दिल्ली में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को शकूरपुर से 45 नए आयुष्मान जन आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को उसके घर और कॉलोनी के पास ही गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सीएम ने बताया कि राजधानी में वर्तमान में 415 से अधिक आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर संचालित हो रहे हैं, जहां लोगों को मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। सरकार जल्द ही 1,100 से अधिक आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर स्थापित करने के अपने लक्ष्य को भी पूरा करेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और व्यापक होगा। निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध इन केंद्रों पर मरीजों को ओपीडी परामर्श, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, आवश्यक दवाइयां तथा 80 से अधिक प्रकार की निःशुल्क डायग्नोस्टिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं से लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और मोहल्ला स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम नागरिकों को सस्ती एवं सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उद्घाटन समारोह में विधायक तिलक राम गुप्ता, निगम पार्षद किशन लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय खटाना सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के घोषित परिणामों में जबलपुर के आर्यमन सोलंकी ने मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने 692 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक (AIR) 46 हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ आर्यमन ने प्रदेश और शहर का नाम रोशन किया है। अब उनका लक्ष्य देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान एम्स दिल्ली में प्रवेश लेना है। इस वर्ष नीट-यूजी परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 11.21 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। ऐसे कड़े मुकाबले में आर्यमन की ऑल इंडिया 46वीं रैंक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पढ़ाई को कभी बोझ नहीं समझा अपनी सफलता का श्रेय आर्यमन ने विषयों के प्रति रुचि और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पढ़ाई को कभी तनाव या बोझ नहीं माना। आर्यमन ने कहा, मैंने हमेशा उन्हीं विषयों और टॉपिक्स पर ज्यादा ध्यान दिया, जिन्हें पढ़ने में आनंद आता था। मैं रोजाना 4 से 5 घंटे सेल्फ स्टडी करता था और बाकी समय दोस्तों के साथ क्रिकेट व अन्य खेल भी खेलता था। उन्होंने कहा कि जब रुचि के साथ पढ़ाई की जाती है तो कठिन से कठिन विषय भी आसान लगने लगते हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई और मनोरंजन के बीच संतुलन बनाए रखना भी सफलता का अहम मंत्र है। परिवार से मिली मेडिकल क्षेत्र की प्रेरणा आर्यमन का परिवार लंबे समय से चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। उनके पिता डॉ. फरिंद्र सिंह सोलंकी शहर के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट हैं और जबलपुर के पहले अंगदान अभियान के मेडिकल दल का हिस्सा रह चुके हैं। उनकी मां डॉ. अनुपमा सोलंकी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनाकोलॉजिस्ट) हैं, जबकि उनकी बहन भी मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। घर में बचपन से मिले चिकित्सकीय माहौल ने आर्यमन को भी डॉक्टर बनने और मरीजों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। री-एग्जाम की चिंता से निकाला बाहर आर्यमन के पिता डॉ. फरिंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि परीक्षा के दौरान री-एग्जाम को लेकर बेटा कुछ समय के लिए तनाव में आ गया था। उन्होंने कहा, मैंने उसे समझाया कि यदि री-एग्जाम होगा तो वह सभी छात्रों के लिए होगा। इसके बाद उसकी चिंता दूर हुई और उसने पूरी एकाग्रता के साथ अपनी तैयारी जारी रखी। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि आर्यमन अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़े, सफल हो और एक खुशहाल जीवन जिए।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे 'मिशन समाधान' अभियान के तहत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गुरुवार को करहल, बरनाहल और कुरावली क्षेत्र के गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वर्षों से लंबित राजस्व और पट्टा भूमि से जुड़े मामलों का मौके पर निस्तारण कराया। जिलाधिकारी ने स्वयं मौजूद रहकर राजस्व अभिलेखों की जांच की। जहां शिकायतें सही पाई गईं, वहां तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जे हटवाए गए और पात्र लोगों को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया। करहल विकासखंड के ग्राम रावरी किरथुआ में रनवीर सिंह का मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि उन्हें वर्ष 1982 में गाटा संख्या 1855 और 1886 की पट्टा भूमि आवंटित हुई थी, लेकिन 44 वर्षों से कब्जा नहीं मिल सका था। हाल ही में इस भूमि पर धान की रोपाई भी कर दी गई थी। जिलाधिकारी ने मौके पर सीमांकन का सत्यापन कराया और अवैध रूप से बोई गई धान की फसल हटवाई। इसके बाद रनवीर सिंह को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया गया। इसी गांव में सूबेदार को भी 20 वर्ष पहले आवंटित पट्टा भूमि पर पैमाइश कराकर कब्जा दिलवाया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी पट्टाधारक के कब्जे में बाधा डालने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की जाए। इसके बाद जिलाधिकारी बरनाहल विकासखंड के ग्राम कनकपुर सादा पहुंचे। यहां सार्वजनिक तालाब और चकमार्ग पर अवैध कब्जे की शिकायत सही पाई गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटवाया गया। उन्होंने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को तालाब की खुदाई कराने, वर्षा जल संचयन की व्यवस्था करने तथा चकमार्ग को आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि तालाब, चकमार्ग और अन्य सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। कुरावली तहसील के ग्राम मिढ़ावली कलां में सुलेखा की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गाटा संख्या 136 का निरीक्षण किया। जांच में पट्टा भूमि पर बनाई जा रही अस्थायी बाउंड्रीवॉल अवैध पाई गई, जिसे तत्काल गिरवा दिया गया। जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच के निर्देश भी दिए। डीएम ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया कि आयुक्त न्यायालय में विचाराधीन वाद का अंतिम निर्णय आने तक यथास्थिति बनाए रखें और किसी भी प्रकार का निर्माण या परिवर्तन न करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन समाधान केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र लोगों को उनके अधिकार दिलाने और सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दबंगई, अवैध कब्जा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला अपनी बेटी को नरवर स्थित हॉस्टल छोड़कर घर लौट रही थी। सिलरा तिराहे पर सड़क किनारे खड़ी महिला को तेज रफ्तार बोलेरो पिकअप ने पीछे से टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। बेटी को हॉस्टल छोड़कर लौट रही थीं जानकारी के अनुसार, बरसौड़ी गांव निवासी लीलाबती जाटव गुरुवार को अपनी बेटी सरोज जाटव को नरवर स्थित हॉस्टल छोड़ने गई थीं। बेटी को छोड़ने के बाद वह वापस गांव लौट रही थीं। सड़क किनारे खड़ी थीं, तभी मारी टक्कर शाम करीब 4:30 बजे सिलरा तिराहे पर गांव जाने के लिए सड़क किनारे खड़ी लीलाबती जाटव को करैरा की ओर से आ रही बोलेरो पिकअप (MP07GA9567) ने पीछे से टक्कर मार दी। आरोप है कि चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चला रहा था। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हादसे में लीलाबती जाटव के सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तत्काल करैरा के शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर बोलेरो पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
फतेहपुर में भूजल सप्ताह पर निकली जागरकता रैली:एडीएम ने हरी झंडी दिखाकर जल संरक्षण का संदेश दिया
फतेहपुर में भूजल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बजे एक रैली निकाली गई। कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू हुई इस जागरूकता रैली को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) विनय पाण्डेय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान जिले भर में 17 जुलाई से 23 जुलाई तक 'भूजल सप्ताह' के रूप में संचालित किया जाएगा।रैली में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हाथों में जल संरक्षण संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर ये प्रतिभागी शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। उन्होंने आमजन से जल बचाने और भूजल स्तर को बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान लोगों को वर्षा जल संचयन, पानी के सीमित उपयोग और भूजल के अंधाधुंध दोहन से बचने के लिए जागरूक किया गया।एडीएम विनय पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि भूजल का लगातार घटता स्तर चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं अपनाए गए, तो भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे उन्होंने नागरिकों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, पानी की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। जिला प्रशासन के अनुसार, भूजल सप्ताह के दौरान जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, गोष्ठियां और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में भी जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की योजना है। कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी इस रैली का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना है। प्रशासन का लक्ष्य भूजल संरक्षण को एक जनआंदोलन का रूप देना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
फतेहाबाद जिले के जाखल में मजदूर किसान मोर्चा के आह्वान पर शुक्रवार को किसानों ने भारत- अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। गांव मुनदलिया के सरपंच निर्मल सिंह की अध्यक्षता में तलवाड़ा, साधनवास, चांदपुरा और मुनदलिया सहित कई गांवों में किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरपंच निर्मल सिंह मुनदलिया ने कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के हितों के विपरीत है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी नीतियों से कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और छोटे व मध्यम वर्ग के किसानों की आजीविका प्रभावित होगी। किसान संगठनों से व्यापक चर्चा करने की मांग मुनदलिया ने सरकार से किसानों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और कृषि से जुड़े किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले किसान संगठनों से व्यापक चर्चा करने की अपील की। किसानों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई और किसान हितों के खिलाफ निर्णय लिए गए, तो मजदूर किसान मोर्चा के नेतृत्व में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने सरकार से किसान हितों की रक्षा करने और ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस मौके पर सरपंच निर्मल सिंह मुनदलिया के साथ तारा सिंह, गोरा सिंह, कुलदीप सिंह, देसराज सिंह, जगतार सिंह, सुखा सिंह सहित अनेक किसान और मजदूर साथी मौजूद रहे।
करौली जिले के सरकारी स्कूलों में अब विज्ञान और गणित की पढ़ाई गतिविधि आधारित होगी। विद्यार्थियों को प्रयोगों के माध्यम से सिखाने के लिए सभी राजकीय विद्यालयों में 'खोजी बॉक्स (लर्निंग बाय डूइंग किट)' उपलब्ध कराए गए हैं। इन किटों का उद्देश्य कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान कौशल विकसित करना है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ये किट भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गांधीनगर, गुजरात द्वारा एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित) आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। प्रदेशभर के चयनित स्कूलों में कुल 37,581 खोजी बॉक्स वितरित किए जा रहे हैं। जिले में कुल 762 किटों का वितरण हुआकरौली जिले में कक्षा 6 से 8 तक संचालित 712 राजकीय विद्यालयों को एक-एक खोजी बॉक्स मिला है। इसके अलावा 14 पीएम श्री विद्यालयों को तीन-तीन अतिरिक्त बॉक्स दिए गए हैं, जिससे अधिक छात्र एक साथ गतिविधियों में भाग ले सकें। कक्षा 6 से 8 तक के 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को भी दो-दो खोजी बॉक्स प्रदान किए गए हैं। जिले में कुल 762 किटों का वितरण संबंधित ब्लॉकों में पूरा हो चुका है। स्टूडेंट्स खुद प्रयोग करके बेहतर ढंग से समझ पाएंगेइन खोजी बॉक्सों में गणित और विज्ञान विषयों से संबंधित शैक्षणिक उपकरण, मॉडल, प्रयोग सामग्री और गतिविधि आधारित संसाधन शामिल हैं। इनके उपयोग से विद्यार्थी केवल अवधारणाओं को पढ़ेंगे नहीं, बल्कि स्वयं प्रयोग करके उन्हें बेहतर ढंग से समझ पाएंगे। इससे कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी और सीखने में रुचि बढ़ेगी। शिक्षकों को जल्द दिया जाएगा प्रशिक्षणमुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी बताया कि कक्षा 6 से 8 के गणित एवं विज्ञान शिक्षकों को जल्द ही एसटीईएम आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पहल नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अनुभवात्मक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देगी, जिससे विद्यार्थी भविष्य की तकनीकी और प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे।
दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक नर्सिंग स्टाफ से 10 लाख 55 हजार 698 रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, सिकोला भाठा निवासी स्वेच्छा रानी (30) वर्ष 2022 में श्री शंकराचार्य अस्पताल, जुनवानी में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत थीं। इसी दौरान उनकी पहचान अस्पताल में अटेंडर के पद पर काम करने वाले बिज्जू चंद्रा, निवासी दल्लीराजहरा (जिला बालोद) से हुई। सरकारी नौकरी का झांसा देकर लिए पैसे पीड़िता ने बताया कि बिज्जू चंद्रा ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल कचांदूर और जिला अस्पताल दुर्ग में सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। उसने अधिकारियों तक पहुंच होने का दावा किया और कई किश्तों में पैसे ले लिए। आरोपी ने पहले 4 लाख 72 हजार रुपये नकद लिए। इसके बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एचडीएफसी बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के नाम वाले अलग-अलग क्यूआर कोड और खातों में ऑनलाइन रकम जमा कराई। पीड़िता ने 5 लाख 83 हजार 698 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इस तरह आरोपी ने कुल 10 लाख 55 हजार 698 रुपये ले लिए। न नौकरी मिली, न पैसे लौटाए रकम लेने के बाद आरोपी ने न तो सरकारी नौकरी दिलाई और न ही पैसे लौटाए। जब पीड़िता ने बार-बार संपर्क किया तो वह टालमटोल करता रहा। बाद में उसने पीड़िता का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया। शिकायत के अनुसार दोबारा संपर्क करने पर आरोपी ने कहा, जो करना है कर लो, और धमकी देकर बात खत्म कर दी। शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला लगातार ठगी का शिकार होने के बाद पीड़िता ने 15 जुलाई को स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया। बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच जारी पुलिस बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन, भुगतान के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य पीड़ित या नए तथ्य सामने आते हैं, तो उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
बांसवाड़ा में डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने समय पर इलाज नहीं किया, बुलाने पर भी स्टाफ नहीं उठा। हालत गंभीर होने के बाद रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। परिजन प्रसूता को एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहली संतान की डिलीवरी हुई थी और उसकी शादी करीब एक साल पहले हुई थी। मामला आनंदपुरी थाना क्षेत्र स्थित गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का है। घटना गुरुवार रात डिलीवरी के बाद हुई। पढ़िए… सिलसिलेवार घटनाक्रम 1. डिलीवरी के बाद बिगड़ने लगी हालत जानकारी के अनुसार, आनंदपुरी थाना क्षेत्र के तेजपुरा में रहने वाली सरला (23) पत्नी रमेश की एक साल पहले शादी थी। लेबर होने के बाद गुरुवार शाम करीब 6 बजे प्रसव के लिए गांगड़तलाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कराया गया था। रात करीब 12 बजे उसकी पहली डिलीवरी हुई, लेकिन कुछ घंटों बाद ही उसका ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा और तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। 2. परिजनों का आरोप- बुलाने पर भी नहीं उठा ड्यूटी स्टाफ देवर विनेश कुमार मईड़ा के अनुसार, रात में जब सरला की हालत खराब हुई तो वे वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ को बुलाने गए, लेकिन स्टाफ गहरी नींद में सो रहा था। उनका कहना है कि कई बार आवाज लगाने और जगाने की कोशिश के बावजूद कोई समय पर नहीं उठा। आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण प्रसूता पूरी रात दर्द से तड़पती रही और समय पर इलाज नहीं मिल सका। 3. सुबह हालत नाजुक हुई तो जिला अस्पताल किया रेफर परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब 6 बजे सरला की हालत ब्लड प्रेशर लगातार कम होने से बेहद गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे तत्काल बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते इलाज किया जाता या पहले रेफर कर दिया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। 4. रास्ते में हुई मौत, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित रेफर होने के बाद परिजन सरला को एम्बुलेंस से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। एमजी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। 5. परिजनों ने डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप मृतका के ससुर प्रभु और देवर दिनेश कुमार मईड़ा ने स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ड्यूटी स्टाफ समय पर उठकर इलाज करता या समय रहते रेफर करता, तो सरला की जान बचाई जा सकती थी।
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में डायलिसिस डिप्लोमा की छात्राओं के साथ मरीज के तीमारदारों द्वारा मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में कई छात्राएं घायल हुई हैं। विरोध में छात्राओं ने हड़ताल शुरू कर दी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्राओं के अनुसार, मारपीट करने वाले लोग खुद को एक भाजपा विधायक का रिश्तेदार बता रहे थे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के विरोध में डायलिसिस डिप्लोमा की छात्राओं ने कार्य बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी। छात्राओं का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्राओं ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय कॉलेज के अधिकारी उन्हें ही निष्कासित करने की धमकी दे रहे हैं। फिलहाल, मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। छात्राएं आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग पर अड़ी हुई हैं।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और अनियमित आपूर्ति से परेशान किसानों ने शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां), हरियाणा इकाई रतिया के नेतृत्व में एसडीओ बिजली विभाग, रतिया को एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है। किसानों ने बताया कि इस समय धान, नरमा और अन्य फसलों की सिंचाई का महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। ऐसे में बार-बार बिजली कटने और निर्धारित समय पर बिजली न मिलने से खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यदि समय रहते पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं करवाई गई, तो फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सोमवार से धरना देने की चेतावनी किसान नेताओं ने विभाग से बिना किसी देरी के नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी, कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो सोमवार को रतिया बिजली घर के मुख्य गेट पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगी। इस दौरान जिला प्रधान निर्भय रतिया, शहरी प्रधान कर्मजीत सिंह, सचिव गगन भुल्लर, मुंदरी बोला, काला सिंह, गमदूर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
