हिसार जिले के बड़े गांवों में शुमार बालसमंद में जोहड़ों (तलाबों) की सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के दिशा-निर्देशों पर गांव के विभिन्न जोहड़ों की पैमाइश (माप-तोल) और अवैध कब्जों की शिनाख्त का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस मामले में कई कब्जाधारकों को विभाग की तरफ से कानूनी नोटिस भी थमाए जा चुके हैं, जिससे गांव में हड़कंप मच गया है। 29 जोहड़ों का रिकॉर्ड: एक अकेले जोहड़ पर 100 से अधिक अवैध कब्जे सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, बालसमंद गांव में कुल 29 जोहड़ दर्ज हैं, जिनकी जमीनों पर पिछले कई सालों से अवैध निर्माण और कब्जे किए गए हैं। प्रशासन द्वारा फिलहाल जोहड़ नंबर 765 और 766 की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को लेकर कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। राजस्व विभाग (पटवारी और कानूनगो) की टीमों द्वारा जोहड़ नंबर 758, 759 और 760 की पैमाइश का काम मौके पर किया जा रहा है। इसके अलावा, जोहड़ नंबर 762 पर प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों के अवैध कब्जों की एक विस्तृत सूची तैयार की है, जिन पर जल्द ही गाज गिर सकती है। सालों पुराने मकान और श्मशान घाट; फूटा ग्रामीणों का दर्द प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से बालसमंद के ग्रामीणों में भारी चिंता और डर का माहौल है। ग्रामीणों का तर्क है कि जिन जोहड़ों की जमीनों पर आज पैमाइश और कार्रवाई की जा रही है, वहां कोई खाली प्लॉट नहीं हैं, बल्कि पिछले कई दशकों से लोगों के पक्के मकान बने हुए हैं। इन विवादित भूमियों पर ग्रामीण सालों से खेती कर रहे हैं, वहीं कई जगह युवाओं के अखाड़े और ग्रामीणों के श्मशान घाट भी बने हुए हैं। ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त (DC) से गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि इस तरह बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ कर अतिक्रमण हटाया गया, तो सैकड़ों गरीब परिवार पूरी तरह से बेघर हो जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि इस कानूनी कार्रवाई के दौरान सामाजिक और मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाए। बड़ा खेल: अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन की कैसे हो गई रजिस्ट्री? प्रशासनिक जांच में एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि कुछ रसूखदार और शातिर लोगों ने जोहड़ की अवैध कब्जा की गई सरकारी भूमि की बाकायदा रजिस्ट्री भी अपने नाम करवा रखी है। अब यह बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि जब जमीन राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी जोहड़ के नाम दर्ज थी, तो सब-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा इन रजिस्ट्रियों को कैसे और किसके शह पर अंजाम दिया गया? नियमानुसार होगी कार्रवाई — सरपंच मंजू ग्राम पंचायत बालसमंद की सरपंच मंजू ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों के सख्त आदेशों के बाद ही गांव के सभी जोहड़ों की पैमाइश का कार्य करवाया जा रहा है। जिन जोहड़ों पर पैमाइश पूरी हो चुकी है और अवैध निर्माण पाए गए हैं, वहां प्रशासनिक आदेशों के तहत संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। पंचायत प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रही है। दूसरी तरफ, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने साफ रुख अपनाते हुए कहा है कि पंजाब विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट और अन्य सरकारी नियमों के तहत पंचायती व सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना बेहद जरूरी है। सभी जोहड़ों की जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद कानून के मुताबिक आगामी बेदखली की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कानपुर की चकेरी पुलिस ने नशे के कारोबार पर नकेल कसते हुए एक गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने युवक को 1.150 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ पकड़ा। आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा था, जिसे सतर्क पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर दबोच लिया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि बुधवार को हरजिंदर नगर चौराहे के पास जीटी रोड पर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच चल रही थी। इसी दौरान कानपुर-प्रयागराज हाईवे की ओर से सफेद बोरी लेकर आ रहे एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह घबराकर भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर उसे कुछ दूरी पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान शिवकटरा, लाल बंगला निवासी अंश मिश्रा के रूप में बताई। तलाशी लेने पर उसकी बोरी से 1.150 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने अंश मिश्रा को मौके से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अंश मिश्रा के खिलाफ थाना चकेरी में पहले से दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह उन्नाव से गांजा खरीदकर कानपुर के विभिन्न इलाकों में पुड़ियों के जरिए सप्लाई करता था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहन पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। ऐसे तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
छतरपुर। जिले के बकस्वाहा थाना क्षेत्र की बम्हौरी चौकी अंतर्गत जैन मंदिर के सामने सरपंच प्रतिनिधि पर कथित जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में दिगंबर जैन समाज बम्हौरी ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाज का आरोप है कि घटना के बाद गवाहों को धमकाया जा रहा है और सीसीटीवी फुटेज हटाने का दबाव बनाया जा रहा है। पंचायत के बाद हुआ हमला जानकारी के अनुसार, 27 मई की रात करीब 8 बजे जैन समाज की एक आपसी पंचायत जैन मंदिर परिसर में आयोजित की गई थी। पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि भानप्रताप सिंह उर्फ छुट्ठू राजा परमार (40) को भी आमंत्रित किया गया था। समाज के लोगों के अनुसार, पंचायत समाप्त होने के बाद जब वे मंदिर के मुख्य द्वार से बाहर निकले, तभी कुछ लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर चोटें आने का आरोप शिकायती आवेदन में आरोप लगाया गया है कि मंदिर के सामने रहने वाले कुछ लोगों ने पहले से घात लगाकर भानप्रताप सिंह पर हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। जैन समाज का कहना है कि पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। समाज ने पुलिस को बताया कि फुटेज में हमले की पूरी घटना दिखाई दे रही है, जो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। गवाहों को धमकाने का आरोप समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि घटना के अगले दिन आरोपियों ने समाज के लोगों को डराने-धमकाने और गाली-गलौज करने का प्रयास किया। आवेदन में कहा गया है कि गवाही देने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई तथा उन्हें मंदिर आने से रोकने की बात भी कही गई। फुटेज डिलीट कराने का बनाया जा रहा दबाव जैन समाज ने आरोप लगाया है कि सीसीटीवी फुटेज को हटाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा बाहरी असामाजिक तत्वों को बुलाकर गांव में भय का माहौल पैदा करने की भी शिकायत की गई है। जैन समाज ने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की भी मांग उठाई गई है।
बिजली आपूर्ति की बदहाली और अधिकारियों की अनदेखी को लेकर फतेहाबाद के जाखलखंड के गांव चांदपुरा के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बुधवार को बड़ी संख्या में एकत्रित ग्रामीणों ने जाखल स्थित विद्युत निगम कार्यालय का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों की मुख्य मांग चांदपुरा फीडर को म्योंद कलां के नए बिजली घर से जोड़ने की है। 25 किमी लंबी लाइन: ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज से ग्रामीण परेशान आधी रात को उतारी गईं 11,000 वोल्ट की तारें, जांच की मांग धरने के दौरान ग्रामीणों ने बिजली निगम के कर्मचारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि बीती रात बिना किसी आधिकारिक अनुमति और सुरक्षा उपायों के, म्योंद कलां लाइन पर डाली गई तारों को 11 हजार वोल्टेज की चालू विद्युत लाइन से नीचे उतार दिया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पहले से लगाए गए पोल और तारों को अब वहां से हटा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। अधिकारियों का आश्वासन; एक हफ्ते का अल्टीमेटम बिजली निगम के एसडीओ राकेश कुमार का कहना है कि बिना अनुमति के हाई वोल्टेज लाइन से तारें हटाने के गंभीर मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है, जिसकी पुलिस जांच जारी है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त नियम अनुसार कार्रवाई होगी। इसके साथ ही, ग्रामीणों की बिजली की समस्या को दूर करने के लिए जल्द ही उचित कदम उठाए जाएंगे। बड़े आंदोलन की दी चेतावनी विद्युत निगम कार्यालय में चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शन की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे एसडीओ राकेश कुमार ने ग्रामीणों को शांत कराया और उनकी समस्याओं को जल्द से जल्द सुलझाने का लिखित आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने धरना तो समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में चांदपुरा फीडर को नए बिजली घर से नहीं जोड़ा गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
बाराबंकी में बुधवार को एक युवक प्रेम-प्रसंग में विवाद के चलते मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। युवक को टॉवर पर चढ़ा देख ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामला असंद्रा थाना क्षेत्र के सरवन टिकठा गांव का है। जानकारी के अनुसार, युवक की पहचान बेलपुर निवासी स्वर्गीय बलकरन के पुत्र सरवन कश्यप के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पारिवारिक और प्रेम संबंधी विवाद से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। युवक कई घंटों तक टॉवर पर बैठा रहा, जिससे परिजन और स्थानीय लोग चिंतित रहे। घटना की सूचना मिलते ही दिलावलपुर चौकी इंचार्ज विनय यादव, हेड कांस्टेबल विजय और हेड कांस्टेबल तेज बहादुर वर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू किए। चौकी इंचार्ज विनय यादव ने सूझबूझ और धैर्य का परिचय देते हुए मोबाइल फोन के माध्यम से युवक से लगातार बातचीत की। काफी देर तक समझाने-बुझाने और भरोसा दिलाने के बाद युवक नीचे उतरने के लिए तैयार हो गया। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस टीम युवक को सकुशल नीचे उतारने में सफल रही। युवक के सुरक्षित नीचे आने पर पुलिसकर्मियों, परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पुलिस के अनुसार, घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। युवक से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और संयम की सराहना की है, जिसकी बदौलत एक संभावित हादला टल गया।
मथुरा में अनाधिकृत कॉलोनी पर चला बुलडोजर:10 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध निर्माण ध्वस्त
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ने बुधवार को अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण ने मथुरा-वृंदावन रोड स्थित मौजा आहिल्यागंज खादर में एक अनाधिकृत कॉलोनी में बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिए। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्राधिकरण के अनुसार, श्याम सुंदर, संतोष, वेदप्रकाश, राजकुमार, श्याम अग्रवाल और अन्य लोगों द्वारा लगभग 10,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना लेआउट और मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की संबंधित धाराओं के तहत वाद संख्या MTDA/Z1/ANI/2025/0000905 दर्ज किया गया था। सुनवाई के लिए 19 मार्च 2025 और 25 मार्च 2026 की तारीखें तय की गई थीं। निर्माणकर्ता सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद नियमानुसार विचार-विमर्श कर 25 मार्च 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश पारित किए गए। इन्हीं आदेशों के अनुपालन में बुधवार को यह कार्रवाई की गई। यह अभियान मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी एन के निर्देशन में और सचिव आशीष कुमार के नेतृत्व में चलाया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने थाना जैत पुलिस के सहयोग से की। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति के हो रहे निर्माण कार्यों के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी भूखंड या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच अवश्य कर लें। नियमों का उल्लंघन कर विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर के बासनी इलाके में प्रकाशजी का ढाबा के पास टेक्सटाइल फैक्ट्री में बंद करने के विरोध में चार दिनों से धरना दिया जा रहा है। धरने पर बैठे लोगों ने बुधवार शाम वहां से कपड़ा लेकर गुजर रही पिकअप को रोक लिया। इसके बाद ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पाली से कपड़ा यहां धुलाई के लिए लेकर आया था। इसके बाद धरनार्थी नारेबाजी करने लग गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने गाड़ी जप्त कर थाने में खड़ा कर दिया। धरने पर बैठे टैक्सटाइल एसोसिएशन कैलाश बिश्नोई ने बताया- एक पिकअप गाड़ी जो एम्स के सामने से आ रही थी, जिसको रुकवाया गया तो उसके अंदर कपड़ा भरा हुआ था। इसे चेक करने पर पता चला कि यह कपड़ा धुलाई के लिए पाली से लाया जा रहा है। इस पर वहां बैठे टैक्सटाइल एसोसिएशन के मेंबर्स और मजदूरों ने गाड़ी को रुकवाया। पुलिस और प्रशासन को इसके बारे में सूचित किया। सूचना पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के जेएन भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद थाना पुलिस बासनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत और समझाइश के बाद पिकअप गाड़ी को बासनी थाने में ले जाया गया। फैक्ट्री संचालक मूलाराम चौधरी ने बताया- गाड़ी के अंदर जो माल था, वह पाली से जोधपुर अवैध धुलाई के लिए आया था। जबकि यहां वैध फैक्ट्री को बंद किया गया है और अवैध धुलाई चालू है। गाड़ी के अंदर एक चालान बुक भी 1 अप्रैल से 3 जून तक की एंट्री थी। इसके अनुसार गाड़ी हर दिन जोधपुर आती है और धुलाई कर कर वापस ले जाते हैं। धरनार्थियों के मुताबिक ड्राइवर ने कहा- ऐसी अनेक गाड़ियां धुलाई के लिए आती हैं। अवैध फैक्टि्यों के लिए नगर निगम ने बनाई टीम जोधपुर में अवैध रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों को लेकर नगर निगम की ओर से टीम बनाई गई है। इससे पहले टीम की ओर से ऐसी अवैध 262 यूनिट को चिह्नित किया गया है। अब निगम गुरुवार से इन अवैध यूनिट को तोड़ने का काम करेगी। इसके तहत मदेरणा कॉलोनी, अशोक कॉलोनी, शाह कॉलोनी, नाथों का बास, जनता कॉलोनी, बावरी बस्ती, सिंवाची गेट, भीखा प्याऊ, छीपा नाड़ी, संजय सी कॉलोनी, चांदनी चौक, गुलशन मदरसा के सामने, मॉर्निंग ग्लोरिंग स्कूल के सामने, राइका बाग बैंड लाइन, पुरानी पुलिस लाइन, छीपा कॉलोनी, कागा कागड़ी, बकरा मंडी, यतिम खाना, पीरों का छल्ला, काली टंकी, एकलव्य भील बस्ती, गब्बू खान चौक, खेतानाड़ी, कायमखानी बस्ती, टॉवर वाली गली और शिशु स्कूल के पीछे इन अवैध यूनिट को चिह्नित किया गया है। निगम की टीम 16 जून तक इन इलाके में बनी सभी अवैध रंगाई-छपाई यूनिट को तोड़ेगी। टीम में विजिलेंस उपायुक्त, सहायक अतिक्रमण प्रभारी, चीफ सेनेट्री इंस्पेक्टर और वार्ड प्रभारी के साथ अतिक्रमण टीम और जोन टीम शामिल रहेगी।
प्रयागराज के मादपुर गांव में आयोजित मादपुर प्रीमियम लीग (एमपीएल) क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बुधवार को खेला गया। इसमें पुलिस लाइन एलेवन ने हैदर एलेवन को 12 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में मौजूद थे। फाइनल मुकाबले में पुलिस लाइन एलेवन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। टीम ने निर्धारित ओवरों में एक विकेट खोकर 84 रन का स्कोर बनाया। टीम की ओर से अरविंद ने 12 गेंदों में 30 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। जवाब में 85 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदर एलेवन की टीम निर्धारित ओवरों में 73 रन ही बना सकी और 12 रन से मैच हार गई। हैदर एलेवन की ओर से हमजा ने सर्वाधिक 33 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के शामिल थे। सफान ने भी 11 रन का योगदान दिया। मैच में अरविंद को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। वहीं, टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सफान को 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार मिला। समापन समारोह में समाजसेवी प्रीतम पटेल, जिला पंचायत सदस्य नेपाल सिंह पटेल और तारिक सईद ने विजेता तथा उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की। इस अवसर पर अज्जू, रमाकांत पटेल, राकेश पटेल भोला, मिस्बाउल एन, अर्पित रंजन, ओम सिंह पटेल, अभिषेक दिवाकर, ईशू पटेल, विनोद पटेल, मतेंद्र, शुभम पटेल और राजेश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
गाजीपुर में करोड़पति होटल कारोबारी के बेटे की हत्या के आरोपी कमलेश चौधरी से STF की मुठभेड़ हुई है। मुठभेड़ में वह घायल हो गया है। SOG प्रभारी रोहित मिश्रा को भी गोली लगी है। एनकाउंडर सदर कोतवाली के कुर्था में हुआ है। दो दिन से लखनऊ STF गाजीपुर में डेरा डाले हुए थी। एक दिन पहले ही वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने इस मामले के चारों नामजद आरोपियों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। शुक्रवार रात को 4 नकाबपोश बदमाशों ने होटल के गेट पर घेरकर चार गोलियां मारी थीं। हमला उस वक्त हुआ जब होटल मालिक आलोक राय के बेटे विनीत घर के लिए निकल रहे थे। वह गाड़ी की तरफ बढ़ रहे थे, तभी बदमाशों ने दो पिस्टल से विनीत पर फायरिंग शुरू कर दी। हाथ और कमर में एक-एक गोली लगी, जबकि सीने में दो गोलियां मारीं। इस मामले में सदर कोतवाल महेंद्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के बिंदु होटल का है। विनीत की एक साल पहले शादी हुई थी। उनकी दो महीने की एक बेटी है। मामले में शंकर पांडेय को मुख्य आरोपी बनाया गया है। कहा- रंगदारी नहीं देने पर उसने हत्या कर दी। हर साल एक करोड़ रुपए टैक्स देता हूं फिर भी मेरा परिवार सुरक्षित नहीं है। वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए- जानिए पूरा मामला होटल मैनेजमेंट के बाद संभाल रहा था बिजनेसहोटल बिंदु के मालिक आलोक राय और अरविंद राय दोनों भाई हैं। 2012 में दोनों भाइयों ने एक बीघे जमीन में होटल बनवाया था। इसमें 50 कमरे हैं। आलोक राय के दो बेटे विनीत (29) और आदेश (27) हैं। एमएससी और डी.फार्मा करने के बाद विनीत ही होटल का मैनेजमेंट संभालता था। वह होटल का रेनोवेशन करवा रहा था। उसकी शादी पिछले साल 18 मई को हुई थी। शुक्रवार को विनीत होटल में ही था। रात 11 बजे वह होटल में डिनर कर घर के लिए निकला, लेकिन गेट पर ही उसे कुछ काम याद आ गया। वह फिर होटल के अंदर चला गया। इसी बीच, दो बाइक पर सवार चारों बदमाश पहुंचे। उन्होंने गेट पर खड़े गार्ड शंभू से पूछा- बियर मिलेगी? जवाब में शंभू ने कहा-हां, मिलेगी। बीयर लेने के बहाने से पहुंचे नकाबपोश इसके बाद बदमाशों ने कहा- 16 बियर चाहिए। इस पर शंभू ने कहा- पहले पैसे दीजिए। बदमाशों ने कहा कि ऑनलाइन पेमेंट करेंगे। इसके बाद शंभू होटल मैनेजर का फोन लेकर आया, क्यूआर कोड दिखाया और पेमेंट करने को कहा। इस पर बदमाश बोले कि 16 नहीं, सिर्फ 8 बियर चाहिए। गार्ड ने बताया कि अब एक्स्ट्रा पैसे लगेंगे। इसी दौरान विनीत होटल से बाहर निकले और अपनी कार की तरफ बढ़े। तभी बदमाशों ने कमर से पिस्टल निकाली और विनीत को घेर लिया। दो बदमाशों ने पिस्टल से की फायरिंग दो बदमाशों ने पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली विनीत के दाएं हाथ में लगी। विनीत जान बचाकर भागे तो बदमाशों ने कमर में गोली मार दी। जैसे ही वह लड़खड़ाए, सीने में दो गोलियां मार दीं। इसके बाद विनीत वहीं गिर पड़े। सूचना मिलते ही आलोक राय अपने भाई अरविंद और परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि गेट पर ही उनका बेटा विनीत लहूलुहान हालत में पड़ा है। आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता बोले- कुख्यात अपराधी शंकर ने बेटे की हत्या कीहोटल कारोबारी आलोक राय ने बताया, “कुख्यात अपराधी शंकर पांडे ने अपने चार-पांच साथियों के साथ मिलकर मेरे बेटे की हत्या की। 2024 में इस गैंग ने मुझसे पैसे मांगे थे। जब मैंने नहीं दिए तो होटल पर हमला किया गया। आरोपियों ने होटल के शीशे और अन्य सामान तोड़ दिए थे। पिता ने सीएम के सामने आत्मदाह की धमकी दी थी मैंने डीजीपी, मुख्यमंत्री, एडीजी और एसपी समेत कई अधिकारियों से लिखित शिकायत की थी, लेकिन आरोपी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मैं सीएम योगी से मांग करता हूं कि इस गिरोह का सफाया किया जाए।” पिता ने आरोपियों का एनकाउंटर नहीं होने पर सीएम के सामने परिवार सहित आत्मदाह की धमकी भी दी थी। कौन है शंकर पांडेय, जिस पर हत्या का आरोपशंकर पांडेय क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है। वह ‘कटरा गैंग’ नाम से गिरोह चलाता है। इस गैंग में कई युवक शामिल हैं, जो लूटपाट, दबंगई और अवैध वसूली जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। गैंग एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए संचालित होता है। जब किसी वारदात को अंजाम देना होता है, तो ग्रुप में मैसेज आता है। इसके बाद बदमाश घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। डीआईजी वैभव कृष्ण ने जिन आरोपियों पर इनाम घोषित किया था, उनमें शंकर पांडेय, जगदीश सिंह यादव उर्फ सोनू यादव, आलोक दुबे और कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी घटना के बाद से लगातार फरार हैं। गिरफ्तारी के लिए 4 टीम लगाई गई थीं। पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया था। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 लोगों की हत्या:पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची, गत्ते पर लिखा था- बंटी, बबली और बहू ने मारा प्रयागराज में करोड़पति परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें पति-पत्नी और उनके बेटा-बेटी शामिल हैं। घर बाहर से बंद था और ताला लगा हुआ था। मंगलवार दोपहर घर से बदबू आने पर पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई। लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। तब पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस गेट तोड़कर अंदर पहुंची। पढ़ें पूरी खबर…
