UP बोर्ड के असंतुष्ट छात्र छात्राओं की कापियों की स्क्रूटनी का काम शुरू हो रहा है। यूपी बोर्ड की गाइड लाइन के अनुसार, स्क्रूटनी का काम CCTV की निगरानी में होना है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में बने कंट्रोल रूम में स्क्रूटनी कराई जाएगी। इंटरमीडिएट में आठ हजार से ज्यादा व हाईस्कूल में 1600 से ज्यादा कापियों की स्क्रूटनी होनी है। यह काम 15 जून तक पूरा कर लिया जाना है। क्षेत्रीय अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि स्क्रूटनी कार्य में पूरी तरह से पारदर्शिता बरती जा रही है, इसी उद्देश्य से कैमरे की निगरानी में यह काम होना है। इसके अलावा चार सदस्यीय एक टीम भी गठित कर दी गई है स्क्रूटनी के दौरान वहां मौजूद रहेंगे। प्रत्येक कापियों पर चढ़े अंक का विधिवत मिलान किया जाएगा। यदि लगता है कि नंबर चढ़ाने में कोई भूल हुई है तो उसे अलग किया जाएगा और उस पर कमेटी के चारों सदस्यों के सामने रखा जाएगा। चारों सदस्यों को इसपर हस्ताक्षर भी करने होंगे। इसके बाद अपर सचिव के पास भेजा जाएगा। संबंधित विषय के शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे ताकि वह कापियों का मूल्यांकन विधिवत कर सकें। कापी को यूपी बोर्ड मुख्यालय, प्रयागराज भेजा जाएगा। जून के अंतिम सप्ताह में मिलेगी मार्कशीटUP बोर्ड के छात्रों को रिजल्ट के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। मार्कशीट इसी माह जून के अंतिम सप्ताह में मिल सकती है। क्योंकि अभी मार्कशीट में संशोधन के लिए तमाम छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए हैं। वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय से संबद्ध करीब 10 जिलों से 4697 आवेदन हैं, जिसमें अलग अलग तरीके के संशोधन हैं। किसी में छात्र के नाम में मिस्टेक है तो किसी में माता व पिता के नाम में गलती हुई। इतना ही नहीं तमाम छात्रों के जेंडर ही बदल गए हैं। अब इसमें सुधार होने के लिए छात्रों ने आवेदन दिए हैं। सबसे अधिक नाम संशोधन के 1275 आवेदन आए हैं। इसके अलावा पिता का नाम बदलवाने के लिए 1139, माता के नाम बदलवाने के लिए 974, जन्मतिथि बदलवाने के लिए 786 आवेदन आए हैं। इसी तरह 92 ऐसे छात्र और छात्राएं हैं जिनके जेंडर ही गलत चढ़ गए हैं। 431 लोगों के फोटों में बदलाव हुए हैं।
5 माह में 4,339 डीएल रद्द, रेड लाइट जंप के 1848 मामले
राजधानी में यातायात नियमों को लेकर लोगों की लापरवाही लगातार सामने आ रही है। बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त अभियान शुरू किया है। अब केवल चालान काटने के बजाय ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निलंबित कराने की कार्रवाई भी तेज कर दी गई है। ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने जनवरी से मई 2026 तक 4,339 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की है। इस संबंध में फाइल जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) अखिलेश कुमार को भेज दी गई है। इन मामलों में सबसे अधिक 1,848 मामले रेड लाइट जंपिंग के हैं। वहीं, दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले (पीलियन राइडर) द्वारा हेलमेट न पहनने के 1,150 मामले दर्ज किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2025 में भी 7,975 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। किस मामले में कितने डीएल रद्द करने की अनुशंसा (जनवरी से मई 2026) जांच कर होगी आगे की कार्रवाई... ट्रैफिक पुलिस की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर परिवहन विभाग (डीटीओ) सभी मामलों की स्क्रूटनी कर रहा है। नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से इन सभी ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नियमों का पालन जरूरी... ट्रैफिक एसपी ने अपील की है कि लोग चालान या डीएल रद्द होने के डर से नहीं, बल्कि अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें। सीट बेल्ट, हेलमेट और ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन सीधे तौर पर जान जोखिम में डालता है। आगे क्या... ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने के बाद भी यदि कोई वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसकी गाड़ी को तत्काल जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही ऐसे चालकों पर कानूनी कार्रवाई (एफआईआर) भी की जा सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा।
भास्कर अपडेट्स:गुजरात में 13 खातों से 398 करोड़ की ठगी मामले में 14 गिरफ्तार
गुजरात के पाटण जिले में पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया कि 13 बैंक खातों के जरिए 398.43 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन किए गए। इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क देशभर में दर्ज 228 साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा हुआ है। कार्रवाई राज्य सरकार के ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाने और साइबर अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के अभियान के तहत की गई। पाटन पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि केंद्रीय सरकार के SAMANVAYA और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) के आंकड़ों के विश्लेषण के दौरान हरिज नागरिक सहकारी बैंक में खोले गए कुछ चालू खातों में संदिग्ध लेनदेन का पता चला। जांच में सामने आया कि कुछ लोग कमीशन का लालच देकर व्यक्तियों से उनके नाम पर फर्म और बैंक खाते खुलवाते थे। बाद में इन खातों का नियंत्रण बिचौलियों और साइबर ठगों को सौंप दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, खातेधारकों ने ATM कार्ड, चेकबुक, SIM कार्ड, मोबाइल नंबर और इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी कथित तौर पर बिचौलियों और साइबर अपराधियों को दे दी थी। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से हासिल रकम को इधर-उधर भेजने के लिए किया गया। आज की बाकी बड़ी खबरें… कर्नाटक में ऑनलाइन गेमिंग से रोका तो बेटे ने पिता और बहन की हत्या की, मां गंभीर कर्नाटक के कोप्पल जिले के गंगावती तालुका में 18 साल के एक छात्र ने ऑनलाइन मोबाइल गेम खेलने से रोके जाने पर अपने पिता, मां और बड़ी बहन पर चाकू से हमला कर दिया। पिता और बहन की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है। आरोपी छात्र ने हमले के बाद खुद को भी चाकू मारा और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान 45 साल के वेंकट नायडू और उनकी 19 साल की बेटी प्रगति के रूप में हुई है। घटना 6 जून की रात होसा अयोध्या गांव में गंगावती ग्रामीण थाना क्षेत्र में हुई। शिकायत के अनुसार रात का खाना खाने के बाद परिवार सो गया था। वेंकट नायडू, उनकी पत्नी सौजन्या और दोनों बच्चे एक कमरे में सो रहे थे, जबकि वेंकट नायडू के माता-पिता दूसरे कमरे में थे। रात करीब 10.30 बजे वेंकट नायडू के पिता ताताराव ने शोर और बेटे की चीख सुनकर दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों से मदद मांगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आए पैसेंजर के बैग से 1.42 करोड़ का हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से करीब 1.42 करोड़ रुपए कीमत की हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त की है। मामले में यात्री को हिरासत में लेकर NDPS Act के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्री सोमवार को बैंकॉक से दिल्ली पहुंचा था। एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल पार करने के बाद कस्टम अधिकारियों ने उसे रोका और जांच की। कस्टम विभाग के बयान के अनुसार, यात्री के सामान की एक्स-रे स्क्रीनिंग के दौरान संदिग्ध तस्वीरें दिखाई दीं। इसके बाद बैग की जांच की गई। तलाशी के दौरान छह वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए। इनमें संदिग्ध हाइड्रोपोनिक गांजा भरी हुई थी। जब्त सामग्री का कुल वजन करीब 4.045 किलोग्राम बताया गया है।
राजस्थान में मंगलवार को बारिश और हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। आज 7 जिलों में आंधी-बारिश होने की संभावना है। वहीं, 5 जिलों में हीटवेव का अलर्ट है। वहीं, 11 जून से एक नया वेस्टर्न डिर्स्टबेंस एक्टिव होने और उसके असर से राज्य में आंधी-बारिश का दौर फिर से शुरू होने की संभावना जताई है। इससे पहले सोमवार को बारिश-आंधी नहीं होने के कारण गर्मी, उमस तेज रही। प्री-मानसून के बीच भी पारा लगातार बढ़ रहा है। श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बीकानेर में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। राजस्थान के मौसम की PHOTOS ये शहर सबसे गर्म रहे गर्मी-बारिश के बड़े अपडेट्स पिछले 24 घंटे में मौसम: राजस्थान के अधिकतर शहरों में सोमवार को मौसम साफ रहा। दिनभर धूप रहने से तापमान में बढ़ोतरी हुई। बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जयपुर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, कोटा, जोधपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। तेज गर्मी के साथ इन शहरों में उमस भी रही। सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नया सिस्टम एक्टिव होगा: पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के ज्यादातर इलाकों में आगामी 2-3 दिन मौसम पूरी तरह साफ रहने और तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है। 11 जून से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से राज्य के कुछ भागों में आंधी-बारिश की संभावना है। आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के बड़े शहरों में मौसम जयपुर: सोमवार दिनभर तेज गर्मी रही। सुबह से जयपुर में आसमान साफ रहा और उमस रही। जयपुर में अधिकतम तापमान बढ़कर 40.1 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने 10 जून तक इसी तरह तेज गर्मी का अनुमान जताया है। अजमेर: दिनभर गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार को अधिकतम 39.1 और न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री दर्ज किया है। लगातार टेम्परेचर में उतार चढ़ाव जारी है। दोपहर में उमस और तेज गर्मी रही। अलवर: सोमवार शाम को तेज बारिश हुई। इससे तापमान गिरा और गर्मी से राहत मिली। इससे पहले दोपहर के समय तेज धूप के कारण गर्मी का असर रहा। अलवर में सोमवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री रहा। उदयपुर: लेकसिटी में बीते सप्ताह मौसम बदलने के बाद मौसम में ठंडक हुई। तापमान में गिरावट हुई, लेकिन पिछले दो दिनों से तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ ही गर्मी का असर बढ़ा है। सोमवार को दिन का पारा 39.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया। उदयपुर के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार तापमान बढ़ेगा और उमस वाली गर्मी रहेगी। सीकर: जिले में बारिश रुकने के बाद गर्मी का असर तेज हो चुका है। सोमवार को सीकर में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले रविवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री था। 11 से 12 जून तक इसी तरह तेज गर्मी रहेगी। तापमान 43 से 44 डिग्री के बीच दर्ज किया जा सकता है। कोटा: सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में 34.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बाद आसमान साफ होने से दिन के तापमान में फिर बढ़ोतरी देखने को मिली। जोधपुर: गर्मी का असर जारी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है। दोपहर में उमस और गर्मी से लोगों को परेशान होना पड़ा।
राज्य सरकार 25 जून तक शपथ पत्र दाखिल कर बताए कि भूमि सर्वे कब तक पूरा होगा : हाईकोर्ट
झारखंड में चल रहे भूमि सर्वेक्षण कार्य में हो रही देरी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराजगी जताई है। गोकुल चंद द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार को 25 जून तक शपथ पत्र दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि राज्य के सभी जिलों में भूमि सर्वे का कार्य कब तक पूरा होगा। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पूर्व में दिए गए न्यायालय के निर्देशों का अब तक पूरी तरह पालन नहीं किया गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याद दिलाया कि 17 जून 2025 को राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को निर्देश दिया गया था कि भूमि सर्वे से संबंधित नई तकनीक के उपयोग का कार्य चार सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही इसके बाद छह माह के भीतर पूरे राज्य में भूमि सर्वेक्षण का कार्य संपन्न करने को कहा गया था। खंडपीठ ने कहा कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद निर्धारित समय सीमा में सर्वे कार्य पूरा नहीं हो सका। वकीलों को स्वास्थ्य बीमा दिलाने से संबंधित पीआईएल निष्पादित राज्य के अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की मूल मांग पूरी हो चुकी है, इसलिए मामले को आगे जारी रखने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार के संकल्प के आधार पर अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है। ई-वेस्ट प्रबंधन पर हाईकोर्ट ने पूछा- कोई एसओपी बनाई गई है या नहीं झारखंड में इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) के समुचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने और इसके लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार नहीं किए जाने के मुद्दे पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब तलब किया है। सोमवार को शशि सागर वर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश कुमार की खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि राज्य में इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रबंधन और निस्तारण के लिए कोई एसओपी तैयार की गई है या नहीं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश पोद्दार ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के निस्तारण के लिए विस्तृत नियमावली बनाई है। क्या है याचिका में : याचिका में कहा गया है कि मोबाइल फोन, कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाला कचरा अक्सर सामान्य कचरे के साथ मिल जाता है। इसके कारण इनमें मौजूद हानिकारक धातुएं और रासायनिक तत्व मिट्टी, पानी और हवा को प्रदूषित कर रहे हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि ई-वेस्ट का अनुचित निस्तारण न केवल पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि इससे मानव स्वास्थ्य और पशुओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बीएनजे कॉलेज का ताला खुला,14.79 करोड़ रुपए की अत्याधुनिक बिल्डिंग में पढ़ेंगे 9000 स्टूडेंट्स
एजुकेशन रिपोर्टर|रांची/सिसई आखिरकार सोमवार को ज्ञान के मंदिर में लगा ताला खुल गया। 4 साल से तैयार होकर भी बंद पड़े रांची यूनिवर्सिटी के बीएनजे कॉलेज के नए शैक्षणिक भवन का हैंडओवर करने की औपचारिकता सोमवार को पूरी कर ली गई। कॉलेज का यह अत्याधुनिक भवन वर्ष 2022 में ही 14. 79 लाख रुपए की लागत से बनकर तैयार हो गया था। लेकिन कॉलेज की भूमि के दानदाता परिवार की ओर से नौकरी की मांग को लेकर लगाए गए ताले और चारदीवारी निर्माण नहीं होने के कारण नए भवन में पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी थी। नतीजा यह रहा कि कॉलेज के करीब 9000 छात्र-छात्राएं वर्षों तक जर्जर और असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने को मजबूर रहे। रांची विश्वविद्यालय की वीसी प्रो. सरोज कुमार शर्मा के निर्देश पर विवि अधिकारियों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल रंग लाई और नए भवन में पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया। क्या था विवाद कॉलेज के लिए जमीन दान करने वाले परिवार ने कॉलेज में नौकरी की मांग की थी। नौकरी नहीं देने पर विवाद हो गया था और कॉलेज में ताला लगा दिया गया था। जर्जर भवन में अब तक हो रही थी पढ़ाई, हादसे का डर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अमिताभ भारती बताते हैं कि पुराने जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। पुराने भवन की स्थिति बेहद खराब थी और प्लास्टर झड़ने की घटनाएं आम थी। कभी भी हादसा हो सकता था। मौके पर मुख्य रूप से जिप सदस्य विजय लक्ष्मी कुमारी, मुखिया शोभा देवी, रेखा देवी, डॉ आदित्य विक्रम देव, प्रो. साहू प्रकाश लाल, डॉ. निसार अहमद, डॉ परांगत खलखो, सुरेश साहू, सच्चिदानंद उरांव, संजय वर्मा, रोहित शर्मा, मुकेश डेविड, पंकज साहू, सत्येंद्र साहू, सुखलाल राय समेत अन्य मौजूद थे। बीएनजे कॉलेज का नया भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस है। भवन में 18 क्लासरूम, ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर रूम सहित उच्च शिक्षा की जरूरतों के अनुरूप कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। 4 साल तक बंद रहने के कारण नए भवन की स्थिति खराब होने लगी, जिसे ठीक करने के लिए संबंधित संवेदक को कहा गया है। अब कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
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महागठबंधन: हेमंत की बैठक से ‘ऑल इज वेल’
झारखंड की राजनीति कमाल की है। यहाँ कभी सरकारें अंकगणित से बनती हैं, कभी रसायनशास्त्र से चलती हैं और कभी-कभी राज्यसभा चुनाव आते ही पूरा खेल दर्शनशास्त्र में बदल जाता है। प्रदेश भाजपा के नेता कल तक यह उद्घोष कर रहे थे कि “हमारा उम्मीदवार, हमारी जीत”। लेकिन, अब अचानक उनके सुर बदल गए हैं और वे कह रहे हैं कि “परिमल नाथवानी की जीत ही हमारी जीत है।” पहले पूरे मनोयोग से इन लोगों ने अपना उम्मीदवार देने और जीत पक्की होने की घोषणा की थी। अब अपना खोया हुआ आत्मविश्वास टटोलते हुए, वे पूर्व में दिए गए अपने ही बयानों का खंडन कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू से लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और अन्य बड़े नेता अब यह सफाई दे रहे हैं कि उनके पास संख्या बल नहीं था, इसलिए निर्दलीय परिमल नाथवानी को समर्थन दिया गया है। झारखंड भाजपा की स्थिति उस छात्र जैसी हो गई है, जिसने पूरे साल यह दावा किया कि परीक्षा की उसकी तैयारी पूरी है, वह परीक्षा देगा और टॉप भी करेगा। लेकिन, ऐन परीक्षा के समय वह कहने लगा कि ‘पड़ोसी के नंबर भी हमारे ही माने जाएँ।’ 4 जून से 7 जून तक क्या-क्या हुआ 4 जून : कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली से प्रणव झा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। इससे गठबंधन में खटास आई। 5 जून : हेमंत सोरेन ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए। दिन में अपने आवास पर गठबंधन के सभी मंत्रियों और विधायकों की आपात बैठक बुलाई। बैठक के बाद झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि कांग्रेस ने बिना चर्चा के प्रत्याशी घोषित किया है, अब झामुमो दोनों सीटों पर लड़ेगा। 6 जून : कांग्रेस के पर्यवेक्षक रांची पहुँचे। मान-मनौव्वल के बाद झामुमो ने केवल बैजनाथ राम के नाम की घोषणा की। 7 जून : शाम को हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सभी मंत्रियों और विधायकों की बैठक हुई, जिसमें अंतिम सहमति बन गई। तारीखों से समझिए : 22 मई से 8 जून तक कैसे बदले भाजपा के सुर झामुमो के बैजनाथ राम व कांग्रेस के प्रणव झा नामांकन भरते हुए। साथ में मुख्यमंत्री सोरेन व अन्य नेता। अब भाजपा का यू-टर्न... कह रहे हैं उनकी जीत, हमारी जीत 4 दिन की तकरार, 48 घंटे में डैमेज कंट्रोल... कल तक था ‘हमारा प्रत्याशी, हमारी जीत’ का दावा... कांग्रेस द्वारा एकतरफा प्रत्याशी घोषित करने के बाद झारखंड 'इंडिया' गठबंधन में पैदा हुआ विवाद आखिरकार सुलझ गया। गठबंधन में दरार की अटकलें तब तेज हो गईं, जब झामुमो ने कांग्रेस के फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई थी। विरोध दर्ज कराते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम तक स्थगित कर दिए थे। हालांकि, 48 घंटे की सघन सियासी कवायद, दिल्ली से भेजे गए कांग्रेस के दो पर्यवेक्षकों की दखल और कई दौर की बैठकों के बाद मुख्यमंत्री ने डैमेज कंट्रोल करते हुए गठबंधन की गांठ को सुलझा लिया। रविवार को हेमंत की मौजूदगी में झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने एक साथ नामांकन दाखिल किया। इस साझा नामांकन से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिलहाल इंडिया गठबंधन में ‘ऑल इज वेल’ है। हालांकि, अब असली चुनौती 18 जून को होने वाले मतदान की है। 29 मई : तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने हेमंत से भेंट की। कांग्रेस नेताओं ने आश्वासन दिया था कि उनका प्रत्याशी सीएम की पसंद का होगा। तय हुआ था कि हेमंत व कांग्रेस आलाकमान के बीच बातचीत के बाद प्रत्याशी का चेहरा सामने आएगा। 22 मई : राज्यसभा चुनाव की घोषणा के दिन नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी ने दावा किया कि इस चुनाव में भाजपा अपना प्रत्याशी उतरेगी और जीत दर्ज करेगी। 25 मई : चुनाव समिति की बैठक के बाद अमर बाउरी ने दोहराया कि प्रत्याशी उतारा जाएगा। कोई बाहरी नहीं, बल्कि पार्टी का कार्यकर्ता ही चुनाव लड़ेगा। 31 मई : प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू दिल्ली रवाना हुए। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेताओं के साथ मंथन होगा और पार्टी हर हाल में अपना उम्मीदवार उतारेगी। 2 जून : दिल्ली से लौटने पर आदित्य साहू ने कहा- “कोई धनपशु नहीं, बल्कि पार्टी कार्यकर्ता ही हमारा राज्यसभा प्रत्याशी होगा। एक-दो दिन में नाम की घोषणा हो जाएगी।” 4 जून : प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि भाजपा मजबूती से चुनाव लड़ेगी और जीतेगी। मतदान के दिन स्पष्ट हो जाएगा कि कौन किसके साथ खड़ा है। 5 जून : भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने दावा किया कि पार्टी ने अपना प्रत्याशी उतारने का निर्णय ले लिया है और 6 जून की सुबह तक घोषणा हो जाएगी। 6 से 7 जून : प्रत्याशी उतारने के सवाल पर भाजपा के हर नेता मौन हो गए। 8 जून : प्रदेश अध्यक्ष ने यू-टर्न लेते हुए निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर दी। इससे अटकलों पर विराम लग गया। दिल्ली दरबार को नहीं मिला ‘उपयुक्त उम्मीदवार’ उल्लेखनीय है कि प्रदेश चुनाव समिति ने राज्यसभा चुनाव के लिए थोक भाव में नामों का चयन कर सूची दिल्ली दरबार को भेजी थी। दिल्ली ने सूची देखी, नाम देखे, समीकरणों का गुणा-भाग किया और अंत में यह निष्कर्ष निकाला कि “उपयुक्त उम्मीदवार’ नामक प्राणी इस सूची से फिलहाल विलुप्त है। वहीं भाजपा के गौरव वल्लभ ने भी चार दिन तक रांची में कैंप किया, पर पार्टी की ओर से उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