कानपुर में चार दिन तक लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद शुक्रवार को कानपुर में गंगा का जलस्तर 3 सेंटीमीटर घट गया। गंगा बैराज पर सुबह जलस्तर 112.47 मीटर और शुक्लागंज में 110.53 मीटर दर्ज किया गया। गुरुवार को शुक्लागंज में जलस्तर 110.56 मीटर था। हालांकि मामूली कमी के बावजूद घाटों की निचली सीढ़ियों पर अब भी पानी भरा हुआ है। सिंचाई विभाग के अनुसार, गंगा बैराज से 77,563 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने और नरौरा व हरिद्वार से पानी की आवक कम होने से जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह नरौरा से 21,861 क्यूसेक और हरिद्वार से 21,687 क्यूसेक पानी गंगा में पहुंचा। पिछले चार दिनों से नरौरा और हरिद्वार से लगातार अधिक पानी आने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ रहा था। शुक्रवार को जलस्तर में हल्की कमी आने से राहत जरूर मिली है, लेकिन नदी किनारे की स्थिति में अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पहले ही गंगा किनारे अलर्ट जारी कर चुका है। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने गंगा बैराज का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नाव संचालन को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। गंगा किनारे बसे गांवों के किसानों की चिंता अभी भी बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि जलस्तर दोबारा बढ़ा तो खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है।
अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील में उप जिलाधिकारी पवन कुमार शर्मा ने शुक्रवार, 17 जुलाई को जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही कार्य में लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। जनसुनवाई में सरकारी चकमार्गों पर अवैध कब्जे और पैमाइश के बाद लगाए गए खूंटे उखाड़े जाने से संबंधित सर्वाधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। एसडीएम ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पिछले लगभग 20 दिनों से खतौनी की नकल प्राप्त करने में आ रही दिक्कतों का भी समाधान किया गया। शुक्रवार सुबह 10 बजे से खतौनी नकल काउंटर सुचारु रूप से संचालित हुआ, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को अपनी खतौनी की प्रतियां मिल सकीं। इससे तहसील पहुंचे फरियादियों ने राहत महसूस की। एसडीएम ने तहसील परिसर के सभी शौचालयों को चालू रखने के निर्देश भी दिए, ताकि अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को असुविधा न हो। उन्होंने यह भी बताया कि सप्ताह में एक दिन पत्रकारों के साथ बैठक कर क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा और उनके समाधान की समीक्षा की जाएगी। अधिवक्ताओं की हड़ताल के संबंध में एसडीएम ने कहा कि उनसे वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, क्योंकि न्यायिक व्यवस्था में अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। अंत में, उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रतापगढ़ जिले में पांच दिवसीय विशेष हाई रिस्क प्रेग्नेंसी स्क्रीनिंग अभियान के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। ये सत्र जिलेभर के स्वास्थ्य संस्थानों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर हुए। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, साथ ही नवजात और बच्चों का नियमित टीकाकरण भी किया गया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष स्क्रीनिंग और परामर्श भी दिया गया। गर्भवती महिलाओं की कई जांच की अभियान में चिह्नित हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर और मूत्र परीक्षण समेत अन्य जांचें की गई। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को सुरक्षित संस्थागत प्रसव, आपातकालीन रेफरल व्यवस्था, उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं और उच्च संस्थानों में उपचार संबंधी जानकारी भी दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीवराज मीणा ने झांसड़ी, खड़ियावद, मालवा कॉलोनी और गौतम नगर सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने चिह्नित गर्भवती महिलाओं और टीकाकरण के लिए आए शिशुओं की जानकारी ली। इसी प्रकार, जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण कर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन का जायजा लिया। गर्भवती महिलाओं की जांच का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा डॉ. जीवराज मीणा ने बताया- आशा सहयोगिनी, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के माध्यम से प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। सभी जानकारियां समय पर पीसीटीएस पोर्टल पर दर्ज की जा रही हैं। प्रत्येक गर्भवती महिला का गर्भधारण के प्रथम 12 सप्ताह के भीतर पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
अयोध्या जिले के बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने शुक्रवार 17 जुलाई को सोहावल ब्लॉक की ग्राम पंचायत जगनपुर में जन चौपाल का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की 'गांव की समस्या, गांव में समाधान' पहल के तहत ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें और मुद्दे विधायक के समक्ष रखे। विधायक डॉ. चौहान ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप, प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचना चाहिए। विधायक ने केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों को दी। कार्यक्रम के दौरान, विधायक ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया। इस अवसर पर, उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, पोषण और टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। डॉ. चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जन चौपाल जैसे कार्यक्रम इस लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रभावी माध्यम साबित हो रहे हैं, जहां समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों के विस्तृत परीक्षण और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामवासी, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
नूंह जिले के अगोन गांव में शुक्रवार सुबह गोहत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने मौके से एक गाय, एक बछड़ा और एक सांड को मुक्त कराया। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हो गए। फिरोजपुर झिरका सीआईए प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे अगोन गांव में गोहत्या की सूचना मिली थी। सब-इंस्पेक्टर रामकिशन, सिपाही हितेश और लियाकत के साथ पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। पुलिस टीम पर की दो राउंड फायरिंग एक आरोपी चोरी की मोटरसाइकिल पर रावली बांध की ओर भागा, लेकिन उसकी बाइक फिसल गई। जब पुलिस उसके करीब पहुंची, तो आरोपी ने खुद को घिरा देखकर पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिससे आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल आरोपी की पहचान अगोन निवासी जमशेद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जमशेद को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। फरार लोगों की तलाश के लिए दी जा रही दबिश पुलिस ने मौके से बचाए गए गोवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ गोवंश संरक्षण अधिनियम, शस्त्र अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सीआईए प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
डीग जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष 'A-श्रेणी नाकाबंदी' अभियान चलाया। गुरुवार शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चले इस अभियान में 960 वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 433 ड्राइवरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान किए गए। एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में यह अभियान जिलेभर में चलाया गया। कुल 13 नाकाबंदी प्वाइंटों पर 572 दोपहिया और 388 चौपहिया वाहनों की जांच की गई।कार्रवाई के तहत 207 दोपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं पहनने पर चालान किए गए। इसके अलावा 1 के खिलाफ शराब पीकर वाहन चलाने पर कार्रवाई हुई और 9 ड्राइवरों पर सीट बेल्ट नहीं लगाने के लिए चालान किया गया। काली फिल्म लगी गाड़ियों पर भी की कार्रवाईपुलिस ने 12 वाहनों पर गलत, अस्पष्ट या बिना नंबर प्लेट मिलने पर भी कार्रवाई की। वहीं, 13 वाहनों पर काली फिल्म लगी होने के कारण चालान किए गए। मोटर वाहन अधिनियम के तहत अन्य 194 मामलों में भी कार्रवाई की गई।एसपी कांबले ने बताया कि यह नाकाबंदी अभियान केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना भी है। उन्होंने कहा कि जिले में आमजन की सुरक्षा और अपराधमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए ऐसे विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे।
फर्रुखाबाद में कायमगंज कोतवाली के पचरौली गांव में शुक्रवार सुबह खेत की मेड़ पर पड़ा तमंचा उठाते ही गोली चल गई। गोली लगने से 40 वर्षीय महिला घायल हो गई। गंभीर हालत में उसे लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पचरौली गांव निवासी रनवीर की पत्नी भगवान देवी (40) के अनुसार, वह शुक्रवार सुबह खेत पर जलाने के लिए लकड़ी लेने गई थीं। इसी दौरान उन्हें खेत की मेड़ पर एक तमंचा पड़ा मिला। जिज्ञासावश तमंचा उठाते ही अचानक गोली चल गई, जो उनके दाहिने हाथ में जा लगी। आवाज सुनकर पहुंचे ग्रामीण गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घायल महिला को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जितेंद्र बहादुर सिंह और डॉक्टर अमित कुमार ने प्राथमिक उपचार किया। घाव गहरा होने और हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस बोली- मामला संदिग्ध लग रहा अस्पताल प्रशासन की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। घटना के हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सिद्धार्थनगर में दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए एक नई पहल की गई है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-ट्राईसाइकिल योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 16 वर्ष या उससे अधिक आयु की अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं को ई-ट्राईसाइकिल प्रदान की जाएगी। यह योजना उन छात्राओं के लिए है जो स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थानों में पढ़ रही हैं और कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला या छात्रावास तक आने-जाने में कठिनाई महसूस करती हैं। प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 65 हजार रुपये तक की ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्य ने बताया कि इसका उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी शिक्षा में आने वाली बाधाओं को कम करना है। इस योजना का लाभ मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, सेरेब्रल पाल्सी और हीमोफीलिया जैसी दिव्यांगता से ग्रसित छात्राओं को मिलेगा। पात्रता के लिए छात्रा की दृष्टि और मानसिक स्थिति सामान्य होनी चाहिए। साथ ही, कमर के ऊपरी हिस्से की शारीरिक क्षमता इतनी होनी चाहिए कि वह सुरक्षित रूप से ई-ट्राईसाइकिल चला सके। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र या यूडीआईडी कार्ड का मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से प्रमाणित होना अनिवार्य है। योजना के लिए वे छात्राएं पात्र होंगी जिनके परिवार आयकरदाता नहीं हैं। गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसी छात्राएं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में किसी भी सरकारी या अन्य स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त की है, वे इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगी। आवेदन के लिए संबंधित स्कूल, कॉलेज या प्रशिक्षण संस्थान से अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। इच्छुक छात्राएं अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, कक्ष संख्या-12, सिद्धार्थनगर में संपर्क कर सकती हैं। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने जनपद की सभी पात्र दिव्यांग छात्राओं और उनके अभिभावकों से समय पर आवेदन करने की अपील की है, ताकि अधिक से अधिक छात्राएं इस योजना का लाभ उठाकर अपनी शिक्षा जारी रख सकें।
सागर के गौरझामर में शराब दुकान पर तोड़फोड़ और कर्मचारियों से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों से थाने में पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। मामले का मुख्य आरोपी समेत चार अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई की रात नकाबपोश बदमाश शराब दुकान में घुस गए थे। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मारपीट की और दुकान के बाहर खड़ी बाइकों में भी तोड़फोड़ की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने शराब दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना कैद मिली। इसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की गई। ठेकेदार से था विवाद पुलिस ने जांच के दौरान गढ़ाकोटा निवासी मनीष रैकवार और शुभम नामदेव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने बताया कि मुख्य आरोपी रामजी का शराब ठेकेदार मनीष लोधी से पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में वह अन्य लोगों को साथ लेकर वारदात करने आया था। गौरझामर थाना प्रभारी नासिर फारुखी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मामले के मुख्य आरोपी समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उनके गिरफ्तार होने के बाद वारदात की पूरी वजह भी साफ हो सकेगी।
मुजफ्फरनगर के शहर कोतवाली क्षेत्र के खालापार में गुरुवार रात करीब 9 बजे बिजली के खंभे में अचानक भीषण स्पार्किंग होने से अफरा-तफरी मच गई। तारों से लगातार निकलती चिंगारियों और आग की लपटों से मोहल्ले में दहशत फैल गई। लोग बच्चों को लेकर घरों से बाहर निकल आए। घटना का 48 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नूर मस्जिद के पीछे तस्मिया स्कूल वाली गली में बिजली के खंभे पर लगे तारों में अचानक स्पार्किंग शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में आग की लपटों में बदल गई। करीब 10 मिनट तक लगातार चिंगारियां निकलती रहीं। इस दौरान लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए और पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज स्पार्किंग के कारण बिजली के तार और केबल जलकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। प्रारंभिक तौर पर अत्यधिक विद्युत लोड को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वीडियो में बिजली के खंभे से आग और चिंगारियां निकलती साफ दिखाई दे रही हैं। वहीं, आसपास मौजूद लोग और बच्चे घबराकर इधर-उधर भागते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की है।
पलवल जिले के मंडोरी गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक व्यक्ति की चारदीवारी ट्रैक्टर से तोड़ दी गई। विरोध करने पर हमलावरों ने पीड़ित परिवार पर जानलेवा हमला किया। मामले में हथीन थाना पुलिस ने 12 नामजद सहित 30 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हथीन थाना प्रभारी तेजपाल के अनुसार, मंडोरी गांव निवासी अंतराम ने शिकायत में बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में गांव के नेतराम से तीन कनाल जमीन खरीदी थी। इस जमीन पर उन्होंने अपनी सुरक्षा और कब्जे के लिए चारदीवारी बनवाई थी। ट्रैक्टर से चारदीवारी पूरी तरह से ध्वस्त आरोप है कि गांव के जगदीश, देवीलाल, हरीचंद, हेमराज, रोशन, जुगेदर, महेंद्र, अनिल, रविंद्र और कुछ महिलाओं सहित 20-25 अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे। उनके हाथों में तलवार, फरसा और कुल्हाड़ी जैसे हथियार थे। इन लोगों ने आते ही एक ट्रैक्टर से चारदीवारी को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। जब पीड़ित अंतराम को घटना की जानकारी मिली, तो वह और उनके परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और आरोपियों का विरोध किया। उनके पहुंचते ही आरोपी हथियार लेकर उन्हें मारने के लिए दौड़े। पीड़ित परिवार ने भागकर अपने घर के अंदर छिपकर जान बचाई। आज बच गए, दोबारा विरोध पर मार देंगे शिकायत में अंतराम ने बताया कि आरोपियों की इस वारदात का एक वीडियो उनके पास है, जिसे किसी ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया था। यह वीडियो पुलिस को उपलब्ध करा दिया जाएगा। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपियों ने धमकी दी है कि आज तो बच गए यदि आगे से इसका विरोध किया, तो जान से खत्म कर देंगे। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस हथीन थाना पुलिस ने इस संबंध में जगदीश, देवीलाल, हरीचंद, हेमराज, रोशन, जुगेंद्र, कमला, महेंद्र, अनिल, ब्रहम, रविंद्र व 20-25 के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है, जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हाथरस में ट्रेन की चपेट में आकर युवक की मौत:मानसिक रूप से अस्वस्थ था, परिजनों ने की पहचान
हाथरस में पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर मथुरा रोड के पास ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात को हुई। मृतक की पहचान आज शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब 25 वर्षीय भोला पुत्र रमेश चंद्र निवासी नई बस्ती ओडपुरा थाना हाथरस गेट के रूप में हुई। घटना के बाद देर रात तक युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। शुक्रवार सुबह परिजनों ने पोस्टमार्टम गृह पहुंचकर शव की शिनाख्त की। जानकारी के अनुसार, मृतक भोला मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा था। उसके पिता रमेश चंद्र मजदूरी करते हैं। भोला अविवाहित था। परिजनों ने बताया कि भोला गुरुवार शाम को अपने घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार के लोगों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। शुक्रवार सुबह पुलिस से सूचना मिलने के बाद उन्हें घटना का पता चला।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर सस्पेंस के बीच आज रात सियासी हलचल तेज रहने वाली है। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने रायपुर के एक निजी होटल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के लिए डिनर का आयोजन किया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व उपमुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक और संगठन के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया है। हालांकि इसे राज्यसभा सांसद बनने के बाद फूलोदेवी नेताम की ओर से दिया जा रहा कर्टसी डिनर बताया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी अलग ही चर्चा है। दरअसल, नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की रेस में फूलोदेवी नेताम का नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल माना जा रहा है। ऐसे में इस डिनर को उनकी राजनीतिक सक्रियता और दावेदारी के नजरिए से भी देखा जा रहा है। बैज के तीन साल पूरे, अध्यक्ष पद पर बना सस्पेंस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 12 जुलाई को अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे कर लिए हैं। आमतौर पर कांग्रेस संगठन में प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का माना जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या बैज को ही जिम्मेदारी जारी रहेगी या पार्टी नया प्रदेश अध्यक्ष चुनेगी। बैज समर्थकों का दावा है कि विधानसभा चुनाव तक उन्हें ही कमान सौंपी जा सकती है। वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी अध्यक्ष पद की चर्चा में हैं। बैज ने नहीं खोले पत्ते दैनिक भास्कर से बातचीत में दीपक बैज ने अपने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया। उन्होंने यह नहीं कहा कि उन्हें दोबारा जिम्मेदारी मिलने जा रही है और न ही यह बताया कि इस संबंध में हाईकमान से कोई चर्चा हुई है। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे आलाकमान के आशीर्वाद से काम कर रहे हैं। डिनर पर रहेगी राजनीतिक नजर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जारी अटकलों के बीच आज का डिनर महज औपचारिक मुलाकात रहेगा या इसके जरिए भविष्य की राजनीतिक रणनीति की भी जमीन तैयार होगी, इस पर कांग्रेस नेताओं और राजनीतिक जानकारों की नजर रहेगी। PCC अध्यक्ष को लेकर मंथन के दौर में यह बैठक संगठन के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर भी अहम मानी जा रही है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला। पेंड्रा रोड-अनूपपुर मार्ग पर मेडुका के पास एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। हादसे में ट्रेलर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि चालक को मामूली चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, मोजरवेयर से दीपका जा रहा ट्रेलर मेडुका के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। चालक राजकुमार ने बताया कि सामने से दो वाहन ओवरटेक करते हुए आ रहे थे। उन्हें बचाने के प्रयास में ट्रेलर का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पेड़ से जा टकराया। ट्रेलर को भारी नुकसान, जनहानि नहीं टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रेलर का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि चालक राजकुमार को केवल मामूली चोटें आईं और हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। लगातार हादसों पर उठे सवाल क्षेत्र में लगातार ट्रेलरों की दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका आरोप है कि लापरवाही से वाहन चलाने वाले ट्रेलर चालकों पर पुलिस प्रभावी कार्रवाई नहीं करती। परिवहन विभाग पर भी लगाए आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात विभाग छोटे वाहनों पर कार्रवाई करता है, लेकिन ट्रेलर चालकों और मालिकों के खिलाफ सख्ती नहीं बरती जाती। वहीं, जिला परिवहन विभाग भी लापरवाही से वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निलंबित नहीं कर रहा, जिससे कोयला ट्रेलरों की तेज रफ्तार पर रोक नहीं लग पा रही है।