देश के जोधपुर, पाली और बालोतरा जिलों में प्रदूषित नदियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। डीजीपी (DGP) राजीव कुमार शर्मा की ओर से 2 जून को इसे लेकर आदेश जारी किए गए हैं। यह एसआईटी इन तीन जिलों से निकलने वाली जोजरी, बांडी और लूणी नदी के प्रदूषण मामले की जांच करेगी। इसके साथ ही, इससे संबंधित सीईटीपी (CETP) से लेकर राजस्थान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (RSPCB) के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा, एसआईटी इन तीनों जिलों में प्रदूषण के मामले में दर्ज पुरानी एफआईआर (FIR) को भी खंगालेगी। साथ ही, प्रदूषण फैलाने और भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर नई एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। सिविल राइट्स एंड एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की एडीजी (ADG) लवली कटीयार को इस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा तीनों जिलों के एसपी और जांच अधिकारियों को भी इस टीम में शामिल किया गया है। एसआईटी में ये अधिकारी होंगे शामिल: अध्यक्ष: लवली कटीयार (डीजीपी, सिविल राइट्स एंड एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) सदस्य: देवेंद्र कुमार विश्नोई (पुलिस उप महानिरीक्षक, आरपीटीसी, जोधपुर) सदस्य: पंकज यादव (कमांडेंट, प्रथम बटालियन, आरएसी, जोधपुर) जोधपुर जिले के लिए: सदस्य: कमल शेखावत (पुलिस उपायुक्त - पश्चिम, जोधपुर) जांच अधिकारी: नरेंद्र देवड़ा (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोधपुर) पाली जिले के लिए: सदस्य: मोनिका सेन (एसपी, पाली) जांच अधिकारी: निशांत भारद्वाज (एएसपी, पाली) बालोतरा जिले के लिए: सदस्य: रमेश (एसपी, बालोतरा) जांच अधिकारी: अनिल राजपुरोहित एसआईटी इन पॉइंट पर करेगी काम एफआईआर और अवैध नेटवर्क की जांच: SIT दर्ज की गई हर एफआईआर की नए सिरे से जांच करेगी। साथ ही जोधपुर, पाली और बालोतरा में औद्योगिक कचरा (इंडस्ट्रियल वेस्ट), उसके बहाव, स्ट्रक्चर और उन गुप्त नालों (बायपास) की भी जांच की जाएगी जिनसे प्रदूषित पानी नदियों में छोड़ा जा रहा है। अवैध सिस्टम चलाने वालों पर शिकंजा: इस अवैध नेटवर्क और सिस्टम को चलाने वाली फैक्ट्रियों/इंडस्ट्री, भू-माफियाओं और अन्य जिम्मेदार लोगों को चिह्नित (Identify) किया जाएगा। सीईटीपी और अधिकारियों की भूमिका की जांच: कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के पदाधिकारियों के साथ-साथ राज्य सरकार, आरएसपीसीबी (RSPCB), रीको (RIICO) और स्थानीय निकायों के उन अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाएगी, जिन्होंने इस प्रदूषण को बढ़ावा दिया या अनदेखी की। इस नेक्सस में शामिल भ्रष्ट अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। कड़ा एक्शन और नई एफआईआर: जांच के दौरान यदि किसी भी एजेंसी या सरकारी अधिकारी का भ्रष्टाचार सामने आता है, तो उसके खिलाफ नए सिरे से मामला दर्ज करवाया जाएगा। प्रदूषण फैलाने में मिलीभगत या रिश्वतखोरी का मामला सामने आने पर भी तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। विभागों से शामिल करेंगे डेटा, जांच के लिए शामिल होंगे अधिकारी आदेशों के अनुसार ये एसआईटी रिको, आरएसपीसीबी, जिला प्रशासन से डेटा कलेक्ट करेगी। इसके साथ ही जोधपुर आयुक्तालय, पाली और बालोतरा जिलों के पुलिस अधिकारियों को भी वे जांच में साथ में ले सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट की अगली पेशी से पहले एसआईटी को अपनी रिपोर्ट बनाकर पेश करनी होगी। हालांकि इन आदेशों के अनुसार हर 15 दिना में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) को अपराध शाखा के माध्यम से महानिदेशक पुलिस (DGP) को पेश करनी होगी।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खरोरा थाना पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर रेड कार्रवाई कर 346 पौवा देशी शराब जब्त की है। कार्रवाई में शराब तस्करी में इस्तेमाल एक होंडा साइन बाइक भी जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक मुखबिर से खरोरा, भैंसा और अमसेना इलाके में अवैध शराब बिक्री और परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की। देवारपारा से 47 पौवा शराब जब्त पहले मामले में पुलिस ने देवारपारा निवासी हितेन्द्र यादव उर्फ छोटू यादव (24) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 47 पौवा देशी मसाला शराब जब्त की गई। शराब की कीमत करीब 4700 रुपए बताई गई है। भेजरीडीह में आरोपी पकड़ाया दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने भेजरीडीह निवासी सुल्तान गेंडरे (32) को पकड़ा। आरोपी के पास से 45 पौवा देशी मसाला शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 4500 रुपए है। पिता-पुत्र के पास मिला 254 पौवा शराब का जखीरा तीसरे और सबसे बड़े मामले में पुलिस ने ग्राम कोड़ापार निवासी गवाही लाल ओगरे (50) और उसके बेटे राका ओगरे (27) को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से एक बैग में रखे 254 पौवा देशी शराब जब्त की गई। कुल शराब की मात्रा 45 लीटर 720 मिलीलीटर बताई गई है। पुलिस ने शराब परिवहन में इस्तेमाल होंडा साइन बाइक क्रमांक CG-04-PG-8570 भी जब्त की है। बाइक की कीमत करीब 60 हजार रुपए आंकी गई है। आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज चारों आरोपियों के खिलाफ खरोरा थाने में अलग-अलग अपराध दर्ज कर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत लगातार कार्रवाई यह कार्रवाई ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन और एसडीओपी वीरेंद्र चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में की गई। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन ‘निश्चय’ के तहत अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को घाटमपुर मंडी परिसर स्थित सरकारी गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण गेहूं खरीद के अंतिम चरण में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खरीद व्यवस्था, तौल प्रक्रिया, किसानों के पंजीकरण और भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शिता और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने क्रय केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से खरीद प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र पर आने वाले किसानों को कोई असुविधा न हो और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए बताया कि सरकार द्वारा गेहूं खरीद की अवधि 15 जून तक निर्धारित की गई है। ऐसे किसान जिन्होंने अभी तक अपना गेहूं सरकारी केंद्रों पर नहीं बेचा है, वे समय रहते पंजीकरण कराकर अपना उत्पाद बेच सकते हैं। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि इस वर्ष सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत सरकारी क्रय केंद्रों पर ही गेहूं बेचें, ताकि उन्हें समर्थन मूल्य योजना का सीधा लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि खरीद प्रक्रिया के अंतिम दिनों में विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी किसान को अनावश्यक प्रतीक्षा या समस्या का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर को टूटा मिला होस्टल के शौचालय का गेट:जनजातीय बालक आश्रम की बदहाल व्यवस्था, अधीक्षक निलंबित
बैतूल के भीमपुर विकासखंड स्थित डोडाजाम जनजातीय बालक आश्रम में अव्यवस्थाएं पाए जाने पर कलेक्टर सौरभ संजय सोनवणे ने सख्त कार्रवाई करते हुए आश्रम अधीक्षक भैयालाल उईके को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बुधवार को गांव के दौरे के दौरान आश्रम का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मिलीं कई खामियां निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास के विभिन्न कक्षों और शौचालयों का जायजा लिया। आश्रम का संचालन और साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। अधीक्षक की कार्य के प्रति लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली को गंभीर मानते हुए निलंबन के निर्देश दिए गए। दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्राम डोडाजाम में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पेयजल संकट की शिकायत की, जिस पर उन्होंने जनपद पंचायत भीमपुर के सीईओ को तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रसूति सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आंगनवाड़ी केंद्र का भी किया निरीक्षण कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों को नवजात शिशुओं और प्रसूताओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति की समस्या पर अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा स्थायी समाधान के लिए कृषि फीडर का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए। ग्राम पंचायत के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर ग्राम सचिव और रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। आगजनी प्रभावित किसान को सहायता देने की मांग दौरे के दौरान ग्राम टिगरिया निवासी केने मोतीराम के चार पशु आगजनी की घटना में घायल होने की जानकारी मिलने पर रेडक्रॉस मद से 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। तालाब के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बच्चों से भी मिले। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें बिस्किट तथा चॉकलेट वितरित किए।
संभल में कीटनाशक स्प्रे करते समय बिजली का करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह घटना नखासा थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में हुई। जानकारी के अनुसार, दरियापुर निवासी वीर सिंह ने अपने गन्ने के खेत में कीटनाशक स्प्रे करने के लिए गांव के ही 29 वर्षीय अमरजीत पुत्र रामफल को बुधवार सुबह 8 बजे मजदूरी पर बुलाया था। सुबह करीब 10 बजे खेत के किनारे लगे खंभों पर ट्रांसफार्मर से मोटर चलाने के लिए तार लगाते समय अमरजीत करंट की चपेट में आ गया। सीधे करंट लगने से वह झुलसकर खेत में गिर गया। खेत स्वामी वीर सिंह अपने बेटे निगम के साथ अमरजीत को इलाज के लिए अमरोहा जिले के सैदनगली कस्बे में एक डॉक्टर के पास ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद खेत स्वामी ने घटना की सूचना मृतक के बड़े भाई शूरवीर को दी। शूरवीर ने अमरजीत को पहले संभल और फिर मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भी ले जाकर दिखाया, लेकिन तीनों ही जगह डॉक्टरों ने उसे मृत बताया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया दोपहर करीब 2 बजे शूरवीर अपने छोटे भाई के शव को लेकर गांव पहुंचा। मजदूर की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक अमरजीत अपने पीछे डेढ़ साल का बेटा श्रीशिकांत और पत्नी पूजा को छोड़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची, हालात बेकाबू होते देखकर अतिरिक्त पुलिस को बुला लिया गया। असमोली सीओ डॉ प्रदीप कुमार गांव पहुंचे परिजनों से निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, लेकिन शाम 04:30 बजे तक हंगामा करते रहें। पुलिस द्वारा कार्रवाई करने के आश्वासन पर परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। खेत स्वामी और मजदूर अलग-अलग जाति के हैं, उनके बीच कोई टकराव की स्थिति ना बने उसको देखते हुए पुलिस को गांव में तैनात किया गया है। रात 08:30 बजे तक गांव में पुलिस तैनात रहीं। सीओ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मजदूर की बिजली का करंट लगने से मौत हुई है परिजनों के सभी आरोपों की जांच की जा रही है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी, परिजनों से शिकायत देने के लिए कहा गया है।
भारतीय कृषि बीमा निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता सुपारस भंडारी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री एवं जोधपुर सांसद गजेन्द्र सिंह शेखावत के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज भारत की पहचान महात्मा गांधी से नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होती है। भंडारी ने इस बयान को बेतुका, दुर्भाग्यपूर्ण बताया। भंडारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का अपने नेता का सम्मान करना उसका अधिकार है, लेकिन इसके लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान और व्यक्तित्व को कमतर आंकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अहिंसा, सत्य और मानवता के प्रतीक के रूप में सम्मानित हैं। उन्होंने महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का उल्लेख करते हुए कहा कि आइंस्टीन ने भी गांधी के व्यक्तित्व की अद्वितीयता को स्वीकार किया था। भंडारी ने कहा कि अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन के नेता मार्टिन लूथर किंग जूनियर तथा दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला भी गांधी के विचारों से प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि गांधी किसी पद के कारण महान नहीं बने, बल्कि उनके विचारों और जीवन मूल्यों ने उन्हें विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। भंडारी ने आरोप लगाया कि शेखावत का बयान जोधपुर और मारवाड़ की गरिमा के अनुरूप नहीं है तथा उन्हें इस टिप्पणी के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा में बसने वाले गांधी की तुलना किसी भी समकालीन नेता से नहीं की जा सकती। भाजपा जिलाध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ किया नाले का निरीक्षण आगामी बरसातके मौसम को देखते हुए लाखोटिया तालाब क्षेत्र से बहने वाले अतिरिक्त पानी की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। भारतीय जनता पार्टी पाली के जिलाध्यक्ष सुनील भण्डारी ने बताया कि लाखोटिया तालाब के ओवरफ्लो होने पर चादर वाले बालाजी एवं हाथी की समाधि के पास से बहने वाला अतिरिक्त पानी रामदेव रोड पुलिया, दुर्गा कॉलोनी, पुनायता रोड और विकास नगर होते हुए बांडी नदी में पहुंचता है। इस मार्ग पर रीको एवं नगर निगम के दो अलग-अलग नाले बने हुए हैं। इनमें से रीको का नाला पिछले कई सालों से गंदगी और कचरे से भरा हुआ था, जिसके कारण बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित हो जाती थी और आसपास की बस्तियों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती थी। समस्या के समाधान के लिए रीको अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाया गया। जिसके बाद रीको नाले की सफाई का कार्य शुरू करवाया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने रीको एवं नगर निगम अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सफाई कार्य का निरीक्षण किया तथा जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नगर निगम से जुड़े अन्य छोटे नालों की भी समय रहते सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना नहीं करना पड़े। निरीक्षण के दौरान भाजपा सोमनाथ मंडल अध्यक्ष सुरेश पंवार, मंडल महामंत्री प्रतापसिंह मारवाड़ी, पूर्व पार्षद सुमेर संभवानी, नारायणलाल घांची, विनोद जिनगर, दुर्गाराम, कैलाश, राहुल मेवाड़ा तथा क्षेत्र के कई लोग मौजूद रहे। तमिलनाडु में मारवाड़ी समाज का सम्मान तमिलनाडू सरकार के राजस्व मंत्री के.ए. सेनगोटीयन ने कहा कि मारवाड़ी समाज तमिलनाडू का अभिन्न अंग है। समाज ने अपनी ईमानदारी, व्यापारिक कुशलता और सामाजिक व्यवहार से पूरे प्रदेश में विशिष्ट पहचान बनाई है। राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। वे इरोड में जैन संघ एवं मारवाड़ी समाज तमिलनाडू की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में मंत्री का जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के अध्यक्ष प्रकाश जैन के नेतृत्व में स्वागत किया गया। शहर में रैली निकालकर उन्हें समारोह स्थल तक लाया गया। राजस्व मंत्री ने कहा कि मारवाड़ी समाज की ओर से उनके सिर पर बांधी गई पगड़ी उनके लिए सम्मान और विश्वास का प्रतीक है, जिसका वे सदैव मान रखेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार कर रहे मारवाड़ी समाज ने राज्य के विकास और सरकार को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। समारोह में प्रकाश जैन ने कहा कि तमिलनाडु में व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण मिला है और मारवाड़ी समाज यहां की संस्कृति एवं परंपराओं का सम्मान करते हुए प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने समाज से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों को भी मंत्री के समक्ष रखा। इस अवसर पर उद्योगपति बाबूलाल जैन, राकेश चोरडिया, मानमल जेठिया, मुकेश जैन सहित अनेक व्यापारी, समाजसेवी एवं मारवाड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीकर की सदर थाना पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके पास से स्कॉर्पियो गाड़ी,21 सिम कार्ड सहित कई सामान मिला है। पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। SHO इंद्राराज मरोड़िया ने बताया कि 2 जून 2026 को पुलिस टीम को सूचना मिली कि चार साइबर ठग रुपए निकलवाने के लिए बाडलवास आए हुए हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जहां पर पुलिस को अशोक,संदीप,अतुल और विकास मिले। इनके पास स्कॉर्पियो गाड़ी थी। इनके पास से चार मोबाइल,21 सिम कार्ड,2 बैंक पासबुक और 3 एटीएम कार्ड मिले। जब इनसे पूछताछ की गई तो सामने आया कि चारों अकाउंट किराए पर लेकर ऑनलाइन फ्रॉड अमाउंट का लेनदेन करने के लिए इन्हें काम में लेते हैं। वह सीकर और आसपास के एरिया के लोगों को लोन दिलवाने के नाम पर उनसे फोटो और आईडी लेकर बैंक में अकाउंट खुलवाते है। इसके बाद एटीएम कार्ड सहित अन्य दस्तावेज अपने पास रख लेते हैं। लोगों के नाम पर ही सिम कार्ड लेते हैं। इसके बाद उनके बिना जानकारी के बैंक अकाउंट यूज में लेते हैं। कार्रवाई में हैड कांस्टेबल बाबूलाल, दुर्गाराम,कांस्टेबल खेमचंद, अनिल,ओम प्रकाश और रमेश शामिल रहे।
प्रयागराज मंडल में रेल संरक्षा को लेकर आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन ने मोबाइल वीडियो वैन के माध्यम से विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। मंडल रेल प्रबंधक के निर्देश पर यह अभियान 19 मई 2026 को शुरू हुआ, जो अगले 60 दिनों तक विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा। इस अभियान के तहत रेलवे ट्रैक, स्टेशन, समपार फाटक, गांवों और संवेदनशील इलाकों में लोगों को रेल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को संरक्षा मोबाइल वीडियो वैन के जरिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों को ट्रैक पर अनधिकृत रूप से चलने, रेलवे लाइन पार करने, बंद फाटक को जल्दबाजी में पार करने और रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी खतरनाक गतिविधियों के प्रति सचेत किया। अभियान के दौरान मोबाइल वीडियो वैन के जरिए रेल संरक्षा से जुड़ी वीडियो क्लिप, ऑडियो संदेश, एनिमेटेड प्रस्तुतीकरण और लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इन माध्यमों से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को छोटी सी लापरवाही के बड़े दुर्घटनाओं का कारण बनने के बारे में बताया गया। रेलवे अधिकारियों ने लोगों को यह भी समझाया कि ट्रैक के आसपास असावधानी, चलती ट्रेनों पर पत्थरबाजी और फाटकों पर नियमों की अनदेखी न केवल स्वयं के लिए बल्कि अन्य यात्रियों के लिए भी खतरा बन सकती है। जागरूकता कार्यक्रम में लोगों से सुरक्षित व्यवहार अपनाने और रेल नियमों का पालन करने की अपील की गई। प्रयागराज मंडल प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता और सामुदायिक सहयोग के जरिए रेल दुर्घटनाओं और असुरक्षित गतिविधियों में कमी लाई जा सकती है। रेलवे प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे रेल संरक्षा नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
सहारनपुर में विश्व साइकिल दिवस पर रैली:ईंधन बचाने और प्रदूषण घटाने का दिया संदेश
सहारनपुर में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बुधवार को एक जागरूकता साइकिल रैली का आयोजन किया गया। यह रैली साइकिल मोटिवेशन ऑफ इंडिया, नगर निगम और स्टेडियम प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई। रैली का शुभारंभ हसनपुर चौक से हरी झंडी दिखाकर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में साइकिल प्रेमियों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली हसनपुर चौक से शुरू होकर कोर्ट रोड और घंटाघर होते हुए स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और बेहतर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। प्रतिभागियों ने ‘साइकिल चलाएं, ईंधन बचाएं, प्रदूषण घटाएं और स्वास्थ्य बनाएं’ का संदेश दिया। साइकिल मोटिवेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक प्रेम सिंह ने कहा कि साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की संजीवनी है। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से साइकिल चलाने से शरीर की ऊर्जा बढ़ती है और कैलोरी बर्न होती है। यह प्रदूषण मुक्त परिवहन का सबसे सस्ता और प्रभावी माध्यम भी है। सिंह ने यह भी कहा कि बढ़ते शहरीकरण और वाहनों की संख्या के कारण वातावरण में ऑक्सीजन का स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में लोगों को छोटी दूरी के लिए साइकिल का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। संगठन से जुड़ी आँचल सिंह ने बताया कि आज बड़ी संख्या में लोग अस्थमा, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं। साइकिल चलाने से शारीरिक क्षमता बढ़ती है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है। उन्होंने लोगों से नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। रैली के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण का संदेश भी दिया गया। आयोजकों ने बताया कि उनका संगठन विभिन्न स्थानों पर पौधे लगाकर हरित वातावरण बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। इस अवसर पर राकेश ठाकुर, अरविंद मलिक, पंकज कुमार, सतीश भटनागर, वीरेंद्र वर्मा, अनुजवीर, अगम तोमर, शबाना खान, शगुन, आयुषी, आंचल, अनमोल, वीर, अमित, आदर्श सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
सहारनपुर के देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, बेरी जमापुर में 10 दिवसीय एनसीसी प्रशिक्षण शिविर-256 का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के तीसरे दिन कैडेट्स को अनुशासन, नेतृत्व, व्यक्तित्व विकास और सैन्य कौशल से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। इसका संचालन 83 वाहिनी एनसीसी सहारनपुर द्वारा किया जा रहा है, जो एनसीसी निदेशालय लखनऊ के अधीन मेरठ ग्रुप का हिस्सा है। शिविर का नेतृत्व कमान अधिकारी कर्नल नविंदर सिंह मान (सेना मेडल) कर रहे हैं। तीसरे दिन डिप्टी कैंप कमांडेंट कर्नल तनय कोठियाल ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कैडेट्स का निरीक्षण किया। उन्होंने उनके अनुशासित व्यवहार और सीखने की प्रतिबद्धता की सराहना की। कर्नल कोठियाल ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और चुनौतियों का डटकर सामना करने के लिए प्रेरित किया। कैंप एडजुटेंट कैप्टन राजेश कुमार ने कैडेट्स को सॉफ्ट स्किल्स के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक व्यक्तित्व किसी भी क्षेत्र में सफलता की कुंजी हैं। चीफ ऑफिसर ब्रिजेश पुंडीर ने एनसीसी के ए, बी और सी प्रमाण-पत्रों से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन प्रमाण-पत्रों का सेना, अर्धसैनिक बलों और विभिन्न सिविल सेवाओं में भर्ती के दौरान विशेष महत्व होता है। शिविर में कैप्टन डॉ. मनीष जायसवाल, सूबेदार सतीश थापा और जीसीआई अरीबा ने संभावित आईजीसी (इंटर ग्रुप कंपटीशन) एवं आरडीसी (रिपब्लिक डे कैंप) के लिए अभ्यास शुरू कराया। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स की पहचान और चयन की प्रक्रिया भी प्रारंभ की गई। सैन्य प्रशिक्षण सत्र में सूबेदार नक्षत्र सिंह और हवलदार देव सिंह ने कैडेट्स को टेंट लगाने और हटाने की व्यावहारिक जानकारी दी। जसवीर सिंह ने हथियारों से संबंधित मूलभूत जानकारी साझा की। हवलदार गोविंद थापा ने मैप रीडिंग और जीपीएस के उपयोग पर प्रशिक्षण देकर कैडेट्स को आधुनिक नेविगेशन तकनीकों से अवगत कराया।शिविर में कैप्टन सुभाष चंद्र,कैप्टन मनीष जायसवाल, लेफ्टिनेंट प्रवीण कुमार,चीफ ऑफिसर ब्रिजेश पुंडीर,सूबेदार सतीश थापा,सूबेदार यू. बहादुर आले,हवलदार सोहनलाल,नरेंद्र कुमार,गोविंद थापा,जसवीर सिंह,किशन सिंहली,नायक शिवकुमार,कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन का योगदान रहा।