‘खान सर बिहार का बड़ा माफिया बन गया है। हमें तो लगता है कि पटना में बगल वाली कोचिंग के संचालक को फंसाने के लिए उसने खुद ही गोली चलवाई है। खान सर के साथ जो हो रहा है, अच्छा हो रहा है। पाप का घड़ा भर जाता है तो टूटता जरूर है। उसका सच सामने आ रहा है।’ ये कहना है कि यूपी के देवरिया में रहने वाले इमरान खान का…। वो खुद को फैजल खान (खान सर) का चाचा बताते हैं। खान सर की देवरिया के भाटपाररानी कस्बे में आलीशान कोठी है। गांव में उनके पटीदार-रिश्तेदार रहते हैं। 2 जून की रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग पर हमला हुआ था। घटना के दौरान उनके बॉडीगार्ड्स के फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और खान सर से भी पूछताछ की जा चुकी है। इसके बाद से खान सर विवादों में घर गए हैं। भास्कर टीम देवरिया में खान सर के पैतृक गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… पहले 3 तस्वीरें देखिए… भाटपाररानी नगर पंचायत में बने तीन मकानदेवरिया मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर भाटपाररानी नगर पंचायत है। यहां मदन मोहन मालवीय डिग्री कॉलेज के पास गुदरी बाजार वार्ड–11 में करीब 1000 स्क्वॉयर फीट में खान सर का एक मंजिला पैतृक घर है। इसी मकान में खान सर का बचपन बीता। बताया जाता है कि पैतृक आवास में आपसी विवाद के बाद परिवार ने 2021 में कोरोना काल के दौरान वार्ड संख्या–7 रानी पोखरा में दूसरा मकान बनवाया। फिर वहीं रहने लगे। इसके बाद वार्ड–एक लखना उर्फ डोमडीह में खान सर ने आलीशान कोठी बनवाई। पड़ोसी बोले– गोंडा से देवरिया आए थे खान सर के बाबागुदरी बाजार में खान सर के पड़ोसी छोटू खान का कहना है– खान सर के दादा इकबाल खान मूल रूप से यूपी में गोंडा के दशरथपुर गांव के रहने वाले थे। वे वहां से निकलकर देवरिया के भाटपाररानी आए थे। बाद में यहीं स्थायी निवास बना लिया। इकबाल खान के तीन पुत्र थे। बशीर खान, नईम खान और सईद खान। इनमें बशीर खान का परिवार भाटपाररानी में रह रहा है, जबकि नईम और शाहिद के बारे में कोई जानकारी नहीं है। छोटू ने बताया– बशीर खान के तीन बेटों में सबसे बड़े फैजल खान उर्फ खान सर और दूसरे भाई फैसल खान बिहार में रहते हैं। जबकि तीसरा भाई सैफ खान भाटपाररानी में रहकर शिवम साइंस कॉलेज से हाईस्कूल की पढ़ाई कर रहा है। देवरिया में बीएससी तक पढ़ाई कीछोटू खान कहते हैं- यहां परमार मिशन स्कूल में खान सर ने कक्षा 8 तक पढ़ाई की है। इसी स्कूल में इनके बाबा शिक्षक थे। इसके बाद पकड़ी बाबू गांव के राम मनोहर लोहिया इंटर कॉलेज से हाई स्कूल किया। फिर सिद्दीकी अहमद इंटर कॉलेज से इंटर और इसी कॉलेज की शाखा से बीएससी पास की। बीएससी के बाद वो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज चले गए। वहां से बिहार जाकर कांचिंग चलाने लगे। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई के दौर ने जोर पकड़ा तो खान सर अपने वीडियो यूट्यूब समेत तमाम सोशल मीडिया पर डालने लगे। जिससे उन्हें देशभर में लोकप्रियता मिली। बिहार जाने के बाद खान सर अक्सर देवरिया आते रहे। 2021 से लेकर 2025 तक 5 साल के अदंर खान सर ने भाटपाररानी के वार्ड–1 लखना उर्फ डोमडीह में 500 मीटर की दूरी पर एक आलीशान कोठी और एक छोटा मकान बनवाया। मई 2025 में इस कोठी में गृह प्रवेश किया। इसके बाद एएस खान से शादी करने के बाद बाद खान सर दो दिन इसी कोठी में परिवार के साथ रहे। इसके बाद वो पटना चले गए। अब इस कोठी में उनके पिता, मां और छोटा भाई रहता है। सभाषद बोले– खान सर ने अपनी कोठी के लिए नाली का काम रुकवायावार्ड-1 के सभाषद आदित्य सिंह उर्फ मोनू का आरोप है कि जब खान सर की कोठी का निर्माण चल रहा था तो उनके घर के पास एक नाली का निर्माण भी होना था। इसको लेकर विवाद हुआ और खान सर ने अपना रौब दिखाते हुए नाली का निर्माण रुकवा दिया था। पटना से एक कॉल पर लेखपाल और एसडीएम समेत तमाम अफसरों ने काम रुकवा दिया, जो आजतक रुका हर पड़ा है। नाली न बनने से वहां सड़क भी नहीं बन पाई है। सभाषद का कहना है कि आज तक खान सर ने भाटपार रानी का नाम तक नहीं लिया। कुछ लोग खान सर को भाटपाररानी का गौरव बताते हैं, जबकि उसने कहीं भी अपनी जन्मभूमि का नाम तक नहीं लिया। भाटपाररानी को छोड़िए देवरिया और उत्तर प्रदेश का नाम भी नहीं लेते हैं। पुस्तैनी मकान को लेकर भी चल रहा विवादभाटपाररानी के वार्ड नंबर–11 गुदरी बाजार में खान सर के पैतृक घर और उसके सामने के 1500 स्क्वायर फीट के प्लॉट को लेकर विवाद चला आ रहा है। रिश्ते में खुद को खान सर के चचेरे चाचा बताने वाले इमरान अहमद खान कहते हैं कि खान सर के बाबा इकबाल खान और मेरे पिता ने कई जगह साथ में प्रॉपर्टी खरीदी थी। लेकिन खान सर ने हम लोगों के साथ हमेशा बेईमानी की। हमारी पैतृक संपत्ति को वो हड़पना चाहते हैं। इमरान ने कहा, साजिश करके खान सर ने जिला न्यायालय की दीवानी कोर्ट में मुकदमा कर रखा था। वहां से मुकदमा हार गए तो हाईकोर्ट चले गए। ये लोग हम लोगों को प्रताड़ित करके पूरी प्रॉपर्टी कब्जाना चाहते हैं। जबकि वो जमीन हमारी पुस्तैनी है। पड़ोसी बोले- खान सर खुद को सेलिब्रिटी समझते हैंवार्ड-1 में खान सर के पड़ोसी राजू मिश्रा कहते हैं- खान सर ने अपने भाई फैसल खान की शादी के लिए हम लोगों से फंक्शन के लिए हमारा खेत मांगा था। हमने मना कर दिया तो हम पर दबाव डालकर धमकाने लगे। लेकिन हम लोग नहीं डरे। खान सर शिक्षक नहीं हो सकते। शिक्षक सामान्य होता है जो छात्रों और समाज के लिए सरल होता है। खान सर खुद को बहुत बड़ा सेलिब्रिटी समझते हैं। ----- ये खबर भी पढ़ें फायरिंग मामले में खान सर ने दायर की जमानत याचिका:गार्ड्स की बेल पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित; अपोजिशन के वकील बोले- जानबूझकर गोली चलवाई फायरिंग मामले में खान सर ने पटना सिविल कोर्ट में सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कल यानी मंगलवार को इस पर सुनवाई होगी। गोली चलाने वाले दोनों गार्ड्स की बेल के लिए भी आज अप्लाई किया गया है। कोर्ट में गार्ड्स की जमानत को लेकर ज्ञान बिंदु के वकील की ओर से विरोध किया गया। ज्ञान बिंदु के वकील की ओर से कहा गया है कि इरदातन गोली चलवाई गई थी। भीड़ हटाने के लिए फायरिंग नहीं हुई थी। पूरी खबर पढ़ें
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को बयानबाजी और तेज हो गई। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने आगरा में कहा कि जब चोर को ही रक्षक बना दिया जाएगा तो ऐसी घटनाएं होंगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए उनकी सोच को बाबरवादी बताया। VIDEO देखिए…
8 जून, नई दिल्ली- INDIA ब्लॉक की दिल्ली में बैठक हुई। 25 राजनीतिक दल इसमें शामिल हुए। यूपी से सपा प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हुए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- SIR और चुनाव की निष्पक्षता को लेकर CJI को लेटर लिखेंगे। 5 जून, नई दिल्ली- राहुल गांधी के साथ यूपी के प्रमुख दलित और अति पिछड़ा वर्ग के नेताओं की बैठक हुई। विधानसभा चुनाव से पहले यह सपा के 'PDA' फॉर्मूले को और मजबूत करने की कोशिश थी। 4 जून, लखनऊ- भाजपा के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- यूपी विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल चुनाव मॉडल अपनाएंगे। 1.76 लाख बूथ पालक तेजी से नियुक्त कर लीजिए। यहां भाजपा के 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष मौजूद थे। ये 3 संकेत इस बात को बढ़ावा दे रहे हैं कि कहीं यूपी में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले तो नहीं होने वाले हैं। इस पर चुनाव आयोग के अधिकारी कहते हैं- वोटर लिस्ट का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम जारी होना है। आमतौर पर फाइनल वोटर लिस्ट जनवरी के मध्य में आती है। अगर आयोग ने समय से पहले चुनाव का फैसला लिया, तो इस बार अंतिम वोटर लिस्ट नवंबर तक प्रकाशित कर दी जाएगी। सपा और बसपा नेताओं का कहना है कि भाजपा मंदी के असर को पहले ही भांप गई है। इसीलिए जल्दी चुनाव कराना चाहती है। वहीं, लखनऊ की ब्यूरोक्रेसी से जुड़े सोर्स राष्ट्रीय जनगणना में लगे कर्मचारियों को इसकी बड़ी वजह बता रहे हैं। चुनाव तय समय से पहले कराने के 3 बड़े कारण 1- एक ही स्टाफ, दो बड़ी ड्यूटियांदेश में जनगणना का पहला चरण चल रहा है, जो 30 सितंबर तक चलेगा। इसका दूसरा चरण 9 से 28 फरवरी, 2027 के बीच होना है। इसमें लोगों की सामाजिक-आर्थिक और जातीय जानकारी जुटाई जाएगी। यूपी में इसके लिए 5.25 लाख शिक्षकों और 600 से अधिक एसडीएम/डीएम की ड्यूटी लगी है। यूपी में बूथों की संख्या बढ़कर 1.77 लाख हो चुकी है। इसके लिए चुनाव ड्यूटी में 7 लाख से ज्यादा कर्मचारी चाहिए। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जो स्टाफ जनगणना कर रहा, वही चुनाव भी कराता है। अगर दोनों काम साथ हुए, तो सचिवालय से लेकर ग्राम पंचायतों तक पूरा सिस्टम ठप हो जाएगा। 2- बोर्ड परीक्षाओं का टकरावफरवरी-मार्च के महीने में ही यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई की बोर्ड परीक्षाएं भी होती हैं। लाखों शिक्षक परीक्षा कराने और कॉपियां जांचने में व्यस्त रहते हैं। 2022 में विधानसभा चुनाव के बाद बोर्ड परीक्षाएं करवाई गई थीं। 3- आर्थिक मंदी और महंगाई से बदलता माहौलपीएम नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी आने वाले दिनों में आर्थिक संकट और महंगाई को लेकर चिंता जता चुके हैं। वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मंदी और महंगाई का असर जनता पर सीधे दिख सकता है। ऐसे में लोगों की नाराजगी सत्ताधारी पार्टी से हो सकती है। भाजपा ऐसा रिस्क नहीं लेना चाहेगी। यूपी के राजनीतिक दलों की तैयारियां चुनावी आहट मिलते ही यूपी के सभी राजनीतिक दल 'इलेक्शन मोड' में आ गए हैं। 2022 की बात करें, तो बसपा ने अपने कोऑर्डिनेटर और प्रभारी पहले तय कर दिए थे। पहली सूची 15 जनवरी को जारी हुई थी। सपा ने आचार संहिता लगने के बाद 13 जनवरी, 2022 को अपनी पहली सूची जारी की थी। भाजपा की 15 जनवरी, 2022 को पहली सूची सार्वजनिक की थी। इस बार कैसी तैयारी है, दैनिक भास्कर ने भाजपा, सपा और बसपा के पदाधिकारियों से बात करके समझा… भाजपा ने प्रभारी मंत्रियों को जिलों में भेजा सपा ने 200 कैंडिडेट तय किए, समय से पहले नाम घोषित होंगे सुभासपा और बसपा कैंडिडेट फाइनल कर चुकीओम प्रकाश राजभर की सुभासपा ने 44 सीटों पर प्रभारी तैनात कर दिए हैं। चुनाव में यही कैंडिडेट होंगे। बसपा प्रमुख मायावती ने भी अंदरखाने करीब 50 सीटों पर अपने प्रभारियों के नाम फाइनल कर दिए हैं। इनमें 5 नाम सार्वजनिक किए हैं। मायावती ने जिलों के प्रभारियों के साथ बैठक करके उन्हें क्षेत्र में चुनावी माहौल बनाने के लिए कहा है। जल्द चुनाव से किसे फायदा? भाजपा तैयारी का मौका नहीं देना चाहतीवरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा कहते हैं- सरकार विपक्ष को तैयारी का मौका नहीं देना चाहती। चुनाव के समय ही जनगणना का दूसरा चरण रखना साफ इशारा है कि सरकार वक्त से पहले चुनाव चाहती है। भाजपा का मानना है कि अचानक चुनाव कराने से विपक्षी दलों को तैयारी का पूरा मौका नहीं मिलेगा। इसके अलावा, मंदी का असर ग्राउंड पर दिखने से पहले चुनाव कराना सरकार के लिए सुरक्षित रहेगा। महंगाई के असर से बचने की कोशिशवरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्रनाथ भट्ट कहते हैं- जनगणना और चुनाव एक साथ कराना प्रशासनिक मशीनरी के लिए बेहद मुश्किल है। जहां तक महंगाई का सवाल है, यह सरकार की नाकामी नहीं, बल्कि ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से है। हालांकि, इसका चुनाव पर असर पड़ता है। इसीलिए सरकार इसके प्रभाव से बचने के लिए चुनाव पहले करा सकती है। देखना होगा कि क्या सपा इसे कितना भुना पाती है? चुनाव की तस्वीर वोटर लिस्ट प्रकाशन से सामने आएगीमुख्य निर्वाचन अधिकारी दफ्तर के एक अधिकारी कहते हैं- अगर जनवरी से पहले चुनाव कराए जाते हैं, तो एसआईआर 2025-26 की मतदाता सूची को आधार बनाया जा सकता है। पहले चुनाव होते हैं, तब भी आयोग के पास तैयारियों के लिए पर्याप्त समय है। --------------------------------------- भास्कर एक्सक्लूसिव भी पढ़िए- यूपी के 4 सांसदों की लद्दाख में तबीयत बिगड़ी, लालगंज सांसद को खून की उल्टी, AIIMS में भर्ती यूपी के 4 सांसदों की लेह-लद्दाख में तबीयत बिगड़ गई। ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के चलते सांसदों को सांस लेने में भारी तकलीफ हुई। एक सांसद को नाक और मुंह से खून की उल्टी होने के बाद दिल्ली एम्स में भर्ती कराना पड़ा। वहीं, अन्य सांसदों को गाड़ी से लेकर होटल तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा। पढ़िए पूरी खबर…
गाजीपुर में होटल कारोबारी विनीत राय की हत्या सिर्फ 1 करोड़ की रंगदारी के लिए नहीं हुई। इसके पीछे 2 साल पुराना बदला था। विनीत के बिंदू होटल में मुख्य आरोपी शंकर पांडेय को पीटा गया था। विनीत के पिता कहते हैं- मैंने ही शंकर को पुलिस को सौंपा था। लेकिन, यह नहीं सोचा कि शंकर मेरे बेटे को छीन लेगा। पुलिस ने एनकाउंटर करके सही किया। हम गैंग के और लोगों को नहीं जानते। विनीत की हत्या के 11 दिन बीत चुके हैं। यूपी पुलिस अभी तक 3 और आरोपियों को पकड़ नहीं सकी है। उनके खिलाफ 1-1 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। विनीत मर्डर केस में यूपी में सियासी बयान भी सामने आ रहे हैं। सपा और कांग्रेस पार्टियों के नेता परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने पीड़ित परिवार से बातचीत की। विनीत के घर के पास 10 दिन बाद भी दहशत 29 मई की रात करीब 11 बजे गाजीपुर के फूलनपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के बड़े बेटे विनीत राय की हत्या कर दी गई थी। होटल के गेट पर विनीत को 4 गोलियां मारी गईं। 2 बाइक पर 4 बदमाश भाग निकले थे। यह वारदात जिस तरह से की गई, उसकी दहशत 10 दिन बाद भी बनी हुई है। जब हम पहुंचे, तो पूरे इलाके में सन्नाटा छाया था। हर तरफ पुलिस के जवान दिख रहे थे। विनीत का परिवार अष्टभुजी कॉलोनी में रहता है। हम वहां पहुंचे, परिचित परिवार से मिलने आ रहे थे। घर के अंदर हमारी मुलाकात पिता आलोक राय से हुई। वो कहते हैं- हम सिर्फ इतना चाहते हैं कि कटरा गैंग का सफाया हो। उनसे जुड़े बदमाश गिरफ्तार किए जाएं। हमने पूछा- एक बदमाश का एनकाउंटर किया गया है। आगे आप क्या चाहते हैं? आलोक कहते हैं- यह सब पुलिस को देखना है, पुलिस अपने हिसाब से फैसला लेगी। हम लोग व्यापारी हैं, चाहते हैं कि इलाके में शांति रहे। पुलिस दबिश दे रही है। हमें सीएम योगी पर पूरा भरोसा है। अब वो घटना, जिसके बदले में विनीत की हत्या हुई बात फरवरी, 2024 की है। आलोक राय की बहन गुड़िया के बेटे हर्षित की शादी थी। शादी बिंदू होटल से ही हो रही थी। उस दिन शंकर और उसके साथी होटल में आए थे। बार से बीयर लेकर पीने की बात पर स्टाफ से झगड़ा हुआ था। स्टाफ ने शंकर को पीट दिया था। शंकर का वीडियो भी बनाया था। इसमें शंकर हाथ जोड़कर लोगों से माफी मांगता दिख रहा था। कह रहा था कि अब ऐसी गलती नहीं होगी। होटल के स्टाफ के लिए मामला यहीं खत्म हो गया था। लेकिन, ये पूरी सच्चाई नहीं थी। होटल में तोड़फोड़, विनीत के पिता ने FIR लिखवाई 16 फरवरी को शंकर और उसके गैंग के करीब 20 लड़के होटल पहुंचे। सबके हाथ में लाठी-डंडे और हॉकी थीं। उन्होंने किसी को संभलने का मौका नहीं दिया। काफी तोड़फोड़ की। इसके बाद आलोक राय ने शंकर पांडेय और उसके गैंग के लड़कों के खिलाफ FIR लिखवाई थी। 7 महीने बाद 17 सितंबर, 2024 को पुलिस ने शंकर को पकड़कर जेल भेज दिया था। 6 अगस्त, 2025 को शंकर की जमानत हो गई, वो जेल से बाहर आ गया था। होटल में मारपीट की इस घटना के बारे में आलोक कहते हैं- ये लोग शराब पीने होटल में आए थे। हम कारोबारी लोग हैं, विवाद नहीं चाहते। लेकिन तोड़फोड़ की गई थी, इसलिए कोतवाल साहब को फोन किया और इन लोगों को पकड़वा दिया। फिर इनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, यह हमने ध्यान नहीं दिया। बताते हैं कि शंकर जेल से बाहर आने के बाद रंगदारी वसूलने लगा था। ‘मर्डर किया, उसका भी वैसा ही हाल हो’ घर के कमरे में विनीत की मां और पत्नी अदिति रोते हुए मिले। उनसे घटना को लेकर बात करने का प्रयास किया, तो वो रोने लगीं। यही कहती रहीं- 3 महीने के बच्चे को उसने (शंकर) अनाथ बना दिया। ये अब किसके सहारे जीएगा? बुआ गुड़िया राय कहती हैं- विनीत तो बहुत सीधा लड़का था। उसका ऐसा कोई मामला नहीं था कि कोई मर्डर कर दे। हमारे लड़के को अपराधियों ने गर्दन से लेकर कमर तक गोली मारी है। मैं यही चाहती हूं कि जिस तरह से हमारे लड़के को गिराया गया, वैसे ही उन अपराधियों को भी गिराया जाए। विनीत की दूसरी बुआ विमला राय कहती हैं- 2 साल पहले होटल की मारपीट इतनी बड़ी हो सकती है क्या कि कोई किसी को मार डाले? ये तो हम सबको पता ही नहीं था। जब विवाद हुआ था, हम सब यहीं पर थे। होटल से फोन आया, तो आलोक भैया गए थे। उनकी बस यही गलती थी कि शंकर को पकड़वा दिया। गार्ड बोले- वारदात वाली रात 2 लड़के पहले आए, माहौल देखकर लौट गए मर्डर केस से जुड़े पुलिस अफसरों से बात करके साफ हुआ कि 29 मई को विनीत और उसके परिवार के लोगों का रात का खाना होटल में है, यह हमलावरों को पता था। विनीत के साथ उसके छोटे भाई आदेश राय, रिश्तेदार ऋषभ राय और 2 दोस्त थे। रात में 11 बजे से पहले 2 लड़के आए। गार्ड शंभू यादव से 16 बीयर मांगीं, फिर कहा कि अच्छा 8 दे दो। जब पेमेंट की बात आई, तो उन्होंने कहा कि यूपीआई करेंगे। शंभू ने मैनेजर नवनीत सिंह से कहा कि आप यूपीआई से पेमेंट करवा लो। लड़के फिर से बहाना करने लगे कि स्कैनर काम नहीं कर रहा। मोबाइल चार्ज करने की जरूरत है। दरअसल, उनका मकसद होटल के अंदर आकर यह देखना था कि कौन-कौन मौजूद है? उन्हें पता चल गया कि अंदर 4 से ज्यादा लोग हैं। इसके बाद सभी वहां से चले गए। कुछ देर में होटल पर लौट आए और बाहर गेट पर हथियार लेकर खड़े हो गए। विनीत और बाकी लोगों के बाहर निकलने का इंतजार करने लगे। उस रात बाहर निकलने से पहले विनीत ने आदेश से भी घर चलने को कहा। इस पर उसने कहा कि आप चले जाइए, हम कल सुबह आ जाएंगे। इसके बाद विनीत नीचे उतरे। गार्ड बोला- वो गोली मार रहे थे, मेरे पैर कांप रहे थे गार्ड शंभू कहते हैं- विनीत सीढ़ियों से नीचे उतरे, तो हमने गेट खोल दिया। हम उनसे थोड़ा-सा पीछे थे। विनीत जैसे ही बुलेट पर बैठे, बगल से एक लड़का आया और फायरिंग कर दी। उसने विनीत पर लगातार गोलियां चलाईं। फिर मेरी तरफ पिस्टल तान दी। मैं भागते हुए छत पर गया। आदेश और ऋषभ भैया को बताया कि विनीत को गोली मार दी है। मेरे पैर उस वक्त कांप रहे थे। वो लोग कौन थे, हम तो देख नहीं पाए थे। होटल के आसपास मौजूद रहे दूसरे लोग कहते हैं- उस दिन सिर्फ 4 नहीं, 10 से ज्यादा लड़के वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। जिस हिसाब से फायरिंग हुई, उससे साफ था कि सिर्फ विनीत नहीं, बल्कि सभी निशाने पर थे। वो लोग नीचे नहीं आए, इसलिए उनकी जान बच गई। कमलेश के एनकाउंटर के बाद पत्नी ने सवाल उठाए विनीत मर्डर केस में शंकर पांडेय के अलावा कमलेश चौधरी बिंद, आलोक द्विवेदी और जगदीश यादव के खिलाफ FIR हुई। 3 जून को कमलेश बिंद का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। कमलेश की अप्रैल, 2026 में शादी हुई थी। उसकी पत्नी ने कहा- हम सबको पुलिस घर से उठाकर ले गई। थाने में हमारे सामने पीटा और फिर जंगल में ले जाकर मार दिया। यही वो बयान था, जिसके बाद सियासी बयान सामने आने लगे। कुछ लोग पक्ष में बोलने लगे, कुछ ने एनकाउंटर पर सवाल खड़े किए। सपा के घोसी सीट के सांसद राजीव राय और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने कमलेश बिंद के परिवार से मुलाकात की। सिर्फ सपा ही नहीं, भाजपा के सहयोगी दल निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने भी एनकाउंटर पर सवाल उठाए। कहा- विनीत राय हत्याकांड में मुख्य आरोपी अभी बचे हुए हैं। उन पर भी ऐसी ही कार्रवाई करके दिखाएं। यह निषाद-बिंद समाज के साथ भेदभाव से भरा रवैया है। कुछ अधिकारी सरकार के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। चुनावी साल में ऐसी घटनाएं नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस को कई बार कठोर कदम उठाने पड़ते हैं। अगर किसी मामले में परिवार या अन्य पक्ष शिकायत करता है, तो उसकी जांच भी कराई जाती है। गाजीपुर एनकाउंटर मामले की भी जांच होगी। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें - यूपी में वॉट्सएप ग्रुप पर हत्या-लूट की प्लानिंग, ₹500 में हाथ-पैर तोड़ रहे; 'कटरा गैंग' ने होटल कारोबारी के बेटे का मर्डर किया 29 मई की रात गाजीपुर में होटल कारोबारी के बेटे विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की प्लानिंग वॉट्सएप ग्रुप ‘कटरा गैंग’ पर हुई। कैसे मारना है, कितनी गोली मारनी है, कौन सा हथियार इस्तेमाल करना है, सब पहले से ही साफ था। पढ़िए पूरी खबर…
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती की परीक्षा सोमवार से शुरू हो गई। 3 दिन चलने वाली इस परीक्षा के लिए मथुरा में 16 सेंटर बनाए गए हैं। पहले दिन मथुरा में परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई। यहां पहले दिन दोनों पालियों में 9672 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2830 अनुपस्थित रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच कराई जा रही परीक्षा पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए मथुरा में 16 सेंटर को 4 जोन 16 सेक्टर में बांटा गया है। यहां जोन की जिम्मेदारी सीओ स्तर के अधिकारी संभाल रहे हैं। पहले दिन की परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। सेंटर पर बायो मैट्रिक,फिजिकली चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों के जूते चप्पल तक परीक्षा कक्षों से बाहर उतरवा लिए गए। जबकि महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे भी सेंटर में नहीं जाने दिए गए। दो पालियों में हुई परीक्षा पुलिस भर्ती की परीक्षा 2 पालियों में हुई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक थी। जिसमें प्रवेश सुबह 8 बजे से ही शुरू करा दिया गया। सुबह 9: 30 के बाद किसी अभ्यर्थी को सेंटर में नहीं जाने दिया। इसी तरह शाम 3 से 5 बजे तक दूसरी पाली में परीक्षा कराई गई। परीक्षा के दौरान कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया। जहां से आला अधिकारी सभी गतिविधि पर नजर रख रहे थे। DM चंद्र प्रकाश सिंह,SSP श्लोक कुमार ने सेंटर पर जाकर खुद व्यवस्थाओं को देखा। पहली पाली में मौजूद रहे 4781 अभ्यर्थी मथुरा में प्रत्येक पाली में 6240 अभ्यर्थी शामिल होने हैं। हालांकि यहां पहली पाली में 4781 अभ्यर्थी ही शामिल हुए जबकि 1459 अनुपस्थित रहे। पहली पाली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का प्रतिशत 76.61 रहा। इसी तरह दूसरी पाली में 4891 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे,जबकि 1349 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। शाम की पाली में उपस्थित अभ्यर्थियों का प्रतिशत 78.38 रहा। सेक्टर मजिस्ट्रेट करते रहें निरीक्षण परीक्षा शांतिपूर्ण,नकल विहीन कराने के लिए DM चंद्र प्रकाश सिंह ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। DM ने सेक्टर मजिस्ट्रेट से कहा कि परीक्षा के दौरान अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर विशेष रूप से नजर रखी जाए। इसके साथ ही वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे।
