ग्वालियर में अप्रैल के पहले पखवाड़े में ही तेज गर्मी का प्रकोप शुरू हो गया है। राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बुधवार को इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों को असहजता महसूस हुई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक था। इसके साथ ही गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान भी 21.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री ज्यादा है। दिन के साथ-साथ रात का तापमान बढ़ने से लोगों को चौबीस घंटे गर्मी का अहसास हो रहा है। उमस जैसी स्थिति बन रही आर्द्रता के स्तर में भी बदलाव देखा गया है। सुबह के समय नमी 59 प्रतिशत दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम थी। वहीं, शाम को यह बढ़कर 37 प्रतिशत हो गई, जो सामान्य से 12 प्रतिशत अधिक है। नमी और गर्म हवाओं के संयुक्त प्रभाव से शहर में उमस जैसी स्थिति बन रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। बढ़ती गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है, और लोग अपने आवश्यक कार्य जल्दी निपटाकर घरों को लौट रहे हैं। विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। बढ़ती गर्मी के मद्देनजर प्रशासन भी सतर्क है और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है।
कन्नौज के उमर्दा स्थित काऊ मिल्क प्लांट का संचालन अब पराग डेयरी की बजाय मदर डेयरी द्वारा किया जाएगा। ये जानकारी डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने काऊ मिल्क प्लांट के निरीक्षण के वक्त कही। उन्होंने सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल का भी निरीक्षण किया। काऊ मिल्क प्लांट के निरीक्षण के दौरान डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि अब इस प्लांट का संचालन मदर डेयरी द्वारा किया जाएगा, जोकि पहले पराग डेयरी के अधीन था। यहां उन्होंने कंट्रोल रूम, मिल्क एवं घी पैकेजिंग कक्ष, पनीर अनुभाग, एमसीसी रूम, बटर सेक्शन और बॉयलर कक्ष सहित सभी इकाइयों का निरीक्षण किया। 30 अप्रैल तक यहां टेस्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद प्लांट का नियमित संचालन शुरू होगा। डीएम ने निर्देश दिए कि टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी तरह मानक अनुरूप, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ हो। इससे संचालन शुरू होते ही गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह प्लांट जनपद के दुग्ध उत्पादकों, उपभोक्ताओं और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस फॉर वेजिटेबल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मिर्च, बैंगन और टमाटर की रोपित फसलों को देखा। उन्होंने हाईटेक नर्सरी में तैयार हो रही टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी आदि की पौधों का भी निरीक्षण किया। यहां उच्च गुणवत्ता वाले बीजों से उन्नत पौध तैयार कर निर्धारित शुल्क पर किसानों को उपलब्ध कराई जाती है, जिससे किसान कम लागत में अधिक उत्पादन और मुनाफा मिल सके। जिलाधिकारी ने बीज उत्पादन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसान बाजार से बीज पर निर्भर रहते हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण बीज और पौध की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी साथ रहे।
भिंड जिले के लहार स्थित शासकीय कॉलेज में जीवाजी विश्वविद्यालय (JU) की स्नातक परीक्षा में नकल का मामला सामने आया है। यहां कॉलेज प्रबंधन की कथित मिलीभगत से परीक्षा कक्ष से बाहर भेजी गईं प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाएं कॉलेज के पीछे खेत की मेड़ पर बैठकर हल की गईं। स्थानीय युवकों द्वारा बनाया गया इस घटना का वीडियो दैनिक भास्कर के पास मौजूद है। मामले के तूल पकड़ने के बाद कॉलेज के प्रिंसिपल अंगद दौहरे का फोन 12 घंटे से अधिक समय से बंद है और लीड कॉलेज प्रभारी ने भी फोन रिसीव नहीं किया है। खेत की मेड़ पर खुले में बैठकर लिखी जा रही कॉपियां जीवाजी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित स्नातक फाउंडेशन पेपर के दौरान लहार के शासकीय कॉलेज में यह घटना हुई है। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन की मिलीभगत से प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाएं परीक्षा कक्ष से बाहर भिजवाई गईं। इसके बाद इन्हें कॉलेज के पीछे खेत की मेड़ पर बैठाकर हल कराया गया। पूरी घटना का स्थानीय युवकों ने वीडियो बना लिया है, जिसमें कुछ युवक खुले में बैठकर उत्तरपुस्तिका लिखते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रिंसिपल का फोन बंद, कलेक्टर के निर्देश भी हुए बेअसर मामले में कॉलेज प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रिंसिपल अंगद दौहरे का मोबाइल 12 घंटे से अधिक समय तक स्विच ऑफ रहा। वहीं, लीड कॉलेज के प्रभारी आर्य शर्मा से भी तीन-चार बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। जानकारी के अनुसार, लहार क्षेत्र में विश्वविद्यालय परीक्षाओं में नकल की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। नकल पर रोक लगाने के लिए भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और सख्त निगरानी के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बावजूद इस तरह की घटना का सामने आना परीक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित शॉपिंन स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और स्कूल परिसर को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। घटना के समय स्कूल में बच्चे प्रेयर के बाद अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठे थे। इसी दौरान अचानक भारी पुलिस बल के पहुंचने से स्कूल स्टाफ और बच्चे घबरा गए। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को शांत रहने और सहयोग करने की अपील की। एहतियात के तौर पर स्कूल परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई। हर संदिग्ध जगह की जांचपुलिस और बम स्क्वॉड की टीम ने स्कूल के हर कोने की बारीकी से जांच शुरू की। कक्षाओं, गलियारों, पार्किंग, स्टोर रूम और खुले इलाकों की गहन तलाशी ली जा रही है। किसी भी संदिग्ध वस्तु की पहचान के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर तैनात है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। स्कूल के बाहर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई है। पुलिस साइबर टीम की मदद से ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियांगौरतलब है कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई सरकारी और निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकियां मिल चुकी हैं। इसके अलावा पासपोर्ट कार्यालय, पोस्ट ऑफिस, पंजाब सचिवालय, हाई कोर्ट और जिला अदालत को भी इस तरह की धमकियां भेजी गई थीं। हालांकि, पिछले मामलों में जांच के दौरान कोई भी विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई थी, लेकिन हर बार सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच करती रही हैं।
सीहोर जिले के झागरिया जोड़ पर बुधवार रात एक सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने गेहूं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे ट्रॉली पलट गई। दुर्घटना में दो ग्रामीण घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला के अनुसार, यह घटना कल रात करीब 11:30 बजे हुई। ट्रैक्टर क्रमांक MP37Z9024 गेहूं की ट्रॉली लेकर ग्राम मोगराराम से मंडी जा रहा था। इसी दौरान ट्रक क्रमांक MP09HH3744 के चालक ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर और ट्रॉली दोनों पलट गए। हादसे में ट्रैक्टर चालक अर्जुन पिता सजन सिंह (30) और धीरज पिता सुंदरलाल (25), दोनों निवासी ग्राम मोगराराम, घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही थाना कोतवाली का बल और एफ.आर.व्ही. वाहन तत्काल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने यातायात को सुचारू किया और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को घटनास्थल से हटाकर थाने में खड़ा करवाया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया था। देखिए मौके की तस्वीरें…
गोरखपुर में सुबह से हो रही तेज धूप:दोपहर में बढ़ेगी तपिश, धूल भरी हवाओं से परेशानी के संकेत
गोरखपुर में गुरुवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के साथ गर्मी का असर महसूस होने लगा है। सुबह के समय ही धूप चुभने लगी है और बाहर निकलने पर लोगों को आंखों व चेहरे में हल्की जलन का एहसास हो रहा है। इसके साथ ही चल रही धूल भरी हवाएं भी असहजता बढ़ा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, धूप और तेज होगी। दोपहर तक अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे गर्मी ज्यादा महसूस होगी और बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। धूल भरी हवाओं से बढ़ सकती हैं दिक्कतें दिन में तेज धूप के साथ धूल भरी हवाएं जारी रहने की संभावना है। इससे आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी बढ़ सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम पूरी तरह साफ और सूखा बना रहेगा। अगले कुछ दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में 42 डिग्री पार के आसार मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दिनों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इसके साथ ही लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे दोपहर का समय और ज्यादा कठिन हो जाएगा। फिलहाल सुबह और शाम के समय हल्की राहत बनी हुई है, लेकिन दिन में गर्मी लगातार बढ़ रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर में धूप से बचें, सिर ढककर निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।
जैसलमेर में अक्षय तृतीया और पीपल पूर्णिमा पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने फुलप्रूफ प्लानिंग कर ली है। एडीएम परसा राम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि इस बार ग्राउंड लेवल पर तैनात पटवारी से लेकर पुलिस अधिकारियों तक की एकाउंटेबिलिटी तय होगी। यदि कहीं भी नियमों की अनदेखी हुई, तो अधिकारियों पर डिसीप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा। प्रशासन ने प्रिंटिंग प्रेस वालों को शादी के कार्ड पर वर-वधू की बर्थ डेट छापना अनिवार्य कर दिया है। साथ ही, लोगों से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना तुरंत 1098 या पुलिस को दें। प्रिंटिंग प्रेस से लेकर हलवाई तक सबकी जिम्मेदारी प्रशासन ने इस बार बाल विवाह से जुड़े हर सपोर्ट सिस्टम पर नजर रखने का प्लान बनाया है। अब प्रिंटिंग प्रेस वालों को शादी के कार्ड छापने से पहले दूल्हा-दुल्हन का एज प्रूफ अपने पास रखना होगा या कार्ड पर उनकी जन्म तारीख छापनी होगी। हलवाई, बैंड-बाजा, पंडित, टेंट हाउस और ट्रांसपोर्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बाल विवाह में अपनी सर्विस न दें। उनसे इस बात का एश्योरेंस भी लिया जाएगा। अधिकारियों पर गिरेगी गाज अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसाराम सैनी ने बताया- जिस क्षेत्र में बाल विवाह होगा, वहां के SDM और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ डिसीप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा। 24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हिम्मत सिंह कविया ने बताया कि जिले में बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। जिला और ब्लॉक लेवल पर 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। स्कूल, कॉलेज और गांवों की 'रात्रि चौपालों' में अवेयरनेस कैंपेन चलाकर लोगों को समझाया जाएगा कि बाल विवाह न केवल कानूनन जुर्म है, बल्कि यह बच्चों के फ्यूचर के लिए भी खतरनाक है। कंट्रोल रूम में जानकारी दें-पहचान गुप्त रखी जाएगी ADM सैनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा- 'अगर आपको कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो आप तुरंत इन कंट्रोल रूम नंबर्स पर कॉल कर सकते हैं। आपकी पहचान गुप्त रखी जा सकती है:
हरदा जिले के छीपाबड़ थाना क्षेत्र में मोरगढ़ी गांव के एक खेत में चल रहे जुए के अड्डे पर पुलिस ने छापा मारा। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से 25,700 रुपए नकद और ताश के पत्ते जब्त किए हैं। पुलिस को 15 अप्रैल 2026 को मुखबिर से जुए की सूचना मिली थी। इसी आधार पर, उपनिरीक्षक मानवेन्द्र भदौरिया के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने शाम 6 बजकर 20 मिनट पर मोरगढ़ी गांव के खेत में दबिश दी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आशीष राय (42, किसान मोहल्ला, हरदा), नरसिंह पटेल (50, खिरकिया), इकरार हसन (42, पाटलिया माल, खंडवा), अशोक ठाकुर कोरकू (26, कसरावत, खंडवा), दुर्गेश अहिरवार (34, फेफरी सरकार, खंडवा) और चरण सिंह पवार (32, टिगरिया, खंडवा) के तौर पर हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से और जुए की फड़ से कुल 25,700 रुपये नकद और 52 ताश के पत्ते बरामद किए। सभी आरोपियों के खिलाफ छीपाबड़ थाने में धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। देखिए आरोपियों की तस्वीरें…
अयोध्या में बदला रामलला का भोग:गर्मी से बचाव के लिए सत्तू-छाछ और ठंडे फल का लगाने लगा भोग
सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ ही गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में राम मंदिर में विराजमान पांच वर्षीय बाल स्वरूप रामलला के आहार-विहार में बदलाव किया गया है। अब उनके दैनिक भोग में सुपाच्य भोजन के साथ चने का सत्तू, छाछ और ठंडी तासीर वाले मौसमी फलों को शामिल किया गया है। भोग में खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा और संतरे के रस का भी उपयोग शुरू कर दिया गया है। मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि मेष संक्रांति को सतुआ संक्रांति भी कहा जाता है। इस मौसम में सत्तू शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन को बेहतर बनाए रखता है। इसी वजह से पूरे महीने रामलला के भोग में सत्तू और छाछ प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। गर्भगृह में ठंडक के विशेष इंतजाम बढ़ती गर्मी को देखते हुए गर्भगृह में तापमान नियंत्रित रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि तकनीकी कारणों से यहां एयर कंडीशनर नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है। व्हील चेयर से गर्भगृह तक दर्शन की सुविधा राम मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह के सामने तक व्हील चेयर से पहुंचने की अनुमति दी गई है। ट्रस्ट की पंजीकृत व्हील चेयर से प्रतिदिन करीब 1200 से 1500 श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। गोपाल राव ने बताया कि भारी भीड़ के कारण सभी श्रद्धालुओं को लिफ्ट सुविधा देना संभव नहीं है। ऐसे में अपील की गई है कि वही श्रद्धालु राम परिवार के दर्शन के लिए आगे बढ़ें, जो सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में सक्षम हों।
गुरुग्राम में सेक्टर 50 स्थित निरवाना कंट्री सोसाइटी में दिन दहाड़े एक रेजिडेंट का मोबाइल छीन लिया। पीड़ित व्यक्ति सड़क किनारे फोन पर बात करते हुए चल रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए बदमाश ने अचानक मोबाइल फोन छीन लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित रेजिडेंट ने बताया कि वह निरवाना कंट्री सोसाइटी के अंदर सड़क पर सामान्य गति से चल रहा था और फोन पर किसी से बात कर रहा था। तभी एक बाइक पर सवार बदमाश तेज रफ्तार से आया और युवक के हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गया। उसने तुरंत शोर मचाया और पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश इतनी तेजी से भागा कि उसे पकड़ना संभव नहीं हो सका। सुबह शाम हो रही ज्यादा घटनाएं घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित ने सेक्टर 50 थाने में शिकायत दी है। हाल के महीनों में शहर के विभिन्न सेक्टरों में बाइक सवार बदमाशों द्वारा फोन और चेन छीनने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेष रूप से शाम के समय या कम रोशनी वाले इलाकों में घटनाएं हो रही हैं। प्रीमियम सोसाइटी होने के बावजूद परेशानी निरवाना कंट्री सोसाइटी के रेजिडेंट्स ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। हालांकि पीड़ित रेजिडेंट ने अपनी पहचान अभी गोपनीय रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रीमियम सोसाइटी होने के बावजूद ऐसी घटनाएं परेशान करती हैं। सीसीटीवी बढ़ाने की मांग निरवाना कंट्री में रहने वाले रेजिडेंट्स ने सोसाइटी में सीसीटीवी बढने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि वे फोन पर बात करते समय सड़क के बीच में न चलें और हमेशा सतर्क रहें। पुलिस जांच कर रही वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस कमिश्नर ने सभी थानों को ऐसे स्नैचिंग मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत मेहरतला-सूरजपुर मार्ग पर बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिससे दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जबलपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा देर रात उस समय हुआ जब दोनों मोटरसाइकिलें विपरीत दिशा से आ रही थीं। अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण दोनों वाहनों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान राजुला निवासी मूरत कुलस्ते (35) और खजरी निवासी विष्णु परते (40) के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस की सहायता से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तत्काल जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि दोनों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने बताया कि बाइक की टक्कर में दो घायलों की सूचना मिली थी, जिसकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेहरतला-सूरजपुर मार्ग पर रात के समय प्रकाश व्यवस्था और संकेतकों की कमी के चलते अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
देवरिया में पारिवारिक विवाद में महिला की मौत:बचाने आए बेटे-बेटी भी घायल, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया के महुआडीह थाना क्षेत्र के रामपुर बनहर गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके बेटे और बेटी घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस ने मौके पर निगरानी बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, रामपुर बनहर निवासी रविता देवी (40) पत्नी उमेश विश्वकर्मा का अपने ही पाटीदार परिवार से लंबे समय से विवाद चल रहा था। बुधवार देर शाम दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच कहासुनी हुई, जो रात में बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान पाटीदार पक्ष से दिनेश विश्वकर्मा का बेटा राज विश्वकर्मा मौके पर पहुंचा। उसने विवाद के बीच रविता देवी से कहासुनी की और विरोध करने पर घर में रखी किसी भारी वस्तु से उन पर हमला कर दिया। मां को बचाने के लिए आगे आए उनके बेटे शिव (15) और बेटी अर्चना (17) पर भी आरोपी ने हमला किया, जिससे दोनों को चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने घायलों को तत्काल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। घायलों को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रविता देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल बेटे-बेटी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। महिला की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। मृतका के पति उमेश विश्वकर्मा वर्तमान में विदेश में कार्यरत हैं। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर के पास स्थित बिशनगढ़ गांव इन दिनों वेबसीरीज दहाड़ के दूसरे सीजन ‘दहाड़-2’ की शूटिंग के चलते सुर्खियों में है। इन दिनों यहां वेबसीरीज के क्लाइमैक्स सीन फिल्माए जा रहे हैं, जिनमें हाई-ऑक्टेन एक्शन और रोमांचक दृश्यों की शूटिंग की जा रही है। इसी दौरान एक एक्शन सीन की शूटिंग में तेज रफ्तार से दौड़ रहा ट्रक अचानक पलट गया। हालांकि यह सीन स्क्रिप्ट का हिस्सा था और इसे फिल्माने से पहले कई बार रिहर्सल की गई थी। सुरक्षा के पूरे इंतजामों के बीच इस दृश्य को सफलतापूर्वक शूट किया गया। ट्रक पलटने का यह दृश्य सीरीज के क्लाइमैक्स का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जो दर्शकों को रोमांचित करेगा। शूटिंग के दौरान आसपास के क्षेत्रों में भी काफी हलचल देखने को मिली। इससे पहले गांव के पास वेबसीरीज की मुख्य अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सीन फिल्माए गए। सोनाक्षी को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों में अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने का खासा उत्साह नजर आया। पुलिस अधिकारी की भूमिका में दिखेंगी सोनाक्षी‘दहाड़-2’ में सोनाक्षी सिन्हा एक दमदार पुलिस अधिकारी के किरदार में नजर आएंगी। यह किरदार मजबूत, सख्त और न्याय के लिए लड़ने वाली महिला अधिकारी की छवि को दर्शाता है। पहले सीजन में भी उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा था, जिसके बाद दूसरे सीजन को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। ‘दहाड़’ एक क्राइम-थ्रिलर वेबसीरीज है, जिसकी कहानी समाज में घटित होने वाले गंभीर अपराधों और उनकी जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें पुलिस जांच, सामाजिक मुद्दों और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को गहराई से दिखाया गया है। पहला सीजन अपनी दमदार कहानी, सशक्त निर्देशन और कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय के कारण काफी चर्चित रहा था। जयपुर के आसपास हो रही लगातार शूटिंगपिछले कुछ महीनों से जयपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में इस वेबसीरीज की शूटिंग चल रही है। राजस्थान के ग्रामीण और शहरी लोकेशन्स को कहानी के अनुरूप खास तौर पर चुना गया है, जिससे सीरीज को वास्तविकता का स्पर्श मिल सके। ‘दहाड़-2’ के क्लाइमैक्स की शूटिंग अब अंतिम चरण में है और मेकर्स इसे पहले से ज्यादा रोमांचक और प्रभावशाली बनाने में जुटे हुए हैं। दर्शकों को इस सीजन में जबरदस्त एक्शन, सस्पेंस और दमदार कहानी देखने को मिलेगी।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एज्यूकेशन यानी सीबीएसई के दसवीं क्लास के रिजल्ट में बीकानेर के दो होनहार स्टूडेंट्स ने 99.2 % अंक लिए हैं। इनमें एक के पिता स्वयं स्टूडेंट्स को डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए पढ़ाते हैं तो दूसरी स्टूडेंट के माता और पिता दोनों ही सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वहीं बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने 95% से ज्यादा अंक लिए हैं। बीकानेर के भरत लढ्ढा ने रिजल्ट आने के साथ ही अपने लेपटॉप पर रिजल्ट देखना शुरू किया। पिता, दादा, मां सभी आसपास आंखें टिकाकर देख रहे थे। जैसे ही रोल नंबर सबमिट करके एंटर दबाया, वैसे ही मार्कशीट लेपटॉप की स्क्रीन पर आ गई। मार्क्स देखते ही पिता दीपक लढ़ढा जोर से चिल्लाये.. अरे वाह, क्या बात है….। इसके बाद वो हर विषय के नंबर बोलकर झूम रहे थे। पास ही बैठे दादा ने तालियां पीट-पीटकर खुश की इजहार किया। पूरे परिवार ने “पूनरासर बाबे की जय” से घर को गूंजा दिया। दरअसल, भरत ने दसवीं में हर विषय में 99 से ज्यादा मार्क्स लिए। हिन्दी में तो सौ में सौ मार्क्स आए। वहीं इंग्लिश, मैथ्स, साइंस में 99 और सोशल साइंस में 98 मार्क्स लिए। एडिशनल सब्जेक्ट आईटी में भी 99 मार्क्स ही लिए। वहीं बीकानेर की एक ओर स्टूडेंट अशेरा भट्ट ने 99.2 % मार्क्स लिए हैं। अशेरा ने आईटी में जहां सौ में सौ मार्क्स लिए, वहीं हिन्दी, इंग्लिश, साइंस और सोशल साइंस में सौ में 99 मार्क्स लिए। मैथ्स में सौ में 95 मार्क्स हैं। अशेरा के टीचर डॉ. श्वेत गोस्वामी ने बताया कि अशेरा के माता-पिता दोनों सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। मां सुचि भट्ट बैंगलुरु में काम कर रही है, वहीं पिता देवल भट्ट ने अपनी बेटी के लिए वर्क फ्रॉम होम ले रखा है ताकि उसे तैयारी करवा सके। अगर स्टूडेंट के 95 परसेंट से ज्यादा मार्क्स है तो हमें स्टूडेंट का फोटो और मार्कशीट 9829286895 नंबर पर व्हाट्सएप करें।