सहारनपुर शहर में बढ़ती जाम की समस्या और नागरिकों की शिकायतों के बाद नगर निगम ने बुधवार को बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस अभियान के तहत पुल जोगियान, चौक फव्वारा, ढमोला पुल और लिंक रोड सहित कई प्रमुख स्थानों से अवैध कब्जे हटाए गए। कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन का उपयोग कर अतिक्रमण ध्वस्त किया गया, सामान जब्त किया गया और अतिक्रमणकारियों पर जुर्माना भी लगाया गया। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर अतिक्रमण प्रभारी सुधीर शर्मा के नेतृत्व में निगम की टीम सबसे पहले पुल जोगियान पहुंची। यहां नदी किनारे की पटरी और सड़क के बड़े हिस्से पर सरकंडे, चटाई, छाज और अन्य सामान बनाने व बेचने वालों ने कब्जा कर रखा था, जिससे सड़क का लगभग आधा हिस्सा बाधित हो रहा था और अक्सर जाम लगता था। निगम टीम के पहुंचते ही अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से अवैध ढांचे हटाए और दो काउंटर, दो खोखे, चार मूढ़े, एक रैक सहित अन्य सामान जब्त कर लिया। आठ अतिक्रमणकारियों से कुल 7,500 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया। निगम अधिकारियों ने बताया कि अभियान से पहले लगातार पांच दिनों तक संबंधित लोगों को स्वयं अतिक्रमण हटाने की चेतावनी और अपील की गई थी। इसके बाद टीम चौक फव्वारा पहुंची, जहां सेहरे, पगड़ी और कपड़ों के व्यापारियों ने ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर अतिक्रमण कर रखा था। अधिकारियों ने बताया कि इससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा था, बल्कि ट्रांसफॉर्मरों में स्पार्किंग होने पर बड़े हादसे का खतरा भी बना रहता था। निगम ने ट्रांसफॉर्मरों के आसपास का पूरा क्षेत्र खाली कराते हुए अवैध कब्जे हटा दिए। अभियान के दौरान सतयुग आश्रम के निकट ढमोला पुल पर फल विक्रेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमण को भी हटाया गया। इसी तरह, लिंक रोड से राकेश सिनेमा जाने वाले मार्ग पर रेहड़ी-ठेली संचालकों और ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़क पर किए गए कब्जों को भी हटवाया गया। नगर निगम ने इस कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अवगत कराया है। संबंधित थाना प्रभारियों को पत्र भेजकर इन स्थानों को भविष्य में भी अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में सहयोग का अनुरोध किया गया है।
एमजेपीआरयू में एमएससी फिजिक्स प्रवेश शुरू:क्वांटम टेक्नोलॉजी, AI सहित भविष्य की तकनीकों पर होगा फोकस
बरेली। महात्मा ज्योतिबा फूले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) के भौतिक विज्ञान विभाग ने एमएससी (भौतिकी) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह पाठ्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कम्प्यूटिंग और नैनो टेक्नोलॉजी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के दौर में भौतिक विज्ञान की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। विभागाध्यक्ष प्रो. सलीम खान ने बताया कि वर्तमान में विज्ञान और तकनीक की लगभग हर बड़ी उपलब्धि के मूल में भौतिक विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्वविद्यालय का एमएससी भौतिकी पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उन्हें आधुनिक शोध और तकनीकी नवाचारों के लिए भी तैयार करता है। प्रो. खान के अनुसार, विभाग में क्वांटम प्रौद्योगिकी, नैनो टेक्नोलॉजी, मैटेरियल साइंस, न्यूक्लियर फिजिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, बायोफिजिक्स, मेडिकल फिजिक्स, कम्प्यूटेशनल फिजिक्स, डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कॉस्मोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में अध्ययन और शोध की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से 2031 तक संचालित नेशनल क्वांटम मिशन के तहत क्वांटम कम्प्यूटिंग और संबंधित तकनीकों में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। ऐसे में एमएससी फिजिक्स की पढ़ाई विद्यार्थियों को भविष्य के वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्रदान कर सकती है। इस पाठ्यक्रम के विद्यार्थी शिक्षण और शोध के साथ-साथ इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO), सीएसआईआर (CSIR) सहित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भी करियर बना सकते हैं। एमजेपीआरयू के भौतिक विज्ञान विभाग में एमएससी (भौतिकी) में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो चुके हैं। मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय से बीएससी उत्तीर्ण विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश बीएससी में प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर होगा, जबकि आरक्षण और छात्रवृत्ति की सुविधा राज्य सरकार के नियमों के अनुसार उपलब्ध रहेगी।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) अनंत नगर योजना में पहली बार बहुमंजिला आवासीय परियोजना विकसित करने जा रहा है। एलडीए ने ‘अदिति अपार्टमेंट’ के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जिसमें 1 बीएचके और 2 बीएचके श्रेणी के कुल 1392 अफोर्डेबल फ्लैट बनाए जाएंगे। जल्द ही परियोजना के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अनंत नगर योजना के आदर्श खंड स्थित 18,411 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर यह परियोजना विकसित होगी। योजना में 1 बीएचके के 412 फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनका क्षेत्रफल 38.25 वर्गमीटर होगा। वहीं 2 बीएचके श्रेणी के 980 फ्लैट 50.10 वर्गमीटर क्षेत्रफल के होंगे। 545 कारों की पार्किंग, 5 टावर होंगे अदिति अपार्टमेंट में कुल पांच आवासीय टावर बनाए जाएंगे। बेसमेंट और स्टिल्ट पार्किंग की व्यवस्था के साथ 545 चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग उपलब्ध होगी। परियोजना को मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। 7500 वर्गमीटर में हरियाली और पार्क परियोजना के भीतर करीब 7,555 वर्गमीटर क्षेत्र में पार्क और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। एलडीए का दावा है कि अधिकांश फ्लैटों से हरित क्षेत्र का दृश्य दिखाई देगा। पूरी सोसाइटी को हरियाली से घिरे वातावरण में विकसित किया जाएगा, जिससे निवासियों को बेहतर जीवनशैली और स्वच्छ वातावरण मिल सके। फ्लैटों में दो से तीन बालकनी की सुविधा मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह के अनुसार, 1 बीएचके फ्लैट में दो और 2 बीएचके फ्लैट में तीन बालकनी दी जाएंगी। इसके अलावा हाई स्पीड लिफ्ट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, पावर बैकअप, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम, कम्युनिटी स्पेस और पैदल मार्ग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। जल्द शुरू होगी निर्माण प्रक्रिया एलडीए अधिकारियों के मुताबिक परियोजना के निर्माण के लिए जल्द टेंडर जारी किया जाएगा। अदिति अपार्टमेंट अनंत नगर योजना की पहली हाईराइज हाउसिंग स्कीम होगी, जिससे शहर में किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
नीमच में 4 घंटे बिजली बंद रहेगी:सुबह 7 बजे से 11 बजे तक मेंटेनेंस का काम चलेगा
नीमच शहर में गुरुवार, 4 जून को बिजली कटौती रहेगी। 11 केवी लाइन पर जरूरी मेंटेनेंस का काम होने की वजह से नीमच सिटी फीडर की बिजली सुबह 7 बजे से 11 बजे तक (कुल 4 घंटे) बंद रहेगी। सहायक यंत्री (शहर) के मुताबिक, इस कटौती के कारण शहर के कई बड़े इलाके प्रभावित होंगे। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं- नीमच सिटी, यादवमंडी और पिपली चौक मौची बाजार और खेड़ी मोहल्ला कॉलेज रोड और मालखेड़ा रोड का कृषि क्षेत्र पुराना इंदिरा नगर और मनासा रोड स्थित स्पेंटा पेट्रोल पंप डाक बंगला, बगीचा नंबर 13 का कुछ हिस्सा और स्कीम नंबर 10 उपभोक्ताओं से अपील बिजली कंपनी ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे पानी भरने या अन्य बिजली से जुड़े अपने जरूरी काम सुबह 7 बजे से पहले ही निपटा लें। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि अगर काम जल्दी पूरा हो जाता है या ज्यादा समय लगता है, तो जरूरत के हिसाब से कटौती के समय को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है।
इटावा में अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 90 लाख रुपये से अधिक कीमत की 13 हजार लीटर अंग्रेजी और देशी शराब को जेसीबी मशीन से नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई, जिससे अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की सख्ती साफ दिखाई दे रही है। बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक नष्ट की गई शराब थाना बलरई में दर्ज 119 मुकदमों से संबंधित थी। अलग-अलग अभियानों के दौरान बरामद की गई इस शराब को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विनष्ट कराया गया। पुलिस का कहना है कि जनपद में अवैध शराब के कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी जसवंतनगर, क्षेत्राधिकारी सैफई और सहायक अभियोजन अधिकारी मौजूद रहे। नियमों के अनुसार पहले शराब के नमूने सुरक्षित रखे गए, इसके बाद बाकी शराब को जेसीबी मशीन की मदद से नष्ट किया गया। अधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रहे। कार्रवाई की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही और विनष्टीकरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
टीजीटी परीक्षा में कम उपस्थिति:मथुरा में 70% से अधिक अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
मथुरा में उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा बुधवार को जिले के 13 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति बेहद कम रही, जहां दोनों पालियों को मिलाकर 70 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। प्रथम पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चली। इसमें कुल 5,652 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, लेकिन केवल 1,461 परीक्षार्थी ही उपस्थित हुए। इस पाली में 4,191 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, और उपस्थिति प्रतिशत मात्र 25.84 दर्ज किया गया। दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित हुई। इस पाली में 5,569 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1,650 ने परीक्षा दी, जबकि 3,919 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी अनुपस्थित रहने वालों की संख्या काफी अधिक थी। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षा से काफी आसान था। कई परीक्षार्थियों का कहना था कि गणित सहित अन्य विषयों में अधिकांश प्रश्न हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर के थे। उनका मानना था कि प्रश्नपत्र टीजीटी जैसी प्रतियोगी परीक्षा के मानक स्तर से नीचे था, जिससे प्रश्नों को हल करने में अधिक कठिनाई नहीं हुई। परीक्षा की अवधि दो घंटे निर्धारित थी, जिसमें अभ्यर्थियों को कुल 125 प्रश्नों के उत्तर देने थे। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक अधिकारी, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात रहा। अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन और सघन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रशासन के अनुसार, परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने के उद्देश्य से लखनऊ में 5 जून को एक बड़ा आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में विभिन्न कला विधाओं से जुड़े 51 कलाकारों को अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। जनभवन (राजभवन) के गांधी सभागार में होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पुरस्कार प्रदान करेंगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को पर्यटन भवन में एक प्रेस वार्ता में बताया कि सम्मानित कलाकारों को संस्कृति विभाग के कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने पर 70 हजार रुपये तक का मानदेय दिया जाएगा। उन्हें विशिष्ट श्रेणी के कलाकारों में भी शामिल किया जाएगा। इस समारोह में अकादमी पुरस्कारों के अतिरिक्त सफदर हाशमी और बी.एम. शाह पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। कलाकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है मंत्री जयवीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर देश की सबसे समृद्ध परंपराओं में से एक है। उन्होंने बताया कि संगीत, नृत्य, नाटक, लोकसंगीत और लोकनाट्य के क्षेत्र में प्रदेश के कलाकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अकादमी पुरस्कार को प्रदेश का एक प्रतिष्ठित सम्मान बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे सम्मानित कई कलाकार बाद में पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्म विभूषण जैसे राष्ट्रीय सम्मानों से भी अलंकृत हो चुके हैं। चयनित कलाकारों को सम्मान दिया जाएगा यह सम्मान वर्ष 2021, 2022, 2023 और 2024 के लिए चयनित कलाकारों को दिया जाएगा। सम्मानित होने वाले कलाकारों में शास्त्रीय गायन, लोकगायन, कथक नृत्य, वाद्य संगीत, रंगमंच, नाट्य लेखन और लोकनृत्य जैसी विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ शामिल हैं। ये कलाकार लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, रायबरेली, गोरखपुर, नई दिल्ली, भोपाल और मुंबई सहित कई शहरों से आएंगे।
गाजियाबाद के अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट चिराग त्यागी हत्याकांड के संबंध में बुधवार को पीड़ित परिवार, बसंतपुर सैथली के ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। परिवार का कहना था कि मामले की जांच में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाना आवश्यक है। वे सीधे जिलाधिकारी के सामने अपनी बात रखना चाहते थे। दोपहर में पीड़ित परिवार ने सिटी मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा था। हालांकि, परिवार और ग्रामीण जिलाधिकारी से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे और डीएम कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। शाम करीब 5:30 बजे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के कार्यालय पहुंचने के बाद पीड़ित परिवार और ग्रामीणों की उनसे मुलाकात हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त किया, सभी की बातें सुनीं और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। धरने में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों के साथ दासना देवी मंदिर के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरि महाराज भी पहुंचे। समाजसेवी उदिता त्यागी ने भी परिवार का समर्थन किया। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, जिसमें बुलडोजर जैसी कार्रवाई भी शामिल थी, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। परिजनों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में मांग की कि हत्या के समय मुख्य आरोपी यश खटीक के साथ उसका बड़ा भाई और चाचा भी मौके पर मौजूद थे। ऐसे में उनकी भूमिका की भी गहन जांच कर उन्हें मामले में नामजद किया जाए। साथ ही, मुख्य आरोपी और उसके परिवार के आपराधिक इतिहास की जांच कराने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों और परिजनों ने चिराग त्यागी की स्मृति में गांव में एक खेल मैदान बनाने तथा मुख्य मार्ग का नाम चिराग त्यागी मार्ग रखने की मांग की। इसके अतिरिक्त, परिवार को आर्थिक सहायता, स्थायी आय की व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की भी मांग की गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन तेज करने पर मजबूर होंगे।
बालसमंद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की नहरी पानी एवं पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में बुधवार को महत्वपूर्ण प्रगति हुई। क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में हरियाणा की सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से मुलाकात कर अपनी वर्षों पुरानी मांगों को रखा। बैठक में मंत्री श्रुति चौधरी ने लाडवी-सीसवाला सर्वे के आदेश दिए और 150 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने किशनगढ़ ब्रांच नहर को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ने तथा लाडवी के पास से किशनगढ़ ब्रांच को बालसमंद नहर से जोड़ने की योजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग है, जिसके पूरा होने से नहरी पानी की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। बैठक में सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। राजस्थान यमुना जल परियोजना से पानी उपलब्ध कराने की मांग बैठक में राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से बालसमंद क्षेत्र को अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही, नॉन-मानसून अवधि में सिसवाला हेड पर कम से कम 200 क्यूसेक पानी देने की मांग भी रखी गई। इस पर सिंचाई मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए राजस्थान पाइपलाइन से 150 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक रीमॉडलिंग, बालसमंद सब ब्रांच की क्षमता आरडी 0 से 70 हजार तक बढ़ाने की मांग भी रखी। इसके अतिरिक्त, बसड़ा नंबर-2 परियोजना को 8.74 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति देने तथा मानसून अवधि में बढ़नपुर हेड और राजथल हेड से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। मंत्री श्रुति चौधरी ने दिया कार्रवाई का भरोसा मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई मंत्री ने लाडवी से सिसवाला हेड तक तत्काल सर्वे कराने के आदेश दिए और सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। किसान नेता कुरड़ा राम नंबरदार और प्रतिनिधिमंडल सदस्य पारस लौरा ने इसे बालसमंद क्षेत्र के नहरी पानी संघर्ष की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यदि यह योजना धरातल पर लागू होती है तो बालसमंद सहित आसपास के दर्जनों गांवों की पानी की समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।
सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सुफियान त्यागी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से फावड़ा, चाकू और दरातियां बरामद की हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमले की वजह सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद है। जानकारी के अनुसार, सुफियान त्यागी ने कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में उन्होंने मदरसों और उससे जुड़े उलेमा को लेकर टिप्पणी की थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ने लगी। बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी पोस्ट पर आपत्ति जताई, तीखी टिप्पणियां कीं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट को अनफॉलो करना शुरू कर दिया। कई यूजर्स उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। विवाद उस समय और गहरा गया जब सुफियान ने माफी मांगने के बजाय एक और वीडियो जारी कर अपनी बातों का बचाव किया। उन्होंने वीडियो में कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को एक मुद्दे के प्रति जागरूक करना था, लेकिन लोग उनकी बात को सही ढंग से नहीं समझ सके। उन्होंने अपनी पहले की गई टिप्पणियों को सही ठहराने की भी कोशिश की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं। इसी बीच, बुधवार को सुफियान त्यागी ने गांव के कुछ लोगों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने गांव अम्बेहटा मोहन के रहने वाले उस्मान, हसीब, शाकिब, राकिब और सालिम को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए एक फावड़ा, एक चाकू और तीन दरातियां बरामद हुई हैं। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस अन्य आरोपियों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खरगोन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के करीब 980 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों के एक साथ काम बंद करने से जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। कर्मचारियों ने जिला अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए शाम 5 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि 15 से 20 वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया और न ही घोषित सुविधाओं का लाभ दिया गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आंदोलन के अगले चरण में 8 जून को भोपाल में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा। वादाखिलाफी का लगाया आरोप जिलाध्यक्ष ममता हिरवे ने बताया कि संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार वादाखिलाफी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 की वेतन नीति, 2023 की संविदा नीति और मुख्यमंत्री द्वारा जनवरी 2026 में की गई घोषणाएं अब तक लागू नहीं की गई हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि ये घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। हड़ताल का असर जिला अस्पताल के पीएनसी (पोस्ट नेटल केयर) वार्ड में भी देखने को मिल रहा है। यहां 10 में से 8 संविदा नर्सिंग अधिकारी ड्यूटी पर नहीं हैं। प्रसूताओं की देखभाल के लिए अन्य वार्डों के कर्मचारियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है। कई राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित हुए हड़ताल के कारण टीबी नियंत्रण कार्यक्रम, टीकाकरण, लेबर रूम सेवाएं और विभिन्न स्वास्थ्य जांच कार्य प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा टीकाकरण सत्र, अनमोल पोर्टल, यू-विन पोर्टल, सिकल सेल जांच, लाभार्थी भुगतान, जन्म-मृत्यु पंजीकरण तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग भी प्रभावित हुई है। गर्भवती महिलाओं की जांचें भी प्रभावित स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल का असर गर्भवती महिलाओं की नियमित जांचों पर भी पड़ा है। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाएं सीमित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
गाजियाबाद प्रीमियर लीग (जीपीएल) का आयोजन 5 जून से गाजियाबाद में किया जाएगा। गाजियाबाद क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर टूर्नामेंट की तैयारियों की जानकारी दी। जीसीए अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने बताया कि जीपीएल का उद्घाटन समारोह 5 जून को शाम 6 बजे होगा। समारोह में जेके सीमेंट के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर निधिपति सिंघानिया और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर प्रवीण कुमार सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहेंगी। राकेश मिश्रा ने जानकारी दी कि टूर्नामेंट की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मैचों के लिए टिकट की कीमत 250 रुपये निर्धारित की गई है। स्टेडियम में लगभग 700 से 800 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मिश्रा ने गाजियाबाद प्रीमियर लीग को जिले का एक महत्वपूर्ण खेल आयोजन बताया और इसके सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने मीडिया से सहयोग की अपील भी की। प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि इस लीग के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह जिले में क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी। इस अवसर पर जीसीए अध्यक्ष एवं यूपीसीए उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, यूपीसीए अंपायर पैनल के अध्यक्ष मनोज पुनडीर, जीसीए के जनरल सेक्रेटरी मनोज मांकड़, डायरेक्टर डॉ. अरविंद डोगरा, जीपीएल के को-चेयरपर्सन अनिल माथुर, डायरेक्टर मतलूब मोहम्मद, ठाकुर अमर सिंह, शाहिद सैफी और सुनील सैनी सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रेटर नोएडा के बीटा टू थाना क्षेत्र के अल्फा 2 सेक्टर में एक सड़क हादसे में दो लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार दो गाड़ियों की टक्कर के बाद एक अनियंत्रित एंडेवर कार ने सड़क किनारे बैठे लोगों को टक्कर मार दी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। यह घटना शाम के समय हुई, जब एक तेज रफ्तार एंडेवर गाड़ी सेक्टर की ओर से आ रही थी। मोड़ पर सामने से आ रही एक अन्य गाड़ी से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंडेवर गाड़ी अनियंत्रित हो गई। अनियंत्रित एंडेवर कार सड़क किनारे कुर्सियों पर बैठे दो लोगों से जा टकराई। ये लोग गाड़ियों की खरीद-बिक्री का काम करते थे और एक पेड़ के नीचे बैठे हुए थे। हादसे में घायल हुए दोनों व्यक्तियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं। लोगों को टक्कर मारने के बाद एंडेवर कार कुछ दूरी पर खड़ी एक बलेनो गाड़ी से भी टकराई और वहीं रुक गई। सीसीटीवी फुटेज में टक्कर और उसके बाद के दृश्य स्पष्ट रूप से कैद हुए हैं, जिससे घटना की भयावहता का पता चलता है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को कब्जे में ले लिया है। शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