26 मई 2017, राजस्थान के धौलपुर जिले का सरमथुरा थाना इलाका। चंबल के बीहड़ों के पास बसे खरौली गांव में सन्नाटा पसरा था। ग्रामीण अंचल की उस शांत शाम में किसी को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि कुछ ही दूरी पर मौत की एक ऐसी खौफनाक स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है, जिसको सुनकर अच्छे-अच्छों की रूह कांप जाए। शाम करीब 7 बजे गांव का मुनेश कुछ ही देर पहले अपने घर लौटा था। घर में उसकी पत्नी विमला और उसकी मौसी बैजंती बैठी हुई थीं। सब कुछ सामान्य था, लेकिन यह सिर्फ तूफान के आने से पहले की खामोशी थी। अचानक मुनेश के घर के बाहर कुछ कदमों की आहट होती है। तीन चार लोग एक मंशा के साथ मुनेश के दरवाजे पर दस्तक देते हैं। मुनेश इन लोगों को देखकर पहले कुछ ठिठकता है। इन लोगों ने अपने चेहरों पर मुस्कान ओढ़ रखी थी। उन्होंने बेहद सामान्य लहजे में मुनेश को आवाज दी। मुनेश बाहर आया। उन्होंने मुनेश को अपनी बातों के जाल में फंसाया और कहा- हमारे साथ चलो, कुछ जरूरी बात करनी है। अभी थोड़ी देर में वापस आ जाना। मुनेश उनकी नीयत के पीछे छिपे इरादों को भांप नहीं सका। उसे क्या पता था कि घर की दहलीज से बाहर निकलने वाला उसका यह आखिरी कदम है। विमला और बैजंती ने मुनेश को उन लोगों के साथ जाते देखा था। घड़ी की सुइयां टिक-टिक कर आगे बढ़ती रहीं। रात के 10 बज गए। फिर देखते-देखते पूरी रात गुजर गई,लेकिन मुनेश वापस नहीं लौटा। विमला की आंखों की नींद उड़ चुकी थी। वह पूरी रात दरवाजे पर टकटकी लगाए अपने पति का इंतजार करती रही, पर सामने सिर्फ सन्नाटा था। रातभर इंतजार के बाद भी मुनेश के घर नहीं लौटने पर 27 मई की सुबह की पहली किरण के साथ ही खरौली गांव में मुनेश की तलाश तेज हो चुकी थी। मुनेश के चाचा सुबह उसके घर आए तो उसकी पत्नी विमला और मौसी बैजंती ने रोते हुए बताया कि मुनेश रात से गायब है। उसे गांव के ही केदार, छुट्टन, सुआलाल और उनके साथी बुलाकर ले गए थे। वासुदेव ने तुरंत मुनेश की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं मिल रहा था। इस बीच पड़ोस के गांव में एक शख्स जब अपने खेत पर काम कर रहा था, तो उसकी नजर पास ही स्थित खेत पर बनी एक कोठरी पर पड़ी। उस कमरे का दरवाजा अजीब तरीके से आधा खुला हुआ था। उस शख्स को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। उसने धीरे से कमरे के भीतर झांका। अंदर का नजारा देखते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई और उसके मुंह से एक चीख निकल गई। कमरे के अंदर पत्थर की एक बड़ी पट्टी पर मुनेश की लाश पड़ी हुई थी। उस शख्स ने अपने रिश्तेदार को इस बारे में बताया। जिसने भागकर मुनेश के परिवार को सूचित किया। देखते ही देखते खेत छावनी में तब्दील हो गया। जब मुनेश के परिजन मौके पर पहुंचे तो मुनेश की हालत देखकर उनके होश उड़ गए। मुनेश के शरीर पर बर्बरता के निशान देखकर साफ़ था कि यह कोई सामान्य मौत नहीं है। मुनेश की लाश झुलसी हुई थी। उसके गुप्तांगों और शरीर के अन्य हिस्सों पर बिजली के नंगे तारों से करंट लगाने के गहरे, काले निशान थे। मुनेश का शव देखकर साफ लग रहा था कि उसे करंट लगाया था। उसके गले में फांसी का फंदा भी कसा था। हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश की सुइयां घूमना शुरू हुईं। पुलिस की पूछताछ में उसकी पत्नी ने बताया कि रात को मुनेश के घर लौटने के बाद केदार, छुट्टन,सुआलाल और अन्य उसके घर आए थे। मुनेश को अपने साथ लेकर चले गए। पुलिस के सामने अब सवाल ये था कि क्या जो लोग मुनेश को ले कर गए थे, वही हत्यारे हैं या इस मर्डर के पीछे कोई और मिस्ट्री है। पुलिस अपनी जांच तेज करती है,लेकिन फिर वो सच सामने आता है जो सभी को हैरान करने वाला होता है। क्राइम फाइल के पार्ट 2 में पढ़िए मुनेश की हत्या के पीछे का खौफनाक सच
कुडू के सरना टोली का ट्रांसफार्मर जला पंद्रह दिन से गांव लोग अंधेरे में रह रहे
गुमला|सदर थाना क्षेत्र के दुंदरिया निवासी सुनील कुमार बाखला नशाखुरानी गिरोह और साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात ठग ने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर दिया और उनका एटीएम कार्ड चोरी कर खाते से 77 हजार रुपए की अवैध निकासी कर ली। सुनील कुमार बाखला ने बताया कि वह 7 जून को रांची से गुमला लौट रहे थे। इसी दौरान रांची के आइटीआई बस स्टैंड में एक अज्ञात व्यक्ति उनसे मिला। उसने खुद को गुमला का निवासी बताते हुए बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसने सुनील को कोल्ड ड्रिंक पिलाई और उन्हें यह भी याद नहीं रहा कि वे कब गुमला पहुंचे। गुमला पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उनका पर्स गायब है। पर्स में दो एटीएम कार्ड और कुछ नकद रुपए रखे हुए थे। सोमवार को जब उन्होंने पासबुक की जांच कराई तो पता चला कि उनके बैंक खाते से 77 हजार रुपए की निकासी कर ली गई है। कुडू|प्रखंड थाना क्षेत्र के ओपा सरना टोली गांव में लगा 10 केवीए का ट्रांसफार्मर अत्यधिक लोड के कारण जल गया है। जिसके बाद से गांव पिछले लगभग पंद्रह दिन अंधेरे में डूबा पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के किनारे बिजली विभाग द्वारा लगाया गया 10 केवीए का ट्रांसफार्मर बीते 21 मई को जल गया है जिसके कारण भारी परेशानी उठाना पड़ रहा है। बिजली आधारित यंत्र बेकार पड़े है। बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी बाधित हो रही है।ग गुमला|पालकोट थाना क्षेत्र के लवाकेरा गांव से सोमवार को पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया है। मृतक की पहचान बसिया थाना क्षेत्र के कोढ़ा नवाटोली निवासी मतीयस तिग्गा के 30 वर्षीय पुत्र विजय तिग्गा के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार विजय तिग्गा रविवार को अपने गांव से लवाकेरा बाजार आया हुआ था। देर रात लगभग 10 बजे पालकोट पुलिस को सूचना मिली कि लवाकेरा गांव में सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। बारीकी से जांच करने पर मृतक के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं।
बालाघाट में गुप्त रास्ते से ट्रैक्टरों से हो रहा है बालू का अवैध कारोबार
भास्कर न्यूज|कामडारा/गुमला कामडारा प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत कोयल नदी स्थित बालाघाट पर इन दिनों प्रशासन के नाक के नीचे अवैध बालू का उत्खनन और परिवहन का कार्य बैखौफ चल रहा है। बताया जा रहा है कि बालू माफिया कोयल नदी स्थित बालाघाट पर सुबह 5 बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक और शाम 4 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक निरंतर ट्रैक्टरों पर अवैध तरीके से बालू उठाव के कार्य मे लगें रहते हैं। जब इससे भी मन नहीं भरता है तो रात के अंधेरे में भी दो-चार ट्रीप बालू का उठाव कर ही लेते हैं। इसकी खबर लगने के बाद सोमवार को स्थानीय पत्रकारों की टीम सुबह आठ बजे के आसपास जैसे कोयल नदी स्थित बालाघाट नदी पर पहुंची तो वहां पर देखने को मिला कि लाल रंग के दो ट्रैक्टरों पर अवैध ढंग से बेखौफ होकर बालू की ढ़ुलाई की जा रही थी। जिसे देख कुछ स्थानीय लोगों से पूछताछ किए जाने पर पता चला कि वह दोनों ट्रैक्टर ईचागुटू गांव के एक व्यक्ति के है। जो दिन व रात अवैध तरीके से बालू का उठाव कर महाबुआंग व बानो क्षेत्र के अन्य ग्रामीण इलाकों पर प्रतिदिन ले जाकर बेचते है। ट्रैक्टरों पर अवैध तरीके से हो रही इस बालू ढ़ुलाई के संदर्भ में कुरकुरा के थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। यदि इस तरह से अवैध बालू का कारोबार चल रहा है तो इस पर अंकुश लगाया जाएगा। कोयल नदी स्थित बालाघाट से बालू माफियाओं के द्वारा बालू का उत्खनन व परिवहन करने का तरीका भी काफी अनोखा है। बताया जाता है कि बालू माफिया कुरकुरा की ओर से मुख्य पथ होते हुए खाली ट्रैक्टर लेकर कोयल नदी तक पहुंचते है। इसके बाद दाहिने ओर एक कच्ची पथ होते हुए पुल के नीचे से बालाघाट पहुंच जाते हैं और वहां पर बालू का उठाव करने के बाद वनक्षेत्र व खेतों पर बनी गुप्त कच्ची पथ के रास्ते से बालू को अपने गंतव्य तक पहुंचाते है।वहीं वन क्षेत्र इलाकों पर कई स्थानों पर बालू माफियाओं के द्वारा बालू का भंडारण भी किया गया है। बताया जा रहा कि एक बालू माफिया के द्वारा वन क्षेत्र व खेत पर गुप्त रास्ता बनाया गया है। जिसके एवज मे उक्त बालू माफिया अन्य अवैध बालू कारोबारियों व ट्रैक्टर मालिक से प्रत्येक माह तीन हजार रुपया के दर से पैसा भी वसूली करता है। ग्रामीणों ने बताया कि नदियों से अंधाधुंध लगातार हो रहे बालू के उत्खनन से पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। उसके बाद कामडारा के अंचलाधिकारी सुप्रिया एक्का से बातचीत की गई तो उन्होंने भी कहा कि मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है, यदि अवैध तरीके से बालू का उत्खनन व परिवहन किया जा रहा है तो इस पर रोक लगाते हुए पकड़े जानेवाले ट्रैक्टर मालिक व चालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाइक सवार की टक्कर से सड़क पार कर रहे मजदूर की हुई मौत
गुमला|सदर थाना क्षेत्र के खोरा पतरा टोली में रविवार शाम करीब 7:30 बजे हुए सड़क हादसे में एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान अलिफ साहू 35 के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर गुमला पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार अलिफ साहू मजदूरी का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रविवार शाम वह सड़क पार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार और अनियंत्रित बाइक चला रहे सूरज उरांव 18 ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि अलिफ साहू गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। दुर्घटना में उनके दाहिने पैर और बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया, वहीं शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर अंदरूनी चोट आईं। घटना में बाइक चालक सूरज उरांव भी घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया। बाइक चालक को उसकी बाइक से ही अस्पताल लाया गया, जबकि अलिफ साहू को निजी वाहन से पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने अलिफ साहू का इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर एसआई विनय कुमार महतो सदर अस्पताल पहुंचे और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। वहीं मृतक के परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है।
पेड़ पर पत्ता तोड़ने के दौरान बालक को सांप ने डसा
गुमला|रायडीह थाना क्षेत्र के लूरु गांव निवासी 11 वर्षीय प्रेम खेश को विषैले सांप ने डस लिया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया है।जानकारी के अनुसार प्रेम खेश, पिता अमून खेश, सोमवार दोपहर लगभग 2 बजे अपने घर के समीप स्थित बर और फुटकल के पेड़ के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह पत्ता तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ गया। बताया जाता है कि पेड़ के ऊपर एक खोखले स्थान (खोड़र) में झांकने के दौरान वहां छिपे एक विषैले सांप ने उसके नाक के ऊपर डस लिया। घटना के बाद साथ में मौजूद बच्चों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी।
अवैध हथियार के साथ युवक किया गया गिरफ्तार
गुमला|पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तिरा बाईपास स्थित जोराग मोड़ के पास से एक आरोपी को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। जिसे जेल भेज दिया गया है। एसडीपी सुरेश यादव और थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। जानकारी के अनुसार एसपी को एक गुप्त सूचना मिली थी कि तीरा बाईपास के जोराग मोड़ के पास एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर किसी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से मंडरा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने गुमला थाना गश्ती दल को तुरंत छापेमारी और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
एआई मानवीय बुद्धिमत्ता का िवकल्प नहीं, यह सहायक उपकरण : प्रो आशीष श्रीवास्तव
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह कॉलेज में इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन, बीएचयू वाराणसी तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम का सोमवार को समापन हुआ। कार्यक्रम का विषय रहा समानतामूलक उच्च शिक्षा : भारतीय ज्ञान परंपरा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण। समापन दिवस पर प्रतिभागियों ने समूह प्रस्तुतियों के जरिए प्रशिक्षण के अनुभव और निष्कर्ष साझा किए। मुख्य वक्ता प्रो. आशीष श्रीवास्तव ने सुशासन, नेतृत्व, संस्थागत विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान की सफलता सुशासन, दूरदर्शी नेतृत्व, मजबूत संस्थागत ढांचे पर निर्भर करती है। उन्होंने डिजिटल युग में सूचना के सत्यापन की जरूरत बताई। भ्रामक खबरों से सावधान रहने की अपील की। प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता(एआई) नेतृत्व या मानवीय बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं है। यह सहायक उपकरण है। इसका प्रभावी उपयोग निरंतर अभ्यास, अनुभव से सीखा जा सकता है। समापन सत्र में कार्यक्रम संयोजक, पीएम-उषा नोडल पदाधिकारी डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, आयोजकों के प्रति आभार जताया। मुख्य अतिथि डॉ. पुष्पा सिन्हा ने शिक्षकों से भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक तकनीक के संतुलित उपयोग से विद्यार्थियों के समग्र विकास पर काम करने का आह्वान किया। ऑनलाइन जुड़े आईयूसीटीई, बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता जताई। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जरूरत बताई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बलभद्र सिंह ने किया। प्राचार्य डॉ. मृगेन्द्र नारायण सिंह ने इसे शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी बताया। सात दिनों तक चले कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की।
इंद्रदेव यादव हत्याकांड: परिजनों को धमकी, नेताओं ने एसपी से मुलाकात
भास्कर न्यूज | गिरिडीह हीरोडीह थाना क्षेत्र के बंगारो निवासी इंद्रदेव यादव हत्याकांड में आरोपियों पर मृतक के परिजनों को लगातार धमकाने का आरोप लगा है। इसे लेकर सोमवार को भाकपा माले, राजद, फॉरवर्ड ब्लॉक की संयुक्त टीम ने पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल के साथ मृतक की पत्नी, पांचों बच्चे, अन्य परिजन भी मौजूद रहे। परिजनों ने एसपी को बताया कि हत्या का मुख्य साजिशकर्ता अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। परिवार भय और असुरक्षा में जी रहा है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व जिला परिषद सदस्य, फॉरवर्ड ब्लॉक नेता राजेश यादव, भाकपा माले के जमुआ प्रखंड सचिव, पूर्व जिला परिषद सदस्य मनोवर हसन बंटी, राजद नेता ललन यादव शामिल रहे।
सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग, संघर्ष मोर्चा ने दी आंदोलन की चेतावनी
भास्कर न्यूज |गिरिडीह पचंबा के सलैया रेलवे स्टेशन परिसर में सलैया संघर्ष मोर्चा की आठवीं साप्ताहिक बैठक रविवार को देर शाम को की गई। बैठक में सलैया रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, रेल सुविधाओं के विस्तार तथा स्टेशन रोड के शीघ्र निर्माण को लेकर चर्चा हुई। मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता एवं माले नेता राजेश सिन्हा ने सलैया संघर्ष मोर्चा के सक्रिय सदस्यों को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मोर्चा पिछले ढाई वर्षों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से क्षेत्र की समस्याओं को उठाता आ रहा है। रेलवे अधिकारियों, धनबाद मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम), रेल मंत्री तथा क्षेत्र के सांसदों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए हैं, लेकिन अब तक सलैया स्टेशन पर किसी एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित नहीं हो सका है।राजेश सिन्हा ने कहा कि सलैया स्टेशन रोड निर्माण की मांग पहले भी आंदोलन के माध्यम से उठाई गई थी और अब उसका परिणाम दिख रहा है। यदि स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव और सड़क निर्माण कार्य में देरी हुई तो फिर से जोरदार आंदोलन किया जाएगा। मोर्चा के संयोजक गौतम सोनी और तुलसी राणा ने कहा कि सलैया स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव क्षेत्र की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार और शिक्षा के लिए हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई तथा अन्य शहरों में जाते हैं। ऐसे में रेल सुविधा बेहतर होने से यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा।बैठक में सुझाव दिया गया कि गोड्डा-दिल्ली एक्सप्रेस और आसनसोल-रांची एक्सप्रेस का कम से कम दो मिनट का ठहराव सलैया स्टेशन पर दिया जाए। वक्ताओं ने कहा कि स्टेशन आसपास के लगभग 50 गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है और सुरक्षा की दृष्टि से भी सुविधाजनक है। बैठक में राजेश सिन्हा, गौतम सोनी, तुलसी राणा, अमित छापरिया, मिथलेश पांडेय, कन्हैया खेतान, बीरेंद्र पांडेय, निशु सिंह, सचिन राम, सिकंदर गोप सहित कई लोग उपस्थित थे।
भाकपा माले के सम्मेलन में 23 सदस्यीय कमेटी बनी
भास्कर न्यूज| बगोदर भाकपा माले अडवारा लोकल कमेटी का 5वां सम्मेलन सोमवार को पहाड़पुर गांव में हुआ। शुरुआत जन आंदोलनों में शहीद लोगों की याद में एक मिनट का मौन रखकर की गई। कार्यकर्ताओं ने शहीद बेदी पर पुष्प अर्पित किए। किसान-मजदूरों के प्रतीक पार्टी का झंडा फहराया गया। विदाई कमिटी की ओर से पूर्व मुखिया लालजीत मरांडी ने संगठन की गतिविधियों और क्षेत्र की राजनीतिक-सामाजिक स्थिति पर रिपोर्ट रखी। रिपोर्ट पर 26 प्रतिनिधियों ने चर्चा की। इसके बाद सर्वसम्मति से 23 सदस्यीय नई लोकल कमेटी बनी। भुनेश्वर महतो को सचिव चुना गया। मुख्य अतिथि माले प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो ने कहा कि 90 के दशक में शहीद महेंद्र सिंह के नेतृत्व में सामंती वर्चस्व के खिलाफ चले जन आंदोलनों से अडवारा क्षेत्र में भाकपा माले को मजबूत आधार मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी ग्रामीण गरीबों और वंचितों की आवाज बनकर काम कर रही है। परमेश्वर महतो ने आरोप लगाया कि गरीब आदिवासी महिलाओं से करीब 85 लाख रुपए की ठगी के मामले में अब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई। न्याय के लिए आने वाले दिनों में फिर आंदोलन होगा। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर कहा कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम लोग परेशान हैं। शिक्षा, परीक्षा, नियुक्ति के मामलों में सरकार विफल रही। लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं। परमेश्वर महतो ने कहा कि बगोदर में जनहित के सवालों पर आंदोलन तेज होगा। उन्होंने 16 जून को बालमुकुंद फैक्ट्री में मजदूरों की छंटनी के विरोध में गिरिडीह में होने वाले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की। सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में भोला प्रसाद महतो मौजूद रहे।
पीएम आवास घेरेंगे आंदोलनकारी, 10 जून को प्रदर्शन
बगोदर | झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा एवं झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने राज्य के आंदोलनकारियों की लंबित मांगों को लेकर 10 जून को मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। दोनों संगठनों ने दावा किया है कि कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। मोर्चा के नेताओं का कहना है कि झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों की कई मांगें वर्षों से लंबित हैं। सम्मान, पहचान, अधिकार और विभिन्न सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित पहल नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाया जा रहा है। मोर्चा ने सभी आंदोलनकारियों, पदाधिकारियों और समर्थकों से अधिक से अधिक संख्या में रांची पहुंचकर धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की है। संगठन का मानना है कि एकजुटता के जरिए सरकार तक आंदोलनकारियों की आवाज को मजबूती से पहुंचाया जा सकेगा।
िवश्व कल्याणा की कामना के साथ लेदा में 108 वेदीय दीप महायज्ञ संपन्न
भास्कर न्यूज |गिरिडीह सदर प्रखंड के लेदा गांव में रविवार शाम गायत्री देवी के आवास पर 108 वेदीय गायत्री दीप महायज्ञ का आयोजन िकया गया हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लेकर दीप प्रज्वलित किए तथा विश्व कल्याण और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की कामना की। दीप महायज्ञ में सदर प्रखंड से पहुंचे गायत्री परिवार के वरिष्ठ सदस्यों की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ गायत्री परिजन पूनम वर्णवाल थीं। उन्होंने अपने संबोधन में दीप यज्ञ के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीपक केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मजागरण, संस्कार और सद्विचारों का संदेश भी देता है। उन्होंने गायत्री परिवार की युग निर्माण योजना और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न आयामों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान युग संगीत, भजन और प्रेरक प्रवचनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने दीप यज्ञ में भाग लेकर अपने जीवन में सद्गुणों के विकास तथा समाज में शांति और सद्भावना की स्थापना का संकल्प लिया। इस अवसर पर एक विशेष संस्कार कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मनोहर राम की पुत्री कृति कुमारी के आगामी वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि और मंगलमय भविष्य के लिए विशेष आहुतियां अर्पित की गईं। उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनके सफल और सुखद दाम्पत्य जीवन के लिए प्रार्थना की तथा दैवीय आशीर्वाद की कामना की। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक शांति पाठ किया गया और सभी उपस्थित लोगों ने सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय की भावना के साथ समाज के कल्याण के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जयप्रकाश राम, संजय कुमार, प्रशांत कुमार, नरेश कुमार साव, प्रो. श्यामलाल महतो, दशरथ महतो, नितीश कुमार, भोला प्रसाद वर्मा, गुंजन कुमार, मीरा देवी, ममता देवी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