शेखावाटी की स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना और करीब 240 साल पुरानी ऐतिहासिक मेड़तनी बावड़ी अब जल्द ही अपने पुराने वैभव में नजर आएगी। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार रही इस विरासत को सहेजने के लिए प्रशासन ने 2.50 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान तैयार किया है। खास बात यह है कि इसमें पर्यटन विभाग और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना दोनों की बराबर (50-50%) हिस्सेदारी होगी। पर्यटन विभाग 1.25 करोड़ रुपए और श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान से 1.25 करोड़ खर्च होंगे। उप निदेशक, पर्यटन विभाग, झुंझुनूं देवेंद्र चौधरी ने बताया कि मेड़तनी बावड़ी के संरक्षण के लिए 2.50 करोड़ का बजट स्वीकृत है। पुरातत्व विभाग इसकी कार्यकारी एजेंसी होगी। हमारा उद्देश्य ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देना है। 150 फीट गहरी विरासत: अब अंधेरे में नहीं, रोशनी में दिखेगी कला परियोजना के तहत पुरातत्व विभाग इस तरह काम करेगा कि बावड़ी का मूल ढांचा (Original Structure) प्रभावित न हो। पर्यटकों के गिरने के खतरे को देखते हुए पूरी बावड़ी में आकर्षक और मजबूत रेलिंग लगाई जाएगी। बावड़ी के बाहर व्यवस्थित पार्किंग स्लॉट बनाया जाएगा ताकि जाम की स्थिति न बने। सालों से जमा कचरा साफ होगा और जर्जर हो चुकी चारदीवारी की मरम्मत की जाएगी। परिसर में शुद्ध पेयजल और बैठने के लिए बेंचों की व्यवस्था होगी। शाम के समय बावड़ी की खूबसूरती निखारने के लिए विशेष लाइटिंग की योजना है। हर माह आते हैं 5 हजार सैलानी, अब आंकड़ा दोगुना होगा पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जर्जर हालत के बावजूद हर महीने करीब 5,000 देसी-विदेशी पर्यटक इस बावड़ी को देखने आते हैं। विभाग का मानना है कि सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के बाद यह संख्या 10,000 के पार जा सकती है, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। मेड़तनी बावड़ी का इतिहास मेड़तनी बावड़ी का 1783 ईस्वी के आसपास 'भक्तन मेड़तनी' ने इसका निर्माण करवाया था। यह अपनी गहरी सीढ़ियों और कलात्मक मेहराबों के लिए जानी जाती है। प्राचीन काल में जल संचयन और तपती गर्मी में ठंडक देने के लिए इसे एक इंजीनियरिंग मास्टरपीस माना जाता है।
अलवर में CBSE 10वीं के होनहार:शहर के यथार्थ ने 96.4 और राघव राठी ने 96.2 प्रतिशत अंक लिए
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से जारी किए गए 10वीं बोर्ड का रिजल्ट में अलवर के स्टूडेंट्स का दबदबा रहा है। 98 प्रतिशत से अधिक अंक तक लिए हैं। 90 प्रतिशत से अधिक नंबर वाले छात्र छात्राएं भी हैं। काफी स्टूडेंट्स के मैथ स्टैंडर्ड में कम अंक आने से परिणाम प्रभावित रहा है। लेकिन टॉप फाइव सब्जेक्ट की प्रतिशत सुधारने में छठ सब्जेक्ट के रूप में AI का खूब सहयोग मिला है। अलवर की दीपल ने 98.4% अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया है। इससे पहले राजस्थान बोर्ड के 10वीं व 12वीं के रिजल्ट में भी अलवर के स्टूडेंट्स का पूरे प्रदेश में दबदबा रहा है। अलवर शहर के यथार्थ ने 96.4 प्रतिशत अंक लिए। यथार्थ के पिता डॉ महेंद्र आर्य प्राफेसर हैं। वहीं माता डॉ नीतू सरकारी कॉलेज खैरथल प्रिंसिपल हैं। वहीं मालवीय नगर निवासी राघव राठी ने 96.2 प्रतिशत अंक लिए। राघव के पिता राजेश कुमार नेवी में कैप्टन हैं। वहीं माता रेखा चौधी डाकघर में नौकरी करती हैं। यथार्थ के पिता अलवर शहर के जीडी कॉलेज में प्रोफेसर हैं। यथार्थ की माता डॉ नीतू सरकारी कॉलेज खैरथल में प्रिंसिपल हैं छात्रा अलीशा यादव ने 10वीं कक्षा की परीक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अलीशा के पिता बिजनेसमैन हैं। अलवर की होनहार छात्रा शुभानु धनावत ने 10वीं कक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। शुभानु के पिता डॉक्टर हैं।
अलवर में CBSE 10वीं के होनहार:शहर के अलावा गांव-कस्बों के छात्र -छात्राओं ने भी बाजी मारी
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से जारी किए गए 10वीं बोर्ड का रिजल्ट में अलवर के स्टूडेंट्स का दबदबा रहा है। 98 प्रतिशत से अधिक अंक तक लिए हैं। 90 प्रतिशत से अधिक नंबर वाले छात्र छात्राएं भी हैं। काफी स्टूडेंट्स के मैथ स्टैंडर्ड में कम अंक आने से परिणाम प्रभावित रहा है। लेकिन टॉप फाइव सब्जेक्ट की प्रतिशत सुधारने में छठ सब्जेक्ट के रूप में AI का खूब सहयोग मिला है। अलवर की दीपल ने 98.4% अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया है। इससे पहले राजस्थान बोर्ड के 10वीं व 12वीं के रिजल्ट में भी अलवर के स्टूडेंट्स का पूरे प्रदेश में दबदबा रहा है। छात्रा अलीशा यादव ने 10वीं कक्षा की परीक्षा में 96.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अलीशा के पिता बिजनेसमैन हैं। अलवर की होनहार छात्रा शुभानु धनावत ने 10वीं कक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। शुभानु के पिता डॉक्टर हैं।
आजमगढ़ में बैंक के साथ धोखाधड़ी:सात आरोपियों के विरुद्ध दर्ज हुआ मुकदमा, 15 लाख रुपए से अधिक की ठगी
आजमगढ़ शहर कोतवाली में 15 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने के मामले में बैंक कर्मी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में प्रार्थी अमित तिवारी जिला गाजीपुर बर्तमान समय में भारत फाइनेंसियल इंक्लुजन लिमिटेड की आजमगढ़ ब्रांच पर ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत है। शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि हमारी कंपनी इंडसइंड बैंक की सहायक संस्था है जिसका प्रमुख कार्य गरीब महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें स्वस्वरोजगार के लिए ऋण वितरित करने पर्व ऋण की साप्ताहिक अदायगी की प्रक्रिया है। हमारी शाखा भंवरनाथ से गोरखपुर रोड शारदा पेटोल पंप के सामने स्थित है ब्रांच में कार्यरत कर्मचारियों (1) प्रमोद कुमार पाल इंप्लाई आईडी 142413 S/ (2) कर्मचारी ठाकुर कुमार भारती (3) कर्मचारी राजकुमार रमा (4) कर्मचारी संजय यादव (5) कर्मचारी प्रदीप कुमार यादव, 6.चंदन सरोज (7) कर्मचारी आलोक कुमार दुबे सभी लोग आजमगढ़ शाखा पर फील्ड कलेक्शन स्टफ (SM) के पद पर नियुक्त थे। और अलग अलग दिनों में ड्यूटी के दौरान महिला ग्राहकों से बैंक के ऋण की किश्ते और प्री पेमेंट अमाउंट लेकर बैंक में जमा नहीं किये स्वयं के उपयोग में लेकर बैंक की राशि गबन करके ब्रांच से भाग गए। सभी कर्मचारियों ने मिलकर 15 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि सभी कर्मचारियों ने मिलकर 15 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया है बैंक में जमा किए जाने वाले इस पैसे को स्वयं में उपयोग किया है। काफी प्रयास के बाद भी आज तक उपरोक्त सभी कर्मचारियों द्वारा बैंक का पैसा वापस नहीं किया गया है तथा सभी स्टफ द्वारा न्यास भंग का अपराध कारित करते हुये संस्था को भारी बित्तीय क्षति पहुँचाते हुये बैंक की छवि को भी फील्ड में खराब किया गया है। फ्राड की जानकारी कम्पनी के ऑडिट टीम द्वारा फील्ड वेरिफिकेशन एवं जांच के बाद सामने आयी है। अब जब यह स्पस्ट हो गया कि उक्त कर्मचारी बैंक का पैसा वापस नहीं करेंगे तो कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र दे रहे है। पुलिस के मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के नया बाजार तीन मल्लपुरा में अंबेडकर जयंती के दिन हुई कहासुनी के बाद बुधवार रात दो पक्षों में विवाद हो गया। इस झड़प में दोनों पक्षों के कुल छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष की ओर से घायल मुन्नी अहिरवार ने बताया कि वह नया बाजार तीन मल्लपुरा की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह उनका शशि अहिरवार से विवाद हुआ था, जिसकी शिकायत कोतवाली में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। लोहे के पाइप से किया हमला मुन्नी अहिरवार के अनुसार, उनके दोनों बेटे दोपहर में काम पर गए थे। रात में शशि अहिरवार और चिंटू ने उन पर, उनकी बेटी मीरा और बेटे शक्ति अहिरवार पर लोहे के पाइपों से हमला कर घायल कर दिया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, दूसरे पक्ष से घायल शशिकांत अहिरवार ने बताया कि उन्होंने किसी पर हमला नहीं किया। उनके अनुसार, उन पर और उनके भाई पर शिवम व अन्य लोगों ने हमला किया है। शशिकांत अहिरवार ने बताया कि बुधवार रात वे अस्पताल चौराहे पर बाबा साहब की प्रतिमा की सफाई करने के बाद घर लौटे थे, तभी उन पर हमला किया गया। अब विवाद की वजह जानिए शशि के अनुसार विवाद का कारण है बाबा साहब की जयंती के दिन एक रैली निकाली गई थी। वह वार्ड समिति के अध्यक्ष थे जिसमें शिवम शराब पीकर रैली में पहुंचा था। तब रैली में शामिल लोगों ने मुझसे कहा था कि तुम समिति के अध्यक्ष हो शिवम को रैली से अलग कर मैने शिवम को कहा था कि तुम शराब के नशे में हो यहां से चले जाओ नहीं तो मुझे पुलिस बुलानी पड़ेगी। इसी बात का बदला लेने के लिए शिवम ने बुधवार रात मेरे और मेरे भाई मधुकांत और साथी दुर्गेश रैकवार के ऊपर हमला कर दिया। दोनों ही पक्षों के घायलों की बयान दर्ज करने के लिए कोतवाली एसआई सियाराम सिंह अस्पताल पहुंची और मामले में जांच शुरू की गई।
अमहा घाट पुल के पास फिसली तेज रफ्तार बाइक:चालक घायल, सिर और हाथ-पैर में आई गंभीर चोट
मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र में तेज रफ्तार के कारण एक सड़क हादसा हो गया। हरफरी नदी के अमहा घाट पुल के पास एक बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे उस पर सवार 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना बुधवार देर रात करीब 10:30 बजे नईगढ़ी थाना क्षेत्र के नईगढ़ी कस्बे में हुई। हरफरी नदी के अमहा घाट पर बने पुल के पास तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में बाइक चालक पुल के किनारे नीचे जा गिरा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत घायल युवक को बाहर निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) नईगढ़ी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों की टीम उसका इलाज कर रही है। डॉक्टरों के अनुसार, युवक के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल युवक की पहचान रजनीश साकेत (18) पुत्र राम सिया साकेत, निवासी ग्राम छोटी चमड़ियां के रूप में हुई है। बताया गया है कि वह बुधवार देर रात नईगढ़ी बाजार से अपने घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हुआ। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बाइक की रफ्तार तेज थी, जिसके कारण पुल के पास उसका संतुलन बिगड़ गया और वाहन रेलिंग से टकराकर फिसल गया। युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के आसपास सुरक्षा इंतजाम और सड़क संकेतक लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
कर्ज में डूबने के बाद लालच में शराब तस्करी शुरू की। गुजरात में अवैध शराब का कारोबार शुरू किया। इस दौरान मामले भी पाटन (गुजरात) जिले के दो थानों में दर्ज हुए। 2 साल से फरारी काट रहा था। एएनटीएफ टीम ने निगरानी करते हुए गडरा नेड़ीनाडी, धोरीमन्ना घर से उसको दबोच लिया। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। फिलहाल पुलिस पूछताछ करने के साथ गुजरात पुलिस को सूचना दी है। आईजी विकास कुमार ने बताया- आरोपी जगदीश पुत्र तेजाराम गडरा नेदीवाडी धोरीमन्ना जिला बालोतरा का रहने वाला है। जगदीश ने 10वीं तक पढ़ा फिर पढ़ाई छोड़कर ड्राइवरिंग करने लगा। आरोपी की शादी होने के बाद घर का कर्जा अधिक होने से खुद पर कर्जा हो गया। घर पर रुपए मांगने वालों के साथ मारपीट कर देता था। लालच में आकर शुरू की शराब तस्करी आईजी ने बताया- 3 साल पहले जगदीश का संपर्क उसके ही गांव के शराब तस्कर से हुआ। जिसने गुजरात में शराब बंद होने से शराब तस्करी करने में अच्छे पैसे का लालच दिया। जगदीश मोटी कमाई के लालच में आकर गुजरात राज्य में शराब तस्करी का धंधा करने लगा। साल 2024 में गुजरात राज्य के पाटन जिले के चनासमा व हारीज थाना में शराब तस्करी का मामला दर्ज हुआ। 2 साल से गुजरात पुलिस का वांटेड आरोपी जगदीश 2 साल से फरार चल रहा था। एसपी पाटन, गुजरात ने जगदीश पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। 2 साल से फरार होकर भी शराब तस्करी का कारोबार करता रहा। इस पर मारपीट, शराब तस्करी के कुल 5 मामले दर्ज है। एएनटीएफ को भनक लगी वांटेड कभी-कभी आता था घर एएनटीएफ टीम जालोर को सूचना मिली कि गुजरात का 25 हजार रुपए का वांटेड इनामी जगदीश कभी-कभी अपने घर पर आता है। इस पर टीम ने आरोपी के आने-जाने की निगरानी रखनी शुरू की। घर आने की सूचना मिलने पर टीम ने प्लानिंग से दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया।
प्रयागराज में हुए एक ट्रेन हादसे में फिरोजाबाद के खैरगढ़ थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव निवासी 19 वर्षीय आकाश सहित पांच यात्रियों की मौत हो गई। यह घटना करछना थाना क्षेत्र के पचदेवरा गांव के पास दिल्ली-हावड़ा रूट पर हुई। आकाश पुत्र गिरिराज अपने रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता जा रहे थे। उनके साथ कोलकाता निवासी अजय पुत्र मुन्ना पासी भी यात्रा कर रहे थे। हादसे में पांच यात्रियों की हुई मौत जानकारी के अनुसार दिल्ली-हावड़ा रूट पर एक व्यक्ति ट्रेन से गिर गया था, जिसके बाद चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया गया। ट्रेन रुकने पर कई यात्री नीचे उतर गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से कालका मेल के पांच यात्रियों की मौत हो गई। इस हादसे में आकाश ने भी अपनी जान गंवा दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों के शरीर कई टुकड़ों में कट गए सूचना मिलते ही करछना थाने की पुलिस, एसीपी सुनील कुमार सिंह, जीआरपी और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भीषण था कि यात्रियों के शरीर टुकड़ों में कट गए थे। 30 मीटर तक रेलवे लाइन पर खून ही खून था। पुलिसकर्मियों ने टुकड़ों को बटोरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घर पर ग्रामीणों की भीड़ जमा घटना की सूचना मिलते ही पृथ्वीपुर गांव में शोक छा गया। परिजनों का बुरा हाल है। मृतक के घर पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
सारंडा के चड़राडेरा जंगल में बुधवार सुबह करीब 8 बजे से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। मुठभेड़ में कोबरा बटालियन-205 के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश और 4 जवान घायल हो गए। घायलों में इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश, जवान जितेंद्र राय, उत्तम कुमार सेनापति, शैलेश कुमार दुबे और प्रेम शामिल हैं। इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश आईईडी ब्लास्ट में घायल हुए हैं। वहीं, शैलेश कुमार दुबे को गर्दन, उत्तम कुमार सेनापति को हाथ और जितेंद्र राय को पैर में गोली लगी है। प्रेम को पैर में भी चोट आई है। जितेंद्र को छोड़कर अन्य घायलों को एयरलिफ्ट कर रांची इलाज के लिए भेजा गया। सभी का इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा को सुरक्षाबलों ने घेरासूत्रों के अनुसार, फोर्स ने करीब 10 किमी के दायरे में नक्सलियों की घेराबंदी कर रखी है। इस ऑपरेशन में एक करोड़ के इनामी नक्सली और पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के फंसे होने की सूचना है। मिसिर बेसरा को झारखंड-ओडिशा क्षेत्र में सक्रिय बड़े नक्सली नेताओं में गिना जाता है। एसपी बोले-नक्सलियों को भी लगी है गोली चाईबासा के एसपी अमित रेनु ने बताया कि मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ मुठभेड़ हो रही है। देर रात तक दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों को भी गोली लगने की सूचना मिली है। हालांकि, ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नक्सलियों को कितना नुकसान हुआ है। बालिबा में 29 पुलिसकर्मियों को मारा थामिसिर बेसरा ने सारंडा के बालीबा में अप्रैल 2004 को सबसे बड़े नक्सली कांड को अंजाम दिया था। यह हमला बेसरा के करियर का सबसे हिंसक अध्याय माना जाता है। इस हमले में 29 से 32 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। एक बार पकड़ाया था लेकिन बिहार के लखीसराय पुलिस पिकेट हमला में पेशी के दौरान कोर्ट से भाग गया था। कटहल तुड़ाई में विवाद के बाद बना नक्सलीमिसिर बेसरा का जीवन एक कट्टरपंथी आदिवासी छात्र से लेकर एक रणनीतिक कमांडर की कहानी है । झारखंड के गिरीडीह जिले के पीरटांड निवासी मिसिर बेसरा पीके राय धनबाद से हिंदी में बीए ऑर्नस की है। 1980 के दशक की शुरुआत में, जब बेसरा कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था, तब उसके गांव भगनाडीह में एक विशाल कटहल के पेड़ को गांव के दबंग लोगों ने काट दिया था। उसकी लकड़ी ले जाने की लड़ाई के बाद वह नक्सली बन गया। अक्टूबर 1985 में, उसने एक नक्सली सांस्कृतिक समूह 'अखिल भारतीय क्रांतिकारी सम्मेलन' के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। 1987 में उसने औपचारिक रूप से सशस्त्र विंग पहली बार बंदूक पकड़ी। मिसिर बेसरा को भास्कर, सुनील, सुनिर्मल, सागर, विवेक के नाम पर भी जाना जाता है।
इंदौर के इंदौर के खजराना इलाके स्थित रोबोट चौराहे पर ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान एसआई और बस एजेंसी संचालक के बीच विवाद हो गया। बस खड़ी कर सवारी भरने को लेकर शुरू हुई बहस ने तूल पकड़ लिया। एजेंसी संचालक ने एसआई पर पैसे मांगने का आरोप लगाया, जबकि एसआई ने उल्टा उन पर अभद्रता और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक एसआई सुरेंद्र सिंह ने शिवानी ट्रेवल्स की बस को रोबोट चौराहे पर सवारी भरते समय रोका। इसी बात को लेकर एजेंसी संचालक सुनील चौहान (निवासी मेघदूत नगर) से उनकी बहस हो गई। मौके पर सुनील का भतीजा यशराज भी मौजूद था। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और आसपास लोग इकट्ठा हो गए। VIDEO में धक्का-मुक्की के आरोप घटनास्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि एसआई सुरेंद्र सिंह ही पहले धक्का-मुक्की करते नजर आए। वहीं एसआई ने आरोप लगाया कि सुनील चौहान ने भीड़ के साथ मिलकर कॉलर पकड़ ली। इस दौरान एसआई ने खुद भी मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया और लोगों को चेतावनी देते दिखे। डायल-112 बुलाकर दोनों को थाने ले गए विवाद बढ़ने पर एसआई ने खजराना थाने पर सूचना दी और डायल-112 बुलाया। इसके बाद सुनील चौहान और उनके भतीजे को जबरन थाने ले जाया गया। देर रात पुलिस ने एसआई की शिकायत पर दोनों को थाने में बैठा लिया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उसी स्थान पर अन्य ट्रेवल्स की बसें भी रुकती हैं, लेकिन उन पर कभी कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने एसआई पर कुछ बस संचालकों से सांठगांठ के आरोप भी लगाए हैं। ट्रैफिक ड्यूटी को लेकर पहले भी उठे सवाल सूत्रों के मुताबिक शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक ड्यूटी “ठेके” के आधार पर लगाने के आरोप पहले भी लग चुके हैं। इसे लेकर विभाग पर सवाल उठते रहे हैं और कई शिकायतें पुलिस कमिश्नर तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि वरिष्ठ अफसर हमेशा नियमपूर्वक ही ड्यूटी लगाने की बात करते आए हैं। हाल ही में लवकुश चौराहे से ट्रैफिक चौकी हटाई गई थी, जबकि अन्नपूर्णा क्षेत्र में भी लेनदेन के आरोप में दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि बाद में उन्हें बहाल कर वहीं तैनात कर दिया गया था।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) आतंकवादियों की नर्सरी है। यह वही एएमयू है। जिसने हिंदुस्तान का विभाजन किया। आज भी यहां का माहौल वैसा ही है। यहां के बॉयज हॉस्टल अब पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अवैध हथियारों और फर्जी मार्कशीट के भंडारण केंद्र बन गए हैं। छात्र शहजाद के हॉस्टल से हथियार मिलना आंतकवादी होने की बात को पुख्ता करते हैं। सरकार से मांग है कि यूनिवर्सिटी में चल रहे अवैध धंधों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। जो भी दोषी हो उसे कड़ी सजा मिले। ये कहना है साध्वी प्राची। वह बुधवार को अलीगढ़ में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आई थी। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात की। एएमयू के हॉस्टल में हाल ही में मिले जाली नोट, कारतूस और फर्जी मार्कशीट समेत कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। आइए जानते हैं उन्होंने और क्या कुछ कहा है। एएमयू में नकली नोटों और हथियारों का धंधा हो रहा साध्वी प्राची ने कहा-एएमयू के हॉस्टल में जाली नोट, कारतूस मिलना ठीक बात नहीं है। यहां देश और विदेश से बच्चे अपना भविष्य बनाने आते हैं। वहां पर हथियारों और नकली नोटों का धंधा नहीं होना चाहिए। इससे छात्रों में गलत मैसेज जायेगा। उनके मन में भय की भावना भी पैदा होगी। इस पर रोक लगनी चाहिए। कैंपस में पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल बनाने की जरूरत है। जो कि अभी एएमयू में नहीं दिख रहा। शहजाद के खिलाफ रासुका लगनी चाहिए एएमयू के हॉस्टल में शहजाद के कमरे से हथियार और नकली नोट मिले थे। प्रिंसिपल ने उसे सस्पेंड कर मामले से पल्ला झाड़ लिया। ये काफी नहीं है। उसके खिलाफ रासुका लगनी चाहिए। वह आतंकवादी है। उसके कमरे से जो सामान मिले हैं वो इस बात को पुख्ता करते हैं। उसे हरगिज नहीं बख्शना चाहिए। उसकी गतिविधियों की बारीकी से जांच होनी चाहिए। एएमयू के अधिकारी सबसे बड़े भू-माफिया एएमयू के अधिकारी सबसे बड़े भू-माफिया हैं। जिन्होंने सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए। आखिर उनकी हिम्मत कैसे हुई सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की। उनके किन लोगों से कनेक्शन है इसका भी पता लगना चाहिए। अब जानिए शहजाद कौन है और उसका एएमयू से क्या कनेक्शन है थाना क्वार्सी थाना क्षेत्र की एफएम टावर के पास रिहायसी इलाके में 7 अप्रैल की रात को एक मकान में नकाबपोश युवक ने फायरिंग की थी। इसकी पहचान पुलिस को एएमयू छात्र शहजाद के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 8 अप्रैल को एएमयू के सर जियाउद्दीन हॉल में दबिश दी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी छात्र तो फरार हो गया था, लेकिन उसके कमरे से नकली नोट, फर्जी मार्कशीट, कारतूस और मैगजीन बरामद हुई थी। इस मामले में एएमयू प्रशासन ने आरोपी छात्र को निस्कासित कर दिया था। ये खबर भी पढ़िए- नोएडा बवाल- RJD की 2 महिला प्रवक्ताओं पर FIR, गलत VIDEO पोस्ट कर माहौल बिगाड़ने का आरोप नोएडा में 2 दिन हुए बवाल के बाद आज यानी बुधवार को फैक्ट्रियां खुल गई हैं। हालात सामान्य हैं। जगह-जगह फोर्स तैनात है। CCTV और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। 16 कंपनी RAF और पीएसी लगाई गई है। नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80, फेस 2 में पुलिस ने फ्लैगमार्च किया। इस बीच, नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में राजद की दो महिला प्रवक्ताओं कंचना यादव और प्रियंका भारती पर FIR दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़िए
बांधवगढ़ में बाघ शावक की मौत, क्षत-विक्षत शव मिला:दूसरे बाघ के हमले की आशंका, संघर्ष के सबूत मिले
