ शराब पीना और खाना उनकी जिंदगी नहीं हो सकती। अगर काम मिल रहा है तो काम करना चाहिए। यही वजह थी कि उम्र और बीमारी के बावजूद उन्होंने खुद को काम से अलग नहीं किया। अस्पताल जाते हुए भी गाना नहीं छोड़ा नीला देवी के मुताबिक, एक बार क्रिसमस के दौरान पुणे में शम्मी कपूर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन एंबुलेंस से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने और ICU की ओर जाते समय भी वह गाना गाने लगे। बीमारी शरीर तक पहुंची, कलाकार तक नहीं यह वही शम्मी कपूर थे, जिन्होंने पूरी जिंदगी दर्शकों को हंसाया, नचाया और अपनी ऊर्जा से भर दिया था। बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर जरूर किया, लेकिन उनके भीतर के कलाकार को खत्म नहीं कर पाई। उनकी जिंदगी का यही सबसे बड़ा सबक था- हालात कितने भी मुश्किल हों, जिंदगी को जीना नहीं छोड़ना चाहिए। कश्मीर में हुई अंतिम इच्छा पूरी कश्मीर शम्मी कपूर के दिल के करीब था। उनकी इच्छा थी कि निधन के बाद उनकी अस्थियां डल झील में विसर्जित की जाएं। उनकी यह इच्छा पूरी की गई। जिस कलाकार ने ‘जंगली’ से कश्मीर की वादियों में अपना अलग रंग बिखेरा और ‘कश्मीर की कली’ के जरिए घाटी की खूबसूरती को देशभर के दर्शकों की कल्पना का हिस्सा बनाया, उसकी अंतिम विदाई भी उसी कश्मीर की झील से जुड़ी। ____________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. किशोर कुमार ने कार दफनाकर कई दिन शोक मनाया:'आनंद' में उन्हें हीरो लेना चाहते थे ऋषिकेश मुखर्जी, सिर मुंडवाकर बोले थे- अब क्या करोगे हिंदी सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में किशोर कुमार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्होंने अभिनय, संगीत, निर्देशन और फिल्म निर्माण किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी आवाज बनी। चार दशक तक उन्होंने मोहम्मद रफी, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गजों के बीच अपनी अलग जगह बनाई।पूरी खबर पढ़ें..
Kiara Advani से तुलना पर Batwara 1947 एक्ट्रेस का चढ़ा पारा, बोलीं-'पहली मुलाकात में मैं उनसे...'
बंटवारा 1947 एक्ट्रेस कनिका कपूर का कियारा आडवाणी से लगातार तुलना करने पर अब सब्र का बांध टूट गया है और सनी देओल की को-स्टार ने इस पर रिएक्ट किया है।
KBC 18 में पहुंचा दुनिया का सबसे छोटा डॉक्टर, बिग बी को सुनाई इमोशनल स्टोरी
अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' (KBC 18) में 'दुनिया के सबसे छोटे डॉक्टर' गणेश बरैया हॉट सीट पर पहुंचे. गुजरात के गोरखी गांव के रहने वाले गणेश ने शो के हालिया एपिसोड में न सिर्फ अपने गेमप्ले से, बल्कि अपनी प्रेरणादायक और इमोशनल कर देने वाली जिंदगी की कहानी से भी लोगों का दिल जीत लिया.
मनीषा कोइराला ने 2012 में ओवेरियन कैंसर के निदान के बाद अपने दर्दनाक अनुभव को साझा किया, जब उन्हें लगा था कि वे मर जाएंगी।
अपने किसी को खोने के गम से अधिकतर लोग कई महीनों तक नहीं उभर पाते, लेकिन टेढ़ी चोटी बनाकर सबको गुदगुदाने वालीं दिग्गज एक्ट्रेस ने मां की मौत के चंद मिनटों बाद ही सबसे बड़ा कॉमेडी सीन शूट किया था।
स्वतंत्रता दिवस आ रहा है, ऐसे में स्कूलों में तैयारियां भी हो चुकी है। पिछले 30 सालों से कुमार सानू के इस गाने पर बच्चे इंडिपेंडेंस डे के मौके पर जरूर परफॉर्म करते हैं।
कन्हैयालाल, जिन्हें 'मदर इंडिया' के सुक्खी लाला के रूप में जाना जाता है, एक ऐसे खलनायक थे जिन्हें उनके किरदारों के लिए दर्शकों से नफरत और गालियां मिलीं।
फिल्म 'रामायण' में एक एक्टर ऐसा भी है जो मूवी में एक या दो नहीं, बल्कि सात किरदार निभा रहे हैं, जिनमें रावण के नाना राजा माली भी शामिल हैं।
'क्राइम पेट्रोल' से रिप्लेस किए जाने पर क्या बोले अनूप सोनी?
हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्टर अनूप सोनी ने 'क्राइम पेट्रोल' की होस्टिंग की जिम्मेदारी अजय देवगन को सौंपे जाने पर अपना रिएक्शन दिया और शो के होस्ट के तौर पर क्या कुछ कहा. जानिए
सलमान खान और संजय दत्त फिल्म '7 डॉग्स' के साथ एक इंटरनेशनल एक्शन थ्रिलर में वापसी कर रहे हैं। यह फिल्म '7 डॉग्स' नामक एक क्राइम सिंडिकेट और 'पिंक लेडी' नामक खतरनाक ड्रग के इर्द-गिर्द घूमती है।
सिंगर सोनू निगम ने दिल्ली में NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में धांधली को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर बयान देने से बचने की वजह साफ की है। बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में सोनू निगम ने कहा कि जिस समय उनसे ये सवाल पूछा गया तब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने के इवेंट में पहुंचे थे। उन्होंने कहा वहां किसी दूसरे विषय या राजनीति पर बात करना असंवेदनशील होता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पिता को वादा किया है कि जिस मुद्दे की उन्हें अधूरी जानकारी हो, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। दरअसल कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर सोनू निगम का एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें वे नीट परीक्षा पर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए थे। श्रद्धांजलि देने गए थे, राजनीति पर बोलना अपमान होतासोनू निगम ने कहा कि मुंबई में 3 दशक से ज्यादा समय बिताने के दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा एक नियम सीखा है। नियम यह है कि जिस कार्यक्रम के लिए प्रेस बुलाई गई हो, बातचीत उसी एजेंडे तक सीमित रहनी चाहिए। सोनू ने कहा कि जब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने आए थे, तब वहां राजनीति पर बोलना उनका अपमान होता। उन्होंने मीडिया से भी इस तरह के कार्यक्रमों में गरिमा बनाए रखने की उम्मीद जताई। पिता से किया वादा, बिना जानकारी नहीं दूंगा बयानसोनू निगम ने बताया कि वे अपने फोन में सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं और उनकी जिंदगी संगीत और भक्ति के इर्द-गिर्द ही घूमती है। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता से वादा कर चुके हैं कि जिस मामले की पूरी जानकारी नहीं होगी, उस पर कोई बयान नहीं देंगे। सोनू ने याद दिलाया कि वे पहले भी अजान के लाउडस्पीकर विवाद से लेकर सिंगर्स के लिए रॉयल्टी राइट्स जैसे बड़े मुद्दों पर अकेले खड़े होकर लड़ाई लड़ चुके हैं और व्यवस्था में बदलाव लाए हैं। सिस्टम में बदलाव के लिए दूसरों को आगे आने की जरूरतअपने पुराने स्टैंड का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि अब नए मुद्दों पर दूसरों को आगे आकर लड़ाई लड़नी चाहिए। लोगों को यह देखना चाहिए कि वे अपनी प्रतिबद्धता से समाज में क्या बदलाव ला सकते हैं। सोनू ने चुटकी लेते हुए कहा कि लोगों को सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय असली योद्धा बनना चाहिए। नेक की सर्जरी के दौरान गाना गाया सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो हॉस्पिटल में सर्जरी के दौरान मेडिकल स्टाफ के लिए गाना गाते नजर आ रहे हैं। सोनू निगम ने वीडियो शेयर कर लिखा- “मेरी सर्जरी के दौरान प्यारे डॉक्टर नीलेश सतभाई और उनकी पूरी टीम के लिए अचानक एक छोटा सा परफॉर्मेंस दिया। दर्द में भी गाया… क्योंकि संगीत की खुशी सबसे अलग है!” सोनू निगम ने बताया था- उनकी नसें दब गई थीं सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जून में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी शेयर की थी। सोनू ने बताया था कि वो नसों से जुड़ी एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करवा रहे हैं। जून में सोनू ने बताया था कि उनकी नसें दब गई हैं और उन्होंने MRI और CT स्कैन करवाए थे। सोनू ने कहा था कि मेरी कई MRI और CT स्कैन हो चुके हैं। मैं पिछले कई दिनों से दवाइयां ले रहा हूं। उन्होंने अपनी गर्दन के पास लगा एक पैच भी दिखाया था।
41 साल पहले 'मंदाकिनी' पर फिल्माया गया गाना आज हिंदी सिनेमा का सबसे रोमांटिक गीत बन चुका है। कल्ट गाने को अगर आप अपने 'साहिबा' को डेडीकेट कर दें तो नाराजगी तुरंत छूमंतर हो जाएगी।
फोन के एडिक्शन ने एक्ट्रेस को पहुंचाया अस्पताल, 3 लाख रुपए देकर करवानी पड़ी सर्जरी
फोन पर जरुरत से ज्यादा रहने के कारण साउथ सिनेमा की अदाकारा को सीरियस स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से गुजरना पड़ा। इस कारण उनका सर्जरी करवाने में काफी पैसे लगे।
1987 में गोविंदा (Govinda) और तब्बू की बहन फराह नाज (Farah Naaz) का रोमांटिक गाना (Romantic Song) आया था जो आज भी कल्ट क्लासिक बना हुआ है।
Crime Patrol के नए होस्ट बने Ajay Devgn, शो से रिप्लेस होने पर Anup Soni ने तोड़ी चुप्पी
सच्ची घटनाओं पर आधारित टीवी का मशहूर क्राइम शो क्राइम पेट्रोल नए सीजन के साथ वापस आ रहा है। शो का नया प्रोमो जारी कर दिया गया है, जिसमें बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन नजर आ रहे हैं। इस प्रोमो से यह साफ हो गया है कि इस बार अजय देवगन क्राइम पेट्रोल को होस्ट करेंगे और इसके जरिए वह टीवी इंडस्ट्री में अपना डेब्यू करने जा रहे हैं। उनसे पहले कई सालों तक अनूप सोनी इस शो को होस्ट करते आए हैं और उन्होंने अपनी एक खास पहचान बनाई थी। अब अनूप सोनी की जगह अजय देवगन के आने पर अनूप सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अजय देवगन के होस्ट बनने पर क्या बोले अनूप सोनी? हाल ही में एक इंटरव्यू में अनूप सोनी ने क्राइम पेट्रोल में अजय देवगन के आने पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि कोई भी एक्टर अपने करियर में कई तरह के रोल निभाता है, लेकिन दर्शक उसे उसी पहचान के लिए याद रखते हैं जो सबसे ज्यादा पॉपुलर होती है। अनूप ने बताया कि इस शो से पहले लोग उन्हें टीवी सीरियल बालिका वधू के किरदार के लिए जानते थे, लेकिन क्राइम पेट्रोल के आने के बाद लोग उनके पुराने रोल को भूल गए। View this post on Instagram A post shared by Ajay Devgn (@ajaydevgn) इसे भी पढ़ें: Anupama Parameswaran ने किया बड़ा खुलासा, 2 साल तक झेला Toxic Relationship पॉपुलर रोल से भागने के बजाय उसे अपना लेना चाहिए अनूप सोनी ने कहा, जब तक मेरे करियर में क्राइम पेट्रोल से भी बड़ा कुछ काम नहीं आ जाता, तब तक लोग मुझे इसी शो के लिए याद रखेंगे। उन्होंने इस दौरान अनिल कपूर से मिली एक सलाह को याद करते हुए कहा कि कुछ किरदार किसी एक्टर के करियर को पूरी तरह बदल देते हैं। एक एक्टर को उस पहचान से भागने की बजाय उसे खुशी-खुशी अपना लेना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Elvish Yadav ने Tejasswi Prakash को बताया अपनी भाभी, Karan Kundrra के साथ दोस्ती पर कही यह बात काम और किरदारों से ही बनती है पहचान अपनी बात खत्म करते हुए अनूप सोनी ने कहा कि किसी भी एक्टर की पहचान और छवि असल में उसके चुने हुए काम, निभाए गए किरदारों, फिल्मों और वेब सीरीज से ही तय होती है। हालांकि अब अनूप सोनी इस शो का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन क्राइम पेट्रोल से बनी उनकी पहचान आज भी दर्शकों के दिलों में कायम है।
'आवारापन 2' का धमाका, तोड़ दिया पार्ट-1 की लाइफटाइम कमाई का रिकॉर्ड!
इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' के ओपनिंग डे के लिए 1.30 लाख से ज्यादा टिकट एडवांस में बिक चुके हैं. नितिन कक्कड़ के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने ओपनिंग डे के लिए ₹4 करोड़ के टिकट बेचे हैं.
'आवारापन 2' की एडवांस बुकिंग ने रचा इतिहास, पहले पार्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त
फिल्म 'आवारापन 2' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने पहले पार्ट 'आवारापन' के लाइफटाइम कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर प्रियंका चोपड़ा ने दिग्गज अभिनेत्री की पहली झलक शेयर करके उनके चाहने वालों को इमोशनल कर दिया है।
सलमान खान की फिल्म में दीपिका पादुकोण के Ex-BF की एंट्री, शूटिंग की शुरू
वामशी पैदिपल्ली के डायरेक्शन और दिल राजू व शिरीष के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म अभी फ्लोर पर है और 2027 में ईद के मौके पर दुनिया भर में रिलीज होने की तैयारी कर रही है.
Anupama Parameswaran ने किया बड़ा खुलासा, 2 साल तक झेला Toxic Relationship
साउथ सिनेमा की जानी-मानी एक्ट्रेस अनुपमा परमेश्वरन इन दिनों अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर काफी चर्चा में हैं। पिछले महीने उन्होंने एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें लिखा था कि जिंदगी में शांति पाने के लिए कुछ पुराने और बंद रास्तों को छोड़ना जरूरी होता है। इस पोस्ट के बाद से ही फैंस कयास लगा रहे थे कि उनका अपने कथित बॉयफ्रेंड ध्रुव विक्रम से ब्रेकअप हो गया है। अब अनुपमा ने एक इंटरव्यू में अपनी उस पोस्ट के पीछे का असली कारण बताया है। पोस्ट के पीछे था 2 साल का शारीरिक और मानसिक दर्द एक इंटरव्यू में बात करते हुए अनुपमा ने बताया कि उन्होंने वह पोस्ट किसी जल्दबाजी में शेयर नहीं की थी। उसके पीछे लगभग दो साल का शारीरिक और मानसिक दर्द छिपा हुआ था। अनुपमा ने कहा कि कुछ लोगों ने उनकी पोस्ट पर सकारात्मक बातें लिखीं कि वे अब सुकून की ओर बढ़ रही हैं, वहीं कुछ लोगों ने बिना पूरी बात जाने अजीब बातें बनाना शुरू कर दिया। अनुपमा के मुताबिक, यह पोस्ट खुद को पूरी तरह संभालने और ठीक करने के बाद ही उन्होंने फैंस के साथ साझा की थी। इसे भी पढ़ें: Elvish Yadav ने Tejasswi Prakash को बताया अपनी भाभी, Karan Kundrra के साथ दोस्ती पर कही यह बात 2 साल तक झेला टॉक्सिक रिश्ता किसी का नाम लिए बिना अनुपमा ने अपने रिश्ते का कड़वा सच उजागर किया। उन्होंने बताया कि वह लगभग दो साल तक एक बेहद ही नकारात्मक और टॉक्सिक रिश्ते में फंसी हुई थीं। इस वजह से उनके व्यवहार में भी काफी बदलाव आ गया था, जिसे उनके परिवार और दोस्तों ने भी महसूस किया था। अनुपमा ने उन लोगों को सतर्क किया जो ऐसे रिश्तों में रहकर भी परेशानी को नहीं समझ पाते और उसे सामान्य मानने लगते हैं। इसे भी पढ़ें: फिल्मों के लिए शादी कुर्बान... जब Trisha Krishnan ने सगाई तोड़कर चुना था अपना करियर करियर पर भी पड़ा बुरा असर अनुपमा ने बताया कि इस बुरे दौर का असर उनके काम और करियर पर भी बुरी तरह पड़ा। वह आगे बढ़ने की जगह खुद को पीछे खींचने लगी थीं और इस तनाव के चक्कर में उन्होंने फिल्मों के कई बेहतरीन ऑफर्स भी ठुकरा दिए थे। हालांकि, अब अनुपमा परमेश्वरन इस मुश्किल दौर से बाहर निकल चुकी हैं। अनुपमा और ध्रुव विक्रम के अलग होने की खबरें लंबे समय से आ रही थीं, लेकिन अनुपमा के इस खुलासे के बाद फैंस को यकीन हो गया है कि दोनों के रास्ते अब अलग हो चुके हैं। View this post on Instagram A post shared by @iamdhanyavarma
36 साल पहले सिनेमा ने एक और देशभक्ति गीत (Patriotic Song) दिया जो रिलीज होते ही भारत में छा गया था, लेकिन इसे पाकिस्तानी गाने का कॉपी बताया गया।
70 के दशक के ऐसा गाना है, जिसे अक्सर लता मंगेशकर या आशा भोसले का माना जाता है, लेकिन इसे असल में किसी और ने गाया था।
Elvish Yadav ने Tejasswi Prakash को बताया अपनी भाभी, Karan Kundrra के साथ दोस्ती पर कही यह बात
मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव इन दिनों रियलिटी शो 'प्लेग्राउंड सीजन 5' में मेंटर के रूप में नजर आ रहे हैं। इस शो में उनके साथ एक्ट्रेस तेजस्वी प्रकाश और आरुष भोला भी मेंटर हैं। शो के दौरान तीनों मेंटर्स के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू में एल्विश यादव ने तेजस्वी प्रकाश के साथ अपने रिश्ते और शो की प्रतियोगिता पर खुलकर बात की। एल्विश ने कहा, तेजस्वी भाभी हैं मेरी एल्विश यादव ने बताया कि वह तेजस्वी प्रकाश को अपनी 'भाभी' मानते हैं, क्योंकि तेजस्वी के पार्टनर करण कुंद्रा के साथ उनकी काफी अच्छी दोस्ती है। एल्विश और करण ने एक साथ 'लाफ्टर शेफ्स 2' में काम किया था और वह शो भी जीता था। एल्विश ने