जीटी रोड पर 42 मवेशियों से भरा ट्रक पकड़ा, 5 गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | बगोदर जीटी रोड नेशनल हाइवे-19 से होकर मवेशी तस्करी का मामला सामने आया है। गिरिडीह एसपी के निर्देश पर चले विशेष अभियान में 42 मवेशियों से लदा ट्रक जब्त किया गया है। ट्रक चालक समेत पांच कथित पशु तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात एसपी को सूचना िमली िक बिहार से अवैध तरीके से बड़ी संख्या में मवेशी ट्रक में लादकर जीटी रोड से बगोदर होते हुए पश्चिम बंगाल ले जाए जा रहे हैं। इसके बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने बगोदर थाना क्षेत्र में अटका चौक के पास वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान बगोदर की ओर से आ रहे ट्रक नंबर जेएच 12जी-6492 को रोका गया। तलाशी में ट्रक में ठूंस-ठूंस कर लदे 42 मवेशी बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपियों में जहनाबाद के कलपा निवासी पिंटू कुमार (28), नालदा के मकनपुर निवासी राजकुमार यादव (28), नालंदा के हिलसा निवासी जलेन्द्र कुमार (45)पंकज कुमार (38), यदुनंदन यादव (55) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त सभी मवेशियों को सुरक्षित रखा गया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं उनके गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
गाली-गलौज व मारपीट का आरोप, छह पर केस
देवरी।भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के कुश्वर गांव निवासी देवी यादव ने गांव के ही छह लोगों के विरुद्ध गाली-गलौज व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए भेलवाघाटी थाना में आवेदन दिया है। आवेदन में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की तथा मारपीट की घटना को अंजाम दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।भेलवाघाटी थाना थाना प्रभारी निरंजन कच्छप ने बताया कि आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बगोदर|बगोदर प्रखंड के पथलडीहा निवासी रेवत लाल महतो की करंट से मौत मामले में पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह ने बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। पीड़ित परिवार को मदद दिलाने की कोशिश की।सोमवार को बिजली विभाग ने रेवत लाल महतो की पत्नी आलो देवी को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा। 18 जुलाई को करंट की चपेट में आने से रेवतलाल की मौत हो गई थी। मौके पर उप प्रमुख हरेन्द्र कुमार सिंह, बिजली मिस्त्री सोमर रजक, जागेश्वर महतो समेत अन्य लोग मौजूद रहे। लोगों ने रेवत लाल महतो को श्रद्धांजलि दी। परिवार के प्रति संवेदना जताई। ग्रामीणों ने विनोद कुमार सिंह और बिजली विभाग का आभार जताया।
दूसरी महिला से पति का पांच वर्षों से था अवैध संबंध, बच्चों-पत्नी को मारने की दी थी धमकी
भास्कर न्यूज | गिरिडीह मुफ्फसिल के तुरुकडीहा गांव में िपता द्वारा तीन बेटियों की हत्या से इलाके में गम और गुस्से का माहौल है। यहां की राधा देवी का हंसता-खेलता आशियाना सोमवार सुबह देखते ही देखाते उजड़ गया। इस खौफनाक वारदात की स्क्रिप्ट उसके पति नंद किशोर यादव ने ही लिखी थी। अवैध संबंध और नशे में डूबे पति ने अपनी ही तीन मासूम बेटियों पल्लवी (14), ऋद्धि (7) और सिद्धि (7) की हत्या कर दी। मां की सजगता से 4 साल के बेटे नारायण की जान बच गई। अब घर में सिर्फ मातम, सन्नाटा और कमरे में बिखरी हुई किताबें बची हैं। इस बीच राधा देवी ने अपने आवास पर पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। इसके आधार पर मुफ्फसिल थाने में आरोपी पति नंद किशोर यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। राधा ने बताया कि उसके पति नंद किशोर यादव का पुरना नगर में रहने वाली एक महिला के साथ पांच वर्षों से अवैध संबंध था। जब भी वह पति को उस महिला से रिश्ता तोड़ने के लिए कहती थीं, तो वह विवाद करने लगता था।कहता था कि अगर तुमने मुझे रोकने की कोशिश की, तो मैं तुम सबको जान से मार दूंगा। राधा के अनुसार रविवार की शाम जब पति बगल के गांव पुराना नगर में पार्टी मनाने जा रहा था, तो उसे रोकने की कोशिश की। इस पर उसने अपशब्द कहे और धमकाते हुए कहा कि मुझे रोकने वाली तुम कौन होती हो। मेरा जहां मन करेगा, मैं वहां जाऊंगा। अगर ज्यादा बोलोगी तो सबको जान से मार डालेंगे। इसके बाद वह देर रात करीब 2 बजे शराब के नशे में धुत होकर घर लौटा और अपने कमरे में जाकर सो गया। उसके बाद सुबह होते ही उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पिता ने कहा: बेटे का जिससे अवैध संबंध, उस महिला की गिरफ्तारी हो आरोपी के पिता विनोद यादव ने बताया कि उनका बेटा नंदकिशोर उस महिला के चंगुल में बीते पांच वर्षों में पूरी तरह फंस चुका था। उसी नाजायज रिश्ते के कारण ही हंसते-खेलते घर में आए दिन कलह और विवाद होने लगा था। पिता ने बेबाक शब्दों में कहा कि उनके बेटे ने जिस महिला के चक्कर में आकर अपनी तीन मासूम की जान ले ली, अब पुलिस को चाहिए कि उस महिला को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार करे। इस खौफनाक साजिश के पीछे उस महिला की क्या भूमिका थी, यह उसकी गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो पाएगा।
फसल चक्र अपनाकर बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरता, कम करें खेती की लागत
भास्कर न्यूज |गिरिडीह जिले भर में सालों भर खेती की जाती है और जानकारी के अभाव में किसान फसल का सही उपज नहीं ले पाते हैं । कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर उत्पादन और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल चक्र (क्रॉप रोटेशन) अपनाने की सलाह दी है। फसल चक्र एक वैज्ञानिक खेती पद्धति है, जिसमें एक ही खेत में अलग-अलग मौसम में विभिन्न फसलें क्रमवार उगाई जाती हैं। इससे मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है, जल धारण क्षमता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।विशेषज्ञों के अनुसार लगातार एक ही फसल की खेती करने से मिट्टी में कुछ विशेष पोषक तत्वों की कमी होने लगती है। वहीं फसल बदल-बदल कर उगाने से मिट्टी को आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति होती रहती है। दलहनी फसलें जैसे चना, मूंग, उड़द और मटर मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन बढ़ाने का काम करती हैं, जिससे अगली फसल को पर्याप्त पोषण मिलता है।फसल चक्र से मिट्टी की संरचना में भी सुधार होता है। विभिन्न फसलों की जड़ें अलग-अलग गहराई तक जाती हैं, जिससे मिट्टी में वायु संचार बेहतर होता है और पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है। इसके अलावा यह पद्धति कीट, रोग और खरपतवार नियंत्रण में भी मददगार साबित होती है। एक ही फसल की लगातार खेती से पनपने वाले कीट और रोगों का चक्र फसल परिवर्तन से टूट जाता है। मौसम सह कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने कहा कि किसान खरीफ, रबी और जायद मौसम में फसलों का वैज्ञानिक ढंग से चयन करें। धान के बाद दलहनी या तिलहनी फसलें लगाने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन लागत कम होती है। उन्होंने किसानों को अपनी भूमि की प्रकृति, जल उपलब्धता और स्थानीय मौसम को ध्यान में रखकर फसल चक्र अपनाने की सलाह दी।फसल चक्र न केवल मिट्टी को स्वस्थ बनाता है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए किसानों को पारंपरिक खेती के साथ वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
13 जून तक गरज-चमक, वज्रपात और बारिश के आसार
भास्कर न्यूज |गिरिडीह जिले में मानसून से पहले की बारिश (प्री-मानसून) की हलचल तेज हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं और एक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम (कम दबाव के क्षेत्र) के असर से जिले का मौसम इतनी तेजी से बदल रहा है। इसी वजह से आने वाले दिनों में भी आसमान में बादल गरजने, बिजली चमकने और बारिश होने का दौर जारी रहने की उम्मीद है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर बादल और धूप की आंख-मिचौनी चलती रही। दोपहर में हुई बारिश के बाद कुछ समय के लिए मौसम सुहाना हुआ, लेकिन शाम तक उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। मौसम विभाग के अनुसार 13 जून तक जिले में हल्की से मध्यम बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात के आसर हैं। विशेष रूप से 11 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर तेज गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं, जिससे जिले में मानसून के आगमन की अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है बारिश : मधुकर कुमार मौसम सह कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने कहा कि प्री-मानसून की बारिश खरीफ फसलों की तैयारी के लिए लाभकारी है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुआई की तैयारी आसान होगी। हालांकि, किसानों को वज्रपात और तेज हवा को देखते हुए खेतों में कार्य करते समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखते हुए कृषि कार्य करने की सलाह दी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कुलदीप नारायण ने कहा कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और बढ़ी हुई उमस के कारण सर्दी-खांसी, वायरल बुखार, डिहाइड्रेशन और त्वचा संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
बीडीओ को 5 घंटे बंधक बनाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
भास्कर न्यूज | उंटारी रोड उंटारी प्रखंड के करकटा पंचायत मुख्यालय में 5 जून को आंगनबाड़ी सहायिका चयन को लेकर हुए विवाद में अब काउंटर केस दर्ज हुए हैं। ग्रामसभा में चयन प्रक्रिया और कथित दुर्व्यवहार से आक्रोशित लोगों ने नावा बाजार की बीडीओ सह प्रभारी सीडीपीओ रेणुबाला और चयन टीम को 5 घंटे से अधिक बंधक बना लिया था। थानाप्रभारी संतोष गिरी ने बताया कि बीडीओ रेणुबाला के लिखित आवेदन पर 6 नामजद तथा 30-40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी काम में बाधा डालने और गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाने की गैर जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इधर करकटा निवासी सहायिका पद की दलित विधवा आवेदिका बबिता देवी ने बीडीओ रेणुबाला के विरुद्ध मारपीट और अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाते हुए उंटारी रोड थाना में केस दर्ज कराया है। बबिता देवी ने पर्यवेक्षिका एकतानाथ व शिमला सिंह, नई सुपरवाइजर ज्योति कुमारी सहित अन्य दो लोगों को भी आरोपी बनाया है।5 जून को करकटा पंचायत में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या एक की रिक्त सहायिका पद पर चयन के लिए ग्रामसभा बुलाई गई थी। चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद हो गया। आवेदिका से कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोग भड़क गए और बीडीओ व पूरी टीम को बंधक बना लिया। थाना प्रभारी संतोष गिरी ने कहा कि दोनों पक्षों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की गहनता से छानबीन शुरू कर दी गई है।
मेराल में जमीन विवाद में मारपीट, युवक घायल
भास्कर न्यूज | गढ़वा मेराल थाना क्षेत्र के दुलदुलवा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना में एक युवक घायल हो गया। उसका इलाज गढ़वा सदर अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, दुलदुलवा गांव निवासी नरेश चंद्रवंशी के 34 वर्षीय पुत्र ओमप्रकाश चंद्रवंशी का अपने चाचा सीताराम चंद्रवंशी से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। बाद में मामला मारपीट में बदल गया। आरोप है कि मारपीट के दौरान सीताराम चंद्रवंशी ने ओमप्रकाश चंद्रवंशी के साथ मारपीट की। इससे उसके सिर में चोट लग गई। घटना के बाद स्वजन ने उसे उपचार के लिए गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।
मकबूल कमेटी के सदर व सरताज अंसारी बने सेक्रेटरी
भास्कर न्यूज | गढ़वा प्रखंड के कल्याणपुर गांव में मुहर्रम पर्व की तैयारियों को लेकर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से मुहर्रम इंतजामिया कमेटी, कल्याणपुर (गढ़वा) का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से कमेटी के पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें मकबूल खान को सदर (अध्यक्ष) बनाया गया। जबकि सरताज अंसारी को सेक्रेटरी, अमरूल्लाह अंसारी को खजांची, गुलाब अंसारी को नायब सदर तथा शहाबू खान को नायब सेक्रेटरी की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवगठित कमेटी के सदस्यों ने मुहर्रम के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं भव्य रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अंजुमन कमेटी कल्याणपुर के सदर इरफान अंसारी, नायब सदर मुजफ्फर अंसारी, सेक्रेटरी शोएब खान, खजांची नसरुद्दीन अंसारी, सरपरस्त महमुद्दीन खान, पूर्व सेक्रेटरी आजाद खान, इरशाद अंसारी, जसीम खान, साबिर अंसारी, मुन्ना खान, पप्पू अंसारी, इमरान अंसारी, भोलू, इसराज अंसारी, उदीन अंसारी, मंजर खान, तबारक अंसारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
जामताड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष ने जानीं समस्याएं
भास्कर न्यूज | जामताड़ा जामताड़ा नगर पंचायत की अध्यक्ष आशा गुप्ता ने सोमवार को सभी वार्ड पार्षदों, नगर पंचायत की टीम, संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ शहर का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न वार्डों, बाजार क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों का दौरा किया। नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं। सुझाव भी लिए। निरीक्षण का उद्देश्य शहर की बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। अध्यक्ष ने अलग-अलग इलाकों में दुकानदारों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों से सीधे बात की। साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, जलनिकासी, सड़क व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। नगर पंचायत की टीम ने कई जगह साफ-सफाई व्यवस्था देखी। नालियों की स्थिति देखी। सड़क मरम्मत की जरूरत देखी। स्ट्रीट लाइटों की कार्यप्रणाली भी परखी। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द दूर किया जाए। दीर्घकालिक समस्याओं के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया। नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिली शिकायतों, सुझावों का संकलन किया जा रहा है। इन्हीं के आधार पर संबंधित विभागों से समन्वय कर त्वरित समाधान की पहल होगी। अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कहा कि शहर के विकास में आम नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। लोगों के सुझाव, शिकायतों से विकास योजनाएं अधिक प्रभावी बनेंगी। उन्होंने नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे अपनी समस्याएं, सुझाव नगर पंचायत के सामने रखें। समयबद्ध, प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मौके पर नगर पंचायत के सभी वार्ड पार्षद, पदाधिकारी मौजूद थे।
करगली फिल्टर प्लांट : करोड़ों खर्च के बाद भी 30 हजार लोग शुद्ध पानी से हो रहे वंचित
सीसीएल बीएंडके एरिया के करगली फिल्टर प्लांट की अव्यवस्थाओं का खामियाजा क्षेत्र की करीब 30 हजार आबादी को भुगतना पड़ रहा है। जलापूर्ति व्यवस्था पर हर माह एक करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने के बावजूद लोगों को न तो पर्याप्त पानी मिल रहा है और न ही पूरी तरह शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो पा रहा है। फिल्टर प्लांट में जलापूर्ति के लिए एक अधिकारी, पांच फोरमैन और 54 कर्मचारी कार्यरत हैं। विभिन्न क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए सात मोटर तथा दामोदर नदी से पानी उठाव के लिए आठ मोटर लगाए गए हैं। इसके बावजूद कहीं 10 से 15 मिनट ही पानी मिल रहा है तो कहीं एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है। कई इलाकों में स्थिति इससे भी खराब बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, प्लांट में पिछले छह माह से फिटकरी की आपूर्ति नहीं हुई है। इससे पहले से चुना (लाइम) भी उपलब्ध नहीं है। प्लांट में केवल नाममात्र की फिटकरी रखी गई है, जिसे निरीक्षण के दौरान दिखाया जाता है। हालांकि ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध है, लेकिन उसका उपयोग भी सीमित बताया जा रहा है। वर्तमान में दामोदर नदी का पानी अपेक्षाकृत साफ होने के कारण बिना चुना और फिटकरी के भी पानी देखने में साफ नजर आता है। लेकिन बरसात शुरू होने के बाद नदी का पानी गंदला होने पर जल शुद्धिकरण व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आने की आशंका है। जलापूर्ति तीन साल से अधूरा पड़ा 3 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट करगली फिल्टर प्लांट में वाटर क्लैरिफायर और फिल्टर बेड की मरम्मत का कार्य रांची की एक बड़ी कंपनी को लगभग तीन करोड़ रुपए की लागत से दिया गया था। आरोप है कि तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में केवल एक वाटर क्लैरिफायर और दो फिल्टर बेड के सहारे पूरे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। प्रत्येक दिन 12 घंटा पानी सप्लाई किया जाता है ^ फिल्टर प्लांट से प्रतिदिन औसतन 12 से 13 घंटे पानी की आपूर्ति की जाती है। सभी क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पहुंच रहा है या नहीं, यह सिविल विभाग का विषय है। चुना, फिटकरी की उपलब्धता तथा मेकॉन कंपनी द्वारा लंबित कार्य भी सिविल विभाग के अधीन आते हैं। उत्कर्ष कुमार बक्सी, वाटर सप्लाई इंचार्ज।
नवनियुक्त सहायक आचार्यों को अब शपथ-पत्र देने पर मिलेगा वेतन
रामगढ़ सहित पूरे झारखंड में महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे नवनियुक्त सहायक आचार्यों के लिए राहत भरी खबर है। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने दस्तावेज सत्यापन में हो रही देरी को देखते हुए शपथ-पत्र के आधार पर वेतन भुगतान का आदेश जारी कर दिया है। निदेशक मनोज कुमार रंजन की ओर से 08 जून 2026 को पत्रांक 923 से सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों को यह निर्देश भेजा गया है। राज्य में हजारों सहायक आचार्यों की नियुक्ति के बाद भी वेतन भुगतान शुरू नहीं हो पाया था। समीक्षा में सामने आया कि शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में देरी मुख्य वजह है। सत्यापन नहीं होने से नवनियुक्त शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। कई शिक्षकों को घर चलाने में दिक्कत हो रही थी। स्कूल आने-जाने में भी परेशानी हो रही थी। निदेशालय ने 3 बड़े निर्देश दिए हैं। पहला, सभी सहायक आचार्यों का भविष्य निधि खाता तुरंत खुलवाया जाए। दूसरा, जिनका प्रमाण-पत्र सत्यापन नहीं हुआ है, उनसे निर्धारित प्रपत्र में शपथ-पत्र लेकर वेतन भुगतान शुरू किया जाए। शपथ-पत्र का प्रारूप भी पत्र के साथ भेजा गया है। डीएसई को अविलंब शपथ-पत्र लेकर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है। तीसरा निर्देश सत्यापन में तेजी लाने को लेकर है। सभी डीएसई को कहा गया है कि जरूरत पड़े तो संबंधित सहायक आचार्य का सहयोग लेकर भी अगले 4 महीने के अंदर हर हाल में सत्यापन पूरा करें। अगर 4 महीने में सत्यापन पूरा नहीं हुआ तो संबंधित शिक्षक का वेतन स्वतः स्थगित माना जाएगा। यानी शपथ-पत्र पर वेतन शुरू तो होगा। सत्यापन की तलवार भी लटकती रहेगी। पत्र में साफ लिखा है कि इस प्रस्ताव पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव का अनुमोदन प्राप्त है। आदेश की प्रतिलिपि सभी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशकों को भी भेजी गई है। जिले के 177 सहायक आचार्य पर क्या होगा असर इस आदेश से राज्य के करीब हजारों नवनियुक्त सहायक आचार्यों को सीधा फायदा होगा। दिसंबर 2025 में नियुक्त हुए अधिकतर शिक्षकों को अब तक एक भी माह का वेतन नहीं मिला था। शपथ-पत्र जमा करते ही उनका बकाया वेतन जारी हो जाएगा। साथ ही हर महीने नियमित वेतन भी मिलने लगेगा। रामगढ़ जिले में 177 सहायक आचार्य की बहाली हुई है।