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र में एक पांच माह के बाघ शावक का शव मिला है। प्रारंभिक जांच में यह मामला बाघों के आपसी संघर्ष का बताया जा रहा है, जिसमें दूसरे बाघ द्वारा हमले की आशंका जताई गई है। अधिकारियों को पनपथा कोर परिक्षेत्र के बघडो बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक आरएफ 443 में शावक का क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर शावक का शव टुकड़ों में मिला, जिससे आपसी संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले। जांच के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली गई और आसपास के क्षेत्र में पैदल गश्त भी की गई। अधिकारियों को मौके पर दूसरे बाघ के पगमार्क भी मिले हैं, जिससे आपसी संघर्ष की आशंका और पुख्ता हुई है। इस घटना के बाद बुधवार को पूरे टाइगर रिजर्व प्रबंधन में हलचल मच गई। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी है और हाथियों के जरिए गश्त शुरू कर दी है, ताकि क्षेत्र में किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखी जा सके। डॉक्टरों की टीम ने शावक का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कर दिया है। वन विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
बलिया के बेल्थरा रोड में शादी का झांसा देकर यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार वन दरोगा प्रकरण ने अब बड़ा और गंभीर रूप ले लिया है। पीड़िता की नई तहरीर पर उभांव थाना में वन दरोगा उग्रसेन कुमार जायसवाल के साथ-साथ निलंबित थाना प्रभारी संजय शुक्ला और तत्कालीन विवेचक नरेश कुमार मलिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों नामजद आरोपियों पर केस दर्ज पुलिस के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 75, 79 व 351(3) के तहत तीनों नामजद आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि मुख्य आरोपी उग्रसेन कुमार जायसवाल और निलंबित थाना प्रभारी संजय शुक्ला उस पर लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे। इसके लिए पैसे का लालच देने के साथ ही जान-माल की धमकी भी दी जा रही थी। पीड़िता पर अकेले मिलने का दबाव बनाया पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि तत्कालीन विवेचक नरेश कुमार मलिक फोन और व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से बार-बार संपर्क कर उसे अकेले में मिलने के लिए दबाव बनाते थे। मना करने पर चार्जशीट सही तरीके से न दाखिल करने की धमकी दी जाती थी। साथ ही विरोध करने पर अश्लील और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया गया है। डीआईजी आजमगढ़ से पीड़िता ने की थी शिकायत गौरतलब है कि इससे पहले इसी मामले में पीड़िता ने डीआईजी आजमगढ़ से मिलकर पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले जहां पहले क्राइम इंस्पेक्टर व बाद में उभांव एसएचओ को भी निलम्बित कर दिया गया था। आरोपी वन दरोगा को भेजा गया था जेल वन दरोगा पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, वहीं पुलिस महकमे के ही अधिकारियों पर लगे आरोपों व निलम्बन से विभाग में हड़कंप मचा हुआ था। अब तीनों के खिलाफ नया मामला दर्ज होने से अब सभी की नजर उच्चाधिकारियों की अगली कार्रवाई पर टिक गई है।
प्रदेश के नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने, निकायों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने और निकायों की खाली भूमि के आर्थिक उपयोग करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला आज से भोपाल में शुरू हो रही है। नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। इसमें एक लाख से अधिक आबादी वाले निकायों के अधिकारी शामिल होंगे। भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन मैनेजमेंट (SPNIUM) में होने वाली इस कार्यशाला का लक्ष्य नगरीय निकायों में राजस्व संवर्धन, शहरी सुधारों और सतत् वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श करना है। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे कार्यशाला में विभागीय सुधारों पर वक्तव्य देंगे। विशेषज्ञ नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि 16 और 17 अप्रैल को होने वाली कार्यशाला के दौरान मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए विषय विशेषज्ञ, अनुभवी अधिकारी और शहरी नियोजन के जानकार अपने नवाचारों और अनुभवों को साझा करेंगे। आयोजन प्रदेश के नगरीय निकायों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा। कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शहरी सुधार से जुड़े विषयों पर प्रजेंटेशन होंगे। इसमें मुख्य रूप से निकायों की खाली भूमि के आर्थिक उपयोग (लैंड मोनेटाइजेशन), शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) के पुन: उपयोग की संभावनाओं, संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) संग्रहण में सुधार और लीज रेंट जैसे विषयों को शामिल किया गया है। साथ ही, कार्यप्रणाली में आधुनिकता और पारदर्शिता लाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) आधारित टूल्स, जैसे यूसीएफ, एईबीएएस और स्पैरो के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी, ताकि प्रशासनिक कार्यों को और अधिक सुगम और उत्तरदायी बनाया जा सके। निकायों के राजस्व में होगी वृद्धि कार्यशाला में नगर निकायों द्वारा अपनाई जा रही सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) को भी साझा किया जाएगा। इसके माध्यम से अन्य निकायों को सफल आर्थिक और प्रशासनिक मॉडलों को समझने और उन्हें अपने स्थानीय स्तर पर लागू करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद से स्थानीय निकायों के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इस कार्यशाला में विभाग के नवनियुक्त मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs) को भी बुलाया गया है, ताकि वे अपने सेवा काल के शुरुआती दौर में ही शहरी प्रबंधन की आधुनिक बारीकियों और वित्तीय अनुशासन से परिचित हो सकें।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस रिजल्ट में जयपुर की राशिका सैनी ने 99.8% अंक हासिल किए हैं। राशिका ने बताया- इस सफर में मेरी फैमिली, दोस्तों और टीचर्स ने काफी मदद की। अब नीट देकर मैं डॉक्टर बनना चाहती हूं। वहीं जयपुर की ज्योतिका रावजानी, कृति मीणा और रूपल शर्मा ने 99% नंबर हासिल किए हैं। इसके अलावा अविरल जैन ने 98.80% नंबर हासिल किए हैं। ऐसा पहली बार हुआ है, जब अप्रैल में रिजल्ट जारी किया गया है। राजस्थान रीजन का रिजल्ट 94.78 प्रतिशत रहा। पिछले साल 95.44 प्रतिशत रिजल्ट था। इस साल रिजल्ट कम हुआ है। रिजल्ट में अजमेर रीजन 10वें नंबर पर रहा। देशभर में इस साल लगभग 25 लाख स्टूडेंट्स CBSE बोर्ड 10वीं की सेशन-1 परीक्षा में शामिल हुए। कैंडिडेट्स ऑफिशियल वेबसाइट results.cbse.nic.in और उमंग एप पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। स्टूडेंट्स अपने रोल नंबर की मदद से ऑनलाइन मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं। 15 मई से होंगे CBSE 10th सेशन-2 एग्जाम इस साल सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षा नए टू बोर्ड सिस्टम के तहत आयोजित की है। पहला बोर्ड एग्जाम (अनिवार्य) 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 को हुआ था। वहीं दूसरा बोर्ड एग्जाम (ऑप्शनल) है, जो 15 मई से 1 जून 2026 तक होगा। 10वीं बोर्ड सेशन-2 एग्जाम उन स्टूडेंट्स के लिए है जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं। इसमें अधिकतम 3 विषयों में सुधार का मौका मिलेगा। इसके अलावा 2 विषयों में फेल छात्रों को कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा गया है, जो दूसरा एग्जाम दे सकते हैं। तीन या इससे ज्यादा सब्जेक्ट में फेल छात्रों को 2027 का मेन एग्जाम देना होगा। आगे होनहारों की फोटोज देखें…
छिंदवाड़ा शहर के परासिया रोड स्थित वंदना लॉन में गुरुवार सुबह आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने एक रिटायर्ड अधिकारी से जुड़े ठिकाने पर दबिश दी है। टीम लॉन परिसर में बने मकान के अंदर जांच कर रही है और गोपनीयता बनाए रखने के लिए मुख्य गेट बंद कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात है और ईओडब्ल्यू की यह कार्रवाई दोपहर तक जारी रहने की संभावना है। लॉन परिसर में संचालित होता है प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का दफ्तर जानकारी के अनुसार, जिस वंदना लॉन परिसर में ईओडब्ल्यू की टीम जांच कर रही है, वहीं पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय भी संचालित होता है। गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में पहुंचे ईओडब्ल्यू के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई शुरू करते ही परिसर का मुख्य गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे जांच की गतिविधियों को पूरी तरह गोपनीय रखा जा सके। EOW अधिकारियों ने की रेड की पुष्टि, जांच के बाद देंगे जानकारी इस मामले में मौके पर मौजूद ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने अभी तक सिर्फ रेड की पुष्टि की है और किसी भी तरह की विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई खत्म होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर जानकारी साझा की जाएगी। कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है। फिलहाल पूरे मामले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
कानपुर के सचेंडी कस्बे में बुधवार देर शाम पुलिस ने हाईटेक तरीके से बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करों के ठिकाने पर छापा मारा। तीन ड्रोन कैमरों के साथ 70 पुलिस वालों ने पूरे इलाके को घेर लिया। दौड़ाकर सात महिलाओं समेत एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 3.3 किलो गांजा और 92 हजार कैश बरामद हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि अवैध गांजा कारोबार सचेंडी थाने से महज कुछ दूरी पर ही संचालित हो रहा था। एडीसीपी क्राइम सुमित रामटेके और ट्रेनी आईपीएस सुमेध मिलिंद जाधव के नेतृत्व में टीम ने ड्रोन से निगरानी कर छापेमारी की, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। 2 तस्वीरें देखिए- फरार आरोपी ड्रोन में कैद हैं पुलिस के अनुसार, मुखबिर से लगातार अवैध तस्करी की सूचना मिल रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 3 किलो 300 ग्राम गांजा और करीब 92 हजार रुपए नकद बरामद किए। कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान ड्रोन फुटेज के आधार पर की जा रही है। पान मसाला की दुकानों से बिक रहा था गांजा जांच में सामने आया कि आरोपी पान मसाला की गुमटियों से गांजा बेच रहे थे। एक पुड़िया करीब 3 ग्राम की होती थी, जिसे 50 रुपये में बेचा जाता था।पुलिस के मुताबिक, ये लोग रोजाना हजारों पुड़िया बेचते थे और बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। 7 महिलाएं और 1 युवक गिरफ्तार छापेमारी में माया गिहार, करिश्मा गिहार, दीपा समेत सात महिलाओं और इंद्रपाल गिहार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बिधनू, कंजड़न पुरवा और मध्य प्रदेश से गांजा सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस बोली- नेटवर्क पूरी तरह तोड़ेंगे पुलिस अब फरार आरोपियों और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन के जरिए निगरानी कर ऐसे अवैध कारोबारों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
रोहतक DIPRO को किया सस्पेंड:सीएम रैली में माइक में हुई गड़बड़, विभाग ने जारी किए आदेश
रोहतक के डिस्ट्रिक इनफोरमेशन एंड पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (DIPRO) संजीव सैनी पर विभागीय कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया गया है। सस्पेंड करने के पीछे महम में 5 अप्रैल को हुई सीएम की विकास रैली में माइक में हुई गड़बड़ी बताई जा रही है। सीएम की 5 अप्रैल को महम में विकास रैली थी, जिसमें मंच पर दो डाइस रखे गए थे। एक डाइस पर सभी मंत्रियों व नेताओं ने संबोधन दिया था। सीएम के लिए अलग से दूसरी तरफ डाइस लगाया गया था। रैली के अंत में जब सीएम संबोधन करने के डाइस पर गए तो माइक की आवाज खराब हो गई। माइक की आवाज खराब होने के कारण सीएम दूसरे डाइस पर गए, जहां से संबोधन दिया। माइक की आवाज खराब होने के पीछे टैक्निकल फाल्ट बताया, क्योंकि रैली शुरू होने से पहले दोनों माइक को चैक किया गया था और साउंड सही था। अचानक फाल्ट होने के कारण गडबड़ी हुई, जिसके लिए DIPRO संजीव सैनी को सस्पेंड किया गया है। सवा साल की बची है नौकरी संजीव सैनी DIPRO के पद पर कार्यरत है और अभी नौकरी का सवा साल बचा हुआ है। नौकरी के दौरान पहली बार उनके ऊपर कार्रवाई हुई है। जबकि रैली से पहले माइक ठीक था, जिसे चैक भी किया गया था। लेकिन अचानक फाल्ट होने के कारण साउंड में दिक्कत हुई, जिसके लिए संजीव सैनी को सस्पेंड कर दिया।
औरैया: बिधूना थाना क्षेत्र में डेढ़ वर्ष पुराने नाबालिग से छेड़खानी के मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी लल्ली गुप्ता को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी लल्ली गुप्ता को यह सजा परिजनों की उपस्थिति में नाबालिग से छेड़खानी करने के दुस्साहसिक कृत्य के लिए दी गई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषी लल्ली गुप्ता जनपद का 'टॉप टेन' अपराधी है। उसके खिलाफ कुल 20 मुकदमे दर्ज हैं, जो उसके लंबे आपराधिक इतिहास को दर्शाता है। यह घटना 9 अक्टूबर 2024 को हुई थी। वादी ने 10 अक्टूबर 2024 को बिधूना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वादी के रिश्तेदार तिर्वा में बच्चे का मुंडन कराने गए थे, जिसमें उसकी नाबालिग पोती (पीड़िता) भी शामिल थी। रास्ते में लल्ली गुप्ता ने पीड़िता का हाथ पकड़कर उसके साथ छेड़खानी की। यह दुस्साहसिक कृत्य वादी मुकदमा की उपस्थिति में किया गया था। जब परिजनों ने आरोपी की इस हरकत पर आपत्ति जताई, तो उसने घर के दरवाजे पर आकर फायरिंग की और धमकी भी दी। तहरीर के आधार पर बिधूना थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस मामले का विचारण विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम की अदालत में हुआ। बुधवार को इस पर निर्णय सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो मृदुल मिश्र ने बहस के दौरान कहा कि आरोपी ने परिवारजनों की उपस्थिति में पीड़िता से छेड़खानी कर एक दुस्साहसिक कृत्य किया है। उन्होंने दोषी के लंबे आपराधिक इतिहास और समाज में एक कड़ा संदेश देने के लिए उसे कठोरतम सजा देने की मांग की थी। दोषी को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया है।
सीतापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोर्ट कर्बला में पुरानी रंजिश को लेकर पड़ोसियों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवक घर में घुस आए और महिलाओं व पुरुषों के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना में एक महिला सहित उसके दो बेटे घायल हो गए। पीड़िता शायरा बानो, पत्नी स्वर्गीय सलीम, ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि बुधवार देर शाम पुरानी रंजिश के चलते पड़ोस के रहने वाले लियाकत, रियासत, मुन्ना और बॉबी ने अचानक उनके घर पर हमला कर दिया। आरोपियों ने घर में घुसकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों को भी नहीं बख्शा गया। इस हमले में शायरा बानो और उनके दो बेटे फरीद व कदीर को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के दौरान घर के बाहर हुई मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच हो रही कहासुनी और मारपीट साफ देखी जा सकती है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल परीक्षण कराते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी अनूप शुक्ला का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वायरल वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के शाजापुर में वसूली के लिए एक परिवार ने गैंग बनाई। इसमें पति–पत्नी और बेटा–बहू शामिल थे। सरगना सोशल मीडिया पर लोगों से दोस्ती करती और वीडियो बनाकर रेप केस में फंसाने की धमकी देती थी। बाकी तीनों पैसे लाने और धमकाने में मदद करते थे। आरोपियों ने दुष्कर्म की धमकी देकर एक बुजुर्ग से 33 लाख रुपए वसूले और सब-इंस्पेक्टर को भी ठगा। सरगना पार्वती बैरागी अनपढ़ है, लेकिन लिखना–पढ़ना जानती है। पति राजेंद्र बैरागी इकलेरा मंदिर में पूजा-पाठ करता है। बेटा शरद बैरागी 10वीं पास और पेशे से ड्राइवर है। उसकी पत्नी संजना बैरागी 12वीं पास है। पुलिस ने 11 अप्रैल को चारों को शुजालपुर से गिरफ्तार किया। आरोपियों से 10 लाख रुपए और कार बरामद हुई। 11 अप्रैल को चारों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 12 अप्रैल को उन्हें जमानत मिल गई। उनके मोबाइल जब्त कर जांच में लिए गए हैं। आरोपी महंगे कपड़े, मोबाइल और लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए ऐसा करते थे। दैनिक भास्कर ने कोतवाली प्रभारी संतोष वाघेला से बात कर गैंग के बारे में जानकारी ली। मंदिर में मुलाकात, वीडियो कॉल पर बातचीत शुरू हुई टीआई संतोष वाघेला ने बताया कि 10 अप्रैल को शाजापुर के रमेशचंद्र पाटीदार (70) ने कोतवाली में शिकायत की। उन्होंने कहा- साल 2023 में भरड़ के शिवमंदिर में पार्वती और राजेंद्र बैरागी से मुलाकात हुई थी। मैंने 50 रुपए दान दिया। उन्होंने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया। कुछ दिन बाद पार्वती का कॉल आया। उसने बीमारी का बहाना कर 20 हजार रुपए मांगे, लेकिन मैंने मना कर दिया। बाद में वीडियो कॉल आया। करीब 20 मिनट बात हुई। उसने पूछा कि मैं कैसी लग रही हूं। मैंने कहा– अच्छी लग रही हो। फिर कॉल कट हो गया। दो दिन बाद कॉल कर कहा कि वीडियो पति और बेटे ने देख लिया है। वे घर आकर झगड़ा करेंगे, इसलिए 5 हजार रुपए दे देना। शाम को राजेंद्र और शरद घर आए और रुपए ले गए। कहा- वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम कर देंगे कुछ दिन बाद शरद का कॉल आया। कहा- तुम्हारा वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम कर देंगे और झूठे रेप केस में फंसा देंगे। पांच लाख रुपए मांगे, घबराकर मैंने दे दिए। पार्वती मेरे गांव की होने से उसे पता था कि मैंने जमीन बेची है। इसके बाद वे कभी एक लाख, कभी पांच लाख, तो कभी दो लाख रुपए मांगते रहे। दो साल में मैं करीब 33 लाख रुपए नकद दे चुका हूं। अब फिर 20 लाख रुपए मांग रहे हैं। उन्होंने खाली शपथपत्र पर मेरे साइन भी करवा लिए थे। गांव का होने से बढ़ाई पहचान, फिर बनाया शिकार पुलिस जांच में सामने आया कि रमेशचंद्र पाटीदार और पार्वती बैरागी की मुलाकात उसके मायके गांव भरड़ में हुई थी। वहीं उसे पता चला कि रमेशचंद्र ने जमीन बेचकर पैसा कमाया है। यहीं से पार्वती ने साजिश शुरू की। पूछताछ में पता चला कि परिवार ने 2023 में गिरोह बनाया था। अब तक पांच लोगों से लाखों रुपए ठग चुके हैं। कुछ पीड़ितों ने डर के कारण शिकायत नहीं की। बुजुर्ग और सीधे–सादे लोग गैंग का सॉफ्ट टारगेट जांच में सामने आया कि आरोपियों का टारगेट सीधे-साधे और 50 साल से अधिक उम्र के लोग थे। ब्लैकमेलिंग का तरीका सुनियोजित था। पार्वती पहले दोस्ती करती, फिर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर बातचीत बढ़ाती। इसके बाद वीडियो कॉल कर रिकॉर्डिंग की जाती। वीडियो वायरल करने, झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने, बदनाम करने और जान से मारने की धमकी देकर पैसे वसूलते थे। रिकॉर्ड से बचने के लिए कैश में वसूली करते थे ये लोग पूरा पैसा कैश में लेते थे। रिकॉर्ड से बचने के लिए बैंक और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से दूर रहते थे। अलग-अलग जगह बुलाकर किश्तों में रकम वसूलते थे। इन पैसों का इस्तेमाल ऐशो-आराम में करते थे। उन्हें महंगे कपड़े और घूमना-फिरना पसंद था। आष्टा में वे खुद का मकान बनवा रहे थे। मास्टरमाइंड पार्वती के पास आईफोन था, जबकि बाकी सदस्य महंगे एंड्रॉयड फोन इस्तेमाल करते थे। SI को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी दी थी साल 2023 में आरोपी पार्वती ने शुजालपुर थाने में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर आजाद चौधरी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया। आजाद चौधरी ने बताया कि पार्वती का उनके घर आना-जाना था। इसी दौरान उसने फोटो-वीडियो बना लिए। बाद में इन्हीं का इस्तेमाल कर 40 हजार रुपए की मांग की। नहीं देने पर दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद पार्वती ने मामला दर्ज करा दिया। मामले में सहयोगी सब-इंस्पेक्टर छत्रसाल भी बीच-बचाव के लिए पहुंचे, लेकिन पार्वती ने उन्हें भी आरोपी बनवा दिया। ये खबर भी पढ़ें… बुजुर्ग से 33 लाख की ब्लैकमेलिंग, 4 आरोपी गिरफ्तार शाजापुर में एक बुजुर्ग व्यक्ति से ब्लैकमेलिंग कर 33 लाख रुपए की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में रविवार को दो महिलाओं और दो पुरुषों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…
मऊ जिले में बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी (एसडीओ) अमित कुमार का पैसे के लेनदेन से जुड़ा एक ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मामले की जांच के आदेश दिए और एसडीओ अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश जारी किया। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एसडीओ अमित कुमार के कथित वायरल वीडियो का संज्ञान लिया। उन्होंने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार से बात कर मामले की गहन जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ए.के. शर्मा के निर्देशों के बाद प्रबंध निदेशक शंभू कुमार ने उपखंड अधिकारी (एसडीओ) अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। इस मामले में मुख्य अभियंता, आजमगढ़ ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मऊ जिले के डिवीजन प्रथम के एसडीओ द्वितीय अमित कुमार के खिलाफ वायरल आपत्तिजनक वीडियो के संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन किया गया है। प्रकरण की विभागीय जांच जारी है। मंत्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट किया कि इस तरह के मामले किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन की छवि धूमिल करने वाले और अनुशासनहीनता में लिप्त अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रीवा जिले की त्योंथर तहसील के ग्राम चन्दई में गेहूं फसल सत्यापन में गड़बड़ी करने पर प्रशासन ने पटवारी शारदा प्रसाद तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बुधवार देर रात कलेक्टर के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है। पटवारी ने करीब 3000 वर्ग फीट के तालाब और खाली पड़ी जमीन पर गेहूं की फसल दर्ज कर दी थी। विभागीय शिकायत के बाद मामला उजागर हुआ और कोई फायदा लेने से पहले ही गड़बड़ी पकड़ ली गई। वर्तमान में पटवारी का मुख्यालय त्योंथर तहसील निर्धारित किया गया है। मौके से बनाई थी रिपोर्ट, इसलिए माना गया दोषी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) त्योंथर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पटवारी हल्का चन्दई के प्रभारी शारदा प्रसाद तिवारी ने ग्राम चन्दई की आराजी नंबर 248/1 एवं 250 में 3000 वर्ग फीट के तालाब और खाली पड़ी भूमि पर गेहूं की फसल दर्ज कर दी थी। प्रशासन ने माना कि पटवारी ने मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार की थी, इसके बावजूद गलत जानकारी दी गई। इसलिए उन्हें सीधे तौर पर दोषी माना गया और उनकी तरफ से कोई सफाई भी नहीं ली गई। दोबारा जांच के बाद भी नहीं सुधारी रिपोर्ट शिकायत मिलने पर प्रशासन ने मामले का दोबारा सत्यापन भी कराया था, लेकिन इसके बाद भी पटवारी ने अपनी रिपोर्ट में कोई सुधार नहीं किया था। हालांकि, समय रहते मामला पकड़ में आ गया, जिससे इस फर्जी सत्यापन के आधार पर किसी तरह का आर्थिक या सरकारी फायदा लेने से पहले ही गड़बड़ी रोक दी गई। कदाचार के आरोप में कार्रवाई, मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता जांच में स्पष्ट हुआ कि पटवारी ने कार्य में भारी लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता बरती है। इसे कदाचार मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील त्योंथर रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
