आम आदमी पार्टी निकालेगी पदयात्रा:16 मई को शुरूआत, रोजगार, न्याय होगा अहम मुद़दा
यूपी में आगामी 2027 के चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी बड़ी यात्रा निकालने जा रही है। यात्रा 16 मई को मेरठ से शुरू होगी। यात्रा निकालने का मुख्य उद्देश्य यूपी में सामाजिक न्याय और बेरोजगारी दो बड़े मुद्दों पर चोट करते हुए वर्तमान भाजपा सरकार को घेरना है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ता पूरी तरह जुटे हुए हैं। ताकि यात्रा में ज्यादा से ज्यादा भीड़ पहुंचे और यात्रा सफल हो। यूपी में आप की ये पांचवीं पदयात्रा होगीइसी संबंध में आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी अपना वीडियो जारी करते हुए आम जनमानस से अपील की है। कहा कि 16 से 20 मई तक आम आदमी पार्टी यह पदयात्रा निकालेगी। यह पांचवें चरण की पदयात्रा है। यूपी का सबसे बड़ा मुद्दा रोजगार और सामाजिक न्याय पर निकलेगी। मेरठ से गाजियाबाद तक यह पदयात्रा निकलेगी। ऑनलाइन जुड़कर ले सकते हैं भाग इस पदयात्रा में हर आम आदमी जुड़कर भाग ले सकता है। अपने लिए न्याय, हक की आवाज बुलंद कर सकता है। यात्रा में जुड़ने के लिए 7500040004 पर मिस्ड कॉल करके पदयात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। यात्रा पहले दिन मेरठ से शुरू होकर गाजियाबाद तक जाएगी।
महेंद्रगढ़ एसपी दीपक ने आज थाना सतनाली और थाना सदर महेंद्रगढ़ का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था का जायजा लिया, थानों के विभिन्न अनुभागों की जांच की और लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। एसपी ने फरियादियों से सीधा संवाद कर उनकी शिकायतें भी सुनी। हिस्ट्रीशीटरों की विस्तृत जानकारी ली निरीक्षण के दौरान एसपी दीपक ने थाना सतनाली के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार और थाना सदर महेंद्रगढ़ के प्रभारी एसआई रमेश से थानों के रजिस्टरों, अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मालखाना, रिकॉर्ड रूम, पुलिसकर्मियों के मैस सहित परिसर में साफ-सफाई, बिजली और पानी की व्यवस्था का भी मुआयना किया। एसपी ने लंबित मामलों और जब्त वाहनों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। नशे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई वहीं दर्ज मुकदमों की समीक्षा करते हुए, पुलिस अधीक्षक ने अनुसंधान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले की जांच बेवजह लंबे समय तक लंबित न रखी जाए और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करते हुए कोर्ट में चालान पेश किया जाए। एसपी ने क्षेत्र में निरंतर गश्त बढ़ाने, आमजन के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने, शरारती व आपराधिक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई करने और नशे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने पर भी विशेष जोर दिया। फरियादियों की सुनी शिकायतें आधिकारिक जांच और फाइलों के निरीक्षण के बाद, पुलिस अधीक्षक ने थानों में आए फरियादियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने शिकायतकर्ताओं की समस्याएं धैर्यपूर्वक सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की प्रत्येक शिकायत पर पूरी पारदर्शिता और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रयागराज के कीडगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत यमुना बैंक रोड स्थित बालू मंडी में देर रात टेंट के गोदामों में भीषण आग लग गई। सूखे कपड़े, बांस और लकड़ी का सामान होने के कारण आग तेजी से फैली, लेकिन पुलिस और दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना देर रात की है, जब बालू मंडी इलाके में टेंट के गोदामों से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। रात का समय होने के कारण शुरुआत में आग का पता नहीं चला, लेकिन जैसे ही आग ने टेंट के कपड़ों को अपनी चपेट में लिया, लपटें ऊंची उठने लगीं और धुएं का गुबार दूर से दिखाई देने लगा। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही कीडगंज थाना पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल कर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस और दमकल टीम ने आग बुझाने के साथ-साथ अपनी जान जोखिम में डालकर गोदामों के भीतर रखे टेंट के भारी सामान को बाहर निकालना शुरू किया। टीम की सक्रियता के कारण गोदाम में रखे लाखों रुपये के कीमती कपड़े, कालीन और फर्नीचर को आग की चपेट में आने से पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यदि यह सामान समय रहते नहीं हटाया जाता, तो नुकसान का आंकड़ा काफी बढ़ सकता था। आग बुझाने में दमकल की कई गाड़ियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। आग की भीषणता को देखते हुए स्थानीय लोग भी मदद के लिए आगे आए और पुलिस का सहयोग किया। घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। प्रशासन और पुलिस की टीम देर रात तक मौके पर मौजूद रही, ताकि आग दोबारा न भड़के। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
कवर्धा जिले में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपती को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 साल का बेटा सुरक्षित है। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। घटना कुंडा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक कृष्णा आढिले और पत्नी कीर्ति आढिले सारंगढ़ के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि कृष्णा पत्नी कीर्ति और बेटे के साथ ससुराल कोलेगांव जा रहा था। इस दौरान सामने से आ रहे ट्रक को क्रॉस करते समय बाइक सड़क किनारे गिली मिट्टी में फिसलकर गिर गई। ट्रक छोड़कर भागा ड्राइवर ऐसे में दंपती ट्रक के पहिए के चपेट में आ गए और बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने फौरन घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। समझाइश के बाद प्रदर्शन खत्म पुलिस दंपती के शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। इधर घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने चक्काजाम कर दिया। समझाइश के बाद उन्होंने प्रदर्शन खत्म किया। उनका कहना है कि सड़क किनारे साइड शोल्डर में डाली गई अमानक मिट्टी हादसे की वजह बन रही है। फिलहाल, पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में जुट गई है।
उन्नाव के माखी थाना क्षेत्र में एक सांड के हमले से 70 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। घटना लग्लेशरपुर गांव में महिला के घर के अंदर हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, लग्लेशरपुर गांव निवासी राम कुमारी पत्नी रजऊ सुबह अपने घर में अकेली थीं। इसी दौरान एक आवारा सांड अचानक घर के अंदर घुस आया। प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के मुताबिक, सांड ने वृद्ध महिला को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। आवारा पशुओं का खतरा लगातार बढ़ रहा टक्कर इतनी भीषण थी कि राम कुमारी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के समय घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। उनकी इकलौती बेटी गयावती राशन लेने के लिए गांव के कोटेदार के यहां गई हुई थीं। जब वह वापस लौटीं, तो उन्होंने अपनी मां को घायल अवस्था में पड़ा देखा और शोर मचाया। हालांकि, आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचते, महिला की मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में आवारा पशुओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। सांड और छुट्टा मवेशी आए दिन लोगों पर हमला कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद आवारा पशुओं को पकड़ने और सुरक्षित स्थानों पर भेजने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों और कस्बों में घूम रहे छुट्टा पशुओं को तत्काल पकड़ा जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक जानकारी जुटाई।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में सार्वजनिक प्याऊ पर पानी लेने गए छात्र और उसके भतीजे पर दबंगों ने हमला कर दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने पत्थर से हमला कर दोनों का सिर फोड़ दिया। पीड़ितों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस जांच कर रही है। फतेहपुर के बिंदकी गांव निवासी युवराज सिंह कल्याणपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। गुरुवार रात करीब 10 बजे वह अपने भतीजे यश सिंह के साथ घर से कुछ दूरी पर लगे सार्वजनिक प्याऊ पर पानी लेने गए थे। आरोप है कि वहां पहले से तीन-चार युवक शराब के नशे में बैठे थे और गाली-गलौज कर रहे थे। युवराज ने जब उन्हें वहां से हटने और गाली देने से मना किया तो आरोपी भड़क गए। पत्थर से किया हमला, घायल होकर गिरेपीड़ित के मुताबिक, विरोध करने पर दबंगों ने दोनों पर हमला कर दिया। आरोपियों ने मौके पर पड़े पत्थर से वार कर युवराज और उसके भतीजे का सिर फोड़ दिया। गंभीर चोट लगने के बाद दोनों मौके पर ही गिर पड़े। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी जाते समय जेब में रखे 10 हजार रुपये और अंगूठी भी लेकर फरार हो गए। 112 पर कॉल के बाद पहुंची पुलिसघटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पीड़ित ने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी बोले- लूट की बात गलतकल्याणपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि 112 के जरिए मारपीट की सूचना मिली थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि लूट की बात प्रथम दृष्टया सही नहीं लग रही है। मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बड़वानी में तापमान 41 डिग्री पहुंचा:उमस के साथ गर्मी बढ़ी, नर्मदा बैकवाटर में कमी से जलजमाव घटा
बड़वानी में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे उमस और गर्मी बढ़ गई। न्यूनतम तापमान भी 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसी बीच, सरदार सरोवर बांध के नर्मदा बैकवाटर का स्तर कम होने लगा है, जिससे राजघाट क्षेत्र में जलजमाव में कमी आई है। पिछले सप्ताह मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री की कमी आई थी। हालांकि, अब आसमान साफ होने और तेज धूप के कारण एक बार फिर गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को दिनभर तेज धूप और हवाएं चलीं, जिससे उमस महसूस की गई। एनवीडीए के बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को राजघाट में नर्मदा बैकवाटर का स्तर 129.48 मीटर दर्ज किया गया। पिछले सप्ताह यह स्तर 130 मीटर से अधिक था, जिसके कारण बड़वानी-राजघाट सड़क मार्ग जलमग्न हो गया था। बैकवाटर में कमी आने से अब सड़क मार्ग से आवाजाही फिर से शुरू हो गई है और दत्त मंदिर के आसपास भी पानी कम होने लगा है। जिले में भीषण गर्मी के बावजूद नागरिकों और किसानों को तापमान के अधिकृत आंकड़े नहीं मिल पा रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित मौसम विभाग की इकाई अप्रैल से बंद है। जिला प्रशासन भी स्थानीय स्तर पर गर्मी के आंकड़े जुटाने में कोई प्रयास करता नजर नहीं आ रहा है, जिससे लोग तापमान की जानकारी के लिए मोबाइल वेदर एप पर निर्भर हैं। मोबाइल वेदर एप के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी है। बढ़ती गर्मी के कारण राजघाट में नर्मदा बैकवाटर किनारे स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं।
अयोध्या जिले में बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 10 और 16 केवीए क्षमता के 6,772 ट्रांसफार्मरों में सेफ्टी फ्यूज लगाए जाएंगे। इस परियोजना पर लगभग 40.63 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका उद्देश्य ट्रांसफार्मरों को ओवरलोड से होने वाले नुकसान से बचाना और उनकी क्षमता को मजबूत करना है। पिछले एक सप्ताह से अयोध्या में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे बिजली का लोड काफी बढ़ गया है। इस कारण तारों के जलने, जंपर उड़ने और ट्रांसफार्मरों के खराब होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। गर्मी में एसी, कूलर और पंखों के अधिक उपयोग से छोटे ट्रांसफार्मर अक्सर जल जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बिजली विभाग ने तीन चरणों में काम शुरू किया है। पहले चरण में 25 से 100 केवीए के ट्रांसफार्मरों में फ्यूज सेट लगाए गए हैं, जबकि दूसरे चरण में 100 से 600 केवीए के ट्रांसफार्मरों में टेललेस यूनिट लगाई जा रही है। अब तीसरे चरण में 10 और 16 केवीए के 6,772 ट्रांसफार्मरों पर भी फ्यूज सेट स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक फ्यूज लगाने पर लगभग 600 रुपये का खर्च आएगा। इस कार्य के लिए बिजली निगम ने 10 कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी है। ये कंपनियां ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिन्हित ट्रांसफार्मरों पर फ्यूज लगाने का काम करेंगी। अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में फाल्ट, ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए छोटे ट्रांसफार्मरों पर सुरक्षा फ्यूज लगाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवरलोड होने पर फ्यूज उड़ जाएगा, जिससे ट्रांसफार्मर सुरक्षित रहेगा। इससे मरम्मत पर होने वाला खर्च और बिजली कटौती का समय दोनों कम होंगे। विभाग का लक्ष्य है कि जून से पहले सभी 6,772 ट्रांसफार्मरों पर फ्यूज लगाने का काम पूरा कर लिया जाए। इससे पीक सीजन में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी और उन्हें राहत मिलेगी।
ऑपरेशन सिन्दूर बरसी:चित्रगुप्त कॉलेज में ध्वजारोहण हुआ, मार्चपास्ट कर सैनिकों को किया नमन
मुरादाबाद। ऑपरेशन सिन्दूर की पहली बरसी के अवसर पर चित्रगुप्त इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स द्वारा देशभक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कैडेट्स ने ध्वजारोहण, मार्चपास्ट और अनुशासित प्रदर्शन कर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का नेतृत्व मेजर शिवकुमार ने किया। एनसीसी कैडेट्स ने कदमताल और आकर्षक मार्चपास्ट के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य और अनुशासन को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और उत्साह से गूंज उठा। विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर सुदेश कुमार भटनागर ने ऑपरेशन सिन्दूर की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय सेना के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों की सतर्कता के कारण ही देशवासी अपने घरों में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ 24 बटालियन एनसीसी के सूबेदार थान सिंह एवं हवलदार जोगिंदर सिंह का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में राजीव कुमार पाठक, डॉ. नवनीत गोस्वामी, डॉ. विशेष शर्मा, जितेंद्र सिंह, विशाल अग्रवाल, पंकज शर्मा, अनिल कुमार और पंकज दुबे सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
केजीके कॉलेज प्रबंध समिति की वैधता पर विवाद गहराया:उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपति से मांगी रिपोर्ट
मुरादाबाद के केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता का विवाद अब उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर कोई असर न पड़े, इसके लिए शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) से भी दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना ने पूर्व में प्राचार्य के अधिकार सीमित करते हुए प्रो. विनोद पांडेय को प्रशासनिक और प्रो. उपदेश चौहान को वित्तीय अधिकार सौंपे थे। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. डॉ. सुधीर कुमार ने इस आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद, आयोग द्वारा चयनित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी ने कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अशासकीय और निजी महाविद्यालयों की प्रबंध समितियां आमतौर पर ट्रस्ट या सोसायटी के माध्यम से संचालित होती हैं। अधिकारी के अनुसार, ट्रस्ट आधारित समितियों में पदाधिकारी स्थायी होते हैं और चुनाव नहीं होते, जबकि सोसायटी के तहत संचालित संस्थाओं में संविधान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाती है। अब तक मिले दस्तावेजों के आधार पर, केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित होती प्रतीत हो रही है। समिति की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुलपति से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। विश्वविद्यालय से जवाब प्राप्त होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या जिले विकास खंड सोहावल में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) के तहत चल रहे कार्यों की हकीकत परखने मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह फील्ड में उतरे। उन्होंने ग्राम पंचायत बैदरापुर में PMAGY अंतर्गत निर्माण कार्यों और ग्राम पंचायत डेरामूसी में मियावाकी पद्धति से कराए गए वृक्षारोपण का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत बैदरापुर में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। कई जगहों पर मानक के अनुरूप कार्य नहीं मिला। सामग्री की गुणवत्ता और फिनिशिंग में भी खामियां मिलीं। इस पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि दोबारा निरीक्षण में कमी मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद सीडीओ ग्राम पंचायत डेरामूसी पहुंचे। यहां मियावाकी पद्धति से कराए गए वृक्षारोपण का जायजा लिया। उन्होंने पौधों की संख्या, प्रजाति और रखरखाव की जानकारी ली। वन विभाग के अधिकारियों को पौधों की नियमित सिंचाई और सुरक्षा के निर्देश दिए ताकि पौधे जीवित रहें और हरियाली बढ़े। मियावाकी तकनीक से कम जगह में ज्यादा घना जंगल तैयार किया जाता है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य दलित बहुल गांवों को हर बुनियादी सुविधा से लैस कर आदर्श बनाना है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी कार्य समय से और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी सोहावल को निर्देश दिया कि PMAGY के सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। लाभार्थीपरक योजनाओं का सत्यापन भी कराया जाए। निरीक्षण के दौरान बीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
करौली पुलिस ने राजस्थान-मध्यप्रदेश सीमा से सटे उटगिरी और हसनपुर की पहाड़ियों में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के कुख्यात डकैत भवानी केवट को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 315 बोर का अवैध देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त घेराबंदी के बीच करीब चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया। हत्या, डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामलों में वांछित भवानी केवट लंबे समय से पुलिस की निगरानी में था। सीमावर्ती जंगलों में छिपा था आरोपी पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर करणपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश का एक वांछित अपराधी राजस्थान सीमा से लगे जंगलों में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी देवेश कुमार जाटव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने उटगिरी और हसनपुर की पहाड़ियों में लगातार दो दिनों तक रेकी और निगरानी की। जंगल और पहाड़ी इलाकों में आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। ग्रामीणों ने पहचानते ही शुरू किया पीछा बुधवार को जंगल में एक संदिग्ध युवक हथियार के साथ घूमता दिखाई दिया। ग्रामीणों ने उसकी पहचान भवानी केवट के रूप में की। पहचान होते ही ग्रामीणों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि खुद को घिरता देख आरोपी ने पीछा कर रहे लोगों को डराने के लिए हवा में दो फायर किए और जंगल की ओर भाग निकला। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। चार घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन सूचना मिलते ही पुलिस की अतिरिक्त टीमें मौके पर पहुंचीं। आसपास के गांवों के लोग भी पुलिस के साथ घेराबंदी में शामिल हो गए। जंगल से बाहर निकलने वाले सभी रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी गई। करीब चार घंटे तक पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। लगातार भागने, भीषण गर्मी और प्यास के कारण आरोपी की हालत बिगड़ने लगी। कैंसर से पीड़ित है डकैत भवानी केवट पुलिस जांच में सामने आया कि भवानी केवट गले के कैंसर से पीड़ित है। लगातार भागने और कमजोरी बढ़ने के कारण वह ज्यादा देर तक छिप नहीं सका। आखिरकार आरोपी ने अपने हथियार नीचे रख दिए और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। कई गंभीर मामलों में वांछित है आरोपी गिरफ्तार आरोपी भवानी पुत्र रामसिंह केवट, निवासी कलरघटी, मध्यप्रदेश के खिलाफ राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई थानों में हत्या, डकैती, लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। करणपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उसके अन्य साथियों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