मजाकिया अंदाज में बताया कि तेजस्वी उनके फैंस यानी एल्विश आर्मी से थोड़ा डरती हैं। तेजस्वी को लगता है कि अगर वह शो में एल्विश के खिलाफ जाएंगी, तो फैंस उनसे नाराज हो जाएंगे। इस पर एल्विश ने कहा कि तेजस्वी उनकी भाभी हैं, इसलिए उनके फैंस तेजस्वी को कुछ नहीं कहेंगे और वह मजाक में उन्हें थप्पड़ भी मार सकती हैं। इसे भी पढ़ें: फिल्मों के लिए शादी कुर्बान... जब Trisha Krishnan ने सगाई तोड़कर चुना था अपना करियर जब तेजस्वी ने करण से की एल्विश की शिकायत शो में तेजस्वी ने एल्विश को लेकर करण कुंद्रा से शिकायत भी की थी, जिस पर एल्विश ने हंसते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि तेजस्वी ने ऐसा क्यों किया। उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि वह तेजस्वी की आवाज चुराकर म्यूजियम में रखना चाहते हैं। एल्विश ने साफ किया कि वह हमेशा सही और स्वस्थ मुकाबला करना पसंद करते हैं और उन्हें किसी का डर नहीं है। इसे भी पढ़ें: झूला झूलीं और हाथों में लगवाई मेहंदी... कुछ इस तरह Kangana Ranaut ने Rekha Gupta के घर मनाई पहली तीज आरुष भोला पर बोले एल्विश शो के तीसरे मेंटर आरुष भोला के बारे में बात करते हुए एल्विश ने कहा कि आरुष की सबसे बड़ी ताकत उनकी मेंटरशिप है। हालांकि, उनकी कमजोरी यह है कि वह कभी-कभी बिना सोचे-समझे कदम उठा लेते हैं। इसके बावजूद एल्विश तेजस्वी और आरुष दोनों के साथ शो में मुकाबला करने का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं।
भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार कही जाने वालीं दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका जादू और यादगार अभिनय दर्शकों के दिलों में हमेशा अमर रहेगा। 13 अगस्त को श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी के खास मौके पर बॉलीवुड से लेकर ...
राजेश खन्ना ने अक्षय कुमार से शादी से पहले बेटी ट्विंकल खन्ना को खास सलाह दी थी। उन्होंने अक्षय को 'हेरा-फेरी' वाला बताते हुए ट्विंकल से कहा था कि उनकी लगाम खींच कर रखना।
अगस्त का दूसरा शुक्रवार सिनेप्रेमियो के लिए काफी मंनोरंजक होने वाला है, क्योंकि सिनेमाघरों से लेकर OTT प्लेटफॉर्म तक पर कुल 7 फिल्में और सीरीज रिलीज हो रही हैं।
सनी देओल की मोस्ट अवेटेड फिल्म बंटवारा 1947 का पहला रिव्यू सामने आ गया है।
Janhvi Kapoor ने 65 करोड़ के बांद्रा घर को Sridevi की यादों से सजाया
मुंबई के बांद्रा में सितारों के घरों की बात हो और जाह्नवी कपूर का नाम न आए, ऐसा मुश्किल है। अभिनेत्री का घर जितना शानदार है, उतना ही इसमें परिवार और पुरानी यादों की झलक भी देखने को मिलती है। सोशल मीडिया पर जाह्नवी अक्सर अपने घर की झलकियां शेयर करती रही हैं, जहां सफेद रंग के इंटीरियर, महंगे फिनिश और बेहद सलीके से चुना गया डेकोर नजर आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जाह्नवी ने नवंबर 2022 में बांद्रा में करीब 8,669 वर्ग फुट का डुप्लेक्स खरीदा था। इस आलीशान प्रॉपर्टी की कीमत लगभग 65 करोड़ रुपये बताई गई थी। घर के साथ प्राइवेट गार्डन और पांच पार्किंग स्पॉट भी हैं। दिसंबर 2023 में जाह्नवी ने Asian Paints के साथ एक होम टूर में अपने इस घर को करीब से दिखाया था। इस दौरान उन्होंने बताया कि घर को सजाने के पीछे उनकी क्या सोच थी, उन्हें कौन-सी जगह सबसे ज्यादा पसंद है और आखिर यह घर उनके लिए इतना खास क्यों है। घर का लिविंग एरिया ओपन-प्लान डिजाइन में है और यहां मार्बल फ्लोरिंग इसकी खूबसूरती को और बढ़ाती है। जाह्नवी के मुताबिक, इस तरह के खुले स्पेस ने उन्हें अलग-अलग तरह के फर्नीचर और सजावटी चीजों के साथ एक्सपेरिमेंट करने की आजादी दी। लेकिन इस कमरे की कहानी सिर्फ इंटीरियर तक सीमित नहीं है। जाह्नवी ने बताया था कि मां श्रीदेवी के निधन के बाद परिवार के लिए साथ बैठना भी आसान नहीं रहा था। घर की चीजें कई बार उस कमी का एहसास और गहरा कर देती थीं। नए घर में शिफ्ट होने के बाद जाह्नवी को लगा कि परिवार फिर से एक-दूसरे के करीब आ रहा है। श्रीदेवी कभी इस घर में नहीं रहीं, लेकिन जाह्नवी को लगता है कि उनकी मौजूदगी आज भी यहां महसूस होती है। घर के अलग-अलग हिस्सों में लगी पुरानी पारिवारिक तस्वीरें और श्रीदेवी की फिल्मों की खूबसूरत तस्वीरें इस एहसास को और मजबूत करती हैं। गृह प्रवेश के बाद पिता को देखकर भावुक हुई थीं जाह्नवी जाह्नवी ने होम टूर के दौरान गृह प्रवेश के अगले दिन की एक याद भी साझा की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने पिता बोनी कपूर को बाहर बैठे देखा था। वह एग सैंडविच खाते हुए पेड़ों और पानी के फव्वारे के खूबसूरत नजारे का आनंद ले रहे थे। जाह्नवी के लिए वह पल बेहद खास था। उनका कहना था कि वह अपने पिता को इसी तरह खुश और सुकून में देखना चाहती हैं। उनके लिए इस घर का एक