बिजनौर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर खतरनाक स्टंट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ युवक अपनी जान जोखिम में डालकर तलवार से प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। गर्दन पर तलवार रखकर नारियल फोड़ा वायरल वीडियो में एक युवक दूसरे युवक की गर्दन पर कुल्हाड़ी रखकर बैठा है, जिस पर नारियल रखा हुआ है। तीसरा युवक डंडे से उस नारियल को तेजी से मारकर काटता है। यह दृश्य देखकर वीडियो में मौजूद लोग हैरान रह गए। यह वीडियो बुधवार रात को वायरल हुआ और डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के दिन का बताया जा रहा है। जोकि बिजनौर का बताया गया है। अंबेडकर जयंती पर निकाली गई थी शोभायात्रा जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं और शोभायात्राएं निकाली गई थीं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में चर्चा का माहौल है, जहां वे इस तरह के जोखिम भरे प्रदर्शनों पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
उस काली रात ने हमारा सब कुछ छीन लिया। डकैतों ने पिता के दोनों हाथ काट दिए, फिर भी वे लड़ते रहे। पिता शहीद हुए तो सदमे में मां और छोटी बहन भी चल बसीं। आज 44 साल बाद जब पुलिस महकमे ने उन्हें याद किया है, तो लग रहा है कि उनकी शहादत अमर हो गई। यह कहते हुए बांसवाड़ा की जगपुरा चौकी प्रभारी करण सिंह (49) की आंखें भर आईं। वे उन जांबाज कॉन्स्टेबल मानसिंह के छोटे बेटे हैं, जिनकी बहादुरी की कहानी 44 साल बाद जनता के सामने आई है। राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस पर आज (गुरुवार) जिला पुलिस लाइन में इस वीर सपूत को मरणोपरांत विशेष सम्मान दिया गया। मानसिंह बांसवाड़ा के गढ़ी थाना इलाके के चिरोडिया के रहने वाले थे। 3 मार्च 1982 की वह खौफनाक रात घटना 3 मार्च 1982 की है। मानसिंह घाटोल चौकी (थाना खमेरा) में तैनात थे। रात के सन्नाटे में सूचना मिली कि बैंक ऑफ बड़ौदा में 8-10 हथियारबंद डकैत घुस आए हैं। मानसिंह अकेले गश्त पर थे, लेकिन उन्होंने बैकअप का इंतजार करने के बजाय अकेले ही डकैतों को ललकारा। साहस दिखाते हुए मानसिंह ने एक लुटेरे को दबोच लिया। अपने साथी को फंसता देख बाकी डकैतों ने मानसिंह पर तलवारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। वार इतने घातक थे कि मानसिंह के दोनों हाथ कटकर अलग हो गए। लहूलुहान होने के बावजूद वे पीछे नहीं हटे। एक निहत्थे और घायल जवान का ऐसा रौद्र रूप देख डकैत घबराकर भाग खड़े हुए। बैंक तो बच गया, लेकिन राजस्थान पुलिस का यह हीरा कुछ ही देर में वीरगति को प्राप्त हो गया। शहादत के बाद उजड़ गया परिवारशहीद मानसिंह के पीछे उनका परिवार पूरी तरह टूट गया। करण सिंह बताते हैं कि पिता की शहादत के महज दो महीने बाद ही उनकी छोटी बहन का निधन हो गया। मां नारायण कुंवर पति का वियोग और यह भयावह दृश्य सहन नहीं कर पाईं और 6 जून 1982 को उन्होंने भी दम तोड़ दिया। पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री से सम्मानित हो चुकेमानसिंह (शहीद) के छोटे बेटे करण बताते हैं- मैं तब 5 साल का था और बड़ा भाई 7 साल का। अनाथ होने के बाद मामा नरपत सिंह ने हमें संभाला। आज हम दोनों भाई पुलिस और प्रशासन में सेवा दे रहे हैं। यह पिता के ही आशीर्वाद का फल है।मैं बांसवाड़ा के मोटागांव थाने में तैनात हूं और वर्तमान में जगपुरा पुलिस चौकी प्रभारी हूं। बड़े भाई दिगपाल सिंह अभियोजन विभाग में अतिरिक्त सहायक प्रशानिक अधिकारी हैं। उनकी पोस्टिंग प्रतापगढ़ जिले में है। 1982 में तत्कालीन एसपी रामावतार सिंह ने हम दोनों भाइयों को 'पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री' सम्मान सौंपा था। एसपी की पहल... फाइलों में दबी बहादुरी को मिला 'शहीद' का दर्जाबांसवाड़ा एसपी सुधीर जोशी ने जब जिले के पुराने रिकॉर्ड खंगाले, तो मानसिंह के इस सर्वोच्च बलिदान की फाइल सामने आई। एसपी ने महसूस किया कि जिस जवान ने फर्ज के लिए अपने अंग कटवा दिए, उसे वह सम्मान नहीं मिला जिसका वह हकदार था। सम्मान के लिए उठाए ये कदम… पहली बार- 44 साल बाद किसी जवान को मरणोपरांत यह गौरवजिले के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जब चार दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद किसी कॉन्स्टेबल की शहादत को पुनर्जीवित कर उन्हें 'शहीद' का दर्जा और सम्मान दिया जा रहा है। एसपी सुधीर जोशी के मुताबिक, मानसिंह का बलिदान आज की पीढ़ी के लिए मिसाल है। वे अकेले 10 डकैतों से लड़ गए, यह कोई साधारण वीरता नहीं है। आज जब राजस्थान पुलिस अपना स्थापना दिवस मना रही है, तब शहीद मानसिंह की कहानी यह याद दिलाती है कि खाकी का मान बढ़ाने के लिए जवान किस हद तक अपना लहू बहाते हैं।
गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को सुरक्षा भवनों का उद्घाटन करेंगे। इसे गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। दोनों भवनों को बनाने में 9 करोड़ 18 लाख रुपये की लागत आयी है। दोनों भवन एक-दूसरे से लगे हुए हैं। स्टिल्ट प्लस 4 तल के दोनों भवन बनाए गए हैं। यहां अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय एवं कंट्रोल रूम होगा। इसके साथ ही पुलिस स्टोर रूम एवं मेंटीनेंस वर्कशॉप भी इसमें बनाया गया है। मंदिर परिसर से सटे इन भवनों का लोकार्पण करने के बाद सीएम उपस्थित लोगों को संबोधित भी करेंगे। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की तैयारी की जा चुकी है।
गोकुल में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती:भव्य शोभायात्रा निकाली गई, लोगों ने समानता का संकल्प लिया
मथुरा के गोकुल क्षेत्र में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बुधवार देर रात एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद शोभायात्रा 11 नंबर मोड़, गोकुल से प्रारंभ होकर क्षेत्र के विभिन्न मार्गों से गुजरी। शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में नीले झंडे लेकर बाबा साहेब अमर रहें के नारे लगाए। महिलाएं और पुरुष डीजे की धुन पर गीतों के साथ झूमते नजर आए, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो गया। यात्रा के दौरान जगह-जगह स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे आयोजन का उत्साह और बढ़ गया। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में समानता, भाईचारे और न्याय की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया। आयोजन ने सामाजिक समरसता और एकता का मजबूत संदेश दिया।
कोटा में ट्रक ड्राइवर से साढ़े 12 लाख की लूट के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। जबकि वारदात शामिल अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार एक आरोपी बलराम उर्फ बल्लू बूंदी जिले के सथूर गांव का रहने वाला है। जबकि दूसरा आरोपी देवेश कोटा के बोरखेड़ा इलाके का रहने वाला है। बलराम उर्फ बल्लू पॉस्को के मामले में 7 साल जेल काट चुका। कनवास थाना SI सुरेश कुमार ने बताया की 6 अप्रैल को फल सब्जी मंडी व्यापारी सुखलाल ने थाने में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि वो माल मंगवाने के लिए ट्रांसपोर्ट कंपनी से गाड़ी मंगवाता है। महाराष्ट्र के उस्मानाबाद से अंगूर मंगवाने के लिए शाम 5 बजे गाड़ी रवाना की। दुकान पर ठेकेदारी काम करने वाले घनश्याम के हाथ से चीकू के कार्टून में अखबार के बंडल में 12 लाख 77 हजार गाड़ी में खलासी साइड के कोने में रखे थे। ये पैसे माल खरीदने के बाद किसान को देने थे। शाम 5 बजे गाड़ी रवाना हुई। 6:30 बजे ट्रक ड्राइवर जितेंद्र ने फोन करके बताया कि किसी ने चलती गाड़ी में रस्सी काट दी है। इसके आधे घंटे बाद गाड़ी मालिक ने बताया-अज्ञात बदमाश दरा में कार्टून फेंक कर गाड़ी से पैसे लूट कर ले गए हैं। जिस पर गाड़ी मालिक के साथ दरा पहुंचा। ट्रक ड्राइवर ने बताया दो बाइक पर चार-पांच बदमाश आए। एक ने गाड़ी के ऊपर चढ़कर कार्टून फेक और गाड़ी में रखे पैसे लेकर भाग गया। उनमें से एक के पास चाकू भी था।शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। संदिग्ध बदमाशों की पहचान की। सायबर सेल के ASI भूपेन्द्र हाडा व डीएसटी के हेड कॉन्स्टेबल मोरमुकुट सिंह के इनपुट पर बलराम को बूंदी जिले के सथूर से पकड़ा, जबकि देवेश को कोटा के बोरखेड़ा इलाके से पकड़ा। पूछताछ में सामने आया लूट में शामिल एक बदमाश फल सब्जी मंडी में काम करता है। उसको पता था की गाड़ी में पैसे रखे जाते हैं। जिसके पास बदमाशों ने कोटा से ही रेकी की, और वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तारआरोपियों की शिनाख्त करवाई जाएगी।
जनगणना-2027 के लिए आज जनपद में आज गुरुवार से प्रशिक्षण का कार्य शुरू हो रहा है। प्रशिक्षण के लिए जनपद में 16 प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं जहां पर एक्सपर्ट प्रगणक व सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देंगे। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए यहां पर 3117 प्रगणक और 523 सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगाई गई है। इन सभी को जाेनवार प्रशिक्षण कार्य करना होगा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल मोड में होगी। जो मास्टर टेनर्स ट्रेनिंग देंगे वह एचएलओ मोबाइल एप के बारे में पूरी बारीकी से बताएंगे ताकि फील्ड में उतरने के बाद उन्हें कोई असुविधा न हो। जिनकी भी ड्यूटी इस कार्य में लगाई गई है उन्हें शत प्रतिशत उपस्थित होना होगा अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई भी की जाएगी। 33 बिंदुओं पर जानकारी जुटाएंगे प्रगणक इस पर जो प्रगणक घर घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे वह परिवार से संबंधित पूरा डिटेल मोबाइल में ही एप पर भरेंगे। इसमें 33 बिंदुओं पर जानकारी मांगेंगे। इसमतें मकानों की गणना, मकान की हालत, प्रत्येक व्यक्ति की गणना, परिवार के मुखिया का नाम, परिवार किस जाति का है, जैसे 33 सवालों का जवाब पूछेंगे। इसके साथ ही इंटरनेट, लैपटाप, टेलीफोन, मोबाइल, स्मार्टफोन, साइकिल, बाइक, कार आदि है या नहीं इसकी भी जानकारी लेंगे। जिन स्कूलाें पर जनगणना के लिए प्रशिक्षण होना है उसमें नेशनल इंटर कॉलेज, बंगाली टोला इंटर कॉलेज, सुंदरपुर कम्पोजिट विद्यालय, एएनएमए मॉडल स्कूल (चेतगंज), कबीरचौरा कम्पोजिट विद्यालय, जेपी मेहता इंटर कॉलेज, सिल्वर ग्रोव स्कूल (महेशपुर), सुधाकर महिला पीजी कॉलेज (पाण्डेयपुर), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सेंट फ्रांसिस जेवियर्स स्कूल व प्रभु नारायण इंटर कॉलेज रामनगर शामिल है।
दुर्ग जिले में इन दिनों चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले दो दिनों में जिले के अलग-अलग इलाकों से चोरी के 8 मामले सामने आए हैं। एक झपटमारी की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। 14 अप्रैल को 4 चोरी के मामले दर्ज हुए थे, जबकि 15 अप्रैल को भी चार अलग-अलग थानों में चोरी की शिकायतें आईं। वहीं दुर्ग के मोहन नगर में एक बुजुर्ग महिला से झपटमारी का मामला भी सामने आया है। चोरी की बात करें तो ज्यादातर बाइक चोरी के मामले हैं। इसके अलावा मोबाइल टावर से कॉपर केबल चोरी होने की घटना भी सामने आई है। एक दिन पहले घर के सामान के साथ सोने के जेवरों और कैश की चोरी के मामले सामने आए थे। दो दिनों के अंदर ही 8 चोरी और एक झपटमारी का मामला सामने के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। कुछ मामले में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। पुलिस अब सभी मामलों में आरोपियों की तलाश में जुट गई है। बीएसपी कर्मचारी का बाइक चोरी पहला मामला भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र का है। बीएसपी प्लांट में काम करने वाले राहुल कुमार साहू की बाइक चोरी हो गई। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल की रात वह ड्यूटी पर गए थे और अपनी बजाज पल्सर एनएस 125 बाइक को बीएसपी मेन गेट के बाइक स्टैंड में लॉक कर खड़ा किया था। अगले दिन सुबह ड्यूटी से लौटे तो उनकी बाइक वहां नहीं थी। आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 15 अप्रैल को उन्होंने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मां के इलाज के लिए आए, अस्पताल के गेट से बाइक चोरी दूसरा मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। ओंकार प्रसाद अपनी मां का इलाज कराने सेक्टर-9 अस्पताल गए थे। उन्होंने अपनी होंडा सीबी शाइन बाइक अस्पताल के मेन गेट के पास खड़ी की और अंदर चले गए। करीब 25 मिनट बाद जब वापस आए तो बाइक गायब थी। उन्होंने भी आसपास खोजबीन की, लेकिन बाइक का कुछ पता नहीं चला। बाद में उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की बाइक हुई चोरी तीसरी घटना नेवई थाना क्षेत्र की है। यहां नीट की तैयारी कर रहे छात्र कुलदीप टंडन की बाइक चोरी हो गई। कुलदीप अपने दोस्तों के साथ सुबह टहलने दशहरा मैदान गया था। बाइक को मैदान के गेट के पास लॉक कर खड़ा किया था। करीब एक घंटे बाद लौटे तो बाइक वहां नहीं थी। दोस्तों के साथ मिलकर काफी खोजबीन की, लेकिन बाइक नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल टावर का कॉपर केबल ले गए चोर चौथा मामला जामगांव आर थाना क्षेत्र का है, जहां मोबाइल टॉवर से कॉपर केबल चोरी हो गया। इंड्स मोबाइल टॉवर कंपनी के टेक्नीशियन वरुण कुमार चंद्राकर अपने साथियों के साथ रात में टावर की जांच कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम गुढियारी स्थित टावर पर पहुंचे तो देखा कि तीन-चार युवक केबल काट रहे हैं। टीम को देखते ही आरोपी 20 मीटर कॉपर केबल लेकर भाग गए। चोरी हुए केबल की कीमत करीब 12 हजार रुपए बताई जा रही है। बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन की झपटमारी इससे पहले 14 अप्रैल को भी जिले में 4 चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। इस तरह सिर्फ दो दिनों में कुल 8 चोरी के मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं, मोहन नगर थाना क्षेत्र में झपटमारी की घटना भी सामने आई है। सुबह करीब 5:45 बजे आजाद चौक निवासी मुन्नी बाई पटेल अपने रिश्तेदार के घर जा रही थी। इसी दौरान स्कूटी पर सवार तीन युवक उनके पास आए। एक युवक ने रास्ता पूछने के बहाने उन्हें रोका और अचानक उनके गले से सोने की माला छीन ली। माला में सोने की दो पत्ती और मेहंदी दाना लगा हुआ था। वारदात के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। इधर मंगलसूत्र तोड़कर सोना छिपाने वाला आरोपी गिरफ्तार, साथी की तलाश जारी दुर्ग जिले के छावनी थाना क्षेत्र में सूने मकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 12 अप्रैल को शहीद वीर नारायण सिंह नगर, भिलाई में एक घर के पीछे के दरवाजे से घुसकर अज्ञात आरोपियों ने सोने का मंगलसूत्र चोरी किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी ज्ञान दास गर्ग (31) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने साथी होरी लाल सोनवानी के साथ मिलकर चोरी करना कबूला। आरोपी ने मंगलसूत्र तोड़कर सोने की पत्तियां रख ली थीं और बाकी हिस्सा नाले में फेंक दिया। पुलिस ने सोने की पत्तियां बरामद कर ली हैं, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है।
इंदौर के इंदौर के चंदन नगर इलाके में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक का शव उसके घर में कई दिनों से पड़ा था। जिसे चूहों ने बुरी तरह कुतर दिया था। मृतक शराब पीने का आदी था। हैरानी की बात यह है कि घटना का खुलासा तब हुआ, जब गली में खेल रहे बच्चे गेंद लेने उसके घर के अंदर पहुंचे। शोर मचाने पर पड़ोसी वहां पहुंचे और मामले का पता चला। चंदन नगर पुलिस के अनुसार घटना नंदन नगर की है। यहां रहने वाले छगन नामक छगन (65) का शव उसके घर में लावारिस हालत में मिला। बुधवार शाम को बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे, तभी गेंद छगन के घर में चली गई। बच्चे जब गेंद लेने अंदर पहुंचे तो वहां शव पड़ा मिला और आसपास चूहे घूम रहे थे। इसके बाद तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी गई। पुलिस ने बताया कि शव काफी समय से पड़ा होने के कारण चूहों ने आंखों, चेहरा सहित शरीर के कई हिस्सों को कुतर दिया था, जिससे शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। फिलहाल मौत के कारणों की जांच की जा रही है। परिवार को खबर, फिर भी नहीं पहुंचे मामले की जानकारी मिलने पर छगन के परिजनों को सूचित किया गया, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में उसका भांजा गज्जू वहां आया और शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। तीन बेटे, तीनों अलग रहते हैं भांजे गज्जू ने बताया कि छगन के तीन बेटे हैं। उनकी शादी हो चुकी है। तीनों मजदूरी करते हैं। छगन की पत्नी की भी मौत हो चुकी है। वह अपने तीनों बच्चों से काफी समय से अलग रहता था। रात में उसका बेटा शराब के नशे मे लोगों से विवाद करने पहुंचा था। बेटा बोला- ‘नहीं आ सकता’, बहू ने पल्ला झाड़ा, दूसरा बेटा मकान पर कब्जा लेने पहुंचा मजदूर छगनलाल की मौत के बाद परिवार की संवेदनहीनता भी सामने आई है। जब भांजे जगदीश ने छगनलाल के बेटे प्रकाश को फोन कर पिता की मौत की सूचना दी। प्रकाश ने साफ कह दिया कि उसने काम ले रखा है और वह अभी नहीं आ सकता। इससे पहले एक बहू को भी सूचना दी गई थी, लेकिन उसने भी मामले को अनदेखा कर दिया। भांजे नरेन्द्र के अनुसार छगनलाल उनके घर के पास ही रहते थे और वही उनका ध्यान रखते थे। घटना वाले दिन सुबह भी वे उनके घर से खाना लेकर गए थे, लेकिन इसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली। जीवन भर किसी बेटे ने उनकी सुध नहीं ली, लेकिन मौत की खबर मिलते ही एक बेटा गीतेश बुधवार रात को विवाद करने पहुंच गया। तस्वीरों में देखें, मजदूर की मौत के बाद विवाद ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में कुत्ते खा गए बुजुर्ग के हाथ-पैर, मुंह नोंचा:खंडहरनुमा मकान में अधखाया शव मिला इंदौर के भिश्ती मोहल्ला में खंडहरनुमा मकान से बुजुर्ग का शव मिला है। इसे कुत्ते नोंच रहे थे। वे आधा शव खा चुके थे। बुजुर्ग का प्रोफेसर भतीजा मिलने पहुंचा तो उनकी मौत का पता चला। जब दरवाजा तोड़ा गया, तब भी शव को कुत्ते खा रहे थे। यहां पढ़ें पूरी खबर…
यमुना एक्सप्रेस-वे पर 776 किलो डोडा बरामद:1.16 करोड़ की खेप के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार
मथुरा के थाना मांट पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे से 776.620 किलोग्राम डोडा बरामद किया है। पुलिस ने कैंटर में छिपाकर ले जाई जा रही इस खेप के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद डोडा की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 16 लाख रुपये आंकी गई है। बुधवार शाम करीब 8:15 बजे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आगरा से नोएडा की ओर जा रहे एक आयशर कैंटर में भारी मात्रा में मादक पदार्थ ले जाया जा रहा है।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने यमुना एक्सप्रेस-वे के माइलस्टोन 95 के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। हरियाणा के रहने वाले हैं आरोपी कैंटर की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में डोडा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम (28) और कुलदीप उर्फ रिंकू (46) के रूप में हुई है। दोनों हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस सीओ मांट संदीप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15सी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी लंबे समय से तस्करी में शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और किस जगह सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्नाव में सड़क किनारे मिला युवक का शव:परिजन बोले- बुधवार शाम से लापता था, हत्या की आशंका जताई
उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डायल 112 की पीआरवी टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, सहजनी-फत्तेपुर मार्ग पर ग्राम फत्तेपुर के बाहर सड़क किनारे शव पड़े होने की सूचना डायल 112 पर मिली थी। पीआरवी 6806 और गंगाघाट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की पहचान फत्तेपुर, गंगाघाट निवासी लाखन (48) पुत्र सुन्दरलाल पासी के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि लाखन बुधवार शाम को घर से सामान लेने निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। गुरुवार सुबह गांव के बाहर सड़क किनारे उनका शव मिलने की सूचना मिली, जिससे परिवार में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया शव पर किसी स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान हैं और यह मामला संदिग्ध है। परिजन घटना की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) दीपक यादव और इंस्पेक्टर गंगाघाट अजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से बातचीत कर जानकारी ली, जिसके बाद जांच के निर्देश दिए गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
अमेठी में मंगलवार देर रात एक युवती की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह युवती का गला कटा शव घर से करीब 100 मीटर दूर नहर किनारे मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और एक आरोपी को हिरासत में लिया है। यह घटना गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के चतुरीपुर मऊ गांव की है। यहां की रहने वाली 24 वर्षीय अमिता देवी का शव मिलने के बाद ग्रामीणों ने दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मृतका के भाई की तहरीर पर गांव के ही सनोज कुमार कोरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। देर रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस ने गांव के आरोपी सनोज कोरी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही है। गौरीगंज सीओ अखिलेश वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह चतुरीपुर मऊ गांव में एक शव मिलने की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था और परिजनों की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रथम दृष्टया दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अलीगढ़ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने बिल जमा होने के बावजूद बिजली कनेक्शन न जोड़ने और उपभोक्ता को परेशान करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (DVVNL) के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार समेत 9 अधिकारियों को नोटिस जारी कर 27 अप्रैल को तलब किया है। बिना अनुमति के ही लगा दिया स्मार्ट मीटर अलीगढ़ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अनूप कौशिक ने अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। इसमें उन्होंने बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से बिजली विभाग के नियमित उपभोक्ता हैं और हमेशा समय पर बिल का भुगतान करते आए हैं। अधिवक्ता का आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने उनकी बिना लिखित अनुमति के घर का पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिया था। बिल जमा करने की अंतिम तिथि से पहले काटी बिजली विवाद की शुरुआत फरवरी 2026 के बिल से हुई। अनूप कौशिक ने बताया कि फरवरी का 3185 रुपए के बिल को जमा करने की अंतिम तिथि 22 मार्च थी। बावजूद इसके विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर 17 मार्च को ही बैलेंस माइनस दिखा दिया और बिना किसी सूचना के बिजली काट दी। उपभोक्ता ने उसी दिन पांच हजार रुपए ऑनलाइन जमा किए, ताकि आपूर्ति बहाल हो सके। लेकिन भुगतान के बाद भी घंटों तक बिजली नहीं जोड़ी गई। 24 घंटे तक बिना बिजली के रहे अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि इसके लिए उन्होंने कई अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। भीषण परेशानी के बीच उपभोक्ता को करीब 24 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा और अगले दिन 18 मार्च को उनकी आपूर्ति बहाल की गई। इस लापरवाही और उत्पीड़न को लेकर उन्होंने न्यायालय से विद्युत अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। 27 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने के आदेश अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए चेयरमैन और एमडी के अलावा तत्कालीन मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता उमेश जैन, अधिशासी अभियंता इमरान खान व पंकज तिवारी, एसडीओ योगेंद्र कुमार और अवर अभियंता धर्मपाल सिंह व संदीप कुमार को अपना पक्ष रखने के लिए आदेश दिया है। अब इन सभी अधिकारियों को 27 अप्रैल को कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा।
सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती रैली के बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम बताने से इनकार किया है। अभी 20 लोग नाम जद और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। सभी आरोपियों पर बुधवार रात अमिलिया थाने पर पथराव और तोड़फोड़ का आरोप है। एडिशनल एसपी सीधी अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद से ही पुलिस रात भर गश्त कर रही है और पूरे बाजार को कड़ी सुरक्षा निगरानी में छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हिंसा में 12 से ज्यादा लोग घायल पुलिस के मुताबिक हिंसा में 12 लोग घायल हुए हैं। इनमें अर्चना साकेत, पान कली साकेत, आरडी सिंह बौद्ध, आरके सिंह बौद्ध, आरआई बौद्ध, फौजदार साकेत, जिवेन्द्र साकेत, सुखसागर साकेत, मोहित साकेत, अरविंद साकेत, विजय साकेत समेत अन्य शामिल हैं। हालांकि कोई गंभीर नहीं है। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। 14 अप्रैल को हुई हिंसा की तस्वीरें देख लीजिए… बोलेरो हटाने से पहले किया था हमलायह घटना 14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में अमिलिया बाजार से हटवा सभा स्थल तक निकाली जा रही रैली के दौरान शुरू हुई। जब रैली अमिलिया हायर सेकेंडरी स्कूल के पास पहुंची, तो सड़क किनारे खड़ी एक बोलेरो वाहन के कारण जाम लग गया। इस दौरान बोलेरो चालक और रैली में शामिल लोगों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। नकाबपोशों की भीड़ ने मनी शुक्ला के घर में घुसकर हमला किया और बाद में थाने पर धावा बोल दिया। घटना में एक ही परिवार के 4 लोग और 2 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पथराव करते हुए घर में घुसे हमलावर विवाद बढ़ने पर करीब 50 नकाबपोश हमलावर मनी शुक्ला (22) के घर में घुसे और पथराव करते हुए मारपीट की। हमले में मनी शुक्ला गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि 80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला (40) और दिव्यांश शुक्ला (22) को भी चोटें आईं। एक महिला और युवक के सिर पर पत्थर लगने से खून बहा। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर पिकेट लगाए गए हैं और लगातार गश्त जारी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। रैली में शामिल लोगों ने थाने पर किया हमला हालांकि, कुछ समय बाद स्थिति फिर बिगड़ गई। लगभग 50 से 60 लोगों की भीड़ अमिलिया थाने पहुंची और दूसरे पक्ष के लोगों को उनके हवाले करने की मांग करने लगी। पुलिस के समझाने के बावजूद भीड़ उग्र हो गई और थाने पर पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों ने थाने में घुसकर फर्नीचर, पंखे, लाइट और खिड़कियों के कांच तोड़ दिए। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों और उनके तारों को भी नुकसान पहुंचाया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस को आता देख उपद्रवी अपनी 11 मोटरसाइकिलें और एक बोलेरो वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने इन वाहनों को जब्त कर लिया है। एडिशनल एसपी अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, मामले में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जबलपुर पुलिस ने शिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन्यजीवों के शिकार की साजिश नाकाम की है। ताजा मामला पनागर थाना क्षेत्र का है, जहां बुधवार देर रात थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से राइफल सहित बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। पुलिस को दोनों बंदूकों का लाइसेंस भी नहीं मिला है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि राइफल कहां से लाई थी। जानकारी के मुताबिक बुधवार की देर रात थाना प्रभारी विपिन बिहारी सिंह को सूचना मिली कि ग्राम बड़ेरा कलां के पास फायरिंग हुई है। टीआई टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूछताछ की तो पता चला कि जीप क्रमांक केए 12 एन 4252 में दो युवक सवार हैं, जो जंगल तरफ जाकर फायरिंग कर रहे हैं। संभवत: उनकी मंशा शिकार करने की है। पुलिस ने घेराबंदी की और एक जीप में दो युवक अरुण चेंगप्पा और गार्डन पेप्टिस बैठे हुए दिखे, जिन्हें हिरासत में लिया और उनके पास से दो बंदूक एवं जिंदा कारतूस जब्त किए। वन्यजीवों पर फायरिंग की पर निशाना चूका टीआई ने बताया दोनों राइफल को जब्त कर लिया है। पुलिस ने अरुण चेंगप्पा और गार्डन पेप्टिस से जब पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि शिकार के लिए पनागर के जंगल में आए हुए थे। कुछ जगह आरोपियों ने वन्य प्राणियों पर फायरिंग भी की थी पर शिकार नहीं हुआ। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज टीआई विपिन बिहारी सिंह का कहना है कि दोनों से पूछताछ की जा रही है कि इन लोगों ने अभी तक कहां-कहां शिकार की वारदात को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में कई और खुलासे की उम्मीद है। ।
पानीपत में बंद मकान से कैश और जेवर चोरी:ताला तोड़कर घर में घुसे चोर; काम पर गया था परिवार
पानीपत जिले के बापौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत बहरामपुर गेट के पास एक घर को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। वारदात के समय पीड़ित परिवार मजदूरी पर गया हुआ था और बच्चे स्कूल गए थे। घर सूना पाकर चोरों ने ताला तोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया। काम से लौटने पर टूटा मिला ताला बहरामपुर गेट के राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। बुधवार, 15 अप्रैल को वह और उसका परिवार रोजाना की तरह काम पर गए हुए थे, जबकि बच्चे स्कूल गए थे। शाम को जब परिवार वापस लौटा, तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा, तो सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी से कीमती जेवरात व नकदी गायब थी। ये सामान हुआ चोरी पीड़ित के अनुसार चोरों ने घर से ये सामान चुराया है… मामले की जांच में जुटी पुलिस राजकुमार ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बापौली थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। पीड़ित ने अज्ञात चोरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपना सामान बरामद करने की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी का कहना है कि आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नर्मदापुरम जिले के 121वें कलेक्टर और 2013 बैच के आईएएस सोमेश मिश्रा ने पदभार ग्रहण करते ही एक नवाचार किया है। उन्होंने अपने कक्ष के बाहर लगी नेमप्लेट पर नाम के नीचे अपना शासकीय और व्यक्तिगत (प्राइवेट) मोबाइल नंबर लिखवाया है। कलेक्टर तीन दिन से मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं। इसी बीच बुधवार को उन्होंने अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं और एक पीड़ित महिला को रेडक्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दिलाई। मंडला में भी कर चुके हैं यह प्रयोग, नर्मदापुरम में ऐसा पहली बार इससे पहले मंडला में कलेक्टर रह चुके सोमेश मिश्रा ने अपने पूर्व जिले में भी यह प्रयोग किया था, जहां लोगों का काफी सकारात्मक रुझान दिखाई दिया था। नर्मदापुरम जिले में किसी भी कलेक्टर द्वारा पहली बार ऐसा नवाचार किया गया है। बुधवार को नेमप्लेट लगने के बाद कलेक्ट्रेट में इसकी चर्चा रही और इसे कलेक्ट्रेट की परिपाटी बदलने वाला कदम बताया जा रहा है। बता दें कि कलेक्टर मिश्रा नर्मदापूजन के साथ पदभार ग्रहण करने के बाद से ही काम में जुट गए हैं और फिलहाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सिवनीमालवा दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं। कलेक्टर बोले- मोबाइल नंबर लिखाने का उद्देश्य लोगों से जुड़ना है अपनी इस पहल को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा, कलेक्टर सभी का होता है। कार्यालय सभी के लिए खुला है। लोग अपनी समस्या, परेशानी को आकर बता सकते हैं। मोबाइल नम्बर लिखाने का उद्देश्य लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं से अवगत होना है। बेटी की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला की मदद कलेक्टर मिश्रा के कक्ष में बैठते ही लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचने लगे हैं। बुधवार को उनके चैंबर के बाहर लोगों की कतार दिखाई दी। इस दौरान एक महिला अपनी बेटी की मृत्यु के बाद आर्थिक परेशानी लेकर पहुंची थी। कलेक्टर ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे रेडक्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई। इसके अलावा, विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनकर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।
बदायूं के फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के ढोरनपुर गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर देर रात तनाव उत्पन्न हो गया। क्षेत्रीय विधायक आशुतोष मौर्य ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रतिमा स्थापित कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद विवाद टल गया। यह तनाव तब शुरू हुआ जब कुछ लोगों ने गांव में बिना अनुमति डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद विरोध के स्वर तेज होने लगे और स्थिति बिगड़ती चली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि विधायक समय पर हस्तक्षेप नहीं करते तो विवाद और अधिक बढ़ सकता था। इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय थाना स्तर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिमा स्थापना की तैयारी कई दिनों से चल रही थी और इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई थी। हालांकि, पुलिस द्वारा समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि रात में नियमित गश्त और निगरानी प्रभावी नहीं थी, जिसका फायदा उठाकर बिना अनुमति प्रतिमा स्थापित कर दी गई। इस मामले में थाना प्रभारी मनोज कुमार वर्मा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एक संवेदनशील मामले में अपेक्षित सतर्कता और सक्रियता नहीं दिखाई गई।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डुप्लीकेट गोल्ड फ्लैक कंपनी की सिगरेट का भंडाफोड़ हुआ है। व्यापार विहार स्थित मालधक्का में नकली सिगरेट की सप्लाई हो रही थी। दिल्ली आईटीसी की टीम ने ग्राहक बनकर नकली सिगरेट की बड़ी खेप पकड़ी है। व्यापार विहार इलाके में एक व्यापारी के पास से करीब 5 लाख रुपए की 4 कार्टून सिगरेट बरामद किया गया है। यह कारोबारी शहर में छोटे-बड़े दुकानदारों को थोक में सिगरेट सप्लाई कर रहा था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। दरअसल, दिल्ली की आईटीसी को पहले ही सूचना मिली थी कि, शहर में नकली सिगरेट की सप्लाई हो रही है। जिस पर बुधवार को टीम के सदस्य बिलासपुर पहुंचे। पहले उन्होंने पान-ठेलों से सैंपल लिए और सिगरेट की जांच की। जिसमें दुकानों में बिक रहे सिगरेट नकली पाए गए। टीम के सदस्यों ने दुकानदारों से सिगरेट की सप्लाई की जानकारी ली। ग्राहक बनकर निगम कॉलोनी पहुंची टीम जिसके बाद टीम के सदस्यों ने ग्राहक बनकर सिगरेट की डिमांड की। इस दौरान कारोबारी ने उन्हें महाराणा प्रताप चौक स्थित निगम कॉलोनी के पास बुलाया। जहां थोक सप्लायर रोशन चंदानी की फर्म में आने की जानकारी दी। इस पर टीम के सदस्य सीधे रोशन चंदानी की दुकान पहुंच गए। टीम के सदस्यों ने यहां सिगरेट की जांच की और ओरिजनल पैकेट और स्टिक से मिलान किया। जिसमें दुकान का माल नकली निकला। पुलिस को बुलाकर जब्त कराया 5 लाख का सिगरेट इसके बाद टीम के सदस्य सिविल लाइन थाने पहुंचे। जब्त माल को भी थाने ले जाया गया। यहां देर रात तक पुलिस की कार्रवाई चलती रही। टीआई एसआर साहू ने बताया कि इस मामले में कार्रवाई चल रही है, जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा। रोजाना खपा रहे थे 2 लाख नकली सिगरेट बताया जा रहा है कि नकली सिगरेट का यह कारोबार रोजाना 2 लाख रुपए से ज्यादा का है। वहीं, असली और नकली की पहचान पैक की प्रिंटिंग, होलोग्राम, कोड, स्टिक की बनावट और स्वाद से की जाती है। शहर के छोटी दुकानों में यहां से सिगरेट की सप्लाई की जाती है। थाने में लगी कारोबारियों की भीड़ शहर में नकली सिगरेट का खेप पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही कारोबारी रोशन चंदानी के परिचित व्यापारी सिविल लाइन थाना पहुंचने लगे। देर रात तक यहां व्यापारियों की भीड़ जुटी रही। बताया जा रहा है कि कुछ व्यापारी उसे छोड़ने के लिए दबाव भी बना रहे थे। ऐसे करें असली और नकली गोल्ड फ्लेक सिगरेट की पहचान
सतना की पेप्टेक सिटी कॉलोनी में 22 मार्च को हुए गोलीकांड और मारपीट के मामले में पुलिस ने 2 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह विवाद आर्थिक लेनदेन को लेकर हुआ था। वर्तमान में पकड़े गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, वहीं 4 अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शैलेंद्र उर्फ डब्बू (45) निवासी भटगवां (थाना रैगांव) और दुर्गा सिंह उर्फ कान्हा (26) निवासी ललचहा (थाना नागौद) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी शैलेंद्र एक हादसे का शिकार हो गया था। इस हादसे में उसके दोनों पैर टूट गए थे। वह अस्पताल में भर्ती था और बुधवार को छुट्टी मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लेनदेन के विवाद में की थी मारपीट और हवाई फायरिंग यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पेप्टेक सिटी कॉलोनी में 22 मार्च को हुई थी। आर्थिक लेनदेन के विवाद को लेकर आरोपियों ने गौरव उर्फ गोलू सिंह के साथ मारपीट की थी। इसके साथ ही, आरोपियों ने मौके पर हवाई फायर भी किए थे। मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार, 4 अब भी फरार इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी रघु उर्फ रघुराज सिंह और रूदन सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, 4 अन्य आरोपी वैभव सिंह, छंगू सिंह, दीपराज सिंह और ओंकार अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। दूसरी तरफ, पकड़े गए दोनों आरोपियों शैलेंद्र और दुर्गा सिंह को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सवाई माधोपुर में अब दिन के साथ-साथ रात में भी गर्मी बढ़ने लगी है। बुधवार को सवाई माधोपुर में पारा 39 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यहां रात के समय घर गर्मी महसूस होने लगी है। वहीं सुबह सुबह से ही धूप में तेजी दिखाई दे रही है। जिससे लोगों को गर्मी सताने लगी है। आगामी समय के लिए मौसम विभाग ने सीट वेव का अलर्ट जारी किया है। जिसके चलते सवाई माधोपुर जिला प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। पिछले दिनों में तापमान में उतार चढ़ाव सवाई माधोपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं सोमवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगामी समय में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। सप्ताह के अंत तक पारा 40 से 42 डिग्री तक पहुंचने की संभावना राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राज्य में इस सप्ताह में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। इस कारण सवाई माधोपुर जिले में तेज गर्मी पड़ने ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उसके ऊपर जा सकता है।
दौसा में कृषि विभाग की कार्रवाई:7 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड, कालाबाजारी पर सख्त एक्शन
दौसा जिले में कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे गुण नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 खाद-बीज विक्रेताओं के उर्वरक लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। यह कार्रवाई निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर की गई। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) एवं उर्वरक अनुज्ञापन अधिकारी रामराज मीना ने बताया कि जिलेभर में खाद-बीज विक्रेताओं के विक्रय केंद्रों और गोदामों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान कई विक्रेताओं के पास पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा विक्रय परिसरों के बाहर स्टॉक व मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना और उर्वरक अनुज्ञा पत्रों में आवश्यक विवरण दर्ज नहीं होना जैसी कमियां सामने आईं। इनके लाइसेंस निलंबित अनियमितताओं के चलते खंडेलवाल ट्रेडर्स (सिकंदरा चौराहा), कसाना खाद-बीज भंडार (सिकंदरा), महावीर खाद-बीज भंडार (सिकंदरा), आरएस खाद बीज भंडार (सिकंदरा), राठौर खाद बीज भंडार (ठीकरिया), श्री जी एग्रोटेक (लवाण) और कल्याण सहाय राकेश कुमार (कुंडल) के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद की कालाबाजारी या किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और किसानों से अपील की गई है कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक खरीदें तथा अनावश्यक भंडारण से बचें। जिला स्तर पर टीमों का गठन कर सभी ब्लॉकों में लगातार निरीक्षण अभियान जारी है, जिसमें गड़बड़ी मिलने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
सतना में भाजपा पार्षद के बेटे पर 27 वर्षीय युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती से कई बार संबंध बनाए। अब वह दूसरी जगह शादी करने जा रहा है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 69 में केस दर्ज किया है। आरोपी फरार है। उसकी आखिरी लोकेशन जबलपुर मिलने पर पुलिस टीम वहां भेजी गई है। पुलिस के अनुसार, 27 वर्षीय युवती की मुलाकात अक्टूबर 2024 में रिश्तेदार की शादी में आरोपी तरुण सिंह लोधी उर्फ मनी से हुई थी। तरुण राजेंद्र नगर का रहने वाला है। मुलाकात के बाद दोनों में फोन पर बातचीत शुरू हुई। आरोपी ने शादी का वादा किया। इसके बाद उसने युवती को होटल में बुलाकर बहला-फुसलाकर शारीरिक संबंध बनाए। दूसरी लड़की से शादी तय, 20 अप्रैल को बारात यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा। कुछ समय पहले युवक ने युवती से संबंध खत्म कर लिए। इसी बीच पीड़िता को पता चला कि आरोपी तरुण दूसरी लड़की से शादी करने जा रहा है। उसका 16 अप्रैल को तिलक और 20 अप्रैल को बारात है। परेशान होकर पीड़िता ने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद उसने बुधवार शाम सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत और सबूत सौंपे। आरोपी के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला शिकायत पर पुलिस ने आरोपी तरुण लोधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 में मामला दर्ज किया है। आरोपी तरुण वार्ड क्रमांक 28 (जवाहर नगर) से नगर निगम की भाजपा पार्षद सुषमा लोधी का बेटा है। उसके पिता भी पहले इसी वार्ड से पार्षद रह चुके हैं। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। उसके फोन की आखिरी लोकेशन जबलपुर में मिली, जिसके बाद से फोन बंद है। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जबलपुर भेजी गई है। ये खबर भी पढ़ें… इंस्पेक्टर ने फैशन डिजाइनर से किया रेप, FIR ग्वालियर के एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ फैशन डिजाइनर ने झांसी रोड थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में पदस्थ हैं। शिकायत 38 वर्षीय महिला 9 महीने की गर्भवती है। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ के विकासनगर में बुधवार को लगी आग से झोपड़ियों में रहने वाले करीब 250 परिवार बेघर हो गए। अब वहां सिर्फ राख और जल चुके गृहस्थी के सामान नजर आ रहे हैं। गुरुवार सुबह कई परिवार राख के बीच सामान तलाशते दिखे। डीएम ने कई प्रभावित परिवारों को रैन बसेरों में भिजवाया था तो कुछ परिवार पास के खाली प्लॉट में रात बिताई। महिलाओं ने रोते हुए आरोप लगाया है कि कोठीवालों ने उनके घरों में आग लगाई। उन्हें धमकाया गया था कि झोपड़ियां हटा लो, नहीं तो गोली मार दी जाएगी। जब वे नहीं हटे, तो उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी गई। अब वे कहां जाएं? जिंदगीभर की कमाई राख हो गई। अगर समय पर फायर ब्रिगेड की टीम पहुंच जाती, तो कुछ सामान बच सकता था। फिलहाल, विकासनगर इलाके में बवाल की आशंका को देखते हुए सुबह फोर्स बढ़ा दी गई है। पुलिस के जवान हेलमेट और डंडों के साथ तैनात हैं। पुलिस लोगों को घटनास्थल से हटाने में जुटी है। 6 तस्वीरें देखिए- पूरा मामला जानिए- विकासनगर इलाके में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे लगी आग में 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। आग की चपेट में आकर 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। आग लगने के बाद एहतियातन आसपास के करीब 20 मकानों को खाली कराया गया। फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की बिजली काट दी गई। लखनऊ से सांसद और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीएम विशाख जी. को फोन कर घटना की जानकारी ली। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने पहुंचे। कल की 3 तस्वीरें- विकासनगर में घटनास्थल से आज के पल-पल के अपडेट्स नीचे लाइव ब्लॉग में पढ़िए…
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब इस पद के लिए केवल केंद्र सरकार के नियम ही लागू होंगे। राज्य सरकार की बनाई गई अतिरिक्त अनुभव की शर्तों को रद्द कर दिया गया है। फैसला न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दायर विशेष अपील और अभ्यर्थियों की रिट याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाया। कोर्ट ने साफ किया कि इस पद के लिए योग्यताएं पहले से ही ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और इसके तहत बने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स, 1945 में निर्धारित हैं, जो केंद्र सरकार की तरफ बनाई गई हैं। केंद्रीय कानून इस क्षेत्र को पूरी तरह से कवर करता है, ऐसे में राज्य सरकार के नियम यदि उससे विरोधाभासी हैं, तो वे लागू नहीं किए जा सकते। हालांकि, कोर्ट ने पूर्व में की गई भर्तियों को रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने तर्क दिया कि चयनित अभ्यर्थी केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मूल योग्यताएं रखते हैं और कई वर्षों से सेवा में हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें हटाना उचित नहीं होगा। भविष्य में होने वाली सभी भर्तियों में केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित योग्यताओं का ही पालन किया जाए। पढ़ें पूरी खबर फर्रुखाबाद में दो दरोगा समेत 16 पुलिसकर्मियों पर FIR, घर में घुसकर जेवर-नकदी लूटने का आरोप फर्रुखाबाद में घर में घुसकर लूटपाट और हिरासत के आरोप में दो दरोगा समेत 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि 26 जनवरी की रात करीब 2 बजे कई पुलिसकर्मी बिना वारंट के घर में घुस गए। तलाशी के नाम पर उन्होंने अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात और करीब 90 हजार रुपए लूट लिए। ग्रामीणों ने इस घटना का वीडियो बना लिया। विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने परिजनों के साथ मारपीट की और चार लोगों को थाने ले गए। इनमें से एक को अगले दिन छोड़ दिया, जबकि अन्य तीन लोगों को दो दिन तक हिरासत में रखा। इसके बाद महिला ने कोर्ट में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। मामला कायमगंज थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर… साध्वी प्राची बोलीं- एएमयू आतंकवादियों की नर्सरी, हॉस्टल पढ़ाई के लिए नहीं, अवैध कामों के लिए बने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में जाली नोट, कारतूस और फर्जी मार्कशीट मिलने के मामले पर हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा- एएमयू आतंकवादियों की नर्सरी है। यह वही एएमयू है, जिसने हिंदुस्तान का विभाजन किया। आज भी यहां का माहौल वैसा ही है, क्योंकि यह विश्वविद्यालय आतंकवादियों की नर्सरी पैदा कर रहा है। लड़कों के हॉस्टल अब पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अवैध हथियारों और फर्जी मार्कशीट के भंडारण केंद्र बन गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि यूनिवर्सिटी में चल रहे अवैध धंधों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साध्वी प्राची बुधवार को रामघाट रोड स्थित एक कार्यक्रम में पहुंचीं थीं। पढ़ें पूरी खबर…