आईआरसीटीसी लखनऊ ने गर्मी की छुट्टियों के लिए धर्मशाला-खज्जियार विद शक्तिपीठ के लिए समर स्पेशल टूर पैकेज लांच किया है। यह पैकेज 6 रात और 7 दिन का होगा। इसमें यात्रियों को हिमाचल प्रदेश के धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। आईआरसीटीसी के अनुसार यात्रा के दौरान यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था अच्छे होटलों में की जाएगी। पैकेज में नाश्ता और रात का खाना, स्थानीय परिवहन, दर्शनीय स्थलों का टूर और टूर एस्कॉर्ट की सुविधा शामिल रहेगी। इन जगहों का कराया जाएगा टूर टूर के दौरान यात्रियों को अमृतसर का अटारी-वाघा बॉर्डर और स्वर्ण मंदिर, खज्जियार की झील और घास के मैदान, चंबा का लक्ष्मी नारायण मंदिर और भूरी सिंह संग्रहालय दिखाया जाएगा। इसके अलावा धर्मशाला का HPCA क्रिकेट स्टेडियम, मैक्लोडगंज का भगसूनाग मंदिर और दलाई लामा मंदिर भी यात्रा में शामिल हैं। श्रद्धालुओं को चामुंडा देवी और श्री बज्रेश्वरी देवी शक्तिपीठ के दर्शन भी कराए जाएंगे। एक व्यक्ति के रुकने पर पैकेज 69,800 रुपए होगा। दो लोगों के साथ रुकने पर प्रति व्यक्ति 53,500 रुपए और तीन लोगों के साथ ठहरने पर 50,200 रुपए प्रति व्यक्ति देने होंगे। पहले आओ पहले पाओ ऑफर मां बाप के साथ जाने वाले 5 से 11 वर्ष तक के बच्चों के लिए बेड सहित 39,900 रुपए और बिना बेड 33,800 रुपए देना होगा। वहीं 2 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए बिना बेड 18,900 रुपए प्रति बच्चा शुल्क रखा गया है। आईआरसीटीसी ने बताया कि यात्रा की बुकिंग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगी। यात्री गोमती नगर स्थित पर्यटन भवन में आईआरसीटीसी कार्यालय या वेबसाइट पर संपर्क कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए 9236391909 और 8287930902 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को एक बार फिर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अमित ने खुद फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी गिरफ्तारी की जानकारी साझा की। जानकारी के मुताबिक अमित भटनागर पन्ना जिले के बांध विस्थापितों के समर्थन में नया आंदोलन शुरू करने की तैयारी में थे। वे अपने साथियों के साथ पन्ना की ओर कूच कर रहे थे, तभी कुपिया के पास पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और पन्ना ले जाया गया। पहले भी कर चुके हैं बड़ा आंदोलन गौरतलब है कि पिछले महीने अमित भटनागर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 10 दिन से अधिक समय तक आंदोलन चलाकर परियोजना का निर्माण कार्य रुकवा दिया था। आंदोलन बढ़ने पर प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा था। उस दौरान कलेक्टर ने स्थानीय अधिकारियों को हटाकर दूसरे क्षेत्रों के अधिकारियों से दोबारा सर्वे कराने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद आंदोलन स्थगित किया गया था। इलाके में फिर बढ़ी हलचल अब विस्थापन के मुद्दे पर एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट के बीच हुई इस गिरफ्तारी से इलाके में हलचल तेज हो गई है।
संभल की पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में फैसला सुनाया है। आरोपी को शादी का झांसा देकर नाबालिग को भगाने और उसे तीन माह की गर्भवती बनाने का दोषी पाया गया है। कोर्ट ने आरोपी को 10 साल के कारावास और 18,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह पूरा मामला संभल तहसील के हयातनगर थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। पीड़िता के पिता ने 22 जून 2020 को पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि शाम 6 बजे उनकी बेटी शौच के लिए जंगल गई थी, तभी गांव के राजू पुत्र सत्य प्रकाश और तलवाड़ा, आदमपुर (अमरोहा) निवासी अमित पुत्र अवधेश उसे भगा ले गए। पिता ने प्रेमपाल पुत्र अमर सिंह को गवाह के रूप में नामित किया था। पुलिस ने मामले की जांच की और 14 दिसंबर 2020 को आरोपी राजू के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। आरोपी और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह ने राजू को दोषी ठहराया। कोर्ट ने आरोपी राजू को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है। धारा 363 (अपहरण) के तहत तीन साल का कारावास और 3,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, अर्थदंड न देने पर 15 दिन का साधारण कारावास होगा। धारा 305 के अपराध के लिए पांच साल का कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है, अर्थदंड न देने पर 25 दिन का साधारण कारावास भुगतना होगा। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत 10 साल का कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है, अर्थदंड न देने पर 2 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी राजू को तीन अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई है, और ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
उन्नाव में रेलवे पुलिया का काम रोका गया:तकनीकी खामियां मिलने पर DRM ने दिए सुधार के निर्देश
उन्नाव में कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर स्थित छमकनाली 108 पुलिया के पुनर्निर्माण कार्य को रेलवे प्रशासन ने रोक दिया है। प्रस्तावित पैनल शिफ्टिंग और नए स्ट्रक्चर की स्थापना का काम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा को निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गंभीर तकनीकी खामियां मिली थीं, जिसके बाद उन्होंने कार्यदायी संस्था को सुधार के निर्देश दिए। यह छमकनाली 108 पुलिया ब्रिटिश काल की बनी हुई है और लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी। रेलवे इसे बदलने के लिए कई दिनों से निर्माण कार्य करा रहा था। कार्यदायी संस्था स्वास्तिक एंड कंपनी ने पुलिया का नया स्ट्रक्चर तैयार किया था। गंगा नदी पर बने रेलवे पुल पर एच-बीम चैनल स्लीपर डालने के लिए एक मेगा ब्लॉक लिया गया था, इसी दौरान इस स्ट्रक्चर की पैनल शिफ्टिंग की जानी थी। डीआरएम सुनील कुमार वर्मा सड़क मार्ग से गंगाघाट स्टेशन पहुंचे। वहां से उन्होंने अपनी कार छोड़कर पुश ट्रॉली से छमकनाली 108 पुलिया तक जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें कार्यदायी संस्था के काम में कई तकनीकी और गुणवत्ता संबंधी खामियां मिलीं। इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से शिफ्टिंग का कार्य रुकवा दिया। डीआरएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी तकनीकी खामियां दूर किए बिना पुलिया का कार्य आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेलवे किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता नहीं करेगा। सभी मानकों के अनुरूप कार्य पूर्ण होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अब कार्यदायी संस्था को संशोधित निर्देशों के अनुसार स्ट्रक्चर में सुधार करना होगा। इस बीच, बैराज मार्ग स्थित सरैया रेलवे क्रॉसिंग पर भी रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी चीफ इंजीनियर ब्रिज आशीष कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि 30 मई से ब्लॉक लेकर गार्डर रखने का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ब्लॉक मिलते ही तेजी से कार्य कराया जाएगा और चार दिनों के भीतर 108 पुलिया को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सरैया रेलवे क्रॉसिंग का भी जायजा लिया और गेटमैन से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
ग्रेटर नोएडा में पिता ने की इकलौते बेटे की हत्या:संपत्ति विवाद में परिवार को फंसाने की थी साजिश
ग्रेटर नोएडा में एक पिता ने संपत्ति विवाद में अपने परिवार को फंसाने के लिए अपने इकलौते 13 वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है। गुरुवार को कासना थाने में गुरुवार को एक 13 वर्षीय लड़के के लापता होने की सूचना मिली थी। इस सूचना पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर पुलिस टीम का गठन किया गया। सीसीटीवी फुटेज और आसपास के बच्चों से पूछताछ में पता चला कि लड़का अपने पिता के साथ कार में गया था। पुलिस टीम ने जब लड़के के पिता से गहन पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने अपने बेटे को गुलिस्तानपुर गांव में एक दोस्त के पास रखा है। हालांकि, वह लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। देर शाम कासना थाने को सूचना मिली कि लापता लड़के का शव सिरसा गांव में 6 परसेंट कॉलोनी के पास एक तालाब में मिला है। सूचना मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में खुलासा हुआ कि मृतक लड़के के पिता ने संपत्ति विवाद में अपने परिवार के अन्य सदस्यों को फंसाने की नीयत से अपने ही बेटे की हत्या की थी। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की विधिक कार्यवाही जारी है। मामला कासना थाना क्षेत्र के सिरसा गांव का है।
सुल्तानपुर के चांदा कोतवाली क्षेत्र के बरनी गांव में शुक्रवार सुबह एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ शव मिला है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान नेहा तिवारी (पत्नी सौरभ तिवारी उर्फ प्रशांत) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा न खुलने पर उन्होंने खिड़की से देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारा गया। प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मिश्रा ने पुलिस टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। नेहा की शादी 21 अप्रैल 2025 को हुई थी और वह 1 मई को अपने मायके से ससुराल आई थी। गुरुवार को परिवार में एक शादी समारोह था, जिसमें नेहा रात करीब 2 बजे तक मौजूद थी। इसके बाद वह अपने कमरे में चली गई थी। घटना के समय नेहा के पति सौरभ तिवारी, जो मुंबई में नौकरी करते हैं, घर पर मौजूद नहीं थे। घर पर सास, ससुर और ननद मौजूद थे। क्षेत्राधिकारी लम्भुआ ऋतिक कपूर ने बताया कि चांदा कोतवाली के ग्राम बरनी से लगभग 25 वर्षीय नेहा तिवारी नामक महिला द्वारा अपने ससुराल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचा और निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। उन्होंने बताया कि शव पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जा रही है, और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।
पानीपत के गांव पसीना खुर्द में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। यहां एक मकान की छत अचानक गिर गई, जिसके मलबे के नीचे दबने से 4 वर्षीय मासूम की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त तीनों घर के भीतर सो रहे थे। गनीमत रही कि पड़ोसियों ने समय रहते दरवाजा तोड़कर घायलों को बाहर निकाला, वरना जान-माल का नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। दोपहर में सोते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, हादसा 7 मई की दोपहर करीब 4 बजे हुआ। आयुष के ताऊ बालिंद्र कुमार ने बताया कि उनका छोटा भाई रविंद्र दिहाड़ी मजदूरी करता है। दोपहर को रविंद्र अपने दोनों बच्चों को स्कूल से लेकर घर आया था। खाना खाने के बाद रविंद्र वापस मजदूरी पर चला गया, जबकि उसकी पत्नी सोनिया (30), बेटा साहिल (7) और छोटा बेटा आयुष (4) कमरे के अंदर सो रहे थे। रोजाना वे कमरे की कुंडी नहीं लगाते थे, लेकिन कल उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद किया हुआ था। गाटर टूटने से गिरी कड़ियों वाली छत बताया जा रहा है कि मकान काफी पुराना था और कड़ियों वाली छत का गाटर अचानक बीच से टूट गया। छत गिरते ही जोरदार आवाज हुई, जिसे सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पड़ोसियों ने उसे तोड़कर प्रवेश किया और मलबे में दबे मां और बच्चों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाते ही आयुष ने तोड़ा दम पड़ोसी तुरंत तीनों को गंभीर हालत में सिवाह बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। बालिंद्र ने बताया कि अस्पताल ले जाते समय आयुष की सांसें चल रही थीं, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, 7 साल के साहिल और मां सोनिया को प्राथमिक उपचार दिया गया। इस हादसे में सोनिया का हाथ टूट गया है और उसके चेहरे व कान पर भी गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद साहिल और सोनिया को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। दो महीने पहले ही स्कूल जाना शुरू किया था परिजनों ने बताया कि मासूम आयुष का दो महीने पहले ही एक प्ले-वे स्कूल में दाखिला करवाया गया था। वह अभी ठीक से स्कूल जाना सीखा ही था कि कुदरत के कहर ने उसे छीन लिया। बड़ा बेटा साहिल पहली कक्षा में पढ़ता है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है और गरीब मजदूर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
तेंदुआ आबादी में घुसा, चार घायल:कुशीनगर के डुमरा गांव में घर में छिपा, वन विभाग मौके पर
कुशीनगर जिले के जटहां बाजार थाना क्षेत्र के डुमरा गांव में शुक्रवार तड़के एक तेंदुआ आबादी के बीच घुस आया। तेंदुए ने अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। हमले के बाद तेंदुआ गांव के एक घर में घुस गया और वहां छिपा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया गया है और लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की जा रही है। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि यह तेंदुआ बिहार के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व से भटककर गांव तक पहुंचा है। सबसे पहले तेंदुए ने जटहां थाना क्षेत्र के पूर्णहा मिश्र गांव निवासी 45 वर्षीय रजनी देवी पत्नी पहाड़ी चौहान पर हमला किया, जिससे उनके बाएं हाथ पर गंभीर चोट आई। अशोक पुत्र स्वामीनाथन (35) गाँव माघी कोठीलवा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद सुबह करीब चार बजे 52 वर्षीय ललिता सिंह पत्नी बृजेश सिंह पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जब वह फूल तोड़ने निकली थीं। उनके दाहिने हाथ, गले और सिर पर पंजों के निशान हैं। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें बचाया। वहीं, डुमरा बुजुर्ग गांव निवासी 48 वर्षीय मनोज सिंह पुत्र विष्णु प्रसाद सिंह तेंदुए को देखने पहुंचे थे। इसी दौरान तेंदुए ने उन पर भी हमला कर दिया, जिसमें उनके दाहिने हाथ पर गंभीर चोट आई है। तीनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है। वन विभाग की टीम तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए अभियान चला रही है, जबकि पुलिस टीम भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटी हुई है।
पन्ना टाइगर रिजर्व के पास गांव में घुसा बाघ:गाय का शिकार कर बछड़ा ले गया, टीम तैनात
पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटे ग्राम पंचायत द्वारी के मोहनपुर हनुमतपुरा गांव में बीती रात एक बाघ घुस गया। बाघ ने रिहाइशी इलाके में मवेशियों पर हमला किया, जिसमें एक गाय की मौत हो गई और उसके बछड़े को बाघ अपने साथ ले गया। ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि देर रात बाघ अचानक गांव में दाखिल हुआ। पीड़ित पशुपालक रामशरण चंदपुरिया की पालतू गाय का बाघ ने शिकार किया। इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) की टीम सक्रिय हो गई। डिप्टी डायरेक्टर बी.के. पटेल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि तत्काल रेस्क्यू टीम को घटनास्थल पर भेजा गया। प्राथमिक जांच के अनुसार, बाघ शिकार करने के बाद वापस जंगल की ओर लौट गया है। एहतियात के तौर पर गांव में टाइगर रिजर्व के कर्मचारियों को तैनात किया गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गांव में मुनादी करवाई है। प्रशासन ने लोगों को अकेले या रात के समय जंगल की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी है। ग्रामीणों को मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर बांधने और किसी भी तरह की हलचल दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करने को कहा गया है। क्षेत्र में अभी भी भय का माहौल बना हुआ है।
मेरठ में मौसम साफ होते ही चढ़ा पारा:बीती शाम बदला मौसम, आज 34 डिग्री तक तापमान रहने की संभावना
मेरठ शहर में शुक्रवार सुबह से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है। सुबह तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा। हालांकि बीच-बीच में चल रही हल्की हवा लोगों को कुछ राहत देने का काम कर रही है। सुबह के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही सामान्य रही, लेकिन धूप तेज होने के साथ ही गर्मी का असर भी बढ़ने लगा। बीती शाम मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला था। तेज हवा चलने और वातावरण में ठंडक बढ़ने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। इसका असर शुक्रवार सुबह भी महसूस किया गया, जिससे सुबह का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा। मौसम साफ होने के कारण धूप तेजी से निकली और दोपहर तक तापमान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार आज मेरठ का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं हवा की गति करीब 13 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 24 घंटों में मौसम सामान्य बना रह सकता है, हालांकि शाम के समय हल्के बदलाव से इनकार नहीं किया जा सकता। गर्मी बढ़ने के साथ लोगों ने दोपहर में जरूरी काम होने पर ही घरों से निकलना शुरू कर दिया है। वहीं पार्कों और खुले स्थानों पर सुबह के समय लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बाहर निकलते समय सिर ढककर निकलने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि बीच-बीच में बादल और हवा राहत देते रहेंगे। मेरठ में दिन का मौसम साफ रहने के साथ ही पिछले चार दिनों से शाम के समय मौसम में रोजाना बदलाव देखने को मिल रहे हैं। आंधी और हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो जाता है। हालांकि विघुत सप्लाई बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
शामली नगर पालिका बोर्ड बैठक में हंगामा:महिला सभासदों के पतियों की मौजूदगी पर तीखी नोकझोंक
शामली जनपद में सिटी नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शुक्रवार को हंगामे के बीच संपन्न हुई। बैठक में महिला सभासदों के स्थान पर उनके पति और अन्य प्रतिनिधियों के बैठने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान कई सभासदों और पालिका अध्यक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी मौजूद रहा। जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र के सिटी शामली स्थित नगर पालिका परिषद के सभागार में यह बैठक आयोजित की गई थी। बैठक शुरू होते ही कुछ सभासदों ने आपत्ति जताई कि बैठक में महिला सभासदों की जगह उनके पति और प्रतिनिधि मौजूद हैं, जिससे बैठक की गोपनीयता प्रभावित हो रही है। सभासदों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में जिलाधिकारी से भी शिकायत की जा चुकी है। बैठक के दौरान सभासद निशिकांत संगल और अनिल उपाध्याय ने पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल पर सभासदों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सभासदों का कहना था कि वे अपने-अपने वार्डों के विकास कार्यों के प्रस्ताव लेकर आए थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। हंगामे और नोकझोंक के बीच बैठक कुछ समय तक बाधित रही। बाद में अन्य सभासदों की सहमति से विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई और प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद बैठक संपन्न कर दी गई। बैठक में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल, पालिका के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में सभासद मौजूद रहे।
डीडवाना जिले के मंडबासनी गांव निवासी सुखदेवा राम मंडा को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में 26 सालों की गौरवशाली सेवा के बाद भावभीनी विदाई दी गई। राष्ट्रपति अंगरक्षक के रूप में देश सेवा करने वाले मंडा के सम्मान में विदाई समारोह के दौरान “मंडा बासनी” के नारे गूंज उठे। समारोह में मौजूद साथियों ने उन्हें अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बताते हुए सम्मानित किया। राष्ट्रपति भवन में सम्मान के साथ दी गई विदाई नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित विदाई समारोह भावुक और गौरवपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। राष्ट्रपति अंगरक्षक दल के अधिकारियों और साथियों ने सुखदेवा Ram मंडा की 26 वर्षों की सेवाओं को याद करते हुए उनके योगदान की सराहना की। समारोह के दौरान “मंडा बासनी” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। यह नारे केवल सम्मान का प्रतीक नहीं थे, बल्कि मंडा के प्रति साथियों के स्नेह और गर्व को भी दर्शा रहे थे। अनुशासन और साहस की बने मिसाल राष्ट्रपति अंगरक्षक दल के साथियों ने कहा कि सुखदेवा राम मंडा हमेशा अनुशासन, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक रहे। उन्होंने हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाया। साथियों के अनुसार, मंडा की सादगी, मिलनसार स्वभाव और व्यवहार ने उन्हें सभी के बीच खास पहचान दिलाई। वे केवल दल के सदस्य नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी रहे। पैरा जंप के जरिए दिखाया जज्बा अपने 26 साल के सेवाकाल में सुखदेवा राम मंडा ने लगातार पैरा जंप कर बहादुरी और समर्पण का परिचय दिया। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाया। उनकी सेवाओं ने राष्ट्रपति अंगरक्षक दल की गरिमा और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भावुक माहौल में साथियों ने दी शुभकामनाएं विदाई समारोह के दौरान माहौल काफी भावुक हो गया। साथियों ने जोरदार नारों और तालियों के बीच सुखदेवा राम मंडा का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राष्ट्रपति भवन में गूंजते “मंडा बासनी” के नारों ने यह साबित कर दिया कि असली सम्मान पद से नहीं, बल्कि कर्म, समर्पण और व्यवहार से हासिल होता है। देश सेवा के गौरवशाली अध्याय को सलाम सुखदेवा राम मंडा की यह विदाई केवल एक सैनिक के सेवा निवृत्त होने का क्षण नहीं थी, बल्कि देश सेवा के एक गौरवशाली अध्याय को सलाम करने जैसा अवसर बन गई। उनके समर्पण और सेवाएं लंबे समय तक लोगों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।