करनाल में निसिंग थाना क्षेत्र के सरकारी स्कूल में एक महिला बास्केटबॉल कोच के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। वहीं महिला कोच ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए है। कोच का कहना है कि वारदात को तीन दिन बीत जाने के बाद भी अब तक किसी भी आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। महिला का कहना है अगर आज पुलिस किसी भी आरेपी को गिरफ्तार नहीं करती तो हम पुलिस व आरोपियों के व पुलिस प्रशासन के खिलाफ कोई बड़ा कदम उठाने को मजबूर होगें। वहीं इस मामले को लेकर पीड़िता ने स्कूल में लगे सीसीटीवी फुटेज को शेयर किया है। जिसमें आरोपी स्कूल में एंट्री करते हुए नजर आ रहे है। हालांकि रेज कम होने के कारण आरोपियों की तस्वीरे साफ दिखाई नहीं दे रही। वहीं इस मामले को लेकर जब निसिंग थाना पुलिस ने बात की गई तो उनका कहना था कि इस मामले को लेकर महिला कोच के बयान मैजिस्ट्रेट के सामने होने थे, लेकिन कोच कल अपने बयान देने के लिए नहीं पहुंची। ऐसे में बयान के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा सकती थी। लेकिन हम फिर भी हमने इस मामले में महिला की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वहीं सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों में आरोपियों की पहचान की जा रही है। ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके। घटना के बाद बढ़ा विवादयह मामला 6 जून की शाम करीब 6:40 बजे का है, जब महिला कोच स्कूल परिसर में लड़कियों को ट्रेनिंग दे रही थी। उसी दौरान मंजूरा गांव का सुरेंद्र अपने कुछ साथियों के साथ स्कूल में घुस आया। आते ही उन्होंने वहां मौजूद लड़कियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और कोच के बारे में पूछने लगे। कोच के साथ मारपीट और अभद्रतापीड़िता के अनुसार, जैसे ही वह सामने आई तो आरोपियों ने उसका गला पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उसके कंधों को गलत तरीके से छुआ और चेहरे पर कई थप्पड़ मारे। छात्राओं को भी पीटा, कई घायलजब छात्राएं कोच को बचाने के लिए आगे आईं तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। इस घटना में कई लड़कियों को चोटें आई हैं। स्कूल परिसर में हुई इस घटना से छात्राओं में डर का माहौल बन गया। पहले से कर रहे थे परेशानपीड़िता ने बताया कि आरोपी पिछले करीब एक महीने से ट्रेनिंग लेने आने वाली लड़कियों को परेशान कर रहे थे। वे लड़कियों को गलत तरीके से टोकते थे। इस बारे में उसने गांव के सरपंच को भी जानकारी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। झूठी बात फैलाकर किया हमलाशिकायत के अनुसार, आरोपियों में से एक युवक ने कहा कि ग्राउंड से एक लड़की उसके पास आई थी और कोच उसका नाम उस युवक के साथ जोड़ रही है। इसी बात को लेकर आरोपी नाराज थे। हालांकि, जब संबंधित लड़की से इस बारे में पूछा गया तो उसने साफ इनकार कर दिया। कोच का कहना है कि आरोपी झूठी बातें फैलाकर उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं और उसी के आधार पर हमला किया गया। कोच ने उठाए पुलिस पर सवालमहिला कोच का आरोप है कि घटना के बाद भी पुलिस ने अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उसने कहा कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कोच ने बताया कि मंगलवार को वह आगे की कार्रवाई को लेकर मंथन करेगी। पुलिस बोली- बयान के बाद होगी कार्रवाईनिसिंग थाना के एसएचओ कृष्ण कुमार ने बताया कि कोच की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोच के मैजिस्ट्रेट के सामने बयान होने थे, लेकिन वह बयान देने नहीं पहुंची। बयान दर्ज होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच में जुटी हुई है।
आधार फेस ऑथेंटिकेशन से अब लग रही है हाजिरी
पोलमी| पंडरिया विकासखंड के गांवों में मनरेगा के कामों पर अब आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज हो रही है। पोलमी, आगरपानी, भेड़ागढ़, पुटपुटा समेत अन्य वनांचल इलाकों में यह व्यवस्था लागू है। मजदूरों की हाजिरी मोबाइल एप पर चेहरे का मिलान कर दर्ज की जा रही है। ग्रामीण इलाकों में नई तकनीक से काम में पारदर्शिता बढ़ी है। लेकिन कई बार फेस मैच कराने में तकनीकी दिक्कत आती है। धूप, नेटवर्क की स्थिति, मोबाइल कैमरे की गुणवत्ता, चेहरे में बदलाव जैसी वजहों से ऑथेंटिकेशन में समय लग जाता है। फेस मैच नहीं होने पर हाजिरी दर्ज होने में देरी होती है। स्थानीय कर्मचारी और मेट मजदूरों को फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया समझा रहे हैं। मजदूरों को उम्मीद है कि तकनीकी सुविधाएं और बेहतर होंगी। इससे रोजगार कार्यों में बाधा नहीं आएगी। मजदूरों को समय पर लाभ मिलेगा।
पुरुषोत्तम मास में कथा, जप, तप, दान का मिलता है अनंत फल: पं. चंद्रकिरण
हिंदू धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इस विशेष माह में जप, तप, दान, व्रत, कथा श्रवण और सेवा कार्यों का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इन दिनों शहर के मारुति वार्ड स्थित सिद्धपीठ श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में भगवान विष्णु की कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ ले रहे हैं। कथा के दौरान मंदिर के पुजारी चंद्रकिरण तिवारी ने श्रद्धालुओं को पुरुषोत्तम मास की महिमा बताते हुए कहा कि इस माह को पहले मलमास कहा जाता था। पौराणिक मान्यता के अनुसार इस अतिरिक्त माह में कोई संक्रांति नहीं होती थी और इसका कोई अधिष्ठाता देव भी नहीं था। इसी कारण इसे शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता था और समाज में इसकी उपेक्षा होती थी। उन्होंने बताया कि अपनी पीड़ा लेकर मलमास भगवान विष्णु के पास पहुंचा। भगवान विष्णु उसे गोलोक धाम ले गए, जहां भगवान पुरुषोत्तम ने उसकी व्यथा सुनकर उसे अपना नाम और संरक्षण प्रदान किया। तभी से मलमास का नाम पुरुषोत्तम मास पड़ा। भगवान ने वरदान दिया कि इस माह में किए गए पुण्य कर्मों का फल अनंत गुना बढ़कर प्राप्त होगा और इसका अपमान उनका अपमान माना जाएगा। पुजारी तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार एक बीज बोने से हजारों बीज उत्पन्न होते हैं, उसी प्रकार पुरुषोत्तम मास में किए गए सत्कर्म का फल भी अनेक गुना बढ़ जाता है। इस माह में भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और राम नाम का जप, श्रीमद्भागवत कथा श्रवण, गीता पाठ, अन्नदान, जलदान, गौ सेवा और जरूरतमंदों की सहायता विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य सामान्यतः नहीं किए जाते, जबकि भक्ति, साधना और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। मंदिर में पूरे माह कथा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ठाकुरपारा में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ 10 से
कवर्धा| शहर के ठाकुरपारा स्थित सामुदायिक भवन में कल बुधवार 10 जून से 18 जून तक संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन होगा। धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक कथा होगी, जिसमें कथा व्यास पं. जयप्रकाश पाण्डेय (ग्राम बसनी) श्रीमद्भागवत की अमृतवाणी का रसपान कराएंगे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। आयोजन के दौरान 10 जून को जल यात्रा एवं गोकरण महात्म्य, 11 जून को वराह अवतार कथा, 12 जून को सती चरित्र व ध्रुव चरित्र, 13 जून को प्रह्लाद चरित्र समेत 18 जून तक अन्य धार्मिक आयोजन होंगे। वहीं, 19 जून को ग्राम बारदी स्थित कुटुम भोज गृह में सामूहिक प्रसाद एवं कुटुम भोज का आयोजन रखा गया है। कार्यक्रम के परायणकर्ता पं. राघव तिवारी (ग्राम रूसे) होंगे।
कॉलेज ने गोद लिए 5 गांव, अब घर-घर पहुंच रही सरकारी योजनाओं की जानकारी
गांवों के विकास की योजनाएं अक्सर फाइलों और सरकारी बैठकों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन कवर्धा के पीजी कॉलेज ने इसे जमीन पर उतारने की पहल शुरू की है। भारत सरकार के उन्नत भारत अभियान के तहत कॉलेज ने पांच गांव बेंदरची, भागूटोला, घुघरी खुर्द, चिमरा और सिंघनपुरी को गोद लेकर वहां की वास्तविक समस्याओं को चिन्हित करने और लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान की कमान कॉलेज के विद्यार्थी और एनएसएस स्वयंसेवक संभाल रहे हैं। वे गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं, उनकी समस्याओं को दर्ज कर रहे हैं और यह पता लगा रहे हैं कि आखिर किन योजनाओं का लाभ अभी तक जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाया है। सर्वेक्षण के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, कृषि, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें संबंधित विभागों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ऐसे परिवार भी सामने आ रहे हैं जो पात्र होने के बावजूद योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। विद्यार्थी गोद लिए गए गांवों का नियमित भ्रमण कर रहे कॉलेज की उन्नत भारत अभियान संयोजक डॉ. कविता कन्नौजे, सदस्य दीपक देवांगन, डॉ. अनिल शर्मा, नरेंद्र कुमार कुलमित्र के मार्गदर्शन में विद्यार्थी नियमित रूप से गोद लिए गए गांवों का भ्रमण कर रहे हैं। वे केवल आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों को स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और सरकारी सेवाओं तक पहुंच बनाने के लिए भी जागरूक कर रहे हैं। प्राचार्य डॉ. ऋचा मिश्रा का कहना है कि उन्नत भारत अभियान उच्च शिक्षा संस्थानों और समाज के बीच मजबूत सेतु का कार्य करता है। इससे विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है और उन्हें ग्रामीण भारत की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। वहीं गांवों को भी शिक्षित युवाओं के ज्ञान और नवाचार का लाभ मिलता है। दरअसल, शिक्षा मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सिर्फ सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करना नहीं, बल्कि गांवों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशना और विकास की प्रक्रिया में शिक्षण संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए नामांकन मंगाए
कवर्धा| बच्चों की असाधारण प्रतिभा व उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए नामांकन मंगाए गए हैं। इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया 31 जुलाई तक जारी रहेगी। 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन व विस्तृत जानकारी awards.gov.in पर विजिट किया जा सकता है।
तेंदूपत्ता भुगतान अटका, संग्राहक हुए नाराज
वनांचल के ग्राम पोलमी-नवापारा में तेंदूपत्ता संग्राहकों ने भुगतान में देरी पर नाराजगी जताई। फड़ संचालन की अव्यवस्था पर भी सवाल उठाए। संग्राहकों का कहना है कि वे भीषण गर्मी में जंगलों से तेंदूपत्ता तोड़कर शासन को सौंपते हैं। इसके बाद भी समय पर भुगतान नहीं मिलता। इससे घर चलाने में दिक्कत हो रही है। संग्राहकों ने बताया कि संग्रहण के दौरान तय मानक से ज्यादा गड्डियां भी ली जा रही हैं। 100 पुड़ा पर अतिरिक्त पांच पुड़ा तक लिया जाता है। इसके बाद भी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता। पारदर्शी व्यवस्था नहीं होने से असंतोष बढ़ रहा है। संग्राहकों का कहना है कि फड़ में पत्ता जमा करते समय कई बार फड़ मुंशी मौजूद नहीं रहता। बच्चों या दूसरे लोगों से एंट्री कराई जाती है। इससे लेखा-जोखा में गलती की आशंका रहती है। विवाद से बचने के लिए कई लोग चुपचाप पत्ता बेच देते हैं। वास्तविक मात्रा दर्ज होने पर संदेह बना रहता है। खरीदी के बाद कई मामलों में समय पर वाउचर नहीं बनता। वाउचर नहीं बनने से भुगतान की जानकारी मुख्य कार्यालय में जमा नहीं हो पाती। ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था की जानकारी भी अधिकांश संग्राहकों को नहीं है। वे अपने भुगतान की स्थिति नहीं जान पाते। इसकी वजह से परेशानी बढ़ जाती है।
छग सशस्त्र बल में भर्ती के लिए चयन सूची जारी
कवर्धा| छग सशस्त्र बल में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए चयन सूची जारी कर दी गई है। इसमें मेल नर्स, फिमेल नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग असिस्टेंट, कम्पाउंडर, ड्रेसर भर्ती शामिल है। चयन सूची पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in पर प्रदर्शित की गई है। आरक्षण नियम का पालन करते हुए उम्मीदवारों को उनके मेरिट के क्रम व उपलब्ध रिक्त पदों की संख्या के आधार पर चयनित किया गया है।
कामदेव पर विजय पाने के बाद नारद में आया अहंकार
नगर के वार्ड क्रमांक 14 स्थित परमेश्वरी मंदिर के पास श्री सोमेश्वर शिव महापुराण का आयोजन किया गया। 6 से 10 जून तक चलने वाले इस पांच दिवसीय पावन आयोजन में भगवान शिव की महिमा सुनने के लिए प्रतिदिन शिवभक्तों की भीड़ उमड़ रही है। महापुराण के दूसरे दिन व्यासपीठ पर विराजमान प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य सुमित भारद्वाज ने विद्यवेश्वर संहिता और कुबेर चरित्र का संगीतमय वर्णन किया। इसके साथ ही उन्होंने देवर्षि नारद के अहंकार और भगवान विष्णु को उनके द्वारा दिए गए श्राप का अत्यंत रोचक एवं शिक्षाप्रद प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। सुमित महाराज ने बताया कि एक बार देवर्षि नारद हिमालय की एक पवित्र गुफा में घोर तपस्या कर रहे थे। उनकी तपस्या से घबराकर देवराज इंद्र ने कामदेव को भेजा, लेकिन नारद जी अडिग रहे। कामदेव पर विजय प्राप्त करने के बाद नारद जी के मन में यह अहंकार आ गया कि उन्होंने वासना (काम) को जीत लिया है। उन्होंने अपनी इस विजय का बखान भगवान शिव और भगवान विष्णु के समक्ष किया। विष्णु जी की माया और नारद का मोह: महाराज ने कहा कि नारद जी के इसी अहंकार को तोड़ने के लिए भगवान विष्णु ने अपनी माया रची। उन्होंने एक अत्यंत सुंदर नगर और विश्वमोहिनी नामक रूपवती राजकुमारी का निर्माण किया। नारद जी उस राजकुमारी को देखते ही अपनी सारी तपस्या भूल बैठे और विवाह की इच्छा से उन्होंने भगवान विष्णु से उनका हरि (सुंदर) रूप मांग लिया। भगवान ने उन्हें रूप तो दिया, लेकिन मुख एक वानर (बंदर) का लगा दिया।
सुशासन तिहार के दावों के बीच मुरुम माफिया हैं बेखौफ, रोज हो रहा अवैध खनन, राजस्व की क्षति
साजा ब्लॉक के नगर पंचायत परपोड़ी और आसपास के इलाकों में अवैध मुरुम खनन धड़ल्ले से जारी है। प्रशासन चाहे कार्रवाई के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी खजाने को चूना लगाकर रोज बेखौफ तरीके से मैदान खोदे जा रहे हैं। हाल ही में सुशासन तिहार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंच से अधिकारियों की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए थे, लेकिन लगता है कि जिम्मेदार विभागों के अफसरों ने इससे कोई सबक नहीं लिया है। क्षेत्र के ग्राम गातापार में मुरुम के अवैध खनन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि परपोड़ी-धमधा राज्य मार्ग से लगे क्षेत्र में जेसीबी मशीन के जरिए लगातार मुरूम निकाला जा रहा है और हाइवा वाहनों से उसका परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने खनन गतिविधियों का वीडियो बनाकर प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। धमधा मार्ग पर ग्राम गातापार के पास गोड़मर्रा जाने वाले रास्ते में कथित रूप से कई महीनों से मुरुम खनन जारी है। तहसील के तहसीलदार सीताराम कंवर ने कहा कि जिस क्षेत्र में खनन होने की जानकारी मिली है, उसकी जांच संबंधित हल्के के पटवारी से कराई जाएगी। अवैध खनन की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी स्कूल में आरएसएस अभ्यास वर्ग पर बवाल
भास्कर न्यूज|कवर्धा रानी दुर्गावती चौक स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कथित अभ्यास वर्ग को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय का घेराव कर डीईओ पर पद के दुरुपयोग और एक विशेष संगठन को संरक्षण देने का आरोप लगाया। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी पाए जाने पर निलंबन की मांग की है। विवाद उस समय और गहरा गया, जब कार्यक्रम की अनुमति को लेकर दो अलग- अलग दावे सामने आए। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने डीईओ एफआर वर्मा से फोन पर बात की। उनका कहना था कि उन्होंने स्कूल परिसर में आरएसएस के कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं दी। वहीं, अभ्यास वर्ग के आयोजक प्रहलाद साहू का दावा है कि कार्यक्रम के लिए स्कूल प्राचार्य को आवेदन दिया गया था, उस पर न तो सील लगी और न ही हस्ताक्षर किए गए। एनएसयूआई ने विरोध दर्ज कराने अनोखा तरीका अपनाया। वे सफेद शर्ट,खाकी हाफ पैंट लेकर डीईओ कार्यालय पहुंचे थे। शिक्षा विभाग पर वैचारिक पक्षधरता का आरोप लगाया। सचिव आनंद चंद्रवंशी ने डीईओ पर संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।
जिले के 67 संकुलों में पहुंचीं किताबें, 83 में अब भी इंतजार
जिले के सरकारी स्कूलों में ताले खुलने व नया शिक्षा सत्र 15 जून से प्रारंभ होने में अब बेहद कम समय बचा है। ऐसे में कबीरधाम जिले के कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों के लिए राहत की बड़ी खबर है। विगत 3 जून को दैनिक भास्कर द्वारा प्रमुखता से उठाई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने युद्धस्तर पर पुस्तक वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को कबीरधाम जिले के विभिन्न संकुलों के लिए पुस्तकों की खेप रवाना की गई, जिसके बाद इन्हें स्कूलों तक भेजा जाएगा। डीईओ कार्यालय के अनुसार पूरे जिले में कुल 150 संकुल केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से अब तक 67 संकुलों में पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जा चुका है। हालांकि विभागीय सुस्ती और राज्य स्तर से आ रही दिक्कतों के कारण अब भी जिले के 83 संकुल ऐसे हैं, जहां प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों के लिए एक भी किताब नहीं पहुंच पाई है। शिक्षा विभाग के सहायक संचालक यूआर चंद्राकर ने बताया कि हमें राज्य स्तर से कुछ खेप प्राप्त हुई है। 150 में से 67 संकुलों को किताबें भेज दी गई हैं। शेष 83 संकुलों और कवर्धा शहर के लिए जैसे ही बाकी स्टॉक आता है, तुरंत सप्लाई कर दी जाएगी। हमारा लक्ष्य 15 जून से पहले हर बच्चे तक किताबें पहुंचाना है। शहर की स्थिति जस की तस, ग्रामीण पर फोकस चौंकाने वाली बात यह है कि सोमवार तक जिला मुख्यालय कवर्धा के अंतर्गत आने वाले एक भी संकुल में पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। जानकारी के मुताबिक विभाग के सामने चुनौती यह है कि आने वाले 3-4 दिन में कवर्धा शहर और शेष बचे ब्लॉकों में पुस्तकें नहीं भेजी गईं, तो 15 जून को बच्चे बिना किताबों के ही स्कूल पहुंचने को मजबूर होंगे। राज्य स्तर से ही कम संख्या में पुस्तकें आने के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है, जिससे वितरण की रफ्तार धीमी हो गई है।
दफ्तर नहीं आते सचिव, लोगों के कामकाज हो रहे प्रभावित
ग्राम पंचायत केसला में पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ गई है। सुशासन तिहार के दौरान सरपंच अंबिका अर्जुन यादव के साथ ग्रामीणों ने प्रशासन को 7 अलग-अलग आवेदन दिए। इनमें पंचायत सचिव को हटाने की मांग प्रमुख रही। दूसरे सचिव को अतिरिक्त प्रभार देने की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ को दिए आवेदन में बताया कि सचिव रामशंकर साहू करीब 20 साल से ग्राम पंचायत केसला में पदस्थ हैं। आरोप है कि ग्राम सभा और विशेष ग्राम सभा के अलावा वे पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते। इससे पंचायत के प्रशासनिक काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, योजनाओं का लाभ, दूसरे जरूरी कामों के लिए बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आवेदन में ग्राम पंचायत भड़ेसर के सचिव रामेश्वर पटेल को अतिरिक्त प्रभार के रूप में ग्राम पंचायत केसला में पदस्थ करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में नियमित सचिव की उपलब्धता से विकास कार्यों में गति आएगी।
पोल का बेस क्षतिग्रस्त, सरिया से हादसे का खतरा
शहर के नेताजी चौक से अकलतरा रोड पर डिवाइडर में लगे स्ट्रीट लाइट पोल लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। कई पोलों का कंक्रीट बेस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और उनमें लगी सरिया बाहर निकल आई है। पोल का निचला हिस्सा टूट जाने से उसकी मजबूती कमजोर पड़ गई है, जिससे तेज हवा, बारिश या हल्के झटके में भी उसके गिरने की आशंका बनी हुई है। यह शहर के सबसे व्यस्त रास्तों में शामिल है, जहां दिनभर वाहनों और राहगीरों की आवाजाही रहती है।
सक्ती में 4 लाख नक्शे अटके: आरआई के 40% और पटवारियों के 33% पद खाली
मनोज सिंह | जांजगीर जमीन का हक और स्पष्ट पहचान किसी भी नागरिक, विशेषकर किसान के लिए उसकी सबसे बड़ी पूंजी है। इधर जांजगीर-चांपा और सक्ती जिलों की रिपोर्ट डराने वाली तस्वीर पेश करती है। दोनों जिलों में राजस्व विभाग अमले के अकाल से जूझ रहा है। आलम यह है कि सक्ती जिले में राजस्व निरीक्षकों के 40% और पटवारियों के 33% पद खाली हैं। जमीन के बंटवारे से लेकर नामांतरण और नक्शा बटांकन जैसे अनिवार्य कार्य फाइलों में दबे हुए हैं, जिससे किसानों को कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में एक पटवारी के पास तीन-तीन गांव का प्रभार है। इससे एक गांव में भी सही ढंग से काम नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने इन समस्याओं से निपटने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं। जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने नियमित राजस्व कार्यशाला व प्रशिक्षण आयोजित करने का सुझाव दिया है ताकि उपलब्ध स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। वहीं कलेक्टर तोपनो ने शत-प्रतिशत अभिलेख शुद्धता के लिए अतिरिक्त तकनीकी सहायता की मांग की है। दोनों जिलों में रिक्त पदों को भरने के लिए राज्य स्तर पर प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन जब तक नई नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलना मुश्किल है। जांजगीर-चांपा में भी स्थिति कमोबेश वैसी ही है। यहां 12 लाख 1798 खसरे हैं। इनमें से 4 लाख 35 हजार 688 खसरों (36.26%) का नक्शा बटांकन लंबित है। हालांकि प्रशासन ने इन नक्शों को पूर्ण करने के लिए जून के अंत तक की समय सीमा तय की है। जांजगीर-चांपा में भी लिपिकीय और मैदानी स्टाफ की कमी को राजस्व प्रकरणों के निराकरण में बड़ी बाधा माना गया है। सक्ती जिले की रिपोर्ट के अनुसार राजस्व विभाग के पास काम का बोझ पहाड़ जैसा है, लेकिन संभालने वाले हाथ नदारद हैं। अमले भारी कमी के कारण जिले में 4 लाख 1443 खसरों (39.42%) का नक्शा बटांकन अभी भी शेष है। नक्शा बटांकन वह प्रक्रिया है, जिसमें जमीन के बड़े टुकड़ों को छोटे हिस्सों में विभाजित कर नक्शे पर दर्ज किया जाता है। जब तक यह काम पूर्ण नहीं होता, किसान अपनी जमीन का सटीक सीमांकन नहीं करा सकता और न ही उसे बैंक से कृषि कर्ज मिलने में आसानी होती है। इसके अतिरिक्त जिले में 1360 राजस्व मामले ऐसे हैं, जो एक साल से अधिक समय से लंबित हैं। सक्ती: 1360 केस 1 वर्ष से अधिक समय से लंबित पद खाली, एक पटवारी को तीन-तीन जगह का प्रभार ^पद खाली होने से कई जगहों पर एक पटवारी को तीन-तीन प्रभार देने पड़ रहे हैं। पटवारी मुख्यालय वहां होता है, जब उसकी मुख्य पदस्थापना होती है। बाकी को अतिरिक्त प्रभार में गिना जाता है। - सुब्रत प्रधान, एसडीएम, जांजगीर-चांपा प्रशासन के सामने भी चुनौतियां कम नहीं { छोटे रकबे वाले खसरे: 0.05 एकड़ से कम रकबा वाले खसरों के बटांकन में गंभीर तकनीकी त्रुटियां आ रही हैं। { शहरी क्षेत्रों में विवाद: नगरीय क्षेत्रों में मौका और कब्जा की भिन्नता के कारण नक्शा सुधार का काम लंबे समय से लंबित हैं। { दस्तावेजों का अभाव: सक्ती जिले में स्वामित्व योजना के तहत चंद्रपुर तहसील के 18 गांवों का मैप-2 प्राप्त होने के बावजूद हितग्राहियों की सूची उपलब्ध नहीं है।
42.60 लाख से बनेगा खाद्य एवं औषधि प्रशासन का नया भवन