रील बनाने के दौरान गंगा नहर में कूदा युवक:फिरोजाबाद में तेज बहाव में बहा, फायर ब्रिगेड तलाश में जुटी
फिरोजाबाद में रील बनाने का शौक एक युवक के लिए जानलेवा साबित हो गया। बुधवार शाम शिकोहाबाद क्षेत्र स्थित लोअर गंगा नहर में रील शूट करते समय एक युवक तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और पीएसी की टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश में सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं मिल सका। जानकारी के अनुसार, मटसेना थाना क्षेत्र के नगला मुल्ला निवासी अरिस अपने दोस्तों जीशान और शमीर के साथ घूमने निकला था। बताया गया कि तीनों की शुरुआत में वाटर पार्क जाने की योजना थी, लेकिन बाद में वे शिकोहाबाद क्षेत्र के छींचामई पुल स्थित लोअर गंगा नहर पहुंच गए। दोस्तों से वीडियो रिकॉर्ड करवा रहा था प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अरिस सोशल मीडिया के लिए रील बना रहा था और अपने दोस्तों से वीडियो रिकॉर्ड करवा रहा था। रील को अधिक आकर्षक बनाने के उद्देश्य से उसने पुल से नहर में छलांग लगा दी। छलांग लगाने के बाद वह नहर के तेज बहाव की चपेट में आ गया और कुछ ही क्षणों में पानी में लापता हो गया। घटना के बाद उसके दोस्तों ने शोर मचाया, जिस पर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक अरिस गहरे पानी में बह चुका था। सूचना मिलने पर थाना शिकोहाबाद पुलिस, फायर ब्रिगेड की टीम और नायब तहसीलदार नितिन चौधरी घटनास्थल पर पहुंचे। युवक की तलाश के लिए गोताखोरों और पीएसी की टीम द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नहर के तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है। इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा ने बताया- युवक की तलाश के लिए अभियान जारी है। टीमों को नहर के आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्क कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि युवक का पता लगने तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
टोंक सदर थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम को जमीनी विवाद में बीजेपी कार्यकर्ता पर हमला कर दिया। इसके बाद मौके से फरार हो गए। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को सआदत अस्पताल ले गई। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर कर दिया है। बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान समेत कई बीजेपी नेता अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर पुलिस अफसरों से गुनहगारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को कहा। सदर थाने के एएसआई केसर लाल ने बताया कि टोंक शहर के बंबोर रोड के पास शहर के विजय सिंह का सफीक व अन्य से जमीन विवाद चल रहा था। आज जमीन का सीमाज्ञान हो रहा था। इस दौरान सूचना मिली कि शाम करीब छह बजे दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया और सफीक और पांच छह अन्य लोगों ने विजय सिंह राजावत व उनके भतीजे राजन (25) पर हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। दोनों खून से लथपथ पड़े हुए थे। जिलाध्यक्ष बोले- यहां भजनलाल सरकार, कार्रवाई होगी बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने बताया कि लोगों से बातचीत में सामने आया कि बीजेपी कार्यकर्ता विजय सिंह का भूमि विवाद चल रहा है। इसके चलते दूसरे पक्ष के लोगों ने बीजेपी कार्यकर्ता विजय सिंह (32) पर हथियारों से हमला कर दिया। आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस अफसरों से बात हुई है। यहां भजन लाल शर्मा की सरकार है। गुनाह करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा उन्होंने कहा कि कोई भी विवाद है कानून के हिसाब से काम करना चाहिए। बीजेपी कार्यकर्ता पर हथियारों से हमला किया है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मंगलवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं और मांगों से जुड़े इन प्रकरणों का समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में कलेक्टर ने लंबित आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और निराकृत प्रकरणों की जानकारी संबंधित आवेदकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग गंभीरता के साथ कार्य करें ताकि आम जनता को समय पर राहत मिल सके और योजनाओं का लाभ प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके। ई-केवाईसी और आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में धान खरीदी से जुड़े लंबित वसूली प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बकाया राशि की वसूली में तेजी लाने, आवश्यकतानुसार आरआरसी के माध्यम से कार्रवाई करने तथा गंभीर अनियमितताओं वाले मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। बैठक में ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जालौन में 5 जून से 21 जून 2026 तक व्यापक जनकल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार देर शाम विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों को सौंपे गए कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह अभियान जनसामान्य को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और सुशासन की उपलब्धियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान का शुभारंभ 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम से किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, नगर निकायों तथा शिक्षा विभाग को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। वृक्षारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 8 जून से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें अधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजन से संवाद स्थापित करेंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। 11 जून से 14 जून तक मीडिया संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति की जानकारी व्यापक स्तर पर साझा की जाएगी। योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाएं 14 जून से 16 जून तक जनकल्याण शिविर और स्वास्थ्य मेलों का आयोजन होगा। इनमें आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। 16 और 17 जून को विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें किसानों, उद्यमियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया जाएगा। वहीं 17 से 20 जून तक विकास प्रदर्शनियों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों, आधारभूत संरचना परियोजनाओं, औद्योगिक विकास, पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर तथा कानून-व्यवस्था में हुए सुधारों को प्रदर्शित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान इसके अलावा 18 और 19 जून को प्राकृतिक खेती कार्यशालाओं का आयोजन होगा, जिनमें किसानों को जैविक खेती, जैविक खाद निर्माण, प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग तथा जल संरक्षण की तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। अभियान का समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित भव्य योग कार्यक्रमों के साथ होगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान अवधि के दौरान रात्रि चौपाल और क्षेत्रीय भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रत्येक कार्यक्रम की नियमित मॉनिटरिंग, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी तथा दैनिक प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजीव राज, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी प्रशांत पाण्डेय, राम अयोध्या प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़वानी जिले के ग्राम काली बेड़ी और कुंडिया के बीच रात के समय मिट्टी से भरे डंपरों के आने-जाने को लेकर उपजा विवाद अब बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध डंपरों को रोकने पर सरपंच के साथ मारपीट की गई और उल्टा उन्हीं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। इस घटना से दोनों गांवों में तनाव का माहौल है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे भारी संख्या में ग्रामीण शहर कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन को ज्ञापन सौंपकर सरपंच से मारपीट करने वालों पर केस दर्ज करने और डंपरों के अवैध संचालन की जांच करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि रात के अंधेरे में मिट्टी से भरे भारी डंपर गांव के रास्ते से गुजर रहे हैं, जिससे हादसों का डर बना रहता है। साथ ही, डूब क्षेत्र के गांवों को जोड़ने वाली सड़कें इतनी मजबूत नहीं हैं कि इन भारी वाहनों का वजन झेल सकें, जिससे वे टूट रही हैं। विरोध करने पर मारपीट, फिर सरपंच पर ही हुई एफआईआर आरोप है कि मंगलवार रात जब सरपंच और ग्रामीणों ने इन डंपरों को रोकने की कोशिश की, तो कुछ लोगों ने गांव आकर सरपंच के साथ मारपीट की और ग्रामीणों को धमकाया। विवाद के बाद देर रात पुलिस ने सरपंच के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया, जबकि ग्रामीणों की शिकायत पर कोई तुरंत एक्शन नहीं हुआ। इससे लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो यहां स्थिति और बिगड़ सकती है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य कारण दरबार, सरपंच सीताराम वास्कले, प्रताप डावर, भागीरथ केवट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस का पक्ष शहर कोतवाली प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि काली बेड़ी और कुंडिया गांव के बीच गाड़ी निकालने की बात पर विवाद हुआ था। इस मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बुधवार को दोनों गांवों के लोग अपनी शिकायत लेकर थाने आए थे। पुलिस सभी पक्षों की बातों और सबूतों की जांच कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बड़ा सवाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि गांवों के बीच से रात में इन भारी वाहनों को निकालने की इजाजत किसने दी? अगर यह परिवहन कानूनी है तो ग्रामीणों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई, और अगर यह अवैध है तो अब तक खनिज या पुलिस विभाग ने इस पर कार्रवाई क्यों नहीं की? यही सवाल अब ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
एटा में परिवार के दो पक्षों में हुई जमकर मारपीट:लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले; थाने में समझौता हुआ
एटा के जैथरा थाना क्षेत्र के अल्लापुर गांव में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच मामूली बात पर जमकर संघर्ष हो गया। इस दौरान लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर चले, जिसमें एक पक्ष के चार लोग घायल हो गए। मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के बाद घायल थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। सूरजपाल पुत्र लोचन और राजवीर पुत्र लोचन सगे भाई हैं। बीते शनिवार को दोनों परिवारों के मध्य झगड़ा हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को शांति भंग के आरोप में पाबंद किया था। इस घटना में राजवीर पक्ष के राजवीर, सोनू, विशाल और उनकी बेटी घायल हुए थे। पुलिस द्वारा पाबंद किए जाने के अगले दिन दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए और उनके बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के मध्य अब समझौता हो चुका है। मामले पर संबंधित थाना प्रभारी रीतेश ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पाई। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद आगे की जानकारी अपडेट की जाएगी।
नगर परिषद की गैराज प्रभारी के खिलाफ केस:आयुक्त ने फर्जी साइन और दस्तावेजों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया
सवाई माधोपुर नगर परिषद की फायरमैन और वर्तमान गैराज प्रभारी संतोष मीणा के खिलाफ मानटाउन थाने में जालसाजी का मामला दर्ज हुआ है। नगर परिषद आयुक्त चन्द्रकला वर्मा ने मानटाउन थाने में संतोष मीणा के खिलाफ जालसाजी का मामला दर्ज कराया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के फर्जी साइन करने का आरोप मानटाउन SHO सुनील कुमार गुप्ता ने बताया- नगर परिषद आयुक्त की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि संतोष मीणा ने कार्यालय दस्तावेजों में छेड़छाड़ की है। कर्मचारियों व वरिष्ठ अधिकारियों के जाली हस्ताक्षर किए हैं। आरोप है कि संतोष मीणा ने सरकारी पत्रावलियों और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को गायब किया। शिकायत में सरकारी अभिलेखों के साथ अनियमितता और कूटरचना (फर्जीवाड़े) के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मानटाउन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब दस्तावेजों की जांच कर आरोपों की सत्यता का पता लगाने में जुटी हुई है। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी लिए जा सकते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही है
हांसी में हांसी-दिल्ली नेशनल हाईवे पर बुधवार को एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर सवार किसान की मौत हो गई। बांडा हेड़ी के निकट एक तेज रफ्तार कैंटर ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी थी। यह हादसा बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर सवार किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। मृतक की पहचान झज्जर जिले के गांव ढराणा निवासी 51 वर्षीय जोध सिंह पुत्र केहू राम के रूप में हुई है। बास चौकी से एएसआई रवि ने बताया कि जोध सिंह हांसी से अपने गांव की ओर ट्रैक्टर लेकर जा रहा था। हादसे के बाद कैंटर ड्राइवर मौके से फरार हादसे के बाद घायल जोध सिंह को हांसी के सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, जोध सिंह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। हादसे के बाद कैंटर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार चालक की तलाश कर रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी चालक की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
हरदा शहर के एक बड़े हिस्से में गुरुवार, 4 जून 2026 को पांच घंटे की बिजली कटौती होगी। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा 11 केवी जिला पंचायत फीडर पर प्री-मानसून रखरखाव और आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा, जिसके कारण आठ से अधिक प्रमुख इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्य सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलेगा। इस दौरान बिजली तारों की छंटाई, पेड़ों की कटाई और अन्य तकनीकी रखरखाव संबंधी कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से इस अवधि में बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस बिजली कटौती से जय शक्ति, श्यामा नगर, पैरासिटी, मेजर जोशी, रौनक विहार, मंगल द्वार, प्राइम सिटी और शिवमंगल सिटी सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रभावित कॉलोनियों के निवासियों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रखरखाव कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा:आरोपी की बहन ने दी थी नाबालिग के परिजनों को सूचना
जयपुर महानगर द्वितीय की पॉक्सो कोर्ट-1 ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी शहनवाज को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई हैं। जज विकास कुमार खंडेलवाल ने आरोपी पर सजा के साथ 1 लाख 16 हजार का जुर्माना भी लगाया हैं। इस मामले में दोषी शहनवाज पर आरोप थे कि 6 मई 2022 को वह नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पहले उसने पीड़िता को अपनी बहन के घर पर रखा और उसके बाद नींदड़ मोड़ पर एक किराए के कमरे में नाबालिग को रखा। वहां शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने वहां से भागने की कोशिश की तो उसने पीड़िता के साथ मारपीट की, उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया। उसका आधार कार्ड व कपड़े भी जला दिए। आरोपी की बहन ने दी परिजनों को सूचनामामले में विशिष्ट लोक अभियोजक मातादीन पारीक ने पारीक ने बताया कि पीड़िता ने किसी तरह से आरोपी की बहन को पूरी घटना की जानकारी दी। उसने कहा कि शहनवाज उसके साथ आए दिन बेरहमी से मारपीट करता हैं। जिसके बाद आरोपी की बहन ने पीड़िता परिजनों को फोन करके जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों ने करधनी थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। नाबालिग की सहमति का महत्व नहींबचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी और दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे। लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि घटना के समय नाबालिग की उम्र 18 साल से कम थी, ऐसे में पोक्सो एक्ट में पीड़िता की सहमति का कोई महत्व नहीं रह जाता हैं। कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट की धारा में जाति प्रमाण पत्र के अभाव में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया। लेकिन पॉक्सो सहित आईपीसी की अन्य धाराओं में उसे दोषी पाया। अदालत ने पीड़िता के समाज में पुनर्वास के लिए राजस्थान राज्य पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 2 लाख रुपए की अतिरिक्त मुआवजा राशि राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स डिपॉजिट (एफडी) के रूप में जमा कराने के भी आदेश दिए हैं।
ललितपुर जिले में केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 5 से 21 जून तक समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने बुधवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को कार्यक्रमवार नोडल नामित किया और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ भव्य आयोजन के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे सरकार के इस अभियान में पूरी ऊर्जा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने 'अंत्योदय' की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए भव्यता के साथ आयोजन करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि इन कार्यक्रमों की शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के साथ होगी। इस दिन जिला स्तर पर राजकीय इंटर कॉलेज में सांकेतिक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री की अपील के क्रम में सभी विकास खंडों, नगर निकायों और ग्राम पंचायतों में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अमृत सरोवरों, तालाबों, सड़कों, नदियों और नहरों के किनारे पारंपरिक व फलदार वृक्ष लगाए जाएंगे। इस कार्यक्रम के लिए डीएफओ को नोडल और खंड विकास अधिकारियों को सह-नोडल बनाया गया है। इसी क्रम में, 8 से 14 जून तक विशेष जन-संपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत समाज के विभिन्न वर्गों तक शासकीय योजनाओं की जानकारी और उपलब्धियां पहुंचाई जाएंगी। जनपद के प्रबुद्ध वर्ग से संवाद किया जाएगा, सर्वाधिक अस्वच्छ सार्वजनिक स्थलों को चिह्नित कर उनकी सफाई की जाएगी और प्लास्टिक अपशिष्ट के निस्तारण पर संवाद होगा। साथ ही, 'सरकार आपके द्वार' स्वरूप में जन-समस्या समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और अधिशासी अधिकारी (ईओ) को नोडल तथा उपायुक्त उद्योग, जिला प्रोबेशन अधिकारी, समस्त ईओ और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को सह-नोडल नामित किया गया है।
मुझ पर कीचड़ उछालने वाले 6 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। जमीन को लेकर हमारा झगड़ा हुआ था, जिसमें 2 महिलाओं के साथ मैंने मारपीट कर दी थी। इन लोगों ने मुझे जान से मारने तक की धमकी दी कि तुझे गाड़ी से कुचलवा देंगे। जोधपुर की इन्फ्लूएंसर अनीता बिश्नोई ने बुधवार को जहर पीने से पहले डेढ़ मिनट के वीडियो में यह बात कही थी। अनीता ने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और धमकियों से परेशान होकर सुबह करीब 11:30 बजे इंस्टाग्राम पर लाइव आकर जहर पी लिया। फिलहाल उनका मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। दरअसल, बनाड़ थाना क्षेत्र के शिकारगढ़ स्थित गोदारों की ढाणी (बालाजी फार्म हाउस) निवासी अनीता ने करीब 15 दिन पहले इंस्टाग्राम-फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में अनीता ने कहा था- कपड़े हो गए छोटे तो शर्म कहां से आएगी। इस लाइन को लेकर अनीता को करीब 15 दिन से ट्रोल किया जा रहा था। उन्हें अश्लील कमेंट किए जा रहे थे। छोटे कपड़ों के वीडियो से लेकर जहर खाने तक: सिलसिलेवार ढंग से समझिए पूरा मामला अनीता ने 15 दिन पहले जो वीडियो पोस्ट किया था, उसके बाद ट्रोलर्स ने उन्हें टारगेट करना शुरू कर दिया। हालांकि, अनीता ने भी इन ट्रोलर्स को जवाब देते हुए एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने कहा था- कोई मेरी बुराई कर खुश हो रही है, तो वह समझ रही है कि मुझे गुस्सा नहीं आता। बाकी आप समझ गए। जहर खाने से पहले फेसबुक पेज पर किए थे 2 पोस्ट इस पोस्ट के करीब 2 घंटे बाद उन्होंने दूसरा पोस्ट किया। इसमें उन्होंने अपनी रोते हुए फोटो अपलोड की थी। फिर इंस्टाग्राम पेज पर लाइव आईं , जहर पीया फेसबुक पेज पर दो घंटे में 2 पोस्ट करने के बाद अनीता अपने इंस्टाग्राम पेज पर लाइव आईं और जहर पी लिया। लाइव के दौरान अनीता ने कहा- मैंने केवल छोटे कपड़ों को लेकर वीडियो बनाया था। बाहर की लड़कियों को तो छोड़ो, जिन्होंने मेरे घर पर मेरे साथ आकर खाना खाया, वे ही मुझे बदनाम करने में लगी हैं। इससे आगे मैं कुछ नहीं कहूंगी, क्योंकि औरत का मरना आसान नहीं, बहुत मुश्किल है। इसके बाद अनीता ने जहर की डिब्बी हाथ में ली और उसे पी लिया। इस दौरान करीब 1300 से ज्यादा लोग उन्हें लाइव देख और सुन रहे थे। 'मुझे बदनाम करने पर तुले हैं' डेढ़ मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, जो अनीता के जहर खाने से पहले का है। इस वीडियो में अनीता रोते हुए कह रही हैं- औरत तभी मरने का कदम उठाती है, जब उसकी इज्जत पर कीचड़ उछाला जाता है। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई। मुझ पर कीचड़ उछालने वाले 6 पुरुष और 2 महिलाएं हैं, क्योंकि हमारा जमीन को लेकर झगड़ा हुआ था। इसमें दो महिलाओं के साथ मैंने मारपीट कर दी थी। उन्होंने मुझे धमकी दी थी कि तुझे गाड़ी से कुचलवा देंगे, तेरी इज्जत खराब कर देंगे। कहां से मेरी रील आई है और कहां से मुझे बदनाम करना शुरू किया गया है। मेरे पास इसकी सभी रिकॉर्डिंग, वीडियो और सबूत पड़े हैं। ये लोग मुझे बदनाम करने पर तुले हैं। यदि ऐसा है तो सामने आकर बात करो। दूसरे लोगों को भेजकर मुझे बदनाम करने की सोची गई। मेरी इज्जत पर कलंक लगाने से कुछ नहीं होगा। मेरे बच्चों की मां मर जाएगी, लेकिन तुम तो आराम से रहोगे। मैं अब कुछ नहीं कहूंगी। पुलिस वाले खुद ही सब देख लेंगे। पति ने कुछ इन्फ्लूएंसर्स और परिवार के लोगों पर लगाया आरोप अनीता बिश्नोई के पति दीनाराम का कहना है कि कुछ लोकल इन्फ्लूएंसर और मेरे परिवार के लोग मिलकर मेरी पत्नी को ट्रोल कर रहे थे। परिवार के लोगों ने कहा था कि दूसरे लोगों से तेरी बेइज्जती करवाएंगे। इन लोगों ने मिलकर उन्हें सुसाइड के लिए उकसाया है। पति दीनाराम ने बताया- वॉट्सएप पर भी कई मैसेज किए गए थे। इसके सबूत और रिकॉर्डिंग भी हमारे पास हैं। ट्रोलर्स ने कहा था- गिरेबान में झांके, ज्ञान न दे। कई तरह के अश्लील कमेंट भी किए थे, जिन्हें बता पाना भी मुश्किल है। … इन्फ्लुएंसर अनीता बिश्नोई से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ट्रोलिंग से परेशान इन्फ्लूएंसर ने खाया जहर:सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- आपकी बहन इस दुनिया में नहीं दिखेगी जोधपुर में सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से परेशान होकर महिला इन्फ्लूएंसर ने अपने घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत मथुरादास माथुर (MDM) हॉस्पिटल में भर्ती करवाया, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पूरी खबर पढ़ें