मेरठ के हस्तिनापुर में स्कूल डायरेक्टर अतुल की संदिग्ध परिस्थितयों में मौत हो गई है। अतुल का शव किराए के मकान में पलंग पर मिला। उनके शरीर पर सांप काटे के निशान थे। वहीं बेड पर एक जिंदा सांप भी मिला। जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर डिब्बे में बंद किया और बाद में जंगल में छोड़ दिया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं मृतक अतुल के घरवालों को शक है कि मेरठ में रविता की तरह ही कहीं अतुल की भी हत्या उसकी पत्नी दामिनी ने तो सांप से कटाकर नहीं करा दी। क्योंकि जिस तरह बेड पर सांप और शरीर पर सांप काटे के निशान मिले हैं उससे परिवार को शक है। हस्तिनापुर में किराए के मकान में रहता था अतुल बहसूमा थानाक्षेत्र निवासी अतुल कुमार उम्र 32 साल की 7 साल पहले दामिनी से शादी हुई थी। ये लव कम अरैंज मैरिज थी। दोनों के 6 साल का बेटा है। अतुल हस्तिनापुर में अपना कृष्ण किड्स प्ले स्कूल चलाते हैं। शादी के बाद यह स्कूल दोनों पति, पत्नी मिलकर देख रहे थे। अतुल ने कुछ दिनों के लिए एक प्राइवेट कंपनी में कंप्यूटर जॉब भी किया। लेकिन अब स्कूल देख रहे थे। अतुल पत्नी दामिनी और बेटे के साथ मिलकर हस्तिनापुर में ही किराए का कमरा लेकर रहते थे। यहीं स्कूल चलाते थे। सुबह पत्नी चाय देने आई तो बेड पर सांप मिला शुक्रवार सुबह पत्नी दामिनी कमरे में पति को सुबह 6 बजे करीब चाय देने गई। दामिनी ने जब अतुल को उठाया वो नहीं उठे। थोड़ी देर बाद दोबारा आकर दामिनी ने पति को हिलाया तो वो बेसुध थे। शरीर पर सांप काटे के निशान थे और पलंग पर एक काला सांप लहराता दिखा। ये देखकर वो घबरा गई। उसने तुरंत चिल्लाकर पड़ोसियों को बुलाया। घरवालों का आरोप पत्नी ने हत्या की है मौके पर चीख सुनकर पड़ोसी कमरे में पहुंचे। तो देखा बेड पर सांप लहरा रहा था। अतुल बेसुधा था उसकी सांस बंद हो चुकी थी। ग्रामीणों ने तुरंत सांप को पकड़कर डिब्बे में बंद कर लिया। बहसूमा, भंडोरा गांव में अतुल के भाई-भाभी को इसकी सूचना दी। मौके पर परिजन भी पहुंचे अतुल को गाड़ी में डालकर तुरंत सीएचसी पर ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। शव को कब्जे में ले लिया है। घरवालों ने पोस्टमार्टम की मांग की है।
सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की:वेलांगरी पंचायत ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
ग्राम पंचायत वेलांगरी के प्रशासक और उप प्रशासक ने सिरोही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने सरकारी बिलानाम भूमि पर किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाने की मांग की है। प्रशासक कवली देवी और उप प्रशासक ने शुक्रवार को कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि तहसीलदार कालंद्री के न्यायालय में राजस्व वाद 'सरकार बनाम दलपत सिंह' में 'बी टकली का निर्णय' के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं। उन्होंने विशेष रूप से वेलांगरी के खसरा नंबर 971 और 965 पर हुए अतिक्रमण को हटवाने के आदेश जारी करने की मांग की। पंचायत ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण नहीं हटने से अतिक्रमियों के हौसले बुलंद हैं। कलेक्टर ने सभी पक्षों को सुना और ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भिलाई के स्मृति नगर थाना क्षेत्र स्थित कुणाल होटल में 19 वर्षीय शादाब शेख की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। बुधवार को पुलिस ने मामले में मौजूद 23 वर्षीय युवती को सखी सेंटर से उसके घर भेज दिया। घटना के बाद से सुरक्षा के लिहाज से उसे सखी सेंटर में रखा गया था। पुलिस का कहना है कि युवक के परिजन लगातार युवती पर कई तरह के आरोप लगा रहे थे, इसलिए उसकी सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया था। इस बीच शादाब की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट में साफ हुआ है कि उसकी मौत फांसी लगाने से हुई थी। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में मिले दूसरे तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। 8 जुलाई को लगाई थी फांसी8 जुलाई की सुबह होटल में इस घटना का पता चला था। जांच में सामने आया है कि शादाब और युवती एक दिन पहले होटल पहुंचे थे। दोनों ने रात में साथ समय बिताया और जमकर पार्टी भी की थी। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि रात के दौरान शादाब के मोबाइल पर उसकी पूर्व प्रेमिका का फोन आया था। इसके बाद शादाब और युवती के बीच कहासुनी हो गई। विवाद के कुछ समय बाद युवती कमरे में सो गई। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान शादाब ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नशे में सो गई गर्लफ्रेंड, ब्वायफ्रेंड ने लगा ली फांसीसुबह जब युवती की नींद खुली तो उसने शादाब को फंदे पर लटका देखा। इसके बाद वह घबराकर होटल से बाहर निकली और सामने की एक दुकान से ब्लेड खरीदकर वापस कमरे में आई। उसने ब्लेड से फंदा काटा, जिससे शादाब का शव बिस्तर पर गिर गया। इसके बाद युवती ने शादाब के एक दोस्त को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। दोस्त मौके पर पहुंचे और शादाब को तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। खुद को ब्लेड से काटापुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के बाद युवती काफी डर गई थी। उसे आशंका थी कि कहीं उस पर हत्या का आरोप न लग जाए। इसी डर की वजह से उसने ब्लेड से अपने हाथ पर कट लगा लिया। साथ ही गले पर नाखून से निशान भी बना लिए, ताकि ऐसा लगे कि उसके साथ भी हाथापाई हुई है। दूसरी तरफ शादाब के परिजन शुरू से ही इस मामले को हत्या बता रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए। परिजन लगातार पुलिस से सभी पहलुओं की जांच करने और सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।
खैरथल-तिजारा में चेक बाउंस से संबंधित मामलों के लिए 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) खैरथल-तिजारा द्वारा आयोजित इस अदालत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डीएलएसए कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राल्सा) जयपुर और डीएलएसए खैरथल-तिजारा के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) शैलेंद्र व्यास के निर्देश पर हुई इस बैठक की अध्यक्षता डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी ने की। इसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 किशनगढ़बास सुरभी सिंह और न्यायिक मजिस्ट्रेट खैरथल खुशबू कंवरिया भी उपस्थित रहीं। बैठक में पक्षकारों को नोटिस तामील कराने, बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से समन्वय स्थापित करने और लंबित मामलों की समीक्षा पर चर्चा हुई। सचिव अजीत कुड़ी ने बताया - नालसा एवं राल्सा की मंशा के अनुसार न्यायालयों में लंबित चेक बाउंस मामलों का शीघ्र निस्तारण प्राथमिकता है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से होगी यह विशेष लोक अदालत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित की जाएगी, जिससे पक्षकारों को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय मिल सके। इसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित अन्य वित्तीय संस्थानों के लंबित सिविल एवं आपराधिक मामलों को भी शामिल किया जाएगा।
गुमला जिले के घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित महदनिया टोला में आपसी विवाद के चलते एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की टांगी से वार कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 35 वर्षीय तिवारी उरांव के रूप में हुई है, जबकि आरोपी बड़ा भाई सुरेंद्र उरांव घटना के बाद से फरार है। मृतक की बेटी अनीशा ने पुलिस को बताया कि उसके बड़े पापा सुरेंद्र उरांव का अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि सुरेंद्र अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने लगे और रसोई में जाकर गैस का पाइप खोलकर गैस ऑन कर दिया। शोर सुनकर अनीशा के पिता तिवारी उरांव मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे। इसी दौरान सुरेंद्र उरांव ने हाथ में कुल्हाड़ी उठाई और तिवारी उरांव के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल तिवारी उरांव को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घाघरा ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया। गुमला से भी उन्हें रिम्स रेफर किया गया, लेकिन रिम्स ले जाने के दौरान तिवारी उरांव की मौत हो गई। घाघरा पुलिस को शुक्रवार को इस मामले की जानकारी मिली। पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। घटना के बाद से आरोपी सुरेंद्र उरांव फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
वाराणसी के चौबेपुर थाना महिला अपराध के लिए फिर चर्चा में है। थाने में इस बार महिला दरोगा ने अपनी पुलिसिया ट्रेनिंग के ट्रिक पीड़िता पर दिखा दिए। उसने महिला की शिकायत पर उसे ही पीट दिया। थाना परिसर में 8 सेकेंड में 5 थप्पड़ जड़ दिए। ताबड़तोड थप्पड़ों की बौछार करते हुए जमकर गालियां दी। महिला दरोगा ने कहा कि रोज शिकायत से आजिज आ गई हूं, आज तेरा फैसला कर देती हूं। बहुत बोलती है, बोलकर ही रह जा रही है। फिर क्या था थप्पड़ पर थप्पड़ बरसा दिए। मौके पर मौजूद लोगों ने गुहार लगाई तो महिला दरोगा ने छोड़ा। सरकार मिशन शक्ति और महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर वाराणसी के चौबेपुर थाने में महिला दरोगा ने फिर खाकी का रौब दिखाया। वायरल वीडियो में चौबेपुर थाने में तैनात महिला उप-निरीक्षक रोशनी एक फरियादी महिला के साथ सरेआम मारपीट और थप्पड़ बरसाती हुई दिखाई दे रही हैं। एसीपी सारनाथ विनय द्विवेदी ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ उचित विधिक कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि चौबेपुर थाना हमेशा किसी ना किसी कारस्थानी के लिए चर्चा में रहता है। पिछले दिनों युवती का अपहरण कर बेचने और एक किशोरी से रेप का मामला सामने आया था, उससे पहले थाने में दंपत्ति की मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ था। हालांकि वाराणसी पुलिस का शर्मनाक चेहरे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पर लोग अलग अलग तरह से कमेंट भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिया है कि 8 सेकेंड में 5 थप्पड़.. ये कौन सी ट्रेनिंग का हिस्सा है कमिश्नर साहब? यूपी पुलिस को ऐसे ही फैसले करने हैं तो अदालतों की क्या जरूरत? वाराणसी के चौबेपुर थाने में एक महिला आरक्षी ने थाने में आई एक महिला पर थप्पड़ों की बौछार कर दी. वीडियो वायरल होने पर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।
सलूम्बर जिले में शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में अब खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार की नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू होने के बाद बड़े आयोजनों में भोजन तैयार करने और परोसने का कार्य केवल वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण प्राप्त हलवाई और कैटरर्स ही कर सकेंगे। नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने बताया कि नई SOP का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इसके तहत आयोजकों, कैटरर्स और आयोजन स्थल संचालकों के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि किसी भी आयोजन में खाद्य जनित बीमारियों की संभावना को कम किया जा सके। आयोजन से पहले विभाग को देनी होगी पूरी जानकारी खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया कि किसी भी बड़े आयोजन से पहले आयोजकों को खाद्य सुरक्षा विभाग को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसमें कार्यक्रम की तिथि, समय और स्थान के साथ आयोजक का नाम और मोबाइल नंबर देना होगा। इसके अलावा आयोजन में भोजन तैयार करने वाले हलवाई या कैटरर का नाम, उनका वैध FSSAI लाइसेंस नंबर, अनुमानित मेहमानों की संख्या तथा भोजन तैयार करने और परोसने के स्थान की जानकारी भी अनिवार्य रूप से साझा करनी होगी। रिस्क-बेस्ड निरीक्षण के दौरान होगी गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच नई व्यवस्था के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी जोखिम-आधारित (रिस्क-बेस्ड) निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जाएंगे, ताकि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा की प्रयोगशाला में जांच कराई जा सके। मैरिज गार्डन, होटल और बैंक्वेट हॉल संचालकों की भी तय हुई जिम्मेदारी नई SOP के तहत जिले के मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला, सामुदायिक भवन और फार्म हाउस संचालकों की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर में भोजन तैयार करने और परोसने का कार्य केवल वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों द्वारा ही किया जाए। बिना FSSAI लाइसेंस काम करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई हलवाई, कैटरर या अन्य खाद्य व्यवसाय संचालक बिना वैध FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण के कार्य करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए जिलेभर में व्यापक जन जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इस अभियान के माध्यम से आयोजकों, कैटरर्स और अन्य खाद्य व्यवसायियों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रत्येक आयोजन में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के अमर सिंह का पुरवा गांव में गुरुवार रात विवाद सुलझाने पहुंची पीआरवी टीम पर हमला कर दिया गया। घटना में एक कांस्टेबल और एक होमगार्ड घायल हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। वहीं, ग्राम प्रधान के पति को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। गुरुवार रात करीब 10 बजे डायल-112 पर मारपीट की सूचना मिलने के बाद पीआरवी टीम अमर सिंह का पुरवा गांव पहुंची। पुलिस के अनुसार, मौके पर रामदीन शराब के नशे में हंगामा कर रहा था। पीआरवी में तैनात कांस्टेबल प्रेमराज शाक्य और होमगार्ड देवेंद्र दुबे ने उसे शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि रामदीन और उसकी पत्नी ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में दोनों जवान घायल हो गए। उन्हें पहले रूरा सीएचसी ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। कांस्टेबल प्रेमराज की हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर के एक निजी अस्पताल भेजा गया, जबकि होमगार्ड देवेंद्र दुबे का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज पुलिस ने मुख्य आरोपी रामदीन को मौके से हिरासत में ले लिया। इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर गांव की एक नाबालिग लड़की की तहरीर पर दर्ज हुई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रामदीन ने उसके घर में घुसकर छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसकी मां के साथ मारपीट की। दूसरी एफआईआर पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में दर्ज की गई है। इसमें रामदीन, उसकी पत्नी और दो-तीन अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। घटना के बाद गांव की प्रधान सरबती ने आरोप लगाया कि पुलिस रात में उनके पति को भी थाने ले गई। उन्होंने कहा कि उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी पुलिस अपने साथ ले गई, लेकिन यह नहीं बताया गया कि उनके पति को किस मामले में हिरासत में लिया गया है। 8 दिनों में तीसरी बार भड़का विवाद स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले आठ दिनों में इसी गांव में यह तीसरी बड़ी विवाद की घटना है। इससे पहले फल विक्रेता को लेकर हुए विवाद में महिला से मारपीट का मामला सामने आया था। शुरुआत में पुलिस ने एनसीआर दर्ज की थी, लेकिन हिंदू संगठनों के विरोध के बाद एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसी विवाद को लेकर रूरा चौराहे पर जाम और प्रदर्शन हुआ था। मौके पर एएसपी, सीओ, एसडीएम, तहसीलदार समेत कई अधिकारी पहुंचे थे। प्रदेश सरकार की मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया और वेंडिंग जोन बनाने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते विवाद का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। डिप्टी एसपी संजय सिंह ने बताया कि भूरा सिंह की सूचना पर पीआरवी टीम गांव पहुंची थी। वहां रामदीन शराब के नशे में उपद्रव कर रहा था। पुलिसकर्मियों द्वारा समझाने का प्रयास किए जाने पर उसने और उसकी पत्नी ने पुलिस दल पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों जवान घायल हो गए। उनकी तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मुख्य आरोपी रामदीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
बहुचर्चित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को शुक्रवार को EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) विशेष अदालत में पेश करेगी। 9 जुलाई को कोर्ट ने उन्हें 17 जुलाई तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था, जिसकी अवधि पूरी होने पर अब जांच एजेंसी उन्हें दोबारा अदालत में पेश करेगी। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ में मिले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच जारी है। संभावना है कि EOW अदालत से आगे की रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि पूछताछ को आगे बढ़ाया जा सके। रामगोपाल अग्रवाल करीब 3 साल तक फरार रहे थे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था, जिसके बाद मेडिकल परीक्षण के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया और रिमांड पर भेजा गया। इससे पहले EOW उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी पूछताछ कर चुकी है।