ग्वालियर थाना क्षेत्र स्थित तानसेन नगर में एक छात्रा ने साइबर क्राइम और ब्लैकमेलिंग की शिकायत की है। एक मनचले ने पहले छात्रा से दोस्ती की, फिर प्यार के जाल में फंसाकर उसके निजी वीडियो शूट कर लिए। जब छात्रा ने बात करना बंद कर दिया तो आरोपी ने छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। बॉयफ्रेंड ने छात्रा से 1 लाख रुपए की डिमांड की और मांग पूरी न होने पर वीडियो उसके रिश्तेदारों को वायरल कर दिए। जब छात्रा के अंकल ने वीडियो देखे तो उसके पिता को बताया। इसके बाद छात्रा ने आपबीती सुनाई। छात्रा की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया है। छात्रा के मुताबिक आरोपी उसे अक्टूबर 2025 से लगातार परेशान कर रहा था। करीब 3 दिन पहले उसने रिश्तेदारों को वीडियो भेजे थे। एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के सेमिनार में हुई थी मुलाकात 18 वर्षीय पीड़िता (11वीं की छात्रा) ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात साल 2024 में महाराजपुरा स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में आयोजित सेमिनार के दौरान हरमन चावला से हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों में बातचीत शुरू हुई और हरमन ने उसे स्नैपचैट पर जोड़ लिया। पहले सामान्य बातचीत होती थी फिर उसने अपने प्यार का इजहार किया। प्यार का नाटक फिर ब्लैकमेलिंग का खेल हरमन ने छात्रा को प्यार के झांसे में लिया और धोखे से उसके न्यूड फोटो और वीडियो बना लिए। वीडियो हाथ लगते ही आरोपी के तेवर बदल गए। उसने छात्रा को धमकाना शुरू किया और वीडियो डिलीट करने के बदले एक लाख रुपए मांगे। छात्रा ने जब रुपए देने से इनकार किया और आरोपी से बातचीत बंद कर दी, तो वह हैवानियत पर उतारू हो गया। पिता के दोस्त ने दी वीडियो वायरल होने की सूचना आरोपी ने छात्रा के निजी वीडियो उसके परिचितों और नाते-रिश्तेदारों को सोशल मीडिया पर भेज दिए। इस शर्मनाक हरकत का खुलासा तब हुआ जब छात्रा के पिता के एक दोस्त ने उन्हें फोन कर बताया कि उनकी बेटी के आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहे हैं। जिसके बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। पुलिस की कार्रवाई ग्वालियर थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी हरमन चावला के खिलाफ आईटी एक्ट और ब्लैकमेलिंग सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी फिलहाल अपने घर से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। ग्वालियर थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि छात्रा की शिकायत पर आरोपी हरमन चावला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। साइबर टीम भी वीडियो को इंटरनेट से हटाने की प्रक्रिया में जुटी है।
फिरोजाबाद के थाना रजावली क्षेत्र स्थित ढकई गांव में शुक्रवार देर रात एक बारात में जनरेटर से करंट लगने से कक्षा 8 के एक छात्र की मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे हुई, जब ढकई गांव में बारात का कार्यक्रम चल रहा था। बारात में बैंड-बाजे और रोशनी के लिए एक जनरेटर लगाया गया था। अचानक जनरेटर में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में 15 वर्षीय छात्र राजकुमार आ गया। राजकुमार गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही बेहोश हो गया। हादसे में बारात में शामिल एक अन्य व्यक्ति और बग्घी की घोड़ी को भी करंट लगा। घटना के बाद बारात में मौजूद लोगों ने तुरंत जनरेटर बंद किया और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने छात्र राजकुमार को मृत घोषित कर दिया। राजकुमार की मौत की खबर से परिवार में गहरा दुख छा गया है। मृतक छात्र के परिजनों ने थाना रजावली पहुंचकर बैंड संचालक और जनरेटर मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना अध्यक्ष राकेश कुमार गिरी के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि केवल में करंट होने की वजह से यह घटना घटित हुई है।
पानीपत जिला पुलिस ने मतलौड़ा की अनाज मंडी में हुई फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में छठे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव कवि निवासी कौशल के रूप में हुई है। यह घटना अक्टूबर 2025 में एक दुकान के ऊपर दो पक्षों के बीच हुई पंचायत के दौरान हुई थी। सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि पूछताछ में आरोपी कौशल ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर इस जानलेवा हमले को अंजाम देना स्वीकार किया है। मामले में पहले ही पांच आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ के बाद आरोपी कौशल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हमले में इस्तेमाल की गई पिस्तौल पहले गिरफ्तार किए आरोपियों से बरामद की जा चुकी है। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों में बहस मतलौड़ा निवासी जितेंद्र ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया था कि 9 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 2:30 बजे वह मतलौड़ा अनाज मंडी में दुकान नंबर 35 पर मौजूद था। मतलौड़ा निवासी सुरेश ने उसके दोस्त सुरेंद्र को फोन कर अनाज मंडी में पंचायत के लिए बुलाया था। कवि निवासी जीतू ने पुराने विवादों को सुलझाने के बहाने यह पंचायत बुलाई थी, जिसमें लगभग 50-60 लोग मौजूद थे। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों में बहस हो गई। इसी बीच, जीतू ने जितेंद्र को अकेले नीचे आकर बात करने को कहा। आरोपी ने दो बार चलाई थी गोली जितेंद्र के नीचे आते ही जीतू ने उस पर पिस्तौल से फायर कर दिया, जिससे गोली उसकी बाजू में लगी। दुकान से नीचे उतरते समय अन्य आरोपियों ने उसे पीछे से धक्का दिया। जिससे वह धान की ढेरी पर जा गिरा। जीतू ने दोबारा फायरिंग की और इस बार गोली जितेंद्र के पैर में लगी। अन्य आरोपियों ने जितेंद्र को घूंसे मारे और उसे बंधक बना लिया। पंचायत में मौजूद अन्य लोगों ने उसे छुड़ा कर अस्पताल पहुंचाया। जितेंद्र की शिकायत पर थाना मतलौड़ा में मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी।
मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला की हादसे में मौत:देवरिया में तेज रफ्तार वाहन ने कुचला, चालक फरार हुआ
देवरिया के बनकटा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक सड़क हादसे में महिला की मौत हो गई। महिला सुबह टहलने के लिए घर से निकली थी, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तम बहियारी गांव निवासी लक्ष्मीना देवी (37) पत्नी महेंद्र प्रसाद शुक्रवार की सुबह घर से बाहर निकली थीं। वह मझौली-मैरवा मार्ग पर गांव के मोड़ के पास पहुंची थीं, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लक्ष्मीना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क किनारे महिला को गंभीर हालत में पड़ा देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। बनकटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजन मौके पर पहुंच गए। परिवार में दुख का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का आवागमन लगातार बना रहता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन की पहचान और चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हादसे में शामिल वाहन का पता लगाया जा सके। मामले की जांच जारी है।
डूंगरपुर जिले के बोखला पाल स्थित चंदूलाल गुप्ता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। यहां पिछले डेढ़ साल से 33 स्वीकृत पदों में से 17 पद खाली पड़े हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण छोटी कक्षाओं के छात्रों को पढ़ाने के लिए अब बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों को 'गुरुजी' की भूमिका निभानी पड़ रही है। करीब 600 से ज्यादा विद्यार्थियों वाले इस स्कूल में वर्तमान में 16 शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यालय में विषयवार पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हो रही है, जिससे छात्रों का भविष्य अधर में है। स्टूडेंट्स की शिक्षा पर पड़ रहा असरविद्यालय में हिंदी विषय के 3 पद, राजनीतिक विज्ञान के 2 पद, जबकि भौतिकी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत के 1-1 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की अनुपस्थिति से छात्रों की शिक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है। अन्य पद भी है स्कूल में खालीशिक्षकों के अलावा, विद्यालय में लाइब्रेरियन, उप-प्रधानाचार्य, अतिरिक्त एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी, जमादार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद भी खाली पड़े हैं। स्टाफ की इस व्यापक कमी के कारण, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राएं छोटी कक्षाओं में अध्यापन कार्य करवा रहे हैं।
जमीन विवाद में दो पक्षों में भिड़ंत:भू-माफियाओं पर अवैध कब्जा करने, मारपीट और धमकी देने का आरोप
गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के धुरैता मोड़ पर रैयती जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद गहरा गया है। पीड़ित ने भू-माफियाओं पर अवैध कब्जा करने, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित आशीष कुमार भदानी ने आरोप लगाया है कि लखन यादव समेत कुछ अन्य लोग जमीन पर अवैध निर्माण कार्य करा रहे थे। जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी दुर्व्यवहार करने का आरोप है। उन्होंने पहले भी कई बार पुलिस प्रशासन को इस मामले की जानकारी दी थी। हालांकि, कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण भू-माफियाओं का मनोबल बढ़ा है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस की ढिलाई के कारण ही दबंग लोग खुलेआम गरीब और असहाय लोगों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। विरोध करने वालों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनके साथ मारपीट भी की जा रही है। दूसरे पक्ष ने आरोप को बेबुनियाद बताया इधर, दूसरे पक्ष के लखन यादव ने कहा कि उक्त जमीन उपेन्द्र सिन्हा की है और वे लोग जमीन पर बॉउंड्री गेट लगवा रहे थे। इसी दौरान आशीष भदानी समेत अन्य लोग वहां पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान मारपीट भी की गई। लखन यादव ने कहा कि पहले भी उनसे जमीन के कागजात मांगे गए थे, लेकिन न तो वे कागज दिखाते हैं और न ही कोई स्पष्ट जानकारी देते हैं। इसी बात को लेकर आज विवाद हुआ। उन्होंने कहा कि वे लोग वहां केवल खड़े होकर बीच-बचाव कर रहे थे और उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। जमीन विवाद में मारपीट की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी और स्थिति को शांत कराया गया। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। -महेश चंद्रा, थाना प्रभारी, हीरोडीह
बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर के पास दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देने वाले बुलेट सवार तीन आरोपियों में से 2 को चकरभाठा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन पर एक ड्राइवर को लूटने और एक अन्य व्यक्ति पर लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों में नयापारा वार्ड नंबर 11 सिरगिट्टी निवासी राहुल साहू (25) और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने उनके पास से एक बुलेट, मोबाइल फोन और 3700 रुपए नकद जब्त किए हैं। तीसरा आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। ट्रांसपोर्ट नगर में ड्राइवर से मोबाइल और नकदी की लूट पहली घटना 29 अप्रैल की रात को हुई थी। चकरभाठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत साहू ढाबा, ट्रांसपोर्ट नगर के पास ड्राइवर सोनू बाजरा खाना खाकर अपनी ट्रक के पास लौट रहा था, तभी बिना नंबर वाली बुलेट पर सवार तीन लोगों ने उस पर हमला कर दिया और उसका मोबाइल फोन तथा 5000 रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। चार दिन बाद युवक पर रॉड और चाबी से हमला चार दिन बाद 4 मई को उन्हीं तीनों अज्ञात आरोपियों ने उसी बुलेट वाहन पर सवार होकर गुलशन साहू पर हमला किया। यह वारदात भी उसी घटनास्थल के आसपास हुई। आरोपियों ने गुलशन साहू को लोहे की रॉड और बुलेट की चाबी से पीटा, जिससे उसे चोटें आईं। CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस इन दोनों घटनाओं के संबंध में चकरभाठा थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पूछताछ में वारदात कबूली, तीसरे आरोपी की तलाश जारी सख्ती से पूछताछ करने पर राहुल साहू और नाबालिग आरोपी ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर इन वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। फरार तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
मेरठ में पुजारी से मारपीट, सिर फटा:जानी के ढडरा में वारदात, आरोपी मौके से फरार
मेरठ के जानी थानाक्षेत्र के ढडरा गांव में आज शुक्रवार सुबह शिवमंदिर के पुजारी के साथ बुरी तरह मारपीट कर दी गई। पुजारी बुरी तरह घायल हो गए। उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि सुबह जब पुजारी मंदिर में आरती कर रहे थे, इसी समय गुरवचन नामक आदमी आया। उसने पुजारी से रास्ते से हटने को कहा बस इसी बात पर गुरवचन ने पुजारी के ऊपर हमलाकर दिया। उसका सिर फोड़ दया। आरती के दौरान ही किया हमला जानकारी के मुताबिक, घटना उस वक्त हुई जब पुजारी सुबह मंदिर में आरती कर रहे थे। इसी दौरान गांव के गुरु वचन नामक व्यक्ति ने पुजारी से रास्ते से हटने को कहा। पुजारी ने उन्हें दूसरे मार्ग से आने का सुझाव दिया, तो आरोपी गुरु वचन क्रोधित हो गया। उसने पुजारी के साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान पुजारी के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे वे लहूलुहान हो गए। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुजारियों को मिले अतिरिक्त सुरक्षा ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पुजारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस घटना के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। इस मौके पर नितिन चौधरी, रितिक चौधरी, सत्यपाल नाई, लखमी कश्यप, अजय, जयचंद, बंटी, प्रशांत, पवन, सुमित और गजेंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।ग्रामीण ही अस्पताल लेकर गएघायल पुजारी को ग्रामीण ही तुरंत पास के निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां उनका मेडिकल परीक्षण किया गया। इसके बाद, जानी थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी गई है। थाना अध्यक्ष गौरव बिश्नोई ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सम्भल में ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की जिला इकाई ने शुक्रवार को उपजिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों ने इन मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की। ज्ञापन में गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान किसानों की भूमि का उनकी सहमति के बिना अधिग्रहण न करने की मुख्य मांग उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने तर्क दिया कि किसानों की जमीन उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। इसलिए, किसी भी कार्रवाई से पहले उनकी राय और सहमति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, किसानों को खेती के लिए पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से खाद वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाने का आग्रह किया। ज्ञापन में मध्य गंगा नहर पर गांव मिल्क सैंजना में पाइपों का पुल बनाने की मांग भी शामिल थी। ग्रामीणों ने बताया कि पुल न होने से आवागमन में भारी कठिनाई होती है। साथ ही, ग्राम महमूदपुर और महराना के बीच नहर पुल निर्माण के दौरान तोड़ी गई सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग भी की गई। ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। उपजिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में सोमपाल सिंह (प्रधान), भगवान सिंह, नवकेश चहल, उदयवीर सिंह, विजयपाल सिंह और संगठन के अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
गोरखपुर में उत्तर प्रदेश प्रवक्ता (PGT) भर्ती की लिखित परीक्षा 9 और 10 मई को 25 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। दोनों दिन कड़ी सुरक्षा के बीच दो पालियों में परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे के बीच होगी। एंट्री से पहले अभ्यर्थियों के फोटो, एडमिट कार्ड और अन्य चीजों का मिलान किया जाएगा। साथ ही सघन चेकिंग के बाद ही परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। पहले दिन 15,033 अभ्यर्थी होंगे शामिल पहले दिन पहली पाली में 7931 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल शामिल होने के लिए रजिस्टर्ड हैं। वहीं दूसरी पाली में यह संख्या 7102 है। जबकि दूसरे दिन पहली पाली में 6945 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे और दूसरी पाली में 11257 रजिस्टर्ड हैं। जिले में परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए हर केंद्र पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती रहेगी। जिससे कोई गड़बड़ी न हो और सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रहे। ड्यूटी में लगे स्टाफ का मोबाइल भी होगा जमा हर केंद्र पर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए अभ्यर्थियों के साथ परीक्षा ड्यूटी में लगे सभी स्टाफ के भी मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जमा करयम जाएगा। ताकि गलती की कोई गुंजाइज न रहे। 624 पदों के लिए यह परीक्षा 17 जिलों के 319 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
मऊ में बेकाबू कार पेड़ से टकराई, कुर्सियां तोड़ी:हादसे में 6 घायल, चालक को झपकी आने से हादसा
रानीपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा गांव के पास आज दोपहर करीब 12 बजे एक अनियंत्रित कार पेड़ और सीमेंट की कुर्सियों से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार और सड़क किनारे बैठे ग्रामीण समेत कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बलिया जनपद के रसड़ा निवासी ओमकेश्वर सिंह को उनके चचेरे भाई कार से पीजीआई ले जा रहे थे। गोकुलपुरा के समीप पहुंचते ही चालक को अचानक झपकी आ गई, जिससे तेज रफ्तार कार अनियंत्रित हो गई। कार गलत दिशा में जाकर सड़क किनारे लगे एक पेड़ और वहां रखी सीमेंट की कुर्सियों से जोरदार तरीके से टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे ग्रामीण भी इसकी चपेट में आ गए। घायलों में गाजीपुर के दुल्लहपुर निवासी धर्मराज (जो अपनी ससुराल गोकुलपुरा आए थे) और उनके साले मिथिलेश (निवासी गोकुलपुरा, मऊ) शामिल हैं। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। दुर्घटना में कुल 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें कार सवार ओमकेश्वर सिंह (बलिया), श्रीकांत सिंह (बलिया), राहुल सिंह (बलिया), और एक अन्य शामिल हैं। राहुल सिंह का इलाज रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। सड़क किनारे बैठे घायलों में धर्मराज और उसकी पत्नी प्रिती (गाजीपुर) और मिथिलेश (मऊ) शामिल हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची 108 एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस को मामले की जानकारी दे दी गई है और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेने की प्रक्रिया जारी है।
निवाड़ी जिले में प्रशासन ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का काम शुरू किया गया है। जिला स्तरीय समिति का गठन इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक जिला स्तरीय समिति बनाई गई है। कलेक्टर जमुना भिड़े को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना सदस्य हैं। एसडीएम निवाड़ी को समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पीएम श्री शासकीय पीजी कॉलेज निवाड़ी के नोडल प्राचार्य, जिला पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय ओरछा के अधीक्षक और ई-गवर्नेंस प्रबंधक भी समिति में शामिल हैं। ओरछा में पांडुलिपियों का अध्ययन कलेक्टर जमुना भिड़े और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना ने ओरछा स्थित महाकवि केशव शोध संस्थान का दौरा किया। यहां उन्होंने प्राचीन पांडुलिपियों का अध्ययन किया और उनकी जानकारी ‘ज्ञान भारत’ ऐप पर अपलोड की। क्या है ‘ज्ञान भारतम मिशन’? यह अभियान भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य देशभर में मौजूद हस्तलिखित पांडुलिपियों को खोजने (सर्वेक्षण), दस्तावेजीकरण करने, सुरक्षित रखने (संरक्षण) और डिजिटल रूप में बदलने (डिजिटलीकरण) का है। यह विशेष मिशन 16 मार्च से 15 जून 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान जिले में मौजूद प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित किया जाएगा। भोपाल से भी मिलेगा सहयोग मिशन के संचालन में भोपाल स्थित पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग के अधिकारी भी समन्वय कर रहे हैं, ताकि काम बेहतर तरीके से पूरा हो सके। प्रशासन का कहना है कि इस पहल से निवाड़ी जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित किया जा सकेगा। डिजिटल रूप में संरक्षित होने के बाद ये पांडुलिपियां आने वाली पीढ़ियों के लिए भी उपलब्ध रहेंगी और शोध तथा अध्ययन में उपयोगी साबित होंगी।