देवास में मकानों के मालिकाना हक और रजिस्ट्री को लेकर चल रहे विवाद के बीच जवाहर नगर एलआईजी कॉलोनी की निवासी विद्या शर्मा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी अस्पताल पहुंच गए। कलेक्टर कार्यालय में बेहोश हुई थीं महिलामंगलवार को एलआईजी कॉलोनी के रहवासी मकानों की रजिस्ट्री और दस्तावेजों की मांग को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। चर्चा के बाद विद्या शर्मा कलेक्टर कार्यालय परिसर में ही बेहोश होकर गिर गई थीं। बुधवार को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बेटी बोली- मकान कुर्की के डर से तनाव में थीं मांविद्या शर्मा की बेटी ने बताया कि मकानों की कुर्की और बेदखली की आशंका के कारण उनकी मां पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में थीं। उन्होंने ठीक से खाना भी नहीं खाया था। परिवार का कहना है कि मकान खाली कराने और कुर्की की लगातार बातों के चलते विद्या शर्मा दो से तीन बार बेहोश हो चुकी हैं। बेटी ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के बावजूद कोई सहायता नहीं मिली। 15 साल तक वेतन से कटौती का दावाकॉलोनीवासियों के अनुसार, गजरा गियर्स लिमिटेड ने हायर परचेज योजना के तहत उन कर्मचारियों को मकान दिए थे, जिन्होंने कंपनी में आठ वर्ष की सेवा पूरी की थी। रहवासियों का दावा है कि कर्मचारियों से कहा गया था कि 15 वर्षों तक वेतन से 10 प्रतिशत राशि काटी जाएगी और पूरा भुगतान होने के बाद मकानों की रजिस्ट्री उनके नाम कर दी जाएगी। सेवा पूरी, फिर भी नहीं मिली रजिस्ट्रीकॉलोनीवासियों का आरोप है कि कई कर्मचारियों ने 15 वर्ष या उससे अधिक समय तक सेवा देने के बावजूद आज तक मकानों की रजिस्ट्री नहीं पाई है। साथ ही मकानों से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। अब कंपनी की ओर से यह कहा जा रहा है कि मकान केवल सेवा अवधि तक रहने के लिए दिए गए थे और कर्मचारियों को उन्हें खाली करना होगा। वेतन से पैसे काटे, लेकिन दस्तावेज नहीं दिएरहवासियों ने आरोप लगाया कि मकानों के नाम पर कर्मचारियों के वेतन से राशि तो काटी गई, लेकिन उसे समय पर हाउसिंग बोर्ड में जमा नहीं किया गया। कॉलोनी निवासी अल्पना तोमर ने बताया कि मकान हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाए गए थे और उनका पंजीयन श्रमिकों के नाम होना था। उन्होंने मांग की कि सभी पात्र परिवारों को मकानों के वैध दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और रजिस्ट्री उनके नाम की जाए। कॉलोनी में चिंता का माहौलरहवासियों का कहना है कि मकानों की कुर्की और बेदखली को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे कई परिवार मानसिक तनाव में हैं। विद्या शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद कॉलोनी में चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
भिवानी पुलिस ने कोरियर के माध्यम से गुजरात में अंग्रेजी शराब की तस्करी करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। सीआईए स्टाफ-2 भिवानी ने इस कार्रवाई में 72 बोतल अंग्रेजी शराब और फर्जी बिल्टी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देशों पर जिला पुलिस शराब तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। इसी कड़ी में, सीआईए स्टाफ-2 भिवानी इंचार्ज उप निरीक्षक दशरथ कुमार के नेतृत्व में मुख्य सिपाही पवन कुमार की टीम गश्त पर थी। टीम को बस अड्डा कलिंगा के पास सूचना मिली कि गांव में दो व्यक्ति शराब की पैकिंग कर फर्जी बिल्टी के जरिए शराब भेजने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर एक घर में छापा मारा। पुलिस ने पैकिंग करते हुए पकड़ा छापेमारी के दौरान, पुलिस ने दो व्यक्तियों को अंग्रेजी शराब की पैकिंग करते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान लोहानी निवासी वीरेंद्र उर्फ लालू और कलिंगा निवासी रविंद्र उर्फ रॉबिन पुत्र राजेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मौके से 72 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ-साथ फर्जी बिल्टी भी बरामद की। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत थाना सदर भिवानी में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी वीरेंद्र को जिला कारागार भेजने का आदेश दिया, जबकि आरोपी रविंद्र को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अधिक मुनाफा कमाने का लालच रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में आरोपी रविंद्र ने बताया कि वे अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से ठेके से शराब की पेटियां खरीदकर उन्हें दूसरी पेटियों में पैक करते थे और कोरियर के माध्यम से गुजरात भेज देते थे। आरोपी वीरेंद्र शराब की पेटियों को गाड़ी में लेकर गुरुग्राम व बहादुरगढ़ से कोरियर करवाता था। शराब बेचने से प्राप्त राशि को दोनों आपस में बांट लेते थे। रिमांड अवधि पूर्ण होने के बाद आरोपी रविंद्र को आज फिर में पेश किया गया, जहां से उसे जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं, जिन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
हरियाणा के हिसार में सोशल मीडिया पर चैनल चलाने वाले विपिन खुराना को फोन पर भद्दी गालियां देने, रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहकर अपमानित करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने जान से मारने की धमकी देने वाले के खिलाफ धारा 196(2), धारा 296, धारा 351(3) और धारा 356(2) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पीड़ित विपिन खुराना की शिकायत पर हिसार के एचटीएम (HTM) थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। आज ही इस मामले में शहर के मौजिज लोग पीड़ित के साथ जाकर हिसार एसपी से मिले थे। एसपी सिद्धांत जैन ने इस मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेकर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस नंबर ट्रेस कर आरोपी का पता लगाने में जुटी है। जानिए क्या था पूरा मामला, अब आगे क्या होगा… 2 जून को फोन पर धमकी मिली पुलिस को दी गई शिकायत में मेहता नगर, निवासी विपिन खुराना ने बताया कि वह सोशल मीडिया पर चैनल चलाता है। 2 जून 2026 को सुबह करीब 11:29 बजे जब वह मेहता नगर में मौजूद था, तब उनके मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से ऑडियो कॉल आई। शिकायतकर्ता के अनुसार, फोन करने वाले व्यक्ति ने कॉल शुरू होते ही बेहद अभद्र और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने विपिन को लगातार गालियां दीं और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की नीयत से उन्हें पाकिस्तानी और रिफ्यूजी जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया। पत्रकारिता बंद करने का बनाया दबाव विपिन खुराना ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उन्हें स्पष्ट रूप से समाचारों का प्रसारण न करने और पत्रकारिता से जुड़े कार्यों को बंद करने के लिए दबाव बनाया। जब इसका विरोध किया, तो आरोपी और अधिक आक्रामक हो गया। उसने मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही। पीड़ित ने शिकायत में कहा है कि आरोपी द्वारा दी गई धमकियों से उनका पूरा परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित है और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। पीड़ित के पास इस पूरी बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी मौजूद है, जिसे उन्होंने पुलिस को सौंपा गया है। जांच अधिकारी बोले-आरोपी का पता लगा रहेइस मामले की जांच हेड कांस्टेबल सतीश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के कामों का पुनर्विभाजन किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी आदेश में पहले के कार्य विभाजन में आंशिक बदलाव करते हुए अलग-अलग सचिवों और अधिकारियों को विभागवार नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह आदेश मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया है। प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह के पास रहेंगे अहम विभाग प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग, मंत्रिपरिषद, एआईएस अधिकारियों के मामलों, जनघोषणा पत्र, विशेष परियोजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा उनके पास सामान्य प्रशासन, वित्त, विधि एवं विधायी, खनिज साधन, वाणिज्य एवं उद्योग, गृह, जेल, परिवहन, पर्यटन, संस्कृति, खेल एवं युवा कल्याण, आदिम जाति विकास, महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा का दायित्व रहेगा। मुकेश बंसल करेंगे मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग सचिव मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पास जनसंपर्क, कृषि, पशुधन विकास, मछली पालन, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, जल संसाधन, आबकारी तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभागों की समीक्षा का दायित्व रहेगा। मुख्यमंत्री सहायता कोष की जिम्मेदारी पी. दयानंद को सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री सहायता कोष, विवेकाधीन निधि और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जुड़े मामलों को देखेंगे। उन्हें लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, पंजीयन और संसदीय कार्य विभागों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। राहुल भगत को मुख्यमंत्री निवास और बस्तर की जिम्मेदारी सचिव राहुल भगत मुख्यमंत्री निवास के समन्वय, बिल भुगतान और गैर-सरकारी सदस्यों के नामांकन संबंधी कार्य देखेंगे। साथ ही कुनकुरी और जशपुर जिले के विकास कार्यों की समीक्षा भी उनके जिम्मे रहेगी। रजत बंसल देखेंगे सुशासन तिहार और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामले विशेष सचिव रजत बंसल को सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार (RTI) और सांसदों, विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आवास एवं पर्यावरण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामोद्योग और विमानन विभागों की समीक्षा करेंगे। प्रभात मलिक संभालेंगे जनदर्शन और जनशिकायत संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को जनदर्शन, जनशिकायत और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के समय प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। वे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, नगरीय प्रशासन, आईटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, रोजगार और जन शिकायत निवारण विभागों से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे। संभागवार अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय राज्य के पांच संभागों की निगरानी के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है- इन अधिकारियों को अपने-अपने संभागों में शासन की योजनाओं की समीक्षा, महत्वपूर्ण घटनाओं की निगरानी और लंबित मामलों के निराकरण का दायित्व दिया गया है। लिंक अधिकारी भी नियुक्त कार्य में निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों के लिए लिंक अधिकारी भी निर्धारित किए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर लिंक अधिकारी संबंधित अधिकारी के कार्यों का निर्वहन करेंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आज औरैया जिले के एक पॉक्सो मामले में दोषी ठहराए गए अभियुक्त कुंतेश को बरी कर दिया। जिसके लिए अभियोजन की लापरवाही को जिम्मेदार माना। कहा पुख्ता सबूत जुटाने में विफल रहे। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। औरैया में 8 साल की बच्ची से रेप का केस9 मई 2017 को जिला औरैया के थाना अयाना क्षेत्र में एक 8 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), औरैया ने 31 जनवरी 2019 को आरोपी कुंतेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा पीड़िता के पिता ने प्रारंभिक रिपोर्ट में केवल मारपीट का उल्लेख किया था, बाद में मामला छेड़छाड़ में तब्दील हुआ। उसके बाद दुष्कर्म का आरोप जोड़ा गया। पिता ने ट्रायल कोर्ट में अपनी गवाही में भी दुष्कर्म का कोई जिक्र नहीं किया। पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में केवल गंदी बात की बात कही, जबकि मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए बयान में पहली बार दुष्कर्म का आरोप सामने आया। इसे अदालत ने आरोप में सुधार माना। कोर्ट ने कहा चिकित्सा साक्षी ने स्पष्ट कहा कि बलात्कार हुआ, यह स्पष्ट नहीं, न बाहरी-आंतरिक चोट, न वीर्य के अवशेष मिले। कोर्ट ने कहा कि बच्ची के बयान में चरणबद्ध सुधार होने से वह स्टर्लिंग विटनेस की श्रेणी में नहीं आती। संदेह का लाभ अभियुक्त को दिया जाना अनिवार्य है। कोर्ट ने अपराध सिद्ध न हो पाने के कारण संदेह का लाभ देते हुए आरोपी कुंतेश को बरी कर तत्काल रिहा करने का आदेश दिया ।
सील गोदाम से खाद बदली, व्यापारी पर FIR:शिवपुरी के खरई में कृषि विभाग की जांच के बाद कार्रवाई
शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के ग्राम खरई में एक खाद व्यापारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि व्यापारी ने सील किए गए गोदाम का ताला खोलकर अंदर रखी खाद बदल दी। कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एस.एस. जाटव द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई। इसके अनुसार, 31 मई को एसडीएम कोलारस के निर्देश पर कृषि और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने ग्राम खरई स्थित वैष्णो देवी बीज भंडार का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान दुकान संचालक रामकृष्ण वर्मा टीम को देखकर मौके से चले गए और उनका मोबाइल भी बंद मिला। जांच के दौरान दुकान के पास बने गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद का अवैध भंडारण पाया गया। गोदाम के तीन कमरों में खाद रखी थी, जिनमें से एक कमरा बंद था। अधिकारियों ने नायब तहसीलदार की मौजूदगी में तीनों कमरों को सील कर दिया था। अगले दिन, 1 जून को, संयुक्त दल ने रामकृष्ण वर्मा की उपस्थिति में दोबारा गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान एक कमरे के ताले पर किए गए हस्ताक्षर गायब मिले। अधिकारियों ने आरोप लगाया कि कमरे के भीतर रखी खाद भी पहले जैसी नहीं थी, जिससे यह संदेह हुआ कि ताला खोलकर खाद बदली गई और फिर से ताला लगा दिया गया। निरीक्षण में भारत एनपीके, सरदार किसान सुपर और बलवान किसान सहित विभिन्न कंपनियों की सैकड़ों बोरी खाद और सॉयल कंडीशनर बरामद हुए। कृषि विभाग के अनुसार, इनमें से कई उत्पाद व्यापारी के लाइसेंस में दर्ज स्वीकृत कंपनियों के नहीं थे, जिसके कारण उनका भंडारण अवैध माना गया। जांच के दौरान खाद विक्रेता स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर, पीओएस मशीन, मूल्य सूची और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों का कहना है कि व्यापारी बिना अनुमति वाले उत्पादों का भंडारण और विक्रय कर रहा था। कृषि विभाग की रिपोर्ट और उप संचालक कृषि की अनुमति के बाद तेंदुआ थाना पुलिस ने रामकृष्ण वर्मा के खिलाफ उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोरबा में बिजली विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। शहर के कोसाबाड़ी मुख्य मार्ग पर बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से एक सांड की दर्दनाक मौत हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे स्थित एक बिजली खंभे में करंट उतर आया था। इसी दौरान एक सांड खंभे के संपर्क में आ गया और करंट की चपेट में आकर तड़पने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी देर तक मवेशी खंभे से चिपका रहा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अधिकारियों को कई बार किया फोन, नहीं मिला जवाब घटना के दौरान मौजूद स्नेक कैचर जितेंद्र सारथी ने बताया कि उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से बिजली सप्लाई बंद कराई गई, लेकिन तब तक सांड की मौत हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती तो मवेशी की जान बचाई जा सकती थी। कुछ दिन पहले पंप हाउस क्षेत्र में भी करंट लगने से एक भैंस की मौत हो चुकी है। लो वोल्टेज और कटौती से उपभोक्ता परेशान जिले में बिजली व्यवस्था को लेकर शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। जमनीपाली स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल नगर (साडा कॉलोनी) के रहवासी लंबे समय से लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। समस्या से नाराज उपभोक्ताओं ने तुलसीनगर स्थित बिजली वितरण कंपनी कार्यालय पहुंचकर कार्यपालन अभियंता डीके चौहान को ज्ञापन सौंपा। उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना सूचना घंटों बिजली बंद रखी जाती है। शिकायत करने पर संबंधित कार्यालयों में फोन तक नहीं उठाया जाता। रहवासियों का कहना है कि बार-बार बिजली गुल होने से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। तैयार है सब-स्टेशन, फिर भी नहीं मिल रही राहत स्थानीय नागरिकों ने बताया कि साडा कॉलोनी में नया सब-स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन अब तक उसे शुरू नहीं किया गया है। इसके कारण क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। कई ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था भी खराब है और उनके दरवाजे व ग्रिप तक गायब हैं। कई इलाकों में एक जैसी स्थिति मुड़ापार, शारदा विहार, निहारिका और अन्य कई इलाकों में भी लगातार बिजली बाधित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, एसईसीएल शहीद भगत सिंह कॉलोनी में पिछले एक सप्ताह से लो और हाई वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इससे घरों में लगे विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन हालात में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। करंट से मवेशी की मौत के बाद लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ गई है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बिठूर तिराहे पर मामूली बाइक टक्कर को लेकर दो युवको के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक ने बीच सड़क पर दूसरे युवक की पिटाई कर दी। घटना के दौरान युवक ने कई थप्पड़ जड़ दिए। जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बाइक टकराने पर हुआ था विवाद बुधवार को बिठूर तिराहे के पास दो बाइक सवारों की आमने-सामने हल्की भिड़ंत हो गई थी। टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और एक युवक आपा खो बैठा। उसने सड़क पर ही दूसरे युवक को पकड़कर थप्पड़ों की बौछार कर दी। इस दौरान आसपास मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि कुछ लोगों ने बीच-बचाव का प्रयास भी किया। घटना व्यस्त सड़क पर होने के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बोले थाना प्रभारी कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि पीड़ित पक्ष शिकायत देता है तो वीडियो के आधार पर जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।
बीकानेर के खाजूवाला निवासी 17 वर्षीय युवक नरेश सोनी के आईजीएनपी नहर में गिरने की आशंका के बाद चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं लग पाया है। युवक की तलाश के लिए अब हरियाणा के कुरुक्षेत्र से भी विशेषज्ञ तैराकों को बुलाया गया है। कपड़े और बैग मिलने के बाद गहराई आशंका पुलिस के अनुसार पूगल थाना क्षेत्र में आईजीएनपी नहर की आरडी 685 के पास युवक के कपड़े और बैग मिले थे। इसके बाद से ही नरेश के नहर में डूबने की आशंका जताई जा रही है। रविवार दोपहर करीब 3 बजे से लापता युवक की तलाश लगातार जारी है। चौथे दिन भी जारी रहा सर्च ऑपरेशन पूगल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम पिछले चार दिनों से लगातार नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है। नहर के विभिन्न हिस्सों में तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। मौके पर पुलिस और राहत दल के जवान लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। दूसरे एंगल से भी जांच कर रही पुलिस हालांकि नहर किनारे मिले सामान के आधार पर डूबने की आशंका सबसे मजबूत मानी जा रही है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित पहलुओं को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच जारी है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। परिजन भी मौके पर डटे युवक के परिजन भी लगातार मौके पर मौजूद हैं और सर्च ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। चौथे दिन भी युवक का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस और एसडीआरएफ टीम ने तलाश अभियान तेज कर रखा है और हर संभावित स्थान पर खोजबीन की जा रही है।
जगराओं-मोगा रोड पर स्थित जीटीबी राइस मिल में सरकारी गेहूं की बोरियों पर पानी डालकर वजन बढ़ाने के कथित मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार देर रात विधायक सरबजीत कौर मानूके और मार्केट कमेटी हठूर के चेयरमैन करमजीत सिंह कम्मी की छापेमारी के बाद यह मामला पंजाब सरकार के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया है। विधायक सरबजीत कौर मानूके ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पंजाब के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क को दी है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। छापेमारी के दौरान आरोप लगाए गए कि राइस मिल परिसर में रखी करीब 1.19 लाख सरकारी गेहूं की बोरियों पर समर्सिबल पंप और पाइपों का उपयोग करके पानी डाला जा रहा था। विधायक ने मौके पर पहुंचकर कथित तौर पर इस प्रक्रिया को रुकवाया और पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जगराओं रेलवे स्टेशन पहुंची विशेष मालगाड़ी में वेयरहाउस एजेंसी का गेहूं लोड नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार, पहले मार्कफेड और वेयरहाउस एजेंसी का गेहूं भेजने की योजना थी, लेकिन विवाद के बाद वेयरहाउस के गोदाम से गेहूं उठाने का निर्णय टाल दिया गया। इसके बजाय, पनसप के गोदाम से गेहूं की बोरियां विशेष रेलगाड़ी में लोड कर रवाना की गईं। भारतीय खाद्य निगम की टीम भी पहुंची भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की एक विशेष टीम भी मौके पर पहुंची। क्वालिटी मैनेजर के नेतृत्व में टीम ने वेयरहाउस में रखे गेहूं के तीन से चार नमूने लिए और जांच शुरू कर दी है। एफसीआई के जिला प्रबंधक दुष्यंत कुमार ने बताया कि शेलर में रखा गया गेहूं केंद्रीय पूल का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गेहूं गोदाम या शेलर में रहता है, उसकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित वेयरहाउस एजेंसी की होती है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सैंपल फेल होते हैं या यह साबित होता है कि गेहूं को पानी डालकर भिगोया गया है, तो एफसीआई ऐसे गेहूं को स्वीकार नहीं करेगी। देर शाम विधायक सरबजीत कौर मानूके ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में ऊपर से लेकर नीचे तक जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करवाई जाएगी। मानवाधिकार संगठन ने भी उठाई आवाज इस बीच लुधियाना निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता रविंद्र शर्मा ने भी मामले को गंभीर बताते हुए पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री भगवंत मान, लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है। रविंद्र शर्मा का कहना है कि यदि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों को वितरित किए जाने वाले गेहूं की गुणवत्ता से पानी डालकर खिलवाड़ किया गया है, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि गरीबों के अधिकारों का भी हनन है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। अब सभी की निगाहें एफसीआई की जांच रिपोर्ट और सरकार द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
