सोनीपत निगम के चुनाव में शहर इन दिनों विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच उलझा नजर आ रहा है। एक तरफ बढ़ती आबादी के साथ शहर तेजी से विस्तार कर रहा है, तो दूसरी ओर जाम, जलभराव, सीवर और अव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी समस्याएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। 9 महीने के कार्यकाल को लेकर मेयर राजीव जैन जहां विकास कार्यों और योजनाओं का दावा कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इन दावों पर सवाल खड़ा कर रहा है। शहर की मौजूदा स्थिति, भविष्य की योजनाएं और आरोप-प्रत्यारोप के बीच सोनीपत की तस्वीर किस दिशा में जा रही हैं। इस दौरान प्रत्याशी मेयर राजीव जैन ने दैनिक भास्कर एप से खात बाचतीत की। सवाल: सोनीपत शहर में कमियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, आपका 9 महीने का कार्यकाल भी रहा ,आप इसे कैसे देखते हैं? राजीव जैन: देखिए, सोनीपत आज तेजी से विकसित हो रहा शहर है। गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद यहां विकास की संभावनाएं सबसे ज्यादा हैं। यही कारण है कि लगातार बाहर की आबादी यहां आकर बस रही है। जब आबादी बढ़ती है तो स्वाभाविक तौर पर समस्याएं भी बढ़ती हैं। चाहे वह ट्रैफिक हो, सीवर हो या पानी निकासी की व्यवस्था। हमने इन 9 महीनों में इन समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में काम शुरू किया है। सवाल: आप पहले के कार्यकाल और वर्तमान में किए जा रहे कार्यों को कैसे जोड़कर देखते हैं? राजीव जैन: 2014 से 2019 के दौरान जब कविता जैन मंत्री थीं, उस समय शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए थे। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कराई नहर की तरफ से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया, ड्रेन नंबर-6 को कवर करने का काम हुआ। हमने उसी दिशा को आगे बढ़ाते हुए अधूरे कार्यों को पूरा करने और नई जरूरतों के हिसाब से योजनाएं बनाने पर काम किया है। सवाल: अवैध कॉलोनियों को लेकर आपकी क्या पहल रही? राजीव जैन: पहले शहर में काफी कॉलोनियां ऐसी थीं जो अवैध थीं, वहां न तो सड़क थी, न सीवर और न ही पानी की सही व्यवस्था। हमने उन कॉलोनियों को वैध करने का काम किया, ताकि वहां रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही उन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया गया है। सवाल: सीवर और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर क्या स्थिति है?राजीव जैन: शहर के कई हिस्सों में जो बड़ी-बड़ी सीवर लाइनें हैं, वे अब काफी पुरानी हो चुकी हैं और कई जगहों पर डैमेज भी हैं। उदाहरण के तौर पर ककरोई रोड की सीवर लाइन को बदला जा रहा है। इसके अलावा शंभू दयाल डिस्पोजल से सारंग रोड तक की लाइन काफी पुरानी है, जिसके लिए टेंडर जारी किया गया है। हमारा प्रयास है कि आने वाले समय में इन समस्याओं को जड़ से खत्म किया जाए। सवाल: आपके 9 महीने के कार्यकाल को आप अपनी उपलब्धियों के रूप में कैसे प्रस्तुत करते हैं?राजीव जैन: हमने इस छोटे से कार्यकाल में भी हर वार्ड में विकास कार्य करवाने की कोशिश की है। 175 से ज्यादा कामों का उद्घाटन किया गया है। यह सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि जमीन पर किए गए काम हैं। हां, अभी भी कई समस्याएं हैं, लेकिन हमें विश्वास है कि जनता के आशीर्वाद से अगले 5 साल में इन सभी का समाधान कर दिया जाएगा। सवाल: कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?राजीव जैन: कांग्रेस को हर चीज में भ्रष्टाचार ही नजर आता है, लेकिन सच्चाई यह है कि भ्रष्टाचार की जड़ें उनके ही समय में पनपी थीं। जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, उस समय उनके कई मंत्री भ्रष्टाचार के मामलों में जेल गए। इसलिए कांग्रेस को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। सवाल: प्रॉपर्टी आईडी सर्वे को लेकर लोगों में नाराजगी है, आप क्या कहेंगे?राजीव जैन: यह सही है कि प्रॉपर्टी आईडी सर्वे में कुछ खामियां सामने आई थीं। सर्वे करने वाली एजेंसी की कमियों का कुछ कर्मचारियों ने फायदा उठाने की कोशिश की। लेकिन हमने इस पर तुरंत कार्रवाई की। जिन लोगों ने गड़बड़ी की, उनके खिलाफ जांच शुरू कराई गई। हमने खुद कैंप लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान करने का प्रयास किया, ताकि आम जनता को परेशानी न हो। सवाल: शहर में ट्रैफिक जाम और पार्किंग बड़ी समस्या है, इसका समाधान क्या है?राजीव जैन: सोनीपत एक पुराना शहर है, यहां सड़कों को चौड़ा करना आसान नहीं है। इसलिए हमने वैकल्पिक समाधान पर काम शुरू किया है। पुराने बस स्टैंड को शहर से बाहर शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसके लिए जमीन खरीदी जा चुकी है और डीपीआर तैयार है। इसके अलावा सेक्टर-4 में नया नगर निगम कार्यालय बन रहा है और रेलवे रोड पर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने की योजना है। सवाल: फ्लाईओवर को लेकर भी लगातार शिकायतें आती हैं?राजीव जैन: मंडी की तरफ उतरने वाला फ्लाईओवर संकरा है, जिससे जाम की स्थिति बनती है। यह फ्लाईओवर कांग्रेस सरकार के समय बनाया गया था और इसे तकनीकी रूप से सही तरीके से नहीं बनाया गया। इसमें सिर्फ एक लेन बनाई गई, जबकि डबल लेन होनी चाहिए थी। हमने इसका सर्वे करवाया है और रिपोर्ट आने के बाद इसे सुधारने की दिशा में काम किया जाएगा। सवाल: जलभराव की समस्या को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?राजीव जैन: शहर में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, यह हम स्वीकार करते हैं। लेकिन हमारी टीम लगातार काम करती है और 3-4 घंटे के अंदर पानी निकालने का प्रयास किया जाता है। इसके अलावा सोनीपत महानगर डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा करीब 390 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की जा चुकी है। इसके लागू होने के बाद जलभराव की समस्या में काफी हद तक सुधार होगा। सवाल: पार्टी में बगावत और अनुशासन को लेकर आपकी क्या राय है?राजीव जैन: किसी भी राजनीतिक दल के लिए अनुशासन बहुत जरूरी होता है। अगर कोई व्यक्ति पार्टी की नीतियों और फैसलों के खिलाफ जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है। लेकिन यह भी सच है कि ज्यादातर लोग अब पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी अब बड़ा मुद्दा बन गई है। माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा में सफल करीब 10,700 अभ्यर्थियों ने नियुक्ति न मिलने पर आंदोलन का ऐलान कर दिया है। चयन सूची जारी हुए लगभग 9 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो नियुक्ति आदेश जारी हुए हैं और न ही चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकी है। अभ्यर्थियों ने 6 मई को भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया है और शासन से जल्द नियुक्ति की मांग की है। अभ्यर्थियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा ली गई। लंबी प्रक्रिया के बाद सितंबर 2025 में परिणाम घोषित किया गया और चयन सूची जारी हुई। इतनी लंबी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी अब तक नियुक्ति नहीं मिलना चयनित अभ्यर्थियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। नियमों के बावजूद नहीं मिली नियुक्ति अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा संचालन नियम पुस्तिका की धारा 3.28 के अनुसार चयन सूची जारी होने के तीन माह के भीतर नियुक्ति आदेश जारी करना अनिवार्य है। इसके बावजूद 8 से 9 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। चयनित उम्मीदवारों का आरोप है कि अब तक न तो पात्र और अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है और न ही चॉइस फिलिंग कराई गई है। नवंबर 2025 से लेकर अप्रैल 2026 तक कई बार विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। मार्च में चॉइस फिलिंग और अप्रैल में जॉइनिंग शुरू करने की बात कही गई थी, जो अब तक पूरी नहीं हुई। 10,700 युवाओं का भविष्य अधर में लगभग 10,700 चयनित अभ्यर्थी इस देरी से प्रभावित हैं। उनका कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है, इसके बावजूद नियुक्ति न मिलना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पर किसी तरह का कोर्ट स्टे नहीं है, फिर भी देरी के लिए कानूनी कारण बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट- शिक्षकों की भारी कमी हाल ही में आई रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों की भारी कमी है। करीब 1,895 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि 29,116 स्कूलों में लगभग 99,682 शिक्षकों की कमी बताई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर है, जहां केवल 70 प्रतिशत पद ही भरे हुए हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब स्कूलों में इतनी कमी है, तो नियुक्ति में देरी क्यों की जा रही है। चयनित युवाओं की एक ही मांग है कि भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं। उनका कहना है कि लंबा इंतजार अब असहनीय हो गया है और यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है।
गर्लफ्रेंड ने बार-बार आत्महत्या का दबाव बनाया, 'गोलियां खाकर मर जा' जैसे मैसेज भेजे, जिसके बाद बेटे ने सुसाइड किया। हमारे पास 10 हजार से ज्यादा प्राइवेट वीडियो व फोटो हैं ये कहना है लुधियाना में फांसी लगाकर सुसाइड करने वाले युवक (21) की मां का। उन्होंने कहा कि लड़की बेटे को अपने घर बुलाती थी और उसके साथ फिजिकल हुई। मोबाइल में लड़की के घर के बेडरूम का वीडियो है, जिसमें दोनों न्यूड हैं और मस्ती कर रहे हैं। यही नहीं गर्लफ्रेंड बाथरूम में नहाते हुए चैट करती थी। मां ने दावा किया कि बेटे के मोबाइल में लड़की के 10 हजार से ज्यादा फोटो व वीडियो है। यही नहीं मोबाइल में दोनों के बीच की करीब दो ढाई साल की चैटिंग भी पड़ी है। दोनों इंस्टाग्राम और स्नैपचेट पर चैटिंग और वीडियो कॉलिंग करते थे। युवक की मां ने कहा कि उसकी कॉपियों में दो कॉपियां निकलीं, जिस पर उसने रोज की गतिविधियां लिखी थीं। उस पर लड़की ने भी लिखा है। दोनों स्कूल से बंक मारकर घूमते थे और उसके वीडियो भी मोबाइल में मौजूद थे। लड़की बार-बार बेटे पर शादी करने व भागने का दबाव डाल रही थी। सुसाइड से पहले भी बेटा दो बार सुसाइड अटैंप्ट कर चुका था। जिस दिन उसने सुसाइड किया उससे एक दिन पहले की वीडियो भी है, जिसमें वह बहुत सी गोलियां एक साथ खाते हुए दिख रहा है और आखिर में कहता है कि अब खुश है।…लव स्टोरी कैसे शुरू हुई, गर्लफ्रेंड ने क्या मैसेज भेजे, मोबाइल में कौन-कौन से वीडियो मिले…पढ़ें पूरी रिपोर्ट बॉयफ्रेंड के मोबाइल में क्या-क्या है, मां की जुबानी… कैसे शुरु हुई दोनों की लव स्टोरी, जानिए … पंखे की फोटो खींचकर लिखा लास्ट ऑप्शननिखिल की मां गीता ने बताया कि 26 अक्टूबर 2025 को निखिल अपने नए घर में मिस्त्रियों के साथ था। वो रात को वहीं पर रूक गया। रात को उसने 10-12 नीली गोलियां एक साथ खा लीं। गोलियां खाते हुए का वीडियो बनाकर लड़की के साथ शेयर किया और उसे कहा कि अब खुश। अगले दिन सुबह जब वो घर नहीं आया तो वो उसे देखने आई। वो बेहोशी की हालत में था और उसके हाथ पैर ठंडे थे। डॉक्टर के पास ले गए टेस्ट करवाए। घर ले गए उसके बाद उसने परोंठे खाए। सभी इधर-उधर गए तो उसने पंखे की फोटो खींचकर लास्ट ऑप्शन लिखकर लड़की को भेज दिया। उसके बाद उसने पंखे से फंदा लगाकर सुसाइड कर दिया। दरअसल सुबह उसके मोबाइल पर लड़की ने मैसेज किया था कि दवाई खाने के बाद भी जिंदा है। युवक की मां छह महीने तक इंसाफ के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटती रही। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बेटा बचाओ एनजीओ के संपर्क में आने पर युवक की मां ने अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरना दिया। जब जाकर बेटी की मौत के 6 महीने बाद लड़की पर केस दर्ज हुआ है। ************* ये खबर भी पढ़ें: लुधियाना में बॉयफ्रेंड के सुसाइड के बाद गर्लफ्रेंड पर FIR: युवक ने लिखा था- तू कहती थी मर जा, तेरी इच्छा पूरी कर रहा हूं लुधियाना में प्रेम संबंधों के चलते युवक (21) ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक ने आत्महत्या के लिए अपनी प्रेमिका को जिम्मेदार ठहराया। युवक की मां छह महीने तक इंसाफ के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटती रही। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। (पढ़ें पूरी खबर)
चंडीगढ़ में 2 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुब्बाहेड़ी का मर्डर कराने वाली अमरीन राय ने भाजपा की नेता निकली। वह 2 साल से पंजाब भाजपा में एक्टिव थी। इसके अलावा समाज सेवक के तौर पर भी एक्टिव रहती थी। अमरीन राय पंजाब के एक ADGP की भाभी है। उसने 8 एकड़ जमीन के विवाद में बंबीहा गैंग के गैंगस्टर लक्की पटियाल को चिन्नी के मर्डर की 50 लाख की सुपारी दे दी। पुलिस अमरीन को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस की पूछताछ में अब उससे चिन्नी कुब्बाहेड़ी से विवाद की पूरी वजह सामने आई है। अमरीन को शक था कि चमनप्रीत ने उसे धोखा दिया, प्रॉपर्टी महंगे दामों पर बेची और कब्जा भी नहीं दिया, जिससे उसे नुकसान हुआ। इसी रंजिश में उसने उसे सबक सिखाने के लिए हत्या की साजिश रची। चिन्नी के परिवार का कहना है कि उनका बेटा तो महिला का भला चाहता था लेकिन उसने ही मर्डर करवा दिया। उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। चिन्नी से अमरीन कैसे जुड़ी, विवाद कैसे शुरू हुआ…. परिवार के बयान और पुलिस पूछताछ के हवाले से कत्ल की पूरी कहानी के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी… बेटे के जरिए चिन्नी से मिली थी अमरीनचंडीगढ़ के सेक्टर-35 की रहने वाली अमरीन राय का बेटा सेक्टर-9 के एक जिम में एक्सरसाइज करने आता था। वह उम्र में छोटा था। इसी जिम में चिन्नी भी आता था। चिन्नी और अमरीन के बेटे जिम में एक-दूसरे के जानकार बने। अमरीन प्रॅापर्टी के इन्वेस्ट करती थी और चिन्नी प्रॉपर्टी कारोबारी था। इसके चलते बेटे के जरिए अमरीन करीब 3 साल पहले चिन्नी से मिली। पहले सौदे में मुनाफा हुआ तो बड़ी डील कीचमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी के भाई दीप इंद्र ने बताया कि चिन्नी ने अमरीन राय को न्यू चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी खरीदकर दी थी। जिससे उसे अच्छा मुनाफा हुआ था। इसके बाद फतेहपुर टपरिया में 8 एकड़ जमीन का सौदा किया। इसमें अमरीन राय के हिस्से में करीब 34 कनाल 8 मरले जमीन बनती थी। यह प्रॉपर्टी भी फायदे में थी। जमीन की रजिस्ट्री भी उनके पास पड़ी हुई थी। अमरीन को पैसे हड़पने का शक हुआरजिस्ट्री के समय पैसे कम पड़ने पर चिन्नी ने इन्वेस्टर इकट्ठा किए। इस दौरान चिन्नी ने अमरीन को ज्यादा जमीन दी ताकि उसे यह न लगे कि उसके हिस्सा कम किया गया है। परिवार का कहना है कि इसी बीच किसी ने अमरीन के मन में यह बात डाल दी कि उसके पैसे हड़प लिए। जिससे अमरीन चिन्नी पर शक करने लगी। जब चिन्नी को इसका पता चला तो उसने अमरीन को अतिरिक्त जमीन भी दिलाई, ताकि पूरा मामला साफ हो सके। लेन-देन निपटा लेकिन अमरीन के मन में रंजिश पैदा हो गईपुलिस जांच के मुताबिक अभी तक के बयानों में पता चला कि इसके बाद उनके बीच विवाद हो गया। हालांकि फिर अमरीन चिन्नी से रंजिश रखने लगी। उनके बीच लेन-देन का सारा मामला निपट चुका था लेकिन ऐसा लग रहा है कि अमरीन इससे बहुत नाराज थी। इसी वजह से उसने चिन्नी को सबक सिखाने की ठान ली। बेटे से चिन्नी की रेकी कराने का शकपरिवार ने पुलिस के सामने शक जताया कि जनवरी महीने से ही चिन्नी की रेकी शुरू हो चुकी थी। अमरीन का बेटा अब भी जिम आता था लेकिन वह ज्यादा एक्सरसाइज नहीं करता था। इससे शक जताया जा रहा है कि वह सिर्फ चिन्नी की रेकी कर रहा था कि कब मौका मिले और उसकी हत्या कराई जा सके। प्रॉपर्टी डीलर ने कराई लक्की पटियाल से बातपुलिस की जांच में पता चला कि मोहाली के गांव कैम्बाला के प्रॉपर्टी डीलर हर्षप्रीत सिंह अमरीन और गैंगस्टर लक्की पटियाल के बीच मिडिलमैन बना। हर्षप्रीत ने ही एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए अमरीन और गैंगस्टर लक्की पटियाल के बीच टाईअप कराया। कत्ल के बदले पटियाल ने एक करोड़ रुपए मांगे लेकिन बाद में सौदा 50 लाख में तय हो गया। पटियाल ने 2 शूटर अरेंज किए, हथियार दिएपुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए गैंगस्टर लक्की पाटियाल ने पूरी साजिश रची। उसने शूटर्स रंजन उर्फ पियूष पहलवान और प्रीतम को वारदात के लिए तैयार किया। दोनों को हत्या के लिए जरूरी हथियार मुहैया कराए गए। कत्ल के बाद भागने के लिए बाइक और खर्च के लिए पैसे भी दिए गए। पुलिस जांच में सामने आया कि 18 मार्च को दोनों शूटर पहले से ही जिम के बाहर पहुंचकर मौके की रेकी कर चुके थे। जिम से बाहर निकलते ही चिन्नी को गोलियां मारींजैसे ही चमनप्रीत सिंह जिम से बाहर निकला, दोनों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, जिसमें शूटरों को पहले से निर्देश दिए गए थे और भागने का रूट भी तय किया गया था। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हर्षप्रीत की गिरफ्तारी से खुला राजपुलिस के मुताबिक 29 अप्रैल को क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद मलोया स्थित सत्संग भवन के पास नाका लगाया गया। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हर्षप्रीत सिंह (27) को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक विदेशी .45 बोर पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने पूछताछ की तो पिस्टल अमरीन का निकलापुलिस ने आरोपी को पकड़कर पूछताछ शुरू की। जांच में पता चला कि बरामद पिस्टल अमरीन के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिससे उसके शामिल होने की बात सामने आई। पूछताछ के दौरान हर्षप्रीत ने कई अहम खुलासे किए, जिसके बाद पुलिस ने मामले को कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से जोड़कर जांच तेज कर दी। बरामद हथियार और अवैध रूप से रखने के चलते हर्षप्रीत के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया गया। परिवार बोला- विवाद था तो बैठकर सुलझा लेतीप्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी की करीब दो महीने पहले चंडीगढ़ सेक्टर-9 में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके परिवार का कहना है कि अगर कोई जमीन विवाद था तो उसे बैठकर सुलझाया जा सकता था, मगर एक शक ने चिन्नी की जान ले ली। उनका बेटा अब वापस नहीं आएगा। परिवार ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिसका वे भला चाहते हैं, वही उनके बेटे को मरवा देगी।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
एमपी में आंधी-बारिश के 2 सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश के आधे हिस्से यानी, 28 जिलों में बुधवार को तेज आंधी चलने और बारिश होने का अलर्ट है। बुधवार को ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के अनुसार, शाम के समय प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलेगा। कुछ जिलों में दिन में भी आंधी-बारिश का दौर रह सकता है। इन जिलों में दिन में तेज गर्मी पड़ेगी मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। लगातार पांचवें दिन भी बारिश प्रदेश में मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ग्वालियर, छतरपुर, धार, बड़वानी, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में सुबह से ही आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रात में भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी चली। मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.2 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में सबसे कम 33.5 डिग्री रहा। सीधी में 34 डिग्री, टीकमगढ़ में 34.5 डिग्री, रीवा में 34.6 डिग्री, सतना-दतिया में 34.8 डिग्री, मलाजखंड में 35 डिग्री, उमरिया में 35.4 डिग्री और गुना में पारा 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देखिए मंगलवार को हुई बारिश की तस्वीरें… अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 10 मई से नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचोंबीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड... भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंडभोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा ग्वालियर में गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रहा है। जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।
मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में जिस 20 साल पुराने क्रूज की वजह से 13 मौतें हुईं, उसे एमपी टूरिज्म कॉरपोरेशन क्लीन चिट दे रहा है। हादसे की मुख्य वजह अचानक आए 'तूफान' को माना जा रहा है। वहीं लाइफ जैकेट पहनने को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर टूरिज्म ने अजीब तर्क देते हुए कहा है कि लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा वाटर स्पोर्ट्स की गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया गया। यह क्रूज साल 2006 का है। इस हिसाब से उसकी उम्र 20 साल हो चुकी है। निगम के एडवाइजर राजेंद्र निगम ने बताया कि कुछ महीने पहले ही क्रूज के दोनों इंजन बदले थे। इससे उसकी उम्र 10 साल और बढ़ गई थी। क्रूज में कोई तकनीकी समस्या नहीं थी। भविष्य में ऐसा न हो, इसलिए वेदर फोरकास्ट को ठीक करेंगे। निगम के एडवाइजर ने गोवा और विदेश में संचालित क्रूज का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी लाइफ जैकेट क्रूज में उपलब्ध है, लेकिन पर्यटक घूमने के दौरान नहीं पहनते हैं। गाइडलाइन में सुरक्षा से जुड़े मापदंड स्पष्ट सुरक्षा मानकों के आधार पर क्रूज या वोट पर सवार होते ही लाइफ जैकेट को पहनना अनिवार्य होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्टस द्वारा गाइडलाइन में तय किए गए मापदंड स्पष्ट हैं जिसमें लाइफ जैकेट भी एक है। हालांकि इन सबके बीच CM डॉ. मोहन यादव के आदेश के बाद जांच कमेटी बना दी गई है। 6 कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। दो साल पहले हुई थी क्रूज की सर्विसिंग एडवाइजर निगम का कहना है कि फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (एफआरपी) क्रूज की उम्र 20 से 25 साल होती है। यह अन्य क्रूज में सबसे सुरक्षित माना जाता है। बरगी डैम में डूबे इस क्रूज की दो साल पहले ओवरऑल सर्विसिंग कराई गई थी। इंटरनेशनल मेनी टाइम आर्गेनेशनल के नॉर्म्स को भी फॉलो कर रहे थे। निगम के अनुसार, क्रूज का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस हुआ था। इनमें यात्रियों का इंश्योरेंस भी शामिल हैं। एनजीटी के आदेश, फिर भी बोट चला रहे?एडवाइजर निगम ने बताया, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) के आदेश के पैरा 130 और 131 में भोपाल और रामसर साइड शिवपुरी में मोटर बोट का संचालन बंद करने का उल्लेख है। बाकी जगहों पर फोर स्ट्रोक इंजन की बोट चल सकती है। दुनिया के 36 देशों में फोर स्ट्रोक इंजन की बोटें चल रही हैं। भोपाल और शिवपुरी में नहीं चला रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट और एनजीटी में याचिका दाखिल करने वाले भोपाल के सुभाष सी. पांडे का कहना है कि एनजीटी ने उन सभाी जलस्रोतों में मोटर बोट चलाने पर प्रतिबंध लगाया है, जिनका पानी पीने के लिए उपयोग किया जा रहा हो। बरगी डैम का पानी पीने के लिए उपयोग होता है। ऐसे में यहां पर गलत तरीके से क्रूज चलाया जा रहा था। तूफान की पूरी जिम्मेदारी?तकनीकी रूप से पूरी तरह से ठीक होने के बावजूद क्रूज का डैम में डूब गया? इस सवाल पर एडवाइजर निगम कहते हैं कि प्रदेश में 16 बोट क्लब है। 18 साल से कहीं भी सिंगल एक्सीडेंट नहीं हुआ है। बरगी डैम में अचानक आए तूफान की वजह से क्रूज संभल नहीं सका था और पलट गया था। आगे ऐसा न हो, इसके लिए नया सिस्टम तैयार कर हरे हैं। जहां भी बोट क्लब है, वहां पर वेदर फोरकास्ट के लिए लोकल हेड बनाएंगे। इसके लिए निगम के अफसरों से बात कर रहे हैं। जांच कमेटी बनी, अब तक 5 पर कार्रवाईहादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण किया था। वहीं, मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने क्रूज मामले में एक्शन लिया था। जिसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थी। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है। दूसरी ओर, एक कमेटी भी बनाई गई है, जो हादसे की मुख्य वजह की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़ें…लाइफ जैकेट के बाद भी बरगी में मां-बेटे क्यों डूबे जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने 13 परिवारों को उम्र भर का गम दिया। इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर दिल्ली की मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की थी। रेस्क्यू टीम को दोनों के शव एक-दूसरे से जकड़े मिले और उनके पास लाइफ जैकेट भी थी।पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा के हिसार में उकलाना क्षेत्र में हुए गोलीकांड में BJP नेता प्रदीप सोनी का नाम सामने आया है। पुलिस ने अस्पताल में ही प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। प्रदीप को भी इस गोलीकांड में चोटें लगी हैं। हिसार के साउथ बाइपास स्थित अमरदीप अस्पताल में आईसीयू के बाहर गार्द लगा दी है। दैनिक भास्कर ने घायल प्रदीप से बातचीत की तो उसने बताया कि वह दो-तीन दिन पहले ही राजनीति में आया था और सीधे भाजपा ज्वाइन की थी। प्रदीप ने कहा कि मुझे शक है कि इसी कारण मुझ पर हमला हुआ है। हालांकि, जब इस विषय में भाजपा की हिसार जिलाध्यक्ष आशा खेदड़ से बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि प्रदीप सोनी भाजपा में नहीं है। स्वर्णकार समाज ने उकलाना में भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया था। प्रदीप ने चाय का प्रोग्राम किया था। मगर वह भाजपा में नहीं है। वहीं पुलिस ने इस घटनाक्रम के बाद एसआईटी बना दी है। मुख्यमंत्री का कल उकलाना में दौरा भी है इससे पहले पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है। पुलिस ने घटना से जुड़ा CCTV जांचें इस घटना के बाद पुलिस ने एसबीआई बैंक और आसपास की पूरी मार्केट को बंद करवा दिया। पुलिस ने पूरा इलाका सील कर दिया और पूरा दिन अहम सुबूत जुटाए हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या प्रदीप ने आत्मरक्षा में गोली चलाई या इसमें सोची समझी कोई साजिश है। इस हादसे में जिस लड़के शुभम की मौत हुई है वह प्राइवेट गाड़ी में ड्राइवरी का काम करता था। पुलिस का शक इस बात पर भी है कि उकलाना में चुनाव के समय जब असलाह जमा करवाया जाता है तो प्रदीप के पास असलाह कहां से आया। इसके अलावा पुलिस इसमें दीपक उर्फ बेदी नाम के युवक को भी तलाश रही है जिसने हमलावरों को प्रदीप पर हमला करने के लिए बुलाया था। इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। प्रदीप की उकलाना मंडी में सुनार की है दुकान प्रदीप सोनी(42) पर गलैंबिग एक्ट के तहत दो केस दर्ज हैं। उनकी उकलाना मंडी में ही सुनार की दुकान हैं। प्रदीप के पिता और बड़ा भाई मदन दुकान पर बैठते हैं। प्रदीप भी कभी कभार दुकान पर बैठता था। वह शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं। वह सक्रिय राजनीति में पहले नहीं था। हाल ही में दो मई को उसने भाजपा जॉइन की थी। कन्फेक्शनरी मालिक बोला-लाठी डंडे से हमला किया FIR में प्रदीप पर हमले का जिक्र नहीं, जानिए क्या है एफआईआर… सदलपुर के मुकेश के बयान पर दर्ज की एफआईआर बीजेपी नेता प्रदीप सोनी पुत्र महाबीर सिंह निवासी वार्ड नंबर-3, उकलाना मंडी के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज की गई है। थाना उकलाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि मुकेश कुमार उर्फ मुक्की पुत्र सुन्दर निवासी सदलपुर (हिसार) के बयान पर मामला दर्ज किया गया है। मुकेश के अनुसार, चार मई को वह अपने साथियों शुभम पुत्र आत्माराम, विवेक उर्फ जतिन पुत्र अशोक निवासीगण भाणा, सुग्रीव पुत्र सीताराम निवासी सदलपुर, पवन पुत्र सुरजीत निवासी बडोपल, सोनू पुत्र उमेद निवासी बाण्डा हेडी और मोनू पुत्र सुभाष निवासी सदलपुर के साथ बोलेरो गाड़ी नंबर HR20BD-6824 में अपने दोस्त दीपक उर्फ बेदी निवासी बुढ़ाखेड़ा से मिलने गया था। दीपक बेदी ने बताया कि प्रदीप उसे परेशान करता है मुकेश कुमार उर्फ मुक्की के अनुसार, वह अपने दोस्तों के साथ रात करीब 10:30 बजे उकलाना मंडी में मौजूद था, जहां दीपक उर्फ बेदी ने उन्हें बताया कि प्रदीप सोनी उसे परेशान करता है। यह भी बताया कि प्रदीप एसबीआई बैंक के पास कन्फेक्शनरी की दुकान पर अपनी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर गया है।इस पर वे सभी मौके पर पहुंचे और प्रदीप से बातचीत की। मगर, बातचीत में कहासुनी हो गई, जिस पर प्रदीप ने अपने पिस्टल से उन सब पर फायरिंग कर दी। प्रदीप की फायरिंग में शुभम को लगी गोली, मौत हुई फायरिंग के दौरान शुभम के सीने में गोली लगने से उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी ने बताया की घटना के संबंध में थाना उकलाना में धारा 103, 109 BNS तथा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। एसपी हिसार के निर्देशानुसार मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी प्रदीप को काबू कर लिया।प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई है। घटना में प्रयुक्त हथियार के संबंध में पूछताछ जारी है।
हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के अकाउंट अफसर (AO) बलवंत सिंह के सुसाइड वाले दिन की पूरी कहानी सामने आई है। सुसाइड वाले दिन यानि 4 मई 2026 की सुबह उन्होंने ऐसा कुछ किया, जो वह रोज नहीं करते थे। ऑफिस के लिए निकलते हुए पत्नी को गले लगाया। बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा- जिंदगी में जब भी बनना, बड़ा अधिकारी ही बनना। इसके अलावा अपनी गाड़ी के ड्राइवर से सचिवालय में पहुंचने के बाद कहा था कि जब मैं बुलाऊं तभी आना, नहीं तो मत आना। इन सब बातों का का खुलासा राजस्थान के अलवर के रहने वाले उनके बुआ के लड़के राजपाल यादव ने किया। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में राजपाल ने ऐसे 6 दावे और किए हैं, जो अभी तक सामने नहीं आए हैं। बता दें कि झज्जर जिले के मुंडा हेरा गांव के रहने वाले बलवंत सिंह ने सोमवार को चंडीगढ़ स्थिति सिविल सचिवालय की 8वीं मंजिल से कूद कर सुसाइड कर लिया था। मंगलवार को उनका पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजन लेकर गांव चले गए। हालांकि इससे पहले सुबह चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में 3 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। PHOTOS... में देखिए सोमवार को सचिवालय में क्या हुआ… सुसाइड वाले दिन अकाउंट ऑफिसर ने किए ये 3 काम... अब यहां पढ़िए भाई ने किए ये 6 खुलासे... पहला खुलासा: 3 अधिकारियों ने ट्रैप में फंसाया राजपाल यादव ने पहला खुलासा किया कि मेरे भाई बलवंत सिंह को इन्हीं के विभाग हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के 3 अधिकारी अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश पिछले दो महीने से परेशान कर रहे थे। कुलवंत ने उसे बताया था कि इन तीनों ने मुझे बैंक घोटाले में ट्रैप कर लिया है, जिसकी वजह से मैं बहुत परेशान हूं। दूसरा खुलासा: ऑफिशियल चेक बुक को लेकर था परेशान राजपाल यादव ने दावा कि मेरा भाई बलवंत पिछले दो महीने एक ऑफिशियल चेक बुक को लेकर परेशान रहता था। उसने फोन करके बताया था कि उसके विभाग का एक डायरेक्टर लेवल का अधिकारी दो महीने से उसे एक चेक बुक को लेकर परेशान कर रहा है। आशीष और राजेश उस पर चेक देने का दवाब बना रहे थे, जिसको इन लोगों ने जबरन छीन लिया था। तीसरा खुलासा: बैंक स्कैम का कोई पैसा नहीं आया बलवंत के भाई ने दावा किया कि आईडीएफसी बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 590 करोड़ के घोटाले का एक भी पैसा न तो मेरे भाई और न ही परिवार के किसी सदस्य के खाते में आया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी ईमानदारी के कारण ही आज इस हाल में पहुंचा है। मेरे भाई का इस पूरे घोटाले से कोई लेना देना नहीं है। चौथा खुलासा: नोटिंग करने से रोक रहे थे अधिकारी राजपाल यादव ने बताया कि कुछ अधिकारी उसके भाई को नोटिंग करने से रोक रहे थे। इन अधिकारियों उससे कहना था कि इस पूरे मामले में नोटिंग मत कर नहीं तो हम तुझे फंसा देंगे, जिसके बाद तू बर्खास्त हो जाएगा। इसको लेकर बलवंत बहुत टेंशन में था, यहां तक वह मुझसे मिलने के लिए और सलाह करने के लिए 13 अप्रैल को अलवर तक पहुंच गया था, लेकिन ये मेरा दुर्भाग्य था कि मैं उस दिन उससे मिल नहीं पाया था। 5वां खुलासा: CBI ने जब्त कर लिया था फोन राजपाल ने बताया कि सीबीआई की टीम ने कुछ दिन पहले उसका मोबाइल एक दिन के लिए जब्त कर लिया था। मगर, एक दिन बाद ही उसे लौटा दिया था। इसके अलावा जांच टीम ने चेक पर किए गए उसके सिग्नेचरों का भी मिलान किया था, लेकिन ये एक दूसरे से मैच नहीं हो पाए थे। टीम के अधिकारियों ने उसे आश्वसस्त कर दिया था कि वह इस मामले में निर्दोष है, जल्द ही ये पूछताछ का सिलसिला खत्म हो जाएगा। छठा खुलासा: सुसाइड नोट भी बलवंत ने लिखा राजपाल ने दावा कि सुसाइड से पहले बलवंत ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जो इस समय पुलिस के पास है। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट चंडीगढ़ पुलिस की जांच टीम केस के रिकॉर्ड में शामिल कर रही है। इस नोट में कुछ ऐसे अफसरों के नाम हैं, जो इस बैंक घोटाले से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा कि एक आईएएस अफसर भी इस पूरे मामले में इन्वाल्व रहा है। ----------------------------------------------- अकाउंट ऑफिसर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अकाउंट ऑफिसर सुसाइड केस में 3 पर FIR:एक आरोपी जेल में बंद; बैंक घोटाले में पूछताछ से पहले हरियाणा सचिवालय की बिल्डिंग से कूदे थे चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सचिवालय की बिल्डिंग से कूदकर आत्महत्या के मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने बलवंत की पत्नी की शिकायत पर हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO) अमित दीवान, आशीष गोगिया और राजेश को नामजद किया है। (पूरी खबर पढ़ें)
पापा ने मां की चुन्नी से ही उनका गला दबा दिया। हमें सोने के लिए दूसरे कमरे में भेज दिया। अगले दिन पापा, हमें सुबह घुमाने भी लेकर गए। घर वापस आकर देखा तो मां के शव के पास मक्खियां भिनक रही थीं। वहां से काफी बदबू आ रही थी। रात को पापा छोटे भाई के साथ मुझे लेकर थाने आ गए, वहां उन्होंने कहा- मैंने अपनी पत्नी को मार दिया। ये कहना है मृतका नीलम के आठ वर्षीय बेटे का। यमुनानगर के शादीपुर गांव में रविवार रात करीब 10 बजे काम से लौटे संतोष कुमार ने घर आते ही पत्नी से झगड़ा शुरू कर दिया। कहासुनी होने के बाद पत्नी की हत्या कर दी। बच्चों का कहना है कि पापा अक्सर मां के साथ मारपीट करते थे। संतोष की गिरफ्तारी के बाद अभी दोनों बच्चों को (एक 8 साल और दूसरा बेटा 6 साल) बालकुंज में भेज दिया है। परिजनों के आने के बाद महिला का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। अब सिलसिलेवार पढ़िए…बच्चों ने क्या बताया मां के गले में चुन्नी डालकर खींचा मृतका नीलम (35) के बड़े बेटे ने बताया कि रविवार-सोमवार रात मैं और छोटा भाई मां के साथ कमरे में सो रहे थे। रात करीब 10 बजे पापा (संतोष कुमार) फैक्ट्री से घर लौटे और आते ही मां के साथ झगड़ा शुरू कर दिया। मां ने गुस्से में पापा के ऊपर पानी की बोतल फेंक दी, जिससे पापा और ज्यादा गुस्से में हो गए। इसके बाद पापा ने मां के गले में पड़ी चुन्नी को जोर से खींच दिया। उन्होंने हमें धमकाते हुए कहा- दूसरे कमरे में जाकर सो जाओ। हम दोनों दूसरे कमरे में चले गए। पापा ने कहा- तुम्हारी मां को मार दिया बड़े बेटे ने आगे बताया कि सुबह जब हम उठे तो घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। पापा हमारे पास ही बैठे हुए थे। जब मैंने मां के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा- मैंने तुम्हारी मां को मार दिया। उसका शव कमरे में पड़ा है। यह सुनकर हम सहम गए। डर के कारण कमरे के अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पाए। इसके बाद पापा हमें बाहर घुमाने ले गए। पापा पूरे दिन हमें अलग- अलग जगह घुमाते रहे। रातभर मां के शव के पास बदबूं में बैठे छोटे बच्चे ने धीमी आवाज में बताया… सोमवार शाम जब हम वापस घर लौटे तो देखा कि मां के शव पर मक्खियां भिनभिना रही है। कमरे से बदबू आ रही है। इसके बाद पापा हमारे साथ उसी कमरे में बैठ गए, जहां मां का शव पड़ा था। रात को हमने खाना भी नहीं खाया। मुझे लगा कि मां उठ जाएगी। इसके बाद रात करीब 2 बजे पापा हमें लेकर पुलिस के पास (सदर थाने) आ गए। वहां पुलिसवालों से कुछ बातें करने लगे (हत्या कबूल की)। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पाल भिजवाया। आरोपी बोला- जो किया, सही किया हत्या के 24 घंटे बाद भी महिला का शव कमरे में पड़ा रहा, जबकि आरोपी पूरे दिन बच्चों को साथ लेकर घूमता रहा। हालांकि रात को अचानक वह खुद पुलिस थाने पहुंच गया। पुलिस अब जांच कर रही है कि आरोपी ने हत्या के बारे में किसी और भी बतया या सीधा थाने ही पहुंचा। पुलिस हिरासत में आरोपी संतोष कुमार ने कहा कि अगर किसी की पत्नी दूसरे व्यक्ति के साथ अवैध संबंध रखे तो आदमी और क्या करेगा, उसने जो किया वह सही किया। 13 साल पहले लव मैरिज, फिर यमुनानगर शिफ्ट नीलम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया की रहने वाली थी। उसने 2013 में गाजीपुर के संतोष से लव मैरिज की थी। शादी के करीब पांच साल बाद बड़ा बेटा हुआ। शादी के बाद दोनों यमुनानगर के शादीपुर गांव में किराए के मकान में रहने लगे। संतोष यमुनानगर में ही एक प्लाईवुड की फैक्ट्री में काम करता था। नीलम का बड़ा बेटा तीसरी और छोटा बेटा पहली कक्षा में पढ़ता है।
भोपाल की मेट्रो को लेकर अब नया विवाद सामने आ गया है। यहां मेट्रो अब कब्रिस्तान के नीचे से गुजरेगी। इसे लेकर वक्फ बोर्ड की कमेटी ने आपत्ति जताई है। कमेटी का कहना है कि इससे कब्रों को नुकसान का खतरा है, मेट्रो का प्लान बदलना चाहिए। मेट्रो परियोजना को लेकर वक्फ संपत्तियों पर विवाद अब कानूनी हो गया है। भोपाल टॉकीज स्थित प्राचीन कब्रिस्तान के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन और नारियलखेड़ा की वक्फ जमीन पर निर्माण के खिलाफ कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में दो अलग-अलग प्रकरण दायर किए हैं। कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंसार उल हक और अधिवक्ता इब्राहिम सरवत शरीफ खान पैरवी कर रहे हैं। दोनों मामलों में मेट्रो निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा भोपाल में मेट्रो लाइन को लेकर विवाद को लेकर विधायक आतिफ अकील ने कब्रिस्तान क्षेत्र से लाइन निकालने पर जताया कड़ा विरोध, प्लानिंग बदलने की मांग उठाई। अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन पर विवाद गहराया पहले प्रकरण में हमीदिया रोड स्थित मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी, मुल्लाशाह और अन्य पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तान क्षेत्रों के नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन निकालने की योजना पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। याचिका में कहा गया है कि यह कब्रिस्तान न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शहर के सबसे पुराने और बड़े कब्रिस्तानों में शुमार है, जहां हजारों की संख्या में कब्रें मौजूद हैं। कमेटी का दावा है कि प्रस्तावित मेट्रो लाइन से करीब एक एकड़ क्षेत्र सीधे प्रभावित हो सकता है, जिससे बड़ी संख्या में कब्रों के अस्तित्व और संरचना पर खतरा उत्पन्न होगा। यह भी आरोप लगाया गया है कि मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने अब तक इस क्षेत्र का विस्तृत नक्शा, तकनीकी रिपोर्ट या सुरक्षा आकलन सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे आशंकाएं और बढ़ गई हैं। अधिवक्ता इब्राहिम सरवत शरीफ खान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट्स के कई निर्णयों में स्पष्ट किया गया है कि कब्रिस्तान की मूल प्रकृति (नयत) को किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जा सकता। उन्होंने दलील दी कि भले ही मेट्रो लाइन को अंडरग्राउंड बताया जा रहा हो, लेकिन कब्रिस्तान के नीचे खुदाई, सुरंग निर्माण और कंपन से वहां मौजूद कब्रों और धार्मिक ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रस्तावित योजना पर अमल होता है, तो हजारों कब्रें प्रभावित हो सकती हैं, जिससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत होंगी बल्कि यह एक संवेदनशील सामाजिक मुद्दा भी बन सकता है। नारियलखेड़ा: वक्फ जमीन पर ‘बिना अनुमति’ निर्माण का आरोप दूसरा मामला नारियलखेड़ा स्थित वक्फ निशात अफजा (वाके बाग) की जमीन से जुड़ा है, जहां मेट्रो निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। याचिका के अनुसार खसरा नंबर 88 की लगभग 11.93 हेक्टेयर भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में विधिवत दर्ज हैं, जिसका पंजीयन वक्फ रजिस्टर में मौजूद है और राजपत्र में भी प्रकाशित किया जा चुका है। कमेटी का दावा है कि इस जमीन का एक हिस्सा उनके प्रबंधन और नियंत्रण में है, बावजूद इसके मेट्रो कंपनी ने बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू कर दिया। वादी पक्ष ने आरोप लगाया है कि करीब 1.40 एकड़ वक्फ भूमि पर गड्ढे खोदकर पिलर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौके पर भारी मशीनरी लगाकर सरिया डाला जा रहा है और बड़े पैमाने पर मिट्टी व निर्माण सामग्री का मलबा जमा किया गया है। कमेटी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई न केवल वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण है, बल्कि इससे भूमि की मूल स्थिति को भी नुकसान पहुंच रहा है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेट्रो कंपनी को कई बार लिखित रूप से नोटिस देकर निर्माण कार्य से संबंधित नक्शा, स्वीकृति और अधिग्रहण की जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। अधिवक्ता अंसार उल हक के अनुसार, वक्फ अधिनियम के तहत किसी भी वक्फ संपत्ति का उपयोग या अधिग्रहण करने से पहले विधिक प्रक्रिया अपनाना अनिवार्य है, जिसमें वक्फ बोर्ड को नोटिस देना और उसकी अनुमति लेना शामिल है। उन्होंने कहा कि बिना इन प्रक्रियाओं का पालन किए किया गया निर्माण पूरी तरह अवैध और कानून के विरुद्ध है। अधिकरण से हस्तक्षेप की मांग दोनों प्रकरणों में वक्फ अधिकरण से मांग की गई है कि विवादित स्थलों पर मेट्रो निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए, अवैध निर्माण को हटाया जाए और वक्फ संपत्तियों की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए जाएं। कम से कम मृतकों को तो शांति से रहने देंभोपाल उत्तर विधानसभा के विधायक आतिफ अकील ने मेट्रो परियोजना को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि जब शुरुआत से ही यह स्पष्ट था कि संबंधित क्षेत्र में कब्रिस्तान मौजूद है, तो वहां मेट्रो की प्लानिंग ही नहीं की जानी चाहिए थी। अब यदि योजना बना ली गई है, तो उसे बदलकर कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो लाइन निकालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर कब्रिस्तान के पास या उसके नीचे से मेट्रो क्यों निकाली जाए। अकील ने कहा कि “जिंदा लोगों को तो हम खुश नहीं रख पाए, कम से कम मृतकों को तो शांति से रहने दें। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में 3.39Km अंडरग्राउंड रहेगी मेट्रो, दो स्टेशन बनेंगे भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए सोमवार से जमीन के अंदर 24 मीटर गहराई में खुदाई शुरू कर दी गई। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए कुल 3.39 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई होगी। इसी में दो स्टेशन भी बनेंगे। मेट्रो अफसरों की माने तो अगले 2 साल में अंडरग्राउंड रूट का काम पूरा कर लिया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
भारत सरकार एस-400 मिसाइलों के 5 नए स्क्वॉड्रन खरीदने की तैयारी कर रही है। इसके एक स्क्वॉड्रन में 8 लॉन्चर होते हैं और प्रत्येक लॉन्चर में 4 मिसाइल कंटेनर होते हैं। इस हिसाब से करीब 32 बड़ी मिसाइलें मिलेंगी। पिछले साल 7 से 10 मई के बीच चले ऑपरेशन सिंदूर में हमारे एयर डिफेंस सिस्टम की एस-400 मिसाइलों ने पाकिस्तान में 300 किलोमीटर अंदर घुसकर कहर बरपाया था, अब हमारे रक्षा बेड़े में अब उनकी तादाद बढ़ने जा रही है। खरीदी की दिशा में रूस के साथ चर्चा में सकारात्मक प्रगति हुई है। वायु सेना के लिए 5 एस-400 का पहला सौदा 2018 में हुआ था। 3 सिस्टम्स मिल चुके हैं। दो सिस्टम और ऑपरेशन सिंदूर में खर्च हुई बैटरी की मिसाइलों की भरपाई होनी है। इसके बाद नए स्क्वॉड्रन आएंगे। इस तरह दोनों सौदे करीब एक लाख करोड़ रुपए के होंगे। डीआरडीओ एस-400 जैसी ही इंटरसेप्टर मिसाइलें बना रहा है। यह प्रोजेक्ट कुशा है। इसमें एम-1, 2 और 3 मिसाइलें बन रहीं हैं, जिनकी रेंज 105 से 350 किमी होगी। अगले 6 महीने में मिलेंगी पहले सौदे की दो स्क्वॉड्रन एस-400 दोतरफा प्रहार करती है। पहला: ध्वनि की गति से 3 से 14 गुना गति से 400 किमी दूर तक हमला करती हैं। दूसरा: दुश्मन की तरफ से आ रही बैलिस्टिक मिसाइलों को 4.8 किमी प्रति सेकंड की गति से मार गिराती है। मैक 15 गति वाली हाइपरसोनिक मिसाइलें भी इसकी रेंज से बच नहीं पातीं। पहली डील 40 हजार करोड़ में हुई पहली डील 40 हजार करोड़ में हुई थी। दूसरी पर सहमति रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान बनी थी। इनकी आपूर्ति का रोडमैप बन गया है। युद्ध के कारण रूस से डिलेवरी में देरी हो रही थी। अब भारत को आश्वस्त किया गया है कि आने वाले 6 महीने में शेष दो स्क्वैड्रन सप्लाई कर दिए जाएंगे। अंतरिक्ष से सर्विलांस में बड़े सुधार करना सबसे बड़ी जरूरत है रिटा. एयर वाइस मार्शल संजय भटनागर (स्ट्रेटेजिक प्लानिंग एवं ऑफेंसिव ऑपरेशन्स) के मुताबिक वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों का विश्लेषण करने के बाद कई कदम उठाए हैं। पाकिस्तान ने 7-8 मई 2025 की दरम्यानी रात दो घंटे में 800 ड्रोन्स की बौछार की थी। ऐसे में ड्रोन्स को काउंटर करने पर ध्यान दिया जा रहा है। चीन के पास 4 हजार सैटेलाइट हैं और इनमें भी 480 सर्विलांस के लिए हैं। हमें भी अंतरिक्ष से सर्विलांस में बड़े सुधार करने हैं। अभी भारत के पास इस काम के लिए 6 सैटेलाइट हैं। अब 52 उपग्रहों का सिस्टम तैयार हो रहा है। S-400 डिफेंस सिस्टम क्या है? S-400 ट्रायम्फ रूस का एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था। यह सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों तक को मार गिरा सकता है। यह हवा में कई तरह के खतरों से बचाव के लिए एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है। दुनिया के बेहद आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में इसकी गिनती होती है। इस सिस्टम की खासियत क्या है? कहां तैनात हैं एस-400? एस-400 की एक स्क्वाड्रन में 256 मिसाइल होती हैं। भारत के पास इस वक्त 3 स्क्वाड्रन हैं, जिन्हें अलग-अलग तरफ की सीमाओं पर तैनात किया गया है।