भास्कर न्यूज | जांजगीर जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को अपना स्वतंत्र कार्यालय भवन मिलेगा। करीब 42.60 लाख रुपए की लागत से जिला कार्यालय के प्रथम व द्वितीय तल का निर्माण कराया जाएगा। भवन निर्माण की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और वर्ष 2027 तक नया कार्यालय तैयार होने की संभावना है। जिले में लंबे समय से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास अपना भवन नहीं था। विभाग किराए के भवन और सीमित संसाधनों के सहारे काम कर रहा था। ऐसे में खाद्य सुरक्षा, दवा नियंत्रण, खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच और औषधियों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के संचालन में कई व्यावहारिक दिक्कतें आती थीं। नया भवन बनने से विभाग को स्थायी आधारभूत संरचना मिलेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। विभाग बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों और दवाओं की गुणवत्ता पर नजर रखता है। नया भवन बनने के बाद विभागीय कामकाज अधिक व्यवस्थित होने से लोगों को कई तरह के लाभ मिलेंगे। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण विभाग: खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कार्य करता है। विभाग नियमित रूप से बाजार से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करता है। इसके अलावा दवा दुकानों का निरीक्षण, लाइसेंस जारी करना और औषधियों की गुणवत्ता की निगरानी भी इसी विभाग की जिम्मेदारी है। टेंडर जारी होने और एजेंसी तय होने के बाद निर्माण शुरू होगा। यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हुई तो वर्ष 2027 तक विभाग को नया कार्यालय भवन मिल सकता है। {मिलावटखोरों पर होगी प्रभावी कार्रवाई: त्योहारी सीजन, शादी-विवाह और अन्य अवसरों पर दूध, खोवा, मिठाई, मसाले, तेल और अन्य खाद्य सामग्री में मिलावट की शिकायतें सामने आती हैं। नए भवन में बेहतर कार्यालयीन व्यवस्था होने से जांच, सैंपलिंग और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होगी। {नकली और एक्सपायरी दवाओं की निगरानी बढ़ेगी: जिले में संचालित मेडिकल स्टोरों और दवा वितरकों की निगरानी खाद्य एवं औषधि प्रशासन करता है। नया भवन मिलने के बाद निरीक्षण, रिकॉर्ड संधारण और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था मजबूत होगी। {शिकायतों का होगा त्वरित समाधान: नया भवन बनने के बाद नागरिकों के लिए अलग सुविधा कक्ष और व्यवस्थित कार्यालयीन माहौल मिल सकेगा, जिससे शिकायतों का निराकरण तेजी से होगा। {व्यापारियों को भी मिलेगी सुविधा: खाद्य कारोबारियों, होटल संचालकों, किराना दुकानदारों और मेडिकल स्टोर संचालकों को लाइसेंस, पंजीयन, नवीनीकरण और अन्य विभागीय कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे विभाग और व्यापारियों के बीच समन्वय होगा। {परियोजना: खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला कार्यालय भवन निर्माण {लागत: 42.60 लाख रुपए {निर्माण एजेंसी: सीजीएमएससी {निर्माण कार्य: प्रथम एवं द्वितीय तल {लाभ: खाद्य सुरक्षा, दवा नियंत्रण और जन शिकायतों के समाधान में सुविधा {संभावित पूर्णता: वर्ष 2027 जिले के लाखों लोगों को होगा सीधा फायदा 2027 तक पूरा होगा काम
भदराखार के जंगल में चल रहा था जुआ 14 आरोपियों से एक लाख रुपए जब्त
भास्कर न्यूज | जांजगीर भदराखार के जंगल में ताश के पत्तों पर दांव लगा रहे 14 जुआरियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके फड़ से ₹1,03,800 नकद, दो बाइक और 52 पत्ती ताश जब्त की गई है। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ग्राम सिंघुल-भदराखार के सुनसान इलाके में रविवार देर शाम 14 जुआरी ताश के पत्तों पर दांव लगा रहे थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पुलिस उन पर कार्रवाई करने पहुंच चुकी है। एसपी विजय कुमार पांडेय के सख्त निर्देश के बाद शिवरीनारायण पुलिस ने जुआ फड़ पर छापेमारी की। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सभी जुआरियों को भागने का मौका दिए बिना रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भदराखार में बड़े पैमाने पर जुआ फड़ संचालित हो रहा है, जहां आसपास के कई गांवों के लोग पहुंच रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अचानक दबिश दी। मौके से कैश ₹1,03,800, बाइक और 52 पत्ती ताश जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपियों में राधेश्याम साहू ( सरवानी), दिलीप कुमार पैकरा ( तिपरगंज), विक्की वर्मा (सेल), कमलेश कैवर्त (रामपुर), गेंदराम कैवर्त (कोट), रतन केंवट ( सिंघुल), ओम कुमार कैवर्त ( कोट), जगदीश दास मानिकपुरी ( मड़वा), परमेश्वर देवांगन ( कटगी), सुनील केंवट ( अमोदी), माधवराम लोहार ( सरवानी), समीर प्रेमी ( तुरकीनडीह), कमलनारायण साहू (33, अमोदी) और भीमराम कैवर्त (59, अमोदी) शामिल हैं।
जिले के करही गांव को “आदर्श ग्राम” (मॉडल विलेज) के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा और अनूठा प्रयोग शुरू किया गया है। क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और हाल ही में हुए पिता-पुत्र के विवाद के बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे गांव को डिजिटल सर्विलांस के दायरे में ले लिया है। करही गांव के सभी प्रमुख एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स, संवेदनशील चौराहों और रेत घाटों पर 16 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस हाई-टेक सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पूरे गांव और रेत खदानों की लाइव मॉनिटरिंग सीधे पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय चौकी से की जाएगी। अवैध रेत उत्खनन और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह जिले का पहला बड़ा डिजिटल निगरानी मॉडल माना जा रहा है। आमतौर पर ग्रामीण चौकियों में स्टाफ की कमी के कारण कई चुनौतियां रहती हैं, लेकिन करही चौकी के उन्नयन और आधुनिक सुविधाओं के बाद इसकी कार्यप्रणाली में सुधार देखने को मिल रहा है। बेहतर संसाधनों के कारण अब पुलिसकर्मियों में यहां तैनाती को लेकर भी रुचि बढ़ी है। इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि करही पुलिस चौकी को अब कम्युनिटी मल्टीपर्पस सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां अब केवल अपराध संबंधी शिकायतें ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों की विकास से जुड़ी अन्य समस्याएं भी दर्ज की जाएंगी। इसका उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को गांव स्तर पर ही सुलभ बनाना है।
9 वर्षीय रिद्धांशी ने 10 मिनट में हल किए 200 प्रश्न
भास्कर न्यूज | राहौद प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इस कहावत को राहौद निवासी 9 साल की नन्हीं रिद्धांशी साहू ने सच कर दिखाया है। तीसरी में पढ़ने वाली रिद्धांशी ने गणित (मैथ्स) जैसी विषय, जिससे अच्छे-अच्छे बच्चों को डर लगता है, उसे अपने बाएं हाथ का खेल बना लिया है। हाल ही में रायगढ़ के अग्रोहा धाम में आयोजित हुए राज्य स्तरीय अबेकस कॉम्पिटिशन में रिद्धांशी ने अपनी कुशाग्र बुद्धि का लोहा मनवाते हुए विजुअल कॉम्पिटिशन में चैंपियन का खिताब अपने नाम किया है, वहीं ''लिसनिंग कॉम्पिटिशन'' में वे फर्स्ट रनर-अप रही हैं। उनकी इस अद्भुत सफलता से न केवल राहौद बल्कि पूरे जांजगीर-चांपा जिले का नाम रोशन हुआ है। कैलकुलेटर से भी तेज है रिद्धांशी की रफ्तार: जहां आज के डिजिटल दौर में बड़े-बड़े लोग छोटी सी जोड़-घटाव या रोजमर्रा के हिसाब-किताब के लिए मोबाइल और कैलकुलेटर पर निर्भर रहते हैं, वहीं 9 साल की रिद्धांशी कैलकुलेटर से भी तेज गति से गणित के बड़े और उलझे हुए सवालों को चुटकियों में हल कर देती हैं। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रिद्धांशी ने महज 10 मिनट के भीतर गणित के 200 कठिन सवालों को बिना किसी गलती के सॉल्व कर दिया।
कलश यात्रा के साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ हुआ शुरू
राहौद | नगर के प्रतिष्ठित श्री हनुमान कुटी मंदिर परिसर में 8 जून से संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान-यज्ञ सप्ताह का गरिमामय शुभारंभ हो गया। कथा के प्रथम दिवस सुबह नगर में एक भव्य और विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इसे लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लग गया था। बड़ी संख्या में मातृशक्तियों और युवतियों ने पीले वस्त्र धारण किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजित कलशों को सिर पर धारण किया। यह भव्य शोभायात्रा मंगल वाद्यों, भजनों की स्वर-लहरियों और धार्मिक ध्वजों के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण और पवनपुत्र हनुमान जी के गगनभेदी जयकारों से पूरा राहौद नगर भक्तिमय हो उठा। नगरवासियों ने जगह-जगह कलश यात्रा पर पुष्पवर्षा की। उन्होंने आरती उतारकर आत्मीय स्वागत किया। इस शोभायात्रा में नगर के गणमान्य नागरिक, युवा और वरिष्ठ श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। 15 जून को होगा समापन: आयोजक श्यामसुंदर दास और हनुमंत भक्त ने जानकारी दी कि हनुमान जी की सेवा और कृपा को समर्पित यह दिव्य आयोजन 15 जून तक संचालित होगा। कथा का समय प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक निर्धारित किया गया है। यहां सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित लोमश चौबे (सेमरा वाले) संगीतमय कथा सुनाएंगे। विशेष हवन-पूजन, सहस्त्रधारा और महाप्रसाद वितरण के साथ अनुष्ठान का समापन किया जाएगा।
दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में भव्य तैयारियां शुरू सिन्दूराभिषेक, महाआरती व सुंदरकांड पाठ होगा
जांजगीर | सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है। इसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है। रेस्ट हाउस के सामने स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित किरण कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2026 में 19 वर्षों बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है। मलमास होने के कारण ज्येष्ठ मास में चार के बजाय 8 बड़े मंगलवार पड़ रहे हैं। छठवां बड़ा मंगलवार (पुरुषोत्तम) 9 जून को मनाया जाएगा। आठवां बुढ़वा मंगलवार 23 जून को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इसी मास में हनुमान जी की मुलाकात प्रभु श्री राम और भीमसेन से हुई थी। इस पावन अवसर पर श्री दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर, जांजगीर में भव्य तैयारियां की गई हैं। भक्तों के लिए विशेष दिशा-निर्देश तथा कार्यक्रम तय किए गए हैं। इसमें दोपहर 4 बजे आशुतोष शुक्ला की ओर से राहगीरों को मीठा जल व नींबू शरबत वितरित किया जाएगा। सायं 7:00 बजे: हनुमान जी का सिन्दूराभिषेक होगा। शाम 7:30 बजे: महाआरती की जाएगी। रात्रि 8 बजे: सामूहिक सुंदरकांड का पाठ होगा।
खदान तक रास्ता दिखाने सैकड़ों पेड़ काटकर खाई में फेंके, विभाग ने दर्ज किया वन अपराध
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा आलनार पहाड़ को बचाने और आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड को आवंटित लौह अयस्क खदान लीज के विरोध में बस्तरिया राज मोर्चा द्वारा निकाली जा रही पदयात्रा सोमवार को कड़मपाल गांव पहुंच गई। पदयात्रा अब भांसी होते हुए 11 जून को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय पहुंचेगी। वहां प्रदर्शन और जनसभा की तैयारी की जा रही है। विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि 31.56 हेक्टेयर क्षेत्र में स्थित जिस पहाड़ की लीज कंपनी को मिली है, वहां तक पहुंचने के लिए अब तक समुचित सड़क भी नहीं थी। आरोप है कि कथित फर्जी ट्रांसपोर्टिंग का मामला सामने आने के बाद अब अचानक पहाड़ तक पहुंच मार्ग तैयार किया जा रहा है। पिछले दो दिनों में सैकड़ों हरे-भरे पेड़ काटकर सड़क निर्माण का काम शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों का सवाल है कि यदि कंपनी के पास पेड़ कटाई की वैध अनुमति थी, तो कटे हुए पेड़ों की नंबरिंग, पंचनामा और लकड़ी को वन विभाग के डिपो में जमा कराने जैसी प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई। उनका आरोप है कि कई पेड़ों को काटकर खाई में फेंक दिया गया है। इससे साक्ष्य भी मिटाए जा रहे हैं। मामले में वन विभाग ने केस भी दर्ज कर लिया है। आरोप है कि आलनार की पहाड़ी में खनन शुरू होने से क्षेत्र की जल, जंगल और जमीन पर गंभीर असर पड़ेगा। मोर्चा के संयोजक मनीष कुंजाम और आंदोलन से जुड़े ग्रामीणों का आरोप है कि आरती स्पंज को मिली खदान लीज में वर्षों से बड़ा खेल चल रहा है। उनका कहना है कि जिस खदान क्षेत्र में आज तक वास्तविक खनन गतिविधियां दिखाई नहीं देतीं, वहां सरकारी रिकॉर्ड में उत्पादन और परिवहन दर्ज होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आंदोलनकारियों के मुताबिक वर्ष 2018 से 2025 के बीच लाखों टन लौह अयस्क का उत्पादन और परिवहन दर्शाया गया। खदान क्षेत्र में न तो बड़े पैमाने पर मशीनरी मौजूद थी। न ही खनन के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित की गई थी। आलनार में पेड़ कटाई के मामले को वन विभाग ने भी गंभीरता से लिया है। विभाग ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पीओआर (प्राथमिक वन अपराध प्रकरण) दर्ज किया है। अब कटे हुए पेड़ों के ठूंठों की गिनती की जाएगी। मौके की जांच भी होगी। डीएफओ रंगानाधा रामाकर्षणा वाय ने बताया कि पेड़ों की कटाई किसने की, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरती स्पंज को अभी पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में बिना स्वीकृति पेड़ कटने का मामला जांच के दायरे में है। आलनार खदान को लेकर बढ़ता विवाद अब खनन, पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के बड़े मुद्दे के रूप में उभर रहा है। 11 जून को दंतेवाड़ा पहुंचने वाली पदयात्रा के साथ यह आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। आलनार खदान का सबसे पहले विरोध करने वाले गांव के कुछ स्थानीय लोग अब खनन के पक्ष में हैं। सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों और कंपनी के बीच 19 बिंदुओं पर एमओयू हुआ है। इसी आधार पर गांव के कुछ लोग खनन के लिए सहमत हुए हैं। हालांकि बस्तरिया राज मोर्चा इस समझौते का विरोध कर रहा है। मनीष कुंजाम का कहना है कि यह समझौता विकास के नाम पर दिया गया लालच है। आंदोलनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि बैलाडीला से कथित तौर पर होने वाली लौह अयस्क चोरी और आलनार खदान के रिकॉर्ड में दर्ज परिवहन के बीच संबंधों की जांच होनी चाहिए। दावा है कि पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। हालांकि आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जानिए, अबूझमाड़ के किन इलाकों में कब और कितने बड़े पुल तैयार किए गए...
बारिश की पहली बूंद गिरते ही जहां जिंदगी थम जाती थी, जहां उफनते नदी-नाले ग्रामीणों को महीनों तक दुनिया से काट देते थे, उस अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में इस मानसून एक नई सुबह होने वाली है। आईटीबीपी 53वीं वाहिनी के जवानों ने घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच मोर्चा संभालते हुए रिकॉर्ड समय में 7 नए लॉग ब्रिज (लकड़ी के मजबूत पुल) तैयार कर दिए हैं। अब बारिश के चार महीनों में न तो इलाज के लिए किसी गर्भवती महिला को खाट पर नदी पार करनी पड़ेगी। न ही बच्चों की पढ़ाई रुकेगी। ग्रामीणों की अर्जी पर सेनानी का क्विक एक्शन माड़ डिविजन के नवस्थापित सीओबी कोडेनार, अडिंगपार और मड़ोड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने आईटीबीपी के सेनानी संजय कुमार से मुलाकात कर अपनी बरसों पुरानी पीड़ा साझा की थी। ग्रामीणों ने बताया था कि मानसून आते ही नाले उफान पर आ जाते हैं। वे अपने ही घरों में कैद हो जाते हैं। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटीबीपी ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई की। पुल निर्माण का जिम्मा उठाया। अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस इलाके में निर्माण कार्य करना किसी चुनौती से कम नहीं था। जवानों ने जिला प्रशासन और नारायणपुर पुलिस के साथ मिलकर इस नामुमकिन काम को मुमकिन कर दिखाया। नारायणपुर| आईटीबीपी के जवानों द्वारा बनाया गया लॉग ब्रिज। स्थानीय ग्रामीणों ने आईटीबीपी, पुलिस और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा, हर साल बारिश आते ही धड़कनें बढ़ जाती थीं। कोई बीमार हो जाए तो अस्पताल ले जाना मौत से लड़ने जैसा था। अब ये पुल बनने से हमारे बच्चों की पढ़ाई नहीं छूटेगी। मार्ग (रूट) पुलों की संख्या लंबाई और चौड़ाई मीटर में कुतुल से कोडेनार मार्ग 01 लॉग ब्रिज लंबाई: 39.62 मी, चौड़ाई: 2.74 मी कोडेनार से अडिंगपार मार्ग 03 लॉग ब्रिज लंबाई: 12.19 मीटर, 19.81 मीटर और 13.71 मीटर अडिंगपार से मड़ोड़ा मार्ग 03 लॉग ब्रिज लंबाई: 24.68 मीटर, 33.52 मीटर और 12.49 मीटर इन सात पुलों के बनने से वाकुर, भटनार, पैवर, डोंगलपट्टी, अडिंगपार, धुरबेड़ा, फरसबेड़ा, गुम्मरका, कोड़तामारका, मड़ोड़ा, बोटहेर, तोयेमेटा, स्कूलपारा, कुमराड़ी और करकापारा सहित 15 से अधिक गांवों के करीब 1200 ग्रामीणों का जीवन आसान हो जाएगा।
रायखेड़ा नाले पर बने पुल की रेलिंग झाड़ियों में ढंकी, हादसे का खतरा
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 पर जगदलपुर और बस्तर के बीच रायखेड़ा नाला पुल की रेलिंग कंटीली झाड़ियों से पूरी तरह ढंक गई है। हालत यह है कि पुल से गुजरने वाले दोपहिया चालकों और पैदल यात्रियों को रेलिंग तक नजर नहीं आती। दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल की चौड़ाई पहले से ही कम है। भारी वाहन आमने-सामने आते हैं। पैदल यात्री और दोपहिया चालक किनारे सिमटकर निकलते हैं। एक तरफ गहराई है। दूसरी तरफ तेज रफ्तार वाहन चलते हैं। ऐसे में सफर जोखिम भरा हो गया है। ग्रामीणों और नियमित यात्रियों के मुताबिक रेलिंग पार कर सड़क तक फैली कंटीली झाड़ियां गंभीर हादसों को बुलावा दे रही हैं। रात में अंधेरे के कारण खतरा और बढ़ जाता है। झाड़ियों की वजह से पुल की सीमाएं साफ नहीं दिखतीं। लोगों ने ब्रिज कॉरपोरेशन और संबंधित विभाग से तत्काल सफाई कराने की मांग की है। झाड़ियां हटाने की मांग भी की है। लोगों का कहना है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। यात्रियों ने सुरक्षा के लिए पुल की नियमित निगरानी और रखरखाव की जरूरत भी बताई है। - अशोक हरदाय, बस्तर
भाटपाल उपस्वास्थ्य केंद्र में अब जाकर साफ-सफाई
बेनूर| ग्राम पंचायत भाटपाल के उप-स्वास्थ्य केंद्र परिसर में लंबे समय से झाड़-झंखाड़, अवांछित पेड़-पौधे उग आए थे। परिसर के आसपास गंदगी पसरी थी। ग्रामीण नाराज थे। लोगों ने कहा था कि स्वास्थ्य विभाग स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाता है। उप-स्वास्थ्य केंद्र का परिसर ही साफ-सफाई के अभाव में उपेक्षित पड़ा था। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत पर दैनिक भास्कर ने 5 जून के अंक में समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में परिसर की बदहाल स्थिति सामने आई थी। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी उजागर हुई थी। खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने मामला गंभीरता से लिया। उप-स्वास्थ्य केंद्र परिसर में उगे झाड़-झंखाड़, पेड़-पौधों की सफाई करवाई गई।
किरंदुल में 7.19 करोड़ के काम, 5.72 करोड़ और देने की घोषणा
लौह नगरी किरंदुल के विकास को रफ्तार देने उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किरंदुल प्रवास में 7.19 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। भूमिपूजन किया। नगर की बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने 5.72 करोड़ रुपए की अतिरिक्त विकास राशि देने की घोषणा की। कार्यक्रम में दंतेवाड़ा विधायक चौतराम अटामी मौजूद रहे। किरंदुल नगरपालिका अध्यक्ष रुबी शैलेन्द्र सिंह मौजूद रहीं। कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। बैलाडीला से रोज अलग-अलग राज्यों के लिए बसें चलती हैं। राजधानी रायपुर के लिए भी बसें चलती हैं। 50 से अधिक बसें रोज चलती हैं। व्यवस्था नहीं होने से बसें सड़क किनारे खड़ी रहती थीं। जाम लगता था। हादसे का खतरा रहता था। डिप्टी सीएम ने वार्ड क्रमांक 10 में नई बस पार्किंग के लिए 1.58 करोड़ रुपए स्वीकृत किए। बसों को स्थायी जगह मिलेगी। डिप्टी सीएम साव ने करीब 4 करोड़ 15 लाख रुपए के पूरे हो चुके कामों का लोकार्पण किया। इसमें डीएमएफ मद से बना ऑक्सीजोन पार्क शामिल है। नगर पालिका के लिए 15वें वित्त आयोग से खरीदी गई आधुनिक मशीनें भी शामिल हैं। बैकहो लोडर खरीदा गया। सक्शन मशीन खरीदी गई। मैला टैंकर खरीदा गया।
इंटेकवेल, 86 करोड़ की अमृत योजना की पड़ताल
भास्कर न्यूज| सुकमा डिप्टी सीएम अरूण साव ने बस्तर प्रवास के चौथे दिन सोमवार को सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के तहत चल रही पेयजल परियोजना का निरीक्षण किया। कलेक्टर अमित कुमार मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण भी साथ रहे। उप मुख्यमंत्री ने शबरी नदी पर बन रहे इंटेक-वेल का जायजा लिया। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट देखा। पानी टंकी का काम देखा। पाइपलाइन विस्तार कार्यों की स्थिति जानी। उन्होंने अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश दिए। जनवरी 2027 से सुकमा शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। नगर पालिका 86 करोड़ रुपए की लागत से यह परियोजना चला रही है। करीब 54 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने कुम्हाररास में 11.62 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को दिसंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। कॉम्प्लेक्स करीब 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा है। यहां फुटबॉल मैदान बनेगा। एथलेटिक्स ट्रैक बनेगा। इंडोर बैडमिंटन कोर्ट बनेगा। प्रशासनिक भवन बनेगा। बॉक्स क्रिकेट की सुविधा बनेगी। स्वीमिंग पूल बनेगा। अधिकारियों ने बताया कि स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
डिप्टी सीएम की दो टूक... बहानेबाजी नहीं बारिश से पहले नालियां, पेयजल दुरुस्त करें