सरगुजा के सरगवां गांव में एक युवक और युवती ने एक साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह दोनों के शव फंदे पर लटके मिले, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। युवक और युवती आपस में रिश्तेदार थे और दोनों के बीच पिछले कुछ समय से अफेयर चल रहा था। यह मामला उदयपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सरगवां के रहने वाले 23 वर्षीय किशन दास और प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुर की 20 वर्षीय अंजली दास का शव बुधवार सुबह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र के पास एक पेड़ पर झूलता मिला। दोनों ने चुनरी से फांसी लगा ली थी। घटना की सूचना उदयपुर पुलिस को दी गई। दोनों के बीच था अफेयर, फांसी लगाने का कारण अज्ञात परिजनों ने बताया कि किशन दास की बहन बरखा दास की शादी साल 2021 में हुई थी। अंजली दास, बरखा दास की ननद थी। किशन दास कई बार अपनी बहन के घर जाता था, जहां दोनों की आपस में बातचीत हुई। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर भी बात होने लगी और धीरे-धीरे उनके बीच प्रेम संबंध बन गया। परिजनों ने बताया कि किशन दास करीब डेढ़ माह से रघुनाथपुर में रह रहा था। हालांकि वह बहन के घर में न रहकर दूसरी जगह पर रहता था और काम करता था। सोमवार को वह अपने गांव वापस लौटा था। बीती रात करीब 10 बजे तक किशन दास अपने घर में ही था। परिजनों ने सोचा कि वह आसपास कहीं गया होगा, इसलिए उसकी तलाश नहीं की। सुबह जब दोनों के फांसी लगाने की जानकारी मिली। इधर युवती भी रात में अपने घर में थी। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि किशन दास रात में ही उसे रघुनाथपुर से लेकर सरगवां आया था। परिजनों ने दोनों के बीच अफेयर को लेकर स्पष्ट कुछ नहीं कहा है। युवक या युवती के पास कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। युवती के पास एक पुराना फोन पुलिस ने बरामद किया है। युवक का फोन भी पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खंडवा में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने साढ़े 12 किलों गांजा के साथ 3 तस्करों को गिरफ्तार किया हैं। आरोपियों के कब्जे से 80 हजार रुपए का गांजा सहित एक बाइक जब्त की गई हैं। टीआई प्रवीण आर्य के अनुसार, 2 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बमनगांव रोड क्षेत्र में गांजा बेचने के लिए आया हुआ है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर दबिश दी और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़कर तलाशी ली। पूछताछ में आरोपी की पहचान सदाशिव सिसोदिया निवासी सोलाना, तहसील गोगावां, जिला खरगोन के रूप में हुई। उसके कब्जे से 9 किलो 990 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि वह खंडवा शहर में कुछ लोगों को गांजे की सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शहर के दो और पेडलरों को गिरफ्तार किया। दो स्थानीय पेडलरों से भी मिला गांजापुलिस ने शुभम महेश्कर (30) निवासी घासपुरा, गंज बाजार के कब्जे से 1 किलो 35 ग्राम गांजा और शिवा महेश्कर (22) निवासी घासपुरा, गंज बाजार के पास से 1 किलो 25 ग्राम गांजा जब्त किया। तीनों आरोपियों के कब्जे से कुल 12 किलो 500 ग्राम गांजा बरामद हुआ। साथ ही गांजे की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी सदाशिव सिसोदिया के खिलाफ गोगावां थाने में मारपीट और अवैध वसूली का मामला दर्ज है। वहीं शुभम महेश्कर कोतवाली थाना क्षेत्र का सूचीबद्ध गुंडा-बदमाश है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के दो, आबकारी एक्ट का एक और मारपीट के तीन प्रकरण पहले से दर्ज हैं। न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लियापुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गांजे की सप्लाई का नेटवर्क किन-किन जिलों तक फैला हुआ है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
राजगढ़ में बुधवार शाम उज्जैन और ओंकारेश्वर दर्शन कर राजस्थान लौट रहे एक परिवार की कार पर पत्थरबाजी का मामला सामने आया है। एनएच-52 पर ऑटो और कार की टक्कर के बाद ऑटो चालक ने अपने भाई के साथ बाइक से कार का पीछा किया। आरोप है कि कुंडकिया नाले के पास चलती कार पर पत्थर फेंका गया, जिससे कार का अगला शीशा टूट गया। कार में दंपती और उनकी तीन बेटियां सवार थीं। घटना के बाद हाईवे पर दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। दर्शन कर लौट रहा था परिवार राजस्थान निवासी राजेश खंडेलवाल अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ अर्टिगा कार क्रमांक RJ-40-UA-1517 से राजस्थान लौट रहे थे। कार को चालक दुष्यंत मीणा चला रहा था। राजगढ़ से करीब तीन किलोमीटर पहले चौकी ढाणी के पास एनएच-52 पर कार और ऑटो की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। ऑटो चालक बोला- टक्कर मारकर भाग रहा था कार सवार ऑटो चालक आत्माराम तंवर निवासी किशनपुरिया ने बताया कि कार ने उसके ऑटो को टक्कर मार दी थी। उसने कार सवारों से राजगढ़ थाने चलने के लिए कहा, लेकिन वे वहां से निकल गए। इसके बाद वह अपने भाई के साथ बाइक से कार के पीछे गया। उसका आरोप है कि काफी दूर तक पीछा करने के बाद भी कार नहीं रुकी, तो पत्थर फेंककर उसे रुकवाया गया। कार सवारों ने लगाया पीछा कर हमला करने का आरोप वहीं कार सवार राजेश खंडेलवाल का कहना है कि हादसे के बाद दोनों वाहनों को नुकसान हुआ था। कुछ देर रुकने के बाद वे राजस्थान के लिए रवाना हो गए थे। आरोप है कि ऑटो चालक अपने दो साथियों के साथ उनका पीछा करते हुए आया और चलती कार पर पत्थर फेंक दिया। पत्थर लगने से कार का अगला शीशा टूट गया। चालक ने जैसे-तैसे कार को नियंत्रित किया। उन्होंने बताया कि उस समय कार में पूरा परिवार बैठा था और बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को कोतवाली थाने ले आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जनदर्शन के दौरान एक युवक द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने के मामले में कलेक्टर अविनाश मिश्रा का बयान सामने आया है। कलेक्टर ने कहा कि युवक की समस्या का परीक्षण किया गया है, लेकिन जांच में सामने आया है कि वह अपनी जमीन पर नहीं, बल्कि बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर काबिज है। ऐसे में मामला वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही सुलझाया जाएगा। मंगलवार को जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनदर्शन के दौरान आवेदक रोहित सोनी ने आवागमन मार्ग उपलब्ध नहीं होने की शिकायत लेकर आवेदन दिया था। इस दौरान उसने खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे रोक लिया, जिससे कोई बड़ी घटना नहीं हुई। आवेदक का दावा निकला गलत कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि संबंधित मामले की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आवेदक जिस भूमि को लेकर दावा कर रहा है, वह उसकी निजी जमीन नहीं है। वह बुढ़ेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर काबिज है। दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। एसडीएम की अध्यक्षता में होगी बैठक कलेक्टर ने बताया कि मामले के समाधान के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें दोनों पक्षों की बात सुनकर और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन सभी पहलुओं का विधिसम्मत परीक्षण कर रहा है। जनदर्शन समाधान का मंच, आत्मदाह उचित नहीं कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया मंच है। यहां प्राप्त प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल वैधानिक मांगों और समस्याओं को लेकर ही जनदर्शन में आएं तथा किसी भी प्रकार के आत्मघाती या अवैधानिक कदम से बचें। प्रशासन का कहना है कि विवादित भूमि और आवागमन मार्ग से जुड़े मामले का निष्पक्ष परीक्षण कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मेरे पति को जल्द से जल्द पकड़ा जाए, नहीं तो वह मुझे जान से मार देगा… यह कहना है जेपी अस्पताल में इलाज कराने आई गीता पटेल का। गीता भोपाल के भीमनगर की रहने वाली हैं। वह मजदूरी कर गुजारा करती हैं। उन्होंने अपने पति मयंक पटेल पर मारपीट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोपहर में जब वे मजदूरी के लिए जा रही थीं, तब उनके पति पेड़ के पीछे छिपकर बैठे थे। आरोप है कि उन्होंने लकड़ी के मोटे डंडे से गीता के पैर पर दो बार वार किया। तीसरी बार जब वह उनके सिर पर हमला करने की कोशिश कर रहा था, तब उनकी बेटी ने बीच-बचाव कर उन्हें बचा लिया। आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। घटना मंगलवार दोपहर की है। महिला जिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची थी। पहले भी कर चुका है मारपीट गीता ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी पति कई बार उनके साथ मारपीट कर चुका है। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन पति के माफी मांगने और समझाने पर शिकायत वापस ले ली थी। इसके बावजूद उसका व्यवहार नहीं बदला। मजदूरी कर परिवार पालती हैं गीता गीता पटेल ने बताया कि परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। घर का खर्च वह मजदूरी करके चलाती हैं। उनके अनुसार पति अक्सर शराब या अन्य नशा कर घर आता है और मारपीट करता है। घटना वाले दिन भी वह काम पर जाने के लिए निकली थीं, तभी पति ने उन पर हमला कर दिया। तुम्हें और बच्चों को खत्म कर दूंगा पीड़िता का आरोप है कि पति लगातार उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी देता है। गीता के अनुसार उसने कई बार कहा कि वह उन्हें और उनके बच्चों को खत्म कर देगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पति ने एक बार उनके पेट पर दांत से काट लिया था, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। पीड़िता बोली- कार्रवाई नहीं हुई तो जान का खतरा गीता का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके और उनके बच्चों की जान को खतरा बना रहेगा। उन्होंने आरोपित पति को कड़ी सजा दिलाने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हर दिन 20 महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हो रहीं एनसीआरबी की हालिया रिपोर्ट बताती है कि साल 2024 में मध्य प्रदेश में पति या ससुराल पक्ष की क्रूरता के 7,514 मामले दर्ज हुए। यानी हर दिन औसतन 20 महिलाएं हिंसा और प्रताड़ना का शिकार हुईं। दूसरे शब्दों में कहें तो लगभग हर घंटे एक महिला पति या ससुराल पक्ष की क्रूरता का शिकार हुई। क्यों बढ़ रही घरेलू हिंसा निर्भया फाउंडेशन की संचालक समर खान बताती हैं कि घरेलू हिंसा बढ़ने के कई कारण हैं। हालांकि उनके पास आने वाले अधिकांश मामलों में कुछ प्रमुख वजहें सामने आती हैं। लगभग हर पांचवां पुरुष पीता है शराब राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के अनुसार राज्य में 15 वर्ष से अधिक उम्र के 18.5 प्रतिशत पुरुष शराब का सेवन करते हैं। यानी लगभग हर पांचवां पुरुष शराब पीता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शराब की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, घरेलू माहौल और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। वहीं महिलाओं में शराब सेवन का प्रतिशत केवल 1.2 है।
रीवा में लंबे समय से बंद पड़े बाईपास मार्ग को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संभागायुक्त बीएस जामोद ने एमपीआरडीसी (मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रीवा बाईपास रोड को हर हाल में 4 जून तक आवागमन के लिए बहाल किया जाए। कमिश्नर ने साफ कहा कि अब इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। 3 जून तक टेस्टिंग पूरी करने के निर्देशकमिश्नर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बीएस जामोद ने अधिकारियों से कहा कि पुल और सड़क की सभी टेस्टिंग 3 जून तक पूरी कर ली जाए, ताकि 4 जून से वाहनों की आवाजाही शुरू कराई जा सके। उन्होंने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। अप्रैल से बंद है बाईपास पुलगौरतलब है कि बीहर नदी पर बने बाईपास पुल में संरचनात्मक खामियां सामने आने के बाद अप्रैल माह में यातायात रोक दिया गया था। इसके बाद एमपीआरडीसी द्वारा पुल के मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कराया गया। बाईपास बंद होने के कारण भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ रहा था, जबकि शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ गया था। शहर में बढ़ा ट्रैफिक और जामबाईपास बंद होने से रीवा शहर की आंतरिक सड़कों पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया। कई स्थानों पर लंबे जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम लोगों, व्यापारियों और परिवहन कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बैठक में कमिश्नर ने कहा कि बाईपास मार्ग रीवा की यातायात व्यवस्था की रीढ़ है। इसके बंद रहने से स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को रोजाना दिक्कत हो रही है। मरम्मत के अधिकांश काम पूरेअधिकारियों के अनुसार पुल पर माइक्रो कंक्रीटिंग, एपॉक्सी ग्राउटिंग, ग्राइंडिंग तथा गर्डर और पियर कैप की मरम्मत जैसे तकनीकी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। फिलहाल अंतिम चरण में लोड टेस्ट और सुरक्षा परीक्षण की प्रक्रिया चल रही है। परीक्षण सफल होने के बाद मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया जाएगा। गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देशबैठक में अधिकारियों ने कमिश्नर को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं और अंतिम परीक्षण तेजी से कराया जा रहा है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए, लेकिन काम में अनावश्यक देरी भी नहीं होनी चाहिए। यातायात शुरू होने से मिलेगी राहतयदि 4 जून से बाईपास मार्ग पर यातायात शुरू हो जाता है तो शहरवासियों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही उत्तर-दक्षिण दिशा में गुजरने वाले हजारों वाहनों की आवाजाही भी फिर से सुचारु हो जाएगी, जिससे परिवहन व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।
फलोदी के बावड़ी कला में मजदूर का घर जला:नगदी, गहने और डॉक्यूमेंट जले, परिवार की मदद करने की अपील
फलोदी जिले के बावड़ी कला गांव में आज दोपहर बाद एक मजदूर का झोपड़ा आग लगने से पूरी तरह जलकर राख हो गया। इस घटना में घर में रखा सामान, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। पीड़ित मजदूर की बावड़ी कला निवासी प्रकाश ने बताया-आग इतनी तेजी से फैली कि ग्रामीणों के पहुंचने और उस पर काबू पाने से पहले ही पूरा झोपड़ा जल चुका था। एक लाख रुपए की नगदी जली आगजनी की इस घटना में परिवार का पहनने का सामान, बिस्तर, बर्तन, अनाज और खाने-पीने का पूरा सामान नष्ट हो गया। इसके अतिरिक्त, मजदूरी से बचाकर रखी गई लगभग 1 लाख रुपए की नकदी भी जल गई। नगदी, जेवरात और दस्तावेज जले महिला के सोने के आभूषण, जिनमें आधा तोला रखड़ी, एक अंगूठी और आधा तोला सोने की कंठी आग की भेंट चढ़ गए। परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और जन आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए। पीड़ित के अनुसार, इस हादसे में 3 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घटना के बाद परिवार के सामने भोजन और रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। परिवार को मदद देने की अपील प्रकाश ने फलोदी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले की जांच, उचित कार्रवाई और सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत प्रदान करने का आग्रह किया है।
लखनऊ नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम ने बुधवार को सरोजनीनगर तहसील के ग्राम रहिमाबाद में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 18.75 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। भूमि पर अवैध प्लाटिंग और अस्थायी बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा किए जाने की शिकायत पर जेसीबी से कार्रवाई की गई।सरकारी भूमि पर हो रही थी अवैध प्लाटिंगनगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई जांच में पाया गया कि राजस्व अभिलेखों में वृक्षारोपण, कब्रिस्तान और श्मशान भूमि के रूप में दर्ज जमीन पर कुछ लोगों द्वारा अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। साथ ही बाउंड्रीवाल बनाकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।1.25 हेक्टेयर जमीन कराई गई मुक्तअभियान के दौरान खसरा संख्या 1279, 1286, 1385, 958, 959 और 960 से संबंधित कुल 1.250 हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार मुक्त कराई गई भूमि का बाजार मूल्य लगभग 18 करोड़ 75 लाख रुपये है।जेसीबी से हटाए गए अवैध निर्माणनगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध प्लाटिंग और अस्थायी बाउंड्रीवाल को ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं हुई और अभियान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया।नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाईअपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव एवं उपजिलाधिकारी सरोजनीनगर अंकित शुक्ला के निर्देश पर प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) रामेश्वर प्रसाद और तहसीलदार नगर निगम अरविन्द पाण्डेय की देखरेख में कार्रवाई की गई। अभियान में नगर निगम, राजस्व विभाग और ईटीएफ टीम के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।सरकारी जमीनों पर कब्जे के खिलाफ अभियान जारीनगर निगम अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। सार्वजनिक उपयोग की भूमि को सुरक्षित रखने और अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित कार्रवाई की जाएगी।
रोडवेज बस का टायर फटने से यात्री का पैर कटने के मामले में जयपुर महानगर प्रथम के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने यात्री के पक्ष में 17,06,457 रुपए का अवार्ड पारित किया हैं। ट्रिब्यूनल ने इस मामले में रोडवेज की गंभीर लापरवाही मानी। जज श्वेता गुप्ता ने अपने आदेश में कहा कि 30 साल के युवक का पैर कटने से उसे जीवनभर मानसिक और शारीरिक कष्ट झेलना पड़ेगा। कोर्ट ने न्यूनतम मजदूरी नियमों के आधार पर पीड़ित की आय, चिकित्सा खर्च, शारीरिक और मानसिक वेदना सहित अन्य मदों का आकलन कर कुल 17,06,457 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि तय की। जिस पर याचिका दायर करने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी देय होगा। ट्रिब्यूनल ने रोडवेज प्रशासन को एक महीने में राशि जमा कराने के आदेश दिए। पुराना और घिसा हुआ टायर हादसे का कराण याचिका में कहा गया था कि जगतपुरा निवासी सुरेश कुमार अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ रोडवेज बस में बैठकर जयपुर से कांवट जा रहा था। सुबह करीब साढ़े 11 बजे बडिया की चौकी के पास अचानक तेज धमाके के साथ बस के पीछे का टायर फट गया। टायर इतना पुराना और घिसा हुआ था कि उसकी रबड़ उखड़ चुकी थी। टायर फटने के भयंकर दबाव से बस के फर्श की लोहे की चद्दर फट गई। सुरेश कुमार चूंकि टायर के ठीक ऊपर वाली सीट पर बैठे थे, इसलिए लोहे के टुकड़े और चद्दर सीधे उनके पैरों में जा घुसे और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। चालक ने खोली रोडवेज की पोलसुनवाई के दौरान रोडवेज प्रशासन ने दलील दी कि यह महज एक अपरिहार्य दुर्घटना थी और इसमें चालक की कोई लापरवाही नहीं थी। परंतु, कोर्ट के सामने खुद रोडवेज बस के चालक महेंद्र कुमार शर्मा ने विभाग के दावों की पोल खोलकर रख दी। जरिह के दौरान चालक ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि बस के टायरों का रोडवेज विभाग द्वारा सही रख-रखाव नहीं करने के कारण ही उक्त टायर रास्ते में फटा और बस का फर्श टूटने से यात्री को चोट आई। चालक के इस बयान से रोडवेज की घोर लापरवाही पूरी तरह प्रमाणित हो गई।
रायसेन के सिलवानी-बेगमगंज में आंधी-बारिश:तापमान में 5 से 8 डिग्री की गिरावट; गर्मी से मिली राहत
रायसेन जिले के सिलवानी और बेगमगंज क्षेत्रों में बुधवार शाम तेज आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। सिलवानी में शाम करीब 6:15 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। मूसलाधार बारिश के कारण सड़कें तरबतर हो गईं और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े। बाजार और मुख्य मार्गों पर कुछ समय के लिए सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित रहीं। आधे घंटे आंधी के साथ बारिश हुईबेगमगंज क्षेत्र में दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद धूल भरी आंधी चली और तेज बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक हुई बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं, जबकि कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। चौथे नौतपा के बाद बदला मौसम का मिजाज चौथे नौतपा के बाद से जिले में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। पिछले कुछ दिनों से आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम में आए इस बदलाव से दिन और रात के तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह अच्छी बारिश होती रही तो खेतों में नमी बढ़ेगी और आगामी खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। शाम के समय शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना रहा। अगले कुछ दिनों तक बारिश के आसार मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने तथा आंधी-तूफान के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दी है।
महिला की हत्या के संदेही की बेहरमी से पिटाई:उल्टा लटकाकर और बांधकर डंडे से पीटा, शरीर पर छपे निशान
नर्मदापुरम जिले के माखननगर थाने में हत्या के एक संदेही युवक से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। युवक ने थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर बेहरमी से पिटाई करने और अपराध कबूल कराने के लिए प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि उसे 19 मई से करीब 10 दिन तक थाने में रखकर पूछताछ की गई। हत्या मामले में पूछताछ के लिए बुलाया थाजानकारी के अनुसार, माखननगर थाना क्षेत्र के ग्राम फुरतला में 18 मई 2026 को 70 वर्षीय रामबाई राजपूत की हत्या और जेवर लूट की घटना हुई थी। इसी मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने मृतका के रिश्तेदार राकेश राजपूत और अन्य परिजनों को थाने बुलाया था। राकेश राजपूत का आरोप है कि थाना प्रभारी आकाशदीप पचाया और अन्य पुलिसकर्मियों ने 19 से 29 मई तक लगातार उसके साथ प्रताड़ना की। हाथ-पैर बांधकर पीटने का आरोपयुवक ने आरोप लगाया कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ मारपीट की गई और हत्या स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। उसका कहना है कि हाथ-पैर बांधकर उसे उल्टा लटकाया गया और लाठी-डंडों, लोहे के पाइप तथा रबर के पट्टों से पीटा गया। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि शरीर पर बने घावों में नमक, मिर्च और पेट्रोल तक डाला गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों के दबाव के बाद छोड़ा गयाराकेश और उसके परिजनों का कहना है कि परिवार के दबाव के बाद पुलिस ने जल्दबाजी में उसे हिरासत से छोड़ दिया। युवक और उसके परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। थाना प्रभारी बोले- संदेही था, पूछताछ की गईमाखननगर थाना प्रभारी एसआई आकाशदीप पचाया ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि बुजुर्ग महिला की हत्या के संदेह में राकेश राजपूत को थाने लाया गया था। थाना प्रभारी के अनुसार, जांच में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनमें युवक की गतिविधियां घटनास्थल के आसपास पाई गईं। इसी आधार पर उससे पूछताछ की गई। शरीर पर चोटों के संबंध में थाना प्रभारी ने कहा कि युवक दो दिन पहले बाइक से गिर गया था, जिससे उसे चोटें आई हैं। उन्होंने मारपीट के आरोपों को गलत बताया। एसपी बोले- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाईएसपी सांई कृष्णा एस थोटा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ग्राम फुरतला में 18 मई को 70 वर्षीय रामबाई राजपूत की हत्या का मामला सामने आया था। घटना का खुलासा तब हुआ, जब उनका भतीजा उन्हें खाना देने घर पहुंचा। घर के अंदर रामबाई का शव जमीन पर पड़ा मिला था। पुलिस के अनुसार, महिला घर में अकेली रहती थीं। घटनास्थल पर कपड़े बिखरे मिले थे और मुंह की ऊपर-नीचे की बत्तीसी भी अलग पड़ी हुई थी। पुलिस ने हत्या और लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में रिश्तेदारों समेत अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रेवाड़ी में बंद मकान से लाखों की चोरी:6 लाख- सोने के जेवर ले गए चोर, बेटे के इलाज के लिए रखे थे रुपए
