प्रयागराज में जल निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जाली ज्वाइनिंग लेटर, आईडी कार्ड देकर यह ठगी की गई। पीड़ित युवक को जल निगम के टयूबवेल पर बुलाकर कई दिनों तक काम भी कराया गया। फर्जी हाजिरी भी लगवाई गई। पुलिस की ओर से सुनवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत की शरण ली, जिसके बाद थाना जार्जटाउन में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल निगम अधिकारी बताकर बनाया भरोसासोरांव के चांदपुर सराय भारत निवासी राजेन्द्र कुमार पटेल ने बताया कि 2021 में उसकी मुलाकात अशोक यादव से हुई। उसने खुद को जल निगम का अधिकारी बताते हुए कहा कि विभाग में ट्यूबवेल ऑपरेटर की भर्ती निकली है। नौकरी के लिए पांच लाख रुपये खर्च होंगे।ससुर के सामने भी दिया भरोसाराजेंद्र ने यह बात अपने ससुर शिवशंकर को बताई। बाद में दोनों की मुलाकात अल्लापुर स्थित जल निगम कार्यालय में अशोक से हुई। वहां उसने विभाग के चार अन्य कर्मचारियों से भी मिलवाया। सभी ने भरोसा दिलाया कि रुपये देने पर नौकरी निश्चित रूप से मिल जाएगी।रजिस्टर्ड डाक से भेजा फर्जी नियुक्ति पत्र28 अक्टूबर 2021 को उसे रजिस्टर्ड डाक के जरिए फर्जी नियुक्ति पत्र भेजा गया। इसके बाद आरोपी ने उससे कुल पांच लाख रुपये ले लिए। इसमें करीब 1.80 लाख रुपये ऑनलाइन और शेष 3.20 लाख रुपये नकद दिए गए।रजिस्टर पर कराता रहा हस्ताक्षरपीड़ित का कहना है, उसे अल्लापुर लेबर चौराहा स्थित ट्यूबवेल पर बुलाकर कई दिनों तक काम कराया गया। यही नहीं एक रजिस्टर देकर हस्ताक्षर भी कराया जाता रहा। बाद में जानकारी हुई कि ज्वाइनिंग लेटर और आईडी कार्ड पूरी तरह फर्जी हैं तथा आरोपी कोई अधिकारी नहीं बल्कि प्रॉपर्टी डीलर है।पैसा वापस मांगने पर टालमटोलपीड़ित ने बताया कि जब उसने अशोक और जल निगम के एक कथित कर्मचारी रमेश सिंह से पैसा वापस मांगा तो दोनों टालमटोल करने लगे। आरोप है कि उनसे कहा गया कि पैसा खर्च हो चुका है। हालांकि अब तक एक भी रुपया वापस नहीं किया गया।कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमाराजेन्द्र कुमार ने बताया कि 6 दिसंबर 2025 को पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर थाना जार्जटाउन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने बताया कि लेनदेन के रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया जा रहा है।
सुलतानपुर में एक किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की सजा सुनाई गई। पॉक्सो कोर्ट के विशेष जज नीरज कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जो पीड़िता को दिया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने मात्र 20 दिन में आरोपपत्र दाखिल किया था, और प्रभावी पैरवी के चलते विशेष न्यायाधीश ने 17 महीने में ही फैसला सुना दिया। विशेष लोक अभियोजक रमेश चंद्र सिंह ने बताया- पीड़िता की मां ने 23 नवंबर 2022 को दोस्तपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 21 नवंबर 2022 की रात करीब साढ़े नौ बजे, जब पीड़िता की 12 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी।मां-पिता धान काटने खेत गए थे, गांव का मुन्नी लाल उनके घर में घुस आया और बेटी के साथ दुष्कर्म किया। डर के कारण बेटी ने उस दिन घटना के बारे में किसी को नहीं बताया। 23 नवंबर को जब उसने अपनी मां को पूरी बात बताई, तो मां ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी मुन्नीलाल को गिरफ्तार कर थाने ले गई और एफआईआर दर्ज करने के बाद उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मात्र 20 दिन में विवेचना पूरी की और 13 दिसंबर 2022 को आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। अभियोजन पक्ष की तेज पैरवी के कारण पांच गवाहों के बयान दर्ज किए गए और विचारण प्रक्रिया 17 महीने में पूरी हुई। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ग्राम बेथरा निवासी दोषी मुन्नी लाल को सजा काटने के लिए जेल भेज दिया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि अदा नहीं करता है, तो उसे दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मेरठ जेल में मिलाई करने पहुंचे बंदियों के परिजन आपस में भिड़ गए। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। मौजूद जेल सुरक्षा कर्मियों ने दोनों पक्षों को संभाला और चेतावनी देकर बाहर निकाल दिया। सूचना मिलते ही मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे। नौचंदी थाना क्षेत्र में 6 फ़रवरी को असलम की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया था जो वर्तमान में जिला जेल मेरठ में बंद हैं। असलम पक्ष के भी दो लोग जेल में काफी पुराने समय से बंद चले आ रहे हैं। बुधवार को इन दोनों ही पक्ष के लोगों में मिलाई के दौरान पहले नोकझोंक और फिर हाथापाई हो गई। ईद से पहले पहुंचे थे मिलाई करने ईद के चलते बुधवार को दोनों ही पक्ष के लोग जिला जेल में अपने-अपने लोगों से मिलाई करने के लिए पहुंचे थे। कतार में लगने के दौरान ही दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई थी। इसके बाद छींटाकशी शुरू हो गई। उस वक्त तो सुरक्षा कर्मियों ने फटकार कर दोनों पक्षों को शांत कर दिया लेकिन अंदर जैसे ही मिलाई के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आए उनमें फिर बहस शुरू हो गई। मारपीट होते ही मचा हड़कंप जेल के अंदर मिलाई सार्वजनिक रूप से और सामूहिक तौर पर कराई जाती है। जिस वक्त असलम के आरोपी अपने परिवार से मिल रहे थे, उस वक्त असलम पक्ष के भी दो लोग वहां बंद थे। एक दूसरे को देखते ही उन्होंने कटाक्ष करने शुरू कर दिये। इसके चलते दोनों पक्षों में हाथपाई हो गई। जेल सुरक्षाकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग किया। जेल के अफसर भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद बिना मिलाई कराये दोनों पक्षों को वहां से भेज दिया गया। जेल अफसर बोले- मामूली कहासुनी हुईजेलर अवनीश सिंह ने बताया कि कुछ बंदी जेल में हैं। उन्हीं के परिवारजन मिलाई के लिए आए थे जिनमें मामूली कहासुनी हो गई। मारपीट जैसा कुछ नहीं हुआ है। जेल सुरक्षाकर्मियों ने दोनों पक्षों को बारी बारी वहां से चेतावनी देकर बाहर निकाल दिया। एक पक्ष फरवरी में यहां आया था जबकि दूसरे पक्ष के कुछ लोग पहले से यहां जेल में बंद हैं।
कैथल में सदर थाना के तहत आने वाले एक गांव निवासी करीब 30 वर्षीय युवती ने अपने ही सौतेले भाइयों पर मारपीट करने और छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। युवती का आरोप है कि उसके सौतेले भाइयों ने उसके साथ गांव में छेड़खानी की। उसका पिता भी उसे अपनी बेटी नहीं मानता है। इस संबंध में युवती ने ग्रीवांस कमेटी की मीटिंग के बाद कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को शिकायत भी दी है। विज के आदेश पर हुई थी एफआईआर युवती का कहना है कि छेड़खानी और मारपीट के बारे में उसने फरवरी माह में सदर थाना में शिकायत भी दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बारे में मंत्री अनिल विज को शिकायत दी, जिनके आदेश के बाद एफआईआर दर्ज की गई। अब जब भी वह थाने में शिकायत के संबंध में जाती है तो उसे वहां से बाहर निकाल दिया जाता है। युवती ने पुलिस पर पैसे खाने के आरोप भी लगाए हैं। पिता नहीं मानते बेटी लड़की ने कहा कि वह अनमैरिड है और उसकी अभी शादी भी नहीं हुई है। उसके पिता ने दूसरी शादी करवा रखी है, वे उसे अपनी बेटी भी नहीं मानते हैं। इस बारे में उसने करीब 10 साल पहले कोर्ट में केस किया था, जिसके बाद पिता ने उसे बेटी माना था। अब फिर से बेटी नहीं मान रहे। वह सरकार की योजनाओं से भी वंचित रह रही है। कार्रवाई की मांग वह योजनाओं का लाभ लेने के लिए उसके पिता और सौतेले भाइयों के पास गई थी, जहां पर उसके साथ मारपीट व छेड़खानी हुई। वह 15 बार पूर्व व वर्तमान एसपी से मिल चुकी है, लेकिन उसे धमका कर बाहर निकाल दिया गया। वह महिला थाना एसएचओ से बातचीत करती है तो वे कहती हैं कि एसपी के आदेश के बिना कोई कार्रवाई नहीं होगा। युवती ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि इस बारे में पुलिस पूरी तरह से जांच कर चुकी है। छेड़खानी और मारपीट जैसा कोई सबूत अभी तक शिकायतकर्ता ने प्रस्तुत नहीं किया है। पुलिस ने स्पेशल टीम बनाकर मामले की जांच की, उसमें भी कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया है। अगर कोई तथ्य या सबूत मिलता तो नियमानुसार कार्रवाई होती।
चतरा पुलिस ने नशा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 23 लाख रुपए मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। पहली कार्रवाई लावालौंग थाना क्षेत्र के जोरदाग गांव में हुई। जहां से लगभग 18 लाख रुपए के नशीले पदार्थ बरामद किए गए। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में कुछ तस्कर अपने घरों में अफीम और डोडा का भंडारण कर उसे खपाने की तैयारी में हैं। इसके बाद सिमरिया एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी गई। अफीम, डोडा और पोस्ता दाना जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने सकिन्द्र यादव के घर से 1.570 किलोग्राम सूखा अफीम, धनेशर यादव के घर से दो बोरा डोडा और रामबली यादव के घर से सात बोरा डोडा के साथ एक बोरा पोस्ता दाना तथा 30 हजार रुपये नकद बरामद किए। कुल मिलाकर 69.87 किलोग्राम डोडा और 25.850 किलोग्राम पोस्ता दाना जब्त किया गया। मौके से दो आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं। इस मामले में लावालौंग थाना कांड संख्या 34/26 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। 5 लाख की अफीम के साथ युवक गिरफ्तार दूसरी बड़ी कार्रवाई कुन्दा थाना क्षेत्र के मरगड़ा गांव में की गई, जहां कुन्दा अंचलाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर 1 किलो 12 ग्राम अवैध अफीम बरामद की। इसकी बाजार कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। इस दौरान 19 वर्षीय उमेश कुमार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में कुन्दा थाना कांड संख्या 34/2026 दर्ज किया गया है। सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि चतरा जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कालपी वन क्षेत्र में लगी भीषण आग:तेज हवाओं की वजह से कई किलोमीटर तक फैली, बुझाने के प्रयास जारी
जालौन जनपद के कालपी वन क्षेत्र में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। तेज गर्मी और हवाओं के कारण आग तेजी से कई किलोमीटर तक फैल गई, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान होने की आशंका है। यह घटना कालपी कोतवाली क्षेत्र में 84 गुंबद के सामने स्थित वन क्षेत्र की बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय वन क्षेत्र से धुआं उठना शुरू हुआ, जो तेज हवा के कारण जल्द ही विकराल रूप ले लिया। आग की भयावहता देखकर आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बावजूद शुरुआत में दमकल कर्मी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे आग और फैलती गई। आग लगने का कारण पता नहीं ग्रामीणों में इस बात का डर बना हुआ है कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो यह रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकती है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि पेड़-पौधे धूं-धूं कर जल रहे थे और ऊंची लपटें उठ रही थीं। फिलहाल, दमकल विभाग, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अतिरिक्त संसाधन भेजने की मांग की है। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन भीषण गर्मी और सूखी झाड़ियों को इसके तेजी से फैलने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
डीएम ने जनगणना 2027 के प्रगणकों को सम्मानित किया:लावड़ नगर पंचायत में हाउस लिस्टिंग पूरी
मेरठ के लावड़ नगर पंचायत में जनगणना 2027 के लिए हाउस लिस्टिंग (मकान सूचीकरण) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस उपलब्धि पर जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. वीके सिंह ने सभी प्रगणकों को सम्मानित किया। लावड़ नगर पंचायत के 22 एन्यूमरेशन ब्लॉकों में यह कार्य संपन्न हुआ। डीएम डॉ. वीके सिंह ने प्रगणकों को प्रशस्ति पत्र, शॉल और प्लांट पॉट भेंट कर उनके प्रयासों की सराहना की। डीएम ने बताया कि जनगणना 2027 से प्राप्त आंकड़े भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्माण का आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह डेटा सरकार की आवास, राशन, पेंशन और स्वास्थ्य जैसी योजनाओं की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. सिंह ने जनपदवासियों से अपील की कि जब भी प्रगणक घरों पर जानकारी एकत्र करने आएं, तो उनका सहयोग करें। उन्होंने सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि जनगणना कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके और योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय है। इसके पहले चरण में हाउस लिस्टिंग का काम चल रहा है, जिसे मेरठ में तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रगणकों का सहयोग करने की भी अपील की है।
पन्नालाल अस्पताल में युवक की मौत, परिजनों का हंगामा:डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत इंजेक्शन का आरोप
गाजियाबाद के सिहानी गेट थाना क्षेत्र स्थित पन्नालाल श्यामलाल अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विपिन कुमार को पेशाब में खून आने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के बाद पेशाब की नली में गांठ होने की बात कही थी, जिसके लिए ऑपरेशन प्रस्तावित था। परिवार के अनुसार, यह ऑपरेशन 27 मई को होना तय था। विपिन कुमार के बेटे हिमांशु ने आरोप लगाया कि देर रात उनके पिता को न तो भोजन दिया गया और न ही उचित उपचार मिला। उन्होंने बताया कि अस्पताल स्टाफ द्वारा एक इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद उनके पिता की हालत बिगड़ गई और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हिमांशु का यह भी आरोप है कि मौत के बाद काफी देर तक कोई डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। परिवार लगातार डॉक्टरों को फोन करता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जिस कर्मचारी ने इंजेक्शन लगाया था, वह भी अस्पताल से गायब हो गया। परिजनों का दावा है कि विपिन कुमार की हालत गंभीर नहीं थी और वे ठीक थे। उन्होंने आरोप लगाया कि या तो गलत इंजेक्शन लगाया गया या उसकी अधिक खुराक दे दी गई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने यह भी बताया कि अस्पताल में 25 हजार रुपये जमा कराने के बावजूद उन्हें उचित इलाज नहीं मिला और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। मरीज की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और न्याय की मांग की। सिहानी गेट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने बताया कि उन्हें परिजनों से लिखित शिकायत मिल गई है और मामले की जांच की जा रही है।
मेरठ में बुधवार को ट्रैफिक व्यवस्था उस समय प्रभावित हो गई जब ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात सैकड़ों होमगार्डों ने अचानक कार्य बहिष्कार कर दिया। होमगार्डों द्वारा ड्यूटी छोड़ने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर होमगार्डों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद होमगार्डों ने दोबारा काम शुरू किया। कार्य बहिष्कार कर रहे होमगार्डों का आरोप था कि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों द्वारा लंबे समय से उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा है। होमगार्डों ने कहा कि उनकी ड्यूटी निर्धारित समय से करीब तीन घंटे पहले शुरू करा दी जाती है और उनसे ट्रैफिक ड्यूटी के अलावा निजी काम भी कराए जाते हैं। होमगार्ड प्रमोद कुमार ने बताया कि उनकी ड्यूटी दोपहर डेढ़ बजे से होती है, लेकिन ड्यूटी पर्ची एक बजे ही ले ली जाती है और उन्हें समय से पहले ऑफिस बुला लिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक ऑफिस में तैनात कुछ पुलिसकर्मी उनसे सरकारी कार्यों के अलावा निजी काम भी करवाते हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं होमगार्ड विकास कुमार ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक ऑफिस में कुछ पुलिसकर्मी लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि ड्यूटी लगाने के दौरान पक्षपात और उत्पीड़न किया जाता है, जिससे होमगार्डों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, कार्य बहिष्कार की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक विभाग सक्रिय हो गया और अधिकारियों ने होमगार्डों को आश्वासन देकर स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद सभी होमगार्ड दोबारा ड्यूटी पर लौट आए। फिलहाल यह मामला विभागीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अयोध्या में शिकायत के बाद किशोर पर जानलेवा हमला:पुलिस पर लापरवाही का आरोप, SOG की टीमें दबिश दे रहीं
अयोध्या जिले के कुमारगंज थाना क्षेत्र में एक किशोर पर जानलेवा हमले का मामला तूल पकड़ गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो उनके बेटे पर यह हमला नहीं होता। इस घटना के बाद कुमारगंज पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। उधुई पूरे विंध्या पांडे गांव निवासी शीतला प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि 21 मई की शाम खंडासा थाना क्षेत्र के अंजरौली पूरे बेसिया गांव का हिस्ट्रीशीटर रोहन सिंह अपने साथियों के साथ उनके घर पहुंचा। आरोपियों ने परिवार पर हमला किया, घर में तोड़फोड़ की, महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार के अनुसार, 22 मई को कुमारगंज थाने में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसी रात आरोपियों ने दोबारा घर पहुंचकर ईंट-पत्थर फेंके और फायरिंग कर दहशत फैलाई। परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से लेकर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और स्थानीय विधायकों तक से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने तत्परता नहीं दिखाई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की इसी ढिलाई के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए। 26 मई की शाम पीड़ित के 16 वर्षीय बेटे शिवम पाण्डेय पर उधुई मोड़ के पास हमला किया गया। आरोप है कि तीन मोटरसाइकिलों पर सवार नौ लोगों ने शिवम को घेरकर बेरहमी से पीटा। ग्रामीणों के पहुंचने पर आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। इस घटना के बाद कुमारगंज पुलिस ने नीलम पाण्डेय की तहरीर पर रोहन सिंह, हिमांशु सहित अन्य 4 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें और एसओजी को लगाया गया है और जल्द ही गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में 15 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-2 ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रमिल कुमार श्रीवास्तव ने प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 10 मार्च 2011 की है। थाना गाजीपुर क्षेत्र के चक गाजीपुर गांव निवासी सूर्यकली पत्नी स्वर्गीय लालता प्रसाद दीक्षित ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि लड़की भगाने के विवाद को लेकर गांव के कुछ लोग उनके घर पहुंचे और धमकी दी थी। सूर्यकली के मुताबिक, उसी रात आरोपी पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे और तलाशी ली। इसके बाद आरोपियों ने घर को घेरकर आग लगा दी। आग लगने से लालता प्रसाद दीक्षित की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि उनके पुत्र अनिल गंभीर रूप से झुलस गए थे। बाद में इलाज के दौरान अनिल की भी मृत्यु हो गई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने कृष्णपाल उर्फ नेता पुत्र सुखदेव प्रसाद, सुरेश विश्वकर्मा पुत्र रामरतन विश्वकर्मा निवासी चक गाजीपुर और राजेंद्र विश्वकर्मा पुत्र स्वर्गीय रामशरण निवासी मुस्तफापुर थाना हुसैनगंज को दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों दोषियों को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 504 के तहत दो वर्ष और धारा 506 के तहत तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई।
अलवर के रैणी क्षेत्र में पुलिस ने अवैध खनन माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने मौके से करीब 7 से 8 करोड़ रुपए कीमत की 5 पोकलेन मशीनें, 6 जेसीबी और 25 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की हैं। खनन माफिया के मजबूत सूचना तंत्र (मुखबिर नेटवर्क) को धता बताने के लिए पुलिस ने इस बार बेहद गोपनीय रणनीति बनाई, जिससे माफिया को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्राइवेट वाहनों से तीन थानों की पुलिस दो रूट से पहुंची तो माफिया में भगदड़ मची। वाहनों को ले जाने का मौका तक नहीं मिला। कुछ वाहनों के साथ भागने लगे। लेकिन सबको दबोच लिया। पहली बार किसी IPS ने बड़ा धमाका किया है। प्राइवेट गाड़ियों से पहुंचे पुलिसकर्मी, दो रूट से घेरा अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि अवैध खनन की पुख्ता सूचना के बाद आईपीएस कार्तिकेय के नेतृत्व में तीन थानों की पुलिस टीम तैयार की गई। माफिया को पुलिस के आने की भनक न लगे, इसलिए सरकारी गाड़ियों के बजाय 7 प्राइवेट गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस टीम ने दो अलग-अलग रास्तों से एक साथ रैणी के अवैध खनन क्षेत्र में धावा बोल दिया। अचानक हुई इस घेराबंदी से मौके पर भगदड़ मच गई। माइनिंग विभाग का आंकलन शुरू, खातेदारों पर भी कसेगा शिकंजा इस बडी कार्रवाई के बाद अब पुलिस और माइनिंग विभाग माफिया के मददगारों की कुंडली खंगालने में जुट गया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस पूरे खेल के पीछे किन बड़े रसूखदारों और सफेदपोशों का हाथ है। इसके साथ ही उस जमीन के खातेदारों (मालिकों) से भी पूछताछ की जाएगी, जहां यह अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा था। नुकसान का आंकलन: माइनिंग विभाग की टीम मौके पर पूरी पड़ताल में जुटी है कि अब तक यहां से कितने करोड़ का अवैध खनन किया जा चुका है। विभाग की फाइनल रिपोर्ट और पैमाइश के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
भिवानी में ATM मशीन गैस कटर से काटी:3.94 लाख रुपए चुरा ले गए बदमाश, गाड़ी में सवार होकर आए