मनेन्द्रगढ़ शहर के वार्ड क्रमांक-16 में प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में कांग्रेस और वार्डवासियों का आंदोलन तेज हो गया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग को ज्ञापन सौंपकर आबादी वाले क्षेत्र में शराब दुकान नहीं खोलने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि रिहायशी इलाके में शराब दुकान खुलने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा प्रभावित होगी। साथ ही क्षेत्र का सामाजिक माहौल भी खराब होने की आशंका है। दूसरे स्थान पर दुकान खोलने की मांग वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित शराब दुकान को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि आबादी के बीच शराब दुकान खोलना स्थानीय लोगों के हित में नहीं है। कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से प्रस्तावित स्थान पर शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग की। आबकारी विभाग ने दिया आश्वासन वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं, आबकारी विभाग के अधिकारियों ने नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब लोगों की नजर प्रशासन के अगले फैसले पर है।
कानपुर के बिधनू में सेना की तैयारी कर रहे युवक और उसके दोस्त को हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साथी के पैर में चोट लग गई। हादसा शुक्रवार तड़के चार बजे हुआ, जब वह अपने दोस्त के साथ दौड़ लगाने के लिए गया था। परिजनों ने बताया कि उसका आर्मी में सिलेक्शन हो गया था, एक अगस्त को लेटर आने के बाद उसे ज्वाइन करने जाना था। आरोप है कि घटनास्थल से चंद कदम की दूरी पर खड़ी पुलिस की पीआरवी टीम को साथी एक्सीडेंट की जानकारी देने गया, जिस पर पुलिस ने डॉयल–112 मिलाने को कहा। बिधनू-किसान नगर हाईवे पर हुआ हादसा बिधनू जमरेही गांव निवासी किसान सकूलाल ने बताया कि परिवार में पत्नी सिया दुलारी, 3 बेटे महेंद्र, नरेंद्र व राजेंद्र सविता (28) व चार बेटियां सावित्री, सपना, सरस्वती व अनुराधा है। बताया कि राजेंद्र सेना की तैयारी कर रहा था, जिसके लिए वह रोजाना चार बजे दौड़ लगाने के लिए जाता था। रोज की तरह शुक्रवार सुबह चार बजे राजेंद्र अपने जामू निवासी दोस्त पंकज के साथ दौड़ लगाने गया था। तभी बिधनू–किसान नगर हाईवे पर पीछे से आ रहे ट्रक ने दोनों को टक्कर मार दी। परिजनों का आरोप- पीआरवी जवान बोल, डायल 112 मिलाओ टक्कर से पंकज उछलकर दूर जा गिरा, जबकि राजेंद्र की पहियों के चपेट में आने से मौके पर ही मौत ही गई। परिजनों ने बताया कि राजेंद्र का आर्मी में सलेक्शन हो गया था, 1 अगस्त को उसका ज्वाइनिंग लेटर आने वाला था। आरोप लगाया कि घटनास्थल से चंद कदमों की दूरी पर बिधनू थानाक्षेत्र की पीआरवी गाड़ी मौके पर मौजूद थी। दोस्त पंकज ने पुलिसकर्मियों को जाकर घटना की जानकारी दी, लेकिन पुलिसवालों ने डायल 112 पर घटना की जानकारी दी। जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस और परिजन राजेंद्र को हैलट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
लोहे के कड़े से हमला कर युवक से मोबाइल लूटा:चार बदमाश एक बाइक पर हुए फरार, घायल अस्पताल में भर्ती
डूंगरपुर के शास्त्री कॉलोनी मार्ग पर गुरुवार रात चार बदमाशों ने एक युवक पर लोहे के कड़े से हमला कर उसका करीब 25 हजार रुपए कीमत का मोबाइल लूट लिया। वारदात आईसीआईसीआई बैंक के पास हुई, जहां घायल युवक ने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन चारों एक ही बाइक पर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पान की थड़ी पर बैठे युवक को बनाया निशाना बिछीवाड़ा निवासी रवि डामोर वर्तमान में शास्त्री कॉलोनी में किराए के कमरे में रहता है। गुरुवार रात खाना खाने के बाद वह टहलते हुए शास्त्री कॉलोनी मार्ग स्थित आईसीआईसीआई बैंक के पास पहुंचा। वहां बंद पान की थड़ी पर बैठकर वह अपना मोबाइल चला रहा था। लोहे के कड़े से सिर पर किए कई वार इसी दौरान एक ही बाइक पर सवार होकर चार अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। आते ही एक बदमाश ने हाथ में पहने लोहे के कड़े से रवि के सिर पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के दौरान दूसरे बदमाश ने उसके हाथ से करीब 25 हजार रुपए कीमत का टच स्क्रीन मोबाइल छीन लिया। घायल होने के बावजूद बदमाशों का किया पीछा सिर से खून बहने के बावजूद रवि ने हिम्मत नहीं हारी और मोबाइल लेकर भाग रहे बदमाश के पीछे दौड़ पड़ा। हालांकि, बाइक के पास खड़े उसके तीनों साथी भी तुरंत पहुंच गए। इसके बाद चारों आरोपी एक ही बाइक पर सवार होकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए। दोस्तों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचा घटना के बाद रवि ने अपने दोस्तों को सूचना दी। वे तुरंत मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और दोस्तों की मदद से घायल रवि को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सर्जिकल वार्ड में उसका उपचार जारी है। अज्ञात बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस घायल युवक की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट और हमला करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
खंडवा के कोतवाली थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने भैंस चोरी की कोशिश को नाकाम कर दिया। ग्राम हापला-दीपला में किसान के बाड़े से भैंस चुराकर ले जा रहे बदमाशों में से दो को ग्रामीणों ने मौके पर पकड़ लिया, जबकि दो-तीन आरोपी भाग निकले। पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना गुरुवार देर रात करीब 12 बजे की है। दीपला निवासी किसान राधेश्याम के बाड़े से बदमाश तीन भैंस और एक पाड़ा निकालकर पिकअप वाहन में भर रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया और किसान को सूचना दी। इसके बाद 10 से 12 ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दो आरोपियों को पकड़ लिया। बाकी आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तारकोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश पिता प्रेमसिंह चौहान (18) और जगदीश पिता रामसिंह मेहता (20) निवासी ग्राम सरमेश्वर, थाना पिपलोद के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने तीन भैंस और एक पाड़ा चुराया था। इनकी कीमत करीब ढाई लाख रुपए है। आरोपियों के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने बरामद मवेशी किसान राधेश्याम को सुपुर्द कर दिए हैं। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लखनऊ में शुक्रवार दोपहर 12 : 05 पर हजरत गंज चौराहे पर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा और नारेबाजी किया। प्रदर्शनकारी पंडित की वेशभूषा में आए , हाथ में रामचरितमानस , फरसा थर्माकोल का बना हुआ राम मंदिर का गल्ला लेकर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि मामले की सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ‘राम मंदिर में चोरी शर्मनाक’ पुलिस और प्रदर्शनकारियों में जमकर धक्का मुक्की और नोक झोंक हुई। प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारा लगाया चंदा चोरों को जेल भेजो। प्रदर्शन कर रहे उदय प्रताप ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि राम मंदिर में चोरी हो रही है। जब यह सरकार भगवान के घर में चोरी नहीं रोक पा रही है तो कहीं और क्या उम्मीद की जाए। इस तरह से तो आक्रांताओं ने भी मंदिरों को नहीं लूट जैसे भाजपा सरकार में लूट हो रही है। यह दर्शाता है कि राम के नाम पर यह लोग सिर्फ अपना बैंक भर रहे हैं। ‘बड़े चेहरे बेनकाब नहीं हुए’ प्रदर्शन में शामिल युवराज ने कहा कि हम सपा वाले संविधान , संस्कृति और सनातन तीनों की रक्षा कर रहे हैं। राम मंदिर में जो चोरी हुई है इसमें अभी तक सिर्फ छोटे प्यादों पर कार्रवाई हो रही है। इसके पीछे जो बड़े चेहरे हैं वह बेनकाब नहीं हुए हैं। मामूली कर्मचारियों पर कार्रवाई करके इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है। हमारे नेता अखिलेश यादव लगातार इस मुद्दे को लेकर आम जनता को जागरुक कर रहे हैं। हम सभी राम भक्तों से यह अपील करते हैं कि राम के नाम पर लूट करने वालों से सावधान रहे। राम मंदिर करोड़ सनातनियों की आस्था का केंद्र है और हमारी आस्था से जिस तरह से खिलवाड़ हो रहा है यह बेहद शर्मनाक है। लगभग 15 मिनट तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों ने संघर्ष चलता रहा। पुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने अभद्रता का आरोप लगाया। सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बस में भकर इको गार्डन भेज दिया।
अलवर जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में आज बड़े दिलचस्प नजारे देखने को मिले। कांग्रेस के जिला पार्षद जगदीश जाटव बाइक के पीछे रस्सी से अपनी कुर्सी बांधकर पहुंचे। वहीं निर्दलीय पार्षद और कांग्रेस समर्थित संदीप फौलादपुरिया पत्थर की बनी चक्की लेकर पहुंचे। दोनों पार्षदों ने इस तरह सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध बताया। बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के करीबी माने जाने वाले जिला पार्षद जगदीश जाटव ने कहा- जब जिला प्रमुख के लिए ही सरकार कुर्सी की व्यवस्था नहीं कर पा रही है, तो उन्हें अपनी कुर्सी साथ लेकर आनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार नहीं, बल्कि सर्कस चल रहा है। सरकार जनप्रतिनिधियों को दबाव में रखना चाहती है। इसके बाद जाटव ने टेबल बजाते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। दो साल बाद कांग्रेस की सरकार बनेगी और टीकाराम जूली मुख्यमंत्री होंगे। जो अधिकारी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं, उनका भी इलाज किया जाएगा। जगदीश जाटव ने कहा- वह अपनी कुर्सी इसलिए साथ लेकर आए क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं था कि साधारण सभा की बैठक में उनके बैठने की व्यवस्था होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई जिला प्रशासन की बैठक में जिला प्रमुख के लिए कुर्सी तक नहीं लगाई गई थी। उस दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने कहा था कि जिनके नाम की नेम प्लेट के सामने कुर्सी नहीं है, वे बाहर जा सकते हैं। जबकि भाजपा जिला अध्यक्षों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई थी। जाटव ने कहा कि जब जिले के प्रथम नागरिक के लिए वहां कुर्सी नहीं लगाई गई, तो उन्हें आशंका थी कि जिला परिषद की बैठक में भी उनके लिए कुर्सी नहीं होगी। जिला पार्षद संदीप फौलादपुरिया पत्थर की चक्की लेकर बैठक में पहुंचे। उन्होंने कहा- कुछ दिन पहले शाहजहांपुर में चक्की का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इससे लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मंत्री को उद्घाटन के बजाय क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए था। शाहजहांपुर अस्पताल में आज भी लैब, ट्रॉमा सेंटर और जनरेटर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। कस्बे में नगरपालिका, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पीएचईडी, पीडब्ल्यूडी, यूआईटी और वन विभाग के कार्यालय भी नहीं हैं। किसान आंदोलन के दौरान टूटी सड़कें पिछले पांच वर्षों से नहीं बन सकी हैं। वहीं सीमावर्ती गांव पलावा, बीजवाड़ और दाधिया में पुलिस चौकी की भी मांग लंबे समय से लंबित है।
इंदौर के गांधीनगर और लसूड़िया थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के दो मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डेढ़ साल तक संबंध, फिर शादी से किया इनकार गांधीनगर थाना पुलिस के मुताबिक 42 वर्षीय महिला की शिकायत पर गुरदाखेड़ी, हातोद निवासी शाहरुख पुत्र अजमेरी खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महिला ने बताया कि फरवरी 2025 में गांधीनगर से राऊ जाते समय उसकी आरोपी से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने। महिला का आरोप है कि शाहरुख शादी का वादा कर उसके घर आता रहा। करीब एक साल बाद जब उसने शादी की बात की तो आरोपी ने इनकार कर दिया, गाली-गलौज और मारपीट की। बाद में उसका नंबर भी ब्लॉक कर दिया। इसके बाद महिला ने अपने पति और बेटी को पूरी बात बताई और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। लिव-इन में रहने के बाद शादी से मुकरा लसूड़िया थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवती ने भिंड निवासी प्रशांत दुबे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। युवती ने बताया कि सितंबर 2025 में पढ़ाई के दौरान दोनों की दोस्ती हुई थी। शादी का भरोसा देकर आरोपी उसके साथ लिव-इन में रहने लगा और इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। युवती का आरोप है कि आरोपी ने उससे रुपए भी उधार लिए। मार्च 2026 में वह भिंड जाने की बात कहकर चला गया और बाद में शादी से इनकार कर दिया। जुलाई में दोबारा मिलने के बाद भी उसने शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए, लेकिन बाद में फिर शादी से मना कर दिया। इसके बाद युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। दोनों मामलों की जांच शुरू पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक में नगर निगम कार्यालय और मॉडल स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नगर निगम कार्यालय और मॉडल स्कूल को खाली करवा दिया गया है। स्कूल और निगम कार्यालय में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है, जबकि लोगों में डर देखने को मिल रहा है। नगर निगम के कमिश्नर सत्येन्द्र दुहन की मेल पर धमकी भरा मैसेज आया है, जिसके बाद से निगम कर्मचारी डरे हुए है। पूरे निगम कार्यालय को खाली करवा दिया है। वहीं, निगम के साथ ही मॉडल स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिसके बाद सभी बच्चों की स्कूल से छुट्टी करके खाली करवाया गया है। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है….
बहराइच में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना:तापमान 6 डिग्री गिरा, किसानों को धान की फसल में फायदा
बहराइच में शुक्रवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं, धान की खेती कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। बहराइच में शुक्रवार सुबह तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से मौसम सुहाना हो गया। करीब दो घंटे तक लगातार हुई बारिश के कारण तापमान में लगभग 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दोपहर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों ने गर्मी और उमस से राहत महसूस की। बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की खेती करने वाले किसानों को मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने इसे खरीफ सीजन के लिए शुभ संकेत बताया है। पर्याप्त नमी मिलने से धान की रोपाई और फसल की बढ़वार में मदद मिलेगी। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में दिनभर आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। विभाग ने शाम के समय भी कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्नाव में सर्पदंश से दो किसानों की मौत:एक सफाई के दौरान, दूसरे को घर के बाहर सोते समय सांप ने डसा
उन्नाव जिले में सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं में दो किसानों की जान चली गई। पहली घटना अजगैन थाना क्षेत्र के नवाबगंज में हुई, जबकि दूसरी बीघापुर थाना क्षेत्र में सामने आई। दोनों घटनाओं के बाद परिवारों में मातम छा गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अजगैन थाना क्षेत्र के जालिम खेड़ा नवाबगंज निवासी 68 वर्षीय कुशेर पुत्र स्वर्गीय लक्ष्मण गुरुवार शाम अपने घर के पास सफाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकले एक सांप ने उन्हें काट लिया। परिजन तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के भतीजे सरवन ने बताया कि कुशेर खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं। परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है। दूसरी घटना बीघापुर थाना क्षेत्र के बीघापुर कस्बे की है। यहां 46 वर्षीय राजेश पुत्र भगवान दीन गुरुवार रात अपने घर के बाहर जमीन पर सो रहे थे। देर रात उन्हें सांप ने काट लिया। परिजनों ने जब उनकी तबीयत बिगड़ती देखी तो उपचार का प्रयास किया, लेकिन उनकी मौत हो गई। राजेश भी खेती-किसानी से परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। उनकी असमय मौत से पत्नी और बच्चों को गहरा सदमा लगा है। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बरसात के मौसम में लगातार सामने आ रही सर्पदंश की घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान सांप अपने बिलों से निकलकर रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर आ जाते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
नौ दिन के इंतजार के बाद बरसे बादल:शहर की सड़कों पर भरा पानी; मौसम विभाग ने जारी किया बारिश का अलर्ट
सतना सहित पूरे विंध्य क्षेत्र में नौ दिन के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार देर रात मानसून ने जोरदार वापसी की। रात करीब 12 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। सुबह फिर बरसे बादल, सड़कों पर भरा पानी शुक्रवार सुबह से आसमान घने बादलों से ढका रहा, जिससे दिन में भी अंधेरे जैसा माहौल बना रहा। सुबह करीब 9 बजे एक बार फिर तेज बारिश शुरू हुई, जिसके चलते शहर की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। गर्मी और उमस से मिली राहत पिछले कई दिनों से लोग तेज धूप और उमस भरे मौसम से परेशान थे। देर रात हुई बारिश के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया। ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और वातावरण सुहावना हो गया। सुबह टहलने निकले लोगों और काम पर जाने वालों ने भी बदले मौसम का आनंद लिया। मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को पूरे दिन बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार जिले के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रातभर हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटे तक मानसून के सक्रिय रहने और जिले के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है।
कोटपूतली में मारुति नेक्सा वर्कशॉप में करंट लगने से कर्मचारी की मौत हो गई। परिजन और ग्रामीण घटना से आक्रोशित होकर जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने लग गए। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और शव लेने से इनकार कर दिया। इसे लेकर तीन बार वार्ता हुई, लेकिन विफल रही। मामला दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित मारुति नेक्सा वर्कशॉप में गुरुवार का है। यहां काम करते समय कर्मचारी मोहर सिंह मीणा (32) पुत्र नाथू राम मीणा की करंट लगने से मौत हो गई। मोहर सिंह मीणा कोटपूतली के वार्ड 32 बूचाहेड़ा मोहल्ले में रहता था और परिवार में इकलौता कमाने वाला था। मोहर के दो बेटियां और एक बेटा है। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर परिजन राजकीय बीडीएम अस्पताल में प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। मुआवजे की मांग पर अड़ेमृतक के परिजन और मोहल्ले के लोग पिछले 12 घंटे से अधिक समय से अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मुआवजे की मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाएंगे। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। तीन बार हुई वार्ता विफल रहीमामले को सुलझाने के लिए कंपनी के प्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन द्वारा परिजनों के साथ अब तक दो से तीन बार वार्ता की जा चुकी है, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे हैं। मृतक के परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और कंपनी के कर्मचारी फिलहाल परिजनों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। पूर्व संसदीय सचिव रामस्वरूप कसाना भी मौके पर पहुंचे और कंपनी कर्मचारियों से उचित मुआवजे की मांग की, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी समझौता नहीं हो पाया है। सुबह होने पर परिजनों और मोहल्ले वासियों ने कहा- वे मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। उनकी मांग है कि परिवार के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे अस्पताल परिसर से धरना हटाकर कंपनी के सामने प्रदर्शन करेंगे।
22 जुलाई को भाजपा का बूथ सम्मेलन:जौनपुर में बनेगी चुनावी रणनीति, हजारों कार्यकर्ता होंगे शामिल