मतलब यह भी है कि वह अपने परिवार को बेहतर और खुशहाल जिंदगी का एक हिस्सा दे पा रही हैं। इसे भी पढ़ें: Sridevi Birth Anniversary: एक फिल्म के लिए 1 करोड़ चार्ज करने वाली Legend की Success Story और अनकहे किस्से 10 लोगों की डाइनिंग टेबल और बड़ा झूमर घर का डाइनिंग एरिया भी काफी आकर्षक है। कमरे के बीचोंबीच 10 लोगों के बैठने वाली बड़ी डाइनिंग टेबल है, जिसके ऊपर लगा ग्लास चैंडेलियर पूरे स्पेस को एक अलग ही एलिगेंस देता है। जाह्नवी ने मजाकिया अंदाज में बताया था कि परिवार बड़ा है और खाने के मामले में भी किसी से पीछे नहीं, इसलिए यहां अक्सर पूरा परिवार साथ बैठकर खाना खाता है। इस हिस्से की बड़ी खिड़कियां घर में भरपूर रोशनी लाती हैं और बाहर मौजूद हरियाली का नजारा भी साफ दिखाई देता है। बार के आसपास फैली बड़ी विंडो स्पेस को और खुला महसूस कराती है। कमरे की दीवारों के लिए कूलर कलर पैलेट चुना गया है, जबकि आर्टवर्क के जरिए उसमें गर्माहट जोड़ी गई है। जाह्नवी के लिए यही छोटी-छोटी चीजें एक न्यूट्रल स्पेस को असल मायने में घर बनाती हैं। लिविंग रूम में श्रीदेवी की पेंटिंग लिविंग रूम में कई सोफे और चेयर्स इस तरह रखे गए हैं कि बड़ी संख्या में मेहमान भी आराम से बैठ सकें। जाह्नवी के लिए यह जगह दोस्तों और परिवार के साथ वक्त बिताने के लिहाज से खास है। कमरे में लगी बड़ी खिड़की इसकी खासियत है। जाह्नवी का मानना है कि इससे कमरा पहले से भी ज्यादा बड़ा और खुला नजर आता है। उनके मुताबिक, इस वजह से स्पेस में एक अलग तरह की जिंदगी और रौनक महसूस होती है। यहीं एक दीवार पर श्रीदेवी की बनाई हुई पेंटिंग भी लगी है। जाह्नवी ने बताया था कि यह उनकी मां की बनाई शुरुआती बड़ी पेंटिंग्स में से एक थी। यानी घर की सजावट में यह सिर्फ एक आर्ट पीस नहीं, बल्कि परिवार की कहानी का हिस्सा है। इसे भी पढ़ें: Janhvi Kapoor के बाद अब Khushi Kapoor को राहत, Delhi HC का अश्लील कंटेंट हटाने और AI दुरुपयोग पर कड़ा आदेश होम टूर में बोनी कपूर भी जाह्नवी के साथ नजर आए थे। उन्होंने घर को लेकर कहा था कि उनके लिए असली घर वही है, जहां परिवार खुश हो। उन्हें लगता है कि बच्चे खुश हैं और किसी न किसी तरह श्रीदेवी की मौजूदगी भी इस घर में बनी हुई है। घर के लिए चीजें चुनते वक्त उनके मन में श्रीदेवी भी थीं। यही वजह है कि इस प्रॉपर्टी की चमक-दमक के पीछे एक निजी और भावनात्मक कहानी भी दिखाई देती है। जाह्नवी के बेडरूम तक जाने वाले कॉरिडोर की दीवारों पर परिवार की तस्वीरें लगी हैं। अभिनेत्री के लिए इन तस्वीरों की अहमियत किसी भी महंगी पेंटिंग से ज्यादा है। उनका मानना है कि कोई भी कलाकृति उस भावनात्मक जुड़ाव को दोबारा नहीं बना सकती, जो एक पुरानी पारिवारिक तस्वीर अपने साथ लेकर आती है। घर की यही खासियत इसे बाकी सेलिब्रिटी होम्स से थोड़ा अलग बनाती है। यहां डिजाइन जरूर प्रीमियम है, लेकिन हर कोने में निजी यादों के लिए जगह छोड़ी गई है। दूसरी मंजिल पर है श्रीदेवी के पुराने घर की झलक घर की दूसरी मंजिल पर बना एक लिविंग रूम श्रीदेवी के पुराने अपार्टमेंट की याद दिलाता है। जाह्नवी ने बताया था कि वहां रखे सोफे और कुशन उन्हें पुराने घर की गर्माहट का एहसास कराते हैं। इस स्पेस में ऐसा लगता है जैसे पुराने घर की कुछ यादों को नए घर में फिर से जगह दी गई हो। जाह्नवी के शब्दों में कहें तो यह कमरा कई अलग-अलग यादों का मिला-जुला रूप है। इसे भी पढ़ें: Ramayana के VFX पर मचा था भयंकर बवाल, Ranbir Kapoor ने अब आलोचकों को दिया करारा जवाब अभिनेत्री के बेडरूम में हल्का एगशेल शेड इस्तेमाल किया गया है, जिससे कमरे का माहौल सॉफ्ट और इनवाइटिंग लगता है। कमरे की एक दीवार लगभग पूरी तरह पारिवारिक तस्वीरों से सजी है। इन तस्वीरों में बोनी कपूर, श्रीदेवी, खुशी कपूर, अंशुला कपूर और अर्जुन कपूर नजर आते हैं। यानी जहां घर का बाकी हिस्सा मॉडर्न लग्जरी को दिखाता है, वहीं बेडरूम में परिवार सबसे ज्यादा करीब महसूस होता है। कुल मिलाकर, जाह्नवी कपूर का यह घर सिर्फ करोड़ों की कीमत वाली एक शानदार प्रॉपर्टी नहीं है। सफेद और न्यूट्रल इंटीरियर, मार्बल, बड़े विंडोज और लग्जरी डेकोर अपनी जगह हैं, लेकिन घर की असली पहचान उन तस्वीरों, पेंटिंग्स और छोटी-बड़ी यादों से बनती है, जिन्हें जाह्नवी और उनका परिवार अपने साथ लेकर आए हैं। शायद यही वजह है कि इस घर की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी कीमत नहीं, बल्कि उसमें महसूस होने वाली परिवार की गर्माहट और श्रीदेवी की याद है।
'बढ़िया बात भइया' परेश रावल की 'मालामाल' पोस्ट पर बोले राजपाल
परेश रावल ने सोशल मीडिया पर माता लक्ष्मी की चंचलता और पैसे के सही उपयोग पर एक ट्वीट किया, जो तेजी से वायरल हुआ. इस पर राजपाल ने मजेदार प्रतिक्रिया दी, जिससे दोनों की जोड़ी फिर से चर्चा में आ गई.