भिवानी के गांव ईशरवाल स्थित बैंक ऑफ बैडोदा की ब्रांच की एटीएम मशीन गैस कैटर से काटकर 3 लाख 94 हजार रुपए चोरी करने का मामला सामने आया है। बैंक के अधिकारी राकेश कुमार ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। बैंक के अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि वे मंगलवार को सायं करीब 5 बजे ब्रांच बंद करके गए थे। तब एटीएम को सुचारू रूप से चलता छोड़कर गए थे। बुधवार को सुबह करीब साढ़े 9 बजे आकर देखा तो एटीएम का आधा शटर खुला हुआ था। इस पर उनको शक हुआ। उन्होंने शटर को उठाकर देखा तो एटीएम को काट रखा था। उन्होंने चैक किया तो एटीएम मशीन से नगदी भी गायब मिली। बैंक प्रबंधक राकेश कुमार ने इसकी सूचना अपने बैंक के मुख्यालय व पुलिस को दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाली सूचना के बाद मुख्यालय से ईसीएम व एचआर विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने मौके का मुआयना किया व बैंक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया। बैंक प्रबंधक ने पुलिस को इसकी शिकायत दी। बैंक के कर्मचारी ने बताया कि एटीएम में लगा कैमरा चोरों ने तोड़ दिया। जिसके बाद उन्होंने मशीन को गैस कैटर से काटकर नगदी ले उड़े। बैंक प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि उनके ब्रांच की फुटेज के अनुसार घटना सुबह पौने तीन बजे की है। इस फुटेज में 2 युवक एटीएम के अंदर नजर आ रहे हैं। वहीं 2-3 गाड़ी में बैठे नजर आ रहे हैं। जांच में जुटी पुलिस तोशाम थाना प्रभारी विशेष ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। जिसके बाद मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। इस घटना के लिए थाना तोशाम व स्पेशल स्टॉफ ईशरवाल की दोनों की टीमें लगी हुई हैं।
कटनी में बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र के देवगांव पहुंचे। यहां पूर्व युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मुकेश यादव की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। पटवारी ने इस दौरान भाजपा सरकार पर महंगाई के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। पटवारी बोले-1500 देकर वोट खरीदे, उसी भाव में मिल रहा सिलेंडर जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने लाडली बहना योजना के नाम पर महिलाओं को 1500 रुपए देकर उनके वोट तो ले लिए, लेकिन आज जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। जिस सरकार ने 1500 रुपए देने का वादा किया था, उसी के राज में लोगों को 1500 रुपए में रसोई गैस का सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। सरकार ने ये जनता की जेब पर डाका डाला है। कार्यकर्ताओं से की जनता के बीच जाने की अपील पटवारी ने बुंदेलखंड की भूमि को क्रांतिकारियों और वीरों की जगह बताया, जिसने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनता के बीच जाकर सरकार की नाकामियों को उजागर करने और एक बड़े राजनीतिक व सामाजिक बदलाव की शुरुआत करने का आह्वान किया। स्थानीय ग्रामीणों-किसानों ने की शिकायतें इस दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मुख्य रूप से खेती के समय पर्याप्त बिजली न मिलने, सोसायटियों में खाद की अनुपलब्धता, देवगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों की जर्जर स्थिति और पेयजल संकट जैसी समस्याओं का जिक्र किया।
उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बुधवार को कानपुर सेंट्रल - अनवरगंज रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण में स्टेशनों पर रीडेवलपिंग, इंटरलॉकिंग कार्यों का निरीक्षण किया। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सिटी साइड बन रही बिल्डिंग में कार्य की हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट को भेजने के निर्देश दिये। इसके साथ मंधना से अनवरगंज के बीच एलीवेटेड रेलवे लाइन के कामों का निरीक्षण किया। 2 साल में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन की तरह डवलप की जाएगी। उन्होंने रेलवे के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कर विकास कार्यों, और ट्रेनों के परिचालन व्यवस्थाओं और यात्री सुविधाओं की समीक्षा बैठक की। महाप्रबंधक ने सबसे पहले ओल्ड वाशिंग लाइन का निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध सुविधाओं और कार्यप्रणाली का जायजा लेने के साथ ही लाइन की क्षमता बढ़ाने की संभावनाओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। इसके बाद उन्होंने न्यू कोचिंग कॉम्प्लेक्स, जीएमसी यार्ड, सीपीसी गुड्स शेड और कानपुर अनवरगंज स्टेशन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक ने कानपुर अनवरगंज से मंधना के बीच निर्माणाधीन एलिवेटेड ट्रैक परियोजना का निरीक्षण किया। उन्होंने कानपुर अनवरगंज से रावतपुर तक निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति और निर्माण कार्यों को लेकर अफसरों को निर्देश दिये। अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और तय समय सीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं कानपुर सेंट्रल पर चल रहे निर्माण कार्य को तय समय सीमा को खत्म करने के निर्देश दिये गए। इसके बाद महाप्रबंधक ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर चल रहे रीडेवलपमेंट कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों के लिए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए गुणवत्ता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। महाप्रबंधक ने निरीक्षण के दौरान संरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्री सुविधाओं को और मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बढ़ते रेल यातायात और कोचिंग ट्रेनों की संख्या को देखते हुए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने फोकस दिया। इस मौके पर प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक शरद चंद्रायन, मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल, उप मुख्य यातायात प्रबंधक कानपुर आकांशु गोविल, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ. शिवम शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
मैनपुरी पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 1545 किलोग्राम नशीले पदार्थों को नष्ट किया है। जब्त किए गए इन मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 7 करोड़ 64 लाख 66 हजार 60 रुपये बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देशों पर मैनपुरी पुलिस नशा मुक्त समाज के लिए अभियान चला रही है। इसी कड़ी में, 'ऑपरेशन दहन' के तहत थाना करहल और औंछा में दर्ज कुल 66 मुकदमों से संबंधित अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। इनमें लगभग 1483 किलोग्राम गांजा, 150 ग्राम स्मैक, 600 ग्राम चरस, 58.32 किलोग्राम डोडा और 2.102 किलोग्राम डायजापाम शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, सभी मामलों में न्यायालय के आदेश, अपील और रिवीजन की निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बाद एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया। इसके उपरांत, गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में इन पदार्थों को नष्ट किया गया। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी यह कार्रवाई गडेरी स्थित ग्रीन हाउस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में संपन्न हुई। यहां पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए उच्च क्षमता वाले इंसीनरेटर के माध्यम से नशीले पदार्थों को भस्म किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई और इसे पूर्ण पारदर्शिता के साथ अंजाम दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अभिषेक तिवारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि मैनपुरी पुलिस नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'ऑपरेशन दहन' केवल मादक पदार्थों को नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपराधियों के लिए एक सीधा संदेश है कि जिले में नशे का नेटवर्क किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। मैनपुरी पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को नशा माफियाओं के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में भी इसी तरह लगातार अभियान चलाकर अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में महिला अधिवक्ताओं के साथ कथित मारपीट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के सात दिन बाद भी आरोपी जूनियर डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक न होने और जांच रिपोर्ट सामने न आने से नाराज अधिवक्ताओं ने बुधवार से हाईकोर्ट के पास अंबेडकर प्रतिमा के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आमरण अनशन पर बैठे अधिवक्ताओं की मांग है कि मारपीट की घटना में शामिल जूनियर डॉक्टरों के नाम तुरंत सार्वजनिक किए जाएं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा और यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इसे और व्यापक किया जाएगा। घटना के बाद, 22 मई को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। हालांकि, इस आदेश में निलंबित किए गए डॉक्टरों के नाम स्पष्ट नहीं किए गए थे। सात दिन बीत जाने के बाद भी निलंबित डॉक्टरों की पहचान सार्वजनिक न होने से वकीलों में असंतोष बढ़ रहा है। अधिवक्ता रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। इस समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन एक सप्ताह बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि प्रशासन की इस चुप्पी से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना 20 मई की सुबह मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित एसआरएन अस्पताल के ट्रामा सेंटर में हुई थी। घायल अधिवक्ता जागृति शुक्ला के इलाज को लेकर महिला वकीलों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि कहासुनी के बाद जूनियर डॉक्टरों ने महिला अधिवक्ताओं के साथ मारपीट की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जिसके बाद अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और जांच समिति गठित कर डॉक्टरों को निलंबित करने की घोषणा की गई थी। फिलहाल जांच रिपोर्ट और आरोपित डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक न होने से अधिवक्ताओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और आमरण अनशन के कारण यह मामला एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
उज्जैन में युवकों ने घर में घुसकर की मारपीट:बहन, पिता और भाई को पीटा, वारदात का VIDEO भी सामने आया
उज्जैन के शहीद नगर में रविवार को हुए विवाद का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो युवक घर में घुसकर ईंट और कुर्सी से हमला करते नजर आ रहे हैं। बुधवार को पीड़ित पक्ष ने वीडियो जांच अधिकारी को सौंपते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। इस मामले में पहले पुलिस पर एक पक्ष से मारपीट के आरोप लगे थे, जिसके बाद एसपी ने दो आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया था। अब दूसरे पक्ष ने वीडियो जारी कर मारपीट, धमकी और छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपी पवन डांगर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फरियादी प्रकाश सिंह के मुताबिक, रविवार को वह दुकान पर दाढ़ी बनवा रहा था, तभी हनुमान मंदिर के पास खड़े पवन डांगर और उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट होने लगी। बीच-बचाव करने पहुंचे पिता दरियाव सिंह और बहन लाड़कुंवर भी घायल हो गए। चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया कि आरोपी पवन डांगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उसके साथियों की पहचान भी हो गई है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। देखिए मारपीट की तस्वीरें…
नोएडा में सिटी बस संचालन को लेकर बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने परियोजना के बारे में जानकारी ली। साथ ही जल्द से जल्द इसे आम जनता के लि समर्पित करने के निर्देश दिए। ऑनलाइन बैठक के दौरान नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश और दोनों जीएम एसपी सिंह व एके आरोड़ा मौजूद रहे। नोएडा में 100 सिटी बसों का संचालन किया जाना है। पहले ये योजना सिर्फ नोएडा के लिए थी। लेकिन अब इसका विस्तार कर दिया गया है। 50 बस नोएडा, 25 बस ग्रेटरनोएडा और 25 बस यमुना विकास क्षेत्र में चलेंगी। इसकी तरह तीनों प्राधिकरण भी इसका वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) भी 50:25:25 के रेशियो में देंगी। बसों के लिए सेक्टर-90 और बॉटेनिकल गार्डन में इंफ्रास्ट्रकचर तैयार किया जा रहा है। इस योजना से दो लाख लोगों को फायदा होगा। साथ यमुना के जुड़ने से जेवर एयरपोर्ट जाना आसान हो जाएगा। इसके तहत सेक्टर-90 में 20 ईवी चार्जिंग लगाए जाएंगे। प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन से दो बसों को एक साथ चार्ज किया जा सकता है। इसी तरह बॉटेनिकल गार्डन में 4 चार्जिंग स्टेशन होंगे। जिसमें आठ बसों को चार्ज किया जा सकेगा। दोनों स्टेशनों पर रात और दोपहर के सामय बसों को चार्ज किया जाएगा। बता दे एक बस फुट चार्ज के बाद 200 से 250 किमी की दूरी तय कर सकेंगी। जून के पहले सप्ताह में होगा ट्रायलजून के पहले सप्ताह में ई बस का ट्रायल होगा। ये ट्रायल डबल डेकर बसों के जरिए किया जाएगा। इसके 15 से 25 जून के बीच सभी बस आ जाएंगी। जिसके बाद इनको रुट पर उतार दिया जाएगा। डबल डेकर के अलावा सभी 90 बस 12 मीटर की होंगी। ये बस नोएडा के एमपी-1,2,3 जोनल रोड नंबर-6 और एक्सप्रेस वे पर चलेंगी। 10 से 30 रुपए होगा किरायाबसों का रूट दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और जेवर एयरपोर्ट तक होगा। इसके लिए मिनिमम किराया 10 और अधिकतम 30 रुपए देने होंगे। मासिक पास कितने का होगा इस पर मंथन किया जा रहा है। टिकट ऐप बेस और मैन्यूवल भी लिए जा सकेंगे। जिन रूटों पर सिटी बस चलेंगी वहां से ई रिक्शा को हटाया जाएगा। जीएम एसपी सिंह ने बताया कि दो दिनों में एमओयू की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 15-15 मिनट के अंतराल पर मिलेंगी बसयहां बस चलने से करीब 2 लाख लोगों को फायदा होगा। बसों की शुरुआत जून के पहले सप्ताह में होने जा रही है। 15-15 मिनट के अंतराल पर बस मिलेंगी। कुल 100 बस चलेंगी 5 स्टैंड बाइ पर रहेंगी। इसमें 10 डबल डेकर बस होंगी। ये डबल डेकर बस बोटेनिकल गार्डन से परिचौक तक चलेंगी। नौ और 12 मीटर की दो प्रकार की करीब 100 बस पहले फेज में चलेंगी। इनका संचालन यूपी रोडवेज करेगा। इन चार रूटों को किया गया फाइल
मेरठ के नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव:शव 10-15 दिन पुराना, पुलिस सोशल मीडिया से कर रही पहचान
मेरठ के रेलवे रोड थाना क्षेत्र स्थित प्रेमपुरी इलाके में बुधवार को एक नाले से अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर रेलवे रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची। नाले में शव फंसा होने के कारण उसे निकालने के लिए नगर निगम की जेसीबी मशीन बुलाई गई। काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने आसपास के लोगों से शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष प्रतीत हो रही है। शुरुआती जांच में शव करीब 10 से 15 दिन पुराना बताया जा रहा है। लंबे समय तक नाले में पड़े रहने के कारण शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस मृतक की पहचान के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। मृतक की तस्वीर प्रसारित कर उसकी शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
किशनगढ़बास में न्यायालय परिसर की अव्यवस्थाओं को दूर करने, सुरक्षा मजबूत करने और आमजन व अधिवक्ताओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक खैरथल-तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के तत्वावधान में हुई, जिसकी अध्यक्षता प्राधिकरण के सचिव अजीत कुड़ी ने की। बैठक में न्यायालय परिसर की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, हरियाली और भवन सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की मांग सचिव अजीत कुड़ी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर यातायात व्यवस्था को सुचारु रखा जाए। उन्होंने वाहनों के कारण लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा शीघ्र विकसित करने पर जोर दिया। गंदगी को लेकर जताई नाराजगी कुड़ी ने परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्थित हालात पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नियमित साफ-सफाई, कोर्ट परिसर के रंग-रोगन और नगर पालिका के सहयोग से हरियाली बढ़ाने के लिए गमले लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर का वातावरण स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमामय होना चाहिए। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के नए स्वतंत्र कार्यालय भवन की स्थापना को लेकर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों को भूमि आवंटन और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए, ताकि भवन निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके। बैठक के बाद सचिव अजीत कुड़ी ने अधिकारियों के साथ न्यायालय परिसर का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश मौके पर ही दिए गए। ये रहे मौजूद इस दौरान उपखंड मजिस्ट्रेट सतबीर सिंह, किशनगढ़बास थानाधिकारी बनवारी लाल, बार संघ अध्यक्ष राकेश तिवारी, बार सचिव रविंद्र तक्षक, नगर पालिका प्रतिनिधि बाबू, सुरेश शर्मा सहित वरिष्ठ अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने न्यायालय परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
उत्तर प्रदेश सरकार की राज्यमंत्री और अकबरपुर-रनिया सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला ने बुधवार को अकबरपुर के मालती गेस्ट हाउस में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र सौंपे। जनता दर्शन में सड़क, बिजली, पेयजल, आवास, पेंशन, राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से फोन पर बात कर कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने की चेतावनी भी दी। कार्यक्रम में पहुंचे रमेशचंद्र ने बताया कि उनकी अंत्योदय राशन कार्ड की समस्या को राज्यमंत्री ने गंभीरता से सुना। उन्होंने जिला पूर्ति अधिकारी को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। इसी तरह, ग्राम कुईतखेड़ा निवासी गीता देवी ने बताया कि जनता दरबार में उनकी आवास संबंधी समस्या का त्वरित समाधान कराया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की भावना के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचाया जा रहा है। राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में बउवा पांडेय, ब्लॉक प्रमुख आशीष मिश्रा, मंडल अध्यक्ष आशीष दीक्षित, सरवन तिवारी, नरेंद्र तिवारी, हरिओम द्विवेदी, महेश राजावत, शिवा पांडेय, शुभम शुक्ला, विपिन शर्मा, संध्या अग्निहोत्री, गगन दुबे सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों में रमेशचंद्र, शिखा देवी, रुद्ररानी, रामप्यारी, अंजनी कुमार तिवारी, शिवराम, मंजूषा देवी, जुगल किशोर, शोभा देवी, आकांक्षा बाजपेई, वंदना देवी और उर्मिला देवी भी शामिल थीं।
रोहतक में डीसी कैंप हाउस के पास रेहड़ी लगाकर जाम लगाने वालों पर पुलिस सख्त नजर आई। जिले के नए ASP आयुष कुमार यादव फील्ड में उतरकर एक्शन मोड में नजर आए और रेहड़ी वालों को चेतावनी दी कि सड़क पर खड़े हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ASP आयुष कुमार यादव ने एक मीटिंग के दौरान मीडिया व गणमान्य व्यक्तियों से शहर को जाम से मुक्त करने के लिए सुझाव मांगे थे। इसी दौरान आए एक सुझाव पर एक्शन लेते हुए ASP आयुष यादव खुद फील्ड में उतरे और रेहड़ी वालों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि दोबारा सड़क पर नजर आए तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। रेहड़ियों को सड़क किनारे पर लगाए। डीसी कैंप हाउस के पास लगता है जामडीसी कैंप हाउस के पास महावीर पार्क है, जहां शाम होते ही फास्ट फूड की रेहड़ियों की भरमार देखने को मिलती है। रेहड़ियों के कारण गाड़ियां सड़क पर ही लोग खड़ी कर देते है, जिसके कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में हादसा होने का खतरा भी बना रहता है। पिछले साल पिकअप ने 5 लोगों को मारी थी टक्कर महावीर पार्क के आगे एक पिकअप गाड़ी ने 23 अगस्त 2025 को 3 लड़कियों सहित 5 लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। पिकअप गाड़ी में बेचने के लिए चद्दर भरी हुई थी। वहीं महावीर पार्क में एक लाइब्रेरी है, जिसमें बच्चे पढ़ाई करने के लिए आते है। इसलिए वहां अक्सर जाम की स्थित बनी रहती है। रेहड़ी वालों के लिए जगह की निश्चित ASP आयुष यादव ने रेहड़ी वालों के लिए एक बाउंड्री निर्धारित की है। अगर रेहड़ी वाले उस बाउंड्री को क्रॉस करके आगे सड़क पर खड़े हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जो लोग सड़क पर अपनी गाड़ियों को पार्क करके जाम लगाने का काम करते है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस पर निगरानी रखने के लिए पुलिस टीम भी लगाई गई है।
भोपाल के निशातपुरा इलाके में चिकन शॉप के बाहर खड़ी बाइक चोरी हो गई। युवक बाइक लॉक कर चिकन लेने गया था। बाइक चोरी का CCTV भी सामने आया है। एक बदमाश पहले बाइक ले जाता दिख रहा है। फिर आगे उसपर दो और लोग बैठ जाते हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। निशातपुरा थाना पुलिस के मुताबिक, विनायक कीर्ति कॉलोनी निवासी शमीम शाह ने बाइक चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। शमीम ने बताया कि 24 मई की शाम करीब 7:15 बजे वह अपनी बाइक से चिकन लेने बैरसिया रोड स्थित दुकान पर गया था। शमीम ने दुकान के बाहर बाइक लॉक कर खड़ी की। वह चिकन लेने चला गया। करीब 15 मिनट बाद लौटने पर बाइक मौके से गायब थी। आसपास तलाश करने के बावजूद बाइक का कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित ने बताया कि चोरी हुई बाइक साल 2019 मॉडल की है। इसकी कीमत करीब 20 हजार रुपए बताई गई है। मामले में निशातपुरा थाना पुलिस ने BNS की धारा में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।