कंगना रनौत से जुड़े किसानों के अपमान और राजद्रोह के मामले में आज कोर्ट का अहम फैसला आ सकता है। स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में सुनवाई के बाद तलब आदेश जारी होने की संभावना जताई जा रही है। हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज किसानों के अपमान और राजद्रोह के मामले में आज 16 अप्रैल को अहम सुनवाई होनी है। यह मामला स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए, न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की अदालत में विचाराधीन है, जहां आज कोर्ट तलब करने के आदेश पारित कर सकता है। बताया जाता है कि इस मामले में 3 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस की गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने अपनी लिखित बहस कोर्ट में प्रस्तुत की थी और साथ ही मौखिक दलीलें भी दी थीं। बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने संज्ञान आदेश के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की थी। वहीं, 3 अप्रैल की सुनवाई के दौरान कंगना रनौत की ओर से उनके वकील ने पूर्व में लगाए गए ₹500 के जुर्माने का भुगतान भी कोर्ट में किया था। यह जुर्माना पिछली तारीख पर अनुपस्थिति के चलते लगाया गया था, जिसे नियमानुसार जमा कराया गया। अब सभी की नजरें आज की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ हो सकता है कि कोर्ट इस मामले में संज्ञान लेते हुए कंगना रनौत को तलब करता है या नहीं। हालांकि, यह पूरी तरह न्यायालय के विवेक पर निर्भर करेगा कि आज ही आदेश जारी होता है या अगली तारीख निर्धारित की जाती है।
शहर की छोटी गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक, आमजन की समस्याओं को आवाज देने वाले दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट का असर दिखने लगा है। जहां एक ओर सरकारी तंत्र की सुस्ती से लोग हफ्तों और महीनों से कचरे और सीवर की समस्या को झेल रहे हैं, वहीं सजग अधिकारियों की सक्रियता से महीनों पुराना अंधेरा भी छंट रहा है। आज की बड़ी राहत पुरानी बस्ती और आमेर से आई, जहां महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को ठीक कर दिया गया है। त्वरित कार्रवाई JEN संदीप मीणा ने करवाई है। जिन्होंने जनहित को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में रोशनी बहाल की और आज के 'पब्लिक के स्टार' बने। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। गोपालपुरा क्षेत्र में कचरे की समस्याजयपुर शहर के गोपालपुरा क्षेत्र से नवीन ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर कचरे की समस्या पोस्ट की है। नवीन ने लिखा कि, 1 महीने पहले सीवर लाइन की साफ-सफाई की गई थी। जिसके बाद उससे निकला कचरा सड़क पर ही छोड़ दिया गया। तब से लेकर आज तक वो कचरा रोड पर ही पड़ा है। इसी के साथ नवीन ने बताया कि, 2 सालों से कॉलोनी में सफाई भी नहीं हो रही है। गली में हमेशा जमा रहता है गंदगी और कचरा विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया के महादेव नगर से प्रताप ने बताया कि, रोड नंबर 17 की कॉलोनी में नालियों का निर्माण ठीक से नहीं हुआ है। जिसके कारण गली में हमेशा गंदगी और कचरा जमा रहता है। इस बारे में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। गली की रोड पर बह रहा गंदा पानीप्रताप नगर के सेक्टर 62 के शिवपुर रोड से कमलेश चौधरी ने लिखा कि, प्लॉट नंबर 6081 के सामने सीवर चैंबर लीक हो रहा है। जिससे सीवर का गंदा पानी गली की रोड पर आ रहा है। जिसके कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। छोटी चौपड़ इलाके में कचरे की समस्याछोटी चौपड़ के झलनियो के रास्ते से महेंद्र कुमार सैन ने पोस्ट कर बताया कि, गली की साफ-सफाई हुए एक हफ्ता होने वाला है और गली से कचरा नहीं उठाया गया है। जिसके कारण लोगों को बदबू का सामना करना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि, जल्दी ही क्षेत्र में साफ-सफाई करवाई जाए। स्ट्रीट लाइट की समस्या का हुआ समाधानआमेर के राजावतन चौक से मुकेश ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। मुकेश ने लिखा कि, क्षेत्र में रोड लाइट पिछले 3 महीनों से खराब पड़ी है। जिससे अंधेरा रहता है। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लाइट को ठीक करवा दिया है। पुरानी बस्ती में 7 दिन से बंद लाइट चालूचांदपोल, पुरानी बस्ती से मुकेश ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में 7 दिनों से रोड लाइट बंद थी। मामला सामने आने के बाद इसे ठीक करवा दिया गया, जिससे लोगों को राहत मिली। आज के 'पब्लिक के स्टार' बने संदीप मीणा पुरानी बस्ती, चांदपोल क्षेत्र में रोड लाइट की समस्या के समाधान में संदीप मीणा (JEN) ने अहम भूमिका निभाई। शिकायत मिलते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंद पड़ी रोड लाइट को ठीक करवा दिया है। जिससे क्षेत्र में रोशनी बहाल हुई और लोगों को राहत मिली है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर, 7 दिन से बंद लाइट ऑन:शिकायतों के बाद कई इलाकों में शुरू हुआ सुधार; संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार 2.भास्कर समाधान का असर: टूटी सड़क हुई ठीक:अधूरे कामों के बीच कई जगह शुरू हुआ सुधार; मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 3.जयपुर के सेक्टर-16 में बह रहा सीवर का पानी:तुलसी नगर में धंसा चैंबर बना खतरा, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक स्टार’ 4.भास्कर समाधान का असर, शास्त्री नगर में रोड लाइट ठीक,:जलभराव और सीवरेज समस्याओं पर कार्रवाई; राहुल अग्रवाल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.भास्कर समाधान का असर, जयपुर में स्ट्रीट लाइटें हुई ठीक:शहर में सीवर और कचरे की समस्या बरकरार; रूपाराम बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान का असर जयपुर में गंदगी-सीवर की समस्याएं उजागर:शहर के कई इलाकों में सफाई से मिली राहत; कुसुम यादव फिर बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 7.भास्कर समाधान में उजागर हुई जयपुर की हकीकत:गंगापोल में कचरा-सीवर से लोग बेहाल, हरनाथपुरा की सड़कें बनीं मुसीबत; मनोज मुदगल फिर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.भास्कर समाधान में उजागर हुई शहर की दुर्दशा:न्यू सांगानेर रोड और झोटवाड़ा में जनता परेशान, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान का असर, जिम्मेदारों तक पहुंचीं शहर की समस्याएं:कई इलाकों में मिली राहत; कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 10.भास्कर-समाधान का असर, जयपुर में गंदे पानी की समस्या दूर:शहरभर से उठीं गंदगी, कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’
मंदसौर जिले में जल्द ही एनसीसी (NCC) ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी। बुधवार शाम उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इस प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। वर्तमान में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एनसीसी डायरेक्टरेट द्वारा प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक में रूपरेखा पर हुई चर्चा बुधवार को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के साथ सैन्य अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ एनसीसी के एडीजी मेजर जनरल जे.पी. सिंह, ब्रिगेडियर संजीव कुमार और 5 मध्य प्रदेश एनसीसी बटालियन (मंदसौर) के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल ज्योति प्रकाश उपस्थित थे। अधिकारियों ने मंदसौर में प्रस्तावित ट्रेनिंग सेंटर की विस्तृत रूपरेखा, आवश्यकता और संभावनाओं पर चर्चा की। इसके बाद डिप्टी सीएम ने इसे सैद्धांतिक सहमति देते हुए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। सेना और पुलिस में जाने वाले युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण मंदसौर में प्रस्तावित इस एनसीसी ट्रेनिंग सेंटर के बनने से इंदौर और उज्जैन संभाग के युवाओं को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण मिल सकेगा। इससे युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उन्हें सेना, पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में करियर बनाने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल क्षेत्र के युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना से जुड़ने का मौका भी प्रदान करेगी।
ग्वालियर में 8 महीने के भीतर एक-एक कर तीन सगे भाइयों की मौत हो गई। एक की संदिग्ध हालात में मौत हुई, जबकि दो ने फांसी लगा ली। एक साल पहले घर से किसी से मिलने गया बेटा जिंदा नहीं लौटा। पुलिस जांच कर रही है, लेकिन मौत की वजह पता नहीं चल सकी। इस बीच 20 दिन में दो भाइयों ने फांसी लगा ली। अब परिवार में बूढ़े मां-पिता और एक भाई बचा है। मामला न्यू साकेत नगर पड़ाव का है। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि यह क्या हो रहा है। अभी तक किसी भी मौत की वजह का खुलासा नहीं हुआ है। केस-1: 1 अगस्त 2025 को सबसे छोटे बेटे धर्मेंद्र (25) की लाश लक्ष्मीगंज में मिली थी। 29 जुलाई को वह मोबाइल पर बात करते हुए घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। गुमशुदगी पड़ाव थाने में दर्ज कराई गई थी। बाद में उसकी लाश मिली। 30 जुलाई को धर्मेंद्र का मोबाइल तिघरा थाना क्षेत्र निवासी टमटम चालक कृष्ण झा के पास मिला। जब धर्मेंद्र की बहन और उसका भाई मोबाइल लेने कृष्ण के घर गए थे तो वह घर पर नहीं मिला। उसका मोबाइल उसके बड़े भाई विकास ने दिया था। विकास ने बताया था कि मोबाइल उसके भाई कृष्ण को कंप्यूटर आना क्षेत्र के ईदगाह पर पड़ा मिला था। लेकिन, जब वे घटना स्थल गए थे तो वहां पर एक चाय की दुकान वाले ने बताया था कि धर्मेंद्र मरने से पहले उनकी दुकान पर बैठा था। उसे काफी घबराहट हो रही थी। उसके शरीर पर कोई चोट नहीं थी, ना ही वहां पर कोई एक्सीडेंट हुआ था। बाजार से आया और फंदे पर लटका मिला पड़ाव थाना क्षेत्र के न्यू साकेत नगर निवासी नीरज धानुक (27) पिता मोहन धानुक, प्राइवेट जॉब करता था। 12 अप्रैल 2026 रात में वह बाजार से आकर कमरे में चला गया। कुछ देर बाद पत्नी रूपाली पहुंची तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला। यह देखकर रूपाली चीख पड़ी। उसकी आवाज सुनकर मोहन, उनकी पत्नी अनीता और बेटी प्रियंका कमरे में पहुंचे। नब्ज टटोली तो सांसें चल रही थीं। तुरंत फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के बाद मर्ग कायम कर शव पीएम हाउस भेजा गया। फिलहाल फांसी के कारणों का पता नहीं चल सका है। बड़े बेटे ने फांसी लगाई, कारण पता नहीं चला अभी तक परिवार को पता नहीं चला है कि वह किससे मिलने गया था और उसकी मौत कैसे हुई है। पुलिस का कहना है कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। परिवार उसकी मौत का गम भूला भी नहीं पाया कि 19 मार्च 2026 को शाम के करीब 6:30 बजे धर्मेंद्र के सबसे बड़े 38 वर्षीय भाई अमर सिंह निवासी रायरू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। जिस वक्त अमन ने अपने घर में फांसी लगाई थी, उसकी पत्नी प्रियंका अपने बेटे के साथ डॉक्टर के यहां दवा लेने गई थी। उसका एक 8 साल का बेटा भी है जो मानसिक रूप से कमजोर है। दो बेटों की मौत, तीसरे ने भी लगा ली फांसी अमर और धर्मेंद्र की मौत से पूरा परिवार टूट गया था और उसे गम से उबर की कोशिश कर ही रहा था कि तभी अमर और धर्मेंद्र के बीच वाले भाई नीरज ने भी 2 दिन पहले 12 अप्रैल रात के करीब 10:30 बजे घर की छत पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हैं, जिससे पूरा परिवार फिर से गम के तूफान में घिर गया है। घटना वाले दिन नीरज ने अपने परिवार के साथ बैठकर खाना खाया था खाना खाने के बाद छत पर चला गया था जहां जाकर उसने आत्महत्या कर ली थी। जब उसकी पत्नी रूपाली छत पर पहुंची थी, तो नीरज तीन सेट में फंदे पर लटका था। 10 अप्रैल को नीरज का जन्मदिन था, लेकिन बड़े भाई की मौत के कारण उसका जन्मदिन नहीं मनाया था। परिजनों ने यह भी बताया कि नीरज की पत्नी रूपाली 5 महीने की गर्भवती है। नीरज ने फांसी लाकर आत्महत्या क्यों की है? इसका पता उन्हें नहीं है। माता-पिता का कहना है कि घर में कोई परेशानी नहीं थी ना ही कोई दिक्कत थी, लेकिन नीरज ने फांसी क्यों लगाई है इसकी जरा भी जानकारी उनको नहीं है। पिता बोले- बेटे की मौत की जांच ही नहीं हुई नीरज के पिता मोहन धानुक ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि 8 महीने पहले उनके बेटे धर्मेंद्र कश्यप जयनारायण थाना क्षेत्र में मिला था, लेकिन उसकी मौत कैसे हुई थी पुलिस ने इसकी जांच नहीं की है ना ही पुलिस ने कोई सीसीटीवी चेक किए थे पुलिस ने उनको उसका पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने लापरवाही की। जिससे मेरे बेटे की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। धर्मेंद्र घर से आखिरी बार फोन पर बात करते हुए निकला था। उसके बाद दूसरे बेटे ने 20 दिन पहले घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब तीसरे बेटे ने भी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पिता मोहन नानक का कहना है कि मेरे घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। अब कोई भी कमाने वाला नहीं बचा है। उन्होंने शासन से आर्थिक सहायता देने और उनके बेटे धर्मेंद्र की मौत कैसे हुई है उसकी जात की मांग की है। पड़ाव थाना प्रभारी शैलेंद्र भार्गव ने बताया एक युवक ने फांसी लगाकर जान दी है। इससे पहले उसके एक अन्य भाई ने भी फांसी लगाई थी। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के मध्य हिस्सों में खासकर 16 से 19 अप्रैल के बीच बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग में लू (हीट वेव) का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में तापमान 1 से 2 डिग्री बढ़ा है और अगले 3 दिनों में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ने की संभावना है, जबकि अधिकतम तापमान 43C तक पहुंच चुका है।प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह ड्राई बना हुआ है। बीते 24 घंटों में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 43C राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19C अंबिकापुर में दर्ज हुआ। अगले 2 दिन का आउटलुक आने वाले 2 दिनों में भी मौसम शुष्क रहेगा और कुछ जगहों पर हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। रायपुर का मौसम आज आसमान साफ रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 42C और न्यूनतम तापमान 27C के आसपास रहने का अनुमान है।
हिंदी और तेलगु फिल्म की प्रसिद्ध अभिनेत्री और मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब जीतने वाली सोनल चौहान गुरुवार को महाकाल मंदिर पहुंचीं। उन्होंने तड़के चार बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सोनल चौहान, ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी के दर्शन करने के लिए रात करीब दो बजे महाकाल मंदिर पहुंचीं। इस दौरान करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती में शामिल हुईं। सोनल ने नंदी जी का पूजन कर कान में अपनी मनोकामना कही। आरती के दौरान भगवान महाकाल का जाप करते हुए नजर आईं सोनल ने आरती के बाद भगवान महाकाल की देहरी से दर्शन कर जल अर्पित कर भगवान का आशीर्वाद लिया। महाकाल मंदिर समिति की ओर से सोनल का सम्मान किया गया। सोनल चौहान ने कई तेलुगु और हिंदी फिल्मों में काम किया है। वे 2005 में फेमिना मिस इंडिया और 2005 में मिस वर्ल्ड टूरिज्म की विजेता भी रही हैं। उन्होंने हिंदी फिल्म जन्नत और तेलुगु फिल्म रेनबो से अपने अभिनय से करियर की शुरुआत की थी।
फिरोजाबाद में शादी का झांसा देकर युवती का शोषण:7 साल से कर रहा था शारीरिक शोषण, आरोपी गिरफ्तार
फिरोजाबाद में शादी का झांसा देकर एक युवती का शारीरिक शोषण करने के आरोप में थाना दक्षिण पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी को बुधवार रात करीब 11 बजे सीएल जैन कॉलेज के पास से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी चंचल युवती के पड़ोस में रहता था। दोनों के बीच जान-पहचान थी और वे अक्सर बातचीत करते थे। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि चंचल ने उसे शादी का झांसा दिया और उसके साथ संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पिछले सात वर्षों से शादी का वादा कर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। जब भी पीड़िता शादी के लिए दबाव डालती, चंचल टालमटोल करता रहता था। दो दिन पहले भी शादी की बात करने पर उसने युवती को जान से मारने की धमकी दी थी। युवती की शिकायत पर थाना दक्षिण पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सीएल जैन कॉलेज के पास भागने की फिराक में खड़ा है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी नोएडा में एक निजी कंपनी में कार्यरत है।
जौनपुर में अंबेडकर प्रतिमा खंडित:ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, पुलिस चौकी के सामने हुई घटना
जौनपुर के केराकत तहसील क्षेत्र के कुसरना बकुलिया गांव में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित कर दी गई है। यह घटना 15 अप्रैल की रात को हुई, जिसका पता गुरुवार सुबह चला। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रतिमा की आंख के ऊपरी हिस्से को क्षतिग्रस्त किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रतिमा स्थल के ठीक सामने एक पुलिस चौकी भी स्थित है। इसके बावजूद असामाजिक तत्वों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने केराकत से खुज्जी मोड़ मार्ग पर एक घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इसके कारण करीब एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, जनपद में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं को खंडित करने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जिससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ा है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 17 और 18 अप्रैल को बड़े फैसले लिए हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, 1 मार्च से शुरू हुए असहयोग आंदोलन के तहत पहले ही निर्णय लिया गया था कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लॉटरी के माध्यम से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्रवेश नहीं दिया जाएगा। 18 अप्रैल को प्राइवेट स्कूल रहेंगे बंद अब 14 अप्रैल को हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में दो अहम निर्णय लिए गए हैं। इसके तहत 17 अप्रैल (शुक्रवार) को सभी स्कूल संचालक और शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। वहीं 18 अप्रैल (शनिवार) को प्रदेश के सभी निजी स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे। हर छात्र होने वाले खर्च को सार्वजनिक करे एसोसिएशन ने इसकी जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दे दी है। साथ ही मांग की है कि स्कूल शिक्षा विभाग इस साल शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले खर्च को सार्वजनिक करे, ताकि RTE के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का सही निर्धारण हो सके। एसोसिएशन का कहना है कि, प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण साल 2011 से अब तक नहीं किया गया है, जिससे निजी स्कूलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और सचिव मोती जैन ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़कों की बदहाली और निर्माण कार्य में लेटलतीफी पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई है। जनहित याचिका पर PWD के स्टेटस रिपोर्ट पर डिवीजन बेंच ने कहा कि, प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के नाम पर जनता को लंबे समय तक परेशान नहीं किया जा सकता। सड़क जैसी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं में देरी सीधे तौर पर आम जनता के जीवन को प्रभावित करती है। दरअसल, शहर की बदहाल सड़कों को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। डिवीजन बेंच ने निगम कमिश्नर और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता को अगले दौर की सुनवाई से पहले विस्तृत प्रगति रिपोर्ट और काम पूरा करने की समय-सीमा बताने के निर्देश दिए हैं। पीडब्ल्यूडी ने हाईकोर्ट को दी यह जानकारी इस मामले की सुनवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी के एसई ने स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया कि, 44.59 करोड़ के काम टेंडर प्रक्रिया में हैं। इसके लिए टेंडर बुलाए गए हैं, इसमें पेंड्रीडीह से नेहरू चौक 15.37 किमी के लिए 4038.57 लाख का टेंडर 9 अप्रैल को जारी किया गया है, जिसकी अंतिम तारीख 4 मई है। देवकीनंदन चौक से महामाया चौक 1.30 किमी सड़क के लिए लगभग 1.84 करोड़ के काम के लिए 15 अप्रैल तक टेंडर बुलाए गए थे। नेहरू चौक से उसलापुर 3.20 किमी सड़क के लिए 420.98 लाख के प्रोजेक्ट के लिए तकनीकी मंजूरी मिल चुकी है। ड्राफ्ट एनआईटी को भेजी गई है। अपोलो रोड के आगे चल रही पेड़ों की कटाई निगम कमिश्नर ने शपथ पत्र में बताया कि, अपोलो चौक से मानसी गेस्ट हाउस तक सड़क डामरीकरण का काम पूरा हो चुका है। वहीं, राजकिशोर नगर चौक और संत विहार चौक से अपोलो चौक तक बिजली खंभों की शिफ्टिंग और नाली निर्माण का काम भी खत्म कर लिया गया है। वर्तमान में मानसी गेस्ट हाउस से रपटा चौक के बीच अतिक्रमण हटाने और पेड़ों के प्रत्यारोपण का काम चल रहा है। सीएसआईडीसी के एमडी, व्यापार और उद्योग के जीएम को देना होगा जवाब हाईकोर्ट ने इस मामले में केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास से जुड़े पहलुओं पर भी जवाब मांगा है। डिवीजन बेंच ने इस मामले में सीएसआईडीसी के एमडी और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को भी अपना व्यक्तिगत शपथ पत्र पेश करने के लिए कहा है। अगली सुनवाई से पहले इन अधिकारियों को शपथपत्र के साथ जवाब देना होगा।
संभल। जिले में 7 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने ईदगाह, इमामबाड़ा समेत अन्य निर्माणों को आज गिराने की कार्रवाई होगी। इसके लिए पुलिस-प्रशासन की टीमें मौके पर 4 बुलडोजर लेकर पहुंची हुई हैं। टीम में एसडीएम संभल निधि पटेल, नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल और तहसीलदार बबलू कुमार समेत पांच थानों की पुलिस और एक प्लाटून PAC शामिल है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरा मामला संभल तहसील के कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव का है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार गाटा संख्या 1242 (0.769 हेक्टेयर) भूमि पशुओं के चरने यानी पशुचर के लिए आरक्षित है। इसी जमीन के 87 वर्गमीटर हिस्से पर अवैध रूप से ईदगाह का निर्माण कर लिया गया था। इसी तरह गाटा संख्या 1240 (0.166 हेक्टेयर) भूमि खाद के गड्ढे के लिए आरक्षित दर्ज है। इस जमीन के 187 वर्गमीटर हिस्से पर इमामबाड़ा बना दिया गया था। तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम जल्द ही बुलडोजर चलाकर अवैध रूप से बने ईदगाह और इमामबाड़े को ध्वस्त करेगी। इनमें एक सरकारी स्कूल भी शामिल है। ये सभी निर्माण पशुचर और खाद गड्ढे के लिए आरक्षित जमीन पर बनाए गए थे। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि आदेश का पालन करते हुए जल्द ही अवैध निर्माणों को हटाया जाएगा। तस्वीरें देखिए… नोटिस के बावजूद किसी ने नहीं किया स्वामित्व दावाप्रशासन के अनुसार दोनों निर्माणों को लेकर सार्वजनिक समाचार पत्रों में 31 जनवरी को नोटिस प्रकाशित कराया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर किसी भी व्यक्ति या संस्था ने स्वामित्व का दावा पेश नहीं किया। इसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई। खुद ही तोड़ते दिखे ईदगाह, प्रशासन ने रोकाप्रशासन की टीम जब गुरुवार सुबह 8 बजे बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची तो कुछ लोग ईदगाह को खुद ही तोड़ते दिखे। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रेाक दिया। कहा- जब तोड़ने का समय दिया गया तब तो आप लोगों ने खुद नहीं तोड़ा। अब हट जाइए, हम खुद तोड़ लेंगे। लेखपाल रिपोर्ट पर धारा 67 में कार्रवाईलेखपाल की 18 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के आधार पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद तहसीलदार न्यायालय ने 31 जनवरी 2026 को धारा 67 के तहत बेदखली का आदेश पारित कर दिया।