संदीपा धर ने श्रीनगर के शंकराचार्य मंदिर की 250 सीढ़ियां चढ़कर लिया आशीर्वाद
गौरतलब है कि शंकराचार्य पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस प्राचीन मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। इस चढ़ाई के अपने अनुभव के बारे में उन्होंने लिखा है कि पहाड़ की पतली हवा और खड़ी चढ़ाई के कारण रास्ता काफी चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में बीच-बीच में उनके पैर भी कांप रहे थे, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद उन्हें लगा कि हर कदम पूरी तरह सार्थक था।
'भोजपुरी बवाल' शो में क्यों भावुक हुए पावर स्टार पवन सिंह?
भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने अपने राजनीतिक सफर और पुराने विवादों को लेकर खुलकर बात की है. रियलिटी शो भोजपुरी बवाल में उन्होंने बताया कि राजनीति में आगे बढ़ने की कोशिशों के बीच विवादों ने उन्हें काफी प्रभावित किया. उन्होंने कहा कि वह बहुत सोचते, संकोच करते और डरते हैं. पवन ने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि हर माता-पिता अपने बेटे में उनके जैसे संस्कार देखें.
बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त और उनके बिजनेस पार्टनर हेरंब शेलके के सह-स्वामित्व वाले पुणे के लक्जरी नाइटक्लब 'Ballr' को कॉपीराइट म्यूजिक के इस्तेमाल को लेकर बड़ा कानूनी झटका लगा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नाइटक्लब को ...
यूट्यूबर और रियलिटी शो स्टार एल्विश यादव ने अपनी दूसरी बॉलीवुड फिल्म साइन कर ली है। इस कॉमेडी फिल्म में वह रितेश देशमुख, परेश रावल और राजपाल यादव जैसे सितारों के साथ नजर आएंगे।
रामायण (Ramayana) के ट्रेलर रिलीज के बादफिल्म के CGI पर डिबेट शुरू हो गया था। अब रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) ने ट्रोल्स को जवाब दिया है।
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में बताया कि सुशांत की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की उपस्थिति, उनकी सांस और खुशबू को महसूस किया था। यूट्यूब चैनल ‘सुपरटॉक्स बाय द मूविंगशिप’ के साथ बातचीत में श्वेता ने कहा कि सुशांत के जाने के बाद उन्होंने उन्हें ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में महसूस किया है। उनके मुताबिक, पटना में जब सुशांत की अस्थियां विसर्जन के लिए रखी गई थीं, तब जिस कमरे में वह लेटी थीं, वहां उन्हें भाई के आने का अनुभव हुआ। श्वेता ने बताया, ‘उस दिन वह रात में मेरे से बात करने के लिए आया। उसने जूट का कुछ पहना हुआ था। कुर्ता टाइप की ड्रेस में आकर मुझे गले लगा लिया, मेरे से घंटों बात की। मेरे उससे बहुत सारे सवाल थे- भाई, ऐसा क्यों, बहुत कुछ पूछा। उसने मुझे सब कुछ समझा दिया और मुझे वो अंदर से वो जो खुलना होता है, नॉट्स, ग्रंथि, वो सब खुले और अंत में मुझे उसने गले लगाया, किस किया, तो उसकी जो स्मेल थी, उसकी जो सांस थी, सब कुछ मैंने फील किया।’ श्वेता ने बताया कि सुशांत की मौत की खबर मिलने के समय वह कैलिफोर्निया में थीं। उन्होंने कहा कि खबर सुनते ही उनका शरीर सुन्न हो गया था और बाद में वह जोर-जोर से रोने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण वह भारत नहीं आ सकीं और भाई को आखिरी गुडबाय भी नहीं कह पाईं। धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म ने सुशांत के करियर में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, श्वेता ने पॉडकास्ट में कहा कि सुशांत की मौत के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उन्होंने बताया कि कंगना रनोट और कुछ अन्य सेलेब्स ने परिवार से संपर्क किया था। सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठते सवालों और सुशांत के परिवार द्वारा पटना में दर्ज कराई गई FIR के बाद हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों तरह के दावे और आरोप सामने आए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अगस्त 2020 में इस मामले की आधिकारिक जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या उनकी मौत में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। …………. सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'मुझे नहीं लगता कि वो सुसाइड था':एक्टर शिशिर शर्मा बोले- सुशांत सिंह राजपूत ऐसे इंसान नहीं थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाएं फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने उनकी मौत को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि सुशांत ने सुसाइड किया है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी के दिनों से थी। जब वह ‘यहां मैं घर घर खेली’ में काम कर रहे थे और सुशांत ‘पवित्र रिश्ता’ में थे, तब दोनों पास में शूटिंग करते थे और लंच ब्रेक में साथ खाना खाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
आलीशान घर में रहते हैं 'विभूति नारायण', खास जगह रखी कुरान
अब तक आपने बहुत सारे सेलेब्स के घर देखे होंगे. आज भाभी जी घर पर हैं के विभूति नारायण का घर देखिए.