पन्ना जिला मुख्यालय में संयुक्त ए.एन.एम. एसोसिएशन (संविदा-नियमित) कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित मांगों और विभागीय विसंगतियों को लेकर प्रदर्शन किया। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर तक एक रैली निकाली और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद, आंदोलनकारियों ने नायब तहसीलदार शशिकांत दुबे को उप-मुख्यमंत्री (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल) के नाम एक 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। ज्ञापन में संघ ने बताया कि ए.एन.एम. संवर्ग 1950 से स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी रहा है। कोरोना महामारी के दौरान भी ए.एन.एम. कार्यकर्ताओं ने करोड़ों लोगों का टीकाकरण किया। वे पोलियो, खसरा उन्मूलन, आयुष्मान कार्ड और प्रधानमंत्री मातृत्व योजना जैसी सभी सरकारी योजनाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाती हैं। संघ का आरोप है कि दिशानिर्देशों के अनुसार ए.एन.एम. को 2 से 3 हजार की आबादी पर काम करना चाहिए, लेकिन वर्तमान में वे दोगुनी-तिगुनी आबादी को संभाल रही हैं। इसके बावजूद उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। ज्ञापन में 13 सूत्रीय मांगें उठाई गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ए.एन.एम. को नर्सिंग कैडर में शामिल कर उनका नाम बदलकर RHO करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, वर्षों से संविदा पर कार्यरत कार्यकर्ताओं को वरिष्ठता के आधार पर नियमित करने और उन्हें एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा तथा गृह भाड़ा भत्ता जैसी सुविधाएं प्रदान करने की मांग की गई है। संघ ने लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर कर ए.एन.एम. का ग्रेड-पे 3200-3400 करने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने की भी मांग की है। ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में कार्यरत कार्यकर्ताओं को 'ट्राइबल अलाउंस' और वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा रुकी हुई वेतन वृद्धि, HRA, DA और लंबित बिलों का तुरंत भुगतान हो। क्षेत्र में नेटवर्क न होने के बावजूद सार्थक ऐप पर जबरन उपस्थिति दर्ज कराने के नाम पर काटी जा रही वेतन पर रोक लगे। जब तक शासन द्वारा सिम कार्ड युक्त टैबलेट (मोबाइल) उपलब्ध नहीं कराए जाते, तब तक ऑनलाइन कार्य नहीं किया जाएगा।पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण होने वाली त्रुटियों का खामियाजा सिर्फ ए.एन.एम. को भुगतना पड़ रहा है, जबकि प्रोत्साहन राशि CHO और आशा कार्यकर्ताओं को मिलती है। इस विसंगति को सुधारा जाए। ए.एन.एम. संवर्ग के ड्रेस कोड को बदला जाए, क्योंकि निजी अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों में महिला सफाई कर्मचारियों को भी यही ड्रेस कोड दिया गया है, जिससे ए.एन.एम. की गरिमा प्रभावित होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा उग्र ज्ञापन सौंपते हुए एएनएम रेखा चौरसिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि शासन ने उनकी जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र रूप अख्तियार करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
सहारनपुर के देवबंद थाना क्षेत्र में रणखंडी फाटक के पास बुधवार दोपहर एक i20 कार के भीतर गोली चलने से हड़कंप मच गया। गोली कार में सवार नागल निवासी युवक मोनीश की पीठ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर देवबंद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। घायल मोनीश को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि देवबंद पुलिस को दोपहर करीब दो बजे गोली लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घायल युवक और उसके साथ मौजूद अन्य साथियों से पूछताछ की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि चार युवक एक i20 कार में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान उनके पास मौजूद अवैध पिस्टल की कथित मिस हैंडलिंग हो गई, जिससे अचानक गोली चल गई। गोली कार में बैठे मोनीश को लगी। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला दुर्घटनावश चली गोली का प्रतीत हो रहा है। एसपी देहात मयंक पाठक ने यह भी बताया कि घायल युवक नागल क्षेत्र का निवासी है और फिलहाल खतरे से बाहर है। पुलिस ने अवैध हथियार को कब्जे में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद रणखंडी फाटक क्षेत्र में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवकों के पास यह अवैध पिस्टल कहां से आई और वे इसे किस उद्देश्य से लेकर घूम रहे थे। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
मऊ में युवकों के स्टंट का वीडियो:1 बाइक पर 5 लोग हुए सवार, बाइक पर खड़े होकर की सवारी
मऊ में सड़क पर खतरनाक स्टंटबाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो ने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। वीडियो में एक ही बाइक पर पांच युवक सवार दिखाई दे रहे हैं, जो खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में बाइक चला रहे युवकों में से एक चलती बाइक पर खड़ा होकर स्टंट कर रहा है। इस दौरान किसी भी युवक ने हेलमेट नहीं पहन रखा है और न ही सुरक्षा के किसी नियम का पालन किया जा रहा है। सड़क पर इस तरह की लापरवाही न केवल स्टंट कर रहे युवकों के लिए, बल्कि अन्य राहगीरों और वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का कारण बन सकती है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस तरह की हरकत पर नाराजगी जताई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्टंटबाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई इस तरह की जोखिम भरी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर स्टंटबाजी और यातायात नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एएसपी अनूप कुमार ने आगे बताया कि वीडियो में दिख रही बाइक का नंबर और अन्य विवरण खंगाले जा रहे हैं। वाहन की पहचान होते ही संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और उनका चालान किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सड़क पर स्टंट करने से बचें और यातायात नियमों का पालन करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
झाबुआ जिले में गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 28 मई नजदीक आते ही किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग न होने के कारण कई किसान अपनी फसल समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित हैं। इसी समस्या को लेकर बोड़ायता की एक महिला किसान ने बुधवार को कलेक्टर से मुलाकात कर फसल बेचने की अनुमति देने की गुहार लगाई। तकनीकी बाधा से फसल बेचने में आ रही समस्या बोड़ायता की किसान सीमा राकेश शर्मा ने कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट को बताया कि उनके पास 100 क्विंटल गेहूं विक्रय के लिए तैयार रखा है। पिछले कई दिनों से पोर्टल पर स्लॉट बुक करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन तकनीकी त्रुटि के कारण सफलता नहीं मिल रही है। किसान ने चिंता जताई कि यदि कल तक खरीदी नहीं हुई, तो उन्हें मजबूरन खुले बाजार में कम दामों पर फसल बेचनी होगी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा। अब तक 71 करोड़ से अधिक का भुगतान वर्ष 2026-27 के उपार्जन आंकड़ों के अनुसार, झाबुआ जिले में अब तक 7166 किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 5361 किसान अपनी फसल बेच चुके हैं, जिससे कुल 31414.7 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। शासन द्वारा अब तक किसानों को 71 करोड़ 15 लाख 13 हजार 739 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। रिकॉर्ड के अनुसार, 389 किसान ऐसे हैं जिन्होंने स्लॉट तो बुक किया, लेकिन फसल नहीं बेची। उच्च स्तर से समाधान का प्रयास वहीं मामले पर खाद्य आपूर्ति अधिकारी संजय पाटिल ने कहा कि स्लॉट बुकिंग में आ रही बाधाएं तकनीकी हैं और इनका समाधान राज्य स्तर से ही संभव है। विभाग इस संबंध में लगातार पत्राचार कर रहा है। वहीं, भाजपा नेता अग्निनारायण सिंह बोड़ायता ने भी वरिष्ठ अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। कलेक्टर ने परेशान किसान को मामले की जांच कर उचित समाधान का आश्वासन दिया है। आंकड़ों पर एक नजर
पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र में एक छह वर्षीय मासूम बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौनाचार की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया है। इस शर्मनाक घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। हालांकि, घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पलामू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितेश कुमार ठाकुर उर्फ हरि (24 वर्ष) के रूप में हुई है। वह नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के झरहा गांव का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना के वक्त पहने गए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। तिलक समारोह के दौरान वारदात मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात बीते 15 मई की देर रात की है। नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में तिलक समारोह का आयोजन चल रहा था, जहां पीड़ित बच्चा भी अपने परिजनों के साथ शामिल होने आया था। समारोह की भीड़भाड़ और देर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी नितेश कुमार ठाकुर ने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने की साजिश रची। वह बच्चे को फुसलाकर समारोह स्थल से दूर एक सुनसान जंगल में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया। वारदात के बाद बच्चा बदहवास हालत में मिला, जिसके बाद उसने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। पीड़ित बच्चे के अभिभावकों ने तुरंत मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस से की। परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर नौडीहा बाजार थाना में 16 मई को कांड संख्या 42/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2), 117(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की सख्त धारा 4/6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी ने कुबूला अपना गुनाह मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू पुलिस अधीक्षक ने तुरंत संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए नितेश कुमार ठाकुर उर्फ हरि को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना के दिन उसके द्वारा पहनी गई काले रंग की फुल शर्ट भी बरामद कर ली है, जिसे साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है। पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
झांसी में एक साल पहले 4 मासूम बच्चियों को झाड़ियों में ले जाकर छेड़छाड़ करने वाले दो युवकों को कोर्ट ने 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया है। जो अदा नहीं करने पर 4 माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला बुधवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने सुनाया है। चारों बच्चियों की उम्र 9 से 11 साल थी विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया- एक व्यक्ति ने प्रेमनगर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 13 मार्च 2024 को उसकी 11 साल और 9 साल की दो बेटी घर के बाहर खेल रही थी। साथ में पड़ोसी की 11 साल और 9 साल की 2 बेटी भी खेल रही थी। तभी प्रेमनगर के महावीरनपुरा निवासी यशपाल यादव पुत्र होती सिंह और विक्रम यादव उर्फ पपोला पुत्र उत्तम यादव आए और चारों बच्चियों को कुरकरे, चिप्स, टॉफी, बिस्कुट दिलाने के बहाने अपने साथ ले गए। झाड़ियों में ले जाकर उनके साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने लगे। इससे परेशान होकर एक बच्ची चिल्लाने लगी। तब मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। तब दोनों आरोपी तमंचा लहराते हुए भाग गए थे। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। अब सुनवाई करके हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
पुलिस की रडार पर 2117 बैंक अकाउंट:फ्रॉड के रुपयों के लेन-देन के शक में पुलिस जुटी सर्च ऑपरेशन में
पाली पुलिस की रडार पर इन दिनों 2117 बैंक अकाउंट है। शक है कि इनमें से ज्यादातर अकाउंट में फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टे के रुपयों का लेन-देने साइबर ठगों ने किया है। ऐसे में साइबर ठगों पर नकेल कसने के लिए पाली पुलिस जुटी है। जिले की साइबर थाना, साइबर सेल से लेकर सभी थाना स्तर पर टीमों का गठन कर उन्हें टारगेट दिए है, ताकि साइबर ठगों को पकड़ा जा सके। जिले में बीते साढ़े 3 सालों में ही 25 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी होने के मामले सामने आए हैं। एसपी मोनिका सैन का कहना है- साइबर फ्रॉड रुपयों का लालच देकर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बैंक अकाउंट खरीदकर उनमें फ्रॉड के रुपयों का लेन-देन करते है। जिले में 2117 बैंक अकाउंट ऐसे है। जिनमें कभी ने कभी फ्रॉड के रुपयों का लेन-देन हुआ है। उन्हें अकाउंट की डिटेल खंगालने के लिए ऑपरेशन म्यूल हंट चलाया जा रहा है। साल दर साल बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामलेदरअसल, जिले में साल दर साल साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ते जा रहे हैं। साइबर ठग लोगों को अपनी बातों में फंसाकर उनके बैंक अकाउंट की जानकारी लेकर लाखों रुपयों का फ्रॉड कर रहे हैं। इसको देखते हुए पाली पुलिस ने ऑपरेशन म्युल हंट शुरू किया गया है। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने फ्रॉड के रुपयों का लेन-देन करने के लिए हर जिले में अपना नेटवर्क बिछा रखा है। जहां उनके लिए काम करने वाले लोग आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके बैंक अकाउंट खरीद लेते है और ऑपरेट करते हैं। बाद में इन किरायों के बैंक अकाउंट में फ्रॉड के रुपयों का लेन-देन करते है। पाली पुलिस ऐसे ही बैंक खातों की जांच में जुटी है, जिससे पता चल सके कि इनमें से किराए के बैंक अकाउंट कितने है और साइबर फ्रॉड कितने हैं। हर साल 1500 लोगों से ठगीपुलिस के अनुसार, पाली जिले में हर साल औसतन 1500 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हो रही है। साल 2023 से लेकर अब तक साइबर थाने में 7115 साइबर फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हो चुकी है। वहीं 25 करोड़ 73 लाख 6307 रुपए का फ्रॉड हुआ है। इनमें साइबर थाना पुलिस ने 11 करोड़ 57 लाख 9 हजार 496 रुपए होल्ड करवाए और 2 करोड़ 85 हजार रुपए रिफंड करवाए है।
बाल श्रम अभियान, 9 बच्चे काम करते मिले:औरैया में नियोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा
औरैया तहसील में चलाए गए बाल श्रम विरोधी अभियान के दौरान नौ बाल श्रमिक विभिन्न प्रतिष्ठानों पर काम करते पाए गए। श्रम विभाग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। यह अभियान श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्रीमती रीमा सिंह औरैया, एएचटीयू प्रभारी और श्रम विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। इसका उद्देश्य बाल श्रम को रोकना और ऐसे बच्चों को काम से मुक्त कराना था। अभियान के दौरान जिन प्रतिष्ठानों पर बाल श्रमिक मिले, उनके नियोजकों (नियोक्ता) के खिलाफ निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई है। इन टिप्पणियों को आगे की कार्रवाई के लिए अपर श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश, कानपुर क्षेत्र, कानपुर को भेजा जा रहा है। अपर श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश, कानपुर क्षेत्र, कानपुर से अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद, बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 और संशोधित अधिनियम, 2016 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, औरैया के समक्ष वाद दायर किए जाएंगे।
झालावाड़ के जिला एसआरजी अस्पताल के वेयर हाउस में भीषण गर्मी के बीच दवाइयों के रख-रखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बावजूद वेयर हाउस में पर्याप्त कूलिंग सिस्टम नहीं होने से दवाइयों की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कई दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान जरूरी माना जाता है, लेकिन फिलहाल पूरे परिसर को सामान्य कूलरों के सहारे संचालित किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने अब करीब दो करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल वीआरएस सिस्टम लगाने की तैयारी शुरू करने की बात कही है। अलमारियों और कार्टून में रखी जा रही दवाइयां जानकारी के अनुसार, वेयर हाउस में विभिन्न प्रकार की दवाइयों को अलमारियों और कार्टून में स्टोर किया गया है। हालांकि, इतने बड़े परिसर में तापमान नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त आधुनिक व्यवस्था मौजूद नहीं है। भीषण गर्मी के चलते वेयर हाउस का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे दवाइयों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों ने जताई दवाइयों की गुणवत्ता घटने की आशंका विशेषज्ञों का कहना है कि कई दवाइयों को निर्धारित तापमान में रखना बेहद जरूरी होता है। यदि ऐसा नहीं किया जाए तो उनकी प्रभावशीलता कम हो सकती है। इसका सीधा असर मरीजों के उपचार पर पड़ सकता है। खासतौर पर जीवनरक्षक और संवेदनशील दवाइयों के लिए नियंत्रित तापमान आवश्यक माना जाता है। पहले भी दी गई थी प्रशासन को जानकारी अस्पताल प्रशासन को इस समस्या से पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन लंबे समय तक स्थिति जस की तस बनी रही। गर्मी बढ़ने के साथ अब दवाइयों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने माना, व्यवस्था है अपर्याप्त मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय पोरवाल ने बताया कि इतने बड़े वेयर हाउस परिसर को सामान्य एसी या कूलर के जरिए सुरक्षित रखना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक से इस संबंध में चर्चा हो चुकी है और जल्द ही सेंट्रल वीआरएस सिस्टम लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। दो करोड़ की लागत से लगेगा सेंट्रल वीआरएस सिस्टम एसआरजी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक शर्मा ने बताया कि पूरे वेयर हाउस परिसर के लिए सेंट्रल वीआरएस सिस्टम प्रस्तावित किया गया है। इसके लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और डीपीआर मंजूर होने के बाद करीब 50 प्रतिशत राशि भी प्राप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि इस कार्य पर लगभग दो करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे और जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा, ताकि दवाइयों को सुरक्षित तापमान में रखा जा सके।
मथुरा में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस बेड़े में 16 नई हाईटेक चेतक गाड़ियां शामिल की गई हैं। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने डायल 112 सेवा के तहत इन आधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन गाड़ियों से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और प्रभावी होगी। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि जनपद में डायल 112 सेवा के तहत पहले से 87 दोपहिया और चारपहिया वाहन संचालित थे। 16 नई हाई-स्पीड चेतक गाड़ियों के जुड़ने से अब यह संख्या बढ़कर 103 हो गई है। इन वाहनों का प्राथमिक उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देना और गश्त व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। इन नई चेतक गाड़ियों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इनमें उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं। इनकी सहायता से संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग सीधे कंट्रोल रूम से की जा सकेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन कैमरों से सड़क पर होने वाली हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों या घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई संभव हो पाएगी। आगामी त्योहारों और विशेष आयोजनों के मद्देनजर, इन गाड़ियों को संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे गश्त पर तैनात किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस पहल से हुड़दंगियों, अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। मथुरा पुलिस ने बताया कि आधुनिक तकनीक और संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक सुरक्षित माहौल में अपने दैनिक कार्य और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कर सकें।
कौशांबी की कड़ा धाम थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात चेकिंग के दौरान एक युवक को 1 किलो 180 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। युवक गांजा की खरीद-बिक्री में शामिल था। पुलिस ने आवश्यक लिखापढ़ी के बाद उसे जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई एसपी कौशांबी सत्यनारायण के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। कड़ा धाम थाना पुलिस ने क्षेत्र के शीतल मैरिज हॉल के सामने कम्पोजिट शराब की दुकान के पास से संदिग्ध युवक को पकड़ा। गांजा की खरीद और बिक्री का काम करता है आरोपी तलाशी के दौरान युवक के पास एक झोले में 1.180 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपनी पहचान चंद्रशेखर पुत्र स्वर्गीय रामप्रसाद, निवासी अहिरारा (बरामतपुर), थाना कोखराज के रूप में बताई। युवक ने पुलिस को बताया कि वह गांजा की खरीद और बिक्री का काम करता है। पुलिस ने बुधवार शाम को चंद्रशेखर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्यवाही के बाद उसे जेल भेज दिया।