झांसी में मंगलवार को आए आंधी-तूफान में बड़ा हादसा टल गया। मोठ तहसील के अमरा गांव में करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ जड़ समेत उखड़कर एक मकान पर गिर गया, जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि परिवार सुरक्षित बच गया। बारिश के बाद आंधी, तबाही की दो तस्वीर… मंगलवार दोपहर अचानक बदले मौसम के बीच तेज आंधी और बारिश शुरू हुई। इसी दौरान मोठ के अमरा निवासी मदन कुशवाहा के दो मंजिला मकान के पास खड़ा लगभग 100 साल का विशाल पीपल का पेड़ भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ का भारी तना सीधे मकान की ऊपरी मंजिल पर गिरा, जिससे दीवारें ढह गईं। उस वक्त घर के अंदर मदन, उनकी पत्नी संध्या और दोनों बच्चे राघव व आदित्य मौजूद थे। तेज आवाज और मलबा गिरते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के लोग डर के मारे चीखने लगे।शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिस महज 7-8 मिनट में मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव शुरू किया। टीम ने सूझबूझ के साथ पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस हादसे में भले ही किसी को चोट नहीं आई, लेकिन परिवार की गृहस्थी पूरी तरह उजड़ गई। मदन कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में छत पर कमरे बनवाए थे, जहां अनाज, अलमारी, फ्रिज, बर्तन और कपड़े रखे थे—जो पेड़ गिरने से पूरी तरह नष्ट हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मोठ के एसडीएम अवनीश तिवारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान के चलते क्षेत्र में कई जगह पेड़ गिरे हैं। पीड़ित परिवार को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, ऐसे जर्जर या जोखिम वाले पेड़ों की पहचान भी कराई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। वहीं, बारिश के बाद झांसी में मौसम जरूर सुहावना हो गया है और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी भी दी है कि आने वाले दिनों में तेज आंधी और तूफान का खतरा बना रह सकता है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
बंगाल SIR- हर सीट पर औसतन 30 हजार वोट घटे:भाजपा ने 128 सीटें 30 हजार से कम मार्जिन पर जीतीं
पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से से कुल 91 लाख वोट कटे यानी हर सीट पर औसतन 30 हजार वोट कटे। कुल 293 सीटों में से 176 पर जीत का अंतर 30 हजार से कम और 117 सीटों पर 30,000 से अधिक रहा। भाजपा के लिए इस बार 128 सीटें ऐसी रहीं, जहां जीत का अंतर 30 हजार से कम रहा और 79 पर 30 हजार से ज्यादा। 2021 में भाजपा ने 77 में से 72 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम था। प्रतिशत में देखें तो भाजपा ने इस बार 62% सीटें 30 हजार से कम मार्जिन पर जीतीं, जबकि 2021 में यह 93.5% था। TMC के लिए इस बार 44 सीटों पर जीत का मार्जिन 30 हजार से कम था, जबकि 36 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा। 2021 में 121 सीटों पर टीएमसी की जीत का अंतर 30 हजार से कम था और 91 सीटों पर 30 हजार से ज्यादा। यानी बहुमत वाले दल के लिए ये आंकड़े ट्रेंड दिखाते हैं। भाजपा और टीएमसी की 25 सीटों पर जीत-हार का अंतर अधिक वोटों से था, यानी ऐसे नतीजों को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। भाजपा को तृणमूल के मुकाबले 32 लाख वोट ज्यादा भाजपा को बंगाल में कुल 2,92,24,804 और तृणमूल को 2,60,13,377 वोट मिले। दोनों दलों के बीच कुल वोट का अंतर 32,11,427 रहा। 293 सीटों के हिसाब से औसत निकालें तो प्रति सीट भाजपा को 10,960 वोटों की बढ़त मिली। एसआईआर पर दलों में भ्रम फैला, कहा गया कि यदि हटाए गए वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम है, तो इसका असर चुनाव परिणाम पर हस्तक्षेप नहीं करता। क्योंकि 30 हजार वोटों के होने या नहीं होने से अंतिम परिणाम पर फर्क नहीं पड़ता। हस्तक्षेप तभी संभव है जब यह दिखाया जा सके कि हटाए गए वोट इतने अधिक थे कि वे जीत-हार के अंतर को बदल सकते थे। उदाहरण के लिए- यदि किसी विजेता को 1 लाख वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंदी को 95 हजार वोट, तो मार्जिन 5 हजार हुआ। अगर हटाए गए वोट 5 हजार से कम हैं, तो असर नहीं होगा, लेकिन ज्यादा होने पर नतीजों पर असर संभव है। देश की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे। बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है। …………………… पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी: इस्तीफा नहीं दूंगी, हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे; कोलकाता में BJP कार्यकर्ता की हत्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मंगलवार देर रात सनसनीखेज वारदात सामने आई। मोवा बाजार इलाके में एक बाउंसर ने पत्नी से विवाद के बाद ससुराल पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना में उसकी दो सालियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरी की हालत नाजुक बनी हुई है। आरोपी बाउंसर का नाम जीतेंद्र वर्मा (32) उर्फ जित्तू बाउंसर बताया जा रहा है। गोलीकांड में घायल साली का नाम दुर्गेवरी वर्मा और मृतक का नाम गीतांजली वर्मा बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला मोवा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मोवा बाजार के पास रात करीब 9 से 9.30 बजे आरोपी जीतेंद्र वर्मा (32) अपनी लाइसेंसी पिस्टल लेकर साली के घर पहुंचा। बताया जा रहा है कि उसका पत्नी खिलेश्वरी वर्मा से लंबे समय से विवाद चल रहा था। घटना के दिन भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद पत्नी अपने बच्चे को लेकर बहन के घर चली गई थी। रात में पत्नी से संपर्क नहीं होने पर जीतेंद्र गुस्से में ससुराल पहुंच गया और बच्चे से मिलने की जिद करने लगा। इस दौरान उसकी सालियां गीतांजली वर्मा (26) और दुर्गेश्वरी वर्मा (24) बाहर आईं और उसे समझाकर वापस जाने को कहा। इसी बात पर आरोपी भड़क गया और पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में एक गोली गीतांजली के माथे पर लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर गई। वहीं, दूसरी गोली दुर्गेश्वरी के पीठ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने गीतांजली को मृत घोषित कर दिया, जबकि दुर्गेश्वरी का इलाज जारी है। घर के बाहर भी आरोपी ने चलाई गोली घटना के बाद आरोपी मौके से फरार नहीं हुआ, बल्कि घर के बाहर निकला और सड़क में हवाई गोली चलाई। गोलीकांड से इलाके में दहशत फैल गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी थाना पहुंचा और खुद सरेंडर किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी नशे की हालत में था। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा घटना के बाद मौके पर पहुंचे रायपुर पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर ने दैनिक भास्कर से चर्चा के दौरान कहा, कि घरेलू विवाद के बाद आरोपी बाउंसर ने गोलीकांड की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। मामलें में जांच जारी है, विस्तृत जानकारी कार्रवाई के बाद साझा की जाएगी। पत्नी पर शक करता था आरोपी घटनाकांड के बाद पड़ोस में रहने वाले स्थानीय लोगों ने बताया, कि आरोपी अपनी पत्नी खिलेश्वरी वर्मा पर शक करता था। शक के कारण आरोपी का पत्नी से आय दिन विवाद होता था। मंगलवार को भी आरोपी जब ससुराल पहुंचा तो उसका ससुराल पक्ष से विवाद हुआ था। विवाद के बाद आरोपी ने गोलीकांड की वारदात को अंजाम दे दिया।
यमुनानगर जिले में गांव भूरे का माजरा फायरिंग केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्व सरपंच के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में शामिल एक बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। दोनों तरफ से करीब 15 राउंड फायरिंग हुई, जिसे सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी है। आरोपी की पहचान पानीपत के गोयल खुर्द गांव निवासी अमन के रूप में हुई है। यह बदमाश गैंगस्टर काला राणा व नोनी राणा नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है और हाल ही में हुई फायरिंग वारदात में सक्रिय भूमिका में था। फिर से वारदात को अंजाम देने की फिराक में था पुलिस के अनुसार, थाना छप्पर क्षेत्र में कुलपुर फाटक के पास मंगलवार की रात करीब 10 बजे किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान संदिग्ध युवक की लोकेशन मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी को कुलपुर गांव के पास सीआईए-2 और थाना छप्पर पुलिस टीम ने घेर लिया। पुलिस को देख आरोपी ने पल्सर बाइक से भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। दोनों तरफ से करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल मुठभेड़ के दौरान आरोपी अमन के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह मौके पर गिर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक बाइक, अवैध हथियार और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस दौरान एक गोली एसआई रोहन के बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी लगी, जिससे वह बाल-बाल बच गए। घायल आरोपी को तुरंत सिविल अस्पताल यमुनानगर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं सूचना मिलते ही डीएसपी रजत गुलिया भूरे का माजरा फायरिंग केस से जुड़ा आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी अमन पानीपत के गोयल खुर्द गांव का रहने वाला है और गैंगस्टर नोनी राणा गैंग का सक्रिय सदस्य है। वह हाल ही में रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर 25-26 अप्रैल की रात हुई 16-17 राउंड फायरिंग में शामिल था। इस फायरिंग में बदमाशों ने बंद पड़े मकान पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं और सामने रहने वाले साले अंकित पर भी फायरिंग की थी, हालांकि वह बच गया था। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी। इस मामले में अंकित ने नोनी राणा गैंग की भूमिका होने का शक जाहिर किया था। गैंग कनेक्शन की जांच तेज डीएसपी रजत गुलिया के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन एक और वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी इनपुट के आधार पर जिले में सीलिंग प्लान लागू कर नाकाबंदी की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वह पहले भी कई वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, जिससे इस पूरे गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में अहम खुलासे होने की उम्मीद है। ठगी और गैंगवार से जुड़ सकता है मामला गौरतलब है कि जिस पूर्व सरपंच के घर पर फायरिंग हुई थी, वह पहले से ही ठगी के एक बड़े मामले में फरार चल रहा है। ऐसे में पुलिस इस पूरी वारदात को आपसी रंजिश, रंगदारी और गैंगवार से जोड़कर भी जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज व पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी जिस पर अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह पोस्ट करने का आरोप था कि वह आई लव मोहम्मद के लिए अपना सिर कटवा भी सकता है और दूसरों का सिर काट भी सकता है। जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की बेंच ने यह टिप्पणी की कि आवेदक द्वारा की गई 'कथित आपत्तिजनक' पोस्ट में किसी खास जाति या समुदाय का नाम नहीं लिया गया। आरोपी-नदीम मुजफ्फरनगर ज़िले का रहने वाला है। उस पर पिछले साल यूपी पुलिस ने उसकी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर कथित तौर पर संवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप में बीएनएस की धारा 353(2), 192, और 152 के तहत मामला दर्ज किया। आपराधिक इतिहास नहीं, मुकदमा पूरा होने वाला ज़मानत याचिका पर उसके वकील ने हाईकोर्ट में यह दलील दी कि अब चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई और निकट भविष्य में मुक़दमे के पूरा होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। दूसरी ओर, ज़मानत की अर्जी का विरोध करते हुए राज्य सरकार के सरकारी वकील ने यह दलील दी कि उसने असंवेदनशील टिप्पणी पोस्ट की थी, जिसमें कहा गया था: आई लव मोहम्मद के लिए गर्दन कटवा भी सकते हैं और काट भी सकते हैं। बरेली में दंगे भड़के थे तर्क दिया गया कि इस तरह के आपत्तिजनक नारे के कारण बरेली ज़िले में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क उठे थे, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा था। आगे यह भी तर्क दिया गया कि असामाजिक तत्वों के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई, जिन्हें इस तरह के नारों से उकसाया गया। हालांकि, सरकारी वकील ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उक्त मामला बरेली ज़िले से संबंधित है, और उसमें जिस आरोपी नदीम खान का ज़िक्र है, वह यह आवेदक नहीं है। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए जांच के दौरान इकट्ठा की गई सामग्री, आवेदक को सौंपी गई भूमिका और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि आवेदक 7 अक्टूबर, 2025 से जेल में है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, कोर्ट ने उसे ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
ग्वालियर शहर के बड़ा गांव खुरैरी इलाके में मंगलवार रात 11 बजे दो परिवारों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। मामूली बात से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि पाल परिवार के लोगों ने राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। घूरकर देखने पर हुआ विवाद, फिर चलने लगीं गोलियांमृतक रमेश उर्फ पप्पू कुशवाह निवासी खुरैरी, मूल रूप से भिंड का रहने वाला था। मंगलवार रात जब पप्पू बाजार से अपने घर लौट रहा था, तभी आरोपी पक्ष के घर के सामने 'घूरकर देखने' की बात पर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। दोनों पक्ष से कई लोग झगड़े में शामिल हो गए। काफी देर तक मारपीट के बाद इसी बीच आरोपी अनार सिंह, सुखवीर, रामू और राजपाल ने राइफल निकाल ली और छत पर चढ़कर फायरिंग शुरू कर दी। परिवार के सामने ही दम तोड़ागोली चलते ही रमेश उर्फ पप्पू कुशवाह घर की तरफ भागा, लेकिन दरवाजे पर ही उसे गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बचाव करने आए पप्पू की पत्नी पुष्पा और उसके बेटे भी घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। 5 साल पुरानी रंजिश और 'भिंड कनेक्शन'पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ही परिवार मूल रूप से भिंड के रहने वाले हैं। करीब 5 साल पहले दोनों परिवारों ने बड़ा गांव खुरैरी में अपने मकान बनाए थे। पड़ोस में रहने के बावजूद इनके बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी, जो मंगलवार रात मौत के तांडव में बदल गई। इलाके में तनाव, फोर्स तैनातफायरिंग के बाद बड़ा गांव खुरैरी में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों को शांत करने के लिए पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर दिया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहनाइस मामले में मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल का कहनापुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में पथराव और फायरिंग हुई है। एक व्यक्ति की मौत हुई है और तीन घायल हैं। आरोपियों की पहचान हो गई है, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज पाक्सो मामले के प्रथम सूचना दाता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खोली गई अपनी हिस्ट्रीशीट को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की है। आशुतोष महाराज ने स्वयं अदालत में पेश होकर कहा कि उनके खिलाफ शामली जिले के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट खोली गई। याचिका में उनका कहना है कि जिन आपराधिक मामलों का हवाला देकर यह कार्रवाई की गई, उनमें कई मामलों में उन्हें ट्रायल के बाद बरी किया जा चुका है, कुछ मामलों की कार्यवाही स्थगित है। जबकि कई मामले धार्मिक संपत्ति से जुड़े दीवानी प्रकृति के हैं। यूपी सरकार से मांगा गया जवाब जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। इस मामले को अब 13 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत की मांग पर अगली तिथि पर विचार किया जाएगा। आशुतोष महाराज स्वयं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (पंजीकृत), मथुरा का अध्यक्ष बताते हैं और वे शाही ईदगाह–श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामलों में भी वादी हैं, जिनकी सुनवाई इलाहाबाद हाइकोर्ट में लंबित है। इसी आशुतोष महाराज के आवेदन पर प्रयागराज की स्पेशल पाक्सो कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और अन्य के खिलाफ कठोर पाक्सो कानून के तहत यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की उच्च स्तरीय जांच करायें और कार्रवाई करें। साथ ही स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में फंड की उपलब्धता के बावजूद पिछले 20 साल से निर्माणाधीन कार्डियोलॉजी भवन की मानीटरिंग करने को कहा है । फंड की कमी नहीं, प्राइवेट अस्पतालों की वजह से दशा खराब कोर्ट ने टिप्पणी की कि स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल की हालत फंड व सुविधाओं की कमी के कारण खराब नहीं बल्कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व लेक्चररों के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के बजाय प्राइवेट अस्पतालों में करने के कारण खराब है। ये सरकारी डाक्टर प्रयागराज में समानांतर मेडिकल इंडस्ट्री चला रहे, मरीजों को प्राइवेट नर्सिंग होम में लेजाकर सर्जरी करते हैं। कोर्ट ने याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 26मई नियत करते हुए मुख्य सचिव से कृत कार्रवाई की जानकारी मांगी है। कैबिनेट अनुमोदन की भी जानकारी मांगी कोर्ट ने अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता से अस्पताल के पक्ष में जमीन स्थानांतरित करने के कैबिनेट अनुमोदन की भी जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मोतीलाल नेहरू मेंडिकल कालेज के डाक्टर अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। इनके खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने में लापरवाही बरतने को लेकर उपभोक्ता फोरम की कार्यवाही की गई जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता सुरेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए 31314वर्गमीटर जमीन स्थानांतरित करने के लिए सभी विभागों से अनापत्ति प्राप्त हो गई है। कैबिनेट के अनुमोदन के लिए भेजा गया है। अनुमति मिलते हैं जमीन स्थानांतरित कर दी जाएगी। प्राचार्य डा विनोद कुमार पांडेय ने ब्वायज व गर्ल्स हास्टल के बारे में बताया कि भवन जर्जर है।खाली करने की नोटिस दी गई है।भवन ध्वस्त कर पुनर्निर्माण कराया जायेगा। प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका क्यों कोर्ट ने आश्चर्य प्रकट किया कि दो मंजिला कार्डियोलॉजी भवन का निर्माण 2006मे शुरू हुआ राजकीय निर्माण निगम निर्माण कर रहा। सरकार ने फंड मुहैया कराया है।अभी भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका।इसपर बताया गया कि अगस्त 26मे तैयार होकर क्रियाशील हो जायेगा। कोर्ट को बताया गया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डा संतोष कुमार सिंह व उनकी पत्नी डा एलाक्षी शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।जो एक्यूला हास्पिटल की डायरेक्टर हैं।जहां पर डा संतोष कुमार सिंह मरीज लेजाकर सर्जरी करते हैं।जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
गोरखपुर में DJ पर नाचने को लेकर हुई मारपीट:बारातियों को पीटने वालों को पुलिस ने दबोचा, दर्ज हुआ FIR
गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। कुछ युवकों ने मैरिज हॉल में घुसकर जमकर हंगामा किया, जिससे पूरे समारोह में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि हमलावरों ने बरातियों के साथ मारपीट की, उनकी गाड़ियों को तोड़ा और खाने को भी बर्बाद कर दिया। घटना के बाद समारोह में अफरा-तफरी मच गई। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कुल 7 लोगों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें से 3 नाबालिक को बाल सुधार में भेज दिया गया है। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला घटना सोमवार रात की है, जब हुमायूंपुर उत्तरी की रहने वाली सीता की बेटी की शादी नीलम मैरिज हॉल में सिकरीगंज के बनकटी ढेबरा के रहने वाले कमल के साथ हो रही थी। शादी का कार्यक्रम चल रहा था और बाराती डीजे पर डांस कर रहे थे। इसी दौरान तकरीबन रात करीब 10 बजे कुछ स्थानीय युवकों और बारातियों के बीच डांस को लेकर कहासुनी हो गई। पहले मामूली बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया। आरोप है कि कुछ युवक जबरन मैरिज हॉल के अंदर घुस आए और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने बारातियों को पीटा, वहीं बाहर खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, उन्होंने खाने-पीने के सामान को भी इधर-उधर फेंककर बर्बाद कर दिया। अचानक हुए इस हंगामे से शादी में शामिल लोग घबरा गए और माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर गोरखनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें सुमीत कन्नौजिया, समीर गौतम, राज उर्फ चाऊ और सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 3 नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भोपाल से जुड़े अवैध वन्यजीव शिकार और मांस तस्करी के बड़े नेटवर्क का वन विभाग ने खुलासा किया है। कार्रवाई गुना जिले के बीनागंज क्षेत्र में की गई, जहां से शिकारियों को पकड़कर इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि गिरोह हिरण, नीलगाय और सांभर जैसे वन्यजीवों का शिकार कर उनका मांस भोपाल लाता था। यहां रिंग रोड के आसपास ठिकानों पर इसे जमा कर देश के कई शहरों जैसे मुंबई, पुणे और दक्षिण भारत के साथ दुबई तक सप्लाई किया जाता था। इस पूरे नेटवर्क का मुख्य ट्रांजिट और वितरण केंद्र भोपाल बना हुआ था। भोपाल के कई होटल संचालक भी सीधे संपर्क में आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह हर हफ्ते कम से कम तीन शिकार करता था। रायसेन, गुना, नर्मदापुरम, नजीराबाद और सिरोंज के जंगलों में नियमित रूप से शिकार किया जाता था। सालभर में 200 से ज्यादा वन्यजीवों के शिकार और पिछले पांच वर्षों में यह संख्या 1000 के पार पहुंचने का अनुमान है। जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि वन विभाग का रिटायर्ड रेंजर नियामत हासमी भी इस गिरोह में शामिल था। वह शिकार के लिए लोकेशन और तरीके बताने के साथ मांस के लेन-देन में मदद करता था। बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए उसकी संलिप्तता के प्रमाण भी मिले हैं। गिरोह केवल भरोसेमंद ग्राहकों को ही मांस बेचता था। जांच में यह भी सामने आया कि भोपाल के कुछ होटल संचालकों से इनके सीधे संपर्क थे। कार्रवाई के दौरान एमपी-09 सीके 8530 नंबर की कार से वन्यजीवों का मांस और हथियार बरामद किए गए। जब्त सामान में दूरबीन लगी सिंगल नाल बंदूक, तीन छुरियां, एक बका, एक शार्पनर और सात जिंदा कारतूस शामिल हैं। फिलहाल वन विभाग पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटा है।