रेवाड़ी शहर के नई आबादी इलाके में एक घर में सेंध लगाकर चोर लाखों रुपए की नकदी और सोने-चांदी के आभूषण चुरा ले गए। यह घटना तब हुई जब पीड़ित परिवार अपने बेटे के इलाज के लिए गुरुग्राम गया हुआ था। जानकारी के अनुसार, पीड़ित मोहित का परिवार मंगलवार को अपने बेटे के मेडिकल टेस्ट के लिए गुरुग्राम गया था। दो दिन बाद बेटे का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए यह नकदी और आभूषण जमा किए गए थे। बुधवार सुबह पड़ोसियों ने घर का ताला टूटा होने की सूचना दी। घर पहुंचने पर परिवार ने देखा कि ताला टूटा हुआ था और अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। पहले ये फोटो देखिए… ऑपरेशन के लिए किया था रुपयों का इंतजाम परिवार के अनुसार चोरों ने लगभग 6 लाख रुपए नकद और लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चुराए हैं। इस चोरी के कारण परिवार को बेटे के ऑपरेशन के खर्च का इंतजाम करने में अब मुश्किल हो रही है। सूचना मिलते ही शहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। गोकल गेट चौकी प्रभारी नरेश ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में लगभग 6 लाख रुपए नकद और आभूषण चोरी होने की बात कही गई है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने का काम शुरू कर दिया है। घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। पुलिस चोरों की तलाश में छानबीन कर रही है।
बीकानेर में जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए युवक पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा भड़क गए। उन्होंने युवक को तथ्यों के साथ अपनी बात रखने को कहा। UDH मंत्री बोले- मैं कल से यहां हूं और लगातार जनसुनवाई कर रहा हूं। अब आकर हो हल्ला (हंगामा) क्यों कर रहे हो? खर्रा ने कहा- पेट में दर्द था तो उसी वक्त दिखाना चाहिए था। यह नहीं हो सकता कि जनसुनवाई खत्म होने का इंतजार करो और बाद में हंगामा शुरू कर दो। जनसुनवाई के बाद एक दूसरे युवक ने मंत्री को ज्ञापन दिया और फिर वापस लेने लगा तो उन्होंने कहा- मेरे से छीना झपटी नहीं, फाड़कर फेंक दूंगा। UDH मंत्री झाबर सिंह खर्रा बीकानेर के सर्किट हाउस में जनसुनवाई करने पहुंचे थे। उनके साथ बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास भी मौजूद थे। इस दौरान जवाहर नगर क्षेत्र निवासी गोपाल किराडू एक प्लॉट आवंटन से जुड़ी फाइल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने UDH मंत्री से कहा कि बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अधिकारी और कर्मचारी फाइल चलाने की टोकन मनी मांगते हैं। इस पर खर्रा भड़क गए। अब पढ़िए दोनों के बीच हुई बातचीत… मंत्री खर्रा- मुझे 55 साल का अनुभव है, मैं सब समझता हूं। इतनी परेशानी थी तो सुबह 9 बजे, 10 बजे या शाम को भी आ सकते थे। युवक- साहब हमें समय तो देना पड़ेगा। मंत्री खर्रा- तुम चाहोगे तब नहीं मिलेगा समय…टाइम पर बैठे हैं तब मुझे मिलना नहीं है। जब सब चले जाएंगे तब जाकर मैं हो हल्ला करूंगा। ये आज बर्दाश्त होगा, न कल बर्दाश्त होगा। युवक- नहीं, नहीं हो हल्ला करना ही नहीं है, हम तो यहां निवेदन करने आए हैं। मंत्री खर्रा- मैं कल सवा 3 बजे बीकानेर आ गया था। अगर तुम्हारे पेट में दर्द था, तुम सुबह आ सकते थे। छीना-झपटी नहीं, ज्ञापन फाड़कर फेंक दूंगाजनसुनवाई खत्म होने बाद एक युवक ने अपनी समस्या को लेकर मंत्री को ज्ञापन दिया तो उन्होंने कागज लेकर अपने पास रख लिया। इस कागज पर उन्होंने कोई चर्चा नहीं की। ज्ञापन देने वाले युवक को लगा कि उनका ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है तो उसने मंत्री के हाथ से ज्ञापन वापस लेकर उनको बताना चाहा। इस बात पर भी मंत्री नाराज हो गए और ज्ञापन देने आए युवक से कहा- मेरे से छीना-झपटी करने की जरूरत नहीं है। एक-एक करके बात करूंगा। फाड़कर फेंक दूंगा। ऐसे ज्ञापन की जरूरत नहीं है। इस पर युवक चुप हो गया और अपनी बारी का इंतजार करने लगा।
पाली में संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मियों को हटाने को लेकर ड्रामा जारी है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ दिलीप सिंह ने पहले 1 जून को 35 नर्स ग्रेड को हटाने का आदेश जारी किया था। आदेश जारी होने के बाद 2 जून को बांगड़ हॉस्पिटल में नर्सिंगकर्मी धरने पर बैठे गए। धरना प्रदर्शन देखते हुए 2 जून को प्रिंसिपल ने फिर आदेश जारी कर 1 जून को नर्स ग्रेड को हटाने के आदेश को निरस्त कर दिया। नर्सिंगकर्मियों को इससे राहत मिली ही थी कि मंगलवार शाम फिर एक आदेश जारी कर कहा गया है कि पन्नाधाय सिक्योरिटी सर्विसेज उदयपुर के जरिए लगे 34 नर्सिंग ऑफिसर को 1 जून की दोपहर के बाद से पदमुक्त किया जाता है। ऐसे में उन्हें साइन करवाकर ड्यूटी पर नहीं लिया जा रहा। बुधवार को नर्सिंगकर्मी धरने पर बैठे और फिर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को अपनी समस्या के समाधान को लेकर ज्ञापन दिया। फिलहाल उनका धरना जारी है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नर्सिंगकर्मियों के साथ धरने पर बैठने वाले दूसरे नर्सिंगकर्मियों को भी पाबंद किया है। बता दें कि बांगड़ हॉस्पिटल और नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर में कार्यरत नर्सिंगकर्मी साल 2022 तो कोई साल 2023 से कार्यरत हैं। जिन्हें सैलेरी 8 हजार रुपए प्रतिमाह के करीब मिलती है। स्थायी होने की उम्मीद में इन्होंने नौकरी करना जारी रखा लेकिन अब परीक्षा के जरिए नए नर्सिंगकर्मियों को लिया गया है। ऐसे में पहले से संविदा पर लगे नर्सिंगकर्मियों की सेवा समाप्त की जा रही है।
कोटा एसीबी कोर्ट ने पुलिस अधिकारी को रिश्वत देने के 17 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मसाला फैक्ट्री की मालकिन आजरा उर्फ हाजरा बेगम को 3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मसाला फैक्ट्री में मिलावटी माल मिलने पर फैक्ट्री मालकिन ने मामले को रफा-दफा करने के लिए निरीक्षण पर आए सीआई की जेब में 30 हजार रुपए रख दिए थे। सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया- मार्च 2009 में कोटा पुलिस की स्पेशल टीम ने मुखबिर की सूचना पर गुमानपुरा थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुरा में दो जगह पर मसाला फैक्ट्री पर छापा मार कार्रवाई की। सीआई नेत्रपाल की अगुवाई में टीम ने डॉ. सलीम की मसाला फैक्ट्री को चैक किया। मौके पर सलीम की पत्नी आजरा बेगम मिली। टीम को मौके पर नकली मसाला बनाने का कच्चा माल भूसा, चपड़ी व रंग मिला। साथ ही मिलावटी हल्दी, धनिया, मिर्च तैयार किए हुए मिले थे। 13 गवाहों के बयान लिए टीम ने सैंपल लेने के लिए खाद्य निरीक्षक चंद्रवीर सिंह जादौन को मौके पर बुलाया। उसी दौरान मामला रफा-दफा करने के लिए सलीम की पत्नी आजरा बेगम ने सीआई नेत्रपाल की पेंट की जेब में 30 हजार रुपए जबरदस्ती रख दिए। सीआई ने इसकी शिकायत गुमानपुरा थाने में दर्ज करवाई। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत देने के मामले में एसीबी में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद साल 2012 में कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट में 13 गवाहों के बयान करवाए गए।
उदयपुर में चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग ने तीन फर्मों के फूड लाइसेंस निलंबित किए। इनमें दो फर्मों के यहां बिक रहा घी जांच में अनसेफ पाया गया है। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। वहीं, तीसरी फर्म ने लाइसेंस के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए थे। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया- मैसर्स जेड ए कानोडवाला का फूड लाइसेंस गलत तथ्य और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के कारण निलंबित किया गया। उन्होंने लाइसेंस प्राप्त करने के लिए गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। कुछ दिन पहले लिया था सैंपल वहीं, मैसर्स कल्याण डेयरी सवीना से लिया गया घी का सैम्पल जांच में अनसेफ पाया गया। इसके बाद मालिक विजय सिंह सिसोदिया को नोटिस भेजकर उनका फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया। सुरक्षा अधिकारी अशोक गुप्ता ने यहां से हाल ही घी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। तीसरी कार्रवाई जयश्री कॉलोनी स्थित मैसर्स लक्ष्मी डेयरी एवं स्वीट नमकीन पर हुई। यहां भी घी का नमूना असुरक्षित पाया गया। इस पर मालिक केशरसिंह सिसोदिया को नोटिस देकर फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया। सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने बताया- ये तीनों फर्म मालिक अब निलम्बित समय में कोई भी खरीदने-बेचने का व्यापार नहीं कर सकेंगे। मिलावट के खिलाफ अभियान में मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। बता दें, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुसार सैम्पल असुरक्षित पाए जाने पर 5 लाख तक जुर्माना और 6 माह से लेकर आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।
बालाघाट के भरवेली थाना क्षेत्र के आंवलाझरी में स्थित वैनगंगा पेट्रोल पंप पर स्कूटी में पेट्रोल भरवाने आए दो युवकों के साथ मारपीट हाे गई। इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पंप संचालक और उसके कर्मचारी युवकों को पीटते हुए नजर आ रहे हैं। यह घटना मंगलवार देर रात की है, पुलिस ने बुधवार काे दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। स्कूटी की क्षमता से ज्यादा बिल देने पर बढ़ा विवाद पीड़ित चौबेलाल बर्वे अपने साथी नवीन कसार के साथ स्कूटी का टैंक फुल कराने पेट्रोल पंप पहुंचे थे। पेट्रोल डालने के बाद कर्मचारी ने उन्हें ₹631 का बिल थमा दिया। चौबेलाल ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि स्कूटी के टैंक में पहले से पेट्रोल था, इसलिए उसकी क्षमता के हिसाब से इतने पैसे का पेट्रोल नहीं आ सकता। इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। जमीन पर पटक कर हाथ-मुक्कों से पीटा पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बिल का विरोध करने पर पंप संचालक अशोक बजाज, इंदु बजाज और वहां मौजूद कर्मचारियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट की और उन्हें जमीन पर पटक दिया। पुलिस ने इस शिकायत पर पंप संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरी तरफ पंप संचालक की शिकायत पर पुलिस ने चौबेलाल और नवीन के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। पंप संचालक बोला- मशीन से ही निकला था बिल वहीं पंप संचालक अशोक बजाज ने कहा कि वे स्कूटी सवार दोनों युवकों को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन युवकों ने ही विवाद शुरू किया। संचालक के मुताबिक युवक दावा कर रहे थे कि गाड़ी में पहले से तीन लीटर पेट्रोल था, जबकि मशीन में जितना पेट्रोल दिखा, उसी हिसाब से बिल निकला था। नापतौल विभाग को शिकायत का इंतजार भरवेली थाना पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं, इस मामले में नापतौल विभाग के प्रभारी राजकुमार कछवाहा ने बताया कि पेट्रोल कम देने या मशीन में गड़बड़ी से जुड़ी कोई भी शिकायत अभी तक विभाग को नहीं मिली है। अगर कोई लिखित शिकायत आती है, तो विभाग द्वारा पंप की जांच की जाएगी।
शिवपुरी जिले के बदरवास कस्बे में स्थित बांकड़े जी कृषि सेवा केंद्र पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम देने की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पेट्रोल यूनिट को सील कर दिया है। जानकारी के अनुसार, एक उपभोक्ता ने पेट्रोल की मात्रा कम मिलने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद जांच टीम मौके पर पहुंची। जांच दल के पहुंचने तक पेट्रोल पंप के कर्मचारी पंप बंद कर जा चुके थे। बाद में उन्हें वापस बुलाया गया और प्रारंभिक जांच की गई। डीजल यूनिट चालू रहीजांच के दौरान पेट्रोल पंप संचालक एन.पी. आर्य की पेट्रोल यूनिट को सील कर दिया गया। फिलहाल पेट्रोल पंप की डीजल यूनिट संचालित हो रही है। प्रशासन ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। नापतौल उपकरणों की दोबारा जांच संबंधित तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उपभोक्ताओं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।
बरेली की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने साथी कर्मचारी को चैंबर में बुलाकर पीटने के मामले में IAS अधिकारी ओपी वर्मा को तलब किया है। वर्मा वर्तमान में लखनऊ में तैनात है। कोर्ट ने एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए बरेली के तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (नगर) एडीएम सिटी ओपी वर्मा के खिलाफ एक्शन लिया है। वहीं 2 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। यह पूरा मामला साल 2019 का है, जो अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद एक बार फिर गरमा गया है। परिवादी रमोद कुमार सक्सेना ने कोर्ट में अर्जी देकर आरोप लगाया था कि तत्कालीन एडीएम सिटी ने न सिर्फ अपने चेंबर में बुलाकर उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें जातिसूचक और भद्दी गालियां देते हुए झूठे मुकदमे में जेल भिजवा दिया। कोर्ट ने पुलिस की अन्वेषण आख्या और गवाहों के बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला सही पाया और आरोपी अधिकारी को कोर्ट में हाजिर होने का फरमान सुना दिया। चकबंदी विभाग के विवाद से जुड़ी है पूरी कहानी इस पूरे मामले की जड़ें चकबंदी विभाग के एक पुराने विवाद और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़ी हुई हैं। परिवादी रमोद कुमार सक्सेना बरेली के इज्जतनगर इलाके के डेलापीर स्थित बन्नूवाल कालोनी के रहने वाले हैं। वह चकबंदी विभाग भुता में अहलमद के पद पर तैनात थे। आरोप है कि साल 2006 में जब वह बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के यहां पेशकार थे, तब पीठासीन अधिकारी रमाकान्त शुक्ला ने एक अपील में दो विपरीत आदेश पारित कर दिए थे। जब इस बात का खुलासा हुआ, तो खुद को बचाने के लिए विभाग द्वारा रमोद कुमार सक्सेना के खिलाफ ही कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। हालांकि, मई 2018 में अदालत ने रमोद कुमार सक्सेना को इस मामले में पूरी तरह दोषमुक्त यानी बरी कर दिया। इसके बाद रमोद कुमार सक्सेना ने अपने ऊपर हुए उत्पीड़न को लेकर विभाग में चर्चा शुरू की और मानहानि की कार्रवाई की बात कही, जिससे तत्कालीन अधिकारी उनसे रंजिश रखने लगे। एडीएम सिटी के चेंबर में बंधक बनाकर पीटने का आरोप रमोद कुमार सक्सेना का आरोप है कि 24 जनवरी 2019 की शाम करीब 5 बजे तत्कालीन एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने उन्हें किसी बहाने से अपने चेंबर में बुलाया। चेंबर के भीतर चकबंदी विभाग के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी पहले से मौजूद थे, जिनमें रमाकान्त शुक्ला, प्रेमचन्द्र और सुनील कुमार शर्मा शामिल थे। आरोप के मुताबिक, चेंबर में घुसते ही एडीएम सिटी ओपी वर्मा ने रमोद कुमार सक्सेना को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। चेंबर के कोने में एक सफेद रंग का डंडा रखा हुआ था। आरोप है कि तत्कालीन एडीएम सिटी ने वह डंडा उठाकर रमोद कुमार सक्सेना को बेरहमी से मारना-पीटना शुरू कर दिया। उनके साथ चेंबर में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी लात-घूंसों से मारपीट की। इसके बाद रमोद कुमार सक्सेना पर दबाव बनाया गया कि वह चकबंदी विभाग में हुई फर्जी कार्रवाई की जिम्मेदारी अपने सिर ले लें, लेकिन जब उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया, तो उनके साथ और ज्यादा बर्बरता की गई। फर्जी बयान पर हस्ताक्षर कराए और भेज दिया जेल शिकायत के अनुसार, मारपीट के बाद एडीएम सिटी ने अपने पेशकार जयवीर सिंह से एक फर्जी बयान तैयार करवाया। रमोद कुमार सक्सेना को पुलिस के डंडे और लातों से बुरी तरह पीटने की धमकी देकर जबरन उस फर्जी कूटरचित दस्तावेज पर हस्ताक्षर करा लिए गए। उसी दिन रमोद कुमार सक्सेना के खिलाफ शांति भंग की धारा 151/107 सीआरपीसी के तहत फर्जी कार्रवाई करते हुए उन्हें कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया ताकि वे अपनी आवाज न उठा सकें। अगले दिन 25 जनवरी 2019 को उन्हें जिला कारागार (जेल) भेज दिया गया। करीब एक हफ्ते बाद 31 जनवरी 2019 को नगर मजिस्ट्रेट की अदालत से उन्हें जमानत मिली और 1 फरवरी 2019 को वह जेल से बाहर आ सके। जेल से छूटने के बाद जब वह थाने गए, तो पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज करने से साफ मना कर दिया और उन्हें टाल-मटोल कर भगा दिया। इसके बाद उन्होंने बरेली के एसएसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार थक-हारकर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने खारिज की लोकसेवक को मिलने वाली सुरक्षा की दलील अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से यह दलील देने की कोशिश की गई कि आरोपी एक लोकसेवक (सरकारी अधिकारी) हैं, इसलिए धारा 197 दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) के तहत उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए शासन से अग्रिम मंजूरी (सेंक्शन) लेना अनिवार्य है। अदालत ने इस दलील को पूरी तरह से खारिज कर दिया। सीजेएम कोर्ट ने उच्चतम न्यायालय के विभिन्न विधिक सिद्धांतों और नजीरों का हवाला देते हुए अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी अधीनस्थ कर्मचारी या परिवादी को चेंबर में बुलाकर मारना-पीटना, गाली देना या प्रताड़ित करना किसी भी लोकसेवक के पदीय कर्तव्य के निर्वहन के दायरे में नहीं आता है। कोर्ट ने कहा कि पद की शक्ति का दुरुपयोग करने वाले अधिकारी को इस तरह का विधिक संरक्षण नहीं दिया जा सकता। 2 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश बरेली के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार दुबे ने मामले की पत्रावली, गवाहों (माखनलाल और सुनील) के शपथ पत्र और पुलिस की जांच आख्या का गहन अवलोकन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि तत्कालीन एडीएम सिटी ओपी वर्मा के खिलाफ धारा 324 (जानबूझकर खतरनाक कृत्य से चोट पहुंचाना) और धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करना) के तहत मुकदमा चलाने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (नगर) बरेली, जो वर्तमान में लखनऊ में आईएएस अधिकारी हैं, के खिलाफ समन जारी किया जाए। कोर्ट ने परिवादी को आदेश दिया है कि वह गवाहों की सूची दाखिल करते हुए आवश्यक पैरवी अविलंब पूरी करें। इस मामले में अगली सुनवाई और आरोपी अधिकारी की अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए 2 जुलाई 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है। कोर्ट के इस सख्त आदेश के बाद प्रशासनिक और न्यायिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने बुधवार को केएफ रुस्तम जी पुरस्कार की घोषणा की है। इसमें सागर के एडिशनल एसपी लोकेश कुमार सिंहा को केएफ रुस्तम जी पुरस्कार-2024 के लिए चयन किया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय द्वारा घोषित सम्मान के तहत 50 हजार रुपए नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। मध्यप्रदेश पुलिस का रुस्तम जी पुरस्कार उत्कृष्ट और अनुकरणीय पुलिस सेवा, प्रभावी नेतृत्व, नवाचार, कर्तव्यनिष्ठा व पुलिसिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। एएसपी लोकेश कुमार सिन्हा अपने उत्कृष्ट प्रशासनिक कौशल, अनुशासित कार्यशैली, अपराध नियंत्रण में प्रभावी भूमिका, कानून-व्यवस्था संधारण और जनोन्मुखी पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने सेवाकाल में विभिन्न पदों पर रहते हुए अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को सुदृढ़ बनाने में योगदान दिया है। एएसपी सिंहा का यह चयन न केवल उनकी उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान है। बल्कि सम्पूर्ण सागर पुलिस परिवार के लिए भी गर्व, प्रेरणा और सम्मान का विषय है। उनकी यह उपलब्धि युवा पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रेरित करेगी।
मंडला में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश:7 जून तक येलो अलर्ट, गरज-चमक और तेज हवा चलेगी
मंडला जिले में बुधवार शाम करीब 6 बजे के बाद मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से शहर की सड़कें पानी-पानी हो गईं। इस बारिश से पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस और भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। तेज पानी गिरने की वजह से शहर के मुख्य रास्तों और सड़कों पर पानी जमा हो गया। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों और बाजारों में लोगों का आना-जाना कुछ देर के लिए थम सा गया। बारिश होने से पारे में गिरावट आई है, जिससे लोगों को लू के थपेड़ों से चैन मिला। 4 से 7 जून तक मौसम विभाग का येलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी जिले में ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं। विभाग ने 4 जून से 7 जून तक के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान जिले के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने, बिजली गिरने और आंधी चलने की आशंका जताई गई है। अगले चार दिनों तक ऐसा ही रहेगा तापमान मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक तापमान में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा, लेकिन इसके बाद पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर चढ़ सकता है। मई के मुकाबले जून में मिली गर्मी से राहत मई के आखिरी हफ्ते में जिले का तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच झुलसा रहा था, लेकिन 30 मई के बाद से इसमें लगातार गिरावट आ रही है। जून की शुरुआत से ही अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले में न जाने की सलाह दी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सपा सरकार के समय की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं को भाजपा ने बर्बाद कर दिया। साइकिल ट्रैक और साइकिल हाई-वे जैसी पर्यावरण-अनुकूल पहल को चौपट कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और विकास का छत्तीस का आंकड़ा है। जिस वेलोड्रोम पर साइकिल दौड़ती है, वो भाजपा सरकार में 9 सालों से ठहरा हुआ है। अखिलेश ने यादव दिलाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य शहरों में साइकिल ट्रैक बनाए और पर्यावरण तथा जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए साइकिलिंग को बढ़ावा दिया। साइकिल हाई-वे सपा सरकार का विजनरी प्रोजेक्ट सपा शासनकाल में आगरा से इटावा के बीच 207 किलोमीटर लंबा साइकिल हाई-वे बनाया गया, जो ताज महल को इटावा लायन सफारी से जोड़ता है। अखिलेश यादव ने इसे पर्यावरण संरक्षण, ईंधन खपत कम करने और स्वास्थ्य जागरूकता का अनुपम उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि साइकिल ट्रैक सपा सरकार का दूरर्शिता का नतीजा था। समाजवादी पार्टी की पहचान है साइकिल समाजवादी पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल है। अखिलेश यादव ने कहा कि साइकिल से समाजवादियों का विशेष लगाव है, जिसके कारण भाजपा साइकिल से नफरत करती है। भारत में 1 लाख साइकिलें 1951 में विदेशों से मंगाई गई थी। इंग्लैंड और जापान से इसके कलपुर्जे मंगाए जाते थे। 1953 में आगरा में साइकिल के कल पुर्जे बनाने का पहला कारखाना लगा था। साइकिल और समाजवादी पार्टी का रिश्ता केवल चुनावी पहचान तक सीमित नहीं है। यह रिश्ता उस विचारधारा, संघर्ष और जनसरोकार से जुड़ा है जिसे पार्टी अपने राजनीतिक दर्शन का आधार मानती है। साइकिल आम आदमी की यात्रा, मेहनत और उम्मीदों का प्रतीक है और यही कारण है कि यह समाजवादी पार्टी की राजनीतिक पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। उदय प्रताप सिंह ने लिखा साइकिल पर गीत अखिलेश यादव ने कवि और मुलायम सिंह के उस्ताद रहे उदय प्रताप सिंह द्वारा लिखित गीत को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि … बच्चों का है खेल साइकिल कभी न मांगे तेल साइकिल चलती रेलम पेल साइकिल रखती जग से मेल साइकिल इसका मालिक रहे सुखारी साइकिल भी है खूब सवारी थोड़े दाम काम दे भारी