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए बुधवार से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं पोर्टल पर आवेदन करते समय तकनीकी खामियां आ रही हैं। आवेदन कर रहे कई वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें नए आवेदकों को भी सिस्टम पहले से आवेदन किया हुआ बता रहा है। लोगों ने कहा- पोर्टल पर जनआधार नंबर दर्ज कर दूसरी जानकारी भरते हैं। इसके बाद फॉर्म सबमिट करने की कोशिश करते हैं तो स्क्रीन पर मैसेज दिखाई देता है- “यह सदस्य पहले ही आवेदन कर चुका है। नियमानुसार एक सदस्य जीवन में केवल एक ही बार आवेदन कर सकता है।” जबकि कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहले कभी इस योजना में आवेदन नहीं किया। पोर्टल पर आवेदन अटकने से बढ़ी परेशानी तकनीकी दिक्कत के कारण कई वरिष्ठ नागरिक आवेदन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ई-मित्र केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी आवेदन सबमिट नहीं हो पा रहे। इससे बुजुर्गों और उनके परिजनों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई आवेदकों ने बताया- पोर्टल पर जनआधार नंबर डालने के बाद डेटा खुल रहा है, लेकिन अंतिम चरण में सिस्टम आवेदन रिजेक्ट कर रहा है। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ है या नहीं। 10 जून तक चलेगी आवेदन प्रक्रिया देवस्थान विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जून तक चलेगी। योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। केवल ऑनलाइन हो रहे आवेदन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी है। देवस्थान विभाग के पोर्टल और ई-मित्र केंद्रों के जरिए आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदन के लिए जनआधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। पहले लाभ लेने वाले नहीं हैं पात्र योजना के नियमों के अनुसार जो व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका है, वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकता। इसी आधार पर पोर्टल में आवेदन करते समय सिस्टम पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। हालांकि अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी पहले से लाभ ले चुका बताया जा रहा है। विभाग के अधिकारी बोले- जल्द कराएंगे समाधान देवस्थान विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर-प्रथम जयपुर रतन लाल ने बताया- यदि आवेदन के दौरान इस तरह की तकनीकी समस्या सामने आ रही है तो विभाग की ओर से टेक्निकल टीम से संपर्क कर उसका समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा- जिन लोगों का पहले कभी चयन हुआ था और विभाग की ओर से कॉल जाने के बावजूद उन्होंने यात्रा नहीं की, उनके पास इस तरह का मैसेज आ सकता है। हालांकि यदि पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी यह समस्या आ रही है तो मामले की जांच कर उसे ठीक करवाया जाएगा।
मतलौडा पुलिस ने वैसर गांव में एक युवक की हत्या के आरोप में मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मंजीत और उसके बेटे विकास के रूप में हुई है। दोनों पर युवक को घर बुलाकर मारपीट करने और गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने युवक की हत्या करने की बात स्वीकार की है। यह घटना 25 मई को हुई थी, जब मृतक युवक सतीश खेत में पानी देने गया था और देर रात तक वापस नहीं लौटा। सतीश की मां राजबाला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि सतीश की हत्या कर दी गई है और उसका शव गांव के ही राजेश के मकान के बरामदे में पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर सतीश के गले में परना (कपड़ा) लिपटा हुआ था और नाक से खून निकल रहा था। घर बुलाकर हत्या करने का आरोप राजबाला ने अपनी शिकायत में राजेश की पत्नी मंजीत, उसके बेटे विकास, जेठ राजपाल, राजपाल की पत्नी और उसके बेटे विशाल पर सतीश को घर बुलाकर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि इन सभी की सतीश के साथ पुरानी रंजिश थी। पुलिस ने राजबाला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी और आरोपियों की तलाश कर रही थी। थाना मतलौडा प्रभारी सब- इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी महिला मंजीत ने पुलिस को बताया कि सतीश के साथ उसकी बोलचाल थी। उसने यह भी बताया कि उसके पति राजेश पिछले 10-12 साल से लकवाग्रस्त हैं और रात में उन्हें कम दिखाई देता है। घटना वाली रात, 25 मई को, वह और उसका पति राजेश घर के ऊपरी कमरे में सो रहे थे, जबकि बेटा विकास किसी काम से मतलौडा गया हुआ था। छेड़छाड़ करने को लेकर हुई थी कहासुनी रात को सतीश उनके कमरे में आया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। वह नशे में था विरोध करने पर वह जबरदस्ती करने लगा। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई तभी बेटा विकास घर आ गया और शोर सुनकर उपर के कमरे में आया। दोनों ने मिलकर सतीश की थप्पड़ व मुक्कों से पिटाई की। विकास ने सतीश को पकड़कर मुंह दिवार पर मारा। सतीश को नीचे गिराकर वह उसके पैरों पर बैठ गई और विकास ने गले में पड़े परने से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को उठाकर बरामदे में डाल दिया था। प्रभारी सब- इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि पुसिल ने बुधवार को आरोपी मां-बेटे को कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी महिला मंजीत को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया और आरोपी विकास को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही नामजद फरार अन्य आरोपियों के ठिकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी।
सतना में नगर निगम के कचरा वाहन के पलटने से सफाई कर्मचारी भैयालाल बसोर (38) की मौत हो गई। बुधवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और मर्चुरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नियमित नौकरी देने की मांग रखी। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 4:30 बजे तक चला। इस दौरान कोलगवां टीआई सुदीप सोनी और तहसीलदार सौरभ मिश्रा ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया भी मौके पर पहुंचे। कचरा प्रबंधन कंपनी रेमकी के प्रतिनिधियों और बसपा नेता सुभाष शर्मा की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत हुई। करीब चार घंटे चली चर्चा के बाद प्रशासन और कंपनी की ओर से सहायता का आश्वासन मिलने पर परिजन मान गए और शव लेकर रवाना हुए। पत्नी एक किडनी के सहारे, बेटा दिव्यांगभैयालाल बसोर का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताया जा रहा है। उनकी पत्नी एक किडनी के सहारे जीवन जी रही हैं, जबकि उनका बेटा दिव्यांग है। परिवार की पूरी जिम्मेदारी भैयालाल पर ही थी। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुबह ड्यूटी पर गए, हादसे में गई जानजानकारी के मुताबिक भैयालाल बसोर पिता कोदईला बसोर, निवासी बड़खेरा थाना सभापुर और वर्तमान में घूरडांग में रह रहे थे। वे लंबे समय से नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाहन में हेल्पर के रूप में काम कर रहे थे। मंगलवार सुबह रोज की तरह वे काम पर निकले थे। सुबह करीब 7:30 बजे टिकुरिया टोला ईंट भट्टा के पास कचरा वाहन चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में भैयालाल वाहन के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर कर दिया, लेकिन मैहर के पास एम्बुलेंस में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नाराज परिजन शव लेकर सीधे कोलगवां थाना पहुंचे। पुलिस की समझाइश के बाद शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। कंपनी ने दी सहायता, बेटे को नौकरी का आश्वासनलंबी बातचीत के बाद रेमकी कंपनी ने तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी। इसके अलावा कंपनी की ओर से 8 लाख रुपए मुआवजा, पत्नी को आजीवन 8 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन और मृतक के बेटे को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की ओर से रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपए की सहायता राशि भी स्वीकृत की गई है। साथ ही दुर्घटना बीमा क्लेम की राशि भी परिवार को दिलाने की बात कही गई है।
हरदोई में पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर:युवक की मौत, एफसीआई गोदाम के पास हुआ हादसा
हरदोई में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार सैलून संचालक की मौत हो गई। हादसा बिलग्राम में एसडीएम कॉलोनी और एफसीआई गोदाम के बीच हुआ। गंभीर रूप से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के तरौली गांव निवासी 32 वर्षीय गुड्डू श्रीवास्तव पुत्र मदन के रूप में हुई है। वह ललौली तिराहे पर सैलून की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी प्रीती और एक बेटा है। मृतक के चाचा राकेश ने बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे गुड्डू बाइक से बिलग्राम जा रहे थे। इसी दौरान एसडीएम कॉलोनी और एफसीआई गोदाम के बीच तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गुड्डू गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और स्थानीय लोगों ने उन्हें पहचान लिया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उन्हें बिलग्राम सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। हादसे की जांच के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
भारत के दिग्गज खेल प्रशासक, पांच बार के ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता राजा रणधीर सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन पर रामपुर के पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे भारतीय खेल जगत और पटियाला के शाही परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।नवेद मियां ने राजा रणधीर सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रणधीर सिंह एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले शूटर थे। खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्हें भारत, एशिया और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सम्मानित खेल प्रशासकों में गिना जाता था।राजा रणधीर सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1946 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के पटियाला में हुआ था। वह पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के छोटे बेटे भालिंद्र सिंह के पुत्र थे। पूरा जीवन खिलाड़ियों के उत्थान के लिए समर्पित रहा उनके पिता भालिंद्र सिंह 1947 से 1992 तक अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य रहे थे। वह भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी रहे और 1982 के एशियाई खेलों को दिल्ली लाने में उनकी अहम भूमिका थी। नवेद मियां के अनुसार, राजा रणधीर सिंह का पूरा जीवन खेलों और खिलाड़ियों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर आगे बढ़ाने में विशेष योगदान दिया। उनके निधन से खेल जगत को हुई क्षति की भरपाई करना कठिन होगा।उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पटियाला के शाही परिवार के साथ खड़े हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।
करौली में झील का हार क्षेत्र के वार्ड संख्या 7 और 8 के निवासियों ने कॉलोनी में लंबे समय से लंबित पक्की सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की है। इस संबंध में बुधवार को कार्यवाहक आयुक्त एवं उपखंड अधिकारी करौली प्रेमराज मीना को एक ज्ञापन सौंपा गया। वार्डवासियों ने बरसात से पहले स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि कच्चे रास्ते के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि तीनबड़ मुख्य सड़क से झील का हार कॉलोनी तक जाने वाला मार्ग अभी भी कच्चा है। बारिश के दिनों में रास्ते में पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रामेश्वर धाम, झील का हार में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने सड़क निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद संबंधित मार्ग का एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत तीनबड़ में बादल शर्मा के मकान से झील का हार स्थित रवि राजपूत के मकान तक लगभग 700 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया जा चुका है। नगर परिषद द्वारा इस कार्य का वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका है। वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों स्वीकृत मार्गों पर वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में राधेश्याम गुप्ता, मनीष गौड़, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि धर्म मीना, रामदयाल कश्यप, गंगाराम प्रजापत, कमल माली, शिवकुमार शर्मा, सुभाष शर्मा, मनोज, ओमप्रकाश, ब्रह्मानंद, पंकज, मोनू सहित अन्य कॉलोनीवासी शामिल रहे।
लखनऊ के बाजारखाला थानाक्षेत्र में एक युवक ने पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी। दोनों का लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी 3 महीने से मायके में रह रही थी। आरोपी पति ने फोन करके मिलने के बहाने बुलाया। इसके बाद घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खलरवा लेन ऐशबाग निवासी चांदनी (26) की शादी 7 साल पहले मोहम्मद शाहिद से हुई थी। दोनों का एक 4 साल का बेटा है। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति शाहिद अक्सर चांदनी के साथ मारपीट करता था। जिससे तंग आकर 3 महीने से वह तकिया चांद अलीशा रामनगर ऐशबाग स्थित अपने मायके में रह रही थी। सुनसान जगह ले जाकर हत्या की चांदनी बुधवार दोपहर में पड़ोस में रहने वाली भाभी को स्कूटी से देखने जा रही थी। वह एक निजी अस्पताल में एडमिट थी। इस दौरान शाहिद ने चांदनी को कॉल करके मिलने के बहाने बुलाया। ऐशबाग आठ नंबर गेट की गली में सुनसान जगह पर ले गया। वहां चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी शाहिद सब्जी का ठेला लगाता था। पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी है।
मेरठ के शोभापुर स्थित रीता मल्टी स्पेशलिटी एवं ट्रॉमा सेंटर में मरीज के बिल को लेकर अस्पताल मालिक और तीमारदारों में हुए हंगामा की वीडियो वायरल होने के बाद मेरठ सीएमओ ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। अस्पताल को नोटिस जारी किया है कि 3 दिन के भीतर में अपना लिखित स्पष्टीकरण पूरे प्रकरण को लेकर भेजें। वीडियो में तीमारदारों ने बताया कि जब उन्होंने अपने मरीज को यहां से रेफर करने पर बात कही तो अस्पताल के स्टाफ ने अस्पताल मालिक के आने का बहाना बनाकर सुबह 6 बजे से 11 बजे तक मरीज को रेफर करने में टालमटोल की। जब परिजन अस्पताल से बिल मांगा तो उन्हें 40000 का बिल जमा दिया इस पर अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बीच जमकर बहस हुई। वीडियो में तीमारदारों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल के मालिक डॉक्टर अनुज पाराशर और स्टाफ ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और मरीज को रेफर करने से इनकार कर दिया था, जिससे मरीज की हालत और गंभीर हो गई थी। इसके बाद तीमारदारों ने पैसा जमा कराया और उसके बाद ही मरीज को ले जाया गया। सीटी स्कैन के लिए भी किया था रैफर तीमारदारों ने बताया कि रीता अस्पताल में मरीज का सीटी स्कैन भी नहीं हो पाया था, उसके लिए भी मरीज को नंगलाताशी स्थित एक अन्य अस्पताल में भेजा गया। उन्होंने बताया कि पर्याप्त सुविधाएं भी अस्पताल में नहीं मिल रही थी इसके बाद भी आईसीयू में भी पूरी सुविधा नहीं थी जब हम अपने मरीज को ले जाने लगे तब यह प्रकरण हुआ। सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया के अनुसार 3 दिन पहले एक वीडियो उनके संज्ञान में आया था जिसमें रोहटा गांव के एक मरीज के इलाज के बिल को लेकर तीमारदारों और अस्पताल मालिक डॉ अनुज पाराशर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें तीमारदारो ने आरोप लगाया था कि एक रात में इलाज करने का 40000 बिल अस्पताल द्वारा बना दिया गया है और मरीज की हालत में भी सुधार नहीं है। लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई सीएमओ डॉक्टर अशोक कटारिया ने बताया कि फोन पर मुझे इसकी सूचना भी मिली थी और फिर मैंने वीडियो देखी। हालांकि अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। हमने अपने स्तर से स्पष्टीकरण मांगा है, स्पष्टीकरण का जवाब और यदि कोई लिखित शिकायत आती है तो उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अस्पताल के मानकों की भी जांच कराई जाएगी
बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार को शासन स्तर से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर राजकीय मेडिकल कॉलेज झांसी के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार को नियुक्त किया गया है। विशेष सचिव कृतिका शर्मा ने डॉ. शिवकुमार को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए हैं। डॉ. अरुण कुमार के कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाएं व्याप्त थीं। कॉलेज में कई निर्माण कार्य भी अधूरे पड़े थे। उपमुख्यमंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। उन्होंने कॉलेज की व्यवस्थाओं पर गंभीर आपत्ति जताई थी और डॉ. अरुण कुमार को चेतावनी भी दी थी। हालांकि, चेतावनी के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और बीजेपी जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने भी कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं की शिकायत उपमुख्यमंत्री से की थी। माना जा रहा है कि इन्हीं शिकायतों और अव्यवस्थाओं के चलते यह कार्रवाई की गई है।
उमरिया जिले की चंदिया तहसील के ग्राम लोढ़ा में खनिज विभाग ने अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग को शिकायत मिली थी कि रेलवे लाइन निर्माण कार्य में बिना अनुमति निकाली गई मिट्टी और मुरुम का उपयोग किया जा रहा है। शिकायत के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में मिला अवैध उत्खननजांच के दौरान बिना अनुमति मिट्टी और मुरुम निकाले जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने मौके से टाटा हिटाची हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर पोकलेन मशीन और हाइवा वाहन क्रमांक सीजी 10 बीयू 2634 को जब्त कर लिया। नियमों के तहत दर्ज हुआ मामलाखनिज विभाग ने दोनों वाहनों के खिलाफ मध्य प्रदेश खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे जांच की जा रही है। अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारीविभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। विधायक अब्बास अंसारी ने हिस्ट्रीशीट खोलने के मामले में याचिका दाखिल कर एसपी गाजीपुर को अवमानना याचिका में पक्षकार बनाया है। हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोलने के मामले में एसपी गाजीपुर को पुनर्विचार का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब्बास अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोलने पर एसपी गाजीपुर ने कोई निर्णय नहीं लिया। अब इसी के खिलाफ अब्बास अंसारी ने हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर याचिका कर हाईकोर्ट की आवमानना का आरोप लगाया है। गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में अब्बास अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। अब्बास अंसारी ने हिस्ट्रीशीट खोले जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
चूरू में नौतपा के तीसरे दिन भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। बुधवार को दोपहर ढाई बजे तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुबह 11:30 बजे यह 43 डिग्री सेल्सियस था। तेज लू के कारण शहर की सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। घरों और कार्यालयों में पंखे व कूलर भी बेअसर साबित हो रहे हैं। लोग अपने दैनिक और आवश्यक कार्यों को सुबह जल्दी निपटा रहे हैं ताकि दोपहर की भीषण गर्मी से बचा जा सके। इसी बीच बीदासर नगरपालिका ने नौतपा की भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के उद्देश्य से बुधवार को कस्बे के मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव करवाया। इस पहल से बाजारों में गर्मी और धूल से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में चल रहे हीटवेव और तीव्र हीटवेव का दौर आगामी दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। बीकानेर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 27 और 28 मई को अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की आशंका है। हालांकि, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 मई से राज्य के कुछ भागों में आंधी-बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। आंधी-बारिश की गतिविधियों में 30 मई से और बढ़ोतरी होने की संभावना है, और जून के पहले सप्ताह में भी कुछ भागों में यह गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
चूहामार पाउडर खाने से एक युवक की जिला अस्पताल में मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, प्रिंस लिल्हारे को 16 मई को चूहामार दवा खाने के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों, जिनमें अजय लिल्हारे भी शामिल हैं, ने आरोप लगाया है कि दो दिन के उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, जबकि उसकी हालत पूरी तरह ठीक नहीं थी। घर ले जाने के एक दिन बाद प्रिंस की तबीयत फिर बिगड़ गई, जिसके बाद उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से डॉक्टरों की सलाह पर उसे नागपुर एम्स ले जाया गया। एम्स में दो दिन के उपचार के बाद भी सुधार न होने पर उसे नागपुर के ही एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। हालांकि, वहां भी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और डॉक्टरों ने प्रिंस को घर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन 26 मई को प्रिंस को वापस जिला अस्पताल बालाघाट लेकर आए। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रिंस लगभग 10 दिनों तक शरीर में फैले जहर से जूझता रहा, लेकिन अंततः वह जिंदगी की जंग हार गया। सिविल सर्जन ने किया आरोप का खंडन इस मामले पर सिविल सर्जन ने बताया कि दो दिन के उपचार के बाद परिजन प्रिंस लिल्हारे को अपनी मर्जी से घर ले गए थे। डॉक्टरों ने परिजनों को उसकी हालत गंभीर होने की जानकारी दी थी। नागपुर से वापस लाए जाने पर पता चला कि उसके शरीर में रेड किलिंग पाउडर का जहर काफी फैल चुका था, जिससे उसकी मौत हो गई। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है। ऐसे कई प्रकरण सामने आते हैं, जब मरीज या उनके परिजन बिना बताए या अपनी मर्जी से अस्पताल से छुट्टी कराकर चले जाते हैं। जिससे अक्सर मौत की घटना, प्रिंस लिल्हारे जैसी सामने आती है।
गोबर डालने पर विवाद, दो पड़ोसियों में चलीं तलवार:महिला की उंगलियां कटी; पिता-बेटा भी घायल
रतलाम के सरवड़ जमुनिया गांव में जमीन पर गोबर डालने की बात को लेकर बुधवार सुबह विवाद हो गया। दो पड़ोसी पक्ष आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पति-पत्नी और बेटा घायल घायलों में कैलाश (50) पिता जगदीश गुर्जर, उनकी पत्नी राजूबाई (48) और बेटा विमल (30) शामिल हैं। तीनों को बुधवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिता कैलाश की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए, जबकि मां और बेटा जिला अस्पताल में भर्ती हैं। तलवार के हमले से बचाव के दौरान राजूबाई के हाथ की चारों उंगलियां कट गईं। वहीं पिता और बेटे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं रतलाम में घायलों से मिलने ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला भी जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। गोबर डालने को लेकर शुरू हुआ विवाद घायल विमल ने बताया कि बुधवार सुबह उनकी मां राजूबाई घर के पास स्थित उखेड़ा (गड्ढे) में गोबर डालने गई थीं। इसी दौरान पास में रहने वाले अमरसिंह गुर्जर के घर की महिलाओं ने विवाद शुरू कर दिया और उनकी मां के साथ मारपीट की। जानकारी मिलने पर वह और उनके पिता मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान अमरसिंह गुर्जर, उसके बेटे ओमप्रकाश गुर्जर, अनिल गुर्जर और परिवार की महिलाओं ने तलवार, रॉड और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। विमल ने बताया कि हमला करने वाले उनके पड़ोसी हैं। उनके उखेड़े के पीछे आरोपियों का मकान है और वे उस जगह को अपना रास्ता बताते हैं। इसी बात को लेकर पहले भी विवाद होता रहा है। एफआईआर दर्ज ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्ष एक ही समाज से हैं। एक पक्ष के तीन लोगों को चोट आई है। प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण गोबर डालना सामने आया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