ग्वालियर के मुरार स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) में पदस्थ एक एक्स-रे टेक्नीशियन की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजन को सूचना दी। मृतक 34 वर्षीय एसए शिंदे मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले थे। वे ग्वालियर में आर्मी क्वार्टर में अकेले रहते थे। बताया गया है कि 4 मई को दोपहर करीब पौने 12 बजे उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार खराब होती गई और मंगलवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार के मेडिकल ऑफिसर मेजर आशनिल त्रिपाठी ने मामले की सूचना मुरार थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस में रखवा दिया है। पत्नी और भाई को दी सूचनामिलिट्री हॉस्पिटल प्रबंधन और मुरार थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी कविता शिंदे और भाई विजय शिंदे को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिजन मंगलवार को ग्वालियर पहुंच गए। पत्नी ने अस्पताल अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी है। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि एक्स-रे टेक्नीशियन की इलाज के दौरान मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
हाथरस में प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश उर्फ सोनू हत्याकांड में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने से घायल अवस्था में पकड़ा गया, जबकि एक अन्य को कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 7 अप्रैल का है, जब सहपऊ कोतवाली क्षेत्र में जलेसर रोड पर एक नाले से प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश उर्फ सोनू का शव बरामद हुआ था। उसकी हत्या कर शव को फेंका गया था। इस हत्याकांड में दिल्ली वाला मोहल्ला निवासी कमल और उसके भाई गौरव के खिलाफ मकान हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। कमल और गौरव को दिल्ली पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सोनू हत्याकांड में शामिल कुछ आरोपी सुसायत कला मोड़ पर मौजूद हैं और भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार में कुछ युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने कार सवारों को रुकने का इशारा किया और घेराबंदी की। इस पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। एक अन्य आरोपी को पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान पकड़ लिया। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने विवेक शर्मा उर्फ छोटू (निवासी खमानी गढ़ी, थाना सादाबाद), विशाल शर्मा (निवासी रामलीला ग्राउंड वाली गली, हाथरस), मौनिस कांत शर्मा (निवासी चित्रकूट बगीची, हाथरस) और मोनू कुशवाह (निवासी मोहल्ला मुकुंदपुर बिसावर, थाना सादाबाद) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से स्विफ्ट कार, तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
लखीमपुर में उत्तर खीरी वन प्रभाग की मझगई रेंज के नौनिया बीट जंगल में मंगलवार सुबह एक वयस्क बाघिन का शव मिला। वन विभाग को 05 मई 2026 को सुबह करीब 6 बजे इसकी जानकारी मिली। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी और उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल पर बाघों के आपसी संघर्ष के संकेत मिले हैं। वन विभाग के अनुसार, मौके पर दूसरे बाघ के पगमार्क पाए गए हैं। मृत बाघिन के नाखूनों में अन्य वन्य जीव या बाघ के बाल भी फंसे मिले हैं। इसके अलावा, बाघिन के शरीर पर नाखूनों और केनाइन दांतों के स्पष्ट निशान भी मौजूद थे।अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघिन की मौत किसी अन्य बाघ के साथ हुए संघर्ष का परिणाम प्रतीत होती है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही हो सकेगी।वन विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञों का एक पैनल गठित किया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के मानक प्रोटोकॉल के तहत पूरी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।
मेरठ के कृष्णा नगर डोरली में हुए अग्निकांड ने पीड़ित परिवारों को तोड़कर रख दिया है। दोनों ही परिवार फिर से उठ खड़े होने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। जिंदगी में अब तक जो कुछ जुटाया था, सबकुछ खो दिया है। इस हादसे ने उन्हें इतने गहरे जख्म दिए हैं, जिनका जल्दी भर पाना संभव ही नहीं दिखता। मंगलवार को सागर का परिवार शहर से जुड़ी इन बुरी यादों को लेकर अपने गांव लौट गया। अस्पताल में संजय की पत्नी सरिता, बेटा आशु व बेटी भावना उपचाराधीन हैं। तीन तस्वीरें देखें… पहले जानते हैं हादसे के बारे मेंमेरठ के रुड़की रोड स्थित रोशनपुर डोरली में सतीश का मकान है, जिसमें रोहटा निवासी सागर और बना मसूरी मवाना रोड निवासी संजय अपने परिवार के साथ रह रहे थे। इसी मकान में एक तीसरा किराएदार अरुण पुत्र रोहताश निवासी रोहटा भी अकेला रहता था। जबकि अगले हिस्से में डोरली निवासी कृष्णपाल टेंट की दुकान चलाता था। रविवार आधी रात को जब यह परिवार सोए थे, तभी मकान के अगले हिस्से में आग लग गई और पूरा परिवार अंदर फंस गया। बेहोश होकर गिरा पूरा परिवार करीब पंद्रह मिनट तक यह परिवार खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास करते रहे लेकिन फिर इतना गहरा काला धुआं कमरों में पहुंच गया कि वह हिम्मत हार गए और बेहोश होकर वहीं गिर गए। पल्लवपुरम पुलिस और दमकल की टीमों ने कांति पत्नी भूषण गिरी, ज्योति पत्नी सागर, शिव पुत्र सागर, करन पुत्र सागर, सरिता पत्नी संजय, आशु पुत्र संजय, प्रिंस पुत्र संजय, करन पुत्र संजय, भावना पुत्री संजय के अलावा अरुण पुत्र रोहताश को भर्ती कराया जबकि सागर व उसकी बेटी शिवानी की दम घुटने के कारण मौत हो गई। सबकुछ छोड़ गांव लौटा परिवार मंगलवार को सागर के परिवार के सदस्यों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। मां कांति, पत्नी ज्योति, बेटे शिव व करण को स्वास्थ्य में सुधार के बाद रिलीव कर दिया गया। रोहटा गांव से काफी ग्रामीण वहां पहुंचे थे जो पूरे परिवार को लेकर गांव लौट गए। हालांकि सागर व शिवानी का एक दिन पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीन लोग अभी अस्पताल में भर्ती मंगलवार को संजय के बेटे करण व प्रिंस को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अब अस्पताल में बड़ा बेटा आशु व बेटी भावना भर्ती हैं। पत्नी सरिता भी आईसीयू में है। आशु व भावना के सीने में धुआं जम चुका है, जिस कारण खासी ठीक नहीं हो रही है। खासी आती है तो बलगम निकलता है और साथ निकलती है अंदर जमी गंदगी। सरिता को भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मंजर याद कर सहम जाती है भावना परिजनों की मानें तो चुलबुली भावना इस हादसे के बाद सदमे में है। वह किसी से ज्यादा बात नहीं कर रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान भावना ने बताया कि करीब पंद्रह मिनट वह एक कमरे में बंद रहे लेकिन जैसे ही धुआं घुसा बारी बारी सब बेहोश होते चले गए। वह उस मंजर को याद कर सहम जाती है। मकान के मुख्य दरवाजे पर लटका तालादो दिन पहले तक जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब अजीब सा सन्नाटा पसर गया है। ना जाने किसकी नजर इन परिवारों को लग गई। इन परिवारों के द्वारा जो कुछ जोड़ा गया था, वह लगभग सभी खाक हो चुका है। फिलहाल घर पर ताला डालकर सबकुछ वहीं छोड़ दिया गया है। परिवार को लेकर शहर शिफ्ट होंगे संजय रोहटा निवासी सागर अपने परिवार के साथ काफी समय से इस मकान में रहते चले आ रहे थे। वह फास्ट फूड का काम कर अपनी जीविका चलाते थे जो हादसे के बाद काफी पीछे छूट गया है। संजय डेढ़ माह पहले ही इस मकान में शिफ्ट हुए थे। वह बुढ़ानागेट की पेपर मार्किट में काम करते हैं। मकान के अंदर जो कुछ था, सबकुछ खाक हो चुका है। ऐसे में संजय अपने परिवार को लेकर अब शहर के भीतर शिफ्ट होने का मन बना चुके हैं।
महोबा में एक बेकाबू कार ने दो बाइकों को टक्कर मार दी, जिससे एक मासूम बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी चालक कार सहित मौके से फरार हो गया। स्थानीय युवक की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झांसी रेफर कर दिया गया है। घटना महोबा शहर के मुकुंद लाल इंटर कॉलेज के पास हुई। जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी गणेशी प्रजापति (35) अपनी पत्नी गंगावती और बेटी अंशिका (12) के साथ एक शादी समारोह से घर लौट रहे थे। उनकी बाइक जैसे ही मुकुंद लाल इंटर कॉलेज के पास पहुंची, सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। आरोपी चालक रुकने के बजाय गाड़ी को और तेज भगाने लगा। भागने की इसी कोशिश में उसने एक अन्य बाइक सवार, 20 वर्षीय रविंद्र को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे रविंद्र भी गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक कार सहित मौके से फरार होने में सफल रहा। हादसे के समय पास ही अपने बालू डंप पर बैठे जीतू यादव ने यह मंजर देखा। उन्होंने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और बिना वक्त गंवाए 108 एंबुलेंस को फोन किया। जीतू यादव सभी घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत घायलों का प्राथमिक इलाज शुरू किया। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर शिशुपाल ने बताया कि गणेशी, गंगावती और अंशिका की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, रविंद्र की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए झांसी के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
कानपुर नगर आयुक्त से मिलने पहुंची MLA नसीम सोलंकी:पार्क, सड़क और पानी की समस्याएं के बारें में बताया
कानपुर की सीसामऊ विधानसभा से विधायक नसीम सोलंकी मंगलवार को नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त को पत्र सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। बैठक में विधायक ने वार्ड-15 मकराबर्ट गंज के नयापुरवा इलाके में दलित समाज के लिए कम्युनिटी हॉल (बरातशाला) बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यह निर्माण उनकी विधायक निधि से प्रस्तावित है, लेकिन कई महीनों से एनओसी लंबित होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों में परेशानी हो रही है। पार्कों के सौंदर्यीकरण पर जोरविधायक ने अछूतानंद पार्क और मोहम्मद अली पार्क के सौंदर्यीकरण की मांग भी प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा कि इन पार्कों की हालत सुधारने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। बैठक में केस्को द्वारा अंडरग्राउंड लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत न होने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पैचवर्क के लिए धनराशि जमा होने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, जिससे लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पेयजल संकट का भी उठाया मुद्दाविधायक ने क्षेत्र में पेयजल की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया और तत्काल समाधान की मांग की। नगर आयुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा।
शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने मंगलवार को कलेक्टर शिवम वर्मा के समक्ष गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद कोडवानी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, जिसके तहत मेट्रो अधिकारियों के साथ कलेक्टर के समक्ष सुनवाई हुई। कोडवानी ने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कामों से भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और इससे संपूर्ण जल प्रणाली प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण प्रभाव आकलन की आवश्यक रिपोर्ट लिए बिना ही काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। अनुमतियों को लेकर उठाए सवाल उन्होंने मेट्रो अधिकारियों पर आवश्यक अनुमतियां नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल ओपिनियन लेना पर्याप्त नहीं है। विशेष रूप से हेरिटेज क्षेत्र से संबंधित नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 300 मीटर की परिधि में निर्माण कार्य पर प्रतिबंध है, जिसका पालन स्पष्ट रूप से नहीं किया जा रहा। अलाइनमेंट में बदलाव पर भी आपत्ति कोडवानी ने मेट्रो रूट के बार-बार बदलने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रारंभिक योजना और वर्तमान प्रस्ताव में कई बदलाव किए गए हैं, जिससे स्पष्टता का अभाव है। उन्होंने कहा कि पहले जिन स्थानों से मेट्रो प्रस्तावित थी, अब वहां से हटाकर अन्य क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। व्यापार पर असर की आशंका एमजी रोड पर लंबे समय तक निर्माण कार्य चलने की स्थिति में व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका भी व्यक्त की गई। कोडवानी ने कहा कि यदि 3 से 5 वर्षों तक निर्माण काम चलता है तो शहर की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं और राजस्व में भी गिरावट आ सकती है। नियमों के पालन की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि परियोजना से जुड़े सभी नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कहा कि यदि सभी आवश्यक अनुमतियां विधिवत प्राप्त कर ली जाती हैं तो उन्हें प्रोजेक्ट से कोई आपत्ति नहीं है। बैठक में शहर से जुड़े अन्य पांच प्रशासनिक मुद्दों पर भी प्रारंभिक चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन बिंदुओं पर संबंधित विभागों के साथ अलग से बैठक कर विस्तृत निर्णय लेने का आश्वासन दिया। प्रशासन करेगा बिंदुवार समीक्षा कलेक्टर स्तर पर हुई इस बैठक के बाद अब संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सभी मुद्दों पर बिंदुवार समीक्षा किए जाने की बात कही गई है। प्रोजेक्ट को लेकर आगे की कार्रवाई नियमों के अनुरूप किए जाने पर जोर दिया गया है।
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में मंगलवार को शादी के दिन ही एक युवती की जिंदगी में बड़ा मोड़ आ गया। आरोप है कि उसके प्रेमी ने शादी रुकवाने की नीयत से निजी वीडियो और तस्वीरें वायरल कर दीं, जिससे ससुराल पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया। मामला गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती से जुड़ा है, जिसकी शादी नौगांव थाना क्षेत्र के लुगासी गांव में तय हुई थी। आज (मंगलवार) बारात आने की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और घर में शादी का माहौल था, लेकिन इसी बीच आरोपी युवक ने युवती से जुड़े निजी फोटो और वीडियो लड़के पक्ष को भेज दिए। लड़के पक्ष ने शादी से इनकार कियावीडियो सामने आने के बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई, जिसमें लड़के पक्ष ने शादी से साफ इनकार कर दिया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से शादी का माहौल मातम में बदल गया। इसके बाद युवती अपने परिजनों के साथ सीधे गढ़ीमलहरा थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। गढ़ीमलहरा थाना प्रभारी रीता सिंह के मुताबिक, युवती की शिकायत पर गढ़ीमलहरा निवासी आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटीवहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि शादी की तैयारियों में करीब लाखों रुपए खर्च हो चुके थे, जिसमें मंडप, दान-दहेज और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। परिवार का आरोप है कि इस घटना से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी गहरा आघात पहुंचा है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
महू के रावली गांव में एक बारात पर पथराव हुआ, जिसमें एक बच्ची समेत तीन बाराती घायल हो गए। यह घटना धार जिले के कुआं गांव से आंबाचंदन आई बारात के लौटते समय हुई। घायलों को मध्यभारत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और देर रात पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुआं गांव निवासी रमेश मुवेल की बारात महू के रावली गांव पहुंची थी। बारात तय समय सुबह 12 बजे से देरी से पहुंची, जिस पर लड़की पक्ष ने 2000 रुपए का जुर्माना लगाया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद लड़के पक्ष ने 1000 रुपए देकर मामला सुलझाया और विवाह की रस्में पूरी की गईं। बारात पर किया पथराव विवाह पूरा होने के बाद शाम करीब 6 बजे जब बारात वापस लौट रही थी, तो माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में बारात को सुरक्षित निकाला जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने छिपकर पथराव शुरू कर दिया। पथराव करने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। पथराव में ये हुए घायल इस पथराव में प्रताप चौहान (20), गोविंद चौहान (18) और 10 वर्षीय मीनाक्षी मुवेल घायल हो गए। मीनाक्षी के सिर में चोट लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सभी घायलों को तुरंत मध्यभारत अस्पताल ले जाया गया। कार ड्राइवर ने क्या बताया? बारात की गाड़ी चला रहे कैलाश चौहान ने बताया कि विवाह शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ था, लेकिन वापसी के दौरान अचानक हुए पथराव से स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमला हुआ, जिससे बाराती दहशत में आ गए। केस दर्ज महू थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने रावली गांव में हुई इस घटना के संबंध में केस दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
गोरखपुर में बुधवार को बड़े पैमाने पर बिजली कटौती:कई प्रमुख फीडर बंद रहेंगे, विभाग ने सहयोग की अपील
गोरखपुर में बुधवार को बिजली विभाग की ओर से बड़े स्तर पर कार्य कराए जाएंगे। सीएम ग्रीड योजना, सड़क चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग और पोल बदलने के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने बताया कि ये सभी कार्य जरूरी विकास और रखरखाव से जुड़े हैं, ताकि भविष्य में बेहतर और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद जताते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की है। राप्ती नगर क्षेत्र में दोपहर तक बिजली बंद33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर ओल्ड और राप्ती नगर न्यू से जुड़े कृष्णा नगर, दूरदर्शन, पत्रकार पुरम, करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। यहां सीएम ग्रीड योजना और सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा। टाउनहॉल और रुस्तमपुर में पोल बदलने का कामविद्युत उपकेंद्र टाउनहॉल की 33 केवी लाइन और उपकेंद्र रुस्तमपुर के कैंट व टाउनहॉल फीडर पर पोल बदले जाएंगे। इसके चलते इन इलाकों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बक्शीपुर, शाहपुर और इंडस्ट्रियल क्षेत्र भी प्रभावितसड़क चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के तहत विद्युत उपकेंद्र बक्शीपुर के दीवान बाजार, कोतवाली, बक्शीपुर और मानचौरा फीडर, इंडस्ट्रियल स्टेट के पश्चिमी जनप्रिय फीडर तथा शाहपुर के खरईया फीडर की बिजली सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी।
शहर की सड़कों पर अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल शहर में निरीक्षण करने निकले थे। यहां तमाम अव्यवस्थाएं मिली। निरीक्षण के दौरान रैना विला रोड पर गिट्टी और बालू गिराकर रास्ता बाधित करने व नाली जाम करने की शिकायत हुई। इस मामले में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दो व्यक्तियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही तत्काल सड़क से निर्माण सामग्री न हटाने पर संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आवागमन बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नगर आयुक्त सबसे पहले वरुणापार क्षेत्र के भक्ति नगर पहुंचे थे। यहां नालों की सफाई का कार्य उन्हें संतोषजनक मिला। वहीं सफाई के बाद निकाला गया कूड़ा और सिल्ट सड़क किनारे देख उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सामान्य विभाग के अधिशासी अभियंता से नाला सफाई के 24 घंटे के भीतर हर हाल में सिल्ट का उठान सुनिश्चित कराने का सख्त निर्देश दिया ताकि क्षेत्रीय जनता को दुर्गंध और गंदगी से निजात मिल सके।
यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस केस में पुलिस और बदमाश के बीच आज रात मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी अमन घायल हो गया। आरोपी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ थाना छप्पर क्षेत्र में कुलपुर गांव के मोड पर हुई, जहां अपराध शाखा-2 की टीम ने बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की थी। इसी दौरान पानीपत जिले के गोयला कला निवासी आरोपी अमन ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस दौरान सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। दोनों तरफ से हुई करीब 15 राउंड फायरिंग के बीच अमन को काबू कर लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से काबू कर लिया और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फायरिंग केस से जुड़ा है आरोपी पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी अमन का संबंध हाल ही में भूरे का माजरा गांव में हुई फायरिंग की वारदात से जोड़ा जा रहा है। इस घटना में पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बंद पड़े घर पर 16 से 17 राउंड फायरिंग की थी। वारदात के दौरान सामने वाले घर में रह रहे उनके साले अंकित पर भी जानलेवा हमला किया गया था, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। मौके से पुलिस को 17 खाली खोल बरामद हुए थे और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। गैंग कनेक्शन की जांच तेज इस मामले में पहले ही गैंगस्टर एंगल सामने आ चुका है। शिकायतकर्ता ने फायरिंग के पीछे गैंगस्टरों का हाथ होने की आशंका जताई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि यह वारदात रंगदारी या आपसी गैंग रंजिश से जुड़ी हो सकती है। अब आरोपी अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। उससे पूछताछ कर अन्य आरोपियों और साजिश में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
6 साल की बच्ची से रेप, आरोपी फरार:घर के बाहर खेल रही थी, बहला-फुसलाकर झाड़ियों में ले गया
लखीमपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का मुआयना किया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर को बच्ची स्कूल से लौटने के बाद अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान रत्तासरांय निवासी 34 साल का युवक वहां पहुंचा। वह बच्ची को बहला-फुसलाकर गांव के पास स्थित सुनसान झाड़ियों की तरफ ले गया। काफी देर तक जब बच्ची घर के आसपास नहीं दिखी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए परिजन जब झाड़ियों की तरफ पहुंचे, तो आरोपी उन्हें आता देख मौके से झाड़ियों के रास्ते भागने में सफल रहा। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने स्थिति का जायजा लिया और फोरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। पीड़ित परिवार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।। एसएसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है