कोरबा जिले में नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक जारी रहेगा, जिसकी थीम सही दवा, शुद्ध आहार-यही छत्तीसगढ़ का आधार है। इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले के अलग-अलग गुपचुप सेंटर, गन्ना जूस सेंटर, डेयरी दुकान और राशन दुकानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के क्रम में करतला क्षेत्र से चावल, नमक और शक्कर के नमूने एकत्र किए गए। इसी तरह, जेलगांव स्थित केडिया ब्रदर्स से मिक्सचर का नमूना लिया गया। मेन रोड कोरबा स्थित श्री चन्द मार्केटिंग फर्म से धनिया पाउडर और मिर्च पाउडर के नमूने संग्रहित किए गए। हॉस्पिटल कैंटीन से चावल-दाल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए इसके अलावा 100 बेड हॉस्पिटल की कैंटीन से भी चावल और दाल के नमूने लेकर परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। खाद्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता और सुरक्षा के निर्देश जारी इनमें लाइसेंस को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना, परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना, एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री न करना शामिल है। साथ ही, नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराने और कर्मचारियों का मेडिकल जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना है। एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस जांचने की अपील नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकिंग, एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर की जांच अवश्य करें। यह विशेष जांच अभियान 11 मई 2026 तक पूरे जिले में जारी रहेगा।
भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सांसद धर्मवीर सिंह की 'मोबाइल हटाओ-बचपन बचाओ' मुहिम के तहत शुक्रवार को लोहारू स्थित आदर्श प्ले स्कूल में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह रैली सांसद द्वारा बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने और उनके बचपन को सुरक्षित रखने के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से निकाली गई। रैली में मुख्य रूप से विजय शेखावत उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में कमलेश भोडूका, राजेश चहड़िया, सुभाष सैनी और राम सिंह कटारिया शामिल थे। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल ममता श्योराण, पार्षद अजय शर्मा, पवन पीजी, स्कूल स्टाफ, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी मौजूद रहे। बच्चों ने तख्तियां लेकर लगाए नारे रैली का शुभारंभ आदर्श प्ले स्कूल परिसर से हुआ। यह मेन बाजार, अनाज मंडी, सूरजगढ़ रोड, रेलवे रोड, बस स्टैंड, सब्जी मंडी और भगत सिंह चौक से होते हुए वापस स्कूल परिसर में संपन्न हुई। छोटे बच्चों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर और टी-शर्ट पर बने चित्रों व स्लोगन के माध्यम से लोगों को मोबाइल के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। बच्चों ने मोबाइल छोड़ो, बचपन जोड़ो और खेलो-कूदो, स्वस्थ रहो जैसे नारे लगाए। छोटे बच्चे भी फोन की लत का शिकार; निदेशक स्कूल निदेशक जितेंद्र जांगड़ा ने इस दौरान कहा कि वर्तमान में छोटे बच्चे मोबाइल की लत का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल से दूर रखकर उन्हें खेल, शिक्षा और संस्कारों की ओर प्रेरित करें।
एसआई भर्ती परीक्षा-2021 दोबारा होगी:पहले एग्जाम में शामिल 3.83 लाख अभ्यर्थियों को ही मिलेगा मौका
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने राज्य सरकार की अनुशंसा के बाद उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा-2021 को रद्द कर दिया है। अब यह परीक्षा नए सिरे से आयोजित की जाएगी। इस संबंध में विस्तृृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर जारी होगी। आयोग अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने बताया- दोबारा होने वाली परीक्षा में सिर्फ वही 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी बैठ सकेंगे, जो पहले आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में शामिल हुए थे। 16 मई से शुरू होगी आवेदन संशोधन प्रक्रिया अभ्यर्थियों को उनके पूर्व में भरे गए आवेदन पत्रों में सुधार और अपडेट करने का अवसर दिया जा रहा है। संशोधन की प्रक्रिया 16 से 30 मई 2026 तक चलेगी। इस दौरान अभ्यर्थी मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस और पत्राचार का पता जैसी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। ओटीआर में केवाईसी करना होगा अपडेट आवेदन में किसी भी प्रकार का संशोधन करने से पहले अभ्यर्थी को अपने वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) में KVC प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि अभ्यर्थी ने अपनी एसएसओ आईडी बदल ली है तो वह फैच एप्लिकेशन फॉर्म विकल्प का उपयोग कर अपना पुराना डेटा नए प्रोफाइल में ट्रांसफर कर सकता है। ओटीआर में सेव लाइव फोटो, सिग्नेचर और अंगूठे का निशान स्वतः ही ओटीआर से फैच हो जाएंगे। यदि ओटीआर में पूर्व में केवाईसी पूरी नहीं है तो इसे पूर्ण करना आवश्यक होगा। सहमति प्रदान करनी होगी यदि अभ्यर्थी किसी प्रविष्टि में संशोधन नहीं करना चाहता तो भी आवेदन-पत्र को एडिट मोड में खोलकर संशोधन की जरूरत न होने संबंधी घोषणा तथा ओटीआर में इस्तेमाल लाइव फोटो, सिग्नेचर और अंगूठा निशानी के प्रयोग के लिए सहमति अनिवार्य रूप से प्रदान करनी होगी। इसके बाद ही फाइनल सब्मिट बटन पर क्लिक कर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज कर आवेदन सब्मिट करना होगा। निर्धारित प्रक्रिया की पालना न करने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पात्रता की शर्तों में बदलाव नहीं आयोग सचिव ने बताया कि अभ्यर्थियों की पात्रता (आयु, आरक्षण और शैक्षणिक योग्यता) का निर्धारण उनके 2021 के आवेदन के समय की स्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन मान्य नहीं होगा। अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी के लिए समय-समय पर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और रिक्रूटमेंट पोर्टल का अवलोकन करते रहें। कोर्ट ने रद्द कर थी भर्ती राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रेल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया। … SI भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पानी के गिलास से 2-3 बूंद जहर अलग नहीं कर सकते, पूरा पानी फेंकना पड़ता है सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सोमवार को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को खारिज कर दिया। (पढ़िए पूरी खबर)
रघुनाथपुरा में पहुंचा भाजपा का विकास रथ:ग्रामीणों ने योजनाओं की जानकारी ली, ढोल-नगाड़ों से स्वागत
आसींद क्षेत्र की ग्राम पंचायत रघुनाथपुरा में भाजपा का विकास रथ पहुंचा। ग्रामीणों ने इसका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। इस दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई, जिसे महिलाओं और किसानों ने ध्यानपूर्वक देखा। गांव में रथ के आगमन पर उत्साह का माहौल था। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ रथ का स्वागत किया और खुशियां मनाईं। विकास रथ के माध्यम से महिलाओं को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, वहीं किसानों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं भी साझा की गईं। इस अवसर पर प्रशासक सविता रणजीत सिंह झालरा, अतिरिक्त विकास अधिकारी सुनील गर्ग, ग्राम विकास अधिकारी अशोक कुमार, ग्राम रोजगार सहायक प्रेमचंद्र कुम्हार, पटवारी लाखन सिंह, कृषि पर्यवेक्षक किशन सिंह कविया, वार्ड पंच नरेंद्र सालवी, तुलसीराम खारोल, मांगीलाल कुम्हार और सावर कुम्हार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने रथ के स्वागत में जयकारे लगाए और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान गांव में उत्साह और श्रद्धा का माहौल रहा।
आजमगढ़ में शुक्रवार को तेज रफ्तार थार ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा फरिहा पुलिस चौकी के पास ईदगाह के निकट हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए, जबकि थार के अगले दोनों पहियों के टायर तक फट गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मामला निजामाबाद थाना क्षेत्र का है। हादसे में बाइक सवार शमशाद उर्फ गुड्डू (48) पुत्र फरियाद और मनीष कुमार (19) पुत्र हरिश्चंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने दोनों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने शमशाद की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरे घायल मनीष कुमार का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि हादसा करने वाली थार पर नंबर प्लेट तक नहीं थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ी काफी तेज रफ्तार में थी और चालक नियंत्रण खो बैठा। टक्कर के बाद थार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पत्नी की पहले ही हो चुकी थी मौत मृतक शमशाद उर्फ गुड्डू पर पहले से ही परिवार की बड़ी जिम्मेदारी थी। उनकी पत्नी की करीब छह साल पहले मौत हो चुकी थी। शमशाद अपने तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई पुलिस का कहना है कि अभी तक मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस हादसे के समय थार चला रहे चालक की तलाश में जुट गई है।
हसामपुर नृसिंह मंदिर में फूल बंगला झांकी सजाई:भीषण गर्मी में भगवान को दी शीतलता, चंदन का लेप किया
पाटन के पास गांव हसामपुर स्थित श्री नृसिंह मंदिर में फूल बंगला झांकी का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी से भगवान को शीतलता प्रदान करने के उद्देश्य से यह विशेष श्रृंगार किया गया। नृसिंह मंदिर के पुजारी परिवार ने बताया कि फूल बंगला का अर्थ है भगवान का फूलों से श्रृंगार करना। इस अवसर पर श्री लक्ष्मी नृसिंह भगवान का चंदन से लेप किया गया, जिसके बाद उन्हें फूलों से सजाया गया। भगवान का फूलों से किया विशेष श्रृंगार यह परंपरा मई-जून के महीने में प्रतिवर्ष निभाई जाती है, जब भगवान का फूलों से विशेष श्रृंगार किया जाता है। श्रृंगार के उपरांत आरती की गई और भगवान को भोग लगाकर प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और दर्शन किए।
कटनी में 14 किलो से अधिक गांजा जब्त:जबलपुर के तीन तस्कर गिरफ्तार, दो अलग-अलग कार्रवाई में पकड़े गए
कटनी पुलिस ने अवैध नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 14 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजा जब्त किया है। इस मामले में जबलपुर निवासी तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार डेहरिया ने इन मामलों का खुलासा किया। पहली कार्रवाई 6 मई को लमतरा ओवरब्रिज के आगे कच्चे मार्ग पर हुई। पुलिस की शैडो एरिया चेकिंग टीम ने पीठ पर पिट्ठू बैग टांगे पैदल जा रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका। तलाशी के दौरान उनके बैग से सफेद सेलो टेप से लिपटे 7 पैकेट बरामद हुए। इनमें कुल 11 किलो 116 ग्राम कलीयुक्त हरा गांजा मिला। जब्त गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप गुप्ता (40 वर्ष), निवासी साउथ सिविल लाइन, जबलपुर और आशीष साहू (38 वर्ष), निवासी गोसलपुर, जिला जबलपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी कुलदीप गुप्ता का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ पूर्व में भी दहेज प्रताड़ना और आर्म्स एक्ट के गंभीर मामले दर्ज हैं। दूसरी कार्रवाई रंगनाथनगर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान हुई। ओएफके स्टेडियम के सामने मुख्य मार्ग पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैग लेकर खड़ा था। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके बैग से 2 किलो 918 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही वैधानिक पंचनामा तैयार कर आरोपी रोहित कोल (20 वर्ष), निवासी ग्राम पतरोई, थाना सिहोरा, जिला जबलपुर को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम) की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल भेज दिया गया है
चंडीगढ़ नगर निगम के 116.84 करोड़ रुपए के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले में आरोपी पूर्व अकाउंटेंट अनुभव मिश्रा ने कोर्ट में लगाई गई अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। बताया जा रहा है कि यह याचिका उन्होंने केस सीबीआई को ट्रांसफर होने से पहले लगाई थी। जैसे ही मामला सीबीआई को ट्रांसफर हुआ, आरोपी अनुभव मिश्रा ने अपनी याचिका कोर्ट से वापस ले ली। घोटाला सामने आने के बाद से वह फरार हैं। वहीं, चंडीगढ़ नगर निगम ने उन्हें नौकरी से हटा दिया है। पुलिस के अनुसार, उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर 11 फर्जी एफडीआर तैयार किए, जिनकी कीमत 116.84 करोड़ रुपए से अधिक थी। उन पर सरकारी पैसे को फर्जी कंपनियों में भेजने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने नकली एफडी के बदले अन्य आरोपियों से करोड़ों रुपए लिए थे। जांच में सामने आया कि उनके पास बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर की पहुंच थी और संदिग्ध लेनदेन करवाने में उनकी अहम भूमिका रही। अब सीबीआई कर रही जांच चंडीगढ़ में भ्रष्टाचार के मामलों में अब अफसरों का बचकर निकलना आसान नहीं होगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए स्मार्ट सिटी लिमिटेड और क्रेस्ट में फंड गड़बड़ी से जुड़े मामलों की जांच CBI को सौंप दी गई है और सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक कई मामलों में देखा गया कि भ्रष्टाचार या रिश्वत के आरोपों में गिरफ्तारी के बावजूद अधिकारी बच जाते थे। इसकी वजह थी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A, जिसके तहत केस चलाने के लिए संबंधित राज्य सरकार से अनुमति जरूरी होती है। कई बार हरियाणा या पंजाब सरकार से यह मंजूरी नहीं मिलती थी या जवाब ही नहीं दिया जाता था, जिसके चलते अदालत में केस कमजोर पड़ जाता था और आरोपी बरी हो जाते थे। स्मार्ट सिटी फंड में गड़बड़ी चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड में आईडीएफसी बैंक में जमा करीब 116 करोड़ रुपए बिना अनुमति निकाले जाने का मामला सामने आया था। जांच में सामने आया कि यह रकम शेल कंपनियों में ट्रांसफर की गई। इसी तरह क्रेस्ट में भी फंड गड़बड़ी के आरोप लगे। इस मामले में पुलिस को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए आरोपियों पर केस चलाने की अनुमति चाहिए थी। स्मार्ट सिटी की CFO नलिनी मलिक और आउटसोर्स कर्मचारी अनुभव मिश्रा के खिलाफ तो प्रशासन ने मंजूरी दे दी, लेकिन एनपी शर्मा (जो पंजाब कैडर के अधिकारी हैं और चंडीगढ़ में डेपुटेशन पर थे) के खिलाफ पंजाब सरकार से मांगी गई अनुमति का कोई जवाब नहीं मिला। हरियाणा से भी नहीं मिले सबूत इस मामले में हरियाणा पुलिस ने आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान उसके पास से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे, जो पूरे फंड ट्रांजैक्शन और पैसों के ट्रेल को समझने में महत्वपूर्ण थे। माना जा रहा था कि इन सबूतों से यह स्पष्ट हो सकता है कि रकम कहां से निकाली गई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। चंडीगढ़ पुलिस ने जांच आगे बढ़ाने के लिए हरियाणा पुलिस से कई बार सबूत मांगे, ताकि दोनों राज्यों की जांच में तालमेल बैठ सके। इसके लिए आधिकारिक पत्र भी भेजे गए, लेकिन जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिले। सबूतों की कमी के कारण चंडीगढ़ पुलिस की जांच प्रभावित हो रही थी और केस की कड़ियां जोड़ने में दिक्कत आ रही थी। यही वजह रही कि मामले को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अंततः इसे CBI को सौंपने का फैसला लिया गया। CBI जांच से खुलेंगे बड़े राज इन सभी अड़चनों को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया। प्रशासन का मानना है कि जब अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी, जरूरी अनुमति न मिलना और अहम सबूतों की उपलब्धता में दिक्कतें आ रही हों, तो एक केंद्रीय एजेंसी के जरिए जांच ज्यादा प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा सकती है। कई नामों का हो सकता है खुलासा सूत्रों के अनुसार, इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और ऐसे कई नाम सामने आ सकते हैं, जो अब तक जांच के दायरे से बाहर थे। साथ ही, यह भी संभावना है कि जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। इससे पहले मामले की जांच के लिए एसपी सिटी मंजीत श्योराण की अगुवाई में SIT बनाई गई थी, जिसमें डीएसपी वेंकटेश सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान CFO नलिनी मलिक और ब्रोकर विक्रम वाधवा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई थीं।
गोला तहसील आईजीआरएस में नंबर-1:लखीमपुर-खीरी ने डिजिटल मॉनिटरिंग से प्रदेश में हासिल किया पहला स्थान
लखीमपुर खीरी के मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) में गोला तहसील ने प्रदेश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है। डिजिटल मॉनिटरिंग और समयबद्ध शिकायत निस्तारण के दम पर तहसील को जारी रैंकिंग में 100 में से 100 अंक मिले हैं। यह उपलब्धि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान और टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग के कारण हासिल हुई है। गोला तहसील लगातार ऑनलाइन जनशिकायतों के निस्तारण में बेहतर प्रदर्शन करती रही है। प्रशासन द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की नियमित डिजिटल समीक्षा की जा रही थी, जिससे शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हुआ। जिले की अन्य तहसीलों ने भी इस रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन किया है। मितौली, निघासन और मैलानी तहसीलों को 99-99 अंक प्राप्त हुए, जबकि पलिया को 98 और धौरहरा को 97 अंक मिले। मोहम्मदी तहसील को 85 अंक प्राप्त हुए। अधिकारियों ने बताया कि टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग, समयसीमा का पालन और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब ऑनलाइन शिकायतों पर पहले की तुलना में तेजी से कार्रवाई हो रही है, जिससे उन्हें राहत मिल रही है।
वाराणसी नगर निगम के सभागार में शुक्रवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पत्रकारों से बातचीत की। यहां उन्होंने हाउस-वाटर टैक्स और सीवर टैक्स में छूट दिए जाने संबंधित अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शहरवासियों के लिए बड़ी राहत नगर निगम की तरफ से दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में भवन स्वामी हाउस टैक्स, वाटर टैक्स व सीवर टैक्स एकमुश्त जमा कर सकते हैं, इस पर उन्हें 10% की छूट दी जा रही है। इसके लिए नगर निगम 8 मई से अभियान चला रहा है। यह अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टैक्स जमा करने पर वर्तमान टैक्स पर 12% की छूट दी जाएगी। इसके लिये भवन स्वामी को www.nnvns.org.in पर जाके भुगतान करना होगा। इसके साथ-साथ दृष्टिहीन तथा 80% दिव्यांग भवन स्वामी को भी बड़ी राहत दी जा रही है। उन्हें संपत्तिकर में 100% कई छूट दी जाएगी। इसके अलावा पद्मश्री, पद्मविभूषण सम्मान से सम्मानित लोगों को भी इससे छूट दी गयी है। वाराणसी में हैं 2.33 लाख भवन वाराणसी नगर निगम के तहत शहर में 2.33 लाख भवन दर्ज है। इस वित्तीय वर्ष में 27 अप्रैल से 6 मई तक कुल 4325 भवन स्वामियों ने एक करोड़ 98 लाख संपत्ति कर जमा किया है। नगर आयुक्त ने सभी भवन स्वामियों से अपील की है कि वह निर्धारित अवधि में टैक्स जमा करके इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।
दतिया में युवक ट्रेन सामने कूदा, मौत:जेब से शराब का क्वार्टर भी मिला, आत्महत्या की वजह साफ नहीं
दतिया शहर में गुरुवार शाम एक युवक ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बक्सी हनुमान मंदिर के पास रेलवे क्रॉसिंग की है। युवक शराब के नशे में था और उसकी जेब से शराब का क्वार्टर भी बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। पास में ही मजदूरी करता थाजानकारी के अनुसार संजू प्रजापति (23) पुत्र हरिराम प्रजापति, निवासी आईटीआई कॉलेज के पीछे, बक्सी हनुमान मंदिर के पास मजदूरी का काम करता था। गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे वह रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन के सामने आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भिजवाया। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस को युवक की जेब से शराब का क्वार्टर मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि घटना के समय वह नशे में था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। मृतक अविवाहित था और मजदूरी करता था।
हनुमानगढ़ जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने 2 अलग-अलग कार्रवाई करते हुए 2 युवकों को मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। इनमें एक युवक से चूरा पोस्त और दूसरे से प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की गई हैं। पहली कार्रवाई टिब्बी थाना क्षेत्र में बशीर पुलिस चौकी के सामने नाकाबंदी के दौरान हुई। पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली, जिसके कब्जे से 7 किलो 100 ग्राम चूरा पोस्त बरामद किया गया। आरोपी सुरेवाला निवासी जसविंदर सिंह है। दूसरी कार्रवाई में गोगामेड़ी थाना पुलिस ने परलीका निवासी सौरभ को प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ पकड़ा। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से 75 कैप्सूल प्रेगाबालिन और 10 टेबलेट एटिजोलम बरामद हुईं। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
नशे की हालत में फ्रूट कारोबारी ने एसिड पिया, मौत:6 दिन तक अस्पताल में इलाज चला, पुलिस जांच में जुटी