जौनपुर के सिहिपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कार्यालय में आगामी बूथ सम्मेलन की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। इस बैठक का उद्देश्य 22 जुलाई को होने वाले विशाल बूथ सम्मेलन की रूपरेखा तय करना था, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने और चुनावी रणनीति पर मंथन की उम्मीद है। यह बैठक भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति के नेतृत्व में दोपहर 12:30 बजे आयोजित की गई। विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बृजेश सिंह 'प्रिंशु' मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री पीयूष गुप्ता और अजय सिंह ने संयुक्त रूप से किया। बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने बताया कि आगामी 22 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में बूथ सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। प्रजापति ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने और सम्मेलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। इस संगठनात्मक बैठक में संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों पर गंभीर मंथन किया गया। बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उपस्थित प्रमुख पदाधिकारियों में जिला महामंत्री संदीप तिवारी व अजय सिंह, जिला उपाध्यक्ष परविन्द्र चौहान, अमित श्रीवास्तव, अजय सरोज, पंकज उपाध्याय, नीरज मौर्य व विनय सिंह शामिल थे। इसके अतिरिक्त, सिकरारा ब्लॉक प्रमुख धीरू सिंह, पूर्व जिला उपाध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय, जिला मंत्री सुधांशु सिंह, डॉ. देवी प्रसाद सिंह, राजकेशर पाल, धर्मेन्द्र मिश्रा, राजेश गुप्ता और जिला कोषाध्यक्ष रीता जायसवाल भी मौजूद रहे। जिला आईटी संयोजक रोहन सिंह, सह-संयोजक दिग्विजय सिंह और अमित पाठक, साथ ही अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मेराज हैदर और मंडल अध्यक्ष सारिका सोनी भी उपस्थित थे। समस्त मंडलों के मंडल प्रभारी, अध्यक्ष और महामंत्री भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के समापन पर सभी कार्यकर्ताओं ने आगामी 22 जुलाई के सम्मेलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
गोंडा में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के दौरान शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर तहसील तरबगंज के लेखपाल संदीप कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अनुमति से यह कार्रवाई की गई। गोंडा में शासन की प्राथमिकता वाले फार्मर रजिस्ट्री अभियान में लापरवाही बरतने के आरोप में तहसील तरबगंज के लेखपाल संदीप कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को तहसीलदार तरबगंज की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अनुमति से की गई। प्रशासन के अनुसार, लेखपाल संदीप कुमार यादव की ड्यूटी 13 और 14 जुलाई 2026 को राजस्व ग्राम दुर्जनपुर में आयोजित फार्मर रजिस्ट्री शिविर में लगाई गई थी। अभियान के दौरान पंचायत विभाग के कर्मचारी ने दूरभाष के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट मांगी, लेकिन संबंधित लेखपाल ने अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। तहसीलदार की जांच में पाया गया कि संबंधित लेखपाल का आचरण शासकीय सेवक से अपेक्षित अनुशासन और मर्यादा के अनुरूप नहीं था। रिपोर्ट में उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, विभागीय समन्वय में बाधा उत्पन्न करने तथा सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने की पुष्टि प्रथम दृष्टया हुई। इसे शासन के महत्वपूर्ण अभियान में गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय से संबद्ध किया गया है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि संबंधित लेखपाल लगातार लापरवाही बरत रहे थे, जिसके चलते उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच भी कराई जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े अभियानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
कानपुर में दोस्त के साथ रनिंग कर रहे युवक को बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। ट्रक का पिछला पहिया उसे कुचलते हुए ऊपर से निकाल गया। जिससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शुक्रवार सुबह 7 बजे का बताया जा रहा है। दोनों दोस्त रामसनेही मार्ग पर सुबह की दौड़ के लिए निकले थे। मृतक का एक साथी उससे करीब 100 मीटर पीछे था जिसके कारण उसकी जान बच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद चालक ट्रक समेत मौके से फरार हो गया। परिजनों ने बताया कि मृतक युवक सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। उसका चयन टेरिटोरियल आर्मी (टीए) में हो चुका था। नवंबर महीने में उसकी जॉइनिंग होनी थी। लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर पहुंची बिधनू थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार ट्रक और उसके चालक की पहचान कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई की जा सके। नवंबर में होनी थी जॉइनिंग मृतक युवक की पहचान बिधनू के जमरेही गांव के रहने वाले राजेंद्र उर्फ बलराम (28) के रूप में हुई है। राजेंद्र गांव के किसान सैकुलाल के सबसे छोटे बेटे थे। वे गांव के पास नहर के किनारे एक सैलून चलाते थे, लेकिन उनका असली सपना देश सेवा करना था। वे पिछले काफी समय से लगातार सेना में भर्ती होने के लिए कड़ी मेहनत और तैयारी कर रहे थे। परिजनों ने रोते हुए बताया कि राजेंद्र की मेहनत रंग ला चुकी थी और उनका चयन टेरिटोरियल आर्मी (TA) में हो गया था। इसी साल नवंबर महीने में उनकी जॉइनिंग होने वाली थी, जिससे पूरा परिवार बेहद खुश था। उनकी बहन अनुराधा भी पहले से ही आर्मी अस्पताल में तैनात हैं, जिससे भाई-बहन दोनों का सेना से गहरा जुड़ाव था। ट्रक का पिछला पहिया शरीर को कुचलते हुए निकला जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे राजेंद्र अपने दोस्त कपिल (निवासी जामू) के साथ रामसनेही मार्ग पर दौड़ने के लिए निकले थे। जब वे सूरजनगर के सामने पहुंचे, तभी बिधनू की तरफ से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार ट्रक ने राजेंद्र को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही राजेंद्र सड़क पर गिर पड़े और बेकाबू ट्रक का पिछला पहिया उनके शरीर के निचले हिस्से को कुचलता हुआ निकल गया। राजेंद्र का दोस्त कपिल उस वक्त उनसे करीब 100 मीटर पीछे दौड़ रहा था, जिसकी वजह से वह सुरक्षित बच गया। वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रक ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। घर के सबसे छोटे बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। जिस बेटे को नवंबर में देश सेवा के लिए बॉर्डर पर भेजना था, उसकी लाश देखकर मां राजदुलारी बेसुध हो गईं। बिधनू थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह ने बताया - पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना वाली जगह और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फरार ट्रक का नंबर पता लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि आरोपी ड्राइवर को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट मामले में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद की व्यापारियों और महिलाओं के साथ हुई बैठक विफल रही। यह बैठक कमिश्नरी सभागार में शुक्रवार दोपहर 12 बजे हुई। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के बाद शासन ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की है। बैठक में महिलाओं ने 'मकान के बदले मकान' और 'दुकान के बदले दुकान' का ऑफर मिलने की बात कही, लेकिन सेटबैक की कार्रवाई पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और इसे मानना ही होगा। महिलाओं ने किया विरोध, कहा-कोई निर्णय नहीं निकला अधिकारियों के इस रुख के बाद कुछ महिलाओं ने विरोध जताया और कहा कि उनका धरना जारी रहेगा। इस बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका। आवास आयुक्त बलकार सिंह और अन्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल थे। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवरों और सख्त आदेशों के बाद सुर्खियों में आया है। गत मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में आवासीय क्षेत्र में बने 44 व्यावसायिक निर्माणों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने साफ कहा था कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को मंजूरी नहीं दी जा सकती। 3 महीने से चल रहा धरना जारी रहेगा सेंट्रल मार्केट से जुड़ा यह मामला लंबे समय से चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अब प्रशासन पर इस मामले को जल्द से जल्द और नियमानुसार निपटाने का भारी दबाव है। मुख्यमंत्री के सलाहकार और प्रमुख सचिव का यह दौरा विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन वार्ता विफल रही। इस प्रकरण को लेकर सेंट्रल मार्केट में पिछले 3 महीने से धरना चल रहा हैं। बैठक में से निकलने के बाद महिलाओं ने कहा कि अभी भी कोई निर्णय नहीं निकला है। सरकार की ओर से केवल आश्वासन मिला है। लेकिन सेटबैक की कार्रवाई अभी भी बरकरार है। जिसके विरोध में उनका धरना चल रहा है। उन्होंने धरना खत्म करने से इनकार करते हुए कहा कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
वाराणसी में आज सुबह का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। हवा की रफ्तार 6 किलोमीटर प्रति घंटे हैं। वही नमी 70% बनी हुई है। बीएचयू के मौसमवैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अगले 24 घंटे में मानसून सक्रिय होगा जिससे बारिश के अनुमान दिखाई दे रहे हैं। वाराणसी में 1 जून से 16 जुलाई के बीच 111.6 MM बारिश हुई। जो औसत बारिश से 53% कम रही है। घाट के सीढ़ियों तक पहुंची गंगा गंगा के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे दशाश्वमेध घाट की कुछ सीढ़ियां डूब गई हैं। जलस्तर में आई इस तेजी से तटीय इलाकों के दुकानदारों और नाविकों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के मिडल गंगा डिवीजन के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह 6 बजे वाराणसी स्टेशन पर गंगा का जलस्तर 60.53 मीटर रिकार्ड किया गया है। ललिता घाट का आरती स्थल बदला पानी बढ़ने के कारण ललिता घाट पर होने वाली गंगा आरती का स्थान बदल दिया गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। हालांकि, गंगा का जलस्तर अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में कम है। पिछले वर्ष 16 जुलाई को यह 68.43 मीटर दर्ज किया गया था। नदी का चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का बिंदु 71.262 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से करीब 11.90 मीटर नीचे बना हुआ है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर अभी पूरी तरह नियंत्रण में है और तटीय निवासियों के लिए फिलहाल कोई खतरे की स्थिति नहीं है। वाराणसी में गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर है, जो नौ सितंबर 1978 को दर्ज किया गया था।
दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र के पंडोखर थाना अंतर्गत ग्राम सालोन बी में नए बिजली सब स्टेशन को लेकर गुरुवार देर रात हिंसक विवाद हो गया। आरोप है कि पड़ोसी चार गांवों से करीब 100 लोग 50 से अधिक बाइकों पर सवार होकर गांव पहुंचे और लाठी-डंडों, पत्थरों तथा कट्टों से हमला कर दिया। उपद्रव के दौरान 7 से 8 राउंड हवाई फायरिंग किए जाने का भी आरोप है। हमलावरों ने आधा दर्जन से अधिक बाइकों में आग लगा दी। घटना में चार ग्रामीण घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घरों पर पहुंचकर किया हंगामा ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 10 बजे हरदई, तैंतना, धनपीपरी और ईटारोरा गांवों से आए लोगों ने सबसे पहले पूर्व सरपंच छोटू खेरोनिया के घर पहुंचकर अभद्रता की। इसके बाद जनपद उपाध्यक्ष पति प्रदीप किरार और सरपंच केपी धाकड़ के घर पहुंचकर हंगामा किया। आरोप है कि उपद्रवियों ने बीएसएनएल टावर के पास खड़ी कई बाइकों में आग लगा दी। ग्रामीणों ने खदेड़ा, पथराव और फायरिंग के आरोप घटना की सूचना मिलते ही सालोन बी के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और हमलावरों को इटारोरा मार्ग स्थित चकोरा पुल तक खदेड़ दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। आरोप है कि हमलावरों ने बचने के लिए 7 से 8 राउंड हवाई फायरिंग भी की। चार घायल, दो की हालत गंभीर हिंसा में शिक्षक जहार सिंह रावत के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि रतिराम धाकड़ समेत कुल चार लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। बिजली सब स्टेशन बना विवाद की वजह ग्रामीणों के मुताबिक, विवाद की जड़ सालोन बी में बन रहे नए बिजली सब स्टेशन से जुड़ी है। पड़ोसी गांवों के लोग भी इसी सब स्टेशन से बिजली कनेक्शन जोड़ने की मांग कर रहे थे। गुरुवार दिन में इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि उस समय दूसरे पक्ष ने देख लेने की धमकी दी थी और रात में बड़ी संख्या में गांव पहुंचकर हमला कर दिया।
महराजगंज में अखिल भारतीय सर्वजन हित पार्टी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी को जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर एक ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष दीपक द्विवेदी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में सौंपे गए इस ज्ञापन में सदर विधानसभा क्षेत्र-318 को सामान्य श्रेणी घोषित करने, सिसवा कस्बे में नई तहसील की स्थापना और नगर पालिका महराजगंज की जर्जर सड़कों व जलनिकासी व्यवस्था में सुधार की मांग की गई। पार्टी ने ज्ञापन में बताया कि सदर विधानसभा सीट लंबे समय से सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रही है, जिससे क्षेत्र में असंतुलन की स्थिति बनी हुई है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट को सामान्य घोषित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सिसवा कस्बे को प्रदेश के सबसे पुराने और प्रमुख बाजारों में से एक बताते हुए वहां नई तहसील स्थापित करने की मांग की गई। पार्टी का तर्क है कि इससे आसपास के ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ज्ञापन में नगर पालिका महराजगंज के विभिन्न वार्डों में क्षतिग्रस्त सड़कों, जाम नालियों और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की गई। पार्टी ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की। इस दौरान जिला प्रवक्ता दीपक कुमार पांडेय, जिला उपाध्यक्ष आदित्य कुमार यादव, मीडिया प्रभारी विक्की तिवारी सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
श्रावस्ती में फर्जी स्कूलों पर शिकंजा:इकौना के दो निजी विद्यालय सीलनुमा कार्रवाई के तहत बंद
श्रावस्ती जनपद मे प्रशासन ने नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ ही बिना मान्यता के संचालित निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत बीते गुरुवार को दोपहर 12 बजे से 01 बजे के बीच इकौना क्षेत्र में दो निजी विद्यालयों को बंद कराया गया। वहीं बंद किए गए विद्यालयों में शिक्षा क्षेत्र इकौना के अंतर्गत एएलएस एकेडमी, चैनपुर और राजकला पब्लिक स्कूल, मुखियापुरवा तिलकपुर शामिल हैं। ये दोनों विद्यालय लंबे समय से बिना किसी आधिकारिक मान्यता के संचालित हो रहे थे। गुरुवार दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच नायब तहसीलदार विजय कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार ने इन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्कूल बिना मान्यता के चलते पाए गए। अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से दोनों स्कूलों का संचालन बंद करा दिया। संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि इन विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों का नामांकन निकटतम परिषदीय विद्यालयों में कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार अब जारी रहेगा। जिले में बिना मान्यता संचालित अन्य विद्यालयों की पहचान कर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अनाधिकृत विद्यालय को संचालित नहीं होने दिया जाएगा।
बेहतर कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। शुक्रवार दोपहर 12:45 बजे पुलिस लाइन से जारी आदेश के तहत 22 उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि सभी संबंधित अधिकारी अवगत होकर स्थानांतरण का अनुपालन तत्काल सुनिश्चित करें। इसमें 23 बैच के 12 दरोगाओं को पहली बार पुलिस चौकी पर तैनात किया गया है। जारी सूची के अनुसार उप निरीक्षक ओम प्रकाश गुप्ता को पुलिस लाइन से पीआरओ, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजेन्द्र कुमार को थाना पीपीगंज से धर्मशाला चौकी, आभाश मिश्रा को थाना सहजनवां से जंगल कौड़िया चौकी, रजनीश मिश्रा को थाना चोरीचौरा से डुमरीखास चौकी और अनीश सिंह को थाना पिपराईच से बैलो चौकी भेजा गया है। आदित्य उपाध्याय का तबादला चौकी रहमतनगर से जंगल धूषण चौकी, आनन्द उपाध्याय का थाना रामगढ़ताल से रहमतनगर चौकी, शशिकिरण सिंह का चौकी पटनाघाट से कौवाबाग चौकी और रजत त्रिपाठी का थाना गोरखनाथ से नथमलपुर चौकी किया गया है। आलोक शुक्ला बेलघाट से एयरफोर्स, अनूप सिंह पुलिस लाइन से गजपुर, देशराज सरोज तिवारीपुर से पादरी बाजार और पंकज कुमार रामगढ़ताल से सूर्यविहार चौकी भेजे गए हैं। आदर्श पाण्डेय गुलरिहा से घघसरा, अंकुर सिंह चोरीचौरा से बरही, आशुतोष कुमार वर्मा राजघाट से चीनीमील, शालिनी पाण्डेय कोतवाली से जाफराबाजार, जयप्रकाश त्रिपाठी खोराबार से पटनाघाट, हरिओम सिंह रामगढ़ताल से नौकायान और राजेन्द्र सिंह बेलघाट से हरनही चौकी पर तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही उप निरीक्षक विनोद राय और आरक्षी प्रवीण त्रिपाठी को समन सेल से पैरवी हाईकोर्ट, समन सेल में भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह फेरबदल विभागीय कार्यशैली में तेजी लाने और फील्ड में बेहतर पुलिसिंग के उद्देश्य से किया गया है।
जांजगीर-चांपा जिले में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कई नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर नगर सैनिकों की तैनाती की है। लगातार बारिश के कारण नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों की सड़कों, गलियों और चौक-चौराहों पर पानी भर गया है। कई जगह नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से पानी की निकासी बाधित हुई, जिससे सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। नैला मार्ग पर घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिंगनी और बिलारी का संपर्क टूटा बारिश के चलते रिंगनी और बिलारी गांव के कांजी नाले उफान पर हैं। इसके कारण दोनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पिछले करीब 10 घंटे से बाधित है। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है। लीलागर नदी का पानी पुल के ऊपर बिलासपुर-पामगढ़ मार्ग पर लीलागर नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो पुल पूरी तरह पानी में डूब सकता है। प्रशासन ने जारी की अपील जिला प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। साथ ही सभी नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक जोखिम नहीं लेने की सलाह दी गई है।
18 घंटे बाद मिला नदी में मिला नाबालिग का शव:मुरैना में सगाई से नाराज किशोरी ने लगाई थी पुल से छलांग
मुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र में गुरुवार को बुधारा पुल से आसन क्वारी नदी में कूदने वाली 17 वर्षीय किशोरी का शव शुक्रवार को करीब 18 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। गुरुवार शाम अंधेरा होने के कारण एसडीआरएफ को रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा था। शुक्रवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसके बाद नदी से शव निकाल लिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, किशोरी गुरुवार दोपहर अपने गांव से ई-रिक्शा से मुख्य सड़क तक पहुंची। वहां से बस में बैठकर बुधारा पुल पहुंची और आसनकुआरी नदी में छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में रेस्क्यू रोकना पड़ा। सगाई से नाराज थी शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ ने फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 18 घंटे की तलाश के बाद टीम ने नदी से किशोरी का शव बरामद कर लिया। पुलिस को परिजनों ने बताया कि करीब एक महीने पहले किशोरी की सगाई तय हुई थी। वह इस सगाई से खुश नहीं थी। इसी वजह से वह घर से निकल गई और यह कदम उठा लिया। पुलिस जांच में जुटी पोरसा थाना प्रभारी दिनेश कुशवाहा ने बताया कि किशोरी का शव नदी से बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पुल पर बैठकर रोती रही फिर पुल से कूदी किशोरी मुरैना के पोरसा कस्बे में गुरुवार शाम 17 वर्षीय किशोरी ने आसान क्वारी नदी के पुल से छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने लड़की को कूदते देख पुलिस को सूचना दी। पोरसा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में किशोरी की तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें…