जबलपुर में लेंसकार्ट विवाद के बाद अब पैंटालूंस शोरूम में तिलक और कलावा को लेकर नया विवाद सामने आया है। शोरूम के एक कर्मचारी ने प्रबंधन पर धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का आरोप लगाया है। कर्मचारी शुभम सेन के अनुसार, उन्हें चार दिन पहले तिलक लगाने और हाथ में कलावा बांधने से मना किया गया। उन्हें बताया गया कि कंपनी की पॉलिसी के तहत शोरूम में किसी भी धर्म का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। शुभम का आरोप है कि उनसे जबरन तिलक हटवाया गया और कलावा भी कटवाया गया। इस घटना से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद उन्होंने दो दिन पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। शोरूम के बाहर प्रदर्शन, मालिक को कलावा बांधा मामला सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने पैंटालूंस शोरूम के बाहर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने शोरूम संचालक को चेतावनी दी कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने ऐसी घटना दोबारा होने पर शोरूम में तालाबंदी की भी चेतावनी दी। प्रदर्शन के दौरान, शोरूम के मालिक नितिन को मंत्रोच्चार के साथ तिलक लगाया गया और कलावा बांधा गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और यदि कोई अपराध सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरीखा चौराहे के पास करीब साढ़े नौ बजे लोडिंग वाहन और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ग्वालियर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर सवार तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में लायक सिंह कुशवाह, मुकेश सिंह, दाताराम सिंह शामिल है। घटना के बाद बारात में जा रहे लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने आक्रोश में हाईवे पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि डायल-112 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन पुलिस की एफआरबी टीम के समय पर न पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें निजी वाहन से तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। खबर लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी और पुलिस के देरी से पहुंचने को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त था।
लखनऊ में ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल धूमधाम से मनाया गया। आवासीय जन कल्याण सेवा समिति सेक्टर 12 इंदिरानगर में इस विशेष अवसर पर भंडारा और सुंदर कांड का आयोजन हुआ। इस में क्षेत्रीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरा दिन प्रसाद वितरण जारी रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में मंत्री असीम अरुण , विधायक ओपी श्रीवास्तव , पूर्व सांसद अशोक वाजपेई समेत बड़ी संख्या में सियासी और सामाजिक लोगों का जमावड़ा लगा। सेक्रेटरी सुनील त्यागी ने कहा कि इस भंडारा आयोजन सोसाइटी के लोग अहम भूमिका अदा करते है। बड़ा मंगल यह खास पर्व है जिसका समिति के सभी लोगों को इंतजार रहता है। यह पर्व हमारी तहजीब और संस्कृति का हिस्सा है। जैसा हमारे बड़े बुजुर्गों ने बताया कि हमारे शहर से ही सबसे पहले भंडारा की शुरुआत हुई और आज पूरे भारत में भंडारा एक महा पर्व बन गया है। सुबह से ही आयोजन स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी। भगवान हनुमान के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण गूंज उठा। सुनील त्यागी ने बताया कि क्षेत्र के सभी लोगों ने इस भंडारा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यहां सभी लोग सेवा भाव से काम करते हैं, हनुमान जी में सभी लोगों की अपार श्रद्धा है इस वजह से बड़े मंगल का हमेशा से इंतजार रहता है। सुनील त्यागी, प्रभु नाथ , सुधा शर्मा, पूनम शर्मा , मंजू कुशवा , अंजलि रावत , सुशीला गुप्ता , पारुल , सुमिता समेत तमाम लोगों ने हिस्सा लिया।
सहारनपुर पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के एक संवेदनशील मामले में सफलता हासिल की है। मंगलवार को पुलिस ने अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है और आरोपी सूफियान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2025 को थाना चिलकाना पुलिस को एक महिला ने लिखित शिकायत दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी को गांव खेडामेवात का रहने वाला युवक सूफियान पुत्र फरजन्द बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना चिलकाना में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने किशोरी की तत्काल बरामदगी के निर्देश दिए। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सिमरन सिंह (IPS) के नेतृत्व में एएचटीयू और थाना चिलकाना की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मंगलवार को दिल्ली रोड से किशोरी को बरामद कर आरोपी सूफियान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सूफियान पहले भी इसी किशोरी को भगाने के मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2024 में भी उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद वह जेल गया था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दोबारा नाबालिग को अपने साथ भगा लिया। पुलिस ने वर्तमान मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। बरामदगी और गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई नितिन कुमार, महिला उपनिरीक्षक दीक्षा, महिला उपनिरीक्षक सुमन, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार और महिला हेड कांस्टेबल सुनीता शामिल थीं। पुलिस ने बताया कि किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (आवास एवं नगर विकास) पी. गुरुप्रसाद ने मंगलवार को प्रयागराज का दौरा किया। उन्होंने नगर निगम के ऐतिहासिक सदन और चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शहर में प्रस्तावित कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सराहना की और उन्हें जल्द शुरू करने के संकेत दिए। नगर निगम के स्मार्ट सिटी हॉल में आयोजित बैठक में महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने शहर की जरूरतों को देखते हुए कई प्रस्ताव प्रमुख सचिव के समक्ष रखे। इनमें राम सेतु प्रोजेक्ट की डीपीआर पेश की गई और इसके लिए बजट की मांग की गई। साथ ही, कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए 'किताबघर' के पास चिन्हित भूमि पर वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण पर भी चर्चा हुई। बैठक में ऐतिहासिक मोहल्ला दारागंज को 'हेरिटेज लुक' देने और वहां विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि पर भी विचार किया गया। पत्थर गिरजाघर के पास स्थित जीजीआईसी परिसर में कार्यालय और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर भी मंथन हुआ। प्रमुख सचिव ने केवल मुख्य शहर ही नहीं, बल्कि नैनी और अरैल क्षेत्र के विकास पर भी जोर दिया। शिवालय पार्क और हॉस्पिटल के पीछे की खाली भूमि पर जनोपयोगी परियोजनाओं को पीपीटी मॉडल के जरिए प्रस्तुत किया गया। निरीक्षण और प्रेजेंटेशन के बाद प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन स्तर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा, पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज और नगर निगम के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय कैबिनेट ने एमपी के नागदा जंक्शन से मथुरा के बीच अतिरिक्त तीसरी और चौथी नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। इसके निर्माण में 16,403 करोड़ की लागत आएगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुंबई व्यस्त रूट पर यातायात कम करने के लिए नागदा-मथुरा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन (570 किमी) परियोजना को मंगलवार को मंजूरी दी है। करीब 16,403 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना लगभग 568 किलोमीटर लंबी है, जो मध्य प्रदेश के नागदा से उत्तर प्रदेश के मथुरा से कोटा और राजस्थान के भरतपुर के रास्ते होकर गुजरेगी। इस रूट पर मौजूदा समय में ट्रेनों का दबाव काफी अधिक है, जिसके चलते यात्रियों को अक्सर देरी का सामना करना पड़ता है। नई लाइनें बिछने के बाद ट्रैफिक का बोझ कम होगा और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। यह रेल खंड 'स्वर्ण चतुर्भुज' के दिल्ली-मुंबई रूट का हिस्सा है। वर्तमान में यहां लाइनों पर क्षमता से अधिक बोझ है। फिलहाल यहां दो लाइनें हैं जिन पर पैसेंजर और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से मालगाड़ियों और सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक मिल सकेगा। भीड़ कम होने से ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और दिल्ली-मुंबई के बीच का यात्रा समय कम होगा। इस परियोजना से लगभग 4,161 गांवों और 83 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इस रूट से कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न और पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई बहुत आसान हो जाएगी। सालाना लगभग 60 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) अतिरिक्त माल ढोने की क्षमता विकसित होगी। रेलवे परिवहन का सबसे स्वच्छ माध्यम है। इस प्रोजेक्ट से डीजल की खपत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी (अनुमानित 37 करोड़ लीटर तेल की बचत)। भरतपुर के लिए गेम चेंजर होगी परियोजना जिले के कृषि उत्पाद, पत्थर उद्योग और डेयरी सेक्टर को तेज व सस्ता परिवहन मिलेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा होगा। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, जबकि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रेलवे संचालन, रखरखाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़े नए अवसर भी पैदा होंगे। गजट अधिसूचना के बाद प्रक्रियाएं सरल होने से देरी की संभावना भी कम मानी जा रही है। मथुरा-नागदा प्रोजेक्ट से यूपी को क्या लाभ उत्तर प्रदेश के लिहाज से यह परियोजना कई मायनों में गेम चेंजर साबित होने जा रही है। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन को नई गति मिलेगी। खासतौर पर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से देश-विदेश से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही भरतपुर और आसपास के इलाकों में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान जैसे पर्यटन स्थल भी बेहतर रेल संपर्क का लाभ उठाएंगे।
सुल्तानपुर में नेशनल हाईवे-731 फोरलेन पर मंगलवार को एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें सड़क किनारे खड़ी एक यात्री बस को पीछे से आ रहे डीसीएम ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा कोथरा कला महारानी पश्चिम रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, विशाखापट्टनम से तीर्थयात्रियों को लेकर अयोध्या में रामलला के दर्शन कराने के बाद बस (यूपी 65 क्यूटी 0890) वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर जा रही थी। रास्ते में यात्री नित्यक्रिया के लिए हाईवे किनारे रुके हुए थे, तभी यह हादसा हो गया। सी दौरान रामपुर से मिर्चा लादकर जौनपुर जा रही डीसीएम अनियंत्रित होकर पीछे से बस में जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और 4 लोगों को हल्की चोटें आईं। डीसीएम का खलासी भी घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही हाईवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। प्राथमिक इलाज के बाद सभी यात्रियों को पुलिस की मदद से दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बृज 84 कोस परिक्रमा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से पलवल डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने होडल के विधायक हरेंद्र सिंह के साथ परिक्रमा मार्ग का दौरा किया। उन्होंने डाढका, सौंध, बंचारी, डकोरा, मर्रोली, खाम्बी, लिखी और हसनपुर सहित विभिन्न गांवों में व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने परिक्रमा मार्ग में बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिक्रमा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं की कोई कमी न रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं के विश्राम शिविरों में समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश निरीक्षण के दौरान, बंचारी गांव में दाऊजी मंदिर पर और डकोरा में आरओ वाटर सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने बंचारी स्थित दाऊजी मंदिर में दर्शन भी किए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परिक्रमा मार्ग से पानी की निकासी बेहतर ढंग से व्यवस्थित हो। डीसी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर बदलने की आवश्यकता है, वहां नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम शिविरों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी समुचित व्यवस्थाएं होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर देते हुए परिक्रमा मार्ग की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। ज 84 कोस परिक्रमा पूरी तरह सुगम और सुरक्षित होनी चाहिए डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देशों की पुष्टि करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। होडल के विधायक हरेंद्र सिंह ने भी दोहराया कि सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि बृज 84 कोस परिक्रमा पूरी तरह सुगम और सुरक्षित होनी चाहिए, ताकि किसी भी यात्री को कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि मार्ग के कुछ स्थानों पर गड्ढे और जलभराव की समस्या सामने आई है, जिनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस अवसर पर उनके साथ एसडीएम बलीना, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया सहित मार्ग में पड़ने वाले गांवों के पंच-सरपंच मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की अजमेर टीम ने मंगलवार को डीडवाना-कुचामन जिले में कार्रवाई की। टीम ने जिले की सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक सहकारी सोसायटी में हुए गबन के मामले को हटाने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। 1 लाख में हुआ था सौदा एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया- परिवादी ने शिकायत दी थी कि सहकारी समितियां डीडवाना-कुचामन के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण उसे परेशान कर रहे हैं। परिवादी को राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत गबन के आरोपों के संबंध में नोटिस जारी हुए थे। इन नोटिसों का फैसला परिवादी के पक्ष में करने के बदले आरोपी अधिकारी ने एक लाख रुपए की डिमांड की थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद डीआईजी नारायण टोगस और एएसपी वंदना भाटी के निर्देशन में टीम गठित की गई। निरीक्षक नरेंद्र सिंह राठौड़ की टीम ने दबिश देकर पीथदान चारण को रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों की भी जांच कर सकता है।
सुल्तानपुर के कोतवाली चांदा क्षेत्र में मंगलवार को एक सड़क हादसे में 80 वर्षीय वृद्धा की मौत हो गई। यह घटना लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग 731 पर बैतीकला गांव के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पार कर रही महिला को टक्कर मार दी। मृतका की पहचान बभनपुर थाना चांदा निवासी तेजाऊ पत्नी दयाशंकर गुप्ता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और चालक नियंत्रण खो बैठा। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर फरार वाहन और उसके चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। वही घटना के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अनूपपुर में फूफा ने भतीजी से रेप किया:9वीं की छात्रा 5 महीने की गर्भवती, आरोपी को भेजा जेल
अनूपपुर के भालूमाड़ा में एक फूफा ने अपनी ही 15 साल की मानसिक रूप से कमजोर भतीजी से रेप किया, जिससे वह 5 महीने की गर्भवती हो गई। पीड़िता के माता-पिता ने अपनी बेटी को 9वीं की पढ़ाई के लिए फूफा सीताराम केवट के घर भेजा था। आरोपी इसका फायदा उठाकर बुआ की गैर-मौजूदगी में लड़की के साथ दरिंदगी करता रहा। उसने किसी को कुछ न बताने की धमकी भी दी थी, जिससे डरी-सहमी बच्ची चुप रही। प्रेग्नेंसी से खुला राज हाल ही में किशोरी के पेट में दर्द हुआ और शरीर में बदलाव दिखे, तब जाकर उसके गर्भवती होने की बात सामने आई। हैरान करने वाली बात यह है कि 2 महीने पहले मां ने आरोपी को गलत हरकत करते पकड़ा भी था, लेकिन तब सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ पाई थी। आरोपी पहुंचा जेल रविवार रात शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी फूफा पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
सहारनपुर में हत्या के प्रयास के दो आरोपी अरेस्ट:रास्ते के विवाद में परिवार पर हमला करने वाले पकड़े
सहारनपुर पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को मंगलवार को अरेस्ट किया है। यह कार्रवाई एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना नागल पुलिस ने की है। यह मामला 30 मार्च 2026 का है। नन्हेड़ा बुड्ढाखेड़ा निवासी इकराम पुत्र बंदा ने पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव के ही सावेज, नफीस, मोहतरम, रहमान और तालिब ने आपसी रंजिश और रास्ते के विवाद को लेकर उनके परिवार पर हमला किया था। हमलावरों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और फावड़े से इकराम के पुत्र जीशान, फैजान, बहू अफसाना और अलफिशा के साथ मारपीट की। आरोप है कि मोहतरम ने जीशान के सिर पर फावड़े से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बचाया। जाते-जाते आरोपियों ने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। शिकायत के आधार पर थाना नागल पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को थाना नागल प्रभारी संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान दो वांछित अभियुक्तों रहमान पुत्र नूरहसन और तालिब पुत्र मोहतरम को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें गांव नन्हेड़ा बुड्ढाखेड़ा से ताशीपुर जाने वाले मार्ग के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस टीम में एसआई योगेन्द्र चौधरी, हेड कांस्टेबल कमल किशोर और कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उदयपुर के 28 आईवीएफ सेंटर्स का निरीक्षण किया। इनमें कई जगह विभाग को लापरवाही मिली। इस पर दो IVF सेंटर के संचालन में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उनका रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आईवीएफ की आड़ में अवैध अंडा तस्करी के दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। विभाग ने प्रदेश में संचालित IVF सेंटर्स में पारदर्शिता, वैधानिक अनुपालन एवं नैतिक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की। विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- पिछले दिनों उदयपुर जिले के आईवीएफ सेंटर्स पर अनियमितताओं की सूचनाएं मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। टीम ने यहां की कार्रवाई राज्य स्तर पर एआरटी और सरोगेसी के राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। साथ ही उदयपुर जिले में रजिस्टर्ड सभी आईवीएफ सेंटर्स की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीम का गठन कर औचक निरीक्षण कराया गया। इन टीमों ने उदयपुर में 28 केंद्रों का निरीक्षण किया। राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम ने 2 मई को उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल और आईवीएफ सेंटर का निरीक्षण कर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक (लेवल-2) एवं सरोगेसी क्लीनिक से संबंधित दस्तावेज की जांच की। निरीक्षण के दौरान दस्तावेज में गंभीर कमियां मिलने पर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक एवं सरोगेसी क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कई आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेज की जांच प्रक्रिया जारी विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- कई आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है। प्रमुख शासन सचिव ने कहा- एआरटी विनियमन अधिनियम-2021 एवं सरोगेसी विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… दलाल बच्चियों से 25 हजार में अंडे खरीद रहे:IVF की आड़ में तस्करी; खुलासे के लिए रिपोर्टर पत्नी के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा
शाजापुर में दो बाइक की भिड़ंत:तीन लोग घायल, एक युवक का पैर फ्रैक्चर; शादी समारोह से घर जा रहे थे
शाजापुर के सुनेरा क्षेत्र के पनवाड़ी गांव में मंगलवार रात दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोग जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। उज्जैन के छावनी निवासी निखिल और तुलाराम एक शादी से लौट रहे थे, तभी पनवाड़ी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सामने से आ रही बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सड़क किनारे खड़े दिनेश राठौर भी इसकी चपेट में आ गए। तीन लोग हुए घायल इस भिड़ंत में दिनेश राठौर का पैर फ्रैक्चर हो गया है, जबकि निखिल लोधी के माथे पर गहरी चोट आई है। तुलाराम को भी मामूली चोटें लगी हैं। घटना के तुरंत बाद डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज जारी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और घायलों को शाजापुर जिला अस्पताल में दाखिल कराया। फिलहाल तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है।
लुधियाना में हिंदू नेता और पंजाब में शिवसेना के बड़े चेहरे अमित अरोड़ा को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर बवाल खड़ा हो गया है। अमित अरोड़ा की पत्नी शैरी ठाकुर अरोड़ा और उनके समर्थकों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिविल अस्पताल के बाहर इकट्ठे हुए समर्थकों और पत्नी का कहना है कि पुलिस बिना किसी अरेस्ट वारंट और बिना कारण बताए अमित अरोड़ा को अपने साथ ले गई है। पत्नी शैरी अरोड़ा ने बताया कि सुबह करीब 11 से 1 बजे के बीच पुलिस उनके घर आई और अमित अरोड़ा को ले गई। पत्नी के मुताबिक जब उन्होंने DSP और अन्य अधिकारियों से कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है बस ऊपर से ऑर्डर हैं। मौके पर मौजूद समर्थकों ने आरोप लगाया कि अमित अरोड़ा एक हाई थ्रेट पर्सन हैं इसके बावजूद डिवीजन नंबर 7 की पुलिस के मुलाजिम उन्हें सरकारी वाहन के बजाय एक प्राइवेट इनोवा गाड़ी में ले गए। समर्थकों ने सवाल उठाया है कि अगर रास्ते में अमित अरोड़ा को कोई जानी-माली नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। SHO ने 20 बार कॉल करने पर भी नहीं उठाया फोन: पत्नी ने बताया कि वह पिछले 3-4 घंटे से सड़कों पर पागलों की तरह अपने पति को ढूंढ रही हैं। उन्होंने डिवीजन नंबर 7 के SHO को करीब 20 बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।2016 जैसी साजिश का अंदेशा: पत्नी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि 2016 में भी अमित अरोड़ा को इसी तरह दबाने की कोशिश की गई थी और उन पर झूठे पर्चे (FIR) दर्ज किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह नीति अब दोबारा नहीं चलने दी जाएगी। अमित अरोड़ा के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस को सीधा अल्टीमेटम दिया है कि अगर प्रशासन ने जल्द यह नहीं बताया कि अमित अरोड़ा कहाँ हैं और उन्हें क्यों ले जाया गया है तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और धरना देंगे।