भोपाल के टीलाजमालपुरा इलाके में रहने वाले फ्रूट विक्रेता ने नशे की हालत में ऐसिड पी लिया, 8 दिन चले इलाज के बाद शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मनोज कुमार पंथी पिता स्वर्गीय पूरण सिंह पंथी (44) निवासी 32 रेजीमेंट रोड फ्रूट का ठेला लगाते थे। शराब पीने का आदि थे, शराब के नशे में बीती एक मई को घर आए थे। हादसे के वक्त मामा के घर में थे बच्चे नशे की हालत में उन्होंने एसिड पी लिया था। इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई। टीला जमालपुरा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के समय दोनों बच्चे मामा के घर गए थे। जबकि पत्नी चौक में एक पर्दे की दुकान में काम करती हैं, हादसे के समय वह ड्यूटी पर थीं। भाई ने मनोज को बेसुध हालत में सबसे पहले देखा और इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ शहर में शुक्रवार को एसडीएम योगेश सैनी ने लघु सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। अपनी नियुक्ति के बाद यह उनकी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। उन्होंने बताया कि उपमंडल में स्वच्छता और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एसडीएम सैनी ने कहा कि डीसी अनुपमा अंजली के निर्देशानुसार, डीएमसी रणवीर सिंह सप्ताह में एक दिन महेंद्रगढ़ नगर पालिका कार्यालय में बैठेंगे। वे शहर के विकास कार्यों की निगरानी करेंगे और नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। IAS योगेश सैनी की दूसरी पोस्टिंग प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, मीडिया कर्मियों ने एसडीएम को शहर की सफाई व्यवस्था, जल भराव, बिजली आपूर्ति और गलियों के निर्माण जैसी कई समस्याओं से अवगत कराया। एसडीएम ने इन सभी समस्याओं का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया। वर्ष 2023 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश सैनी की बतौर एसडीएम यह दूसरी पोस्टिंग है। शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाएंगे उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के विशेष अभियानों, जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की समयबद्ध डिलीवरी पर उनका विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ शहर में नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर को अतिक्रमण मुक्त और जाम मुक्त बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। मीडिया के सहयोग से शहर की हर समस्या का समाधान किया जाएगा।
उज्जैन में रेलवे की प्रस्तावित चिंतामण बायपास योजना को लेकर किसानों, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। शुक्रवार को मंगरोला रोड पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान वैदिक गुरुकुल के बटुक भी विरोध में शामिल हुए। प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि रेलवे विभाग पहले ही सर्वे और नक्शे की प्रक्रिया पूरी कर चुका था, जिसमें किसानों की जमीनें चिन्हित की गई थीं। इसके बावजूद अब दोबारा सर्वे के नाम पर क्षेत्र में खंभे लगाए जा रहे हैं और भूमि का चिन्हांकन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित बायपास से मंगरोला सहित आसपास के कई गांव प्रभावित होंगे। किसानों के मुताबिक अकेले मंगरोला गांव के करीब 38 किसान सीधे तौर पर इस परियोजना की जद में आ रहे हैं। वहीं गांव की लगभग 40 से 50 बीघा जमीन प्रभावित होने का अनुमान है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इस योजना से स्कूल, वेद आश्रम, चिंतामण और मंगरोला को जोड़ने वाली मुख्य सड़क, बाग-बगीचे और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी प्रभावित होंगे। किसानों ने रेलवे को सुझाव देते हुए कहा कि शिप्रा केबिन क्षेत्र की ओर से कम दूरी और कम लागत वाला वैकल्पिक अंडरपास मार्ग बनाया जा सकता है। किसान दीपक, जीत सिंह फौजी और सूर्यपाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासन और रेलवे विभाग को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं अखिल भारतीय नागदा अग्निहोत्री धर्मशाला में संचालित वैदिक गुरुकुल के संचालक आचार्य दीपक पाठक ने भी योजना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला परिसर में देश के विभिन्न राज्यों से आए 25 से 50 बटुक वैदिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो इस योजना से प्रभावित होंगे।
आगर मालवा जिले के सुसनेर नगर स्थित इतवारिया क्षेत्र के माली समाज मंदिर में श्रीराम दरबार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ। मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद आयोजित इस धार्मिक आयोजन को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 12 बजे मेला ग्राउंड स्थित ओंकारेश्वर महादेव मंदिर से भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। महिलाएं सिर पर कलश धारण कर भक्ति गीतों और 'जय श्रीराम' के उद्घोष के साथ चल रही थीं, वहीं बैंड-बाजों की मधुर धुनें वातावरण को भक्तिमय बना रही थीं। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मालीपुरा स्थित फूलमाली समाज की धर्मशाला पहुंची, जहां धार्मिक अनुष्ठानों का विधिवत आरंभ किया गया। समिति ने बताया 14 मई तक चलेगा आयोजन समिति के अनुसार, यह महोत्सव 8 मई से 14 मई तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, पूजन, हवन एवं कथा आयोजन संपन्न होंगे। पंडित वेदप्रकाश भट्ट एवं गोविंद शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से पूजन कराया जाएगा। माली समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार के बाद श्रीराम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा समाज के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। सात दिवसीय इस धार्मिक महोत्सव के दौरान प्रतिदिन भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें समाजजन बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। पूरे क्षेत्र में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है और श्रद्धालुओं की निरंतर सहभागिता देखने को मिल रही है।
जींद जिले के उचाना सिविल अस्पताल में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के कर्मचारियों ने एक घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। कर्मचारियों ने पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज भिवानी में डेपुटेशन पर भेजे जाने के आदेश रद्द करने की मांग की। इस दौरान एचकेआरएन कर्मचारियों ने अपने सभी कार्य बंद रखे। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले एक साल से जींद जिले के एचकेआरएन कर्मचारियों को भिवानी मेडिकल कॉलेज में डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है। कर्मचारी रोहित ने जानकारी दी कि इन कर्मचारियों को 15 से 16 हजार रुपए तक वेतन मिलता है, जबकि उन्हें प्रतिमाह आने-जाने में 11 से 12 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। यात्रा भत्ता भी नहीं दिया जाता कर्मचारियों को आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें किसी प्रकार का यात्रा भत्ता (टीए) या दैनिक भत्ता (डीए) नहीं दिया जाता। प्रतिदिन 250 से 300 किलोमीटर का सफर तय करने से कर्मचारियों को मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को देखते हुए डेपुटेशन रद्द करने की अपील की। कर्मचारियों ने बताया कि हाल ही में जींद जिले से 30 कर्मचारियों की आवश्यकता थी, लेकिन कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के एसएमओ ने अपने कर्मचारियों को भिवानी भेजने से इनकार कर दिया, क्योंकि इससे उनके संस्थान का कार्य बाधित होता। केवल 7 से 8 कर्मचारी ही भेजे जा रहे फिलहाल केवल उचाना और अलेवा के कर्मचारियों को ही डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है। सीएमओ द्वारा रिलीव किए जाने के कारण कर्मचारियों को वहां जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। जहां 30 कर्मचारियों की आवश्यकता है, वहीं उचाना और अलेवा से केवल 7 से 8 कर्मचारी ही भेजे जा रहे हैं। इससे शेष कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ रहा है, क्योंकि उन्हें 30 कर्मचारियों का कार्यभार संभालना पड़ता है। इस संबंध में कल उचाना के एसएमओ और एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपे गए थे, जिसमें भिवानी डेपुटेशन रद्द करने की मांग की गई थी। अधिकारी बोले- ऊपर से आए आदेश उन्होंने बताया कि एसएमओ को जब ज्ञापन दिया गया, तो उन्होंने कहा कि जब ऊपर से आदेश आए हैं, तो वह (एसएमओ) उसका आदेश का पालन करेंगे, इसमें कुछ नहीं कर सकते। आज एक घंटा का सांकेतिक धरना दिया गया है। आगे की रणनीति बनाने के लिए कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत की जाएगी व आगे की फैसले लिए जाएंगे। सरकार के आदेशों का किया पालन- एसएमओ एसएमओ डा. सुशील गर्ग ने बताया कि आज के दिन के कर्मचारियों में एक घंटे तक प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि भिवानी डेपुटेशन रद्द किया जाए। उचाना सिविल हॉस्पिटल से चार कर्मचारी भेजे जा रहे हैं। यह कर्मचारी सिविल सर्चिंग के आदेशों पर भेजे जा रहे हैं। संस्था को चलाने के लिए अन्य कर्मचारियों के सहयोग से कार्यों को बांटा जाता है। कर्मचारी अपनी ड्यूटी इसलिए रद्द करवाना चाहते हैं, क्योंकि वहां पर किसी प्रकार का टीए/डीए नहीं दिया जाता है। ना ही किसी अन्य प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है। जिस कारण से कर्मचारियों को पारिवारिक रूप से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार के आदेशों का भी पालन करना होता है। अन्य संस्थाओं के एसएमओ क्या करते हैं, उनकी इन्हें जानकारी नहीं है। यहां से सरकार के अनुसार जो भी आदेश आते हैं, उनका पालन किया जाता है।
भोपाल में कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो के गुजरने को लेकर शुक्रवार को वक्फ बोर्ड में सुनवाई हुई। स्टे पर बहस के लिए 14 मई की तारीख तय की गई है। इसमें मेट्रो प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। बता दें कि मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर वक्फ संपत्तियों पर विवाद अब कानूनी हो गया है। भोपाल टॉकीज स्थित प्राचीन कब्रिस्तान के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन और नारियलखेड़ा की वक्फ जमीन पर निर्माण के खिलाफ कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में दो अलग-अलग प्रकरण दायर किए हैं। कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंसार उल हक और अधिवक्ता इब्राहिम सरवत शरीफ खान पैरवी कर रहे हैं। अधिवक्ता खान ने बताया कि दोनों मामलों में मेट्रो निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। शुक्रवार को मामले में सुनवाई की गई। जिसमें अगली सुनवाई की तारीख 14 मई निर्धारित की गई है। अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन पर यह विवाद पहले प्रकरण में हमीदिया रोड स्थित मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी, मुल्लाशाह और अन्य पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तान क्षेत्रों के नीचे से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन निकालने की योजना पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। याचिका में कहा गया है कि यह कब्रिस्तान न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि शहर के सबसे पुराने और बड़े कब्रिस्तानों में शुमार है, जहां हजारों की संख्या में कब्रें मौजूद हैं। कमेटी का दावा है कि प्रस्तावित मेट्रो लाइन से करीब एक एकड़ क्षेत्र सीधे प्रभावित हो सकता है, जिससे बड़ी संख्या में कब्रों के अस्तित्व और संरचना पर खतरा उत्पन्न होगा। यह भी आरोप लगाया गया है कि मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों ने अब तक इस क्षेत्र का विस्तृत नक्शा, तकनीकी रिपोर्ट या सुरक्षा आकलन सार्वजनिक नहीं किया है, जिससे आशंकाएं और बढ़ गई हैं। अधिवक्ता खान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग हाईकोर्ट के कई फैसलों में स्पष्ट किया गया है कि कब्रिस्तान की मूल प्रकृति (नयत) को किसी भी हालत में बदला नहीं जा सकता। उन्होंने दलील दी कि भले ही मेट्रो लाइन को अंडरग्राउंड बताया जा रहा हो, लेकिन कब्रिस्तान के नीचे खुदाई, सुरंग निर्माण और कंपन से वहां मौजूद कब्रों और धार्मिक ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है। नारियलखेड़ा: वक्फ जमीन पर ‘बिना अनुमति’ निर्माण का आरोप दूसरा मामला नारियलखेड़ा स्थित वक्फ निशात अफजा (वाके बाग) की जमीन से जुड़ा है, जहां मेट्रो निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। याचिका के अनुसार खसरा नंबर 88 की लगभग 11.93 हेक्टेयर भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में विधिवत दर्ज हैं, जिसका पंजीयन वक्फ रजिस्टर में मौजूद है और राजपत्र में भी प्रकाशित किया जा चुका है। कमेटी का दावा है कि इस जमीन का एक हिस्सा उनके प्रबंधन और नियंत्रण में है, बावजूद इसके मेट्रो कंपनी ने बिना अनुमति निर्माण कार्य शुरू कर दिया। वादी पक्ष ने आरोप लगाया है कि करीब 1.40 एकड़ वक्फ भूमि पर गड्ढे खोदकर पिलर निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौके पर भारी मशीनरी लगाकर सरिया डाला जा रहा है और बड़े पैमाने पर मिट्टी व निर्माण सामग्री का मलबा जमा किया गया है। कमेटी का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई न केवल वक्फ संपत्ति पर अतिक्रमण है, बल्कि इससे भूमि की मूल स्थिति को भी नुकसान पहुंच रहा है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेट्रो कंपनी को कई बार लिखित रूप से नोटिस देकर निर्माण कार्य से संबंधित नक्शा, स्वीकृति और अधिग्रहण की जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। वक्फ अधिकरण से हस्तक्षेप की मांगदोनों मामलों में वक्फ अधिकरण से मांग की गई है कि विवादित स्थलों पर मेट्रो निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए, अवैध निर्माण को हटाया जाए और वक्फ संपत्तियों की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए जाएं। इसी पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में 3.39Km अंडरग्राउंड रहेगी मेट्रो, दो स्टेशन बनेंगे भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट के लिए सोमवार से जमीन के अंदर 24 मीटर गहराई में खुदाई शुरू कर दी गई। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) के जरिए कुल 3.39 किलोमीटर लंबी सुरंग की खुदाई होगी। इसी में दो स्टेशन भी बनेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खुमारी इन दिनों पूरे देश में छाया हुआ है। रायपुर में भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। राजधानी के शहीद वीरनारायध सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में 10 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबला होना है। इस मुकाबले के टिकटों की भारी डिमांड है। ऑनलाइन बिक्री शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में अधिकांश टिकट सोल्ड आउट हो गए। इसके बाद अब ब्लैक मार्केट में टिकटों की कालाबाजारी शुरू हो गई है। 3 हजार 500 रुपए का टिकट 4 से 5 हजार रुपए तक में बेचा जा रहा है। दलाल ऑनलाइन पैसा भेजने पर तत्काल दो मिनट में टिकट भेजने का दावा कर रहे है। लोवर टिकट से लेकर सेमी हॉस्पिटैलिटी तक का टिकट कालाबाजारी के माध्यम से आसानी से उपलब्ध है। भास्कर स्टिंग में दलाल ने टिकट बेचने की बात स्वीकारी पुलिस की चेतावनी और निगरानी के बावजूद शहर में टिकट बेचने वाले सक्रिय हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने दो दिनों तक इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल की। स्टिंग ऑपरेशन के दौरान टीम ने टिकट ब्लैक करने वाले एजेंट से संपर्क किया। एजेंट ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम में आरसीबी वर्सेस एमआई रायपुर पेज के संचालक से संपर्क किया। टिकट की कालाबाजारी कर रहे दलाल ने पहले व्हाट्सएप चैट पर टिकट का प्रचार प्रसार किया। फिर चैटिंग शुरु करने पर एडवांस पैसा देने के लिए कहा। भास्कर रिपोर्टर ज्यादा पैसे देने के लिए तैयार हो गया तो टिकट दलाल ने अपना पसर्नल मोबाइल नंबर भेजा और बात करने के लिए कहा। देर रात होने पर रिपोर्टर ने फोन नहीं किया, तो टिकट दलाल का कॉल आया और उसने जल्द टिकट लेने की सलाह दी। रिपोर्ट ने अगले दिन बात करने के लिए कहा तो टिकट और महंगा हो जाएगा बोलकर जल्द से जल्द डिसीजन लेने की सलाह टिकट दलाल ने दी। पढ़े रिपोर्टर और टिकट दलाल के बीच बातचीत का अंश रिपोर्टर: टिकट अवलेबल है क्या? टिकट दलाल: हां जी। रिपोर्टर: कौन सा टिकट है? टिकट दलाल: लोवर स्टैंड 2 में है। 8 हजार का दो मिलेगा। एक लोगे तो 4200 का मिलेगा। अगर चाहिए तो जल्दी बताना। रिपोर्टर: पांच टिकट चाहिए? टिकट दलाल: थोडी महंगी वाली चलेगी। रिपोर्टर: कितने वाली? टिकट दलाल: 6 हजार वाली टिकट अवलेबल है। रिपोर्टर: कहां की टिकट है ये? टिकट दलाल: एक काम कीजिए? 3 ये वाली ले लीजिए? दो टिकट सस्ती वाली ले लीजिए? 6 हजार वाली लोवर स्टैंड 5 की टिकट है। रिपोर्टर: टिकट कैसे देंगे? टिकट दलाल: ऑनलाइन ट्रांसफर वाली टिकट है। आप जब पेमेंट करेंगे तो दो मिनट में टिकट आपको शेयर कर दूंगा। रिपोर्टर: टिकट ऑनलाइन ट्रांसफर करने पर दो बार से ज्यादा ट्रांसफर हुआ तो ब्लॉक हो जाएगा क्या? टिकट दलाल: अरे भरोसा रखिए भाई। अपना फोन नंबर दे रहा हूं आपको, कौन–कौन सा टिकट चाहिए बताइएगा? अपना फोन नंबर आप दीजिए। (रिपोर्टर को नंबर देने के बाद टिकट दलाल ने ऑनलाइन कॉल किया। ऑनलाइन कॉल रिसीव नहीं करने पर टिकट जल्दी खरीदने का मैसेज किया। ) पुलिस की सख्ती का भी असर नहीं रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से टिकट दलालों को चेतावनी जारी की थी। रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने लिखा था, कि आईपीएल में टिकट ब्लैक में बेचा या खरीदा तो जाओगे सलाखों के पीछे। भरोगे तगड़ा जुर्माना। खेल का मजा करोगे खराब तो करोंगे खुद को बदनाम। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला से दैनिक भास्कर टीम ने टिकट की कालाबाजारी को लेकर बात की। कमिश्नर डॉ. शुक्ला ने कहा, ब्लैक में टिकट बेचना अपराध है। अधिकृत शिकायत आते ही तत्काल एक्शन लिया जाएगा। सोशल मीडिया से टिकट बेचने की आड़ में कुछ लोग ठगी भी कर रहे है। इस तरह के लोगों से बचने की आवश्यकता क्रिकेट प्रेमियों को है। अब पढ़े टिकट और उसका मूल्य चार्ट से समझे स्टेडियम की किस लाइन में बैठना है टिकटधारियों को स्टेडियम में ये सामान ले जाने पर बैन स्टूल, छाता, रोलर, स्केट्स बोर्ड, हथियार, पटाखे, चाकू, तलवार, कैंची और अन्य धारदार वस्तुएं शामिल हैं। कांच के कंटेनर, बड़े बैग, सूटकेस, लेडीज बैग, लैपटॉप, कैमरा, लेजर लाइट, परफ्यूम स्प्रे, सिरिंज, पेन-पेंसिल, फुग्गे, लाठी, हॉकी स्टिक, झंडे, जानवर और प्रचार सामग्री भी प्रतिबंधित रहेगी। आईपीएल के लिए ट्रैफिक रूट तैयार मैच को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने रूट मैप तैयार किया है। जिन दर्शकों के पास कार पास होगा, वे तेलीबांधा और जीई रोड से सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होते हुए नवा रायपुर पहुंचेंगे। वहां से स्टेडियम टर्निंग, डॉ. चंदूलाल चंद्राकर चौक, कयाबांधा चौक, कोटराभाटा चौक, पलौद चौक और सेंध गांव मार्ग से स्टेडियम तक पहुंच सकेंगे। ऐसे दर्शकों के लिए स्टेडियम परिसर में ए, बी, सी, डी और ई पार्किंग निर्धारित की गई है। सुरक्षा के मद्देनजर शराबियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। हर एंट्री गेट पर जांच मशीनें लगेंगी। इन आसान रास्तों से पहुंच सकेंगे स्टेडियम वैध पास पर ही प्रवेश दर्शकों से कहा गया है कि वे समय से पहले स्टेडियम पहुंचे, टिकट पर अंकित गेट का पालन करें और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। वैध टिकट या पास धारकों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
भिण्ड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को जिला पंचायत कार्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान छह कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों का आधे दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और कार्यालयों में अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। अनुपस्थित कर्मचारियों पर सैलरी काटने की कार्रवाई कलेक्टर मीणा सुबह जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का अवलोकन किया, जिसमें छह कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस पर उन्होंने जिला पंचायत अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय कार्यालयों में समयपालन और जवाबदेही बेहद जरूरी है तथा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साफ-सफाई व्यवस्था की सराहना की निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था भी देखी। कार्यालय में स्वच्छता व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने कर्मचारियों की सराहना की, साथ ही नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। रिकॉर्ड मेंटेनेंस पर दिया जोर विभिन्न शाखाओं में रखे अभिलेखों और फाइलों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने रिकॉर्ड मेंटेनेंस बेहतर रखने और दस्तावेजों को व्यवस्थित ढंग से संधारित करने के निर्देश दिए। आधे दिन का वेतन काटने के निर्देश दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि निरीक्षण में अनुपस्थित मिले कर्मचारियों का आधे दिन का वेतन काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यालय में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक मिली है, जबकि रिकॉर्ड मेंटेनेंस पर और अधिक ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के विरोध में 11 मई को एक ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। किसान महापंचायत के तत्वावधान में यह रैली ग्राम गोनेड़ा से जिला कलेक्ट्रेट तक 101 ट्रैक्टरों के साथ निकाली जाएगी। इस ट्रैक्टर रैली में किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में देश और प्रदेश के कई किसान नेता शामिल होंगे। तैयारियों को लेकर गांवों का दौरा किया रैली की तैयारियों के तहत, किसान महापंचायत के जिलाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने आज कोटपूतली तहसील के कई गांवों का दौरा किया। इनमें मोरदा, पनियाला, कालूहेड़ा, मोलाहेड़ा, खेड़की मुक्कड़, रामसिंहपुरा और चिमनपुरा शामिल हैं। जिलाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी ने सभी किसानों से अपने ट्रैक्टरों के साथ रैली में शामिल होने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़, जिला उपाध्यक्ष शहमाल सिंह, जिला सहसचिव हवलदार उमराव सिंह और कोटपूतली तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बीकानेर शहर के रोशनी घर चौराहे पर शुक्रवार को चलती ओला इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। कुछ ही देर में स्कूटी पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। स्कूटी सवार समय रहते नीचे उतर गया, जिससे वह सुरक्षित बच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने मशक्कत कर आग बुझाई। घटना के दौरान कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित रहा। चलते-चलते स्कूटी में लगी आग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक स्कूटी रोशनी घर चौराहे से गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग फैल गई। स्कूटी सवार ने तुरंत स्कूटी रोकी और खुद को सुरक्षित बाहर निकाला। लोगों ने मिलकर बुझाई आग घटना के बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारण कुछ देर तक वहां ट्रैफिक की आवाजाही भी प्रभावित रही। बैटरी सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल घटना के बाद एक बार फिर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरी सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हाल के दिनों में तेज गर्मी के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं। बीकानेर में इससे पहले भी वाहनों में आग लगने के मामले सामने आ चुके हैं।