फिरोजाबाद में एक क्राफ्ट पेपर कारोबारी से 4.29 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर रसूलपुर पुलिस ने फर्म संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना उत्तर के गणेश नगर निवासी अनुज दत्त बंसल ओम पेपर ट्रेडर्स के नाम से क्राफ्ट पेपर का कारोबार करते हैं। उन्होंने सरस्वती मैटालाइजर्स फर्म के मालिक नितुल जैन उर्फ बूली राजा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। नितुल जैन असफाबाद, थाना रसूलपुर स्थित राजा साहब की बगीची, कैनरा बैंक के पास के निवासी हैं। पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने क्राफ्ट पेपर खरीदने के लिए उनसे संपर्क किया था। वर्ष 2013 से दोनों के बीच व्यापारिक लेनदेन चल रहा था, जिसमें आरोपी नियमित रूप से सामान खरीदकर भुगतान करता था। आरोप है कि अप्रैल 2024 से आरोपी ने कुल 2.72 लाख रुपये का माल खरीदा, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया। बकाया राशि पर 18 प्रतिशत ब्याज जोड़ने के बाद कुल रकम 4.29 लाख रुपये हो गई। पीड़ित जब भी अपनी रकम वापस मांगते थे, तो आरोपी उन्हें भुगतान का भरोसा दिलाकर टालता रहता था। 2 अप्रैल को पीड़ित आरोपी की फर्म पर पहुंचे, जहां नितुल जैन उर्फ बूली राजा ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान उन्होंने गालीगलौज करते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित ने रसूलपुर थाने और एसएसपी से मामले की शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन, उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
गाजीपुर में CBSE 10वीं का जलवा:अभिजीत 98.8% के साथ टॉपर, उजाला ने छात्राओं में मारी बाजी
गाजीपुर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं परीक्षा का रिजल्ट बुधवार शाम घोषित हुआ। जिले में स्कॉलर्स एकेडमी के अभिजीत सिंह यादव ने 98.8% अंक हासिल कर टॉप किया, जबकि छात्राओं में सन शाइन पब्लिक स्कूल की उजाला यादव ने 98% के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। फरवरी में हुई परीक्षा में अलग-अलग स्कूलों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। शाहफैज पब्लिक स्कूल के पहल कुशवाहा (97.8%), मेघली राय (96.6%), पार्थ रंजन और व्योमेश वर्मा (96.2%), खुशी यादव (95.8%) प्रमुख रहे। स्कॉलर्स एकेडमी में श्रेया शर्मा (96.6%), श्रेयश सिंह यादव (95.6%), आशीष कुशवाहा और अमृता राव (93.8%), कुमकुम निषाद (92.6%) और श्वेता-प्रिंस चौहान (90%) ने बेहतर अंक हासिल किए। अन्य स्कूलों में भी टॉप स्कोरर्स एवरग्रीन पब्लिक स्कूल के आशू बिंद (96.6%), दिव्या सिंह (94.4%) और विकास सिंह यादव (95.4%) ने अच्छा प्रदर्शन किया। एमजेआरपी पब्लिक स्कूल के दिव्यांश मौर्य (97.2%), सारा फातिमा (96.8%), अंकित अग्रहरी और हर्ष सिंह (96.4%) भी टॉपर्स में शामिल रहे। माउंट लिट्रा जी स्कूल में कौशिकी कश्यप सिंह (96.2%), श्रद्धा पांडेय (96.4%) और मीनाक्षी राय (95.4%) ने सफलता हासिल की। 90% से ऊपर अंक लाने वालों की लंबी सूची डालिम्स सनबीम स्कूल की आस्था गुप्ता (96%), प्रियंगी यादव (94.4%), आर्या मिश्रा (92.4%) सहित 40 छात्रों ने 90% से अधिक अंक पाए। सनबीम स्कूल महाराजगंज के शीतांशु और मोहम्मद रमजान (96.4%), शिवांश (95.2%) भी अव्वल रहे। सन फ्लावर पब्लिक स्कूल नंदगंज के मुहम्मद अरमान (98.2%), अंश सिंह (94.2%), आस्था यादव (93%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अन्य संस्थानों में भी मेधावी छात्र रामदूत इंटरनेशनल स्कूल, सनबीम दिलदारनगर और केंद्रीय विद्यालय के छात्रों ने भी 90% से अधिक अंक हासिल किए। कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल की रुचि नंदिनी (98.2%), कार्तिकेय राय (96%) और समृद्ध सिंह (94%) भी टॉपर्स में शामिल रहे। सन शाइन पब्लिक स्कूल के सृजन सिंह (97.60%), प्राची (95.40%) और दिव्यांश तिवारी (95.20%) ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। रिजल्ट के बाद जश्न का माहौल परिणाम घोषित होते ही जिले में खुशी का माहौल दिखा। छात्रों ने सफलता का जश्न मनाया, घरों में मिठाइयां बांटी गईं और बधाइयों का दौर देर रात तक चलता रहा। सफल छात्रों ने अपनी उपलब्धि का श्रेय नियमित पढ़ाई और टाइम टेबल के पालन को दिया। अधिकतर छात्रों ने बताया कि उन्होंने रोजाना 6 से 8 घंटे पढ़ाई की और सत्र की शुरुआत से ही तैयारी शुरू कर दी थी। कई छात्र आगे डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। मंदिरों में पहुंचकर लिया आशीर्वाद रिजल्ट के बाद कई मेधावी छात्र-छात्राएं मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ ईश्वर का आशीर्वाद लिया। विद्यालय प्रबंधन ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग को दिया।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित होते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। रिजल्ट सामने आते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और कई स्कूलों में जश्न का माहौल देखने को मिला। अब छात्रों को 12वीं के परिणाम का इंतजार है। इस बार छिंदवाड़ा के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च अंक हासिल किए हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र पर्व अग्रवाल ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शहर में पहला स्थान हासिल किया। वहीं फर्स्ट स्टेप स्कूल के समर्थ धनकारिया ने 98.6 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। अन्य प्रमुख छात्रों की बात करें तो विद्या भूमि स्कूल के यथार्थ पवार ने 98.4 प्रतिशत, केंद्रीय विद्यालय के तेजस चौबे ने 97.6 प्रतिशत और संत श्री स्कूल की भक्ति छोरिया ने 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके अलावा ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल के देवक ताम्रकार और अन्विता डबली ने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, वहीं जय गुरुदेव इंटरनेशनल स्कूल की रैना भोजवानी ने 94.4 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया। रिजल्ट घोषित होने के बाद छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थी अपने-अपने स्कूल पहुंचे और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। स्कूल प्रबंधन ने भी छात्रों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव, स्वीकृति और लॉक करने की अंतिम तिथियां जारी कर दी गई हैं। रायपुर जिले के सभी शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई संस्थानों के प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों और छात्रवृत्ति प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जा रही है। पात्र अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से तय समय-सीमा में पंजीयन कर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज अपलोड करने को कहा गया है। जिससे समय पर स्वीकृति और भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। 18 से 22 अप्रैल तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया जारी निर्देशों के अनुसार संस्थाओं में लंबित प्रस्तावों को लॉक कर सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास रायपुर को भेजने की अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। वहीं शासकीय संस्थाओं और जिला कार्यालय द्वारा स्वीकृति आदेश लॉक करने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल और भुगतान के लिए राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल 2026 तय की गई है। जियो-टैगिंग और OTR के साथ आय सीमा भी तय छात्रवृत्ति के लिए आय सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए 2.50 लाख रुपए और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1 लाख रुपए वार्षिक है। साथ ही स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र और पिछले साल का परीक्षा परिणाम अनिवार्य होगा। साल 2025-26 से संस्थानों के लिए जियो-टैगिंग और विद्यार्थियों के लिए NSP पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) भी अनिवार्य कर दिया गया है।
केंद्र सरकार लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण करने जा रही है। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन बिल पारित होते ही, राजस्थान के विधायकों-सांसदों की टेंशन बढ़ जाएगी। विधानसभा चुनाव-2028 में 33% सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ सकती हैं। ऐसे में उन सीटों पर मौजूदा विधायकों का टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है। कुछ ऐसा ही इसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव-2029 में भी दिखाई देगा। वहीं संशोधन बिल के बाद जनगणना के आधार पर विधानसभा और लोकसभा सीटों का परिसीमन भी होगा। माना रहा है कि राजस्थान में विधानसभा सीटों की संख्या करीब 270 और लोकसभा की सीटों की संख्या कम से कम 34 हो जाएगी। इस लिहाज से प्रदेश में 90 विधानसभा सीटों और करीब 12 लोकसभा सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ सकेंगी। बिल और परिसीमन के बाद राजस्थान का सियासी तस्वीर बदली हुई नजर आएगी। मंत्रिमंडल में भी महिलाओं की संख्या बढ़ेगी और वे बड़े-बड़े विभागों को मंत्री के रूप में संभालती नजर आएंगी। आखिर राजस्थान की राजनीति पर इस आने वाले समय में क्या-क्या प्रभाव पड़ेगा, पढ़िए इस रिपोर्ट में…. सवाल : बीजेपी मान रही है कि ये बिल अगले चुनावों में गेम चेंजर होगा? जवाब : पहले माना जा रहा था कि महिला आरक्षण में संशोधन बिल और परिसीमन में टाइम लगेगा और राजस्थान के 2028 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद ही महिला आरक्षण लागू होगा। लेकिन महिला आरक्षण के संशोधन बिल के जरिए आधी दुनिया (महिलाएं) के वोट साधने के लिए केंद्र सरकार का ये मास्टर स्ट्रोक कहा जा सकता है। मूल कानून में यह शर्त थी कि अगली जनगणना और परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण लागू किया जाएगा। लेकिन इसमें काफी समय लगने की संभावना थी। ऐसे में अब प्रस्तावित संशोधन के तहत 2011 के जनगणना आंकड़ों को आधार मानकर ही सीटों का परिसीमन हो सकता है। इसके तहत सभी राज्यों में लोकसभा और विधानसभा की सीटों में वृद्धि करने का प्रस्ताव है, जिससे बढ़ी हुई सीटों पर 33 फीसदी महिला आरक्षण आसानी से लागू किया जा सके। सवाल : बिल लागू होने और परिसीमन के बाद राजस्थान की सियासी तस्वीर किस तरह बदल जाएगी? जवाब : मोटे तौर पर तीन बड़े बदलाव नजर आएंगे... 1. बहुमत का आंकड़ा बदलेगा : विधानसभा में सीटों का आंकड़ा बढ़ने से सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा भी बदल जाएगा। वर्तमान में राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से किसी भी पार्टी को सरकार बनानी है तो बहुमत का आंकड़ा 101 को छूना जरूरी है। अगला विधानसभा चुनाव यदि 270 सीटों पर हुआ तो किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 136 सीटें जीतनी होंगी। 2. विधानसभा पहुंचेंगी 90 महिलाएं : विधानसभा चुनाव-2023 में कुल 21 महिलाएं विधायक बनीं। यह संख्या विधानसभा के कुल 200 सदस्यों का लगभग 10.5% ही है। भविष्य में परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या 270 हो सकती है और महिला आरक्षण 33 फीसदी लागू हो जाएगा। तब 90 सीटें महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हो जाएंगी। इसके बाद विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी वर्तमान की तुलना में 4 गुना से भी अधिक बढ़ जाएगी। 3. मंत्रिमंडल में होंगे 40 मंत्री : नियमानुसार, कुल विधायकों की संख्या के 15% को मंत्री बनाया जा सकता है। वर्तमान में 200 सीटों के हिसाब से 30 सदस्यों का मंत्रिमंडल बन सकता है। अब अगर परिसीमन के बाद विधानसभा सीटें 270 हो जाती हैं तो विधानसभा चुनाव-2028 के बाद मंत्रियों की संख्या 40 तक पहुंच सकती है। मंत्रीमंडल में महिलाओं की भी भागीदारी बढ़ेगी। वर्तमान में भजनलाल सरकार में सीएम के अलावा 2 डिप्टी सीएम, 12 कैबिनेट मंत्री, 4 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 5 राज्य मंत्री हैं। विधायकों की 15 प्रतिशत संख्या के हिसाब से अभी 6 मंत्री और बनाए जा सकते हैं। सवाल : राजस्थान के लिहाज से लोकसभा सीटों में क्या-क्या बदलाव होगा? जवाब : माना जा रहा है कि लोकसभा में सीटों की संख्या 25 से बढ़कर 34 तक हो सकती है। आरक्षण के बाद लोकसभा चुनाव-2029 में 12 सीटों पर महिलाएं चुनाव लड़ती नजर आएंगी। इससे देश की संसद में भी राजस्थान की महिलाओं का दबदबा बढ़ेगा। केंद्र की राजनीति में राजस्थान के प्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ेगी और वे अपने क्षेत्र के लिए मांग और मुद्दे, दोनों उठाएंगे। इससे प्रदेश में विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी। सवाल : क्या हर 5 साल में सीटें बदलेंगी, रोटेशन सिस्टम का राजनीति पेंच क्या है? जवाब : महिला आरक्षण में सबसे बड़ा राजनीतिक पेंच 'रोटेशन सिस्टम' का है। आरक्षित सीटें स्थायी नहीं रहेंगी, बल्कि हर पांच साल बाद बदलती रहेंगी। इसे इस उदाहरण से समझ सकते हैं। परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या कम से कम 34 हो सकती हैं। ऐसे में लोकसभा चुनाव-2029 में 33% रिजर्वेशन के अनुसार 12 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। जो 12 सीटें रिजर्व होंगी, वो केवल एक कार्यकाल के लिए रहेंगी। अगले लोकसभा चुनाव यानी 2034 में फिर से लॉटरी या महिला वोटर्स की संख्या के आधार पर नई 12 सीटें रिजर्व होंगी। यही प्रक्रिया विधानसभा चुनाव-2028 में भी अपनाई जा सकती है। सवाल : क्या 33% आरक्षण मंत्रिमंडल पर भी लागू होगा? जवाब : नहीं, मंत्री पद के लिए ये आरक्षण नहीं है, इसलिए ये आरक्षण न तो केंद्र सरकार पर और न ही राज्य सरकारों पर लागू होगा। ये आरक्षण लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों के लिए है। मंत्रियों का चयन प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। महिला आरक्षण बिल में मंत्री पद के लिए कोई कोटा निर्धारित नहीं है। सवाल : क्या राजस्थान विधानसभा में 270 विधायक बैठ सकते हैं? जवाब : अभी राजस्थान विधानसभा में 246 विधायकों के बैठने की व्यवस्था है। सदन में करीब 50 सीटें और बढ़ाई जा सकती हैं। फिलहाल 200 विधायक सदन में बैठ रहे हैं। सिटिंग कैपेसिटी 300 तक भी बढ़ जाए, तो भी कोई खास परेशानी नहीं आने वाली। ऐसे में परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या बढ़ती है तो भी सदन में विधायकों को बैठाने में कोई परेशानी नहीं आएगी। सवाल : विधायक और सांसद किस तरह की टेंशन से गुजरेंगे? जवाब : आरक्षण लागू होने के बाद 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद हर विधानसभा-लोकसभा चुनाव में एक-तिहाई सीटों पर मौजूदा विधायकों-सांसदों का टिकट कटना लगभग तय हो जाएगा या उन्हें अपनी सीट बदलनी पड़ेंगी। क्योंकि आरक्षण फॉर्मूले के अनुसार हर पांच साल बाद आरक्षित सीटों को नई प्रक्रिया अपनाकर बदला जाएगा। प्रदेश में कई नेता ऐसे हैं जो एक ही सीट पर दशकों से प्रभाव जमाए हुए हैं। यह स्थिति राजनीतिक दलों और लंबे समय से एक ही सीट पर राजनीति कर रहे नेताओं के लिए एक बड़ी चुनौती पैदा करेगी। सवाल : पॉलिटिकल पार्टियों को किस तरह का चुनौती मिलेगी? जवाब : आमतौर पर महिलाएं राजनीति में सक्रिय भागीदारी नहीं निभाती हैं। इस कारण महिला नेताओं की संख्या कम है। जब महिलाओं के लिए सीटें रिजर्व हो जाएंगी, तो संबंधित सीट से पार्टियों को भी महिला नेता को ही टिकट देनी होगी। महिला नेताओं की संख्या कम होने के कारण पार्टियों को खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। सवाल : महिला आरक्षण लागू होने के बाद सियासत में भाई-भतीजावाद कितना खत्म हो पाएगा? जवाब : वरिष्ठ पत्रकार और पॉलिटिकल मामलों के एक्सपर्ट महेश शर्मा के अनुसार जब सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी, तो पिछले चुनाव में संबंधित सीट से जीता या हारा प्रत्याशी अपनी परिवार की महिला को टिकट दिलवाने का प्रयास करेगा। उसके परिवार की महिला चाहे सक्रिय राजनीति में हो या नहीं। लेकिन सत्ता की ताकत को संबंधित नेता अपने हाथ से आसानी से जाने नहीं देगा। वह संबंधित सीट पर पत्नी, बहन या बहू-बेटी को टिकट दिलवाने का प्रयास करेगा, जिससे वंशवाद पनपने की आशंका बनी रहेगी। हालांकि एक पक्ष यह भी है कि बिल पारित होने से निश्चित ही महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। देश की संसद और विधानसभा में महिलाओं की आवाज बुलंद होगी। …. इसी सब्जेक्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…राजस्थान में एक-तिहाई विधायक-सांसदों का टिकट कटना तय:90 महिलाएं बनेंगी MLA; 33% महिला आरक्षण के बाद बदलेगी पॉलिटिकल पिक्चर राजस्थान में अगले विधानसभा चुनाव से पहले सीटों की संख्या 270 होने के साथ-साथ 90 सीटें महिला विधायकों के लिए रिजर्व हो सकती हैं। केंद्र सरकार राज्यों की विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण पर मुहर लगा सकती है…(CLICK कर पढ़ें)
बालाघाट से मुरैना लौट रही मुरैना बीडीडीएस पुलिस कर्मियों की टीम का वाहन सागर के पास दुर्घटना ग्रस्त हो गया था। इस दुर्घटना में मुरैना के 4 पुलिस कर्मी की मौत हो गई थी। आज एसपी के द्वारा एक मृत पुलिस कर्मी के परिजनों को एक करोड़ रुपए की राशि का राहत चेक सौंपा। इस मौके पर एसबीआई बैंक कर्मचारी भी मौजूद रहे। करोड़ की राशि का चेक एसपी समीर सौरभ के द्वारा आज एसपी कार्यालय में 10 दिसम्बर 2025 को सागर जिले में हुए सड़क हादसे में मृत हुए जवानों में से एक मृत जवान चालक परिमल सिंह तोमर की पत्नी सर्वेश तोमर को एक करोड़ रुपए का राहत राशि चेक सौंपा। एसबीआई पुलिस सैलरी पैकेज योजना सड़क हादसे में मृत जवानों के आश्रित परिवारों को जल्द एसबीआई पुलिस सैलरी पैकेज योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपए की राहत राशि सौंपी गई।यह राशि सौंपने और कार्यवाही पूरी करने एडीशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह ने एसबीआई बैंक में सतत संपर्क किया और कागजी कार्यवाही जल्द पूरी की।एसपी समीर सौरभ द्वारा आज परिजनों को चेक सौंपते समय एसबीआई बैंक मुरैना के मुख्य प्रबंधक योगेंद्र गौतम,उपप्रबंधक प्रवीण कुमार मौजूद रहे।
रतलाम के धराड़ में मंगलवार रात विहिप के गौरक्षा प्रमुख व साथी पर चाकू से जानलेवा हमले के मामले पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है। पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में ले लिया है। जिन्हें बुधवार शाम कोर्ट में पेश किया। चाकू मारने वाले मुख्य आरोपी जो इंदौर का रहने वाला उसका रिमांड पुलिस को मिला है। जबकि 11 को जेल भेज दिया। चाकू मारने वाले मुख्य आरोपी ने कहा था कि इतने चाकू मारूंगा कि कोई बचाने वाला नहीं मिलेगापूरे विवाद व घटनाक्रम को लेकर बुधवार दिनभर गहमागहमी व तनाव वाली स्थिति धराड़ में रही। धराड़ के राजीव नगर के कबीर वाघेला (18) ने एफआईआर दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया कि मंगलवार रात 11.20 बजे मैं मेरे साथी भाटी बड़ोदिया रोड पर दुकान के बाहर खड़े थे। एक कार धराड़ से भाटी बड़ोदिया की तरफ तेज स्पीड से निकली। ड्राइवर गाड़ी रिवर्स लेकर आया। हमारा नाम पूछने लगा। नाम बताया तो गालियां देने लगा। गालियां देते हुए कहा कि मैं इंदौर का फरदीन हूं और एजाज खान के यहां शादी में आया हूं। इतने चाकू मारूंगा कि कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा। पूरी धराड़ में एजाज से कोई हिंदू नहीं जीत सकता है। फिर वहां उसका साथी जिशान उर्फ कालू निवासी इंदौर आया। उसने अपने 15-20 साथियों को बुला लिया। इन्होंने आते ही हमारे साथ मारपीट और पत्थरबाजी शुरू कर दी। फरदीन व जिशान ने जेब से निकाला चाकू फरदीन और जिशान ने जेब से चाकू निकाला और आदित्य वर्मा (22) और प्रखंड गौरक्षा प्रमुख रूपसिंह चंद्रावत (26) दोनों निवासी धराड़ पर हमला कर दिया। आदित्य को पेट में चाकू मारने लगे तो उसने अपना बचाव किया तो उसके बाएं पैर की जांघ के पास चाकू लगा। वहीं रूपसिंह को बाएं पैर की जांघ और पेट के पास चाकू लगा। साथियों ने बचाव किया और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। हमला करने वालों में शेरू चाचा, शाहिद शेख, गुड्डू शेख, आर्यन खान, आर्शिफ, रेहान, इदरीस, जावेद, अबरार, सिकंदर, वसीम और इमरान खान थे। पत्थरबाजी के कारण अशोक पाटीदार, त्रिलोक प्रजापत, बादल राणा को भी चोटे आई। इन्हें गिरफ्तार कर भेजा जेल कोर्ट से फरदीन (18) पिता असलम खान निवासी इंदौर का पुलिस को रिमांड मिला है। सिकंदर शेख (36) पिता छोटे खां, इमरान (42) पिता कल्लू खान दोनों निवासी इंदौर, शाहिद शेख (43) पिता शेर मोहम्मद, गुड्डू शेख उर्फ सादिक (40) पिता शेर मोहम्मद, आर्यन (21) पिता वाहीद खान सभी निवासी धराड़, आशिफ उर्फ अनस (20) पिता सरफराज खां, वसीम (44) पिता इकबाल खान दोनों निवासी दानीपुरा रतलाम, रेहान (22) पिता इदरीस खान, इदरीश उर्फ बल्लू (45) पिता रऊफ खान, जावेद (25) पिता अकबर अली तीनों निवासी उन्हेल (उज्जैन), अबरार उर्फ अरबाज (19) पिता आरिफ खान निवासी जावरा को जेल भेज दिया। अतिक्रमण तोड़ने की मांग घटनाक्रम के बाज बुधवार दिनभर गहमागहमी और तनाव पूर्ण स्थिति थी। पुलिस फोर्स दिन-रात तैनात रहा। हमले के विरोध में धराड़ को बंद रख बजरंग दल कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने आरोपियों का जुलूस निकालने व अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर धरना भी दिया था। अतिक्रमण हटाने के आश्वासन पर सभी माने थे। पुलिस को दिखाना पड़ी सख्ती बुधवार को आरोपियों को सीधे गाड़ी में बैठाकर कोर्ट ले जाने पर धरना दे रहे लोग भड़क गए थे। फोरलेन पर जाम लगाने पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने जाकर समझाया। नहीं मानने पर फोरलेन पर जाम लगाने पर केस दर्ज करने की चेतावनी दी। इसके बाद सभी रोड से हट गए। बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान ने बताया 14 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। 12 को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी फरदीन का रिमांड मिला है। शेष आरोपियों को जेल भेज दिया है। 2 की तलाश की जा रही है। रतलाम में चाकूबाजी और पत्थरबाजी मामले में दो समाज आमने-सामने; विरोध में बाजार बंद रतलाम जिले के धराड़ गांव में बारात के दौरान मामूली बात से शुरू हुआ विवाद अब तनाव का कारण बन गया है। तेज बाइक चलाने को लेकर हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें चाकूबाजी और पथराव की घटना सामने आई। जिसमें दो लोग घायल हो गए। हालात को देखते हुए गांव में पुलिस बल को तैनात किया गया, वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। पढ़े पूरी खबर…
रायपुर के रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, PCI (फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया) की इंस्पेक्शन टीम के विश्वविद्यालय पहुंचने की खबर मिलते ही NSUI के रायपुर जिला कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। NSUI ने बताई समस्याएं NSUI जिला उपाध्यक्ष शिवांक सिंह ने बताया कि, गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर छात्र पिछले कई महीनों से संघर्ष कर रहे हैं। छात्र-छात्राएं फीस बढ़ोतरी, कूलर, पानी, बिजली और भोजन की गुणवत्ता जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फार्मेसी विभाग की लैब में आवश्यक और गुणवत्तापूर्ण उपकरणों की कमी है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रवेश के समय विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा किए गए वादे पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान कुलसचिव की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद NSUI छात्र नेताओं ने धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गईं, तो बिना पूर्व सूचना के उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं NSUI जिला अध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में फर्जी पाठ्यक्रमों में दाखिला और छात्राओं से वादाखिलाफी आम बात हो गई है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर जल्द बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