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में फर्जीवाड़ा मामले में SOG ने सीकर के SK हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसओजी की ओर से आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। डीआईजी एसओजी पारिस देशमुख ने बताया- एसओजी जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए। एक मामले में मरीज की MRI 4 दिसंबर 2023 को की गई थी, लेकिन 5 दिसंबर दिखाकर भुगतान लिया गया। जबकि मरीज उस दिन सीकर आया ही नहीं था। वहीं एक अन्य मामले में मरीज किसी अन्य अस्पताल में भर्ती था। फिर भी उसके नाम से फर्जी जांच क्लेम किया गया। प्राइवेट डॉक्टर के रेफरल को सरकारी डॉक्टर के नाम से दिखाकर क्लेम उठाया गया। कई मामलों में मरीजों की जानकारी के बिना ही उनके नाम पर फर्जी क्लेम लिए गए। एसओजी ने संकेत दिए कि घोटाले में अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच जारी है। इस धोखाधड़ी से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की हानि हुई। साथ ही वास्तविक मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाएं प्रभावित हुई हैं और योजना की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच जारी एसओजी घोटाले में अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। वहीं दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब RGHS के बकाया भुगतान को लेकर चिकित्सा क्षेत्र में असंतोष है, जिससे योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। RGHS के 2200 करोड़ रुपए बकाया बता दें कि राजस्थान में RGHS के करीब 2200 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान को लेकर अस्पतालों, डॉक्टरों और फार्मेसी संचालकों में विरोध चल रहा है। वहीं दूसरी ओर इसी योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने डॉक्टरों और लैब संचालकों की मिलीभगत से किए जा रहे करोड़ों रुपए के घोटाले का खुलासा किया। एसओजी की सीकर स्थित बी. लाल लैब के संचालक डॉ. बनवारी लाल उर्फ बी. लाल और सरकारी हॉस्पिटल एस.के. हॉस्पिटल सीकर में पोस्टेड डॉ कमल कुमार अग्रवाल (एमएस ऑर्थो एसोसिएट प्रोफेसर) को गिरफ्तार किया है। ऐसे किया जा रहा था फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपी RGHS योजना का दुरुपयोग कर रहे थे- अनियमितता करने पर 7 डॉक्टरों को किया था निलंबित एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख बोले- इससे पहले राजस्थान स्वास्थ्य विभाग RGHS योजनाओं में गड़बड़ी मामले में अपने स्तर पर बड़ी कार्रवाई कर चुका है। राजस्थान सरकार ने अनियमितता करने पर 7 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। मेडिकल कॉलेज सीकर में कार्यरत अस्थि रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. कमल कुमार अग्रवाल, डॉ. सुनील कुमार ढाका, जनरल मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डॉ. मुकेश वर्मा, सीएचसी किरवा के डॉ. राकेश कुमार, एसके अस्पताल के डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एसएस राठौड़ और डॉ. सुनील शर्मा को निलंबित किया गया। इसी प्रकार योजना में अनियमितता कर अनुचित लाभ लेने पर भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम और बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। मरीज की आवश्यकता से अधिक लिखी जांचें एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख ने कहा- डॉ. बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर बीकानेर द्वारा प्रस्तुत क्लेमों की जांच में पाया गया कि कई मरीजों की आवश्यकता से अधिक जांचें लिखी गईं। वहीं परीक्षण रिपोर्टों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में यह सामने आया कि कुछ मरीजों के लिए HbA1c, RA Factor, Procalcitonin जैसे परीक्षण दर्शाए गए, जबकि रिकॉर्ड में आवश्यक चिकित्सीय औचित्य स्पष्ट नहीं था। इसके अलावा कुछ मामलों में T2DM के लिए दर्शाए गए HbA1c टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं पाई गई तथा ओपीडी स्लिप पर भी संबंधित परामर्श का उल्लेख नहीं मिला। अस्पताल में डॉक्टर नहीं, फिर भी उनके नाम से लिखी पर्चियां पीबीएम राजकीय चिकित्सालय बीकानेर के वरिष्ठ चिकित्सकों से दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। संबंधित चिकित्सकों के बयानों में यह तथ्य सामने आया कि जिन पर्चियों पर उनके नाम और सील दर्शाए गए हैं। उनमें से कई पर हस्ताक्षर और लेखन उनके द्वारा किया जाना स्वीकार नहीं किया गया। कुछ चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि संबंधित अवधि में वे अवकाश पर थे। या उस दिन ओपीडी में कार्यरत नहीं थे। फिर भी उनके नाम से पर्चियां एवं जांचें दर्शाई गईं। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ पर्चियों पर दर्शाए गए चिकित्सक उस समय पीबीएम अस्पताल में पदस्थापित ही नहीं थे या उनका रजिस्ट्रेशन बाद की डेट का था। 19 एफआईआर दर्ज, करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए RGHS योजना में अनियमितताएं करने वाले अस्पतालों, फार्मेसी एवं लाभार्थियों पर पहले भी सख्त कार्रवाई की गई है। योजना में गड़बड़ी पर अस्पताल एवं फार्मेसी के खिलाफ 19 एफआईआर दर्ज करवाई है। अनियमितता पर 7 चिकित्सकों सहित 64 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। वहीं करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। कार्ड के दुरुपयोग पर लाभार्थियों से करीब 2 करोड़ की राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 33 अस्पतालों का टीएमएस और 39 अस्पतालों का भुगतान ब्लॉक किया गया है। साथ ही 8 अस्पताल डी—एम्पेनल किए गए हैं। इन अस्पतालों से 32 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 212 फार्मेसी का टीएमएस ब्लॉक किया गया और इनसे 5 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई।
जौनपुर के बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामान्य प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, पट्टी दयाल गांव निवासी राहुल निषाद अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बदलापुर सीएचसी लेकर आए थे। यहां लक्ष्मी देवी ने सामान्य प्रसव के बाद एक स्वस्थ नवजात बेटे को जन्म दिया। प्रसव के कुछ समय बाद ही लक्ष्मी देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रसूता की मौत, नवजात सुरक्षित स्थिति गंभीर होते देख ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन लक्ष्मी देवी को जौनपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें वाराणसी रेफर किया गया। हालांकि, बदलापुर सीएचसी से रेफर किए जाने के लगभग तीन घंटे बाद लक्ष्मी देवी की जौनपुर में ही मौत हो गई। नवजात बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे प्रसूता की मौत से आक्रोशित परिजन शव को वापस बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक फूलचंद पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराया। प्रभारी निरीक्षक फूलचंद पाण्डेय ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संजय दूबे ने बताया- प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि परिजन उसे जिला अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल ले गए, जहां करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
नाथूसरी कलां में जलघर की मोटर खराब:कई घरों में पानी की आपूर्ति ठप, एसडीओ बोले-बुधवार तक होगा समाधान
सिरसा जिले के राजपुरा साहनी गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। जलघर में मोटर खराब होने के कारण कई दिनों से गांव के अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। केवल जलघर के आसपास के कुछ घरों को ही पानी मिल पा रहा है, जबकि ढानियों और अधिकतर घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलघर में पानी की आपूर्ति के लिए दो मोटरें लगाई गई थीं। इनमें से एक मोटर काफी समय पहले खराब हो गई थी। दूसरी मोटर अकेले पूरे गांव की पानी की जरूरत पूरी करने में असमर्थ है, जिसके कारण दूर-दराज के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। विभाग द्वारा नहीं की जा रही कार्रवाई गांव के लोग रोजाना पानी के लिए परेशान हैं। कई परिवारों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिस पर काफी खर्च आता है। गरीब परिवार इस अतिरिक्त बोझ को उठाने में असमर्थ हैं। कुछ ग्रामीण पड़ोस के गांवों या अन्य स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। ओमप्रकाश, भीमसिंह, जगदीश, विकास और सुरेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सैकड़ों घर और ढानियां हैं। मोटर खराब होने के बाद से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसडीओ बोले-बुधवार तक होगा समाधान ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जलघर में न तो कोई कर्मचारी नियमित रूप से आता है और न ही कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचता है। विभाग की इस कथित लापरवाही के कारण ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई महीनों से वे विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ संदीप से बात की गई। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और बुधवार तक इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
अयोध्या में हार्ट अटैक से हिस्ट्रीशीटर की मौत:मारपीट में घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती था
अयोध्या में मारपीट में घायल हिस्ट्रीशीटर महेश दुबे की मौत हो गई। परिजनों ने अयोध्या कोतवाली में 4 मई को मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था। यह मारपीट 25 अप्रैल को हुई थी। एक मई को महेश दुबे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज में हुई मौत के बाद पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक महेश दुबे की मौत हार्ट अटैक से हुई है। वह अयोध्या कोतवाली के हलकारा पुरवा का रहने वाला था।
राजस्थान में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) को टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने डिग्गी कस्बे से 45.892 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा बरामद किया है। साथ ही एक स्कॉर्पियो कार को जब्त कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी फलोदी जिले के भोजासर थाना क्षेत्र के चोतीना कैलाश (25)पुत्र भैराराम विश्नोई स्कॉर्पियो कार में डोडा चूरा से भरे तीन कट्टे झालावाड़ से मारवाड़ में सप्लाई करने के लिए ले जा रहा था। एएनटीएफ के महानिरीक विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ को तस्कर के मादक पदार्थ लेकर आने की भनक लगी तो इसे पकड़ने के लिए दो टीम लगाई गई। एक टीम झालावाड़ से इसके पीछे लगा और दूसरी टीम को टोंक में अलर्ट कर दिया। सोमवार देर रात करीब 10 बजे जैसे ही तस्कर ने कार टोंक जिले के सोहेला होते हुए डिग्गी, मालपुरा के रास्ते पर दौड़ाई तो टोंक में तैनात टीम ने उसका पीछा किया। तस्कर को आभास हो गया कि उसके पीछे पुलिस लगी हुई है। फिर तस्कर कैलाश ने गाड़ी को और तेज दौड़ाया। तस्कर ने टीम को चकमा देने के लिए डिग्गी कस्बे में एक संकरी गली में मोड़ दिया। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर कामयाब नहीं हो सकी। आगे संकरा होने गाड़ी फंस गई। कुछ देर बाद टीम उसकी तलाश करती हुई वहां पहुंच गई और उसे दबोच लिया। यह कार्रवाई आपरेशन विषांजन के तहत अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम एन के मार्गदर्शन में की है। इसके अलावा राजस्थान में दो अन्य जगह भी 45 हजार रुपए के इनामी तस्कर समेत दो बदमाशों को अवैध मादक पदार्थों के साथ पकड़ा है। इनपुट दीपांशु पाराशर, डिग्गी।
सीकर में 17 साल के कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। स्टूडेंट ने अपने कमरे में मंगलवार को पंखे से फंदा लगा लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां से शव को SK अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों की मौजूदगी में बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम होगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार- कोचिंग स्टूडेंट पिछले साल सीकर में JEE की तैयारी करने जून महीने में आया था। वह यहां प्राइवेट हॉस्टल में रहता था और सीकर की प्राइवेट कोचिंग में JEE की तैयारी कर रहा था। पंखे से लटकर लगाया फंदा पुलिस के अनुसार- स्टूडेंट ने अपने कमरे में कपड़े से फंदा बनाया और पंखे पर लटकाकर सुसाइड कर लिया। हॉस्टल स्टाफ ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जहां से शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों का पता लग रही है। परिजन जो भी रिपोर्ट देंगे, उसके आधार पर मामले में कार्रवाई होगी।
कानपुर के चर्चित किडनी कांड में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। फरार आरोपी दलाल अफजाल से जुड़े अहम सुराग कल्याणपुर के एक होटल से मिले हैं। पुलिस जांच के दौरान होटल कर्मियों ने रजिस्टर दिखाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए और कई थानों की फोर्स मौके पर भेजी गई। जांच में सामने आया है कि किडनी कांड का आरोपी अफजाल अपने साथी अंकित के साथ मुजफ्फरनगर की किडनी रिसीवर पारुल तोमर, उसके पति विकास तोमर और भाई दिव्यांग के साथ 21–22 फरवरी को कल्याणपुर स्थित सत्यम होटल में रुका था। रावतपुर थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार विवेचना के दौरान जब होटल पहुंचे और फरवरी माह का रजिस्टर मांगा, तो होटल मैनेजर ने रजिस्टर दिखाने से इनकार कर दिया। रजिस्टर दिखाने से मना, पुलिस को बुलानी पड़ी फोर्स होटल मैनेजर ने विवेचक से अभद्रता करते हुए कहा कि वह अतिरिक्त फोर्स के साथ आएं, तब ही रजिस्टर दिखाया जाएगा। इसके बाद मामले की जानकारी डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी को दी गई। डीसीपी के निर्देश पर रावतपुर, कल्याणपुर और बिठूर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस टीम ने होटल के रजिस्टर से अफजाल, पारुल तोमर, विकास तोमर, दिव्यांग और अंकित के रिकॉर्ड बरामद कर लिए। साथ ही आधार कार्ड और हस्ताक्षर जैसे अहम साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस ने होटल का रजिस्टर जब्त कर लिया है। कोर्ट में पेश होंगे सबूत, जमानत पर सुनवाई आजविवेचक मनोज कुमार ने बताया कि बुधवार को अफजाल की जमानत याचिका पर सुनवाई है। कोर्ट में यह साबित करना है कि यही अफजाल किडनी रिसीवरों को फंसाकर कानपुर के आहूजा हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट कराता था। पुलिस होटल से मिले सबूत कोर्ट में पेश करेगी। 25 हजार का इनामी है आरोपीडीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि अफजाल अब तक फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हैं। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है। किडनी कांड में अब तक कई डॉक्टरों और सहयोगियों समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें अस्पताल संचालक, दलाल, टेक्नीशियन और ड्राइवर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
यूपी रेरा अब प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित बनाने जा रहा है। आने वाले समय में बिल्डर न तो मानचित्र में छेड़छाड़ कर सकेंगे और न ही कंपनी के असली डायरेक्टर का नाम छिपा पाएंगे। इसके लिए यूपी रेरा अपने पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस करने जा रहा है। साथ ही चैटबॉट और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए जाएंगे। यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि इन नई सुविधाओं का लोकार्पण अगले साल जनवरी में किया जाएगा। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रोजेक्ट और उससे जुड़े डेवलपर की जानकारी कुछ ही सेकेंड में मिल सकेगी। इससे घर खरीदारों और निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब डेवलपर नहीं बदल सकेंगे नक्शा अभी तक कई डेवलपर विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराने के बाद उसमें बदलाव कर रेरा पोर्टल पर अपलोड कर देते थे। नई व्यवस्था में बिल्डर को सिर्फ परमिट नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद रेरा पोर्टल सीधे विकास प्राधिकरण या OBPAS पोर्टल से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करेगा। इससे नक्शे में टेंपरिंग की संभावना खत्म हो जाएगी। MCA पोर्टल से सीधे आएगा डायरेक्टर का नाम यूपी रेरा ने कंपनियों के डायरेक्टर की जानकारी भी अब सीधे कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय (MCA) के पोर्टल से लेने का फैसला किया है। अभी कुछ कंपनियां रेरा में अलग नाम दर्ज कराती थीं ताकि कार्रवाई होने पर असली डायरेक्टर बच सके। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह संभव नहीं होगा। ऐप से घर बैठे होगी सुनवाई रेरा मोबाइल ऐप लॉन्च होने के बाद आवंटियों के लिए शिकायत दर्ज करना और सुनवाई में शामिल होना आसान हो जाएगा। ऐप पर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक उपलब्ध रहेगा, जिससे आवंटी कहीं से भी ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा ले सकेंगे। 9 साल पूरे होने पर गिनाईं उपलब्धियां रेरा के नौ साल पूरे होने पर चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने 2017 से अप्रैल 2026 तक रजिस्टर हुए प्रोजेक्ट और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि AI आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और घर खरीदारों के हित अधिक सुरक्षित होंगे।
कैथल जिले में राजौंद के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहेड़ा ईंट भट्ठे पर काम करने वाले गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिन बच्चों ने कभी स्कूल जाने का सपना भी नहीं देखा था, उन्हें यह विद्यालय शिक्षा प्रदान कर रहा है। प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल ने बताया कि विद्यालय में प्रतिदिन ईंट भट्ठा मजदूरों के बच्चों को पढ़ाया जाता है। कुल 23 लड़के-लड़कियों ने अपना दाखिला करवाया है। इन सभी बच्चों को सुबह भट्ठे से विद्यालय लाने और छुट्टी के बाद वापस छोड़ने का काम प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल और डीपीई कृष्ण सिंगरोह अपनी निजी गाड़ी से करते हैं। कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी विद्यालय में इन बच्चों की प्रतिदिन पढ़ाई करवाई जाती है। कला अध्यापक राजेश कुमार विशेष रुचि के साथ इन्हें पढ़ाते हैं। इन बच्चों को पढ़ने के लिए कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी गई हैं। दोपहर का भोजन वे मिड-डे मील में करते हैं, और इसके अतिरिक्त उन्हें चॉकलेट और बिस्कुट भी दिए जाते हैं। पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए पिछले एक महीने से इन बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय लाया जा रहा है, और इस दौरान वे काफी पढ़ना-लिखना सीख गए हैं। इसके अलावा, विद्यालय स्टाफ द्वारा इन बच्चों को पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए जाते हैं। विद्यालय स्टाफ सदस्य सिकंदर सिंह, बलजीत सिंह, राजबीर सिंह और रामबिलास शास्त्री का भी इस पहल में विशेष योगदान है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते डूंगरपुर में शाम के समय मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए और अचानक से तेज धूलभरी हवाएं चलने लगी ओर फिर पहले बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। शाम 7 बजे तेज बरसात का दौर चल रहा है। इससे दिनभर की गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिली। वहीं, बारिश का दौर शुरू होते ही डूंगरपुर शहर समेत जिले के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई।। डूंगरपुर जिले में मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। सुबह से ही तेज गर्मी और उमस का असर रहा। इससे लोग दिनभर की गर्मी से बेहाल रहे। वही शाम 6 बाजे बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए और फिर हवाएं चलने लगी। तेज हवाओं के साथ धूल उड़ने लगी। वहीं, साढ़े 6 बजे बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया।।करीब आधे घंटे तक बूंदाबांदी ओर हवाओं के बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज बारिश की वजह से सड़कों पर पानी बहने लगा। बादलों की तेज गर्जना ओर बिजली चमकने के साथ बारिश का दौर चलता रहा। बारिश की वजह से मौसम सुहावना हो गया। दिनभर की गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिली। बारिश का दौर शुरू होते ही डूंगरपुर शहर में बिजली गुल हो गई। इसके अलावा जिले के कई गांवों में भी बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
सीहोर की इछावर तहसील के दीवडिया गांव में मंगलवार रात ग्रामीणों ने सजगता दिखाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया। ग्रामीणों ने मौके से दो चोरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार आरोपी गांव के मांगलिक भवन से जनरेटर का आर्मेचर, पानी की मोटर और दो पंखे चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान खेत से घर लौट रहे एक किसान की नजर संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। उसने तुरंत सरपंच और ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद गांव में अलर्ट हो गया। ग्रामीणों ने पकड़े गए दोनों आरोपियों की की पिटाई सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने दोनों को काबू में कर पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपियों से जनरेटर का आर्मेचर, एक पानी की मोटर और दो पंखे बरामद किए गए। चोरों को पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने उनसे पूछताछ के दौरान पिटाई भी कर दी। इसके बाद उन्हें उसी आर्मेचर से बांध दिया गया, जिसे चोरी करने की कोशिश की गई थी। बाद में ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। ग्राम पंचायत की ओर से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुटी है।
रोहतक की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरटीओ ऑफिस में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की टीम आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करेगी। रिश्वत लेने का आरोपी आरटीओ निरीक्षक राकेश राणा को एसीबी की टीम ने महर्षि दयानन्द कॉलोनी से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। वहीं, मामले में सहायक सचिव मनीष मदान की संलिप्तता भी मिली, जिसके कारण उसे भी गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में एसीबी थाने में केस दर्ज किया गया। चालान जमा करवाने के दौरान मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी कि उसके ट्राले का चालान आरटीओ विभाग द्वारा किया गया था। चालान जमा करवाने के लिए वह आरटीओ कार्यालय कन्हेली पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान से हुई। आरोपियों ने उस पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि वह सेटिंग नहीं करेगा तो उसकी गाड़ियों के लगातार चालान किए जाएंगे। आरोपियों ने प्रति गाड़ी मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने प्रति गाड़ी 7 हजार रुपए मासिक रिश्वत की मांग की। उसकी व उसके साथियों की लगभग 150 गाड़ी चलती हैं, जिसके लिए कुल 10 लाख 50 हजार रुपए मासिक रिश्वत मांगी गई। बाद में यह सौदा 8 लाख रुपए प्रतिमाह पर तय हुआ, जिसमें से 5 लाख 50 हजार रुपए पहले ही दिए जा चुके है। एक लाख रुपए रंगे हाथ लेते किया गिरफ्तार एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों को 1 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के आधार पर एसीबी ने रेडिंग पार्टी का गठन किया। टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरटीओ कार्यालय कन्हेली के निरीक्षक राकेश राणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार लिया। एसीबी की टीम ने साक्ष्यों के आधार पर सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार कर लिया।