भोपाल के परवलिया इलाके में रहने वाली मासूम बिना चप्पल पहने घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोस के घर की बिजली की लाइन का एक तार आंधी के कारण टूट कर जमीन पर गिरा हुआ था। जिस पर बच्ची का पांव लगते ही उसे करंट लग गया, अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसा गुरुवार शाम का है, जबकि शुक्रवार को पीएम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। सूफिया खान पिता ऐजाज खान (7) नई बस्ती झिरनिया कल दिन में घर के करीब बच्चों के साथ खेल रही थी। एक घर का तार टूटा पड़ा था। जिस पर बच्ची का पांव लगा तो उसे करंट लग गया। इससे वह बुरी तहर से झुलस गई, आनन फानन में बच्ची को अस्पातल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूफिया गांव के सरकारी स्कूल क्लास की छात्रा थी। परिवार में मां पिता के अलावा उसके एक बहन और एक भाई हैं, वह घर में सबसे छोटी थी। उसके पिता मजदूरी करते हैं। बच्ची के हाथ भी बुरी तरह से झुलसे मृतका के पिता ऐजाज ने बताया कि बच्ची के पांव में खेलते समय चप्पल नहीं थीं। पहले उसके पांव में करंट लग। बच्ची ने पांव से तार को हटाने का प्रयास किया तो उसके हाथ में भी करंट लगा। करंट के कारण उसका शरीर नीला हो चुका था। परिवार वालों ने उसे अस्पातल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बालाघाट के वारासिवनी थाना क्षेत्र के चंदोरी में शुक्रवार नवविवाहिता का शव फांसी पर मिला। जानकारी मिलते ही एसडीओपी अभिषेक चौधरी, थाना प्रभारी पवन यादव और बालाघाट से पहुंची एफएसएल टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल वारासिवनी भिजवा दिया गया। मामला नवविवाहिता की मौत से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। मृतिका अनेश्वरी के मायके पक्ष के परिजनों ने उसके पति राकेश सोनवाने पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि पति ने ही अनेश्वरी के साथ मारपीट कर उसे फांसी पर लटका दिया। पति बोला-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की पति राकेश सोनवाने ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उसने ही पत्नी को फांसी पर लटका देखने के बाद फंदे को काटकर नीचे उतारा था। परिजनों को सुबह अनेश्वरी की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे तो वह मृत पाई गईं। चाचा बोले-पति शराब पीकर पीटता था मृतिका के चाचा पूरनलाल कोहरे ने बताया कि अनेश्वरी का विवाह राकेश से साल 2021 में हुआ था। शादी के कुछ समय बाद तक दोनों के संबंध अच्छे रहे, लेकिन बाद में पति की मारपीट के कारण अनेश्वरी परेशान रहने लगी थी। पति के शराब पीकर आने और मारपीट करने के कारण कई बार सामाजिक और पंचायत स्तर पर बैठकें भी हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भतीजी के साथ मारपीट कर उसके पति ने उसकी हत्या की और फिर आत्महत्या दिखाने के लिए उसे फांसी पर लटका दिया। एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले में जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
GPM में अवैध कोयला परिवहन पर कार्रवाई:खनिज विभाग ने 2 ट्रेलर जब्त किए, इस सप्ताह 11 वाहन पकड़े गए
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अवैध कोयला परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने देर रात जांच के दौरान अवैध रूप से कोयला ले जा रहे दो ट्रेलर वाहनों को जब्त किया। इन पर लगभग 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस सप्ताह विभाग ने कुल 11 वाहनों पर कार्रवाई की है, जिनमें हाइवा और ट्रैक्टर भी शामिल हैं। यह कार्रवाई कोटमी अड़भार क्षेत्र में की गई। खनिज विभाग की टीम ने कोयला परिवहन करने वाले वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाया। इसी दौरान कोयले से भरे दो ट्रेलर वाहन (MP19ZF2103 और MP18ZF2118) को रोका गया। वाहन चालकों से ई-ट्रांजिट पास मांगे गए। पास में कोयला लोडिंग स्थल मां तारा ट्रेडर्स रतनपुर, जिला बिलासपुर दर्ज था। कुसमुंडा किया था कोयला लोड हालांकि पूछताछ में चालकों ने बताया कि कोयला कुसमुंडा से लोड किया गया था। दस्तावेजों और वास्तविक जानकारी में यह अंतर पाए जाने पर विभाग ने इसे चोरी का कोयला मानते हुए कार्रवाई की। खनिज विभाग ने खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 की धारा 21(1) और 21(5) के तहत अवैध कोयला परिवहन का मामला दर्ज किया है। दोनों जब्त ट्रेलरों को पुलिस लाइन अमरपुर में खड़ा कराया गया है। विभाग ने बताया है कि जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
हरियाणा के हांसी में शुक्रवार तड़के हांसी-दिल्ली नेशनल हाईवे पर एक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में गाड़ी ड्राइवर उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के भवानीपुर गांव के करीब 30 वर्षीय शाहरून की मौके पर ही मौत हो गई। शाहरून भिवानी से हरिद्वार के लिए गाड़ी लेकर जा रहा था। शुक्रवार तड़के करीब ढाई से तीन बजे के बीच उसकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हुई। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। बस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर हांसी के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। शव देख भाई की बिगड़ी तबीयत जानकारी देते हुए परिजनों ने बताया कि शाहरून की शादी करीब एक साल पहले हुई थी और उसकी कोई संतान नहीं थी। उसके परिवार में पत्नी, मां और दो भाई हैं। मृतक के भाई के अनुसार, शाहरून ईद पर घर आया था और कुछ दिनों बाद फिर घर जाने की योजना बना रहा था। शाहरून का शव देखकर उसके बड़े भाई की तबीयत बिगड़ गई, परिजनों ने उन्हें संभाला। ट्रांसपोर्ट कंपनी में करता था काम शाहरून जिस ट्रांसपोर्ट कंपनी के लिए काम करता था, उसी कंपनी की एक अन्य गाड़ी उससे कुछ दूरी आगे चल रही थी। उस गाड़ी ड्राइवर नसीब ने बताया कि हादसा तड़के करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुआ। उन्होंने बताया कि पीछे चल रही गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, लेकिन हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने परिजनों के लिए बयान परिजनों को हादसे की सूचना करीब साढ़े तीन बजे फोन पर मिली। बस थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और सामान्य अस्पताल में परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
उदयपुर में बर्थडे पार्टी कर घर लौट रहे कार सवार युवकों के साथ बदमाशों ने बेरहमी से मारपीट कर दी। पहले तो बदमाशों ने कार को ओवरटेक करके उनकी कार के आगे खुद की कार लगाई। फिर कार में सवार तीनों युवकों को खींचकर नीचे उतारा। सरिए, बेस बॉल और डंडे से मारपीट शुरू कर दी। हमले में तीनों युवक बुरी तरह घायल हो गए। जिन्हें पास के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज जारी है। घटना सवीना थाना इलाके में 5 मई की देर रात नेशनल हाईवे-48 पर गीतांजलि हॉस्पिटल के पास की है। घटना का अब एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें बदमाश बीच सड़क युवकों को डंडों से पीटते दिखाई दे रहे हैं। रास्ते में एक-दूसरे पर कमेंट करते आ रहे थे सवीना थानाधिकारी गजवीर सिंह ने बताया कि कार सवार युवक निखिल राज सिंह राजावत, शुभम थाडा और अभिषेक राठौड़ अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी पार्टी में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। तभी रास्ते में किसी अन्य कार सवार से ओवरटेक को लेकर इनकी बहस हो गई। रास्ते में ये दोनों एक-दूसरे पर कमेंट भी करते आ रहे थे। तभी अज्ञात युवक ने पीड़ित को रोका और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। तीनों युवक हस्पिटल में भर्ती शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास सीसीटीवी खंगाले और कार के नंबर से बदमाशों की पहचान की, जिनकी गिरफ्तारी के पुलिस की टीमें लगी हैं और आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। घटना में घायल निखिल राज के सिर में गंभीर चोट लगी। वहीं, शुभम के पैर की हड्डी की टूट गई। अभिषेक के हाथ-पैर में चोट लगी है। तीनों को निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।
लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र में जुग्गौर हाईवे पर गुरुवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान बीबीडी के जुग्गौर गांव के रमेश यादव के बेटे सुमित कुमार यादव (25) के रूप में हुई। जानकारी के मुताबिक, सुमित अपने साथी उमेश यादव के साथ गुरुवार रात करीब 9 बजे बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान जुग्गौर हाईवे पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पेंटिंग करता था सुमित स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सुमित को मृत घोषित कर दिया। उमेश यादव का इलाज चल रहा है। मृतक के भाई पवन कुमार यादव ने बताया कि सुमित पेंटिंग का काम करता था। परिवार में पिता रमेश यादव और तीन भाई हैं। भाइयों में सबसे बड़ा अंकुर यादव, फिर सुमित था और सबसे छोटा अमन यादव है। सुमित की मौत से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर स्मरण समारोह:एनसीसी ने उदयपुर में शहीदों को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) समूह मुख्यालय उदयपुर के देखरेख में 5 राजस्थान गर्ल्स बटालियन एनसीसी द्वारा शुक्रवार को टाउन हॉल में ऑपरेशन सिंदूर की प्रथम वर्षगांठ पर एक स्मरण समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम 5 राजस्थान गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल एम.एस. रावत के निर्देशन में संपन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। एनसीसी के लगभग 100 कैडेट्स ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में 5 राजस्थान गर्ल्स बटालियन एनसीसी के लगभग 100 कैडेट्स, 5 एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) और 15 जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लेफ्टिनेंट कर्नल एम.एस. रावत ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए उन्हें देश सेवा, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा दी। इस समारोह के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रीय गौरव और सैन्य भावना के संचार का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।
फरीदाबाद जिले के फरीदपुर गांव स्थित सेक्टर-78 की भूमिया कॉलोनी में जर्जर बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर के कारण स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं। कॉलोनी में लगे बिजली के एच-पोल खंभों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कॉलोनी के कृष्ण कुमार ने बताया कि उनकी कॉलोनी में बिजली विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर के साथ एक एच-पोल बिजली का खंभा लगाया गया है, जिसमें काफी दरारें आ चुकी हैं। इसके अलावा कॉलोनी में ऐसे तीन एच-पोल खंभे हैं जो जर्जर अवस्था में खड़े हैं और कभी भी गिर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर फरवरी महीने में खेड़ी कला सब-डिवीजन के बिजली विभाग में लिखित शिकायत दी गई थी। विभाग द्वारा शिकायत रिसीव भी कर ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद अभी तक खंभों को बदलने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। घरों के ऊपर से गुजर रही केबल स्थानीय लोगों का कहना है कि जर्जर खंभों के कारण आसपास रहने वाले लोगों में डर बना हुआ है। अगर समय रहते इन खंभों को नहीं बदला गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी की गली नंबर-5 में बिजली की केबल घरों के ऊपर से गुजर रही है, जिससे छोटे बच्चों और लोगों को करंट लगने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि इन तारों को ऊंचाई पर किया जाए और जर्जर हो चुके खंभों को जल्द से जल्द बदला जाए। टीम भेजकर कराया जाएगा निरीक्षण- SDO वहीं मामले में खेड़ी कला सब-डिवीजन के एसडीओ सुनील कुमार चावला ने बताया कि फरीदपुर गांव में लोगों की शिकायत उन्हें मिली है और इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही टीम भेजकर मौके का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी खंभे खराब हालत में हैं, उन्हें बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रतापगढ़ जिला प्रशासन ने लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा 2026 के आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा जिले में 9 और 10 मई 2026 को विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश पंड्या की उपस्थिति में उप समन्वयक, केंद्राधीक्षकों, अतिरिक्त केंद्र अधीक्षकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मुख्य प्रशिक्षक दीपक पंचोली ने परीक्षा संचालन, गोपनीयता, प्रश्न पत्र वितरण, सामग्री संधारण, अभ्यर्थियों की जांच और सावधानियों पर विस्तृत जानकारी दी। 9 मई को 22 केंद्रों पर परीक्षा जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल ने बताया कि 9 मई 2026 को जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर एक पारी में परीक्षा होगी। इनमें 7 राजकीय और 15 गैर-राजकीय शिक्षण संस्थान शामिल हैं। वहीं 10 मई 2026 को 25 परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस दिन 10 राजकीय और 15 गैर-राजकीय शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। 9 मई की परीक्षा के सभी केंद्र प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर स्थित हैं। 10 मई को 23 केंद्र प्रतापगढ़ में और 2 केंद्र नागदेड़ा व अरनोद में स्थापित किए गए हैं। 9 मई की परीक्षा के लिए 6038 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं, जबकि 10 मई की परीक्षा में 6761 अभ्यर्थी शामिल होंगे।परीक्षा सामग्री की सुरक्षा और वितरण की जिम्मेदारी कोषाधिकारी को सौंपी गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्राधीक्षकों और गैर-राजकीय परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त केंद्राधीक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र में शादी के नाम पर 3 लाख 10 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। तलावड़ा गांव के एक परिवार को शादी कराने का झांसा देकर यह राशि ऐंठी गई। पुलिस ने इस मामले में एक युवती, उसके कथित प्रेमी और एक बिचौलिए के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया है। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक फरार है। गैंग ने शादी के नाम पर फंसाया पुलिस के अनुसार, तलावड़ा निवासी रामप्रसाद तंवर अपने छोटे भाई ग्यारसीराम की शादी के लिए लड़की तलाश रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात रिश्तेदारी के माध्यम से ग्राम कोयला निवासी राजू तंवर से हुई। राजू ने उन्हें एक युवती से शादी कराने का आश्वासन दिया और बाद में रामप्रसाद को रंजना सिरोनिया और गोविंद सौंधिया से मिलवाया। जेवर और खर्च के नाम पर मांगे पैसे आरोप है कि रंजना ने खुद को पति से अलग रह रही महिला बताया, जबकि गोविंद को उसका भाई बताया गया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने शादी से पहले जेवर बनवाने और अन्य खर्चों के नाम पर पैसे की मांग की। परिवार ने विश्वास कर अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 10 हजार रुपये दे दिए। बताया गया कि गोविंद पैसे लेकर जेवर खरीदने की बात कहकर चला गया और फिर वापस नहीं लौटा। इसी बीच रंजना ने ग्यारसीराम के साथ बोरकापानी मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद वह तलावड़ा स्थित ससुराल भी पहुंची और वहां एक रात रुकी। खुद पुलिस को दी सूचना अगले ही दिन रंजना ने खुद पुलिस को फोन कर सूचना दी कि उसे बंधक बनाकर रखा गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि शादी और बंधक बनाए जाने की पूरी कहानी कथित रूप से पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। पुलिस के मुताबिक योजना के तहत पहले शादी कर परिवार से रुपये ऐंठे गए और बाद में पुलिस बुलाकर वहां से निकलने की तैयारी थी। मामले में खिलचीपुर पुलिस ने रामप्रसाद तंवर की शिकायत पर रंजना सिरोनिया निवासी चाटूखेड़ा हाल निवासी इंग्ले कॉलोनी राजगढ़, गोविंद सौंधिया और राजू तंवर के खिलाफ जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।
इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित बायपास पर देर रात हुए सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक को किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी थी। गंभीर हालत में राहगीरों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान अशोक निवासी मूसाखेड़ी के रूप में हुई है। वह मूल रूप से खंडवा जिले का रहने वाला था और इंदौर में ड्राइवरी का काम करता था। बताया जा रहा है कि देर रात वह बाइक से कहीं जा रहा था। इसी दौरान फीनिक्स सिटी के सामने तेज रफ्तार वाहन ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने घायल हालत में पड़े युवक को देखा और एंबुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल पहुंचाया। देर रात युवक के पास मिले मोबाइल और दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया। कनाड़िया पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। गंभीर बीमारी के तनाव में महिला ने पीया एसिड, इलाज के दौरान मौत इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने गंभीर बीमारी और मानसिक तनाव के चलते आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला ने घर में एसिड पी लिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक दुर्गा कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय ललिता पति मूलचंद जोशी ने बुधवार को अपने घर में एसिड पी लिया था। हालत बिगड़ने पर बेटे ने उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। गुरुवार को डॉक्टरों ने उन्हें एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया, जहां रात में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि दीपावली के समय ललिता गंभीर बीमारी से पीड़ित थीं और उनका ऑपरेशन भी हुआ था। ऑपरेशन के बाद भी उन्हें लगातार यह डर बना हुआ था कि उनका इलाज सही तरीके से नहीं हुआ। इसी बात को लेकर वह पिछले करीब छह महीने से तनाव में थीं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी क्षेत्र में किन्नर समाज की ओर से दो अलग-अलग शपथ पत्र जारी कर समाजिक गतिविधियों और क्षेत्राधिकार को लेकर अपनी बात रखी गई है। किन्नर समाज की ओर से दिए गए ये शपथपत्र क्षेत्र में चर्चा का विषय भी बने हुए हैं। शपथ पत्र में रचना महंत किन्नर ने स्वयं को गुरु प्रेमबाई, गुरु बुलबुल बाई एवं गुरु चम्पा बाई की शिष्या बताते हुए महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, नांगल सिरोही, आकोदा, पाली सहित आसपास के क्षेत्रों में बधाई लेने और समाजिक कार्य करने की जानकारी दी है। खुशियों में होते शामिल शपथ पत्र में कहा गया है कि किन्नर समाज का मुख्य कार्य लोगों की खुशियों में शामिल होकर बधाई देना और क्षेत्र की खुशहाली के लिए कार्य करना है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि उनके साथ जुड़े शिष्य विभिन्न क्षेत्रों में समाज की परंपरा के अनुसार बधाई स्वरूप राशि प्राप्त कर अपना जीवन यापन करते हैं। कई समाजों का दिया हवाला दूसरे शपथ पत्र में व्यापार मंडल, अग्रवाल सभा, पंजाबी कल्याण सभा, ब्राह्मण क्षेत्रीय सभा, यादव सभा, सैनी सभा और अन्य सामाजिक संस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उनके समूह का कोई भी सदस्य समाज की इच्छा के विरुद्ध नेग प्राप्त नहीं करेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि समूह में केवल किन्नर समाज से जुड़े सदस्य ही शामिल होंगे। कई करते हैं परेशान शपथ पत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा परेशान किए जाने का भी उल्लेख किया गया है तथा प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की गई है।