शिवपुरी जिले के सेवड़ा गांव के ग्रामीण बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गांव के बाहर रहने वाले पारदी समाज के कुछ लोगों पर ग्रामीणों के साथ मारपीट, पैसे छीनने और दहशत फैलाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी आए दिन शराब के लिए पैसों की मांग करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर रहने वाले कुछ पारदी युवक अवैध हथियार रखते हैं। वे चोरी, झगड़े और मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल रहते हैं, जिससे पूरा गांव भय के माहौल में जी रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण आकाश पाल ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर वह खेत से वापस लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में बाला पारदी, इंदल पारदी और सोलन पारदी ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने उसकी बाइक की चाबी निकालकर 500 रुपए मांगे। जब आकाश ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और उसकी जेब में रखे करीब 5 हजार रुपए निकाल लिए। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। आकाश पाल ने बताया कि इस घटना की शिकायत सुभाषपुरा थाना में दर्ज कराई गई थी और पुलिस ने मामला भी दर्ज किया, लेकिन अब तक आरोपियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर गांव के कई लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और पारदी गिरोह से सुरक्षा दिलाने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
संभल में अनियंत्रित बस डॉक्टर की दुकान में घुसी:ड्राइवर समेत 2 घायल, बंद दुकान होने से हादसा टला
संभल में बुधवार दोपहर एक निजी बस अनियंत्रित होकर डॉक्टर की दुकान में जा घुसी। हादसे में बस चालक और परिचालक घायल हो गए, जबकि बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय दुकान बंद थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह दुर्घटना संभल तहसील के थाना असमोली क्षेत्र में जोया रोड स्थित मदाला गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, अमरोहा के जोया से संभल आ रही यात्रियों से भरी निजी बस बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित डॉ. अली हुसैन की दुकान में जा घुसी। बताया गया कि डॉ. अली हुसैन सप्ताह में दो दिन उनकी दुकान बंद रहती है। हादसे के समय भी दुकान बंद थी, जिसके कारण कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में बस चालक अयान, निवासी संभल, घायल हो गया, जबकि परिचालक को भी हल्की चोटें आईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण चालक को बस चलाते समय हल्के चक्कर आ गए थे। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर दुकान में घुस गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। हादसे के कारण संभल-जोया मार्ग पर करीब 40 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। दुर्घटना में दुकान का शटर और अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया है।
कोंडागांव जिले में अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। बुधवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कोंडागांव सहित पूरे बस्तर संभाग में आम, इमली, जामुन जैसे फलदार और विलुप्त होती प्रजातियों के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और परिवहन किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन लकड़ी माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें खुली छूट दे रहा है। भाजपा नेत्री पर लगाए गंभीर आरोप ज्ञापन में कांग्रेस ने भाजपा नेत्री ज्योति उर्फ जूही तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि 18 मई की रात वन विभाग ने मसोरा क्षेत्र में वाहन क्रमांक CG-27 R-3479 को लकड़ी परिवहन करते हुए पकड़ा था। इसके बाद 22 मई को आयोजित प्रेस वार्ता में जूही तिवारी ने कांग्रेस पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनके पास लकड़ी कटाई और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं, जो प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से पूछे कई सवाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर लकड़ी कटाई और परिवहन की अनुमति किन नियमों और शर्तों के तहत दी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चला रही है, तो दूसरी ओर हजारों पेड़ों की कटाई किसके संरक्षण में हो रही है। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि 18 मई को पकड़ी गई लकड़ी से भरी गाड़ी को किसके निर्देश पर छोड़ा गया। यदि वाहन नहीं छोड़ा गया, तो उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? वाहन में किस प्रकार की लकड़ी लोड थी और वह फिलहाल कहां रखी गई है? वैध दस्तावेजों की जानकारी मांगी ज्ञापन में कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा नेत्री के पास मौजूद कथित वैध दस्तावेज किस आधार पर जारी किए गए हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा लकड़ी कटाई और परिवहन की अनुमति जनहित में दी जा रही है, तो कांग्रेस भी इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहेगी। कांग्रेस ने प्रशासन से लकड़ी कटाई और परिवहन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
जालौन के डकोर विकासखंड स्थित टीकर गांव में हाल ही में अज्ञात कारणों से दो घरों में आग लग गई थी। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। यह सहायता मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार दैवीय आपदा से प्रभावित लोगों को समय पर राहत पहुँचाने के क्रम में दी गई। उरई की उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह ने मौके पर पहुँचकर आग से प्रभावित कमलेश (पत्नी पुनु) और कस्तूरी (पत्नी शिवकुमार) से मुलाकात की। उन्होंने घटना की जानकारी ली और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। इस दौरान दोनों पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री किट भी उपलब्ध कराई गई, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके। पीड़ितों की मदद की जाएगी उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन स्तर से अनुमन्य सभी सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है और किसी भी पीड़ित को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा।
सोनीपत में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत व्यक्तिगत लाभार्थी किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान राशि सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा तक, जो भी कम हो, दी जाएगी। योजना में सुपर सीडर, सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, एमबी प्लो, जीरो टिल, सरफेस सीडर, क्रॉप रीपर, स्ट्रॉ बेलर, स्ट्रॉ रेक और श्रब मास्टर/रोटरी स्लेशर जैसे कृषि यंत्र शामिल हैं। एक किसान, एक यंत्र के लिए कर सकता अप्लाई उपायुक्त नेहा सिंह स्पष्ट किया कि एक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए आवेदन कर सकता है और अनुदान भी चयन के बाद केवल एक मशीन पर ही मिलेगा। प्रत्येक परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आईडी पर एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। हालांकि, स्ट्रॉ बेलर के लिए आवेदन करने वाले किसान को स्ट्रॉ रेक और रोटरी स्लेशर खरीदने की भी अनुमति होगी। इच्छुक किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. प्रवीन गुलिया ने बताया कि आवेदन करने वाले किसान ने संबंधित कृषि यंत्र पर पिछले तीन वर्षों अर्थात वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान अनुदान प्राप्त न किया हो। इसकी जांच विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो सीजन में फसल अवशेष अथवा पराली जलाने के कारण जिन किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज है अथवा उसी परिवार पहचान पत्र के किसी सदस्य के नाम रेड एंट्री है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। ड्रा के माध्यम से किया जाएगा किसान का चयन सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा ने बताया कि यदि प्राप्त आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक होते हैं तो लाभार्थियों का चयन किसानों की उपस्थिति में उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को पोर्टल पर अपलोड किए गए सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे हरियाणा पंजीकृत ट्रैक्टर की वैध आरसी, परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड, लघु एवं सीमांत किसानों के लिए पटवारी रिपोर्ट, स्वयं घोषणा पत्र तथा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए जाति प्रमाण पत्र आदि सात दिनों के भीतर सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, राई में जमा करवाने होंगे। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच एवं अनुमोदन उपरांत पात्र किसानों को विभागीय पोर्टल से ऑनलाइन सब्सिडी पात्रता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। किसानों को 30 जुलाई 2026 तक कृषि यंत्र की खरीद पूरी करनी होगी, जबकि संबंधित डीलर एवं निर्माता को 05 अगस्त 2026 तक बिल एवं अन्य दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन करना होगा भुगतान उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि यंत्र की खरीद का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम, बैंक अथवा चेक के जरिए ही करना होगा। नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी। किसान यह सुनिश्चित करें कि वे केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एवं वैध परीक्षण रिपोर्ट वाले निर्माता अथवा डीलर से ही मशीन खरीदे। उन्होंने बताया कि मशीन खरीद के बाद डीलर द्वारा किसान के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से बिल, ई-वे बिल एवं लोकेशन आधारित फोटो विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इसके उपरांत निदेशालय द्वारा निर्धारित तिथि पर खंड स्तर पर कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। सफल सत्यापन के बाद सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। हुड्डा ने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक कार्यालय, सोनीपत अथवा सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, राई से संपर्क कर सकते हैं।
हरदोई में लगा निशुल्क मधुमेह शिविर:250 मरीजों की हुई जांच, दवाएं भी बांटी गई
हरदोई में वरिष्ठ चिकित्सक स्वर्गीय डॉ. राम दत्त मिश्र की 37वीं पुण्यतिथि पर एक निशुल्क मधुमेह जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। यहां लगभग 250 लोगों का निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श भी दिया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय पर जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना था। शिविर में मधुमेह, ब्लड प्रेशर और सामान्य स्वास्थ्य जांच की विशेष व्यवस्था की गई थी। चिकित्सकों की एक टीम ने मरीजों की शुगर जांच की और उन्हें खानपान, नियमित दिनचर्या तथा व्यायाम के महत्व के बारे में जानकारी दी। मरीजों को स्वस्थ रहने के लिए संतुलित जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई। शिविर में आए लोगों को आवश्यक दवाइयों का निशुल्क वितरण भी किया गया। फाइबरयुक्त भोजन स्वास्थ्य के लिए बेहतर इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेंद्र दत्त मिश्र ने बताया कि मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसे सावधानी और संतुलित जीवनशैली से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मधुमेह के प्रमुख लक्षण बताए, जिनमें बार-बार प्यास लगना, जल्दी थकान महसूस होना, बार-बार पेशाब आना और अचानक वजन कम होना शामिल हैं। डॉ. मिश्र ने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए, ताकि बीमारी को शुरुआती अवस्था में ही नियंत्रित किया जा सके। डॉ. मिश्र ने लोगों को खानपान में मीठी चीजों, तले हुए भोजन और जंक फूड से परहेज करने की सलाह दी। उन्होंने हरी सब्जियां, सलाद, दालें और फाइबरयुक्त भोजन को दैनिक आहार में शामिल करने को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया। ये लोग शिविर में रहे उपस्थित नियमित व्यायाम और सुबह-शाम टहलने की आदत भी शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होती है। उन्होंने जोर दिया कि समय-समय पर शुगर की जांच कराते रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिविर में वरिष्ठ अधिवक्ता राम अवतार शुक्ल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष उमेश अग्रवाल, डॉ. राकेश अग्रवाल, भाजपा नेता अभय शंकर शुक्ल, वरिष्ठ अधिवक्ता अभय शंकर गौड़, राम प्रकाश शुक्ल सहित कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और चिकित्सक उपस्थित रहे।
सिरसा शहर में बेगू रोड स्थित मेला ग्राउंड एरिया में नगर परिषद की टीम ने बुधवार को फिर से अतिक्रमण कब्जा कार्रवाई की। नगर परिषद की टीम दोपहर को मेला ग्राउंड में पुलिसबल एवं जेसीबी के साथ पहुंची। टीम ने पहले कब्जा करने वाले लोगों को वहां से जगह खाली करने को कहा, परंतु किसी ने सामान बाहर नहीं निकाला और न ही जगह छोड़ने पर सहमत हुए। इसके बाद टीम ने जेसीबी से कब्जा हटाओ कार्रवाई शुरू की। इस बार नगर परिषद की टीम ने झुग्गियों के साथ पक्के मकान पर भी जेसीबी चला दी और मकान ढहा दिए गए। टीम ने कूलर व आदि सामान घरों से बाहर निकालकर फेंका। टीम के अनुसार, यह मकान पक्के बने हुए हैं, लेकिन पूरी तरह से रेनोवेशन नहीं है। इस तरह काफी लोगों ने सरकारी जगह पर कब्जा कर मकान व झुग्गी-झोपड़ी बनाई हुई है। गर्मी के चलते एक महिला को चक्कर आ गया और नीचे गिर गई। इस दौरान लोगों व टीम ने उनको संभाला। इस दौरान लोगों ने टीम की कार्रवाई का विरोध किया और टीम व उनके बीच कहासुनी भी हो गई। लोगों ने टीम का विरोध करते कहा, हर बार ये कार्रवाई की जा रही है। लोगों ने टीम व पुलिस के समक्ष हाथ जोड़े और बोले, हमारे घर तोड़ रहे हो और काम कर-करके मुश्किल से घर बनाया। अब ये घर तोड़ रहे हैं। सरकार को क्या पता कैसे मेहनत कर घर बनाया और सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की। एक सप्ताह पहले भी की थी कब्जा हटाओ कार्रवाई गत वीरवार को प्रशासन की टीम ने मेला ग्राउंड में करीब 20-30 झुग्गियों को जेसीबी से ढहा दिया था और लोगों को अल्टीमेटम देते हुए वहां से हटाने को कहा था। इस दौरान प्रशासन की टीम और झुग्गीवासियों के बीच काफी नोंकझोंक हुई। लोगों ने सरकार व प्रशासन के प्रति रोष जताया था। इसके बाद आज बुधवार को नगर परिषद की टीम दोबारा कार्रवाई के लिए पहुंची और भारी पुलिसबल के साथ गाड़ियां लेकर टीम पहुंची। लोगों ने टीम के सामने बहुत मिन्नतें की, पर किसी ने एक न सुनीं। लोग बोले, सामान खाली करने का एक सप्ताह का समय दिया लोगों व महिलाओं का कहना है कि वे यहां करीब 40-50 सालों यहां पर कब्जा किए हुए हैं। पिछले 20 से 25 सालों से सभी ने पक्के मकान बना लिए। यहां का बिजली व पानी बिल भरते हैं। लोगों ने कहा, यह जमीन व प्लॉट खरीदी हुई है और जमीन डेढ लाख रुपए में खरीदी थी। सभी सामान घरों से बाहर निकाल दिया है। ये कार्रवाई देर शाम तक चलेगी। महिलाएं बोली, अभी टीम कह रही है कि अभी तो कुछ घर तोड़े हैं और घर भी तोड़े जाने हैं। जेसीबी से पूरा मकान ही सीधा ढहाया जा रहा है। एक तरह से लोगों का आशियाना टूटने के बाद बेघर हो गए। घर खाली करने का एक सप्ताह का समय है। इस गर्मी में बच्चे लेकर कहां जांएगे।
श्रावस्ती में अवैध खनन पर कार्रवाई, 32 वाहन सीज:प्रशासन ने 9 लाख का वसूला जुर्माना, टास्क फोर्स गठित
श्रावस्ती में अवैध खनन और मिट्टी के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया है। मई 2026 में अब तक 32 वाहनों को सीज किया गया है, जबकि 9 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी के 20 मई 2026 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देशन में जनपद की तीनों तहसीलों- भिनगा, जमुनहा और इकौना—में राजस्व और खनन विभाग की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है। अभियान के दौरान अवैध मिट्टी खनन करते हुए कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गईं, जिनमें मिट्टी लदी मिली। इसके बाद वाहनों को तत्काल सीज कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में अब तक कुल 32 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इनमें भिनगा तहसील के 13, इकौना के 3, जमुनहा के 7 और अन्य क्षेत्रों के 9 वाहन शामिल हैं। इन मामलों में कुल 9 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 9 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद स्तर पर विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। इस टीम में संबंधित उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी पुलिस को शामिल किया गया है। टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर कार्रवाई कर रही है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में जुर्माने की वसूली अभी बाकी है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कोतवाली टीआई पर झूठी FIR का आरोप:पीड़ित बोले- शराब कारोबारी से मिलीभगत, आंदोलन की दी चेतावनी
भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों ने बुधवार दोपहर दमोह एसपी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें संगठन के एक कार्यकर्ता पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप कोतवाली टीआई पर लगाया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष व्यक्ति का नाम जल्द नहीं हटाया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। संगठन के संभाग अध्यक्ष सुजान सिंह ठाकुर ने बताया कि यह मामला अप्रैल महीने का है। उस समय कोतवाली थाना क्षेत्र के गार्ड लाइन के पास संगठन के कार्यकर्ताओं ने दो युवकों को अवैध शराब ले जाते हुए पकड़ा था। इस दौरान कुछ हाथापाई भी हुई थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद संगठन के कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे। आरोप है कि कोतवाली टीआई ने शराब ठेकेदार के दबाव में संगठन के कुछ सदस्यों के साथ-साथ फल व्यापारी और संगठन कार्यकर्ता पन्नालाल राय पर भी मामला दर्ज कर लिया। संगठन का दावा है कि घटना के समय पन्नालाल राय अपनी दुकान पर मौजूद थे, जिसके सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध हैं। ये फुटेज एसपी को सौंपे गए हैं। शराब ठेकेदार का दबाव सुजान सिंह ठाकुर ने बताया कि टीआई ने शराब ठेकेदार के दबाव में यह झूठा मामला दर्ज किया है। संगठन ने पहले भी इस संबंध में एसपी को आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह दूसरी बार है जब संगठन ने ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निर्दोष व्यक्ति का नाम एफआईआर से हटाने की मांग की गई है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो संगठन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। क्या है मामला गौरतलब है कि अवैध शराब पकड़े जाने के समय एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें संगठन के कार्यकर्ताओं और अवैध शराब ले जा रहे लोगों के बीच विवाद देखा गया था। इसके बाद दोनों ही पक्ष कोतवाली पहुंचे थे। पुलिस ने दोनों ही पक्षों पर मामला दर्ज किया था, लेकिन संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो व्यक्ति उस समय कार्रवाई में शामिल ही नहीं था उस पर भी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ज्ञापन लेने पहुंची महिला अधिकारी ने संगठन के कार्यकर्ताओं को आसान आश्वासन दिया है की जांच के बाद इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के जिला प्रशिक्षण वर्ग का दूसरा दिन योगा सत्र से शुरू हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने की। इस सत्र में मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी मानवेंद्र सिंह चौहान ने कार्य विस्तार और चुनाव प्रबंधन पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। चौहान ने कहा कि संगठन का विस्तार केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए है। उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं को एक निश्चित अंतराल के बाद क्या करना है और क्या नहीं, इसकी स्पष्टता देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रदेश उपाध्यक्ष ने चुनाव जीतने के लिए बूथ स्तर पर मजबूती को आवश्यक बताया। उन्होंने मेरा बूथ सबसे मजबूत के साथ बूथ जीतो का मंत्र दिया, जिससे कार्यकर्ता अपने-अपने बूथों पर सक्रिय होकर पार्टी को मजबूत कर सकें।