बूंदी के देईखेड़ा में मंगलवार देर शाम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया। यह घटना लबान टोल से कुछ दूरी पहले हुई। जानकारी के अनुसार ट्रेलर गुड़गांव से कारों को लेकर कन्याकुमारी की ओर जा रहा था। इसमें कई कारें लदी हुई थीं। ट्रेलर के ड्राइवर हामिद ने बताया कि उनके आगे चल रहे एक अन्य ट्रक ने अचानक अपनी लेन बदल ली। इससे ट्रेलर अनियंत्रित हो गया और हाईवे के बेरियर तोड़ते हुए सड़क से नीचे उतर गया। गनीमत रही कि ट्रेलर नीचे गहरे गड्ढों में नहीं गिरा। वह सड़क बेरियर में ही फंसकर लटक गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ड्राइवर और हेल्पर सतर्कता के साथ सुरक्षित नीचे उतरने में सफल रहे। हादसे में ड्राइवर को मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर एक्सप्रेस-वे के लबान टोल से पेट्रोलिंग टीम और अन्य कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेन की सहायता से ट्रेलर को निकालने का प्रयास शुरू किया।
रायबरेली के लालगंज स्थित मॉडर्न रेलकोच कारखाने के आवासीय परिसर में मंगलवार को एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर के बेटे ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विनायक के रूप में हुई है, जो कक्षा 10वीं का छात्र था। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले में मृतक के परिवारजनों और आवासीय परिसर के अन्य निवासियों से पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके। घटना के बाद से परिवार में शोक का माहौल है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गए हैं।
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मंगलवार शाम केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज अपनी ताकत पर घमंड कर रहे हैं, उनकी ताकत चकनाचूर होगी, घमंड टूटेगा और फिर से सरकार बनेगी। यह बात उन्होंने संभल के थाना नखासा क्षेत्र के मोहल्ला दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर कही। सांसद बर्क ने कहा कि हमें मायूस होने की जरूरत नहीं है, आने वाला समय बहुत जल्द बदलेगा। उन्होंने उन लोगों को याद दिलाया जो आज देश के 20 राज्यों की सत्ता पर काबिज होने की बात कर रहे हैं, कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने भी पूरे देश पर शासन किया है। समय के साथ वहां भी परिवर्तन हुआ, इसलिए यह गलतफहमी है कि उनकी सत्ता स्थायी रहेगी, जिसे जनता जल्द दूर कर देगी। बर्क ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद नहीं, बल्कि बिहार चुनावों के दौरान भी उठाया गया था। उन्होंने टीएमसी का उदाहरण देते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में बार-बार रिट याचिकाएं दाखिल कर चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। सांसद ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग जिस तरह से विपक्ष के वोटों को काटने का काम कर रहा है, वह गलत है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव के लिए हानिकारक है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए जियाउर्रहमान बर्क ने बताया कि 2021 और 2026 में भी कांग्रेस को 3% वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वोट प्रतिशत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बर्क ने सुझाव दिया कि अगर सभी दल मिलकर लड़ते तो और ज्यादा मजबूती हो सकती थी, क्योंकि बीजेपी ने एसआईआर के माध्यम से चुनाव बदलने का काम पहले ही कर दिया था।
राज्य की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत हुए एमओयू में से बड़ी संख्या में क्रियान्वयन हो चुका है। सरकार का कार्य व्यवसाय करना नहीं, बल्कि उद्योगों को सुगम वातावरण प्रदान करना है। वे आज उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा दक्षिणी राजस्थान में उद्योग एवं पर्यटन की संभावनाएं विषय पर एक परिचर्चात्मक सेमिनार को संबोधित कर रही थी। उन्होंने यूसीसीआई उदयपुर के दिए गए सुझावों को मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने उदयपुर में ट्रैवल मार्ट के आयोजन की पुष्टि करते हुए पर्यटन को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की आवश्यकता बताई तथा ओवर-टूरिज्म के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने होम स्टे को पर्यटन बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बताया तथा महाराणा प्रताप सर्किट एवं ट्राइबल सर्किट के विकास की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन के संतुलित विकास पर जोर दिया। उन्होंने उदयपुर के बदलते पर्यावरण पर चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण की आवश्यकता बताई। साथ ही नाथद्वारा में अव्यवस्थित विकास, यातायात एवं पार्किंग समस्याओं पर ध्यान दिलाया तथा चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं वहां बेहतर ठहराव सुविधाओं के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी, उदयपुर (ग्रामीण) विधायक फूलसिंह मीणा, डूंगरपुर जिला प्रमुख बंशीलाल कटारा, भाजपा उदयपुर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, उदयपुर ग्रामीण अध्यक्ष पुष्कर तेली, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक शैलेन्द्र शर्मा, रीको के वरिष्ठ उप-महाप्रबन्धक अजय पंड्या आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार एवं पर्यटन क्षेत्र से लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यूसीसीआई के अध्यक्ष मनीष गलूण्डिया ने स्वागत उद्बोधन में यूसीसीआई की 61 वर्षों की यात्रा, क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका एवं लगभग ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया। कार्यक्रम में यूसीसीआई के संरक्षक बी.एच. बापना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्दीप बापना, उपाध्यक्ष महेन्द्रसिंह खिमेसरा, पूर्व अध्यक्ष कोमल कोठारी, वीरेन्द्र सिरोया, हंसराज चौधरी, आरके सिंघवी, एम.एल. लूणावत एवं सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन मानद कोषाध्यक्ष हसीना चक्कीवाला द्वारा किया गया तथा अंत में मानद महासचिव आशीष छाबड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा कीदीया कुमारी ने इसी जगह पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पर्यटन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डिप्टी सीएम द्वारा विभिन्न योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। सड़क कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने उदयपुर संभाग में कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अत्यधिक आवश्यक सड़कों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।
रायसेन में मंगलवार शाम सागर रोड टोल नाके के आगे एक बड़ा हादसा टल गया। करीब 50 बारातियों से भरी तेज रफ्तार बस ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई यात्री घायल नहीं हुआ। घटना शाम करीब 7:30 बजे की है। तेज रफ्तार बस डिवाइडर पर चढ़ने के बाद करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई, जिससे डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टोल नाके के आगे क्रॉसिंग के पास ओवरटेक करते समय चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह हादसा हुआ। देखिए दो तस्वीरें… बस में मची अफरा-तफरी, सभी सुरक्षित बस में सवार बाराती मंडीदीप से देवगांव के पास एक गांव जा रहे थे। अचानक हुए हादसे से बस में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित रहे। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 9 बजे डंपर की मदद से बस को डिवाइडर से नीचे उतारा गया। इसके बाद यात्री दोबारा यात्रा पर रवाना हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक सागर रोड के डिवाइडर पर लगे लाइट पोल लंबे समय से बंद हैं, जिससे सड़क पर अंधेरा रहता है। इसे भी हादसे का एक कारण माना जा रहा है।
शाजापुर के बेरछा में मंगलवार रात गुस्से में किसानों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। यह पूरा विवाद गेहूं की तुलाई रुकने की वजह से शुरू हुआ, जिससे किसानों का सब्र टूट गया। तिलावत गोविंद के पास श्री कृष्णा वेयरहाउस पर गेहूं उपार्जन केंद्र बनाया गया था। मंगलवार रात करीब 8 बजे जब वेयरहाउस पूरी तरह भर गया और वहां जगह नहीं बची, तो प्रबंधन ने गेहूं तौलने से मना कर दिया। दो-तीन दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों को जब अचानक शाजापुर के पास कैलाश वेयरहाउस जाने को कहा गया, तो वे भड़क गए और सड़क पर जाम लगा दिया। बीच सड़क पर प्रदर्शन किसानों ने करीब 15 मिनट तक सड़क जाम कर जमकर विरोध जताया। भारतीय किसान संघ के मुकेश पाटीदार ने कहा कि किसान कई दिनों से यहां लाइन में लगे हैं, ऐसे में उन्हें अचानक दूसरी जगह भेजना गलत है। किसानों की मांग थी कि उनकी उपज की तुलाई इसी केंद्र पर की जाए। रात के समय सड़क पर जाम लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसडीएम और पुलिस मौके पहुंची जाम की खबर मिलते ही शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले और बेरछा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया और वैकल्पिक इंतजाम का भरोसा दिया। प्रशासन ने तुरंत कैलाश वेयरहाउस पर तुलाई की पुख्ता व्यवस्था करने और टोकन बांटने का काम शुरू कराया, जिसके बाद किसानों ने जाम खोला और यातायात बहाल हो सका।
संभल में चल रहे गीता ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने 'विश्व रूप दर्शन योग' का संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि यह संपूर्ण सृष्टि ही ईश्वर का प्रत्यक्ष रूप है, इसलिए इसकी सेवा ही सच्ची भक्ति है। कार्यक्रम की शुरुआत पूजन के उपरांत अध्यक्ष दीपा वाष्र्णेय के भजन से हुई, जिसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 11 का पाठ और विस्तृत व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर गीता व्यास स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने भगवान के विराट स्वरूप का वर्णन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व रूप दर्शन का अर्थ केवल एक दिव्य दृश्य देखना नहीं है, बल्कि यह उस चेतना का अनुभव है जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड एक ही सत्ता के रूप में प्रकट होता है। स्वामी कृष्णानंद ने बताया कि परिवार, समाज, राष्ट्र और समस्त प्रकृति उसी विराट स्वरूप के अंग हैं। इसलिए इनकी सेवा, सुरक्षा और संवर्धन ही वास्तविक भक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों में पूजा या भजन-कीर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। उन्होंने भक्ति की संकीर्ण होती परिभाषा पर चिंता व्यक्त की। स्वामी जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र भक्ति, समाज भक्ति और परिवार भक्ति को अपने जीवन में अपनाएं। उनके अनुसार, कर्मयोग के माध्यम से इन सभी आयामों का समन्वय ही जीवन को सार्थक बनाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने इस संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। यह गीता ज्ञान यज्ञ आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सोच और कर्तव्यबोध को भी मजबूत कर रहा है।
गाजियाबाद के लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में शिक्षामित्रों के सम्मान और बढ़े हुए मानदेय वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, महापौर सुनीता दयाल, शहर विधायक संजीव शर्मा और लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अतिथियों का स्वागत पौधा और गणेश प्रतिमा भेंट कर किया। अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बताया और सरकार द्वारा उनके हितों के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। महापौर सुनीता दयाल ने शिक्षामित्रों को बच्चों के भविष्य का निर्माता कहा। शहर विधायक संजीव शर्मा ने प्रदेश सरकार के शिक्षा सुधार प्रयासों का उल्लेख किया, जबकि लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने शिक्षामित्रों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। जिलाधिकारी ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षामित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री का ऑनलाइन संबोधन भी प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर गाजियाबाद के लोनी, रजापुर, मुरादनगर, भोजपुर और नगर क्षेत्र के 451 शिक्षामित्रों को उनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय वितरित किया गया। यह भी बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस योजना का लाभ मिला है। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनमें सरस्वती वंदना, हरियाणवी नृत्य और कजरी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, तीन मेधावी छात्राओं गुलाफ्शा खातून, तानिया और बुशरा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें लैपटॉप देने की घोषणा की।
फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय की ओर से जनगणना कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में एक शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में परिषद के ईओ सुरेश चौहान द्वारा सिटी थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया है। शिकायत पत्र के अनुसार, गांव बोसवाल स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में तैनात टीजीटी (सोशल स्टडी) श्याम सुंदर को जनगणना 2027 के लिए एन्यूमरेटर नियुक्त किया गया था। उन्हें शहर फतेहाबाद में HLB नंबर-125 आवंटित किया गया था और जनगणना कार्य 1 मई से शुरू हो चुका है। स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित शिक्षक ने कार्य शुरू नहीं किया और जानबूझकर अपने सुपरवाइजर से संपर्क भी तोड़ लिया। विभाग और सुपरवाइजर द्वारा कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसने न तो कॉल रिसीव की और न ही अनुपस्थिति को लेकर कोई जानकारी दी। 3 मई को भेजा था कारण बताओ नोटिस इसके बाद 3 मई को उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 4 मई सुबह 10 बजे तक जवाब देने के निर्देश दिए गए, लेकिन उसने तय समय में कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। इसके बाद मंगलवार को हुई बैठक में डीसी डॉ.विवेक भारती ने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए एफआईआर दर्ज कराने को कहा। इसी के तहत नगर परिषद ने पुलिस को पत्र लिखकर भारत की जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। परिषद ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है।
जिले की बिजुरी थाना पुलिस ने मंगलवार शाम कोयले से भरी एक वैन को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से 32 बोरी कोयला जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि गाड़ी मालिक पर भी केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि तस्करों ने पुलिस को झांसा देने के लिए एक वैन का इस्तेमाल किया था। शातिर आरोपी वैन में पीछे की तरफ बोरियों को इतनी ही ऊंचाई तक भरते थे, ताकि सामने के कांच से देखने पर कोयला नजर न आए। यह कोयला रामनगर से लाया जा रहा था और इसे बिजुरी के आसपास के होटलों और ईंट भट्ठों पर सप्लाई करने की तैयारी थी। जांच में खुली पोल, 2 लाख से ज्यादा का सामान जब्त पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वैन से कोयले की तस्करी हो रही है। मुख्य मार्ग पर जब घेराबंदी कर वैन (नंबर- CG 04 T 4439) को रोका गया, तो अंदर 32 बोरी कोयला मिला। चालक खूबलाल कोल इस कोयले से जुड़ा कोई भी कागज नहीं दिखा पाया। पुलिस ने कोयला और वैन दोनों को जब्त कर लिया है, जिसकी कुल कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपए बताई जा रही है। चालक गिरफ्तार, मालिक पर भी केस इस मामले में पुलिस ने 19 साल के चालक खूबलाल कोल को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वैन के मालिक याकूब पर भी धारा 303(2) BNS और खनिज अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह चोरी का कोयला कहां से लाते थे और इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।
बेटी की शादी से पहले पिता ने दी जान:छतरपुर में बारात आने से पहले फांसी लगाई, खुशियां मातम में बदलीं
छतरपुर के प्रकाश बम्हेरी गांव में मंगलवार को एक दुखद घटना सामने आई। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां बारात आने से कुछ घंटे पहले ही पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार प्रकाश बम्हेरी निवासी जय सिंह यादव (45) की बेटी की शादी मंगलवार को तय थी। सुबह करीब 7 बजे वे घर से चुपचाप निकल गए। कुछ देर बाद गांव के बाहर एक पेड़ पर उनका शव फंदे से लटका मिला। शादी वाले घर में मातम घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। शादी की तैयारियों के बीच घर में चीख-पुकार शुरू हो गई। दुल्हन बनने जा रही बेटी पिता की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम छा गया है।
सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (SDCA) के तत्वावधान में अंडर-19 इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। 30 अप्रैल से 3 मई तक शामली क्रिकेट अकादमी में आयोजित इस चार दिवसीय टूर्नामेंट में सहारनपुर ए, सहारनपुर बी, मुजफ्फरनगर और शामली की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के हर विभाग में उत्कृष्ट खेल दिखाया। कई मैच बेहद रोमांचक रहे, जिससे दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों के जुझारू प्रदर्शन और तकनीकी कौशल ने चयनकर्ताओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। एसडीसीए के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सहारनपुर और आसपास के जनपदों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक मजबूत मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर जोनल टीम का गठन किया जाएगा, जिससे चयनित खिलाड़ियों को प्रदेश स्तर पर खेलने का अवसर मिल सके। गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि एसडीसीए के चेयरमैन मोहम्मद अकरम के निरंतर प्रयासों से जिले में क्रिकेट गतिविधियों को नई दिशा और गति मिल रही है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनके प्रदर्शन में निखार आ रहा है। एसडीसीए के सचिव लतीफ उर रहमान ने इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद लाभकारी बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सहारनपुर के खिलाड़ी भविष्य में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहेंगे। प्रतियोगिता के दौरान यूपीसीए जूनियर चयन समिति के मुख्य चयनकर्ता कमलकांत कनौजिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन किया। मैचों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी नीरज चौधरी और दीपक सैनी ने संभाली, जबकि स्कोरिंग का कार्य प्रणब दास द्वारा किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में एसडीसीए के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इनमें उपाध्यक्ष परविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष पाली कालड़ा, संरक्षक अमर गुप्ता और मीडिया प्रभारी सैयद मशकूर सहित कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से क्षेत्र में क्रिकेट के प्रति उत्साह और भी बढ़ गया है।
कविनगर पुलिस ने दो बाइक चोर पकड़े:6 चोरी की बाइकें बरामद, NCR में करते थे वारदात
गाजियाबाद की कविनगर पुलिस ने दो बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की छह बाइकें बरामद की गई हैं। यह गिरफ्तारी 5 मई 2026 को हुई, जब पुलिस टीम लाल कुआं से सर्विस रोड की तरफ औद्योगिक क्षेत्र के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक बाइक पर दो युवक आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें कुछ दूरी पर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी अकुल कश्यप (19) और लोनी, गाजियाबाद निवासी अंश भाटी (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी करते थे। चोरी की गई बाइकों को वे आरटीओ कार्यालय के पास एक खाली प्लॉट में छिपाकर रखते थे और बाद में सस्ते दामों पर बेच देते थे। जिस समय उन्हें पकड़ा गया, वे उस वक्त भी बाइक चोरी करने के इरादे से ही इलाके में घूम रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
मथुरा जंक्शन पर शातिर चोर गिरफ्तार:2.25 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद
मथुरा जंक्शन जीआरपी पुलिस ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है, जिसमें लैपटॉप, आईपैड और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्लेटफॉर्म नंबर 8 के पास स्थित पार्क से आरोपी सुमित मीणा को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी का आईपैड और एक ट्रॉली बैग मिला। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित मीणा पुत्र श्रीचन्द्र मीणा के रूप में हुई है, जो थाना गोविंदनगर क्षेत्र के माहेश्वरी का निवासी है। पूछताछ में आरोपी ने कई चोरियों का खुलासा किया। उसने बताया कि एक मोबाइल उसने करीब दो महीने पहले मथुरा जंक्शन स्टेशन पर ट्रेन से चुराया था। ट्रॉली बैग भी उसी दिन ट्रेन से चोरी किया गया था। इसके अतिरिक्त, आईपैड, लैपटॉप और दूसरा मोबाइल उसे कुछ महीने पहले चोरी किए गए एक पिट्ठू बैग से मिले थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सुमित मीणा के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके और उसकी अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जांच की जा सके।
मथुरा में खाद्य विभाग की कार्रवाई:गंदगी मिलने पर एक डेयरी सील, 9 नमूने लिए गए
मथुरा के बाजना क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंगलवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान अस्वच्छता मिलने पर एक डेयरी को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय के नेतृत्व एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निर्देशन में की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, मोहर सिंह कुशवाह, दलवीर सिंह और भरत सिंह की टीम ने पारसौली रोड स्थित राधे मिल्क प्रोडक्ट्स (प्रो. गीतम सिंह) का निरीक्षण किया। यहां से पनीर और मिश्रित दूध के नमूने लिए गए। पप्पू डेयरी (प्रो. बलवीर सिंह) से पनीर के दो नमूने तथा सिरसा मिल्क प्रोडक्ट्स (प्रो. ऋषि) से पनीर और मिश्रित दूध के नमूने भी संग्रहित किए गए। टीम ने मुड़लिया रोड स्थित सोनू डेयरी (प्रो. जय प्रकाश) का भी निरीक्षण किया। यहां से पनीर, मिश्रित दूध और क्रीम के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान सोनू डेयरी में पनीर का निर्माण अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में पाया गया। इस गंभीर अनियमितता के चलते विभाग ने एफएसएस एक्ट 2006 के तहत डेयरी के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी और उसे सील कर दिया। इस अभियान के तहत कुल 9 नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का सख्त संदेश गया है।
अयोध्या जिले में हिस्ट्रीशीटर को गोली मारने के प्रयास के आरोपी कुशल दुबे को अदालत से जमानत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय जनार्दन प्रसाद यादव ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे जेल से रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला इनायतनगर थाना क्षेत्र के ईंट गांव का है, जहां 16 फरवरी, 2026 को घटना हुई थी। हिस्ट्रीशीटर संजय सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। आरोप है कि विपिन कुमार दुबे, कुशल दुबे और गिरिजा शंकर ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर उन पर हमला किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, संजय सिंह पर पिस्टल से फायर किया गया, जिससे वे बेहोश होकर गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर संजय सिंह ने अगले दिन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपी कुशल दुबे ने अपने जमानत प्रार्थना पत्र में घटना को झूठा और मनगढ़ंत बताया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि बरामद देसी पिस्टल का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। एफआईआर में दो लोगों द्वारा फायर करने की बात कही गई थी। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट में फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई और घायल के शरीर पर गोली लगने के निशान नहीं मिले। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी कुशल दुबे को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने माना कि साक्ष्यों के अभाव में आरोपी को जेल में रखना उचित नहीं है। इस आदेश के बाद आरोपी को जेल से रिहा कर दिया जाएगा। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अभी जारी है।
देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र के देवगांव में मंगलवार रात करीब आठ बजे एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना राधे कृष्णा मैरिज हॉल के सामने हुई, जिसके बाद शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक की पहचान भटनी थाना क्षेत्र के बलुआ अफगान गांव निवासी प्रभुनाथ (55) पुत्र रामराज यादव के रूप में हुई है। वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए देवगांव आए थे। परिजनों ने बताया कि दो दिन बाद ही विवाह समारोह होना था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम प्रभुनाथ लघुशंका के लिए मैरिज हॉल से बाहर सड़क की ओर गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। परिवार में अचानक हुए इस हादसे से कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे में शामिल वाहन की तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बरेली के विकास भवन सभागार में मंगलवार को आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक बैठक में जनप्रतिनिधि अधिकारियों पर जमकर बरसे। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार और नीरज मौर्य सहित तमाम विधायकों के निशाने पर लापरवाह अधिकारी रहे। मनरेगा के बकाया भुगतान से लेकर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़कों, पानी की टंकी गिरने और अवैध खनन के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सांसद नीरज मौर्य ने तो यहां तक कह दिया कि किसानों का सरेआम शोषण हो रहा है और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सांसद नीरज मौर्य ने उठाया मुद्दा: बाकी टंकियों की भी हो जांच'दिशा' की बैठक में समाजवादी पार्टी के आंवला सांसद नीरज मौर्य ने विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के सरदारनगर में पानी की टंकी के गिरने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का मामला है। सांसद ने मांग की कि जिले में हाल ही में बनी अन्य टंकियों की भी तत्काल जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।सांसद नीरज मौर्या ने कहा कि बरेली के आलमपुर जाफराबाद में पानी की टंकी का गिरना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली है। एसडीएम आंवला ने भी मौके का मुआयना किया है। यह टंकी मात्र डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुई थी और अभी तक गांव वालों को ठीक से पानी मिलना शुरू भी नहीं हुआ था कि यह गिर गई। यह भ्रष्टाचार का खुला प्रमाण है। मैंने 'दिशा' की बैठक में यह मुद्दा रखा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मैंने प्रशासन से अपील की है कि अन्य निर्माणाधीन या नई बनी टंकियों की सुरक्षा जांच की जाए ताकि कहीं और ऐसी घटना न हो। मनरेगा: 50 करोड़ का बकाया, प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने का डरबैठक की शुरुआत में ही मनरेगा का मुद्दा गरमाया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली से निर्देश था कि 1 जून से बजट आ जाएगा, लेकिन पिछले वर्ष का 50 करोड़ रुपया अब तक बकाया है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, ऐसे में वे भुगतान को लेकर दर-दर भटक रहे हैं। वर्ष 2025-26 की लिस्ट में 40:60 के रेशियो वाले कामों की पक्की आईडी न बनने पर सीडीओ देवयानी ने भरोसा दिलाया कि भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सड़क और अंधेरा: 3 साल से बंद लाइट ने ली जान, विधायक डॉ. एमपी आर्या का फूटा गुस्सानवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्या ने बिजली विभाग और एनएचएआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नवाबगंज के भीतर से गुजरने वाली रोड पर 3 साल से लाइटें नहीं जलीं, जिसके कारण हाल ही में एक व्यक्ति की एक्सीडेंट में मौत हो गई। जब अधिकारी बहानेबाजी करने लगे, तो विधायक ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। वहीं, मधुनगला से फतेहगंज तक पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सड़क एक साल में ही टूटने पर सांसद छत्रपाल गंगवार ने भी गहरी नाराजगी जताई। पुलिया इतनी संकरी कि सांसद खुद फंसे, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी की सुस्त चालआंवला सांसद नीरज मौर्य ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्लानिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 730-B रोड (बरेली-भुता-बीसलपुर मार्ग) पर पुलिया इतनी संकरी है कि वे खुद वहां काफी देर तक जाम में फंसे रहे। उन्होंने आंवला-भमोरा मार्ग को सही करने की मांग की, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने रेलवे की अनुमति न होने का बहाना बनाया। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने बदायूं रोड के सुस्त काम पर एनएचएआई की क्लास ली। भ्रष्टाचार: 'बिना पैसे नहीं मिल रहा पीएम आवास', जांच रिपोर्ट पर भी उठे सवालपीएम आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान सांसद नीरज मौर्य ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 65 हजार लोगों का सर्वे हुआ, लेकिन सच्चाई यह है कि बिना पैसे लिए किसी को आवास नहीं मिल रहा है। सांसद नीरज मौर्या ने बहेड़ी-फरीदपुर रोड की दुर्दशा पर कहा कि भारत सरकार की जांच टीम आई और चली गई, लेकिन उन्हें पत्र का जवाब तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जिले की लगभग सभी सड़कों का बुरा हाल है। पुलिस और खनन विभाग: लेखपाल और दरोगा कर रहे किसानों का शोषणमीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और सांसद नीरज मौर्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परमिशन होने के बावजूद दरोगा और लेखपाल किसानों को परेशान करते हैं और उन्हें थाने ले जाकर शोषण किया जाता है। खनन विभाग की लापरवाही से सड़कें टूट रही हैं और किसानों को मिट्टी का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम और एसएचओ को निर्देश जारी करने की बात कही। अमृत पार्क और कस्तूरबा विद्यालय: जनहित के मुद्दों पर जोरबैठक में हार्टमैन स्थित अमृत योजना पार्क को ठीक करने, कस्तूरबा विद्यालयों में सोलर पैनल और गीजर लगाने और बंद पड़ी कैंसर यूनिटों को पुनः संचालित करने की अपील की गई। ब्लॉक प्रमुखों ने सामुदायिक शौचालयों में ताले लटके होने की शिकायत की। डीएम ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनप्रतिनिधियों के फोन उठाए जाएं और समस्याओं का तत्काल समाधान हो। बैठक में ये रहे मौजूदवन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, सांसद नीरज मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, विधायक डॉ. डीसी वर्मा, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, सीडीओ देवयानी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी।
बागपत कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक ने शिक्षामित्रों को सांकेतिक चेक प्रदान किए और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मलिक ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बच्चे घरों से मोबाइल फोन छिपाकर स्कूल ले जाते हैं और वहां अनुचित सामग्री देखते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनकी शिक्षा व संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले उन्हें ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2017 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया था। अब इसे बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षामित्रों के समर्पण का सम्मान भी है। मंत्री कृष्ण पाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुओं का सम्मान और बड़ों का आशीर्वाद एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों को समाज को सही दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनसे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में कुल 376 शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया, जिनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय भेजा गया। सांकेतिक चेक प्राप्त करते समय कई शिक्षामित्र भावुक हो उठे और उनके चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। सभी सम्मानित शिक्षामित्रों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
लखनऊ में ठेकेदार के घर लाखों की चोरी:लॉकर तोड़कर नगदी-जेवर पार, नौकरों व ड्राइवर पर शक
लखनऊ के चौक थानाक्षेत्र में ठेकेदार के घर से चोरों ने लाखों की चोरी कर ली। अलमारी का लॉकर खोलकर चार से पांच लाख रुपए नगद समेत लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए गए। घटना के समय परिवार घर में सो रहा था। लाजपतनगर चौक निवासी चरनजीत सिंह ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोमवार की सुबह जब वह कमरे में पहुंचे तो अलमारी का लॉकर खुला मिला। अंदर रखी नगदी और जेवर गायब थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। नौकर और ड्राइवर पर शकपीड़ित ने घर में काम करने वाले नौकरों और कार चालक पर शक जताया है। इस आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों फैजान, राजा और सुजीत कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।
जोधपुर में जनगणना 2027 के तहत जिले में स्वगणना अभियान तेजी से गति पकड़ रहा है। इसके तहत 1 से 15 मई तक चल रही इस प्रक्रिया के बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व गणना करेंगे। यदि आपने अभी तक जनगणना में ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है तो आप आवेदन कर सकते हैं। इससे जनगणना में लगे कार्मिकों को भी सहूलियत होगी। बता दें कि इस अभियान के तहत पांचवें दिन जिला जनगणना अधिकारी व एडीएम (प्रथम) जवाहर चौधरी तथा उप जिला जनगणना अधिकारी मीनाक्षी चौधरी के संयुक्त नेतृत्व में सभी राजकीय व निजी स्कूल-कॉलेजों के स्टाफ को स्वगणना के निर्देश दिए गए। उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं उपखंड अधिकारी भोपालगढ़ श्रद्धा सिंह के निर्देशन में ब्लॉक स्तर पर विभागीय अधिकारियों को स्वगणना का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने खुद स्वगणना कर अधीनस्थों व जनता को प्रेरित किया। अभियान में पशुपालन के संयुक्त निदेशक संजय किशन व्यास व उप निदेशक रविंद्र कुमार समेत कार्मिकों ने स्वगणना कर जागरूकता फैलाई। इसके अलावा आईटीएस विभाग ने ई-मित्रों से शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार के निर्देश दिए।
छतरपुर के लवकुशनगर में स्नातक परीक्षाओं के बीच महाविद्यालय प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा तय समय से पहले सुबह आयोजित कर ली गई, जिससे 7 छात्र-छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गए। विश्वविद्यालय के टाइम टेबल के अनुसार परीक्षा का समय दोपहर 2 से 4 बजे निर्धारित था। छात्र-छात्राएं तय समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि परीक्षा सुबह 9 से 11 बजे के बीच पहले ही कराई जा चुकी है। यह सुनकर छात्र हैरान रह गए। समय बदलाव की नहीं दी गई सूचना पीड़ित छात्रा कुमुद सिंह ने आरोप लगाया कि परीक्षा के समय में बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। परीक्षा से वंचित रहने वालों में वंदना पांडे, वालेन्द्र सिंह, शिवम यादव, जयम यादव, नीशू और नेहा अहिरवार शामिल हैं। प्राचार्य एससी अहिरवार ने स्वीकार किया कि कुछ छात्र परीक्षा से वंचित रह गए हैं। उन्होंने बताया कि टाइम टेबल में समय दोपहर 2 से 4 बजे ही था, लेकिन प्रश्नपत्र के कवर पर सुबह 9 से 11 बजे का समय अंकित होने से भ्रम की स्थिति बन गई। घटना के बाद छात्रों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर पुनः परीक्षा कराने की मांग की है। प्राचार्य ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से बात कर छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को शहर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक और उसके दलाल पूर्व पार्षद को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एएसआई की ओर से साइबर फ्रॉड के एक मामले में बेटी के दामाद का नाम हटाने की एवज में रिश्वत ले रहे थे। डूंगरपुर एसीबी चौकी के प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक परिवादी ने चौकी पर उपस्थित होकर एक शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि साइबर फ्रॉड से जुड़े एक प्रकरण में बेटी ओर दामाद के हटाने ओर प्रकरण में मदद करने के लिए साइबर थाने का एएसआई मदनलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार के माध्यम से 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। जिस पर डूंगरपुर एसीबी की टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया और दलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार और साइबर थाने के एएसआई मदनलाल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। फिलहाल एसीबी की टीम की ओर से आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ।शहर के बीचों-बीच हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। 4 महीने पहले ही हुआ था प्रमोशन एएसआई मदनलाल का चार महीने पहले ही प्रमोशन हुआ था। वह हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई के पद पर प्रमोशन के बाद भी साइबर सेल में ही कार्यरत था।
अकोला में किसान आंदोलन स्थगित:प्रशासन के लिखित आश्वासन पर बनी सहमति
अकोला में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है। यह धरना स्मार्ट मीटरों के विरोध और किसानों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों की वापसी की मांग को लेकर चौधरी चरण सिंह चाहर वाटी महाविद्यालय में चल रहा था। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। यह धरना सोमवार को अकोला में शुरू हुआ था, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों किसान और आम नागरिक शामिल हुए। आंदोलन की अध्यक्षता प्रबंधक छिद्दी सिंह चाहर ने की, जबकि संचालन किसान नेता सुरेंद्र सिंह चाहर ने किया। धरने के दौरान भाकियू के मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर और जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने स्मार्ट मीटर योजना को तुरंत समाप्त करने और किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देर रात लगभग 12 बजे पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर और जिला अध्यक्ष राजवीर लवानियां से वार्ता की। पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि जल्द ही उच्च अधिकारी किसानों से मिलेंगे और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने लिखित आश्वासन देने की बात भी कही। भाकियू के मंडल अध्यक्ष रणवीर सिंह चाहर ने कहा कि अकोला का यह आंदोलन भले ही फिलहाल स्थगित हो गया हो, लेकिन इसने प्रशासन को किसानों की सजगता का स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अब सभी की नजरें प्रशासन द्वारा किए गए वादों की पूर्ति पर टिकी हैं। आने वाला समय ही तय करेगा कि यह स्थगन स्थायी समाधान में बदलेगा या फिर एक बड़े आंदोलन का आधार बनेगा।
कोटा में जल संसाधन विभाग ने निर्माण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की है। अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) द्वारा जारी आदेश के अनुसार,दायीं मुख्य नहर सीएडी चंबल क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की जांच में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। इस पर कार्रवाई करते हुए दायीं नहर उपखंड सीएडी अंता के कनिष्ठ अभियंता नेमीचंद बैरवा, सोनू कुमार गोचर और दीपक चौधरी को निलंबित कर दिया गया। जल संसाधन मंत्री ने कहा है कि परियोजनाओं में घटिया सामग्री या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने 3 अन्य इंजीनियर्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की है। दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय सीएडी चंबल कोटा के अधिशाषी अभियंता हेमराज मीणा, सहायक अभियंता एवं तकनीकी सहायक नरेश मालव व दायीं नहर खंड सीएडी चंबल अंता के सहायक अभियंता अमित कुमार बोहरा को चार्जशीट जारी की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्यों में मानक सामग्री का उपयोग नहीं पाया गया, जो गंभीर लापरवाही मानी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो। यह कार्रवाई विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनहित से जुड़े कार्य तय मानकों के अनुसार पूरे हो सकें। बता दें 2 मई को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा में सांगोद विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने हरिश्चंद्र सागर परियोजना के तहत चल रहे नहरों के सेकेंड फेज के मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। मंत्री नागर ने नहरों पर चल रहे निर्माण कार्य से टाइल हटवाकर निर्माण सामग्री की भी जांच की। अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़े- ऊर्जा मंत्री बोले-घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं:मंत्री ने नहर परियोजना की हटवाई टाइल, जांची गुणवत्ता; कहा- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई कोटा में नहर परियोजना में गुणवत्ता को लेकर ऊर्जा मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खुद टाइल हटवाकर काम की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल मानकों के अनुरूप कार्य होने पर ही भुगतान किया जाए। खबर पढ़े
कुशीनगर के नगर पंचायत फाजिलनगर में अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस दौरान कुल 56.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुशीनगर में पहली बार डुप्लीकेट मतदान रोकने के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) का पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक लागू किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह तकनीक कुशीनगर में पहली बार प्रयोग की गई। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित इस प्रणाली ने मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी धनंजय कुमार दुबे के अनुसार, नगर पंचायत फाजिलनगर में कुल 18,792 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 9,860 पुरुष और 8,932 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान के दौरान कुल 10,565 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें 5,143 पुरुष और 5,422 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 9 मतदान केंद्रों पर 22 मतदान स्थल बनाए गए थे। सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे क्षेत्र में 1 जोनल मजिस्ट्रेट, 4 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 9 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे, जिन्होंने मतदान प्रक्रिया की लगातार निगरानी की। दिनभर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। अधिकारियों ने बताया कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं।
श्योपुर पुलिस ने हाईवे पर लावारिस मिली एक बच्ची के मामले की जांच की, तो बच्चा बेचने वाले एक गैंग का पता चला है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह की मुख्य आरोपी काजल पटेल समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 18 अप्रैल को तब शुरू हुआ जब हाईवे पर सोईखुर्द के पास एक 2 साल की बच्ची लावारिस मिली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस बच्ची को 1 लाख रुपए में किसी को बेच दिया था। लेकिन जब पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में झगड़ा हुआ, तो आरोपियों ने बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया और भाग गए। पुलिस ने सीसीटीवी और कार के नंबर से आरोपियों को ढूंढ निकाला। अस्पताल की नर्स ने माता-पिता को बहलाकर ली थी बच्ची गिरोह की मुख्य आरोपी काजल पटेल एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के डिलीवरी विभाग में काम करती है। बच्ची के माता-पिता के पहले से 5 बच्चे थे और यह उनकी छठी संतान थी। काजल ने उन्हें झांसा दिया कि वे बच्ची को पाल नहीं पाएंगे, इसलिए किसी अच्छे परिवार को सौंप देते हैं ताकि उसका भविष्य संवर जाए। माता-पिता उसकी बातों में आ गए और बच्ची काजल के हवाले कर दी, जिसने आगे उसका सौदा कर दिया। एक और बच्ची मिली, पुलिस कर रही है कार्रवाई पुलिस ने आरोपियों के पास से एक और डेढ़ साल की बच्ची को छुड़वाया है, जिसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने और कितने बच्चे बेचे हैं। बच्ची के असली माता-पिता की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। पुलिस ने साफ कहा है कि बच्चा गोद लेने के लिए केवल कानूनी तरीका अपनाएं, वरना जेल जाना पड़ सकता है।
रामपुर में लंबित मुकदमों के त्वरित और सरल निस्तारण के लिए 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह पहल उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ, सस्ता और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है। प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (प्रवर वर्ग) श्री अम्बरीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर होगा। इनमें आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्राम्य लिखित अधिनियम से जुड़े मामले, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, श्रम विवाद, विद्युत एवं जल बिल से संबंधित मामले और पारिवारिक विवाद शामिल हैं। दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान इसके अतिरिक्त, भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण, सेवा संबंधी वेतन विवाद, सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े मामले, राजस्व वाद (जो जिला न्यायालय या उच्च न्यायालय में लंबित हैं) तथा अन्य सिविल वाद जैसे किराया, सुखाधिकार, व्ययादेश और विशिष्ट अनुतोष से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाएगा। खास बात यह है कि ऐसे मामले जो अभी न्यायालय में लंबित नहीं हैं, उन्हें भी वाद पूर्व यानी प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही सुलह-समझौते के जरिए निपटाया जा सकता है। राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन के लिए एक प्रभावी मंच साबित हो रही है, जहां बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च के, दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान पा सकते हैं। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि लोगों को समयबद्ध न्याय भी मिल पाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने लंबित या संभावित विवादों का समाधान आपसी समझौते के माध्यम से कराकर न्यायिक प्रक्रिया से राहत पाएं। यह पहल न्याय को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।