नागौर जिले के अठियासन गांव में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में भादवासी के त्यागी संत हेतमराम महाराज कथा वाचन कर रहे हैं। कथा के दौरान उन्होंने नशा छोड़ने, जीव-जंतुओं की सेवा करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कथा सुनने के लिए अठियासन, मूंडवा, खेण, ईनाणा, फिड़ौद सहित आसपास के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। आसपास के गांवों से पहुंच रहे श्रद्धालु अठियासन में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में अठियासन, मूंडवा, खेण, ईनाणा, फिड़ौद समेत आसपास के गांवों से लोग प्रतिदिन कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। कथा का वाचन भादवासी के त्यागी संत हेतमराम महाराज के श्रीमुख से किया जा रहा है। कथा को बताया जीवन को दिशा देने का माध्यम कथा के दौरान त्यागी संत हेतमराम महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कथा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन में अच्छे विचार, अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। नशा छोड़ने और पर्यावरण बचाने का दिया संदेश संत हेतमराम महाराज ने समाज से नशे की प्रवृत्ति छोड़ने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने जीव-जंतुओं की सेवा करने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। अच्छे संस्कार और सत्कर्म अपनाने की अपील संत ने आध्यात्मिक ज्ञान की महत्ता बताते हुए कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में सेवा और सत्कर्मों को अपनाना चाहिए। इससे परिवार और समाज दोनों का कल्याण होता है। भजनों और जयकारों के बीच चला कथा श्रवण कथा के दौरान भक्तिमय माहौल देखने को मिला। श्रद्धालु भजनों पर भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए और भगवान के जयकारे लगाते रहे। पूरे कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। आयोजकों के अनुसार नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन धार्मिक अनुष्ठानों और पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा।
रेवाड़ी सब्जी मंडी में डेयरी संचालक पर बर्फ तोड़ने के सुए और चाकू से हमला करने का ममाला सामने आया है। हमला उस समय हुआ जब वह देर शाम मंडी में गायों के लिए सब्जी लेने गया था। इससे 3 दिन पहले हमलावरों ने युवक को घर से बाहर दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। घायल युवक को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले की सूचना शहर थाना पुलिस को दे दी गई है। गालियां देने से रोकने पर हमला मोहल्ला गुजरवाड़ा निवासी जोनी ने बताया कि उनके घर में गायों की डेयरी है। हम सब्जी मंडी से गायों के लिए सब्जी खरीदकर लाते हैं। दो दिन पहले उसका छोटा भाई रोहित देर शाम मंडी में सब्जी लेने गया था। जहां पहले से घात लगाकर बैठे साहिल और विकास अपने साथियों के साथ पहले से बैठे हुए थे। मंडी में उन्होंने रोहित को देखकर उसे गालियां देनी शुरू कर दी। जब उसने गालियां देने से रोका तो उस पर बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला कर दिया। कमर, चेहरे और हाथों पर वार उन्होंने बताया कि आरोपियों ने रोहित के सिर, पीठ और हाथों पर वार किए। इसके बाद आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। सूचना के बाद वे मौके पर पहुंचे और घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती करवाया। जोनी ने बताया कि इससे 3 दिन पहले कन्नू अपने साथियों के पास उसके घर के पास आया था। इस दौरान उसने उसे घर से बाहर दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। इससे पहले हमने कन्नू और उसके साथियों को कभी नहीं देखा। हमारा उनके साथ कभी कोई विवाद भी नहीं हुआ। इसलिए अभी तक हमले के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
धौलपुर जिला अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों को अब पीने के स्वच्छ पानी की सुविधा मिलेगी। शहर के एक भामाशाह परिवार ने अस्पताल को एक नया वाटर कूलर भेंट किया है, जिससे लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हो गया है।यह वाटर कूलर सेठ नेमीचंद अग्रवाल की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिवार ने भेंट किया है। यह नया वाटर कूलर अस्पताल की इमरजेंसी इकाई में स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से मरीजों और तीमारदारों को ठंडा, स्वच्छ और फिल्टर युक्त पेयजल उपलब्ध होगा।अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पहले लगा वाटर कूलर खराब होने के कारण लोगों को कई दिनों से पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। अब नए वाटर कूलर के लगने से इमरजेंसी में पानी की व्यवस्था सुचारु हो गई है। पुराने वाटर कूलर को ठीक कर ओपीडी में लगायापुराने वाटर कूलर की मरम्मत कर उसे अस्पताल की ओपीडी में लगाया जाएगा, ताकि वहां भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। नए वाटर कूलर का उद्घाटन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार ने किया।अस्पताल प्रशासन ने इस जनहितकारी सहयोग के लिए भामाशाह परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक योगदान से मरीजों और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
संतकबीरनगर के बेलहरजंगल में तेंदुए की पुष्टि:रेंजर की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम कर रही निगरानी
संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में विगत कई दिनों से दिख रहा जंगली जानवर के अब तेंदुआ होने की पुष्टि दैनिक भास्कर से वन विभाग ने कर दी है। तेंदुआ की पुष्टि के बाद डीएफओ ने रेंजर के नेतृत्व में दस सदस्यीय टीम गठित कर दी है। जो तेंदुआ के हर मूवमेंट पर नजर रख रही है। हर दस मिनट पर कुशलता की रिपोर्ट डीएफओ को जा रही है। वही डीएफओ हर आधे घंटे की कुशलता रिपोर्ट अपने चीफ को भेज रहे है। वही वन विभाग ने गांव वालों को सतर्क रहने के लिए कहा है। और अकेले जंगल या खेत की तरफ ना जाने की सलाह दी है। विगत एक हफ्ते से तेंदुआ जैसे दिखने वाले एक जंगली जानवर की सूचना के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। पिछले एक सप्ताह से रात्रि में सुरसा-चमनजोत जंगल में इस जानवर को देखे जाने की खबरें मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। दो दिन पहले ग्रामीणों ने जानवर को पकड़ने की मांग को लेकर रात में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद से वन विभाग की टीम जंगल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाश अभियान चला रही है। गुरुवार देर रात सड़क किनारे फिर एक बार तेंदुआ के आकार का जानवर दिखाई देने की सूचना मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में वन विभाग के रेंजर अजय कुमार तिवारी ने बताया कि जंगल में दिखने वाला जानवर तेंदुआ ही है। शुक्रवार को सुरसा, चमनजोत, सरबसडाड़ी और कटया सहित जंगल से सटे कई गांवों में डुगडुगी बजवाकर मुनादी कराई गई। मुनादी के दौरान ग्रामीणों से अपील की गई कि वह किसी तरह से पैनिक ना हो। वे जंगल की ओर जाने से बचें, अकेले न निकलें और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें। रेंजर ने बताया कि तेंदुआ शर्मिला जानवर होता है, इसलिए वह दिन में तो बाहर नही निकलेगा, रात में ही बाहर आएगा, इसलिए रात के समय अकेले सड़क, खेत जंगल की तरफ मत जाए। घरो पर आग जलाकर रखे। किसी तरह की समस्या होने पर तत्काल विभाग को जानकारी दे
बैतूल जिला विकास समीक्षा बैठक में बैतूल-हरदा-इंदौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। ब्लैक स्पॉट पर प्राथमिकता से होंगे सुरक्षा कार्य बैठक में कहा गया कि जिन स्थानों पर बार-बार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि हादसों में कमी लाई जा सके। सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बडोरा मंडी सड़क निर्माण जल्द शुरू करने, परतवाड़ा मार्ग की डीपीआर तैयार करने और आठनेर मार्ग के घाट सेक्शन के चौड़ीकरण का प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन पुलों की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समय-सीमा में कार्य पूरा करने पर भी जोर दिया। पेयजल योजना पर भी हुई चर्चा बैठक में बैतूल और आमला शहरों की भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बढ़ती आबादी को देखते हुए दीर्घकालिक जल योजना तैयार करने की जरूरत बताई। उन्होंने लाखापुर डेम के निर्माण और उन्नयन के प्रस्ताव पर तेजी से कार्रवाई करने तथा जल संसाधन विभाग को व्यवहार्यता सर्वेक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए। अन्य सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा बैठक में जिले की अन्य सड़क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान ने चिचोली, भीमपुर और भैंसदेही क्षेत्र की सड़कें जल्द पूरी कराने की मांग की। वहीं घोड़ाडोंगरी विधायक गंगाबाई उईके ने शाहपुर-भौरा और खपरिया-पसदा मार्गों पर शीघ्र काम शुरू करने की बात कही। आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने स्वीकृत सड़कों के निर्माण में तेजी लाने और डीपीआर तैयार करते समय तकनीकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
समाजवादी पार्टी ने कानपुर नगर की पांच विधानसभा सीटों पर नए बूथों के सत्यापन का अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी की ओर से नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), जोनल और सेक्टर प्रभारी बूथों के पुनर्गठन की जांच कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यदि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के विपरीत कोई मामला मिला तो उसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट पार्टी हाईकमान और निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। सपा जिला उपाध्यक्ष ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे बताया कि इसके लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नए बूथों की रिपोर्ट बनाकर जल्द ही भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पार्टी के 1607 बीएलए अलग- अलग क्षेत्रों रिपोर्ट तैयार कर रहें हैं। कैंट, सीसामऊ, किदवईनगर, गोविंदनगर और आर्यनगर विधानसभा में सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से बूथ के बाद मिली सूची का सत्यापन कराया जा रहा है। कार्यकर्ता यह देख रहे हैं कि नए बूथ तय मानकों के अनुसार बनाए गए हैं या नहीं और मतदाताओं की शिफ्टिंग सही तरीके से हुई है या नहीं। शैलेन्द्र ने बताया कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पहले बूथों की संख्या बढ़ाई गई और बाद में उसमें बदलाव किया गया। जैसे कि कैंट विधानसभा में पहले 339 बूथ थे, जबकि एसआईआर के बाद जारी सूची में 349 बूथ हो गए हैं। ऐसे में पार्टी के बीएलए यह जांच कर रहे हैं कि नए बूथ किसी राजनीतिक उद्देश्य, दबाव या किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए तो नहीं बनाए गए। पार्टी कार्यकर्ता यह भी देख रहे हैं कि कहीं बूथ किसी निजी मकान, अपार्टमेंट या ऐसे स्थान पर तो नहीं बना दिए गए हैं, जहां मतदान प्रभावित होने की आशंका हो। ऐसे सभी मामलों की रिपोर्ट तैयार कर पार्टी नेतृत्व को भेजी जाएगी। जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि दो दिन पहले प्रशासन से बूथों की सूची मिलने के बाद मासिक बैठक बुलाकर सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सत्यापन अभियान में लगाया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर बूथों की रिपोर्ट जल्द तैयार कर हाईकमान को भेजी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे निर्वाचन आयोग के समक्ष रखा जा सके। उन्होंने दावा किया कि सत्यापन के दौरान मतदाता सूची में एक ही व्यक्ति के नाम एक से अधिक बार दर्ज होने और अलग-अलग ईपीआईसी (EPIC) नंबर होने जैसे मामलों की भी जांच की जा रही है। वहीं, एसआईआर के बाद जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं, उनके नाम दोबारा जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भी भरवाए जा रहे हैं। सपा का कहना है कि पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ स्तर पर किसी भी प्रकार की चूक नहीं होने देना चाहती और इसी उद्देश्य से सभी विधानसभा क्षेत्रों में सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है।
महू रेलवे स्टेशन से बाइक चोर गिरफ्तार:GRP ने 4 वाहन जब्त किए; ₹2.20 लाख का समान बरामद
जीआरपी ने रेलवे स्टेशन परिसर से दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चार चोरी के वाहन बरामद किए हैं। जब्त वाहनों की कुल कीमत करीब 2.20 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस अब बरामद अन्य तीन वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। रेलवे कर्मचारी की शिकायत से खुला मामला जीआरपी के अनुसार, डॉ. अंबेडकर नगर (महू) निवासी एवं रेलवे लोको लॉबी में कार्यरत गोविंद प्रसाद कैथवास ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 जुलाई 2026 को आरपीएफ पोस्ट के पीछे खड़ी उनकी होंडा शाइन मोटरसाइकिल चोरी हो गई। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धार जिले के पीथमपुर निवासी अरविंद कुमार (42) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। चार चोरी के वाहन जब्त आरोपी की निशानदेही पर चोरी हुई होंडा शाइन मोटरसाइकिल (कीमत 65 हजार रुपए) बरामद की गई। पूछताछ में आरोपी ने अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का भी खुलासा किया। इसके बाद उसकी निशानदेही पर हीरो पैशन प्रो, हीरो एचएफ डीलक्स और एक्टिवा सहित तीन अन्य दोपहिया वाहन भी बरामद किए गए। सभी वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 2.20 लाख रुपए है। अन्य वाहनों के मालिकों की तलाश जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक रश्मि पाटीदार के नेतृत्व में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बिसेंट चंपावत, प्रधान आरक्षक धनंजय सिंह और कृष्णा चौहान की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि बरामद अन्य तीन वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वाहन सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
पलवल में हथियारों के बल पर घर में घुसकर महिलाओं पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। बहीन थाना पुलिस ने इस संबंध में एक महिला सहित चार नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आलीमेव गांव निवासी रूबीना ने शिकायत दर्ज कराई है। रूबीना के अनुसार, वह अपने घर पर थी, तभी गांव के आकिब और जुबेदा उसकी जेठानी को गाली-गलौज कर रहे थे। रूबीना ने अपनी जेठानी को घर के अंदर ले जाकर झगड़ा रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने कपड़े भी फाड़े शिकायत में कहा कि इसके बाद आरोपी आकिब, तस्लीम, जुबेदा और जुहुरु हाथों में कुल्हाड़ी, लाठी, डंडा और देसी कट्टा लेकर आए। उन्होंने घर में घुसकर रूबीना और उसकी जेठानी पर जानलेवा हमला कर दिया। रूबीना ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके बाल खींचे, हाथ तोड़ दिया, उसके हाथ और गाल पर बुरी तरह काटा और उसके कपड़े फाड़ दिए। उसकी जेठानी जुबेदा को भी बेरहमी से पीटा गया और पेट में लातें मारी गईं, जिससे उसे अभी भी दर्द है। देवर पर कुल्हाड़ी से हमला जब उनका देवर अजरू उन्हें बचाने आया, तो उस पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। झगड़े का शोर सुनकर अन्य ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे बचाने आए लोगों को भी चोटें आईं। इस दौरान आरोपी तस्लीम ने अपनी जेब से देशी कट्टा निकालकर जान से मारने की धमकी भी दी। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस रूबीना ने बताया कि उनके पति काम से बाहर गए हुए थे, और आरोपियों ने उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर हमला किया। बहीन थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
कानपुर में टैटू बनवाने का शौक एक महिला की जिंदगी पर भारी पड़ गया। दिल्ली के एक टैटू पार्लर में महिला ने टैटू बनवाया था। इसके बाद महिला को संक्रमण हो गया। जांच में पता चला कि वह एचआईवी पॉजिटिव हो। महिला जेनिटल इंफेक्शन की शिकायत लेकर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज पहुंची थी। जांच के दौरान डॉक्टरों ने एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी टेस्ट कराया, जिसमें महिला एचआईवी संक्रमित पाई गई। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण की वजह टैटू बनाते समय इस्तेमाल की गई दूषित सुई हो सकती है। महिला का सरकारी अस्पताल में मुफ्त एआरटी इलाज शुरू कर दिया गया है, वहीं डॉक्टरों ने टैटू बनवाने वालों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। प्राइवेट पार्ट में इंफेक्शन था जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेतांक ने शुक्रवार 10.30 बजे बताया कि करीब एक हफ्ता पहले यह पीड़ित महिला इलाज के लिए उनके पास आई थी। महिला ने कुछ समय पहले दिल्ली से टैटू बनवाया था, जिसके बाद उसे प्राइवेट पार्ट में गंभीर संक्रमण (जेनिटल इंफेक्शन) की शिकायत होने लगी। इस इंफेक्शन की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने महिला का एचआईवी और हेपेटाइटिस-बी टेस्ट करवाया। जब टेस्ट की रिपोर्ट आई तो डॉक्टरों के पैरों तले जमीन खिसक गई; महिला एचआईवी पॉजिटिव पाई गई। संक्रमण की वजह टैटू बनाते समय इस्तेमाल की गई दूषित और असंक्रमित सुई (नीडल) थी। सरकारी अस्पताल में शुरू हुआ जीवन रक्षक इलाज डॉ. श्वेतांक ने बताया कि पीड़ित महिला का एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) ट्रीटमेंट सरकारी स्तर पर शुरू करवा दिया गया है, जो पूरी तरह से निशुल्क है। हालांकि, इस बीमारी का कोई स्थाई इलाज नहीं है और इसके लिए जीवन भर बेहद सतर्कता के साथ दवाएं लेनी पड़ती हैं। लाल-हरे रंग की स्याही से त्वचा पर उभर रहे हैं खतरनाक चकत्ते टैटू के शौकीनों को सावधान करते हुए डॉ. श्वेतांक ने बताया कि टैटू बनवाने से सिर्फ एचआईवी ही नहीं, बल्कि कई अन्य त्वचा संबंधी बीमारियां भी हो रही हैं। खासकर टैटू में इस्तेमाल होने वाली रंगीन स्याही के कारण लोगों की त्वचा में अलग-अलग तरह के ग्रेन्युलोमास बन रहे हैं। जो लोग लाल या हरे रंग की स्याही का इस्तेमाल करते हैं, उनमें 'ग्रेन्युलोमेटस रिएक्शन' या 'फॉरेन बॉडी रिएक्शन' का खतरा काफी ज्यादा होता है। इसमें त्वचा पर लाल-लाल और खुजलीदार चकत्ते पड़ने लगते हैं जो काफी दर्दनाक होते हैं। टैटू बनवाते समय इन बातों का रखें खास ख्याल डॉ. श्वेतांक ने आम जनता और विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे टैटू बनवाने के मामले में बेहद सतर्क रहें। उन्होंने सलाह दी है कि हमेशा किसी अच्छी, साफ-सुथरी और प्रमाणित जगह से ही टैटू बनवाना चाहिए। इसके साथ ही, टैटू बनाने वाले आर्टिस्ट पर इस बात का दबाव बनाएं कि वह आपके सामने ही सील पैक से नई और कीटाणुरहित सुई निकाले और उसका इस्तेमाल करे। टैटू बनवाने से पहले इस्तेमाल होने वाले रंगों और औजारों की स्वच्छता को लेकर खुद पूरी तसल्ली कर लें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी चूक जीवन भर की बड़ी मुसीबत बन सकती है।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के धनबाद जिले से वांछित आरोपी सोमराज विश्नोई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लाडनूं थाना क्षेत्र में पकड़ी गई 27 किलो 330 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त की खेप बेचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार एएनटीएफ नागौर की सूचना पर लाडनूं पुलिस ने आसोटा क्षेत्र में एक ट्रेलर की तलाशी ली थी। इस दौरान ट्रेलर से 3 प्लास्टिक के बोरों में 27 किलो 330 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त बरामद हुआ था।इस मामले में जोधपुर निवासी जगदीश विश्नोई को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। धनबाद पहुंचकर आरोपी को दबोचाजांच के दौरान सामने आया कि बरामद डोडा-पोस्त जगदीश विश्नोई ने सोमराज विश्नोई से खरीदा था। सोमराज उस समय झारखंड के धनबाद जिले के तोपचाची स्थित राजस्थान होटल में रह रहा था।इसके बाद जसवंतगढ़ थाने के थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। इस टीम ने धनबाद पहुंचकर आरोपी सोमराज विश्नोई को गिरफ्तार किया। झारखंड में कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बाद आरोपी को राजस्थान लाया गया है, जहां उससे आगे की पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी सोमराज पुत्र भागीरथराम विश्नोई (31) मूल रूप से कानासर, थाना बाप, जिला फलोदी का निवासी है।इस कार्रवाई में थानाधिकारी राजेश कुमार के साथ हेड कॉन्स्टेबल सुखाराम, कॉन्स्टेबल मुकेश कुमार और प्रदीप की अहम भूमिका रही।