झूला झूलीं और हाथों में लगवाई मेहंदी... कुछ इस तरह Kangana Ranaut ने Rekha Gupta के घर मनाई पहली तीज
एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत गुरुवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के घर तीज का त्योहार मनाने पहुंची। इस दौरान उन्होंने दूसरी महिलाओं के साथ मिलकर तीज का जश्न मनाया और कई पारंपरिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस खास मौके की तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किए। झूला झूलीं, नाचीं और लगवाई मेहंदी तीज के जश्न के दौरान कंगना काफी खुश नजर आईं। उन्होंने महिलाओं के साथ नाच-गाने में हिस्सा लिया और रेखा गुप्ता के साथ झूले पर भी बैठीं। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों पर मेहंदी लगवाई और रेखा गुप्ता के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। कंगना ने रेखा गुप्ता को बताया बड़ी बहन कंगना ने समारोह की तस्वीरें शेयर करते हुए रेखा गुप्ता के लिए खास बात लिखी। उन्होंने कहा, मेरी पहली तीज का त्योहार, रेखा दीदी के घर पर; सच में एक बड़ी बहन का प्यार और दुलार, बिल्कुल घर जैसा अपनापन। सभी को तीज की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। कंगना की इस पोस्ट से साफ है कि उन्हें रेखा गुप्ता के घर पर काफी अपनापन महसूस हुआ। उन्होंने रेखा गुप्ता को अपनी बड़ी बहन जैसा बताया और उनके साथ तीज मनाने को खास बताया। View this post on Instagram A post shared by Kangana Ranaut (@kanganaranaut) इसे भी पढ़ें: Awarapan 2 की एडवांस बुकिंग में जलवा, अब तक बिकी 37 हजार से ज्यादा टिकटें हरे रंग की साड़ी में दिखीं कंगना तीज के मौके पर कंगना ने हरे रंग की सिल्क साड़ी पहनी थी। साड़ी पर फूलों की डिजाइन थी और इसका पल्लू नारंगी-पीच रंग का था। गुलाबी बॉर्डर वाली इस साड़ी में कंगना का लुक काफी पारंपरिक नजर आया। उन्होंने अपने लुक के साथ चोकर, इयररिंग्स और चूड़ियां पहनी थीं। लाल बिंदी और हाथों की मेहंदी ने उनके लुक को और खूबसूरत बना दिया। उनके बाल पीछे की ओर बंधे हुए थे। इसे भी पढ़ें: भारतीय फैंस की याद आती है... Atif Aslam ने किया खुलासा, भारत में लगे बैन पर भी की बात राजनीतिक बयानों को लेकर भी चर्चा में कंगना कंगना रनौत पिछले कुछ समय से अपने राजनीतिक बयानों और फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में जेन जी प्रदर्शनकारियों को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। वहीं, फिल्मों की बात करें तो उनकी हालिया फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' ओटीटी पर रिलीज होने की तैयारी में है।
सुशांत सिंह राजपूत की याद में भावुक हुईं बहन श्वेता, बोलीं- सपने में भाई से हुई घंटों बात
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को इस दुनिया से गए 6 साल हो चुके हैं, लेकिन प्रशंसकों और उनके परिवार के दिलों में आज भी उनकी यादें ताजा है। सुशांत की मौत के कारणों को लेकर आज भी फैंस के मन में ढेरों सवाल तैरते रहते हैं। इस बीच, सुशांत की बहन ...
जिमी शेरगिल से लेकर सिद्धार्थ तक, Operation Safed Sagar में रियल लाइफ 'हीरोज' बने ये कलाकार
वेब सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर में किस अभिनेता ने कौन सा रियल लाइफ कैरेक्टर प्ले किया है, आइए जानते हैं।
रेड कार्पेट पर निकिता रावल को फीमेल फैन ने किया लिप किस, वायरल वीडियो पर एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी
बॉलीवुड अभिनेत्री निकिता रावल इन सुर्खियों में छाई हुई हैं। हाल ही में एक इवेंट के दौरान उनके साथ एक ऐसी अनपेक्षित घटना घटी, जिसने न केवल उन्हें हैरान कर दिया बल्कि इंटरनेट पर बहस भी छेड़ दी है। रेड कार्पेट पर पैपराजी के सामने एक फीमेल फैन ने उनके ...
फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। चिरंजीवी ने उन्हें तुरंत उठाया और गले लगा लिया। इसके बाद उन्होंने पोटी मामा को अपने पास फ्रंट रो में बैठाया और उनके साथ समय बिताया। चिरंजीवी ने उन्हें एक तस्वीर भी गिफ्ट की। बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म की ग्रैंड ‘मेगा ब्लॉकबस्टर सक्सेस सेलिब्रेशंस’ आयोजित हुई थी। इसमें मेगास्टार चिरंजीवी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। वरुण तेज ने भी चिरंजीवी के पैर छुए इसी इवेंट से फिल्म के लीड एक्टर और चिरंजीवी के भतीजे वरुण तेज का वीडियो भी सामने आया। इसमें वरुण स्टेज पर अपने चाचा के पैर छूते नजर आए। खास बात यह है कि पैर में चोट के बावजूद वह झुककर चिरंजीवी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। वीडियो में चिरंजीवी उन्हें संभालते हुए भी नजर आ रहे हैं। वरुण तेज की यह सादगी और परिवार के प्रति सम्मान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बता दें कि वरुण तेज को हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म 'भारी' के लिए वॉलीबॉल की प्रैक्टिस करते समय घुटने में चोट लग गई थी। जानिए कैसी है फिल्म की कहानी वरुण तेज मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ एक तेलुगु हॉरर-कॉमेडी है। फिल्म का निर्देशन मेरलपाका गांधी ने किया है। इसमें रितिका नायक और सत्या भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। कहानी पेनुकोंडा के रहने वाले कनकराजू की है। वह गुस्सैल और सीधा-सादा युवक है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब एक रहस्यमयी चीज के जरिए उसके शरीर में एक कोरियाई गैंगस्टर की आत्मा आ जाती है। इसके बाद कनकराजू का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वह कोरियाई भाषा बोलने लगता है और उसके अंदर कुछ अजीब शक्तियां भी आ जाती हैं। …………. यह खबर भी पढ़ें... साउथ एक्टर वरुण तेज बने पिता:पत्नी लावण्या ने बेटे को जन्म दिया, अल्लू अर्जुन-राम चरण ने दी शुभकामनाएं तेलुगु एक्टर वरुण तेज और उनकी पत्नी और एक्ट्रेस लावण्या त्रिपाठी के पहले बच्चे का जन्म पिछले साल 10 सितंबर को हुआ था। कपल ने बच्चे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी थी। वरुण तेज ने ब्लैक एंड व्हाइट फोटो पोस्ट की थी, जिसमें वे, लावण्या और उनका नवजात बच्चा नजर आ रहे हैं। फोटो के कैप्शन में लिखा था, “हमारा नन्हा राजकुमार। 10.09.2025।” पूरी खबर यहां पढ़ें…
आधी नरगिस और आधी मधुबाला... 40'S की सुपरस्टार थीं Emraan Hashmi की दादी; दिलचस्प है इनकी कहानी
क्या आपको मालूम है कि इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) की दादी सिनेमा की बड़ी सुपरस्टार थीं? 40 के दौर में इंडस्ट्री में हसीना का सिक्का चलता था।
सुरों की कोकिला लता मंगेशकर ने 63 साल पहले सदी का सबसे यादगार देशभक्ति गीत गाया था।
अक्षय-सैफ की 'हैवान' के टीजर में क्या है खास, देखें मूवी मसाल
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म 'हैवान' का टीजर रिलीज हो गया है. टीजर में अक्षय का खतरनाक लुक नजर आ रहा है. प्रियदर्शन की इस एक्शन-क्राइम थ्रिलर फिल्म के जरिए ये जोड़ी काफी सालों बाद बड़े पर्दे पर तहलका मचाने को तैयार है. 'हैवान' 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. देखें मूवी मसाला.
मुस्लिम एक्टर ने पढ़ी गीता, बना भगवान शिव-कृष्ण का भक्त
अभिनेता आदिल हुसैन ने भगवद्गीता, कर्म, आत्मा और जीवन के उद्देश्य पर खुलकर चर्चा की. उन्होंने बताया कि गीता ने उनके जीवन को देखने का नजरिया बदला है और इसे केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आत्मा को समझने का माध्यम माना.
19 साल बाद Awarapan की 'आलिया' का शॉकिंग खुलासा, फिल्म के फ्लॉप होने के बाद हुआ था भेदभाव
फिल्म आवारापन में आलिया का किरदार निभाने वालीं अभिनेत्री श्रिया सरन ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया है।
33 साल पहले आया था Doordarshan का आईकॉनिक देशभक्ति गीत, 4 सिंगर्स ने छेड़ा था 'सुरों का महासंग्राम'
दूरदर्शन पर 33 साल पहले एक कालजयी देशभक्ति को टेलीकास्ट किया गया था।
कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। कंगना ने कहा, ‘जब संसद पर अटैक हो रहा था, मेरे कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनके शीशे तोड़ दिए गए थे। मेरे घर के बाहर भी करीब 2,500 लोग जमा थे। इतनी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी कि रात को हम सो नहीं पाए। उस समय ये लोग घड़ियाली आंसू रो रहे थे, लेकिन अब जब झारखंड में बच्चों पर जुल्म हो रहे हैं, तो क्या वो Gen Z नहीं हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वालों को ही Gen Z मानना गलत है। कंगना बोलीं कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें युवा-विरोधी बताना सही नहीं है। कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर आंसू बहाने वालों को झारखंड में बच्चों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह के वीडियो का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने वीडियो में ऐसी बातें और धमकियां दी थीं, जिन्हें वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र की गरिमा के तहत उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए। कंगना ने कहा, इतनी गंदी-गंदी, इतनी भद्दी-भद्दी बातें और धमकाना, 'देश से निकल जाओ', 'तुम्हें जला देंगे', 'तुम्हें मार देंगे', यह क्या, कोई आपको लगता है, क्या यह सभ्य बातें हैं? पाकिस्तान प्रेम पर कंगना ने सवाल उठाया कंगना ने कहा, ‘और जब देखो, जो चाहे उनकी फिल्में हों, चाहे उनकी बातें हों, चाहे उनके इंटरव्यूज हों, यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में यह मरे रहते हैं। मैं जानना चाहती हूं कि अब बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर यह प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?’ उन्होंंने आगे कहा, ;जब इतने ज्यादा, चाहे वो पहलगाम अटैक हो, चाहे वो हमने ऑपरेशन सिंदूर किया हो, देश कहीं और जा रहा है, सेनाएं कहीं और जा रही हैं, नागरिकों का कहीं कुछ और संघर्ष हैं पड़ोसी देशों को लेकर, यह बॉलीवुड की लव स्टोरी पाकिस्तान के साथ खत्म कब होगी?' नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना ने क्या कहा था? दरअसल, नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा के बयान पर रिएक्शन देते हुए कंगना रनोट ने मंगलवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। आज के समय में इंसानों के लिए कुत्ता कहलाना भी एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस अब बहुत दुर्लभ हो गई है। नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने से तो कुत्ता बनना ही बेहतर है। क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान? दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर शुरुआत में सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बात करते हुए कहा था, ‘सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।’ …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'गटर जेनरेशन' टिप्पणी मामले में अभिनेत्री कंगना की बढ़ी मुश्किल:आगरा कार्ट में परिवाद दर्ज, 21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर कंगना रनोट की टिप्पणी अब आगरा कोर्ट पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनकी परवरिश पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में परिवाद दाखिल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