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने व्यवहारिक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने संगठन की कार्यशैली, सेवा और समर्पण पर अपने विचार साझा किए। क्षेत्रीय महामंत्री रामकिशोर साहू ने विचार परिवार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सभी आनुषंगिक एवं सहयोगी संगठनों के वैचारिक समूह को दर्शाता है। प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी ने मीडिया प्रबंधन के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया का बड़ा महत्व है और यह चुनावों में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है। इस प्रशिक्षण वर्ग में वर्ग की प्रभारी एवं कल्याणपुर कानपुर से विधायक नीलिमा कटियार, सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बृजेश शुक्ला, पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत पाठक, अजय सिंह चौहान, भुवन प्रकाश गुप्ता, जिला महामंत्री विशाल शुक्ला, मनु राजपूत, भूरे चौबे, अनिल शुक्ला, अमरचंद राठौर, ऋषि पाण्डेय, आदर्श ठाकुर, प्रतीक सिंह, कमलेश अवस्थी, खुशबू पाण्डेय, कुंअर सिंह बाथम, अवनीश ठाकुर, रवींद्रीय शाक्य, वासुदेव प्रजापति, नितिन अवस्थी, मोनू सेंगर, अंकुर तिवारी, गिरीश तिवारी, माधव राजपूत, बंटूराव दिवाकर, सोनू सेंगर सहित सभी जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति सदस्य और मोर्चा प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं सभी मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक निशुल्क सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित हुए, जहां मुख्य अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। यह नि:शुल्क सेमिनार धमतरी शहर के सिहावा चौक के पास आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, प्रेरणा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। यह आयोजन ASP से सीधी मुलाकात कार्यक्रम के तहत संपन्न हुआ। सेमिनार में विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के अन्य सदस्यों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजनांदगांव की एएसपी सारिका वैद्य थीं। भारतीय बौद्ध महासभा जिला धमतरी के अध्यक्ष दीपक वैद्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष पालनहार मेश्राम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इन सभी ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एएसपी सारिका वैद्य से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। एएसपी ने सरल और प्रेरणादायी ढंग से उनके प्रश्नों का समाधान किया और सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। एएसपी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र एएसपी सारिका वैद्य ने बताया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र अपने लक्ष्य और कार्य पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करना, कर्म पर विश्वास रखना और निरंतर संघर्ष करते रहना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करने, स्वयं से प्रेम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। परिवार सबसे बड़ा सहारा और प्रेरणा उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति आभार और सम्मान रखने की सीख दी। एक प्रेरक गतिविधि और खेल के माध्यम से उन्होंने बच्चों को परिवार का महत्व समझाया और बताया कि सफलता पाने में परिवार सबसे बड़ा सहारा और प्रेरणा होता है। साथ ही यह भी कहा गया कि आगे भी विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास और मार्गदर्शन के लिए ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से “हीट वेव प्रिपेयर्डनेस एंड मिटिगेशन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने राजस्थान में बढ़ती हीट वेव की आवृत्ति और तीव्रता पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने हीट वेव के मानव स्वास्थ्य, शहरी क्षेत्रों, श्रमिकों और जलवायु परिवर्तन पर प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में हीट एक्शन प्लान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक भागीदारी और व्यावहारिक कूलिंग समाधानों पर भी चर्चा की गई। हीट वेव से बचाव की दी जानकारी कार्यशाला के संयोजक डॉ. दिव्य प्रकाश ने बताया कि इसके आयोजन का उद्देश्य स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को हीट वेव से बचाव एवं आपदा प्रबंधन के प्रति प्रशिक्षित करना है। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. सुरेश चंद्र पाढ़ी ने कहा कि वर्तमान समय में हीट वेव एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसके समाधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों, वैज्ञानिकों और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मनोज गुप्ता ने जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के एफईटी के डीन डॉ. अंकुश जैन, रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र सोमवंशी तथा प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. चांदनी कृपलानी भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हीट वेव, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य प्रभाव, हीट एक्शन प्लान एवं शहरी ताप प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। ये रहे मौजूद कार्यशाला का भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर, महिला हाउसिंग ट्रस्ट, साउथ एशियन मेट्रोलॉजिकल एसोसिएशन और इंडियन मेट्रोलॉजिकल सोसाइटी जयपुर चैप्टर के सहयोग से आयोजन हुआ। इसे भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का सहयोग मिला। अतिरिक्त निदेशक (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन) और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान के क्लाइमेट चेंज के नोडल अधिकारी डॉ. नरोत्तम शर्मा उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रहे। साथ ही बीएचयू के भूभौतिकी विभाग के पूर्व एचओडी एवं इंडियन मेट्रोलॉजिकल सोसाइटी के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव भाटला तथा महिला हाउसिंग सेवा ट्रस्ट की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर रचना शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। इन तकनीकी सत्रों में स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ, डॉ. अरिंदम दास, महिला हाउसिंग ट्रस्ट की गर्गी असोदरिया एनआरडीसी की डॉ. ऋतिका कपूर, खुशी बेबी के इंजीनियर साकेत कुमार और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के प्रो. अश्वनी कुमार ने मुख्य वक्ता के तौर पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला में एनआरडीसी, जेएनयू दिल्ली, शिव नादर यूनिवर्सिटी नोएडा, मणिपाल यूनिवर्सिटी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, भारत मौसम विज्ञान विभाग सहित देश के विभिन्न शैक्षिक, अनुसंधान एवं आपदा प्रबंधन संस्थानों के विशेषज्ञ, शोधार्थी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
शिवगंज तहसील के प्रसिद्ध कामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बीती रात एक भालू अपने दो बच्चों के साथ विचरण करता दिखाई दिया। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर क्षेत्र में भालू परिवार को घूमते देख श्रद्धालुओं में पहले कौतूहल का माहौल बना, लेकिन कुछ ही देर बाद लोग संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क हो गए। घटना के दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल फोन में भालू और उसके बच्चों के वीडियो भी कैद किए। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह और सतर्कता जानकारी के अनुसार, कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में भालू और उसके बच्चों को घूमते हुए देखा। शुरुआत में लोगों में उत्साह देखने को मिला, खासकर उन श्रद्धालुओं में जिन्होंने पहली बार बच्चों के साथ भालू को इतने करीब से देखा था। हालांकि, मादा भालू के स्वभाव को देखते हुए लोगों ने समझदारी दिखाई और तुरंत सुरक्षित दूरी बना ली। कुछ देर घूमने के बाद जंगल की ओर लौटा भालू अपने दोनों बच्चों के साथ मंदिर परिसर में काफी देर तक निश्चिंत होकर घूमता रहा। इसके बाद वह वापस जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित लौट जाने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने श्रद्धालुओं को किया सतर्क मंदिर के सेवक और वन विभाग लगातार श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह देते रहते हैं। उनका कहना है कि मादा भालू अपने बच्चों के साथ होने पर सामान्य से अधिक सतर्क और आक्रामक हो सकती है, क्योंकि वह अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रहती है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भालुओं की गतिविधियां कामेश्वरजी तीर्थ स्थल के आसपास इन दिनों भालू अपने बच्चों के साथ अक्सर विचरण करते देखे जा रहे हैं। वन विभाग और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भालुओं के स्वच्छंद विचरण में किसी प्रकार की बाधा न डालें और विशेष रूप से रात्रि के समय संबंधित क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें। तीन जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु कामेश्वर महादेव मंदिर सिरोही, जालोर और पाली जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव को उकसाने से बचने की अपील की है।
रामपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित वृद्धावस्था एवं किसान पेंशन योजना ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर मुरादाबाद मंडल में मिसाल कायम की है। मार्च 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 70,593 पात्र बुजुर्गों को योजना का लाभ मिल रहा है। विभाग के मुताबिक योजना से संबंधित कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। 2,747 नाम सूची से हटाए गए विभाग ने लाभार्थियों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जिले में 50,495 पंजीकृत लाभार्थी थे। जांच के दौरान 2,514 लाभार्थी मृत पाए गए, जबकि 233 लोगों को अपात्र घोषित किया गया। इसके बाद कुल 2,747 नाम सूची से हटाए गए, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सकी। सत्यापन अभियान के साथ नए पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने का कार्य भी तेजी से किया गया। वर्ष 2025-26 में 22,845 नए बुजुर्गों की पेंशन स्वीकृत की गई। इसके बाद जिले में कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 70,593 हो गई। पेंशन की किश्तों का नियमित भुगतान समाज कल्याण विभाग ने पेंशन की किश्तों का नियमित भुगतान भी सुनिश्चित किया। प्रथम किश्त 60,495, द्वितीय किश्त 60,219, तृतीय किश्त 61,309 और चतुर्थ किश्त 54,113 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई। योजना के संचालन के लिए मांगी गई 7176.66 लाख रुपये की धनराशि पूरी तरह प्राप्त हुई और उसका शत-प्रतिशत उपयोग किया गया। जिलाधिकारी अजय कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र बुजुर्ग तक योजना का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की गई, ताकि कोई अपात्र लाभ न ले सके और कोई पात्र व्यक्ति योजना से वंचित न रहे।
दुर्ग की महापौर अल्का बाघमार एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। इस बार मामला उनके निरीक्षण दौरे के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर है। वीडियो में उनकी सुरक्षा में तैनात एक हथियारबंद पुलिस जवान उनके पीछे-पीछे छाता लेकर चलता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब इसकी आलोचना हो रही है। महापौर अल्का बाघमार 26 मई को पटरीपार क्षेत्र के औद्योगिक नगर वार्ड क्रमांक 17 और 18 स्थित शक्ति नगर तालाब का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ समर्थक और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। निरीक्षण के समय बनाया गया वीडियो खुद महापौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया था। इसी वीडियो को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। छाता लेकर पीछे-पीछे चलता दिख रहा जवान वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज धूप से बचाने के लिए एक पुलिस जवान महापौर के पीछे छाता लेकर चल रहा है। जवान हथियार से लैस नजर आ रहा है और लगातार उनके पीछे-पीछे चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे वीआईपी संस्कृति से जोड़ते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए। एनएसयूआई ने कहा- यह वीआईपी कल्चर इस मामले में NSUI ने भी विरोध जताया है। एनएसयूआई नेता वरूण केवलतानी ने कहा कि, जनता ने जनप्रतिनिधि चुना है, कोई राजा या रानी नहीं। पुलिस व्यवस्था सुरक्षा के लिए होती है, निजी सुविधा और दिखावे के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान दिन-रात मेहनत करके लोगों की सुरक्षा करते हैं और वर्दी सम्मान, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है। ऐसे में जवानों से इस तरह का काम करवाना ठीक नहीं माना जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की तस्वीरें लोकतंत्र पर सवाल खड़े करती हैं। अगर पुलिस जवानों को नेताओं के पीछे छाता लेकर चलना पड़ेगा, तो इससे गलत संदेश जाएगा। एनएसयूआई ने इसे पुलिस वर्दी का अपमान बताया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स के आए कमेंट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। हनी नाम के एक यूजर ने लिखा कि “दीदी, ये जो जवान आपके ऊपर छाता लगाए हैं, वो ठीक नहीं लग रहा है। छत्तीसगढ़ में बड़े-बड़े नेताओं को भी ऐसा करते नहीं देखा।” वहीं यमन ठाकुर नाम के यूजर ने कमेंट किया कि “देश का जवान मैडम का छाता लेकर घूम रहा है।” पहले भी वीडियो हुआ था वायरल बता दें कि इससे पहले भी महापौर अल्का बाघमार का एक वीडियो काफी चर्चा में रहा था। उस वीडियो में वे एक व्यापारी को धमकाते हुए और थप्पड़ मारने की बात कहते हुए नजर आई थीं। अब नया वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।
हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर शराब के नशे में UP के चार युवक आपत्तिजनक हरकतें करने लगे। जब आस-पास के लोगों ने यह सब देखा तो तुरंत रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) से मदद मांगी। घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें दिखता है कि दो युवक हरकी पैड़ी पर एक-दूसरे को किस करने की कोशिश करते हैं और गंदी हरकतें करने लगते हैं। घटना पर हरिद्वार के साधु-संतों ने नाराजगी जताई है। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा- शराब के नशे में युवकों ने महिलाओं को कंधा मारा और दुकानदारों के साथ भी मारपीट की। उन्होंने गंगा में यात्रियों से बदतमीजी की। हम पुलिस से कहना चाहते हैं कि मां गंगा के तट पर ये सारी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। तस्वीरें देखिए… सिलसिलेवार ढंग से पूरी खबर… 1. शराब के नशे में बाजार में मचाया उत्पात- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बागपत जिले के थाना खेकड़ा क्षेत्र से आए चार युवक देर रात हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहुंचे। चारों युवक अत्यधिक नशे में थे और ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। बाजार क्षेत्र में घूमते समय उन्होंने राहगीरों और दुकानदारों के साथ अभद्रता की। आरोप है कि नशे में धुत इन युवकों ने वहां मौजूद महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उन्हें कंधे मारे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। 2. घाट पर की अश्लील हरकतें, वीडियो वायरल- इसके बाद युवक हरकी पैड़ी घाट पर पहुंच गए और वहां भी आपत्तिजनक हरकतें जारी रखी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दो युवक एक-दूसरे के साथ अश्लील हरकतें और 'किस' करने का प्रयास करते दिख रहे हैं। श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन नशे में चूर युवकों ने किसी की एक न सुनी। 3. स्थानीय लोगों ने घेरा और पुलिस को सौंपा- युवकों की बढ़ती बदतमीजी देख स्थानीय नागरिकों और तीर्थ पुरोहितों ने चारों युवकों को मौके पर ही घेर लिया और तत्काल हरकी पैड़ी चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों को हिरासत में ले लिया। चारों की पहचान राजीव, निवासी ग्राम साकरोद, विपिन निवासी नूरपुर खालसा, कपिल शर्मा निवासी ग्राम साकरोद, बागपत और विकास, निवासी नूरपुर खालसा के तौर पर हुई है। पुलिस ने चारों का चालान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की है। 5. साधु-संतों और पुरोहितों में भारी आक्रोश- घटना के बाद तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित और अन्य संतों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मां गंगा के तट पर ऐसी अश्लीलता और नशा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुरोहितों ने मांग की है कि यात्रा सीजन के दौरान घाटों पर नियमित गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्व शहर की छवि खराब न कर सकें। वरिष्ठ संत स्वामी आनंद स्वरूप ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति या समूह की गलती के लिए पूरे प्रदेश (UP) या समाज को दोषी ठहराना गलत है। उन्होंने लोगों से क्षेत्रवाद फैलाने वाले बयानों से बचने और संयम बरतने की अपील की है। हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीत कंडारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धार्मिक नगरी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। नशे में हुड़दंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड-हरियाणा के इन्फ्लुएंसर्स फैला रहे हेट स्पीच: दिल्ली में देहरादून के ड्राइवर को पीटा, मारपीट के पुराने VIDEO वायरल कर रहे ऋषिकेश में हरियाणा के युवकों को नंगा कर पीटने के मामले के बाद उत्तराखंड और हरियाणा के इन्फ्लुएंसर्स मिलकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करके एक-दूसरे के खिलाफ हेट स्पीच फैला रहे हैं। अलग-अलग जगह से मारपीट के दो वीडियो सामने आए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
NCRTC ने बढाई ट्रेन ट्रिप्स:दिल्ली-मेरठ के बीच 10 अतिरिक्त फेरे लगाएंगी नमो भारत
एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पीक आवर्स में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच नमो भारत ट्रिप्स में फिर बढ़ोतरी की है और 10 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स जोड़ी हैं। यह वृद्धि पिछले सप्ताह एनसीआरटीसी द्वारा बढ़ाई गईं 8 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स के अलावा है। 18 ट्रेन ट्रिप्स की बढ़ोत्तरी के साथ नई समय-सारिणी के अनुसार, 10 अतिरिक्त ट्रिप्स सुबह के पीक आवर्स में 7:00 बजे से 11:30 बजे तक उपलब्ध होंगी जबकि 8 अन्य ट्रिप्स शाम के पीक आवर्स में 5:00 बजे से 8:30 बजे के बीच परिचालित होंगी। इस बढ़ी हुई ट्रेन फ्रीक्वेंसी से यात्रियों के लिए अधिक ट्रेनें उपलब्ध होंगी, उनका प्रतीक्षा समय कम होगा, सीट की उपलब्धता बढ़ेगी।
औरैया में राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के तत्वावधान में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 17वें दिन भी जारी रही। यह हड़ताल राजस्व कार्यप्रणाली में सुधार और अधिवक्ताओं व वादकारियों के हितों की रक्षा के लिए की जा रही है। हड़ताल के कारण तहसील में कोई काम न होने से लोग परेशान हो रहे है। अपनी मांगों के समर्थन में अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन भी लगातार जारी है। बुधवार को क्रमिक अनशन के मंच पर वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण चंद्र सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष राम विनोद शुक्ला, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व श्रीप्रकाश शर्मा, मुकेश सविता और उत्तम दीक्षित शामिल हुए। अनशन स्थल पर राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि राजस्व कार्यप्रणाली में सुधार और अधिवक्ताओं व वादकारियों के हितों की रक्षा के लिए है। महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने संगठन को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि राजस्व अधिवक्ता संगठन पूरी मजबूती के साथ इस लड़ाई को लड़ रहा है। उन्होंने क्रमिक अनशन पर बैठे साथियों को संघर्ष की रीढ़ बताया।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. 200 किलो का बकरा:पंजाब से 1000Km सफर तय कर लाए सालभर पहले पंजाब से एक हजार किमी का सफर दो दिन में तय कर बकरे को इंदौर लाया गया। ढ़ाई साल के इस बकरे का वजन 200 किलो से ज्यादा है और इसकी गर्दन तक हाइट 5 फीट की है। ईद पर यानी गुरुवार को इसकी कुर्बानी दी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर... 2. गांधी नगर में टेलर ने जहर खाया गांधी नगर क्षेत्र में रहने वाले एक टेलर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार ने पड़ोसी पर प्रताड़ित करने और लगातार धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि करीब 17 दिन पहले टेलर के साथ मारपीट भी की गई थी, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव में थे। पढ़ें पूरी खबर... 3. शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म बाणगंगा थाना क्षेत्र में तलाकशुदा महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने नरसिंहपुर निवासी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 4. प्रेमी ने कोर्ट मैरिज के लिए बुलाया फिर मुकरा आजाद नगर थाना क्षेत्र में युवती की मौत के मामले में पुलिस ने परिवार के बयान के आधार पर उसके प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। युवक और युवती के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध थे। समाज अलग होने के कारण युवक के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर... 5. रिश्तेदार युवती शादी का बना रही थी दबाव प्रेम प्रसंग के तनाव के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एरोड्रम थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक की रिश्तेदार युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी। युवक ने रिश्तेदारी का हवाला देते हुए शादी से इंकार कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर... 6. फर्जी जिम ट्रेनर बनकर महिला से 2लाख ठगे मल्हारगंज थाना क्षेत्र में फेसबुक के जरिए दोस्ती कर एक महिला से ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को जिम ट्रेनर बताकर महिला को प्रेमजाल में फंसाया और बाद में निजी फोटो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। पढ़ें पूरी खबर... 7. आकांक्षा योजना पर छात्रों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप आकांक्षा योजना के तहत आदिवासी बच्चों को कोचिंग दे रही एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल समाप्त करने, नीट की कोचिंग पूरी कराने सहित अन्य मांगों को लेकर योजना के हितग्राही स्टूडेंट इंदौर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 8. आईपीएल सट्टा खेलते इंजीनियर सहित आठ आरोपी गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रेलवे, बैंक कर्मचारी और निजी कंपनियों में कार्यरत युवक शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर... 9. बारिश के पहले रास्तों का पेचवर्क शुरू बारिश में शहरवासियों को खराब सड़कों और आवागमन की परेशानी से बचाने के लिए नगर निगम ने प्रमुख और व्यस्ततम मार्गों पर पेचवर्क अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम ने लक्ष्य रखा है कि 10 जून से पहले सभी जरूरी सड़कों का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाए। पढ़ें पूरी खबर... 10. बैंक अफसर बनकर ठग ने किया कॉल साइबर सेल पुलिस ने एक महिला की पूर्व में की गई शिकायत के मामले में एमआईजी थाने में सोमवार को फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी ने डेबिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर...