भास्कर न्यूज | सुकमा नक्सल प्रभावित होने के कारण यह इलाका लंबे समय तक विकास से तरसा है। अब हालात बदल रहे हैं। इसलिए दफ्तरों से निकलिए और फील्ड पर दिखिए। बारिश से पहले सारी तैयारियां पूरी हो जानी चाहिए। विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सख्त लहजे में निर्देश प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने सोमवार को सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित मैराथन समीक्षा बैठक में अफसरों को दिए। डिप्टी सीएम साव ने लोक निर्माण, पीएचई, नगरीय प्रशासन और खेल विभाग के कामकाज की बारीकी से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर अमित कुमार और एसपी किरण चव्हाण सहित तमाम आला अफसर मौजूद रहे।नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा करते हुए डिप्टी सीएम ने सुकमा, दोरनापाल और कोंटा के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को सीधे निर्देश दिए कि मानसून से पहले जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नालियों की सफाई का काम युद्धस्तर पर पूरा करें। डिप्टी सीएम ने कहा कि अधिकारी सुबह खुद फील्ड विजिट करें। ताकि सफाई और पेयजल की जमीनी हकीकत पता चल सके। बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसलिए पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए। पीएम स्वनिधि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए। बैठक में केवल रूटीन काम ही नहीं, बल्कि जिले के कई बड़े प्रोजेक्ट्स पीएम आवास योजना (शहरी) की प्रगति। जल प्रदाय परियोजनाओं की टेबल चेकिंग की। साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के कार्यों की कछुआ चाल पर नाराजगी जताई। अपेक्षित प्रगति लाने को कहा। वहीं पीडब्ल्यूडी को दो टूक कहा कि बारिश शुरू होने से पहले निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियाओं और भवनों के काम को समय-सीमा के भीतर समेटें। ताकि वनांचल का संपर्क जिला मुख्यालय से न टूटे।
घने जंगलों के बीच गांव में रुका डिप्टी सीएम काफिला, साव ने खेली क्रिकेट
भास्कर न्यूज | सुकमा बस्तर अंचल के घने जंगलों के बीच बसे मुनगा गांव में रविवार को अनोखा नजारा दिखा। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अचानक अपना काफिला रुकवाया। वे ग्रामीण युवाओं के बीच चल रहे क्रिकेट टूर्नामेंट में पहुंच गए। किरंदुल से सुकमा मार्ग पर स्थित गांव में उन्होंने युवाओं को खेलते देखा। वे सीधे मैदान में चले गए। ग्राम पंचायत कोर्रा के आश्रित गांव मुनगा में 7 जून से क्रिकेट टूर्नामेंट चल रहा है। आसपास के गांवों की 16 टीमें हिस्सा ले रही हैं। मैदान के एक छोर पर खिलाड़ियों की हलचल थी। दूसरे छोर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मैच देख रहे थे। इसी बीच उप मुख्यमंत्री ने क्रीज संभाली। उन्होंने गेंदबाजों का सामना किया। कुछ आकर्षक शॉट लगाए। इससे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा। ग्रामीणों में भी जोश दिखा। खेल के दौरान साव ने खिलाड़ियों से बात की। उन्होंने टूर्नामेंट की जानकारी ली। खिलाड़ियों ने अपनी जरूरतें बताईं। साव ने सभी 16 टीमों को क्रिकेट किट देने का आश्वासन दिया। खिलाड़ियों ने खेल मैदान की मांग रखी। उप मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव इन दिनों बस्तर संभाग के चार दिवसीय प्रवास पर हैं। वे निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं।
29 महंगा... होटलों में नाश्ता, भोजन थाली 20% महंगी
भास्कर न्यूज | महासमुंद आम जनता पर महंगाई की मार कम होने का नाम नहीं ले रही है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में इजाफे के ठीक बाद अब ऑयल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस के दाम भी बढ़ा दिए हैं। महासमुंद जिले में अब घरेलू गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को 947.5 रुपये चुकाने होंगे। इस बढ़ोत्तरी से न केवल घर की रसोई का बजट बिगड़ गया है, बल्कि होटल और रेस्टोरेंट में मिलने वाला खाना और नाश्ता भी आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है। महासमुंद में 1 जून से कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 44 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद इसकी कीमत 3116.50 रुपये हो गई है। वहीं, 6 जून से घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर 29 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। 31 मई तक घरेलू सिलेंडर ₹918.50 में बिक रहा था। जो 6 जून से ₹947.50 में मिल रहा है। कुल ₹29.00 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर ₹3074.50 बिक रहा था। जो 1 जून से ₹3116.50 में मिल रहा है कुल ₹44.00 की बढ़ोतरी हुई थी। गैस के कीमत बढ़ने का असर घरों की रसोई से लेकर होटल, रेस्टारेंट के नाश्ता से लेकर थाली तक दिखाई दे रहा है। नाश्ता और थाली की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। दूसरी ओर थाली से व्यंजन भी कम कर कटौती की जा रही है। भास्कर ने सोमवार को शहर के होटल और रेस्टारेंट से लेकर आम नागरिक तक गैस की कीमत में बढ़ोतरी के असर को लेकर जानकारी ली। कई भोजनालय में घरेलू सिलेंडर का उपयोग: शहर के कई भोजनालयांे में घरेलू गैस का उपयोग करते मिले वहीं अधिकांश में गैस सिलेंडर के बजाय अब कोयला और लकड़ी के चूल्हे का उपयोग कर रहे है। मारवाड़ी भोजनालय के संचालक आनंद ने बताया कि कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने से थाली की भी कीमत बढ़ाना पड़ा। वहीं श्रुति स्वीट्स के संचालक पप्पू साहू ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से उन्हें नाश्ते के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं। होटल-रेस्टोरेंट में नाश्ता और भोजन 15 से 20% महंगा: कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी का सीधा असर शहर के खान-पान पर पड़ा है। होटल संचालकों का कहना है कि लागत बढ़ने की वजह से वे दाम बढ़ाने पर मजबूर हैं। पहले जो पोहा, समोसा या कचौड़ी 10 से 20 रुपये प्लेट मिलती थी, वह अब 20 से 30 रुपये तक पहुंच गई है। वहीं होटलों में सामान्य भोजन की थाली जो पहले 100-150 रुपये की थी, वह अब 120 से 200 रुपये के बीच मिल रही है। महासमुंद जिले में कुल 2,86,387 गैस उपभोक्ता हैं, जिनमें 2 लाख से अधिक उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं। जिले में प्रतिदिन करीब 10 हजार सिलेंडरों की बुकिंग होती है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि जिन्होंने 1 से 5 जून के बीच सिलेंडर बुक किया था, उन्हें पहले पुराने रेट का डीएसी नंबर मिला, लेकिन 6 जून को दाम बढ़ते ही कंपनियों ने नया डीएसी नंबर भेज दिया, जिसमें 29 रुपये अतिरिक्त जुड़कर आए। 2.86 लाख लोग डीएसी नंबर के खेल से परेशान
नजूल जमीनों पर काबिज लोगों को देंगे मुफ्त मालिकाना हक
भास्कर न्यूज | महासमुंद छत्तीसगढ़ सरकार ने शहरी क्षेत्र के गरीब और आवासहीन परिवारों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए नगरीय क्षेत्रों में नजूल (शासकीय) जमीनों पर काबिज परिवारों को मालिकाना हक देने के लिए नए सिरे से सर्वे शुरू करने का निर्देश जारी किया है। इसके तहत पात्र परिवारों को मुफ्त पट्टा दिया जाएगा, जिससे उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ भी मिल सकेगा। महासमुंद नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्रालय ने सभी जिला कलेक्टरों को पट्टाधृति अधिकार नियम 2023 के तहत सर्वे दल गठित करने के निर्देश दिए हैं। राजस्व और नगरीय निकाय की संयुक्त टीमें वार्डों में जाकर सर्वे करेंगी। पात्रता परीक्षण के बाद 15 अगस्त 2026 तक अंतिम सूची संचालक भू-अभिलेख, रायपुर को भेजना अनिवार्य किया गया है। राठी ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2023 के पहले हुए सभी सर्वे अब शून्य घोषित कर दिए गए हैं, इसलिए यह नया सर्वे बेहद महत्वपूर्ण है। नियमों के मुताबिक, शासकीय भूमि पर कब्जा रखने वाले वे ही परिवार पात्र होंगे जो 20 अगस्त 2017 से लगातार वहां निवास कर रहे हैं। नगर निगम क्षेत्रों में अधिकतम 600 वर्ग फीट और अन्य नगरीय निकायों (जैसे महासमुंद) में अधिकतम 800 वर्ग फीट तक की भूमि पर मालिकाना हक मिलेगा। मान्य दस्तावेज (20 अगस्त 2017 के पूर्व के) में मतदाता सूची में नाम, बिजली या टेलीफोन बिल, संपत्ति कर/जलकर की रसीद, भवन अनुज्ञा पत्र, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
MBBS इंटर्न्स ने स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर उठाई मांग
भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत एमबीबीएस इंटर्न्स ने अब अपने हक के लिए आवाज बुलंद कर दी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन मेडिकल स्टूडेंट्स नेटवर्क के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी अभियान के तहत सोमवार को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महासमुंद की डीन डॉ. रेणुका गाहिने को ज्ञापन सौंपा गया। छात्र वर्तमान में मिल रहे ₹15,900 स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अगस्त 2023 से उन्हें मात्र ₹15,900 मिल रहे हैं, जो कार्यभार और राष्ट्रीय औसत की तुलना में बेहद कम है। इस अभियान को प्रदेशभर के 6,400 से अधिक मेडिकल छात्रों का समर्थन मिला है। महासमुंद में ज्ञापन सौंपने के दौरान डॉ. कलीकोटी आई. एम. ए. अध्यक्ष महासमुदं, डॉ. शाहदिल खुसरू, डॉ. संजीव श्रीवास्तव सहित छात्र प्रतिनिधि अक्षित सरकार, लोकेश्वर जायसवाल और अन्य मौजूद थे। डीन डॉ. रेणुका गाहिने ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे शासन को अग्रेषित करने का भरोसा दिलाया है। सभी मेडिकल कॉलेजों में ज्ञापन अभियान के बाद, छात्र संगठन अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात करेंगे।
नवापारा के संजय बंगानी को विहार सेवा रत्न अवॉर्ड
संस्कारधानी नगरी राजनांदगांव में दादा चिंतामणि पार्श्वनाथ प्रभु की पावन छत्रछाया में विहार सेवा ग्रुप का छत्तीसगढ़-महाकौशल स्तरीय अधिवेशन श्रद्धा, भक्ति, सेवा भाव के माहौल में संपन्न हुआ। अधिवेशन में देशभर से जुड़े विहार सेवकों ने भाग लिया। गुरु भगवंतों की सेवा, वेयावच्च, जिनशासन के संरक्षण से जुड़े विषयों पर मंथन हुआ। कार्यक्रम विहार सेवा ग्रुप के स्वप्नदृष्टा, शिल्पकार, संयम सारथी आचार्य जिनपीयूष सागर सूरि की मंगल निश्रा में हुआ। स्वाध्याय रसिक जिन सम्यक रत्नसागर सूरि की भी मंगल निश्रा रही। आचार्यश्री ने विहार सेवा ग्रुप की सराहना की। कहा, विहार सेवा ग्रुप कल्पवृक्ष के समान है। सेवकों से साधु-साध्वियों की जरूरतें सहज पूरी होती हैं। उन्होंने कहा, जैन समाज को दया, धर्म की अमूल्य विरासत जन्म से मिली है। धर्म की मजबूती के लिए सतत प्रयास जरूरी हैं। आचार्यश्री ने कहा, देशभर में लगभग 35 हजार विहार सेवक निस्वार्थ भाव से जिनशासन की सेवा कर रहे हैं। यह प्रशंसनीय है। यह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा, जो मार्ग विहार सेवक गुरु भगवंतों को दिखाते हैं, वही मार्ग उन्हें मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ाता है। अधिवेशन के दौरान श्वेताम्बर जैन श्री संघ राजनांदगांव के तत्वावधान में नगर के सेवाभावी सदस्य संजय बंगानी को उनकी उत्कृष्ट, समर्पित विहार सेवा के लिए विहार सेवा रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नवापारा-राजिम सहित समूचे सकल श्वेताम्बर जैन श्री संघ के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। घोषणा के बाद संजय बंगानी को परिजन, मित्र, सामाजिक संगठन, धर्मप्रेमियों ने बधाइयाँ दीं। संजय बंगानी लंबे समय से गुरु भगवंतों की सेवा, वेयावच्च, धार्मिक आयोजनों, संघ समाज की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं।
ब्रजवासियों से कराई गिरिराज की पूजा, लगा 56 भोग
श्री नीलकंठ मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस गोवर्धन पूजा प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथा व्यास पंडित कन्हैया प्रसाद तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र पूजा का विरोध और गोवर्धन पर्वत की पूजा कराने की कथा सुनाई। श्रद्धालुओं को कर्म, प्रकृति, आस्था का संदेश दिया। कथा व्यास ने बताया, एक बार ब्रजवासी घर-घर मिष्ठान, व्यंजन, पकवान बनाकर इंद्र पूजा की तैयारी कर रहे थे। बालक कृष्ण ने नंद बाबा से पूछा, तैयारी किसके लिए है। नंद बाबा ने कहा, वर्ष में एक बार इंद्र देवता की पूजा होती है। लोगों का विश्वास है, इंद्र की कृपा से वर्षा होती है। अन्न उत्पन्न होता है। पशुधन सुरक्षित रहता है। इसी कारण यह परंपरा चली आ रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है। कर्म जीवन का आधार है। फिर इंद्र पूजा की जरूरत क्या है। उन्होंने कहा, इंद्र स्वर्ग में रहते हैं। किसी ने उन्हें देखा भी नहीं है। ब्रजवासी वनवासी हैं। जीवन गिरिराज पर्वत और प्रकृति पर निर्भर है। गिरिराज पर्वत अन्न देता है। जल देता है। पशुओं के लिए चारा देता है। इसलिए पूजनीय गिरिराज हैं। श्रीकृष्ण के तर्क और उपदेश से नंद बाबा सहमत हुए। इंद्र पूजा के लिए जुटाई सामग्री से गिरिराज महाराज की पूजा की गई। यही प्रसंग आगे चलकर गोवर्धन पूजा के रूप में प्रसिद्ध हुआ। कथा व्यास ने कहा, यह प्रसंग प्रकृति के प्रति कृतज्ञता सिखाता है। कर्म की महत्ता बताता है। अहंकार त्यागने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान का हरण किया। संदेश दिया, ईश्वर की कृपा जरूरी है। कर्म का सम्मान जरूरी है। प्रकृति का सम्मान जरूरी है। रविवार होने से मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। कथा के मुख्य यजमान विनोद शर्मा, रश्मि शर्मा ने गिरिराज भगवान के लिए छप्पन भोग की विशेष व्यवस्था की। पूजा-अर्चना हुई। भोग अर्पित हुआ। इसके बाद प्रसाद बांटा गया। श्रद्धालुओं ने उत्साह और आनंद से प्रसाद ग्रहण किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। जयकुमार गुप्ता, दिलीप गुप्ता, अजय गुप्ता सरवराकार, प्रहलाद अग्रवाल संरक्षक, श्याम किशोर गुप्ता कोषाध्यक्ष, रमेश साहनी उपसचिव, रमाकांत महाराज, सचिन महेश साहनी, नंदकुमार शर्मा, चंद्रकांत देवांगन, ब्रजकुमारी शर्मा, आशा शर्मा, सुनीता शर्मा, निर्मला शर्मा, गोविंदा राजपाल, नारायण, सनत कुमार शर्मा, मधुसूदन शर्मा, रमेश सोसायटी, मंदिर समिति के पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे। कथा के दौरान भजन-कीर्तन चला। भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान हुआ। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा। श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया। धर्म, भक्ति, संस्कारों से जुड़े संदेश पाए। आयोजकों ने बताया, सोमवार को शेष कथाओं के साथ भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी जी के दिव्य विवाह का प्रसंग प्रस्तुत होगा। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन होगा। प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।
महासमुंद में तलाशे गए 3286 दुर्लभ ताड़पत्र, छत्तीसगढ़ में अव्वल
आज 9 जून है, अंतरराष्ट्रीय अभिलेख (पुरालेख) दिवस। जब पूरी दुनिया अपनी प्राचीन विरासतों को याद कर रही है, तब छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले ने देश के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक सुनहरी लकीर खींची है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित राष्ट्रीय पांडुलिपि अभियान के तहत महासमुंद ने पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कई पांडुलिपियां 300 साल से अधिक पुरानी हैं, जिन्हें धातु के नुकीले औजारों से ताड़ के पत्तों पर उकेरा गया है। इनमें से कुछ ग्रंथ सचित्र भी हैं, जिनकी कलाकारी आज भी स्पष्ट दिखाई देती है। जिले के घने जंगलों और आदिवासी बस्तियों के भीतर एक ऐसी दुनिया मिली है, जो सदियों से ताड़पत्रों पर उकेरी गई थी। इस ज्ञानभारतम् अभियान के तहत जिले में 3286 दुर्लभ पांडुलिपियां खोजी गई हैं, जो हमारी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत का प्रमाण हैं। सर्वेक्षण में सामने आया कि ये पांडुलिपियां केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि ये तत्कालीन समाज के एनसाइक्लोपीडिया हैं। बागबाहरा ब्लॉक और कोमाखान के जनजातीय क्षेत्रों में मिले इन ग्रंथों में अद्भुत जानकारियां छिपी हैं। इनमें भागवत पुराण, लक्ष्मी पुराण और दुर्गा ग्रंथों के साथ-साथ ज्योतिष, पारंपरिक जड़ी-बूटी चिकित्सा (आयुर्वेद), पशु चिकित्सा और तंत्र-मंत्र शामिल हैं। अधिकांश ग्रंथ उड़िया भाषा और गोलाकार मुंडिया लिपि में लिखे गए हैं। पांडुलिपि सर्वेक्षण के जिला नोडल अधिकारी रेखराज शर्मा के नेतृत्व में टीमों ने गांव-गांव जाकर इन धरोहरों को सूचीबद्ध किया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में गठित समिति ने न केवल ग्रंथों को खोजा, बल्कि ज्ञानभारतम ऐप के माध्यम से उनका पंजीकरण और डिजिटलीकरण भी सुनिश्चित किया। इससे पहले वर्ष 2007 में डॉ. विजय शर्मा ने 172 पांडुलिपियां खोजी थीं, जिन्हें अब 2026 में पुनः ट्रैक कर डिजिटल स्वरूप दिया। महासमुंद के ग्रामीणों के पास इन ग्रंथों को सहेजने का अपना विज्ञान है। भले ही संरक्षक बहुत अधिक शिक्षित न हों, लेकिन उनके लिए ये ग्रंथ किसी देवता से कम नहीं हैं। ग्रामीण इन ग्रंथों को पवित्र वस्त्रों में लपेटकर घर की पाटी (छत के नीचे का हिस्सा) में रखते हैं। खास बात यह है कि रसोई से निकलने वाला धुआं प्राकृतिक कीटनाशक का काम करता है, जिससे ताड़पत्रों को कीड़े नहीं लगते। वे आज भी इन ग्रंथों की पूजा करते हैं और विशेष अवसरों पर इन्हें पढ़ते हैं।
पेड़ काटने की मशीन पर प्रतिबंध लगाने की मांग
भास्कर न्यूज | अंबागढ़ चौकी छत्तीसगढ़ शासन से सम्मानित पर्यावरण संदेशा परिवार अंबागढ़ चौकी की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। नगर अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी ने कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकृति और गौमाता की पूजा अर्चना कर किया। इसके बाद पर्यावरण संरक्षण के विषय में जन जागृति फैलाने के लिए पूरे नगर में गौ माता, भोले बाबा और वट वृक्ष के साथ भजन कीर्तन करते हुए यात्रा निकाली गई। इसके बाद गायत्री परिवार, संघ परिवार, दुर्गा मानस महिला मंडली ने पौधरोपण किया। नेहरू रजक, पवन गुप्ता, चंदन उपाध्याय, विमल यादव, उषा यादव, रामगोपाल वर्मा, मुकुंद निषाद, मनीष साहू, दिलीप कुंभकार ने राष्ट्रीय धार्मिक, सामाजिक, पर्यावरण और नशा मुक्ति के बारे में बताया। कार्यक्रम में मिथिल मांडवी, नवदीप थलाल, मन्नू लाल शांडिल्य, सुखनंदन यादव, शुकालु साहू, हरिकितन निषाद, घनश्याम दाढ़ी, जीवरा खन वैद्य, कृष्णा ढेलिया, ओमप्रकाश जमुलकर, मिलिंद का योगदान रहा। कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरण विद रामदयाल साहू ने शासन-प्रशासन से पेड़ काटने की मशीन को प्रतिबंध करने मांग की।
छापामार कार्रवाई:रेतघाट पर रात दो बजे तक महिला विधायक ने दिया धरना, फिर भी नहीं पहुंचे खनिज अफसर
बीती रात एक बार फिर चारामा के हाराडुला में विधायक सावित्री मंडावी ने दबिश दी। कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को तलब करने फोन लगाया। कार्रवाई के लिए मौके पर आना तो दूर, विभाग के अधिकारियों ने फोन तक रिसीव करना उचित नहीं समझा। विभाग का रवैया देख विधायक मौके पर ही रात 2 बजे तक धरने पर बैठी रहीं। सूचना मिलने पर एसपी कांकेर ने सुरक्षा के लिए बल भेजा। उन्होंने फोन पर विधायक को कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पकड़े गए वाहन को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद विधायक वहां से लौटी। भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी को उनके विधानसभा क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन की लगातार शिकायत मिल रही है। इसे लेकर वे शासन-प्रशासन को भी अवगत करा चुकी हैं। वे कार्रवाई की मांग भी कर चुकी हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार खनिज विभाग इस पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिसके चलते महिला विधायक स्वयं समर्थकों के साथ रात में खदानों में जाकर अवैध उत्खनन पर रोक लगा रही हैं। हाराडुला खदान में बार-बार रात में चैन माउंटेन मशीन से अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने लगी। विधायक 6 जून की रात को वहां दबिश देने पहुंचीं। इसकी भनक लगते ही सभी वाहन और चैन माउंटेन मशीन लेकर चालक फरार हो गए। दूसरे दिन 7 जून को अवैध उत्खनन करने वाला वाहन पकड़ा गया। विदित हो, इसके पूर्व 29 मई को विधायक सावित्री मंडावी को दुर्गूकोंदल क्षेत्र के मेरेगांव खदान में रात में 6 घंटे तक धरना देना पड़ा था। इसके बाद खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने 12 हाइवा और एक चैन माउंटेन मशीन जब्त की। उन्होंने उसके खिलाफ प्रकरण तैयार किया था। 15 मई को सांसद कांकेर भोजराज नाग ने चारामा इलाके के करिहा, भिरौद, मचांदूर, भिलाई, भूईगांव, अरौद खदानों में दबिश दी थी। उन्होंने 17 चैन माउंटेन और 9 हाइवा पकड़कर कार्रवाई कराई थी। दबिश से तीन दिन पहले दिया पत्र विधायक सावित्री मंडावी ने 5 जून को जिला प्रशासन को पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि मेरे विधानसभा क्षेत्र में अवैध उत्खनन की शिकायत के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। क्षेत्रवासियों की शिकायत पर मुझे खदानों में जाकर देर रात तक कार्रवाई के लिए धरना देना पड़ रहा है। अवैध उत्खनन में शामिल बाहरी असामाजिक तत्व क्षेत्र का माहौल खराब कर रहे हैं। वर्तमान में हाराडुला और अन्य कई खदानों में रात में जारी अवैध उत्खनन रोकने मजबूरन मुझे वहां जाना पड़ेगा। भास्कर इनसाइट प्लानिंग के तहत जांच नाका के सीसी कैमरे भी बंद चारामा इलाके में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन पूरी प्लानिंग के साथ किया जा रहा है। यह विभाग को दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बाद जो तकनीकी रूप से चोरी के सबूत बन सकते हैं, उन्हें भी बंद कर दिया गया है। चारामा के जांच नाका में वहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच के लिए सीसीटीवी लगाया गया है। यह सीसीटीवी महीनों से बंद पड़ा है। जानकारों के मुताबिक इसे प्लानिंग के तहत ही बंद कर दिया गया है। ताकि रेत की चोरी पकड़ी न जा सके।
50% उमस व 41 डिग्री तापमान, 12 को मेघ गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान
डूंगरपुर| जिले में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बारिश के बाद उमस बढ़ गई है। इसके साथ दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। जिले में 12 दिन के बाद दिन का पारा 40 के पार हुआ है। सोमवार को दिन का पारा 41 डिग्री दर्ज किया गया। इसके साथ उमस का प्रतिशत 50 से 65 प्रतिशत रहा। सुबह से आसमान में हल्के बादल छाए रहे। दिन में तापमान में बढ़ोतरी हुई, जिससे आमजन गर्मी ओर उमस से परेशान रहे। वहीं, डिस्कॉम की बिजली ने भी आंख-मिचौनी करके लोगों के पसीने छुड़वाए। मौसम विभाग के अनुसार दो से तीन दिन तक पारा बढ़ेगा पर रात का तापमान 28 से 29 डिग्री तक ही रहेगा। मौसम विभाग के विशेषज्ञ राधे शर्मा ने 12 जून के बाद जिले के मौसम में बदलाव की आशंका जताई है। इस दौरान फिर से धूलभरी आंधियां चलने की संभावना है। वहीं, 20 जून के बाद प्री-मानसून बारिश के साथ गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है। बीते एक सप्ताह में तेज तूफान और आंधियों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। इससे बिजली तंत्र भी प्रभावित हुआ। फिलहाल आंधियां थम गई है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने से उमस ज्यादा परेशान कर रही है। रात का तापमान भी 29 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 12 जून शुक्रवार को एक बार फिर आंधी और बादलों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। हालांकि असली राहत 20 जून के बाद मिलने की उम्मीद है, जब प्री-मानसून बारिश सक्रिय हो सकती है।
जिले में 103 स्कूल जर्जर घोषित, 56 गिरा चुके, नए निर्माण के लिए सिर्फ 6 को मंजूरी
भास्कर संवाददाता|टोंक झालावाड़ और ककोड़ स्कूल हादसे के बाद जिले के 103 स्कूलों के कक्ष और इमारतों को आंशिक व पूर्ण जर्जर मानकर, उनमें से 56 को जमींदोज कर दिया गया। इसके बाद विभाग ने नए व पुराने 62 स्कूलों के लिए पूर्ण भवन निर्माण कराने को लेकर सरकार को प्रस्ताव भेजा। इसके बावजूद जिले के 6 स्कूलों का चयन किया गया है। यहां इन जर्जर भवनों को गिराकर पूर्ण रूप से नए स्कूल भवनों का निर्माण किया जाना है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से 9 करोड़ 15 लाख एक हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई है। प्रदेश की बात करें तो 300 स्कूलों के जर्जर भवनों को गिराकर वहां नए भवनों के निर्माण के लिए 409 करोड़ 49 लाख 25 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी हुई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अभी प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। इसके बाद तकनीकी स्वीकृति मिलना शेष है। ऐसे में तकनीकी अफसरों से एस्टीमेट तैयार कराकर स्कूल शिक्षा परिषद को भेजा जाएगा। वहां से वित्तीय स्वीकृति मिलने के साथ ही प्रदेश भर के लिए टेंडर छोड़े जाएंगे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से जारी पहली सूची में चिन्हित जिले के 6 स्कूलों के लिए करीब 9 करोड़ 15 लाख रुपए का बजट जारी किया गया है। जिसमें सर्वाधिक राशि दतवास के बालिका राउमावि स्कूल के लिए 449 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। जबकि पीपलू क्षेत्र के राप्रावि जोला का झोपड़ा, निवाई क्षेत्र के राप्रावि रामचंद्रपुरा, निवाई के ही राप्रावि बैरवा ढाणी जगसरा दतवास स्कूल के प्रत्येक भवन के लिए 73.93 रुपए की अलग अलग राशि जारी की है। इसके अलावा टोंक के राउप्रावि ढाढा व निवाई के राउप्रावि संस्कृत शिवपुरा के संपूर्ण स्कूल भवनों के निर्माण के लिए एक करोड़, 96 लाख, एक करोड़ 96 लाख रुपए की राशि बजट के रूप में जारी हुई है। सर्वाधिक 4 करोड़ राशि दतवास के बालिका राउमावि स्कूल के लिए राज्य स्तर पर टेंडर होंगे : सीडीईओ ^जिले से कुल 62 जर्जर स्कूलों के प्रस्ताव भेजे थे। इनमें से 6 की प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई। इसके बाद तकनीकी स्वीकृति होना शेष है। अभियंताओं से एस्टीमेट बनाकर स्कूल परिषद को भेजा जाएगा। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति मिलने पर राज्य स्तर पर भवन निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। -सूबे सिंह यादव, सीडीईओ टोंक। डारडा हिंद पंचायत क्षेत्र के राउप्रावि ढाढा स्कूल के दोनों कमरे जर्जर होने के बाद जमींदोज किए गए हैं। प्रधानाध्यापक ने बताया कि दोनों जर्जर कमरों को पहले बल्लियां लगाकर उपयोग में लेने के प्रयास किए गए। इसके बावजूद दो सालों से इन्हें ताले लगाकर पूर्णतया बंद कर दिया था। नए कमरे निर्माण व इन जर्जर कमरों के बारे में पीईईओ से लेकर विभाग, विधायक, कलेक्टर आदि को भी अवगत कराया गया था। जिले में हुए ककोड़ हादसे के बाद कुछ दिन सभी कक्षाओं को ढाई किमी दूर डारडा हिंद गांव ले जाकर अन्य सरकारी स्कूल में भी अध्ययन कराया गया। व्यवस्था नहीं बैठने से यह संभव नहीं हो पाया। अभिभावकों का कहना है कि जर्जर मानकर कई भवनों को जमींदोज तो कर दिया गया। लेकिन सभी कक्षाएं स्कूलों के बरामदों में या पेड़ों के नीचे चल रही हैं। भारी समस्या के बावजूद जिले के महज 6 स्कूल भवनों के लिए ही राशि जारी किए जाने पर लोगों ने हैरानी जताई है। स्कूल भवन कब बनेंगे। बच्चे कब फिर से अपनी क्लास में बैठ पाएंगे।
सहा. आचार्य में 71 अभ्यर्थियों की पात्रता सूची जारी की
टोंक| आरपीएससी ने सहायक आचार्य (चिकित्सा शिक्षा विभाग) प्रतियोगी परीक्षा-2024 के तहत विभिन्न विषयों की पात्रता जांच के लिए विचारित सूचियां जारी की हैं। इनमें सुपर स्पेशियलिटी-न्यूरो सर्जरी के 34, नेफ्रोलॉजी के 9, सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के 20 तथा पेडियाट्रिक्स सर्जरी के 8 अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से शामिल किया गया है। दस्तावेज सत्यापन के लिए शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक, जाति तथा अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों की फोटो प्रतियां संलग्न कर 12 जून, शाम 6 बजे तक आयोग में जमा करानी होंगी।
निशुल्क तीर्थ यात्रा के आवेदन 10 जून तक
लांबाहरिसिंह। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक निशुल्क तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित की गई है। पात्र वरिष्ठ नागरिक समय रहते आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक संशोधन भी कर सकते हैं। आवेदन देवस्थान विभाग के पोर्टल, विभागीय वेबसाइट, सभी ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से किए जा रहे हैं। योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को रेल मार्ग से देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के निशुल्क दर्शन कराए जाएंगे। वरिष्ठ जनों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के भी निशुल्क दर्शन कराए जाएंगे।
बीसलपुर में छह दिन की जरूरत जितना पानी आया
भास्कर संवाददाता | टोंक जयपुर, अजमेर और टोंक की पेयजल लाइफलाइन बीसलपुर बांध के लिए जून माह की शुरुआत राहतभरी रही है। चार दिन तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद सोमवार सुबह जारी आंकड़ों में पिछले 24 घंटे के दौरान बांध के जलस्तर में 2 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही जून माह में अब तक कुल 6 सेंटीमीटर से अधिक पानी की आवक हो चुकी है, जो तीनों शहरों की लगभग छह दिन की पेयजल आवश्यकता के बराबर मानी जा रही है। बीसलपुर परियोजना के अनुसार 4 जून को बांध का गेज 313.67 आरएल मीटर था, जो सोमवार को बढ़कर 313.69 आरएल मीटर पहुंच गया। बांध से प्रतिदिन करीब एक सेंटीमीटर पानी जयपुर, अजमेर और टोंक को पेयजल आपूर्ति के लिए निकाला जाता है। इसके बावजूद चार दिनों तक जलस्तर में गिरावट नहीं आना लगातार आवक का संकेत था। जानकारों का मानना है कि इस दौरान करीब 4 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई, जिसने दैनिक निकासी की भरपाई कर दी। बांध में कहां से आया पानी बांध के रेनगेज क्षेत्र में सोमवार सुबह तक पिछले 24 घंटे में 5 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि जून में अब तक कुल 75 एमएम वर्षा हो चुकी है। आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों में हुई बारिश का पानी भी बांध तक पहुंचा है। वर्ष 2023 में चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के प्रभाव से जून में ही 26 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई थी, जबकि 2024 में यह आंकड़ा मात्र 5 सेंटीमीटर रहा। जिले में इस बार जून के पहले सप्ताह में राज्य की सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। 7 जून तक भारतीय मौसम विज्ञान के अनुसार जिले में औसतन सामान्य बारिश 3 एमएम मानी गई। लेकिन इसके मुकाबले जिले मे 51.3 एमएम बारिश दर्ज की गई। जो अन्य जिलों के मुकाबले सबसे अधिक रही।
अंधड़ से बिजली व्यवस्था बेपटरी
लांबाहरिसिंह| क्षेत्र में शनिवार को दिनभर भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन देर रात करीब 11:30 बजे तेज अंधड़ और बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया। लांबाहरिसिंह, मोरला और देवल-झाड़ली सहित आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा हुई। रविवार रात मोरला दरवाजे के पास अंधड़ से बिजली लाइन टूटने और मोरला-डोकरिया मार्ग पर बबूल का पेड़ 11 केवी लाइन पर गिरने से पूरी रात अंधेरा छाया रहा। बिजली बाधित होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और ग्रामीणों को हैंडपंप व कुओं के सहारे पानी की व्यवस्था करनी पड़ी। विभागीय कर्मचारी लगातार फॉल्ट सुधार कार्य में जुटे रहे। लगातार आ रहे अंधड़-बारिश ने लोगों का जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
पांच किलो डोडा चूरा व 200 ग्राम अफीम जब्त, युवक गिरफ्तार
लांबाहरिसिंह|थाना पुलिस ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब पौने दो लाख रुपए मूल्य का अवैध मादक पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से पांच किलो डोडा चूरा और 200 ग्राम अफीम जब्त कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस टीम मालपुरा-केकड़ी मार्ग पर प्रतापपुरा क्षेत्र में गश्त कर रही थी। बाइक सवार को रोककर जांच की गई। उसके पास रखे प्लास्टिक के कट्टे से पांच किलो डोडा चूरा तथा कुर्ते की जेब से 200 ग्राम अफीम बरामद हुई।
टोंक| एसपी रोशन मीणा ने ड्यूटी में लापरवाही के मामले में दो पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया हैl ये पुलिसकर्मी पुरानी टोंक थाने के एएसआई रामगणेश और कॉन्स्टेबल संदीप हैl एसपी की ओर से सस्पेंशन की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। हालांकि दोनों पुलिसकर्मियों के सस्पेंशन के आधिकारिक कारणों का अभी तक खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायत पर यह कार्रवाई की है।
योग से मानसिक स्वास्थ्य मजबूत बनाने पर जोर
भास्कर न्यूज | टोंक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में चल रहे 21 दिवसीय विशेष योग कार्यक्रम के तहत सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) टोंक की ओर से जिला कारागृह में योग सत्र आयोजित किया गया। एडीजे व डीएलएसए सचिव दिनेश कुमार जलुथरिया ने बंदियों को योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नियमित योग और ध्यान को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना के तहत आगामी दिनों में किशोर न्याय बोर्ड, वृद्धाश्रमों, पुनर्वास संस्थानों, कारागृहों तथा अन्य संस्थाओं में योग सत्र होंगे। मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल, शिक्षा तथा सामाजिक पुनर्वास से जुड़ी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में 105 बंदियों सहित जेल प्रशासन तथा डीएलएसए के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इधर जिले में 108 एम्बुलेंस एवं 112 आपातकालीन सेवा से जुड़े कार्मिकों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक एम्बुलेंस-एक कार्मिक-एक पौधा अभियान चलाया। उन्होंने 200 से अधिक पौधे लगाए। पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर सहित जिले की सभी 26 एम्बुलेंस लोकेशन पर पौधारोपण कार्यक्रम हुआ।
पिता-पुत्रों पर पैसा वसूलने का दबाव बनाने का आरोप
टोंक | लोन की राशि चुकाने की गारंटी देना यहां बड़ा तख्ता निवासी एक परिवार को भारी पड़ गया। मोटे ब्याज पर पैसा देने वाले गिरोह ने उनसे तकाजा करना शुरू कर दिया। रुपए की वसूली के लिए दबाव बना रहे हैं। दबाव से परेशान होकर दुकानदार ने सोमवार को एसपी को ज्ञापन दिया। उसने ब्याज माफिया परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। दुकानदार पारस जैन ने ज्ञापन में बताया कि छोटा तख्ता निवासी पिता और उसके दो बेटे भारी-भरकम ब्याज पर पैसा देते हैं। राशि वसूलने के लिए मारपीट तक कर डालते हैं। पिता और उसके बेटे उसकी दुकान से चेकबुक निकाल ले गए। बाद में उसमें अलग-अलग नामों से राशि भर दी। अब वे पैसे दिलवाने का दबाव बना रहे हैं। ज्ञापन पर एसपी ने कार्रवाई की बात कही है।
मुकेश कराडिया निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित
टोंक| शिक्षक संघ अम्बेडकर तहसील टोंक की कार्यकारिणी के चुनाव चुनाव अधिकारी नाजिर मक़सूद और चुनाव पर्यवेक्षक शिवराज बैरवा, ओम प्रकाश वर्मा की देखरेख में हुए। चुनाव पर्यवेक्षक शिवराज बैरवा ने बताया कि मुकेश कराडिया को अध्यक्ष, अनिल नागर को सभा अध्यक्ष, राकेश बैरवा को मंत्री, मुरलीधर वर्मा को कोषाध्यक्ष, अनिल वर्मा एवं राकेश कुमार बैरवा को उपाध्यक्ष, घासीलाल रैगर को संगठन मंत्री, रामजीलाल वर्मा उप सभा अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए। जिला महामंत्री जितेन्द्र बैरवा ने बताया कि संगठन को मजबूत करने एवं ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने पर जोर दिया। इस मौके पर प्रदेश कोषाध्यक्ष हरिराम बड़ीवाल, जितेंद्र बैरवा, नाजिर मक़सूद, ओम प्रकाश, रामपाल वर्मा, ललिता बड़ीवाल, मनराज वर्मा, परमानन्द नुवाल, अनिल वर्मा, रामदयाल बैरवा आदि मौजूद रहे।
मीणा छात्रावास का उद्घाटन 20 जून को
टोंक| मीणा छात्रावास व अध्ययन संस्थान, टोंक की कार्यकारिणी की मासिक बैठक छात्रावास अध्यक्ष रामकरण मीणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। मीडिया प्रभारी बाबूलाल मीणा ने बताया कि छात्रावास का उद्घाटन समारोह 20 जून को होगा। जिनकी तैयारियों के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। समारोह से पहले 19 जून को रामायण पाठ शुरू होगा। 20 जून को भूतेश्वर महादेव मंदिर से कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद उद्घाटन, प्रतिभा सम्मान एवं भामाशाह सम्मान समारोह होंगे।
गर्मी में मारवाड़ी महिला सम्मेलन ने वितरित किया 2100 गिलास शर्बत
टोंक|भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, टोंक इकाई ने सोमवार को बस स्टैंड पर शर्बत सेवा का आयोजन किया। इसमें यात्रियों को 2100 गिलास गुलाब शर्बत वितरित किए गए। संगठन की सचिव शिक्षा विजय व कोषाध्यक्ष संगीता अग्रवाल ने बताया कि अध्यक्ष अलका भंडारी के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा अभियान का उद्देश्य गर्मी से परेशान यात्रियों को राहत प्रदान करना था। अध्यक्ष अलका भंडारी ने कहा कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। महिलाओं को समाजहित व जनसेवा के ऐसे कार्यों में भाग लेना चाहिए। सांस्कृतिक प्रकोष्ठ संयोजिका ज्योति जैन सायवाड़, रंजना गर्ग, ममता अग्रवाल, ज्योति शर्मा, हेमलता तोषनीवाल, सीमा जैन, निशि जैन, गुड्डी शर्मा, ज्योति जैन आदि पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहीं।
बच्चों ने संभाली बदलाव की मशाल, नाटिका ‘रचेंगे टोंक’ से दिया जागरूकता का संदेश
भास्कर न्यूज | टोंक थियेटर स्टूडियो, कृषि मंडी में आयोजित रोड लाइट समर कैंप-2026 के तहत बच्चों ने अपनी रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। उन्होंने स्थानीय समस्याओं पर आधारित नाटिका रची। टोंक की पहली सार्वजनिक प्रस्तुति घंटाघर पर दी। प्रस्तुति ने दर्शकों का न केवल मनोरंजन किया, बल्कि शहर और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों पर विचार करने के लिए भी प्रेरित किया। 22 मई से 14 जून तक चल रहे इस समर कैंप का उद्देश्य बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता और स्थानीय प्रशासन के प्रति सहयोगात्मक सोच विकसित करना है। प्रशिक्षक राज कुमार रजक तथा सहयोगी अवधेश और देवराज के मार्गदर्शन में बच्चों ने अपने आसपास की समस्याओं का अवलोकन किया। उन्होंने करीब 25 मुद्दों की पहचान की। इनमें से चार प्रमुख विषयों—18 वर्ष से पहले बाइक चलाना, यातायात नियमों की अनदेखी से परिवारों को होने वाला नुकसान, पानी की बर्बादी एवं जल संकट तथा पर्यावरण संरक्षण—पर विशेष रूप से काम किया गया। बच्चों ने इन विषयों को चार अलग-अलग एपिसोड के रूप में नाट्य प्रस्तुति में शामिल किया। प्रस्तुति की विशेषता यह रही कि कलाकारों ने दर्शकों के साथ प्रश्नोत्तर और संवाद के माध्यम से सीधे जुड़कर जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। बच्चों की सहज अभिव्यक्ति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े संदेशों को लोगों ने सराहा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि यदि बच्चों को सही दिशा और मंच मिले तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव के प्रभावी वाहक बन सकते हैं। स्थानीय समुदाय और सहयोगियों के समर्थन से आयोजित इस प्रस्तुति में अतिशय, डिम्पल, देवांश, घनिष्ठ, हृदयेश, जिया, मन्नू, मयंक, नीलेश, त्विशा, वैदेही, विधान, युवांश, तेजस, योगेश, गर्वित और सुहानी ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं।
हरियाणा में पेट्रोल 10 रुपए सस्ता, रोज 10 हजार लीटर की तस्करी, बोतलों में बेच रहे
भास्कर न्यूज | खैरथल वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल का असर अब राजस्थान-हरियाणा सीमा पर तस्करी के रूप में दिखने लगा है। राजस्थान में पेट्रोल की कीमत 113.59 रुपए प्रति लीटर पहुंचने के बाद पड़ोसी राज्य हरियाणा से इसकी अवैध आवक तेजी से बढ़ी है। दोनों राज्यों के बीच वैट दरों के अंतर के कारण पेट्रोल की कीमतों में 10.45 रुपए प्रति लीटर का बड़ा अंतर आ चुका है। इसी अंतर का फायदा उठाकर मुनाफाखोरों ने अवैध कमाई का नया जरिया ढूंढ लिया है। पड़ताल में सामने आया कि हरियाणा बॉर्डर के अजरका और गढ़ी बोलनी क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही राजस्थान के वाहनों की भीड़ लग जाती है। ^यदि हरियाणा बॉर्डर से जिले में अवैध रूप से पेट्रोल बिक्री के लिए ला रहे लोगों की पुलिस और रसद विभाग संयुक्त रूप से मिलकर पहचान करेंगे और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - जया सिंह, एएसपी, खैरथल ^ड्रमों में पेट्रोल लाने वालों पर कार्रवाई की गई थी। अवैध रूप से पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। - राकेश सोनी, डीएसओ, खैरथल ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों की दूरी अधिक होने के कारण मुनाफाखोर इसका सीधा फायदा उठा रहे हैं। हरियाणा से तस्करी कर लाया गया यह पेट्रोल दुकानों पर प्लास्टिक की बोतलों, जरीकेनों और ड्रमों में असुरक्षित तरीके से रख कर 130 रुपए प्रति लीटर तक खुलेआम बेचा जा रहा है। इससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। नियमों के मुताबिक निजी वाहन की टंकी के अतिरिक्त व्यावसायिक स्तर पर ड्रमों या कंटेनरों में ईंधन का भंडारण और परिवहन करना आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
भास्कर न्यूज | खैरथल खाद्य तेलों की सप्लाई चेन होर्मुज संकट के चलते बाधित रहने से सरसों में तेजी का रुख कायम है। बीते एक माह में खैरथल मंडी में सरसों का भाव करीब 800 रुपए क्विंटल तक बढ़ा है। एक माह पहले सरसों 6700 से 7500 की रेंज में बिकी। अब भाव 7580 से 7790 रुपए के दायरे में चल रहा है। इसका असर खाद्य तेलों पर भी देखने को मिल रहा है। अप्रैल में सरसों तेल 147 से 150 रुपए प्रति लीटर बिक रहा था। अब यह बढ़कर 160 रुपए लीटर तक हो गया है। ^खाद्य तेलों की कीमतों में लगातार तेजी का सीधा असर सरसों और सरसों तेल के भाव पर दिखाई दे रहा है। कम आवक और मजबूत मांग के कारण बाजार में मजबूती बनी हुई है, जिससे सरसों के दाम लगातार ऊपर जा रहे हैं। पाम तेल, सोयाबीन तेल की बढ़ती कीमतें भी घरेलू खाद्य तेल बाजार को समर्थन दे रही है। -नीलम खंडेलवाल, अध्यक्ष, लघु उद्योग संघ सरसों के भावों में तेजी की बड़ी वजह कम आवक भी है। तेल मिलों और व्यापारियों की मांग लगातार मजबूत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाम ऑयल, सोयाबीन और सनफ्लावर ऑयल महंगा होने से ग्राहक सरसों के तेल पर शिफ्ट हो रहा है। होर्मुज संकट के कारण डीजल-सीएनजी महंगे होने से घरेलू और समुद्री भाड़ा बढ़ा हुआ है। इन सब कारणों को मिलाकर सरसों सहित तमाम तिलहनों में तेजी हावी है। किसान सुरेंद्र चौधरी, विक्रम यादव और मुकेश के अनुसार का कहना है कि कटाई के समय नकदी की जरूरत के चलते अधिकांश किसानों ने सरसों 6200 से 6700 रुपए प्रति क्विंटल के भाव में बेच दी थी। ऐसे में मौजूदा तेजी का फायदा किसानों के बजाय व्यापारियों और स्टॉक रखने वाले कारोबारियों को अधिक मिल रहा है। ^अमेरिका ईरान तनाव और वैश्विक बाजार में बने युद्ध जैसे हालात के कारण खाद्य तेल बाजार में तेजी बनी हुई है। यदि यही स्थिति रही तो आने वाले समय में सरसों भावों में और तेजी देखने को मिल सकती है। -वरुण डाटा, व्यापारी, अनाज मंडी, खैरथल
प्रदेश में सबसे गर्म श्रीगंगानगर, 45.6 डिग्री से. पहुंचा तापमान
श्रीगंगानगर| श्रीगंगानगर सोमवार को प्रदेश में सबसे अधिक गर्म रहा। अधिकतम तापमान भी गत दिवस से 0.8 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 45.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों ने आगामी दो दिन तपिश व लू का प्रभाव बने रहने की संभावना व्यक्त की है। इसके बाद 12 जून से फिर से मौसम बदलेगा। क्षेत्र में सोमवार को सुबह सूर्योदय के साथ ही तपिश का प्रभाव बढ़ना शुरू हो गया। सुबह 11 बजे तक तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दोपहर में भीषण तपिश रही। शाम पांच बजे के बाद तपिश का प्रभाव कम हो गया। गर्मी का असर बना रहा। भीषण गर्मी व तपिश के चलते फसलों में भी सिंचाई पानी की मांग बढ़नी शुरू हो गई है। जयपुर के मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रदेश में इन दिनों मौसम शुष्क बना हुआ है। इस कारण पश्चिमी राजस्थान में भीषण तपिश व लू का प्रभाव बना हुआ है। आगामी दो दिन ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 45.6 व न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह के समय हवा में नमी 51 प्रतिशत रही। शाम को 20 प्रतिशत दर्ज की गई। प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि 11 जून के बाद एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। राज्य के कुछ भागों में पुनः आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है।