राज्यसभा सांसद के आवास के सामने गोशाला में चोरी:दानपात्र तोड़कर ले गए रुपए, सीसीटीवी से चोर की तलाश
आगरा के थाना सिकंदरा अंतर्गत इंडस्ट्रियल एरिया में राज्यसभा सांसद नवीन जैन के आवास के सामने बनी गौशाला में चोरों ने दानपात्र तोड़कर चोरी कर ली। सुबह जब लोग आए तो उन्होंने दानपात्र टूटा देखा। सीसीटीवी से चोर की तलाश की जा रही है। समिति की ओर से चोरी की तहरीर दी जा रही है।इंडस्ट्रियल एरिया में राज्यसभा सांसद नवीन जैन के आवास के सामने निरश्रित और बीमार गोवंश के इलाज के लिए गोशाला है। यहां पर करीब 70 गोवंश है। गोशाला के गेट पर ही दान पात्र बना है। इसमें लोग गोशाला के संचालन के लिए दान डालते हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार रात में चोरों ने दानपात्र को तोड़कर उसमें से रुपए चोरी कर लिए। सुबह गोशाला में आए लोगों ने दान पात्र टूटा हुआ देखा। चोर दान पात्र के सारे रुपए चुरा ले गए हैं। गोशाला समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि दान पात्र से ही गोवंश के चारे और दवा का इंतजाम होता है। उनकी ओर से पुलिस को तहरीर दी जा रही है।
मऊगंज जिले में नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर संजय कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के बाद जिलेभर में जनजागरूकता के लिए रथ को भी रवाना किया गया। अधिकारियों ने ली नशा मुक्त समाज की शपथ सुबह 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने परिवार, समाज और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने की शपथ ली। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय और डीजीपी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मऊगंज से जनजागरूकता रथ रवाना किया गया, जो जिले के गांवों और कस्बों में पहुंचकर लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करेगा। स्कूल-कॉलेजों में भी चल रहा अभियान जागरूकता रथ पर ऑडियो संदेश, पोस्टर और प्रचार सामग्री के माध्यम से नशे के दुष्परिणाम बताए जाएंगे। वहीं पुलिस की टीमें स्कूलों, कॉलेजों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही हैं। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी और जागरूकता से ही नशामुक्त समाज का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
झुंझुनूं के जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अखिल राजस्थान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त विकास संघर्ष समिति के बैनर तले कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर जबरदस्त आक्रोश जताया। सहायिकाओं ने कलेक्ट्रेट पर करीब एक घंटे तक लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी और उमस के कारण एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौके पर ही बेहोश हो गई, जिसे साथी कार्यकर्ताओं ने संभाला। हमे भीड़ जुटाने की मशीन समझा प्रदर्शन कर रही कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्थानीय राजनेताओं की कार्यप्रणाली पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा- हमें सिर्फ भीड़ जुटाने की मशीन समझ लिया गया है। चाहे कोई मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हो, कोई अन्य नेता आए या फिर किसी विधायक का जन्मदिन ही क्यों न हो, हर जगह भीड़ दिखाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ही ड्यूटी पर बुला लिया जाता है। 10 हजार में घर चलाना नामुमकिन कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा- हमसे विभाग के मूल काम के अलावा दुनिया भर के गैर-आईसीडीएस (Non-ICDS) काम करवाए जाते हैं, लेकिन महीने के अंत में मानदेय के नाम पर सिर्फ 10 हजार रुपए थमा दिए जाते है। इतने कम वेतन में इस महंगाई के दौर में परिवार पालना नामुमकिन हो गया है। कलेक्टर को बुलाया जाए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं में जबरदस्त आक्रोश था। जब कलेक्ट्रेट के अंदर प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) ने बाहर आकर बताया- जिला कलेक्टर ने मांगों को आगे भिजवाने और सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है, तो प्रदर्शनकारी महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने आश्वासन को ठुकराते हुए कहा कि हम अंदर के बंद कमरों के आश्वासन को नहीं मानेंगे, जिला कलेक्टर को नीचे हमारे सामने कलेक्ट्रेट परिसर में धूप में खड़ा करो, हम खुद अपनी पीड़ा सुनाएंगे। भारी पुलिस जाब्ता तैनात उग्र प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव की स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिप्टी एसपी गोपाल ढाका, कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार सहित पुलिस की विशेष 'कालिका टीम और भारी संख्या में पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके मांगे नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र फौजी ने कहा- यह तो सिर्फ शुरुआत है, अगर सरकार ने हमारी जायज मांगों पर तुरंत निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में जिले भर में इससे भी बड़ा उग्र प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। नाहिदा कुरैशी और सरोजनी ने दो टूक शब्दों में कहा, हमारा मानदेय कम से कम 35,000 होना चाहिए, 10,000 रुपए में आज के समय में क्या होता है। तस्वीरों में देखिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विरोध… मांग पत्र की प्रमुख पांच बड़ी मांगे संघर्ष समिति की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम सौंपे गए 11 सूत्रीय मांग पत्र में यह प्रमुख मांगें शामिल हैं।
सिवनी में झमाझम बारिश से बदला मौसम:किसानों को मिली राहत; धान रोपाई पकड़ेगी रफ्तार
सिवनी जिले में शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। करीब एक सप्ताह से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बारिश और ठंडी हवाओं से राहत मिली। वहीं, लंबे इंतजार के बाद हुई इस वर्षा से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। पिछले एक सप्ताह से जिले में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई प्रभावित हो रही थी। लगातार तेज धूप और उमस के चलते खेतों की नमी कम हो गई थी, जिससे किसान चिंतित थे। शुक्रवार सुबह हुई बारिश से खेतों में दोबारा नमी लौट आई है और अब धान रोपाई का काम तेज होने की उम्मीद है। खरीफ फसलों के लिए संजीवनी बनी बारिश किसानों का कहना है कि धान, मक्का, सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की अच्छी बढ़वार के लिए नियमित वर्षा जरूरी है। पिछले सप्ताह बारिश नहीं होने से कई किसानों ने रोपाई रोक दी थी, जबकि कुछ क्षेत्रों में लगाए गए धान के पौधों पर भी नमी की कमी का असर दिखने लगा था। समय पर हुई इस बारिश को किसान खरीफ सीजन के लिए संजीवनी मान रहे हैं। जलाशयों में बढ़ेगी पानी की आवक बारिश से जिले के तालाबों, नालों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। किसानों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह वर्षा होती रही तो कृषि गतिविधियां और तेज होंगी तथा खेतों में काम बढ़ने से ग्रामीण मजदूरों को भी रोजगार मिलेगा। अगले 48 घंटे बारिश के आसार बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान जिले के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। यदि यह सिलसिला जारी रहा तो खरीफ फसलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
उदयपुर के हर्षिल गुप्ता ने NEET UG-2026 में ऑल इंडिया-22 रैंक हासिल की है। हर्षिल ने 720 में से 700 अंक हासिल किए है। हर्षिल ने बताया कि उन्होंने 2 साल तक नियमित रूप से अनुशासन के साथ हर दिन 6-7 घंटे पढ़ाई की। खुद को मेंटली और फिजिकली फिट रखने के लिए रोज एक घंटा आउटडोर स्पोर्ट्स भी खेलते थे। हर्षित ने तैयारी के दौरान दो साल तक मोबाइल यूज नहीं किया और पूरी तरह ऑफलाइन तरीके से पढ़ाई की। रिजल्ट आने के बाद उनके टीचर्स ने उनके घर पहुंचकर स्वागत-सम्मान किया। बता दें, हर्षिल के पिता डॉ. पंकज गुप्ता और माता डॉ. कल्पना गुप्ता दोनों ही डॉक्टर हैं। हर्षिल ने बताया कि पेरेंट्स की प्रेरणा और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह मुकाम हासिल किया है। कल्याणपुर से 2 छात्रों को सफलता, प्रदीप ने की थी सेल्फ स्टडी कल्याणपुर पंचायत समिति के भी दो होनहार स्टूडेंट को सफलता मिली है। राजस्व गांव बामनवाड़ा निवासी सौरभ पण्डया पुत्र नरेश पण्डया ने ऑल इंडिया रैंक 3089 प्राप्त की। वहीं ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 279 रैंक है। सौरभ के पिता नरेश पण्डया निजी तकनीशियन हैं, जबकि माता वनिता देवी गृहिणी हैं। सौरभ ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया। इसी तरह राजस्व गांव जयपुरा निवासी प्रदीप अहारी पिता हाकर चंद ने ऑल इंडिया-119881 रैंक हासिल की। इनकी एसटी वर्ग में 1499 रैंक है। प्रदीप के पिता हाकर चंद टीचर हैं और माता नर्सिंगकर्मी हैं। विशेष बात यह है कि प्रदीप ने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी करके ये उपलब्धि हासिल की।
घर में अकेली किशोरी से दुष्कर्म का आरोप:देवरिया में कार्रवाई न होने पर SP कार्यालय पहुंचा परिवार
देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र की एक किशोरी ने गांव के एक युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। किशोरी ने शुक्रवार को दिन में 11 बजे पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर से न्याय की गुहार लगाई और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उसने सुबह 11 बजे एसपी कार्यालय पहुंचकर लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा। किशोरी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि यह घटना 28 मई की है। उस दिन वह घर पर अकेली थी, क्योंकि उसकी मां बाहर गई हुई थी। इसी दौरान आरोपी युवक उसके घर आया और उसकी मां के बारे में पूछताछ करने लगा। किशोरी का आरोप है कि युवक ने उसे घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके की ओर आने लगे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उसने अपनी मां को पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार ने कई बार सलेमपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय थाने से सुनवाई न होने पर परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का रुख किया और न्याय की मांग की। मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने शिकायत मिलने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में पिता के दोस्त ने नाबालिग छात्रा से रेप किया है। परिजनों की गैरमौजूदगी में आरोपी अंकल घर में आकर रेप करता था। अपने पास अश्लील फोटो-वीडियो होने की बात कहकर आरोपी ने पीड़िता को ब्लैकमेल किया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। साथ ही आरोपी अंकल को गिरफ्तार कर गुरुवार को जेल (जेसी) भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि जयपुर की रहने वाली 14 साल की लड़की से उसके पिता के दोस्त ने रेप किया। शिकायत में बताया गया कि कुछ साल पहले जब पीड़िता तीसरी क्लास में पढ़ती थी, तब पिता का दोस्त होने के कारण आरोपी अंकल का घर पर आना-जाना था। उस दौरान आरोपी अंकल ने उसे अकेला पाकर उसके साथ रेप किया। परिजनों की गैरमौजूदगी का पता चलने पर आरोपी अक्सर घर में घुस आता था और अकेला पाकर नाबालिग स्कूल छात्रा के साथ जबरदस्ती करता था। करीब 2 साल तक आरोपी अंकल उसका देहशोषण करता रहा। दूरी बनाने पर धमकाया नाबालिग पीड़िता को जब समझ आई, तो उसने आरोपी से दूरी बनाना शुरू कर दिया। परिजनों की गैरमौजूदगी में जब आरोपी घर आता, तो वह खुद को अलग कमरे में बंद कर लेती या आरोपी से बचने के लिए अपने मम्मी-पापा को फोन लगाकर बातचीत करने लगती थी। पिछले कुछ महीनों से आरोपी अंकल दोबारा शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा। वह अपने पास उसके अश्लील फोटो-वीडियो होने की बात कहकर, उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा और ब्लैकमेल करने लगा। स्कूल छात्रा डिप्रेशन में रहने लगी इस ब्लैकमेलिंग के डर के मारे नाबालिग स्कूल छात्रा डिप्रेशन में रहने लगी। काफी दिनों तक बेटी को लगातार डिप्रेशन में देखकर परिजनों ने जब उससे सख्ती से पूछा, तो नाबालिग पीड़िता ने रोते हुए आपबीती सुनाई और आरोपी अंकल की करतूत के बारे में बताया। इसके बाद गुस्साए परिजनों के साथ थाने पहुंची नाबालिग पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल करवाया और बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपी अंकल को गिरफ्तार कर गुरुवार दोपहर जेसी (न्यायिक हिरासत) भेज दिया है।
लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी थाना क्षेत्र में गोवध निवारण अधिनियम के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को मौके से दबोच लिया गया। दोनों के कब्जे से अवैध हथियार, गोवध में प्रयुक्त उपकरण और बाइक बरामद हुई है। लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात गोवध निवारण अधिनियम के मामले में वांछित दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा आरोपी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग पुलिस के अनुसार, पुवायां मार्ग से भंगेली जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में रसूलपुर निवासी अब्दुल माबूद (35) के बाएं पैर में गोली लगी। वहीं, उसका साथी मोहम्मद रिजवान (45) निवासी जैती को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपी 11 जुलाई को दर्ज गोवध निवारण अधिनियम के मुकदमा संख्या 403/2026 में वांछित चल रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, तीन चाकू, एक कुल्हाड़ी, लकड़ी का ठीहा तथा घटना में प्रयुक्त हीरो एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल आरोपी अब्दुल माबूद को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मुठभेड़ के संबंध में दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, अब्दुल माबूद के खिलाफ पहले से गोवध निवारण अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, मोहम्मद रिजवान के खिलाफ भी गोवध मामले और पुलिस मुठभेड़ से संबंधित मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
कानपुर के शिवराजपुर में रजनीश उर्फ लकी की सुसाइड कर लिया। गुरुवार रात करीब 11 बजे उनका शव घर में फंदे से लटका मिला। बचाने दौड़े परिवार वालों ने रजनीश को रस्सी काटकर नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी ममौत हो गई। रजनीश की शराब पीने की लत से परेशान होकर उसकी पत्नी दो महीने पहले उसका घर छोड़कर मायके चली गई थी। इससे रजनीश नाराज था। मामला शिवराजपुर थाना क्षेत्र के कुकरी गांव की है। 35 वर्षीय रजनीश उर्फ लकी पुत्र रवीश चंद्र कटियार का शव शुक्रवार को उनके घर के अंदर कमरे में पंखे के सहारे फंदे से लटका मिला। जब घर वालों की नजर उन पर पड़ी, तो चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत हिम्मत दिखाकर फंदे की रस्सी काटी और रजनीश को नीचे उतारा। वे उन्हें बचाने की उम्मीद में अस्पताल ले जाने ही वाले थे। लेकिन तब तक रजनीश दम तोड़ चुके थे। शराब की आदत के कारण 2 महीने पहले छूटा था साथ रजनीश की शादी करीब 5 साल पहले अंजलि नाम की महिला से हुई थी और दोनों का एक 4 साल का छोटा बेटा भी है, जिसका नाम श्लोक है। शादी के बाद शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे रजनीश को शराब की बुरी लत लग गई। शराब पीने की इसी आदत को लेकर घर में अक्सर मनमुटाव और झगड़े होने लगे थे। आखिरकार तंग आकर करीब 2 महीने पहले अंजलि अपने पति का घर छोड़कर अपने बेटे के साथ दिल्ली चली गई, जहां उसके माता-पिता रहते हैं। पत्नी के जाने के बाद से रजनीश घर में अकेलेपन और गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी के चलते उसने शुक्रवार को यह आत्महत्या कर ली। थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया - पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब पीने को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद पत्नी मायके चली गई थी, जिससे दुखी होकर युवक ने यह कदम उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच में 5 वाहन सीज, 966 वाहनों के कटे चालान:SP के निर्देश पर चला विशेष अभियान,12 लाख का जुर्माना
बहराइच में यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शहरी और ग्रामीण इलाकों में चलाए गए इस अभियान के तहत 966 वाहनों का चालान किया गया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर जनपद में यह अभियान चलाया जा रहा है। यातायात प्रभारी राम प्रसाद यादव के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर कुल 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। यातायात प्रभारी ने बताया कि अभियान के दौरान दोपहिया वाहनों पर तीन सवारी बैठाने और गलत या अस्पष्ट नंबर प्लेट लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसी क्रम में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच वाहनों को सीज भी किया गया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोका जा सकता है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से शुक्रवार सुबह बोरदा गांव स्थित मां रुद्रकाली आश्रम परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले ने केवल औपचारिक रूप से पौधा लगाने के बजाय खुद पावड़ा उठाकर गड्ढा खोदा और पूर्व विधायक रघुनंद शर्मा समेत अन्य लोगों के साथ पौधारोपण किया। बरगद, पीपल, नीम समेत लगाए 11 पौधे आश्रम के संत सिद्धनाथ शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बरगद, पीपल, नीम और आम सहित कुल 11 पौधे लगाए गए। पौधारोपण के बाद सभी ने पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें बड़ा करने का संकल्प भी लिया। 'पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी जरूरी' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और देखभाल भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि जहां भी पौधारोपण हो, वहां पौधों की सुरक्षा और देखभाल भी हो। उन्होंने बच्चों, युवाओं, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में यही पेड़ सबसे अधिक ऑक्सीजन देंगे और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगे। लोगों के बीच बैठकर की अपील सीईओ इच्छित गढ़पाले ने आश्रम परिसर में लोगों के बीच जमीन पर बैठकर अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संदेश दिया। हर साल चलता है पौधारोपण अभियान मां रुद्रकाली आश्रम में हर वर्ष बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाता है। वर्षों से लगातार किए जा रहे इस प्रयास का परिणाम है कि आज आश्रम परिसर चारों ओर से घने और हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित हो चुका है।