बूंदी में परिवहन विभाग ने अवैध ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी के आदेशों का पालन करते हुए जिला परिवहन अधिकारी के निर्देश पर परिवहन निरीक्षक धर्मपाल सिंह ने तालेड़ा क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर औचक जांच की। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर पुलिस थाना तालेड़ा में खड़ा कराया गया। इन पर कुल 2 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के दौरान अवैध ओवरलोड वाहन चलाने वाले संचालक अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर भागने लगे। हालांकि, परिवहन विभाग की टीम ने तालेड़ा पुलिस थाने से मिले जाब्ते (पुलिस बल) की मदद से सभी आठ वाहनों को एमडबल्यूआर सीज़र यार्ड, तालेड़ा में सीज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तालेड़ा पुलिस थाना अधिकारी देशराज सिंह अपने जाब्ते के साथ मौजूद रहे। परिवहन विभाग बूंदी के कार्मिक देवराज प्रजापति, रघुवीर सिंह हाड़ा और कैलाश चंद मीणा भी इस अभियान में शामिल थे।
वाराणसी मंडल के AD (अपर निदेशक) हेल्थ डॉ. एनडी शर्मा बुधवार को दोपहर में श्री शिवप्रसाद गुप्ता मंडलीय अस्पताल पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक ने मरीजों व तीमारदारों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने पूरे अस्पताल में जहां भी वाटर कूलर व RO लगा था वहां पर जाकर उन्होंने बारीकी से देखा। ज्यादातर वाटर कूलर तो चल रहे थे लेकिन एक दो में कुछ दिक्कतें थी। इस पर उन्होंने तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। यहां पर उन्होंने अस्पताल के SIC डॉ. ब्रजेश कुमार को निर्देशित किया कि भीषण गर्मी में मरीजों व उनके तीमारदारों को शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए। OPD में देखी डॉक्टरों की उपस्थितिअपर निदेशक क्रमवार प्रत्येक OPD में पहुंचकर डॉक्टरों की उपस्थिति भी देखी। आई ओपीडी में पहुंचे। यहां पर उन्होंने मरीजों से जुड़े रजिस्टर भी देखे। पूछने पर डॉक्टर ने बताया कि अभी तक 40 मरीज देखे जा चुके हैं। इसी तरह सर्जन, आर्थो व मनोरोग की ओपीडी में भी पहुचे। उन्होंने डॉक्टरों का आह्वान किया है कि इस भीषण गर्मी में मरीज दूर दराज से इलाज के लिए आते हैं। प्रयास हो कि डॉक्टर्स समय पर अपने ओपीडी में या ओटी में पहुंचें ताकि मरीजों को इलाज मिल सके। इस दौरान डॉ. सत्येन राय समेत अन्य मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव क्षेत्र में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों सहित इस क्षेत्र में अब तक करीब 3500 सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन सोलर संयंत्रों की मदद से लोग खुद अपनी बिजली बना रहे हैं और कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। 2406 उपभोक्ताओं को मिली DBT सब्सिडी बिजली कंपनी के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। तीनों जिलों में अब तक 2406 उपभोक्ताओं के बैंक खातों में केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी की राशि सीधे DBT के माध्यम से भेजी जा चुकी है। विभाग का कहना है कि जैसे ही नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होती है, उपभोक्ताओं को तुरंत सब्सिडी का भुगतान कर दिया जाता है। कार्यपालक निदेशक ने वेंडरों को दिए सख्त निर्देश कार्यपालक निदेशक ने योजना की समीक्षा के दौरान सभी पंजीकृत वेंडरों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने वेंडर का चयन कर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उनके घरों में समय-सीमा के भीतर सोलर प्लांट स्थापित किए जाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारियों को भी वेंडरों के कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। 1 से 3 किलोवाट प्लांट से 120 से 450 यूनिट तक बिजली आंकड़ों के अनुसार, सौर ऊर्जा से प्रतिमाह महत्वपूर्ण मात्रा में बिजली का उत्पादन हो रहा है। एक किलोवाट का प्लांट हर महीने लगभग 120 से 150 यूनिट, दो किलोवाट का प्लांट 240 से 300 यूनिट और तीन किलोवाट का प्लांट 360 से 450 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। राजनांदगांव क्षेत्र में अब तक कुल 6,052 लोगों ने योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 5,670 उपभोक्ताओं ने अपने वेंडर का चयन भी कर लिया है। अब तक राजनांदगांव जिले में 2899, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 401 तथा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 181 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। केंद्र और राज्य सरकार से मिल रही है बंपर सब्सिडी इस योजना में उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए कई सरकारी और निजी बैंक कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा दे रहे हैं। इस लोन की किस्तें लोग अपनी बिजली बिल में होने वाली बचत से आसानी से चुका सकते हैं। योजना के तहत सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है, जिससे लोगों पर खर्च का दबाव कम हो जाता है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बिजली की बचत, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के लाभ के लिए इस योजना में अधिक से अधिक शामिल हों। इसके लिए जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल PMSuryaGhar Portal पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
फतेहाबाद के जाखल में पिछले साल हुए आकाशदीप सिंह हत्याकांड में पुलिस ने आठवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ढाणी बबनपुर निवासी गुरजीत सिंह उर्फ जीती के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। यह घटना पिछले वर्ष 10 अगस्त को हुई थी। मुस्साखेड़ा गांव निवासी हैप्पी सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ युवक उसके चचेरे भाई आकाशदीप सिंह को जबरन गाड़ी में बैठाकर रूपांवाली गांव ले गए थे। वहां लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से आकाशदीप के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोपी हमलावर आकाशदीप को गंभीर रूप से घायल अवस्था में रूपांवाली-घासवा रोड पर फेंक कर फरार हो गए थे। हैप्पी सिंह और अन्य लोग बेहोश आकाशदीप को इलाज के लिए रतिया के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। सात आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके इस मामले में जाखल थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। करीब साढ़े 9 महीने बाद वारदात में शामिल गुरजीत सिंह को काबू किया गया है, जो इस मामले का आठवां आरोपी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में कुल 10 आरोपी हैं। इनमें से दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि इन दोनों फरार आरोपियों पर 5100 रुपए का इनाम घोषित किया गया है। आज गिरफ्तार किया गया आरोपी गुरजीत सिंह भी 5100 रुपए का इनामी था। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पुलिस अपराधों को लेकर पूरी तरह सख्त है और किसी भी तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र में रिटायर्ड लेखपाल के घर डकैती करने वाली गैंग के 7 बदमाशों पर पुलिस ने गैंगस्टर का एफआईआर दर्ज किया है। 5 जनवरी 2026 की शाम एम्स क्षेत्र के रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर पर फिल्मी अंदाज में परिवार को बंधक बनाकर घटना का अंजाम दिया गया था। बदमाशों ने बच्चे के सीने पर तमंचा रखकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। घर में रखा सोने चांदी की ज्वेलरी और नकदी समेत कुल 80 लाख रुपये का माल बदमाश उठा ले गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। उनके पास से लूट का सामान भी बरामद कराया था। एम्स थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय की तहरीर पर चिलुआताल के विस्तारनगर गिदहवा निवासी रामरक्षा उर्फ तेजू यादव, भगवानपुर के राजकुमार सिंह उर्फ टिंकू, शाहपुर खरैया पोखरा के अभिषेक चौहान, असुरन पुरानी चुंगी के धनंजय चौहान, एम्स के रामगढ़ उर्फ रजही टोला के देवेंद्र निषाद उर्फ दयानंद उर्फ डायना, महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र के संजय चौहान और संजय विश्वकर्मा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर दर्ज की गई है। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि सभी आरोपी मिलकर संगठित आपराधिक गिरोह चलाते हैं। जो जनपदीय, अंतर्जनपदीय स्तर पर सक्रिय हैं। इनकी अवैध संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद अवैध संपत्ति जब्त कराई जाएगी। अब विस्तार से जानिए 5 जनवरी का पूरा घटनाक्रम गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र स्थित रजही मौर्या चौराहा पर रिटायर लेखपाल बालेंद्र (70) रहते हैं। पीड़ित बालेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया- 5 जनवरी की शाम करीब 6 बजकर 42 मिनट पर दो बाइक से चार बदमाश उनके घर पहुंचे और गेट की घंटी बजाई। मेरी पत्नी ऊषा सिंह किचन में थीं। बहू कल्पना सिंह और छोटे भाई तेजबहादुर सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह भी वहीं थीं। मुझे लगा कि कोई कोरियर वाला आया है। लेकिन जैसे ही गेट खोला, बदमाशों ने सीमेंट का रुपया मांगना शुरू कर दिया। मैंने उनसे कहा कि मेरी कोई दुकान नहीं है। मैं उन्हें कुछ बताता कि इतने में बदमाशों ने मेरे सिर पर बट से वार कर फोड़ दिया। जबकि तीन बदमाश कनपटी पर पिस्टल सटाकर जबरन उन्हें घर के अंदर ले गए। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने घर के तीन कमरों में रखी अलमारियों की चाबियां लेकर जेवर और करीब 4 लाख रुपए कैश निकाल लिए। इस दौरान मेरी पत्नी, बहू के जेवर भी निकलवा लिए। और उन्हें भी एक कमरे में बंद कर दिया। एक अलमारी के लॉकर की चाबी नहीं देने पर बदमाशों ने मेरे डेढ़ साल के पोते के गले पर तमंचा लगा दिया। बोले- चाबी नहीं दोगे तो गोली मार देंगे। मैंने कहा- चाबी नहीं मिल रही है। लॉकर तोड़ दीजिए। इसके बाद बदमाशों ने उसमें रखे जेवर भी ले गए थे। घर में 39 मिनट मचाया तांडवघर में 39 मिनट तक तांडव मचाने के बाद करीब 07 बजकर 21 मिनट पर बदमाश जाते-जाते धमकी दी थी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। बालेंद्र सिंह ने बताया- यदि मैंने विरोध किया होता तो शायद बदमाश पूरे परिवार को मार देते। बताया कि बदमाशों की भाषा और लहजा पूरी तरह स्थानीय था।
बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 62 स्थित शास्त्री नगर के नेपाली मोहल्ले में पिछले 10 दिनों से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के लोग गंदे और मटमैले पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पीने के पानी के लिए लोगों को तेज धूप में घंटों टैंकर का इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब शहर में 300 करोड़ रुपए की अमृत मिशन योजना पिछले चार वर्षों से संचालित है। योजना के तहत अशोक नगर, मेलापारा और नूतन चौक की पानी टंकियों से सप्लाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए वार्ड पार्षद सीमा राजेश शुक्ला ने बताया कि बीते 10 दिनों में निगम के जल विभाग ने छह बार पाइपलाइन काटकर अलग-अलग सप्लाई लाइनों से जोड़ा है। इसके बावजूद कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। वहीं जिन घरों में पानी पहुंच रहा है, वहां ऑयल मिश्रित पानी आने की शिकायत सामने आई है। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 20-25 घरों में बंद हुई पानी सप्लाई पार्षद के अनुसार, पाइपलाइन को बार-बार काटने और जोड़ने के कारण अग्रवाल किराना गली के 20 से 25 घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। नेपाली मोहल्ले के पीछे और अग्रवाल किराना दुकान के आसपास के कई घरों में भी पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कुछ घरों में आया ऑयल मिश्रित पानी सीपत मेन रोड स्थित भाजपा की पूर्व पार्षद सरोजिनी कुर्मी के घर के आसपास बुधवार सुबह ऑयल मिश्रित पानी की सप्लाई हुई। करीब 3-4 घरों में ऐसे पानी की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने उसका सैंपल लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नल खोलने पर कुछ देर तक गंदा पानी आता है, फिर साफ हो जाता है। लेकिन दोबारा नल चालू करने पर फिर कुछ समय तक मटमैला और बदबूदार पानी आने लगता है। अशोक नगर और मेलापारा लाइन पर शक पार्षद सीमा शुक्ला ने बताया कि नूतन चौक की टंकी से सप्लाई होने वाला पानी साफ है। जांच में उसकी पाइपलाइन में कोई समस्या नहीं मिली। वहीं अशोक नगर और मेलापारा टंकी से आने वाली पाइपलाइन में कहीं खराबी होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिस गली में ट्यूबवेल सप्लाई लाइन जोड़ी गई है, वहां पानी साफ आ रहा है, लेकिन बाकी इलाकों में समस्या जस की तस बनी हुई है। निगम बोला- समस्या काफी हद तक दूर नल जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि गंदे पानी की समस्या काफी हद तक दूर कर ली गई है। एक स्थान पर पाइपलाइन की जांच की जा रही है और खराबी मिलने पर उसे बदला जाएगा। उन्होंने दोपहर में टैंकर सप्लाई नहीं होने की बात से इनकार करते हुए कहा कि सुबह के समय पानी की सप्लाई की गई थी।
भिवानी पुलिस ने नशा तस्करी के आरोपियों को पकड़ा:रोहतक से खरीदकर लाए थे हेरोइन, पुराना आपराधिक रिकार्ड
भिवानी सिटी थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल पर मादक पदार्थ लेकर जा रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। सिटी थाना भिवानी के अंतर्गत पुलिस चौकी जैन चौक के उप निरीक्षक धर्मबीर अपनी टीम के साथ गश्त व पड़ताल ड्यूटी के दौरान हनुमान गेट भिवानी क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर मादक पदार्थ लेकर आने वाले हैं। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवारों को पकड़ा सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने पिपली वाली जोहड़ी के पास पहुंचकर चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान सूचना के आधार पर बताई गई मोटरसाइकिल दिखाई दी, जिसे रुकवाकर जांच की गई। जांच के दौरान मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्तियों के कब्जे से मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भिवानी की पिपली वाली जोहड़ी निवासी पंकज पुत्र मुन्नालाल तथा आरजू पुत्र अशोक के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 6.6 ग्राम मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की है। रोहतक से खरीदकर लाए थे थाना शहर भिवानी में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया। रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उक्त मादक पदार्थ बेचने के लिए जिला रोहतक से खरीदकर लाए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आरजू के विरुद्ध पहले से चोरी का एक केस दर्ज है, जबकि आरोपी पंकज के विरुद्ध चोरी एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद मारकंडा अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने बुधवार को बड़ा प्रदर्शन करते हुए लाडवा रोड पर जाम लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के बैनर तले किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सूरजमुखी की तुरंत खरीद शुरू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। डीएसपी सिद्धार्थ व प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे। इस दौरान किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अवैध वसूली करने वाले आढ़तियों पर एफआईआर की मांग किसानों का आरोप है कि सरकार ने 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन शाहाबाद अनाज मंडी में अब तक एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी में कुछ आढ़तियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है, जिसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। भाकियू नेता राकेश बैंस ने बताया कि मंगलवार को भी भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) ने शाहाबाद मारकंडा अनाज मंडी में धरना देकर सूरजमुखी की खरीद शुरू करने और अवैध वसूली करने वाले आढ़तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी। मांगें पूरी न होने पर आज उन्हें मजबूरन सड़क को जाम करना पड़ रहा है। पुलिस ने जबरन सड़क से उठाने का किया प्रयाास किसान जैसे ही सड़क पर जाम लगाने के लिए अगे बढ़ने लगे पुलिस द्वारा उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन किसान तेजी से आगे बढ़ते हुए सड़क पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस ने किसान नेता किसान नेता जसबीर सिंह मामूमाजरा को जबरन उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान डटे रहे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सूरजमुखी की खरीद शुरू नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं प्रशासन किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
पलवल के उटावड़ थाना पुलिस ने 51 किलो से अधिक गोमांस के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक छापेमारी के दौरान की गई, जिसमें दो अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। उटावड़ थाना प्रभारी रेणु शेखावत ने बताया कि एएसआई राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम उटावड़ चौक पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि उटावड़ गांव निवासी जावेद, हबीब उर्फ दतला और मोंगा अवैध रूप से गोकशी कर गोमांस बेचने का धंधा करते हैं। मुखबिर ने बताया कि आरोपी जावेद के घर पर गोमांस काट रहे हैं। पुलिस को देखकर भागे आरोपी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर छापा मारा। मौके पर तीन युवक चाकू लिए गोमांस काटते हुए पाए गए। पुलिस को देखते ही आरोपियों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन दो आरोपी अंधेरे और तंग गलियों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक आरोपी जावेद को मौके पर ही दबोच लिया। फरार हुए आरोपियों की पहचान हबीब उर्फ दतला और मोंगा के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने मौके से 51 किलो 530 ग्राम गोमांस, खून से सने चाकू और लकड़ी का गुटखा बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
निवाड़ी जिले के धौरा क्षेत्र में निर्माणाधीन पीआईएमएल कंपनी के बाहर मजदूरों ने कम मजदूरी और खराब कार्य परिस्थितियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने कंपनी के प्रवेश मार्ग को रोककर नारेबाजी भी की। 300 रुपए मजदूरी देने का आरोपमजदूर रामेश्वर प्रसाद सहित अन्य का कहना है कि सरकार द्वारा तय दैनिक मजदूरी 478 रुपए है, लेकिन उन्हें केवल 315 रुपए दिए जा रहे हैं, जिसे कभी-कभी 300 रुपए तक कर दिया जाता है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लगातार काम कराया जाता है और कोई साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जाता। भीषण गर्मी के बावजूद पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रबंधन पर मांगों को न मानने का लगाया आरोपमजदूरों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रबंधन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उनका यह भी आरोप है कि समस्याएं उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। मजदूर बोले-आत्महत्या के अलावा दूसरा विकल्प नहींप्रदर्शन के दौरान कुछ मजदूरों ने कहा कि उनकी स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उनके सामने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात भी सामने आने लगी है। हालांकि कंपनी प्रबंधन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कलेक्टर जमुना भिड़े ने कहा है कि मामले की शिकायत संज्ञान में ली गई है और श्रम विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा जा रहा है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की सिविल सेवा(IAS) प्री-परीक्षा में एंट्री के दौरान फर्जी एडमिट कार्ड के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी के आरएएस-2024 में सलेक्शन में मात्र 3 अंक कम रह गए थे। ऐसे में पिता को उसके सलेक्शन की उम्मीद बंध गई थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विजेश जाट को उसके पिता रमेश जाट ने IAS परीक्षा का आवेदन भरने के लिए कहा था। इसके बावजूद उसने आवेदन नहीं किया और अपने पिता को झूठ बोलता रहा। एग्जाम नजदीक आई तो उसने PICSCART ऐप की मदद से फर्जी प्रवेश पत्र बना लिया। जिसे पिता को भी दिखाया। फिर परीक्षा के दिन उसके पिता उसे पहली पारी(सुबह 9:30 से 11:30 बजे) में सेंटर छोड़ने पहुंचे। पिता उसे सेंटर के बाहर छोड़कर रवाना हुए तो पिता को जाते देख विजेश भी सेंटर से गायब हो गया। फिर पहली पारी के एग्जाम बाद पिता वापस आए और दूसरी पारी(दोपहर 2:30 से 4:30 बजे) के एग्जाम का इंतजार करने लगे। दूसरी पारी में बेटे की सेंटर पर एंट्री नहीं होने तक पिता गेट पर ही खड़े रहे। ऐसे में आरोपी को लाइन में लगा। जैसे ही उसका प्रवेश पत्र चेक कराने का नंबर आया। तब प्रवेश पत्र फर्जी होने से उसे एंट्री नहीं दी। स्टाफ ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके जेब से एक ग्राम अफीम बरामद हुई। सावरियाजी मंदिर के बाहर बाबा से ली थी अफीमआरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने सावरियाजी मंदिर के बाहर मिले एक बाबा से अफीम ली थी। युवक अफीम का सेवन करता है या नहीं। इस बात पर पुलिस ने स्पष्ट जबाव नहीं दिया। आरोपी विजेश ने वर्ष 2015 से 2019 के बीच बीटेक की पढ़ाई की है। इंजीनियरिंग के बाद वह वर्तमान में स्प्रिंगबोर्ड कोचिंग संस्थान से ऑनलाइन प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहा था। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है।