हरदा में बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान विरोध और बहस की स्थिति देखने को मिली। नेहरू स्टेडियम के पास स्थित फल-सब्जी बाजार और गेट नंबर-1 स्थित दीनदयाल श्रमिक प्रतीक्षालय क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया। नगर पालिका की टीम कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देश पर कार्रवाई करने पहुंची। प्रशासन के अनुसार, दीनदयाल श्रमिक प्रतीक्षालय पर पिछले लगभग 15 वर्षों से एक परिवार ने कब्जा कर रखा था और वहीं निवास कर रहा था। कार्रवाई के दौरान परिवार को वहां से हटाकर वार्ड क्रमांक-1 स्थित निराश्रित क्वार्टर में स्थानांतरित किया गया। ट्रैफिक जाम की शिकायतों के बाद कार्रवाई नगर पालिका सीएमओ ने बताया कि फल और सब्जी विक्रेताओं द्वारा निर्धारित स्थान से बाहर दुकानें लगाने के कारण आम लोगों को रोजाना ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए अतिक्रमण हटाया गया। दुकानदारों को सड़क से 10 फीट अंदर लगाने को कहा सीएमओ ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, लेकिन सभी विक्रेताओं को सड़क से 10 फीट अंदर रहकर दुकान लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया है और यह कार्रवाई आगे भी प्रत्येक बुधवार को जारी रहेगी। सब्जी विक्रेताओं ने जताया विरोध कार्रवाई के दौरान कुछ सब्जी विक्रेताओं, जिनमें एक दंपति भी शामिल था, ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया। एक विक्रेता ने कहा कि वे सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और दुकान हटने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। अधिकारियों से बहस, चेतावनी भी दी गई विरोध के दौरान एक युवक की पहले सीएमओ और बाद में टीआई से तीखी बहस हो गई। युवक का आरोप था कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीबों को परेशान किया जा रहा है। इस दौरान उसके समर्थन में पहुंचे बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े दीपक सोनी ने भी अधिकारियों से बहस की। तहसीलदार राजेंद्र पंवार ने उन्हें शासकीय कार्य में बाधा नहीं डालने की चेतावनी दी। कई लोगों ने खुद ही हटाया सामान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई लोगों ने स्वेच्छा से अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान की तस्वीरें…
महेंद्रगढ़ पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 8 पेटी (96 बोतल) अवैध अंग्रेजी शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक गाड़ी जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पहली कार्रवाई सदर महेंद्रगढ़ थाना पुलिस ने की। गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गांव बसई निवासी संदीप अपने घर पर अवैध रूप से अंग्रेजी शराब रखता और बेचता है। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने संदीप के घर पर छापा मारा। तलाशी के दौरान घर के एक छोटे कमरे से 6 पेटी (72 बोतल) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपी संदीप शराब रखने का कोई वैध लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शराब जब्त कर संदीप को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नाकाबंदी करके दबोचा दूसरी कार्रवाई सदर कनीना थाना पुलिस टीम द्वारा की गई। गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बसई निवासी रविंद्र कुमार एक गाड़ी में अवैध अंग्रेजी शराब लादकर बेचने की नीयत से बसई की तरफ आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सेहंलग रोड बसई मोड़ के पास नाकाबंदी की। कुछ ही समय बाद संदिग्ध गाड़ी आती दिखाई दी। पुलिस बल को देखकर चालक ने गाड़ी को मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने गाड़ी को रोककर चालक को काबू कर लिया। चालक की पहचान रविंद्र कुमार के रूप में हुई। गाड़ी की पिछली सीट की तलाशी लेने पर वहां से 2 पेटी (24 बोतल) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब और तस्करी में प्रयुक्त गाड़ी को जब्त कर रविंद्र को गिरफ्तार कर लिया। वैध दस्तावेज न होने के कारण पुलिस ने शराब और गाड़ी को जब्त कर लिया।
रीवा जिले की गोविंदगढ़ पुलिस ने महिला संबंधी अपराधों के दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। एक मामले में आरोपी पर घर में घुसकर दुष्कर्म करने का आरोप है, जबकि दूसरे मामले में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला दर्ज किया गया था। दीवार फांदकर घर में घुसा, दुष्कर्म का आरोपपहला मामला गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि 1 जून की रात आरोपी उसके घर की दीवार फांदकर अंदर घुस आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी रवि पटेल (24) निवासी ग्राम मड़वा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल रीवा भेज दिया गया। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामलादूसरा मामला नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने से जुड़ा है। 19 मई को एक युवक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बहन को कोई अज्ञात व्यक्ति अपने साथ ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू की और जांच के दौरान उसे बरामद कर लिया। न्यायालय में दर्ज कराए गए बयान में पीड़िता ने बताया कि भूपेंद्र विश्वकर्मा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी भूपेंद्र विश्वकर्मा (24) निवासी ग्राम भटलो थाना बिछिया को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। दोनों आरोपियों को भेजा गया जेल पुलिस के अनुसार, दोनों मामलों में शिकायत मिलने के बाद तेजी से जांच आगे बढ़ाई गई। दुष्कर्म के मामले में आरोपी को घटना के अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि नाबालिग को ले जाने के मामले में पीड़िता के बयान और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला और बाल अपराधों से जुड़े मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जा रही है।
इंदौर में भाजपा पार्षद के बेटे पर एक नाबालिग युवक को कार से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने मामले को दबाने के लिए राजनीतिक प्रभाव इस्तेमाल करने और पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। घटना जूनी इंदौर थाना क्षेत्र के खातीवाला टैंक इलाके की बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक 1 जून 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे वार्ड क्रमांक-65 के भाजपा पार्षद की कार क्रमांक MP-13 AH-0414 ने कृष्णा यवत रामानी नामक नाबालिग युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि कार पार्षद के बेटे द्वारा चलाई जा रही थी। घायल युवक को उपचार के लिए एवीपी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके पैर में तीन रॉड डालनी पड़ीं। परिवार का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी और जल्दबाजी में युवक को डिस्चार्ज कर दिया गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि युवक के पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उसकी मां पैरालिसिस से पीड़ित हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। ऐसे में परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से परेशान है। परिवार का यह भी दावा है कि मामले से जुड़ी कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई हैं। इनमें पहले यह कहा गया कि घटना के समय आरोपी वाहन में मौजूद नहीं था, जबकि बाद में समझौते के लिए आर्थिक मदद की बात कही गई। हालांकि इन ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर जूनी इंदौर थाने पहुंचे तो पुलिस ने यह कहते हुए वापस भेज दिया कि घायल युवक या किसी प्रत्यक्षदर्शी को साथ लेकर आएं। परिवार का कहना है कि उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और केवल रजिस्टर में एंट्री कर उन्हें लौटा दिया गया। टीआई अनिल गुप्ता का कहना है इस मामले में उनके सज्ञान में अभी कुछ नही आया और अस्पताल प्रशासन ने भी जानकारी नही दी है। जो भी करवाई सुनिश्चित होगी कि जाएगी
वल्लभनगर में तहसील रोड के पास चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का समापन धार्मिक अनुष्ठानों और महाप्रसादी के साथ हुआ। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण का पुण्य लाभ कमाया। कथावाचक भागवताचार्य पंडित राधे गोविंद महाराज ने अंतिम दिन सुदामा चरित्र का जीवंत वर्णन किया। उन्होंने कृष्ण-सुदामा की निश्छल मित्रता का प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालु भावविभोर हो गए। महाराज ने भागवत के सभी मुख्य अध्यायों का सारांश प्रस्तुत करते हुए जीवन में धर्म और भक्ति के महत्व को समझाया। नगर के भेरुलाल आमेटा ने बताया कि कथा के दौरान भजनों की सुंदर प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूम उठे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बन गया। कथा के अंतिम दिन हवन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इसमें भेरूलाल आमेटा एवं मंजुला देवी सहित कई ग्रामीणों ने आहुतियां दीं। कथा विश्राम के बाद सभी भक्तजनों के लिए विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) रायपुर (सड्डू) में संचालित कोपा, स्टेनो हिन्दी तथा इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन ट्रेड की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके साथ ही आईटीआई माना, जिला रायपुर और प्रदेश की अन्य शासकीय आईटीआई में उपलब्ध रिक्त सीटों पर भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 29 मई से 15 जून 2026 तक विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन और आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे अभ्यर्थियों को आवेदन करने में सुविधा होगी। छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। सीटों का आवंटन निर्धारित नियमों और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर किया जाएगा। प्रवेश से जुड़ी विस्तृत जानकारी, पात्रता, ट्रेडवार सीटों और अन्य आवश्यक निर्देशों के लिए अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध प्रशिक्षण विवरणिका का अवलोकन कर सकते हैं। विभाग ने इच्छुक युवाओं से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर आवेदन करने की अपील की है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। इसे सौजन्य मुलाकात बताया जा रहा है। हालांकि यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव और प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की सूची के कारण इस मुलाकात को खासा अहम माना जा रहा है। केशव प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की जानकारी खुद एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर दी। उन्होंने लिखा,- ‘‘विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने वाले और दुनिया को भगवान बुद्ध का शांति का पैगाम देने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।’’ मौर्य ने इस दौरान पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा की हालिया ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। मौर्य का पोस्ट उन्होंने आगे लिखा, ‘‘पीएम के कुशल नेतृत्व में देश लगातार विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए प्रतिमान गढ़ रहा है। आपका सान्निध्य हमेशा ही जनहित और राष्ट्रहित के कार्यों को और अधिक समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता रहा है। यह पूंजी ही हमारी असली ताकत है। अपना बहुमूल्य समय देकर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए हृदय से आभार प्रधानमंत्री जी।’’ 2017 की जीत के सूत्रधार केशव प्रसाद मौर्य भाजपा के वरिष्ठ नेता और ओबीसी चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। वे उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। उनके अध्यक्ष काल में ही वर्ष 2017 में भाजपा ने यूपी में प्रचंड बहुमत हासिल किया था। वर्तमान में सरकार में उन्हें नंबर दो नेता माना जाता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठनात्मक मजबूती और प्रदेश कार्यकारिणी में पदों के बंटवारे को लेकर यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, केशव मौर्य लंबे समय से पार्टी संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाए हुए हैं। ऐसे में पीएम मोदी से उनकी यह भेंट यूपी भाजपा की रणनीति को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
पंजाब की मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी ऑफिशियल ईमेल के जरिए दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने तुरंत प्रभाव से कड़े आदेश जारी किए है। सुरक्षा के मद्देनजर आम जनता के न्यायालय परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। केवल मुकदमेबाजों और आरोपियों को ही अदालत परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। यह आदेश एसएएस नगर (मोहाली) न्यायिक अदालत परिसर के अलावा खरड़ और डेराबस्सी उप-मंडल स्थित अदालत परिसरों में भी लागू रहेगा। एक जून को आया था पत्र यह धमकी भरा ईमेल 1 जून, 2026 को प्राप्त हुआ था, जिसमें 3 से 5 जून 2026 के बीच कोर्ट परिसर में बम धमाका करने की चेतावनी दी गई है। एहतियात के तौर पर जिला जज ने आम जनता की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब कोर्ट परिसर में केवल केस से जुड़े आरोपियों और याचिकाकर्ताओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह नियम मोहाली मुख्य कोर्ट के साथ-साथ खरड़ और डेराबस्सी सब-डिवीजन की अदालतों पर भी समान रूप से लागू रहेगा। पुलिस ने चलाई चेकिंग मुहिम सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत एंट्री पॉइंट्स पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं । हर एक विजिटर की पूरी और संघन चेकिंग की जाए। पुलिस अधिकारियों द्वारा पूरे कोर्ट कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह खंगालने (Search) और सैनिटाइज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आदेश में साफ किया गया है कि जब तक पुलिस विभाग पूरी तरह से सुरक्षा क्लियरेंस नहीं दे देता, तब तक अदालतों का कामकाज सामान्य रूप से शुरू नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सभी न्यायिक अधिकारियों और उनके पीएसओ को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा गया है।
लखनऊ के चौक को मिली 50 लाख की सौगात:मेयर ने 74 स्ट्रीट लाइट पोल, 4 हाईमास्ट का किया लोकार्पण
लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल ने बुधवार को जोन-6 के चौक कालीजी वार्ड में करीब 50 लाख रुपये की लागत से कराए गए विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इनमें नई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, हाईमास्ट लाइटों की स्थापना और लालजी टंडन चौक के सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं। महापौर ने 36 लाख रुपये की लागत से लगाए गए 74 नए स्ट्रीट लाइट पोल और प्रकाश व्यवस्था के कार्यों का लोकार्पण किया। इससे क्षेत्र की गलियों और प्रमुख मार्गों पर रोशनी की व्यवस्था बेहतर होगी, जिससे लोगों की सुरक्षा और आवागमन में सुविधा बढ़ेगी। प्रमुख चौराहों पर लगीं 4 हाईमास्ट लाइटें चौक चौराहा, खुन-खुन जी मार्ग, कमला नेहरू मार्ग और राज नारायण खन्ना मार्ग पर 4 हाईमास्ट लाइटें स्थापित की गई हैं। इनसे व्यस्त चौराहों और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश मिलेगा तथा क्षेत्र की सुंदरता में भी इजाफा होगा। लालजी टंडन चौक का हुआ सौंदर्यीकरण महापौर ने 14 लाख रुपये की लागत से कराए गए लालजी टंडन चौक के सौंदर्यीकरण, सड़क और नाली निर्माण कार्यों का भी उद्घाटन किया। इन कार्यों से क्षेत्र की आधारभूत सुविधाएं मजबूत होने के साथ स्थानीय लोगों को बेहतर वातावरण मिलेगा। विकास कार्यों से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम शहर के सभी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। प्रकाश व्यवस्था, सड़क, नाली और सौंदर्यीकरण से जुड़े विकास कार्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से लखनऊ को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और विकसित शहर बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
इंदौर जिले के खुड़ैल थाना क्षेत्र की कम्पेल चौकी अंतर्गत ग्राम उज्जैनी में बुधवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। फार्म हाउस पर चौकीदारी करने वाले एक युवक ने कथित रूप से अपनी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी राहुल बर्मन (32) पुत्र राजेश बर्मन, मूल निवासी ग्राम बीरसिंहपुर थाना पाली जिला उमरिया का रहने वाला है। वह वर्तमान में ग्राम उज्जैनी स्थित आसिफ रंगरेज के फार्म हाउस पर चौकीदारी का काम करता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार रात किसी बात को लेकर राहुल और उसकी पत्नी सुमन बर्मन (26) के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर राहुल ने सुमन के साथ जमकर मारपीट की। गंभीर चोट लगने के कारण सुमन की मौके पर ही मौत हो गई। शव को पीएम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही कम्पेल चौकी और खुड़ैल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी उमाकांत चौधरी और एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया है। पुलिस ने आरोपी राहुल बर्मन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है।
के.के गुप्ता हत्याकांड के दो और आरोपी गिरफ्तार:5 अभी भी फरार, चाकू-लाठी से हमला कर ली थी जान
छतरपुर। लवकुशनगर थाना क्षेत्र के अक्टोहा तिराहा में हुए चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने बुधवार को 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कृष्णकांत गुप्ता की हत्या और सत्येंद्र राजपूत पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने 10 हजार रुपये के इनामी आरोपियों समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मामले में शामिल पांच अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, 23 मई की रात अक्टोहा तिराहा पर हुई हिंसक वारदात में कृष्णकांत गुप्ता की हत्या कर दी गई थी, जबकि सत्येंद्र राजपूत पर जानलेवा हमला किया गया था। पहले चार आरोपियों को किया था गिरफ्तार मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों विक्की उर्फ विवेक विश्वकर्मा, बड्डन उर्फ महेश विश्वकर्मा, भारत द्विवेदी तथा एक विधि-विरुद्ध किशोर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन धारदार चाकू, लाठी और मोटरसाइकिल सहित अन्य सामग्री भी बरामद की थी। एसपी ने घोषित किया था इनाम मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और स्वयं प्रकरण की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। दो और आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों प्रांशु तिवारी (निवासी कंठी मोहल्ला, लवकुशनगर) और सुशील उर्फ बंटा शर्मा (निवासी कंठी मोहल्ला, लवकुशनगर) को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रांशु तिवारी के खिलाफ मारपीट और अवैध हथियार से जुड़े पांच आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, जबकि सुशील शर्मा पूर्व में जुआ संबंधी एक मामले में आरोपी रह चुका है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल पांच अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बालोतरा पुलिस ने अवैध बजरी खनन पर की कार्रवाई:चार आरोपी गिरफ्तार, ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त
बालोतरा पुलिस ने जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस दौरान कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को भी जब्त किया। यह कार्रवाई पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अलग-अलग दिनों में की गई। पुलिस के अनुसार, 3 जून 2026 को थाना क्षेत्र में एक बिना नंबर ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया। चालक बजरी परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने अवैध खनन और परिवहन के आरोप में मामला दर्ज कर चालक भगवानाराम को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि- जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में टेंपो सवार ठगों ने एक बुजुर्ग को निशाना बना लिया। बैंक से गोल्ड लोन चुकाकर जेवर लेकर लौट रहे वेदप्रकाश के बैग से 60 ग्राम का रानी हार और अंगूठियां पार कर दीं। घटना 30 मई की दोपहर करीब 1 बजे ताज व्यू चौराहे की है। शहीद नगर सदभावना पार्क निवासी 65 वर्षीय वेदप्रकाश कैनरा बैंक से लोन चुकाकर सोना लेकर बस से ताज व्यू चौराहे पर उतरे थे। यहां एक टेंपो मिला जिसमें पहले से दो सवारी बैठी थीं। ड्राइवर ने शहीद नगर पूछकर उन्हें बीच में बैठा लिया। दो मिनट बाद एक बुर्का पहने महिला भी आकर बैठ गई। उतरते ही खुली बैग की चेन, गश खाकर गिरे बुजुर्ग वेदप्रकाश की गर्दन में बैग टंगा था, जिसमें डबल रानी हार, तीन अंगूठी और कान के सेट रखे थे। रास्ते में सवारियों ने चुपके से बैग की चेन खोलकर करीब 60 ग्राम का रानी हार निकाल लिया। शहीद नगर में सदभावना पार्क गेट के सामने उतरते ही बैग की चेन खुली देख वेदप्रकाश के होश उड़ गए। तब तक टेंपो वाला तेजी से भाग निकला। बुजुर्ग चीखते-चिल्लाते रहे और गश खाकर गिर पड़े। बेटे के साथ की तलाश, नहीं मिला सुराग घर जाकर बेटे को जानकारी दी। इसके बाद बाइक से इलाके में काफी तलाश की, लेकिन ठगों का कुछ पता नहीं चला। 2 जून को वेदप्रकाश ने ताजगंज थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ताज व्यू चौराहे और शहीद नगर रूट के CCTV फुटेज खंगाल रही है। टेंपो और आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका शहर में 44 वर्षीय व्यक्ति की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक द्वारा मौत से पहले बनाए गए एक वीडियो के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृतक सोहनलाल पिछले कुछ समय से पारिवारिक विवाद के कारण तनाव में था। परिजनों का आरोप है कि 1 जून को संपत्ति संबंधी विवाद को लेकर उसकी तीन बहनें और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई। परिजनों का आरोप- धमकियां दी गई परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि सोहनलाल को धमकियां दी गईं और उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। विवाद के बाद सोहनलाल घर से बाहर चला गया और बाद में उसकी मौत हो गई। अपनी मौत से पहले सोहनलाल ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में उन्होंने अपनी परेशानियों का जिक्र करते हुए कुछ लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बेटा बोला- पिता को प्रताड़ित किया जा रहा था मृतक के पुत्र हिमांशु ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पिता को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। शिकायत के आधार पर फिरोजपुर झिरका शहर थाना पुलिस ने सविता, सुशीला, पुष्पा, परवीन, कृष्ण सैनी और हर्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी शिव प्रकाश ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। वायरल वीडियो, शिकायत और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