एमपी बोर्ड की कक्षा 10वीं में जिले के सरकारी स्कूल की एक छात्रा व एक छात्र ने प्रदेश की मेरिट में 9वां स्थाना पाया है। दोनों मध्यम वर्गीय परिवार से होकर गांव में रहते है। सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए इन्होंने स्कूल की पढ़ाई के साथ सेल्फी स्टडी और टीचरों के निर्देशन में अपने खुद के नोट्स बनाकर पढ़ाई की है। कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम में शहर के बड़े सरकारी स्कूल मेरिट में अपना स्थान नहीं बना पाए। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई की जीत का परचम लहरा दिया। पिता गांव-गांव कपड़े बेचते कक्षा 10वीं में जिले के शासकीय उमावि रियावन की छात्रा सरस्वती खारोल ने प्रथम रहते हुए 500 में से 491 अंक हासिल कर 98.2 प्रतिशत से प्रदेश की मेरिट में 9वां स्थान पाया है। छात्रा स्कूल से करीब ढाई से तीन किमी दूर गांव चिपिया से रोज स्कूल पढ़ने जाती थी। कभी पिता छोड़ते तो कभी बस से जाती थी। छात्रा के पिता घनश्याम खारोल सिलाई का काम करते हुए गांव-गांव कपड़े बेचने जाते है। मां रेखा घर का कामकाज देखती है। सरस्वती इकलौती बेटी है। बिना कोचिंग के मेरिट में अपना स्थान बनाने वाली सरस्वती का कहना है कि वह स्कूल में पढ़ाई के अलावा प्रतिदिन घर पर तीन से चार घंटे पढ़ाई करती थी। खुद सेल्फ स्टडी करती। स्कूल में जो पढ़ाया जाता उसका रिवीजन घर पर आकर करती थी। सोशल मीडिया से दूरी बनाकर कर रखी। पढ़ाई की जरुरत कर सोशल मीडिया को सीमित रखा। सरस्वती का कहना है कि कोई भी काम करो तो उसमें मन लगाकर एकाग्र होकर करो। पढ़ाई भी ऐसी ही करना चाहिए। अपने खुद के नोट्स बनाए। उसे अच्छे से समझे, रिवीजन करे। इससे पढ़ाई आसान होती है। सरस्वती अब कक्षा 11वीं में बॉयो विषय लेना चाहती है। इसके साथ यूपीएससी की तैयारी करने की बात भी बताई। पिता खेती करते, मामा के यहां रहकर पढ़ाई की कक्षा 10वीं में शासकीय उमावि धामनोद के छात्र आयुष पाटीदार ने भी प्रथम स्थान पाते हुए 500 में से 491 अंक हासिल कर 98.2 प्रतिशत से प्रदेश की मेरिट में 9वां स्थान पाया है। आयुष धामनोद में अपने मामा रवि पाटीदार के यहां रहकर पढाई की। पिता मुकेश पाटीदार गांव हतनारा में रहते है और खेती करते है। मां अनीता पाटीदार घर का कामकाज देखती है। आयुष का जुड़वा भाई अखिलेश पाटीदार है। अखिलेश ने सैलाना के सीएम राइज स्कूल से कक्षा 10वीं की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए है। एक बड़ी बहन पायल पाटीदार है जो कक्षा 12वीं में है। आयुष का कहना है कि अब वह बॉयो सब्जेक्ट लेगा। उसको डॉक्टर बनना है। आयुष ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी के साथ एनसीआरटी की बुक से पढ़ाई की है। खुद का कंटेट बनाया। फेसबुक, इंस्टाग्राम से दूरी बनाकर रखी। यू-ट्यूब से जरुरत के हिसाब से पढ़ाई के कंटेट को देखा। आयुष का कहना है कि स्कूल के टीचर के स्पोर्ट से खुद ने अपने नोट्स भी बनाए। स्कूल के अलावा लगातार घर पर 5 से 6 घंटे पढ़ाई की। आयुष का मानना है कि सेल्फ स्टडी करना बहुत जरुरी है। कक्षा 12वीं की नीलोफर भी मेरिट में जिले के कालूखेड़ा के अमर शहीद NS चंद्रावत शासकीय उमावि की कक्षा 12वीं की गणित संकाय की छात्रा नीलोफर खान ने 483 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मेरिट में 10वां स्थान पाया है। नीलोफर के पिता इलियाज शेख का वर्ष 2012 में बीमारी के चलते निधन हो गया था। घर में मां यास्मिन शेख व भाई सरफराज शेख है। नीलोफर के हिंदी में 99, गणित व अंग्रेजी में 98, फिजिक्स में 96 व केमेस्ट्री में 92 नंबर आए है। इन स्टूडेंट ने भी किया टॉप
सागर विधायक शैलेंद्र जैन के निवास पर बनी गौशाला में बुधवार को सांप घुस गया। सांप देख गौशाला में काम करने वाले कर्मचारी दहशत में आ गए। वे तत्काल गौशाला से बाहर निकल आए। उन्होंने स्नेक कैचर बबलू पवार को सूचना दी। जानकारी मिलते ही स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू शुरू किया। सांप गौशाला में रखी बोरियों के बीच छिपा बैठा था। कर्मचारियों की मदद से बोरियों को हटाया गया। कुछ देर की मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ लिया गया। स्नेक कैचर बबलू पवार ने बताया कि विधायक शैलेंद्र जैन के निवास पर स्थित गौशाला में सांप होने की सूचना पर मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारी सांप को कोबरा समझकर घबरा रहे थे। रेस्क्यू कर सांप को पकड़ा गया। रेस्क्यू में पकड़ाया सांप रेड स्नेक प्रजाति का सांप है। उसकी लंबाई करीब ढाई फीट है। वर्तमान में गर्मी का मौसम चल रहा है। तेज गर्मी पड़ने के कारण संभवत: सांप ठंडक की तलाश में गौशाला में पहुंच गया होगा। सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।
सागर की गढ़ाकोटा पुलिस ने जिलाबदर आदेश का उल्लंघन कर जिले की सीमा में प्रवेश कर घूम रहे अपराधी को गिरफ्तार किया है। थाने लाकर आरोपी से पूछताछ की गई। मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दानिश पिता इस्लाम खान उम्र 19 वर्ष निवासी टैगोर वार्ड गढ़ाकोटा को जिला दंडाधिकारी सागर ने 9 जनवरी को 6 माह के लिए जिला बदर किया था। आदेश जारी होने के बाद आरोपी को जिले और आसपास के जिलों की सीमा से बाहर छोड़ा गया था। उसे समझाइश दी गई थी कि जिलाबदर अवधि में वह जिले की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकता है। बावजूद इसके आरोपी दानिश खान आदेश का उल्लंघन कर गढ़ाकोटा क्षेत्र में पहुंचा। बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिलाबदर अपराधी दानिश खान गढ़ाकोटा में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई के लिए रवाना की गई। टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। थाने लाकर आरोपी दानिश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया। गढ़ाकोटा थाना प्रभारी शिवम दुबे ने बताया कि जिलाबदर अपराधी को गिरफ्तार किया है। वह आदेश का उल्लंघन कर क्षेत्र में घूम रहा था। कार्रवाई कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
जिले के रुठियाई क्षेत्र के देहरी गांव स्थित चांदी वाले हनुमान जी मंदिर के पुजारी कमल दास महाराज के साथ हुई मारपीट के मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। इस घटना को लेकर गुर्जर समाज ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे एक गहरा षडयंत्र करार दिया है। बता दें कि इससे पहले 90 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी कमल दास जी ने भैयालाल गुर्जर पर मंदिर की जमीन कब्जाने की नीयत से मारपीट और जानलेवा धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिस पर रुठियाई चौकी में मामला दर्ज किया गया था। अब समाज के इस विरोध के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है। राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के समस्त गुर्जर समाज के लोगों ने एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दर्ज एफआईआर को झूठा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। घटना के समय गांव में ही नहीं थे आरोपी ज्ञापन में समाजबंधुओं ने तर्क दिया है कि जिस भैयालाल गुर्जर को इस मामले में आरोपी बनाया गया है, वह घटना के समय गांव में मौजूद ही नहीं थे। समाज का दावा है कि रिपोर्ट में बताए गए समय के अनुसार भैयालाल गुर्जर, पर्वत सिंह के साथ गोपीकृष्ण सागर बांध के पास तिनस्याई गांव में थे। इस बात की पुष्टि के लिए उन्होंने तिनस्याई के कनीराम लोधा, नंदकिशोर, मूलसिंह और गजराज लोधा जैसे ग्रामीणों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है। ज्ञापन सौंपते समय गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि समूचा समाज संतों को भगवान का दर्जा देता है और सदैव उनकी सेवा में तत्पर रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को झूठे केस में फंसाकर पूरे गुर्जर समाज की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। समाजबंधुओं ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार, असत्य और पीड़ादायक है। समाज ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की सूक्ष्मता और निष्पक्षता से जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए और षडयंत्रकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रेमनार, प्रताप सिंह, मेघराज, प्रधुम्न, देवराज, रंजीत सहित नागरिक शामिल रहे।
दुर्ग के युवक ने भानुप्रतापुर की लड़की से सोशल मीडिया पर दोस्ती की, फिर शादी का वादा कर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब लड़की के परिवार ने शादी की बात उठाई, तो आरोपी मुकर गया। इस मामले में दुर्ग के मोहन नगर थाने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि, उसकी पहचान साल 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए सौरभ राजपूत निवासी सिकोला भाटा दुर्ग से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर लगातार बातचीत होने लगी। युवक ने उसे शादी का भरोसा दिलाया और मिलने के लिए दुर्ग बुलाया। युवती 5 मार्च 2026 को उससे मिलने दुर्ग पहुंची। दुर्ग में अपने बड़े भाई के घर पर रुकवाया शिकायत के अनुसार, आरोपी उसे अपने बड़े भाई के घर सिकोला भाटा ले गया। जहां रात के समय उसने शादी का झांसा देकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं माना। घटना के बाद वह कुछ दिनों तक अपनी बुआ के घर पाटन में रही। उज्जैन भी ले गया घुमाने, वहां भी बनाए संबंध 28 मार्च को आरोपी ने युवती को उज्जैन घुमाने के लिए लेकर गया। इस दौरान भी वो लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा। वापस आने के बाद वह उसे दुर्ग में ही अपने पास रखता रहा और शादी का वादा कर बार-बार संबंध बनाता रहा। इसके बाद अंतिम बार 11 अप्रैल 2026 को आरोपी ने युवती को ग्राम संबलपुर अपने नानी के यहां एक रात रखकर दुष्कर्म किया। उसके दूसरे दिन आरोपी ने युवती को उसके गांव छोड़ा। युवती के घर वालों ने बनाया शादी का दवाब तो भागा युवती को उसके गांव छोड़ने के बाद आरोपी पर युवती के घर वालों ने शादी करने की बात कही। लेकिन उसने पहले दो साल रुकने की बात कही। लेकिन बाद में वो फरार हो गया। इसके बाद फोन पर अब आरोपी शादी करने से इंकार कर रहा है। युवती ने प्रताड़ित को होकर पुलिस में इसकी शिकायत की है। जिसके बाद मोहन नगर पुलिस ने आरोपी सौरभ के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के जीवन का बड़ा अवसर बनने जा रहा है। संसद तक पहुंचने का रास्ता आसान बनने जा रहा है। मैं गृहस्थ नहीं हूं, लेकिन जानता सब हूं। दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' कार्यक्रम में पीएम मोदी ने जब ये कहा तो देश भर की महिलाओं के साथ एमपी की महिलाओं का उत्साह भी बढ़ा। राजनीति में महिला आरक्षण के जरिए लोकसभा तक पहुंच आसान बनाने वाले कानून से महिलाओं को बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि, इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहे हैं कि मौजूदा लोकसभा में मध्य प्रदेश से जो महिलाएं प्रतिनिधित्व कर रही हैं, उनका प्रदर्शन कैसा है? क्या संसद में उनकी आवाज मुखर है? वे सदन की चर्चा और बहस में कितनी भागीदारी करती हैं? इन सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में… क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम नारी शक्ति वंदन कानून लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान करता है। इसमें अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटों में भी महिलाओं के लिए आरक्षण शामिल है। हालांकि, जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण इसे अभी तक लागू नहीं किया गया था। अब सरकार इस बिल को संसद से पास कराके इसे लागू कराने की तैयारी में हैं। हालांकि पहले यह 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रभावी होगा। इसके बाद राज्य स्तर पर लागू किया जाएगा। सभी महिलाएं बीजेपी सांसद, MP का प्रतिनिधित्व कर रहीं 18वीं लोकसभा में सागर से पहली बार की सांसद लता वानखेड़े हैं। भिंड से दूसरी बार की सांसद संध्या राय। बालाघाट से पहली बार महिला सांसद बनी भारती पारधी हैं। वहीं, धार से केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, रतलाम से पहली बार की महिला सांसद अनिता नागर सिंह चौहान और शहडोल से दूसरी बार की सांसद हिमाद्री सिंह शामिल हैं। सभी सांसद बीजेपी से ही हैं। कांग्रेस या किसी अन्य कोई महिला सांसद मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व नहीं कर रही हैं। हाजिरी बढ़िया, लेकिन बोलने में पीछे रहीं सांसद इस लोकसभा पीरियड में 7 सत्रों में कुल 468 घंटे 7 मिनट 2 सेकेंड चर्चा हुई, लेकिन एमपी की महिला सांसदों की भागीदारी सीमित रही। एमपी की 5 महिला सांसदों ने मिलकर भी दो घंटे अपनी बात नहीं रखी। यानी उपस्थिति शानदार होने के बाद भी महिला सांसदों को या तो बोलने का मौका नहीं मिला या वे स्वेच्छा से अपनी बात रखने में नाकाम रहींं हैं। वो कुल चर्चा में 1 प्रतिशत से भी कम बोल सकी हैं। बहसों में हिस्सेदारी भी कम नजर आई 7 सत्रों में कुल 4,570 बहसें हुईं। इनमें एमपी की सभी महिला सांसदों ने मिलकर भी सिर्फ 2.23% ही हिस्सा लिया है। सबसे ज्यादा भारती पारधी ने बहस में हिस्सा लिया है। हिमाद्री सिंह ने डेढ़ सौ सवाल पूछे हैं लेकिन बहस में सबसे कम भागीदारी की है। अच्छी उपस्थिति के बाद भी बहस में भागीदारी और अपनी बात रखने में महिला सांसद पीछे रहीं हैं। सावित्री ठाकुर केंद्रीय मंत्री हैं, इसलिए उनका डाटा बहस, चर्चा या उपस्थिति में इस तरह दर्ज नहीं किया जाता जैसे अन्य सांसदों का।
चूरू के सुजानगढ़ में विकास कार्यों के अनावरण के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इस दौरान धक्का-मुक्की के साथ हाथापाई भी हुई। अनावरण पट्टिका में स्थानीय विधायक मनोज मेघवाल का नाम नहीं होने और उनको कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने की जानकारी मिलते ही कार्यकर्ता गुस्सा गए। कार्यकर्ताओं ने अनावरण पट्टिका को तोड़ा डाला। घटना बुधवार रात 9:45 बजे की है। बुधवार शाम 7:30 बजे सुजानगढ़ के एन.के लोहिया स्टेडियम में टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता हो रही थी। साथ ही स्टेडिमय में हुए विकास कार्यों का अनावरण किया जा रहा था। कार्यक्रम में चूरू विधायक हरलाल सहारण, बीजेपी जिला महामंत्री पराक्रम सिंह राठौड़, स्थानीय बीजेपी नेता कमल दाधीच समेत बीजेपी के कई नेता मौजूद थे। इस दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता सामने आ गए। काले झंडे लेकर घुसे कांग्रेस कार्यकर्ताबुधवार रात 9:45 बजे स्टेडियम के गेट के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता काले झंडे लेकर इकठ्ठे हुए। इस दौरान बीजेपी नेता कमल दाधीच और बीजेपी के कार्यकर्ता उनसे भिड़ गए। दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की के साथ हाथापाई तक हो गई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं को स्टेडियम के अंदर कर गेट बंद कर दिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बाहर ही रोक लिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनावरण पट्टिका को ही तोड़ डाला। चूरू विधायक की गाड़ी को रोकाथोड़ी देर बाद जब चूरू विधायक हरलाल सहारण गणेश मंदिर के आगे स्थित गेट से बाहर निकले तो कांग्रेस कार्यकर्ता गाड़ी के आगे आ गए। इस पर विधायक नाराज होकर गाड़ी से उतर गए। इस दौरान एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर दोनों पक्षों को खदेड़ा और विधायक को सुरक्षित कार में बैठाया। मामले पर चूरू विधायक हरलाल सहारण ने बताया- हम तो वहां खेल प्रतियोगिता का उद्घाटन करने गए थे। कांग्रेस कार्यकर्ता बौखलाए हुए हैं। हमें तो घटना का पता ही नहीं था। वापस आते समय चार लड़के मेरी गाड़ी के सामने आकर खड़े हो गए। रास्ता रोक लिया। कांग्रेस विधायक ने बीजेपी पर साधा निशानामामले को लेकर स्थानीय विधायक मनोज मेघवाल ने कहा- देर रात को बिना किसी अनुमति और बिना अधिकारियों को सूचना के उद्घाटन क्यों किया जा रहा था ? बाहर से बिना प्रोटोकॉल आए हुए लोगों ने माहौल बिगाड़ा। सब कुछ शांतिपूर्ण था, बस गलत का विरोध किया जा रहा था। ऐसा कुछ नहीं था कि लाठी चार्ज करना पड़े। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, मैं इसकी निंदा करता हूं। …. यह खबर भी पढ़िए… RU में RSS के कार्यक्रम का विरोध,NSUI कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज, कार्यकर्ताओं ने स्टेज पर की तोड़फोड़, पुलिस ने 12 प्रदर्शनकारियों को पकड़ा राजस्थान यूनिवर्सिटी में आज शाम RSS के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हंगामा हो गया। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने वाले थे। इस आयोजन का विरोध करते हुए NSUI कार्यकर्ता आयोजन स्थल (स्टेज) पर पहुंच गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। (पढ़ें पूरी खबर)
नर्मदापुरम जिले में संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक मैनेजर घूसखोरी करने में पीछे नहीं है। वे समूह की महिला सखी से मानदेय के बदले रिश्वत मांग रहे। इतना ही नहीं भ्रष्ट अधिकारी मानदेय के भुगतान की 75 फीसदी राशि तक रिश्वत के तौर पर ले रहे। इसका खुलासा बनखेड़ी की एक महिला बैंक सखी की शिकायत में हुआ है। जिसमें महिला सखी ने आरोप लगाया कि एनआरएलएम के ब्लॉक मैनेजर (बीएम) दुर्गेश अहिरवार ने मानदेय के भुगतान की 75 फीसदी राशि मांगी। जिसकी शिकायत उन्होंने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दफ्तर भोपाल में की। जिसकी जांच जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन द्वारा गठित दो सदस्यीय दल ने जांच की। जिसमें प्राइमरी तौर पर रुपए मांगने के आरोप मिले। जिसका प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर नर्मदापुरम को भेज दिया है। जहां से कार्रवाई होना बाकी है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने बताया बनखेड़ी की बैंक सखी ने ब्लॉक मैनेजर पर रुपए मांगने की शिकायत की। जिसमें सखी से मानदेय के भुगतान के बदले राशि मांगी गई। जिसमें उसने उल्लेख किया था रुपए नहीं देने पर उसे हटाकर, उसकी किसी दूसरी महिला को काम पर रखने के लिए भी धमकाया गया। जांच करने जिले से परियोजना अधिकारी योगेंद्र राय, लेखा अधिकारी सवाई सिंह भाटी को जांच के लिए भेजा। जांच में कई साक्ष्य मिले है। प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर नर्मदापुरम को भेजा है। एक-दो दिन में कार्रवाई की जाएगी। केसला में लोकायुक्त पिछले सप्ताह पकड़ चुकी तीन घूसखोर जिले के केसला में लोकायुक्त पुलिस ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सहायक विकासखंड प्रबंधक (बीएम), सुरभि क्लस्टर फेडरेशन मैनेजर और चपरासी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ चुकी है। घुस मांगने वालें बीएम समेत तीनों को ग्राम पाण्डुखेड़ी निवासी सुनैया बरकड़े पकड़ाया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार सुनैया बरकड़े मप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पशु सखी के रूप में काम करती हैं। उन्हें फरवरी 2026 में 29700 रुपए का मानदेय मिला था। सुनैया के अनुसार जनपद पंचायत केसला में पदस्थ सहायक विकासखंड प्रबंधक धर्मेंद्र गुप्ता ने कहा कि उनका काम पूरा नहीं हुआ था, फिर भी ज्यादा पैसे मिल गए। इसके बदले उन्होंने 25 हजार रुपए की मांग की। बाद में 20 हजार देना तय हुआ। महिला ने लोकायुक्त में इसकी शिकायत की थी। लोकायुक्त टीम ने पकड़ने के लिए जाल बिछाया। 10 अप्रैल को जब महिला रुपए लेकर ऑफिस पहुंची। मैनेजर धर्मेंद्र गुप्ता ने चपरासी और क्लस्टर मैनेजर कामिनी को रिश्वत के रुपए लेने कहा। में आवेदिका ने जैसे ही 20 हजार रुपए चपरासी को दिए। तत्काल लोकयुक्त टीम ने तीनों को पकड़ लिया। संदेह दायरे में सखी के मानदेय भुगतान बिल नर्मदापुरम जिले में एनआरएलएम ब्लॉक मैनेजर के रुपए मांगने वाले एक सप्ताह में दो मामले सामने आ चुके है। जिससे जिले में लंबे समय से जमे एनआरएलएम के बीएम और डीपीएम की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे? समूह की सखी के तौर पर कार्य करने वाली महिला-पुरुष को दिए जाने वाले मानदेय भुगतान बिल भी संदेह के दायरे में है। ऐसे सवाल खड़े हो रहे कि क्या केवल कागजों में ही फर्जीवाड़ा कर मानदेय के बिल लगाकर भुगतान किए जा रहे है? सीईओ हिमांशु जैन ने बताया डीपीएम के खिलाफ भी अगर कोई साक्ष्य मिलते है तो नियम अनुसार कार्रवाई करेंगे।
छिंदवाड़ा में LPG को लेकर बवाल:गैस एजेंसी ऑफिस में घुसकर कर्मचारी की पिटाई, CCTV में कैद
छिंदवाड़ा में इन दिनों एलपीजी गैस वितरण को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। कभी सड़क जाम, तो कभी उपभोक्ताओं का गैस गोदाम पहुंचकर प्रदर्शन लोगों में बढ़ती नाराजगी अब उग्र रूप लेती नजर आ रही है। इसी बीच बुधवार को खजरी रोड स्थित नहर गैस एजेंसी कार्यालय में बड़ा हंगामा हो गया। अपनी बारी का इंतजार कर रहे उपभोक्ताओं ने अचानक आपा खो दिया और एजेंसी के कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। यह पूरी घटना ऑफिस में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के मुताबिक, गैस लेने के लिए बड़ी संख्या में उपभोक्ता सुबह से ही ऑफिस के बाहर कतार में खड़े थे। लंबा इंतजार होने पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिस पर कर्मचारियों से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्साए उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों की जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद एजेंसी कर्मचारियों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा में पिछले कुछ दिनों से गैस वितरण को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। उपभोक्ता कभी कलेक्टर कार्यालय तक खाली सिलेंडर लेकर पहुंच रहे हैं तो कभी एजेंसियों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन का दावा है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सामान्य पेट्रोल की कीमत प्रदेश में सबसे ज्यादा बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम विशाल मार्ग स्थित इंडियन ऑयल के एक पेट्रोल पंप पर साधारण पेट्रोल 117 रुपए 34 पैसे प्रति लीटर बेचा जा रहा है। खास बात यह है कि यहां प्रीमियम पेट्रोल उपलब्ध नहीं है, बावजूद इसके कीमत इतनी अधिक वसूली जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब पेट्रोल पंप पर काम कर रहे कर्मचारियों से इस असामान्य कीमत को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि पेट्रोल इसी दर पर बेचा जा रहा है। वहीं, जब यह पूछा गया कि पंप पर प्रीमियम पेट्रोल का कोई संकेत या लोगो नहीं है, तो कर्मचारियों ने फिर यही दोहराया कि यही रेट लागू है। दादा का पेट्रोल पंप नाम से है फेमस जांच में सामने आया कि यह पेट्रोल पंप भाजपा के जिला उपाध्यक्ष अखिलेश शुक्ला उर्फ दादा का बताया जा रहा है। कर्मचारियों ने भी इसे दादा का पेट्रोल पंप बताते हुए कहा कि यहां लंबे समय से इसी दर पर पेट्रोल मिल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि सामान्य पेट्रोल को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है, तो यह नियमों के खिलाफ है और इस पर जांच की जाएगी। दूसरी ओर, जब इस पूरे मामले में पेट्रोल पंप संचालक अखिलेश शुक्ला से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कर्मचारियों से जानकारी लेने की बात कही। स्थानीय वाहन चालकों की मानें तो वे मजबूरी में इसी कीमत पर पेट्रोल भरवाने को मजबूर हैं। हालांकि, यह स्थिति कब से जारी है, इसका स्पष्ट अंदाजा नहीं लग पाया है।