बूंदी के नैनवां क्षेत्र में गुरुवार देर रात बजरी माफिया और पुलिस के बीच झड़प हो गई। अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर का पीछा कर रही पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की गई, जिसमें 2 पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस की गाड़ी के शीशे टूट गए। यह घटना रजलवाता गांव में हुई, जब पुलिस अवैध बजरी परिवहन में लगे एक ट्रैक्टर को जब्त करने पहुंची थी। इसी दौरान बजरी माफिया के परिवार की महिलाओं ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरबाजी के बावजूद, पुलिस ने मौके से एक ट्रैक्टर जब्त कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही नैनवां डिप्टी ओमप्रकाश मीणा और थाना अधिकारी सहदेव मीणा मौके पर पहुंचे।नैनवां थानाधिकारी सहदेव मीणा ने बताया कि वे बजरी के ट्रैक्टर का पीछा कर रहे थे। रजलवाता गांव में एक महिला ने सड़क पर पत्थर डालकर रास्ता जाम कर दिया और अचानक पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया। इस हमले में 2 जवान घायल हो गए। थानाधिकारी मीणा ने यह भी बताया कि पुलिस ने बजरी वाले ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है और पत्थरबाजी करने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। डीएसपी ओमप्रकाश मीणा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में कार्रवाई की जा रही है और हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुक्रवार को हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच शुरु हो गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। फूलों से सजी 10 कोच वाली इस ट्रेन को देखने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, ट्रेन के पहले सफर का साक्षी बनने का मौका केवल स्कूली बच्चों को मिला। सेलेक्ट किए गए 200 स्टूडेंट ने ट्रेन में जींद से सोनीपत तक सफर किया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में पीएम मोदी के साथ केवल हरियाणा गर्वनर असीम घोष, रेल मंत्री अश्वनी वैष्ण्व और सीएम नायब सैनी ही मौजूद रहे। फतेहाबाद में नलवा से बीजेपी विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक दुड़ाराम ने लोकल ट्रांसपोर्ट का यूज किया। वे ई-रिक्शा में कार्यक्रम स्थल पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने महिलाओं के बीच जाकर जमकर डांस किया। 1. रेल मंत्री अश्वणी वैष्णव ने पीएम मोदी को हाइड्रोजन ट्रेन का मॉडल भी सौंपा 2. पीएम मोदी के कार्यक्रम के लिए जींद रेलवे स्टेशन को भव्य तरीके से सजाया गया था 3. जींद रेलवे स्टेशन के बाहर स्वागत के लिए ढोल पार्टियां डांस करती हुईं 4. जींद रेलवे स्टेशन के बाहर स्वागत के लिए बीन पार्टियां कार्यक्रम पेश करती हुई 5. जींद में रैली स्थल पर डांस करता बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ता 6. पीएम की सुरक्षा में तैनात ब्लैक कैट कमांडो के साथ युवाओं ने सेल्फी ली 7. फतेहाबाद में ई-रिक्शा से पहुंचे नलवा विधायक रणधीर पनिहार, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व विधायक दुड़ाराम 8. फूलों से सजाए गए जींद रेलवे स्टेशन के बाहर पोते के साथ सेल्फी लेते दादा-दादी। 9. पीएम के कार्यक्रम में पहुंचीं महिलाओं ने जमकर नारे लगाएं। 10. पीएम की हाथ से बनाई फोटो को फ्रेम में जुड़वा कर पहुंचे युवक की मोदी ने तारीफ की। 11. कई युवा जींद रैली में पीएम मोदी की कई पिक्चर बनाकर लाए थे। -------------------------------- हाइड्रोजन ट्रेन से जुड़ीं ये खबर पढ़ें… भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन चलना शुरू:हरियाणा में जींद से सोनीपत तक 89km का रूट; PM बोले- यह दुनिया में सबसे लंबी और ताकतवर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच चली। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन गया है। इससे पहले जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन में ही हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
वाराणसी में SAI के नए NCOE (नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के लिए कुश्ती खिलाड़ियों का चयन ट्रायल चल रहा है। इसमें 150 से अधिक पहलवान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सेंटर के लिए 36 पुरुष और 36 महिला पहलवानों का चयन अलग-अलग भार वर्गों में किया जाएगा। चयन प्रक्रिया के लिए टीआईडीसी, दिल्ली की टीम को नामित किया गया है, जिसकी निगरानी में ट्रायल आयोजित हो रहा है। ट्रायल के दौरान द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित महासिंह रावत और महावीर प्रसाद के साथ लखनऊ SAI के मुख्य कोच साहिल शर्मा भी मौजूद हैं। तीन तस्वीरें देखिए…. 36-36 सीटों पर होगा चयन चयन के संबंध में डिप्टी डायरेक्टर सिगरा SAI NCOE शुभांशु द्विवेदी ने बताया - इस समय SAI की तरफ से इस NCEO सेंटर के लिए रेसलिंग डिस्प्लीन के ट्रायल हो रहे हैं। ये आवासीय योजना के लिए सेलेक्शन हो रहा है। हमारे पास पुरुष और महिला वर्ग में 36-36 सीट हैं। पूरी वैकेंसी फील की जाएगी जूनियर वर्ग में हम दो से तीन सीट वेकेंट भी रखेंगे की किसी कारणवश कोई रेसलर न आ पाए क्योंकि ये एडमिशन के सीजन चल रहे हैं। सीनियर कैटेगरी में वेट लिस्ट एक या दो होगी बस। आज शाम जारी होगी फाइनल लिस्ट शुभांशु द्विवेदी ने बताया - हम 60 से 70 की लिस्ट फाइनल करेंगे। जिसमें से 36-36 पहलवान अंतिम चयन ट्रायल में लिए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया को शुचिता पूर्वक करवाने के लिए दो द्रोणाचार्य अवार्डी और साक्षी और विनेश फोगाट के कोच रह चुके साहिल शर्मा ट्रायल ले रहे हैं। 17 जुलाई शाम तक अंतिम फाइनल लिस्ट जारी हो जाएगी।
कौशांबी पुलिस ने किया दंगा नियंत्रण अभ्यास:आधुनिक उपकरणों के साथ बलवा ड्रिल का प्रदर्शन
कौशांबी पुलिस ने जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस लाइन में हाई-इंटेंसिटी बलवा ड्रिल का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण के निर्देशन में इस अभ्यास में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने दंगा नियंत्रण के विभिन्न चरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों ने न्यूनतम बल प्रयोग की नीति का पालन करते हुए भीड़ नियंत्रण की आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण लिया। इसमें टियर गैस गन, एंटी रायट गन, चिली बम, रबर बुलेट और हैंड ग्रेनेड जैसे दंगा नियंत्रण उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग का अभ्यास किया गया। अभ्यास में एलआईयू द्वारा सूचना संकलन, नागरिक पुलिस द्वारा भीड़ को समझाने का प्रयास, चेतावनी जारी करना, अग्निशमन विभाग द्वारा पानी की बौछार, टियर गैस का प्रयोग, लाठी पार्टी द्वारा भीड़ को नियंत्रित करना तथा आवश्यकता पड़ने पर फायर पार्टी की कार्रवाई जैसे सभी चरणों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही घायलों को प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की त्वरित व्यवस्था का भी अभ्यास कराया गया। बलवा ड्रिल के बाद रिजर्व पुलिस द्वारा घटनास्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिकेट ड्यूटी का भी प्रदर्शन किया गया। पूरे अभ्यास की निगरानी ड्रोन कैमरे से की गई, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने स्वयं पूरे अभ्यास का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्रिल के दौरान मिली छोटी-छोटी कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे नियमित अभ्यास से किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होती है। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह, क्षेत्राधिकारी मंझनपुर सौरभ सामंत, क्षेत्राधिकारी चायल शिवांक सिंह, क्षेत्राधिकारी अपराध अरुण शुक्ला, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन तथा जनपद के सभी थाना एवं शाखा प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बड़ौत में युवक पर पुरानी रंजिश में जानलेवा हमला:पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की
बागपत जनपद के बड़ौत थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया है। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। महावतपुर बावली पट्टी खोबा, थाना बड़ौत निवासी पप्पन कुमार पुत्र रामपाल ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि गांव के कुछ लोगों से उनकी पिछले करीब दो वर्षों से कानूनी रंजिश चल रही है। इसी पुरानी दुश्मनी के कारण आरोपी उनसे रंजिश रखते हैं। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 14 जुलाई 2026 की रात करीब 10 बजे हुई, जब वह दुकान से सामान लेकर अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। पप्पन कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उन पर चाकू से भी हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शिकायतकर्ता का कहना है कि हमलावर उन पर पुराने मुकदमे को वापस लेने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि आरोपियों ने मुकदमा वापस न लेने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पप्पन कुमार ने बताया कि शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर पुलिस को दी गई थी। अगले दिन पीड़ित ने थाना बड़ौत में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने केवल मेडिकल कराने के बाद उन्हें वापस भेज दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक ऑफिस में शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। एसपी ऑफिस के अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया
जमशेदपुर में शुक्रवार को हुई कुछ घंटों की तेज बारिश से शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के पटेल नगर और टीचर्स कॉलोनी सहित कई इलाकों में 200 से अधिक घरों में गंदा पानी घुस गया। इससे लोगों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बारिश से पहले बड़े नालों और जल निकासी मार्गों की उचित सफाई नहीं की गई थी। नालियों में जमा गाद और कचरे के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं। गंदा पानी घरों में घुसने से फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, राशन और कपड़ों सहित घरेलू उपयोग की वस्तुएं खराब हो गईं। कई परिवारों को घरों से पानी निकालने में परेशानी हुई। हर साल बारिश में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है: स्थानीय जलभराव के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। गलियों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों का आवागमन बाधित हो गया, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष कठिनाई हुई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर साल बारिश में ऐसी ही स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन नगर निगम स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाता। नगर निगम के खिलाफ व्यापक आंदोलन की चेतावनी इस घटना से नाराज लोगों ने नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, नालों की तत्काल सफाई कराने और जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से सुधारने की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे नगर निगम के खिलाफ व्यापक आंदोलन करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त से मुलाकात की। उन्होंने उपायुक्त को प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं से अवगत कराया और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, नालों की तत्काल सफाई तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराने की मांग की।
लखनऊ के जानकीपुरम स्थित अटल तिराहा के पास शुक्रवार तड़के अंग्रेजी शराब की दुकान के पीछे बने गोदाम में अचानक आग लग गई। आग लगने के समय गोदाम के अंदर दो लोग फंस गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए 40 मिनट में आग पर काबू पा लिया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फायर विभाग के अनुसार सुबह करीब 4:11 बजे एमडीटी के माध्यम से आग लगने की सूचना मिली। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के निर्देश पर फायर स्टेशन बख्शी का तालाब से प्रभारी अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में दमकल वाहन मौके पर रवाना हुआ। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि अंग्रेजी शराब की दुकान के पीछे स्थित शराब के गोदाम में आग लगी थी और गोदाम का शटर बंद था। अंदर दो लोग फंसे होने की जानकारी मिलते ही दमकल कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दमकल वाहन से पानी की बौछार कर आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। दमकल विभाग के मुताबिक समय रहते कार्रवाई होने से आग पर 40 मिनट में नियंत्रण पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
विदिशा जिले में इस बार मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आषाढ़ माह का आधा समय बीत चुका है, लेकिन जिले में अब तक केवल 248 मिमी (करीब 10 इंच) बारिश दर्ज हुई है। पिछले साल इसी अवधि तक 431 मिमी (करीब 17 इंच) बारिश हो चुकी थी। यानी इस बार अब तक 7 इंच कम बारिश हुई है। बारिश की कमी का असर खरीफ फसलों पर दिखने लगा है। सोयाबीन और धान की फसल को इस समय अच्छी बारिश की जरूरत है, लेकिन खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। इससे किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। गुरुवार को दिन भर धूप के बाद शाम को बादल छाएगुरुवार शाम आसमान में काले बादल छाए और ठंडी हवाएं चलीं। इससे लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद जगी। देर रात करीब 10:30 बजे तेज बौछारें भी पड़ीं, लेकिन बारिश सिर्फ दो मिनट तक ही हुई। इससे केवल सड़कें गीली हुईं। बारिश रुकने के बाद गर्मी और उमस और बढ़ गई। कुछ दिन पहले लगातार बारिश के कारण लोगों ने कूलर और एसी बंद कर दिए थे, लेकिन अब बढ़ती उमस के कारण उन्हें फिर से चलाना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह भी बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। बारिश की कमी और बढ़ती उमस का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। जिला अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में बुखार, वायरल और मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ीकिसान खिलान सिंह यादव ने बताया कि उन्होंने 10 बीघा में धान की फसल लगाई है। लगातार बारिश नहीं होने से खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और धान के पौधे सूखने की कगार पर हैं। उनका कहना है कि अगर दो-चार दिन और अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान के साथ सोयाबीन की फसल को भी भारी नुकसान होगा। खेत पर मौजूद कुएं में भी पर्याप्त पानी नहीं बचा है, जिससे सिंचाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। शुक्रवार को बादल छाने से उमस बढ़ेगीमौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रहने और उमस बनी रह सकती है। विभाग ने 18, 19 और 20 जुलाई को जिले में बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। जिले की औसत वार्षिक बारिश 1075 मिमी (करीब 43 इंच) मानी जाती है। इसके मुकाबले अब तक केवल 248 मिमी (करीब 10 इंच) बारिश हुई है। ऐसे में अब किसानों की उम्मीदें अगले तीन दिनों की बारिश पर टिकी हैं। यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के मुद्दे पर आज कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने लोकभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को नकटी गांव के प्रभावित परिवारों के साथ हुई कार्रवाई और उनकी समस्याओं से अवगत कराया। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, राज्यपाल ने पूरे मामले पर विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा करने का आश्वासन दिया है। कांग्रेस ने राज्यपाल से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग भी की। 14 किमी पदयात्रा के बाद मांगा था समय इससे पहले बुधवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस ने नकटी गांव से राजभवन तक करीब 14 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली थी। पदयात्रा वीआईपी चौक होते हुए लोकभवन पहुंची, लेकिन उस दिन राज्यपाल से मुलाकात नहीं हो सकी थी। इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात के लिए समय मांगा था। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि तीन दिनों के भीतर राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिला, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। पदयात्रा के दौरान हुआ था हंगामा बुधवार की पदयात्रा के दौरान मेक इन इंडिया चौक के पास पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जबकि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। पदयात्रा में शामिल प्रभावित परिवारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नकटी में ही घर बनाओ के नारे लगाए थे और गांव में ही पुनर्वास की मांग की थी। अब राज्यपाल से मुलाकात के बाद कांग्रेस की नजर विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद होने वाली संभावित चर्चा पर है। पार्टी का कहना है कि यदि प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
धौलपुर जिले में मानसून के लंबे अंतराल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद बोई गई खरीफ फसलें अब पानी की कमी के कारण मुरझाने लगी हैं। किसानों ने अगले 8 से 10 दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होने पर भारी नुकसान की आशंका जताई है। जिले में बाजरा, मूंग, उड़द, तिल और सोयाबीन सहित विभिन्न खरीफ फसलों की बुवाई समय पर की गई थी। शुरुआती वर्षा से अंकुरण और पौधों की वृद्धि अच्छी रही थी, लेकिन अब लंबे समय से बारिश न होने के कारण खेतों में नमी लगातार कम हो रही है। पानी की कमी से मुरझा रही फसलेंनमी की कमी के चलते कई स्थानों पर फसलें मुरझा रही हैं और उनका विकास रुक गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने महंगे बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री पर बड़ी लागत लगाई है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो फसलें सूख सकती हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट आएगी और लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खरीफ फसलों की इस अवस्था में खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। लगातार वर्षा न होने से पौधों की वृद्धि और कुल उत्पादन दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में जिले के किसान अब अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके।
बाड़मेर में शुक्रवार को 33 केवी लाइन से करंट की चपेट में आने से किसान गंभीर घायल हो गया। जिसे स्थानीय लोगों ने हॉस्पिटल लेकर आए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया। हाथ में लकड़ी होने की वजह से उनकी जान बच गई। मामला जिले के सेड़वा उपखंड के करटिया गांव का है। हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया है कि 50 घरों की बस्ती से 33 केवी लाइनें निकल रही है। कई बार प्रशासन को अवगत करवाया, लेकिन शिफ्टिंग की कार्रवाई नहीं की गई। किसान पेड़ की डालियां काट रहा था स्थानीय ग्रामीण ने बताया- करटिया गांव निवासी पदमाराम पुत्र मेकाराम खेत में पेड़ पर चढ़कर डालियां काट रहा था। इस दौरान वहां से गुजर रही 33 केवी लाइने की चपेट में आया गया। इससे पदमाराम पेड़ से नीचे गिर गया। इससे उसको गंभीर चोटे आई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचकर। घायल को सेड़वा हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां पर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर कालूराम ने उसको रेफर कर दिया गया है। परिजन उसको सांचौर लेकर गए है। शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ स्थानीय लोगों का आरोप है कि करटिया गांव में 50 घरों की आबादी है। आबादी की जगह से 33 केवी लाइन निकल रही है। हमने इसको लेकर प्रशासन को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया। आए दिन लाइट लाइनों से लोग करंट की चपेट में आ रहे है।
झाबुआ जिले में युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग का जागरूकता अभियान जारी है। इसी क्रम में पेटलावद एसडीओपी अनुरक्ति सबनानी ने करवड़ स्थित राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर बालक छात्रावास पहुंचकर छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और इससे दूर रहने की अपील की। यह अभियान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के निर्देश पर 15 से 30 जुलाई तक चलाया जा रहा है। झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया के मार्गदर्शन में जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गलत संगत से बचने की दी सीख एसडीओपी अनुरक्ति सबनानी ने छात्रों से कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करता है। उन्होंने छात्रों को अच्छी संगत चुनने और नशा करने वाले लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गलत चीजों को पहचानकर उनसे दूर रहना ही समझदारी है। हेल्पलाइन की दी जानकारी, दिलाई शपथ कार्यक्रम में एसडीओपी ने नशा मुक्ति हेल्पलाइन की जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशे की चपेट में आ गया है तो उसे डरने के बजाय मदद लेनी चाहिए। उन्होंने छात्रों, ग्रामीणों और छात्रावास स्टाफ को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में करवड़ चौकी प्रभारी प्रहलाद सिंह चुंडावत, छात्रावास अधीक्षक रितेश गामड़, ग्रामीण गंगाराम डामर, अरुण भोला पाटीदार सहित बड़ी संख्या में छात्र और ग्रामीण उपस्थित रहे।