कोंडागांव में 7 मई को बेमौसम बारिश के कारण तेन्दूपत्ता संग्रहण कार्य बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से जंगलों में सूखने के लिए रखी हजारों गड्डियां भीग गई हैं, जिससे शासन को लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, संग्राहकों को इसका सीधा नुकसान नहीं होगा, क्योंकि उन्हें तय दर पर भुगतान किया जा रहा है। दो साल पहले तक तेन्दूपत्ता खरीदी ठेकेदारों के माध्यम से होती थी, लेकिन अब यह कार्य शासन स्वयं कर रहा है। वर्तमान में एक मानक बोरा तेन्दूपत्ता 5500 रुपए में खरीदा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अपने पूरे परिवार के साथ जंगलों में जाकर पत्ते तोड़ने, गड्डियां बनाने और उन्हें सुखाने का काम करते हैं, जिसे वे 'हरा सोना' मानते हैं। बारिश में भीगीं हजारों तेन्दूपत्ता गड्डियां सुबह से शाम तक की मेहनत से तैयार की गई ये गड्डियां खुले मैदानों में सुखाई जाती हैं। मुलमुला रेंज सहित आसपास के कई इलाकों में हजारों गड्डियां बारिश में भीग चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, एक बार भीगने के बाद तेन्दूपत्तों को पूरी तरह सुखाना मुश्किल हो जाता है, जिससे उनमें सड़न शुरू हो सकती है और गुणवत्ता प्रभावित होती है। सरकारी तंत्र पर बढ़ा नुकसान का असर इस बार नुकसान का सबसे बड़ा असर शासन पर पड़ रहा है, क्योंकि खरीदी की जिम्मेदारी अब सरकारी तंत्र के पास है। तेन्दूपत्ता खरीदी कार्य को संभालने के लिए सचिव, रोजगार सहायक, फड़ मुंशी, अधिकारी और वन अमले सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी लगाए गए हैं। केवल कोंडागांव वनमंडल में ही करीब 700 कर्मचारी इस कार्य में तैनात हैं। वन विभाग बोला- भीगे पत्तों को सुखाने की कोशिश जारी वनमंडलाधिकारी चुनामणि सिंह ने बताया कि इस वर्ष कोंडागांव वनमंडल में 19 हजार 500 मानक बोरा तेन्दूपत्ता खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक लगभग 50 प्रतिशत खरीदी हो चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि बारिश के कारण पत्तों को सुरक्षित रखने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन वन अमला भीगे पत्तों को दोबारा सुखाने का प्रयास कर रहा है।
हरियाणा के हांसी में उमरा रोड स्थित लाल हुकुमचंद जैन पार्क के पास एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान शांति निकेतन कॉलोनी के 29 वर्षीय प्रदीप कुमार यादव के रूप में हुई है। प्रदीप अविवाहित था और कंप्यूटर सेंटर में पढ़ाई कर रहा था। जानकारी के अनुसार, प्रदीप बुधवार शाम करीब 6 बजे घर से निकला था। उसने परिजनों को बताया था कि उसके दोस्त का फोन आया है और वह किसी काम से उसके पास जा रहा है। इसके बाद वह देर रात तक वापस घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। शव के पास नहीं मिले फोन-बाइक परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब साढ़े आठ बजे प्रदीप का शव उमरा रोड पर लाल हुकुमचंद जैन पार्क की दीवार के पास संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई ने बताया कि प्रदीप घर से अपनी बाइक और मोबाइल फोन लेकर गया था। शव के पास न तो बाइक मिली और न ही मोबाइल। हालांकि, पुलिस कर्मचारियों के अनुसार, उसकी बाइक रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर ली गई है, जबकि मोबाइल फोन अभी तक लापता है। पिता आर्मी से रिटायर्ड जानकारी के मुताबिक, मृतक प्रदीप के पिता रामपाल आर्मी से रिटायर्ड थे, जिनका करीब दो वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार पहले ही पिता को खोने का दुख झेल चुका था और अब प्रदीप की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि दो भाइयों में छोटा प्रदीप नौकरी की तैयारी कर रहा था और पढ़ाई में जुटा हुआ था। उसकी अचानक मौत से परिवार सदमे में है। मौत के कारणों का नहीं खुलासा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों की जांच में जुट गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर हांसी के सामान्य अस्पताल में रखवाया, जहां पोस्टमार्टम की तैयारी की जा रही है। जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। परिजनों की जांच की मांग वहीं परिजनों ने मामले की गहन जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि प्रदीप के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि उसे किसका फोन आया था और घर से निकलने के बाद वह किन-किन लोगों के संपर्क में रहा।
आगरा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रिकवरी इंस्पेक्टर ने गुरुवार की शाम 6 बजे ऑफिस की 7वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। इंस्पेक्टर की पहचान 48 साल के सुरेश चंद्र मौर्य के रूप में हुई। मौत की सूचना पर पत्नी और बेटा मौके पर पहुंचे। पति का शव देखकर पत्नी अलका बेसुध हो गईं। शव के पास रोते-रोते उन्होंने अपनी चूड़ियां तोड़ दीं। मगर, बेटा सूरज गुस्से से भर गया। पिता के शव के पास वो गुस्से में अपशब्द बोलने लगा। वहां मौजूद लोगों ने उसे संभाला। सुरेश ने 4 साल पहले भी जहर खाकर सुसाइड की कोशिश की थी। गुरुवार शाम 5 बजे ऑफिस बंद हो चुका था। कर्मचारी भी जा चुके थे। इसके बाद सुरेश मौर्य स्कूटर से आए। उन्होंने गाड़ी पार्किंग में खड़ी की, फिर ऑफिस के अंदर चले गए। उस वक्त गेट पर गार्ड लोकेंद्र मौजूद था। 15 मिनट बाद बिल्डिंग से किसी के गिरने की आवाज आई। गार्ड दौड़कर पहुंचा तो उसे फर्श पर सुरेश पड़े मिले। उनकी मौत हो चुकी थी। आज शुक्रवार दोपहर पोस्टमॉर्टम होगा। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार और रिश्तेदार लोग पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद हैं। 3 तस्वीरें देखिए… 28 साल से आगरा में थी तैनातीइंस्पेक्टर सुरेश चंद्र मौर्य, पत्नी अलका और दो बच्चों के साथ शास्त्रीपुरम में रहते थे। बेटी दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रही है। बेटा सूरज बीटेक कर रहा है। पुलिस की सूचना पर पत्नी अल्का और बेटा सूरज मौके पर पहुंचे। अल्का का रो-रोकर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर सुरेश 28 साल से आगरा में तैनात थे। उन्हें पहली पोस्टिंग यहीं मिली थी। आगरा में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का ऑफिस थाना हरिपर्वत स्थित संजय प्लेस में है। सुरेश की मौत की खबर पाकर साथी कर्मचारी भी पहुंचे। उनका कहना है कि सुरेश मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। 2022 में भी किया था सुसाइड अटेम्प्ट2022 में सुसाइड अटेम्प्ट किया था। उस टाइम उन्होंने जहर खाया था। तब उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। साथी कर्मचारियों ने बताया- सुरेश चंद्र किसी से ऑफिस में बात नहीं करते थे। वह बिल्कुल अकेला रहना पसंद करते थे। उनकी कोई परिवारिक समस्या थी। आज ऑफिस में 2:00 बजे तक ही काम हुआ था। विरोध प्रदर्शन के चलते 2 बजे के बाद काम ठप कर दिया गया था। इसके बाद ऑफिस में कोई नहीं था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- सुरेश चंद मौर्या पहले स्टेनो थे। प्रमोशन के बाद आयकर निरीक्षक बन गए थे। वह गुरुवार को ड्यूटी पर भी नहीं आए थे। शाम को 5:30 बजे परिजन से कहा था कि काम से ऑफिस जा रहा हूं। आशंका है कि उन्होंने सातवीं मंजिल से कूदकर जान दी है। इसके पीछे पारिवारिक कलह बताई गई है। वह तनाव में रहते थे। उनका डॉक्टर यूसी गर्ग से उपचार भी चल रहा था। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- सगाई टूटने पर योगी को धमकी, बम से उड़ा दूंगा: शाहजहांपुर का सफाईकर्मी गिरफ्तार, लड़की के भाई को फंसाना चाहता था सगाई टूटने पर शाहजहांपुर के युवक ने सीएम योगी को बम से उड़ाने की धमकी दे दी। लड़की के भाई को फंसाने के लिए उसने व्हाट्सएप और फेसबुक पर धमकी भरा पोस्ट किया। आरोपी ने धमकी के साथ लड़की के भाई का नंबर टैग कर दिया। प्रयागराज पुलिस ने गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा कि पूछताछ में उसने जुर्म कुबूल कर लिया। पढ़ें पूरी खबर…
डीडवाना-कुचामन जिले में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। जनगणना के पहले चरण 'मकान सूचीकरण और आवास जनगणना' के तहत आमजन से स्वगणना एप के माध्यम से जानकारी साझा करने की अपील की जा रही है। इसके साथ ही जिलेभर में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। जिला प्रशासन ने इसे राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताते हुए नागरिकों से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया है। 'पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना'जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बताया कि जनगणना पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी। प्रगणक मोबाइल एप के जरिए घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 15 मई तक स्वगणना की प्रक्रिया जारी है, जिसमें नागरिक स्वयं मोबाइल एप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कलेक्टर मीणा ने बताया कि जनगणना में मकान, मोबाइल, फ्रिज, टीवी, वाहन सहित विभिन्न घरेलू सुविधाओं और संसाधनों से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना एप का उपयोग कर सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना का कार्य सटीक रूप से पूरा हो सके। उन्होंने जोर दिया कि जनगणना के आंकड़े सरकार की भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों का आधार बनते हैं। 16 से 30 मई तक चलेगा पहला चरणइस बीच जनगणना के पहले चरण के लिए जिले के विभिन्न ब्लॉकों में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू हो गया है। मास्टर ट्रेनर गोपाल गांधी ने बताया कि पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 16 मई से 30 मई तक चलेगा। वहीं, दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य देशभर में एक साथ संपन्न कराया जाएगा।
लुधियाना नगर निगम ने बुड्ढा दरिया में गोबर गिराने वाले डेयरी संचालकों पर सख्ती करनी शुरू कर दी है। बुड्ढा दरिया में गोबर युक्त पानी गिराने वालों पर भी निगम FIR दर्ज कर रहा है। निगम की सख्ती के बाद डेयरी संचालकों के सामने गोबर ठिकाने लगाने का संकट पैदा हो गया। वहीं शुक्रवार को अकाली पार्षद कमल अरोड़ा डेयरी संचालकों के साथ गोबर की ट्रालियां लेकर नगर निगम जोन डी दफ्तर पहुंचे। पार्षद ने निगम के गेट पर गोबर गिराया और उसके बाद पंजाब सरकार, नगर निगम व संत सीचेवाल के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान वह री बिछाकर डेयरी संचालकों के साथ धरने पर बैठ गए। गोबर के लिए कोई व्यवस्था नहीं की उनका कहना है कि नगर निगम ने डेयरी संचालकों के गोबर के लिए कोई व्यवस्था नहीं की और उनके खिलाफ अब पर्चे दर्ज करने लगे हैं। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम ने 45 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया है, लेकिन उसके बावजूद गोबर नहीं उठाया जा रहा है। पशुओं को नहलाने के बाद पानी कहां जाएगा, इसकी व्यवस्था तो नगर निगम को ही करनी है। उन्होंने हमारे पानी की निकासी रोक दी है। पार्षद बोले-गोबर के लिए व्यवस्था करे सरकार कमल अरोड़ा ने बताया कि उनके वार्ड में ताजपुर डेयरी कॉम्पलेक्स में 160 से ज्यादा डेयरियां हैं। नगर निगम ने डेयरियों के गोबर व पानी के ट्रीटमेंट के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। उनका आरोप है कि डेयरी कांप्लेक्स में तीन से चार फुट पानी भरा हुआ है। जो प्लांट लगाया है उसमें पानी नहीं जा रहा है। सीधे कनेक्शन काट दिए नगर निगम ने डेयरी वालों के साथ मीटिंग नहीं की और सीधे उनके कनेक्शन काट दिए। संत सीचेवाल खुद की वाहवाही के लिए ये सब करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी वाले भी चाहते हैं कि दरिया में गंदा पानी न जाए। इसके लिए नगर निगम ट्रीटमेंट प्लांट बनाएं। सरकार डेयरी कांप्लेक्स को उजाड़कर यहां पर कॉलोनी काटने की कोशिश कर रही है। ऐसा होने नहीं दिया जाएगा। कमल अरोड़ा ने कहा कि आज सांकेतिक तौर पर दो ट्रालियां लेकर आए हैं। कल 20 ट्रॉलियां लेकर आएंगे और उसके बाद सारा गोबर यहीं लाकर रखेंगे। इसके लिए सीधे तौर पर निगम जिम्मेदार है। नगर निगम का गेट तोड़ने की कोशिश पार्षद डेयरी संचालकों के साथ जब जोन डी दफ्तर पहुंचे तो कर्मचारियों ने गेट बंद कर दिया और पुलिस बुला दी। डेयरी संचालकों ने जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश की और इस दौरान नगर निगम के गेट को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने उसके बाद सभी को पीछे कर दिया। जरूरत से ज्यादा पानी यूज कर रहे डेयरी संचालक नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों का कहना है कि ताजपुर डेयरी कॉम्पलेक्स में ईटीपी लगाया गया है। हालांकि डेयरी संचालक जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसकी वजह से ईटीपी ओवरलोड हो रहा है। उनका कहना है कि प्रदर्शन करने वालों को बैठक के लिए बुलाया गया है। बुड्ढा दरिया को गंदा करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
बीडीपीओ के खिलाफ धरना देने वाली फतेहाबाद पंचायत समिति की चेयरर्पसन पूजा चराईपोत्रा को प्रदेश सरकार द्वारा नई जिम्मेदारी दी गई है। चेयरपर्सन पूजा चराईपोत्रा को पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के अंतर्गत काम करने वाली स्वायंत संस्था हरियाणा रूरल रोड्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवेलपमेंट एजेंसी का कार्यकारी सदस्य नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) का भी सदस्य मनोनीत किया गया है। सरकार द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को लेकर पूजा चराईपोत्रा ने बीजेपी जिला कार्यालय में पहुंचकर जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा के माध्यम से प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। बता दें कि, चेयरपर्सन पूजा 27 अप्रैल को बीडीपीओ भजनलाल के खिलाफ धरने पर बैठ गई थी। चौथे दिन सरपंच एसोसिएशन के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया था। बाद में बीडीपीओ भजनलाल का ट्रांसफर सिरसा जिले में कर दिया गया था। जानिए… क्या है एजेंसी का काम हरियाणा रूरल रोड्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डवेलपमेंट एजेंसी पीडब्ल्यूडी विभाग के अंतर्गत बनी एक सोसायटी है। जिसका काम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ग्रामीण सड़कों का निर्माण और रखरखाव करना है। यह ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की सड़कों से जोड़ने, ग्रामीण सड़कों के लिए केंद्रीय योजना के तहत परियोजनाओं को लागू करने का भी काम करती है। साथ ग्रामीण सड़कों की योजना, डिजाइन और निर्माण में तकनीकी सहायता प्रदान करने का काम भी एजेंसी करती है। जिलाध्यक्ष ने जताई विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार हर योग्य प्रतिनिधि को सही समय आने पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभाने का अवसर देती आई है। प्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसान के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूजा चराईपोत्रा को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उससे निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। जोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार में महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर अजय बरसीन, संदीप भोडिया, ब्रह्मजीत करनौली, नीरज चराईपोत्रा, मोहित बठेजा मौजूद रहे।
लखनऊ के बीकेटी थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के तेज रफ्तार कार ने साइकिल सवार मामा-भांजे को टक्कर मार दी। हादसे में मामा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भांजा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान कल्याणपुर निवासी रामू कुमार (45) कुमार के रूप में हुई। वह अपने भांजे विजय के साथ गुरुवार रात किसान पथ के पास स्थित एक लॉन से काम खत्म कर साइकिल से घर लौट रहे थे। दोनों वेटर का काम करते थे। तड़के करीब 3 बजे बीकेटी इलाके में किसान पथ के पास पीछे से तेज रफ्तार कार ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। पुलिस ने घायल को पहुंचाया अस्पताल टक्कर इतनी तेज थी कि रामू कुमार सड़क पर दूर जा गिरे और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। भांजा विजय उछलकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मृतक रामू कुमार की पत्नी का नाम रामा है। परिवार में चार बेटियां और दो बेटे हैं। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि वाहन और चालक की पहचान की जा सके। बीकेटी पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रायपुर नगर निगम में नए आयुक्त की नियुक्ति कर दी गई है। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी संबित मिश्रा अब नगर निगम की कमान संभालेंगे। वे सोमवार को पदभार ग्रहण करेंगे। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पहचान फील्ड में सक्रिय रहने वाले और तकनीक आधारित कामकाज को बढ़ावा देने वाले अधिकारी के रूप में रही है। ओडिशा के भुवनेश्वर से ताल्लुक रखने वाले संबित मिश्रा ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 51वीं रैंक हासिल की थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई उन्होंने आईआईटी कानपुर से की, जबकि पब्लिक मैनेजमेंट में मास्टर्स की डिग्री जेएनयू से ली। नगरीय प्रशासन से नक्सल प्रभावित इलाकों तक संभाली जिम्मेदारी अपने अब तक के कार्यकाल में उन्होंने नगरीय प्रशासन से लेकर पंचायत और नक्सल प्रभावित इलाकों तक काम किया है। रायगढ़ नगर निगम आयुक्त, जशपुर जिला पंचायत CEO और कोरबा जिला पंचायत CEO जैसे पदों पर रहते हुए उन्होंने कई योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन संभाला। बीजापुर कलेक्टर रहते फील्ड में सक्रिय कार्यशैली रही चर्चा में बीजापुर कलेक्टर रहते हुए उनका कार्यशैली सबसे ज्यादा चर्चा में रही। नक्सल प्रभावित गांवों में पहुंचकर सीधे लोगों से संवाद करना और मौके पर समस्याओं का समाधान निकालना उनकी पहचान बना। बांगोली जैसे दूरस्थ गांव तक पैदल पहुंचने की तस्वीरें भी उस दौरान काफी चर्चा में रही थीं। सफाई, ट्रैफिक और अतिक्रमण जैसी चुनौतियां सामने अब रायपुर नगर निगम में उनके सामने शहर की सफाई व्यवस्था, जलभराव, ट्रैफिक, अवैध निर्माण, अतिक्रमण और टैक्स वसूली जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की रफ्तार और जमीनी मॉनिटरिंग पर भी उनकी परीक्षा होगी। माना जा रहा है कि वे फील्ड विजिट और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए निगम प्रशासन में तेजी लाने की कोशिश करेंगे।
भीलवाड़ा शहर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत के बाद गुरुवार को परिजनों ने हॉस्पिटल परिसर में प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला की मौत हुई और बाद में बिना जानकारी दिए बॉडी को मॉर्च्युरी में शिफ्ट कर दिया गया। मामला कोटडी थाना इलाके के रेड गांव निवासी रामू देवी का है, जिन्हें बुधवार को डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से समझाइश शुरू की। डिलीवरी के लिए कराया था भर्ती जानकारी के अनुसार रेड गांव निवासी रामू देवी (30) पत्नी बालूलाल भील को बुधवार को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे ब्लड भी चढ़ाया गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें महिला की हालत को लेकर लगातार अलग-अलग जानकारी दी जाती रही। गार्ड ने बताया- महिला की मौत हो चुकी परिजनों का आरोप है कि काफी देर तक उन्हें महिला के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। जब उन्होंने अस्पताल में पूछताछ की तो एक होमगार्ड ने बताया कि महिला की मौत हो चुकी है और उसकी बॉडी को मॉर्च्युरी में शिफ्ट कर दिया गया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें मौत की जानकारी समय पर नहीं दी गई। मॉर्च्युरी के बाहर किया प्रदर्शन घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में समाज के लोग और परिजन हॉस्पिटल पहुंच गए। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। फिलहाल मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन जारी रहा। पुलिस ने शुरू की समझाइश सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास शुरू किया। पुलिस परिजनों और हॉस्पिटल प्रशासन से जानकारी जुटा रही है। पीएमओ बोले- महिला को एनीमिया की समस्या थी महात्मा गांधी हॉस्पिटल के पीएमओ डॉ. अरुण गौड़ ने बताया कि महिला एनीमिया की मरीज थी और उसका हीमोग्लोबिन 4 था। उन्होंने कहा कि मरीज की स्थिति की जानकारी परिजनों को दी गई थी। महिला को वार्ड से सीसीयू में शिफ्ट किया गया था, जहां उसकी मौत हुई। पीएमओ ने कहा कि परिजनों के आरोप गलत हैं। यदि किसी को संदेह है तो नियमानुसार पोस्टमॉर्टम और जांच करवाई जाएगी।
धार्मिक स्थलों पर तंत्र-मंत्र और जादू-टोने की आड़ में दुष्कर्म और लाखों रुपए की ठगी के आरोपी को दौसा पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। मोबाइल नंबर बदलकर फरारी काट रहा था। घरेलू समस्याओं के समाधान का झांसा देकर महिलाओं को फंसाता था। हरिद्वार, मेहंदीपुर बालाजी और उज्जैन बुलाकर दिया वारदात को अंजाम मानपुर डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी ने बताया - आरोपी सुखवीर उर्फ छोटे उर्फ सुरेंद्र पुत्र दिनेश बाबू, निवासी फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश) ने पीड़िता को विशेष पूजा-पाठ और भूत-प्रेत बाधा दूर करने के नाम पर हरिद्वार, दौसा और उज्जैन जैसे धार्मिक स्थलों पर बुलाया। वहां होटल और धर्मशालाओं में कमरे लेकर आरोपी खुद को तांत्रिक बताता था और महिला को डराकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म करता रहा। साथ ही तंत्र-मंत्र और पूजा के नाम पर महिला से पैसे भी ऐंठे गए। मोबाइल नंबर बदलकर पुलिस से बचता रहा आरोपी मामला दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर बदल रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर विशेष टीम गठित कर आरोपी को उत्तर प्रदेश के मखनपुर क्षेत्र से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