छतरपुर शहर में खुलेआम शराब के परिवहन का मामला सामने आया है। एक युवक बिना नंबर की स्कूटी पर शराब की पेटियां लादकर सरेराह ले जाता दिखाई दिया। इस दौरान एक राहगीर ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो बनते देख आरोपी घबराने की बजाय हेकड़ी दिखाने लगा और खुद ही कैमरे के सामने शराब की बोतल निकालकर दिखाने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी को पकड़ लिया। जानकारी के मुताबिक मामला सिविल लाईन थाना क्षेत्र के सटई रोड का है। उक्त वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी की पहचान ग्राम बगौता निवासी सोहित शिवहरे के रूप में की है। आरोपी बिना नंबर की स्कूटी से शराब का परिवहन कर रहा था। पुलिस ने स्कूटी से एक पेटी बीयर, एक पेटी मसाला शराब और एक पेटी देशी शराब बरामद की है। मौके से अवैध शराब और स्कूटी को जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी शराब कहां से लेकर आया था और किस जगह सप्लाई करने जा रहा था, इस संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है। सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोतीय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि शराब किसी ठेके से लाई गई थी या अवैध तरीके से परिवहन किया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशहरा के अवसर पर ग्राम कालीबेल के वेजलिया फलिया में स्थित प्राचीन बाबाघड़ा जल सोते परिसर की सफाई की गई। यह कार्य मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद नवांकुर संस्था सोरवा सेक्टर और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सहयोग से किया गया। इस दौरान बाबाघड़ा वृक्ष का पूजन भी किया गया। यह जल सोता घने जंगल में पेड़ों के झुरमुट और पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। ग्राम की सड़क से लगभग 750 मीटर ऊंची पथरीली चट्टानों के रास्ते से यहां पहुंचा जा सकता है। एक प्राचीन गूलर के वृक्ष की जड़ों से निरंतर पानी निकलता है, जो इतनी ऊंचाई पर अपनी आश्चर्यजनक उपस्थिति दर्शाता है। वन्य क्षेत्र में मौजूद इस सोते के जल का उपयोग जंगली जानवर पेयजल के लिए करते हैं। वन विभाग ने यहां जंगली जानवरों के लिए एक कुंडी बना रखी है। हालांकि, रखरखाव के अभाव में इस कुंडी में बड़ी मात्रा में मिट्टी की गाद, पेड़ों के पत्ते और कचरा जमा हो गया था। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने इस कुंडी और जल सोते के दोनों ओर जमा कीचड़ व कूड़े-करकट की सफाई की। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट सुधीर जैन ने ग्रामवासियों को गंगा दशहरा के पौराणिक महत्व और जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामवासियों को अपने स्तर पर जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद कट्ठीवाड़ा के विकासखंड समन्वयक नगरिया सस्तीया ने ग्राम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा आयोजित किए जाने वाले अन्य कार्यक्रमों के बारे में बताया। जल स्रोत सोते की पूजन विधि ग्राम के चमचिया भगत ने संपन्न की। ग्रामवासियों ने बताया कि इस सोते का पानी भालू, लकड़बग्घा, सियार, मोर, तेंदुआ जैसे जंगली जानवरों के साथ-साथ गौरैया, टिटहरी, नीलकंठ, उल्लू और बंदरों जैसे पक्षियों व अन्य जीवों के लिए भी बहुत उपयोगी है। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कालीबेल के अध्यक्ष फत्तूसिंह डावर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।
जींद जिले के नरवाना में एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों को बुधवार दोपहर पुलिस सुरक्षा के बीच पुराने बाजार ले गई। थाना शहर नरवाना पुलिस ने आरोपी अंकुश और अभिषेक उर्फ भूत को धौला कुआं से सौरभ गर्ग की दुकान तक शिनाख्त परेड और निशानदेही के लिए लाया। दोनों आरोपियों के हाथ हथकड़ियों में बंधे हुए थे और उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच बाजार में घुमाया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और बाजार में चर्चा का माहौल बना रहा। मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान घायल हुआ मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती है। आज लाए गए इन दो आरोपियों से उसी दुकान के पास पूछताछ की गई, जहां व्यापारी को फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। यह कार्रवाई करीब 20 मिनट तक चली, जिसके बाद थाना प्रभारी शहर नरवाना दोनों आरोपियों को वापस ले गए। मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है।
जैसलमेर जिले के मूलसागर निवासी और अंतरराष्ट्रीय अलगोजा वादक तगाराम भील के सोमवार को पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद बुधवार को जैसलमेर पहुंचने पर स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और लोक वाद्ययंत्र अलगोजा को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए देश के इस प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान से नवाजा गया । बुधवार को ट्रेन से जैसलमेर लौटने पर तगाराम भील का रैली के रूप में जुलूस निकाला गया। वे ओपन जीप में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचे। लोगों ने जगह जगह फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने जैसलमेर का मान बढ़ाने पर तगाराम का स्वागत कर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा- ये सम्मान मेरा नहीं बल्कि पूरे जैसलमेर का है। अंबेडकर उद्यान से मुख्य मार्गों से होते हुए हनुमान चौराहे तक एक भव्य स्वागत यात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरे रास्ते जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। अभिनंदन समारोह में उमड़े सैकड़ों लोग स्वागत यात्रा के हनुमान चौराहे पहुंचने पर वहां एक भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि तगाराम जी ने रेगिस्तान की पारंपरिक कला को दिल्ली के दरबार तक पहुंचाकर हर जैसलमेर वासी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। अलगोजे से कमाया देश-दुनिया में नाम जैसलमेर के मूलसागर गांव में 17 अप्रैल 1960 को जन्मे तगाराम भील ने 7 साल की उम्र में मवेशी चराते समय अपने पिता से अलगोजा बजाना सीखा। शीशम और कैर की लकड़ी से बने इस पारंपरिक वाद्य यंत्र पर उन्होंने कठिन साधना से महारत हासिल की। उनका सफर 1981 में जैसलमेर के गोपा चौक से शुरू हुआ। आगे चलकर उन्होंने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुतियां दीं। फ्रांस, स्पेन, अमेरिका, जापान तक भी पहुंचे। उन्होंने रेगिस्तान की लोकधुनों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। उन्हें पहले महारावल गिरधर पुरस्कार, मरुधरा पुरस्कार मिल चुके हैं।
झांसी में ट्रेनों के साथ उड़ रहे ड्रोन:लाइव फुटेज से पत्थरबाजों की पहचान की जा रही, रीलबाज भी रडार पर
झांसी मंडल में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने और ट्रेनों पर पत्थर फेंकने वाले शरारती तत्वों पर अब आसमान से नजर रखी जा रही है। रेलवे ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए रेल सुरक्षा बल (RPF) को दो आधुनिक ड्रोन उपलब्ध कराए हैं। ये ड्रोन झांसी और ग्वालियर सेक्शन में ट्रेनों के साथ उड़ाए जा रहे, जिससे रेलवे ट्रैक और आसपास की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा सके। पहले 2 तस्वीरें देखें… दरअसल, झांसी-दिल्ली रेल रूट पर आए दिन ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के शीशे तक टूट चुके हैं। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने 2 से 4 ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं दर्ज होती हैं। कई मामलों में आरोपी पकड़ लिए जाते हैं, लेकिन कई बार अंधेरे और सुनसान इलाकों का फायदा उठाकर फरार हो जाते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी से न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। इसी को देखते हुए अब हाईटेक निगरानी सिस्टम लागू किया गया है। कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे ड्रोन झांसी और ग्वालियर आरपीएफ पोस्ट को दिए गए ड्रोन सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। ट्रेन गुजरने के दौरान ड्रोन सेक्शन में उड़ाए जाएंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फुटेज कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा। इससे शरारती तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी होगी। रील बनाने वालों पर भी सख्ती रेलवे ट्रैक और स्टेशन परिसर में रील बनाने का ट्रेंड भी रेलवे के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कई युवक-युवतियां वीडियो बनाने के लिए ट्रैक पर पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ड्रोन के जरिए ऐसे लोगों की भी निगरानी की जा रही है, जो सोशल मीडिया रील बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालते हैं और रेल संचालन की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
ग्वालियर में “घर बैठे मोटी कमाई” का सपना दिखाकर एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह ने घरेलू महिला और उसके बेटे से 16 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी कर ली। शातिर ठगों ने इसके लिए शहर के रवि नगर इलाके में बाकायदा ‘सरवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से फर्जी ऑफिस खोल रखा था। झांसे में आई महिला ने पति की जिंदगीभर की जमा पूंजी यानी एफडी पर बैंक से लोन लेकर रकम ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दी। मामले का खुलासा तब हुआ, जब कंपनी अचानक गायब हो गई और पीड़ितों को न काम मिला, न निवेश की रकम वापस। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई स्थानीय फ्रॉड नहीं, बल्कि देशभर में फैला बड़ा अंतरराज्यीय साइबर रैकेट है, जो अब तक 300 से ज्यादा लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुका है। ऐसे फंसाया मां-बेटे को गोला का मंदिर स्थित इंद्रमणि नगर निवासी राजकुमारी परमार का बेटा रवि परमार बेरोजगार है। इसी दौरान दोनों की मुलाकात रवि नगर स्थित ‘सरवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ के कथित डायरेक्टर नवीन जोशी निवासी लाला का बाजार से हुई। नवीन जोशी ने मां-बेटे को “बुक स्लॉट पीडीएफ बिजनेस” का प्लान समझाया। उसने दावा किया कि कंपनी किताबों का डेटा बेचती है। निवेशक पहले स्लॉट खरीदेंगे, फिर घर बैठे किताबों के पन्नों को स्कैन या टाइप कर PDF तैयार करेंगे। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि एक महीने में निवेश की गई रकम का डेढ़ गुना भुगतान कर दिया जाएगा। पहले दिया मुनाफा, फिर फंसाया बड़ा निवेश राजकुमारी परमार ने शुरुआत में 5 लाख रुपए लगाकर पहला स्लॉट खरीदा। भरोसा जीतने के लिए कंपनी ने एक महीने बाद उनके खाते में करीब ढाई लाख रुपए भी ट्रांसफर कर दिए। इससे महिला और उसके बेटे को यकीन हो गया कि कारोबार असली है। लेकिन बाद में पता चला कि कंपनी ने जो रकम लौटाई थी, वह भी किसी दूसरे राज्य के पीड़ित से ठगे गए पैसे थे। साइबर फ्रॉड से जुड़े ट्रांजेक्शन होने के कारण बैंक ने महिला का अकाउंट ब्लॉक कर दिया। जब महिला ने इसकी शिकायत की तो आरोपी नवीन जोशी ने यह कहकर बहलाया कि यह “सिक्योरिटी मनी” के रूप में जमा हो गई है और बड़ा स्लॉट खरीदने पर पूरा पैसा एक साथ मिल जाएगा। पति की एफडी पर लोन लेकर लगाए 11 लाख ठगों के झांसे में पूरी तरह आ चुकी महिला ने पति की एफडीआर पर बैंक से लोन लिया और 11 लाख रुपए का दूसरा बड़ा स्लॉट खरीद लिया। मां-बेटे ने दिन-रात मेहनत कर किताबों की PDF बनाकर कंपनी के सर्वर पर अपलोड भी कर दी। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं मिला। जब दोनों रवि नगर स्थित ऑफिस पहुंचे तो वहां मौजूद मयूरी चौरसिया नाम की युवती ने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। इसके बाद से मुख्य आरोपी नवीन जोशी का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। कई राज्यों में दर्ज हैं FIR पीड़िता की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसके खिलाफ मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में पहले से दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं। पड़ाव थाना टीआई शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि किताबों की PDF बनाने के नाम पर महिला से 16 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी हुई है। सरवेयर सॉल्यूशन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
खरगोन के भग्यापुर में गणेश मालवीया और उनके पिता मांगीलाल मालवीया पर हुए कथित सामूहिक हमले के बाद समाज के लोगों में आक्रोश है। मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने बुधवार दोपहर 12:30 बजे एसपी कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल को ज्ञापन सौंपा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। 22 मई की रात हुआ था हमला समाज सचिव रघुनंदन मालवीया और भगवानपुरा तहसील अध्यक्ष चमन मालवीया ने पत्र के माध्यम से बताया कि घटना 22 मई की रात करीब 8 बजे की है। आरोप है कि गणेश मालवीया और उनके पिता मांगीलाल मालवीया पर सामूहिक हमला कर मारपीट की गई। हमले में मांगीलाल मालवीया के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के साथ अभद्रता और गालीगलौज किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि 10 से अधिक लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें घायल किया, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल तीन-चार आरोपियों पर ही कार्रवाई की है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है और गांव में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। पुलिस ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल ने समाज के प्रतिनिधियों को मामले में उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। भगवानपुरा थाना प्रभारी एलएस लौवंशी ने बताया कि मामले में गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा चुका है और पुलिस जांच जारी है। बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के प्रतिनिधि इस दौरान जिलाध्यक्ष बिहारीलाल मालवीय, समाज सचिव रघुनंदन मालवीया, भगवानपुरा तहसील अध्यक्ष चमन मालवीया सहित समाज के 100 से अधिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ट्रक के पुराने मालिक ने कराई 3 लाख की लूट:इंदौर के दोस्तों संग मिलकर की वारदात, 3 आरोपी गिरफ्तार
बुरहानपुर में निंबोला थाना क्षेत्र के कटी घाटी हाईवे पर 7 मई को हुई 3 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस वारदात को ट्रक के पुराने मालिक ने ही अपने इंदौर के दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं। बुधवार दोपहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएसपी एएस कनेश ने बताया कि 7 मई को अजय वास्कले ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर कटी घाटी के पास काली कार में सवार चार लोगों ने उनका आयशर ट्रक (डीडी-01 जी-9963) रोककर 3 लाख रुपये लूट लिए थे। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर निंबोला टीआई राहुल कांबले की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर इंदौर तक 15 से अधिक ढाबों, चौकियों और थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान एक बिना नंबर की काली होंडा अमेज कार संदिग्ध पाई गई। इंदौर कंट्रोल रूम की मदद से कार का नंबर (एमपी 09-बीएच-0860) ट्रेस किया गया। धार निवासी कार मालिक दिनेश पाटीदार से पूछताछ में पता चला कि उनका दोस्त युग श्रीवास्तव कार ले गया था। युग श्रीवास्तव ने कबूल किया कि वह आवेश मंसूरी, संतोष उर्फ बाबा और मो अली के साथ 7 मई की सुबह 3 बजे इंदौर से निकला था। आवेश मंसूरी व्हाट्सएप कॉल के जरिए इंदौर के जुबेर मंसूरी और समीर उर्फ अन्ना से ट्रक की लोकेशन ले रहा था। जांच में सामने आया कि जुबेर मंसूरी ही ट्रक का पुराना मालिक था और उसने ही लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने मो अली, युग श्रीवास्तव और जुबेर मंसूरी, सभी इंदौर निवासी, को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आवेश मंसूरी (निवासी चंदन नगर, इंदौर), संतोष उर्फ बाबा (निवासी उदयनगर) और समीर उर्फ अन्ना (इंदौर) अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों से होंडा अमेज कार जब्त कर ली है। इस कार्रवाई में निंबोला टीआई राहुल कांबले, उपनिरीक्षक कमल मोरे सहित पुलिस टीम शामिल थी।
जींद जिले के सफीदों में युवक पर जानलेवा हमला करने और एससी/एसटी एक्ट के मामले में फरार चल रहे दो और आरोपियों को सीआई स्टाफ सफीदों ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सफीदों निवासी संजूगिरी और गांव निम्नाबाद निवासी आजाद उर्फ बॉक्सर के रूप में हुई है। सीआई स्टाफ सफीदों के इंचार्ज राधेश्याम ने बताया कि शिकायतकर्ता नवीन, निवासी रविदास मोहल्ला सफीदों ने थाना शहर सफीदों में शिकायत दर्ज कराई थी। नवीन के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ हुड्डा ग्राउंड, नई अनाज मंडी के पीछे बैठे था, तभी कुछ युवक हथियारों के साथ वहां पहुंचे। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने नवीन और उसके साथियों पर लोहे की रॉड, डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। आरोपियों ने जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। शिकायत के आधार पर थाना शहर सफीदों में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, पहले ही छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ में संजूगिरी और आजाद उर्फ बॉक्सर का नाम सामने आया, जो कई दिनों से फरार चल रहे थे। सीआई स्टाफ सफीदों ने इन दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बरेली में लेखपाल हड़ताल पर, कामकाज ठप:लेखपाल की गिरफ्तारी पर बवाल, पत्नी बोली- घसीटते हुए ले गई टीम
बरेली में लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। लेखपालों की हड़ताल के कारण सदर तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। यह हड़ताल रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लेखपाल विपिन पटेल के समर्थन में की जा रही है। लेखपाल संघ का आरोप है कि विपिन पटेल को एंटी करप्शन टीम ने साजिश के तहत फंसाया है। टीम ने खुद उनकी रैक में रुपये रखे और फिर कार्यालय में घुसकर लेखपाल के साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें बड़े अपराधी की तरह खींचते हुए जीप में बैठाकर ले जाया गया। वहीं, मौके पर मौजूद एक किसान का कहना है कि वहां कोई भी व्यक्ति रुपए देने नहीं आया था और लेखपाल को जानबूझकर फंसाया गया है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने कहा कि जब तक लेखपाल विपिन पटेल को रिहा नहीं किया जाता और एंटी करप्शन टीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। लेखपाल संघ ने बुधवार को डीएम अविनाश सिंह से मुलाकात कर एंटी करप्शन टीम के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। अब जानिए पूरा मामला…. प्लॉट के दाखिल खारिज में रिश्वतखोरी का बड़ा खेल उजागर सनराइज कॉलोनी निवासी लेखपाल विपिन पटेल (31) के खिलाफ करमपुर चौधरी निवासी बली मोहम्मद ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि लेखपाल ने 171 वर्ग गज के प्लॉट के दाखिल-खारिज के बदले 5 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। बली मोहम्मद की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम सक्रिय हुई। मंगलवार शाम करीब 5:02 बजे टीम ने सदर तहसील स्थित लेखपाल कार्यालय में जाल बिछाया। आरोप है कि जैसे ही विपिन पटेल ने रिश्वत की रकम ली, इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल के नेतृत्व में टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी लेखपाल को शहर कोतवाली ले गई, जहां उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर पर लगे लेखपाल को फंसाने और प्रताड़ित करने के आरोप इस कार्रवाई के बाद मामला तूल पकड़ गया है। लेखपाल संघ और विपिन पटेल की पत्नी ने इंस्पेक्टर प्रवीण सान्याल पर गंभीर साजिश के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इंस्पेक्टर ने खुद ही लेखपाल के पास रुपये रखवाकर उन्हें जानबूझकर फंसाया है। पत्नी का आरोप है कि कार्यालय के भीतर लेखपाल के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उन्हें घसीटते हुए जीप तक ले जाया गया। इस घटना से आक्रोशित लेखपाल संघ ने एंटी करप्शन टीम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने इसे पुलिसिया दमन करार देते हुए चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
नगर निगम सोनीपत के नवनिर्वाचित मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 28 मई को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में कार्यक्रम का आयोजन होगा। शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा और मेयर राजीव जैन ने समारोह स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुरक्षा, पार्किंग, ट्रैफिक, बैठने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। सीएम नायब सिंह सैनी होंगे मुख्य अतिथि सोनीपत निगम मेयर और 22 वार्ड पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। जहां सोनीपत निगम में बीजेपी के मेयर कैंडिडेट राजीव जैन ने जीत हासिल की और बीजेपी के 17 पार्षद ने जीत दर्ज की और 5 कांग्रेस पार्षदों ने विजय हासिल की। एडीसी और मेयर ने किया समारोह स्थल का निरीक्षण अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा और मेयर राजीव जैन ने दीनबंधु विवि मुरथल पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीआईपी पार्किंग, सामान्य पार्किंग, टैंट, एयर कंडीशनिंग, पेयजल व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, माइक और साउंड सिस्टम, लिफ्ट सुविधा तथा साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ट्रैफिक और दिशा-सूचक बोर्डों पर रहेगा विशेष फोकस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि समारोह स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर पर्याप्त दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं होंगी मजबूत एडीसी अजय चोपड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा: राजीव जैन मेयर राजीव जैन ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह नगर निगम के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की नई टीम शहर में विकास कार्यों, स्वच्छता, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद टीम भावना के साथ मिलकर शहरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।कई अधिकारी रहे मौजूदनिरीक्षण के दौरान डीसीपी कुशल पाल, एसडीएम सुभाष चंद्र, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, तहसीलदार कीर्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