उदयपुर की गोगुंदा थाना पुलिस ने करीब 23 साल पुराने तस्करी के मामले में फरार चल रहे तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसकी तलाश पुलिस को साल 2003 से थी। इस आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित था। खास बात यह है कि पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में हुलिया बदलकर अपराधी को पकड़ा। थानाधिकारी श्याम सिंह चारण ने बताया- मुखबिर से सूचना मिली थी कि 25 हजार का इनामी बदमाश जोधाराम (73) अपने गांव आया हुआ है। जो जालोर जिले के भीनमाल थाना क्षेत्र के पूनासा (चौधरियों की ढाणी) का रहने वाला है। वह किसी रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए गुपचुप तरीके से गांव पहुंचा था। पुलिस को पता था कि अगर वर्दी में गए तो आरोपी भाग सकता है। पुलिस टीम ने जाल बिछाया। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में पशु खरीदार बनकर गांव में घुस गए। उन्होंने तीन दिन तक गांव में डेरा डाला। लगातार जोधाराम की गतिविधियों पर नजर रखी। जैसे ही पुलिस को यकीन हुआ कि आरोपी अपने घर के अंदर है, टीम ने तुरंत घेराबंदी की और उसे दबोच लिया। 50 की उम्र में भागा था, बुढ़ापे में गिरफ्तार पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि जोधाराम डोडा चूरा तस्करी के एक पुराने मामले में फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी आधी जिंदगी फरारी में काट दी। जब वह फरार हुआ तब उसकी उम्र करीब 50 साल थी, आज वह 73 साल का बुजुर्ग हो चुका है। इन 23 सालों के दौरान वह पुलिस को चकमा देने के लिए गुजरात, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में मजदूरी करता रहा। वह कभी भी एक जगह ज्यादा समय तक नहीं रुकता था. ताकि कोई उसे पहचान न सके। सुदर्शन चक्र अभियान के तहत हुई कार्रवाई उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए 'सुदर्शन चक्र-2' अभियान चलाया जा रहा है। इस पूरी टीम में थानाधिकारी श्याम सिंह चारण के साथ हेड कॉन्स्टेबल चौधरी चरण सिंह, कॉन्स्टेबल रामस्वरूप और सायरा थाने के कॉन्स्टेबल नरपतराम शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने शरण दी थी। इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।
ग्रेटर नोएडा में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माणाधीन हॉस्टल के कमरे में दो लाशें मिलने से हड़कंप मच गया। दोनों लाश खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं। पुलिस के अनुसार, दोनों के सिर पर चोट के निशान हैं। ऐसा लग रहा कि किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया है। शुक्रवार की यह वारदात नॉलेज पार्क थानाक्षेत्र की है। मृतकों की पहचान मेरठ के रहने वाले शिशपाल (25) और इन्द्रपाल (50) के रूप में हुई है। डीसीपी प्रवीण रंजन ने बताया कि हत्यारे की पहचान की जा चुकी है। हालांकि, हत्या की वजह अभी सामने नहीं आ सकी है। पहले ये तस्वीरें देखिए अब विस्तार से पढ़िए मामला ग्रेटर नोएडा के सीताराम इंस्टीट्यूट नामक इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल का निर्माण कैंपस के बगल में हो रहा है। हॉस्टल निर्माण का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने दो दिन पहले मेरठ से कुछ मजदूरों को काम करने के लिए बुलाया था। इन मजदूरों में अब्दुल्लापुर के रहने वाले इंद्रपाल और इचौंली के शीशपाल भी शामिल थे। शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि निर्माणाधीन हॉस्टल में दो शव पड़े हैं। डायल 112 की टीम पहुंची तो फर्श पर खून से लथपथ शव पड़े थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजवा दिया है। हत्या की वजह सामने नहीं आई, हत्यारोपी की पहचान हुई डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह ने बताया- सीताराम इंस्टिट्यूट का कैंपस से थोड़ी दूरर पर एक हॉस्टल बन रहा है। इस हॉस्टल में कुछ मजदूर रहते हैं। इसमें से तीन मजदूर परसों मेरठ से उनके ठेकेदार ने बुलाया था। दो की लाश कमरे में शुक्रवार सुबह मिली है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन सब में आपस में कोई झगड़ा हुआ और किसी ब्लंड ऑब्जेक्ट से सर पर चोट करके हत्या की गई है। हत्यारे की पहचान हो गई है। गिरफ्तारी के लिए हमारी टीम प्रयास कर रही है। खबर अभी अपडेट की जा रही है. … ये खबर भी पढ़ेंः- गर्लफ्रेंड को मारकर फेंका, जानवर पूरा शरीर खा गए:परिवार को सिर्फ हडि्डयां मिलीं; प्रयागराज में मां बोली- एक के बदले 4 जान चाहिए प्रयागराज में 17 साल के लड़के ने 9वीं में पढ़ने वाली गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। 17 दिन तक लाश झाड़ियों में पड़ी सड़ती रही। पूरा शरीर जानवर खा गए। छात्रा के घरवाले पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो उन्हें शव के नाम पर बेटी के कपड़े और हडि्डयां ही मिलीं। शव का इतना बुरा हाल था कि उसे देख मां सुनीता पाल बेहोश हो गईं। पढ़ें पूरी खबर…
बैतूल के पास कड़ाई ग्राम पंचायत में प्रस्तावित कचरा डंपिंग साइट का स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों ने विरोध किया है। उन्होंने इस संबंध में कलेक्टर को एक आवेदन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि शहर का कचरा खुले में डंप करने से पर्यावरण, भूजल और गौवंश की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। गौवंश और पर्यावरण को नुकसान की आशंका आवेदन में ग्रामीणों ने उल्लेख किया है कि डंपिंग स्थल पर फेंके जाने वाले प्लास्टिक और जहरीले कचरे को आवारा तथा पालतू गौवंश खाने को मजबूर होंगे, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने गोठाना क्षेत्र की घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि पहले इस तरह के कचरे के कारण कई गायों की मौत हो चुकी है। भूजल प्रदूषण की चिंता जता रहे ग्रामीण ग्रामीणों ने पर्यावरण प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताई है। उनके अनुसार, कचरे से निकलने वाला गंदा पानी भूजल और आसपास के जल स्रोतों को प्रदूषित करेगा, जिससे बीमारियों और संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। पुरानी घटनाओं का हवाला दे रहे उन्होंने शाहपुर क्षेत्र के कोयलारी में कचरे में छिपे विस्फोटकों से गौवंश के घायल होने और मौत की घटनाओं का भी जिक्र किया है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सही व्यवस्था नहीं हुई तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि डंपिंग साइट को आबादी और गौचर भूमि से दूर किसी सुरक्षित स्थान पर बनाया जाए। साथ ही स्थल की पूरी बाड़ेबंदी, गौवंश के प्रवेश पर रोक, कचरे का सही तरीके से अलग-अलग करना और बायो-ट्रीटमेंट की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। पहले भी उठ चुका है विवाद यह मामला पहले भी चर्चा में रहा है। कड़ाई ग्राम पंचायत में कचरा डंपिंग को लेकर पहले भी आदेश जारी हुआ था, जिसके विरोध में ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अब नए प्रस्ताव के बाद यह विवाद फिर से बढ़ गया है और क्षेत्र में असंतोष का माहौल है।
बिलासपुर के पचपेड़ी परिक्षेत्र में भालू दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पचपेड़ी और ध्रुवाकारी के बीच नहर किनारे टहल रहे लोगों की नजर अचानक भालू पर पड़ी। भालू को देखते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने सतर्कता बरतते हुए उसे गांव की ओर आने से रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद भालू केवंतरा और सुकुलकारी होते हुए भरारी जंगल की दिशा में चला गया। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और इलाके में भालू की तलाश शुरू कर दी गई है। भालू की तलाश में जुटा वन विभाग डिप्टी रेंजर बघेल ने बताया कि पचपेड़ी परिक्षेत्र में जंगली भालू देखे जाने की सूचना मिली है। विभाग की टीम लगातार सर्च अभियान चला रही है। भालू का पता चलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जाएगा और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर खेतों में काम करने वाले किसानों और सुबह-शाम बाहर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि किसी भी स्थिति में भालू के करीब जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें और तुरंत वन अमले को सूचना दें।
हनुमानगढ़ में 'ए' कैटेगरी की नाकाबंदी:एसपी ने संभाला मोर्चा, नाकाबंदी पॉइंट्स का किया औचक निरीक्षण
हनुमानगढ़ में पुलिस ने गुरुवार रात जिलेभर में 'ए' कैटेगरी की हथियारबंद नाकाबंदी की। यह अभियान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने मुख्य मार्गों, शहर के प्रवेश द्वारों और सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चेकिंग की। विशेष नाकाबंदी के तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। थानाधिकारी और वृत्ताधिकारी (सीओ) हथियारबंद पुलिसकर्मियों के साथ नाकों पर मौजूद रहे और हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी। नाकाबंदी पॉइंट्स का औचक निरीक्षण एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने खुद जिला मुख्यालय के विभिन्न नाकाबंदी पॉइंट्स का औचक निरीक्षण किया। इसके अलावा हनुमानगढ़ और नोहर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में नाकाबंदी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सतर्कता और प्रभावी चेकिंग के लिए आवश्यक निर्देश दिए। गाड़ियों की विशेष जांच कीनाकाबंदी के दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, संदिग्ध व्यक्तियों और चोरी की आशंका वाले वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। पुलिस ने कई वाहनों के इंजन और चेसिस नंबरों का मिलान कर उनके दस्तावेजों की पड़ताल की। जिले की सीमाओं से गुजरने वाले वाहनों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई ताकि अपराधियों की आवाजाही को रोका जा सके।
ग्वालियर शहर की थाटीपुर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अपनी स्कूटी की डिक्की में लोडेड पिस्टल छिपाकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि वह हथियार कहां से लाया था। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि आखिरकार उसका मकसद क्या है। पुलिस ने पिस्टल जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने की घेराबंदी, भागने की कोशिश नाकाम थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान को सूचना मिली थी कि भूतेश्वर मंदिर के पास नदी की रपट पर एक बदमाश एक्टिवा लेकर खड़ा है और उसके पास हथियार है। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक बलराम मांझी के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही युवक ने भागने के लिए अपनी स्कूटी स्टार्ट की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। डिक्की खुली तो निकली देशी पिस्टल पुलिस ने जब युवक की सफेद रंग की एक्टिवा (MP 07 ZS 4465) की तलाशी ली, तो उसकी डिक्की के अंदर से एक देशी पिस्टल (रिवॉल्वर) और एक जिंदा राउंड बरामद हुआ। हथियार मिलते ही पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और स्कूटी जब्त कर ली। 19 साल का है आरोपी ‘नमन’ पकड़े गए आरोपी की पहचान नमन सोलंकी (19) निवासी शिंदे की छावनी (भारत टॉकीज के पास) के रूप में हुई है। इतनी कम उम्र में अवैध हथियार के साथ पकड़े जाने पर पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान का कहना है कि मुखबिर की सूचना पर युवक को अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया है। वह किसी वारदात की नीयत से वहां खड़ा था। पूछताछ की जा रही है कि उसने यह हथियार किससे खरीदा था और उसका उद्देश्य क्या था।
टोंक शहर के वार्ड नंबर 22 के तारण गांव में स्कूली बच्चों से भरी बस गड्ढे और कीचड़ में फंस गई। बस के पलटने जैसे हालात बन गए, जिससे करीब 40 बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। हालांकि ड्राइवर की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ड्राइवर ने तुरंत बस को नियंत्रित कर वहीं रोक दिया और धीरे-धीरे बच्चों को कीचड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद बच्चों को दूसरे वाहन से बच्चों को भेजा गया। ग्रामीण बोले - सड़क और नालियों की समस्या से जीना मुश्किल घटना ने एक बार फिर नगर परिषद और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी भरा रहता है और जगह-जगह गड्ढों में आए दिन वाहन फंसते रहते हैं। कई बार बाइक सवार गिर चुके हैं और चौपहिया वाहन भी कीचड़ में फंस जाते हैं। ग्रामीण राजेश यादव ने बताया - वर्षों से सड़क पर कीचड़ और गंदा पानी जमा रहता है, लेकिन नगर परिषद और प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता। नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि आज बस पलटने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह समस्या अब गंभीर हो चुकी है। छात्रों ने बताया रोजाना का जोखिम गांव के छात्र हर्षल यादव ने बताया - आज बस में छोटे बच्चे भी सवार थे। अगर बस पलट जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह पहली घटना नहीं है, यहां रोजाना लोग कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं। कलेक्टर से समाधान की मांग स्थानीय निवासी सोहन यादव ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से मांग की है कि गांव की इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों ने कहा कि पानी निकासी और नालियों के निर्माण के बिना हालात नहीं सुधर सकते। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
खंडवा में शुक्रवार सुबह एक पुलिसकर्मी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला हैं। मृतक की पहचान अनसिंह नरगावे निवासी बड़वानी के रूप में हुई हैं। जो कि रीवा जिले में पदस्थ हैं। फिलहाल, आत्महत्या से जुड़े कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव बरामद कर मृतक के परिजनों को सूचना भेज दी हैं। घटना थाना पदमनगर क्षेत्र में इंदौर हाईवे पर बालाजी धाम कॉलोनी के सामने की हैं। अज्ञात व्यक्ति का शव पेड़ पर लटका मिलने से सनसनी मच गई। पुलिस मौके पर पहुंची और लाश के पास मिले बैग की तलाशी ली तो उसकी पहचान अनसिंह नरगावे निवासी बड़वानी जिला के रूप में हुई थी। पुलिस के अनुसार, वह बड़वानी जिले में राजपुर क्षेत्र के ग्राम मुरारी का रहने वाला था। वह पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर हैं। जो कि रीवा जिले में पदस्थ हैं, फिलहाल रीवा के थाना गढ़ में ड्यूटी पर था। 5 दिन की छुट्टी लेकर गांव गया था कांस्टेबल पदमनगर थाना प्रभारी जगदीश जमरे के अनुसार, मृतक के बारे में पूछताछ के लिए रीवा पुलिस से संपर्क किया गया। जानकारी मिली कि वह मंगलवार से छुट्टी पर हैं, 5 दिन की छुट्टी लेकर वह अपने गांव बड़वानी के लिए निकला था। इधर, बड़वानी में परिजनों को सूचना देकर खंडवा बुलाया है। आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया हैं। परिजन और संबंधित थाने से पूछताछ करेंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस लीडर राहुल गांधी आज गुरुग्राम के दौरे पर रहेंगे। वे यहां कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की ओर से निकाली जा रही 'सद्भाव यात्रा' में शिरकत करेंगे। इस दौरान वे एसडी स्कूल के पास जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसे लेकर सुरक्षा टीमें गुरुग्राम पहुंच चुकी हैं। मगर, राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस की गुटबाजी भी सामने आ गई है। पार्टी के तीन विधायकों शीशपाल केहरवाला, गोकुल सेतिया, भरत सिंह बैनिवाल ने इस यात्रा से किनारा कर लिया है। शीशपाल कहरवाला और भरत सिंह बैनिवाल का कहना है कि उन्हें कोई निमंत्रण नहीं आया है। जबकि, गोकुल सेतिया ने तो सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने लिखा- बीजेपी में मलाई खाके दाढी बढ़ालो, फिर राहुल गांधी को बुलाओ और बाकी कांग्रेसियों को नीचा दिखाओ। ये तो हमारा नेता राहुल गांधी नरम दिल का है। भाई की जगह बीजेपी वाले होते तो मलाई चाटके आने वालों को औकात दिखा देते। बता दें कि पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की इस यात्रा से शुरू से ही हरियाणा कांग्रेस के बड़े लीडर्स ने दूरी बनाए रखी है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके खेमे से जुड़े नेता हो या फिर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान और सांसद जयप्रकाश, इसे कुंवर का पर्सनल कार्यक्रम बता चुके है। गोकुल सेतिया और दिग्विजय चौटाला ने डाली पोस्ट विधायक सेतिया ने पोस्ट में लिखा-बीजेपी में मलाई खाके दाढी बढालो, फिर राहुल गांधी को बुलाओ, फिर बाकी कांग्रेसियों को नीचा दिखाओ। ये तो हमारा नेता राहुल गांधी नरम दिल का है। भाई की जगह बीजेपी वाले होते हो मलाई चाटके आने वालों को औकात दिखा देते। दिग्विजय चौटाला ने पोस्ट में लिखा-जिसने 3 कृषि कानून के पक्ष में वोट दिया था। उसकी यात्रा में राहुल गांधी, भूपेंद्र हुड्डा जाएंगे, अब ये दोनों 750 किसानों शहादत के ऊपर ट्रैक्टर चलाने जाएंगे। और निशाने पर सिर्फ दुष्यंत चौटाला, क्यों ?? क्या है सद्भाव यात्रा, जिसमें राहुल गांधी शामिल हो रहे है… पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं बृजेंद्र सिंह बृजेंद्र सिंह भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी हैं। 21 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। 1998 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में 9वीं रैंक हासिल की थी। बृजेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं। वो हरियाणा के जींद के मूल निवासी हैं। साल 2014 में बृजेंद्र सिंह ने कांग्रेस का साथ छोड़ा था, जिसके बाद वो बीजेपी में शामिल हो गए थे। साल 2019 में बृजेंद्र सिंह भाजपा के टिकट पर हिसार से सांसद बने थे। अक्टूबर 2025 से शुरू की थी सद्भाव यात्राबृजेंद्र सिंह ने यह यात्रा अक्टूबर 2025 में शुरू की थी। कई फेज में चल रही इस यात्रा में पहले चरण में जींद, उचाना कलां, नरवाना, सफीदों, जुलाना, कैथल, कलायत, पुंडरी और गुहला समेत 14 विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें से ज्यादातर वो इलाके हैं, जिनमें कभी बीरेंद्र सिंह का अच्छा-खासा प्रभाव था। आज भी इन इलाकों में बीरेंद्र का कैडर बेस वर्कर है। यह यात्रा हरियाणा के 90 में से करीब 83 विधानसभा क्षेत्रों को कवर कर चुकी है। इसी सद्भाव यात्रा में शामिल हो रहे राहुल गांधी राहुल गांधी का इस यात्रा में शामिल होना हरियाणा कांग्रेस के लिए एक बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, यह दौरा कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी के बीच हो रहा है। क्योंकि हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का गुरुग्राम आने का मुख्य मकसद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाना है। वे ऐतिहासिक खांडसा चौक से अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे और बृजेंद्र सिंह के साथ लगभग एक से दो किलोमीटर तक पैदल चलेंगे। इस दौरान वह व्यापारियों, उद्योगपतियों, युवाओं और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं पर चर्चा करेंगे। सद्भाव यात्रा में राहुल के शामिल होने पर कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा…. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा बता चुके निजी कार्यक्रम बृजेंद्र सिंह की इस सद्भाव यात्रा से कांग्रेस के बड़े नेताओं ने शुरू से ही दूरी बनाई हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनकी निजी यात्रा बताया था। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान भी कह चुके है कियह कांग्रेस का ऑफिशियल प्रोग्राम नहीं है, जबकि सांसद जयप्रकाश ने एक कार्यक्रमें बयान दिया था कि प्रदेश में सद्भाव यात्रा की अब कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब इसकी वास्तव में आवश्यकता थी, तब यह यात्रा क्यों नहीं निकाली गई। सद्भाव यात्रा निकालने में अब देरी हो चुकी है। कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी किया इनकार कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला का कहना है कि सभी को पार्टी के ग्रुप में ही सूचना मिली है। पार्टी की ओर से ऑफिशियल कोई मैसेज नहीं आया। मैं अभी बाहर हूं। ऐसे में यात्रा में नहीं जा रहा। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया का कहना है कि मेरी तो शुरू से यात्रा को लेकर कंट्रोवर्सी चल रही है। मेरे खिलाफ बयान दिए जा रहे हैं तो यात्रा में जाना नहीं बनता। पार्टी से कोई मेल या मैसेज नहीं मिला है। राहुल गांधी आ रहे हैं तो वे सबके लिए बराबर है। उनका सम्मान करते हैं। ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनिवाल का कहना है कि मेरी तबीयत खराब है। बेटे को भी काम है और उसे बाहर जाना है। इसलिए अकेले गुरुग्राम जाना मुश्किल है। इस समय ऐलनाबाद में किसी काम से आया हुआ हूं।
ग्वालियर में मौसम का मिजाज बदल गया है। मई महीने में भी अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को मार्च के शुरूआत जैसी ठंडक का अहसास हो रहा है। शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को ठंडक महसूस हुई। गुरुवार सुबह भी न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो सामान्य से काफी कम है। जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बुधवार को यह 36.4 डिग्री सेल्सियस था। पहले धूप निकली, फिर ठंडी हवा चली शुक्रवार सुबह अचानक तेज धूप निकली, लेकिन बाद में बादल छा गए, जिससे उमस महसूस हुई। हालांकि, बाद में चली ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान से आ रहे चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह बदलते मौसम को देखते हुए विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस दौरान त्वचा संबंधी रोग, पेट दर्द, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। तेज धूप से बचें और बच्चों व बुजुर्गों को घर पर ही रखें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके। कुल मिलाकर, इस बदलते मौसम में पूरी तरह से एहतियात बरतना आवश्यक है।

